पंजी. क्रमांक भोपाल डिवीजन म. प्र. - 108- भोपाल-09-11 .
मध्यप्रदे श शास
मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल डाक परिमंडल , के पत्र क्रमांक 22/153, दिनांक 10-1-06 द्वारा पूर्व भुगतान योजनान्तर्गत डाक व्यय की पूर्व अदायगी डाक द्वारा भेजे जाने के लिए अनुमत.
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 42]
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 15 अक्टूबर 2010- आश्विन 23 , शक 1932
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट .
भाग 2.-स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.
भाग 4.-( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद्में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद् के अधिनियम ,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 21 सितम्बर 2010
क्र. एफ-19-82-2010-एक-4 राज्य शासन द्वारा कुशाभाऊ ठाकरे, अंशदायी पेंशन योजना, 2008 के नियम, 14 के अंतर्गत राज्य स्तरीय सशक्त समिति का गठन किया जाता है :-
अध्यक्ष 1. मुख्य सचिव
सदस्य 2. अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग .
सदस्य 3. प्रमुख सचिव वित्त विभाग
सदस्य 4. प्रमुख सचिव, मछली पालन विभाग
2679
सदस्य 5. प्रमुख सचिव, पशुपालन एवं कुक्कुट विभाग
सदस्य 6. सचिव, ग्रामोद्योग विभाग
सदस्य 7. सचिव , श्रम विभाग
सदस्य 8. सचिव, सामाजिक न्याय विभाग
सदस्य 9. संचालक , संस्थागत वित्त
सदस्य- 10. आयुक्त, सामाजिक न्याय विभाग
सचिव 2. राज्य स्तरीय सशक्त समिति द्वारा योजना के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने, बैंकों का निर्धारण करने , निधि प्रबंधक, प्रदाताओं को नियुक्त करने हेतु अधिकृत होंगी .
3. समिति की बैठक आवश्यकता अनुसार आहुत की जा सकेगी .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. के. वर्मा, अतिरिक्त सचिव.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2010.
2680
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
गृह ( सामान्य ) विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 20 सितम्बर 2010
क्र. एफ - 3-78-2010- दो- ए( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा सामान्य प्रशासन, राजस्व एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 19 जुलाई 2010 को प्रश्न पत्र दाण्डिक विधि तथा प्रक्रिया- द्वितीय ( पुस्तकों सहित ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-
परीक्षार्थी का नाम
(2)
अनु. (1)
पदनाम (3)
उच्चस्तर
रीवा संभाग
डिप्टी कलेक्टर 1 श्री विमलेश सिंह पन्द्रो
राजस्व निरीक्षक 2 श्री संतोष कुमार अहिरा
राजस्व निरीक्षक 3 श्री राकेश कुमार शुक्ला
ग्वालियर संभाग
सहायक कलेक्टर ( सश्रेय ) 4 कु. स्वाती मीणा
5 श्री नाथूसिंह तोमर
सहायक अधीक्षक, भू- अभि.
सागर संभाग
6 श्री संकेत एस. भोंडवे
सहायक कलेक्टर ( सश्रेय )
डिप्टी कलेक्टर ( सश्रेय) 7 श्री मिलिन्द कुमार नागदेवे
डिप्टी कलेक्टर (सश्रेय) 8 श्री राजकुमार खत्री
डिप्टी कलेक्टर (सश्रेय) 9 कु. निमिषा जायसवाल
सहायक कलेक्टर ( सश्रेय ) 10 श्री स्वतंत्र कुमार सिंह
नायब तहसीलदार 11 श्री रमेश कुमार जैन
इन्दौर संभाग
राजस्व निरीक्षक 12 श्री उदयसिंह मण्डलोई
राजस्व निरीक्षक (सश्रेय) 13 श्री महेन्द्र गौड़
राजस्व निरीक्षक 14 श्री ओमप्रकाश बैड़ा
राजस्व निरीक्षक 15 श्री राजेश सरवरे
डिप्टी कलेक्टर ( सश्रेय ) 16 सुश्री माधवी नागेन्द्र
राजस्व निरीक्षक 17 श्री गोविन्द दास रावत
जबलपुर संभाग
डिप्टी कलेक्टर 18 श्री वीरसिंह चौहान
राजस्व निरीक्षक 19 श्री संजय कुमार दुबे
डिप्टी कलेक्टर 20 श्रीमती निधि सिंह राजपूत
21 श्री प्रकाशसिंह चौहान
डिप्टी कलेक्टर
डिप्टी कलेक्टर 22 श्री आदेश राय
राजस्व निरीक्षक 23 श्री राजेन्द्र प्रसाद सेन
डिप्टी कलेक्टर ( सश्रेय ) 24 कु. सुरभी सोनी
उज्जैन संभाग
सहायक कलेक्टर ( सश्रेय ) 25 श्री नागरगोजे मदन विभिषण
भोपाल संभाग
डिप्टी कलेक्टर ( सश्रेय ) 26 कु. लता शरणागत
27 श्री अविनाश लवानिया
सहायक कलेक्टर (सश्रेय )
सहायक कलेक्टर 28 कु. प्रीति मैथिल
सहायक कलेक्टर 29 श्री अजय गुप्ता
सहायक कलेक्टर 30 श्री अमित तौमर
31 श्री श्रीकान्त बनोट
सहायक कलेक्टर (सश्रेय )
सहायक कलेक्टर 32 सुश्री प्रियंका दास
सहायक कलेक्टर 33 श्री इलैयराजा टी .
सहायक कलेक्टर 34 श्री धनुराजू एस.
नायब तहसीलदार 35 श्री सुशील कुमार
डिप्टी कलेक्टर 36 कु. प्रियंका पालीवाल
डिप्टी कलेक्टर 37 श्री महीप किशोर तेजस्वी
नायब तहसीलदार 38 श्री मोतीलाल अहिरवार
सहायक कलेक्टर 39 श्रीमती सूफिया फारूकी
40 श्री रजनीश कसेरा
डिप्टी कलेक्टर ( सश्रेय )
डिप्टी कलेक्टर 41 श्री अभिषेक दुबे
डिप्टी कलेक्टर 42 श्री कृष्ण कुमार रावत
डिप्टी कलेक्टर 43 श्रीमती श्वेता पंवार
डिप्टी कलेक्टर 44 कु. वंदना मेहरा
डिप्टी कलेक्टर 45 श्री अखिलेश कुमार जैन
डिप्टी कलेक्टर 46 श्री नरोत्तम प्रसाद भार्गव
डिप्टी कलेक्टर 47 श्री प्रदीप जैन
निम्नस्तर
रीवा संभाग
नायब तहसीलदार 1 श्री मानसिंह आर्मी
राजस्व निरीक्षक 2 श्री भूवनेश्वर सिंह
सहायक अधीक्षक, भू- अधि 3 श्री मधुकर प्रसाद पाण्डे
राजस्व निरीक्षक 4 श्री राजेन्द्र प्रसाद मांझी
राजस्व निरीक्षक 5 श्री ललीत कुमार धार्वे
राजस्व निरीक्षक 6 श्री हरिहर प्रसाद पनिका
राजस्व निरीक्षक 7 श्री लालाराम सूर्यवंशी
राजस्व निरीक्षक 8 श्री रामकनेश साकेत
राजस्व निरीक्षक 9 श्री गंगाराम पनिका
राजस्व निरीक्षक 10 श्री वैद्यनाथ पाण्डेय
ग्वालियर संभाग
राजस्व निरीक्षक 11 श्री दर्शनलाल
राजस्व निरीक्षक 12 श्री लालसिंह राजपूत भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
राजस्व निरीक्षक 13 श्री लोकमणि शाक्य
राजस्व निरीक्षक श्री मुकेश कुमार दुबे
14
श्री संतोष सिंह चौहान
राजस्व निरीक्षक 15
16 श्री विश्राम शाक्य
राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक श्री महेश कुमार माहौर
17
राजस्व निरीक्षक 18 श्री शिवनन्दन सिंह कुशवाह
राजस्व निरीक्षक 19 श्री राकेश कुमार ढोड़ी
20 श्री एस. आर. गोयल
सहायक अधीक्षक, भू- अभि.
21
नायब तहसीलदार श्री शत्रुहन सिंह चौहान
राजस्व निरीक्षक 22 श्री सुरेश यादव
राजस्व निरीक्षक 23 श्री विमल कुमार कुलश्रेष्ठ
राजस्व निरीक्षक 24 श्री गोपाल सिंह तौमर
श्री शिवदयाल शर्मा
राजस्व निरीक्षक 25
राजस्व निरीक्षक 26 श्री उमाशंकर अग्रवाल
राजस्व निरीक्षक 27 श्री मुन्नालाल गौड़
राजस्व निरीक्षक 28 श्री मुन्ना सिंह गुर्जर
सागर संभाग
29 श्री बैजनाथ सिंह मरावी सहायक अधीक्षक, भू- अभि.
राजस्व निरीक्षक 30 श्री चन्द्र कुमार श्रीवास्तव
राजस्व निरीक्षक 31 श्री महेन्द्र प्रताप उदैनिया
राजस्व निरीक्षक 32 श्री अशोक कुमार मौर्य
राजस्व निरीक्षक 33 श्री धनीराम सिंह गौड़
34 श्री ललित वेद
इन्दौर संभाग
राजस्व निरीक्षक 35 श्री मोबिन खान
श्री माधवसिंह रावत
36
अधीक्षक, भू-अभि.
नायब तहसीलदार 37 श्री बारसिंह डुडवे
38 श्री जगन्नाथ सालवे
नायब तहसीलदार श्री नरेश कुमार शर्मा
39
सहायक अधीक्षक, भू-अभि.
40 श्री मगनसिंह मण्डलोई
सहायक अधीक्षक, भू-अभि.
राजस्व निरीक्षक 41 श्री सुखराम गोलकर
राजस्व निरीक्षक 42 श्री महेन्द्र कुमार बड़ोले
राजस्व निरीक्षक 43 श्री मनोहर अत्रे
राजस्व निरीक्षक 44 श्री खुमानसिंह चौहान
राजस्व निरीक्षक 45 श्री विजेन्द्र राठौर
46 श्री सुरेश चन्द्र जैन
सहायक अधीक्षक, भू-अभि.
47
राजस्व निरीक्षक श्री दिलीप गंगराड़े
राजस्व निरीक्षक 48 श्री राजेश जमरा
राजस्व निरीक्षक 49 श्री रेमसिंह बघेल
राजस्व निरीक्षक 50 श्री राजेन्द्र सिंह चौहान
राजस्व निरीक्षक 51 श्री शिवाकान्त पाण्डे
राजस्व निरीक्षक 52 श्री सुनील करवरे
राजस्व निरीक्षक 53 श्री विनय मोहन तिवारी
54
राजस्व निरीक्षक श्री रमेश चौधरी
2681
राजस्व निरीक्षक 55 श्री रमेशचन्द्र दोगने
राजस्व निरीक्षक श्री दीपक कुमार गीते
56
राजस्व निरीक्षक 57 श्री सुन्दरलाल ठाकुर
सहायक अधीक्षक, भू-अभि.
58 श्री पुरुषोत्तम लाड़
राजस्व निरीक्षक श्री बालचन्द्र देवलिया
59
राजस्व निरीक्षक 60 श्री भगवानसिंह ठाकुर
61 श्री ओमप्रकाश पाण्डे
सहायक अधीक्षक, भू- अभि.
राजस्व निरीक्षक 62 श्री विनोद साहू
राजस्व निरीक्षक 63 श्री विजय उपाध्याय
राजस्व निरीक्षक श्री अरविन्द पाराशर
64
श्री रामेश्वर खेरदे
राजस्व निरीक्षक 65
राजस्व निरीक्षक श्री नंदकिशोर मालवीय
66
राजस्व निरीक्षक 67 श्री महेन्द्र सिंह बघेल
जबलपुर संभाग
राजस्व निरीक्षक 68 श्री नरेन्द्र कुमार खरे
राजस्व निरीक्षक 69 श्री उमराव सिंह ठाकुर
राजस्व निरीक्षक श्री भरतलाल पाटिलकर
70
सहायक अधीक्षक, भू-अभि.
श्री कुंजबिहारी रघुवंशी
71
डिप्टी कलेक्टर 72 कु. सुनीता खण्डायत
राजस्व निरीक्षक 73 श्री जगभान शाह उईके
राजस्व निरीक्षक 74 श्री दुलारे लाल पटेल
उज्जैन संभाग
नायब तहसीलदार 75 श्री जगदीश प्रसाद शर्मा
भोपाल संभाग
राजस्व निरीक्षक श्री गोपाल प्रसाद प्रजापति
76
राजस्व निरीक्षक श्री राजेश राम
77
78 श्री आर. एस. इरपाचे
अधीक्षक, भू- अभिलेख
डिप्टी कलेक्टर 79 श्री भूपेन्द्र कुमार गोयल
डिप्टी कलेक्टर 80 श्री अतेन्द्र सिंह गुर्जर
सहायक कलेक्टर 81 श्री अभिषेक सिंह
82
सहायक कलेक्टर श्री तरूण कुमार पिछोड़े
सहायक कलेक्टर 83 श्री तेजस्वी एस. नायर
वरिष्ठ श्रेणी पारगामी 84 श्री नवल किशोर प्रभाकर
राजस्व निरीक्षक 85 श्री राम प्रसाद नागर
श्रीमती अलका सिंह
नायब तहसीलदार 86
87
नायब तहसीलदार श्री ब्रजेश सक्सेना
डिप्टी कलेक्टर 88 श्री हृदयेश कुमार श्रीवास्तव
डिप्टी कलेक्टर 89 कु. नेहा भारतीय
डिप्टी कलेक्टर 90 श्री रिंकेश कुमार वैश्य
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
चन्द्रहास दुबे, सचिव.
2682
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 5 अक्टूबर 2010
फा. क्र. 4-1-2002-इक्कीस ब( एक) - राज्य शासन, इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 14 अगस्त 2002 के अनुक्रम में उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम, 1994 ( 1984 का सं. 66 ) की धारा 4 के अधीन इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 4 मार्च 2002 द्वारा गठित कुटुम्ब न्यायालयों में मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम , 2002 के नियम 3 (4 ) के अंतर्गत उच्च न्यायिक सेवा के सदस्य श्रीमती आराधना चौबे , जिला न्यायाधीश सागर को कुटुम्ब न्यायालय सागर में प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने की दिनांक 10 सितम्बर 2011 अथवा आगामी आदेश होने तक ( जो भी पहले हो ) नियुक्त करता है.
उक्त न्यायिक अधिकारी को देय वेतन तथा भत्तों का निर्धारण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 (4 ) के अंतर्गत.होगा.
फा. क्र. 4-1-2002- इक्कीस ब( एक) - राज्य शासन , उच्च न्यायालय की अनुशंसा को मान्य करते हुये कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम, 1994 ( 1994 का सं. 66 ) की धारा 4 के अधीन इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 3 सितम्बर 2010 द्वारा गठित कुटुम्ब न्यायालय टीकमगढ़ में मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 ( 3 ) के अंतर्गत उच्चतर न्यायिक सेवा के सदस्य श्री आनंद मोहन खरे , अध्यक्ष , जिला उपभोक्ता फोरम , सतना को प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अथवा आगामी आदेश होने तक नियुक्त करता है.
उक्त न्यायिक अधिकारी को देय वेतन तथा भत्तों का निर्धारण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 ( 3 ) के अंतर्गत होगा.
भोपाल , दिनांक 6 अक्टूबर 2010
फा. क्र. 1 (अ ) -3-03 - इक्कीस ब ( दो ) राज्य शासन महाधिवक्ता कार्यालय जबलपुर में नियुक्त शासकीय अधिवक्ता श्री विजयशंकर पाण्डे को पदोन्नत कर निम्नानुसार निश्चित पारिश्रमिक पर समन्वय से उच्च न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी करने के लिये उप महाधिवक्ता के पद पर एक वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त करता है . उक्त अवधि में दोनों पक्ष एक माह का नोटिस देकर यह संविदा समाप्त करने के लिए स्वतंत्र होंगे : - महाधिवक्ता कार्यालय , जबलपुर
पारिश्रमिक अधिवक्ता
पद
क्रमांक
का नाम
प्रतिमाह (2)
(3)
(4) (1)
1 श्री विजयशंकर पाण्डे उप महाधिवक्ता 23,000/- इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 29-2014 न्याय प्रशासन (14) कानूनी सलाहकार और परिषद ( 3428 ) महाधिवक्ता- 01- वेतन-001-अधिकारियों वेतन के अंतर्गत विकलनीय होगा.
फा. क्र. 1 ( अ ) -3-03 - इक्कीस ब ( दो ) - राज्य शासन महाधिवक्ता कार्यालय जबलपुर में श्री एस . के. राय , अधिवक्ता को उनके नाम के समक्ष दर्शाये गये पद एवं निश्चित मासिक पारिश्रमिक पर समन्वय से उच्च न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी करने के लिये शासकीय अधिवक्ता के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष के लिए नियुक्त करता है . उक्त अवधि में दोनों पक्ष एक माह का नोटिस देकर यह संविदा समाप्त करने के लिए स्वतंत्र होंगे :-
महाधिवक्ता कार्यालय, जबलपुर
पारिश्रमिक अधिवक्ता
पद
क्रमांक
प्रतिमाह का नाम
(4)
(3)
(2)
(1)
1
शासकीय अधिवक्ता 20,000/- श्री एस. के. राय
इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 29-2014 न्याय प्रशासन ( 14) कानूनी सलाहकार और परिषद ( 3428 ) महाधिवक्ता- 01- वेतन- 001- अधिकारियों वेतन के अंतर्गत विकलनीय होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव.
भोपाल, दिनांक 4 अक्टूबर 2010
फा. क्र. 1 ( बी) -43-2004- इक्कीस - ब( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , श्री रामनिवास सिंह तोमर पुत्र स्व. श्री रूपसिंह तोमर, अधिवक्ता को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये मुरैना सत्र खण्ड के मुरैना राजस्व जिले के अतिरिक्त लोक अभियोजक, अम्बाह नियुक्त करता है , तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.
भोपाल, दिनांक 5 अक्टूबर 2010 संशोधन आदेश
फा. क्र. 1 (सी ) -23-08 - इक्कीस - ब (दो ) .- राज्य शासन , लोकायुक्त संगठन के पत्र क्र. 2858 , दिनांक 16 सितम्बर 2009 के अनुक्रम में माननीय उच्च न्यायालय , मुख्यपीठ जबलपुर में विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त संगठन , भोपाल के दाण्डिक प्रकरणों, अपील पुनरीक्षण एवं अन्य विविध दाण्डिक प्रकरणों में विशेष पुलिस स्थापना ( लोकायुक्त संगठन ) भोपाल की ओर से पैरवी हेतु श्री आदित्य अधिकारी , अधिवक्ता, जबलपुर को रु. 25,000/ - (रुपये पच्चीस हजार ) ( जिसमें संगठन द्वारा प्रदत्त दाण्डिक से भिन्न मामलों का पारिश्रमिक भी शामिल है ) के मासिक पारिश्रमिक पर धारा 24 ( 8 ) दण्ड प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत समसंख्यक आदेश दिनांक 9 अक्टूबर 2009 से एक वर्ष की अवधि के विशेष लोक अभियोजक के रूप में की गई नियुक्ति के कार्यकाल में दिनांक 9 अक्टूबर 2010 से 8 अक्टूबर 2011 तक की कार्यकाल अभिवृद्धि की जाती है . इसके अलावा वे संबंधित प्रकरण का स्टेशनरी आदि का अनुषांगिक व्यय भी पा सकेंगे . प्रत्येक माह बिल की राशि का भुगतान लोकायुक्त संगठन करेगा.
भाग 1 ]
2683
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
उक्त अवधि में दोनों पक्ष एक माह का सूचना- पत्र देकर संविदा समाप्त करने के लिये स्वतन्त्र होंगे .
(नोट.-विशेष लोक अभियोजक विधि विभाग नियमावली के अन्तर्गत दाण्डिक अपील व पुनरीक्षण प्रस्तुति के पूर्व अनुमति प्राप्त की गई होना सुनिश्चित करेंगे ) .
संशोधन आदेश
फा. क्र. 1 ( सी) -23-08- इक्कीस- ब(दो ) .- इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 9 अक्टूबर 2009 द्वारा माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ, इन्दौर में विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त संगठन, भोपाल के दाण्डिक प्रकरणों, अपील, पुनरीक्षण एवं अन्य विविध दाण्डिक प्रकरणों में विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त संगठन ) भोपाल की ओर से पैरवी हेतु नियुक्त श्री एल. एन. सोनी, अधिवक्ता, इन्दौर जिन्हें धारा 24 ( 8 ) दण्ड प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत एक वर्ष की अवधि के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है , उन्हें उनकी तथा विभाग की सहमति से उनकी उक्त नियुक्ति का कार्यकाल निम्नांकित शर्त विलोपित करते हुए दिनांक 9 अक्टूबर 2010 से दिनांक 8 अक्टूबर 2011 तक की अभिवृद्धि की जाती है.
आदेश दिनांक 9 अक्टूबर 2009 में निर्धारित फीस की शर्त को उनके अतिरिक्त महाधिवक्ता का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से विलोपित किया जाता है .
संशोधन आदेश
फा. क्र. 1 ( सी ) -23-08 - इक्कीस- ब ( दो ) .- राज्य शासन, लोकायुक्त संगठन के पत्र क्र. 2858 , दिनांक 16 सितम्बर 2009 के अनुक्रम में माननीय उच्च न्यायालय, मुख्यपीठ ग्वालियर में विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त संगठन , भोपाल के दाण्डिक प्रकरणों , अपील पुनरीक्षण एवं अन्य विविध दाण्डिक प्रकरणों में विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त संगठन ) भोपाल की ओर से पैरवी हेतु श्री जयसिंह डी. सूर्यवंशी, अधिवक्ता , ग्वालियर को रु. 18,000/- (रु. अठ्ठारह हजार ) ( जिसमें संगठन द्वारा प्रदत्त दाण्डिक से भिन्न मामलों का पारिश्रमिक भी शामिल है ) के मासिक पारिश्रमिक पर धारा 24 ( 8 ) दण्ड प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत समसंख्यक आदेश दिनांक 9 अक्टूबर 2009 से एक वर्ष की अवधि के विशेष लोक अभियोजक के रूप में की गई नियुक्ति के कार्यकाल में दिनांक 9 अक्टूबर 2010 से 8 अक्टूबर 2011 तक की कार्यकाल अभिवृद्धि की जाती है. इसके अलावा वे संबंधित प्रकरण का स्टेशनरी आदि का अनुषांगिक व्यय भी पा सकेंगे . प्रत्येक माह बिल की राशि का भुगतान लोकायुक्त संगठन करेगा.
उक्त अवधि में दोनों पक्ष एक माह का सूचना- पत्र देकर संविदा समाप्त करने के लिये स्वतन्त्र होंगे .
(नोट.-विशेष लोक अभियोजक विधि विभाग नियमावली के अन्तर्गत दाण्डिक अपील व पुनरीक्षण प्रस्तुति के पूर्व अनुमति प्राप्त की गई होना सुनिश्चित करेंगे ) .
फा. क्र. 4-1-2002 - इक्कीस- ब( एक) शुद्धि- पत्र.- इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 5 अक्टूबर 2010 की आठवीं पंक्ति में दिनांक 10-9-2011 के स्थान पर 11-9-2012 पढ़ा जावे .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, दिनेश नायक, सचिव.
वन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 4 अक्टूबर 2010
क्र. एफ- 30-7-99 - दस- 3.- मध्यप्रदेश अभिवहन ( वनोपज ) नियम, 2000 के नियम 5 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , प्रदेश के अन्दर व बाहर वन उपज की मात्रा अनुसार दरें निर्धारित कर परिवहन के लिए परिवहन अनुज्ञा पत्र जारी करने के लिये निम्नानुसार शुल्क निर्धारित करता है : - वनोपज की मात्रा
दर ( प्रति ट्रक )
200/- (1 ) दो घनमीटर तक
300/- (2) 2 से 5 घनमीटर तक
400/- (3) 5 घनमीटर से अधिक
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वी. एन. पाण्डेय , सचिव.
भोपाल , दिनांक 4 अक्टूबर 2010
क्र. एफ- 30-7-99- दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग का अधिसूचना क्रमांक- 30-7-99- दस 3, दिनांक 4 अक्टूबर 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , वी. एन. पाण्डेय , सचिव.
Bhopal the 4th October 2010
No.- F -30-7-99 - X - 3 . In exercise of the powers conferred by Rule 5 of the Madhya Pradesh Transit (Forest Produce) Rules , 2000 , the State Government hereby prescribes the following fee to be recoved for issue of Transit Pass for quantity of forest produce within or outside the state , as follows :-
Amount (Per truck) Quantity of Forest Produce
200/-
1. Upto 2 cubic mtr .
2. 2 to 5 "
300/- 400/-
3. Above 5 cubic mtr.
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , V. N. PANDEY, Secy .
2684
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
भोपाल , दिनांक 4 अक्टूबर 2010
क्र. एफ- 25-45-2010- दस- 3.- भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन एतद्वारा , उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के उपबंधों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित की गई वन भूमि/ बंजर भूमि पर लागू होने की घोषणा इन शर्तों के अधीन रहते हुए करता है कि व्यक्तियों एवं समुदायों के वर्तमान अधिकार जहां तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर रूपभेदित किये जाएं, के अतिरिक्त किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जावेंगे : -
अनुसूची
जिला- उज्जैन , तहसील - उज्जैन, वनमंडल उज्जैन ( सामान्य ) , वन परिक्षेत्र- उज्जैन
क्र.
वनखण्ड कानाम
वन या/बंजर भूमिका नाम
खसरा क्रमांक (4) (1) (2)
1 गोयलाखुर्द
(3) गोयलाखुर्द (चरनोई भूमि)
147/1 भाग 147/3 भाग योग
सीमाऐं
रकबा (हेक्टर में)
(5)
(6)
0.794 1.247 2.041
उत्तर.-मोतीनगर एवं गोयलाचौकी बस्ती की दक्षिणी सीमा रेखा एवं खसरा क्रमांक 147/1 एवं 147/3 का शेष भाग. पूर्व.- रास्ता एवं निजी भूमि खसरा क्रमांक 147/4/1 , 147/4/2 एवं 147/7 की पश्चिमी सीमा रेखा.
दक्षिण.- क्षिप्रा नदी की प्राकृतिक सीमा. पश्चिम.-सामाजिक वानिकी की भूमि खसरा क्रमांक 143/2/1 , 143/2/3 एवं 143/3/1
वनीकरण का कारण. उक्त गैर वनभूमि गैर वानिकी कार्य हेतु व्यपवर्तित वनभूमि के बदले वन विभाग को हस्तांतरण , नामांतरण एवं क्षतिपूरक वनीकरण हेतु प्राप्त होने से संरक्षित वन बनाये जाने का प्रस्ताव अधिसूचना हेतु तैयार किया गया है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वी. एन. पाण्डेय , सचिव.
भोपाल , दिनांक 4 अक्टूबर 2010
क्र. एफ- 25-45-2010- दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-45-2010 - दस-3-2010 , दिनांक 4 अक्टूबर 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वी. एन. पाण्डेय, सचिव.
Bhopal , the 4th October 2010
No. F- 25-45-2010 - X- 3 . In exercise of the powers conferred by Section 29 of the Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government hereby declares the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest land/ waste land , specified in the Schedule below, subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities shall not be abridged or affected in any manner , except in so far as they may be modified by the State Government from time to time :-
SCHEDULE
District-Ujjain , Forest Division- Ujjain ( Territorial ) , Tehsil-Ujjain , Forest Range- Ujjain
Khasra No. S. No. Name of Forest Block
Name of Forest or Waste Land
(1) 1
(2) Goyala khurd
(4) 147/1 Part 147/3 Part Total
(3) Goyala khurd (Charnoyi Land)
Boundaries
Area ( in Hectare)
(5) 0.794 2.041 1.247
(6) North. Southern boundary line of Moti nagar and Goyala Choki habitation and remaining part of khasra number 147/1 and 147/3 . East. Road and Western boundary of private land Khasra number 147/4/1 , 147/4/2 and 147/7 .
South. Natural boundary of River Shipra . West . Social Forestry land khasra number 143/2/1 , 143/2/3 and 143/3/1 .
Reason for afforestation . Above non forest land has been allotted and transferred to the Forest Department for carrying out compensatory afforestation in exchange of equal area of deverted forest land . Notification proposal for protected forest has been prepared .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , V. N. PANDEY, Secy .
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
विभाग प्रमुखों के आदेश
मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग भोपाल, दिनांक 6 अक्टूबर 2010
क्र. 301-001-97.- मध्य प्रदेश शासन, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आदेश क्र. एफ 5-4-2004- उन्तीस- 2, दिनांक 28 जनवरी 2004 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम , होशंगाबाद को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम, खण्डवा तथा मण्डलेश्वर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है. यह व्यवस्था जिला फोरम खण्डवा में अध्यक्ष की नियुक्तिहोने अथवा आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी .
माननीय अध्यक्ष महोदय , राज्य आयोग के आदेशानुसार,
महेश प्रसाद अवस्थी, रजिस्ट्रार.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन"
58 , अरेरा हिल्स, भोपाल ( म.प्र. )
आदेश
भोपाल , दिनांक 6 अक्टूबर 2010
क्र. एफ. - 67-167-10-तीन- 2719.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत , निवाड़ी, जिला टीकमगढ़ के आम निर्वाचन में श्री कुम्हार लालाराम , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत, निवाड़ी, जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी , 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पास दाखिल किया
2685 जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पत्र क्रमांक न.नि. - व्यय लेखा-10-406, दिनांक 29 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री कुम्हार लालाराम द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री कुम्हार लालाराम को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 18 फरवरी , 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, टीकमगढ़ के माध्यम से दिनांक 10 मार्च , 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताने हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.
श्री कुम्हार लालाराम को नोटिस दिनांक 10 मार्च, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 25 मार्च , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. नोटिस की तामीली उपरान्त कलेक्टर टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 4 मई 2010 में लेख किया कि " श्री कुम्हार लालाराम को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् नोटिस में उल्लिखित अवधि में अपना निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है. " उक्त अभ्यावेदन प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 31 मई 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 7 जून 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली कलेक्टर टीकमगढ़ द्वारा दिनांक 6 जून 2010 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.
उपरोक्तविवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री कुम्हार लालाराम को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत, निवाड़ी , जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से पांच वर्ष ( 05 वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- ( रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .
2686
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
दमोह, दिनांक 14 सितम्बर 2010
क्र. भू- अ.अ. - 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं: -
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) तहसील/ तालुका
(2)
(3)
(4) (1)
जबेरा
27.03
बगलवारा
दमोह
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पंचम नगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.
कुसमी जलाशय के बांध एवं डूब क्षेत्र हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तेंदूखेड़ा ( दमोह ) एवं कार्यपालन यंत्री , पंचम नगर सर्वेक्षण हटा , जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .
दमोह , दिनांक 22 सितम्बर 2010
क्र. 2209- भू- अ.अ.- 2010-11 - प्र.क्र. 17-अ-82 वर्ष 2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
ग्राम/नगर
जिला तहसील का नाम
क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (1) (2)
पटेरा
दमोह
कुल भूमि 1.08
सगौनी
योग : 1.08
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.
सगौनी जलाशय योजना की नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड हटा एवं कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण , संभाग हटा, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .
भाग 1 ]
2687
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
दमोह, दिनांक 30 सितम्बर 2010
क्र. 2256- भू- अ.अ. - 2010-11 - रा. प्र.क्रं. 16-अ-82 वर्ष 2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल जिला
नगर/ग्राम
तहसील का नाम
(हे. में)
(3)
(4) (1) (2)
बिनती
दमोह हटा
कुल भूमि 3.29
योग : 3.29
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
बिनती जलाशय योजना की कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.
नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, हटा एवं कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग , हटा, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .
दमोह, दिनांक 5 अक्टूबर 2010
क्र. 2284- भू- अ.अ.- 2010-11- रा . प्र.क्रं .16-अ-82 वर्ष 2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
नगर/ग्राम
तहसील का
जिला
(हे. में) नाम
(3)
(2)
(4) (1)
दमोह
हटा
मझगुवां कुल भूमि 7.50
अमान,
हिनमत
पटी, हिनौता
7.50
योग :
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
पिपरिया जलाशय योजना की
नहर निर्माण में आने वाली कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.
भूमि का अर्जन.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , हटा एवं कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग , हटा, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.
2688
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
दमोह , दिनांक 6 अक्टूबर 2010
क्र. 2282- भू- अ.अ. - 2010-11- रा. प्र.क्रं. 16-अ-82 वर्ष 2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला तहसील का नाम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4) (1) (2)
(3)
आंजनी
बटियागढ़
35.57 दमोह
कुल भूमि
योग : 35.57
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
बेलखेड़ी जलाशय योजना निर्माण में आने वाली भूमि.
कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , हटा एवं कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग , हटा, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 2283 - भू- अ.अ. - 2010-11 - रा. प्र.क्रं. 16-अ-82 वर्ष 2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील/ तालुका
(3)
(1) (2)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)
पथरिया कुल भूमि 78.76 दमोह बटियागढ़
एवं कैथोरा
योग : 78.76
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.
पथरिया जलाशय योजना एवं नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, हटा एवं कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग , हटा, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. पी. सिंह सलूजा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2689
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
कार्यालय, कलेक्टर, जिला भिण्ड, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
भिण्ड, दिनांक 21 जुलाई 2010
क्र. क्यू- कोर्ट- कले. - राजस्व-02- भू- अर्जन- 09-10. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के सम्बन्ध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
सर्वे नंबर
(4) (2)
2647/1 (1) भिण्ड
(3) गोहद
गोहद
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
क्षेत्रफल रकबा (हेक्टेयर में)
(5)
0.062
(6) जिला शिक्षा अधिकारी जिला भिण्ड
(7) शा. बा. उ. उ.मा. वि. गोहद हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी गोहद के कार्यालय में किया जा सकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण जिला शिक्षा अधिकारी जिला भिण्ड के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रघुराज राजेन्द्रन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग कार्यालय , कलेक्टर , जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, खरगोन, दिनांक 24 सितम्बर 2010
क्र. 1526 - भू- अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह 17 (4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं:-
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम/नगर लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(4) 12.067 (1) खरगोन
(2) कसरावद
(3) कायतखेंड़ी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. मण्डलेश्वर.
(6) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.
नोट:- भूमि का नक्शा ( प्लान ) ( 1 ) कलेक्टर जिला खरगोन, ( 2 ) भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल 1 ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना, म.प्र.रा.वि. मण्डल मण्डलेश्वर, (4) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
[भाग 1 2690
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
क्र. 1527 - भू- अर्जन -10. -चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह 17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
ग्राम/नगर
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(4) 5.174
(1) खरगोन
(2) कसरावद
(3) शिवरामपुरा
(5) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. मण्डलेश्वर
(6) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण (2) नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) ( 1 ) कलेक्टर, जिला खरगोन , ( 2 ) भू- अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल 1 ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना, म.प्र.रा.वि. मण्डल मण्डलेश्वर, ( 4 ) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 1525 - भू-अर्जन- 10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह 17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
ग्राम/नगर
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(2) महेश्वर
(4) 0.729
(1) खरगोन
(3) सेजगांव
(5) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. मण्डलेश्वर
(6) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण ( 2 ) नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) ( 1 ) कलेक्टर, जिला खरगोन, ( 2 ) भू- अर्जन अधिकारी, महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल 1 ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना, म.प्र.रा.वि. मण्डल मण्डलेश्वर, ( 4 ) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 1524 - भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि 2691 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह 17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील ग्राम/नगर
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(3)
(4)
0.977
(1) खरगोन
(2) महेश्वर पाण्डयाघाट
(5) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. मण्डलेश्वर
(6) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण (2 ) नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) - ( 1 ) कलेक्टर , जिला खरगोन , ( 2 ) भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल 1 ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना, म.प्र.रा.वि. मण्डल मण्डलेश्वर, ( 4 ) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
क्र. 1523 - भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह 17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
ग्राम/नगर
तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(4)
(1) (2)
8.387
खरगोन महेश्वर
(5) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. मण्डलेश्वर
(3) पथराड़ बुजूर्ग
(6) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.
(2 ) नोट: - भूमि का नक्शा ( प्लान ) - ( 1 ) कलेक्टर, जिला खरगोन, ( 2 ) भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल 1 ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना, म.प्र.रा.वि. मण्डल मण्डलेश्वर, ( 4 ) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
खरगोन, दिनांक 29 सितम्बर 2010
क्र. 1555 - भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अंतर्गत संबंधित व्यक्तियों को 2692
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(1)
(3)
(4)
खडकेल
खरगोन
5.711 कसरावद
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 की उपधारा (2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास नहर संभाग , खरगोन.
इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की वितरण शाखा एवं अन्य नहरों के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु, नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर कार्यालय खरगोन/भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरे ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास नहर संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 1556 - भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अंतर्गत संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हैं:-
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)
(3)
(4) (1)
खरगोन
13.114 कसरावद
शाहबाद
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग , क्रमांक-24, खरगोन.
इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की वितरण शाखा एवं अन्य नहरों के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.
नोट . - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर कार्यालय खरगोन/ भू-अर्जन अधिकारी, इंदिरा सागर परियोजना ( नहरे ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास नहर संभाग क्रमांक -24 , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 1557 - भू-अर्जन- 10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अंतर्गत संबंधित व्यक्तियों को 2693 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हैं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
ग्राम
तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(6) (3)
(5)
(1) (2)
(4)
खरगोन
2.889
कसरावद
रशीदपुरा
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग, क्रमांक-24, खरगोन.
इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की वितरण शाखा एवं अन्यनहरों के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर कार्यालय खरगोन/ भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरे ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-24 , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
शाजापुर, दिनांक 27 सितम्बर 2010
क्र. भू- अर्जन - 2010-584.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है पड़ने की संभावना है , अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अधीन इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हैं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
अर्जित की जाने वाली
भूमि (हेक्टर में)
(6)
(5)
(2)
(3)
(1)
(4)
अलीसरिया
कालापीपल
शाजापुर
2.803 3.909
निपानियाखुर्द
कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण विभाग संभाग शाजापुर.
अरनिया से कोठडीकलां पहुंच मार्ग हेतु.
2.322
बदलपुर
पोचानेर
9.203
रोलाखेडी
1.289
अरनियाकला
1.895
21.421
योग .
नोट. - भूमि का नक्शा एवं प्लान का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , अनुविभाग शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .
2694
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
शाजापुर, दिनांक 28 सितम्बर 2010
क्र. भू-अर्जन- 2010-598.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हैं:-
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
अर्जित की जाने वाली भूमि (2)
(1)
(3)
(4)
0.533
मेहरखेडी
शुजालपुर
शाजापुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत
का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि. , शाजापुर मेहरखेडी से कालापीपल मार्ग हेतु.
नोट. - भूमि का नक्शा एवं प्लान का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , अनुविभाग शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सोनाली एन. वायंगणकर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला इंदौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
इंदौर, दिनांक 28 सितम्बर 2010
क्र. 767 - भू- अर्जन-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) संशोधित अधिनियम 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(3)
(1)
(4)
0.501 इंदौर
राऊ
इंदौर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) द्वितीय , रतलाम ( म. प्र. ) .
नई बड़ी रेल्वे लाईन इंदौर- दाहोद बरास्ता ( झाबुआ- धार- पीथमपुर) परियोजना के अंतर्गत.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष , इंदौर के कार्यालय में किया जा सकता है.
2695
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
भाग 1 ]
महू, दिनांक 29 सितम्बर 2010
क्र. 1921 - भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5-" अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होगें, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
ग्राम
तहसील
जिला
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(6)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
आई.आई.टी. की स्थापना
0.368
सिमरोल
इंदौर
संचालक, तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग, मध्यप्रदेश शासन
डॉ. अम्बेडकर नगर (महू)
योग 0.368
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- आई.आई.टी. की स्थापना के लिए
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी तहसील ( महू) डॉ. अम्बेडकर नगर जिला इंदौर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , राघवेन्द्र सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला रतलाम, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रतलाम, दिनांक 30 सितम्बर 2010
क्र. 5269 - भू-अर्जन-2010 . प्रकरण कमांक7-अ-82-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता हैं. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(6)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.170
जावरा मोहम्मद नगर
रतलाम
संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम, उज्जैन.
उज्जैन-उन्हेल-नागदा घिनौदा जावरा मार्ग का टू-लेन निर्माण बी.ओ.टी. योजनान्तर्गत निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
( 2 ) भूमि का नक्षा व प्लान का निरीक्षण-अनुविभागीय अधिकारी/ भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड, जावरा के कार्यालय में किया जा सकता हैं.
2696
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
क्र. 5271 - भू- अर्जन-2010 . प्रकरण कमांक 1-अ- 82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता हैं. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का विवरण
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(4) (1) (2)
(3)
रतलाम
1.100 जावरा
बड़ावदा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम, उज्जैन.
उज्जैन- उन्हेल-नागदा घिनौदा जावरा मार्ग का टू-लेन निर्माण बी.ओ.टी. योजनान्तर्गत निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(2 ) भूमि का नक्षा व प्लान का निरीक्षण-अनुविभागीय अधिकारी/ भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड, जावरा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , राजेन्द्र शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना जिला रीवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सतना , दिनांक 30 सितम्बर 2010
क्र. 1054-अर्जन .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों के इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त धारा -4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा शक्तियों, का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा- ( 5 ) -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा की उपधारा ( 1 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं: -
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(4) (1)
(3)
सतना
चोरमारी
21.89 रामपुर बघेलान
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री पुरवा नहर संभाग नहर निर्माण हेतु.
क्र. 2 सतना ( म . प्र. )
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण - प्रशासक बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2697
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
जबलपुर, दिनांक 30 सितम्बर 2010
प्र. क्र. 09 - अ- 82-09-10-प्र -1- अ.वि.अ.भू-अर्जन-10. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकवा (हेक्टेयर में) (1) (2)
(4)
(3)
10.29 कुण्डम
जबलपुर
पिपरिया नं.बं. 199 प.ह.नं.21
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
पिपरिया जलाशय के शीर्ष कार्य एवं नहर कार्य के लिये कार्यपालन यंत्री हिरन जल संसाधन संभाग जबलपुर
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी जबलपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 10 - अ- 82-09-10- प्र- 1- अ.वि.अ. भू-अर्जन-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकवा (हेक्टेयर में)
(3)
(1) (2)
(4)
30.52 कुण्डम
जबलपुर
डुंगरगवां प.ह.नं. 7 नं.बं. 503
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
डुंगरगवां जलाशय के शीर्ष कार्य हेतु.
कार्यपालन यंत्री हिरन जल संसाधन संभाग जबलपुर
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी जबलपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गुलशन बामरा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1 2698
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला बैतूल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
बैतूल दिनांक 1 अक्टूबर 2010
प्र. क्र. 2 अ- 82 - वर्ष -09-10-7416 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
जिला
धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(6)
(4)
(5)
(2)
(3)
(1)
0.870
बैतूल घोडाड़ोगरी घोडाड़ोगरी प.ह.क. -45
कार्यपालन यंत्री सिविल संभाग दो म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमि, सारणी
सतपुड़ाताप विद्युत संयंत्र म.प्र. पा.ज.क. लि. 2 × 250 मेगावाट यूनिट क्रं. 10 एवं 11 इकाइयों के अंतर्गत घोड़ाडोगरी निजी रेल्वे यार्ड के विस्तारीकरण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , सिविल संभाग दो म . प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड सारनी के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी शाहपुर के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .
बैतूल दिनांक 5 अक्टूबर 2010
प्र. क्र. 2 अ- 82 - वर्ष- 09-10- भू-अर्जन- 7496.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
नगर/ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(6)
(4)
(1) (2)
(3)
(5)
आठनेर
बरखेड
6.987
बैतूल
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 2 बैतूल.
राबडिया जलाशय योजना के नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी भैसदेही के न्यायालय में एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय देखा जा सकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी भैसदेही जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .
2699 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
प्र. क्र. 3 अ- 82 - वर्ष- 09-10- भू-अर्जन-7498 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का वर्णन
का वर्णन जिला तहसील
नगर/ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(6) (2)
(1)
(3)
(4)
(5)
आठनेर
6.966
टेमूरनी
बैतूल
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 2 बैतूल.
पचधार जलाशय योजना के नहर निर्माण हेतु निजी भूमि काअर्जन.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी भैसदेही के न्यायालय में एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय देखा जा सकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 2 बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
( 4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी भैसदेही जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
प्र. क्र. 4 अ- 82 - वर्ष- 09-10- भू-अर्जन-7497 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
नगर/ग्राम
प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(6) (3)
(1) (2)
(4)
(5)
राबडिया
0.808
आठनेर
बैतूल
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 2 बैतूल.
राबडिया जलाशय योजना के नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन .
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी भैसदेही के न्यायालय में एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन) जिला बैतूल के न्यायालय देखा जा सकता है.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
(4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी भैसदेही जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .
2700
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
प्र. क्र. अ - 82 - वर्ष- 09-10- भू-अर्जन-7495. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(4) (1) (2)
(3)
धामोरी
0.798 आठनेर
बैतूल
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 2 बैतूल.
राबडिया जलाशय योजना के नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी भैसदेही के न्यायालय में एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय देखा जा सकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
(4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी भैसदेही जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विजय आनंद कुरील, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
झाबुआ, दिनांक 1 अक्टूबर 2010
क्र. 2782 - भू- अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि को अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1) (2)
(3)
(4)
14.69
करवड़
झाबुआ पेटलावद
योग : 14.69
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री माही परियोजना मुख्य माही परियोजना की करवड़ बांध संभाग , पेटलावद, जिला- झाबुआ माईनर हेतु. (म. प्र. ) .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .
भाग 1 ]
2701
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
क्र. 2784 - भू- अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1)
(3)
(4) (2)
1.24
पीठापाड़ा
झाबुआ पेटलावद
योग : 1.24
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य माही परियोजना की पीठापाड़ा बांध संभाग , पेटलावद, जिला- झाबुआ उप माईनर नहर निर्माण हेतु. (म. प्र. ) .
क्र. 2786 - भू- अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र.अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
(2)
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (4) (1)
(3)
1.12
केसरपुरा
झाबुआ पेटलावद
योग : 1.12
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य माही परियोजना की करवड़ बांध संभाग , पेटलावद, जिला- झाबुआ उप माईनर नहर निर्माण हेतु. (म. प्र.) .
क्र. 2788 - भू-अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र.अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1) (2)
(3)
(4)
1.96
करवड़
पेटलावद
झाबुआ
योग : 1.96
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य माही परियोजना की करवड़ बांध संभाग, पेटलावद, जिला- झाबुआ उप माईनर नहर निर्माण हेतु. (म. प्र.) .
2702
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
क्र. 2790 - भू-अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1) (2)
(4)
(3)
1.03
बोरियापाडा
झाबुआ पेटलावद
योग : 1.03
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , माही परियोजना मुख्य माही परियोजना की मोर बांध संभाग , पेटलावद, जिला- झाबुआ माईनर नहर निर्माण हेतु .
(म. प्र.) .
क्र. 2792 - भू- अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में ) (1) (2)
(3)
(4)
2.09 झाबुआ पेटलावद गुणावद (केलकुई)
योग : 2.09
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला - झाबुआ (म. प्र. ). माही परियोजना की केलकुई माईनर नहर निर्माण हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 2794- भू-अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र.अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में भाग 1 ]
2703
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में )
(4) (1) (2)
(3)
0.45
बडलीपाड़ा
पेटलावद
झाबुआ
योग : 0.45
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
माही परियोजना की करवड़ माईनर नहर निर्माण हेतु .
कार्यपालन यंत्री माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला- झाबुआ (म. प्र.)
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 2796 - भू-अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
तहसील
जिला
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (2)
(3)
(4) (1)
1.38
जाम्बूपाड़ा
झाबुआ पेटलावद
योग : 1.38
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
माही परियोजना की मोर माईनर नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ ( म. प्र. )
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 2798 - भू-अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
2704
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1)
(3)
(4) (2)
0.98 झाबुआ पेटलावद बडलीपाड़ा
योग : 0.98
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
माही परियोजना की बडलीपाड़ा उप माईनर नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला- झाबुआ ( म. प्र. )
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 2800 - भू- अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में)
(3)
(1) (2)
(4)
1.81 झाबुआ पेटलावद मांडन (पोलारूण्डा)
1.81
योग :
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
माही परियोजना की पोलारूण्ड़ा माईनर नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री माही परियोजना मुख्य बांध संभाग, पेटलावद, जिला-झाबुआ ( म. प्र. ) .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 2802 - भू-अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में)
(4)
(3)
(1) (2)
2.12 पेटलावद गुणावद
झाबुआ
योग : 2.12
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
माही परियोजना की पीथापाड़ा माईनर नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला- झाबुआ ( म. प्र. ) .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
भाग 1 ]
2705
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
क्र. 2804 - भू-अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र.अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में ) (1) (2)
(3)
(4)
3.35
मांडन
झाबुआ पेटलावद
योग : 3.35
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
माही परियोजना की मांडन माईनर नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ ( म. प्र. ) .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 2806 - भू- अर्जन- 2010- रा. प्र. क्र. A- 82-10-11.- चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम
जिला
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1) (2)
(3)
(4)
3.22
दुलाखेड़ी
पेटलावद
झाबुआ
योग : 3.22
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 2808 - भू-अर्जन- 2010 - रा . प्र. क्र. A- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
2706
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में ) (2)
(3)
(4) (1)
बैंगनबर्डी
1.00 झाबुआ पेटलावद
1.00
योग :
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री , माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 2810 - भू-अर्जन- 2010 - रा. प्र. क्र. A- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (2)
(3)
(4) (1)
2.33
टेमरिया
झाबुआ पेटलावद
योग : 2.33
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 2812 - भू- अर्जन- 2010 - रा. प्र. क्र. A - 82-10-11 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (4) (2)
(1)
(3)
पंथबोराली
2.84 पेटलावद
झाबुआ
योग : 2.84
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
भाग 1 ]
2707
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
क्र. 2814- भू- अर्जन-2010- रा. प्र. क्र. A-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है , अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1) (2)
(3)
(4)
0.95
बरबेट
झाबुआ पेटलावद
योग : 0.95
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.
(5) कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 2816 - भू-अर्जन-2010- रा. प्र. क्र. A- 82-10-11 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि को अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
(2)
(1)
(3)
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (4)
1.41.
मोटापाला
झाबुआ पेटलावद
योग : 1.41
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु .
कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 2818 - भू- अर्जन- 2010 - रा. प्र. क्र. A- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
(3)
(1)
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (4) (2)
4.03 झाबुआ पेटलावद बोड़ायता
योग : 4.03
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री , माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी, पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
2708
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
क्र. 2820 - भू-अर्जन- 2010-रा. प्र. क्र. A- 82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि को अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1) (2)
(3)
(4)
0.12
कचनारिया
पेटलावद
झाबुआ
योग : 0.12
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री , माही परियोजना मुख्य बांध संभाग, पेटलावद, जिला-झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 2822 - भू- अर्जन - 2010 - रा . प्र. क्र. A - 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1)
(3)
(2)
(4)
1.08 झाबुआ पेटलावद केशरपुरा
योग : 1.08
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 2824 - भू- अर्जन- 2010 - रा . प्र. क्र . A- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भाग 1 ]
2709
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1) (2)
(3)
(4) 0.36
सजेलिया
झाबुआ पेटलावद
योग : 0.36
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 2826 - भू- अर्जन- 2010- रा. प्र. क्र. A- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में ) (2)
(4) 5.86 पेटलावद
(3) बांछीखेड़ा
(1) झाबुआ
योग : 5.86
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 2828 - भू- अर्जन- 2010- रा. प्र. क्र. A- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (2)
(4) 10.29
(3) करड़ावद
(1) झाबुआ पेटलावद
10.29
योग :
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.
(5) कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .
2710
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
क्र. 2832 - भू- अर्जन- 2010- रा. प्र. क्र. 17-अ- 82-2005-06.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि को अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में)
(4) 0.80
झाबुआ
(1) (2) पेटलावद
(3) कोटडा चारण
(5) माही परियोजना संभाग , पेटलावद.
(6) माही परियोजना के मुख्य बांध के डूब क्षेत्र के निर्माण हेतु.
योग : 0.80
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शोभित जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला रायसेन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रायसेन, दिनांक 4 अक्टूबर 2010
प्र. क्र. 6 - अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 8 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
अर्जित रकबा (6)
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (8) (2)
ग्राम (3)
खसरा नं. (4)
कुल रकबा (5)
धारा 4 की उपधारा 2 द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (7)
(1)
4
1.692
0.128
रायसेन उदयपुरा मनकापुर
3.084
20
0.447
मनकापुर तालाब नहर हेतु भूअर्जन.
22
0.441
0.134
कार्यपालन यंत्री, जलसंसाधन विभाग, रायसेन.
0.283
0.065
24
0.195
6.062
101
11.104
5
1.300
0.160
10/1/1 1.619
0.534
10/1/2 5.665 भाग 1 ]
2711
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(5) (2) (3) (4)
(1)
10/2
7.268
17
7.519
18
3.084
0.445
19
1.283
23
0.996
25
1.186
27
28
0.243
0.223
29
0.405
46/1/4
0.405
46/1/6
0.405
46/1/7
0.405
46/1/8
0.405
46/1/9
0.405
46/1/13
46/1/14 0.405
0.405
46/1/15
0.405
46/1/18
14.163
47/1
5.018
106/2
3.237
46/2
47/2
5.897
102/1
1.619
109/1
2.428
3/1/1
0.097
गेरूआ
3/1/2
2.428
3/2
2.525
3/3/1
0.097
3/3/2
1.214
0.044
4/1
2.962
52/2/1
1.619
4/2
1.619
3.569
12/1
1.821
12/2
52/2/2 1.619
4.047
25/1
2.023
25/2/1/1
36/1/1 3.048
36/1/2 3.047
36/2/1 2.687
36/2/2 2.853
योग
(8) (6)
(7)
0.282
0.331
0.254
0.116
0.018
0.083
0.086
0.074
0.149
0.045
0.045
0.045
0.045
0.045
0.045
0.045
0.045
0.045
0.650
0.325
0.362
0.339
0.158
0.181
0.010
0.255
0.265
0.010
0.102
0.044
0.163
0.280
0.214
0.037
0.232
0.125
0.237
0.139
0.232
0.065
0.014
0.125
8.920 2712
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(8) (1) (2)
(6)
(7)
(4) (5)
(3)
1.352
0.049
शासकीय मनकापुर
0.007
0.567
भूमि
0.040
0.037
गेरूआ
16 30 52/1
नोट. - भूमि का नक्शा एवं अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) बरेली जिला रायसेन के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मोहन लाल मीना , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
छतरपुर, दिनांक 5 अक्टूबर 2010
प्र. क्र. 31 - अ- 82-2008-09.- चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) निजी भूमि
(6)
(5)
(4)
(1) (2)
(3)
3.746
बक्स्वाहा सैड़ारा
छतरपुर
अनु. अधिकारी (राजस्व) विजावर.
खिरिया बुजर्ग तालाब योजना हेतु भू- अर्जन.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है रिवरिया बुजुर्ग तालाब योजना हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे प्लान का निरीक्षण अनु. अधिकारी कार्यालय राजस्व विजावर में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला छिंदवाड़ा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
छिंदवाड़ा, दिनांक 5 अक्टूबर 2010
क्र. 8540- भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता हैं, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतदद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत 2713 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू -अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है . राज्य शासन की राय में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे . इस संबंध में भू- अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 ( 4 ) के उपबंध लागू होते है:-
अनुसूची
तहसील
जिला
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में )
(6) (2)
(3)
(4)
(5)
(1)
छिंदवाड़ा अमरवाड़ा
कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग - चौरई जिला- छिंदवाड़ा.
ग्राम - महेन्द्रवाड़ा ब . न. -226 प.ह.न. -40 रा.नि.मं. - अमरवाड़ा
पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत बांध निर्माण में डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण.
02.138 हेक्टर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली सम्पतियाँ)
( 2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा में ) जिला- छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .
( 3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक -04 चौरई जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता हैं .
क्र. 8541 - भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता हैं, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतदद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है. राज्य शासन की राय में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे . इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 (4 ) के उपबंध लागू होते हैः-
अनुसूची
तहसील
जिला
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में) (4)
(5)
(3)
(1) (2)
छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा
कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग - चौरई जिला- छिंदवाड़ा.
पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत बांध निर्माण में डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण.
ग्राम- देवर्धा ब.नं.- 273, प.ह.न. - 28 रा.नि.मं.- छिंदवाड़ा-1
161.522 हेक्टर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली सम्पतियां) 2714
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
( 2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा में ) जिला -छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक-04 चौरई जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता हैं.
क्र. 8542- भू- अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता हैं, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतदद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है . राज्य शासन की राय में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे. इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 (4 ) के उपबंध लागू होते है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग
क्षेत्रफल ( हेक्टर में )
(6)
(5)
(2)
(3)
(4)
(1)
छिंदवाड़ा अमरवाड़ा
कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग चौरई जिला- छिंदवाड़ा.
पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत बांध निर्माण में डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण.
06.550 हेक्टर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली सम्पतियाँ)
ग्राम - खकरा चौरई ब.न. - 94 प.ह.न.- 40 रा.नि.मं.- अमरवाड़ा-2
( 2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा में ) जिला- छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
( 3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(4 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक-04 चौरई जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता हैं.
क्र. 8543 - भू-अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता हैं, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतदद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है. राज्य शासन 2715
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
भाग 1 ]
की राय में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे . इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 (4 ) के उपबंध लागू होते है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में)
(6)
(5)
(2)
(1)
(3)
(4)
ग्राम - बान्दरा ब.नं.
छिंदवाड़ा अमरवाड़ा
200 प.ह.नं. -42 रा.नि.मं.-
कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग चौरई जिला- छिंदवाड़ा.
पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत बांध निर्माण में डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण.
14.946 हेक्टर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली सम्पतियाँ)
अमरवाड़ा-2
( 2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा में ) जिला- छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में देखा जा सकता है .
( 4 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक-04 चौरई जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता हैं.
क्र. 8544 - भू- अर्जन -2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता हैं , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतदद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है . राज्य शासन की राय में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे. इस संबंध में भू- अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 ( 4 ) के उपबंध लागू होते है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में )
(6)
(5)
(4)
(1) (2)
(3)
छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा
कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग चौरई जिला- छिंदवाड़ा.
पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत बांध निर्माण में डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण.
11.980 हेक्टर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली सम्पतियाँ)
ग्राम- नगझिर ब.नं.- 285 प.ह.नं. -27 रा.नि.मं.- छिंदवाड़ा-1 [भाग 1 2716
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा में ) जिला- छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक-04 चौरई जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता हैं .
क्र. 8545 - भू- अर्जन -2010 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता हैं, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतदद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है. राज्य शासन की राय में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे. इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 (4 ) के उपबंध लागू होते है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में )
(1) छिंदवाड़ा
(2) छिंदवाड़ा
(5) कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग चौरई जिला- छिंदवाड़ा.
(6) पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत बांध निर्माण में डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण.
(4) 183.003 हेक्टर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली सम्पतियाँ)
(3) ग्राम - खैरी लदू ब.नं.- 118 प.ह.नं.- 32रा.नि.नं.- छिंदवाड़ा-1
( 2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा में ) जिला- छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक-04 चौरई जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता हैं .
क्र. 8546- भू- अर्जन -2010 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता हैं , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतदद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है. राज्य शासन की राय में भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे . इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 (4 ) के उपबंध लागू होते है:-
2717 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
भाग 1 ]
अनुसूची
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
जिला
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में )
(6)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा
कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग चौरई जिला- छिंदवाड़ा.
पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत बांध निर्माण में डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण.
ग्राम- राजाखोह ब.नं. 31.266 हेक्टर 503 प.ह.नं.-27 एवं ( उक्त भूमि रा.नि.नं. - छिंदवाड़ा-1 पर आने वाली सम्पतियाँ)
(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा में ) जिला- छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक-04 चौरई जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता हैं.
क्र. 8547 - भू-अर्जन- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता हैं, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतदद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है. राज्य शासन की राय में भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे . इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 ( 4 ) के उपबंध लागू होते है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
तहसील नगर/ग्राम
जिला
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में )
(4)
(2) छिंदवाड़ा
(1) छिंदवाड़ा
(5) कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग चौरई जिला- छिंदवाड़ा.
(3) ग्राम- बिल्बा ब.नं. 391 प.ह.नं. - 31 रा.नि.नं. छिंदवाड़ा-1
(6) पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत बांध निर्माण में डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण .
32.572 हेक्टर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली सम्पतियाँ)
(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा में ) जिला- छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक-04 चौरई जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता हैं.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पवन कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2718
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला जबलपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग जबलपुर, दिनांक 28 फरवरी 2010
क्र. 05 - अ - 82-06-07.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- जबलपुर
(ख) तहसील- पनागर
(ग) ग्राम-कठौंदा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-39.04 हेक्टर .
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
3.21
335/1
3.22
335/3
350
1.45
351
1.45
352
1.45
1.45
353
1.45
354
2.05
371
0.15
372
1.92
374
386
2.20
0.01
387/1
0.46
387/2
387/3
0.46
0.46
387/4
388
1.67
3.07
390
391/1
1.73
1.32
391/2
1.62
392
404
8.24
योग . 39.04
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- मलजल निकासी परियोजना जे. एन . एन.यू.आर.एम. के अन्तर्गत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट परिक्षेत्र क्रमांक 02 हेतु निजी भूमि काअर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष, जबलपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, हरिरंजन राव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सतना, दिनांक 5 जून 2010
क्र. 620- भू- अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता) (क) जिला- सतना
(ख ) तहसील-मैहर
(ग ) नगर/ग्राम- अमदरा
( घ) क्षेत्रफल-0.376 हेक्टर.
खसरा नम्बर
क्षेत्रफल (हेक्टर में )
(1)
81/2
(2) 0.261 0.052
83
33/2
0.063 योग . 0.376
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना- रीवा मुख्य नहर निर्माण में अर्जित होने वाली भूमि.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
2719
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
क्र. 621 - भू-अर्जन-10 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता) (क) जिला- सतना
(ख) तहसील- मैहर
(ग) नगर/ग्राम- रोहनिया
(घ) क्षेत्रफल-0.740 हेक्टर.
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
खसरा नम्बर (1) 226/1 ख 1
(2) 0.740 योग 0.740
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना रीवा मुख्य नहर निर्माण में अर्जित होने वाली भूमि.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .
क्र. 622- भू- अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना
(ख) तहसील- मैहर
(ग) नगर/ग्राम-रैगवां
(1) 196
खसरा नम्बर ( घ) क्षेत्रफल-0.209 हेक्टर . क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2) 0.209 योग . 0.209
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना रीवा मुख्य नहर निर्माण में अर्जित होने वाली भूमि.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .
क्र. 623 - भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना
(ख ) तहसील-मैहर
(ग ) नगर/ ग्राम- सुहौला
(घ) क्षेत्रफल -0.314 हेक्टर.
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
खसरा नम्बर (1) (2) 12 0.314 योग . 0.314
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना रीवा मुख्य नहर निर्माण में अर्जित होने वाली भूमि.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .
क्र. 624 - भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-(म. प्र. शासन/निजी खाता) (क) जिला- सतना
(ख) तहसील- मैहर 2720
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(ग ) नगर/ग्राम- पनसोखरा
(घ) क्षेत्रफल-0.425 हेक्टर .
खसरा नम्बर
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(1)
(2)
0.331
109/1
109/2
0.094
योग . 0.425
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना रीवा मुख्य नहर निर्माण में अर्जित होने वाली भूमि.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .
क्र. 625 - भू- अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना
(ख) तहसील-मैहर
(ग ) नगर/ग्राम- गुमेही
( घ) क्षेत्रफल-0.718 हेक्टर..
खसरा नम्बर
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(1) 21
योग . (2) 0.718 0.718
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना रीवा मुख्य नहर निर्माण में अर्जित होने वाली भूमि.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .
क्र. 626 - भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894, संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन (म . प्र. शासन/निजी खाता )
(क) जिला-सतना
(ख) तहसील- मैहर
(ग) नगर/ ग्राम- नयागांव
(घ ) क्षेत्रफल-0.1.484 हेक्टर.
खसरा नम्बर
क्षेत्रफल (हेक्टर में )
(2)
(1) 6 53/2 53/3
0.052 0.627 0.805 योग . 1.484
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना रीवा मुख्य नहर निर्माण में अर्जित होने वाली भूमि.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .
सतना, दिनांक 8 सितम्बर 2010
क्र. 97- भू-अर्जन- 10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना
(ख) तहसील- मैहर
(ग) नगर/ग्राम- पाला
(घ ) क्षेत्रफल-0.052 हेक्टर .
खसरा नम्बर
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(1) 558
(2) 0.052 योग .. 0.052 भाग 1 ]
2721
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना रीवा मुख्य नहर परियोजना के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.
क्र. 98 - भू- अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना
(ख) तहसील- मैहर
(ग) नगर/ग्राम- सभागंज
(घ) क्षेत्रफल-0.115 हेक्टर.
खसरा नम्बर
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(1)
0.115
843/1
(2) योग . 0.115
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना रीवा मुख्य नहर परियोजना के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .
क्र. 99 - भू- अर्जन- 10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894, संशोधन 1984 (क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना
(ख) तहसील- मैहर
(ग ) नगर/ ग्राम- बेरमा
(घ) क्षेत्रफल-5.841 हेक्टर .
खसरा नम्बर
अतिरिक्त अर्जित
कुल अर्जित
रकबा पूर्वमें अर्जित रकबा
रकबा
(4) (1)
(2)
(3)
1688
0.094
0.094
0.115
0.115
1699/3
0.031
0.031
1699/4
0.094
0.094
1703/3 ख
0.083
0.188 0.105
1703/3 ग
0.021
0.021 1707/1ख
0.079
0.079 1709/1/2
0.167
0.167
1709/2
0.084 1753/1
0.052
0.032
0.042 0.031
0.011
1757/ 1 ख
0.105
0.105
1757/2
0.010
0.010
1758/1
0.094 1772
0.063
0.031
0.021
0.021 1778
0.146 1779
0.146
0.147
0.147 1781/2
0.037
0.037 1781/3/1
0.021 1793/3
0.021
0.021
0.094 0.073
1794/1
0.105
0.157 1797/2
0.052
0.271
0.271 1798/2
0.010 1800/2
0.010
0.010
0.010 1801/2
0.125 0.052
0.073
1815
2.017
2.017
1817/1
0.188
0.188
2196/1
0.105
0.105
2196/2
0.031
2227
0.031
0.052
0.052 2178/1
0.240
0.240 2890/1780
0.209
0.209 2891/1/1/1703
0.097
0.097
2891/1/2/1703
0.102
0.102 2891/2/1703
0.052
0.052 2895/1/1757
2895/2/1757
0.094
0.094
0.115 0.104
0.011
1735
0.115
0.010
0.125 1784/2
0.021
0.021 1785
0.021
0.021 1705/1
0.209 1685/2
0.209
योग 5.194
5.841 2722
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है-दायीं तट की सतना- रीवा मुख्य नहर के निर्माण हेतु .
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुखबीर सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग ग्वालियर , दिनांक 7 सितम्बर 2010
प्र. क्र. 12- अ- 82-09-10- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- ग्वालियर
(ख ) तहसील-ग्वालियर
(ग) नगर/ग्राम- डंगौरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.519 हेक्टर .
सर्वे नं.
कुल रकबा (हेक्टर में )
अर्जित किये जाने वाला अनुमानित रकबा (हेक्टर में ) (1)
(2)
(3)
0.324
0.262 168
0.073
0.052 169
170
0.763
0.263
0.564
174/2/177
0.125
0.061 173
1.82
0.042
0.021 175
171/1 + 172/ 5
0.669
0.222
0.222 172/2+174/4
0.658
0.658
0.222 171/3 + 172/ 3
0.222 171/4+ 172/2
0.658
0.836
0.747 172/1 मिन -2
204/2
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- हरसी उच्चस्तरीय मुख्य नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला बड़वानी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बड़वानी, दिनांक 24 सितम्बर 2010
क्र. 1535 - भू-अर्जन- नहर- 2010- प्र.क्र. 21-अ- 82-2009- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उपरोक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बड़वानी
(ख) तहसील- बड़वानी
(ग) ग्राम का नाम- बड़वानी खुर्द
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 10.235 हेक्टर.
खसरा नम्बर
अधिग्रहित किया जाने वाला क्षेत्रफल ( हेक्टर में )
(2)
(1)
4
0.081
0.262
5/13
0.121
8/2, 9/1
0.041
10/2
0.220
10/5 , 13/3
10/6
0.101
0.223
13/4
0.223
13/5
0.222
13/6
0.110
13/7
1.460
14/1 भाग 1 ]
2723
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(1)
(2)
14/2
0.182
0.131
14/3
14/6
0.182
14/7
0.182
14/8
0.542
16/1
0.219
30/1
0.641
30/7
0.020
0.672
31/2क
31/1/2
0.290
35/2
0.340
35/3
0.200
0.300
35/4
35/5
0.321
0.370
35/6
46/4
0.162
48/1/2
0.004
48/2
0.290
0.582
49/1/3
51
0.541
53/1
1.000
योग .. 10.235
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर निर्माण हेतु .
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी, इंदिरा सागर परियोजना, नहर बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 11 , बड़वानी , जिला बड़वानी के कार्यालय में, कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संतोष मिश्र , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग धार , दिनांक 29 सितम्बर 2010
क्र. 1806 - वाचक- प्र. क्र. अ- 82-2008-2009.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-धार
(ख) तहसील- मनावर
(ग ) ग्राम- अजन्दीमान
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.521 हेक्टर
सर्वे नं.
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.050
252/1/1
0.080
252/7/3
0.100
252/7/2
252/7/1
0.100
0.022
267/1 /1 ड
0.026
267/1 ग
0.053
267/1 / 1 घ
0.090
252/6
0.521
योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- औंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर.डी. 122.918 मी. से. 124.975 मी . के बीच नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भू- अर्जन की धारा 6 के अन्तर्गत अर्जन कार्यवाही हेतु आदेशित किया जाता है .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला धार एवं भू- अर्जन अधिकारी सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30, मनावर, जिला धार के कार्यालय में , कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .
2724
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
धार , दिनांक 1 अक्टूबर 2010
क्र. 1849 - वाचक- प्र. क्र. अ- 82-2008-2009.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- धार
(ख ) तहसील- मनावर
(ग ) ग्राम- देवगढ़
(घ) लगभग क्षेत्रफल-31.971 हेक्टर.
क्रमांक धारा 6 में प्रकाशित रकबा पूर्व में प्रकाशित सर्वे नं. जिनमें
सर्वे नम्बर रकबे में बचत हुई
(2)
(3)
(1)
(4) 1 264/ 1 ग
0.560 217/1 क , 217/2
0.024
2
284/1 257/1/2/3/1 क
262/2
161/1 3
0.033
4 263/2
0.530
277/2 ग 5
276/2, 277/2 क
227/2ख 6
7
208/1
1.147
योग ..
अनुसूची
रकबा
संशोधित
रकबा
क्रमांक
सर्वे नंम्बर
(7)
(8) (5)
(6)
1
0.359 0.259
217/1क, 217/2
0.485 0.385
2
284/1
0.565
161/1
3
0.530
0.485
277 /2ग
0.140
1
0.210 0.140
5
276/2 277/2क
0.2-12 0.200
ن
227/2ख
0.455
208/1
निल
7
2.801 1.654
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- औंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर.डी. 145000 कि. मी. से. निकलने वाली डिस्ट्रीब्यूटरी क्र. 16 एवं उसकी माईनर क्र. 1 , 5 , 6 , 7 , 8 के बीच नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भू-अर्जन की धारा 6 के अन्तर्गत अर्जन कार्यवाही हेतु आदेशित किया जाता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला धार एवं भू-अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना , मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 , मनावर, जिला धार के कार्यालय में, कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.
भाग 1 ]
2725
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
क्र. 1854-वाचक प्र. क्र. अ-82-2008-2009.--82-2008-2009.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत संशोधित अधिसूचना इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- धार
(ख) तहसील- मनावर
(ग) ग्राम -गांगली
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-11.440 हेक्टर.
रकबा
संशोधित
रकबा पूर्व में प्रकाशित सर्वे नं.
सर्वे नंबर (हे. में) (1)
(2)
(1)
(2) 0.178
0.188 278/2
57/2, 57/3
24/2क
0.240
24/2ग
0.230 0.418
0.418 योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- औंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर.डी. 145000 मी. से. निकलने वाली डिस्ट्रीब्यूटरी क्र. 16 एवं उसकी डायरेक्ट माईनर 73 के बीच नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भू- अर्जन की धारा 6 के अन्तर्गत अर्जन कार्यवाही हेतु आदेशित किया जाता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला धार एवं भू- अर्जन अधिकारी, सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30, मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर , जिला भिण्ड, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग भिण्ड, दिनांक 30 सितम्बर 2010
क्र. क्यू- कोर्ट- कले.- राजस्व-01- भू-अर्जन-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- भिण्ड
(ख ) तहसील- गोहद
(ग ) नगर/ग्राम- गोहद
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.021 हेक्टर.
रकबा
सर्वे नम्बर
(हेक्टर में)
(2)
(1)
0.021
2646
योग . 0.021
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- गोहद बनीपुरा रोड हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , जिला भिण्ड के कार्यालय में किया जा सकता है.
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी गोहद, जिला भिण्ड के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रघुराज राजेन्द्रन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खरगोन , दिनांक 1 अक्टूबर 2010
क्र.1583 - भू. - अ.- 10- प्र. क्र.-21-अ-82-09-10 - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , 2726
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक 522-05- कोर्ट -10 , इंदौर, दिनांक 16 जुलाई 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 ( 4 ) की अर्जेन्सीक्लाज की अनुमति प्राप्त है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील- बड़वाह
(ग ) ग्राम का नाम- आलीबुजूर्ग
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.673 हे. निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.
खसरा नम्बर
विवरण
डूब का रकबा
(हे. में)
(1)
(2)
(3) 6/1
0.081
पाईप लाईन -7
0.366
18
0.202
19
पाईप लाईन -14 290
0.012
0.012
293
योग .. 0.673
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1. कलेक्टर जिला- खरगोन, 2. भू-अर्जन अधिकारी, म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर मुख्यालय खरगोन , 3. कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प. / म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4. महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
क्र.1582- भू. - अ. - 10- प्र. क्र.- 22- अ-82-09-10- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है .
भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक 522-05- कोर्ट -10 , इंदौर, दिनांक 16 जुलाई 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4 ) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.
(क) जिला- खरगोन
(ख ) तहसील- बड़वाह
(ग) ग्राम का नाम- बेलसर
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 2.798 हे. निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.
विवरण खसरा नम्बर
डूब का रकबा
(हे. में)
(3)
(2)
(1)
175
पाईप लाईन-10 , मोटरघर -4
1.882
0.440
179
0.440
183
0.036
184
2.798
योग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1. कलेक्टर, जिला- खरगोन, 2. भू-अर्जन अधिकारी, म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर मुख्यालय खरगोन, 3. कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प./ म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4. महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 1578- भू - अ.-10-प्र. क्र. 23-अ-82-09-10 - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक 522-05- कोर्ट -10 , इंदौर, भाग 1 ]
2727
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
दिनांक 16 जुलाई 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17(4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.
(क) जिला- खरगोन
(ख ) तहसील- बड़वाह
(ग) ग्राम का नाम- बकावां
(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.397 हेक्टेयर निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.
खसरा नम्बर
विवरण
डूब का रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
(3) 8/1
0.044
350/2
नीम-1
0.128
0.127
नीम-1 350/3
527/1
0.950
528/4
0.189
614/2
0.150
614/3
0.200
614/4
0.100
614/5
0.057
528/2
0.709
0.631
534/1
534/2
0.202
539/3
0.040
0.280
आम पौधा-1 539/4
539/5
0.330
नीम वृक्ष-3 539/6
0.260 योग . 4.397
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान) , 1 - कलेक्टर, जिला-खरगोन, 2- भू-अर्जन अधिकारी , म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन, 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प. / म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 1580- भू.- अ.- 10-प्र. क्र. 24-अ-82-09-10- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग इन्दौर के पत्र क्रमांक 522-05- कोर्ट -10 , इंदौर, दिनांक 16 जुलाई 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17(4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील- बड़वाह
(ग) ग्राम का नाम- सेमरला
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.101 हेक्टेयर निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.
खसरा नम्बर
विवरण
डूब का रकबा
(हे. में)
(3) (1)
(2)
0.020
115
120
0.081
गोग .. 0.101
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) . 1 - कलेक्टर, जिला- खरगोन, 2- भू-अर्जन अधिकारी, म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन , 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प. / म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 1577- भू.- अ.-10-प्र. क्र. 25-अ- 82-09-10 -चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है .
2728
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग इन्दौर के पत्र क्रमांक 529-05-कोर्ट -10, इंदौर, दिनांक 26 जुलाई 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 ( 4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन- निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.
(क) जिला- खरगोन
(ख ) तहसील - बड़वाह
(ग) ग्राम का नाम- नगावां
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.552 हेक्टेयर निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.
विवरण खसरा नम्बर डूब का रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(3) (1)
0.041
6 पैकी
11
0.121
0.170
13/1
16
0.114
ईमली-1 , नीम -4
0.045
17/1
नीम-1 23
0.041
25/1
0.012
मकान -1
0.012
25/2
मकान-2 26
0.008
0.008
27
मकान-1
0.012
28
0.008
29
मकान-1 30
0.008
मकान -1
0.008
31
32
0.057
मकान-1 33
0.061
0.036
35
36
0.036 मकान -2 , नर्मदा मंदिर 1 , सीताफल -1 , आम पौधे -3 , बड़ -1 , पीपल -1 , नीम -1 , नींबू-1 , बादाम -1 , अनार -1 जाम -1 40
0.057
मकान -4, नीम-1 42/1
मकान-1 , कोलुड़-1 बेर -1
0.101
49
नीम -2 , डी.पी.एम.पी.ई.बी-1
0.109
50
0.081
53
0.045
(3)
(2)
(1)
0.024
54
0.008
73/1पैकी
0.010
104 पैकी
0.056
मकान -1 108/1
0.057
108/2
0.017
108/3 पैकी
0.065
110
0.008
114 पैकी
0.004
116 पैकी
0.072
117 पैकी
0.008
118 पैकी
0.032
121 पैकी
1.552
योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , 1 - कलेक्टर , जिला- खरगोन, 2- भू-अर्जन अधिकारी, म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन, 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प./ म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 - महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र.1581 - भू. - अ.- 10- प्र. क्र.-26-अ-82-09-10 - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक 529-05- कोर्ट -10, इंदौर, दिनांक 26 जुलाई 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.
(क) जिला- खरगोन
(ख ) तहसील - बड़वाह भाग 1 ]
2729
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(ग) ग्राम का नाम- मर्दाना
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-10.477 हेक्टर निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.
खसरा नम्बर
विवरण
डूब का रकबा
(हे. में)
(1)
(2)
(3) 91
0.008
पाईप लाईन -5 95/1
0.020
मकान -1 95/2
0.008
96/2
0.008
0.010
97
98
0.028
100/1
0.040
100/2
0.040
101
0.129
102/1
0.105
नीम-1 102/2
0.037
नीम-2 102/3
0.036
102/4
0.036
103
0.186
नीम-1 104
0.174
0.065
105/1
105/2
0.137
0.065
105/3
105/4
0.065
107
0.170
108
0.129
109
0.142 नीम -1 , बासझुण्ड -1 ,
मकान -1 , सागवान -10 110
0.081
111
0.222
115
0.158
117
0.219
116
0.139
118
0.097 नीम-1 , सागवान -10 119/1
0.032
119/2
0.033
120
0.045
121
0.045
इमली -1 122
0.101 बैर -1 , इमली -1 , अस्तरा -1 ,
बांस झुण्ड-4 , नीम -4 123
0.146
125
0.186
नीम-2 127
0.081
128
0.065
(3)
(2)
(1)
0.198
129
नीम-2 , बैर -1 130
0.081
131
0.081
132
0.081
नीम-1 133
0.097
134
0.049
135
0.182
0.117
136/1
136/2
0.118
137
0.129
138/1
0.041
138/2
0.040
0.105
139
140
0.089
इमली-1
0.081
141
142/1
0.020
142/2
मकान -1 , पानी की टंकी-1
0.020
(टीन शेड) 143
0.040
145
0.138
146
0.016
0.049
149/1
149/2
0.052
0.052
149/3
151
0.068
152
0.036
153
0.008
162
0.085
0.360
नीम-5 163
164
0.024
166/1
0.346
मकान-4 166/2
0.012
166/3
0.057
मकान-1 166/4
0.057
मकान -1 167
0.105
मकान-4
0.010
मकान-1 194
195
0.113
टीन शेड -1 , नीम -1 ,
इमली-1 196
0.153
मकान -4
0.016
गोबर गैस -1 198
201
0.097
मकान-1 203
0.045
मकान -1 204
0.093
मकान-1 , टप्पर-2 205
0.061 मकान -1 , टीनशेड-1 , नीम-2 2730
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(1)
(2)
(3) 206
टप्पर -1
0.061
207/1
0.029
मकान -1 207/2
0.028
मकान-3 210
0.061
200
0.045
208
0.080
मकान -1 218
0.012
220
0.360
मकान-1 222
0.057
219/1
0.042
नीम-2 219/2
0.085
मकान-1 219/3
0.019
इमली-1 223
0.024
224/1
0.077
मकान-1 224/2
0.077 गोबर गैस -1 , इमली -1 , एयरटेल टावर -1 , जनरेटर -1 226/1
0.041
मकान-1
0.040
226/2
मकान -1 227
0.020
229/1
0.020
मकान -1 229/2
0.020
मकान-1
0.016
229/3
229/4
0.017
229/5
0.020
230
0.049
231
0.049
मकान-3 232
0.061
मकान -1 233
0.012
मकान -1
0.008
234
मकान -1 235
0.121
मकान-1 236
0.093
मकान-1 237
0.081 इमली -1 , नीम -1 , मकान -1 238
0.073
239
0.012
241
0.146
251
0.130
252
0.085
255
0.020
256
0.020
266/1
0.150
296
कुआं पक्का1 , नीम -1 नीम-2, जामुन-1 , आंवला-2
0.030
297
0.160
298
0.100
260
0.500
(3) (1)
(2)
261
0.016
264
0.210
267
0.010
547
0.180
10.477
योग
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1 - कलेक्टर , जिला- खरगोन, 2- भू-अर्जन अधिकारी , म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन, 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल) म.ज.वि.प. / म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
क्र. 1579 - भू. - अ.- 10-प्र. क्र. 27-अ-82-09-10-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है .
भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक 530-05- कोर्ट-10 इंदौर, दिनांक 26 जुलाई 2010 से अधिनियम की धारा 17( 1 ) सह 17(4 ) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन- निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.
(क) जिला- खरगोन
(ख ) तहसील- महेश्वर
(ग) ग्राम का नाम -जलूद
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-6.268 हेक्टर निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.
खसरा नम्बर
विवरण
डूब का रकबा
(हे. में)
(1)
(2)
(3) 13/4
0.972 पाईप लाईन -1 , नीम -1 खाकरा-1 भाग 1 ]
2731
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(1)
(2)
(3) 68/5
0.081
68/6
0.076
68/7
0.076
72/2
0.506
नीम-4 73
1.218 नीम-10, नीम पौधे -30 76/5
0.344
नीम-1
0.040
79/1
96/2
2.194 आम-1 ( सूखा ) नीम -1 102
0.032
103
0.032
105/1/2
0.020
बड़-1 , नीम-1 105/1/3
0.024
105/5
0.081
105/6
0.122
108
0.073
ईमली -1 113
0.284 सुरजना पौधा-40 , नीम-8 100/133
0.093
6.268
योग ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के निर्माण एवं डूब क्षेत्र में आने के कारण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1 - कलेक्टर, जिला- खरगोन, 2- भू-अर्जन अधिकारी , म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर मुख्यालय खरगोन , 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प./ म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 - महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग झाबुआ, दिनांक 1 अक्टूबर 2010
क्र. 2830 - भू-अर्जन- 2010 - राजस्व प्रकरण- क्रमांक-ए- 82.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1) मकानों का वर्णन-
(क ) जिला- झाबुआ
(ख ) तहसील-पेटलावद
(ग ) ग्राम-कोटड़ा चारण
(घ) लगभग क्षेत्रफल-731.06 वर्गमीटर .
सर्वे नम्बर
क्षेत्रफल
(वर्गमीटर में)
(1)
(2)
326
93.84
326
167.94
326
29.70
326
65.87
326
54.56
326
93.04
326
126.75
326
58.56
326
40.80
731.06
कुल योग .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शोभित जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दतिया , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दतिया, दिनांक 4 अक्टूबर 2010
क्र. 3 - अ - 82-2008-09.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- दतिया
(ख ) तहसील- सेंवढ़ा 2732
(ग) ग्राम- बडोखरी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.24 हेक्टर .
खसरा नं.
रकबा (हे. में)
(1)
(2)
670
0.24
(2) सार्वजनिक प्रयोजन की आवश्यकता- राजघाट परियोजना के अन्तर्गत अखदेवा शाखा की टेडा माइनर के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , राजघाट परियोजना , दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जयश्री कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर , जिला हरदा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग हरदा, दिनांक 4 अक्टूबर 2010
क्र. 9950- भू- अर्जन-35-अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- हरदा
(ख ) तहसील- खिरकिया
(ग ) नगर/ग्राम- रूनझुन
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-5.388 हेक्टेयर/ 13.29 एकड़.
खसरा नम्बर
रकबा
विवरण
(हे. में)
(2)
(1)
(3)
0.181
231/1 , 231/2
234
0.214
238
0.163
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(1)
(3)
(2)
0.008
244/1,244/2,244/3
242
0.129
0.121
130/1 , 130/2
0.242
128/1 , 128/2
128/3, 128/4 128/5 , 128/6 , 128/7
0.364
141/1 , 141/2
143/1 , 143/2
0.405
143/3, 143/4
143/5 , 143/6
0.008
149/1 , 149/2 ,
149/3, 149/4,
0.291
248/1 , 248/2
0.202
253/1 , 253/2
253/3, 253/4
122/1 , 122/9
122/3 , 122/8
122/4, 122/10
0.384
122/5 , 122/11
122/6 , 122/12
122/7 , 122/13
122/2, 122/14
122/15 , 122/16
0.061
233/2, 233/3
237
0.141
239
0.238
0.335
241/1, 241/2
129
0.121
0.194
127/1 , 127/2
0.364
133/1 , 133/2
133/3
142
0.049
148/1 , 148/2 ,
0.133
148/3 , 148/4,
148/5
236
0.291
0.586
255/1,255/2,255/3
252
0.163
5.388
योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- इमलीढाना जलाशय की सिपेज डेन के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
2733
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
क्र. 9946 - भू-अर्जन-36-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- हरदा
(ख) तहसील- सिराली
(ग) नगर/ग्राम- मुहाल सरकुलर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.436 हेक्टेयर/ 1.08 एकड़.
खसरा नम्बर
रकबा
विवरण
(हे. में)
(1)
(2)
(3) 32/1
0.036
25/1
0.061
24/2
0.036
25/6
0.036
0.085
24/3
24/1
0.182
योग 0.436
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- इमलीढाना जलाशय की सिपेज डेन के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 9948 - भू-अर्जन- 37-अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- हरदा
(ख ) तहसील- सिराली
(ग ) नगर/ ग्राम- सांवलखेड़ा रैयत
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.460 हेक्टेयर/ 1.14 एकड़.
खसरा नम्बर
विवरण
रकबा (हे. में)
(3) (1)
(2)
21/1
0.242
9
0.049
0.169
99/1
योग 0.460
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- इमलीढाना जलाशय की सिपेज डेन के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जॉन किंग्सली, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग टीकमगढ़ , दिनांक 4 अक्टूबर 2010
क्र. 3 - भू- अर्जन- 2010-प्र. क्र.-3-अ- 82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस संबंध में माननीय आयुक्त, सागर संभाग , सागर द्वारा अपने पत्र क्रमांक- 843- एक- स.अ. - 2010 , दिनांक 27 सितम्बर 2010 अनुसार भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 17 ( 1 ) के तहत अर्जेन्सीक्लाज की अनुमति दी जा चुकी है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- टीकमगढ़
(ख ) तहसील- टीकमगढ़ 2734
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(ग ) नगर/ग्राम- गुदनवारा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-8.510 हेक्टर खसरा नम्बर
रकबा
(हेक्टेयर में ) (1)
(2) 1079
0.020 1080
0.061 1081
0.245 1088
0.200 1089
0.300 1091
0.040 1092
0.020 1093
0.200 1097
0.300 1099
0.024 1100
0.591 1102
0.129 1103
0.364 1104
0.097 1105
0.028 1106
0.120 1107
0.032 1108
0.050 1117
0.040 1119
0.160 1120
0.036 1121
0.470 1123
0.320 1124
1.817 1127
0.255 1128
0.138 1129
0.320 1130
0.190 1131
0.539 (1)
(2)
0.522
1132
1133
0.178
0.020
1134
0.482
1135
1136
0.081
0.121
1137
योग . 8.510
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बगाज माता तालाब योजना के डूब क्षेत्र .
(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला-टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
क्र. 5- भू-अर्जन- 2010-प्र. क्र.-5-अ-82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस संबंध में माननीय आयुक्त, सागर संभाग , सागर द्वारा अपने पत्र क्रमांक- 843-एक-स.अ.- 2010 , दिनांक 27 सितम्बर 2010 अनुसार भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 17( 1 ) के तहत अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति दी जा चुकी है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- टीकमगढ़
(ख ) तहसील - टीकमगढ़
(ग) नगर/ग्राम- कछियाखेरा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 48.268 हेक्टर .
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
80/4
1.000
80/5
0.347 भाग 1 ]
2735
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(1)
(2) 82/2
1.416 82/3
2.023 82/4
0.809
2.023 82/5
82/6
2.023 82/7
2.023 82/8
2.023 82/9
1.415 82/10
0.607 82/11
0.607 82/12
0.607 82/13/1
2.023 82/13/2
2.023 82/14
0.205 82/14/1
0.405 82/15/1
0.733 82/15/2
0.809 82/15/3
1.069 82/15/4
1.343 82/15/6
1.200 82/15/7
0.485 82/15/8
0.405 82/15/9
1.485 82/15/10
0.716 82/16
0.607 82/17/1/1
1.261 82/17/1/2
0.762 82/17/2
1.619 82/18/1
1.214 82/18/2
0.499 82/19
0.809 82/20/1
0.737 82/20/2
0.451 82/21
0.809 (1)
(2)
82/22
1.551
82/23
1.011
82/24
0.809
0.809
82/25
0.405
82/26
82/27
0.607
82/28/1
0.549
82/28/2
0.413
0.902
82/28/3
0.024
82/206
0.020
79
66
0.010
0.010
69
0.010
71
72
0.040
73
0.040
0.080
47/5/2
47/4
0.280
144
0.060
0.065
0.56
0.020
157
172/1
0.100
172/2
0.100
82/15/12
0.713
82/214
0.113
0.186
82/215
82/216
0.749
योग . 48.268
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बगाज माता तालाब योजना के डूब क्षेत्र बांध एवं नहर निर्माण कार्य .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला-टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
2736
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
क्र. 6 - भू-अर्जन-2010-प्र. क्र.-6-अ-82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस संबंध में माननीय आयुक्त, सागर संभाग , सागर द्वारा अपने पत्र क्रमांक- 843- एक- स.अ.- 2010 , दिनांक 27 सितम्बर 2010 अनुसार भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 17( 1 ) के तहत अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति दी जा चुकी है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-टीकमगढ़
(ख) तहसील-टीकमगढ़
(ग) नगर/ ग्राम-राधापुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 30.040 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
(1)
रकबा (हेक्टेयर में ) (2)
85/2
1.214
85/3
0.586
86
0.251
88
0.081
89
0.061
90
0.138
0.089
91
92
0.150
93
0.049
94
0.372
95
0.032
96
0.020
97
0.028
98
0.040
99
0.069
100
0.012
101
0.065
102
0.053
103
0.057
104
0.049
105
0.364
106
0.134
(2)
(1)
107
0.105
0.045
108
109
0.158
110
0.097
111
0.016
112
0.328
113
0.174
114
0.089
115
0.150
0.223
116
117
1.707
118
0.446
119
0.368
0.348
120/1
120/2
2.023
120/3
1.809
0.896
120/4
0.206
123
124
0.466
0.186
125/1
1.667
125/2
126
0.874
0.235
127
129/1
0.304
0.040
129/2
130/1
0.243
130/2
0.242
131
0.906
132
0.053
133
0.186
0.142
134
135
0.158
136
0.097
137
0.024
138
0.186
0.522
139
0.134
141
142
0.170
0.020
144
145
0.324
0.040
146
0.077
149
150
0.040 भाग 1 ]
2737
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(1)
(2) 151
0.040 152/1
0.332 152/2
0.530 153
0.140 154/1
0.020 154/2
0.150 155
0.765 156
0.138 157
0.194 159
0.198 160
0.409 161
0.384 162
0.028 163
0.129 164
0.036 165
0.223 166
0.450 167
0.036 168
0.140 170
0.053 171
0.097 172
0.170 173
0.154 174
0.162 175
0.045 177
0.190 178
0.008 179
0.032 180
0.175 181
0.125 182
0.105 183
0.077 184
0.287 185
0.230 186
0.100 249
0.410 250
0.020 251
0.186 252
0.100 256
0.200 260
0.194 261
0.045 262
0.182 263
0.032 (1)
(2)
264
0.117
0.227
265
266
0.020
0.020
267
0.384
268
0.008
269
270
0.109
271
0.372
0.624
272
योग .. 30.040
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बगाज माता तालाब योजना के डूब क्षेत्र.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला- टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
क्र. 11 - भू-अर्जन- 2010-प्र. क्र. 11-अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस संबंध में माननीय आयुक्त, सागर संभाग , सागर द्वारा अपने पत्र क्रमांक- 843- एक- स.अ.- 2010 , दिनांक 27 सितम्बर 2010 अनुसार भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 17 ( 1 ) के तहत अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति दी जा चुकी है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला-टीकमगढ़
(ख ) तहसील-टीकमगढ़
(ग) नगर/ ग्राम- समर्रा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-28.954 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
35/1
0.300
36
0.024
37/2
1.983 2738
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(1)
(2) 39
0.186 41
0.725 42
0.526 43/1
0.235 43/2
0.061 44
0.239
0.365 45
46
0.012 47/1
0.802 47/2
0.138 48
0.100 49
0.231 50
0.150 51
0.025 52/1/1
0.809 52/2/1
0.200 52/3
0.061 52/4
0.655 52/7
0.219 163/1
0.070 164
0.121 165
0.032 166
0.028
0.028 167
168
0.060 173
0.460 195
0.120
0.206 197/1
197/2
0.185 198
0.160 199
0.150 200
0.665 201
1.306 202/1/1
1.000 202/1/2
1.619 202/1/3
1.214 202/2
1.000 203
0.200 204
0.300 205
0.028 206
1.222 208
1.388 209
1.088 213
0.769 (1)
(2)
214
0.749
215/1
0.600
215/2
4.400
215/4
0.500
0.809
215/5
521
0.297
38
0.134
योग .. 28.954
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बगाज माता तालाब योजना के डूब क्षेत्र.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला-टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
क्र. 12- भू- अर्जन-2010-प्र. क्र. 12-अ- 82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस संबंध में माननीय आयुक्त, सागर संभाग , सागर द्वारा अपने पत्र क्रमांक- 843- एक- स.अ.- 2010, दिनांक 27 सितम्बर 2010 अनुसार भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 17 ( 1 ) के तहत अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति दी जा चुकी है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- टीकमगढ़
(ख) तहसील-टीकमगढ़
(ग ) नगर/ ग्राम- वकपुरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल -71.590 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
108/1
0.200
109
0.032
110
0.239 भाग 1 ]
2739
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(2) (1)
111
0.010 112
0.186 113
0.591 114/2/1
0.484 114/3
1.440 115
0.117 116
0.098 117
0.200 119
0.250 120
0.348 121
0.076 453/2
0.770 454
0.454
0.890 455
456
0.069 457/1
1.202 524
1.659 525
0.101 526
0.526 527
0.214
0.045 516
520
0.591 528
0.166 529
1.093 530
0.227 531
0.089 532
0.486 533
0.134 534
0.683 535
0.559 536
0.279 537
0.073 538
0.134 539
0.069 540
0.049 541
0.105 542
0.717 543
3.040 544
0.901 545
0.429 547
0.713 549
0.405 550/1
1.148 551
0.751 (1)
(2)
0.452
555
0.765
557
0.361
558
0.401
559/1
0.516
559/2
0.085
496
0.154
497
0.040
498
0.178
499
500
0.251
501
0.271
503
0.327
504
0.156
505/1
0.200
505/3
1.570
615/1
0.539
0.538
615/2
615/3
0.471
615/4
0.470
615/5
0.470
2.000
618/3
623
0.519
624
0.194
0.247
626
0.813
627
628/2/1
2.023
628/2/2
1.619
628/3
2.023
628/4
1.497
1.575
628/1
0.228
629/1
632/3
1.209
0.300
632/4
636
0.055
637
1.247
638
5.268
0.120
514
513/2
0.400
487/2
0.555
0.500
489
0.060
490
0.125
491
492
0.020
493
0.040 2740
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(2)
(1)
494
0.077
495
0.061
506/1/3
0.551
506/1/4
1.012
506/2
0.989
506/3
1.254
507
0.053
508
0.918
505/5
0.200
506/1/1
1.675
506/1/2
1.214
509
0.644
510
0.032
511
0.745
512
8.106
470
0.005
0.040
471
475
0.015
484
0.030
475/655
0.075
योग .. 71.590
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बगाज माता तालाब योजना के डूब क्षेत्र, बांध निर्माण , स्पिल चैनल, वेस्ट वियर एवं नहर निर्माण .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू अर्जन अधिकारी टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग टीकगगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अखिलेश श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 5 अक्टूबर 2010
क्र. 10079 -प्र- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-अशासकीय भूमि का अर्जन (क) जिला-सागर
(ख) तहसील- सागर
(ग ) नगर/ग्राम- पगारा
(घ) क्षेत्रफल-4.44 हेक्टर.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.80
03
24
0.02
04
0.80
05
0.80
08
0.94
0.08
10/1
25
0.05
26
0.95
योग. 4.44
(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए आवश्यकता है- पगारा जलाशय योजना के बांध कार्य हेतु द्वारा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , सागर.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सागर के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाग से तथा आदेशानुसार, मनीष श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर , दिनांक 5 अक्टूबर 2010
क्र. 13 - अ - 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भाग 1 ]
2741
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- वकस्वाहा
( ग) नगर/ग्राम- पड़रियां
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.960
( 1 ) निजी भूमि-0.960
(2) शास. भूमि- निरंक
अर्जित की जा रही भूमि की सूची
खसरा नम्बर
रकबा
(हेक्टर में )
(1)
(2)
ग्राम पड़रियां
148/1
0.020
149
0.020
150
0.056
151
152
0.104
162
0.120
168/1
0.072
175/1
0.112
0.208
178
179/1
0.024
262
263
0.104
344/9
0.120
0.960
योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- कुसमाड़ तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 14- अ-82-09-10 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन
(क) जिला - छतरपुर
(ख) तहसील- वकस्वाहा
(ग) नगर/ग्राम - मछन्दरी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.791
(1 ) निजी भूमि-2.791
(2) शास. भूमि-निरंक
अर्जित की जा रही भूमि की सूची
खसरा नम्बर
रकबा
(हेक्टर में)
(2)
(1)
ग्राम मछन्दरी
101
0.120
104/1
0.304
106
107/1
0.100
107/2/1
0.068
134
0.016
147
0.040
149
156
0.210
157
0.006
0.060
159/2
0.036
162/1
162/2
162/3
0.160
163/3
166
167/1
0.052
184/1/1
0.040
184/1/2
0.040
0.020
184/2
329
0.080
0.072
330/1
345/1
339
0.014
340
0.043
342
0,038
343
0.035
344/2
0.112
345/3
0.120
441/1
442/1
0.120
443
445
0.064
447/2
456
0.104
457
458
0.012
459/2
461/2
460
529
0.025
530
0.136 2742
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(2)
(1)
533/1
0.076
0.100
533/21
534/2
0.112
535
536
0.120
541
0.136
योग 2.791
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- कुसमाड़ तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 15- अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन
(क ) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- वकस्वाहा
(ग) नगर/ग्राम- भुजपुरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.119
(1 ) निजी भूमि-3.119
(2) शास. भूमि- निरंक
अर्जित की जा रही भूमि की सूची
खसरा नम्बर
रकबा
(हेक्टर में )
(1)
(2)
ग्राम भुजपुरा
11/7
0.120
221/2
11/12
0.144
0.232
212/1 , 10
127
0.056
(2)
(1)
0.061
128
0.033
135
136
0.136
147
137
0.031
0.056
157
160
0.026
161
169
0.064
185
0.120
0.040
193
0160
195
196/1
0.080
196/2
0.088
197
0.152
198/11
211/2
217/1
0.120
217/2
221/3/1
0.128
222/1/1
225/1
0.272
225/2
302
0.088
303
0.072
304
305
0.120
317/1
0.208
351/1
0.168
351/3
352
355/2
0.344
355/3
योग 3.119
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- कुसमाड़ तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
2743
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
क्र. 22- अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील - वकस्वाहा
(ग ) नगर/ग्राम- डुगासरा
( घ) लगभग क्षेत्रफल-1.148
( 1 ) निजी भूमि-1.148
(2) शास. भूमि- निरंक
अर्जित की जा रही भूमि की सूची
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
ग्राम डुगासरा
86
0.152
114/1
0.284
114/2
0.100
116/2
0.120
117
0.168
118
0.080
119
0.024
0.084
139
195
0.048
197
0.088
योग . 1.148
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- कुसमाड़ तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना , रीवा एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 5 अक्टूबर 2010
क्र. 1067- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , जिसके द्वारा घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील- हुजूर
(ग ) नगर/ग्राम- पुरैनी 378
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.988 हेक्टर .
खसरा क्र. अशासकीय भूमि (हेक्टर में)
(1)
(2)
शासकीय भूमि (हेक्टर में) (3)
निरंक 50
0.080
51
0.008
52
0.016
53
0.041
54
0.020
55
0.031
56
0.016
57
0.016
110
0.056
92
0.035
91
0.024
0.063
88
0.009
87
86
0.182
85
0.003
81
0.405
80
0.009 2744
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(1)
(3)
(2)
70
0.332
71
0.008
0.220
171
180
0.201
181
0.013
182
0.013
183
0.163
184
0.024
1.988
कुल
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली चचाई वितरण नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 1069- भू-अर्जन-कार्य-200.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सतना
(ख ) तहसील- रामपुर बघेलान
(ग) नगर/ग्राम- अबेर कोठार
(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.223 हेक्टर.
खसरा नम्बर
शासकीय भूमि अशासकीय भूमि
(हेक्टर में)
(हेक्टर में) (1)
(2)
(3) 1912
0.403
निरंक 1096
0.202
1098
0.109
1489
0.097
(3) (1)
(2)
1488
0.208
0.077
1490
1095
0.101
3190
0.090
929/3630
0.141
1304
0.036
1306
0.199
0.200
1308
1886/2
0.101
3548/211
0.056
0.470
1901/1
332/3
0.133
1624
0.590
1628
0.120
0.168
1882
3544
0.052
3443
0.016
0.040
2491
0.081
2498
2499
0.182
2537
0.061
0.045
2538
2536
0.020
2533
0.101
2565
0.125
4.223
कुल .
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली पुरवा नहर की मुख्य नहर एवं विभिन्न माइनर सबमाइनर अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु .
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
2745
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
क्र. 1071 - भू- अर्जन- 06-07.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सतना
(ख) तहसील- रघुराज नगर
(ग ) नगर/ग्राम-कुंआ कोठार
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 0.320 हेक्टेयर.
खसरा नं .
रकबा
(हे. में)
(1)
(2)
1687
0.320
योग ..
0.320
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के मुख्य नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 1073 - भू- अर्जन- 06-07 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सतना
( ख ) तहसील - रघुराज नगर
(ग) नगर/ग्राम- पवैया
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 1.277 हेक्टेयर.
खसरा नं.
रकबा
(हे. में)
(2)
(1)
174
0.524
263
0.064
0.202
264
0.032
543
546
0.089
148
0.365
0.022
152
योग .. 1.277
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के मुख्य नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र.1075 - भू- अर्जन-06-07.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात कासमाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सतना
(ख) तहसील- रघुराज नगर
(ग ) नगर/ ग्राम-रंगौली
(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 0.873 हेक्टेयर.
खसरा नं.
(1)
रकबा (हे . में) (2)
0.655
2
3
0.218
0.873
योग ..
2746
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के मुख्य नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 1077- भू-अर्जन-06-07.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमिकी, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सतना
(ख) तहसील- रघुराज नगर
(ग) नगर/ ग्राम- बारी खुर्द
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 0.050 हेक्टेयर.
खसरा नं.
रकबा (हे. में)
(1)
(2)
212
0.050
0.050
योग ..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के मुख्य नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 1079 - भू- अर्जन- 06-07.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1994 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सतना
(ख) तहसील- रामपुर बघेलान
(ग) नगर/ग्राम-कोटर कोठार
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 13.90 हेक्टेयर.
खसरा नं.
रकबा
(हे. में)
(2)
(1)
0.004
4118
4623
0.032
4315
0.016
4317
0.004
4322
0.125
4279
0.008
0.073
4281
0.004
4360
3262
2.159
4640/3
0.400
3153
0.248
3154
0.204
3155
0.427
0.180
3158
0.400
3156
3157
0.450
3170
0.140
0.250
3173
3160
0.050
3131/1
0.291
0.291
3131/2
0.147
3131/3 क
3131/3ख
0.140
3130/2
0.816
3738
0.169
3340
0.450
3341
0.247
3344
0.117
0.170
3342
0.045
3343
3345
0.231
0.295
3346
3347
0.526
3361
0.440
3328
0.158 भाग 1 ]
2747
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(1)
(2)
3395
0.470
3571
0.770
3502
0.090
3503
0.045
3574
0.020
3575
0.016
3576
0.057
3582
0.280
3583
0.045
3151
0.450
4115
0.012
4070
0.150
4069
0.050
3585
0.097
3584
0.085
4079
0.006
4095
0.130
4096
0.020
4098
0.012
4092
0.016
0.030
1158
1159
0.156
0.080
1677
1676
0.100
3921
0.101
3927
0.120
3939
0.200
3940
0.006
4097
0.082
3263
0.497
योग
13.90
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की पुरवा नहर एवं उसकी शाखा और उप शाखा नहरों के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग खण्डवा , दिनांक 5 अक्टूबर 2010
भू-अर्जन- प्रकरण क्र. 14-अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि पर स्थित मकानों की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है, अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि पर स्थित मकानों की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम - दिनकरपुरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल- (अ ) 646.56 व.मी. आबादी भूमि (11मकान)
(ब) 635.24 व. मी. शासकीय भूमि
(10मकान)
कुल क्षेत्रफल 1281.80 व.मी. (कुल 21 मकान) खरारा
गकान नम्बर
नम्बर
रकबा वर्ग मीटर में (1)
(2)
(3)
E- 1
49.95 आबादी भूमि-269
E-6/1
44.03 आबादी भूमि-113
"
74.70
E-6/2
"
27.22
E-6/3
"
116.77
E-7/1
"
E-7/2
69.65 "
40.90
E-7/3
"
E-7/4
111.25
40.87
E- 21/3
आबादी भूमि-269
"
44.22
E-24/4
_ "_
E-26/4
27.00
11
646.56 योग ..
26/3
31.16 शासकीय भूमि -276
"
37.21
24/3
"
19/2
64.44 "
25/5
15.35 2750
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
भू-अर्जन-प्र . क्र . 20-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि पर स्थित मकानों की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि पर स्थित मकानों की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम- सिवरीयाँ
(घ) लगभग क्षेत्रफल-
( अ ) 471.95 व.मी. लगानी भूमि (06 मकान)
खसरा नम्बर
मकान नम्बर
रकबा (वर्ग मीटर में) (1)
(2)
(3)
5/3
86.89 लगानी भूमि 85/2
_"_
126.22
5/4
7/1
57.98 लगानी भूमि 185/1
7/2
75.250 लगानी भूमि 185/2
_ "_
7/3
68.46
7/4
57.15 471.95 योग .. 06
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- म.प्र.पा.ज.कं.लि. की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अनुसार जिन भू- स्वामियों की संपूर्ण भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, उनके रहवासी मकानों का उनकी मांग पर अधिग्रहण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना, म.प्र.पा.ज.कं.लि. , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
भू-अर्जन- प्र . क्र. 20-अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि पर स्थित मकानों की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि पर स्थित मकानों की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम - जलकुँआ
लगभग क्षेत्रफल- (अ ) 798.44 व.मी. आबादी भूमि, (घ)
(10मकान)
(ब) 1378.525 व.मी. शासकीय भूमि, (11 मकान)
(स) 1895.76 व.मी. लगानी भूमि, (14मकान)
कुल क्षेत्रफल 4072.725 व.मी. ( कुल 36 मकान )
मकान नम्बर
खसरा नम्बर
रकबा (वर्ग मीटर में)
(2)
(3) (1)
E-7
94.60 आबादी भूमि-66
"
99.20
E-6
_" _
104.42
E- 13 / 1
_ "_
79.28
E-13/2
_ "_
82.47
E-13/3
_ "_
81.05
E-13/4
80.00
E-8
81.95
E-8
आबादी भूमि-97 आबादी भूमि-98
_ "_
46.20
E-9
_ "_
E- 14/ 1
38.14 _ "_
11.13
E- 14/2
798.44
10
योग ..
118.00
29/1
शासकीय भूमि-128
_ "_
104.49
29/2
40.00 शासकीय भूमि-154/ 1
"
70 49
114.75
63/1
414.00 शासकीय भूमि-33
"
176.67
54/2
170.00
E-4
शासकीय भूमि-154/ 1
100.00
22/1
-"- 108
_"_
29.00 _ "_
23.87
22/3
_ " _
22/4
87.745
11
1378.525 योग ..
भाग 1 ]
2751
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(2)
(1)
(3)
15
101.91 लगानी भूमि-127/2
"
E- 1
73.48
E-2/1
43.48 "
83.94
E-2/2
38
87.29 लगानी भूमि-153
E-3/1
167.65 लगानी भूमि-44/1
"
115.28
E- 3/2
E-3/3
165.60
276.67
E- 11
लगानी भूमि-95
E- 12
150.49 लगानी भूमि-135
50.31
E-5/3
लगानी भूमि-141/2
"
37.12
E-5/1
E-5/2
54.02
488.52
45
लगानी भूमि-22
1895.76 योग .. 14
35 4072.725 महायोग
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-म.प्र.पा.ज.कं.लि. की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अनुसार जिन भू- स्वामियों की संपूर्ण भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, उनके रहवासी मकानों का उनकी मांग पर अधिग्रहण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना , म.प्र.पा.ज.कं.लि. , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन- प्र . क्र. 20-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि पर स्थित मकानों की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि पर स्थित मकानों की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम- भगवानपुरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल ( अ) 305.12 व.मी. आबादी भूमि, (03मकान)
(ब) 1465.06 व.मी. शासकीय भूमि, (19मकान)
(स) 969.31 व.मी. लगानी भूमि,
(18 मकान)
कुल क्षेत्रफल 1878.54 व.मी. ( कुल 40 मकान ) खसरा नम्बर
मकान नम्बर
रकबा (वर्ग मीटर में )
(3)
(2)
(1)
85.85
E- 1
आबादी भूमि-298
140.43
E-2/ 1
आबादी भूमि-264
"
78.84
E-2/2
03
305.12 योग
8/3
39.19 शासकीय भूमि-82
112.77
16/1
73.53
16/2
145.38
E-7/ 1
"
58.80
E-7/2
E-7/3
80.43
21.52
10/2A
शासकीय भूमि-89
10/2B
116.59
10/3
44.16
100.00
10/1
12.67
21
"
12.67
12/3
96.18
45.25
11/2
7.56
27/2
76.86
10/7
शासकीय भूमि -97
B-29
106.33 शासकीय भूमि-93
27/1
177.15 शासकीय भूमि-249
27/2
96.10
27/3
41.92
1465.06
19
योग
21.19
13/1
लगानी भूमि -104
31.90
13/2 2752
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(2)
(3) (1)
13/3
58.43 लगानी भूमि-116
18.76
13/4
"
12/1
52.18
09.49
12/2
_ " _
53.56
14/1
लगानी भूमि-111/1
_"_
14/2
26.70 _"_
38.02
14/3
62.72
14/4
लगानी भूमि-111/1
35.31
50/3
लगानी भूमि-134
81.87
15/2
लगानी भूमि-259
E- 12/ 1
192.64 लगानी भूमि-118/1
_"_
E-12/2
52.70
133.13
10/5
लगानी भूमि-120
_"_
14.28
10/6
"
10/4
32.15 "
54.28
16
योग
18 969.31 40 2739.47 महायोग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- म.प्र.पा.ज.कं.लि. की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अनुसार जिन भू- स्वामियों की संपूर्ण भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, उनके रहवासी मकानों का उनकी मांग पर अधिग्रहण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना, म.प्र.पा.ज.कं.लि. , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
भू-अर्जन- प्र. क्र. 21-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि पर स्थित मकानों की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि पर स्थित मकानों की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम - धारकवाड़ी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-(अ ) 468.70 व.मी. शासकीय भूमि, (05मकान)
(ब) 1228.473 व.मी. लगानी भूमि, (11 मकान)
कुल क्षेत्रफल 1697.173 व.मी. ( कुल 16 मकान )
मकान नम्बर
खसरा नम्बर
रकबा (वर्ग मीटर में )
(3)
(2)
(1)
102.90
25/1
शासकीय भूमि-183
"
25/2
17.64 "
74.22
31/3
54.04
30
शासकीय भूमि-215
219.90
E-9
शासकीय भूमि-
468.70
05
योग .
165.88
26/2
लगानी भूमि-180
118.62
19/1
शासकीय भूमि-167
"
21.39
19/2
"
66.06
19/3
"
75.48
19/4
_"_
19/5
68.12
135.19
13
लगानी भूमि-97/2
"
103.16
12
99.108
E-8
लगानी भूमि-161/2
290.405
E- 10/1
लगानी भूमि-161/ 1
"
85.06
E-10/2
1228.473
1697.173 योग .. महायोग 11 16
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-म.प्र.पा.ज.कं.लि. की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अनुसार जिन भू- स्वामियों की संपूर्ण भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, उनके रहवासी मकानों का उनकी मांग पर अधिग्रहण .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना, म.प्र.पा.ज. कं.लि. , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
भू-अर्जन- प्र. क्र . 22-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि पर स्थित मकानों की , अनुसूची के भाग 1 ]
2753
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि पर स्थित मकानों की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम - देवला
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-( अ) 194.67 व.मी. आबादी भूमि, (03मकान)
(ब) 606.62 व.मी. शासकीय भूमि, (05मकान)
(स) 1077.25 व.मी. लगानी भूमि, (12मकान)
कुल क्षेत्रफल 1878.54 व.मी. ( कुल 20 मकान ) खसरा नम्बर
मकान नम्बर
(2)
(3) (1)
191.87
O.L.30
लगानी भूमि-243
78.60
O.L.35
लगानी भूमि-237
1077.25
12
योग ..
1878.54
20
महायोग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-म.प्र.पा.ज.कं.लि. की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अनुसार जिन भू- स्वामियों की संपूर्ण भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है , उनके रहवासी मकानों का उनकी मांग पर अधिग्रहण .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना, म.प्र.पा.ज.कं.लि. , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
रकबा
(वर्ग मीटर में)
(1)
(2)
(3) आबादी भूमि-171
"
E- 1 E-9 E- 10 03
74.67 70.00 50.00 194.67 योग ..
35/5
137.860 शासकीय भूमि-202
31/2
91.00 शासकीय भूमि-117
"
59.92
250.75 शासकीय भूमि-148
E- 11
67.09 शासकीय भूमि-117
05
योग ..
72.52
O.L. 1/1
लगानी भूमि-238
53.28
O.L. 1/2
O.L. 1/3
40.35
33.32
O.L. 5/3
लगानी भूमि-242
O.L. 11/1
81.40 लगानी भूमि-239
36.45 लगानी भूमि-240
O.L. 11/3
122.98 _ " _
O.L. 28
39.37
O.L. 29/1
209.87 लगानी भूमि-245 लगानी भूमि-233
_"_
37 E-8 606.62 O.L. 11/2 O.L. 29/2
117.24 भू-अर्जन- प्र. क्र. 23-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि पर स्थित मकानों की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि पर स्थित मकानों की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम- दोंगालिया
(घ) लगभग क्षेत्रफल-( अ ) 3473.82 व.मी. आबादी भूमि, (12मकान)
(ब) 1389.65 व.मी. शासकीय भूमि, (08मकान)
(स) 406.16 व.मी. लगानी भूमि, (02मकान)
कुल क्षेत्रफल 4269.63 व.मी. ( कुल 22 मकान ) खसरा नम्बर
मकान नम्बर
रकबा (वर्ग मीटर में)
(2)
(3) (1)
53.00
E- 1
आबादी भूमि-94 2754
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(1)
(2)
(3)
E-2/ 1
92.40 आबादी भूमि-94
86.00
E-2/2
E-2/3
126.72 "
106.00
E-2/5
465.50
E-4/ 1
आबादी भूमि-110
52.00
E-4/2
"
E-4/3
132.00
E-8
200.40 आबादी भूमि -136
E- 12
21.00
E- 11
338.80
800.00
E- 10
आबादी भूमि-137
12 3473.82 योग ..
19/2
131.60 शासकीय भूमि-134
51/1
53.95 शासकीय भूमि-99
51/2
38.18 "
54.60
51/3
247.00
51/4
310.62
26/3
शासकीय भूमि-167
_"_
75.04
48A
E-2/4
478.66 शासकीय भूमि-90
1389.65
08
योग
205.25
13/2
लगानी भूमि-105
55/2
200.91
406.16 योग . 02
4269.63
22
महायोग ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- म.प्र.पा.ज.कं.लि. की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अनुसार जिन भू- स्वामियों की संपूर्ण भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, उनके रहवासी मकानों का उनकी मांग पर अधिग्रहण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना, म.प्र.पा.ज.कं.लि. , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
भू-अर्जन- प्र . क्र. 29-अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि पर स्थित मकानों की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि पर स्थित मकानों की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम- सातमोहनी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-(अ ) 181.74 व.मी. आबादी भूमि, (02मकान)
कुल क्षेत्रफल 181.74 व.मी. ( कुल 02 मकान) खसरा नम्बर
मकान नम्बर
रकबा (वर्ग मीटर में)
(3)
(2)
(1)
91.02 आबादी भूमि-117
"
90.72
E-3/ 1 E-3/2
181.74
योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- म.प्र.पा.ज.कं.लि. की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अनुसार जिन भू- स्वामियों की संपूर्ण भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, उनके रहवासी मकानों का उनकी मांग पर अधिग्रहण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना, म.प्र.पा.ज.कं.लि. , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन सचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छिन्दवाड़ा, दिनांक 5 अक्टूबर 2010
क्र. 8513 - प्रस्तु. - भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भाग 1 ]
2755
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- छिन्दवाड़ा
(ख) तहसील- चौरई
(ग) नगर/ग्राम- ग्राम- रगड़ा प.ह.नं. 34, ब.नं. 244 रा.नि.मंडल- चॉद सर्किल
(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल -0.353 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने
वाली संपत्तियाँ
प्रस्तावित क्षेत्रफल प्रस्तावित खसरा नम्बर
(हे. में)
(1)
(2)
109/1
0.058
109/2
0.054
0.015
109/3
0.010
140/1
168/1
0.010
184
0.046
0.010
185/3
0.060
188/1
0.090
188/2
योग 0.353 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियों (2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- दिलावार मोहगाँव जलाशय के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कार्यपालन यंत्री , कन्हरगॉव परियोजना संभाग , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी , कन्हरगॉव परियोजना नहर उप संभाग क्रमांक 2 , छिन्दवाड़ा मुख्यालय छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 8514- प्रस्तु.- भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लाज के उपयोग की अनुमति प्राप्त है, इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 (4 ) के उपबंध लागू होते हैः-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला - छिन्दवाड़ा
(ख) तहसील- सौसर
(ग) नगर/ग्राम- ग्राम सेमरा प.ह.नं. 20, ब.नं. 406 रा.नि. मंडल-सौसर
(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल- 02.400 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियाँ
प्रस्तावित क्षेत्रफल प्रस्तावित खसरा नम्बर
(हे. में)
(2)
(1)
0.800
42/1
0.800
42/2
0.800
10/1
योग 02.400 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियाँ (2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- ढोकडोह जलाशय के बांध निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.
( 3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उप- संभाग सौसर, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
2756
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
क्र. 8515 - प्रस्तु. - भू- अर्जन-2010 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छिन्दवाड़ा
(ख) तहसील- अमरवाड़ा
(ग) नगर/ग्राम- ग्राम खामी प.ह.नं. 57, ब.नं. 46 रा.नि.मंडल - अमरवाड़ा.
(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-71.818 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने
वाली संपत्तियाँ
प्रस्तावित
प्रस्तावित क्षेत्रफल खसरा नम्बर
(हे. में)
(2)
(1)
1.829
216/3, 218/2
0.514
211
216/6
0.478
216/7
0.101
216/8
1.171
0.100
218/4
141/15
0.486
146
0.162
2.322
141/8
0.360
137/3
208/2
1.173
1.172
216/1 , 218/1
226
0.202
120/3
1.062
0.242
126
127
2.028
152
1.558
153/1
2.194
4.047
154/1
114/4
0.051
114/6
0.051
156
0.267
114/7
0.200
115
0.219
116/2
0.171
(2)
(1)
0.559
132/1
0.328
133
1.592
132/2
0.051
141/12
0.405
132/3
0.069
131
0.431
132/4
0.546
153/3 , 154/3
1.635
128
1.123
118/3
0.051
114/5
1.384
142, 143/1
0.385
141/13 , 141/24
2.772
153/2, 154/2
1.062
120/4
0.777
141/3
1.563
216/4, 218/3
0.607
207/2
0.020
207/3
1.700
157/1
0.555
214
215
0.308
0.817
129/1
129/2
0.898
1.238
129/3
1.279
129/4
121/7
0.609
2.381
120/2, 121/4
1.319
149
0.101
135/1
0.500
134/4
2.125
120/1
0.345
118/5
0.216
114/3
1.477
118/2
0.303
134/3
0.938
118/4
0.432
114/1
0.340
119
0.189
141/10
0.332
141/7
2.664
209/1
1.781
209/2
0.692
151 भाग 1 ]
2757
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(2)
(1)
157/2
6.211
207/5
0.303
0.215
208/1
1.457
157/3
0.882
157/4
0.303
114/2, 116/1
0.809
229/1 , 230/1 , 232/1
0.478
216/2
0.101
230/2, 232/3
योग . 71.818
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- खामी बड़ेला जलाशय के अन्तर्गत बांध निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है .
(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उप - संभाग , अमरवाड़ा , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 8516 - प्रस्तु. - भू-अर्जन-2010 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला - छिन्दवाड़ा
(ख) तहसील - पांढुर्णा
(ग) नगर/ ग्राम- ग्राम पीपरपानी, प.ह.नं. 16/40, ब.नं. 244 रा.नि. मंडल - नान्दनवाड़ी
(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल -0.580 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियों
प्रस्तावित
खसरा नम्बर
प्रस्तावित क्षेत्रफल (हे. में)
(2)
(1)
317/1
0.093
0.046
316/1
0.209
316/2
0.116
316/3
0.116
316/4
योग 0.580
(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- बिछुआसानी जलाशय के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी, उप - संभाग, पांढुर्ना , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 8517 - प्रस्तु. - भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
( क ) जिला- छिन्दवाड़ा 2758
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(ख) तहसील - पांढुर्णा
(ग) नगर/ग्राम- ग्राम- चाटवा, प.ह.नं. 23 , ब.नं. 123 रा.नि. मंडल - नान्दनवाड़ी
(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-01.841 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने
वाली संपत्तियों
प्रस्तावित खसरा नम्बर
(हे. में) प्रस्तावित क्षेत्रफल
(2)
(1)
0.186
218/1
221/1
0.107
218/2
0.232
221/2
0.142
219/1
0.130
219/3
0.162
0.186
222/3
0.116
226/2
0.116
226/1
0.418
247
0.046
योग . 01.841
(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-बिछुआसानी जलाशय के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी, उप-संभाग , पांढुर्ना , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 8518 - प्रस्तु. - भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छिन्दवाड़ा
(ख) तहसील- सौंसर
(ग) नगर/ग्राम- ग्राम- जामलापानी, प.ह.नं. 155 , ब.नं. 18 रा.नि.मंडल-सौंसर
(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-0.339 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियाँ
प्रस्तावित क्षेत्रफल (हे. में)
(1) 126/2
0.159
प्रस्तावित खसरा नम्बर 125
(2) 0.180 योग 0.339
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-जामलापानी जलाशय के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिये निजी कृषि भूमि का अर्जन.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उप- संभाग , सौंसर, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
भाग 1 ]
2759
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
क्र. 8519 - प्रस्तु- भू-अर्जन-2010 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छिन्दवाड़ा
(ख) तहसील- अमरवाड़ा
(ग) नगर/ग्राम- ग्राम- बिनेकी, प.ह.नं. 58, ब.नं.209 रा.नि. मंडल अमरवाड़ा.
(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल- 03.588 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.
प्रस्तावित क्षेत्रफल (हे. में)
(2)
प्रस्तावित खसरा नम्बर (1)
685/5
0.112
0.081
685/7
0.216
686/4
687/4
0.086
685/4
0.101
685/6
0.061
0.217
686/3
687/3
0.085
685/9
0.405
0.040
685/1
686/1
0.441
687/1
0.088
0.215
685/3
0.081
685/8
686/2
0.465
0.065
687/2
685/2
0.829
योग . 03.588
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है:- खामी बडेला जलाशय के अन्तर्गत बांध निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन .
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग - छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी , उप- संभाग- अमरवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 8520 - प्रस्तु- भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छिन्दवाड़ा
(ख ) तहसील- मोहखेड़
(ग) नगर/ग्राम- ग्राम- खेड़ी , प.ह.नं. 109 , ब.नं. 52 रा.नि.मंडल इकलबिहरी.
(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-0.412 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.
प्रस्तावित क्षेत्रफल (हे. में) (2)
प्रस्तावित खसरा नम्बर (1)
0.024
0.043
0.067
10/1 10/3 13 2760
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(1)
(2)
21/2
0.024
0.062
30/3
0.192
207/2
योग . 0.412
(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है:-सारोठ जलाशय के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय, कार्यपालन यंत्री , कन्हरगांव परियोजना संभाग- छिन्दवाड़ा, जिला-छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है .
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन अनुविभाग क्रमांक -1 , पांढुर्णा मुख्यालय छिन्दवाड़ा, जिला - छिन्दवाड़ा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 8521 - प्रस्तु- भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. चूंकि प्रकरण में भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा -17 अर्जेन्सी क्लाज के उपयोग की अनुमति प्राप्त है, इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा -17 ( 1 ) एवं 17 (4 ) के उपबंध लागू होते हैं: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छिन्दवाड़ा
(ख ) तहसील- परासिया
(ग) नगर/ग्राम - सिरगोरा, प.ह.नं. 17, ब.नं. 566 रा.नि. मंडल परासिया.
(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-01.716 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.
प्रस्तावित खसरा
प्रस्तावित क्षेत्रफल
नम्बर
(हे. में )
(2)
(1)
224
0.495
0.219
226
0.060
225/1
0.050
225/2
0.225
223/1
0.150
223/2
0.150
223/3
222
0.101
220
0.101
221
0.032
0.018
243/1
0.085
243/2
योग 01.716
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है:- खजरी , मोठार, छितरी , सिरगोरा, शिवपुरी मार्ग निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन .
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय , कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ. /स. ) संभाग छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी , लोक निर्माण विभाग ( भ ./स. ) संभाग छिन्दवाड़ा , के उप- संभाग छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पवन कुमार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2761 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
विभाग प्रमुखों के आदेश
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश
खरगोन, दिनांक 1 अक्टूबर 2010
भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( 1894 का क्रमांक -1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध पत्र क्र. 1570- भू- अर्जन- 10- राजस्व प्रकरण क्रमांक 28-अ-82-09-10.- यह अनुबंध पत्र प्रथम पक्ष के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पदेन उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं , ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , मण्डलेश्वर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश जो भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कम्पनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक , पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है. जिसकी ओर से मुख्यत्यार-
श्री असद जाफर, महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , अभयांचल परिसर, मण्डलेश्वर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश में कार्य कर रहे हैं, के मध्य आज दिनांक 30 सितम्बर 2010 को सम्पादित किया जा रहा है.
1. कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के बांध निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम मलगांव, प. ह. नं. 36 , तहसील कसरावद, जिला खरगोन की निजी कृषि भूमि कुल सर्वे नं . संख्या 07 कुल क्षेत्रफल 0.156 हे . भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां के भू- अर्जन हेतु भू- अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन - पत्र माननीय उच्च न्यायालय , जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक W.P./ 1359/09 , दिनांक 6 मई 2009 में पारित आदेश के पालन में पेश किया है. जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 पर अंकित किया गया है .
परिशिष्ट-1
निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं/ परिसंपत्तियां एफ.आर.एल. के अन्तर्गत ग्राम मलगांव
सम्पत्ति का विवरण
खसरा नंबर
अनु.क्र. नाम भूमि स्वामी/पिता का नाम एवं जाति
(5)
अर्जनीय क्षेत्रफल (हे. में) (4)
(3)
(2)
(1)
0.020
5/1
मकान-1 , नीबू-1 1 किशोर, दशरथ, देवराम, राधेश्याम, ध्यानसिंह नाना, शांताबाई, बसंतीबाई, कलाबाई पिता शंकर राजपूत , नि. देह.
मकान-1
0.016
5/2
2 भुवानीराम पिता गंगाराम जाति राजपूत नि. देह.
मकान -4
0.020
5/3
3 हुकुमसिंह, भंवरसिंह, कंचनबाई, बस्करबाई पिता बाबू, मंगतीबाई बेवा बाबु राजपूत , सा. देह.
0.032
7
इमली 3 , बैर -2 , नीम-3 4 भुवानेसिंह , अनोकसिंह, सुमनबाई, धनकीरबाई , रेशमबाई, कुसुमबाई पिता नहारसिंह, मंगतीबाई बेवा नहारसिंह , शेरसिंह , लाड़की, [भाग 1 2762
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(5)
(3)
(4)
(2)
(1)
श्याणी, गुलाब , राजू पिता जोगीलाल , मोतीराम पिता गणपत राजपूत, सा.देह.
0.020
8/1
टीन शेड-1 ,
बैर-1 सुरेश, लखन, सुभाषचंद्र 5 पिता चंदर अ. पा . कर्ता छंटूबाई, छंटूबाई बेवा चंदर, जाति राजपूत , नि.देह .
0.040
8/2
इमली-1 , नीम -1 6 तुलसीराम, चेनलाल पिता राजाराम भारूड़, नि. देह.
मकान-1
0.008
9
7 गंगाबाई बेवा मांग्या, रेवाराम आनंदराम, मुन्ना, कलाबाई , सुमनबाई, नसरीबाई , बसुबाई पिता मांग्या बलाई, नि.देह.
7
0.156
योग
2. राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टि कर ली है कि उक्त जल विद्युत परियोजना राज्य में विद्युत की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है.
3. कंपनी के भू- अर्जन आवेदन- पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 20 अप्रैल 2010 को संपन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग मंत्रालय , भोपाल के पत्र क्रमांक एफ- 12-8- 2010- सात- 2- ए भोपाल , दिनांक 10 मई 2010 द्वारा भू-अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है इसका इस अनुबंध पत्र में समावेश किया गया है .
4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कंपनी को राज्यपाल के साथ भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है. कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध पत्र निष्पादित किया जाता है.
कंपनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती है कि
( क) कंपनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्त व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी.
( ख) कंपनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च ) का भुगतान भी करेगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू-अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.
(ग) उपर्युक्त ( क ) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट 1 , में वर्णित निजी कृषि भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां कंपनी को प्रदान करेगा-
( i ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के बांध से डूब प्रभावित ग्राम मलगांव की निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाओं के प्रस्तुत अर्जन प्रस्ताव पर दिनांक 20 अप्रैल 2010 को सम्पन्न भू-अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार तहसील कसरावद, जिला खरगोन के ग्राम मलगांव की निजी कृषि भूमि क्षेत्रफल 0.156 हेक्टर तथा उस पर स्थित संरचनाओं के संबंध में भू-अर्जन 2763 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
अधिनियम 1894 के प्रावधान अंतर्गत निम्न शर्तों पर भू- अर्जन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है.
1 कंपनी ( इस आशय के करारनामे या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी . अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेगा.
2 भू-अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू- अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत - प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के उपरांत ही कलेक्टर के द्वारा भू-अर्जन की कार्यवाही की जाये.
3 संबंधित कंपनी के लिये भू- अर्जन किये जाने संबंधी कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू-अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के आधार पर किया जावे.
4 संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कंपनी द्वारा म.प्र. पुनर्वास नीति के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही कीजायेगी.
5 कंपनी के संबंध में करारनामा, वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिए कलेक्टर कार्यवाही करेंगे.
6
भूमिके किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्था कोजैसे नगर निगम, नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं, कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.
7 अर्जित की गयी निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा.
8 भूमि जिस उपयोग के लिये अर्जन की जा रही है वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जायेगा.
9 भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जावेगा.
10 कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने, बंधक रखने, दान देने , पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा . ( धारा 44 - ए, भू- अर्जन अधिनियम के तहत) .
11 यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन या उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें शासन को कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.
12 भूमि की केवल सतह का उपयोग किया जावेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण, नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौड़ खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.
13 शासन की पुर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.
14 पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जावेगा.
15 कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी. इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मंडल से अनापत्ति प्रमाण - पत्र प्राप्त करना होंगे कि, पर्यावरण , जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.
16 यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिये नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों, सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा .
17 भूमि या उसके किसी भी या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा ना तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा , और ना ही पट्टे या किराये पर दिया जावेगा.
18. भूमि जिस पर प्रयोजन हेतु दी गई हो उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मान कर भूमि शासन में निहित कर ली जायेगी.
19. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.
[भाग 1 2764
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
20. स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय- समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी.
( ii ) भू- अर्जन कार्यवाही से पूर्व यह भी देख लिया जाये कि यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के ग्रामों में निजी भूमि अर्जित की जा रही है तो ग्राम सभा की बैठक नियमानुसार की जाकर एवं ग्राम सभा की सहमति प्राप्त करने के पश्चात् ही यह अनुमति प्रभावशील होगी. इसके साथ ही इस परिस्थिति में वैकल्पिक भूमि क्रय कर देने की कार्यवाही की जायेगी.
( iii ) भू- अर्जन कार्यवाही प्रारंभ करने के पूर्व यह भी देख लिया जाये कि प्रस्तावित परियोजना में वनअभ्यारण्य क्षेत्र ( सेन्च्युरी ) का कोई हिस्सा तो नहीं आ रहा है. यदि ऐसा होता है तो उस हेतु विधि द्वारा स्थापित सक्षम अनुमति ली जाना होगी .
(iv ) कंपनी से भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 41 के प्रावधानों अनुसार करारनामा निष्पादित कराया जाये, जिसमें उपरोक्त शर्तों का भी समावेश किया जावे.
(v ) भू- अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों बाबद् शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाये .
दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पक्ष क्र. 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है.
पक्ष क्र. 1
साक्षियों के हस्ताक्षर
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, (पूरा नाम पिता का नाम एवं पूरा पता)
हस्ता./-
साक्षी क्र. 1
(केदार शर्मा ) कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग. जिला खरगोन ( म . प्र. ).
हस्ता./- नाम : डॉ. ममता खेड़े पता : न्यू आफिसर्स कालोनी, खरगोन.
साक्षी क्र. 2
पक्ष क्र. 2 हस्ता./-
हस्ता./- नाम : छोटेखान पता : म. नं. 15, टवड़ी मोहल्ला, खरगोन.
(असद जाफर ) महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. , मण्डलेश्वर.
खरगोन , दिनांक 1 अक्टूबर 2010
भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( 1894 का क्रमांक -1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध- पत्र क्र. 1571 - भू- अर्जन - 10 - राजस्व प्रकरण क्रमांक - 29-अ- 82-09-10.- यह अनुबंध पत्र प्रथम पक्ष के रुप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर, जिला खरगनोन एवं पदेन उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं, ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , मण्डलेश्वर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश जो भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कम्पनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि , निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है . जिसकी ओर से मुख्यत्यार-
श्री असद जाफर, महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , अभयांचल परिसर , मण्डलेश्वर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश में कार्य कर रहे हैं, के मध्य आज दिनांक 30 सितम्बर 2010 को सम्पादित किया जा रहा है .
भाग 1 ]
2765
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
1. कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम तेल्यांव , प. ह. नं. 36, तहसील कसरावद , जिला खरगोन की निजी कृषि भूमि कुल सर्वे नं . संख्या 14 कुल क्षेत्रफल 10.796 हे . भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के भू- अर्जन हेतु भू- अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन - पत्र माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक W.P./1359/09 , दिनांक 6 मई 2009 में पारित आदेश के पालन में पेश किया है. जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 पर अंकित किया गया है.
परिशिष्ट-1
निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां एफ.आर.एल. के अन्तर्गत ग्राम तेल्यांव
नाम भूमि स्वामी/पिता का नाम
अनु.क्र.
एवं जाति
(2)
(1)
1 छगन, गड़बड़, नन्नू, रेवाबाई, सुमनबाई पिता छितु, ताराचंद पिता नराण कहार, निवासी सा. देह.
2 पारुबाई बेवा हिरालाल , महेश, मोहन, आशाबाई पिता हिरालाल, गजानंद , मंगत्या पिता अर्जुन , मांगीबाई बेवा अर्जुन नावड़ा, नि. सा. देह.
3 मयाराम, टेमु पिता बिसन भील, नि. सा. देह 4 रामसिंग पिता रूपा नावड़ा, सा. देह
5 भगवान पिता सखाराम नावड़ा, नि. सा. देह 6 नथीबाई बेवा छितू, वजीर, बशीर, गफुर, हाजराबाई, आमनाबाई , सकिनाबाई पिता छितु पिंजारा, नि. ससाबरड़
7 आशाराम पिता करसन हरिजन नि . ससाबरड़ 8 नथीबाई बेवा छितू, वजीर, बशीर, गफुर, पिता छितू, हाजराबाई, आमनाबाई, सकिनाबाई पिता छितु, प्यारा पिता रोशन, बसीरबाई बेवा बहादर, अजमत, सत्तार, सरदार पिता बहादर, नुरीबाई, भूरीबाई , अल्लारखीबाई पिता बहादर, अब्बास पिता कासम, गुलशेर पिता मांग्या, हबीबखां पिता गुलाब , हाजराबाई बेवा गुलाब पिंजारा , नि. ससाबरड़.
9 नत्थूपिता दरियाव, अनु पिता बाल्या, सिगदार, रामा पिता टंटू नहाल, नि . ससाबरड़
10 नथीबाई बेवा बोखार, सलुबाई , सुशीलाबाई , राजकुंवरबाई, बसंतीबाई पिता बोखार
हरिजन नि. भट्याण बुजुर्ग.
11 आशाराम पिता करसन हरिजन , नि. ससाबरड़.
12 काशीराम, आशाराम पिता करसन बलाई, नि. ससाबरड़.
खसरा नंबर
सम्पत्ति का विवरण अर्जनीय क्षेत्रफल
(हे. में)
(5)
(4)
(3)
0.243
24
25/3
2.023
नीम-5
2.023
नीम-15 28/1
1.667
30
नीम-1 , नीम पौधा-4 33/1/2
0.360
नीम-2 46
0.004
आम -1 48
0.049
0.024
आम -1 49
आम-2
0.024
50
2.023
नीम-5 79/1
81/1
1.214
86/3
0.162 [ भाग 1 2766
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(4)
(5) (2)
(3)
(1)
0.350
90/5
आम-1 , नीम-2 13 रामेश्वर पिता शोभाराम तेली नि. भट्याण बुजुर्ग.
0.630
91/2
आम -1 , नीम-1 14 बाबुसिंह पिता गुलाबसिंह राजपूत नि. ससाबरड़
योग
14 10.796
2. राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टी कर ली है कि उक्त जल विद्युत परियोजना राज्य में विद्युत की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है.
3. कंपनी के भू- अर्जन आवेदन - पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 20 अप्रैल 2010 को संपन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग मंत्रालय , भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-12-8- 2010- सात- 2 - ए भोपाल , दिनांक 10 मई 2010 द्वारा भू-अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है इसका इस अनुबंध पत्र में समावेश किया गया है.
4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कंपनी को राज्यपाल के साथ भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है. कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध पत्र निष्पादित किया जाता है.
कंपनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती है कि
(क) कंपनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्त व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू -अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी.
(ख) कंपनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों (खर्च ) का भुगतान भी करेगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू- अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.
(ग) उपर्युक्त ( क) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट 1 , में वर्णित निजी कृषि भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं/ परिसंपत्तियां कंपनी को प्रदान करेगा.
( i ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के बांध से डूब प्रभावित ग्राम तेल्यांव की निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाओं के प्रस्तुत अर्जन प्रस्ताव पर दिनांक 20 अप्रैल 2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार तहसील कसरावद, जिला खरगोन के ग्राम तेल्यांव की निजी कृषि भूमि क्षेत्रफल 10.796 हेक्टर तथा उस पर स्थित संरचनाओं के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधान अंतर्गत निम्न शर्तों पर भू- अर्जन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है.
1. कंपनी ( इस आशय के करारनामे या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेगा.
2. भू-अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू-अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत - प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के उपरांत ही कलेक्टर के द्वारा भू-अर्जन की कार्यवाही की जाये .
3. संबंधित कंपनी के लिये भू-अर्जन किये जाने संबंधी कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू-अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के आधार पर किया जावे.
2767 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
4. संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कंपनी द्वारा म.प्र. पुनर्वास नीति के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही की जायेगी.
5. कंपनी के संबंध में करारनामा, वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिए कलेक्टर कार्यवाही करेंगे.
6. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्था को जैसे नगर निगम, नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं, कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होंगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.
7. अर्जित की गयी निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा .
8. भूमि जिस उपयोग के लिये अर्जन की जा रही है वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जायेगा.
9. भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जावेगा.
10. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने , बंधक रखने, दान देने , पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा. ( धारा 44- ए, भू-अर्जन अधिनियम के तहत ) .
11. यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें शासन को कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.
12. भूमि की केवल सतह का ही उपयोग किया जावेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौड़ खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.
13. शासन की पुर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा .
14. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जावेगा .
15. कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी . इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मंडल से अनापत्ति प्रमाण - पत्र प्राप्त करना होंगे कि पर्यावरण जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.
16 . यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिये नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों, सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा.
17. भूमि या उसके किसी भाग या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा न तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा, और ना ही पट्टे या किराये पर दिया जावेगा.
18. भूमि जिस पर प्रयोजन हेतु दी गई हो उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मान कर भूमि शासन में निहित कर ली जावेगी .
19. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.
20. स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय - समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी.
(ii ) भू- अर्जन कार्यवाही से पूर्व यह भी देख लिया जाये कि यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के ग्रामों में निजी भूमि अर्जित की जा रही है तो ग्राम सभा की बैठक नियमानुसार की जाकर एवं ग्राम सभा की सहमति प्राप्त करने के पश्चात् ही यह अनुमति प्रभावशील होगी. इसके साथ ही इस परिस्थिति में वैकल्पिक भूमि क्रय कर देने की कार्यवाही की जायेगी.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
(iii ) भू- अर्जन कार्यवाही प्रारंभ करने के पूर्व यह भी देख लिया जाये कि प्रस्तावित परियोजना में वनअभ्यारण्य क्षेत्र ( सेन्च्युरी ) का कोई हिस्सा तो नहीं आ रहा है. यदि ऐसा होता है तो उस हेतु विधि द्वारा स्थापित सक्षम अनुमति ली जाना होगी .
(iv) कंपनी से भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के प्रावधानों अनुसार करारनामा निष्पादित कराया जाये, जिसमें उपरोक्त शर्तों का भी समावेश किया जावे.
(v ) भू- अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों बाबद् शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा- निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाये.
दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पक्ष क्र. 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक , श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है.
पक्ष क्र. 1
साक्षियों के हस्ताक्षर
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, (पूरा नाम पिता का नाम एवं पूरा पता)
साक्षी क्र. 1
हस्ता./-
हस्ता./- (केदार शर्मा ) कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग , जिला खरगोन ( म . प्र. ) .
नाम : डॉ. ममता खेड़े पता : न्यू आफिसर्स कालोनी, खरगोन.
पक्ष क्र. 2
साक्षी क्र. 2
हस्ता./- (असद जाफर )
महाप्रबंधक,
हस्ता./- नाम : छोटेखान पता : 15, टवड़ी मोहल्ला, खरगोन.
श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. , मण्डलेश्वर.
खरगोन , दिनांक 1 अक्टूबर 2010
भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( 1894 का क्रमांक -1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध पत्र क्र. 1573 - भू-अर्जन-10 - राजस्व प्रकरण क्रमांक 30-अ- 82-09-10.- यह अनुबंध पत्र प्रथम पक्ष के रुप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं, ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , मण्डलेश्वर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश जो भारतीय कम्पनी अधिनियम , 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कम्पनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है. जिसकी ओर से मुख्यत्यार-
श्री असद जाफर , महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , अभयांचल परिसर, मण्डलेश्वर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश में कार्य कर रहे हैं, के मध्य आज दिनांक 30 सितम्बर 2010 को सम्पादित किया जा रहा है.
1 .
कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के बांध निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम नांदिया प. ह. नं. 35 , तहसील कसरावद, जिला खरगोन की निजी कृषि भूमि कुल सर्वे नंबर संख्या नं. 02 कुल क्षेत्रफल 0.770 हे. भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के भू- अर्जन हेतु भू- अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन- पत्र माननीय उच्च न्यायालय , जबलपुर में दायर 2769 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
याचिका क्रमांक W.P./1359/09 , दिनांक 6 मई 2009 में पारित आदेश के पालन में पेश किया है . जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 पर अंकित किया गया है .
परिशिष्ट-1
निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां एफ.आर.एल. के अन्तर्गत ग्राम नांदिया
सम्पत्ति का विवरण
खसरा नंबर
अनु.क्र.
अर्जनीय क्षेत्रफल (हे. में)
नाम भूमि- स्वामी/पिता का नाम एवं जाति
(5) (2)
(4)
(1)
(3)
0.709
6
नीम-1 , कुआ-1 1 सुरेन्द्रसिंह पिता भगवान सिंह , जाति राजपूत , निवासी अमलाथा भू. स्वा.
0.061
25
ट्यूबवेल -1 2 तुकाराम पिता पूंजन, जाति भारुड़, निवासी नहारखेड़ी भू. स्वा.
2
0.770
योग
2. राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टि कर ली है कि उक्त जल विद्युत् परियोजना राज्य में विद्युत की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है.
3. कंपनी के भू-अर्जन आवेदन- पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 20 अप्रैल 2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग , मंत्रालय, भोपाल के पत्र क्र. एफ- 12-08/2010/सात/-2 ए, भोपाल, दिनांक 10 मई 2010 द्वारा भू-अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है. इसका इस अनुबंध पत्र में समावेश किया गया है .
4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कंपनी को राज्यपाल के साथ भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है . कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध - पत्र निष्पादित किया जाता है .
कंपनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती है कि-
(क) कंपनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्त व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी.
(ख) कंपनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च ) का भुगतान भी करेंगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू- अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.
(ग) उपर्युक्त ( क ) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट 1 , में वर्णित निजी कृषि भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं/ परिसंपत्तियां कंपनी को प्रदाय करेगा.
( i ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के बांध से डूब प्रभावित ग्राम नांदिया की निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाओं के प्रस्तुत अर्जन प्रस्ताव पर दिनांक 20 अप्रैल 2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार तहसील कसरावद जिला खरगोन के ग्राम नांदिया की निजी कृषि भूमि क्षेत्रफल 0.770 हेक्टर तथा उस पर स्थित संरचनाओं के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधान अन्तर्गत निम्न शर्तों पर भू- अर्जन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है.
1. कंपनी ( इस आशय के करारनामे या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी . अनुसूचित जाति, अनुसूचित [ भाग 1 2770
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेगा.
2. भू-अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू-अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत- प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के उपरांत ही कलेक्टर के द्वारा भू- अर्जन की कार्यवाही की जाये.
3. संबंधित कंपनी के लिये भू- अर्जन किये जाने संबंधी कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू-अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के आधार पर किया जावे.
4. संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कंपनी द्वारा म.प्र. पुनर्वास नीति के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही की जायेगी.
5. कंपनी के संबंध में करारनामा , वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिए कलेक्टर कार्यवाही करेंगे .
6. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्था को जैसे नगर निगम, नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं, कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.
7. अर्जित की गयी निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा.
8. भूमि जिस उपयोग के लिये अर्जन की जा रही है, वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जायेगा.
9. भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जावेगा.
10. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने , बंधक रखने, दान देने, पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा. ( धारा 44- ए, भू- अर्जन अधिनियम के तहत ) .
11 . यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें शासन को कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.
12. भूमि की केवल सतह का उपयोग किया जावेगा . आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौण खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.
13. शासन की पुर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.
14. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जावेगा.
15. कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी. इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मंडल से अनापत्ति प्रमाण - पत्र के प्राप्त करना होंगे कि, पर्यावरण , जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.
16. यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिये नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों , सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा.
2771 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
17. भूमि या उसके किसी भी या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा ना तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा, और ना ही पट्टे या किराये पर दिया जावेगा.
18. भूमि जिस प्रयोजन हेतु दी गई हो, उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मान कर भूमि शासन में निहित कर ली जायेगी.
19. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.
20. स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय- समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी.
( ii ) भू- अर्जन कार्यवाही से पूर्व यह भी देख लिया जाये कि यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के ग्रामों में निजी भूमि अर्जित की जा रही है तो ग्राम सभा की बैठक नियमानुसार की जाकर एवं ग्राम सभा की सहमति प्राप्त करने के पश्चात् ही यह अनुमति प्रभावशील होगी . इसके साथ ही इस परिस्थिति में वैकल्पिक भूमि क्रय कर देने की कार्यवाही की जायेगी.
( iii ) भू- अर्जन कार्यवाही प्रारंभ करने के पूर्व यह भी देख लिया जाये, कि प्रस्तावित परियोजना में वन अभ्यारण्य क्षेत्र ( सेन्चुरी ) का कोई हिस्सा तो नहीं आ रहा है . यदि ऐसा होता है तो उस हेतु विधि द्वारा स्थापित सक्षम अनुमति ली जाना होगी.
(iv ) कंपनी से भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के प्रावधानों अनुसार करारनामा निष्पादित कराया जाये , जिसमें उपरोक्त शर्तों का भी समावेश किया जावे.
(v ) भू-अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों बाबद् शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा- निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाये.
दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पक्ष क्र. 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है .
पक्ष क्र. 1 मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, साक्षियों के हस्ताक्षर (पूरा नाम पिता का नाम एवं पूरा पता)
हस्ता./- (केदार शर्मा )
साक्षी क्र. 1
कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग, जिला खरगोन ( म . प्र. ) .
हस्ता./- नाम : डॉ. ममता खेड़े पता : न्यू आफिसर्स कालोनी ,
खरगोन.
साक्षी क्र. 2
पक्ष क्र. 2
हस्ता./- (असद जाफर)
हस्ता./- नाम : छोटेखान पता : म. नं. 15, टवडी मोहल्ला, खरगोन.
महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. , मण्डलेश्वर.
2772
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
खरगोन दिनांक 1 अक्टूबर 2010
भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( 1894 का क्रमांक-1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध-पत्र
क्र. 1569 - भू-अर्जन- 10- रा.प्र.क्र . 31-अ-82-09-10.- यह अनुबंध-पत्र प्रथम पक्ष के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर जिला खरगोन एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं, ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश जो भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है. ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कम्पनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है . जिसकी ओर से मुख्यत्यार-
श्री असद जाफर, महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. अभ्यांचल परिसर मण्डलेश्वर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश में कार्य कर रहे हैं, के मध्य आज दिनांक 30 सितम्बर 2010 को सम्पादित किया जा रहा है .
1. कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के बांध निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम लालपुरा प.ह.नं. 34 , तहसील कसरावद , जिला खरगोन की निजी कृषि भूमि कुल सर्वे नं. संख्या 07 कुल क्षेत्रफल 0.720 हे. भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के भू-अर्जन हेतु भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन - पत्र माननीय उच्च न्यायालय , जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक W.P./1359/09 , दिनांक 6 मई 2009 में पारित आदेश के पालन में पेश किया है. जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 पर अंकित किया गया है.
परिशिष्ट-1
निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां एफ.आर.एल. के अन्तर्गत ग्राम लालपुरा
अनु.क्र.
(1)
नाम भूमि-स्वामी /पिता का नाम एवं जाति (2)
1 तोताराम पिता दशरथ जाति कहार निवासी लेपा 2 लीलाबाई बेवा दरियाव , गजानंद पिता दरियाव , भागुबाई, कुसुमबाई, मंजूबाई पिता दरियाव, अज्ञान प्रेमलाल , राकेश , कालू, रेखा पिता दरियाव पालनकर्ता मॉ लीलाबाई जाति नावड़ा निवासी लेपा .
3 श्यामसिंह पिता उम्मेदसिंह जाति राजपूत निवासी अमलाथा
4 बल्लू, रमेश पिता मोजा जाति बलाई निवासी लेपा 5 मांगीबाई बेवा दयाराम, नवल, नानुराम पिता दयाराम , बनुबाई, रमुबाई, दमुबाई, अनिताबाई, पिता दयाराम जाति नावड़ा निवासी लेपा.
6 नारायण पिता शोभाराम जाति नावड़ा निवासी लेपा 7 राघोराम पिता चंपालाल जाति भारूड निवासी लेपा
योग .
2.
खसरा नंबर
सम्पत्ति का विवरण
(5) (3)
अर्जनीय क्षेत्रफल (हे. में) (4)
5
0.202
आम-1 , नीम -1
0.050
नीम-2
9/3
0.274
10
नीम-4, गोंदी-1
0.004
नाम -1
12
0.049
19/4
नर्मदा पाईपलाईन -1 , बबुल -1
19/6
0.061
कबीट-1 , बबुल -1
0.080
नीम-4
21/2
7
0.720
राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टि कर ली है कि उक्त जल विद्युत् परियोजना राज्य में विद्युत की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है.
2773 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
3. कंपनी के भू-अर्जन आवेदन - पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 20 अप्रैल 2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग, मंत्रालय, भोपाल के पत्र क्र. एफ-12-08/2010/सात/ -2ए, भोपाल, दिनांक 10 मई 2010 द्वारा भू- अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है. इसका इस अनुबंध पत्र में समावेश किया गया है.
4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कंपनी को राज्यपाल के साथ भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है. कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध - पत्र निष्पादित किया जाता है.
कंपनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती है कि-
(क) कंपनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्त व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी .
(ख) कंपनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च ) का भुगतान भी करेंगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू- अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.
(ग) उपर्युक्त (क ) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट 1 , में वर्णित निजी कृषि भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां कंपनी को प्रदान करेगा.
( i ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के बांध से डूब प्रभावित ग्राम लालपुरा की निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाओं के प्रस्तुत अर्जन प्रस्ताव पर दिनांक 20 अप्रैल 2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार तहसील कसरावद, जिला खरगोन के ग्राम लालपुरा की निजी कृषि भूमि क्षेत्रफल 0.720 हेक्टर तथा उस पर स्थित संरचानाओं के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 के प्रावधान अन्तर्गत निम्न शर्तों पर भू- अर्जन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है.
1. कंपनी ( इस आशय के करारनामे या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी . अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेगा.
2.
भू-अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू- अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत - प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के उपरांत ही कलेक्टर के द्वारा भू-अर्जन की कार्यवाही की जाये.
3. संबंधित कंपनी के लिये भू- अर्जन किये जाने संबंधी कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू-अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के आधार पर किया जावे.
4. संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कंपनी द्वारा म.प्र. पुनर्वास नीति के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही की जायेगी.
5. कंपनी के संबंध में करारनामा, वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिए कलेक्टर कार्यवाही करेंगे .
6. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्थाको जैसे नगर निगम , नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं , कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.
7. अर्जित की गई निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा.
8. भूमि जिस उपयोग के लिये अर्जन की जा रही है वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जायेगा.
9. भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जावेगा .
10. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने, बंधक रखने , दान देने, पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा. ( धारा 44- ए, भू-अर्जन अधिनियम के तहत) .
11 . यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें शासन को कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.
12. भूमि की केवल सतह का उपयोग किया जायेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौड़ खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.
2774
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
13. शासन की पुर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.
14. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जायेगा.
15. कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी . इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मंडल से अनापत्ति प्रमाण - पत्र प्राप्त करना होंगे कि, पर्यावरण , जल स्त्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.
16. यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिये नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों, सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा.
17. भूमि या उसके किसी भी या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा न तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा, और नया ही पट्टे या किराये पर दिया जावेगा.
18. भूमि जिस प्रयोजन हेतु दी गई हो, उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मान कर भूमि शासन में निहित कर ली जायेगी.
19. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.
20 स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय- समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी.
(ii ) भू- अर्जन कार्यवाही से पूर्व यह भी देख लिया जाये कि यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के ग्रामों में निजी भूमि अर्जित की जा रही है तो ग्राम सभा की बैठक नियमानुसार की जाकर एवं ग्राम सभा की सहमति प्राप्त करने के पश्चात् ही यह अनुमति प्रभावशील होगी . इसके साथ ही इस परिस्थिति में वैकल्पिक भूमि क्रय कर देने की कार्यवाही की जायेगी.
( iii ) भू- अर्जन कार्यवाही प्रारंभ करने के पूर्व यह भी देख लिया जाये, कि प्रस्तावित परियोजना में वनअभ्यारण्य क्षेत्र ( सेन्च्युरी ) का कोई हिस्सा तो नहीं आ रहा है . यदि ऐसा होता है तो उस हेतु विधि द्वारा स्थापित सक्षम अनुमति ली जाना होगी .
(iv) कंपनी से भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के प्रावधानों अनुसार करारनामा निष्पादित कराया जाये , जिसमें उपरोक्त शर्तों का भी समावेश किया जावे .
( v ) भू- अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों बाबद् शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा- निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाये.
दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पक्ष क्र. 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है.
पक्ष क्र. 1 मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, साक्षियों के हस्ताक्षर (पूरा नाम, पिता का नाम एवं पूरा पता )
हस्ता./- (केदार शर्मा ) कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग , जिला खरगोन (म . प्र. ) .
साक्षी क्र . 1 हस्ता./- नाम : डॉ. ममता खेड़े पता : न्यूआफिसर्स कालोनी, खरगोन.
साक्षी क्र. 2 हस्ता./- नाम : छोटेखान पता : 15, टवडी मोहल्ला, खरगोन.
पक्ष क्र. 2 हस्ता./- (असद जाफर ) महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. , मण्डलेश्वर.
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010
खरगोन दिनांक 1 अक्टूबर 2010
भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( 1894 का क्रमांक-1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध-पत्र क्र. 1572 - भू- अर्जन- 10- रा.प्र.क्र. 32-अ-82-09-10.- यह अनुबंध- पत्र प्रथम पक्ष के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर जिला खरगोन एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं, ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश जो भारतीय कम्पनी अधिनियम , 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है . ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कम्पनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है . जिसकी ओर से मुख्यत्यार-
श्री असद जाफर , महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. अभयांचल परिसर मण्डलेश्वर, जिला खरगोन, म. प्र. में कार्य कर रहे हैं, के मध्य आज दिनांक 30 सितम्बर 2010 को सम्पादित किया जा रहा है-
1. कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के बांध निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम कुण्डा प.ह.नं. 17, तहसील महेश्वर , जिला खरगोन की निजी कृषि भूमि कुल सर्वे नं. संस्था 05 कुल क्षेत्रफल 0.930 हे. भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां के भू-अर्जन हेतु भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन - पत्र माननीय उच्च न्यायालय , जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक W.P./1359/09 , दिनांक 6 मई 2009 में पारित आदेश के पालन में पेश किया है . जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 पर अंकित किया गया है .
2. राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टी कर ली है कि उक्त जल विद्युत् परियोजना राज्य में विद्युत की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है.
3. कंपनी के भू-अर्जन आवेदन - पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 20 मई 2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग, मंत्रालय , भोपाल के पत्र क्र. एफ-12-09/2010/ सात/-2 ए, भोपाल , दिनांक 3 जून 2010 द्वारा भू- अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है इसका इस अनुबंध पत्र में समावेश किया गया है .
4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कंपनी को राज्यपाल के साथ भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है. कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध - पत्र निष्पादित किया जाता है.
कंपनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती है कि-
(क) कंपनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्त व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी.
(ख) कंपनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च ) का भुगतान भी करेंगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू- अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.
(ग) उपर्युक्त ( क ) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट 1 , में वर्णित निजी कृषि भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं/ परिसंपत्तियां कंपनी को प्रदाय करेगा .
(i ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के बांध से डूब प्रभावित ग्राम कुण्डा की निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाओं के प्रस्तुत अर्जन प्रस्ताव पर दिनांक 20 मई 2010 को सम्पन्न भू-अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार तहसील महेश्वर जिला खरगोन के ग्राम कुण्डा की निजी कृषि भूमि क्षेत्रफल 0.930 हेक्टर तथा उस पर स्थित संरचनाओं के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 के प्रावधान अन्तर्गत निम्न शर्तों पर भू- अर्जन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
1. कंपनी ( इस आशय के करारनामे या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी . अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेगा.
2. भू-अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू- अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत - प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के उपरांत ही कलेक्टर के द्वारा भू-अर्जन की कार्यवाही की जाये.
3. संबंधित कंपनी के लिये भू- अर्जन किये जाने संबंधी कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू- अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के आधार पर किया जावे.
4. संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कंपनी द्वारा मध्यप्रदेश पुनर्वास नीति के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही की जावेगी .
परिशिष्ट-1
निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां एफ.आर.एल. के अन्तर्गत ग्राम कुण्डा
सम्पत्ति का विवरण
खसरा नंबर
नाम भूमि-स्वामी/पिता का नाम
अनु.क्र.
अर्जनीय क्षेत्रफल (हे . में )
(5) एवं जाति (2)
(3)
(4)
(1)
24/2
0.041
1 रमेश पिता रामा, कुलमी, सा. सुलगांव
2
29/2
लक्ष्मण, डालूराम पिता औंकार कुलमी, सा. सुलगांव
0.048
नीम-2
30
3 लक्ष्मण, डालूराम पिता औंकार कुलमी , सा. सुलगांव
0.809
नीम-1 4
31
लक्ष्मण, डालूराम पिता औंकार कुलमी , सा. सुलगांव
32/1/ 1 ख
0.032
5 लक्ष्मण , डालूराम पिता औंकार कुलमी , सा. सुलगांव
0.930
5
योग .
5. कंपनी के संबंध में करारनामा, वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिए कलेक्टर कार्यवाही करेंगे .
6. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्था को जैसे नगर निगम, नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं, कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.
7. अर्जित की गईं निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा.
8. भूमि जिस उपयोग के लिये अर्जन की जा रही है , वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जावेगा.
9. भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जायेगा .
10. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने, बंधक रखने , दान देने , पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा . (धारा 44 - ए, भू-अर्जन अधिनियम के तहत ) .
11 . यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें शासन को कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.
12. भूमि की केवल सतह का उपयोग किया जावेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौड़ खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.
13 . शासन की पुर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.
14. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जायेगा .
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15 . कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी. इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मंडल से अनापत्ति प्रमाण - पत्र के प्राप्त करना होंगे कि, पर्यावरण, जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.
16. यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिये नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों, सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा.
17. भूमि या उसके किसी भाग या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा न तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा, और ना ही पट्टे या किराये पर दिया जावेगा .
18. भूमि जिस पर प्रयोजन हेतु दी गई हो, उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मानकर भूमि शासन में निहित कर ली जायेगी .
19. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा .
20. स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय- समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी.
( ii ) भू- अर्जन कार्यवाही से पूर्व यह भी देख लिया जाये कि यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के ग्रामों में निजी भूमि अर्जित की जा रही है तो ग्राम सभा की बैठक नियमानुसार की जाकर एवं ग्राम सभा की सहमति प्राप्त करने के पश्चात् ही यह अनुमति प्रभावशील होगी. इसके साथ ही इस परिस्थिति में वैकल्पिक भूमि क्रय कर देने की कार्यवाही की जायेगी.
( iii ) भू- अर्जन कार्यवाही प्रारंभ करने के पूर्व यह भी देख लिया जाये, कि प्रस्तावित परियोजना में वन अभ्यारण्य क्षेत्र ( सेन्वयुरी ) का कोई हिस्सा तो नहीं आ रहा है . यदि ऐसा होता है तो उस हेतु विधि द्वारा स्थापित सक्षम अनुमति ली जाना होगी .
( iv) कंपनी से भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के प्रावधानों अनुसार करारनामा निष्पादित कराया जाये , जिसमें उपरोक्त शर्तों का भी समावेश किया जावे .
(v ) भू-अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों बाबद् शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा- निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाये.
दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पक्ष क्र. 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर , जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है .
पक्ष क्र. 1
साक्षियों के हस्ताक्षर
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, (पूरा नाम, पिता का नाम एवं पूरा पता )
हस्ता./-
साक्षी क्र. 1
(केदार शर्मा )
हस्ता./-
कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग जिला खरगोन ( म. प्र. ).
नाम : डॉ. ममता खेड़े पता : न्यू आफिसर्स कालोनी, खरगोन.
साक्षी क्र. 2
पक्ष क्र. 2
हस्ता./-
हस्ता./- नाम : छोटेखान पता : 15, टवडी मोहल्ला, खरगोन.
(असद जाफर ) महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो . लिमि. , मण्डलेश्वर.