ध्य प्रदे श शास
मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल डाक परिमंडल, के पत्र क्रमांक 22/153 , दिनांक 10-1-06 द्वारा पूर्व भुगतान योजनान्तर्गत डाक व्यय की पूर्व अदायगी डाक द्वारा भेजे जाने के लिए अनुमत.
पंजी. क्रमांक भोपाल डिवीजन म. प्र .- 108- भोपाल- 09-11 .
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 19]
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 7 मई 2010 - वैशाख 17, शक 1932
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
(2) सांख्यिकीय सूचनाएं.
भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख ) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद् के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 16 अप्रैल 2010
क्र. ई- 1-51-2008-5- एक. श्री सचिन सिन्हा, भाप्रसे ( 1995 ) , कलेक्टर, जिला देवास की सेवाएं भारत सरकार, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को निदेशक, जनगणना कार्य ( निदेशक स्तर ) , मध्यप्रदेश के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 05 वर्ष के लिए नियुक्ति के लिए सौंपी जाती है.
भोपाल , दिनांक 19 अप्रैल 2010
क्र. ई - 5-456 - आयएएस- लीव - एक-5.- ( 1 ) श्रीमती विजया श्रीवास्तव, आयएएस, प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा आयुष विभाग को दिनांक 26 से 30 अप्रैल 2010 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2) श्रीमती विजया श्रीवास्तव की अवकाश की अवधि में श्रीमती मधु हाण्डा, आयएएस , आयुक्त- सह- संचालक, भारतीय चिकित्सा पद्धति एवं होम्योपैथी तथा पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन, आयुष विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा आयुष विभाग का चालू प्रभार सौंपा जाता है .
( 3) अवकाश से लौटने पर श्रीमती विजया श्रीवास्तव को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा आयुष विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
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नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2010 .
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
(4 ) श्रीमती विजया श्रीवास्तव द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा आयुष विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती मधु हण्डा, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा आयुष विभाग के चालू प्रभार से मुक्त होंगी.
(5) अवकाशकाल में श्रीमती विजया श्रीवास्तव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती विजया श्रीवास्तव, अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.
भोपाल , दिनांक 21 अप्रैल 2010
क्र. ई - 5-410- आयएएस लीव- 5- एक.- ( 1 ) श्री राकेश अग्रवाल, आयएएस. , सचिव , मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग, भोपाल को दिनांक 17 मई से 5 जून 2010 तक, बीस दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 15, 16 मई एवं 6 जून 2010 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री राकेश अग्रवाल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
( 3) अवकाशकाल में श्री राकेश अग्रवाल, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री राकेश अग्रवाल , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
भोपाल, दिनांक 22 अप्रैल 2010
क्र. ई - 5-781 - आयएएस- लीव- एक- 5.- ( 1 ) श्री आर. के. माथुर, आयएएस. , अपर सचिव , मुख्य सचिव कार्यालय तथा अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग को दिनांक 29 अप्रैल से 3 मई 2010 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री आर.के . माथुर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर सचिव , मुख्य सचिव कार्यालय तथा अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
( 3) अवकाशकाल में श्री आर. के. माथुर को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
[भाग 1 (4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आर. के. माथुर, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई - 5-395 - आयएएस लीव एक- 5.-( 1 ) श्री एम.एम. उपाध्याय , आयएएस. , राहत आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व एवं पुनर्वास विभाग तथा पुनर्वास आयुक्त को दिनांक 21 अप्रैल से 7 मई 2010 तक, सत्रह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
( 2) अवकाश से लौटने पर श्री एम.एम. उपाध्याय को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न राहत आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व एवं पुनर्वास विभाग तथा पुनर्वास आयुक्त के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
( 3) अवकाशकाल में श्री एम. एम. उपाध्याय को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एम.एम. उपाध्याय, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई- 1-147-2010-5- एक. श्रीमती वीरा राणा , भाप्रसे. (1988 ) , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश वित्त निगम , इंदौर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ आगामी आदेश तक, प्रबंध संचालक, औद्योगिक केन्द्र विकास निगम, इन्दौर का तात्कालिक प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है .
(2) श्री रघुवीर श्रीवास्तव , भाप्रसे ( 1992 ) , आयुक्त- सह- संचालक, पिछड़ा वर्ग कल्याण को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ आगामी आदेश तक सचिव, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग तथा सचिव, मध्यप्रदेश राज्य अल्प संख्यक आयोग का तात्कालिक प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है .
भोपाल , दिनांक 23 अप्रैल 2010
क्र. ई - 5-691 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी, आयएएस . , परियोजना संचालक, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट, एडीबी अर्बन सेल संचालनालय , नगरीय प्रशासन एवं विकास को दिनांक 26 अप्रैल से 7 मई 2010 तक, बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 25 अप्रैल तथा 8 मई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .
( 2 ) श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी की अवकाश की अवधि में श्री एस.एन. मिश्रा, आयएएस. , आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास, मध्यप्रदेश को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, प्रोजेक्ट उदय का प्रभार सौंपा जाता है .
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
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कर्तव्यों के साथ - साथ , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम तथा आयुक्त-सह- संचालक, हाथकरघा का चालू प्रभार सौंपा जाता है.
(3) अवकाश से लौटने पर श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न परियोजना संचालक, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट, एडीबी अर्बन सेल संचालनालय , नगरीय प्रशासन एवं विकास के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाश से लौटने पर श्रीमती दीपाली रस्तोगी, आयएएस. को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम तथा आयुक्त- सह- संचालक, हाथकरघा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4) श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी द्वारा परियोजना संचालक, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट, एडीबी अर्बन सेल संचालनालय , नगरीय प्रशासन एवं विकास का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री एस.एन. मिश्रा, प्रोजेक्ट उदय के प्रभार से मुक्त होंगे.
(5 ) अवकाशकाल में श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) श्रीमती दीपाली रस्तोगी , द्वारा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम तथा आयुक्त- सह- संचालक, हाथकरघा का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री एम.के. सिंह , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम तथा आयुक्त- सह- संचालक, हाथकरघा के चालू प्रभार से मुक्त होंगे.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी, अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.
(5) अवकाशकाल में श्रीमती दीपाली रस्तोगी , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती दीपाली रस्तोगी , अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.
क्र. ई- 5-814- आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्रीमती उर्मिल मिश्रा, आयएएस. , अपर आयुक्त ( राजस्व ) , भोपाल/नर्मदापुरम संभाग कोदिनांक 19 से 24 अप्रैल 2010 तक, छह दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 17, 18 एवं 25 अप्रैल 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दीजाती है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती उर्मिल मिश्रा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर आयुक्त ( राजस्व ) , भोपाल /नर्मदापुरम संभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
क्र. ई- 5-531 - आयएएस- लीव - 5-एक. ( 1 ) श्री एम.के. सिंह, आयएएस. , आयुक्त, रेशम, मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग परिषद को दिनांक 17 से 29 मई, 2010 तक, तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 15, 16 एवं 30 मई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .
(3) अवकाशकाल में श्रीमती उर्मिल मिश्रा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री एम.के. सिंह, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, रेशम , मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग परिषद के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती उर्मिल मिश्रा , अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.
भोपाल, दिनांक 24 अप्रैल 2010
(3 ) अवकाशकाल में श्री एम.के. सिंह, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एम . के. सिंह , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
क्र. ई - 5-671 - आयएएस लीव एक-5.- ( 1 ) श्रीमती दीपाली रस्तोगी , आयएएस. , प्रबंध संचालक , मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम तथा आयुक्त- सह- संचालक, हाथकरघा को दिनांक 1 से 10 मई 2010 तक, दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
(2 ) श्रीमती दीपाली रस्तोगी , की अवकाश की अवधि में श्री एम.के. सिंह, आयएएस. , आयुक्त, रेशम, मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग परिषद को अपने वर्तमान
क्र. ई - 5-561 - आयएएस-लीव- एक- 5.-( 1 ) श्री टी . धर्माराव , आयएएस. , कमिश्नर, उज्जैन संभाग , उज्जैन को दिनांक 21 मई 2010 से 11 जून, 2010 तक, बाईस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 12 , 13 जून, 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री टी. धर्माराव को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कमिश्नर, उज्जैन संभाग , उज्जैन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
( 3) अवकाशकाल में श्री टी . धर्माराव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री टी . धर्माराव , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
भोपाल , दिनांक 27 अप्रैल 2010
क्र. ई-5-667- आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री पी . के. पाराशर, आयएएस. , कमिश्नर, जबलपुर संभाग, जबलपुर को दिनांक 17 से 22 मई 2010 तक, छह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 15 , 16 एवं 23 मई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
( 2 ) श्री पी. के . पाराशर, की अवकाश की अवधि में श्री गुलशन बामरा , आयएएस. , कलेक्टर, जिला जबलपुर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कमिश्नर, जबलपुर संभाग , जबलपुर का चालू प्रभार सौंपा जाता है .
(3) अवकाश से लौटने पर श्री पी . के. पाराशर, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कमिश्नर, जबलपुर संभाग, जबलपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4) श्री पी.के. पाराशर, द्वारा कमिश्नर, जबलपुर संभाग , जबलपुर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री गुलशन बामरा , कमिश्नर, जबलपुर संभाग , जबलपुर के चालू प्रभार से मुक्त होंगे .
(5 ) अवकाशकाल में श्री पी .के. पाराशर, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री पी. के. पाराशर, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.
भोपाल , दिनांक 8 अप्रैल 2010
क्र. एफ 3-3-2009- एक-4.- भारत सरकार, गृह मंत्रालय की अधिसूचना क्रमांक 20-25-56- पब- एक, दिनांक 8 जून 1957 के
[भाग 1 साथ पढ़ी गई परक्राम्य लिखत अधिनियम ( निगोशिएबल इनस्ट्रमेंट्स एक्ट) 1881 ( 1881 का क्रमांक -26 ) की धारा 25 के स्पष्टीकरण द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन द्वारा , इस विभाग की अधिसूचना दिनांक 6 नवम्बर 2009 के अनुक्रम में डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती बुधवार दिनांक 14 अप्रैल, 2010 को सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में सार्वजनिक अवकाश का दिन घोषित करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. एस. पगारे , उपसचिव.
भोपाल, दिनांक 15 अप्रैल 2010
क्र. ई- 5-766 - आयएएस- लीव- 5- एक. श्री शोभितं जैन, आयएएस. , को दिनांक 19 दिसम्बर 2009 से 28 जनवरी 2010 तक, इकतालीस दिन का लघुकृत अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .
भोपाल, दिनांक 16 अप्रैल 2010
क्र. ई - 5-794- आयएएस-लीव- 5- एक. श्री रघुराज एम.आर. , आयएएस. , तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, छतरपुर को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 17 नवम्बर 2009 द्वारा दिनांक 21 दिसम्बर 2009 से 8 जनवरी 2010 तक, उन्नीस दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए, अब उन्हें दिनांक 27 दिसम्बर 2009 से 10 जनवरी 2010 तक, पन्द्रह दिन का पितृत्व अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
भोपाल, दिनांक 21 अप्रैल 2010
क्र. ई - 5-825 - आयएएस- लीव - 5 - एक. डॉ. सुदाम पढरीनाथ खाड़े , आयएएस. , तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , भिण्ड को दिनांक 7 जनवरी से 26 फरवरी 2010 तक, कुल इक्यावन दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 27, 28 फरवरी एवं 1 मार्च, 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .
क्र. ई - 5-634- आयएएस- लीव -5- एक. ( 1 ) डॉ. मनोहर अगनानी , आयएएस. , आयुक्त, स्वास्थ्यं सेवायें, मध्यप्रदेश को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 13 अप्रैल 2010 द्वारा दिनांक 10 से 22 मई 2010 तक, तेरह दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए, अब उन्हें दिनांक 14 से 22 मई 2010 तक, नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 23 मई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
भाग 1 ]
919
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
( 2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 13 अप्रैल 2010 की शेष कंडिकायें यथावत रहेंगी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एस. सावनेर , अवर सचिव.
भोपाल, दिनांक 26 अप्रैल 2010
क्र . ई - 1-143-2010-5- एक-संशोधन. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 20 अप्रैल , 2010 की तालिका के अनुक्रमांक 18 के खाना ( 3 ) में उल्लेखित " आयुक्त- सह- संचालक, रोजगार, जबलपुर " के स्थान पर " आयुक्त सह- संचालक, प्रशिक्षण, जबलपुर" पढ़ा जाए.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, यू. एस. ठाकुर , अवर सचिव.
गृह (सामान्य ) विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 16 अप्रैल 2010
क्र. एफ. 3-79-2009 - दोए ( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों के लिये नियत विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 14 सितम्बर 2009 को " प्रश्न- पत्र" विधि तथा प्रक्रिया (पुस्तकों सहित केवल अधिनियम ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-
परीक्षार्थी का नाम
अनु क्र. (1)
(2)
पदनाम (3)
उच्चस्तर भोपाल संभाग
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 1 कु. अनिता सिंह
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 2 श्री आशीष कुमार दीवान
3 श्री नीरज श्रीवास्तव
वाणिज्यिक कर अधिकारी 4 श्री अनिल कुमार समेले वाणिज्यिक कर निरीक्षक
रीवा संभाग
वाणिज्यिक कर अधिकारी 5 श्रीमती संगीता गुप्ता
ग्वालिर संभाग
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 6 श्री जितेन्द्र सिंह चौहान
(1)
(3) (2)
7 श्री रोशन सिंह बाथम
वाणिज्यिक कर निरीक्षक
वाणिज्यिक करं निरीक्षक 8 श्री दिनेश कुमार गौतम
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 9 श्री निर्मल शाक्य
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 10 श्री राघवेन्द्र सिंह रावत
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 11 कु. माला शर्मा
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 12 श्री विवेश शुक्ला
जबलपुर संभाग
13 श्री महीप किशोर तेजस्वी वाणिज्यक कर अधिकारी,
इन्दौर संभाग
14 श्री राजेन्द्र प्रसाद पटेल वाणिज्यिक कर निरीक्षक 15 श्री इन्द्रेश कुमार तिवारी वाणिज्यिक कर निरीक्षक 16 श्री अरविन्द कुमार गौतम वाणिज्यिक कर निरीक्षक 17 श्री संदीप सिंह परिहार वाणिज्यिक कर निरीक्षक 18 श्री राजेन्द्र सिंह रघुवंशी वाणिज्यिक कर निरीक्षक 19 श्री पुरुषोत्तम सिंह राजपूत वाणिज्यिक कर निरीक्षक 20 श्री देवीसिंह सोलंकी
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 21 श्री मोहन सिंह चौहान वाणिज्यिक कर निरीक्षक 22 श्री संजय सिंह खाण्डे
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 23 श्री सतानन्द सिंह आर्मो वाणिज्यिक कर निरीक्षक 24 श्री चम्पा बडौले
वाणिज्यिक कर निरीक्षक
वाणिज्यिक कर अधिकारी 25 श्री राकेश कुमार सालवी
26 श्री राजेश भाबोर वाणिज्यिक कर निरीक्षक 27 श्री मानसिंह बघेल वाणिज्यिक कर निरीक्षक
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 28 श्री दिनेश सुलिया
29 श्री गुलाब सिंह मीना वाणिज्यिक कर निरीक्षक
निम्नस्तर
भोपाल संभाग
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 1 डॉ. निभा ठाकुर
2 श्रीमती छाया गवली वाणिज्यिक कर निरीक्षक 3 श्रीमती अर्चना परस्ते वाणिज्यिक कर निरीक्षक 4 श्री पाल सुधीर लकड़ा वाणिज्यिक कर निरीक्षक 5 श्रीमती बबीता पटेल
वाणिज्यिक कर अधिकारी 6 श्री संजीव चौहान
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 7 श्री संदीप श्रीवास्तव वाणिज्यिक कर निरीक्षक ग्वालियर संभाग
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 8 श्री हरिश कुमार मौर्य 920
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
(1)
(2)
(3)
जबलपुर संभाग
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 9 कु. चित्रा राय
10 श्री अरविन्द खटीक
वाणिज्यिक कर निरीक्षक
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 11 श्री शिवमोहन बागरी
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 12 श्री नरेश कुमार कौरी
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 13 श्री बलिराम ठकुरिया
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 14 कु. सुनंदा दुबे
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 15 कु. रिनि शुक्ला
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 16 श्री ब्रजराज सिंह धुर्वे
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 17 श्रीमती सरिता सिरसाम
18 श्री उन्नीलाल उईके
वाणिज्यिक कर अधिकारी 19 श्री रविमोहन पटेल
वाणिज्यिक कर अधिकारी
वाणिज्यिक कर अधिकारी 20 श्री राजेन्द्र कुमार मर्सकोल
21 श्री भीमराव वैद्य
वाणिज्यिक कर अधिकारी
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 22 श्री अशोक कुमार आर्मो
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 23 श्री कृष्णपाल सिंह
इन्दौर संभाग
24 श्री मोहन सिंह जबरा
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 25 श्री जयमल सिंह बघेल
वाणिज्यिक कर निरीक्षक
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 26 श्री विनय कुमार चौधरी
वाणिज्यिक कर निरीक्षक 27 कु. मनीषा कुरील
28 श्री दीप खरे
वाणिज्यिक कर अधिकारी मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रेनूतिवारी, उपसचिव.
तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 19 अप्रैल 2010
क्र. एफ. 14-1-2009- बयालीस ( 2) .- राज्य शासन, एतद्वारा , नेशनल स्किल डेवलपमेंट मिशन के उद्देश्यों की पूर्ति के लिये प्रदेश में मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में " मध्यप्रदेश व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद्" ( Madhya Pradesh Council for Vocational Education and Training ) की तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के अंतर्गत एक स्वशासी संस्था के रूप में स्थापना करने की अनुमति प्रदान करता है , जो कि मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम , 1973 के अंतर्गत एक पंजीकृत सोसायटी होगी. परिषद् का मुख्यालय , भोपाल में होगा एवं जिसका क्षेत्राधिकार संपूर्ण मध्यप्रदेश होगा..
[भाग 1 2. परिषद् की साधारण सभा एवं संचालक मंडल निम्नानुसार होगा
(अ) साधारण सभा-
अध्यक्ष
1. माननीय मुख्यमंत्री जी उपाध्यक्ष
2. माननीय मंत्री, तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग.
3. माननीय मंत्री, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग.
सदस्य
4. प्रमुख सचिव, तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग.
5. प्रमुख सचिव , किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग.
6. प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग.
7. प्रमुख सचिव, वाणिज्य उद्योग एवं रोजगार विभाग.
8. प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा विभाग
9. प्रमुख सचिव, श्रम विभाग
10. प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग .
11. प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण.
12. प्रमुख सचिव, ग्रमोद्योग विभाग
13. प्रमुख सचिव , स्कूल शिक्षा विभाग
14. प्रमुख सचिव, पर्यटन विभाग
15. प्रमुख सचिव, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग.
16. प्रमुख सचिव , महिला एवं बाल विकास.
17. सी.ई.ओ. क्रिस्प उद्योगों के मध्यप्रदेश चेप्टर के प्रतिनिधि.
18. कॉन्फे डरेशन ऑफ इण्डियन इण्डस्ट्रीज.
19. पी.एच.डी. चेम्बर ऑफ कॉमर्स
20. फेडरेशन ऑफ इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज.
21. अध्यक्ष, मध्यप्रदेश लघु उद्योग संघ
22. संचालक प्रशिक्षण मध्यप्रदेश सदस्य, सचिव
एवं मुख्य
कार्यपालन
अधिकारी.
( ब) संचालक मण्डल-
अध्यक्ष
1. माननीय मंत्री , तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग.
भाग 1 ]
उपाध्यक्ष
2. प्रमुख सचिव, तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग.
सदस्य
3. प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग.
4. प्रमुख सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग.
5. आयुक्त, आदिवासी विकास
6. आयुक्त, उद्योग
7. आयुक्त, स्कूल शिक्षा
8. बड़े सार्वजनिक उपक्रम का एक प्रतिनिधि.
9. उद्योग संघों का एक प्रतिनिधि
10. सी.ई.ओ. क्रिस्प
11. संचालक, प्रशिक्षण मध्यप्रदेश मुख्य कार्यपालन
अधिकारी एवं सदस्य सचिव.
3. परिषद् को स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अधिकार होगा एवं कार्यों के संचालन के लिए नियम एवं विनियम बनाने तथा आदेश जारी करने की शक्तियां होगी . प्रारंभ में तीन वर्षों के लिए परिषद् को राज्य सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त होगी एवं इसके उपरान्त प्रमाणीकरण फीस , परीक्षा फीस, संबद्धता फीस , पाठ्यक्रम विकास, अध्ययन सामग्री के विक्रय सलाहकार सेवाएं आदि से आय अर्जित कर स्वयं की आय से संचालित होगी .
4. परिषद् राज्य के शासकीय/अशासकीय सेक्टर में उपलब्ध ऐसी कोई भी अधोसंरचना जिसका उपयोग व्यावसायिक प्रशिक्षण को संचालित करने में किया जा सकता है, को सूचीबद्ध कर उन्हें प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करने का दायित्व सौंप सकेगी . इसके अतिरिक्त परिषद् विभिन्न शासकीय एवं गैर- शासकीय एजेंसियां, संस्थाएं, जो कि व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदाय करने का एक बड़ा स्त्रोत हैं तथा असंगठित क्षेत्र द्वारा संचालित प्रशिक्षण को निर्धारित ढांचे में मानदंडों के अनुरूप शामिल कर कौशल परीक्षण तथा प्रमाणीकरण का कार्य व्यापक रूप से करेगी. परिषद् स्किल डेवलपमेंट की रणनीति के तहत किसी भी व्यक्ति के ज्ञान और स्किल्स के टेस्टिंग तथा प्रमाणीकरण की व्यवस्था के माध्यम से परिवर्तित करने तथा उन्हें भविष्य में उच्च डिप्लोमा एवं डिग्री प्रदान करने हेतु मान्य किये जाने की योजना भी बनायेगी .
परिषद् की जिला स्तर पर रोजगार एवं प्रशिक्षण के अधिक अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी . परिषद् विभिन्न विभागों के सक्रिय सहयोग से विभिन्न क्षेत्रों में मांग आधारित प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करने के लक्ष्य की पूर्ति हेतु प्रयास करेगी एवं नवीन विधाओं में कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार तथा प्रशिक्षण सामग्री आदि के निर्माण का कार्य भी करेगी.
921
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
परिषद् के विस्तृत उद्देश्य एवं उसके स्वरूप की रूपरेखा परिशष्ट- एक अनुसार है .
5. " मध्यप्रदेश व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद्" पूर्व से संचालित राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद् का कार्य भी संपादित 'करेगी एवं इसके गठन के फलस्वरूप राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद् ( एससीवीटी ) का पृथक से अस्तित्व नहीं होगा.
यह आदेश वित्त विभाग की टीप क्रमांक सीआर 41-2010 - ब- 3-चार, दिनांक 25 जनवरी 2010 के द्वारा दी गई सहमति पर आधारित है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जयदीप गोविन्द, प्रमुख सचिव.
परिशिष्ट-एक मध्यप्रदेश व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद् ( Madhya Pradesh Council for Vocational Education and Training ) के उद्देश्य निम्नानुसार है:-
क्र. कार्य/उत्तरदायित्व
(1) (2)
1 बेरोजगार युवक- युवतियों को स्वरोजगार, उपभोक्ता सेवा एवं उद्योग आधारित रोजगार के लिए तैयार करने बाबत् तकनीकी कौशल विकास के कार्यक्रमों की योजना बनाना तथा इन योजनाओं को क्रियान्वित करना.
2 स्कूल छोड़ चुके युवाओं , असंगठित क्षेत्र में कार्यरत् मजदूर, विभिन्न उपभोक्ता सेवाओं में संलग्न अकुशल कारीगरों तथा उद्योगों से जुड़े मजदूरों के लिए दक्षता आधारित पाठ्यक्रम तैयार करना, प्रशिक्षण देना एवं प्रमाणीकरण करना.
3 विभिन्न समूहों/ औद्योगिक संगठनों की आवश्यकतानुसार विभिन्न स्तर के कौशल प्रशिक्षण के कार्यक्रम तैयार करना, जिनका कि राष्ट्रीय/ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणीकरण हो एवं कार्यक्रमों को आगे की शिक्षा हेतु मान्यता दिलाना.
4 प्रशिक्षण प्रदाय करने हेतु लचीली पद्धति ( Flexible delivery mechanism ) विकसित करना जिससे कि अंशकालीन, सप्ताहांत , पूर्णकालिक, ऑन साईट ऑफ साईट प्रशिक्षण दिया जा सके.
5 स्किल डेवलपमेंट की राष्ट्रीय नीति के क्रियान्वयन हेतु प्रादेशिक स्तर पर मॉनिटरिंग एवं योजना बनाने का कार्य .
922
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
[ भाग 1
(3)
(1)
(2)
6 अनौपचारिक पाठ्यक्रम आधारित व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण को औपचारिक शिक्षा से जोड़ने की नीति एवं कार्यक्रम तैयार करना तथा पूर्व अर्जित ज्ञान ( prior acquired learning ) को मान्यता प्रदान करने हेतु पद्धति विकसित करना.
ग्राम रतनपुर ( मिसरोद ) पटवारी हल्का नं . 40 , विकासखण्ड फन्दा, तहसील हुजूर, जिला भोपाल स्थित भू-खण्ड खसरा नं. 913/1 की भूमि पर रेत परिवहन की रायल्टी एवं ओवर लोडिंग की जांच हेतु नाके स्थापित करता है , इन नाकों की स्थापना का समस्त प्रशासकीय व्यय मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम द्वारा वहन किया जायेगा.
7 प्रदेश में उपलब्ध प्रशिक्षण संसाधनों को Public Private Partnership के माध्यम से समेकित कर विकसित करना.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. के. मिश्रा, सचिव.
भोपाल, दिनांक 19 अप्रैल 2010 8 समाज के समस्त वर्गों के हितों को ( Inclusive growth ) दृष्टिगत रखते हुए समान रूप से प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराना .
9 प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का कार्य, प्रशिक्षण में नवाचार (Innovation ) को प्रोत्साहित करना एवं सलाहकार सेवाएं देना.
10 गुणवत्ता एवं स्तर ( Quality and Standard ) के लिए मानदंड ( norms ) निर्धारित करना.
क्र. एफ-4-33-06- बारह-1.- मेसर्स रियो टिन्टों एक्सप्लोरेशन इंडिया प्रा.लि. द्वारा जिला सतना एवं पन्ना में हीरा एवं बहुमूल्य खनिज, सोना, तांबा, लेड, जिंक , सिल्वर, बिस्मथ एवं केडमियम खनिजों के अवीक्षी अनुज्ञा- पत्र अन्तर्गत टोही कार्यों हेतु धारित 2112.50 वर्ग कि.मी. क्षेत्र में से 1112.50 वर्ग कि.मी. क्षेत्र का खनि रियायत नियम, 1960 के नियम 7 ( 1 ) ( i ) ( क ) अनुसार परित्याग किया गया है , इस क्षेत्र को, खनि रियायत नियम, 1960 के नियम 59 ( 1 ) ( क) को प्रयोग में लाते हुये , राज्य सरकार, एतद्वारा खुला घोषित करती है . क्षेत्र का विवरण निम्नानुसार , है: - 11 निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण संपादित करने के लिए सशुल्क संबद्धता ( Affiliation ) देना.
अक्षांश
देक्षांश
बिन्दु (1)
(2)
(3)
1
79° 53 ' 46"
24° 25' 54"
12 राज्य एवं विभिन्न हितग्राहियों ( stake holders ) की मांग के संदर्भ में सतत् रूप से तकनीकी जनशक्ति की आवश्यकताओं का आंकलन करना.
80° 14 ' 36 "
2
24° 37 ' 39 "
3
24° 37' 55 "
80° 14 ' 30"
4
24° 45' 12"
80° 31 ' 31 "
5
24° 45' 00"
80° 31 ' 30 " खनिज साधन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल, दिनांक 22 अप्रैल 2010
6
24° 45 ' 00"
80° 37 ' 53 "
7
24° 55' 50 "
81° 01 ' 03 "
8
24° 53' 55 "
81° 07 ′ 18 "
24° 24 ' 01 "
79 ° 56 ' 16"
9
क्र. 19-40-2005 - बारह- 2.- भारत के संविधान के अनुच्छेद, 309 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, मध्यप्रदेश के राज्यपाल , एतद्वारा , मध्यप्रदेश खनिज ( अवैध खनन , परिवहन तथा भण्डारण का निवारण ) नियम, 2006 के अध्याय तीन -6 के अंतर्गत खनिजों के अवैध उत्खनन, खनन एवं परिवहन एवं उसकी चैकिंग के निमित्त :-
(1) जिला सीहोर के ग्राम पाण्डाडोर, तहसील बुदनी ( रेहटी- बुदनी मार्ग ) के वन विभाग के नाके पर.
इस अधिसूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशन की तारीख से 30 दिवस की कालावधि समाप्ति के पश्चात् १० दिवस तक खुला घोषित क्षेत्र स्वीकृति हेतु उपलब्ध होगा. उक्त क्षेत्र का मानचित्र संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, " खनिज भवन ", 29 -ए, अरेरा हिल्स , भोपाल में अधिसूचना के प्रकाशन के पश्चात् किसी भी कार्यालयीन दिवस में अवलोकन हेतु उपलब्ध होगा.
(2) जिला रायसेन के ग्राम बरखेड़ा के वन विभाग के नाके पर.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. तोमर, उपसचिव.
भाग 1 ]
923
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
भोपाल , दिनांक 19 अप्रैल 2010
क्र. एफ- 4-33-06- बारह 1. भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में , इस विभाग की अधिसूचना समक्रमांक, दिनांक 19 अप्रैल 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. तोमर, उपसचिव.
Bhopal , the 19th April 2010
No. F -4-33-06-12 - XII - 1.- In exercise of rule 59( 1 ) (a) of the Mineral Concession Rule 1960 , the State Government hereby declare throw open an area. of 1112.50 Km² out of 2112.50 Km² in Satna & Panna districts which was previously held by M/s . Rio Tinto Exploration India Private Limited , for the reconnaissance operations of Diamond & precious minerals , Gold , Copper , Lead , Zinc , Silver, Bismuth & Cadmium minerals , under reconnaissance permit , which has now been relinquished as per 7 ( 1 ) ( i ) (a) of the said rules . Details of the area are as below :-
Pts (1)
Latitude (2)
Longitude (3) 1
24° 25' 54 "
79° 53' 46" 24° 37' 39 "
80° 14' 36 " 2
3
24° 37' 55"
80° 14' 30" 24° 45 ' 12 "
4
80° 31 ' 31 " 5
24° 45' 00 "
80° 31' 30 " 6
24° 45' 00 "
80° 37' 53 " 24° 55' 50 "
7
81° 01' 03 " 24° 53' 55 "
81 ° 07′ 18 " 8
9
79° 56' 16 " 24° 24' 01 "
The area shall be available for regrant after 30 days from the date of publication of this notification in the "Madhya Pradesh Gazette " , till 90 days . The plan of the aforesaid area can be seen in the Directorate of Geology and Mining , Khanij Bhawan , 29 - A, Arera Hills , Bhopal , Madhya Pradesh , on any working day after publication of this notification .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
A. K. TOMAR , Dy . Secy.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 24 अप्रैल 2010
फा. क्र. 17 (ई) 182-04- इक्कीस ब ( दो ) . - विधिक सेवा प्राधिकरण (संशोधन) अधिनियम , 1994 ( 1994 का संख्यांक 59 ) द्वारा यथा संशोधित विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 ( 1987 का संख्यांक 39 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( ख ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुये मध्यप्रदेश के राज्यपाल, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति के परामर्श से माननीय न्यायमूर्ति श्री अरूण मिश्रा, न्यायाधीश , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय को मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नामांकित करते हैं .
F. No. 17 (E) 182-04 - XXI - B ( II) . In exercise of the powers conferred by clause (b) of sub - section (2) of Section 6 of the Legal Services Authorities Act , 1987 (No. 39 of 1987) as amended by Legal Services Authorities (Amendment ) Act , 1994 (No. 59 of 1994) , the Governor of Madhya Pradesh in consultation with the Chief Justice of High Court of Madhya Pradesh nominates Hon'ble Shri Justice Arun Mishra, Judge Madhya Pradesh High Court as Executive Chairman of Madhya Pradesh State Legal Services Authority with effect from the date he assumes charge of the office of the executive Chairman .
भोपाल, दिनांक 29 अप्रैल 2010
क्र. 2806- इक्कीस- अ( स्था. ) .- राज्य शासन, श्री सुरेश श्रीवास्तव, अवर सचिव अनुवाद को उपसचिव , हिन्दी प्रारूपण के पद पर पदोन्नति हेतु प्रावधानित तीन वर्ष की सेवा अवधि में शेष रही अवधि की सेवा में छूट प्रदान करते हुए, उन्हें अस्थायी रूप से, आगामी आदेश होने तक, स्थानापन्न रूप में उपसचिव, हिन्दी प्रारूपण के पद पर पुनरीक्षित वेतन बैण्ड रु. 15600-39100 ग्रेड-पे 7600 में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदोन्नत करता है .
क्र. 2807- इक्कीस- अ ( स्था.) .- राज्य शासन, श्री परितोष कुमार तिवारी , सहायक संचालक, अनुवाद को अवर सचिव , अनुवाद के पद पर पदोन्नति हेतु प्रावधानित तीन वर्ष की सेवा अवधि में शेष रही अवधि की सेवा में छूट प्रदान करते हुए, उन्हें अस्थायी रूप से , आगामी आदेश होने तक, स्थानापन्न रूप में अवर सचिव , अनुवाद के पद पर पुनरीक्षित वेतन बैण्ड रु. 15600-39100 ग्रेड - पे 6600 में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदोन्नत करता है.
" प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त पदों के संबंध में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण संबंधी नियमों आदेशों एवं नियमों का पालन किया गया है . " 924
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
[ भाग 1
(1)
(2)
(3)
3
उपाध्यक्ष
श्री माणकचंद्र सोगानी
4
संचालक
श्री टीकम जोशी
5
संचालक
श्री हरि नारायण यादव क्र. 2809- इक्कीस- अ( स्था. ).- राज्य शासन , श्री एस.सी. शर्मा, मुख्य अनुवादक को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश होने तक, स्थानापन्न रूप में सहायक संचालक, अनुवाद ( द्वितीय श्रेणी ) के पद पर पुनरीक्षित वेतन बैण्ड रु. 9300-34800+ग्रेड पे रु. 4200 में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदोन्नत करता है.
6
संचालक
श्री विजय मालानी
7
संचालक
श्रीमती गायत्री गोविन्द बाथम
8
संचालक
श्रीमती मालती डागोर " प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त पद के संबंध में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण संबंधी नियमों आदेशों एवं नियमों का पालन किया गया है. "
2. राज्य शासन आयुक्त, इन्दौर संभाग इन्दौर को आगामी आदेश तक, इन्दौर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एन. के. गुप्ता, प्रमुख सचिव.
3. यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा.
भोपाल, दिनांक 27 अप्रैल 2010
क्र. एफ. 7-35-01- बत्तीस - 1.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 40 तथा मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम , 1975 के नियम 17 की शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, द्वारा देवास विकास प्राधिकरण के निम्नलिखित पदाधिकारियों को उनके नाम के समक्ष उल्लेखित पद से पृथक् किया जाता है:-
स. क्र.
पद
नाम
(1)
(2)
(3)
1
अध्यक्ष
श्री रायसिंह सेंधव फा. क्र . 17 ( ई ) 102-90- इक्कीस ब( 1 ) .- राज्य शासन, एतद्वारा , इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 26 अप्रैल 2010 में आंशिक संशोधन करते हुए, इंडियन लॉ रिपोर्टर ( मध्यप्रदेश सीरीज ) के लिये मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर की स्थापना पर निर्मित पार्ट टाईम एडीटर के स्थायी पद पर नियुक्त श्री जी.एस. अहलूवालिया , अधिवक्ता, जबलपुर को देय रुपये 2,500/- ( रु . दो हजार पांच सौ ) केवल प्रतिमाह निश्चित वेतन (Fixed pay ) के स्थान पर रुपये 5,000/- ( रु. पांच हजार ) केवल प्रतिमाह निश्चित वेतन ( Fixed pay ) स्वीकृत करता है.
2
उपाध्यक्ष
श्री श्याम सुन्दर अग्रवाल
3
सदस्य
सुश्री चन्द्रकांता शर्मा
4
सदस्य
श्री शिवचरण सांगते मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विमल प्रकाश शुक्ल, अपर सचिव.
5
सदस्य
श्री गोविन्दमाली
2. राज्य शासन कलेक्टर जिला देवास को आगामी आदेश तक, देवास विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त करता है .
आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 26 अप्रैल 2010
3. यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा.
क्र. एफ. 7-3-01- बत्तीस- 1.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 40 तथा मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम , 1975 के नियम 17 की शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, द्वारा इंदौर विकास प्राधिकरण के निम्नलिखित पदाधिकारियों को उनके नाम के समक्ष उल्लेखित पद से पृथक् किया जाता है: -
क्र. एफ. 7-37-01- बत्तीस - 1.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 की धारा 40 तथा मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम, 1975 के नियम 17 की शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, द्वारा जबलपुर विकास प्राधिकरण के निम्नलिखित पदाधिकारियों को उनके नाम के समक्ष उल्लेखित पद से पृथक् किया जाता है :-
स. क्र.
पद
नाम
नाम
स. क्र.
पद
(2)
(1)
(3)
(1)
(2)
(3) 1
अध्यक्ष
1
अध्यक्ष
श्री विशाल पचौरी श्री मधु वर्मा
2
उपाध्यक्ष
श्री चन्द्र प्रकाश माखीजा
2
उपाध्यक्ष
श्री रघुनाथ यादव भाग 1 ]
925
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
(1)
(2)
(3)
3
सदस्य
श्री राजेश ठाकुर 4
सदस्य
श्री राजकुमार पटेल 5
सदस्य
श्री प्रभा शंकर कुशवाह 6
सदस्य
श्री राजेन्द्र चौधरी 7
सदस्य
श्रीमती शोभना बिलईया 2. राज्य शासन आयुक्त, जबलपुर संभाग जबलपुर को आगामी आदेश तक, जबलपुर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त करता है .
3. यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा.
क्र. एफ. 7-38-01 - बत्तीस 1.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 40 तथा मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम, 1975 के नियम 17 की शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , द्वारा ग्वालियर विकास प्राधिकरण के निम्नलिखित पदाधिकारियों को उनके नाम के समक्ष उल्लेखित पद से पृथक् किया जाता है:-
पद (2)
स. क्र. (1)
नाम (3)
1
अध्यक्ष
श्री जगदीश शर्मा
2
उपाध्यक्ष
श्री धीर सिंह तोमर 3 .
सदस्य
श्री मनमोहन तिवारी 4
सदस्य
श्री गोकुल केबरे
5
सदस्य
श्रीमती मीना सचान 6
सदस्य
श्रीमती विमला जादौन 7
सदस्य
श्री आर. के. गुप्ता 2. राज्य शासन आयुक्त, ग्वालियर संभाग ग्वालियर को आगामी आदेश तक, ग्वालियर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त करता है.
3. यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा.
क्र. एफ. 7-39-01- बत्तीस 1.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 40 तथा मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम, 1975 के नियम 17 की शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , द्वारा उज्जैन विकास प्राधिकरण के निम्नलिखित पदाधिकारियों को उनके नाम के समक्ष उल्लेखित पद से पृथक् किया जाता है:-
स. क्र.
पद
(1)
(2)
नाम (3)
1
अध्यक्ष
श्री मोहन यादव
2
उपाध्यक्ष
श्री वीरेन्द्र कावड़िया 3
सदस्य
श्रीमती यशोदा शर्मा 4
सदस्य
श्री दिलीप रायते
5
सदस्य
श्री गोपाल कसेरा
6
सदस्य
श्री विश्वनाथ व्यास 2. राज्य शासन आयुक्त, उज्जैन संभाग उज्जैन को आगामी आदेश तक, उज्जैन विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त करता है.
3. यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रामेश्वर गुप्ता, उपसचिव.
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 27 अप्रैल 2010
क्र. एफ. 10-70-07-तेईस - यो.आ.सां. मध्यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम, 1995 ( क्रमांक 19 सन् 1995 ) की धारा 4 (1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को उपयोग में लाते हुए, राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के नवगठित जिलों अलीराजपुर तथा सिंगरौली की जिला योजना समितियों में, अशासकीय सदस्यों की संख्या का निर्धारण क्रमशः 10, 10 किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा , उपसचिव.
भोपाल , दिनांक 27 अप्रैल 2010
क्र. एफ. 10-70-07-तेईस - यो.आ.सां.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड 3 के अनुसरण में , इस विभाग की अधिसूचना क्र. एफ. 10-70-07-तेईस - यो.आ.सां., दिनांक 27 अप्रैल 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा, उपसचिव.
Bhopal , the 27th April 2010
No. F - 10-70-07- XXIII- P.E.S.- In exercise of the powers conferred by sub - section 1 of Section 4 of Madhya Pradesh Zila Yojna Samiti Adhiniyam 1995 (No. 19 of 1995) the State Government hereby declares thatthere shall be 10 non official members in the each ofDistrict Planning committees of recently constitued districts namely Alirajpur and Singrauli .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , B. R. VISHWAKARMA , Dy . Secy.
926
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 28 अप्रैल 2010
क्र. एफ- 15-13-98 -ग्यारह डी. बी. चूंकि राज्य शासन को यह समाधान हो गया है कि वह उद्देश्य जिसके लिये प्रीमियर इण्डस्ट्रीज ( इण्डिया ) लिमिटेड, देवास को राहत प्रदान की गई थी, अभी भी विद्यमान है और यह आवश्यक है कि उक्त उद्योग को सहायता उपक्रम के रूप में घोषित किये जाने की कालावधि और " एक वर्ष " के लिये बढ़ायी जाये .
2. अतएव मध्यप्रदेश सहायता उपक्रम ( विशेष उपबंध ) अधिनियम, 1978 ( क्रमांक 32 सन् 1978 ) की धारा 3 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार द्वाराः- ( 1 ) इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ. 15-13-98- ग्यारह -डी.बी. , दिनांक 20 दिसम्बर 2000 के प्रवर्तन की कालावधि दिनांक 20 दिसम्बर 2006 से और एक वर्ष के लिये बढ़ाई जाती है , और
( 2 ) उक्त प्रयोजन के लिये अधिसूचना में निम्नलिखित संशोधन किया जाता है , अर्थात्ः-
संशोधन
उक्त अधिसूचना के पैरा -2 में शब्द " एक वर्ष " के स्थान पर "सात वर्ष " प्रतिस्थापित किया जावे.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. एस. सोलंकी, उपसचिव.
भोपाल , दिनांक 28 अप्रैल 2010
पृ. क्र. एफ- 15-13-98-ग्यारह डी.बी. भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड 3 के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्र. एफ - 15-13-98- ग्यारह डी.बी. , दिनांक 28 अप्रैल 2010 को
[भाग 1 अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. एस. सोलंकी, उपसचिव.
Bhopal , the 28th April 2010
No. F - 15-13-98- XI- D.B.- WHEREAS , the State Government is satisfied that the purpose for which relife was given to " PREMIER INDUSTRIES ( INDIA) LIMTED " DEWAS still continues and it is necessary to extend the period of operation of the declaration of the said industry as a relief undertaking for a further period of one year :
NOW, THEREFORE , in exercise of the power conferred by the proviso to section 3 of the Madhya Pradesh Sahayta Upkaram ( Vishesh Upabandh ) Adhiniyam , 1978 (No. 32 of 1978 ) , the State Government:-
(1 ) Extends the period of operation of this departments Notification No. F- 15-13-98 -XI- D.B , dated 20th December 2000 for a further period of one year from 20th December 2006 .
and
(2) Makes the following amendment in the said Notification for the said purpose .
AMENDMENT
In the said Notification , in paragraph 2 for the words " One year " the words " Seven years " shall be substituted .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
M. S. SOLANKI , Dy . Secy .
राजस्व विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 9 अप्रैल 2010
क्र. 15-21-2009- सात-6.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 ( क्रमांक 20 सन् 1959 ) की धारा 93, 94 ( 2 ) , 95 , 96 , 97(1 ) , 98 ( 2 ) के साथ पठित धारा 258 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( तेरह ) , (चौदह ) , ( पन्द्रह ) , ( सोलह ) , (सत्रह) तथा ( अठारह ) के अधीन बनाये गये नियमों के नियम 29 के पठित उक्त संहिता की धारा 97 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , नीचे दी गई सारणी के कालम ( 2 ) में उल्लेखित नगर सौसर - जिला- छिन्दवाड़ा के खण्डों ( ब्लाकों ) के संबंध में उक्त सारणी के कालम ( 3 ) , (4 ) , ( 5 ) तथा ( 6 ) को तत्स्थानी प्रविष्टियों में उल्लेखित कर भाग 1 ]
927
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
निर्धारण की मानक दरें प्रकाशित करता है, जिन्हें राज्य शासन ने उक्त नगर को ऐसी भूमि पर कर निर्धारण के लिये अनुमोदित किया गया है जो वाणिज्यिक औद्योगिक प्रयोजनों और आवासगृहों के लिये या ऐसे समान प्रयोजनों के लिये जो कृषि भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोंग में लाई जाती है :-
सारणी क्र.
प्रति 10 वर्गमीटर के हिसाब से
प्रति 100 वर्गफीट के हिसाब से
समूह एवं नगर का नाम
निर्धारण मानक दर
निवासरार्थ (1)
(2)
(3) 1
47.00
सिविल लाईन -1
2
मोहगांव रोड-2
65.00 3
19.00
कुड्डम रोड-3
4
22.00
नाका-4
निर्धारण मानक दर
व्यापारार्थ व्यापारार्थ
निवासरार्थ
(6) (4)
(5)
76.00 51.00
71.00
106.00 71.00
98.00
28.00
20.00
30.00
35.00 24.00
33.00
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. पी. अहिरवार, उपसचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल, दिनांक 26 अप्रैल 2010
फा. क्र. 1-6-89 - इक्कीस- ब-( एक) - स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 ( 1985 का सं. 61 ) की धारा 36 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश , उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति की सहमति से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 1-6-89- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 3 अप्रैल 1998 में, जो " मध्यप्रदेश राजपत्र " भाग - एक दिनांक 17 अप्रैल 1998 में प्रकाशित हुई थी, में निम्नलिखित और संशोधन करता है , अर्थात् : -
संशोधन
उक्त अधिसूचना में , अनुसूची में, अनुक्रमांक 7 तथा 38 और उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक और उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्ः- (1)
(2)
" 7 .
मंदसौर
श्रीमती ममता जैन
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश ,
मंदसौर.
38.
रतलाम
श्री अफसर जावेद खान,
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश,
जावरा रतलाम.
(3)
(4)
मंदसौर सत्रं खण्ड, अतिरिक्त विशेष न्यायालय, मंदसौर तथा अतिरिक्त विशेष न्यायालय , गरोठ को दिये गये क्षेत्राधिकार को छोड़कर.
पुलिस थाना जावरा , शहर औद्योगिक क्षेत्र जावरा , कालूखेड़ा, रिंगनौद, बड़ावदा, पिपलौदा तथा पुलिस थाना ताल का स्थानीय क्षेत्र. " .
(2) यह संशोधन उस तारीख से प्रवृत्त होगा, जिसको कि अधिसूचना में यथाविनिर्दिष्ट न्यायाधीश उक्त न्यायालय में अपने पद का कार्यभार ग्रहण करें.
928
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
[ भाग 1 F. No. 1-6-89 - XXI - B ( 1 ) . In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of Section 36 of the Narcotic Drugs and Psychotropic substances Act , 1985 (No. 61 of 1985) , the State Government with the concurrence of the Chief Justice of the High Court of Madhya Pradesh , hereby , makes the following further amendment in this Department's Notification F. No. 1-6-89 - XXI- B ( I) dated 3rd April 1998 , which was published in the Madhya Pradesh , Gazette Part- I dated 17th April 1998 , namely :----
AMENDMENTS
In the said Notification, in the Schedule , for serial numbers 7 and 38 and entries relating thereto, the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely:-
(1)
(2)
(3)
(4)
"7 .
Mandsaur
Smt . Mamta Jain , Additional Sessions Judge Mandsaur
Mandsaur Sessions Division except jurisdiction given to Additional Special Court, Mandsaur and Additional Special Court Garoth .
38.
Ratlam
Shri Afsar Javed Khan , Additional Sessions Judge , Jaora Ratlam .
Local area of Police Station Jaora City , Industrial area , Jaora , Kalukheda , Ringnod , Badawada , Piploda & Police Station Taal . " .
(2) This amendment shall come into force from the date on which the Judge , as specified in the notification assumes the charge of his office in the said court.
फा. क्र. 17 ( ई) 43-2009- इक्कीस ब ( एक) .- ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 ( 2009 का 4 ) की धारा 5 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा इस संबंध में जारी की गई पूर्व की समस्त अधिसूचनाओं को अतिष्ठित करते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से, एतद्वारा नीचे दी गई सारणी के कालम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट न्यायाधिकारी को कालम ( 4 ) में विनिर्दिष्ट ग्राम न्यायालय / न्यायालयों के लिए नियुक्त करता है , जो कालम ( 3 ) में विनिर्दिष्ट सिविल जिले के भीतर है तथा ग्राम न्यायालय का मुख्यालय उसके ( सारणी ) कालम ( 5 ) में विनिर्दिष्ट स्थान पर होगा:-
सारणी
न्यायाधिकारी का नाम .
अनु. क्रमांक
सिविल जिले का नाम
ग्राम न्यायालय के मुख्यालय का नाम
मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत के लिए ग्राम न्यायालय का नाम
(1)
(2)
(3)
(4)
(5) 1
1.
1.
श्री कमलेश कुमारं इतवाडिया
अलीराजपुर
अलीराजपुर
2. जोबट
2.
अलीराजपुर जोबट 2 श्री रामसिंह कनौजिया
1 .
1.
अनूपपुर
2.
2.
अनूपपुर कोतमा
अनूपपुर कोतमा 3 श्री केशव मणी सिंघल
अशोकनगर
1 .
1 . अशोकनगर चंदेरी
2.
2.
अशोकनगर चंदेरी 4
बालाघाट
बालाघाट
श्री अनवर अहमद अंसारी
बालाघाट
1.
1.
5 श्री आलोक कुमार सक्सेना
बड़वानी
बड़वानी
बड़वानी
2. सेंधवा
2. सेंधवा भाग 1 ]
:
929
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
(1)
(2)
(3) 6 श्रीमती दीपिका मालवीय
बैतूल
भिण्ड 7 श्री रतन कुमार वर्मा
भिण्ड 8 श्री राजेन्द्र कुमार शर्मा ( सीनि. )
भोपाल 9 श्री नारायण सिंह मीना
10 श्रीमती ज्योति विनोदिया वर्मा
भोपाल 11 श्री प्रदीप कुशवाह
छतरपुर 12 कु. शारदा नाहटे
छतरपुर
छिन्दवाड़ा 13' श्री भूभास्कर यादव
दमोह 14 कु. मंजुलता चतुर्वेदी
दतिया 15 श्री अनिल कुमार छापरिया
देवास 16 श्री राजकुमार वर्मा
धार 17 श्रीमती सविता सिंह
धार 18 श्री सुनील मालवी
डिन्डौरी 19 श्री सुरेन्द्र मेश्राम
खण्डवा 20 श्री राजेन्द्र चौरसिया
21 श्री मुकेश कुमार डांगी
गुना 22 श्री अमित रंजन समाधिया
गुना 23
ग्वालियर श्री सुनील कुमार जैन ( जूनि. )
24
ग्वालियर श्री ठाकुर दास
25 श्री राजीव के. पाल
हरदा (4)
(5)
1. बैतूल
1. बैतूल
2. मुलताई
2. मुलताई
भिण्ड
भिण्ड
लहार
लहार
भोपाल
भोपाल
बैरसिया
बैरसिया
छतरपुर
छतरपुर
बिजावर
बिजावर
1. छिन्दवाड़ा .
1 . छिन्दवाड़ा 2. पांढुर्णा
2. पांढुर्णा
1 .
1. दमोह
दमोह
2. हटा
2. हटा
1. दतिया
1. दतिया
2. सेवढ़ा
2. सेवढ़ा
1. देवास
1. देवास
2.
2. कन्नोद
कन्नौद
धार
धार
मनावर
मनावर
डिन्डौरी
डिन्डौरी
खण्डवा
खण्डवा
गुना
गुना
चाचौड़ा
चाचौड़ा
ग्वालियर
ग्वालियर
डबरा
डबरा
हरदा
हरदा 930
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
(1)
(2)
(3) 26 श्रीमती दीपाली शर्मा
होशंगाबाद 27 श्री संजीव जैन
इन्दौर 28
जबलपुर श्री अजय कुमार सिंह
29 श्री राकेश कुमार सिंह (जूनि. )
जबलपुर 30 श्री दिनेश कुमार खटीक
झाबुआ 31
कटनी श्री अविनाश चन्द्र तिवारी
32
मण्डला श्री प्रिवेन्द्र कुमार सेन
33
मन्दसौर श्री अरविन्द कुमार गोयल
34 श्री हेमन्त जोशी
मन्दसौर 35
मुरैना श्री अरविन्द कुमार ( जैन )
36
मुरैना श्री राम बिलास गुप्ता
37
नरसिंहपुर श्री अशोक कुमार सोंधिया
नीमच 38 श्री राकेश कुमार गोयल
39
रायसेन श्रीमती दिव्यांगना जोशी पाण्डे
40
रायसेन श्री राजेन्द्र कुमार बाथम
41 श्री प्रहलाद सिंह केमथिया
राजगढ़ 42 श्रीमती नोरिन निगम
रतलाम 43 श्री राजेश नन्देश्वर
रतलाम 44
रीवा कु. प्रतिभा साथवने
45 श्री उमा शंकर शर्मा
रीवा 46
सागर श्री राम जी गुप्ता
[भाग 1 (4)
(5)
1. होशंगाबाद 1. होशंगाबाद
2.
2. सोहागपुर सोहागपुर
इन्दौर
इन्दौर
जबलपुर जबलपुर -
पाटन
पाटन
1. झाबुआ
1. झाबुआ
2.
2. थांदला
थांदला
कटनी
कटनी
मण्डला
मण्डला
मन्दसौर मन्दसौर
गरोठ
गरोठ
मुरैना
मुरैना
अम्बाह
अम्बाह
1. नरसिंहपुर
1. नरसिंहपुर
2. गाडरवारा 2. गाडरवारा
1 . नीमच
नीमच
1.
मनासा
2. मनासा
2.
रायसेन
रायसेन
बरेली
बरेली
1.
1.
राजगढ़
राजगढ़
2. ब्यावरा
2. ब्यावरा
रतलाम
रतलाम
जावरा
जावरा
रीवा
रीवा
सिरमौर
सिरमौर सागर
सागर भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
(1)
(2)
(3) 47 श्री कृपा शंकर शाक्य
सागर 48
सतना श्री संजय कुमार पाण्डे
49
सतना श्री सुजीत कुमार सिंह
50 श्री अरूण श्रीवास्तव
सीहोर 51
सीहोर श्री राजेश कुमार अग्रवाल ( जूनि. )
52
सिवनी श्री राजदीप सिंह ठाकुर
53
शहडोल श्री अखिलेश कुमार मिश्रा
54 श्री अशोक कुमार शर्मा ( जूनि. 2 ) शाजापुर 55 श्री वैभव मण्डलोई
शाजापुर 56 श्री अशोक गुप्ता
श्योपुर 57 श्री मसूद अहमद
शिवपुरी 58 श्री संजय कुमार गुप्ता (सीनि. ) शिवपुरी 59
सीधी श्री गालिब रसूल
60
सीधी श्री माखन लाल झोड़
61 श्री मुन्नालाल राठौर
टीकमगढ़ 62 श्री तरूण राकेश स्टेण्डली
टीकमगढ़ 63
उज्जैन श्री बलराज कुमार पलोदा
64
उज्जैन श्री राजेन्द्र सिंह ठाकुर
65 श्री जवाहर सिंह मरकाम
उमरिया 66
विदिशा श्रीमती तृप्ति शर्मा
67
विदिशा श्री संजय कुमार कस्तवार
68
मण्डलेश्वर श्री सुरसिंह कन्नोज
69
मण्डलेश्वर श्रीमती पुष्पलता दवे
टिप्पणी.-
931 (4)
(5)
खुरई
खुरई
सतना
सतना
नागौद
नागौद
सीहोर
सीहोर
बुधनी
बुधनी
1. सिवनी
1. सिवनी
2. लखनादौन
2. लखनादौन 1. शहडोल
1. शहडोल
2. जयसिंहनगर
2. जयसिंहनगर शाजापुर
शाजापुर
आगर
आगर .
श्योपुर
श्योपुर
शिवपुरी
शिवपुरी
करेरा
करेरा
1. सीधी
1. सीधी
2.
2. मझौली
मझौली
बैढ़न
बैढ़न
टीकमगढ़
टीकमगढ़
निवाड़ी
निवाड़ी
उज्जैन
उज्जैन
महिदपुर
महिदपुर
उमरिया
उमरिया
विदिशा
विदिशा
सिरोंज
सिरोंज
मण्डलेश्वर
मण्डलेश्वर भीकनगांव
भीकनगांव जहां किसी सिविल, जिले में दो ग्राम न्यायालयों के लिये एक समान न्यायाधिकारी हों वहां ऐसे समान न्यायाधिकारी प्रत्येक माह में 15 दिन की निरंतरता में प्रत्येक ग्राम न्यायालय की बैठक करेंगे .
932
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
भाग 1 In exercise of the powers conferredby Section 5 of the Gram Nyayalayas Act, 2008 (No. 4 of 2009) and in supersession of all previous notifications issued in this behalf, the State Government in consultation with the High Court of Madhya Pradesh hereby appoints the Nyayadhikari specified in column (2 ) of the table below for the Gram Nyayalaya specified in column (4 ) , within the Civil Districts specified in column (3 ) , and the Headquarter of the Gram Nyayalaya shall be at place specified in column (5) thereof.
TABLE
S. No. Name of Nyayadhikari
Name of Civil District (1)
(2)
(3) 1 Shri Kamlesh Kumar Itvadia Alirajpur 2 Shri Ram Singh Kanojiya
Anuppur 3 Shri Keshav Mani Singhal
Ashoknagar 4 Shri Anwar Ahmed Ansari
Balaghat 5 Shri Alok Kumar Saxena
Barwani 6
Betul Smt . Dipika Malviya
7 Shri Ratan Kumar Verma
Bhind 8
Bhind Shri Rajendra Kumar Sharma ( Sr.)
9
Bhopal Shri Narayan Singh Meena
10
Bhopal Smt. Jyoti Vinodiya Verma
11 Shri Pradeep Kushwah
Chhatarpur 12 Ku . Sharda Nahte
Chhatarpur 13 Shri Bhoobhaskar Yadav
Chhindwara 14
Damoh Ku . Manjulata Chaturvedi
15
Datia Shri Anil Kumar Chhapariya
16
Dewas Shri Raj Kumar Verma
17
Dhar Smt. Savita Singh
18 Shri Sunil Malvi
Dhar Name of Gram Nyayalaya Name of Headquarter ofGram Nyayalaya for Panchayat at Intermediate level (4)
(5) 1. Alirajpur
1. Alirajpur 2. Jobat
2. Jobat
1. Anuppur
1. Anuppur 2. Kotma
2. Kotma 1. Ashoknagar
1. Ashoknagar 2. Chanderi
2. Chanderi Balaghat
Balaghat
1. Barwani
1. Barwani 2. Sendhwa
2. Sendhwa 1. Betul
1. Betul
2. Multai
2. Multai
Bhind
Bhind
Lahar
Lahar
Bhopal
Bhopal
Berasia
Berasia
Chhatarpur
Chhatarpur Bijawar
Bijawar
1. Chhindwara
1. Chhindwara 2. Pandurna
2. Pandurna 1. Damoh
1. Damoh 2. Hatta
2. Hatta
1. Datia
I. Datia
2. Seodha
2. Seodha 1. Dewas
1. Dewas
2. Kannod
2. Kannod.
Dhar
Dhar
Manawar
Manawar भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
(1)
(2)
(3) 19
Dindori Shri Surendra Meshram
20
Khandwa Shri Rajendra Chourasia
21
Guna ..
Shri Mukesh Kumar Dangi
22
Guna Shri Amit Ranjan Samadhiya
23
Gwalior Shri Sunil Kumar Jain (Jr. )
24 Shri Thakur Das
Gwalior 25
Harda Shri Rajeev K. Pal
26 Smt . Deepali Sharma
Hoshangabad 27
Indore Shri Sanjeev Jain
28 Shri Ajay Kumar Singh
Jabalpur 29 Shri Rakesh Kumar Singh (Jr .) Jabalpur 30 Shri Dinesh Kumar Khatik
Jhabua 31
Katni Shri Avinash Chandra Tiwari
32 Shri Privendra Kumar Sen
Mandla 33
Mandsaur Shri Arvind Kumar Goyal
34 Shri Hemant Joshi
Mandsaur 35
Morena Shri Arvind Kumar (Jain )
36
Morena Shri Ram Bilas Gupta
37 Shri Ashok Kumar Sondhiya Narsinghpur 38
Neemuch Shri Rakesh Kumar Goyal
39
Raisen Smt . Divyangana Joshi Pandey
40
Raisen Shri Rajendra Kumar Batham
41 Shri Prahlad Singh Kameathiya Rajgarh 42
Ratlam Smt . Norin Nigam
43
Ratlam Shri Rajesh Nandeshwar
44 Ku . Pratibha Sathawane
Rewa 45 Shri Uma shankar Sharma
Rewa 46
Sagar Shri Ramji Gupta
933 (4)
(5) Dindori
Dindori
Khandwa
Khandwa
Guna
Guna
Chachoda
Chachoda Gwalior
Gwalior
Dabra
Dabra
Harda
Harda
1. Hoshangabad
1. Hoshangabad 2. Sohagpur
2. Sohagpur
Indore
Indore
Jabalpur
Jabalpur
Patan
Patan
1. Jhabua
1. Jhabua 2. Thandla
2. Thandla Katni
Katni
Mandla
Mandla
Mandsaur
Mandsaur .Garoth
Garoth
Morena
Morena
Ambah
Ambah
1. Narsinghpur 1. Narsinghpur
2. Gadarwara
2. Gadarwara
1. Neemuch 1. Neemuch
2. Manasa
2. Manasa Raisen
Raisen
Bareli
Bareli
1. Rajgarh
1. Rajgharh 2. Biaora
2. Biaora
Ratlam
Ratlam
Jaora
Jaora
Rewa
Rewa
Sirmour
Sirmour
Sagar
Sagar 934
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
(1)
(2)
(3) 47
Sagar Shri Kripa Shankar Shakya
48
Satna Shri Sanjay Kumar Pandey
49
Satna Shri Sujeet Kumar Singh
50 Shri Arun Shrivastava
Sehore 51
Sehore Shri Rajesh Kumar Agrawal ( Jr. )
52
Seoni Shri Rajdeep Singh Thakur
53 Shri Akhilesh Kumar Mishra Shahdol 54 Shri Ashok Kumar Sharma (Jr.2 ) Shajapur 55 Shri Vaibhav Mandloi
Shajapur 56 Shri Ashok Gupta
Sheopur 57 Shri Masood Ahmad Khan
Shivpuri 58 Shri Sanjay Kumar Gupta(Sr. ) Shivpuri 59 Shri Galib Rasool
Sidhi 60 Shri Makhan Lal Jhod
Sidhi 61 Shri Munnalal Rathore
Tikamgarh 62 Shri Tarun Rakesh Stendli
Tikamgarh 63 Shri Balraj Kumar Paloda
Ujjain 64 Shri Rajendra Singh Thakur Ujjain 65
Umaria Shri Jawahar Singh Markam
66 Smt . Tripti Sharma
Vidisha 67
Vidisha Shri Sanjay Kumar Kastwar
68
[ भाग 1 (4)
(5) Khurai
Khurai
Satna
Satna
Nagod
Nagod
Sehore
Sehore
Budhni
Budhni
1. Seoni
1. Seoni
2. Lakhnadon 2. Lakhnadon
1. Shahdol
1. Shahdol 2. Jaisinghnagar
2. Jaisinghnagar Shajapur
Shajapur
Agar
Agar
Sheopur
Sheopur
Shivpuri
Shivpuri
Karera
Karera
1. Sidhi
1. Sidhi
2. Majholi
2. Majholi Waidhan
Waidhan
Tikamgarh
Tikamgarh Niwari
Niwari
Ujjain
Ujjain
Mahidpur
Mahidpur
Umaria
Umaria
Vidisha
Vidisha
Sironj
Sironj
Mandleshwar
Shri Sur Singh Kannoj
69
Mandleshwar Smt . Pushp Lata Dave
Mandleshwar
Mandleshwar Bhikangaon
Bhikangaon Note. Where there are one common Nyayadhikari for two Gram Nyayalayas of a Civil District , in that case , such common Nyayadhikari shall preside each Gram Nyayalaya for 15 days in each month in continuity.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
एन. के. गुप्ता, प्रमुख सचिव.
भाग 1 ]
935
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
विभाग प्रमुखों के आदेश
कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, होशंगाबाद, मध्यप्रदेश
होशंगाबाद, दिनांक 1 मार्च 2010
क्र. 4188 - व.लि.- 1-2010.- मध्यप्रदेश आपत्तिक हैजा विनियम, 1979 के नियम -3 के अन्तर्गत हैजा, ज्वर, आंत्रशोध रोग, के फैलने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए, मैं , निशांत बरबड़े , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , होशंगाबाद, जिला होशंगाबाद की संपूर्ण सीमा का इस अधिसूचना के जारी होने दिनांक से 6 माह की कालावधि के लिए अधिसूचित क्षेत्र घोषित करता हूं. इसी विनियम के नियम -2 के उप नियम ( ग ) एवं ( ड ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, होशंगाबाद जिले के समस्त कार्यपालिक दण्डाधिकारी , मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी , सहायक सर्जन , मुख्य नगरपालिका अधिकारी , खाद्य निरीक्षक ( खाद्य विभाग ) , स्वास्थ्यता निरीक्षक, नगरपालिका उक्त समस्त संबंधितों को उक्त अधिसूचना में दर्शित अवधि के लिए उल्लेखित अधिकारी के रूप में प्राधिकृत करता हूं. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, होशंगाबाद को निर्देश देता हूं कि इस संबंध में शासनादेश को पूर्ण पालन करना सुनिश्चित करें, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी की जावे.
निशांत वरवड़े , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी.
मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मण्डल, जबलपुर
जबलपुर, दिनांक 1 अप्रैल 2010
क्र. 01-13-3251-11.- मण्डल ने आदेश क्र. 01-13-3251-11 , दिनांक 13 अगस्त, 2009 सहपठित परिपत्र 01-13-3251-17 , दिनांक 10 सितम्बर, 2009 के तारतम्य में मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग, भोपाल के आदेश क्र. एफ-9-2-2009-नियम- चार, दिनांक 9 मार्च, 2010 में वर्णित दिशा- निर्देशों के अनुसार निर्णय लिया है कि दिनांक 1-1-2006 से 31-8-2008 की अवधि में सेवानिवृत्त/दिवंगत मण्डल अधिकारियों/ कर्मचारियों की पुनरीक्षित पेंशन/परिवार पेंशन के एरियर का भुगतान निम्नानुसर किया जाये :-
(अ) मंडल के आदेश क्रमांक 01-13-3251-11 , दिनांक 13-8-2009 के प्रावधानों के तहत पेंशन/परिवार पेंशन का निर्धारण/ पुनरीक्षण किाय जायेगा.
(ब) मृत्यु सह -सेवानिवृत्ति उपादान ( ग्रेज्युटी ) की राशि का निर्धारण करने के लिये अंतिम माह का मूल वेतन ( वेतन बैंड में वेतन + ग्रेड पे ) गणना में लिया जायेगा . 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा पर 161/2 ( साढ़े सोलह ) माह की उपलब्धियां अथवा राशिरुपये 10 लाख जो भी कम हो देय होंगी.
(स) उपर्युक्त अनुसार निर्धारित/पुनरीक्षित पेंशन/परिवार पेंशन तथा मृत्यु सह - सेवा निवृत्ति उपादान का भुगतान पूर्व में किये भुगतान को समायोजित करते हुए किया जावेगा. पेंशन/परिवार पेंशन की देय राशि की गणना में ( दिनांक 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक ) मंहगाई राहत शून्य रहेगी.
(द) दिनांक 1-1-2006 से लागू वेतनमान में निर्धारित वेतन के आधार पर सेवानिवृत्त/दिवंगत मंडल सेवक को अवकाश नगदीकरण का भुगतान ( यदि पूर्व में भुगतान किया गया हो तो उसको समायोजित करते हुये ) किया जायेगा . अर्जित अवकाश नगदीकरण के लिये मूल वेतन ( वेतन बैंड में वेतन ग्रेड पे ) मासिक उपलब्धियां माना जायेगा.
(इ) पेंशन सारांशीकरण का पुनर्निर्धारण भी दिनांक 1 जनवरी 2006 से लागू वेतनमान में निर्धारित वेतन तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा ( पेंशन का कम्युटेशन ) नियम , 1996 , जिसे मण्डल द्वारा अधिसूचना क्र. 01-13-3395- तेरह , दिनांक 9 मार्च 2001 से ग्राह्य किया गया है , के नियम 8 के तहत किया जायेगा .
936
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
[ भाग 1 2. दिनांक 1 जनवरी 2006 से दिनांक 31 अगस्त 2008 के मध्य सेवानिवृत्त/दिवंगत पेंशनर/परिवार पेंशनरों की पेंशन/परिवार पेंशन मृत्यु- सह- सेवानिवृत्ति उपादान अर्जित अवकाश नगदीकरण एवं पेंशन सारांशिकरण की अंतर राशि व एरियर्स का भुगतान संबंधित लेखा इकाईयों द्वारा एकमुश्त नगद रूप में मण्डल सेवक/परिवार जैसी भी स्थिति हो, को किया जायेगा.
मण्डल के आदेशानुसार, संतोष तिवारी विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी ( कार्मिक) .
कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , उज्जैन, मध्यप्रदेश
उज्जैन, दिनांक 21 अप्रैल 2010
क्र.-क.उ. - रीडर - 2010-711 .- मध्यप्रदेश आपत्तिजनक हैजा, आंत्रशोथ विनियम , 1983 के नियम 3 के अंतर्गत उक्त रोग फैलने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए, मैं, अजातशत्रु, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , उज्जैन उपर्युक्त नियम के उद्देश्य की पूर्ति हेतु अधिसूचना जारी होने की दिनांक से 06 ( छः ) माह की कालावधि तक सम्पूर्ण उज्जैन जिले को अधिसूचित क्षेत्र घोषित करता हूं.
क्र.-क.उ. - रीडर - 2010-710.- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी , उज्जैन ने यह अवगत कराया है कि उज्जैन जिले में जल संकट की स्थिति में जिले में संक्रामक रोग जैसे हैजा, आंत्रशोथ इत्यादि फैलने की संभावना है. जिले की स्थिति के परिप्रेक्ष्य में सम्पूर्ण जिले को हैजा, आंत्रशोथ आदि सूचित क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने दिया है. मैं, मुख्य चिकित्सा तथा स्वास्थ्य अधिकारी के प्रस्ताव से सहमत हूं तथा यह पाता हूं कि उज्जैन जिले में ग्रीष्म ऋतु में होने वाली बीमारियों एवं पेयजल की अशुद्धता के कारण संक्रामक रोग हैजा, आंत्रशोथ , पेचिस, पीलिया, मस्तिष्क ज्वर की संभावना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से यह आवश्यक है कि इन बीमारियों के प्रादुर्भाव और फैलाव की रोकथाम हेतु आवश्यक प्रतिबन्धात्मक उपाय तुरन्त लागू किये जावें.
अस्तु, मैं , अजातशत्रु श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश आपत्तिजनक हैजा/ज्वर/आंत्रशोथ विनियम, 1983 के नियम 3 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला उज्जैन के सम्पूर्ण क्षेत्र को अधिसूचित क्षेत्र घोषित करता हूं तथा यह आदेश देता हूं किः-
(क) अधिसूचित क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों, बाजारों उपहारगृहों, भोजनालयों, होटलों जनता के लिए खाद्य व पेय पदार्थ सामग्री निर्माण करने या उससे निर्माण कर प्रदाय करने के लिये की गई स्थापना में अथवा विक्रय अथवा विमूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये गये स्थानों परः-
1. बासी मिठाईयां, सड़े गले फल , सब्जियां, मछली , अण्डे, दूषित खाद्य पदार्थों के बेचने पर प्रतिबंध लगाया जावें.
2. कुल्फी , आईसक्रीम , बर्फ के लड्डू, चूसने वाले पेय पदार्थ खुले स्थान/ बाजार में जालीदार ढक्कन से ढककर रखे जावें, महामारी फैलने पर इसकी बिक्री पर पाबंदी लगाई जावे.
3. नालियाँ, गटरें, पानी के गड्डे, मलकुण्डा, कूड़ा- करकट आदि गंदगी को स्वच्छ रखा जावे तथा रोगाणुनाशक पदार्थ से सफाई नियमित की जावे.
4. मक्खियां, मच्छर पैदा करने वाले स्थान को स्वच्छ रखा जावे तथा खाद्य पदार्थों को दूषित होने से बचाया जावे.
5. नगरपालिका क्षेत्र में जलप्रदाय व्यवस्था के अन्तर्गत टंकी की समय - समय पर सफाई तथा उचित मात्रा में क्लोरिन जल शुद्धिकरण के लिये काम में लाये जावें.
6. ग्रामीण क्षेत्रों में नाले , तालाब, अस्वच्छ कुंओं, बावड़ियों का पानी पीने के काम में नहीं लाया जावे, हैण्डपम्प का पानी ही पीने के उपयोग में लाया जावे , ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्त्रोतों के प्रति सप्ताह नियमित ब्लीचिंग पाउडर डालकर शुद्धिकरण पश्चात् जल का उपयोग किया जावे .
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
937 ( ख) इस आदेश द्वारा प्रतिबंधित अवधि में घोषित अधिसूचित क्षेत्र में या बाहर के कोई भी व्यक्ति इस आदेश के बिन्दु क्र . 1 में उल्लेखित वस्तुओं तथा तैयार एवं पकाए गए भोजन को न तो लाएगा न ही ले जायेगा.
( ग ) इस आदेश द्वारा प्रतिबंधित अवधि में अधिसूचित क्षेत्र के किसी भी बाजार, भवन, दुकान, स्टॉल अथवा खाने- पीने की किसी भी वस्तुके विक्रय या विमूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये जा रहे स्थानों में प्रवेश करने , वहां विद्यमान ऐसी वस्तुओं की जांच पड़ताल करने, निरीक्षण करने तथा खाने- पीने की ऐसी वस्तुएँ जो मानव उपयोग के लिए अभिप्रेरित हैं और जो पदार्थ दूषित याअनुपयुक्त हैं तो उन अस्वास्थ्यकर, दूषित, अनुपयुक्त, वस्तुओं के अधिग्रहण करने , हटाने व नष्ट करने या ऐसी रीति से निर्वसन करने के लिए जिसमें वह मानव द्वारा उपयोग में लाये जाने से रोकी जा सके, के लिए अधिसूचित क्षेत्र में कार्यवाही हेतु निम्नलिखित अधिकारियों को प्राधिकृत करता हूं:-
अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी , जिला उज्जैन. 1.
समस्त अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी , जिला उज्जैन. 2.
ऐसे चिकित्सक, पदाधिकारी जो सहायक चिकित्सक के पद से नीचे न हों. 3.
4. मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत , उज्जैन, घटिया, तराना, महिदपुर, बड़नगर, खाचरौद.
5. मुख्य नगरपालिका अधिकारी , नगरपालिका/नगर पंचायत ( समस्त).
6. नगरपालिका, उज्जैन के स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वास्थ्य निरीक्षक.
उपरोक्त उल्लेखित पदाधिकारी अधिसूचित क्षेत्र में किन्हीं भी नालियों , घरों के गड्डों, पोखरों, मल संडासों, संक्रात वस्तुओं, बिस्तरों , कूड़ा- करकट अथवा किसी प्रकार की गंदगी को हटाते वक्त स्थान को स्वच्छ व रोग कीटाणु में उनका निर्वतन अथवा उसके संबंध में समुचित रोगाणुनाशक पदार्थ का समुचित उपयोग करने से संबंधित आदेश दे सकेंगे .
यह आदेश जारी होने के दिनांक से आगामी 6 माह की अवधि या अन्य आदेश तक, जो भी पहले हो तक प्रभावशील रहेगा.
अजातशत्रु , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश
सागर, दिनांक 19 अप्रैल 2010
क्र. 3335-20 सूत्रीय-तकाबी- 10.-मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं , मनीष श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( मण्डी) , सागर, कृषि उपज मण्डी समिति , बीना में डॉ. श्रीमती विनोद पंथी, विधायक, बीना विधान सभा क्षेत्र द्वारा विधायक प्रतिनिधि नियुक्ति हेतु निर्दिष्ट सदस्य का नाम निम्नानुसार अधिसूचित करता हूं :-
विधायक प्रतिनिधि
श्री रतन सिंह यादव , निवासी ग्राम मुहासा, तहसील बीना, जिला सागर
धारा 11 ( 1 ) घ
मनीष श्रीवास्तव , कलेक्टर.
कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , मण्डला, मध्यप्रदेश
मण्डला, दिनांक 22 अप्रैल 2010
क्र.-प.हे. - 2010-227.- मण्डला जिले में संक्रामक रोग हैजा, आंत्र- शोथ एवं अन्य बीमारियों के प्रभाव को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से यह आवश्यक होगा कि इन संसर्गिक बीमारियों की प्रादुर्भाव और फैलाव पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रतिबंधात्मक उपाय लागू किया जाये.
938
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
[ भाग 1 अतः मैं, के.के. खरे, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , मण्डला आपत्तिजनक, हैजा विनियम 1983 के नियम -3 के अन्तर्गत शक्तियों का प्रयोग करते हुए संपूर्ण जिला मण्डला को अधिसूचित करता हूं तथा यह भी आदेश देता हूं कि :-
(क) अधिसूचित क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों, उपचार गृहों, भोजनालयों, होटलों जनता के लिए खाद्य व पेय पदार्थों के निर्माण करने या उसे प्रदाय के लिए ली गई स्थापना में विक्रय निर्मूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये गये स्थानों पर : - 1. बासी मिठाईयां, खराब वस्तुए, सड़े - गले फलों, सब्जियों , मॉस - मछलियों, अण्डों की बिक्री बाधित रहेगी .
2. (क) ताजी मिठाईयां, नमकीन , फल सब्जियों, दूध, दही , उबली चाय, काफी, शरबत, मांस , मछली, आईसक्रीम , कुल्फी आदि खाद्य पदार्थों बर्फ के लड्डू व चूसने वाले पदार्थ बिक्री हेतु खुले नहीं रखे जावेंगे . इन्हें जालीदार ढक्कनों से ढककर अथवा कांच के बंद अलमारी अथवा पारदर्शी आवरण में ढककर इस प्रकार रखें कि मक्खी , मच्छर आदि विषाणु अथवा दूषित हवा से मानव उपयोग के लिए दूषित या अस्वास्थ्यकर या अनुपयोगी न हो सकें.
(ख) इस आदेश द्वारा प्रतिबंधित अवधि में घोषित अधिसूचना में या क्षेत्र से बाहर कोई भी व्यक्ति इस आदेश की कण्डिका " क " ( क) ( 2 ) में उल्लेखित वस्तुओं तथा तैयार कर एवं पकाये हुये भोजन को न तो लायेगा ना ही ले जायेगा.
(ग) इस आदेश द्वारा प्रतिबंधित अवधि में घोषित अधिसूचना क्षेत्र में किसी भी बाजार, भवन, दुकान , स्टाल अथवा खाने- पीने की किसी भी वस्तु या निर्मूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये जा रहे स्थानों में प्रवेश करने विद्यमान ऐसी वस्तुओं की जांच पड़ताल करने तथा खाने- पीने की ऐसी वस्तुओं का जो मानव उपयोग के लिये अभिप्रेरित है और अन्य वस्तुओं के अधिग्रहण कराने, हटाने नष्ट करने या ऐसी नीति के निवर्तन करने के लिये जिसमें वह मानव द्वारा उपयोग में लाये जाने से रोका जा सके. अधिसूचित क्षेत्र में स्थित निम्नलिखित अधिकारियों को अधिकृत करता हूं: -
1. जिले के समस्त कार्यपालिक दण्डाधिकारी.
2. जिले के ऐसे चिकित्सक पदाधिकारी जो सहायक चिकित्सा अधिकारी से पद के नीचे स्तर का न हो तथा शासकीय वैद्य आयुर्वेद औषधालय.
ऐसे आरक्षी पदाधिकारी जो प्रधान आरक्षक की श्रेणी से नीचे ना हो. 3.
4. मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद्/ नगर पंचायत, मण्डला/नैनपुर/बम्हनी .
5. मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत ( सर्व ) जिला मण्डला.
उपरोक्त उल्लेखित पदाधिकारी , अधिसूचित क्षेत्र में किन्हीं भी नालियों, नालों , गटरों , पानी के गड्डे, पोखरों, जल कुण्डी, संक्रामक वस्त्रों, बिस्तरों , कूड़ा करकट अथवा किसी प्रकार की गंदगी को हटाने उक्त संबंध में संचित रोगाणु नाशक पदार्थ का समुचित उपयोग करने के लिये आदेश दे सकेंगे.
यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा तथा आगामी 6 माह की अवधि या अन्य आदेश तक जो पहले हो प्रभावशील होगा.
के. के. खरे , कलेक्टर मण्डला.
कार्यालय, कुलाधिपति, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय , भोपाल
राजभवन , भोपाल, दिनांक 25 अप्रैल 2010
क्र. एफ - 1-1-2010 - रा.स. यू.ए. - 1-670.- मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 22 सन् 1973 ) की धारा 13 की उपधारा ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं , रामेश्वर ठाकुर, कुलाधिपति, बरकतउल्ला , विश्वविद्यालय , भोपाल , एतद्वारा प्रो. (डॉ. ) निशा दुबे, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष , विधि शिक्षण विभाग , बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से चार वर्ष की कालावधि के लिए बरकतउल्ला विश्वविद्यालय , भोपाल का कुलपति नियुक्त करता हूं.
2. इनकी सेवा शर्तें एवं निबंधन विश्वविद्यालय के परिनियम 1 के अनुसार शासित होंगी .
रामेश्वर ठाकुर, कुलाधिपति.
भाग 1 ]
939
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह , मध्यप्रदेश एवं पदेनं उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
दमोह , दिनांक 1 अप्रैल 2010
क्र. क- भू.अ. - 1-2010-255.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ: -
भूमि का वर्णन
तहसील
नगर/ग्राम
जिला
(1) (2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)
देवरान
पथरिया
खसरा नं .
दमोह
216
प.ह.नं. 24
0.04
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि. (भवन एवं सड़क) दमोह.
बांसा देवरान भौरासा मार्ग निर्माण हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , कार्यालय एवं अनुविभागीय अधिकारी , दमोह में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. ए. खण्डेलवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सीहोर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सीहोर , दिनांक 13 अप्रैल 2010
प्र.क्र. 7- अ - 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके साथ संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि पर लागू नहीं होगें, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की उपधारा 17 ( 1 ) की उपधारा ( 1 ) के उपबंध लागू होते हैं:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(4)
(3)
(1)
2.385
उकई
सीहोर बुदनी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन ,
सीहोर.
बनेटा मध्यम सिंचाई योजना की वितरिका नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है - बनेटा मध्यम सिंचाई योजना की वितरिका नहर के निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , बुदनी में किया जा सकता है .
940
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
प्र.क्र. 8 - अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके साथ संलग्न अनुसूची के खाने नं. ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने नं. ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि पर लागू नहीं होगें , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की उपधारा 17 ( 1 ) की उपधारा ( 1 ) के उपबंध लागू होते हैं: -
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(2) (3)
(4)
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी का नाम (5)
(6) सीहोर
पहाडखेडी
3.368
बुदनी
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन, सीहोर.
बनेटा मध्यम सिंचाई योजना की वितरिका नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है - बनेटा मध्यम सिंचाई योजना की वितरिका नहर के निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , बुदनी में किया जा सकता है .
प्र.क्र. 9 - अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके साथ संलग्न अनुसूची के खाने नं. ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने नं. ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि पर लागू नहीं होगें , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की उपधारा 17 (1 ) की उपधारा ( 1 ) के उपबंध लागू होते हैं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी का नाम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) अकोला
2.165
सीहोर बुदनी
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन , सीहोर.
बनेटा मध्यम सिंचाई योजना की वितरिका नहर निर्माण हेतु निजी
भूमि का अर्जन.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है - बनेटा मध्यम सिंचाई योजना की वितरिका नहर के निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , बुदनी में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
941 प्र.क्र. 10 -अ- 82-09-10. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5( अ ) के उपबंध उक्त भूमि पर लागू नहीं होगें , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(2)
(3)
* (4)
(5)
(6) शाहगंज
सीहोर
4.363
बुदनी
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन, संभाग, सीहोर.
बनेटा मध्यम सिंचाई योजना की वितरिका नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी/भू-अर्जन अधिकारी , बुधनी के कार्यालय में किया जा सकता है.
सीहोर, दिनांक 20 अप्रैल 2010
प्र.क्र. 7 - अ-82-07-08.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला
लगभग क्षेत्रफल
तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(6)
(5)
नादनेर
सीहोर
3.768
बुदनी
कार्यपालन यंत्री, बारना परियोजना बांयी नहर बाड़ी.
बारना नहर की ए- 1-3डी. आर. बी.एम.एम.सी. नहर निर्माण हेतु भू-अर्जन.
(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी/ भू-अर्जन अधिकारी , बुदनी के कार्यालय में किया जा सकता है.
( 3 ) उपरोक्त के संबंध में किसी भी व्यक्ति को यदि कोई आपत्ति हो तो वह 30 दिवस के भीतर अ.वि.अ. कार्यालय, बुदनी में प्रस्तुत कर सकेंगे.
942
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
प्र.क्र. 8 - अ-82-07-08.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: --
भूमि का वर्णन
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(1)
(2)
(4)
1.032 सीहोर बुदनी नारायणपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, बारना परियोजना बांयी नहर बाड़ी.
बारना नहर की ए- 1-3डी. आर. बी.एम.एम.सी. नहर निर्माण हेतु भू-अर्जन.
(2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी/भू-अर्जन अधिकारी , बुदनी के कार्यालय में किया जा सकता है.
(3 ) उपरोक्त के संबंध में किसी भी व्यक्ति को यदि कोई आपत्ति हो तो वह 30 दिवस के भीतर अ. वि.अ. कार्यालय, बुदनी में प्रस्तुत कर सकेगें.
सीहोर, दिनांक 23 अप्रैल 2010
प्र.क्र. 20 - अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने नं. ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(1)
(3)
(4)
4.939
नेहलाई
सीहोर बुदनी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, कोलार परियोजना रेहटी.
मरदानपुर उद्वहन सिंचाई योजना के तहत नहर हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- मरदानपुर उद्वहन सिंचाई योजना के तहत निजी भूमि का भू- अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , बुदनी में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संदीप यादव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
943 कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
धार , दिनांक 20 अप्रैल 2010
प्र.क्र. 23- अ- 82-08-09- भू- अर्जन-10- संशोधन. इस कार्यालय द्वारा भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 ( 1 ) के अन्तर्गत जारी की गई अधिसूचना प्रकरण क्रमांक 23-अ-82-08-09- भू-अर्जन ग्राम करोदिया, तह. कुक्षी के लिए इस कार्यालय के पत्र क्रमांक 700- भू-अर्जन-09 , दिनांक16 जून 2009 के द्वारा नियंत्रक, केन्द्रीय शासकीय मुद्रणालय , भोपाल की ओर राजपत्र में प्रकाशन हेतु भेजी गई थी.
उक्त अधिसूचना का प्रकाशन राजपत्र में दिनांक 26 जून 2009, पृष्ठ क्रमांक 1569 में त्रुटिपूर्ण प्रकाशन होने से निम्नानुसार संशोधन नीचे दर्शाए अनुसार पढ़ा जावे.
ग्राम करोदिया-
प्रकाशन हुआ (1)
ग्राम करोदिया, तह. कुक्षी , जिला धार क्षेत्रफल 0.316 हेक्टर
नोट.- प्रकरण से संबंधित शेष विवरण पूर्व प्रकाशन अनुसार ही रहेगा.
प्रकाशन होना था जो पढ़ा जावे (2) ग्राम करोदिया , तह. कुक्षी, जिला धार क्षेत्रफल 2.574 हेक्टर
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
राजगढ़ , दिनांक 23 अप्रैल 2010
क्र. 3222 - भू-अर्जन--10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)
(2)
(3)
(4) ब्यावरा
1.690 राजगढ़
5.468
0.451 7.609
मोतीपुरा खरेटियाखुर्द खरेटियाकलां कुल योग
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 )के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन, संभाग, नरसिंहगढ़.
मोतीपुरा तालाब की मुख्य नहर एवं स्पिल चेनल के निर्माण कार्य में आई निजी भूमि का अर्जन.
(2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , शिवानंद दुबे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
944
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
कार्यालय, कलेक्टर, जिला छतरपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
छतरपुर , दिनांक 23 अप्रैल 2010
प्र. क्र. 13- अ-82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्र
(हेक्टर में निजी भूमि) (2)
(1)
(3)
(4)
1.127 वकस्वाहा
छतरपुर
पड़रिया
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
(6)
धारा 4 ( 2 )के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
अनु. अधिकारी (राजस्व) विजावर.
कुसमाड़ तालाब योजना की नहरों हेतु भू-अर्जन .
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- कुसमाड़ तालाब योजना की नहरों हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनु. अधिकारी कार्यालय राजस्व विजावर में किया जा सकता हैं.
प्र. क्र. 14- अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्र ( हेक्टर में निजी भूमि ) (1)
(2)
(4) वकस्वाहा
3.253
(3) मछन्दरी
छतरपुर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
अनु. अधिकारी ( राजस्व) विजावर.
कुसमाड़ तालाब योजना की नहरों हेतु भू-अर्जन.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- कुसमाड़ तालाब योजना की नहरों हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनु. अधिकारी कार्यालय राजस्व, विजावर में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 15- अ-82-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्र (हेक्टर में निजी भूमि) (1)
(2) (3)
(4)
7.121 वकस्वाहा
छतरपुर
भुजपुरा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2)के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
(6)
अनु. अधिकारी (राजस्व)
विजावर.
कुसमाड़ तालाब योजना की नहरों हेतु भू-अर्जन.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- कुसमाड़ तालाब योजना की नहरों हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनु. अधिकारी कार्यालय राजस्व , विजावर में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
945 प्र. क्र. 16- अ-82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्र (हेक्टर में निजी भूमि )
(1) (2)
(3)
(4)
धारा 4 ( 2 )के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
(6) पाली
छतरपुर वकस्वाहा
4.510
अनु. अधिकारी (राजस्व)
विजावर.
पाली तालाब योजना की नहर हेतु भू-अर्जन.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- पाली तालाब योजना की नहर हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनु. अधिकारी कार्यालय राजस्व, विजावर में किया जा सकता है .
छतरपुर, दिनांक 24 अप्रैल 2010
प्र. क्र. 5- अ-82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
धारा 4 ( 1 )के
तहसील
जिला
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(1)
(2) (3)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)
(5)
(6) सीगोन
5.760
छतरपुर छतरपुर
अनुविभागीय अधिकारी छतरपुर रजिया नाला नहर निर्माण हेतु.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- रजिया नाला नहर निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय , छतरपुर में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 6- अ- 82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
धारा 4 ( 1 )के
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल (हे. में )
अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(2)
(1)
(3)
(4)
(5)
(6) ईशानगर
0.240
छतरपुर छतरपुर
अनुविभागीय अधिकारी छतरपुर रजिया नाला नहर निर्माण हेतु.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- रजिया नाला नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय , छतरपुर में किया जा सकता है.
[भाग 1 946
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
प्र. क्र. 7 - अ - 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
ग्राम
धारा 4 ( 1 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(6)
(5)
(4)
(2)
(3)
(1)
3.000
दिदोल
अधिकारी , छतरपुर रजिया नाला नहर निर्माण हेतु.
अनुविभागीय
छतरपुर
छतरपुर
2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- रजिया नाला नहर निर्माण हेतु.
(
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय , छतरपुर में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 8 - अ- 82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
तहसील
जिला
धारा 4 ( 1 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(6)
(5)
(3)
(4)
(2)
(1)
मगरार तालाब नहर
2.000
अनुविभागीय अधिकारी, छतरपुर
छतरपुर बूदौर
छतरपुर
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- मगरार तालाब नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, छतरपुर में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 9 - अ - 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
धारा 4 ( 1 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(6)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
मगरार तालाब नहर
1.250
चौका
अनुविभागीय अधिकारी , छतरपुर
छतरपुर छतरपुर
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- विक्रमपुर नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय , छतरपुर में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
947 प्र. क्र. 10- अ-82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)
(2) (3)
(4)
महराजगंज
14.530 छतरपुर छतरपुर
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- तेंदुआ तालाब निर्माण हेतु.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 1)के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
अनुविभागीय अधिकारी , छतरपुर तेंदुआ नहर निर्माण हेतु .
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय , छतरपुर में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 11 - अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल
(हे. में) (1) (2) (3)
(4)
3.120 छतरपुर
श्यामरा पुरवा
छतरपुर
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- तेंदुआ तालाब निर्माण हेतु .
धारा 4 ( 1 )के
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
अनुविभागीय अधिकारी, छतरपुर तेंदुआ नहर निर्माण हेतु .
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, छतरपुर में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,. ई. रमेश कुमार , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
948
कार्यालय, कलेक्टर, जिला भिण्ड, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
भिण्ड, दिनांक 24 अप्रैल 2010
क्र. क्यू-कोर्ट- कले.- राजस्व- भू-अर्जन-प्र.क्र. 01-अ-82-2009-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाना ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने (6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
रकबा
कुल क्षेत्रफल सर्वे नं.
(5)
(4)
(2)
(3)
(1)
0.497 भिण्ड
भिण्ड
अकोड़ा
0.155
0.031
3025 3026 7053
योग.. 0.683
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7)
(6)
प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, भोपाल
भिण्ड-मिहोना- गोपालपुर मार्ग का मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य हेतु निजी भूमि का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी, जिला भिण्ड के कार्यालय में देखा जा सकता है. (2)
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) संभागीय प्रबंधक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. क्यू-कोर्ट-कले. राजस्व भू-अर्जन-प्र.क्र. 02-अ-82-2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाना ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
तहसील
जिला
कुल क्षेत्रफल
रकबा
सर्वे नं.
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.043
1403
विलाव
भिण्ड
भिण्ड
योग.. 0.043
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7)
(6)
प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, भोपाल
भिण्ड-मिहोना-गोपालपुर मार्ग का मजबूतींकरण एवं चौड़ीकरण कार्य हेतु निजी भूमि का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , जिला भिण्ड के कार्यालय में देखा जा सकता है. (2)
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) संभागीय प्रबंधक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
949
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
भाग 1 ]
क्र. क्यू- कोर्ट- कले. - राजस्व- भू-अर्जन- प्र.क्र. 03-अ- 82-2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाना ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला
कुल क्षेत्रफल तहसील
रकबा
सर्वे नं.
(5)
(4)
(3)
(1) (2)
0.200
2426
ऊमरी
भिण्ड
भिण्ड
योग.. 0.200
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7)
(6)
प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, भोपाल
भिण्ड-मिहोना-गोपालपुर मार्ग का मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , जिला भिण्ड के कार्यालय में देखा जा सकता है.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) संभागीय प्रबंधक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(3)
क्र. क्यू- कोर्ट- कले. - राजस्व- भू-अर्जन-प्र.क्र. 04-अ- 82-2009-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाना ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन ग्राम
तहसील
जिला
कुल क्षेत्रफल सर्वे नं. रकबा
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.081
560
भिण्ड
भिण्ड
ढ़ोचरा
योग.. 0.0.81
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7)
(6)
प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम , भोपाल
भिण्ड-मिहोना-गोपालपुर मार्ग का मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य हेतु निजी भूमि का अर्जन .
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , जिला भिण्ड के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) संभागीय प्रबंधक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
950
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
[भाग 1 क्र. क्यू- कोर्ट- कले. राजस्व भू-अर्जन-प्र.क्र. 05-अ-82-2009-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि को, अनुसूची के खाना ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है
सर्वे नं.
कुल क्षेत्रफल रकबा
(1) (2)
(3)
(4)
(5)
(6)
(7) भिण्ड भिण्ड
0.145
खैराश्यामपुर
प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, भोपाल .
भिण्ड-मिहोना-गोपालपुर मार्ग का मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य हेतु निजी भूमि का अर्जन.
1146 1148 0.190 1133 0.046 योग.. 0.381
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी जिला भिण्ड के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) संभागीय प्रबंधक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रघुराज राजेन्द्रन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन ,
राजस्व विभाग
रीवा , दिनांक 26 अप्रैल 2010
क्र. 312- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन, को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 " अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे: -
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1) (2)
(3)
(4)
(5)
(6) सतना रामनगर
7.567
गुलवार गुजारा
कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पुनर्वास संभाग क्र. - 1
बाणसागर परियोजना के अंतर्गत डूब में आने वाले ग्रामों के
रीवा, मध्यप्रदेश .
निजी भूमि के लिये भूमि का अर्जन.
(2 ) भूमि का नवशा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी.बी. श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
951 कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
विदिशा , दिनांक 30 अप्रैल 2010
प्र.क्र. 01-अ- 82- भू-अर्जन-07-08.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे वर्णित अनुसूची के कॉलम नं. ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के कॉलम नं. ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि पर लागू नहीं होगें , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) .
विदिशा
मनैशा
कुरवाई
72.145
भू-अर्जन अधिकारी , कुरवाई रेहटी मध्यम सिंचाई परियोजना का डूब क्षेत्र.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भू-अर्जन की आवश्यकता है- रेहटी मध्यम सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य एवं डूब क्षेत्र .
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी, कुरवाई में किया जा सकता है .
प्र.क्र. 03 - अ- 82- भू-अर्जन- 07-08. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे वर्णित अनुसूची के कॉलम नं.१ ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के कॉलम नं. ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि पर लागू नहीं होगें , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की उपधारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6)
विदिशा
परसौरा
115.595
कुरवाई
भू-अर्जन अधिकारी , कुरवाई रेहटी मध्यम सिंचाई परियोजना का डूब क्षेत्र.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भू- अर्जन की आवश्यकता है- रेहटी मध्यम सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य एवं डूब क्षेत्र.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी , कुरवाई में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
योगेन्द्र शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
952
कार्यालय , कलेक्टर, जिला अनूपपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
अनूपपुर, दिनांक 3 मई 2010
क्र. 5178 - दस - भू-अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये कंपनी प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सूची सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध एवं भू-अर्जन ( कम्पनियां ) नियम , 1963 तथा कम्पनी प्रयोजन के लिये भू-अर्जन से संबंधित अन्य नियम एवं प्रक्रिया उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
अनुसूची
विभाग प्रयोजन
धारा 4 की उपधारा (2 )
भूमि का वर्णन
का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
नगर/ग्राम
द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
जिला तहसील
(हे. में)
(6)
(4)
(5)
(3)
(2)
(1)
2000 मेगावाट थर्मल पावर
3.855
महाप्रबंधक, एम.बी. पावर
जैतहरी
जैतहरी
अनूपपुर
प्रोजेक्ट की स्थापना.
(मध्यप्रदेश ) लिमिटेड.
योग.. 3.855
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय, अनूपपुर/अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, जैतहरी , जिला अनूपपुर, मध्यप्रदेश के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है.
क्र. 5180 - दस - भू- अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये कंपनी प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सूची सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5( अ ) के उपबंध एवं भू- अर्जन ( कम्पनियां ) नियम, 1963 तथा कम्पनी प्रयोजन के लिये भू-अर्जन से संबंधित अन्य नियम एवं प्रक्रिया उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
अनुसूची
विभाग प्रयोजन
धारा 4 की उपधारा ( 2 )
भूमि का वर्णन
का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
(हे. में)
(6)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
2000 मेगावाट थर्मल पावर
0.050
महाप्रबंधक, एम.बी. पावर
अमगवां
जैतहरी
अनूपपुर
प्रोजेक्ट की स्थापना.
(मध्यप्रदेश ) लिमिटेड.
योग 0.050
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय , अनूपपुर/ अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, जैतहरी , जिला अनूपपुर, मध्यप्रदेश के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है.
953
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
भाग 1 ]
क्र. 5182 - दस - भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये कंपनी प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सूची सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध एवं भू-अर्जन ( कम्पनियां ) नियम, 1963 तथा कम्पनी प्रयोजन के लिये भू-अर्जन से संबंधित अन्य नियम एवं प्रक्रिया उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
विभाग प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे . में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) .
4.890
अनूपपुर जैतहरी लहरपुर - मुर्रा
2000 मेगावाट थर्मल पावर प्रोजेक्ट की स्थापना.
महाप्रबंधक, एम.बी. पावर (मध्यप्रदेश ) लिमिटेड.
योग 4.890
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय , अनूपपुर/अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व , जैतहरी, जिला अनूपपुर, मध्यप्रदेश के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है .
क्र. 5184- दस - भू-अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये कंपनी प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सूची सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध एवं भू-अर्जन ( कम्पनियां ) नियम, 1963 तथा कम्पनी प्रयोजन के लिये भू- अर्जन से संबंधित अन्य नियम एवं प्रक्रिया उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
विभाग प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
जिला तहसील नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(हे. में)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) (1)
6.681
जैतहरी गुंवारी
अनूपपुर
2000 मेगावाट थर्मल पावर प्रोजेक्ट की स्थापना.
महाप्रबंधक, एम.बी. पावर (मध्यप्रदेश ) लिमिटेड.
योग 6.681
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय , अनूपपुर/ अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, जैतहरी , जिला अनूपपुर, मध्यप्रदेश के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कवीन्द्र कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
954
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
[ भाग 1
राजस्वविभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सतना, दिनांक 3 अप्रैल 2010
क्र. एफ- 11 - भू-अर्जन-09.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन(म. प्र. शासन/निजि खाता ) (क) जिला-सतना
(ख ) तहसील- अमरपाटन
(ग) नगर/ग्राम- पठरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.809 हेक्टर.
खसरा नंबर (1) 292/1क
क्षेत्रफल ( हेक्टर में ) (2) 0.809 निजी खाता भूमि योग .. 0.809
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- पठरा बांध निर्माण में.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला सतना के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुखबीर सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग नरसिंहपुर, दिनांक 15 अप्रैल 2010
पृ. क्र. - 01 अ-82- वर्ष 2009-10- पत्र क्र. 04- भू-अर्जन- 2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील- गाडरवारा
(ग) ग्राम-चीचली
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.121 हेक्टर .
अर्जित रकबा ( हेक्टर में )
(2)
खसरा नंबर (1) 1/2
0.121 योग .. 0.121
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकताहै-चीचली से चांदनखेड़ा मार्ग के सीतारेवा नदी पर पहुंच मार्ग बावत्सड़क निर्माण.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , गाडरवारा कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विवेक पोरवाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला बड़वानी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बड़वानी , दिनांक 16 अप्रैल 2010
क्र.-607 - भू-अर्जन-2009/प्र. क्र. 3 अ-82-07-08.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) भाग 1 ]
955
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
.( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- बड़वानी
(ख ) तहसील - राजपुर
(ग) ग्राम-जलगोन/अतरसंभा/सालखेडा/मोयदा (घ ) लगभग क्षेत्रफल-260.58 एकड़/ 105-484 हेक्टर सर्वे नंबर
रकबा ( एकड़/ हेक्टर में ) (1)
(2)
ग्राम जलगोन
40/3
4.65/1.882
42/1क
6.77/2.739
42/1ख
1.85/0.749
42/1 ग
4.95/2.003
4.00/1.619
42/1घ, 46/6
4.53/1.833
42/2, 43/1 , 46/4
43/2
6.40/2.590
45/4
0.30/0.121
ग्राम अतरसंभा
0.75/0.304
50/1, 51/6
50/2
1.59/0.643
50/3
1.50/0.607
0.18
53/4, 54/2
1.00
55/2
0.22
1.40/0.567
10.13/4.101
59/2,
60/2 , 61
60/4
0.34/0.138
0.10/0.040
59/3,
59/4
1.24/0.502
11.81/4.781
63/1
5.10/ 2.065
63/2
2.25/0.910
63/3
5.08/2.055
63/4
1.15/0.465
63/5
1.10/0.445
64/2
0.20/0.081
80/1
2.96/1.198
64/3
3.00/1.215
64/4
2.25/ 0.911
79/2
5.87/ 2.375
80/2
1.08
(2)
(1)
80/4
0.74
1.82/0.737
81/1
3.10/1.254
82/2
81/2
2.00/0.809
83
13.90
79/1
2.85
16.75/6.781
ग्राम मोयदा
2/2
4.82/1.951
2/3
3.57/1.445
2/4
3.40/1.377
2/5
1.75/0.709
0.15/0.061
3/4, 9/4
10/5
1.61/0.652
3/3, 3/10
0.85/0.344
3/8 , 3/9
2.46/0.996
2.62/1.061
3/4, 3/7
3/5
1.50
3/6
0.60
1.00
5/1
3.10/1.255
3/12
0.20
10/9
0.43
0.63/0.255
0.78
3/11
10/8
0.57
1.35/0.547
19.73/7.988
4, 6/2
5/2
6/4
2.50/1.012
6/1
8.40/3.401
6/3
0.40/0.162
7/1
2.30/0.931
7/2
2.10/0.850
1.10/0.445
7/3
7/5
1.63/0.660
7/6
1.30/0.526
16/2
0.25/0.101
10/2
3.10/1.255
10/6
117/21
1.20/0.486
4.30/1.741
10/7
0.20 956
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
(1)
(2) 18/2
0.20 21
13.90 22
1.35 16/1
3.70
19.35/ 7.834 23/4
0.12 33/2
34/2
2.31
2.43/0.984 24/1
0.91/0.368 24/3
0.15/0.061 33/4
34/1
0.15/0.061
1.08 63, 71/19
1.26 64, 71/20
68
0.28 71/21
2.62/1.061 65
0.55 67/2
0.50
1.05/0.425 66/1
3.53/1.429 66/2
0.10/0.040 69
0.35/0.142 71/22
70
1.65/0.668 71/3
71/23
107/1
0.65/0.263 107/2
0.65/0.263 109
0.15 117/12
0.10
0.25/0.101
4.54/1.838 114/1
15.00 114
11.39
26.39/10.684 117/2
1.80/0.729 117/3
117/16
1.80/0.729 117/19
117/4
1.25 117/8
0.46 117/9
117/10
1.02
2.73/1.105
[भाग 1 (1)
(2)
1.90
117/5
117/11
117/6
0.90
2.80/1.134
117/7
1.66
117/14
117/17
0.80
2.46/0.996
117/15
0.93
117/18
115/2
0.75
1.68/0.680
1.40/0.567
117/20
119/1
1.30
120
0.20
1.50/0.607
ग्राम सालेखड़ा
74/1
2.95/1.194
74/2
0.35/0.142
74/5
0.70/0.283
77/2
0.65/0.263
79/2
3.33/1.348
0.32/0.130
79/6
85
0.35/0.142
योग 260.58/105.484
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- जलगोन तालाब निर्माण हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला बड़वानी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी, राजपुर जिला बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग बड़वानी के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एन. बी. एस. राजपूत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 19 अप्रैल 2010
क्र. 266 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में भाग 1 ]
957
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर
(ग ) नगर/ग्राम- माँद नं. 1 .
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.138 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकवा (हेक्टर में ) (1)
(2)
404
0.024
407
0.065
410
0.089
411
0.104
414/1
0.026
414/2
0.042
0.026
414/3
415/1
0.038
416/1
0.048
416/2
0.006
419
0.124
468
0.004
469
0.032
0.008
470/ 1 ख/3
470/2
0.016
472
0.064
473
0.020
474/1
0.134
0.020
474/2ख
475
0.064
479/2
0.094
480/1
0.038
483/1
0.052 योग 1.138
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की पिपरवार वितरक नहर एवं माँद माइनर नं. 1 के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर , परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 268 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर
(ग) नगर/ ग्राम- मेहमूदपुर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.825 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकवा ( हेक्टर में )
(2)
(1)
0.020
672
673
0.036
674
0.042
675
0.042
677
0.048
678
0.064
0.040
679
0.066
890
0.078
891
984
0.028
1111/2
0.070
0.064
1192
1199
0.057
1254
0.012
1255
0.008
1256
0.040
0.056
1257
1258
0.032
0.004
2399
2407
0.008
योग .. 0.825
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की पिपरवार वितरक नहर एवं मेहमूदपुर माइनर नं . 1 एवं 2 के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर, परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
958
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
क्र. 264- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:- अतः भू-अर्जन
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर
(ग) नगर/ग्राम- पिपरवार
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.156 हेक्टर .
खसरा नंबर (1)
रकवा ( हेक्टर में ) (2)
93
0.056
117
0.004
120
0.100
221
0.004
222
0.008
227
0.020
584
0.004
650
0.008
654
0.056
823
0.004
825
0.012
1664/3
0.142
1901
0.036
1902
0.004
1903
0.024
1907
0.020
1908/1
0.044
1908/2
0.020
1909/2
0.048
1910 ,
0.020
1911
0.020
1915
0.036
1916
0.042
1918
0.016
1919
0.036
1923
0.072
1924
0.042
1925
0.046
[भाग 1 (1)
(2)
1928/2
0.022
0.022
1959.
1962
0.026
0.048
1991/1
1991/2
0.024
1991/3
0.058
2099
0.012
योग .. 1.156
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की पिपरवार वितरक नहर की पिपरवार माइनर नं. 1 एवं 2 के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर , परियोजना रीवा के कार्यालय किया जा सकता है .
क्र. 270- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर
(ग) नगर/ग्राम-नौआ
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.090 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकवा ( हेक्टर में) (1)
(2)
13
0.090
योग .. 0.090
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की पिपरवार वितरक नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु .
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर, परियोजना रीवा के कार्यालय किया जा सकता है .
भाग 1 ]
959
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
क्र. 272- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला--रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर
(ग) नगर/ ग्राम-सहेवा ज. न. 535
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.541 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकवा ( हेक्टर में) (1)
(2)
112
0.036
229/2
0.028
241
0.060
243
0.050
244
0.040
251
0.050
252
0.028
513/2
0.054
532
0.036
584
0.016
586
0.516
592
0.034
595/2
0.147
795
0.102
894
0.061
895
0.077
1134
0.060
1149
0.008
587/2
0.138
योग ..1.541
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की पिपरवार वितरक नहर एवं सहेवा माइनर नं . 1 एवं 2 के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर, परियोजना रीवा के कार्यालय किया जा सकता है .
रीवा, दिनांक 27 अप्रैल 2010
प. क्र. 342 - भू-अर्जन-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- शहडोल
(ख ) तहसील-ब्यौहारी
(ग) ग्राम-अम्बार-13
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.214 हेक्टर .
खसरा नंबर (1) 132/1 ग
रकबा ( हेक्टर में) (2) 1.214 योग . 1.214
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना बांध के अन्तर्गत डूब में आने वाले निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय किया जा सकता है.
प. क्र. 344- भू-अर्जन. चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन
(क) जिला- सतना
(ख) तहसील- रामनगर
(ग ) ग्राम- हटवा कोठार
( घ) लगभग क्षेत्रफल-
खसरा नंबर
(1) 268
नोट. ख. नं. 268 का प्रकाशन सिर्फ संपत्ति अर्जन हेतु.
960
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना बांध के अन्तर्गत डूब में आने वाले निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु,
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय किया जा सकता है .
प. क्र. 346 - भू-अर्जन. -चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- उमरिया
(ख) तहसील- बान्धवगढ़
(ग) ग्राम- चिमटा
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.450 हेक्टर .
खसरा नंबर
रकवा ( हेक्टर में ) (1)
(2)
109 .
0.640
123/1
0.050
143
0.039
17/273
0.721 योग . 1.450
नोट..-
(1 ) उपरोक्त खसरा नं. का प्रकाशन उपरान्त परीक्षणोपरांत ही मुआवजा का भुगतान करें.
(2) उपरोक्त प्रकाशित खसरा नम्बरों में मात्र निजी भूमि का ही मुआवजा देय है.
(3 ) उपरोक्त खसरा नम्बर की भूमियों पर कोई भी परिसम्पत्ति स्थिति नहीं है.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना बांध के अन्तर्गत डूब में आने वाले निजी भूमि के अर्जन हेतु .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय किया जा सकता है .
[भाग 1 प. क्र. 348 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सतना
(ख) तहसील- रामनगर
(ग) ग्राम-अमिलिया ( टटेहरा टोला )
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.842 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकवा ( हेक्टर में) (1)
(2)
40/1
0.057
45
0.053
46 अंश
0.101
57
1.064
58
0.170
0.069
521/1
0.065
521/2
योग 1.579
शासकीय पट्टेदार
2
0.263 योग . 1.842
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना बांध के अन्तर्गत डूब में आने वाले निजी भूमि के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना , रीवा के 'कार्यालय किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला मंडला, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग मंडला, दिनांक 21 अप्रैल 2010
क्र.-भू-अर्जन- 02-(अ-82)-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन
(क) जिला- मंडला
(ख ) तहसील- नैनपुर
(ग ) ग्राम- नैनपुर
( घ) लगभग क्षेत्रफल- 0.306 हेक्टर प. ह. नं. 17 खसरा नंबर
रकबा ( हेक्टर में) (1)
(2)
250
0.024
251/2क
0.024
251/ 1 ग
0.004
249
0.048
276/9
0.008
266/1
0.006
248/12
0.016
247
0.048
404/1
0.128
योग .. 0.306
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- गोंदिया जबलपुर ब्राडगेज हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाध्यक्ष मंडला के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र.-भू-अर्जन- 03-( अ-82) -09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के
961 अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-मंडला
(ख) तहसील- नैनपुर
(ग ) ग्राम-जेवनारा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.82 हेक्टर
खसरा नंबर
रकबा ( हेक्टर में) (1)
(2)
316
0.06
317
0.19
324
0.27
325
0.14
328
0.05
0.04
534
535/3
0.07 योग 0.82
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- गोंदिया जबलपुर ब्राडगेज हेतु .
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाध्यक्ष मंडला के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , के. के. खरे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग धार, दिनांक 23 अप्रैल 2010
क्र. 275 -प्र. क्र. -24-अ-82-08-09. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की 962
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:--
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-धार
(ख ) तहसील- धरमपुरी
(ग) ग्राम- सुलगाव
(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.192 हेक्टयर.
खसरा नंबर (1)
रकबा (हेक्टर में) (2)
0.192 69/2
0.144 117/2
0.640
0.224 117/3/1
117/4
0.208 59/1
0.124 60
0.240 61/1
0.300 66/2/2
0.205 67/1
0.060 67/3
0.105 69/1
0.190 71
0.145 72
0.098 74/2
0.128 78/3/2
0.160 78/3/3
0.140 105
0.320 106/2
0.200 106/3
0.170 114/1
0.240 114/2
0.144 112/5
0.080 112/4
0.070 115/8
0.115 115/5
0.260 115/3
0.180 77/4
0.110
योग 5.192
[भाग 1 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- ओंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर/वितरण शाखा/ लघु/उप नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला धार एवं भू- अर्जन अधिकारी , धरमपुरी एवं कार्यपालन यंत्री , ओ. एस. पी . नहर संभाग , धामनोद के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
मनावर, दिनांक 27 अप्रैल 2010
क्र. 629- भू-अर्जन- ओ.एस.पी. 2009-10- भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक 49-अ-82-2008-09.- कार्यालय- पत्र क्र. 2814- वाचक प्र. क्र. -49 अ- 82-2008-09 संशोधित. धार दिनांक 18-06- 2009 ग्राम कल्याणपुरा तहसील मनावर जिला धार का रकबा 8.57 हैक्टेयर के भू-अर्जन प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत जारी उद्घोषणा के प्रयोजन ओंकारेश्वर नहर परियोजना अंतर्गत नहर निर्माण से प्रभावित का प्रकाशन " मध्यप्रदेश राजपत्र " भाग एक पृष्ठ क्रमांक 1608 पर दिनांक 26-06-2009 के अंक में तथा दो समाचार पत्रों में क्रमशः अग्निबाण दिनांक 26-06-2009 के अंक में तथा स्वदेश दिनांक 27-06-2009 के अंक में प्रकाशन हुआ है , जिनका जी नंबर 13659/09 है . जिसके स्थान पर निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे.-
संशोधित उद्घोषणा धारा 6 ग्राम कल्याणपुरा
संशोधन प्रविष्टि पूर्व में प्रकाशित
खसरा नं.
खसरा नं. रकबा ( हेक्ट. ) रकबा ( हेक्ट. )
(3)
(4) (1)
(2)
115/1
115/1
0.170
0.180 114/2
114/2
0.175
0.060 112/3/3
112/3/3/2
0.080
113/1/1 /1 क 0.625 113/1 /1 /1 क
0.640
0.150
113/1/1/3क
0.150
113/1 /1/2क
113/2
0.031
113/1/2
0.040
112/3/1
112/3/1
0.225
0.450 112/3/2/1
0.065 112/3/2/1
0.100 112/2ख
0.180
0.180
112/2ख 112/ग
0.070
130/1 /1 ख
130/1/ 1 ख
0.170
0.160
130/1/2
130/1/2
0.150
146
0.293
0.000 विलोपित
146
0.030 विलोपित 148/3/3
0.030 148/3/3 963
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
भाग 1 ]
(1)
(2)
(4)
(3)
181/1/3
181/1/3
181/2/1
0.000 विलोपित
181/2/1
0.190
181/2/2
181/2/2
181/2/3
181/2/3
शेष प्रविष्टियां यथावत रहेंगी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर , जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
राजगढ़ , दिनांक 24 अप्रैल 2010
क्र.- 3266 - भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के एक पद में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन ( सूरजपुरा नहर निर्माण कार्य ) के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- राजगढ़
(ख ) तहसील-राजगढ़
(ग ) ग्राम- सूरजपुरा एवं मोहनपुरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल 2.234 हेक्टेयर.
सर्वे नंबर
रकबा ( हेक्टर में )
(2)
(1)
ग्राम-सूरजपुरा, क्षेत्रफल 0.944 हेक्टेयर
0.050
2/3
3
0.320
0.100
28
7/3
0.048
32
0.040
33/2
0.210
0.140
34/2
0.036
7/7
(2)
(1)
ग्राम-मोहनपुरा, क्षेत्रफल 1.290 हेक्टेयर
0.080
28
0.152
29
33
0.040
0.420
53
0.170
62
0.008
75
0.200
34
0.220
35
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है . सूरजपुरा नहर कार्य निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानंद दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर, दिनांक 24 अप्रैल 2010
* क्र. - 2/ अ - 82-08-09.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- छतरपुर
(ग) नगर/ ग्राम-रामपुर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.666 हेक्टर. ( निजी भूमि) खसरा नंबर
(1)
अर्जित रकबा ( हेक्टर में ) (2)
ग्राम-रामपुर
0.502
1384
0.164
1393
0.666
योग 964
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- गोरा फीटर की नहर में अर्जित भूमि चैन क्र. 172 से 178.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर - छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला भिण्ड, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग भिण्ड, दिनांक 24 अप्रैल 2010
क्र. क्यू-कोर्ट- कले. राजस्व- भू-अर्जन-प्र. क्र. 01-अ- 82-09- 10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- भिण्ड
(ख) तहसील-रौन
(ग) ग्राम-रौन
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-14.124 हेक्टर.
सर्वे नंबर
अर्जित रकवा ( हेक्टर में ) (1)
(2)
381
0.020
862
0.143
379
0.210
380
0.056
386
0.104
387
0.172
388
0.024
389
0.104
395
0.057
396
0.427
399
0.057
401
0.246
402/1
0.067
403
0.202
402/2
0.067
[भाग 1 (1)
(2)
404
0.436
407
0.097
430
0.121
431
0.092
437
0.020
432
0.065
433
0.010
824
0.032
830
0.161
831
0.206
840
0.405
846
847/1
847/2
0.240
847/3
848
0.218
850
0.052
849
0.052
851
0.152
852
0.049
859
0.134
860
0.047
861
0.051
863
0.010
2299
0.192
2300
2379
0.032
2394
0.036
2392
0.021
2393
0.094
0.057
2391
2395
0.065
2409
0.152
2410
0.112
2411
0.312
2412
0.065
0.052
2406/2
2575
0.251
2419
0.097
2420/1
0.222
2421
0.028
2562
0.021
2559
0.129
2550
0.097
2560
0.168
2561
0.023 भाग 1 ]
965
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
(1)
(2) 2576
0.073 2577
0.202 2578
2580/1
0.184 2598
0.153 2602
0.153 2650
0.049
0.230 2651/1
2651/2
2662
0.161 2665
0.097 2664
0.049 2666
0.081 2667
0.269 2668
0.073 2672
0.061 2673
0.016 2674
0.021 2675
0.010 2669
0.010 2671
0.084 2676
0.042 2677
0.010 2678
0.010 2764
0.097 2765/1
0.016
0.073 2766
2767
0.031 2770
0.057 2768
0.169 2782
0.065 2783
0.097 2789
0.065 2805
0.367 2784/1
0.108
0.108 2784/2
0.050 2781
2785
0.181 2793
0.255
0.351 2807
0.041 2809
2813
0.318 2814/1
0.024
0.121 2815/1
3027
0.271 2820
0.097 (1)
(2)
0.241
2818/1
2818/2
0.136
3015/3
3032
0.061
0.028
3033
3034
0.256
0.175
3035मि.- 1
0.175
3035मि.-2
0.405
3040
3041
0.256
3042
0.322
0.010
3038
2811/1
0.164
0.063
2812/1
योग : 14.124
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- भिण्ड- गोपालपुरा मार्ग का मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , लहार, जिला भिण्ड के कार्यालय में किया जा सकता है .
(4) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , संभागीय प्रबंधक, म. प्र . रोड डेवलपमेन्ट कार्पोरेशन लिमि. , संभाग ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. क्यू-कोर्ट- कले. राजस्व- भू-अर्जन- 02- अ-82-09- 10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- भिण्ड
(ख) तहसील-रौन
(ग ) ग्राम- हमीरपुरा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.429 हेक्टेयर
सर्वे नंबर
अर्जित रकवा ( हेक्टेयर में ) (1)
(2)
420
0.010
419
0.049 966
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
(1)
(2)
418
0.157
422
0.189
428
0.024
योग : 0.429
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- भिण्ड- गोपालपुरा मार्ग का मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , लहार , जिला भिण्ड के कार्यालय में किया जा सकता है.
(4 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , संभागीय प्रबंधक, म. प्र. रोड डेवलपमेन्ट कार्पोरेशन लिमि. , संभाग ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. क्यू- कोर्ट- कले. राजस्व भू-अर्जन-03- अ- 82-09- 10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- भिण्ड
(ख) तहसील- मिहोना
(ग ) ग्राम-खितौली
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.667 हेक्टेयर
सर्वे नंबर
अर्जित रकवा ( हेक्टेयर में ) (1)
(2)
713
0.020
714
0.094
715/1
0.031
715/2
0.031
718
0.052
725
0.028
719
0.045
722
0.048
723
0.132
724
0.202
736
0.052
788
0.172
[भाग 1 (1)
(2)
737
0.092
750
0.180
779
0.072
751
0.167
752
0.089
776
0.032
0.206
770
772
0.413
774/1
0.142
774/2
0.142
826/1
0.020
826/2
830/1
0.052
830/2
767
0.115
768
0.020
833
0.028
832
0.105.
765
0.112
835
0.506
726/1
0.060
717
0.061
0.072
778/1
773
0.010
686/1
0.022
687
0.042
योग : 3.667
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- भिण्ड-गोपालपुरा मार्ग का मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , लहार, जिला भिण्ड के कार्यालय में किया जा सकता है.
(4) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, संभागीय प्रबंधक, म. प्र. रोड डेवलपमेन्ट कार्पोरेशन लिमि. , संभाग ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. क्यू- कोर्ट-कले. राजस्व भू-अर्जन 04- अ- 82-09- 10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : --
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- भिण्ड
(ख) तहसील-मिहोना
(ग ) ग्राम-मिहोना
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.301 हेक्टेयर
खसरा नंबर
(1)
अर्जित रकवा ( हेक्टेयर में ) (2)
2312
0.105
2313/3
0.078
2313/1
0.078
2313/2
0.078
0.240
2303
2308
0.236
2329/1
0.089
2329/2
2331/1
0.240
2331/2
2302
0.024
2264
0.020
2333
0.218
2334
0.032
2332
*0.081
2338
0.244
2336
0.048
2337
0.115
2341/1
0.032
2342/1
0238
2342/2
2344/1/1
0.084
2344/1/2
0.021
योग : 2.301
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-भिण्ड-गोपालपुरा मार्ग का मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी, लहार, जिला भिण्ड के कार्यालय में किया जा सकता है .
(4 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , संभागीय प्रबंधक, म. प्र . रोड डेवलपमेन्ट कार्पोरेशन लिमि. , संभाग ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रघुराज राजेन्द्रन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
967 कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिंगरौली , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सिंगरौली, दिनांक 28 अप्रैल 2010
प्र.क्र. 826. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894) संशोधित भू- अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिंगरौली
(ख) तहसील- सिंगरौली
(ग) ग्राम-बिलौंजी भटवा,
पटवारी हल्का नं. करकोसा 21 , रा.नि.मं. बैढ़न (घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.71 , हेक्टेयर.
खसरा नंबर
आवेदित रकबा (हेक्टेयर में) (1)
(2)
0.01
2 जुज
0.03
3 जुज
0.14
5 जुज
0.06
6 जुज
0.08
7 जुज
0.08
8 जुज
0.30
9 जुज
0.05
10जुज
0.11
11 जुज
0.07
12/1 जुज
0.07
13 जुज
0.02
14 जुज
0.04
16 जुज
0.04
17 जुज
0.04
19जुज
0.05
21 जुज
0.07
23जुज
0.06
26 जुज
0.06
27 जुज 968
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
(1)
(2)
0.06
30जुज
0.04
31 जुज
0.04
34जुज
0.16
35जुज
0.09
37 जुज
0.26
40जुज
0.15
53जुज
0.15
54/1 जुज
54/2
0.11
0.31
55जुज
0.40
62जुज
0.01
63जुज
0.06
269 जुज
0.35
271 जुज
272
0.13
0.01
274 जुज
3.71
योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-सासन पावर लिमिटेड की अल्ट्रा मेगा पॉवर परियोजना के लिये कोयला परिवहन हेतु एम.जी.आर. ( कोल कनवेयर ) निर्माण के लिए भूमि एवं उस पर स्थित परिसम्पत्तियों का अर्जन.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , तहसील सिंगरौली ( बैढ़न ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
प्र.क्र. 828.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) संशोधित भू-अर्जन अधिनियम , 1984 की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिंगरौली
(ख) तहसील- सिंगरौली
(ग ) ग्राम- धतुराबरवा, पटवारी हल्का नं, हर्दी 22 रा.नि.मं. बैढ़न
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-5.10 हेक्टेयर.
[भाग 1 खसरा नंबर
आवेदित रकबा ( हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.03
49जुज
0.02
51 जुज
0.04
52जुज
0.01
54/1 जुज
0.01
54/2जुज
0.05
55जुज
0.01
57/1 जुज
0.08
75जुज
0.03
76 जुज
0.05
77 जुज
0.05
78 जुज
0.04
79जुज
0.06
80 जुज
0.03
81जुज
0.01
129जुज
0.02
130जुज
0.03
131 जुज
0.07
132जुज
0.05
133 जुज
0.10
134 जुज
0.05
135/मिन-1 जुज
0.03
135/मिन-2 जुज
0.03
135/मिन-3 जुज
0.06
136 जुज
0.04
138 जुज
0.05
139जुज
0.03
140 जुज
0.01
145 जुज
0.01
146 जुज
0.03
258 जुज
0.02
278 जुज
0.06
279 जुज
0.01
281 जुज
0.10
283जुज
0.08
284 जुज
0.08
285 जुज
0.08
286 जुज
0.07
287 जुज
0.07
288 जुज
289
0.04
0.02
290 जुज
292
0.04
293
0.03
0.02
296 जुज भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
(1)
(2)
0.05
545जुज
0.11
546 जुज
0.20
547/1 जुज
0.12
548 जुज
549
0.10
0.12
550 जुज
0.05
551/2 जुज
0.02
551/3 जुज
0.23
837 जुज
0.15
838 जुज
0.03
839जुज
0.12
841 जुज
0.14
842जुज
0.08
843 जुज
0.05
844 जुज
0.12
845 जुज
0.22
846 जुज
0.10
847 जुज
0.01
979जुजं
0.07
982जुज
0.12
983जुज
0.40
986 जुज
987/1
0.04
987/मिन-2
0.04
0.15
988 जुज
0.16
989 जुज
0.08
990 जुज
0.13
991 जुज
0.01
1001/मिन-1 जुज
0.01
1002/मीन -1 जुज
0.01
1003/मिन-1 जुज
0.01
1003/मिन-2 जुज
योग : 5.10
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- सासन पावर लिमिटेड की अल्ट्रा मेगा पॉवर परियोजना के लिये कोयला परिवहन हेतु एम.जी.आर. ( कोल कनवेयर ) निर्माण के लिए भूमि एवं उस पर स्थितं परिसम्पत्तियों का अर्जन.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , तहसील सिंगरौली ( बैढ़न ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
969 प्र.क्र. 830 - भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद. ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) संशोधित भू-अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क ) जिला-सिंगरौली
(ख) तहसील-सिंगरौली
(ग ) ग्राम- सिद्धिखुर्द , पटवारी हल्का नं. सासन 45 रा.नि.मं. माड़ा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.84 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
आवेदित रकबा ( हेक्टेयर में ) (1)
(2)
0.02
772 जुज
0.05
784/1 जुज
0.02
784/2जुज
0.06
785/1 जुज
0.02
785/2 जुज
0.12
786/1 जुज
0.06
787/1क जुज
0.04
787/ 1ख जुज
0.04
787/2 जुज
0.02
788/1क-1 जुज
0.01
788/1क-2 जुज
0.01
788/1क-3 जुज
0.01
788/1क-4 जुज
0.10
788/1क-5 जुज
0.01
788/5कं -2 जुज
0.07
791/2जुज
791/3क
0.02
0.19
791/3ख जुज
0.05
791/4क जुज
0.24
792/1 जुज
792/2
0.10
0.02
792/3 जुज
0.01
793/1क जुज
0.02
793/1 ख जुज
0.08
793/2क जुज
0.02
793/2ख जुज
0.13
793/3क जुज 970
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
(1)
(2)
0.01 793/3ख -1
0.01 793/3ख -2
793/3ख -3
0.02 793/3ख -4
0.01
0.19 793/4क जुज
0.03 793/4ख जुज
0.03 794/1 जुज
1.84
योग :
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-सासन पावर लिमिटेड की अल्ट्रा मेगा पॉवर परियोजना के लिये कोयला परिवहन हेतु एम.जी.आर. ( कोल कनवेयर ) निर्माण के लिए भूमि एवं उस पर स्थित परिसम्पत्तियों का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी, तहसील सिंगरौली ( बैढ़न ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
प्र.क्र. 832.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) संशोधित भू-अर्जन अधिनियम , 1984 की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- सिंगरौली
(ख) तहसील- सिंगरौली
(ग ) ग्राम- पचौर, पटवारी हल्का नं. करकोसा 21 रा.नि.मं. बैढ़न
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.92 हेक्टेयर .
खसरा नंबर
आवेदित रकबा ( हेक्टेयर में )
(2) (1)
0.02 299/1 जुज
0.10 299/2जुज
0.01 299/3 जुज
0.02 299/4 जुज
0.11 304/2 जुज
-304/3
0.09
(2)
(1)
0.09
304/4 जुज
0.09
312/मिन-1 जुज
0.11
312/मिन-2
0.07
313जुज
0.05
314/1 जुज
0.05
314/2जुज
0.04
314/3 जुज
0.02
315/1 जुज
0.03
315/2जुज
0.01
315/3 जुज
0.12
324 जुज
0.06
325जुज
0.06
326 जुज
0.08
327 जुज
0.09
328/1 जुज
0.08
328/2 जुज
0.41
332जुज
0.01
342जुज
0.04
344/मिन -1 जुज
0.03
344/मिन-2
344/मिन-3
0.03
0.06
351 जुज
0.27
353 जुज
0.20
356 जुज
0.47
357 जुज
योग : 2.92
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-सासन पावर लिमिटेड की अल्ट्रा मेगा पॉवर परियोजना के लिये कोयला परिवहन हेतु एम.जी.आर. ( कोल कनवेयर ) निर्माण के लिए भूमि एवं उस पर स्थित परिसम्पत्तियों का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , तहसील सिंगरौली ( बैढ़न ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
प्र.क्र. 834.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) संशोधित भू-अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की भाग 1 ]
971
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिंगरौली
(ख ) तहसील- सिंगरौली
(ग) ग्राम- हिर्रवाह पटवारी हल्का नं. हिर्रवाह 20 , रा.नि.मं. अमिलिया
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.96 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
आवेदित रकबा ( हेक्टेयर में ) (1)
(2)
0.05 111 जुज
0.01 183जुज
0.02 189जुज
0.05 190/1 जुज
0.03 190/2 जुज
0.08 191 जुज
0.11 192जुज
0.05 198 जुज
0.01 216 जुज
0.01 217 जुज
0.17 221/1 जुज
0.17 221/2 जुज
0.01 230 जुज
0.01 231 जुज
0.01 232जुज
0.01 233 जुज
0.01 234/1/क जुज
0.01 234/1/ख जुज
234/2
0.01
0.02 235/1 जुज
(1)
(2)
235/1 /क
0.01
0.01
235/1 /ख
0.01
235/2 जुज
0.02
235/3
0.03
245 जुज
0.03
246 जुज
0.02
248 जुज
0.04
249जुज
0.02
252जुज
0.04
254 जुज
0.01
255 जुज
0.02
256 जुज
0.01
257 जुज
0.01
258 जुज
0.01
259 जुज
0.02
260 जुज
0.04
261 जुज
0.04
263 जुज
0.03
264 जुज
0.03
265 जुज
0.10
266 जुज
0.03
267 जुज
0.03
268 जुज
0.10
269 जुज
0.09
270 जुज
0.05
271/1 जुज
0.02
271/2 जुज
0.03
272जुज
0.03
273 जुज
0.03
274 जुज 972
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
(1)
(2)
0.03 275जुज
0.04 276 जुज
0.03 277/1 जुज
0.01 277/2 जुज
0.06 278 जुज
0.03 279जुज
0.03 280 जुज
0.03 281 जुज
0.05 282जुज
0.02 283 जुज
0.02 284 जुज
0.12 285जुज
0.26 2080 जुज
0.13 2081 जुज
0.01 2103/2 जुज
0.02 2106/1 जुज
0.03 2130 जुज
0.03 2328 जुज
0.05 2338
0.04 2343 जुज
0.11 2344 जुज
योग : 2.96 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-सासन पावर लिमिटेड की अल्ट्रा मेगा पॉवर परियोजना के लिये कोयला परिवहन हेतु एम.जी.आर. ( कोल कनवेयर ) निर्माण के लिए भूमि एवं उस पर स्थित परिसम्पत्तियों का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी, तहसील सिंगरौली ( बैढ़न ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रायसेन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रायसेन, दिनांक 29 अप्रैल 2010
क्र. 3543- प्र.क्र. 2 -अ-82-2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि कलियासोत नदी के पानी के उत्सर्जन एवं वितरण हेतु पाइप लाईन बिछाने एवं पम्पगृह निर्माण एवं आवागमन के रास्ते हेतु उद्योग विभाग हेतु आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रायसेन
(ख) तहसील- गौहरगंज
(ग) ग्राम- मण्डीदीप
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.00 एकड़
अर्जित रकबा खसरा नंबर कुल रकबा
(एकड़ में)
(एकड़ में)
(2)
(3)
(1)
1.00
10/2/2
6.84
योग : 6.84 1.00
(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन- कलियासोत नदी के पानी के उत्सर्जन एवं वितरण हेतु पाइप लाईन बिछाने एवं पम्पगृह निर्माण एवं आवागमन के रास्ते हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं अर्जित की जाने वाली भूमि काविवरण अनुविभागीय अधिकारी , गौहरगंज के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुनीता त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
973
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
भाग 1 ]
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 19 अप्रैल 2010
क्र. 374-गोपनीय- 2010-दो-3-1-2010 ( भाग-बी ) .- न्यायिक अधिकारियों जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है , को न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में पांच दिवसीय " Application of Information and Communication Technology to District Judiciary" जो दिनांक 3 मई 2010 से 7 मई 2010 तक की अवधि के लिये आयोजित है, हेतु संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान, संस्थान, प्रथम तल , उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 3 मई 2010 को प्रातःकाल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है.
प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी:-
1. अपरिहार्य मामलों को छोड़कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा. समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजा जावे, जिससे कि निदेशक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें.
2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानं, प्रथम तल , उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 3 मई 2010 को प्रातः काल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें.
3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट, ग्रे पेंट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होवें. महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाउज व काले कोट में उपस्थित होवें.
4. टी.ए. एवं डी.ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे , जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं.
5. प्रशिक्षण संत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासहीनता माना जावेगा.
6. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन पर टैम्पो ट्रेक्स की व्यवस्था की जावेगी . जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरु होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी. अतः न्यायिक अधिकारी जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के कार्य दिवस में प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच दूरभाष क्रमांक 0761-2628679 पर समयावधि रहते सूचित करें .
7. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिये न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल के व्यवस्था की गई है, जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरु होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी. यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के द्वितीय एवं तृतीय तल पर, स्वास्थ्य कारणों से, ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा , जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी . इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी . ए. एवं डी. ए. क्लेम करने के पात्र होंगे .
8. न्यायिक अधिकारियों को यह निर्देशित किया जाता है कि प्रशिक्षण उपरांत अपनी वापसी की यात्रा का आरक्षण, उन्हें स्वयं ही कराना होगा. इस हेतु प्रशिक्षण संस्थान की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी .
9. न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय , नाश्ता तथा दोपहर एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.
10. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे अपने साथ Laptop Computers with Peripherals एवं Software CDs प्रशिक्षण सत्र में साथ लावें. साथ ही ई -कमेटी द्वारा प्रदाय की गई अध्ययन सामग्री व उच्च न्यायालय द्वारा प्रदाय किया गया "लेपटाप संचालन मार्गदर्शिका " भी साथ लेकर आवें .
जबलपुर, दिनांक 23 अप्रैल 2010
क्र. 395 -गोपनीय- 2010-दो- 3-46-2010.- कुमारी कविता माथुर, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , सागर का विवाह , श्री दीप खरे के साथ होने के फलस्वरूप, उनकी प्रार्थनानुसार उनका नाम कुमारी कविता माथुर के स्थान पर " श्रीमती कविता दीप खरे, " पत्नी श्री दीप खरे परिवर्तित करने की एतद्वारा अनुमति प्रदान की जाती है. उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका परिवर्तित नाम अंकित किया जावे.
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,
टी. के. कौशल , रजिस्ट्रार जनरल.
[भाग 1 974
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
जबलपुर, दिनांक 23 अप्रैल 2010
क्र. E- 1749-दो-2-23 09-डॉ. अनिल पारे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , श्योपुर को दिनांक 29 मार्च से 1 अप्रैल 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 28 मार्च 2010 के एवं पश्चात् में दिनांक 2 अप्रैल 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर डॉ. अनिल पारे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , श्योपुर को श्योपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
क्र. E- 1741-दो-2-49-09-श्री जगदीश बाहेती , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, खण्डवा को दिनांक 17 से 23 मई 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके सात दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 24 मई से 7 जून 2010 तक पन्द्रह दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश एवं दिनांक 8 जून से 26 जून 2010 तक, उन्नीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 16 मई 2010 के एवं पश्चात् में दिनांक 27 जून 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमत्ति प्रदान की जाती है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
अवकाश से लौटने पर श्री जगदीश बाहेती , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , खण्डवा को खण्डवा को पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि डॉ. अनिल पारे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री जगदीश बाहेती उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. E- 1751- दो -3-48-2001.- श्री एस. एम. श्रीवास्तव , प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , सागर को दिनांक 1 से 11 फरवरी 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए ग्यारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 12 , 13 एवं 14 फरवरी 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री एस. एम. श्रीवास्तव , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , सागर को सागर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
क्र. E- 1743-दो- 2-93-06.- सुश्री सुषमा खोसला, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , दमोह को मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक 3 ( ए) 19-03- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 8 अप्रैल 2008 से 8 अप्रैल 2010 तक 2 वर्ष की ब्लाक अवधि के लिये 30 दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
क्र. E- 1747- दो-2-18-ए- 2009- श्री एस. के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बुरहानपुर को निम्नानुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस. एम . श्रीवास्तव, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
( 1 ) दिनांक 9 से 12 मार्च 2010 तक चार दिन का अर्जित अबकाश स्वीकृत किया जाता है .
(2) दिनांक 25 मार्च से 6 अप्रैल 2010 तक तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 24 मार्च 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
क्र. E- 1753-दो- 3-61-2000- श्री अशोक कुमार शर्मा , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , ग्वालियर को दिनांक 29 मार्च से 1 अप्रैल 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 2 अप्रैल 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री एस. के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बुरहानपुर को बुरहानपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री अशोक कुमार शर्मा , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस. के. जैन, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
भाग 1 ]
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अशोक कुमार शर्मा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. E- 1759-दो - 2-49-2007.- श्री गिरीश कुमार शर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन को दिनांक 25 से 31 मार्च 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके सात दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री गिरीश कुमार शर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , उज्जैन को उज्जैन को पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री गिरीश कुमार शर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. E- 1761-दो-2-23-09.-डॉ. अनिल पारे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , श्योपुर को दिनांक 8 से 9 मार्च 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 7 मार्च 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर डॉ. अनिल पारे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर को श्योपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
प्रमाणित किया जाता है कि डॉ. अनिल पारे उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. B - 1840-दो-3-122-2000- श्री एम. ए. सिद्दीकी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मण्डला को दिनांक 3 से 6 मार्च 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 27 फरवरी से 2 मार्च 2010 तक के एवं पश्चात् में दिनांक 7 मार्च 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री एम. ए. सिद्दीकी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डला को मण्डला पुनः पदस्थापित किया जाता है .
975
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री एम.. ए. सिद्दीकी, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातें तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. B - 1844-दो-2-21-05- श्री उल्हास बापट, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , झाबुआ को दिनांक 19 से 27 अप्रैल 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 18 अप्रैल 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री उल्हास बापट, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, झाबुआ को झाबुआ पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री उल्हास बापट की उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 1226-दो-3-10-06. श्री बी. एस. परमार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बालाघाट को दिनांक 12 से 17 अप्रैल 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 18 अप्रैल 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री बी. एस. परमार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालाघाट को बालाघाट पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री बी. एस . परमार, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 1228-दो-3-53 99.- श्रीमती विमला जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , राजगढ़ - ब्यावरा को दिनांक 15 से 24 अप्रैल 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृतं किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 25 अप्रैल 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
[भाग 1 976
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
जबलपुर, दिनांक 16 अप्रैल 2010 अवकाश से लौटने पर श्रीमती विमला जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , राजगढ़ - ब्यावरा को राजगढ़ - ब्यावरा पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. बी-1745- तीन-10-42-75 ( सतना- रामपुर बाघेलान ) .- मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की अधिसूचना क्र. डी- 3838- तीन- 10-42-75 ( सतना- रामपुर बाघेलान ) दिनांक 28 अक्टूबर 2009 जहां तक कि उसका संबंध तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग- 2 सतना की श्रृंखला न्यायालय, रामपुर बाघेलान से है , को एतद्वारा निरस्त किया जाता है .
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती विमला जैन , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. C- 1230- दो- 2-11-2004.- श्रीमती आराधना चौबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सागर को दिनांक 17 फरवरी से 9 मार्च 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके इक्कीस दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
No. B - 1745 - III - 10-42-75 ( Satna - Rampur Baghelan) . High Court of Madhya Pradesh Notification No. D - 3838 - III - 10-42-75 ( Satna- Rampur- Baghelan) dated 28th October 2009 , so far as it relates to holding of Link Court of IIIrd Civil Judge Class II , Satna to Rampur Baghelan is hereby stand cancelled .
अवकाश से लौटने पर श्रीमती आराधना चौबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सागर को सागर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. बी- 1747-तीन-10-42-75 ( दमोह - पथरिया ) .- मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की अधिसूचना क्र. सी-703- तीन- 10-42-75 (दमोह - पथरिया) दिनांक 3 मार्च 2009 जहां तक कि उसका संबंध तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 दमोह की श्रृंखला न्यायालय , पथरिया से है, को एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती आराधना चौबे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,
ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.
No. B - 1747 - III - 10-42-75 ( Damoh- Pathariya) .-High Court of Madhya Pradesh Notification No. C - 703 - III- 10-42-75 (Damoh -Pathariya ) dated 3rd March 2009 , so far as it relates to holding of Link Court of IIIrd Civil Judge , Class II , Damoh to Pathariya is hereby stand cancelled.
जबलपुर, दिनांक 26 अप्रैल 2010
क्र. C- 1292-दो-2-57-2009.- श्री फसाहत हुसैन काजी, रजिस्ट्रार ( आई. टी. ) उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 25 मार्च से 1 अप्रैल 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
क्र. बी- 1749- तीन-10-42-75 ( दमोह- पथरिया) .- मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय एतद्वारा , निर्देशित करता है कि श्री एस . बी. साहू, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , दमोह अपने घोषित कार्यस्थल दमोह के अतिरिक्त पथरिया में भी जिला एवं सत्र न्यायाधीश , दमोह द्वारा समय - समय पर अनुमोदित तिथियों में कार्य करेंगे .
अवकाश से लौटने पर श्री फसाहत हुसैन काजी, रजिस्ट्रार (आई. टी. ) उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होंगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री फसाहत हुसैन काजी , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो रजिस्ट्रार ( आई. टी. ) के पद पर कार्यरत रहते.
No. B - 1749 - III - 10-42-75 ( Damoh- Pathariya) .-In exercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Court Act , 1958 (Act No. 19 of 1958 ) the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that Shri Ş . B. Sahu , IInd Civil Judge , Class - 1 , Damoh in addition to his place of sitting declared at Damoh shall also sit at Pathariya on such dates as may be approved by the District and Sessions Judge , Damoh from time to time .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, टी. के. कौशल , रजिस्ट्रार जनरल.
भाग 1 ]
977
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
No. B - 1753 - III - 6-3-57 - X -- In exercise of the powers conferred by sub- section (2 ) of Section 11 of the Code ofCriminal Procedure , 1973 (Act No. 2 of 1974 ) and in supersession of its Notification No. C - 845 - III- 6-3-57- VIII , Jabalpur dated 14th March 2007 , the High Court of Madhya Pradesh hereby appoints the Judicial Magistrate First Class shown in Column No. (2 ) of the Table below to be the Presiding Officer of the Court of Special Magistrate established by the Government of Madhya Pradesh for the trial of offences of Railway Property (Unlawful Possession) Act, 1966 ( No. 29 of 1966) and under Section 137 to 147 , 150 to 157 , 159 to 168 , 172 to 176 of the Indian Railways Act , 1989 (Act No. 24 of 1989 ) and for all other penal provisions of this Act in which Judicial Magistrate First Class can take cognizance , arising out of territorial jurisdiction of Railway Lands running through the territories of Revenue Districts shown in Column No. (4) of the said table with effects from the date of his assumption of charge of his office namely :-
TABLE
S. No.
Local Area Name of Magistrate
Head quarter
(1)
(2)
(4)
(3)
Indore
1 Shri Ayaz
Mohammad XIIth Civil Judge, Class - I/ JMFC, Indore .
Indore/Dewas/Ujjain Bhopal/Shajapur/ Guna/Ashok Nagar/ E. N. Khandwa/ Burhanpur/Khargone/ Sehore/Vidisha/Ratlam Jhabua/ Alirajpur/ Mandsaur /Neemuch/ Rajgarh/ W.N.Mandleshwar .
जबलपुर, दिनांक 21 अप्रैल 2010
क्र. बी-1781-तीन-10-42-75 ( रायसेन सिलवानी) . मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की अधिसूचना क्र. डी- 4488-तीन-10-42-75 (रायसेन-सिलवानी ) दिनांक 9 दिसम्बर 2009 जहां तक कि उसका संबंध प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 रायसेन के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश स्थान गैरतगंज की श्रृंखला न्यायालय , सिलवानी से है, को एतद्वारा निरस्त किया जाता है .
No. B - 1781 - III- 10-42-75 ( Raisen- Silwani) . High Court of Madhya Pradesh Notification No. D- 4488 - III- 10-42-75 ( Raisen - Silwani ) dated 9th December 2009 , so far as it relates to holding of Link Court of Addl . Judge to Ist Civil Judge Class - I , Raisen at Gairatgunj to Silwani is hereby stand cancelled.
जबलपुर, दिनांक 24 अप्रैल 2010
क्रः ई-1771-तीन-10-42-75 ( होशंगाबाद- पिपरिया ) .- मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की अधिसूचना क्र. ए- 388- तीन-10-42-75 ( होशंगाबाद- पिपरिया ) दिनांक 18 जनवरी 1992 जहां तक कि उसका संबंध व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 पिपरिया की श्रृंखला न्यायालय , पचमढ़ी से है, को एतद्वारा निरस्त किया जाता है .
No. E - 1771 - III - 10-42-75 ( Hoshangabad - Pipariya) .-- High Court of Madhya Pradesh Notification No. A- 388- III- 10-42-75 (Hoshangabad - Pipariya ) dated 18th January 1992, so far as it relates to holding of Link Court Civil Judge Class II , Pipariya to Pachmarhi is hereby stand cancelled.
क्र.ई - 1773- तीन- 10-42-75 ( होशंगाबाद- पचमढ़ी ) .- मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , एतद्वारा निर्देशित करता है कि व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , पिपरिया अपने घोषित कार्यस्थल पिपरिया के अतिरिक्त पचमढ़ी में भी जिला एवं सत्र न्यायाधीश, होशंगाबाद द्वारा समय- समय पर अनुमोदित तिथियों में कार्य करेंगे.
No. E - 1773 - III - 10-42-75 ( Hoshangabad- Pachmarhi) .-In exercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Court Act , 1958 (Act No. 19 of 1958) the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that Civil Judge , Class - I , Pipariya in addition to his place of sitting declared at Pipariya shall also sit at Pachmarhi on such dates as may be approved by the District and Sessions Judge , Hoshangabad from time to ime .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, अभय कुमार, रजिस्ट्रार.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
978
जबलपुर, दिनांक 12 अप्रैल 2010
क्र. 339-गोपनीय - 2010- दो- 3-1-2010 ( भाग- बी ).- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 एवं न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है:-
कहां से नाम
क्रमांक
(3) (2)
(1)
कोतमा 1 श्री नीरज कुमार सोनी
2 श्री त्रिवेणी प्रसाद सोंधिया
होशंगाबाद
रायसेन 3 श्री हरीश कुमार वानवंशी
सारणी
कहां को
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी पदस्थापना के जिले का नाम
(6)
(5)
(4)
राजेन्द्रग्राम अनूपपुर
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से.
सागर
बीना
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
रायसेन
गैरतगंज
व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
टिप्पणी.- रजिस्ट्री के आदेश क्रमांक 300 - गोपनीय-2010 , दो-3-1-2010 ( भाग - बी ) दिनांक 1 अप्रैल 2010 जहां तक इसका संबंध श्री त्रिवेणी प्रसाद सोंधिया , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 होशंगाबाद का होशंगाबाद से राजेन्द्रग्राम, जिला अनूपपुर स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
जबलपुर , दिनांक 15 अप्रैल 2010
क्र. 362- गोपनीय- 2010- दो-3-1-2010 ( भाग -ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 तथा न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है :-
कहां से नाम
क्रमांक
(3) (2)
(1)
1
बैढ़न श्री महेन्द्र कुमार त्रिपाठी
नौगांव 2 श्री धनराज दुबेला
खण्डवा 3 श्रीमती मनीषा बसेर
सारणी
न्यायालय में पदस्थापना के कहां को
संदर्भ में टिप्पणी पदस्थापना के जिले का नाम
(6)
(5)
(4)
त्यौंथर
रीवा
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 की हैसियत से.
ब्यावरा
राजगढ़
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 की हैसियत से.
शाजापुर
शाजापुर
व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 शाजापुर के न्यायालय की द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश , शाजापुर की हैसियत से.
भाग 1 ]
979
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
(1)
(2)
(3) 4 श्रीमती निहारिका सिंह
उज्जैन 5 श्रीमती पावस श्रीवास्तव
बुरहानपुर (4)
(6)
(5)
उज्जैन
बड़नगर
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 की हैसियत से.
रतलाम
रतलाम
चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 की हैसियत से.
टिप्पणी.- श्रीमती पावस श्रीवास्तव, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , बुरहानपुर का स्थानांतरण स्वयं के व्यय पर किया गया है.
टिप्पणी.- रजिस्ट्री के आदेश क्रमांक 299- गोपनीय-2010 , दो-3-1-2010 ( भाग - ए) , दिनांक 1 अप्रैल 2010 जहां तक इसका संबंध-
(1) श्री महेन्द्र कुमार त्रिपाठी, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , बैढ़न, जिला सीधी से बड़नगर, जिला उज्जैन.
(2) श्री धनराज दुबेला, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , छतरपुर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश , स्थान- नौगांव , जिला छतरपुर से त्यौंथर , जिला रीवा.
(3) श्रीमती मनीषा बसेर, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 खण्डवा से ब्यावरा, जिला राजगढ़.
(4) श्रीमती निहारिका सिंह, षष्ठम् व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , उज्जैन से रतलाम , स्थानांतरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
क्र. 363 -गोपनीय- 2010- दो- 3-1-2010 ( भाग- बी ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 एवं न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है:-
क्रमांक
नाम
कहां से (1)
(2)
(3) 1
श्री पंकज श्रीवास्तव
बुरहानपुर 2 श्री विवेक सक्सेना
इन्दौर सारणी
न्यायालय में पदस्थापना कहां को पदस्थापना के जिले का नाम
के संदर्भ में टिप्पणी (4)
(5)
(6)
रतलाम
रतलाम
तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
बुरहानपुर
बुरहानपुर
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , बुरहानपुर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.
टिप्पणी. श्री पंकज श्रीवास्तव, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , बुरहानपुर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश , बुरहानपुर, का स्थानांतरण स्वयं के व्यय पर किया गया है.
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, टी. के. कौशल, रजिस्ट्रार जनरल.
980
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
[भाग 1
राज्य शासन के आदेश
आवास एवं पर्यावरण विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 27 अप्रैल 2010
क्र. एफ- 3-6-2010- बत्तीस. मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 23 " क " की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ-3-6-2010 - बत्तीस, दिनांक 26 फरवरी 2010 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रकाशित भोपाल विकास योजना 2005 में निम्नलिखित उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे एवं शर्तें निम्नानुसार हैं :-
उपांतरण विवरण
क्रमांक
ग्राम
खसरा क्रमांक
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू-उपयोग (1)
(2)
(3)
(4)
विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग (5)
(6) 1
ग्राम भानपुरा
71, 72
आवासीय
वाणिज्यिक ( कृषि उपज मंडी) .
कुल योग 3.93 हेक्टेयर
3.93 हेक्टेयर
2. उपरोक्त उपांतरण भोपाल विकास योजना 2005 का एकीकृत भाग होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वर्षा नावलेकर , उपसचिव.
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर , जिला धार , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
धार, दिनांक 24 अगस्त 2009
क्र. 8379 - भू-अर्जन- 2009.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील ग्राम का नाम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) धार
बदनावर मांगल्या
7.271
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , धार.
मांगल्या तालाब निर्माण योजना अन्तर्गत डूब प्रभावित होने से.
योग ..7.271
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , बदनावर तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , धार ( म. प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 मई 2010
981
धार, दिनांक 21 अप्रैल 2010
क्र. 4517-भू- अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की. धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील ग्राम का नाम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) धार
बदनावर
0.888
करणपुरा
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , धार.
आसराकुण्ड तालाब की नहर निर्माण अन्तर्गत डूब प्रभावित होने से .
योग .. 0.888
(2 ) भूमि का नवशा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , अनुविभाग बदनावर, जिला धार ( म. प्र. ) तथा कार्यपालन यंत्री, 'जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , धार ( म. प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
क्र. 4522 - भू- अर्जन -2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला
भूमि का वर्णन ग्राम का नाम
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा (2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6)
धार
बदनावर
3.980
रूपाखेड़ा
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , धार.
आसराकुण्ड तालाब की नहर निर्माण अन्तर्गत डूब प्रभावित होने से .
योग 3.980
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , अनुविभाग बदनावर, जिला धार ( म. प्र. ) तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , धार ( म . प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
982
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मई 2010
[ भाग 1 क्र. 4527- भू- अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वांछित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम का नाम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )
(2)
(1)
(3)
(4)
(5)
(6) धार
तिलगारा
बदनावर
2.797 कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , धार .
आसराकुण्ड तालाब की नहर निर्माण अन्तर्गत डूब प्रभावित होने से.
योग ..2.797
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , अनुविभाग बदनावर, जिला धार (म. प्र. ) तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , धार ( म. प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.