मध्यप्रदेश
शासन
मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल डाक परिमंडल, के पत्र क्रमांक 22/153, दिनांक 10-1-06 द्वारा पूर्व भुगतान योजनान्तर्गत डाक व्यय की पूर्व अदायगी डाक द्वारा भेजे जाने के लिए अनुमत.
पंजी. क्रमांक भोपाल डिवीजन म. प्र. - 108- भोपाल- 09-11 .
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 28 ]
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 9 जुलाई 2010- आषाढ़ 18 , शक 1932
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, (6 ) निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट .
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.
4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग
(3) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख ) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम,
(3) संसद्के अधिनियम ,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 15 जून 2010
क्र. ई - 1-243-2010-5- एक. श्रीमती रजनी उइके , भाप्रसे (1999) उपसचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ आगामी आदेश तक, सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जात है .
(2 ) उपरोक्तानुसार श्रीमती रजनी उइके , द्वारा सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अनुपम राजन, भाप्रसे ( 1993 ) , सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग
1541
तथा संचालक, महिला एवं बाल विकास , मध्यप्रदेश केवल सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यभार से मुक्त होंगे और उक्त तिथि से उनकी मूल पदस्थापना संचालक, महिला एवं बाल विकास, मध्यप्रदेश के पद पर की जाती है.
भोपाल , दिनांक 18 जून 2010
क्र. ई - 5-460- आयएएस लीव- 5 - एक.-( 1 ) श्री आलोक श्रीवास्तव, भाप्रसे ( 1984 ) , पर्यावरण आयुक्त तथा पदेन प्रमुख , सचिव, मध्यप्रदेश शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा महानिदेशक, एप्को तथा प्रशासक, राजधानी परियोजना प्रशासन तथा प्रमुख सचिव , अपरम्परागत ऊर्जा विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 28 अप्रैल 2010 द्वारा दिनांक 21 जून से 3 जुलाई 2010 तक, तेरह दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत कर दिनांक 19, 20 जून तथा 4 जुलाई 2010 का सार्वजनिक नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2010.
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[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(2) अवकाश से लौटने पर श्री अनुराग जैन को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव, मुख्यमंत्री तथा सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
अवकाश जोड़ने की अनुमति दी गई है. उक्त अवकाश अवधि में उनके विभाग का प्रभार श्री सेवाराम , भाप्रसे ( 1984 ) , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , मछलीपालन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग को सौंपा गया है .
(3 ) अवकाशकाल में श्री अनुराग जैन को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अनुराग जैन अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
भोपाल , दिनांक 21 जून 2010 (2 ) राज्य शासन उक्त आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए श्री सेवाराम के स्थान पर श्री ए. पी. श्रीवास्तव, भाप्रसे ( 1984) प्रमुख सचिव, वाणिज्यिक कर विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ पर्यावरण आयुक्त तथा पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा महानिदेशक, एप्को तथा प्रशासक, राजधानी परियोजना प्रशासन का प्रभार उक्त अवधि में सौंपा जाता है.
क्र. ई- 5-416- आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री के. सुरेश , आयएएस. , सदस्य सचिव, राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग को दिनांक 21 जून से 3 जुलाई 2010 तक, कुल तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
(3) श्री आलोक श्रीवास्तव , भाप्रसे ( 1984 ) की अवकाश अवधि में श्री मोहम्मद सुलेमान, भाप्रसे ( 1989 ) , सचिव, ऊर्जा विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अपरम्परागत ऊर्जा विभाग का प्रभार सौंपा जाता है.
क्र. ई - 5-464- आयएएस लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री जयदीप गोविन्द, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग को दिनांक 22 से 30 जून 2010 तक, नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2) श्री के. सुरेश की अवकाश की अवधि में श्री जी. पी. सिंघल, आयएएस . , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, सदस्य सचिव , राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का प्रभार सौंपा जाता है .
( 2) श्री जयदीप गोविन्द की अवकाश अवधि में श्री सेवाराम, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , मछलीपालन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, उच्च शिक्षा विभाग का प्रभार सौंपा जाता है .
(3) अवकाश से लौटने पर श्री के. सुरेश को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सदस्य सचिव, राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव , योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री जयदीप गोविन्द को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री के. सुरेश द्वारा सदस्य सचिव, राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री जी . पी . सिंघल , सदस्य सचिव, राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे.
(4) श्री जयदीप गोविन्द द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , उच्च शिक्षा विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री सेवाराम, उच्च शिक्षा विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे .
- ( 5 ) अवकाशकाल में श्री के. सुरेश को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(5) अवकाशकाल में श्री जयदीप गोविन्द को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. सुरेश अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री जयदीप गोविन्द अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
भोपाल, दिनांक 23 जून 2010 क्र. ई- 5-556- आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री अनुराग जैन , आयएएस. , सचिव, मुख्यमंत्री तथा सचिव , सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को दिनांक 14 से 18 जून 2010 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
क्र. ई -5-481 - आयएएस लीव -5 - एक. ( 1 ) श्री इकबाल सिंह बैस, आयएएस. , प्रमुख सचिव , मुख्यमंत्री तथा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , विमानन विभाग तथा पर्यटन विभाग एवं पदेन आयुक्त, पर्यटन मध्यप्रदेश को दिनांक 21 से 23 जून 2010 तक, तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
भाग 1 ]
(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री इकबाल सिंह बैंस को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री तथा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , विमानन विभाग तथा पर्यटन विभाग एवं पदेन आयुक्त, पर्यटन मध्यप्रदेश के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाशकाल में श्री इकबाल सिंह बैंस को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री इकबाल सिंह बैंस अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई - 5-485- आयएएस लीव- एक-5.- श्री के. पी . सिंह, आयएएस. , वि.क.अ. सह- पंजीयन महानिरीक्षक एवं अधीक्षक, मुद्रांक, मध्यप्रदेश को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 11 जून 2010 द्वारा दिनांक 21 जून से 3 जुलाई 2010 तक, तेरह दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए, अब उन्हें दिनांक 23 जून से 9 जुलाई 2010 तक, सत्रह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 11 जून 2010 की शेष कंडिकायें यथावत् रहेंगी.
क्र. ई- 5-690 - आयएएस लीव- 5 - एक. श्री अनिरूद्ध मुकर्जी, आयएएस. , सचिव, मध्यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को दिनांक 28 जून से 9 जुलाई 2010 तक बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 27 जून एवं 10 , 11 जुलाई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .
(2) अवकाश से लौटने पर श्री अनिरूद्ध मुकर्जी को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव , मध्यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सड़क परिवहन विभाग के पद पर पुंनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्री अनिरूद्ध मुकर्जी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अनिरूद्ध मुकर्जी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई- 5-414- आयएएस- लीव - एक-5.- ( 1 ) श्री राघव चन्द्रा, आयएएस. , राहत आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व एवं पुनर्वास विभाग तथा पुनर्वास आयुक्त एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
दिनांक 15 जून 2010 द्वारा दिनांक 21 जून से 9 जुलाई 2010 तक, उन्नीस दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश तथा दिनांक 19 , 20 जून एवं 10, 11 जुलाई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति के साथ स्वीकृत किया गया है .
(2 ) श्री राघव चन्द्रा की अवकाश में श्रीमती सीमा शर्मा, आयएएस. , नियंत्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री एवं पदेन सचिव, राजस्व विभाग तथा पदेन अपर राहत आयुक्त को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ राहत आयुक्त तथा पुनर्वास आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव , धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का प्रभार सौंपा जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनिवैश्य, मुख्य सचिव.
भोपाल , दिनांक 17 जून 2010
क्र. ई-5-757- आयएएस- लीव- 5 - एक. श्री अरूण कोचर , आयएएस. , आयुक्त आदिवासी विकास मध्यप्रदेश तथा पदेन सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग एवं संचालक, विमानन को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 18 मई 2010 द्वारा दिनांक 17 मई से 5 जून 2010 तक, बीस दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए, अब उन्हें दिनांक 17 मई से 1 जून 2010 तक, सोलह दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 15 , 16 मई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
क्र. ई- 5-851 - आयएएस- लीव- 5 - एक. श्री एम . बी. ओझा , आयएएस. , संचालक ग्रामीण रोजगार को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 30 अप्रैल 2010 द्वारा दिनांक 24 अप्रैल से 1 मई 2010 तक, छः दिन का स्वीकृत अर्जित अवकाश उपभोग नहीं किए जाने के कारण एतद्वारा निरस्त किया जाता है .
भोपाल , दिनांक 18 जून 2010
क्र. ई - 5-561- आयएएस लीव- 5- एक. श्री टी. धर्माराव, आयएएस . , कमिश्नर, उज्जैन संभाग , उज्जैन को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 17 मई 2010 द्वारा दिनांक 19 मई से 9 जून 2010 तक, बाईस दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए, अब उन्हें दिनांक 19 मई से 5 जून 2010 तक, अठारह का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 6 जून 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(2) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 17 मई 2010 की शेष कंडिकायें यथावत रहेंगी.
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
[ भाग 1
(2) अवकाश से लौटने पर सुश्री मधुरानी तेवतिया को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सहायक कलेक्टर, जिला जबलपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
क्र. ई - 5-814- आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्रीमती उर्मिल मिश्रा, आयएएस. , अपर आयुक्त ( राजस्व) , भोपाल /नर्मदापुरम संभाग को दिनांक 7 से 11 जून 2010 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 12, 13 जून 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(3 ) अवकाशकाल में सुश्री मधुरानी तेवतिया को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश परं जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री मधुरानी तेवतिया अवकाश पर नहीं जाती तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.
( 2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती उर्मिल मिश्रा को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक , स्थानापन्न अपर आयुक्त ( राजस्व) , भोपाल/नर्मदापुरम संभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एस. तोमर, अवर सचिव.
(3) अवकाशकाल में श्रीमती उर्मिल मिश्रा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
श्रम विभाग
(4) प्रमाणित किया जाता है किं यदि श्रीमती उर्मिल मिश्रा अवकाश पर नहीं जाती तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 22 जून 2010
भोपाल, दिनांक 15 जून 2010
सूचना
क्र. एफ. 9-1-2004- ब-सोलह. यतः, कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 ( 1948 का 34 ) की धारा 1 की उपधारा ( 5 ) के उपबंधों के अनुसरण में, राज्य सरकार, केन्द्र सरकार के अनुमोदन से उक्त अधिनियम के उपबंधों का विस्तार नीचे दी गई सारणी में विनिर्दिष्ट स्थापनाओं के वर्गों पर करने का आशय रखती है.
क्र. ई - 5-558- आयएएस- लीव-एक- 5.- श्री विनोद कुमार, आयएएस. , आयुक्त, भू- अभिलेख एवं बंदोबस्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 30 अप्रैल 2010 द्वारा दिनांक 17 मई से 5 जून 2010 तक, बीस दिन के स्वीकृत एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए, अब उन्हें दिनांक 17 मई से 11 जून 2010 तक, छब्बीस दिन का एक्स - इंडिया अर्जित कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 15 एवं 16 मई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
अतएव , एतद्वारा सूचना दी जाती है कि किसी व्यक्ति को उपर्युक्त अधिनियम के उपबंधों के प्रस्तावित विस्तारण पर कोई आपत्ति हो तो, लिखित में अपनी आपत्ति राज्य सरकार, श्रम विभाग , मंत्रालय , भोपाल में, इस सूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशन की तारीख से छह मास के भीतर प्रस्तुत कर सकेगाः- क्र. ई- 5-861- आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) सुश्री के. वासुकी, आयएएस. , सहायक कलेक्टर, जिला शहडोल को दिनांक 21 मई से 9 जून 2010 तक, बीस दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.
सारणी
(2) अवकाश से लौटने पर सुश्री के. वासुकी को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सहायक कलेक्टर , जिला शहडोल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
स्थापनाओं का विवरण (1)
क्षेत्र जहां स्थापनाएं स्थित है (2) (3 ) अवकाशकाल में सुश्री के. वासुकी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
क्षेत्र, जहां उक्त अधिनियम की धारा -1 ( 3 ) और 1 ( 5 ) पूर्व से ही प्रवृत्त की जा चुकी है .
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री के. वासुकी अवकाश पर नहीं जाती तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.
व्यक्तियों, न्यासों, सोसाइटियों या अन्य संगठनों द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थाएं ( सार्वजनिक, निजी, सहायता या आंशिक सहायता प्राप्त संस्थाओं सहित ) जिनमें पूर्ववर्ती बारह मास के किसी भी दिन को 20 या अधिक व्यक्तिनियोजित है .
क्र. ई - 5-860- आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) सुश्री मधुरानी तेवतिया, आयएएस . , सहायक कलेक्टर, जिला जबलपुर को दिनांक 20 से 31 मई 2010 तक, बारह दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मंगला भालेरॉव , उपसचिव.
भाग 1 ]
1545
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
भोपाल , दिनांक 15 जून 2010
क्र. एफ. 9-1-2004- ब- सोलह. भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में , इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 15 जून 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मंगला भालेरॉव, उपसचिव.
Bhopal , the 15th June 2010
NOTICE
F. No. 9-1-2004- B - XVI.-WHEREAS , in pursuance of the provisions of sub- section (5) of section 1 of the Employee's State Insurance Act , 1948 ( No. 34 of 1948) the State Government , with the approval of the Central Government , intends to extend the provisions of the said Act to class of establishments specified in the table below .
NOW , THEREFORE , Notice is hereby given that any person having objection to the proposed extension of the provisions of the aforesaid Act may submit his objection in writing to the State Government in the Labour Department , Mantralaya , Bhopal within six months from the date of publication of this notice in the "Madhya Pradesh Gazette . "
TABLE
Areas in which the Establishments are situated (2)
Description of Establishments (1)
Areas where the aforesaid Act has already been brought into force under section 1 (3 ) and 1 ( 5) of the Act.
Educational Institutions (including public , Private , aided or partially aided) run by individuals , trustees , societies or other originations , wherein 20 or more persons are employed on any day of the preceding twelve months .
By order and in the name of the Governor of the Madhya Pradesh , MANGLA BHALERAO , Dy . Secy.
भोपाल, दिनांक 15 जून 2010
सूचना
क्र. एफ. 9-3-2005- ब- सोलह- यतः , कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 ( 1948 का 34 ) की धारा 1 की उपधारा ( 5 ) के उपबंधों के अनुसरण में, राज्य सरकार, केन्द्र सरकार के अनुमोदन से उक्त अधिनियम के उपबंधों का विस्तार नीचे दी गई सारणी में विनिर्दिष्ट स्थापनाओं के वर्ग पर करने का आशय रखती है.
अतएव, एतद्वारा सूचना दी जाती है कि किसी व्यक्ति को उपर्युक्त अधिनियम के उपबंधों के प्रस्तावित विस्तारण पर कोई आपत्ति हो तो , लिखित में अपनी आपत्ति राज्य सरकार, श्रम विभाग, मंत्रालय, भोपाल में, इस सूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र" में प्रकाशन की तारीख से छह मास के भीतर प्रस्तुत कर सकेगा: -
सारणी
क्षेत्र जहां स्थापनाएं स्थित है (2)
स्थापनाओं का विवरण (1)
क्षेत्र, जहां उक्त अधिनियम की धारा -1 ( 3 ) और 1 ( 5 ) पूर्व से ही प्रवृत्त की जा चुकी है .
चिकित्सा संस्थानों, जिनमें निगमित क्षेत्र, संयुक्त क्षेत्र, न्यास, पूर्ण और निजी स्वामित्व चिकित्सालय तथा नर्सिंग होम सम्मिलित हैं जिनमें पूर्ववर्ती बारह मास के किसी भी दिन को 20 या अधिक व्यक्ति नियोजित है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मंगला भालेरॉव, उपसचिव.
भोपाल, दिनांक 15 जून 2010
क्र. एफ. 9-3-2005- ब- सोलह. भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 15 जून 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मंगला भालेरॉव, उपसचिव.
Bhopal , the 15th June 2010
NOTICE
F. No. 9-3-2005- B - XVI.- WHEREAS , in pursuance of of the provisions sub - section (5) of section 1 of the Employee's State Insurance Act, 1948 (No. 34 of 1948) the State Government , with the approval of the Central 1546
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
Government , intends to extend the provisions of the said Act to class of establishments specified in the table below .
NOW, THEREFORE , Notice is hereby given that any person having objection to the proposed extension of the provisions of the aforesaid Act may submit his objection in writing to the State Government in the Labour Department , Mantralaya, Bhopal within six months from the date of publication of this notice in the "Madhya Pradesh Gazette" .
TABLE
Description of Establishments
(1)
Areas in which the Estabkishments are situated (2)
Areas where the aforesaid Act has already been brought into fore under section 1(3) and 1 (5) of the Act.
Medical Institutions including corporate sector , joint sector , trust, charitable and private ownership hospitals and nursing homes wherein 20 or more persons are employed on any day of the preceding twelve months .
By order and in the name of the Governor of the Madhya Pradesh , MANGLA BHALERAO , Dy. Secy.
गृह ( सामान्य ) विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 16 जून 2010
क्र. एफ. 3-30-2010- दोए ( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा सामान्य प्रशासन, राजस्व एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा , जो दिनांक 8 अप्रैल 2010 को प्रश्न- पत्र लेखा -प्रथम (बिना पुस्तकों के ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-
अनु. (1)
परीक्षार्थी का नाम (2)
पदनाम (3)
उच्चस्तर जबलपुर संभाग
राजस्व निरीक्षक 1 श्री संजय कुमार दुबे
राजस्व निरीक्षक 2 श्री नरेन्द्र कुमार खरे
(1)
(2)
(3)
राजस्व निरीक्षक 3 श्री जयभान शाह उईके
4. श्रीमती सपना एम. लोवंशी डिप्टी कलेक्टर
सागर संभाग
5 कु. विनीता जैन
नायब तहसीलदार (सश्रेय) 6 श्री चन्द्र कुमार श्रीवास्तव राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 7 श्री कृष्ण कुमार दुबे
भोपाल संभाग
8 श्री रामजी तिवारी राजस्व निरीक्षक 9 श्री मोतीलाल अहिरवार राजस्व निरीक्षक (सश्रेय)
राजस्व निरीक्षक 10 श्री सुशील कुमार
ग्वालियर संभाग
11 श्री शिरोमन सिंह कुशवाह राजस्व निरीक्षक ( सश्रेय) 12 श्री बृजकिशोर शर्मा राजस्वनिरीक्षक ( सश्रेय ) 13 श्री विश्राम शाक्य
राजस्व निरीक्षक( सश्रेय ) 14 श्री शत्रुहन सिंह चौहान राजस्व निरीक्षक 15 श्री सुरेश यादव राजस्व निरीक्षक 16 श्री रामकुमार जाटव राजस्व निरीक्षक 17 श्री रामप्रसाद बरेलिया राजस्व निरीक्षक
रीवा संभाग
18 श्री एम.सी.बी. चक्रवर्ती सहायक कलेक्टर 19 श्री रामकनेश साकेत राजस्व निरीक्षक 20 श्री त्रिलोक सिंह पन्साम राजस्व निरीक्षक
इन्दौर संभाग
21 श्री मनोहर अत्रे
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 22 श्री महेन्द्र कुमार बड़ोले
राजस्व निरीक्षक 23 श्री ओमप्रकाश बेड़ा
24 श्री महेन्द्र गौड़ राजस्व निरीक्षक 25 श्री पंकज यादव
राजस्व निरीक्षक
निम्नस्तर जबलपुर संभाग
1 श्री नारद सिंह पन्द्रे गौड़ नायब तहसीलदार 2 श्री बृजबिहारी दुबे नायब तहसीलदार
सागर संभाग
3 श्री ललित वेद
राजस्व निरीक्षक भाग 1 ]
1547
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(2)
(3)
(1)
भोपाल संभाग
4 श्री गोपाल प्रसाद प्रजापति राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 5 श्री नवल किशोर प्रभाकर
सहा. अधि. , भू-अभिलेख 6 श्री लटूरीलाल करोरिया
7 श्रीमती अलका सिंह
नायब तहसीलदार
ग्वालियर संभाग
राजस्व निरीक्षक 8 श्री लालसिंह राजपूत
9 श्री शिवदयाल शर्मा
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 10 श्री लोकमणि शाक्य
राजस्व निरीक्षक 11 श्री शिवनन्दन सिंह कुशवाह
राजस्व निरीक्षक 12 श्री मुन्नालाल गौड़
रीवा संभाग
सहायक कलेक्टर 13 डॉ. के. वासूकी
राजस्व निरीक्षक 14 श्री संतोष कुमार अरिहा
राजस्व निरीक्षक 15 श्री भुवनेश्वर सिंह
16 श्री भरत सिंह
राजस्व निरीक्षक 17 श्री कौशल सिंह
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 18 श्री कोमल सिंह बनवासी
राजस्व निरीक्षक 19 श्री हरिहर प्रशाद पनिका
20 श्री गोरेलाल सिंह मरावी
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 21 श्री दिनेश कुमार श्रीवास्तव
उज्जैन संभाग
नायब तहसीलदार 22 श्री एच.एस. धुर्वे
इंदौर संभाग
राजस्व निरीक्षक 23 श्री बालकिशोर सालवी
राजस्वनिरीक्षक 24 श्री सरदारसिंह मण्डलोई
राजस्व निरीक्षक 25 श्री भगवानसिंह ठाकुर
राजस्व निरीक्षक 26 श्री रमेशसिंह सिसोदिया
राजस्व निरीक्षक 27 श्री मोहम्मद अयाज
राजस्व निरीक्षक 28 श्री धीरेश प्रसाद सोनी
राजस्व निरीक्षक 29 श्री सुनील करवरे
राजस्व निरीक्षक 30 श्री विनय मोहन तिवारी
राजस्व निरीक्षक 31 श्री शिवकान्त पाण्डे
राजस्व निरीक्षक 32 श्री रविन्द्र सिंह मण्डलोई
33 श्री बालचन्द्र देवलिया
सहा. अधी. भू-अभिलेख (2)
(3)
(1)
सहा. अधी. , भू- अभिलेख 34 श्री पुरुषोत्तम लाड़
35 श्री कुंवर सिंह चौहान
सहा. अधी. , भू- अभिलेख
राजस्व निरीक्षक 36 श्री रेमसिंह बघेल
राजस्व निरीक्षक 37 श्री नंदकिशोर मालवीय
क्र. एफ. 3-48-2010- दोए ( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा , जो दिनांक 8 अप्रैल 2010 को प्रश्न- पत्र लेखा प्रथम एवं द्वितीय विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-
पदनाम
परीक्षार्थी का नाम
अनु.
(1)
(2)
(3)
उच्चस्तर
जबलपुर संभाग
1 श्रीमती पारू मालवीय
हाउस मास्टर
निम्नस्तर
इन्दौर संभाग
1 श्रीमती कल्पना पंवार
मेट्रन
मेट्रन
2 श्री उमेश सिंह ठाकुर
शिक्षक
3 श्री प्रदीप बागड़े
भोपाल संभाग
4 श्री ऋषि दुबे
मेट्रन
हाउस मास्टर
5 श्री सुकेशी तिर्की
जबलपुर संभाग
6 श्री शशिकान्त ठाकुर
मेट्रन
मेट्रन
7 श्री अरूण कुमार बढोलिया
हाउस मास्टर
8 श्री अनुज कुमार शर्मा
सागर संभाग
9 श्री अकबर खान
हाउस मास्टर
उज्जैन संभाग
10 श्रीमती शोभना चौहान
शिक्षक
मेट्रन
11 श्री राकेश मोहन दुबे
हाउस मास्टर
12 श्री मुक्ता अवस्थी 1548
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
भोपाल , दिनांक 18 जून 2010
क्र. एफ. 3-2-2010- दोए ( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा सामान्य प्रशासन , राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 5 अप्रैल 2010 को प्रश्नपत्र दाण्डिक विधि तथा प्रक्रिया- प्रथम ( पुस्तकों सहित ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-
परीक्षार्थी का नाम
अनु.
पदनाम
(1)
(2)
(3)
उच्चस्तर
होशंगाबाद संभाग
1 श्रीमती श्वेता पंवार
डिप्टी कलेक्टर
उज्जैन संभाग
डिप्टी कलेक्टर 2 श्रीमती लक्ष्मी गामड़
जबलपुर संभाग
3 श्री कृष्ण गोपाल तिवारी
सहायक कलेक्टर ( सश्रेय ) 4 श्रीमती निधि सिंह राजपूत डिप्टी कलेक्टर ( सश्रेय )
सहायक कलेक्टर 5 श्रीमीत मधुरानि तेवतिया
डिप्टी कलेक्टर 6 कु. सुनीता खण्डायत
7 श्री वी . किरण गोपाल
सहायक कलेक्टर.
8 श्री अशोक कुमार दुबे
सहा.अधी. , भू-अभिलेख
डिप्टी कलेक्टर 9 श्री अखिलेश कुमार जैन
डिप्टी कलेक्टर 10 श्री कमलेश पुरी
इंदौर संभाग
11 श्रीमती कल्पना आनंद
डिप्टी कलेक्टर 12 डॉ. अभय सिंह खरारी
डिप्टी कलेक्टर 13 श्रीमती एकता जायसवाल
डिप्टी कलेक्टर 14 श्री बी.एस. सोलंकी
डिप्टी कलेक्टर ( सश्रेय )
भोपाल संभाग
15 श्री विशाल चौहान
डिप्टी कलेक्टर
डिप्टी कलेक्टर
16 कु. लता शरणागत
17 श्री इच्छित गढपाले
डिप्टी कलेक्टर
डिप्टी कलेक्टर
18 कु. वंदना मेहरा
सागर संभाग
19 श्री विशेष गढ़पाले
सहायक कलेक्टर
डिप्टी कलेक्टर
20 कु. निमिषा जायसवाल
[ भाग 1 (1)
(2)
(3)
डिप्टी कलेक्टर 21 श्री राजकुमार खत्री
ग्वालियर संभाग
डिप्टी कलेक्टर 22 श्री रिंकेश कुमार वैश्य
निम्नस्तर
होशंगाबाद संभाग
1 श्री प्रदीप जैन
डिप्टी कलेक्टर
डिप्टी कलेक्टर 2 कु. प्रियंका पालीवाल
उज्जैन संभाग
3 श्री प्रेमचन्द मैहर
अधीक्षक, भू-अभिलेख
जबलपुर संभाग
4 श्री संजय कुमार दुबे। राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 5 श्री नारदसिंह पन्द्रे गौड़
6 श्री वीरसिंह चौहान
डिप्टी कलेक्टर
इंदौर संभाग
7 श्री महेन्द्र सिंह कवचे
डिप्टी कलेक्टर 8 श्री सोहन कनाश डिप्टी कलेक्टर 9 कु. शालीनी सोरते डिप्टी कलेक्टर 10 श्रीमती अनुपमा निनामा डिप्टी कलेक्टर 11 श्री खुमानसिंह चौहान डिप्टी कलेक्टर 12 श्री गोविन्द्र सिंह रावत राजस्व निरीक्षक 13 श्री कैश्या सोलंकी राजस्व निरीक्षक 14 श्री हिरालाल इस्क्या राजस्व निरीक्षक 15 श्री रामदास मण्डलोई राजस्व निरीक्षक 16 श्री कुलदीप खेड़े राजस्वनिरीक्षक 17 श्री ओंकार मनाग्रे राजस्व निरीक्षक 18 श्री अनिल कुमार मण्डलोई राजस्व निरीक्षक 19 श्री महेन्द्र चौहान राजस्वनिरीक्षक 20 श्री रणजीत सिंह चौहान राजस्व निरीक्षक 21 श्री बालकिशोर सालवी राजस्व निरीक्षक 22 श्री राजाराम कन्नौज राजस्व निरीक्षक 23 श्री सरदार सिंह मण्डलोई राजस्व निरीक्षक 24 श्री महेन्द्र सिंह बघेल राजस्व निरीक्षक 25 श्री शक्तिसिंह चौहान राजस्व निरीक्षक 26 श्री भागीरथ वाखला राजस्व निरीक्षक 27 श्री रमेश सिंह सिसोदिया राजस्व निरीक्षक 28 श्री राजेन्द्र सिंह पंवार राजस्वनिरीक्षक भाग 1 ]
1549
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(2)
(3)
(1)
राजस्व निरीक्षक 29 श्री काशीराम वास्कले
राजस्व निरीक्षक 30 श्री विनयमोहन तिवारी
राजस्व निरीक्षक 31 श्री महेन्द्र गौड़
राजस्व निरीक्षक 32 श्री रविन्द्र सिंह मण्डलोई
भोपाल संभाग
डिप्टी कलेक्टर 33 श्री विवेक कुमार रघुवंशी
डिप्टी कलेक्टर 34 श्री मेहताब सिंह
नायब तहसीलदार 35 श्री मोतीलाल अहिरवार
रीवा संभाग
डिप्टी कलेक्टर 36 कु. विमलेश सिंह
सागर संभाग
डिप्टी कलेक्टर 37 श्री रमेश कुमार सिंह
सहा. अधी. , भू-अभिलेख 38 श्री निर्मल कुमार साहू
सहा. अधी. , भू- अभिलेख 39 श्री शारदा प्रसाद चड़ार
सहा. अधी. , भू- अभिलेख 40 श्री पुरुषोत्तम लाल मरावी
नायब तहसीलदार 41 श्री राजेन्द्र मिश्र
राजस्व निरीक्षक 42 श्री दिनेश असाटी
राजस्व निरीक्षक 43 श्री संदीप विश्वास
ग्वालियर संभाग
डिप्टी कलेक्टर 44 श्री भूपेन्द्र कुमार गोयल
डिप्टी कलेक्टर 45 श्री अतेन्द्र सिंह गुर्जर
क्र. एफ. 3-7-2010- दोए ( 3 ).- राज्य शासन द्वारा पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 5 अप्रैल 2010 को प्रश्नपत्र समाज कल्याण (बिना पुस्तकों के ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-
परीक्षार्थी का नाम
पदनाम
अनु.
(3)
(1)
(2)
उच्चस्तर
उज्जैन संभाग
1 श्रीमती शोभना चौहान
शिक्षक
इंदौर संभाग
शिक्षक
2 श्री प्रदीप बागड़े
(3)
(2)
(1)
निम्नस्तर
भोपाल संभाग
मेट्रन
1 श्री ऋषि दुबे
सागर संभाग
2 श्री अकबर खान
हाउस मास्टर
जबलपुर संभाग
हाउंस मास्टर
3 श्री अरूण कुमार बडौलिया
हाउस मास्ट
4 श्रीमती पारू मालवीय
इंदौर संभाग
हाउस मास्टर
5 श्री ऋषि ड़ोगरे
क्र. एफ. 3-18-2010- दोए ( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा सामान्य प्रशासन , राजस्व एवं भू- अभिलेख एवं न्यायिक विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 7 अप्रैल 2010 को प्रश्नपत्र प्रशासनिक, राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया प्रश्नपत्र तृतीय - विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है : -
पदनाम
परीक्षार्थी का नाम
अनु.
(3)
(2)
(1)
उच्चस्तर
सागर संभाग
सहायक कलेक्टर (सश्रेय ) 1 श्री विशेष गढ़पाले
राजस्व निरीक्षक 2 श्री संदीप विश्वास
ग्वालियर संभाग
राजस्व निरीक्षक 3 श्री सतेन्द्र सिंह तौमर
रीवा संभाग
सहायक कलेक्टर ( सश्रेय ) 4 श्री एम.सीबी. चक्रवर्ती
सहायक कलेक्टर (सश्रेय) 5 श्री जे.पी. आईरिन सितिया
सहायक कलेक्टर (सश्रेय) 6 डॉ. के. वासूकी
जबलपुर संभाग
डिप्टी कलेक्टर ( सश्रेय ) 7 श्रीमती सुरभी सोनी
राजस्व निरीक्षक 8 श्री बृजबिहारी दुबे
नायब तहसीलदार 9 श्रीमती रक्षा दुबे ( चौबे ) 1550
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
(3)
इंदौर संभाग
10 डॉ. अभय सिंह खरारी
डिप्टी कलेक्टर
निम्नस्तर
सागर संभाग
1 श्री ललित वेद
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 2 श्री कृष्ण कुमार दुबे
राजस्व निरीक्षक 3 श्री चन्द्र कुमार श्रीवास्तव
भोपाल संभाग
राजस्व निरीक्षक 4 श्री मोतीलाल अहिरवार
राजस्वनिरीक्षक 5 श्री सुशील कुमार
ग्वालियर संभाग
6 श्री रमेश चन्द्र त्रिपाठी
सहा. अधी. भू-अभिलेख 7 श्री कमल किशोर शर्मा
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 8 श्री प्रदीप ऋषीश्वर
9 श्री विश्राम शाक्य
राजस्व निरीक्षक
नायब तहसीलदार 10 श्री शत्रुहन सिंह चौहान
11 श्री महादेव प्रसाद श्रीवास्तव राजस्वनिरीक्षक 12 श्री अशोक कुमार सक्सेना सहा. अधी. भू- अभिलेख 13 श्री ओमप्रकाश गुप्ता
सहा. अधी. भू- अभिलेख
राजस्व निरीक्षक 14 श्री सुरेश यादव
राजस्वनिरीक्षक 15 श्री राकेश कुमार कुलश्रेष्ठ
16 श्री छोटेसिंह गुर्जर
सहा. अधी. भू- अभिलेख
राजस्व निरीक्षक 17 श्री शिवनन्दन सिंह कुशवाह
राजस्व निरीक्षक 18 श्री रामकुमार जाटव
राजस्व निरीक्षक 19 श्री राकेश कुमार ढोड़ी
20 श्री कृष्ण कुमार तिवारी
सहा. अधी. भू- अभिलेख 21 श्री रामप्रसाद बरेलिया
राजस्व निरीक्षक होशंगाबाद संभाग
22 श्री पूनमचन्द्र जांगड़े
अधीक्षक भू-अभिलेख
रीवा संभाग
23 श्री रामाश्रय सिंह
सहा. अधी. भू- अभिलेख 24 श्री त्रिलोक सिंह पन्साम
राजस्वनिरीक्षक 25 श्री कौशल सिंह
राजस्व निरीक्षक 26 श्री राजेन्द्र दास पनिका
राजस्व निरीक्षक 27 श्री गंगाराम पनिका
राजस्व निरीक्षक
[भाग 1 (1)
(2)
(3)
28 श्री रामकलेश साकेत
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 29 श्री संतोष कुमार अरिहा
राजस्व निरीक्षक 30 श्री लालाराम सूर्यवंशी
31 श्री भरत सिंह
राजस्व निरीक्षक
राजस्वनिरीक्षक 32 श्री रामसिंह धुर्वे
राजस्व निरीक्षक 33 श्री दिलीप कुमार श्रीवास्तव
राजस्व निरीक्षक 34 श्री भुवनेश्वर सिंह
35 श्री कोमल सिंह बनवासी राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 36 श्री हरिहर प्रसाद पनिका
37 श्री गोरेलाल सिंह मरावी
राजस्व निरीक्षक
उज्जैन संभाग
नायब तहसीलदार 38 श्री एच.एस. धुर्वे
राजस्व निरीक्षक 39 श्री भीमसिंह खराड़ी
जबलपुर संभाग
राजस्व निरीक्षक 40 श्री संजय कुमार दुबे
राजस्वनिरीक्षक 41 श्री जगभान शाह उईके
राजस्व निरीक्षक 42 श्री रामकृष्ण साहू
राजस्व निरीक्षक 43 श्री प्रमोद कुमार उपगड़े
इंदौर संभाग
राजस्व निरीक्षक 44 श्री खुमान सिंह चौहान
45 श्री गोविन्द सिंह रावत
राजस्व निरीक्षक 46 श्री कैश्या सोलंकी
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 47 श्री हिरालाल इस्क्या
राजस्व निरीक्षक 48 श्री गजानंद चौहान
राजस्वनिरीक्षक 49 श्री कुलदीप खेडे
50 श्री ओंकार मनाग्रे
राजस्वनिरीक्षक 51 श्री बालकिशोर सालवी
राजस्व निरीक्षक 52 श्री राजाराम कन्नोज
राजस्व निरीक्षक 53 श्री बलराम चौहान
राजस्व निरीक्षक
राजस्वनिरीक्षक 54 श्री सरदार सिंह मण्डलोई
55 श्री धीरेश प्रसाद सोनी
राजस्व निरीक्षक 56 श्री विजय उपाध्याय
राजस्वनिरीक्षक 57 श्री मनोहर अत्रे
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 58 श्री महेन्द्र कुमार बड़ोले
59 श्री राजेन्द्र सिंह पंवार
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 60 श्री सुरेश चन्द्र जमरे
61 श्री विनय मोहन तिवारी
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 62 श्री शंकर सिंह कछवाये भाग 1 ]
1551
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
क्र. एफ. - 3-26-2010-दोए ( 3 ) .-राज्य शासन द्वारा वन विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा , जो दिनांक 7 अप्रैल 2010 को प्रश्नपत्र द्वितीय- सामान्य विधि ( पुस्तकों सहित ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-
परीक्षार्थी का नाम (2)
पदनाम (3)
अनु. (1)
जबलपुर संभाग
सहायक वन संरक्षक 1 श्री रजनीश कुमार पाण्डे
2 श्री अरूण प्रताप सिंह
सहायक वन संरक्षक 3 श्री गौरीशंकर श्रीवास्तव
सहायक वन संरक्षक
सहायक वन संरक्षक 4 श्री लक्ष्मीकांत वासनिक
सहायक वन संरक्षक 5 श्री अशोक कुमार हनवते
6 श्रीमती जानकी यादव
सहायक वन संरक्षक
सहायक वन संरक्षक 7 श्री थानसिंह कुमरे
वन क्षेत्रपाल 8 श्री अरविन्द कुमार शर्मा
सागर संभाग
9 श्रीमती प्रतिभा पाठक
10. श्री व्ही. के. नगरिया
सहायक वन संरक्षक सहायक वन संरक्षक
इंदौर संभाग
सहायक वन संरक्षक 11 श्री हरिश कुमार दीक्षित
सहायक वन संरक्षक 12 श्री राकेश कुमार सक्सेना
सहायक वन संरक्षक 13 श्री राहुल बेन्जामिन
सहायक वन संरक्षक 14 श्री आर.एन. सक्सेना
15 श्री जे.के. जैन
वन क्षेत्रपाल
वन क्षेत्रपाल 16 श्री सुमुख जोशी
17 श्री भगवती लाल पंवार
सहायक वन संरक्षक
सहायक वन संरक्षक 18 श्री जयन्तीलाल पाटीदार
19 श्री रमेशचन्द्र शर्मा
सहायक वन संरक्षक
सहायक वन संरक्षक 20 श्री प्यारसिंह ठाकुर
सहायक वन संरक्षक 21 श्री राम सुशील श्रीवास्तव
सहायक वन संरक्षक 22 श्री मोहनलाल नांदले
वन क्षेत्रपाल 23 श्री प्रदीप कुमार पाराशर
वन क्षेत्रपाल 24 श्री राजाराम पाल
भोपाल संभाग
सहायक वन संरक्षक 25 श्री आर.के . गुप्ता
26 श्री सत्यनारायण प्रजापति
सहायक वन संरक्षक
सहायक वन संरक्षक 27 श्री नरेन्द्रदेव शर्मा
वन क्षेत्रपाल 28 श्री एम.डी. सिंह राजपूत
(2)
(3)
(1)
सहायक वन संरक्षक 29 श्री आर.एस. तौमर
सहायक वन संरक्षक 30 श्री शेखर जंगले
सहायक वन संरक्षक 31 श्री आर.एस. भदोरिया
सहायक वन संरक्षक 32 श्री तरूण कुमार कौरव
सहायक वन संरक्षक 33 श्री प्रदीप कुमार त्रिपाठी
क्र. एफ. -3-39-2010-दोए (3 ) .- राज्य शासन द्वारा जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा , जो दिनांक 9 अप्रैल 2010 को प्रश्नपत्र अनुसूचित जाति तथा आदिवासी विकास- तृतीय ( पुस्तकों सहित ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थी को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-
पदनाम (3)
अनु. (1)
परीक्षार्थी का नाम (2)
उच्चस्तर जबलपुर संभाग
सहायक संचालक 1 श्री घनश्याम सिरसाम
भोपाल संभाग
सहायक संचालक 2 श्रीमती बिन्दु सुनील
सागर संभाग
सहायक संचालक 3 श्री अरूण कुमार राठौर
भोपाल , दिनांक 22 जून 2010
क्र. एफ. - 3-3-2010 - दोए ( 3 ).- राज्य शासन द्वारा पंजीयन विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा , जो दिनांक 5 अप्रैल 2010 को प्रश्नपत्र पंजीयन विधि तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित - टिप्पणी रहित ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थी को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-
परीक्षार्थी का नाम (2)
पदनाम (3)
अनु. (1)
उच्चस्तर सागर संभाग
1 श्री प्रकाश नारायण त्रिपाठी उप पंजीयक (सश्रेय )
भोपाल संभाग
पंजीयन लिपिक 2 श्री अमीत जैन
क्र. एफ. - 3-10-2010- दोए (3 ) .- राज्य शासन द्वारा सामान्य प्रशासन, राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा , जो दिनांक 6 अप्रैल 2010 को प्रश्नपत्र प्रशासनिक, 1552
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
राजस्व विधी तथा प्रक्रिया भाग - बी एवं सी विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-
परीक्षार्थी का नाम
पदनाम
अनु. (1)
(2)
(3)
उच्चस्तर
इंदौर संभाग
1 श्री कैश्या सोलंकी
राजस्व निरीक्षक (सश्रेय ) श्री ओंकार मनाग्रे
2
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 3 श्री अभय कुमार भटोरे
4 श्री संतोष कोठारी
राजस्व निरीक्षक 5 श्री विजय उपाध्याय
राजस्व निरीक्षक 6 कु. स्वाती मीणा
राजस्व निरीक्षक ( सश्रेय )
सागर संभाग
सहायक कलेक्टर 7 श्री स्वतंत्र कुमार सिंह
डिप्टी कलेक्टर 8 श्री राजकुमार खत्री
डिप्टी कलेक्टर १ कु. नेहा भारतीय
डिप्टी कलेक्टर 10 श्री मिलिन्द कुमार नागदेवे
ग्वालियर संभाग
डिप्टी कलेक्टर 11 श्री भूपेन्द्र कुमार गोयल
सहायक कलेक्टर 12 श्री कृष्ण गोपाल तिवारी
जबलपुर संभाग
सहायक कलेक्टर ( सश्रेय ) 13 श्रीमती मधुरानि तेवतिया
डिप्टी कलेक्टर 14 श्री प्रवीण फुलपगारे
डिप्टी कलेक्टर 15 श्री अखिलेश कुमार जैन
नायब तहसीलदार 16 श्री भूपेन्द्र सिंह परस्ते
निम्नस्तर
इन्दौर संभाग
राजस्व निरीक्षक 1 श्री कुलदीप खेड़े
राजस्व निरीक्षक 2 श्री अनिल कुमार मण्डलोई
3 श्री रणजीत सिंह चौहान
राजस्व निरीक्षक 4 श्री बालकिशोर सालवी
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 5 श्री सरदार सिंह मण्डलोई
राजस्व निरीक्षक 6 श्री भगवान सिंह ठाकुर
7 श्री महेन्द्र सिंह बघेल
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 8 श्री शक्तिसिंह चौहान
राजस्व निरीक्षक 9 श्री रमेश सिंह सिसोदिया
(1)
(2)
(3)
10 श्री बलराम चौहान
राजस्व निरीक्षक 11 श्री शिवदयाल शर्मा
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 12 श्री मोहम्मद अजाय
राजस्व निरीक्षक 13 श्री धीरेश प्रसाद सोनी
राजस्व निरीक्षक 14 श्री विनोद साहू
15 श्री मनोहर अत्रे
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 16 श्री महेन्द्र सिंह बड़ोले
17 श्री राजेन्द्र सिंह पंवार
राजस्व निरीक्षक 18 श्री शिवाकान्त पाण्डे
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 19 श्री पंकज यादव
नायब तहसीलदार 20 श्री देवकुंवर जामौद
सागर संभाग
21 श्री संदीप विश्वास
राजस्व निरीक्षक 22 श्री बैजनाथ सिंह मरावी
सहा. अधी. , भू- अभिलेख 23 श्री ललित वेद
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 24 श्री धनीराम गौड़
भोपाल संभाग
25 श्री मेहताब सिंह
डिप्टी कलेक्टर
डिप्टी कलेक्टर 26 कु. लता शरणागत
27 श्री मोतीलाल अहिरवार
नायब तहसीलदार 28 श्री रामजी तिवारी
राजस्व निरीक्षक
नायब तहसीलदार 29 श्री सुशील कुमार
30 श्री लटुरीलाल करोलिया सहा. अधी. भू- अभिलेख
ग्वालियर संभाग
31 श्री देवीसिंह तौमर
सहा. अधी. भू- अभिलेख
डिप्टी कलेक्टर 32 श्री रिंकेश कुमार वैश्य
राजस्व निरीक्षक 33 श्रीमती शुभ्रता त्रिपाठी
जबलपुर संभाग
डिप्टी कलेक्टर 34 श्रीमती सुनिता खण्डायत
राजस्व निरीक्षक 35 श्री नारदसिंह पन्द्र गौड़
36 श्री वीरसिंह चौहान
डिप्टी कलेक्टर
नायब तहसीलदार 37 श्रीमती अंशु सोनी
उज्जैन संभाग
38 श्री वीरसिंह अवासिया
नायब तहसीलदार 39 श्री बाबूलाल खराड़ी
सहा. अधी. भू- अभिलेख भाग 1 ]
1553
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
(3)
रीवा संभाग
सहायक कलेक्टर 40 डॉ. के. वासूकी
डिप्टी कलेक्टर.
41 कु. विमलेश सिंह
क्र. एफ.- 3-28-2010-दोए ( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 7 अप्रैल 2010 को प्रश्न - पत्र स्थानीय शासन अधिनियम तथा नियम ( बिना पुस्तकों के ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-
परीक्षार्थी का नाम
पदनाम
अनु.
(1)
(2)
(3)
उच्चस्तर
सागर संभाग
1 श्री अकबर खान
हाउस मास्टर
निम्नस्तर
जबलपुर संभाग
मेट्रन
1 श्री शशिकान्त ठाकुर
2 श्रीमती पारू मालवीय
हाउस मास्टर
हाउस मास्टर 3 श्री अनुज कुमार शर्मा
इंदौर संभाग
मेट्रन
4 श्री उमेश सिंह ठाकुर
5 श्री ऋषि डोगरे
हाउस मास्टर 6 श्रीमती कल्पना पंवार
मेट्रन
7 श्रीमती सुजाता शुक्ला
मेट्रन
भोपाल संभाग
हाउस मास्टर 4 श्रीमती सुकेशी तिर्की
प्रशिक्षक.
5 कु. सोनिला डेविड
क्र. एफ. - 3-14-2010- दोए ( 3 ).- राज्य शासन द्वारा सामान्य प्रशासन , राजस्व एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 6 अप्रैल 2010 को प्रश्नपत्र द्वितीय प्रशासनिक, राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) विषय में सम्पन्न हुई थी , में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है : -
परीक्षार्थी का नाम
पदनाम - अनु.
(1)
(2)
(3)
उच्चस्तर
सागर संभाग
डिप्टी कलेक्टर (सश्रेय ) 1 श्री रमेश कुमार सिंह
(1)
(2)
(3)
भोपाल संभाग
राजस्व निरीक्षक 2 श्री रामजी तिवारी
3 श्री मोतीलाल अहिरवार
राजस्व निरीक्षक ( सश्रेय)
ग्वालियर संभाग
राजस्व निरीक्षक 4 श्री प्रदीप कुमार ऋषीश्वर
राजस्व निरीक्षक 5 श्री शत्रुहन सिंह चौहान
6 श्री प्रशांत अग्रवाल
नायब तहसीलदार ( सश्रेय)
रीवा संभाग
राजस्व निरीक्षक 7 श्री संतोष कुमार अरिहा
जबलपुर संभाग
8 श्रीमती मधुरानि तेवतिया सहायक कलेक्टर ( सश्रेय )
डिप्टी कलेक्टर 9 श्रीमती सुनिता खण्डायत
डिप्टी कलेक्टर 10 श्री वीरसिंह चौहान
जिला संयोजक 11 श्रीमती शिल्पा जैन
इंदौर संभाग
राजस्व निरीक्षक 12 श्री विनय मोहन तिवारी
राजस्वनिरीक्षक 13 श्री महेन्द्र गौड़
राजस्व निरीक्षक 14 श्री रविन्द्र सिंह मण्डलोई
निम्नस्तर
भोपाल संभाग
राजस्व निरीक्षक 1 श्री गोपाल प्रसाद प्रजापति
2 श्रीमती शोभा बागड़े
अधीक्षक, भू- अभिलेख 3 श्री लुहार सिंह चिचाम
सहा . अधी. , भू-अभिलेख
वरिष्ठ श्रेणी पारगामी 4 श्री नवलकिशोर प्रभाकर
अधीक्षक, भू-अभिलेख 5 श्री आर.एस. इरपाचे
ग्वालियर संभाग
6 श्री महादेव प्रसाद श्रीवास्तव राजस्व निरीक्षक 7 श्री अशोक कुमार सक्सेना सहा. अधी. भू-अभिलेख
राजस्व निरीक्षक 8 श्री शिवदयाल शर्मा
9 श्री मुकेश शर्मा
सहा. अधी. , भू-अभिलेख
राजस्व निरीक्षक 10 श्री राकेश कुमार कुलश्रेष्ठ
राजस्व निरीक्षक 11 श्री शिवनन्दन सिंह कुशवाह
12 श्री कृष्ण कुमार तिवारी
सहा. अधी. , भू- अभिलेख राजस्व निरीक्षक 13 श्री रामप्रसाद बरेलिया 1554
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
(3)
रीवा संभाग
जिला संयोजक 14 श्री अमरसिंह उईके
15 श्री रामकलेश साकेत
राजस्व निरीक्षक 16 श्री कोमल सिंह बनवासी
राजस्व निरीक्षक 17 श्री त्रिलोक सिंह पन्साम
राजस्व निरीक्षक 18 श्री कौशल सिंह
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 19 श्री गोरेलाल सिंह मरावी
उज्जैन संभाग
जिला संयोजक 20 श्रीमती शकुन्ता डामोर
जबलपुर संभाग
21 श्री नारद सिंह पन्द्रे गौड़
राजस्व निरीक्षक 22 श्रीमती भावना पठारिया
नायब तहसीलदार 23 श्रीमती वत्सला शिवहरे
जिला बन्दोबस्त अधिकारी 24 श्री सतेन्द्र सिंह मरकाम
साह. परियोजना प्रशासक
इंदौर संभाग
25 श्री मोबिन खान
राजस्व निरीक्षक 26 श्री अभय भटोरे
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 27 श्री हुकूमसिंह निंगवाल
राजस्व निरीक्षक 28 श्री अनिल कुमार मण्डलोई
राजस्व निरीक्षक 29 श्री भगवान सिंह ठाकुर
राजस्व निरीक्षक 30 श्री महेन्द्र सिंह बघेल
राजस्व निरीक्षक 31 श्री रमेश सिंह सिसोदिया
32 श्री मोहम्मद अयाज
राज़स्वनिरीक्षक 33 श्री धीरेश प्रसाद सोनी
राजस्वनिरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 34 श्री मनोहर अत्रे
राजस्व निरीक्षक 35 श्री महेन्द्र कुमार बडोले
राजस्व निरीक्षक 36 श्री ओम प्रकाश बेड़ा
राजस्व निरीक्षक 37 श्री शिवकान्त पाण्डे
38 श्री पुरुषोत्तम लाड़
सहा. अधी. , भू-अभिलेख 39 श्री पंकज यादव
नायब तहसीलदार.
क्र. एफ. 3-10-2010-दोए ( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा सामान्य प्रशासन, राजस्व एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 6 अप्रैल 2010 को प्रश्न- पत्र प्रशासनिक, राजस्व विधि तथा प्रक्रिया भाग बी एवं सी विषय में
[ भाग 1 सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-
परीक्षार्थी का नाम
पदनाम
अनु.
(1)
(2)
(3)
उच्चस्तर
इंदौर संभाग
1 श्री कैश्या सोलंकी
राजस्व निरीक्षक ( सश्रेय ) 2 श्री ओंकार मनाग्रे
राजस्वनिरीक्षक
.राजस्व निरीक्षक 3 श्री अभय कुमार भटोरे
4 श्री संतोष कोठारी
राजस्व निरीक्षक 5 श्री विजय उपाध्याय
राजस्व निरीक्षक 6 कु. स्वाती मीणा
राजस्व निरीक्षक ( सश्रेय )
सागर संभाग
सहायक कलेक्टर 7 श्री स्वतंत्र कुमार सिंह
डिप्टी कलेक्टर 8 श्री राजकुमार खत्री
डिप्टी कलेक्टर 9 कु. नेहा भारतीय
डिप्टी कलेक्टर 10 श्री मिलिन्द कुमार नागदेवे
ग्वालियर संभाग
डिप्टी कलेक्टर 11 श्री भूपेन्द्र कुमार गोयल
सहायक कलेक्टर 12 श्री कृष्ण गोपाल तिवारी
जबलपुर संभाग
13 श्रीमती मधुरानि तेवतिया सहायक कलेक्टर ( सश्रेय)
डिप्टी कलेक्टर 14 श्री प्रवीण फुलपगारे
डिप्टी कलेक्टर 15 श्री अखिलेश कुमार जैन
नायब तहसीलदार 16 श्री भूपेन्द्र सिंह परस्ते
निम्नस्तर
इन्दौर संभाग
राजस्व निरीक्षक 1 श्री कुलदीप खेड़े
राजस्व निरीक्षक 2 श्री अनिल कुमार मण्डलोई
राजस्व निरीक्षक 3 श्री रणजीत सिंह चौहान
राजस्व निरीक्षक 4 श्री बालकिशोर सालवी
राजस्व निरीक्षक 5 श्री सरदार सिंह मण्डलोई
राजस्व निरीक्षक 6 श्री भगवान सिंह ठाकुर
7 श्री महेन्द्र सिंह बघेल
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 8 श्री शक्तिसिंह चौहान
9. श्री रमेश सिंह सिसोदिया
राजस्व निरीक्षक 10 श्री बलराम चौहान
राजस्वनिरीक्षक 11 श्री शिवदयाल शर्मा
राजस्व निरीक्षक भाग 1 ]
1555
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
(3)
राजस्व निरीक्षक 12 श्री मोहम्मद अयाज
13 श्री धीरेश प्रसाद सोनी
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 14 श्री विनोद साहू
15 श्री मनोहर अत्रे
राजस्व निरीक्षक
राजस्वनिरीक्षक 16 श्री महेन्द्र सिंह बड़ोले
राजस्व निरीक्षक 17 श्री राजेन्द्र सिंह पंवार
18 श्री शिवाकान्त पाण्डे
राजस्व निरीक्षक 19 श्री पंकज यादव
राजस्वनिरीक्षक 20 श्री देवकुंवर जामौद
नायब तहसीलदार
सागर संभाग
21 श्री संदीप विश्वास
राजस्व निरीक्षक 22 श्री बैजनाथ सिंह मरावी
सहा. अधी. , भू-अभिलेख 23 श्री ललित वेद
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 24 श्री धनीराम गौड़
भोपाल संभाग
25 श्री मेहताब सिंह
डिप्टी कलेक्टर 26 कु. लता शरणागत
डिप्टी कलेक्टर 27 श्री मोतीलाल अहिरवार
नायब तहसीलदार 28 श्री रामजी तिवारी
राजस्व निरीक्षक
नायब तहसीलदार 29 श्री सुशील कुमार
30 लटुरीलाल करोलिया
सहा. अधी. , भू- अभिलेख
ग्वालियर संभाग
31 श्री देवीसिंह तौमर
सहा. अधी. , भू- अभिलेख
डिप्टी कलेक्टर 32 श्री. रिंकेश कुमार वैश्य
राजस्व निरीक्षक 33 श्रीमती शुभ्रता त्रिपाठी
जबलपुर संभाग
डिप्टी कलेक्टर 34 श्रीमती सुनिता खण्डायत
राजस्व निरीक्षक 35 श्री नारदसिंह पन्द्र गौड़
36 श्री वीरसिंह चौहान
डिप्टी कलेक्टर क्र. एफ. 3-14-2010- दोए ( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा सामान्य प्रशासन, राजस्व एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 6 अप्रैल 2010 को, प्रश्नपत्र द्वितीय प्रशासनिक, राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है : -
परीक्षार्थी का नाम
अनु.
पदनाम
(1)
(2)
(3)
उच्चस्तर
सागर संभाग
डिप्टी कलेक्टर (सश्रेय ) 1 श्री रमेश कुमार सिंह
भोपाल संभाग
2 श्री रामजी तिवारी
राजस्व निरीक्षक 3 श्री मोतीलाल अहिरवार
राजस्व निरीक्षक (सश्रेय)
ग्वालियर संभाग
राजस्वनिरीक्षक 4 श्री प्रदीप कुमार ऋषीश्वर
राजस्व निरीक्षक 5 श्री शत्रुहन सिंह चौहान
6 श्री प्रशांत अग्रवाल
नायब तहसीलदार (सश्रेय)
रीवा संभाग
राजस्व निरीक्षक 7 श्री संतोष कुमार अरिहा
जबलपुरसंभाग
सहायक कलेक्टर (सश्रेय ) 8 श्रीमती मधुरानि तेवतिया
डिप्टी कलेक्टर 9 श्रीमती सुनिता खण्डायत
10 श्री वीरसिंह चौहान
डिप्टी कलेक्टर 11 श्रीमती शिल्पा जैन
जिला संयोजक
इन्दौर संभाग
12 श्री विनय मोहन तिवारी
राजस्व निरीक्षक 13 श्री महेन्द्र गौड़
नायब तहसीलदार 37 श्रीमती अंशु सोनी
उज्जैन संभाग
38 श्री वीरसिंह अवासिया
नायब तहसीलदार 39 श्री बाबूलाल खराड़ी
सहा. अधी. , भू- अभिलेख
रीवा संभाग
सहायक कलेक्टर 40 डॉ. के. वासूकी
डिप्टी कलेक्टर 41 कु. विमलेश सिंह
राजस्व निरीक्षक 14 श्री रविन्द्र सिंह मण्डलोई
राजस्व निरीक्षक
निम्नस्तर
भोपाल संभाग
1 श्री गोपाल प्रसाद प्रजापति राजस्व निरीक्षक 2 श्रीमती शोभा बागड़े
अधीक्षक, भू- अभिलेख 3 श्री लुहार सिंह चिचाम
सहा. अधी. , भू- अभिलेख 4 श्री नवलकिशोर प्रभाकर
वरिष्ठ श्रेणी पारगामी 5 श्री आर. के. इरपाचे
अधीक्षक, भू- अभिलेख 1556
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
ग्वालियर संभाग
राजस्व निरीक्षक 6 श्री महादेव प्रसाद श्रीवास्तव
7 श्री अशोक कुमार सक्सेना सहा. अधी. भू-अभिलेख
राजस्व निरीक्षक 8 श्री शिवदयाल शर्मा
9 श्री मुकेश शर्मा
सहा. अधी. भू- अभिलेख
राजस्व निरीक्षक 10 श्री राकेश कुमार कुलश्रेष्ठ
राजस्व निरीक्षक 11 श्री शिवनन्दन सिंह कुशवाह
सहा. अधी. भू-अभिलेख 12 श्री कृष्ण कुमार तिवारी
13 श्री रामप्रसाद बरेलिया
राजस्व निरीक्षक
रीवा संभाग
जिला संयोजक 14 श्री अमरसिंह उईके
15 श्री रामकलेश साकेत
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 16 श्री कोमलसिंह बनवासी
17 श्री त्रिलोक सिंह पन्साम
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 18 श्री कौशल सिंह
19 श्री गोरेलाल सिंह मरावी
राजस्व निरीक्षक
उज्जैन संभाग
जिला संयोजक 20 श्रीमती शकुन्ता डामोर
जबलपुर संभाग
राजस्व निरीक्षक 21 श्री नारद सिंह पन्द्रे गौड
22 श्रीमती भावना पठारिया
नायब तहसीलदार 23 श्रीमती वत्सला शिवहरे
जिला बन्दोबस्त अधिकारी
सहा. परियोजना प्रशासक 24 श्री सतेन्द्र सिंह मरकाम
इन्दौर संभाग
राजस्व निरीक्षक 25 श्री मोबिन खान
राजस्व निरीक्षक 26 श्री अभय भटोरे
राजस्व निरीक्षक 27 श्री हुकूम सिंह निंगवाल
राजस्व निरीक्षक 28 श्री अनिल कुमार मण्डलोई
राजस्व निरीक्षक 29 श्री भगवान सिंह ठाकुर
30 श्री महेन्द्र सिंह बघेल
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 31 श्री रमेश सिंह सिसोदिया
राजस्व निरीक्षक 32 श्री मोम्मद अयाज
33 श्री धीरेश प्रसाद सोनी
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 34 श्री मनोहर अत्रे
राजस्व निरीक्षक 35 श्री महेन्द्र कुमार बडोले
राजस्व निरीक्षक 36 श्री ओमप्रकाश बेड़ा
37 श्री शिवकान्त पाण्डे
राजस्व निरीक्षक
सहा. अधी . भू- अभिलेख 38 श्री पुरूषोत्तम लाड़
नायब तहसीलदार 39 श्री पंकज यादव
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
रेनूतिवारी , उपसचिव.
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 17 जून 2010
क्र. एफ- 5-14-2010- उन्तीस-2 . उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 ( 1986 की स. 68) की धारा 10 की उपधारा (1- क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय सेवा के अधिकारी जिनकी सेवाएं विधि विधायी और कार्य विभाग के आदेश क्र. फा. 17 ( ई) 51-2005 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 8 जून 2010 द्वारा इस विभाग को प्रतिनियुक्ति पर सौंपी गई है, को चयन समिति की अनुशंसा पर अध्यक्ष जिला उपभोक्ता फोरम ग्वालियर के पद पर अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक प्रतिनियुक्ति पर उनके नाम के सामने दर्शाये गये स्थान पर उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है:-
जिला उपभोक्ता फोरम अनु. क्र. न्यायिक अधिकारी का नाम
(3) (2)
(1)
1 श्री सुनील कुमार अवस्थी अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम, ग्वालियर.
No. F - 5-14-2010 - XXIX-2.-Government of Madhya Pradesh Department of Law and Legislative Affairs , have made available services in anticipation , to this department, of following Officers of Higher Judicial Service on deputation for the post of President District Consumer Disputes Redressal Forum , In exercise to the power conferred by sub- section ( 1 - A) of Section 10 of the Consumer Protection Act , 1986 ( No. 68 of 1986 ) and on recommendation of the Selection Committee , the State Government hereby appoint following officers of Higher Judicial Service as President District Consumer Disputes Redressal Forum temporarily till further orders , at the place stated against their names in column No. (3 ) from the date the take over charge of their office:-
S.No.
ofHigher Judicial Service Name of Officer
Name of the District Consumer Disputes Redressal Forum , in which they are appointed as President (2)
(3)
(1)
1 Shri Sunil Kumar Avasthi.
President , District Consumer Disputes Redressal Forum , Gwalior.
भाग 1 ]
1557
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
भोपाल , दिनांक 22 जून 2010
क्र. एफ- 5-14-2010-उन्तीस ( 2) उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 ( 1986 की स. 68 ) की धारा 10 की उपधारा ( 1 - क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्द्वारा , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय सेवा के अधिकारियों जिनकी सेवाएं विधि विधायी कार्य विभाग के आदेश क्र. एफ. 17 ( ई ) 51- 2005- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 21 जून 2010 द्वारा इस विभाग को प्रतिनियुक्ति पर सौंपी गई है, को चयन समिति की अनुशंसा पर अध्यक्ष जिला उपभोक्ता फोरम के पद पर अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक प्रतिनियुक्ति पद उनके नाम के सामने दर्शाये गये स्थान पर उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है:-
क्र.
न्यायिक अधिकारी
पदस्थापना स्थान का नाम
(2)
(1)
(3)
अध्यक्ष , जिला उपभोक्ता फोरम, उज्जैन.
1 श्री ओमप्रकाश शर्मा (जूनि. ) तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश खरगौन जिला मण्डलेश्वर.
अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता फोरम, कटनी.
2 श्री धीमन नारायण शुक्ला, विशेष न्यायाधीश अनु. जा./ ज. जा. ( अत्या. निवा. ) अधिनियम बैतूल.
3 श्री ब्रज किशोर श्रीवास्तव , रजिस्ट्रार ( न्यायिक -1 )
अध्यक्ष , जिला उपभोक्ता फोरम , छतरपुर.
उच्च न्यायालय, जबलपुर.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एल. उपाध्याय, अवर सचिव.
गृह विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल, दिनांक 18 जून 2010
क्र. एफ 1 (ए) 31-2007-ब-2-दो.- ( 1 ) श्री के. सी. जैन, 'भापुसे. , सेनानी 17वीं वाहिनी, विसबल, भिण्ड को दिनांक 29 मई से 4 जून 2010 तक, कुल सात दिवस का अर्जित अवकाश (Ex- India ) निम्नलिखित शर्तों के साथ स्वीकृत किया जाता है:-
( 1 ) विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला व्यय वे स्वयं वहन करेंगे, राज्य शासन नहीं.
(2) विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे .
( 3 ) विदेश में कोई Assignment नहीं लेंगे.
(2) श्री के. सी. जैन , भापुसे, की अवकाश अवधि में श्री डी. सी. शर्मा, सेनानी 2 री वाहिनी , विसबल, ग्वालियर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ सेनानी 17 वीं वाहिनी , विसबल, भिण्ड का प्रभार सौंपा जाता है .
(3 ) श्री के. सी. जैन, भापुसे , सेनानी 17वीं वाहिनी , विसबल द्वारा का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री डी. सी. शर्मा, भापुसे, सेनानी 2री वाहिनी, विसबल , ग्वालियर उक्त पद के प्रभार से मुक्त होंगे .
(4) अवकाश से लौटने पर श्री के. सी. जैन, भापुसे , को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सेनानी 17वीं वाहिनी , विसबल, भिण्ड के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
. ( 5 ) अवकाशकाल में श्री के. सी. जैन , भापुसे , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. सी. जैन, भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे .
भोपाल , दिनांक 21 जून 2010
क्र. एफ 1 (ए) 127-2004-ब- 2-दो.- ( 1 ) श्री डी. एस. कोरबू, भापुसे, सेनानी 14वीं वाहिनी , विसबल, ग्वालियर को दिनांक 29 मई से 4 जून 2010 तक, कुल सात दिवस का अर्जित अवकाश (Ex - India ) निम्नलिखित शर्तों के साथ स्वीकृत किया जाता है:-
( 1 ) विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला व्यंय वे स्वयं वहन करेंगे , राज्य शासन नहीं.
(2 ) विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे.
(3 ) विदेश में कोई Assignment नहीं लेंगे.
(2) श्री डी. एस. कोरबू, भापुसे, की अवकाश अवधि में श्री दिनेश चन्द्र शर्मा , सेनानी 2 री वाहिनी, विसबल , ग्वालियर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ सेनानी 14वीं वाहिनी , विसबल , ग्वालियर का प्रभार सौंपा जाता है.
(3 ) श्री डी. एस. कोरबू, भापुसे, द्वारा सेनानी 14वीं वाहिनी, विसबल, ग्वालियर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री दिनेश चन्द्र शर्मा, भापुसे, सेनानी 2री वाहिनी, विसबल , ग्वालियर उक्त पद के प्रभार से मुक्त होंगे.
1558
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(4 ) अवकाश से लौटने पर श्री डी. एस . कोरबू, भापुसे, को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सेनानी 14 वीं वाहिनी, विलबल, ग्वालियर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(5 ) अवकाशकाल में श्री डी. एस. कोरबू, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री डी. एस . कोरबू, भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे .
भोपाल, दिनांक 22 जून 2010
क्र. 1 (ए) 190-91- ब- 2- दो. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 21 दिसम्बर 2009 द्वारा श्री एस. एम. अफजल , भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, विसबल, ग्वालियर रेंज ग्वालियर को दिनांक 26 दिसम्बर 2009 से 6 जनवरी 2010 तक, बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था. राज्य शासन द्वारा उक्त आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए पूर्व स्वीकृत अर्जित अवकाश के स्थान पर श्री एस. एम. अफजल, भापुसे, को दिनांक 2 से 6 जनवरी 2010. तक, कुल पांच दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
2. आदेश समसंख्यक दिनांक 21 दिसम्बर 2009 की शेष कंडिकाएं यथावत् रहेंगी.
भोपाल, दिनांक 24 जून 2010
क्र. एफ 1 (ए) 155-90-ब-2-दो. ( 1 ) श्री मुकैश जैन, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, ( समन्वय ) अ.अ.वि. , पु.मु. , भोपाल को दिनांक 21 जून से 9 जुलाई 2010 तक, उन्नीस दिवस का अर्जित अवकाश तथा दिनांक 19 , 20 जून 2010 एवं 10, 11 जुलाई 2010 के विज्ञप्त अवकाश जोड़े जाने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.
(2) श्री मुकैश जैन, भापुसे, की अवकाश अवधि में श्री पंकज श्रीवास्तव , भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, अ.अ.वि. , पु.मु. , भोपाल को वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ पुलिस महानिरीक्षक, (समन्वय) अ.अ.वि. , पु.मु. , भोपाल का प्रभार सौंपा जाता है.
(3 ) श्री मुकैश जैन, भापुसे, द्वारा पुलिस महानिरीक्षक, ( समन्वय ) अ.अ.वि. , पु.मु. , भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री पंकज श्रीवास्तव , भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, उक्त पद के प्रभार से मुक्त होंगे .
(4) अवकाश से लौटने पर श्री मुकैश जैन, भापुसे , को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक , (समन्वय ) अ.अ.वि. , पु.मु. , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
( 5 ) अवकाशकाल में श्री मुकैश जैन, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मुकैश जैन , भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे.
क्र . एफ 1 (ए ) 33-1997- ब-2-दो. राज्य शासन द्वारा श्री अखिलेश कुमार सिंह, भापुसे , उप पुलिस महानिरीक्षक ( चयन/ कल्याण ) पु.मु. , भोपाल को दिनांक 26 अप्रैल से 25 मई 2010 तक तीस दिवस के अर्जित अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री अखिलेश कुमार सिंह , भापुसे , को स्थानापन्न उप पुलिस महानिरीक्षक ( चयन/कल्याण ) पु.मु. , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3 ) अवकाशकाल में श्री अखिलेश कुमार सिंह, भापुसे , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अखिलेश कुमार सिंह, भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजन कटोच, प्रमुख सचिव.
भोपाल , दिनांक 24 जून 2010
क्र . एफ 1 ( ए ) 1-1996- ब- 2- दो . राज्य शासन द्वारा श्री एस. के. नायक , भापुसे , निदेशक ( दूरसंचार ) रेडियो ट्रेनिंग स्कूल इन्दौर को उनकी अस्वस्थता की अवधि के लिये दिनांक 20 से 26 अप्रैल 2010 तक, सात दिवस के अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री एस. के. नायक, भापुसे , को स्थानापन्न निदेशक ( दूरसंचार ) रेडियो ट्रेनिंग स्कूल इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाशकाल में श्री एस. के. नायक, भापुसे , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एस. के. नायक, भापुसे , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेश ओगरे , अवर सचिव.
भाग 1 ]
1559
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 23 जून 2010
फा. क्र. 1-5-96-इक्कीस ब( एक ) .- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक फा. 1-5-96- इक्कीस ब( एक ) , दिनांक 25 जून 2008 जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 11 जुलाई 2008 को प्रकाशित हुई थी, अतिष्ठित करते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से एतद्वारा , श्री दीप कुमार केसरवानी, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , जबलपुर को उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड (क ) तथा ( ख ) में विनिर्दिष्ट अपराधों के संबंध में दिल्ली पुलिस तथा केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम, 1946 ( 1946 का 25 ) के अधीन अन्वेषण किये गए मामलों के विचारण के लिये, नीचे विनिर्दिष्ट किये गए राजस्व जिलों में समाविष्ट क्षेत्रों के लिए, विशेष न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करता है, जिनका मुख्यालय जबलपुर होगा, अर्थात् :-
राजस्व जिले
(1 ) जबलपुर, ( 2 ) नरसिंहपुर, ( 3 ) मण्डला , ( 4 ) सागर, ( 5 ) दमोह , (6 ) सिवनी, ( 7 ) छिन्दवाड़ा, ( 8 ) रीवा , (9 ) सतना, ( 10 ) पन्ना ( 11 ) सीधी , ( 12 ) बालाघाट, ( 13 ) शहडोल, ( 14 ) कटनी ( 15 ) डिण्डोरी , (16) उमरिया.
F- No. 1-5-96- XXI - B ( One) --In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act, 1988 ( No. 49 of 1988 ) and in supersession of this Department's Notification F. No. 1-5-96 - XXI - B ( One) , dated 25th June 2008 which. was published in the Madhya Pradesh Gazette Part - 1 dated 11th July 2008 , the State Government in consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby appoints Shri Deep Kumar Kesarwani , Additional Sessions Judge, Jabalpur as a Special Judge with Head Quarter at Jabalpur for the areas comprising of the revenue districts specified below to try the cases in regard to the offences specified in clause ( a) and (b) of sub - section ( 1 ) of Section 3 of the said Act investigated under Delhi Special Police Establishment Act , 1946 (No. 25 of 1946 ) , by the Delhi Police and Central Bureau of Investigation namely :----
REVENUE DISTRICTS
( 1) Jabalpur , (2 ) Narsinghpur , ( 3 ) .Mandla , (4) Sagar, (5) Damoh , ( 6) Seoni , (7) Chhindwara , ( 8 ) Rewa , (9) Satna, ( 10) Panna , ( 11 ) Sidhi , ( 12 ) Balaghat , (13) Shadol , ( 14) Katni , ( 15) Dindori , (16)Umaria .
फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस ब( एक) .- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 1-5-96-इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 25 जून 2008 को जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 11 जुलाई- 2008 को प्रकाशित हुई थी , अतिष्ठित करते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से , एतद्वारा , श्री अनुपम श्रीवास्तव, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, इन्दौर को , उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( क) तथा ( ख ) में विनिर्दिष्ट अपराधों के संबंध में दिल्ली पुलिस तथा केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम, 1946 (1946 का 25 ) के अधीन अन्वेषण किये गए मामलों के विचारण के लिये , नीचे विनिर्दिष्ट किये गए राजस्व जिलों में समाविष्ट क्षेत्रों के लिए विशेष न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करता है , जिनका मुख्यालय इन्दौर होगा, अर्थात्:-
राजस्वजिले
( 1 ) इन्दौर , ( 2 ) धार, ( 3 ) रतलाम, ( 4) झाबुआ, (5) मन्दसौर, ( 6 ) प. निमाड़ ( खरगौन ) , ( 7 ) उज्जैन, (8 ) देवास , ( 9 ) शाजापुर, ( 10 ) पू. निमाड़ ( खण्डवा ) , (11 ) नीमच, ( 12 ) बड़वानी .
F- No. 1-5-96 - XXI - B ( One) -In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act , 1988 ( No. 49 of 1988 ) and in supersession of this Department's Notification F. No. 1-5-96 - XXI - B ( One) , dated 25th June 2008 which was published in the Madhya Pradesh Gazette Part - 1 dated 11th July 2008 , the State Government in consultation with theHigh Court of Madhya Pradesh , hereby appoints Shri Anupam Shrivastava , Additional Sessions Judge , Indore as a Special Judge with Head Quarter at Indore for the areas comprising of the revenue districts specified below to try the cases in regard to the offences specified in clauses (a) and (b) of sub - section ( 1 ) of Section 3 of the said Act investigated under the Delhi Special Police Establishment Act , 1946 (No. 25 of 1946) , by the Delhi Police and Central Bureau of Investigation namely :----
REVENUE DISTRICTS
(1) Indore , (2 ) Dhar , ( 3 ) Ratlam , (4) Jhabua , (5) Mandsaur , ( 6) West Nimar (Khargone) , (7) Ujjain , (8) Dewas , ( 9 ) Shajapur, ( 10) East Nimar (Khandwa) ( 11 ) Neemuch , ( 12 ) Barwani .
1560
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
भोपाल , दिनांक 29 जून 2010
4. श्री जगदीश वर्मा , अति. शास. अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, देवास दिनांक 16-7-2004 से प्रथम तीन वर्ष 16-7-2007 तद्रुपरान्त पुनः तीन वर्ष दिनांक 16-7-2010 तक.
5. श्री गोपाल चन्द्र तिवारी , अति. शास . अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, देवास दिनांक 16-7-2004 से प्रथम तीन वर्ष 16-7-2007 तद्रुपरान्त पुनः तीन वर्ष दिनांक 16-7-2010 तक.
फा. क्र. 17 (ई ) -515-2008-इक्कीस - ब ( दो) 725.-विधिक सेवा प्राधिकरण नियम, 1996 के नियम 3 ( 2) के खण्ड ( आई ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य शासन, म.प्र. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति के परामर्श से श्री वेदप्रकाश शर्मा , अध्यक्ष , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , सीहोर को कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से दो वर्ष की कालावधि के लिए म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पदेन सदस्य के रूप में नाम निर्दिष्ट करता है .
6. श्री हिमलेश शर्मा, अति. शास. अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, तहसील सोनकच्छ दिनांक 16-7-2004 से प्रथम तीन वर्ष 16-7-2007 तद्रुपरान्त पुनः तीन वर्ष दिनांक 16-7-2010 तक.
F. No. 17 (E) -515-2008 - XXI- B ( Two ) 725.-In exercise of the power conferred by clause ( i ) of rule 3 (2) of the Legal Services Authorities , Act , 1996. the State Government in consultation with the Chief Justice of Madhya Pradesh High Court , hereby, nominate Shri Vedprakash Sharma, Chairman, District Legal Services Authorities , Sehore , Ex - Officio Member of the Madhya Pradesh State Legal Services Authorities for a period of two years with effect from the date assume charge .
7. श्री भगवान सिंह चूडावत, अति. शा. अभिभाषक/अति.. लोक अभियोजक, तहसील कन्नौद दिनांक 16-7-2004 से प्रथम तीन वर्ष 16-7-2007 तद्वपरान्त पुनः तीन वर्ष दिनांक 16-7-2010 तक.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव.
भोपाल , दिनांक 28 जून 2010 भोपाल, दिनांक 22 जून 2010
फा. क्र. 1 ( बी ) -31-04- इक्कीस- ब(दो ) .- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 23 सितम्बर 2008 द्वारा नियुक्त श्री रवीन्द्र देसाई, अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक, इन्दौर के कार्यकाल में दिनांक 23 सितम्बर 2009 से 22 सितम्बर 2012 तक 3 वर्ष के लिये कार्यकाल में अभिवृद्धि करता है यह वृद्धि इस शर्त के अधीन है कि यह नियुक्ति एक माह का सूचना- पत्र देकर, बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 (बी ) -3-2005- इक्कीस - ब ( दो ). - राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 6 अक्टूबर 2004 एवं 16 जुलाई 2004 द्वारा नियुक्त निम्न शास. अभिभाषक/अति. शास . अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, देवास के कार्यकाल समाप्त होने के दिनांक से , कार्यकाल में तीन वर्ष की वृद्धि करता है . यह वृद्धि इस शर्त के अधीन है कि यह नियुक्ति एक माह का सूचना- पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है :-
भोपाल , दिनांक 30 जून 2010 1. श्री गिरीश मुंगी , शास . अभिभाषक/लोक अभियोजक, देवास दिनांक 6-10-2004 से प्रथम तीन वर्ष 6-10-2007 तद्रुपरान्त पुनः तीन वर्ष दिनांक 6-10-2010 तक.
2. श्री गजेन्द्र वशिष्ठ, अति. शास. अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, देवास दिनांक 16-7-2004 से प्रथम तीन वर्ष 16-7-2007 तद्रुपरान्त पुनः तीन वर्ष दिनांक 16- 7-2010 तक.
फा. क्र. 03-2009-इक्कीस ब ( दो ) द्वारा श्री रूपानी भल्ला, अधिवक्ता, ए-1/ 2 , बैरागढ़ , जिला भोपाल को जिला मुख्यालय , भोपाल में नोटरी व्यवसाय करने हेतु नोटरी व्यवसाय प्रमाण- पत्र जारी किया गया था , परन्तु उनकी दिनांक 29 अक्टूबर 2007 को मृत्यु हो जाने के फलस्वरूप आदेश जारी होने की दिनांक से, जिला मुख्यालय, भोपाल में नोटरी व्यवसाय करनें का प्रमाण - पत्र निरस्त किया जाता है तथा उनका नाम नोटरी पंजीयन रजिस्टर से विलोपित किया जाता है .
फा. क्र. 03-2009- इक्कीस ब ( दो ) द्वारा श्री अब्दुल समद, अधिवक्ता, 7 - बानो मंजिल, न्यू कालोनी, जिंसी चौराहा के पास 3. श्री हेमन्त शर्मा, अति. शास . अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, देवास दिनांक 16-7-2004 से प्रथम तीन वर्ष 16-7-2007 तद्रुपरान्त पुनः तीन वर्ष दिनांक 16-7-2010 तक.
भाग 1 ]
1561
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
जहांगीराबाद, जिला भोपाल को जिला मुख्यालय , भोपाल में नोटरी व्यवसाय करने हेतु नोटरी व्यवसाय प्रमाण - पत्र जारी किया गया था, परन्तु उनकी दिनांक 8 जून 2007 को मृत्यु हो जाने के फलस्वरूप आदेश जारी होने की दिनांक से, जिला मुख्यालय , भोपाल में नोटरी व्यवसाय करने का प्रमाण- पत्र निरस्त किया जाता है तथा उनका नाम नोटरी पंजीयन रजिस्टर से विलोपित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान , सचिव.
सामाजिक न्याय विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 23 जून 2010
क्र. एफ. 2-69-2010- छब्बीस- 2.-किशोर न्याय ( बालकों की देख-रेख और संरक्षण ) अधिनियम , 2000 ( 2000 का सं. 56 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य सरकार, एतद्वारा , नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम (4) में उल्लेखित प्रधान मजिस्ट्रेट को कॉलम ( 3 ) में दर्शायी तथा विनिर्दिष्ट जिले के लिये किशोर न्याय बोर्ड में उक्त अधिनियम के अधीन ऐसे बोर्ड को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा कर्त्तव्यों का निर्वहन करने के प्रयोजनों के लिए पदानिहित करती है. अर्थात्: -
अनूसूची
अ.क्र. किशोर न्याय बोर्ड और उसका
नाम जिलों के प्रधान मजिस्ट्रेट का नाम एवं पदनाम मुख्यालय
(2)
(3)
(4) (1)
1
अशोकनगर अशोकनगर श्री पी.सी. आर्य, सीजेएम, अशोकनगर, No. 2-69-2010 - XXVI - 2.- in exercise of the power conferred by sub - section ( 1 ) and ( 2) of Section 4 of the Juvenile Justice ( Care and Protection of Children) Act , 2000 ( No. 56 of 2000) the State Government hereby designates the Judicial Magistrate shown in coloumn No. 4 of the table as the Principal Magistrate of Juvenile Justice Board of the District as shown in coloumn (3 ) of the table drawn below, respectively thereof for the purpose of exercising of the powers and discharging the duties conferred on such Boards under the said Act , namely :-
SCHEDULE
S.No.
Name of the District
Name of the Juvenile Justice Board
Name of the Principal Magistrate and Designation (2)
(3)
(4) (1)
1 Ashoknagar Ashoknagar Shri P.C. Arya , C.J.M. , Ashoknagar.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, श्रीमती वीणा तेलंग , उपसचिव.
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 26 जून 2010
क्र. डी- 15-18-2010- चौदह - 3.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम , 1972 ( 24 सन् 1973 ) की धारा 5 की उप धारा (2 ) के खण्ड ( क ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक डी-15-11- 86-चौदह-3 , दिनांक 31 मई 1988 द्वारा जिला सिवनी में स्थापित कृषि उपज मंडी समिति, केवलारी मंडी क्षेत्र के निम्नन्लिखित स्थान, पर बनी समस्त संरचना, अहाता, खुला स्थान या परिक्षेत्र को मंडी प्रांगण घोषित करती है , अर्थात् :-
स्थान
ग्राम पंचायत मलारी , तहसील केवलारी , जिला सिवनी के निम्नलिखित खसरा क्रमांक की 6.000 हेक्टर भूमि का क्षेत्र- क्रमांक खसरा क्रमांक
क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में) (3) (1)
(2)
3.620 1
369/2
2
2.380 370/3
कुल योग : 6.000
जिसकी सीमाएं
उत्तर में- श्रीमती बिरसो बाई , रमेश , सिकना की भूमि. दक्षिण में- गौशाला की भूमि एवं रास्ता.
1562
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
पूर्व में- गौशाला की भूमि एवं रमेश की भूमि. पश्चिम में- बंजारी/एम.पी.बी. हेतु आवंटित भूमि.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. बघेल , अपर सचिव.
भोपाल, दिनांक 26 जून 2010
क्र. डी- 15-18-2010- चौदह- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में , इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 26 जून 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. बघेल, अपर सचिव.
Bhopal , the 26th June 2010
No. D - 15-18-2010 - XIV- 3.- In exercise of the powers conferred by clause ( a) of sub section ( 2 ) of Section 5 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government here by declare the following areas including all structures , enclosoure , open places or locality in the market area for which a market at Keolary in Seoni District has been established bythis Department's Notification No. D - 15-11-86 - XIV- 3 , dated 31st May 1988 shall be the market yard namely : --
PLACE
An area of 6.000 Hectors land of below Mentioned Khasra Number at Nagar Palika Malari in Tehsil Keolary ofDistrict Seoni .
S. No. (1)
Khasra No. (2)
Area( In Hectors) (3)
369/2
3.620
1 2
370/3
2.380
Total : 6.000
BOUNDED BY
On the North by- Land of Smt . Birsobai , Ramesh Sikna.
On the South by-Land of Cowshed and Road.
On the Eastby- Land of Cowshed and Ramesh .
On the Westby- Alloted Land of M.P.B./Banjari .
By Order and in the name of the Governor of the Madhya Pradesh ,
B. S. BAGHEL, Addl . Secy .
भोपाल, दिनांक 26 जून 2010
क्र. डी- 15-18-2010- चौदह - 3.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम , 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 5 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( ख ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना . दिनांक 26 जून 2010 के अधीन घोषित मंडी प्रांगण के संबंध में मंडी क्षेत्र केवलारी के निम्नलिखित क्षेत्र को मंडी प्रांगण घोषित करती है : -
क्षेत्र
( 1 ) नगर पंचायत मलारी, तहसील केवलारी , जिला सिवनी की सीमाओं के भीतर का क्षेत्र.
(2) मंडी प्रांगण से 5 किलोमीटर की परिधि के भीतर आने वाले निम्नलिखित ग्रामों को समाविष्ट करता हुआ क्षेत्र :-
(1 ) खापा, ( 2 ) मोहगांव , ( 3 ) खरसारू, (4 ) मलारा, (5) घुड़सार , ( 6 ) बन्देली , ( 7 ) डोम , (8 ) बोथिया, ( 9 ) बिनेकी, ( 10 ) मस्कावाड़ा, (11 ) मुनगापार, ( 12 ) लोलोपार, ( 13 ) डोकरराजी, (14) जामुनपानी, ( 15 ) सरेखा , ( 16 ) बगलई, ( 17 ) कोहका, ( 18 ) सिरौली , ( 19 ) पीपरदौन , (20 ) देवरी , ( 21 ) केवलारी , ( 22 ) मलारी, (23) घानागाड़ा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. एस. बघेल , अपर सचिव.
भोपाल, दिनांक 26 जून 2010
क्र. डी- 15-18-2010- चौदह- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 26 जून 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. बघेल , अपर सचिव.
Bhopal , the 26th June 2010
No. D- 15-18-2010 - XIV - 3 .-- In exercise of the powers conferred by clause ( b) of sub - section (2 ) of Section 5 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government , hereby declare that in the relation to the market yard declare vide this Department's Notification even number dated 26th June भाग 1 ]
1563
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(4) Malaara , ( 5) Ghudsar , ( 6 ) . Bandeli , 2010 the following area of Keolary shall be market yard namely :-
(7) Doom , ( 8 ) Bothiya , (9 ) Beneki , AREA
( 10) Maskawada , ( 11 ) Mungapar ,
( 12) Lolopar , ( 13 ) Doker Raji ,
(14) Jamunpani , ( 15) Sarekha ,
(16) Baglai , ( 17 ) Koheka , ( 18 ) Serouli , ( 1) An area within the limit of Nagar Palika Malari in Tehsil Keolary of District Seoni .
( 19) Piperdoun , ( 20 ) Devri ,
(21) Keolary , (22 ) Malari , (23 ) Ghanagada.
(2) An area comprising of the following villages within the radious of 5 Kilometers from the market yard namely :-
By order and in the name of the Governor of ( 1) Khapa , ( 2) Mohgown , ( 3 ) Kharsaru,
Madhya Pradesh , B. S. BAGHEL , Addl . Secy .
आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 22 जून 2010
क्र. एफ- 3-112-2009- बत्तीस.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 23 " क " की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ- 3-112-2009- बत्तीस, दिनांक 13 अप्रैल 2010 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रकाशित सागर विकास योजना 2011 में निम्नलिखित उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार हैं :-
उपांतरण विवरण
क्र.
ग्राम
खसरा क्रमांक
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
(3)
विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग (5)
(4)
उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू-उपयोग (6) 1
ग्राम बम्होरी
आवासीय 447/2, 448/2 ,
3.60 एकड़ में
से
448/3, 448/4
निम्न घनत्व आवासीय .
82,000 वर्गफुट
योग 82,000 वर्गफुट
(2 ) उपरोक्त उपांतरण सागर विकास योजना-2011 का एकीकृत भाग होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वर्षा नावलेकर, उपसचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल , दिनांक 28 जून 2010
फा. क्र. 17 ( ई ) 43-2009-इक्कीस- ब-( एक) .- ग्राम न्यायालय अधिनियम , 2008 ( 2009 का 4 ) की धारा 5 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से , एतद्वारा इस विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 17 (ई) -43- 2009 इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 26 अप्रैल 2010 , जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 , दिनांक 7 मई 2010 में प्रकाशित हुई थी, निम्नलिखित 1564
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
संशोधन करता है , अर्थात :-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में , सारणी में , -
(1)
[भाग 1 अनुक्रमांक 2 , 3 , 6 , 9 , 10 , 14, 15 , 16 , 23 , 26 , 27 , 52, 59 , 66 और 69 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर , निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां क्रमशः स्थापित की जाएं, अर्थात्: -
सारणी न्यायाधिकारी का नाम
सिविल जिले अनु. क्रमांक
का नाम (1)
(2)
(3) "2
अनूपपुर श्री रामसिंह कनौजिया श्री संजय पाल सिंह बुंदेला
3
अशोकनगर श्री केशव मणि सिंघल श्री दिलीप गुप्ता
6
बैतूल श्रीमती दीपिका मालवीय श्री जाकिर हुसैन
9
भोपाल श्री गंगाचरण दुबे
10 श्री अमोद आर्य
भोपाल 14
दमोह कु. मंजूलता चतुर्वेदी श्री. रघुवीर प्रसाद पटेल
15
दतिया श्री अनिल कुमार छापरिया श्री मुकेश कुमार बाथम
16
देवास श्री राजकुमार वर्मा श्री सुधीर सिंह चौहान
23 श्री रामबरेश यादव
ग्वालियर 26
होशंगाबाद श्रीमती दीपाली शर्मा श्री जयदीप सिंह
27.
इन्दौर श्री संजीव कुमार गुप्ता
52
सिवनी श्री राजेश कुमार रावतकर
ग्राम न्यायालय के मुख्यालय
का नाम मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत के लिए ग्राम न्यायालय का नाम
(4)
(5) अनूपपुर कोतमा
अनूपपुर कोतमा
अशोकनगर चंदेरी
अशोकनगर चंदेरी
बैतूल मुलताई
बैतूल मुलताई
भोपाल
भोपाल
बैरसिया
बैरसिया दमोह हटा
दमोह हटा
दतिया
सेवढ़ा
दतिया सेवढ़ा
देवास
कन्नौद
देवास कन्नौद
ग्वालियर
ग्वालियर
होशंगाबाद सोहागपुर होशंगाबाद सोहागपुर
इन्दौर
इन्दौर
1. सिवनी
1. सिवनी 2. लखनादौन 2. लखानादौन भाग 1 ]
1565
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(3) (1)
(2)
सीधी 59 श्री गालिब रसूल श्री दयाराम अहिरवार
श्री गंगाचरण शर्मा
विदिशा 66
श्री के.पी. मरकाम
69
पूर्व निमाड़ मण्डलेश्वर
(5)
(4)
सीधी
सीधी
मंझौली
मंझौली
विदिशा
विदिशा
भीकनगांव. ".
भीकनगांव
( 2 ) अनुक्रमांक 69 के पश्चात् निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां अंतः स्थापित की जाएं, अर्थात्ः---
(3)
(2)
(1)
पन्ना श्री अरूण कुमार खराड़ी
" 70
(5)
(4)
पवई.".
पवई
टिप्पणी.-जहां किसी सिविल जिले, में दो ग्राम न्यायालयों के लिये एक समान न्यायाधिकारी हों वहां ऐसे समान न्यायाधिकारी प्रत्येक माह में 15 दिन की निरंतरता में प्रत्येक ग्राम न्यायालय की बैठक करेंगे.
F. No. 17 (E) 43-2009 - XXI - B- ( 1 ) . In exercise of the powers conferred by Section 5 of the Gram Nyayalayas Act, 2008 (No. 4 of 2009 ) the State Government in consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby makes the following amendments in this department's notification F. NO. 17 (E ) 43-2009 - XXI - B ( 1 ) , dated 26th April, 2010 which was published in the Madhya Pradesh Gazette Part - I , dated 7th May, 2010 namely : -
AMENDMENT
In the said Notification , in the table ,-
(1) for serial numbers 2 , 3 , 6 , 9 , 10, 14, 15, 16, 23 , 26 , 27 , 52 , 59 , 66 and 69 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto , shall respectively be substituted, namely :-
S. No. Name of Nyayadhikari
Name of Civil District
(3) (1)
(2)
"2
Anuppur Shri Ram Singh Kanojiya Shri Sanjay Pal Singh Bundela
3
Name of Headquarter of Gram Nyayalaya
(5) Name of Gram Nyayalaya for Panchayat at Intermediate level (4)
Anuppur Kotma Anuppur Kotma
Ashoknagar
Ashoknagar
Shri Keshav Mani Singhal Shri Dilip Gupta
Betul 6 Smt . Dipika Malviya Shri Jakir Hussain
9 Shri Ganga Charan Dubey
Bhopal 10
Bhopal Shri Amod Arya
Damoh 14 Ku . Manjulata Chaturvedi Shri Raghuveer Prasad Patel
Chanderi Ashoknagar Chanderi
Betul Multai Betul Multai
Bhopal Bhopal
Berasia Berasia
Damoh Hata Damoh Hata 1566
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
(3) 45
Datia Shri Anil Kumar Chhapariya Shri Mukesh Kumar Batham
16
Dewas Shri Raj Kumar Verma Shri Sudhir Singh Chouhan
23 Shri Rambaresh Yadav
Gwalior 26
(4)
(5)
Datia
Seodha Datia Seodha
Dewas Kannod
Dewas Kannod Gwalior
Gwalior
Hoshangabad
Smt . Deepali Sharma Shri Jaideep Singh
27
Indore Shri Sanjeev Kumar Gupta
52
Seoni Shri Rajesh Kumar Rawatkar
59
Sidhi Shri Galib Rasool Shri Dayaram Ahirwar
66
Vidisha Shri Gangacharan Sharma
69 Shri K.P. Markam
Hoshangabad Hoshangabad Sohagpur
Sohagpur Indore
Indore 1. Seoni
1. Seoni 2. Lakhnadon
2. Lakhnadon Sidhi Manjholi
Sidhi Manjholi Vidisha
Vidisha
East Nimar Mandleshwar
Bhikangaon
Bhikangaon .".
(i) after serial number 69 , the following serial number and entries relating thereto shall be inserted, namely :-
(2)
(1)
(3)
Panna "70 Shri Arun Kumar Kharadi
(5) (4)
Pawai
Pawai ." .
Note. Where there are one common Nyayadhikari for two Gram Nyayalayas of a Civil District , in that case , such common Nyayadhikari shall preside each Gram Nyayalaya for 15 days in each month in continuity.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ए. के. मिश्रा , प्रमुख सचिव.
विभाग प्रमुखों के आदेश
ऊर्जा विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड, रामपुर जबलपुर
जल्लपुर, दिनांक 19 जून 2010
क्र. 07-01-3104-1326.- यह कि विद्युत अधिनियम, 2003 के अधीन प्रदत्त अधिकारों एवं कर्त्तव्यों के पालन हेतु मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड, द्वारा विद्युत की निरंतर बढ़ती हुई मांग को पूरा करने के प्रयास में शहडोल जिले में ग्राम - टिकुराटोला के निकट कोयले 1567 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
पर आधारित एक 2 × 800 मेगावाट क्षमता की ताप विद्युत परियोजना प्रस्तावित है. इस परियोजना से मध्यप्रदेश राज्य को विद्युत ऊर्जा उत्पादन के लाभ प्राप्त होंगे . यह कि, इस परियोजना को सूचनार्थ प्रकाशित किया जाता है , ताकि इसमें अभिरूचि रखने वाले अनुज्ञप्ति धारी अथवा अन्य व्यक्तियों को सूचना मिल सके एवं उन्हें यदि कोई आपत्ति हो तो वे अपना आपत्ति- पत्र नियमानुसार प्रस्तुत कर सकें. अतः मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड, इस परियोजना को निम्नानुसार प्रकाशित करता है :-
1. नाम
: इस परियोजना को बाणसागर ताप विद्युत परियोजना ग्राम- टिकुराटोला के निकट जिला- शहडोल (म.प्र. ) के नाम से जाना जायेगा.
2. कार्य क्षेत्र
: इस परियोजना के अन्तर्गत आने वाले कार्य क्षेत्र निम्नानुसार है :- ग्राम टिकुराटोला, जिला शहडोल के समीप एक विद्युत गृह, राखड़ बांध एवं रहवासी कालोनी स्थापित किया जाना प्रस्तावित है. विद्युत गृह की कुल स्थापित क्षमता 2 × 800 मेगावाट होगी . इस परियोजना के अंतर्गत दो बायलर, स्टीम टरबाइन, जनरेटर एवं उपसंयंत्रों की स्थापना की जावेगी जिसमें सिविल यांत्रिक तथा विद्युतीय कार्यों के साथ - साथ अन्य संबंधित कार्य जैसे राखड़ बांध , परिवहन सुविधायें, आवास कालोनी का निर्माण आदि भी प्रस्तावित है. विद्युत उत्पादन हेतु जल आपूर्ति, सोन नदी/बाणसागर बांध के ऊपरी क्षेत्र से लगभग 11 कि.मी. लंबी पाईप लाइन द्वारा की जायेगी. परियोजना हेतु कोयले का परिवहन एस.ई.सी.एल. के अधीन कोयला खदानों से प्रस्तावित है. विद्युत संयंत्र से उत्सर्जित राखड़ को विद्युत संयंत्र के समीप निर्मित राखड़ बांध में निस्तारित किया जायेगा. विद्युत गृह एवं राखड़ बांध तथा अन्य निर्माण कार्यों के लिये जिन ग्रामों की भूमि का पूर्ण या आंशिक भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है उनके नाम टिकुराटोला, ओडारीबारा , पथरेही, सरसी, जमुनी, हिरवार, सकंडी, रेंडसा, घिनौची, तेंदुहा, बराबहेरा, उजराबरा , बिलकुड़ा, विजयसोता, पपोंध, तुवरा, खंड़ेह एवं पवेह है तथापि विस्तृत भू- सर्वेक्षण पश्चात् ही अधिग्रहण क्षेत्र को चिन्हित किया जा सकेगा.
3. अनुमानितलागत
: प्रस्तावित. परियोजना की अनुमानित लागत वर्तमान में रु. 10100 करोड़ आंकी गई है, जिसका पुनरीक्षण, डी.पी.आर. बनने की अवस्था में संभव है.
4. निर्माण कार्य
: यह परियोजना सन् 2016 में क्रियाशील होना प्रस्तावित है.
5. परियोजना के लाभ
: इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की स्थापित विद्युत् क्षमता में बढ़ोत्तरी करना तथा राज्य को उत्पादित विद्युत का लाभ प्रदान करना है. इस परियोजना के पूर्ण होने पर इससे लगभग 11914 मिलियन यूनिट ( 85 प्रतिशत पी.यू.एफ. पर ) का वार्षिक उत्पादन होने लगेगा.
6 . पारेषण एवं वितरण
: परियोजना से उत्पादित विद्युत के पारेषण संबंधी कार्य म.प्र. विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड तथा वितरण संबंधी कार्य संबंधित विद्युत वितरण कंपनी द्वारा संपादित किया जाना प्रस्तावित है.
7. तार खंभे आदि लगाने का अधिकार.
: विद्युत उत्पादन , पारेषण एवं वितरण के लिये तथा टेलीफोन एवं टेलीग्राम सिग्नलों के पारेषण हेतु तार, खंभे, दीवाल , ब्रेकेट, स्टे, संयंत्रों और उपकरणों के लगाने हेतु विद्युत अधिनियम, 1948 की धारा 42 एवं विद्युत अधिनियम , 2003 के प्रावधानों के अनुसार मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड, जबलपुर को वे सभी अधिकार हैं एवं उनका वह उपयोग करेगा जो भारतीय तारयंत्र के संबंध में प्राप्त है .
8. परियोजना के निर्माण का अधिकार.
: परियोजना से संबंधित विभिन्न निर्माण कार्य का संपूर्ण अधिकार विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 7 के अनुसार मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड जबलपुर को होगा.
एतद्वारा सूचित किया जाता है कि इसमें अभिरुचि रखने वाले किसी भी अनुज्ञप्ति धारी या अन्य किसी भी व्यक्ति को इस परियोजना के निर्माण के संबंध में यदि कोई आपत्ति हो तो वह अपना आपत्ति पत्र इस अधिसूचना के प्रकाशित होने की तारीख से दो माह के अन्दर प्रस्तुत कर सकता है . इस समयावधि के पश्चात् प्राप्त किसी भी आपत्ति पर विचार नहीं किया जायेगा.
व्ही. के. नायडू, अतिरिक्त सचिव.
1568
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
कार्यालय, कुलाधिपति, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर
राजभवन, भोपाल , दिनांक 28 जून 2010
क्र. एफ- 1-2-2010 - रा.स. यू.ए. - 1-1058.- मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम , 1973 ( क्रमांक 22 सन् 1973 ) की धारा 13 की उपधारा ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं , रामेश्वर ठाकुर, कुलाधिपति, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय , इन्दौर, एतद्वारा प्रो. पी.के. मिश्रा, निदेशक, चक्रवर्ती राजगोपालाचारी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय , भोपाल को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से चार वर्ष की कालावधि के लिए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर का कुलपति नियुक्त करता हूं.
2. इनकी सेवा शर्तें एवं निबंधन विश्वविद्यालय के परिनियम -1 के अनुसार शासित होंगी .
रामेश्वर ठाकुर, कुलाधिपति.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला - खण्डवा, मध्यप्रदेश
क्र. 171-07- LAभू- अर्जन- 10-11006
खण्डवा, दिनांक 28 जून 2010 भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( 1894 का क्रमांक -1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध- पत्र रा.प्र.क्र. 1 - अ-82-09-10.- यह अनुबंध पत्र प्रथम पक्ष के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर जिला- खण्डवा एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं , ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश जो भारतीय कम्पनी अधिनियम , 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है. ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कम्पनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है. जिसकी ओर से मुख्यत्यार-
श्री असद जाफर, महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. अभयांचल परिसर मण्डलेश्वर, जिला खरगोन , म. प्र. में कार्य कर रहे हैं, के मध्य आज दिनांक को सम्पादित किया जा रहा है-
कंपनी ने म. प्र . शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम मोरटक्का, प.ह.नं. 1 , तहसील पुनासा जिला खण्डवा की आबादी भूमि सर्वे नं. 695 क्षेत्रफल 0.010 भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं एवं शासकीय भूमि खसरा नं. 1 क्षेत्रफल 0.343 हे. पर स्थित संरचनाओं तथा निजी कृषि भूमि खसरा नं. 698 क्षेत्रफल 0.480 हे . पर स्थित संरचनाओं के भू- अर्जन हेतु भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन - पत्र पेश किया है. जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 , 2 , 3 पर अंकित किया गया है.
परिशिष्ट ( 1 )
आबादी भूमि में स्थित परिसम्पत्तियां
अ.क्र.
सर्वे नम्बर
प्लाट नम्बर
विवरण
मोहल्ला शीट क्र.
क्षेत्रफल वर्गमीटर में स्वत्व धारक या भूमि स्वामी का नाम पिता का नाम पूरा पता
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6)
(7) 1
शिव मंदिर
1
1
100 वर्गमीटर
695 आबादी भूमि 1569 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
परिशिष्ट ( 2 )
निजी कृषि भूमि में स्थित परिसम्पत्तियां
जाति
अ.क्र. नाम मकान मालिक पिता का नाम
खसरा नंबर
सम्पत्ति का विवरण (1)
(2)
(3)
(4)
(5) 1
सनावद नगरपालिका
698
जलप्रदाय पाईप लाईन एवं
फाउन्डेशन 250 वर्गमीटर .
निजी कृषि भूमि
परिशिष्ट ( 3 )
शासकीय भूमि पर स्थित परिसम्पत्तियां
अ. क्र.
ख. नं.
सम्पत्ति का विवरण (2)
(1)
मद (3)
(4)
1
1
1 . घाट 1 पक्का 2747 वर्गमीटर नर्मदा नदी शासकीय भूमि
2. गुमटी एवं ओटला पक्का 34 वर्गमीटर
3. नर्मदा कुटीर पक्की 22 वर्गमीटर
4. निजी घाट पक्का 584 वर्गमीटर
योग . कुल 4 निर्माण वर्गमीटर 3387 2. राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टी कर ली है कि उक्त जल विद्युत् परियोजना राज्य में कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है .
3. कंपनी के भू-अर्जन आवेदन- पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 1-9-2007 को सम्पन्न भू-अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार म. प्र. शासन राजस्व विभाग मंत्रालय , भोपाल के पत्र क्र. एफ- 12-14/ 07/सात/2 - ए, भोपाल दिनांक 4 अक्टूबर 2007 द्वारा भू-अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है इसका इस अनुबंध पत्र में समावेश किया गया है.
4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कंपनी को राज्यपाल के साथ भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है . कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध - पत्र निम्नानुसार किया जाता है .
कंपनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती है कि ( क) कंपनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्ति व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी .
(ख ) कंपनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च ) का भुगतान भी करेंगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू- अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.
( ग) उपर्युक्त ( क) तथा ( ख में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट 1 , में वर्णित आबादी भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं तथा परिशिष्ट 2 , 3 में वर्णित संरचनाएं कंपनी को प्रदाय करेगा, जो अनुमति में उल्लेखित निम्न शर्तों के अधीन होगा- (1 ) अर्जित की गयी निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा.
(2) भूमि जिस उपयोग के लिये अर्जित की जा रही है वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जायेगा.
(3 ) भूमि पर निर्माण कार्य करते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जावेगा .
(4) कंपनी ( इस आशय के करारनामे या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उन कृषकों के परिवार के कम से कम एक सदस्य को कंपनी में आदर्श पुनर्वास नीति में दिये निर्देशों के अनुरूप नौकरी देगी.
1570
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(5) कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने, बंधक रखने, दान देने , पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा . ( धारा 44 ए) .
(6 ) यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन या उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें शासन को अपने कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.
(7 ) भूमि की केवल सतह का ही उपयोग किया जावेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जावेगी. तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौड़ खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.
(8 ) शासन की पुर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.
(9 ) पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जावेगा.
( 10 ) प्रदूषण नहीं किया जावेगा. इस संबंध में संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मंडल से अनापत्ति प्रमाण-पत्र इस आशय के प्राप्त करना होंगे कि, " पर्यावरण, जल स्त्रोत वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा".
( 11 ) भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित एवं स्थानीय संस्था को जैसे नगर निगम, नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग, कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होगा तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.
( 12) यदि कभी भी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिये नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों, सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को मुआवजा देय नहीं होगा.
( 13) भूमि या उसके किसी भाग या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा ना तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा, और ना ही पट्टे या किराये पर दिया जावेगा.
( 14) भूमि जिस पर प्रयोजन हेतु दी गई हो उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अधिकृत कब्जा मान कर भूमि शासन में निहित कर ली जावेगी.
(15) शासन के प्रतिनिधि कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन निर्माण आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.
( 16 ) मौके की स्थिति या स्थानीय आवश्यकतानुसार भू- अर्जन की कार्यवाही के दौरान कलेक्टर द्वारा लगाई अन्य आवश्यक शर्तें.
(17) प्रचलित नियमों के अन्तर्गत अग्रिम राशि कंपनी से शासन के खाते में जमा करने की नियमानुसार कार्यवाही की जावे:-
(क) राज्य शासन कंपनी को आश्वस्त करता है कि भूमि और भूमि पर निर्मित भवन या अन्य निर्माण का मुआवजा मिल जाने पर प्राप्त राशि का उपयोग प्रभावित व्यक्ति नये पुनर्वास स्थल पर उसे आवंटित प्लाट पर मकान बनाने के लिये करेगा . यदि वह उसका उपरोक्त अनुसार उपयोग नहीं करता है तो वह आवंटित स्थल मकान बनाने के लिए अन्य राशि और अनुदान की मांग करने का अधिकारी नहीं होगा .
1571 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(ख) राज्य शासन की अनुमति से कंपनी को दी गई भूमि एवं उस पर निर्मित भवन और अन्य निर्माण से पुराने मालिक द्वारा नये पुनर्वास स्थल पर अपना मकान बनाने हेतु उपयोगी सामग्री ले जाने के बाद उसका उस भूमि और मकान पर कोई अधिकार नहीं होगा यदि वह उस पर अतिक्रमण/अधिपत्य रखता है तो राज्य शासन उचित कार्यवाही कर उसे हटायेगा. जिसमें लगने वाले व्यय के संदाय का उत्तरदायी भी होगा.
(ग) स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगीं.
(घ) इस अनुबंध पत्र की कंडिका 1 में उल्लेखित परिशिष्ट 1 , 2 , 3 में वर्णित भूमि एवं संरचनाओं के अर्जन के फलस्वरूप मूल्यनिर्धारण में जो राज्य शासन द्वारा किया गया है , कोई विवाद उत्पन्न होता है तो उस विवाद का निपटारा नियमानुसार सक्षम न्यायालय ( सिविल न्यायालय ) द्वारा किया जावेगा तथा अंतिम अपीलिय न्यायालय का आदेश मान्य होगा. यदि किसी देय राशि का भुगतान कंपनी द्वारा नहीं किया जाता है तो राज्य शासन भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही वापस ले सकेगी और भूमि अधिगृहण वापस लेने की स्थिति में शासन को हुई क्षति जो भूमि अधिग्रहण करने की वापसी के फलस्वरूप होगी उसका भुगतान भी कंपनी द्वारा राज्य शासन को किया जावेगा .
भू-अर्जन की समस्त प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत पक्ष क्र. 1 राज्य शासन, पक्ष क्र. 2 कंपनी को अर्जित की गयी भूमि का अधिपत्य एवं स्वत्व प्रदान करने के बाबद् आवश्यक कार्यवाही कर दस्तावेज निष्पादन करावेगी . अनुबंध के निष्पादन पंजीयन तथा अन्य दस्तावेजों के निष्पादन , स्टाम्प ड्यूटी , पंजीयन शुल्क तथा अन्य प्रासंगिक व्यय का भुगतान कंपनी द्वारा किया जावेगा.
इस अनुबंध में अन्यथा कोई कार्यवाही शेष रहती है , तो दोनों पक्षों द्वारा विधि पूर्वक प्रक्रिया के तहत निपटारा किया जावेगा.
दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खण्डवा एवं पक्ष क्र. 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है.
पक्ष क्र. 1
साक्षियों के हस्ताक्षर (पूरा नाम पिता का नाम एवं पूरा पता )
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
हस्ता./-
साक्षी क्र. 1
(डी. डी. अग्रवाल )
कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव
मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग .
जिला खण्डवा ( म. प्र.)
हस्ता./- नाम : टी. आर. वर्मा डिप्टी कलेक्टर, खण्डवा पता :
साक्षी क्र. 2
पक्ष क्र. 2
हस्ता./--
नाम : छोटेखान पता : 15, खड़ी मोहल्ला
खरगोन.
हस्ता./- (असद जाफर ) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. मण्डलेश्वर.
1572
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं
विधि और विधायी ( निर्वाचन ) कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 3 जून 2010
क्र. 22- वि.निर्वा.- 2010-114.- भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना क्रमांक 82- म.प्र.वि.स. (32/2009 ) -2010, दिनांक 2 मार्च 2010 सर्वसाधारण की जानकारी के लिये प्रकाशित की जाती है.
प्रेमचन्द मीना, प्रमुख सचिव.
भारत निवार्चन आयोग
निर्वाचन सदन, अशोक रोड , नई दिल्ली -110001 नई दिल्ली, तारीख 2 मार्च 2010-11 फाल्गुन, 1931 ( शक)
अधिसूचना
सं. 82- म.प्र. -वि.स. ( 32/2009 ) -2010.- भारत निर्वाचन आयोग , 58 - पवैया विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से मध्यप्रदेश विधान सभा के लिए श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के निर्वाचन को चुनौती देने वाले श्री मुकेश नायक द्वारा दाखिल 2009 की अर्जी सं. 32 में मध्यप्रदेश , उच्च न्यायालय, जबलपुर के तारीख 24 अप्रैल 2009 का निर्णय लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 ( 1951 का 43 ) की धारा 106 के अनुसरण में एतद्वारा प्रकाशित करता है.
आदेश से,
हस्ता./-
(बर्नार्ड जॉन )
सचिव,
भारत निर्वाचन आयोग.
ELECTION COMMISSION OF INDIA Nirvachan Sandan , Ashoka Road , New Delhi - 110001 New Delhi , Dated 2nd March 2010-11 Phalguna , 1931 (Saka) NOTIFICATION
No. 82 - MP - LA/ ( 32/2009 ) -2010 .-In pursuance of Section 106 of the Representation of the People Act, 1951 (43 of 1951 ) the Election Commission hereby publishes the Judgment of the High Court of Madhya Pradesh at Jabalpur dated 24th December 2009 in Election Petition No. 32 of 2009 filed by Sh . Mukesh Nayak challenging the election of Sh . Brijendera Pratap Singh to the Legislative Assembly from 58 - Pawai Assembly Constituency.
IN THE HIGH COURT OF MADHYA PRADESH PRINCIPAL SEAT AT JABALPUR Election Petition No. 32 of 2009
Mukesh Nayak
Son of Shri Biharilal Nayak , aged about 49 years , resident of House No. 577 Civil - 6 , Chatrasal Ward No. 6, Gram Damoh , Tahsil Damoh , District Damoh , M. P.
VERSUS
Brijendra Pratap Singh
Son of Uday Pratap Singh , aged about 45 years , resident of Gram Itori Amanganj , Tahsil Gunor , District Panna , M. P.
ELECTION PETITION UNDER SECTION 80 AND 81 OF THE REPRESENTATION OF PEOPLE ACT , 1951 FACTS :
(1) That on 31-10-2008 , the Election Commission of India issued notification for election to the 13th Legislative Assembly in the State of Madhya Pradesh . As per said notification , the election was scheduled to be held as under :
7-11-2008 (i) Last date of making nomination:
8-11-2008 (ii) Date of scrutiny of nomination:
10-11-2008 (iii) Late date for withdrawal . of candidature:
27-11-2008 (iv) Date of polling :
08-12-2008 (v) Date of counting :
HIGH COURT OF MADHYA PRADESH AT JABALPUR
Election Petition No. 32/2009
Mukesh Nayak Son of Biharilal Nayak , aged about 49 years , resident of House No. 577 Civil- 6 , Chatrasal Ward No. 6 , Gram Damoh , District Damoh , M. P.
Petitioner भाग 1 ]
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
Versus
Brijendra Pratap Singh , Son of Uday Pratap Singh , aged about 45 years , resident of Gram Itori Amanganj , Tahsil Gunor , District Panna
Respondent Shri Shashank Shekhar , Advocate for the petitioner.
Shri Mrigendra Singh , Advocate for the respondent .
Date of Hearing : 8/10/2009
Date of Order : 24/12/2009
ORDER
This order shall govern disposal of I. A. No. 43/2009 , which is an application , under Order VII Rule 11 of the Code of Civil Procedure ( for brevity " the Code " ) read withSection 86 of the Representation of People Act , 1951 (for short " the Act " ) , seeking rejection of this election petition at the threshold on the following grounds- (i) The petition is lacking in material facts and particulars.
(ii) The petition does not disclose any cause of action.
( iii) The petition is not supported by any affidavit in Form 25 .
(iv) The annexures filed along with the petition are not attested or verified as true copies by the Petitioner.
(v) Material contradictions exist between the contents of verification clause and those of the affidavit filed in support of the pleadings .
2. In this petition , election of returned candidate viz. the respondent to M. P. Legislative Assembly constituency No. 58 Pawai (hereinafter referred to as the 'Constituency ') has been called in question on the ground of irregularities in the counting of votes with a prayer for a direction for recounting of the votes polled as well as the postal ballot papers received in the Constituency . The petitioner has also sought a declaration that irregularities committed by the Returning Officer in counting the votes have vitiated the entire process of election and has further entreated to punish the persons found involved therin.
3. Election to the Constituency was held on 27-11-2008 in which as many as 18 candidates were in the fray . The petitioner and the respondent contested the election respectively as the official candidates of Bhartiya Janshakti Party and Bhartiya Janta Party . Counting of votes through Electronic Voting Machines (EVMs ) was scheduled to take place on 8-12-2008 . The petitioner had appointed Devendra Kumar Tiwari , Rajaram Singraul , Rajkumar , Ramsewak , Chhotelal Pathak and Shri C. L. Singraul as counting agents whereas one Kedar Prasad , acted as agent of another candidate namely Kamlesh Dwivedi for the purpose . As per the result notified after conclusion of the counting , the respondent was declared duly elected , as he had secured 39921 votes whereas his nearest rival viz . the petitioner could get 39011 votes .
4. According to the petitioner ,-
(i) till 16th round of counting , that was concluded at about 16:00 hours , he was leading as against the respondent by a margin of 3779 votes . However , the administrative officers involved in the process of counting were able to gather from the outcomes of the process of counting in other Constituencies that the ruling Bhartiya Janta Party, represented by the respondent , was again going to form Government in the State . As an obvious reaction , they suddenly left the counting room and even on being asked the reason for doing so , did not give any logical reply . Their explanation that they were leaving for lunch was also not satisfactory as breaks for the purpose had already been availed of at 13:00 and 14:30 hours .
(ii) At about 16:50 hours , brother of the respondent namely Lokendra Singh and his companion Mahendra Yadav started hurling abuses and throwing chairs on the partition providing separate spaces to the agents and the officers of Election Commission in the counting room . Finding that the situation was a complete chaos , the officers appointed by the Election Commission not only shifted 8 EVMs which were yet to be used for counting of votes but also dragged his counting agents out of the room . Thus , counting in the 17th , 18th and 19th rounds could not be done in presence of his counting agents.
(iii ) Further , the moment the counting agents came out of the room, the entry passes issued in their favour were torn into pieces by the police authorities present there . Although , they preferred an oral complaint to the Superintendent ofPolice , Panna and also submitted an affidavit to the effect that on 8-12-08 after 4.30 p.m. they were expelled 1574
[ भाग 1
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from the counting room by the police officials yet, no action was taken presumably in view of the fact that by that time 80 % of the election results in the State were formally announced .
non- submission of affidavit in Form No.25 prescribed by Rule 94A of the Conduct of Elections Rules , 1961 and the reply that the corresponding particulars may be amended and amplified are apparently misconceived in view of the fact that election in question has not been challenged on the ground of any corrupt practice enumerated in Section 123 of the Act . Further, the ground nos . ( iv) and ( v) [ supra ] canbe dealt with under the doctrine of curability . As such , the petition can not be rejected on any one of the abovementioned three grounds .
9. The question that arises for consideration is as to whether the petition deserves rejection on the ground nos . ( i ) and ( ii ) [ ibid ] relating to the objection as to non- pleading of material facts and materials and non -disclosure of cause of action respectively.
(iv) Immediately thereafter, to his utter dismay and surprise , the respondent was declared elected by exhibiting that in the 17th , 18th and 19th rounds , he had received 237 , 634 and 355 votes whereas the respondent had secured 1242 , 2702 and 1971 votes . This apart , his counting agents were compelled to append signatures on the tabulation sheets showing result of those rounds based on the readings of 8 EVMs despite the fact that procedure prescribed under the Election Law for counting of votes in their presence was not followed . One of the counting agents namely Sitaram Patel made an application for recounting of votes recorded by 8 EVMs in 17th , 18th and 19th rounds on the ground that votes were not counted before him . Another counting agent viz . K.K. Pandey also made a complaint to the effect that the EVM in respect of polling booth No.128 ofBada Gaon Sarsela was not at all included in the process of counting . However , the Returning Officer refused to acknowledge receipt of these complaints.
(v) Thus , the figures reflected in the tabulation chart , prepared as per Proforma 20 prescribed under Rule 56C ( 2 ) ( c) , were erroneous , incorrect and bogus . In such a situation , he himself faxed applications to the Returning Officer at 18:46 and 19: 10 hours for recounting of 17th , 18th and 19th rounds but no action was taken .
10. The expression ' material facts ' has neither been defined in the Act nor in the Code . According to the dictionary meaning , ' material ' means ' fundamental ' , ' vital ' , ' basic ' , ' cardinal ' , ' central ' , ' crucial ' , ' decisive ' , ' essential ' , ' pivotal ' , indispensable ' , ' elementary ' or 'primary' (Harkirat Singh v. Amarinder Singh AIR 2006 sc 713 referred to) . Hence , material facts are facts which if established would give the petitioner the relief asked for even if the respondent had not appeared . Further, for deciding the application under Order VII Rule 11 of the Code, the averments in the petition are germane and the pleas taken by the respondent would be wholly irrelevant at that stage . This apart , rejection of plaint in exercise of the power under Order VII Rule 11 would be necessitated only if on a meaningful , not formal reading of the petition itismanifestly vexations and meritless , in the sense of not disclosing a clear right to challenge the election (See. T. Arivandandam v. T.V. Satyapal ( 1977) 4 scc 467) .
5. In the light of these averments , the petitioner has claimed that in case a recounting is done he would emerge asvictorious by a considerable margin of votes .
.Examining the pleadings of the petitioner in the light of these guiding principles , one may easily conclude that the petitioner has only suspected a foul play in the process of counting resulting into his defeat inspite of the fact that he was leading upto last but 3 rounds .
6. As pointed out already , the prayer for rejection of theElection Petition has been made not only on the ground of non - compliance with the statutory procedural requirements but also for the reason that the petition does notdisclose any cause of action.
12. Law on the subject has been elaborately explained by theApex Court in T.A. Ahammed Kabeer v. A.A. Azez (2003) 5 scc 650 in the following terms- 7. In reply, the petitioner has submitted that even if it is assumed that the pleadings or the contents of affidavit suffer from any deficiency , the election petition can not be dismissed in limine . To buttress the contention , reference has been made to leading decision of the Apex Court in Murarka Radhey Shyam Ram Kumar v. Roop Singh Rathore AIR 1964 SC 1545 .
8.At the outset, it may be observed that the objection as contained in ground no. ( iii ) [ above ] regarding
(1) In an election petition wherein the limited relief sought for is the declaration that the election of the returned candidate is void on the ground under Section 100 ( 1 ) ( d) ( iii ) of the Act, the scope of enquiry shall remain confined to two questions: (a) finding out any votes having been improperly cast in favour of the returned candidate , and (b) any votes having been improperly refused or rejected in regard to any other candidate . In such भाग 1 ].
a case an enquiry cannot be held into and the election petition decided on the finding (a) that any votes have been improperly cast in favour of a candidate other than the returned candidate , or (b) any 667votes were improperly refused or rejected in regard to the returned candidate .
(2) A recrimination by the returned candidate or any other party can be filed under Section 97 ( 1 ) in a case where in an election petition an additional declaration is claimed that any candidate other than the returned candidate has been duly elected .
(3) For the purpose of enabling an enquiry that any votes have been improperly cast in . favour of any candidate other than the returned candidate or any votes have been improperly refused or rejected in regard to the returned candidate the Election Court shall acquire jurisdiction to do so only on two conditions being satisfied: ( i) the election petition seeks a declaration that any candidate other than the returned candidate has been duly elected over and above the declaration that the election of the returned candidate is void; and (ii) a recrimination petition under Section 97 ( 1 ) isfiled.
(4) A recrimination petition must satisfy the same requirements as that of an election petition in the matter of pleadings , signing and verification as an election petition is required to fulfil within the meaning of Section 83 of the Act and must be accompanied by the security or the further security referred to in Sections 117 and 118 of theAct.
(5) The bar on enquiry enacted by Section 97 read with Section 100 (1 ) (d) ( iii ) of the Act is attracted when the validity of the votes is to be gone into and adjudged or in other words the question of improper reception , refusal or rejection of any vote or reception of any vote which is void is to be gone into . The bar is not attracted to a case where it is merely a question of correct counting ofthe votes without entering into adjudication as to propriety, impropriety or validity of acceptance , rejection or reception of any vote. In other words , where on a re - count the Election Judge finds the result of re- count tobe different from the one arrived at by the Returning Officer or when the Election Judge finds that there was an error of counting the bar is not attracted because the court in a pure and simple counting carried out by it or under its directions is not adjudicating upon any
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issue as to improper reception , refusal or rejection of any vote or the reception of any vote which is void but is performing mechanical process of counting or re - counting by placing the vote at the place where it ought to have been placed . Acase of error in counting would fall within the purview of sub - clause ( iv ) , and not sub- clause ( iii) of clause (d) of sub - section ( 1) of Section 100 of the Act"
[Emphasis supplied ] 13.Accordingly, when a petition is for relief of scrutiny and recount on the allegation of miscount , the petitioner has to offer proof of errors in counting and if errors in counting are prima facie established a recount can be ordered. However, fact of the matter is that in the case on hand, scope of inquiry is limited to the correctness and authenticity of counting that was carried out by means of EVMs whereas all doubts and queries regarding the functioning of EVMs have already been answered in FAQs of electronic voting machines published by the Commission on the website. The relevant questions and answers may be reproduced as under :
"Q18 . Is it possible to vote more than once by pressing the button again and again ?
Ans. No
Q21 . Is it possible to program the EVMs in such a way that initially, say upto 100 votes , votes will be recorded exactly in the same way as the 'blue buttons ' are pressed , but thereafter , votes will be recorded only in favor of one particular candidate irrespective of whether the ' blue button ' against thatcandidate or any other candidate is pressed ?
Ans. The microchip used in EVMs is sealed at the time of import . It cannot be opened and any rewriting of program can be done by anyone without damaging the chip . There is , therefore , absolutely no chance of programming the EVMs in a particular way to select any particular candidate orpolitical party.
Q28 . In the conventional system , before the commencement of poll , the Presiding Officer shows to the polling agents present that the ballot box to be used in the polling station is empty. Is there any such provision to satisfy the polling agents that there are no hidden votes already recorded in the EVMs ?
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Ans. Yes
Before the commencement of poll , the Presiding Officer demonstrates to the polling agents present that there are no hidden votes already recorded in the machine by pressing the result button . Thereafter, he will conduct a mock poll by asking the polling agents to record their votes and will take the result to satisfy them that the result shown isstrictly according to the choice recorded by them . Thereafter , the Presiding Officer will press the clear button to clear the result of the mock pollbefore commencing the actual poll .
Q29 . How can one rule out the possibility of recording further votes at any time after close of the poll and before the commencement of counting by interested parties ?
Ans . As soon as the last voter has voted. the Polling Officer in - charge of the Control Unit will press the ' Close' Button . Thereafter, the EVM will not accept any vote . Further , after the close of poll . the Balloting Unit is disconnected from the Control Unit and kept separately. Votes can be recorded only through the Balloting Unit . Again the Presiding officer. at the close of the poll, will hand over to each polling agent present an account of votes recorded . At the time of counting of votes , the total will be tallied with this account and if there is any discrepancy , this will be pointed out by the Counting Agents .
[भाग 1 independently from each other . A select software development group of 2-3 engineers designs the source code and this work is not sub- contracted .
(iv) The source code is so designed that it allows a voter to cast the vote only once . The next vote' can be recorded only after the Presiding Officer enables the ballot on the Control Unit . In between the machine becomes dead to any signal from outside ( except from the Control Unit) .
(v) After completion of software design , testing and evaluation of the software is carried out by anindependent testing group as per the software requirements specifications ( SRS) . This ensures that the software has really been written as per the requirements laid down for its intended use only.
(vi) After successful completion of such evaluation , machine code of the source programme code known as hex - code ( not the source code itself) is given to the micro controller manufacturer for fusing in the micro controllers . From this machine code, the source code cannot be read . Source code is never handed over to anyone outside the software group .
[Underlined by me]
14. From the corresponding ' Press Note ' , copy of which has also been placed by the respondent on record , one may gather the following information about EVMs used by Election Commission of India--
Facts about EVMs used by ECI
(i ) ECI - EVMs are manufactured only by Electronics Corporation of India Limited (Department of Atomic Energy) and Bharat Electronics Limited (Ministry of Defence ) , both Central Public Sector Undertakings , which are entrusted with development of very high security product/ equipment development .
( ii) The ECI - EVMs cannotbe reprogrammed.
(iii ) The software for this chip is developed in - house by a select group of engineers in the two PSUs (vii) Micro controller manufacturer initially provides engineering samples for evaluation . These samples are assembled into the EVM, evaluated and verified for functionality at great length . Bulk production clearance is given to micro controller manufacturer only after successful completion of this verification .
(viii) The source code for the EVM is stored under controlled conditions at all times . Checks and balances are in place to ensure that it is accessible to authorized personnel only.
(ix) During production , functional testing is done by production group as per the laid down quality plan and performance test procedures .
(x) Samples of EVMs from production batches are regularly checked for functionality by Quality AssuranceGroup , which is an independent group within the organizations .
(xi ) Certain additional features were introduced in 2006 in ECI - EVMs such , as dynamic coding between Ballot Unit and Control Unit , installation of real time clock, installation of full display system and date and time stamping of every key भाग 1 ]
pressing in EVM. It is important to note that there was no modification of any type done at this stage in the basic functions of the machine .
Notcomparable with EVMs Abroad
The Commission has come across some comparisons between ECI - E VM and EVMs used by foreign countries . Such comparisons are both misplaced and misguided . Most of the systems used in other Countries are PC based and running on operating Systems . Hence , these could be vulnerable to hacking . The EVM in India on the other hand is a fully standalone machine without being part of any network and with no provision for any input . As already stated , the software in the EVM chip is one time programmable and is burnt into the chip at the time of manufacture . Nothing can be written on the chip after manufacture . Thus the ECI - EVMs are fundamentally different from the voting machines and processes adopted in various foreign countries . Any surmise based on foreign studies or operating system based EVMs used elsewhere would be completely erroneous . The ECI - EVMs cannot be compared with those EVMs .
Complete Procedural Security
The Commission has in place elaborate administrative measures and procedural checks - and -balances aimed at prevention of any possible misuse or procedural lapses . These measures include rigorous pre - election test and inspection of each EVM by the technicians , two level randomization with the involvement of candidates and their agents , for the random allotment of the EVMs to various constituencies and their subsequent dispatch to various polling stations . Preparation of the EVMs for elections is done in the presence ofthe candidates /their agents and sealing of the prepared EVMs is also done in candidate's or their agent's presence. Thread seal are fixed on the EVM where again , the candidates or their representatives put their own signature and seals . Paper seals guards against any unauthorized access to the EVMs after preparation . EVMs are then kept in sealed strong rooms with provision for the candidates to put their individual seals on the strong rooms . The EVMs are randomized twice over. The list of EVMs going to individual polling stations is given to the candidates for them to check , on the poll day the actual machine , that isused in that polling station. Furthermore a mock poll is conducted in the presence of polling agents ,
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whenthe polling agents can verify , inter- alia , the EVM numbers . A mock poll certificate is taken before the commencement of poll . After the mock poll the machine is set back to zero and green paper seal printed at Govt. Security Press is put in, where once again every polling agent is allowed to put his /her signature . After the polls , the EVM are also sealed in such a manner that there is no physical access to any of the buttons on the EVMs . Indeed there is no access to the EVMs itself since the carrying case is ' sealed completely. The machines are put in the strong room again in presence of the candidates , observer of the commission under video camera surveillance. The strong room is allowed to be guarded by the supporters of the candidates besides the police protection provided to strong rooms . At every step , " the EVM is very well protected and elaborate arrangements are in place for the same .
15. In Michael B. Fernandes v. C. K. Jaffer Sharief AIR 2004 KARNATAKA289 , ' the Karnataka High Court had the occasion to analyze these claims regarding functional efficacy of EVM by examining one of the scientists of the Bharat Electronic Limited ( in short B. E. L. ) as the Court witness who was also cross - examined at length . The findings recorded by the learned Election Judge may usefully be quoted as under,-
Votingmachine has two major . units : one is control unit and other is balloting unit . Control unit is handled by the Presiding Officer , who is in- charge of the Polling Booth . The control unit has all the intelligence inbuilt . The ballot unit is a dummy unit or otherwise called non - intelligence unit . The ballot unit has buttons and a lamp for each candidate arranged in a line . The ballot unit is kept in the polling compartment, 5 meters away from the control unit . The ballot Unit has a cable permanently attached . At the time of polling the cable is connected to the control unit when the voter press the button casting the vote to a candidate, the lamp by the side of the button will glow to indicate that the voting done is proper and simultaneously in the control unit a beep sound is heard to a range of 30ft . The control unitfunctions in a non - reversible cycle of voting process.-
After the publication of the list of the candidates , the Returning Officer sets the number of contesting candidates in the control unit , which functions on a battery specially manufactured and supplied 1578
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unit and the balloting unit are put separately in a by B.E.L. The effective life of the battery is 48 hours of continuous functioning . In the balloting unit the printed ballot sheet is put behind the transparent screen . The balloting unit is capable of handling the ballot sheet containing 16 contestants and on the whole EVM is designed to handle a maximum of 64 contestants at an election . The balloting unit has got 16 buttons operatable through a panel cut out . After inserting the balloting paper in the ballot unit , the Returning Officer closes the lid and put a seal provided by the election commission in presence of the candidates /their agents . The lid and the flaps once closed and sealed cannot be opened without tampering the seal . The Returning Officer simultaneously will set the control unit to receive the information about the number of candidates contesting in the election . By pressing the last "Can set" button in the control unit , the number of contesting candidates is recorded . The candidate set compartment of the control unit is closed and sealed in the presenceence of the candidates / their agents . Thereafter the - control carrying cases and are sealed by the Returning Officer in presence of the candidates/agents . The carrying cases containing control unit and balloting Unit are delivered to the Presiding Officers on the previous day to the election and would be carried to the polling booth.
The Polling Officer will verify the seals of the carrying cases , take out the control unit and balloting unit , verifythe correctness of the seals . An hour before the polling time, mock poll is conducted to verify the functional capacity. The agents/candidates are asked to press the button in the balloting unit to cast their votes . Later on the " result button" in the micro controller is pressed which display the number of votes polled . After demonstration of the correctness of the function , the ' clear button ' is pressed which will erase all the data of the mock poll . After the mock poll , the Presiding Officer will close the result compartment by putting the seal provided by the election commission by which the voting machine is ready for polling .
The voter presents before the Presiding Officer. after verifying the identity, the Presiding Officer will press the ' balloting button' in the control unit and send the voter to the polling cabin . When the voter press the ' balloting button ' casting vote to the candidate of his choice , the . lamp by the side of thebutton will glow indicating the correctness of voting . The control unit will give a beep sound to
[भाग 1 indicate that the vote casted is registered in the control unit . For the next vote to be cast , again it is necessary that the ' balloting button' in the control unit is to be pressed by the Presiding Officer, otherwise , mere pressing of button in the balloting unit by the voter will be of no consequence. For every next vote to be cast , it is necessary that the ' balloting button ' in the control unit is to be pressed by the Presiding Officer . After polling time is over ' close button ' in the control unitis pressed by the Presiding Officer by which the machine gets locked . Thereafter, the balloting unit is disconnected from the control unit , they. are separately packed in the carrying cases and sealed in presence of the agents by the Presiding Officer . Later on they are transported to the counting centers and ballot unit and control unit are kept in a strong room before they are taken to the counting centers .At the time of counting , seals putby the Presiding Officer to the control unit is verified to ensure that no tampering has taken place . When the ' result button' is pressed , machine will display the number of votes polled against each candidates sequentially.
Control unit has two main devices : one is micro controller and another is memory . Micro controller is one time programmable component . Micro controller once fused with program code and data is unchangeable and irreversible . The memory device is functionally efficient and retain the voting data without the aid of a battery . The micro controller will record and register the voting data by cross checking with the memory for every vote . The programme code is encrypted and stored in the memory. It is not possible to replace the memory device in order to play mischief If the Memory device is removed , micro controller will detect and declare that the machine is in error state . The memory device and one time programmable micro controller are the pivotal devices of the E VM and they act as tamper proof device for the programme code and poll data .
If a voter damages the button of the balloting unit or for accidental reason the button of the balloting unitgets struckn , such errors are indicated in the control unit. In such cases , a spare balloting unit is used . The sound of error message is heard in the control unit like a alert sound , simultaneously thedisplay panel will show letters "PE" indicating thatballoting unit has gone out of order. If the connecting cable is damaged or cut , letter ' LE' is displayed in the display panel of the control unit भाग 1 ]
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with an alert sound and these are the possible errors that can happen during use of machine during polling. If there is any error in the . memory device, the machine is declared dead . The weak battery can also lead to error and the panel display will indicate by six dash marks. The Presiding Officer will change the battery and continue polling . The defect in the battery is a rare phenomenon . If the machine is not functioning , there will be no battery consumption.
The Micro controller manufactured with a given programme code is only useful for EVMS made for the elections by the B. E. L. company and cannot be used for any other purpose . The programme code is encrypted by out- source agency in the presence of the responsible official ofthe BEL and the programme code is a business secret . Out- source agency would keep the encrypted data as utmost secrecy. It is further stated that the encrypted code and data is unchangeable and indelible by anybody, even by the manufacturer. Any attempt to tamper with the encrypted code would only result in damage to the machine . But the micro controller and memory cannot be manipulated by anybody. It is also stated that the EVM is tested to the temperature condition of 20 degree C to + 55 degree C. and electromagnetic radiatio also would not affect the functioning of the machine . The witness categorically states that either by manipulation or by accident there is no possibility oftransfer of votes from one candidate to another and the machine designed is fully tamper proof.
16. Since the petitioner has raised doubt as to fairness or impartiality of the officials engaged in the counting process , he is under an obligation to demonstrate as to how the EVMs couid be tampered with to get he desired result . However, no expert opinion has been placed on record regarding the chances of misalignment of EvMs . On the other hand, correctness of all the technical aspects of the matter , as reflected as FAQs and the Press Note issued and uploaded on its website by Election Commission of India , has already been veri fied on the judicial side in Michael B. Fernandes's case ( supra) . Accordingly, the EVM is a foolproofdevice for counting of votes . In this view of the matter , any further probe into the allegations made by the petitioner regarding possibility of malfunctioning and tampering of the EVMs used in the counting of votes in 17th , 18th and 19th rounds or non - inclusion of the EVM pertaining to polling booth No.128 of Bada Gaon Sarsela would be a futile exercise . The averments regarding error in counting of postal ballot papers also do not assume any significance in view of the tact that it precedes the counting l\ f votes of through EVMs .
17. For these reasons , I am of the view that the petition does not disclose any material fact necessitating a full- dressed trial .
18. In a democracy the mandate has sacrosanctity. It is to be respected and not lightly interfered with . When it is contended that the purity of electoral process has been polluted, weighty reasons must be shown and established . The onus on the election petitioner is heavy as he has to substantiate his case by making out a clear case for interference both in the pleadings and in the trial . Any casual , negligent or cavalier approach in such serious and sensitive matter involving great public importance cannot be countenanced or glossed over too liberally as for fun (Regu Mahesh Rao v. Rajendra Pratap Bhanj Dev AIR 2004 SC 38 referred to) .
19. To sum up , even if the averments made in the election petition are taken at their face value and are accepted in their entirety, no triable issue between the parties would arise in absence of complete . precise and specific pleadings in respect of the alleged irregularities in counting of votes through EVMs . As an obvious consequence , the petition deserves to be rejected on the ground nos . (1) and ( ii ) [ above ] .
20. In the result , the petition stands rejected , under Order VIIRule 11 (a) of the Code , for want of any cause of action . The parties shall bear their own costs .
21. A copy of this order be forwarded to the Election Commission as well as to the Speaker of the State Legislative Assembly.
Petition rejected.
Sd/- (R. C. MISHRA) Judge, 24-12-2009 .
By order , Sd/- ( BERNARD JOHN) Secretary, Election Commission of India. Commission 1580
[ भाग 1
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भोपाल , दिनांक 14 जून 2010
क्र. 22- वि.निर्वा. 2010-126. भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना क्रमांक 82-म.प्र. लो.स. ( 44-2009) -2010, दिनांक 7 अप्रैल 2010 सर्वसाधारण की जानकारी के लिये प्रकाशित की जाती है .
प्रेमचन्द मीना, प्रमुख सचिव.
भारत निर्वाचन आयोग
निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110 001 नई दिल्ली, तारीख 7 अप्रैल 2010-17 चैत्र , 1932 (शक )
अधिसूचना
सं. 82- म.प्र.-लो.स. ( 44-2009 )-2010 .- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 ( 1951 का 43 ) की धारा 106 ( ख ) के अनुसरण में निर्वाचन आयोग , 2009 की निर्वाचन याचिका सं . 44 में भारत के उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर, दिनांक 28 जनवरी 2010 को एतद्वारा प्रकाशित करता है .
आदेश से , हस्ता./- (बर्नार्ड जॉन ) भारत निर्वाचन आयोग. सचिव,
ELECTION COMMISSION OF INDIA Nirvachan Sadan , Ashoka Road , New Delhi- 110 001 New Delhi , Dated 7th April , 2010.- 17 Chaitra ,
1932( Saka)
NOTIFICATION
No. 82 - MP - HP-(44-2009) -2010 .--In pursurance of Section 106 ( b) of the Representation of the People Act , 1951 (43 of 1951 ) , the Election Commission hereby publishes the judgment of the High Court of Madhya Pradesh at Jabalpur dated 28th January 2010 in Election Petition No. 44 of 2009 .
HIGH COURT OF MADHYA PRADESH JABALPUR Electuion Petition No. 44 - of 2009
Petitioner. : Sukh Lal Kushwaha , S/ o Shiv Sevak Kushwaha, aged abut 47 years , R/ o Village- Bajvahi , Post- Gora , Tehsil , Amarpatan , Distt . Satna ( M. Р. ) .
Vs.
Respondent : Ganesh Singh S/ o Kamal Bhan Singh R/o Friends colony, Birla Road , Ward No. 12 , Satna , Post - Birla Vikas Satna , Tehsil Distt . Satna (M.P. ) .
Counsel for the : petitioner Shri Dinesh Upadhyaya , Advocate Counsel for the Shri Pankaj Dubey , Advocate . respondent
ORDER (28th January 2010)
Per Krishn Kumar Lahoti , J.
Order on I.A.76-09 under Order 7 Rule 11 and under Order 6 Rule 16 of the Civil Procedure Code, 1908 .
1. The respondent has field this application for dismissal of the election petition on following grounds :-
(a) That the election petition is liable to be dismissed for non - compliance of the provisions of Section 81 ( 1) ( a) (b) & ( c ) of the Representation of peoples Act , 1951 (hereinafter referred as ' the Act' ) .
(b) That the petitioner has not made specific allegations in the manner prescribed under the Act . Each allegation of corrupt practice should have been mentioned with material facts and particulars thereof in accordance with the provisions of Sec . 81 ( 1 ) ( a) and (b) of the Act.
(c) That the petitioner has not disclosed that on what date and the time the respondent committed corrupt practice . What are the acts alleged against the respondent amount to corrupt practice . Particulars have not been furnished by the pititioner.
(d) That apart from an affidavit filled alongwith the election petition , a specific affidavit in support of the allegations of the corrupt practice ought to have been filled in Form No. 25 of the conduct of Election Rules , 1961 ( hereinafter reffered to as the Rule) . In absence of such an afficavit , the election petition is liable to be dismissed in so far as it relates to allegations of corrupt practice . The affidavit field alongwith the election petition does not comply with the provisions as contained in Rule 94A of the Rules .
(e) That in absence of the sufficient material in the pleadings , the election petition does भाग 1 ]
not disclose a cause of action for filling of the petition for its trial and on this ground alone the election petition is liable to be dismissed . The petitioner has not furnished the name of parties alleged to have been committed corrupt practice, the date and place of commission of such corrupt practice .
(f) That the petitioner has not disclosed, by which unfair means and corrupt practice the respondent contested the election. Though the petitioner has alleged that the officers and presiding officers were belonging to Kurmi caste , helped the respondent for using unfair means but neither the name of such returning officers or presiding officers nor particulars of unfair means have been alleged .
(g) That allegations in respect of bogus voting are without any particulars .
(h) That in respect of Electronic Voting Machine [ for short 'EVMs ' ] , the allegations are made of tempering but no particulars are furnished . In absence of which , no cause of action arose to the petitioner for filling this election petition . That the allegations in the petition that there was difference in the votes at the time of tallying but no particulars in this regard has been furnished, even the names of counting Agents and poling officers alleged to be threatened are not mentioned.
(i) That no document has been filed or supplied to the respondent , though the petitioner has relied upon the documents in the election petition , in absence of which, no reply to the election petition can be field.
(j ) That the petitioner has not signed and verified each page of the petition in the manner prescribed . The petitioner has also not signed the affidavit which has been filed in support of the election petition . The copy supplied to the respondent does not disclose that the petitioner was identified by any person. The copy supplied to the petitioner is not the correct copy of the affidavit filed alongwith the election petition.
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On the aforesaid grounds it is stated by the respondent that the present election petition which has been filed without particulars and material facts may be dismissed or paragraphs 3 , 4 , 5 , 6, 7 , 8 and 10 of the election petition be directed to be deleted.
2. The petitioner herein inspite of seeking time initially on 4-9-200 for two weeks , thereafter on 9-10-2009 by way of last opportunity, and on 13-11-2009 on payment ofcost of Rs . 1000/- has not filed reply of this application . Ultimately on 4-12-2009 right to file reply of I.A.76-09 was closed .
3. The parties are heard on application I.A. 76/09.
4. Learned counsel for the respondent reiterated the contentions raised in the application . It was stated by him that in absence of material facts and particulars in the election petition, the election petition is liable to be dismissed . He has placed reliance to a recent judgment of the Apex Court in Anil Vasudev Salgaonkar vs. Naresh Kushali Shigaonkar [ 2009 ( 9 ) SCC 310 ] . He referred para 3 to 7 of the election petition to show that all the allegations are bald and vague , on the basis of which such election petition is liable to be dismissed . He has also relied on a judgment of Apex Court in V. Narayanswamy Vs. C.P. Thirunavukkarasu [ 2000 (2 ) . SCC 294 ] . He has also referred Rule 94 - A of the Rules to show that an affidavit as required in Form No. 25 was not filed.
Lastly, it was submitted that each copy of the election petition is to be attested to be true copy under signatures of the petitioner but in this case the petitioner has not attested every page as true copy under his signatures which is the mandatory requirement under Section 81 (b) of the Act and on this ground alone this election petition is liable to be dismissed. In support of this contention, the respondent placed reliance to a Single Bench judgment of Bombay High Court in Narendra Bhikahi Darade vs. Kalyanrao Jaywantrao Patil [ AIR 2000 Bom 362] .
5. Learned counsel for the petitioner opposed the aforesaid contention and submitted that the election petition has been filed on the grounds as enumerated under the Act. In so far as the proof of the grounds is concerned, in this regard evidence will be adduced . It is not necessary for the petitioner to plead evidence but the material facts have been pleaded in the election petition and on this ground the election petition cannot be dismissed.
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6. To appreciate the aforesaid contentions , firstly the allegations in the election petition may be seen . The petitioner and respondent both contested the election of Member of Parliament from Constituency No. 9 , Satna. The petitioner was a candidate of Bahujan Samaj Party while the respondent contested as a candidate of Bhartiya Janata Party. The polling was held on 23-4-2009 and the result was declared on 16-5-2009 in which the respondent was declared as an elected candidate with the margin of 4418 votets . the respondent achieved 1,90,624 valid votes. The petitioner herein made allegations in respectresp of corrupt practice in para 3 of the petition which reads as under :-
"3. That, the respondent got elected with unfair means and corrupt practice since he belong to ruling party of the State . He influenced the local administration including the returning officer who are responsible to conduct the election and duty bound to hold the elections in free and fair manner."
Other allegations which are pleaded in para 4 to 8 deserves to be reproduced to understand the allegations made by the petitioner against the respondent.
" 4. that , the returning officer has selected and appointed the presiding officers in such a way that most of them belong to the Kurmi Caste i.e. the cast the respondent belongs , so that they can help and support the respondent in voting by adopting unfair methods . Many other presiding officers and other election officers were also supporter of ruling Bhartiya Janta Party. These presiding officers have made every effort to help the respondent by not only allowing the bogus voting in favour of the respondent but also turning away and denying voting rights to those voters who were suspected to be supporter of the petitioner. Specific instance of rigging of the election in Parasamania polling booth No. 101 where voters were not allowed to cast their votes and were tuned away. Their signatures have not been taken in the register and bogus votes have been cast in favour of the respondent and voters signature have been forget in register . Such illegal methods have been adopted in many other polling booths also . The petitioner polled 0-9 votes in as many as 55 polling boths as against only 8 polling booths where respondent polled 0-9 votes . Like wise
[ भाग 1 in 66 ( sixty six ) polling booths the petitioner polled less than 20 (twently) votes in comparison to 28 polling booth where the respondent polled less than 20 votes . This has happened because of the rigging and false voting in favour of respondent , facilitated by the presiding officers .
5. That , the electronic voting machines have been tempered with , in the office of the returning officer and also by presiding officers in polling booths: False votes have been allowed to be cast in favour of respondent while the genuine voters were not allowed to cast their votes . As per the rule the green paper seal is required to be affixed in the E. V. M. to seal it and before doing so signature of polling agents , have to be obtained , presiding officer is required to keep record of the green paper seal in proforma 17 - C as provided in conduct of election rules. The record is required to be submitted alongwith EVMs in the office of returning officer . However in the instant case though the EVMs have been deposited by presiding officer but record of green paper seal have not been deposited till 11 p.m. leaving sufficient time to temper the EVMs .
6. That, even at the time of counting of votes rules have not been followed. As per the rules after completion of every round of counting the tally should be announced and then only next round of counting should be started . But in the instant case after completion of third or fourth round the tally ( vote count) or first round was announced and this process continued till the end . There were differences in the tally prepared. on the table & announced by the returning officer on public address system . There was sufficient time gap between completion of counting round and announcement of tally leaving much time formanipulation in the counring . The petitioner has been leading in most of the counting rounds and he was ahead of respondent but all of a sudden in last two three round he started trailing behind and ultimately declared defeated by close margin of 4418 votes . The petitioner's counting agents raised objection but they have been threatened and intimidated by police and there by cowed down .
7. That , though there was rigging not only in election process including polling and counting as the margin was very low petitioner moved an भाग 1 ]
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application for tabulation instead of recounting, the demand was accepted but no error was found in tabluation of the votes .
8. That, the respondent got himself elected by unfair and corrupt means by misusing the election machinery and therefore his election as Member of the Lok Sabha from 9 Satna constituency deserve to be quashed . The petitioner has cause of action to file this election petition before this Hon. Court . "
7. The petitioner has filed an affidavit in support of the election petition. For ready reference entire affidavit , which contains only two paras , is reproduced as under :-
" 1. That, I am filling the annexed election petition challenging the Election of respondent from 9 Satna Constituency.
2. That, contents of para 1 to 9 of the petition , they are in regard to facts are true to my personal knowledge and belief and also on the basis of the information supplied to me in this regard and regarding law, I believe them to be true on the advaice given to me in this ragard . " 8. Now the legal position in respect of filing of an affidavit in a case where the election petition is filed on the basis of corrupt practice may be looked into . Rule 94-A of the Rules provided as under :-
"94- A Form of affidavit to be filed with election petition- The affidavit referred to in the proviso to sub - section ( 1 ) of Section 83 shall be sworn before a magistrate of the first class or a notary or a commissioner of oaths and shall be in Form 25. "
The aforesaid provision specifically provides that the affidavit provided in the proviso of sub - section ( 1 ) of Section 83 ,shall be sworn in Form No. 25. Section 83 ( 1 ) read as under : -
"83. Contents of petition-( 1 ) An election petition- (a) shall contain a concise statement of the material facts on which the petitioner relies ;
(b) shall set forth full particulars of any corrupt practice that the petitioner alleges , including as full a statement as possible ofthe names of the parties alleged to have committed such corrupt practice and the dateand place of the commission of each such practice; and
(c) shall be signed by the petitioner and verified in the manner laid down in the Code of Civil Procedure , 1908 (5 of 1908 ) for the verification of pleadings;
[Provided that where the petitioner alleges any corrupt practice, the petition shall also be accompanied by an affidavit in the prescribed form in support of the allegation of such corrupt practice and the particulars thereof. ] "
The aforesaid proviso specifically provide that where the petitioner alleges any corrupt practice , the petition shall also be accompanied by an affidavit in the prescribed form in support of the allegations of such corrupt practice and the particulars thereof, Form No. 25 of the Rules provides an affidavit in a prescribed form . For ready reference form No. 25 is quoted as under:-
"Form 25 (see rule 94A)
I, ... the petitioner in the accompanying election petition calling in question the election of Shri / (respondent in the said petition ) make solemn affirmation/oath and say--- Shrimati No.
(a) that the statements made in paragraphs .. of the accompanying election petition about the commission of the corrupt practice of and the particulars of such corrupt practice mentioned in paragraphs of the same petition and in paragraphs ofthe Schedule annexed thereto are true to my knowledge;
of (b) that the statements made in paragraphs the said petition about the commission of the corrupt practice of and the particulars of such corrupt practice given in paragraphs of the said 1584
[ भाग 1
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petition and in paragraphs of the Schedule annexed thereto are true to my information;
(c)
(d)
Signature of deponent .
Solemnly affirmed/ sworn by Shri/Shrimati at this day of .. .19 .
Before me , Magistrate of the first class /Notary/Commissioner of Oaths .. "
quasiicriminal in nature , the Court must always insist on strict compliance with the provisions of law. In a petition on the allegation of corrupt practices , cause of action cannot be equated with the cause of action as is normally understood because of the consequences that follow in a petition based on the allegations of corrupt practices . An election petition seeking a challenge to the election of a candidate on the allegation of corrupt practices is a serious matter, if proved not only that the candidate suffers ignominy, he also suffers disqualification from contesting the election for a period that may extend to six years . Filing of the affidavit as required is not a mere formality. By naming a document as an affidavit it does not become an affidavit . To be an affidavit it has to conform not only to the form prescribed in substance but has also to contain particulars as required by the Rules .
As stated hereinabove , the affidavit filed by the petitioner is not in the form prescribed in Rule 94-A. The petitioner herein , inspite of the filing of the objections under Order 7 Rule 11 CPC on 3-9-2009 , has not made any prayer before this Court for filing an affidavit as provided under Rules 94-A .
10. In this case from the perusal of the pleadings and the affidavit filed by the petitioner , there is no iota of doubt that the petitioner failed to plead material facts alleging corrupt practice and to file affidavit in this regard . In ab- sence of which , the petition on the aforesaid ground of corrupt practice is liable to be dismissed .
11. Para 3 of the election petition does not disclose any allegations of the corrupt practice or unfair means alleg- edly used by the respondent herein . In para 4 of the peti- tion, the petitioner has made certain vague allegations against returning officer about appointing presiding officer belonging to the Kurmi caste , the caste to which the re- spondent belong but has not furnished any particulars in respect of appointment of such presiding officers of Kurmi caste at some Polling booths . No particulars about booth number or name of such officers are furnished . Apart from this , the petitioner ought to have alleged in what manner these presiding officers helped and supported the respond- ent in voting by adopting unfair methods . Though the al- legations are in respect of bogus voting in favour of the respondent but by which presiding officer , at which booth the bogus voting took place , has not been pleaded , in absence of which , the allegations in para 4 of the election petitioner are apparently vague in nature .
12. In respect of rigging of election in Parasamania polling booth No. 101 , though alleged but without any par- ticulars . In absence of particulars , no inference or find- ings can be recorded in favour of the petitioner . In later part ofpara 4, the petitioner alleged that at 55 polling booths 9. Now the legal position in this regard may be looked into . In V. Narayanswami ( supra) the Apex Court considering this legal issue held that the affidavit must affirm not only to the form prescribed in substance but also contain particulars as prescribed by the Rules , otherwise the petition would be liable to be rejected at the threshold. The Apex Court further held in para 23 and 26 of the judgment that a petition levelling a charge of corrupt practice is required by law to be supported by an affidavit and the election petitioner is obliged to disclose his source of information in respect of the commission of corrupt practice . He must state which of the allegations are true to his knowledge and which to his belief on information received and believed by him to the true . It is not the form of the affidavit but its substance that matters . To plead corrupt practice as contemplated by law it has to be specifically alleged that the corrupt practices were committed with the consent of the candidates and that a particular electoral right of a person was affected . It cannot be left to time , chance or conjecture for the Court to draw inference by adopting an involved process of reasoning . Where the alleged corrupt practice is open to two equal possible inferences the pleadings of corrupt practice must fail . Where several paragraphs of the election petition alleging corrupt practices remain unaffirmed under the verification clause as well as the affidavit , the unsworn allegations could have no legal existence and the Court could not take cognizance thereof . Charge of corrupt practice being भाग 1 ]
the petitioner polled 0-9 votes , only at 8 polling booths respondent polled 0 to 9 votes and at 66 polling booths the petitioner polled less than 20 votes in comparison to 28 polling booths where the respondent polled less than 20 votes . But without making specific allegation in this re- gard no cause of action arose to the petitioner for filing such an election petition .
In absence of such particulars , whether an election petition can be entertained , the legal position has been considered by the Apex Court recently in Anil Vasudev [ supra ] wherein the Apex Court held that an election petition can be summarily dismissed , if it does not furnish thecause of action in exercise of power under the Code of CivilProcedure. Appropriate orders in exercise of powers under the Code can be passed if the mandatory requirements provided by Section 83 of the Act to incorporate the material facts in the election petition are not complied With .
13. Now the allegations in respect of EVMs as stated by the petitioner in para 5 of the election petition may be looked into. The petitioner has stated that though the EVMs were deposited by the presiding officers ' but records of green paper seal were not deposited till 11 P. m. leaving sufficient time to temper the EVMs . But no particulars have been furnished by the petitioner in respect of EVMs of a particular booth . Apart from this , there are no pleading that in fact any such objection was raised by the petitioner herein before the Election Officer in respect of tempering ofthe EVMs .
14. In para 6 of the election petition the petitioner has alleged that at the time of counting of votes , rules were not followed . It is alleged that after completion of every round of counting , tallying could have been announced and then only next round of counting could have been started . In the election in question , after completion of third or fourth round , the tally of first round were announced and this process continued till the end of counting. It is alleged that there were difference in tally prepared on the table and announced by the Returning officer on Public Address System . But what was infact announce and what was the difference has not been pleaded in para 6 of the petition . The petitioner simply stated that he was leading in most of the counting rounds and he was ahead of the respondent and all of a sudden in the last two , three rounds he was trailing , by itself is not a ground to draw any inference that there was any irregularity or illegality in counting of the votes . It will be pertinent to mention that in fact no particulars have been furnished by the petitioner in para 6 of the election petition pleading a cause of action
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or making out a case of interference in the election or affecting the result of election substantially on the basis of alleged non announcement of tally immediately after the completion of round of counting.
15. In para 7 the petitioner has stated that his application for tabulation was accepted but no error was found in tabulation of the votes . In para 8 of the election petition , petitioner has stated that the respondent got himself elected by unfair and corrupt means by misusing the election machinery, therefore , his application deserves to be quashed . As stated herein above the petitioner has not furnished particulars and material facts to make out a case under section 83 of the Act in absence of which , this Court left with no option except to dismiss the election petition because of non furnishing of material facts particulars in the election petition alleging corrupt practice and irregularities . Apart from this , an affidavit as required under Rule 94 - A has also not been file by the petitioner .
Inso far as the contention of the petitioner that the copy of the election petition was not attested as true copy is concerned , from the perusal of the copy of the election petition served on the respondent , it is apparent that on every page , the petitioner has stated true copy and below it he has signed. The aforesaid is the sufficient compliance of the rules . See Ram Prasad Sarma vs. Mani Kumar Subba [ 2003 ( 1 ) SCC 289 ] . In view of the settled position of the law by Ram Prasad (supra ) on this ground, the election petition cannot be dismissed at the threshold. So this contention of the respondent is found withoutmerit .
16. As the contention of the respondent in respect of non pleading material facts and particulars in the petition , non- filing of the affidavit as required under Rule 94-A of the Rules are found merit , so this Court has no option except to dismiss the election petition summarily .
In view of the aforesaid , application filed by the respondent is allowed . The election petition filed by the petitioner is dismissed but with no order as to costs .
Sd/- (KRISHN KUMAR LAHOTI) Judge,
By order , Sd/-
(BERNARD JOHN) Secretary, Election Commission of India .
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[भाग 1
राज्यशासन के आदेश
राजस्वविभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला होशंगाबाद, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
होशंगाबाद, दिनांक 3 जून 2010
प्र. क्र. अ - 82 - वर्ष 2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इस अधिसूचना के जरिये सभी सम्बंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, निम्न अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हैक्टेयर/एकड़) (1) (2)
(3)
(4) होशंगाबाद
दमाडिया
2.269 सिवनी मालवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, लोकनिर्माण विभाग संभाग क्र. 1 , होशंगाबाद.
सिवनी मालवा बायपास मार्ग निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.
( 2) उक्त भू- अर्जन से संबंधित नक्शा/प्लान का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी सिवनी मालवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
होशंगाबाद, दिनांक 14 जून 201
प्र. क्र. अ- 82- वर्ष 2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इस अधिसूचना के जरिये सभी सम्बंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, निम्न अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है :-
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हैक्टेयर/एकड़) (1) (2)
(3)
(4)
बराखडकलां
सिवनी
होशंगाबाद
3.818 मालवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, लोकनिर्माण विभाग संभाग क्र. 1 , होशंगाबाद.
सिवनी मालवा बायपास मार्ग निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.
(2) उक्त भू- अर्जन से संबंधित नक्शा/प्लान का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी सिवनी मालवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. अ- 82- वर्ष 2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इस अधिसूचना के जरिये सभी सम्बंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , निम्न अनुसूची के खाने भाग 1 ]
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हैक्टेयर/एकड़) (1) (2)
(3)
(4)
4.546 होशंगाबाद
बानापुरा
मालवा सिवनी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4, ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, लोकनिर्माण विभाग संभाग क्र. 1 , होशंगाबाद.
सिवनी मालवा बायपास मार्ग निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.
कार्यालय में किया जा सकता है. (2 ) उक्त भू-अर्जन से संबंधित नक्शा/ प्लान का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी सिवनी मालवा के
प्र. क्र. अ- 82- वर्ष 2009-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इस अधिसूचना के जरिये सभी सम्बंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, निम्न अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हैक्टेयर/एकड़) (1) (2)
(3)
(4)
धपाडिया
3.200 होशंगाबाद सिवनी
मालवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) .
सिवनी मालवा बायपास मार्ग कार्यपालन यंत्री, लोकनिर्माण विभाग संभाग क्र. 1 , होशंगाबाद. निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.
(2) उक्त भू-अर्जन से संबंधित नक्शा/प्लान का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी सिवनी मालवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. अ- 82 - वर्ष 2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इस अधिसूचना के जरिये सभी सम्बंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , निम्न अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हैक्टेयर/एकड़) (1) (2)
(3)
(4)
4.623 होशंगाबाद
बराखडखुर्द
मालवा सिवनी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, लोकनिर्माण विभाग संभाग क्रः 1 , होशंगाबाद.
सिवनी मालवा बायपास मार्ग निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जनः (2) उक्त भू- अर्जन से संबंधित नक्शा/प्लान का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी सिवनी मालवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निशांत वरवडे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
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[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
जबलपुर, दिनांक 4 जून 2010
प्रकरण क्र. 1 - अ- 82-09-10- भू-अ.अ. बरगी 2.- चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूर्मि का वर्णन
धारा 4 की उपधारा
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
(2) के द्वारा
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा ( हेक्टे. में ) प्राधिकृत अधिकारी
(1) (2)
(3)
(4)
(5)
(6)
0.08
जबलपुर सिहोरा
मरहटी नहर निर्माण हेतु.
मरहटी प. ह. न. 73 बन्दों. नं. 703
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 4, सिहोरा.
(2) भूमि का नक्शा (प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी इकाई क्र. 2 , रानी अवंती बाई लोधी सागर, बरगी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
4
प्रकरण क्र. 2 - अ- 82-09-10- भू-अ.अ. बरगी 2. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
धारा 4 की उपधारा .
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
(2) के द्वारा
अर्जित रकबा ( हेक्टे. में ) प्राधिकृत अधिकारी
(1) (2)
(3).
(4)
(5)
(6)
0.10
मझौली
जबलपुर
जुझारी - उमरिया माइनर नहर जुझारी प. ह. न . 47 बन्दों. नं . 271
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 4 , सिहोरा.
निर्माण हेतु.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी इकाई क्र. 2 , रानी अवंती बाई लोधी सागर, बरगी के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्रकरण क्र. 3 - अ-82-09-10- भू-अ.अ. बरगी 2. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) 1589
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
भाग 1 ]
के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
धारा 4 की उपधारा
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
(2) के द्वारा
तहसील
ग्राम
जिला
अर्जित रकबा अर्जित रकबा ( हेक्टे. में ) प्राधिकृत अधिकारी
(6).
(5)
(3)
(4)
(2)
(1)
जबलपुर
जबलपुर
मदना वितरण की उपशाखा की M3 R1 नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 1 , पनागर.
मुहलाझिर प . ह. न. 6 नं. ब. 382
बोरबेल (0.30 हेक्टे. में निर्मित)
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी इकाई क्र. 2 , रानी अवंती बाई लोधी सागर, बरगी के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गुलशन बामरा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सतना , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सतना, दिनांक 5 जून 2010
भू-अर्जन- प्र. क्र. एफ- 10- पत्र क्र. 620- भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
ग्राम
तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
अर्जनीय रकबा (हे . में ) लगभग
(6)
(5)
(3)
(4)
(2)
(1)
सतना रीवा मुख्य नहर
0.376
मैहर
अमदरा
सतना
कार्यपालन यंत्री, न. घ. वि. संभाग क्रमांक 9 , सतना.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
भू-अर्जन- प्र. क्र. एफ-10- पत्र क्र. 621- भू-अर्जन 10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , 1590.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
अर्जनीय रकबा (हे. में) लगभग
(1) (2)
(3)
(4)
(5)
(6) सतना
रोहनिया
मैहर
0.740
सतना रीवा मुख्य नहर
कार्यपालन यंत्री, न . घा. वि. संभाग क्रमांक 9 , सतना.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
भू-अर्जन- प्र . क्र. एफ-10- पत्र क्र. 622- भू-अर्जन10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
अर्जनीय रकबा (हे. में ) लगभग
(2)
(1)
(3)
(4)
(5)
(6) सतना
रैगवा
मैहर
0.209
सतना रीवा मुख्य नहर
कार्यपालन यंत्री , न. घा. वि. संभाग क्रमांक 9 , सतना.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
भू-अर्जन- प्र. क्र. एफ-10- पत्र क्र. 623- भू-अर्जन10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
अर्जनीय रकबा (हे. में) लगभग
(1) (2)
(3)
(4)
(5)
(6) मैहर
सतना
0.314
सुहौला
सतना रीवा मुख्य नहर
कार्यपालन यंत्री, न. घा. वि. संभाग क्रमांक 9 , सतना.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
1591
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
भाग 1 ]
भू-अर्जन-प्र. क्र.एफ- 10-पत्र क्र. 624- भू- अर्जन-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1) से (4) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
ग्राम
तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
अर्जनीय रकबा (हे. में) लगभग
(6)
(5)
(3)
(4)
(1) (2) .
पनसोखरा
0.425
सतना रीवा मुख्य नहर सतना मैहर
कार्यपालन यंत्री, न. घा. वि. संभाग क्रमांक 9 , सतना.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
भू-अर्जन-प्र. क्र.एफ- 10-पत्र क्र. 625- भू-अर्जन-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने (1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
जिला, तहसील
अर्जनीय रकबा (हे. में) लगभग
(6)
(5)
(3)
(2)
(4)
(1)
0.718
सतना मैहर
सतना रीवा मुख्य नहर गुमेही
कार्यपालन यंत्री, न. घा. वि. संभाग क्रमांक 9 , सतना.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
भू-अर्जन-प्र. क्र.एफ-10-पत्र क्र. 626- भू-अर्जन10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
ग्राम
जिला
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
अर्जनीय रकबा (हे . में ) लगभग
(5)
(3)
(4)
(1)
1.484
(2) मैहर
नयागांव
(6) सतना रीवा मुख्य नहर सतना
कार्यपालन यंत्री , न . घा. वि. संभाग क्रमांक 9 , सतना.
( 2) भूमि का नवशा ( प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुखबीर सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1592
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
कार्यालय, कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
नरसिंहपुर, दिनांक 7 जून 2010
रा. मा. क्र. 22 अ -82 वर्ष 2009-10 पत्र क्र. 238 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है , कि राज्य शासन द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टे. में ) (1) (2)
(3)
(4)
0.325 हे.
बचई
नरसिंहपुर नरसिंहपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा (2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
समनापुर माइनर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, रा.अ.ब.लो.सा. डिसनेट संभाग , नरसिंहपुर.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू-अर्जन नरसिंहपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
रा. मा. क्र. 23 अ -82 वर्ष 2009-10 पत्र क्र. 238 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है, कि राज्य शासन द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टे. में ) (1) (2)
(3)
(4)
1.234 हे.
समनापुर
नरसिंहपुर नरसिंहपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा (2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
समनापुर माइनर नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री , रा.अ.ब.लो.सा. डिसनेट संभाग, नरसिंहपुर.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू-अर्जन नरसिंहपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
रा. मा. क्र. 24 अ-82 वर्ष 2009-10 पत्र क्र. 238- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है, कि भाग 1 ]
1593
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
राज्य शासन द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टे. में) (2)
(3)
(1)
(4)
2.243 हे.
महमदपुर
नरसिंहपुर नरसिंहपुर
(2)
अनुसूची
धारा 4 की उपधारा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
(2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
मुरलीपौंड़ी एवं समनापुर माइनर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, रा.अ.ब.लो.सा. डिसनेट संभाग , ' नरसिंहपुर.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू-अर्जन नरसिंहपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
रा. मा. क्र. 25 अ-82 वर्ष 2009-10 पत्र क्र. 238- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है , कि राज्य शासन द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टे. में) (2)
(3)
(4) (1)
अगरिया
0.212 हे.
नरसिंहपुर नरसिंहपुर
(2)
अनुसूची
धारा 4 की उपधारा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
(2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6 )
(5)
समनापुर माइनर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, रा.अ.ब.लो.सा. डिसनेट संभाग , नरसिंहपुर.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू-अर्जन नरसिंहपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
गाडरवारा , दिनांक 15 जून 2010
3 अ-82 वर्ष 09-10- पत्र क्र. 08- भू-अर्जनं. चूंकि, राज्य शासन क़ो यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने (1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है , कि राज्य शासन द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टे.) (4) (1) (2)
(3)
2.000 हे .
मोहड
गाडरवारा
नरसिंहपुर
(2)
अनुसूची
धारा 4 की उपधारा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
(2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
लोक निर्माण विभाग , नरसिंहपुर पलोहा से सोकलपुर सड़क निर्माण.
भूमि का नक्शा (प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन नरसिंहपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
1594
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
04 अ -82 वर्ष 09-10-पत्र क्र. 08- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है, कि राज्य शासन द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
धारा 4 की उपधारा
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजनं का वर्णन तहसील
जिला
ग्राम
(2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टे. )
(3)
(4)
(6) (2)
(5)
(1)
0.651 हे.
सड़क निर्माण हेतु.
गाडरवारा आडेगांवखुर्द
नरसिंहपुर
लोक निर्माण विभाग , नरसिंहपुर
( 2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , गाडरवारा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
05 अ-82 वर्ष 09-10- पत्र क्र. 08- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने (1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है , कि राज्य शासन द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
धारा 4 की उपधारा
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
ग्राम
(2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टे. )
(5)
(1) (2)
(4)
(6) (3)
0.995 हे.
देगुंवा
नरसिंहपुर गाडरवारा
लोक निर्माण विभाग , नरसिंहपुर करपगांव , खमरिया, आमगांव सड़क निर्माण हेतु.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , गाडरवारा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
06 अ-82 वर्ष 09-10- पत्र क्र. 08- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने (1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है, कि राज्य शासन द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
धारा 4 की उपधारा
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
ग्राम
जिला
(2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टे. )
(3)
(6) (1) (2)
(4)
(5)
करपगांव
0.591 हे. लोक निर्माण विभाग , नरसिंहपुर
गाडरवारा
नरसिंहपुर
करपगांव, खमरिया, आमगांव सड़क निर्माण हेतु.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , गाडरवारा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. एल. सोलंकी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
1595
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
झाबुआ, दिनांक 10 जून 2010
क्र. 1799 - भू-अर्जन- रीडर- 2010 - राजस्व प्रकरण क्रमांक 2- अ-82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को , इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है , कि राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं: -
भूमि का वर्णन
तहसील
नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर)
(3)
(4)
8.27 (1) (2) झाबुआ
झाबुआ
भीमफलिया (पिटोल)
अनुसूची
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)
(5)
संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम, लिमिटेड, इन्दौर .
इन्ट्रीग्रेटेड चेक पोस्ट विस्तार हेतु भूमि का अनिवार्य भू-अर्जन.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , सकता है. झाबुआ के कार्यालय में देखा जा मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक देशवाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
शाजापुर , दिनांक 11 जून 2010
क्र. भू-अर्जन-474.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि.की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
अर्जन हेतु सम्पादित की जाने वाली भूमि का विवरण
ग्राम (3)
रकबा (4) जिला (1)
तहसील (2)
2.87 आगर बिजनाखेड़ी निजीभूमि
शाजापुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण (6)
अधिकृत अधिकारी (5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , आगर.
बिजनाखेड़ी तालाब की मुख्य नहर से निकलने वाली माइनर (वन एल. वन ) के निर्माण हेतु.
नोट. ( 1 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण ( 1 ) कार्यालय , कलेक्टर, शाजापुर एवं ( 2 ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी आगर-बड़ौद के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , शेखर वर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1 1596
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला बुरहानपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
बुरहानपुर, दिनांक 14 जून 2010
क्र. क- वाचक- भू- अर्जन-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में . वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एकएक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करती हूं: -
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम खसरा नं .
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
जिला/ तहसील
(6)
(5)
(1)
(2)
(3)
क्षेत्रफल (हे. में) (4)
514
0.10
मोहम्मदपुरा
<
कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड, बुरहानपुर.
बुरहानपुर/ बुरहानपुर
ताप्ती शुद्धिकरण संयंत्र योजनान्तर्गत 6 एम. एल. डी. संयंत्र के निर्माण हेतु .
नोट.- अर्जन की जाने वाली भूमि से संबंधित नक्शा ( प्लान ) , कलेक्टर कार्यालय एवं भू-अर्जन अधिकारी , बुरहानपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
रेणु पन्त, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला धार , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
धार, दिनांक 15 जून 2010
क्र. 8148 - भू- अर्जन-2010. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 (अ ) , के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसमें सम्बद्ध लागू होते हैं :-
अनुसूची '
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम का नाम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6)
(4)
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
(2)
(1). धार
0.198
धार
0.115
0.327
महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, पीथमपुर, जिला धारा (म. प्र. )
0.645
ऑटो टेस्टिंग ट्रेक की स्थापना से प्रभावित ग्रामों के निवासियों के आवागमन के लिये रास्ते के निर्माण से प्रभावित होने से.
0.725
0.589
2.599
(3) सागौर कल्याणसीखेड़ी खण्डवा सुहागपुरा आसूखेड़ी गोदगांव योग .
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , धार तथा महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, पीथमपुर , जिला धार ( म. प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1597
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
भाग 1 ]
कार्यालय, कलेक्टर, जिला विदिशा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
विदिशा , दिनांक 16 जून 2010
प्र. क्र. 01 - अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , के द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में. )
(4)
(3)
(2)
(1)
3.596
त्योंदा
विदिशा त्योंदा
योग रकबा 3.596 सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- बघरू मध्यम परियोजना हेतुः
(2)
(3)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 की उपधारा
का वर्णन
(2) के अन्तर्गत
प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा बघरू मध्यम जलाशय परियोजना के डूब क्षेत्र हेतु शेष भूमि का अधिग्रहण.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 02 - अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , के द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
भूमि का विवरण
ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में. )
(4)
(3)
(2)
(1)
3.173 त्योंदा
विदिशा
दानमढ़ी
3.173
योग रकबा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 की उपधारा
का वर्णन (2) के अन्तर्गत
प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा दानमढ़ी मध्यम जलाशय परियोजना के डूब क्षेत्र हेतु शेष भूमि का अधिग्रहण.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- दानमढ़ी जलाशय परियोजना हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. सी. शुक्ला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1598
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
ग्वालियर, दिनांक 17 जून 2010
क्र. 01 -अ-82- भू- अर्जन- 2006-07.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला (1)
तहसील (2).
ग्राम (3)
लगभग क्षेत्रफल ( हे.मे ) (4)
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी (5)
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) ग्वालियर डबरा
बांसी सर्वे क्र.
रकबा
44
0.53
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, ग्वालियर.
52
0.07
सिंध रमौआ लिंक नहर परियोजना के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
53
0.020
61
0.064
63
0.54
88
0.19
87
0.02
89
0.03
90
0.021
92
0.33
94/1
0.21
98
0.30
0.08
99
3.35है.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाशं त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला मण्डला, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
मण्डला, दिनांक 18 जून 2010
क्र. भू-अर्जन-11-(अ-82 )-2009-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्ति को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(1)
(2)
ग्राम एवं प.ह.नं. (3)
भूमि का लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4)
(5)
(6) मण्डला बिछिया
2.55 हे .
खम्हरिया प.ह.नं. 56
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, मण्डला.
खम्हरिया जलाशय के अन्तर्गत नहर निर्माण हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर, भण्डला के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
1599
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला शहडोल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
शहडोल, दिनांक 18 जून 2010
क्र. दस- भू-अर्जन- फा 368-10- अ- 82-2006-07-2918.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधितों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (1) (2)
5.240
छोटकीटोला
शहडोल जैतपुर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
रिलायंस इण्डस्ट्रीज लिमिटेड के कोल बेड मिथेन प्रोजेक्ट की स्थापना हेतु भूमि का अर्जन.
उप महाप्रबन्धक, रिलायंस इण्डस्ट्रीज लिमिटेड, कोल बेड मिथेन प्रोजेक्ट, शहडोल मध्यप्रदेश.
( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, शहडोल/अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) जैतपुर, जिला शहडोल म. प्र . में किया जा सकता है.
क्र. दस- भू-अर्जन-फा 368-11-अ-82-2006-07-2919.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधितों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(3)
(4) (1)
4.980
सोनवर्षा
शहडोल सोहागपुर
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
रिलायंस इण्डस्ट्रीज लिमिटेड के कोल बेड मिथेन प्रोजेक्ट की स्थापना हेतु भूमि का अर्जन.
उप महाप्रबन्धक, रिलायंस इण्डस्ट्रीज लिमिटेड, कोल बेड मिथेन प्रोजेक्ट , शहडोल मध्यप्रदेश.
(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, कलेक्टर, शहडोल/अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) सोहागपुर, जिला शहडोल म. प्र. में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1600
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
कार्यालय, कलेक्टर, जिला अनूपपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
अनूपपुर, दिनांक 21 जून 2010
क्र. 7874- दस - भू-अर्जन10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन का यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उनकी राय में उस अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा ( 4 ) की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) अमिलिया
1.999
अनूपपुर अनूपपुर
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, अनूपपुर.
अमिलिया जलाशय ( नहर ) योजना हेतु निजी भूमि के अर्जन बाबत्.
(
2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , कार्यालय , अनूपपुर/अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व जैतहरी , जिला अनूपपुर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है .
क्र. 7875 - दस- भू-अर्जन10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन का यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उनकी राय में उस अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील नगर/ग्राम
धारा ( 4) की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1) (2)
(3)
(5)
(6)
(4)
पाली
2.096
अनूपपुर अनूपपुर
पाली जलाशय ( नहर ) योजना हेतु निजी भूमि के अर्जन बाबत्.
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, अनूपपुर.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय, अनूपपुर/ अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व जैतहरी , जिला अनूपपुर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है.
1601 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
क्र. 7876- दस - भू-अर्जन 10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) . से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उनकी राय में उस अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
जिला तहसील
धारा (4 ) की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(6)
(5)
(3)
(4)
(1) (2)
0.771
छिरहा टोला
जैतहरी
अनूपपुर
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, अनूपपुर.
छिरहा टोला जलाशय ( नहर ) योजना हेतु निजी भूमि के अर्जन बाबत्.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय, अनूपपुर/अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व जैतहरी , जिला अनूपपुर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है.
अनूपपुर, दिनांक 23 जून 2010
क्र. 7943 - दस - भू-अर्जन -2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये विभाग प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सूची सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा की गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
विभाग प्रयोजन का वर्णन भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
जिला तहसील
धारा (4 ) की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(6)
(5)
(3)
(2)
(4)
(1)
0.768
पुष्पराजगढ़ लालपुर
अनूपपुर
कुलपति इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक.
कुलपति इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के द्वितीय परिसर के निर्माण हेतु आवंटित भूमि में जाने के लिए मार्ग निर्माण हेतु.
योग 0.768
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , कार्यालय , अनूपपुर/ अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व पुष्पराजगढ़ , जिला अनूपपुर ( म.प्र. ) के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है .
1602
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
अनूपपुर, दिनांक 25 जून 2010
क्र. 8071 - दस- भू-अर्जन10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सूची सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा की गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा ( 4 ) की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4)
(6) (3)
(1) (2)
(5)
कोतमा रेउन्दा
29.302
अनूपपुर
झिरियाटोला जलाशय (नहर) योजना हेतु निजी भूमि के अर्जन बाबत्.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, अनूपपुर.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय , अनूपपुर/ अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व कोतमा , जिला अनूपपुर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है .
क्र. 8072 - दस- भू-अर्जन 10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सूची सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा की गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
धारा (4 ) की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(1) (2)
(5)
(6)
(4)
कपरिया
जैतहरी
13.166
अनूपपुर
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, अनूपपुर.
कपरिया जलाशय ( नहर ) योजना हेतु निजी भूमि के अर्जन बाबत्.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय, अनूपपुर/अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व जैतहरी , जिला अनूपपुर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कवीन्द्र कियावत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
1603
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
दमोह, दिनांक 25 जून 2010
प्र. क्र. 11 - अ- 82- वर्ष 2009-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
तहसील का नाम
(1)
(2)
(3)
क्षेत्रफल (हे. में) (4)
(5)
(6) हटा
दमोह
33.19
30.65
पिपरिया जलाशय योजना बांध एवं डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि.
मझगुवां अमान हिनौताकलां निवाई माफी
19.21
कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.
योग . 83.05 हे..
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता पिपरिया जलाशय योजना बांध एवं डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि का निर्माण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय , दमोह एवं अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, उपखण्ड हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .
( 5 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. पी. सिंह सलूजा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
छिन्दवाड़ा , दिनांक 26 जून 2010
क्र. 5367- भू-अर्जन- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में . )
(4)
(1). (2)
(3)
(5)
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा
0.929 हेक्टर एवं उक्त भूमि पर आने वाली सम्पत्तियां ) .
कार्यपालन यंत्री, कन्हरगांव परियोजना संभाग , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा.
नवलगांव तीनफाटा जलाशय के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण.
ग्राम - राजना ब.नं. - 502 ( प.ह.नं. -43/75 रा.नि.मं. - छिन्दवाड़ा 1604
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा में ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, कन्हरगांव परियोजना संभाग , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी, कन्हरगांव परियोजना नहर उप संभाग क्रमांक 2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है .
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिनों के भीतर, भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 5368 - भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एंतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है.. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
जिला तहसील
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में. ) (4)
(3)
(1)
छिन्दवाड़ा
(2) मोहखेड़
01.740 हेक्टर एवं (उक्त भूमि पर आने वाली सम्पत्तियां) .
ग्राम-केकड़ा ब.नं. -72 प.ह.नं.-59 रा.नि.मं. इकलबिहरी
भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)
(5)
नवलगांव तीनफाटा जलाशय के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण .
कार्यपालन यंत्री, कन्हरगांव परियोजना संभाग , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा में ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, कन्हरगांव परियोजना संभाग , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , कन्हरगांव परियोजना नहर उप संभाग क्रमांक 2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिनों के भीतर, भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुतं कर सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, श्रीनिवास शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1605 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 26 जून 2010
क्र. 603 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 " अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
जिला
नगर/ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (3)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)
(5)
(1) (2)
0.060
सिहावल रजहा टीकर
सीधी
कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग , चुरहट, जिला सीधी (म.प्र. ) . बाणसागर लोवर सिहावल के अन्तर्गत नहर निर्माण में आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला कटनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
कटनी, दिनांक 28 जून 2010
प्र. क्र. 2 - अ - 82-2007-08 - भू.अ.अ. - 2010 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा ( हे. में. )
ग्राम बन्दोबस्त प.ह.नं.
(6) (2)
(5)
(1)
(3)
(4)
11.39
कटनी विजयराघवगढ़
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , कटनी.
गुड़ेहा पिपरा जलाशय शीर्ष कार्य हेतु.
3.40
गुड़ेहा बं.नं. 33 प.ह.नं. 20 लुकामपुर बं.नं. 33 प.ह.नं. 20 योग .. 14.79
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी , विजयराघवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. सेलवेन्द्रन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1606
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर, दिनांक 26 मई 2010
प्र. क्र. 2 - अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- महराजपुर
(ग ) ग्राम- मानपुरा , प. ह. नं . 45
(घ) लगभग क्षेत्रफल-75.944 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टर में )
(1)
(2)
3/1
0.075
3/3
0.136
3/4
0.126
3/5
0.151
3/6
0.107
3/8
0.607
3/9
0.607
3/10
0.607
3/13
0.597
3/14
0.035
3/15
0.381
12/1/2
0.125
18/1
0.072
18/2
0.221
19/1
0.436
19/2
0.170
20/2
0.056
23
0.081
24
0.154
25
0.105
26
0.101
27
0.129
28
0.176
30
0.056
(2)
(1) .
31/1
0.276
31/2
0.276
32
0.021
33
0.021
35
0.161
36
0.231
37
0.146
38/1
1.570
38/2
0.445
39/1
0.921
39/2
0.709
40
1.275
41/1
0.629
41/2
0.959
41/3
1.168
41/4
1.481
41/5
1.003
42
0.436
43
0.214
44
0.239
45
0.243
46
0.291
47
0.049
48
0.518
0.065
49
50
0.243
51
0.364
52
1.157
53
0.295
55
0.567
0.261
56
60
0.202
66
0.381
70
0.020
71
0.53
72
0.952
74
1.149
75
1.493
76
1.632
78/1
0.993
78/2
0.113
79
1.457
80
0.429
81
0.991
82
0.190 भाग 1 ]
1607
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(2) (1)
0.551 84
85
1.145
0.615 86
87
0.963.
0.821 88
89/1
1.319
0.384 89/2
0.619 91
0.878 92
93
0.156
0.798 94
0.097 96
2.608 97
0.452 99
0.243 100
101
0.130 123
1.521 125
2.916
0.501 127/1
127/2
0.501
0.501 127/3
129
1.169
0.235 130
131
1.449
0.688 132
133
1.388 134
0.785 135
0.502
0.858 137
138
0.624 139
1.376 140
1.178 141
0.704 142
0.607
1.056 143
144
1.955
1.772 146
147
6.232
1.348 148
0.443 149/1
150
1.221 156
0.550
0.008 157/1
योग .. 75.944 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज मध्यम परियोजना हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, नौगांव में किया जा सकता है.
लौंड़ी, दिनांक 28 मई 2010
प्र. क्र. 1 - अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- महराजपुर
(ग ) ग्राम - मुखर्रा, प. ह. नं. 68
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 117.192 हेक्टेयर.
नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(2)
खसरा (1)
0.401
2
3
1.210
0.677
4
0.396
5/1
0.078
5/2/1
0.163
7
0.854
8
9
0.688
0.825
10/1
0.405
10/2
1.125
11
2.926
13
14
0.595
0.182
15/1
0.170
15/2
0.563
16
0.227
17
0.223
18/1
0.223
18/2
0.226
18/3 1608
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(2) (1)
19/1
0.300 19/2
0.938 20
1.161 21
0.668 22/1
0.656
0.655 23
0.494 24/1
0.907 24/2
0.910 24/3
0.910 25
1.773 26
2.039 28/1
0.140 28/2
0.244 28/3
0.244 29/1
0.340 29/2
0.340 29/3
0.340 29/4
0.104 30/1
0.646 30/2
0.138 30/3
0.065 31/1
0.061 31/2
0.068 31/3
0.061 32/1
0.483 32/2
0.244 32/3
0.487 33/1
0.050 34
0.866 35/1
0.692 35/2
0.692 36/1
3.035 37/1
0.360 37/2
0.364 37/3
0.374 37/4
0.109 37/5
0.109 37/6
0.110 38
0.595 39
0.057 40
1.635 41
1.352 42
1.408
[भाग (1)
(2)
43
0.397
44
0.809
45
1.108
46
0.906
47
0.829
48
0.097
49
0.502
50
0.150
51
1.295
52
0.480
53
0.044
54/1
0.410
56/1
1.010
56/2
0.104
71
0.288
74/1
1.408
75
0.837
76
0.696
77/1 क
1.602
77/1 ख
0.595
78
0.656
79
0.178
80
0.890
81/1
0.251
81/2
0.251
81/3
0.251
82/1
0.733
82/2
0.663
82/3
0.183
83
0.470
84
0.267
85/1
0.809
85/2मिन 1
0.478
85/2मिन 2
0.830
85/3
0.925
86/1
0.688
86/2
0.486
86/3
0.445
86/4
0.125
87
0.906
88
0.421
89
0.793
90
0.802
91/1
0.733 भाग 1 ]
1609
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2) 91/2
0.732 93/1
0.219 93/2
0.218
0.093 93/3
94
0.129 95
0.729
0.150 96
97
0.032 98
0.987
0.303 99/1
99/2
0.304 100
0.587 101
0.336
0.417 102
103
0.372 105
0.963 192
0.031 208
0.045 209
0.220 210
0.178 211
0.124 217/1
0.809
0.033 217/2
219/1
0.054
0.107 219/2
220/1/1
0.253 220/1/2
0.253 220/2
0.550 220/3/1
0.195
0.416 220/3/2
222
0.219 223
1.664
0.065 225
1.238 227
0.178 230
231
0.259 232
0.089 233
0.344 234
0.032 235
0.417 236
0.057
0.372 237
238
0.170 240
0.198
(2)
(1)
0.206
241
242
0.291
0.320
243
0.202
244
245
0.073
0.219
246
0.955
247
0.117
248
0.101
249/1
0.101
249/2
0.101
249/3
0.098
249/4
250/1
0.089
0.089
250/2
0.089
250/3
250/4
0.089
0.032
252
0.401
253
254
0.049
0.274
255
256
0.259
257
0.146
0.016
258
0.036
259
260/1 क
0.031
260/1 /ख
0.032
0.032
260/1 /ग
0.032
260/1 /घ
0.031
260/1 /ङ
260/2
0.158
263/1
0.043
263/2
0:042
0.274
264
266/2
0.108
0.256
268
0.200
269/1
269/2
0.200
0.200
269/3
269/4
0.200
269/5
0.114
271/1
1.675
0.227
271/2/क
1.448
271/2/ख
272/1
1.920 1610
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(2) (1)
0.800 272/2
272/3
0.800 .
273
0.559 274
0.753 276
0.436 277
0.490 420
0.023 421/1
0.056
0.057 421/2
422
0.101 423
0.073
0.045 424/1
424/2
0.044 425
0.117 426
0.085 427
0.077 428
0.036 431
0.032 432
0.024 434
0.049 435
0.032 436
0.028 437
0.045 438
0.024 439
.0.016 440
0.016 441
0.036 442
0.032 443
0.057 444
0.235 451
0.192
0.057 452
453
0.121 454
0.097 460
0.058 461
0.093 462
0.372 463
0.190 465
0.672 466
0.073 467
0.595 468
0.049 469
0.340 470
0.425 (1)
(2)
471
0.162
472
0.150
473
0.081
474
0.239.
475
0.040
0.200
476/1
476/2
0.095
477/1
0.111
477/2
0.112
0.263
478
479
0.170
480/1
0.051
480/2
0.051
481/1
0.060
0.061
481/2
482/1
0.210
482/2
0.106
484
0.142
498/1
0.062
498/2
0.062
498/3
0.062
498/4
0.062
542
0.026
543
0.076
544
0.030
0.057
545
546
0.170
547
0.109
548
0.206
549
0.194
550
0.154
551
0.073
0.267
552
555
0.219
556
0.567
557
0.085
559
0.219
560
0.150
561
0.053
562
0.146
563
0.154
564
0.040
565
0.206
566
0.283 भाग 1 ]
1611
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2) 567
0.073 569/1
0.365 569/2
0.364 569/3
0.364 569/4
0.364 570/1
0.032
0.032 570/2
571
0.192 572
0.166 573
0.304 582
0.160 889
0.064 890
0.077 891
0.134 892
0.113 893
0.121 894
0.030 895
0.036 900
0.047 901
0.502
0.053 902
0.283 903
906
0.065 927
0.130 928
0.056 985
0.644 988
0.117 989
0.081 990
0.332
0.178 991
992
0.012 995
0.037 996/1
0.020 996/2
0.020 1019
0.031 1020
0.033 1021
0.065 1028
0.208 1029
0.182 1030
0.215
0.007 1031
1035
0.287 1036
0.202 1037
0.129 (1)
(2)
0.057
1038
0.178
1039
1040
0.364
0.273
1042
1043
0.328
0.113
1044
1045/1
0.065
0.064
1045/2
1047/2
0.160
1048
0.097
1049
0.105
1050/1
0.020
1050/2
0.020
0.172
1051
1056
0.330
0.357
1069
1072
0.115
योग .. 117.192
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज मध्यम परियोजना हेतु .
(3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, नौगांव में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 5 - अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि. की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- महराजपुर
(ग ) ग्राम- नटुवा, प. ह. नं. 24
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 61.082 हेक्टेयर.
खसरा
अर्जित रकबा
नम्बर
(हेक्टर में )
(1)
(2)
3
0.825
4
0.166 1612
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(2) (1)
0.206 5
6
0.599 7
0.501 10
1.566 11
1.470
0.280 12
0.260 17
1.241 41
42
0.319
<
43
0.619 44
0.922
1.894 45
0.200 46
47
1.963 48
0.972
0.487 49
50
1.012 51
0.991 52
0.478 53
0.435
0.466 54
55
0.024 56
1.963 57
1.092 58
0.121 59
0.518 60
0.113
2.854 61
62
0.486 63
0.340
0.271 64
65
1.153 66/1
1.457 66/2
0.547 68/1
0.170 68/2
0.998 69
0.250 70
0.113 71
0.110 72
0.140 73
0.413
0.506 74
75
0.194 76
0.518
(2)
(1)
77
0.392
0.028
78
0.028
79
82
0.464
0.652
83
84
0.780
85
0.012
87
0.040
89
0.240
90
0.902
0.200
91
0.175
96/1
0.095
187
0.105
188
193
0.188
194
0.041
0.391
196
0.280
198/1
1.070
198/2
0.401
199
203
0.390
0.219
205
0.186
206
207
0.061
0.299
208
1.011
211
212
1.437
213
0.539
214
1.534
1.064
215
0.210
216
217
0.543
1.120
218
0.825
219
220
0.591
0.405
221
222
0.182
223
0.522
224
0.186
225
0.930
227/1
1.171
227/2
1.172
229
0.550
230
1.189 1613
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
भाग 1 ]
(2)
(1)
0.270
231/1
0.180
231/2
0.025
231/3
0.090
231/4
1.153
233
0.290
234
0.521
235
0.281
236
0.223
237
0.285
238
0.016
239
0.202
246
0.232
248
0.781
249
0.652
251/1
0.058
251/2
0.492
252/1
0.100
252/2
0.188
253
61.082
योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज मध्यम परियोजना हेतु .
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नौगांव में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
छतरपुर , दिनांक 29 जून 2010
प्र. क्र. 13 - अ-82-2008-09.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची का वर्ग एक में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- राजनगर
(ग) नगर/ग्राम-जमुनया
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-निजी भूमि 0.998 हेक्टर खसरा
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
नम्बर
(2)
(1)
0.301
5/2
0.213
13/1
0.190
15/1
0.294
177
0.998
कुल योग ( निजी भूमि)
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बरियारपुर परियोजना के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर भू- अर्जन कार्यालय एवं अनुविभागीय अधिकारी राजनगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 15 - अ- 82-2008-09.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची का वर्ग में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-छतरपुर
(ख ) तहसील- राजनगर
(ग) नगर/ग्राम- खजवा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- निजी भूमि 7.071 हेक्टेयर.
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
खसरा नम्बर
(2)
(1)
1.036
126
0.185
385
0.315
431
1.645
441/1
1.056
433
0.321
466
0.250
856/1
0.167
857/1
0.011
871/1
0.013
872/1
0.085
884 1614
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
1699
0.028
4148/139
0.785
4149/1451
1.084
1543/4
0.090
भूमि का मुआवजा
450
मिल चुका है, कुआ का शेष.
भूमि का मुआवजा
1194
मिल चुका है, कुआ का शेष.
कुल योग (निजी भूमि) 7.071
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बरियारपुर परियोजना के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर भू-अर्जन कार्यालय एवं अनुविभागीय अधिकारी राजनगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, भावना वालिंवे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला कटनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग कटनी , दिनांक 3 जून 2010
रा. प्र. क्र. 1 -अ-82-2009-10 भू. अ. अ.. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो चुका है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- कटनी
(ख ) तहसील- ढ़ीमरखेड़ा
(ग ) ग्राम-गौरा , प. ह. नं. 118/25
( घ) लगभग क्षेत्रफल-26.49 हेक्टेयर.
खसरा
रकबा
नम्बर
(हेक्टर में )
(1)
(2)
881
0.19
900
0.32
[भाग 1 (1)
(2)
905
0.67
889
2.04
891
0.26
937
0.86
899
0.32
982
0.04
978
0.20
873
0.07
906
0.41
981
0.12
880
0.10
935
0.26
882
1.52
888
0.09
971/1
0.36
908
0.50
909
0.88
980/1
0.10
942
0.09
890
0.38
883
0.47
904
0.36
910
0.25
912
0.02
344/5
0.16
898
0.33
886
0.12
885
1.11
976/2
0.47
975/2
0.10
977/3
0.09
934/3
0.20
973
0.50
977/1
0.09
974
0.51
936
1.47
975/1
0.10
976/1
0.46
977/2
0.09
917
0.09
913
0.10
884
0.76
903
0.30
972/6
0.12 भाग 1 ]
1615
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(2) (1)
0.32 887
1.52 907
0.40 934/2
0.20 972/5
0.02 971/2
939
1.30
0.14 897
1.01 902
0.39 901
0.12 1014/1
0.23 596
0.12 653
0.08 683
0.07 686
0.10 858
0.02 861
0.10 361
0.01 681
503
0.03
0.05 542
0.02 380
502
0.04
0.02 376
0.09 629
869
0.01
0.12 630
0.05 372
0.01 480
0.10 485
0.06 523
537
0.07 722
0.18
0.11 574
0.02 509
0.04 538
0.05 541
0.12 631
0.06 679
0.07 680
0.06 682
0.02 867
0.02 524
0.04 364
0.12 573
(2)
(1)
0.11
872
0.06
678
0.02
868
कुल . 26.49
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-गौरा जलाशय/नहर.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी बहोरीबंद जिला कटनी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. सेलवेन्द्रन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला अशोकनगर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग अशोकनगर, दिनांक 4 जून 2010
प्र. क्र. 4- अ- 82-2009-10- प्रकरण क्रमांक क्यू- भू-अर्जन- 2009-10-228.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-अशोकनगर
(ख ) तहसील- मुंगावली
(ग ) नगर/ग्राम- मूंडरी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.441 हेक्टेयर.
खसरा
नम्बर
भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा ( हेक्टर में )
(2)
(1)
0.180
12/1 ख 5
0.720
12/1 ख 7
0.188
15
1.440
16
0.144
23/1
0.120
23/2
0.400
23/3
0.039
23/4 1616
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
58/1/2
0.120
58/1/4
0.090
योग . 3.441
(2) प्यासी तालाब की डूब भूमि बांध एवं नहर के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा एवं सम्पत्ति का विवरण भू-अर्जन अधिकारी , मुंगावली एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, अशोकनगर के कार्यालय में कार्यालीयन समय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर , जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग ग्वालियर, दिनांक 10 जून 2010
प्र. क्र. 8 - अ - 82-08-09- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला-ग्वालियर
(ख ) तहसील- घाटीगांव
(ग) नगर/ग्राम-पार
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.326 हेक्टेयर.
सर्वे क्रमांक
अर्जित रकवा (हेक्टर में)
(1)
(2)
194
1.136
235 मिन
0.239
242
0.157
738
0.042
998/4
0.637
999/3
0.115
योग. 1.326
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-हिम्मतगढ़ तालाब की दांयी तट नहर निर्माण हेतु ग्राम पार की भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग दमोह, दिनांक 16 जून 2010
पत्र क्र- क- भू- अर्जन-तेन्दूखेड़ा- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- दमोह
(ख ) तहसील- पटेरा
(ग ) नगर/ ग्राम- गुदरी , कम्हारी , कुलवा, चीलघाट (घ) लगभग क्षेत्रफल-5.31 हेक्टेयर.
खसरा नं. (1)
रकबा ( हेक्टर में ) (2)
ग्राम-गुदरी
12
0.09
27
0.08
29
0.04
19
0.11
30
0.05
16
0.08
22
0.07
56
0.38
83
0.06
84/2
0.06
87/1
0.06
87/2
0.06
87/3
0.06
योग 1.20
ग्राम-कुम्हारी
0.03
226 229
0.02 भाग 1 ]
1617
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(2) (1)
230
0.02
0.04 231
0.05 233
0.07 234/1
0.01 236/3
0.10 250
0.10 242
0.01 238
0.10 239
0.10 249
0.11 298
0.01 969/1
0.01 969/2
0.01 969/3
0.08 970
0.12 971
972
0.15
0.06 973/1
0.08 973/2
0.20 974
0.20 976
0.15 977/1
0.10 978
1.93
योग ..
ग्राम-कुलुवा
0.08 259
0.05 258
0.11 331
0.05 383
0.02 258
0.09 255
0.08 289
0,001 348
0.06 260
0.06 282
0.008 344
347
0.10
योग . 0.72
ग्राम-चीलघाट
0.10 280
0.04 266
0.06 279
(2)
(1)
0.05
298
0.05
281
0.04
278
0.11
267
0.070
282
0.03
324
0.24
263/1
0.130
299
0.01
323
0.07
269
0.08
297
0.16
325
0.02
265
0.12
326
0.08
268/2
1.46
योग
महायोग . 5.31
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- गुदरी हाई केनाल नहर क्षेत्र में आने वाली भूमि का निर्माण.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, तेन्दूखेड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र- क - भू-अर्जन- तेन्दूखेड़ा-2010. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त' भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- दमोह
(ख ) तहसील- जबेरा
(ग) नगर/ग्राम- घानामैली
(घ) लगभग क्षेत्रफल-21.624 हेक्टेयर .
खसरा नं.
रकबा ( हेक्टर में )
(2)
(1)
0.34
173
0.40
175/1 1618
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(2) (1)
175/2
1.55 175/3
0.39
2.88 178/1 , 178/2 , 178/3 , 1
178/4 , 178/5 , 178/6
179
1.45 180
0.57 181/1
0.05 182/2
0.05 181/3
0.05 181/4
0.05
0.22 182
183
0.22 184
0.84
0.18 960
961
0.48
0.24 1027/1 , 1027/2
1028
0.41 1029
0.54 1030
1.07 1031
0.35 1032/1
0.28 1032/2
0.35
0.35 1032/3
1034
0.33 173/1
0.06 171
0.30 187
0.06 163
0.05 162
0.05
0.08 231/1
229
0.06 236
0.04 237
0.032 872
0.06 871
0.04 826
0.072 827
0.052 818
0.016 830
0.028 816
0.06
0.04 769
770
0.088 780
0.24
0.024 782
(1)
(2)
783
0.096
0.028
784
0.052
785/1
0.052
785/2
0.19
1035/1
1035/2
0.11
0.15
1035/3
1037
0.25
0.30
1038
1039
0.33
0.15
1040/1
1041
0.27
0.25
1042/1
0.30
1042/2
0.60
1043/1
1043/2
0.65
0.80
1044
1045
0.72
1046
0.14
1054
0.75
1055
0.08
0.48
1058
21.624
कुल योग .
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- घानामैली जलाशय के बांध एवं नहर हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, तेन्दूखेड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र- क- भू- अर्जन- तेन्दूखेड़ा- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला- दमोह
(ख ) तहसील- जबेरा
(ग) नगर/ग्राम- मंगरई, हरदुआ सडक, जलेहरी (घ) लगभग क्षेत्रफल-25.77 हेक्टर .
भाग 1 ]
1619
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
खसरा नं.
रकबा ( हेक्टर में ) (1)
(2)
ग्राम-मंगरई
296
1.88 297
0.35 298
0.67 299
0.55 300/1
0.32 300/2
0.33 300/3
0.33 301
0.53 286/1
0.14
0.14 286/5
286/2
0.28 286/3
0.08 285
0.32 287
0.95 290/1
0.61 288
0.53 289
0.84 290/2
0.62 292
0.73 291/1
0.31 293/1
0.18 291/2
0.16 293/3
0.09 216
0.06 215
0.12 293/2
0.75 294/1
0.18 294/2
0.56 295
0.75 285
0.06 284
0.06 276
0.03 283
0.09 282
0.01 281
0.08 279
0.04 280
0.07 277
0.07 275
0.10
0.12 261
260
0.08 236
0.35 238
0.02 (1)
(2)
234
0.03
242
0.05
243
0.03
0.09
232
0.17
244
0.04
224
225
0.04
14.99
योग .
ग्राम-सड़क हरदुआ
0.28
1082
1144
0.12
1083
0.56
1084
0.42
1085
0.49
0.54
1149
1086
0.52
0.68
1087
1088
0.68
1125
0.05
1122/2
0.10
1120
0.20
1121
0.07
1118
1.18
1115
0.34
0.60
1114
0.26
1113
1112
0.26
1111
0.28
1110
1.94
0.68
1109
10.25
योग .
ग्राम-जलेहरी
677
0.04
678
0.09
679
0.20
0.20
687
0.53
योग .
25.77
महायोग ..
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- मंगरई जलाशय के बांध एवं नहर हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, तेन्दूखेड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
1620
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
पत्र क्र- क- भू-अर्जन- तेन्दूखेड़ा- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला- दमोह
(ख) तहसील- तेन्दूखेड़ा
(ग ) नगर/ ग्राम- पटीमहाराजसिंह
(घ) लगभग क्षेत्रफल-25.92 हेक्टर .
खसरा नं.
रकबा ( हेक्टर में)
(2)
(1)
0.07
716
718
0.22
0.22
717
0.12
719
0.02
720
721
0.01
722
0.02
0.12
723
0.52
724
0.63
725
726
2.58
727
0.34
0.40
736/1.
0.37
736/2
0.37
737
0.68
738
0.10
739 ,
707
0.13
0.15
708
709/1
0.11
0.24
710
728
0.22
1.06
729
2.27
730
731/1
1.10
1.67
731/2
1.10
731/3
731/6
1.85
(2)
(1) .
1.60
731/7
1.59
732
0.47
733
0.61
734
1.05
735
0.20
729
0.21
701
0.01
305
0.05
306
0.02
307
0.07
312
0.06
313
0.04
492
0.09
493
0.15
495
0.07
496
0.06
497
0.16
499/1
0.05
494
0.07
500
0.05
501
0.01
513/2
0.03
514
516
0.18
0.03
517
0.01
518
1.10
731/4
0.38
731/5
0.11
523
0.18
524
0.14
525
1.85
731/6
0.05
519
0.14
520
0.15
521
0.04
522
25.92
कुल योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- पटीमहाराजसिंह जलाशय के बांध एवं नहर हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , तेन्दूखेड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
1621
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
दमोह, दिनांक 22 जून 2010
पत्र क्र- क- भू-अर्जन- तेन्दूखेड़ा- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला- दमोह
(ख ) तहसील- तेन्दूखेड़ा
(ग ) नगर/ग्राम- धरीमाल , दुलहरा, सैलवाड़ा, पाठादो, दोनी (घ) लगभग क्षेत्रफल- 21.01 हेक्टर .
खसरा नं.
रकबा ( हेक्टर में )
(2)
(1)
ग्राम-धरीमाल
0.86
2
15
0.19
0.99
17
19
2.17
4
0.05
4.26
योग ..
ग्राम- दुलहरा
0.80
17/1
0.85
17/2
1.10
17/3
0.70
17/4
1.45
19
4.90
योग...
ग्राम-सैलवाडा
0.74
213
214
1.62
212
1.05
5.02
216
1.47
217
211
0.33
10.23
योग ..
ग्राम-पाठादो
0.04
358
360
0.11
(2)
(1)
0.14
202
0.09
259
0.01
255
252
0.08
0.05
253
0.08
254
0.03
205/1
205/2
0.03
0.66
योग
ग्राम-दोनी
0.46
377
0.04
374
0.10
372
0.05
371
0.09
341
342
0.03
0.02
343
0.06
344
0.06
338/384
0.05
298
योग . 0.96. कुल योग . 21.01
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- गहरानाला जलाशय के बांध एवं नहर हेतु.
(3 ) भूमि के नवशे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , तेन्दूखेड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
दमोह, दिनांक 25 जून 2010
क्र. क - भू.अ.अ. - 10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि सम्पत्ति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- दमोह
(ख ) तहसील- पथरिया
(ग) नगर/ग्राम- करैया लखरौनी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.82 हेक्टर .
1622
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
खसरा नं .
रकबा ( हेक्टर में) (1)
(2)
367 में से
0.26
380/3 में से
0.32
370 में से
0.09
368 में से
0.07
381 में से
0.08 योग .. 0.82
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- पथरिया, किन्द्रहो , जेरठ मार्ग निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी , दमोह के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. क- भू.अ.अ.-10-1511.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि सम्पत्ति की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आबश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- दमोह
(ख) तहसील- दमोह
(ग ) नगर/ग्राम- जमुनिया
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.26 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा ( हेक्टर में) (1)
(2)
242में से
0.13
240/1 में से
0.04
240/3 में से
0.05
240/2 में से
0.04
योग .. π .. 0.26
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- हिण्डोरिया , बिलाई मार्ग निर्माण हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी , दमोह के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. पी. सिंह सलूजा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग टीकमगढ़ , दिनांक 17 जून 2010
क्र. 1A भू-अर्जन- 2010-प्र . क्र. 1A- 82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. इस संबंध में माननीय आयुक्त सागर संभाग , सागर द्वारा अपने पत्र क्रमांक- 340-1 - सअ-2010 दिनांक 1 जून 2010 अनुसार भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 17 ( 1 ) के तहत अर्जेंसी क्लाज की अनुमति दी जा चुकी है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला-टीकमगढ़
( ख ) तहसील- टीकमगढ़
(ग) नगर/ग्राम- बड़माढई खास
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 3.798 हेक्टेयर.
रकबा
खसरा नं.
(हेक्टर में )
(1)
(2)
1422
0.192
1423
0.077
1430
0.133
1431
0.050
1432
0.064
1436
0.005
1437
0.206
1439
0.069
1440
0.259
1468/1
0.202
1468/2
0.186
1468/4
0.078
1470
0.391
1471
0.130
1475
0.100
1477
0.114
1478
0.086
1479
0.291
1480
0.096
1481
0.094 भाग 1 ]
1623
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(2)
(1)
0.279
1483
1537
0.058
1540
0.226
0.390
1545
0.022
1554
3.798
योग
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-लहर तालाब योजना के नहर निर्माण कार्य हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
क्र. 4A भू-अर्जन-2010-प्र. क्र. 4A-82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. इस संबंध में माननीय आयुक्त सागर संभाग , सागर द्वारा अपने पत्र क्रमांक- 340-1 - सअ-2010 दिनांक 1 जून 2010 अनुसार भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 17 ( 1 ) के तहत अर्जेंसी क्लाज की अनुमति दी जा चुकी है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-टीकमगढ़
(ख) तहसील-टीकमगढ़
(ग ) नगर/ग्राम- नगारा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-9.106 हेक्टेयर.
खसरा
रकबा (हेक्टेयर में)
नं. (1)
(2)
764
1.348
768
0.682
0.551
769
0.360
771
0.693
772
2.863
773
0.169
778/1
779
0.134
0.283
781
(2)
(1)
0.267
782
783
0.186
0.283
787
0.882
788
0.405
791/2
9.106
योग ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- लहर तालाब योजना के डूब क्षेत्र, बांध एवं वेस्ट वियर तथा स्पिल चैनल का निर्माण कार्य.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
क्र. 7A भू-अर्जन- 2010-प्र. क्र. 7A- 82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. इस संबंध में माननीय आयुक्त, सागर संभाग , सागर द्वारा अपने पत्र क्रमांक- 338-1 - सअ-2010 दिनांक 1 जून 2010 अनुसार भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 17 ( 1 ) के तहत अर्जेंसी क्लाज की अनुमति दी जा चुकी है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- टीकमगढ़
(ख ) तहसील-टीकमगढ़
(ग ) नगर/ग्राम- रामनगर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.050 हेक्टेयर.
खसरा
नं.
रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.067
4/1
4/2
0.062
5
0.109
0.098
9
0.074
13
0.057
14
15/1
0.026
15/2
0.019 1624
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2) 16/1
0.006 16/2
0.027 18
0.171 19
0.080 24
0.054 25
0.160 29
0.161 100/1
0.029 100/2
0.001 101/1
0.004 101/2
0.005 106
0.003 107
0.048 108
0.127 109
0.034 110
0.006 576
0.018 578
0.104 580
0.036 581
0.010 582
0.062 583
0.063 584
0.054 586
0.126 587
0.068 653/1
0.056 653/2
0.095 658
0.010 659
0.006 660
0.184 663
0.077 665
0.109 666
0.044 677/1
0.061
0.041 678/3/1
678अ/2
0.156 678/ब
0.005 678 स
0.062
0.028 678क
678/2
0.004 684/1
0.114 684/2
0.029
योग 3.050 ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- लहर तालाब योजना के नहर निर्माण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
क्र. 8 भू-अर्जन- 2010-प्र. क्र. 8 - अ-82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. इस संबंध में माननीय आयुक्त सागर संभाग , सागर द्वारा अपने पत्र क्रमांक- 337-1- सअ-2010 दिनांक 1 जून 2010 अनुसार भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 17 ( 1 ) के तहत अर्जेसी क्लाज की अनुमति दी जा चुकी है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
( क) जिला- टीकमगढ़
(ख ) तहसील-टीकमगढ़
(ग) नगर/ग्राम- लार खास
( घ) लगभग क्षेत्रफल-48.012 हेक्टेयर.
खसरा नं.
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
1129
0.008
1130
0.012
1227
0.109
1229
0.40
1230
0.004
1231
0.020
1232
0.304
1233
0.287
1234
0.081
1235
0.045
1236
0.129
1237
0.020
1238
0.045
1239
0.142
1240
0.101
1241
.0.219 भाग 1 ]
1625
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2) 1242
0.093 1247
0.105 1249
0.150 1250
0.061 1251
0.336 1252
0.028 1253
0.478 1254
0.219 1255
0.291 1258/1
0.753 1258/2
0.429 1258/3
0.502 1260
0.445 1261
0.129 1262
0.170 1263
0.291 1264
0.093 1265
0.045 1266
0.170 1267
0.174 1268
0.057
0.247 1269
1270
0.129 1271
0.097
0.255 1272
1273
0.413 1274
0.089 1275
0.097 1278
0.611 1279
0.583 1280
0.129 1281
0.077 1282
0.024 1283
0.020 1284
0.065 1285
0.032 1286
0.061 1287
0.607 1288
0.081 1289
0.121 1290
0.097
0.258 1291
1292
0.263 1293
0.186
(2)
(1)
0.146
1294
0.158
1295
0.117
1296
0.036
1298
0.522
1299
0.036
1300
0.057
1301
1302
0.105
0.322
1303
1305
0.131
0.211
1311
0.033
1433
1434
0.101
1435
0.281
1769
0.793
1770
0.065
1771
0.571
0.117
1772
1773
0.134
1774
0.158
0.061
1775
0.061
1776
1777
0,077
0.138
1778
0.057
1779
0.032
1780
1781
0.077
1782
0.028
1783
0.065
1784
0.178
1785
0.045
1786
0.049
1787
0.162
0.134
1789
1790
0.097
0.206
1791
1792
0.421
0.008
1793
1794
0.018
0.484
1811
1812
0.070
1813
0.168
1815
0.081
1816
0.028 1626
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2) 1817
0.053 1818
0.028 1819
0.024 1820
0.081 1821
0.032 1822
0.061. 1823
0.036 1824
0.036 1825
0.073 1826
0.040 1827
0.247 1828
0.219 1830
1.218 1832
0.040 1833
0.064 1834
0.146 1837
0.135 1846
0.109 1847
0.393 1848
0.148 1852
0.172 1853
0.166 1854
0.072 1866
0.036 1867
0.085 1868
0.045 1869
0.045 1870
0.081 1871
0.081 1872
0.061 1873
0.109 1874
0.081 1875
0.077 1876
0.040 1877
0.154 1878
0.154 1879
0.019 1880
0.016 1881
0.121 1882
0.121 1883
0.026 1884
0.037 1885
0.037 1886
0.032
[भाग 1 (1)
(2)
1887
0.109
1888
0.125
1889
0.142
1890
0.121
1892
0.231
1893
0.097
1894
0.166
1895
0.312
1896
0.069
1897
0.081
1898
0.150
1899
0.117
1900
0.409
1901
0.045
1902
0.210
1903
0.283
1904
0.409
1905
0.134
1906
0.024
1907
0.105
1908
0.089
1909
0.186
1910
0.166
1911
0.142
1912
0.093
1913
0.142
1914
0.194
1915
0.069
1916
0.020
1917
0.020
1918
0.036
1919
0.101
0.073
1920
1921
0.045
1922
0.040
1923
0.040
1924
0.089
1925
0.142
1926
0.045
1927
0.085
1928
0.089
1929
0.016
1930
0.036
1933
0.081 भाग 1 ]
1627
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2) 1934
0.081 1935
0.089 1936
0.146 1937
0.125 1938
0.085 1939
0.109 1940
0.267
0.040 1941
1942
0.190 1943
0.134 1944
0.579 1945
0.287 1946
0.020
0.077 1947
1948
0.069 1949
0.271 .
1950
0.227 1951
0.053 1952
0.364 1953
0.202 1954
0.553 1955
0.340 1956
0.490 1957
0.514 1958
0.097 1959
0.101 1960
0.190 1961
0.458 1962
0.138 1963
0.146
0.077 1964
1966/1
2.886 1966/2
1.214
1.011 1966/3
1967
0.425
0.721 1968
0.417 1969
1970
0.344 1971
0.032 1972
0.251 1973
0.285 1974/1
0.359 1974/2
0.454 1975
0.809 (1)
(2)
1976
0.095
0.371
1978
0.120
1982
1983
0.233
1984
0.472
1985
0.283
1986
0.586
1987
0.696
1988
0.251
1989
0.142
0.093
1990
0.028
1991
1992
0.028
1993
0.149
0.124
1994
1997
0.097
2006
0.089
1865/2116
0.023
योग 48.012
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- लहर तालाब योजना के डूब क्षेत्र हेतु .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी, टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, टीकमगढ़ , जिला- टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा' जा सकता है.
क्र. 9 भू- अर्जन- 2010-प्र. क्र. 9 - ए- 82-2009-10 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. इस संबंध में माननीय आयुक्त सागर संभाग , सागर द्वारा अपने पत्र क्रमांक- 339-1 - सअ-2010 दिनांक 1 जून 2010 अनुसार भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 17 ( 1 ) के तहत अर्जेसी क्लाज की अनुमति दी जा चुकी है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला-टीकमगढ़
(ख) तहसील-टीकमगढ़ 1628
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(ग ) नगर/ग्राम- बड़माढ़ई ऊगड़
(घ) लगभग क्षेत्रफल-23.933 हेक्टेयर.
खसरा
रकबा नं.
(हेक्टेयर में) (1)
(2) 149/1
0.104 149/2
0.041 150/1
0.013 150/2
0.006 152
0.097 153
0.051 154
0.020 155
0.332 156
0.081 157
0.486 158
0.870 159
0.206 160
3.212 166
0.624 169
0.539 170
0.746 171
0.862 172
0.194 173
0.012 174
0.194 175
0.802 177
0.405 179
0.089 180
0.555 181
0.150 182
0.057
0.125 183
185
0.101 186
0.049 188
0.065 189
1.048 190
0.959 191
0.057 192
0.656 193
0.405 194
0.267 (1)
(2)
195
0.271
196
0.490
197
0.372
198
0.388
200
0.644
201
0.930
203
0.498
204
1.297
205
0.296
207
0.764
208
0.906
214
0.634
222
0.118
223
0.108
224
0.084
243
0.223
247
0.105
248
0.061
249
0.258
255
0.214
257
0.154
259
0.072
260
0.095
263
0.146
264
0.064
265
0.113
286
0.09
292
0.058
योग 23.933
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-लहर तालाब योजना के डूब क्षेत्र, बांध निर्माण एवं नहर निर्माण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , टीकमगढ़ , जिला- टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
अखिलेश श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव. मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, भाग 1 ]
1629
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला अनूपपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग अनूपपुर, दिनांक 21 जून 2010
क्र. 7874- दस- भू-अर्जन-10 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजनं के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- अनूपपुर
(ख ) तहसील-अनूपपुर
(ग) ग्राम- अमिलिया
(घ) क्षेत्रफल-1.999 हेक्टेयर .
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
179/21 क अंश
0.202
179/26 अंश
0.081
189/1 अंश
0.012
179/1 घ अंश
0.202
179/19 अंश
0.202
179/13 अंश
0.138
178/1क अंश
0.061
178/1 ख अंश
177/1 ग अंश
0.028
177/5 क अंश
0.097
177/5 ख 1 अंश
0.061
177/1 ख अंश
0.028
177/1 स अंश
0.121
177/9 अंश
0.081
176/2 अंश
0.040
172/1 क/2 अंश
0.142
172/1 क/1 अंश
0.092
172/2क/2 अंश
0.061
169/2अंश
0.008
170/2ख अंश
0.121
172/2क/ 1 अंश
0.060
0.020
163/14 अंश
191/2अंश
0.141
योग 1.999
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-अमिलिया जलाशय ( नहर ) योजना हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय अनूपपुर/ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जैतहरी जिला अनूपपुर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है.
क्र. 7875 - दस- भू-अर्जन-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम; 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-अनूपपुर
(ख ) तहसील- अनूपपुर
(ग) ग्राम-पाली
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.096 हेक्टेयर.
खसरा
नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
0.140
06 अंश
0.182
51 अंश
46/1 ख अंश
0.20
0.20
46/2अंश
0.222
47 अंश
50 अंश
0.141
0.048
186/1 घ अंश
0.141
49अंश
52अंश
0.020
0.048
186/1 ख अंश
0.061
57 अंश
58 अंश
0.081
0.061
61अंश
0.202
65 अंश
0.121
126 अंश
0.040
142अंश
0.40
201 अंश
204 अंश
0.40
0.040
193/1 ख अंश
0.081
194अंश
0.101
199 अंश
186/2अंश
0.004
0.202
143 अंश
0.040
146 अंश
2.096
योग ..
1630
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- पाली जलाशय ( नहर ) योजना हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय , अनूपपुर/ अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, जैतहरी, जिला अनूपपुर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है .
क्र. 7876- दंस- भू-अर्जन10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला--अनूपपुर
(ख ) तहसील-जैतहरी
(ग) ग्राम- छिरहा टोला
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.771 हेक्टर .
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
310/1 अंश
0.030
212अंश
0.050
625 अंश
0.030
624अंश
0.008
632अंश
0.020
628 अंश
0.030
629/1 अंश
0.030
642/2 अंश
0.022
642/1 अंश
0.20
651 अंश
0.030
650 अंश
0.025
925/1 अंश
0.053
0.050
925/312 अंश
925/319 अंश
0.053
922/2अंश
0.380
922/1 अंश
0.363
870/2अंश
0.040
301 अंश
0.030
302 अंश
0.050
307 अंश
0.050
308 अंश
0.050
279 अंश
0.057
309अंश
0.053
1194/1 अंश
0.030
1193 अंश
0.030
1186 अंश
0.030
(2)
(1)
0.030
1186 अंश
0.030
1095 अंश
925/2 अंश
0.020
1092/4 अंश
0.020
630 अंश
0.023
0.771
योग ..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- छिरहा टोला जलाशय ( नहर ) योजना हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय , अनूपपुर/ अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, जैतहरी , जिला अनूपपुर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कवीन्द्र कियावत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग शाजापुर, दिनांक 22 जून 2010
प्र. क्र. भू- अर्जन- 09-491.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है, निम्नानुसार भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
( क) जिला-शाजापुर
(ख ) तहसील- गुलाना
(ग ) ग्राम-पोलायखुर्द
(घ ) क्षेत्रफल 52.371 हेक्टर.
क्षेत्रफल
सर्वे क्रमांक
जो अर्जन
होना हैं (हेक्टर में )
(1)
(2)
386
0.084
387
0.230
388
0.126
408
0.836
411
0.011 1631
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
भाग 1 ]
(2) (1)
0.157 412
579/2
0.857 592/2/2
0.100 581/1
0.011 394
402
0.052 मिन 403
404
0.366 421/1
0.052 424/1
0.157 406/1
0.324 406/2
0.596 407
0.073 413/1
0.281 416/1/5
0.139 417/1
0.641 417/2
0.466 417/4
0.084 413/2
0.627 414
0.941 415
0.293 581/2
0.408 583
0.031 584
0.167 585
0.126 592/1
0.296 416/1/1
0.523 416/1/2
0.255 416/1/4
0.164 417/3
0.348 416/1/3
0.031 416/2
0.031 416/3
0.125 418
0.063 419
0.157 420
0.219 421/2
0.418 421/3
0.052 424/3
0.747 421/4
0.063 422/1
0.747 421/5
0.115 422/2
0.188 423
(2)
(1)
0.627
424/4
0.941
424/2
2.813
425
0.084
426
0.178
434
0.888
435
1.557
436
0.084
437
0.366
438
0.345
439
0.052
573/4
0.805
427
0.146
441
524
0.031
525
526
0.418
530
0.836
5731/2/3
0.052
मि. 542
0.370
मि. 542
0.836
573/1/2/3
0.052
मि. 542
0.011
मि. 542
0.136
546
0.407
547
0.136
1058
0.184
527, 552/2
0.240
549
0.418
552/1
0.836
579/1 , 592/2/1
0.261
मि. 550
0.261
578/2
0.209
578/3
0.251
मि. 550
0.502
551
0.752
553
0.732
554
0.157
555
1.223
571/2/1 , 573/3/1
1.045
571/2/2 , 573/3/2
0.219
573/2/2/2
0.836 .
573/1/2/2
1.796
573/1/3
0.711
573/5 1632
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
573/1/4
2.508
573/1/5/1
1.254
573/1/5/2
1.254
मि. 573/2/1/1
0.435
573/2/2
1.359
573/2/1/1
0.871
575
0.951
576/3
0.052
576/1
0.616
576/2
0.324
577
0.271
578/1/1
0.439
578/1/2
0.284
614, 615 , 616
0.564
593
0.993
594
0.338
595
1.232
596/1
0.721
596/4
0.309
599
0.314
597
0.449
608
0.026
0.021
617, 618 , 619
मि. 528/2
0.157
मि. 528/2
0.052
0.021
431/1, मि. 431/2,
432, 433
0.209
431/1 , मि. 431/2 ,|
432, 433
598
0.052
963/7
0.167
963/8
0.105
मि. 574
0.441
योग .. 52.371
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- पोलायखुर्द तालाब डूब क्षेत्र हेतु.
प्र. क्र. भू-अर्जन-09-492.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894
[भाग 1 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है, निम्नानुसार भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला शाजापुर
(ख ) तहसील- शाजापुर
(ग ) ग्राम- हामली, वीरागांव , भण्डेडी, अरोलिया, बिजाना, हरियाणी, गागोरनी .
(घ) क्षेत्रफल- 0.90, 3.01 , 3.11 , 5.28 , 1.50, 0.78, 0.36 हेक्टर .
सर्वे
क्षेत्रफल
क्रमांक
जो अर्जन
होना है
(हेक्टर में)
(1)
(2)
( 1) ग्राम- हामली
23
0.05
24
0.03
25
0.08
26
0.09
27
0.06
38
0.06
39
0.05
41
0.08
43
0.06
43
0.03
44
0.05
48
0.11
67
0.15
योग . 0.90
(2) ग्राम-बीरागांव
3/1
0.07
3/2
0.08
4/1
0.11
4/2
0.10
7
0.06
8
0.07
14
0.10
13/1
0.08
13/2
0.08
19
0.05
21
0,20 भाग 1 ]
1633
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2) 22
0.18 44
0.05 44/382
0.07 45/1
0.10 45/2
0.07 47/1
0.12 47/2
0.06 48
0.12 51
0.06 218
0.04 219
0.03 220
0.03 221
0.05 222
0.03 223
0.05 224
0.10 316
0.08 317
0.09 318
0.06 319
0.05 351
0.15 352
0.07 354/1
0.04 356
0.05 357
0.08 359
0.11 193/1
0.07
योग
3.01
(3 ) ग्राम- भण्डेडी 71
0.14 72
0.05 73
0.03 77
0.03 79
0.05 80
0.05 81
0.04 84
0.05 85
0.04 120
0.04 121/1
0.04 121/2
0.04 122/1
0.04 122/2
0.03 (1)
(2)
122/870
0.04
123
0.04
124
0.06
395
0.04
396
0.04
397
0.05
403
0.06
414
0.10
445
0.06
446/1
0.07
446/2
0.05
447
0.04
448
0.04
449
0.15
304
0.06
307
0.04
308
0.03
363
0.01
364
0.04
368
0.05
328
0.05
326
0.05
305
0.04
290
0.06
289
0.05
288
0.06
276/1
0.05
276/2
0.03
274/1
0.03
272/1
0.06
267
0.10
268
0.10
269
0.08
271
0.10
598
0.06
597
0.08
595
0.04
594
0.07
480
0.07
579
0.07 1634
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2) 370
0.07 371
0.05
3.11
योग .
(4) ग्राम-अरोलिया 16
0.06
0.40 17
18
0.06 148
0.03 147
0.03 144
0.07 142
0.04 140
0.06 23
0.04 24
0.03 25
0.04 27
0.03 39/2
0.06 136
0.04 134
0.04 130
0.04 39/1
0.03 41
0.10 40
0.25 104
0.10 105
0.17 107
0.09 109
0.06 110
0.07 111
0.06 112
0.03 391/1
0.06 391/2
0.06
0.05 380/1
380/2
0.04 379/1
0.06 379/2
0.05 359
0.04 346
0.08 497
0.07 496
0.05 498
0.06 499
0.05 500
0.04
(2)
(1)
0.04
503
0.43
504
505
0.30
528
0.11
527
0.15
583
0.10
584
0.20
582
0.07
0.15
585
0.08
581
574
0.07
0.05
573
572
0.04
571
0.04
0.06
570
575
0.04
576
0.05
556
0.05
557
0.04
0.06
558
559
0.04
0.02
561
562
0.22
567
0.08
28
0.03
0.02
392
योग . 5.28
(5) ग्राम-बिजाना
684
0.09
0.10
685
0.10
687
690
0.10
730
0.05
731
0.14
732
0.04
0.04
742
746
0.10
1103
0.05
0.09
1124
0.20
1126
1096
0.05
1097
0.05 भाग 1 ]
1635
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(2)
(1)
0.10
1098
0.20
1127
योग 1.50
(6 ) ग्राम- हरियाणी
631
0.03
629
0.04
0.01
57/1
58
0.17
54.
0.08
326
0.03
0.05
169
170
0.02
150
0.10
0.20
153
0.02
154
0.03
156
0.78
योग ..
(7) ग्राम-गागोरनी
0.02
229
0.02
288
287
0.03
274
0.10
211
0.12
207
0.02
208
0.02
0.03
209
योग .. 0.36
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-चौमा बिजाना सड़क हेतु.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शेखर वर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला देवास, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग देवास, दिनांक 24 जून 2010
प्र. क्र. 12- अ- 82-08-09-1023- आर- 2-2010.- 3- आर- 2-2010 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-कृषि भूमि
(क) जिला- देवास
(ख) तहसील- टोंकखुर्द
( ग ) ग्राम-चौबाराधीरा
(घ ) क्षेत्रफल- 3.180 हेक्टर .
सर्वे
डूब का
नं.
रकबा
(हेक्टर में)
(2)
(1)
0.04
4
5
0.05
0.04
6
7
0.04
0.28
8
13/1 , 896, 20 , 22, 23 0.61
0.16
13/2
0.69
94, 124, 126 , 132
0.03
17/2
0.09
2171
0.09
21/2
95/1
0.30
0.04
897/1
0.12
897/2
0.09
899
0.03
900
0.06
909
0.28
1004
0.14
1008
3.18
योग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- भैसाखेडी तालाब की नहर निर्माण हेतु डूब से प्रभावित होने से.
(3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) के निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी सोनकच्छ तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग देवास में किया जा सकता है .
1636
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
प्र. क्र. 13 - अ-82-08-09-1029- आर-2-2010.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन- कृषि भूमि
( क) जिला-देवास
(ख) तहसील-टोंकखुर्द
(ग) ग्राम- भैसाखेडी
(घ) क्षेत्रफल- 1.393 हेक्टर.
डूब का
सर्वे नं.
रकबा
(हेक्टर में)
(1)
(2)
0.134
3/3 , 4 , 358/3
5
0.063
0.140
17/1 , 19/1
0.100
17/2, 19/2
17/3
0.003
34
0.014
35
0.006
41
0.018
15
0.012
0.042
44, 45
54
0.103
86
0.174
292
0.032
297
0.093
449/1
0.135
450/1
0.078
450/2
0.054
451
0.048
456
0.120
480
0.024
योग . 1.393
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- भैसाखेडी तालाब की नहर निर्माण हेतु डूब से प्रभावित होने से.
(3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) के निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी सोनकच्छ तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग देवास में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , पुष्पलतासिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग धार, दिनांक 24 जून 2010
क्र. 8546 - भू-अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन , अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- धार
(ख ) तहसील-गंधवानी
(ग) नगर/ग्राम-इन्दला
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-47.964 हेक्टर
अर्जित रकबा
सर्वे नम्बर
(हेक्टर में)
(1)
(2)
135/2
0.015
136/1
0.042
136/2
0.920
137
1.609
138
0.554
139
0.439
140
0.742
141
1.055
144
*0.366
145
0.439
146
0.105
147
0.836
148
0.690
149
1.641
152
0.086
154
1.118
158
1.129
159/2
0.053 भाग 1 ]
1637
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(2) (1)
160 :
0.165
0.242 162
0.136 164
168
2.414- 170
0.763 172
0.596 174
0.805
0.878 177
179
0.366
2.738 183/1
183/2
2.090
0.052 184/2
0.031 184/3.
1.278 185
186
1.975 187
0.157 189
0.105 190
0.084
2.195 191
0.230 192
0.397 194
0.313 196
0.160 197/2
0.157 197/3
2.059 199
0.205 200
209
0.293
0.283 211
213
0.261
0.271 214
221
1.839
0.240 222
223
0.387 224/1
1.703 224/2
0.711
0.418 226
229/1
0.418 229/2
0.052 230/1
0.276
0.251 230/2
0.637 231
1.327 233
0.219 237
0.405 238
240
0.014
(2)
(1)
242
0.094
0.355
243
0.178
245
0.627
246
0.355
247
0.428
249
0.763
251
253
0.013
0.272
268
0.272
269
0.345
270
0.009
271
1.003
272
0.470
273
0.345
274
47.964
योग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- इन्दला तालाब निर्माण अंतर्गत डूब से प्रभावित होने से.
(3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , एवं भू- अर्जन अधिकारी , अनुविभाग मनावर जिला धार तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
धार, दिनांक 25 जून 2010
क्र. 739- भू-अर्जन- औ.एस.पी. 2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन- (क) जिला-धार
(ख) तहसील- कुक्षी
(ग ) ग्राम- करोंदिया
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.574 हेक्टर .
खसरा
नम्बर
रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.262
74/2
0.137
79/1 1638
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
79/2
0.150
80/1
0.083
80/2
0.075
80/3
0.082
81
0.087
82
0.075
83
0.075
85/3
0.075
86/1
0.206
86/2
0.206
89
0.305
90/1
0.162
90/2
0.170
95/7/1
0.212
95/8
0.212
2.574
कुल योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- औंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर/ वितरण शाखा/ लघु उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर जिला धार एवं भू- अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना कुक्षी एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 मनावर जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी.एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सीधी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग मझौली , दिनांक 30 जून 2010
क्र. 94- भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सीधी
(ख) तहसील- मझौली
[भाग 1 (ग) ग्राम- मूसामूडी
( घ) क्षेत्रफल-208.900 हेक्टर.
खसरा
कुल
नम्बर
रकबा
(हेक्टर में)
अर्जित किये जाने वाला रकबा (हेक्टर में) (1)
(3)
(3)
2
0.360
0.360 3
0.920
0.880 4
0.990
0.990 5
0.930
0.930 10
1.420
1.420 12
1.420
1.420 13
0.490
0.490 14
0.430
0.430 15
0.400
0.330 16मि 1/1 0.150
0.150 16 मि 2 0.060
0.050 16 मि 3 0.060
0.060 17
0.610
0.550 18
0.090
0.090 20
0.650
0.650 21
0.080
0.080 25/1
0.400
0.400 25/2
0.200
0.200 26
1.000
1.000 27
0.080
0.080 28
0.660
0.660 29
0.010
0.010 30
0.010
0.010 31/1
1.170
1.130 31/2
1.170
1.130 31/3
1.170
1.130 31/4
0.650
0.610 32/1
1.120
1.060 32/2.
1.770
1.720 32/3
1.360
1.310 33/1
0.400
0.330 33/2
1.770
1.700 33/3मि 1 1.070
1.010
33/मि2
0.200
0.200 33मि3
0.200
0.200 भाग 1 ]
1639
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
(3)
0.200
0.200 33मि4
0.200
33मि5
0.200 33मि6
0.100
0.100 33मि7
0.100
0.100 33मि8
0.200
0.200 33मि9
0.100
0.100 34
0.460
0.460 35/1
0.700
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(3)
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0.020 1640
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
(3) 114
0.850
0.850 115
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0.300
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136
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(1)
(3)
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0.150 1641
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
भाग 1 ]
(2)
(3) (1)
0.150 164
0.150 .
165/1
0.030
0.030
0.030
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165/4
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0.710
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0.430
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1.100 181
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1.150
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2.220 187
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(3)
(2)
(1)
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195
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0.320 0.320
197
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198
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201
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203/1 क
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203/2
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205
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208
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0.440 -0.440
210
0.630 0.630
211
0.350 0.350
212 1642
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(2)
(1)
(3) 213
0.250
0.250 214/1
0.400
0.400 214/2
0.400
0.400 214/3
0.250
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0.280- 216
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1.810 218
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0.001
225मि4
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0.150
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(2)
(3)
234
0.590
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0.300
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251मि10
0.060
251मि11 0.060
0.060 भाग 1 ]
1643
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
(3) 251मि12 0.060
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0.100
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1.540 256
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0.250 257
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2.100 260
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0.060
274मि3
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(2)
(3)
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282
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0.800
0.800
291/2
0.980
0.980
292
0.030
0.030
293
0.090
0.090
294
0.750
0.750
295
0.050
0.050 296
0.550
0.550
297
0.630
0.630
298
0.040
0.040
299
0.240
0.240
300मि1
0.210
0.210
300मि2
0.200
0.200
301
0.110
0.110
302
0.840
0.840
303
0.080
0.080
0.090
304/1 मि1 / 1
0.090
304/1 मि 1/2 0.080
0.080
0.100
304/1 मि1/3
0.100
0.090
304/1 मि 1 /4 0.090
304/ 1 मि1 / 5 0.090
0.090 1644
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
(3)
0.150
0.150 304/2
0.060
0.060
305/1
0.020
0.020 305/2
306/1
0.370
0.370 306/2
0.150
0.150
0.080
0.080
307/1
0.060
0.060
307/2
0.110
< 0.110
308
0.280
0.280
309
0.160
0.160 310
0.240
0.240
311
0.230
0.230 312
0.895
313/मि1/1
0.895
0.060
0.060 313/मि1/2
0.060
0.060
313/मि1/3
0.045
0.045 313/मि 1/4
0.060
0.060 313/मि2
0.060
0.060 313/मि3
0.060
0.060
313/मि4
0.060
0.060
313/मि5
0.060
0.060
313/मि6
0.060
0.060 313/मि7
0.060 313/मि8 0.060
0.060 313/मि9 0.060
0.060 313/मि10 0.060
0.060
0.060
313/मि11
0.060
0.060
313/मि12-
0.060
0.060 313/मि13
0.060
0.060
313/मि14
0.040
0.040
313/मि15
0.470
0.470
314/मि1
0.020
0.020 314/मि2
0.110
0.110
315/1मि1
0.200
0.200
315/1मि2
0.200
0.200
315/1मि3
0.200
0.200
315/1मि4
0.560
0.560 315/2
0.370
0.370 317मि1
0.020
0.020
317मि2
0.320
0.320 318
(3)
(1)
(2)
0.330 0.330
319
0.335
0.335 320मि1
0.015 0.015
320मि2
0.330 0.330
321मि1
0.015
0.015 321मि2
0.015 0.015
321मि3
0,050 0.050
322
0.020
0.020 323मि1
0.010 0.010
323मि2
0.790
0.790 324/1 क
0.530 0.530
324/1ख
0.170
0.170 324/2मि1
0.060
0.060 324/2मि2
0.060 0.060
324/2मि3
0.080 324/2मि4 0.080
0.370
0.370 324/3
0.020 0.020
325
0.800
0.800 326
0.260 327
0.260
0.450 0.450
328
2.130 2.130.
329
0.240
0.240 330
0.520
0.520 331
0.300
0.300 332
2.560 2.560
336
0.180 0.180
337
2.430 2.430
338
1.540
1.540 339
0.710 0.710
340
0.490 0.490
341
0.270 0.270
342
0.540 0.540
343
:
1.460 1.460
344
0.080 0.080
345
0.890
0.890 346
0.340 0.340
348/1
0.340 0.340
348/2
0.340 0.340
348/3
0.340
0.340 348/4
0.340
0.340 348/5/1 भाग 1 ]
1645
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
(3) 348/6
0.190
0.190
348/7
0.340
0.340
0.020
0.020 349
0.180
0.180 350
351/1
0.380
0.380 351/2
0.360
0.360 352
1.150
1.150 353
1.260
1.260
0.510
0.510 354
355
0.390
0.390
0.490
0.490 356/1
356/2
0.250
0.250 357
0.020
0.020 358
0.060
0.060 359
0.020
0.020
0.060
0.060 360
361/1
0.200
0.200
0.200
361/2
0.200 361/3
0.380
0.380
0.400
361/4
0.400
0.400
361/5
0.400
0.400
361/6
0.400
0.250
0.250 362/1
0.050
362/2
0.050
0.110
362/3
0.110
0.120
363/1
0.120 363/2
0.330
0.330
0.960
364/1
0.960 364/2
0.700
0.700 365मि1
0.490
0.490
0.060
0.060 365मि2
366
1.570
1.570 367
0.220
0.220
0.210
368
0.210 369
0.860
0.860 370
2.430
2.430 371/1
0.020
0.020 371/2
0.010
0.010 371/3
0.010
0.010
372/1
0.110
0.110 (1)
(2)
(3)
0.120 372/2
0.120
372/3
0.120
0.120
0.880 373/1
0.880
0.880
0.880 373/2
373/3
0.880 0.880
0.330 374मि1/1 0.330
0.100 0.100
374मि2
0.100
0.100 374मि3
0.430
0.430 375
376
0.320
0.320
0.240 377
0.240
0.220
0.220 378
0.330 379 मिन-1 0.330
0.060 0.060
379 मिन-2
0.380
0.380 380/1
0.020
0.020 380/2
0.340 381
0.340
382
0.350
0.350 0.650
0.650 383/1
0.440
0.440 383/2
0.070 384/1
0.070.
0.070 384/2
0.070
0.020 385
0.020
386/1
0.690
0.690
0.690 386/2
0.690
0.690
0.690 386/3
387
0.157
0.150 0.460
0.460 388
0.440
0.440 389
0.020 390
0.020
0.510 391
0.510
0.720 392
0.720
393
2.770
2.770
0.020 0.020
394
395
0.020 0.020
0.120
397
0.120 0.550
0.550 398/1
0.150
0.150 398/2
1.640 1.640
399
400
0.260
0.260 1646
(1)
(2)
(3)
2.120
401
2.120 234/403
0.200
0.150 37/404
0.300
0.300 172/1
0.070
0.070
208.90 कुल रकबा 210.75
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- थर्मल ऊर्जा उत्पादन के उद्देश्य से निजी भूमि एवं उस पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं उपखण्ड अधिकारी , मझौली , जिला सीधी के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 96- भू- अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमिकी , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि निजी भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सीधी
(ख ) तहसील- मझौली
(ग) ग्राम- भुमका
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 165.270 हेक्टर.
खसरा नंबर
कुल रकबा (हे. में)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
[भाग 1 (1)
(2)
(3) 362
0.120
0.120 363
0.090
0.090 366
0.340
0.340 367
0.040
0.040 489
0.020
0.020 490
0.540
0.540 491
0.160
0.160 492
0.100
0.100 493
0.530
0.530 494
0.690
0.690 495
0.010
0.010 496
0.150
0.150 497
0.460
0.460 499
0.270
0.270 500
0.030
0.030 502
0.050
0.050 504
0.350
0.350 505
0.040
0.040 506
0.010
0.010 507
0.160
0.160 508
0.050
0.050 510
0.010
0.010 511
0.090
0.090
0.010
512
0.010 514
0.020
0.020 516
0.080
0.080 517/1
0.310
0.310 517/2
0.320
0.320
अर्जन हेतु रकबा
(हे. में)
(1)
(2)
(3) 346
0.050
0.050 348
0.280
0.280 350
0.740
0.740 352
0.370
0.370 353
1.030
1.030 354
2.180
2.180 356
0.740
0.740 357
1.450
1.450 358
1.350
1.350 359
1.540
1.540 360
0.010
0.010 361
0.040
0.040 517/3
0.320
0.320 517/4
0.320
0.320 517/5
0.160
0.160
517/6
0.160
0.160 518
0.080
0.080 521
0.080
0.080 524
0.090
0.090 526
0.530
0.530 527
2.350
2.350 528
0.280
0.280 529
0.080
0.080 530
0.080
0.080 531
0.230
0.230 532
0.160
0.160 भाग 1 ]
(2)
(3) (1)
533
0.150
0.150
534/1
0.100
0.100 534/2
0.100
0.100 535
0.180
0.180
0.440
536/1
0.440 536/2
0.440
0.440 536/3
0.220
0.220 536/4
0.220
0.220
0.880 536/5
0.880
537
0.130
0.130
0.400 538
0.400
539
0.180
0.180 540
0.150
0.150 541
0.060
0.060 542
0.210
0.210
543
2.330
2.330 544
0.060
0.060
0.010
545
0.010 546
0.370
0.370
0.100
0.100 547
548
0.010
0.010 549
0.390
0.390 550
0.020
0.020 551
0.710
0.710
552
0.300
0.300
0.430
0.430 554
555
0.050
0.050 556
0.160
0.160 557
0.120
0.120
0.020 558
0.020
0.010 559
0.010
0.400 560
0.400
0.510
0.510 561
0.780
562
0.780 563
0.420
0.420
0.710 564
0.710
565
0.740
0.740 566
0.400
0.400 567
0.430
0.430
0.420
568
0.420 569
0.390
0.390 570
0.700
0.700
1647
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(2)
(3) (1)
0.400 571
0.400
0.410 572
0.410
0.110 573
0.110
0.100 574
0.100
0.100 575
0.100
576
0.250
0.250
0.780
0.780
577
0.490
0.490
578
0.140
0.140 579
0.150
0.150
580
0.310 581
0.310
0.350 582
0.350
0.350 583
0.350
0.600
0.600
584
0.260 585
0.260
0.260
0.260
586
587
0.100
0.100
0.600 588
0.600
0.360
0.360
591
0.100
0.100
593
0.100
0.100 594
0.100
0.100
595
0.100
0.100 596
0.020
0.020
598
0.300 601/1
0.300
0.190 601/2
0.190
0.430
0.430 602
0.400 605
0.400
0.500 606
0.500
0.650
0.650
607
0.390 608
0.390
0.020
0.020 609
0.330 610
0.330
611
1.380
1.380
0.410 612
0.410
0.450 613
0.450
0.130 614
0.130
0.320 615
0.320
1.700
1.700
616
1.220 620
1.220
0.010
0.010
621
0.030 622
0.030 1648
(1)
(2)
(3) 623
1.590
1.590 624
0.630
0.630 625
0.810
0.810 626
0.050
0.050 1270
0.300
0.300 1271
0.330
0.330 1272
0.070
0.070 1273
0.580
0.580 1274
0.120
0.120 1275
0.090
0.090 1276
0.420
0.420 1277
1.350
1.350
0.310
0.160 1280tq
1291/1
0.310
0.310 1291/2
0.320
0.320 1292
0.420
0.420 1293/1
0.150
0.150 1293/2
0.290
0.290 1294
0.420
0:420 1295
0.180
0.180 1296
0.210
0.210 1297
0.160
0.160 1298
1.750
1.750 1299
0.910
0.910 1300
0.340
0.340 1303.
1.500
1.500 1304
0.460
0.460 1306
0.190
0.190 1307
0.370
0.370 1308
0.380
0.380 1309
0.040
0.040 1310
0.090
0.090 1311
0.800
0.800 1312 मि1
0.300
0.300 1312 मि2
0.060
0.060 1312 मि3
0.100
0.100 1313/1
1.000
1.000 1313/2
1.020
1.020 1316
0.770
0.770 1317
0.630
0.630 1318
0.170
0.170 1319
0.360
0.360
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
[भाग 1 (1)
(2)
(3) 1320
0.360
0.360 1321
0.360
0.360 1322
1.060
1.060 1323
0.930
0.930 .1324
0.360
0.360 1325/1
1.080
1.080 1331
0.220
0.220 1332
0.260
0.260 1333
0.350
0.350 1334
0.410
0.410 1336
0.360
0.360 1337
0.150
0.150 1338
0.240
0.240 1339
0.160
0.160 1340
0.350
0.350 1341
0.160
0.160 1343
0.300
0.300 1344
0.300
0.300 1345
1.210
1.210 1346
0.430
0.430 1347
0.390
0.390 1348
0.470
0.470 1349
0.100
0.100 1350/1
0.060
0.060 1350/2
0.060
0.060 1351/1
0.060
0.060 1351/2
0.050
0.050 1352
0.190
0.190 1353
0.080
0.080 1354
0.300
0.300 1355/1
0.100
0.100 1355/2
0.050 .
0.050 1355/3
0.050
0.050 1355/4
0.060
0.060 1356/1
0.130
0.130 1356/2
0.060
0.060 1356/3
0.060
0.060 1356/4
0.070
0.070 1357
1.020
1.020 1358
0.860
0.860 1359
0.390
0.390 1360
0.230
0.230 भाग 1 ]
(1)
(2)
(3) 1361
0.120
0.120 1362
0.150
0.150 1363
0.680
0.680 1364
0.580
0.580 1367
0.200
0.200
1368
0.330
0.330 1369/1
0.420
0.420 1369/2
0.230
0.230 1370/1
0.030
0.030 1370/2
0.050
0.050 1371
0.040
0.040 1372/1
0.040
0.040 1372/2
0.050
0.050 1372/3
0.040
0.040 1373/1
0.120
0.120 1373/2
0.110
0.110 1373/3
0.110
0.110 1374
0.910
0.910 1375
1.080
1.080 1376
1.910
1.910 1377
0.440
0.440 1378
1.870
1.870 1379
0.040
0.040 1380
1.370
1.370 1382
2.030
2.030 1384
0.490
0.490 1386
0.970
0.970 1387
0.660
0.660 1388/1
0.220
0.220 1388/2
0.180
0.180 1389
0.210
0.210
1390
0.380
0.380
1391
0.190
0.190 1392
0.190
0.190 1393
0.190
0.190 1395
0.180
0.180 1396
0.790
0.790 1397
0.450
0.450
0.460
1398
0.460 1400
1.040
1.040 1401
0.500
0.500 1402
1.540
1.540
1649
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
(3) 1403
0.570
0.570
0.700
1404
0.700 1405
1.130
1.130 1406
0.240
0.240 1407
0.240
0.240 1408
0.120
0.120
2.180
2.180 1409
1410
0.590
0.590 1411
0.350
0.350 1412
0.420
0.420
0.440
1413
0.440 1415
0.760
0.760
0.480
0.480 1416
1417
0.700
0.700 1418
0.740
0.740 1419
0.360
0.360 1420
0.200
0.200 1421
0.360
0.360 1422
0.170
0.170 1423
0.540
0.540 1424
0.370
0.370 1425/2
1.340
1.340 1426
0.420
0.420 1427
0.420
0.420 1428
0.890
0.890 1429
0.380
0.380
1430
1.210
1.210 1431
0.130
0.130 1432/1
0.080
0.080
1432/2
0.080
0.080 1432/3
0.090
0.090
0.080
1432/4
0.080 1433/1
0.170
0.170 1433/2
0.160
0.160 1434
0.210
0.210 1435
0.240
0.240 1436
0.700
0.700 1437
0.240
0.240 1438
0.370
0.370 1439
0.650
0.650 1440
0.080
0.080 1441
0.090
0.090 1650
(1)
(2)
(3) 1443
0.140
0.140
0.200
1444
0.200 1445/1
0.870
0.870 1445/2
0.610
0.610 1446
0.290
0.290 1447
0.250
0.250 1448
0.200
0.200 1449
0.320
0.320 1450
0.620
0.620 1452
0.560
0.560 1453
0.260
0.260 1454
0.050
0.050 1455
0.350
0.350 1456
0.250
0.250 1457
0.530
0.530 1458
0.540
0.540 1459
0.350
0.350 1460
0.240
0.240 1461
0.260
0.260 1462
0.160
0.160
1463
0.360
0.360 1464
1.160
1.160 1466
0.510
0.510
0.360
1467
0.360 1468
0.350
0.350 1469
0.680
0.680 1472/1
0.550
0.550 1472/2
0.390
0.390 1473
0.390
0.390 1474
0.390
0.390 1475
0.440
0.440 1476
0.410
0.410 1481
0.310
0.310 1482
0.510
0.510 1484
0.740
0.740
0.260
1485
0.260 1486
0.270
0.270 1487
0.370
0.370
1488
0.680
0.680 1489
0.250
0.250 1490
0.260
0.260 1491
3.730
3.730
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
(3) 1492
0.820
0.820
0.470 1493
0.470
1494
0.470
0.470 1496
0.670
0.670 1497/1
0.310
0.310 1497/2
0.300
0.300 1498
2.360
2.360 1500
0.020
0.020 1502
0.400
0.400 1505
0.540
0.540 1507
0.410
0.410 1508
0.780
0.780 1509
0.220
0.220 1510
0.280
0.280 4
1512
0.170
0.170 1513
0.250
0.250 1514
0.230
0.230 1515
0.210
0.210 1516
0.410
0.410 1517
0.480
0.480 1518
1.170
1.170 1519
0.590
0.590 1521
4.060
4.060 1522
2.320
2.320 1523/1
0.280
0.280 1523/2
0.280
0.280 1523/3
0.570
0.570 537/1527
0.110
0.110 587/1534
0.100
0.100
587/1535
0.090
0.090 587/1536
0.110
0.110
165.270 योग : 165.420
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- थर्मल ऊर्जा उत्पादन के उद्देश्य से निजी भूमि एवं उस पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं उपखण्ड अधिकारी मझौली, जिला सीधी के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एन. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .
भाग 1 ]
1651
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 26 जून 2010 क्र. 599 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि /शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-सीधी
(ख ) तहसील- सिहावल
(ग) ग्राम - अमरा
(घ) क्षेत्रफल-0.107
खसरा नंबर
(1)
रकबा (2) 316
0.027 317
0.080
योग : 0.107 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के नहर निर्माण में आने वाले ग्रामों की निजी भूमि तथा उस भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 601 - भू- अर्जन.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सीधी
(ख) तहसील- सिहावल
(ग) ग्राम-हिनौती
(घ ) क्षेत्रफल-0.020
खसरा नंबर
रकबा
(1)
(2)
0.020
840
योग : 0.020
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के नहर निर्माण में आने वाले ग्रामों की निजी भूमि तथा उस भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 603 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-सीधी
(ख ) तहसील- सिहावल
(ग) ग्राम- रजहा टीकर
(घ) क्षेत्रफल-0.060
रकबा (2)
खसरा नंबर (1) 306
0.060 योग : 0.060
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के नहर निर्माण में आने वाले ग्रामों की निजी भूमि तथा उस भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 605 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1652
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
क्र. 609 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
(क) जिला- सीधी
(ख ) तहसील- सिहावल
अनुसूची
(ग ) ग्राम-चमरौहा
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(घ ) क्षेत्रफल-0.41
(क) जिला-सीधी
खसरा नंबर
रकबा
(ख ) तहसील- सिहावल
(1)
(ग) ग्राम- कडियार
826
0.360
(घ) क्षेत्रफल-0.110
845
(2) 0.050
योग : 0.41
खसरा नंबर
(1)
258 257 256
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के नहर निर्माण में आने वाले ग्रामों की निजी भूमि तथा उस भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
रकबा (2) 0.020 0.070 0.020 योग : 0.110 (3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के नहर निर्माण में आने वाले ग्रामों की निजी भूमि तथा उस भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 607- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला--सीधी
(ख ) तहसील- सिहावल
क्र. 611 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -
(ग) ग्राम-रामनगर कला
(घ) क्षेत्रफल-0.080
अनुसूची
खसरा नंबर
रकबा
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सीधी
(1) 1373
(ख) तहसील- सिहावल
(2) 0.080 योग : 0.080
(ग) ग्राम-सवैचा
(घ) क्षेत्रफल -0.180
खसरा नंबर
रकबा (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के नहर निर्माण में आने वाले ग्रामों की निजी भूमि तथा उस भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(1) 144
0.180
(2) योग : 0.180 (3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
1653
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के नहर निर्माण में आने वाले ग्रामों की निजी भूमि तथा उस भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 613 - प्रका.- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया ..जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- सीधी
(ख ) तहसील- सिहावल
( ग) ग्राम-डिहुली टीकर, नं. 4
(घ) क्षेत्रफल-0.06 हेक्टर
खसरा नंबर (1)
रकबा ( हेक्टेयर में ) (2)
98 101
0.05 0.01 योग : 0.06
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिहावल वितरक नहर क्र. 2 की हौदा माइनर के निर्माण में आने वाले ग्रामों की निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 615- प्रका-भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आंवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- सीधी
(ख) तहसील- सिहावल
(ग) ग्राम-डिहुली खास
(घ) क्षेत्रफल-0.02 हेक्टर.
खसरा नंबर (1)
229
रकबा ( हेक्टेयर में ) (2) 0.02 योग : 0.02
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिहावल वितरक नहर क्र. 2 की हौदा माइनर के निर्माण में आने वाले ग्रामों की निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 617 - प्रका- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सीधी
(ख) तहसील- सिहावल
(ग ) ग्राम- चमारी सोनवर्षा
(घ ) क्षेत्रफल-0.26 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा ( हेक्टेयर में )
(2)
(1)
183
0.03
0.06
195
0.07
311
313
0.10
योग : 0.26
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिहावल वितरक नहर क्र. 2 की हौदा माइनर के निर्माण में आने वाले ग्रामों की निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
1654
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
रीवा, दिनांक 28 जून 2010
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की बोदा डिस्ट्रीब्यूटरी माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नवशा ( प्लान) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 551 - भू-अर्जन- 2005-06.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील- रायपुर कर्चुलियान
(ग) ग्राम-बेलहा वृत्त
(घ) क्षेत्रफल-1.754 हेक्टर.
क्र. 553- प्रका-भू-अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
खसरा नंबर
रकबा ( हेक्टेयर में)
अनुसूची
(1)
(2)
25में से
0.020
(1 ) भूमि का वर्णन-
23में से
0.004
(क) जिला-रीवा
27 में से
0.081
28 में से
(ख) तहसील- हुजूर
0.004
32में से
0.040
(ग) ग्राम- भाटी
26 में से
0.309
(घ) क्षेत्रफल-0.210 हेक्टर.
0.024
141 में से
खसरा नंबर
रकबा ( हेक्टेयर में ) 140 में से
0.020
(2)
(1)
139 में से
0.004
80में से
142में से
0.036
0.210 योग : 0.210 159में से
0.065
156 में से
0.032
143में से
0.004
160में से
0.182
158 में से
0.109
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की बोदा डिस्ट्रीब्यूटरी के अंतर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
155में से
0.040
157 में से
0.024
154में से
0.049
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
169 में से
0.198
320में से
0.101
322में से
0.008
321 में से
0.020
355 में से
0.032
319 में से
0.275
325 में से
0.008
33में से
0.004
क्र. 555 - भू-अर्जन- 05-06. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
योग : 1.693
अनुसूची
गैर खाते की भूमि
( 1 ) भूमि का वर्णन-
132में से
0.061
योग : 0.061
(क) जिला-रीवा
कुल योग : 1.754
(ख) तहसील- हुजूर भाग 1 ]
1655
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(ग) ग्राम-सोनौरा
(
घ ) लगभग क्षेत्रफल-6.151 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टेयर में ) (1)
(2) 582में से
0.308 581 में से
0.138 580 में से
0.012 579 में से
0.020 577 में से
0.053 578 में से
0.053 576 में से
0.049 712में से
0.004 575में से
0.061 548 में से
0.210 549में से
0.024 561 में से
0.020 562में से
0.085 563 में से
0.121
0.004 574में से
564 में से
0.061 573में से
0.057 572में से
0.059 565 में से
0.085 713 में से
0.008 1272में से
0.012 1274में से
0.012 571 में से
0.057 570 में से
0.061 567 में से
0.016
0.012 568 में से
0.057 569 में से
583 में से
0.032 613में से
0.016 688 में से
0.101 689 में से
0.101 690में से
0.555 691 में से
0.012 687 में से
0.004
0.121 711 में से
714में से
0.008 730में से
0.174 731 में से
0.231
0.073 732में से
733में से
0.016 720 में से
0.004 724 में से
0.008
(2)
(1)
0.012
723 में से
0.057
722में से
0.028
726 में से
0.154
727 में से
0.178
725 में से
1036 में से
0.020
1035 में से
0.057
0.036
1034 में से
0.020
1042में से
0.045
1043में से
1048 में से
0.036
0.012
1052में से
1201 में से
0.036
0.040
1044 में से
0.057
1045 में से
0.073
1046 में से
0.036
1047 में से
729में से
0.125
0.061
1051 में से
0.045
1198 में से
0.073
1199 में से
1200 में से
0.032
0.016
1202में से
0.146
1203 में से
0.028
1271 में से
0.158
1204 में से
0.138
1205 में से
0.040
1259 में से
0.032
1260 में से
0.073
1206 में से
1263 में से
0.073
0.004
1265 में से
0.008
1264 में से
1258 में से
0.121
0.036
1257 में से
1256 में से
0.036
0.129
1251 में से
1250 में से
0.024
1255 में से
0.101
0.081
1254 में से
0.008
1252 में से
0.032
1253 में से
0.057
1243 में से
0.008
1244 में से
0.053
1247 में से 1656
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2)
1248 में से
0.154
1037 में से
0.073
566 में से
0.077
712में से
0.006
1036 में से
0.004
योग : 6.054
म. प्र. शासन
522में से
0.057
कुल योग : 6.151
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की बोदा डिस्ट्रीब्यूटरी माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 557 - भू- अर्जन- 10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकताहै:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील-हुजूर
(ग) ग्राम- टिकुरी 224
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.913 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा ( हेक्टेयर में ) (1)
(2)
527में से
0.073
526 में से
0.040
528 में से
0.182
529में से
0.097
530में से
0.004
525में से
0.328
523 में से
0.020
481 में से
0.332
480में से
0.008
496 में से
0.008
482में से
0.348
(2)
(1) .
486 में से
0.061
485में से
0.053
487 में से
0.049
421/1 में से
0.057
488 में से
0.028
422में से
0.174
280में से
0.012
418 में से
0.057
390में से
0.04
391 में से
0.053
392में से
0.049
393में से
0.045
385में से
0.081
384 में से
0.016
382में से
0.081
381 में से
0.061
380में से
0.093
281 में से
0.089
283में से
0.004
370में से
0.073
0.117
279 में से
278 में से
0.154
276 में से
0.121
275 में से
0.125
274 में से
0.206
292में से
0.049
293 में से
0.028
294में से
0.032
295 में से
0.032
273 में से
0.113
280में से
0.116
योग : 3.609
म.. प्र. शासन
484में से
0.162
273में से
0.114
200 में से
0.028
योग : 0.304
कुल योग : 3.913
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यक ता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की टिकुरी माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
1657
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
क्र. 559 - भू- अर्जन- 05-06. चूंकि, राज्यशासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- हुजूर
(ग ) ग्राम- टिकुरी 225
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.476 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा ( हेक्टेयर में ) (1)
(2)
76 में से
0.105
73में से
0.085
240 में से
0.142
0.105
75में से
74में से
0.004
91में से
0.032
246 में से
0.097
92में से
0.049
93में से
0.065
68 में से
0.093
67 में से
0.077
66 में से
0.049
65में से
0.093
121में से
0.567
254 में से
0.020
253 में से
0.105
248 में से
0.069
242में से
0.097
197 में से
0.032
191 में से
0.008
192में से
0.170
174 में से
0.223
175में से
0.049
0.057
196 में से
194में से
0.049
195 में से
0.010
योग : 2.452
(2)
(1)
म.प्र . शासन
114में से
0.024
योग : 0:024
कुल योग : 2.476
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की टिकुरी माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी /शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 561 - भू-अर्जन- 05-06 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- हुजूर
(ग ) ग्राम- अनन्तपुर
( घ) लगभग क्षेत्रफल-6.213 हेक्टेयर .
खसरा नंबर
रकबा ( हेक्टेयर में ) (1)
(2)
386 में से
0.034
405में से
0.214
404में से.
0.049
403 में से
0.247
402में से
0.024
450में से
0.016
449में से
0.162
448 में से
0.016
446 में से
0.081
447 में से
0.089
445 में से
0.016
444में से
0.049
435में से
0.040
443 में से
0.045
0.016
442में से 1658
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(1)
(2) 421में से
0.065
0.073 437 में से
441 में से
0.089
0.008 440में से
422 में से
0.040 438 में से
0.049 423 में से
0.028 431 में से
0.004 434 में से
0.024 433में से
0.032 514में से
0.178 513में से
0.109 529में से
0.178 530में से
0.040 531 में से
0.219 532में से
0.008 573में से
0.125 574में से
0.125 579में से
0.320 568 में से
0.016 567 में से
0.227 564 में से
0.057 605 में से
0.121 606 में से
0.081
0.045 604में से
603 में से
0.053 602में से
0.049 272में से
0.036 273 में से
0.012
0.340 607 में से
608 में से
0.018
0.040 270में से,
0.024 271 में से
274में से
0.004 265 में से
0.154
0.182 263 में से
264 में से
0.053 277 में से
0.170 259 में से
0.113 258में से
0.129 257 में से
0.081
(2)
(1)
0.097
256 में से
0.142
107 में से
0.081
108 में से
109में से
0.138
0.012-
110 में से
0.243
112में से
113में से
0.010
0.020
114 में से
115में से
0.069
0.097
11.6 में से
0.024
117 में से
119में से
0.081
0.004
92में से
0.036
118 में से
120में से
0.028
121 में से
0.004
0.101
90में से
0.012
88 में से
0.101
80 में से
275में से
0.004
0.020
276 में से
111 में से
0.016
0.004
262में से
512में से
0.004
0.004
420में से
योग : 6.169
म.प्र. शासन
89में से
0.028
81में से
0.016
योग : 0.044
कुल योग 6.213
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की अजगरहा माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
1659
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
क्र. 563 - भू- अर्जन- 05-06.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु..
आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील- हुजूर
(ग) ग्राम-अजगरहा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.479 हेक्टर
खसरा नंबर
रकबा ( हेक्टेयर में )
(2)
(1)
0.042
1060 में से
1061 में से
0.130
1052में से
0.054
1051 में से
0.022
1030में से
0.010
1031 में से
0.014
1032में से
0.190
1028 में से
0.130
1027 में से
0.101
1025 में से
0.051
1024 में से
0.061
1023 में से
0.130
978 में से
0.134
993में से
0.069
992में से
0.008
991 में से
0.110
0.030
982में से
986 में से
0.002
0.081
985 में से
967 में से
0.042
966 में से
0.049
945 में से
0.051
946 में से
0.061
0.014
944में से
0.049
943में से
0.057
940में से
(2)
(1)
0.097
938में से
0.028
935 में से
. 0.028
934में से
0.014
930में से
0.045
933में से
932में से
0.036
0.040
420 में से
409 में से
0.016.
0.026
410में से
0.086
419में से
0.006
418 में से
0.008
413में से
0.026
414में से
411 में से
0.148
0.126
412में से
322 में से
0.338
0.061
324 में से
0.014
323में से
338 में से
0.130
0.134
343में से
0.093
344में से
345 में से
0.030
0.028
346 में से
347 में से
0.036
'1050 में से
0.004
1033 में से
0.004
1062में से
0.061 योग : '3.367
म.प्र. शासन
0.054
1052में से
419में से
0.028
0.006
1059 में से
329में से
0.024 योग : 0.112 कुल योग : 3.479
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यक ता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की अजगरहा माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
1660
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
क्र. 565 - भू-अर्जन-10-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया ' जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
क्र. 567- भू-अर्जन- 05-06. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि, सार्वजनिकं प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- हुजूर
(क) जिला-रीवा
(ग ) ग्राम- इटहा चौथ 1/2
( ख ) तहसील- हुजूर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.651 हेक्टर
(ग) ग्राम- इटहा चौथ 2/2
खसरा नंबर
रकबा ( हेक्टेयर में )
(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.320 हेक्टर
(1)
(2)
खसरा नंबर
61 में से
0.121
रकबा ( हेक्टेयर में) 62में से
0.162
(2)
(1)
63में से
0.324
395 में से
0.028 65 में से
0.105
0.020
394में से
70में से
0.243
396 में से
0.024 71 में से
0.008
391 में से
0.121 77 में से
0.146
306 में से
0.166 84में से
0.040
309 में से
0.069 85में से
0.032
310में से
0.069 86 में से
0.004
389में से
0.061 87 में से
0.040
390में से
0.024 99में से
0.235
0.166
388 में से
97 में से
0.162
383 में से
0.089 89में से
0.004
386 में से
0.004 96 में से
0.210
384 में से
0.121 161 में से
0.096
380में से
0.146 162में से
0.036
557 में से
0.024 163 में से
0.243
164 में से
556 में से
0.020
0.004 166 में से
0.004
559में से
0.239 144 में से
0.344
560 में से
0.336 165 में से
0.004
558 में से
0.020 345 में से
586 में से
0.012 0.040 योग : 2.623
585 में से
0.024 म.प्र . शासन
0.206
579में से
76 में से
670में से
0.129
669 में से
0.028 कुल योग : 2.651
0.008
686 में से
0.121
672में से
0.016
671 में से
0.032
665 में से
0.016 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की इटहा माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
664 में से
0.166
663 में से
0.032 ( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
1661
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2010
(2)
(1)
662में से
0.235
777 में से
0.020
778 में से
0.283
781 में से
0.081
780 में से
0.016
782में से
0.174
788 में से
0.190
786 में से
0.170
787 में से
0.016
792में से
0.198
727 में से
0.020
726 में से
0.125
725में से
0.093
724 में से
0.004
723 में से
0.045
0.024
722 में से
721 में से
0.129
718 में से
0.032
714में से
0.194
713 में से
0.012
705 में से
0.121
704 में से
0.020
349 में से
0.385
348 में से
0.024
351 में से
0.004
0.022
350 में से
345 में से
0.134
योग : 5.264
म. प्र. शासन
387 में से
0.024
578 में से
0.032 योग : 0.056 कुल योग : 5.320
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की बोदा डिस्ट्रब्यूटरी एवं इटहा माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 569 - भू-अर्जन- 05-06. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णितं भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- हुजूर
(ग) ग्राम- उकठी उर्फ हरिहरपुर 45
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.612 हे.
खसरा नंबर
रकबा ( हेक्टेयर में ) (1)
(2)
127 में से
0.166
128में से
0.012
135 में से
0.138
136 में से
0.004
0.069
137 में से
138 में से
0.008
139में से
0.098
-0.117
141 में से
योग : 0.612
(2) सार्वजनिक प्रयोजन. जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की इटहा माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 571 - प्रका.- भू-अर्जन-10-11. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- रीवा
(ख ) तहसील- हुजूर
(ग) ग्राम- सगरा 1662
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.154 हे .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , भिण्ड, जिला भिण्ड में किया जा सकता है.
खसरा नंबर
(1)
रकबा ( हेक्टेयर में ) (2)
1071 में से
0.154
योग : 0.154
(4) संभागीय प्रबंधक, म. प्र. रोड डेवलपमेन्ट कार्पोरेशन लिमि. संभाग , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की सगरा माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. क्यू-कोर्ट- कले. राजस्व भू-अर्जन-02-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- भिण्ड
कार्यालय , कलेक्टर, जिला भिण्ड, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
(ख) तहसील- भिण्ड
भिण्ड, दिनांक 30 जून 2010
(ग ) ग्राम- विलाव
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.043 हेक्टेयर
सर्वे नंबर (1) 1403
अर्जित रकबा ( हेक्टेयर में ) (2) 0.043 योग : 0.043 क्र. क्यू-कोर्ट- कले. राजस्व भू- अर्जन- 01-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है - भिण्ड- गोपालपुरा मार्ग का मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य हेतु.
(क) जिला- भिण्ड
(ख) तहसील- भिण्ड
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , भिण्ड, जिला भिण्ड में किया जा सकता है .
(ग) ग्राम-अकोड़ा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.683 हे .
सर्वे नंबर
(4) संभागीय प्रबंधक, म. प्र. रोड डेवलपमेन्ट कार्पोरेशन लिमि. संभाग, ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकताहै .
(1) 3025 3026 7053
अर्जित रकबा ( हे. में ) (2) 0.497 0.155 0.031 योग : 0.683
क्र. क्यू-कोर्ट- कले. राजस्व भू- अर्जन- 03-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- भिण्ड- गोपालपुरा मार्ग का मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य हेतु.
भाग 1 ]
1663
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- भिण्ड- गोपालपुरा मार्ग का मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य हेतु.
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , भिण्ड, जिला भिण्ड में किया जा सकता है.
(क) जिला- भिण्ड
(ख) तहसील- भिण्ड
(ग) ग्राम- ऊमरी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.200 हेक्टेयर
(4) संभागीय प्रबंधक, म. प्र. रोड डेवलपमेन्ट कार्पोरेशन लिमि. संभाग , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकताहै .
सर्वे नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
2426
0.200 योग : 0.200
क्र. क्यूं-कोर्ट-कले. राजस्व भू- अर्जन- 05-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- भिण्ड- गोपालपुरा मार्ग का मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य हेतु.
अनुसूची
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , भिण्ड, जिला भिण्ड में किया जा सकता है .
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- भिण्ड
(ख) तहसील-भिण्ड
(ग) ग्राम-खैराश्यामपुर
(4) संभागीय प्रबंधक, म. प्र . रोड डेवलपमेन्ट कार्पोरेशन लिमि. संभाग , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकताहै .
( घ) लगभग क्षेत्रफल - 0.381 हेक्टेयर
अर्जित रकबा ( हेक्टेयर में ) (2) 0.415 0.190
सर्वे नंबर (1) 1146 1148 1133
0.046 योग : 0.381 क्र. क्यू-कोर्ट- कले. राजस्व भू-अर्जन-04-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के . पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- भिण्ड गोपालपुरा मार्ग का मज़बूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य हेतु.
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- भिण्ड
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , भिण्ड, जिला भिण्ड में किया जा सकता है.
(ख ) तहसील-भिण्ड
(ग) ग्राम-ढ़ोचरा
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.081 हेक्टेयर
(4) संभागीय प्रबंधक, म. प्र. रोड डेवलपमेन्ट कार्पोरेशन लिमि. संभाग , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
अर्जित रकबा ( हेक्टेयर में) (2)
सर्वे नंबर (1) 560
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रघुराज राजेन्द्रन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
0.081 योग : 0.081 [भाग 1 1664
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रायसेन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रायसेन, दिनांक 7 जुलाई 2010
प्र. क्र. 3- अ - 82-2009-10 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची केखाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है:-
अनुसूची
धारा 4 की उपधारा सार्वजनिक प्रयोजन भूमिका वर्णन
कावर्णन जिला
ग्राम
(2) द्वारा प्रधिकृत अधिकारी
खसरा नम्बर
कुल रकबा
अर्जित किये जानेवाला
तहसील/ तालुका
(हेक्टर में ) रकबा ( हे . में)
(4)
(6)
(5)
तालाब
0.757
159/2
0.925
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन
(2) बेगमगंज
(3) साजखेड़ा
(1) रायसेन
योजना.
1.975
156/1
1.975
संभाग, रायसेन.
1.853
1.380
143/1
1.369
0.481
144, 145, 146
0.926
159/3
0.926
156/2/2
4.711
3.456
0.219 0.219
143/2
1.729
1.729
153, 154/1/1/1
1.401
1.401
153, 154/1/3
0.283
0.283
168/143
1.336
1.336
153, 154/1/2
1.251
153, 154/1/2/2 1.251
0.368
0.368
152
0.372
0.372
153, 154/2
150
0.628 0.121
1.012
143/3
1.165
0.137
148
0.943
0.040
0.210
147
0.128
0.128
162, 145/2
1.437
4.108
22
शाहपुर सुल्तानपुर
2.602
20/2
0.016
0.413 0.137
12/2
7.119
0.728
17, 18/1
7.123 1.335
17, 18/2
21/1
1.768 0.809
1.768 0.850
21/2
1.214
1.044
23/2
0.243
0.405
23/1/2
0.607
23/3
0.809
0.485
0.627
15/1
15/2
0.057
0.788
1.311
0.364
15/3.
0.405
1.342
7/5
0.405
0.211
9/5
0.413
12/1
0.389
26.489
53.007
योग ..
(2 ) भूमि का नक्श ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , बेगमगंज में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
सुनीता त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.