ध्य प्र द श शासन
मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल डाक परिमंडल, के पत्र क्रमांक 22/153, दिनांक 10-1-06 द्वारा पूर्व भुगतान योजनान्तर्गत डाक व्यय की पूर्व अदायगी डाक द्वारा भेजे जाने के लिए अनुमत.
पंजी. क्रमांक भोपाल डिवीजन म. प्र. - 108- भोपाल-09-11 .
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 25]
विषय -सूची.
1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, भाग
(3) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, (7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.
भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 18 जून 2010-ज्येष्ठ 28 , शक 1932
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.
भाग 4.- ( क ) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख ) ( 1 ) अध्यादेश, (2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 10 जून 2010
क्र. ई. 5-475 - आयएएस- लीव- 5- एक.- ( 1 ) श्री रजनीश वैश , आयएएस , विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी - सह - सदस्य, ( पुनर्वास ) नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, भोपाल को दिनांक 14 से 26 जून 2010 तक तेरह दिन की अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. इस अवकाश के साथ दिनांक 12 , 13 एवं दिनांक 27 जून 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाये.
( 2 ) श्री रजनीश वैश की अवकाश अवधि में श्री राधेश्याम जुलानिया, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी - सह- सदस्य ( पुनर्वास ) नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण , भोपाल का प्रभार सौंपा जाता है.
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(3) अवकाश से लौटने पर श्री रजनीश वैश को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी - सह- सदस्य ( पुनर्वास ) नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4 ) श्री रजनीश वैश द्वारा विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी- सह- सदस्य, ( पुनर्वास ) नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री राधेश्याम जुलानिया, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी - सह- सदस्य ( पुनर्वास ) नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, भोपाल के प्रभार से मुक्त होंगे.
(5) अवकाश काल में श्री रजनीश वैश को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था. (6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री रजनीश वैश अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनिवैश्य, मुख्य सचिव..
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2010 1368
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
[भाग 1 आवास एवं पर्यावरण विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
(4) श्री मनमीतं सिंह नारंग , भापुसे , द्वारा उप पुलिस महानिरीक्षक, छिन्दवाड़ा रेंज, छिन्दवाड़ा का कार्यभार ग्रहण करने के परिणामस्वरूप श्री आशीष, भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, छिन्दवाड़ा रेंज , छिन्दवाड़ा के कार्यभार से मुक्त होंगे .
भोपाल, दिनांक 28 मई 2010
(5) अवकाशकाल में श्री मनमीत सिंह नारंग , भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मनमीत सिंह नारंग, भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. एफ- 13-6-2010- बत्तीस-1.- मध्यप्रदेश गृह निर्माण मण्डल अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 3 सन् 1972 ) की धारा 4. द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये, राज्य शासन , एतद्वारा , डॉ. नरोत्तम मिश्रा, माननीय मंत्री, आवास एवं पर्यावरण ( पर्यावरण को छोड़कर ) , संसदीय कार्य एवं विधि एवं विधायी कार्य विभाग को उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी आदेश तक अध्यक्ष, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मण्डल के पद पर नियुक्त करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल, उपसचिव.
क्र. एफ-1 (ए) -150-90- ब- 2- दो . श्री संजय व्ही. माने, भापुसे, महानिरीक्षक जेल , मध्यप्रदेश, भोपाल, को दिनांक 17 मई से 11 जून 2010 तक कुल छब्बीस दिवस का अर्जित अवकाश तथा दिनांक 12 एवं 13 जून 2010 के विज्ञप्त अवकाश जोड़ते हुए स्वीकृत किया जाता है .
गृह विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 2 जून 2010
(2 ) श्री संजय व्ही माने की अवकाश अवधि में उनके दायित्वों का निर्वहन किसी अन्य अधिकारी द्वारा किये जाने की वैकल्पिक व्यवस्था महानिदेशक, जेल, मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा की जायेगी .
(3) अवकाश से लौटने पर श्री संजय व्ही. माने , भापुसे , को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक, स्थानापन्न महानिरीक्षक. जेल, मध्यप्रदेश , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
क्र. एफ-1 ( ए) 94-2001- ब-2- दो. श्री एल. एल . अहिरवार, भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक होमगार्ड, मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 27 फरवरी 2010 से दिनांक 8 मार्च 2010 तक, दस दिन का लघुकृत अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
(2) अवकाशकाल में श्री अहिरवार को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) श्री संजय व्ही. माने , भापुसे , द्वारा महानिरीक्षक, जेल, मध्यप्रदेश , भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने के परिणामस्वरूप अवकाशकाल में उनके दायित्वों का निर्वहन करने वाले अधिकारी उक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एल. एल . अहिरवार, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
भोपाल , दिनांक 3 जून 2010 .
(5 ) अवकाशकाल में श्री संजय व्ही . माने , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री संजय व्ही . माने, भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे .
क्र. एफ -1 ( ए) -149-95- ब- 2-दो. श्री मनमीत सिंह नारंग , भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, छिन्दवाड़ा रेंज, छिन्दवाड़ा को दिनांक 20 मई 2010 से दिनांक 29 मई 2010 तक, दस दिन का अर्जित अवकाश तथा दिनांक 30 मई 2010 के विज्ञप्त अवकाश जोड़ते हुए स्वीकृत किया जाता है .
क्र. एफ -1 (ए) -162-94-ब-2- दो. श्री आदर्श कटियार, भापुसे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, भोपाल को दिनांक 17 से 22 मई 2010 तक कुल छः दिवस का अर्जित अवकाश तथा दिनांक 15 एवं 16 मई 2010 के विज्ञप्त अवकाश जोड़ते हुए स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) श्री मनमीत सिंह नारंग , भापुसे, की अवकाश अवधि में उनके दायित्वों का निर्वहन श्री आशीष , भापुसे, पुलिस अधीक्षक, छिन्दवाड़ा द्वारा अपने कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.
(3) अवकाश से लौटने पर श्री मनमीत सिंह नारंग , भापुसे, को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उप पुलिस महानिरीक्षक, छिन्दवाड़ा रेंज, छिन्दवाड़ा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
( 2 ) श्री आदर्श कटियार, भापुसे , की अवकाश अवधि में उनके दायित्वों का निर्वहन श्री योगेश चौधरी , भापुसे, पुलिस अधीक्षक, भोपाल द्वारा अपने कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा .
1369 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जून 2010
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री आदर्श कटियार, भापुसे, को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक, स्थानापन्न वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(2 ) श्री विजय यादव, भापुसे , की अवकाश अवधि में उनके दायित्वों का निर्वहन श्री के. टी. वाईफे , भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, विसबल, ( अभियान/प्रशिक्षण ) पु. मु. , भोपाल द्वारा अपने कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.
(3) अवकाश से लौटने पर श्री विजय यादव, भापुसे, को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, विसबल, पु. मु. , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4 ) श्री आदर्श कटियार, भापुसे , द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने के परिणामस्वरूप श्री योगेश चौधरी, भापुसे, पुलिस अधीक्षक, भोपाल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, भोपाल के कार्यभार से मुक्त होंगे .
(5) अवकाशकाल में श्री आदर्श कटियार, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्वमिलता था.
(4) श्री विजय यादव, भापुसे, द्वारा पुलिस महानिरीक्षक, विसबल , पु. मु. , भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने के परिणामस्वरूप श्री के. टी. वाईफे, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल, पु..मु. , भोपाल के कार्यभार से मुक्त होंगे .
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आदर्श कटियार, भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते है तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे . (5) अवकाशकाल में श्री विजय यादव, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री विजय यादव , भापुसे , अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे .
क्र. एफ-1 ( ए) -165-89- ब-2-दो. श्री यू. सी. षडंगी , भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, ( प्रशासन) , पु. मु. , भोपाल को दिनांक 31 मई से 5 जून 2010 तक कुल छः दिवस का अर्जित अवकाश तथा दिनांक 30 मई एवं 6 जून 2010 के विज्ञप्त अवकाश जोड़ते हुए स्वीकृत किया जाता है.
क्र. एफ-1 (ए) -199-91-ब- 2-दो. श्रीमती सुषमा सिंह, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, ( पूर्व ) विपुस्था, लोकायुक्त कार्यालय , भोपाल को दिनांक 24 मई से 5 जून 2010 तक कुल तेरह दिवस का अर्जित अवकाश तथा दिनांक 23 मई 2010 एवं 6 जून 2010 के विज्ञप्त अवकाश जोड़ते हुए स्वीकृत किया जाता है.
( 2 ) श्री यू. सी. षडंगी , भापुसे , की अवकाश अवधि में उनके दायित्वों का निर्वहन श्री योगेश मुदगल , भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक ( प्रशासन) पु. मु. , भोपाल द्वारा अपने कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री यू. सी. षडंगी , भापुसे , को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) , पु. मु. , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(2) श्रीमती सुषमा सिंह, भापुसे , की अवकाश अवधि में उनके दायित्वों का निर्वहन की वैकल्पिक व्यवस्था लोकायुक्त, मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा किसी अन्य अधिकारी से कराई जायेगी.
(4) श्री यू. सी. षडंगी, भापुसे , द्वारा पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन ) , पु. मु. , भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने के परिणामस्वरूप श्री योगेश मुदगल, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक ( प्रशासन ) , पु. मु. , भोपाल के कार्यभार से मुक्त होंगे .
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती सुषमा सिंह, भापुसे, को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, (पूर्व ) विपुस्था, लोकायुक्त कार्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(5 ) अवकाशकाल में श्री यू. सी. षडंगी, भापुसे, को अवकाश ोतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) श्रीमती सुषमा सिंह, भापुसे, द्वारा पुलिस महानिरीक्षक, ( पूर्व ) विपुस्था, लोकायुक्त कार्यालय, भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने के परिणामस्वरूप उक्त पद का वैकल्पिक रूप से कार्य संपादित करने वाले अधिकारी उक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(( पमाणित किया जाता है कि यदि श्री यू. सी. षडंगी , भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे .
(5) अवकाशकाल में श्रीमती सुषमा सिंह , भापुसे , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
क्र. एफ-1 (ए) -391-88- ब-2-दो. श्री विजय यादव, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, विसबल , पु. मु. , भोपाल को दिनांक 26 अप्रैल 2010 से 12 मई 2010 तक, कुल पन्द्रह दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
1370
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
(6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती सुषमा सिंह , भापुसे, अवकाश पर नहीं जातीं है तो अपने पद पर कार्य करतीं रहेंगी.
भोपाल, दिनांक 4 जून 2010
क्र. एफ-1 ( ए) 1-96- ब-2- दो. श्री एस . के. नायक, भापुसे , निदेशक ( दूरसंचार ) रेडियो ट्रेनिंग स्कूल, इन्दौर को दिनांक 4 से 9 मार्च 2010 तक कुल छः दिन का लघुकृत अवकाश तथा दिनांक 10 से 17 मार्च 2010 तक कुल आठ दिवस का अर्जित अवकाश स्वयं की अस्वस्थता के कारण स्वीकृत किया जाता है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री एस. के. नायक, भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक , स्थानापन्न निदेशक ( दूरसंचार ) रेडियो ट्रेनिंग स्कूल , इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3) अवकाशकाल में श्री एस. के. नायक, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व, मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एस . के. नायक, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. एफ-1 (ए) -85-99- ब-2-दो. श्री वेद प्रकाश शर्मा, भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, रतलाम रेंज , रतलाम को दिनांक 7 से 18 जून 2010 तक कुल बारह दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 06 एवं 20 जून 2010 का विज्ञप्त अवकाश जोड़ते हुए स्वीकृत किया जाता है.
(2) श्री वेद प्रकाश शर्मा, भापुसे , की अवकाश अवधि में उनके दायित्वों का निर्वहन डॉ. मयंक जैन, भापुसे, पुलिस अधीक्षक, रतलाम द्वारा अपने कार्य के साथ- साथ किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री वेद प्रकाश शर्मा, भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उप पुलिस महानिरीक्षक, रतलाम रेंज के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री वेद प्रकाश शर्मा, भापुसे, द्वारा उप पुलिस महानिरीक्षक, रतलाम रेंज, रतलाम का कार्यभार ग्रहण करने के परिणामस्वरूप डॉ. मयंक जैन, भापुसे, पुलिस अधीक्षक , रतलाम उक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .
(5 ) अवकाशकाल में श्री वेद प्रकाश शर्मा, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री वेद प्रकाश शर्मा, भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे .
[भाग 1 क्र. एफ -1 (ए) 185-91-ब- 2-दो. श्री जी. पी. सिंह, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक (पश्चिम ) , विपुस्था, लोकायुक्त कार्यालय , भोपाल को दिनांक 8 से 11 जून 2010 तक कुल चार दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
( 2) श्री जी . पी. सिंह , भापुसे, की अवकाश अवधि में उनके दायित्वों के निर्वहन की वैकल्पिक व्यवस्था लोकायुक्त, मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा किसी अन्य अधिकारी से कराई जायेगी .
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री जी. पी. सिंह, भापुसे, को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक ( पश्चिम) , विपुस्था, लोकायुक्त कार्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4 ) श्री जी. पी. सिंह, भापुसे, द्वारा पुलिस महानिरीक्षक (पश्चिम ) , विपुस्था, लोकायुक्त कार्यालय भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने के परिणामस्वरूप उक्त पद का वैकल्पिक रूप से कार्य संपादित करने वाले अधिकारी उक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(5) ' अवकाशकाल में श्री जी.पी. सिंह , भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि श्री जी. पी. सिंह , भापुसे , अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे.
क्र. एफ-1 (ए) 106-2008- ब- 2-दो. श्री मनोहर सिंह जमरा , भापुसे, सेनानी 32वीं वाहिनी, विसबल , उज्जैन को दिनांक 29 मई से 4 जून 2010 तक कुल सात दिवस अर्जित अवकाश ( विदेश में ) निम्नलिखित शर्तों के साथ स्वीकृत किया जाता है:-
1. विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला व्यय वे स्वयं वहन करेंगे , राज्य शासन नहीं.
2. विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे .
3. विदेश में कोई Assignment नहीं लेंगे .
(2) श्री मनोहर सिंह जमरा , भापुसे, की अवकाश अवधि में उनके दायित्वों का निर्वहन उप सेनानी 32 वीं वाहिनीं, विसबल , उज्जैन द्वारा अपने कार्य के साथ- साथ किया जायेगा .
( 3) अवकाश से लौटने पर श्री मनोहर सिंह जमरा , भापुसे, को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक स्थानापन्न सेनानी 32वीं वाहिनीं विसबल , उज्जैन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
भाग 1 ]
1371
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
(4) अवकाशकाल में श्री मनोहर सिंह जमरा , भापुसे , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(5 ) प्रमाणित किया जाता है कि श्री मनोहर सिंह जमरा , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
भोपाल, दिनांक 5 जून 2010
क्र. एफ 1 (ए) 55-94-ब- 2- दो. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 26 फरवरी 2010 द्वारा श्री बी.बी.एस. ठाकुर, भापुसे पुलिस महानिरीक्षक ( सतर्कता ) , पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 8 से 17 फरवरी 2010 तक, दस दिवस का अर्जित अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति एवं दिनांक 7 फरवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति प्रदान की गई है.
(2) राज्य शासन द्वारा उक्त समसंख्यक आदेश दिनांक 26 फरवरी 2010 की कण्डिका-1 संशोधित करते हुए, अब श्री बी.बी.एस. ठाकुर, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक ( सतर्कता ) , पुलिस मुख्यालय , भोपाल दिनांक 15 से 17 फरवरी 2010 तक, तीन दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत करते हुए दिनांक 12, 13 एवं 14 फरवरी 2010 का विज्ञप्त अवकाश जोड़े जाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
(3 ) पूर्व आदेश दिनांक 26 फरवरी 2010 की शेष शर्तें यथावत प्रभावी रहेंगी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजन कटोच, प्रमुख सचिव.
गृह (सामान्य ) विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 3 जून 2010
क्र. एफ-3-42-2010- दोए( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 5 अप्रैल 2010 को प्रश्न पत्र भू- योजन तथा विद्युत् सुरक्षा ( बिना पुस्तकों के ) विषय में सम्पन्न हुई थी, मैं सम्मिलित निम्न परीक्षार्थी को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-
अनु.
(1)
परीक्षार्थी का नाम (2)
पदनाम (3)
ग्वालियर संभाग
उपयंत्री 1.
श्री रविन्द्र कुमार मोदी
क्र. एफ- 3-94-2009- दोए ( 3 )शुद्धिपत्र. राज्य शासन द्वारा इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 31 मार्च 2010 के तहत वन विभाग के अधिकारियों के लिये सम्पन्न प्रश्नपत्र वन विधि प्रथम ( बिना पुस्तकों के ) में इंदौर संभाग से सम्मिलित श्री एस.एस. ठाकुर, सहायक वन संरक्षक के स्थान पर श्री एच.एस. ठाकुर, सहायक वन संरक्षक पढ़ा जावे.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रेनूतिवारी, उपसचिव.
' वित्त विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 3 जून 2010
क्र. एफ- 22-14-2000- ई- चार. राज्य शासन द्वारा इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 16 जुलाई 2007 में संशोधन करते हुए, मध्यप्रदेश राज्य वित्त निगम अधिनियम, 1951 ( क्रमांक 63 सन् 1951 ) की धारा 10 ( ए) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्री दीपक खाण्डेकर, तत्कालीन उद्योग आयुक्त, मध्यप्रदेश के स्थान पर श्री विनोद सेमवाल , उद्योग आयुक्त, मध्यप्रदेश को, मध्यप्रदेश वित्त निगम के संचालक मण्डल में संचालक के पद हेतु नामांकित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनीष रस्तोगी, सचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 4 जून 2010
फा. क्र.1 (बी ) -10-2004- इक्कीस ब (दो ) .- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 26 जून 2004 एवं 2 सितम्बर 2004 द्वारा नियुक्तनिम्न अति. शास. अभि ./अति. लोक अभियोजक, मन्दसौर के कार्यकाल समाप्त होने के दिनांक से कार्यकाल में तीन वर्ष की वृद्धि करता है. यह वृद्धि इस शर्त के अधीन है कि यह नियुक्ति एक माह का सूचना - पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.
(1 ) श्री विनोद कुमार पुरोहित, अति. शास. अभिभाषक, मन्दसौर दिनांक 26-6-2008 से 25-6-2011 तक.
(2) श्री राजेन्द्र प्रसाद माथुर, अति. शास. अभि. , मन्दसौर दिनांक 26-6-2008 से 25-6-2011 तक .
(3) श्री सीताराम पाटीदार, अति. शास. अभि. गरोठ दिनांक 26-6-2008 से 25-6-2011 तक.
(4) श्री देवीलाल धाकड़, अति. शास. अभि. भानपुरा दिनांक 2-9-2008 से 1-9-2011 तक.
1372
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
[ भाग 1 फा. क्र 1 ( सी) -14- इक्कीस - ब (दो )-2009.- राज्य शासन, इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 6 नवम्बर 2009 द्वारा नियुक्त विशेष लोक अभियोजक के नामों की सूची में निम्नानुसार संशोधन करता है:-
अभिभाषक/ लोक अभियोजक/अति .शास . अभि./अति. लोक अभियोजकगण , भिण्ड के कार्यकाल निम्नांकित तालिका अनुसार अभिवृद्धि करता है. यह वृद्धि इस शर्त के अधीन है कि यह नियुक्ति एक माह का सूचना- पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.
क्रमांक
नाम व पद
विशेष लोक अभियोजक
नियुक्त हेतु अपेक्षित
जिला
(1)
(2)
(3)
(1 ) श्री अमृतपाल सिंह बघेल , शास , अभिभाषक/लोक अभियोजक, दिनांक 14-12-2005 से प्रथम तीन वर्ष 13-12-2008 तद्रुपरान्त पुनः 14-12-2008 से दिनांक 13-12-2011 तक.
जिला देवास
1. श्री मानसिंह अचाले, डी.डी.पी. के स्थान पर श्रीमती मालती सोनकर, डी.डी.पी.
जिला जबलपुर
(2) श्री जे . पी. दीक्षित, अति. शास. अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, दिनांक 14-12-2005 से प्रथम तीन वर्ष 13-12-2008 तद्रुपरांत पुनः 4-12-2008 से दिनांक 13-12-2011 तक.
2. श्री यू.सी. श्रीवास्तव, डी.डी.पी. के स्थान पर श्री विजय सिंह परिहार
जिला शाजापुर
3. श्री रूप कुमार सक्सेना, डी.पी.ओ. के स्थान पर श्री टी . आर. कतरोलिया, डी.पी.ओ.
( 3 ) श्री वीरेन्द्र सिंह भदौरिया, अतिः शास . अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, दिनांक 14 दिसम्बर 2005 से प्रथम तीन वर्ष 13-12-2008 तद्वपरान्त पुनः 14-12-2008 से दिनांक 13 दिसम्बर 2011 तक.
जिला मुरैना
4. श्री सतीश चन्द्र सक्सेना, डी.पी.ओ. के स्थान पर श्री लक्ष्मण सिंह परिहार, डी.पी.ओ.
जिला रीवा
(4) श्री रामवरण सिंह गुर्जर, अति. शास. अभि./अति. लोक अभियोजक ( फास्ट ट्रैक कोर्ट ) भिण्ड. दिनांक 29-1 2006 से 28-1-2009 तद्रुपरान्त पुनः दिनांक 29-1-2009 से 28-1-2012 तक.
5. श्रीमती रक्षा पर्ते, डी.पी.ओ. के स्थान पर श्री एस. के. शर्मा, डी.डी.पी.
उक्त अधिवक्ताओं को प्रकरणों का बंटवारा राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा किया जावेगाः
(5 ) श्री दीवान सिंह गुर्जर, अति. शास. अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, गोहद , जिला भिण्ड , दिनांक 2-9 2007 से 1-9-2010 तक.
वे उनकी उक्त स्थापना पर पदस्थापना की अवधि तक विशेष लोक अभियोजक रहेंगे .
(6) श्री नरेन्द्र प्रताप चौधरी , अति. शास . अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक , दिनांक 14-12-2005 से 13-12-2008 तद्रुपरान्त पुनः दिनांक14-12-2008 से 13-12-2011ועוד तक.
फा. क्र.1 ( बी) -12-2004- इक्कीस - ब( दो ) .- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 14 दिसम्बर 2004 एवं 28 जनवरी 2005 तथा 1 सितम्बर 2006 द्वारा नियुक्तं निम्न शास .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान, सचिव.
विभाग प्रमुखों के आदेश
वनमण्डलाधिकारी, सामान्य वनमण्डल, बड़वाह
बड़वाह, दिनांक 29 मई 2010
आवश्यक प्रतीत होता है . इस आशय का प्रस्ताव परिक्षेत्र अधिकारी बड़वाह के पत्र क्रमांक 1125 , दिनांक 22 मई 2010 द्वारा उप वनमण्डलाधिकारी बड़वाह के पत्र क्रमांक 1290 , दिनांक 24 मई 2010 माध्यम से प्राप्त हुआ है.
आदेश क्रमांक/मा.चि./2010/187.- प्रकरण का संक्षिप्त विवरण. - परिक्षेत्र बड़वाह की सवरेंज कडियाकुंड की बीट कोठावां जिसमें कक्ष क्रमांक 282, 283, 284, 285 एवं 222 "कुल कक्ष 05 तथा क्षेत्रफल क्रमशः 6.380 हे. , 408.360 हे. , 261.530 हे. , 263.070 हे . एवं 262.020 के कुल क्षेत्रफल 1301.360 हे. इतनी बड़ी परिसर की सुरक्षा एवं वन भ्रमण करने में एक वनरक्षक को काफी कठिनाई होती है तथा बीट का अधिकांश क्षेत्र नर्मदा नदी से लगा एवं पहाड़ी क्षेत्र होने से अवैध कटाई की समस्या सदैव बनी रहती है तथा सुरक्षा की दृष्टि से अवैध कटाई पर प्रभावी नियंत्रण करने के लिए कोठावां बीट को दो भागों में विभाजित करना
इस संबंध में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अनुसंधान एवं कार्य आयोजना मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक/477 , दिनांक 8 अप्रैल 1991 एवं वन संरक्षक खण्डवा वृत्त खण्डवा के पृ . क्र. /स्था. / 4196, दिनांक 4 सितम्बर 1991 की अनुशंसा क्रमांक 7.1 में परिसर का औसत वनक्षेत्र 10 वर्ग कि.मी. होना चाहिए. वर्तमान में बीट कोठावां का क्षेत्रफल 13.01 वर्ग कि.मी. है . अतः वरिष्ठ कार्यालय द्वारा की गई अनुशंसा के आधार पर बीट कोठावां को दो भागों पश्चिम कोठावां एवं पूर्व कोठावां में निम्नानुसार विभाजित किया जाता है .
भाग 1 ]
1373
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जून 2010
बीट की पुनर्गठित स्थिति
रकबा
कक्ष क्रमांक
बीट का नाम ( मुख्यालय )
222
262.020 पूर्व कोठावां ( कडियाकुंड)
285
363.070 योग-
625.090
02 कक्ष
6.380 पश्चिम कोठावां ( मोदरी )
282 283
408.360
284
261.530 योग- 03 कक्ष
676.270 एम. कालीदुरई , भा.व.से. वनमण्डलाधिकारी.
कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश
ग्वालियर, दिनांक 20 मई 2010
क्र. क्यू-सीएमओ-अधिसूचना- 2010.- वर्तमान में गर्मी का मौसम है एवं तापमान निरंतर उच्चतम स्थिति में है. इस मौसम में दूषित/ बासी खाद्य पदार्थों के सेवन से संक्रामक बीमारियों यथा हैजा, ज्वर, आंत्रशोध सहित जलजनित बीमारियों की संभावनाएं अधिक रहती हैं इसके अतिरिक्त गर्मी में दुग्ध उत्पादन में कमी होने के कारण दुग्ध निर्मित अन्य पदार्थ यथा खोवा व उससे निर्मित मिठाईयां आदि के लिए पर्याप्त मात्रा में दुग्ध उपलब्ध नहीं होने से, इनमें व्यापक रूप से मिलावट कर नकली खोवा एवं उससे निर्मित मिठाईयों का बाजार में विक्रय होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. मिलावटी एवं नकली खोवा एवं उससे निर्मित पदार्थों का सेवन मानव शरीर एवं स्वास्थ्य के लिये अत्यन्त हानिकारक है, जो कई संक्रामक रोगों को जन्म दे सकता है .
ग्वालियर जिले में संक्रामक रोगों की रोकथाम हेतु सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से यह आवश्यक है कि सांसर्भिक बीमारी के प्रादुर्भाव और फैलाव की रोकथाम हेतु तत्काल प्रतिबंधात्मक उपयोग किये जावें. अस्तु मैं, आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जिला ग्वालियर म. प्र. आपत्तिजनक हैजा, ज्वर, आंत्रशोध , विनियम, 1983 के नियम 3 एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए आदेश देता हूं किः- 1. ग्वालियर जिले की सीमा के अन्दर किसी भी व्यक्ति/ दुकानदार आदि द्वारा खोवा एवं खोवे से निर्मित मिठाईयां एवं अन्य उत्पाद न तो बनाएं जाएंगे और ना ही उनका विक्रय किया जावेगा.
2. अधिसूचित क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों , बाजारों, उपहार गृहों, भोजनालय , होटलों में जनता के लिए खाद्य व पेय पदार्थ निर्माण करने के लिए कायम रखी गई स्थापना में विक्रय निमूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये गये स्थानों पर- अ- बासी मिठाईयों तथा नमकीन वस्तुओं व सड़े - गले फलों व सब्जियों , मांस, मछली , अण्डों की बिक्री निषिद्ध रहेगी.
ब. बासी मिठाईयों व नमकीन वस्तुओं, फल, सब्जियों , दूध, दही, उबली चाय , काफी , शरबत, मांस, मछली , अण्डे, कुल्फी आईस्क्रीम आदि बर्फ के लड्डू व चूसने वाले तरल पदार्थ बिक्री हेतु खुले में नहीं रखे जावेंगे, उन्हें जालीदार ढक्कनों के ढककर इस प्रकार रखा जावे ताकि वे मक्खी, मच्छर, आदि जन्तुओं या दूषित हवा से मानव उपयोग के लिए दूषित या अस्वस्थकारक या अनुपयोगी न हो सकें.
3. इस आदेश द्वारा प्रतिबंधित अवधि में घोषित अधिसूचित क्षेत्र में या क्षेत्र के बाहर कोई भी व्यक्ति उपरोक्त कंडिका ( अ ) में उल्लिखित वस्तुओं तथा तैयार एवं पकाये हुए भोजन न तो लायेगा और ना ही ले जायेगा.
4. इस आदेश द्वारा प्रतिबंधित अवधि में घोषित अधिसूचित क्षेत्र के किसी भी बाजार, भवन, दुकान , टी स्टॉल अथवा खाने पीने की किसी भी वस्तु के विक्रय या निमूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये जा रहे स्थान में प्रवेश करने, निरीक्षण करने उनमें विद्यमान ऐसी वस्तु जिसका मानव उपयोग अभिप्रेत है और जो पदार्थ दूषित या अनुपयुक्त हैं, को दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 95 एवं 165 से उल्लिखित की हुई रीति से, पायी गयी अस्वस्थकर दूषित एवं अनुपयुक्त वस्तुओं के अधिग्रहण कराने , हटाने व नष्ट कर या उसके ऐसी रीति से निवृतन करने के लिए जिससे उसे मानव द्वारा उपयोग में लाये जाने से रोका जा सके, कार्यवाही की जा सकेगी.
5. अधिसूचित क्षेत्र में उक्तादेश के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निम्नलिखित अधिकारियों को प्राधिकृत करता हूं : - 1. समस्त कार्यपालिक दण्डाधिकारी
2. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से संबंधित अधिकारी 3. खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से संबंधित अधिकारी 4. स्वास्थ्य अधिकारी , नगर निगम एवं स्वास्थ्य निरीक्षक नगर निगम, ग्वालियर.
5. समस्त मुख्य नगरपालिका अधिकारी , ग्वालियर 6 . शासकीय चिकित्साधिकारी जो सहायक चिकित्साधिकारी के पद के नीचे न हो, शासकीय वैद्य आयुर्वेदिक औषधालय.
6 . यह आदेश जारी होने के दिनांक से दिनांक 30 जून 2010 तक प्रभावशील रहेगा .
आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी .
1374
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
राज्य शासन के आदेश गृह ( सामान्य ) विभाग (विभागीय परीक्षा प्रकोष्ठ) मंत्रालय, वल्लभ भवन, 'भोपाल
भोपाल, दिनांक 11 मई 2010
विभागीय परीक्षा की सूचना तथा कार्यक्रम
क्र. एफ. 3-46-2010- दो- ए( 3 ) . प्रदेश के सभी अधिकारी जिनकी विभागीय परीक्षा उनके विभागों द्वारा निर्धारित की गई हो, के लिए विभागीय परीक्षाएं दिनांक 19 जुलाई 2010 से आयुक्त, जबलपुर, रीवा, भोपाल , सागर, ग्वालियर, उज्जैन , इन्दौर, होशंगाबाद एवं शहडोल द्वारा निर्धारित स्थानों में निम्नांकित कार्यक्रम के अनुसार होंगी :-
प्र. पत्र
प्रश्नपत्र का विषय
(1)
(2)
समय (3)
सोमवार, दिनांक 19 जुलाई 2010
1.
प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक.
पहला प्रश्नपत्र - दांडिक विधि तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) पुलिस , सामान्य प्रशासन, राजस्व व भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये.
" 2. पंजीयन विधि तथा प्रक्रिया- पंजीयन विभाग के अधिकारियों के लिये ( केवल अधिनियम तथा नियमों की पुस्तकों सहित) .
" 3. विधि तथा प्रक्रिया- उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों के लिये ( पुस्तकों सहित )
4. विधि तथा प्रक्रिया- वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों के लिये ( केवल नियमों की पुस्तकों सहित ) .
" 5. पहला प्रश्नपत्र- सहकारिता सामान्य ( बिना पुस्तकों के ) सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये.
59 . विद्युत् संबंधी विधियाँ ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के लिये.
6 .
दोपहर 2.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक.
दूसरा प्रश्नपत्र दांडिक विधि तथा प्रक्रिया दांडिक मामलों में आदेश/निर्णय का लिखा जाना पुलिस, सामान्य प्रशासन, भू-अभिलेख एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के लिये.
" 7.
दूसरा प्रश्नपत्र सहकारिता तथा सामान्य विधि ( पुस्तकों सहित ) सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये.
" 8 . समाज कल्याण ( बिना पुस्तकों के ) पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये.
" 60. भू-योजना तथा विद्युत् सुरक्षा- ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्री, कनिष्ठ यंत्री एवं पर्यवेक्षकों के लिये.
मंगलवार, दिनांक 20 जुलाई 2010
9 . पहला प्रश्नपत्र- प्रशासनिक, राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया ( बिना पुस्तकों के ) भाग - ए, आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये.
प्रातः . 10.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक.
-"- 10. पहला प्रश्नपत्र- प्रशासनिक राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया ( बिना पुस्तकों के ) सामान्य प्रशासन राजस्व, भू- अभिलेख एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये भाग-बी.
1375 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जून 2010
(2)
(3) (1)
प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक.
11. पहला प्रश्नपत्र- प्रशासनिक, राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया ( बिना पुस्तकों के ) सामान्य प्रशासन, राजस्व, भू- अभिलेख एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये-भाग-सी.
" 12. उद्योग विभाग संबंधी अधिनियम तथा नियम - उद्योग विभाग के अधिकारियों के लिये. (पुस्तकों सहित) .
" 13. प्रश्नपत्र-खनिज प्रबंध ( पुस्तकों सहित ) खनिज साधन विभाग के अधिकारियों के लिये.
_"_ 14. लेखा तथा कार्यालयीन प्रक्रिया- प्रथम प्रश्नपत्र पंजीयन विभाग के अधिकारियों के लिये (बिना पुस्तकों के) .
_"_ 61. विद्युत् संस्थापनाएं- ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्री, कनिष्ठ यंत्री एवं पर्यवेक्षकों के लिये
दोपहर 2.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक.
15. दूसरा प्रश्नपत्र- प्रशासनिक, राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया (पुस्तकों सहित ) सामान्य प्रशासन, राजस्व , भू- अभिलेख एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये.
" 16. प्रक्रिया, विकास योजनाओं, राज्यों के साधनों, राज्य के नियम पुस्तिकाओं आदि का ज्ञान-उद्योग विभाग के अधिकारियों के लिये. ( पुस्तकों सहित ) .
" 17. तीसरा प्रश्नपत्र- बैंकिंग ( बिना पुस्तकों के ) सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये.
18. समाज शिक्षा ( बिना पुस्तकों के ) पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये.
_ "_ 19. लेखा तथा कार्यालयीन प्रक्रिया- द्वितीय प्रश्नपत्र पंजीयन विभाग के अधिकारियों के लिये (पुस्तकों सहित) .
" 62. लेखा व स्थापना-ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्री, कनिष्ठ यंत्री एवं पर्यवेक्षकों के लिये.
बुधवार, दिनांक 21 जुलाई 2010
प्रात: 10.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक.
20. तीसरा प्रश्नपत्र-प्रशासनिक, राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया राजस्व के मामले में आदेश का लिखा जाना सामान्य प्रशासन, राजस्व भू-अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये .
21. पुस्तपालन तथा कर निर्धारण- विक्रयकर विभाग के अधिकारियों के लिये. (पुस्तकों सहित) .
" 22. प्रश्नपत्र - प्रथम वन विधि ( बिना पुस्तकों के ) सहायक वन संरक्षकों के लिये.
23. पहला प्रश्नपत्र प्रक्रिया ( बिना पुस्तकों के ) वन क्षेत्रपालों के लिये.
_ "_ 24. पुलिस अधिकारियों की " व्यवहारिक परीक्षा" .
_"_ 63. स्विच गेयर तथा संरक्षण , ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्रियों के लिये 1376
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
[भाग 1 (1)
(2)
(3) 25. कार्यालयीन संगठन तथा प्रक्रिया- वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों के लिये. दोपहर 2.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक.
_ "_ 26. सिविल विधि तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये.
_"_ पुलिस अधिकारियों की " पुलिस शाखा " प्रश्नपत्र ( बिना पुस्तकों के ) . 27.
_ "_ दूसरा प्रश्नपत्र- सामान्य विधि ( पुस्तकों सहित ) सहायक वन संरक्षकों के लिये . 28.
29. तीसरा प्रश्नपत्र- सामान्य विधि ( पुस्तकों सहित ) वन क्षेत्रपालों के लिये .
_ "_ 30. स्थानीय शासन अधिनियम तथा नियम ( बिना पुस्तकों के ) पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये.
" 31. चौथा प्रश्नपत्र- सहकारी लेखा तथा परीक्षण ( बिना पुस्तकों के ) भाग -1 , लेखा , तथा भाग -2 सहकारिता लेखा परीक्षण , सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये.
" 32. समाज शास्त्र ( पुस्तकों सहित ) आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये .
_ "_ 64. विद्युत् रोधन समन्वय तथा परिसंकट ग्रस्त क्षेत्र ( इंसूलेशन को- आर्डिनेशन व हजार्ड्स एरिया ) ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्री ( वि. /सु. ) के लिये.
गुरुवार, दिनांक 22 जुलाई 2010
प्रातः 10 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक.
33. प्रश्न प्रश्न- पत्र लेखा ( बिना पुस्तकों के ) सहायक कलेक्टरों, डिप्टी कलेक्टर , तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों तथा राजस्व एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये.
" 34. प्रथम प्रश्नपत्र-लेखा (बिना पुस्तकों के ) आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये.
" 35. प्रथम प्रश्नपत्र-लेखा ( बिना पुस्तकों के ) पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये .
_ "_ 36. प्रश्नपत्र न्यायिक शाखा ( बिना पुस्तकों के) पुलिस विभाग अधिकारियों के लिये.
37. लेखा ( पुस्तकों सहित ) उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों के लिये.
_"_ 38 . लेखा ( पुस्तकों सहित ) आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों के लिये.
" 39 . लेखा ( पुस्तकों सहित ) उद्योग विभाग के अधिकारियों के लिये.
" 40. लेखा ( पुस्तकों सहित ) खनिज साधन विभाग के अधिकारियों के लिये .
" 41. लेखा ( पुस्तकों सहित ) जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों के लिये.
1377 भाग । ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
(2)
(3) (1)
दोपहर 2.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक.
42. द्वितीय प्रश्नपत्र- लेखा ( पुस्तकों सहित ) डिप्टी कलेक्टरों, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों तथा राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये.
" 43. द्वितीय प्रश्नपत्र-लेखा ( पुस्तकों सहित ) आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये .
44. द्वितीय प्रश्नपत्र-लेखा ( पुस्तकों सहित ) पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये.
शुक्रवार, दिनांक 23 जुलाई 2010
प्रात: 10.00 बजे से दोपहर 11.00 बजे तक.
45. सिविल पशु चिकित्सा सेवा विभाग के अधिकारियों के लिये लेखा प्रश्नपत्र भाग-1 (बिना पुस्तकों के ) पशु चिकित्सा सेवा विभाग के अधिकारियों के लिये.
" 46. प्रथम प्रश्नपत्र-लेखा के भाग -1 मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों के लिये ( बिना पुस्तकों के) .
47. प्रश्नपत्र-लेखा ( पुस्तकों सहित ) कृषि सेवा कार्यपालन प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी अधिकारियों के लिये.
प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक.
" 48. प्रथम प्रश्नपत्र - विधि तथा प्रक्रिया ( बिना पुस्तकों के ) डेयरी विकास विभाग के अधिकारियों के लिये .
_"_ 49. प्रश्नपत्रं- द्वितीय मध्यप्रदेश मूलभूत तथ्य और ग्रामीण विकास जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों के लिये . ( पुस्तकों सहित) .
50 . द्वितीय प्रश्नपत्र लेखा ( बिना पुस्तकों के ) वन क्षेत्रपालों के लिये.
65. पंचायत राज्य प्रशासन विधि तथा प्रक्रिया सामान्य प्रशासन, राजस्व, भू- अभिलेख , पंचायत एवं ग्रामीण विकास व अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये .
दोपहर 2.00 बजे से शाम 4.00 बजे तक.
51. सिविल पशु चिकित्सा सेवा विभाग के अधिकारियों के लिये प्रश्न पत्र लेखा भाग -2 ( पुस्तकों सहित ) पशु चिकित्सा सेवा विभाग के अधिकारियों के लिये.
_"_ 52. प्रश्नपत्र लेखा भाग -2 मत्स्यपालन विभाग के अधिकारियों के लिये.
दोपहर 2.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक.
53. सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये किसी मामलों में आदेश या प्रतिवेदन लिखने की व्यवहारिक परीक्षा ( पुस्तकों सहित.) .
_ "_ 54. तृतीय प्रश्नपत्र- प्रक्रिया तथा लेखा ( पुस्तकों सहित ) सहायक वन संरक्षकों के लिये .
" 55. द्वितीय प्रश्नपत्र लेखा ( बिना पुस्तकों के ) कृषि सेवा कार्यपालन प्रथम , द्वितीय तथा तृतीय श्रेणी के अधिकारियों के लिये.
1378
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जून 2010
[ भाग 1 (1)
(2)
(3)
दोपहर 2.00 बजे से 56 . द्वितीय प्रश्नपत्र - लेखा तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) डेयरी विकास विभाग के अधिकारियों के लिये .
शाम 5.00 बजे तक.
_ "_ 57. प्रश्नपत्र - तृतीय अनुसूचित जाति तथा आदिम जाति विकास - जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों के लिये. ( पुस्तकों सहित)
शनिवार, दिनांक 24 जुलाई 2010
58. हिन्दी निबंध तथा हिन्दी से अंग्रेजी में अनुवाद सभी विभागों के अधिकारियों के लिये.
दोपहर 10.00 बजे से 12.00 बजे तक.
नोट:-(1 ) सहायक कलेक्टरों , डिप्टी कलेक्टरों , राज्य के अधीनस्थ सिविल सेवाओं के सदस्यों, भू- अभिलेख कर्मचारियों तथा कलेक्टरों और संभागीय आयुक्तों के कार्यालय के अधीक्षकों को सूचित किया जावे कि परीक्षा गृह विभाग द्वारा नये संशोधन नियमों के अन्तर्गत प्रसारित अधिसूचना क्रमांक एफ. 3-54-98- दो-ए ( 3 ) , दिनांक 19 मार्च 1999 एवं एफ. 3-102-90- दो-ए ( 3 ) , दिनांक 8 मई 1991 के पाठ्यक्रम के अनुसार होगी. नये नियमों के अन्तर्गत पंचायत राज प्रशासन विधि तथा प्रक्रिया से संबंधित प्रश्नपत्र भी अनिवार्य रूप से रखा गया है .
(2) उम्मीदवारों को सूचित किया जावे कि जिन प्रश्नपत्रों में पुस्तकों की सहायता ली जाना है, उन्हें विभागीय परीक्षा के लिये कलेक्टर कार्यालय से पुस्तकें नहीं दी जावेंगी, उन्हें अपनी स्वयं की पुस्तकें ले जाना होंगी .
(3) सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को जो परीक्षा में सम्मिलित होने के इच्छुक हों, अपने नाम उचित मार्ग द्वारा सीधे अपने विभागाध्यक्षों को भेजना चाहिए. परीक्षार्थी राजपत्रित/ अराजपत्रित हैं, का स्पष्ट उल्लेख आवेदन- पत्र में भरें.
(4) सामान्य प्रशासन विभाग ( अनुसूचित जाति आदिवासी सेल के ) ज्ञापन क्रमांक 1-15-77-1-अ.स. जनजाति सेवा दिनांक 15 फरवरी 1978 के अनुसार विभागीय परीक्षाओं में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों के उम्मीदवारों को उत्तीर्ण होने के लिये 10 प्रतिशत अंकों तक छूट दी जाती है . ये छूट अखिल भारतीय सेवा से संबंधित परीक्षार्थियों पर लागू नहीं होगी. परीक्षार्थी तत्संबंधी में अपना प्रमाण- पत्र अपने विभागाध्यक्षों /कलेक्टरों को प्रस्तुत करेंगे. इन प्रमाण- पत्रों को गृह ( सामान्य) विभाग विभागीय परीक्षा प्रकोष्ठ को नहीं भेजा जावे. संबंधित विभागाध्यक्ष/ कलेक्टर परीक्षा में भाग लेने वाले व्यक्तियों की सूची के साथ अनुसूचित जाति/जनजाति संबंधी प्रमाण- पत्र संबंधित परीक्षा केन्द्रों के आयुक्तों को दिनांक 10 जुलाई , 2010 तक भेजेंगे . जिन परीक्षार्थियों द्वारा प्रमाण - पत्र विभागाध्यक्षों के माध्यम से आयुक्तों को प्रस्तुत नहीं किये जावेंगे, उन्हें इस प्रकार की सुविधा प्राप्त नहीं होगी. ये प्रमाण-पत्र आयुक्त कार्यालय , में रखे जावेंगे .
(5) परीक्षा केन्द्र आयुक्तों से निवेदन है कि परीक्षा में सम्मिलित जिन परीक्षार्थियों द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति के प्रमाण-पत्र उन्हें प्राप्त होंगे उनका उल्लेख शासन को भेजे जाने वाली सूची में अनिवार्य रूप से करें. इसके आधार पर ही उन्हें अंकों में छूट प्रदाय की जा सकेगी. कृपया स्पष्ट उल्लेख करें कि परीक्षार्थी सामान्य या अनुसूचित जाति/ जनजाति से संबंधित है , एस.सी/एस.टी. दर्शाकर कोष्टक में ( प्रमाण- पत्र प्रस्तुत नहीं किया ) जैसा भ्रमित उल्लेख परीक्षार्थी वाली सूची में न किया जाय.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
एल. पी. जैन , अवर सचिव.
1379 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जून 2010
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
धार , दिनांक 21 अप्रैल 2010
क्र. 4532 - भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
जिला
भूमिका विवरण ग्राम का नाम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6) (1)
(2)
(3)
(4)
(5)
धार
हैदरी
धार
4.094 योग .. 4.094
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, क्रमांक 1 , धार.
हैदरी तालाब निर्माण अन्तर्गत डूब प्रभावित होने से.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , अनुविभाग, धार तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , धार ( म.प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
धार, दिनांक 26 मई 2010
क्र. 6976 - भू- अर्जन- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन भूमिका विवरण ग्राम का नाम
तहसील
जिला
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(5)
(6) (1)
(2)
(4)
धार
(3) धार
मौलानी
1.600 योग .. 1.600
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, क्रमांक 1 , धार.
मौलानी तालाब निर्माण अन्तर्गत डूब प्रभावित होने से.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , अनुविभाग , धार तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , धार ( म.प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1380
[ भाग ।
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा , दिनांक 22 मई 2010
क्र. 499 - भू- अर्जन- 2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि उससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध में लागू होते हैं :-
भूमिकाविवरण
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(4)
(3)
(1)
रीवा
बुड़वा
रायपुर- कर्चुलियान.
1193/0.027 हेक्टेयर 61×4.50 मीटर 0.027
'कुल रकबा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
शासकीय रास्तेके रूप में अधिग्रहण.
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत , रायपुर- कर्चुलियान.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- शासकीय रास्ते से सड़क निर्माण.
(3 ) भूमि का नक्शा, कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
रीवा, दिनांक 26 मई 2010
क्र. 506- भू- अर्जन- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि उससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उनकी राय से उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का विवरण
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)
(2)
(3)
(4) रीवा
मऊगंज
0.380
1. उमरीमाधौ
2. उमरी श्रीपति
3. उमरी श्रीपति
0.944
4. निविहा
5. उमरी मुसलमान
योग
1.166 2.777 0.096 5.363
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
बेलहा जलाशय योजना नहर निर्माण.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन रीवा, संभाग रीवा.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बेलहा जलाशय योजना नहर निर्माण.
(3 ) भूमि का नक्शा, कलेक्टर महोदय के कार्यालय में देखा जा सकता है .
भाग 1 ]
1381
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
रीवा, दिनांक 5 जून 2010
क्र. 509- भू- अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय से उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्ध में लागू होते हैं :-
अनुसूची
भूमिका वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) रीवा
1. रतहरा
2.225 हुजूर
2. रतहरी
3.334
16.996
3. गड़रिया
11.340
4. जोरी
5. डकवार
3.379
6. सिलपरा
2.293
7. सिलपरी
5.485
योग 44.052 (2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री,
रिंग रोड सड़क निर्माण लो. नि. वि. संभाग,
क्रमांक 1 , रीवा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. पी. श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला कटनी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
कटनी, दिनांक 25 मई 2010
प्र. क्र. 1 - अ- 82-09-10- भू.अ.अ-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894, संशोधन, 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमिका वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम बन्दोबस्त
प.ह.नं.
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा
(हेक्टर में) (1)
(2)
(3)
(4)
0.13 कटनी विजयराघवगढ़ बरहटा प.ह.नं. 22
योग .. 0.13
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, कटनी.
बरहटी उद्वहन सिंचाई योजना नहर कार्य हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी , विजयराघवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है .
1382
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
प्र. क्र. 2 - अ - 82-09-10-भू.अ.अ-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , संशोधन, 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमिका वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम बन्दोबस्त प.ह.नं.
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(3)
(4) (1)
(2)
0.52 ( विजयराघवगढ़ )
कटनी
कुठियामुहगवां प.ह.नं. 14
बरही
योग .. 0.52
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा (2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, कटनी.
गुरेहा नाला जलाशय नहर कार्य हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , विजयराघवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 3 - अ- 82-09-10-भू.अ.अ- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने (1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन, 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
तहसील
जिला
भूमिका वर्णन ग्राम बन्दोबस्त प.ह.नं.
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2)
(3)
(4) (1)
1.48 कटनी (विजयराघवगढ़ ) बरही
सूरजपुरा न.ब.नं. 400 प.ह.नं. 15
योग .. 1.48
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, कटनी.
गुरेहा नाला जलाशय नहर .कार्य हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , विजयराघवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 4- अ- 82-09-10- भू.अ.अ-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) मे ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन, 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार. उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित भाग 1 ]
1383
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील ग्राम बन्दोबस्त प.ह.नं.
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में) (1) (2)
(3)
(4)
3.85 कटनी विजयराघवगढ़ गुड़ेहा
न.ब.नं. 33 प.ह.नं. 20
योग .. 3.85
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा (2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, कटनी.
गुरेहा-पिपरा जलाशय नहर कार्य हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी, विजयराघवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 5 - अ- 82-09-10- भू.अ.अ- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन, 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
जिला तहसील
भूमिका वर्णन ग्राम बन्दोबस्त प.ह.नं.
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2)
(1)
(4)
(3)
पिपरा
1.30 कटनी विजयराघवगढ़
प.ह.नं. 27
योग .. 1.30
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, कटनी.
गुरेहा पिपरा जलाशय योजना नहर कार्य हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी, विजयराघवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 6 - अ- 82-09-10-भू.अ.अ- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन, 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
तहसील
जिला
भूमिका वर्णन ग्राम बन्दोबस्त प.ह.नं.
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2)
(3)
(4) (1)
खिरवा
1.41 कटनी विजयराघवगढ़
प.ह.नं. 25
योग .. 1.41
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा (2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, कटनी.
चपना उद्वहन सिंचाई योजना नहर कार्य हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी , विजयराघवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है.
1384
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जून 2010
प्र. क्र. 7- अ- 82-09-10- भू.अ.अ-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन , 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमिका वर्णन
जिला तहसील ग्राम बन्दोबस्त प.ह.नं.
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में) (1)
(2)
(3)
(4)
चपना
4.26 कटनी विजयराघवगढ़
न.बं. 243 प.ह.नं. 24
योग .. 4.26
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, कटनी.
चपना उद्वहन सिंचाई योजना नहर कार्य हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , विजयराघवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 8 - अ- 82-09-10- भू.अ.अ-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन, 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम बन्दोबस्त
प.ह.नं.
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में) (1) (2)
(3)
(4)
9.40
हथेड़ा
कटनी विजयराघवगढ़
न.बं. 243 प.ह.नं. 24
योग .. 9.40
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, कटनी.
चपना उद्वहन सिंचाई योजना नहर कार्य हेतु .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी , विजयराघवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. सेलवेन्द्रन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
1385
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला राजगढ़ , ( ब्यावरा ) मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
राजगढ़ , दिनांक 26 मई 2010
क्र. 4993 - भू- अर्जन- 2009.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्रामं
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2) (3)
(4) राजगढ़ जीरापुर लक्ष्मीपुरा सनखेड़ी
मोहली
कुल योग
4.993 21.675 26.196 52.864
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , राजगढ़.
विलोड़ा तालाब के निर्माण हेतु डूब क्षेत्र की भूमि का अर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , खिलचीपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 4998 - भू- अर्जन- 2009.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
तहसील
जिला
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)
(2)
(3)
(4) राजगढ़ खिलचीपुर गुमानीपुरा
7.937 0.173 17.026 7.575
कछोटिया अम्बावता हालाहेड़ी
कुल योग 32.711
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, राजगढ़.
पानखेड़ी तालाबके निर्माण हेतु डूब क्षेत्र की भूमि का अर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , खिलचीपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
1386
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जून 2010
क्र. 5000 - भू- अर्जन- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(1)
(3)
(4)
0.500 राजगढ़ खिलचीपुर भादाहेड़ी
कुल योग 0.500
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, राजगढ़.
बरगोलिया तालाब के निर्माण हेतु डूब क्षेत्र की शेष भूमि का अर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , खिलचीपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
राजगढ़ , दिनांक 3 जून 2010
क्र. 5422 - भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)
(4)
(3)
राजगढ़ खिलचीपुर
7.918 1.385
रूगनाथपुरा चुवाड़ल्या
बघेला
कुल योग
0.945 10.248
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
रघुनाथपुरा तालाब के निर्माण हेतु डूब क्षेत्र की भूमि का अर्जन.
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, राजगढ़..
भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , खिलचीपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, लोकेश कुमार जाटव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .
भाग 1 ]
1387
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
कार्यालय, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 27 अप्रैल 2010
प. क्र. 328 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का विवरण
तहसील
नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)
(2)
(3)
(4)
अमरा
0.107 सीधी सिहावल
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी (म.प्र. ) .
बाणसागर लोवर सिहावल के अन्तर्गत नहर निर्माण में आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
प. क्र. 330 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का विवरण
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)
(3)
(4) (2)
0.020 सीधी सिहावल
हिनौती
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी (म.प्र. ).
बाणसागर लोवर सिहावल के अन्तर्गत नहर निर्माण में आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
1388
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जून 2010
पत्र क्र. 332 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का विवरण
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)
(3)
(2)
(4) सीधी सिहावल रजहा टीकर
0.060
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी ( म.प्र. ) .
बाणसागर लोवर सिहावल के अन्तर्गत नहर निर्माण में आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 334 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का विवरण
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)
(3)
(4) सीधी
0.110 सिहावल
कडियार
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी (म.प्र. ) .
बाणसागर लोवर सिहावल के अन्तर्गत नहर निर्माण में आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
1389
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
पत्र क्र. 336 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का विवरण
तहसील
जिला
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)
(2)
(3)
(4) सीधी सिहावल
चमरौहा
0.410
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी (म.प्र. ) .
बाणसागर लोवर सिहावल के अन्तर्गत नहर निर्माण में आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 338- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का विवरंण
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)
(2)
(3)
(4) सीधी
0.080 सिहावल रामनगर कला
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी (म.प्र. ) .
बाणसागर लोवर सिहावल के अन्तर्गत नहर निर्माण में आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
1390
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जून 2010
पत्र क्र. 340- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(2)
(3)
(1)
(4)
(5)
(6) सीधी
सवैचा
0.180
सिहावल
कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी (म.प्र. ) .
बाणसागर लोवर सिहावल के अन्तर्गत नहर निर्माण में आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागरं परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
रीवा, दिनांक 19 मई 2010
पत्र क्र. 432- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(6)
(5)
सीधी
0.06
सिहावल डिहुली
टीकर नं. 4
कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी (म.प्र. ) .
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत सिहावल वितरक नहर क्र. 2 की हौदा माइनर के निर्माण हेतु आने वाले ग्रामों की निजी भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
1391
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जून 2010
पत्र क्र. 444 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का विवरण
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) (1) (2)
(3)
0.26 सीधी सिहावल
चमारी सोनवर्षा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी (म.प्र. ) .
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत सिहावल वितरक नहर क्र. 2 की हौदा माइनर के निर्माण हेतु आने वाले ग्रामों की निजी भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 446 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का विवरण
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(3)
(4) (1) सीधी
0.02 सिहावल डिहुली खास
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट , जिला सीधी (म.प्र. ).
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत सिहावल वितरक नहर क्र. 2 की हौदा माइनर के निर्माण हेतु आने वाले ग्रामों की निजी भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
1392
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
खण्डवा , दिनांक 28 मई 2010
क्र. भू- अर्जन- प्र. क्र. 36-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा (4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे :-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमिका वर्णन नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टरमें) (4)
(1). खण्डवा
0.69
(2) पुनासा अटूटखास (3)
(5) कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 28 , पुनासा.
(6) इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत केलवां वितरण शाखा की अतिरिक्त सबमाईनरों के निर्माण हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28, पुनासा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. भू- अर्जन-प्र. क्र. 37-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा (4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे :-
अनुसूची
तहसील
जिला
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
खण्डवा (1)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 0.64
पुनासा (2)
(3) बिहारीपुरा कला
(5) कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 28 , पुनासा.
(6) इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत केलवां वितरण शाखा की अतिरिक्त सबमाईनरों के निर्माण हेतु..
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा/ कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28, पुनासा के कार्यालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
1393
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
क्र. भू-अर्जन- प्र. क्र. 38-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा (4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे :-
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
(1)
(2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) खण्डवा
0.41 पुनासा अटूटखुर्द (बेनीपुरा)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 28 , पुनासा.
इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत बेनीपुरा वितरण शाखा एवं केलवां वितरण शाखा की अतिरिक्त सबमाईनरों के निर्माण हेतु.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, खण्डवा/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28 , पुनासा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. भू-अर्जन - प्र. क्र. 39-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे :-
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(3)
(4) (1)
2.24 खण्डवा
फिफराड़
पुनासा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 28 , पुनासा.
इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत केलवां वितरण शाखा की अतिरिक्त सबमाईनरों के निर्माण हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, खण्डवा/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28 , पुनासा के कार्यालय में किया जा सकता है .
1394
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
क्र. भू- अर्जन- प्र. क्र. 40-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(2)
(4)
(1) खण्डवा
2.23
पुनासा
(3) बिहारीपुराखुर्द
(5) कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 28 , पुनासा.
(6) इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत केलवां वितरण शाखा की अतिरिक्त सबमाईनरों के निर्माण हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू -अर्जन अधिकारी , खण्डवा/ कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28, पुनासा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. भू-अर्जन- प्र. क्र. 41-अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , 'सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे :-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमिका वर्णन नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(1) खण्डवा
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 1.53
(3) डुडगांव
(2) पुनासा
(5) कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 28 , पुनासा.
(6) इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत केलवां वितरण शाखा की अतिरिक्त सबमाईनरों के निर्माण हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, खण्डवा/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28 , पुनासा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव .
भाग 1 ]
1395
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास महान ( गुलाब सागर) परियोजना, जिला सीधी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 29 मई 2010
पत्र क्र. 480- भू-अर्जन-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इनके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
तहसील
नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)
(3)
(4) 1.50 सीधी गोपदबनास पुरुषोत्तमगढ़
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
(5)
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी कार्यपालन यंत्री, महान नहर संभाग सीधी ( म.प्र. ) .
(6) महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के अन्तर्गत आने वाली महान नहर की ग्राम पुरुषोत्तमगढ़ के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 482 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की. उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(4) (2)
(1)
0.41 सीधी रामपुर नैकिन कोल्हुआ
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
कार्यपालन यंत्री , महान नहर संभाग सीधी (म.प्र. ) .
(6) महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के अन्तर्गत आने वाली महान नहर की ग्राम कोल्हुआ के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के कार्यालय में किया जा सकता है.
1396
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
पत्र क्र. 484- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)
(2)
(3)
(4) सीधी
8.00
मिर्चवार
गोपदबनास
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , महान नहर संभाग सीधी ( म.प्र.) .
महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के अन्तर्गत आने वाली महान नहर की ग्राम मिर्चवार के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के कार्यालय में किया जा सकताहै.
पत्र क्र. 486 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)
(2)
(3)
(4)
2.47 सीधी रामपुरनैकिन पोड़ी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , महान नहर संभाग सीधी ( म.प्र. ) .
महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के अन्तर्गत आने वाली महान नहर की ग्राम पोड़ी के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के कार्यालय में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
1397
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
पत्र क्र. 488 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2)
(3)
(4)
सेमरिया
सीधी
1.38 गोपदबनास
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, महान नहर संभाग सीधी ( म.प्र.) .
महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के अन्तर्गत आने वाली महान नहर की ग्राम सेमरिया के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के कार्यालय में किया जा सकताहै.
पत्र क्र. 490- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)
(2)
(4)
(3)
सीधी
4.45
करनपुर
रामपुरनैकिन
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, महान नहर संभाग सीधी ( म.प्र. ) .
महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के अन्तर्गत आने वाली महान नहर की ग्राम करनपुर के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के कार्यालय में किया जा सकताहै.
1398
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
पत्र क्र. 492 - भू-अर्जन- रीवा. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूचीं के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
तहसील
जिला
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)
(2)
(3)
(4)
नौगवां
3.30 सीधी रामपुरनैकिन
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , महान नहर संभाग, सीधी ( म.प्र. ) .
महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के अन्तर्गत आने वाली महान नहर की ग्राम नौगवां के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास , महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के कार्यालय में किया जा सकताहै.
पत्र क्र. 494 - भू-अर्जन- रीवा. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का विवरण
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(3)
(4) (1)
अकौरी
सीधी
6.55 रामपुरनैकिन
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, महान नहर संभाग , सीधी ( म.प्र. ) .
महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के अन्तर्गत आने वाली महान नहर की ग्राम अकौरी के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के कार्यालय में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
1399
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
पत्र क्र. 496- भू- अर्जन- रीवा. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने . ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) के अनुसार , इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(4) (2)
(1)
4.45
भुलगढ़
रामपुरनैकिन
सीधी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, महान नहर संभाग , सीधी ( म.प्र. ) .
महान ( गुलाब सागर) परियोजना के अन्तर्गत आने वाली महान नहर की ग्राम भुलगढ़ के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के कार्यालय में किया जा सकताहै.
पत्र क्र. 498 - भू-अर्जन- रीवा. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4)
(3)
(2)
(1)
8.53
बेल्दहा
रामपुरनैकिन
सीधी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, महान नहर संभाग , सीधी ( म.प्र. ) .
महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के अन्तर्गत आने वाली महान नहर की ग्राम बेल्दहा के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास , महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के कार्यालय में किया जा सकता है.
1400
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
पत्र क्र. 500- भू-अर्जन- रीवा. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आंवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
जिला तहसील
भूमि का विवरण नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)
(2)
(3)
(4) सीधी
2.83
ठकुरदेवा
रामपुरनैकिन
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, महान नहर संभाग, सीधी ( म.प्र. ) .
महान (गुलाब सागर ) परियोजना के अन्तर्गत आने वाली महान नहर की ग्राम ठकुरदेवा के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन .
भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के कार्यालय में किया जा सकताहै .
पत्र क्र. 502- भू- अर्जन रीवा. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(3)
(1) सीधी गोपदबनास झगरहा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(4) 2.00 कार्यपालन यंत्री, महान नहर संभाग , सीधी ( म.प्र. ) . (6)
महान ( गुलाब सागर) परियोजना के अन्तर्गत आने वाली महान नहर की ग्रामं झगरहा के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास , महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के कार्यालय में किया जा सकताहै .
1401 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
पत्र क्र. 504 - भू- अर्जन - रीवा. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) के अनुसार इसके द्वारा, संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इनके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)-
(6) (3)
(1) (2)
(4)
(5)
सीधी गोपदबनास
2.51
भमरहा
कार्यपालन यंत्री , महान नहर संभाग, सीधी (म.प्र. ) .
महान (गुलाब सागर ) परियोजना के अन्तर्गत आने वाली महान नहर की ग्राम भमरहा के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला मण्डला , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग मण्डला, दिनांक 1 जून 2010
क्र. भू- अर्जन -09 ( अ-82 )-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अंनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
ग्राम एवं प.ह.नं.
(5)
(6) (1)
(2)
(3)
भूमि का लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में ) (4)
14.822
मण्डला बिछिया
बार्डर चैक पोस्ट निर्माण हेतु.
भीमडोंगरी प.ह.नं. 57
संभागीय प्रबंधक मध्यप्रदेश रोड डव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड, जबलपुर.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर, मण्डला के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1402
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
कार्यालय, कलेक्टर, जिला इन्दौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
इन्दौर, दिनांक 1 जून 2010
क्र.424- भू.अर्जन-2010--चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) ( 4 ) के उपबन्ध उसके संबंध मेंलागू होते हैं :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
तहसील
नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में. )
(4)
(3)
2.400 (1) (2) इन्दौर
खडी बरौदापंथ
देपालपुर
0.246 योग .. 2.646 धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, इन्दौर.
ग्राम खडी तालाब के वेस्टवियर एवं नहर निर्माण हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , तहसील देपालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राघवेन्द्र सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
विदिशा, दिनांक 1 जून 2010
प्र. क्र. 12- भू-अर्जन-अ-82-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
सर्वे नं. एवं
लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टर में)
(2)
(3)
(4)
0.060
113/2
भियाखेडी
(1) विदिशा विदिशा
0.058
93/1/2
0.058
93/2
0.059
93/3
0.072
94
0.171
88
92
0.234
84/1
0.012
0.008
138
0.732
योग .
(5)
(6)
पीपलखेड़ा नहर की आर . एम . 1 के निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्रमांक 2 , विदिशा .
1403
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जून 2010
भाग 1 ]
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सम्राट अशोकसागर परियोजना की पीपलखेडा नहर की आर.एम. 1 के निर्माण हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का उपखण्ड अधिकारी , विदिशा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है. (3)
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, योगेन्द्र शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .
कार्यालय, कलेक्टर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
झाबुआ, दिनांक 2 जून 2010
क्र. 1567 - भू-अर्जन- 2010 - रा.प्र. क्र. अ-82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने (6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (4)
(3)
0.65
बेकल्दा
(2) पेटलावद
(1) झाबुआ
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , क्र. 1 , झाबुआ.
(6) बेकल्दा तालाब के नहर निर्माण हेतु.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शोभित जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला देवास, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
देवास, दिनांक 3 जून 2010
क्र. 832 - भू- अर्जन- 2010-प्र.क्र.- 02-अ-82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) (2)
0.25 (1) देवास
बरछाखुर्द
खातेगांव
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का कारण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग , सेतु निर्माण संभाग ,
उज्जैन.
बागदी नदी पर निर्माणाधीन पुल पहुंच मार्ग का भू- अर्जन हेतु.
नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय, कलेक्टर, जिला देवास एवं कार्यालय भू-अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी, देवास में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पुष्पलता सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1404
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
राज्यशासन के आदेश
राजस्वविभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन,
राजस्वविभाग
राजगढ़ , दिनांक 26 मई 2010
क्र. 4996 - भू-अर्जन- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन ( बावड़ीबेह तालाब निर्माण शीर्ष कार्य ) के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- राजगढ़
(ख ) तहसील- खिलचीपुर
(ग ) ग्राम- बावड़ीबेह
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.552 हेक्टेयर .
सर्वे नम्बर
रकबा
(हे. में)
(1)
(2)
161
0.350
162
0.417
163
0.180
164/3/9
0.240
164/9
0.260
164/11
0.040
201/164
0.065 योग : 1.552
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बावड़ीबेह तालाब के शीर्ष कार्य निर्माण हेतु. ग्राम बावड़ीबेह की भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 5006 - भू- अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- राजगढ़
(ख) तहसील-खिलचीपुर
(ग) ग्राम-टिमरनी एवं डोब
लगभग क्षेत्रफल-2.911 हेक्टेयर.
(घ )
सर्वे नम्बर
रकबा
(हे. में)
(1)
(2)
ग्राम टिमरनी
63
0.190
72/3/1
0.050
1.048
72/1/5
72/1/6
.0.125
72/3/2
0.290
0.390
72/1/7
72/3/3
0.303
योग : 2.396
ग्राम डोब
3/1
0.168
-10
0.024
5
0.178
14
0.145
योग : 0.515
कुल योग : 2.911
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यक है-बादरी तालाब के शीर्ष कार्य निर्माण हेतु. भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व खिलचीपुर- जीरापुर के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , लोकेश कुमार जाटव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
1405
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 26 मई 2010
प्र. क्र. 2 - अ-82- वर्ष 2008-09. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सागर
(ख) तहसील- रहली
(ग ) नगर/ ग्राम- सिमरिया नायक
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.46 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
रकबा (हे. में)
(1)
(2)
362
0.04
0.08
367
364
0.01
365
0.01
373
0.16
371/1
0.16
योग 0.46
(2) सार्वजनिक प्रयोजन- वैदवारा से सिमरिया नायक मार्ग निर्माण में कृषकों की भूमि स्वामी भूमि का भू-अर्जन ग्राम नायक.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, महोदय रहली के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. क . 5126- भू- अर्जन - 2010 -प्र.क्र . 05 - अ -82-09- 10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-सागर
(ख ) तहसील- शाहगढ़
(ग ) नगर/ ग्राम- गूगरा खुर्द
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.52 हेक्टेयर.
सर्वे नम्बर
रकबा (हे. में)
(1)
(2)
1060
0.05
1061
0.01
1318
0.12
0.02
1305/1
0.25
1304
0.07
1302/1
0.05
1301/2
0.05
1301/1
0.10
1298
0.05
1295/1
1295/2
0.05
0.11
1289/2
1337
0.33
0.12
1338
0.14
1339
योग : 1.52.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है-सोना नाला जलाशय योजनान्तर्गत बण्डा बरायठा सड़क मार्ग का परिवर्तित मार्ग .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी, बण्डा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, सागर, जिला सागर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
क्र. क. 5131 - भू- अर्जन- 2010- प्र.क्र. 06 - अ - 82-09- 10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
1406
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जून 2010
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख) तहसील- शाहगढ़
(ग) नगर/ग्राम-जालमपुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.99 हेक्टेयर.
रकबा
सर्वे नम्बर
(हे. में)
(2)
(1)
756
0.43
0.13
795/1
0.10
795/2
0.15
796
0.09
797
0.03
798
0.23
812/1
0.11
812/2
0.13
811/1
0.42
811/2
0.08
811/3
818
0.09
योग : 1.99
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- सोना नाला जलाशय योजनान्तर्गत बण्डा बरायठा सड़क मार्ग का परिवर्तित मार्ग.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , बण्डा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , सागर, जिला सागर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनीष श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग जबलपुर , दिनांक 26 मई 2010
प्र. क्र. 5- अ-82-2007-08- भू.अ.अ. बरगी हिल्स. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- जबलपुर
(ख) तहसील- शहपुरा
(ग) ग्राम- भीटा, नं.बं. 88, प.ह.नं. 56
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.16 हेक्टेयर.
रकबा
खसरा नम्बर
(हे. में)
(2)
(1)
0.15
78/2
0.01
78/3
योग : 0.16
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- शहपुरा वितरण नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाध्यक्ष ( भू- अर्जन इकाई क्रमांक 1 , बरगी हिल्स ) जबलपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गुलशन बामरा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला ग्वालियर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग ग्वालियर , दिनांक 29 मई 2010
प्र. क्र. 16 - अ - 82-2007-08- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-ग्वालियर
(ख) तहसील- चीनौर भाग 1 ]
1407
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
(ग) नगर/ग्राम- सूरजपुर
लगभग क्षेत्रफल-2.739 हेक्टेयर.
(घ)
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हे. में)
(1)
(2)
1
1.820
669/1
0.430
0.259
669/2
0.220
670
0.010
678
योग : 2.739
(2) सार्वजनिक . प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सिंध परियोजना ( द्वितीय चरण ) हरसी उच्चस्तरीय नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 17 - अ-82-2007-08- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
जिला-ग्वालियर
(क)
तहसील- चीनौर
(ख)
नगर/ ग्राम- भीमबाड़ा
(ग)
लगभग क्षेत्रफल- 10.256 हेक्टेयर.
(घ)
सर्वे नं.
कुल रकबा (हे. में)
अर्जत किये जाने वाला अनुमानित रकबा (हे. में)
(2)
(3) (1)
1.950 118/1
5.853
0.610
4.474
119
0.370 142
3.898
1.350 144
5.107
0.525
2.00
145/2
1.150
5.226
145/1
0.930
1.045
146/5
(3) (1)
(2)
0.066
6.490
210
0.860
3.763
211/1
1.410
3.763
211/2
0.314
0.192 212/2
2.106
1.190 213/1
0.490
1.254
213/2
योग : 10.256 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सिंध परियोजना ( द्वितीय चरण ) हरसी उच्चस्तरीय नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 18- अ-82-2007-08- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- ग्वालियर
(ख) तहसील- चीनौर
(ग) नगर/ग्राम- देवरीटांका
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.016 हेक्टेयर .
अर्जित रकबा सर्वे नम्बर
(हे. में) (2)
(1)
0.806
19
0.531
20
0.317
21
0.036
22
0.253
24मिन-5
0.073
24मिन-6
योग : 2.016
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सिंध परियोजना ( द्वितीय चरण ) हरसी उच्चस्तरीय नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है .
1408
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
प्र. क्र. 19- अ- 82-2007-08- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-ग्वालियर
(ख) तहसील-ग्वालियर
(ग) नगर/ग्राम- हुकुमगढ़
लगभग क्षेत्रफल- 8.638 हेक्टेयर.
(घ)
सर्वे नं.
कुल रकबा (हे. में)
अर्जत किये जाने वाला अनुमानित रकबा (हे. में) (1)
(2)
(3) 275
0:500
0.376 276
0.520
0.520 278
0.210
0.024 279
0.500
0.264 280
0.410
0.149 283
0.400
0.250 285
0.250
0.019
0.250
295
0.162 296
0.250
0.168 297
0.410
0.205
0.230
298
0.230 320
0.630
0.417 322
0.520
0.199 0.370
323
0.216 324
1.70
0.702 337
0.410
0.024 335
0.630
0.198 0.400
0.018 336
346
0.830
0.029
0.010 394
1.010
0.540
395
0.379 0.300
402
0.050 396
0.830
0.551 400
0.470
0.274 401
0.560
0.252 431
0.710
0.408
432
1.420
0.870 (1)
(2)
(3) 433
0.270
0.019 434
1.010
0.177 453
1.040
0.448 454
2.13
0.537 327
0.840
0.463 428
0.720
0.010 443
1.450
0.020
योग : 8.638 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सिंध परियोजना ( द्वितीय चरण ) हरसी उच्चस्तरीय नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 20- अ- 82-2007-08- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
जिला- ग्वालियर
(क)
(ख) तहसील- ग्वालियर
नगर/ग्राम- सिमरियाटांका
(ग)
लगभग क्षेत्रफल - 0.310 हेक्टेयर.
(घ)
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा- (हे. में)
(1)
(2)
4614/1 मिन-9
0.310 योग : 0.310
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सिंध परियोजना ( द्वितीय चरण ) हरसी उच्चस्तरीय नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
1409
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
ग्वालियर , दिनांक 7 जून 2010
प्र. क्र. 13 - अ- 82-09-10- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला-ग्वालियर
(ख) तहसील- भितरवार
(ग) नगर/ग्राम- दुबाहा
लगभग क्षेत्रफल-16.767 हैक्टर .
(घ)
सर्वे नं.
कुल रकबा (हे. में)
अर्जत किये जाने वाला अनुमानित रकबा
(हे. में)
(2)
(3) (1)
0.08
0.31
1117
0.38 1118
0.59
0.16 1119
0.95
0.60
1108
0.413
0.1
1.00
1162
0.12
0.26
1107
0.295 1105
0.3
0.107 1104
0.85
0.33
0.001 1106
0.27
0.176 1194
0.164 1093
0.18
0.29
0.06 1089
0.25
0.25
1088
0.057
0.15
1087
1095
0.24
0.001
1.13
0.371 1170
0.486
1.70
1171
0.053
0.44
1189
0.09
0.005 1194
0.072 1197
0.08
0.467
0.57
1199
0.22
0.128 1212
1211
0.20
0.149
(3) (1)
(2)
0.139 1213
0.56
0.62
0.028 1299
0.13
0.008 1298
0.22
0.192 1300
0.08 1306
0.10
0.005 0.06
1309
0.10
0.10 1307
0.04 0.26
1301
0.102 0.11
1308
0.009 1346
0.10
0.12 0.30.
1348
0.192 0.20
1347
0.06 0.18
1305
0.07 0.15
1349
0.106 1350
0.13
0.056 853
0.08
0.28
0.06 854
0.09 0.09
852
0.07 828
0.42
0.27
0.26 851
0.005 0.20
850
0.34
849
0.168
0.285 0.29
833
0.058 0.11
832
830
0.30
0.001
0.32 834
0.56
0.051 0.09
848
0.05 835
0.05
0.001 0.10
836
0.253 694
0.42
0.15 693
0.43
0.33
0.016 690
0.28 0.46
695
0.09 0.09
280
0.21 0.21
279
0.055 0.07
278
0.15 0.48
289
0.053 .
288
0.26
0.14 281
0.15
0.15 277
0.54
0.30
0.048 285
0.15 0.15
284
0.03 0.05
283
0.13 0.15
282 1410
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
(1)
(2)
(3) 304
0.27
0.001 305
0.15
0.145 308
0.35
0.03 306
0.27
0.097 307
0:34
0.06 272
0.90
0.001 322
0.11
0.015 310
1.00
0.25 309
0.49
0.38 271
0.51
0.128 312
0.48
0.138 311
0.20
0.19
0.80
264
0.16 265
0.48
0.001 263
0.63
0.40 262
0.20
0.12 315
0.52
0.005 223
0.30
0.08 224
0.15
0.15 225
0.10
0.095 226
0.11
0.048 230
0.08
0.024 231
0.09
0.066 232
0.07
0.07 233
0.034
0.094 220
0.88
0.246 238
0.31
0.01 217
0.62
0.30
0.15
216
0.15 215
0.89
0.52
0.04
239
0.008 240
0.59
0.002 208
0.17
0.057 209
0.16
0.16 210
0.25
0.073 214
0.16
0.009 204
0.49
0.294 205
0.69
0.376 18
0.62
0.21 20
1.53
0.52 19
0.10
0.10 21
0.33
0.272 16
0.37
0.06 15
0.78
0.56
[भाग 1 (1)
(2)
(3) 14
0.78
0.048 22
0.47
0.08 8
1.80
0.68 7
0.26
0.255 6
0.60
0.051
योग : 16.767 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकतां है- सिंध परियोजना ( द्वितीय चरण ) के अन्तर्गत हरसी उच्चस्तरीय मुख्य नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खरगोन, दिनांक 31 मई 2010
प्र. क्र. 681 - भू-अर्जन-10-प्र. क्र. 15-अ- 82-09-10 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील-महेश्वर
(ग) नगर/ग्राम- चकमातमूर
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.579 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
रकबा (हे. में)
(1)
(2)
3/1
0.035
3/2
0.544
योग : 0.579 भाग 1 ]
1411
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-ओंकारेश्वर परियोजना की द्वितीय चरण की दांयी तट मुख्य नहर की लघु नहर डी.एम . 32 के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन, भू-अर्जन अधिकारी, ओंकारेश्वर परियोजना ( नहरें ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20, मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है..
खरगोन, दिनांक 1 जून 2010
क्र. 685- भू- अर्जन-10-प्र. क्र. 14-अ-82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील- बड़वाह
(ग) ग्राम-हीरापुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.587 हेक्टर .
खसरा नम्बर
(1) 330
रकबा (हे. में.) (2) 0.587
योग .. 0.587
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- हीरापुर तालाब योजना के डूब से प्रभावित होने के कारण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन, अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व एवं भू- अर्जन अधिकारी , बड़वाह एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला छतरपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर, दिनांक 1 जून 2010
क्र. 8 अ- 82 - भू-अर्जन- 2010- चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि 'की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि कावर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील-बिजावर
(ग) नगर/ग्राम-मामौन
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 33.552 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
रकबा (हे. में. )
(1)
(2)
0.300
165/1
167
0.696
168
0.461
170
0.051
342
0.202
343
0.162
344
0.600
0.429
345
0.028
346
347
1.016
0.352
348
349
0.158
356
0.497
357
0.773
358
0.425
361
0.361
363/1
0.388
363/2
0.389
365/1
0.093
365/2
0.047
365/3
0.046
366
1.409 1412
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
(1)
(2) 367
0.336 368
0.039 370
0.053 371
0.053 37.2
0.150
0.126 373/1
373/2
0.125 374
0.328
0.026 375/1
375/2
0.014
0.013 375/3
376/1
0.099 376/2
0.099 377/1
0.055 377/2
0.054 378
0.110 379/1
0.865 379/2
0.298 379/3
0.297 380
0.837 384
1.052 385/1
2.023 386/1
0.971 387/2
0.653 394
0.109 395
0.931 396
0.202 397/1
0.156 397/2
0.155
0.405 399/1
399/2
0.575 401
0.085 403
0.668 407/1
0.246 407/2
0.291 407/3
0.370 408
0.877 424
0.120 428
0.097 429
0.024 430
0.275 433
1.400 435
0.049 436
1.072 437/1
1,200 (1)
(2)
437/2
1.200
440
1.562
443
0.101
445
0.135
453
0.405
0.300
454
456
0.328
457
0.158
458
0.255
460
0.032
555
0.142
557
0.309
560
0.142
563
0.640
564
0.486
570
0.329
571
0.162
33.552
योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- मामौन तालाब के भराव हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला नीमच , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग नीमच , दिनांक 1 जून 2010
क्र. 999 - भू-अर्जन- 2010-प्र. क्र. 02-अ-82-2009-10-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-नीमच
(ख) तहसील-नीमच भाग 1 ]
1413
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जून 2010
(ग ) नगर/ग्राम- दीपूखेड़ी
खसरा नम्बर-171 पैकी रकबा 0.15 हेक्टर.
(घ)
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- रेतम बैराज परियोजना अन्तर्गत डूब में आ रही ग्राम-दीपूखेड़ी की भूमि पर स्थित मकानों का अर्जन.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन, भू-अर्जन अधिकारी, उपखण्ड-नीमच के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , संजय गोयल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग विदिशा, दिनांक 1 जून 2010
प्र. क्र. 04- भू-अर्जन-अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, एतद्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-विदिशा
(ख) तहसील- विदिशा
ग्राम- पीपलखेड़ा
(ग)
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.682 हेक्टर .
सर्वे नम्बर
रकबा
(हे. में. )
(2)
(1)
525/1
0.295
155/1
0.149
0.057
156/2
156/3
0.080
0.051
157/1ख
157/2/1
0.050
योग 0.682
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है-पीपलखेड़ा नहर की एल . एम. 6 के निर्माण हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का उपखण्ड अधिकारी , विदिशा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
विदिशा, दिनांक 5 जून 2010
प्र. क्र. 37 - अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-विदिशा
(ख) तहसील- शमशाबाद
ग्राम- साडेर
(ग )
लगभग क्षेत्रफल- 123.515 हेक्टर .
(घ)
सर्वे नम्बर
रकबा (हे. में. )
(1)
(2)
1.336
354/2
350/1
0.021
0.826
386
626
1.640
0.073
645
660
0.533
450
0.167
477
1.160
0.136
387/1
0.627
387/2
184/1
0.660
0.270
410/1/1
0.073
184/2
0.105
410/1/2
1.170
187/1
0.700
187/2
187/3
0.800
0.315
397/1
1.118
397/2
0.523
399
1.317
400
445
0.219
447/2
0.272
476
1.191
0.606
658
0.658
401मि.
1414
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
(1)
(2). 652मि.
0.073 401 मि.
0.658 403
0.450
1.132 666 मि.
2.707 404
482/2
0.100
0.073 458 मि.
462 मि.
0.030 473 मि.
0.313 474
0.492 405
0.982 406
1.202
1.421 407
0.210 410/2
0.230 410/3
412/1
0.874 412/2
0.874
0.875 412/3
413
1.045
1.244 415
416/1 /1 क
2.180 416/1/2क
2.000
3.000 416/1 ख/1
5.765 416/1ख/2
416/2
0.976 417
1.139 418
0.868
0.355 427
1.339 434
1.024 435
436
0.679 457
0.261 480
0.384 647
0.084
0.690 .
422
424
0.460 659
0.874 467
0.846
1.087 439
459
0.188 465
0.293
0.073 652 मि.
468
0.418 426
0.460
(2)
(1)
460
0.094
0.470
470/1
0.512
642
1.035
663
0.690
661
0.167
475
0.073
462 मि.
482/3
0.601
0.314
473 मि.
0.272
430
448
0.011
0.052
452/1
0.063
454
0.167
455
458 मि.
0.073
425
0.240
0.272
456
479
0.763
0.073
646
0.721
429
0.297
446 मि.
0.034
462मि.
0.240
471 मि.
666 मि.
1.052
0.105
471 मि.
0.073
472
664
1.651
0.124
446 मि.
0.449
431
0.219
441
0.241
449
630
2.090
648
0.397
0.690
437
444
0.345
0.418
653
446 मि.
0.143
447/1
0.198
0.062
462मि.
451/1
0.042
1.284
469/1
451/2
0.042
627/1
1.283
451/3
0.042 भाग 1 ]
1415
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
(1)
(2) 469/2
0.107
0.261 627/3
451/4
0.041 627/4
0.160 451/5
0.042 627/2
0.282 662
0.543 669
0.010 644
0.084
0.021 452/2
532/2/2
0.030
0.282 464
470/2
0.366 478/1
1.045 478/2
1.045 478/3
0.314 651/2
0.613 570/1
0.321 570/2मि.
0.516
0.522 570/2मि.
571/1
0.383
0.384 571/2
571/3
0.192 571/4
0.192 572/1
0.444 572/2
0.444
0.523 573
0.314 574
575
0.501 531
0.251 532/2/1
0.043 577
0.355 578/1
0.054
0.040 578/3
578/2
0.038 579
0.146 586
0.125 587
0.178 609/1
1.045 617
1.672 609/2
0.565 610
1.672 618/2
0.523 620/2
0.313 (1)
(2)
2.090
614
615
2.090
616
1.432
618/1
0.422
620/1
0.052
623/1
1.045
623/2
1.045
0.826
628
2.675
634
670
1.896
636
1.014
637
0.313
638
0.888
639/1
1.881
1.369
639/2
1.787
649
0.543
650
654
0.314
0.074
652मि.
0.073
652मि.
656
0.648
0.878
657
0.871
659 मि.
665
2.090
667
1.306
668
1.066
606
1.338
0.355
354/3
350/2
0.418
351
0.251
352
0.031
353
0.136
0.032
199
532/1
0.011
581
0.080
0.045
580
योग 123.515
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सगड़ मध्यम सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य एवं डूब क्षेत्र.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, भू- अर्जन अधिकारी, नटेरन एवं कार्यपालन यंत्री संजय सागर, परियोजना बाह नदी संभाग , गंजबासौदा में किया जा सकता है .
1416
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
क्र. 04-अ-82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की नहर निर्माण हेतु आवश्यकता है . :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- विदिशा
(ख ) तहसील- शमशाबाद
(ग) नगर/ ग्राम- बेरखेड़ी अहीर
(घ) लगभग क्षेत्रफल -4.414 हेक्टर.
सर्वे क्रमांक
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में. )
(1)
(2)
2
0.100
3
0.178
4
0.224
6
0.230
10
0.178
12
0.100
13
0.180
23/4
0.200
30/2
0.640
161/1
0.085
161/2
0.085
162/1
0.145
162/2
0.145
162/3
0.145
162/4
0.145
162/5
0.145
162/6
0.145
168/2
0.672
168/3
0.672
योग .. 4.414
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है- संजय सागर (बाह) मध्यम परियोजना की नहर निर्माण हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिला अध्यक्ष विदिशा, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय ( राजस्व) नटेरन एवं कार्यपालन यंत्री , संजय सागर बाह नदी संभाग गंज बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 05- अ-82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की संजय सागर ( बाह) मध्यम परियोजना की नहर निर्माण हेतु आवश्यकता है . :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
जिला- विदिशा
(क)
(ख) तहसील- शमशाबाद
(ग) नगर/ ग्राम- मझेरा
घ) लगभग क्षेत्रफल- 7.728 हेक्टर.
(
सर्वे क्रमांक
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में.)
(1)
(2)
21
0.384
0.425
25/1
25/2
0.425
27/1
0.200
0.200
27/2
27/3
0.500
0.350
50
55
0.423
56
0.360
57
0.117
60
0.050
0.750
62/2/1
174
0.100
176/2
0.650
176/3
0.218
184/1
0.052
220/1
0.115
0.105
220/2
221/1 क
0.240
221/ 1 ख
0.235
0.039
221/2
0.245
223
224/1
0.400
225
0.209
226
0.627
227
0.209
228
0.100
योग .. 7.728 भाग 1 ]
1417
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जून 2010
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है- संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिला अध्यक्ष विदिशा/ भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय (राजस्व) नटेरन एवं कार्यपालन यंत्री , संजय सागर बाह नदी संभाग गंज बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 06- अ- 82-2009-10 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की नहर निर्माण हेतु आवश्यकता है. :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- विदिशा
(ख) तहसील - शमशाबाद
(ग) नगर/ग्राम- नहरयाई
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 1.159 हेक्टर.
सर्वे क्रमांक
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में. )
(1)
(2)
143/1/5
0.004
143/1/7
0.500
143/1/8
0.505
0.050
146/1
146/2
0.050
146/3
0.050
योग .. 1.159
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है- संजय सागर (बाह ) मध्यम परियोजना की नहर निर्माण हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिला अध्यक्ष विदिशा/ भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय (राजस्व) नटेरन एवं कार्यपालन यंत्री , संजय सागर बाह नदी संभाग गंज बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. सी. शुक्ला , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग झाबुआ, दिनांक 2 जून 2010
क्र. 1563 - भू- अर्जन- 2010 - रा.प्र.क्र.. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- झाबुआ
(ख) तहसील - पेटलावद
(ग ) ग्राम- बिजोरी ( नहर )
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.40 हेक्टेयर.
रकबा
सर्वे नम्बर
(हे. में)
(2)
(1)
0.02
153
157
0.02
154
0.16
155
0.13
157
0.05
141/1
0.02 योग 0.40
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- तम्बोलिया तालाब के नहर निर्माण होने से ग्राम, ग्राम बिजोरी का कुल रकबा निजी भूमि 0.40 हेक्टर.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 1565- भू-अर्जन- 10- रा.प्र.क्र. अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन 1418
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह भी घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- झाबुआ
(ख ) तहसील- पेटलावद
(ग) ग्राम- पारेवा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.87 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
रकबा (हे. में)
(1)
(2)
416
0.10
433
0.20
391
0.04
385
0.13
386
0.01
148/1
0.02
149/1
0.04
148/2
0.10
0.02
149/2
150
0.08
157/1
0.08
0.17
151
196
0.07
254
0.14
203
0.14
205
0.17
226
0.12
491
0.29 योग 1.87
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- पारेवा तालाब के नहर निर्माण होने से ग्राम पोरवा का कुल रकबा निजी भूमि 1.87 हेक्टर.
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शोभित जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग धार , दिनांक 5 जून 2010
क्र. 904 - भू-अर्जन- औ.एस.पी.- 2010 - भू-अर्जन-प्र. क्र. 6- अ-82-2008-09- संशोधित. कार्यालयीन पत्र क्र. 425 - प्र.क्र. 6- अ- 82-2008 , दिनांक 30 मार्च 2010 द्वारा ग्राम देवलरा , तहसील मनावर, जिला धार का रकबा 17.665 हे . के भू- अर्जन प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम ( सन् 1894 क्रमांक एक ) की धारा 6 के अन्तर्गत जारी उद्घोषणा का प्रयोजन, औंकारेश्वर नहर परियोजना अन्तर्गत नहर निर्माण से प्रभावित का प्रकाशन, मध्यप्रदेश राजपत्र भाग- एक पृष्ठ क्रमांक 649-650, दिनांक 19 अप्रैल 2010 पर तथा दो समाचार- पत्रों क्रमशः अग्निबाण , दिनांक 6 अप्रैल 2010 एवं स्वदेश दिनांक 10 अप्रैल 2010 के अंक में प्रकाशन हुआ है . जिनका जी- नंबर 11112/10 है.
जिसके स्थान पर निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे.
संशोधित रकबा सर्वे नम्बर पूर्व में प्रकाशित रकबा
(2)
(3) (1)
0.075
0.000 4/1/2
4/2/1
0.035
0.155
4/2/2
0.035
0.155
4/2/3
0.155
0.035 4/2/4
0.155
0.035
विलोपित 4/3 पैं.
0.155
4/3 पैं.
0.200
विलोपित
0.000
4/3
0.202 31/3
0.000
0.035 31/7/1
0.080
0.220 31/7/2
0.000
0.079 48/1
0.650
0.194 48/2
0.260
0.088 47/2/1
0.039
0.100
47/2/2/1
0.102
0.000
47/2/2/2
0.000
0.061 47/1
0.250
0.059
0.020
340/2/3
0.044
0.075
52
विलोपित
0.050 120/1/1
0.106
120/1/4
0.000
0.050 341/4
0.061 109/2
0.132
0.210
112/2
0.100 भाग 1 ]
1419
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
(1)
(2)
(3) 119/1/2/1
0.085
विलोपित
0.204
विलोपित 339/1
0.300
विलोपित 112/2
0.070
विलोपित 45/2
0.155
विलोपित 98/3
0.230
0.088 98/2
0.250
0.088 92/4/3
0.175
विलोपित
0.000
92/4/ 1ख
0.065 92/4/2/2
0.000
0.084 91/1
0.230
0.299 154/2
0.025
विलोपित
0.184 90/5/1
0.030
0.450
90/5/2
0.326 380/1
0.120
0.190 364
0.600
1.223 374/3
0.100
0.242 371 पैं
0.040
विलोपित 370
0.350
0.141 122/1/2
0.051
विलोपित 187/1
0.500
0.341 190/1
0.270
0.180 190/2
0.270
0.180 210
0.420
0.321 211
0.160
0.040 212/1
0.020
0.088 212/2
0.640
0.308 87/1
0.380
विलोपित 219
0.000
0.272 283/1
0.280
विलोपित
0.000
283/2
0.198
0.100
275/1
0.150 275/2
0.500
0.340
0.000
119/1/4
0.080
0.000
112/1
0.088 119/1/3
0.000
0.140 167/1/1
0.000
0.074
0.000
339/2
0.160 339/4/2
0.180
विलोपित 339/4
0.000
0.140 341/3
0.160
0.092
0.400
99
0.300
0.210
109/1
0.132 120/1/2
0.100
0.050 (1)
(3)
(2)
0.050 120/1/3
0.100
4/4
0.455
0.361 7/2
0.500
0.273
0.106 226
0.150
0.176 227
0.220
0.080
232/2
0.134 232/3
0.075
0.035 232/5
0.080
0.035
0.080
232/6
0.044 शेष प्रविष्टियां यथावत रहेगीं.
क्र. 906 - भू- अर्जन- स.स.प. - 2010 - भू-अर्जन- प्र. क्र. 61- अ-82-2008-09-संशोधित. कार्यालयीन पत्र क्र. 423 - प्र.क्र. 61- अ-82-08-09 , दिनांक 30 मार्च 2010 द्वारा ग्राम गोंगावां , तहसील मनावर, जिला धार का रकबा 3.225 हे. के भू-अर्जन प्रकरण में भू- अर्जन अधिनियम ( सन् 1894 क्रमांक एक ) की धारा 6 के अन्तर्गत जारी उद्घोषणा का प्रयोजन, औंकारेश्वर नहर परियोजना अन्तर्गत नहर निर्माण से प्रभावित का प्रकाशन , मध्यप्रदेश राजपत्र भाग - एक पृष्ठ क्रमांक 650-651 , दिनांक 9 अप्रैल 2010 पर तथा दो समाचार- पत्रों क्रमशः नई दुनिया, दिनांक 6 अप्रैल 2010 एवं स्वदेश दिनांक 10 अप्रैल 2010 के अंक में प्रकाशन हुआ है . जिनका जि- नंबर 11102/10 है.
जिसके स्थान पर निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे.
संशोधित प्रविष्टि पूर्व में प्रकाशित
खसरा नं .
रकबा
खसरा नं.
रकबा (हेक्टे. )
(हेक्टे.) 122/11
0.214
122/1/1
0.214 शेष प्रविष्टियां यथावत रहेगीं.
धार, दिनांक 8 जून 2010 संशोधन- पत्र
प्र. क्र. 21 - अ- 82-08-09- भू-अर्जन 10. इस कार्यालय द्वारा भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत जारी की गई अधिसूचना प्र. क्र. 21 - अ- 82-08-09- भू-अर्जन ग्राम ननोदा, तह. कुक्षी के लिए इस कार्यालय के पत्र क्रमांक 253 - भू-अर्जन-10 , दिनांक 30 मार्च 2010 के द्वारा नियंत्रक, केन्द्रीय शासकीय मुद्रणालय , भोपाल की ओर राजपत्र में प्रकाशन हेतु भेजी गई थी. उक्त अधिसूचना का प्रकाशन राजपत्र में 1420
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
दिनांक 9 अप्रैल 10 , पृष्ठ क्रमांक 637-638 में त्रुटीपूर्ण प्रकाशन होने से निम्नानुसार संशोधन नीचे दर्शाए अनुसार पढ़ा जावे.
ग्राम ननोदा
प्रकाशन हुआ
प्रकाशन होना था जो पढ़ा जावे सर्वे नं.
सर्वे नं.
रकबा (हेक्टर में )
(2)
(1)
0.180
53/1
57/1
0.460
0.100
57/2
43/2
0.493
0.088
40
76/1
0.141
रकबा
(हेक्टर में)
0.640
232/1
232/1
0.370
0.270 232/2
0.340
232/3/1
313/1 क
0.320 नोट.- प्रकरण से संबंधित शेष विवरण पूर्व प्रकाशन अनुसार ही रहेगा.
क्र. 941 -वाचक- प्र.क्र. 71 - अ- 82-2008-09 -.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-धार
(ख ) तहसील - मनावर
(ग) ग्राम - माण्डवी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-9.610 हेक्टर.
सर्वे नं. निजी
(1)
अर्जित रकबा (हे. में ) (2)
58/1
0.360
58/2
0.180
62/1
0.220
33/2
0.135
28
0.060
29/1
0.460
29/2
0.380
33/1/1
0.380
33/1/2
0.260
0.200
45/1
0.247
47/1
0.200
47/2
0.200
46/1
0.120
50/1
0.180
50/2
0.220
50/3
0.030
54
0.180
0.423
77
78/1 ख/ 1
0.088
0.200
238/185
0.160
185/1 ख
0.229
171
0.097
192/2/2
172/1
0.176
172/2
0.176
0.200
174/3
0.080
192/3
177
0.299
0.211
178
192/2/1
0.097
0.211
191/1
209
0.299
0.211
210
0.050
220/ 1 /3ख/1
0.035
221/1
0.440
220/1 / 1 ख
220/1/ 3क
220/2ग
0.100
220/ 1/3ख
0.090
224/1/2
0.176
0.088
228/1
9.610
योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- औंकारेश्वर की मुख्य नहर की आर.डी. 156200 मी. से निकलने वाली डिस्ट्रीब्यूटरी क्र. 17 की आर. डी. 1565 मी . से 4220 मी. तक तथा डी. एम. 77 की आर.डी. 2120 मी. से 3270 मी. तथा उसकी मायनरों के बीच नहर निर्माण हेतु .
(3 ) भू- अर्जन की धारा 6 के अन्तर्गत अर्जन कार्यवाही हेतु आदेशित किया जाता है .
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला धार एवं भू- अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 , मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
1421
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जून 2010
कार्यालय, कलेक्टर, जिला रतलाम , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग रतलाम, दिनांक 9 जून 2010
क्र. 2608- भू- अर्जन- 2010-प्र.क्र. 24-अ-82-08-09.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रतलाम
(ख) तहसील- सैलाना
(ग) ग्राम-सैलाना
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.160 हेक्टर.
सर्वे नंबर
(1)
रकबा (हेक्टर में) (2) 350/2
0.100
0.400 352/3
0.020 352/2
0.080 354/1
354/2
0.040 407
0.010 412/1
0.030 408
0.050 409
0.040
0.190 477
0.080 474/1
474/2
0.100 464/1
0.200 463
0.430 561
0.340 558
0.100 565
0.100
0.080 556
0.120 557
567
0.030 563
0.420 568/4
0.030 570
0.050 474/3
0.120 3.160
महायोग ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सैलाना बायपास मार्ग के निर्माण हेतु भूमि का भू-अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व , सैलाना के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग नरसिंहपुर, दिनांक 14 जून 2010
प्र.क्र. 12 - अ- 82 - वर्ष 09-10- प. क्र. 244.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख) तहसील -गाडरवारा
(ग) ग्राम-खैरी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-7.874 हेक्टर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हे. में)
(2) (1)
2.621 115/2ख
119/2
2.016 118/1
1.619 118/2
0.542
0.809 118/3
118/4
0.267 योग .. 7.874 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-220 के. व्ही. उपकेन्द्र निर्माण हेतु कारण.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टरेट नरसिंहपुर में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विवेक पोरवाल , कलेक्टर एवं पदेन उप सचिव.
1422
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जून 2010
श्रम विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 11 जून 2010
क्र. एफ -4 ( ई ) -6-1998- ए- सोलह. मध्यप्रदेश औद्योगिक संबंधी अधिनियम, 1960 ( क्र. 27 सन् 1960 ) की धारा 6 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए, एतद् विषयक पूर्व में प्रसारित अधिसूचना क्र. एफ-4 (ई ) -6-1998- ए-सोलह, दिनांक 11 जनवरी 2008 को अधिक्रमित करते हुए, राज्य शासन एतद्वारा नीचे दी गई प्रथम एवं द्वितीय अनुसूची में उल्लेखित व्यक्तियों को क्रमशः श्रम पदाधिकारी एवं उप श्रम पदाधिकारी नियुक्त करता है: -
प्रथम अनुसूची
1. श्री एल. के. पाण्डेय
2. श्री आर. जी. पाण्डेय
3. डॉ. वासुदेव सरकार
4. श्री एल. पी. पाठक
5. श्री प्रभात दुबे
6. श्रीमती सुशीला सिंह चंदेल
7. श्री आर. एस. यादव
8. श्री एच. सी. मिश्रा
9. श्रीजे. एस. उद्दे
10. श्री जी. सी. नाग
11 . श्री एस . एस . दीक्षित
12. श्री बी. एल. गौतम
13. श्री आशीष पालीवाल
14. श्री चिरंजित सिंह कुशवाह
15. श्री भानुप्रताप सिंह
16. श्री भगवत प्रसाद
17. श्रीमतीनीलमसिंह
18. श्रीमती मेघना भट्ट
19. श्रीमती पी. जासेमिन अली
20. श्रीकीर्ति कुमार गुप्ता
21. श्रीमती रजनी मालवीय
22. श्रीमती संध्या सिंह
23. श्री एच. के. अहिरवार
24. श्री रामकरण सिंह भिलाला
25 . श्री एल. पी . धनोलिया
26. श्री प्रहलाद कदम
27. श्री शिवसिंह मण्डलोई
28. श्री राजेश त्रिवेदी
29. श्री अरविन्द प्रकाश सक्सेना
30. श्री अनिल सिंह
31. श्री शैलेन्द्र सिंह सोलंकी
32. श्री मोहनसिंह ठाकुर
34.
33. श्रीमती राखी जोशी श्री दशरथलाल सूर्यवंशी
35. श्री हेमचन्द गुप्ता
36. श्रीगोपालस्वामी
37. श्री के. के. चौधरी
38. श्री टी. डी. चौबे
39. डॉ. जी. डी. द्विवेदी
द्वितीय अनुसूची
1. श्री अमरसिंह अलावा
2. श्री विजयवीर सिंह चौहान
3. श्री महेशचंद्र मिश्रा
4. श्री साहेबराव सेंदाणे
No. F - 4 ( E ) -6-1998 - A - XVI . In exercise of powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 6 of Madhya Pradesh Industrial Relations Act , 1960 (No. 27 of 1960) and in supersession of Notification No. F - 4 (E) - 6-1998 - A- XVI , dated 11th January 2008 on the subject , the State Government hereby appoints persons mentioned in the First Schedule and the Second Schedule to be respectively Labour Officers and Dy . Labour Officer:-
FIRST SCHEDULE
1. Shri L. K. Pandey
2. Shri R. G. Pandey
3 . Dr. Vasudev Sarkar
4. Shri L. K. Pathak 5 . Shri Prabhat Dubey
6. Smt . Susheela Singh Chandel
7 . Shri R. S. Yadav
8. Shri H. C. Mishra
9. Shri J. S. Uddey
10 . Shri G. C. Nag
11. Shri S. S. Dixit
12 . Shri B. L. Gautam
13 . Shri Ashish Paliwal
14. Shri Chiranjit Singh Kushwah
15. Shri Bhanu Pratap Singh
16. Shri Bhagwat Prasad
17. Smt . Neelam Singh
18. Smt . Meghna Bhatt
19. Smt . P. Hasemin Ali
20. Shri Kirti Kumar Gupta
21. Smt . Rajni Malviya
22. Smt. Sandhya Singh
23. Shri H. K. Ahirwar
24. Shri Ramkaran Singh Bhilala
25. Shri L. P. Dhanoliya
26. Shri Prahalad Kadam
27. Shri Rajesh Trivedi
28. Shri Shiv Singh Mandloi
29. Shri Arvind Prakash Saxena
30 . Shri Anil Singh
31. Shri Shailendra Singh Solanki
32. Shri Mohan Singh Thakur
33. Smt . Rakhi Joshi
34. Shri Dasrathlal Suryavanshi
35. Shri Hemchandra Gupta
36. Shri Gopal Swami
37. Shri K. K. Choudhary
38. Shri T. D. Choube
39. Dr. G. D. Dwivedi
SECOND SCHEDULE
1. Shri Amar Singh Alawa
2. Shri Vijayveer Singh Chouhan
3. Shri Mahesh Chandra Mishra
4. Shri Saheb Rao Sendane
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मंगला भालेराव , उप सचिव.