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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 12 February 2010

Type
Ordinary
Gazette no.
07
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2010-02-12.07.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

पंजी. क्रमांक भोपाल डिवीजन म. प्र. - 108- भोपाल- 09-11 .

मध्यप्रदेश शासन

मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल डाक परिमंडल, के पत्र क्रमांक 22/153, दिनांक 10-1-06 द्वारा पूर्व भुगतान योजनान्तर्गत डाक व्यय की पूर्व अदायगी डाक द्वारा भेजे जाने के लिए अनुमत.

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 7]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 12 फरवरी 2010 माघ 23 , शक 1931

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4 ) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,

( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं,

भाग 3.-

(2) सांख्यिकीय सूचनाएं,

भाग 4.- ( क ) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,

(ग) (1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल , दिनांक 13 जनवरी 2010

क्र. एफ- 13-06-2010-1-4.- श्री संजय कुमार मिश्र , राज्य शिष्टाचार अधिकारी , मध्यप्रदेश , भोपाल को दिनांक 30 नवम्बर 2009 से 8 दिसम्बर 2009 तक ( 09 दिवस ) का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाशकाल में श्री संजय कुमार मिश्र , शिष्टाचार अधिकारी , को वेतन एवं भत्ते उसी प्रकार देय होंगे जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलते थे .

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय ,

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री संजय कुमार मिश्र , राज्य शिष्टाचार, अधिकारी, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. बी. वैष्णव , अवर सचिव.

भोपाल , दिनांक 25 जनवरी 2010

क्र. ई- 536- आयएएस. लीव-5-1.-( 1 ) डॉ. एम . मोहनराव , आयएएस. , आयुक्त, पंचायत एवं सामाजिक न्याय, मध्यप्रदेश को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 8 दिसम्बर 2009 द्वारा दिनांक 21 दिसम्बर 2009 से 23 जनवरी 2010 तक चौंतीस दिन के

185

भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-- 2010 186

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 फरवरी 2010

स्वीकृत अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए, अब उन्हें दिनांक 21 से 25 दिसम्बर 2009 तक 5 दिन का एक्स - इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा दिनांक 26 दिसम्बर 2009 से 23 जनवरी 2010 तक, उन्तीस दिन की शेष अवधि अर्जित अवकाश होगी . उक्त अवकाश के साथ दिनाक 19 , 20 दिसम्बर 2009 एवं दिनांक 24 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 8 दिसम्बर 2009 की शेष कंडिकाएं यथावत् रहेंगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एस. सावनेर, अवर सचिव.

वित्त विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 27 जनवरी 2010

क्र . एफ- 2-2-2005-ई- चार संशोधन. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 11 जनवरी 2010 द्वारा राज्य वित्त निगम अधिनियम , 1951 की धारा 7 (5 ) के अन्तर्गत मध्यप्रदेश वित्त निगम, इंदौर द्वारा आवास एवं नगर विकास निगम लिमिटेड ( हुडको ) से एवं Privately Placed Bonds के द्वारा रुपये 100.00 करोड़ ( रुपये सौ करोड़ ) के ऋण एवं उस पर देय ब्याज के भुगतान हेतु मध्यप्रदेश सरकार प्रत्याभूति नियम , 1976 के नियम 2 ( 5 ) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए प्रत्याभूति ( ग्यारंटी ) प्रदान की गई है.

2. राज्य शासन द्वारा जारी उक्त समसंख्यक आदेश दिनांक 11 जनवरी 2010 में उल्लेखित " मध्यप्रदेश सरकार प्रत्याभूति नियम- 1976" के स्थान " मध्यप्रदेश सरकार प्रत्याभूति नियम -2009 ( संशोधित ) " पढ़ा जाये.

No. F - 2-2-2005- E - IV. AMENDMENT . -In pursuance of Section 7 (5) of the State Financial Corpo- ration Act, 1951 ( LXIII of 1951 ) , the State Government of Madhya Pradesh exercising powers delegated to it under Rule 2 (5) of Madhya Pradesh Government Guar- antee Rule , 1976, guarantee the payment of principal and interest on the loan of Rs . 100.00 crore (Rupees Hundred crore ) only taken by Madhya Pradesh financial Corporation . Indore from Housing and Urban Develop- ment Corporation ( HUDCO ) and Privately Placed Bonds through order number even dated 11th January 2010.

2. In the aforesaid order dated 11th January 2010 issued by the State Government the mentioned rule "Madhya Pradesh State Government Guarantee rule

[ भाग 1 1976 " will be read as " Madhya Pradesh State Government Guarantee Rules 2009 ( amended )" .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अमित राठौर, अपर सचिव.

वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 28 जनवरी 2010

क्र. एफ -1 ( 1 ) -38-09 सी ग्यारह. राज्य शासन , एतद्वारा , मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम , 1973 (क्रमांक 44 सन् 1973 ) की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुये, निम्न अधिकारी को सारणी के कालम ( 4 ) में विनिर्दिष्ट क्षेत्रों पर, उसके कालम ( 3 ) में यथा- विनिर्दिष्ट उक्त अधिनियम की धाराओं द्वारा रजिस्ट्रार को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग तथा कर्तव्यों का पालन करने के लिये नियुक्त करता है: -

सारणी

क्रमांक अधिकारी

क्षेत्र का नाम

धाराएं

(2)

(1)

अधिनियम की (3)

(4) 1 श्री जे. के. दुबे, असि. 6,7,10,12,13 ,

रजिस्ट्रार , फर्म्स एण्ड 16,17,18,25 ( 2 )

जबलपुर संभाग एवं रीवा संभाग सोसायटी जबलपुर. 27,28,29,31,37,

38, एवं 39.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. के. वर्मा , उपसचिव गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 29 जनवरी 2010

क्र. एफ - 1- (ए) -165-89-ब-2 दो. श्री यू.सी. षंडगी, भापुसे पुलिस महानिरीक्षक ( प्रशासन ) पुमु भोपाल को दिनांक 1 फरवरी 2010 से दिनांक 6 फरवरी 2010 तक छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा दिनांक 30, 31 जनवरी एवं 7 फरवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) श्री यू.सी. घंडगी भापुसे की अवकाश अवधि में डॉ. विजय कुमार भापुसे पुलिस महानिरीक्षक ( कार्मिक ) पुलिस मु. भोपाल को वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, पुलिस महानिरीक्षक ( प्रशासन) पुमु. भोपाल का प्रभार सौंपा जाता है.

187

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 फरवरी 2010

भाग 1 ]

" त्रिवेन्द्रम" जाने की अनुमति दी जाती है.

1. डॉ. एन.एल. डोंगरे स्वयं

(3 ) श्री यू.सी. षंडगी, भापुसे द्वारा पुलिस महानिरीक्षक ( प्रशासन) पुमु. भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर डॉ. विजय कुमार भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक ( प्रशासन ) , पुमु. , भोपाल के प्रभार से मुक्त होंगे.

2. श्रीमती कामना डोंगरे पत्नी

3. मोनालिसा डोंगरे पुत्री

4. नृपेन्द्र डोंगरे पुत्र

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ( 4) अवकाश से लौटने पर श्री यू.सी. षंडगी , भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) पुमु. भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

राजेश ओगरे , अवर सचिव ( 5 ) अवकाशकाल में श्री यू.सी. षंडगी, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

ऊर्जा विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोंपाल भोपाल , दिनांक 29 जनवरी 2010 (6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री यू.सी. षंडगी भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 4 फरवरी 2010

क्र. एफ- 2-01-2010-तेरह. - राज्य शासन , द्वारा श्री एस . एस. मुजाल्दे, अधीक्षण यंत्री ( विद्युत् सुरक्षा ) एवं उप मुख्य विद्युत् निरीक्षक, इन्दौर को मुख्य अभियंता ( विद्युत् सुरक्षा ) एवं मुख्य विद्युत् निरीक्षक के पद पर वेतनमान रुपये 37400-67000+ ग्रेड वेतन रुपये 8900 में पदोन्नत कर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक मुख्यालय , भोपाल में पदस्थ किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस.पी.एस. परिहार, सचिव.

क्र. एफ-- 1 ( ए) -266-86- ब-2 दो. श्री के. सी. वर्मा, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक अग्निशमन सेवा इन्दौर को दिनांक 8 फरवरी 2010 से दिनांक 11 फरवरी 2010 तक चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा दिनांक 7, 12, 13 एवं 14 फरवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 3 फरवरी 2010 (2) श्री के. सी. वर्मा, भापुसे , की अवकाश अवधि में श्री यू. आर. नेताम, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक आर.ए.पी.टी.सी. , इंदौर को वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक, पुलिस महानिरीक्षक अग्मिशमन इन्दौर का प्रभार सौंपा जाता है .

(3 ) श्री वर्मा भापुसे द्वारा पुलिस महानिरीक्षक अग्निशमन इन्दौर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री यू. आर. नेताम , पुलिस महानिरीक्षक अग्निशमन इन्दौर के प्रभार से मुक्त होंगे .

(4) अवकाश से लौटने पर श्री के. सी. वर्मा, भापुसे, को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक अग्निशमन इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

फा. क्रमांक 17- ( ई ) 182-04-21 - ब( दो ).- विधिक सेवा प्राधिकरण ( संशोधन ) अधिनियम, 1994 ( 1994 का संख्यांक 59 ) द्वारा यथा संशोधित विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (1987 का संख्यांक 39 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड (ख) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुये , मध्यप्रदेश के राज्यपाल , मध्यप्रदेश, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति के परामर्श से माननीय न्यायमूर्ति श्री आर. एस. गर्ग , न्यायाधीश, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय को मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नामांकित करते हैं.

(5 ) अवकाशकाल में श्री के. सी. वर्मा, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्वमिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. सी. वर्मा , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पर कार्य करते रहते.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजन कटोच, प्रमुख सचिव..

भोपाल, दिनांक 29 जनवरी 2010

F. No. 17- (E) 182-04-21 - B ( II ) . In exercise of the powers conferred by clause (b) of sub- section (2) of Section 6 of the Legal Services Authorities Act , 1987 (No. 39 of 1987 ) as amended by Legal Services Authorities (Amendment ) Act , 1994 ( No. 59 of 1994 ) , the Governor of Madhya Pradesh in consultation with the Chief Justice of High Court of Madhya Pradesh nominates Hon'ble Shri Justice R. S. Garg Judge Madhya Pradesh High Court as Executive Chairman of Madhya Pradesh State Legal Services Authority with effect from the date he assumes charge of the office of the executive -Chairman .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एन. के. गुप्ता, प्रमुख सचिव.

क्र. एफ-1 (ए) -123-93ब 2 दो. राज्य शासन श्री एन . एल. डोंगरे, भापुसे पुलिस महानिरीक्षक ( अजाक ) को दिनांक 23 जनवरी 2010 से 30 जनवरी 2010 तक छः दिन के आकस्मिक अवकाश एवं विज्ञप्त अवकाश अवधि में खंड वर्ष 2010-11 में अवकाश यात्रा सुविधा के अन्तर्गत परिवार के निम्नलिखिथ सदस्यों के साथ 188

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 फरवरी 2010

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 1 फरवरी 2010

[ भाग 1 (1) (2)

(3)

2. श्रीमती किरण बियानी, सामाजिक कार्यकर्ता, सदस्य.

3. श्री सुशील चौधरी , सामाजिक कार्यकर्ता, सदस्य.

3. उमरिया

फा. क्रमांक 1- ( बी ) 6-04 - इक्कीस ब ( दो ) .- राज्य शासन, इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 16 फरवरी 2005 के द्वारा श्री राधेश्याम सारू, अति. शास . अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, मनासा जिला नीमच को नियुक्त किया था.

श्री राधेश्याम सारू , अति. शास . अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक के रूप में सेवायें देने में असमर्थ होने के कारण पद से मुक्तिचाही जाने पर विधि विभाग नियमावली के नियम 19 के अन्तर्गत आदेश जारी होने के दिनांक से पद मुक्त करता है .

भोपाल, दिनांक 2 फरवरी 2010

( क) पदेन सदस्य

1. जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अध्यक्ष 2. जिला दण्डाधिकारी , सदस्य 3. पुलिस अधीक्षक, सदस्य

4. मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , सदस्य 5. अध्यक्ष , जिला अधिवक्ता संघ, सदस्य 6. जिला शासकीय अधिवक्ता, सदस्य (ख) नामनिर्देशित सदस्य 1. श्री राधेश्याम अग्रवाल, सदस्य 2. श्री हरिदिन गुप्ता, अभिभाषक, सदस्य 3. श्री के. के. सिंह , अधिवक्ता, सदस्य 4. अलीराजपुर

फा. क्रमांक 17 ( ई ) -35-05- इक्कीस ब ( दो ) .-विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम , 1987 संशोधन 1994 की धारा 9 एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियम, 1996 के नियम 14 के अनुसार म. प्र. उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के परामर्श से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , डिण्डौरी , अनूपपुर, उमरिया एवं अलीराजपुर का गठन करती है . जिसके अशासकीय सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष का होगा, जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे:-

अनुसूची

जिला

क्रमांक

(1) (2)

पदेन सदस्य (3)

1. डिण्डौरी

( क ) पदेन सदस्य

1. जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अध्यक्ष 2. जिला दण्डाधिकारी , सदस्य 3. पुलिस अधीक्षक, सदस्य

4. मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , सदस्य 5. जिला अभिभाषक संघ ( अध्यक्ष ) , सदस्य 6. जिला शासकीय अधिवक्ता, सदस्य.

(ख) नामनिर्देशित सदस्य 1. श्री एस . के . पन्द्राम , अधिवक्ता 2. श्री नरेश कुमार तिवारी , अधिवक्ता 3. श्री रामकृष्ण तिवारी , समाज सेवक 2. अनूपपुर

(क) पदेन सदस्य

1 . जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अध्यक्ष 2. जिला दण्डाधिकारी , सदस्य

3. पुलिस अधीक्षक, सदस्य

4. मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , सदस्य 5. अध्यक्ष, जिला अधिवक्ता संघ , सदस्य 6. जिला शासकीय अधिवक्ता; सदस्य

(ख ) नामनिर्देशित सदस्य 1. श्री श्याम बहादर सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता, सदस्य.

( क) पदेन सदस्य

1. जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अध्यक्ष 2. जिला दण्डाधिकारी , सदस्य 3. पुलिस अधीक्षक, सदस्य

4. मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , सदस्य 5. अध्यक्ष, जिला अधिवक्ता संघ, सदस्य 6. जिला शासकीय अधिवक्ता, सदस्य (ख ) नामनिर्देशित सदस्य 1 . श्री संतोष कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता, 2. श्री ईश्वर भाई, सामाजिक कार्यकर्ता, 3. श्रीमती निर्मला, सामाजिक कार्यकर्ता मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान, सचिव.

श्रम विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 6 फरवरी 2010

क्रमांक एफ. 14-2-2007- ए- सोलह- इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 13 अगस्त 2009 में आंशिक संशोधन करते हुए, मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष पद का प्रभार आगामी आदेश तक माननीय मंत्री, श्रम विभाग, मध्यप्रदेश को सौंपा जाता है .

क्रमांक एफ. 4-2-2007 - ए- सोलह. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 13 अगस्त 2009 में आंशिक संशोधन करते हुए, मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष पद का प्रभार आगामी आदेश तक माननीय मंत्री , श्रम विभाग , मध्यप्रदेश को सौंपा जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. पी. सिंह, उपसचिव भाग 1 ]

189

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 फरवरी 2010

वन विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 29 जनवरी 2010

क्र. एफ- 25-01-- दस-3-2010.- मध्यप्रदेश शासन , वन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 110-X- 1-6-1-83, दिनांक 6 जनवरी , 1983 में आंशिक संशोधन करते हुए, सामान्य वन मण्डल सतना के अन्तर्गत उप वनमंडलों का पुर्नगठन निम्नानुसार किया जाता है:-

क्र

जिले

वृत्त का नाम

का नाम

मण्डल का नाम उप वन क्षेत्रफल (वर्ग कि.मी.)

वन मण्डल का नाम (मुख्यालय)

(मुख्यालय)

(मुख्यालय) (1) ( 2) ( 3)

(6)

(5)

सम्मिलित परिक्षेत्र का नाम (7)

(4)

1 रीवा सतना

614.633

उप वन मण्डल की सीमाओं का विवरण

वन मण्डल की सीमाओ का विवरण (8)

(9)

1. मैहर (मैहर )

सतना सामान्य

(सतना)

मैहर सामान्य (मैहर)

2. अमरपाटन (अमरपाटन)

3. मुकुन्दपुर (मुकुन्दपुर)

सतना 917.067

उत्तर- परिक्षेत्र उंचेहरा एवं सतना परिक्षेत्र की सीमा.

पूर्व-वन मण्डल रीवा एवं

उत्तर- उत्तर प्रदेश राज्य की सीमा. पूर्व-रीवा एवं सीधी जिले की सीमा दक्षिण- शहडोल एवं कटनी जिले

कीसीमा.

सीधी जिले की सीमा.

दक्षिण- शहडोल एवं कटनी

जिले की सीमा.

पश्चिम- पन्ना एवं कटनी जिले कीसीमा.

पश्चिम-कटनी जिले की सीमा.

उत्तर- वन परिक्षेत्र मझगवां एवं

1. सतना ( सतना )

सामान्य

2. उचेहरा

(उंचेहरा)

(सतना)

3. नागौद

(नागौद)

4. सिंहपुर

(सिंहपुर)

चित्रकूट 711.560 1. चित्रकूट

सामान्य

(चित्रकूट)

2. बरौंधा

(चित्रकूट)

(बरौंधा)

3. मझगवां (मझगवां) योग 03 2243.260 10 बरौंधा की सीमा.

पूर्व-रीवा वन मण्डल की सीमा.

दक्षिण-वन परिक्षेत्र मैहर,

अमरपाटन एवं मुकुन्दपुर की सीमा.

पश्चिम- पन्ना जिले की सीमा.

उत्तर- उत्तर प्रदेश राज्य की सीमा .

पूर्व- डभौरा एवं रीवा परिक्षेत्र की सीमा.

दक्षिण-सिंहपुर एवं सतना परिक्षेत्र

कीसीमा.

पश्चिम- पन्ना जिले एवं उत्तर प्रदेश

कीसीमा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

रतन पुरवार, सचिव

भोपाल, दिनांक 29 जनवरी 2010

क्र. 25-01-2010 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-01 - दस- 3-2010, दिनांक 29 जनवरी 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

स्तन्न पुस्वार, सचिव.

190

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 फरवरी 2010

[ भाग 1

Bhopal , the 29th January 2010

No. F- 25-01-2010 -X- 3.- In exercise of the powers vested with Government of Madhya Pradesh , the sub -divi- sions of Satna ( T) Forest Division are reorganised by partially amending the notification No. 110 - X - 1-6-1-83 , dated 6th January 1983 of Madhya Pradesh , Government Forest Department as under :---

S. No.

Name of District

Area in Sq.Km.

Inculuded Ranges/ Depots ( H.Q. )

Name of Forest Circle

Name of sub Division (H.Q.)

Name of Forest Division (H.Q.)

(2)

(1)

(3)

(4)

(5)

(6)

(7) 1 Rewa

Satna Satna ( T ) (Satna)

Maihar ( T) 614.633 (Maihar)

1. Maihar (Maihar)

2. Amarpatan (Amarpatan) Boundary description of Sub Division

Boundary description of Division (8)

(9)

North-Existing boundary of Unchchara & Satna range .

North-Existing boundary of State of Uttar Pradesh .

East-Existingboundary of Rewa & Sidhi district .

East -Existing boundary of Rewa & Sidhi district .

3. Mukundpur

(Mukundpur)

917.067 South-Existingboundary of Shahdol & Katni district .

South- Existing boundary of Shahdol & Katni district. West-Existing boundary of Katni district .

West-Existing boundary of Panna & Katni district .

1. Satna ( Satna )

Satna ( T) (Satna)

2. Unchehara (Unchehara)

3. Nagod (Nagod)

4. Singhpur (Singhpur)

711.560

Chitrakoot ( T) (Chitrakoot)

1. Chitrakoot (Chitrakoot)

2. Baroundha (Baroundha) North -Existing boundary of

Majhgawan & Baroundha Range .

East-Existing boundary of Rewa Division.

South-Existing boundary of

Maihar, Amarpatan & Mukundpur Ranges .

West-Existing boundary of Panna district.

North-Existing boundary of State of Uttar Pradesh.

East-Existing boundary of Dabhoura &Rewa Ranges .

3.Majhgawan

(Majhgawan)

Total

03

10

2243.260 South-Existingboundary of Singhpur & Satna Ranges . West-Existing boundary of Panna district & state of Uttar Pradesh.

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh . RATAN PURWAR , Secy.

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय , कुलाधिपति, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल

राजभवन , भोपाल, दिनांक 29 जनवरी 2010

आदेश क्र. 178-10- रास- यूए 1. मध्यप्रदेश शासन द्वारा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय , भोपाल में मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा 52 के प्रावधानों को आगे प्रभावशील नहीं रखे जाने हेतु शासनादेश क्रमांक एफ-73-25-2000-3-38 , दिनांक 29 जनवरी 2010 के द्वारा निर्णय लिया गया है.

191

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 फरवरी 2010

भाग 1 ]

2. मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा -14 की उपधारा ( 6 ) के प्रावधानान्तर्गत मैं , रामेश्वर ठाकुर, कुलाधिपति, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय , भोपाल एतद्वारा श्री पी. के. मिश्रा, डीन, प्रबंध,संकाय , बरकतउल्ला विश्वविद्यालय , भोपाल को नियमित कुलपति की नियुवित होने तक के लिए उक्त विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्य सम्पादित करने के लिए नाम निर्देशित करता हूं.

रामेश्वर ठाकुर, कुलाधिपति.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सीधी , मध्यप्रदेश

सीधी, दिनांक 4 फरवरी 2010 क्र. 9 - भू-अर्जन -09

करारनामा

प्रेसिडेन्ट ( माईनिंग ) आर्यन कोल बेनिफिकेशन्स प्रायवेट लिमिटेड एम.आई.जी. -16 , ओल्ड एम.एल.ए. क्वार्टस, रंगमहल टाकिज, टी.टी. नगर, भोपाल ( म. प्र. ) पिन कोड -462003

प्रथम पक्ष

एवं

मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग द्वारा कलेक्टर, जिला सीधी (म.प्र. )

द्वितीय पक्ष मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग , मंत्रालय वल्लभ भवन , भोपाल के पत्र क्रमांक/एफ - 12-10/08/सात/2 -ए, भोपाल दिनांक 27-2-2009 द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन प्रेसिडेन्ट ( माईनिंग ) आर्यन कोल बेनिफिकेशन्स प्रायवेट लिमिटेड द्वारा सीधी जिले में 1200 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट परियोजना की स्थापना हेतु तह. मझौली, जिला-सीधी, स्थित ग्राम- मूसामूड़ी एवं भुमका में 445.36 हेक्टेयर निजी भूमि के अर्जन हेतु प्रथम पक्ष व द्वितीय पक्ष के मध्य निम्न शर्तों के अधीन भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के अधीन आज़ दिनांक 4 फरवरी 2010 को अनुबंध ( करारनामा ) निष्पादित करते हैं:-

1. परियोजना के लिए उक्त निजी भूमि अर्जन हेतु भूमि के परिगणित मूल्य राशि रु. 13,32,96,905.00 कम्पनी द्वारा जमा किया जा चुका है. शेष राशि यदि कोई बचती है तो एवार्ड पारित करने के पहले शासकीय कोष में जमा करा दी जावेगी.

2. कम्पनी द्वारा नियमानुसार प्रशासकीय व्यय की राशि रुपये 1,33,29,690.00 बतौर अग्रिम जमा की जा चुकी है.

3. मध्यप्रदेश शासन के ऊर्जा विभाग एवं आर्यन कोल बेनिफिकेशन्स प्रायवेट लिमिटेड के मध्य दिनांक 26 दिसम्बर 2007 को इस परियोजना हेतु किये गये अनुबंध के अनुसार कार्यवाही की जावेगी. उक्त अनुबंध इस करार का अभिन्न अंग होकर प्रपत्र " अ " के रूप में संलग्न है , जो कि नोटरी द्वारा सत्यापित भी है .

4. अर्जित की जाने वाली निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कम्पनी द्वारा देय होगा.

5. भूमि जिस उपयोग के लिये अर्जित की जा रही है, वही उपयोग कम्पनी द्वारा किया जायेगा.

6. भूमि पर निर्माण करते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जायेगा.

7. कम्पनी ( इस आशय की करारनामे या बचनबद्धता के अनुसार ) द्वारा जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है, उन कृषकों के परिवार के कम से कम एक सदस्य को कंपनी में आदर्श पुनर्वास नीति में दिये गये निर्देशों के अनुरूप नौकरी देगी.

8. कम्पनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने, बंधक रखनें, दान देनें , पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अंतरित करने का अधिकार नहीं होगा. ( धारा -44 ए, भू- अर्जन अधिनियम के तहत ) 192

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 फरवरी 2010

[ भाग 1 9. यदि कम्पनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है, तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें, शासन को अपने कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कम्पनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.

10. भूमि की केवल सतह का ही उपयोग किया जायेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जावेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौण खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.

11. शासन की पूर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.

12. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जावेगा.

13. कम्पनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी . इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मंडल से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होंगे कि पर्यावरण , जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जायेगा.

14. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां , अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित एवं स्थानीय संस्था से जैसे नगरीय निकाय, नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग , ग्राम पंचायत व कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होगा तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन करना होगा.

15. यदि कभी भी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिए नहीं होता है या बाद में कभी भी बन्द कर दिया जाता है तो भूमि, उस पर निर्मित भवनों, संपत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कम्पनी को इस हेतु कोई मुआवजा देय नहीं होगा.

16. भूमि या उसके किसी भाग या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा ना तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जायेगा और ना ही पट्टे या किराये पर दिया जायेगा.

17. भूमि जिस प्रयोजन हेतु दी गई है उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मानकर भूमि शासन में निहित कर ली जावेगी.

18. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन, परिसर आदि के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.

19. मौके की स्थिति या स्थानीय आवश्यकतानुसार भू-अर्जन की कार्यवाही के दौरान एवं पश्चात् कलेक्टर द्वारा लगाई गई अन्य आवश्यक शर्तों का कम्पनी द्वारा पालन किया जायेगा.

20. परियोजना से विस्थापित परिवारों की शिक्षा एवं अन्य विकास कार्यों की व्यवस्था कम्पनी द्वारा की जावेगी .

21. भू-अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों से संबंधित शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा- निर्देशों का पालन किया जाना कम्पनी के लिए बंधनकारी होगा .

यह अनुबन्ध ( करारनामा ) आज दिनांक 4 फरवरी 2010 को आर्यन कोल बेनिफिकेशन्स प्रायवेट लिमिटेड एम.आई.जी. -16 ओल्ड एम.एल.ए. क्वार्टस रंगमहल टाकीज टी.टी. नगर, भोपाल ( म. प्र. ) की तरफ से श्री जे.पी. शर्मा, प्रेसिडेन्ट (माईनिंग ) आर्यन कोल बेनिफिकेशन्स प्रायवेट लिमिटेड एवं मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग की तरफ से कलेक्टर सीधी द्वारा हस्ताक्षरित किया गया.

हस्ता./- (जे. पी. शर्मा ) प्रेसिडेन्ट (माईनिंग )

हस्ता./- (एस. पी. सिंह सलूजा ) कलेक्टर, जिला-सीधा ( म.प्र. )

आर्यन कोल बेनिफिकेशन्स प्रायवेट लिमिटेड, एम.आई.जी. - 16 ओल्ड एम.एल.ए. क्वार्टस

अपोजिट रंगमहल टाकीज , टी.टी. नगर, भोपाल (म. प्र. ) .

193 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 फरवरी 2010

भाग 1 ]

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला मण्डला मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग मण्डला, दिनांक 23 दिसम्बर 2009

क्र. भू-अर्जन- 01- अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

जिला

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी.

भूमि का वर्णन ग्राम एवं प. ह. नं.

भूमि का लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(6)

(5)

(4)

(2)

(3)

(1)

लावर जलाशय डूब क्षेत्र हेतु

0.24

मण्डला निवास

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, निवास.

लावरमुड़िया मा. प. ह. नं. 12

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय कलेक्टर , मण्डला में किया जा सकता है .

मण्डला, दिनांक 11 जनवरी 2010

क्र. भू- अर्जन- 04- अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

जिला

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी.

भूमि का वर्णन ग्राम एवं प. ह . नं.

(6)

(5)

भूमि का लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4)

(3)

(2)

(1)

कोबरीकला जलाशय हेतु 16.85

निवास

मण्डला

निवास. कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग ,

कोबरीकला प. ह. नं. 36

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय कलेक्टर, मण्डला में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

194

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 फरवरी 2010

[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला रायसेन मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रायसेन, दिनांक 19 जनवरी 2010

प्र. क्र. 2 - अ-82-2009-2010 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अंनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :--

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (एकड़ में ) ख. न . रकबा अर्जित किया

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी.

जाने वाला रकबा

(1) (2) (3)

(4) रायसेन गौहरगंज

10/2/ -2

मण्डीदीप

6.84

1.00

(5)

(6)

उद्योग विभाग हेतु कलियासोत नदी के पानी के उत्सर्जन एवं वितरण हेतु पाईप लाईन बिछाने एवं पम्प गृह निर्माण एवं आवागमन के रास्ते हेतु.

टीप.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण अनुविभागीय अधिकारी , गौहरगंज के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , सुनीता त्रिपाटी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग कार्यालय , कलेक्टर, जिला उज्जैन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव ,

उज्जैन, दिनांक 28 जनवरी 2010

क्र. क्यू- भूमि संपादन-10-735.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) तथा 17 ( 4 ) के उपबन्ध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4) उज्जैन उज्जैन ढेंडिया

0.601

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

भू-अर्जन अधिकारी , तहसील, उज्जैन .

इन्दौर- उज्जैन मार्ग फोरलेन मार्ग के अन्तर्गत निजी भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , उज्जैन में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजातशत्रु, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

195 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 फरवरी 2010

भाग 1 ]

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिंगरौली, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सिंगरौली, दिनांक 3 फरवरी 2010

क्र. 316- भू-अर्जन- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने (6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

तहसील

भूमि का वर्णन जिला नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)

(5)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)

(2)

(3)

(1)

13.40

देवसर मझौली

सिंगरौली

म. प्र. जे. पी. मिनिरल्स लिमिटेड मझौली रेल मार्ग हेतु.

भू-अर्जन अधिकारी, देवसर.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भय खसरा नम्बर के भू-अर्जन अधिकारी , देवसर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

छतरपुर, दिनांक 4 फरवरी 2010

क्र. 2- अ -82 - भू-अर्जन- 2008-09.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

ग्राम

तहसील

जिला

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी.

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4)

(3)

(2)

(1)

0.666

रामपुर

छतरपुर

छतरपुर

(6) गोरा फीडर की नहर में अर्जित भूमि, चैन क्र. 172 से 178.

(5) अनुविभागीय अधिकारी, तहसील छतरपुर, जिला छतरपुर. म.प्र .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

196

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 फरवरी 2010

[ भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन ,

राजस्व विभाग

राजगढ़ , दिनांक 4 फरवरी 2010

क्र. 515 - भू- अर्जन- 2009.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण (1) (2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4)

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी. (5)

(6) ब्यावरा

.0.020

राजगढ़

बखतपुरा

अजनार पुल के पहुंचमार्ग के समानान्तर सर्विस रोड हेतु

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग ब्यावरा, जिला राजगढ़ ( म. प्र. ) भूमि का अधिग्रहण .

भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण ,अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , राजस्व, ब्यावरा , जिला राजगढ़ , मध्यप्रदेश के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानन्द दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

(घ) लगभग क्षेत्रफल-34.75 एकड़

कार्यालय , कलेक्टर, जिला रायसेन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

नगर/ग्राम ख. नं .

अर्जित

राजस्व विभाग

कुल रकबा (एकड़ में ) रकबा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(एकड़ में) रायसेन, दिनांक 25 जनवरी 2010

(1) (2) (3) (4)

(5)

8.80

1.37

202/1

शाहबाद तिलेण्डी

2.00

202/2/1

0.48

बकनियां तालाब स्पिल चैनल हेतु.

6.81

0.57

203

3.54

1.03

206/2/3/2 1.62

0.44

206/2/3/4

0.24

1.62

प्र. क्र. 1 - अ- 82-2009-2010. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि बकनिया तालाब स्पिल चैनल हेतु जल संसाधन विभाग के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

योग. 24.39 4.13

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रायसेन

टीप.- भूमि का नक्शा (प्लान ) एवं अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण अनुविभागीय अधिकारी , गौहरगंज के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(ख) तहसील-गौहरगंज

(ग) ग्राम-शाहवाद तिलेंडी

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुनीता त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

197

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 फरवरी 2010

भाग 1 ]

कार्यालय , कलेक्टर, जिला भोपाल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

भोपाल , दिनांक 28 जनवरी 2010

प्र. क्र. 1 - भू. अ.ए- 82-08-09-सा-1-सात. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन- ग्राम दीपडी एवं बंगरसिया पुल एवं पुल के पहुंच मार्ग हेतु भूमि का अर्जन.

(क) जिला- भोपाल

(ख ) तहसील- हुजूर

(ग) नगर/ग्राम- दीपडी एवं बंगरसिया

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.660 हेक्टर

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

ग्राम-दीपडी

0.050

254/28/1/1

0.110

254/28/1/2

0.020

277/28/3

0.080

31/1/1

0.150

276/30/1/2/1

0.050

276/30/1/2/2

ग्राम-बंगरसिया

167 0.200 कुल . 0.660

(2) सार्वजनिक प्रयोजन का कारण- ग्राम दीपडी एवं बंगरसिया पुल एवं पुल के पहुंच मार्ग निर्माण के प्रयोजन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , तहसील हुजूर, भोपाल में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , शिव शेखर शुक्ला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव, कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

नरसिंहपुर, दिनांक 1 फरवरी 2010

.. रा. मा. क्र. 9 -अ-82-वर्ष 2009-2010- पत्र क्र. भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा

(ग) नगर/ग्राम- गुटौरी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.260 हेक्टर.

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.012

300/1

300/4

0.008

0.012

300/3-9

0.015

299

286

287

0.011

0.016

266 269

0.030

285

282/1-2

0.024

281

0.028

0.023

279

275/1

0.051

276

277

267/1

0.008

268/1

270

271

0.022

265/4

योग . 0.260

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. डोभी से गुटोरी मार्ग निर्माण हेतु.

(3) भूमि. का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष, भू- अर्जन कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , विवेक पोरवाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

198

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 फरवरी 2010

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छिन्दवाड़ा, दिनांक 19 जनवरी 2010

क्र. 418- प्रस्तु. भू-अर्जन 2010. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमिं की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन--

(क ) जिला-छिन्दवाड़ा

(ख ) तहसील छिन्दवाड़ा

(ग ) नगर/ ग्राम- झंझरिया उर्फ खुटिया, प.ह.नं. 37, ब. नं. -207 , रा.नि. मंडल- छिन्दवाड़ा-1 .

(घ ) अर्जित किये जाने 32.775 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

क्षेत्रफल.

प्रस्तावित

प्रस्तावित क्षेत्रफल खसरा नं.

(हे. में)

(1)

(2)

500

0.178

501

0.650

497

0.182

508

0.464

498

0.370

499

0.640

496

0.425

507/2

0.486

507/1

0.010 कुआ कच्चा-1 510

0.150

472

0.080

511

01.012

533

0.365 कुआ पक्का 1 ,

आम -01 471

0.040

470

0.032

465

0.820 महुआ वृक्ष-03 534

0.490

434

01.161

467/2

0.575

435/2

0.211

0.260

467/1

435/1

0.413 मकान कच्चा -01 457

0.543

468

0.113

469

0.073

536

0.655

537

0.530

466

0.218

461

0.130

[ भाग 1 (1)

(2)

428

02.760

427

0.160

539

0.840

540

0.040

594/1

0.340

459/1

01.110

458

0.200

433/1

0:393

433/2

0.396

432

0.183

459/2

0.700

431

0.364

550

0.344 आम-01 ,

इमली-01 430

0.020

380

0.372

377

0.010

552/2

01.050 कुआ पक्का-01

आम-04 591

0.690

551

01.175

552/1

0.710

600/1

0.050 कुआ पक्का-01 ,

आम--01 .

575

0.040

595

0.600

596

0.600 कुआ पक्का-01 592/2

0.120

594/2

0.460

592/1

01.350

590

0.049

583/1

0.040 कुआ पक्का-01 589

0.323

638

0.190

636

0.206

634/1

0.169

704

0.032

705/2

0.032

705/1

0.008

706

0.032

707

0.036 मकान कच्चा-01 708

0.057 मकान कच्चा-01 709

0.049

710

0.024

711

0.010

717

0.275

720/1

03.790 कुआ कच्चा-01 ,

आम-01 634/2

0.169

634/3

0.168

634/4

0.168

631/2

0.100

705/3

0.012

0.013

705/4

594/3

0.470 199

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 फरवरी 2010

भाग 1 ]

(2)

(1)

712 मद आबादी शासन मद आबादी में बने कच्चे मकान-05.

637/1 मद आबादी

शासन

मद आबादी में बने कच्चे मकान-22 एवं 01 प्राथमिक शाला भवन एवं 01 किचन शैड भवन

योग 32.775 हेक्टेयर एवं पस्तावित क्षेत्रफल

पर आने वाली संपत्तियां.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है :-पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत दांयी तट नहर निर्माण के लिये निजी कृषि भूमि का अर्जन.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) , जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई , जिला छिन्दवाड़ा में भी देखा जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना , उप संभाग चौरई, जिला छिन्दवाड़ा में भी देखा जा सकता है .

क्र. 419- प्रस्तु.- भू-अर्जन-2010 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील-छिन्दवाड़ा

(ग) नगर/ग्राम- धमनिया, प.ह.नं. 38, ब.नं. - 381 , रा.नि. मंडल- छिन्दवाड़ा-1 .

क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

(घ) अर्जित किये जाने -03.962 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल.

प्रस्तावित क्षेत्रफल

प्रस्तावित

खसरा नं.

(हे. में)

(2)

(1)

35

0.567

84/1

0.800 एक पक्का कुआं

(2)

(1)

0.330

84/3

0.850

84/2

0.275

84/5

01.140

87/2

योग .. 03.962 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है :- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत दांयी तट नहर निर्माण के लिये निजी कृषि भूमि का अर्जन .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा) , जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकताहै.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा में भी देखा जा सकताहै.

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उप संभाग चौरई , जिला छिन्दवाड़ा में भी देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निकुंज कुमार श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला हरदा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग हरदा , दिनांक 27 जनवरी 2010

क्र. 1054- भू-अर्जन- 8-अ-82-08-09. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- हरदा

(ख) तहसील- खिरकिया

(ग) नगर/ ग्राम- आमासेल 200

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 फरवरी 2010

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.30 एकड़

खसरा नं.

विवरण

क्षेत्रफल (एकड़ में)

(2)

(1)

(3) 424/2में से

0.30

2 आम वृक्ष

योग : 0.30

2 आम वृक्ष (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-माचक उपनहर की ढोलगांव माईनर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1056- भू-अर्जन-3-अ-82-08-09.-चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- हरदा

(ख ) तहसील- खिरकिया

(ग) नगर/ग्राम- जटपुरा रैयत

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-6.67 एकड़

खसरा नं .

विवरण (1)

क्षेत्रफल ( एकड़ में) (2)

(3)

1.77

55/3 , 55/6 में से

56 में से

0.60

44में से

0.40

0.95

43/1, 43/2में से

29/1 में से

0.30

1.25

28/1, 28/2में से

1.40

27/1 , 27/2 में से

योग : 6.67

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ईमलीढाना जलाशय की दायीं तट नहर निर्माण हेतु .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1058 - भू-अर्जन-6-अ-82-08-09.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित

[ भाग 1 सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- हरदा

(ख ) तहसील- खिरकिया

(ग ) नगर/ ग्राम- हसनपुरा रैयत

(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.51 एकड़

खसरा नं.

विवरण .

क्षेत्रफल (एकड़ में)

(1)

(2)

(3) 134में से

0.68

136/5 में से

0.08

136/4 में से

0.15

0.25

136/3 में से

136/2में से

0.20

136/1 में से

0.25

124/5 में से

0.25

138/1 में से

1.35

138/2में से

0.95

140में से

1.35

योग : 5.51

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ईमलीढाना जलाशय निर्माण पूरक प्रस्ताव.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. -भू-अर्जन- 45-अ-82-07-08.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- हरदा

(ख) तहसील- खिरकिया

(ग) नगर/ग्राम- धूपकरण

( घ) लगभग क्षेत्रफल-6.45 एकड़

खसरा नं.

विवरण

क्षेत्रफल (एकड़ में)

(1)

(2)

(3) 50/1 में से

0.95 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 फरवरी 2010

भाग 1 ]

(3)

(2)

(1)

50/2में से

0.90

0.30

46 में से

0.45

47/1 में से

1.25

47/2में से

2.00

173/1 में से

1 कूप

0.40

174/1 में से

0.20

174/2

1 कूप

6.45

योग :

2कूप (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- माचक उपनहर की मरदानपुर माईनर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है.

201 क्र. 1064- भू-अर्जन-9-अ-82-08-09. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- हरदा

(ख ) तहसील- खिरकिया

( ग) नगर/ग्राम- मुहाल सरकुलर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.02 एकड़

विवरण खसरा नं.

(3) (1)

क्षेत्रफल (एकड़ में) (2)

1.54

27/1 में से

1.46

27/2में से

0.38

30/2में से

0.28

30/3में से

(.30

33में से

0.10

18/2में से

0.14

18/1 में से

क्र. 1062- भू-अर्जन-7-अ-82-08-09. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

0.24

19में से

0.18

20/2में से

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- हरदा

(ख ) तहसील- खिरकिया

(ग ) नगर/ग्राम-सोवलखेड़ा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-8.55 एकड़

विवरण खसरा नं .

क्षेत्रफल (एकड़ में )

(3)

(2)

(1)

0.20

93/2में से

1.65

130/1 , 130/2 ,

130/3 में से

1.45

128/1 में से

0.85

131/1, 131/2 ,

131/3में से

132/1 में से

0.20

0.10

132/2 में से

1.10

125/1, 125/2 में से

2.80

124/1 , 124/2 ,

124/3, 124/4 में से

0.20

126/1 में से

योग : 8.55

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ईमलीढाना जलाशय निर्माण पूरक प्रस्ताव.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है.

0.40

4में से

योग : 5.02

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ईमलीढाना जलाशय पूरक प्रस्ताव.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1066- भू-अर्जन-2-अ-82-08-09. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- हरदा

(ख ) तहसील- खिरकिया

(ग) नगर/ ग्राम- जटपुरा माल

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.20 एकड़

विवरण खसरा नं.

क्षेत्रफल (एकड़ में)

(3)

(2)

(1)

0.50

104/1 में से 202

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 फरवरी 2010

(1)

(2)

(3) 104/2में से

0.80

103/1 में से

0.90

योग : 2.20

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ईमलीढाना जलाशय की दायीं तट नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1068- भू-अर्जन-1-अ-82-08-09. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- हरदा

(ख) तहसील- खिरकिया

(ग ) नगर/ग्राम- बसंतपुरा

( घ) लगभग क्षेत्रफल-0.80 एकड़

खसरा नं .

क्षेत्रफल

विवरण (1)

(एकड़ में) (2)

(3) 24/3में से

0.80

योग : 0.80

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- माचक उपनहर की चेन क्र. 981 चारूवा माईनर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1070- भू-अर्जन-11-अ-82-08-09.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- हरदा

(ख) तहसील- खिरकिया

(ग) नगर/ ग्राम-कोथमी

[भाग 1 (घ) लगभग क्षेत्रफल-2.55 एकड़

खसरा नं.

विवरण

क्षेत्रफल (एकड़ में)

(1)

(2)

(3) 1/2में से

2.55

योग : 2.55

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ईमलीढाना जलाशय पूरक प्रस्ताव.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1072- भू-अर्जन-10-अ-82-08-09. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6. के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि कावर्णन-

(क) जिला- हरदा

(ख) तहसील-खिरकिया '

(ग ) नगर/ ग्राम- मुहाल सरकुलर

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-9.02 एकड़

खसरा नं.

विवरण

क्षेत्रफल (एकड़ में)

(1)

(3)

(2)

54/2में से

4.25

54/3में से

3.85

70/2में से

0.12

70/5 में से

0.30

49/4में से

0.03

49/6 में से

0.03

50/4में से

0.13

52में से

0.13

67में से

0.06

68/2में से

0.03

68/3 में से

0.05

68/4में से

0.02

68/5 में से

0.02

योग : 9.02

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-ईमलीढाना जलाशय पूरक प्रस्ताव.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रेनु पंत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

203 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 फरवरी 2010

भाग 1 ]

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर

जबलपुर, दिनांक 22 जनवरी 2010

6. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन या बस स्टेण्ड पर टैम्पो ट्रेक्स की व्यवस्था की जावेगी. अतः न्यायिक अधिकारी जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 0761-2628679 पर समयावधि रहते सूचित करें.

7. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिये न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है.

8. न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय , नाश्ता तथा दिन एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.

क्र. 60-गोपनीय-2010- दो- 2-1-2010 ( भाग - ए) .-न्यायिक अधिकारियों जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है, को न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में पांच दिवसीय प्रशिक्षण " Application of Information and Communication Technology to District Judiciary " , जो दिनांक 15-2-2010 से 19-2-2010 तक की अवधि के लिये आयोजित है, हेतु संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान, संस्थान, प्रथम तल , उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर के समक्ष दिनांक 15-2-2010 को प्रातः काल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है.

प्रशिक्षण की शर्ते निम्नवत होंगी:-

9. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे अपने साथ Laptop Computers with Peripherals एवं Software CDsप्रशिक्षण सत्र में साथ लावें. साथ ही ई- कमेटी द्वारा प्रदाय की गई अध्ययन सामग्री व उच्च न्यायालय द्वारा प्रदाय किया गया "लेपटाप संचालन मार्गदर्शिका " भी साथ लेकर आवें.

माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, जयन्त चव्हाण , रजिस्ट्रार जनरल.

1. अपरिहार्य मामलों को छोड़ कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा. समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के भेजा जावे, जिससे कि निदेशक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें,

जबलपुर, दिनांक 1 फरवरी 2010

2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , प्रथम तल , उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 15-2-2010 को प्रातः काल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें.

क्र. E- 572- दो- 3-76-2009.- श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह , रजिस्ट्रार ( विजिलेन्स ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 18 से 21 जनवरी 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह , रजिस्ट्रार (विजिलेन्स) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुरं पुनः पदस्थापित किया जाता है .

3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट , ग्रे पेंट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होवें तथा महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाउज व काले कोट में उपस्थित होवें .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

4. टी.ए. एवं डी.ए. केबल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे , जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो रजिस्ट्रार ( विजिलेन्स ) के पद पर कार्यरत रहते.

माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, 5. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासहीनता माना जावेगा.

ए.एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार 204

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 फरवरी 2010

[भाग 1 जबलपुर, दिनांक 20 जनवरी 2010

2. सेवानिवृत्ति दिनांक : 31-12-2009

3 . नियुक्ति दिनांक 7-9-1979 से दिनांक 9-3-1987 तक कुल सेवा अवधि. : 7 वर्ष 6 माह क्र. D- 353-दो- 2--49-2007.- श्री गिरीश कुमार शर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , उज्जैन को दिनांक 10 से 12 दिसम्बर 2009 तक, दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री गिरीश कुमार शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है.

4. दिनांक 10-3-1987 से सेवानिवृत्ति दिनांक तक कुल सेवा अवधि. : 22 वर्ष 9 माह

5. कालम ( 3 ) में अंकित 7×15= 105 दिन कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

अवधि हेतु समर्पण अवकाश की पात्रता ( एक वर्ष में 15 दिन की दर से ) .

प्रमाणित किया जाता है कि श्री गिरीश कुमार शर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

जबलपुर, दिनांक 1 फरवरी 2010

6. कालम (4) में अंकित अवधि हेतु समर्पण अवकाश की पात्रता ( एक वर्ष में 7 दिन की दर से तथा दो वर्ष में 15 दिन की दर से ) . 22-11 × 15-165 : दिन.

टीप:-कालम ( 3 ) एवं (4 ) के खण्ड माह की अवधि यदि एक वर्ष पूर्ण है तो सम्मिलित करते हुए. : 1 × 7=7 दिन क्र. A- 373-दो- 2-57-06.- श्री डी. के. पालीवाल , जिला न्यायाधीश ( निरीक्षण एवं सतर्कता ) , ग्वालियर को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक 3- (ए) -19-03- इक्कीस ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 (1 ) के अन्तर्गत दिनांक 3 नवम्बर 2007 से 18 दिसम्बर 2009 तक 2 वर्ष की ब्लाक अवधि हेतु तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है .

7. कुल अर्जित अवकाश समर्पण की पात्रता. : 277 दिन

8. घटाईयेः-सेवा के दौरान लिया गया अवकाश समर्पण का लाभ. : 120 दिन

9. सेवानिवृत्ति पर अर्जित अवकाश समर्पण की पात्रता. : 157 दिन

(सेवानिवृत्ति दिनांक 31 दिसम्बर 2009 को शेष अर्जित अवकाश 176 दिन).

क्र. A- 375- दो- 3-420-80- भाग-नौ . श्री ए. एच. एस. पटेल, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीहोर को उनकी सेवानिवृत्ति दिनांक 31 दिसम्बर 2009 को उनके अवकाश लेखे में संचित अवकाश में से 157 दिवस ( एक सौ सत्तावन दिवस मात्र ) के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग मंत्रालय , भोपाल के ज्ञापन क्रमांक जी-3-2-96-सी-चार , दिनांक 29 फरवरी 1996 एवं मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3- ( ए) -19-03- इक्कीस ब ( एक ) , दिनांक 15 - जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 3 ) एवं समसंख्यक पत्र क्रमांक 897 - इक्कीस- ब (एक) 07 , दिनांक 21 जून 2007 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत प्रदान की जाती है.

गणना-पत्रक

1. श्री ए. एच. एस. पटेल , सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सीहोर का नियुक्ति का दिनांक : 7-9-1979

नोट.- मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक-3 ( ए) 19-03- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 3 ) के अनुसार दिनांक 1 नवम्बर 1999 के पश्चात् अर्जित अवकाश नगदीकरण को उपरोक्त गणना में सम्मिलित नहीं किया गया है .

205 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 फरवरी 2010

टीप:-कालम ( 3 ) एवं (4 ) के : 1 × 7=7 दिन जबलपुर, दिनांक 1 फरवरी 2010

खण्ड माह की अवधि यदि एक वर्ष पूर्ण है तो सम्मिलित करते हुए.

: 277 दिन

7. कुल अर्जित अवकाश समर्पण की पात्रता.

8. घटाईयेः- सेवा के दौरान : 110 दिन

लिया गया अवकाश समर्पण का लाभ.

: 167 दिन क्र. A- 574-दो- 3-420-80- भाग-नौ . श्रीमती रेणु शर्मा (सेवानिवृत्त ) , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भोपाल के न्यायालय की अतिरिक्त न्यायाधीश , भोपाल को उनकी सेवानिवृत्ति दिनांक 31 दिसम्बर 2009 को उनके अवकाश लेखे में संचित 99 दिवस (निन्यानवे दिवस मात्र ) के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग मंत्रालय, भोपाल के ज्ञापन क्रमांक जी-3-2-96- सी- चार, दिनांक 29 फरवरी 1996 एवं मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3- ( ए) -19-03- इक्कीस-ब (एक) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 3 ) एवं समसंख्यक पत्र क्रमांक 897 - इक्कीस ब ( एक ) 07 , दिनांक 21 जून 2007 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत प्रदान की जाती है.

9. सेवानिवृत्ति पर अर्जित अवकाश समर्पण की पात्रता.

गणना- पत्रक

21-8-1979

(सेवानिवृत्ति दिनांक 31 दिसम्बर 2009 को शेष अर्जित अवकाश 99दिन) .

1. श्रीमती रेणु शर्मा , (सेवानिवृत्त ) : जिला एवं सत्र न्यायाधीश , भोपाल के न्यायालय की अति. न्यायाधीश का नियुक्ति का दिनांक.

31-12-2009

2. सेवानिवृत्ति दिनांक

नोट.- मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक-3 ( ए) 19-03- इक्कीस ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 3 ) के अनुसार दिनांक 1 नवम्बर 1999 के पश्चात् के अर्जित अवकाश नगदीकरण को उपरोक्त 'गणना में सम्मिलित नहीं किया गया है .

: 7 वर्ष 6 माह

3. नियुक्ति दिनांक 21-8-1979 से दिनांक 9-3-1987 तक कुल सेवा अवधि.

जबलपुर, दिनांक 2 फरवरी 2010

22 वर्ष 9 माह

4. दिनांक 10-3-1987 से सेवानिवृत्ति दिनांक तक कुल सेवा अवधि.

क्र. B-640- दो-3-14-2006.- श्रीमती शशिकिरण दुबे , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब , न्यायालय , जबलपुर को दिनांक 4 से 8 फरवरी 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

:

7×15= 105 दिन

अवकाश से लौटने पर श्रीमती शशिकिरण दुबे , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब, न्यायालय , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

5. कालम ( 3 ) में अंकित अवधि हेतु समर्पण अवकाश की पात्रता ( एक वर्ष में 15 दिन की दर से ) .

22-11 × 15-165

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

दिन.

6. कालम (4 ) में अंकित अवधि : हेतु समर्पण अवकाश की पात्रता (एक वर्ष में 7 दिन की दर से तथा दो वर्ष में 15 दिन की दर से).

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती शशिकिरण दुबे उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं .

206

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 फरवरी 2010

[भाग 1

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती जयश्री वर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं .

क्र. B- 642- दो- 2-29-2006.- श्रीमती केशर यादव, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब, न्यायालय , रीवा को दिनांक 29 से 30 दिसम्बर 2009 तक दो दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 31 दिसम्बर 2009 से 2-1-2010 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 3 जनवरी 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती केशर यादव , प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , रीवा को रीवा पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित एवं शीतकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

क्र. B -648-दो-2-129-2006. श्रीमती आशा भटनागर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अनूपपुर को दिनांक 29 से 31 दिसम्बर 2009 तक तीन दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 1 से 2 जनवरी 2010 तक दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 27 एवं 28 दिसम्बर 2009 के एवं पश्चात् में दिनांक 3 जनवरी 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती केशर यादव उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाती तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहती.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती आशा भटनागर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अनूपपुर को अनूपपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती आशा भटनागर उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. B -644-दो- 3-57-2002 .- सुश्री सुषमा खोसला, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , दमोह को दिनांक 26 से 29 दिसम्बर 2009 तक चार दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 30 दिसम्बर 2009 से 2 जनवरी 2010 तक चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 25 दिसम्बर 2009 के एवं पश्चात् में दिनांक 3 जनवरी 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर सुश्री सुषमा खोसला, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दमोह को पुनः दमोह पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .

क्र. B -650- दो - 2-23-2009.-डा. अनिल पारे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर को दिनांक 6 से 8 जनवरी 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 9 एवं 10 जनवरी 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर डा. अनिल पारे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , श्योपुर को श्योपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

प्रमाणित किया जाता है कि सुश्री सुषमा खोसला उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

क्र. B-646--दो- 2-5-2006.- श्रीमती जयश्री वर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शाजापुर को दिनांक 15 से 19 दिसम्बर 2009 तक दोनों दिन सम्मिलित करके पांच दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

प्रमाणित किया जाता है कि डा. अनिल पारे उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, अवकाश से लौटने पर श्रीमती जयश्री वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शाजापुर को शाजापुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार, 207 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 फरवरी 2010

जबलपुर, दिनांक 22 जनवरी 2010

क्र. 58-गोपनीय - 2010- दो- 2-1-2010 ( भाग- बी ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश एवं सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारियों ( अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश ) को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ (4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर , उक्त न्यायिक अधिकारियों के समक्ष स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है..

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश उच्च न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारी को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है :-

सारणी

नाम

सत्र खण्ड का नाम

क्रमांक

कहां से कहां को

(1)

(2)

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)

(3)

(4)

(5)

1

सिरौंज

विदिशा

विदिशा

श्री गोविन्द सिंह काकोड़िया

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री प्रमोद कुमार अग्रवाल के स्थान पर.

2

विदिशा

सिरौंज

विदिशा

श्री प्रमोद कुमार अग्रवाल

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री गोविन्द सिंह काकोड़िया के स्थान पर.

टिप्पणी.- श्री प्रमोद कुमार अग्रवाल , द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विदिशा द्वारा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सिरौंज जिला विदिशा के पद पर कार्यभार ग्रहण करते ही श्री काकोड़िया उक्त पद से कार्यमुक्त समझे जावेंगे.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, जयन्त चव्हाण , रजिस्ट्रार जनरल.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 12 February 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2010-02-12.07.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2010-02-12.07.Ordinary.