मध्यप्रदेश शासन
मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल डाक परिमंडल, के पत्र क्रमांक 22/153 , दिनांक 10-1-06 द्वारा पूर्व भुगतान योजनान्तर्गत डाक व्यय की पूर्व अदायगी डाक द्वारा भेजे जाने के लिए अनुमत.
सत्यमेव जयते
पंजी. क्रमांक भोपाल डिवीजन म. प्र. - 108- भोपाल-09-11 .
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 21 ]
भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 21 मई 2010-वैशाख 31 , शक 1932
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.-स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं,
( 2) सांख्यिकीय सूचनाएं,
भाग 4.- (क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक, (ख) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, (2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 3 मई 2010
क्र. ई - 5-456- आयएएस- लीव- एक- 5.- ( 1 ) श्रीमती विजया श्रीवास्तव, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग को दिनांक 21 जून से 3 जुलाई 2010 तक, तेरह दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 19, 20 जून एवं 4 जुलाई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(2 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती विजया श्रीवास्तव को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3 ) अवकाशकाल में श्रीमती विजया श्रीवास्तव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्वमिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती विजया श्रीवास्तव अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.
भोपाल, दिनांक 4 मई 2010
क्र. ई - 5-479 - आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री प्रभांशु कमल , आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को दिनांक 10 से 18 जून 2010 तक, नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 19 , 20 जून 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
1059
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2010 .
1060
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
भोपाल , दिनांक 6 मई 2010 (2) श्री प्रभांशु कमल, की अवकाश की अवधि में श्री प्रभाकर बंसोड़, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , जनशिकायत निवारण तथा सामान्य प्रशासन विभाग (मानव अधिकार ) को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का चालू प्रभार सौंपा जाता है.
क्र. ई - 1-164-2010-5- एक. श्रीमती कारलिन खोंग्वार देशमुख, भाप्रसे ( 1996 ) की सेवाएं भारत सरकार, कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय , कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को उपसचिव, स्कूल शिक्षा एवं सारक्षता विभाग, मानव संसाधन मंत्रालय , नई दिल्ली के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 04 वर्ष के लिये नियुक्ति हेतु सौंपी जाती हैं.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री प्रभांशु कमल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
क्र. ई - 1-208-2009-5- एक. मनोज गोविल, भाप्रसे ( 1991 ) की सेवाएं भारत सरकार , कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को निदेशक, आर्थिक मामलों का विभाग , नई दिल्ली के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 05 वर्ष के लिये नियुक्ति के लिए सौंपी जाती हैं.
(4) श्री प्रभांशु कमल द्वारा प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री प्रभाकर बंसोड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के चालू प्रभार से मुक्त होंगे.
भोपाल , दिनांक 7 मई 2010 (5) अवकाशकाल में श्री प्रभांशु कमल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
क्र. ई- 5-731 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री शिवशेखर शुक्ला, आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को दिनांक 10 से 22 मई 2010 तक, तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रभांशु कमल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री शिवशेखर शुक्ला को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
क्र. ई -5-479 - आयएएस लीव - 5- एक- श्री प्रभांशु कमल, आयएएस. , को दिनांक 8 जून से 6 जुलाई 2009 तक, उन्नतीस दिन तक का लघुकृत अवकाश भारत सरकार द्वारा स्वीकृत किया गया था. उक्त स्वीकृत लघुकृत अवकाश को अर्जित अवकाश में परिवर्तित कर, कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है.
(3 ) अवकाशकाल में श्री शिवशेखर शुक्ला को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
भोपाल , दिनांक 5 मई 2010
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री शिवशेखर शुक्ला अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
क्र. ई- 5-526- आयएएस लीव- 5- एक.- ( 1 ) श्री मनोज झालानी, आयएएस . , आयुक्त- सह- संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र तथा पदेन सचिव, म. प्र. शासन, स्कूल शिक्षा विभाग को दिनांक 10 से 18 मई 2010 तक, नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 8 , 9 मई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
क्र. ई - 1-160-2010-5-एक. श्री आर. परशुराम, भाप्रसे (1978 ) , विकास आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ आगामी आदेश तक, सामाजिक न्याय विभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री मनोज झालानी को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त- सह - संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र तथा पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(2 ) उपरोक्तानुसार श्री आर. परशुराम द्वारा सामाजिक न्याय विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती लवलीन कक्कड़ भाप्रसे ( 1979) , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , सामाजिक न्याय तथा महिला एवं बाल विकास विभाग केवल सामाजिक न्याय विभाग के प्रभार से मुक्त होंगी.
(3) अवकाशकाल में श्री मनोज झालानी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मनोज झालानी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई- 5-772 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री पी. नरहरि, आयएएस. , कलेक्टर, जिला सिंगरौली को दिनांक 17 से 26 मई 2010 तक, दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 15, 16 एवं 27 मई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(2) श्री पी. नरहरि की अवकाश की अवधि में श्री मनोज खत्री , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , सिंगरौली को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर जिला सिंगरौली का प्रभार सौंपा जाता है.
(3) अवकाश से लौटने पर श्री पी. नरहरि को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला सिंगरौली के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4) श्री पी. नरहरि द्वारा कलेक्टर जिला सिंगरौली का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री मनोज खत्री, कलेक्टर , जिला सिंगरौली के प्रभार से मुक्त होंगे.
(5) अवकाशकाल में श्री पी. नरहरि को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री पी. नरहरि अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
भोपाल, दिनांक 10 मई 2010
क्र. ई - 5-666 - आयएएस-लीव- एक-5.- श्री व्ही. एस . निरंजन , आयएएस . , सचिव , मध्यप्रदेश शासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा दिनांक 24 मई से 5 जून 2010 तक तेरह दिन के अर्जित अवकाश पर रहने के कारण उनकी अवकाश अवधि में श्री राघवचन्द्रा, आयएएस. , राहत आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव , राजस्व एवं पुनर्वास, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग तथा पुनर्वास आयुक्त को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ सचिव, मध्यप्रदेश शासन , खेल एवं युवा कल्याण विभाग का प्रभार सौंपा जाता है .
क्र. ई- 5-832- आयएएस- लीव- एक- 5.- ( 1 ) श्री अश्विनी कुमार राय , आयएएस. , सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग को दिनांक 11 से 29 मई 2010 तक, उन्नीस दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 30मई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(2) श्री अश्विनी कुमार राय की अवकाश की अवधि में श्री मनीष रस्तोगी , आयएएस. , आयुक्त कोष एवं लेखा तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक , सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग का प्रभार सौंपा जाता है.
( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री अश्विनी कुमार राय को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव , मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4 ) श्री अश्विनी कुमार राय द्वारा सचिव , मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री मनीष रस्तोगी सचिव, मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे.
1061 (5) अवकाशकाल में श्री अश्विनी कुमार राय को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अश्विनी कुमार राय अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.
भोपाल , दिनांक 1 मई 2010
क्र. ई- 5-763 - आयएएस लीव-5- एक. ( 1 ) श्री सुभाष जैन, आयएएस. , अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग को दिनांक 31 मई से 18 जून 2010 तक, उन्नीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
(2) अवकाश से लौटने पर श्री सुभाष जैन को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्री सुभाष जैन को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री सुभाष जैन अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
भोपाल , दिनांक 5 मई 2010
क्र. ई- 5-846- आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्रीमती रेनूतिवारी , आयएएस. , उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , गृह विभाग को अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है निम्नानुसारः-
1. दिनांक 15 से 19 फरवरी 2010 तक, पांच दिन कार्योत्तर 2. दिनांक 22 से 27 मार्च 2010 तक, छः दिन कार्योत्तर 3. दिनांक 10 से 22 मई 2010 तक तेरह दिन. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 8,9 एवं 23 मई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती रेनू तिवारी को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
( 3 ) अवकाशकाल में श्रीमती रेनू तिवारी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती रेनू तिवारी अवकाश पर नहीं जाती तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , के. सी. पंत, अवर सचिव.
1062
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 21 मई 2010
भोपाल , दिनांक 6 मई 2010
क्र. ई- 1-178-2010-5- एक. नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाए भाप्रसे के अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाए गये पद पर , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है:-
तालिका
क्रमांक
नवीन पदस्थापना
अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना
खाना ( 3 ) में अंकित पद असंवर्गीय होने की दशा में संवर्गीय पद जिसके समकक्ष पदस्थ किया गया है (4) (2)
(3)
(1)
1
श्री शिवानन्द दुबे , भाप्रसे (1996) .
अपर आयुक्त ( राजस्व) , जबलपुर संभाग, जबलपुर तथा संचालक, प्रशिक्षण, जबलपुर. (इस विभाग के आदेश क्रमांक ई -1/ 141/ 2010/5/एक, दिनांक 20-4-2010 जिससे इन्हें उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन पदस्थ किया गया था, को आंशिक रूप से संशोधित करते हुए) .
2
अपर आयुक्त ( राजस्व) , सागर संभाग, सागर .
श्री विनोद सिंह बघेल , भाप्रसे ( 1997 ) . अपर आयुक्त ( राजस्व) इन्दौर संभाग , इन्दौर.
(इस विभाग के आदेश क्रमांक ई -1/ 170/ 2010/5/एक, दिनांक 20-4-2010 जिससे इन्हें अपर आयुक्त ( राजस्व) , जबलपुर संभाग एवं संचालक, प्रशिक्षण , जबलपुर पदस्थ किया गया था, को आंशिक रूप से संशोधित करते हुए) .
3
उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन
आयुक्त, नगरपालिक निगम, ग्वालियर
श्री एन.बी.एस. राजपूत, भाप्रसे ( 1999 ) , अपर आयुक्त, आदिवासी विकास, भोपाल.
4
श्रीमती रेणू पंत, भाप्रसे (2000) .
कलेक्टर, बुरहानपुर (इस विभाग के आदेश क्रमांक ई -1/ 141 / 2010/5/एक, दिनांक 20-4-2010 जिससे इन्हें अपर आयुक्त, वाणिज्यिक कर, इन्दौर पदस्थ किया गया था, को आंशिक रूप से संशोधित करते हुए) .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,
अवनि वैश्य, मुख्य सचिव .
भाग 1 ]
1063
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल, दिनांक 4 मई 2010
क्र. एफ. 3-17-99 - छः- राज्य शासन , एतद्वारा मां शारदा देवी मंदिर अधिनियम , 2002 के नियम 6 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मां शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति का पुनर्गठन तीन वर्ष के लिए निम्नानुसार किया जाता है:-
अध्यक्ष 1. कलेक्टर, सतना
2. अध्यक्ष, जनपद पंचायत , मैहर सदस्य जिला सतना.
सदस्य 3. सरपंच ग्राम पंचायत अरकण्डी विकास खण्ड मैहर, सतना.
सदस्य 4. पुलिस अधीक्षक, सतना
सदस्य 5. वन संरक्षक, सतना
सदस्य 6. अनुविभागीय अधिकारी , मैहर
सदस्य 7. कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, सतना.
सदस्य ( पुजारी ) 8. श्री देवी प्रसाद पुत्र स्व. श्री शारदा प्रसाद पाण्डेय निवासी पुरानी बस्ती, मैहर.
सदस्य 9 . श्री सनद गौतम तनय श्री जगन्नाथ गौतम ग्राम उदयपुर पो . अरकंडी तहसील मैहर.
सदस्य 10. श्री रविनन्द मिश्रा ज्ञान कालोनी वार्ड नं. 15 मैहर.
सदस्य 11. श्री कमलेश सुहाने ग्राम पथरटा पो. सभागंजा मैहर
सदस्य 12. श्री देवेन्द्र पाण्डेय ग्राम पोस्ट अरकंडी, मैहर
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , प्रभा चौधरी , उपसचिव.
गृह विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 6 मई 2010
क्र. एफ. 1 ( ए) 398-1988- ब- 2- दो. डॉ. विजय कुमार, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक (कार्मिक ) , पुमु. , भोपाल को दिनांक 17 से 29 मई 2010 तक, कुल तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा दिनांक 15, 16 एवं 30 मई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
2. डॉ. विजय कुमार. भापुसे को उक्त अवकाश अवधि में खंडवर्ष 2008-09 ( विस्तार वर्ष 2010 )में अवकाश यात्रा सुविधा के अंतर्गत परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ " यमतॉग " (सिक्किम) जाने की अनुमति दी जाती है : -
स्वयं 1. डॉ. विजय कुमार, भापुसे
पत्नी 2. श्रीमती प्रणती
पुत्री 3. कुमारी आशीन
4. मा.विवेक विजय कुमार पुत्र 3. 6वें वेतन आयोग की अनुशंसा अनुसार डॉ. विजय कुमार, भापुसे , को उक्त अवकाश यात्रा सुविधा का उपभोग करने पर 10 दिन की दर से अर्जित अवकाश के नगदीकरण की अनुमति वर्तमान में प्रचलित अवकाश नगदीकरण नियमों के अंतर्गत प्रदान की जाती है. इस नगदीकरण के फलस्वरूप उनके अर्जित अवकाश खाते से उक्त पैरा-2 में वर्णित अर्जित अवकाश के अतिरिक्त 10 दिन का और अर्जित अवकाश घटाया जायेगा.
4. डॉ. विजय कुमार, भापुसे की उक्त अवकाश की अवधि में श्री योगेश मुदगल , भापुसे, उपपुलिस महानिरीक्षक ( प्रशासन ) को वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, पुलिस महानिरीक्षक (कार्मिक) , पु.मु. , भोपाल के पद का प्रभार सौंपा जाता है.
5. डॉ. विजय कुमार, भोपाल द्वारा पुलिस महानिरीक्षक ( कार्मिक) पुमु. भोपाल के पद का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री योगेश मुदगल , भापुसे , उप पुलिस महानिरीक्षक ( प्रशासन ) उक्त प्रभार से मुक्त होंगे .
6. अवकाश से लौटने पर डॉ. विजय कुमार, भापुसे, को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक ( कार्मिक ) , पुमु. , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
7. अवकाश काल में डॉ. विजय कुमार, भापुसे. , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
8. प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री बी. मारिया कुमार, भापुसे. , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजन कटोच, प्रमुख सचिव.
1064
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
[भाग 1
भोपाल , दिनांक 10 मई 2010 गृह ( पुलिस ) विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 7 मई 2010
क्र. डी- 5-101-09- चौदह-3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड (3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 10 मई 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. बघेल, अपर सचिव.
Bhopal , the 10th May 2010 क्र. एफ. 3-2-10- बी-3-दो. राज्य शासन, एतद्वारा , डॉ. अशोक शर्मा, सीनियर फोरेन्सिक स्पेशलिस्ट ( मेडिकल ) , मेडिकोलीगल संस्थान , भोपाल को पदोन्नत कर वेतनबैंड -4 रुपये 37,400- 67,000+ ग्रेड-पे 8,700/- में, कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अस्थायी रूप से आगामी आदेशपर्यन्त, संयुक्त संचालक/प्राध्यापक के पद पर मेडिकोलीगल संस्थान, भोपाल में पदस्थ किया जाता है.
2. उपरोक्त पदोन्नति मध्यप्रदेश सिविल सेवा ( सेवा की सामान्य शर्तें) , नियम 1961 के अंतर्गत 02 वर्ष की परीक्षण अवधि के लिए होगी.
No. D - 05-101-2009 - XIV - 3.- In exercise of powers conferred by sub- section 1 ( f) of Section 41 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 ( No. 24 of 1973) , the State Government hereby nominates the following Members of Legislative Assembly of Madhya Pradesh to the Madhya Pradesh State Agriculture marketing board in addition to the ex- officio members : - मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. के. वाधवानी, अवर सचिव.
1. Shri Abhay Kumar Mishra , Member of Legislative Assembly, white House , Arjun Nagar, Rewa ( M.P. ) किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
2. Shri Balkrishn Patidar , Member of Legislative Assembly , Gram-Temla , Dist .- Khargon ( M.Ρ. ) .
भोपाल , दिनांक 10 मई 2010
By order and in the name of the Governor of the Madhya Pradesh ,
B. S. BAGHEL, Addl . Secy .
भोपाल, दिनांक 11 मई 2010 क्र.-डी- 5-101-09-चौदह- 3.- राज्य शासन , एतद्वारा, मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 41 की उपधारा 1 ( च ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, मध्यप्रदेश कृषि विपणन बोर्ड में पदेन सदस्यों के अतिरिक्त निम्नलिखित विधान सभा सदस्यों को नाम- निर्दिष्ट किया जाता है :-
क्र. डी- 15-10-2010- चौदह- 3.-मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम , 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 5 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( क ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक डी-15-3-88- चौदह- 3- बी, दिनांक 30 जुलाई 1988 द्वारा जिला झाबुआ में स्थापित कृषि उपज मंडी समिति जोबट के मंडी क्षेत्र के अन्तर्गत निम्नलिखित स्थान, पर बनी समस्त संरचना, अहाता, खुला स्थान या परिक्षेत्र को उप मंडी प्रांगण घोषित करती है : - 1. श्री अभय कुमार मिश्रा, सदस्य विधान सभा, व्हाईट हाउस , अर्जुन नगर, रीवा, जिला-रीवा ( म.प्र. ).
स्थान
नगर पंचायत, भावरा , तहसील भावरा , जिला झाबुआ के निम्नलिखित खसरा क्रमांक की 2.000 हेक्टर भूमि का क्षेत्र :-
क्रमांक
खसरा क्रमांक
2. श्री बालकृष्ण पाटीदार, सदस्य विधान सभा, ग्राम व पोस्ट टेमला, तहसील खरगौन, जिला-खरगौन ( म.प्र. ) .
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(2)
(1)
(3) मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. बघेल , अपर सचिव .
0.25
1
1629/1
2
1634
0.31 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
(1)
(2)
(3) 3
1630
0.19
1632
4
0.56 5
1633
0.30 6
1635
0.22 7
1639
0.07 8
1640
0.10
2.00
योग ..
जिसकीसीमाएं
उत्तर में
भावरा कढ़ीवाड़ा रोड एवं पुलिस थाना दक्षिण में श्री मगन पिता श्री पुनिया की जमीन पूर्वमें
श्रीमती शारदा बाई की भूमि
पश्चिममें- आम रास्ता.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. बघेल , अपर सचिव.
भोपाल , दिनांक 11 मई 2010
क्र.डी-15-10-2010- चौदह-3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 11 मई 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. बघेल , अपर सचिव.
Bhopal , the 11th May 2010
No. D- 15-10-2010 -XIV- 3 .--In exercise of the powers conferrred by clause ( a) of sub section (2 ) of Section 5 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973) , the State Government here by declare the following areas including all structures , enclosure, open places or locality in the market area for which a market at Jaobut in Jhabua District has been established by this Department's Notification No. D - 15-3-88 - XIV- 3 - B , dated 30th July 1988 shall be sub market yard namely :-
PLACE
An area of 2.000 Hecters land of below Mentioned Khasra Number at Nagar Panchayat Bhavra in Tehsil Bhavra of District Jhabua : -
1065 Khasra No. (2)
Area ( In Hecters) (3)
S. No. (1)
1
0.25 1629/1
2
1634
0.31 3
1630
0.19 4
1632.
0.56 5
1633
0.30 6
1635
0.22 7
1639
0.07 8
1640
0.10
Total . 2.00
BOUNDED BY
On the North by - Bhavra Karhiwada road and police station.
On the Southby- Land of Shri Magan S/ o Shir Puniya.
On the East by- Land of Smt . Shardabai . On the Westby-Main Road.
By Order and in the name of the Governor of the Madhya Pradesh , B. S. BAGHEL, Addl . Secy .
भोपाल, दिनांक 11 मई 2010
क्र. डी- 15-10-2010- चौदह- 3.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 5 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( ख ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 11 मई 2010 के द्वारा घोषित मंडी प्रांगण के संबंध में मंडी समिति जोबट, जिला झाबुआ के निम्नलिखित क्षेत्र को उप मंडी प्रांगण घोषित करती है :-
क्षेत्र
( 1 ) नगर पंचायत भावरा , तहसील भावरा , जिला झाबुआ की सीमाओं के भीतर का क्षेत्र.
(2) मंडी प्रांगण से 5 किलोमीटर की परिधि के भीतर आने वाले निम्नलिखित ग्रामों को समाविष्ट करता हुआ क्षेत्र :-
( 1 ) भावरा , ( 2 ) कुक्षी, ( 3 ) पोची इमली , ( 4 ) बड़ा भावरा , ( 5 ) बिलझर, ( 6 ) भराड़िया , ( 7 ) छोटी फाटा, ( 8 ) बड़ी फाटा, ( 9 ) लिलउमरी , ( 10 ) कालूवाट, ( 11 ) काटकुआ, ( 12 ) बीना , ( 13) टोकरिया झीरण , ( 14 ) गिरधा, ( 15 ) कलियावाव, [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 21 मई 2010
1066
(16 ) रोलीगांव , ( 17 ) कोरियापान, (18 ) छोटीपोल, ( 19 ) छोटा भावटा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. एस. बघेल, अपर सचिव.
भोपाल , दिनांक 11 मई 2010 क्र. डी- 15-10-2010- चौदह- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 11 मई 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. बघेल , अपर सचिव.
Bhopal , the 11th May 2010 No. D- 15-10-2010 - XIV - 3.-In exercise of the powers conferred by clause (b ) of sub - section (2) of Section 5 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government , hereby declare that in the relation to the market yard vide this
Department's notification even number dated 11th May 2010 the following area of Jaobut of district Jhabua shall be sub -Market yard namely :---
AREA
(1 ) An area within the limit of Nagar Panchayat Bhavra in Tehsil Bhavra of District Jhabua.
(2) An area comprising of the following villages within the radious of 5 Kilometers from the market yard namely :-
(1) Bhavra, (2) Kuakchi , ( 3 ) Pochi Imali , (4) Bada Bhavra , ( 5) Biljhar , ( 6 ) Bharidiya , ( 7 ) Chotiphata , ( 8 ) Badiphata , (9 ) Lilumri , (10) Kaaluwat , ( 11 ) Katkuwa, ( 12) Beena , (13 ) Tokariya Jhiran, ( 14 ) Girdha , ( 15 ) Kaliyawav , ( 16 ) Rauligawn , ( 17) Koriyapan , ( 18 ) Chotipole , ( 19 ) Chota Bhawata.
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , B. S. BAGHEL, Addl . Secy .
विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल , दिनांक 1 मई 2010
फा. क्र. 17 (ई ) 13-2010- इक्कीस - ब- ( एक ) .- औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 ( 1940 का 23 ) की धारा 36 क ख की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति के परामर्श से, एतद्वारा , नीचे दी गई सारिणी के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट सेशन न्यायाधीशों को, उसके ( सारणी ) कॉलम ( 3 ) में तत्स्थानी प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट सेशन खण्ड के भीतर के क्षेत्र के लिये अपमिश्रित औषधियों या नकली औषधियों से संबंधित अपराधों के मामलों में विचारण करने हेतु जो उक्त अधिनियम की धारा 13 के खण्ड ( क ) तथा ( ख ) , धारा 22 की उपधारा ( 3 ) , धारा 27 के खण्ड ( क ) तथा ( ग ) , धारा 28, धारा 28क, धारा 28ख तथा धारा 30 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( ख ) के अधीन दण्डनीय है, विशेष न्यायालय के रूप में पदाविहित करता है : -
नामनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय (2)
अनु क्रमांक (1)
1
सेशन न्यायाधीश , अलीराजपुर 2
सेशन न्यायाधीश , अनूपपुर 3
सेशन न्यायाधीश, अशोकनगर 4
सेशन न्यायाधीश, बालाघाट 5
सेशन न्यायाधीश , बड़वानी 6
सेशन न्यायाधीश , बैतूल
7
सेशन न्यायाधीश, भिण्ड 8
सेशन न्यायाधीश , भोपाल सारणी
सेशन खण्ड के भीतर के क्षेत्र (3)
अलीराजपुर
अनूपपुर
अशोकनगर
बालाघाट
बड़वानी
बैतूल
भिण्ड
भोपाल भाग 1 ]
1067
मध्यप्रदेश राजपत्र; दिनांक 21 मई 2010
(1)
(2)
9 सेशन न्यायाधीश, बुरहानपुर
10 सेशन न्यायाधीश , छतरपुर
11
सेशन न्यायाधीश, छिंदवाड़ा
12
सेशन न्यायाधीश , दमोह
13
सेशन न्यायाधीश, दतिया
14
सेशन न्यायाधीश, देवास
15
सेशन न्यायाधीश , धार
16
सेशन न्यायाधीश, डिण्डोरी
17 सेशन न्यायाधीश , पूर्व निमाड़ (खण्डवा ) 18
सेशन न्यायाधीश, गुना
19
सेशन न्यायाधीश, ग्वालियर
20
सेशन न्यायाधीश , हरदा
21
सेशन न्यायाधीश , होशंगाबाद
22
सेशन न्यायाधीश , इन्दौर
23
सेशन न्यायाधीश , जबलपुर
24 सेशन न्यायाधीश , झाबुआ
25
सेशन न्यायाधीश , कटनी
26
सेशन न्यायाधीश, मण्डला
27 सेशन न्यायाधीश , मंदसौर
28 सेशन न्यायाधीश, मुरैना
29 सेशन न्यायाधीश, नरसिंहपुर
30
सेशन न्यायाधीश , नीमच
31
सेशन न्यायाधीश, पन्ना
32
सेशन न्यायाधीश, रायसेन
33 सेशन न्यायाधीश , राजगढ़ ( ब्यावरा ) 34 सेशन न्यायाधीश, रतलाम
35 सेशन न्यायाधीश , रीवा
36
सेशन न्यायाधीश, सागर
37 सेशन न्यायाधीश, सतना
38 सेशन न्यायाधीश , सीहोर
39
सेशन न्यायाधीश , सिवनी
40 सेशन न्यायाधीश , शहडोल
41
सेशन न्यायाधीश, शाजापुर
42 सेशन न्यायाधीश , श्योपुर
43 सेशन न्यायाधीश, शिवपुरी
44
सेशन न्यायाधीश , सीधी
45 सेशन न्यायाधीश , टीकमगढ़
46 सेशन न्यायाधीश , उज्जैन
47
सेशन न्यायाधीश, उमरिया
48
सेशन न्यायाधीश , विदिशा
49 सेशन न्यायाधीश, पश्चिम निमाड़ ( मण्डलेश्वर ) (3)
बुरहानपुर
छतरपुर
छिंदवाड़ा
दमोह
दतिया
देवास
धार
डिण्डोरी
पूर्व निमाड़ (खण्डवा)
गुना
ग्वालियर
हरदा
होशंगाबाद
इन्दौर
जबलपुर
झाबुआ
कटनी
मण्डला
मंदसौर
मुरैना
नरसिंहपुर
नीमच
पन्ना
रायसेन
राजगढ़ ( ब्यावरा )
रतलाम
रीवा
सागर
सतना
सीहोर
सिवनी
शहडोल
शाजापुर
श्योपुर
शिवपुरी
सीधी
टीकमगढ़
उज्जैन
उमरिया
विदिशा
पश्चिम निमाड़ ( मण्डलेश्वर ) 1068
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
F. No. 17 (E) 13-2010- XXI- B ( One ) . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 36AB of the Drugs and cosmetics Act , 1940 ( No. 23 of 1940 ) , the State Government , in consultation with the Chief Justice of the High Court , hereby, designate the Sessions Judges specified in column (2 ) of the Table below as Special Court for area within the session division specified in corresponding entry in column ( 3 ) thereof, to try the cases of offences relating to adulterated drugs or spurious drugs and punishable under clauses a and b of Section 13 , sub- section (3 ) of Section 22 , clauses a and c of Section 27 , Section 28 , Section 28A , Section 28B and, clause b of sub - section ( 1 ) of Section 30 of the said Act :-
TABLE Disignated Special Court (2)
S.No. (1)
1 Sessions Judge , Alirajpur
2 Sessions Judge, Anuppur
3 Sessions Judge , Ashoknagar
4 Sessions Judge , Balaghat
5 Sessions Judge , Barwani
6 Sessions Judge , Betul
7 Sessions Judge , Bhind
8 Sessions Judge , Bhopal
9 Sessions Judge , Burhanpur
10 Sessions Judge , Chhatarpur
11 Sessions Judge , Chhindwara
12 Sessions Judge , Damoh
13 Sessions Judge , Datia
14 Sessions Judge , Dewas
15 Sessions Judge , Dhar
16 Sessions Judge , Dindori
17 Sessions Judge , East Nimar (Khandwa) 18 Sessions Judge , Guna
19 Sessions Judge, Gwalior
20 Sessions Judge , Harda
21 Sessions Judge , Hoshangabad 22 Sessions Judge , Indore
23 Sessions Judge , Jabalpur
24 Sessions Judge , Jhabua
25 Sessions Judge , Katni
26 Sessions Judge , Mandla
27 Sessions Judge , Mandsaur
28 Sessions Judge , Morena
29 Sessions Judge , Narsinghpur
30 Sessions Judge , Neemuch
Area within session division (3)
Alirajpur
Anuppur
Ashoknagar
Balaghat
Barwani
Betul
Bhind
Bhopal
Burahanpur
Chhatarpur
Chhindwara
Damoh
Datia
Dewas
Dhar
Dindori
East Nimar (Khandwa) Guna
Gwalior
Harda
Hoshangabad
Indore
Jabalpur
Jhabua
Katni
Mandla
Mandsaur
Morena
Narsinghpur
Neemuch भाग 1 ]
1069
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
(2)
(1)
31 Sessions Judge, Panna
32 Sessions Judge, Raisen
33 Sessions Judge , Rajgarh (Biora)
34 Sessions Judge , Ratlam
35 Sessions Judge , Rewa
36 Sessions Judge , Sagar
37 Sessions Judge , Satna
38 Sessions Judge , Sehore
39 Sessions Judge , Seoni
40 Sessions Judge , Shahdol
41 Sessions Judge , Shajapur
42 Sessions Judge , Sheopur
43 Sessions Judge , Shivpuri
44 Sessions Judge , Sidhi
45 Sessions Judge, Tikamgarh
46 Sessions Judge , Ujjain
47 Sessions Judge, Umaria
48 Sessions Judge, Vidisha
49 Sessions Judge, West Nimar (Mandleshwar)
भोपाल, दिनांक 12 मई 2010.
(3)
Panna
Raisen
Rajgarh (Biora)
Ratlam
Rewa
Sagar
Satna
Sehore
Seoni
Shahdol
Shajapur
Sheopur
Shivpuri
Sidhi
Tikamgarh
Ujjain
Umaria
Vidisha
West Nimar (Mandleshwar) फा. क्र. 1 (सी) -13 - एट्रोसिटी- इक्कीस - ब (दो ) .- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 4 जून 2008 द्वारा नियुक्त श्रीमती सुनीता चौधरी, विशेष लोक अभियोजक , नीमच की नियुक्ति एतद्वारा एक माह का नोटिस देकर समाप्त की जाती है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान, सचिव.
वन विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल, दिनांक 13 मई 2010
क्र. एफ- 25-11-2010- दस 3. चूंकि, राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग 1 , भोपाल , दिनांक 4 जून 1971 में प्रकाशित इस विभाग कीअधिसूचना क्रमांक 2949 , दिनांक17 मई 1971 द्वारा, भारतीय वन अधिनियम , 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 4 के अधीन नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को आरक्षित वन बनाने का अपना आशय घोषित किया था .
और, चूंकि, उससे संबंधित समस्त दावे इस प्रयोजन के लिये नियुक्त किये गये वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा निपटाये जा चुके हैं और विधि द्वारा अपेक्षित अन्य समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जा चुकी है.
1070
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 21 मई 2010
[ भाग 1 अतएव , भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 20 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार , एतद्वारा , निम्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को इस अधिसूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन होने के दिनांक से आरक्षित वन घोषित करती है : -
अनुसूची
जिला-सागर , तहसील- देवरी , डिवीजन नौरादेही ( व.प्रा. ) सागर, रेंज नौरादेही
वन का नाम
क्षेत्रफल
क्र.
सीमाऐं
क्षेत्रफल
वनखण्ड का नाम
ग्राम का नाम
नया खसरा क्र.
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
भूमि का वर्तमान स्वरूप
पुराना खसरा क्र.
(1) (2)
(3)
(8)
(9) (4) (5) (6) (7)
1
124
29.77
नेगुवां-ब नेगुवां संरक्षित वन 21 8/3
73.38 0.20
उत्तर- कृत्रिम कटी हुई सीमा रेखा ग्राम नेगुवां के सर्वे स्तंभ क्रमांक 13 से 16 तक. पूर्व- डूमर आरक्षित कक्ष क्र. 61 वन सीमा स्तंभ क्रमांक 16 से 1 तक.
73.58 एकड़ या 29.77 हेक्टर.
दक्षिण- कृत्रिम कटी हुई सीमा रेखा ग्राम नेगुवां के सर्वे स्तंभ क्रमांक 1 से 3 तक. पश्चिम-कृत्रिम कटी हुई सीमा रेखा ग्राम नेगुवां के सर्वे स्तंभ क्रमांक 3 से 13 तक.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वी. एन. पाण्डेय, सचिव.
भोपाल , दिनांक 13 मई 2010
क्र. एफ- 25-11-2010- दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्र. एफ- 25-11 - दस- 3-2010, दिनांक 13 मई 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वी. एन. पाण्डेय , सचिव.
Bhopal , the 13th May 2010
No. F - 25-11-2010 - X- 3.- WHEREAS , by this department notification No. 2949 dated 17th May 1971 published in the Madhya Pradesh Gazette , Part I , dated 4th June 1971 the State Government had under section 4 of the Indian forest Act , 1927 ( No. XVI of 1927 ) declared its intention to constitute the land specified in the schedule below as reserved forest ,
AND, WHEREAS , all claims relating to the same have been disposed off by the forest Settlement officer appointed for the purpose and all other formalities required by law have been completed;
NOW, THEREFORE , in exercise of the powers conferred by sub - section ( 1) of section 20 of the Indian Forest Act , 1927 (No. XVI of 1927 ) , the State Government hereby declares the land specified in the schedule below to be a भाग 1 ]
1071
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
reserved forest with effect from the date of publication of this notification in the Madhya Pradesh Gazette :-
SCHEDULE
District- Sagar , Division - Noradehi ( W.L. ) Sagar, Tehsil - Deori , Range - Noradehi
Name of Forest
S. No.
Name of forest Block (2)
Name of Village (3)
(1)
Present Category of lane (4)
old Khasra No. (5) 1
21
73.38
Neguwa B Neguwa Protected Forest
8/3
73.58
or 29.77 Hect.
Boundaries Area
New Khasra No. (7)
Area in Hectare (8)
(9)
Area (6)
124
29.77
0.20
North-Artificial cut Boundary line from Demarcated Pillar No. 13 to 16 of Village neguwa . East-Dumar C. No. 61 Reserve forest boundary from Demarcated Pillar No. 16 to 1 . South- Artificial cut Boundary line from Demarcated Pillar No. 1 to 3 of Village Neguwa . West-Artificial cut Boundary line from
Demarcated Pillar No. 3 to
13 of Village Neguwa .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
V. N. PANDEY , Secy .
भोपाल , दिनांक 14 मई 2010
क्र. एफ 25-13-2010- दस-3 . चूंकि, राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश राजपत्र , भाग 1 , भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 1971 में प्रकाशित इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 3584, दिनांक 24 जून 1971 द्वारा , भारतीय वन अधिनियम , 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 4 के अधीन नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को आरक्षित वन बनाने का अपना आशय घोषित किया था.
और, चूंकि, उससे संबंधित समस्त दावे इस प्रयोजन के लिये नियुक्त किये गये वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा निपटाये जा चुके हैं और विधि द्वारा अपेक्षित अन्य समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जा चुकी है.
अतएव, भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 20 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार एतद्वारा निम्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को इस अधिसूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन होने के दिनांक से आरक्षित वन घोषित करती है :-
अनुसूची
जिला-सागर, तहसील- राहतगढ़ , डिवीजन- दक्षिण सागर ( सामान्य ) , परिक्षेत्र-राहतगढ़
क्र.
वन का नाम
ग्राम का नाम
वनखण्ड का नाम
भूमि का वर्तमान स्वरूप
पुराना खसरा क्र.
(4)
संरक्षित वन (1) 1
(5) 135
(3) मानक चौक
(2) मानक चौक
(6) 48.65 एकड़ या 19.68 हेक्टर
क्षेत्रफल
सीमाएँ
नया खसरा क्र.
क्षेत्रफल (एकड़ में )
क्षेत्रफल (हेक्टरमें)
(9)
(7) 311/1
(8) 19.68 उत्तर- कृत्रिम कटी हुई सीमा रेखा ग्राम मानक चौक के सर्वे स्तंभ क्रमांक 8/77 से 15/85 तक.
1072
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
[भाग 1 (1) (2)
(3) . (4)
(6) (7)
(8)
(9)
(5)
पूर्व- मानक चौक आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 607 के स्तम्भ क्रमांक 15/85 से 18/88 तक.
दक्षिण-मानक चौक आरक्षित
वन क्रमांक 607 के स्तम्भ क्रमांक 18/88 से 1/70 तक एवं कृत्रिम कटी सीमा रेखा ग्राम मानक चौक के सर्वे स्तम्भ क्रमांक 1/70 से 2/71 तक.
पश्चिम- कृत्रिम कटी हुई सीमा रेखा ग्राम मानक चौक के सर्वे स्तंभ क्रमांक 2/71 से 8/77 तक.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वी. एन. पाण्डेय, सचिव.
भोपाल, दिनांक 14 मई 2010
क्र. एफ. 25-13-2010- दस-3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्र. एफ. 25-13- दस-3-2010, दिनांक 14 मई 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,
वी. एन. पाण्डेय, सचिव.
Bhopal , the 14th May 2010
No. F- 25-13-2010- X- 3.-WHEREAS , by this department notification No. 3584 dated 24th June 1971 published in the Madhya Pradesh Gazette , Part I , dated 6th August 1971 the State Government had under section 4 of the Indian forest Act , 1927 ( No. XVI of 1927) declared its intention to constitute the land specified in the schedule below as reserved forest ,
AND , WHEREAS , all claims relating to the same have been disposed off by the forest Settlement officer appointed for the purpose and all other formalities required by law have been completed;
NOW, THEREFORE , in exercise of the powers conferred by sub - section ( 1) of section 20 of the Indian Forest Act , 1927 (No. XVI of 1927) , the State Government hereby declares the land specified in the schedule below to be a reserved forest with effect from the date of publication of this notification in the Madhya Pradesh Gazette :-
SCHEDULE
District- Sagar , Division -South Sagar ( Territorid) , Tehsil-Sagar , Range-Sagar
Boundaries S. No.
Area
Name of Forest
Area in Hectare
Area (Acre)
Name of Village
Name of forest Block (2)
(1)
(3)
old Khasra No. (5)
New Khasra No. (7)
(8)
(9)
Present Category. of lane (4)
(6)
1
311/1
19.68
Manak Chowk
Manak Chowk
Protected 135 Forest
48.65 Acre or 19.68 Hect .
North -Artificial cut Boundary line from Demarcated Pillar No. 8/77 to 15/85 of Village Manak Chowk .
भाग 1 ]
1073
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
(2)
(1)
(3)
(4)
(5)
(6)
(7)
(9)
(8)
East-Boundary from Demarcated Pillar No. 15/85 to 18/88 of Reserve Forest Compartment No. 607 Manak Chowk .
South-Boundary from Demarcated Pillar No. 18/88 to 1/70 of Reserve Forest Compartment No. 607 Manak Chowk to Demarcated Pillar No. 1/70 to 2/71 of Village Manak Chowk .
West-Artificial cut Boundary line from Demarcated Pillar No. 2/71 to 8/77 of Village Manak Chowk.
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
V. N. PANDEY , Secy.
भोपाल , दिनांक 14 मई 2010
क्र. एफ 25-16-2010- दस-3.- चूंकि, राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग 1 , भोपाल , दिनांक 18 जून 1971 में प्रकाशित इस विभाग कीअधिसूचना क्रमांक 2006 , दिनांक17 अप्रैल 1971 द्वारा , भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 4 के अधीन नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को आरक्षित वन बनाने का अपना आशय घोषित किया था.
और, चूंकि, उससे संबंधित समस्त दावे इस प्रयोजन के लिये नियुक्त किये गये वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा निपटाये जा चुके हैं और विधि द्वारा अपेक्षित अन्य समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जा चुकी है.
अतएव, भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 20 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार एतद्वारा निम्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को इस अधिसूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन होने के दिनांक से आरक्षित वन घोषित करती है : -
अनुसूची
जिला-सागर, तहसील- देवरी , वनमंडल-नौरादेही ( वन्यप्राणी ) सागर , वन परिक्षेत्र-नौरादेही
क्र.
वन का नाम
क्षेत्रफल
सीमाऐं
क्षेत्रफल
वनखण्ड का नाम
ग्राम का नाम
पुराना खसरा
नया खसरा क्र.
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
भूमि का वर्तमान स्वरूप
क्र.
(5)
(9)
(1) 1
(2) अरसी-ब
(3) अरसी
(7) 117/1
51
(8) 3.09
(4) संरक्षित वन
(6) 7.65 एकड़
या 03.09 हेक्टर
उत्तर- कृत्रिम कटी हुई सीमा रेखा ग्राम अरसी के सर्वे स्तम्भ क्रमांक 22 से 19 तक. पूर्व- कृत्रिम कटी हुई सीमा रेखा ग्राम अरसी के सर्वे स्तम्भ क्रमांक 19 से 18/1 तक.
[ भाग 1 1074
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
(7)
(9)
(6)
(8)
(2) (3)
(1)
(4) (5)
दक्षिण-अरसी आरक्षित वन सीमा स्तम्भ क्रमांक 18/1 से 23 तक.
पश्चिम- कृत्रिम कटी हुई सीमा रेखा ग्राम अरसी के सर्वे स्तंभ क्रमांक 23 से 22 तक.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वी. एन. पाण्डेय , सचिव.
भोपाल , दिनांक 14 मई 2010
क्र. एफ. 25-16-2010- दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड (3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्र. एफ. 25-16- दस- 3-2010, दिनांक 14 मई 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वी. एन. पाण्डेय , सचिव.
Bhopal , the 14th May 2010
No. F- 25-16-2010 - X - 3.- WHEREAS , by this department notification No. 2006 dated 17th April 1971 published in the Madhya Pradesh Gazette part I , dated 18th June 1971 the State Government had under section 4 of the Indian forest Act, 1927 (No. XVI of 1927 ) declared its intention to constitute the land specified in the schedule below as reserved forest ,
AND, WHEREAS all claims relating to the same have been disposed off by the forest Settlement officer appointed for the purpose and all other formalities required by law have been completed;
NOW , THEREFORE , in exercise of the powers conferred by sub - section ( 1) of Section 20 of the Indian Forest Act , 1927 (No. XVI of 1927) , the State Government hereby declares the land specified in the schedule below to be a reserved forest with effect from the date of publication of this notification in the Madhya Pradesh Gazette : -
SCHEDULE
District - Sagar , Tehsil - Deori , Division - Noradahi (Wild Life) Sagar , Range -Noradahi
Boundaries
Area
Name of Forest
S. No.
Area
Area in Hectare
Name of Village
old Khasra No.
Name of forest Block
(9)
(5)
(6)
New Khasra No. (7)
(2)
Present Category of lane (4)
(3)
(8) 3.09
North-Artificial cut
51
117/1
(1) 1
Arsi-B
Arsi Protacted Forest
7.65 Acre or 03.09 Hectare
Boundary line from Demarcation Pillar No. 22to 19 of Village Arsi East- Artificial cut Boundary Line from Demarcation Pillar No. 19 to 18/1 of Village Arsi
South - Arsi reserved forest Boundary from Pillar No. 18/1 to 23 .
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
(1) (2)
(3)
(4)
(5)
1075 (6)
(7)
(8)
(9)
cut West . Artificial Boundary line from Demarcation Pillar No. 23 to 22 of Village Arsi .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
V. N. PANDEY , Secy .
भोपाल , दिनांक 14 मई 2010
क्र. एफ-25-19-2010 दस-3. चूंकि, राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश राजपत्र , भाग 1 , भोपाल , दिनांक 10 दिसम्बर 1971 में प्रकाशित इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 1996 , दिनांक 17 अप्रैल 1971 द्वारा , भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 4 के अधीन नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को आरक्षित वन बनाने का अपना आशय घोषित किया था.
और, चूंकि, उससे संबंधित समस्त दावे इस प्रयोजन के लिये नियुक्त किये गये वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा निपटाये जा चुके हैं और विधि द्वारा अपेक्षित अन्य समस्त औपचारिताएं पूर्ण की जा चुकी है.
अतएव, भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 20 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार , एतद्वारा , निम्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को इस अधिसूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन होने के दिनांक से आरक्षित वन घोषित करती है :-
अनुसूची
जिला-सागर, तहसील - सागर , वन मंडल- दक्षिण सागर ( सामान्य ) , वनपरिक्षेत्र- सागर
क्र.
वन का नाम
वनखण्ड का नाम
ग्राम का नाम
भूमिका वर्तमान स्वरूप
पुराना खसरा क्र.
(1) (2)
(3)
(4) (5) 1
मोचल मोचल संरक्षित 28/1
वन
क्षेत्रफल
सीमाऐं
क्षेत्रफल नया खसरा क्र.
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6)
(8)
(9)
37.72
(7) 15.
15.26
एकड़
या
15.26 हेक्टर
उत्तर- कृत्रिम कटी सीमा रेखा ग्राम मोचल के सर्वे स्तम्भ क्र. 8/28 से 13/33 तक. पूर्व- कृत्रिम कटी सीमा रेखा ग्राम मोचल के सर्वे स्तम्भ क्र. 13/33 से 19/39 तक.
दक्षिण- कृत्रिम कटी सीमा रेखा ग्राम मोचल के सर्वे स्तम्भ क्र. 19/39 से 1/21 तक. पश्चिम- कृत्रिम कटी सीमा रेखा ग्राम मोचल के सर्वे स्तम्भ
क्र. 1/21 से 8/28 तक.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वी. एन. पाण्डेय , सचिव.
[ भाग 1 1076
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
भोपाल, दिनांक 14 मई 2010
क्र. एफ- 25-19-2010- दस 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्र. एफ- 25-19 - दस - 3-2010 , दिनांक 14 मई 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वी. एन. पाण्डेय, सचिव.
Bhopal , the 14th May 2010
No. F-25-19-2010- X -3.- WHEREAS , by this department notification No. 1996 dated 17th April 1971 published in the Madhya Pradesh Gazette Part I , dated 10th December 1971 , the State Government had under section 4 of the Indian forest Act, 1927 (No. XVI of 1927 ) declared its intention to constitute the land specified in the Schedule below as reserved forest ,
AND, WHEREAS , all claims relating to the same have been disposed off by the forest Settlement officer appointed for the purpose and all other formalities required by law have been completed ;
NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 20 of the Indian Forest Act , 1927 (No. XVI of 1927) , the State Government hereby declares the land specified in the Schedule below to be a reserved forest with effect from the date of publication of this notification in the Madhya Pradesh Gazette :-
SCHEDULE
District- Sagar, Tehsil - Sagar, Division - South Sagar (Territorial ) , Range - Sagar
Boundaries
Area
S. No.
Name of Forest
Area
Area (in hectare)
Name of Village
New Khasra No.
Present Category of lane
Name of forest Block
old Khasra No.
(9 )
(8)
)6( מר (7)
)5(
(3 )
(4)
(2) the
(1)
15.26
15
28/1
1
Mochal
Mochal
Protacted Forest
37.72 Acre or 15.26
Hectare
North.-Artificial cut line from Demarcated Pillar No. 8/28 to 13/33 of Village Mochal East .-Artificial cut line from Demarcated Pillar No. 13/33 to 19/39 of Village Mochal . South. Artificial cut line from Demarcated Pillar No.19/39 to 1/21 of Village Mochal . West.-Artificial cut line from Demarcated Pillar No. 1/21 to 8/28 of Village Mochal .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , V. N. PANDEY , Secy .
भोपाल , दिनांक 14 मई 2010
क्र. एफ 25-20-2010 - दस-3.- चूंकि, राज्य रु. कार ने मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग 1 , भोपाल , दिनांक 21 मई 1971 में प्रकाशित इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 2026 , दिनांक17 अप्रैल 1971 द्वारा , भारतीय वन अधिनियम , 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 4 के अधीन नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को आरक्षित वन बनाने का अपना आशय घोषित किया था.
1077
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
भाग 1 ]
और, चूंकि, उससे संबंधित समस्त दावे इस प्रयोजन के लिये नियुक्त किये गये वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा निपटाये जा चुके हैं और विधि द्वारा अपेक्षित अन्य समस्त औपचारिताएं पूर्ण की जा चुकी है.
अतएव , भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 20 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , निम्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को इस अधिसूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन होने के दिनांक से आरक्षित वन घोषित करती है :-
अनुसूची
जिला-सागर, तहसील- सागर , डिविजन- उत्तर सागर ( सामान्य ) , परिक्षेत्र- खुरई
क्र.
वनखण्ड का नाम
वन का नाम ग्राम का नाम
भूमिका वर्तमान स्वरूप
पुराना खसरा क्र.
(5)
(4)
(1)
1
(2) लोहरी
(3) लोहर्रा संरक्षित वन
162/1 162/7 162/8 162/4
62.52 एकड़ या 25.31 हेक्टर.
क्षेत्रफल
सीमाऐं
नया खसरा क्र.
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
क्षेत्रफल (एकड़ में)
(8)
(6)
(9)
(7) 337/1 334/1 338
24.65 0.16 0.50
60.45 0.40 0.62 1.05
उत्तर- आरक्षित वन की कृत्रिम सीमा रेखा मुनारा क्रमांक 1 से 6 तक. पूर्व- आरक्षित वन की कृत्रिम 25.31 सीमा रेखा मुनारा क्रमांक 6 से 9 तक. दक्षिण- आरक्षित वन की कृत्रिम सीमा रेखा मुनारा क्रमांकै 9 से 16 तक. पश्चिम - आरक्षित वन की कृत्रिम सीमा रेखा मुनारा क्रमांक 16 से 17 तक एवं 1 तक.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वी. एन. पाण्डेय, सचिव.
भोपाल, दिनांक 14 मई 2010
फा. क्र. एफ. 25-20-2010- दस-3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में , इस विभाग की अधिसूचना क्र. एफ. 25-20- दस-3-2010, दिनांक 14 मई 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वी. एन. पाण्डेय, सचिव.
Bhopal , the 14th May 2010
No. F - 25-20-2010- X - 3.- WHEREAS , by this department notification No. 2026 dated 17th April 1971 published in the Madhya Pradesh Gazette Part I , dated 21st May 1971 the State Government had under section 4 of the Indian forest Act, 1927 ( No. XVI of 1927) declared its intention to constitute the land specified in the Schedule below as reserved forest,
AND , WHEREAS , all claims relating to the same have been disposed off by the forest Settlement officer appointed for the purpose and all other formalities required by law have been completed;
1078
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 21 मई 2010
[भाग 1 NOW, THEREFORE , in exercise of the powers conferred by sub- section ( 1 ) of Section 20 of the Indian Forest Act, 1927 ( No. XVI of 1927 ) , the State Government hereby declares the land specified in the Schedule below to be a reserved forest with effect from the date of publication of this notification in the Madhya Pradesh Gazette :-
SCHEDULE
District- Sagar , Tehsil - Sagar , Division - North Sagar ( Territorial ) , Range - Khurai
S. No.
Name of Forest
Name of Village
Name of forest Block (2)
(3)
Present Category oflane (4)
(1)
old Khasra No. (5) 1
162/1 Lohri Loharra
162/7
Protected Forest
162/8
162/4 Area
Boundaries Area
Area (inhectare)
(6)
New Khasra No. (7)
(8)
(9)
60.45
24.65
337/1
North .-Artificial Forest 334/1
0.40
0.16 Boundary line from Pillar 0.62
0.50
338
No. 1 to 6 of Reserved 1.05
forest block.
62.52 Acre
25.31 East.-Artificial Forest 25.31 Hect .
Hect. Boundary line from Pillar
No. 6 to 9 of Reserved forest block .
South . Artificial Forest Boundary line from Pillar No. 9 to 16 of Reserved forest block .
West.- Artificial Forest
Boundary line from Pillar No. 16 to 17 and 1 of Reserved forest block .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
V. N. PANDEY , Secy .
भोपाल , दिनांक 14 मई 2010
क्र. एफ - 25-22-2010- दस -3.- चूंकि, राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग 1 , भोपाल, दिनांक 18 जून 1971 में प्रकाशित इस विभाग कीअधिसूचना क्रमांक 2006 , दिनांक 17 अप्रैल 1971 द्वारा , भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 4 के अधीन नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को आरक्षित वन बनाने का अपना आशय घोषित किया था.
और, चूंकि, उससे संबंधित समस्त दावे इस प्रयोजन के लिये नियुक्त किये गये वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा निपटाये जा चुके हैं और विधि द्वारा अपेक्षित अन्य समस्त औपचारिताएं पूर्ण की जा चुकी है.
अतएव , भारतीय वन अधिनियम , 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 20 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा, निम्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को इस अधिसूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन होने के दिनांक से आरक्षित वन घोषित करती है :-
अनुसूची
जिला-सागर, तहसील - देवरी , वन मंडल- नौरादेही ( वन्यप्राणी ) सागर, वन परिक्षेत्र-नौरादेही
क्र.
वन का नाम
पुराना खसरा वनखण्ड का नाम
ग्राम का नाम
भूमि का वर्तमान स्वरूप
क्र.
(1)
(4)
1
वडा
(5) 1/1 (2) पुटदेही
(3) पुटदेही
झाड संरक्षित वन क्षेत्रफल
सीमाऐं क्षेत्रफल नया खसरा क्र.
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
)و(
(6) 27.87
(8) 11.27
(7) 1 .
उत्तर, पश्चिम- भैंसवाही
आरक्षित वन सीमा स्तम्भ क्रमांक 1 से 15 तक.
एकड़ या 11.27 हेक्टर भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
(1)
(3)
(4)
(2)
(5)
(6)
1079 (7)
(8)
(9)
पूर्व- कृत्रिम कटी सीमा रेखा ग्राम पुटदेही के सर्वे स्तम्भ क्रमांक 15 से 2 तक.
दक्षिण- कृत्रिम कटी सीमा रेखा ग्राम पुटदेही के सर्वे स्तम्भ
क्रमांक 2 से 1 तक.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वी. एन. पाण्डेय, सचिव.
भोपाल , दिनांक 14 मई 2010
फा. क्र. एफ. 25-22-2010- दस-3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में , इस विभाग की अधिसूचना क्र. एफ. 25-22- दस-3-2010, दिनांक14 मई 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वी. एन. पाण्डेय, सचिव.
Bhopal , the 14th May 2010
No. F - 25-22-2010 - X - 3.-WHEREAS , by this department notification No. 2026 dated 17th April 1971 published in the Madhya Pradesh Gazette Part I , dated 18th June 1971 the State Government had under section 4 of the Indian forest Act , 1927 (No. XVI of 1927 ) declared its intention to constitute the land specified in the Schedule below as reserved forest ,
AND, WHEREAS , all claims relating to the same have been disposed off by the forest Settlement officer appointed for the purpose and all other formalities required by law have been completed;
NOW , THEREFORE , in exercise of the powers conferred by subsection ( 1 ) of Section 20 of the Indian Forest Act , 1927 (No. XVI of 1927 ) , the State Government hereby declares the land specified in the Schedule below to be a reserved forest with effect from the date of publication of this notification in the Madhya Pradesh Gazette :-
SCHEDULE
District - Sagar, Tehsil - Deori , Forest Division - Noradehi (Wild life ) , Sagar Forest Range- Noradhi S. No.
Name of Forest
Area
Area Name of Village
Name of forest Block
Present Category oflane
(1) (2)
(3)
(6)
(4)
old Khasra No. (5) 1
Putdehi
1/1 Putdehi
27-87 Acre or 11-27 Hectare
Barha Jharh Protected Forest
Boundaries Area (inhectare)
New Khasra No. (7)
(8)
(9)
1
11.27
Hect.
North , West-Bhaisvahi Reserved cn81 Forest Boundary from Pillar No. 1 to 15 .
cut
East- Artificial
Boundary line from
Survey Pillar No. 15 to 2
ofVillage Putdehi .
South- Artificial cut Boundary line from Survey Pillar No. 2 to 1 ofVillage Putdehi .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , V. N. PANDEY , Secy .
1080
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
भोपाल , दिनांक 14 मई 2010
क्र. एफ- 25-23-2010 - दस-3.- चूंकि, राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग 1 , भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 1971 में प्रकाशित इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 3592 , दिनांक 24 जून 1971 द्वारा , भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 4 के अधीन नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को आरक्षित वन बनाने का अपना आशय घोषित किया था.
और, चूंकि, उससे संबंधित समस्त दावे इस प्रयोजन के लिये नियुक्त किये गये वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा निपटाये जा चुके हैं और विधि द्वारा अपेक्षित अन्य समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जा चुकी हैं .
अतएव , भारतीय वन अधिनियम , 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 20 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , निम्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को इस अधिसूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन होने के दिनांक से आरक्षित वन घोषित करती है :-
अनुसूची
जिला-सागर, तहसील-केसली , डीवीजन- दक्षिण सागर, परिक्षेत्र-केसली
वन का नाम
क्र.
वनखण्ड का नाम
ग्राम का नाम
भूमि का वर्तमान
पुराना खसरा क्र.
स्वरूप
(2)
(3) (4) (5) (1)
1 सागौनी
1
सगौती संरक्षित वन सुहागपुर
(उत्तर)
सीमाऐं क्षेत्रफल
नया खसरा
क्र.
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
क्षेत्रफल (एकड़ में)
(9)
(7)
(8)
(6)
1
1.93
12.80
उत्तर- कृत्रिम कटी सीमा रेखा
0.27
4/1
ग्राम सागौनी सुहागपुर के सर्वे एकड़
स्तम्भ क्रमांक 10 से 1 तक.
0.05
या
4/3
0.83
5
5.17
पूर्व- कृत्रिम कटी सीमा रेखा
0.10
6
हैक्टर
ग्राम सागौनी सुहागपुर के सर्वे
स्तम्भ क्रमांक 1 से 3 तक.
0.06
7
0.13
8
दक्षिण- कृत्रिम कटी सीमा रेखा
0.30
9
ग्राम सागौनी सुहागपुर के सर्वे 15/2
स्तम्भ क्रमांक 3 से 9 तक.
0.39
0.80 पश्चिम-आरक्षित वन क्रमांक 87
1004 गौरझामर के सीमा स्तम्भ
0.31
93
क्रमांक 9 से 10 तक.
5.17
11
योग
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वी. एन. पाण्डेय, सचिव.
भोपाल, दिनांक 14 मई 2010
क्र. एफ- 25-23-2010- दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्र. एफ- 25-23 - दस- 3-2010, दिनांक 14 मई 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वी. एन. पाण्डेय , सचिव.
भाग 1 ]
1081
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
Bhopal , the 14th May 2010
No. F- 25-23-2010 - X-3.-WHEREAS , by this department notification No. 3592 dated 24th June 1971 published in the Madhya Pradesh Gazettet Part I , dated 6th August 1971 the State Government had under section 4 of the Indian forest Act , 1927 (No. XVI of 1927 ) declared its intention to constitute the land specified in the Schedule below as reserved forest ,
AND, WHEREAS , all claims relating to the same have been disposed off by the forest Settlement officer appointed for the purpose and all other formalities required by law have been completed;
NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 20 of the Indian Forest Act, 1927 (No. XVI of 1927) , the State Government hereby declares the land specified in the Schedule below to be a reserved forest with effect from the date of publication of this notification in the Madhya Pradesh Gazette :-
SCHEDULE
District-Sagar , Division-South Sagar , Tehsil-- Sagar , Range- Sagar
S. No.
Name of Forest
(1)
Name of forest Block (2)
Name of Village (3)
Present Category of lane (4)
old Khasra No. (5) 1
1
Protected Forest Saagoni Suhagpur (North)
Saagoni Suhagpur (North)
Boundaries Area
Area
Area . ( in Hectare)
(6)
(8)
(9)
New Khasra No. (7)
1.93
North-Artificial Cut
0.27 Boundaries line from Survey 1 4/1 4/3
0.05
12.80 Acre ог 5.17
5
0.83
Pillar No. 10. to 1 of Village Sagoni Sughapur .
0.10
Hect.
6
East-Artificial Cut 7
0.06 Boundaries line from Survey 8
0.13
Pillar No. 1 to 3 of Village 9
0.30 Sagoni Suhagpur .
0.39
South-Artificial Cut 15/2
87
0.80 Boundaries line from Survey
0.31
93
Pillar No. 3 to 9 of Village Sagoni Suhagpur .
5.17
11
West-Reserve Forest C.No. 1004 Gorjhamar Boundary from Pillar No. 9 to 10 .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , V. N. PANDEY , Secy .
भोपाल, दिनांक 14 मई 2010
क्र. एफ- 25-24-2010- दस 3. चूंकि, राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग 1 , भोपाल , दिनांक 4 जून 1971 में प्रकाशित इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 2957 , दिनांक 18 मई 1971 द्वारा , भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 4 के अधीन नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को आरक्षित वन बनाने का अपना आशय घोषित किया था.
और, चूंकि, उससे संबंधित समस्त दावे इस प्रयोजन के लिये नियुक्त किये गये वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा निपटाये जा चुके हैं और विधि द्वारा अपेक्षित अन्य समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जा चुकी हैं.
1082
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
[ भाग 1 अतएव , भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 20 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , निम्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को इस अधिसूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन होने के दिनांक से आरक्षित वन घोषित करती है :-
अनुसूची
जिला- सागर , तहसील - रहली , वनमंडल नौरादेही ( वन्यप्राणी ) वनमंडल सागर , परिक्षेत्र-मोहली क्र.
वन का नाम
क्षेत्रफल
सीमाऐं
क्षेत्रफल
वनखण्ड का नाम
ग्राम का नाम
नया खसरा क्र.
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
भूमिका वर्तमान स्वरूप
पुराना खसरा क्र.
(9) (1) (2) (3)
(4) (5) (6) (7)
(8)
1
197.29
173
80.17
गुड़ाखुर्द संरक्षित वन
गुड़ाखुर्द
0.75
184 183
80.17
योग . 198.04 एकड़ या 80.17 हेक्टर
उत्तर- कृत्रिम कटी हुई सीमा रेखा ग्राम गुड़ाखुर्द के सर्वे स्तंभ क्रमांक 10/10 से 12/12 तक. पूर्व- कृत्रिम कटी सीमा रेखा ग्राम गुड़ाखुर्द के सर्वे स्तंभ क्रमांक 12/12 से 24/24 तक. दक्षिण- बलेह आरक्षित वन सीमा स्तंभ क्रमांक 24/24 से 31/31 तक.
पश्चिम- कृत्रिम कटी सीमा रेखा ग्राम गुड़ाखुर्द के सर्वे स्तंभ क्रमांक 31/31 से 8/8 तक व गुड़ाखुर्द (नाला ) सीमा स्तंभ क्रमांक 8/8 से 10/10 तक.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वी. एन. पाण्डेय, सचिव.
भोपाल , दिनांक 14 मई 2010
क्र. एफ- 25-24-2010- दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्र. एफ- 25-24- दस-3-2010, दिनांक 14 मई 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वी. एन. पाण्डेय, सचिव.
Bhopal , the 14th May 2010
No. F- 25-24-2010 -X-3.-WHEREAS , by this department notification No. 2957 dated 18th May 1971 published in the Madhya Pradesh Gazette , Part I , dated 4th June 1971 the State Government had under section 4 of the Indian forest Act , 1927 (No. XVI of 1927) declared its intention to constitute the land specified in the Schedule below as reserved forest,
AND , WHEREAS , all claims relating to the same have been disposed off by the forest Settlement officer appointed for the purpose and all other formalities required by law have been completed ;
भाग 1 ]
1083
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
NOW, THEREFORE , in exercise of the powers conferred by sub- section ( 1 ) of Section 20 of the Indian Forest Act , 1927 (No. XVI of 1927 ) , the State Government hereby declares the land specified in the Schedule below to be a reserved forest with effect from the date of publication of this notification in the Madhya Pradesh Gazette :-
SCHEDULE
District- Sagar , Tehsil-Garhakota , Division - Noradehi ( Wild Life Sagar) ,
S. No.
Name of Forest
Name of forest Block (2)
Name of Village (3)
Present Category of lane (4)
(1)
Khasra No. Old (5) 1 Gurhakhurd Gurhakhurd Protected Forest
184 183
Total
Range-Mohli
Boundaries Area
Area
Area (in Hectare)
New Khasra No. (7)
(6)
(8)
(9)
North-Artificial Cut line 197.29
173
80.17
0.75
from Demarcated Pillar
No. 10/10 to 12/12 of
Village Gurhakhurd .
East-Artificial Cut line
from Demarcated Pillar
No. 12/12 to 24/24 of 198.04 Acre or 80.17 Hectare
Village Gurhakhurd .
South-Reserve Forest
Demarcated from Pillar
No.24/24 to 31/31.
West-Artificial Cut from Demarcated Pillar No.31 /31 to 8/8 and Gurhakhurd (Nala) Dermarked Pillar No. 8/8 to 10/10 of Village Gurhakhurd .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
V. N. PANDEY , Secy .
भोपाल , दिनांक 14 मई 2010
क्र. एफ 25-27-2010- दस-3. चूंकि, राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग 1 , भोपाल , दिनांक 4 जून 1971 में प्रकाशित इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 2957 , दिनांक 18 मई 1971 द्वारा , भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 4 के अधीन नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को आरक्षित वन बनाने का अपना आशय घोषित किया था.
और, चूंकि, उससे संबंधित समस्त दावे इस प्रयोजन के लिये नियुक्त किये गये वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा निपटाये जा चुके हैं और विधि द्वारा अपेक्षित अन्य समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जा चुकी हैं.
अतएव , भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 20 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में 1084
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
[भाग 1 लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , निम्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई भूमि को इस अधिसूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन होने के दिानंक से आरक्षित वन घोषित करती है :-
अनुसूची
जिला-सागर, तहसील- रहली , डिवीजन- नौरादेही ( व. प्रा. ) सागर , परिक्षेत्र-मोहली
क्र.
वन का नाम
वनखण्ड का नाम
ग्राम का नाम
भूमि का वर्तमान स्वरूप
पुराना खसरा क्र.
(1) (2)
(3)
(4) (5) 1
संरक्षित वन 292
पटना (मोहली)
पटना मजरुवा पश्चिम
क्षेत्रफल
सीमाऐं नया खसरा क्र.
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
क्षेत्रफल (एकड़ में)
(6) (7)
(9)
(8)
333
06.04 उत्तर-मोहली आरक्षित वन कक्ष क्र. 201 सीमा स्तंभ क्रमांक 1 से 6 तक.
14.94 एकड़ या 06.04 हैक्टर
पूर्व- कृत्रिम कटी हुई सीमा रेखा ग्राम पटना (मोहली ) के सर्वे स्तंभ क्रमांक 6 से 7 तक.
दक्षिण- बमनई नदी सीमा स्तंभ क्रमांक 7 से 8 तक. पश्चिम- कृत्रिम कटी हुई सीमा रेखा ग्राम पटना (मोहली ) के सर्वे स्तंभ क्रमांक 8 से 1 तक.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वी. एन. पाण्डेय , सचिव.
भोपाल , दिनांक 14 मई 2010
क्र. एफ- 25-27-2010 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्र. एफ- 25-27 - दस -3-2010 , दिनांक 14 मई 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वी. एन. पाण्डेय, सचिव.
Bhopal , the 14th May 2010
No. F - 25-27-2010 - X - 3 .--WHEREAS , by this department notification No. 2957 dated 18th May 1971 published in the Madhya Pradesh Gazette , Part I , dated 4th June 1971 , the State Government had under section 4 of the Indian forest Act , 1927 (No. XVI of 1927 ) declared its intention to constitute the land specified in the Schedule below as reserved forest ,
AND, WHEREAS , all claims relating to the same have been disposed off by the forest Settlement officer appointed for the purpose and all other formalities requ..ed by law have been completed;
NOW , THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 20 of the Indian Forest भाग 1 ]
1085
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
Act , 1927 (No. XVI of 1927) , the State Government hereby declares the land specified in the Schedule below to be a reserved forest with effect from the date of publication of this notification in the Madhya Pradesh Gazette :-
SCHEDULE
District- Sagar , Tehsil-Rahli , Division- Noradehi (W. L. ) Sagar , Range-Mohli
S. No.
Name of Forest
Name of Village
Present Category of lane Name of forest Block
(2)
(4)
Old Khasra No. (5) (1)
(3)
1
Protected 292 Forest
Patna (Mohali )
Patna majruwa West
Boundaries Area
Area
Area (in Hectare)
(9)
(6)
New Khasra No. (7)
(8)
333
6.04
14.94 Acre or 06.04 Hect .
North-Mohil Received Forest C. No. 201 Bound- ary from Piller No. 1 to 6. East-Artificial Cut Line Boundary of Village Patna (Mohli) From Demarcated Pillar No. 6 Το 7 .
South-Natural Bound- ary at Bamnaee river from Demarcated Piller No.7 to 8 .
West-Artificial Cut line Boundary of Village Patna (Mohali) from Demarcated Pillar No. 8 Το 1 .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , V. N. PANDEY , Secy.
विभाग प्रमुखों के आदेश
कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , मण्डला, मध्यप्रदेश
मण्डला, दिनांक 22 अप्रैल 2010
क्र. प.हे. - 2010-227.- मण्डला जिले में संक्रामक रोग हैजा आंत्रशोथ एवं अन्य बीमारियों के प्रभाव को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से यह आवश्यक होगा है, कि इस संसर्गिक बीमारियों के प्रादुर्भाव और फैलाव पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रतिबंधात्मक उपाय लागू किये जाएं.
अतः , मैं, के. के. खरे, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , मण्डला आपत्तिजनक हैजा विनियम , 1983 के नियम 3 के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग करते हुए संपूर्ण जिला मण्डला कों अधिसूचित करता हूं तथा यह भी आदेश देता हूं कि :-
(क) अधिसूचित क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों, उपचार गृहों, भोजनालयों, होटलों, जनता के लिए खाद्य एवं पेय पदार्थों के निर्माण करने या उसे प्रदाय के लिए ली गई स्थापना में विक्रय निर्मून्य, वितरण हेतु उपयोग में लाए गए स्थानों पर-
(1) बासी मिठाइयां, खराब वस्तुएं एवं सड़े - गले फलों, सब्जियों, मॉस , मछलियों, अण्डों की बिक्री बाधित रहेगी.
1086
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 21 मई 2010
[भाग 1 2. (क) ताजी मिठाईयां, नमकीन फल सब्जियों, दुग्ध , दही, उबली चाय , काफी, शर्बत, मांस , मछली, आईसक्रीम , कुल्फी आदि खाद्य पदार्थों बर्फ के लड्डू व चूसने वाले पदार्थ बिक्री हेतु खुले नहीं रखे जावेंगे . इन्हें जालीदार ढक्कनों से ढककर अथवा कांच की बंद अलमारी अथवा पारदर्शी आवरण में ढककर इस प्रकार रखें कि मक्खी, मच्छर आदि विषाणु अथवा दूषित हवा से मानव उपयोग के लिये दूषित या अस्वास्थ्यकर अथवा अनुपयोगी न हो सकें.
(ख) इस आदेश द्वारा प्रतिबंधित अवधि में घोषित अधिसूचना में या क्षेत्र से बाहर कोई भी व्यक्ति इस आदेश की कण्डिका " क" ( क ) ( 2 ) में उल्लेखित वस्तुओं तथा तैयार कर एवं पकाये हुए भोजन को न तो लायेगा ना ही ले जायेगा.
(ग) इस आदेश द्वारा प्रतिबंधित अवधि में घोषित अधिसूचना क्षेत्र के किसी बाजार , भवन , दुकान स्टाल अथवा खाने-पीने की किसी भी वस्तु या निर्मूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये जा रहे स्थानों में प्रवेश करने विद्यमान ऐसी वस्तुओं की जांच पड़ताल करने तथा खाने- पीने की ऐसी वस्तुओं का जो मानव उपयोग के लिये अभिप्रेरित है और अन्य वस्तुओं के अधिग्रहण कराने, हटाने , नष्ट करने या ऐसी नीति के निवर्तन करने के लिये , जिसमें वहं मानव द्वारा उपयोग में लाये जाने से रोका जा सकें. अधिसूचित क्षेत्र में स्थित निम्नलिखित अधिकारियों को अधिकृत करता हूं :-
(1) जिले के समस्त कार्यपालिक दण्डाधिकारी.
जिले के ऐसे चिकित्सक पदाधिकारी जो सहायक चिकित्सा अधिकारी से पद के नीचे स्तर के ना हो तथा शासकीय वैध आयुर्वेद औषधालय. (2)
ऐसे आरक्षी पदाधिकारी जो प्रधान आरक्षक की श्रेणी से नीचे ना हो . (3)
(4) मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद्/ नगर पंचायत , मण्डला/नैनपुर/बम्हनी.
(5) मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत ( सर्व ) जिला मण्डला
उपरोक्त उल्लेखित पदाधिकारी अधिसूचित क्षेत्र में किन्हीं भी नालियों, नालों, गटरों, पानी के गड्ढे , पोखरों , जल कुण्डी, संक्रामक वस्त्रों , बिस्तरों , कूडा करकट अथवा किसी प्रकार की गंदगी हटाने उक्त संबंध में संचित रोगाणुनाशक पदार्थ का समुचित उपयोग करने के लिये आदेश दे सकेंगे.
यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा तथा आगामी 6 माह की अवधि या अन्य आदेश तक जो पहले हो, प्रभावशील होगा.
के. के. खरे , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश
डिण्डौरी , दिनांक 27 अप्रैल 2010
क्र. 142- एस.सी. - 2010-187.-डिण्डौरी जिले में संक्रामक रोग हैजा फैलने की संभावना के कारण तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से यह आवश्यक है कि इस संक्रामक बीमारी के फैलाव की रोकथाम हेतु प्रतिबंधात्मक उपाय तुरंत लागू किये जाएं.
अस्तु, मैं , बी . चन्द्रशेखर, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , जिला डिण्डौरी ( म. प्र. ) आपत्तिजनक हैजा, ज्वर, आंत्रशोथ विनियम, 1983 के नियम 3 के अन्तर्गत यह शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए यह आदेश देता हूं किः-
(अ) अधिसूचित क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, उपहार गृहों, भोजनालयों, होटलों में जनता के लिए खाद्य एवं पेय पदार्थ निर्माण कार्य करने या उनके प्रयोग करने के लिये कायम रखी गई स्थापना में विक्रय का निर्मूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये गये स्थानों पर : -
(1) बासी मिठाइयों तथा नमकीन वस्तुओं, सड़े - गले फलों व सब्जी, मांस, मछली, अण्डों की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी.
1087 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
(2) बासी मिठाइयां एवं नमकीन वस्तुओं, फल सब्जी, दूध, दही, उबली चाय , काफी , शरबत, मांस, मछली , अण्डों, कुल्फी, आईसक्रीम, आदि पदार्थ बर्फ के लड्डू व चूसने वाले तरल पदार्थ बिक्री हेतु खुले नहीं रखे जाएंगे . उन्हें जालीदार ढक्कनों से ढंककर अथवा कांच के बंद शोकेस , बंद आलमारी अथवा पारदर्शी आवरण से ढंककर इस प्रकार रखें ताकि वे मक्खी, मच्छर आदि जन्तुओं या दूषित हवा से मानव उपयोग के लिए, दूषित या अस्वास्थ्यकारक या अनुपयोगी न हो सकें.
(ब) इस आदेश के द्वारा प्रतिबंधित अवधि में अधिसूचित क्षेत्र के किसी 'बाजार , भवन, दुकान, स्टाल अथवा खाने-पीने की किसी भी वस्तु के विक्रय या निमूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये जा रहे स्थान में प्रवेश करने , निरीक्षण करने , उसमें विद्यमान ऐसी वस्तु की जांच पड़ताल करने तथा खाने- पीने की ऐसी वस्तु का मानव उपयोग अभिप्रेत है और जो पदार्थ दूषित या अनुपयुक्त है , जो दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 95 व 165 में उल्लेख की गई रीति से पाई गई अस्वास्थ्यकारक दूषित व अनुपयुक्त वस्तुओं के अधिग्रहण कराने , हटाने व नष्ट करने या उसके ऐसी नीति से निवर्तन करने के लिए, जिससे वह मानव द्वारा उपयोग में लाये जाने से रोकी जा सके. अधिसूचित क्षेत्र में स्थित निम्नलिखित अधिकारियों को प्राधिकृत करर्ता हूं: -
(1) समस्त कार्यपालिक दण्डाधिकारी, जिला डिण्डौरी.
(2) चिकित्सक पदाधिकारी , जो सहायक चिकित्सा अधिकारी के पद के नीचे का न हो तथा शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय.
(3) ऐसे आरक्षी पदाधिकारी , जो प्रधान आरक्षक की श्रेणी से नीचे का न हो.
(4) मुख्य नगरपालिका अधिकारी .
(5) नगरपालिका के स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वास्थ्य निरीक्षक.
उपरोक्त उल्लेखित पदाधिकारी अधिसूचित क्षेत्र में किन्हीं भी नालो , नालियों , गटरों , पानी के गड्ढ़ों, पोखर, मलकुण्डों, संडासों, संक्रामक वस्त्रों, बिस्तरों , कूड़ा- करकट अथवा किसी भी प्रकार की गंदगी को हटाने, उक्त स्थान को स्वच्छ और रोग कीटाणुओं से उसको निवर्तन करने अथवा उसके संबंध में रोगाणुनाशक पदार्थ का समुचित उपयोग करने के लिए आदेश दे सकेंगे .
यह आदेश जारी होने के दिनांक से प्रभावशील होगा तथा आगामी छः माह की अवधि या अन्य आदेश तक, जो भी पहले हो प्रभावशील रहेगा.
बी. चन्द्रशेखर , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी .
कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , जिला देवास, मध्यप्रदेश
देवास, दिनांक 30 अप्रैल 2010
क्रमांक 316- ज.स्वा. -10.- देवास जिले में ग्रीष्म वर्षा ऋतु में होने वाली बीमारियों एवं पेयजल की शुद्धता के कारण संक्रामक रोग हैजा, आंत्रशोथ , पेचिस, पीलिया, मस्तिक ज्वर की संभावना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से यह आवश्यक प्रतिबंधात्मक उपाय तुरंत लागू किये जावें.
अस्तु, मैं, पुष्पलता सिंह, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , जिला देवास, मध्यप्रदेश आपत्तिजनक हैजा, ज्वर, आंत्रशोथ विनियम, 1979 के नियम 3 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला देवास के सम्पूर्ण क्षेत्र को अधिसूचित क्षेत्र घोषित करती हूं तथा यह आदेश देती हूं कि: -
(1 ) अधिसूचित क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों, बाजारों , उपहारगृहों, भोजनालयों, होटलों जनता के लिए खाद्य व पेय पदार्थ , 1088
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
[ भाग 1 निर्माण कार्य करने या उनके प्रयोग करने के लिये कायम रखी गई स्थापना में विक्रय या निर्मूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये गये स्थानों पर :-
(क) बासी मिठाइयों तथा नमकीन वस्तुओं व सड़े- गले फल, सब्जियों , दूध, दही उबली हुई चाय , काफी , अण्डों की बिक्री प्रतिनिषिद्ध रहेगी.
(ख) बासी मिठाईयों व नमकीन वस्तुओं, फलों, सब्जियों , उबली हुई चाय , शर्बत, मांस, मछली, अण्डे, कुल्फी, आईसक्रीम , बर्फ के लड्डू, चूसने वाले पदार्थ बिक्री हेतु खुले नहीं रखे जाएंगे. उन्हें जालीदार ढक्कनों अथवा कांच के बंद शोकेस में अथवा पारदर्शी आवरण से ढककर इस प्रकार रखा जावेगा कि वे मक्खी , मच्छर आदि कीटों या दूषित हवा से मानव उपयोग के लिए, दूषित अस्वास्थ्यकारक या अनुपयोगी न हो सकें.
( 2) इस आदेश द्वारा प्रतिबंधित अवधि में घोषित अधिसूचित क्षेत्र में या बाहर के कोई भी व्यक्ति इस आदेश के चरण एक (क) एवं ( ख ) में उल्लेखित वस्तुओं तथा तैयार एवं पकाये गये भोजन को न तो लाएगा और न ही ले जाएगा.
इस आदेश द्वारा प्रतिबंधित अवधि में अधिसूचित क्षेत्र के किसी भी बाजार, भवन , दुकान, स्टाल अथवा खाने-पीने की किसी भी वस्तु के विक्रय या निर्मूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये जा रहे स्थानों, प्रवेश करने, निरीक्षण करने, उसमें विद्यमान ऐसी वस्तु की जांच पड़ताल करने तथा खाने- पीने की ऐसी वस्तु के विक्रय का मानव उपयोग अभिप्रेत है और जो पदार्थ दूषित या अनुपयुक्त है , जो दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 95 व 165 में उल्लेख की गई रीति से पाई गई अस्वास्थ्यकारक दूषित व अनुपयुक्त वस्तुओं का अधिग्रहण कराकर हटाने व नष्ट कर या ऐसी नीति से निवर्तन करने के लिए, जिससे वह मानव उपयोग में लाये जाने से रोकी जा सके जनहित में मध्यप्रदेश खाद्य अपमिश्रण निवारण नियम, 1962 के नियम 5 ( 5 ) के अंतर्गत खाद्य पदार्थों के विक्रय संग्रह एवं निर्माण हेतु जारी किये गये खाद्य लायसेंस और निलंबित और मध्यप्रदेश खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम , 1954 की धारा 7 के अंतर्गत प्रतिबद्ध किये जायेंगे एवं न्यायालीन कार्यवाही की जावेगी . धारा 16 के तहत जिसमें दण्ड में सजा एवं जुर्माना का प्रावधान किया गया है. अधिसूचित क्षेत्र में कार्यवाही हेतु निम्नलिखित अधिकारियों को प्राधिकृत करती हूं. जो पृथक् पृथक् एवं आवश्यकतानुसार सामूहिक रूप से कार्यवाही करेंगे :-
(1) जिले के समस्त कार्यपालिक दण्डाधिकारी,
( 2) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी /सिविल सर्जन- सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला चिकित्सा/खण्ड चिकित्सा अधिकारी.
(3) मुख्य नगरपालिका अधिकारी.
(4) मुख्य कार्यपालन अधिकारी/जिला पंचायत/जनपद पंचायत.
(5) नगरपालिका के स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वास्थ्य निरीक्षक.
खाद्य अधिकारी /खाद्य निरीक्षक.
(6)
उपरोक्त उल्लेखित पदाधिकारी अधिसूचित क्षेत्र में किन्हीं भी नालियों, नालो , गटरों, पानी के गड्ढ़ों, पोखरों, मलकुण्डों, संडासों, संक्रामक वस्तुओं, बिस्तरों, कूड़ा- करकट अथवा किसी भी प्रकार की गंदगी को हटाने उक्त स्थान को स्वच्छ और रोग कीटाणु से उसका निवर्तन करने अथवा उसके संबंध में समुचित रोगाणुनाशक पदार्थ का समुचित उपयोग करने के लिए आदेश दे सकेंगे.
यह आदेश जारी होने के दिनांक से आगामी 6 माह की अवधि या अन्य आदेश तक, जो भी पहले हो प्रभावशाली होंगे .
पुष्पलता सिंह , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी.
भाग 1 ]
1089
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला मंदसौर, मध्यप्रदेश
मंदसौर, दिनांक 3 मई 2010
क्र. 956- जियोसां-निर्वा.- मध्यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम , 1995 की धारा 3 के अनुसार एतद्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि जिला मंदसौर की जिला योजना समिति के सदस्य के पद के लिए निम्नलिखित व्यक्ति निर्वाचित हुए हैं :-
क्र. (1)
नाम पता सहित
(2)
( 1 ) जिला पंचायत ( ग्रामीण क्षेत्र से ) : -
1. श्री ओमसिंह भाटी, ग्राम हल्दुनी , पोस्ट भगोर , तहसील सीतामऊ
2. श्रीमती कान्तीबाई भाटी , ग्राम बोलिया , तहसील गरोठ
3. श्रीमती कुशालबाई निहालचन्द मालवीय , ग्राम धारियाखेड़ी, तह. मंदसौर
4. श्रीमती केशरबाई अशोक निनामा, मकान नं. 671 , अजनोटी, पो. नांदवेल , तह. दलोदा
5. श्रीमती जशोदाबाई कछावा, ग्राम सेमली कांकड, तहसील सुवासरा
6. श्री तेजपालसिंह शक्तावत, ग्राम धाकडी, पोस्ट बालागुढ़ा, तहसील मल्हारगढ़
7. श्रीमती निर्मलाकुंवर रोडसिंह सोलंकी, ग्राम कुरावन, तहसील शामगढ़
8. श्रीमती नेहा बालाशंकर धाकड, ग्राम खुंटी , पोस्ट बिल्लोद, तह. मल्हारगढ़
9. श्रीमती पप्पुबाई दशरथ सुरावत, ग्राम महुवा, तहसील सीतामऊ .
10. श्रीमती प्रतिभा सुरेन्द्र मेंडतवाल , ग्राम बाबुल्दा, तहसील भानपुरा
11. श्री भुवानीसिंह चन्द्रावत, ग्राम रतनपिपल्या, तहसील मल्हारगढ़
12. श्रीमती वर्षा दीपक चौहान, ग्राम झार्डा, तहसील मल्हारगढ़
13. श्री शिवराजसिंह राणा ( घटावदा ) , ग्राम घटावदा , तहसील मंदसौर
(2 ) नगर पंचायत ( नगरीय क्षेत्र से ): -
1.
श्रीमती राधा नन्दवानी, वार्ड क्र. 14 पार्षद , सिनेमा रोड, शामगढ़
महेन्द्र ज्ञानी, कलेक्टर.
कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , जिला टीकमगढ़, मध्यप्रदेश
टीकमगढ़ , दिनांक 3 मई 2010
क्रमांक-रीडर -डीएम - 2010-260.- पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ द्वारा अपने ज्ञाप क्रमांक पु.अ.टी. एसी. पी-1211-2010, दिनांक 14 अप्रैल 2010 द्वारा जिला टीकमगढ़ के निम्नांकित थानों में संलग्न ग्रामों का परिसीमन किए जाने हेतु प्रस्ताव इस कार्यालय में प्रस्तुत किया गया है , जिसका विवरण निम्नानुसार है :-
क्रमांक
थाने का नाम
(1)
(2)
वह ग्राम जो कॉलम नंबर ( 2 ) में अंकित थाने में वर्तमान में शामिल है (3)
थाना/चौकी का नाम जिसमें कॉलम नं. ( 3 ) में दिये गये ग्राम शामिल किये जाना है: (4)
1
पलेरा
छिदारा
2
पृथ्वीपुंर
चौकी देरी , थाना कुड़ीला थाना लिधौरा
मनैथा, कुअरपुरा , मनिया
1090
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
(1)
(2)
3
(4)
(3)
चौकी तरीचरकलां , थाना सेंदरी
विनवारा, असाटी
निवाड़ी
4
टीकमगढ़
5
टीकमगढ़
सूकवाहा 6
बल्देवगढ़
पलेरा
7
थाना बुड़ेरा
पातरखेरा , पोटया, जमुनयाखेरा , राधापुर , मातौली, बुड़कीखेरा .
थाना बड़ागांव
थाना कोतवाली , टीकमगढ़
मजना, मजराभाटा, पपावनी , पपावनी कप्तान का मजरा , भरतपुर, गडगर खेरा , जशवंत नगर, कटेरा , पगारा , रानीपुरा, श्याग.
चौकी देरी , थाना कुड़ीला
छिदारा , पुरैनिया, दांतगोरा , भदर्रा , किशनपुरा, रामनगर.
उपरोक्त थानों के ग्रामों को अन्य थाना/चौकियों में सम्मिलित ( परिसीमन ) किये जाने की कार्यवाही इस कार्यालय में प्रारंभ की गई हैं. अतः इस सार्वजनिक उद्घोषणा के माध्यम से सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि उक्त प्रस्तावित कार्यवाही में जिस किसी व्यक्ति/व्यक्तियों/संस्था को कोई आपत्ति हो वह लिखित में कारण सहित पंद्रह दिवस के भीतर इस कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं . अन्यथा वाद गुजरने म्याद किसी की कोई आपत्ति मान्य नहीं की जाएगी एवं प्रस्तावित कार्यवाही को अंतिम रूप दिया जायेगा.
अखिलेश श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी .
कार्यालय , जिला दण्डाधिकारी , मुरैना, मध्यप्रदेश
मुरैना, दिनांक 5 मई 2010
क्र. 15 - एस.डब्ल्यू- 13-2010 .- मध्यप्रदेश शासन , गृह ( पुलिस ) विभाग , मंत्रालय, भोपाल के आदेश क्रमांक एफ-2 ( क ) 115/ 99/बी-3/दो दिनांक 11 अक्टूबर 2004 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये, मैं, एम. के. अग्रवाल , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, मुरैना, जिला मुरैना की जिला समिति की अनुशंसा के आधार पर मुरैना जिले के पुलिस थानों/चौकियों के ग्रामों में निम्नानुसार परिवर्तन करने के आदेश देता हूं, जो निम्नानुसार हैं : -
वर्तमान थाने का नाम
स. क्र.
ग्राम का नाम
(1)
(2)
1
ग्राम चिन्होटी
2
ग्राम जरैना
3
ग्राम अटार
4
ग्राम जरैना मानगढ़
5
ग्राम खिरावली
6
ग्राम किशनगढ़ी
ग्राम बधरेंटा
7
8
ग्राम नयागांव
9
ग्राम महेला
10
ग्राम नगावनी
11
ग्राम डोरावली
12
ग्राम डुमरावली का मौजा निवाजीत 13
ग्राम खोह
(3)
परिसीमन के फलस्वरूप प्रस्तावित थाने का नाम (4)
चिन्नौनी
सबलगढ़
कैलारस
चिन्नौनी
टैटरा
सबलगढ़
चिन्नौनी
कैलारस
चिन्नौनी
कैलारस
चिन्नौनी
कैलारस
कैलारस
सबलगढ़
कैलारस
सबलगढ़
कैलारस
सबलगढ़
कैलारस
रामपुर
कैलारस
रामपुर
कैलारस
पहाड़गढ़
टैंटरा
सबलगढ़ भाग 1 ]
1091
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
(1)
(2).
14
ग्राम जावरौल 15
ग्राम मजेरा
16
ग्राम स्याही की टेक 17
ग्राम माधौपुरा 18
ग्राम देवीपुरा 19
ग्राम गुर्जा
20
ग्राम ठाटीपुरा 21
ग्राम कोरीपुरा 22
ग्राम कोटसिरथरा 23
ग्राम मट्ठे का पुरा 24
ग्राम डमेजर
25
ग्राम परसौटा 26
ग्राम मढ़ी
27
ग्राम डोंगरपुर 28
ग्राम टोडी
29
ग्राम मूड़नपुरा 30
ग्राम झालेपुरा 31
ग्राम कुंअरपुर 32
ग्राम धर्मा का पुरा 33
ग्राम जाजीपुरा 34
ग्राम रामनगर 35
ग्राम मानपुर
36
ग्राम अमरई मुलापुरा 37
ग्राम सैमना
38
ग्राम बिलौआ 39
ग्राम तिलोंजरी 40 .
ग्राम खिडौरा 41
ग्राम मोहनपुरा 42
ग्राम भीलमपुर 43
ग्राम डोंगरपुर 44
ग्राम चिनौटी
45
ग्राम चिनौटी 46
ग्राम अहरौली 47
ग्राम कितौरी बरवासिन
(4)
(3)
टैंटरा
सबलगढ़
निरार
पहाड़गढ़
निरार
पहाड़गढ़
निरार
पहाड़गढ़
निरार
पहाड़गढ़
निरार
पहाड़गढ़
निरार
पहाड़गढ़
निरार
पहाड़गढ़
निरार
पहाड़गढ़
निरार
पहाड़गढ़
निरार
जौरा
निरार
जौरा
निरार
जौरा
जौरा
निरार
निरार
जौरा
जौरा
निरार
निरार
जौरा
जौरा
निरार
निरार
पहाड़गढ़
निरार
पहाड़गढ़
निरार
पहाड़गढ़
निरार
पहाड़गढ़
निरार
पहाड़गढ़
रामपुर
पहाड़गढ़
कैलारस
पहाड़गढ़
कैलारस
पहाड़गढ़
चिन्नौनी
देवगढ़
चिन्नौनी
देवगढ़
कैलारस
सबलगढ़
कैलारस
सबलगढ़
कैलारस
सबलगढ़
कैलारस
सबलगढ़
चिन्नौनी
कैलारस
सरायछौला
देवगढ़
एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी..
1092
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
[भाग 1
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला छतरपुर मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
छतरपुर, दिनांक 30 अप्रैल 2010
क्र. 17- अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)
(3)
(4) बिजावर
2.686 छतरपुर
डारगुंवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी.
(6)
(5)
डारगुंवा तालाब के बांध तथा नहर निर्माण.
अनुविभागीय अधिकारी, बिजावर.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. डारगुंवा तालाब नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, बिजावर में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला नीमच, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
नीमच , दिनांक 30 अप्रैल 2010
क्र. 958 - भू- अर्जन- 10-प्र. क्र. 1 - अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अन्तर्गत संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(1)
(3)
(4) नीमच जावद केनपुरिया
30.444 01.118 00.760
अठाना आसनदरियानाथ
कुल योग .. 32.322
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
केनपुरिया तालाब निर्माण योजना.
कलेक्टर एवं पदेन उप सचिव, राजस्व विभाग , नीमच.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेटर , कार्यालय , नीमच/भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड जावद एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , नीमच के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजय गोयल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
1093
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सीहोर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
सीहोर , दिनांक 3 मई 2010
प्र . क्र. 20 - अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
नगर
जिला
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) तहसील/ अनुभाग
(1) (2)
(3)
(4) सीहोर
रेउगांव
3.603 रेहटी बुधनी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी का नाम
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, कोलार परियोजना, रेहटी.
मरदानपुर उद्वहन सिंचाई योजना के तहत नहर हेतु निजी भूमि काअर्जन.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.- मरदानपुर उद्वहन सिंचाई योजना के तहत निजी भूमि का भू-अर्जन.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , बुधनी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 22 - अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने नं. ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
नगर
जिला
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) तहसील/ अनुभाग
(1) (2)
(3)
(4)
3.806 सीहोर
मरदानपुर
रेहटी बुधनी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी का नाम
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, कोलार परियोजना, रेहटी.
मरदानपुर उद्वहन सिंचाई योजना के तहत नहर हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. मरदानपुर उद्वहन सिंचाई योजना के तहत निजी भूमि का भू-अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , बुधनी में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संदीप यादव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1094
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
ग्वालियर, दिनांक 3 मई 2010
क्र. 11 - अ- 82-2009-10- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अन्तर्गत संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा ,, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है. राज्य शासन यह निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होगें , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध तथा धारा 17 (4 ) इस प्रकरण में लागू किये गये हैं तथा इस प्रयोजन के लिये अधिकृत किया जाता है :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)
(3)
(4)
7.120 ग्वालियर ग्वालियर हस्तिनापुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग क्र. 2, ग्वालियर.
हरसी उच्चस्तरीय नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 12- अ-82-2009-10- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अन्तर्गत संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है. राज्य शासन यह निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होगें , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध तथा धारा 17 ( 4 ) इस प्रकरण में लागू किये गये हैं तथा इस प्रयोजन के लिये अधिकृत किया जाता है :-
भूमि का वर्णन
ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
( 3)
(1)
(4)
डंगौरा
ग्वालियर ग्वालियर
2.519
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग क्र. 2 , ग्वालियर.
हरसी उच्चस्तरीय नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
1095
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
भाग 1 ]
क्र. 14- अ- 82-2009-10- भू-अर्जन . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अन्तर्गत संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है. राज्य शासन यह निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होगें, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध तथा धारा 17 ( 4 ) इस प्रकरण में लागू किये गये हैं तथा इस प्रयोजन के लिये अधिकृत किया जाता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(1) (2)
(4)
16.859 ग्वालियर ग्वालियर आरौली
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग क्र. 2 , ग्वालियर.
हरसी उच्चस्तरीय नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .
कार्यालय , कलेक्टर, जिला बड़वानी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
बड़वानी, दिनांक 4 मई 2010
क्र. 711 - भू- अर्जन - 2010-प्र. क्र. 26- अं- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने (1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(4) (1)
(3)
रणगांव रोड
20.103 बड़वानी राजपुर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5).
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास स. क्र. 12, राजपुर, - जिला बड़वानी , ( म . प्र. )
लोअर गोई परियोजना की मुख्य नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) राजपुर एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 12 राजपुर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
1096
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
क्र. 712- भू-अर्जन- 2010-प्र. क्र. 27-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने (1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(1) (2)
(3)
(4)
(6)
(5)
बिलवानी
6.208
बड़वानी राजपुर
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास सं. क्र. 12, राजपुर, जिला बड़वानी , ( म. प्र.) .
लोअर गोई परियोजना की मुख्य नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) राजपुर एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 12 राजपुर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 713 - भू-अर्जन- 2010- प्र. क्र. 28- अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने (1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(1) (2)
(3)
(5)
(4)
(6)
17.537
बड़वानी राजपुर
इन्द्रपुर
कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास स. क्र. 12, राजपुर, जिला बड़वानी , ( म. प्र.)
लोअर गोई परियोजना की मुख्य नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) राजपुर एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 12 राजपुर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
भाग 1 ]
1097
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
क्र. 714 - भू- अर्जन- 2010-प्र. क्र. 29-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)
(3)
(4)
लिम्बई
25.415 बड़वानी राजपुर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास सं. क्र. 12 , राजपुर, जिला बड़वानी , ( म. प्र. ) .
लोअर गोई परियोजना की मुख्य नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु.
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) राजपुर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 12 राजपुर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संतोष मिश्र , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग उज्जैन, दिनांक 5 मई 2010
क्र.- भूमि संपादन-2010 .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)
(3)
(4) उज्जैन
0.62 घट्टिया कागदी- कराडिया कुल किता-4
0.40 उज्जैन घटिया नानाखेड़ी कुल किता-3
कुल योग .. 1.02
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
भू-अर्जन अधिकारी , तहसील घट्टिया .
ग्राम कागदी कराड़िया पानबिहार मार्ग पर ग्राम कागदीकराडिया के पास क्षिप्रा नदी पर जल मग्नीय पुल के पहुंच मार्ग में आ रही अशासकीय भूमि के अर्जन हेतु .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , घट्टिया में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. गीता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
1098
कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 6 मई 2010
क्र. 392- भू-अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(4) (1)
(2)
(3)
2.116 रीवा रायपुर कर्चु बेलहा वृत्त
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग , रीवा.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योंटी नहर की बोदा वितरक नहर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 394 - भू- अर्जन - 10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(4) (1)
(2)
(3)
सोनौरा
रीवा
7.576 हुजूर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योंटी नहर की बोदा वितरक नहर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
1099
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
क्र. 396 - भू-अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यहं प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
जिला
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) रीवा
4.891
टिकुरी 224
हुजूर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग , रीवा.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योंटी नहर की टिकुरी माइनर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 398 - भू- अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) रीवा
3.095 हुजूर टिकुरी 225
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 )के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योंटी नहर की टिकुरी माइनर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
1100
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 21 मई 2010
[भाग 1 क्र. 400 - भू-अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का वर्णन
का वर्णन जिला तहसील नगर/ग्राम
धारा 4 ( 2 )के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(1)
(3)
(2)
(5)
(6)
(4)
रीवा
4.35
अजगरहा
हुजूर
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग , रीवा.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योंटी नहर की अजगरहा माइनर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 402- भू-अर्जन- 10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
धारा 4 ( 2 )के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(1)
(2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4)
(5)
(6) रीवा
6.65
इटहा चौथ
हुजूर
2/2
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग , रीवा.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योंटी नहर की बोदा वितरक नहर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
1101
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
क्र. 404 - भू- अर्जन- 10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) (1)
(2)
रीवा
3.313 हुजूर इटहा चौथ 1/2
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योंटी नहर की इटहा माइनर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 406 - भू- अर्जन- 10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(3)
(4) (1)
0.765 रीवा
हुजूर
उकठी उर्फ हरिहरपुर 45
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग , रीवा.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योंटी नहर की इटहा माइनर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास; बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
1102
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
[भाग 1 क्र. 408- भू- अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) रीवा
7.766
हुजूर
अनंतपुर
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योंटी नहर की अजगरहा माइनर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 410 - भू- अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 )के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) रीवा
भाटी
0.263
हुजूर
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योंटी नहर की बोदा वितरक नहर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
1103
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
क्र. 412- भू-अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
जिला
तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
(1)
(2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4) रीवा
सगरा
0.160 हुजूर
अनुसूची
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)
(5) कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग , रीवा.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योंटी नहर की सगरा माइनर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. बी. श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
खण्डवा, दिनांक 7 मई 2010
भू-अर्जन- प्र. क्र. 35-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा (4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)
(2)
(3)
(4) खण्डवा
1.14 पुनासा गोदडपुरा
अनुसूची
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग , क्रमांक 32 , बडवाह .
ओंकारेश्वर परियोजना की कामन वाटर केरियर मुख्य नहर हेतु.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, खण्डवा/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 32, बड़वाह के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
1104
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
कार्यालय, कलेक्टर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
खरगोन , दिनांक 7 मई 2010
क्र. 615 - भू- अर्जन- 10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अन्तर्गत संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
(2)
(1)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) खरगोन
16.057 कसरावद अहिर धामनोद
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास नहर संभाग, खरगोन.
इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की वितरण शाखा एवं अन्य नहरोंके निर्माण एवं उससे संबंधित अन्यकार्य हेतु.
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर, कार्यालय , खरगोन/भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरें ) , खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास नहर संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
क्र. 617- भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अन्तर्गत संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे . में) (2)
(3)
(4) (1)
साडली
खरगोन
15.587 कसरावद
नोट. -
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग, क्रमांक 24 , खरगोन.
इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की वितरण शाखा एवं अन्य नहरोंके निर्माण एवं उससे संबंधित अन्यकार्य हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर , कार्यालय, खरगोन/ भू- अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना (नहरें) , खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 24 , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
भाग 1 ]
1105
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
क्र. 619 - भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अन्तर्गत संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(3)
(1)
(4) खरगोन कसरावद
4.852
मेंहतपुरा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास नगर संभाग , खरगोन.
इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की वितरण शाखा एवं अन्य नहरों के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्यकार्य हेतु.
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर , कार्यालय , खरगोन/ भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरें ) , खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास नहर संभाग, खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
क्र. 620- भू-अर्जन-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अन्तर्गत संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(3)
(4) खरगोन कसरावद
बिलवा
7.303
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास नगर संभाग, खरगोन.
इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की वितरण शाखा एवं अन्य नहरों के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्यकार्य हेतु.
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर, कार्यालय, खरगोन/भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरें ) , खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास नहर संभाग, खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1106
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
दमोह , दिनांक 9 मई 2010
क्रमांक भू- अ.अ.- 2010-11-1960. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को , इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन जिला
का वर्णन तहसील/तालुका नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) दमोह
जबेरा
25.92
पटी महराज सिंह
बांध डूब क्षेत्र एवं नहर हेतु.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , दमोह.
भूमि' का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तेन्दूखेड़ा ( दमोह ) के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्रमांक भू- अ.अ.- 2010-11-1961.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को , इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील/तालुका
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) जबेरा
दमोह
मगरई
14.99
बांध डूब क्षेत्र एवं नहर हेतु.
जिलहरी
0.53
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, दमोह.
10.25
सड़क हरदुआ
योग
25.77
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तेन्दूखेड़ा ( दमोह ) के कार्यालय में देखा जा सकता है.
भाग 1 ]
1107
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
क्रमांक भू- अ.अ.- 2010-11-1962.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील/तालुका नगर/ ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(1)
(3)
(4) जबेरा घानामैली
दमोह
21.624 (
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
बांध डूब क्षेत्र एवं नहर हेतु.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, दमोह.
2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तेन्दूखेड़ा ( दमोह ) के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्रमांक भू- अ.अ.- 2010-11-1963.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील/तालुका नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)
(2)
(4)
(3)
धरीमाल
दमोह तेंदूखेड़ा
दुलहरा
10.23
सैलवाड़ा पाठादों
4.26 4.90 0.66 0.96
दोनी
21.01
योग ..
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, दमोह.
गहरा नाला जलाशय के डूब क्षेत्र, बांध एवं नहर निर्माण.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तेन्दूखेड़ा ( दमोह ) के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , आर. ए. खण्डेलवाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1108
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
राजगढ़ , दिनांक 10 मई 2010
क्र. 4072- भू- अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि'की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम
का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी.
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(1) (2)
(3)
(4)
(6)
(5)
2.049
1. ढाबला
राजगढ़ नरसिंहगढ़
झाडला, हीकमी , ढ़ाबला मार्ग
2.589
2. झाडला
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, राजगढ़.
3. खलेली
2.698
0.076
4. आवंली.
5.324
5. हीकमी
कुल योग : 12.736
भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , राजस्व , नरसिंहगढ़ में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, लोकेश कुमार जाटव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिंगरौली, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
बैढ़न , दिनांक 11 मई 2010
क्र. 922- भू- अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन ( 4000 मेगावाट विद्युत् उत्पादन परियोजना ) के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्ध के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 " अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि अर्जित की जाती है .
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(2)
(3)
(1)
(4)
(5)
(6) चितरंगी
सिंगरौली
10.25
बड़गड़
4000 मेगावाट विद्युत् उत्पादन के लिये प्लांट की स्थापना.
प्राधिकृत अधिकारी चितरंगी पावर प्रा. लिमिटेड,
जिला सिंगरौली.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) उपखण्ड अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी देवसर/चितरंगी , जिला सिंगरौली के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
1109
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 21 मई 2010
भाग 1 ]
क्र. 924 - भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन ( 4000 मेगावाट विद्युत् उत्पादन परियोजना ) के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्ध के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 " अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे :-
अनुसूची
/
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि अर्जित की जाती है.
नगर/ग्राम
जिला
तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
(3)
(2)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)
(1)
जमतिहवा
183.24
सिंगरौली चितरंगी
4000 मेगावाट विद्युत् उत्पादन के लिये प्लांट की स्थापना.
प्राधिकृत अधिकारी चितरंगी पावर प्रा . लिमिटेड, जिला सिंगरौली.
भूमि का नक्शा (प्लान ) उपखण्ड अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी देवसर/चितरंगी , जिला सिंगरौली के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
क्र. 926 - भू-अर्जन- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन (4000 मेगावाट विद्युत् उत्पादन परियोजना ) के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्ध के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 " अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि अर्जित की जाती है.
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(6)
(5)
(3)
(4)
(2)
(1)
52.41
बगैया
चितरंगी
सिंगरौली
4000 मेगावाट विद्युत् उत्पादन के लिये प्लांट की स्थापना.
प्राधिकृत अधिकारी चितरंगी पावर प्रा. लिमिटेड, जिला सिंगरौली .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) उपखण्ड अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी देवसर/चितरंगी , जिला सिंगरौली के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1110
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 21 मई 2010
[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला भोपाल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
भोपाल, दिनांक 12 मई 2010
प्र. क्र. 2 - अ- 82-08-09- सा-1- सात . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 )
नगर/ग्राम
जिला तहसील
का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(1) (2)
(3)
(4)
के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी. (5)
(6) भोपाल
हुजूर ईटखेड़ी छाप खजुरी सड़क
124 रकबा 0.08 643/2 रकबा 0.22
कार्यपालन यंत्री, लो . नि. विभाग सेतु निर्माण संभाग , भोपाल .
ईटखेडी छाप एवं खजुरी सड़क में पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
कुल : रकबा 0.30.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , तहसील हुजूर, भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निकुंज कुमार श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला मण्डला, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
मण्डला, दिनांक 13 मई 2010
क्र.-भू-अर्जन-05-( अ-82 ) 2009-2010-52.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) तथा 17 (4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
ग्राम एवं प.ह.नं.
भूमि का वर्ग लगभग क्षेत्र
(हे. में )
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) मंडला
मंडलो
2.074
महाराजपुर प. ह. नं. 18
मुख्य नगरपालिका अधिकारी , नगरपालिका परिषद, मंडला
नर्मदा बंजर नदी के संगम पर स्नानघाट निर्माण , मेला स्थल तथा सड़क चौड़ीकरण हेतु.
भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण, कार्यालय कलेक्टर, मण्डला में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
1111
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 21 मई 2010
राजस्वविभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खंडवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग खंडवा , दिनांक 30 अप्रैल 2010
भू-अर्जन प्र . क्र. 04-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा 'यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम- सिवरियों
(घ ) अर्जित रकबा-2.40 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
27
0.02
0.20
28/1
28/2
0.10
29/1
0.18
30/1
0.06
85/8
0.05
85/7
0.01
88
0.10
247
0.04
89
0.16
92
0.05
124/2
0.19
0.02
96
97
0.02
124/1
0.15
127
0.22
0.21
125/1
125/2
0.32
128
0.04
129.
0.02
152/1
0.15
(2)
(1)
0.02
157/2
0.07
248
योग .. 2.40
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के अंतर्गत आवासीय कॉलोनी से पावर हाऊस तक पहुंच मार्ग निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) दो श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना, म. प्र. पा. ज. कं. लि. , खंडवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग जबलपुर , दिनांक 31 मई 2010
प्र. क्र. 05 - अ- 82-08-09.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- जबलपुर
(ख) तहसील- जबलपुर
(ग ) ग्राम- डुंगरिया, प. ह. नं. 6, न. बं. 197
में निर्मित) . (घ ) लगभग क्षेत्रफल - ट्यूबवेल एक ( 0.12 हेक्टे.
खसरा नं.
(हे. में) (2) अर्जित संपत्ति (1)
32/1
ट्यूबवेल एक ( 0.12 में निर्मित ) 1112
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 21 मई 2010
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. मदना वितरण उपशाखा की M2 L3 नहर निर्माण हेतु.
( 3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी , रा . अ. बा. लो. सा. परियोजना इकाई क्र. 2 बरगी हिल्स, जबलपुर में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 06- अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्तं प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- जबलपुर
(ख) तहसील- जबलपुर
(ग ) ग्राम पडोरा प. ह. नं. 4, न. बं. 272
(घ) लगभग क्षेत्रफल-कुंआ बोर (0.28 हेक्टे. में निर्मित ) .
खसरा नं.
अर्जित संपत्ति (हे. में. ) (2)
(1) 254
कुंआ एवं अन्दर बोर (0.28 में निर्मित) (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- मदना वितरण की शाखा क्र. 2 नहर निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी, रा. अ . बा. लो. सा. परियोजना इकाई क्र. 2 बरगी हिल्स, जबलपुर में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गुलशन बामरा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 7 मई 2010
क्र. 416 - भू-अर्जन-07-08: - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894
[भाग 1 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- हुजूर
(ग) नगर/ ग्राम- इटौरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 11.247 हेक्टेयर.
खसरा नं.
(1)
अर्जित रकबा (हे. में) (2)
619
0.227
618
0.057
608
0.275
609
0.154
615
0.069
614
0.247
0.105
610
611
0.129
612
0.105
616
0.081
607
0.053
613
0.166
549
0.053
548
0.356
551
0.040
550
0.328
508
0.045
509
0.116
512
0.036
511
0.009
510
0.008
261
0.018
232
0.006
231
0.032
230
0.028
252
0.238
237
0.093
251
0.275
243
0.040
137
0.008
139
0.028
138
0.640 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 21 मई 2010
(1)
(2) 142
0.143 143
0.004 140
0.105 144
0.105 145
0.008 133
0.202 132
0.008 148
0.012 131
0.259 603
0.170 604
0.084 552
0.032 602
0.154 601
0.061 597
0.195 595
0.129 596
0.016 562
0.049 553
0.109 554
0.008 594
0.049 555
0.049 559
0.008 566
0.219 561
0.162 563
0.032 564
0.036 565
0.036 571
0.890 572
0.008 283
0.093 285
0.121 286
0.061 287
0.380 291
0.065 290
0.057 289
0.065 63
0.057 103
0.045 102
0.061 82
0.028 95
0.097 96
0.101 84
0.008 83
0.012
1113 (1)
(2)
85
0.162
75
0.032
74
0.077
66
0.081
86
0.032
73
0.045
684/1/64
0.024
64/2
0.006
64/3
0.006
65
0.008
59
0.004
34
0.227
33
0.324
32
0.126
28
0.174
547
0.010
281/1
0.283
योग .. 10.282
म. प्र. शासन
507
0.069
513
0.016
421
0.065
422
0.065
350
0.259
141
0.072
492
0.028
486
0.032
487
0.154
350
0.036
421
0.032
422
0.057
64/1
0.080
योग .. 0.965
11.247
कुल योग ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की बोदा डिस्ट्रीब्यूटरी के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु..
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 21 मई 2010
1114
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 10 मई 2010
क्र. 490- भू- अर्जन- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा (म. प्र. )
(ख ) तहसील-हनुमना
(ग ) ग्राम-पोखड़उर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-8.501 हेक्टेयर.
खसरा नं.
रकबा (हे. में) (2)
(1)
144/1 क
127/2, 144/1 ख 128, 145 130, 141 , 142, 143
0.234 0.594 4.573 3.100 योग कृषक भूमि .. 8.501
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गोबर्दहा बांध निर्माण हेतु.
(3) भूमि के नक्शे एवं बांध का निरीक्षण, कलेक्टर के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 491 - भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन- (क) जिला- रीवा (म. प्र. )
(ख) तहसील- हनुमना
(ग) ग्राम- मटिखानी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-14.244 हेक्टेयर.
खसरा नं.
रकबा (हे. में) .
(2)
(1)
3,4 / 2, 56 , 7/3 , 8 , 9,10/ 1 , 13/2, 14/2 , 16/3 , 17/2 . 9.409 1/2 0.032 2 0.028 7/1 , 7/2 , 13/1 , 14/1 , 16/1 1.798 16/2, 17/1 1.542 10/2 , 11 , 12 , 13/3 , 14/3 , 15 1.435
योग कृषक भूमि . 14.244
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गोबर्दहा बांध निर्माण हेतु.
(3) भूमि के नक्शे एवं बांध का निरीक्षण , कलेक्टर के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 493- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- हनुमना
(ग ) ग्राम सेमरहा मुतालिके सिगटी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-21.581 हेक्टेयर.
खसरा नं.
रकबा (हे. में)
(2)
(1)
2.923
96, 105, 102, 103 , 104 , 106, 107 .
भाग 1 ]
1115
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
(1)
(2)
3.654
97 , 98, 100 , 108 , 116 ,
117, 121
101
1.898
109
0.571
0.886
112, 113 , 114
110
0.551
111
0.340
119, 152, 149/217
1.246
115/1 , 120/1
1.181
115/2, 120/3
1.853
118
1.805
120/2
0.672
123/1
1.639
123/2
0.817
123/3
0.817
150
0.214
0.514
151 , 153 , 154 , 156
योग कृषक भूमि .. 21.581
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गोबर्दहा बांध निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे एवं बांध का निरीक्षण , कलेक्टर के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 494- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- हनुमना
(ग ) ग्राम- तुर्का
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 15.239 हेक्टेयर,
खसरा नं.
रकबा (हे. में)
(2)
(1)
0.708
2,19 , 57 , 1/230 , 2/232 , 6/238, 21/246
1.222
1 , 3/234 , 4/237
3.118
3 , 6 , 14 , 15, 16 , 20 ,
33 , 35 , 1/227 , 3/235 , 3/236 , 35/247 , 33/248 , 4/231 .
2.195
4, 5 , 18 , 56 , 58 , 32 , 59 , 1/225 , 1/226 , 1/228 , 1/229 ,
3/233 , 6/239 , 33/249 ,
32/250 .
0.040
1/234
1.723
8, 9 , 10 , 11 , 12,
11/240, 11/241 .
0.541
13/1 , 26 , 242/3 , 243/2
1.053
13, 242/1
1.129
13/3 , 17/1 , 13/242/2 ,
13/243/1
0.449
17/2 , 17/244/1 , 17/245/2
0.960
17/3 , 17/244/2 , 17/245/1
21
0.462
1.639
22, 23, 24
योग कृषक भूमि .. 15.239
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गोबर्दहा बांध निर्माण हेतु.
(3) भूमि के नक्शे एवं बांध का निरीक्षण, कलेक्टर के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 495 - भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , 1116
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- हनुमना
(ग ) ग्राम- सेमरहा पहाड
(घ) लगभग क्षेत्रफल-7.027 हेक्टेयर.
खसरा नं.
रकबा (हे. में)
(2)
(1)
36/1.38/1.41/1.42/ 1
1.485
41/2.42/2
1.045
1.635
43
39
2.862
योग कृषक भूमि .. 7.027
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गोबर्दहा बांध निर्माण हेतु.
(3) भूमि के नक्शे एवं बांध का निरीक्षण, कलेक्टर के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. पी. श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिंगरौली , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग सिंगरौली, दिनांक 11 मई 2010
प्र. क्र. 920- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) संशोधित भू-अर्जन अधिनियम 1984 की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिंगरौली
(ख) तहसील- सिंगरौली
(ग) ग्राम का नाम-अमलोरी , अमलोरी नं. 14
[भाग 1 (घ) लगभग क्षेत्रफल - 1.329 हेक्टर.
खसरा
आवेदित रकबा
नम्बर
(हे. में)
(1)
(2)
0.060
426/1 जुज
0.060
426/2जुज
0.070
432/1 क जुज
0.070
432/2 क जुज
0.070
432/2 ख जुज
0,100
499/2जुज
0.050
517/2क जुज
0.050
517/2 ख जुज
0.060
518 जुज
0.060
520/2जुज
0.030
521/1 च जुज
0.030
521/2क जुज
0.010
522 जुज
0.040
530जुज
0.030
53.1 जुज
0.030
532जुज
0.040
534/1 जुज
536/3
0.011
536/5
0.010
0.020
537/1 जुज
0.020
538/2जुज
0.020
539/1 ग जुज
0.020
542/1 जुज
0.020
543/1 जुज
0.021
543/5
0.010
544/2जुज
0.011
544/5
0.010
545/1 जुज
0.010
545/2जुज
545/5
0.016
0.020
546/1 च जुज
0.020
546/1 छ जुज
0.010
546/2 क
0.040
546/5जुज
560/3 ख
0.036
0.060
560/5 क जुज
0.084
560/5 ख जुज
योग 1.329
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है' - सासन पावर लिमिटेड की अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना के लिये कोयला परिवहन हेतु एम. जी. आर. ( कोल कनवेयर ) निर्माण के लिए भूमि एवं उस पर स्थित परिसम्पत्तियों का अर्जन .
भाग 1 ]
1117
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , तहसील सिंगरौली ( बैढ़न ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है' - नर्मदा बंजर नदी के संगम पर स्नानघाट निर्माण, मेला स्थल तथा सड़क चौड़ीकरण हेतु .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष , मंडला के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर , जिला मण्डला, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
मण्डला, दिनांक 13 मई 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला देवास, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
देवास, दिनांक 13 मई 2010
क्र. भू-अर्जन- 05-( अ-82 ) -09-10-53.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
क्र. 742- भू-अर्जन-10-प्र.क्र. 02- अ-82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
(क) जिला- मंडला
अनुसूची
(ख) तहसील-मंडला
(1 ) भूमि का वर्णन-
( ग) ग्राम- महाराजपुर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल -2.074 हेक्टर.
(क) जिला- देवास
(ख ) तहसील- देवास
ख. नं.
रकबा
(ग) ग्राम- देवास सीनियर
(1)
(2)
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 2037 वर्गमीटर
0.154
191/1 , 194/1
सर्वे नं.
191/6, 194/6
0.008
कुल रकबा (वर्गमीटर में)
प्रभावित रकबा (वर्गमीटर में) 198
0.219
(1)
(2)
(3) 218/1
0.361
1258
968 202/2
0.121
205/1
0.215
5416.50
1069 205/2
0.008
206
0.061
6624
2037
नजूल शीट प्लाट नं. 23-ए/126 नजूल शीट प्लाट नं. 23-सी/प्लाट नं. 1 योग .
207
0.178
208
0.214
209/1
0.101
(2) सार्वजनिक प्रयोजन का कारण- देवास सीनियर फौरलेन मार्ग निर्माण होने से .
209/2
0.134
0.300
210/1 , 211/1 , 212/1 ,
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय , जिला देवास एवं भू- अर्जन अधिकारी देवास में देखा जा सकता है. 213/1; 214/1 .
योग .. 2.074
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पुष्पलता सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1 1118
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर
30 अप्रैल 2010 तक 21 माह की अवधि हेतु पात्रतानुसार 26 दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है .
Jabalpur , the 30th April 2010
जबलपुर , दिनांक 4 मई 2010
क्र.सी- 1578 -दो- 3-41-2001.-श्री गिरीराज दास सक्सेना, जिला न्यायाधीश ( सतर्कता एवं निरीक्षण ) , इन्दौर को दिनांक 26 अप्रैल 2010 से 3 मई 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 25 अप्रैल 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
No. B - 1984- II- 15-50-87 - V. In exercise of the powers conferred by clause ( a) of sub- section (2) of Section 8A of the Legal Services Authorities Act, 1987 (No. 39 of 1987) as amended by the Legal Services Authorities (Amendment) Act, 1994 (59 of 1994) , Hon'ble the Chief Justice , High Court of Madhya Pradesh , hereby nominates Hon'ble, Shri Justice S.L. Kochar , Judge of High Court ofMadhya Pradesh , Bench at Indore as Chairman of the High Court Legal Services Committee , with immediate effect .
अवकाश से लौटने पर श्री गिरीराज दास सक्सेना, जिला न्यायाधीश ( सतर्कता एवं निरीक्षण ) , इन्दौर को इंदौर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री गिरीराज दास सक्सेना, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला न्यायाधीश (सतर्कता एवं निरीक्षण ) के पद पर कार्यरत रहते .
No. B- 1986 - II- 15-50-87- V.- In exercise of the powers conferred by clause ( b ) of sub- section (2) of Section 8A of the Legal Services Authorities Act , 1987 (No. 39 of 1987) as amended by the Legal Services Authorities (Amendment) Act , 1994 (59 of 1994) , read with sub- regulation 2 of the Regulation 3 of Madhya Pradesh Legal Services Authorities Regulations , 1997 as amended under Section 29A of Madhya Pradesh State Legal Services Authority Act, 1987, Hon'ble the Chief Justice of High Court of Madhya Pradesh hereby nominates Hon'ble Shri Justice K.K. Lahoti , High Court of Madhya Pradesh Main Seat, Jabalpur as Co - Chairman of High Court Legal Services Committee at Jabalpur with immediate effect .
माननीय मुख्य न्यायाधिपति के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.
By order and in the name of Hon'ble the ChiefJustice , TARUN KUMAR KAUSHAL , Registrar General .
जबलपुर , दिनांक 29 अप्रैल 2010 जबलपुर , दिनांक 1 मई 2010
क्र.बी- 1976- दो- 2-7-2005 .- श्री ए. के. मिश्रा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, ग्वालियर को दिनांक 24 मई से 18 जून 2010 तक छब्बीस दिन के पूर्व स्वीकृत ग्रीष्मकालीन अवकाश के पूर्व के अनुक्रम में दिनांक 22 से 23 मई 2010 तक दो दिन का एवं पश्चात्वर्ती अनुक्रम में दिनांक 19 जून 2010 का 1 दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री ए. के. मिश्रा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
क्र. C- 1471-दो-2-79-06.- श्री टी. के. कौशल, रजिस्ट्रार जनरल, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक-3- (ए) 19-03 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अंतर्गत दिनांक 30 अप्रैल 2008 से दिनांक 30 अप्रैल 2010 तक 2 वर्ष की ब्लाक अवधि हेतु तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री ए. के. मिश्रा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. A- 1178- दो-2-21-06.- श्री ए. के. शर्मा, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार (ज्यूडिशीयल ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3 (ए) 19-03 - इक्कीस- ब( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12(1 ) एवं ज्ञापन क्र. 3440- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 7 दिसम्बर 2007 में दिये निर्देशों के अन्तर्गत दिनांक 12 जुलाई 2008 से
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.
भाग 1 ]
1119
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
जबलपुर, दिनांक 5 मई 2010
क्र.बी- 2058-तीन- 22-4-89 (देवास-टोंकखुर्द) .- मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की अधिसूचना क्रमांक सी-1247-तीन-22-4-89 (देवास- टोंकखुर्द ) , दिनांक 23 मार्च 2006 जहां तक की उसका संबंध द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2, देवास की श्रृंखला न्यायालय टोंकखुर्द से है , को एतद्वारा निरस्त किया जाता है .
No. B - 2058 - III - 22-4-89 ( Dewas - Tonkkhurd ) .-High Court of Madhya Pradesh Notification No. C- 1247- III- 22-4-89 ( Dewas - Tonkkhurd) , dated 23rd March 2006 , so far as it relates to holding of Link Court of IInd Civil Judge , Class - II Dewas to Tonkkhurd , is , hereby stand cancelled.
जबलपुर, दिनांक 11 मई 2010
क्र.सी- 1651-तीन-10-42-75 (इंदौर- हातोद ) .- मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की अधिसूचना क्रमांक डी- 3848- तीन-10-42-75 (इंदौर- हातोद ) , दिनांक 9 जुलाई 2007 जहां तक कि उसका संबंध व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , हातौद की श्रृंखला न्यायालय इंदौर से है , को एतद्वारा निरस्त किया जाता है .
No. C- 1651 - III - 10-42-75 (Indore - Hatod).-High Court ofMadhya Pradesh Notification No. D - 3848 - III - 10-42- 75 ( Indore -Hatod) , dated 9th July 2007 , so far as it relates to holding of Link Court of Civil Judge , Class - II , Hatod to Indore , is , hereby stand cancelled.
क्र.सी- 1653- तीन- 10-42-75 ( इंदौर - हातोद ) मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयेग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, एतद्वारा , निर्देशित करता है कि प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 , इन्दौर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश स्थान हातोद अपने घोषित कार्यस्थल हातोद के अतिरिक्त इंदौर में भी जिला एवं सत्र न्यायाधीश, इंदौर द्वारा समय - समय पर अनुमोदित तिथियों में कार्य करेंगे .
No. C- 1653 - III- 10-42-75 (Indore- Hatod) . In excercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Court Act , 1958 (Act No. 19 of 1958) the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that the Addl . Judge to Ist Civil Judge, Class - I , Indore at Hatod in addition to his place of sitting declared at Hatod shall also sit at Indore on such dates as may be approved by the District and Sessions Judge , Indore from time to time .
क्र.सी- 1655-तीन- 10-42-75( शिवपुरी-पोहरी ) .- मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, एतद्वारा , निर्देशित करता है कि व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , शिवपुरी के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश अपने घोषित कार्यस्थल शिवपुरी के अतिरिक्त पोहरी में भी जिला एवं सत्र न्यायाधीश, होशंगाबाद द्वारा समय- समय पर अनुमोदित तिथियों में कार्य करेंगे .
No. C - 1655 - III - 10-42-75 ( Shivpuri - Pohari ) .- In excercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Court Act , 1958 (Act No. 19 of 1958) the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that the Addl: Judge to Civil Judge Class - I , Shivpuri in addition to his place of sitting declared at Shivpuri shall also sit at Pohari on such dates as may be approved by the District and Sessions Judge , Shivpuri from time to time .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, अभय कुमार , रजिस्ट्रार.
जबलपुर, दिनांक 1 मई 2010 .
क्र. 417 -गोपनीय - 2010-दो- 2-1-2010 ( भाग- ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 229 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में उल्लेखित उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी को, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में अंकित स्थान से स्थानांतरित कर, स्तम्भ (4 ) में अंकित स्थान पर एवं स्तम्भ ( 5 ) में उल्लेखित पद पर, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करते हैं : -
सारणी
क्रमांक (1)
नाम (2)
1
कहां से (3) दमोह कुमारी सुषमा खोसला, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दमोह.
2
कटनी श्री करीम दाद खान, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , कटनी .
पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (5)
कहां को (4) जबलपुर
प्रिसिंपल रजिस्ट्रार ( न्यायिक ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर की हैसियत से .
जबलपुर
प्रिसिंपल रजिस्ट्रार ( निरीक्षण एवं सतर्कता ) , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर की हैसियत से .
1120
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
[भाग 1
जबलपुर, दिनांक 10 मई 2010
क्र. 423 -गोपनीय- 2010-दो- 2-1-2010 ( भाग- ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 229 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में उल्लेखित उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी को, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में अंकित स्थान से स्थानांतरित कर, स्तम्भ ( 4 ) में अंकित स्थान पर एवं स्तम्भ ( 5 ) में उल्लेखित पद पर, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करते हैं :-
सारणी
(2) नाम
क्रमांक (1)
कहां से (3)
पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (5)
कहां को (4)
1
डिण्डौरी
जबलपुर
श्री शम्भु दयाल दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, डिण्डौरी.
जिला न्यायाधीश ( निरीक्षण एवं सतर्कता ) , उच्च न्यालयाय, मध्यप्रदेश जबलपुर की हैसियत से.
2
होशंगाबाद
जबलपुर
अपर जिला न्यायाधीश (विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी ) (निरीक्षण एवं सतर्कता ) , जबलपुर की हैसियत से.
श्री व्ही . बी. शुक्ला, विशेष न्यायाधीश , अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम , होशंगाबाद.
3
जावरा
इन्दौर
विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश खण्डपीठ इंदौर की हैसियत से .
श्री अफसर जावेद खान, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जावरा के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश , जावरा , जिला रतलाम.
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,
टी. के. कौशल , रजिस्ट्रार जनरल .
जबलपुर, दिनांक 28 अप्रैल 2010
क्र. 405-गोपनीय- 2010- दो- 3-1-2010 ( भाग- एक- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर, एतद्वारा निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में वर्णित व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी वर्तमान में न्यायाधिकारी , ग्राम न्यायालय को, राज्य शासन की अधिसूचना फा.क्र. 17 ( ई ) 43-2009- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 26 अप्रैल 2010 के प्रभावशील होने के फलस्वरूप स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शित स्थान से स्थानांतरित कर स्तम्भ क्रमांक ( 4 ) में दर्शित स्थान पर एवं स्तम्भ क्रमांक ( 6 ) में दर्शित न्यायालय में उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है :-
सारणी
क्रमांक
नाम
कहां को
कहां से
(1)
(2)
(3)
(4)
पदस्थापना के जिले का नाम (5)
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6) 1
करैरा
करैरा
श्रीमती नीतू कांता वर्मा
शिवपुरी व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 की हैसियत से श्री संजय कुमार गुप्ता ( सीनियर ) के स्थान पर.
2.
मनावर
श्री नरेन्द्र पटेल
मनावर
धार
व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 की हैसियत से श्री सुनील मालवी के स्थान पर.
3 श्री विकास भटेले
निवारी
निवारी
टीकमगढ़
4 श्री रूपम वेदी
सिरौंज
सिरौंज
विदिशा
व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 की हैसियत से श्री तरूण राकेश स्टेण्डली के स्थान पर. व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 की हैसियत से श्री संजय कुमार कस्तवार के स्थान पर.
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 मई 2010
1121 (1)
(2)
一天 (3)
(4)
(5)
(6)
5 श्री साबिर अहमद खान
कन्नौद
देवास
कन्नौद
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 कनौद के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से .
6
दतिया
सेवढ़ा
सेवढ़ा
व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.
श्री राजेन्द्र कुमार शर्मा (जूनियर)
7
जावरा
जावरा
रतलाम
श्री सुखराम सीनम
व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 की हैसियत से श्री राजेश नन्देश्वर के स्थान पर.
8 श्री प्रदीप राठौर
मनासा
मनासा
नीमच व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 की हैसियत से श्री राकेश कुमार गोयल के स्थान पर.
9 श्रीमती निशा विश्वकर्मा
लखनादौन
लखनादौन
सिवनी व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 की हैसियत से श्री राजदीप सिंह ठाकुर के स्थान पर.
10 श्री आशीष टांकले
सेंधवा
सेंधवा
बड़वानी व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 की हैसियत से श्री आलोक कुमार सक्सेना के स्थान पर.
11
जयसिंहनगर
श्री खालिद मोहतरम अहमद
जयसिंहनगर शहडोल व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 शहडोल के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से स्थान जयसिंहनगर, जिला शहडोल.
12 श्री नरसिंह बघेल
उज्जैन
महिदपुर महिदपुर
व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 की हैसियत से श्री राजेन्द्र सिंह ठाकुर के स्थान पर.
13
सिरमौर
श्री रामजी लाल ताम्रकार
सिरमौर
रीवा
व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 की हैसियत से श्री उमाशंकर शर्मा के स्थान पर.
14
लहार
श्री मोहम्मद अनीस खान
भिण्ड
लहार
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 की हैसियत से श्री राजेन्द्र कुमार शर्मा (सीनियर ) के स्थान पर.
15
अम्बाह
अम्बाह
मुरैना
श्री पूरणसिंह
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 की हैसियत से रिक्तन्यायालय में.
16 श्रीकेशव सिंह
डबरा
डबरा
ग्वालियर द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 की हैसियत से श्री ठाकुर दास के स्थान पर.
17
बरेली
बरेली
रायसेन
श्री सुनील कुमार शोक
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 की हैसियत से श्री राजेन्द्र कुमार बाथम के स्थान पर.
18
चन्देरी
चन्देरी
श्री सुरेश कुमार सूर्यवंशी
अशोकनगर व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग 1 चन्देरी के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.
19
आगर
आगर
श्री विष्णु खेड़े
शाजापुर व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 की हैसियत से श्री वैभव मण्डलोई के स्थान पर.
20
बैरसिया
श्री आमोद आर्य
बैरसिया
भोपाल व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 की हैसियत से श्रीमती ज्योति विनोदिया वर्मा के स्थान पर.
21 श्री सतीश चन्द्र मालवीया
सागर
खुरई
खुरई
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 की हैसियत से श्री कृपाशंकर शाक्य के स्थान पर.
क्र. 406 -गोपनीय-2010-दो- 3-1-2010 ( भाग- दो ) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर एतद्वारा निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में वर्णित व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 एवं न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी वर्तमान में न्यायाधिकारी , ग्राम न्यायालय को, राज्य शासन की अधिसूचना फा.क्र. 17 ( ई ) 43- 2009- इक्कीस (एक) , दिनांक 26 अप्रैल 2010 के प्रभावशील होने के फलस्वरूप स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शित स्थान से स्थानांतरित 1122
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्रं, दिनांक 21 मई 2010
कर स्तम्भ क्रमांक ( 4 ) में दर्शित स्थान पर एवं स्तम्भ क्रमांक ( 6 ) में दर्शित न्यायालय में उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है :-
नाम
कहां से क्रमांक
(2)
(3) (1)
1
कोतमा श्री अशोक कुमार गोटिंया
2
बिजावर श्री अरविन्द कुमार छापरिया
3
हटा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (सीनियर)
4 श्री राधेश्याम मडिया
वैढ़न 5
भीकनगांव श्री कैलाश प्रसाद मरकाम
6
नागौद श्री प्रवेन्द्र कुमार सिंह
7
सोहागपुर श्री आशुतोष शुक्ला
8 श्री कंचन सक्सेना
चाचौड़ा 9
गरौठ श्री नीलेश यादव
10. श्री आनंद कुमार सहलाम
पांढुर्णा 11
पाटन श्री नरेश कुमार मीना
12 श्रीमती किरण कोल
मझौली 13
गाडरवारा श्री अतुलराज भलावी
14
मुलताई श्री पवन कुमार पटेल
15
पवई श्री अरूण कुमार खराड़ी
सारणी
कहांको
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी पदस्थापना के जिले का नाम (5)
(4)
कोतमा
अनूपपुर
(6) प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
बिजावर
छतरपुर
द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.
दमोह
हटा
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
सीधी
वैढ़न
तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.
मण्डलेश्वर
भीकनगांव
व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 भीकनगांव के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश , स्थान- भीकनगांव जिला मण्डलेश्वर की हैसियत से.
नागौद
सतना
द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.
होशंगाबाद
सोहागपुर
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
चाचौड़ा गुना
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 चाचौड़ा के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश , स्थान-चाचौड़ा, जिला गुना की हैसियत से.
मंदसौर
गरौठ
व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 गरौठ के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश , स्थान- गरौठ, जिला मंदसौर की हैसियत से.
पांढुर्णा
छिन्दवाड़ा व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
पाटन
जबलपुर
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .
सीधी
मझौली
व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
गाडरवारा नरसिंहपुर प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 गाडरवारा के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश , स्थान- गाडरवाड़ा, जिला नरसिंहपुर की हैसियत से.
बैतूल
मुलताई
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
पवई
पन्ना
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , पवई के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, स्थान- पवई जिला पन्ना की हैसियत से रिक्तन्यायालय में.
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, टी. के. कौशल , रजिस्ट्रार जनरल.