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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

0

Published 22 October 2010

Type
Ordinary
Gazette no.
43
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2010-10-22.43.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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सरमध्यप्रदेश शास

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 43 ]

भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 22 अक्टूबर 2010- आश्विन 30 , शक 1932

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, (7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट .

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं,

भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख ) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम , (3 ) संसद्के अधिनियम,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 27 सितम्बर 2010

क्र. ई. 1-364-2010-5-एक. श्री एम . गोपालरेड्डी, भाप्रसे (1985 ) , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम, भोपाल की सेवाएं भारत सरकार, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय , कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को संयुक्त सचिव, गृह मामलों का मंत्रालय , नई दिल्ली के पद पर नियुक्ति के लिए कार्यमुक्त होने के दिनांक से सौंपी जाती हैं .

2779

क्र. ई. 1-365-2010-5- एक . श्री राघवचन्द्रा, भाप्रसे ( 1982 ) , राहत आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग एवं पुनर्वास विभाग तथा पुनर्वास आयुक्त तथा धार्मिक न्याय एवं धर्मस्व विभाग ( अति. प्र. ) की सेवाएं भारत सरकार, कार्मिक , लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय , कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को संयुक्त सचिव , सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय , नई दिल्ली के पद पर नियुक्ति के लिए कार्यमुक्त होने के दिनांक से सौंपी जाती हैं.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2010.

2780

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

ऊर्जा विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 21 सितम्बर 2010

क्र. एफ -2-22-2009 -तेरह.-विद्युत् अधिनियम, 2003 ( क्रमांक 36 सन् 2003 ) की धारा 82 की उपधारा ( 5 ) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन एतद्वारा , श्री आर . सी. साहनी , आय. ए. एस . ( से. नि. ) को मध्यप्रदेश विद्युत् नियामक आयोग का अध्यक्ष पदाभिहीत करता है .

उपरोक्त नियुक्ति निद्युत् अधिनियम, 2003 ( क्रमांक 36 सन् 2003 ) की धारा 82 , 84, 85, 86 , 89 एवं 90 में उल्लेखित निबंधनों के अधीन होगी . आयोग के अध्यक्ष को मध्यप्रदेश विद्युत् नियामक आयोग ( अध्यक्ष और सदस्यों के वेतन, भत्ते और अन्य सेवाशर्तें ) नियम, 2000 के अंतर्गत वेतन, भत्ते एवं अन्य सुविधाओं की पात्रता होगी.

भोपाल, दिनांक 13 अक्टूबर 2010

क्र. 7522 - एफ- 2-20-तेरह -97.- राज्य शासन , एतद्वारा , श्री पंकज अग्रवाल ( भाप्रसे ) , अध्यक्ष एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर को आगामी आदेश तक अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अध्यक्ष , मध्यप्रदेश राज्य विद्युत् मण्डल का प्रभार भी तत्काल प्रभाव से सौंपता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मोहम्मद सुलेमान, सचिव.

गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल , दिनांक 7 अक्टूबर 2010

क्र. एफ 1 ( ए) -40-2003- ब-2-दो. राज्य शासन द्वारा श्री सतीश कुमार सक्सेना, भापुसे , तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, होशंगाबाद को दिनांक 16 मई 2008 से 24 जून 2008 तक, कुल चालीस दिवस के लघुकृत अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है .

2. प्रमाणित किया जाता है कि श्री सक्सेना यदि उक्त अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

3. श्री सक्सेना, भापुसे को उक्त अवकाश की अवधि में वही वेतन एवं भत्ते प्राप्त होंगे जो अवकाश पर जाने के पूर्व प्राप्त कर रहे थे.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेश ओगरे , अवर सचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग

भोपाल , दिनांक 12 अक्टूबर , 2010

फा. क्र. 17 (ई ) 35-2010- इक्कीस ब ( एक) .- राज्य शासन, श्री अखिल कुमार श्रीवास्तव , प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भोपाल की सेवाएं राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो , भोपाल में विधि अधिकारी के पद पर, अस्थाई रूप से , आगामी आदेश होने तक, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु, एतद्वारा , मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 11 अक्टूबर , 2010

फा. क्र. 17 ( ई ) 79-2008- इक्कीस ब ( दो ) .- इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 1 जुलाई 2008 श्री राजेश कुमार गुप्ता , अधिवक्ता, निवासी हनुमान मोहल्ला, तहसील राजपुर, जिला बड़वानी को तहसील राजपुर में नोटरी व्यवसाय करने के लिये नोटरी व्यवसाय प्रमाण- पत्र जारी किया गया था परन्तु माननीय उच्च न्यायालय , खण्डपीठ इन्दौर द्वारा रिट याचिका क्रमांक 3870/2010 में पारित आदेश दिनांक 21 अप्रैल 2010 द्वारा दिये गये निर्देश के परिपालन में तथा नोटरीज नियम, 1956 के नियम 3 की उपधारा ( 1 ) के प्रावधानों तथा न्याय दृष्टांत केदाननाथ शर्मा विरुद्ध मध्यप्रदेश राज्य एम. पी. एच. टी. पेज 284 के प्रतिपादित विधि के सिद्धान्तों के अनुसार श्री राजेश कुमार गुप्ता, नोटरी अधिवक्ता के रूप में जिला बड़वानी का नोटरी नियुक्ति आदेश दिनांक 5 जून 2008 नोटरी नियुक्ति आवेदन प्रस्तुति के समय श्री राजेश कुमार गुप्ता को 10 वर्ष से अधिक के विधिक अनुभव की अर्हता प्राप्त न होने से निरस्त किया जाकर, उनका नाम नोटरी पंजी से विलोपित किया जाता है. अतः इस विभाग द्वारा जारी समसंख्यक आदेश दिनांक 1 जुलाई 2008 निरस्त किया जाता है.

फा. क्र. 1 (बी) -43-04- इक्कीस-ब( दो ) .- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 4 सितम्बर 2006 द्वारा नियुक्त श्री इन्द्रसिंह गुर्जर, अति. शास. अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) मुरैना के कार्यकाल दिनांक 3 सितम्बर 2007 को समाप्त होने के पश्चात् दिनांक 4 सितम्बर 2007 से 3 सितम्बर 2010 तक की औपचारिक कार्यकाल अभिवृद्धि पश्चात् उनके कार्यकाल में दिनांक 4 सितम्बर 2010 से 3 सितम्बर 2013 तक की कार्यकाल अभिवृद्धि करता है . यह अभिवृद्धि इस शर्त के अधीन है कि यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. वर्मा, सचिव.

भाग 1 ]

2781

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

वन विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 6 अक्टूबर 2010

क्र. एफ- 25-44-2010 - दस - 3.- भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन एतद्वारा , उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के उपबंधों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित की गई वन भूमि/बंजर भूमि पर लागू होने की घोषणा इन शर्तों के अधीन रहते हुए करता है कि व्यक्तियों एवं समुदायों के वर्तमान अधिकार जहां तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर रूपभेदित किये जाएं, के अतिरिक्त किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जावेंगे : -

अनुसूची

जिला- छतरपुर , तहसील - बिजावर, वनमंडल - छतरपुर, वन परिक्षेत्र-किशनगढ़

क्र.

खसरा क्रमांक वनखण्ड का नाम

(2)

वन या बंजर भूमि का नाम (3)

(4) (1)

1

पलकोंहा

71 भाग

1. राजस्व भूमि ग्राम सुकवाहा

72भाग

73

74

75

76 भाग

78 भाग

79 भाग

82भाग

126

125/2

125/3

125/4

125/5

125/6

योग वन खण्ड पलकोंहा 92.942

देवरा " अ"

111 2

112

2. राजस्व भूमि ग्राम सुकवाहा

113

114

115

116

117

118

119

योग वन खण्ड देवरा " अ " 91.662

सीमाऐं

(6)

रकबा (हेक्टर में) (5)

5.892 उत्तर- वन कक्ष क्रमांक पी 535 के मुनारा क्रमांक 46 से 43 तक.

6.879

16.187

12.142

पूर्व- वन कक्ष क्रमांक पी 535 के मुनारा क्रमांक 43 से प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 1 एवं 4 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

12.140

16.167

दक्षिण- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 4 से 14 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

7.097

5.788

0.566

9.105

0.405

0.129

0.365

0.040

0.040

पश्चिम- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 14 से 15 एवं वन कक्ष क्रमांक पी 525 के मुनारा क्रमांक 53 तक कृत्रिम सीमा रेखा एवं वन कक्ष क्रमांक पी 525 के मुनारा क्रमांक 53 से 50 एवं वन कक्ष क्रमांक पी 535 की सीमा से होकर मुराना क्रमांक 49 तक. वन कक्ष क्रमांक पी 535 के मुनारा क्रमांक 49 से प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 48 ए एवं वन कक्ष क्रमांक पी 535 के मुनारा क्रमांक 47 तक कृत्रिम सीमा रेखा तथा वन कक्ष क्रमांक पी 535 के मुनारा क्रमांक 47 से 46 तक.

11.796

15.911

15.155

8.142

9.205

उत्तर- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 1 से 3 एवं कक्ष क्रमांक पी 442 के मुनारा क्रमांक 119 तक कृत्रिम सीमा रेखा. कक्ष क्रमांक पी 442 के मुनारा क्रमांक 119 वन कक्ष की सीमा से लगकर प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 4 से 8 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

7.702

7.843

पूर्व- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 8 से 14 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

8.033

7.875

दक्षिण- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 14 से 15 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

पश्चिम- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 15 से 23 तक श्यामरी नदी की प्राकृतिक सीमा एवं मुनारा क्रमांक 23 से 24 एवं 1 तक कृत्रिम सीमा रेखा .

2782

(1)

(2)

(4)

(3)

3

276 किशनगढ़ " अ " 3. राजस्व भूमि

275 भाग

ग्राम सुकवाहा

योग ..

2 4 किशनगढ़ " ब" 3. राजस्व भूमि

3

ग्राम घुघरी

4

5

6

7

8

9

10

11

13

14

15

16

162

163

161

158/1

159

160 भाग

169

185/1

199

198/1

165

168/1

167/1

180/1

182

183

181

184

187/1

197/2

197/3

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(6)

(5)

12.143

3.020

उत्तर- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 1 से 3 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

पूर्व- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 3 से 5 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

15.163 दक्षिण- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 5 से वन कक्ष क्रमांक पी 509 के मुनारा क्रमांक 52 तक तथा वन कक्ष क्रमांक पी 510 की सीमा से होकर प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 6 तक.

पश्चिम- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 6 से 7 एवं 1 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

6.625

14.172

उत्तर- श्यामरी नदी के किनारे से प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 1 से 17 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

7.543

7.543

पूर्व- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 17 से 64 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

12.140

9.105

8.454

8.369

9.105

12.140

16.187

12.140

14.977

दक्षिण- वन कक्ष क्रमांक पी 524 ए तथा पी 523 की उत्तरी सीमा पर नाला किनारे तथा सड़क के सहारे प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 64 से 82 तक कृत्रिम सीमा रेखा. प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 82से 87 तक कृत्रिम सीमा रेखा. वन कक्ष क्रमांक पी 523 एवं पी 322 की उत्तरी सीमा पर प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 87 से 90 तक कृत्रिम सीमा रेखा. प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 90 से 118 तक कृत्रिम सीमा रेखा श्यामरी नदी तक.

11.181

12.140

16.936

पश्चिम- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 118 से 121 तक श्यामरी नदी के किनारे एवं मुनारा क्रमांक 121 से 129 एवं 1 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

16.187

7.652

17.708

11.793

16.187

11.553

8.094

14.944

4.245

7.365

3.092

13.326

9.105

12.140

12.140

12.545

13.059

0.518

4.411 भाग 1 ]

2783

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(2)

(3)

(1)

(4)

197/4

197/5

197/6

203

204

206

207

208

209 भाग

17

18

19

20/1

21

22

23

24

25

26/1

179

योग . T ..

107 5. राजस्व भूमि

108 ग्राम भौरखुऑ

109

110

111

112

113 भाग

114

115

116

117

118

119 भाग

120 भाग

योग ..

योग वनखण्ड किशनगढ़ (5)

(6)

0.514

0.607

0.898

16.187

16.187

16.187

16.187

11.202

12.269

11.117

14.156

7.579

6.779

5.050

12.634

14.087

12.844

14.808

11.719

12.234

588.066

8.874

4.244

7.869

12.140

12.140

5.867

6.757

8.094

8.094

2.425

1.853

5.272

6.049

5.665

95.345

698.572

महायोग.

883.176

वनीकरण का कारण.- उक्त गैर वनभूमि गैर वानिकी कार्य हेतु व्यपवर्तित वनभूमि के बदले वन विभाग को हस्तान्तरण, नामान्तरण एवं क्षतिपूरक वनीकरण हेतु प्राप्त होने से संरक्षित वन बनाये जाने का प्रस्ताव अधिसूचना हेतु तैयार किया गया है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

वी. एन. पाण्डेय, सचिव.

2784

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

भोपाल , दिनांक 6 अक्टूबर 2010

क्र. एफ- 25-44-2010- दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग का अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-44- दस- 3-2010 दिनांक 6 अक्टूबर 2010 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

वी. एन. पाण्डेय , सचिव.

Bhopal , the 6th October 2010

No. F - 25-44-2010 - X - 3 . In exercise of the powers conferred by Section 29 of the Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government hereby declares the provisions of chapter IV of the Said Act applicable to the forest land/ waste land , specified in the Schedule below subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities shall not be abridged or affected in any manner except in so for as they may be modified by the State Government from time to time :-

SCHEDULE

District- Chhatarpur , Forest Division- Chhatarpur , Tehsil- Bijawar , Forest Range- Kishangarh S. No.

Khasra Number (1)

Name of Forest Block (2)

Name of Forest or Waste Land (3)

(4) 1

Palkoha

1. Revenue

71 Part

72Part

Land Village

Sukwaha

73

74

75

76 Part

78 Part

79 Part

82Part

126

125/2

125/3

125/4

125/5

125/6

Total Forest Block Palkoha 92.942

2

111 Devra " A "

112

2. Revenue Land Village

Sukwaha

113

114

115

116

Boundaries

Area (in Hectare)

(5)

(6)

5.892

6.879

North.-Pillar number 46 to 43 of forest compartment number P 535 .

16.187

12.142

12.140

16.167

East.-Artificial boundary line from pillar number 43 of forest compartment number P 535 to proposed forest block pillar number 1 to 4.

7.097

5.788

South . Artifical boundary line from proposed forest block pillar number 4 to 14.

0.566

9.105

0.405

0.129

West. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 14 to 15 and pillar number 53 of forest compartment number P 525 pillar No. 53 to 5. of forest 0.365

0.040

0.040

compartment number P 525 and through boundary up to pillar number 49 of forest compartment.number P 535 .

Artificial boundary line from pillar number 49 of forest compartment number P 535 to proposed forest block pillar number 48 A and pillar 47 of forest compartment number P 535. Pillar number 47 to 46 of forest compartment number P 535 .

11.796

15.911

15.155

8.142

9.205

7.702

North.-Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 1 to 3 and pillar number 119 of forest compartment number 442. Artificial boundary line from pillar number 119 of forest compartment number P 442 and through forest compartment 2785 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(6)

(1)

(4)

(5)

7.843

117

boundary upto proposed forest block pillar number 4 to 8 .

118

8.033

7.875

119

Total Forest Block Devra "A " 91.662

East.-Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 8 to 14 .

South. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 14 to 15.

West. Natural boundary of Shyamri River from proposed forest block pillar number 15 to 23 and artificial boundary line from pillar number 23 to 24 and 1 .

3

276

12.143

3. Revenue

Kishangarh A

275 Part 3.020

North. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 1 to 3 .

Land Village Sukwaha

Total

15.163

East.-Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 3 to 5 .

South. Proposed forest block pillar number 5 to pillar number 52 of forest compartment number P 509 and through boundary of forest compartment number P 510 up to proposed forest block pillar number 6.

West.-Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 6 to 7 and 1 .

4

6.625

4. Revenue

2

Kishangarh B

3

14.172

Land Village

4

7.543

North. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 1 to 17 on the bank of Shyamri River .

Ghunghari

5

7.543

6

12.140

East. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 17 to 64 .

7

9.105

8.454

8

9

8.369

9.105

10

1.2.140

11

16.187

13

14

12.140

15

14.977

16

11.181

12.140

162

16.936

163

16.187

161

South. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 64 to 82 on northern Boundary of forest compartment number P 524 A and P 523 beside the canal and along the road. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 82 to 87. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 87 to 90 on northern boundary of forest compartment number P 523 and P 522. Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 90 to 118 upto Shyamari River .

7.652

158/1

17.708

159

11.793

160 Part

169

16.187

West.-Artificial boundary line from proposed forest block pillar number 118 to 121 beside Shyamari . River and Artificial boundary line from pillar number 121 to 129 and pillar number 1 .

11.553

185/1

8.094

199

14.944

198/1

165

4.245

7.365

168/1

3.092

167/1

13.326

180/1

182

9.105

12.140

183 2786

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(4)

(6)

(2)

(3)

(5)

(1)

181

12.140

12.545

184

187/1

13.059

0.518

197/2

197/3

4.411

0.514

197/4

0.607

197/5

0.898

197/6

16.187

203

204

16.187

16.187

206

16.187

207

11.202

208

12.269

209 Part

17

11.117

18

14.156

19

7.579

20/1

6.779

5.050

21

22

12.634

14.087

23

24

12.844

14.808

25

11.719

26/1

12.234

179

588.066

Total

107

8.874

5. Revenue

108

4.244

Land Village

7.869

Bhorkhuan

109

1:10

12.140

12.140

111

5.867

112

6.757

113 Part

114

8.094

8.094

115

116

2.425

117

1.853

118

5.272

6.049

119 Part

5.665

120 Part

Total

95.345

698.572

Total Forest Block Kishangarh

883.176

Grand Total

Reason for afforestation . Above non forest land has been allotted and transferred to Forest Department for carrying out compensatory afforestation in exchange of equal area of diverted forest land . Notification proposal for protected forest has been prepared.

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh

V. N. PANDAY, Secy .

भाग 1 ]

2787

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, जिला कटनी , मध्यप्रदेश

कटनी, दिनांक 17 सितम्बर 2010

क्र. 76680 - एस.डब्ल्यू.- 2010.- इस कार्यालय का पत्र क्रमांक 6798 - एस. डब्ल्यू. - 2010 कटनी , दिनांक 20 अगस्त, 2010 द्वारा माननीय उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर के रिट पिटीशन नं. 10255-2010 में पारित आदेश दिनांक 12 अगस्त, 2010 के अनुसरण में एवं दिनांक 27 अप्रैल 2010 एवं दिनांक 18 अगस्त, 2010 को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिये गये निर्णय व राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 7 के कि. मी. 368/2 पर स्थित कटनी नदी के पुल का संयुक्त निरीक्षण टीप प्रतिवेदनानुसार उक्त पुल 100 वर्ष से भी अधिक पुराना होने से एवं पुल अपनी आयु पूर्ण कर लेने से भारी वाहनों के आवागमन के योग्य न होने के कारण किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुये लोक सुरक्षा की दृष्टि से दुर्घटनाओं के नियंत्रण हेतु मो. या. अधिनियम 1988 की धारा 115 एवं सहपठित म. प्र. मो. या. नियम, 1994 के नियम 215 के अनुसरण में उक्त पुल से भारी वाहनों का आवागमन एक माह ( अवधि 20 अगस्त , 2010 से 18 सितम्बर, 2010 तक) के लिये प्रतिबंधित किया गया है .

इस कार्यालय के पत्र क्रमांक - 6799 - एस. डब्ल्यू. - 2010 कटनी , दिनांक 20 अगस्त, 2010 द्वारा एक माह से अधिक अवधि तक के लिये प्रतिबंधित किये जाने हेतु राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशन हेतु उप नियंत्रक, शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, अरेरा हिल्स, भोपाल (मध्यप्रदेश ) को भेजा गया है. उक्त प्रतिबंधित आदेश राजपत्र में प्रकाशन संबंधी अधिसूचना प्राप्त न होने पर उक्त आदेश की अवधि पुनः एक माह (अवधि 19 सितम्बर, 2010 से 20 अक्टूबर, 2010 तक) के लिये बढ़ाई जाती है ..

यह आदेश तत्काल प्रभावशील है.

एम. सेलवेन्द्रन , जिला मजिस्ट्रेट.

कार्यालय , जिला दण्डाधिकारी, जिला सतना, मध्यप्रदेश सतना, दिनांक 22 सितम्बर 2010

क्र. 8 - एस.डब्ल्यू. - 2010-531-इस कार्यालय के आदेश क्र. 479-8 - एस.डब्ल्यू-10 , सतना, दिनांक 3 सितम्बर 2010 द्वारा जिले के नगरीय क्षेत्रों से 5.00 कि.मी. सीमा के अन्दर तथा उसके आसपास डेयरी लकड़ी के टाल, स्टोन , क्रेसर स्थापित करने पर प्रतिबन्ध लगाया गया है .

सार्थक स्टोन मिल द्वारा प्रस्तुत आवेदन अनुसार मटेहना ग्राम में स्टोन क्रेसर स्थापित किया जाना है . चूंकि ग्राम मटेहना को क्रेसर जोन बनाया गया है और वह सतना नगरीय क्षेत्र से 5.00 कि.मी.

की परिधि के अन्दर है . अतः उक्त आदेश में आंशिक संशोधन करते हुये 5.00 कि.मी. के स्थान पर नगरीय क्षेत्र से 3.00 कि.मी. की सीमा निर्धारित की जाती है.

यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा.

सुखवीर सिंह , जिला दण्डाधिकारी.

कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश

जबलपुर, दिनांक 24 सितम्बर 2010

क्र. 1591- क्षेपअ-2010 .- जबलपुर शहर में भारी वाहनों के कारण आए दिन गंभीर दुर्घटनाओं के कारण शहर में नागरिकों के सुचारू आवागमन तथा यातायात व्यवस्था में कठिनाई आने की जानकारी स्थानीय समाचारपत्रों व विभिन्न माध्यमों से लगातार प्राप्त हो रही है . कई घटनाओं में दिन के समय भारी वाहनों के शहर में प्रवेश करने से नागरिकों की मृत्यु तक हुई है जिसके कारण कानून व्यवस्था की अप्रिय स्थिति निर्मित होती है .

अतः , उक्त गंभीर मुद्दे पर जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक दिनांक 3 अगस्त 2010 को सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया गया है तथा नगर के सघन एवं व्यस्ततम मार्गों पर तथा यातायात के सुचारू संचालन हेतु जनहित में सार्वजनिक सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए, केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम , 1988 की धारा 115 तथा मध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के नियम 215 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए निम्नानुसार प्रकार के भारवाही वाहनों का प्रवेश जबलपुर नगर निगम सीमा में प्रातः 6.00 बजे से लेकर रात्रि 9.00 बजे तक प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक हो गया है. अतः उक्त धाराओं के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों के अनुसार निम्नानुसार आदेश लागू किया जाता है : -

1. भारी माल वाहक जैसे ट्रक डम्फर , मध्यम भार क्षमता के ट्रक, कृषि कार्यों से भिन्न प्रयोजन के प्रयोग में लाये जा रहे ट्रेक्टर. नगर निगम सीमा में प्रवेश प्रातः 6.00 बजे से रात्रि 9.00 बजे तक प्रतिबंधित रहेंगे .

2. निम्न मार्गों पर नो एंट्री से दोपहर 2.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक छूट रहेगी :-

ए. बाईपास मार्ग तथा पाटन बाईपास चौराहा से चंडालभाटा ट्रांसपोर्ट नगर मार्ग.

बी. कछलपुरा माल गोदाम से मेहता पेट्रोल पंप, एम.आर. 4 , अहिंसा चौक , स्टेट बैंक चौक होते हुए दीनदयाल चौक तक.

[ भाग 1 2788

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, भोपाल

3. आवश्यक सेवाओं में लगे निम्नलिखित वाहनों को उक्त प्रतिबंधित आदेश से पूर्णतः मुक्त रखा जाता है : --

1. दुग्धवाहन.

भोपाल , दिनांक 7 अक्टूबर 2010 2. नगर निगम की स्वास्थ्य सेवाओं में लगे वाहन.

3. पुलिस वाहन .

4. फायर ब्रिगेड.

5. पानी टेंकर .

6. आर्मी के वाहन.

7. विद्युत मंडल के कार्य में संलग्न वाहन.

8. एल. पी . जी./पैट्रोलियम पदार्थ वाहन .

यह आदेश दिनांक 25 सितम्बर 2010 से प्रभावशील होगा.

इस संबंध में पूर्व में जारी समस्त आदेश निरस्त समझे जावें.

क्र. 301-001-97.- मध्यप्रदेश शासन, खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आदेश क्र. एफ 5-4-2004- उन्तीस -2, दिनांक 28 जनवरी 2004 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए निर्देशित किया जाता है कि श्री बसंतीलाल अग्रवाल , सदस्य, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम , नीमच अपने वर्तमान प्रभार के साथ - साथ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम, मंदसौर में आवश्यकतानुसार आयोजित बैठकों में अध्यक्ष , जिला फोरम , मंदसौर के साथ भाग लेकर प्रकरणों की सुनवाई करेंगे. यह व्यवस्था जिला फोरम, मंदसौर में सदस्य की नियुक्ति अथवा अन्य आदेश तक प्रभावशील रहेगी.

उक्त आदेश में विशेष परिस्थितियों में विभागीय अधिकारी की अनुशंसा पर वाहन विशेष को निश्चित समय में छूट हेतु अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी को अधिकृत किया जाता है.

यह आदेश दिनांक 25 अक्टूबर 2010 तक प्रभावशील रहेगा.

माननीय अध्यक्ष महोदय , राज्य आयोग के आदेशानुसार, महेश प्रसाद अवस्थी, रजिस्ट्रार.

गुलशन बामरा , जिला दण्डाधिकारी .

कार्यालय, जिला कलेक्टर, जिला इन्दौर, मध्यप्रदेश

इन्दौर , दिनांक 7 अक्टूबर 2010

क्र. एफ-2 (क) -2-08- बी-3 दो. भोपाल, दिनांक 30 जुलाई 2010 मध्यप्रदेश शासन, गृह ( पुलिस ) विभाग दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( 1974 का संख्याक 2 ) की धारा 2 के खण्ड ( घ ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा नीचे दी गई सारणी में विनिर्दिष्ट स्थानीय क्षेत्रों को प्रभावित करने वाली पूर्व की अधिसूचना में आंशिक अपांतरण करते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , " मध्यप्रदेश राजपत्र " में इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से : -

(1) नीचे दी गई सारणी के कॉलम ( 1 ) में वर्णित पुलिस थाने से उसके ( सारणी के ) कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट स्थानीय क्षेत्रों को अपवर्जित करती है , और

(2) उक्त सारणी के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट स्थानीय क्षेत्रों को उक्त सारणी के कॉलम ( 3 ) में वर्णित पुलिस थानों में सम्मिलित करती है :-

सारणी

ग्रामों के नाम व बन्दोबस्त मोहल्ले

पुलिस थाने का नाम

वार्ड नं.

क्र.

मोहल्ले का नाम

बन्दोबस्त क्र.

(तहसील तथा जिला सहित ) जिसमें सम्मिलित किया गया (3)

(2)

पुलिस थाने का नाम (तहसील तथा जिला सहित) जिससे अपवर्जित किया गया (1)

36

125

1 स्कीम नं . 74 सी

पुलिस थाना विजयनगर तहसील- इन्दौर जिला- इन्दौर थाना एम. आय. जी. कॉलोनी तहसील इन्दौर जिला- इन्दौर

36 125

2स्कीम नं. 54

125

36

3 विजयनगर

36 125

4 विजयनगर एस्कटेंशन भाग 1 ]

2789

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(1)

(2)

5 बड़ी भमोरी

6 अंजनी नगर

7 न्यू अंजनी नगर

8 रामनगर

9 कैलाश का भट्टा

10 सेठी नगर

11 सेठी संबंध नगर

12 मैकेनिक नगर ए. बी. सेक्टर

13 मालवीय नगर, गली नं . 1 , 2, 3 , 4

14 न्यू मालवीय नगर

15 सोलंकी नगर

16 चन्द्र नगर ए. बी. सी. डी. सेक्टर

17 अनिल नगर

18 महेश बाग

19 अंबिका नगर

20 श्रीराम नगर

21 कल्प काम धेनु नगर

22 रवि जागृति नगर

23 गुरु नगर

24 श्रद्धा श्री ए- सेक्टर

कृष्णबाग कॉलोनी

25

26 सुन्दर नगर

27 शांतिदीप कॉलोनी

28 अनुराग नगर

29 स्वर्ण बाग कॉलोनी

30 राधे विहार कॉलोनी

31 संयोगपुरी

32 बर्फानी धाम नगर

33 श्रद्धा श्री बी- सेक्टर

34 गणेश नगर

35 शीतल नगर, ए- सेक्टर

36 गंगादेवी नगर

37 भाग्यश्री

38 सुमन नगर

39 जय अम्बे बाग

40 जैन मंदिर

41 शीतल नगर, बी- सेक्टर

42 आदर्श मेघदूत नगर

43 न्यू शीतल नगर

44 न्यू मेघदूत नगर

45 चित्रा नगर

46 पटेल नगर

47 पुष्प कुंज कॉलोनी

48 रिंग रोड

49 स्कीम नं. 94 रिंग रोड

(3) 33

125

33

125

33

125

125

33

125

33

125

30

30

125

125

33

41

29

41

29

29

41

30

41

41

29

29

41

29

41

41

29

41

29

41

29

41

29

29

41

41

29

41

29

29

41

29

41

41

29

41

29

41

29

29

41

29

41

41

29

39

29

39

29

29

39

39

29

29

39

39

29

39

29

29

39

29

39

29

39

39

29

39

29

42

29

41

29

29

39 [भाग 1 2790

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

No. F - 2 (k) 2-08- B- 3 - Two .-Bhopal , dated 30th July 2010 , Government of Madhya Pradesh , Home (Police) Department in exercice of the powers conferred by clause ( S) of Section 2 of the Code of Criminal Procedure , 1973 (No. 2 of 1974) and in partial modification of the previous notification affecting the local areas specified in the Table below, the State Government , hereby, with effect from the date of publication of this notification in the "Madhya Pradesh Gazette "

(1) Excludes from the Police Station mentioned in column (1 ) of the Table below the local areas specified in column (2) thereof, and

(2) Includes of the local areas specified in column (2) of the said Table in the Police Station mentioned in column (3 ) of the said Table :-

TABLE

Local area Name of Village and settlement halka number ward number

Name of police Station and District from which excluded

settlement No.

No. Ward

(2)

Name of the Police Station (with Tehsil and District) in which included (3) (1)

125

36

1 Scheme No. 74 -C

Thana Vijay Nagar , Tehsil Indore , District Indore Thana M.I.G. Colony, Tehsil Indore , District Indore.

36

125

2 Scheme No. 54

125

36

3 Vijay Nagar

36

125

4 Vijay Nagar Extension

33

125

5 Badi Bhamori

125

33

6 Anjani Nagar

125

33

7 New Anjani Nagar

33

125

8 Ram Nagar

125

33

9 Kailash ka Bhatta

125

30

10 Sethi Nagar

30

125

11 Sethi Sambanadh Nagar

125

33

12 Mechanic Nagar A, B , C Sector.

29

41

13 Malviya Nagar , Gali No. 1 , 2 , 3 , 4 3,4

41

29

14 New Malviya Nagar

41

29

15 Solanki Nagar

30

16 Chandra Nagar A , B , C, D Sector 41

41

29

17 Anil Nagar

29

41

18 Mahesh Bagh 2791 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(3)

(2)

(1)

41

29

19 Ambika Nagar

41

29

20 Shri Ram Nagar

41

29

21 Kalpkam Dhenu Nagar

41

29

22 Ravi Jagrati Nagar

41

29

23 Guru Nagar

29

41

24 Sharddha Shri A Sector

41

29

25 Krishna Bagh Colony

41

29

26 Sunder Nagar

29

41

27 Shantideep Colony

41

29

28 Anurag Nagar

41

29

29 Swarn Bagh Colony

29

41

30 Radhe Vihar Colony

29

41

31 Sanyog Puri

41

29

32 Barfani Dham Nagar

41

29

33 Sharddha Shri Nagar B Sector

29

41

34 Ganesh Nagar

39

29

35 Sheetal Nagar , A Sector

29

39

36 Gangadevi Nagar

29

39

37 Bhagya Shri

39

29

38 Suman Nagar

29

39

39 Jay Ambe Bagh

39

29.

40 Jain. Mandir

29

39

41 Sheetal Nagar , B Sector

29

39

42 Aadarsh Meghdoot Nagar.

29

39

43 New Sheetal Nagar

39

29

44 New Meghdoot Nagar

29

39

45 Chitra Nagar

29

39

46 Patel Nagar

29

42

47 Pushp Kunj Colony

41

29

Ring Road

48

39

29

49 Scheme No. 94 Ring Road.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राघवेन्द्र कुमार सिंह, कलेक्टर/उपसचिव.

2792

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

खरगोन , दिनांक 19 जुलाई 2010

क्र. 873 - भू- अर्जन - 10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अन्तर्गत संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(4) (1)

(2) (3)

0.324 खरगोन झिरन्या देवित खुर्द (पुरक प्रकरण)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

अपरवेदा परियोजना के नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र -19, भीकनगांव.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर , कार्यालय खरगोन/ भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , अपरवेदा परियोजना भीकनगांव मुख्यालय- खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग , क्रमांक-19 , भीकनगांव के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

विदिशा , दिनांक 10 सितम्बर 2010

प्र.क्र. - अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे वर्णित अनुसूची के कॉलम नं. ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के कॉलम नं. (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के कालम नं. (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होगें , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(3)

(4) (1)

(2)

0.253

प्यासी

सिरोंज

विदिशा

योग 0.253

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) भू-अर्जन अधिकारी , सिरोंज लोक निर्माण विभाग अन्तर्गत अनूपपुर महाराजपुर चौराहा से चौपना-प्यासी झण्डवा मार्ग के निर्माण हेतु.

भाग 1 ]

2793

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भू-अर्जन की आवश्यकता है- अनूपपुर, महाराजपुर चौराहा से चौपना- प्यासी झण्डवा मार्ग के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी , सिरोंज में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, योगेन्द्र शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

शाजापुर , दिनांक 10 सितम्बर 2010

क्र. भू- अर्जन- 2010-570 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 3 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , खाने नम्बर ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम भूमि का विवरण हैक्टर में

शासकीय निजि योग (2)

(1)

(3)

(4)

(6)

(5)

14.06

14.06 शाजापुर

देवपुर

सुसनेर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(8) (7)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, आगर.

पीलिया खाल बांध नहर निर्माण हेतु .

नोट.- भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है .

शाजापुर, दिनांक 27 सितम्बर 2010

क्र. भू- अर्जन- 2010-587.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , खाने की नम्बर ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण जिला तहसील ग्राम

अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टर में ) (1)

(2)

(4)

(3)

4.845

रूगनाथपुरा

शाजापुर शुजालपुर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, शाजापुर .

रूगनाथपुरा तालाब में डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि का अधिग्रहण .

नोट.- भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , अनुविभाग शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

2794

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

क्र. भू- अर्जन- 2010-583 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 3 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , खाने नम्बर ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम

जिला

भूमि का विवरण हैक्टर में

शासकीय निजि योग

(2) (3)

(1)

(4) (5) (6)

1.799 1.799

सुईगांव

शाजापुर नलखेड़ा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(8) (7)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , आगर .

पिलियाखाल बांध निर्माण हेतु.

नोट. - भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन- 2010-585 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 3 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , खाने नम्बर (7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम

जिला

भूमि का विवरण हैक्टर में

निजि योग

शासकीय (2)

(3)

(4)

(6)

(1)

(5)

0.44

0.44

धन्डेड़ा

शाजापुर नलखेड़ा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(8) (7)

पिलियाखाल बांध निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , आगर.

नोट. - भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू- अर्जन- 2010-586.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 3 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, खाने नम्बर ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम भूमि का विवरण हैक्टर में शासकीय निजि योग

(3)

(5) (6)

(2)

(4) (1)

0.32 0.32

शाजापुर

फरसपुरा

सुसनेर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(8) (7)

कार्यपालन यंत्री, जल

फरसपुरा बांध संसाधन संभाग , आगर.

निर्माण हेतु.

नोट. - भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.

भाग 1 ]

2795

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

क्र. भू- अर्जन- 2010-588.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 3 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , खाने नम्बर ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम भूमि का विवरण हैक्टर में शासकीय निजि योग

(1)

(2)

(3)

(4)

(6)

(5)

खनोटा

0.18 0.18

शाजापुर सुसनेर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(8) (7)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, आगर.

खनोटा बांध नहर निर्माण हेतु.

नोट. - भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. भू- अर्जन- 2010-589.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 3 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , खाने नम्बर ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

हैक्टर में

निजि

भूमि का विवरण शासकीय

(3)

(1) (2)

(4) (5)

योग (6)

0.780 0.780

शाजापुर नलखेड़ा ड़िगोन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(8) (7)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, आगर.

पिलियाखाल बांध निर्माण हेतु.

नोट. - भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , सोनाली एन. वायंगणकर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

दमोह , दिनांक 11 सितम्बर 2010

क्र. 2314- भू.अ.अ. - 2010-11- प्र.क्र.-अ- 82- वर्ष 2009-2010 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के 2796

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील का नाम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(3)

(1)

(4) दमोह बटियागढ़

कुल भूमि 58.49

योग .. 58.49

बटियागढ़ शेखपुरा कुम्हरवार

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन द्वारा प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 )

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह .

शेखपुरा जलाशय योजना एवं नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , एवं भू-अर्जन अधिकारी, उपखंड हटा एवं कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग, हटा जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 2315- भू.अ.अ. - 2010-11 -प्र.क्र.-अ- 82- वर्ष 2009-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम/नगर

तहसील का नाम

(2)

(1)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) दमोह

हटा

सुनेरा दमोतीपुरा

कुल भूमि 3.11 योग 3.11

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह .

बराना जलाशय योजना की नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, उपखंड हटा एवं कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग, हटा जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 2316- भू.अ.अ. - 2010-11 - प्र.क्र.- अ-82- वर्ष 2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम/नगर

तहसील का नाम

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) (1)

(2)

हटा

दमोह

वर्धा, पौड़ी कुल भूमि 52.42 योग.. 52.42

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.

नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन. पवैया जलाशय योजना की ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , उपखंड हटा एवं कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग, हटा जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.

भाग 1 ]

2797

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

दमोह, दिनांक 11 सितम्बर 2010/ 13-10-2010

क्र. 2317- भू.अ.अ.- 2010-11 - प्र.क्र.-अ- 82- वर्ष 2009-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन सार्वजनिक प्रयोजन जिला तहसील का ग्राम/नगर नाम

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में. )

(3)

(1)

(2)

(4) हटा

दमोह

रनेह रमपुरा

कुल भूमि 25.54 योग . 25.54

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह.

कचौरा जलाशय योजना एवं नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.

(1 ) भूमि प्रयोजन के लिये भूमि की, भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी उपखंड हटा एवं कार्यपालन यंत्री पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग, हटा, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. पी. सिंह सलूजा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

सागर, दिनांक 30 सितम्बर 2010

क्र. 9937 - प्र.भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल कुल ख.नं. कुल रकबा

(हेक्टर में) (5)

(3)

(4)

(1) सागर

(2) सागर मौकलपुर करैया

20 2.26 18 2.13 योग..38 4.39

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7)

मोकलपुर जलाशय नहर निर्माण के भू-अर्जन बावत.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 सागर ( म. प्र. )

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) सागर में देखा जा सकता है.

2798

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

क्र. 9954 - प्र.भू- अर्जन -09-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल

नगर/ग्राम

तहसील

जिला

कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में)

(5)

(4)

(1)

(2)

(3)

0.48

3

सागर

सागर शोभापुर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(7)

(6)

अनुविभागीय अधिकारी लो. सागर, बरेली - सुलतानगंज मार्ग योजना.

नि.वि. ( भ/स ) उपसंभाग, सागर.

नोट- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय सागर में देखा जा सकता है.

सागर, दिनांक 8 अक्टूबर 2010

क्र. क- 10156- प्र.भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

लगभग क्षेत्रफल

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

जिला

कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में)

(5)

(4)

(3)

(2)

(1)

2.90

19

सागर

परासिया

गढ़ाकोटा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(7) (6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र. )

रहली विकासखण्ड के अन्तर्गत चनौआ बुजुर्ग जलाशय के नहर के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र. 10157 - प्र.भू- अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

लगभग क्षेत्रफल तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

जिला

कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में)

(3)

(4)

(5) (1)

(2)

24.20

70

सागर

बाछलोन

गढ़ाकोटा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(7) (6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र. )

रहली विकासखण्ड के अन्तर्गत चनौआ बुजुर्ग जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) एवं नहर के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन .

भाग 1 ]

2799

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

क्र. कं - 10163 - प्र.भू- अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल

नगर/ग्राम

जिला तहसील

कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में)

(4)

(5) (2)

(3)

(1)

5.08

28

अमावनी

सागर

सागर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर (म.प्र. )

सागर विकासखण्ड के अन्तर्गत अमावनी जलाशय के शशीर्ष कार्य ( बांध ) एवं नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र. क- 10164 - प्र.भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल तहसील

जिला

नगर/ग्राम

कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में)

(5)

(4)

(1)

(2)

(3)

4.90 सागर

चनौआ बुजुर्ग 28

गढ़ाकोटा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र. )

रहली विकासखण्ड के अन्तर्गत चनौआ बुजुर्ग जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र. क- 10165 - प्र.भू- अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल

नगर/ग्राम

जिला तहसील

कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में) (2)

(3)

(4)

(1)

(5)

32.26 गढाकोटा

64

सागर

टडा सौजनावार

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(7) (6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र. )

रहली विकासखण्ड के अन्तर्गत निपानिया जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) एवं नहर के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन .

2800

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

क्र. 10166 - प्र.भू- अर्जन-2010. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल तहसील नगर/ग्राम

जिला

कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में) (2) (3)

(4)

(5) (1)

7.30

108

सागर खांड़

सागर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(7) .

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर (म.प्र. )

शेखपुर जलाशय योजना नहर आर.बी.सी. एवं एल.बी.सी. के निर्माण में आने वाली निजी भूमि इत्यादि का भू- अर्जन प्रकरण.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी, ( राजस्व ) , सागर में देखा जा सकता है.

क्र. 10167 - प्र.भू-अर्जन -2010. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल तहसील नगर/ग्राम

जिला

कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में)

(4)

(5) (2)

(1)

(3)

37

25.99 सागर

सागर खांड़

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र. )

शेखपुर जलाशय योजना शीर्ष कार्य के निर्माण में आने वाली निजी भूमि इत्यादि का भू- अर्जन प्रकरण.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , ( राजस्व ) , सागर में देखा जा सकता है.

क्र. 10168 - प्र.भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल जिला तहसील

कुल ख.नं. कुल रकबा (हेक्टर में)

(5) (2)

(3)

(4)

(1)

2.85

31

सागर बेलईमाफी

सागर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(7) (6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र . )

शेखपुर जलाशय योजना नहर आर.बी.सी. के निर्माण में आने वाली निजी भूमि इत्यादि का भू- अर्जन प्रकरण .

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी, ( राजस्व ) , सागर में देखा जा सकता है.

भाग 1 ]

2801

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

क्र. 10169 - प्र. - भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

लगभग क्षेत्रफल

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

जिला

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में)

(5)

(4)

(2)

(3)

(1)

सागर

सागर

3.106 3.106

30 30

.

पगारा योग

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(7) (6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर .

के भू- अर्जन बावत्. पगारा जलाशय नहर निर्माण नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , ( राजस्व ) , सागर में देखा जा सकता है.

क्र. 10170- प्र . - भू- अर्जन-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

लगभग क्षेत्रफल

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

जिला

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2)

(5) 1.80

(3) बिंदवास

(4) 13

सागर

(1) सागर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(7) (6)

जल संसाधन सागर, ( म.प्र. ) .

सूखा नाला जलाशय के नहर निर्माण के भू-अर्जन बावत्.

कार्यपालन यंत्री, संभाग क्र. 1 ,

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , ( राजस्व ) , सागर में देखा जा सकता है.

क्र. 10171 - प्र. - भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

लगभग क्षेत्रफल तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

जिला

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (5)

(4) 28

4.36 (1) सागर

(2) सागर

(3) हीरापुर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(7) (6)

सूखा नाला जलाशय के नहर निर्माण के भू- अर्जन बावत्.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर, ( म.प्र. ) .

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी, ( राजस्व ) , सागर में देखा जा सकता है .

2802

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

क्र. 10177- प्र.- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) मैं उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में)

(3)

(1) (2)

(4)

(5) सागर

सागर

कनेरादेव

110

4.206

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर, ( म.प्र. ) .

कनेरा देव जलाशय शीर्ष कार्य एवं नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि एवं वृक्ष इत्यादि का भू-अर्जन प्रकरण.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , ( राजस्व ) , सागर में देखा जा सकता है.

सागर, दिनांक 11 अक्टूबर 2010

क्र. 10190- प्र. - भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4)

(5) सागर

सागर

10.62

खमकुंआ 50

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर, ( म.प्र. ) .

केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत टिकारी जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र. 10191- प्र.- भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (1)

(3)

(5) सागर

(4) 22

10.26 (2) सागर

रजौआ

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर, ( म.प्र. ) .

सागर विकासखण्ड के अन्तर्गत बदोना जलाशय के शीर्ष कार्य (बांध ) एवं नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

भाग 1 ]

2803

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

क्र. 10192 - प्र.- भू-अर्जन-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4)

(5) केसली खमरिया 48

6.46 सागर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर, ( म.प्र. ) .

केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत टिकारी जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र. 10194- प्र.- भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला

लगभग क्षेत्रफल तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2)

(3)

(1) सागर केसली

(4) 2

(5) 0.40

मोहासा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर, ( म.प्र. ) .

केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत टिकारी जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र. 10195-प्र.- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में)

(5) (1) सागर

(4) 60

(2) केसली

7.99

(3) नवलपुर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर, ( म.प्र. ) .

केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत टिकारी जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

2804

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

क्र. 10196-प्र.- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4)

(5)

34

सागर केसली भौंहारा

8.95

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. )

केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत टिकारी जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र. 10201- प्र.- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2)

(1) सागर

(5) 3.20

23 (4)

(3) महुआखेडा

केसली

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .

केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत टिकारी जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र. 10202- प्र. - भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

तहसील

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2) केसली

(3) खरखरी

(4) 15

(1) सागर

3.72 (5)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(7) (6) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .

केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत टिकारी जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू- अर्जन.

भाग 1 ]

2805

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

क्र. 10203- प्र. - भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4)

(5) सागर

सागर

4

बदोना

0.82

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर . (म.प्र. )

सागर विकासखण्ड के अन्तर्गत बदोना जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र. 10204- प्र. - भू-अर्जन-2010 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

लगभग क्षेत्रफल जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में)

(3)

(1)

(2)

(5)

(4) 6

सागर

सागर

2.18

चर्तुभटा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .

केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत टिकरी जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र. क- 10193- प्र.- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2) (3)

(5)

(4) 35

केसली

(1) सागर

बिलहरी

40.50

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .

(7) केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत बिलहरी जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

2806

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

क्र. - 10197- प्र.- भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (1)

(2)

(4)

(3)

(5) केसली

सागर

26.99

41

चिखली जमुनिया

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. (म.प्र. )

देवरी विकासखण्ड के अन्तर्गत सतधारा जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र.-10198- प्र.- भू-अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल तहसील

कुल ख.नं.

(1) (2)

(3)

(4)

कुल रकबा (हे. में) (5)

2

2.50 सागर केसली भुसोरा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .

केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत बिलहरी जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र.- 10199-प्र.- भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

लगभग क्षेत्रफल तहसील नगर/ग्राम

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में)

(4)

(2)

(1) सागर

(3) बिलेकी

2

(5) 1.40 केसली

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(7) (6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .

केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत बिलहरी जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

भाग 1 ]

2807

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

क्र.-10200-प्र.- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला

लगभग क्षेत्रफल तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में)

(3)

(4)

(2)

(1)

(5) केसली

सागर

59.41

हिरनपुर 60

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. )

देवरी विकासखण्ड के अन्तर्गत सतधारा जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र.- 10205- प्र. - भू- अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

लगभग क्षेत्रफल तहसील नगर/ग्राम

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2)

(3)

(5) केसली

(1) सागर

(4) 75

36.50

पुतर्रा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .

केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत चकरा जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र.- 10206- प्र.- भू-अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला

लगभग क्षेत्रफल तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2)

(5) (1) सागर

(4) 4

केसली

8.48

(3) सिंगपुर

(2)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन

संभाग क्र. 1 , सागर .

समनापुर जलाशय योजना के डूब क्षेत्र हेतु.

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए आवश्यकता है- समनापुर जलाशय योजना के डूब क्षेत्र हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, देवरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

2808

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

सागर, दिनांक 13 अक्टूबर 2010

क्र. - 10285 - प्र. - भू-अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (1) (2)

(3)

(5)

(4)

सागर

केसली

6

1.50

पुतर्रा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. )

केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत चकरा जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र. - 10286- प्र. - भू-अर्जन- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (1)

(2)

(3)

(5) देवरी

(4) 20

सागर

12.64

सटगुवां

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .

देवरी विकासखण्ड के अन्तर्गत समनापुर जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र.- 10287- प्र.- भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख.नं.

(1)

(2)

(3)

(4)

कुल रकबा (हे. में) (5) सागर

23

देवरी

33.18

समनापुर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(7) (6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन क्र. 1 , सागर. ( म.प्र. ) .

देवरी विकासखण्ड के अन्तर्गत समनापुर जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

भाग 1 ]

2809

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

क्र.- 10288- प्र.- भू- अर्जन-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2)

(1)

(3)

(4)

सागर

देवरी देवरी खास

8

(5) 2.57

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन क्र. 1 , सागर, ( म.प्र.) .

देवरी विकासखण्ड के अन्तर्गत सतधारा जलाशय के नहर कार्य निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन .

क्र.- 10289- प्र.- भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (5) (2) देवरी

(1) सागर

(3) सलैया

(4) 18

20.33

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन क्र. 1 , सागर, ( म.प्र. ) .

देवरी विकासखण्ड के अन्तर्गत समनापुर जलाशय के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र.-10290- प्र.-भू-अर्जन-2010. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख.नं. कुल रकबा (हे. में) (2)

(1) सागर

(4) 15

(5) 6.50 केसली

(3) बेरसला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. ( म.प्र . ) .

केसली विकासखण्ड के अन्तर्गत चकरा जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनीष श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

2810

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

कार्यालय , कलेक्टर , जिला बड़वानी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

बड़वानी , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

क्र. 1570 - भू-अर्जन- नहर- 2010 - प्र.क्र. 01-अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित ग्रामों की भूमि अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में. ) (2)

(3)

(4)

बोम्या

5.640 (1) बड़वानी बड़वानी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

इन्दिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर एवं उससे संबंधित अन्य कार्य निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्र. 11 , बड़वानी , जिला बड़वानी.

बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री, नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन भू-अर्जन अधिकारी, इन्दिरा सागर परियोजना ( नहर ) नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 11 , बड़वानी , जिला बड़वानी के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संतोष कुमार मिश्र , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला शहडोल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

शहडोल , दिनांक 4 अक्टूबर 2010

क्र. दस - भू-अर्जन- फा.-506- प्र.क्र. 01-अ-82-2010-11-5041 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधितों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करनेकरने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की 5 " अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

क्षेत्रफल (हे . में. ) (1)

(2)

(3)

(4)

दगदहा

1.235 शहडोल सोहागपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 2 , शहडोल, म.प्र.

मिठौरी जलाशय की मुख्य नहर एवं उप नहर हेतु.

भूमि के नक्शे ( प्लान) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, शहडोल/ अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) सोहागपुर , जिला शहडोल, म. प्र. में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

2811

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खण्डवा, दिनांक 5 अक्टूबर 2010

भू-अर्जन- प्र.क्र. 99-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

(2)

(1) खण्डवा

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) 1.67 पुनासा

(3) चिचलीखुर्द

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

(6) कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदा नगर .

पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, खण्डवा/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदा नगर के कार्यालय में किया जा सकता है.

भू-अर्जन- प्र.क्र. 100-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 (क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

(2)

(1)

खण्डवा

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4) 10.090 पुनासा

(3) नगरीय ग्राम मून्दी

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदा नगर .

पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदा नगर के कार्यालय में किया जा सकता है .

भू-अर्जन- प्र.क्र. 101-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता 2812

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा (4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

(3)

(4) खण्डवा

सिवरिया

3.11 पुनासा

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदा नगर.

पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, खण्डवा/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -25 , नर्मदा नगर के कार्यालय में किया जा सकता है.

भू-अर्जन-प्र.क्र. 102-अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा (4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

(3)

(4) खण्डवा

0.05 पुनासा दिनकरपुरा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25, नर्मदा नगर.

पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप

लाईन हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, खण्डवा/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदा नगर के कार्यालय में किया जा सकता है.

भू-अर्जन- प्र.क्र. 103-अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा (4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

(4)

(3)

खण्डवा

1.08

उटड़ी

पुनासा

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदा नगर.

पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.

भाग 1 ]

2813

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदा नगर के कार्यालय में किया जा सकता है .

भू-अर्जन- प्र.क्र. 104-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

जिला तहसील नगर/ग्राम

का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(1)

(2)

(3)

के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

(4)

(6) खण्डवा

2.61

चीराखान

पुनासा

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -25, नर्मदा नगर.

पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -25 , नर्मदा नगर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 11 अक्टूबर 2010

क्र. 1095 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन का यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 " अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते है:-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(2)

(3)

(1)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4)

(5)

(6) रीवा सिरमौर

8.40

पड़री पवाई

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग जिला रीवा ( म.प्र. )

सिरमौर वितरक नहर के मरैला कोठार माइनर की सब - माइनरों के लिये 8.40 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

2814

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

क्र. 1097 - भू-अर्जन. चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन का यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 " अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते है:-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

(4) रीवा सिरमौर मरैला कोठार

4.26

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग जिला रीवा ( म.प्र. )

सिरमौर वितरक नहर के मरैला कोठार माइनर की सब - माइनरों के लिये 4.26 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1099 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2)

(3)

(4) सिरमौर

रीवा

1.392

पल्हान

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग जिला रीवा ( म.प्र. )

सिरमौर वितरक नहर के शाहपुर माइनर के अन्तर्गत शाहपुर सब- माइनर 1.392 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भाग 1 ]

2815

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

क्र. 1101 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4) रीवा सिरमौर

1.204

शाहपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग जिला रीवा ( म.प्र. )

सिरमौर वितरक नहर के शाहपुर माइनर के अन्तर्गत शाहपुर सब- माइनर 1.204 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1103 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे . में) (2)

(3)

(4) (1)

रीवा सिरमौर उमरी कोठार

8.624

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग जिला रीवा ( म.प्र. ) माइनर के अन्तर्गत शाहपुर सब-

सिरमौर वितरक नहर के शाहपुर माइनर 8.624 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज श्रीवास्तव , प्रशासक, एवं पदेन उपसचिव.

2816

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग धार , दिनांक 27 सितम्बर 2010

क्र. 14228- भू-अर्जन- 2010- संशोधन. इस कार्यालय द्वारा भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) के अन्तर्गत ग्राम फुलगावड़ी तहसील सरदारपुर , जिला धार की धारा 6 की अधिसूचना के प्रकाशन हेतु अधिसूचना नियंत्रक, केन्द्रीय शासकीय मुद्रणालय, भोपाल एवं संचालक सूचना एवं प्रकाशन विभाग , भोपाल को प्रकाशन हेतु भेजी गई थी. जिसका प्रकाशन राजपत्र में पृष्ठ क्रमांक 2025 पर दिनांक 13 अगस्त 2010 को तथा दो हिन्दी समाचार पत्र दैनिक पत्रिका में दिनांक 12 अगस्त 2010 एवं स्वदेश समाचार पत्र में दिनांक 12 अगस्त 2010 को हुआ. चूंकि अधिसूचना का त्रुटिपूर्ण प्रकाशन होने से नीचे दर्शाये अनुसार संशोधन निम्नानुसार है :-

प्रकाशन होना था, जो पढ़ा जावे प्रकाशन हुआ जो त्रुटिपूर्ण है

सर्वे नंबर

सर्वे नंबर क्षेत्रफल हेक्टर में

क्षेत्रफल हेक्टर में (4)

(3)

(1) (2)

770/1

0.500

870/1

770/3

0.500 0.545 870/3

0.545

इसके साथ ही दैनिक समाचार- पत्र पत्रिका के अंक दिनांक 12 अक्टूबर 2010 में " पाना तालाब " प्रकाशित हुआ है , जो कि त्रुटिपूर्ण है , जिसे " गोविन्दपुरा तालाब " पढ़ा जावे. शेष प्रकाशन यथावत माना जावे.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला बड़वानी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव मध्यप्रदेश शासन ,

राजस्व विभाग

बड़वानी , दिनांक 1 अक्टूबर 2010

प्र. क्र. 30- अ- 82-2009-10- क्र. 1567 - भू- अर्जन-नहर- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बड़वानी

(ख) तहसील- बड़वानी

(ग) ग्राम-गोठान्या

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-26.571 हेक्टर.

खसरा नम्बर

अधिगृहित किया जाने वाला क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.415

71, 92

0.262

73

0.874

87/3 , 87/4 , 178

0.251

179

0.065

434

435

0.061

0.024

436

0.809

170/1

1.424

170/2

0.320

89

0.556

172

0.125

174

0.117

175

0.178

176

1.340

405, 406

0.465

177

0.808

187

0.823

193/2

0.991

193/3

0.480

193/4

0.835

364

0.175

370/1

0.263

371/2

0.065

372/2

0.524

373

0.146

374/2

0.223

375

0.664

395, 396/2

1.355

415

0.165

419/4 भाग 1 ]

2817

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(1)

(2)

396/3

0.405

0.121

396/4

0.040

398/2

400

0.050

0.390

399

404

0.481

1.435

407/2, 408

3.601

419/1

0.045

420

419/2

0.283

419/3

0.413

0.737

421/2, 421/3 , 421/4

422

1.520

423/10

0.103

0.567

423/11

0.202

423/12

0.405

423/13

0.810

433

0.160

486

योग : 26.571

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-लोअरगोई परियोजना की मुख्य नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , लोअरगोई परियोजना नहर बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -12 राजपुर, जिला- बड़वानी के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संतोष मिश्र , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 1 अक्टूबर 2010

क्र. 9987- क-प्र.भू. -अर्जन- 09-अ-82 वर्ष 09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सागर

(ख) तहसील- सागर

(ग ) नगर/ग्राम- खमकुआ

(घ) लगभग क्षेत्रफल -2.42 हेक्टर

खसरा नं.

रकबा

(हे. में. )

(2)

(1)

0.04

615

0.13

616

0.13

617

0.35

619

0.38

620

0.35

621

0.47

622

0.40

624

0.17

625

2.42

कुल योग ..

(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है. - सूखा नाला जलाशय योजना हेतु भू-अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा व प्लान का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, सागर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 9988- क-प्र. भू-अर्जन-10-अ-82- वर्ष 09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सागर

(ख) तहसील- सागर 2818

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(ग) नगर/ग्राम-हीरापुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 4.26 हेक्टर

खसरा नं.

रकबा

(हे . में. )

(2)

(1)

19

1.08

20

0.97

21

0.98

22

1.07

23

0.16

4.26

योग .

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है.- सूखा नाला जलाशय योजना हेतु भू-अर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा व प्लान का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , सागर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 9989 - क-प्र . भू. अर्जन- 11 -अ-82 वर्ष 09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सागर

(ख) तहसील- सागर

(ग) नगर/ग्राम- टेकापार

(घ) लगभग क्षेत्रफल -9.37 हेक्टर

खसरा नं.

(1)

रकबा (हे . में. ) (2)

0.70

721

1.30

737

722

1.44

723

1.06

4.07

724

725/3

0.40

725/4

0.40

योग ..

9.37

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है. - सूखा नाला जलाशय योजना हेतु भू-अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा व प्लान का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , सागर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

सागर, दिनांक 8 अक्टूबर 2010

क्र. 10158-क-भू-अर्जन-2010- प्र. क्र.अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सागर

(ख ) तहसील- शाहगढ़

(ग) ग्राम-जालमपुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-22.39 हेक्टर

खसरा नं.

रकबा (हे. में. ) (2)

(1)

170

0.02

172

0.14

0.06

173

0.50

180

0.14

729

0.59

174

202

0.08

0.42

175

0.22

176

0.27

182

189/1

0.49

0.53

192

177

0.33

0.15

183

178

0.51

188

0.60

185

1.62

1.06

181

0.24

742 भाग 1 ]

2819

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(2)

(1)

743

0.31

179

0.74

193

0.32

158

0.08

739

0.78

741

0.71

165/1

0.14

165/2

0.07

163/2

0.02

161

0.30

159

0.72

0.03

147/3

196/3

0.05

0.25

147/4

1.70

187

186

0.32

189/2

0.98

0.20

730

737

0.48

738

0.30

0.42

740

746

0.22

758

0.25

747

0.60

0.63

748

813

0.35

0.14

814

815

0.15

816

0.14

0.20

817

0.83

818

728

0.07

731

0.92

0.05

732/1

0.35

732/2

734

0.27

0.05

736/1

0.18

736/2

736/3

0.10

22.39

योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- सोना नाला जलाशय के बांध डूब क्षेत्र में तथा नहर निर्माण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी, कार्यालय बंडा में देखा जा सकता है.

क्र. 10159 - क- भू-अर्जन-2010-प्र. क्र.अ-82-10-11 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-सागर

(ख ) तहसील- शाहगढ़

(ग) ग्राम- बम्होरी शाहगढ़

(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 3.28 हेक्टर

रकबा

खसरा नं.

(हे. में. )

(2)

(1)

0.17

140

0.05

141

142

0.20

156

0.25

133/1

0.05

0.02

134

0.02

159

0.15

160

0.02

100/2

0.06

388

390

0.15

0.15

387

0.06

386/1

454

0.13

0.13

457/1

385/3

0.07

0.06

385/4

460/2

0.08

473

0.16

0.07

470

0.10

471

489

0.01

496

0.20 2820

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(1)

(2)

488/1

0.10

488/2

0.10

492

0.13

493

0.11

273

0.10

271/2

0.08

494/2

0.02

386/2

0.13

157

0.07

158

0.08

3.28

योग ..

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है . सोना नाला जलाशय के बांध डूब क्षेत्र में तथा नहर निर्माण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी, कार्यालय बंडा में देखा जा सकता है.

क्र. 10172- क- भू-अर्जन-2010-प्र. क्र.अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सागर

(ख) तहसील- शाहगढ़

(ग ) ग्राम- गूगरा खुर्द

(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 10.86 हेक्टर

खसरा नं .

रकबा (हे. में. ) (2)

(1)

1257/2

0.04

1261

0.56

1262

2.57

1259

0.28

1266

0.57

1304

0.40

1270

0.33

(1)

(2)

1271

0.10

1272

0.13

1273

0.31

1274/1

0.09

1274/2

0.10

2.20

1276

1278

0.41

0.05

1279/2

1283/2

0.08

0.10

1279/1

1283/1

0.06

1284

0.05

1303/1

0.17

1282

1.13

1289/1

0.07

1289/2

0.05

1303/3

0.02

0.07

1303/2

1318

0.12

1338

0.55

1339

0.25

10.86

योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- सोना नाला जलाशय के बांध डूब क्षेत्र में तथा नहर निर्माण.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय बंडा में देखा जा सकता है.

क्र. 10174-क-भू-अर्जन-2010-प्र. क्र.अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सागर

(ख ) तहसील- शाहगढ़ भाग 1 ]

2821

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(ग) ग्राम- सिलापरी

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 2.22 हेक्टर

खसरा नं .

रकबा (हे . में. )

(1)

(2)

0.20

532

0.06

533

539

0.13

540

0.15

542

0.20

0.05

566/1

0.07

544

549/1

0.38

0.07

569

549/2

0.10

566/2

0.05

568

0.07

0.24

562

0.40

548

0.05

570/2

2.22

योग ..

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- सोना नाला जलाशय के बांध डूब क्षेत्र में तथा नहर निर्माण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , अनुविभागीय अधिकारी, कार्यालय बंडा में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनीष श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला उमरिया, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

उमरिया, दिनांक 4 अक्टूबर 2010

क्र. 5180- भू- अर्जन- 2009-10-06-अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उपरोक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

लगभग क्षेत्रफल

-1. ग्राम बांसा अशासकीय रकबा 62.780 हेक्टेयर शासकीय रकबा 48.745 हेक्टेयर 2. ग्राम दुलहरा -अशासकीय रकबा 1.043 हेक्टेयर शासकीय रकबा 0.566 हेक्टेयर ग्राम बांसा- अशासकीय सर्वे क्रमांक

खसरा

नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.089

15/1

0.105

15/2

1.416

16/1 ग

0.304

16/1 घ

1.416

16/1 ङ

16/2

2.023

16/3

0.809

0.809

16/4

0.613

18/1ख

2.023

18/1 ग

0.405

18/1 घ/1

0.259

18/1 घ/2

1.031

18/1 ङ

0.405

18/1च

0.607

18/2

0.121

18/3

1.619

18/4

1.214

18/5

0.085

19

0.154

20

0.166

21

0.166

22

0.210

23

0.364

24

0.089

25

0.547

26

0.141

28

0.328

29

1.113

30/1ख

30/2

0.405

0.170

31

0.170

32

0.113

33

34

0.178 2822

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(1)

(2) 35

0.088 36/1क

1.983 36/1ख

1.416 36/2

0.202 38

0.279 39

0.259 40

0.125 41/1

0.008 41/2

0.043 42

0.251

0.206 43

44

0.125 45

0.332 46/1ख

0.947 49/ 1ख

0.304 49/2

0.405 49/4

0.204 80/2

2.011 80/4

1.687 80/5

0.353 80/6

0.950

0.506 81/2क

81/2ख

0.627 81 /2 ग

0.121 81/2घ

0.607 81/3क

0.324 81/3ख

0.486 81/3ग

0.283 81/4क

0.729 81/4ख

0.202

0.162 81/4ग

0.050 82/4क

82/4ख

0.190

0.101 82/4ग

82/4घ

0.214

0.101 82/4ड़

82/2

0.405 82/3

0.405 83/2

1.010 83/3

1.214 84

0.198 85/1

0.202 85/2

0.507 89

0.024

[भाग 1 (1)

(2)

90

0.173

92/2

0.405

93/2

0.620

93/3

0.384

93/4क

0.708

0.162

93/4ख 1

93/4ख 2

0.121

93/4ग3

0.162

0.202

93/5क

93/5ख

0.466

93/5ग

0.101

0.809

94/1ड़

94/2

0.809

0.809

94/3

96

0.291

97

0.267

98

0.279

99

0.138

100/2

0.543

100/3

0.101

101

0.073

0.162

102

0.101

103

104/2

0.304

105

0.040

106

0.117

138/2

0.142

140

0.057

141

0.149

0.037

144

150

0.284

151

0.170

152

0.138

226/1

0.440

260

0.056

0.388

269

0.324

275

276

0.251

0.024

277

278

0.376

279

0.251

281

0.206

282

0.020

283

0.141 भाग 1 ]

2823

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(2) (1)

0.210 290

0.147 292

293

0.166

0.214 295

0.441 331

0.425 332

333

0.174 335

0.190

0.401 336

0.061 338

0.502 339/2

341/2

0.405 343

0.615

2.236 344

346/2

1.214

0.344 348

0.178 349

0.178 350

0.093 352

0.214 353

0.129 358

359

0.121 361

0.126 362

0.129

0.606 363

364

0.413

0.121 88

ग्राम-बांसा

शासकीय सर्वे क्रमांक

4.049 16/1ख

3.524 17/1 क2

1.424 18/1 क

0.057 27

0.279 30/1क

37

0.037 80/1

1.225

8.212 81/1

0.814 82/1

0.502 83/1

0.138 86

87

0.012 92/1

0.910

0.405 94/1ख

7.891 94/1 ग

100/1

2.194

3.014 104/1

107

0.020 122

0.231

(2)

(1)

0.158

123

0.105

124

0.297

125

0.053

145

0.113

153

0.575

154

0.036

272

0.287

273

0.166

274

280

0.109

0.871

291

0.096

294

0.253

334

0.142

337

0.134

339/1

0.138

340

0.381

341/1

0.676

342

0.235

345

0.769

346/1

2.428

346/2

4.695

347/1क

0.410

347/1ख

0.012

351

0.113

354

0.081

355

0.668

356

0.121

357

0.077

360

0.251

376

ग्राम- दुलहरा अशासकीय सर्वे क्रमांक

0.372

26

0.210

27

0.073

29

0.028

30

0.024

32

0.101

33

0.166

35

0.069

39

ग्राम- दुलहरा शासकीय सर्वे क्रमांक

0.311

23

0.097

24

0.057

25

0.101

28 2824

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है .- बन्देही जलाशय योजना के डूब प्रभावित क्षेत्र बाबत्.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , का निरीक्षण जिलाध्यक्ष , कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग संभाग उमरिया के कार्यालय में किया जा सकता है.

(4 ) भू- अर्जन अधिनियम की धारा -7 के अंतर्गत कार्यवाही हेतु आदेशित किया जा सकता है .

क्र. 5179 - भू- अर्जन- 2009-10-07-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- उमरिया

(ख ) तहसील-मानपुर

(ग) ग्राम- मोहबला

(घ) क्षेत्रफल लगभग- 1.008 हेक्टेयर

सर्वे क्रमांक

रकबा (हे. में. ) (2)

(1)

0.146

356

0.243

363/3

368/2

0.303

369

0.316 1.008

योग :

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- ब्यौहारी मानपुर मार्ग में सोन पुल पोड़ी राजघाट के पहुंच मार्ग हेतु पुल निर्माण बावत्.

3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , का निरीक्षण जिलाध्यक्ष , कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

(4 ) भू-अर्जन अधिनियम की धारा -7 के अंतर्गत कार्यवाही हेतु आदेशित किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जे. एस. धुर्वे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सतना, दिनांक 5 अक्टूबर 2010

क्र. एफ 694 - भू-अर्जन 10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894, संशोधन 1984 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रघुराजनगर

(ग ) नगर/ग्राम- शेरगंज

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.434 हेक्टेयर.

लगभग क्षेत्रफल

खसरा

(हेक्टेयर में )

नम्बर

(2)

(1)

0.525

302/1/1

0.025

302/1/2

0.500

302/2

0.286

295/3

0.098

996/1/3

1.434

निजी खाता भूमि योग :

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है.- सतना- जिगनहट पहुंच मार्ग एवं पुल निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

क्र. एफ 696 - भू-अर्जन10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894, संशोधन 1984 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र . शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील - उचेहरा भाग 1 ]

2825

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(ग ) नगर/ग्राम- जिगनहट

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.120 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

252

0.120

निजी खाता भूमि योग : 0.120

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है. - सतना- जिगनहट पहुंच मार्ग एवं पुल निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , का निरीक्षण , कलेक्टर (भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

क्र. एफ 698 - भू-अर्जन 10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रघुराजनगर

(ग ) नगर/ ग्राम- बघेड़ी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.687 हेक्टेयर.

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

खसरा नम्बर (1)

0.303

101

0.384

95

निजी खाता भूमि योग : 0.687

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है. - सतना- जिगनहट पहुंच मार्ग एवं पुल निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुखबीर सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला खण्डवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खण्डवा, दिनांक 5 अक्टूबर 2010

भू-अर्जन- प्र.क्र. 42-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील-पुनासा

(ग ) ग्राम- दुधवास

(घ ) अर्जित रकबा-8.98 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

1.03

2/1

0.46

2/2

0.13

13

0.17

18

0.06

20/1

0.12

25

0.06

26

0.20

27

0.08

28

0.04

29

0.04

31

0.09

35

0.10

38

1.25

39/1

1.23

41/2

0.16

43

0.09

118/1

0.05

118/4

0.17

122

0.12

123

0.06

137

0.07

138/2 2826

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(2)

(1)

0.14

139/2

0.27

140

141

0.08

0.35

142

0.13

146/3

0.07

146/4

156/2

0.10

280/1

0.10

0.10

280/2

0.05

280/3

0.11

282

0.02

284

0.10

285

286

0.05

0.03

287/1

287/2

0.03

0.05

288

0.22

289

0.11

290

0.07

293

0.02

294

0.08

298

0.08

329

0.02

330/1

0.02

330/2

0.06

331/1

0.11

332

0.06

336/2

0.01

338

0.10

339

0.04

344/4

0.06

344/2

0.03

344/3

0.09

345/2

0.13

346

0.07

347/1

0.03

347/2

350

0.01

योग : 8.98

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत अवशेष जलाशय 3 एवं वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .

भू-अर्जन- प्र.क्र. 43-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खण्डवा

(ख ) तहसील- पुनासा

(ग) ग्राम- अंजनियाँ खुर्द

(घ) अर्जित रकबा-4.02 हेक्टेयर .

खसरा

नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.16

106/1

0.01

113

0.06

123/1

0.07

123/1क

0.15

154

0.04

155/5

0.08

157/1

0.12

159/1

0.06

123/ 2क

0.10

159/2

0.27

171/1

0.16

172

0.15

173/1

0.16

173/2

0.14

173/3

0.07

179/1

0.11

179/4

0.04

179/5

0.12

180

0.08

181

0.07

188

0.02

189

0.05

190

0.06

265

0.07

266

0.07

267

0.07

268

0.07

269 भाग 1 ]

2827

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(2)

(1)

270

0.07

273/1

0.14

0.09

273/2

273/3

0.06

0.13

274/1

0.10

274/2

0.05

274/3

0.10

274/4

0.11

293

0.07

294/1

0.02

294/2

0.17

302/2

0.28

309/1

योग : 4.02

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है.

भू-अर्जन- प्र.क्र. 44-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- पुनासा

(ग) ग्राम-कोलगांव

(घ ) अर्जित रकबा-29.71 हेक्टेयर.

खसरा

अर्जित रकबा

नम्बर

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

182

0.97

0.09

183

2.01

203

1.00

205

(2)

(1)

1.13

206

1.51

207/1

1.20

207/2

1.24

208

0.27

209

0.20

210

0.67

211

0.52

216

0.13

217

0.06

219

0.20

221

0.07

0.04

222/1

0.40

222/3

0.34

223

0.85

224

0.64

225/1

0.20

225/2

1.08

229

0.35

230

0.28

231

0.42

232

0.59

233

0.55

235

0.13

236

0.20

237/1

0.35

237/2

0.08

246

0.32

247

0.24

248

0.09

249

0.60

252

2.26

256

0.25

257

1.05

264

0.23

266

0.21

267

0.27

268

0.29

269

0.38

270/1

0.32

270/3

0.38

271/1

0.09

271/3

0.06

271/4 2828

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(2)

(1)

271/5

0.03

272

0.53

0.57

273/1

273/2

0.67

274/1

1.70

274/2

0.25

0.22

275

0.45

280/1

280/2

0.12

0.34

281

282

0.02

योग : 29.71

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत अवशेष जलाशय 3 के निर्माण हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है.

भू-अर्जन- प्र.क्र. 45-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- पुनासा

(ग ) ग्राम-रोहणी

(घ) अर्जित रकबा-2.25 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.07

36/1

36/2

0.30

58

0.10

0.04

60/1

0.06

60/2

(2)

(1)

0.07

62/1

0.03

62/2

62/3

0.05

0.09

67

0.06

68

0.02

497

0.07

504/2

0.10

505

506

0.04

507

0.11

0.10

509

0.01

517/5

570/1

0.14

0.17

570/2

572

0.14

0.10

578

579/3

0.07

580

0.11

0.10

583/1

583/2

0.10

योग : 2.25

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .

भू-अर्जन- प्र.क्र. 46-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

( क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- पुनासा

(ग ) ग्राम-उदयपुर भाग 1 ]

2829

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(घ) अर्जित रकबा-1.65 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

अर्जित रकबा ( हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.10

30/2

0.15

34

35

0.05

0.12

36

120

0.23

0.05

121

122

0.18

123

0.11

199

0.15

0.21

201/1

202/2

0.01

203/1

0.08

0.11

203/4

0.10

163

योग : 1.65

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. - पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .

भू-अर्जन- प्र.क्र. 47-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- पुनासा

(ग ) ग्राम- भादलीखेड़ा

(घ) अर्जित रकबा-6.23 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

84

0.10

0.09

85/3

(2)

(1)

0.08

87/3

0.09

88

0.08

163

0.05

165/1

0.12

165/2

0.10

167

0.28

171/2

0.09

173/1

0.11

174/1

0.09

175

0.18

176

0.09

177

0.06

178

0.10

180

0.05

181

0.03

182/1

0.03

182/2

0.08

183/2

0.11

183/3

0.46

199/1

0.02

199/3

0.22

184/1

0.16

184/3

0.20

193

0.32

294/2

0.02

294/6

0.09

311/1

0.05

311/2

311/3

0.16

0.22

311/4

0.38

311/5

0.05

311/6

0.02

313

0.14

314

0.53

317

0.15

318

0.95

320

0.08

321

योग : 6.23

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है.

2830

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

भू-अर्जन-प्र.क्र. 48-अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- पुनासा

(ग) ग्राम- बांगरदा

(घ ) अर्जित रकबा-2.98 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

(हेक्टेयर में) अर्जित रकबा

(2)

(1)

76

0.02

77/1

0.14

77/2

0.04

80

0.04

81

0.06

0.09

82

83

0.20

84/2

0.09

0.20

148

149/1

0.11

0.06

150

0.32

151

152

0.05

158

0.22

163

0.12

0.07

168

0.13

169

0.10

170/1

0.12

170/2

171

0.08

0.20

178

0.04

180

0.11

631

0.10

633/1 ग

633/1 घ

0.11

633/4

0.16

योग : 2.98

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. - पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25, नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .

भू-अर्जन- प्र.क्र. 49-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- पुनासा

(ग) ग्राम-अंजनियॉकला

(घ ) अर्जित रकबा 0.71 हेक्टेयर.

खसरा क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

20

0.03

0.06

21

0.06

22

0.08

23

0.21

25

0.02

26/3

31/3

0.01

0.19

32/1

35/1

0.05 योग : 0.71

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

भाग 1 ]

2831

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

कार्यालय , कलेक्टर, जिला देवास मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग देवास , दिनांक 6 अक्टूबर 2010

प्र. क्र. 1 - अ- 82-09-10-1259.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 (क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त सार्वजनिक प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- देवास

(ख) तहसील- खातेगांव

(ग ) ग्राम- अगरदा

(घ) क्षेत्रफल-0.35 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अधिग्रहित किये जाने वाला क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

358 में से

359/1 में से

0.30 0.05 योग : 0.35

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- बागदी नदी पर निर्माणाधीन पुल पहुंच मार्ग के भू- अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर कार्यालय, जिला देवास एवं भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, कन्नौद के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 1 - अ-82-09-10-1265.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 (क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त सार्वजनिक प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- देवास

(ख) तहसील - खातेगांव

(ग) ग्राम- बरछाखुर्द

( घ) क्षेत्रफल-0.25 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अधिग्रहित किये जाने वाला क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(1) 108/1 में से

(2) 0.25 योग : 0.25

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. बागदी नदी पर निर्माणाधीन पुल पहुंच मार्ग के भू-अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर कार्यालय, जिला देवास एवं भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, कन्नौद के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पुष्पलतासिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग विदिशा , दिनांक 8 अक्टूबर 2010

प्र. क्र. 3 - अ- 82-2009-10 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- विदिशा

(ख) तहसील- शमशाबाद

( ग) ग्राम- बरखेड़ाजाट 2832

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(घ) लगभग क्षेत्रफल-187.252 हेक्टेयर.

रकबा सर्वे क्रमांक

(हेक्टेयर में)

(2) (1)

1.682 24/1

0.365 113

24/2

1.672

0.610 25/2

0.710 14/2

16/1

1.166

0.062 161/2

169/

0.136 100/1

0.460 16/2/1

0.814 16/2/2

0.105 20

2.900

0.209 158

0.256 16/3

85

0.439 86

0.209 87

0.512 155/1

0.985

0.209 88

0.543 90

2.833 19

0.095 163

0.095 165

265

0.063 269

0.147 192

0.752

0.655 296

0.042 120

152/1

2.502

0.627 152/2

0.366 93/1

93/2

0.157

0.157 166

0.799

0.083 184

1.213 75/1

0.209 187

1.306 292

0.575 234

0.800 286

1.212 75/2

(2)

(1)

0.863

76

0.063

161/1

0.506

77

2.120

78

0.465

79/1

79/2

0.465

0.658

81

1.840

83

0.021

84

0.079

95/1

4.713

153

0.471

91

0.136

167/1

0.637

140

0.162

94/1

0.094

121

1.171

138/3

0.251

97

0.586

281

1.850

294

2.500

295

1.694

98

0.092

124/6

0.264

99/1

0.264

99/3

124/1

0.091

0.520

99/2

0.525

99/4

0.193

124/3

0.184

124/4

0.010

99/6

0.418

100/2

1.050

101

0.670

103

0.114

176/1

0.115

102

2.442

110

0.303

180

0.042

112

1.003

228

0.261

174

0.209

114

0.052

115

0.167

119 भाग 1 ]

2833

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(2) (1)

118

0.115

0.985 155/3

0.052 122

0.062 123/1

123/2

0.011

0.115 176/2

0.091 124/2

124/5

0.092

0.836 125

160

0136 126

0.180 132/2

1.900

0.534 133/1/1

133/1/2

1.934

1.250 134

143

1.045 144

1.045

1.881 195

135

0.173

0.800 136/2

0.930 136/3

137/1

0.320

1.807 138/1

0.219 267

138/2

1.672 167/2

0.136 94/2

0.162

1.666 147/1

147/2

1.666

0.017 147/3

1.666 147/4

1.666 147/5

0.017 147/6

150

1.432

3.140 154/1

3.140 154/2

0.985 155/2

155/4

0.986

0.125 171

1.254 196

289

0.836

0.087 156/1

0.087 156/2

2.090 141

(2)

(1)

2.090

142

2.330

145

0.303

202

1.525

149

0.087

156/3

0.063

157/1

0.062

157/2

0.167

159

0.094

162

0.104

164

210

0.489

0.783

212

0.130

95/2

1.774

225

0.083

168

0.209

170

0.669

173

0.136

177

0.063

179

1.985

220

0.147

181

0.846

230/2

0.125

182

0.523

199

0.010

270

0.418

197

0.105

183

0.115

185

0.083

186

291/1

2.644

0.356

293

2.090

207

2.665

236

5.853

208

0.533

211

213

0.627

200

1.672

0.534

214

2.090

216

0.094

259

3.083

198

0.909

215

1.985

217

0.836

219 2834

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(2) (1)

1.291 226/1

0.365 226/2

1.116 229/1

0.292 231/2

226/3

1.672

1.254 226/4

227

0.960 230/1

1.056

0.426 229/2

231/1

0.293

0.941 235/1/1

229/3/1

0.755

0.369 248

0.512 283

249

3.500

0.115 253

0.313 257

0.523 284

0.763 290

0.523 218/1

0.084 273

276

0.041

0.146 277

258/1

0.104 278

0.042

0.010 258/2

258/3

0.010

0.010 263

264

0.262 268

0.115

0.094 271

272/1

0.059

0.049 280/1

0.575 282/1

0.059 272/2

280/2

0.049 282/2

0.574

1.426 203/1

1.427 203/2

0.418 204/1

2.117 204/2

0.065 232/1

0.940 235/1/2

237

2.090

(2)

(1)

1.045

238

2.027

239

1.254

285/1

0.822

285/2/2

0.822

285/2/1

0.822

285/2/3

0.062

255/3/2

2.289

287/2 क

3.000

291/2

0.094

287/1

232/2

0.949

0.096

229/3/2

0.860

235/2/2/2

0.081

235/2/1

0.940

235/2/2/1

229/3/2

1.059

0.059

272/3

0.048

280/3

282/3

0.575

0.522

218/2

0.209

251

0.083

252

0.063

255/1

0.104

254

0.147

279

0.083

274

0.345

275

0.063

255/2

0.038

262/2

262/1

0.038

0.039

262/3

0.282

203/3

0.219

92

0.010

188

0.400

23

187.252

योग :

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- सगढ़ मध्यम सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय, भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन के कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह नदी संभाग गंजबासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .

2835

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

भाग 1 ]

प्र. क्र. 7 - अ- 82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक-एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की मुख्य नहर निर्माण हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- विदिशा

(ख ) तहसील- नटेरन

(ग ) ग्राम-रिनिया

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-6.293 हेक्टेयर.

सर्वे क्रमांक

अर्जित किये जाने वाला अनुमानित क्षेत्रफल

(हेक्टेयर में) (2)

(1)

0.350

112/5

0.033

284/1

0.033

284/2

0.034

284/3

0.230

293

0.275

294/1

294/2

0.134

0.125

295

0.504

296/1

296/2

0.359

0.319

296/3

0.504

296/4

0.544

299/1

0.500

299/2/1

0.043

299/2/2

300

0.188

0.523

301

0.149

302

0.045

305/1

0.050

305/2

0.050

305/3

0.463

306

307

0.047

0.100

309

0.376

310

(2)

(1)

0.100

311

0.215

344

6.293

योग :

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर, बाह नदी संभाग , गंजबासौदा में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 11 - अ-82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की मुख्य नहर निर्माण हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- विदिशा

(ख) तहसील- नटेरन

(ग) ग्राम- श्यामपुर ( सेऊ )

(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.643 हेक्टेयर.

सर्वे क्रमांक

अर्जित किये जाने वाला अनुमानित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.640

10

0.064

0.240

21

0.400

22

1.200

25/1

0.217

27/1क

0.880

27/1 क2

0.880

27/1 /ख1

0.190

46/1

0.190

46/2

0.190

46/3 2836

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(2)

(1)

48/1

0.160

48/2/1

0.160

0.160

48/2/2

50

0.480

147

0.080

159

0.128

161

0.320

162

0.064

6.643

योग :

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू- अर्जन अधिकारी, नटेरन एवं कार्यपालन यंत्री , संजय सागर बाह नदी संभाग , गंजबासौदा में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, योगेन्द्र शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना जिला रीवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 11 अक्टूबर 2010

प्र. क्र. 1087 - प्रशासक- भू-अर्जन- 2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील- हुजूर

(ग) ग्राम- दुआरी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.105 हेक्टर.

खसरा

रकबा (हेक्टेयर में) (2)

नम्बर (1)

0.028

157/1

0.028

157/2

0.028

157/3

0.006

159/1

0.015

159/3

योग : 0.105

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है-मैदानी माइनर नहर के अन्तर्गत में आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 1091 - प्रशासक- भू-अर्जन- 2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- हुजूर

(ग) ग्राम-बिडवा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.061 हेक्टर.

रकबा

(हेक्टेयर में)

(2)

खसरा नम्बर (1)

285/2

0.061 योग : 0.061

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- मैदानी माइनर नहर के अन्तर्गत में आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.

भाग 1 ]

2837

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 1093 - प्रशासक- भू-अर्जन- 2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- धौचट

(ग) ग्राम- हुजूर

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.077 हेक्टर.

रकबा

खसरा

नम्बर

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.077

512

0.077

योग :

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के अन्तर्गत में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग छतरपुर, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

प्र. क्र. 18 - अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील-लौड़ी

(ग ) ग्राम- गिलौहा, प. ह. नं. 18

(घ) लगभग क्षेत्रफल-163.962 हेक्टर.

अर्जित रकबा खसरा नम्बर

(हे. में)

(2)

(1)

0.056

20/1

23

0.176

0.256

24

0.064

25

0.072

26

0.016

27

0.010

32

0.168

33

34

0.014

0.080

35

0.056

36

0.202

252/3/1

0.300

252/3/2

0.320

252/3/3

0.162

252/4/1

0.120

252/4/2

0.040

252/5

0.222

272/1

0.100

272/2

0.163

276/1

0.060

277/1

14.000

279

0.215

281/1

0.107

281/2

0.107

281/3

0.027

282/1

282/2

0.013

0.013

282/3

0.166

283/1 2838

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(2) (1)

0.167 283/2

283/3

0.331

0.189 284/1

0.378 284/2

0.010 285/1

0.011 285/2

0.011 285/3

0.243 286

287

0.287

0.100 288/1

0.040 288/2

0.024 289

0.122 290/1

0.122 290/2

290/3

0.121

0.016 291/2

0.016 291/3

0.168 292/1

292/2

0.168

0.251 293/1

0.251 293/2

0.283 294

0.186 295

0.235 296

0.115 297/1

0.116 297/2

0.039 298/1

0.038 298/2

0.353 299

0.065 325/2

0.344 326

327/2

0.094 328

0.340

0.023 329

0.209 330/1

0.209 330/2

0.288 331/1

0.044 331/2

332

0.170

0.324 333

0.620 334/1

0.036 334/2

(2)

(1)

0.387

335

0.316

336

0.274

337

0.279

338

0.676

339

0.522

340/1

0.522

340/2

0.259

341/1

0.255

341/2

0.206

342

343

0.194

0.235

344

0.202

345

1.597

346

0.328

347

0.380

348

0.049

349

350

0.049

0.142

351

0.494

352/1

1.000

352/2

0.392

353/1

0.392

353/2

0.320

354

0.308

355

1.396

356

0.437

357

0.121

358

0.142

359

0.247

360

0.227

361

0.198

362

0.672

363

0.129

364/1

0.130

364/2

0.239

365

0.112

377

0.250

378

0.591

379

0.364

380/1

0.365

380/2

0.417

381 भाग 1 ]

2839

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(2) (1)

382

0.312

0.210 383

385

0.271 386

0.129 387/1

0.231 387/2

0.115

0.116 387/3

388

0.259 389

0.380 390

0.316

0.316 391

392

0.346 393

0.295

0.368 394

395

0.510 396

0.279

0.356 397

398

0.336 399

0.494 400

0.898 401

1.141 402/1

0.049 402/2

0.075

0.075 402/3

0.202 404

405/1

0.600 405/2

0.121 406/1

0.301 406/2

0.294

0.470 407

0.428 408/1

0.247 408/2

0.955 409

0.223 411/1/क

0.222 411/1/ख

0.324 411/3

411/4

0.494

0.413 412

0.619 413/1

413/2

0.619 414

0.522 415

0.556

(2)

(1)

1.481

416

0.344

417

1.238

418

0.238

419

0.364

420

0.227

422/1

0.299

422/2

0.829

422/3

0.065

422/4

0.283

422/5

0.279

422/6

0.421

422/7

0.684

424

0.874

425

0.987

426

427

0.753

0.397

428/1

0.849

428/2

1.202

429/1

0.162

429/2

0.567

429/4

0.251

429/5

0.364

429/6

0.407

430/1/1

0.407

430/1/2

0.408

430/1/3

1.222

430/2

432/1

0.126

0.100

432/2

0.121

433

0.197

434/1

0.196

434/2

0.194

435

0.729

436

0.222

437/1

0.223

437/2

0.040

438

0.125

439

440

0.583

441

0.166

0.032

442

443

0.360 2840

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(2) (1)

0.516 444/1

0.124 444/2

445

0.340

0.462 446

447

0.401

0.210 448

449

0.194

0.409 451

452/1

0.206 452/2

0.207 453/1

0.413

0.411 453/2

454/2

0.085 461

0.120

0.014 462/1

462/2

0.014 462/3

0.029 463

0.914

0.182 464

0.186 465

466

0.652

0.138 467

0.050 468

0.200 469

0.128 479

0.030 480

0.522 481

482

0.331

0.178 483

0.154 484

0.158 485

486

0.344

0.065 487

0.721 488

0.425 489

0.388 490

491

0.445

0.320 492

0.413 493

0.081 494

495

0.437

0.032 496

(2)

(1)

0.575

497

0.344

498

0.048

499

0.053

500

0.125

501

0.312

502

0.563

503

0.340

504

0.567

505

506

0.450

0.694

508/1

0.694

508/2

0.369

509/1

0.121

509/2

0.247

510

0.263

511

0.364

513

0.117

514

0.194

516

0.454

517

0.141

518/1

0.142

518/2

0.539

519

0.470

520

0.032

521

0.514

522

0.324

523

0.093

524

0.255

525

0.259

526

0.158

527/1

0.150

527/2

0.213

528

0.110

529/1

0.100

529/2

530

0.233

0.186

531

533

0.080

0.229

629/1

0.430

630

0.030

631

0.037

632/2 भाग 1 ]

2841

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(2) (1)

0.040 634/2

635

0.010

0.018 636/1

636/2

0.018 637

0.010 641

0.219 642/1

0.142 642/2

0.141 643

0.040 644

0.024

0.178 645

0.198 646

0.154 647

0.162 649

650

0.194

0.287 651

0.291 652

0.187 653/1

653/2

0.084

0.324 654

0.263 655

0.142 656

657

0.295

0.158 658

0.304 659

0.466 660

0.243 661

0.737 662

0.089 663

664

0.393

0.291 665

0.263 666

667/1

0.447

0.045 667/2

0.048 667/3

0.320 668

669

0.769

0.144 670/1

0.146 670/2

0.425 671

672

0.073

0.332 673

(2)

(1)

0.206

674

0.243

675

0.186

676

0.190

677

0.494

678

0.291

679

0.292

680

0.308

681

0.073

682

0.170

683

0.259

684

0.470

685

0.006

686/1

0.006

686/2/1

0.006

686/2/2

0.202

687

0.470

688

0.275

689

0.206

690

0.322

691/1

0.322

691/2

0.099

693

0.267

694

0.320

695

0.223

696

0.162

697

0.081

698

0.316

699

0.178

700

0.097

701

0.214

702

0.231

703

0.109

704

0.255

705

0.267

706

0.522

707/1

0.099

707/2/1

0.324

707/2/2

0.099

707/2/3

0.344

708

0.255

709/1

0.255

709/2 2842

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अक्टूबर 2010

(2) (1)

710

0.502

0.279 711/1

0.061 711/2

712

0.502 713

1.765 714

0.761 715

0.713 716

0.672 717

0.384

0.324 718

719

0.380

0.299 720

721

0.340 722

0.057 723

0.938

0.841 724

1.097 725

0.977 726/1

726/2/1

0.326 726/2/2

0.325

0.326 726/2/3

728

1.744

0.721 729

730

0.664 731

0.615

1.291 732/1

0.732 732/2

732/3

1.000 733

0.886

1.226 734

735

0.482

0.567 736

737

0.364 738

0.275

0.421 739

0.705 740

741/1

0.192 741/2

0.302

0.822 742/1/1

742/1/2

0.393 742/1/3

2.148 742/1/4

0.829

(2)

(1)

1.214

742/1/5

742/2

0.162

0.178

743

0.571

744

5.443

745

0.551

747

0.227

748/1

0.114

748/2

0.113

748/3

0.688

748/4

0.688

748/2/1

2.537

748/2/2

0.809

748/2/3

0.713

752

0.328

753

0.340

754/2

0.197

759/1

0.030

760/1

0.045

760/2

0.360

762

763

0.350

0.342

765/1

0.080

765/2

0.200

765/3

0.170

986

0.162

992

0.388

993

0.049

994

995

0.599

0.388

996

0.802

1070/340

योग .. 163.962

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज मध्यम परियोजना हेतु.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण तहसील कार्यालय , लौड़ी में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ई. रमेश कुमार , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

2843

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अक्टूबर 2010

निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं

विधि और विधायी ( निर्वाचन ) कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 11 अक्टूबर 010

फा. 22- वि.निर्वा . - 2010- चार- 198.- भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना संख्या 82- म.प्र.वि.स. ( 15/2009 ) -2010 , दिनांक 22 सितम्बर 2010 सर्वसाधारण की जानकारी के लिये प्रकाशित की जाती है.

प्रेम चन्द मीना, प्रमुख सचिव.

भारत निर्वाचन आयोग

निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली -110001 नई दिल्ली, तारीख , 22 सितम्बर 2010-31 भाद्रपद, 1932 ( शक)

अधिसूचना

सं. 82- म.प्र. - वि.स. ( 15/2009 ) -2010 .- भारत निर्वाचन आयोग , 25 - शिवपुरी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से मध्यप्रदेश विधान सभा के लिए श्री माखन लाल राठौर को चुनौती देने वाले श्री गणेशराम गौतम , द्वारा दाखिल 2009 की अर्जी सं. 15 में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , ग्वालियर बेंच के तारीख 27 अगस्त 2010 का निर्णय लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम , 1951 ( 1951 का 43 ) की धारा 106 के अनुसरण में एतद्वारा प्रकाशित करता है.

आदेश से,

हस्ता./- (बर्नाड जॉन) सचिव,

भारत निर्वाचन आयोग.

ELECTION COMMISSION OF INDIA Nirvachan Sadan Ashoka Road , New Delhi - 110001 New Delhi , dated, 22nd September 2010- 31st Bhadrapada , 1932 ( SAKA)

NOTIFICATION

No. 82 - MP - LA- ( 15-2009 ) -2010 . In pursuance of Section 106 of the Representation of the People Act , 1951 (43 of 1951 ) , the Election Commission hereby publishes the Judgement of the High Court of Madhya Pradesh at Gwalior Bench dated 27 August 2010 in Election Petition No. 15 of 2009 filed by Shri Ganeshram Gautam challenging the Election of Shri Makhanlal Rathore to the Madhya Pradesh Legislative Assembly from 25 - Shivpuri Assembly Constituency.

उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर Bench Gwalior Election Petition No. 15/09 प्रकीर्ण सिविल / दाण्डिक मामला क्रमांक Ganeshram Gautam S/ o Shri Shivaharan Gautam , Age 52 Yrs . , Candidate of Bhartiya Jansahakari Party, Constituency 25, Shivpuri Legislative Assembly, R/ o 43 , Adarsh Nagar , Shivpuri (MP) .

1. The Election Commissioner, Govt . of M. P. , Bhopal(MP) .

2. The Returning Officers / Sub- Divisional Magistrate , 25 - Shivpuri . Legislative Assembly Distt. , Shivpuri .

3. The Asstt . Returning Officer/ Tehsildar, Distt . Shivpuri ( MP) , (R - 1 to R -3 , deleted as per Hon C. O. dated 9-4-10) .

4. Makhanlal Rathore S /o Unknown , Candidate of Bhartiya Janata Party Constituency 25 , Shivpuri , Legislative Assembly, R/ o Adarsh Nagar , Shivpuri (MP) .

Election Petition U/ s , 81 R/ w Sec . 100 of the Representation of the People Act .

के लिये आवेदन-पत्र.

याचिका आवेदक के वकील श्री Raja Sharma , Advocate द्वारा दिनांक 21 जनवरी 2009 को प्रस्तुत की गई.

आवेदन- पत्र दिनांक 27 अगस्त 2010 को माननीय न्यायमूर्ति श्री A. M. Naik (J) और माननीय न्यायमूर्ति श्री .

के समक्ष आवेदक के वकील श्री Shri V. K. Bhardwaj , Sr. Adv . with Shri Raja Sharma & A Bhardwaj और विरोधी पक्षकार के वकील श्री Shri Vivek Jain, Advocate की उपस्थिति में अंतिम सुनवाई के लिये प्रस्तुत 2844

किया जाना था. न्यायालय द्वारा निम्नलिखित आदेश पारित किया गया :-

आदेश

ATTACHED

HIGH COURT OF MADHYA PRADESH BENCH AT GWALIOR

Single Bench Hon. Shri Justice Abhay M. Naik (Election Petition No. 15/2009)

Ganeshram Gautam Vs Makhanlal Rathore

Shri V. K. Bhardwaj , Sr. Advocate with Shri Raja Sharma and Shri Anand Bhardwaj , Advocates for the election petitioner.

Shri Vivek Jain , Advocate for the respondent .

ORDER (Passed on 27th day of August 2010) 1. Abhay M. Naik J.

1. Heard on I.A. No. 9934/10 .

2. Petitioner has challenged the election of respondent Makhanlal Rathore , by submitting election petition in respect of Constituency No. 25 , Shivpuri Legislative Assembly of M. P. , on various grounds . Following prayer has been made in the election petition :-

" It is therefore humbly prayed that this Hon'ble Court may kindly be pleased to allow this election petition . It is further prayed that the counting of round No. 9 , 12 and 13 may be ordered to be taken place again and result be followed . "

3. Earlier , the petitioner had impleaded the Chief Election Commissioner , Returning Officer and the Assistant Returning Officer. They have been deleted from the cause- title by virtue of this court's order dated 9-4-10.

4. Respondent submitted an application ( I.A.No. 9934/10) for dismissal of the election - petition on the ground that in view of the prayer of the election petition, the petitioner was obliged to join all contesting candidates as required under sectin 82 (a) of the

[ भाग 1

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Representation of the People Act , 1950. Since the petitioner has failed to join all the contesting candidates , the petition may be dismissed on account of violation of the statutory provisions of the Act. 5. In reply, it is stated that no prayer for further declaration that the petitioner or any other candidate has been duly elected , has been made and accordingly, the returned candidate alone has been property made a respondent . It is further submitted that in view of Section 86 (4) of the said Act if any other candidate is interested in the election petition , he may very well file an application for being impleaded as a party . Since , none of the contesting candidates has filed any such application , it may be presumed that they are all satisfied with the result of the election . Accordingly , the application is liable to dismissal .

6. After hearing learned counsel for the parties , the court for the reasons to follow, is of the opinion that the election -petition has been submitted in violation of the statutory provisions and it deserves to be dismissed at the threshold.

7. At the cost of repetition , the prayer contained in the election petition is reproduced below :-- " It is therefore humbly prayed that this Hon'ble Court may kindly be pleased to allow this election petition . It is further prayed that the counting of round No. 9 , 12 and 13 may be ordered to be taken place again and result be followed . " (underlined by this court)

8. Section 84 of the Representation of the People Act, 1950 describes the relief( s ) that may be claimed by the petitioner in the following words : - "84.Relief that may be claimed by the petitioner- A petitioner may, in addition to claiming a declaration that the election of all or any of the returned candidates is void , claim a further declaration that he himself or any other candidate has been duly elected ."

9. Clause ( a) of Section 82 of the said Act reads as under :

82. Parties to the petition- A petitioner shall join as respondents to his petition- (a) Where the petitioner , in addition to claiming declaration that the election of all or any of the returned candidates is void , claims a further भाग 1 ]

declaration that he himself or any other candidate has been duly elected, all the contesting candidates other than the petitioner and where no such further declaration is claimed, all the returned candidates . "

10. Perusal of the prayer clause of the election- petition makes it clear that the petitioner has not merely prayed for allowing his election - petition containing challenge to the election of the returned candidate , but has further prayed that the counting of round No. 9 , 12 and 13 may be ordered to be taken place again and result be followed . Thus , the declaration in favour of any of the candidates who gets elected on account of recounting of round No. 9 , 12 and 13 is implicit in the prayer made by the election petitioner. Though , the petitioner has not worded the prayer clause in the form of declaration but by making a prayer to grant a relief pursuant to the result of recounting he has virtually made a prayer for declaration that the contesting candidate getting elected on account of the result of recounting may be declared elected or being so , clause (a) of Section 82 gets attracted and the petitioner was obliged to join all the contesting candidate in the election petition . There were , as much as , six contesting candidates as revealed in Annexure - P/ 8 , four out of them have not been impleaded.

11. Section 38 of the Act provides for publication of list of contesting candidates . Hon . Supreme Court of India in the case of K. Kamaraja Nadar Vs. Kunju Thevar and others ( AIR 1958 SC 687) has held that contesting candidates within the phraseology , which has been used in S. 38 are candidates who were included in the list of validly nominated candidates and who have not withdrawn their candidatures within the period prescribed for such withdrawal . Thus , contesting candidates are within the meaning of the term as used in the Act . Thus , in addition to the petitioner and respondent , there were four more contesting candidates as revealed in Annexure -P/8 .

12. It has been argued on behalf of the election petitioner that initially , the relief with regard to declaration that election of respondent is void may be granted by allowing the petition and rest of the relief may be denied for want of joinder of remaining contesting candidates because for the grant of aforesaid relief joining of remaining contesting party is not required.

This submission may perhaps be acceptable in civil law but is not acceptable in election laws , in view of specific provision contained in sub - section ( 1) of Section 86 of the Act which lays down mandatorily that the High Court shall dismiss the election petition which does not comply with the provisions of Section 81 of Section 82 ofSection 117 of the Act .

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13. While discussing nature and scope of election petition, the Supreme Court of India in the case of Inamati Mallappa Basappa Vs. Desai Basavaraj Ayyappa and others (AIR 1958 SC 698 ) has observed :-

" It is necessary at the outset, therefore , to understand the nature and scope of an Election Petition . As has been observed by us in the judgment just delivered in Kamaraja Thevar Vs. Kunju Thevar , CivilAppeals No. 763 & 764 of 1957 and Civil Appeal No. 48 of 1958 : ( A. I. R. 1958 SC 687) (A) :-

"An election contest is not an action at law or a suit in equity but is a purely statutory proceeding unknown to the common law and that the court possesses no common law power" .

"An election petition is not a matter in which the only persons interested are candidates who strove against each other at the elections . The public also are substantially interested in it and this is not merely in the sense that an election has news value . An election is an essential part of the democratic process . "

"An election petition is not a suit between two persons , but is a proceeding in which the constituency itself is the principal party interested ."

It has been observed in para 22 as under :-

"It is , therefore , clear that there is no power in the Election Commission to allow a petitioner to withdraw or abandon a part of his claim either by having resort to the provisions of 0.23 R. I. C. P. C. , or otherwise ..

In the case of B. S. Yadiyurappa Mahalingappa and others (2002) 1 SCC 301 it has been observed in para 8 :-

"Itis , therefore , clear , on the authorities of this Court , that those who are mentioned in Section 82 of the said Act must be made parties to an election petition and , if they are not , the election petition is one which does not comply with the provisions of Section 82 and must , therefore , be dismissed by reason of the terms of Section 86(1) ..

14. In view of Section 98 of the Act, it has been argued by the election petitioner that this court may confine his relief to the declaration with regard to election of the returned candidates only and further relief with regard to declaration of elected candidates on account of recounting may be denied .

2846

15. Section 98 is being misconstrued by the petitioner. It obliges this court to make an order in the nature mentioned in Section 98. It has no overriding effect on Section 86 which mandatorily requires this court to dismiss an election petition in case of violation of Section 81 , 82 or Section 117 of the Act . Sub- section ( 1 ) of Section 81 leaves no option to this court except to dismiss the election petition when non - compliance of Section 82 of Section 117 is found .

16. Learned counsel for the petitioner has placed reliance on the case of Jagan Nath Vs. Jaswant Singh and others (AIR 1954 SC 210)

In the case of Jagan Nath's case ( supra) it has been observed :-

"The general rule is well settled that the statutory requirements of election law must be strictly observed and that an election contest is not an action at law or a suit in equity but is a purely statutory proceeding unknown to the common- law and that the court possesses no common- law power, it is also well settled that it is a sound principle of natural justice that the success ofa candidate who has won at an election should not be lightly interfered with an any petition seeking such interference must stricly conform to the requirements of the law. None of these propositions however , has any application if the special law itself confers authority on a Tribunal to proceed with a petition in accordance with certain procedure and when it does not state the consequences of non - compliance with certain procedural requirements laid down by it .

It is always to be borne in mind that though the election to a successful candidates is not to be lightly interfered with , one of the essentials of that law is also to safeguard the purity of the election process and also to see that people do not get elected by flagrant breaches of that law or by corrupt practices . In cases where the election law does not prescribe the consequence or does not lay down penalty for non - compliance with certain procedural requirements of that law, the jurisdiction of the Tribunal entrusted with the trial of the case is not affected . "

17. It may be seen that Section 82 has been amended w.e.f. 28-8-1956 . After the said amendment , it has been made mandatory for the petitioner to join all the contesting candidates with a declaration that the petitioner himself or any other candidate has been duly elected . Consequences arising from its non - compliance are provided in sub- section ( 1 ) of Sec . 86 of the Act , which mandates the High Court to dismiss election petition if it does not contain compliance of Section 81 or Section 82 or Section 117 of the Act . Thus , the election petitioner does not get any benefit from Jagan Nath's case ( supra)

[ भाग 1

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18. In the case of Subhan Khan Vs. J. H. Patel and others ( AIR 1996 SC Karnataka 167) , the Returning Officer and District Election Officer were not found necessary parties . On the contrary, it was held in view of the decision rendered in the case of Jyoti Basu Vs. Debi Ghosal (AIR 1982 SC 983 ) that no party may be joined as a party to an election petition otherwise than as provided by Section 82 and 86 (4) of the Act .

19. In the light of the decision of Rajasthan High Court in the case of Ramdhan Vs. Bhanwarlal (AIR 1985 Raj . 185) it has been argued that the election petitioner may be permitted to delete the latter part of the relief clause .

In the case of Ramdhan ( supra) , relief clause itself wasmissing which was permitted to be added by way of amendment . It was , obviously, not in violation of statutory provision and the same may not be applicable in the present case .

20. It is further submitted that in the light of the decision rendered in the case of Har Sarup and another Vs. Brij Bhushan Saran and another ( AIR 1964 All . 340) , the petitioner may be permitted to join other contesting candiates at this juncture .

In the case of Har Sarup (supra) . It has been clearly held that the intention of the legislature was that apart from those who had already been impleaded as respondents by virtue of Sec . 82 (a) , the petitioner must have further impleaded such other candidates against whom an allegation of corrupt practice has been made even though such candidate may have retired from the election. Thus , the case of Har Sarup ( supra) is quite distinguishable and is not applicable to the present case .

21. In the result , I find that the relief contained in the relief clause of the election petition implicity contains a declaration that the petitioner himself or any other candidate has been duly elected on account of recounting sought for and the petitioner was statutorily bound by virtue of clause ( a) Section 82 of the aforesaid Act to implead all the contesting candidates in the election petition. It is furhter held that the election petition having been submitted in violation of Section 82 ( a) is liable to be dismissed as provided in sub - section ( 1 ) of Section 86 of the Representation of People Act, 1950 .

22. Accordingly, I. A. No. 9934/10 is hereby allowed and the election petition is consequently dismissed without order as to costs .

Sd/- (ABHAY M. ΝΑΙΚ) Election Judge 27-8-10.

By order, (BERNARD JOHN) Secretary, Election Commission of India .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 22 October 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2010-10-22.43.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2010-10-22.43.Ordinary.