पंजी. क्रमांक भोपाल डिवीजन म. प्र. - 108- भोपाल- 09-11 .
मध्यप्रदेश शासन
मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल डाक परिमंडल, के पत्र क्रमांक 22/153, दिनांक 10-1-06 द्वारा पूर्व भुगतान योजनान्तर्गत डाक व्यय की पूर्व अदायगी डाक द्वारा भेजे जाने के लिए अनुमत.
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 34]
भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 20 अगस्त 2010- श्रावण 29 , शक 1932
विषय-सूची
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश ,
(2) सांख्यिकीय सूचनाएं,
भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4 ) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट .
(ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम ,
(3) संसद् के अधिनियम,
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, (2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
ग्रामोद्योग विभाग को दिनांक 16 से 20 अगस्त 2010 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 14 , 15 एवं 21 , 22 अगस्त 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल , दिनांक 4 अगस्त 2010
(2) श्रीमती आई. एम. चहल की अवकाश की अवधि में श्री सत्यप्रकाश , आयएएस. , अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, ग्रामोद्योग विभाग का प्रभार सौंपा जाता है.
क्र. ई. - 1-79-2010-5- एक. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 27 जुलाई 2010 की तालिका के पद 2 जिसके द्वारा सुश्री स्वाती मीणा, भाप्रसे ( 2007 ) , सहायक कलेक्टर, ग्वालियर को अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , सिहोरा, जिला जबलपुर पदस्थ किया गया है में आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , महू, जिला इन्दौर पदस्थ किया जाता है . '
(3) अवकाश से लौटने पर श्रीमती आई. एम. चहल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन , ग्रामोद्योग विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
क्र. ई. - 5-267- आयएएस लीव एक 5.-( 1 ) श्रीमती आई. एम. चहल, आयएएस , अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन ,
2039
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2010 .
2040
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
[भाग 1
भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 2010 ( 4) श्रीमती आई. एम . चहल द्वारा अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन, ग्रामोद्योग विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री सत्यप्रकाश, ग्रामोद्योग विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे .
क्र. ई. - 1-300-2010-5- एक. नीचे तालिका के खाना 2 में दर्शाये भाप्रसे के अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष खाना 3 में दर्शाये गए पद पर, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है:-
( 5 ) अवकाशकाल में श्रीमती आई. एम . चहल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था .
क्रमांक
नवीन पदस्थापना
(1)
अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना (2)
(3) (6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती आई. एम. चहल अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.
1
सचिव , भोपाल, दिनांक 5 अगस्त 2010
मध्यप्रदेश शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग.
श्री बी. आर. नायडू ( 1986 ) , आयुक्त, लोक शिक्षण तथा सचिव, मध्यप्रदेश शासन , स्कूल शिक्षा विभाग .
2 श्री ए. के. बर्णवाल ( 1991 ) , पदस्थापना के लिए प्रतीक्षारत.
क्र. ई. - 5-486- आयएएस-लीव-5 - एक. ( 1 ) श्री विनोद चन्द्र सेमवाल, आयएएस. , वि.क.अ. सह- आयुक्त, उद्योग मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य उद्योग निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य वस्त्र निगम को दिनांक 19 अगस्त से 4 सितम्बर 2010 तक सत्रह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
आयुक्त, लोक शिक्षण तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग.
3
कमिश्नर,
शहडोल संभाग , शहडोल .
श्री प्रदीप खरे ( 1992 ) , सचिव , मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन .
(2) श्री विनोद चन्द्र सेमवाल की अवकाश की अवधि में श्री अनिल कुमार जैन, आयएएस. , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश ट्रेड एण्ड इंवेस्टमेंट फेसिलिटेशन कार्पोरेशन लि. ( ट्रायफेक ) को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, वि.क.अ.- सह- आयुक्त, उद्योग मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य उद्योग निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य वस्त्र निगम का प्रभार सौंपा जाता है .
(2) डॉ. व्ही. एस. निरंजन, भाप्रसे ( 1990 ) , सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ, आगामी आदेश तक, सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.
(3) उपरोक्तानुसार श्री प्रदीप खरे, भाप्रसे ( 1992 ) द्वारा कमिश्नर, शहडोल संभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर डॉ. रवीन्द्र पस्तौर, भाप्रसे ( 1992) , कमिश्नर, रीवा संभाग एवं शहडोल संभाग केवल कमिश्नर, शहडोल संभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे .
( 3) अवकाश से लौटने पर श्री विनोद चन्द्र सेमवाल को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न वि.क.अ- सह- आयुक्त, उद्योग मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य उद्योग निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य वस्त्र निगम के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
भोपाल, दिनांक 7 अगस्त 2010 (4) श्री विनोद चन्द्र सेमवाल द्वारा वि.क.अ- सह- आयुक्त, उद्योग मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य उद्योग निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य वस्त्र निगम का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अनिल कुमार जैन, वि.क.अ- सह- आयुक्त, उद्योग मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य उद्योग निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य वस्त्र निगम के प्रभार से मुक्त होंगे.
क्र. ई. - 5-544- आयएएस लीव - एक - 5.- ( 1 ) श्री प्रवीण गर्ग , आयएएस. , आयुक्त, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मण्डल, भोपाल को दिनांक 13 अगस्त से 4 सितम्बर 2010 तक तेईस दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 5 सितम्बर 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .
(5 ) अवकाशकाल में श्री विनोद चन्द्र सेमवाल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री विनोद चन्द्र सेमवाल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री प्रवीण गर्ग को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मण्डल , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
2041
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
भाग 1 ]
(3 ) अवकाशकाल में श्री प्रवीण गर्ग को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रवीण गर्ग अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
भोपाल, दिनांक 9 अगस्त 2010
क्र. ई. -5-814- आयएएस- लीव - 5- एक. ( 1 ) श्रीमती उर्मिल मिश्रा , आयएएस. , अपर आयुक्त, भोपाल संभाग , भोपाल को दिनांक 5 से 11 अगस्त 2010 तक सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती उर्मिल मिश्रा को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर आयुक्त, भोपाल संभाग, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्रीमती उर्मिल मिश्रा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती उर्मिल मिश्रा अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.
भोपाल, दिनांक 10 अगस्त 2010
क्र. ई- 5-690 - आयएएस लीव-5- एक. -( 1 ) श्री अनिरूद्ध मुकर्जी, आयएएस. , सचिव , मध्यप्रदेश शासन , परिवहन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को दिनांक 16 से 20 अगस्त 2010 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 15 एवं 21 , 22 अगस्त 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दीजाती है .
(2) अवकाश से लौटने पर श्री अनिरूद्ध मुकर्जी को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव , मध्यप्रदेश शासन , परिवहन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3) अवकाशकाल में श्री अनिरूद्ध मुकर्जी को . अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अनिरूद्ध मुकर्जी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
भोपाल, दिनांक 11 अगस्त 2010
क्र. ई- 5-562 - आयएएस- लीव - एक -5.-( 1 ) श्री जे. एन. कांसोटिया, आयएएस. , आयुक्त, स्वास्थ्य सेवाएं, मध्यप्रदेश , भोपाल को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 30 जून 2010 द्वारा दिनांक 12 से 16 जुलाई 2010 तक पांच दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश का उपभोग नहीं किये जाने के कारण एतद्वारा निरस्त किया जाता है. अतः अब उन्हें दिनांक 16 से 23 अगस्त 2010 तक आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश केसाथ दिनांक 14 , 15 एवं 24 अगस्त 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .
(2) श्री जे. एन. कांसोटिया की अवकाश की अवधि में डॉ. मनोहर अगनानी , आयएएस. , मिशन संचालक, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्यमिशन ( एनआरएचएम ) को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, आयुक्त, स्वास्थ्य सेवाएं, मध्यप्रदेश , भोपाल का प्रभार सौंपा जाता है.
(3) अवकाश से लौटने पर श्री जे . एन. कांसोटिया को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं, मध्यप्रदेश , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री जे. एन. कांसोटिया द्वारा आयुक्त, स्वास्थ्य सेवाएं, मध्यप्रदेश, भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर डॉ. मनोहर अगनानी , आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं, मध्यप्रदेश , भोपाल के प्रभार से मुक्त होंगे .
(5 ) अवकाशकाल में श्री जे. एन. कांसोटिया को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री जे. एन. कांसोटिया अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.
भोपाल, दिनांक 5 अगस्त 2010
क्र. ई- 5-666- आयएएस लीव-5- एक. ( 1 ) श्री व्ही. एस. निरंजन , आयएएस. , सचिव मध्यप्रदेश शासन , खेल एवं युवा कल्याण विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 15 मार्च 2010 द्वारा दिनांक 24 मई से 5 जून 2010 तक तेरह दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश के अनुक्रम में उन्हें दिनांक 6 से 8 जून 2010 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.
2042
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
भोपाल, दिनांक 9 अगस्त 2010
क्र. ई- 5-501- आयएएस लीव - 5- एक.- ( 1 ) श्री बी. आरः नायडू, आयएएस. , आयुक्त, लोक शिक्षण तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 31 जुलाई 2010 द्वारा दिनांक 6 से 31 जुलाई 2010 तक छब्बीस दिन के स्वीकृत एक्स इंडिया अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन कर, अब उन्हें दिनांक 6 से 24 जुलाई 2010 तक उन्नीस दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 25 जुलाई 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(2) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 31 जुलाई 2010 की शेष कंडिकाएं यथावत रहेंगी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. सी. पंत , अवर सचिव.
भोपाल, दिनांक 11 अगस्त 2010
क्र. ई- 5-559- आयएएस- लीव- 5- एक.- ( 1 ) श्री आशीष उपाध्याय, आयएएस. , तत्का. आयुक्त, उच्च शिक्षा एवं पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , उच्च शिक्षा विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 13 जुलाई 2010 द्वारा दिनांक 7 से 12 जुलाई 2010 तक छः दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 8 से 12 जुलाई 2010 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .
क्र. ई- 5-787 - आयएएस- लीव - 5 - एक.- ( 1 ) श्रीमती राजकुमारी खन्ना, आयएएस. , अपर आयुक्त, इन्दौर संभाग , इन्दौर को दिनांक 13 से 21 जुलाई 2010 तक नौ दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .
(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती राजकुमारी खन्ना को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर आयुक्त, इन्दौर संभाग , इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्रीमती राजकुमारी खन्ना को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती राजकुमारी खन्ना अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.
क्र. ई. - 5-267- आयएएस- लीव- एक- 5.- ( 1 ) श्रीमती आई. एम. चहल, आयएएस , अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन,
[ भाग 1 ग्रामोद्योग विभाग को दिनांक 29 जुलाई से 2 अगस्त 2010 तक पांच दिन का लघुकृत अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
( 2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती आई. एम. चहल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन , ग्रामोद्योग विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
( 3) अवकाशकाल में श्रीमती आई. एम. चहल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती आई . एम. चहल अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.
क्र. ई - 5-827 - आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री श्रीमन शुक्ला, आयएएस. , अनुविभागीय अधिकारी , शुजालपुर जिला शाजापुर को दिनांक 13 अक्टूबर से 6 नवम्बर 2009 तक पच्चीस दिन के लघुकृत अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है .
(2). अवकाश से लौटने पर श्री श्रीमन शुक्ला को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अनुविभागीय अधिकारी , शुजालपुर जिला शाजापुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्री श्रीमन शुक्ला को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
( 4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री श्रीमन शुक्ला अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एस. तोमर, अवर सचिव.
भोपाल , दिनांक 9 अगस्त 2010
क्र. एफ ए- 5-8-2010 - एक ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति श्री के. एस. चौहान, मध्यप्रदेश , उच्च न्यायालय , जबलपुर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है: -
अ.क्र . अवकाश कुल दिन
अवधि
अवकाश का प्रकार अभियुक्ति
07
1. 20-3-2010 से
26-3-2010
पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा , उपसचिव.
भाग 1 ]
2043
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
सामान्य प्रशासन विभाग ( सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ ) मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल , दिनांक 4 अगस्त 2010
एफ- 11-36-06- सूअप्र- एक 9. राज्य शासन, एतद्वारा समसंख्यक आदेश दिनांक 28 जून 2010 में आंशिक संशोधन करते हुए, माननीय श्री पद्मपाणि तिवारी , मुख्य सूचना आयुक्त, मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग , भोपाल को दिनांक 11 एवं 14 जून 2010 का दो दिन का आकस्मिक अवकाश के साथ दिनांक 11 से 14 जून 2010 तक कुल चार दिवस की एल . टी. सी. यात्रा की अनुमति प्रदान करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. एस. पगारे, उपसचिव.
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 5 अगस्त 2010
क्र. एफ- 5-14-2010- उन्तीस- 2.- उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 ( 1986 की सं. 68 ) की धारा 10 की उपधारा ( 1 - क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा , मध्यप्रदेश, उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारियों, जिनकी सेवाएं विधि विधायी कार्य विभाग के आदेश क्रमांक एफ-17 ( ई ) 51-2005- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 20 जुलाई 2010 द्वारा इस विभाग को प्रतिनियुक्ति पर सौंपी गई है , को चयन समिति की अनुशंसा पर अध्यक्ष जिला उपभोक्ता फोरम के पद पर अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, प्रतिनियुक्ति पर उनके नाम के सामने दर्शाये गये स्थान पर उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है .
क्रमांक
पदस्थापना स्थान (1)
(3) न्यायिक अधिकारी का नाम (2)
1
अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम-जबलपुर.
श्री नरेन्द्र कुमार सत्संगी, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश , राजगढ़ के अतिरिक्त न्यायाधीश , राजगढ़ .
अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता फोरम- रतलाम. विवाद प्रतितोषण 2 श्री करन सिंह भण्डारी , न्यायाधीश, मण्डेलश्वर. प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक दास , प्रमुख सचिव.
आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल , दिनांक 7 अगस्त 2010
क्र. एफ-7-27-2006- बत्तीस- एक. मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 40 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन द्वारा श्री भगवानदास धूत को कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से दो वर्ष की अवधि के लिए विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण , पचमढ़ी के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , रामेश्वर गुप्ता , उपसचिव.
श्रम विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 11 अगस्त 2010
क्र. एफ-1 (ए) -10-2004- ए- सोलह. मध्यप्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम, 1960 ( क्रमांक 27 सन् 1960 ) की धारा 9 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा , न्यायमूर्ति श्री एस. ए. नकवी , सेवानिवृत्त न्यायाधीश , मध्यप्रदेश, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश को मध्यप्रदेश औद्योगिक न्यायालय के अध्यक्ष के रूप में, कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है.
No. F- 1 (A) -10-2004- A- XVI. In exercise of powers conferred by sub - section 9 of the Madhya Pradesh Industrial Relations Act , 1960 ( No. 27 of the 1960) the State Government hereby appoints Justice Shri S. A. Naqvi , Retired Judge of Madhya Pradesh High Court, as President of the Madhya Pradesh Industrial Courts with effect from the date he takes over charge .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पुखराज मारू , प्रमुख सचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 11 अगस्त 2010
फा. क्र. 1 ( बी ) -1-2005- इक्कीस ब ( दो ) . - राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 31 अगस्त 2005 द्वारा नियुक्त श्री जे . पी. श्रीवास्तव, अति. शास. अभिभाषक/ अति. लोक अभियोजक, सागर सत्र खण्ड के सागर राजस्व जिले के सागर का कार्यकाल दिनांक 10 अगस्त 2010 से तीन वर्ष 9 अगस्त 2013 तक 2044
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
वृद्धि करता है. यह वृद्धि इस शर्त के अधीन है कि यह नियुक्ति एक माह का सूचना- पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 (बी) -15-2004- इक्कीस- ब ( दो ) .- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 11 अक्टूबर 2004 द्वारा नियुक्त श्री सौभाग्य सिंह राजपूत, अति. शास . अभिभाषक/ अति. लोक अभियोजक, अशोकनगर सत्र खण्ड के अशोकनगर राजस्व जिले के मुंगावली का कार्यकाल समाप्त होने के दिनांक 11 अक्टूबर 2008 से तीन वर्ष 10 अक्टूबर 2011 तक वृद्धि करता है . यह वृद्धि इस शर्त के अधीन है कि यह नियुक्ति एक माह का सूचना- पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है .
फा. क्र. 17 (ई ) -489-2008- इक्कीस- ब ( दो ) दिनांक 20 अगस्त 2008 द्वारा श्री जे . पी. पटेरिया, अधिवक्ता, निवासी म . नं. 666, मदन महल चौक, नरसिंह वार्ड, जिला जबलपुर को जिला मुख्यालय , जबलपुर में नोटरी व्यवसाय करने हेतु नोटरी व्यवसाय प्रमाण - पत्र जारी किया गया था, परन्तु उनकी दिनांक 16 अप्रैल 2010 को मृत्यु हो जाने के कारण आदेश जारी होने की दिनांक से जिला मुख्यालय, जबलपुर में नोटरी व्यवसाय करने का नोटरी व्यवसाय प्रमाण- पत्र निरस्त किया जाता है तथा उनका नाम नोटरी पंजीयन रजिस्टर से विलोपित किया जाता है .
भोपाल , दिनांक 13 अगस्त 2010
फा. क्र. 17 (ई ) -16-2007 - इक्कीस ब ( दो ) .-दिनांक 6 मार्च 2007 द्वारा श्री शंकरलाल सेन, अधिवक्ता, निवासी सिनेमा रोड, तहसील जुन्नारदेव, जिला छिन्दवाड़ा को तहसील जुन्नारदेव में नोटरी व्यवसाय करने हेतु नोटरी व्यवसाय प्रमाण- पत्र जारी किया गया था, परन्तु रिट याचिका क्रमांक 2946/2007 रामदत्त भाण्डेरकर एवं एक अन्य विरुद्ध शासन एवं अन्य में माननीय उच्च न्यायालयं, जबलपुर द्वारा पारित आदेश दिनांक 8 मई 2009 के पालन में आदेश जारी होने की दिनांक से तहसील जुन्नारदेव में नोटरी व्यवसाय करने का प्रमाण- पत्र निरस्त किया जाता है तथा उनका नाम नोटरी पंजीयन रजिस्टर से विलोपित किया जाता है.
फा. क्र. 17 (ई ) -17-2007 - इक्कीस ब ( दो ) .- दिनांक 6 मार्च 2007 द्वारा श्री तरूण कुमार जैन, अधिवक्ता, निवासी स्टेशन रोड, तहसील जुन्नारदेव , जिला छिन्दवाड़ा को तहसील जुन्नारदेव में नोटरी व्यवसाय करने हेतु नोटरी व्यवसाय प्रमाण- पत्र जारी किया गया था, परन्तु रिट याचिका क्रमांक 2946/2007 रामदत्त भाण्डेरकर एवं एक अन्य विरुद्ध शासन एवं अन्य में माननीय उच्च न्यायालय , जबलपुर द्वारा पारित आदेश दिनांक 8 मई 2009 के पालन में आदेश जारी होने की दिनांक से तहसील जुन्नारदेव में नोटरी व्यवसाय करने का प्रमाण-पत्र निरस्त किया जाता है तथा उनका नाम नोटरी पंजीयन रजिस्टर से विलोपित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान , सचिव.
[ भाग 1 किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल, दिनांक 12 अगस्त 2010
क्र. डी- 15-22-2010 - चौदह - 3.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 ( 24 सन् 1973) की धारा 5 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 145-13, दिनांक 9 जून 1953 द्वारा जिला उज्जैन में स्थापित कृषि उपज मण्डी समिति बड़नगर मंडी क्षेत्र के निम्नलिखित स्थान पर बनी समस्त संरचना, अहाता , खुला स्थान या परिक्षेत्र को मण्डी प्रांगण घोषित करती है:-
स्थान
नगरपालिका बड़नगर, तहसील बड़नगर, जिला उज्जैन के निम्नलिखित खसरा क्रमांक की 6.000 हेक्टर भूमि का क्षेत्रः- खसरा क्रमांक
क्षेत्रफल ( हेक्टर में) (2)
क्रमांक (1)
(3) 1
271/2
0.209 2
271/1
0.105 3
272/2/1
1.620 4
287/2/2
0.052
0.390 287/1/1/3
5
282/2/1
0.680 6
273/2
0.167 7
0.010 8
0.390 9
287/1/1
287/1/2
10
1.881 287/1/1
11
0.390
योग .. 5.894
जिसकी सीमाएं
उत्तर में. - श्री शकूर खॉ की भूमि.
दक्षिण में.- बड़नगर- रतलाम मार्ग .
पूर्व में.- मण्डी प्रांगण एवं रेल्वे लाईन.
पश्चिम में.- बड़नगर जादला पहुंच मार्ग.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. बघेल , अपर सचिव.
भोपाल, दिनांक 12 अगस्त 2010
क्र. डी- 15-22-2010- चौदह - 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की समसंख्यक भाग 1 ]
2045
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
अधिसूचना दिनांक12 अगस्त 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 12 अगस्त, 2010 के अधीन घोषित मंडी प्रांगण के संबंध में मंडी क्षेत्र बड़नगर के निम्नलिखित क्षेत्र को मंडी प्रांगण घोषित करती है:-
क्षेत्र
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. बघेल , अपर सचिव.
( 1 ) नगरपालिका बड़नगर, तहसील बड़नगर, जिला उज्जैन की सीमाओं के भीतर का क्षेत्र.
Bhopal the 12th Aughst , 2010
(2) मंडी प्रांगण से 5 किलोमीटर की परिधि के भीतर आने वाले निम्नलिखित ग्रामों को समाविष्ट करता हुआ क्षेत्रः- No. D - 15-22-2010 - XIV - 3 . In exercise of the powers conferred by clause ( a) of sub - section (2) of Section 5 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972, (No. 24 of 1973 ) , the State Government here by declare the following areas including all structures , enclosoure , open places or locality in the market area for which a market at Badnagar in Ujjain District has been established by this departments Notification No. 145/13 , dated 9th June , 1953 shall be the market yard namely .
( 1 ) बड़नगर, ( 2 ) पीथाखेड़ी, ( 3 ) पडुनिया, ( 4 ) जामला, (5 ) बिसाहेड़ा, ( 6 ) कजराना, ( 7 ) मौलाना, (8 ) झगरिया, ( 9 ) बेसला, ( 10 ) वरगोदा रणवीर ( 11 ) शेखपुर, ( 12 ) मोमन बास , ( 13 ) उमरिया, (14) उपरी , ( 15 ) कोतकी , ( 16 ) लिखोदा, ( 17) उपराडिया , ( 18 ) अरांडिया , ( 19 ) जाफला , PLACE
(20) बरगाड़ी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. बघेल, अपर सचिव.
An area of 5.894 hectors land of bellow Mentioned Khasra number at Nagar Palica Badnager in Tehsil Badnager of District Ujjain .
S.No. Khasra No.
भोपाल, दिनांक 12 अगस्त 2010 (1)
(2)
Area (inHectors) (3)
1
271/2
0.209
2
271/1
0.105
क्र. डी- 15-22-2010-चौदह- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 12 अगस्त 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
3
272/2/1
1.620
4
287/2/2
0.052
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. बघेल, अपर सचिव.
5
0.390
287/1/1/3
6
0.680
282/2/1
273/2
7
0.167
Bhopal the 12th Aughst , 2010 8
0.010
9
287/1/1
0.390
10
287/1/2
1.881
11
287/1/1
0.390
Total. 5.894
No. D- 15-22-2010 - XIV - 3.-In exercise of the powers conferred by clause ( b) of sub - section (2) of Section 5 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 , (No. 24 of 1973 ) , the State Government here by declare that in the relation to the market yard declare vide this department notification even number dated August , 2010 the following area of Badnagar shall be market yard namely:-
BOUNDED BY
AREA
land of Shri Shakur Kha .
On the North by On the South by on the East by
(1) An area within the limit of Nagar Palica Badnagar in Tehsil Badnagar of District Ujjain .
Badnagar - Ratlam Road . Mandi Yard and Railway line.
On the west by Badnagar Jadla Approch Road.
(2) An area comprising of the following villages within the radious of 5 Kilometers from the market yard namely:-
( 1 ) Badnagar , ( 2 ) Peethakhedi , ( 3 ) Paduniya , By Order and in the name of the Governor of the Madhya Pradesh , B.S. BAGHEL , Addl . Secy.
(7) Maulana , ( 8 ) Jhagriya , ( 9 ) Besla , (10) Wargoda Ranveer , ( 11 ) Shekhpur , भोपाल , दिनांक 12 अगस्त 2010
(4) Jamla , ( 5) Bishaheda , ( 6 ) Kajrana , (12) Moman baas , ( 13 ) Umariya , (14) Upri , (15), Kotki , (16) Likhoda, ( 17 ) Uparadiya,
(18) Arandiya , ( 19) Japhala , (2 ) Bargadi ..
क्र. डी- 15-22-2010-चौदह- 3.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम , 1972 (24 सन् 1973 ) की धारा 5 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( ख ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य
By Order and in the name of the Governor of the Madhya Pradesh , B.S. BAGHEL , Addi . Secy.
2046
[भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
सामाजिक न्याय विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल, दिनांक 2 अगस्त 2010
क्र. एफ. - 2-76-2010- छब्बीस- दो. किशोर न्यायालय ( बालकों की देखरेख और संरक्षण ) अधिनियम, 2000 ( 2000 का सं. 56 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में यथाविनिर्दिष्ट किशोर न्याय बोर्ड में कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये उक्त अधिनियम के अधीन ऐसे बोर्ड को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने का तथा कर्त्तव्यों का निर्वहन करने के लिये प्रधान मजिस्ट्रेट को पदानिहित करती है .
अर्थात्:-
अनुसूची
जिलों के नाम
अ. क्रः किशोर न्यायालय एवं उसका मुख्यालय (1)
(2)
1
बैतूल
2
भिण्ड
3
दतिया
4
देवास
5
ई. एन. खण्डवा (3)
प्रधान मजिस्ट्रेट का नाम एवं पदनाम (4)
बैतूल
श्री आदेश कुमार मालवीय जे.एम.एफ.सी.
भिण्ड
श्री राजाराम बड़ोदिया सी.जे.एम.
दतिया
श्री नीलू संजीव श्रृंगर्षि जे.एम.एफ.सी.
देवास
डॉ. महजबीन खान जे.एम.एफ.सी.
ई. एन. खण्डवा
6
अशोकनगर 7
ग्वालियर
8
होशंगाबाद
9
झाबुआ
10
राजगढ़
11
रतलाम
12
रीवा
श्री वैभव सक्सेना जे.एम.एफ.सी.
अशोकनगर
कु. रमा शिवहरे जे.एम.एफ.सी.
ग्वालियर
श्री आर. के. जैन जे.एम.एफ.सी.
होशंगाबद
कु. अनिता खजूरिया जे.एम.एफ.सी.
झाबुआ
श्री कपिल मेहता सी.जे.एम.
राजगढ़
डॉ. रमेश साहू सी.जे.एम.
रतलाम
श्रीमती पावस श्रीवास्तव जे.एम.एफ.सी.
रीवा
श्री के. डी. महार जे.एम.एफ.सी.
2047
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
भाग 1 ]
(2)
(1)
(3)
सतना 13
सतना
शहडोल 14
शहडोल
उज्जैन 15
उज्जैन
विदिशा विदिशा
16
(4)
कु. क्षिप्रा पटेल जे.एम.एफ.सी.
श्रीमती अर्चना बोड़े जे.एम.एफ.सी.
श्रीमती वर्षा शर्मा जे.एम.एफ.सी.
श्री गोपेश गर्ग जे.एम.एफ.सी.
No. F.2-76-2010- XXVI - 2.- In exercise of the power conferred by sub section ( 1 ) and (2) of Section 4 of the Juvenile Justice (Care & Protection Children) Act 2000 (No. 56 of 2000 ) the State Government hereby designates Principal Magistrates in the following Juvenile Justice Boards as specified in the column (2) of the schedule below for the Districts as specified in column (3 ) thereof for the purpose of exercising of the powerswers and discharging the duties conferred on such Boards under the said Act, namely:-
SCHEDULE - 1
S. No.
Name of the Districts
(3) Name of the Juvenile Justice Boards & its Head Quarter (2)
(1)
Betul 1
Betul
Bhind Bhind
2
3
Datia
Datia
Dewas 4
Dewas
5
E. N. Khandwa E. N. Khandwa
6
Ashoknagar Ashoknagar
Gwalior Gwalior
7
8
Hoshangabad
Hoshangabad 9
Jhabua Jhabua
10
Rajgarh Rajgarh
Ratlam Ratlam
11
Rewa 12
Rewa
Satna 13
Satna
14
Shahdol
Shahdol 15
Ujjain
Ujjain
Vidisha Vidisha
16
Name of the Principal Magistrate & Designation
(4)
Shri Adesh Kumar Malviya . JMFC
Shri Raja Ram Badodia CJM
Shri Neetu Sanjeev Shrangrishi JMFC Dr. Mahjabeen Khan , JMFC
Shri Vaibhav Saxena . , JMFC
Ku . Rama Shivhare , JMFC
Shri R. K. Jain , JMFC
Ku . Anita Khajuria , JMFC
Shri Kapil Mehta , CJM
Dr. Ramesh Sahu , CJM
Smt . Pawas Shrivastava , JMFC
Shri K. D. Mahar , JMFC
Ku . Kshipra Patel , JMFC
Smt. Archna Bode , JMFC
Smt . Varsha Sharma , JMFC
Shri Gopesh Garg , JMFC
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वीना तैलंग , उपसचिव.
2048
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
[ भाग 1
विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल, दिनांक 9 अगस्त 2010
फा. क्र. 17 ( ई) 83-03- इक्कीस- ब ( एक) .-विद्युत् अधिनियम, 2003 ( 2003 का सं. 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्यशासन, एतद्वारा, इस विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 17 ( ई ) 83-03 - इक्कीस- ब ( 1 ) , दिनांक 6 अक्टूबर, 2009 में, जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग-1 दिनांक 16 अक्टूबर, 2009 में प्रकाशित हुई थी, निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्:-
संशोधन उक्त अधिसूचना में, अनुसूची में, अनुक्रमांक 9, 11 , 33 , 51 , 58 , 59 , 61 , 62 , 76 , 82 , 91 और 94 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात् :-
अनुसूची अनुक्रमांक
विशेष न्यायालय सिविल जिले का नाम
(1)
(2)
(3) "9 . बड़वानी
तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) सेंधवा के न्यायालय अतिरिक्त न्यायाधीश.
11 . बैतूल
द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, मुलताई
33.
खण्डवा
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , खण्डवा
33-क
खण्डवा
तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, खण्डवा
51. कटनी
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, कटनी के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश.
58. मुरैना
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, सबलगढ़ 59. मुरैना
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , जौरा
61. नरसिंहपुर
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, गाडरवारा
62. नीमच
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, नीमच
76 . सागर
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , खुरई
82. सीहोर
विशेष न्यायालय की क्षेत्रीय अधिकारिता (विद्युत् क्षेत्र के अनुसार ) (4)
सेंधवा, अंजड़ एवं राजपुर का विद्युत् क्षेत्र.
मुलताई का विद्युत् क्षेत्र.
सिविल जिला खण्डवा का समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 33 - क के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर ) .
विद्युत् संभाग खण्डवा ( प्रथम ) तथा खण्डवा (द्वितीय) .
सिविल जिला कटनी का समस्त विद्युत् क्षेत्र सबलगढ़ का विद्युत् क्षेत्र.
जौरा का विद्युत् क्षेत्र.
गाडरवारा तथा तेन्दूखेड़ा का विद्युत् क्षेत्र.
सिविल जिला नीमच के समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 63 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़ाकर ).
खुरई एवं बीना का विद्युत् क्षेत्र.
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , नसरुल्लागंज
91. श्योपुर
द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) श्योपुर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश.
नसरुल्लागंज एवं बुधनी का विद्युत् क्षेत्र.
सिविल जिला श्योपुर का समस्त विद्युत् क्षेत्र 2049
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
भाग 1 ]
(3) (2)
(1)
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , पिछोर 94. शिवपुरी
(4)
पिछोर एवं खनियाधाना का विद्युत् क्षेत्र. ".
टिप्पण :-विशेष न्यायालय में लंबित मामले उनकी क्षेत्रीय अधिकारिता के अनुसार नवीन गठित न्यायालय को अंतरित हो जायेंगे.
No. 17 (E) 83 /03 /XXI - B ( 1 ) :-In exercise of the powers conferred by sub section ( 1 ) of Section 153 of the Electricity Act , 2003 (No. 36 of 2003 ) , the State Government , hereby makes the following amendments in this Department's Notification F. No. 17 (E) 83 / 03 /XXI - B ( 1 ) , dated 6th October , 2009 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette, Part 1 , dated 16th October , 2009 , namely:-
AMENDMENTS
In the said notification , in the Schedule for serial numbers 9,11,33,51,58,59,61,62,76,82,91 and 94 and entries relating threreto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely :
SCHEDULE S. No.
SpecialCourt Name of Civil District
(3) (2)
(1)
"9
Barwani
Additional Judge to the Court of IIIrd Additional Sessions Judge (Fast Track Court) , Sendhwa.
Betul
11.
IInd Additional Sessions Judge , Multai .
Khandwa
33.
Territorial Jurisdiction of a Special Court (According to the Electricity Area) (4)
Electricity area of Sendhwa , Anjad and Rajpur.
Electricity area of Multai .
Ist Additional Sessions Judge , Khandwa
Khandwa
33-A
IIIrd Additional Sessions Judge , Khandwa.
Katni
51 .
IInd Additional Judge to the court of Additional Sessions Judge , Katni .
Morena
58.
Whole electricity area of Civil District Khandwa ( excluding the jurisdiction of Special Courts at serial number 33 -A) Electric Division of Khandwa ( 1 ) and Khandwa(2) .
All electricity area of Civil District , Katni .
Electricity area of Sabalgarh .
Additional Sessions Judge , Sabalgarh
59 . Morena
Electricity area of Joara
Ist Additional Sessions Judge , Joara
61.
Ist Additional Sessions Judge , Gadarwara
Narsinghpur
Neemuch
62.
Electricity area of Gadarwara and Tendukheda .
Ist Additional Sessions Judge , Neemuch
76.
All electricity area of Civil District , Neemuch (excluding the Jurisdiction of Special Court at serial number 63) .
Electricity area of Khurai and Beena .
Ist Additional Sessions Judge , Khurai
Sagar
Sehore
82.
Ist Additional Sessions Judge , Nasrullaganj .
91. Sheopur
Additional Judge to the Court of IInd Additional Sessions Judge , Sheopur .
Additional Sessions Judge , Pichhore .
94. Shivpuri
Electricity area of Nasrullaganj and Budhni .
All electricity area of Civil District Sheopur.
Electricity area of Pichhore and Khaniyadhana. " .
Note: The pending cases of the Special Court be stand transferred to the newly constituted court according to their territorial jurisdiction.
2050
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
[भाग 1 फा. क्र. 17 (ई ) 83-03- इक्कीस- ब ( एक ) .-विद्युत् अधिनियम, 2003 ( 2003 का सं. 36 ) की धारा 153 की उपधारा (2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से इस विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 17 ( ई) 83-03- इक्कीस-ब ( एक) , दिनांक 6 अक्टूबर 2009 में, जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 16 अक्टूबर 2009 को प्रकाशित हुई थी, निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थात्:-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में , अनुसूची में, -
( 1 ) अनुक्रमांक 9 और 11 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्:-
अनुसूची
अनुक्रमांक
विशेष न्यायालय का नाम सिविल जिले का नाम
(1)
(2)
(3) "9 . बड़वानी
तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) सेंधवा के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश.
11.
बैतूल
द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, मुलताई
विशेष न्यायालय के न्यायाधीश का नाम
(4)
श्री विश्वबन्धु शर्मा , तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) सेंधवा के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश.
श्री अजय कुमार गर्ग , द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , मुलताई . " .
(2 ) अनुक्रमांक 33 के पश्चात् निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां अन्तःस्थापित की जाएं, अर्थात्:-
विशेष न्यायालय का नाम अनुक्रमांक सिविल जिले का नाम
(1)
(2)
(3) खण्डवा
"33-क.
तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, खण्डवा
विशेष न्यायालय के न्यायाधीश का नाम
(4)
श्रीमती सविता दुबे, तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , खण्डवा .".
(3 ) अनुक्रमांक 51 , 58 , 59, 61 , 62 ,76, 82, 91 ओर 94 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित स्थापित की जाएं, अर्थात्:-
सिविल जिले
विशेष न्यायालय का नाम अनुक्रमांक
का नाम
(1)
(3)
(2)
" 51 .
कटनी
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, कटनी के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश .
58 .
मुरैना
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, सबलगढ़
59 .
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , जौरा
मुरैना
विशेष न्यायालय के न्यायाधीश का नाम
(4)
श्रीमती इंदिरा सिंह , अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , कटनी के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश.
श्री श्रीराम दिनकर, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , सबलगढ़ .
श्री आर. पी . मनकेलिया, प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , जौरा .
भाग 1 ]
2051
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
(3) (1)
(2)
61.
(4)
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, गाडरवारा
नरसिंहपुर
नीमच
62.
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, नीमच
76.
सागर
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , खुरई
82.
श्री आर. के. भावे , प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , गाडरवारा .
श्री कौशिक चौहान, प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, नीमच.
श्री मनोज श्रीवास्तव , प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , खुरई.
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , नसरूल्लागंज
सीहोर
91.
श्योपुर
द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) श्योपुर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश.
94.
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , पिछोर शिवपुरी
श्री विजय मालवीय , प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, नसरूल्लागंज.
श्री हरीश चन्द्र कौशिक, द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) श्योपुर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश.
श्री देवराज बोहरे, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, पिछोर.
F. No. 17 (E) 83-03 - XXI - B ( 1 ) . In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of Section 153 of the Electricity Act, 2003 (No. 36 of 2003 ) , the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh , hereby makes the following amendments in this Department's Notification F. No. 17 (E ) 83-03 -XXI- B( 1 ) , dated 6th October 2009 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part 1 , dated 16th October 2009, namely:-
AMENDMENTS
In the said notification, in the Schedule,- (1) for serial numbers 9 and 11 and entries relating threreto , the following serial numbers and entries relating thereto shall substituted , namely :-
SCHEDULE
S. No.
Name of Special Court Name of Civil District (2)
(3) (1)
"9. Barwani
Additional Judge to the Court of IIIrd Additional Sessions Judge , (Fast Track Court ) Sendhwa .
11. Betul
Name of the Judge of the Special Court
(4)
Shri Vishwabandhu Sharma , Additional Judge to the Court of IIIrd Additional Sessions Judge ( Fast Track Court) , Sendhwa .
IInd Additional Sessions Judge , Multai
Sessions Judge, Multai . ". Shri Ajay Kumar Garg , IInd Additional (2 ) for serial numbers 33 the following serial number and entries relating thereto shall be inserted namely :-
S. No.
Name of Special Court Name of Civil District
(3) (1)
(2)
"33 -A .
Khandwa
IIIrd Additional Sessions Judge , Khandwa.
Name of the Judge of the Special Court
(4)
Smt. Savita Dubey , IIIrd Additional Sessions Judge , Khandwa. " .
2052
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
[ भाग 1 (3) for serial numbers 51 , 58 , 59 , 61 , 62, 76 , 82, 91 and 94 and entries relating threreto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely :-
Name of Special Court
Name of Civil District
(2)
S. No. (1)
(3) "51 .
Katni
IInd Additional Judge to the Court ofAdditional Sessions Judge, Katni .
58 .
Morena
Name of the Judge of the Special Court
(4)
Smt. Indra Singh , IInd Additional Judge to the Court of Additional Sessions Judge , Katni .
Additional Sessions Judge , Sabalgarh
59 .
Morena
Shri Shriram Dinkar , Additional Sessions Judge , Sabalgarh .
IstAdditional Sessions Judge , Joara
61.
Narsingpur IstAdditional Sessions Judge , Gadarwara .
62.
Neemuch
IstAdditional Sessions Judge , Neemuch .
76.
Sagar
Shri R. P. Mankeliya , Ist Additional Sessions Judge, Joara.
Shri R. K. Bhave , Ist Additional Sessions Judge , Gadarwara.
Shri Kauashik Chouhan , Ist Additional Sessions Judge , Neemuch
IstAdditional Sessions Judge , Khurai
82.
Sehore
IstAdditional Sessions Judge , Nasrullaganj .
91.
Sheopur
Additional Judge to the Court of IInd Additional Sessions Judge, Sheopur.
94.
Shivpuri
Additional Sessions Judge , Pichhore
Shri Manoj Shrivastava , Ist Additional Sessions Judge , Khurai .
Shri Vijay Malviya, Ist Additional Sessions Judge , Nasrullaganj .
Shri Harish Chandra Kaushik , Additional Judge to the Court of IInd Additional Sessions Judge , Sheopur .
Shri Devraj Bohre , Additional Sessions Judge , Pichhore .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव.
वनविभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 9 अगस्त 2010
क्र. एफ- 25-40-2010- दस-3.- भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 , सन् 1927 ) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा , उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित की गई वन भूमि/बंजर भूमि भाग 1 ]
2053
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
पर लागू होने की घोषणा , इन शर्तों के अधीन रहते हुए करता है कि व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार, जहां तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगेः-
अनुसूची
जिला-सागर, तहसील- गढ़ाकोटा, वनमण्डल- दक्षिण सागर ( सामान्य ) , वन परिक्षेत्र- गढ़ाकोटा ( सामान्य)
क्रमांक
क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में)
वन या बंजर भूमि का नाम
खसरा क्रमांक
वनखण्ड का नाम
(1) (2)
(4) (5)
(3)
1
178/8 39.86 हे .
बौरई ग्राम बौरई
सीमाएं
(6)
उत्तर- वन खण्ड बौरई का सीमांकित मुनारा क्रमांक 1 से 7 तक कृत्रिम सीमा रेखा, खसरा क्रमांक 178/8 की उत्तरी सीमा .
पूर्व- वन खण्ड बौरई का सीमांकित मुनारा क्रमांक 7 से 20 तक कृत्रिम सीमा रेखा, खसरा क्रमांक 178/8 की पूर्वी सीमा.
दक्षिण- वन खण्ड बौरई का सीमांकित मुनारा क्रमांक 20 से 23 तक कृत्रिम सीमा रेखा, खसरा क्रमांक 178/8 की दक्षिणी सीमा.
पश्चिम- वन खण्ड बौरई का सीमांकित मुनारा क्रमांक 23 से 24 तक नाला की प्राकृतिक सीमा एवं मुनारा क्रमांक 24 से 28 एवं 1 तक कृत्रिम सीमा रेखा , खसरा क्रमांक 178/8 की पश्चिमी सीमा.
वनीकरण का कारण- उक्त भूमि तिन्सी मारपानी जलाशय परियोजना में दी गई वन भूमि के बदले वन विभाग को हस्तान्तरण , नामान्तरण एवं क्षतिपूरक वनीकरण हेतु प्राप्त होने से संरक्षित वन बनाये जाने का प्रस्ताव अधिसूचना हेतु तैयार किया गया है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. पी. शर्मा, अपर सचिव.
भोपाल, दिनांक 9 अगस्त 2010
क्र. एफ- 25-40-2010- दस-3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-40- दस- 3-2010, दिनांक 9 अगस्त 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. पी. शर्मा, अपर सचिव.
Bhopal , 9th August 2010
No. F -25-40-2010- X - 3 . In exercise of the powers conferred by Section 29 of the Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government hereby declares the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest land /waste land , specified in the Schedule below, subject to the conditions that the existing rights of individuals 2054
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
or communities shall not be abridged or affected in any manner , except in so for as they may be modified by the State Government from time to time :-
SCHEDULE
District-Sagar , Tahsil- Garhakota , Forest Division-South Sagar ( Territorial ) Forest Range-Garhakota (Territorial)
S. No. Name of Forest Block
Khasra Number Boundaries
Area
( in Hectare)
Name of Forest or Waste Land
(2)
(1)
(3)
(4)
(5) 1
Bourai
178/8
39.86
Village Bourai
(6)
North-Artificial boundary line from demarcated pillar number 1 to 7 of Forest Block Bourai , Northern boundary of Khasra number 178/8 .
East-Artificial boundary line from demarcated pillar number 7 to 20 of Forest Block Bourai , Eastern boundary of khasra number 178/8 .
South-Artificial boundary line from demarcated pillar number 20 to 23 of Forest Block Bourai , Southern boundary of khasra number 178/8 .
West-Natural boundary of Nala from demarcated pillar number 23 to 24 and artificial boundary line from pillar number 24 to 28 and 1 of Forest Block Bourai , Western boundary of khasra number 178/8 .
Reason for afforestation- The above land , has been allotted and transferred to Forest Department for carrying out compensatory afforestation in lieu of Tinsi Marpani reservoir in forest area . Notification proposal for protected forest has been prepared .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
S. P. SHARMA , Addl . Secy.
विभाग प्रमुखों के आदेश
कार्यालय , जिला दण्डाधिकारी, जिला सतना
मध्यप्रदेश
सतना, दिनांक 4 अगस्त 2010
क्र. 413-8 - एस.डब्लू.- 2010.- मेरे ध्यान में आया है कि चिकित्सालय परिसरों/ स्कूल परिसरों/कलेक्ट्रेट परिसर/महाविद्यालय परिसर में सिगरेट, तम्बाखू, बीड़ी, गुटखा एवं अन्य नशीले पदार्थों का प्रयोग किया जाता है . चूंकि मेरा यह समाधान हो गया है कि लोकहित में उक्त गतिविधियों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने के लिये पर्याप्त आधार है . जिससे जिला चिकित्सालय एवं जिले के सभी चिकित्सालय परिसर/स्कूल परिसरों /कलेक्ट्रेट परिसर/ महाविद्यालय परिसर पर तत्काल प्रतिबंधात्मक आदेश पारित करना अपरिहार्य हो गया है. सिगरेट और अन्य तम्बाखू उत्पाद ( विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार एवं वाणिज्य, उत्पादन , आपूर्ति और वितरण का विनियमन ) अधिनियम, 2003 ( 2003 का 34 ) एवं सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान का प्रतिषेध नियमावली, 2008 की धारा 4 के अनुसरण में यह आदेश तत्काल पारित कर अधिसूचित किया जाना आवश्यक है और संबंधित पक्षों पर सूचना की तामील समय - समय में कराना संभव न हो जाने के कारण एक पक्षीय पारित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
भाग 1 ]
अतः मैं सुखवीर सिंह , जिला दण्डाधिकारी , सतना एतद्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 के अधीन निम्नलिखित प्रतिबंधात्मक आदेश पारित कर अधिसूचना करता हूं:-
( 1 ) कोई भी व्यक्ति, जिला चिकित्सालय परिसर में धूम्रपान, तम्बाखू, गुटखा, पान, बीड़ी, सिगरेट व अन्य नशीले पदार्थ के सेवन नहीं करेगा.
(2) उपरोक्त उल्लेखित परिसरों के सीमा से 100 मीटर के अंदर बीड़ी, सिगरेट , गुटखा की दुकानें व विज्ञापन होर्डिंग नहीं लगायेंगे .
(3) उपरोक्त आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड संहिता , 1960 की धारा 188 के अधीन दण्डनीय होगा.
चूंकि संबंधित पक्षों पर आदेश की तामील साध्य नहीं है. अतः स्थानीय समाचार - पत्रों में विज्ञप्ति के माध्यम से तथा मुनादी कराकर अधिसूचित किया जाय . आदेश की प्रति सभी अस्पताल अधीक्षकों, स्कूल प्रधानाध्यापक/ प्राचार्यों/ नगर दण्डाधिकारी सतना/ महाविद्यालयों के प्राचार्यों को भेजी जावे तथा एक प्रति कार्यपालिक मजिस्ट्रेट/ थाना प्रभारियों को पालनार्थ भेजी जावे. यदि कोई भी व्यक्ति द्वारा उक्त आदेश का उल्लंघन किया जाता है तो भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाय.
यह आदेश जारी होने के दिनांक 15 अगस्त 2010 से अग्रिम आदेश तक प्रभावशील रहेगा.
आज दिनांक 4 अगस्त 2010 को मेरे
हस्ताक्षर एवं पदमुद्रा के अधीन
जारी किया गया.
सुखवीर सिंह , जिला दण्डाधिकारी.
2055 मध्यप्रदेश विद्युत् नियामक आयोग पंचम तल, मेट्रो प्लाजा बिट्टन मार्केट, भोपाल भोपाल , दिनांक 7 अंगस्त 2010
क्र. 2102 - मप्रविनिआ-2010.- विद्युत् अधिनियम, 2003 की धारा 87 ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग एतद्वारा अधिसूचना क्रमांक 1884- मप्रविनिआ-2010 , दिनांक 15 जुलाई 2010 द्वारा अधिसूचित राज्य सलाहकार समिति में श्री द्वारिका गुप्ता के स्थान पर श्री योगेश ताम्रकार, अध्यक्ष, विन्ध्य चैम्बर्स ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज, सतना को नामांकित करता है .
राज्य सलाहकार समिति के अन्य सदस्य यथावत रहेंगे.
आयोग के आदेशानुसार, पी. के. चतुर्वेदी, आयोग सचिव.
Bhopal , 7th August 2010
No. 2102 - MPERC - 2010 . In exercise of powers under Section 87 ( 1 ) of Electricity Act, 2003 , the Commission hereby nominates Shri Yogesh Tamrakar , President , Vindhya Chamber of Commerce and Industries , Satna , in place of Shri Dwarika Gupta in the State Advisory Committee notified vide Notification No. 1884- MPERC- 2010 , dated 15th July 2010.
The rest of the Members of the State Advisory Committee shall remain unchanged.
By order of the Commission , P. K. CHATURVEDI , Commission Secretary .
2056
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
[भाग 1
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रायसेन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
रायसेन , दिनांक 9 जुलाई 2010
प्र. क्र. 5 - अ-82-2009-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) में उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने 5 में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल ( एकड़ में ) .
(1) (2)
(3)
(4)
ख. न.
रकबा
3/2
8.00 रायसेन गौहरगंज बगासपुर
3/7
5.00
अनुसूची
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन
के द्वारा
का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) अर्जित किया जाने वाला रकबा
0.32
कार्यपालन यंत्री,
0.44
जल संसाधन
घाटपिपलिया जलाशय की नहर निर्माण हेतु.
विभाग, रायसेन.
योग
13.00
0.76
2/1
16.50
2/2
16.50
2/3
7.00
29/1
9.50
29/2
15.50
29/3
15.00
27/2/1/1 8.08
27/2/2
7.50
27/2/3
7.50
80/2
9.50
82/2/ 0.52
82/2/2
3.20
80/4
6.80
सेमरीखुर्द
1.10
0.68
0.23
0.33
0.55
0.62
0.56
0.39
0.27
0.50
0.14
0.05
0.87 2057
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
भाग 1 ]
(4) (2)
(3)
(1)
80/5
8.31
116
3.73
118/1/2 4.80
4.80
118/1/3
120.24
योग
133.24
महायोग
(6)
(5)
0.36
0.28
0.42
0.50
7.85
8.61
टीप.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण अनुविभागीय अधिकारी , गौहरगंज के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुनीता त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
डिण्डौरी , दिनांक 27 जुलाई 2010
क्र. भू-अर्जन ( अ -82 ) 2009-10-1091-ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के सम्बन्ध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
जिला
सर्वे नंबर
तहसील/ तालुक
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
भू-अर्जन हेतु
प्रस्तावित रकबा
(हेक्टर में )
(5) (2)
(4)
(3)
0.720
8
(1) डिण्डौरी
दूधी मझौली
डिण्डौरी
0.320.
65
ह.नं. 02
0.120
75
रा. नि.मंडल
0.140
78
शाहपुर.
0.200
77
0.060
80
0.160
123
0.160
121
0.460
114
0.440
95
0.120
96
138
0.250
0.020
140
141
0.120
0.360
162
161
0.020
(7) (6)
सिलघिटी जलाशय नहर
निर्माण कार्य.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.
2058
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
[भाग 1
(4)
(2)
(3)
(1)
(5)
(6)
(7)
207
0.250
201
0.090 .
203
0.080
204
0.020
380
0.160
226
0.080
225
0.380
236
0.230
365
0.200
364
0.020
366
0.220
362
0.140
361
0.160
378
0.120
360
0.060
381
. 0.300
384/1
0.020
0.010
384/2
458
0.030
0.120
459
6.360
योग ..
0.380
शासकीय भूमि 101 , 164, 370
6.740
कुल योग
भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय कलेक्टर, कार्यालय डिण्डौरी में देखा जा सकता है.
क्र. भू- अर्जन (अ-82 ) 2009-10-1092- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को , इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के सम्बन्ध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सर्वे
जिला
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
नंबर
तहसील/ तालुक
भू- अर्जन हेतु
प्रस्तावित रकवा
(हेक्टर में)
(3)
(4)
(5)
(7) (1) डिण्डौरी
(2) डिण्डौरी केवलारी मा.
202
0.044
201
केवलारी जलाशय नहर निर्माण कार्य.
0.024
ह.नं. 60
200
(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.
रा. नि.मं.
0.049
197
0.108
समनापुर.
2059
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
भाग 1 ]
(7)
(6)
(4)
(5)
(3)
(1)
(2)
0.037
191
0.216
383
216
0.024
0.046
217
0.040
218
0.084
219
0.074
220
225
0.068
0.042
261
0.048
260
0.052
259
0.052
258
0.074
248
0.146
249
0.106
419
0.070
420
0.310
421
0.032
423
0.112
446
0.056
445
0.022
444
442
0.028
441
0.118
0.094
443
474
0.046
0.140
473
0.060
472
470
0.120
0.060
477
476
0.076
2.678
योग
0.415
शासकीय भूमि 194, 185, 193 ,
180, 177 , 242
कुल योग 3.093
भूमि का नवशा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय कलेक्टर , कार्यालय डिण्डौरी में देखा जा सकता है.
डिण्डौरी , दिनांक 3 अगस्त 2010
क्र. भू-अर्जन ( अ -82 ) 2009-10-1104- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकतां पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, 2060
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
[भाग 1 सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के सम्बन्ध में , उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
सर्वे नंबर
तहसील/ तालुक
भू-अर्जन हेतु
प्रस्तावित रकबा
(हेक्टर में)
(2)
(1)
(3)
(4)
(5)
(6)
(7) डिण्डौरी डिण्डौरी खरगहना
916
0.20
920
प.ह.नं. 80
0.04
खरगहना जलाशय के नहर कार्य हेतु भू-अर्जन .
926
0.06
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी .
रा. नि.मं. ,
915
0.03
बजाग.
913
0.03
0.04
910
908
0.03
907
0.18
0.07
898
0.07
897
887
0.03
0.02
883
882
0.17
906
0.05
880
0.17
0.25
452
योग 1.44
921
0.14
शासकीय भूमि
0.06
912
896
0.03
1.67
कुल योग
भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी /कलेक्टर कार्यालय, डिण्डौरी में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अलका श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सीहोर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
सीहोर, दिनांक 2 अगस्त 2010
प्र. क्र. 3 अ - 82-2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में वर्णित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता हैं अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस भाग 1 ]
2061
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई समस्त शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन काविवरण
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) सीहोर नसरूल्लागंज निम्नागांव
35.86 एकड़ 14.512हेक्टर
कार्यपालन यंत्री, कोलार नहर संभाग, नसरूल्लागंज.
खरसानिया उप नहर की हलियाखेड़ी माईनर के निर्माण हेतु.
( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी/भू-अर्जन अधिकारी, नसरूल्लागंज के कार्यालय में किया जा सकता है.
( 3 ) उपरोक्त के संबंध में किसी भी व्यक्ति को यदि कोई आपत्ति हो तो वह 30 दिवस के भीतर अ.वि.अ. कार्यालय , नसरूल्लगंज में प्रस्तुत कर सकेंगे.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संदीप यादव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर , मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सागर , दिनांक 2 अगस्त 2010
क्र. 7703- क- भू-अर्जन- 2010- प्र.क्र.अ-82-09-10.--82-09-10 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टर में)
(1)
(2)
(3)
खसरा नंबर (4)
(7)
(5)
(6)
सागर
33
3.28
शाहगढ़ बम्होरी शाहगढ़ प.ह.नं. 43
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , सागर.
सोना नाला जलाशय योजना के नहर निर्माण का भू- अर्जन ग्राम बम्होरी शाहगढ़.
(2) सार्वजनिक प्रयोग का वर्णन जिसके लिये आवश्यक है- सोना नाला जलाशय योजना के बांध डूब क्षेत्र में तथा नहर निर्माण का भू-अर्जन ग्राम बम्होरी शाहगढ़.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , बण्डा के कार्यालय में किया जा सकता है.
2062
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
क्र. 7705 - क- भू- अर्जन- 2010-प्र.क्र. -अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला तहसील
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टर में)
खसरा नंबर (4)
(3)
(2)
(1)
58 सागर
शाहगढ़ जालमपुर प.ह.नं. 45
(2)
(7) (6)
(5)
22.39
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 2 , सागर.
सोना नाला जलाशय योजना के बांध डूब क्षेत्र में तथा नहर निर्माण का भू-अर्जन ग्राम जालमपुर.
सार्वजनिक प्रयोग का वर्णन जिसके लिये आवश्यक है- सोना नाला जलाशय योजना के बांध डूब क्षेत्र में तथा नहर निर्माण का भू-अर्जन ग्राम जालमपुर.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, बण्डा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 7706- प्र. - भू- अर्जन-09-2010 - प्र.क्र. 12-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाने ( 6 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
जिला तहसील नगर/ग्राम
कुल खसरा नं.
(4) (1)
8
(3) पगारा
(2) सागर
सागर
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
कुल रकबा (हेक्टर में)
(7) (6)
(5) 4.44
पगारा जलाशय योजना में आने वाली निजी भूमि.
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सांगर.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय , सागर में देखा जा सकता है .
सागर , दिनांक 7 अगस्त 2010
क्र. क - 7985 - प्र. भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के 2063
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
भाग 1 ]
खाने ( 6 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
जिला तहसील नगर/ग्राम
कुल खसरा नं .
(3)
(4) (2)
(1)
31
निवारी
सागर
रहली
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
कुल रकबा (हेक्टर में ) .
(7)
(5)
(6)
2.98
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर (म.प्र. ).
रहली विकासखण्ड के अंतर्गत तिन्सीमारपानी जलाशय के नहर कार्य में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , रहली में देखा जा सकता है.
क्र. क- 7990- प्र . भू-अर्जन-2010 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाने (6 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
जिला तहसील नगर/ग्राम
कुल
खसरा नं.
(2)
(4) (1)
(3)
7
हर्रा
रहली
सागर
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
कुल रकबा (हेक्टर में)
(7)
(6)
(5)
0.49
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र . 1 , सागर (म.प्र. ) .
रहली विकासखण्ड के अंतर्गत तिन्सीमारपानी जलाशय के नहर कार्य में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , रहली में देखा जा सकता है..
क्र. क - 7991 - प्र. भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के 2064
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
[भाग 1 खाने ( 6 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
अनुसूची
लगभग क्षेत्रफल
कुल खसरा नं .
(2)
(3)
(1) सागर
रहली
(4) 3
सहुआ
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
कुल रकबा (हेक्टर में)
(5)
(7) 0.52
(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र.) .
रहली विकासखण्ड के अंतर्गत तिन्सीमारपानी जलाशय के नहर कार्य में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , रहली में देखा जा सकता है.
क्र. क- 7992- प्र. भू-अर्जन- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाने (6) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
अनुसूची
लगभग क्षेत्रफल
कुल खसरा नं.
(2)
(4) (1) सागर
रहली
(3) छपरा
58
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
कुल रकबा (हेक्टर में)
(5)
(6)
(7)
7.08
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर (म.प्र.) .
रहली विकासखण्ड के अंतर्गत तिन्सीमारपानी जलाशय के नहर कार्य में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , रहली में देखा जा सकता है.
क्र. क- 7994- प्र. भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाने (6 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त अधि भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
अनुसूची
लगभग क्षेत्रफल
कुल खसरा नं .
(2)
(4) (1) सागर
रहली
97
(3) जूना
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
कुल रकबा (हेक्टर में)
(5)
(6)
(7)
9.01
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र. ) .
रहली विकासखण्ड के अंतर्गत तिन्सीमारपानी जलाशय के नहर कार्य में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , रहली में देखा जा सकता है .
भाग 1 ]
2065
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
क्र. क-प्र. भू-अर्जन- 2009-10-7996. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
कुल खसरा नं.
कुल रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6)
(7) कंजेरा
सागर
देवरी
8
2.12
सतधारा जलाशय योजना के नहर कार्य.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन क्र. 1 , सागर.
(2) सार्वजनिक प्रयोग का वर्णन जिसके लिये आवश्यक है- सतधारा जलाशय योजना के नहर कार्य के निर्माण हेतु .
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , देवरी के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. क-प्र . भू-अर्जन-2009-10-7998.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
कुल खसरा नं.
कुल रकबा (हेक्टर में )
(2)
(1)
(3)
(4)
(5)
(6)
(7) देवरी
सागर
44
8.42
मुआरखास
सतधारा जलाशय योजना के नहर कार्य.
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन क्र. 1 , सागर.
(2) सार्वजनिक प्रयोग का वर्णन जिसके लिये आवश्यक है- सतधारा जलाशय योजना के नहर कार्य के निर्माण हे .
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , देवरी के कार्यालय में किया जा सकता है.
2066
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
[भाग 1 क्र. क- प्र . भू-अर्जन-2009-10-8000.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
अनुसूची
लगभग क्षेत्रफल
नगर/ग्राम
कुल
खसरा नं.
(1)
(2) (3)
(4) देवरी
सागर
देवरी बखत
10
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
कुल रकबा (हेक्टर में)
(5)
(6)
(7)
3.19
सतधारा जलाशय योजना के नहर कार्य.
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन क्र. 1 , सागर.
(2) सार्वजनिक प्रयोग का वर्णन जिसके लिये आवश्यक है- 3. सतधारा जलाशय योजना के नहर कार्य के निर्माण हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , देवरी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. क- 8002- प्र. भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
अनुसूची
लगभग क्षेत्रफल
कुल खसरा नं.
कुल रकबा (हेक्टर में)
(2)
(3)
(5)
(1) सागर
रहली बगरोन
(4) 30
2.14
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7)
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र. ) .
रहली विकासखण्ड के अंतर्गत तिन्सीमारपानी जलाशय के नहर कार्य में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , रहली में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनीष श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
भाग 1 ]
2067
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सीधी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सीधी, दिनांक 6 अगस्त 2010
क्र. 755 - भू- अर्जन-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
तहसील
नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(4) (1)
(3)
0.236 सीधी रामपुर नैकिन झगरी आ.नं. 770
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री महान नहर संभाग सीधी , जिला सीधी (म.प्र.).
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एन. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
मनावर, दिनांक 10 अगस्त 2010
क्र. 1534- वाचक- प्र.क्र. 10- अ- 82-200910. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकतां पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
जिला तहसील
भूमिका विवरण ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(2)
(4) (1) धार
मनावर
0.521
अजंदी
प.ह.नं. 40
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 )
(6)
(5)
क्र. 30 , मनावर. कार्यपालन यंत्री, नर्मदा संभाग ओंकारेश्वर परियोजना की दायीं तट मुख्य नहर की. आर.डी. क्र. 122918 मी . से 124975 मी. तक तथा डायरेक्ट माईनर क्र. 64 नहर निर्माण से प्रभावित भूमि हेतु.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला धार एवं भू-अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्र. 30, मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयनीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .
2068
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
[भाग 1
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग विदिशा , दिनांक 26 जुलाई 2010 .
प्र.क्र. 01 - ए-82-2009-10. चूंकि, 'राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-विदिशा
(ख) तहसील-लटेरी
( ग) ग्राम- जोरा बरखेड़ी
( घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.600 हेक्टर .
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
325/1
0.260
326/1/1
0.211
326/2/2/1
0.730
326/3
0.190
350/358/1
0.209
योग .. 1.600
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आश्यकता है- ग्राम रूसल्लीसाहू तालाब के डूब क्षेत्र की शेष भूमि के अर्जन हेतु.
( 3) भूमि के नक्शे ( प्लांन ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , सिरोंज के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शरद चन्द्र शुक्ला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग धार, दिनांक 31 जुलाई 2010
क्र. 438- प्र.क्र. 21 -अ-82-2008.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है . कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- धार
(ख) तहसील- धरमपुरी
(ग) ग्राम-खलखुर्द
( घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.725 हेक्टर.
रकबा (हेक्टर में)
खसरा नम्बर (1)
(2)
109
0.140
110
0.280
105
0.060
104/1
0.080
104/2
0.080
97/1/2
0.210
88/1
0.150
88/2
0.150
73
0.280
87/1
0.065
97/1/1
0.180
102/1
0.050
योग.. 1.725
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- औंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर/वितरण शाखा/ लघु उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु..
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) केलक्टर, जिला धार एवं भू- अर्जन अधिकारी , धरमपुरी एवं कार्यपालन यंत्री, ओ.एस.पी. नहर संभाग , धामनोद के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
धार, दिनांक 10 अगस्त 2010
क्र. 1529-वाचक-प्र. क्र. 62-अ-82-2008-2009.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
( क) जिला- धार
(ख) तहसील- मनावर
( ग) ग्राम- बजट्टाखुर्द
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-14.099 हेक्टर.
सर्वे नम्बर
अर्जित रकबा निजी
(हेक्टर में)
(1)
(2)
0.380
34/3 , 34/4 , 34/5 , 34/2
34/1
0.210
30/1/3
0.050
0.260
167/1/2 , 170/1 /2क
30/2/2/1
0.057
30/2/2/2
0.057
30/2/2/3
0.056
30/2/1
0.025
0.100
168/2 , 170 / 1 ग
'29/1/1
0.030
184/2/3
0.020
29/1/2 , 29/3/1 क
0.045
29/3/2क
0.045
156/2/2
0.130
52/5
0.040
52/2/ 2ख
0.040
52/1/2
0.050
52/1/1
0.050
51/4/3
0.030
48/1/2
0.040
2069 (1)
(2)
51/3
0.030
50/1 ग
0.030
48/2
0.070
48/1/1
0.030
44/2
0.240
89/1ग
0.020
0.040
93/2, 93/1/2
208
0.040
0.500
153/2क, 153/3
153/4
0.010
194/1
0.150
153/5
0.100
194/2
0.150
155/2
0.220
156/1/1
0.020
156/2/1
0.210
177/1
0.350
182/1
0.030
177/4
0.300
178/1
0.300
0.200
181/1/4
89/ 1 क
0.020
181/2
0.270
183/1
0.240
183/2
0.200
183/3
0.100
0.200
168/1/2, 169/1
182/2
0.100
184/1/1
0.100
184/1/2
0.100
197/6/3
0.035
197/2/2
0.080
0.030
197/6/1
197/2/3
0.080
197/3/1
0.150
197/3/2
0.140
0.075
197/4/1 , 197/4/3
197/4/2
0.200
218/3
0.410
221/1
0.200
89 /1 घ
0.020
170/1 ख
0.020
221/3/1
0.010
223/2
0.220 2070
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
(1)
(2) 224/2
0.140 257/1/1
0.030 257/1/2
0:030 257/2/1
0.010 244
0.350
0.225 243/1 , 243/4
0.225 243/2, 243/3
242
0.380 241/9क
0.270 210
0.310
0.020 89/1ख
0.020 89/2/1, 90/4/1
0.020 89/2/5 , 90/4/2
0.020 89/2/6 , 90/4/3
0.020 89/2/11 , 90/4/4
0.065 44/1 , 143/1 ख
0.650 44/2, 143/1 क
44/3
0.065 170/2/1
0.100 170/2/3
0.100 170/2/5
0.100
0.055 170/2/6
170/2/7
0.130
0.075 225 , 226 , 254 / 2 ग
0.210 223/1 , 223/2 , 224/1
0.065 198/4 , 199/1/5 , 199/2/4
199/1/1
199/2/5
0.130 20/3/1
201/1/2
0.170 201/1/3
0.060
0.130 189/1/2 , 201/3/2
0.090 198/3 , 199/1/6 , 199/2/3
0.090 198/2, 199/2/2
201/1/1
0.035
0.090 198/1 , 199/2/1
201/1/4
0.600 201/2/2
0.300
0.080 212/1
0.180
0.130 213/1
213/2
0.035
0.040 153/2ख , 179/4
(1)
(2)
197/2/1
0.085
197/6/2
0.030
197/1/1
0.254
239/2
0.100
50/1क
0.030
योग .. 14.099
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- औंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर.डी. 125860 मी. से निकलने वाली डिस्ट्रीब्यूटरी क्र. 12 एवं उसकी ब्रांच माइनरों के बीच नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भू- अर्जन की धारा 6 के अन्तर्गत अर्जन कार्यवाही हेतु आदेशित किया जाता है .
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला धार एवं भू- अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-30, मनावर , जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 2 अगस्त 2010
क्र. भू-अर्जन-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सागर
(ख ) तहसील- केसली भाग 1 ]
2071
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
(ग ) ग्राम- भौहारा प.ह.नं. 1 .
(घ) लगभग क्षेत्रफल-44.52 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर में से
रकबा (हेक्टर में )
(2)
(1)
2
2.00
3
1.50
7
0.49
8
1.00
0.20
9
10
0.42
0.83
1.03
61
11/2
0.83
13
2.91
38
1.23
39
0.42
40
1.30
41
1.12
51
0.07
.0.85
52
0.42
42
3.00
48
50
0.59
55
2.02
56
2.12
2.09
57
58
4.09
3.41
59
43
2.50
0.60
60.
72
4.18
3.00
73
0.30
74
44.52
योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए आवश्यकता- टिकारी जलाशय योजना की बांध निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षणं , सागर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, देवरी के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , मनीष श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सीहोर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग सीहोर, दिनांक 2 अगस्त 2010
प्र. क्र. 2 - अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके. द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-सीहोर
(ख) तहसील- नसरूल्लागंज
(ग) ग्राम- बोरखेडाकला
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-39.54 एकड़/ 16.001 हेक्टर.
खसरा
नम्बर
रकबा (एकड़ में) (2)
रकबा (हेक्टेयर में) (3) (1)
0.995 337/1 /2ख
2.46
0.506
1.25
337/2ख
0.607
1.50
336/2
0.526
1.30
335/2
0.728
1.80
333/1/1 , 503 ख
1.25
0.506 333/1/3 , 503 ख
0.259
0.64
333/1/8 , 503 ख
0.874
2.16
333/2, 503/2/2
2.40
0.971 333/3 , 503/2/2
0.627
1.55
333/4 , 503/1/2
1.15
0.465 333/3 , 503/2/2
1.30
0.526 333/5 , 503/2
0.146
0.36
402, 403/2/1 ख
1.70
0.688 402, 403/2/2 ख
0.348
0.86
405/1/ 2/ 1 ख
0.336 405/1/2/2ख
0.83
0.15
0.061 405/1/2/3 ख
0.397
0.98
405/1/1ख
0.065
0.16
393, 394/2/2ख
0.52
0.210 393, 394/2/2 ग
0.283
0.70
414, 415, 416/1/1 ख 2072
J
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
(1)
(2)
(3) 414, 415 , 416/1/2/ 2ख
1.20 10.486
0.55
0.222 414, 415 , 416/ 3 ख
417/3/6ख
0.04
0.016 427, 428 , 429 , 435 ,
1.26
0.510 440, 437/427 , 538/427 ,
539/427 , 540/428/ 1 / 1 ख
441/1/2
1.40
0.567 481/2/1 ख
0.96
0.389 481/2/2
0.46
0.186 481/2/3ख
0.66
0.267 448/3/2ख
0.07
0.028 449, 450/2/2
1.65
0.668 451, 452 , 453/3/2
0.98
0.397
0.03
451 , 452, 453/4/2
0.012
1.90
454/1 , 454/2/ 1/1/ 1 / 4ख
0.769
0.70
454/2/2/2
0.283 462/1/3/2
0.28
0.113 462/1/4/2
0.34
0.138 462/1/5/2
0.40
0.162 462/2/2
0.88
0.356
0.76
0.308 457, 458, 459, 460, 461/2/4/2
16.001 हेक्टर में
योग .. 39.54 एकड़
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- खरसानिया उप नहर के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी, नसरूल्लागंज के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 04- अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सीहोर
(ख) तहसील-नसरूल्लागंज
[भाग 1 (ग) ग्राम- धन्नास
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.98 एकड़/ 0.396 हेक्टर .
खसरा
नम्बर
(1)
रकबा (एकड़ में) (2)
रकबा (हेक्टेयर में) (3) 67
0.98
0.396
योग . 0.98
0.396 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-खरमानिया उप नहर के निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी, नसरूल्लागंज के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 05- अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सीहोर
(ख) तहसील- नसरूल्लागंज
( ग) ग्राम-सेमलपानी कदीम
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-5.22 एकड़/ 2.112 हेक्टर.
खसरा
'नम्बर
(1)
रकबा (एकड़ में) (2)
रकबा (हेक्टेयर में) (3) 41/1 , 41/2 , 42/2
1.18
0.47 43/2/4
2.32
0.939 43/ /3
1.72
0.696
योग .. 5.22
2.112 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- खरमानिया उप नहर के निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , नसरूल्लागंज के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 06- अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, भाग 1 ]
2073
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन–
(क) जिला-सीहोर
(ख) तहसील- नसरूल्लागंज
(ग) ग्राम- बालागांव
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-5.56 एकड़/ 2.250 हेक्टर .
खसरा नम्बर (1)
रकबा (एकड़ में) (2)
(ग) ग्राम-रिछाडिया कदीम
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-7.23 एकड़/ 2.926 हेक्टर .
रकबा (एकड़ में)
(2)
रकबा (हेक्टेयर में) (3) खसरा नम्बर (1)
24/1
0.04
0.016 32
0.065
0.16
0.65
0.263 33 , 35/2 , 222/35 , 245/35/1/5/3
0.40
0.162 33 , 35/2 , 222/35 , 245/35/1/3
0.32
0.129 33 , 35/2 , 222/35 , 245/35/4/1
0.80
0.324 33, 35/2, 222/35, 245/35/1/5/2
रकबा
(हेक्टेयर में)
(3)
0.34
234, 235/1
0.138
0.82
0.332 234, 235/2
0.72
0.291 234, 235/3
0.30
0.121 232, 233 , 236/1/1/4
0.54
0.218 238, 239 , 246/1
0.42
0.170 238 , 239 , 246/1
0.40
238 , 239 , 246/1
0.162
1.00
0.405 238 , 239 , 246/2/1
0.98
0.397 238 , 239 , 246/2/2
0.04
0.016 238 , 239 , 246/2/3
2.250
योग .. 5.56
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-खरमानिया उप नहर निर्माण हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , नसरूल्लागंज के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र . क्र. 07- अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्तं प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सीहोर
(ख) तहसील- नसरूल्लागंज
0.80
0.324 33 , 35/2 , 222/35 , 245/35/1/5/4
0.82
0.332 33 , 35/2 , 222/35 , 245/35/4/2
1.76
0.712 33 , 35/2 , 222/35 , 245/35/3/1 }
0.78
0.316 33 , 35/2 , 222/35, 245/35/1/4
35/1/1
0.70
0.283
2.926
योग .. 7.23
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-खरमानिया उप नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , नसरूल्लागंज के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संदीप यादव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर, दिनांक 3 अगस्त 2010
क्र. 5- अ- 82-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि. की उक्त प्रयोजन 2074
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- छतरपुर
(ग) नगर/ग्राम-सीगौन
(घ) लगभग क्षेत्रफल ( निजी भूमि) - 3.247 हेक्टर .
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टर में) (1)
(2)
56
0.110
57
0.080
59
0.040
60
0.020
61
0.180
66
0.030
67
0.150
68
0.040
70
0.020
71
0.100
72
0.040
76
0.050
85
0.050
91
0.060
92
0.150
93
0.070
94
0.100
98
0.100
129
0.020
256
0.070
257
0.120
258
0.130
259
0.030
260
0.270
325
0.190
326
0.130
330
0.020
333
0.090
336
0.050
337
0.100
338
0.050
340
0.140
465
0.060
467
0.157
470/1
0.100
475
0.130
योग .. 3.247
[भाग 1 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है - रजिया तालाब की नहर हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर, छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 7- अ-82-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित. भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील-छतरपुर
(ग ) नगर/ग्राम - दिदौल
(घ ) लगभग क्षेत्रफल ( निजी भूमि ) - 2.952 हेक्टर .
खसरा नम्बर
रकबा
(हेक्टर में)
(1)
(2)
1278
0.051
1285
0.015
1294
0.148
1296
0.144
1297
0.061
1298
0.038
1299
0.049
1304
0.089
1305
0.043
1306
0.143
1409
0.080
1410
0.070
1411
0.102
1412
0.090
1414
0.015
1415
0.045
1416
0.008
1417
0.157
1430
0.189
1433
0.041
1434
0.212
1442
0.152
1456
0.034
1460
0.058
1461
0.128
1464
0.045
1465
0.314
1466
0.008 भाग 1 ]
2075
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
(1)
(2)
1478/1
0.026
1479
0.276
1480
0.121
2.952
योग ..
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- रजिया तालाब की नहर हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर , छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 10- अ-82-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- छतरपुर
(ग) ग्राम- महराजगंज
(घ) लगभग क्षेत्रफल ( निजी भूमि) - 11.828 हेक्टर.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टर में )
(2)
(1)
9
0.170
11
0.070
12
0.020
15
0.110
20
0.150
21
0.028
22
0.090
23
0.070
24
0.050
25
0.100
0.060
27
0.230
46
48
0.220
49
0.117
50
0.030
51
0.223
54
0.150
55
0.150
0.320
56
97
0.090
98
0.170
0.230
99
(2)
(1)
0.010
101
0.640
102
0.320
191
0.820
197
0.080
212
0.160
196/1
196/2
0.160
0.520
200/1 , 202/2
0.190
213/1
-0.190
213/2
677
0.340
0.125
678/1
0.125
678/2
0.250
679/1
0.280
679/2
0.200
687
0.380
688
0.200
691
692/1
0.100
0.100
692/2
0.050
694/1
0.050
694/2
0.030
695/1
0.030
695/2
698/1
0.050
0.050
698/2
0.030
699/1
699/2
0.030
0.170
703
704
0.030
705/1
0.450
0.175
710/1
0.175
710/2
0.030
734
0.200
738
0.180
739
741
0.050
0.360
745
0.280
746
0.050
752
0.140
765
0.110
821
822
0.100
0.050
823
0.520
834
0.200
835/1
0.200
835/2
11.828
योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- तैदुआ तालाब की नहर हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .
2076
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
छतरपुर , दिनांक 4 अगस्त 2010 प्र. क्र. 31 - अ-82-07-08.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील-लौड़ी
(ग ) ग्राम-छटीबम्हौरी
( घ) लगभग क्षेत्रफल ( निजी भूमि) - 16.884 हेक्टर.
अर्जित भूमि का
खसरा नंबर
(1)
अर्जित रकबा (हे. में) (2)
199
0.166 200/2
0.168 206
0.048 211
0.074 212
0.073 213
0.077 214
0.017 220
0.061 221
0.108 225/2
0.127 234
0.074
235
0.012 236/2
0.065
242/2/1
0.015
243/1
0.174
245/2
0.020
245/3
0.020 253
0.039
343
0.003
352
0.007
353
0.197
354
0.079
355
0.005
356
0.153
364/1
0.020
365
0.078
366
0.008
[भाग 1 (1)
(2)
367
0.116
370
0.159
371
0.091
377
0.141
405/2
0.091
439/1
0.007
439/2/1
0.007
445/1
0.021
445/2
0.021
446
0.079
449
0.154
454
0.036
455
0.028
476
0.032
4.77
0.046
0.125
487
488
0.002
489
0.004
490
0.157
491
0.019
609/5/2
0.092
632/1
0.043
632/2
0.015
634/1
0.030
634/2
0.011
635/1
0.132
635/2
0.044
636/1
0.034
636/2
0.033
640/1
0.232
640/2/1
0.232
642/1
0.056
643/1/1
0.040
643/1/2
0.035
651/1
0.130
651/2
0.124
651/3
0.130
651/4
0.130
651/5/1
0.095
651/5/2
0.089
651/5/3
0.038
673/1
0.138
673/2
0.138
680/1
0.007
681/1
0.069 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
(1)
(2) 681/2/1
0.034 681/2/2
0.034 681/3
0.031 683/1
0.065 683/2
0.081 683/3
0.081 683/4
0.081 687/1/1
0.234 687/1/2
0.058 690
0.038 696/1/1
0.050 696/1/2
0.050 696/2/1
0.050 696/2/2
0.050 696/3/1
0.050 696/3/2
0.050 697/1
0.070 697/2
0.070 697/3
0.070 735
0.065 736
0.065 737
0.119 738/2
0.009 748
0.173 749
0.019 755
0.069 757
0.046 760
0.027 762
0.069 763
0.140 764
0.040 766/1
0.119 766/2
0.043 766/2/1
0.040 766/2/2
0.039 766/3
0.119 771
0.002 772
0.221 788
0.080 789
0.031 790
0.122 792
0.041 800/1/1
0.037 800/1/2
0.036 800/2
0.073 853/1
0.149
2077
(2)
(1)
853/2
0.149
859/1
0.153
859/2
0.002
898
0.083
899
0.217
1578
0.161
1579
0.067
1604/1/2
0.027
1604/2
0.027
1963/1
0.054
1963/2
0.070
1964
0.060
2005
0.045
2006
0.108
2007
0.010
2008/2
0.100
2008/8
0.130
2008/9
0.182
2010/1
0.011
2010/2
0.010
2011/1
0.044
2011/2
0.044
2013
0.224
2053
0.002
2054
0.168
2055
0.003
2056
0.096
2057
0.002
2066/1/1
0.080
2066/1/2
0.030
2066/1/3
0.030
0.030
2066/1/4
2066/2
0.170
2067
0.188
2082
0.140
0.115
2083/1
2083/2
0.113
0.113
2083/3
2086
0.096
2093
0.010
2166
0.010
2176
0.132
2180
0.082
2181
0.029
2182
0.117
2185/1
0.047
2185/2
0.047 2078
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
(2) (1)
2187
0.132 2188/1
0.065 2188/2
0.064 2224/1
0.036 2224/2
0.036
0.036 2224/3
2224/4
0.036 2225
0.075 2226
0.130 2242
0.196
0.065 2252
2253
0.177 2256
0.088 2259
0.010 2260
0.008 2266
0.110 2267
0.024
0.091 2268/2
2269
0.086 2270
0.041 2271
0.010 2272
0.091 2276
0.042 2278/1
0.013 2278/2
0.013 2300
0.056 2301
0.081 2302/1
0.020 2652/1/1
0.013 2652/1/2
0.048 2652/2/1
0.048 2652/2/2
0.048 2652/3/1
0.053 2652/3/2
0.048 2653/1 .
0.091
0.091 2653/2
2658/1
0.148 2658/2
0.147 2659/1
0.080 2659/2
0.210 2662
0.082 2663
0.035
0.162 2669
2670/1
0.094 2670/2/1
0.053 (1)
(2)
2670/2/2
0.054
2670/2/3
0.053
2682/1
0.014
2682/2
0.035
2682/3
0.030
0.010
2682/4
0.020
2682/5/1/1
2682/5/1/2
0.020
2682/5/1/3
0.020
2682/5/1/4
0.020
0.070
2682/5/2
2682/6
0.055
2683/1/1
0.003
2683/1/2
0.003
2683/1/3
0.003
2683/1/4
0.003
2683/2
0.003
0.003
2683/3/1
2683/3/2
0.003
0.003
2683/3/3
2683/3/4
0.003
0.003
2683/4/1
2683/4/2
0.003
2687/1
0.012
2687/2
0.008
2733
0.003
0.183
2734
0.008
2783/1
0.132
2786
2787
0.072
2792
0.080
2793
0.124
3310/635/1
0.077
0.059
3310/635/2
योग .. 16.884
( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना के अन्तर्गत लुधगांव डिस्ट्रब्यूटरी , पवई डिस्ट्रब्यूटरी एवं हथौहा डिस्ट्रीब्यूटरी के अन्तर्गत माइनरों के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है .
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौड़ी में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, भावना वालिंबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2079
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
छतरपुर , दिनांक 9 अगस्त 2010
क्र. 23 -अ- 82- भू-अर्जन 2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- बक्स्वाहा
(ग) नगर/ग्राम- करी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.524 हेक्टर.
(1) निजी भूमि-2.524
(2) शास. भूमि-निरंक
खसरा नंबर
रकबा (हे. में )
(1)
(2)
27
0.084
28
0.040
71/3
0.240
74
0.184
75
0.800
76
0.006
79
0.012
80
0.050
81
0.480
83/1
0.280
90/2
0.060
90/4
0.160
91
0.080
92
0.008
94
0.024
95
0.016
कुल योग . 2.524
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- पाली तालाब योजना क़ी नहर निर्माण हेतु भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ई. रमेश कुमार , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला शिवपुरी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग शिवपुरी , दिनांक 5 अगस्त 2010
क्र. 40-08-09 - अ- 82- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क ) जिला- शिवपुरी
तहसील- पिछोर
(ख )
नगर/ग्राम- बदरखा
(ग)
( घ ) क्षेत्रफल लगभग-0.43 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्ट. में )
(1)
(2)
23
0.07
25
0.14
0.07
26
27
0.15
योग .. 0.43
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बिलरऊ दिनारा पोषक नहर योजना के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभागं शिवपुरी के कार्यालय में किया जा 'सकता है .
क्र. 41-08-09 - अ- 82- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- शिवपुरी
(ख) तहसील- पिछोर 2080
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
(ग) नगर/ग्राम- मसूदा
(घ) क्षेत्रफल लगभग-8.86 हेक्टेयर.
खसरा, नम्बर
रकबा
(हेक्ट. में) (1)
(2) 682
0.46 683
0.45 678
0.05 689
0.06 679
0.44 676
0.35 675
0.20 674
0.10 671
0.11 664
0.10 641
0.15 636
0.07 635
0.04 630
0.16 629
0.07 :
628
0.06 516
0.32 495
0.06 509
0.12 508
0.26 *507
0.15 499
0.09 461
0.09 453
0.01 443
0.14 444
0.03 446
0.25 498
0.09 154
0.15 155
0.01 157
0.02 158
0.01 159
0.20 162
0.10 184
0.28 185
0.17 188
0.07 195
0.01 216
0.30 222
0.02
[भाग 1 (1)
(2)
223
0.25
228
0.10
249
0.05
247
0.07
279
0.10
286
0.06
290
0.02
291
0.35
460
0.25
456
0.13
457
0.04
458
0.18
459
0.03
436
0.02
437
0.20
439
0.19
533
0.25
535
0.30
292
0.19
451
0.15
435
0.02
248
0.01
156
0.08
8.86
योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बिलरऊ दिनारा पोषक नहर योजना के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग शिवपुरी के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 42-08-09- अ-82- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- शिवपुरी
(ख) तहसील- पिछोर भाग 1 ]
2081
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
(ग) नगर/ग्राम- सुजावनी
(घ) क्षेत्रफल लगभग-2.08 हेक्टेयर .
खसरा नम्बर
(1)
रकबा (हेक्ट. में) (2)
250
0.10
251
0.10
252
0.09
253
0.09
259
0.21
257
0.06
202
0.02
260
0.08
201
0.15
200
0.10
50
0.06
54
0.06
49
0.08
48
0.08
47
0.02
46
0.02
44
0.44
42
0.16
36
0.10
38
0.04
34
0.02
2.08
योग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बिलरऊ दिनारा पोषक नहर योजना के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग शिवपुरी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 43-08-09 - अ- 82- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- शिवपुरी
(ख) तहसील- पिछोर
(ग) नगर/ग्राम- हिम्मतपुर डामरोन
(घ) क्षेत्रफल लगभग- 1.04 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्ट. में)
(1)
(2)
1759
0.07
1760
0.07
0.11
1761
0.12
1766
1767
0.23
0.03
1768
1770
0.27
1771
0.04
1772
0.10
योग . 1.04
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बिलरऊ दिनारा पोषक नहर योजना के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग शिवपुरी के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 44-08-09 -अ-82- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- शिवपुरी
(ख) तहसील- करैरा
नगर/ग्राम- ढांड (ग)
क्षेत्रफल लगभग - 2.92 हेक्टेयर. (घ)
खसरा नम्बर
(1)
रकबा (हेक्ट. में) (2)
444
0.1
445
0.51
447
0.19 2082
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
(1)
(2) 448
0.16 454
0.12 505
0.26 507
0.02 511
0.04 513
0.80 514
0.08 515
0.04 516
0.06 517
0.18 534
0.06 536
0.06 537
0.02 538
0.06 540
0.04 541
0.10 544
0.04 545
0.08 546
0.07 548
0.02 549
0.08 556
0.08 557
0.08
0.03 589
590
0.03 553
0.02 554
0.02 597
0.02 598
0.01 550
0.01 704
0.04
योग .. 2.92 ( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बिलरऊ दिनारा पोषक नहर योजना के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग शिवपुरी के कार्यालय में किया जा सकता है.
[भाग 1 क्र. 45-08-09 - अ- 82- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- शिवपुरी
(ख) तहसील - करैरा
(ग) नगर/ग्राम- बैसोरा खुर्द
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 8.60 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
रकबा
(हेक्ट. में)
(1)
(2)
23/2
0.01
24
0.02
25/2
0.09
27
0.58
28
0.11
29
0.24
37
0.06
38
0.33
39
0.01
40
0.15
47
0.27
48
0.28
50
0.48
58
0.41
59
0.01
60
0.42
72/1
0.03
72/2
0.05
74
0.03
75
0.02
76
0.08 .
77
0.03
78
0.01
79
0.02
80/1
0.06 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
(1)
(2)
80/2
0.12
86/1
0.12
89
0.06
90/1
0.07
90/2
0.04
90/3
0.08
92
0.17
93/2
0.01
100/1/1
0.04
100/1/2
0.04
100/1/3
0.04
100/2/1
0.06
100/2/2
0.06
0.03
101/1/2
0.03
101/1/3
0.03
101/2/1
0.04
101/2/2
0.05
234
0.13
246
0.34
251
0.16
252
0.07
253
0.12-
257
0.15
259
0.14
260
0.14
262
0.27
263
0.04
272
0.01
273
0.18
286
0.61
288
0.63
289
0.23
296
0.42
297
0.07
योग . 8.60
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बिलरऊ दिनारा पोषक नहर योजना के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग शिवपुरी के कार्यालय में किया जा सकता है.
2083 क्र. 46-08-09- अ-82- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
जिला- शिवपुरी
(क)
(ख) तहसील- करैरा
(ग) नगर/ग्राम- बेसोराकला
(घ) क्षेत्रफल लगभग-9.22 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
रकबा
(हेक्ट. में)
(1)
(2)
561
0.03
562
0.04
563
0.17
564
0.04
569
0.05
589
0.08
590
0.02
591
0.01
593
0.15
594
0.13
596
0.11
597
0.02
603
0.08
604
0.12
605
0.01
606
0.07
607
0.05
608
0.03
609
0.01
610
0.09
612
0.05
613
0.02
0.12
614
615
0.02 2084
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010`
(1)
(2) 617
0.04 694
0.02 696
0.06 697
0.11 698/1
0.02 698/2
0.08 699
0.05 700
0.10 872
0.10 873
0.03 879
0.03 878
0.06 870
0.03 871
0.02 880/1
0.13 880/2
0.05 881
0.16 882
0.01 887
0.10 888
0.03 945
0.02 946/1
0.05 946/2
0.11 947
0.12 948
0.10 949
0.10 951
0.09 952
0.13 957
0.20 959
0.08 960
0.11 961/2
0.19 965
0.06 967/2
0.12 968/2
0.07 969
0.02 970
0.15 971
0.02 972
0.24 978
0.08
[भाग 1 (1)
(2)
979
0.06
985
0.01
986
0.20
987
0.15
988/1
0.13
988/2
0.02
989
0.10
1017/2/1
0.24
1018
0.32
1019
0.01
1048
0.02
1080
0.12
1142
0.16
1143
0.15
1207
0.11
1211
0.06
1212
0.16
1213
0.17
1243 .
0.25
1247
0.05
1248
0.18
1249
0.08
1250
0.14
1252
0.03
1256/1
0.06
1269
0.04
1270
0.12
1274
0.15
1276
0.14
1277
0.25
1279
0.02
1281
0.01
1282
0.05
1283
0.05
1284
0.17
1285
0.11
1306
0.01
1307
0.09
1309/1
0.22
9.22
कुल योग .
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बिलरऊ दिनारा पोषक नहर योजना के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग शिवपुरी के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजकुमार पाठक, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला देवास, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग देवास, दिनांक 10 अगस्त 2010
क्र. 1044 - भू-अर्जन-10-प्र. क्र. 6-अ-82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- देवास
(ख) तहसील- देवास
(ग) ग्राम रसूलपुर
( घ) लगभग क्षेत्रफल-12.510 हेक्टर
सर्वे नम्बर
प्रभावित रकंबा
(हे. में. )
(1)
(2)
230 पैकी
0.112
235 पैकी
0.081
2085 (1)
(2)
257 पैकी
0.030
258/404 पैकी
0.246
260 पैकी
0.252
271 पैकी
0.180
272पैकी
0.240
273 पैकी
1.259
275 पैकी
0.357
276 पैकी
0.382
277 पैकी
1.200
278 पैकी
1.360
279
1.092
280 पैकी
0:480
282पैकी
0.290
284 पैकी
1.530
285 पैकी
1.760
286 पैकी
0.260
287 पैकी
0.192
289 पैकी
0.272
290 पैकी
0.042
292पैकी
0.017
292/2 पैकी
0.042
352पैकी
0.069
353 पैकी
0.315
255 पैकी
0.450
355 पैकी
0.112
योग .. 12.510
(2) सार्वजनिक प्रयोजन- देवास विकास प्राधिकरण की ट्रान्सपोर्ट नगर योजना के अन्तर्गत आने से भूमि का अर्जन.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय , जिला देवास एवं देवास विकास प्राधिकरण, देवास के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पुष्पलता सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2086
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रायसेन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग रायसेन, दिनांक 16 अगस्त 2010
प्र. क्र. 3 -अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रायसेन
(ख ) तहसील- बेगमगंज
( ग ) ग्राम - साजखेड़ा, शाहपुर सुल्तानपुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 25.963 हेक्टर
खसरा नम्बर
कुल रकबा अर्जित किये जाने वाला रकबा
(हे. में) (1)
(2)
(3)
ग्राम-साजखेड़ा
159/2
0.925
0.757 156/1
1.975
1.975 143/1
1.853
1.380
1.369
0.481 144, 145 , 146
159/3
0.926
0.926 156/2/2
4.711
3.456 143/2
0.219
0.219
1.729
1.729 153 , 154/1/1/1
1.401
153 , 154/1/3
1.401
[भाग 1 (1)
(2)
(3)
0.283
168/143
0.283
1.336
1.336
153, 154/1/2 .
0.251
1.251 153 , 154/1/2/2
152
0.368
0.368
0.372
0.372 153 , 154/2
150
0.628
0.121 143/3
1.165
1.012 148
0.943
0.137 147
0.210
0.040
0.128
0.128 162, 145/2
ग्राम-शाहपुर सुल्तानपुर
22
4.108
1.437 20/2
2.602
0.016
7.119
0.728 17, 18/1
7.123
1.335 17, 18/2
21/1
1.768
0.809 21/2
1.768
0.850 23/2
1.044
1.214
23/1/2
0.405
0.243 23/3
0.809
0.607 15/1
0.627
0.485 15/2
0.788
0.057 15/3
1.311
0.364 7/5
1.342
0.405 9/5
0.405
0.211
योग .. 25.963 (2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन - साजखेड़ा तालाब योजना.
( 3) भूमि का नक्श ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , बेगमगंज में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुनीतात्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 27 जुलाई 2010
क्र. 669- गोपनीय- 2010-दो-2-1-2010 ( भाग- बी ).- न्यायिक अधिकारियों जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है , को न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में दो दिवसीय कार्यशाला " Key issues and Challenges under Scheduled Castes and Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities ) Act, 1989 /NDPS Act, 1985 " , जो दिनांक 13 अगस्त 2010 एवं 14 अगस्त 2010 तक की अवधि के लिये आयोजित है , हेतु संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान, संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 13 अगस्त 2010 को प्रातःकाल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है .
प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी:-
1. अपरिहार्य मामलों को छोड़कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा . समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजा जावे, जिससे कि निदेशक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें.
2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 13 अगस्त 2010 को प्रातः काल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें .
3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट, ग्रे पेंट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होवें. महिलाः न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाउज व काले कोट में उपस्थित होवें .
4. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे कार्यशाला में उपस्थित होते समय, उनके न्यायालय में लंबित प्रकरणों की संख्या तथा पिछले वर्ष में निराकृत प्रकरणों की संख्या साथ लेकर आवें.
5. टी.ए. एवं डी.ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे, जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं.
2087
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
6. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासहीनता माना जावेगा.
7. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन पर टैम्पो ट्रैक्स की व्यवस्था की जावेगी. जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरु होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी. अतः न्यायिक अधिकारी , जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के कार्य दिवस में प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच दूरभाष क्रमांक 0761-2628679 पर समयावधि रहते सूचित करें.
8.. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिये न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है, जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरु होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी . यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के द्वितीय एवं तृतीय तल पर, स्वास्थ्य कारणों से, ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा , जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी. इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी. ए. एवं डी. ए. क्लेम करने के पात्र होंगे.
9. न्यायिक अधिकारियों को यह निर्देशित किया जाता है कि प्रशिक्षण उपरांत अपनी वापसी की यात्रा का आरक्षण , उन्हें स्वयं ही कराना होगा . इस हेतु प्रशिक्षण संस्थान की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी .
10. न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय , नाश्ता तथा दोपहर एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.
क्र. 671 -गोपनीय- 2010-दो-2-1-2010 ( भाग- बी ) - न्यायिक अधिकारियों जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है , को न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में दो दिवसीय कार्यशाला " Key issues and Challenges under Electricity Act , 2003" , जो दिनांक 9 अगस्त 2010 से 10 अगस्त 2010 तक की अवधि के लिये आयोजित है, हेतु संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान, संस्थान , प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 9 अगस्त 2010 को प्रातःकाल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है.
2088
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
[ भाग 1 प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी:-
उपलब्ध रहेगी . यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के द्वितीय एवं तृतीय तल पर, स्वास्थ्यकारणों से, ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा , जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी . इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी. ए. एवं डी. ए. क्लेम करने के पात्र होंगे.
1. अपरिहार्य मामलों को छोड़कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा . समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजा जावे , जिससे कि निदेशक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें.
9. न्यायिक अधिकारियों को यह निर्देशित किया जाता है कि प्रशिक्षण उपरांत अपनी वापसी की यात्रा का आरक्षण , उन्हें स्वयं ही कराना होगा. इस हेतु प्रशिक्षण संस्थान की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी.
10. न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय, नाश्ता तथा दोपहर एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.
2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल , उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर के समक्ष दिनांक 9 अगस्त 2010 को प्रातः काल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें.
जबलपुर, दिनांक 31 जुलाई 2010 3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट , ग्रे पेंट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होवें. महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाउज व काले कोट में उपस्थित होवें.
4. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे कार्यशाला में उपस्थित होते समय, उनके न्यायालय में लंबित प्रकरणों की संख्या तथा पिछले वर्ष में निराकृत प्रकरणों की संख्या साथ लेकर आवें.
क्र. 686 -गोपनीय- 2010-दो- 3-1-2010 ( भाग- एक-ए) .- न्यायिक अधिकारियों जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है , को न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में छः दिवसीय "Applicationof Information and Communication Technology to District Judiciary " जो दिनांक 16 अगस्त 2010 से 21 अगस्त 2010 तक की अवधि के लिये आयोजित है , हेतु संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान , संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर के समक्ष दिनांक 16 अगस्त 2010 को प्रातःकाल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है .
5. टी.ए. एवं डी.ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे, जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं.
प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी:-
6. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासहीनता माना जावेगा.
1. अपरिहार्य मामलों को छोड़कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा . समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजा जावे , जिससे कि निदेशक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें.
7. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन पर टैम्पो ट्रेक्स की व्यवस्था की जावेगी . जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरु होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी. अतः न्यायिक अधिकारी , जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के कार्य दिवस में प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच दूरभाष क्रमांक 0761-2628679 पर समयावधि रहते सूचित करें.
2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 16 अगस्त 2010 को प्रातः काल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें.
3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट , ग्रे पेंट तथा काली टाई में 8. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिये न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है , जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरु होकर प्राशक्षण के समाप्त होने थि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक भाग 1 ]
2089
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
जबलपुर, दिनांक 21 जुलाई 2010 उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होवें. महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाउज व काले कोट में उपस्थित होवें .
क्र. C-3258- दो-2-23-09-डॉ. अनिल पारे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर को दिनांक 19 जून 2010 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
4. टी.ए. एवं डी.ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे , जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं.
अवकाश से लौटने पर डॉ. अनिल पारे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर को श्योपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
5. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासनहीनता माना जावेगा.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि डॉ. अनिल पारे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 3260- दो- 2-60-09- श्री अभिनन्दन कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बैतूल को दिनांक 19 जून 2010 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
6. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन पर टैम्पो ट्रेक्स की व्यवस्था की जावेगी. जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरु होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी. अंतः न्यायिक अधिकारी जबलपुर पहुंचने का सही संमय इस कार्यालय के कार्य दिवस में प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच दूरभाष क्रमांक 0761-2628679 पर समयावधि रहते सूचित करें .
अवकाश से लौटने पर श्री अभिनन्दन कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बैतूल को बैतूल पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अभिनन्दन कुमार जैन, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
7. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिये न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है , जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरु होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी. यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के द्वितीय एवं तृतीय तल पर, स्वास्थ्य कारणों से, ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा, जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी. इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी . ए. एवं डी. ए. क्लेम करने के पात्र होंगे.
क्र. C- 3264-दो - 3-85-2000- श्री प्रवीण शाह , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छिन्दवाड़ा को दिनांक 15 से 17 जून 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
8. न्यायिक अधिकारियों को यह निर्देशित किया जाता है कि प्रशिक्षण उपरांत अपनी वापसी की यात्रा का आरक्षण , उन्हें स्वयं ही कराना होगा. इस हेतु प्रशिक्षण संस्थान की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी.
अवकाश से लौटने पर श्री प्रवीण शाह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छिन्दवाड़ा को छिन्दवाड़ा पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
9. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे अपने साथ Laptop Computers with Peripherals एवं Software CDsप्रशिक्षण सत्र में साथ लावें. साथ ही ई - कमेटी द्वारा प्रदाय की गई अध्ययन सामग्री व उच्च न्यायालय द्वारा प्रदाय किया गया " लेपटाप संचालन मार्गदर्शिका " भी साथ लेकर आवें.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री प्रवीण शाह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
10. न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय , नाश्ता तथा दोपहर एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,
क्र. C- 3267-दो - 2-40-09.- श्रीमती कुमुदबाला बरणा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डलेश्वर को दिनांक 22 से 26 जून 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके पांच दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
टी. के. कौशल , रजिस्ट्रार जनरल.
2090
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
[भाग 1 अवकाश से लौटने पर श्रीमती कुमुदबाला बरणा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मण्डलेश्वर को मण्डलेश्वर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
क्र. C- 3546-दो-3-48-2001.- श्री एस . एम . श्रीवास्तव , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , सागर को दिनांक 14 से 18 जून 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन के स्वीकृत ग्रीष्मकालीन अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 19 से 25 जून 2010 तक सात दिन का कम्युटेड अवकाश और स्वीकृत किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अवकाश से लौटने पर श्री एस. एम. श्रीवास्तव, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , सागर को सागर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कुमुदबाला बरणा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस . एम . श्रीवास्तव , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
जबलपुर, दिनांक 30 जुलाई 2010 क्र. C - 3284-दो-2-22-2008.- श्री ऋषभ कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अनूपपुर को दिनांक 12 से 17 जुलाई 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक. 11 जुलाई 2010 के एवं पश्चात् में दिनांक 18 जुलाई 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री ऋषभ कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अनूपपुर को अनूपपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. C-3574-दो -2-36-2008.- श्री आर. के. गुप्ता , अपर जिला न्यायाधीश/ओ . एस.डी. ( सतर्कता एवं निरीक्षण ) ग्वालियर को दिनांक 5 से 9 जुलाई 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 4 जुलाई 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री ऋषभ कुमार जैन , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. गुप्ता, अपर जिला न्यायाधीश/ ओ. एस.डी. ( सतर्कता एवं निरीक्षण ) ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
जबलपुर, दिनांक 29 जुलाई 2010
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. के. गुप्ता, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अपर जिला न्यायाधीश/ ओ . एस.डी. (सतर्कता एवं निरीक्षण ) के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 3544- दो - 3-85-2000.- श्री प्रवीण शाह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छिन्दवाड़ा को दिनांक 2 से 3 जुलाई 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 4 जुलाई 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री प्रवीण शाह , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छिन्दवाड़ा को छिन्दवाड़ा को पुनः पदस्थापित किया जाता है.
क्र. C -3576- दो- 2-23-09- डॉ. अनिल पारे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर को दिनांक 12 से 17 जुलाई 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 11 जुलाई 2010 के एवं पश्चात् में दिनांक 18 जुलाई 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अवकाश से लौटने पर डॉ. अनिल पारे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , श्योपुर को श्योपुर को पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री प्रवीण शाह , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
भाग 1 ]
2091
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
प्रमाणित किया जाता है कि डॉ. अनिल पारे उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 3578-दो-2-36-2010.- श्री अनुराग श्रीवास्तव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालाघाट को दिनांक 28 जून से 3 जुलाई 2010 तक छः दिन के पूर्व स्वीकृत अर्जित अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 4 से 5 जुलाई 2010 तक दो दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री अनुराग श्रीवास्तव , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बालाघाट को बालाघाट पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था. ** प्रमाणित किया जाता है कि श्री अनुराग श्रीवास्तव उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार, जबलपुर, दिनांक 22 जुलाई 2010
क्र. C- 3298-दो-3-14-2005.- श्री जे . पी. गुप्ता, डायरेक्टर जे. ओ . टी. आर. आई. , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को दिनांक 13 से 16 जुलाई 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 17 एवं 18 जुलाई 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री जे. पी. गुप्ता, डायरेक्टर, जे . ओ . टी. आर. आई. , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री जे. पी . गुप्ता उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो डायरेक्टर के पद पर कार्यरत रहते .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार .
जबलपुर, दिनांक 23 जुलाई 2010
क्र. 660- गोपनीय- 2010- दो- 2-1-2010 ( भाग -ए) .-शुद्धि- पत्र.- रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 620- गोपनीय 2010-दो-2-1-2010 , दिनांक 16 जुलाई 2010 की सारणी के सरल क्रमांक 2 पर अंकित श्रीमती केशर यादव, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय , रीवा के नाम के सामने कालम नंबर ( 6 ) पर अंकित टिप्पणी " सिविल जिला, बैढ़न ( सिंगरौली ) . जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बैढ़न (सिंगरौली) की हैसियत से नवनिर्मित सिविल जिले में " . के स्थान पर " सिविल जिला, सिंगरौली मुख्यालय बैढ़न. जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सिंगरौली की हैसियत से नवनिर्मित सिविल जिले में. " पढ़ाजावे.
टी. के. कौशल , रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 16 जुलाई 2010
क्र. 620-गोपनीय- 2010- दो- 2-1-2010 ( भाग- ए ).- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश निम्नलिखित जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान में स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) निर्दिष्ट सिविल जिले के लिये जिला न्यायाधीश की हैसियत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है . साथ ही दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 9 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उन्हें उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सत्र न्यायालय में सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है:-
सारणी
नाम
क्रमांक
कहां से (1)
( 2)
(3) 1
रीवा श्री राजीव सक्सेना ,
जिला एवं सत्र न्यायाधीश , रीवा.
कहां को पदस्थापना के जिले का नाम
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)
(4)
(5)
होशंगाबाद
होशंगाबाद
सिविल जिला, होशंगाबाद. जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री एच. के. दुबे के स्थान पर. ( दिनांक 31-7-2010 को रिक्त होने वाले पद पर) .
2092
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
[भाग 1 (1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) 2
रीवा
बैढ़न (सिंगरौली)
बैढ़न ( सिंगरौली )
श्रीमती केशर यादव, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय , रीवा.
सिविल जिला, बैढ़न ( सिंगरौली ) . जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बैढ़न ( सिंगरौली) की हैसियत से नवनिर्मित सिविल जिले में.
3
नीमच -
नीमच
जबलपुर
श्री राम निवास पटेल, अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता फोरम, जबलपुर के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.
सिविल जिला, नीमच . जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नीमच की हैसियत से श्री एस. एन. शर्मा के स्थान पर. (दिनांक 31-7-2010 को रिक्त होने वाले पद पर).
4
रीवा
रीवा
जबलपुर
सिविल जिला, रीवा. जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रीवा की हैसियत से श्री राजीव सक्सेना के स्थान पर.
श्री सुशील कुमार पालो , सदस्य सचिव , म. प्र . विधिक सेवा प्राधिकरण , जबलपुर के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.
5
शहडोल
हरदा
हरदा
श्री ओम प्रकाश दुबे ( जूनियर ) , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शहडोल.
सिविल जिला हरदा. जिला एवं सत्र न्यायाधीश , हरदा की हैसियत से श्री जे . पी. पाराशर के स्थान पर.
6
हरदा
शहडोल
शहडोल
श्री जगदीश प्रसाद पाराशर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , हरदा.
सिविल जिला, शहडोल . जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शहडोल की हैसियत से श्री ओम प्रकार दुबे (जूनियर ) के स्थान पर.
क्र. 621 -गोपनीय - 2010- दो- 2-1-2010 ( भाग- बी ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारियों ( अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ) को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर, उक्त न्यायिक अधिकारियों के समक्ष स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है .
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , उच्च न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारी को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है: -
सारणी
क्र.
नाम
कहां से
कहां को
(1)
(2)
(3)
(4)
सत्र खण्ड का नाम (5)
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)
1
रतलाम
सिरौंज
श्री राजीव भट्जीवाले
विदिशा
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिरौंज के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, स्थान- सिराँज, जिला विदिशा की हैसियत से.
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
(1)
(2)
(3) 2
छतरपुर श्री योगेश चन्द्र गुप्त
3
करैरा श्री सुधीर कुमार अवस्थी
4 श्री तुलसी राम उईके
शुजालपुर 5 श्री रामानंद चन्द
सागर
2093 (5)
(4)
(6)
रीवा
रीवा
षष्ट्म अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
बैतूल
बैतूल
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
गाडरवारा नरसिंहपुर द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .
डबरा ग्वालियर
6 श्री दीपक गुप्ता
नरसिंहपुर
द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
अनूपपुर
अनूपपुर
जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अनूपपुर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से .
क्र. 622 - गोपनीय- 2010- दो- 2-1-2010 ( भाग- बी ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी ) को सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट स्थान पर अपर जिला न्यायाधीश ( फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी ) की हैसियत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्न पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट्स को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है:-
क्र.
नाम
कहां से (1)
(2)
(3) 1 श्री प्रकाश चन्द्र आर्य
अशोकनगर सारणी
कहां को
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी
(4)
सत्र खण्ड का नाम (5)
(6)
बासौदा विदिशा
द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( फास्ट ट्रैक कोर्ट ) , बासौदा के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.
जबलपुर, दिनांक 21 जुलाई 2010
क्र. 638 - गोपनीय- 2010- दो-3-250-57 ( भाग-29 ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 सहपठित सिविल कोर्ट्स एक्ट , 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 11 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर द्वारा निम्न न्यायिक अधिकारी को, जिनका नाम निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में अंकित है, और जिन्हें मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक फा. 3 ( बी ) 1 / 2009 / 21 - ब ( एक ) ( मेरिट क्रमांक ) दिनांक 2 जुलाई , 2010 एवं 20 जुलाई, 2010 द्वारा अस्थायी तौर से ( दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर ) मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा, वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) में नियुक्त किया गया है. उनके नाम के समक्ष स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये स्थान पर एवं स्तम्भ क्रमांक ( 4 ) में अंकित व्यवहार न्यायाधीश , 2094
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
[भाग 1 वर्ग-2 के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश तथा न्यायिक दण्डाधिकारी द्वितीय श्रेणी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ किया जाता है :-
क्रमांक
नाम
प्रशिक्षण हेतु पदस्थापना का स्थान (1)
(2)
(3) 1
सुश्री स्वाति चौकसे
गुना 2
श्री राकेश सनोडिया
छिन्दवाड़ा
सारणी
न्यायालय का नाम जिसके अतिरिक्त. न्यायाधीश नियुक्त एवं पदस्थ
(4)
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , गुना के न्यायालय के चतुर्थ अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज ) .
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , छिन्दवाड़ा के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज) .
टिप्पणी .- रजिस्ट्री के आदेश क्रमांक 604 /गोपनीय /2010/दो- 3-250/ 57 ( भाग -29 ) जबलपुर, दिनांक 14 जुलाई , 2010 , जहाँ तक इसका संबंध, सुश्री स्वाति चौकसे की प्रशिक्षण हेतु पदस्थापना प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , छतरपुर के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज ) छतरपुर से है एतद्वारा निरस्त की जाती है.
क्र. 640 -गोपनीय- 2010-दो- 2-1-2010 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारियों ( अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ) को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर, उक्त न्यायिक अधिकारियों के समक्ष स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है .
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , उच्च न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारी को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है:-
सारणी
क्र.
नाम
कहां से कहां को (2)
(1)
(3)
(4) 1
करैरा
मुंगावली श्री सुधीर कुमार अवस्थी
2
बैतूल श्री माइकल सेमुअल
मुंगावली
सत्र खण्ड
का नाम
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी
(6)
(5)
अशोकनगर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मुंगावली के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से श्री माइकल सेमुअल के स्थान पर.
बैतूल
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .
क्र. 641 -गोपनीय- 2010-दो-3-1-2010 ( भाग- ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालये, मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार, न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी को स्थानांतरित कर उनके नामों के समक्ष स्तम्भ क्रमांक ( 4 ) में अंकित स्थान एवं स्तम्भ क्रमांक ( 6 ) में अंकित पद पर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से वेतनमान रुपये 14,200-350-15,950-400-18,350/- में उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है .
भाग 1 ]
2095
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 12 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 को उनके नामों के समक्ष स्तम्भ ( 5 ) में अंकित जिले में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है :-
नाम
क्र.
कहां से (2)
(3) (1)
1
कन्नौद श्री सुधीर सिंह चौहान
सारणी
कहां को
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी
पदस्थापना के जिले का नाम
(6)
(5)
(4)
व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , सिंगरौली मुख्यालय बैढ़न की हैसियत से नवनिर्मित सिविल जिले में.
सिंगरौली मुख्यालय बैढ़न
सिंगरौली मुख्यालय बैढ़न
टिप्पणी.- रजिस्ट्री के आदेश क्रमांक 621 /गोपनीय/2010/दो - 2-1/2010 ( भाग - बी ) दिनांक 16 जुलाई 2010 , जहाँ तक इसका संबंध श्री सुधीर कुमार अवस्थी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , करैरा के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, करैरा जिला शिवपुरी का, करैरा से बैतूल स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
जबलपुर, दिनांक 23 जुलाई 2010
क्र. 655- गोपनीय - 2010- दो- 3-1-2010 ( भाग- बी ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 एवं न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है:-
कहां से नाम
क्रमांक
(1)
(2)
(3) 1
जोबट श्री दारासिंह मण्डलोई
श्रीमती सोनल पटेल
2
इन्दौर 3 श्री नीरज मालवीया
झाबुआ 4 श्री दिलीप सिंह
बड़नगर
ग्वालियर 5 श्री जैनुल आबदीन
सारणी
कहां को पदस्थापना के जिले का नाम
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)
(5)
(4)
हातोद
इन्दौर
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
बेगमगंज
रायसेन
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
देवास
कन्नौद
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
सीहोर
आष्टा
द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 हैसियत से नवनिर्मित की न्यायालय में.
सीधी
देवसर
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
2096
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
(1)
(2)
(3) 6
शाजापुर कुमारी अपर्णा ठाकुर
7 श्री राजेश शर्मा
दतिया 8
सोनकच्छ श्रीमती ज्ञानेश्वरी कुमरे
9 कुमारी ज्योति डोंगरे
छिन्दवाड़ा 10
सिंरौज कुमारी शोभना भलावे
11 श्री प्रवीण शिवहरे
मुरैना 12
इन्दौर श्रीमती अभिलाषा एन . मवार
[भाग 1
(4)
(5)
(6)
खरगौन मण्डलेश्वर
की द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में .
खरगौन मण्डलेश्वर
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
बैतूल
बैतूल
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
देवास
सोनकच्छ
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से श्रीमती ज्ञानेश्वरी कुमरे के स्थान पर.
छिन्दवाड़ा
छिन्दवाड़ा
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
हरदा
हरदा
द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.
बैरसिया
भोपाल
द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.
क्र. 658 -गोपनीय- 2010-दो- 2-1-2010 ( भाग- ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , निम्नलिखित जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान में स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट सिविल जिले के लिये जिला न्यायाधीश की हैसयत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है . साथ ही दण्ड प्रक्रिया, संहिता, 1973 की धारा 9 की उपधारा (2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उन्हें उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सत्र न्यायालय में सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है : - क्रमांक
नाम
कहां से (2)
(1)
(3) 1
भोपाल श्री आर. बी. एस. बघेल, आयुक्त, विभागीय जांच , म. प्र . शासन , सामान्य प्रशासन , विभाग, भोपाल के पद से . प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.
सारणी
कहां को
(4)
पदस्थापना के जिले का नाम (5)
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)
विदिशा
विदिशा
सिविल जिला, विदिशा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , विदिशा की हैसियत से श्री ए. के. चतुर्वेदी के स्थान पर.
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, टी. के. कौशल , रजिस्ट्रार जनरल.
2097
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 अगस्त 2010
भाग 1 ]
निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं
विधि और विधायी ( निर्वाचन ) कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 17 अगस्त 2010
क्र. 22- वि.निर्वा.-2010-172.- भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना क्रमांक 82- म.प्र.- वि.स. - 55-2010 , दिनांक 23 जुलाई 2010 सर्वसाधारण की जानकारी के लिये प्रकाशित की जाती है:-
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, प्रेमचन्द मीना, प्रमुख सचिव.
ELECTION COMMISSION OF INDIA Nirvachan Sadan , Ashoka Road , New Delhi - 110001 New Delhi , Dated 23rd July , 2010 , 1 Shravana , 1932 ( Saka)
NOTIFICATION .
No. 82- MP - LA - 55-2010. In pursuance of Section 106 ofthe Representation of the People Act , 1951 (43 of 1951 ) , theElection Commission hereby publishes the judgement of the High Court of Madhya Pradesh at Jabalpur dated 10. - 05-2010 in Election Petition No. 2 of 2009 filed by Sh . Chandrabhan Bhaiya Chellenging the election of Sh . Jayant Kumar to the Madhya Pradesh Legislative Assembly from 55 - Damoh Assembly Constituency.
HIGH COURT OF MADHYA PRADESH , JABALPUR
Election Petition No. 2/2009 Date of Hearing : 10-2-2010
Date of Order : 10-5-2010
ORDER
This order shall govern disposal of the following interim applications moved on behalf of the respondent No.1- (i) Ι.Α. No.45/2009 , which is an application , under Order 6 Rule 16 of the Code of Civil Procedure (for short 'the Code ' ) read with Sections 86 and 87 of the Representation of People Act , 1951 (hereinafter referred to as ' the Act ' ) , for striking out the pleading at paragraph nos.3 to 10, 12 to 19 and 21 - A. to 26 in the election petition as unnecessary , scandalous , frivolous or tend to prejudice or embarrass the trial .
(ii) I.A. No. 46/2009 , which is an application , under Order 7 Rule 11 of the Code read with Section 86 and 87 of the Act for rejection of the petition at the threshold on the ground that it does not disclose any cause of action .
2. In this petition , election of the returned candidate viz. the respondent no.1 to M.P. Legislative Assembly Constituency No.55 , Damoh ( for brevity ' the Constituency' ) has been called in question on grounds mentioned in sub - sections ( 1 ) ( b ) , (1 ) (c) and 1 (d) of Section 100 of the Act . The corrsponding calendar was notified as under-
Date (3) Particulars (2)
Sl . No. (1)
7-11-08 (i) Last date for filling nominations
Petitioner
Chandbhan Bhaiya
V/s
Jayant Kumar Malaiya and others
10-11-08 (ii) Last date for the withdrawal ofcandidature .
27-11-08 (iii) Date of Poll
Respondents
Shri Manoj Sharma , Advocate for the petitioner .
Shri Anand Mohan Mathur , Senior counsel with Shri P.D. Gupta , Advocate for the respondent No. 1 .
Ms. Seema Agrawal , Advocate for the respondent Nos . 2, 3 , 4, 5 , 10, 11 and 13 .
Shri S.D. Mishra , Advocate for the respondent No. 9 .
18-12-08 (iv) Date of Counting of Votes/ Declaration of Result.
3. Admittedly, the petitioner had contested all the earlier elections including the one to the Lok Sabha in the year 2004 as authorised candidate of Bhartiy Janta Party (BJP).
4. Material averments made by the petitioner in the petition may be summarized thus-
(i) Not being able to vote in favour of no confidence motion tabled by the BJP against 2098
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the ruling alliance at the Centre led by Indian National Congress ( INC) , the petitioner was expelled from the primary membership of the party. Immediately thereafter , he had joined INC and contested the election in question as the Congress candidate . Against this backdrop , the Central Leadership of BJP adopted all possible means to ensure his defeat in the election. Accordingly , much before the declaration of the election program , one R.A. Khandelwal was posted as Collector of Revenue District of Damoh at the instance of respondent no.1 who was not only the sitting MLA from the Constituency but also a close relative of Mr. Khandelwal . In such a situation , by way of letter- dated 10-11-2008 , he had requested the Election Commission of India to transfer Mr. Khandelwal so as to facilitate conduction of a free and fair election . Thereafter , on being informed by one Bharat Singh that Mr. Khandelwal had openly declared that in any case , he would issue certificate declaring the respondent no.1 to be the elected candidate , he made a specific complaint to Chief Election Commissioner on 04.12.2008 (Document No.13) with a request to transfer Mr. Khandelwal before the proposed date for counting of votes .
( ii ) Moreover , after publishing the list in Form 7 A ( Document No.6) on 10-11-2008 , the Returning Officer Shri Anand Kaproiha issued notice to Shri Purushottam Patel , an independent candidate for re- scrutiny of his nomination paper and on the same day , the SDO ( Revenue) , Damoh who had no jurisdiction to hear and decide the question of validity of the nomination paper, passed the order to reject it even without issuing notice to all other candidates who were apparently interested parties . It was at the instance of respondent no.1 that the nomination of Shri Purushottam Patel was cancelled in , view of the fact that he belonged to Kurmi Patel Community that had served traditionally as a vote bank to BJP. Ultimately, as reflected in the list (Document No.7) , the following 15 candidates were in the fray -
(1)
(2)
S.No. Name of the Candidate Political Party (3)
Samajwadi Party 1 Shri Chandrabhan Singh Respondent no . 2 .
2 Shri Chandbhan Bhaiya Petitioner
Indian National Congress.
[ भाग 1 (1) (2)
(3)
Bhartiya Janta Party.
3 Shri Jayant Mallaiya Respondent no . 1
4 Shri R.C. Patel
Bahujan Samaj Party.
5 Shri Ishwar Chand Jain Gondwana Mukti Sena.
6 Shri JujarAli
Gondwana Gantantra Party.
7 Shri Mukundi Ram
Rashtriya Samanta Dal.
Bhartiya Janshakti 8 Shri Shiyasharan @ Saran Patal.
Party.
9 Shri Surendra Vishwakarma Janta Dal (United) 10 Shri Kannu
Independent
Independent 11 Shri Chadrabhan Respondent no . 10.
12 Shri Pankaj Jain
Independent 13 Shri T. L. Prajapati
Independent 14 Shri Lokesh Sen
Independent
Independent 15 Shri Satyendra Agrawal.
(iii) Since in the list prepared and published by the Returning Officer under Section 38 of the Act , his name was mentioned at Sl . No.1 , he had started requesting his voters to support his candidature by pressing the first button on the Electronic Voting Machine ( EVM ) . However , on 17.11.2008 , he came to know that in the official as well as postal ballots , his name was reflected at Sl . No. 2 whereas the name of respondent no.2 Chandrabhan Singh was placed at Sl . No.1 . His Election Agent namely Kundan Dubey by way of representation dated 17.11.2008 ( Document No. 20) immediately objected to the change in the Serial Number of the candidates that was going to cause confusion amongst the voters to the benefit of respondent no.1 in view of the fact that his name sounds similar to Chandrabhan Singh , the name of the respondent no 2. Further , in the vernacular language , the name of respondent no.2 as reflected in the voter list was ' चंद्रभान सिंह ' but in the ballot papers , it was mentioned as भाग 1 ]
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' चंद्रभान सिंह ' Thus , in accordance with Hindi as well as English alphabetical sequences , the name of respondent no . 2 ought to have been placed at Sl . No. 2 and not at Sl . No.1 . This apart , there was yet another candidate viz . respondent no.10 having the identical name ' Chandrabhan' . In such a situation , as per requirements of Rule 22(3 ) of the Conduct of Election Rules , 1961 ( for short ' the Rules ' ) , the Returning Officer was under a duty to issue ballot papers with distinguishing facts relating to occupation , residence etc. of all the three candidates with similar names .
(iv) It was at the instance of respondent no.1 that the Returning Officer has accepted the nomination form submitted by the respondent no.2 despite apparent discrepancy between the voter list and the form as to his nomenclature . The Emproper acceptance of the nomination had materially affected result of the election so far as it relates to the respondent no.1 . The aforesaid conduct on the part of respondent no.1 was also a corrupt practice within the meaning of sub - section (7 ) of S.123 of the Act.
(v) On the election day i.e. 27/11/08 , in utter violation of Clause 4 ( 1) ( iii) of the Model Code of Conduct and specific instructions issued by the District Election Officer , the Election Agents of respondent no.1 with his consent only issued slips (Document No.11 ) to voters which contained photograph of the Chief Minister of the State namely Shivraj Singh Chouhan and election symbol of the BJP despite the fact that campaigning Some of the slips were handed over to the Presiding Officers of the polling booth. However. in spite of complaints . Returning officer as well as District Election Officer did not pay any heed thereto . This was also a corrupt practice. as defined in sub - section (7 ) of Section 123 of the Act . that was committed by the officers at the instance of the respondent no.1 .
(vi ) On 8-12-2008 at 1.30 p.m. , after the counting of votes was over , the petitioner was declared as having won the election in view of the fact that he had secured largest number of valid votes but . even after being requested, the Returning Officer did not issue the corresponding certificate in Form 22 . Thereafter, by 2 p.m. , the Administrative Officers involved in the process of counting were able to know that BJP would succeed in forming the Government in the State of M.P. Atthis point of time only , Shri R.A. Khandelwal , District Election Officer along with Anil Kumar , the then Superintendent of Police, Damoh entered into the counting room where the observer namely A. Imocha and the Returning Officer Shri Anand Kaproiha were present . They commanded every person present there to leave the counting hall immediately and despite the protest by the petitioner , his agents and media persons , also started deploying force to get the hall vacated. At this point of time, in response to his insistence to issue a certificate , the Returning Officer , while assuring that the requisite certificate would be issued shortly, provided him a copy of Final Result Sheet in Form 20 indicating that he had secured 50,118 votes whereas 49,947 votes were polled in favour the respondent no.1 Immediately thereafter, all the aforesaid officers left the counting hall . At about 6 p.m. , the returning officer came back to the counting hall along with respondent no.1 ; announced that the respondent no . 1 had won the election by a margin of 130 votes and immediately issued an already prepared certificate in Form 22 .
(vii) Thereafter, in spite of his specific request , neither EVMs , nor the boxes containing postal ballots were sealed. Although , he made an attempt to submit his application for recounting of votes yet , the Government Officials by use of force prevented him even from entering in the hall . Under these circumstances , he could not make an application for recounting .
(viii) Still , on the official website of the Government of M. P. , it was specifically declared at 8.46 p. m. on 08-12-2008 that the petitioner had won the election from Damoh Legislative Assembly Constituency No. 55 of M.P. Vidhan Sabha .
5. In the light of these pleadings , the petitioner has sought the following declarations-
(a) that election of respondent no.1 is void .
that he himself has been duly elected. (b)
In addition , he has also prayed for direction for a recount of the postal ballot pappapers as well as for awarding suitable punishment to the persons found involved in the corrupt practices .
6. As pointed out already, the I.A. No.45 /2009 is aimed at striking out of the pleadings . According to the , respondent no.1 .
(i) the background facts as projected in paragraph nos.3 and 4 of the petition are irrelevant and have no bearing on the subject- matter of the petition.
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(ii ) the allegations as to reaction of BJP supporters and the facts leading to petitioner's removal from the primary membership of the party as contained in paragraph nos.5 , 6 and 7 of the petition are not only irrelevant but also scandalous .
(iii) In absence of particulars regarding relationship between the respondent no.1 and Returning Officer Shri R.A. Khandelwal as incorporated in paragraph no.8 , the corresponding pleadings are vexatious .
(iv) the allegations contained in paragraph nos.9 & 10 of the petition regarding complaint against R.A. Khandelwal are incomplete.
(v) A conjoint reading of Paragraph nos.12 , 13 , 24- A, 24- B and 24 - C of the petition would reveal that the petitioner has deliberately and meaningfully withheld material facts and also the material particulars . Further, the petitioner has not disclosed as to under what circumstances the list of contesting candidates dated 10.11.2008 ( Document No.6 ) was substituted by the final list of the candidates (Document no.7) .
(vi) The petitioner has not clarified in paragraph no.14 of the petition as to how the voters were misguided despite the fact that names of the petitioner and the respondent no.2 appeared with their respective symbols and name of the parties on the EVM .
(vii) The contents of paragraph no. 15 run contrary to the provisions of law. As the petitioner himself has availed of the option of getting his name modified in raise objection against the exercise of a similar right by the other candidate viz . respondent no.2 .
(viii) Allegations contained in paragraph nos.16 & 17 are irrelevant as a candidate not only has a right to mention his name correctly in the nomination paper but is also under an bligation to give a declaration in this regard .
(ix) The figures relating to the votes secured by various candidates in the election as given in paragraph 18 of the petition are wrong and frivolous . The assertion made in paragraph 19 of the petition that the petitioner was declared elected is apparently, incorrect as based on wrong, incomplete and progressive figures .
(x) In paragraph 21 -A , the petitioner has not clarified as to ( a) who had violated the Rule 54- A , (b ) how the rule was violated and ( c)
[ भाग 1 in what manner, benefit of the violation was afforded to the respondent no.1 . The paragraph 21 -B also deserves to be struck out in view of the admitted fact that the result was declared at about 6.30 p.m.
(xi ) The allegations contained in paragraph nos . 21 - C and 21 - D run contrary to the contents of the documents downloaded from the website of National Informatics Centre (NIC) showing progressive results only. Further, the note of disclaimer as appended thereto is also perceptible at the first sight .
(xii) The pleadings in paragraph nos . 21 -E and 21 -F are unnecessary because copy of the Result Sheet cannot be lawfully given to any candidates before it is finalised and sent to the Election Commission of India . In paragraph 21 - G of the petition , particulars or specific instances of the corrupt practice have not been given. Further , material facts as to the name of person before whom the consent was given , place, time and date etc. have also not been pleaded.
(xiii) The averments in " paragraph no . 22 are again contrary to the contents of supportive documents downloaded from website by the petitioner. In paragraph nos.23 - A and 23 - B of the petition , the petitioner has not disclosed as to where and from whom he had taken the slips (Document No.11 ) and whether he or his election agent had made any complaint to the Presiding Officer in this regard .
(xiv) The pleadings in paragraph nos.24 - A, 24 - B and 24 - C concerning Purushottam Patel who had not attained the qualifying age , are unnecessary .
(xv) The allegations in paragraph no.25 of the petition are absolutely misconceived as the petitioner himself had requested the Returning Officer for describing his name in the same form as reflected in the ballot, papers and on the EVMs . Moreover, there could not be any occasion for confusion as the candidates were sponsored by various parties and were having distinguishing election symbol .
(xvi ) In paragraphs no. 26 also , the petitioner has nowhere given material facts or particulars in respect of complicity of the respondent no.1 in the alleged corrupt practice . The paragraph deserves to be scored off as the election law does not permit roving enquiry, fishing expedition and leaving things to chance .
भाग 1 ]
7. In a short reply, the petitioner has submitted that the words ' scandalous ' or ' unnecessary ' have been chanted by the respondent no.1 as Mantras . He is of the view that material facts and particulars have been duly pleaded and no portion thereof is ' unnecessary ' or ' vexatious ' .
8. Adverting to the other interim application (I.A. No.46/09) , it may be observed that the prayer for rejection of the petition has been made therein in the wake of under- mentioned preliminary objections- (a) the pleadings as to corrupt practice within the meaning of sub- section (7) of Section 123 of the Act are not in conformity with the mandatory requirements of Order 6 Rule 4 of the Code .
(b) the pleadings as to improper acceptance of the nomination paper of respondent no.2 namely Chandrabhan Singh are vague .
(c) The nomination form filed by Purshottam Patel was duly rejected on the ground that he was found to be less than 25 years of age as on 12-11-2008 .
(d) The documents enclosed with the petition clearly demonstrate that counting of postal ballots was separately done in accordance with the prescribed procedure .
(e) No authentic document has been filed by the petitioner to show that he was finally declared elected.
(f) Admittedly, the prayer for re - count was made only after issuance of certificate in Form 22 .
(g) The other pleadings are also beyond the scope of Section 100 of the Act and do not disclose any cause of action in respect of any ground enumerated therein.
9. The petitioner, while opposing the proposed rejection of the petition , has termed all the objections as misconceived . According to him-
(i) He has substantially complied with all the legal requirements governing presentation of election petition on the grounds mentioned therein.
(ii) The concept of cause of action is not relatable to each and every paragraph of the petition as it is to be read in totality.
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(iii) The evidence is not required to be pleaded simply because the material facts and particulars are to be substantiated bye evidence duringtrial.
10. Before proceeding further , it may be pointed out that as many as 8 respondents including respondent nos . 1 , 2 and 10 have already filed their written statements . However, the aforesaid fact would not assume any significance in the light of the well - settled principle as explained in Samar Singh v . Kedar Nath (AIR 1987 , SC 1926) and reiterated in I.T.C. Ltd. v. Debt Recovery Appellate Tribunal ( 1998 ) 2 SCC 70 that the power to reject plaint can be exercised even after settlement of issues . Needless to say that correctness or authenticity of the documents whether filed in support of the petition or that of the I.As. can not be gone into at this stage particularly when their genuineness has remained unquestioned as yet .
11. For the sake of convenience , it would be desirable to examine the pleadings of the petitioner and the objections raised thereto with reference to the relevant documents under the following heads REJECTION OF NOMINATION FORM SUBMITTED BY PURSHOTTAM PATEL
12. A bare perusal of the certified copy of the order rejecting nomination form of Purushottam Patel (Annexure R- 11 ) would reveal that it was passed by the Returning Officer solely on the ground that in the mark - sheet of High School Certificate Examination, his date of birth was recorded as 01-07-1984 , meaning thereby that he was well below the qualifying age of 25 years on the date of filing of nomination form . As such , the issue relating to rejection of the nomination form does not require a full-dressed trial .
IMPROPER ACCEPTANCE OF NOMINATION FORM SUBMITTED BY RESPONDENT No. 2 13. The certified copy of the application dated 07-11-2008 (Annexure R - 13 ) submitted by the petitioner before the Returning Officer is indicative of the fact that in the ballot papers , his name was reflected as Chandbhan Bhaiya as per his request only. Rule 8 (2) of the Rules reads thus -
8. List of validly nominated candidates .
(1) ...
(2) The name of every such candidate shall be shown in said list as it appears in his nomination paper :
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[ भाग 1 In the list published in the Official Gazette (Annexure R - 18 ) , on 12-11-2008 , names and addresses of the petitioner. respondent no.2 & respondent no.10 and the election symbols allotted to him , were reflected as under
Name
Address
Symbol
Bicycle Chandrabhan Singh (Respondent No.2)
Provided that if a candidate considers that his name is incorrectly spelt or is otherwise incorrectly shown in his nomination paper or is different from the name by which he is popularly known , he may, at any time before the list of contesting candidates is prepared furnish in writing to the returning officer the proper form and spelling of his name and the returning officer shall , on being satisfied as to the genuineness of the request , make the necessary correction or alteration in the list in Form 4 and adopt that form and spelling in the list of contesting candidates
Village Mudiya , Distt. Damoh
Hand Chandbhan Bhaiya (Petitioner)
Accordingly, the respondent no.2 was also entitled to get his name reflected as ' चन्द्रभान सिंह ' in the ballot paper instead of ' चंदभान सिंह ' as shown in the voter list. In this view of the matter, the contention regarding improper acceptance of his nomination paper also has no merit or substance .
PLACEMENT OF NAME OF THE RESPONDENT No. 2 AT SERIAL No.1 AND THAT OF THE PETITIONER AT SERIAL No.2 .
14. In accordance with the direction dated 17th July, 1987 issued by Election Commission of India (Annexure R - 14 ) , the Returning Officer was required to prepare list of contesting candidates by arranging their names alphabetically according to the script of Hindi language , as standardized by Ministry of Education, Govt . of India . The corresponding guideline (Annexure R - 15) accepting the modified Hindi Alphabets necessitated placement of name of the respondent no.2 at Sl . No.1 and that of the petitioner at Sl . No.2 . As an obvious consequence , the representation (Document No.20) made by Kundan Dubey against projection of name of respondent no.2 at Sl . No.1 in the postal ballots as well as on the EVMs was apparently misconceived . Moreover , as rightly pointed out by the respondent no.1 , the petitioner was able to know on 17-11-2008 i.e.10 days prior to the date of polling that his name figured in the postal ballot at Sl . No.2. In these circumstances , it is not possible to hold that election of the returned candidate has been materially affected due to placement of the respondent no . 2 at Sl.No.1 .
NON - COMPLIANCE WITH THE RULE 22 ( 3 ) AND RULE 54 - A OF THE RULES
15. For a ready reference , Rule 22( 3 ) may be reproduced as under-
(3) If two or more candidates bear the same name , they shall be distinguished by the addition of their occupation or residence or in some other manner .
House No.RBE/ 5 Jatashankar Tiraha , Damoh.
Jatashankar Colony, Cot Chandrabhan (Respondent No.10) Damoh
This apart , the petitioner, being the ex - member of Parliament, was obviously a well- known personality in the Constituency having a popular nickname ' Bhaiya' . The fake ballot papers and the declaration (Annexure 'R- 16A' and ' R- 16B' ) contained specific appeal to support his candidature by pushing button no.2 on the EVMs . In such a situation , no further detail to establish his identity in the postal ballot papers and on the EVM was necessary . Thus , there was no substantial violation ofRule 22(3) .
16. This brings me to the contention relating to Rule 54 - A of the Rules that reads -
54A . Counting of votes received- by post.- ( 1 ) The returning officer shall first deal with the postal ballot papers in the manner hereinafter provided.
(2) No cover in Form 13C received by the returning officer after the expiry of the time fixed in that behalf shall be opened and no vote contained in any such cover shall be counted.
(3 ) The other covers shall be opened one after another and as each cover is opened , the returning officer shall first scrutinise the declaration in Form 13A contained therein .
(4) If the said declaration is not found , or has not been duly signed and attested , or is otherwise substantially defective , or if the serial number of the ballot paper as entered in it differs from the serial number endorsed on the cover in Form 13B , that cover shall not be opened , and after making an appropriate endorsement thereon , the returning officer shall reject the ballot paper therein contained.
भाग 1 ]
(5) Each cover so endorsed and the declaration received with it shall be replaced in the cover in Form 13C and all such covers in Form 13C shall be kept in a separate packet which shall be sealed and on which shall be recorded the name of the constituency, the date of counting and a brief description of its content.
(6) The returning officer shall then place all the declarations in Form 13A which he has found to be in order in a separate packet which shall be sealed before any cover in Form 13B is opened and on which shall be recorded the particulars referred to in sub - rule (5) .
(7) The covers in Form 13B not already dealt with under the foregoing provisions of this rule shall then be opened one after another and the returning officer shall scrutinise each ballot paper and decide the validity of the vote recorded thereon .
(8) A postal ballot paper shall be rejected- (a) if it bears any mark (other than the mark to record the vote) or writing by which the elector can be identified ; or ] [(aa) if no vote is recorded thereon ; or (b) if noted are given on it in favour of more candidates than one ; or
(c) if it is a spurious ballot paper ; or (d) if it is so damaged or mutilated that its identity as a genuine ballot paper cannot be established; or
(e) if it is not returned in the cover sent along with it to the elector by the returning officer.
In order to ensure compliance with the Rule , the District Election Officer by way of letter- dated 14.12.2008 ( Annexure R- 22 ) , has issued direction to start counting of the postal ballots simultaneously with the counting of the votes cast through EVMs subject to condition that the sixth round of counting of votes polled through the machines would not be started till completion of counting of the postal ballots . It appears that copies of this letter were endorsed to all the candidates as well as their election agents . However , apparently none of them had complained of the violation of Rule 54A ( 1 ) in the process of the counting of votes . Even otherwise , as per the mandate contained
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in sub rule (1 ) of Rule 54- A, the Returning Officer was required to proceed with the counting of other votes only after the counting of postal ballots was over. The complaint (Document No.14) madeby the petitioner to the Chief Election Commissioner on 08.12.2008 only did not contain any allegation as to so- called deferment of counting of postal ballots . His grievance precisely was that the election result was changed at the instance of respondent no.1 who was a sitting Minister at the relevant point of time . Absence of any timely complaint in writing regarding omission to first deal with the postal ballots and failure on the part of the petitioner to project the same in the complaint to the Chief Election Commissioner provide sufficient grounds to term the averment regarding violation of Rule 54- A as an afterthought.
CORRUPT PRACTICE AND VIOLATION OF MODEL CODE OF CONDUCT
17. The gist of the corresponding pleadings is that for furtherance of the prospects of his election , respondent no.1 obtained or procured assistance from the District Election officer , the Returning Officer , Superintendent of Police at various stages of the process of election particularly in the following matters : -
(i) transposition of name of the petitioner from Sl . No.1 to Sl . No.2 in the postal ballots as well as on the EVMs .
(ii) acceptance of the nomination form filed by respondent no.2 .
(iii ) rejection of nomination form submitted by Purushottam Patel .
(iv) acquiescence to canvassing by the election agent of respondent no.1 even after the closure of election campaign by distributing paper slips containing appeal to vote in favour of BJP in violation of clause . 4 ( iii ) of the Model Code ofConduct .
(v) violation of Rule 22(3 ) and 54 - A of the Rules .
Let it be made clear that the Model Code only lays down how the political parties , contesting candidates and party in power should conduct themselves during the process of elections . It contains guidelines for their general conduct , electioneering , holding meetings and processions , poll day activities and functioning of the party in power etc. However , as rightly pointed out by learned counsel for the respondent , any violation of the Model Code could only give rise to an election 2104
offence . In other words , violation of the Model Code can not be treated as ground for declaration of an election as void ( See . Bashiruddin Halhipparga v. Rajashekhar Basavaraj Patil AIR 2004 Karnataka 471) . Even if the allegations as to issuance of slips by the election agents are taken at their face value , the same would not constitute a ground for questioning the validity of the election particularly in absence of pleadings as to involvement of the respondent no.1 in getting the same printed and distributed . Further , it is also well settled that non performance of legal duty of removal of propaganda material from the polling booth by the Presiding Officer would not amount to corrupt practice (See . Dhartipakar Aggarwal v. Rajiv Gandhi (AIR 1987 SC 1577 ) .
18. Coming to the pleadings regarding corrupt practice as contemplated under sub - section (7) of Section 123 of the Act , it may be observed that the petitioner has not fulfilled the corresponding requirements . As explained by the Apex Court in Hardwari Lal v. Kanwal Singh AIR 1972 SC 515 - An election petition which merely alleges corrupt practice against successful candidate " of obtaining and procuring or attempting to obtain and procure the assistance of certain named Government servants for the furtherance of the prospects of his election " without giving the material facts and the necessary particulars as to the nature of the assistance , the time and place where it was sought from each of the persons mentioned, does not furnish any cause of action and it is no election petition in the eye of law . As such it is not maintainable . The gravamen of the charge of corrupt practice within the meaning of S. 123 (7) of the Act is obtaining or procuring or abetting or attempting to obtain or procure any assistance other than the giving of vote. In the absence of any suggestion as to what that assistance was the election petition is lacking in the most vital and essential material fact to furnish a cause of action.
Accordingly , since the allegations against the respondent no.1 were in relation to three officials viz . District Election Officer , Returning officer and Superintendent of Police , it was essential and imperative for the petitioner to set out with exactitude and precision the type of assistance as also the manner in which assistance was obtained or procured from each person . The time, the date and the place of the assistance were also required to be set out in the
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[ भाग 1 particulars . Thus , it had to be alleged as the material facts as to what assistance the appellant obtained or- procured or abetted or attempted to obtain or procure from which person and how the assistance furthered the prospects of the appellant's election . If all the four variants and ingredients were to be charged against the returned candidate these had to be set out as statements of material facts in relation to each person.
19. The expression ' material facts' has neither been defined in the Act nor in the Code . According to the dictionary meaning , ' material ' means ' fundamental ' , ' vital' , ' basic ' , ' cardinal' , ' central' , ' crucial ' , ' decisive ' , ' essential' , ' pivotal ' , ' indispensable ' , ' elementary' or 'primary' (Harkirat Singh v . Amarinder Singh AIR 2006 SC 713 referred to) . Accordingly , material facts are facts which if established would give the petitioner the relief asked for even if the respondent had not appeared.
20. Meanings of the words ' material facts ' , ' full particulars' as used in clauses ( a) and (b) of sub- section ( 1) of Section 83 of the Act have already been explained by the Apex Court in a series of decisions . However, it is not essential to burden this judgment with various authorities on the point . Suffice , would be, to refer to the following guiding principles formulated in Samant N. Balakrishna v. George Fernandez . AIR 1969 SC 1201
"Section 83 of the Act is mandatory and requires ;
First, a concise statement of material facts and then requires the fullest possible particulars .
Second , omission of a single material fact leads to an incomplete cause of action and the statement of claim becomes bad .
Third , the function of particulars is to present in full a picture of the cause of action to make the opposite party understand the case he will have to meet.
Fourth , material facts and particulars are distinct matters . Material facts will mention statements of fact and particulars will set out the names of persons with the date , time and place .
Fifth, material facts will show the ground of corrupt practice and the complete cause of action and the particulars will give the necessary information to present a full picture of the cause of action .
भाग 1 ]
Sixth , in stating the material facts , it will not do merely to quote the words of the section because then the efficacy of the material facts will be lost . The fact which constitutes a corrupt practice , must be stated and the fact must be correlated to one of the heads of corrupt practice, and,
Seventh , an election petition without the material facts relating to a corrupt practice is no election petition at all . A petition which merely cites the sections cannot be said to disclose a cause of action .
21. As explained further in Mohan Rawale v. Damodar Tatyaba 1994 AIR SCW 2028 , the distinctions among the ideas of the " grounds" in S.81 (1) of " material facts " in Section 83( 1 ) ( a) and of " full particulars " in S.83 ( 1 ) ( b ) are obvious. The provisions of S.83 ( 1 ) ( a) and (b) are in the familiar pattern of Order VI , Rules 2 and 4 and Order 7 , Rule 1 ( e) of the Code . Further , the distinction between ' Material facts' and ' particulars' which together constitute the facts to be proved or the ' facta probanda' on the one hand and the evidence by which those facts are to be proved facta probantia on the other must be kept clearly distinguished . Thus , disclosure of cause of action is distinct from absence of material particulars. However, in a petition like one under consideration, the statement of material facts as well as full particulars must be so complete as to raise a cause of action or a triable issue. In a petition on the allegation of corrupt practices cause of action cannot be equated with the cause of action as is normally understood because of the consequences that follow in a petition based on the allegations of corrupt practices . A petition challenging election on the ground of corrupt practices is a serious matter in view of the fact that in case , any such practice is proved , returned candidate would not only suffer ignominy but also disqualification under S.8A of the Act .
22. The Apex Court in Azhar Hussain v. Rajiv Gandhi [1986 ( Supp) SCC315 ] has reiterated the principle as laid down in Hardwari Lal's case ( supra) that in regard to the corrupt practice contemplated under Section 123 (7) of the Act , the following facts are essential to clothe the petition with a cause of action-
(a) kind or form or mode of assistance obtained or procured;
(b) measure of assistance ; and
(c) all various forms of facts pertaining to the assistance .
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(d) in what manner the assistance was obtained or procured or attempted to be obtained or procured by the election eandidate for promoting the prospects of his election .
(e) There must also be a statement in the election petition describing the manner in which the prospects of the election was furthered and the way in which the assistance was rendered.
(f) The election petitioner must state with exactness the time of assistance , the manner of assistance , the persons from whom assistance was obtained or procured , the time and date of the same , all these will have to be set out in. the particulars .
23. Adverting to the case on hand , it can easily be gathered that the allegations regarding obtaining assistance of the Government officials for furtherance of the prospects of the returned candidate have not been substantiated by material facts so as to furnish answers to the following queries.-
(i) Who procured or obtained the services of the Gazetted Officers ?
(ii) What was the mode or manner in which the services were obtained ?
(iii) What were the facts , which went to show that it was with the consent of the returned candidate ?
(iv) What was the measure of assistance ?
24. Further , the averments as to
( i) shifting of name of the petitioner from Sl . No.1 to Sl . No.2 in the postal ballots as well as on the EVMs .
( ii) so- called acceptance of the nomination form of respondent no.2 .
(iii) so- called improper rejection of nomination form submitted by Purushottam Patel .
(iv) so- called violation of Rule 22 (3 ) and 54 - A of the Rules.
have also not found support from the corresponding documents and the relevant rules .
25. Moreover , admittedly, no application for recounting was made before the Returning Officer after 2106
completion of the result sheet in form 20 (Document No.8) despite the fact that it did not reflect the numbers of postal ballots obtained by each candidate . This Court is not oblivious of the well - settled position of law that the petitioner's omission to apply before the Returning Officer for re - count would not operate as a bar to the petition seeking direction for a recount. However, as explained by the Apex Court in Chandrika Prasad Yadav v. State of Bihar ( 2004) 6 SCC 331.- و
"Ordinarily, thus , it is expected that the statutory remedies provided for shall be availed of. If such an opportunity is not availed of by the election petitioner, he has to state the reasons therefor . If no sufficient explanation is furnished by the election petitioner as to why such statutory remedy was not availed of, the Election Tribunal may consider the same as one of the factors for accepting or rejecting the prayer . for recounting. An order of the prescribed authority passed in such application would render great assistance to the Election Tribunal in arriving at the decision as to whether a prima facie case as to issuance of direction for re - counting has been made out." 26. It relevant to note that this Court vide order- dated 11-02-2010 in Election Petition No.9/2009 has declined to reject the petition calling the election in question on the grounds mentioned in sub- clauses (iii) and ( iv) of Section 100 (1 ) (d) of the Act with a prayer for a direction to order re - inspection/recount of ballot papers observing that the petitioner had no occasion to raise any grievance against any foul play in counting of votes in view of the fact that he was declared as elected by a margin of 456 votes on
(a) the official website of Election Commission of India namely www.ceomadhyapradesh. nic.in
(b) the National Channel of Doordarshan as well. as in the
(c) the official website of Web Duniya Viz. http://hindi.webdunia.com/election08result/ Electioninfo.htm .
(d) the Press Trust of India
However, in the present case , the document Nos.9 and 10 submitted by the petitioner in support of his claim that he was declared to have won the election by margin of 171 votes on the website of NIC clearly indicate that the progressive flash report did not include the postal result . In this view of the matter , no prima facie case for recount is made out .
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 अगस्त 2010
[ भाग 1 27. It is well settled that the Court would be justified in ordering a recount of the ballot papers , only where the election- petition contains an adequate statement of all the material facts on which the allegations of irregularity or illegality in counting are founded (Bhabhi v. Sheo Govind AIR 1975 SC 2117 referred to) .
28. For these reasons , even if the averments made in the election petition are taken at their face value and accepted in their entirety, no triable issue between the parties would arise in absence of complete , precise and specific pleadings in respect of the alleged corrupt practice and the other grounds enumerated in the petition. If such material facts are missing , they cannot be supplied later on , after the expiry of period of limitation for filing the election petition and the pleas relating to the various grounds being deficient , can be directed to be struck down under Order VI Rule 16 of the Code and the petition itself can be rejected as not disclosing a cause of action under Clause ( a) of Rule 11 of Order VII of the Code. Need for striking a balance in ascertaining the purity of election and at the same time in preventing waste of public time and money and in keeping the sword of Damocles hanging on the head of returned candidate for an Indefinite period of time was also emphasized in Dhartipakar's case ( supra) . Accordingly, non- compliance with the provisions of Section 83 of the Act should lead to dismissal of the petition if the matter falls within the scope of the Order 6 Rule 16 and Order 7 Rule 11 of the Code (See . V. Narayanaswamy V. C. P. Thirunavukkarasu AIR 2000 SC 694) .
29. In the result, both the I.As are allowed and the petition stands rejected, under Order VII Rule 11 (a) of the Code , for want of any cause of action . The parties shall bear their own costs .
30. A copy of this order be forwarded to the Election Commission as well as to the Speaker of the State Legislative Assembly.
Petition rejected .
Sd./- (R. C. MISHRA ) JUDGE 10-5-2010
By order , Sd./- (BERNARD JOHN) Secretary, Election Commission of India .