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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 12 November 2010

Type
Ordinary
Gazette no.
46
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2010-11-12.46.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
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मध्यप्रदे श शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 46 ]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 12 नवम्बर 2010- कार्तिक 21 , शक 1932

विषय -सूची

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.- (क ) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन,

(3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक, भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4 ) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट .

(ख ) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम ,

(3) संसद् के अधिनियम,

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

(ग ) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

विधि और विधायी कार्य विभाग

भोपाल, दिनांक 29 अक्टूबर 2010

फा. क्र. 4-2002 - इक्कीस- ब ( एक ) .- राज्य शासन, इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 14 अगस्त 2002 के अनुक्रम में उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम , 1994 ( 1984 का सं. 66 ) की धारा 4 के अधीन गठित कुटुम्ब न्यायालयों में मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम -3 ( 4 ) के अन्तर्गत उच्च न्यायिक सेवा के निम्नलिखित सेवा निवृत्त न्यायिक सदस्यों को सारणी के कालम 2 एवं 3 में उल्लेखित अनुसार कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने की तिथि अथवा आगामी आदेश होने तक ( जो भी पहले हो ) एतद्वारा नियुक्त करता है.

उक्त न्यायिक अधिकारी को देय वेतन तथा भत्तों का निर्धारण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 (4 ) के अन्तर्गत होगा :-

पदस्थापना (3)

62 वर्ष की आयु पूर्ण करने की तिथि (4) अनुक्रमांक (1)

न्यायिक सदस्य का नाम (2)

31-8-2011 1 श्री चन्द्र शेखर तिवारी , से. नि. जिला न्यायाधीश

प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , इन्दौर.

9-7-2012 2 श्री सत्यनारायण शर्मा, जूनि. से. नि. जिला न्यायाधीश प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , रीवा

31-7-2012 1 श्री हेम कुमार दुबे, से. नि. जिला न्यायाधीश

अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , उज्जैन.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. मिश्रा , प्रमुख सचिव.

3133

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2010.

3134

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

गृह ( सामान्य ) विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 27 अक्टूबर 2010

क्र. एफ- 3-87-2010 -दोए ( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा सामान्य प्रशासन राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा जो दिनांक 20 जुलाई 2010 को प्रश्न-पत्र लेखा - द्वितीय ( पुस्तकों सहित ) विषय में सम्पन्न हुई थी , में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-

परीक्षार्थी का नाम

पदनाम अनु.

(1)

(2)

(3)

उच्चस्तर

जबलपुर संभाग

सहा. अधी. भू- अभिलेख 1 श्री जगदीश कुमार शर्मा

इन्दौर संभाग

सहा. अधी. भू- अभिलेख 2 श्री नरेश कुमार शर्मा

राजस्व निरीक्षक 3 श्री विजेन्द्र राठौर

4 श्री दिलीप गंगराड़े

सहा. अधी. भू- अभिलेख

भोपाल संभाग

5

नायब तहसीलदार श्री मोतीलाल अहिरवार

राजस्व निरीक्षक 6 श्री लाल सिंह राजपुत

ग्वालियर संभाग

राजस्व निरीक्षक 7 श्री लोकमणि शाक्य

राजस्व निरीक्षक 8 श्री रामनिवास शर्मा

.9 श्री अशोक कुमार सक्सेना सहा.अधी . भू- अभिलेख

राजस्व निरीक्षक 10 श्री शिवनंदन सिंह कुशवाह

राजस्व निरीक्षक 11 श्री राकेश कुमार दोड़ी

राजस्व निरीक्षक 12 श्री सुरेश यादव

सहा. अधी . भू- अभिलेख 13 श्री सामन्तलाल धाकड़

राजस्व निरीक्षक 14 श्री विमल कुमार कुलश्रेष्ठ

राजस्व निरीक्षक 15 श्री गोपाल सिंह तौमर

राजस्व निरीक्षक 16 श्री शिवदयाल शर्मा

राजस्व निरीक्षक 17 श्री मुन्नालाल गौड़

निम्नस्तर

रीवा संभाग

राजस्व निरीक्षक 1 श्री विश्वम्भर सिंह मरावी

राजस्व निरीक्षक 2 श्री मानसिंह आर्मो

3 श्री मानसिंह मेंमार

राजस्व निरीक्षक 4 श्री रामकनेश साकेत

राजस्व निरीक्षक 5 श्री भरत सिंह

राजस्व निरीक्षक 6 श्री भूवनेश्वर सिंह

(3) (1)

(2)

सागर संभाग

नायब तहसीलदार 7 श्री रमेश कुमार जैन

8 श्री उमरावसिंह ठाकुर

स. अ. भू. अ.

राजस्व निरीक्षक 9 श्री भरतलाल पाटिलकर

राजस्व निरीक्षक 10 श्री प्रेमचंद मर्सकोले

राजस्व निरीक्षक 11 श्री भगवान प्रसाद सनोडिया

इन्दौर संभाग

राजस्व निरीक्षक 12 श्री उदयसिंह ठाकुर

अधीक्षक

13 श्री माधवसिंह रावत

नायब तहसीलदार 14 श्री. जगन्नाथ सालवे

राजस्व निरीक्षक 15 श्री सुखराम गोलकर

राजस्व निरीक्षक 16 श्री राजेश जमरा

17 श्री राजेन्द्र सिंह चौहान

राजस्व निरीक्षक 18 श्री रमेश चौधरी

राजस्व निरीक्षक 19 श्री रमेश चन्द्र दोगने

राजस्व निरीक्षक 20 श्री दीपक कुमार गीते

राजस्व निरीक्षक 21 श्री सुन्दरलाल ठाकुर

राजस्व निरीक्षक 22 श्री बालचंद देवलिया

राजस्व निरीक्षक 23 श्री ओमप्रकाश पाण्डेय

राजस्व निरीक्षक 24 श्री अरविन्द पाराशर

राजस्व निरीक्षक 25 श्री रामेश्वर खेरदे

राजस्व निरीक्षक 26 श्री राजेश सरवटे

राजस्व निरीक्षक 27 श्री गजेन्द्र सिंह सोलंकी

राजस्व निरीक्षक 28 श्री रविन्द्र सिंह मण्डलोई

29 श्री शंकरसिंह कछवाहे

सहा . अधी. भू- अभिलेख

भोपाल संभाग

नायब तहसीलदार 30 श्री सुशील कुमार

डिप्टी कलेक्टर 31 श्री महिप किशोर तेजस्वी

ग्वालियर संभाग

राजस्व निरीक्षक 32 श्री विश्राम शाक्य

राजस्व निरीक्षक 33 श्री पंकज शर्मा

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अम्बरीष श्रीवास्तव, उपसचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 1 नवम्बर 2010

फा. क्र. 17 ( ई ) 51-2005- इक्कीस - ब ( एक ) .- राज्य शासन, एतद्वारा , उच्च न्यायिक सेवा के निम्नलिखित अधिकारीगण की सेवाएं, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग , मध्यप्रदेश शासन की अधिसूचना क्रमांक एफ 5-8-2007-29-2, दिनांक भाग 1 ]

3135

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

30 अक्टूबर 2010 द्वारा उनकी नियुक्ति जिला उपभोक्ता फोरम में अध्यक्ष के पद पर प्रतिनियुक्ति पर किये जाने के फलस्वरूप , अस्थाई रूप से, आगामी आदेश होने तक, उनके द्वारा उक्त पद का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग , मध्यप्रदेश शासन को सौंपता है :-

अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता फोरम, खण्डवा.

1. श्री आनन्द मोहन खरे, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, टीकमगढ़.

अध्यक्ष , जिला उपभोक्ता फोरम , सतना.

2. श्री जगदीश प्रसाद माहेश्वरी , विशेष न्यायाधीश , अनु. जा./ ज. जा. ( अत्या. निवा. ) अधि. झाबुआ.

अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता फोरम, होशंगाबाद 3. श्री लालजी प्रसाद शर्मा विशेष न्यायाधीश, अनु. जा./ ज. जा. ( अत्या. निवा. ) अधि. सीहोर.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव .

आवास एवं पर्यावरण विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 1 नवम्बर 2010

क्र. एफ- 3-48-2010- बत्तीस.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 23 " क" की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा, इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ-3-48-2010- बत्तीस, दिनांक 3 मार्च 2010 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रकाशित जबलपुर विकास योजना, 2021 में निम्नलिखित उपांतरण की पुष्टि करती है . उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार हैं :-

उपांतरण विवरण

ग्राम

क्रमांक

खसरा क्रमांक (3)

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4)

(1)

1

(2) ग्राम नन्दनी रोसरा

विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग (5) मार्केट गार्डनिंग

5.07 हेक्टेयर

66 का शेष 65/2 , 99/1, 114/3, 104 , 105 योग .. 5.07 हेक्टेयर

(2 ) उपरोक्त उपांतरण जबलपुर विकास योजना , 2021 का एकीकृत भाग होगा.

उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू- उपयोग (6) कृषि मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

वर्षा नावलेकर, उपसचिव.

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय, जिला मजिस्ट्रेट, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश

ग्वालियर, दिनांक 12 अक्टूबर 2010

क्र. क्यू- स्टेनो- एडीएम. - मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 115 के अन्तर्गत , सार्वजनिक सुरक्षा एवं सुविधा की दृष्टि से मैं, आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, जिला ग्वालियर नगर निगम सीमा ग्वालियर में निम्नलिखित मार्गों को प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक चार पहिया वाहनों/ भारी वाहनों के लिये एकांगी मार्ग घोषित करता हूँ:-

1- राममंदिर से फालका बाजार होकर छप्परवाला पुल तक के मार्ग पर चार पहिया वाहन राममंदिर के सामने से जा सकेंगे परन्तु छप्परवाला पुल की ओर से प्रवेश नहीं कर सकेंगे. इस मार्ग पर भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित होंगे.

उपरोक्तानुसार अधिरोपित प्रतिशेधों को जन सामान्य की जानकारी में लाने के लिये , मोटरयान अधिनियम , 1988 की धारा 116 के अन्तर्गत, पुलिस अधीक्षक, ग्वालियर को आदेशित किया जाता है कि उपरोक्त मार्गों पर प्रतीक चिन्ह जो मोटरयान अधिनियम तथा मोटर यान नियम, 1989 की अनुसूची में अभिलिखित है- को यथा स्थान स्थापित करवाये.

आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट.

3136

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

राज्य शासन के आदेश

राजस्वविभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 18 अक्टूबर 2010

क्र. 536 - भू-अर्जन- 2010.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभवना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को, उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्ध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

तहसील

नगर/ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टे. में )

(4) (2)

(3)

(1)

रकरी

मऊगंज

3.067 रीवा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

रकरी बांध के नहर निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री, जलसंसाधन सर्वेक्षण संभाग, जिला रीवा

(म. प्र.).

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर, जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 537 - भू- अर्जन-2010.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभवना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को, उक्त भूमि के संबंध में , उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्ध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में) (2)

(3)

(4) (1)

रीवा त्योंथर

छदहना

1.494

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

छदहना नहर निर्माण हेतु (सिंचाई एवं निस्तारी तालाब ) कार्यपालन यंत्री, जलसंसाधन सर्वेक्षण संभाग, जिला रीवा

(म. प्र.) .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर, जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

3137

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

भाग 1 ]

क्र. 538 - भू-अर्जन-2010 .- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभवना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को, उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्ध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

तहसील

जिला

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में) (2)

(3)

(4) (1)

मऊगंज

डाभी

3.033 रीवा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

लालगंज बांध के वेस्ट वियर निर्माण कार्य हेतु (सिंचाई एवं निस्तारी ) .

कार्यपालन यंत्री , जलसंसाधन सर्वेक्षण संभाग , जिला रीवा (म. प्र. ) .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर, जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 539- भू-अर्जन- 2010.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभवना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को, उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्ध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में ) (2)

(1)

(3)

(4) मऊगंज

2.042 रीवा

शिवराजपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6)

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

पिपरछत्ता बांध के नहर निर्माण कार्य हेतु ( सिंचाई एवं निस्तारी ) .

कार्यपालन यंत्री, जलसंसाधन सर्वेक्षण संभाग , जिला रीवा (म. प्र.) .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर, जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 540 - भू- अर्जन-2010 .- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभवना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी 3138

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को, उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्ध उसके संबंध में लागू होते हैं

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में )

(4)

(3)

(1) (2)

मऊगंज

1.537 रीवा

नईगढ़ी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6)

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

लालगंज बांध के नहर निर्माण कार्य हेतु ( सिंचाई एवं निस्तारी ) .

कार्यपालन यंत्री , जलसंसाधन सर्वेक्षण संभाग, जिला रीवा (म. प्र. ) .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर, जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. पी. श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बड़वानी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

बड़वानी, दिनांक 26 अक्टूबर 2010

क्र. 1688 - भू- अ- नहर - 2010 - प्र.क्र. 06 - अ - 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अंतर्गत संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम/नगर लगभग क्षेत्रफल हेक्टेयर में (2)

(4) (1)

(3)

16.941 बड़वानी कस्बा बड़वानी

बड़वानी

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6)

(2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 11 बड़वानी, जिला बड़वानी.

इंदिरा सागर परियोजना की चतुर्थ चरण की मुख्य नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का भू- अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहर ) बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 11 , बड़वानी , जिला बड़वानी के कार्यालय में कार्यालयीन समय पर अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संतोष मिश्र , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3139

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

भाग 1 ]

कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

नरसिंहपुर, दिनांक 28 अक्टूबर 2010

रा.मा. क्र. 01 - अ- 82 - वर्ष 2010-11 - पत्र क्र. 567- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टे.) (1) (2)

(4)

(3)

0.995 नरसिंहपुर गोटेगांव भामा प.ह.नं. 41

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर नरसिंहपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा (2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

स्वामी सागर जलाशय हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , नरसिंहपुर.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विवेक पोरवाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

छतरपुर, दिनांक 28 अक्टूबर 2010

क्र. 15-अ- 82- भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : - तहसील

जिला

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

(4)

7.524 छतरपुर छतरपुर काशीपुरा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

अनुविभागीय अधिकारी ( भू- अर्जन ) छतरपुर, जिला छतरपुर ( म. प्र. ) .

मामौन तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु अर्जित भूमि.

भू- अर्जन के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी, छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

3140

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

क्र. 16-अ- 82 - भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

(4)

3.014 छतरपुर छतरपुर

नंदगाय (खुर्द)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का

वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

मामौन तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु अर्जित भूमि.

अनुविभागीय अधिकारी ( भू- अर्जन ) छतरपुर, जिला छतरपुर (म. प्र. ) .

भू-अर्जन के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 17- अ- 82 - भू-अर्जन 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(3)

(4) (1)

खैरो

12.232 छतरपुर

छतरपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

अनुविभागीय अधिकारी ( भू- अर्जन ) छतरपुर , जिला छतरपुर ( म. प्र. ) . मामौन तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु अर्जित भूमि.

भू-अर्जन के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 17 - अ-82 - भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(3)

(1)

(4)

11.484

रमपुरा

छतरपुर

छतरपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

मामौन तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु अर्जित भूमि.

अनुविभागीय अधिकारी ( भू- अर्जन ) छतरपुर, जिला छतरपुर ( म. प्र. ) .

भू- अर्जन के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

3141

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

भाग 1 ]

क्र. 18 - अ-82 - भू- अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

(4)

10.540

हिम्मतपुरा

छतरपुर छतरपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

अनुविभागीय अधिकारी ( भू- अर्जन ) छतरपुर, जिला छतरपुर ( म . प्र. ) . गोंची तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु अर्जित भूमि.

भू- अर्जन के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 19- अ- 82 - भू-अर्जन- 2010-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)

(3)

(4) (1)

28.590

गोंची

छतरपुर

छतरपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

गोंची तालाब योजना एवं नहर निर्माण हेतु अर्जित भूमि.

अनुविभागीय अधिकारी ( भू- अर्जन ) छतरपुर , जिला छतरपुर ( म. प्र. ) .

भू-अर्जन के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 20 - अ- 82- भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4) (2)

(3)

(1)

3.110

छिरावल

छतरपुर छतरपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

गोंची तालाब योजना एवं नहर निर्माण हेतु अर्जित भूमि.

अनुविभागीय अधिकारी ( भू- अर्जन ) छतरपुर, जिला छतरपुर ( म. प्र. ) .

भू-अर्जन के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू- अर्जन अधिकारी, छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

3142

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

क्र. 21 - अ- 82 - भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का भूमि का वर्णन

वर्णन तहसील

जिला

ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(1)

(5)

(6) (2)

(3)

(4)

2.600

मातगुवां

छतरपुर छतरपुर

अनुविभागीय अधिकारी ( भू- अर्जन ) छतरपुर, जिला छतरपुर ( म. प्र. ) . गोंची तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु अर्जित भूमि.

सकता है . भू-अर्जन के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , छतरपुर के कार्यालय में किया जा

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

खण्डवा, दिनांक 28 अक्टूबर 2010

प्र. क्र. 3 - अ- 82-2009-2010.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल

जिला तहसील

ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

हेक्ट. में

(6)

(5)

(1) (2)

(3)

(4)

खण्डवा

बोरीबांदरी

हरसूद

इंदिरा सागर परियोजना में डूब में आने के कारण.

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्र . 13 , खंडवा

शासकीय अतिक्रमित भूमि रकबा 10.26

नोट. - भूमि के नक्शे व प्लान आदि ( 1 ) कार्यालय कलेक्टर , जिला खण्डवा, ( 2 ) कार्यालय कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 13 , खण्डवा, ( 3 ) कार्यालय , भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना क्र. 1 , खण्डवा में देखा जा सकता है .

खण्डवा, दिनांक 30 अक्टूबर 2010

प्रकरण क्र. 1 - अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता भाग 1 ]

3143

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल हेक्ट. में (1) (2)

(3)

(4) खण्डवा हरसूद

बलड़ी

निजी भूमि 0.50 हेक्टर उक्त भूमि पर कोई परिसम्पत्ति नहीं है .

नोट.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 , खण्डवा.

इंदिरा सागर परियोजना के पूर्ण जलस्तर पर डूब से प्रभावित होने के कारण .

- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय , कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 , खण्डवा एवं कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना, एन . एच. डी. सी. , खण्डवा क्रमांक 5 में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

झाबुआ, दिनांक 29 अक्टूबर 2010

क्र. 3102 - भू-अर्जन- 2010- रा.प्र . क्र. अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

(1)

(3)

लगभग क्षेत्रफल हेक्टर में (4) (2)

1.00 हेक्टर पेटलावद पटेल नाका

झाबुआ

योग .. 1.00 हेक्टर

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6)

(2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री , जलसंसाधन संभाग, क्र. 1 , झाबुआ

पटेल नाका तालाब के निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शोभित जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3144

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

कार्यालय , प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 29 अक्टूबर 2010

क्र. 1179 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का विवरण

नगर/ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) 5.421 (2) सिरमौर

(1) रीवा

(3) तेंदुन

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा (2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा ( म. प्र. )

(6) सिरमौर वितरक नहर की हटवा माइनर एवं सब -माइनर नहर की 5.421 हे. में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1181 - भू-अर्जन.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) 8.342 (1) रीवा

(2) सिरमौर

(3) बैकुन्ठपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा (2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , रीवा ( म. प्र. )

(6) सिरमौर वितरक नहर की हटवा माइनर एवं सब - माइनर नहर की 8.342 हे. में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1183 - भू-अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित भाग 1 ]

3145

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का विवरण

लगभग क्षेत्रफल

नगर/ग्राम

जिला तहसील

(हे. में) (2)

(3)

(1)

(4)

3.157 सिरमौर सौर कोठार

रीवा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का धारा 4 की उपधारा

वर्णन

(2) द्वारा

प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग, रीवा ( म. प्र.)

सिरमौर वितरक नहर की हटवा माइनर एवं सब - माइनर नहर की 3.157 हे. में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1185 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का विवरण

नगर/ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(3)

(4) (1) (2)

5.463 रीवा सिरमौर हटवा कोठार

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का धारा 4 की उपधारा

वर्णन

(2) द्वारा

प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा ( म. प्र. )

सिरमौर वितरक नहर की हटवा माइनर एवं सब- माइनर नहर की 5.463 हे . में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1187 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का विवरण

नगर/ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हे. में )

(3)

(1) (2) रीवा

(4) 4.675 सिरमौर पाली पवाई

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन का

वर्णन

(2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , रीवा ( म. प्र. )

सिरमौर वितरक नहर की हटवा माइनर एवं सब- माइनर नहर की 4.675 हे. में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1189 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी 3146

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है , राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(4)

(3)

2.40 रीवा सिरमौर सगोना कोठार

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का धारा 4 की उपधारा

वर्णन

(6)

(2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग , रीवा (म. प्र. )

सिरमौर वितरक नहर के अन्तर्गत दुलहरा माइनर के निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का नरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1191 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती हैं, राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का विवरण

नगर/ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(4) 7.0 (2) सिरमौर

(3) बेलवा कोठार

(1) रीवा

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(2) द्वारा

प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग, रीवा ( म. प्र. )

(6) सिरमौर वितरक नहर के अन्तर्गत दुलहरा माइनर के निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1193 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों केके अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती हैं . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(4) 12.82

(3) पटेहरा कोठार

(2) सिरमौर

(1) रीवा

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(2) द्वारा

प्राधिकृत अधिकारी

(6) क्योटी नहर प्रणाली निर्माण हेतु कटकी शाखा नहर निर्माण.

(5) कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा (म. प्र. )

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1195 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती हैं. राज्य शासन , इसइसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(4) 3.18 (1) रीवा

(2) सिरमौर

(3) डिहिया पैपखार

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) क्योटी नहर प्रणाली निर्माण हेतु कटकी शाखा नहर निर्माण.

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा ( म. प्र. )

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

3147

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

क्र. 1197 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती हैं , राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(4)

(3)

रीवा सिरमौर पटना कोठार

2.44

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का धारा 4 की उपधारा

वर्णन

(2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा ( म. प्र. )

क्योटी नहर प्रणाली निर्माण हेतु कटकी शाखा नहर निर्माण.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1199 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती हैं , राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(3)

(1) (2)

(4) रीवा सिरमौर उमरी कोठार

6.848

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का धारा 4 की उपधारा

वर्णन

(2) द्वारा

प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर सम्भाग , जिला रीवा ( म. प्र. )

सिरमौर वितरक नहर निर्माण हेतु 6.848 हेक्टयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1201 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती हैं, राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4)

खैरहन

रीवा सिरमौर

0.14 हे.

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(2) द्वारा

प्राधिकृत अधिकारी (5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर सम्भाग , रीवा ( म . प्र. )

सिरमौर वितरक नहर के अन्तर्गत दुलहरा माइनर के निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

3148

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

क्र. 1203 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती हैं, राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(1)

(3)

(4) सिरमौर

2.5 रीवा

सपहा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का धारा 4 की उपधारा

वर्णन

(2) द्वारा

प्राधिकृत अधिकारी (5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर सम्भाग , रीवा ( म. प्र. )

सिरमौर वितरक नहर के अन्तर्गत दुलहरा माइनर के निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1205 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती हैं, राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (2)

(1)

(3)

(4) रीवा

तिलखन

सिरमौर

4.052

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(2) द्वारा

(6)

प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग, रीवा ( म. प्र.)

सिरमौर वितरक नहर का रिमारी माइनर एवं सब माइनर नहर की 4.052 हे. में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1207 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती हैं , राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम

(2)

(3)

(1)

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) सिरमौर

रीवा

2.497

फरहद कोठार

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का धारा 4 की उपधारा

वर्णन

(6)

(2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा ( म. प्र. )

सिरमौर वितरक नहर की रिमारी माइनर एवं सब माइनर नहर की 2.497 हे. में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों काअर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भाग 1 ]

3149

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

क्र. 1209 - भू- अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती हैं, राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

नगर/ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(4) (1) (2)

(3)

रीवा सिरमौर

3.12हे.

हिनौता प. प. भगवानराम

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का धारा 4 की उपधारा

वर्णन

(2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग , रीवा ( म. प्र. )

सिरमौर वितरक नहर की रिमारी माइनर एवं सब माइनर नहर की 3.12 हे. में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1211 - भू- अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती हैं , राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) सिरमौर (2)

(1) रीवा

(4) 1.045 हे.

(3) नकटा पवाई

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का धारा 4 की उपधारा

वर्णन

(2) द्वारा

प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा ( म. प्र. )

सिरमौर वितरक नहर की रिमारी माइनर एवं सब माइनर नहर की 1.045 हे. में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1213 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती हैं, राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

(3) डेल्ही कोठार

(2) सिरमौर

रीवा (1)

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) 5.40 हे.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का धारा 4 की उपधारा

वर्णन

(6)

(2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , रीवा ( म. प्र. )

सिरमौर वितरक नहर की रिमारी माइनर एवं सब माइनर नहर की 5.40हे . में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

3150

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

क्र. 1215 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती हैं, राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

नगर/ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(3)

(1) (2)

(4) सिरमौर

4.329 हे.

रीवा

फरहद जागीर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का धारा 4 की उपधारा

वर्णन

(6)

(2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , रीवा ( म. प्र. )

सिरमौर वितरक नहर की रिमारी माइनर एवं सब माइनर नहर की 4.329 हे. में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों काअर्जन .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1217 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती हैं, राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

तहसील

जिला

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(3) रिमारी कोठारी

सिरमौर (2)

(1) रीवा

(4) 6.802 हे.

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन का

वर्णन

(2) द्वारा

प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा ( म . प्र. )

सिरमौर वितरक नहर की रिमारी माइनर एवं सब माइनर नहर की 6.802 हे. में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1219- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती हैं, राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का विवरण

नगर/ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) रीवा

(4) 5.50हे .

(3) पथरी पवाई

(2) सिरमौर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का धारा 4 की उपधारा

वर्णन

(6)

(2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा ( म. प्र. )

सिरमौर वितरक नहर की रिमारी माइनर एवं सब माइनर नहर की 5.50 हे. में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भाग 1 ]

3151

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

रीवा, दिनांक 2 नवम्बर 2010

क्र. 1229 - भू- अर्जन- कार्य- 200.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती हैं. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , कार्यों की उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की धारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

लगभग क्षेत्रफल जिला तहसील

ग्राम

(1) सतना

(3) अबेर कोठार

(4) 4.790 हेक्टेयर (2) रामपुर बघेलान

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा (म. प्र.)

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत वितरिका नहर निर्माण में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1231 - भू-अर्जन- कार्य- 200.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती हैं. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , कार्यों की उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की धारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

जिला

लगभग क्षेत्रफल तहसील

भूमि का विवरण ग्राम

(4) 10.890 हेक्टेयर (2) रघुराज नगर

(3) माधौपुर

(1) सतना

अनुसूची

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)

(5) कार्यपालन यंत्री , बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा (म. प्र.)

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत वितरिका नहर निर्माण में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1233 - भू-अर्जन- कार्य- 200.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती हैं. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को 3152

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , कार्यों की उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की धारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) (2)

(1)

(3)

सतना

34.11

विहरा कोठार

रामपुर बघेलान

अनुसूची

धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा (म. प्र.)

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत वितरिका नहर निर्माण में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1235 - भू-अर्जन- कार्य- 200.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा, संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती हैं. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , कार्यों की उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की धारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम

(2)

(1)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4)

1.470 सतना

करहीखुर्द

रामपुर बघेलान

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6)

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा (म. प्र.)

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत वितरिका नहर निर्माण में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1237 - भू-अर्जन- कार्य- 200.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा, संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती हैं. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , कार्यों की उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की धारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2)

(4) सतना

(3) करही कोठार

8.870 रामपुर बघेलान

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा (म. प्र. )

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत वितरिका नहर निर्माण में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

3153

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

भाग 1 ]

क्र. 1239 - भू- अर्जन- कार्य- 200.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को , इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती हैं. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , कार्यों की उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की धारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(3)

(1)

(4)

7.060 सतना रामपुर बघेलान

टिकुरी पैपखार

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा (म. प्र.)

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत वितरिका नहर निर्माण में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1241 - भू-अर्जन- कार्य- 200.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती हैं. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , कार्यों की उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की धारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(3)

(1) (2)

(4)

14.620 सतना

देवरा कोठार

रघुराज नगर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6)

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री , बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा (म. प्र.)

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत वितरिका नहर निर्माण में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव .

3154

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

सागर, दिनांक 30 अक्टूबर 2010

प्र. क्र. 01 - अ - 82-2010-2011- क प्र भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन जिला तहसील

ग्राम

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल

कुल रकबा

हे. में

(1)

(2)

(3)

कुल खसरा नं. (4)

25

धबोली

सागर

बण्डा

(7)

(5)

(6)

21.15 कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , सागर

धबोली जलाशय के डूब क्षेत्र बांध स्थल एवं स्पिल चेनल के निर्माण हेतु.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय , बण्डा में देखा जा सकता है.

क्र. क - 10893 - प्र. भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती हैं कि राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल

जिला तहसील

ग्राम

कुल खसरा नं.

(2)

(3)

(1)

(4) देवरी

153 सागर

जैतपुर गंगई

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

कुल रकबा हे. में

(7)

(5)

(6)

172.89 कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म. प्र. )

देवरी विकासखंड के अंतर्गत समनापुर जलाशय

के शीर्ष कार्य ( बांध ) निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनीष श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

3155 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

कार्यालय , कलेक्टर , जिला रायसेन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रायसेन, दिनांक 1 नवम्बर 2010

क्र. 9865-09-10 - प्रकरण क्रमांक 4-अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इससे, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

का वर्णन जिला तहसील

ग्राम

ख. नं.

कुल रकबा

द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित किया गया रकबा

(2) (3)

(6)

(7)

(8) (1)

(4)

(5)

59/1/1

1.604

1.604

हलाली परियोजना रायसेन रायसेन नीनोद

0.405

0.405

331/2

2.009

2.009

योग

कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. 2 , विदिशा.

के जल स्तर को बढ़ाने हेतु भू-अर्जन.

0.506

59/1/2

0.506

0.809

331/1

0.809

0.174

324

0.174

0.178

325

0.178

1.667

1.667

योग

60/1

1.500

1.500

0.210

0.210

317

1.710

1.710

योग

1.350

65/1/2

1.350

1.214

1.214

69/2

70

1.989

1.989

0.073

318

0.073

316

0.117

0.117

322

0.154

0.154

314

0.061

0.061

0.154

323

0.154

0.559

0.559

योग .

0.081

0.081

277

0.295

326

0.295

327

0.267

0.267

328

0.271

0.271

275

0.101

0.101

276

0.162

0.162

315

0.138

0.138

1.315

1.315

योग ..

3156

(2) (3)

(4) (1)

273/2/3

273/2/4

273/2/5

273/2/6

71

72

योग

329/1

329/2

330/1

योग .

330/2

333

334/1

273/2/7

273/2/8

292/1

295

309

योग .

296/1

280/1

योग .

296/2

280/2

योग .

297

298

306

467

468/1

योग

299

301

302

308

योग .

469/1/2

303

304

307

466

471

472

योग .

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

(8) (6)

(7)

(5)

0.544

0.544

0.547

0.547

0.547

0.547

0.547

0.547

1.214

1.214

3.642

0.100

4.856

1.314

1.432

1.432

0.405

0.405

1.092

1.092

1.497

1.497

1.619

1.619

1.348

1.348

1.689

1.689

0.547

0.547

0.547

0.547

0.162

0.162

0.206

0.206

0.077

0.077

0.283

0.283

0.079

0.079

0.024

0.024

0.103

0.103

0.079

0.079

0.025

0.025

0.104

0.104

0.045

0.045

0.065

0.065

0.024

0.024

0.174

0.174

4.088

4.088

4.396

4.396

0.113

0.113

0.061

0.061

0.045

0.045

0.020

0.020

0.065

0.065

3.279

3.279

0.041

0.041

0.065

0.065

0.020

0.020

0.178

0.178

0.134

0.134

0.866

0.866

4.583

4.583 भाग 1 ]

(1) (2) (3)

(4)

310

278

312

313

योग .

119/1

119/2

119/3

123

125/1

127

योग

125/2

128

योग

131/1

469/1/1

470/1

489/1/1

490/1/1

योग ..

489/1/2

489/2

490/1/2

499/2

योग .

490/2

499/1

योग .

491

500/1

500/2

कुल योग

40 रायसेन रायसेन कायमपुर

44/1

72/1

112/1/2

115

114/1

योग

3157

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

(8)

(7)

(6)

(5)

0.150

0.150

0.041

0.041

0.263

0.263

0.105

0.105

0.368

0.368

2.086

0.500

0.500

2.000

2.000

0.400

0.500

3.189

0.625

0.010

0.348

0.348

0.358

0.973

0.880

0.050

0.093

0.093

0.143

0.973

0.365

0.365

0.809

0.809

6.635

6.635

0.283

0.283

0.607

0.607

0.890

0.890

1.214

1.214

1.500

1.500

0.045

0.045

0.632

0.632

0.677

0.677

0.651

0.651

2.200

1.000

2.851

1.651

0.372

0.372

1.214

1.214

2.459

2.459

54.607

68.169

1.627

0.209

6.127

1.000

1.619

1.619

1.651

1.651

0.809

0.809

1.214

1.214

2.112

2.112

3.326

3.326 3158

(3)

(2)

(4) (1)

125

126

127/1/1

127/2

127/3

128

195

196

199

योग

129/1

235/1/1

योग

129/2

132

137

योग

133

134/1

134/2

177

187

190

192

योग

218/1

240

242/1

219/5

219/6

योग

219/3/1

219/3/2

219/4

229/2

232/1

242/2

योग

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

(8) (5)

(6)

(7)

1.214

1.214

0.514

0.514

0.809

0.809

1.359

1.359

1.364

1.364

4.488

5.488

0.142

0.142

0.085

0.085

0.255

0.255

4.970

5.970

1.323

1.323

1.347

1.347

2.670

2.670

1.214

0.800

1.056

1.056

1.214

0.600

1.656

2.270

3.726

3.726

1.491

1.491

1.492

1.492

0.894

0.594

0.700

1.447

0.050

0.134

1.170

0,400

0.450

1.304

1.214

1.214

0.089

0.089

0.202

0.202

1.700

1.700

0.193

0.193

3.398

3.398

0.850

0.200

0.200

0.850

0.708

1.708

0.809

0.809

0.405

0.405

1.295

0.695

1.700

1.100 3159 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

(8)

(6)

(7)

(2) (3)

(4)

(5)

(1)

232/2

0.809

0.809

239

0.263

0.263

1.072

1.072

योग .

1.334

235/1/2

1.334

1.347

1.347

235/1/3

4.047

235/2

4.047

0.939

235/3/1

0.939

0.939

0.939

235/3/2

0.942

235/3/3

0.942

0.943

0.943

235/3/4

236/1/1

1.922

1.922

236/1/2

1.923

1.923

0.250

0.250

237

2.173

2.173

योग

1.505

238

1.505

241

0.113

0.113

2.740

4.573

243/3

243/4

1.053

4.453

243/2/2/2

0.300

0.809

243/2/2/1

2.834

1.130

243/1/2/1

0.640

1.618

1.770

योग

4.452

243/1/2/2 0.405

0.405

0.809

2.024

243/1/1

0.282

0.282

243/1/3

86.486

63.473

कुल

0.687

0.687

32/1

रायसेन रायसेन खेजड़ा

1.214

1.214

33/2

1.901

1.901

योग ..

1.214

1.214

33/1

1.214

35

1.214

4.329

कुल योग 4.329

122.409

महायोग 158.984

नोट. - भूमि का नक्शा कार्यपालन यंत्री सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. 2, विदिशा के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. एल. मीना, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3160

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

कार्यालय , कलेक्टर, जिला इन्दौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

इन्दौर, दिनांक 2 नवम्बर 2010

क्र. 892 - भू- अर्जन- सांवेर-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2)

(3)

(1)

(4) सांवेर

0.063 इन्दौर

हरियाखेड़ी

योग : 0.063

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

ग्राम उजालिया के समीप गंभीर नदी पर पुल निर्माण के पहुंच मार्ग निर्माण बाबद.

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( सेतु निर्माण ) , संभाग इन्दौर.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , तहसील सांवेर, जिला इन्दौर के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 3748 - भू- अर्जन- सांवेर- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2)

(3)

(4) (1)

सांवेर

0.539 इन्दौर

जैतपुरा

योग : 0.539

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

अधीक्षण यंत्री ( सिविल ) म.प्र. पा.ट्रा. क.लि. जी.पी.एच. पोलोग्राऊण्ड, इन्दौर.

220 के.व्ही. उपकेन्द्र इन्दौर (द्वितीय ) ग्राम जैतपुरा के विस्तार हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , तहसील सांवेर , जिला इन्दौर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राघवेन्द्र सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

3161

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग धार, दिनांक 23 अक्टूबर 2010

क्र. 1814- भू-अर्जन-10 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि ( निजी स्वामित्व ) की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- धार

(ख ) तहसील- मनावर

(ग ) ग्राम- दगड़पुरा

( घ) लगभग क्षेत्रफल-300 वर्ग मीटर

खसरा नंबर (1) 20/2

अर्जित रकबा ( वर्गमीटर में ) (2) 300 योग 300

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- सरदार सरोवर परियोजना ( अंतर्राज्यीय प्रोजेक्ट ) में पहुंच मार्ग से प्रभावित होने से.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , जिला धार एवं भू- अर्जन अधिकारी, सरदार सरोवर परियोजना मनावर एवं कार्यपालन यंत्री लो. नि. वि. न. घा. वि.प्रा . मान जोबट संभाग कुक्षी जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 1963 - भू- अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि ( निजी स्वामित्व ) की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- धार

(ख ) तहसील- मनावर

(ग) ग्राम- पटवार

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1900 वर्ग मीटर खसरा नंबर (1) 57/1/275 59 योग . अर्जित रकबा ( वर्गमीटर में ) (2) 1000 900 1900

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- सरदार सरोवर परियोजना ( अंतर्राज्यीय प्रोजेक्ट) में पहुंच मार्ग से प्रभावित होने से.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , जिला धार एवं भू- अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना मनावर एवं कार्यपालन यंत्री लो. नि. वि. न. घा. वि.प्रा . मान जोबट संभाग कुक्षी जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर , दिनांक 30 सितम्बर 2010

क्र. 9938 - क- प्र. भू-अर्जन-अ-82- वर्ष 09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन अशासकीय भूमि का अर्जन (क) जिला- सागर

(ख) तहसील- सागर

(ग ) ग्राम- मोकलपुर एवं करैया

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-4.39 हे .

मोकलपुर

खसरा नंबर

अर्जित रकबा ( हेक्टर में )

(2) 0.04 0.09 0.05

(1) 82 81 88 3162

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

(2)

(1)

75

0.08

78

0.11

94

0.13

100

0.15

115

0.18

116

0.07

118

0.23

101

0.08

117

0.10

120

0.03

130/1

0.09

131/1

0.16

132/2

0.11

133/1

0.05

133/3

0.05

133/2

0.05

134/1

0.41

40/1

0.40

0.17

37

40/2

0.02

40/3

0.04

36

0.11

32/2

0.14

474

0.02

477/1

0.22

490/2

0.22

493

0.11

492

0.12

487

0.13

536

0.08

533

0.28

532

0.16

531

0.12

0.07

552

0.08

553/2

योग . 4.39

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- मोकलपुर जलाशय योजना के नहर कार्य हेतु द्वारा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 1 सागर .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) सागर के कार्यालय में किया जा सकता है .

[भाग 1 क्र. 9953 - क- प्र. - भू-अर्जन-अ- 82- वर्ष 09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सागर

(ख) तहसील- सागर

(ग) नगर/ग्राम- शोभापुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.48 हे.

खसरा नंबर

रकबा ( हेक्टर में )

(2)

(1)

162/1

0.08

0.38

169

170

0.02

0.48

योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- सागर - बरेली - सुलतानगंज मार्ग योजना हेतु भू-अर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी सागर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , मनीष श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बुरहानपुर मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग बुरहानपुर, दिनांक 15 अक्टूबर 2010

राजस्व प्र . क्र. 04-अ- 82-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- बुरहानपुर भाग 1 ]

3163

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

(ख) तहसील- खकनार

( ग) ग्राम- रंगई एवं शेखापुर ( खिड़की तालाब योजना के नहर कार्य हेतु) .

(घ) लगभग क्षेत्रफल-9.16 हे .

ग्राम-रंगई

खसरा नंबर

अर्जित रकबा ( हेक्टर में ) (1)

(2)

338/2

0.08

338/1

0.43

336/1

0.09

336/2

0.19

0.10

315/2

315/3

0.08

0.05

315/1

316/2

0.08

316/3

0.14

316/1

0.08

0.34

326/2

326/1

0.31

471

0.35

0.20

473/3

473/4

0.20

473/5

0.05

331/1

0.25

331/2

0.27

3.29

योग

ग्राम-शेखापुर

168/1

0.10

168/2

0.10

169/2

0.27

167/1

0.06

167/2

0.15

167/3

0.03

149/2

0.17

149/1

0.32

145

0.10

0.09

144/1

143

0.09

142

0.09

141

0.36

131/1

0.30

173/3

0.55

180/4

0.27

180/3

0.07

(2)

(1)

0.15

180/2

180/1

0.10

181/3

0.19

181/2

0.19

0.10

181/1

89

0.85

0.15

90/3

0.17

90/2

95/2

0.12

0.30

95/1

22/1

0.30

0.03

19

0.10

5.87

योग ..

9.16

महायोग ..

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- ग्राम रंगई एवं शेखापुर खिड़की तालाब योजना के नहर कार्य से प्रभावित रकबा का भू-अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी नेपानगर/ कार्यपालन यंत्री जलसंसाधन संभाग , बुरहानपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रेनु पंत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग ग्वालियर, दिनांक 28 अक्टूबर 2010

प्र. क्र. 16- अ-82-09-10- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-ग्वालियर

(ख ) तहसील-ग्वालियर 3164

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

(ग) नगर/ग्राम- जिंसी खाम

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.715 हे .

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

39

0.470

40

0.270

42

1.060

59

0.899

0.116

57

0.084

60

61

0.063

63

0.283

35

0.120

23

0.300

20

0.050

3.715

योग ..

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- हरसी उच्च स्तरीय मुख्य नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग शाजापुर, दिनांक 29 अक्टूबर 2010

क्र. भू- अर्जन- 2010-641 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में उल्लेखित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- शाजापुर

( ख ) तहसील- शुजालपुर

(ग ) ग्राम- भ्याना जादौपुर , भादाहेडी

(घ ) क्षेत्रफल - ग्राम भ्याना जादौपुर 0.784 हे.

ग्राम भादाहेडी 0.617 हे .

कुल रकबा 1.401 हे.

ग्राम- भ्याना जादौपुर

खसरा नंबर

अर्जित रकबा ( हेक्टर में )

(2)

(1)

345

0.219

344

0.157

343/3

0.105

0.052

341/4

343/1

0.052

343/2

0.115

343/5

0.021

317/1

0.063

0.784

योग ..

ग्राम- भादाहेडी

0.450

33

32

0.167

0.617

योग

कुल योग .. 1.401

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- भ्याना- शुजालपुर मार्ग पर निर्माणाधीन पुल एवं पहुंच मार्ग हेतु भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सोनाली एन. वायंगणकर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला झाबुआ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग झाबुआ , दिनांक 29 अक्टूबर 2010

क्र. 3100 - भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के भाग 1 ]

3165

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- झाबुआ

(ख ) तहसील- पेटलावद

(ग ) ग्राम- तम्बोलिया ( नहर )

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.63 हे . निजी भूमि सर्वे नम्बर

अर्जित रकबा ( हेक्टर में ) (1)

(2)

0.20

88

0.36

91

90

0.07

0.63

योग .

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- तम्बोलिया तालाब के नहर निर्माण होने से ग्राम तम्बोलिया का कुल रकबा निजी भूमि 0.63 हेक्टर.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 3104- भू-अर्जन-2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- झाबुआ

(ख) तहसील - पेटलावद

(ग ) ग्राम- कुम्भाखेडी ( नहर )

(घ ) लगभग क्षेत्रफल 5.06 हे . निजी भूमि

सर्वे नम्बर

अर्जित रकबा ( हेक्टर में ) (1)

(2)

58

0.03

59

0.14

645/1

0.05

(1)

(2)

223/2

0.08

0.02

597/6

598

0.08

608

0.10

229

0.18

0.03

233

580

0.08

0.02

297/4

616/2

0.02

0.16

623

0.04

223/3

597/1

0.02

606/1

0.01

634

0.02

0.04

586

0.01

618/1

0.01

203

280

0.02

0.06

282

287

0.03

240

0.28

581

0.03

393/3

0.04

428

0.10

432/2

0.04

0.13

609

614/1

0.06

571/1

0.01

572/2

0.08

0.01

291

0.01

425

223/1

0.08

0.02

597/2

129

0.03

597/4

0.02

606/2

0.03

0.05

607

0.10

222/1 3166

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

(2)

(1)

0.05

390

669

0.03

644/2

0.06

624

0.30

0.08

393/2

0.10

613

0.10

614/2

0.08

589

599

0.01

328/4

0.04

585

0.04

668

0.01

0.02

597/3

615

0.13

0.03

616/1

0.20

631

0.08

632

0.13

429

595

0.10

124

0.04

125

0.10

591

0.02

0.08

426

0.03

433

578

0.06

646

0.12

328/1

0.03

328/5

0.01

427

0.08

434

0.03

204

0.02

227

0.16

241

0.12

399/3

0.17

579

0.03 5.06

योग ..

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- तम्बोलिया तालाब के नहर निर्माण होने से ग्राम कुम्भाखेड़ी का कुल रकबा निजी भूमि 5.06 हेक्टर .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, पेटलावद के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 3106 - भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- झाबुआ

(ख ) तहसील- पेटलावद

(ग) ग्राम- कुम्भाखेडी ( स्पील )

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.23 हेक्टयर निजी भूमि.

सर्वे नम्बर

अर्जित रकबा ( हेक्टर में )

(2) 0.23

(1) 9

योग 0.23

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- तम्बोलिया तालाब के स्पील निर्माण होने से ग्राम कुम्भाखेड़ी का कुल रकबा निजी भूमि 0.23 हेक्टर.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , शोभित जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 29 अक्टूबर 2010

क्र. 1175 - भू-अर्जन- कार्य- 200.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील- हुजूर

(ग) नगर/ ग्राम- रहट ( रहट माइनर )

(घ) लगभग क्षेत्रफल-10.679 हेक्टर

खसरा

अशासकीय भूमि शासकीय भूमि नम्बर

(हे. में)

(हे. में) (1)

(2)

(3)

0.169

1884

1885

0.263

1886

0.137

1887

0.098

0.477

1888

1889

0.031

1890

0.047

1891

0.226

1902

0.141

1903

0.078

1901

0.003

0.252

1904

1853

0.016

1854

0.008

1852

0.127

1357

0.073

1356

0.134

1358

0.016

1359

0.039

1363

0.395

1362

0.121

1562

0.024

1559

0.276

1558

0.201

1556

0.096

1557

0.008

1555

0.019

3167

(2)

(1)

(3) 1553

0.032

1554

0.272

1548

0.039

1542

0.032

0.022

1543

0.055

1544

1538

0.031

1537

0.057

1531

0.125

0.351

1528

1522

0.100

0.041

1523

0.004

1524

1521

0.016

1520

0.044

1517

0.125

1516

0.100

1483

0.008

1484

0.294

1485

0.013

0.085

1486

1487

0.038

1467

0.002

1607

0.059

1631

0.038

0.029

1632

1629

0.032

1628

0.036

1636

0.032

0.042

1637

1638

0.034

1635

0.028

1680

0.014

0.201

1681/2

0.098

168/1

0.047

1682/1

0.080 1682/2

1683

0.179 3168

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

(1)

(2)

(3) 1666

0.118

0.102

1665

0.077

1661

1662

0.003

1639

0.075

0.025 1701

0.009

1702

1704

0.071

1703

0.050

0.117

680

0.110

679

681/2

0.002

682

0.063

678/2

0.110

678/1

0.013 685

0.050

675

0.065

676

0.002

674

0.063

673

0.063

672

0.063

671

0.005

670

0.044

0.125

665/1

665/2क

0.049

665/2ख

0.002

661

0.002

660

0.039

666

0.081

667

0.073

0.125

707

708

0.043

710

0.003

711

0.122

712

0.226

70

0.039

69

0.025

0.063

68

67

0.125

0.013

66

65

0.213

(1)

(2)

(3) 64

0.013

63

0.376

61

0.098

0.008

59

95

0.157

96

0.013

99/1

0.373

100

0.063

101/1

0.013

0.013

50

51

0.053

0.073

1686

योग .. 10.679

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली चचाई वितरण नहर के रहट माइनर/सबमाइनर अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1177 - भू-अर्जन- कार्य- 200.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील- हुजूर

(ग) नगर/ ग्राम- हर्दी 633 ( रहट सबमाइनर नं . 1 ) (घ) लगभग क्षेत्रफल-5.288 हेक्टर .

खसरा

नम्बर

अशासकीय भूमि (हे. में)

(2)

शासकीय भूमि (हे. में) (3) (1)

1249

0.306

1248

0.075

1255

0.019 भाग 1 ]

3169

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

(1)

(2)

(3) 1247

0.086

1246

0.477

1245

0.063

1242

0.165

1176

0.235

1177

0.133

1178

0.006

1230

0.063

1228

0.071

1223

0.002

1224

0.110

1211

0.094

1210

0.012

1208

0.002

1199

0.336

1200

0.051

0.251

1201

1015

0.002

1016

0.102

0.069

1017

1012

0.085

0.002

1019

1010

0.094

1008

0.002

1009

0.071

0.002

1006

993

0.078

0.002

1001

998

0.002

1000

0.063

999

0.078

1037

0.106

0.002

1038

0.047

1041

1042

0.039

748

0.118

0.094

749

0.035

746

0.098

745

744

0.051

743

0.098

0.110

684

629

0.031

630

0.019

628

0.004

(3)

(2)

(1)

627

0.038

0.056

626

615

0.071

0.006

616

0.013

612

593

0.009

592

0.118

591

0.035

0.002

595

0.020

587

586

0.031

585

0.141

0.016

583

0.016

584

582

0.008

0.078

581

580

0.063

567

0.008

0.078

568

0.165

569

570

0.008

0.047 571

450

0.157

0.235

449

5.288

योग .

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली चचाई वितरण नहर के रहट माइनर/सबमाइनर अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1246- प्रका- भू-अर्जन-10-11. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- हुजूर 3170

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

(ग) नगर/ग्राम-अनंतपुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.337 हेक्टर

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हे. में)

(1)

(2)

0.001

91

0.002

93

0.012

412

430

0.002

569

0.320

योग .. 0.337

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी मुख्य नहर की बोदा वितरक नहर/ अजगरहा माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1248 - प्रका- भू-अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- हुजूर

(ग ) नगर/ग्राम- टिकुरी 225

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.171 हेक्टर

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हे. में )

(1) 241 243 245 252

(2) 0.142 0.002 0.025 0.002 0.171

योग .

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी मुख्य नहर की टिकुरी माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1250 - प्रका- भू-अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन –

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- हुजूर

(ग ) नगर/ ग्राम- टिकुरी 224

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.128 हेक्टर

नम्बर

अर्जित रकबा (हे. में)

(2)

0.004

0.116

खसरा (1) 243 379 421/2

0.008 योग .. 0.128

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी मुख्य नहर की टिकुरी माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला इन्दौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग इन्दौर, दिनांक 1 नवम्बर 2010

क्र. 3728 - भू- अर्जन -2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की भाग 1 ]

3171

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला - इन्दौर

(ख) तहसील- सांवेर

( ग ) नगर/ ग्राम- बुढीबरलाई , 21.862 , पुवार्डादाई 1.787 (घ ) लगभग क्षेत्रफल-23.649 हेक्टर

ग्राम-बुढीबरलाई

खसरा नंबर

अर्जित रकबा ( हेक्टर में ) (1)

(2)

296/1

0.320

296/2

0.105

294

0.450

0.486

295

297

0.348

0.556

299/1

0.557

299/2

300/1

0.209

0.209

300/2

300/3

0.233

300/4

0.773

302

0.405

303/3

0.275

303/1/1

0.368

303/1/2

0.368

303/1/3

0.372

303/2/क

0.276

303/2/ 1 ख

0.138

303/2/ 1 क

0.137

303/4

0.279

0.200

298/1/4 पैकि

298/1/5 पैकि

0.300

298/17

0.166

298/34

0.194

298/89/1

0.047

298/15

0.094

298/25

0.268

(2)

(1)

0.133

298/48

0.020

298/64/1

0.089

298/76

298/85

0.141

0.174

298/107

298/32

0.194

298/36

0.279

0.020

298/54

0.158

298/55

298/73

0.105

298/74

0.125

298/93

0.073

298/9

0.129

298/29

0.253

0.268

298/31

0.158

298/38

0.020

298/53

298/69

0.101

0.109

298/88

0.121

298/99

298/10

0.129

298/14

0.105

0.194

298/27

298/45

0.113

0.020

298/58

0.021

298/61/1

298/96

0.093

298/100

0.109

298/103

0.223

0.295

298/104

0.129

298/11

298/24

0.194

0271

298/49

298/57

0.020

298/67

0.105

298/75

0.105

0.223

298/82

0.081

298/95

298/12

0.129

298/23

0.194 3172

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

(2) (1)

298/30

0.129 298/44

0.109 298/47

0.057

0.057 298/80

0.328 298/83

298/94

0.077 298/13

0.160 298/16

0.100 298/37

0.199 298/43

0.117 298/61/2

0.081 298/64/2

0.020

0.081 298/92

298/101/1

0.141 298/101/2

0.109 298/18

0.162 298/20

0.194 298/50

0.255 298/52

0.052 298/66

0.020 298/70

0.105 298/78

0.057 298/87

0.101 298/19 पैकि

0.185 298/21

0.121 298/63

0.284 298/68

0.101 298/91

0.109 306/1 पैकि

0.095 298/32

0.101 298/33

0.194 298/42

0.105 298/46

0.057 298/60

0.028 298/81

0.057 298/84

0.231 298/97

0.125 298/106

0.276 298/26

0.260 298/28

0.194

0.121 298/39

298/41

0.109

(2)

(1)

0.057

298/51

0.020

298/65

298/79

0.057

298/90

0.129

0.117

298/40

0.020

298/56

0.058

298/89/2

0.178

298/98

298/102

0.162

0.021

298/59

0.078

298/62/1

0.105

298/71

0.121

298/77

298/62/2

0.307

0.109

298/86

298/89/1

0.047

0.069

298/8 पैकि

0.190

298/35

298/105

0.243

397 पैकि

0.469

0.120

396 पैकि

0.050

381/2 पैकि

0.080

377 पैकि

381/1 पैकि

0.035

योग .. 21.862

ग्राम- पुवार्डादाई

0.200

666/1 पैकि

0.300

667/703 क पैकि

0.500

667/702 पैकि

667 पैकि

0.500

0.287

490/1/2 पैकि

योग .. 1.787

कुल योग 23.649

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- क्षिप्रा जल आवर्धन योजना डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि के अर्जन बाबत्.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष , इन्दौर एवं अनुविभागीय अधिकारी , सांवेर, तहसील सांवेर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राघवेन्द्र सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 23 अक्टूबर, 2010

क्र. 980 -गोपनीय- 2010- दो- 3-1-2010 ( भाग- बी) .-न्यायिक अधिकारियों जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है , को न्यायिक अधिकारी , प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल , उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में छः दिवसीय " Refresher Course Training Programme " (Second Batch) , जो दिनांक 22-11-2010 से 27-11-2010 तक की अवधि के लिये आयोजित है, हेतु संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 22-11-2010 को प्रातःकाल ठीक 9:30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है.

प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी:-

1. अपरिहार्य मामलों को छोड़कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा. समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के, संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजा जावे, जिससे कि निदेशक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें.

2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 22-11-2010 को प्रात :काल ठीक 9:30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें.

3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट, ग्रे पेंट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होवें . महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाउज व काले कोट में उपस्थित होवें.

4. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे प्रशिक्षण में अपने साथ निम्न में से प्रत्येक की दो - दो प्रतियां अवश्य साथ लावें:-

( 1) Judgment in Civil case (contested) ; and (2) Judgment in Criminal case (contested) .

5. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे जिन विधिक समस्याओं/विषय पर चर्चा चाहते हों, को प्रशिक्षण केन्द्र के फैक्स नं . 0761-2626945 पर समय रहते अग्रिम प्रेषित करें.

3173 6. टी.ए. एवं डी.ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे , जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं.

7. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासनहीनता माना जावेगा.

8. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन पर टैम्पो ट्रैक्स की व्यवस्था की जावेगी , जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरु होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी. अतः न्यायिक अधिकारी जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के कार्य दिवस में, प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच , दूरभाष क्रमांक 0761- 2628679 , पर समयावधि रहते सूचित करें.

9. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिए न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है, जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी . यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के द्वितीय एवं तृतीय तल पर, स्वास्थ्य कारणों से, ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा , जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी . इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी.ए. एवं डी.ए. क्लेम करने के पात्र होंगे.

10. न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय, नाश्ता तथा दोपहर एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.

जबलपुर, दिनांक 25 अक्टूबर, 2010

क्र. 988- गोपनीय- 2010- दो- 3-1-2010 ( भाग - बी) -न्यायिक अधिकारियों जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है, को न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में छः दिवसीय प्रशिक्षण " Application of Information and Communication Technology to District Judiciary " , जो दिनांक 29-11-2010 से 4-12-2010 तक की अवधि के लिये आयोजित है , हेतु संचालक न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 29-11-2010 को प्रातः काल ठीक 3174

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

9:30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है.

प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी:-

1 . अपरिहार्य मामलों को छोड़कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा. समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के, संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजा जावे, जिससे कि निदेशक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें.

2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 29-11-2010 को प्रात:काल ठीक 9:30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें.

3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट, ग्रे पेंट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होवें. महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाउज व काले कोट में उपस्थित होवें.

4. टी.ए. एवं डी.ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे , जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं.

5. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासनहीनता माना जावेगा.

6. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन पर टैम्पो ट्रैक्स की व्यवस्था की जावेगी, जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी. अतः न्यायिक अधिकारी जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के कार्य दिवस में, प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच , दूरभाष क्रमांक 0761- 2628679, पर समयावधि रहते सूचित करें.

7. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिए न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है , जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी. यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के द्वितीय एवं तृतीय तल पर, स्वास्थ्य कारणों से , ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य

[भाग 1 स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा , जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी . इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी.ए. एवं डी.ए. क्लेम करने के पात्र होंगे .

8. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे अपने साथ Laptop Computers with Peripherals एवं Software CDs प्रशिक्षण सत्र में साथ लावें. साथ ही ई -कमेटी द्वारा प्रदाय की गई अध्ययन सामग्री व उच्च न्यायालय द्वारा प्रदाय किया गया " लेपटाप संचालन मार्गदर्शिका " भी साथ लेकर आवें.

9 . न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय, नाश्ता तथा दोपहर एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.

माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, टी. के. कौशल , रजिस्ट्रार जनरल.

जबलपुर, दिनांक 23 अक्टूबर , 2010

क्र. ई-4340-दो- 2-47-2010.- श्री आर. एन. पटेल , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नीमच को दिनांक 1 से 3 नवम्बर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 31 अक्टूबर 2010 के एवं पश्चात् में दिनांक 4 से 7 नवम्बर 2010 तक के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री आर. एन. पटेल , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नीमच को नीमच पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर.एन. पटेल उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. ई -4342 -दो - 3-61-2000.- श्री अशोक कुमार शर्मा , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, ग्वालियर को दिनांक 10 से 12 नवम्बर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री अशोक कुमार शर्मा , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री अशोक कुमार शर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

3175

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

भाग 1 ]

क्र. ई-4344-दो- 3-53-2001.- श्री एल. एच. थघानी , प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , शहडोल को दिनांक 13 से 27 दिसम्बर 2010 तक पन्द्रह दिन का एवं दिनांक 1 से 20 जनवरी 2011 तक बीस दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 28 से 31 दिसम्बर 2010 तक चार दिन का शीतकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 11 एवं 12 दिसम्बर 2010 के सार्वजनिक अवकाश कालाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री एल. एच. थघानी, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , शहडोल को शहडोल पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित एवं शीतकालीन अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एल.एच. थघानी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. ई-4346-दो- 2-54-2010.- श्री ए. के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीधी को मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक-3- (ए) 19-03 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अंतर्गत दिनांक 2 नवम्बर 2006 से दिनांक 4 अक्टूबर 2010 तक की ब्लाक अवधि के लिए 30 दिवस केअर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है .

जबलपुर, दिनांक 25 अक्टूबर , 2010

क्र. ई-4355-दो- 2-14-2005.- श्री आर. बी. एस. बघेल , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , विदिशा को दिनांक 11 से 14 अक्टूबर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 9 एवं 10 अक्टूबर 2010 के एवं पश्चात् में दिनांक 15,16 एवं 17 अक्टूबर 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री आर. बी. एस. बघेल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , विदिशा को विदिशा पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. बी. एस . बघेल उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. ई - 4357- दो- 2-14-2005.- श्री आर . बी. एस. बघेल , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , विदिशा को दिनांक 13 से 15 सितम्बर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री आर.बी.एस. बघेल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विदिशा को विदिशा पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर.बी.एस. बघेल उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. ई- 4359 - दो - 2-73-2000.- श्री सी .व्ही . सिरपुरकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , देवास को दिनांक 3 से 17 सितम्बर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके पन्द्रह दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री सी.व्ही. सिरपुरकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , देवास को देवास पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री सी. व्ही . सिरपुरकर उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. सी- 6068 - चार-8-42-77. श्रीमती वीना खलको , पंचम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , सागर को दिनांक 5 जून से 2 सितम्बर 2010 तक नब्बे दिवस के पूर्व स्वीकृत प्रसूति अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 3 सितम्बर से 1 दिसम्बर 2010 तक नब्बे दिन का प्रसूति अवकाश मध्यप्रदेश सिविल सेवायें ( अवकाश ) नियम 1977 के नियम 38 ( 1 ) सहपठित मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग मंत्रालय, भोपाल की अधिसूचना दिनांक 7 जून 2010 के अन्तर्गत और स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती वीना खलको, पंचम् व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , सागर को सागर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

प्रसूति अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती वीना खलको उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जार्ती तो पंचम् व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 के पद पर कार्यरत रहतीं.

जबलपुर, दिनांक 26 अक्टूबर , 2010

क्र. सी- 6156- दो-2-10-2005. श्री उदय सिंह बहरावत, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , टीकमगढ़ को दिनांक 11 से दिनांक 14 अक्टूबर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 9 एवं 10 अक्टूबर 2010 के एवं पश्चात में दिनांक 15, 16 एवं 17 अक्टूबर 2010 केसार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री उदय सिंह बहरावत, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , टीकमगढ़ को टीकमगढ़ पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

3176

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

प्रमाणित किया जाता है कि श्री उदय सिंह बहरावत उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र.सी- 6158- दो- 2-56-2010. श्री महेश प्रसाद अवस्थी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छिंदवाड़ा को दिनांक 11 से दिनांक 14 अक्टूबर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 9 एवं 10 अक्टूबर 2010 के एवं पश्चात में दिनांक 15, 16 एवं 17 अक्टूबर 2010 केसार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री महेश प्रसाद अवस्थी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छिंदवाड़ा को छिंदवाड़ा पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री महेश प्रसाद अवस्थी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. सी-6160-दो-2-46-2010. श्रीमती दुर्गा डाबर, अतिरिक्त प्रधानन्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, भोपाल को दिनांक 16 से दिनांक 18 सितम्बर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्रीमती दुर्गा डाबर, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाताहै.

कम्युटेड अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती दुर्गा डाबर, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

[भाग 1 क्र. सी- 6166 - दो- 2-49-2007.- श्री गिरीश कुमार शर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , उज्जैन को दिनांक 18 से दिनांक 25 अक्टूबर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 15, 16 एवं 17 अक्टूबर 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री गिरीश कुमार शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री गिरीश कुमार शर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

जबलपुर, दिनांक 27 अक्टूबर , 2010

क्र. ई- 4402 -दो- 3-420-80- भाग नौ श्रीमती आराधना चौबे, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सागर को उनकी सेवानिवृत्ति दिनांक 30 सितम्बर 2010 को उनके अवकाश लेखे में संचित अवकाश मेंसे 165 दिवस ( एक सौ पैंसठ दिवस मात्र ) के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग मंत्रालय, भोपाल के ज्ञापन क्रमांक जी-3-2-96- सी- चार, दिनांक 29 फरवरी 1996 एवं मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक - 3- ( ए) 19-03 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 3 ) एवं समसंख्यक पत्र क्रमांक - 897 - इक्कीस - ब( एक ) 07, दिनांक 21 जून 2007 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत प्रदान की जाती है.

गणना- पत्रक

: 03-09-1979 1. श्रीमती आराधना चौबे सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सागर का नियुक्ति दिनांक

: 30-09-2010 सेवानिवृत्ति दिनांक 2.

: 7 वर्ष 6 माह 3. नियुक्ति दिनांक

03-09-1979 से दिनांक 09-3-1987 तक कुल सेवा अवधि.

: 23 वर्ष 6 माह 4. दिनांक 10-3-1987 से

क्र. सी- 6162 - दो- 2-16-2002 .- श्री शिव नारायण द्विवेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुरैना को दिनांक 11 से दिनांक 14 अक्टूबर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 9 एवं 10 अक्टूबर 2010 के एवं पश्चात में दिनांक 15, 16 एवं 17 अक्टूबर 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री शिव नारायण द्विवेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मुरैना को मुरैना पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

सेवानिवृत्ति दिनांक तक कुल सेवा अवधि.

7 ×15= 105 दिन 5. कालम ( 3 ) में अंकित :

(1 वर्ष में 15 दिन

प्रमाणित किया जाता है कि श्री शिव नारायण द्विवेदी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

अवधि हेतु समर्पण अवकाश की पात्रता की दर से) .

3177

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

भाग 1 ]

: 24-12× 15-180 दिन

6. कालम (4 ) में अंकित अवधि हेतु समर्पण अवकाश की पात्रता ( 1 वर्ष में 7 दिन की दर से तथा 2 वर्ष में 15 दिन की दर से )

: 285दिन 7. कुल अर्जित अवकाश समर्पण की पात्रता.

: 120 दिन 8. घटाईयेः- सेवा के दौरान लिया गया अवकाश समर्पण का लाभ.

9. सेवानिवृत्ति पर अर्जित : 165दिन अवकाश समर्पण की पात्रता.

(सेवानिवृत्ति दिनांक 30 सितम्बर 2010 को शेष अर्जित अवकाश 204दिन) .

नोट.- मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक 3 ( ए) 19-03- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 3 ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक-897 - इक्कीस - ब ( एक) 07 , दिनांक 21 जून 2007 के अनुसार दिनांक 01 नवम्बर 1999 के पश्चात् के अर्जित अवकाश नगदीकरण को उपरोक्त गणना में सम्मिलित नहीं किया गया है .

जबलपुर , दिनांक 27 अक्टूबर , 2010

क्र. ई- 4404-दो- 3-41-2001.- श्री जी.डी. सक्सेना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, धार को दिनांक 11 से 14 अक्टूबर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 9 एवं 10 अक्टूबर 2010 के एवं पश्चात में दिनांक 15,16 एवं 17 अक्टूबर 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री जी. डी. सक्सेना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, धार को धार पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री जी. डी. सक्सेना उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार .

क्र. ई-4396-दो- 3-16-2007 .-श्री व्ही .बी. सिंह , बजट अधिकारी/ एडीशनल रजिस्ट्रार , उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को दिनांक 19 से 23 अक्टूबर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 15 से 18 अक्टूबर 2010 तक के एवं पश्चात् में दिनांक 24 अक्टूबर 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान कीजाती है .

अवकाश सेलौटने पर श्री व्ही. बी. सिंह, बजट अधिकारी/ एडीशनल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय , ग्वालियर, खण्डपीठ ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री व्ही. बी. सिंह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो बजट अधिकारी / एडीशनल रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत रहते .

जबलपुर, दिनांक 28 अक्टूबर, 2010

क्र. ए- 3438 -दो- 3-46-2002 - श्री अरूण कुमार मिश्रा, लेखा अधिकारी , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 1 से 2 नवम्बर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री अरूण कुमार मिश्रा , लेखा अधिकारी , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री अरूण कुमार मिश्रा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो लेखा अधिकारी के पद पर कार्यरत रहते.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार .

3178

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

जबलपुर, दिनांक 26 अक्टूबर, 2010

क्र. 991 - गोपनीय - 2010- दो- 2-1-2010 ( भाग- ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्नलिखित जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निम्न सारणी के स्तंभ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान में स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट सिविल जिले के लिये जिला न्यायाधीश की हैसियत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है. साथ ही दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 9 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उन्हें उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सत्र न्यायालय में सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है : -

सारणी

नाम

कहां से

क्रमांक

कहां को

(3)

(2)

(4) (1)

1

इन्दौर

श्योपुर श्री महेन्द्र पाल सिंह अरोरा , प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , इन्दौर.

पदस्थापना के जिले का नाम

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी

(6)

(5)

श्योपुर

सिविल जिला श्योपुर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर की हैसियत से डॉ. अनिल पारे के स्थान पर.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार , टी. के. कौशल, रजिस्ट्रार जनरल.

जबलपुर, दिनांक 28 अक्टूबर , 2010

क्र. 997 -गोपनीय - 2010 - दो - 2-1-2010 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्नलिखित जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निम्न सारणी के स्तंभ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान में स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट सिविल जिले के लिये जिला न्यायाधीश की हैसियत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है . साथ ही दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 9 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उन्हें उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सत्र न्यायालय में सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है :-

सारणी

नाम

कहां को

कहां से

क्रमांक

(3)

(4) (1)

(2)

छतरपुर

जबलपुर

1 श्रीमती शशि किरण दुबे, प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, जबलपुर.

पदस्थापना के जिले का नाम

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी

(6)

(5)

छतरपुर

सिविल जिला छतरपुर. जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छतरपुर की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

क्र. 998 -गोपनीय- 2010- दो- 2-1-2010 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अधीन एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्टस् एक्ट 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान के स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानान्तरित कर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तत्संबंधी स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायाधीश की हैसियत से तथा मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग की अधिसूचना क्रमांक फा-1-2-90- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 26-10-95 , अधिसूचना क्रमांक फा.-1-2-90-इक्कीस- ब (एक) , दिनांक 19-2-97 एवं क्रमांक 1-2-90- इक्कीस अ ( एक ) , दिनांक 7-5-99 तथा क्रमांक फा. 1-2-90-21- ब ( एक ) , दिनांक 4-5-2007 द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम , 1989 ( 1989 की संख्या 33 ) की धारा 14 के अधीन विनिर्दिष्ट सारणी के तत्संबंधी स्तम्भ ( 7 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के रूप में पदस्थ एवं नियुक्त करता है.

3179

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

भाग 1 ]

दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 ( 1974 की संख्या 2 ) की धारा 9 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , उच्च न्यायिक सेवा के निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में निर्दिष्ट अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए अपर सत्र न्यायाधीश नियुक्त करता है : -

सारणी

नाम

कहां से

क्रमांक

कहांको सत्र खण्ड का नाम

न्यायालय के संदर्भ में टिप्पणी

विशेष न्यायालय का नाम

(6)

(7)

(4)

(5)

(1)

(2)

(3)

मण्डलेश्वर

मण्डलेश्वर

मण्डलेश्वर

1

इन्दौर

श्री अनुपम श्रीवास्तव

पीठासीन अधिकारी विशेष न्यायालय की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

क्र. 999 -गोपनीय- 2010-दो- 2-1-2010 ( भाग- बी) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ (2 ) में दर्शित उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारियों ( अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ) को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर, उक्त न्यायिक अधिकारियों के समक्ष स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , उच्च न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारी को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश ही हैसियत से नियुक्त करता है : -

सारणी

कहां से कहां को

नाम

क्रमांक

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी

सत्र खण्ड का नाम

(6) (2)

(3)

(5)

(1)

(4)

इन्दौर

1

इन्दौर

टीकमगढ़

श्री अरूण कुमार शर्मा

तेरहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

खण्डवा

इन्दौर

2

इन्दौर

श्रीमती सविता दुबे

सप्तम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

रीवा

रीवा

3

दमोह

श्री धीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव

सप्तम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

4

सेंधवा

श्री शिव बदन वर्मा

बड़वानी

बड़वानी

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

भोपाल

भोपाल

भोपाल

5

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश , भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम , भोपाल की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

श्री रघुवीर सिंह चुण्डावत, पीठासीन अधिकारी , म. प्र. वक्फ बोर्ड, भोपाल के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.

टिप्पणी.- 1. श्री अरूण कुमार शर्मा, चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , टीकमगढ़ ,

2. श्रीमती सविता दुबे , तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, खण्डवा का स्थानांतरण स्वयं के व्यय पर किया गया है.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार ,

के. डी. खान, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार ( निरीक्षण एवं सतर्कता) .

3180

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर

Jabalpur, the 13th October 2010

No. F. No. 71- B - LA - SLSA/2010 . In exercise of the powers conferred under Section 22 - B of the Legal Services Authorities Act , 1987 ( as amended by Central Act No. 37 of 2002 and herein after referred to as the Act) , the Madhya Pradesh State Legal Services Authority hereby:-

(i) establishes Permanent Lok Adalats at the places specified in Column No. (2) of the Table below, in respect of all the Public Utility Services as defined in Clause (b) of Section 22A of the Act and also reproduced in the foot note of the Table below ; and all the Permanent Lok Adalats so established , shall exercise jurisdiction in their respective areas as specified in Column No. (4) of the Table below against each Permanent Lok Adalat ; and

(ii) appoints , after obtaining permission and after making necessary recommendations and seeking nominations , the following officers , whose designations are mentioned in Column No. (3 ) of the Table below against each Permanent Lok Adalat , as Chairman and Members of the aforesaid Permanent Lok Adalats , namely:-

TABLE

S.No.

Designation of the Officer

Areas in which permanent Lok Adalat shall exercise jurisdiction (4) Place of the Permanent Lok Adalat (2)

(3)

(1)

1

Chairman

Vidisha

Whole of the Civil District , Vidisha .

IIIrd Addl . District Judge

Vidisha

Member

Chief Medical & Health Officer , Vidisha .

Member

Executive Engineer (Civil) P.W.D. Vidisha .

2

Chairman

Shahdol

Whole of the Civil District, Shahdol

Special Judge (SC- ST Atrocities Act) Shahdol .

Member

Chief Medical & Health Officer , Shahdol .

Member

Executive Engineer (Civil) P.W.D. Shahdol .

Chairman

3

Mandla

Whole of the Civil District , Mandla .

Special Judge (SC- ST Atrocities Act)

Mandla.

Member

Chief Medical & Health Officer , Mandla .

Member

Executive Engineer (Civil ) P.W.D. Mandla .

Note.-Public Utility Services as defined under Clause (b) of Section 22 - A of the Act

"Public Utility Service " means any-

(i) transport service for the carriage of passengers or goods by air , road , or water ; or (ii) postal , telegraph or telephone service ; or

(iii) supply of power , light ; or water to the public by any establishment ; or

(iv) syatem of public conservancy , or sanitation ; or

(v) service in hospital , or dispensary ; or

(vi) insurance service ;

and includes any service which the Central Government or the State Government as the case may be , may, in the public interest by notification, declare to be a public utility service for purpose of the Chapter VI - A of the Act.

By order of the Madhya Pradesh Legal Services Authority, ANIL KUMAR CHATURVEDI , Member - Secretary .

3181

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 नवम्बर 2010

भाग 1 ]

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

संशोधित अधिसूचना

खरगोन, दिनांक 16 जुलाई 2010

क्र. 2282 - भू-अर्जन-10 .- तहसील महेश्वर जिला खरगोन के ग्राम सुलगांव की अर्जनीय आबादी भूमि एवं उस पर स्थित परिसम्पत्तियां तथा शासकीय/निजी कृषि भूमि पर स्थित संरचनाओं के अर्जन हेतु इस कार्यालय द्वारा जारी भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 1 ) की अधिसूचना का राजपत्र में दिनांक 5 मार्च 2010 को पृष्ठ क्रमांक 333 पर त्रुटि पूर्ण प्रकाशन हुआ है. जिसको निम्नानुसार सही संशोधित प्रकाशन पढ़ा जावे.

क्र.

संशोधित प्रकाशन (2)

त्रुटिपूर्ण प्रकाशन (1)

1.

1.

एफ.आर.एल. में डूब प्रभावित भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

एफ.आर.एल. में डूब प्रभावित भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं.

1. आबादी भूमि- 2.756

1. आबादी भूमि- 1.833

एफ.आर.एल. में डूब प्रभावित भूमि पर स्थित संरचनाएं.

एफ.आर.एल. में डूब प्रभावित भूमि पर स्थित संरचनाएं.

2. निजी कृषि भूमि-0.399

2. निजी कृषि भूमि- 1.322

3. शासकीय भूमि- 0.204 योग- 3.359 हे .

3. शासकीय भूमि- 0.204 योग- 3.359 हे.

शेष प्रविष्टियां यथावत रहेगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खण्डवा , दिनांक 3 नवम्बर 2010

क्र. 3213 - भू- अर्जन-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम 3182

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 नवम्बर 2010

की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2) (3)

(4) खण्डवा

3.21 पुनासा मोरटक्का माफी

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. मण्डलेश्वर

महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) ( 1 ) कलेक्टर जिला खण्डवा, ( 2 ) भू- अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत् परियोजना मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन , ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल -2 ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना, म.प्र.रा.वि.मं. , मण्डलेश्वर (4) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्यों लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , डी. डी. अग्रवाल , कलेक्टर, एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिंगरौली, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

सिंगरौली , दिनांक 4 नवम्बर 2010

क्र. 2369 - भू-अर्जन- 10- शुद्धि- पत्र.- सर्वसाधारण एवं हितबद्ध व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि चितरंगी पावर प्रा. लिमिटेड के लिये ग्राम - खोखवा, पटवारी हल्का बगैया नं. 45 , तहसील - चितरंगी , जिला- सिंगरौली के अन्तर्गत स्थित निजी भूमि रकबा 138.31 हे. का अर्जन करने के लिये भूमि-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधित 1984 की धारा 6 के अन्तर्गत इस कार्यालय के पत्र क्रमांक 1755/ भू-अर्जन/ 2010. दिनांक 23 अगस्त, 2010 के द्वारा उद्घोषणा प्रसारित की गई थी, जिसका प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 , दिनांक 3 सितम्बर 2010 के अंक में पृष्ठ क्रमांक 2291 से 2294 तक खसरा नम्बरवार किया गया था.

प्रकाशित उद्घोषणा का मिलान राजस्व अभिलेख ( खसरा खतौनी ) से करने पर मुद्रण में निम्नलिखित विवरण के अनुसार त्रुटियां पाई गई हैं , जिनकी शुद्ध प्रविष्टि का प्रकाशन सर्वसाधारण की जानकारी के लिये किया जा रहा है: -

क्रमांक

अन्य विवरण

शुद्ध प्रविष्टि जो मुद्रित होनी

चाहिये

राजपत्र में मुद्रित अशुद्ध प्रविष्टि

रकबा

(2)

खसरा नं . (1) खसरा नं . (1)

0.01

1

691

691 2

0.27

1037 1037

1349

3

0.16

1349 1350

1350 4

0.46

राजपत्र का पृष्ठ क्रमांक जिस पर मुद्रित है

रकबा

(2)

0.71

2291

0.26

2293

0.17

2294

0.18

2294

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि , कलेक्टर , एवं पदेन उपसचिव.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 12 November 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2010-11-12.46.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2010-11-12.46.Ordinary.