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सरमध्यप्रदेश शास
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 43 ]
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 22 अक्टूबर 2010- आश्विन 30 , शक 1932
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, (7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट .
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं,
भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख ) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम , (3 ) संसद्के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 27 सितम्बर 2010
क्र. ई. 1-364-2010-5-एक. श्री एम . गोपालरेड्डी, भाप्रसे (1985 ) , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम, भोपाल की सेवाएं भारत सरकार, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय , कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को संयुक्त सचिव, गृह मामलों का मंत्रालय , नई दिल्ली के पद पर नियुक्ति के लिए कार्यमुक्त होने के दिनांक से सौंपी जाती हैं .
2779
क्र. ई. 1-365-2010-5- एक . श्री राघवचन्द्रा, भाप्रसे ( 1982 ) , राहत आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग एवं पुनर्वास विभाग तथा पुनर्वास आयुक्त तथा धार्मिक न्याय एवं धर्मस्व विभाग ( अति. प्र. ) की सेवाएं भारत सरकार, कार्मिक , लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय , कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को संयुक्त सचिव , सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय , नई दिल्ली के पद पर नियुक्ति के लिए कार्यमुक्त होने के दिनांक से सौंपी जाती हैं.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2010.
2780
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
ऊर्जा विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 21 सितम्बर 2010
क्र. एफ -2-22-2009 -तेरह.-विद्युत् अधिनियम, 2003 ( क्रमांक 36 सन् 2003 ) की धारा 82 की उपधारा ( 5 ) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन एतद्वारा , श्री आर . सी. साहनी , आय. ए. एस . ( से. नि. ) को मध्यप्रदेश विद्युत् नियामक आयोग का अध्यक्ष पदाभिहीत करता है .
उपरोक्त नियुक्ति निद्युत् अधिनियम, 2003 ( क्रमांक 36 सन् 2003 ) की धारा 82 , 84, 85, 86 , 89 एवं 90 में उल्लेखित निबंधनों के अधीन होगी . आयोग के अध्यक्ष को मध्यप्रदेश विद्युत् नियामक आयोग ( अध्यक्ष और सदस्यों के वेतन, भत्ते और अन्य सेवाशर्तें ) नियम, 2000 के अंतर्गत वेतन, भत्ते एवं अन्य सुविधाओं की पात्रता होगी.
भोपाल, दिनांक 13 अक्टूबर 2010
क्र. 7522 - एफ- 2-20-तेरह -97.- राज्य शासन , एतद्वारा , श्री पंकज अग्रवाल ( भाप्रसे ) , अध्यक्ष एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर को आगामी आदेश तक अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अध्यक्ष , मध्यप्रदेश राज्य विद्युत् मण्डल का प्रभार भी तत्काल प्रभाव से सौंपता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मोहम्मद सुलेमान, सचिव.
गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल , दिनांक 7 अक्टूबर 2010
क्र. एफ 1 ( ए) -40-2003- ब-2-दो. राज्य शासन द्वारा श्री सतीश कुमार सक्सेना, भापुसे , तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, होशंगाबाद को दिनांक 16 मई 2008 से 24 जून 2008 तक, कुल चालीस दिवस के लघुकृत अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है .
2. प्रमाणित किया जाता है कि श्री सक्सेना यदि उक्त अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
3. श्री सक्सेना, भापुसे को उक्त अवकाश की अवधि में वही वेतन एवं भत्ते प्राप्त होंगे जो अवकाश पर जाने के पूर्व प्राप्त कर रहे थे.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेश ओगरे , अवर सचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल , दिनांक 12 अक्टूबर , 2010
फा. क्र. 17 (ई ) 35-2010- इक्कीस ब ( एक) .- राज्य शासन, श्री अखिल कुमार श्रीवास्तव , प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भोपाल की सेवाएं राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो , भोपाल में विधि अधिकारी के पद पर, अस्थाई रूप से , आगामी आदेश होने तक, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु, एतद्वारा , मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव.
भोपाल , दिनांक 11 अक्टूबर , 2010
फा. क्र. 17 ( ई ) 79-2008- इक्कीस ब ( दो ) .- इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 1 जुलाई 2008 श्री राजेश कुमार गुप्ता , अधिवक्ता, निवासी हनुमान मोहल्ला, तहसील राजपुर, जिला बड़वानी को तहसील राजपुर में नोटरी व्यवसाय करने के लिये नोटरी व्यवसाय प्रमाण- पत्र जारी किया गया था परन्तु माननीय उच्च न्यायालय , खण्डपीठ इन्दौर द्वारा रिट याचिका क्रमांक 3870/2010 में पारित आदेश दिनांक 21 अप्रैल 2010 द्वारा दिये गये निर्देश के परिपालन में तथा नोटरीज नियम, 1956 के नियम 3 की उपधारा ( 1 ) के प्रावधानों तथा न्याय दृष्टांत केदाननाथ शर्मा विरुद्ध मध्यप्रदेश राज्य एम. पी. एच. टी. पेज 284 के प्रतिपादित विधि के सिद्धान्तों के अनुसार श्री राजेश कुमार गुप्ता, नोटरी अधिवक्ता के रूप में जिला बड़वानी का नोटरी नियुक्ति आदेश दिनांक 5 जून 2008 नोटरी नियुक्ति आवेदन प्रस्तुति के समय श्री राजेश कुमार गुप्ता को 10 वर्ष से अधिक के विधिक अनुभव की अर्हता प्राप्त न होने से निरस्त किया जाकर, उनका नाम नोटरी पंजी से विलोपित किया जाता है. अतः इस विभाग द्वारा जारी समसंख्यक आदेश दिनांक 1 जुलाई 2008 निरस्त किया जाता है.
फा. क्र. 1 (बी) -43-04- इक्कीस-ब( दो ) .- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 4 सितम्बर 2006 द्वारा नियुक्त श्री इन्द्रसिंह गुर्जर, अति. शास. अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) मुरैना के कार्यकाल दिनांक 3 सितम्बर 2007 को समाप्त होने के पश्चात् दिनांक 4 सितम्बर 2007 से 3 सितम्बर 2010 तक की औपचारिक कार्यकाल अभिवृद्धि पश्चात् उनके कार्यकाल में दिनांक 4 सितम्बर 2010 से 3 सितम्बर 2013 तक की कार्यकाल अभिवृद्धि करता है . यह अभिवृद्धि इस शर्त के अधीन है कि यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. वर्मा, सचिव.
भाग 1 ]
2781
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
वन विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 6 अक्टूबर 2010
क्र. एफ- 25-44-2010 - दस - 3.- भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन एतद्वारा , उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के उपबंधों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित की गई वन भूमि/बंजर भूमि पर लागू होने की घोषणा इन शर्तों के अधीन रहते हुए करता है कि व्यक्तियों एवं समुदायों के वर्तमान अधिकार जहां तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर रूपभेदित किये जाएं, के अतिरिक्त किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जावेंगे : -
अनुसूची
जिला- छतरपुर , तहसील - बिजावर, वनमंडल - छतरपुर, वन परिक्षेत्र-किशनगढ़
क्र.
खसरा क्रमांक वनखण्ड का नाम
(2)
वन या बंजर भूमि का नाम (3)
(4) (1)
1
पलकोंहा
71 भाग
1. राजस्व भूमि ग्राम सुकवाहा
72भाग
73
74
75
76 भाग
78 भाग
79 भाग
82भाग
126
125/2
125/3
125/4
125/5
125/6
योग वन खण्ड पलकोंहा 92.942
देवरा " अ"
111 2
112
2. राजस्व भूमि ग्राम सुकवाहा
113
114
115
116
117
118
119
योग वन खण्ड देवरा " अ " 91.662
सीमाऐं
(6)
रकबा (हेक्टर में) (5)
5.892 उत्तर- वन कक्ष क्रमांक पी 535 के मुनारा क्रमांक 46 से 43 तक.
6.879
16.187
12.142
पूर्व- वन कक्ष क्रमांक पी 535 के मुनारा क्रमांक 43 से प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 1 एवं 4 तक कृत्रिम सीमा रेखा.
12.140
16.167
दक्षिण- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 4 से 14 तक कृत्रिम सीमा रेखा.
7.097
5.788
0.566
9.105
0.405
0.129
0.365
0.040
0.040
पश्चिम- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 14 से 15 एवं वन कक्ष क्रमांक पी 525 के मुनारा क्रमांक 53 तक कृत्रिम सीमा रेखा एवं वन कक्ष क्रमांक पी 525 के मुनारा क्रमांक 53 से 50 एवं वन कक्ष क्रमांक पी 535 की सीमा से होकर मुराना क्रमांक 49 तक. वन कक्ष क्रमांक पी 535 के मुनारा क्रमांक 49 से प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 48 ए एवं वन कक्ष क्रमांक पी 535 के मुनारा क्रमांक 47 तक कृत्रिम सीमा रेखा तथा वन कक्ष क्रमांक पी 535 के मुनारा क्रमांक 47 से 46 तक.
11.796
15.911
15.155
8.142
9.205
उत्तर- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 1 से 3 एवं कक्ष क्रमांक पी 442 के मुनारा क्रमांक 119 तक कृत्रिम सीमा रेखा. कक्ष क्रमांक पी 442 के मुनारा क्रमांक 119 वन कक्ष की सीमा से लगकर प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 4 से 8 तक कृत्रिम सीमा रेखा.
7.702
7.843
पूर्व- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 8 से 14 तक कृत्रिम सीमा रेखा.
8.033
7.875
दक्षिण- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 14 से 15 तक कृत्रिम सीमा रेखा.
पश्चिम- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 15 से 23 तक श्यामरी नदी की प्राकृतिक सीमा एवं मुनारा क्रमांक 23 से 24 एवं 1 तक कृत्रिम सीमा रेखा .
2782
(1)
(2)
(4)
(3)
3
276 किशनगढ़ " अ " 3. राजस्व भूमि
275 भाग
ग्राम सुकवाहा
योग ..
2 4 किशनगढ़ " ब" 3. राजस्व भूमि
3
ग्राम घुघरी
4
5
6
7
8
9
10
11
13
14
15
16
162
163
161
158/1
159
160 भाग
169
185/1
199
198/1
165
168/1
167/1
180/1
182
183
181
184
187/1
197/2
197/3
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(6)
(5)
12.143
3.020
उत्तर- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 1 से 3 तक कृत्रिम सीमा रेखा.
पूर्व- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 3 से 5 तक कृत्रिम सीमा रेखा.
15.163 दक्षिण- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 5 से वन कक्ष क्रमांक पी 509 के मुनारा क्रमांक 52 तक तथा वन कक्ष क्रमांक पी 510 की सीमा से होकर प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 6 तक.
पश्चिम- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 6 से 7 एवं 1 तक कृत्रिम सीमा रेखा.
6.625
14.172
उत्तर- श्यामरी नदी के किनारे से प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 1 से 17 तक कृत्रिम सीमा रेखा.
7.543
7.543
पूर्व- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 17 से 64 तक कृत्रिम सीमा रेखा.
12.140
9.105
8.454
8.369
9.105
12.140
16.187
12.140
14.977
दक्षिण- वन कक्ष क्रमांक पी 524 ए तथा पी 523 की उत्तरी सीमा पर नाला किनारे तथा सड़क के सहारे प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 64 से 82 तक कृत्रिम सीमा रेखा. प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 82से 87 तक कृत्रिम सीमा रेखा. वन कक्ष क्रमांक पी 523 एवं पी 322 की उत्तरी सीमा पर प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 87 से 90 तक कृत्रिम सीमा रेखा. प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 90 से 118 तक कृत्रिम सीमा रेखा श्यामरी नदी तक.
11.181
12.140
16.936
पश्चिम- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 118 से 121 तक श्यामरी नदी के किनारे एवं मुनारा क्रमांक 121 से 129 एवं 1 तक कृत्रिम सीमा रेखा.
16.187
7.652
17.708
11.793
16.187
11.553
8.094
14.944
4.245
7.365
3.092
13.326
9.105
12.140
12.140
12.545
13.059
0.518
4.411 भाग 1 ]
2783
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(2)
(3)
(1)
(4)
197/4
197/5
197/6
203
204
206
207
208
209 भाग
17
18
19
20/1
21
22
23
24
25
26/1
179
योग . T ..
107 5. राजस्व भूमि
108 ग्राम भौरखुऑ
109
110
111
112
113 भाग
114
115
116
117
118
119 भाग
120 भाग
योग ..
योग वनखण्ड किशनगढ़ (5)
(6)
0.514
0.607
0.898
16.187
16.187
16.187
16.187
11.202
12.269
11.117
14.156
7.579
6.779
5.050
12.634
14.087
12.844
14.808
11.719
12.234
588.066
8.874
4.244
7.869
12.140
12.140
5.867
6.757
8.094
8.094
2.425
1.853
5.272
6.049
5.665
95.345
698.572
महायोग.
883.176
वनीकरण का कारण.- उक्त गैर वनभूमि गैर वानिकी कार्य हेतु व्यपवर्तित वनभूमि के बदले वन विभाग को हस्तान्तरण, नामान्तरण एवं क्षतिपूरक वनीकरण हेतु प्राप्त होने से संरक्षित वन बनाये जाने का प्रस्ताव अधिसूचना हेतु तैयार किया गया है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वी. एन. पाण्डेय, सचिव.
2784
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
भोपाल , दिनांक 6 अक्टूबर 2010
क्र. एफ- 25-44-2010- दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग का अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-44- दस- 3-2010 दिनांक 6 अक्टूबर 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वी. एन. पाण्डेय , सचिव.
Bhopal , the 6th October 2010
No. F - 25-44-2010 - X - 3 . In exercise of the powers conferred by Section 29 of the Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government hereby declares the provisions of chapter IV of the Said Act applicable to the forest land/ waste land , specified in the Schedule below subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities shall not be abridged or affected in any manner except in so for as they may be modified by the State Government from time to time :-
SCHEDULE
District- Chhatarpur , Forest Division- Chhatarpur , Tehsil- Bijawar , Forest Range- Kishangarh S. No.
Khasra Number (1)
Name of Forest Block (2)
Name of Forest or Waste Land (3)
(4) 1
Palkoha
1. Revenue
71 Part
72Part
Land Village
Sukwaha
73
74
75
76 Part
78 Part
79 Part
82Part
126
125/2
125/3
125/4
125/5
125/6
Total Forest Block Palkoha 92.942
2
111 Devra " A "
112
2. Revenue Land Village
Sukwaha
113
114
115
116
Boundaries
Area (in Hectare)
(5)
(6)
5.892
6.879
North.-Pillar number 46 to 43 of forest compartment number P 535 .
16.187
12.142
12.140
16.167
East.-Artificial boundary line from pillar number 43 of forest compartment number P 535 to proposed forest block pillar number 1 to 4.
7.097
5.788
South . Artifical boundary line from proposed forest block pillar number 4 to 14.
0.566
9.105
0.405
0.129
West. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 14 to 15 and pillar number 53 of forest compartment number P 525 pillar No. 53 to 5. of forest 0.365
0.040
0.040
compartment number P 525 and through boundary up to pillar number 49 of forest compartment.number P 535 .
Artificial boundary line from pillar number 49 of forest compartment number P 535 to proposed forest block pillar number 48 A and pillar 47 of forest compartment number P 535. Pillar number 47 to 46 of forest compartment number P 535 .
11.796
15.911
15.155
8.142
9.205
7.702
North.-Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 1 to 3 and pillar number 119 of forest compartment number 442. Artificial boundary line from pillar number 119 of forest compartment number P 442 and through forest compartment 2785 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(6)
(1)
(4)
(5)
7.843
117
boundary upto proposed forest block pillar number 4 to 8 .
118
8.033
7.875
119
Total Forest Block Devra "A " 91.662
East.-Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 8 to 14 .
South. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 14 to 15.
West. Natural boundary of Shyamri River from proposed forest block pillar number 15 to 23 and artificial boundary line from pillar number 23 to 24 and 1 .
3
276
12.143
3. Revenue
Kishangarh A
275 Part 3.020
North. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 1 to 3 .
Land Village Sukwaha
Total
15.163
East.-Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 3 to 5 .
South. Proposed forest block pillar number 5 to pillar number 52 of forest compartment number P 509 and through boundary of forest compartment number P 510 up to proposed forest block pillar number 6.
West.-Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 6 to 7 and 1 .
4
6.625
4. Revenue
2
Kishangarh B
3
14.172
Land Village
4
7.543
North. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 1 to 17 on the bank of Shyamri River .
Ghunghari
5
7.543
6
12.140
East. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 17 to 64 .
7
9.105
8.454
8
9
8.369
9.105
10
1.2.140
11
16.187
13
14
12.140
15
14.977
16
11.181
12.140
162
16.936
163
16.187
161
South. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 64 to 82 on northern Boundary of forest compartment number P 524 A and P 523 beside the canal and along the road. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 82 to 87. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 87 to 90 on northern boundary of forest compartment number P 523 and P 522. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 90 to 118 upto Shyamari River .
7.652
158/1
17.708
159
11.793
160 Part
169
16.187
West.-Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 118 to 121 beside Shyamari . River and Artificial boundary line from pillar number 121 to 129 and pillar number 1 .
11.553
185/1
8.094
199
14.944
198/1
165
4.245
7.365
168/1
3.092
167/1
13.326
180/1
182
9.105
12.140
183 2786
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(4)
(6)
(2)
(3)
(5)
(1)
181
12.140
12.545
184
187/1
13.059
0.518
197/2
197/3
4.411
0.514
197/4
0.607
197/5
0.898
197/6
16.187
203
204
16.187
16.187
206
16.187
207
11.202
208
12.269
209 Part
17
11.117
18
14.156
19
7.579
20/1
6.779
5.050
21
22
12.634
14.087
23
24
12.844
14.808
25
11.719
26/1
12.234
179
588.066
Total
107
8.874
5. Revenue
108
4.244
Land Village
7.869
Bhorkhuan
109
1:10
12.140
12.140
111
5.867
112
6.757
113 Part
114
8.094
8.094
115
116
2.425
117
1.853
118
5.272
6.049
119 Part
5.665
120 Part
Total
95.345
698.572
Total Forest Block Kishangarh
883.176
Grand Total
Reason for afforestation . Above non forest land has been allotted and transferred to Forest Department for carrying out compensatory afforestation in exchange of equal area of diverted forest land . Notification proposal for protected forest has been prepared.
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh
V. N. PANDAY, Secy .
भाग 1 ]
2787
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
विभाग प्रमुखों के आदेश
कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, जिला कटनी , मध्यप्रदेश
कटनी, दिनांक 17 सितम्बर 2010
क्र. 76680 - एस.डब्ल्यू.- 2010.- इस कार्यालय का पत्र क्रमांक 6798 - एस. डब्ल्यू. - 2010 कटनी , दिनांक 20 अगस्त, 2010 द्वारा माननीय उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर के रिट पिटीशन नं. 10255-2010 में पारित आदेश दिनांक 12 अगस्त, 2010 के अनुसरण में एवं दिनांक 27 अप्रैल 2010 एवं दिनांक 18 अगस्त, 2010 को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिये गये निर्णय व राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 7 के कि. मी. 368/2 पर स्थित कटनी नदी के पुल का संयुक्त निरीक्षण टीप प्रतिवेदनानुसार उक्त पुल 100 वर्ष से भी अधिक पुराना होने से एवं पुल अपनी आयु पूर्ण कर लेने से भारी वाहनों के आवागमन के योग्य न होने के कारण किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुये लोक सुरक्षा की दृष्टि से दुर्घटनाओं के नियंत्रण हेतु मो. या. अधिनियम 1988 की धारा 115 एवं सहपठित म. प्र. मो. या. नियम, 1994 के नियम 215 के अनुसरण में उक्त पुल से भारी वाहनों का आवागमन एक माह ( अवधि 20 अगस्त , 2010 से 18 सितम्बर, 2010 तक) के लिये प्रतिबंधित किया गया है .
इस कार्यालय के पत्र क्रमांक - 6799 - एस. डब्ल्यू. - 2010 कटनी , दिनांक 20 अगस्त, 2010 द्वारा एक माह से अधिक अवधि तक के लिये प्रतिबंधित किये जाने हेतु राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशन हेतु उप नियंत्रक, शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, अरेरा हिल्स, भोपाल (मध्यप्रदेश ) को भेजा गया है. उक्त प्रतिबंधित आदेश राजपत्र में प्रकाशन संबंधी अधिसूचना प्राप्त न होने पर उक्त आदेश की अवधि पुनः एक माह (अवधि 19 सितम्बर, 2010 से 20 अक्टूबर, 2010 तक) के लिये बढ़ाई जाती है ..
यह आदेश तत्काल प्रभावशील है.
एम. सेलवेन्द्रन , जिला मजिस्ट्रेट.
कार्यालय , जिला दण्डाधिकारी, जिला सतना, मध्यप्रदेश सतना, दिनांक 22 सितम्बर 2010
क्र. 8 - एस.डब्ल्यू. - 2010-531-इस कार्यालय के आदेश क्र. 479-8 - एस.डब्ल्यू-10 , सतना, दिनांक 3 सितम्बर 2010 द्वारा जिले के नगरीय क्षेत्रों से 5.00 कि.मी. सीमा के अन्दर तथा उसके आसपास डेयरी लकड़ी के टाल, स्टोन , क्रेसर स्थापित करने पर प्रतिबन्ध लगाया गया है .
सार्थक स्टोन मिल द्वारा प्रस्तुत आवेदन अनुसार मटेहना ग्राम में स्टोन क्रेसर स्थापित किया जाना है . चूंकि ग्राम मटेहना को क्रेसर जोन बनाया गया है और वह सतना नगरीय क्षेत्र से 5.00 कि.मी.
की परिधि के अन्दर है . अतः उक्त आदेश में आंशिक संशोधन करते हुये 5.00 कि.मी. के स्थान पर नगरीय क्षेत्र से 3.00 कि.मी. की सीमा निर्धारित की जाती है.
यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा.
सुखवीर सिंह , जिला दण्डाधिकारी.
कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश
जबलपुर, दिनांक 24 सितम्बर 2010
क्र. 1591- क्षेपअ-2010 .- जबलपुर शहर में भारी वाहनों के कारण आए दिन गंभीर दुर्घटनाओं के कारण शहर में नागरिकों के सुचारू आवागमन तथा यातायात व्यवस्था में कठिनाई आने की जानकारी स्थानीय समाचारपत्रों व विभिन्न माध्यमों से लगातार प्राप्त हो रही है . कई घटनाओं में दिन के समय भारी वाहनों के शहर में प्रवेश करने से नागरिकों की मृत्यु तक हुई है जिसके कारण कानून व्यवस्था की अप्रिय स्थिति निर्मित होती है .
अतः , उक्त गंभीर मुद्दे पर जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक दिनांक 3 अगस्त 2010 को सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया गया है तथा नगर के सघन एवं व्यस्ततम मार्गों पर तथा यातायात के सुचारू संचालन हेतु जनहित में सार्वजनिक सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए, केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम , 1988 की धारा 115 तथा मध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के नियम 215 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए निम्नानुसार प्रकार के भारवाही वाहनों का प्रवेश जबलपुर नगर निगम सीमा में प्रातः 6.00 बजे से लेकर रात्रि 9.00 बजे तक प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक हो गया है. अतः उक्त धाराओं के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों के अनुसार निम्नानुसार आदेश लागू किया जाता है : -
1. भारी माल वाहक जैसे ट्रक डम्फर , मध्यम भार क्षमता के ट्रक, कृषि कार्यों से भिन्न प्रयोजन के प्रयोग में लाये जा रहे ट्रेक्टर. नगर निगम सीमा में प्रवेश प्रातः 6.00 बजे से रात्रि 9.00 बजे तक प्रतिबंधित रहेंगे .
2. निम्न मार्गों पर नो एंट्री से दोपहर 2.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक छूट रहेगी :-
ए. बाईपास मार्ग तथा पाटन बाईपास चौराहा से चंडालभाटा ट्रांसपोर्ट नगर मार्ग.
बी. कछलपुरा माल गोदाम से मेहता पेट्रोल पंप, एम.आर. 4 , अहिंसा चौक , स्टेट बैंक चौक होते हुए दीनदयाल चौक तक.
[ भाग 1 2788
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, भोपाल
3. आवश्यक सेवाओं में लगे निम्नलिखित वाहनों को उक्त प्रतिबंधित आदेश से पूर्णतः मुक्त रखा जाता है : --
1. दुग्धवाहन.
भोपाल , दिनांक 7 अक्टूबर 2010 2. नगर निगम की स्वास्थ्य सेवाओं में लगे वाहन.
3. पुलिस वाहन .
4. फायर ब्रिगेड.
5. पानी टेंकर .
6. आर्मी के वाहन.
7. विद्युत मंडल के कार्य में संलग्न वाहन.
8. एल. पी . जी./पैट्रोलियम पदार्थ वाहन .
यह आदेश दिनांक 25 सितम्बर 2010 से प्रभावशील होगा.
इस संबंध में पूर्व में जारी समस्त आदेश निरस्त समझे जावें.
क्र. 301-001-97.- मध्यप्रदेश शासन, खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आदेश क्र. एफ 5-4-2004- उन्तीस -2, दिनांक 28 जनवरी 2004 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए निर्देशित किया जाता है कि श्री बसंतीलाल अग्रवाल , सदस्य, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम , नीमच अपने वर्तमान प्रभार के साथ - साथ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम, मंदसौर में आवश्यकतानुसार आयोजित बैठकों में अध्यक्ष , जिला फोरम , मंदसौर के साथ भाग लेकर प्रकरणों की सुनवाई करेंगे. यह व्यवस्था जिला फोरम, मंदसौर में सदस्य की नियुक्ति अथवा अन्य आदेश तक प्रभावशील रहेगी.
उक्त आदेश में विशेष परिस्थितियों में विभागीय अधिकारी की अनुशंसा पर वाहन विशेष को निश्चित समय में छूट हेतु अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी को अधिकृत किया जाता है.
यह आदेश दिनांक 25 अक्टूबर 2010 तक प्रभावशील रहेगा.
माननीय अध्यक्ष महोदय , राज्य आयोग के आदेशानुसार, महेश प्रसाद अवस्थी, रजिस्ट्रार.
गुलशन बामरा , जिला दण्डाधिकारी .
कार्यालय, जिला कलेक्टर, जिला इन्दौर, मध्यप्रदेश
इन्दौर , दिनांक 7 अक्टूबर 2010
क्र. एफ-2 (क) -2-08- बी-3 दो. भोपाल, दिनांक 30 जुलाई 2010 मध्यप्रदेश शासन, गृह ( पुलिस ) विभाग दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( 1974 का संख्याक 2 ) की धारा 2 के खण्ड ( घ ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा नीचे दी गई सारणी में विनिर्दिष्ट स्थानीय क्षेत्रों को प्रभावित करने वाली पूर्व की अधिसूचना में आंशिक अपांतरण करते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , " मध्यप्रदेश राजपत्र " में इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से : -
(1) नीचे दी गई सारणी के कॉलम ( 1 ) में वर्णित पुलिस थाने से उसके ( सारणी के ) कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट स्थानीय क्षेत्रों को अपवर्जित करती है , और
(2) उक्त सारणी के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट स्थानीय क्षेत्रों को उक्त सारणी के कॉलम ( 3 ) में वर्णित पुलिस थानों में सम्मिलित करती है :-
सारणी
ग्रामों के नाम व बन्दोबस्त मोहल्ले
पुलिस थाने का नाम
वार्ड नं.
क्र.
मोहल्ले का नाम
बन्दोबस्त क्र.
(तहसील तथा जिला सहित ) जिसमें सम्मिलित किया गया (3)
(2)
पुलिस थाने का नाम (तहसील तथा जिला सहित) जिससे अपवर्जित किया गया (1)
36
125
1 स्कीम नं . 74 सी
पुलिस थाना विजयनगर तहसील- इन्दौर जिला- इन्दौर थाना एम. आय. जी. कॉलोनी तहसील इन्दौर जिला- इन्दौर
36 125
2स्कीम नं. 54
125
36
3 विजयनगर
36 125
4 विजयनगर एस्कटेंशन भाग 1 ]
2789
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(1)
(2)
5 बड़ी भमोरी
6 अंजनी नगर
7 न्यू अंजनी नगर
8 रामनगर
9 कैलाश का भट्टा
10 सेठी नगर
11 सेठी संबंध नगर
12 मैकेनिक नगर ए. बी. सेक्टर
13 मालवीय नगर, गली नं . 1 , 2, 3 , 4
14 न्यू मालवीय नगर
15 सोलंकी नगर
16 चन्द्र नगर ए. बी. सी. डी. सेक्टर
17 अनिल नगर
18 महेश बाग
19 अंबिका नगर
20 श्रीराम नगर
21 कल्प काम धेनु नगर
22 रवि जागृति नगर
23 गुरु नगर
24 श्रद्धा श्री ए- सेक्टर
कृष्णबाग कॉलोनी
25
26 सुन्दर नगर
27 शांतिदीप कॉलोनी
28 अनुराग नगर
29 स्वर्ण बाग कॉलोनी
30 राधे विहार कॉलोनी
31 संयोगपुरी
32 बर्फानी धाम नगर
33 श्रद्धा श्री बी- सेक्टर
34 गणेश नगर
35 शीतल नगर, ए- सेक्टर
36 गंगादेवी नगर
37 भाग्यश्री
38 सुमन नगर
39 जय अम्बे बाग
40 जैन मंदिर
41 शीतल नगर, बी- सेक्टर
42 आदर्श मेघदूत नगर
43 न्यू शीतल नगर
44 न्यू मेघदूत नगर
45 चित्रा नगर
46 पटेल नगर
47 पुष्प कुंज कॉलोनी
48 रिंग रोड
49 स्कीम नं. 94 रिंग रोड
(3) 33
125
33
125
33
125
125
33
125
33
125
30
30
125
125
33
41
29
41
29
29
41
30
41
41
29
29
41
29
41
41
29
41
29
41
29
41
29
29
41
41
29
41
29
29
41
29
41
41
29
41
29
41
29
29
41
29
41
41
29
39
29
39
29
29
39
39
29
29
39
39
29
39
29
29
39
29
39
29
39
39
29
39
29
42
29
41
29
29
39 [भाग 1 2790
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
No. F - 2 (k) 2-08- B- 3 - Two .-Bhopal , dated 30th July 2010 , Government of Madhya Pradesh , Home (Police) Department in exercice of the powers conferred by clause ( S) of Section 2 of the Code of Criminal Procedure , 1973 (No. 2 of 1974) and in partial modification of the previous notification affecting the local areas specified in the Table below, the State Government , hereby, with effect from the date of publication of this notification in the "Madhya Pradesh Gazette "
(1) Excludes from the Police Station mentioned in column (1 ) of the Table below the local areas specified in column (2) thereof, and
(2) Includes of the local areas specified in column (2) of the said Table in the Police Station mentioned in column (3 ) of the said Table :-
TABLE
Local area Name of Village and settlement halka number ward number
Name of police Station and District from which excluded
settlement No.
No. Ward
(2)
Name of the Police Station (with Tehsil and District) in which included (3) (1)
125
36
1 Scheme No. 74 -C
Thana Vijay Nagar , Tehsil Indore , District Indore Thana M.I.G. Colony, Tehsil Indore , District Indore.
36
125
2 Scheme No. 54
125
36
3 Vijay Nagar
36
125
4 Vijay Nagar Extension
33
125
5 Badi Bhamori
125
33
6 Anjani Nagar
125
33
7 New Anjani Nagar
33
125
8 Ram Nagar
125
33
9 Kailash ka Bhatta
125
30
10 Sethi Nagar
30
125
11 Sethi Sambanadh Nagar
125
33
12 Mechanic Nagar A, B , C Sector.
29
41
13 Malviya Nagar , Gali No. 1 , 2 , 3 , 4 3,4
41
29
14 New Malviya Nagar
41
29
15 Solanki Nagar
30
16 Chandra Nagar A , B , C, D Sector 41
41
29
17 Anil Nagar
29
41
18 Mahesh Bagh 2791 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(3)
(2)
(1)
41
29
19 Ambika Nagar
41
29
20 Shri Ram Nagar
41
29
21 Kalpkam Dhenu Nagar
41
29
22 Ravi Jagrati Nagar
41
29
23 Guru Nagar
29
41
24 Sharddha Shri A Sector
41
29
25 Krishna Bagh Colony
41
29
26 Sunder Nagar
29
41
27 Shantideep Colony
41
29
28 Anurag Nagar
41
29
29 Swarn Bagh Colony
29
41
30 Radhe Vihar Colony
29
41
31 Sanyog Puri
41
29
32 Barfani Dham Nagar
41
29
33 Sharddha Shri Nagar B Sector
29
41
34 Ganesh Nagar
39
29
35 Sheetal Nagar , A Sector
29
39
36 Gangadevi Nagar
29
39
37 Bhagya Shri
39
29
38 Suman Nagar
29
39
39 Jay Ambe Bagh
39
29.
40 Jain. Mandir
29
39
41 Sheetal Nagar , B Sector
29
39
42 Aadarsh Meghdoot Nagar.
29
39
43 New Sheetal Nagar
39
29
44 New Meghdoot Nagar
29
39
45 Chitra Nagar
29
39
46 Patel Nagar
29
42
47 Pushp Kunj Colony
41
29
Ring Road
48
39
29
49 Scheme No. 94 Ring Road.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राघवेन्द्र कुमार सिंह, कलेक्टर/उपसचिव.
2792
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
खरगोन , दिनांक 19 जुलाई 2010
क्र. 873 - भू- अर्जन - 10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अन्तर्गत संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4) (1)
(2) (3)
0.324 खरगोन झिरन्या देवित खुर्द (पुरक प्रकरण)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
अपरवेदा परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र -19, भीकनगांव.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर , कार्यालय खरगोन/ भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , अपरवेदा परियोजना भीकनगांव मुख्यालय- खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग , क्रमांक-19 , भीकनगांव के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
विदिशा , दिनांक 10 सितम्बर 2010
प्र.क्र. - अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे वर्णित अनुसूची के कॉलम नं. ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के कॉलम नं. (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के कालम नं. (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होगें , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(3)
(4) (1)
(2)
0.253
प्यासी
सिरोंज
विदिशा
योग 0.253
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) भू-अर्जन अधिकारी , सिरोंज लोक निर्माण विभाग अन्तर्गत अनूपपुर महाराजपुर चौराहा से चौपना-प्यासी झण्डवा मार्ग के निर्माण हेतु.
भाग 1 ]
2793
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भू-अर्जन की आवश्यकता है- अनूपपुर, महाराजपुर चौराहा से चौपना- प्यासी झण्डवा मार्ग के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी , सिरोंज में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, योगेन्द्र शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
शाजापुर , दिनांक 10 सितम्बर 2010
क्र. भू- अर्जन- 2010-570 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 3 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , खाने नम्बर ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम भूमि का विवरण हैक्टर में
शासकीय निजि योग (2)
(1)
(3)
(4)
(6)
(5)
14.06
14.06 शाजापुर
देवपुर
सुसनेर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(8) (7)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, आगर.
पीलिया खाल बांध नहर निर्माण हेतु .
नोट.- भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है .
शाजापुर, दिनांक 27 सितम्बर 2010
क्र. भू- अर्जन- 2010-587.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , खाने की नम्बर ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण जिला तहसील ग्राम
अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टर में ) (1)
(2)
(4)
(3)
4.845
रूगनाथपुरा
शाजापुर शुजालपुर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, शाजापुर .
रूगनाथपुरा तालाब में डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि का अधिग्रहण .
नोट.- भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , अनुविभाग शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
2794
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
क्र. भू- अर्जन- 2010-583 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 3 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , खाने नम्बर ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
भूमि का विवरण हैक्टर में
शासकीय निजि योग
(2) (3)
(1)
(4) (5) (6)
1.799 1.799
सुईगांव
शाजापुर नलखेड़ा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(8) (7)
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , आगर .
पिलियाखाल बांध निर्माण हेतु.
नोट. - भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. भू-अर्जन- 2010-585 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 3 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , खाने नम्बर (7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
भूमि का विवरण हैक्टर में
निजि योग
शासकीय (2)
(3)
(4)
(6)
(1)
(5)
0.44
0.44
धन्डेड़ा
शाजापुर नलखेड़ा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(8) (7)
पिलियाखाल बांध निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , आगर.
नोट. - भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. भू- अर्जन- 2010-586.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 3 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, खाने नम्बर ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम भूमि का विवरण हैक्टर में शासकीय निजि योग
(3)
(5) (6)
(2)
(4) (1)
0.32 0.32
शाजापुर
फरसपुरा
सुसनेर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(8) (7)
कार्यपालन यंत्री, जल
फरसपुरा बांध संसाधन संभाग , आगर.
निर्माण हेतु.
नोट. - भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
2795
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
क्र. भू- अर्जन- 2010-588.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 3 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , खाने नम्बर ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम भूमि का विवरण हैक्टर में शासकीय निजि योग
(1)
(2)
(3)
(4)
(6)
(5)
खनोटा
0.18 0.18
शाजापुर सुसनेर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(8) (7)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, आगर.
खनोटा बांध नहर निर्माण हेतु.
नोट. - भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. भू- अर्जन- 2010-589.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 3 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , खाने नम्बर ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
हैक्टर में
निजि
भूमि का विवरण शासकीय
(3)
(1) (2)
(4) (5)
योग (6)
0.780 0.780
शाजापुर नलखेड़ा ड़िगोन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(8) (7)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, आगर.
पिलियाखाल बांध निर्माण हेतु.
नोट. - भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , सोनाली एन. वायंगणकर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
दमोह , दिनांक 11 सितम्बर 2010
क्र. 2314- भू.अ.अ. - 2010-11- प्र.क्र.-अ- 82- वर्ष 2009-2010 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के 2796
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील का नाम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(3)
(1)
(4) दमोह बटियागढ़
कुल भूमि 58.49
योग .. 58.49
बटियागढ़ शेखपुरा कुम्हरवार
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन द्वारा प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 )
(6) (5)
कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह .
शेखपुरा जलाशय योजना एवं नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , एवं भू-अर्जन अधिकारी, उपखंड हटा एवं कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग, हटा जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 2315- भू.अ.अ. - 2010-11 -प्र.क्र.-अ- 82- वर्ष 2009-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम/नगर
तहसील का नाम
(2)
(1)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) दमोह
हटा
सुनेरा दमोतीपुरा
कुल भूमि 3.11 योग 3.11
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह .
बराना जलाशय योजना की नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, उपखंड हटा एवं कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग, हटा जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 2316- भू.अ.अ. - 2010-11 - प्र.क्र.- अ-82- वर्ष 2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम/नगर
तहसील का नाम
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) (1)
(2)
हटा
दमोह
वर्धा, पौड़ी कुल भूमि 52.42 योग.. 52.42
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.
नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन. पवैया जलाशय योजना की ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , उपखंड हटा एवं कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग, हटा जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.
भाग 1 ]
2797
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
दमोह, दिनांक 11 सितम्बर 2010/ 13-10-2010
क्र. 2317- भू.अ.अ.- 2010-11 - प्र.क्र.-अ- 82- वर्ष 2009-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन सार्वजनिक प्रयोजन जिला तहसील का ग्राम/नगर नाम
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में. )
(3)
(1)
(2)
(4) हटा
दमोह
रनेह रमपुरा
कुल भूमि 25.54 योग . 25.54
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
कार्यपालन यंत्री पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.
कचौरा जलाशय योजना एवं नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.
(1 ) भूमि प्रयोजन के लिये भूमि की, भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी उपखंड हटा एवं कार्यपालन यंत्री पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग, हटा, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. पी. सिंह सलूजा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
सागर, दिनांक 30 सितम्बर 2010
क्र. 9937 - प्र.भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल कुल ख.नं. कुल रकबा
(हेक्टर में) (5)
(3)
(4)
(1) सागर
(2) सागर मौकलपुर करैया
20 2.26 18 2.13 योग..38 4.39
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7)
मोकलपुर जलाशय नहर निर्माण के भू-अर्जन बावत.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 सागर ( म. प्र. )
नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) सागर में देखा जा सकता है.
2798
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
क्र. 9954 - प्र.भू- अर्जन -09-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में)
(5)
(4)
(1)
(2)
(3)
0.48
3
सागर
सागर शोभापुर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7)
(6)
अनुविभागीय अधिकारी लो. सागर, बरेली - सुलतानगंज मार्ग योजना.
नि.वि. ( भ/स ) उपसंभाग, सागर.
नोट- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय सागर में देखा जा सकता है.
सागर, दिनांक 8 अक्टूबर 2010
क्र. क- 10156- प्र.भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
लगभग क्षेत्रफल
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
जिला
कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
2.90
19
सागर
परासिया
गढ़ाकोटा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7) (6)
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र. )
रहली विकासखण्ड के अन्तर्गत चनौआ बुजुर्ग जलाशय के नहर के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र. 10157 - प्र.भू- अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
लगभग क्षेत्रफल तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
जिला
कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में)
(3)
(4)
(5) (1)
(2)
24.20
70
सागर
बाछलोन
गढ़ाकोटा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7) (6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र. )
रहली विकासखण्ड के अन्तर्गत चनौआ बुजुर्ग जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) एवं नहर के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन .
भाग 1 ]
2799
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
क्र. कं - 10163 - प्र.भू- अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
नगर/ग्राम
जिला तहसील
कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में)
(4)
(5) (2)
(3)
(1)
5.08
28
अमावनी
सागर
सागर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर (म.प्र. )
सागर विकासखण्ड के अन्तर्गत अमावनी जलाशय के शशीर्ष कार्य ( बांध ) एवं नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र. क- 10164 - प्र.भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल तहसील
जिला
नगर/ग्राम
कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में)
(5)
(4)
(1)
(2)
(3)
4.90 सागर
चनौआ बुजुर्ग 28
गढ़ाकोटा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र. )
रहली विकासखण्ड के अन्तर्गत चनौआ बुजुर्ग जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र. क- 10165 - प्र.भू- अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
नगर/ग्राम
जिला तहसील
कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में) (2)
(3)
(4)
(1)
(5)
32.26 गढाकोटा
64
सागर
टडा सौजनावार
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7) (6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र. )
रहली विकासखण्ड के अन्तर्गत निपानिया जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) एवं नहर के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन .
2800
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
क्र. 10166 - प्र.भू- अर्जन-2010. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल तहसील नगर/ग्राम
जिला
कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में) (2) (3)
(4)
(5) (1)
7.30
108
सागर खांड़
सागर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7) .
(6)
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर (म.प्र. )
शेखपुर जलाशय योजना नहर आर.बी.सी. एवं एल.बी.सी. के निर्माण में आने वाली निजी भूमि इत्यादि का भू- अर्जन प्रकरण.
नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी, ( राजस्व ) , सागर में देखा जा सकता है.
क्र. 10167 - प्र.भू-अर्जन -2010. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल तहसील नगर/ग्राम
जिला
कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में)
(4)
(5) (2)
(1)
(3)
37
25.99 सागर
सागर खांड़
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र. )
शेखपुर जलाशय योजना शीर्ष कार्य के निर्माण में आने वाली निजी भूमि इत्यादि का भू- अर्जन प्रकरण.
नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , ( राजस्व ) , सागर में देखा जा सकता है.
क्र. 10168 - प्र.भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल जिला तहसील
कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में)
(5) (2)
(3)
(4)
(1)
2.85
31
सागर बेलईमाफी
सागर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7) (6)
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र . )
शेखपुर जलाशय योजना नहर आर.बी.सी. के निर्माण में आने वाली निजी भूमि इत्यादि का भू- अर्जन प्रकरण .
नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी, ( राजस्व ) , सागर में देखा जा सकता है.
भाग 1 ]
2801
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
क्र. 10169 - प्र. - भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
लगभग क्षेत्रफल
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
जिला
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में)
(5)
(4)
(2)
(3)
(1)
सागर
सागर
3.106 3.106
30 30
.
पगारा योग
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7) (6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर .
के भू- अर्जन बावत्. पगारा जलाशय नहर निर्माण नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , ( राजस्व ) , सागर में देखा जा सकता है.
क्र. 10170- प्र . - भू- अर्जन-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
लगभग क्षेत्रफल
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
जिला
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2)
(5) 1.80
(3) बिंदवास
(4) 13
सागर
(1) सागर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7) (6)
जल संसाधन सागर, ( म.प्र. ) .
सूखा नाला जलाशय के नहर निर्माण के भू-अर्जन बावत्.
कार्यपालन यंत्री, संभाग क्र. 1 ,
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , ( राजस्व ) , सागर में देखा जा सकता है.
क्र. 10171 - प्र. - भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
लगभग क्षेत्रफल तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
जिला
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (5)
(4) 28
4.36 (1) सागर
(2) सागर
(3) हीरापुर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7) (6)
सूखा नाला जलाशय के नहर निर्माण के भू- अर्जन बावत्.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर, ( म.प्र. ) .
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी, ( राजस्व ) , सागर में देखा जा सकता है .
2802
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
क्र. 10177- प्र.- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) मैं उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में)
(3)
(1) (2)
(4)
(5) सागर
सागर
कनेरादेव
110
4.206
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर, ( म.प्र. ) .
कनेरा देव जलाशय शीर्ष कार्य एवं नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि एवं वृक्ष इत्यादि का भू-अर्जन प्रकरण.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , ( राजस्व ) , सागर में देखा जा सकता है.
सागर, दिनांक 11 अक्टूबर 2010
क्र. 10190- प्र. - भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (1)
(2)
(3)
(4)
(5) सागर
सागर
10.62
खमकुंआ 50
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर, ( म.प्र. ) .
केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत टिकारी जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र. 10191- प्र.- भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (1)
(3)
(5) सागर
(4) 22
10.26 (2) सागर
रजौआ
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर, ( म.प्र. ) .
सागर विकासखण्ड के अन्तर्गत बदोना जलाशय के शीर्ष कार्य (बांध ) एवं नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
भाग 1 ]
2803
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
क्र. 10192 - प्र.- भू-अर्जन-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (1)
(2)
(3)
(4)
(5) केसली खमरिया 48
6.46 सागर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर, ( म.प्र. ) .
केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत टिकारी जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र. 10194- प्र.- भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला
लगभग क्षेत्रफल तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2)
(3)
(1) सागर केसली
(4) 2
(5) 0.40
मोहासा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर, ( म.प्र. ) .
केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत टिकारी जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र. 10195-प्र.- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में)
(5) (1) सागर
(4) 60
(2) केसली
7.99
(3) नवलपुर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर, ( म.प्र. ) .
केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत टिकारी जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
2804
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
क्र. 10196-प्र.- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (1)
(2)
(3)
(4)
(5)
34
सागर केसली भौंहारा
8.95
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. )
केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत टिकारी जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र. 10201- प्र.- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2)
(1) सागर
(5) 3.20
23 (4)
(3) महुआखेडा
केसली
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .
केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत टिकारी जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र. 10202- प्र. - भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
तहसील
जिला
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2) केसली
(3) खरखरी
(4) 15
(1) सागर
3.72 (5)
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7) (6) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .
केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत टिकारी जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू- अर्जन.
भाग 1 ]
2805
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
क्र. 10203- प्र. - भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (1)
(2)
(3)
(4)
(5) सागर
सागर
4
बदोना
0.82
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर . (म.प्र. )
सागर विकासखण्ड के अन्तर्गत बदोना जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र. 10204- प्र. - भू-अर्जन-2010 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
लगभग क्षेत्रफल जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में)
(3)
(1)
(2)
(5)
(4) 6
सागर
सागर
2.18
चर्तुभटा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .
केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत टिकरी जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र. क- 10193- प्र.- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2) (3)
(5)
(4) 35
केसली
(1) सागर
बिलहरी
40.50
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .
(7) केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत बिलहरी जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
2806
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
क्र. - 10197- प्र.- भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (1)
(2)
(4)
(3)
(5) केसली
सागर
26.99
41
चिखली जमुनिया
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. (म.प्र. )
देवरी विकासखण्ड के अन्तर्गत सतधारा जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र.-10198- प्र.- भू-अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल तहसील
कुल ख.नं.
(1) (2)
(3)
(4)
कुल रकबा (हे. में) (5)
2
2.50 सागर केसली भुसोरा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .
केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत बिलहरी जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र.- 10199-प्र.- भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
लगभग क्षेत्रफल तहसील नगर/ग्राम
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में)
(4)
(2)
(1) सागर
(3) बिलेकी
2
(5) 1.40 केसली
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7) (6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .
केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत बिलहरी जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
भाग 1 ]
2807
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
क्र.-10200-प्र.- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला
लगभग क्षेत्रफल तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में)
(3)
(4)
(2)
(1)
(5) केसली
सागर
59.41
हिरनपुर 60
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. )
देवरी विकासखण्ड के अन्तर्गत सतधारा जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र.- 10205- प्र. - भू- अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
लगभग क्षेत्रफल तहसील नगर/ग्राम
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2)
(3)
(5) केसली
(1) सागर
(4) 75
36.50
पुतर्रा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .
केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत चकरा जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र.- 10206- प्र.- भू-अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला
लगभग क्षेत्रफल तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2)
(5) (1) सागर
(4) 4
केसली
8.48
(3) सिंगपुर
(2)
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन
संभाग क्र. 1 , सागर .
समनापुर जलाशय योजना के डूब क्षेत्र हेतु.
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए आवश्यकता है- समनापुर जलाशय योजना के डूब क्षेत्र हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, देवरी के कार्यालय में किया जा सकता है .
2808
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
सागर, दिनांक 13 अक्टूबर 2010
क्र. - 10285 - प्र. - भू-अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (1) (2)
(3)
(5)
(4)
सागर
केसली
6
1.50
पुतर्रा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. )
केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत चकरा जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र. - 10286- प्र. - भू-अर्जन- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (1)
(2)
(3)
(5) देवरी
(4) 20
सागर
12.64
सटगुवां
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .
देवरी विकासखण्ड के अन्तर्गत समनापुर जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र.- 10287- प्र.- भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
कुल ख.नं.
(1)
(2)
(3)
(4)
कुल रकबा (हे. में) (5) सागर
23
देवरी
33.18
समनापुर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7) (6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .
देवरी विकासखण्ड के अन्तर्गत समनापुर जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
भाग 1 ]
2809
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
क्र.- 10288- प्र.- भू- अर्जन-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2)
(1)
(3)
(4)
सागर
देवरी देवरी खास
8
(5) 2.57
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन क्र. 1 , सागर, ( म.प्र.) .
देवरी विकासखण्ड के अन्तर्गत सतधारा जलाशय के नहर कार्य निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन .
क्र.- 10289- प्र.- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (5) (2) देवरी
(1) सागर
(3) सलैया
(4) 18
20.33
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन क्र. 1 , सागर, ( म.प्र. ) .
देवरी विकासखण्ड के अन्तर्गत समनापुर जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र.-10290- प्र.-भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2)
(1) सागर
(4) 15
(5) 6.50 केसली
(3) बेरसला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र . ) .
केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत चकरा जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनीष श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
2810
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
कार्यालय , कलेक्टर , जिला बड़वानी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
बड़वानी , दिनांक 1 अक्टूबर 2010
क्र. 1570 - भू-अर्जन- नहर- 2010 - प्र.क्र. 01-अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित ग्रामों की भूमि अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में. ) (2)
(3)
(4)
बोम्या
5.640 (1) बड़वानी बड़वानी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
इन्दिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर एवं उससे संबंधित अन्य कार्य निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्र. 11 , बड़वानी , जिला बड़वानी.
बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री, नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन भू-अर्जन अधिकारी, इन्दिरा सागर परियोजना ( नहर ) नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 11 , बड़वानी , जिला बड़वानी के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संतोष कुमार मिश्र , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला शहडोल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
शहडोल , दिनांक 4 अक्टूबर 2010
क्र. दस - भू-अर्जन- फा.-506- प्र.क्र. 01-अ-82-2010-11-5041 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधितों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करनेकरने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की 5 " अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
क्षेत्रफल (हे . में. ) (1)
(2)
(3)
(4)
दगदहा
1.235 शहडोल सोहागपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 2 , शहडोल, म.प्र.
मिठौरी जलाशय की मुख्य नहर एवं उप नहर हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, शहडोल/ अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) सोहागपुर , जिला शहडोल, म. प्र. में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2811
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
खण्डवा, दिनांक 5 अक्टूबर 2010
भू-अर्जन- प्र.क्र. 99-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-
जिला
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
(2)
(1) खण्डवा
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) 1.67 पुनासा
(3) चिचलीखुर्द
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
(6) कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदा नगर .
पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, खण्डवा/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदा नगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
भू-अर्जन- प्र.क्र. 100-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 (क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
(2)
(1)
खण्डवा
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4) 10.090 पुनासा
(3) नगरीय ग्राम मून्दी
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदा नगर .
पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदा नगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन- प्र.क्र. 101-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता 2812
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा (4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) खण्डवा
सिवरिया
3.11 पुनासा
अनुसूची
धारा 4 की उपधारा ( 2)
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदा नगर.
पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, खण्डवा/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -25 , नर्मदा नगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
भू-अर्जन-प्र.क्र. 102-अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा (4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) खण्डवा
0.05 पुनासा दिनकरपुरा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25, नर्मदा नगर.
पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप
लाईन हेतु.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, खण्डवा/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदा नगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
भू-अर्जन- प्र.क्र. 103-अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा (4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(4)
(3)
खण्डवा
1.08
उटड़ी
पुनासा
अनुसूची
धारा 4 की उपधारा ( 2 )
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदा नगर.
पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
भाग 1 ]
2813
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदा नगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन- प्र.क्र. 104-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 )
जिला तहसील नगर/ग्राम
का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(2)
(3)
के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
(4)
(6) खण्डवा
2.61
चीराखान
पुनासा
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -25, नर्मदा नगर.
पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -25 , नर्मदा नगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 11 अक्टूबर 2010
क्र. 1095 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन का यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 " अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(2)
(3)
(1)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4)
(5)
(6) रीवा सिरमौर
8.40
पड़री पवाई
कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग जिला रीवा ( म.प्र. )
सिरमौर वितरक नहर के मरैला कोठार माइनर की सब - माइनरों के लिये 8.40 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
2814
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
क्र. 1097 - भू-अर्जन. चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन का यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 " अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते है:-
भूमि का विवरण
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)
(3)
(4) रीवा सिरमौर मरैला कोठार
4.26
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग जिला रीवा ( म.प्र. )
सिरमौर वितरक नहर के मरैला कोठार माइनर की सब - माइनरों के लिये 4.26 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन .
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 1099 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का विवरण
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2)
(3)
(4) सिरमौर
रीवा
1.392
पल्हान
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग जिला रीवा ( म.प्र. )
सिरमौर वितरक नहर के शाहपुर माइनर के अन्तर्गत शाहपुर सब- माइनर 1.392 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
क्र. 1101 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.
भूमि का विवरण
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(3)
(4) रीवा सिरमौर
1.204
शाहपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग जिला रीवा ( म.प्र. )
सिरमौर वितरक नहर के शाहपुर माइनर के अन्तर्गत शाहपुर सब- माइनर 1.204 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 1103 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.
भूमि का विवरण
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे . में) (2)
(3)
(4) (1)
रीवा सिरमौर उमरी कोठार
8.624
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग जिला रीवा ( म.प्र. ) माइनर के अन्तर्गत शाहपुर सब-
सिरमौर वितरक नहर के शाहपुर माइनर 8.624 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज श्रीवास्तव , प्रशासक, एवं पदेन उपसचिव.
2816
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग धार , दिनांक 27 सितम्बर 2010
क्र. 14228- भू-अर्जन- 2010- संशोधन. इस कार्यालय द्वारा भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) के अन्तर्गत ग्राम फुलगावड़ी तहसील सरदारपुर , जिला धार की धारा 6 की अधिसूचना के प्रकाशन हेतु अधिसूचना नियंत्रक, केन्द्रीय शासकीय मुद्रणालय, भोपाल एवं संचालक सूचना एवं प्रकाशन विभाग , भोपाल को प्रकाशन हेतु भेजी गई थी. जिसका प्रकाशन राजपत्र में पृष्ठ क्रमांक 2025 पर दिनांक 13 अगस्त 2010 को तथा दो हिन्दी समाचार पत्र दैनिक पत्रिका में दिनांक 12 अगस्त 2010 एवं स्वदेश समाचार पत्र में दिनांक 12 अगस्त 2010 को हुआ. चूंकि अधिसूचना का त्रुटिपूर्ण प्रकाशन होने से नीचे दर्शाये अनुसार संशोधन निम्नानुसार है :-
प्रकाशन होना था, जो पढ़ा जावे प्रकाशन हुआ जो त्रुटिपूर्ण है
सर्वे नंबर
सर्वे नंबर क्षेत्रफल हेक्टर में
क्षेत्रफल हेक्टर में (4)
(3)
(1) (2)
770/1
0.500
870/1
770/3
0.500 0.545 870/3
0.545
इसके साथ ही दैनिक समाचार- पत्र पत्रिका के अंक दिनांक 12 अक्टूबर 2010 में " पाना तालाब " प्रकाशित हुआ है , जो कि त्रुटिपूर्ण है , जिसे " गोविन्दपुरा तालाब " पढ़ा जावे. शेष प्रकाशन यथावत माना जावे.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर , जिला बड़वानी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव मध्यप्रदेश शासन ,
राजस्व विभाग
बड़वानी , दिनांक 1 अक्टूबर 2010
प्र. क्र. 30- अ- 82-2009-10- क्र. 1567 - भू- अर्जन-नहर- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बड़वानी
(ख) तहसील- बड़वानी
(ग) ग्राम-गोठान्या
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-26.571 हेक्टर.
खसरा नम्बर
अधिगृहित किया जाने वाला क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.415
71, 92
0.262
73
0.874
87/3 , 87/4 , 178
0.251
179
0.065
434
435
0.061
0.024
436
0.809
170/1
1.424
170/2
0.320
89
0.556
172
0.125
174
0.117
175
0.178
176
1.340
405, 406
0.465
177
0.808
187
0.823
193/2
0.991
193/3
0.480
193/4
0.835
364
0.175
370/1
0.263
371/2
0.065
372/2
0.524
373
0.146
374/2
0.223
375
0.664
395, 396/2
1.355
415
0.165
419/4 भाग 1 ]
2817
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(1)
(2)
396/3
0.405
0.121
396/4
0.040
398/2
400
0.050
0.390
399
404
0.481
1.435
407/2, 408
3.601
419/1
0.045
420
419/2
0.283
419/3
0.413
0.737
421/2, 421/3 , 421/4
422
1.520
423/10
0.103
0.567
423/11
0.202
423/12
0.405
423/13
0.810
433
0.160
486
योग : 26.571
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-लोअरगोई परियोजना की मुख्य नहर निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , लोअरगोई परियोजना नहर बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -12 राजपुर, जिला- बड़वानी के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संतोष मिश्र , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 1 अक्टूबर 2010
क्र. 9987- क-प्र.भू. -अर्जन- 09-अ-82 वर्ष 09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख) तहसील- सागर
(ग ) नगर/ग्राम- खमकुआ
(घ) लगभग क्षेत्रफल -2.42 हेक्टर
खसरा नं.
रकबा
(हे. में. )
(2)
(1)
0.04
615
0.13
616
0.13
617
0.35
619
0.38
620
0.35
621
0.47
622
0.40
624
0.17
625
2.42
कुल योग ..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है. - सूखा नाला जलाशय योजना हेतु भू-अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा व प्लान का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, सागर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 9988- क-प्र. भू-अर्जन-10-अ-82- वर्ष 09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख) तहसील- सागर 2818
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(ग) नगर/ग्राम-हीरापुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 4.26 हेक्टर
खसरा नं.
रकबा
(हे . में. )
(2)
(1)
19
1.08
20
0.97
21
0.98
22
1.07
23
0.16
4.26
योग .
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है.- सूखा नाला जलाशय योजना हेतु भू-अर्जन.
( 3 ) भूमि का नक्शा व प्लान का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , सागर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 9989 - क-प्र . भू. अर्जन- 11 -अ-82 वर्ष 09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सागर
(ख) तहसील- सागर
(ग) नगर/ग्राम- टेकापार
(घ) लगभग क्षेत्रफल -9.37 हेक्टर
खसरा नं.
(1)
रकबा (हे . में. ) (2)
0.70
721
1.30
737
722
1.44
723
1.06
4.07
724
725/3
0.40
725/4
0.40
योग ..
9.37
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है. - सूखा नाला जलाशय योजना हेतु भू-अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा व प्लान का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , सागर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
सागर, दिनांक 8 अक्टूबर 2010
क्र. 10158-क-भू-अर्जन-2010- प्र. क्र.अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख ) तहसील- शाहगढ़
(ग) ग्राम-जालमपुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल-22.39 हेक्टर
खसरा नं.
रकबा (हे. में. ) (2)
(1)
170
0.02
172
0.14
0.06
173
0.50
180
0.14
729
0.59
174
202
0.08
0.42
175
0.22
176
0.27
182
189/1
0.49
0.53
192
177
0.33
0.15
183
178
0.51
188
0.60
185
1.62
1.06
181
0.24
742 भाग 1 ]
2819
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(2)
(1)
743
0.31
179
0.74
193
0.32
158
0.08
739
0.78
741
0.71
165/1
0.14
165/2
0.07
163/2
0.02
161
0.30
159
0.72
0.03
147/3
196/3
0.05
0.25
147/4
1.70
187
186
0.32
189/2
0.98
0.20
730
737
0.48
738
0.30
0.42
740
746
0.22
758
0.25
747
0.60
0.63
748
813
0.35
0.14
814
815
0.15
816
0.14
0.20
817
0.83
818
728
0.07
731
0.92
0.05
732/1
0.35
732/2
734
0.27
0.05
736/1
0.18
736/2
736/3
0.10
22.39
योग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- सोना नाला जलाशय के बांध डूब क्षेत्र में तथा नहर निर्माण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी, कार्यालय बंडा में देखा जा सकता है.
क्र. 10159 - क- भू-अर्जन-2010-प्र. क्र.अ-82-10-11 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-सागर
(ख ) तहसील- शाहगढ़
(ग) ग्राम- बम्होरी शाहगढ़
(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 3.28 हेक्टर
रकबा
खसरा नं.
(हे. में. )
(2)
(1)
0.17
140
0.05
141
142
0.20
156
0.25
133/1
0.05
0.02
134
0.02
159
0.15
160
0.02
100/2
0.06
388
390
0.15
0.15
387
0.06
386/1
454
0.13
0.13
457/1
385/3
0.07
0.06
385/4
460/2
0.08
473
0.16
0.07
470
0.10
471
489
0.01
496
0.20 2820
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(1)
(2)
488/1
0.10
488/2
0.10
492
0.13
493
0.11
273
0.10
271/2
0.08
494/2
0.02
386/2
0.13
157
0.07
158
0.08
3.28
योग ..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है . सोना नाला जलाशय के बांध डूब क्षेत्र में तथा नहर निर्माण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी, कार्यालय बंडा में देखा जा सकता है.
क्र. 10172- क- भू-अर्जन-2010-प्र. क्र.अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख) तहसील- शाहगढ़
(ग ) ग्राम- गूगरा खुर्द
(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 10.86 हेक्टर
खसरा नं .
रकबा (हे. में. ) (2)
(1)
1257/2
0.04
1261
0.56
1262
2.57
1259
0.28
1266
0.57
1304
0.40
1270
0.33
(1)
(2)
1271
0.10
1272
0.13
1273
0.31
1274/1
0.09
1274/2
0.10
2.20
1276
1278
0.41
0.05
1279/2
1283/2
0.08
0.10
1279/1
1283/1
0.06
1284
0.05
1303/1
0.17
1282
1.13
1289/1
0.07
1289/2
0.05
1303/3
0.02
0.07
1303/2
1318
0.12
1338
0.55
1339
0.25
10.86
योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- सोना नाला जलाशय के बांध डूब क्षेत्र में तथा नहर निर्माण.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय बंडा में देखा जा सकता है.
क्र. 10174-क-भू-अर्जन-2010-प्र. क्र.अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख ) तहसील- शाहगढ़ भाग 1 ]
2821
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(ग) ग्राम- सिलापरी
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 2.22 हेक्टर
खसरा नं .
रकबा (हे . में. )
(1)
(2)
0.20
532
0.06
533
539
0.13
540
0.15
542
0.20
0.05
566/1
0.07
544
549/1
0.38
0.07
569
549/2
0.10
566/2
0.05
568
0.07
0.24
562
0.40
548
0.05
570/2
2.22
योग ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- सोना नाला जलाशय के बांध डूब क्षेत्र में तथा नहर निर्माण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , अनुविभागीय अधिकारी, कार्यालय बंडा में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनीष श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला उमरिया, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
उमरिया, दिनांक 4 अक्टूबर 2010
क्र. 5180- भू- अर्जन- 2009-10-06-अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उपरोक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
लगभग क्षेत्रफल
-1. ग्राम बांसा अशासकीय रकबा 62.780 हेक्टेयर शासकीय रकबा 48.745 हेक्टेयर 2. ग्राम दुलहरा -अशासकीय रकबा 1.043 हेक्टेयर शासकीय रकबा 0.566 हेक्टेयर ग्राम बांसा- अशासकीय सर्वे क्रमांक
खसरा
नम्बर
रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.089
15/1
0.105
15/2
1.416
16/1 ग
0.304
16/1 घ
1.416
16/1 ङ
16/2
2.023
16/3
0.809
0.809
16/4
0.613
18/1ख
2.023
18/1 ग
0.405
18/1 घ/1
0.259
18/1 घ/2
1.031
18/1 ङ
0.405
18/1च
0.607
18/2
0.121
18/3
1.619
18/4
1.214
18/5
0.085
19
0.154
20
0.166
21
0.166
22
0.210
23
0.364
24
0.089
25
0.547
26
0.141
28
0.328
29
1.113
30/1ख
30/2
0.405
0.170
31
0.170
32
0.113
33
34
0.178 2822
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(1)
(2) 35
0.088 36/1क
1.983 36/1ख
1.416 36/2
0.202 38
0.279 39
0.259 40
0.125 41/1
0.008 41/2
0.043 42
0.251
0.206 43
44
0.125 45
0.332 46/1ख
0.947 49/ 1ख
0.304 49/2
0.405 49/4
0.204 80/2
2.011 80/4
1.687 80/5
0.353 80/6
0.950
0.506 81/2क
81/2ख
0.627 81 /2 ग
0.121 81/2घ
0.607 81/3क
0.324 81/3ख
0.486 81/3ग
0.283 81/4क
0.729 81/4ख
0.202
0.162 81/4ग
0.050 82/4क
82/4ख
0.190
0.101 82/4ग
82/4घ
0.214
0.101 82/4ड़
82/2
0.405 82/3
0.405 83/2
1.010 83/3
1.214 84
0.198 85/1
0.202 85/2
0.507 89
0.024
[भाग 1 (1)
(2)
90
0.173
92/2
0.405
93/2
0.620
93/3
0.384
93/4क
0.708
0.162
93/4ख 1
93/4ख 2
0.121
93/4ग3
0.162
0.202
93/5क
93/5ख
0.466
93/5ग
0.101
0.809
94/1ड़
94/2
0.809
0.809
94/3
96
0.291
97
0.267
98
0.279
99
0.138
100/2
0.543
100/3
0.101
101
0.073
0.162
102
0.101
103
104/2
0.304
105
0.040
106
0.117
138/2
0.142
140
0.057
141
0.149
0.037
144
150
0.284
151
0.170
152
0.138
226/1
0.440
260
0.056
0.388
269
0.324
275
276
0.251
0.024
277
278
0.376
279
0.251
281
0.206
282
0.020
283
0.141 भाग 1 ]
2823
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(2) (1)
0.210 290
0.147 292
293
0.166
0.214 295
0.441 331
0.425 332
333
0.174 335
0.190
0.401 336
0.061 338
0.502 339/2
341/2
0.405 343
0.615
2.236 344
346/2
1.214
0.344 348
0.178 349
0.178 350
0.093 352
0.214 353
0.129 358
359
0.121 361
0.126 362
0.129
0.606 363
364
0.413
0.121 88
ग्राम-बांसा
शासकीय सर्वे क्रमांक
4.049 16/1ख
3.524 17/1 क2
1.424 18/1 क
0.057 27
0.279 30/1क
37
0.037 80/1
1.225
8.212 81/1
0.814 82/1
0.502 83/1
0.138 86
87
0.012 92/1
0.910
0.405 94/1ख
7.891 94/1 ग
100/1
2.194
3.014 104/1
107
0.020 122
0.231
(2)
(1)
0.158
123
0.105
124
0.297
125
0.053
145
0.113
153
0.575
154
0.036
272
0.287
273
0.166
274
280
0.109
0.871
291
0.096
294
0.253
334
0.142
337
0.134
339/1
0.138
340
0.381
341/1
0.676
342
0.235
345
0.769
346/1
2.428
346/2
4.695
347/1क
0.410
347/1ख
0.012
351
0.113
354
0.081
355
0.668
356
0.121
357
0.077
360
0.251
376
ग्राम- दुलहरा अशासकीय सर्वे क्रमांक
0.372
26
0.210
27
0.073
29
0.028
30
0.024
32
0.101
33
0.166
35
0.069
39
ग्राम- दुलहरा शासकीय सर्वे क्रमांक
0.311
23
0.097
24
0.057
25
0.101
28 2824
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है .- बन्देही जलाशय योजना के डूब प्रभावित क्षेत्र बाबत्.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , का निरीक्षण जिलाध्यक्ष , कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग संभाग उमरिया के कार्यालय में किया जा सकता है.
(4 ) भू- अर्जन अधिनियम की धारा -7 के अंतर्गत कार्यवाही हेतु आदेशित किया जा सकता है .
क्र. 5179 - भू- अर्जन- 2009-10-07-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- उमरिया
(ख ) तहसील-मानपुर
(ग) ग्राम- मोहबला
(घ) क्षेत्रफल लगभग- 1.008 हेक्टेयर
सर्वे क्रमांक
रकबा (हे. में. ) (2)
(1)
0.146
356
0.243
363/3
368/2
0.303
369
0.316 1.008
योग :
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- ब्यौहारी मानपुर मार्ग में सोन पुल पोड़ी राजघाट के पहुंच मार्ग हेतु पुल निर्माण बावत्.
3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , का निरीक्षण जिलाध्यक्ष , कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
(4 ) भू-अर्जन अधिनियम की धारा -7 के अंतर्गत कार्यवाही हेतु आदेशित किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जे. एस. धुर्वे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर , जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सतना, दिनांक 5 अक्टूबर 2010
क्र. एफ 694 - भू-अर्जन 10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894, संशोधन 1984 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना
(ख ) तहसील- रघुराजनगर
(ग ) नगर/ग्राम- शेरगंज
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.434 हेक्टेयर.
लगभग क्षेत्रफल
खसरा
(हेक्टेयर में )
नम्बर
(2)
(1)
0.525
302/1/1
0.025
302/1/2
0.500
302/2
0.286
295/3
0.098
996/1/3
1.434
निजी खाता भूमि योग :
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है.- सतना- जिगनहट पहुंच मार्ग एवं पुल निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.
क्र. एफ 696 - भू-अर्जन10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894, संशोधन 1984 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र . शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना
(ख) तहसील - उचेहरा भाग 1 ]
2825
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(ग ) नगर/ग्राम- जिगनहट
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.120 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
252
0.120
निजी खाता भूमि योग : 0.120
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है. - सतना- जिगनहट पहुंच मार्ग एवं पुल निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , का निरीक्षण , कलेक्टर (भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.
क्र. एफ 698 - भू-अर्जन 10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना
(ख ) तहसील- रघुराजनगर
(ग ) नगर/ ग्राम- बघेड़ी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.687 हेक्टेयर.
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
खसरा नम्बर (1)
0.303
101
0.384
95
निजी खाता भूमि योग : 0.687
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है. - सतना- जिगनहट पहुंच मार्ग एवं पुल निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुखबीर सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला खण्डवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खण्डवा, दिनांक 5 अक्टूबर 2010
भू-अर्जन- प्र.क्र. 42-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील-पुनासा
(ग ) ग्राम- दुधवास
(घ ) अर्जित रकबा-8.98 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
1.03
2/1
0.46
2/2
0.13
13
0.17
18
0.06
20/1
0.12
25
0.06
26
0.20
27
0.08
28
0.04
29
0.04
31
0.09
35
0.10
38
1.25
39/1
1.23
41/2
0.16
43
0.09
118/1
0.05
118/4
0.17
122
0.12
123
0.06
137
0.07
138/2 2826
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(2)
(1)
0.14
139/2
0.27
140
141
0.08
0.35
142
0.13
146/3
0.07
146/4
156/2
0.10
280/1
0.10
0.10
280/2
0.05
280/3
0.11
282
0.02
284
0.10
285
286
0.05
0.03
287/1
287/2
0.03
0.05
288
0.22
289
0.11
290
0.07
293
0.02
294
0.08
298
0.08
329
0.02
330/1
0.02
330/2
0.06
331/1
0.11
332
0.06
336/2
0.01
338
0.10
339
0.04
344/4
0.06
344/2
0.03
344/3
0.09
345/2
0.13
346
0.07
347/1
0.03
347/2
350
0.01
योग : 8.98
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत अवशेष जलाशय 3 एवं वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन- प्र.क्र. 43-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख ) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम- अंजनियाँ खुर्द
(घ) अर्जित रकबा-4.02 हेक्टेयर .
खसरा
नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.16
106/1
0.01
113
0.06
123/1
0.07
123/1क
0.15
154
0.04
155/5
0.08
157/1
0.12
159/1
0.06
123/ 2क
0.10
159/2
0.27
171/1
0.16
172
0.15
173/1
0.16
173/2
0.14
173/3
0.07
179/1
0.11
179/4
0.04
179/5
0.12
180
0.08
181
0.07
188
0.02
189
0.05
190
0.06
265
0.07
266
0.07
267
0.07
268
0.07
269 भाग 1 ]
2827
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(2)
(1)
270
0.07
273/1
0.14
0.09
273/2
273/3
0.06
0.13
274/1
0.10
274/2
0.05
274/3
0.10
274/4
0.11
293
0.07
294/1
0.02
294/2
0.17
302/2
0.28
309/1
योग : 4.02
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
भू-अर्जन- प्र.क्र. 44-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम-कोलगांव
(घ ) अर्जित रकबा-29.71 हेक्टेयर.
खसरा
अर्जित रकबा
नम्बर
(हेक्टेयर में)
(2)
(1)
182
0.97
0.09
183
2.01
203
1.00
205
(2)
(1)
1.13
206
1.51
207/1
1.20
207/2
1.24
208
0.27
209
0.20
210
0.67
211
0.52
216
0.13
217
0.06
219
0.20
221
0.07
0.04
222/1
0.40
222/3
0.34
223
0.85
224
0.64
225/1
0.20
225/2
1.08
229
0.35
230
0.28
231
0.42
232
0.59
233
0.55
235
0.13
236
0.20
237/1
0.35
237/2
0.08
246
0.32
247
0.24
248
0.09
249
0.60
252
2.26
256
0.25
257
1.05
264
0.23
266
0.21
267
0.27
268
0.29
269
0.38
270/1
0.32
270/3
0.38
271/1
0.09
271/3
0.06
271/4 2828
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(2)
(1)
271/5
0.03
272
0.53
0.57
273/1
273/2
0.67
274/1
1.70
274/2
0.25
0.22
275
0.45
280/1
280/2
0.12
0.34
281
282
0.02
योग : 29.71
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत अवशेष जलाशय 3 के निर्माण हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
भू-अर्जन- प्र.क्र. 45-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम-रोहणी
(घ) अर्जित रकबा-2.25 हेक्टेयर.
खसरा
नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.07
36/1
36/2
0.30
58
0.10
0.04
60/1
0.06
60/2
(2)
(1)
0.07
62/1
0.03
62/2
62/3
0.05
0.09
67
0.06
68
0.02
497
0.07
504/2
0.10
505
506
0.04
507
0.11
0.10
509
0.01
517/5
570/1
0.14
0.17
570/2
572
0.14
0.10
578
579/3
0.07
580
0.11
0.10
583/1
583/2
0.10
योग : 2.25
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन- प्र.क्र. 46-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
( क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम-उदयपुर भाग 1 ]
2829
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(घ) अर्जित रकबा-1.65 हेक्टेयर.
खसरा
नम्बर
अर्जित रकबा ( हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.10
30/2
0.15
34
35
0.05
0.12
36
120
0.23
0.05
121
122
0.18
123
0.11
199
0.15
0.21
201/1
202/2
0.01
203/1
0.08
0.11
203/4
0.10
163
योग : 1.65
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. - पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन- प्र.क्र. 47-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम- भादलीखेड़ा
(घ) अर्जित रकबा-6.23 हेक्टेयर.
खसरा
नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
84
0.10
0.09
85/3
(2)
(1)
0.08
87/3
0.09
88
0.08
163
0.05
165/1
0.12
165/2
0.10
167
0.28
171/2
0.09
173/1
0.11
174/1
0.09
175
0.18
176
0.09
177
0.06
178
0.10
180
0.05
181
0.03
182/1
0.03
182/2
0.08
183/2
0.11
183/3
0.46
199/1
0.02
199/3
0.22
184/1
0.16
184/3
0.20
193
0.32
294/2
0.02
294/6
0.09
311/1
0.05
311/2
311/3
0.16
0.22
311/4
0.38
311/5
0.05
311/6
0.02
313
0.14
314
0.53
317
0.15
318
0.95
320
0.08
321
योग : 6.23
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
2830
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
भू-अर्जन-प्र.क्र. 48-अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम- बांगरदा
(घ ) अर्जित रकबा-2.98 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
(हेक्टेयर में) अर्जित रकबा
(2)
(1)
76
0.02
77/1
0.14
77/2
0.04
80
0.04
81
0.06
0.09
82
83
0.20
84/2
0.09
0.20
148
149/1
0.11
0.06
150
0.32
151
152
0.05
158
0.22
163
0.12
0.07
168
0.13
169
0.10
170/1
0.12
170/2
171
0.08
0.20
178
0.04
180
0.11
631
0.10
633/1 ग
633/1 घ
0.11
633/4
0.16
योग : 2.98
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. - पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25, नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन- प्र.क्र. 49-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम-अंजनियॉकला
(घ ) अर्जित रकबा 0.71 हेक्टेयर.
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
20
0.03
0.06
21
0.06
22
0.08
23
0.21
25
0.02
26/3
31/3
0.01
0.19
32/1
35/1
0.05 योग : 0.71
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
भाग 1 ]
2831
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला देवास मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग देवास , दिनांक 6 अक्टूबर 2010
प्र. क्र. 1 - अ- 82-09-10-1259.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 (क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त सार्वजनिक प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- देवास
(ख) तहसील- खातेगांव
(ग ) ग्राम- अगरदा
(घ) क्षेत्रफल-0.35 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अधिग्रहित किये जाने वाला क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
358 में से
359/1 में से
0.30 0.05 योग : 0.35
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- बागदी नदी पर निर्माणाधीन पुल पहुंच मार्ग के भू- अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर कार्यालय, जिला देवास एवं भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, कन्नौद के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 1 - अ-82-09-10-1265.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 (क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त सार्वजनिक प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- देवास
(ख) तहसील - खातेगांव
(ग) ग्राम- बरछाखुर्द
( घ) क्षेत्रफल-0.25 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अधिग्रहित किये जाने वाला क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(1) 108/1 में से
(2) 0.25 योग : 0.25
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. बागदी नदी पर निर्माणाधीन पुल पहुंच मार्ग के भू-अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर कार्यालय, जिला देवास एवं भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, कन्नौद के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पुष्पलतासिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग विदिशा , दिनांक 8 अक्टूबर 2010
प्र. क्र. 3 - अ- 82-2009-10 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- विदिशा
(ख) तहसील- शमशाबाद
( ग) ग्राम- बरखेड़ाजाट 2832
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(घ) लगभग क्षेत्रफल-187.252 हेक्टेयर.
रकबा सर्वे क्रमांक
(हेक्टेयर में)
(2) (1)
1.682 24/1
0.365 113
24/2
1.672
0.610 25/2
0.710 14/2
16/1
1.166
0.062 161/2
169/
0.136 100/1
0.460 16/2/1
0.814 16/2/2
0.105 20
2.900
0.209 158
0.256 16/3
85
0.439 86
0.209 87
0.512 155/1
0.985
0.209 88
0.543 90
2.833 19
0.095 163
0.095 165
265
0.063 269
0.147 192
0.752
0.655 296
0.042 120
152/1
2.502
0.627 152/2
0.366 93/1
93/2
0.157
0.157 166
0.799
0.083 184
1.213 75/1
0.209 187
1.306 292
0.575 234
0.800 286
1.212 75/2
(2)
(1)
0.863
76
0.063
161/1
0.506
77
2.120
78
0.465
79/1
79/2
0.465
0.658
81
1.840
83
0.021
84
0.079
95/1
4.713
153
0.471
91
0.136
167/1
0.637
140
0.162
94/1
0.094
121
1.171
138/3
0.251
97
0.586
281
1.850
294
2.500
295
1.694
98
0.092
124/6
0.264
99/1
0.264
99/3
124/1
0.091
0.520
99/2
0.525
99/4
0.193
124/3
0.184
124/4
0.010
99/6
0.418
100/2
1.050
101
0.670
103
0.114
176/1
0.115
102
2.442
110
0.303
180
0.042
112
1.003
228
0.261
174
0.209
114
0.052
115
0.167
119 भाग 1 ]
2833
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(2) (1)
118
0.115
0.985 155/3
0.052 122
0.062 123/1
123/2
0.011
0.115 176/2
0.091 124/2
124/5
0.092
0.836 125
160
0136 126
0.180 132/2
1.900
0.534 133/1/1
133/1/2
1.934
1.250 134
143
1.045 144
1.045
1.881 195
135
0.173
0.800 136/2
0.930 136/3
137/1
0.320
1.807 138/1
0.219 267
138/2
1.672 167/2
0.136 94/2
0.162
1.666 147/1
147/2
1.666
0.017 147/3
1.666 147/4
1.666 147/5
0.017 147/6
150
1.432
3.140 154/1
3.140 154/2
0.985 155/2
155/4
0.986
0.125 171
1.254 196
289
0.836
0.087 156/1
0.087 156/2
2.090 141
(2)
(1)
2.090
142
2.330
145
0.303
202
1.525
149
0.087
156/3
0.063
157/1
0.062
157/2
0.167
159
0.094
162
0.104
164
210
0.489
0.783
212
0.130
95/2
1.774
225
0.083
168
0.209
170
0.669
173
0.136
177
0.063
179
1.985
220
0.147
181
0.846
230/2
0.125
182
0.523
199
0.010
270
0.418
197
0.105
183
0.115
185
0.083
186
291/1
2.644
0.356
293
2.090
207
2.665
236
5.853
208
0.533
211
213
0.627
200
1.672
0.534
214
2.090
216
0.094
259
3.083
198
0.909
215
1.985
217
0.836
219 2834
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(2) (1)
1.291 226/1
0.365 226/2
1.116 229/1
0.292 231/2
226/3
1.672
1.254 226/4
227
0.960 230/1
1.056
0.426 229/2
231/1
0.293
0.941 235/1/1
229/3/1
0.755
0.369 248
0.512 283
249
3.500
0.115 253
0.313 257
0.523 284
0.763 290
0.523 218/1
0.084 273
276
0.041
0.146 277
258/1
0.104 278
0.042
0.010 258/2
258/3
0.010
0.010 263
264
0.262 268
0.115
0.094 271
272/1
0.059
0.049 280/1
0.575 282/1
0.059 272/2
280/2
0.049 282/2
0.574
1.426 203/1
1.427 203/2
0.418 204/1
2.117 204/2
0.065 232/1
0.940 235/1/2
237
2.090
(2)
(1)
1.045
238
2.027
239
1.254
285/1
0.822
285/2/2
0.822
285/2/1
0.822
285/2/3
0.062
255/3/2
2.289
287/2 क
3.000
291/2
0.094
287/1
232/2
0.949
0.096
229/3/2
0.860
235/2/2/2
0.081
235/2/1
0.940
235/2/2/1
229/3/2
1.059
0.059
272/3
0.048
280/3
282/3
0.575
0.522
218/2
0.209
251
0.083
252
0.063
255/1
0.104
254
0.147
279
0.083
274
0.345
275
0.063
255/2
0.038
262/2
262/1
0.038
0.039
262/3
0.282
203/3
0.219
92
0.010
188
0.400
23
187.252
योग :
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- सगढ़ मध्यम सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय, भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन के कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह नदी संभाग गंजबासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .
2835
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
भाग 1 ]
प्र. क्र. 7 - अ- 82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक-एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की मुख्य नहर निर्माण हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- विदिशा
(ख ) तहसील- नटेरन
(ग ) ग्राम-रिनिया
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-6.293 हेक्टेयर.
सर्वे क्रमांक
अर्जित किये जाने वाला अनुमानित क्षेत्रफल
(हेक्टेयर में) (2)
(1)
0.350
112/5
0.033
284/1
0.033
284/2
0.034
284/3
0.230
293
0.275
294/1
294/2
0.134
0.125
295
0.504
296/1
296/2
0.359
0.319
296/3
0.504
296/4
0.544
299/1
0.500
299/2/1
0.043
299/2/2
300
0.188
0.523
301
0.149
302
0.045
305/1
0.050
305/2
0.050
305/3
0.463
306
307
0.047
0.100
309
0.376
310
(2)
(1)
0.100
311
0.215
344
6.293
योग :
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की नहर निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर, बाह नदी संभाग , गंजबासौदा में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 11 - अ-82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की मुख्य नहर निर्माण हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- विदिशा
(ख) तहसील- नटेरन
(ग) ग्राम- श्यामपुर ( सेऊ )
(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.643 हेक्टेयर.
सर्वे क्रमांक
अर्जित किये जाने वाला अनुमानित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.640
10
0.064
0.240
21
0.400
22
1.200
25/1
0.217
27/1क
0.880
27/1 क2
0.880
27/1 /ख1
0.190
46/1
0.190
46/2
0.190
46/3 2836
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(2)
(1)
48/1
0.160
48/2/1
0.160
0.160
48/2/2
50
0.480
147
0.080
159
0.128
161
0.320
162
0.064
6.643
योग :
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की नहर निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू- अर्जन अधिकारी, नटेरन एवं कार्यपालन यंत्री , संजय सागर बाह नदी संभाग , गंजबासौदा में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, योगेन्द्र शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना जिला रीवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 11 अक्टूबर 2010
प्र. क्र. 1087 - प्रशासक- भू-अर्जन- 2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- रीवा
(ख ) तहसील- हुजूर
(ग) ग्राम- दुआरी
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.105 हेक्टर.
खसरा
रकबा (हेक्टेयर में) (2)
नम्बर (1)
0.028
157/1
0.028
157/2
0.028
157/3
0.006
159/1
0.015
159/3
योग : 0.105
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है-मैदानी माइनर नहर के अन्तर्गत में आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 1091 - प्रशासक- भू-अर्जन- 2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- हुजूर
(ग) ग्राम-बिडवा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.061 हेक्टर.
रकबा
(हेक्टेयर में)
(2)
खसरा नम्बर (1)
285/2
0.061 योग : 0.061
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- मैदानी माइनर नहर के अन्तर्गत में आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.
भाग 1 ]
2837
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 1093 - प्रशासक- भू-अर्जन- 2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- धौचट
(ग) ग्राम- हुजूर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.077 हेक्टर.
रकबा
खसरा
नम्बर
(हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.077
512
0.077
योग :
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के अन्तर्गत में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग छतरपुर, दिनांक 15 अक्टूबर 2010
प्र. क्र. 18 - अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील-लौड़ी
(ग ) ग्राम- गिलौहा, प. ह. नं. 18
(घ) लगभग क्षेत्रफल-163.962 हेक्टर.
अर्जित रकबा खसरा नम्बर
(हे. में)
(2)
(1)
0.056
20/1
23
0.176
0.256
24
0.064
25
0.072
26
0.016
27
0.010
32
0.168
33
34
0.014
0.080
35
0.056
36
0.202
252/3/1
0.300
252/3/2
0.320
252/3/3
0.162
252/4/1
0.120
252/4/2
0.040
252/5
0.222
272/1
0.100
272/2
0.163
276/1
0.060
277/1
14.000
279
0.215
281/1
0.107
281/2
0.107
281/3
0.027
282/1
282/2
0.013
0.013
282/3
0.166
283/1 2838
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(2) (1)
0.167 283/2
283/3
0.331
0.189 284/1
0.378 284/2
0.010 285/1
0.011 285/2
0.011 285/3
0.243 286
287
0.287
0.100 288/1
0.040 288/2
0.024 289
0.122 290/1
0.122 290/2
290/3
0.121
0.016 291/2
0.016 291/3
0.168 292/1
292/2
0.168
0.251 293/1
0.251 293/2
0.283 294
0.186 295
0.235 296
0.115 297/1
0.116 297/2
0.039 298/1
0.038 298/2
0.353 299
0.065 325/2
0.344 326
327/2
0.094 328
0.340
0.023 329
0.209 330/1
0.209 330/2
0.288 331/1
0.044 331/2
332
0.170
0.324 333
0.620 334/1
0.036 334/2
(2)
(1)
0.387
335
0.316
336
0.274
337
0.279
338
0.676
339
0.522
340/1
0.522
340/2
0.259
341/1
0.255
341/2
0.206
342
343
0.194
0.235
344
0.202
345
1.597
346
0.328
347
0.380
348
0.049
349
350
0.049
0.142
351
0.494
352/1
1.000
352/2
0.392
353/1
0.392
353/2
0.320
354
0.308
355
1.396
356
0.437
357
0.121
358
0.142
359
0.247
360
0.227
361
0.198
362
0.672
363
0.129
364/1
0.130
364/2
0.239
365
0.112
377
0.250
378
0.591
379
0.364
380/1
0.365
380/2
0.417
381 भाग 1 ]
2839
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(2) (1)
382
0.312
0.210 383
385
0.271 386
0.129 387/1
0.231 387/2
0.115
0.116 387/3
388
0.259 389
0.380 390
0.316
0.316 391
392
0.346 393
0.295
0.368 394
395
0.510 396
0.279
0.356 397
398
0.336 399
0.494 400
0.898 401
1.141 402/1
0.049 402/2
0.075
0.075 402/3
0.202 404
405/1
0.600 405/2
0.121 406/1
0.301 406/2
0.294
0.470 407
0.428 408/1
0.247 408/2
0.955 409
0.223 411/1/क
0.222 411/1/ख
0.324 411/3
411/4
0.494
0.413 412
0.619 413/1
413/2
0.619 414
0.522 415
0.556
(2)
(1)
1.481
416
0.344
417
1.238
418
0.238
419
0.364
420
0.227
422/1
0.299
422/2
0.829
422/3
0.065
422/4
0.283
422/5
0.279
422/6
0.421
422/7
0.684
424
0.874
425
0.987
426
427
0.753
0.397
428/1
0.849
428/2
1.202
429/1
0.162
429/2
0.567
429/4
0.251
429/5
0.364
429/6
0.407
430/1/1
0.407
430/1/2
0.408
430/1/3
1.222
430/2
432/1
0.126
0.100
432/2
0.121
433
0.197
434/1
0.196
434/2
0.194
435
0.729
436
0.222
437/1
0.223
437/2
0.040
438
0.125
439
440
0.583
441
0.166
0.032
442
443
0.360 2840
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(2) (1)
0.516 444/1
0.124 444/2
445
0.340
0.462 446
447
0.401
0.210 448
449
0.194
0.409 451
452/1
0.206 452/2
0.207 453/1
0.413
0.411 453/2
454/2
0.085 461
0.120
0.014 462/1
462/2
0.014 462/3
0.029 463
0.914
0.182 464
0.186 465
466
0.652
0.138 467
0.050 468
0.200 469
0.128 479
0.030 480
0.522 481
482
0.331
0.178 483
0.154 484
0.158 485
486
0.344
0.065 487
0.721 488
0.425 489
0.388 490
491
0.445
0.320 492
0.413 493
0.081 494
495
0.437
0.032 496
(2)
(1)
0.575
497
0.344
498
0.048
499
0.053
500
0.125
501
0.312
502
0.563
503
0.340
504
0.567
505
506
0.450
0.694
508/1
0.694
508/2
0.369
509/1
0.121
509/2
0.247
510
0.263
511
0.364
513
0.117
514
0.194
516
0.454
517
0.141
518/1
0.142
518/2
0.539
519
0.470
520
0.032
521
0.514
522
0.324
523
0.093
524
0.255
525
0.259
526
0.158
527/1
0.150
527/2
0.213
528
0.110
529/1
0.100
529/2
530
0.233
0.186
531
533
0.080
0.229
629/1
0.430
630
0.030
631
0.037
632/2 भाग 1 ]
2841
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(2) (1)
0.040 634/2
635
0.010
0.018 636/1
636/2
0.018 637
0.010 641
0.219 642/1
0.142 642/2
0.141 643
0.040 644
0.024
0.178 645
0.198 646
0.154 647
0.162 649
650
0.194
0.287 651
0.291 652
0.187 653/1
653/2
0.084
0.324 654
0.263 655
0.142 656
657
0.295
0.158 658
0.304 659
0.466 660
0.243 661
0.737 662
0.089 663
664
0.393
0.291 665
0.263 666
667/1
0.447
0.045 667/2
0.048 667/3
0.320 668
669
0.769
0.144 670/1
0.146 670/2
0.425 671
672
0.073
0.332 673
(2)
(1)
0.206
674
0.243
675
0.186
676
0.190
677
0.494
678
0.291
679
0.292
680
0.308
681
0.073
682
0.170
683
0.259
684
0.470
685
0.006
686/1
0.006
686/2/1
0.006
686/2/2
0.202
687
0.470
688
0.275
689
0.206
690
0.322
691/1
0.322
691/2
0.099
693
0.267
694
0.320
695
0.223
696
0.162
697
0.081
698
0.316
699
0.178
700
0.097
701
0.214
702
0.231
703
0.109
704
0.255
705
0.267
706
0.522
707/1
0.099
707/2/1
0.324
707/2/2
0.099
707/2/3
0.344
708
0.255
709/1
0.255
709/2 2842
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010
(2) (1)
710
0.502
0.279 711/1
0.061 711/2
712
0.502 713
1.765 714
0.761 715
0.713 716
0.672 717
0.384
0.324 718
719
0.380
0.299 720
721
0.340 722
0.057 723
0.938
0.841 724
1.097 725
0.977 726/1
726/2/1
0.326 726/2/2
0.325
0.326 726/2/3
728
1.744
0.721 729
730
0.664 731
0.615
1.291 732/1
0.732 732/2
732/3
1.000 733
0.886
1.226 734
735
0.482
0.567 736
737
0.364 738
0.275
0.421 739
0.705 740
741/1
0.192 741/2
0.302
0.822 742/1/1
742/1/2
0.393 742/1/3
2.148 742/1/4
0.829
(2)
(1)
1.214
742/1/5
742/2
0.162
0.178
743
0.571
744
5.443
745
0.551
747
0.227
748/1
0.114
748/2
0.113
748/3
0.688
748/4
0.688
748/2/1
2.537
748/2/2
0.809
748/2/3
0.713
752
0.328
753
0.340
754/2
0.197
759/1
0.030
760/1
0.045
760/2
0.360
762
763
0.350
0.342
765/1
0.080
765/2
0.200
765/3
0.170
986
0.162
992
0.388
993
0.049
994
995
0.599
0.388
996
0.802
1070/340
योग .. 163.962
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज मध्यम परियोजना हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण तहसील कार्यालय , लौड़ी में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ई. रमेश कुमार , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2843
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010
निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं
विधि और विधायी ( निर्वाचन ) कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 11 अक्टूबर 010
फा. 22- वि.निर्वा . - 2010- चार- 198.- भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना संख्या 82- म.प्र.वि.स. ( 15/2009 ) -2010 , दिनांक 22 सितम्बर 2010 सर्वसाधारण की जानकारी के लिये प्रकाशित की जाती है.
प्रेम चन्द मीना, प्रमुख सचिव.
भारत निर्वाचन आयोग
निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली -110001 नई दिल्ली, तारीख , 22 सितम्बर 2010-31 भाद्रपद, 1932 ( शक)
अधिसूचना
सं. 82- म.प्र. - वि.स. ( 15/2009 ) -2010 .- भारत निर्वाचन आयोग , 25 - शिवपुरी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से मध्यप्रदेश विधान सभा के लिए श्री माखन लाल राठौर को चुनौती देने वाले श्री गणेशराम गौतम , द्वारा दाखिल 2009 की अर्जी सं. 15 में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , ग्वालियर बेंच के तारीख 27 अगस्त 2010 का निर्णय लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम , 1951 ( 1951 का 43 ) की धारा 106 के अनुसरण में एतद्वारा प्रकाशित करता है.
आदेश से,
हस्ता./- (बर्नाड जॉन) सचिव,
भारत निर्वाचन आयोग.
ELECTION COMMISSION OF INDIA Nirvachan Sadan Ashoka Road , New Delhi - 110001 New Delhi , dated, 22nd September 2010- 31st Bhadrapada , 1932 ( SAKA)
NOTIFICATION
No. 82 - MP - LA- ( 15-2009 ) -2010 . In pursuance of Section 106 of the Representation of the People Act , 1951 (43 of 1951 ) , the Election Commission hereby publishes the Judgement of the High Court of Madhya Pradesh at Gwalior Bench dated 27 August 2010 in Election Petition No. 15 of 2009 filed by Shri Ganeshram Gautam challenging the Election of Shri Makhanlal Rathore to the Madhya Pradesh Legislative Assembly from 25 - Shivpuri Assembly Constituency.
उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर Bench Gwalior Election Petition No. 15/09 प्रकीर्ण सिविल / दाण्डिक मामला क्रमांक Ganeshram Gautam S/ o Shri Shivaharan Gautam , Age 52 Yrs . , Candidate of Bhartiya Jansahakari Party, Constituency 25, Shivpuri Legislative Assembly, R/ o 43 , Adarsh Nagar , Shivpuri (MP) .
1. The Election Commissioner, Govt . of M. P. , Bhopal(MP) .
2. The Returning Officers / Sub- Divisional Magistrate , 25 - Shivpuri . Legislative Assembly Distt. , Shivpuri .
3. The Asstt . Returning Officer/ Tehsildar, Distt . Shivpuri ( MP) , (R - 1 to R -3 , deleted as per Hon C. O. dated 9-4-10) .
4. Makhanlal Rathore S /o Unknown , Candidate of Bhartiya Janata Party Constituency 25 , Shivpuri , Legislative Assembly, R/ o Adarsh Nagar , Shivpuri (MP) .
Election Petition U/ s , 81 R/ w Sec . 100 of the Representation of the People Act .
के लिये आवेदन-पत्र.
याचिका आवेदक के वकील श्री Raja Sharma , Advocate द्वारा दिनांक 21 जनवरी 2009 को प्रस्तुत की गई.
आवेदन- पत्र दिनांक 27 अगस्त 2010 को माननीय न्यायमूर्ति श्री A. M. Naik (J) और माननीय न्यायमूर्ति श्री .
के समक्ष आवेदक के वकील श्री Shri V. K. Bhardwaj , Sr. Adv . with Shri Raja Sharma & A Bhardwaj और विरोधी पक्षकार के वकील श्री Shri Vivek Jain, Advocate की उपस्थिति में अंतिम सुनवाई के लिये प्रस्तुत 2844
किया जाना था. न्यायालय द्वारा निम्नलिखित आदेश पारित किया गया :-
आदेश
ATTACHED
HIGH COURT OF MADHYA PRADESH BENCH AT GWALIOR
Single Bench Hon. Shri Justice Abhay M. Naik (Election Petition No. 15/2009)
Ganeshram Gautam Vs Makhanlal Rathore
Shri V. K. Bhardwaj , Sr. Advocate with Shri Raja Sharma and Shri Anand Bhardwaj , Advocates for the election petitioner.
Shri Vivek Jain , Advocate for the respondent .
ORDER (Passed on 27th day of August 2010) 1. Abhay M. Naik J.
1. Heard on I.A. No. 9934/10 .
2. Petitioner has challenged the election of respondent Makhanlal Rathore , by submitting election petition in respect of Constituency No. 25 , Shivpuri Legislative Assembly of M. P. , on various grounds . Following prayer has been made in the election petition :-
" It is therefore humbly prayed that this Hon'ble Court may kindly be pleased to allow this election petition . It is further prayed that the counting of round No. 9 , 12 and 13 may be ordered to be taken place again and result be followed . "
3. Earlier , the petitioner had impleaded the Chief Election Commissioner , Returning Officer and the Assistant Returning Officer. They have been deleted from the cause- title by virtue of this court's order dated 9-4-10.
4. Respondent submitted an application ( I.A.No. 9934/10) for dismissal of the election - petition on the ground that in view of the prayer of the election petition, the petitioner was obliged to join all contesting candidates as required under sectin 82 (a) of the
[ भाग 1
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Representation of the People Act , 1950. Since the petitioner has failed to join all the contesting candidates , the petition may be dismissed on account of violation of the statutory provisions of the Act. 5. In reply, it is stated that no prayer for further declaration that the petitioner or any other candidate has been duly elected , has been made and accordingly, the returned candidate alone has been property made a respondent . It is further submitted that in view of Section 86 (4) of the said Act if any other candidate is interested in the election petition , he may very well file an application for being impleaded as a party . Since , none of the contesting candidates has filed any such application , it may be presumed that they are all satisfied with the result of the election . Accordingly , the application is liable to dismissal .
6. After hearing learned counsel for the parties , the court for the reasons to follow, is of the opinion that the election -petition has been submitted in violation of the statutory provisions and it deserves to be dismissed at the threshold.
7. At the cost of repetition , the prayer contained in the election petition is reproduced below :-- " It is therefore humbly prayed that this Hon'ble Court may kindly be pleased to allow this election petition . It is further prayed that the counting of round No. 9 , 12 and 13 may be ordered to be taken place again and result be followed . " (underlined by this court)
8. Section 84 of the Representation of the People Act, 1950 describes the relief( s ) that may be claimed by the petitioner in the following words : - "84.Relief that may be claimed by the petitioner- A petitioner may, in addition to claiming a declaration that the election of all or any of the returned candidates is void , claim a further declaration that he himself or any other candidate has been duly elected ."
9. Clause ( a) of Section 82 of the said Act reads as under :
82. Parties to the petition- A petitioner shall join as respondents to his petition- (a) Where the petitioner , in addition to claiming declaration that the election of all or any of the returned candidates is void , claims a further भाग 1 ]
declaration that he himself or any other candidate has been duly elected, all the contesting candidates other than the petitioner and where no such further declaration is claimed, all the returned candidates . "
10. Perusal of the prayer clause of the election- petition makes it clear that the petitioner has not merely prayed for allowing his election - petition containing challenge to the election of the returned candidate , but has further prayed that the counting of round No. 9 , 12 and 13 may be ordered to be taken place again and result be followed . Thus , the declaration in favour of any of the candidates who gets elected on account of recounting of round No. 9 , 12 and 13 is implicit in the prayer made by the election petitioner. Though , the petitioner has not worded the prayer clause in the form of declaration but by making a prayer to grant a relief pursuant to the result of recounting he has virtually made a prayer for declaration that the contesting candidate getting elected on account of the result of recounting may be declared elected or being so , clause (a) of Section 82 gets attracted and the petitioner was obliged to join all the contesting candidate in the election petition . There were , as much as , six contesting candidates as revealed in Annexure - P/ 8 , four out of them have not been impleaded.
11. Section 38 of the Act provides for publication of list of contesting candidates . Hon . Supreme Court of India in the case of K. Kamaraja Nadar Vs. Kunju Thevar and others ( AIR 1958 SC 687) has held that contesting candidates within the phraseology , which has been used in S. 38 are candidates who were included in the list of validly nominated candidates and who have not withdrawn their candidatures within the period prescribed for such withdrawal . Thus , contesting candidates are within the meaning of the term as used in the Act . Thus , in addition to the petitioner and respondent , there were four more contesting candidates as revealed in Annexure -P/8 .
12. It has been argued on behalf of the election petitioner that initially , the relief with regard to declaration that election of respondent is void may be granted by allowing the petition and rest of the relief may be denied for want of joinder of remaining contesting candidates because for the grant of aforesaid relief joining of remaining contesting party is not required.
This submission may perhaps be acceptable in civil law but is not acceptable in election laws , in view of specific provision contained in sub - section ( 1) of Section 86 of the Act which lays down mandatorily that the High Court shall dismiss the election petition which does not comply with the provisions of Section 81 of Section 82 ofSection 117 of the Act .
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13. While discussing nature and scope of election petition, the Supreme Court of India in the case of Inamati Mallappa Basappa Vs. Desai Basavaraj Ayyappa and others (AIR 1958 SC 698 ) has observed :-
" It is necessary at the outset, therefore , to understand the nature and scope of an Election Petition . As has been observed by us in the judgment just delivered in Kamaraja Thevar Vs. Kunju Thevar , CivilAppeals No. 763 & 764 of 1957 and Civil Appeal No. 48 of 1958 : ( A. I. R. 1958 SC 687) (A) :-
"An election contest is not an action at law or a suit in equity but is a purely statutory proceeding unknown to the common law and that the court possesses no common law power" .
"An election petition is not a matter in which the only persons interested are candidates who strove against each other at the elections . The public also are substantially interested in it and this is not merely in the sense that an election has news value . An election is an essential part of the democratic process . "
"An election petition is not a suit between two persons , but is a proceeding in which the constituency itself is the principal party interested ."
It has been observed in para 22 as under :-
"It is , therefore , clear that there is no power in the Election Commission to allow a petitioner to withdraw or abandon a part of his claim either by having resort to the provisions of 0.23 R. I. C. P. C. , or otherwise ..
In the case of B. S. Yadiyurappa Mahalingappa and others (2002) 1 SCC 301 it has been observed in para 8 :-
"Itis , therefore , clear , on the authorities of this Court , that those who are mentioned in Section 82 of the said Act must be made parties to an election petition and , if they are not , the election petition is one which does not comply with the provisions of Section 82 and must , therefore , be dismissed by reason of the terms of Section 86(1) ..
14. In view of Section 98 of the Act, it has been argued by the election petitioner that this court may confine his relief to the declaration with regard to election of the returned candidates only and further relief with regard to declaration of elected candidates on account of recounting may be denied .
2846
15. Section 98 is being misconstrued by the petitioner. It obliges this court to make an order in the nature mentioned in Section 98. It has no overriding effect on Section 86 which mandatorily requires this court to dismiss an election petition in case of violation of Section 81 , 82 or Section 117 of the Act . Sub- section ( 1 ) of Section 81 leaves no option to this court except to dismiss the election petition when non - compliance of Section 82 of Section 117 is found .
16. Learned counsel for the petitioner has placed reliance on the case of Jagan Nath Vs. Jaswant Singh and others (AIR 1954 SC 210)
In the case of Jagan Nath's case ( supra) it has been observed :-
"The general rule is well settled that the statutory requirements of election law must be strictly observed and that an election contest is not an action at law or a suit in equity but is a purely statutory proceeding unknown to the common- law and that the court possesses no common- law power, it is also well settled that it is a sound principle of natural justice that the success ofa candidate who has won at an election should not be lightly interfered with an any petition seeking such interference must stricly conform to the requirements of the law. None of these propositions however , has any application if the special law itself confers authority on a Tribunal to proceed with a petition in accordance with certain procedure and when it does not state the consequences of non - compliance with certain procedural requirements laid down by it .
It is always to be borne in mind that though the election to a successful candidates is not to be lightly interfered with , one of the essentials of that law is also to safeguard the purity of the election process and also to see that people do not get elected by flagrant breaches of that law or by corrupt practices . In cases where the election law does not prescribe the consequence or does not lay down penalty for non - compliance with certain procedural requirements of that law, the jurisdiction of the Tribunal entrusted with the trial of the case is not affected . "
17. It may be seen that Section 82 has been amended w.e.f. 28-8-1956 . After the said amendment , it has been made mandatory for the petitioner to join all the contesting candidates with a declaration that the petitioner himself or any other candidate has been duly elected . Consequences arising from its non - compliance are provided in sub- section ( 1 ) of Sec . 86 of the Act , which mandates the High Court to dismiss election petition if it does not contain compliance of Section 81 or Section 82 or Section 117 of the Act . Thus , the election petitioner does not get any benefit from Jagan Nath's case ( supra)
[ भाग 1
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18. In the case of Subhan Khan Vs. J. H. Patel and others ( AIR 1996 SC Karnataka 167) , the Returning Officer and District Election Officer were not found necessary parties . On the contrary, it was held in view of the decision rendered in the case of Jyoti Basu Vs. Debi Ghosal (AIR 1982 SC 983 ) that no party may be joined as a party to an election petition otherwise than as provided by Section 82 and 86 (4) of the Act .
19. In the light of the decision of Rajasthan High Court in the case of Ramdhan Vs. Bhanwarlal (AIR 1985 Raj . 185) it has been argued that the election petitioner may be permitted to delete the latter part of the relief clause .
In the case of Ramdhan ( supra) , relief clause itself wasmissing which was permitted to be added by way of amendment . It was , obviously, not in violation of statutory provision and the same may not be applicable in the present case .
20. It is further submitted that in the light of the decision rendered in the case of Har Sarup and another Vs. Brij Bhushan Saran and another ( AIR 1964 All . 340) , the petitioner may be permitted to join other contesting candiates at this juncture .
In the case of Har Sarup (supra) . It has been clearly held that the intention of the legislature was that apart from those who had already been impleaded as respondents by virtue of Sec . 82 (a) , the petitioner must have further impleaded such other candidates against whom an allegation of corrupt practice has been made even though such candidate may have retired from the election. Thus , the case of Har Sarup ( supra) is quite distinguishable and is not applicable to the present case .
21. In the result , I find that the relief contained in the relief clause of the election petition implicity contains a declaration that the petitioner himself or any other candidate has been duly elected on account of recounting sought for and the petitioner was statutorily bound by virtue of clause ( a) Section 82 of the aforesaid Act to implead all the contesting candidates in the election petition. It is furhter held that the election petition having been submitted in violation of Section 82 ( a) is liable to be dismissed as provided in sub - section ( 1 ) of Section 86 of the Representation of People Act, 1950 .
22. Accordingly, I. A. No. 9934/10 is hereby allowed and the election petition is consequently dismissed without order as to costs .
Sd/- (ABHAY M. ΝΑΙΚ) Election Judge 27-8-10.
By order, (BERNARD JOHN) Secretary, Election Commission of India .