Servants of Knowledge
Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

0

Published 01 October 2010

Type
Ordinary
Gazette no.
40
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2010-10-01.40.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदेश शासन

मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल डाक परिमंडल, के पत्र क्रमांक 22/153, दिनांक 10-1-06 द्वारा पूर्व भुगतान योजनान्तर्गत डाक व्यय की पूर्व अदायगी डाक द्वारा भेजे जाने के लिए अनुमत.

सत्यमेव जयते

पंजी. क्रमांक भोपाल डिवीजन म. प्र. - 108- भोपाल-09-11 .

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 40 ]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 1 अक्टूबर 2010- आश्विन 9 , शक 1932

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, (7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट .

भाग 2.-स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं,

( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख ) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम , ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल, दिनांक 15 सितम्बर 2010

क्र. ई- 5-645 - आयएएस- लीव- एक- 5.- ( 1 ) श्री मनीष रस्तोगी, आयएएस. , आयुक्त, कोष एवं लेखा एवं पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग को दिनांक 4 से 10 सितम्बर 2010 तक सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 11 , 12 सितम्बर 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री मनीष रस्तोगी को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, कोष एवं लेखा एवं पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

2535

(3) अवकाशकाल में श्री मनीष रस्तोगी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मनीष रस्तोगी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 16 सितम्बर 2010

क्र. ई- 1-352-2010-5- एक. श्री अजीत कुमार भाप्रसे (2002 ) , संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं एवं परियोजना समन्वयक, डी.पी.आई.पी. तथा कार्यपालक निदेशक, रोजगार निर्माण बोर्ड की सेवाएं अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, परियोजना समन्वयक, डी.पी.आई.पी. के पद पर नियुक्ति के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को सौंपी जाती है.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2010.

2536

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(2) उपरोक्तानुसार श्री अजीत कुमार द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन भाप्रसे ( वेतन ) नियमावली, 2007 के नियम , 9 के अन्तर्गत परियोजना समन्वयक, डी.पी.आई.पी. के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में ऊपर दर्शित नियमों की अनुसूची- II ( बी ) में सम्मिलित उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है .

भोपाल, दिनांक 17 सितम्बर 2010

क्र. ई- 1-353-2010-5- एक. - श्री अरूण तिवारी , भाप्रसे (1991 ) , संचालक , एड्स तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , लोक स्वास्थ्यएवं परिवार कल्याण विभाग की सेवाएं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से वापस लेकर उन्हें अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग पदस्थ किया जाता है .

(2) उपरोक्तानुसार श्री अरूण तिवारी , भाप्रसे ( 1991 ) द्वारा सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर डॉ. व्ही. एस . निरंजन, भाप्रसे ( 1990 ) सचिव, खेल एवं युवा कल्याण एवं सामान्य प्रशासन विभाग केवल सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे.

(3 ) श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव, भाप्रसे ( 1992) , प्रबंध संचालक, पाठ्य पुस्तक निगम की सेवाएं अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, परियोजना संचालक, प्रोजेक्ट उदय के पद पर नियुक्ति के लिये नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को सौंपी जाती है. श्रीमती श्रीवास्तव पूर्ववत् प्रबंध संचालक, पाठ्य पुस्तक निगम का कार्यभार अतिरिक्त रूप से संपादित करती रहेंगी .

(4) उपरोक्तानुसार श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन भाप्रसे (वेतन ) नियमावली , 2007 के नियम 9 के अन्तर्गत परियोजना संचालक, प्रोजेक्ट उदय के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में ऊपर दर्शित नियमों की अनुसूची- II ( बी) में सम्मिलित संभागीय कमिश्नर के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है.

(5 ) डॉ. मनोहर अगनानी , भाप्रसे ( 1993 ) , मिशन संचालक, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन ( एन . आर. एच.एम. ) को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ, संचालक, एड्स का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है .

(6 ) श्रीमती सुनीता त्रिपाठी, भाप्रसे ( 2000 ) , कलेक्टर, रायसेन के मसूरी में प्रशिक्षण पर प्रस्थित होने के फलस्वरूप श्री मोहनलाल मीना, भाप्रसे ( 2001 ) विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी , नर्मदापुरम- भोपाल संभाग एवं पदेन अपर आयुक्त ( राजस्व ) नर्मदापुरम संभाग को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, रायसेन पदस्थ किया जाता है.

भोपाल, दिनांक 20 सितम्बर 2010

क्र. ई- 5-416 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री के. सुरेश, आयएएस. , सदस्य सचिव, राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव , योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग को दिनांक 20 से 25 सितम्बर 2010 तक कुल छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाताहै. अवकाश के साथ दिनांक 18 , 19 एवं 26 सितम्बर 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

( 2 ) श्री के. सुरेश की अवकाश अवधि में श्री जी. पी . सिंघल, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, सदस्य सचिव , राज्य योजना आयोग एवं योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का प्रभार सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री के. सुरेश को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सदस्य सचिव, राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) श्री के. सुरेश द्वारा सदस्य सचिव, राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव , योजना , आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री जी. पी . सिंघल , सदस्य सचिव, राज्य योजना आयोग एवं योजना , आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के प्रभार से मुक्तहोंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री के. सुरेश को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. सुरेश अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 21 सितम्बर 2010

क्र. ई- 5-524 - आयएएस- लीव - 5- एक. श्री संजय कुमार सिंह , आयएएस . , ( 1987 ) को दिनांक 16 सितम्बर से 1 अक्टूबर 2010 तक सोलह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 2 , 3 अक्टूबर 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

भोपाल , दिनांक 15 सितम्बर 2010

क्र. ई- 5-414- आयएएस- लीव- एक- 5.- ( 1 ) श्री राघव चन्द्रा, आयएएस. , राहत आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व एवं पुनर्वास विभाग तथा पुनर्वास आयुक्त एवं धार्मिक न्यास भाग 1 ]

2537

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

एवं धर्मस्व विभाग को दिनांक 3 से 8 सितम्बर 2010 तक छः दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री राघव चन्द्रा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न राहत आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व एवं पुनर्वास विभाग तथा पुनर्वास आयुक्त एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में श्री राघव चन्द्रा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री राघव चन्द्रा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. 5-393- आयएएस लीव- एक- 5.- इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 31 अगस्त 2010 द्वारा श्री अशोक दास , आयएएस . , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को दिनांक 13 से 17 सितम्बर 2010 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 11 , 12 एवं 18 , 19 सितम्बर 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी गई है .

(2 ) उक्त अवकाश अवधि में श्री अजीत केसरी , आयुक्त-सह- संचालक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य भण्डार गृह निगम अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का चालू कार्यभार देखेंगे .

(3 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 31 अगस्त 2010 की शेष कंड़िकायें यथावत् रहेंगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एस. तोमर, अवर सचिव.

गृह ( सामान्य ) विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 7 सितम्बर 2010

क्र. एफ. 3-09-2010- दोए ( 3 ) - शुद्धिपत्र - राज्य शासन द्वारा इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 9 अप्रैल 2010 के तहत सामान्य प्रशासन, राजस्व विभाग एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये सम्पन्न विभागीय परीक्षा के प्रश्न पत्र पंचायत, राज विधि तथा प्रक्रिया में ग्वालियर संभाग से सम्मिलित श्री अशोक चौहान, अधीक्षक अंकित है , के स्थान पर श्री अशोक चौहान, अधीक्षक, भू- अभिलेख पढ़ा जाए.

क्र. एफ. 3-02-2010 - दोए ( 3 ) शुद्धिपत्र - राज्य शासन द्वारा इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 18 जून 2010 के तहत सामान्य प्रशासन, राजस्व विभाग एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये सम्पन्न विभागीय परीक्षा के प्रश्नपत्र प्रथम- दाण्डिक विधि तथा प्रक्रिया में इन्दौर संभाग से सम्मिलित श्री भागीरथ वाखला, राजस्व निरीक्षक अंकित है, के स्थान पर श्री भागीरथ वाखला, नायब तहसीलदार पढ़ा जाए.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, चन्द्रहास दुबे, सचिव.

आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 14 सितम्बर 2010

क्र. एफ. 3-144- बत्तीस- 10.- आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , भोपाल के आदेश क्रमांक एफ-3-17-2005- बत्तीस, दिनांक 13 जुलाई 2005 द्वारा इन्दौर विकास योजना हेतु मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 17 क ( 1 ) के तहत गठित समिति में राज्य शासन एतद्वारा आंशिक संशोधन करते हुए समिति को निम्नानुसार पुनर्गठित किया जाता है:-

संस्था/पता अधिनियम की धारा पद/व्यक्ति

का नाम

17-क ( 1 )

का खण्ड

(2)

(1)

(3)

महापौर

क.

नगरपालिक निगम, (1)

इन्दौर.

अध्यक्ष

(2)

नगर पंचायत , राउ.

जिला पंचायत

अध्यक्ष

ख. (1)

ग.

सदस्य लोक सभा , इन्दौर (1)

सदस्य

(2)

लोक सभा, धार

विधायक

घ. (1)

विधान सभा क्षेत्र क्रमांक -1 , इन्दौर .

विधायक

(2)

विधान सभा क्षेत्र क्रमांक-2, इन्दौर.

विधायक

(3)

विधान सभा क्षेत्र क्रमांक-3, इन्दौर.

विधायक

(4)

विधान सभा क्षेत्र क्रमांक-4, इन्दौर.

विधायक

(5)

विधान सभा क्षेत्र क्रमांक-5, इन्दौर.

विधायक विधान सभा क्षेत्र, सांवेर (6) 2538

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(2)

(3) (1)

विधायक

(7)

विधान सभा क्षेत्र, महू

विधायक

(8)

विधान सभा क्षेत्र , देपालपुर

विधायक विधान सभा क्षेत्र, राउ (9)

ङ

अध्यक्ष

(1)

इन्दौर विकास प्राधिकरण ,

इन्दौर.

च.

अध्यक्ष जनपद पंचायत, इन्दौर (1)

अध्यक्ष

(2)

जनपद पंचायत, महू

अध्यक्ष

(3)

जनपद पंचायत, सांवेर छ.

सरपंच

(1)

ग्राम पंचायत, बुढ़ानिया

सरपंच

(2)

ग्राम पंचायत, लिम्बोदीगारी-

लिम्बोदागारी/पालाखेड़ी.

सरपंच

(3)

ग्राम पंचायत, टिगरिया बादशाह .

सरपंच

(4)

ग्राम पंचायत, बड़ा बांगडदा

सरपंच

(5)

ग्राम पंचायत, जम्बूडी हप्सी

सरपंच

(6)

ग्राम पंचायत, कलारिया

सरपंच

(7)

ग्राम पंचायत, बिसनावदा

सरपंच ग्राम पंचायत, रिजलाय (8)

सरपंच

(9)

ग्राम पंचायत, नैनोद, नैनोद/

कांडिया बर्डी.

सरपंच ग्राम पंचायत, छोटा बांगड़दा (10)

सरपंच

(11)

ग्राम पंचायत, भानगढ- भानगढ़/शक्करखेड़ी.

सरपंच

(12)

ग्राम पंचायत, कैलोद हाला

सरपंच ग्राम पंचायत, तलावली चांदा (13)

सरपंच

(14)

ग्राम पंचायत, लसुडिया मोरी ..

सरपंच ग्राम पंचायत, बांक (15)

सरपंच ग्राम पंचायत, सिंहासा (16)

सरपंच

(17)

ग्राम पंचायत, नावदा पंथ नावदा पंथ/ श्रीराम तलाबली.

सरपंच ग्राम पंचायत, सिंदोडा (18)

सरपंच

(19)

ग्राम पंचायत, नरलाय-

नरलाय/सिंदौडी.

सरपंच ग्राम पंचायत, अहीरखेड़ी (20)

सरपंच

(21)

ग्राम पंचायत, निपानिया-

निपानिया/पिपल्याकुमार.

सरपंच

(22)

ग्राम पंचायत, अरंडिया- अरंडिया/मायाखेड़ी.

सरपंच

(23)

(2)

(3) (1)

सरपंच

(26)

ग्राम पंचायत, देवगुराडिया

सरपंच

(27)

ग्राम पंचायत, पालदा

सरपंच

(28)

ग्राम पंचायत, बिलावली- बिलावली/फातनखेड़ी.

सरपंच

(29)

ग्राम पंचायत, हुकमाखेड़ी

सरपंच ग्राम पंचायत, सुखनिवास (30)

सरपंच ग्राम पंचायत, रंगवासा (31)

सरपंच

(32)

ग्राम पंचायत, निहालपुर, मुण्डी.

सरपंच ग्राम पंचायत, कैलोद कर्ताल (33)

सरपंच ग्राम पंचायत, लिम्बोदी (34)

सरपंच ग्राम पंचायत, राला मंडल (35)

सरपंच ग्राम पंचायत, मुण्डला नायता (36)

सरपंच ग्राम पंचायत, दूधिया (37)

सरपंच ग्राम पंचायत, बडिया किमा- (38)

बडियाकिमा/मालीखेड़ी.

सरपंच ग्राम पंचायत, सनावदिया (39)

सरपंच

(40)

ग्राम पंचायत, मिर्जापुर

सरपंच ग्राम पंचायत, मोरोद (41)

सरपंच ग्राम पंचायत , माचला (42)

सरपंच

(43)

ग्राम पंचायत , उमरीखेड़ा

सरपंच

(44)

ग्राम पंचायत, असरावद खुर्द

सरपंच

(45)

ग्राम पंचायत, उमरिया खुर्द

सरपंच ग्राम पंचायत, पिगडम्बर- (46)

गिडम्बर/पानदा.

सरपंच ग्राम पंचायत , उमरिया (47)

सरपंच ग्राम पंचायत, नावदा (48)

सरपंच

(49)

ग्राम पंचायत , लसुडिया

परमार- लसुडिया परमार/ राउखेडी.

सरपंच

(50)

ग्राम पंचायत, मांगलिया सड़क.

सरपंच

(51)

ग्राम पंचायत, मगरखेड़ा- बारोली.

सरपंच

(52)

ग्राम पंचायत , अलवासा

सरपंच

(53)

ग्राम पंचायत, भंवरासला

सरपंच

(54)

ग्राम पंचायत, भांग्या- भांग्या/ जाख्या.

सरपंच ग्राम पंचायत, कुर्मेडी (55)

सरपंच

(56)

ग्राम पंचायत, रेवती -रेवती/ बरदरी.

प्रतिनिधि कलेक्टर जिला , इन्दौर ज. (1)

ग्राम पंचायत, कनाडिया- कनाडिया/टिगरियाराव.

सरपंच

(24)

ग्राम पंचायत, बिचौली हप्सी

सरपंच

(25)

ग्राम पंचायत, भिचौली मर्दाना

प्रतिनिधि

(2)

श्री शरद जैन इन्सीट्यूट ऑफ

टाउन प्लानर्स इण्डिया के प्रतिनिधि, इन्दौर.

भाग 1 ]

2539

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(1)

(2)

(3)

प्रतिनिधि

(3)

श्री लवकेश तिवारी, कॉसिल ऑफ आर्किटेक्ट इण्डिया के प्रतिनिधि, इन्दौर.

प्रतिनिधि

(4)

श्री पंकज अग्रवाल , इन्सीट्यूट ऑफ इंजिनियर्स के प्रतिनिधि, इन्दौर.

(5)

प्रतिनिधि अभ्यास मंडल इन्दौर के प्रतिनिधि इन्दौर-( जिला कार्यालय द्वारा प्रस्तावित ) .

(6)

प्रतिनिधि आयुक्त, नगरपालिका निगम, इन्दौर.

(7)

प्रतिनिधि श्री हितेन्द्र मेहता शासी निकाय एस.जी, एस.आय.टी.एस. इन्दौर.

झ. (1) संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय, इन्दौर.

(2) उक्त समिति अधिनियम की धारा 17 - क( 2 ) में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार कार्य करेगी .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वर्षा नावलेकर , उपसचिव.

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 16 सितम्बर 2010

क्र. एफ. - 9-2-2006- अट्ठावन. राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश राज्य कृषि उद्योग विकास निगम के मेमोरेन्डम एण्ड आर्टिकल्स ऑफ एसोसियेशन के आर्टिकल्स -74 ( ए ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, कॉलम 2 में अंकित अधिकारियों के स्थानांतरण होने के कारण कॉलम -3 में अंकित अधिकारी को निगम के संचालक मण्डल में सदस्य मनोनीत किया जाता है:-

मनोनीत सदस्य का नाम (3) क्र. (1)

स्थानांतरित अधिकारी (2)

1 श्री विजय सिंह,

संचालक,

वर्तमान में श्रीमती रश्मि अरूण शमी संचालक, उद्यानिकी सह मिशन

संचालक उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र उद्यानिकी एवं

प्रक्षेत्र वानिकी वानिकी मध्यप्रदेश , भोपाल.

मध्यप्रदेश, भोपाल.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ओ. पी. तंवर, उपसचिव.

गृह विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 17 सितम्बर 2010

क्र. एफ. - 1 (ए) 55-1994- ब- 2-दो.-( 1 ) श्री बी. बी. एस . ठाकुर, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक ( सतर्कता) अ.अ.वि. , पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 20 सितम्बर से 25 सितम्बर 2010 तक, कुल छः दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 18 एवं 19 सितम्बर 2010 के विज्ञप्त अवकाश लाभ सहित स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) श्री बी. बी. एस. ठाकुर भापुसे की उक्त अवकाश अवधि में इन्हें सौंपे गये दायित्वों का निवर्हन हेतु इनका चालू कार्य श्री के. एन. तिवारी , भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक ( अनु ) अ.अ.वि. पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा अपने कार्यों के साथ - साथ किया जायेगा.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री बी. बी. एस. ठाकुर, भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक (सतर्कता) अ.अ.वि. पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) श्री बी. बी. एस . ठाकुर, भापुसे द्वारा पुलिस महानिरीक्षक, सतर्कता अ.अ.वि. पुलिस मुख्यालय, भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर इनके अवकाश अवधि में इनके दायत्विों के निर्वहन हेतु उपर्युक्त निर्देशित अधिकारी उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री बी. बी. एस. ठाकुर भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री बी. बी. एस . ठाकुर, भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे .

भोपाल, दिनांक 20 सितम्बर 2010

क्र. एफ. 1 ( ए) 78-2001- ब- 2- दो. ( 1 ) श्री एन. के. मुद्गल , भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक ( अ.अ.वि. ) , पु.मु. , भोपाल को दिनांक 15 से 24 अप्रैल 2010 तक कुल दस दिवस के अर्जित अवकाश का लाभ दिनांक 14 एवं 25 अप्रैल 2010 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ उठाने की एवं दिनांक 15 से 26 जून 2010 तक कुल बारह दिन अर्जित अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है.

2540

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री एन. के. मुद्गल, भापुसे को अस्थाई रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक (अ.अ.वि. ) , पु. मु. , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री एन. के. मुद्गल, भापुसे , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एन . के. मुद्गल , भापुसे , अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. एफ. - 1 (ए) 266-86-ब- 2-दो . ( 1 ) राज्य शासन द्वारा श्री के. सी. वर्मा, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक पुलिस अग्निशमन सेवा, इन्दौर को दिनांक 17 सितम्बर से 11 अक्टूबर 2009 तक कुल 25 दिवस के लघुकृत अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है .

( 2 ) अवकाशकाल में श्री के. सी. वर्मा, भापुसे , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. सी. वर्मा, भापुसे , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. एफ. - 1 ( ए) 253-88- ब-2-दो.-( 1 ) राज्य शासन द्वारा डॉ. आर. के. गर्ग , भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, रेल, भोपाल को दिनांक 10 से 13 अगस्त 20.10 तक कुल चार दिवस का लघुकृत अवकाश दिनांक 14 एवं 15 अगस्त 2010 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ उपभोग करने की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है .

(2) अवकाशकाल में डॉ. आर. के. गर्ग, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. आर. के. गर्ग , भापुसे , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजन कटोच , प्रमुख सचिव.

लोक सेवा प्रबंधन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 20 सितम्बर 2010

क्र. एफ. - 3-1-2010-61- लो.से.प्र.वि. बीस सूत्र कार्यान्वयन विभाग के आदेश क्रमांक एफ. -3-1-96-2010-43-20 सूत्र, दिनांक 4 जुलाई 2006 द्वारा पुनर्गठित राज्य स्तरीय बीस सूत्रीय क्रियान्वयन समिति के मान. उपाध्यक्ष श्री जयमान सिंह पवैया के कार्यकाल में आगामी आदेश तक वृद्धि की जाती है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वीना वर्मा , उपसचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 20 सितम्बर 2010

फा. क्र. 17 ( ई ) 182-04- इक्कीस - ब ( दो ) .-विधिक सेवा प्राधिकरण ( संशोधन ) अधिनियम, 1994 ( 1994 का संख्याक 59 ) द्वारा यथा संशोधित विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (1987 का संख्याक 39 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड (ख ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए, मध्यप्रदेश के राज्यपाल , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति के परामर्श से माननीय न्यायमूर्ति श्री के. के. लाहोटी, न्यायाधीश , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय को मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नामांकित करते हैं.

F. No. 17 (E) 182-04 - XXI - B ( II ) . In exercise of the powers conferred by clause (b ) of sub - section (2) of Section 6 of the Legal Services Authorities Act , 1987 (No. 39 of 1987) as amended by Legal Services Authorities (Amendment) Act , 1994 ( No. 59 of 1994) , the Governor ofMadhya Pradesh in consultation with the Chief Justice ofHigh Court of Madhya Pradesh nominates Hon'ble Shri Justic K.K. Lahoti Judge Madhya Pradesh High Court as Executive Chairman of Madhya Pradesh State Legal Services Authority with effect from the date he assumes charge of the office of the executive Chairman.

भोपाल, दिनांक 22 सितम्बर 2010

फा. क्र. 17 (ई ) 10-2001 - इक्कीस ब ( एक ). - राज्य शासन , उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री सुशील कुमार गुप्ता, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, टीकमगढ़ की सेवाएं, आयुक्त विभागीय जांच के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, अस्थायी रूप से, आगामी आदेश होने तक, एतद्वारा , मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपता है.

भाग 1 ]

2541

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

फा. क्र. 17 (ई ) 32-2010- इक्कीस- ब ( एक ) .- राज्य शासन, श्रीमती सुनीता यादव , प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुरैना की सेवाएं, डायरेक्टर ( लॉ ) दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेग्यूलेटरी कमीशन, नई दिल्ली के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अस्थाई रूप से , आगामी आदेश होने तक , एतद्वारा , दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेग्यूलेटरी कमीशन , नई दिल्ली को सौंपता है .

फा. क्र. 17( ई) 33-2010- इक्कीस ब ( एक) .- राज्य शासन, श्री प्रवीण शाह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छिन्दवाड़ा की सेवाएं वाणिज्यिक कर अपील बोर्ड , भोपाल में न्यायिक सदस्य के पद पर, अस्थाई रूप से , आगामी आदेश होने तक, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु एतद्वारा , मध्यप्रदेश शासन , वाणिज्यि कर विभाग को सौंपता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव.

भोपाल, दिनांक 17 सितम्बर 2010

फा. क्र. 1 -बी- 24-2004 - इक्कीस- ब( दो ) .- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 23 जून 07 द्वारा नियुक्त श्री मोहन रोड़े, अति. शासकीय अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक छिन्दवाड़ा सत्र खण्ड के छिन्दवाड़ा राजस्व जिले के छिन्दवाड़ा का कार्यकाल दिनांक 23-6-2008 से 22-6-2011 तक 3 वर्ष की वृद्धि करता है . यह वृद्धि इस शर्त के अधीन है कि यह नियुक्ति एक माह का सूचना पत्र देकर बिना कोई कारण बताए समाप्त की जा सकती है .

भोपाल , दिनांक 21 सितम्बर 2010

फा. क्र. 1 - बी- 22-2004- इक्कीस - ब ( दो ) .- राज्य शासन के विभागीय आदेश दिनांक 26 जुलाई 2004 द्वारा नियुक्त श्री गिरिराजधरण शर्मा, शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक, राजगढ़ की आयु 62 वर्ष हो चुकी है, अतः विधि विभाग नियमावली 2008 के नियम, 20 के अन्तर्गत उनकी आयु 62 वर्ष पूर्ण हो जाने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से पदमुक्त किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान, सचिव.

भोपाल , दिनांक 22 सितम्बर 2010

फा. क्र. 17( ई ) -160 - इक्कीस - ब( दो) 10.- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 20 ( 2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा, डॉ. नवीन तिवारी , संयुक्त कलेक्टर, सिंगरौली को सिंगरौली जिले हेतु अपर जिला दण्डाधिकारी की शक्तियां प्रयोग करने के लिए अधिकृत करता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, भूपेन्द्र कुमार निगम, अपर सचिव.

अपरम्परागत ऊर्जा विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 21 सितम्बर 2010

क्र. एफ.-2-11-2010- साठ -368. - राज्य शासन, एतद्वारा मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लि. के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के उपबंध 72 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, श्री विजेन्द्र सिंह सिसोदिया, शाजापुर को मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लि. के संचालक मण्डल में संचालक नियुक्त करते हुये , आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएसन के उपबंध 71 के प्रावधानों के अंतर्गत आगामी आदेश तक के लिए मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम का अध्यक्ष नियुक्त करता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. चौकसे , अवर सचिव.

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 22 सितम्बर 2010

क्र. बी- 15-1-2004-चौदह - 2.- एतद्वारा , राज्य शासन , मध्यप्रदेश राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम ( संशोधन ) अधिनियम, 1982 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) ( क ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, श्री मधुकर हर्णे, होशंगाबाद को कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से दो वर्ष की अवधि हेतु अध्यक्ष , मध्यप्रदेश राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम नामनिर्दिष्ट करता है .

क्र. बी- 15-17-2007-चौदह-2.- एतद्वारा , राज्य शासन मध्यप्रदेश राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम अधिनियम , 1980 (क्रमांक 18 सन् 1980 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) ( क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, श्री कमलेश्वर सिंह , रीवा को कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से दो वर्ष की अवधि हेतु उपाध्यक्ष, मध्यप्रदेश राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम नामनिर्दिष्ट करता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मदन मोहन उपाध्याय, प्रमुख सचिव.

[ भाग 1 2542

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

विभाग प्रमुखों के आदेश

OFFICE OF THE JOINT COMMISSIONER OF INCOME TAX , RANGE - II

Aayakar Bhawan Annexe Building , Napier Town , JABALPUR - 482001

Jabalpur, the 13th September 2010

ORDER No. 1-2010-2011 . In exercise of the powers conferred on him by the Central Board of Direct Taxes vide its Notification No. S. O. 732 (E ) , dated 31st July, 2001 ( Notification No. 228 in CBDT ' s F. No. 187 /5/ 2001- ITA- A - I/ 405 ) under sub - section ( 1 ) and sub - section (2) of Section 120 of the Income- tax Act , 1961 (43 of 1961 ) [hereinafter referred to as Income- tax Act] and all other powers enabling him in this behalf, the Joint Commissioner of Income- tax , Range- II , Jabalpur , hereby directs that , the Income- tax Officer , Ward - 2 (3 ) , Jabalpur shall and the Income - tax Officer , Rang - 2 ( 2 ) , Jabalpur shall not exercise the powers and perform the functions of an Assessing Officer in respect of the following cases :-

Name and Address of the assessee

Status (4) (2)

PAN (3)

Sl . No. (1)

INDL

ASKPS1278G 1

Shri Manish Kumar Sahu , 406, Main Road Ranjhi Bazar , Ranjhi , Jabalpur.

INDL

AENPG3097E 2

Shri Madan Lal Gulati , 295 , Napier Town , Jabalpur

INDL

ACHPA7565P 3

Smt. Shobha Agrawal , 1645/48 , Shastri Bridge Road, Napier Town , Jabalpur .

INDL

ADSPR2536D 4

Smt . R.R. Ahuja , 693 , Gurunanak Market , Russel Crossing, Napier Town , Jabalpur .

INDL

ACHPA7715K 5

Shri Ranvir Rai Ahuja , Russel Chowk , Napier Town , Jabalpur

ADPPC7374P

INDL 6

Shri Gurdeep Singh Chhabra , 572 Napier Town , Jabalpur

ADLPG4871D

INDL.

7

:

Shri Mahavir Golcha , 43/44 , Next to khusi Plaza , Opp . Bhawartal Park , Napier Town , Jabalpur.

INDL

ACHPA7823N 8

Kumari Minoo Verma , C/ o R.R. Ahuja Adv . , Russel Chowk , Jabalpur .

INDL

AEDPR2505Q 9

Shri Paras Ram Rejhwani , C/ o Ram Soap Factory, 282 A , Industrial Estate , Adhartal , Jabalpur.

AFKPK1942C

INDL 10

Shri Satish Chand Khatri , 54 , Nav Adarsh Colony , Garha Road , Jabalpur.

INDL

AAUPY6360P 11

Shri Manoj Yadav, 212 , South Milloniganj , Jabalpur

ASXPS2396C

INDL 12

Shri Kawaldeep Singh Sahni , 741 , East Ghamapur, Jabalpur

INDL

AFLPG0251P 13

Shri Ram Mohan Gupta , 1065 , Ghamapur Chowk , Jabalpur

INDL

AQRPS4268D 14

Shri Ashish Saxena , 1805 , Shitla Mai , Ghamapur, Jabalpur भाग 1 ]

(2)

(1)

15

Shri Arjun Kumar Chhagani , 1164 , Second Street , Bai Ka Bagicha , Jabalpur.

16

Shri Ashwin Jayantilal Trivedi , 34 , Lordganj , Jabalpur

17

Shri Mayank Kumar Chourasiya , 548 , Loardganj , Near Jain Mandir Kamaniya Gate , Jabalpur.

18

Shri Subhash Matani , 442/A6 , Man Mohan Nagar, Madhoatal , Jabalpur.

19

Sarlesh Nursing Home ( S.C. Gupta Memorial Hospital & Research Centre) , 8 Shila Kunj , M.P.E.B. , Rampur , Jabalpur.

20

Shri Mahesh Verma , Ayurvet Limited , 6th Floor Sagar Plaza , Laxmi Nagar, Jabalpur .

21

Shri Amitabh Banerjee , 306/2 Banerjee Complex , Marhatal , Jabalpur.

22

Smt . Chandra Banerjee , 306/2 Banerjee Complex , Marhatal , Jabalpur.

23

Shri Somnath Ramkripal Kushwaha , 181 , Timber Factory , Pigari Water Works Road Temar BH , Jabalpur.

24

Shri Vipin Kumar Singh , 658 , Narsingh Ward, Madan Mahal , Jabalpur.

25

Shri Gurbachan singh , 184 , Ekta Parisar, Madan Mahal , Jabalpur

This order shall come into force with immediate effect .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन "

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल, मध्यप्रदेश 462011

आदेश

भोपाल, दिनांक 22 सितम्बर 2010

क्र. एफ. 67-09-10- तीन- 2645.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया

2543

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(4)

(3)

INDL

ADHPC5811D

INDL

ACDPT2821K

INDL

AGEPC7662E

INDL

AGWPM7409F

Firm

AASFS4241F

INDL

ADAPV2515N

INDL

ADDPB3044P

INDL

ACUPB4585H

INDL

ANNPK2572M

INDL

ATTPS9518G

BBPPS2934G

INDL

YOGENDRA DUBE Joint Commissioner of Income - tax , .... Range - II , Jabalpur.

हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

2544

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद्, श्योपुर , जिला श्योपुर के आम निर्वाचन में श्रीमती कामिनी दयालबाबू सोनी , अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद्, श्योपुर, जिला श्योपुर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , श्योपुर के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, श्योपुर के पत्र क्र. पंचायत/निर्वा. / 10/5496 , दिनांक 27 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती कामिनी दयालबाबू सोनी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती कामिनी दयालबाबू सोनी , को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 23 फरवरी 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , श्योपुर के माध्यम से दिनांक 17 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.

श्रीमती कामिनी दयालबाबू सोनी को नोटिस दिनांक 17 मार्च 2010 को तामील कराया गया. उनके द्वारा दिनांक 26 मार्च, 2010 को अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया , जिसमें लेख किया कि-" यह कि मेरे द्वारा जानबूझकर निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया बल्किमैं निर्वाचन होने के बाद अचानक बीमार पड़ जाने से अपने ईलाज हेतु पति को साथ लेकर श्योपुर से जयपुर चले जाने के कारण निर्वाचन व्यय लेखा को समय पर प्रस्तुत नहीं कर पायी. जैसी ही मैं अपना ईलाज कराकर वापिस आयी तभी मैंने अपना लेखा व्यय जिला निर्वाचन कार्यालय में प्रस्तुत कर दिया था. यह कि उक्त चुनाव में मेरे पति चुनाव अभिकर्ता थे जो मेरे ईलाज कराने हेतु मेरे साथ में चले जाने के कारण से उनके द्वारा भी निर्वाचन लेखा व्यय प्रस्तुत नहीं कर पाये . " कलेक्टर, श्योपुर से उक्त अभ्यावेदन के संबंध में अभिमत चाहे जाने पर उन्होंने अपने पत्र दिनांक 18 जून 2010 में लेख किया कि श्रीमती कामिनी दयालबाबू सोनी द्वारा दिनांक 30 जनवरी 2010 को अर्थात् कारण बताओ सूचना पत्र में दी गई समय

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

अवधि के अंदर व्यय लेखा प्रस्तुत किया गया जो स्वीकार योग्य पाया जाता है. आयोग द्वारा विचारोपरांत विलंब का कारण ज्ञात करने हेतु दिनांक 18 अगस्त 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर सचिव राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष में दिनांक 28 अगस्त 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, श्योपुर द्वारा दिनांक 23 अगस्त 2010 को कराई गई. किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुई और न ही उनके द्वारा इस संबंध में आयोग से कोई पत्र व्यवहार ही किया गया.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती कामिनी दयालबाबू सोनी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद्, श्योपुर, जिला श्योपुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05वर्ष ( पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, : हस्ता./- (रजनी उइके ). सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 22 सितम्बर 2010

क्र. एफ. 67-09-10- तीन- 2644.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश भाग 1 ]

नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद्, श्योपुर , जिला श्योपुर के आम निर्वाचन में सुश्री अभिलाषा झा, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद्, श्योपुर, जिला श्योपुर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , श्योपुर के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , श्योपुर के पत्र क्र. पंचायत/निर्वा./ 10/5496 , दिनांक 27 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री अभिलाषा झा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

: विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री अभिलाषा झा , को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 23 फरवरी 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , श्योपुर के माध्यम से दिनांक 12 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.

सुश्री अभिलाषा झा को नोटिस दिनांक 12 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 27 मार्च, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं

2545

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

किया गया. नोटिस की तामीली उपरांत कलेक्टर श्योपुर ने अपने पत्र दिनांक 18 जून 2010 में लेख किया कि " सुश्री अभिलाषा झा द्वारा दिनांक 27 मार्च 2010 को अर्थात् कारण बताओं सूचना- पत्र मे'दी गई समय अवधि के अन्दर व्यय लेखा प्रस्तुत किया गया. " आयोग द्वारा विचारोपरांत विलंब का कारण ज्ञात करने हेतु दिनांक 18 अगस्त 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 28 अगस्त 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, श्योपुर द्वारा दिनांक 23 अगस्त 2010 को कराई गई. अभ्यर्थी स्वयं उपस्थित हुई. उनके द्वारा अभ्योवदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने लेख किया कि " चुनाव परिणाम के उपरांत लगातार मेरा स्वास्थ्य खराब रहा एवं भूलवश मेरे द्वारा अंतिम हिसाब प्रस्तुत करने में विलंब हुआ जो मेरे द्वारा दिनांक 17 मार्च 2010 को जिला निर्वाचन अधिकारी , श्योपुर के सूचना- पत्र मिलने के तत्काल बाद व्यय लेखा रजिस्टर जिला निर्वाचन कार्यालय, श्योपुर में जमा करा दिया गया. " अभ्यर्थी द्वारा स्वास्थ्य खराब रहने के संबंध में चिकित्सा प्रमाण - पत्र आदि प्रस्तुत नहीं किए किए, जिसके कारण अभ्यावेदन में उल्लिखित स्वास्थ्य खराब होने संबंधी तथ्य प्रमाणित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा विलंब से लेखा प्रस्तुत करने का कारण ( भूलवश ) भूल जाना स्वयं स्वीकार किया गया है.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवंः.. न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धोंके अन्तर्गत सुश्री अभिलाषा झा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद्, श्योपुर, जिला श्योपुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05वर्ष ( पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

2546

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

आदेश भोपाल , दिनांक 22 सितम्बर 2010

क्र. एफ. 67-81-10- तीन- 2647.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद्, नागदा जिला उज्जैन के आम निर्वाचन में सुश्री सोभा पति सुरेश जायसवाल अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद्, नागदा, जिला उज्जैन के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, आपको अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , उज्जैन के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , उज्जैन के पत्र क्र. स्था./निर्वा ./10/ 385 , दिनांक 21 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री सोभा पति सुरेश जायसवाल द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री सोभा पति सुरेश जायसवाल , को कारण बताओ सूचना पत्र क्र. एफ 67-81/2010/तीन/813, दिनांक 2 फरवरी 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी,

[ भाग 1 उज्जैन के माध्यम से दिनांक 18 फरवरी 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री सोभा पति सुरेश जायसवाल को नोटिस दिनांक 18 फरवरी 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 5 मार्च, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. नोटिस की तामीली उपरांत कलेक्टर उज्जैन ने अपने पत्र दिनांक 19 अप्रैल 2010 में लेख किया कि " सुश्री सोभा पति सुरेश जायसवाल के द्वारा आज दिनांक तक कोई व्यय लेखा/अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किये गये . आयोग द्वारा दिनांक 15 जून 2010 को सुश्री सोभा पति सुरेश जायसवाल को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 26 जून 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली अभ्यर्थी को दिनांक 24 जून 2010 को करा दी गई थी, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री सोभा पति सुरेश जायसवाल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक परिषद्, नागदा जिला उज्जैन का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- ( रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

2547 "गग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खरगोन, दिनांक 10 सितम्बर 2010

क्र. 1438 - भू- अर्जन - 10-संशोधित.- तहसील महेश्वर , जिला खरगोन के ग्राम गोगांवा की अर्जनीय आबादी भूमि एवं उस पर स्थित परिसम्पत्तियां तथा शासकीय /निजी कृषि भूमि पर स्थित संरचनाओं के अर्जन हेतु इस कार्यालय के पत्र क्रमांक 100 - भू-अर्जन-10 , दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा जारी भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 1 ) की अधिसूचना निरस्त की जाती है एवं निम्नानुसार संशोधित अधिसूचना जारी की जाती है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल

(हेक्टेयर में )

(6)

धारा 4 की उपधारा ( 2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

(2)

(3)

(1)

(4)

महेश्वर गोगावां

खरगोन

महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. मण्डलेश्वर.

महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

एफ.आर.एल. में डूब प्रभावित भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं 1. आबादी भूमि-0.006

एफ.आर.एल./एम. डब्ल्यू. एल. के मध्य डूब प्रभावित भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं 1. आबादी भूमि -0.200 एफ.आर.एल. में डूब प्रभावित भूमि पर स्थित संरचनाएं 1. निजी कृषि भूमि-0.610 2. शासकीय भूमि 0.840 योग 1.656 एफ.आर.एल./एम. डब्ल्यू. एल . के मध्य डूब प्रभावित भूमि एवं स्थित संरचनाएं.

1. निजी कृषि भूमि-0.609

महायोग 2.265

नोट

.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) ( 1 ) कलेक्टर जिला खरगोन, ( 2 ) भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत् परियोजना मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन , ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल 1 ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना, म. प्र. रा . वि. मण्डल, मण्डलेश्वर (4) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पावर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

खरगोन, दिनांक 13 सितम्बर 2010

क्र. 1442 - भू-अर्जन- 2010- प्र. क्र. 1-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) , के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि 2548

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह 17 (4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम/नगर

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)

(3)

(4) (1)

0.656 खरगोन बड़वाह

बड़वाह

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन (2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

क्र. 32 , बड़वाह कार्यपालन यंत्री, न. वि. सं. ओंकारेश्वर परियोजना की प्रथम चरण की दांयी तट नहर निर्माण से संबंधित प्रस्तावित व्ही. आर . बी. निर्माण , रेम्प, अर्दन बैंक तथा जल निकासी हेतु ड्रेनेज के निर्माण बाबत्.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन भू-अर्जन अधिकारी, ओंकारेश्वर/महेश्वर परियोजना बड़वाह एवं कार्यपालन यंत्री न. वि. सं. क्र. 32 , बड़वाह के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बुरहानपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

बुरहानपुर, दिनांक 11 सितम्बर 2010

क्र. क- वाचक- भू- अर्जन- 2010-53-82.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमिका वर्णन

खसरा

जिला/ ग्राम तहसील (1) (2)

नंबर (3)

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4) परेठा

265/1

290

बुरहानपुर/ नेपानगर

0.27 0.29 0.51

291

0.06

301/1 301/3

0.36 1.49

योग

0.21 दैयत

5/1 5/2

0.16

3

0.41

9

0.41

0.20

10/1

2/2

0.21

23

0.24

0.24

24

0.11

26

61/1

0.10

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6)

(2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

साजनी तालाब योजना की नहरकार्य.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, संभाग बुरहानपुर.

भाग 1 ]

2549 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(3) (1) (2)

61/2

61/3

7/1

7/2

217

14/1

216

14/3

215

14/2

214

14/4

213

212/1

212/2

201

202/2

202/1

203

12

199/1

198/3

199/2

198/1

198/2

13/1

197

193

26

30/1

30/2

31/1

31/2

32/2

41

48/2

42/2

49/2

183/2

183/3

186/1

186/2

185/1

146/1

185/2

183/4

184

50/5

145/1

(6) (4)

(5)

0.09

0.06

0.15

0.15

0.06

0.06

0.06

0.06

0.06

0.06

0.06

0.06

0.06

0.11

0.11

0.12

0.05

0.05

0.10

0.18

0.05

0.03

0.04

0.12

0.07

0.13

0.26

0.17

0.36

0.16

0.16

-0.13

0.30

0.23

0.33

0.16

0.16

0.16

0.08

0.08

0.10

0.09

0.06

0.04

0.06

0.06

0.11

0.18

0.05 2550

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(1) (2)

(3)

(4)

144/1

0.06

176

0.19

0.08

147

8.26

योग

महायोग 9.75

(6)

(5)

नोट.- अर्जन की जाने वाली भूमि से संबंधित नक्शा, ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय एवं भू-अर्जन अधिकारी, नेपानगर के कार्यालय में देखा जासकताहै .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रेनु पंत कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

छिंदवाड़ा दिनांक 16 सितम्बर 2010

क्र. 7876- भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है. राज्य शासन की राय में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे . इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 (4 ) के उपबंध लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावि भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में )

(4) (1) (2) (3)

छिंदवाड़ा अमरवाड़ा ग्राम- तेन्दनींरैयत ब. नं. -23, प.ह.नं. -35 रा.नि.मं. - अमरवाड़ा-2

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन

(6) भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की (2)के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

रीछननाला जलाशय के बांध निर्माण के लिये निजी

भूमि का अधिग्रहण .

: कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग- छिंदवाड़ा, जिला छिंदवाड़ा

07.088 हेक्टर एवं

(उक्त भूमि पर आने

वाली सम्पत्तियां)

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा में ) जिला- छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण विभाग ( भ. /स. ) संभाग- छिंदवाड़ा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उप संभाग- अमरवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 7877 - भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 की 2551 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है. राज्य शासन की राय में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 5 ( क) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे . इस संबंध में भू- अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17( 1 ) एवं 17 ( 4 ) के उपबंध लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

तहसील

जिला

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में)

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 (2)के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

(6) (2)

(4)

(1)

(3)

छिंदवाड़ा अमरवाड़ा

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग- छिंदवाड़ा, जिला छिंदवाड़ा

ग्राम-चिमउवा ब. नं.-88, प.ह.नं. - 35 रा.नि.मं. - अमरवाड़ा-2

62.226 हेक्टर एवं

(उक्त भूमि पर आने

वाली सम्पत्तियां)

रीछननाला जलाशय के बांध निर्माण के लिये निजी कृषि भूमि का अधिग्रहण.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा में ) जिला- छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण विभाग (भ. /स. ) संभाग- छिंदवाड़ा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, जल संसाधन उपसंभाग- अमरवाड़ा , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पवन कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला मुरैना , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

मुरैना, दिनांक 17 सितम्बर 2010

क्र. क्यू. कोर्ट-कले. राजस्व भू- अर्जन-प्र.क्र. 01-अ-82-2009-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों के प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . चूंकि राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ , के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील

लगभग क्षेत्रफल

ग्राम

जिला

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है

सर्वे नं.

रकबा (हे. में)

(6)

(2)

(4)

(1)

(5)

0.134

(3) पिपरई

मुरैना

मुरैना

1531 1532

0.041

0.277

प्रबंधक संचालक, म. प्र. सड़क विकास निगम, भोपाल

0.220

(7) धौलपुर- मुरैना मार्ग पर इंटीग्रेटेड चैकपोस्ट बैरियर निर्माण हेतु निजी भूमि का स्थायी रूप से अर्जन.

0.250

1525 1530 1526 2552

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(3)

(4) (1) (2)

1545

1529

1528

1527

1516

1518

1513

1515

1514

1507

1503

1504

1507

1493

1500

1505

1492

1494

1491

1502

1489

1488

1487

1490

1483

1486

1078

1079

1484

1482

1080

1081

1082

1076

1077

1704

1705

1702

1703

1692

1691

1690

1681

1688

1685

(7)

(5)

(6)

0.083

0.180

0.080

0.070

0.630

0.520

0.208

0.370

0.340

0.061

0.060

0.350

0.147

0.461

0.035

0.370

0.560

0.023

0.308

0.056

0.450

0.090

0.050

0.304

0.456

0.280

0.080

0.300

0.200

0.080

0.180

0.134

0.024

0.034

0.097

0.018

0.166

0.318

0.080

0.421

0.080

0.020

0.390

0.090

0.080 भाग 1 ]

2553

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(2)

(3)

(4) (1)

1689

1683

1687

1686

1684

1682

1658

1659

1662

1661

1660

1656

1654

1655

1657

1636

1634

1633

1635

1603

1632

1631

1630

1629

1628

1604

1605

1606

1610

:

1611

1607

1608

1053

1049

1054

1055

योग (2)

(6)

(7)

(5)

0.110

0.030

0.100

0.080

0.070

0.120

0.190

0.110

0.091

0.081

0.280

0.340

0.179

0.158

0.340

0.203

0.166

0.040

0.240

0.230

0.143

0.113

0.071

0.320

0.239

0.210

0.240

0.530

0.022

0.244

0.200

0.200

0.219

0.060

0.520

0.044

16.789

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी मुरैना जिला मुरैना के कार्यालय में देखा जा सकता है .

( 3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) संभागीय प्रबंधक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

2554

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दतिया, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

दतिया, दिनांक 17 सितम्बर 2010

क्र. भू- अर्जन- 23-82-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 8 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 10 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 9 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ , के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 )के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

सर्वे

जिला तहसील/ नगर/ग्राम

अनुसूची

धारा 4 की सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

उपधारा (2 )

भू- अर्जन हेतु हेक्टेयर

नं.

मकान तालुका

भूमि रकबा

रकबा (3)

(5) (6) (1) (2)

(4)

3.85 0.01

924/1क

दतिया दतिया नुनवाह

0.15

924/2क

1.86

0.18

965/1ख

965/2ख

0.02

1.23

966/2

0.02

0.59

967

0.62

970

0.27

971

0.12

968

0.20

969

0.30

972/2

योग 9.21

0.21 (2)

योग द्वारा प्राधिकृत

कुआ

रकबा

अधिकारी

रकबा

(10) (7)

(8)

(9)

संभागीय प्रबंधक

0.01

3.87

ग्राम नुनवाह 0.01

0.16 म. प्र. रोड

तह. जिला दतिया 2.05

0.01

डेव्हलपमेंट

बार्डर चैक पोस्ट 0.02 कॉपोरेशन

निर्माण हेतु

लि. मी.

1.25

0.60 ग्वालियर .

0.01

0.01

0.63

0.27

0.12

0.20

0.30

0.05

9.47

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी कलेक्ट्रेट दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) संभागीय प्रबंधक, एम. पी. आर. डी. सी. ठाटीपुर ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जयश्री कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 17 सितम्बर 2010

क्र. 946 - भू-अर्जन.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त भाग 1 ]

2555

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

अधिनियम के उपबंध उसके संबंध लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमिकाविवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम अर्जित क्षेत्रफल लगभग ( हेक्टेयर में ) (1) (2)

(3)

(4)

0.077

धौचट

रीवा हुजूर

(2)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

मैदानी माइनर के अंतर्गत आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, अपर पुरवा नहर संभाग , रीवा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 950 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम के उपबंध उसके संबंध लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमिका विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

अर्जितक्षेत्रफल लगभग ( हेक्टेयर में )

(4) 0.105 (1) रीवा

(3) दुआरी

(2) हुजूर

(2)

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, अपर पुरवा नहर संभाग , रीवा.

मैदानी माइनर के अंतर्गत आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 952- भू- अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम के उपबंध उसके संबंध लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

अर्जित क्षेत्रफल लगभग ( हेक्टेयर में ) (2)

(4)

(3) बिडवा

0.061 (1) रीवा हुजूर

(2)

सार्वजनिक प्रयोजन

कावर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

मैदानी माइनर के अंतर्गत आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों (5) कार्यपालन यंत्री , अपर पुरवा नहर संभाग , रीवा.

काअर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

2556

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

रीवा, दिनांक 22 सितम्बर 2010

क्र. 970 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम के उपबंध उसके संबंध लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमिका विवरण

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन जिला तहसील

नगर/ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल लगभग ( हेक्टेयर में )

(6) (2)

(4)

(1) रीवा सिरमौर

(3) गहनौआ

1.80

गहनौआ माइनर नहर में आने वाली भूमिके लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन .

(5) कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, जिला रीवा. ( म.प्र. )

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 972 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम के उपबंध उसके संबंध लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का विवरण

:

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

नगर/ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल लगभग ( हेक्टेयर में )

(1) रीवा

(3) भडरहा पैपखार

(4) 5.61

(2) सिरमौर

(5) कार्यपालन यंत्री, जिला रीवा. ( म.प्र. ) क्योटी नहर संभाग ,

(6) सिरमौर वितरक नहर 2.31 हेक्टेयर एवं गहनौआ माइनर नहर 3.48 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 974- भू-अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त 2557 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

अधिनियम के उपबंध उसके संबंध लागू होते हैं :-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

( 2 ) के अंतर्गत

धारा 4

भूमि काविवरण

कावर्णन जिला तहसील

नगर/ग्राम

प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल लगभग ( हेक्टेयर में )

(6)

(2)

(1)

(3)

(4)

रीवा सिरमौर

6.74

मरैला कोठार

सिरमौर वितरक नहर के मरैला कोठार माइनर नहर 6.74 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(5) कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा. (म.प्र. )

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 976 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम के उपबंध उसके संबंध लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमिका विवरण

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन जिला

नगर/ग्राम

तहसील

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल लगभग ( हेक्टेयर में )

(6) (2)

(5)

(3)

(4)

(1) रीवा

11.43

सिरमौर

सिरमौर वितरक नहर के मरैला कोठार माइनर पड़री पवाई

नहर 11.43 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, जिला रीवा. (म.प्र.)

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 978 - भू- अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम के उपबंध उसके संबंध लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमिकाविवरण

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन जिला तहसील

नगर/ग्राम

धारा 4 (2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल लगभग ( हेक्टेयर में )

(4)

(6) (2)

(3)

(1) रीवा सिरमौर टाटा कोठार

3.508

(5) कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा.

सिरमौर वितरक नहर के महरी माइनर नहर 3.508 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(म.प्र.)

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

2558

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

क्र. 980- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम के उपबंध उसके संबंध में लागू होते है:-

अनुसूची

भूमि का विवरण

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)

(6) (2)

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

(1)

(3)

(4)

रीवा सिरमौर

4.576

बदरांव गौतमान

कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा ( म. प्र. )

सिरमौर वितरक नहर के महरी माइनर नहर 4.576 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 982- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम के उपबंध उसके संबंध में लागू होते है:-

अनुसूची

भूमि का विवरण

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

नगर/ग्राम

जिला

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)

(4)

(5)

(6) (1) (2)

(3)

5.773

रीवा

कबरा

सिरमौर

कोठार

कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग , रीवा (म. प्र. )

क्योटी नहर प्रणाली निर्माण हेतु कटकी, शाखा नहर निर्माण.

( 2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

2559 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

क्र. 984- भू-अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे. क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

भूमि का विवरण

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

(1) (2)

(3)

(4)

2.208

रीवा सिरमौर

डिहिया

कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा ( म. प्र. )

सिरमौर वितरक नहर के पुरवा माइनर नहर 2.208 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 986- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

जिला

नगर/ग्राम

(6) (1) (2)

(3)

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में) (4)

रीवा सिरमौर जोकहा कोठार

1.984

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा ( म . प्र. )

सिरमौर वितरक नहर के पुरवा माइनर नहर 1.984 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

2560

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

क्र. 988 - भू- अर्जन. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा की उपधारा के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में) (1) (2)

(3)

(4)

पिपरी

2.70 रीवा सिरमौर

मुडवार

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा ( म . प्र. )

सिरमौर वितरक नहर के पुरवा माइनर नहर 2.70 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 990 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

:

भूमि का विवरण

नगर/ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)

(3)

(4) (1) (2)

पल्हान

रीवा सिरमौर

4.872

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा ( म. प्र.)

सिरमौर वितरक नहर के शाहपुर माइनर नहर 4.872 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

2561 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

क्र. 992- भू-अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

नगर/ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)

(6) (1) (2)

(5)

(4)

(3)

रीवा सिरमौर

3.00

चौरा नं. 3 (देवार्थ )

कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा ( म. प्र. )

सिरमौर वितरक नहर के चौरा माइनर 3.00 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 994- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम

जिला तहसील

धारा 4 (2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)

(6)

(5)

(1) (2)

(3)

(4)

रीवा

1.620

सिरमौर चौरा नं . 1 (164)

जिला रीवा ( म . प्र. ) कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग ,

माइनर 1.620 हेक्टेयर में सिरमौर वितरक नहर के मुड़ियारी आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

[भाग 1 2562

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

क्र. 996 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का वर्णन

का वर्णन जिला

नगर/ग्राम

तहसील

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)

(6) (2)

(4)

(5)

(1)

(3)

रीवा

0.096

बिहरिया

बिहरिया माइनर हुजूर

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा ( म. प्र. )

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 998 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

नगर/ग्राम

तहसील

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में )

(6)

(4)

(1) (2)

(3)

(5)

रीवा सिरमौर

2.160

झिरिया पवाई

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा ( म . प्र. )

सिरमौर वितरक नहर के मुड़ियारी माइनर 2.160 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

2563 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

क्र. 1000 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

नगर/ग्राम

तहसील

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)

(6)

(5)

(2)

(3)

(4)

(1)

सिरमौर

3.506

रीवा

मुडयारी

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा ( म. प्र. )

सिरमौर वितरक नहर के मुड़ियारी माइनर 3.506 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 1002 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

नगर/ग्राम

(6)

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

(2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में) (4)

(1)

2.640

रीवा सिरमौर

खैर पवाई

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा ( म . प्र. )

सिरमौर वितरक नहर के मुड़ियारी माइनर 2.640 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

2564

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

क्र. 1004- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का वर्णन

का वर्णन तहसील

जिला

नगर/ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)

(6) (1) (2)

(3)

(4)

(5)

सेमरा

6.720

रीवा सिरमौर

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा ( म . प्र. )

सिरमौर वितरक नहर के मुड़ियारी माइनर 6.720 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खण्डवा , दिनांक 20 सितम्बर 2010

भू-अर्जन- प्र. क्र.- 51 -अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 04 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त . भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उप धारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगें:-

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

नगर/ग्राम

अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में )

(5)

(6) (2)

(3)

(1)

(4)

मोहना

खण्डवा

3.69

पुनासा

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 28 , पुनासा

इंदिरा सागर परियोजना के अंतर्गत केलवां वितरण शाखा की प्रस्तावित सबमाईनरों के विस्तार हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा/कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28 पुनासा के कार्यालय में किया जा सकता है.

2565 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

भू-अर्जन- प्र . क्र.- 52-अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 04 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उप धारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगें:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) (3)

(1) (2)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में) (4)

0.82

खण्डवा

नवलगांव रै

पुनासा

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 28 , पुनासा

इंदिरा सागर परियोजना के अंतर्गत गोराड़िया वितरण शाखा की अतिरिक्त सबमाईनर के निर्माण हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा/कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28 पुनासा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भू-अर्जन-प्र. क्र.- 53-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 04 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उप धारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगें : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) (2)

(5)

(3)

(4)

(1)

खण्डवा

0.92

नांदखेड़ा माफी

पुनासा

क्र. 28 , पुनासा कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग इंदिरा सागर परियोजना के अंतर्गत गोराड़िया वितरण शाखा की अतिरिक्त सबमाईनर के निर्माण हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा/कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28 पुनासा के कार्यालय में किया जा सकता है.

2566

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

भू-अर्जन- प्र. क्र.- 54-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक - एक सन् 1894 ) की धारा 04 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उप धारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगें:-

अनुसूची

तहसील

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)

(5)

(1) (2)

(3)

(4)

खण्डवा

1.12

पुनासा कालिया खेड़ी

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 28 , पुनासा

इंदिरा सागर परियोजना के अंतर्गत बीजापुर वितरण शाखा की अतिरिक्त सबमाईनर के निर्माण हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा/कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28 पुनासा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , डी.डी. अग्रवाल , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला भोपाल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

भोपाल , दिनांक 21 सितम्बर 2010

प्र. क्र. 02 - भू-अर्जन-ए- 82-2010- सात 1.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने, के लिये प्रांधिकृत करता है :-

अनुसूची

धारा 4 की

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

नगर/ग्राम

उपधारा 2 द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

तहसील/ तालुका

लगभग क्षेत्रफल खसरा नम्बर अर्जित किया जाने वाले है .

(6) (3)

(2)

(1)

(4)

(5)

भोपाल

हुजूर

ईटखेड़ी छाप

कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि. संधारण संभाग क्रमांक-2

खजूरी सड़क ईटखेड़ी मार्ग पर कोलान्स नदीं पर पुल के पहुंच मार्ग हेतु अर्जन.

ख. नं. ( हे. /ए.में ) योग . 119/2 0.75 एकड़ अर्थात 0.30 हे. 0.30 हे.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तहसील हुजूर जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निकुंज कुमार श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

2567 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

कार्यालय , कलेक्टर, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 22 सितम्बर 2010

क्र. 560 - भू- अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

धारा 4 की

भूमि का वर्णन

का वर्णन जिला तहसील

नगर/ग्राम

उपधारा (2 )

लगभग क्षेत्रफल

हेक्टेयर में

द्वारा प्राधिकृत

अधिकारी

भूमि का रकबा क्र.

(6) (1) (2)

(4)

(5)

(3)

रीवा

ढेकहा/

163/2

वाराणसी नागपुर मार्ग

कार्यपालन यंत्री,

हुजूर

के कि. मी. 236/4 250

लो.नि.वि.

0.12ए./ 0.048 हे .

बीहर पुल के रीवा

सेतु संभाग

रीवा ( म. प्र. ) पहुंच मार्ग निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय से देखा जा सकता है.

क्र. 561 - भू- अर्जन-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमिका वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग ( हेक्टेयर में )

(6) (2)

(3)

(4)

(5)

(1) रीवा

0.003

रीवा 553

कार्यपालन यंत्री, लो. नि. वाराणसी नागपुर मार्ग के कि. मी.

हुजूर

236/4 बीहर पुल के रीवा पहुंच

वि. सेतु संभाग, रीवा (म.प्र.)

मार्ग निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा (प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय से देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. पी. श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

2568

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

राजस्वविभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला जिला डिण्डौरी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग डिण्डौरी , दिनांक 6 सितम्बर 2010

क्र.-भू-अर्जन-26( अ-82)-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- डिण्डौरी

(ख ) तहसील- डिण्डौरी

(ग ) ग्राम- खरगहना मय बसनिया

(घ) क्षेत्रफल लगभग-0.52 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

515

0.13

516

0.08

517

0.03

518

0.03

520

0.03

501

0.01

521

0.20

योग : 0.51

शासकीय सर्वे नं.

510/1

0.01 योग : 0.52

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- भगनवारा जलाशय ग्राम खरगहना मय बसनिया नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र.- भू-अर्जन-28 ( अ-82)-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन –

(क) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील- शहपुरा

(ग ) ग्राम- बड़झर

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 12.89 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

भू- अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

131

1.14

0.06

139

0.80

140

141

1.10

3.83

158

0.84

148

0.47

149

1.21

161

0.45

150

151

0.91

152

0.07

0.28

154

0.32

156

0.35

157

422

0.18

0.60

423

0.18

144

0.10

130

योग : 12.89

शासकीय सर्वे नं.

132,160,159,424, 153 , 145 , 166 8.79

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बड़झर जलाशय ग्राम बड़झर बांध निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

2569

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

क्र.- भू-अर्जन-32( अ-82) -2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील-शहपुरा

(ग) ग्राम- राछो

(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 3.80 हेक्टेयर .

सर्वे नम्बर भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

372

0.14

375

0.20

380

0.32

0.19

389

0.05

383

390

0.08

637

0.01

391/1

0.01

451

0.28

457

0.08

459

0.08

456

0.01.

461

0.01

460

0.10

0.02

462/2

468

0.10

471

0.01

505

0.03

501

0.06

507

0.04

0.01

493

0.27

508/1

0.08

489

632/7

0.10

635

0.10

636

0.10

567

0.13

(2)

(1)

0.04

638/1

0.04

638/2

0.08

639

0.08

583

0.02

640

0.01

644

0.02

642

0.02

643

0.08

568

0.07

645

0.01

647

0.03

652

653

0.04

0.10

654

0.01

584

0.03

576

0.15

574

0.22

571

0.03

564

0.11

565/2

योग : 3.80

शासकीय सर्वे नं.

3.17

222,379,479/1,381,476,474 ,

475,506,622,633,632/1,650 ,

667,585,573,569,558 / 1

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-राछो जलाशय ग्राम राछो नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी /कलेक्टर कार्यालय डिडौरी में देखा जा सकता है .

डिण्डौरी , दिनांक 14 सितम्बर 2010

क्र.- भू- अर्जन-27 ( अ-82 )-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- (क) जिला डिण्डौरी 2570

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(ख ) तहसील-डिण्डौरी

(ग ) ग्राम- भगनवारा रै.

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.31 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

386/1

0.96

386/2

0.35

0.60

386/3

421

0.16

404/2

1.27

350/1

0.22

426

0.75

योग : 4.31

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- भगनवारा जलाशय ग्राम भगनवारा बांध निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र.- भू- अर्जन-30(अ -82 ) -2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील- शहपुरा

(ग) ग्राम- देवरीकला

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.71 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

415/1

0.05

395

0.04

(2)

(1)

0.04

401

0.03

399

0.04

388

0.02

386

0.04

387

0.02

332

0.06

378

0.04

377/207

0.06

375

0.05

373

0.08

329

321

0.05

0.05

320

0.14

635

योग : 0.71

शासकीय भूमि

0.04

394,400,330

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-कोहानी देवरी जलाशय ग्राम देवरीकला नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र.-भू-अर्जन-31 ( अ-82)-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के : अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील- शहपुरा

(ग) ग्राम- सारसडोली

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.11 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर भू- अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.10

157

0.02

150 भाग 1 ]

2571

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(2)

(1)

151

0.08

62

0.24

63

0.20

66

0.18

68

0.15

71

0.14

योग : 1.11

0.07

शासकीय भूमि 158,153,149

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-कोहानी देवरी जलाशय ग्राम सारसडोली नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र.- भू-अर्जन-33 ( अ-82 ) -2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील- शहपुरा

(ग ) ग्राम्म भोड़ासाज माल

(घ) लगभग क्षेत्रफल 13.48 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

38

(2) 0.36

62

2.00

0.70

67

368

0.08

370

0.62

397

1.60

0.14

398

0.22

422

0.25

399

400

1.15

(2)

(1)

0.87

401

1.61

402

3.17

420

0.11

424

528

0.18

0.42

531

योग : 13.48

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- दनदना नाला जलाशय ग्राम भोड़ासाज माल बांध निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.

डिण्डौरी , दिनांक 15 सितम्बर 2010

क्र.-भू-अर्जन-41( अ -82 )-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील- शहपुरा

(ग) ग्राम- उमरिया रैयत

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.52 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में )

(2) 0.53

(1) 203

योग : 0.53

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- दनदना नाला जलाशय ग्राम उमरिया रैयत शाखा नहर निर्माण हेतु .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .

2572

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

क्र.- भू-अर्जन-43( अ-82 ) -2009-10 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील- शहपुरा

(ग ) ग्राम- सुड़गांव रै.

(घ) क्षेत्रफल लगभग- 1.28 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

217/4

0.19

217/3

0.11

217/2

0.02

217/1

0.01

220/3

0.27

220/1

0.02

220/2

0.10

223

0.09

224

0.05

225

0.06

226/1

0.07

226/2

0.07

228

0.04

0.05

229

230

0.01

0.07

231

232

0.05

योग : 1.28

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- दनदना नाला जलाशय ग्राम सुड़गांव रैयत शाखा नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र.- भू-अर्जन-44(अ -82)-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील- शहपुरा

(ग ) ग्राम- चाटा

(घ) क्षेत्रफल लगभग-4.25 हेक्टेयर .

सर्वे नम्बर

भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

130

0.08

0.14

131

0.16

287

0.16

277

0.02

278

275

0.12

274

0.13

0.10

273

0.06

272

306

0.05

0.40

270/1

0.02

361

0.04

270/2

471

0.08

0.10

470

0.33

462

0.13

465

0.03

463

0.43

517

0.32

464

0.03

520

0.10

528

0.05

530

531

0.10

0.22

533

0.31

534

535

0.07 भाग 1 ]

2573

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(1)

(2)

562

0.17

568

0.30

योग : 4.25

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- दनदना नाला जलाशय ग्राम चाटा शाखा नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र.-भू-अर्जन-45(अ -82 ) -2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- डिण्डौरी

(ख ) तहसील- शहपुरा

(ग) ग्राम- खजरवारा

(घ) क्षेत्रफल लगभग-5.78 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर भू- अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

489

0.05

490

0.05

487/1

0.07

485

0.26

384

0.05

385

0.05

386/2

0.03

0.01

462/4

162/3

0.10

462/2

0.06

462/5

0.02

464

0.17

0.07

465

479/2

0.04

0.05

479/1

478/2

0.01

478/1

0.01

(2)

(1)

0.11

477

0.09

476/2

0.13

476/1

0.15

149

0.04

174

0.11

147

0.14

148

0.24

61/2

0.01

61/1

0.13

60

0.06

59/3

0.15

59/2

0.03

31/1

0.10

59/1

0.02

57/1

37/2

0.22

0.21

38/2

40

0.11

0.23

42

47/1

0.12

0.07

2/2

0.22

170

171

0.08

0.05

172

0.08

173

0.15

175

0.22

176

0.24

.174

0.19

177

0.19

164

0.07

156/1

155

0.11

157

0.32

0.07

55/1

योग : 5.65

0.13

शाराकीय भूमि 494,481,211

कुल योग : 5.78

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- दनदना नाला जलाशय ग्राम खजरवारा शाखा नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .

2574

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

क्र.- भू-अर्जन-46( अ -82 )-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील- शहपुरा

(ग ) ग्राम- सुखलौड़ी

(घ ) क्षेत्रफल लगभग-3.61 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

68

0.28

168

0.02

96/1

0.10

109/1

0.18

0.10

110

111

0.10

0.04

139

140

0.03

0.06

141

144

0.06

153

0.16

163/2

0.26

170

0.02

112

0.21

166

0.21

167

0.01

0.07

169

183

0.19

184

0.10

237

0.14

238/1

0.06

514

0.03

0.09

516

523/1

0.11

522

0.28

239

0.11

251

0.01

464

0.04

(2)

(1)

0.12

461

0.04

469

0.20

467

0.05

463

0.03

465

0.25

588

3.61

योग :

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- दनदना नाला जलाशय ग्राम सुखलौड़ी शाखा नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र.-भू-अर्जन-47 ( अ -82 ) -2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील- शहपुरा

(ग) ग्राम-राखी

(घ) क्षेत्रफल लगभग- 4.02 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर भू- अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

15/2

0.10

15/1

0.21

16

0.13

0.20

17

0.16

7

20

1.25

0.07

90/1

0.21

89/1

0.24

88

0.14

110/2

0.12

110/3

109

0.11 भाग 1 ]

2575

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(1)

(2)

0.57

29

98/1

0.13

90/2

0.08

90/3

0.06

90/4

0.06

90/5

0.06

90/6

0.06

0.07

90/7

4.02

योग :

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- दनदना नाला जलाशय ग्राम राखी शाखा नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. - भू-अर्जन-48 ( अ-82 ) -2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1.) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील- शहपुरा

(ग) ग्राम- कठौतिया रै.

(घ) क्षेत्रफल लगभग-4.64 हेक्टेयर .

सर्वे नम्बर

भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

68

0.18

69

0.15

0.23

414

422

0.25

424

0.06

0.05

642

(2)

(1)

0.03

644

0.22

420/2

0.28

452

0.22

453

0.15

459

0.04

463

0.03

464

0.03

465/2

466

0.12

0.10

469/1

0.10

469/2

0.05

472

0.05

473

0.10

474

0.17

475

0.22

476

0.19

637/1

0.15

641

0.09

643

0.35

645/1

0.03

645/2

0.04

645/3

0.08

646/1

640/2

0.04

0.06

697/1

696/2

0.09

0.29

700/1

0.05

700/2

0.11

700/3

0.05

702/1

0.19

697/2

4.64

योग :

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- दनदना नाला जलाशय ग्राम कठौतिया रैयत शाखा नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. चंद्रशेखर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

2576

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

कार्यालय, कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

ग्वालियर , दिनांक 7 सितम्बर 2010

प्र. क्र. 11 - अ- 82-09-10- भू- अर्जन चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-ग्वालियर

(ख) तहसील-ग्वालियर

(ग ) नगर/ ग्राम - हस्तिनापुर , प. ह. नं. 73

(घ ) क्षेत्रफल-7.120 हेक्टर .

सर्वे नंबर कुल रकबा अर्जित किये जाने वाला अनुमानित रकबा (हेक्टर में)

(हेक्टर में )

(1)

(2)

(3)

249

0.58

0.36

250

0.65

0.68

251

0.16

0.39

295

0.23

0.18

253

0.46

0.32 254

0.42

0.28

255

0.44

0.10

257

0.03

0.26

288

0.38

0.15

537

0.25

0.010

289

0.34

0.91

290

0.64

0.19

291

1.20

0.28

294

0.59

0.50

296

0.41

0.15

354

0.44

0.03

0.07

356

0.16

390

0.46

0.34

391

0.57

0.43

393

0.01

0.01

0.40

394

0.34

395

0.22

0.21

(3)

(1)

(2)

0.03

392

0.22

0.12

402

0.45

0.52

0.38

404

0.37

0.23

405

0.05

0.37

406

1.15

407

0.34

0.12

408

1.010

0.02

0.110

412

0.11

0.11

416

0.12

0.10

413

0.09

0.10

417

0.09

414

0.09

415

0.12

0.12

0.020

512

0.020

518

0.110

0.090

513

0.020

0.020

0.010

517

0.030

539

0.46

0.050

योग : 7.12

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. - हरसी उच्चस्तरीय मुख्य नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 14- अ- 82-09-10- भू-अर्जन चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के. अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-ग्वालियर

(ख) तहसील- ग्वालियर

(ग) नगर/ग्राम - आरौली , प. ह. नं. 73

(घ) क्षेत्रफल-16.859 हेक्टर.

सर्वे नंबर

कुल रकबा अर्जित किये जाने वाला अनुमानित रकबा (हेक्टर में) (हेक्टर में)

(3)

(1)

(2)

735

1.181

0.648

0.387

0.523

734 भाग 1 ]

2577

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(1)

(2)

(3) 751

0.010

0.010

0.010

748

0.010 749/2

0.042

0.042 733

0.889

0.084 753

0.355

0.240 752

0.188

0.188 754

0.157

0.052 755

0.073

0.021 756

0.021

0.063

757

0.021

0.011 724

0.024

0.230

666

0.251

0.063 723

0.073

0.073

0.743 758

1.170

0.011 759

0.261

668

0.084

0.084

0.115

0.011 669

673

0.502

0.961

0.282 674

0.240

722

0.732

0.502

0.042 708

0.408

718

0.282

0.240

0.334

0.157 709

721

0.345

0.314 762/1क

0.585

0.015 762/1ख

0.251

0.006 705

0.428

0.157 704

0.408

0.209 650/2

0.293

0.804

680

0.428

0.293 679

0.073

0.073 643/2

0.157

0.157 650/1

0.157

0.157

0.200 643/1

0.993

0.105

647

0.105

0.073

0.011 648

0.125

0.010 645

649

0.020

0.052

2.090

599/1

0.366

0.836

0.836 598/मिन2

99/6

0.209

0.153

1.338

0.387 597/2

99/5

1.045

0.282

(3)

(1)

(2)

0.499

103/3

0.499

103/2

0.499

0.117

0.116

0.397

103/4

0.052

475/2

0.418

1.254

1.484

476

0.116

3.543

125

2.000

0.271

472/2

322

0.627

0.418

0.690

0.397

409

323

1.547

0.565

337

0.700

0.073

0.073

0.230

328

0.167

0.178

329

0.136

0.251

331

0.084 333

0.178

0.679

0.679

338

0.637

0.021 339

0.011

340

0.428

0.052 470

0.637

0.491 341

0.721

0.011

344

0.993

350

0.324

0.261

0.131 351

0.240

0.272

0.042 352

0.335

0.481

406+415

408

0.098

0.784

0.272

0.314

414

416

0.011

0.031.

0.011 417.

0.805

429/2

0.219

0.219

0.052 410

0.063

0.397

0.784

411

0.105 413

0.209

0.480

1.212

464

0.836

0.350 347/1

योग : 16.859 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- हरसी उच्चस्तरीय मुख्य नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

2578

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग जबलपुर, दिनांक 10 सितम्बर 2010

प्र.क्र. - 1 - अ- 82-08-09- भू-अर्जन 10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- जबलपुर

(ख ) तहसील- शहपुरा

(ग) ग्राम- मालकछार, प.ह.न. 59

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.71 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

0.10

49/1

54/1

0.01

54/2

0.02

0.01

54/3

54/4

0.01

55/1

0.01

55/2

0.02

55/3

0.01

0.01

55/4

0.04

77/1

77/2:

0.04

77/3

0.04

77/4

0.04

81

0.02

82

0.01

83

0.01

0.05

131

0.10

135/1

193

0.13

199

0.32

200/2

0.05

209/3

0.12

210/1

0.03

0.03

201/2

0.07

211/1

0.07

211/2

221

0.05

222/1

0.05

(2)

(1)

0.04

223

0.20

224

योग : 1.71

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- भडपुरा से नर्मदा पुल तक रोड पहुंच मार्ग निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , पाटन के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र.क्र. - 21 - अ-82-08-09- भू-अर्जन 10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- जबलपुर

(ख ) तहसील- शहपुरा

( ग) ग्राम- भडपुरा, प.ह.न. 60, नं.बं. 319

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.66 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.05

485

0.06

486

0.09

494

-0.07

495

0.07

496/1

0.09

563

0.01

650

652

0.01

653

0.07

0.12

660

0.04

673

योग : 0.66

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- भडपुरा से नर्मदा पुल तक रोड पहुंच मार्ग निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, पाटन के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गुलशन बामरा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

2579

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

कार्यालय, कलेक्टर, जिला बुरहानपुर मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बुरहानपुर, दिनांक 15 सितम्बर 2010

राजस्व प्र. क्र. 2 -अ-82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बुरहानपुर

(ख ) तहसील- बुरहानपुर

(ग ) ग्राम- भोंटा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-9.69 हेक्टर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में )

(1)

(2)

64/1

0.72

63

0.26

64/3

0.16

71/1

0.15

71/3

0.16

0.15

71/4

0.66

69

94/1

0.92

93/2

0.13

92/1

0.20

91/1

0.23

0.15

199/1

197/1

0.58

75/1

0.65

74/1

1.83

74/2

216/1

0.25

216/2

216/3

0.20

217

220

0.20

0.37

215/1

215/2

0.25

0.02

76/1

0.05

86

(2)

(1)

0.02

214/1

0.43

196/1

0.20

209/1-2

206

0.10

0.44

210/1

0.09

211

0.08

208

0.02

207

0.02

195

योग : 9.69

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- ग्राम भोंटा में बार्डर चेक पोस्ट का निर्माण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , बुरहानपुर तथा संभागीय प्रबन्धक, म. प्र. सड़क विकास निगम, इंदौर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रेनु पन्त, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला बड़वानी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग बड़वानी, दिनांक 16 सितम्बर 2010

प्र. क्र. 17- अ- 82-2009-10- क्र. 1496- भू-अर्जन- नहर- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) कीं धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उपरोक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला- बड़वानी

(ख) तहसील- बड़वानी

(ग) ग्राम रेहगुन

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 18.992 हेक्टर.

खसरा नम्बर

अधिगृहित किया जाने वाला क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.303

4/1, 5/ 1क

0.445

4/3, 5/5क 2580

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(2)

(1)

0.303

4/5 , 5/6

5/1/ 1ख

0.614

0.445

5/1/2ख

5/1 ग

0.321

5/9

0.227

5/10

0.242

5/11

0.242

7/1

0.619

7/2

0.101

7/5

0.040

7/6

0.619

7/7

0.121

7/13

0.315

15/2

0.121

52/1

0.585

52/2

0.405

0.142

52/3, 54/1

0.485

53/1

53/2

0.324

53/3

0.186

53/4

0.170

53/5

0.045

53/6

0.085

53/7

0.040

1.344

131/4, 136/4

0.162

136/7

0.400

136/10

137/1

0.300

145/1

0.235

145/2

0.841

145/3

1.112

145/6

0.546

145/7

1.214

0.300

146/2 , 146/3

244/1

0.951

244/2

1.300

245/2

0.566

1.076

260/2

260/3

1.100

योग : 18.992

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना नहर बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 11 बड़वानी जिला बड़वानी के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

प्र. क्र. 18 - अ- 82-2009-10- क्र. 1497- भू- अर्जन- नहर- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है किनीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उपरोक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बड़वानी

(ख) तहसील- बड़वानी

(ग) ग्राम- सजवानी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-36.542 हेक्टर.

खसरा

अधिगृहित किया जाने नम्बर

वाला क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2) (1)

0.141 21/2, 22/2 , 23/22 , 23/23

0.040 23/21

0.340 29/1

0.072 28/1 , 29/2

0.032 28/8 , 29/8

0.081 29/3

0.623 47/7, 75/2

0.243 47/9 , 47/10 , 75/3

0.340 47/11 , 75/4

0.303 47/12, 75/5

0.866 54/1/4

0.097 54/2, 55/1

0.405 56/2

0.607 56/3

0.372 56/4, 74/1

0.575 56/7

70

1.761

1.295 74/2

0.145 74/4

0.550 74/5

0.599 74/6

0.081 74/7

0.546 74/8

0.486 75/1

1.255 76/1/1

0.550 76/1/2

0.388 76/1/3 भाग 1 ]

2581

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(2) (1)

76/1/4

0.749

0.162 76/2, 78/3

101/1

0.405 101/2

0.259 101/3

0.445 101/4

0.506 101/5

0.526 101/6

0.678 101/7

0.332

0.069 101/8

103/1

0.708

0.680 103/2, 106/4

104/1

1.425 104/2

0.769

0.024 104/3 , 106/3

1.170 104/4, 106/6

0.556 105/1 , 106/2

123/2

1.498 144/3

0.956 144/4

0.149

0.770 150/2 , 150/3 , 150/4

150/5

0.890

0.809 150/8 , 150/9

0.421 159/1

159/2

1.214

0.142 159/8

159/13

0.064 159/15

0.385

0.040 192, 193/2

0.749 193/1 , 194/2

0.506 193/3 , 194/1

0.162 193/4, 194/7

0.975 194/5

194/6

0.324

0.202 195/1/2

0.749 198/1 , 199/1

199/4

0.761 200/2

0.263

1.275 200/1 , 201 / 1 क

0.061 201/3

0.015 23/25

201/5

0.619

0.170 201/6

0.117 238/4, 253/2

योग : 36.542 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर निर्माण हेतु .

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का भू-अर्जन अधिकारी इंदिरा सागर परियोजना नहर बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -11 , बड़वानी जिला- बड़वानी के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

प्र. क्र. 20 - अ- 82-2009-10- क्र. 1495- भू- अर्जन- नहर- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उपरोक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बड़वानी

(ख ) तहसील- बड़वानी

(ग) ग्राम- बड़गांव

(घ) लगभग क्षेत्रफल-15.927 हेक्टर .

खसरा

अधिगृहित किया जाने नम्बर

वाला क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2) (1)

2/2

1.336

0.575 23/1 , 24/1

1.408 23/3 , 24/1/1

0.834 24/1/2

27/1

1.214

1.011 29/2

0.101 29/3 , 29/10

2.489 29/5

0.020 29/9

0.227 35/2

0.372 35/3

0.263 35/7

0.340 35/8

0.154 39/1

0.020 39/2

0.582 128/1 , 137/3 , 144/2

0.242 128/3 , 130/8

0.081 129/2, 130/7

0.032 130/4

0.032 130/5 2582

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(2) (1)

130/6

0.032

1.388 133/3

0.587 137/4, 143

137/5

0.081 137/7

0.243 138

0.817

0.461 140/1 , 141/1

0.282 140/2

140/3

0.445

0.258 140/4

योग : 15.927 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का भू-अर्जन अधिकारी इंदिरा सागर परियोजना नहर बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-11 , बड़वानी जिला- बड़वानी के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

प्र. क्र. 22 - अ- 82-2009-10- क्र. 1494- भू- अर्जन- नहर- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उपरोक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बड़वानी

(ख ) तहसील - बड़वानी

(ग ) ग्राम- बालकुआ

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 22.256 हेक्टर .

खसरा

अधिगृहित किया जाने नम्बर

वाला क्षेत्रफल

(हेक्टर में)

(2) (1)

3/8

0.606

0.558 10/1

0.429 10/3 , 10/6

1.477 10/4

10/5

0.178

(2)

(1)

1.497

14/3 , 15/1

0.020

14/7

0.032

14/8

0.227

18

0.461

19

0.923

21

0.486

22/1 क

0.587

22/1 ख

0.923

0.048

75/2, 75/4 क

0.028

76/1 , 76/2

0.619

77/2, 79/5

0.437

78

0.587

79/2

0.970

79/3

0.615

79/4

0.020

80/1

1.300

262/5

1.618

270/1

1.153

270/2

2.185

270/3

0.340

277/1

0.142

277/3

0.048

280/2

-0.445 282/1

2.966

283/2, 284

0.210 283/1 पैका

0.121 295/1 , 296/2

योग : 22.256 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का भू-अर्जन अधिकारी इंदिरा सागर परियोजना नहर बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -11 , बड़वानी जिला- बड़वानी के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संतोष मिश्र, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

भाग 1 ]

2583

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना जिला रीवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 16 सितम्बर 2010

क्र. 930 - भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सीधी (म. प्र. )

(ख) तहसील- रामपुर नैकिन

(ग ) ग्राम- बुढ़गौना

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.59 हेक्टर.

खसरा नम्बर

(हेक्टर में) अर्जित रकवा

कुल रकवा (हेक्टर में )

(2)

(1)

(3) 310/1

1.12

0.48 0.11

1.36

313

योग : 0.59 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है शिकारगंज वितरक नहर क्र. 1 में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 932 - भू-अर्जन-- 2010-11 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सीधी ( म. प्र. )

(ख) तहसील- रामपुर नैकिन

(ग) ग्राम-चोरगड़ी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.49 हेक्टर.

अर्जित रकवा (हेक्टर में)

कुल रकवा (हेक्टर में)

खसरा नम्बर (1)

(2) 0.35

1891

0.45

2794

(3) 0.05 0.12 0.18

0.52

2284/1

2793

0.82

0.14 योग : 0.49 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- शिकारगंज वितरक नहर क्र. 1 में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 934 - भू- अर्जन- 2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 (क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सीधी ( म. प्र. )

(ख ) तहसील- रामपुर नैकिन

(ग) ग्राग- बघवार

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.12 हेक्टर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकवा (हेक्टर में)

कुल रकवा (हेक्टर में )

(3) (1) 380

(2) 0.12

0.12 योग : 0.12 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- शिकारगंज वितरक नहर क्र. 1 में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक , भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

2584

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

रीवा, दिनांक 17 सितम्बर 2010

प्र. क्र. 944- प्रशासक- भू-अर्जन 2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक - एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील- वीरखाम

(ग) ग्राम सेमरिया

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.988 हेक्टेयर.

खसरा

रकबा

नम्बर

(हेक्टर में)

(1)

(2)

213/1/क

0.269

213/1 /ख , 213/2

1490

0.240

0.336

1497/1

0.010

1843/1 , 1843/2

0.029

2406/1 , 2406/2

2534

0.072

0.012

2550

योग : 0.988

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - कोठी टोला माइनर नहर के अंतर्गत में आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक , भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 948 - प्रशासक- भू-अर्जन 2010-11. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- सिरमौर

(ग ) ग्राम-बरौं

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.886 हेक्टेयर .

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

2423

0.015

0.076

2420

2425

0.094

0.025

2427

0.094

2428

0.001

2429

2436

0.102

0.103

2437

0.095

2438

0.214

2552

2450

0.090

2465/1 , 2465/2

0.084

2456

0.501

1183

0.037

1182

0.658

1181

0.329

1185

0.329

1180/1 , 1180/2

0.075

1186

0.815

1179

0.815

1178/1

0.047

1177

1173

0.122

0.001

1175

0.037

1176/2/ख

0.028

1171

1158

0.125

1157

0.003

0.032

1161

0.109

1162

0.007

1137

0.125

1130

1162

0.094 भाग 1 ]

2585

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(2)

(1)

0.247

1129/1 , 1129/2

1129/3

1003

0.163

0.087

1004

0.125

1005/1 , 1005/2

0.200

1177

0.470

2.8396

कुल अशासकीय भूमि माइनर

0.0470

कुल शासकीय भूमि माइनर

महायोग : 2.886

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बैतूल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग बैतूल, दिनांक 17 सितम्बर 2010

क्र. 1 - अ -82-09-10- भू-अर्जन-7130. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- बैतूल

(ख ) तहसील- बैतूल

(ग) नगर/ ग्राम- हिवरखेड़ी/कोदारोटी, प. ह. नं. 21/17 (घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.234 हे./0.291 हे.

खसरा क्रमांक

ग्राम

रकवा (हेक्टर में)

(3) (1)

(2)

0.234

118/1

हिवरखेड़ी

0.291

107

कोदारोटी

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.- हिवरखेड़ी-कोदारोटी मार्ग के किलोमीटर 2/8 पर निर्माणाधीन पुल के पहुंच मार्ग हेतु निजी भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर ( भू-अर्जन ) जिला बैतूल एवं अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(4 ) कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण विभाग , सेतु निर्माण संभाग, भोपाल एवं अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग सेतु, निर्माण के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विजय आनंद कुरील , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खरगोन , दिनांक 21 सितम्बर 2010

क्र. 1480 - भू- अ- 10- प्र. क्र. 11-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इंदौर संभाग, इंदौर के पत्र क्रमांक-415-05-कोर्ट -10, इंदौर, दिनांक 5 जून 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- बड़वाह

(ग) ग्राम का नाम-पाछला

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 0.688 हे. निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

विवरण खसरा

दूब का रकबा

(हे. में. )

(2)

(3) नम्बर (1)

नीम-2 07 पैकी

0.648

0.040

33पैकी

0.688

2 2586

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है .- महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1 - कलेक्टर जिला- खरगोन, 2- भू-अर्जन अधिकारी म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर मुख्यालय , खरगोन 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प./ म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 - महाप्रबंधक , श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 1486- भू- अ- 10-प्र. क्र. 13-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इंदौर संभाग , इंदौर के पत्र क्रमांक-415-05-कोर्ट-10, इंदौर, दिनांक 5 जून 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

(क) जिला-खरगोन

(ख) तहसील- बड़वाह

(ग) ग्राम का नाम- पीतनगर

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.126 हे . निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

विवरण

दूब का रकबा (हे . में. )

खसरा नम्बर (1)

(2)

(3)

51

0.020

मकान -1

0.024

53

54

0.008

0.004

98

111

0.030

220/1

0.070

220/2

0.020

242

0.073

आम-1

243

0.120

आम-3

0.304

244

245

0.093

गुलर-1 , पाईप लाईन दुर्गामंदिर

(1)

(2)

(3)

0.030

246

247

0.280

जामवृक्ष -18 , आवला-3 , शहतुत -1 , नीम-2, पाईप लाईन -8

0.140

251/1

251/2

0.120

0.080

252/2

0.450

256

0.020

258/1

258/2

0.020

0.200

280/1

0.020

280/3

2.126

योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है. - महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1 - कलेक्टर जिला-खरगोन, 2- भू- अर्जन अधिकारी म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर मुख्यालय , खरगोन 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प. / म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पांवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 1482 - भू- अ- 10-प्र. क्र.- 14- अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात कां समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इंदौर संभाग , इंदौर के पत्र क्रमांक-415-05-कोर्ट -10, इंदौर, दिनांक 5 जून 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- बड़वाह

(ग) ग्राम का नाम-निमसर भाग 1 ]

2587

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.180 हे . निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

विवरण

खसरा नम्बर

दूब का रकबा (हे. में. )

(3)

(1)

(2)

12पैकी

0.180

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है. - महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1 - कलेक्टर जिला- खरगोन , 2- भू-अर्जन अधिकारी म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर मुख्यालय, खरगोन 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प. / म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर , 4 - महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 1487-भू-अ- 10-प्र. क्र. 15-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इंदौर संभाग , इंदौर के पत्र क्रमांक-415-05-कोर्ट-10, इंदौर, दिनांक 5 जून 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

(क) जिला-खरगोन

( ઘ ) તઈશીત ઘડવાઈ

(ग) ग्राम का नाम-रावेर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-19.845 हे. निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

विवरण

दूब का रकबा (हे. में. )

(2)

खरारा नम्बर (1)

2

1.943

(3) पाईप लाईन -11 4

0.401

5

0.951

15

3.237

पाईप लाईन -1

2.711

16/2

18/1

2.023

रेतखदान परिवर्तित भूमि

(3)

(1)

(2)

3.636

18/2

18/4

0.608

0.607

18/6

22/4

0.190

पाईप लाईन -1 , नीम-1

0.080

22/6

0.780

23

पाईप लाईन -1 , नीम -1 24/1

0.230

32

1.150

37

0.080

39

0.304

0.024

42

0.520

92

0.170

93/2

0.200

99

योग .. 19.845

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.- महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1 - कलेक्टर जिला- खरगोन , 2- भू- अर्जन अधिकारी म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर मुख्यालय, खरगोन , 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प./ म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 - महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 1484- भू- अ- 10- प्र. क्र.-16-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इराके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इंदौर संभाग , इंदौर के पत्र क्रमांक-415-05-कोर्ट-10, इंदौर, दिनांक 5 जून 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन- निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- बड़वाह

(ग) ग्राम का नाम- टोकसर 2588

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.280 हे. निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

खसरा

विवरण

नम्बर

दूब का रकबा (हे. में. )

(2)

(1)

(3)

0.100

26 पैकी

48 पैकी

0.180

नीम -2 , बोर -2 , बिजली की खोली-1 पाईप लाईन-4

योग .. 0.280

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.- महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1 - कलेक्टर जिला-खरगोन, 2- भू-अर्जन अधिकारी म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर मुख्यालय , खरगोन, 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प. / म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 महाप्रबंधक , श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 1483- भू- अ-10- प्र. क्र. 17-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इंदौर संभाग , इंदौर के पत्र क्रमांक-415-05 -कोर्ट-10, इंदौर, दिनांक 5 जून 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन- निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- बड़वाह

(ग) ग्राम का नाम- धनपाल्या

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.130 हे. निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

विवरण

खसरा नम्बर

(1)

(3)

03 पैकी

दूब का रकबा (हे. में. ) (2) 0.130

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है. - महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1 - कलेक्टर जिला- खरगोन, 2- भू-अर्जन अधिकारी म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर मुख्यालय, खरगोन , 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प./ म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 महाप्रबंधक , श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 1485 - भू- अ- 10-प्र. क्र. 18-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इंदौर संभाग , इंदौर के पत्र क्रमांक- 415-05-कोर्ट-10, इंदौर, दिनांक 5 जून 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4 ) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है: - अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- बड़वाह

(ग) ग्राम का नाम- खेंड़ी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-7.500 हे. निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

विवरण

खसरा नम्बर

दूब का रकबा (हे. में. )

(3)

(2)

(1)

0.510

3/2

0.080

24

0.310

25/2

नीम-40, जामुन-2, ईमली-2

26

0.340

2.500

29

0.696

34

36

0.982

पाईन लाईन -1

0.986

38

0.005

43

0.140

143/2

0.050

143/3

0.070

143/4

0.348

146

0.425

147

166

0.016

435

0.010 भाग 1 ]

2589

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

(1)

(2)

(3)

470/3

0.020

470/4

0.012

योग .. 7.500

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.- महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1 - कलेक्टर जिला- खरगोन, 2- भू-अर्जन अधिकारी म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर मुख्यालय, खरगोन , 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प./ म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 1481 - भू- अ- 10-प्र. क्र. 19-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इंदौर संभाग , इंदौर के पत्र क्रमांक-415-05-कोर्ट -10, इंदौर , दिनांक 5 जून 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- बड़वाह

(ग ) ग्राम का नाम- उमट्टी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.445 हे. निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

विवरण

खसरा नम्बर

दूब का रकबा (हे. में. )

(1)

(2)

(3)

7/2

0.020

मोटरघर -5

33

0.425 योग .. 0.445

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है. - महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1 - कलेक्टर जिला- खरगोन, 2- भू-अर्जन अधिकारी म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर मुख्यालय , खरगोन , 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प. / म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 - महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 1488- भू- अ- 10- प्र. क्र.-20-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इंदौर संभाग , इंदौर के पत्र क्रमांक-415-05-कोर्ट -10, इंदौर, दिनांक 5 जून 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- बड़वाह

(ग ) ग्राम का नाम- जायखेंड़ा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.623 हे. निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

विवरण

दूब का रकबा

खसरा नम्बर

(हे. में. )

(2)

(3)

(1)

0.446

3

0.0.80

4/2

1.204

5/1

5/3

0.081

पाईपलाईन -4 , नीम -1 , धर्मशाला-1 , हनुमान मंदिर-1 , शिवओटला -1 , हवनकुण्ड, पीपल -4 , गीबू-3, कनेर 4,बिल पत्र-1 , खोली-1 मोटर पंप खोली-11

0.140

6/2.

0.202

6/4

0.190

8/1

8/2

0.280

योग .. 2.623

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.- महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1 - कलेक्टर जिला- खरगोन , 2- भू-अर्जन अधिकारी म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर मुख्यालय , खरगोन , 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प. / म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 - महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , केदार शर्मा, कलेक्टर, एवं पदेन उपसचिव.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 01 October 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2010-10-01.40.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2010-10-01.40.Ordinary.