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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 15 October 2010

Type
Ordinary
Gazette no.
42
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2010-10-15.42.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

पंजी. क्रमांक भोपाल डिवीजन म. प्र. - 108- भोपाल-09-11 .

मध्यप्रदे श शास

मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल डाक परिमंडल , के पत्र क्रमांक 22/153, दिनांक 10-1-06 द्वारा पूर्व भुगतान योजनान्तर्गत डाक व्यय की पूर्व अदायगी डाक द्वारा भेजे जाने के लिए अनुमत.

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 42]

भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 15 अक्टूबर 2010- आश्विन 23 , शक 1932

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट .

भाग 2.-स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.-( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद्में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद् के अधिनियम ,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 21 सितम्बर 2010

क्र. एफ-19-82-2010-एक-4 राज्य शासन द्वारा कुशाभाऊ ठाकरे, अंशदायी पेंशन योजना, 2008 के नियम, 14 के अंतर्गत राज्य स्तरीय सशक्त समिति का गठन किया जाता है :-

अध्यक्ष 1. मुख्य सचिव

सदस्य 2. अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग .

सदस्य 3. प्रमुख सचिव वित्त विभाग

सदस्य 4. प्रमुख सचिव, मछली पालन विभाग

2679

सदस्य 5. प्रमुख सचिव, पशुपालन एवं कुक्कुट विभाग

सदस्य 6. सचिव, ग्रामोद्योग विभाग

सदस्य 7. सचिव , श्रम विभाग

सदस्य 8. सचिव, सामाजिक न्याय विभाग

सदस्य 9. संचालक , संस्थागत वित्त

सदस्य- 10. आयुक्त, सामाजिक न्याय विभाग

सचिव 2. राज्य स्तरीय सशक्त समिति द्वारा योजना के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने, बैंकों का निर्धारण करने , निधि प्रबंधक, प्रदाताओं को नियुक्त करने हेतु अधिकृत होंगी .

3. समिति की बैठक आवश्यकता अनुसार आहुत की जा सकेगी .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. के. वर्मा, अतिरिक्त सचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2010.

2680

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

गृह ( सामान्य ) विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 20 सितम्बर 2010

क्र. एफ - 3-78-2010- दो- ए( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा सामान्य प्रशासन, राजस्व एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 19 जुलाई 2010 को प्रश्न पत्र दाण्डिक विधि तथा प्रक्रिया- द्वितीय ( पुस्तकों सहित ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-

परीक्षार्थी का नाम

(2)

अनु. (1)

पदनाम (3)

उच्चस्तर

रीवा संभाग

डिप्टी कलेक्टर 1 श्री विमलेश सिंह पन्द्रो

राजस्व निरीक्षक 2 श्री संतोष कुमार अहिरा

राजस्व निरीक्षक 3 श्री राकेश कुमार शुक्ला

ग्वालियर संभाग

सहायक कलेक्टर ( सश्रेय ) 4 कु. स्वाती मीणा

5 श्री नाथूसिंह तोमर

सहायक अधीक्षक, भू- अभि.

सागर संभाग

6 श्री संकेत एस. भोंडवे

सहायक कलेक्टर ( सश्रेय )

डिप्टी कलेक्टर ( सश्रेय) 7 श्री मिलिन्द कुमार नागदेवे

डिप्टी कलेक्टर (सश्रेय) 8 श्री राजकुमार खत्री

डिप्टी कलेक्टर (सश्रेय) 9 कु. निमिषा जायसवाल

सहायक कलेक्टर ( सश्रेय ) 10 श्री स्वतंत्र कुमार सिंह

नायब तहसीलदार 11 श्री रमेश कुमार जैन

इन्दौर संभाग

राजस्व निरीक्षक 12 श्री उदयसिंह मण्डलोई

राजस्व निरीक्षक (सश्रेय) 13 श्री महेन्द्र गौड़

राजस्व निरीक्षक 14 श्री ओमप्रकाश बैड़ा

राजस्व निरीक्षक 15 श्री राजेश सरवरे

डिप्टी कलेक्टर ( सश्रेय ) 16 सुश्री माधवी नागेन्द्र

राजस्व निरीक्षक 17 श्री गोविन्द दास रावत

जबलपुर संभाग

डिप्टी कलेक्टर 18 श्री वीरसिंह चौहान

राजस्व निरीक्षक 19 श्री संजय कुमार दुबे

डिप्टी कलेक्टर 20 श्रीमती निधि सिंह राजपूत

21 श्री प्रकाशसिंह चौहान

डिप्टी कलेक्टर

डिप्टी कलेक्टर 22 श्री आदेश राय

राजस्व निरीक्षक 23 श्री राजेन्द्र प्रसाद सेन

डिप्टी कलेक्टर ( सश्रेय ) 24 कु. सुरभी सोनी

उज्जैन संभाग

सहायक कलेक्टर ( सश्रेय ) 25 श्री नागरगोजे मदन विभिषण

भोपाल संभाग

डिप्टी कलेक्टर ( सश्रेय ) 26 कु. लता शरणागत

27 श्री अविनाश लवानिया

सहायक कलेक्टर (सश्रेय )

सहायक कलेक्टर 28 कु. प्रीति मैथिल

सहायक कलेक्टर 29 श्री अजय गुप्ता

सहायक कलेक्टर 30 श्री अमित तौमर

31 श्री श्रीकान्त बनोट

सहायक कलेक्टर (सश्रेय )

सहायक कलेक्टर 32 सुश्री प्रियंका दास

सहायक कलेक्टर 33 श्री इलैयराजा टी .

सहायक कलेक्टर 34 श्री धनुराजू एस.

नायब तहसीलदार 35 श्री सुशील कुमार

डिप्टी कलेक्टर 36 कु. प्रियंका पालीवाल

डिप्टी कलेक्टर 37 श्री महीप किशोर तेजस्वी

नायब तहसीलदार 38 श्री मोतीलाल अहिरवार

सहायक कलेक्टर 39 श्रीमती सूफिया फारूकी

40 श्री रजनीश कसेरा

डिप्टी कलेक्टर ( सश्रेय )

डिप्टी कलेक्टर 41 श्री अभिषेक दुबे

डिप्टी कलेक्टर 42 श्री कृष्ण कुमार रावत

डिप्टी कलेक्टर 43 श्रीमती श्वेता पंवार

डिप्टी कलेक्टर 44 कु. वंदना मेहरा

डिप्टी कलेक्टर 45 श्री अखिलेश कुमार जैन

डिप्टी कलेक्टर 46 श्री नरोत्तम प्रसाद भार्गव

डिप्टी कलेक्टर 47 श्री प्रदीप जैन

निम्नस्तर

रीवा संभाग

नायब तहसीलदार 1 श्री मानसिंह आर्मी

राजस्व निरीक्षक 2 श्री भूवनेश्वर सिंह

सहायक अधीक्षक, भू- अधि 3 श्री मधुकर प्रसाद पाण्डे

राजस्व निरीक्षक 4 श्री राजेन्द्र प्रसाद मांझी

राजस्व निरीक्षक 5 श्री ललीत कुमार धार्वे

राजस्व निरीक्षक 6 श्री हरिहर प्रसाद पनिका

राजस्व निरीक्षक 7 श्री लालाराम सूर्यवंशी

राजस्व निरीक्षक 8 श्री रामकनेश साकेत

राजस्व निरीक्षक 9 श्री गंगाराम पनिका

राजस्व निरीक्षक 10 श्री वैद्यनाथ पाण्डेय

ग्वालियर संभाग

राजस्व निरीक्षक 11 श्री दर्शनलाल

राजस्व निरीक्षक 12 श्री लालसिंह राजपूत भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

राजस्व निरीक्षक 13 श्री लोकमणि शाक्य

राजस्व निरीक्षक श्री मुकेश कुमार दुबे

14

श्री संतोष सिंह चौहान

राजस्व निरीक्षक 15

16 श्री विश्राम शाक्य

राजस्व निरीक्षक

राजस्व निरीक्षक श्री महेश कुमार माहौर

17

राजस्व निरीक्षक 18 श्री शिवनन्दन सिंह कुशवाह

राजस्व निरीक्षक 19 श्री राकेश कुमार ढोड़ी

20 श्री एस. आर. गोयल

सहायक अधीक्षक, भू- अभि.

21

नायब तहसीलदार श्री शत्रुहन सिंह चौहान

राजस्व निरीक्षक 22 श्री सुरेश यादव

राजस्व निरीक्षक 23 श्री विमल कुमार कुलश्रेष्ठ

राजस्व निरीक्षक 24 श्री गोपाल सिंह तौमर

श्री शिवदयाल शर्मा

राजस्व निरीक्षक 25

राजस्व निरीक्षक 26 श्री उमाशंकर अग्रवाल

राजस्व निरीक्षक 27 श्री मुन्नालाल गौड़

राजस्व निरीक्षक 28 श्री मुन्ना सिंह गुर्जर

सागर संभाग

29 श्री बैजनाथ सिंह मरावी सहायक अधीक्षक, भू- अभि.

राजस्व निरीक्षक 30 श्री चन्द्र कुमार श्रीवास्तव

राजस्व निरीक्षक 31 श्री महेन्द्र प्रताप उदैनिया

राजस्व निरीक्षक 32 श्री अशोक कुमार मौर्य

राजस्व निरीक्षक 33 श्री धनीराम सिंह गौड़

34 श्री ललित वेद

इन्दौर संभाग

राजस्व निरीक्षक 35 श्री मोबिन खान

श्री माधवसिंह रावत

36

अधीक्षक, भू-अभि.

नायब तहसीलदार 37 श्री बारसिंह डुडवे

38 श्री जगन्नाथ सालवे

नायब तहसीलदार श्री नरेश कुमार शर्मा

39

सहायक अधीक्षक, भू-अभि.

40 श्री मगनसिंह मण्डलोई

सहायक अधीक्षक, भू-अभि.

राजस्व निरीक्षक 41 श्री सुखराम गोलकर

राजस्व निरीक्षक 42 श्री महेन्द्र कुमार बड़ोले

राजस्व निरीक्षक 43 श्री मनोहर अत्रे

राजस्व निरीक्षक 44 श्री खुमानसिंह चौहान

राजस्व निरीक्षक 45 श्री विजेन्द्र राठौर

46 श्री सुरेश चन्द्र जैन

सहायक अधीक्षक, भू-अभि.

47

राजस्व निरीक्षक श्री दिलीप गंगराड़े

राजस्व निरीक्षक 48 श्री राजेश जमरा

राजस्व निरीक्षक 49 श्री रेमसिंह बघेल

राजस्व निरीक्षक 50 श्री राजेन्द्र सिंह चौहान

राजस्व निरीक्षक 51 श्री शिवाकान्त पाण्डे

राजस्व निरीक्षक 52 श्री सुनील करवरे

राजस्व निरीक्षक 53 श्री विनय मोहन तिवारी

54

राजस्व निरीक्षक श्री रमेश चौधरी

2681

राजस्व निरीक्षक 55 श्री रमेशचन्द्र दोगने

राजस्व निरीक्षक श्री दीपक कुमार गीते

56

राजस्व निरीक्षक 57 श्री सुन्दरलाल ठाकुर

सहायक अधीक्षक, भू-अभि.

58 श्री पुरुषोत्तम लाड़

राजस्व निरीक्षक श्री बालचन्द्र देवलिया

59

राजस्व निरीक्षक 60 श्री भगवानसिंह ठाकुर

61 श्री ओमप्रकाश पाण्डे

सहायक अधीक्षक, भू- अभि.

राजस्व निरीक्षक 62 श्री विनोद साहू

राजस्व निरीक्षक 63 श्री विजय उपाध्याय

राजस्व निरीक्षक श्री अरविन्द पाराशर

64

श्री रामेश्वर खेरदे

राजस्व निरीक्षक 65

राजस्व निरीक्षक श्री नंदकिशोर मालवीय

66

राजस्व निरीक्षक 67 श्री महेन्द्र सिंह बघेल

जबलपुर संभाग

राजस्व निरीक्षक 68 श्री नरेन्द्र कुमार खरे

राजस्व निरीक्षक 69 श्री उमराव सिंह ठाकुर

राजस्व निरीक्षक श्री भरतलाल पाटिलकर

70

सहायक अधीक्षक, भू-अभि.

श्री कुंजबिहारी रघुवंशी

71

डिप्टी कलेक्टर 72 कु. सुनीता खण्डायत

राजस्व निरीक्षक 73 श्री जगभान शाह उईके

राजस्व निरीक्षक 74 श्री दुलारे लाल पटेल

उज्जैन संभाग

नायब तहसीलदार 75 श्री जगदीश प्रसाद शर्मा

भोपाल संभाग

राजस्व निरीक्षक श्री गोपाल प्रसाद प्रजापति

76

राजस्व निरीक्षक श्री राजेश राम

77

78 श्री आर. एस. इरपाचे

अधीक्षक, भू- अभिलेख

डिप्टी कलेक्टर 79 श्री भूपेन्द्र कुमार गोयल

डिप्टी कलेक्टर 80 श्री अतेन्द्र सिंह गुर्जर

सहायक कलेक्टर 81 श्री अभिषेक सिंह

82

सहायक कलेक्टर श्री तरूण कुमार पिछोड़े

सहायक कलेक्टर 83 श्री तेजस्वी एस. नायर

वरिष्ठ श्रेणी पारगामी 84 श्री नवल किशोर प्रभाकर

राजस्व निरीक्षक 85 श्री राम प्रसाद नागर

श्रीमती अलका सिंह

नायब तहसीलदार 86

87

नायब तहसीलदार श्री ब्रजेश सक्सेना

डिप्टी कलेक्टर 88 श्री हृदयेश कुमार श्रीवास्तव

डिप्टी कलेक्टर 89 कु. नेहा भारतीय

डिप्टी कलेक्टर 90 श्री रिंकेश कुमार वैश्य

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

चन्द्रहास दुबे, सचिव.

2682

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 5 अक्टूबर 2010

फा. क्र. 4-1-2002-इक्कीस ब( एक) - राज्य शासन, इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 14 अगस्त 2002 के अनुक्रम में उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम, 1994 ( 1984 का सं. 66 ) की धारा 4 के अधीन इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 4 मार्च 2002 द्वारा गठित कुटुम्ब न्यायालयों में मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम , 2002 के नियम 3 (4 ) के अंतर्गत उच्च न्यायिक सेवा के सदस्य श्रीमती आराधना चौबे , जिला न्यायाधीश सागर को कुटुम्ब न्यायालय सागर में प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने की दिनांक 10 सितम्बर 2011 अथवा आगामी आदेश होने तक ( जो भी पहले हो ) नियुक्त करता है.

उक्त न्यायिक अधिकारी को देय वेतन तथा भत्तों का निर्धारण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 (4 ) के अंतर्गत.होगा.

फा. क्र. 4-1-2002- इक्कीस ब( एक) - राज्य शासन , उच्च न्यायालय की अनुशंसा को मान्य करते हुये कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम, 1994 ( 1994 का सं. 66 ) की धारा 4 के अधीन इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 3 सितम्बर 2010 द्वारा गठित कुटुम्ब न्यायालय टीकमगढ़ में मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 ( 3 ) के अंतर्गत उच्चतर न्यायिक सेवा के सदस्य श्री आनंद मोहन खरे , अध्यक्ष , जिला उपभोक्ता फोरम , सतना को प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अथवा आगामी आदेश होने तक नियुक्त करता है.

उक्त न्यायिक अधिकारी को देय वेतन तथा भत्तों का निर्धारण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 ( 3 ) के अंतर्गत होगा.

भोपाल , दिनांक 6 अक्टूबर 2010

फा. क्र. 1 (अ ) -3-03 - इक्कीस ब ( दो ) राज्य शासन महाधिवक्ता कार्यालय जबलपुर में नियुक्त शासकीय अधिवक्ता श्री विजयशंकर पाण्डे को पदोन्नत कर निम्नानुसार निश्चित पारिश्रमिक पर समन्वय से उच्च न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी करने के लिये उप महाधिवक्ता के पद पर एक वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त करता है . उक्त अवधि में दोनों पक्ष एक माह का नोटिस देकर यह संविदा समाप्त करने के लिए स्वतंत्र होंगे : - महाधिवक्ता कार्यालय , जबलपुर

पारिश्रमिक अधिवक्ता

पद

क्रमांक

का नाम

प्रतिमाह (2)

(3)

(4) (1)

1 श्री विजयशंकर पाण्डे उप महाधिवक्ता 23,000/- इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 29-2014 न्याय प्रशासन (14) कानूनी सलाहकार और परिषद ( 3428 ) महाधिवक्ता- 01- वेतन-001-अधिकारियों वेतन के अंतर्गत विकलनीय होगा.

फा. क्र. 1 ( अ ) -3-03 - इक्कीस ब ( दो ) - राज्य शासन महाधिवक्ता कार्यालय जबलपुर में श्री एस . के. राय , अधिवक्ता को उनके नाम के समक्ष दर्शाये गये पद एवं निश्चित मासिक पारिश्रमिक पर समन्वय से उच्च न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी करने के लिये शासकीय अधिवक्ता के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष के लिए नियुक्त करता है . उक्त अवधि में दोनों पक्ष एक माह का नोटिस देकर यह संविदा समाप्त करने के लिए स्वतंत्र होंगे :-

महाधिवक्ता कार्यालय, जबलपुर

पारिश्रमिक अधिवक्ता

पद

क्रमांक

प्रतिमाह का नाम

(4)

(3)

(2)

(1)

1

शासकीय अधिवक्ता 20,000/- श्री एस. के. राय

इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 29-2014 न्याय प्रशासन ( 14) कानूनी सलाहकार और परिषद ( 3428 ) महाधिवक्ता- 01- वेतन- 001- अधिकारियों वेतन के अंतर्गत विकलनीय होगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव.

भोपाल, दिनांक 4 अक्टूबर 2010

फा. क्र. 1 ( बी) -43-2004- इक्कीस - ब( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , श्री रामनिवास सिंह तोमर पुत्र स्व. श्री रूपसिंह तोमर, अधिवक्ता को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये मुरैना सत्र खण्ड के मुरैना राजस्व जिले के अतिरिक्त लोक अभियोजक, अम्बाह नियुक्त करता है , तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.

भोपाल, दिनांक 5 अक्टूबर 2010 संशोधन आदेश

फा. क्र. 1 (सी ) -23-08 - इक्कीस - ब (दो ) .- राज्य शासन , लोकायुक्त संगठन के पत्र क्र. 2858 , दिनांक 16 सितम्बर 2009 के अनुक्रम में माननीय उच्च न्यायालय , मुख्यपीठ जबलपुर में विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त संगठन , भोपाल के दाण्डिक प्रकरणों, अपील पुनरीक्षण एवं अन्य विविध दाण्डिक प्रकरणों में विशेष पुलिस स्थापना ( लोकायुक्त संगठन ) भोपाल की ओर से पैरवी हेतु श्री आदित्य अधिकारी , अधिवक्ता, जबलपुर को रु. 25,000/ - (रुपये पच्चीस हजार ) ( जिसमें संगठन द्वारा प्रदत्त दाण्डिक से भिन्न मामलों का पारिश्रमिक भी शामिल है ) के मासिक पारिश्रमिक पर धारा 24 ( 8 ) दण्ड प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत समसंख्यक आदेश दिनांक 9 अक्टूबर 2009 से एक वर्ष की अवधि के विशेष लोक अभियोजक के रूप में की गई नियुक्ति के कार्यकाल में दिनांक 9 अक्टूबर 2010 से 8 अक्टूबर 2011 तक की कार्यकाल अभिवृद्धि की जाती है . इसके अलावा वे संबंधित प्रकरण का स्टेशनरी आदि का अनुषांगिक व्यय भी पा सकेंगे . प्रत्येक माह बिल की राशि का भुगतान लोकायुक्त संगठन करेगा.

भाग 1 ]

2683

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

उक्त अवधि में दोनों पक्ष एक माह का सूचना- पत्र देकर संविदा समाप्त करने के लिये स्वतन्त्र होंगे .

(नोट.-विशेष लोक अभियोजक विधि विभाग नियमावली के अन्तर्गत दाण्डिक अपील व पुनरीक्षण प्रस्तुति के पूर्व अनुमति प्राप्त की गई होना सुनिश्चित करेंगे ) .

संशोधन आदेश

फा. क्र. 1 ( सी) -23-08- इक्कीस- ब(दो ) .- इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 9 अक्टूबर 2009 द्वारा माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ, इन्दौर में विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त संगठन, भोपाल के दाण्डिक प्रकरणों, अपील, पुनरीक्षण एवं अन्य विविध दाण्डिक प्रकरणों में विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त संगठन ) भोपाल की ओर से पैरवी हेतु नियुक्त श्री एल. एन. सोनी, अधिवक्ता, इन्दौर जिन्हें धारा 24 ( 8 ) दण्ड प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत एक वर्ष की अवधि के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है , उन्हें उनकी तथा विभाग की सहमति से उनकी उक्त नियुक्ति का कार्यकाल निम्नांकित शर्त विलोपित करते हुए दिनांक 9 अक्टूबर 2010 से दिनांक 8 अक्टूबर 2011 तक की अभिवृद्धि की जाती है.

आदेश दिनांक 9 अक्टूबर 2009 में निर्धारित फीस की शर्त को उनके अतिरिक्त महाधिवक्ता का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से विलोपित किया जाता है .

संशोधन आदेश

फा. क्र. 1 ( सी ) -23-08 - इक्कीस- ब ( दो ) .- राज्य शासन, लोकायुक्त संगठन के पत्र क्र. 2858 , दिनांक 16 सितम्बर 2009 के अनुक्रम में माननीय उच्च न्यायालय, मुख्यपीठ ग्वालियर में विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त संगठन , भोपाल के दाण्डिक प्रकरणों , अपील पुनरीक्षण एवं अन्य विविध दाण्डिक प्रकरणों में विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त संगठन ) भोपाल की ओर से पैरवी हेतु श्री जयसिंह डी. सूर्यवंशी, अधिवक्ता , ग्वालियर को रु. 18,000/- (रु. अठ्ठारह हजार ) ( जिसमें संगठन द्वारा प्रदत्त दाण्डिक से भिन्न मामलों का पारिश्रमिक भी शामिल है ) के मासिक पारिश्रमिक पर धारा 24 ( 8 ) दण्ड प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत समसंख्यक आदेश दिनांक 9 अक्टूबर 2009 से एक वर्ष की अवधि के विशेष लोक अभियोजक के रूप में की गई नियुक्ति के कार्यकाल में दिनांक 9 अक्टूबर 2010 से 8 अक्टूबर 2011 तक की कार्यकाल अभिवृद्धि की जाती है. इसके अलावा वे संबंधित प्रकरण का स्टेशनरी आदि का अनुषांगिक व्यय भी पा सकेंगे . प्रत्येक माह बिल की राशि का भुगतान लोकायुक्त संगठन करेगा.

उक्त अवधि में दोनों पक्ष एक माह का सूचना- पत्र देकर संविदा समाप्त करने के लिये स्वतन्त्र होंगे .

(नोट.-विशेष लोक अभियोजक विधि विभाग नियमावली के अन्तर्गत दाण्डिक अपील व पुनरीक्षण प्रस्तुति के पूर्व अनुमति प्राप्त की गई होना सुनिश्चित करेंगे ) .

फा. क्र. 4-1-2002 - इक्कीस- ब( एक) शुद्धि- पत्र.- इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 5 अक्टूबर 2010 की आठवीं पंक्ति में दिनांक 10-9-2011 के स्थान पर 11-9-2012 पढ़ा जावे .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, दिनेश नायक, सचिव.

वन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 4 अक्टूबर 2010

क्र. एफ- 30-7-99 - दस- 3.- मध्यप्रदेश अभिवहन ( वनोपज ) नियम, 2000 के नियम 5 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , प्रदेश के अन्दर व बाहर वन उपज की मात्रा अनुसार दरें निर्धारित कर परिवहन के लिए परिवहन अनुज्ञा पत्र जारी करने के लिये निम्नानुसार शुल्क निर्धारित करता है : - वनोपज की मात्रा

दर ( प्रति ट्रक )

200/- (1 ) दो घनमीटर तक

300/- (2) 2 से 5 घनमीटर तक

400/- (3) 5 घनमीटर से अधिक

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वी. एन. पाण्डेय , सचिव.

भोपाल , दिनांक 4 अक्टूबर 2010

क्र. एफ- 30-7-99- दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग का अधिसूचना क्रमांक- 30-7-99- दस 3, दिनांक 4 अक्टूबर 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , वी. एन. पाण्डेय , सचिव.

Bhopal the 4th October 2010

No.- F -30-7-99 - X - 3 . In exercise of the powers conferred by Rule 5 of the Madhya Pradesh Transit (Forest Produce) Rules , 2000 , the State Government hereby prescribes the following fee to be recoved for issue of Transit Pass for quantity of forest produce within or outside the state , as follows :-

Amount (Per truck) Quantity of Forest Produce

200/-

1. Upto 2 cubic mtr .

2. 2 to 5 "

300/- 400/-

3. Above 5 cubic mtr.

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , V. N. PANDEY, Secy .

2684

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

भोपाल , दिनांक 4 अक्टूबर 2010

क्र. एफ- 25-45-2010- दस- 3.- भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन एतद्वारा , उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के उपबंधों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित की गई वन भूमि/ बंजर भूमि पर लागू होने की घोषणा इन शर्तों के अधीन रहते हुए करता है कि व्यक्तियों एवं समुदायों के वर्तमान अधिकार जहां तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर रूपभेदित किये जाएं, के अतिरिक्त किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जावेंगे : -

अनुसूची

जिला- उज्जैन , तहसील - उज्जैन, वनमंडल उज्जैन ( सामान्य ) , वन परिक्षेत्र- उज्जैन

क्र.

वनखण्ड कानाम

वन या/बंजर भूमिका नाम

खसरा क्रमांक (4) (1) (2)

1 गोयलाखुर्द

(3) गोयलाखुर्द (चरनोई भूमि)

147/1 भाग 147/3 भाग योग

सीमाऐं

रकबा (हेक्टर में)

(5)

(6)

0.794 1.247 2.041

उत्तर.-मोतीनगर एवं गोयलाचौकी बस्ती की दक्षिणी सीमा रेखा एवं खसरा क्रमांक 147/1 एवं 147/3 का शेष भाग. पूर्व.- रास्ता एवं निजी भूमि खसरा क्रमांक 147/4/1 , 147/4/2 एवं 147/7 की पश्चिमी सीमा रेखा.

दक्षिण.- क्षिप्रा नदी की प्राकृतिक सीमा. पश्चिम.-सामाजिक वानिकी की भूमि खसरा क्रमांक 143/2/1 , 143/2/3 एवं 143/3/1

वनीकरण का कारण. उक्त गैर वनभूमि गैर वानिकी कार्य हेतु व्यपवर्तित वनभूमि के बदले वन विभाग को हस्तांतरण , नामांतरण एवं क्षतिपूरक वनीकरण हेतु प्राप्त होने से संरक्षित वन बनाये जाने का प्रस्ताव अधिसूचना हेतु तैयार किया गया है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वी. एन. पाण्डेय , सचिव.

भोपाल , दिनांक 4 अक्टूबर 2010

क्र. एफ- 25-45-2010- दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-45-2010 - दस-3-2010 , दिनांक 4 अक्टूबर 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वी. एन. पाण्डेय, सचिव.

Bhopal , the 4th October 2010

No. F- 25-45-2010 - X- 3 . In exercise of the powers conferred by Section 29 of the Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government hereby declares the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest land/ waste land , specified in the Schedule below, subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities shall not be abridged or affected in any manner , except in so far as they may be modified by the State Government from time to time :-

SCHEDULE

District-Ujjain , Forest Division- Ujjain ( Territorial ) , Tehsil-Ujjain , Forest Range- Ujjain

Khasra No. S. No. Name of Forest Block

Name of Forest or Waste Land

(1) 1

(2) Goyala khurd

(4) 147/1 Part 147/3 Part Total

(3) Goyala khurd (Charnoyi Land)

Boundaries

Area ( in Hectare)

(5) 0.794 2.041 1.247

(6) North. Southern boundary line of Moti nagar and Goyala Choki habitation and remaining part of khasra number 147/1 and 147/3 . East. Road and Western boundary of private land Khasra number 147/4/1 , 147/4/2 and 147/7 .

South. Natural boundary of River Shipra . West . Social Forestry land khasra number 143/2/1 , 143/2/3 and 143/3/1 .

Reason for afforestation . Above non forest land has been allotted and transferred to the Forest Department for carrying out compensatory afforestation in exchange of equal area of deverted forest land . Notification proposal for protected forest has been prepared .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , V. N. PANDEY, Secy .

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

विभाग प्रमुखों के आदेश

मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग भोपाल, दिनांक 6 अक्टूबर 2010

क्र. 301-001-97.- मध्य प्रदेश शासन, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आदेश क्र. एफ 5-4-2004- उन्तीस- 2, दिनांक 28 जनवरी 2004 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम , होशंगाबाद को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम, खण्डवा तथा मण्डलेश्वर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है. यह व्यवस्था जिला फोरम खण्डवा में अध्यक्ष की नियुक्तिहोने अथवा आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी .

माननीय अध्यक्ष महोदय , राज्य आयोग के आदेशानुसार,

महेश प्रसाद अवस्थी, रजिस्ट्रार.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन"

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल ( म.प्र. )

आदेश

भोपाल , दिनांक 6 अक्टूबर 2010

क्र. एफ. - 67-167-10-तीन- 2719.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत , निवाड़ी, जिला टीकमगढ़ के आम निर्वाचन में श्री कुम्हार लालाराम , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत, निवाड़ी, जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी , 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पास दाखिल किया

2685 जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पत्र क्रमांक न.नि. - व्यय लेखा-10-406, दिनांक 29 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री कुम्हार लालाराम द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री कुम्हार लालाराम को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 18 फरवरी , 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, टीकमगढ़ के माध्यम से दिनांक 10 मार्च , 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताने हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.

श्री कुम्हार लालाराम को नोटिस दिनांक 10 मार्च, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 25 मार्च , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. नोटिस की तामीली उपरान्त कलेक्टर टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 4 मई 2010 में लेख किया कि " श्री कुम्हार लालाराम को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् नोटिस में उल्लिखित अवधि में अपना निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है. " उक्त अभ्यावेदन प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 31 मई 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 7 जून 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली कलेक्टर टीकमगढ़ द्वारा दिनांक 6 जून 2010 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्तविवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री कुम्हार लालाराम को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत, निवाड़ी , जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से पांच वर्ष ( 05 वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- ( रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

2686

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

दमोह, दिनांक 14 सितम्बर 2010

क्र. भू- अ.अ. - 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं: -

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) तहसील/ तालुका

(2)

(3)

(4) (1)

जबेरा

27.03

बगलवारा

दमोह

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, पंचम नगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.

कुसमी जलाशय के बांध एवं डूब क्षेत्र हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तेंदूखेड़ा ( दमोह ) एवं कार्यपालन यंत्री , पंचम नगर सर्वेक्षण हटा , जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

दमोह , दिनांक 22 सितम्बर 2010

क्र. 2209- भू- अ.अ.- 2010-11 - प्र.क्र. 17-अ-82 वर्ष 2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

ग्राम/नगर

जिला तहसील का नाम

क्षेत्रफल (हे. में)

(3)

(4) (1) (2)

पटेरा

दमोह

कुल भूमि 1.08

सगौनी

योग : 1.08

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.

सगौनी जलाशय योजना की नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड हटा एवं कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण , संभाग हटा, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

2687

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

दमोह, दिनांक 30 सितम्बर 2010

क्र. 2256- भू- अ.अ. - 2010-11 - रा. प्र.क्रं. 16-अ-82 वर्ष 2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल जिला

नगर/ग्राम

तहसील का नाम

(हे. में)

(3)

(4) (1) (2)

बिनती

दमोह हटा

कुल भूमि 3.29

योग : 3.29

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

बिनती जलाशय योजना की कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.

नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, हटा एवं कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग , हटा, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

दमोह, दिनांक 5 अक्टूबर 2010

क्र. 2284- भू- अ.अ.- 2010-11- रा . प्र.क्रं .16-अ-82 वर्ष 2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल

नगर/ग्राम

तहसील का

जिला

(हे. में) नाम

(3)

(2)

(4) (1)

दमोह

हटा

मझगुवां कुल भूमि 7.50

अमान,

हिनमत

पटी, हिनौता

7.50

योग :

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

पिपरिया जलाशय योजना की

नहर निर्माण में आने वाली कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.

भूमि का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , हटा एवं कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग , हटा, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.

2688

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

दमोह , दिनांक 6 अक्टूबर 2010

क्र. 2282- भू- अ.अ. - 2010-11- रा. प्र.क्रं. 16-अ-82 वर्ष 2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

जिला तहसील का नाम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(4) (1) (2)

(3)

आंजनी

बटियागढ़

35.57 दमोह

कुल भूमि

योग : 35.57

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

बेलखेड़ी जलाशय योजना निर्माण में आने वाली भूमि.

कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , हटा एवं कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग , हटा, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 2283 - भू- अ.अ. - 2010-11 - रा. प्र.क्रं. 16-अ-82 वर्ष 2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील/ तालुका

(3)

(1) (2)

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)

पथरिया कुल भूमि 78.76 दमोह बटियागढ़

एवं कैथोरा

योग : 78.76

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.

पथरिया जलाशय योजना एवं नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, हटा एवं कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग , हटा, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. पी. सिंह सलूजा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

2689

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

कार्यालय, कलेक्टर, जिला भिण्ड, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

भिण्ड, दिनांक 21 जुलाई 2010

क्र. क्यू- कोर्ट- कले. - राजस्व-02- भू- अर्जन- 09-10. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के सम्बन्ध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

सर्वे नंबर

(4) (2)

2647/1 (1) भिण्ड

(3) गोहद

गोहद

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

क्षेत्रफल रकबा (हेक्टेयर में)

(5)

0.062

(6) जिला शिक्षा अधिकारी जिला भिण्ड

(7) शा. बा. उ. उ.मा. वि. गोहद हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी गोहद के कार्यालय में किया जा सकता है.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण जिला शिक्षा अधिकारी जिला भिण्ड के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रघुराज राजेन्द्रन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग कार्यालय , कलेक्टर , जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, खरगोन, दिनांक 24 सितम्बर 2010

क्र. 1526 - भू- अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह 17 (4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं:-

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम/नगर लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4) 12.067 (1) खरगोन

(2) कसरावद

(3) कायतखेंड़ी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. मण्डलेश्वर.

(6) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

नोट:- भूमि का नक्शा ( प्लान ) ( 1 ) कलेक्टर जिला खरगोन, ( 2 ) भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल 1 ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना, म.प्र.रा.वि. मण्डल मण्डलेश्वर, (4) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

[भाग 1 2690

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

क्र. 1527 - भू- अर्जन -10. -चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह 17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

ग्राम/नगर

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4) 5.174

(1) खरगोन

(2) कसरावद

(3) शिवरामपुरा

(5) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. मण्डलेश्वर

(6) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण (2) नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) ( 1 ) कलेक्टर, जिला खरगोन , ( 2 ) भू- अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल 1 ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना, म.प्र.रा.वि. मण्डल मण्डलेश्वर, ( 4 ) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 1525 - भू-अर्जन- 10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह 17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

ग्राम/नगर

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(2) महेश्वर

(4) 0.729

(1) खरगोन

(3) सेजगांव

(5) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. मण्डलेश्वर

(6) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण ( 2 ) नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) ( 1 ) कलेक्टर, जिला खरगोन, ( 2 ) भू- अर्जन अधिकारी, महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल 1 ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना, म.प्र.रा.वि. मण्डल मण्डलेश्वर, ( 4 ) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 1524 - भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि 2691 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह 17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील ग्राम/नगर

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(3)

(4)

0.977

(1) खरगोन

(2) महेश्वर पाण्डयाघाट

(5) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. मण्डलेश्वर

(6) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण (2 ) नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) - ( 1 ) कलेक्टर , जिला खरगोन , ( 2 ) भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल 1 ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना, म.प्र.रा.वि. मण्डल मण्डलेश्वर, ( 4 ) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 1523 - भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह 17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

ग्राम/नगर

तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4)

(1) (2)

8.387

खरगोन महेश्वर

(5) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. मण्डलेश्वर

(3) पथराड़ बुजूर्ग

(6) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(2 ) नोट: - भूमि का नक्शा ( प्लान ) - ( 1 ) कलेक्टर, जिला खरगोन, ( 2 ) भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल 1 ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना, म.प्र.रा.वि. मण्डल मण्डलेश्वर, ( 4 ) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

खरगोन, दिनांक 29 सितम्बर 2010

क्र. 1555 - भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अंतर्गत संबंधित व्यक्तियों को 2692

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हैं : -

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(1)

(3)

(4)

खडकेल

खरगोन

5.711 कसरावद

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन धारा 4 की उपधारा (2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास नहर संभाग , खरगोन.

इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की वितरण शाखा एवं अन्य नहरों के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु, नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर कार्यालय खरगोन/भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरे ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास नहर संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 1556 - भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अंतर्गत संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हैं:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)

(3)

(4) (1)

खरगोन

13.114 कसरावद

शाहबाद

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग , क्रमांक-24, खरगोन.

इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की वितरण शाखा एवं अन्य नहरों के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोट . - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर कार्यालय खरगोन/ भू-अर्जन अधिकारी, इंदिरा सागर परियोजना ( नहरे ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास नहर संभाग क्रमांक -24 , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 1557 - भू-अर्जन- 10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अंतर्गत संबंधित व्यक्तियों को 2693 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हैं:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

ग्राम

तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(6) (3)

(5)

(1) (2)

(4)

खरगोन

2.889

कसरावद

रशीदपुरा

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग, क्रमांक-24, खरगोन.

इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की वितरण शाखा एवं अन्यनहरों के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर कार्यालय खरगोन/ भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरे ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-24 , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

शाजापुर, दिनांक 27 सितम्बर 2010

क्र. भू- अर्जन - 2010-584.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है पड़ने की संभावना है , अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अधीन इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हैं:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली

भूमि (हेक्टर में)

(6)

(5)

(2)

(3)

(1)

(4)

अलीसरिया

कालापीपल

शाजापुर

2.803 3.909

निपानियाखुर्द

कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण विभाग संभाग शाजापुर.

अरनिया से कोठडीकलां पहुंच मार्ग हेतु.

2.322

बदलपुर

पोचानेर

9.203

रोलाखेडी

1.289

अरनियाकला

1.895

21.421

योग .

नोट. - भूमि का नक्शा एवं प्लान का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , अनुविभाग शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

2694

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

शाजापुर, दिनांक 28 सितम्बर 2010

क्र. भू-अर्जन- 2010-598.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हैं:-

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम

अर्जित की जाने वाली भूमि (2)

(1)

(3)

(4)

0.533

मेहरखेडी

शुजालपुर

शाजापुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत

का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि. , शाजापुर मेहरखेडी से कालापीपल मार्ग हेतु.

नोट. - भूमि का नक्शा एवं प्लान का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , अनुविभाग शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सोनाली एन. वायंगणकर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला इंदौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

इंदौर, दिनांक 28 सितम्बर 2010

क्र. 767 - भू- अर्जन-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) संशोधित अधिनियम 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(3)

(1)

(4)

0.501 इंदौर

राऊ

इंदौर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) द्वितीय , रतलाम ( म. प्र. ) .

नई बड़ी रेल्वे लाईन इंदौर- दाहोद बरास्ता ( झाबुआ- धार- पीथमपुर) परियोजना के अंतर्गत.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष , इंदौर के कार्यालय में किया जा सकता है.

2695

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

भाग 1 ]

महू, दिनांक 29 सितम्बर 2010

क्र. 1921 - भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5-" अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होगें, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

ग्राम

तहसील

जिला

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(6)

(5)

(4)

(3)

(2)

(1)

आई.आई.टी. की स्थापना

0.368

सिमरोल

इंदौर

संचालक, तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग, मध्यप्रदेश शासन

डॉ. अम्बेडकर नगर (महू)

योग 0.368

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- आई.आई.टी. की स्थापना के लिए

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी तहसील ( महू) डॉ. अम्बेडकर नगर जिला इंदौर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , राघवेन्द्र सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रतलाम, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रतलाम, दिनांक 30 सितम्बर 2010

क्र. 5269 - भू-अर्जन-2010 . प्रकरण कमांक7-अ-82-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता हैं. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का विवरण

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(6)

(5)

(4)

(3)

(2)

(1)

0.170

जावरा मोहम्मद नगर

रतलाम

संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम, उज्जैन.

उज्जैन-उन्हेल-नागदा घिनौदा जावरा मार्ग का टू-लेन निर्माण बी.ओ.टी. योजनान्तर्गत निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्षा व प्लान का निरीक्षण-अनुविभागीय अधिकारी/ भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड, जावरा के कार्यालय में किया जा सकता हैं.

2696

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

क्र. 5271 - भू- अर्जन-2010 . प्रकरण कमांक 1-अ- 82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता हैं. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(4) (1) (2)

(3)

रतलाम

1.100 जावरा

बड़ावदा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम, उज्जैन.

उज्जैन- उन्हेल-नागदा घिनौदा जावरा मार्ग का टू-लेन निर्माण बी.ओ.टी. योजनान्तर्गत निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्षा व प्लान का निरीक्षण-अनुविभागीय अधिकारी/ भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड, जावरा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , राजेन्द्र शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना जिला रीवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सतना , दिनांक 30 सितम्बर 2010

क्र. 1054-अर्जन .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों के इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त धारा -4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा शक्तियों, का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा- ( 5 ) -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा की उपधारा ( 1 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं: -

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(4) (1)

(3)

सतना

चोरमारी

21.89 रामपुर बघेलान

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री पुरवा नहर संभाग नहर निर्माण हेतु.

क्र. 2 सतना ( म . प्र. )

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण - प्रशासक बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

2697

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

जबलपुर, दिनांक 30 सितम्बर 2010

प्र. क्र. 09 - अ- 82-09-10-प्र -1- अ.वि.अ.भू-अर्जन-10. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकवा (हेक्टेयर में) (1) (2)

(4)

(3)

10.29 कुण्डम

जबलपुर

पिपरिया नं.बं. 199 प.ह.नं.21

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

पिपरिया जलाशय के शीर्ष कार्य एवं नहर कार्य के लिये कार्यपालन यंत्री हिरन जल संसाधन संभाग जबलपुर

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी जबलपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 10 - अ- 82-09-10- प्र- 1- अ.वि.अ. भू-अर्जन-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकवा (हेक्टेयर में)

(3)

(1) (2)

(4)

30.52 कुण्डम

जबलपुर

डुंगरगवां प.ह.नं. 7 नं.बं. 503

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

डुंगरगवां जलाशय के शीर्ष कार्य हेतु.

कार्यपालन यंत्री हिरन जल संसाधन संभाग जबलपुर

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी जबलपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गुलशन बामरा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

[भाग 1 2698

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बैतूल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

बैतूल दिनांक 1 अक्टूबर 2010

प्र. क्र. 2 अ- 82 - वर्ष -09-10-7416 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

जिला

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(6)

(4)

(5)

(2)

(3)

(1)

0.870

बैतूल घोडाड़ोगरी घोडाड़ोगरी प.ह.क. -45

कार्यपालन यंत्री सिविल संभाग दो म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमि, सारणी

सतपुड़ाताप विद्युत संयंत्र म.प्र. पा.ज.क. लि. 2 × 250 मेगावाट यूनिट क्रं. 10 एवं 11 इकाइयों के अंतर्गत घोड़ाडोगरी निजी रेल्वे यार्ड के विस्तारीकरण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , सिविल संभाग दो म . प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड सारनी के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी शाहपुर के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .

बैतूल दिनांक 5 अक्टूबर 2010

प्र. क्र. 2 अ- 82 - वर्ष- 09-10- भू-अर्जन- 7496.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

नगर/ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(6)

(4)

(1) (2)

(3)

(5)

आठनेर

बरखेड

6.987

बैतूल

कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 2 बैतूल.

राबडिया जलाशय योजना के नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी भैसदेही के न्यायालय में एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय देखा जा सकता है.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी भैसदेही जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .

2699 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

प्र. क्र. 3 अ- 82 - वर्ष- 09-10- भू-अर्जन-7498 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का वर्णन

का वर्णन जिला तहसील

नगर/ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(6) (2)

(1)

(3)

(4)

(5)

आठनेर

6.966

टेमूरनी

बैतूल

कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 2 बैतूल.

पचधार जलाशय योजना के नहर निर्माण हेतु निजी भूमि काअर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी भैसदेही के न्यायालय में एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय देखा जा सकता है.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 2 बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

( 4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी भैसदेही जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

प्र. क्र. 4 अ- 82 - वर्ष- 09-10- भू-अर्जन-7497 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

नगर/ग्राम

प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(6) (3)

(1) (2)

(4)

(5)

राबडिया

0.808

आठनेर

बैतूल

कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 2 बैतूल.

राबडिया जलाशय योजना के नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी भैसदेही के न्यायालय में एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन) जिला बैतूल के न्यायालय देखा जा सकता है.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

(4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी भैसदेही जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .

2700

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

प्र. क्र. अ - 82 - वर्ष- 09-10- भू-अर्जन-7495. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील

नगर/ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4) (1) (2)

(3)

धामोरी

0.798 आठनेर

बैतूल

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 2 बैतूल.

राबडिया जलाशय योजना के नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी भैसदेही के न्यायालय में एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय देखा जा सकता है.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

(4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी भैसदेही जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विजय आनंद कुरील, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

झाबुआ, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

क्र. 2782 - भू- अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि को अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

(4)

14.69

करवड़

झाबुआ पेटलावद

योग : 14.69

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री माही परियोजना मुख्य माही परियोजना की करवड़ बांध संभाग , पेटलावद, जिला- झाबुआ माईनर हेतु. (म. प्र. ) .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

2701

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

क्र. 2784 - भू- अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1)

(3)

(4) (2)

1.24

पीठापाड़ा

झाबुआ पेटलावद

योग : 1.24

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य माही परियोजना की पीठापाड़ा बांध संभाग , पेटलावद, जिला- झाबुआ उप माईनर नहर निर्माण हेतु. (म. प्र. ) .

क्र. 2786 - भू- अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र.अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम

(2)

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (4) (1)

(3)

1.12

केसरपुरा

झाबुआ पेटलावद

योग : 1.12

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य माही परियोजना की करवड़ बांध संभाग , पेटलावद, जिला- झाबुआ उप माईनर नहर निर्माण हेतु. (म. प्र.) .

क्र. 2788 - भू-अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र.अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

(4)

1.96

करवड़

पेटलावद

झाबुआ

योग : 1.96

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य माही परियोजना की करवड़ बांध संभाग, पेटलावद, जिला- झाबुआ उप माईनर नहर निर्माण हेतु. (म. प्र.) .

2702

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

क्र. 2790 - भू-अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1) (2)

(4)

(3)

1.03

बोरियापाडा

झाबुआ पेटलावद

योग : 1.03

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , माही परियोजना मुख्य माही परियोजना की मोर बांध संभाग , पेटलावद, जिला- झाबुआ माईनर नहर निर्माण हेतु .

(म. प्र.) .

क्र. 2792 - भू- अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम

जिला

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में ) (1) (2)

(3)

(4)

2.09 झाबुआ पेटलावद गुणावद (केलकुई)

योग : 2.09

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला - झाबुआ (म. प्र. ). माही परियोजना की केलकुई माईनर नहर निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 2794- भू-अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र.अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में भाग 1 ]

2703

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में )

(4) (1) (2)

(3)

0.45

बडलीपाड़ा

पेटलावद

झाबुआ

योग : 0.45

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

माही परियोजना की करवड़ माईनर नहर निर्माण हेतु .

कार्यपालन यंत्री माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला- झाबुआ (म. प्र.)

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 2796 - भू-अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

ग्राम

तहसील

जिला

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (2)

(3)

(4) (1)

1.38

जाम्बूपाड़ा

झाबुआ पेटलावद

योग : 1.38

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

माही परियोजना की मोर माईनर नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ ( म. प्र. )

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 2798 - भू-अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

2704

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1)

(3)

(4) (2)

0.98 झाबुआ पेटलावद बडलीपाड़ा

योग : 0.98

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

माही परियोजना की बडलीपाड़ा उप माईनर नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला- झाबुआ ( म. प्र. )

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 2800 - भू- अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में)

(3)

(1) (2)

(4)

1.81 झाबुआ पेटलावद मांडन (पोलारूण्डा)

1.81

योग :

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

माही परियोजना की पोलारूण्ड़ा माईनर नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री माही परियोजना मुख्य बांध संभाग, पेटलावद, जिला-झाबुआ ( म. प्र. ) .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 2802 - भू-अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में)

(4)

(3)

(1) (2)

2.12 पेटलावद गुणावद

झाबुआ

योग : 2.12

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

माही परियोजना की पीथापाड़ा माईनर नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला- झाबुआ ( म. प्र. ) .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

भाग 1 ]

2705

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

क्र. 2804 - भू-अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र.अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में ) (1) (2)

(3)

(4)

3.35

मांडन

झाबुआ पेटलावद

योग : 3.35

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

माही परियोजना की मांडन माईनर नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ ( म. प्र. ) .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 2806 - भू- अर्जन- 2010- रा. प्र. क्र. A- 82-10-11.- चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

जिला

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

(4)

3.22

दुलाखेड़ी

पेटलावद

झाबुआ

योग : 3.22

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 2808 - भू-अर्जन- 2010 - रा . प्र. क्र. A- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

2706

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में ) (2)

(3)

(4) (1)

बैंगनबर्डी

1.00 झाबुआ पेटलावद

1.00

योग :

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री , माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 2810 - भू-अर्जन- 2010 - रा. प्र. क्र. A- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम

जिला

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (2)

(3)

(4) (1)

2.33

टेमरिया

झाबुआ पेटलावद

योग : 2.33

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 2812 - भू- अर्जन- 2010 - रा. प्र. क्र. A - 82-10-11 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (4) (2)

(1)

(3)

पंथबोराली

2.84 पेटलावद

झाबुआ

योग : 2.84

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

भाग 1 ]

2707

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

क्र. 2814- भू- अर्जन-2010- रा. प्र. क्र. A-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है , अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

(4)

0.95

बरबेट

झाबुआ पेटलावद

योग : 0.95

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.

(5) कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 2816 - भू-अर्जन-2010- रा. प्र. क्र. A- 82-10-11 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि को अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम

जिला

(2)

(1)

(3)

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (4)

1.41.

मोटापाला

झाबुआ पेटलावद

योग : 1.41

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु .

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 2818 - भू- अर्जन- 2010 - रा. प्र. क्र. A- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

(3)

(1)

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (4) (2)

4.03 झाबुआ पेटलावद बोड़ायता

योग : 4.03

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री , माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी, पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

2708

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

क्र. 2820 - भू-अर्जन- 2010-रा. प्र. क्र. A- 82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि को अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

(4)

0.12

कचनारिया

पेटलावद

झाबुआ

योग : 0.12

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री , माही परियोजना मुख्य बांध संभाग, पेटलावद, जिला-झाबुआ.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 2822 - भू- अर्जन - 2010 - रा . प्र. क्र. A - 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1)

(3)

(2)

(4)

1.08 झाबुआ पेटलावद केशरपुरा

योग : 1.08

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 2824 - भू- अर्जन- 2010 - रा . प्र. क्र . A- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भाग 1 ]

2709

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

(4) 0.36

सजेलिया

झाबुआ पेटलावद

योग : 0.36

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 2826 - भू- अर्जन- 2010- रा. प्र. क्र. A- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन ग्राम

जिला तहसील

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में ) (2)

(4) 5.86 पेटलावद

(3) बांछीखेड़ा

(1) झाबुआ

योग : 5.86

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 2828 - भू- अर्जन- 2010- रा. प्र. क्र. A- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (2)

(4) 10.29

(3) करड़ावद

(1) झाबुआ पेटलावद

10.29

योग :

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) माही परियोजना की नहरों के निर्माण हेतु.

(5) कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला-झाबुआ.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

2710

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

क्र. 2832 - भू- अर्जन- 2010- रा. प्र. क्र. 17-अ- 82-2005-06.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि को अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में)

(4) 0.80

झाबुआ

(1) (2) पेटलावद

(3) कोटडा चारण

(5) माही परियोजना संभाग , पेटलावद.

(6) माही परियोजना के मुख्य बांध के डूब क्षेत्र के निर्माण हेतु.

योग : 0.80

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शोभित जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रायसेन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रायसेन, दिनांक 4 अक्टूबर 2010

प्र. क्र. 6 - अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 8 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

अर्जित रकबा (6)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (8) (2)

ग्राम (3)

खसरा नं. (4)

कुल रकबा (5)

धारा 4 की उपधारा 2 द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (7)

(1)

4

1.692

0.128

रायसेन उदयपुरा मनकापुर

3.084

20

0.447

मनकापुर तालाब नहर हेतु भूअर्जन.

22

0.441

0.134

कार्यपालन यंत्री, जलसंसाधन विभाग, रायसेन.

0.283

0.065

24

0.195

6.062

101

11.104

5

1.300

0.160

10/1/1 1.619

0.534

10/1/2 5.665 भाग 1 ]

2711

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(5) (2) (3) (4)

(1)

10/2

7.268

17

7.519

18

3.084

0.445

19

1.283

23

0.996

25

1.186

27

28

0.243

0.223

29

0.405

46/1/4

0.405

46/1/6

0.405

46/1/7

0.405

46/1/8

0.405

46/1/9

0.405

46/1/13

46/1/14 0.405

0.405

46/1/15

0.405

46/1/18

14.163

47/1

5.018

106/2

3.237

46/2

47/2

5.897

102/1

1.619

109/1

2.428

3/1/1

0.097

गेरूआ

3/1/2

2.428

3/2

2.525

3/3/1

0.097

3/3/2

1.214

0.044

4/1

2.962

52/2/1

1.619

4/2

1.619

3.569

12/1

1.821

12/2

52/2/2 1.619

4.047

25/1

2.023

25/2/1/1

36/1/1 3.048

36/1/2 3.047

36/2/1 2.687

36/2/2 2.853

योग

(8) (6)

(7)

0.282

0.331

0.254

0.116

0.018

0.083

0.086

0.074

0.149

0.045

0.045

0.045

0.045

0.045

0.045

0.045

0.045

0.045

0.650

0.325

0.362

0.339

0.158

0.181

0.010

0.255

0.265

0.010

0.102

0.044

0.163

0.280

0.214

0.037

0.232

0.125

0.237

0.139

0.232

0.065

0.014

0.125

8.920 2712

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(8) (1) (2)

(6)

(7)

(4) (5)

(3)

1.352

0.049

शासकीय मनकापुर

0.007

0.567

भूमि

0.040

0.037

गेरूआ

16 30 52/1

नोट. - भूमि का नक्शा एवं अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) बरेली जिला रायसेन के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मोहन लाल मीना , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

छतरपुर, दिनांक 5 अक्टूबर 2010

प्र. क्र. 31 - अ- 82-2008-09.- चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम

जिला तहसील

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) निजी भूमि

(6)

(5)

(4)

(1) (2)

(3)

3.746

बक्स्वाहा सैड़ारा

छतरपुर

अनु. अधिकारी (राजस्व) विजावर.

खिरिया बुजर्ग तालाब योजना हेतु भू- अर्जन.

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है रिवरिया बुजुर्ग तालाब योजना हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे प्लान का निरीक्षण अनु. अधिकारी कार्यालय राजस्व विजावर में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला छिंदवाड़ा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

छिंदवाड़ा, दिनांक 5 अक्टूबर 2010

क्र. 8540- भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता हैं, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतदद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत 2713 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू -अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है . राज्य शासन की राय में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे . इस संबंध में भू- अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 ( 4 ) के उपबंध लागू होते है:-

अनुसूची

तहसील

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में )

(6) (2)

(3)

(4)

(5)

(1)

छिंदवाड़ा अमरवाड़ा

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग - चौरई जिला- छिंदवाड़ा.

ग्राम - महेन्द्रवाड़ा ब . न. -226 प.ह.न. -40 रा.नि.मं. - अमरवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत बांध निर्माण में डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण.

02.138 हेक्टर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली सम्पतियाँ)

( 2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा में ) जिला- छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

( 3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक -04 चौरई जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता हैं .

क्र. 8541 - भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता हैं, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतदद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है. राज्य शासन की राय में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे . इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 (4 ) के उपबंध लागू होते हैः-

अनुसूची

तहसील

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में) (4)

(5)

(3)

(1) (2)

छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग - चौरई जिला- छिंदवाड़ा.

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत बांध निर्माण में डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण.

ग्राम- देवर्धा ब.नं.- 273, प.ह.न. - 28 रा.नि.मं.- छिंदवाड़ा-1

161.522 हेक्टर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली सम्पतियां) 2714

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

( 2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा में ) जिला -छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक-04 चौरई जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता हैं.

क्र. 8542- भू- अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता हैं, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतदद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है . राज्य शासन की राय में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे. इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 (4 ) के उपबंध लागू होते है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग

क्षेत्रफल ( हेक्टर में )

(6)

(5)

(2)

(3)

(4)

(1)

छिंदवाड़ा अमरवाड़ा

कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग चौरई जिला- छिंदवाड़ा.

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत बांध निर्माण में डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण.

06.550 हेक्टर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली सम्पतियाँ)

ग्राम - खकरा चौरई ब.न. - 94 प.ह.न.- 40 रा.नि.मं.- अमरवाड़ा-2

( 2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा में ) जिला- छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

( 3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(4 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक-04 चौरई जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता हैं.

क्र. 8543 - भू-अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता हैं, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतदद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है. राज्य शासन 2715

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

भाग 1 ]

की राय में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे . इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 (4 ) के उपबंध लागू होते है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में)

(6)

(5)

(2)

(1)

(3)

(4)

ग्राम - बान्दरा ब.नं.

छिंदवाड़ा अमरवाड़ा

200 प.ह.नं. -42 रा.नि.मं.-

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग चौरई जिला- छिंदवाड़ा.

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत बांध निर्माण में डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण.

14.946 हेक्टर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली सम्पतियाँ)

अमरवाड़ा-2

( 2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा में ) जिला- छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में देखा जा सकता है .

( 4 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक-04 चौरई जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता हैं.

क्र. 8544 - भू- अर्जन -2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता हैं , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतदद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है . राज्य शासन की राय में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे. इस संबंध में भू- अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 ( 4 ) के उपबंध लागू होते है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में )

(6)

(5)

(4)

(1) (2)

(3)

छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग चौरई जिला- छिंदवाड़ा.

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत बांध निर्माण में डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण.

11.980 हेक्टर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली सम्पतियाँ)

ग्राम- नगझिर ब.नं.- 285 प.ह.नं. -27 रा.नि.मं.- छिंदवाड़ा-1 [भाग 1 2716

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा में ) जिला- छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक-04 चौरई जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता हैं .

क्र. 8545 - भू- अर्जन -2010 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता हैं, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतदद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है. राज्य शासन की राय में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे. इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 (4 ) के उपबंध लागू होते है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में )

(1) छिंदवाड़ा

(2) छिंदवाड़ा

(5) कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग चौरई जिला- छिंदवाड़ा.

(6) पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत बांध निर्माण में डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण.

(4) 183.003 हेक्टर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली सम्पतियाँ)

(3) ग्राम - खैरी लदू ब.नं.- 118 प.ह.नं.- 32रा.नि.नं.- छिंदवाड़ा-1

( 2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा में ) जिला- छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक-04 चौरई जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता हैं .

क्र. 8546- भू- अर्जन -2010 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता हैं , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतदद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है. राज्य शासन की राय में भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे . इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 (4 ) के उपबंध लागू होते है:-

2717 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

भाग 1 ]

अनुसूची

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

जिला

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में )

(6)

(5)

(4)

(3)

(2)

(1)

छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा

कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग चौरई जिला- छिंदवाड़ा.

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत बांध निर्माण में डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण.

ग्राम- राजाखोह ब.नं. 31.266 हेक्टर 503 प.ह.नं.-27 एवं ( उक्त भूमि रा.नि.नं. - छिंदवाड़ा-1 पर आने वाली सम्पतियाँ)

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा में ) जिला- छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक-04 चौरई जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता हैं.

क्र. 8547 - भू-अर्जन- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता हैं, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतदद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता हूं. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लॉज की अनुमति प्राप्त है. राज्य शासन की राय में भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क) के उपबंध इस संबंध में लागू नहीं होंगे . इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 ( 4 ) के उपबंध लागू होते है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील नगर/ग्राम

जिला

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में )

(4)

(2) छिंदवाड़ा

(1) छिंदवाड़ा

(5) कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग चौरई जिला- छिंदवाड़ा.

(3) ग्राम- बिल्बा ब.नं. 391 प.ह.नं. - 31 रा.नि.नं. छिंदवाड़ा-1

(6) पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत बांध निर्माण में डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण .

32.572 हेक्टर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली सम्पतियाँ)

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा में ) जिला- छिंदवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक-04 चौरई जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता हैं.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पवन कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

2718

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला जबलपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग जबलपुर, दिनांक 28 फरवरी 2010

क्र. 05 - अ - 82-06-07.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- जबलपुर

(ख) तहसील- पनागर

(ग) ग्राम-कठौंदा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-39.04 हेक्टर .

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

3.21

335/1

3.22

335/3

350

1.45

351

1.45

352

1.45

1.45

353

1.45

354

2.05

371

0.15

372

1.92

374

386

2.20

0.01

387/1

0.46

387/2

387/3

0.46

0.46

387/4

388

1.67

3.07

390

391/1

1.73

1.32

391/2

1.62

392

404

8.24

योग . 39.04

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- मलजल निकासी परियोजना जे. एन . एन.यू.आर.एम. के अन्तर्गत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट परिक्षेत्र क्रमांक 02 हेतु निजी भूमि काअर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष, जबलपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, हरिरंजन राव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सतना, दिनांक 5 जून 2010

क्र. 620- भू- अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता) (क) जिला- सतना

(ख ) तहसील-मैहर

(ग ) नगर/ग्राम- अमदरा

( घ) क्षेत्रफल-0.376 हेक्टर.

खसरा नम्बर

क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(1)

81/2

(2) 0.261 0.052

83

33/2

0.063 योग . 0.376

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना- रीवा मुख्य नहर निर्माण में अर्जित होने वाली भूमि.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

2719

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

क्र. 621 - भू-अर्जन-10 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- मैहर

(ग) नगर/ग्राम- रोहनिया

(घ) क्षेत्रफल-0.740 हेक्टर.

क्षेत्रफल (हेक्टर में)

खसरा नम्बर (1) 226/1 ख 1

(2) 0.740 योग 0.740

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना रीवा मुख्य नहर निर्माण में अर्जित होने वाली भूमि.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

क्र. 622- भू- अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- मैहर

(ग) नगर/ग्राम-रैगवां

(1) 196

खसरा नम्बर ( घ) क्षेत्रफल-0.209 हेक्टर . क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2) 0.209 योग . 0.209

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना रीवा मुख्य नहर निर्माण में अर्जित होने वाली भूमि.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

क्र. 623 - भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख ) तहसील-मैहर

(ग ) नगर/ ग्राम- सुहौला

(घ) क्षेत्रफल -0.314 हेक्टर.

क्षेत्रफल (हेक्टर में)

खसरा नम्बर (1) (2) 12 0.314 योग . 0.314

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना रीवा मुख्य नहर निर्माण में अर्जित होने वाली भूमि.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

क्र. 624 - भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-(म. प्र. शासन/निजी खाता) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- मैहर 2720

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(ग ) नगर/ग्राम- पनसोखरा

(घ) क्षेत्रफल-0.425 हेक्टर .

खसरा नम्बर

क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1)

(2)

0.331

109/1

109/2

0.094

योग . 0.425

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना रीवा मुख्य नहर निर्माण में अर्जित होने वाली भूमि.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

क्र. 625 - भू- अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील-मैहर

(ग ) नगर/ग्राम- गुमेही

( घ) क्षेत्रफल-0.718 हेक्टर..

खसरा नम्बर

क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1) 21

योग . (2) 0.718 0.718

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना रीवा मुख्य नहर निर्माण में अर्जित होने वाली भूमि.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

क्र. 626 - भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894, संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म . प्र. शासन/निजी खाता )

(क) जिला-सतना

(ख) तहसील- मैहर

(ग) नगर/ ग्राम- नयागांव

(घ ) क्षेत्रफल-0.1.484 हेक्टर.

खसरा नम्बर

क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(2)

(1) 6 53/2 53/3

0.052 0.627 0.805 योग . 1.484

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना रीवा मुख्य नहर निर्माण में अर्जित होने वाली भूमि.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

सतना, दिनांक 8 सितम्बर 2010

क्र. 97- भू-अर्जन- 10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- मैहर

(ग) नगर/ग्राम- पाला

(घ ) क्षेत्रफल-0.052 हेक्टर .

खसरा नम्बर

क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1) 558

(2) 0.052 योग .. 0.052 भाग 1 ]

2721

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना रीवा मुख्य नहर परियोजना के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

क्र. 98 - भू- अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- मैहर

(ग) नगर/ग्राम- सभागंज

(घ) क्षेत्रफल-0.115 हेक्टर.

खसरा नम्बर

क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1)

0.115

843/1

(2) योग . 0.115

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- सतना रीवा मुख्य नहर परियोजना के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

क्र. 99 - भू- अर्जन- 10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894, संशोधन 1984 (क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- मैहर

(ग ) नगर/ ग्राम- बेरमा

(घ) क्षेत्रफल-5.841 हेक्टर .

खसरा नम्बर

अतिरिक्त अर्जित

कुल अर्जित

रकबा पूर्वमें अर्जित रकबा

रकबा

(4) (1)

(2)

(3)

1688

0.094

0.094

0.115

0.115

1699/3

0.031

0.031

1699/4

0.094

0.094

1703/3 ख

0.083

0.188 0.105

1703/3 ग

0.021

0.021 1707/1ख

0.079

0.079 1709/1/2

0.167

0.167

1709/2

0.084 1753/1

0.052

0.032

0.042 0.031

0.011

1757/ 1 ख

0.105

0.105

1757/2

0.010

0.010

1758/1

0.094 1772

0.063

0.031

0.021

0.021 1778

0.146 1779

0.146

0.147

0.147 1781/2

0.037

0.037 1781/3/1

0.021 1793/3

0.021

0.021

0.094 0.073

1794/1

0.105

0.157 1797/2

0.052

0.271

0.271 1798/2

0.010 1800/2

0.010

0.010

0.010 1801/2

0.125 0.052

0.073

1815

2.017

2.017

1817/1

0.188

0.188

2196/1

0.105

0.105

2196/2

0.031

2227

0.031

0.052

0.052 2178/1

0.240

0.240 2890/1780

0.209

0.209 2891/1/1/1703

0.097

0.097

2891/1/2/1703

0.102

0.102 2891/2/1703

0.052

0.052 2895/1/1757

2895/2/1757

0.094

0.094

0.115 0.104

0.011

1735

0.115

0.010

0.125 1784/2

0.021

0.021 1785

0.021

0.021 1705/1

0.209 1685/2

0.209

योग 5.194

5.841 2722

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है-दायीं तट की सतना- रीवा मुख्य नहर के निर्माण हेतु .

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुखबीर सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग ग्वालियर , दिनांक 7 सितम्बर 2010

प्र. क्र. 12- अ- 82-09-10- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- ग्वालियर

(ख ) तहसील-ग्वालियर

(ग) नगर/ग्राम- डंगौरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.519 हेक्टर .

सर्वे नं.

कुल रकबा (हेक्टर में )

अर्जित किये जाने वाला अनुमानित रकबा (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

0.324

0.262 168

0.073

0.052 169

170

0.763

0.263

0.564

174/2/177

0.125

0.061 173

1.82

0.042

0.021 175

171/1 + 172/ 5

0.669

0.222

0.222 172/2+174/4

0.658

0.658

0.222 171/3 + 172/ 3

0.222 171/4+ 172/2

0.658

0.836

0.747 172/1 मिन -2

204/2

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- हरसी उच्चस्तरीय मुख्य नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बड़वानी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बड़वानी, दिनांक 24 सितम्बर 2010

क्र. 1535 - भू-अर्जन- नहर- 2010- प्र.क्र. 21-अ- 82-2009- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उपरोक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बड़वानी

(ख) तहसील- बड़वानी

(ग) ग्राम का नाम- बड़वानी खुर्द

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 10.235 हेक्टर.

खसरा नम्बर

अधिग्रहित किया जाने वाला क्षेत्रफल ( हेक्टर में )

(2)

(1)

4

0.081

0.262

5/13

0.121

8/2, 9/1

0.041

10/2

0.220

10/5 , 13/3

10/6

0.101

0.223

13/4

0.223

13/5

0.222

13/6

0.110

13/7

1.460

14/1 भाग 1 ]

2723

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(1)

(2)

14/2

0.182

0.131

14/3

14/6

0.182

14/7

0.182

14/8

0.542

16/1

0.219

30/1

0.641

30/7

0.020

0.672

31/2क

31/1/2

0.290

35/2

0.340

35/3

0.200

0.300

35/4

35/5

0.321

0.370

35/6

46/4

0.162

48/1/2

0.004

48/2

0.290

0.582

49/1/3

51

0.541

53/1

1.000

योग .. 10.235

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर निर्माण हेतु .

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी, इंदिरा सागर परियोजना, नहर बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 11 , बड़वानी , जिला बड़वानी के कार्यालय में, कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संतोष मिश्र , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग धार , दिनांक 29 सितम्बर 2010

क्र. 1806 - वाचक- प्र. क्र. अ- 82-2008-2009.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-धार

(ख) तहसील- मनावर

(ग ) ग्राम- अजन्दीमान

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.521 हेक्टर

सर्वे नं.

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.050

252/1/1

0.080

252/7/3

0.100

252/7/2

252/7/1

0.100

0.022

267/1 /1 ड

0.026

267/1 ग

0.053

267/1 / 1 घ

0.090

252/6

0.521

योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- औंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर.डी. 122.918 मी. से. 124.975 मी . के बीच नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भू- अर्जन की धारा 6 के अन्तर्गत अर्जन कार्यवाही हेतु आदेशित किया जाता है .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला धार एवं भू- अर्जन अधिकारी सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30, मनावर, जिला धार के कार्यालय में , कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .

2724

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

धार , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

क्र. 1849 - वाचक- प्र. क्र. अ- 82-2008-2009.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- धार

(ख ) तहसील- मनावर

(ग ) ग्राम- देवगढ़

(घ) लगभग क्षेत्रफल-31.971 हेक्टर.

क्रमांक धारा 6 में प्रकाशित रकबा पूर्व में प्रकाशित सर्वे नं. जिनमें

सर्वे नम्बर रकबे में बचत हुई

(2)

(3)

(1)

(4) 1 264/ 1 ग

0.560 217/1 क , 217/2

0.024

2

284/1 257/1/2/3/1 क

262/2

161/1 3

0.033

4 263/2

0.530

277/2 ग 5

276/2, 277/2 क

227/2ख 6

7

208/1

1.147

योग ..

अनुसूची

रकबा

संशोधित

रकबा

क्रमांक

सर्वे नंम्बर

(7)

(8) (5)

(6)

1

0.359 0.259

217/1क, 217/2

0.485 0.385

2

284/1

0.565

161/1

3

0.530

0.485

277 /2ग

0.140

1

0.210 0.140

5

276/2 277/2क

0.2-12 0.200

ن

227/2ख

0.455

208/1

निल

7

2.801 1.654

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- औंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर.डी. 145000 कि. मी. से. निकलने वाली डिस्ट्रीब्यूटरी क्र. 16 एवं उसकी माईनर क्र. 1 , 5 , 6 , 7 , 8 के बीच नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भू-अर्जन की धारा 6 के अन्तर्गत अर्जन कार्यवाही हेतु आदेशित किया जाता है.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला धार एवं भू-अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना , मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 , मनावर, जिला धार के कार्यालय में, कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

भाग 1 ]

2725

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

क्र. 1854-वाचक प्र. क्र. अ-82-2008-2009.--82-2008-2009.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत संशोधित अधिसूचना इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- धार

(ख) तहसील- मनावर

(ग) ग्राम -गांगली

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-11.440 हेक्टर.

रकबा

संशोधित

रकबा पूर्व में प्रकाशित सर्वे नं.

सर्वे नंबर (हे. में) (1)

(2)

(1)

(2) 0.178

0.188 278/2

57/2, 57/3

24/2क

0.240

24/2ग

0.230 0.418

0.418 योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- औंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर.डी. 145000 मी. से. निकलने वाली डिस्ट्रीब्यूटरी क्र. 16 एवं उसकी डायरेक्ट माईनर 73 के बीच नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भू- अर्जन की धारा 6 के अन्तर्गत अर्जन कार्यवाही हेतु आदेशित किया जाता है.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला धार एवं भू- अर्जन अधिकारी, सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30, मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला भिण्ड, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग भिण्ड, दिनांक 30 सितम्बर 2010

क्र. क्यू- कोर्ट- कले.- राजस्व-01- भू-अर्जन-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- भिण्ड

(ख ) तहसील- गोहद

(ग ) नगर/ग्राम- गोहद

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.021 हेक्टर.

रकबा

सर्वे नम्बर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

0.021

2646

योग . 0.021

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- गोहद बनीपुरा रोड हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , जिला भिण्ड के कार्यालय में किया जा सकता है.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी गोहद, जिला भिण्ड के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रघुराज राजेन्द्रन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खरगोन , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

क्र.1583 - भू. - अ.- 10- प्र. क्र.-21-अ-82-09-10 - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , 2726

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक 522-05- कोर्ट -10 , इंदौर, दिनांक 16 जुलाई 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 ( 4 ) की अर्जेन्सीक्लाज की अनुमति प्राप्त है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील- बड़वाह

(ग ) ग्राम का नाम- आलीबुजूर्ग

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.673 हे. निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

खसरा नम्बर

विवरण

डूब का रकबा

(हे. में)

(1)

(2)

(3) 6/1

0.081

पाईप लाईन -7

0.366

18

0.202

19

पाईप लाईन -14 290

0.012

0.012

293

योग .. 0.673

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1. कलेक्टर जिला- खरगोन, 2. भू-अर्जन अधिकारी, म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर मुख्यालय खरगोन , 3. कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प. / म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4. महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र.1582- भू. - अ. - 10- प्र. क्र.- 22- अ-82-09-10- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है .

भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक 522-05- कोर्ट -10 , इंदौर, दिनांक 16 जुलाई 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4 ) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- बड़वाह

(ग) ग्राम का नाम- बेलसर

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 2.798 हे. निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

विवरण खसरा नम्बर

डूब का रकबा

(हे. में)

(3)

(2)

(1)

175

पाईप लाईन-10 , मोटरघर -4

1.882

0.440

179

0.440

183

0.036

184

2.798

योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1. कलेक्टर, जिला- खरगोन, 2. भू-अर्जन अधिकारी, म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर मुख्यालय खरगोन, 3. कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प./ म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4. महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 1578- भू - अ.-10-प्र. क्र. 23-अ-82-09-10 - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.

भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक 522-05- कोर्ट -10 , इंदौर, भाग 1 ]

2727

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

दिनांक 16 जुलाई 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17(4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- बड़वाह

(ग) ग्राम का नाम- बकावां

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.397 हेक्टेयर निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

खसरा नम्बर

विवरण

डूब का रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

(3) 8/1

0.044

350/2

नीम-1

0.128

0.127

नीम-1 350/3

527/1

0.950

528/4

0.189

614/2

0.150

614/3

0.200

614/4

0.100

614/5

0.057

528/2

0.709

0.631

534/1

534/2

0.202

539/3

0.040

0.280

आम पौधा-1 539/4

539/5

0.330

नीम वृक्ष-3 539/6

0.260 योग . 4.397

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान) , 1 - कलेक्टर, जिला-खरगोन, 2- भू-अर्जन अधिकारी , म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन, 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प. / म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 1580- भू.- अ.- 10-प्र. क्र. 24-अ-82-09-10- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.

भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग इन्दौर के पत्र क्रमांक 522-05- कोर्ट -10 , इंदौर, दिनांक 16 जुलाई 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17(4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील- बड़वाह

(ग) ग्राम का नाम- सेमरला

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.101 हेक्टेयर निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

खसरा नम्बर

विवरण

डूब का रकबा

(हे. में)

(3) (1)

(2)

0.020

115

120

0.081

गोग .. 0.101

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) . 1 - कलेक्टर, जिला- खरगोन, 2- भू-अर्जन अधिकारी, म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन , 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प. / म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 1577- भू.- अ.-10-प्र. क्र. 25-अ- 82-09-10 -चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है .

2728

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग इन्दौर के पत्र क्रमांक 529-05-कोर्ट -10, इंदौर, दिनांक 26 जुलाई 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 ( 4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील - बड़वाह

(ग) ग्राम का नाम- नगावां

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.552 हेक्टेयर निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

विवरण खसरा नम्बर डूब का रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(3) (1)

0.041

6 पैकी

11

0.121

0.170

13/1

16

0.114

ईमली-1 , नीम -4

0.045

17/1

नीम-1 23

0.041

25/1

0.012

मकान -1

0.012

25/2

मकान-2 26

0.008

0.008

27

मकान-1

0.012

28

0.008

29

मकान-1 30

0.008

मकान -1

0.008

31

32

0.057

मकान-1 33

0.061

0.036

35

36

0.036 मकान -2 , नर्मदा मंदिर 1 , सीताफल -1 , आम पौधे -3 , बड़ -1 , पीपल -1 , नीम -1 , नींबू-1 , बादाम -1 , अनार -1 जाम -1 40

0.057

मकान -4, नीम-1 42/1

मकान-1 , कोलुड़-1 बेर -1

0.101

49

नीम -2 , डी.पी.एम.पी.ई.बी-1

0.109

50

0.081

53

0.045

(3)

(2)

(1)

0.024

54

0.008

73/1पैकी

0.010

104 पैकी

0.056

मकान -1 108/1

0.057

108/2

0.017

108/3 पैकी

0.065

110

0.008

114 पैकी

0.004

116 पैकी

0.072

117 पैकी

0.008

118 पैकी

0.032

121 पैकी

1.552

योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , 1 - कलेक्टर , जिला- खरगोन, 2- भू-अर्जन अधिकारी, म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन, 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प./ म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 - महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र.1581 - भू. - अ.- 10- प्र. क्र.-26-अ-82-09-10 - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.

भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक 529-05- कोर्ट -10, इंदौर, दिनांक 26 जुलाई 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील - बड़वाह भाग 1 ]

2729

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(ग) ग्राम का नाम- मर्दाना

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-10.477 हेक्टर निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

खसरा नम्बर

विवरण

डूब का रकबा

(हे. में)

(1)

(2)

(3) 91

0.008

पाईप लाईन -5 95/1

0.020

मकान -1 95/2

0.008

96/2

0.008

0.010

97

98

0.028

100/1

0.040

100/2

0.040

101

0.129

102/1

0.105

नीम-1 102/2

0.037

नीम-2 102/3

0.036

102/4

0.036

103

0.186

नीम-1 104

0.174

0.065

105/1

105/2

0.137

0.065

105/3

105/4

0.065

107

0.170

108

0.129

109

0.142 नीम -1 , बासझुण्ड -1 ,

मकान -1 , सागवान -10 110

0.081

111

0.222

115

0.158

117

0.219

116

0.139

118

0.097 नीम-1 , सागवान -10 119/1

0.032

119/2

0.033

120

0.045

121

0.045

इमली -1 122

0.101 बैर -1 , इमली -1 , अस्तरा -1 ,

बांस झुण्ड-4 , नीम -4 123

0.146

125

0.186

नीम-2 127

0.081

128

0.065

(3)

(2)

(1)

0.198

129

नीम-2 , बैर -1 130

0.081

131

0.081

132

0.081

नीम-1 133

0.097

134

0.049

135

0.182

0.117

136/1

136/2

0.118

137

0.129

138/1

0.041

138/2

0.040

0.105

139

140

0.089

इमली-1

0.081

141

142/1

0.020

142/2

मकान -1 , पानी की टंकी-1

0.020

(टीन शेड) 143

0.040

145

0.138

146

0.016

0.049

149/1

149/2

0.052

0.052

149/3

151

0.068

152

0.036

153

0.008

162

0.085

0.360

नीम-5 163

164

0.024

166/1

0.346

मकान-4 166/2

0.012

166/3

0.057

मकान-1 166/4

0.057

मकान -1 167

0.105

मकान-4

0.010

मकान-1 194

195

0.113

टीन शेड -1 , नीम -1 ,

इमली-1 196

0.153

मकान -4

0.016

गोबर गैस -1 198

201

0.097

मकान-1 203

0.045

मकान -1 204

0.093

मकान-1 , टप्पर-2 205

0.061 मकान -1 , टीनशेड-1 , नीम-2 2730

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(1)

(2)

(3) 206

टप्पर -1

0.061

207/1

0.029

मकान -1 207/2

0.028

मकान-3 210

0.061

200

0.045

208

0.080

मकान -1 218

0.012

220

0.360

मकान-1 222

0.057

219/1

0.042

नीम-2 219/2

0.085

मकान-1 219/3

0.019

इमली-1 223

0.024

224/1

0.077

मकान-1 224/2

0.077 गोबर गैस -1 , इमली -1 , एयरटेल टावर -1 , जनरेटर -1 226/1

0.041

मकान-1

0.040

226/2

मकान -1 227

0.020

229/1

0.020

मकान -1 229/2

0.020

मकान-1

0.016

229/3

229/4

0.017

229/5

0.020

230

0.049

231

0.049

मकान-3 232

0.061

मकान -1 233

0.012

मकान -1

0.008

234

मकान -1 235

0.121

मकान-1 236

0.093

मकान-1 237

0.081 इमली -1 , नीम -1 , मकान -1 238

0.073

239

0.012

241

0.146

251

0.130

252

0.085

255

0.020

256

0.020

266/1

0.150

296

कुआं पक्का1 , नीम -1 नीम-2, जामुन-1 , आंवला-2

0.030

297

0.160

298

0.100

260

0.500

(3) (1)

(2)

261

0.016

264

0.210

267

0.010

547

0.180

10.477

योग

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1 - कलेक्टर , जिला- खरगोन, 2- भू-अर्जन अधिकारी , म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन, 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल) म.ज.वि.प. / म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 1579 - भू. - अ.- 10-प्र. क्र. 27-अ-82-09-10-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है .

भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक 530-05- कोर्ट-10 इंदौर, दिनांक 26 जुलाई 2010 से अधिनियम की धारा 17( 1 ) सह 17(4 ) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- महेश्वर

(ग) ग्राम का नाम -जलूद

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-6.268 हेक्टर निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

खसरा नम्बर

विवरण

डूब का रकबा

(हे. में)

(1)

(2)

(3) 13/4

0.972 पाईप लाईन -1 , नीम -1 खाकरा-1 भाग 1 ]

2731

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(1)

(2)

(3) 68/5

0.081

68/6

0.076

68/7

0.076

72/2

0.506

नीम-4 73

1.218 नीम-10, नीम पौधे -30 76/5

0.344

नीम-1

0.040

79/1

96/2

2.194 आम-1 ( सूखा ) नीम -1 102

0.032

103

0.032

105/1/2

0.020

बड़-1 , नीम-1 105/1/3

0.024

105/5

0.081

105/6

0.122

108

0.073

ईमली -1 113

0.284 सुरजना पौधा-40 , नीम-8 100/133

0.093

6.268

योग ..

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के निर्माण एवं डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1 - कलेक्टर, जिला- खरगोन, 2- भू-अर्जन अधिकारी , म.ज.वि.प. मण्डलेश्वर मुख्यालय खरगोन , 3 - कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म.ज.वि.प./ म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4 - महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग झाबुआ, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

क्र. 2830 - भू-अर्जन- 2010 - राजस्व प्रकरण- क्रमांक-ए- 82.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1) मकानों का वर्णन-

(क ) जिला- झाबुआ

(ख ) तहसील-पेटलावद

(ग ) ग्राम-कोटड़ा चारण

(घ) लगभग क्षेत्रफल-731.06 वर्गमीटर .

सर्वे नम्बर

क्षेत्रफल

(वर्गमीटर में)

(1)

(2)

326

93.84

326

167.94

326

29.70

326

65.87

326

54.56

326

93.04

326

126.75

326

58.56

326

40.80

731.06

कुल योग .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शोभित जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दतिया , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दतिया, दिनांक 4 अक्टूबर 2010

क्र. 3 - अ - 82-2008-09.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दतिया

(ख ) तहसील- सेंवढ़ा 2732

(ग) ग्राम- बडोखरी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.24 हेक्टर .

खसरा नं.

रकबा (हे. में)

(1)

(2)

670

0.24

(2) सार्वजनिक प्रयोजन की आवश्यकता- राजघाट परियोजना के अन्तर्गत अखदेवा शाखा की टेडा माइनर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , राजघाट परियोजना , दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जयश्री कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर , जिला हरदा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग हरदा, दिनांक 4 अक्टूबर 2010

क्र. 9950- भू- अर्जन-35-अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- हरदा

(ख ) तहसील- खिरकिया

(ग ) नगर/ग्राम- रूनझुन

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-5.388 हेक्टेयर/ 13.29 एकड़.

खसरा नम्बर

रकबा

विवरण

(हे. में)

(2)

(1)

(3)

0.181

231/1 , 231/2

234

0.214

238

0.163

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(1)

(3)

(2)

0.008

244/1,244/2,244/3

242

0.129

0.121

130/1 , 130/2

0.242

128/1 , 128/2

128/3, 128/4 128/5 , 128/6 , 128/7

0.364

141/1 , 141/2

143/1 , 143/2

0.405

143/3, 143/4

143/5 , 143/6

0.008

149/1 , 149/2 ,

149/3, 149/4,

0.291

248/1 , 248/2

0.202

253/1 , 253/2

253/3, 253/4

122/1 , 122/9

122/3 , 122/8

122/4, 122/10

0.384

122/5 , 122/11

122/6 , 122/12

122/7 , 122/13

122/2, 122/14

122/15 , 122/16

0.061

233/2, 233/3

237

0.141

239

0.238

0.335

241/1, 241/2

129

0.121

0.194

127/1 , 127/2

0.364

133/1 , 133/2

133/3

142

0.049

148/1 , 148/2 ,

0.133

148/3 , 148/4,

148/5

236

0.291

0.586

255/1,255/2,255/3

252

0.163

5.388

योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- इमलीढाना जलाशय की सिपेज डेन के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भाग 1 ]

2733

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

क्र. 9946 - भू-अर्जन-36-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- हरदा

(ख) तहसील- सिराली

(ग) नगर/ग्राम- मुहाल सरकुलर

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.436 हेक्टेयर/ 1.08 एकड़.

खसरा नम्बर

रकबा

विवरण

(हे. में)

(1)

(2)

(3) 32/1

0.036

25/1

0.061

24/2

0.036

25/6

0.036

0.085

24/3

24/1

0.182

योग 0.436

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- इमलीढाना जलाशय की सिपेज डेन के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 9948 - भू-अर्जन- 37-अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- हरदा

(ख ) तहसील- सिराली

(ग ) नगर/ ग्राम- सांवलखेड़ा रैयत

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.460 हेक्टेयर/ 1.14 एकड़.

खसरा नम्बर

विवरण

रकबा (हे. में)

(3) (1)

(2)

21/1

0.242

9

0.049

0.169

99/1

योग 0.460

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- इमलीढाना जलाशय की सिपेज डेन के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जॉन किंग्सली, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग टीकमगढ़ , दिनांक 4 अक्टूबर 2010

क्र. 3 - भू- अर्जन- 2010-प्र. क्र.-3-अ- 82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस संबंध में माननीय आयुक्त, सागर संभाग , सागर द्वारा अपने पत्र क्रमांक- 843- एक- स.अ. - 2010 , दिनांक 27 सितम्बर 2010 अनुसार भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 17 ( 1 ) के तहत अर्जेन्सीक्लाज की अनुमति दी जा चुकी है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- टीकमगढ़

(ख ) तहसील- टीकमगढ़ 2734

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(ग ) नगर/ग्राम- गुदनवारा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-8.510 हेक्टर खसरा नम्बर

रकबा

(हेक्टेयर में ) (1)

(2) 1079

0.020 1080

0.061 1081

0.245 1088

0.200 1089

0.300 1091

0.040 1092

0.020 1093

0.200 1097

0.300 1099

0.024 1100

0.591 1102

0.129 1103

0.364 1104

0.097 1105

0.028 1106

0.120 1107

0.032 1108

0.050 1117

0.040 1119

0.160 1120

0.036 1121

0.470 1123

0.320 1124

1.817 1127

0.255 1128

0.138 1129

0.320 1130

0.190 1131

0.539 (1)

(2)

0.522

1132

1133

0.178

0.020

1134

0.482

1135

1136

0.081

0.121

1137

योग . 8.510

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बगाज माता तालाब योजना के डूब क्षेत्र .

(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला-टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

क्र. 5- भू-अर्जन- 2010-प्र. क्र.-5-अ-82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस संबंध में माननीय आयुक्त, सागर संभाग , सागर द्वारा अपने पत्र क्रमांक- 843-एक-स.अ.- 2010 , दिनांक 27 सितम्बर 2010 अनुसार भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 17( 1 ) के तहत अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति दी जा चुकी है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- टीकमगढ़

(ख ) तहसील - टीकमगढ़

(ग) नगर/ग्राम- कछियाखेरा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 48.268 हेक्टर .

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

80/4

1.000

80/5

0.347 भाग 1 ]

2735

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(1)

(2) 82/2

1.416 82/3

2.023 82/4

0.809

2.023 82/5

82/6

2.023 82/7

2.023 82/8

2.023 82/9

1.415 82/10

0.607 82/11

0.607 82/12

0.607 82/13/1

2.023 82/13/2

2.023 82/14

0.205 82/14/1

0.405 82/15/1

0.733 82/15/2

0.809 82/15/3

1.069 82/15/4

1.343 82/15/6

1.200 82/15/7

0.485 82/15/8

0.405 82/15/9

1.485 82/15/10

0.716 82/16

0.607 82/17/1/1

1.261 82/17/1/2

0.762 82/17/2

1.619 82/18/1

1.214 82/18/2

0.499 82/19

0.809 82/20/1

0.737 82/20/2

0.451 82/21

0.809 (1)

(2)

82/22

1.551

82/23

1.011

82/24

0.809

0.809

82/25

0.405

82/26

82/27

0.607

82/28/1

0.549

82/28/2

0.413

0.902

82/28/3

0.024

82/206

0.020

79

66

0.010

0.010

69

0.010

71

72

0.040

73

0.040

0.080

47/5/2

47/4

0.280

144

0.060

0.065

0.56

0.020

157

172/1

0.100

172/2

0.100

82/15/12

0.713

82/214

0.113

0.186

82/215

82/216

0.749

योग . 48.268

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बगाज माता तालाब योजना के डूब क्षेत्र बांध एवं नहर निर्माण कार्य .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला-टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

2736

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

क्र. 6 - भू-अर्जन-2010-प्र. क्र.-6-अ-82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस संबंध में माननीय आयुक्त, सागर संभाग , सागर द्वारा अपने पत्र क्रमांक- 843- एक- स.अ.- 2010 , दिनांक 27 सितम्बर 2010 अनुसार भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 17( 1 ) के तहत अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति दी जा चुकी है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-टीकमगढ़

(ख) तहसील-टीकमगढ़

(ग) नगर/ ग्राम-राधापुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 30.040 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

(1)

रकबा (हेक्टेयर में ) (2)

85/2

1.214

85/3

0.586

86

0.251

88

0.081

89

0.061

90

0.138

0.089

91

92

0.150

93

0.049

94

0.372

95

0.032

96

0.020

97

0.028

98

0.040

99

0.069

100

0.012

101

0.065

102

0.053

103

0.057

104

0.049

105

0.364

106

0.134

(2)

(1)

107

0.105

0.045

108

109

0.158

110

0.097

111

0.016

112

0.328

113

0.174

114

0.089

115

0.150

0.223

116

117

1.707

118

0.446

119

0.368

0.348

120/1

120/2

2.023

120/3

1.809

0.896

120/4

0.206

123

124

0.466

0.186

125/1

1.667

125/2

126

0.874

0.235

127

129/1

0.304

0.040

129/2

130/1

0.243

130/2

0.242

131

0.906

132

0.053

133

0.186

0.142

134

135

0.158

136

0.097

137

0.024

138

0.186

0.522

139

0.134

141

142

0.170

0.020

144

145

0.324

0.040

146

0.077

149

150

0.040 भाग 1 ]

2737

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(1)

(2) 151

0.040 152/1

0.332 152/2

0.530 153

0.140 154/1

0.020 154/2

0.150 155

0.765 156

0.138 157

0.194 159

0.198 160

0.409 161

0.384 162

0.028 163

0.129 164

0.036 165

0.223 166

0.450 167

0.036 168

0.140 170

0.053 171

0.097 172

0.170 173

0.154 174

0.162 175

0.045 177

0.190 178

0.008 179

0.032 180

0.175 181

0.125 182

0.105 183

0.077 184

0.287 185

0.230 186

0.100 249

0.410 250

0.020 251

0.186 252

0.100 256

0.200 260

0.194 261

0.045 262

0.182 263

0.032 (1)

(2)

264

0.117

0.227

265

266

0.020

0.020

267

0.384

268

0.008

269

270

0.109

271

0.372

0.624

272

योग .. 30.040

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बगाज माता तालाब योजना के डूब क्षेत्र.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला- टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

क्र. 11 - भू-अर्जन- 2010-प्र. क्र. 11-अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस संबंध में माननीय आयुक्त, सागर संभाग , सागर द्वारा अपने पत्र क्रमांक- 843- एक- स.अ.- 2010 , दिनांक 27 सितम्बर 2010 अनुसार भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 17 ( 1 ) के तहत अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति दी जा चुकी है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-टीकमगढ़

(ख ) तहसील-टीकमगढ़

(ग) नगर/ ग्राम- समर्रा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-28.954 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

35/1

0.300

36

0.024

37/2

1.983 2738

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(1)

(2) 39

0.186 41

0.725 42

0.526 43/1

0.235 43/2

0.061 44

0.239

0.365 45

46

0.012 47/1

0.802 47/2

0.138 48

0.100 49

0.231 50

0.150 51

0.025 52/1/1

0.809 52/2/1

0.200 52/3

0.061 52/4

0.655 52/7

0.219 163/1

0.070 164

0.121 165

0.032 166

0.028

0.028 167

168

0.060 173

0.460 195

0.120

0.206 197/1

197/2

0.185 198

0.160 199

0.150 200

0.665 201

1.306 202/1/1

1.000 202/1/2

1.619 202/1/3

1.214 202/2

1.000 203

0.200 204

0.300 205

0.028 206

1.222 208

1.388 209

1.088 213

0.769 (1)

(2)

214

0.749

215/1

0.600

215/2

4.400

215/4

0.500

0.809

215/5

521

0.297

38

0.134

योग .. 28.954

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बगाज माता तालाब योजना के डूब क्षेत्र.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला-टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

क्र. 12- भू- अर्जन-2010-प्र. क्र. 12-अ- 82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस संबंध में माननीय आयुक्त, सागर संभाग , सागर द्वारा अपने पत्र क्रमांक- 843- एक- स.अ.- 2010, दिनांक 27 सितम्बर 2010 अनुसार भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 17 ( 1 ) के तहत अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति दी जा चुकी है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- टीकमगढ़

(ख) तहसील-टीकमगढ़

(ग ) नगर/ ग्राम- वकपुरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल -71.590 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

108/1

0.200

109

0.032

110

0.239 भाग 1 ]

2739

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(2) (1)

111

0.010 112

0.186 113

0.591 114/2/1

0.484 114/3

1.440 115

0.117 116

0.098 117

0.200 119

0.250 120

0.348 121

0.076 453/2

0.770 454

0.454

0.890 455

456

0.069 457/1

1.202 524

1.659 525

0.101 526

0.526 527

0.214

0.045 516

520

0.591 528

0.166 529

1.093 530

0.227 531

0.089 532

0.486 533

0.134 534

0.683 535

0.559 536

0.279 537

0.073 538

0.134 539

0.069 540

0.049 541

0.105 542

0.717 543

3.040 544

0.901 545

0.429 547

0.713 549

0.405 550/1

1.148 551

0.751 (1)

(2)

0.452

555

0.765

557

0.361

558

0.401

559/1

0.516

559/2

0.085

496

0.154

497

0.040

498

0.178

499

500

0.251

501

0.271

503

0.327

504

0.156

505/1

0.200

505/3

1.570

615/1

0.539

0.538

615/2

615/3

0.471

615/4

0.470

615/5

0.470

2.000

618/3

623

0.519

624

0.194

0.247

626

0.813

627

628/2/1

2.023

628/2/2

1.619

628/3

2.023

628/4

1.497

1.575

628/1

0.228

629/1

632/3

1.209

0.300

632/4

636

0.055

637

1.247

638

5.268

0.120

514

513/2

0.400

487/2

0.555

0.500

489

0.060

490

0.125

491

492

0.020

493

0.040 2740

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(2)

(1)

494

0.077

495

0.061

506/1/3

0.551

506/1/4

1.012

506/2

0.989

506/3

1.254

507

0.053

508

0.918

505/5

0.200

506/1/1

1.675

506/1/2

1.214

509

0.644

510

0.032

511

0.745

512

8.106

470

0.005

0.040

471

475

0.015

484

0.030

475/655

0.075

योग .. 71.590

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बगाज माता तालाब योजना के डूब क्षेत्र, बांध निर्माण , स्पिल चैनल, वेस्ट वियर एवं नहर निर्माण .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू अर्जन अधिकारी टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग टीकगगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अखिलेश श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 5 अक्टूबर 2010

क्र. 10079 -प्र- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-अशासकीय भूमि का अर्जन (क) जिला-सागर

(ख) तहसील- सागर

(ग ) नगर/ग्राम- पगारा

(घ) क्षेत्रफल-4.44 हेक्टर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.80

03

24

0.02

04

0.80

05

0.80

08

0.94

0.08

10/1

25

0.05

26

0.95

योग. 4.44

(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए आवश्यकता है- पगारा जलाशय योजना के बांध कार्य हेतु द्वारा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , सागर.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सागर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाग से तथा आदेशानुसार, मनीष श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर , दिनांक 5 अक्टूबर 2010

क्र. 13 - अ - 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भाग 1 ]

2741

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन

(क) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील- वकस्वाहा

( ग) नगर/ग्राम- पड़रियां

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.960

( 1 ) निजी भूमि-0.960

(2) शास. भूमि- निरंक

अर्जित की जा रही भूमि की सूची

खसरा नम्बर

रकबा

(हेक्टर में )

(1)

(2)

ग्राम पड़रियां

148/1

0.020

149

0.020

150

0.056

151

152

0.104

162

0.120

168/1

0.072

175/1

0.112

0.208

178

179/1

0.024

262

263

0.104

344/9

0.120

0.960

योग .

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- कुसमाड़ तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 14- अ-82-09-10 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन

(क) जिला - छतरपुर

(ख) तहसील- वकस्वाहा

(ग) नगर/ग्राम - मछन्दरी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.791

(1 ) निजी भूमि-2.791

(2) शास. भूमि-निरंक

अर्जित की जा रही भूमि की सूची

खसरा नम्बर

रकबा

(हेक्टर में)

(2)

(1)

ग्राम मछन्दरी

101

0.120

104/1

0.304

106

107/1

0.100

107/2/1

0.068

134

0.016

147

0.040

149

156

0.210

157

0.006

0.060

159/2

0.036

162/1

162/2

162/3

0.160

163/3

166

167/1

0.052

184/1/1

0.040

184/1/2

0.040

0.020

184/2

329

0.080

0.072

330/1

345/1

339

0.014

340

0.043

342

0,038

343

0.035

344/2

0.112

345/3

0.120

441/1

442/1

0.120

443

445

0.064

447/2

456

0.104

457

458

0.012

459/2

461/2

460

529

0.025

530

0.136 2742

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(2)

(1)

533/1

0.076

0.100

533/21

534/2

0.112

535

536

0.120

541

0.136

योग 2.791

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- कुसमाड़ तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 15- अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन

(क ) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील- वकस्वाहा

(ग) नगर/ग्राम- भुजपुरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.119

(1 ) निजी भूमि-3.119

(2) शास. भूमि- निरंक

अर्जित की जा रही भूमि की सूची

खसरा नम्बर

रकबा

(हेक्टर में )

(1)

(2)

ग्राम भुजपुरा

11/7

0.120

221/2

11/12

0.144

0.232

212/1 , 10

127

0.056

(2)

(1)

0.061

128

0.033

135

136

0.136

147

137

0.031

0.056

157

160

0.026

161

169

0.064

185

0.120

0.040

193

0160

195

196/1

0.080

196/2

0.088

197

0.152

198/11

211/2

217/1

0.120

217/2

221/3/1

0.128

222/1/1

225/1

0.272

225/2

302

0.088

303

0.072

304

305

0.120

317/1

0.208

351/1

0.168

351/3

352

355/2

0.344

355/3

योग 3.119

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- कुसमाड़ तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

2743

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

क्र. 22- अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन

(क) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील - वकस्वाहा

(ग ) नगर/ग्राम- डुगासरा

( घ) लगभग क्षेत्रफल-1.148

( 1 ) निजी भूमि-1.148

(2) शास. भूमि- निरंक

अर्जित की जा रही भूमि की सूची

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

ग्राम डुगासरा

86

0.152

114/1

0.284

114/2

0.100

116/2

0.120

117

0.168

118

0.080

119

0.024

0.084

139

195

0.048

197

0.088

योग . 1.148

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- कुसमाड़ तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना , रीवा एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 5 अक्टूबर 2010

क्र. 1067- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , जिसके द्वारा घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- हुजूर

(ग ) नगर/ग्राम- पुरैनी 378

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.988 हेक्टर .

खसरा क्र. अशासकीय भूमि (हेक्टर में)

(1)

(2)

शासकीय भूमि (हेक्टर में) (3)

निरंक 50

0.080

51

0.008

52

0.016

53

0.041

54

0.020

55

0.031

56

0.016

57

0.016

110

0.056

92

0.035

91

0.024

0.063

88

0.009

87

86

0.182

85

0.003

81

0.405

80

0.009 2744

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(1)

(3)

(2)

70

0.332

71

0.008

0.220

171

180

0.201

181

0.013

182

0.013

183

0.163

184

0.024

1.988

कुल

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली चचाई वितरण नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1069- भू-अर्जन-कार्य-200.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रामपुर बघेलान

(ग) नगर/ग्राम- अबेर कोठार

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.223 हेक्टर.

खसरा नम्बर

शासकीय भूमि अशासकीय भूमि

(हेक्टर में)

(हेक्टर में) (1)

(2)

(3) 1912

0.403

निरंक 1096

0.202

1098

0.109

1489

0.097

(3) (1)

(2)

1488

0.208

0.077

1490

1095

0.101

3190

0.090

929/3630

0.141

1304

0.036

1306

0.199

0.200

1308

1886/2

0.101

3548/211

0.056

0.470

1901/1

332/3

0.133

1624

0.590

1628

0.120

0.168

1882

3544

0.052

3443

0.016

0.040

2491

0.081

2498

2499

0.182

2537

0.061

0.045

2538

2536

0.020

2533

0.101

2565

0.125

4.223

कुल .

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली पुरवा नहर की मुख्य नहर एवं विभिन्न माइनर सबमाइनर अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु .

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भाग 1 ]

2745

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

क्र. 1071 - भू- अर्जन- 06-07.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- रघुराज नगर

(ग ) नगर/ग्राम-कुंआ कोठार

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 0.320 हेक्टेयर.

खसरा नं .

रकबा

(हे. में)

(1)

(2)

1687

0.320

योग ..

0.320

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के मुख्य नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1073 - भू- अर्जन- 06-07 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सतना

( ख ) तहसील - रघुराज नगर

(ग) नगर/ग्राम- पवैया

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 1.277 हेक्टेयर.

खसरा नं.

रकबा

(हे. में)

(2)

(1)

174

0.524

263

0.064

0.202

264

0.032

543

546

0.089

148

0.365

0.022

152

योग .. 1.277

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के मुख्य नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र.1075 - भू- अर्जन-06-07.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात कासमाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- रघुराज नगर

(ग ) नगर/ ग्राम-रंगौली

(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 0.873 हेक्टेयर.

खसरा नं.

(1)

रकबा (हे . में) (2)

0.655

2

3

0.218

0.873

योग ..

2746

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के मुख्य नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1077- भू-अर्जन-06-07.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमिकी, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सतना

(ख) तहसील- रघुराज नगर

(ग) नगर/ ग्राम- बारी खुर्द

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 0.050 हेक्टेयर.

खसरा नं.

रकबा (हे. में)

(1)

(2)

212

0.050

0.050

योग ..

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के मुख्य नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1079 - भू- अर्जन- 06-07.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1994 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सतना

(ख) तहसील- रामपुर बघेलान

(ग) नगर/ग्राम-कोटर कोठार

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 13.90 हेक्टेयर.

खसरा नं.

रकबा

(हे. में)

(2)

(1)

0.004

4118

4623

0.032

4315

0.016

4317

0.004

4322

0.125

4279

0.008

0.073

4281

0.004

4360

3262

2.159

4640/3

0.400

3153

0.248

3154

0.204

3155

0.427

0.180

3158

0.400

3156

3157

0.450

3170

0.140

0.250

3173

3160

0.050

3131/1

0.291

0.291

3131/2

0.147

3131/3 क

3131/3ख

0.140

3130/2

0.816

3738

0.169

3340

0.450

3341

0.247

3344

0.117

0.170

3342

0.045

3343

3345

0.231

0.295

3346

3347

0.526

3361

0.440

3328

0.158 भाग 1 ]

2747

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(1)

(2)

3395

0.470

3571

0.770

3502

0.090

3503

0.045

3574

0.020

3575

0.016

3576

0.057

3582

0.280

3583

0.045

3151

0.450

4115

0.012

4070

0.150

4069

0.050

3585

0.097

3584

0.085

4079

0.006

4095

0.130

4096

0.020

4098

0.012

4092

0.016

0.030

1158

1159

0.156

0.080

1677

1676

0.100

3921

0.101

3927

0.120

3939

0.200

3940

0.006

4097

0.082

3263

0.497

योग

13.90

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की पुरवा नहर एवं उसकी शाखा और उप शाखा नहरों के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग खण्डवा , दिनांक 5 अक्टूबर 2010

भू-अर्जन- प्रकरण क्र. 14-अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि पर स्थित मकानों की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है, अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि पर स्थित मकानों की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- पुनासा

(ग ) ग्राम - दिनकरपुरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल- (अ ) 646.56 व.मी. आबादी भूमि (11मकान)

(ब) 635.24 व. मी. शासकीय भूमि

(10मकान)

कुल क्षेत्रफल 1281.80 व.मी. (कुल 21 मकान) खरारा

गकान नम्बर

नम्बर

रकबा वर्ग मीटर में (1)

(2)

(3)

E- 1

49.95 आबादी भूमि-269

E-6/1

44.03 आबादी भूमि-113

"

74.70

E-6/2

"

27.22

E-6/3

"

116.77

E-7/1

"

E-7/2

69.65 "

40.90

E-7/3

"

E-7/4

111.25

40.87

E- 21/3

आबादी भूमि-269

"

44.22

E-24/4

_ "_

E-26/4

27.00

11

646.56 योग ..

26/3

31.16 शासकीय भूमि -276

"

37.21

24/3

"

19/2

64.44 "

25/5

15.35 2750

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

भू-अर्जन-प्र . क्र . 20-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि पर स्थित मकानों की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि पर स्थित मकानों की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- पुनासा

(ग ) ग्राम- सिवरीयाँ

(घ) लगभग क्षेत्रफल-

( अ ) 471.95 व.मी. लगानी भूमि (06 मकान)

खसरा नम्बर

मकान नम्बर

रकबा (वर्ग मीटर में) (1)

(2)

(3)

5/3

86.89 लगानी भूमि 85/2

_"_

126.22

5/4

7/1

57.98 लगानी भूमि 185/1

7/2

75.250 लगानी भूमि 185/2

_ "_

7/3

68.46

7/4

57.15 471.95 योग .. 06

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- म.प्र.पा.ज.कं.लि. की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अनुसार जिन भू- स्वामियों की संपूर्ण भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, उनके रहवासी मकानों का उनकी मांग पर अधिग्रहण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना, म.प्र.पा.ज.कं.लि. , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भू-अर्जन- प्र . क्र. 20-अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि पर स्थित मकानों की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि पर स्थित मकानों की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- पुनासा

(ग) ग्राम - जलकुँआ

लगभग क्षेत्रफल- (अ ) 798.44 व.मी. आबादी भूमि, (घ)

(10मकान)

(ब) 1378.525 व.मी. शासकीय भूमि, (11 मकान)

(स) 1895.76 व.मी. लगानी भूमि, (14मकान)

कुल क्षेत्रफल 4072.725 व.मी. ( कुल 36 मकान )

मकान नम्बर

खसरा नम्बर

रकबा (वर्ग मीटर में)

(2)

(3) (1)

E-7

94.60 आबादी भूमि-66

"

99.20

E-6

_" _

104.42

E- 13 / 1

_ "_

79.28

E-13/2

_ "_

82.47

E-13/3

_ "_

81.05

E-13/4

80.00

E-8

81.95

E-8

आबादी भूमि-97 आबादी भूमि-98

_ "_

46.20

E-9

_ "_

E- 14/ 1

38.14 _ "_

11.13

E- 14/2

798.44

10

योग ..

118.00

29/1

शासकीय भूमि-128

_ "_

104.49

29/2

40.00 शासकीय भूमि-154/ 1

"

70 49

114.75

63/1

414.00 शासकीय भूमि-33

"

176.67

54/2

170.00

E-4

शासकीय भूमि-154/ 1

100.00

22/1

-"- 108

_"_

29.00 _ "_

23.87

22/3

_ " _

22/4

87.745

11

1378.525 योग ..

भाग 1 ]

2751

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(2)

(1)

(3)

15

101.91 लगानी भूमि-127/2

"

E- 1

73.48

E-2/1

43.48 "

83.94

E-2/2

38

87.29 लगानी भूमि-153

E-3/1

167.65 लगानी भूमि-44/1

"

115.28

E- 3/2

E-3/3

165.60

276.67

E- 11

लगानी भूमि-95

E- 12

150.49 लगानी भूमि-135

50.31

E-5/3

लगानी भूमि-141/2

"

37.12

E-5/1

E-5/2

54.02

488.52

45

लगानी भूमि-22

1895.76 योग .. 14

35 4072.725 महायोग

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-म.प्र.पा.ज.कं.लि. की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अनुसार जिन भू- स्वामियों की संपूर्ण भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, उनके रहवासी मकानों का उनकी मांग पर अधिग्रहण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना , म.प्र.पा.ज.कं.लि. , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भू-अर्जन- प्र . क्र. 20-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि पर स्थित मकानों की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि पर स्थित मकानों की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- पुनासा

(ग) ग्राम- भगवानपुरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल ( अ) 305.12 व.मी. आबादी भूमि, (03मकान)

(ब) 1465.06 व.मी. शासकीय भूमि, (19मकान)

(स) 969.31 व.मी. लगानी भूमि,

(18 मकान)

कुल क्षेत्रफल 1878.54 व.मी. ( कुल 40 मकान ) खसरा नम्बर

मकान नम्बर

रकबा (वर्ग मीटर में )

(3)

(2)

(1)

85.85

E- 1

आबादी भूमि-298

140.43

E-2/ 1

आबादी भूमि-264

"

78.84

E-2/2

03

305.12 योग

8/3

39.19 शासकीय भूमि-82

112.77

16/1

73.53

16/2

145.38

E-7/ 1

"

58.80

E-7/2

E-7/3

80.43

21.52

10/2A

शासकीय भूमि-89

10/2B

116.59

10/3

44.16

100.00

10/1

12.67

21

"

12.67

12/3

96.18

45.25

11/2

7.56

27/2

76.86

10/7

शासकीय भूमि -97

B-29

106.33 शासकीय भूमि-93

27/1

177.15 शासकीय भूमि-249

27/2

96.10

27/3

41.92

1465.06

19

योग

21.19

13/1

लगानी भूमि -104

31.90

13/2 2752

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(2)

(3) (1)

13/3

58.43 लगानी भूमि-116

18.76

13/4

"

12/1

52.18

09.49

12/2

_ " _

53.56

14/1

लगानी भूमि-111/1

_"_

14/2

26.70 _"_

38.02

14/3

62.72

14/4

लगानी भूमि-111/1

35.31

50/3

लगानी भूमि-134

81.87

15/2

लगानी भूमि-259

E- 12/ 1

192.64 लगानी भूमि-118/1

_"_

E-12/2

52.70

133.13

10/5

लगानी भूमि-120

_"_

14.28

10/6

"

10/4

32.15 "

54.28

16

योग

18 969.31 40 2739.47 महायोग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- म.प्र.पा.ज.कं.लि. की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अनुसार जिन भू- स्वामियों की संपूर्ण भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, उनके रहवासी मकानों का उनकी मांग पर अधिग्रहण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना, म.प्र.पा.ज.कं.लि. , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भू-अर्जन- प्र. क्र. 21-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि पर स्थित मकानों की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि पर स्थित मकानों की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- पुनासा

(ग ) ग्राम - धारकवाड़ी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-(अ ) 468.70 व.मी. शासकीय भूमि, (05मकान)

(ब) 1228.473 व.मी. लगानी भूमि, (11 मकान)

कुल क्षेत्रफल 1697.173 व.मी. ( कुल 16 मकान )

मकान नम्बर

खसरा नम्बर

रकबा (वर्ग मीटर में )

(3)

(2)

(1)

102.90

25/1

शासकीय भूमि-183

"

25/2

17.64 "

74.22

31/3

54.04

30

शासकीय भूमि-215

219.90

E-9

शासकीय भूमि-

468.70

05

योग .

165.88

26/2

लगानी भूमि-180

118.62

19/1

शासकीय भूमि-167

"

21.39

19/2

"

66.06

19/3

"

75.48

19/4

_"_

19/5

68.12

135.19

13

लगानी भूमि-97/2

"

103.16

12

99.108

E-8

लगानी भूमि-161/2

290.405

E- 10/1

लगानी भूमि-161/ 1

"

85.06

E-10/2

1228.473

1697.173 योग .. महायोग 11 16

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-म.प्र.पा.ज.कं.लि. की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अनुसार जिन भू- स्वामियों की संपूर्ण भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, उनके रहवासी मकानों का उनकी मांग पर अधिग्रहण .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना, म.प्र.पा.ज. कं.लि. , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भू-अर्जन- प्र. क्र . 22-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि पर स्थित मकानों की , अनुसूची के भाग 1 ]

2753

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि पर स्थित मकानों की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- पुनासा

(ग) ग्राम - देवला

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-( अ) 194.67 व.मी. आबादी भूमि, (03मकान)

(ब) 606.62 व.मी. शासकीय भूमि, (05मकान)

(स) 1077.25 व.मी. लगानी भूमि, (12मकान)

कुल क्षेत्रफल 1878.54 व.मी. ( कुल 20 मकान ) खसरा नम्बर

मकान नम्बर

(2)

(3) (1)

191.87

O.L.30

लगानी भूमि-243

78.60

O.L.35

लगानी भूमि-237

1077.25

12

योग ..

1878.54

20

महायोग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-म.प्र.पा.ज.कं.लि. की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अनुसार जिन भू- स्वामियों की संपूर्ण भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है , उनके रहवासी मकानों का उनकी मांग पर अधिग्रहण .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना, म.प्र.पा.ज.कं.लि. , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

रकबा

(वर्ग मीटर में)

(1)

(2)

(3) आबादी भूमि-171

"

E- 1 E-9 E- 10 03

74.67 70.00 50.00 194.67 योग ..

35/5

137.860 शासकीय भूमि-202

31/2

91.00 शासकीय भूमि-117

"

59.92

250.75 शासकीय भूमि-148

E- 11

67.09 शासकीय भूमि-117

05

योग ..

72.52

O.L. 1/1

लगानी भूमि-238

53.28

O.L. 1/2

O.L. 1/3

40.35

33.32

O.L. 5/3

लगानी भूमि-242

O.L. 11/1

81.40 लगानी भूमि-239

36.45 लगानी भूमि-240

O.L. 11/3

122.98 _ " _

O.L. 28

39.37

O.L. 29/1

209.87 लगानी भूमि-245 लगानी भूमि-233

_"_

37 E-8 606.62 O.L. 11/2 O.L. 29/2

117.24 भू-अर्जन- प्र. क्र. 23-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि पर स्थित मकानों की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि पर स्थित मकानों की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- पुनासा

(ग ) ग्राम- दोंगालिया

(घ) लगभग क्षेत्रफल-( अ ) 3473.82 व.मी. आबादी भूमि, (12मकान)

(ब) 1389.65 व.मी. शासकीय भूमि, (08मकान)

(स) 406.16 व.मी. लगानी भूमि, (02मकान)

कुल क्षेत्रफल 4269.63 व.मी. ( कुल 22 मकान ) खसरा नम्बर

मकान नम्बर

रकबा (वर्ग मीटर में)

(2)

(3) (1)

53.00

E- 1

आबादी भूमि-94 2754

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(1)

(2)

(3)

E-2/ 1

92.40 आबादी भूमि-94

86.00

E-2/2

E-2/3

126.72 "

106.00

E-2/5

465.50

E-4/ 1

आबादी भूमि-110

52.00

E-4/2

"

E-4/3

132.00

E-8

200.40 आबादी भूमि -136

E- 12

21.00

E- 11

338.80

800.00

E- 10

आबादी भूमि-137

12 3473.82 योग ..

19/2

131.60 शासकीय भूमि-134

51/1

53.95 शासकीय भूमि-99

51/2

38.18 "

54.60

51/3

247.00

51/4

310.62

26/3

शासकीय भूमि-167

_"_

75.04

48A

E-2/4

478.66 शासकीय भूमि-90

1389.65

08

योग

205.25

13/2

लगानी भूमि-105

55/2

200.91

406.16 योग . 02

4269.63

22

महायोग ..

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- म.प्र.पा.ज.कं.लि. की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अनुसार जिन भू- स्वामियों की संपूर्ण भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, उनके रहवासी मकानों का उनकी मांग पर अधिग्रहण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना, म.प्र.पा.ज.कं.लि. , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भू-अर्जन- प्र . क्र. 29-अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि पर स्थित मकानों की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि पर स्थित मकानों की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- पुनासा

(ग) ग्राम- सातमोहनी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-(अ ) 181.74 व.मी. आबादी भूमि, (02मकान)

कुल क्षेत्रफल 181.74 व.मी. ( कुल 02 मकान) खसरा नम्बर

मकान नम्बर

रकबा (वर्ग मीटर में)

(3)

(2)

(1)

91.02 आबादी भूमि-117

"

90.72

E-3/ 1 E-3/2

181.74

योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- म.प्र.पा.ज.कं.लि. की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अनुसार जिन भू- स्वामियों की संपूर्ण भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, उनके रहवासी मकानों का उनकी मांग पर अधिग्रहण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना, म.प्र.पा.ज.कं.लि. , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन सचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छिन्दवाड़ा, दिनांक 5 अक्टूबर 2010

क्र. 8513 - प्रस्तु. - भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भाग 1 ]

2755

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील- चौरई

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम- रगड़ा प.ह.नं. 34, ब.नं. 244 रा.नि.मंडल- चॉद सर्किल

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल -0.353 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने

वाली संपत्तियाँ

प्रस्तावित क्षेत्रफल प्रस्तावित खसरा नम्बर

(हे. में)

(1)

(2)

109/1

0.058

109/2

0.054

0.015

109/3

0.010

140/1

168/1

0.010

184

0.046

0.010

185/3

0.060

188/1

0.090

188/2

योग 0.353 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियों (2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- दिलावार मोहगाँव जलाशय के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कार्यपालन यंत्री , कन्हरगॉव परियोजना संभाग , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी , कन्हरगॉव परियोजना नहर उप संभाग क्रमांक 2 , छिन्दवाड़ा मुख्यालय छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 8514- प्रस्तु.- भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. चूंकि प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 17 अर्जेन्सी क्लाज के उपयोग की अनुमति प्राप्त है, इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 17 ( 1 ) एवं 17 (4 ) के उपबंध लागू होते हैः-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला - छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील- सौसर

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम सेमरा प.ह.नं. 20, ब.नं. 406 रा.नि. मंडल-सौसर

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल- 02.400 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियाँ

प्रस्तावित क्षेत्रफल प्रस्तावित खसरा नम्बर

(हे. में)

(2)

(1)

0.800

42/1

0.800

42/2

0.800

10/1

योग 02.400 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियाँ (2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- ढोकडोह जलाशय के बांध निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.

( 3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उप- संभाग सौसर, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.

2756

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

क्र. 8515 - प्रस्तु. - भू- अर्जन-2010 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील- अमरवाड़ा

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम खामी प.ह.नं. 57, ब.नं. 46 रा.नि.मंडल - अमरवाड़ा.

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-71.818 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने

वाली संपत्तियाँ

प्रस्तावित

प्रस्तावित क्षेत्रफल खसरा नम्बर

(हे. में)

(2)

(1)

1.829

216/3, 218/2

0.514

211

216/6

0.478

216/7

0.101

216/8

1.171

0.100

218/4

141/15

0.486

146

0.162

2.322

141/8

0.360

137/3

208/2

1.173

1.172

216/1 , 218/1

226

0.202

120/3

1.062

0.242

126

127

2.028

152

1.558

153/1

2.194

4.047

154/1

114/4

0.051

114/6

0.051

156

0.267

114/7

0.200

115

0.219

116/2

0.171

(2)

(1)

0.559

132/1

0.328

133

1.592

132/2

0.051

141/12

0.405

132/3

0.069

131

0.431

132/4

0.546

153/3 , 154/3

1.635

128

1.123

118/3

0.051

114/5

1.384

142, 143/1

0.385

141/13 , 141/24

2.772

153/2, 154/2

1.062

120/4

0.777

141/3

1.563

216/4, 218/3

0.607

207/2

0.020

207/3

1.700

157/1

0.555

214

215

0.308

0.817

129/1

129/2

0.898

1.238

129/3

1.279

129/4

121/7

0.609

2.381

120/2, 121/4

1.319

149

0.101

135/1

0.500

134/4

2.125

120/1

0.345

118/5

0.216

114/3

1.477

118/2

0.303

134/3

0.938

118/4

0.432

114/1

0.340

119

0.189

141/10

0.332

141/7

2.664

209/1

1.781

209/2

0.692

151 भाग 1 ]

2757

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(2)

(1)

157/2

6.211

207/5

0.303

0.215

208/1

1.457

157/3

0.882

157/4

0.303

114/2, 116/1

0.809

229/1 , 230/1 , 232/1

0.478

216/2

0.101

230/2, 232/3

योग . 71.818

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- खामी बड़ेला जलाशय के अन्तर्गत बांध निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है .

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उप - संभाग , अमरवाड़ा , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 8516 - प्रस्तु. - भू-अर्जन-2010 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला - छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील - पांढुर्णा

(ग) नगर/ ग्राम- ग्राम पीपरपानी, प.ह.नं. 16/40, ब.नं. 244 रा.नि. मंडल - नान्दनवाड़ी

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल -0.580 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियों

प्रस्तावित

खसरा नम्बर

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हे. में)

(2)

(1)

317/1

0.093

0.046

316/1

0.209

316/2

0.116

316/3

0.116

316/4

योग 0.580

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- बिछुआसानी जलाशय के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी, उप - संभाग, पांढुर्ना , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 8517 - प्रस्तु. - भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

( क ) जिला- छिन्दवाड़ा 2758

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(ख) तहसील - पांढुर्णा

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम- चाटवा, प.ह.नं. 23 , ब.नं. 123 रा.नि. मंडल - नान्दनवाड़ी

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-01.841 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने

वाली संपत्तियों

प्रस्तावित खसरा नम्बर

(हे. में) प्रस्तावित क्षेत्रफल

(2)

(1)

0.186

218/1

221/1

0.107

218/2

0.232

221/2

0.142

219/1

0.130

219/3

0.162

0.186

222/3

0.116

226/2

0.116

226/1

0.418

247

0.046

योग . 01.841

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-बिछुआसानी जलाशय के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी, उप-संभाग , पांढुर्ना , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 8518 - प्रस्तु. - भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील- सौंसर

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम- जामलापानी, प.ह.नं. 155 , ब.नं. 18 रा.नि.मंडल-सौंसर

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-0.339 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियाँ

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हे. में)

(1) 126/2

0.159

प्रस्तावित खसरा नम्बर 125

(2) 0.180 योग 0.339

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-जामलापानी जलाशय के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिये निजी कृषि भूमि का अर्जन.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उप- संभाग , सौंसर, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

2759

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

क्र. 8519 - प्रस्तु- भू-अर्जन-2010 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील- अमरवाड़ा

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम- बिनेकी, प.ह.नं. 58, ब.नं.209 रा.नि. मंडल अमरवाड़ा.

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल- 03.588 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हे. में)

(2)

प्रस्तावित खसरा नम्बर (1)

685/5

0.112

0.081

685/7

0.216

686/4

687/4

0.086

685/4

0.101

685/6

0.061

0.217

686/3

687/3

0.085

685/9

0.405

0.040

685/1

686/1

0.441

687/1

0.088

0.215

685/3

0.081

685/8

686/2

0.465

0.065

687/2

685/2

0.829

योग . 03.588

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है:- खामी बडेला जलाशय के अन्तर्गत बांध निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग - छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी , उप- संभाग- अमरवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 8520 - प्रस्तु- भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख ) तहसील- मोहखेड़

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम- खेड़ी , प.ह.नं. 109 , ब.नं. 52 रा.नि.मंडल इकलबिहरी.

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-0.412 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हे. में) (2)

प्रस्तावित खसरा नम्बर (1)

0.024

0.043

0.067

10/1 10/3 13 2760

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(1)

(2)

21/2

0.024

0.062

30/3

0.192

207/2

योग . 0.412

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है:-सारोठ जलाशय के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय, कार्यपालन यंत्री , कन्हरगांव परियोजना संभाग- छिन्दवाड़ा, जिला-छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन अनुविभाग क्रमांक -1 , पांढुर्णा मुख्यालय छिन्दवाड़ा, जिला - छिन्दवाड़ा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 8521 - प्रस्तु- भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. चूंकि प्रकरण में भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा -17 अर्जेन्सी क्लाज के उपयोग की अनुमति प्राप्त है, इस संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा -17 ( 1 ) एवं 17 (4 ) के उपबंध लागू होते हैं: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख ) तहसील- परासिया

(ग) नगर/ग्राम - सिरगोरा, प.ह.नं. 17, ब.नं. 566 रा.नि. मंडल परासिया.

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-01.716 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

प्रस्तावित खसरा

प्रस्तावित क्षेत्रफल

नम्बर

(हे. में )

(2)

(1)

224

0.495

0.219

226

0.060

225/1

0.050

225/2

0.225

223/1

0.150

223/2

0.150

223/3

222

0.101

220

0.101

221

0.032

0.018

243/1

0.085

243/2

योग 01.716

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है:- खजरी , मोठार, छितरी , सिरगोरा, शिवपुरी मार्ग निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन .

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय , कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ. /स. ) संभाग छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी , लोक निर्माण विभाग ( भ ./स. ) संभाग छिन्दवाड़ा , के उप- संभाग छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पवन कुमार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

2761 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश

खरगोन, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( 1894 का क्रमांक -1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध पत्र क्र. 1570- भू- अर्जन- 10- राजस्व प्रकरण क्रमांक 28-अ-82-09-10.- यह अनुबंध पत्र प्रथम पक्ष के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पदेन उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं , ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , मण्डलेश्वर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश जो भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कम्पनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक , पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है. जिसकी ओर से मुख्यत्यार-

श्री असद जाफर, महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , अभयांचल परिसर, मण्डलेश्वर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश में कार्य कर रहे हैं, के मध्य आज दिनांक 30 सितम्बर 2010 को सम्पादित किया जा रहा है.

1. कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के बांध निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम मलगांव, प. ह. नं. 36 , तहसील कसरावद, जिला खरगोन की निजी कृषि भूमि कुल सर्वे नं . संख्या 07 कुल क्षेत्रफल 0.156 हे . भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां के भू- अर्जन हेतु भू- अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन - पत्र माननीय उच्च न्यायालय , जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक W.P./ 1359/09 , दिनांक 6 मई 2009 में पारित आदेश के पालन में पेश किया है. जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 पर अंकित किया गया है .

परिशिष्ट-1

निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं/ परिसंपत्तियां एफ.आर.एल. के अन्तर्गत ग्राम मलगांव

सम्पत्ति का विवरण

खसरा नंबर

अनु.क्र. नाम भूमि स्वामी/पिता का नाम एवं जाति

(5)

अर्जनीय क्षेत्रफल (हे. में) (4)

(3)

(2)

(1)

0.020

5/1

मकान-1 , नीबू-1 1 किशोर, दशरथ, देवराम, राधेश्याम, ध्यानसिंह नाना, शांताबाई, बसंतीबाई, कलाबाई पिता शंकर राजपूत , नि. देह.

मकान-1

0.016

5/2

2 भुवानीराम पिता गंगाराम जाति राजपूत नि. देह.

मकान -4

0.020

5/3

3 हुकुमसिंह, भंवरसिंह, कंचनबाई, बस्करबाई पिता बाबू, मंगतीबाई बेवा बाबु राजपूत , सा. देह.

0.032

7

इमली 3 , बैर -2 , नीम-3 4 भुवानेसिंह , अनोकसिंह, सुमनबाई, धनकीरबाई , रेशमबाई, कुसुमबाई पिता नहारसिंह, मंगतीबाई बेवा नहारसिंह , शेरसिंह , लाड़की, [भाग 1 2762

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(5)

(3)

(4)

(2)

(1)

श्याणी, गुलाब , राजू पिता जोगीलाल , मोतीराम पिता गणपत राजपूत, सा.देह.

0.020

8/1

टीन शेड-1 ,

बैर-1 सुरेश, लखन, सुभाषचंद्र 5 पिता चंदर अ. पा . कर्ता छंटूबाई, छंटूबाई बेवा चंदर, जाति राजपूत , नि.देह .

0.040

8/2

इमली-1 , नीम -1 6 तुलसीराम, चेनलाल पिता राजाराम भारूड़, नि. देह.

मकान-1

0.008

9

7 गंगाबाई बेवा मांग्या, रेवाराम आनंदराम, मुन्ना, कलाबाई , सुमनबाई, नसरीबाई , बसुबाई पिता मांग्या बलाई, नि.देह.

7

0.156

योग

2. राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टि कर ली है कि उक्त जल विद्युत परियोजना राज्य में विद्युत की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है.

3. कंपनी के भू- अर्जन आवेदन- पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 20 अप्रैल 2010 को संपन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग मंत्रालय , भोपाल के पत्र क्रमांक एफ- 12-8- 2010- सात- 2- ए भोपाल , दिनांक 10 मई 2010 द्वारा भू-अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है इसका इस अनुबंध पत्र में समावेश किया गया है .

4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कंपनी को राज्यपाल के साथ भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है. कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध पत्र निष्पादित किया जाता है.

कंपनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती है कि

( क) कंपनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्त व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी.

( ख) कंपनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च ) का भुगतान भी करेगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू-अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.

(ग) उपर्युक्त ( क ) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट 1 , में वर्णित निजी कृषि भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां कंपनी को प्रदान करेगा-

( i ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के बांध से डूब प्रभावित ग्राम मलगांव की निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाओं के प्रस्तुत अर्जन प्रस्ताव पर दिनांक 20 अप्रैल 2010 को सम्पन्न भू-अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार तहसील कसरावद, जिला खरगोन के ग्राम मलगांव की निजी कृषि भूमि क्षेत्रफल 0.156 हेक्टर तथा उस पर स्थित संरचनाओं के संबंध में भू-अर्जन 2763 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

अधिनियम 1894 के प्रावधान अंतर्गत निम्न शर्तों पर भू- अर्जन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है.

1 कंपनी ( इस आशय के करारनामे या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी . अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेगा.

2 भू-अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू- अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत - प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के उपरांत ही कलेक्टर के द्वारा भू-अर्जन की कार्यवाही की जाये.

3 संबंधित कंपनी के लिये भू- अर्जन किये जाने संबंधी कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू-अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के आधार पर किया जावे.

4 संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कंपनी द्वारा म.प्र. पुनर्वास नीति के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही कीजायेगी.

5 कंपनी के संबंध में करारनामा, वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिए कलेक्टर कार्यवाही करेंगे.

6

भूमिके किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्था कोजैसे नगर निगम, नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं, कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.

7 अर्जित की गयी निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा.

8 भूमि जिस उपयोग के लिये अर्जन की जा रही है वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जायेगा.

9 भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जावेगा.

10 कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने, बंधक रखने, दान देने , पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा . ( धारा 44 - ए, भू- अर्जन अधिनियम के तहत) .

11 यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन या उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें शासन को कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.

12 भूमि की केवल सतह का उपयोग किया जावेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण, नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौड़ खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.

13 शासन की पुर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.

14 पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जावेगा.

15 कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी. इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मंडल से अनापत्ति प्रमाण - पत्र प्राप्त करना होंगे कि, पर्यावरण , जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.

16 यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिये नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों, सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा .

17 भूमि या उसके किसी भी या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा ना तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा , और ना ही पट्टे या किराये पर दिया जावेगा.

18. भूमि जिस पर प्रयोजन हेतु दी गई हो उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मान कर भूमि शासन में निहित कर ली जायेगी.

19. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.

[भाग 1 2764

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

20. स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय- समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी.

( ii ) भू- अर्जन कार्यवाही से पूर्व यह भी देख लिया जाये कि यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के ग्रामों में निजी भूमि अर्जित की जा रही है तो ग्राम सभा की बैठक नियमानुसार की जाकर एवं ग्राम सभा की सहमति प्राप्त करने के पश्चात् ही यह अनुमति प्रभावशील होगी. इसके साथ ही इस परिस्थिति में वैकल्पिक भूमि क्रय कर देने की कार्यवाही की जायेगी.

( iii ) भू- अर्जन कार्यवाही प्रारंभ करने के पूर्व यह भी देख लिया जाये कि प्रस्तावित परियोजना में वनअभ्यारण्य क्षेत्र ( सेन्च्युरी ) का कोई हिस्सा तो नहीं आ रहा है. यदि ऐसा होता है तो उस हेतु विधि द्वारा स्थापित सक्षम अनुमति ली जाना होगी .

(iv ) कंपनी से भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 41 के प्रावधानों अनुसार करारनामा निष्पादित कराया जाये, जिसमें उपरोक्त शर्तों का भी समावेश किया जावे.

(v ) भू- अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों बाबद् शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाये .

दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पक्ष क्र. 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है.

पक्ष क्र. 1

साक्षियों के हस्ताक्षर

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, (पूरा नाम पिता का नाम एवं पूरा पता)

हस्ता./-

साक्षी क्र. 1

(केदार शर्मा ) कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग. जिला खरगोन ( म . प्र. ).

हस्ता./- नाम : डॉ. ममता खेड़े पता : न्यू आफिसर्स कालोनी, खरगोन.

साक्षी क्र. 2

पक्ष क्र. 2 हस्ता./-

हस्ता./- नाम : छोटेखान पता : म. नं. 15, टवड़ी मोहल्ला, खरगोन.

(असद जाफर ) महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. , मण्डलेश्वर.

खरगोन , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( 1894 का क्रमांक -1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध- पत्र क्र. 1571 - भू- अर्जन - 10 - राजस्व प्रकरण क्रमांक - 29-अ- 82-09-10.- यह अनुबंध पत्र प्रथम पक्ष के रुप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर, जिला खरगनोन एवं पदेन उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं, ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , मण्डलेश्वर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश जो भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कम्पनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि , निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है . जिसकी ओर से मुख्यत्यार-

श्री असद जाफर, महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , अभयांचल परिसर , मण्डलेश्वर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश में कार्य कर रहे हैं, के मध्य आज दिनांक 30 सितम्बर 2010 को सम्पादित किया जा रहा है .

भाग 1 ]

2765

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

1. कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम तेल्यांव , प. ह. नं. 36, तहसील कसरावद , जिला खरगोन की निजी कृषि भूमि कुल सर्वे नं . संख्या 14 कुल क्षेत्रफल 10.796 हे . भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के भू- अर्जन हेतु भू- अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन - पत्र माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक W.P./1359/09 , दिनांक 6 मई 2009 में पारित आदेश के पालन में पेश किया है. जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 पर अंकित किया गया है.

परिशिष्ट-1

निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां एफ.आर.एल. के अन्तर्गत ग्राम तेल्यांव

नाम भूमि स्वामी/पिता का नाम

अनु.क्र.

एवं जाति

(2)

(1)

1 छगन, गड़बड़, नन्नू, रेवाबाई, सुमनबाई पिता छितु, ताराचंद पिता नराण कहार, निवासी सा. देह.

2 पारुबाई बेवा हिरालाल , महेश, मोहन, आशाबाई पिता हिरालाल, गजानंद , मंगत्या पिता अर्जुन , मांगीबाई बेवा अर्जुन नावड़ा, नि. सा. देह.

3 मयाराम, टेमु पिता बिसन भील, नि. सा. देह 4 रामसिंग पिता रूपा नावड़ा, सा. देह

5 भगवान पिता सखाराम नावड़ा, नि. सा. देह 6 नथीबाई बेवा छितू, वजीर, बशीर, गफुर, हाजराबाई, आमनाबाई , सकिनाबाई पिता छितु पिंजारा, नि. ससाबरड़

7 आशाराम पिता करसन हरिजन नि . ससाबरड़ 8 नथीबाई बेवा छितू, वजीर, बशीर, गफुर, पिता छितू, हाजराबाई, आमनाबाई, सकिनाबाई पिता छितु, प्यारा पिता रोशन, बसीरबाई बेवा बहादर, अजमत, सत्तार, सरदार पिता बहादर, नुरीबाई, भूरीबाई , अल्लारखीबाई पिता बहादर, अब्बास पिता कासम, गुलशेर पिता मांग्या, हबीबखां पिता गुलाब , हाजराबाई बेवा गुलाब पिंजारा , नि. ससाबरड़.

9 नत्थूपिता दरियाव, अनु पिता बाल्या, सिगदार, रामा पिता टंटू नहाल, नि . ससाबरड़

10 नथीबाई बेवा बोखार, सलुबाई , सुशीलाबाई , राजकुंवरबाई, बसंतीबाई पिता बोखार

हरिजन नि. भट्याण बुजुर्ग.

11 आशाराम पिता करसन हरिजन , नि. ससाबरड़.

12 काशीराम, आशाराम पिता करसन बलाई, नि. ससाबरड़.

खसरा नंबर

सम्पत्ति का विवरण अर्जनीय क्षेत्रफल

(हे. में)

(5)

(4)

(3)

0.243

24

25/3

2.023

नीम-5

2.023

नीम-15 28/1

1.667

30

नीम-1 , नीम पौधा-4 33/1/2

0.360

नीम-2 46

0.004

आम -1 48

0.049

0.024

आम -1 49

आम-2

0.024

50

2.023

नीम-5 79/1

81/1

1.214

86/3

0.162 [ भाग 1 2766

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(4)

(5) (2)

(3)

(1)

0.350

90/5

आम-1 , नीम-2 13 रामेश्वर पिता शोभाराम तेली नि. भट्याण बुजुर्ग.

0.630

91/2

आम -1 , नीम-1 14 बाबुसिंह पिता गुलाबसिंह राजपूत नि. ससाबरड़

योग

14 10.796

2. राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टी कर ली है कि उक्त जल विद्युत परियोजना राज्य में विद्युत की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है.

3. कंपनी के भू- अर्जन आवेदन - पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 20 अप्रैल 2010 को संपन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग मंत्रालय , भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-12-8- 2010- सात- 2 - ए भोपाल , दिनांक 10 मई 2010 द्वारा भू-अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है इसका इस अनुबंध पत्र में समावेश किया गया है.

4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कंपनी को राज्यपाल के साथ भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है. कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध पत्र निष्पादित किया जाता है.

कंपनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती है कि

(क) कंपनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्त व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू -अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी.

(ख) कंपनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों (खर्च ) का भुगतान भी करेगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू- अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.

(ग) उपर्युक्त ( क) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट 1 , में वर्णित निजी कृषि भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं/ परिसंपत्तियां कंपनी को प्रदान करेगा.

( i ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के बांध से डूब प्रभावित ग्राम तेल्यांव की निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाओं के प्रस्तुत अर्जन प्रस्ताव पर दिनांक 20 अप्रैल 2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार तहसील कसरावद, जिला खरगोन के ग्राम तेल्यांव की निजी कृषि भूमि क्षेत्रफल 10.796 हेक्टर तथा उस पर स्थित संरचनाओं के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधान अंतर्गत निम्न शर्तों पर भू- अर्जन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है.

1. कंपनी ( इस आशय के करारनामे या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेगा.

2. भू-अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू-अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत - प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के उपरांत ही कलेक्टर के द्वारा भू-अर्जन की कार्यवाही की जाये .

3. संबंधित कंपनी के लिये भू-अर्जन किये जाने संबंधी कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू-अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के आधार पर किया जावे.

2767 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

4. संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कंपनी द्वारा म.प्र. पुनर्वास नीति के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही की जायेगी.

5. कंपनी के संबंध में करारनामा, वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिए कलेक्टर कार्यवाही करेंगे.

6. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्था को जैसे नगर निगम, नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं, कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होंगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.

7. अर्जित की गयी निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा .

8. भूमि जिस उपयोग के लिये अर्जन की जा रही है वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जायेगा.

9. भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जावेगा.

10. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने , बंधक रखने, दान देने , पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा. ( धारा 44- ए, भू-अर्जन अधिनियम के तहत ) .

11. यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें शासन को कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.

12. भूमि की केवल सतह का ही उपयोग किया जावेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौड़ खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.

13. शासन की पुर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा .

14. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जावेगा .

15. कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी . इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मंडल से अनापत्ति प्रमाण - पत्र प्राप्त करना होंगे कि पर्यावरण जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.

16 . यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिये नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों, सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा.

17. भूमि या उसके किसी भाग या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा न तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा, और ना ही पट्टे या किराये पर दिया जावेगा.

18. भूमि जिस पर प्रयोजन हेतु दी गई हो उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मान कर भूमि शासन में निहित कर ली जावेगी .

19. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.

20. स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय - समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी.

(ii ) भू- अर्जन कार्यवाही से पूर्व यह भी देख लिया जाये कि यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के ग्रामों में निजी भूमि अर्जित की जा रही है तो ग्राम सभा की बैठक नियमानुसार की जाकर एवं ग्राम सभा की सहमति प्राप्त करने के पश्चात् ही यह अनुमति प्रभावशील होगी. इसके साथ ही इस परिस्थिति में वैकल्पिक भूमि क्रय कर देने की कार्यवाही की जायेगी.

[भाग 1 2768

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

(iii ) भू- अर्जन कार्यवाही प्रारंभ करने के पूर्व यह भी देख लिया जाये कि प्रस्तावित परियोजना में वनअभ्यारण्य क्षेत्र ( सेन्च्युरी ) का कोई हिस्सा तो नहीं आ रहा है. यदि ऐसा होता है तो उस हेतु विधि द्वारा स्थापित सक्षम अनुमति ली जाना होगी .

(iv) कंपनी से भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के प्रावधानों अनुसार करारनामा निष्पादित कराया जाये, जिसमें उपरोक्त शर्तों का भी समावेश किया जावे.

(v ) भू- अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों बाबद् शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा- निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाये.

दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पक्ष क्र. 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक , श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है.

पक्ष क्र. 1

साक्षियों के हस्ताक्षर

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, (पूरा नाम पिता का नाम एवं पूरा पता)

साक्षी क्र. 1

हस्ता./-

हस्ता./- (केदार शर्मा ) कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग , जिला खरगोन ( म . प्र. ) .

नाम : डॉ. ममता खेड़े पता : न्यू आफिसर्स कालोनी, खरगोन.

पक्ष क्र. 2

साक्षी क्र. 2

हस्ता./- (असद जाफर )

महाप्रबंधक,

हस्ता./- नाम : छोटेखान पता : 15, टवड़ी मोहल्ला, खरगोन.

श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. , मण्डलेश्वर.

खरगोन , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( 1894 का क्रमांक -1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध पत्र क्र. 1573 - भू-अर्जन-10 - राजस्व प्रकरण क्रमांक 30-अ- 82-09-10.- यह अनुबंध पत्र प्रथम पक्ष के रुप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं, ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , मण्डलेश्वर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश जो भारतीय कम्पनी अधिनियम , 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कम्पनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है. जिसकी ओर से मुख्यत्यार-

श्री असद जाफर , महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , अभयांचल परिसर, मण्डलेश्वर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश में कार्य कर रहे हैं, के मध्य आज दिनांक 30 सितम्बर 2010 को सम्पादित किया जा रहा है.

1 .

कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के बांध निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम नांदिया प. ह. नं. 35 , तहसील कसरावद, जिला खरगोन की निजी कृषि भूमि कुल सर्वे नंबर संख्या नं. 02 कुल क्षेत्रफल 0.770 हे. भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के भू- अर्जन हेतु भू- अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन- पत्र माननीय उच्च न्यायालय , जबलपुर में दायर 2769 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

याचिका क्रमांक W.P./1359/09 , दिनांक 6 मई 2009 में पारित आदेश के पालन में पेश किया है . जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 पर अंकित किया गया है .

परिशिष्ट-1

निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां एफ.आर.एल. के अन्तर्गत ग्राम नांदिया

सम्पत्ति का विवरण

खसरा नंबर

अनु.क्र.

अर्जनीय क्षेत्रफल (हे. में)

नाम भूमि- स्वामी/पिता का नाम एवं जाति

(5) (2)

(4)

(1)

(3)

0.709

6

नीम-1 , कुआ-1 1 सुरेन्द्रसिंह पिता भगवान सिंह , जाति राजपूत , निवासी अमलाथा भू. स्वा.

0.061

25

ट्यूबवेल -1 2 तुकाराम पिता पूंजन, जाति भारुड़, निवासी नहारखेड़ी भू. स्वा.

2

0.770

योग

2. राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टि कर ली है कि उक्त जल विद्युत् परियोजना राज्य में विद्युत की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है.

3. कंपनी के भू-अर्जन आवेदन- पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 20 अप्रैल 2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग , मंत्रालय, भोपाल के पत्र क्र. एफ- 12-08/2010/सात/-2 ए, भोपाल, दिनांक 10 मई 2010 द्वारा भू-अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है. इसका इस अनुबंध पत्र में समावेश किया गया है .

4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कंपनी को राज्यपाल के साथ भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है . कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध - पत्र निष्पादित किया जाता है .

कंपनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती है कि-

(क) कंपनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्त व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी.

(ख) कंपनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च ) का भुगतान भी करेंगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू- अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.

(ग) उपर्युक्त ( क ) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट 1 , में वर्णित निजी कृषि भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं/ परिसंपत्तियां कंपनी को प्रदाय करेगा.

( i ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के बांध से डूब प्रभावित ग्राम नांदिया की निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाओं के प्रस्तुत अर्जन प्रस्ताव पर दिनांक 20 अप्रैल 2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार तहसील कसरावद जिला खरगोन के ग्राम नांदिया की निजी कृषि भूमि क्षेत्रफल 0.770 हेक्टर तथा उस पर स्थित संरचनाओं के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधान अन्तर्गत निम्न शर्तों पर भू- अर्जन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है.

1. कंपनी ( इस आशय के करारनामे या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी . अनुसूचित जाति, अनुसूचित [ भाग 1 2770

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेगा.

2. भू-अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू-अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत- प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के उपरांत ही कलेक्टर के द्वारा भू- अर्जन की कार्यवाही की जाये.

3. संबंधित कंपनी के लिये भू- अर्जन किये जाने संबंधी कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू-अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के आधार पर किया जावे.

4. संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कंपनी द्वारा म.प्र. पुनर्वास नीति के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही की जायेगी.

5. कंपनी के संबंध में करारनामा , वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिए कलेक्टर कार्यवाही करेंगे .

6. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्था को जैसे नगर निगम, नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं, कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.

7. अर्जित की गयी निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा.

8. भूमि जिस उपयोग के लिये अर्जन की जा रही है, वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जायेगा.

9. भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जावेगा.

10. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने , बंधक रखने, दान देने, पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा. ( धारा 44- ए, भू- अर्जन अधिनियम के तहत ) .

11 . यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें शासन को कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.

12. भूमि की केवल सतह का उपयोग किया जावेगा . आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौण खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.

13. शासन की पुर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.

14. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जावेगा.

15. कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी. इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मंडल से अनापत्ति प्रमाण - पत्र के प्राप्त करना होंगे कि, पर्यावरण , जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.

16. यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिये नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों , सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा.

2771 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

17. भूमि या उसके किसी भी या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा ना तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा, और ना ही पट्टे या किराये पर दिया जावेगा.

18. भूमि जिस प्रयोजन हेतु दी गई हो, उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मान कर भूमि शासन में निहित कर ली जायेगी.

19. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.

20. स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय- समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी.

( ii ) भू- अर्जन कार्यवाही से पूर्व यह भी देख लिया जाये कि यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के ग्रामों में निजी भूमि अर्जित की जा रही है तो ग्राम सभा की बैठक नियमानुसार की जाकर एवं ग्राम सभा की सहमति प्राप्त करने के पश्चात् ही यह अनुमति प्रभावशील होगी . इसके साथ ही इस परिस्थिति में वैकल्पिक भूमि क्रय कर देने की कार्यवाही की जायेगी.

( iii ) भू- अर्जन कार्यवाही प्रारंभ करने के पूर्व यह भी देख लिया जाये, कि प्रस्तावित परियोजना में वन अभ्यारण्य क्षेत्र ( सेन्चुरी ) का कोई हिस्सा तो नहीं आ रहा है . यदि ऐसा होता है तो उस हेतु विधि द्वारा स्थापित सक्षम अनुमति ली जाना होगी.

(iv ) कंपनी से भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के प्रावधानों अनुसार करारनामा निष्पादित कराया जाये , जिसमें उपरोक्त शर्तों का भी समावेश किया जावे.

(v ) भू-अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों बाबद् शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा- निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाये.

दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पक्ष क्र. 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है .

पक्ष क्र. 1 मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, साक्षियों के हस्ताक्षर (पूरा नाम पिता का नाम एवं पूरा पता)

हस्ता./- (केदार शर्मा )

साक्षी क्र. 1

कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग, जिला खरगोन ( म . प्र. ) .

हस्ता./- नाम : डॉ. ममता खेड़े पता : न्यू आफिसर्स कालोनी ,

खरगोन.

साक्षी क्र. 2

पक्ष क्र. 2

हस्ता./- (असद जाफर)

हस्ता./- नाम : छोटेखान पता : म. नं. 15, टवडी मोहल्ला, खरगोन.

महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. , मण्डलेश्वर.

2772

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

खरगोन दिनांक 1 अक्टूबर 2010

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( 1894 का क्रमांक-1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध-पत्र

क्र. 1569 - भू-अर्जन- 10- रा.प्र.क्र . 31-अ-82-09-10.- यह अनुबंध-पत्र प्रथम पक्ष के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर जिला खरगोन एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं, ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश जो भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है. ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कम्पनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है . जिसकी ओर से मुख्यत्यार-

श्री असद जाफर, महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. अभ्यांचल परिसर मण्डलेश्वर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश में कार्य कर रहे हैं, के मध्य आज दिनांक 30 सितम्बर 2010 को सम्पादित किया जा रहा है .

1. कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के बांध निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम लालपुरा प.ह.नं. 34 , तहसील कसरावद , जिला खरगोन की निजी कृषि भूमि कुल सर्वे नं. संख्या 07 कुल क्षेत्रफल 0.720 हे. भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के भू-अर्जन हेतु भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन - पत्र माननीय उच्च न्यायालय , जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक W.P./1359/09 , दिनांक 6 मई 2009 में पारित आदेश के पालन में पेश किया है. जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 पर अंकित किया गया है.

परिशिष्ट-1

निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां एफ.आर.एल. के अन्तर्गत ग्राम लालपुरा

अनु.क्र.

(1)

नाम भूमि-स्वामी /पिता का नाम एवं जाति (2)

1 तोताराम पिता दशरथ जाति कहार निवासी लेपा 2 लीलाबाई बेवा दरियाव , गजानंद पिता दरियाव , भागुबाई, कुसुमबाई, मंजूबाई पिता दरियाव, अज्ञान प्रेमलाल , राकेश , कालू, रेखा पिता दरियाव पालनकर्ता मॉ लीलाबाई जाति नावड़ा निवासी लेपा .

3 श्यामसिंह पिता उम्मेदसिंह जाति राजपूत निवासी अमलाथा

4 बल्लू, रमेश पिता मोजा जाति बलाई निवासी लेपा 5 मांगीबाई बेवा दयाराम, नवल, नानुराम पिता दयाराम , बनुबाई, रमुबाई, दमुबाई, अनिताबाई, पिता दयाराम जाति नावड़ा निवासी लेपा.

6 नारायण पिता शोभाराम जाति नावड़ा निवासी लेपा 7 राघोराम पिता चंपालाल जाति भारूड निवासी लेपा

योग .

2.

खसरा नंबर

सम्पत्ति का विवरण

(5) (3)

अर्जनीय क्षेत्रफल (हे. में) (4)

5

0.202

आम-1 , नीम -1

0.050

नीम-2

9/3

0.274

10

नीम-4, गोंदी-1

0.004

नाम -1

12

0.049

19/4

नर्मदा पाईपलाईन -1 , बबुल -1

19/6

0.061

कबीट-1 , बबुल -1

0.080

नीम-4

21/2

7

0.720

राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टि कर ली है कि उक्त जल विद्युत् परियोजना राज्य में विद्युत की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है.

2773 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

3. कंपनी के भू-अर्जन आवेदन - पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 20 अप्रैल 2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग, मंत्रालय, भोपाल के पत्र क्र. एफ-12-08/2010/सात/ -2ए, भोपाल, दिनांक 10 मई 2010 द्वारा भू- अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है. इसका इस अनुबंध पत्र में समावेश किया गया है.

4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कंपनी को राज्यपाल के साथ भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है. कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध - पत्र निष्पादित किया जाता है.

कंपनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती है कि-

(क) कंपनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्त व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी .

(ख) कंपनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च ) का भुगतान भी करेंगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू- अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.

(ग) उपर्युक्त (क ) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट 1 , में वर्णित निजी कृषि भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां कंपनी को प्रदान करेगा.

( i ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के बांध से डूब प्रभावित ग्राम लालपुरा की निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाओं के प्रस्तुत अर्जन प्रस्ताव पर दिनांक 20 अप्रैल 2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार तहसील कसरावद, जिला खरगोन के ग्राम लालपुरा की निजी कृषि भूमि क्षेत्रफल 0.720 हेक्टर तथा उस पर स्थित संरचानाओं के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 के प्रावधान अन्तर्गत निम्न शर्तों पर भू- अर्जन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है.

1. कंपनी ( इस आशय के करारनामे या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी . अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेगा.

2.

भू-अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू- अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत - प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के उपरांत ही कलेक्टर के द्वारा भू-अर्जन की कार्यवाही की जाये.

3. संबंधित कंपनी के लिये भू- अर्जन किये जाने संबंधी कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू-अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के आधार पर किया जावे.

4. संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कंपनी द्वारा म.प्र. पुनर्वास नीति के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही की जायेगी.

5. कंपनी के संबंध में करारनामा, वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिए कलेक्टर कार्यवाही करेंगे .

6. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्थाको जैसे नगर निगम , नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं , कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.

7. अर्जित की गई निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा.

8. भूमि जिस उपयोग के लिये अर्जन की जा रही है वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जायेगा.

9. भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जावेगा .

10. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने, बंधक रखने , दान देने, पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा. ( धारा 44- ए, भू-अर्जन अधिनियम के तहत) .

11 . यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें शासन को कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.

12. भूमि की केवल सतह का उपयोग किया जायेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौड़ खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.

2774

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

13. शासन की पुर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.

14. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जायेगा.

15. कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी . इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मंडल से अनापत्ति प्रमाण - पत्र प्राप्त करना होंगे कि, पर्यावरण , जल स्त्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.

16. यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिये नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों, सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा.

17. भूमि या उसके किसी भी या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा न तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा, और नया ही पट्टे या किराये पर दिया जावेगा.

18. भूमि जिस प्रयोजन हेतु दी गई हो, उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मान कर भूमि शासन में निहित कर ली जायेगी.

19. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.

20 स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय- समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी.

(ii ) भू- अर्जन कार्यवाही से पूर्व यह भी देख लिया जाये कि यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के ग्रामों में निजी भूमि अर्जित की जा रही है तो ग्राम सभा की बैठक नियमानुसार की जाकर एवं ग्राम सभा की सहमति प्राप्त करने के पश्चात् ही यह अनुमति प्रभावशील होगी . इसके साथ ही इस परिस्थिति में वैकल्पिक भूमि क्रय कर देने की कार्यवाही की जायेगी.

( iii ) भू- अर्जन कार्यवाही प्रारंभ करने के पूर्व यह भी देख लिया जाये, कि प्रस्तावित परियोजना में वनअभ्यारण्य क्षेत्र ( सेन्च्युरी ) का कोई हिस्सा तो नहीं आ रहा है . यदि ऐसा होता है तो उस हेतु विधि द्वारा स्थापित सक्षम अनुमति ली जाना होगी .

(iv) कंपनी से भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के प्रावधानों अनुसार करारनामा निष्पादित कराया जाये , जिसमें उपरोक्त शर्तों का भी समावेश किया जावे .

( v ) भू- अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों बाबद् शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा- निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाये.

दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पक्ष क्र. 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है.

पक्ष क्र. 1 मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, साक्षियों के हस्ताक्षर (पूरा नाम, पिता का नाम एवं पूरा पता )

हस्ता./- (केदार शर्मा ) कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग , जिला खरगोन (म . प्र. ) .

साक्षी क्र . 1 हस्ता./- नाम : डॉ. ममता खेड़े पता : न्यूआफिसर्स कालोनी, खरगोन.

साक्षी क्र. 2 हस्ता./- नाम : छोटेखान पता : 15, टवडी मोहल्ला, खरगोन.

पक्ष क्र. 2 हस्ता./- (असद जाफर ) महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. , मण्डलेश्वर.

2775 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

खरगोन दिनांक 1 अक्टूबर 2010

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( 1894 का क्रमांक-1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध-पत्र क्र. 1572 - भू- अर्जन- 10- रा.प्र.क्र. 32-अ-82-09-10.- यह अनुबंध- पत्र प्रथम पक्ष के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर जिला खरगोन एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं, ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश जो भारतीय कम्पनी अधिनियम , 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है . ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कम्पनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है . जिसकी ओर से मुख्यत्यार-

श्री असद जाफर , महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. अभयांचल परिसर मण्डलेश्वर, जिला खरगोन, म. प्र. में कार्य कर रहे हैं, के मध्य आज दिनांक 30 सितम्बर 2010 को सम्पादित किया जा रहा है-

1. कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के बांध निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम कुण्डा प.ह.नं. 17, तहसील महेश्वर , जिला खरगोन की निजी कृषि भूमि कुल सर्वे नं. संस्था 05 कुल क्षेत्रफल 0.930 हे. भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां के भू-अर्जन हेतु भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन - पत्र माननीय उच्च न्यायालय , जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक W.P./1359/09 , दिनांक 6 मई 2009 में पारित आदेश के पालन में पेश किया है . जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 पर अंकित किया गया है .

2. राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टी कर ली है कि उक्त जल विद्युत् परियोजना राज्य में विद्युत की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है.

3. कंपनी के भू-अर्जन आवेदन - पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 20 मई 2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग, मंत्रालय , भोपाल के पत्र क्र. एफ-12-09/2010/ सात/-2 ए, भोपाल , दिनांक 3 जून 2010 द्वारा भू- अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है इसका इस अनुबंध पत्र में समावेश किया गया है .

4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कंपनी को राज्यपाल के साथ भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है. कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध - पत्र निष्पादित किया जाता है.

कंपनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती है कि-

(क) कंपनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्त व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी.

(ख) कंपनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च ) का भुगतान भी करेंगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू- अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.

(ग) उपर्युक्त ( क ) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट 1 , में वर्णित निजी कृषि भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं/ परिसंपत्तियां कंपनी को प्रदाय करेगा .

(i ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के बांध से डूब प्रभावित ग्राम कुण्डा की निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाओं के प्रस्तुत अर्जन प्रस्ताव पर दिनांक 20 मई 2010 को सम्पन्न भू-अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार तहसील महेश्वर जिला खरगोन के ग्राम कुण्डा की निजी कृषि भूमि क्षेत्रफल 0.930 हेक्टर तथा उस पर स्थित संरचनाओं के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम 1894 के प्रावधान अन्तर्गत निम्न शर्तों पर भू- अर्जन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है.

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[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

1. कंपनी ( इस आशय के करारनामे या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी . अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेगा.

2. भू-अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू- अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत - प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के उपरांत ही कलेक्टर के द्वारा भू-अर्जन की कार्यवाही की जाये.

3. संबंधित कंपनी के लिये भू- अर्जन किये जाने संबंधी कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू- अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के आधार पर किया जावे.

4. संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कंपनी द्वारा मध्यप्रदेश पुनर्वास नीति के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही की जावेगी .

परिशिष्ट-1

निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां एफ.आर.एल. के अन्तर्गत ग्राम कुण्डा

सम्पत्ति का विवरण

खसरा नंबर

नाम भूमि-स्वामी/पिता का नाम

अनु.क्र.

अर्जनीय क्षेत्रफल (हे . में )

(5) एवं जाति (2)

(3)

(4)

(1)

24/2

0.041

1 रमेश पिता रामा, कुलमी, सा. सुलगांव

2

29/2

लक्ष्मण, डालूराम पिता औंकार कुलमी, सा. सुलगांव

0.048

नीम-2

30

3 लक्ष्मण, डालूराम पिता औंकार कुलमी , सा. सुलगांव

0.809

नीम-1 4

31

लक्ष्मण, डालूराम पिता औंकार कुलमी , सा. सुलगांव

32/1/ 1 ख

0.032

5 लक्ष्मण , डालूराम पिता औंकार कुलमी , सा. सुलगांव

0.930

5

योग .

5. कंपनी के संबंध में करारनामा, वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिए कलेक्टर कार्यवाही करेंगे .

6. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्था को जैसे नगर निगम, नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं, कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.

7. अर्जित की गईं निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा.

8. भूमि जिस उपयोग के लिये अर्जन की जा रही है , वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जावेगा.

9. भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जायेगा .

10. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने, बंधक रखने , दान देने , पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा . (धारा 44 - ए, भू-अर्जन अधिनियम के तहत ) .

11 . यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें शासन को कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.

12. भूमि की केवल सतह का उपयोग किया जावेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौड़ खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.

13 . शासन की पुर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.

14. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जायेगा .

2777 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2010

15 . कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी. इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मंडल से अनापत्ति प्रमाण - पत्र के प्राप्त करना होंगे कि, पर्यावरण, जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.

16. यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिये नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों, सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा.

17. भूमि या उसके किसी भाग या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा न तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा, और ना ही पट्टे या किराये पर दिया जावेगा .

18. भूमि जिस पर प्रयोजन हेतु दी गई हो, उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मानकर भूमि शासन में निहित कर ली जायेगी .

19. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा .

20. स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय- समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी.

( ii ) भू- अर्जन कार्यवाही से पूर्व यह भी देख लिया जाये कि यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के ग्रामों में निजी भूमि अर्जित की जा रही है तो ग्राम सभा की बैठक नियमानुसार की जाकर एवं ग्राम सभा की सहमति प्राप्त करने के पश्चात् ही यह अनुमति प्रभावशील होगी. इसके साथ ही इस परिस्थिति में वैकल्पिक भूमि क्रय कर देने की कार्यवाही की जायेगी.

( iii ) भू- अर्जन कार्यवाही प्रारंभ करने के पूर्व यह भी देख लिया जाये, कि प्रस्तावित परियोजना में वन अभ्यारण्य क्षेत्र ( सेन्वयुरी ) का कोई हिस्सा तो नहीं आ रहा है . यदि ऐसा होता है तो उस हेतु विधि द्वारा स्थापित सक्षम अनुमति ली जाना होगी .

( iv) कंपनी से भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के प्रावधानों अनुसार करारनामा निष्पादित कराया जाये , जिसमें उपरोक्त शर्तों का भी समावेश किया जावे .

(v ) भू-अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों बाबद् शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा- निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाये.

दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पक्ष क्र. 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर , जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है .

पक्ष क्र. 1

साक्षियों के हस्ताक्षर

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, (पूरा नाम, पिता का नाम एवं पूरा पता )

हस्ता./-

साक्षी क्र. 1

(केदार शर्मा )

हस्ता./-

कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग जिला खरगोन ( म. प्र. ).

नाम : डॉ. ममता खेड़े पता : न्यू आफिसर्स कालोनी, खरगोन.

साक्षी क्र. 2

पक्ष क्र. 2

हस्ता./-

हस्ता./- नाम : छोटेखान पता : 15, टवडी मोहल्ला, खरगोन.

(असद जाफर ) महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो . लिमि. , मण्डलेश्वर.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 15 October 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2010-10-15.42.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2010-10-15.42.Ordinary.