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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 11 June 2010

Type
Ordinary
Gazette no.
24
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2010-06-11.24.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

दध्यप्रदेश शासन

पंजी. क्रमांक भोपाल डिवीजन म. प्र. - 108- भोपाल-09-11 .

मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल डाक परिमंडल, के पत्र क्रमांक 22/153 , दिनांक 10-1-06 द्वारा पूर्व भुगतान योजनान्तर्गत डाक व्यय की पूर्व अदायगी डाक द्वारा भेजे जाने के लिए अनुमत.

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 24 ]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 11 जून 2010- ज्येष्ठ 21 , शक 1932

विषय-सूची

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.- (क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन,

(3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक, भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, (7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

(ख) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम,

(3) संसद् के अधिनियम,

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

(3) अवकाशकाल में श्रीमती सीमा शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 21 मई 2010

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती सीमा शर्मा अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

भोपाल , दिनांक 22 मार्च 2010 क्र. ई . 5-709- आयएएस - लीव - एक - 5.- ( 1 ) श्रीमती सीमा शर्मा, आयएएस, नियंत्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री एवं पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग तथा पदेन अपर राहत आयुक्त को दिनांक 7 से 11 जून 2010 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 6 एवं 12, 13 जून 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दीजाती है .

क्र. ई. 5-562- आयएएस लीव एक -5.-( 1 ) श्री जे. एन. कांसोटिया , आयएएस, कमिश्नर, नर्मदापुरम् संभाग , होशंगाबाद को दिनांक 2 से 5 जून 2010 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 6 जून 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2) श्री जे. एन . कांसोटिया की अवकाश की अवधि में श्री निशांत वरवडे, आयएएस , कलेक्टर, जिला होशंगाबाद को अपने (2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती सीमा शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न नियंत्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री एवं पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग तथा पदेन अपर राहत आयुक्त के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

1271

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2010 .

1272

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अखिलेश कुमार श्रीवास्तव अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कमिश्नर, नर्मदापुरम् संभाग , होशंगाबाद का चालू प्रभार सौंपा जाता है.

भोपाल, दिनांक 24 मई 2010 ( 3) अवकाश से लौटने पर श्री जे . एन. कांसोटिया को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कमिश्नर, नर्मदापुरम् संभाग , होशंगाबाद के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

क्र. ई. 5-644- आयएएस- लीव - एक- 5.- ( 1 ) श्री संजय कुमार शुक्ल, आयएएस , अध्यक्ष सह प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश , मध्य क्षेत्र विद्युत् वितरण कम्पनी लिमिटेड, भोपाल को दिनांक 10 से 18 जून 2010 तक नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(4) श्री जे. एन. कांसोटिया, द्वारा कमिश्नर, नर्मदापुरम् संभाग , होशंगाबाद का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री निशांत वरवडे, कमिश्नर, नर्मदापुरम् संभाग, होशंगाबाद के चालू प्रभार से मुक्त होंगे.

(5) अवकाशकाल में श्री जे. एन. कांसोटिया को अवकाश, वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री संजय कुमार शुक्ल को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अध्यक्ष सह प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश , मध्य क्षेत्र विद्युत् वितरण कम्पनी लिमिटेड, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री जे . एन. कांसोटिया, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

(3 ) अवकाशकाल में श्री संजय कुमार शुक्ल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

भोपाल, दिनांक 22 मई 2010

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री संजय कुमार शुक्ल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 25 मई 2010 क्र. ई. 5-772- आयएएस लीव-5- एक ( 1 ) श्री पी. नरहरि, आयएएस, कलेक्टर, जिला सिंगरौली को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 7 मई 2010 द्वारा दिनांक 17 से 26 मई 2010 तक दस दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 25 मई से 5 जून 2010 तक बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

क्र. ई. 5-480- आयएएस लीव-5- एक ( 1 ) श्री एम. गोपाल रेड्डी, आयएएस, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम, भोपाल को दिनांक 31 मई से 12 जून 2010 तक, तेरह दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

( 2) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 7 मई 2010 की शेष कंडिकायें यथावत रहेंगी.

क्र. ई. 5-854- आयएएस लीव 5-एक ( 1 ) श्री अखिलेश कुमार श्रीवास्तव , आयएएस , कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ को दिनांक 24 से 29 मई 2010 तक, छः दिन के अर्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है.

(2 ) श्री एम. गोपाल रेड्डी की अवकाश की अवधि में श्री व्ही. सी. सेमवाल, आयएएस. , वि.क.अ. सह- आयुक्त, उद्योग मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य उद्योग निगम को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम , भोपाल का प्रभार सौंपा जाता है.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री एम. गोपाल रेड्डी को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक , स्थानापन्न प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

( 2 ) श्री अखिलेश कुमार श्रीवास्तव की अवकाश की अवधि में श्री आर. के. श्रीवास्तव, अपर कलेक्टर, टीकमगढ़ को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ, अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ का प्रभार सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री अखिलेश कुमार श्रीवास्तव को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री एम. गोपाल रेड्डी द्वारा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम, भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री व्ही. सी. सेमवाल, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम, भोपाल के प्रभार से मुक्त होंगे .

(4) श्री अखिलेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री आर. के. श्रीवास्तव, कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ के प्रभार से मुक्त होंगे .

( 5) अवकाशकाल में श्री एम. गोपाल रेड्डी को अवकाश, वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एम . गोपाल रेड्डी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

(5 ) अवकाशकाल में श्री अखिलेश कुमार श्रीवास्तव को अवकाश, वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

1273 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

भोपाल , दिनांक 26 मार्च 2010

(5 ) अवकाशकाल में श्री डी. सिंघई को अवकाश, वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री डी. सिंघई, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई . 5-476-आयएएस लीव एक-5.- ( 1 ) श्री दीपक खाण्डेकर, आयएएस , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , स्कूल शिक्षा विभाग को दिनांक 24 जून से 3 जुलाई 2010 तक, दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 4 जुलाई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

क्र. ई. 5-425- आयएएस- लीव - 5- एक.- ( 1 ) श्री मनोज गोयल, आयएएस , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , पशुपालन विभाग को दिनांक 5 से 9 जून 2010 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) श्री दीपक खाण्डेकर की अवकाश अवधि में श्री बी. आर. नायडू, आयएएस . , आयुक्त, लोक शिक्षण तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग का प्रभार सौंपा जाता है .

(2) श्री मनोज गोयल की अवकाश की अवधि में श्री सेवाराम, आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, मछलीपालन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक , पशुपालन विभाग का प्रभार सौंपा जाता है.

( 3) अवकाश से लौटने पर श्री दीपक खाण्डेकर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री मनोज गोयल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न, प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, पशुपालन विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

( 4) श्री दीपक खाण्डेकर द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , स्कूल शिक्षा विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री बी. आर. नायडू, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , स्कूल शिक्षा विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे.

(4) श्री मनोज गोयल द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पशुपालन विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री सेवाराम, पशुपालन विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री दीपक खाण्डेकर को अवकाश , वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(5) अवकाशकाल में श्री मनोज गोयल को अवकाश, वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री दीपक खाण्डेकर अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

(6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मनोज गोयल, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई. 5-326- आयएएस लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री डी. सिंघई, आयएएस, संचालक, आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान को दिनांक 2 से 11 जून 2010 तक, दस दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 12, 13 जून 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

क्र. ई. 5-415- आयएएस लीव - एक-5- ( 1 ) श्रीमती स्नेहलता श्रीवास्तव, आयएएस, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति एवं संसदीय कार्य विभाग तथा ट्रस्टी सचिव , भारत भवन को दिनांक 15 से 30 जून 2010 तक सोलह दिन का एक्स - इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

( 2) श्री डी. सिंघई की अवकाश अवधि में डॉ. देवराज बिरदी, आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक संचालक, आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान का प्रभार सौंपा जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती स्नेहलता श्रीवास्तव को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति एवं संसदीय कार्य विभाग तथा ट्रस्टी सचिव , भारत भवन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री डी. सिंघई को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न संचालक, आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाश काल में श्रीमती स्नेहलता श्रीवास्तव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था .

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती स्नेहलता श्रीवास्तव अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

(4) श्री डी. सिंघई द्वारा संचालक , आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान का कार्यभार ग्रहण करने पर डॉ. देवराज बिरदी, संचालक, आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान के प्रभार से मुक्त होंगे .

1274

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(5) अवकाशकाल में श्रीमती रश्मि अरुण शमी को अवकाश, वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्वमिलता था.

क्र. ई . 5-564- आयएएस- लीव- एक - 5.-( 1 ) श्रीमती वीरा राणा, आयएएस , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश वित्त निगम तथा औद्योगिक केन्द्र विकास निगम, इन्दौर को दिनांक 4 से 18 जून 2010 तक, पन्द्रह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती रश्मि अरुण शमी, अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

(2) श्रीमती वीरा राणा की अवकाश अवधि में श्री प्रमोद कुमार दास , आयएएस . , श्रम आयुक्त, मध्यप्रदेश इंदौर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश वित्त निगम तथा औद्योगिक केन्द्र विकास निगम , इन्दौर का प्रभार सौंपा जाता है.

क्र. ई . 5-739 - आयएएस लीव-5- एक. ( 1 ) श्री हीरालाल त्रिवेदी, आयएएस , कमिश्नर, शहडोल , संभाग शहडोल को दिनांक 28 मई से 5 जून 2010 तक, नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा अवकाश के साथ दिनांक 27 मई 2010 के सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है. कृपया दिनांक 6 जून 2010 को मुख्यालय में उपस्थित होने का कष्ट करें .

(3) अवकाश से लौटने पर श्रीमती वीरा राणा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश वित्त निगम तथा औद्योगिक केन्द्र विकास निगम, इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(2) श्री हीरालाल त्रिवेदी की अवकाश की अवधि में श्री नीरज दुबे , आयएएस, कलेक्टर, शहडोल को अपने कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कमिश्नर, शहडोल , संभाग शहडोल का प्रभार सौंपा जाता है.

(4) श्रीमती वीरा राणा द्वारा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश वित्त निगम तथा औद्योगिक केन्द्र विकास निगम, इन्दौर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री प्रमोद कुमार दास , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश , वित्त निगम तथा औद्योगिक केन्द्र विकास निगम, इन्दौर के प्रभार से मुक्त होंगे.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री हीरालाल त्रिवेदी को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कमिश्नर, शहडोल, संभाग शहडोल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

( 5 ) अवकाशकाल में श्रीमती वीरा राणा को अवकाश , वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) श्री हीरालाल त्रिवेदी द्वारा कमिश्नर , शहडोल, संभाग शहडोल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री नीरज दुबे , कमिश्नर, शहडोल, संभाग शहडोल के प्रभार से मुक्त होंगे .

(6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती वीरा राणा अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

(5) अवकाशकाल में श्री हीरालाल त्रिवेदी को अवकाश, वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री हीरालाल त्रिवेदी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. 5-649- आयएएस- लीव- 5 - एक.-( 1 ) श्रीमती रश्मि अरुण शमी , आयएएस, संचालक, उद्यानिकी- सह- मिशन संचालक, उद्यानिकी तथा प्रबंध संचालक, बीज एवं फर्म विकास निगम तथा राज्य कृषि उद्योग विकास निगम को दिनांक 25 मई से 7 जुलाई 2010 तक, चवालीस दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

भोपाल , दिनांक 28 मई 2010 (2) श्रीमती रश्मि अरुण शमी की अवकाश अवधि में श्री सतीश चन्द्र मिश्र , आयएएस. , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, प्रबंध संचालक, राज्य कृषि उद्योग विकास निगम का प्रभार सौंपा जाता है .

क्र. ई. 5-818- आयएएस लीव एक -5-( 1 ) श्री एन. एस. भटनागर, आयएएस , अपर मिशन संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल को दिनांक 28 मई से 11 जून 2010 तक पन्द्रह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 27 मई एवं 12, 13 जून 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री एन . एस. भटनागर को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर मिशन संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाश से लौटने पर श्रीमती रश्मि अरुण शमी को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न संचालक, उद्यानिकी- सह-मिशन संचालक, उद्यानिकी तथा प्रबंध संचालक, बीज एवं फर्म विकास निगम तथा राज्य कृषि उद्योग विकास निगम के पदं पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में श्री एन. एस . भटनागर को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) श्रीमती रश्मि अरुण शमी द्वारा संचालक, उद्यानिकी-सह- मिशन संचालक, उद्यानिकी तथा प्रबंध संचालक, बीज एवं फर्म विकास निगम तथा राज्य कृषि उद्योग विकास निगम का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री सतीश चन्द्र मिश्र, प्रबंध संचालक, राज्य कृषि उद्योग विकास निगम के प्रभार से मुक्त होंगे .

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एन. एस . भटनागर अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भाग 1 ]

1275

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

क्र. ई. 5-701 - आयएएस लीव एक- 5- ( 1 ) श्री ओमेश मूंदड़ा, आयएएस, सचिव, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग तथा मध्यप्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग , भोपाल को दिनांक 31 मई से 11 जून 2010 तक बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 30 मई एवं 12 , 13 जून 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री ओमेश मूंदड़ा, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न, सचिव , राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग तथा मध्यप्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

( 3 ) अवकाशकाल में श्री ओमेश मूंदड़ा, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री ओमेश मूंदड़ा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई . 1-193-2010-5- एक. श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव , भाप्रसे ( 1992 ) , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम , भोपाल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , आगामी आदेश तक, पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , स्कूल शिक्षा विभाग भी घोषित किया जाता है.

भोपाल, दिनांक 29 मई 2010

क्र. ई . 1-220-2010-5-एक. श्री संजय बंदोपाध्याय , भाप्रसे (1988 ) , आयुक्त, आदिवासी विकास , मध्यप्रदेश भोपाल की सेवाएं भारत सरकार, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को संयुक्त सचिव, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय , नई दिल्ली के पद पर नियुक्ति के लिए सौंपी जाती हैं.

क्र. ई. 1-212-2010-5- एक.- श्रीमती दीप्ति गौड़ मुकर्जी, भाप्रसे ( 1993 ) , परियोजना संचालक, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट, एडीबी, अर्बन सेल, संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्यप्रदेश भोपाल भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति के फलस्वरूप उनके पद का प्रभार श्री एस. एन. मिश्रा, भाप्रसे ( 90 ) , आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा पदेन सचिव , नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं आयुक्त सह संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश को तत्कालिक रूप से, अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ सौंपा जाता है.

क्र. ई. 5-463- आयएएस लीव एक- 5.-(1 ) श्री आर. के. स्वाई, आयएएस , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दिनांक 31 मई से 11 जून 2010 तक बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 30 मई एवं 12 , 13 जून 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2) श्री आर. के. स्वाई की अवकाश अवधि में श्री सुदेश कुमार, आयएएस, प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , सार्वजनिक उपक्रम विभाग को अपने कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का प्रभार सौंपा जाता है.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. स्वाई को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री आर. के. स्वाई द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , लोक स्वास्थ्ययांत्रिकी विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री सुदेश कुमार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री आर. के. स्वाई को अवकाश, वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आर. के. स्वाई अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. 1-212-2010-5- एक. श्रीमती दीप्ति गौड़ मुकर्जी, भाप्रसे ( 1993 ) , परियोजना संचालक, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट, एडीबी, अर्बन सेल , संचालनालय , नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्यप्रदेश भोपाल की सेवायें भारत सरकार, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय , कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को निदेशक, आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय , नई दिल्ली के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 5 वर्ष के लिए नियुक्ति के लिए सौंपी जाती हैं .

भोपाल, दिनांक 31 मई 2010

क्र. ई. 5-733 - आयएएस लीव-5- एक. ( 1 ) श्री मुकेश चन्द्र गुप्ता, आयएएस , कलेक्टर, जिला गुना को दिनांक 5 से 18 जून 2010 तक चौदह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 19 एवं 20 जून 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) श्री मुकेश चन्द्र गुप्ता की अवकाश अवधि में श्री आर. के. निरंजन, अपर कलेक्टर, जिला गुना को अपने कर्तव्यों के साथ - साथ , अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला गुना का प्रभार सौंपा जाता है.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री मुकेश चन्द्र गुप्ता को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक , स्थानापन्न कलेक्टर , जिला गुना के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

1276

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(4) श्री मुकेश चन्द्र गुप्ता द्वारा कलेक्टर, जिला गुना का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री आर. के. निरंजन, कलेक्टर, जिला गुना के प्रभार से मुक्त होंगे.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री गुलशन बामरा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला जबलपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री गुलशन बामरा द्वारा कलेक्टर, जिला जबलपुर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री बसंत कुर्रे, कलेक्टर , जिला जबलपुर के प्रभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में श्री मुकेश चन्द्र गुप्ता को अवकाश , वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मुकेश चन्द्र गुप्ता अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

(5) अवकाशकाल में श्री गुलशन बामरा को अवकाश, वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री गुलशन बामरा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई. 5-97 - आयएएस लीव एक- 5.- ( 1 ) श्रीमती रंजना चौधरी , आयएएस . , अध्यक्ष व्यावसायिक परीक्षा मण्डल, भोपाल को दिनांक 21 से 26 जून 2010 तक छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

क्र. ई . 5-792 - आयएएस लीव-5- एक. ( 1 ) श्री ज्ञानेश्वर बी. पाटिल, आयएएस . , परियोजना संचालक, आई. सी. डी. एस. को निम्नानुसार पितृत्व/अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है :-

(2 ) श्रीमती रंजना चौधरी की अवकाश अवधि में श्री राकेश बंसल, अध्यक्ष माध्यमिक शिक्षा मण्डल , भोपाल को अपने कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, व्यवसायिक परीक्षा मण्डल, भोपाल का प्रभार सौंपा जाता है.

(1) दिनांक 31-5-2010 से 15 दिन (पितृत्व

14-6-2010 तक

अवकाश)

(दिनांक 30-5-2010

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती रंजना चौधरी को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अध्यक्ष , व्यवसायिक परीक्षा मण्डल, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति सहित)

(2) दिनांक 15-6-2010 से

30-6-2010 तक

16 दिन (अर्जित अवकाश) .

(4) श्रीमती रंजना चौधरी द्वारा अध्यक्ष व्यवसायिक परीक्षा मण्डल, भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री राकेश बंसल, व्यवसायिक परीक्षा मण्डल , भोपाल के प्रभार से मुक्त होंगे .

(5) अवकाशकाल में श्रीमती रंजना चौधरी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री ज्ञानेश्वर बी. पाटिल को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न परियोजना संचालक, आई. सी. डी. एस. के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

( 6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती रंजना चौधरी अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

(3) अवकाशकाल में श्री ज्ञानेश्वर बी. पाटिल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

भोपाल , दिनांक 1 जून 2010

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री ज्ञानेश्वर बी. पाटिल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

भोपाल, दिनांक 26 मई 2010 क्र. ई. 5-720 - आयएएस- लीव -5 - एक. ( 1 ) श्री गुलशन बामरा , आयएएस, कलेक्टर, जिला जबलपुर को दिनांक 21 से 26 जून 2010 तक छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 19 , 20 एवं 27 जून 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

( 2) श्री गुलशन बामरा की अवकाश अवधि में श्री बसंत कुरें , अपर कलेक्टर, जिला जबलपुर को अपने कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला जबलपुर का प्रभार सौंपा जाता है.

क्र. ई. 5-395 - आयएएस लीव एक 5.-( 1 ) श्री एम. एम. उपाध्याय, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण एवं कृषि विकास एवं सहकारिता विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 14 मई 2010 द्वारा दिनांक 21 से 27 अप्रैल 2010 भाग 1 ]

1277

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

तक सात दिन एवं दिनांक 29 अप्रैल से 7 मई 2010 तक नौ दिन तक के स्वीकृत अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए, अब उन्हें निम्नानुसार अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है :-

(1) दिनांक 21 से 27 अप्रैल 2010 तक- 07 दिन (2) दिनांक 29 अप्रैल से 5 मई 2010 तक 07 दिन

कुल 14 दिन क्र. ई . 5-475- आयएएस लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री रजनीश वैश्य, भाप्रसे (85 ) वि. क. अ. सह - सदस्य ( पुनर्वास ) , नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण , भोपाल को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 12 मई, 2010 द्वारा दिनांक 17 से 29 मई 2010 तक तेरह दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश का उपभोग नहीं किए जाने के कारण एतद्द्वारा निरस्त किया जाता है .

भोपाल दिनांक 24 मई 2010

क्र. ई. 5-772- आयएएस लीव-5- एक. श्री ज्ञानेश्वर बी. पाटिल, आयएएस. , तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, भोपाल को निम्नानुसार अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है :-

18दिन (1 ) दिनांक 27-5-2008 से 13-6-2008 तक (दिनांक 13, 14-6-2008 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति सहित) .

(2) दिनांक 27-8-2008 से 4-9-2008 तक 09दिन

11 दिन (3 ) दिनांक 17-12--2008 से 27-12-2008 तक (दिनांक 28-12-2008 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति सहित ) .

(4) दिनांक 18-5-2009 से 27-5-2009 तक (दिनांक 16, 17-5-2009 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति सहित) . 10 दिन

योग 48 दिन मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एस. तोमर, अवर सचिव.

भोपाल, दिनांक 1 जून 2010

क्र. ई. 5-781- आयएएस लीव- एक- 5.-( 1 ) श्री आर. के. माथुर, आयएस , अपर सचिव , मुख्य सचिव कार्यालय तथा अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग को दिनांक 4 से 10 जून 2010 तक सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. माथुर को अस्थायी रुप से, आगामी आदेश तक , स्थानापन्न अपर सचिव , मुख्य सचिव कार्यालय तथा अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री माथुर को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री माथुर , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , के. सी. पंत , अवर सचिव.

भोपाल , दिनांक 29 मई 2010

क्र. ई . -221-2010-5- एक. नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाये भाप्रसे के अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष खाना (3 ) में दर्शाये गए रद पर , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है :-

क्रमांक

नवीन पदस्थापना

अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना

(1)

(2)

1

श्री प्रवीण गर्ग , भाप्रसे ( 88 ) सचिव, मध्यप्रदेश शासन, अपरंपरागत ऊर्जा विभाग .

खाना ( 3 ) में अंकित पद असंवर्गीय होने की दशा में संवर्गीय पद जिसके समकक्ष पदस्थ किया गया है (3)

(4) संभागीय कमिश्नर

आयुक्त,

मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल, भोपाल.

1278

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2)

(3)

(4)

आयुक्त,

2 श्री अरूण कोचर, भाप्रसे (94 ) अवकाश से लौटने पर.

आदिवासी विकास , मध्यप्रदेश (इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 20 मई 2010 की तालिका के स. क्र. 2 में आंशिक संशोधन करते हुए ) .

3 श्रीमती जी. वी. रश्मि, भाप्रसे (05)

उपसचिव मध्यप्रदेश शासन.

मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत एवं पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) भोपाल.

प्रबंध संचालक, औद्योगिक केन्द्र विकास निगम, इन्दौर. (इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 26 मई 2010 की तालिका के स. क्र. 5 में आंशिक संशोधन करते हुए ) .

मुख्य कार्यपालन अधिकारी , इंदौर विकास प्राधिकरण , इन्दौर.

4 श्री चंन्द्रमौली शुक्ला, राप्रसे ( 95 ) आयुक्त, नगर निगम, उज्जैन.

( 2) श्री आलोक श्रीवास्तव , भाप्रसे ( 84 ) , पर्यावरण आयुक्त तथा पदेन प्रमुख सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा महानिदेशक, एप्को एवं प्रशासक, राजधानी परियोजना प्रशासन को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अपरंपरागत ऊर्जा विभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है .

( 3 ) श्री नीतेश कुमार व्यास , भाप्रसे ( 96 ) संचालक, संस्थागत वित्त तथा पदेन अपर सचिव, वित्त विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एशियन डेव्हलपमेंट बैंक ( ए. डी. बी. ) का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है .

(4) उपरोक्तानुसार श्रीमती जी. वी. रश्मि द्वारा प्रबंध संचालक, औद्योगिक केन्द्र विकास निगम, इन्दौर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती वीरा राणा, भाप्रसे ( 1988 ) , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश वित्त निगम, इन्दौर तथा प्रबंध संचालक, औद्योगिक केन्द्र विकास निगम , इन्दौर (अतिरिक्त प्रभार ) केवल प्रबंध संचालक, औद्योगिक केन्द्र विकास निगम , इन्दौर के प्रभार से मुक्त होंगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , अवनि वैश्य , मुख्य सचिव.

अन्तर्गत परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ " शिलांग " जाने की अनुमति दी जाती है :-

1. श्री हेमन्त सरीन

स्वयं गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल , दिनांक 5 मई 2010

पत्नी

2. श्रीमती रीना सरीन

क्र. एफ. 1 (ए) 280-76- ब-2-दो श्री हेमन्त सरीन, भापुसे, महानिदेशक, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा, मध्यप्रदेश को दिनांक 28 मई से 11 जून 2010 तक कुल पन्द्रह दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा दिनांक 27 मई एवं 12-13 जून 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(3) 6वें वेतन आयोग की अनुशंसानुसार श्री हेमन्त सरीन, भापुसे को उक्त अवकाश यात्रा सुविधा का उपभोग करने पर दस दिन की दर से अर्जित अवकाश नगदीकरण की अनुमति वर्तमान में प्रचलित अवकाश नगदीकरण नियमों के अन्तर्गत प्रदान की जाती है . इस नगदीकरण के फलस्वरुप उनके अर्जित अवकाश खाते से उक्त पैरा -1 में वर्णित अर्जित अवकाश के अतिरिक्त दस दिन का और अर्जित अवकाश घटाया जायेगा.

(2 ) श्री हेमन्त सरीन , भापुसे को उक्त अवकाश अवधि में खण्ड वर्ष 2006-09 ( विस्तार वर्ष 2010 ) में अवकाश यात्रा सुविधा के भाग 1 ]

1279

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा दिनांक 19 एवं 20 दिसम्बर 2009 तथा 26 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(4) श्री हेमन्त सरीन , भापुसे की उक्त अवकाश अवधि में श्री आर. पी. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, होमगार्ड, मध्यप्रदेश, जबलपुर द्वारा अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक डायरेक्टर जनरल, होमगार्ड के पद का प्रभार सौंपा जाता है.

(2 ) श्रीमती अरूणा मोहन राव , भापुसे, अवकाश अवधि में श्री स्वर्ण सिंह, भापुसे पुलिस महानिरीक्षक, होशंगाबाद रेंज भोपाल को वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पुलिस महानिरीक्षक, रेल मध्यप्रदेश भोपाल का प्रभार सौंपा जाता है .

( 5 ) श्री हेमन्त सरीन, भापुसे द्वारा महानिदेशक, होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा का कार्यभार ग्रहण करने पर इनके अवकाश अवधि में इनके दायित्वों के निर्वहन हेतु निर्देशित अधिकारी उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.

( 3 ) श्रीमती अरूणा मोहन राव , भापुसे द्वारा पुलिस महानिरीक्षक, रेल मध्यप्रदेश का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री स्वर्ण सिंह, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक , रेल , मध्यप्रदेश , भोपाल के प्रभार से मुक्त होंगे.

(6 ) अवकाश से लौटने पर श्री हेमन्त सरीन , भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न महानिदेशक, होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा , मध्यप्रदेश के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) अवकाश से लौटने पर श्रीमती अरूणा मोहन राव, भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, रेल , मध्यप्रदेश , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(7) अवकाशकाल में श्री हेमन्त सरीन, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकाय देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(8 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री हेमन्त सरीन, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे .

(5) अवकाशकाल में श्रीमती अरूणा मोहन राव, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

भोपाल, दिनांक 26 मई 2010

( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती अरूणा मोहन राव, भापुसे अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजन कटोच , प्रमुख सचिव.

क्र. एफ 1 (ए) -24-1977-ब-2 दो. श्री नन्दन दुबे, भापुसे, अध्यक्ष , मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल को यू. एस. ए. जाने हेतु दिनांक 29 मई से 11 जून 2010 तक कुल चौदह दिवस का अर्जित अवकाश तथा दिनांक 12-13 जून 2010 के विज्ञप्त अवकाश जोड़े जाने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.

भोपाल, दिनांक 31 मई 2010 (2 ) अवकाश से लौटने पर श्री नन्दन दुबे, भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न अध्यक्ष , मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री नन्दन दुबे , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था .

क्र.-एफ 1 (ए) -188-1991- ब-2-दो.- विभागीय समसंख्यक आदेश दिनांक 19 अप्रैल 2010 द्वारा श्री एस. डब्ल्यू. नकवी, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक , राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो को दिनांक 3 से 14 मई 2010 तक कुल बारह दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृति सहित दिनांक 2 , 15 एवं 16 मई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ते हुये खण्ड वर्ष 2008-09 ( विस्तार वर्ष 2010 ) में परिवार के सदस्यों के साथ पूर्वोत्तर राज्यों की यात्रा (शिलांग ) यात्रा अनुमति प्रदान की गयी थी.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री नन्दन दुबे , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे .

भोपाल, दिनांक 31 मई 2010

(2 ) राज्य शासन द्वारा श्री एस. डब्ल्यू. नकवी , भापुसे को उपरोक्तानुसार प्रदान की गई यात्रा अनुमति निरस्त करते हुये अब उक्त अवधि में गृह जिला रायपुर ( छ. ग. ) यात्रा की अनुमति प्रदान की जाती है. आदेश दिनांक 19 अप्रैल 2010 की शेष शर्तें यथावत् प्रभावी रहेंगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, क्र.-एफ-1 ( ए) 395-88- ब- 2-दो.-( 1 ) श्रीमती अरूणा मोहन राव, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, (रेल ) म. प्र. , भोपाल को दिनांक 21 दिसम्बर 2009 से दिनांक 25 जनवरी 2010 तक छत्तीस दिन

राजेश ओगरे, अवर सचिव.

1280

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

मछली पालन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 20 मई 2010

क्र. एफ 22-35-2009- छत्तीस श्रीमती वीणा घाणेकर, संचालक मत्स्योद्योग की अवकाश अवधि में राज्य शासन द्वारा संचालक, मत्स्योद्योग का चालू कार्यभार तत्काल प्रभाव से श्री डी. पी. अहिरवार, ( भा. प्र. से. ) उपसचिव, मछली पालन विभाग को अपने कार्य के अतिरिक्त सौंपा जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. डी. गुप्ता , अवर सचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग

भोपाल, दिनांक 25 मई 2010

फा. क्र. 17(ई ) 20-2010 - इक्कीस-ब ( एक ) -राज्य शासन, एतद्वारा , उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी , श्री शम्भू दयाल दुबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, डिण्डौरी की सेवाएं जिला न्यायाधीश (निरीक्षण एवं सतर्कता) , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , खण्डपीठ इन्दौर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु, कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, आगामी आदेश तक उच्च न्यायालय , जबलपुर को सौंपता है .

भोपाल, दिनांक 29 मई 2010

फा. क्र. 3 (ए) 15-2005- इक्कीस ब ( एक ) राज्य शासन , अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग मुख्यालय, नई दिल्ली के पद पर प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री अनिल कुमार गुप्ता की सेवाएं प्रतिनियुक्ति से वापस कर उच्च न्यायालय, जबलपुर को एतदद्वारा तत्काल प्रभाव से सौंपता है.

फा. क्र. 3 (ए) 15-2005 - इक्कीस- ब ( एक ) - राज्य शासन, एतद्वारा उच्च न्यायिक सेवा के न्यायिक अधिकारी श्री वीरेन्द्र सिंह को अस्थाई रूप से आगामी आदेश होने तक, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग मुख्यालय , नई दिल्ली के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करता है.

भोपाल , दिनांक 31 मई 2010

फा. क्र. 17 (ई ) 82-2002- इक्कीस ब( एक) - राज्य शासन, एतद्वारा , उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री राज कुमार पाण्डे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , रतलाम की सेवाएं जिला जज ( निरीक्षण एवं सतर्कता ) , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर वृत्त जबलपुर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु, उनके लिए लागू सेवा शर्तों पर, कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, आगामी आदेश तक उच्च न्यायालय , जबलपुर को सौंपता है .

फा. क्र. 17(ई ) 22-2010- इक्कीस ब( एक ) - राज्य शासन, उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी , श्री अवधेश कुमार श्रीवास्तव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छतरपुर की सेवाएं प्रिंसिपल रजिस्ट्रार (आई. एल. आर. एवं एक्जामिनेशन ) म. प्र. उच्च न्यायालय, जबलपुर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु, उनके द्वारा उक्त पद का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से , आगामी आदेश होने तक, एतद्वारा , उच्च न्यायालय, जबलपुर को सौंपता है.

फा. क्र. 17( ई) 83-2002- इक्कीस ब( एक) - राज्य शासन, एतद्वारा उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री बी. एस. परमार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालाघाट की सेवाएं जिला जज ( निरीक्षण एवं सतर्कता ) , ग्वालियर वृत्त ग्वालियर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु, कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, आगामी आदेश तक उच्च न्यायालय , जबलपुर को सौंपता है.

भोपाल , दिनांक 1 जून 2010

फा. क्र. 17(ई ) 4-2003-इक्कीस ब( एक ) - राज्य शासन, श्रीमती गिरिबाला सिंह, चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , ग्वालियर की सेवाएं विशेष कर्तव्यवस्थ अधिकारी , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से , आगामी आदेश तक एतद्वारा , उच्च न्यायालय , जबलपुर को सौंपता है .

भोपाल , दिनांक 3 जून 2010

फा. क्र. 3 ( ए) 1-2001- इक्कीस - ब ( एक ) - राज्य शासन , सचिव, मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के पद पर प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ, उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री जे. के. वैद्य की सेवाएं प्रतिनियुक्ति से वापिस कर, उच्च न्यायालय जबलपुर को, एतद्वारा तत्काल प्रभाव से सौंपता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान , प्रमुख सचिव.

भाग 1 ]

1281

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

भोपाल , दिनांक 26 मई 2010

फा. क्र. 1 (बी ) 17-2004- इक्कीस- ब(दो ) राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 31 मार्च 2010 के द्वारा कुमारी निवेदिता चतुर्वेदी, अति. शास. अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) दतिया को नियुक्त किया था.

कुमारी निवेदिता चतुर्वेदी, अति. शास . अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक द्वारा व्यक्तिगत कार्यों से अपने पद से त्याग- पत्र दिये जाने पर विधि विभाग नियमावली के नियम 21 के अन्तर्गत आदेश जारी होने के दिनांक से पद मुक्त करता है.

भोपाल, दिनांक 28 मई 2010

फा. क्र. 1 ( बी) 32-2004- इक्कीस- ब( दो ) - राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 19 अगस्त 2004 द्वारा नियुक्त श्री देवकरण पटेल शास. अभि./लोक अभियोजक, रायसेन के कार्यकाल में दिनांक 19 अगस्त 2008 से 18 अगस्त 2011 तक की कार्यकाल में अभिवृद्धि करता है . यह वृद्धि इस शर्त के अधीन है कि यह नियुक्ति एक माह का सूचना - पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.

फा. क्र. 1 ( बी)41-2004-इक्कीस - ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा श्री लालमणि सिंह बघेल, पुत्र श्री कमललाल सिंह बघेल को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये सतना सत्र खण्ड के सतना राजस्व जिले के लिये अतिरिक्त लोक अभियोजक, नागौद नियुक्त करता है , तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.

भोपाल, दिनांक 29 मई 2010

फा. क्र. 1 ( बी ) 22-2010- इक्कीस - ब ( दो ) - दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा श्री देवेन्द्र कुमार पलिया पुत्र श्री कन्हैयालालजी पलिया को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की कालावधि के लिये गुना सत्र खण्ड के गुना राजस्व जिले के लिये अतिरिक्त लोक अभियोजक, गुना नियुक्त करता है, तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है .

भोपाल , दिनांक 1 जून 2010

फा. क्र. 6-1-10- इक्कीस- ब ( दो ) राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री रणजीत सिंह ठाकुर, रजिस्ट्रार, मध्यप्रदेश माध्यस्थम अधिकरण , भोपाल की सेवाएं वापस लेकर मध्यप्रदेश , उच्च न्यायालय , जबलपुर को सौंपी जाती हैं तथा उनके स्थान पर श्री विनोद भारद्वाज, सप्तम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश , भोपाल को मध्यप्रदेश माध्यस्थम अधिकरण , भोपाल में रजिस्ट्रार के पद पर अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करता है.

फा. क्र. 1 (बी) -17-2004- इवकीस- ब( दो ) प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियो को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन एतद्वारा , श्री अरूण कुमार लिटौरिया पुत्र स्व. श्री युगल किशोर लिटौरिया, एडवोकेट को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये दतिया सत्र खण्ड के दतिया राजस्व जिले के लिये अति. लोक अभियोजक ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) नियुक्त करता है, तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ए. जे. खान, सचिव.

खनिज साधन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 3 जून 2010

क्र. 2-5-10- बारह - 2.- मेसर्स सरडा एनर्जी एण्ड मिनरल्स लि. द्वारा जिला बालाघाट में मेंगनीज अयस्क की खोज हेतु अवीक्षी अनुज्ञापत्र अंतर्गत टोही कार्यों हतु धारित 85 वर्ग कि. मी. क्षेत्र समर्पित किया गया है . इस क्षेत्र को खनि रियायत नियम, 1960 के नियम 59( 1 ) ( क) को प्रयोग में लाते हुये, राज्य सरकार, एतद्वारा , खुला घोषित करती है. क्षेत्र का विवरण निम्नानुसार है :-

देक्षांश

अक्षांश

बिन्दु

21°45'00"

80°00'00" A

80°00'00" 21 °47'12 "

B

21°47'45"

C

80°03′16"

80°08′48" D

21°50'55 "

80°09'39" 21°48′22"

E

80°05'00" 21°45'00"

F

इस अधिसूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से 30 दिवस की कालावधि समाप्ति के पश्चात्, 90 दिवस तक खुला घोषित क्षेत्र स्वीकृति हेतु उपलब्ध होगा. उक्त क्षेत्र का मानचित्र संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, " खनिज भवन " 29 - ए, अरेरा हिल्स, भोपाल में अधिसूचना के प्रकाशन के पश्चात् किसी भी कार्यालयीन दिवस में अवलोकन हेतु उपलब्ध होगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

ए. के. तोमर, उपसचिव.

1282

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

भोपाल, दिनांक 3 जून 2010

क्र. 2-5-10- बारह-2.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना समक्रमांक दिनांक 3 जून 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. तोमर, उपसचिव.

Bhopal , the 3rd June 2010

No. 2-5-10-XII - 2 . In exercise of rule 59 ( 1 ) ( a) of Mineral Concession Rule , 1960 , the State Government hereby declare throw open an area of 85 Kmz in Balaghat district which was previously held by M /s Sarda Energy &Minerals Limited for the reconnaissance operations of manganese ore, under reconnaissance permit , which has now been surrendered . Details of the area are as below :

POINT

LATITUDE

21°45'00"

A

21°47'12"

B

21°47'45"

C

80°03′16" D

21°50'55 "

21°48'22 "

E

F

21°45'00"

LONGITUDE 80°00'00" 80°00'00" 80°08′48 " 80°09'39 " 80°05'00" The area shall be available for regrant after 30 days from the date of publication of this notification in the Madhya Pradesh Gazette , till 90 days . The Plan of the aforesaid are can be seen in the Directorate of Geology and Mining , Khanij Bhawan , 29 - A , Area Hills , Bhopal , Madhya pradesh , on any working day after publication of this notification .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , A. K. TOMAR , Dy. Secy.

भोपाल , दिनांक 3 जून 2010

क्र.19-14-2010 - बारह- 1.- भारत के संविधान के अनुच्छेद, 309 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, मध्यप्रदेश के

[ भाग 1 राज्यपाल, एतद्वारा , मध्यप्रदेश खनिज ( अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण ) नियम, 2006 के अध्याय तीन-6 के अंतर्गत खनिजों के अवैध उत्खनन, खनन एवं परिवहन एवं उसकी चेकिंग के निमित्त जिला ग्वालियर, जिला दतिया एवं जिला भिण्ड में रेत परिवहन की रायल्टी एवं ओवर लोडिंग की जांच हेतु निम्नानुसार नाके स्थापित करता है :-

जिला-ग्वालियर :

1. मुरार - चितौरा रोड पर ग्राम - हसनपुरा

2. चितौरा-बेहटा चौराहा पर.

3. मुरार से चितौरा रोड पर ग्राम बड़ागांव

4. मुरार से उटीला रोड पर ग्राम मोहनपुर

5. मुरार से बेहट रोड पर ग्राम- टिहोली

6 . ए. बी. रोड पर ग्राम नयागांव

7. नयागांव से चीनोर रोड पर ककरधा पुलिया पर.

8 . ग्वालियर से डबरा रोड पर पावरग्रिड काम्पलेक्स के निकट 9. ग्वालियर रोड पर डबरा में

10 जबरा से भितरवार रोड पर लौहगढ़ पहाड़ी के निकट 11. डबरा से चिनोर रोड पर

12. चलित खनिज जांच इकाई जिला ग्वालियर.

जिला- दतिया :

1. इंदरगढ़ रोड पर ग्राम -गोराघाट

2. सेवढ़ा में लाहार तिराहा पर

3. ग्राम भगुवापुरा में मड़ीखेड़ा ( अथरेटा ) तिराहे पर .

4. डबरा - दतिया रोड पर बड़ोनी तिराहा

5. मगरौला थाना के निकट

6. चलित खनिज जांच इकाई , जिला दतिया

जिला-भिण्ड :

1. ग्राम- भौं में सेवढ़ा रोड पर

2. ग्राम- मिहोना में लहार रोड पर

3. मेहगांव में भौं रोड पर

4. ग्राम बरासो में पुलिस थाने के निकट

5. इटावा रोड पर ग्राम बबेड़ी

6. ऊमरी नयागांव रोड पर मोहंड

7. भिण्ड से लहार रोड पर ग्राम ऊमरी

8 . रौन से टेहनगुर रोड पर ग्राम- मछंड भाग 1 ]

1283

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

9. लहार- अजनार रोड पर ग्राम -नानपुरा

13. चलित खनिज जांच इकाई जिला भिण्ड.

10. द्वार से चकर - नगर मार्क पर चूरे का पुरा

11. जवासा- पिपारी रोड पर सुनारपुरा चौराहा

इन नाकों की स्थापना का समस्त प्रशासकीय व्यय मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम द्वारा वहन किया जायेगा.

12. भिण्ड से अटेर मार्ग पर भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप के निकट.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. के. वर्मा, अवर सचिव.

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय, राज्यपाल का सचिवालय , मध्यप्रदेश, भोपाल

राजभवन, भोपाल, दिनांक 1 जून 2010

क्र. एफ. 1-2-10- रा.स. यू.ए.1-921 .- मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 ( क्र. 22 सन् 1973 ) की धारा 13 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए महामहिम कुलाधिपति, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय , इन्दौर के द्वारा उक्त विश्वविद्यालय के नियमित कुलपति के पद पर नियुक्ति हेतु कम से कम तीन व्यक्तियों का पैनल अनुशंसित करने के लिये निम्नलिखित व्यक्तियों की समिति नियुक्त की गई है :-

(1)

समितिके चेयरमेन

श्री अरिजीत पसायत ,

कुलाधिपतिजी द्वारा नामांकित सेवानिवृत्त न्यायाधीश , सर्वोच्च न्यायालय, बंगला नंबर 84 , न्यू मोती बाग , नई दिल्ली-110 023.

(2) प्रो. वी. जी. तलवार,

समितिके सदस्य

कुलपति,

अध्यक्ष , विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा मनोनीत मैसूर विश्वविद्यालय, क्राफोर्ड हाल मैसूर -570 005

डॉ. बसंत देव श्रीवास्तव

(3)

समिति के सदस्य

कार्यपरिषद् द्वारा निर्वाचित सेवानिवृत्त आचार्य, 32, महाश्वेता नगर , उज्जैन-456 010

2. महामहिम कुलाधिपति के द्वारा श्री अरिजीत पसायत को उक्त समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है .

3. समिति इस अधिसूचना के प्रसारित होने की तिथि से छः सप्ताह की अवधि में पैनल प्रस्तुत करेगी.

कुलाधिपति , देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इन्दौर के आदेशानुसार, जे. एन. मालपानी , राज्यपाल के सचिव .

1284

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला मंदसौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

मंदसौर, दिनांक 18 फरवरी 2010

क्र. भू- अर्जन- प्र. क्र. 01-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : - तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(3)

(4) (1)

1.674 मंदसौर भानपुरा

खजुरना

खेरखेडी

गोविन्दखेडा

भैसोदा

3.568 3.058 2.052 2.125 12.477

लोटखेड़ी योग

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

भानपुरा से भैसोदामंडी मार्ग कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, मंदसौर

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. भू- अर्जन- प्र. क्र. 02-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4) मंदसौर

भानपुरा

1.467 3.320 4.400 9.187

बोरदा ढाबा धुआखेड़ी योग

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

धुआखेड़ी पहुंच मार्ग कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , मंदसौर

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. के . सारस्वत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1285

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

भाग 1 ]

कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

जबलपुर, दिनांक 9 मई 2010

क्र. 2 2-2008-09- भू-अ. अ. बरगी. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन, 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(4) (2)

(3)

(1)

0.29 नझौली

जबलपुर

नयागांव प. ह . न. 43, न. ब. 363

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) मझौली टेल वितरण नहर निर्माण हेतु.

(5) कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 4, सिहोरा.

नोटः- भूमि का नवशा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , इकाई क्र. 1 , बरगी हिल्स के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गुलशन बामरा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

छतरपुर , दिनांक 13 मई 2010

प्र. क्र. 3 - अ - 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन ग्राम

जिला रहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)

(4) (1)

3.000

(3) करी

राजनर

छतरपुर

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- तेंदुआ तालाब निर्माण हेतु.

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) तेंदुआ नहर निर्माण हेतु (5) अनुविभागीय अधिकारी, राजनगर.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय , राजनगर में किया जा सकता है.

1286

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

छतरपुर, दिनांक 20 मई 2010

क्र. 25 अ - 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) . के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन जिला तहसील

ग्राम

का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(1) (2)

(3)

(4)

(5)

(6) जरा

19.672

छतरपुर बकस्वाहा

अनुविभागीय अधिकारी , बिजावर, जिला छतरपुर ( म. प्र. )

जरा तालाब योजना निर्माण हेतु अर्जित भूमि.

भू- अर्जन के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , बिजावर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 26-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(1) (2)

(3)

(4)

(5)

(6) बिजावर

20.130

छतरपुर

देवपुर

देवपुर तालाब योजना निर्माण हेतु अर्जित भूमि.

अनुविभागीय अधिकारी , तहसील बिजावर, जिला छतरपुर ( म. प्र. ) .

भू-अर्जन के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , बिजावर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1287

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

भाग 1 ]

कार्यालय, कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

पन्ना, दिनांक 15 मई 2010

प्र. क्र. 008-- अ- 82 - वर्ष- 2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)

(4)

(2)

(3)

(1)

पिष्टा

पन्ना

अजयगढ़

द्वारा प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना. (5)

निजी 94.30 शासकीय 0.80 कुल 95.10

भरतपुर तालाब योजना के अन्तर्गत बॉध निर्माण एवं नहर निर्माण कार्य में आने वाली भूमि का अधिगृहण बाबत्.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. सी. जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला भोपाल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

भोपाल, दिनांक 21 मई 2010

प्र. क्र. 01 - अ-82-09-10- सा- 1- सात. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं: -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

जिला

(6)

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर/एकड़ में) (4)

(2)

(3)

(1)

रकबा

भोपाल हुजूर बरखेड़ा नाथू

कार्यपालन यंत्री, लो. नि. वि. संधारण संभाग -2, भोपाल.

0.242

ख. नं. 599/6

नीलबड़ से मुंगालिया छाप मार्ग व्हाया बरखेडा नाथू के सड़क निर्माण हेतु अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , तहसील हुजूर, भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निकुंज कुमार श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1288

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बालाघाट, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

बालाघाट, दिनांक 21 मई 2010

क्र. 6132 - अ- 82- वर्ष 2010-11. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार , इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा (4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होगें :-

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

अर्जनीय क्षेत्र (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) बालाघाट किरनापुर बगडमारा रजेगांव

रजेगांव

प.ह.नं. 6 4.011 2.011 योग .. 6.223 तथा 26 नग वृक्ष

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की. उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

संभागीय प्रबंधक, म. प्र. रोड डेव्हलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेट, जबलपुर.

बालाघाट-गोंदिया राज्यमार्ग क्र. 11 के अन्तर्गत ग्राम बगडमारा , रजेगांव तहसील किरनापुर में बॉर्डर चेक-पोस्ट निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी, बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

बालाघाट, दिनांक 23 मई 2010

क्र. 6170- अ - 82--वर्ष 2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

:

(2)

(1)

(3)

अर्जनीय क्षेत्र (हे. में) (4) बालाघाट

कटंगी

0.181

कोसुम्बा प.ह.नं. 02

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, सेतु निर्माण सिवनी, जिला सिवनी ( म. प्र. )

कोसुम्बा- कन्हडगांव मार्ग के अंतरा नाले पर सेतु निर्माण व पहुंच मार्ग निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

1289

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

भाग 1 ]

क्र. 6171 - अ - 82 - वर्ष 2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

तहसील

जिला

अर्जनीय क्षेत्र (हे. में)

(3)

(4) (2)

(1)

0.262 कटंगी

बालाघाट

गोसाईटोला प.ह.नं. 04

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

गर्रा- गुसाई सादा-बोडी मार्ग के गर्रा नाले में सेतु के पहुंच मार्ग निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , सेतु निर्माण , सिवनी जिला सिवनी ( म. प्र. ) .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

क्र. 6172 - अ - 82 - वर्ष 2009-10.-चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

जिला

तहसील

अर्जनीय क्षेत्र (हे. में)

(4) (2)

(3)

(1)

0.186 कटंगी

बालाघाट

चितेवानी प.ह.नं. 19

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

बोनकट्टा सादा- बोडी मार्ग के पनघट नाले में सेतु के पहुंच मार्ग निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , सेतु निर्माण सिवनी, जिला सिवनी ( म. प्र. ) .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

क्र. 6173 - अ - 82 - वर्ष 2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

तहसील

जिला

अर्जनीय क्षेत्र (हे. में)

(4)

(3)

(2)

(1)

1.233 कटंगी

बालाघाट

बम्हनी प.ह.नं. 04

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) .

(5)

राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत बम्हनी वितरक नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3, कटंगी, जिला बालाघाट ( म.प्र. ).

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

1290

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

क्र. 6174 -अ-82- वर्ष 2009-10 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का वर्णन

का वर्णन जिला

नगर/ग्राम

तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

अर्जनीय क्षेत्र (हे. में)

(5)

(1)

(2)

(3)

(6)

(4)

बालाघाट

0.052

कटंगी

बांडारेवा प.ह.नं. 02

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , सेतु निर्माण सिवनी, जिला सिवनी ( म . प्र. ) .

कन्हडगांव बांडारेवा मार्ग के अंतरा नाले पर सेतु निर्माण के पहुंच मार्ग निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नवनीत मोहन कोठारी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

डिण्डौरी , दिनांक 22 मई 2010

क्र. भू-अर्जन-2-(अ-82 ) 2008-09-997.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्ति को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल

द्वारा प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 )

जिला तहसील/तालुका

सर्व नम्बर

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हेक्टेयर में)

(6)

(7) (2)

(1)

(5)

डिण्डौरी

डिण्डौरी

(3) भगनवारा रै .

(4) 386/1 386/2

0.96 0.35

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी .

भगनवारा जलाशय के शीर्ष कार्य निर्माण हेतु.

0.60 0.16 1.27 0.22 0.75 4.31

386/3 421 404/2 350/1 426 योग

(2 ) भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय , कलेक्टर कार्यालय , डिण्डौरी में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

1291

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

क्र. भू-अर्जन-2 ( अ -82 ) 2008-09-998.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्ति को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल जिला

नगर/ग्राम

तहसील/ तालुका

सर्वे नम्बर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हेक्टेयर में)

(5) (1)

(3) (4)

(2)

डिण्डौरी डिण्डौरी

515

0.08

खरगहना मय बसनिया 516

517

518

520

501

521

0.13 0.03 0.03 0.03 0.01 0.20 0.51 0.01 0.52

योग .. शासकीय भूमि 510/1 योग ..

(7)

(6)

भगनवारा जलाशय की शाखा नहर निर्माण कार्य हेतु.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी .

(2) भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय , कलेक्टर कार्यालय, डिण्डौरी में देखा जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन -2 ( अ -82 ) 2008-09-1000.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्ति को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल

नगर/ग्राम

जिला तहसील/ तालुका

सर्वे नम्बर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन द्वारा प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 )

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हेक्टेयर में)

(5)

(4)

(1) (2)

372

0.14

(3) राछो

शहपुरा

डिण्डौरी

0.20

375

0.32

380

389

0.19

0.05

383

0.08

390

0.01

637

391/1

0.01

451

0.28

457

0.08

(7)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन

संभाग, डिण्डौरी .

राछो जलाशय नहर निर्माण कार्य हेतु.

1292

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(1) (2)

(3)

(4) (5)

(6)

(7)

459

0.08

456

0.01

461

0.01

460

0.10

462/2

0.02

468

0.10

471

0.01

505

0.03

504

0.06

507

0.04

493

0.01

508/1

0.27

489

0.08

632/7

0.10

635

0.10

636

0.10

567

0.13

638/1

0.04

0.04

638/2

639

0.08

583

0.08

640

0.02

644

0.01

642

0.02

643

0.02

568

0.08

645

0.07

647

0.01

652

0.03

653

0.04

654

0.10

584

0.01

576

0.03

574

0.15

571

0.22

564

0.03

565/2

0.11

3.80

योग .

3.17

222 , 379 , 479/1

शासकीय भूमि

381,476,467,

474,475,506 ,

622,633,632/ 1 ,

650,667,585 ,

573,569,558/ 1

भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय , कलेक्टर कार्यालय , डिण्डौरी में देखा जा सकता है.

भाग 1 ]

1293

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

क्र. भू-अर्जन-2 ( अ-82) 2008-09-1001.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्ति को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

लगभग क्षेत्रफल

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

तहसील/ तालुका

सर्वे नम्बर

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हेक्टेयर में )

(1) (2)

(3) (4) (5)

(6)

(7) 157

डिण्डौरी

सारसडोली

0.10

शहपुरा

150

0.02

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

कोहानी देवरी जलाशय के नहर निर्माण हेतु.

0.08

151

62

0.24

0.20

63

66

0.18

68

0.15

71

0.14

योग .. 1.11

0.07

शासकीय भूमि. 158,153,149

भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय, डिण्डौरी में देखा जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन-2 ( अ-82 ) 2008-09-1002.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्ति को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने (6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल

जिला

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

सर्वे

तहसील/ तालुका

नम्बर

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हेक्टेयर में)

(1) (2)

(3) (4) (5)

(6)

(7) 415/1

देवरीकला

ग्रहपुरा

डिण्डौरी

395

0.05 0.04

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

कोहानी देवरी जलाशय के नहर निर्माण हेतु.

401

0.04

399

0.03

0.04

388

386

0.02

387

0.04

332

0.02 1294

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

[भाग 1 (1) (2)

(3) (4) (5)

(6)

(7)

378

0.06

377/207 0.04

375

0.06

373

0.05

329

0.08

321

0.05

320

0.05

635

0.14

योग ..

0.71

0.04

शासकीय भूमि. 394,400,330

भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय , डिण्डौरी में देखा जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन-2 ( अ-82 ) 2008-09-1003- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने (1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्ति को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

तहसील/ तालुका

सर्वे नम्बर

भू- अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

(3) (4) (5)

(6)

(7) डिण्डौरी

131

1.14

शहपुरा

बड़झर

बड़झर जलाशय निर्माण हेतु.

139

0.06

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

140

0.80

141

1.10

158

3.83

148

0.84

149

0.47

161

1.21

150

0.45

151

0.91

152

0.07

154

0.28

156

0.32

137

0.35

422

0.18

423

0.60

144

0.18

130

0.10

योग .

12.89

8.79

शासकीय भूमि. 132,160,159,424 ,

153,145,166

भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय , डिण्डौरी में देखा जा सकता है .

1295

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

भाग 1 ]

डिण्डौरी, दिनांक 26 मई 2010

क्र. भू-अर्जन-2 ( अ-82 ) 2008-09-1005.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से खाने ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्ति को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का वर्णन

का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल

नगर/ग्राम

जिला

धारा 4 की उपधारा (2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

तहसील/ तालूका

सर्वे नम्बर

भू- अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हेक्टेयर में)

(7) (3)

(5)

(6)

(2)

(4)

(1)

भोडासाजमाल 38

0.36

डिण्डौरी शहपुरा

2.00

62

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी

दनदना नाला जलाशय के शीर्ष कार्य निर्माण हेतु.

67

0.70

0.08

368

370

0.62

1.60

397

0.14

398

0.22

422

0.25

399

1.15

400

401

0.87

402

1.61

3.17

420

424

0.11

0.18

528

0.42

531

13.48

योग .

(2 ) भूमि का नवशा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय , डिण्डौरी में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. चंद्रशेखर , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

विदिशा , दिनांक 22 मई 2010

प्र. क्र. 1 - भू-अर्जन- 09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी व्यक्तियों को इस आशय 1296.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

धारा 4 ( 2)

जिला तहसील

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी.

सर्वे क्रमांक एवं लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(1) (2)

(3)

(5)

(4)

(6) विदिशा विदिशा सिलपरी 16

0.230

2

3.659

8

1:233

कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. 2, विदिशा.

3

2.059

सम्राट अशोक सागर परियोजना के जलस्तर 1504 फीट से 1508 फीट के मध्य आने वाली डूब भूमि हेतु.

14

0.052

4

0.073

18

0.773

5

0.199

6

0.460

7

0.606

10

0.345

11

0.397

12

0.920

13/1

0.397

1.300

15

19

0.050

0.200

20/1

70/1

0.647

63

0.240

3.648

59

2.665

60/1

54/1/1ख

0.240

13/2

0.230

49

1.296

52/2

1.740

68

1.035

69

0.063

71/1/1

-1.193

71/1/3

2.000

29/1/1/1 क 0.379

0.380

29/1/1 / 1ख

29/1 /1 /1 ग 0.380

0.200

29/2/1

29/1 / 1 / 2ग 0.400

52/1

1.400

0.272

57 भाग 1 ]

1297

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(1) (2)

(3)

(4)

(5)

(6) 53/1

0.090

55/1

0.700

55/2

62/1

0.366

65/2

0.867

66

1.881

76

0.219

0.030

77

78

0.250

71/1/2

0.325

79

0.031

82

0.146

84

0.251

81

0.230

219/2

0.868

61

2.000

222/1

2.739

1.254

214/2

1.150

177

0.094

48.816

योग ..

शासकीय भूमि

108

0.188

107

0.136

119

0.314

147

0.063

148

0.523

149

0.021

150

0.021

156

0.042

157

0.219

180

0.157

192

0.366

194

0.889

196

0.125

198

0.021

199

0.209

221

0.381

66

0.010

67

0.146

योग

3.831

52.646

महायोग

(2) भूमि के नक्शे (प्लान ) का उपखण्ड अधिकारी , विदिशा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

[भाग 1 1298

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

प्र. क्र. 2 - भू-अर्जन- 09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम

तहसील

जिला

धारा 4 ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी.

सर्वे नं. एवं लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(6)

(4)

(5)

(1) (2)

(3)

विदिशा

0.500

विदिशा

भूतपरासी

कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. 2, विदिशा.

सम्राट अशोक सागर परियोजना के जलस्तर 1504 फीट से 1508 फीट के मध्य आने वाली डूब भूमि हेतु.

90/1 91 0.600 92 0.166 88/3 0.100 योग 1.366

(2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का उपखण्ड अधिकारी , विदिशा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

प्र. क्र. 3 - भू-अर्जन- 09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम

तहसील

जिला

धारा 4 (2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी.

सर्वे नं . एवं लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(6)

(5)

(1) (2)

(3)

(4)

109/1

1.000

विदिशा विदिशा

कबूला

कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. 2, विदिशा.

सम्राट अशोक सागर परियोजना के जलस्तर 1504 फीट से 1508 फीट के मध्य आने वाली डूब भूमि हेतु.

109/2 0.355 159/1 0.073 159/2 0.073 175 0.167 62/1 मिन 1.463 62/1 मिन 0.209 62/2 1.934 64 1.400 65/1 0.795 1299 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

(6) (2)

(4)

(3)

(5)

(1)

1.045

65/2

65/3

0.721

65/4

0.795

65/5

0.795

65/6

0.376

65/7

0.376

220

0.512

68/1/2

0.030

62/1

0.262

164/1

0.052

115

1.515

116/3

1.202

0.028

153/1

162

0.105

116/1

1.042

0.063

164/2

0.115

166

1.278

116/2

153/3

0.028

0.366

167

182

0.941

118

0.826

0.425

117/2

181/1

0.541

145

0.115

146

4.181

176

0.094

0.028

153/2

154/1

0.070

0.094

188/1

0.063

195

197

0.031

154/2

0.070

0.069

154/3

155

0.219

0.240

160

161

0.199

188/2

0.094

188/3

0.094

0.021

193/1

0.021

193/2

0.062

195/3

1.036

201

20.0

12

104/2/1

0.611 1300

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

[ भाग 1 (2)

(1)

(3)

(4)

(5)

(6)

191/2

0.056

191/3

0.055

195/2

0.063

187/2

0.035

187/3

0.035

117/3/2

0.231

158

0.031

163

0.021

165

0.021

168

0.010

169

0.032

170

0.700

171

0.146

205/1

0.492

172/1

0.120

172/2

0.120

202

0.857

216/1

0.972

200

0.303

178

1.745

189

0.293

117/3/1

0.194

185

0.543

179

0.555

181/2

0.400

186

0.679

184/2

0.161

183

1.369

184/1

0.320

187/1

0.035

190

0.836

191/1

0.056

117/1

0.425

204/2

0.324

206/1

0.083

174

0.073

शासकीय भूमि

1/1

0.878

9

0.219

17

0.272

50

0.105

51

0.073 भाग 1 ]

1301

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(1) (2)

(3)

(4)

(5)

(6)

0.125

56

58

0.293

64/1

0.073

67

0.094

107

1.993

108

0.481

75

0.261

80

0.293

83

0.052

85

0.042

0.125

86

5.379

योग ..

महायोग 42.126

भूमि के अवशे ( प्लान ) का उपखण्ड अधिकारी, विदिशा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, योगेन्द्र शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

नरसिंहपुर , दिनांक 24 मई 2010

प्र. क्र. 19- अ-82- वर्ष 09-10- पत्र क्र. 204- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने (1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन जिला तहसील

ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा

(हेक्टर में)

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6) ग्राम सलैया

1.604

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन

नरसिंहपुर गोटेगांव

नं. ब. 551

डुंगरिया जलाशय को नहर निर्माणहेतु.

संभाग , नरसिंहपुर.

प.ह.नं. 42

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू-अर्जन नरसिंहपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

[भाग 1 1302

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

प्र. क्र. 20 - अ- 82 - वर्ष 2009-10- पत्र क्र. 204- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन जिला तहसील

भूमिका वर्णन ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(6)

(4)

(5)

(2)

(3)

(1)

0.180

नरसिंहपुर गोटेगांव

गुर्रा जलाशय के अन्तर्गत रास्ता निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , नरसिंहपुर.

ग्राम लालू नं. ब. 526 प.ह.नं. 42

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू-अर्जन नरसिंहपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है:

प्र. क्र. 21 - अ- 82 - वर्ष 2009-10 - पत्र क्र. 204- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन तहसील

जिला

भूमिका वर्णन ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(5)

(6) (2)

(3)

(1)

(4)

0.260

नरसिंहपुर गोटेगांव

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , नरसिंहपुर.

गुर्रा 'जलाशय की रास्ता निर्माण हेतु.

ग्राम उमरिया नं. ब. 20 प.ह.नं. 42

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू-अर्जन नरसिंहपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, भाग 1 ]

1303

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

विवेक पोरवाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला रतलाम , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रतलाम , दिनांक 24 मई 2010

क्र. 2284 - भू- अर्जन- 2009-प्र.क्र. 15 अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने (1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्ति की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमिका वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2) सैलाना

(1) रतलाम

(4) 4.230 (निजी भूमि)

(3) आमलिया डोलखूर्द

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, रतलाम.

(6) सेमलखेड़ा तालाब के नहर निर्माण हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा व ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी उपखण्ड, सैलाना के कार्यालय में किया जा सकताहै.

क्र. 2282 - भू- अर्जन- 2009- प्र.क्र. 16 अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने (1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्ति की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक; सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमिका वर्णन ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2) सैलाना

(1) रतलाम

(4) 4.290 (निजी भूमि)

(3) आमलिया डोलखूर्द

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , रतलाम.

(6) सेमलखेड़ातालाब के शीर्ष निर्माण के कार्य हेतु अवशेष भूमि.

(2) भूमि का नक्शा व ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड, सैलाना के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

राजेन्द्र शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

1304

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सीहोर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सीहोर , दिनांक 25 मई 2010

प्र. क्र. 2 - अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) के सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है:-

भूमिका वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(1)

(4)

(3)

कालापीपल

1.785 सीहोर इछावर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

कावर्णन धारा 4 की उपधारा (2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, सीहोर.

कालापीपल तालाब की नहर के निर्माण व वेस्टीवेयर एवं डूब क्षेत्र हेतु अर्जन.

(2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी/भू- अर्जन अधिकारी , इछावर के कार्यालय में किया जा सकता है .

(3) उपरोक्त के संबंध में किसी भी व्यक्ति को यदि कोई आपत्ति हो तो वह 30 दिवस के भीतर अ.वि.अ. कार्यालय, इछावर में अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे.

प्र. क्र. 3- अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) के सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमिका वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(3)

(1) (2)

(4) सीहोर

1.129 इछावर गॉजीखेड़ी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, सीहोर.

कालापीपल तालाब की नहर के निर्माण हेतु अर्जन.

( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण ,अनुविभागीय अधिकारी/ भू- अर्जन अधिकारी , इछावर के कार्यालय में किया जा सकता है.

(3 ) उपरोक्त के संबंध में किसी भी व्यक्ति को यदि कोई आपत्ति हो तो वह 30 दिवस के भीतर अ.वि.अ. कार्यालय , इछावर में अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे .

भाग 1 ]

1305

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

प्र. क्र. 4 - अ- 82-09-10 .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) के सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमिका वर्णन

नगर/ग्राम

जिला तहसील

(1)

(2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4)

3.889 सीहोर

झरखेड़ा

इछावर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा (2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, सीहोर.

झरखेड़ा तालाब की नहर एवं तालाब डूब में भूमि के अर्जन हेतु.

(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी/ भू-अर्जन अधिकारी , इछावर के कार्यालय में किया जा सकता है.

(3) उपरोक्तके संबंध में किसी भी व्यक्ति को यदि कोई आपत्ति हो तो वह 30 दिवस के भीतर अ.वि.अ. कार्यालय , इछावर में अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे.

प्र. क्र. 5 - अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) के सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमिका वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(3)

(1)

(2)

(4)

0.190 सीहोर इछावर

करणपुरा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

झरखेड़ा तालाब की नहर केनिर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, सीहोर.

(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी/भू-अर्जन अधिकारी , इछावर के कार्यालय में किया जा सकता है.

(3) उपरोक्त के संबंध में किसी भी व्यक्ति को यदि कोई आपत्ति हो तो वह 30 दिवस के भीतर अ.वि.अ. कार्यालय , इछावर में अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

1306

प्र. क्र. 6 - अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) के सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमिका वर्णन

तहसील नगर/ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4) (2) (3)

(1)

2.266

मोलगा

इछावर

सीहोर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

हालियाखेड़ी तालाब की नहर के निर्माण हेतु अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, सीहोर.

( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी/ भू-अर्जन अधिकारी, इछावर के कार्यालय में किया जा सकता है.

(3 ) उपरोक्त के संबंध में किसी भी व्यक्ति को यदि कोई आपत्ति हो तो वह 30 दिवस के भीतर अ.वि.अ. कार्यालय, इछावर में अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे.

प्र. क्र. 7- अ - 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) के सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखितं अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमिका वर्णन

तहसील नगर/ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4)

(3)

(1)

(2)

0.785 इछावर

सीहोर

बामनखेड़ी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

हालियाखेड़ी तालाब की नहर के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, सीहोर.

( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी/ भू-अर्जन अधिकारी , इछावर के कार्यालय में किया जा सकता है.

(3 ) उपरोक्त के संबंध में किसी भी व्यक्ति को यदि कोई आपत्ति हो तो वह 30 दिवस के भीतर अ.वि.अ. कार्यालय , इछावर में अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संदीप यादव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1307

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 28 मई 2010

क्र. 474- भू- अर्जन- 10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को , इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

नगर/ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) (1)

(2)

(3)

8.120

खैरहन

सिरमौर

रीवा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , रीवा (म. प्र. )

बाणसागर परियोजना के क्योटी नहर के अन्तर्गत सिरमौर वितरक नहर में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

मनावर, दिनांक 26 मई 2010

क्र. 848 - वाचक - प्र. क्र. 01- अ- 82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) (2)

(1)

(3)

1.500 मनावर

वायल

धार

(पूरक प्रकरण) प. ह. न . 30

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

द्वारा प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के

(6)

(5)

मनावर. कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 30,

औंकारेश्वर सागर परियोजना की दायीं तट मुख्य नहर एवं डी. वाय. - 14 की आर . डी. 129788 मी. से 133630 मी. तक के निर्माण से प्रभावित होने वाली भूमि हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला धार एवं भू-अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना , मनावर, जिला धार एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 30 , मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है..

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1308

[भाग 1

-मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

कार्यालय, कलेक्टर, जिला हरदा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

हरदा , दिनांक 26 मई 2010

क्र. 5739- भू-अर्जन-24-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्नानुसार कालम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

तहसील

जिला

ग्राम लगभग क्षेत्रफल

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(3)

(5)

(6) (2) खिरकिया

(1) हरदा

भू-अर्जन अधिकारी. खिरकिया.

(4) 1.576 हे. 3.90 एकड़

जटपुरा रैयत पटवारी हल्का नं . 32

ईमलीढ़ाना जलाशय की दायीं तट मुख्य नहर की 8 एल. माइनर निर्माण हेतु प्रस्ताव.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लॉन ) आदि अपर कलेक्टर/ भू- अर्जन अधिकारी , खिरकिया/कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन हरदा/अनुविभागीय अधिकारी, खिरकिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 5741 - भू-अर्जन-21-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्नानुसार कालम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इंसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

सार्वजनिक प्रयोजन जिला

तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(2)

(1)

(3)

(4)

(5)

(6) हरदा

खिरकिया

0.347 हे. 0.86 एकड़

भू-अर्जन अधिकारी, खिरकिया.

जटपुरा माल पटवारी हल्का नं . 32

ईमलीढ़ाना जलाशय की दायीं तट मुख्य नहर की 11 एल . माइनर निर्माण हेतु प्रस्ताव.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लॉन ) आदि अपर कलेक्टर/ भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया/कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन हरदा/अनुविभागीय अधिकारी , खिरकिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.

1309 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

क्र. 5743 - भू-अर्जन- 28-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्नानुसार कालम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

तहसील

लगभग क्षेत्रफल

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (2)

(3)

(1)

(4)

(5)

खिरकिया

हरदा

भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया .

0.061 हे. 0.15 एकड़

सोनपुरा पटवारी हल्का नं. 32

ईमलीढ़ाना जलाशय की दायीं तट मुख्य नहर की टेल माइनर निर्माण हेतु प्रस्ताव.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लॉन ) आदि अपर कलेक्टर/ भू- अर्जन अधिकारी, खिरकिया/कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन हरदा/अनुविभागीय अधिकारी , खिरकिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 5745- भू- अर्जन-31-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्नानुसार कालम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूवी के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों बन प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

जिला

भूमि का विवरण ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन क़ा वर्णन

लगभग क्षेत्रफल

तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(1)

(2)

(5)

(6) (3)

(4)

हरदा खिरकिया

भू-अर्जन अधिकारी, खिरकिया.

1.326 हे. 3.28 एकड़

महलपुरा दमामी पटवारी हल्का नं . 22

ईमलीढ़ाना जलाशय की दायीं तट मुख्य नहर की टेल माइनर निर्माण हेतु प्रस्ताव.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लॉन ) आदि अपर कलेक्टर/ भू- अर्जन अधिकारी , खिरकिया/कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन हरदा/ अनुविभागीय अधिकारी, खिरकिया के कार्यालय में देखा जा सकता है .

1310

- [ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

क्र. 5747- भू-अर्जन-19-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्नानुसार कालम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा 5 " क" के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

(3)

(4) (1)

(2)

हरदा खिरकिया

0.99 हे. 2.45 एकड़

सांगवा सरकुलर पटवारी हल्का नं. 32

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया ईमलीढ़ाना जलाशय की दायीं तट मुख्य नहर की 5,7 , एल. माइनर निर्माण हेतु प्रस्ताव.

नोट.- भूमि का नक्शा, ( प्लॉन ) आदि अपर कलेक्टर/ भू- अर्जन अधिकारी , खिरकिया/ कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन हरदा/अनुविभागीय अधिकारी , खिरकिया के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 5749- भू-अर्जन-23-अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्नानुसार कालम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला

लगभग क्षेत्रफल तहसील

ग्राम

(3)

(4) (2)

(1)

0.445 हे.

हरदा

खिरकिया सारसूद पटवारी हल्का नं. 23 1.10 एकड़

अनुसूची.

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

भू-अर्जन अधिकारी.

खिरकिया.

ईमलीढ़ाना जलाशय की दायीं तट मुख्य नहर की 2 आर. माइनर निर्माण हेतु प्रस्ताव.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लॉन ) आदि अपर कलेक्टर/ भू- अर्जन अधिकारी खिरकिया/कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन हरदा/ अनुविभागीय अधिकारी, खिरकिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.

भाग 1 ]

1311

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

क्र. 5751 - भू-अर्जन- 32-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्नानुसार कालम ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

ग्राम लगभग क्षेत्रफल

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6) हरदा

खिरकिया महलपुरा माल 0.809 हे.

पटवारी

भू-अर्जन अधिकारी. खिरकिया.

2.00 एकड़

हल्का नं. 22

ईमलीढ़ाना जलाशय की दायीं तट मुख्य नहर की टेल माइनर निर्माण हेतु प्रस्ताव.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लॉन ) आदि अपर कलेक्टर/ भू-अर्जन अधिकारी खिरकिया/कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन हरदा/ अनुविभागीय अधिकारी, खिरकिया के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 5753 - भू- अर्जन- 20-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्नानुसार कालम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

ग्राम लगभग क्षेत्रफल

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6) हरदा

खिरकिया

1.562 हे.

सोनपुरा

पटवारी

भू-अर्जन अधिकारी. खिरकिया.

3.86 एकड़

हल्का नं . 32

ईमलीढ़ाना जलाशय की दायीं तट मुख्य नहर की 11 एल . माइनर निर्माण हेतु प्रस्ताव .

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लॉन ) आदि अपर कलेक्टर/ भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया/कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन हरदा/अनुविभागीय अधिकारी, खिरकिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.

1312

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

क्र. 5755 - भू-अर्जन- 25-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्नानुसार कालम ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तयों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा 5 " क" के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

लगभग क्षेत्रफल

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6) खिरकिया

हरदा

सांगवा माल पटवारी

भू-अर्जन अधिकारी . खिरकिया.

2.926 हे. 7.23 एकड़

हल्का नं . 32

ईमलीढ़ाना जलाशय की दायीं तट मुख्य नहर की 6,7,8 एल . माइनर निर्माण हेतु प्रस्ताव.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लॉन ) आदि अपर कलेक्टर/भू- अर्जन अधिकारी , खिरकिया/कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन हरदा /अनुविभागीय अधिकारी, खिरकिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 5757 - भू-अर्जन-29-अ-82-09-10. चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्नानुसार कालम ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तयों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

ग्राम लगभग क्षेत्रफल

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (1)

(2)

(3)

(4)

(5)

हरदा

खिरकिया चौकी

पटवारी

भू-अर्जन अधिकारी. खिरकिया.

1.918 हे. 4.74 एकड़

हल्का नं . 24

ईमलीढ़ाना जलाशय की दायीं तट मुख्य नहर की 1 आर. माइनर निर्माण हेतु प्रस्ताव.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लॉन ) आदि अपर कलेक्टर/ भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया/कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन हरंदा/अनुविभागीय अधिकारी , खिरकिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.

भाग 1 ]

1313

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

क्र. 5759- भू-अर्जन- 22-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्नानुसार कालम ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तयों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

ग्राम लगभग क्षेत्रफल

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(1)

(2)

(5)

(3)

(4)

(6) हरदा

खिरकिया

भू-अर्जन अधिकारी. खिरकिया.

3.290 हे. 8.15 एकड़

जटपुरा रैयत पटवारी हल्का नं . 32

ईमलीढ़ाना जलाशय की दायीं तट मुख्य नहर की 9,10 एल . माइनर निर्माण हेतु प्रस्ताव.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लॉन ) आदि अपर कलेक्टर/ भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया/कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन हरदा/अनुविभागीय अधिकारी , खिरकिया के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 5761 - भू-अर्जन-30-अ-82-09-10 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्नानुसार कालम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तयों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(1)

(2)

(3)

(4)

(6)

(5)

हरदा

खिरकिया

भू-अर्जन अधिकारी . खिरकिया.

0.931 हे. 2.30 एकड़

सोमगांव पटवारी हल्का नं. 25

ईमलीढ़ाना जलाशय की दायीं तट मुख्य नहर की 1 आर. माइनर निर्माण हेतु प्रस्ताव.

नोट. - भूमि का नक्शा प्लॉन आदि अपर कलेक्टर/ भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया/कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन हरदा/अनुविभागीय अधिकारी , खिरकिया के कार्यालय में देखा जा सकता है .

1314

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

क्र. 5763- भू-अर्जन-27-अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्नानुसार कालम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तयों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

ग्राम लगभग क्षेत्रफल

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(1)

(2)

(3)

(4)

(6)

(5)

हरदा

खिरकिया

भू-अर्जन अधिकारी. खिरकिया.

2.225 हे. 5.50 एकड़

कडोला राघौ पटवारी हल्का नं . 24

ईमलीढ़ाना जलाशय की दायीं तट मुख्य नहर की 4, 5 एल . माइनर निर्माण हेतु प्रस्ताव.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लॉन ) आदि अपर कलेक्टर/ भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया/कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन हरदा/ अनुविभागीय अधिकारी, खिरकिया के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 5765 - भू-अर्जन-26-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्नानुसार कालम ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

ग्राम लगभग क्षेत्रफल

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(1)

(2)

(4)

(3) .

(5)

(6) हरदा

खिरकिया

भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया.

5.386 हे. 13.33 एकड़

कडोला राघौ पटवारी हल्का नं. 24

ईमलीढ़ाना जलाशय की दायीं तट मुख्य नहर की 2 , 3 आर . माइनर निर्माण हेतु प्रस्ताव.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लॉन ) आदि अपर कलेक्टर/ भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया/कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन हरदा/अनुविभागीय अधिकारी, खिरकिया के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जॉन किंग्सली , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1315

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

कार्यालय, कलेक्टर, जिला देवास, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

देवास, दिनांक 29 मई 2010

प्र. क्र. 06 -अ- 82-2009-10- क्र. 785- भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने (1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4) (1) (2)

(3)

12.510 देवास

देवास

रसुलपुर

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

मुख्य कार्यपालन अधिकारी , देवास विकास प्राधिकरण , देवास.

देवास विकास प्राधिकरण की ग्राम रसुलपुर की भूमि पर प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर योजना की भूमि के संबंध में.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय कलेक्टर, जिला देवास एवं कार्यालय भू- अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी , देवास में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 07- अ-82-2009-10- क्र. 786- भू- अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने (1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं:-

अनुसूची

भूमिका वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4)

(3)

(1) (2)

5.239 देवास

देवास

रसुलपुर

सार्वजनिक प्रयोजन

कावर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

मुख्य कार्यपालन अधिकारी , देवास विकास प्राधिकरण , देवास.

देवास विकास प्राधिकरण की ग्राम रसुलपुर की भूमि पर प्रस्तावित वाणिज्यिक-सह- आवासीय योजना की भूमि के संबंध में.

नोट.- भूमि के नवशे ( प्लान ) कार्यालय कलेक्टर , जिला देवास एवं कार्यालय भू-अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी , देवास में देखा जा सकता है.

देवास , दिनांक 31 मई 2010

प्र. क्र. 01 - अ - 82-2009-10- क्र. 797- भू-अर्जन-2010 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894)94 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी 1316

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

[भाग 1 संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं :-

भूमिका वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4) देवास खातेगांव

0.35

अगरदा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

बागदी नदी पर निर्माणाधीन पुल पहुंच मार्ग का भू- अर्जन हेतु.

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , सेतु निर्माण संभाग , उज्जैन.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय कलेक्टर, जिला देवास एवं कार्यालय भू- अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी, देवास में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पुष्पलता सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला कटनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

कटनी , दिनांक 29 मई 2010

प्र.क्र. 001 - अ-82- वर्ष 2009-2010.-चूंकि, राज्य शासन को ऐसा प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमिका वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2) (3)

(4) कटनी रीठी मढ़ा देवरी

निजी- 44.55 शासकीय-15.42 कुल - 59.97

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना.

लिपरी तालाब योजना के अन्तर्गत तालाब निर्माण में आने वाली भूमि काअधिग्रहण बावत्.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है .

प्र.क्र. 002 - अ-82- वर्ष 2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमिका वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

(2)

(1)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) कटनी रीठी मढ़िया

निजी- 11.67

शासकीय- 0.69 कुल 12.36

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

लिपरी तालाब योजना के अन्तर्गत तालाब निर्माण में आने वाली भूमि का अधिग्रहण बाबत्.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

भाग 1 ]

1317

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

प्र. क्र. 003 -अ- 82- वर्ष 2009-2010.-चूंकि, राज्य शासन को ऐसा प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

जिला

भूमिका वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(1)

(3)

(4) कटनी रीठी खम्हरिया

निजी- 3.65 शासकीय-0.98 कुल 4.63

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

लिपरी तालाब योजना के अन्तर्गत तालाब निर्माण में आने वाली भूमि का अधिग्रहण बावत्.

भूमि का नक्शा ( प्लान) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र.क्र. 004 - अ- 82- वर्ष 2009-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमिकी, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(1)

(3)

(4) कटनी रीठी

सैदा

निजी- 163.27 शासकीय- 7.44 कुल 170.71

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, पन्ना.

लिपरी तालाब योजना के अन्तर्गत तालाब निर्माण में आने वाली भूमि का अधिग्रहण बावत्.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. सेलवेन्द्रन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1318

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग उज्जैन , दिनांक 21 मई 2010

क्र. क्यू- भूमि संपादन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- उज्जैन

(ख ) तहसील- उज्जैन

(ग) ग्राम-ढेंढिया

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.796 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा

(हे. में)

(1)

(2)

102/1/1

0.016

102/1/2

0.214

104

0.115

108

0.084

110

0.367

योग . 0.796

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- इन्दौर- उज्जैन फोरलेन मार्ग निर्माण में आने वाली निजी भूमि काअधिग्रहण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , उज्जैन में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. गीता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग विदिशा, दिनांक 24 मई 2010

क्र. 05 - भू-अर्जन-09-10-ए- 82.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , एतद्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-विदिशा

(ख) तहसील - विदिशा

(ग ) ग्राम- सुल्तानिया

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.517 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा

(हे. में)

(1)

(2)

155/1

0.128

155/2

0.086

161/1

0.103

161/3

0.050

176/3

0.012

178/2

0.145

169

0.090

179

0.064

180/1

0.101

180/2

0.101

181

0.052

185/1

0.040

185/2

0.040

185/3

0.041

185/4

0.040

192

0.032

193/1

0.008 भाग 1 ]

1319

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(2)

(1)

193/2

0.008

193/3

0.007

193/4

0.007

136/1

0.021

136/2/1

0.007

136/2/2

0.007

136/2/3

0.007

136/3

0.021

136/4

0.026

136/5

0.021

136/6

0.021

136/7

0.021

136/8

0.021

136/9

0.021

16/1

0.032

16/2

0.032

160

0.052

183

0.012

138/1

0.040

योग : 1.517

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सम्राट अशोक सागर परियोजना की पीपलखेड़ा की लघु नहर क्र. एल.एम. - 7 के निर्माण में प्रभावित भूमि का भू-अर्जन बावत्.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का उपखण्ड अधिकारी , विदिशा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 08 - भू- अर्जन- 09-10- ए- 82.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , एतद्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-विदिशा

(ख) तहसील- विदिशा

(ग) ग्राम- सहजाखेड़ी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.308 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (1)

(हे. में) (2)

508

0.006

509/2

0.035

509/4/1

0.103

514

0.058

513

0.109

511/1

0.172

502/1

0.075

498

0.035

456

0.017

455

0.139

457/2

0.230

459

0.007

507/1

0.014

506/11

506/3

0.318

506/4

505

0.167

497/2/2

0.142

497/2/1

0.122

497/3

0.109

487

0.007

488

0.161

485/1

0.132

483/1

0.121

483/2

0.029

योग : 2.308

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सम्राट अशोक सागर परियोजना की पीपलखेड़ा वितरिका नहर की माईनर एल.एम. - 5 की उप नहर एस.एम. - 1 एवं एस.एम. -2 के निर्माण में प्रभावित भूमि का भू-अर्जन बावत्.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का उपखण्ड अधिकारी , विदिशा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 09 - भू- अर्जन-09-10- ए- 82.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, 1320

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

एतद्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- विदिशा

(ख) तहसील- विदिशा

(ग) ग्राम-ब्यौची

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.506 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हे. में)

(1)

(2)

0.007

83/1 मिन

84/1

0.167

84/2

0.070

85/2

0.091

85/3

0.075

0.007

86

0.080

91

0.009

90

योग : 0.506

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सम्राट अशोक सागर परियोजना की पीपलखेड़ा वितरिका नहर की माईनर एल.एम. - 5 की उप नहर एस.एम. - 1 एवं एस.एम. - 2 के निर्माण में प्रभावित भूमि का. भू-अर्जन बावत्.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का उपखण्ड अधिकारी, विदिशा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 10 - भू- अर्जन- 09-10-ए-82. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित. भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , एतद्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- विदिशा

(ख) तहसील-विदिशा

(ग) ग्राम-गंगरबाड़ा

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.450 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

(1)

रकबा (हे. में) (2)

0.117

13/1

13/2

0.117

14

0.105

0.198

15

27

0.080

28

0.813

0.020

29

योग : 1.450

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सम्राट अशोक सागर परियोजना की पीपलखेड़ा की उप नहर क्र. 4 के निर्माण में प्रभावित भूमि का भू-अर्जन बावत्.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का उपखण्ड अधिकारी , विदिशा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 07- भू- अर्जन- 09-10-ए-82. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, एतद्वारा. यह घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-विदिशा

तहसील-विदिशा

(ख)

(ग ) ग्राम-सतपाड़ा सराय

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.367 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हे. में)

(1)

(2)

0.008

78

75/1

0.103

0.037

66/1

66/2

0.161

74/2

0.052

68

0.006

योग : 0.367 1321

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

भाग 1 ]

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सम्राट अशोक सागर परियोजना की पीपलखेड़ा वितरिका नहर की माईनर एल.एम. - 5 की उपनहर एस.एम. - 1 एवं एस.एम. - 2 के निर्माण में प्रभावित भूमि का भू- अर्जन बावत्.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का उपखण्ड अधिकारी , विदिशा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, योगेन्द्र शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला रतलाम , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रतलाम , दिनांक 24 मई 2010

क्र. 2280 - भू- अर्जन- 2009-प्र.क्र. 3-अ-82-2008-09.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रतलाम

(ख) तहसील-सैलाना

ग्राम- कोलपूरा , केसरपूरा , सेमलखेड़ा, गरेठी (ग)

लगभग क्षेत्रफल-4.87 हेक्टेयर.

(घ)

रकबा

सर्वे नम्बर

(हे. में)

(2)

(1)

कोलपुरा

0.02

273

0.16

274/2

0.04

274/1

0.09

276

0.03

280/1

0.12

262

0.14

277

0.02

277

0.14

264

(2)

(1).

0.08

35

0.08

34

0.05

33

0.06

32

0.05

31

1.08

योग :

केसरपूरा

0.08

24

0.09

25

0.10

30

0.17

31

0.12

34

0.04

42

0.15

41

0.16

40

0.15

77

0.02

74

योग : 0.98

सेमलखेड़ा

0.05

198

0.11

199

योग : 0.16

गरेठी

0.02

225/1

0.06

209

0.05

210

0.05

186

0.07

206

0.11

207

0.15

208

0.02

202

0.13

201

0.10

190

0.05

192

0.10

193

0.11

121

0.16

191

0.08

187

0.09

185

0.02

89

0.10

90

0.01

105 1322

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2)

123

0.19

107

0.02

125

0.02

102

0.03

103

0.12

106

0.12

104

0.10

37

0.17

36

0.10

101

0.11

95

0.06

93

0.07

94

0.06

योग : 2.65

महायोग : 4.87

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- कोलपुरा तालाब नहर निर्माण में आने वाली भूमि काअर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व सैलाना के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दमोह , दिनांक 24 मई 2010

प्र.क्र. 6 अ -82 वर्ष 2009-2010.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि सम्पत्ति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील- पटेरा

(ग) नगर/ ग्राम- कुसमी, प.ह.नं. 30

लगभग क्षेत्रफल-50.17 हेक्टेयर .

(घ)

खसरा नम्बर

रकबा

(हे. में)

(1)

(2)

576/3

1.09

0.03

539/1

539/2

0.03

576/6

1.09

541/1

0.20

541/2

0.75

552/1

0.40

552/2

0.40

553

0.50

0.17

608/1

555/1

0.10

1.86

567/1

612

0.10

608/2

0.18

555/2

0.05

557/2

1.86

556/1

0.05

556/2

0.79

557

0.14

572

1.21

558

0.18

570

0.71

607

0.40

559

0.49

596

0.60

580

0.26

582

0.24

560/1

0.23

581/2

0.50

560/2

0.24

581/3

0.50 भाग 1 ]

1323

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2) 561

0.14 569

1.04 562

0.16 563

0.16 568

0.67 564

0.26 571

0.93 611

0.19 566

0.72 573

1.58 574

0.05 575

2.67 576/1

0.73 576/4

0.73 576/5

0.73 576/2

2.18 579

0.90 588

0.06 581/1

0.51 581/4

0.12 595

0.23 583/1

1.00 583/3

1.21 584

0.11 583/2

0.48 583/4

0.58 583/5

0.48 583/6

0.57 585

0.07 586

1.58 587/1

0.26 587/2

0.26 587/3

0.27 587/4

0.26 587/5

0.26 587/6

0.26 (1)

(2)

587/7

0.26

589/1

1.28

591/1

1.64

593/3

0.20

589/2

0.64

591/2

0.82

593/2

0.10

590/1

1.20

0.60

590/2

592/1

0.26

592/2

0.28

592/3

0.53

1.77

594

597

0.15

605

1.05

598

0.33

601

0.10

604

0.50

615

0.70

योग : 50.17

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- कुसमी जलाशय योजना की नहर में आने वाली भूमि में निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी हटा एवं भू-अर्जन अधिकारी , उपखंड हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वे संभाग , हटा, जिला दमोह में देखा जा सकता है.

( 5 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. ए. खंडेलवाल , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

1324

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सागर, दिनांक 26 मई 2010 क्र. 5134 - भू-अर्जन-09.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- सागर

(ख) तहसील-देवरी

(ग ) ग्राम- बराकोटी कलां, प.ह.नं. 2 (घ) लगभग क्षेत्रफल-3.08 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा

(हे. में) (में से)

(2) (1)

263/1

0.25

0.41 264/2

264/4

0.81 264/3

0.41

0.20 265/1

0.60 265/2

265/3

0.40

योग : 3.08 (2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है- छोटी रानगिर जलाशय योजना के बांध से डूब क्षेत्र हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर, अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, देवरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनीष श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला मन्दसौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग मन्दसौर, दिनांक 26 मई 2010

प्र.क्र. 3 - अ- 82-09-10- भू- अर्जन-508 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- मन्दसौर

(ख) तहसील- सुवासरां

(ग) ग्राम-अजयपुर, प.ह.नं. 2

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.62 हेक्टेयर.

रकबा

खसरा नम्बर

(हे. में)

(2)

(1)

0.02

430

0.18

433

0.04

436

0.05

438

0.06

478 मिन-1

0.72

480

0.05

484

0.12

481

0.10

482

0.01

493/1

0.04

497/1

0.04

496/1

0.05

494/2

0.08

495/1

0.06

498

योग : 1.62

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-अजयपुर तालाब के नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय एवं भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड, सीतामऊ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

1325

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

प्र.क्र. 4-अ-82-09-10- भू-अर्जन- 509.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन--

(क) जिला- मन्दसौर

(ख) तहसील सुवासरा

(ग) ग्राम-अजयपुर, प.ह.नं. 2

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.70 हेक्टेयर .

खसरा नम्बर

रकबा

(हे. में)

(1)

(2)

458

0.07

462

0.11

463

0.06

449

0.03

17-13

0.09

1760

0.07

1748/मिन-2

0.03

0.02

1748/मिन -3

1748/मिन -1

0.01

1749

0.01

1758

0.03

1750

0.01

17:57

0.03

1751

0.02

1756

0.03

40

0.04

1712

0.01

1759

0.02

1231

0.04

1033

0.03

1712

0.04

0.04

1754

17/1/1

0.02

1917

0.04

1915

0.01

1921

0.02

1916

0.02

(2)

(1)

1922

0.02

1917

0.01

1923

0.02

0.07

1918

0.02

1924

0.02

1919

1920

0.01

0.03

1913/1

1913/2

0.02

0.01

1945

0.01

1946

1771/2

0.06

563/3

0.02

0.02

563/1

563/2

0.02

564

0.07

1528

0.04

1543/मिन-2

0.04

1530

0.04

0.03

1542/मिन-3

1541

0.02

1542/मिन-3

0.05

1542/मिन-4

0.02

1529

0.03

0.05

1531

योग : 1.70

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- अजयपुर तालाब योजना के लघु नहर हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय एवं भू-अर्जन अधिकारी, उपखण्ड कार्यालय , सीतामऊ में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महेन्द्र ज्ञानी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर , दिनांक 13 मई 2010

क्र. -अ-82 - भू- अर्जन- 2008-09- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित 1326

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-अशासकीय

(क) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील- राजनगर

नगर/ग्राम- खर्रोही

(ग)

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.034 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

रकबा (1)

(हेक्टेयर में) (2)

0.405 2243/3

2244

0.192 2246

0.136 2411/5

0.540

1.405 2243/5

0.356 2245

योग : 3.034 (2 ) ललितपुर - खजुराहो नई बड़ी लाईन के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है.

(3 ) भू- अर्जन का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , राजनगर के कार्यालय में किया जा सकता है.

छतरपुर , दिनांक 25 मई 2010 प्र. क्र. अ - 82-2008-09.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अंनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील- लौड़ी

(ग ) ग्राम- बरौंहा , प. हल्का नं. 19 (घ) लगभग क्षेत्रफल ( निजी भूमि) 157.244 हेक्टेयर.

खसरा क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)

(1)

832/1/1

0.050

832/3

0.050

0.040

832/4/1

832/5

0.030

0.010

833

0.092

839

0.152

840

0.475

853/1

853/2

0.316

0.136

854

0.060

855/1

0.116

855/2

0.833

1055/1/2/1

0.486

1055/2/2

1.000

1055/2/3

0.841

1055/4

0.330

1073/2

0.440

1073/3

0.809

1108/1/1

0.336

1108/2/1

0.336

1108/2/2

0.860

1.453

1110/2

0.202

1110/3

0.060

1118

0.016

1119/1

1119/2

0.794

0.644

1120

3.358

1122/1

1122/2

0.817

0.255

1123

1.036

1124

0.279

1126

1127

0.294

0.000

1130

1.534

1131

0.000

1132

0.073

1133

0.210

1134

0.196

1136

0.000

1137/1

1.100

1137/4

1137/3

0.809 भाग 1 ]

1327

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(2) (1)

1137/5

0.073 1137/2/4

1.060 1138

0.146 1139

0.247

0.138 1140

1141

0.279 1142

0.040 1143

0.380 1144

0.142 1145

0.142

0.113 1146

1147

0.178 1148

0.611 1150

0.474 1151/1

0.522 1151/2

1.173

0.700 1152

0.470 1153

1156/1

0.080 1157

0.501

1.206 1158/1

1158/2

0.556 1159

0.789 1160

0.251 1161

0.777 1162

0.583

0.704 1164

0.020 1165

1166

0.409 1167/2/1

0.116 1167/2/2

0.224

0.324 1167/3

1168/1

0.477 1168/2

0.310 1169/2

0.000 1170

0.927

0.100 1171/ 1 /ख

1171 /1 /ग

0.160

0.020 1172/3 क

0.780 1173/2

1175

0.150

0.405 1176/1/1

0.405 1176/2

1177

1.599

1.108 1178

(1) .

(2)

0.474

1179

1180

0.316

0.783

1181/1

1181/2

0.783

0.200

1183/1

0.787

1183/2

0.872

1184/1

1184/2/1

0.418

1184/2/2

0.418

0.753

1185/1

0.186

1185/2/1

0.134

1185/2/2

1185/2/3

0.243

1185/2/4

0.243

1186

0.802

0.049

1187/1

0.755

1187/2

1188

1.941

0.769

1189

0.886

1190/1

0.559

1190/2

1.947

1191/1

1.011

1191/2

0.154

1192

1193

0.664

0.700

1194/1

0.057

1194/2

1195

0.664

0.482

1196

0.307

1198/1

1198/2

0.411

0.423

1198/3

1198/4

0.130

0.447

1198/5

0.607

1199

1200

1.076

0.490

1201

1202/1

1.287

1202/2

1.241

1202/3

0.543

0.809

1203/1

1.619

1203/2

1203/3

0.830

0.510

1204

0.150

1205/1/1 1328

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2) 1205/1/2

0.650 1205/2/1

0.250 1205/2/2

0.250 1210

0.040 1211/1

0.450 1217

0.210 1218/1

0.140 1218/2

0.150 1222

0.060 1224

0.440 1225

0.239 1226

0.032 1227

0.429 1228/1

0.375 1228/2

0.374 1229

0.809 1230

0.255 1231

0.251 1232/1

0.014 1232/2

0.014 1233

0.503 1234

0.239 1235

0.328 1236

0.376 1237

0.344 1238

0.640 1239

0.809 1240

3.294 1241/1

0.150 1241/3

0.150 1245/1

0.850 1246

0.045 1247

0.279 1248

0.854 1249/1

0.165 1249/2

0.264

-1.619 1250/1

1250/2/1

0.758 1250/2/2

1.050 1252

0.425 1253/1

1.008 1253/2

1.008 1254

1.590 1255

0.611 1256

0.287 (1)

(2)

1257

0.425

1259

2.132

1260

0.320

1261

0.490

1262

0.344

1263

0.259

1264

0.526

1265

0.494

1266

0.664

1267

0.717

1268

1.052

1269

0.458

1270

0.271

1271

0.154

1272

0.117

1273

0.279

1274/1

0.114

1274/2

0.113

1276

0.214

1277

0.267

1278

0.890

1280

0.819

1283/1

1.026

1283/2

1.171

1284/1

0.829

1284/2

0.020

1285

0.591

1286/1

0.721

1286/2

1.149

1288

0.470

1289

1.083

1290

0.599

1291

0.733

1292

1.145

1293

0.555

1294

0.182

1295

0.340

1296

0.202

1297

0.198

1298

0.971

1299

2.752

1300

0.348

1301

1.185

1304

0.733

1305

3.597 भाग 1 ]

1329

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(2)

(1)

1306

0.020

1307

0.563

1308

0.040

1309

0.510

1310

0.757

2.424

1311

0.376

1312

1313

0.713

1314/1

1.040

2.020

1314/2

1316

0.729

1317

0.910

0.077

1319

1321

0.510

1322

0.470

1323

0.356

1324

0.664

1325/1

0.174

0.020

1325/2

1326

0.441

1327

0.789

1328

0.646

1329

0.190

1330

4.824

0.704

1331

0.526

1332

1333

3.161

1335

1.538

1337

0.672

1.668

1339

1340

0.951

1.242

1341

1342

0.551

1343

0.255

1344

1.412

0.777

1346

योग : 157.244

(2) सिंहपुर बैराज परियोजनांतर्गत सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौड़ी में किया जा सकता है.

छतरपुर , दिनांक 26 मई 2010

प्र.क्र. 9- अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

तहसील- चंदला

(ख)

ग्राम- बछौन

(ग)

घ) लगभग क्षेत्रफल ( निजी भूमि) -4.497 हेक्टेयर .

(

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.012

640/1

0.012

640/2

0.240

651/2/2

0.021

655

0.090

657

0.014

658/1

0.014

658/2

0.014

658/3

659

0.090

660

0.101

0.070

661

0.012

696

0.065

697

0.060

698

0.008

699

700

0.008

0.060

702

0.021

703

0.008

743

745

0.142

0.110

746

811

0.032

814

0.052 1330

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2)

815

0.167

816

0.092

853

0.162

854

0.162

901

0.096

902

0.040

903

0.008

904

0.008

905

0.072

906

0.101

909

0.081

912

0.032

913

0.044

914

0.072

915

0.020

916

0.048

918

0.072

1012

0.160

1013

0.320

1022

0.120

1870/1/1

0.074

1870/2

0.019

1917

0.129

1918

0.281

1919/1

0.019

1919/2

0.047

1920/1

0.065

1920/2

0.089

1920/3

0.112

1920/4

0.115

1920/5

0.250

1921/2/4

0.039

1921/2/5

0.125

योग : 4.497

( 2) बरियारपुर बांयी नहर की हथौहा शाखा नहर से निकलने वाली बछौन माईनर एवं बछौन ब्रांच कैनाल की 0 से 13 चैन तक सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.

[भाग 1 (3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौड़ी में किया जा सकता है.

छतरपुर , दिनांक 28 मई 2010

क्र. 01-अ- 82- भू-अर्जन-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील- छतरपुर

(ग ) नगर/ग्राम- बूदौर

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 13.746 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

216/1/1

0.400

216/2क

1.006

216/ख

2.500

216/2ग

2.500

0.820

260/1 /क

260/1 /ख

0.820

260/2

1.640

261

2.165

262/2/4

0.240

298

1.655

योग : 13.746

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- मगरार तालाब के भराव हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 02-अ- 82 - भू-अर्जन-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, भाग 1 ]

1331

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : --

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील - छतरपुर

(ग) नगर/ग्राम-छिरावल

( घ) लगभग क्षेत्रफल- 27.100 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

70

0.546

71

0.186

73

0.503

74

1.077

83

0.121

85

0.121

90/1

1.278

90/2

1.278

92

2.545

93/1

0.205

93/2

0.455

94

0.821

0.437

95/1

95/2

0.437

96

2.120

0.320

98

99

1.600

101

2.064

102

0.202

107

0.280

109

0.389

110

0.526

111

0.085

112

0.219

113

0.040

114

0.688

(2)

(1)

115

0.644

116

3.084

117

1.769

0.654

121/1/2

0.654

121/2

0.382

127

0.144

128

0.204

129

0.470

130

0.202

131

0.080

132

0.145

133

0.125

योग : 27.100

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- मगरार तालाब के भराव हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 03- अ-82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील- छतरपुर

(ग) नगर/ग्राम-खैरों

(घ) लगभग क्षेत्रफल-47.052 हेक्टेयर .

खसरा नम्बर

रकबा

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

539

0.760

1542

0.130

1557

0.372 1332

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2) 1558

0.291 1560

1.600 1561

0.445 1562

0.049 1563

0.032 1564

0.283 1565

0.121 1566

0.210 1567

0.194 1568

0.202 1569

0.202 1570

0.722 1571

0.089 1572/1

0.480 1574

0.275 1575

0.600 1576

0.162 1577

0.138 1578

0.162 1579

2.630 1580

0.016 1582

0.105 1583

0.478 1584/1

1.534 1584/2

0.607 1585

0.300 1589/1

0.121 1589/2

0.405 1589/3

0.170 1595

0.320 1596

0.938 1597

0.180 1598

0.170 1599

2.599 1600

0.194 1605

0.640 1606

0.047 (1)

(2)

1607/1

0.809

1610

0.679

0.121

1611.

1612

0.243

1615

0.340

1616

0.057

1617

0.032

1618

0.396

1619

0.170

1620

0.283

1621

0.057

1622

0.364

1623

0.308

1624

0.267

1625

0.388

1628/1

0.935

1628/2

0.442

1629

1.416

1632/2

0.231

1634

1.514

1635

0.146

1636

0.073

1637

0.129

1638

0.089

1639

0.194

1640

0.559

1641

0.049

1642

1.431

1644

0.559

1645/1

0.121

1645/2

0.769

1646/1

0.453

1646/2

0.453

1647

0.559

1648/1

0.238

1649/1

0.049

1649/2

0.239 भाग 1]

1333

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2) 1650

0.064 1651

0.024 1652

0.081 1653

0.494 1654

0.057 1655

0.065 1656

0.363 1657

0.089 1658

0.024 1659

0.341 1660

0.162 1651

0.016 1652

0.024 1653

0.081 1664

0.073 1665

0.113 1666

0.300 1667

0.113 1668

0.162 1670

0.332 1671

0.437 1672

0.100 1673

0.300 1677

0.300 1678

0.535 1679

0.032 1680

0.607 1681

0.202 1682

0.081 1683

0.251 1684

0.356 1685

0.024 1686

0.332 1687

0.073

(2)

(1)

1688

0.032

1689

0.267

1690/1

0.049

1690/2

0.243

1692

1.004

0.057

1693

1694

0.291

0.049

1695

1696

0.032

1697

0.032

1698

0.170

0.324

1699

1700/1

1.000

0.685

1702

1703

0.170

1706

0.030

0.035

1707

1708

0.085

1709

0.057

0.177

1710

1711

0.065

1712

0.041

1713

0.210

1714

0.024.

0.187

1715

0.227

1716

1717

0.057

0.040

1718

1719

0.092

1720

0.036

1723

0.227

1724

0.180

1725

0.134

योग : 47.052 1334

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- मामौन तालाब के भराव हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 3 - अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील- वकस्वाहा

नगर/ग्राम- वकस्वाहा

(ग)

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 14.536 हेक्टेयर.

अर्जित की जा रही भूमि की सूची

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

362/2

1.178

360 367/9 371

367/41

0.160

368

369

0.348

370

0.340

372

0.955

373

0.401

0.243

374 375

376

0.384

377

0.255

382/1

2.100

382/2

0.579

383

0.016

384

0.777

385

2.450

389

390

0.765

391

0.522

(1)

(2)

0.849

392

393

1.894

394

398/6

0.160

398/7

0.160

योग : 14.536

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बकस्वाहा तालाब के भराव हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 4- अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

( क) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील- वकस्वाहा

नगर/ ग्राम- वीरगढ़

(ग)

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.175 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

496

0.454

497

0.065

499/4

0.563

506

0.105

508/11

0.313

515/1

0.404

517

0.138

518

1.133 योग : 3.175

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- वकस्वाहा तालाब के भराव हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जा सकता है.

भाग 1 ]

1335

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(2)

(1)

118

0.160

119

0.230

120

0.060

123

0.060 क्र. 4- अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

129/5

0.330

129/8

0.600 अनुसूची

129/9

1.500

0.140

146/1

( 1 ) भूमि का वर्णन-

147

0.610 (क ) जिला- छतरपुर

152

1.146 (ख ) तहसील- छतरपुर

154

0.500 (ग) नगर/ग्राम- इकारा

155

0.850 (घ) लगभग क्षेत्रफल-24.385 हेक्टेयर .

156

0.190

160

0.500 खसरा नम्बर

रकबा

0.320

164

(हेक्टेयर में)

165

0.168 (1)

(2)

योग : 24.385 2

0.016

3

0.360

9

1.000

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- मामौन तालाब के भराव हेतु.

15

0.305

18

0.773

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

19

0.125

20

0.755

33

0.016

99/1

0.485

99/2

0.515

102/6

0.574

102/7

1.000

क्र. 5 - अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

102/8

0.084

102/9

0.373

अनुसूची

102/10

1.760

102/11

2.000

( 1 ) भूमि का वर्णन -

102/12

2.000

(क) जिला- छतरपुर

102/13

1.300

(ख) तहसील- बकस्वाहा

103

0.262

(ग) नगर/ग्राम- कुही

105

0.128

( घ) लगभग क्षेत्रफल- 33.354 हेक्टेयर. 108/1

1.600

खसरा नम्बर

112

0.190

रकबा (हेक्टेयर में ) 113

0.290

(1)

(2) 114

0.190

3/1

0.890 115

0.150

3/2

0.890 116

0.540

4

117

0.149 0.230

5

0.445 1336

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2) 6/1

0.115 7/3/1

0.025 6/2

0.116 7/3/2

0.024 7/1/1

0.263 8/1

0.172 7/1/2

0.263 8/2

0.172 7/2में से

0.564 14

7/2में से

0.154 14

9/1

1.619 9/2

0.267 10

0.458 11

0.109 12/1

0.129 12/2/1

0.049 12/2/2

0.048 12/3/1

0.065 12/3/2

0.064

0.221 12/4/1

12/4/2

0.220 12/5

0.024 12/6

0.202 15

0.235 12/7

0.202 12/8

0.129 13

0.089 16

0.166 17

0.769 18

0.555 19/2

0.138 20

0.182 21

0.324 22/1

0.046

0.105 22/3

0.065. 23

0.113 24

0.138 25

0.180 26

0.316 27

0.688 49/1/1

0.159 (1)

(2)

49/1/2

0.319

49/2

0.215

50/1

0.073

0.073

50/3

51

0.162

52

0.040

53

0.146

54

0.125

55/2

0.101

55/3

0.121

55/4

0.040

56 अ

0.028

56 ब

0.025

57

0.040

58 अ

0.632

58 ब

0.291

59

0.085

60

0.041

61 अ

0.008

61 ब

0.008

62

0.376

63

0.016

64

0.024

65

0.097

66

0.563

67/1

0.231

67/2

0.024

67/3

0.057

67/4

0.101

67/5

0.101

68/1

1.722

68/2

0.304

68/3

0.030

68/4

0.688

69

0.158

70

0.490

72

1.566

74/1

0.227

74/2

0.101

75

1.319

76

1.032

77/1

1.396

0.405

77/2/1

77/2/2

0,404 भाग 1 ]

1337

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2)

79/1

0.215

79/2

0.272

79/3

0.272

82अ

0.182

82ब

0.186

83

1.088

0.040

84/1

84/2

0.041

86 अ

0.373

86 ब

0.372

87

0.384

88 अ

0.393

88 ब

0.202

89 अ

0.430

89 ब

0.202

90

0.138

91

0.109

97 अ

0.028

97 ब

0.081

98

0.356

103/2

0.043

193/1

0.025

194

0.142

195

0.057

196/1 .

0.117

196/2

0.121

196/3

0.081

197

0.032

198

0.089

199/2

0.060

342

0.518

343/1

0.132

343/2

0.131

344

0.121

योग : 33.354

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- वकस्वाहा तालाब के भराव हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 7- अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-छतरपुर

तहसील- घुवारा

(ख)

नगर/ग्राम- भेल्दा

(ग )

लगभग क्षेत्रफल-9.131 हेक्टेयर .

(घ)

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.109

358/10

685/2

0.304

0.696

685/3

689/4

1.274

0.809

689/5

0.239

690

691/1/1

0.737

691/1/2

0.736

691/2

0.129

691/3/1

0.222

691/3/2

0.223

0.607

692

693

0.578

694/2

0.162

0.193

694/3

694/4/1

0.190

696/2

697

0.600

698

0.202

729/1

0.121

729/2

0.500

731/4/1

0.500

731/4/2

योग : 9.131

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- अगरौठा तालाब के भराव हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, का कार्यालय में किया जा सकता है.

1338

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

क्र. 9 - अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-छतरपुर

(ख) तहसील- वकरवाहा

(ग) नगर/ग्राम- कुसमाड़

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 32.500 हेक्टेयर .

खसरा नम्बर

रकबा (हे. में) (1)

(2) 112

1.400 114

0.894 115

0.805 116

0.300 430/1

0.075 430/2

0.148 436

0.958 437/1

0.235 437/2

0.008 438

0.231 439/2

0.016 440

0.057 441

0.057 442

0.081 443

0.028 444

0.094 445

0.174 446

0.113 447

0.105 448

1.181 449

450

0.028 451

0.166 452

0.356 453

0.918 454

0.502

[भाग 1 (1)

(2)

455

0.077

456

0.401

457/1

0.134

457/2

0.024

457/3

0.065

458/1

0.486

458/2

0.518

459/1/1

0.466

459/1/2

0.567

459/2

0.008

460

0.209

461

-0.069

462

0.710

463

0.709

472

0.093

473

0.312

474

0.049

475

0.077

476

0.219

477/1

0.283

477/2

0.117

477/3

0.093

477/4

0.069

477/5

0.214

477/6

0.004

477/7

0.210

478

0.117

479

0.016

480/1

0.615

480/2

0.425

480/3

0.450

480/4

0.085

481

0.348

483

0.777

484

0.806

485/1

0.231

485/2

0.040

486

0.174

487/1

0.016

487/2

0.020

489/2

0.227

491

0.202

492

0.271 भाग 1 ]

1339

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2)

493

0.739

494/1

0.809

494/2

0.579

495

0.020

497

0.032

498

0.081

499

0.032

500

0.854

501/1

0.182

503

0.146.

505/1

1.364

505/2

1.453

505/3

0:906

505/4

0.324

505/5

0.405

505/6

506

1.036

507

0.065

508

0.615

509

0.360

511/2

0.431

513

516

1.259

526/3

517

518

0.538

521/1

517

0.534

518

521/2

526/1

0.203

526/2

526/4

526/5

612

0.400

योग 32.500

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- कुसमाड़ तालाब के भराव हेतु भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 10- अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील- वकस्वाहा

(ग) नगर/ ग्राम- भुजपुरा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-17.242 हेक्टेयर .

खसरा नम्बर

रकबा (हे . में ) (1)

(2)

310/4

313

314

0.101

315

316

0.101

317/3

0.300

327/1

317/4

0.320

317/5

0.745

323/1

0.203

322/1, 331

323/2

0.194

332

0.138

334/1

0.271

334/2

341/2

343/7

0.709

396/4

396/8

396/9

335

0.858

336

337

0.733

338

0.202

339

0.101

340

343/1

0.833

343/2, 346/2

0.526

351/4 , 366/352/2 1340

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2) 343/3

0.316 346/3

347

377/2

343/4

0.637 344/2

345

346/1

343/5

0.393 348

343/6

0.725 350

360/2

367/2

344/1

0.085 349

0.295

0.214 351/1/

351/3

352

353

0.101 360/2

0.203 365

0.405 366

0.210 367/1

0.097 367/3

0.178 369

0.113 370

0.219 372

0.607 373

375

0.109 376/1

0.393 377/3

377/1

0.870 378/1

0.543 380/1

378/2

0.178 378/3

0.672 380/2

396/11

379/1

0.413 379/2

381

0.243 396/1

0.769

[भाग 1 (1)

(2)

396/2

0.243

396/7

0.607

-396/10

0.713

465/343

0.356

466/351

योग .. 17.242

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- कुसमाड़ तालाब के भराव हेतु भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 11 - अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-छतरपुर

(ख) तहसील-वकस्वाहा

(ग) नगर/ग्राम-मछन्दरी

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 19.965 हेक्टेयर .

खसरा नम्बर

रकबा ( हे. में) (1)

(2)

538

0.500

540

541/1

0.400

542/1

0.607

542/2

551

0.809

552

554

542/3

0.101

543/1

0.465

543/2/1

0.108

543/2/2

0.109

544

0.089

545/1

0.016

545/2

0.016 भाग 1 ]

1341

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2) 545/3

0.061 545/3/2

0.030 545/3

0.015 546

0.097 547/1

0.101 546/2

547/2

546

0.097 547/3

548/1

548/2

0.272 549

548/3

0.028 548/4

0.032 550/1

0.569 578/2/1

550/2

0.112 576/2

550/2

0.559 576/2/1

550/2

0.061 553

0.713 555

0.738 575

556

0.144 558

0.761 559/1

0.405 559/2

0.245 560

0.235 572

1.000 573/1

0.062 573/1/2

0.098

0.170 573/2

574/1

0.022 574/2

0.060 57/4/3/1

0.190 57'4/3/2

0.190 578

0.680 582

0.105 583/2

0.376 584

0.024 585

0.648 586

0.486 (1)

(2)

587/1

0.632

588

0.733

589

0.100

593

0.809

594

606

0.143

646

0.494

647

0.170

648

0.384

649/1

0.644

649/2

0.700

650

0.862

651

0.134

0.494

653

655/1

0.137

655/2

0.405

656

0.081

657

0.295

660

0.142

योग .. 19.965

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- कुसमाड़ तालाब के भराव हेतु भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है.

छतरपुर, दिनांक 29 मई 2010

प्र. क्र. 14 - अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील-गौरिहार

(ग) ग्राम-औदी

(घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-0.028 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा ( हे. में ) (1)

(2)

413

0.028

योग 0.028 1342

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बरियारपुर बायीं नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सरबई वितरक नहर क्र. 1 के निर्माण हेतु .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौड़ी में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 15- अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क).जिला-छतरपुर

(ख) तहसील- गौरिहार

(ग) ग्राम-राजौरा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-1.477 हेक्टेयर .

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा ( हे. में) (1)

(2)

400/2

0.073

417/3

0.202

418/1

0.079

418/2

1.123 1.477 योग ..

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बरियारपुर बायीं नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सरबई वितरक नहर क्र. 1 के निर्माण हेतु .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौड़ी में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 16 - अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू. अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के

[भाग 1 अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील- गौरिहार

(ग) ग्राम- किशोरी पुखरी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-3.992 हेक्टेयर .

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा ( हे. में ) (1)

(2)

4/1

0.147

4/2

0.241

5

0.081

7

0.008

8

0.587

10

0.226

11

0.016

15

0.048

16

0.242

17/1

0.412

22/1

0.376

23

0.587

24/1

0.033

33

0.182

34

0.081

38

0.202

41

0.097

42/2

0.101

43/1

0.012

46/1/2

0.050

46/2

0.103

53/2

0.160

योग .. 3.992

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बरियारपुर बायीं नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सरबई वितरक नहर क्र. 1 के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौड़ी में किया जा सकता है .

1343

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

भाग 1 ]

प्र. क्र. 17- अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील- गौरिहार

(ग) ग्राम-बिजासिन

(घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-1.812 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा ( हे. में ) ख. नं.

(2)

(1)

0.494

776/2

0.178

817

0.044

819

0.263

821

0.178

824

0.101

841

0.251.

842

0.303

849

1.812

योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बरियारपुर बायीं नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सरबई वितरक नहर क्र. 1 के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौड़ी में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 29-अ-82-07-08.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील-गौरिहार

(ग ) ग्राम- महोई खुर्द

(घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-3.035 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा ( हे. में) ख. नं.

(2)

(1)

0.012

10

0.153

142

0.323

143

0.134

145/1

0.044

145/3

0.627

149

0.307

151

0.263

152/2

0.157

155

0.226

156/1

0.061

156/2

0.036

157/2

0.336

158/1

0.316

162/1

0.040

162/5

योग . 3.035

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बरियारपुर बायीं नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सरबई वितरक नहर क्र. 1 के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौड़ी में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 30- अ- 82-07-08.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की 1344

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:- आवश्यकता है . अतः एक, सन् 1894 ) की धारा

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील-चंदला

(ग) ग्राम-रमझाला

( घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-0.144 हेक्टेयर .

ख. नं.

अर्जित रकबा ( हे. में) (1)

(2)

230

0.102

231/1

0.042

0.144

योग ..

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बरियारपुर बायीं नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सिमरिया वितरक नहर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौड़ी में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 37- अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

:

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-छतरपुर

(ख ) तहसील- चंदला

(ग ) ग्राम-चंदला

(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-2.694 हेक्टेयर .

ख. नं.

अर्जित रकबा ( हे. में) (1)

(2)

339

0.050

389

0.081

[भाग 1 (1)

(2)

390

0.056

391

0.015

393/1

0.020

396/1

0.010

398

0.146

399/1

0.318

405

0.250

458

0.094

482

0.020

484

0.210

492

0.220

0.100

493

520

0.218

521

0.299

524/1

0.264

524/2

0.043

525/1

0.131

537

0.015

0.204

3791/339

योग 2.694

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बरियारपुर बायीं नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सिमरिया वितरक नहर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौड़ी में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

भाग 1 ]

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर जबलपुर, दिनांक 10 मई 2010

क्र. C- 1637-दो- 2-56-06 .- श्री जी. एस . सोलंकी, जिला न्यायाधीश (निरीक्षण एवं सतर्कता ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर को मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक 3-( एं) 19-03- इक्कीस- ब( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) एवं ज्ञापन क्रमांक 3440 - इक्कीस ब ( एक ) , दिनांक 7 दिसम्बर 2007 में दिए गए निर्देशों के अनुसार दिनांक 3 नवम्बर 2009 से 2 मई 2010 तक छः माह की अवधि हेतु सात दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.

जबलपुर, दिनांक 26 मई 2010

क्र. C- 2028- दो- 3-48-2009.- श्री डी. के. पालीवाल , ओ. एस. डी. ( सतर्कता एवं निरीक्षण ) , उच्च न्यायालय इन्दौर खण्डपीठ, इन्दौर को दिनांक 18 से 23 मई 2010 तक छः दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 24 मई से 5 जून 2010 तक तेरह दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री डी. के. पालीवाल, ओ. एस. डी. (सतर्कता एवं निरीक्षण ) , उच्च न्यायालय, इन्दौर खण्डपीठ , इन्दौर को इंदौर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री डी. के. पालीवाल उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो ओ. एस. डी. ( सतर्कता एवं निरीक्षण ) के पद पर कार्यरत रहते.

माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर रजिस्ट्रार.

जबलपुर, दिनांक 26 मई 2010

क्र. C- 2005-दो- 3-41-2001.- श्री गिरीराज दास सक्सेना, जिला न्यायाधीश ( सतर्कता एवं निरीक्षण ) , इंदौर को दिनांक 26 अप्रैल से 3 मई 2010 तक, आठ दिन का स्वीकृत अर्जित अवकाश, उपभोग नहीं करने के कारण निरस्त किया जाता है .

1345 क्र. C- 2014-दो-3-53-2001.- श्री एल. एच. थधानी, प्रधान. न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , भोपाल को दिनांक 22 से 23 मई 2010 तक दो दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 24 से 29 मई 2010 तक, छः दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री एल. एच. थधानी , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , भोपाल, को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित एवं ग्रीष्मकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एल . एच. थधानी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 2016- दो-2-23-09.-डॉ. अनिल पारे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर को दिनांक 12 से 13 अप्रैल 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 10 एवं दिनांक 11 अप्रैल 2010 के एवं पश्चात् में दिनांक 14 अप्रैल 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर डा. अनिल पारे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , श्योपुर को श्योपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि डॉ. अनिल पारे उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 2018- दो- 3-122-2000- श्री एम. ए. सिद्दीकी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डला को दिनांक 17 से 30 मार्च 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके चौदह दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 16 मार्च 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

1346

अवकाश से लौटने पर श्री एम. ए. सिद्दीकी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मण्डला को मण्डला पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एम . ए. सिद्दीकी , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 2020-दो -3-66-2002 .-श्री एस. के. मण्डलोई, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बड़वानी को दिनांक 22 से 27 मार्च 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते छः दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 21 मार्च 2010 के एवं पश्चात में दिनांक 28 मार्च 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री एस. के. मण्डलोई, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बड़वानी को बड़वानी पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस . के . मण्डलोई उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. 2022-दो - 2-73-2000.- श्री सी . व्ही. सिरपुरकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, देवास को दिनांक 19 से 21 अप्रैल 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री सी. व्ही. सिरपुरकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , देवास को देवास पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री सी. व्ही. सिरपुरकर उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. C- 2030- दो -2-129-2006.- श्रीमती आशा भटनागर , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अनूपपुर को दिनांक 10 से 15 मई 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके छः दिन का अर्जित

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 8 एवं 9 मई 2010 के एवं पश्चात् में दिनांक 16 मई 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती आशा भटनागर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अनूपपुर को अनूपपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती आशा भटनागर उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. C- 2032- दो-2-18-ए- 09.- श्री एस. के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बुरहानपुर को दिनांक 14 से 19 मई 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाशं से लौटने पर श्री एस. के जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बुरहानपुर को बुरहानपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस. के. जैन उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 2034-दो- 3-33-06.- श्री राजीव सक्सेना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , रीवा को दिनांक 10 से 22 मई 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 8 एवं 9 मई 2010 के एवं पश्चात् में दिनांक 23 मई 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री राजीव सक्सेना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रीवा को रीवा पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री राजीव सक्सेना उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

भाग 1 ]

क्र. C- 2036-दो- 2-27-2005.- श्री सुशील कुमार गुप्ता, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, धार को दिनांक 19 से 20 अप्रैल 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 18 अप्रैल 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री सुशील कुमार गुप्ता, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, धार को धार पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री सुशील कुमार गुप्ता उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. C- 2038-दो- 3-53-2001 .- श्री एल. एच. थधानी, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, भोपाल को दिनांक 25 मार्च से 13 अप्रैल 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए बीस दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात में दिनांक 14 अप्रैल 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री एल. एच. थधानी , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एल. एच. थधानी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 2040- दो- 6-2006.-श्री एच. यू. अहमद, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , ग्वालियर को दिनांक 21 से 24 अप्रैल 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात में दिनांक 25 अप्रैल 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री एच. यू. अहमद, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

1347

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एच. यू. अमहद उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.

जबलपुर, दिनांक 7 मई 2010

क्र. बी- 2081- तीन-6-2-2010.- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम क्रमांक 2 सन् 1974) की धारा 280 ( 1 ) ( ग ) सहपठित धारा 32 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर निम्नलिखित सारणी के स्तंभ क्रमांक (2 ) में वर्णित न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी , जिनकी पदस्थापना का स्थान स्तंभ क्रमांक ( 3 ) में दर्शित है, को उक्त संहिता की धारा 280 में उल्लेखित सभी अपराधों का संक्षेप्तः विचारण हेतु विशेषतया सशक्त करता है :-

सारणी

न्यायिक दण्डाधिकारी

क्र.

पदस्थापना

राजस्व प्रथम श्रेणी

का स्थान

जिला (2)

(1)

(3)

(4)

धार

कुक्षी

1 श्री अमर सिंह सिसोदिया, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी.

धार

कुक्षी

2 श्री आर. एस. सिंगार, न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी.

नरसिंहगढ़ राजगढ़ 3 श्री विशाल शर्मा, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी.

4

राजगढ़

राजगढ़ श्री प्रसन्न सिंह बहरावत, न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी.

राजगढ़

राजगढ़ 5 श्री मनीष पाटीदार, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी.

1348

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(2)

(3)

(4)

(1)

6

ब्यावरा

राजगढ़

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

श्री कपिल सोनी, न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी.

7

राजगढ़

खिलचीपुर

प्रमाणित किया जाता है कि श्री सत्येन्द्र सिंह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो रजिस्ट्रार ( सतर्कता ) के पद पर कार्यरत रहते .

श्री आलोक दुबे, न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, अभय कुमार, रजिस्ट्रार.

Jabalpur , the 19th May 2010 जबलपुर, दिनांक 10 मई 2010

No.544-CJ- II - 768.- WHEREAS , a departmental enquiry has been initiated against Shri Narendra Kumar Jain, Additional District Judge (FTC) , Indore , for showing act of grave misconduct.

क्र. C- 1632- दो- 3-76-98 .- श्री आर. पी. पाण्डे, रजिस्ट्रार (ई ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 10 से 14 मई 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 8 एवं 9 मई 2910 के एवं पश्चात् में दिनांक 15 एवं 16 मई 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री आर. पी . पाण्डे, रजिस्ट्रार ( ई ) उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

AND , WHEREAS , serious nature of the acts of misconduct warrant his suspension from service , pursuant to power conferred on the High Court as Disciplinary Authority under sub- rule ( 1 ) of Rule 9 of M. P. Civil Services ( Classification , Control and Appeal ) Rules , 1966 and all other powers enabling the High Court to place a Judicial Officer under its control, under suspension , the High Court hereby places Shri Narendra Kumar Jain , Additional District Judge (FTC ) , Indore , under suspension with the headquarters at Jhabua. The High Court further directs that orders for payments of subsistence allowances shall be issued separately at the earliest .

Jabalpur, the 24th May 2010 प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. पी . पाण्डे उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो रजिस्ट्रार ( ई ) के पद पर कार्यरत रहते.

जबलपुर, दिनांक 1 जून 2010

क्र. C- 2127- दो-3-76-2009.- श्री सत्येन्द्र सिंह, रजिस्ट्रार (सतर्कता ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को दिनांक 21 से 23 जून 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 19 एवं 20 जून 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

No.585 - CJ - II - 434 . In the matter of Departmental proceedings against Shri Awadhesh Kumar Mishra , the then Chief Judicial Magistrate , Neemuch ( Suspended with the Head Quarters at Dhar) , in view of the fact of his demise during pendency of disciplinary proceedings , the High Court hereby drops the proceedings pending against him and directed that in view of the provisions contained in Rule 54 - B of the Madhya Pradesh Fundamental Rules , Shri Mishra shall be deemed on duty for all purposes .

अवकाश से लौटने पर श्री सत्येन्द्र सिंह, रजिस्ट्रार ( सतर्कता ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

By order of the High Court , K. D. KHAN , Principal Registrar , Insepection Vigilance .

भाग 1 ]

1349

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

जबलपुर, दिनांक 21 मई 2010

उक्त अवकाश से लौटने पर श्री हरीश कांत दुबे जी को अस्थाई रूप से , विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (लेखा ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश ( सैट ) , जबलपुर के पद पर आगामी आदेश तक, पुनः पदस्थ किया जाता है.

जबलपुर, दिनांक 20 मई 2010 क्र. ए- 1373- तीन- 10-42-75 ( शिवपुरी पोहरी )-शुद्धि-पत्र.- उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर अपनी अधिसूचना क्रमांक सी- 1655- तीन- 10-42-75 ( शिवपुरी पोहरी ) , जबलपुर , दिनांक 11 मई 2010 के हिन्दी संस्करण में निम्न शुद्धिपत्र जारी करता है :-

"जिला एवं सत्र न्यायाधीश, " होशंगाबाद " के स्थान पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , " शिवपुरी " पढ़ा जावे. "

अभय कुमार, रजिस्ट्रार.

क्र. 213 - स्था . सैट- 2010.- श्री नितिन धगट , अनुभाग अधिकारी , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश ( सैट ) , जबलपुर को दिनांक 15 से 26 जून 2010 तक, कुल बारह दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है, साथ ही सार्वजनिक अवकाशों में प्रारंभ एवं अंत में जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश ( सैट ) जबलपुर

(2) अवकाशकाल में श्री धगट को अवकाश वेतन तथा भत्ते उसी प्रकार देय होंगे जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व देय थे .

जबलपुर, दिनांक 14 मई 2010

(3 ) उक्त अवकाश से लौटने पर श्री धगट को अस्थायी रूप से, मध्यप्रदेश , उच्च न्यायलय , जबलपुर में आगामी आदेश तक, पुनः पदस्थ किया जाता है.

क्र. 211 - स्था. सैट-2010.- श्री हरीश कांत दुबे , विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी ( लेखा ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश ( सैट) , जबलपुर को दिनांक 11 से 18 मई 2010 तक, कुल आठ दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है साथ ही पूर्व, पश्चात् में पढ़ने वाले सार्वजनिक अवकाशों का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री धगट, अवकाश पर नहीं जाते तो अनुभाग अधिकारी के पद पर कार्य करते रहते . अतः अवधि दिनांक 15 जून 2010 से 26 जून 2010 तक मूलभूत नियम 26 ( ब ) ( 2 ) के अनुसार वेतनवृद्धि के लिये गिनी जावेंगी.

अवकाश अवधि में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी ( लेखा ) को अवकाश वेतन तथा भत्ते उसी प्रकार देय होंगे जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व देय थे.

रजिस्ट्रार जनरल महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार कम पी. पी. एस..

उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर

जबलपुर, दिनांक 23 मई 2010

क्र. 445-गोपनीय- 2010-दो- 2-1-2010 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 229 के अन्तर्गत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग में करते हुये, माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में उल्लेखित उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी को, निम्नसारणी के स्तम्भ ( 3 ) में अंकित स्थान से स्थानांतरित कर, स्तम्भ ( 4 ) में अंकित स्थान पर एवं स्तम्भ ( 5) में उल्लिखित पद पर, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करते हैं :-

सारणी

कहां से

कहां को

क्रमांक (1)

नाम (2)

(3)

(4)

पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (5) 1

डिण्डौरी

इंदौर

श्री शम्भू दयाल दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश डिण्डौरी.

विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश खण्डपीठ इंदौर की हैसियत से.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

1350

(2)

(1)

2 श्री बी. एस. परमार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालाघाट.

3 श्री राज कुमार पाण्डे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रतलाम .

4 श्री अवधेश कुमार श्रीवास्तव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छतरपुर.

5 श्रीमती गिरिबाला सिंह, चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , ग्वालियर.

(5)

(4)

(3)

ग्वालियर

बालाघाट

जिला जज ( निरीक्षण एवं सतर्कता ) उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश वृत्त ग्वालियर, ग्वालियर की हैसियत से श्री डी. के. पालीवाल के स्थान पर.

रतलाम

जबलपुर

जिला जज ( निरीक्षण एवं सतर्कता ) उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश वृत्त जबलपुर, जबलपुर की हैसियत से रिक्त स्थान पर.

जबलपुर

छतरपुर

प्रिंसिपल रजिस्ट्रार ( I.L.R. & Examination ) उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर की हैसियत से श्री जरत कुमार जैन के स्थान पर.

ग्वालियर

जबलपुर

विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर की हैसियत से.

टिप्पणी . - रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 423 - गोपनीय -2010, दिनांक 10 मई 2010, जहां तक इसका संबंध श्री शम्भू दयाल दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , डिण्डौरी का स्थानांतरण डिण्डौरी से जबलपुर स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है. वे श्री जी. डी. सक्सेना, जिला न्यायाधीश ( निरीक्षण एवं सतर्कता ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, इंदौर के वर्तमान पद से कार्यभार मुक्त होने की स्थिति में, जिला न्यायाधीश ( निरीक्षण एवं सतर्कता ) , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , इंदौर की हैसियत से कार्यभार ग्रहण करेंगे.

माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, टी. के. कौशल, रजिस्ट्रार जनरल .

जबलपुर, दिनांक 23 मई 2010

क्र. 447-गोपनीय- 2010-दो- 2-33-57 ( भाग -10 ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश एतद्वारा , मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल की अधिसूचना क्रमांक 4-1-2002 - इक्कीस - ब ( एक) , दिनांक 4 मार्च 2002 द्वारा गठित कुटुम्ब न्यायालय हेतु उक्त विभाग के आदेश क्रमांक 4-1-2002- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 28 जून 2003 तथा दिनांक 18 अप्रैल 2002 के अंतर्गत स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित पीठासीन अधिकारी कुटुम्ब न्यायालय को उसी हैसियत में स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में वर्णित स्थान से स्थानांतरित कर स्तम्भ क्रमांक ( 4 ) में वर्णित स्थान पर पदस्थ करता है :-

नाम

क्रमांक

(2)

(1)

1 कुमारी प्रतिभा रत्नपारखी, प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्बर न्यायालय, भोपाल.

सारणी

कहां को

कहां से

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (5)

(4)

(3)

भोपाल

भोपाल

प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल की हैसियत से श्री एल . आर. थदानी के स्थान पर दिनांक 31 मई 2010 को रिक्त होने वाले पद पर.

1351 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

2

ग्वालियर

जबलपुर

प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय ग्वालियर की हैसियत से श्री एच. यू. अहमद के स्थान पर.

श्रीमती मीना भट्ट, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , जबलपुर.

क्र. 448 - गोपनीय- 2010- दो- 2-1-2010 ( भाग- ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्नलिखित जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान में स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट सिविल जिले के लिये जिला न्यायाधीश की हैसियत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है. साथ ही दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 की धारा 9 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उन्हें उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सत्र न्यायालय में सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है:-

सारणी

क्रमांक

कहां को

नाम

कहां से

पदस्थापना के जिले का नाम

(1)

(3)

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)

(2)

(4)

(5)

1

इंदौर

श्री कैलाश चन्द्र गर्ग

छतरपुर

छतरपुर

सिविल जिला छतरपुर. जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छतरपुर की हैसियत से श्री अवधेश कुमार श्रीवास्तव के स्थान पर.

2

इंदौर

इंदौर

जबलपुर

सिविल जिला, इंदौर. जिला एवं सत्र न्यायाधीश, इंदौर की हैसियत से श्री के. सी. गर्ग के स्थान पर.

श्री महेन्द्र कुमार मुदगल, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार ( Examination ) उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.

3

ग्वालियर

शिवपुरी

शिवपुरी

सिविल जिला, शिवपुरी . जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शिवपुरी की हैसियत से श्री आर. पी. वर्मा के स्थान पर .

श्री हिलाल उद्दीन अहमद, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, ग्वालियर.

4

जबलपुर

जबलपुर

जबलपुर

सिविल जिला , जबलपुर. जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जबलपुर की हैसियत से रिक्त स्थान पर.

श्री जरत कुमार जैन, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार ( ILR & Examination ) उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.

5

रतलाम

श्री रामप्रकाश वर्मा

रतलाम

शिवपुरी

सिविल जिला, रतलाम. जिला एवं सत्र न्यायाधीश , रतलाम की हैसियत से श्री राज कुमार पाण्डे के स्थान पर.

6

रायसेन

रायसेन

शहडोल

श्री सुरेन्द्र सिंह सिसौदिया

सिविल जिला, रायसेन. जिला एवं सत्र न्यायाधीश , रायसेन की हैसियत से श्री ओ. पी. दुबे ( जूनियर ) के स्थान पर.

1352

(2)

(1)

(3) 7

भोपाल श्री आलोक वर्मा, आयुक्त, विभागीय जांच सामान्य प्रशासन विभाग, भोपाल के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.

8 श्री उल्हास बापट

झाबुआ 9

सतना श्री रमाकांत दुबे

10

नीमच श्री राजेन्द्र कुमार महाजन (जूनियर)

11

रायसेन श्री ओम प्रकाश दुबे ( जूनियर )

12

भोपाल श्री महेश प्रसाद अवस्थी, रजिस्ट्रार, मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता, विवाद एवं प्रतितोषण आयोग, भोपाल में पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.

13

भोपाल श्री अनुराग कुमार श्रीवास्तव

14

ग्वालियर श्री राजीव शर्मा, अध्यक्ष , जिला उपभोक्ता फोरम, ग्वालियर के पद से प्रतिनियुक्ति सेलौटने पर.

15

देवास श्री जसवन्त सिंह क्षत्रिय

16 श्री राजीव कुमार दुबे

छतरपुर 17

ग्वालियर श्री धर्मध्वज कुमार पालीवाल

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(4)

(5)

(6)

सतना

सतना

सिविल जिला, सतना. जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सतना की हैसियत से श्री रमाकांत दुबे के स्थान पर.

सिवनी

सिवनी

सिविल जिला, सिवनी . जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिवनी की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

दमोह

दमोह

सिविल जिला, दमोह . जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दमोह की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

कटनी

कटनी

सिविल जिला, कटनी . जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कटनी की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

शहडोल शहडोल

सिविल जिला , शहडोल. जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शहडोल की हैसियत से श्री एस. एस. सिसौदिया के स्थान पर.

नीमच

नीमच

सिविल जिला, नीमच . जिला एवं सत्र न्यायाधीश , नीमच की हैसियत से श्री राजेन्द्र कुमार महाजन ( जूनियर ) के स्थान पर.

बालाघाट

बालाघाट

सिविल जिला, बालाघाट. जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालाघाट की हैसियत से श्री बी. एस. परमार के स्थान पर.

दतिया

दतिया

सिविल जिला, दतिया. जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दतिया की हैसियत से श्री आर. के. जैन के स्थान पर, डिण्डौरी

डिण्डौरी

सिविल जिला , डिण्डौरी. जिला एवं सत्र न्यायाधीश, डिण्डौरी की हैसियत से श्री एस. डी. दुबे के स्थान पर.

झाबुआ

झाबुआ

सिविल जिला, झाबुआ. जिला एवं सत्र न्यायाधीश , झाबुआ की हैसियत से श्री उल्हास बापट के स्थान पर .

ग्वालियर

ग्वालियर

सिविल जिला, ग्वालियर. जिला एवं सत्र न्यायाधीश , ग्वालियर की हैसियत से श्री ए. के. मिश्रा के स्थान पर.

1353 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

क्र. 449 -गोपनीय- 2010- दो- 2-1-2010 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अधीन एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारियों को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानान्तरित कर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तत्संबंधी स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायाधीश की हैसियत से तथा मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग की अधिसूचना क्रमांक फा. 1-2-90- इक्कीस ब ( एक ) , दिनांक 26 अक्टूबर 1995, अधिसूचना क्रमांक फा . 1-2-90- इक्कीस ब ( एक ) , दिनांक 19 फरवरी 1997 एवं क्र. 1-2-90- इक्कीस-अ ( एक ) , दिनांक 7 मई 1999 तथा क्रमांक फा. 1-2-90- इक्कीस- ब ( एक) , दिनांक 4 मई 2007 द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम , 1989 ( 1989 की संख्या 33 ) की धारा 14 के अधीन विनिर्दिष्ट सारणी के तत्संबंधी स्तम्भ ( 7 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के रूप में पदस्थ एवं नियुक्त करता है.

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( 1974 की संख्या 2 ) की धारा 9 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश उच्च न्यायिक सेवा के निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में निर्दिष्ट अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए अपर सत्र न्यायाधीश नियुक्त करता है :-

सारणी

कहां को

नाम

कहां से

क्रमांक

न्यायालय के संदर्भ में टिप्पणी

सत्र खण्ड का नाम

विशेष न्यायालय का नाम (7)

(5)

(6)

(2)

(3)

(1)

(4)

देवास

देवास

1

देवास

श्री अरविंद कुमार दुबे

बैतूल

पीठासीन अधिकारी विशेष न्यायालय की हैसियत से श्री जे. एस. क्षत्रिय के स्थान पर .

धार 2

धार

धार

श्री शिव नारायण खरे

जबलपुर

पीठासीन अधिकारी विशेष न्यायालय की हैसियत से श्री सुनील कुमार अवस्थीके स्थान पर.

रतलाम

रतलाम

रतलाम

3

जबलपुर

श्री बृज किशोर श्रीवास्तव

पीठासीन अधिकारी विशेष न्यायालय कीहैसियत से श्री पी . एस. पाटीदार के स्थान पर.

होशंगाबाद 4

भोपाल

होशंगाबाद

होशंगाबाद

श्री ज्योतेन्द्र कुमार वैद्य

पीठासीन अधिकारी विशेष न्यायालय की हैसियत से रिक्त स्थान पर.

छतरपुर 5

सीहोर

छतरपुर

छतरपुर

श्री राजेश गुप्ता

पीठासीन अधिकारी विशेष न्यायालय की हैसियत से श्री राजीव कुमार दुबे के स्थान पर.

शहडोल

शहडोल शहडोल

6

रतलाम

श्री प्रहलाद सिंह पाटीदार

पीठासीन अधिकारी विशेष न्यायालय की हैसियत से श्री वीरेन्द्र सिंह के स्थान पर.

1354

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

[ भाग 1 क्र. 450-गोपनीय- 2010-दो- 2-1-2010 ( भाग- बी) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्च न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारियों ( अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ) को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर, उक्त न्यायिक अधिकारियों के समक्ष स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से , उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.

दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , उच्च न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारी को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है :-

क्रमांक

नाम

कहां से (1)

(2)

(3) 1

नीमच श्री अनुपम श्रीवास्तव

2 श्री राकेश कुमार सिंह ( सीनियर ) जबलपुर 3

ग्वालियर श्रीमती सुनीता यादव

ग्वालियर 4 कुमारी मीना सिंह

5 कुमारी शोभा पोरवाल

शाजापुर

मण्डला 6 श्री राजीव कुमार श्रीवास्तव (जूनियर)

7 श्री प्रकाश चन्द्र गुप्ता ( सीनियर ) जबलपुर 8 श्री इन्द्रपाल सिंह सोलंकी

सोहागपुर

खण्डवा 9 श्री संजय शुक्ला

सारणी

कहां को

(4)

सत्र खण्ड का नाम (5)

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)

इंदौर

इंदौर

चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री राजीव कृष्ण जोशी के स्थान पर.

इंदौर

इंदौर

ग्यारहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

मुरैना

मुरैना

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

दतिया

दतिया

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री रमेश कुमार सोनी के स्थान पर .

ग्वालियर ग्वालियर

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्रीमती सुनीता यादव के स्थान पर .

इंदौर

इंदौर

अष्टम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्त के स्थान पर .

उमरिया उमरिया

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .

जबलपुर जबलपुर

ग्यारहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री शिव नारायण खरे के स्थान पर.

सतना

सतना

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री श्यामाचरण उपाध्याय के स्थान पर.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2)

(3) 10 श्री रमेश कुमार सोनी

दतिया 11 श्रीमती अनुराधा शुक्ला

खण्डवा 12 श्री श्यामाचरण उपाध्याय

सतना 13

धार श्री विनोद कुमार द्विवेदी

14 श्री रुचिर शर्मा

मुंगावली 15

सिवनी श्री उमेश कुमार गुप्ता

डबरा 16 श्री अशोक कुमार गोयनार

17 श्री मुंशी सिंह चन्द्रावत

कुक्षी जबलपुर

18

इंदौर

श्री सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ( सीनियर ) गाडरवाड़ा 19 श्री सभापति यादव

मुलताई खुरई

20 श्री उपेन्द्र कुमार सिंह

ग्वालियर टीकमगढ़

21 श्री महेश चन्द्र सोनी

दमोह

जबलपुर 22 श्री श्याम बिहारी वर्मा

मऊगंज

जबलपुर

1355

(4)

(5)

(6)

शाजापुर शाजापुर

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से कुमारी शोभा पोरवाल के स्थान पर.

सतना

सतना

सप्तम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .

मुलताई बैतूल

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री सभापति यादव के स्थान पर .

भोपाल

भोपाल

पंचम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री आर. के. भावे के स्थान पर.

ग्वालियर ग्वालियर

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री उपेन्द्र कुमार सिंह के स्थान पर.

रायसेन

रायसेन

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कीहैसियत से श्री सावन सिंह डावर के स्थान पर.

धार

धार

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री बिनोद कुमार द्विवेदी के स्थान पर.

जबलपुर

अष्टम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री प्रकाश चन्द्र गुप्ता (सीनियर ) के स्थान पर.

इंदौर

नवम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री यशवंत सिंह परमार के स्थान पर.

सागर

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

टीकमगढ़

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

दमोह

तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

जबलपुर

चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री एम . सी. सोनी के स्थान पर.

1356

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(2)

(1)

(3) 23 श्री राजीव कुमार सिंह

जबलपुर 24 श्रीमती आशिता श्रीवास्तव

उज्जैन 25

शहडोल श्री दीपेश कुमार तिवारी

26

इंदौर श्री सुनील कुमार श्रीवास्तव

27

इंदौर श्री राजीव कृष्ण जोशी

28

इंदौर श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्त

29 श्री यशवंत सिंह परमार

इंदौर 30

इंदौर श्री पद्म चन्द्र गुप्ता

31

देवास श्री देव नारायण मिश्रा

32 श्री रामानन्द चंद

सेवढ़ा 33

भोपाल श्री अरुण कुमार शर्मा

34

भोपाल श्री राजकुमार भावे

35 श्री सावन सिंह डावर

रायसेन

(6)

(4)

(5)

रीवा

रीवा

सप्तम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

'खण्डवा

खण्डवा

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री संजय शुक्ला के स्थान पर.

उज्जैन

उज्जैन

दशम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्रीमती आशिता श्रीवास्तव के स्थान पर.

मंदसौर

मंदसौर

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

जोबट अलीराजपुर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जोबट के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, स्थान जोबट, जिला अलीराजपुर की हैसियत से.

जावरा

रतलाम

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .

सिरौंज

विदिशा

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री पी. के. अग्रवाल के स्थान पर .

सीधी

वैढ़न

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , वैढ़न के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.

इंदौर

इंदौर

तेरहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .

सागर

सागर

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

टीकमगढ़ टीकमगढ़

चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

नरसिंहपुर

गाडरवाड़ा

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव के स्थान पर.

भोपाल

भोपाल

अष्टम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री अरुण कुमार शर्मा के स्थान पर.

भाग 1 ]

1357

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6) 36

रीवा

श्री उपेन्द्र कुमार सोनकर

जबलपुर

जबलपुर

सप्तम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री राजीव कुमार सिंह के स्थान पर.

37

दतिया

दतिया

श्री जीतेन्द्र कुमार शर्मा

छतरपुर

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दतिया के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से .

38 श्री ओंकार नाथ

देवास

इंदौर

महू

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .

39

शिवपुरी

श्री पवन कुमार शर्मा

छतरपुर

छतरपुर

चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री जीतेन्द्र कुमार शर्मा के स्थान पर..

40

सिरौंज

ग्वालियर

ग्वालियर

श्री प्रनोद कुमार अग्रवाल

सप्तम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

41

ग्वालियर

नई दिल्ली ग्वालियर

सप्तम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

श्री अनिल कुमार गुप्ता, अतिरिक्त सचिव , मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , नई दिल्ली के पद से प्रतिनियुक्ति सेलौटने पर.

42

ग्वालियर

दमोह

ग्वालियर

श्री ललित किशोर (प्रशिक्षु अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश) .

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, ग्वालियर के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.

क्र. 451 -गोपनीय--2010-दो- 2-1-2010 ( भाग- बी) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी ) को सारणी के स्तम्भ (3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ (4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट स्थान पर अपर जिला न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी ) की हैसियत से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, के निम्न अधिकारी को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिये, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है :-

सारणी

नाम

क्रमांक

कहां से

सत्र खण्ड

कहां को

का नाम

(1)

( 2)

(3)

(4)

(5)

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)

1

श्री गोपाल सिंह नेताम उमरिया

सतना

मैहर

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट ) की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

1358

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2)

(3) 2 श्री संजीव श्रीवास्तव

उज्जैन 3

इंदौर श्री पूरन चन्द्र गुप्ता

4 श्री मधुसूदन मिश्रा

सबलगढ़ 5 श्री राजेन्द्र कुमार गोंदले खुरई 6 श्रीमती अलका दुबे

बैतूल 7 श्री राजीव कुमार कर्महे जबलपुर 8

टीकमगढ़ कुमारी अनीता बाजपेयी

(4)

(5)

(6)

खण्डवा

खण्डवा

चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट ) खण्डवा के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.

धार

कुक्षी

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट ) की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

ग्वालियर

ग्वालियर

ग्यारहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट ) की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

दतिया

सेवढ़ा

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट ) दतिया के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश स्थान सेवढ़ा जिला दतिया की हैसियत से.

देवास

देवास

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट ) कन्नौद के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, स्थान देवास की हैसियत से.

भोपाल

भोपाल

दसवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट ) भोपाल के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.

इंदौर

इंदौर

चौदहवीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट ) की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

क्र. 453 -गोपनीय- 2010- दो- 3-1-2010 ( भाग- ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 तथा न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी को उसी हैसियत में स्थानान्तरित कर , उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है :-

नाम

कहां से क्रमांक

(3)

(2)

(1)

1 श्री अमित रंजन समाधिया चाचौड़ा सारणी

कहां को

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी

पदस्थापना के जिले का नाम

(4)

(6)

(5)

छिन्दवाड़ा

अमरवाड़ा

व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , अमरवाड़ा के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.

भाग 1 ]

1359

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

(2)

(1)

(3) 2

हातोद.

श्री राज कुमार यादव

(6)

(5)

(4)

सीधी

चुरहट

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

जबलपुर, दिनांक 24 मई 2010

क्र. 456 - गोपनीय- 2010-दों- 2-1-2010 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्नलिखित जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान में स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट सिविल जिले के लिये जिला न्यायाधीश की हैसियत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है . साथ ही दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 9 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उन्हें उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सत्र न्यायालय में सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है: -

क्रमांक

नाम

कहां से (1)

(2)

(3) 1

इंदौर श्री गिरीराज दास सक्सेना, जिला जज ( निरीक्षण एवं सतर्कता ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , वृत्त इंदौर, इंदौर.

दतिया 2 श्री ऋषभ कुमार जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , दतिया.

सारणी

कहां को

(4).

पदस्थापना के जिले का नाम (5)

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)

धार

धार

सिविल जिला, धार. जिला एवं सत्र न्यायाधीश , धार की हैसियत से श्री सुशील कुमार गुप्ता के स्थान पर.

अनूपपुर

अनूपपुर

सिविल जिला, अनूपपुर. जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अनूपपुर की हैसियत से श्रीमती आशा भटनागर के स्थान पर.

क्र. 461 - गोपनीय - 2010-दो- 2-1-2010 ( भाग- बी ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, एतद्वारा , निम्नलिखित वरिष्ठ व्यवहार न्यायाधीशों को जिन्हें विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश फा. क्रमांक 3 ( ए )4- 2010- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 24 मई 2010 द्वारा तदर्थ रूप से आगामी आदेश होने तक फास्ट ट्रैक न्यायालयों में जिला न्यायाधीश के पद पर , स्थानापन्न रूप से कार्य करने के लिए, उनके द्वारा जिला न्यायाधीश के पद का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त किया गया है , को तदर्थ रूप से अस्थायी तौर पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी के रूप में ( अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ) पदस्थ करता है तथा सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित अधिकारियों को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ (4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर उक्त न्यायिक अधिकारी के समक्ष स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी ) की हैसियत से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है . यह नियुक्ति पूर्ण रूप से तदर्थ है एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारियों के पद उपलब्ध होने तक ही प्रभावशील रहेगी.

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्न अधिकारी को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के 1360

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है : -

सारणी

क्रमांक

नाम

कहां से कहां को

(1)

(2)

(3)

(4)

सत्र खण्ड का नाम (5)

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6) 1

राजगढ़

राजगढ़

राजगढ़

डॉ. रमेश साहू

पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी फास्ट ट्रैक कोर्ट में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

2

देवरी

सागर

सागर

श्री जयप्रकाश सिंह

पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट में सप्तम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सागर के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.

3 श्री विजय चन्द्र

विदिशा

विदिशा

विदिशा

पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बासौदा के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश स्थान विदिशा की हैसियत से .

4

दमोह

दमोह

श्री श्रीपाल यादव

दमोह

पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट में चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , दमोह के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश कीहैसियत से.

5

देवास

अशोकनगर

मुंगावली

श्री दिलीप कुमार मित्तल

पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

6 श्री शिवकांत पाण्डेय

नरसिंहपुर नरसिंहपुर नरसिंहपुर पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट में तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .

7

सागर

सागर

श्री सुदीप कुमार श्रीवास्तव ( सीनियर )

खुरई

पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , खुरई के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश कीहैसियत से.

भाग 1 ]

1361

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 जून 2010

(2)

(3)

(4) (1)

भोपाल

भोपाल 8 श्री मोहन पी. तिवारी

मंदसौर 9

बड़वानी श्री विवेक कुमार श्रीवास्तव

10 श्री हरीश कुमार कौशिक

श्योपुर श्योपुर

भोपाल

भोपाल 11 श्री अनिल कुमार सिंह

छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा

12 श्री संजय कुमार द्विवेदी

पन्ना

पन्ना 13 श्री विवेक कुमार गुप्ता

14

सिवनी सिवनी श्री किसना अतुलकर

कटनी

कटनी 15 श्री प्रकाश चन्द्र

(6)

(5)

भोपाल

पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट में दसवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भोपाल के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.

मंदसौर

पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट में षष्ठम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मंदसौर के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.

श्योपुर

पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश कीहैसियत से.

भोपाल

पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट में दशम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , भोपाल के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.

छिन्दवाड़ा

पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट में पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छिन्दवाड़ा के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.

पन्ना

पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

सिवनी

पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट में तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

कटनी

पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .

1362

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

(2)

(1)

(3) 16 श्री प्रकाश चन्द्र आर्य

अशोकनगर 17

उज्जैन श्री रवीन्द्र कुमार भद्रसेन

[भाग 1 (4)

(5)

(6)

अशोकनगर अशोकनगर

पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट में चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

मुरैना

सबलगढ़

पदोन्नति पर अस्थायी तौर पर पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री मधुसूदन मिश्रा के स्थान पर .

क्र. 463 -गोपनीय- 2010- दो- 3-1-2010 ( भाग- ए ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग 1 तथा मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी / अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है .

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 12 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश को उनके नाम के समक्ष स्तम्भ ( 5 ) में अंकित जिले में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है : - क्रमांक

नाम

कहां से (1)

(2)

(3) 1 श्रीमती उषा गेडाम

बड़वाहा 2 श्रीमती ज्योति विनोदिया वर्मा

बैरसिया 3 श्री राम प्रसाद सोनकर

भोपाल 4 श्रीमती फिलिपा संजोय पीटर

अमरवाड़ा सारणी

कहां को

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ

में टिप्पणी (4)

पदस्थापना के जिले का नाम (5)

(6)

बड़वानी

बड़वानी

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री विवेक कुमार श्रीवास्तव के स्थान पर.

अशोकनगर अशोकनगर

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री प्रकाश चन्द्र आर्य के स्थान पर.

सतना

सतना

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री राम गोपाल सिंह के स्थान पर.

छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी का हैसियत से श्री संजय कुमार द्विवेदी के स्थान पर.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2)

(3)

(4)

5 श्री सुभाष सोलंकी

खरगोन 6 श्रीमती गीता सोलंकी

खरगोन 7 श्री नारायण सिंह मीना

भोपाल 8

सनावद श्रीमती कृष्णा परस्ते

9 श्री प्रियदर्शन शर्मा

सोनकच्छ 10 श्रीमती विधि सक्सेना

आष्टा

देवास

ग्वालियर

सागर

11 श्री सुनील कुमार जैन (जूनियर )

इन्दौर खरगोन

12 श्री अशोक कुमार शर्मा ( जूनियर -1 )

13 श्री संजीव जैन

इन्दौर श्योपुर

1363 (5)

(6)

इन्दौर

इन्दौर

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री अशोक कुमार शर्मा (जूनियर -1 ) के स्थान पर.

इन्दौर

इन्दौर

चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

दमोह

दमोह

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री श्रीपाल यादव के स्थान पर.

सिवनी

सिवनी

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री किसना अतुलकर के स्थान पर .

नरसिंहपुर नरसिंहपुर प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री शिवकांत पाण्डे के स्थान पर.

देवास

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री दिलीप कुमार मित्तल के स्थान पर .

सागर

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री सुदीप कुमार श्रीवास्तव (सीनियर) के स्थान पर.

मण्डलेश्वर

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री सुभाष सोलंकी के स्थान पर .

श्योपुर

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री हरीश कुमार कौशिक के स्थान पर.

1364

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

(2)

(3) (1)

14

वारासिवनी श्री अनवर अहमद अंसारी

15 श्री राम गोपाल सिंह

सतना (4)

(6)

(5)

कटनी

कटनी

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री प्रकाश चन्द्र के स्थान पर.

भोपाल भोपाल

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री मोहन पी. तिवारी के स्थान पर .

क्र. 464- गोपनीय- 2010-दो- 3-1-2010 ( भाग- ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग 1 एवं न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी को स्थानांतरित कर उनके नामों के समक्ष स्तम्भ क्रमांक (4 ) में अंकित स्थान एवं स्तम्भ क्रमांक ( 6 ) में अंकित पद पर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से वेतनमान रुपये 14,200-350-15,950-400-18,350/- में उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974) की धारा 12 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 को उनके नामों के समक्ष स्तम्भ ( 5 ) में अंकित जिले में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है :-

नाम

कहां से क्रमांक

(1)

(2)

(3)

विदिशा 1 श्रीमती तृप्ति शर्मा

2 श्री देवेन्द्र पाल सिंह गौर

कोलारस 3 श्री शमरोज खान

बेगमगंज 4 श्री ओमप्रकाश सिंह रघुवंशी ( सीनियर ) खाचरौद 5

कन्नौद श्री सुधीर सिंह चौहान

सारणी

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ कहां को

में टिप्पणी (4)

पदस्थापना के जिले का नाम (5)

(6)

विदिशा विदिशा

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री विजय चन्द्रा के स्थान पर.

पन्ना

पन्ना

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री विवेक कुमार गुप्ता के स्थान पर.

राजगढ़ राजगढ़ ( ब्यावरा ) प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से डॉ. रमेश साहू के स्थान पर.

उज्जैन

उज्जैन

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री रवीन्द्र कुमार भद्रसेन के स्थान पर.

देवास

कन्नौद

व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी कीहैसियत से.

भाग 1 ]

1365

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 जून 2010

(1)

(2)

(3)

(4) 6 श्री धीरेन्द्र सिंह

धरमपुरी 7

सौंसर कुमारी नीता गुप्ता

8

अंजड़ श्री महेश कुमार सैनी

अंजड़

9 श्री मनोज कुमार तिवारी (सीनियर ) भोपाल 10 श्री अंजनी नंदन जोशी

तराना

तराना

11 श्री देवनारायण पाटिल

सांवेर

सांवेर

12

ग्वालियर

श्री रामब्रेश ( यादव)

ग्वालियर 13

सतना

सतना

श्री कमर इकबाल खान

(5)

(6)

धार

धरमपुरी

व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से.

सौंसर छिन्दवाड़ा व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , सौंसर के न्यायालय की द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से .

बड़वानी

व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से.

भोपाल

भोपाल

दसवें व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से.

उज्जैन

व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से .

इन्दौर

व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से .

ग्वालियर

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , ग्वालियर के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से.

सतना

पंचम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से.

क्र.465-गोपनीय-2010-दो-3-1-2010 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 तथा दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 12 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, एतद्वारा निम्न न्यायिक सेवा में व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 तथा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी के पदधारक वर्तमान में न्यायाधिकारी , ग्राम न्यायालय के पद पर पदस्थ निम्नलिखित अधिकारियों को उनके वर्तमान पद पर रहते हुए, उच्च न्यायालय आदेश क्रमांक 464- गोपनीय- 2010--दो--3-1-2010 ( भाग-ए) जबलपुर , दिनांक 24 मई 2010 के अनुक्रम में मुख्य न्यायिक दण्डधिकारी/ अतिक्ति मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से वेतनमान रुपये 14,200-350-15,950-400-18,350/- में उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.

1. श्री संजय कुमार पाण्डे

2. कुमारी प्रतिभा सातवने

3. श्री अखिलेश कुमार मिश्रा

4. श्री अविनाश चन्द्र तिवारी

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार , टी. के . कौशल , रजिस्ट्रार जनरल.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 11 June 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2010-06-11.24.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2010-06-11.24.Ordinary.