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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 28 January 2011

Type
Ordinary
Gazette no.
04
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2011-01-28.04.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदे श शासन

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 4 ]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 28 जनवरी 2011- माघ 8 , शक 1932

विषय -सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं,. (4 ) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, ( 3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, ( 3 ) संसद्के अधिनियम,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल, दिनांक 31 दिसम्बर 2010

क्र. ई. 5-702- आयएएस-लीव- 5 - एक ( 1 ) श्री प्रदीप खरे, आयएएस . , कमिश्नर शहडोल संभाग , शहडोल को दिनांक 27 दिसम्बर 2010 से 1 जनवरी 2011 तक छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 2 जनवरी 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2 ) श्री प्रदीप खरे की अवकाश अवधि में श्री नीरज दुबे , आयएएस. , कलेक्टर, शहडोल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-

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साथ , अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कमिश्नर, शहडोल संभाग , शहडोल का प्रभार सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री प्रदीप खरे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कमिश्नर, शहडोल संभाग, शहडोल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) श्री प्रदीप खरे द्वारा कमिश्नर, शहडोल संभाग , शहडोल , का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री नीरज दुबे , कमिश्नर, शहडोल संभाग , शहडोल के प्रभार से मुक्त होंगे .

(5) अवकाशकाल में श्री प्रदीप खरे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था .

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रदीप खरे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2011 .

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

भोपाल, दिनांक 4 जनवरी 2011

क्र. ई. 5-832 - आयएएस लीव एक 5.-( 1 ) श्री अश्विनी कुमार राय , आयएएस. , सचिव , मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग को दिनांक 3 से 7 जनवरी 2011 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 2 एवं 8 , 9 जनवरी 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री अश्विनी कुमार राय को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में श्री अश्विनी कुमार राय को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अश्विनी कुमार राय अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भोपाल, दिनांक 5 जनवरी 2011

क्र. ई- 1-3-2011-5- एक. सुश्री के. वासुकी , भाप्रसे ( 2008 ) , सहायक कलेक्टर, शहडोल को अस्थाई रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सहायक कलेक्टर, बैतूल पदस्थ किया जाता है.

भोपाल, दिनांक 6 जनवरी 2011

क्र. ई. 5-817 - आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री राहुल जैन, आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , श्योपुर को दिनांक 11 से 21 जनवरी 2011 तक ग्यारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री राहुल जैन को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, श्योपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री राहुल जैन को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री राहुल जैन अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. 5-811 - आयएएस लीव- 5- एक.-( 1 ) श्री एस.एस. बंसल, आयएएस. , अपर आयुक्त ( राजस्व) , उज्जैन संभाग उज्जैन को दिनांक 17 से 25 जनवरी 2011 तक नौ दिन का अर्जित अवकाश

[भाग 1 स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 15 , 16 एवं 26 जनवरी 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

( 2) अवकाश से लौटने पर श्री एस.एस. बंसल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर आयुक्त ( राजस्व) , उज्जैन संभाग , उज्जैन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री एस.एस. बंसल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एस.एस. बंसल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई - 5-843 - आयएएस - लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री नीरज दुबे , कलेक्टर, जिला शहडोल को दिनांक 10 से 22 जनवरी 2011 तक तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 8, 9 एवं 23 जनवरी 2011 एक सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) श्री नीरज दुबे की अवकाश की अवधि में श्री अनूप सिंह, अपर कलेक्टर, जिला शहडोल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला शहडोल का प्रभार सौंपा जाता है .

( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री नीरज दुबे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर , जिला शहडोल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री नीरज दुबे द्वारा कलेक्टर , जिला शहडोल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अनूप सिंह, कलेक्टर, जिला शहडोल के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री नीरज दुबे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री नीरज दुबे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 10 जनवरी 2011

क्र. ई- 1-04-2011-5- एक. श्री हरिरंजन राव , भाप्रसे ( 1994 ) , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , आगामी आदेश तक, पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पर्यटन विभाग घोषित किया जाता है.

भाग 1 ]

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

भोपाल, दिनांक 11 जनवरी 2011

क्र. ई. 5-788- आयएएस लीव- 5- एक. ( 1 ) डॉ. जी. के. सारस्वत, आयएएस. , राज्यपाल के अपर सचिव को दिनांक 17 से 29 जनवरी 2011 तक तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 15 , 16 एवं 30 जनवरी 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2) अवकाश से लौटने पर डॉ. जी. के. सारस्वत को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न राज्यपाल के अपर सचिव के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में डॉ. जी.के. सारस्वत को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. जी . के. सारस्वत अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भोपाल , दिनांक 13 जनवरी 2011

क्र. ई- 5-557- आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री राजीव रंजन, आयएएस. , आयुक्त, उच्च शिक्षा को दिनांक 17 जनवरी से 5 फरवरी 2011 तक बीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 16 जनवरी एवं 6 फरवरी 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2) श्री राजीव रंजन, की अवकाश अवधि में श्री विश्वमोहन उपाध्याय , आयएएस. , आयुक्त, अनुसूचित जाति कल्याण को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ, अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, आयुक्त, उच्च शिक्षा का प्रभार सौंपा जाता है .

(3) अवकाश से लौटने पर श्री राजीव रंजन को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, उच्च शिक्षा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

( 4 ) श्री राजीव रंजन द्वारा आयुक्त, उच्च शिक्षा का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री विश्वमोहन उपाध्याय , आयुक्त, उच्च शिक्षा के प्रभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में श्री राजीव रंजन को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री राजीव रंजन, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. 5-396- आयएएस- लीव- एक- 5.- ( 1 ) श्रीमती अजिता बाजपेई पांडे, आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , मछलीपालन विभाग को दिनांक 11 से 14 जनवरी 2011 तक चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 15 , 16 जनवरी 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती अजिता बाजपेई पांडे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, मछलीपालन विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में श्रीमती अजिता बाजपेई पांडे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती अजिता बाजपेई पांडे, अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

क्र. ई. 5-860 - आयएएस- लीव - 5 - एक.- ( 1 ) सुश्री मधुरानी तेवतिया, आयएएस. , अनुविभागीय अधिकारी , जावरा , जिला रतलाम को दिनांक 10 से 14 जनवरी 2011 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 8, 9 एवं 15, 16 जनवरी 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2 ) अवकाश से लौटने पर सुश्री मधुरानी तेवतिया को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अनुविभागीय अधिकारी , जावरा, जिला रतलाम के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में सुश्री मधुरानी तेवतिया को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री मधुरानी तेवतिया अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

भोपाल , दिनांक 18 जनवरी 2011

क्र. ई - 5-743- आयएएस लीव-5 - एक. ( 1 ) श्री एस.बी. सिंह, आयएएस. , कमिश्नर, ग्वालियर संभाग, ग्वालियर को दिनांक 7 से 15 फरवरी 2011 तक नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 6 एवं 16 फरवरी 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

(2 ) श्री एस.बी. सिंह की अवकाश अवधि में श्री एस.डी. अग्रवाल, आयएएस. , कमिश्नर, चंबल संभाग , मुरैना को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कमिश्नर , ग्वालियर संभाग , ग्वालियर का प्रभार सौंपा जाता है .

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री एस.बी. सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कमिश्नर, ग्वालियर संभाग , ग्वालियर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) श्री एस.बी. सिंह द्वारा कमिश्नर, ग्वालियर संभाग, ग्वालियर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री एस.डी. अग्रवाल, कमिश्नर, ग्वालियर संभाग , ग्वालियर के प्रभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में श्री एस.बी. सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एस.बी. सिंह अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 19 जनवरी 2011

क्र. ई - 1-354-2009-5- एक. श्रीमती एम. गीता , भाप्रसे ( 1997 ) , कलेक्टर, उज्जैन को दिनांक 1 जनवरी , 2010 से भाप्रसे का प्रवर श्रेणी वेतनमान स्वीकृत किया जाता है .

क्र. ई. 1-24-2011-5- एक. श्रीमती स्नेहलता श्रीवास्तव , भाप्रसे ( 1982) , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , संस्कति एवं संसदीय कार्य विभाग एवं ट्रस्टी सचिव , भारत भवन की सेवाएं भारत सरकार , कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को संयुक्त सचिव, न्याय विभाग, नई दिल्ली के पद पर नियुक्तिके लिए सौंपी जाती हैं.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

भोपाल , दिनांक 18 जनवरी 2011

क्र. एफ 19-13-2011- एक-4. राज्य शासन, विधान सभा क्षेत्र 170-सोनकच्छ ( अजा) , जिला देवास एवं 198- कुक्षी, ( अजजा ) जिला धार के उप चुनाव 2011 के लिए शासकीय मुद्रणालय में मतपत्रों की छपाई एवं मुद्रण से संबंधित कार्य आदि की देख - रेख/समन्वय के लिए उपायुक्त ( राजस्व ) भोपाल को उप चुनाव 2011 संपन्न होने तक के लिए पदेन उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी घोषित करता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विजया श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव.

[ भाग 1 भोपाल, दिनांक 6 जनवरी 2011

क्र. एफ-ए- 5-12-2010- एक ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति, श्री जे.के. माहेश्वरी , न्यायाधीश , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है :-

अ.क्र. अवकाश

अवकाश

कुल

अभियुक्ति अवधि

दिन का प्रकार

(1) (2)

(3) (4)

(5)

1

1. दि. 8-11-2010

अवकाश के पूर्व

पूर्ण वेतन

तथा भत्तों दि. 31-10-10

से7-11-2010

सहित

अवकाश. के सार्वजनिक

अवकाश का

लाभ उठाने की

अनुमति सहित.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा , उपसचिव.

भोपाल , दिनांक 31 दिसम्बर 2010

क्र. ई - 5-768 - आयएएस लीव- 5-1.- ( 1 ) श्री संदीप यादव , आयएएस. , कलेक्टर , जिला सीहोर को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 22 दिसम्बर 2010 द्वारा दिनांक 24 से 29 दिसम्बर 2010 तक छः दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश का उपभोग नहीं किये जाने के कारण एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

भोपाल, दिनांक 3 जनवरी 2011

क्र. ई- 5-797 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री पी.जी. गिल्लौरे, आयएएस . , तत्कालीन उप सचिव , मध्यप्रदेश शासन , खेल एवं युवा कल्याण विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 10 दिसम्बर 2010 द्वारा दिनांक 22 से 28 दिसम्बर 2010 तक सात दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश के क्रम में दिनांक 29 दिसम्बर 2010 का एक दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाशकाल में श्री पी.जी. गिल्लौरे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था

भोपाल , दिनांक 6 जनवरी 2011

क्र. ई- 5-558 - आयएएस- लीव- 5- एक.- ( 1 ) श्री विनोद कुमार, आयएएस. , सदस्य राजस्व मंडल, मध्यप्रदेश ग्वालियर को इस विभाग भाग 1 ]

के समसंख्यक आदेश दिनांक 4 अक्टूबर 2010 द्वारा दिनांक 22 नवम्बर से 24 दिसम्बर 2010 तक तैंतीस दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुये अब उन्हें दिनांक 22 नवम्बर से 21 दिसम्बर 2010 तक तीस दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 20 , 21 नवम्बर 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 4 अक्टूबर 2010 की शेष कंडिकायें यथावत् रहेंगी.

क्र. ई-5-593 - आयएएस - लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री अशोक बर्णवाल , आयएएस. , आयुक्त, लोक शिक्षण तथा पदेन सचवि , मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 8 अक्टूबर 2010 द्वारा दिनांक 7 से 19 अक्टूबर 2010 तक तेरह दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुये अब उन्हें निम्नानुसार अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है :-

1. दिनांक 7 से 15 अक्टूबर 2010 तक नौ दिन का ( संशोधित ) अर्जित अवकाश तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 16, 17 अक्टूबर 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

2. दिनांक 4 से 13 अगस्त 2010 तक दस दिन अर्जित अवकाश तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 14, 15 अगस्त 2010 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

( 2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 8 अक्टूबर 2010 की शेष कंडिकायें यथावत रहेंगी .

क्र. ई. 5-496- आयएएस- लीव - 5 - एक.- ( 1 ) श्री अनिल कुमार जैन, आयएएस . , विशेष आयुक्त ( समन्वय ) , मध्यप्रदेश भवन , नई दिल्ली को दिनांक 12 से 13 दिसम्बर 2010 तक दो दिन का लघुकृत अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री अनिल कुमार जैन को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न विशेष आयुक्त, मध्यप्रदेश भवन , नई दिल्ली के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में श्री अनिल कुमार जैन को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अनिल कुमार जैन अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

205

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

भोपाल , दिनांक 10 जनवरी 2011

क्र. ई . 5-857- आयएएस - लीव - एक - 5.-( 1 ) सुश्री आईरीन सिंथिया जे.पी. , आयएएस . , अनुविभागीय अधिकारी , मध्यप्रदेश शुजालपुर, जिला शाजापुर को दिनांक 20 दिसम्बर 2010 से 1 जनवरी 2011 तक तेरह दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 2 जनवरी 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2 ) सुश्री आईरीन सिंथिया जे.पी. की अवकाश की अवधि में श्री आर. के. नागराज , डिप्टी कलेक्टर, जिला शाजापुर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, अनुविभागीय अधिकारी , मध्यप्रदेश शुजालपुर का प्रभार सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर सुश्री आईरीन सिंथिया जे.पी. को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अनुविभागीय अधिकारी , मध्यप्रदेश शुजालपुर, जिला शाजापुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) सुश्री आईरीन सिंथिया जे.पी. द्वारा अनुविभागीय अधिकारी , मध्यप्रदेश शुजालपुर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री आर .के. नागराज , अनुविभागीय अधिकारी , मध्यप्रदेश शुजालपुर के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में सुश्री आईरीन सिंथिया जे.पी. को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था .

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री आईरीन सिंथिया जे.पी. अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

भोपाल, दिनांक 13 जनवरी 2011

क्र. ई- 5-501- आयएएस लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री बी. आर . नायडू, आयएएस . , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 4 दिसम्बर 2010 द्वारा दिनांक 27 दिसम्बर 2010 से 1 जनवरी 2011 तक छः दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 27 दिसम्बर 2010 से 4 जनवरी 2011 तक नौ दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 26 दिसम्बर का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

( 2) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 4 दिसम्बर 2010 की शेष कंडिकायें एवं 9 दिसम्बर 2010 की बिन्दु क्रमांक-2 की कंडिका यथावत् रहेंगी.

206

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

भोपाल, दिनांक 19 जनवरी 2011

क्र. ई . 5-823 - आयएएस लीव- 5- एक.-( 1 ) श्रीमती शशि कर्णावत, आयएएस . , उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग को दिनांक 20 जनवरी से 17 फरवरी 2011 तक उन्तीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा अवकाश के साथ दिनांक 18 , 19 , 20 फरवरी 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती शशि कर्णावत को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

( 3) अवकाशकाल में श्रीमती शशि कर्णावत को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती शशि कर्णावत अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एस. तोमर, अवर सचिव.

भोपाल , दिनांक 13 जनवरी 2011

क्र. ई - 5-781 - आयएएस- लीव - एक- 5.- श्री आर. के . माथुर, आय.ए.एस. , अपर सचिव , मुख्य सचिव कार्यालय तथा अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 22 दिसम्बर 2010 द्वारा दिनांक 28 दिसम्बर 2010 से 1 जनवरी 2011 तक पांच दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश का उपभोग नहीं किये जाने के कारण एतद्वारा निरस्त किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. सी. पंत , अवर सचिव.

राजस्व विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 30 दिसम्बर 2010

क्र. एफ-16-47-2010- सात-2 ए. राज्य शासन एतद्वारा , मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के अन्तर्गत श्री एन.के. जैन, संयुक्त कलेक्टर , सिंगरौली को जिले में

[भाग 1 अतिरिक्त कलेक्टर की शक्तियां प्रदत्त करता है . श्री जैन, संयुक्त कलेक्टर, सिंगरौली को उनकी सिंगरौली जिले में पदस्थ अवधि अथवा अपर कलेक्टर की पदस्थापना होने तक यह अधिसूचना प्रभावशील रहेगी.

(2 ) इस विभाग द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक समसंख्यक दिनांक 22 सितम्बर, 2010 एतद्वारा तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एस. के. रजक, अवर सचिव.

आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 4 जनवरी 2011

क्र. एफ. 3-29-10- बत्तीस- 1. मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 38 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार एतद्वारा विभागीय अधिसूचना क्र . एफ-3-123- बत्तीस -97 , दिनांक 5 दिसम्बर, 1997 में यथा विनिर्दिष्ट सिंगरौली निवेश क्षेत्र, जिसकी सीमाएं निम्न अनुसूची में परिनिश्चित की गई है , के लिये इस अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से सिंगरौली नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी की स्थापना करती है .

अनुसूची

सिंगरौली निवेश क्षेत्र की सीमायें

उत्तर में - बरहवा, टोला, बरगवां , डगा, कनई , गलुगढ़ , गोदवाली , सेमुआर, अंजनी, पाली , खरकटा, पोंड़ार, बरहटी, लोटान, बरमानी, करेला, टिकुरी टोला, चतरी एवं ग्राम चुरकी की उत्तरी सीमा तक.

पूर्व में- चुरकी, झिंगुरदहा , चुरीदेह, करूआरी , सरसवाहलाल, सरसवाहराजा, चंदुली, मटवई व तेलगवां , जवाडी, जयनगर, माहिलगढ़ - पश्चिम, चन्दाबल सेमरिया एवं ग्राम बलियारी की पूर्वी सीमा तक.

दक्षिण में- ग्राम बलियारी , मनियारी , हिरवाह, सिंगरोलिया, खजूरी एवं ग्राम कटौली की दक्षिणी सीमा तक.

पश्चिम में- ग्राम कटौली, करकोसा, बिलौजी, भटवा , धतूराबरवा , धतुरा पोखरा , बुसुमहरा , हरदी, खटखरी , लूरी , काजल , पौड़ी, चौराई, बुधेला , पिपराझांपी , नदसा, गुल्लीडांड, गडेरिया, डगा, बरगवां एवं ग्राम बरहवां टोला की पश्चिमी सीमा तक.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

वर्षा नावलेकर, उपसचिव.

भाग 1 ]

207

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 12 जनवरी 2011

फा. क्र. 17 (ई ) 24-09- इक्कीस - ब ( एक ) . - राज्य शासन, उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर श्री किरण कुमार महाजन, सहायक ग्रेड-3 , न्यायिक जिला रतलाम एवं श्री संजय जीवने, सहायक ग्रेड-3 न्यायिक जिला स्थापना झाबुआ की सेवाएं सरदार सरोवर परियोजना फर्जी विक्रय- पत्र एवं पुनर्वास स्थल अनियमितता जांच आयोग , इन्दौर में प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति किए जाने हेतु उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से आगामी आदेश होने तक सामान्य प्रशासन विभाग , मध्यप्रदेश शासन को सौंपता है .

फा. क्र. 17 (ई ) 2-2008- इक्कीस- ब ( एक ). - राज्य शासन, उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री श्याम बिहारी वर्मा, चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जबलपुर की सेवाएं रजिस्ट्रार (Examination & Labour Judiciary) उच्च न्यायालय , जबलपुर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु उनके द्वारा उक्त पद का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, आगामी आदेश होने तक, एतद्वारा , उच्च न्यायालय , जबलपुर को सौंपता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. मिश्रा , प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 12 जनवरी 2011

फा. क्र. 17 ( ई ) -160- इक्कीस ब ( दो ) 10.- इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 22 सितम्बर 2010 को निरस्त करते हुए, राज्य शासन, दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 20 ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, श्री एन. के. जैन, संयुक्त कलेक्टर, सिंगरौली को सिंगरौली जिले हेतु अपर जिला दण्डाधिकारी की शक्तियां प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है.

भोपाल , दिनांक 17 जनवरी 2011

फा. क्र. 1 ( बी) 31-04- इक्कीस- ब ( दो ) . - राज्य शासन द्वारा इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 13 अगस्त 2004 के द्वारा श्री मनोज जैन को अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अति. लोक अभियोजक, इन्दौर नियुक्त किया गया था .

श्री मनोज जैन, अति. शास. अभिभाषक/ अति. लोक अभियोजक के द्वारा त्याग - पत्र दिया जाकर तत्काल पद से मुक्ति चाहे जाने पर विधि विभाग नियमावली के नियम 19 के अन्तर्गत आदेश जारी होने के दिनांक से तत्काल पद मुक्त करता है .

फा. क्र. 17 (ई ) 3-2011 - इक्कीस- ब ( दो ). - राज्य शासन, श्री शफी मोहम्मद छागला , नोटरी निवासी , तहसील जावद, जिला नीमच का नोटरी अधिनियम, 1952 तथा नोटरी नियम 1956 के सहपठित नियम 13 के अन्तर्गत नोटरी व्यवसाय प्रमाण- पत्र का नवीनीकरण आदेश क्रमांक 17 (ई ) -21-2008- इक्कीस- ब ( दो ) , दिनांक 31 मार्च 2008 तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाकर उनका नाम नोटरी पंजी से कम किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ए. जे. खान , सचिव.

परिवहन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल, दिनांक 12 जनवरी 2011

क्र. एफ- 22-253-2002- आठ.- इस विभाग के समसंख्यक आदेश , दिनांक 4 मई 2009 को निरस्त करते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा , श्री आर . रामानुजम, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अध्यक्ष, मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम नियुक्त किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, दिलीपराज द्विवेदी, उपसचिव.

योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 13 जनवरी 2011

क्र. एफ- 10-28-2010-23- योआसां. राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम, 1995 की धारा 4 की उपधारा 3 ( ग ) में प्रदत्त अधिकारों के तहत नीचे दी गई सारणी के कालम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट अशासकीय सदस्यों को कालम ( 3 ) में विनिर्दिष्ट जिले की जिला योजना समिति में तत्काल प्रभाव से आगामी दो वर्ष की कालावधि के लिए नाम निर्दिष्ट किया जाता है:-

क्र. अशासकीय सदस्यों

के नाम

जिला योजना समिति (1) (2)

(3) 1 श्री संजय नगायच

पन्ना 2 श्री नंदकिशोर नापित

टीकमगढ़ 3 श्री गोविंद बिहारी अग्रवाल

टीकमगढ़

भिण्ड 4 श्री रमेश सिंह कुशवाह

5 श्री लाल सिंह आर्य

भिण्ड 208

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

(2)

(1)

(3) 6 श्री गोपाल तिवारी

भोपाल 7 श्री राजेन्द्र विजयवर्गीय

भोपाल 8 श्री काशीराम पाटीदार

खरगौन 9 श्री विपिन रमेश चन्द्र गौर

खरगौन 10 श्री आशीष दुबे

जबलपुर 11

जबलपुर डॉ. विनोद कुमार मिश्रा

12

कटनी श्री विजय शुक्ला

13

मण्डला श्री विजेन्द्र सिंह कोकड़िया

14

मण्डला श्री रोचीराम गुरबानी

15 श्री जनार्दन मिश्रा

रीवा 16

रीवा श्री वीरेन्द्र गुप्ता

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , रजनी गोरे, अवर सचिव.

कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 17 जनवरी 2011

एफ. नं . 1-39-2010- बावन ( 1 ) .- राज्य शासन, मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम लि. के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वर्तमान में निर्धारित अधिवार्षिकी ( सेवानिवृत्ति) आयु 58 वर्ष के स्थान पर " निगम " के सभी श्रेणी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अधिवार्षिकी ( सेवानिवृत्ति ) आयु 60 वर्ष निर्धारित करता है .

( 2 ) यह आदेश इसके जारी होने की तिथि से प्रवृत्त होगा.

( 3 ) यह आदेश वित्त विभाग द्वारा उनकी टीप क्रमांक CR- 1190- B -4-2010, दिनांक 21 दिसम्बर 2010 से दी गई सहमति पर भी आधारित है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेश प्रसाद मिश्रा, उपसचिव.

गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 18 जनवरी 2011

क्र. एफ-1 ( ए) -193-1991- ब-2-दो. श्री बी. बी. शर्मा , भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, शिकायत पुलिस मुख्यालय , भोपाल

[ भाग 1 को दिनांक 17 जनवरी से 17 फरवरी 2011 तक कुल बत्तीस दिवस का अर्जित अवकाश तथा दिनांक 15 , 16 जनवरी 2011 एवं 18 , 19 व 20 फरवरी 2011 के विज्ञप्त अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है .

( 2) श्री बी. बी. शर्मा , भापुसे , की अवकाश अवधि में श्री आर. पी . बिसौने, भापुसे , सहायक पुलिस महानिरीक्षक, शिकायत पुलिस मुख्यालय , भोपाल को वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पुलिस महानिरीक्षक, शिकायत पुलिस मुख्यालय , भोपाल का प्रभार सौंपा जाता है .

(3 ) श्री बी. बी. शर्मा , भापुसे , द्वारा पुलिस महानिरीक्षक, शिकायत पुलिस मुख्यालय , भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री आर. पी . बिसौने, भापुसे , सहायक पुलिस महानिरीक्षक, शिकायत पुलिस मुख्यालय , भोपाल के प्रभार से मुक्त होंगे .

(4) अवकाश से लौटने पर श्री बी. बी. शर्मा, भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक स्थानापन्न सहायक पुलिस महानिरीक्षक, शिकायत पुलिस मुख्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

( 5 ) अवकाशकाल में श्री बी. बी. शर्मा, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री बी. बी. शर्मा, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक दास , प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 14 जनवरी 2011

क्र. एफ -1 ( ए) -138-98- ब- 2- दो. श्री व्ही. एन . पचौरी , भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 6 से 18 दिसम्बर 2010 तक कुल तेरह दिवस का अर्जित अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री व्ही. एन. पचौरी , भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री व्ही. एन . पचौरी, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

भाग 1 ]

209

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री व्ही. एन. पचौरी , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

भोपाल दिनांक 19 जनवरी 2011

स्वीकृत करते हुए, राज्य शासन, द्वारा खण्ड वर्ष 2006-09 के द्वितीय ब्लाक वर्ष 2008-09 के ( विस्तार वर्ष 2010 ) में भारत में कहीं भी भ्रमण की पात्रता के तहत परिवार के सदस्यों के साथ अवकाश यात्रा पर जाने की अनुमति दी गई थी.

(2 ) उक्त आदेश में टंकण त्रुटिवश " अण्डमान निकोबार " अंकित हो गया था. अतः " अण्डमान निकोबार " के स्थान पर होशियारपुर ( पंजाब ) पढ़ा जावे.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

राजेश ओगरे , अवर सचिव.

क्र. एफ -1 ( ए) -112-86- ब- 2-दो- संशोधित आदेश. - विभागीय समसंख्यक आदेश दिनांक 23 दिसम्बर 2010 द्वारा श्री सुखराज सिंह, भापुसे , अति. पुलिस महानिदेशक, ( विसबल ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 20 से 24 दिसम्बर 2010 तक कुल पांच दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 17 , 18 , 19 , 25 एवं 26 दिसम्बर 2010 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ

वित्त विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 4 जनवरी 2011

क्र. एफ- 2-01-2009-ई- चार.- राज्य शासन द्वारा राज्य वित्त निगम अधिनियम, 1951 की धारा 7 ( 1 ) / 7 ( 5 ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, मध्यप्रदेश , वित्त निगम , इन्दौर को निम्नलिखित ऋण पत्रों/ ऋण पर प्रत्याभूति दी गई थी. मध्यप्रदेश वित्त निगम द्वारा उक्त ऋणपत्रों/ ऋण की राशि मय ब्याज सहित कुल राशि रुपये 6,60,00,000 ( रुपये छः करोड़ साठ लाख ) अदा करने के फलस्वरूप राज्य शासन उक्त ऋणपत्रों/ ऋण के लिये प्रदत्त प्रत्याभूति को निरस्त करता है:-

क्र.

प्रत्याभूति राशि

निहित दर

आदेश क्र. व दिनांक

प्रत्याभूति

समाप्तिकी अवधि

की अतिरिक्त 10% राशि कुल प्रत्याभूति राशि

प्रत्याभूति दी गई

प्रत्याभूति (1)

(2)

(6)

(3) (4)

(5)

(8)

(7)

1

11.5% ऋण पत्र

25-6-2010

60.00 लाख क्रमांक 2173/3199/चार/ नि-3/90 , दिनांक 22-6-1990.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

ए. एम. पुरोहित, अवर सचिव.

ऊर्जा विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 7 जनवरी 2011

क्र. एफ-2-3-2010- तेरह. - राज्य शासन , एतद्वारा , मध्यप्रदेश विद्युत् निरीक्षकालय के लिए विभाग के समसंख्यक ज्ञाप दिनांक 12 जुलाई 2010 द्वारा विभिन्न श्रेणियों के कुल 209 पदों के निर्माण की स्वीकृति के उपरांत वित्त विभाग की सहमति के आधार पर नीचे दर्शाये अनुसार मुख्यालय , वृत्तीय संभागीय एवं उप संभागीय मुख्यालय स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान करता है:-

क्र.

उप संभाग के अन्तर्गत कार्यक्षेत्र

उप संभागीय मुख्यालय

वृत्त का मुख्यालय

(1) (2)

संभागीय मुख्यालय (3)

(5)

(4)

1 इन्दौर

1 इन्दौर

1. इन्दौर -1

इन्दौर ( पूर्व एवं दक्षिण )

2. इन्दौर-2

इन्दौर ( उत्तर एवं पश्चिम ) एवं तह. इन्दौर

(शहर छोड़कर) .

210

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

(1) (2)

(3)

(4) इन्दौर

3. इन्दौर-3 ( नवीन )

4. देवास

5. कन्नौद

2 खण्डवा

6. खण्डवा

7. बड़वानी ( नवीन )

8. बुरहानपुर

9. खरगौन

[भाग 1 (5)

तह. मऊ , सांवेर एवं देपालपुर

तह. देवास, सोनकच्छ

तह. कन्नौद, बागली, खातेगांव

तह. खण्डवा, हरसूद एवं पुनासा

जिला बड़वानी

जिला बुरहानपुर एवं तह. पन्धाना ( जिला खण्डवा ) तह. खरगौन , सेगांव , भीकनगांव , झिरनिया एवं महेश्वर.

10. बड़वाहा ( जिला खरगौन )

2 उज्जैन

11. उज्जैन-1

3 उज्जैन

12. उज्जैन-2 ( नवीन ) तह. बड़वाहा एवं कसरावद

तह. उज्जैन

तह . नागदा, तराना, घटिया एवं महिदपुर

13. खाचरौद ( जिला उज्जैन )

14. धार

4 रतलाम

15. रतलाम तह. खाचरौद एवं बड़नगर

जिला धार

तह. रतलाम, बाजना, रावटी एवं सैलाना

16. जावरा ( जिला रतलाम )

17. झाबुआ ( नवीन )

18. मंदसौर

19. गरोठ

20. नीमच 3 रीवा

5 रीवा

21. रीवा

22. सिंगरौली ( नवीन )

23. सतना

24. छतरपुर

25. शहडोल ( नवीन)

6 शहडोल (नवीन) 26. कटनी ( नवीन )

27. मण्डला ( नवीन ) 4 जबलपुर

7 जबलपुर 28. जबलपुर -1 तह. जावरा , आलोट, ताल एवं पिपलोदा

जिला झाबुआ एवं जिला अलीराजपुर

तह. मंदसौर, सुवासरा, दलौदा एवं सीतामऊ तह. गरोठ, मल्हारगढ़ , भानपुरा एवं शामगढ़ जिला नीमच

तह. रीवा हुजूर, सिमरिया, मनगवा, मऊगंज , हनुमना, त्योथर एवं सिरमौर.

जिला सिंगरौली एवं जिला सीधी , तह. रायपुर , करचुलियान ( जिला रीवा ) एवं तह . गुढ (जिला रीवा).

जिला सतना

जिला छतरपुर

जिला शहडोल , जिला अनूपपुर एवं जिला उमरिय जिला कटनी एवं जिला पन्ना

जिला मण्डला एवं जिला डिण्डौरी

जबलपुर ( शहर ) , तह. पाटन एवं शहपुरा

29. जबलपुर -2 ( नवीन)

30. नरसिंहपुर

8 सागर

31. सागर

32. दमोह ( नवीन )

33. टीकमगढ़ ( नवीन)

9 छिन्दवाड़ा 34. छिन्दवाड़ा तह. जबलपुर ( शहर छोड़कर ) , पनागर, कुण्डम एवं सिहोरा.

जिला नरसिंहपुर

जिला सागर

जिला दमोह

जिला टीकमगढ़

तह. छिन्दवाड़ा, जामई , तामिया एवं परासिया

35. पाण्डुर्णा ( जिला छिन्दवाड़ा )

36. सिवनी तह. पाण्डुर्णा, सोसर, अमरबाड़ा एवं चौरई जिला सिवनी एवं जिला बालाघाट भाग 1 ]

211

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

(1) (2)

(3)

(4)

10 भोपाल

37. भोपाल -1 मुख्यालय, भोपाल

38. भोपाल-2 ( नवीन)

39. विदिशा ( नवीन )

11 सीहोर

40. सीहोर

41. शाजापुर

42. राजगढ़ (नवीन )

12 होशंगाबाद 43. होशंगाबाद

44. हरदा ( नवीन )

45. बैतूल

13 ग्वालियर 46. ग्वालियर

47. मुरैना

48. भिण्ड

14 गुना

49. गुना (5)

जिला भोपाल

जिला रायसेन

जिला विदिशा

जिला सीहोर

जिला शाजापुर

जिला राजगढ़

तह . होशंगाबाद, इटारसी , बावई, सोहागपुर, पिपरिया एवं बनखेड़ी.

जिला हरदा, तह . सिवनी मालवा ( जिला होशंगाबाद ) तह. भैसदेही ( जिला बैतूल ) .

तह. बैतूल, मुल्ताई , शाहपुर एवं आमला जिला ग्वालियर एवं जिला दतिया

जिला मुरैना

जिला भिण्ड

जिला गुना

50. अशोकनगर ( नवीन)

51. शिवपुरी ( नवीन ) जिला अशोक नगर, तह. खनियाधाना ( जिला शिवपुरी ) , पिछोर ( जिला शिवपुरी ) .

जिला श्योपुर, तह. शिवपुरी, कोलारस, बदरवास , करेरा, नरवर एवं पोहरी.

( 2 ) भोपाल मुख्यालय वृत्तीय मुख्यालय, संभागीय मुख्यालय एवं उप संभागीय मुख्यालय स्तर पर पूर्व में स्वीकृत 385 पद एवं संदर्भित विभाग के आदेश दिनांक 12-7-2010 द्वारा स्वीकृत नव निर्मित 209 पदों को सम्मिलित करते हुए इस समय कुल 594 पदों का बंटवारा निम्नानुसार रहेगा:-

क्र.

पदनाम

कुल स्वीकृत

पद

मुख्यालय भोपाल (1)

(2)

(3)

(4) वर्ग-1

1

1

1 मुख्य अभियंता ( वि.सु. ) एवं मुख्य विद्युत् निरीक्षक

5

1 2 अधीक्षण यंत्री ( वि.सु. ) एवं उप मुख्य विद्युत् निरीक्षक

15

1 3 कार्यपालन यंत्री (वि.सु. ) एवं संभागीय विद्युत् निरीक्षक

1

1 4 मुख्य विद्युत् शुल्क अधिकारी

वर्ग -2

51

1 सहायक यंत्री (वि.सु. ) एवं सहायक विद्युत् निरीक्षक

15

1 2 लेखाधिकारी /विद्युत् शुल्क अधिकारी

प्रत्येक

प्रत्येक उप संभाग संभाग के लिए के लिये ( कुल

उप संभाग 51 ) (कुल संभाग 14) (6)

(7) वृत्तीय कार्यालय के लिये (कुल वृत्त 4) (5)

1 प्रत्येक (कुल-4)

1 प्रत्येक (कुल -14)

1 प्रत्येक

(कुल-51)

1 प्रत्येक (कुल-14) 212

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

(1)

(2)

(3) 3 आडिट आफिसर

1 4

1 वरिष्ठ निज सहायक

वर्ग-3

1 निज सहायक

5 2 अधीक्षक

5 3

21 वरिष्ठ विद्युत् शुल्क लेखा परीक्षक

4 उपयंत्री

123 5 शीघ्रलेखक

6 6 सहायक ग्रेड-1

15 7

24 कनिष्ठ विद्युत् शुल्क लेखा परीक्षक

8 सहायक ग्रेड-2

74 *स्टेनो टाईपिस्ट

9

6 10 सहायक ग्रेड-3

74

50 11 विद्युतकार/अनुरेखक

वर्ग-4

1

52 जांच अनुचर

2

49 भृत्य

594 टीप : *

रीवा एवं उज्जैन संभाग में शीघ्रलेखक के पद नहीं रहेंगे .

(1)

(2)

[ भाग 1

(7) (4)

(5)

(6)

1

1

1

1 प्रत्येक (कुल-4)

1

1 प्रत्येक (कुल-4)

3

1 प्रत्येक (कुल-4)

1 प्रत्येक (कुल-14)

3

1 प्रत्येक (कुल-4)

2 प्रत्येक (कुल-102)

1 प्रत्येक (कुल-14)

0

1 (6 संभागीय कार्यालयों हेतु )

1

1 प्रत्येक (कुल-14)

2

2 प्रत्येक (कुल-8)

1 प्रत्येक (कुल-14)

5

1 प्रत्येक (कुल-4)

1 प्रत्येक (कुल-14)

1 प्रत्येक (कुल-51)

1 (6 संभागीय कार्यालयों हेतु )

16

4 प्रत्येक (कुल-16)

3 प्रत्येक (कुल-42)

1 प्रत्येक ( इन्दौर उप संभाग क्र. 3 में विद्युतकार का पद नहीं है ) कुल -50.

1

1 प्रत्येक (कुल-51) 9

3 प्रत्येक (कुल-12)

2 प्रत्येक (कुल-28)

305 49

60

180

इन्दौर, रीवा , जबलपुर, सीहोर, गुना एवं छिन्दवाड़ा संभागीय कार्यालयों में स्टेनों टायपिस्ट के पद रहेंगे .

(3) अन्तरिम व्यवस्था.- वत्तीय कार्यालय , संभागीय कार्यालय एवं उप संभागीय कार्यालय उनके स्थापित होने के दिनांक से कार्य करना प्रारंभ करेंगे .

(4 ) वृत्तीय कार्यालय, संभागीय कार्यालय एवं उप संभागीय कार्यालय स्थापित होने तक क्षेत्र का कार्य पूर्ववत देखा जावेगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

एम. के. गुप्ता, अपर सचिव.

भाग 1 ]

213

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

विधि और विधायी कार्य विभाग

भोपाल, दिनांक 12 जनवरी 2011

फा. क्र. 17 (ई ) -83-03-इक्कीस- ब ( एक).-विद्युत् अधिनियम, 2003 ( 2003 का 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना एफ क्र. 17(ई ) -83-03 - इक्कीस ब ( 1 ) , दिनांक 16 सितम्बर 2010 में निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्ः-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में , सारणी में, अनुक्रमांक 8 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्ः-

सारणी

सिविल जिले का नाम

विशेष न्यायालय का नाम

अनुक्रमांक

(1)

(2)

(3)

विशेष न्यायालय के न्यायाधीश का नाम (4)

"8.

बड़वानी

प्रथम अतिरिक्त सेशन

न्यायाधीश , बड़वानी

श्री रवि कुमार नायक, प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश बड़वानी.".

F.No. 17 (E) 83-03 - XXI - B ( one ) . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 2) of Section 153 of the Electricity Act , 2003 ( No. 36 of 2003 ) , the State Government, with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh hereby makes the following amendment in this Department's Notification F. No. 17 (E) 83-03 - XXI - B- ( one ) , dated 16th September , 2010 , namely:-

AMENDMENT

In the said Notification, in the table , for serial number 8 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be substituted , namely: -

TABLE

S. No. (1)

Name of Civil District (2)

Name of Special Court

(3)

Name of the Judge of the Special Court (4)

"8

Barwani

1st Additional Session's

Judge , Barwani

Shri Ravi Kumar Nayak , Ist Additional Session's Judge , Barwani . ".

फा. क्र. 17(ई ) -83-03- इक्कीस- ब (एक ) .-विद्युत् अधिनियम, 2003 ( 2003 का 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से, एतद्वारा, इस विभाग की अधिसूचना एफ क्र. 17 (ई ) -83-03 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 16 सितम्बर 2010 में निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्ः-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में , सारणी में , अनुक्रमांक 8 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्ः-

सारणी.

सिविल जिले का नाम

विशेष न्यायालय का नाम

अनुक्रमांक

विशेष न्यायालय की क्षेत्रीय अधिकारिता (विद्युत् क्षेत्र के अनुसार ) (1)

(2)

(3)

(4)

"8.

बड़वानी

प्रथम अतिरिक्त सेशन

न्यायाधीश, बड़वानी

सिविल जिला बड़वानी का समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 9 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर) . " .

टिप्पणी.- विशेष न्यायालय में लंबित मामले उनकी क्षेत्रीय अधिकारिता के अनुसार नवीन गठित न्यायालय में अंतरित हो जायेंगे.

214

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

[भाग 1 F.No. 17 (E) 83-03 -XXI - B ( one) . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 153 of the Electricity Act , 2003 ( No. 36 of 2003 ) , the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh hereby makes the following amendment in this Department's Notification F. No. 17 ( E) 83-03 - XXI - B- ( one ) , dated 16th September , 2010 , namely:-

AMENDMENT

In the said Notification , in the table , for serial number 8 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be substituted , namely:-

TABLE

S. No. Name of Civil the District Name of Special Court

Territorial Jurisdiction of Special Court(According to the Electricity Area) (2)

(1)

(3)

(4)

"8

Barwani

Ist Additional Session

Judge , Barwani

All electricity area of Civil District Barwani (excluding the jurisdiction of Special Court at serial number 9) .

Note . The Pending case of the Special Court shall be stand transferred to the newly constituted Court according to their territorial jurisdiction.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव.

विभाग प्रमुखों के आदेश कार्यालय , कलेक्टर , जिला मुरैना, मध्यप्रदेश

मुरैना, दिनांक 14 जनवरी 2011

क्र. एस.सी. - 2-06-2011.- सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग -2 के अनुक्रमांक 04 के नियम 8 एवं मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल के ज्ञाप क्रमांक एम- 3-2-1999-1-4, भोपाल , दिनांक 30 मार्च 1999 में विहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , मुरैना वर्ष 2011 में, मुरैना जिले के लिये निम्नानुसार स्थानीय अवकाश घोषित करता हूं: -

क्रमांक

दिनांक

त्यौहार का नाम (1)

(2)

(4)

दिन (3)

1

21-3-2011

सोमवार

होली भाई दूज

2

27-10-2011

गुरुवार

गोवर्धन पूजा

3

19-12-2011

सोमवार

पं. रामप्रसाद विस्मिल जयंती 2. यह आदेश बैंक एवं कोषालयों पर प्रभावशील नहीं होगा.

एम. के. अग्रवाल , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी.

भाग 1 ]

215

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बड़वानी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

बड़वानी, दिनांक 16 दिसम्बर 2010

क्र. 2033 - भू- अर्जन-10- प्र. क्र. 08-अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को , इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . कि राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उप धारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(4) 0.709 (1) बड़वानी बड़वानी

(3) सिलावद

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) गोई नदी पर निर्माणाधीन पुल के पहुंच मार्ग हेतु.

(5) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण सेतु, संभाग, इन्दौर .

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन कलेक्टर जिला बड़वानी , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी बड़वानी , कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण सेतु संभाग, इन्दौर एवं अनुविभागीय अधिकारी , लोक निर्माण सेतु संभाग, खरगोन के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संतोष कुमार मिश्रा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला शिवपुरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

शिवपुरी , दिनांक 23 दिसम्बर 2010

क्र. क्यू- भू-अर्जन-9-10-11-अ-82. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ ग्राम

खसरा नम्बर

तहसील/ तालुक

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा (2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

भू- अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हेक्टर में)

(2) नरवर

(1) शिवपुरी

(3) काली पहाड़ी II

0.20

(5) 0.02 0.11 0.27

(4) 1741/1 1741/2 1747 1748

(6) कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग करैरा , जिला शिवपुरी.

(7) सिंध परियोजना द्वितीय चरण के अंतर्गत ( महुअर नदी तक) की शाखा नहर एल. एम. 12 एवं 14 के निर्माण हेतु.

216

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

[ भाग 1 (1) (2) (3)

(5)

(4)

(7)

(6)

0.08

शिवपुरी नरवर काली पहाड़ी II 1756/1

1758

0.45

2577

0.21

कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग करैरा , जिला शिवपुरी.

2578

0.14

सिंध परियोजना द्वितीय चरण के अंतर्गत ( महुअर नदी तक) की शाखा नहर एल . एम. 12 एवं 14 के निर्माण हेतु.

2614

0.09

2615

0.02

2617

0.17

2622/1

0.18

2623

0.17

2624

0.14

2630

0.12

0.12

2631

2632

0.12

2680

0.24

2499

0.24

2500

0.20

2501

0.22

2503

0.36

0.22

2333

2332

0.16

2328

0.22

2323/2

0.04

2326

0.06

2281

0.16

2280

0.10

2265

0.10

2264

0.05

2266

0.04

2268

0.02

2251

0.10

2270

0.08

2271

0.20

2272

0.08

0.10

2229

2147

0.14

2153

0.13

2228

0.01

2154

0.14

2155

0.22

2196

0.16

2197

0.24

0.12

2198

2190

0.04

2189

0.03

2188

0.05 भाग 1 ]

217

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

(1) (2)

(3)

(4)

(5) नरवर

0.03 शिवपुरी

काली पहाड़ी II 2187

2186

0.05

2185

0.05

2184

0.04

2183

0.04

0.05

2182

2181

0.05

2180

0.14

योग .. 7.33 (6)

(7)

कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग करैरा , जिला शिवपुरी.

सिंध परियोजना द्वितीय चरण के अंतर्गत ( महुअर नदी तक ) की शाखा नहर एल. एम. 12 एवं 14के निर्माण हेतु.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , शिवपुरी के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. क्यू- भू- अर्जन-10-10-11-अ-82.- चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ ग्राम

खसरा नम्बर

तहसील/ तालुक

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा (2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हेक्टर में )

(2)

(1)

(3)

(4)

(5) नरवर

575

0.01

काली पहाड़ी I

शिवपुरी

576

0.12

577

0.10

578

0.13

583

0.14

585

0.02

588/2692

0.28

589/1

0.05

589/2

0.45

1544

0.10

0.07

1545

1555/2

0.12

1540/2

0.02

1556

0.06

1557

0.05

1558

0.04

1559

0.22

1616

0.20

1619

0.26

1620

0.11

1624/1

0.20 (6)

(7)

कार्यपालन यंत्री , सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग करैरा, जिला शिवपुरी.

सिंध दांया तट नहर ( महुअर नदी तक ) की शाखा एल . एम. 11 एवं डी-2 शाखा नहरों के निर्माण हेतु.

218

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

[ भाग 1 (1) (2)

(3)

(4)

(7)

(5)

(6)

नरवर

0.15

काली पहाड़ी I 1624/2

शिवपुरी

1626

0.60

0.22

1693

कार्यपालन यंत्री , सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग करैरा , जिला शिवपुरी.

1694

0.10

सिंध दांया तट नहर ( महुअर नदी तक) की शाखा एल. एम. 11 एवं डी-2 शाखा नहरों के निर्माण हेतु.

0.02

1695

1542

0.04

1541

0.19

1538

0.03

1537

0.22

1536

0.26

1534

0.06

1802

0.02

1803

0.19

1796/2

0.05

1796/1

0.03

1795

0.05

523

0.12

524

0.02

522

0.14

521

0.04

514

0.21

512

0.02

513

0.15

0.15

508

469

0.11

470

0.10

471

0.02

466

0.11

465/2

0.04

463

0.01

464

0.25

458

0.08

456

0.08

479

0.04

480/1

0.08

480/2

0.04

482

0.05

490

0.28

497/2

0.12

498

0.11

499/1

0.06

0.04

641

754

0.13 भाग 1 ]

219

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

(1) (2)

(3)

(4)

(5)

(6)

(7) नरवर

0.05

शिवपुरी

काली पहाड़ी 1 753/1

751/3

0.21

765

0.16

कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग करैरा , जिला शिवपुरी .

745

0.03

सिंध दांया तट नहर ( महुअर नदी तक) की शाखा एल. एम. 11 एवं डी-2 शाखा नहरों के निर्माण हेतु.

730

0.04

732

0.01

733

0.07

734

0.03

735

0.14

0.15

670

671

0.20

676

0.22

675

0.01

680

0.15

681 0.19

683

0.18

687

0.07

387

0.36

0.05

395

399

0.02

375

0.03

400

0.04

401

0.09

403

0.03

402

0.04

367

0.04

365

0.02

364

0.03

363

0.02

366

0.01

372

0.04

379

0.02

497/1

0.10

495

0.11

496

0.02

643/1

0.06

643/2

0.10

749/3

0.35

749/1

0.12

747

0.23

218

0.24

217

0.32

214

0.24

142

0.02 220

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

(1) (2)

(3)

(4)

(5) नरवर

141

0.06 शिवपुरी

काली पहाड़ी I

140

0.07

139

0.07

138

0.07

134

0.17

133/1

0.04

133/2

0.04

157/1

0.12

156/1

0.09

162/1

0.14

0.02

161

176

0.02

175

0.17

173

0.06

136

0.02

177

0.03

178

0.02

13.45

योग ..

[ भाग 1 (6)

(7)

कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग करैरा , जिला शिवपुरी.

सिंध दांया तट नहर ( महुअर नदी तक) की शाखा एल. एम. 11 एवं डी-2 शाखा नहरों के निर्माण हेतु.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी, शिवपुरी के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. क्यू- भू- अर्जन- 11-10-11-अ- 82.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ ग्राम

खसरा नम्बर

तहसील/ तालुक

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा (2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हेक्टर में)

(4)

(5) (2) नरवर

93

0.02 (1) शिवपुरी

(3) रायपहाड़ी

94

0.16

0.03

95

96

0.23

108

0.01

110

0.09

111/2

0.11

121

0.03

122

0.26

123

0.25

125

0.01

128

0.10 (6)

(7)

कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग करैरा , जिला शिवपुरी.

सिंध दांया तट नहर ( महुअर नदी तक ) की शाखा डी-5 के निर्माण कार्य हेतु.

भाग 1 ]

221

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

(1) (2)

(3)

(4)

(5) नरवर

129

0.06 शिवपुरी

रायपहाड़ी

130

0.15

131

0.04

132

0.07

162

0.01

163

0.06

164

0.13

0.05

167

169

0.06

170

0.18

171

0.15

172

0.14

173

0.06

0.02

196

0.24

197

198

0.06

199

0.18

222

0.26

226

0.28

227

0.18

228

0.06

235

0.07

योग .. 3.81 (6)

(7)

कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग करैरा , जिला शिवपुरी.

सिंध दांया तट नहर ( महुअर नदी तक ) की शाखा डी-5 के निर्माण कार्य हेतु.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , शिवपुरी के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. क्यू- भू- अर्जन-12-10-11-अ-82. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील/

जिला

खसरा भू-अर्जन हेतु

नगर/ ग्राम

नम्बर

तालुक

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

प्रस्तावित रकवा

(हेक्टर में)

(1)

(5) (2) नरवर

(4) 273

0.13 शिवपुरी

(3) पपरेडू

0.06

274

275

0.12

0.16

276

331

0.11

0.16

336

337

0.05 (6)

(7)

कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग करैरा, जिला शिवपुरी.

सिंध दांया तट नहर ( महुअर नदी तक) की शाखा डी-5 के निर्माण कार्य हेतु.

222

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

(1) (2)

(3)

(4) (5) नरवर

0.17

338 शिवपुरी

पपरेडू

341

0.08

0.08

343

0.17

344

345

0.02

योग .. 1.31

[भाग 1 (6)

(7)

कार्यपालन यंत्री , सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग करैरा , जिला शिवपुरी.

सिंध दांया तट नहर ( महुअर नदी तक) की शाखा डी -5 के निर्माण कार्य हेतु.

नोट:- भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , शिवपुरी के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. क्यू- भू-अर्जन-13-10-11-अ-82.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला

खसरा

नगर/ ग्राम

नम्बर

तहसील/ तालुक

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा (2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकवा

(हेक्टर में )

(2)

(1)

(5)

(4)

नरवर

(3) विल्हारीकलां 104

0.08 शिवपुरी

107

0.10

106

0.14

105/1

0.01

105/2

0.07

115

0.02

119

0.07

82

0.04

84

0.15

85

0.05

0.09

90

91

0.14

95

0.08

92

0.04

0.04

93

97

0.08

0.10

101

1.30

योग .

(6)

(7)

कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग करैरा , जिला शिवपुरी .

सिंध दांया तट नहर ( महुअर नदी पश्चात्) की शाखा डी-7 की उप शाखा 7 आर के निर्माण हेतु.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी, शिवपुरी के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. क्यू- भू- अर्जन-14-10-11-अ- 82.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी भाग 1 ]

223

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

भूमि का वर्णन

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ ग्राम

खसरा नम्बर

( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

तहसील/ तालुक

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकवा

(हेक्टर में )

(1) (2)

(3)

(4)

(5)

(6)

(7) नरवर

207

0.14

शिवपुरी

सहीड़ा खुर्द

392

0.07

395

0.40

कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग करैरा , जिला शिवपुरी.

398

0.24

सिंध दांया तट नहर ( महुअर नदी तक) की शाखा डी-5 , 8 एल एवं 9 एल माइनर के निर्माण कार्य हेतु.

399

0.18

460

0.02

461

0.22

462

0.02

467

0.42

0.09

469

471

0.01

481

0.25

0.24

491

492

0.02

500

0.09

504

0.01

505

0.09

506

0.23

507

0.01

509

0.01

510

0.16

511

0.11

524

0.02

525

0.16

567

0.07

568

0.35

569

0.01

573

0.16

0.17

574

575

0.13

0.13

579

580

0.26

583/2

0.01

583/3

0.11

584

0.14

585

0.09 224

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

(1) (2)

(3)

(4)

(5) नरवर

586

0.08 शिवपुरी

सहीड़ा खुर्द

587

0.19

588

0.24

589

0.04

636

0.08

640

0.16

641

0.10

642

0.18

644

0.23

645

0.11

0.01

646

6.26

योग .

[भाग 1 (6)

(7)

कार्यपालन यंत्री , सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग करैरा , जिला शिवपुरी.

सिंध दांया तट नहर ( महुअर नदी तक) की शाखा डी-5, 8 एल एवं 9 एल माइनर के निर्माण हेतु.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , शिवपुरी के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजकुमार पाठक, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला पन्ना , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

पन्ना, दिनांक 27 दिसम्बर 2010

प्र. क्र. 005- अ- 82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में , उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला

भूमिका वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(4) पन्ना

पन्ना

निजी 25.578

(3) जनकपुर

शासकीय 0.960 कुल.. 26.538

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, पन्ना.

जनकपुर तालाब योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण डूब क्षेत्र एवं नहर निर्माण कार्य में आने वाली भूमि का अधिगृहण बावत्.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 007 - अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित भाग 1 ]

225

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

व्यक्तियों को, सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमिका वर्णन नगर/ग्राम

(1)

(2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) पन्ना

शाहनगर गजंदा

निजी 30.57 एवं शासकीय भूमि रकबा 10.34 कुल .. 40.91

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना मध्यप्रदेश .

गजंदा तालाब योजना के अन्तर्गत तालाब योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण वेस्टवियर स्पिल चैनल एप्रोच चैनल एवं नहर निर्माण कार्य हेतु.

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है.- गजंदा तालाब योजना के अन्तर्गत तालाब योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण वेस्ट वियर स्पिल चेनल एप्रोच चैनल एवं नहर निर्माण कार्य हेतु ग्राम गजंदा तहसील व अनुभाग शाहनगर हेतु भूमि का अधिगृहण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , के. सी. जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

ग्वालियर , दिनांक 6 जनवरी 2011

क्र. 01- अ- 82 - भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है: -

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) ग्वालियर

(2) चीनौर

(4) 5.886

(3) रजोआ

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा (4 ) की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

हरसी उच्चस्तरीय मुख्य नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग डबरा , जिला ग्वालियर .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) , न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

226

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला हरदा , मध्यप्रदेश , एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

हरदा, दिनांक 6 जनवरी 2011

क्र. 91 - भू-अर्जन-अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्नानुसार कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(3)

(2) सिराली

(1) हरदा

कडौला राघौ

(4) 0.202

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा ( 4 ) की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) भू-अर्जन अधिकारी, खिरकिया.

इमलीढाना जलाशय की मुख्य नहर निर्माण हेतु पूरक प्रस्ताव.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) आदि अपर कलेक्टर/ भू-अर्जन अधिकारी , खिरकिया/कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन हरदा/अनुविभागीय अधिकारी , खिरकिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , जॉन किंग्सली , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

शाजापुर, दिनांक 7 जनवरी 2011

क्र. भू- अर्जन- 2010-6- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा, खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण जिला

ग्राम

तहसील

कुल भूमि (हेक्टर में) (2) बड़ौद

(1) शाजापुर

(4) 4.56 0.43

1.95

(3) कछालिया कण्डारी सियाखेड़ी

योग : 6.94

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत

(6) कछालिया तालाब योजना के अन्तर्गत नहर निर्माण हेतु आवश्यक भूमि बावत्.

(5) अनुविभागीय अधिकारी, जल संसाधन उपखण्ड, आगर जिला शाजापुर.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्लान का निरीक्षण , कार्यालय, कलेक्टर, जिला शाजापुर एवं अनुविभागीय एवं भू-अर्जन अधिकारी, आगर - बड़ौद के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सोनाली एन. वायंगणकर , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

227

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला उमरिया, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

उमरिया, दिनांक 10 जनवरी 2011

क्र. - भू- अर्जन- 2010-1-अ82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कालम ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

कुल क्षेत्रफल

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

सर्वे

रकबा

क्रमांक (हेक्टर में )

(1) (2)

(3)

(4) (5)

(6)

(7) उमरिया

300 0.110

मानपुर कुदरी

टोला

301/1

0.283

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग , रीवा.

307/1 0.109

पाली रायपुर मार्ग के कि. मी. 12/10में बन्नौदा घाट पर जोहिला नदी पर पुल निर्माण बावत्.

308 0.134

307/2 0.113

0.113

307/3

309 0.274

330

0.041

331

0.262

343/1 0.061

343/2

0.061

344/1 0.121

344/2 0.120

360

0.134

363

0.206

योग

2.142

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- पाली रायपुर मार्ग के कि.मी. 12/10 में बन्नौदा घाट पर जोहिला नदी पर पुल निर्माण बावत.

( 3 ) भूमि के नक्शा प्लान का निरीक्षण कलेक्टर कार्यालय जिला उमरिया एवं कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग रीवा म. प्र. के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एन. एस. भटनागर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खरगोन, दिनांक 12 जनवरी 2011

क्र. 43 - भू- अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना 228

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

[भाग 1 है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 ( क) , के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह 17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं.

अनुसूची

जिला

भूमि का वर्णन ग्राम/नगर

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2) (3)

(4) खरगोन कसरावद

64.648

भट्याण बुजूर्ग

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो . लिमि. मण्डलेश्वर.

महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण .

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) ( 1 ) कलेक्टर जिला खरगोन , ( 2 ) भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर , मुख्यालय खरगोन, ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल 1 ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना , म.प्र.रा.वि. मण्डल मण्डलेश्वर, (4) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

खरगोन, दिनांक 13 जनवरी 2011

क्र. 49 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उप धारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील ग्राम/नगर

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(3)

(4) (1) खरगोन

(2) गोगावां व्यवस्थापित केन्द्र निमवाड़ी.

व्यवस्थापित केन्द्र निमवाड़ीके कक्ष क्रमांक-657 की वनभूमि के पट्टेदारों की भूमि क्षेत्रफल 3.524 हे.

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) कार्यपालन यंत्री, न.वि.सं. क्र. 19 भीकनगांव.

अपरवेदा परियोजना की मुख्य नहर एवं उसकी वितरण शाखा के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोट. - ( 1 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन, भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , अपरवेदा परियोजना भीकनगांव मुख्यालय खरगोन, वनमण्डलाधिकारी खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, न.वि.सं.क्र. 19 भीकनगांव के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

(2 ) भारत शासन वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के ज्ञाप क्रमांक 6 एम.पी.सी. - 19-2005- बी.एच.ओ. - 1333, दिनांक 24 जुलाई 2006 के द्वारा अपरवेदा परियोजना के नहर निर्माण के उपयोग की स्वीकृति निर्माण विभाग द्वारा प्राप्त की गई है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार, शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

229

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला उज्जैन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

उज्जैन , दिनांक 13 जनवरी 2011

क्र. भूमि संपादन- 2011- संशोधन. इस न्यायालय द्वारा भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक 2 - अ- 82-10-11 में दिनांक 15-10-2010 को ग्राम गोयलाखुर्द और मालनवासा की कुल भूमि 1.858 हेक्टर की धारा 4 का प्रकाशन लिपिकीय त्रुटि से साधारण रिति से हुआ है.

इस त्रुटि को सुधार करते हुए इस प्रकरण में पत्र क्र. 8492- भू. अ. - 2010 , दिनांक 28-10-2010 से पुनः धारा 4 का प्रकाशन अर्जेन्सी क्लाज भू- अर्जन अधिनियम, 1894 धारा -17 ( 1 ) के प्रावधान लागू करते हुए किया गया है. अतः लिपिकीय त्रुटि से प्रकाशित धारा 4 की अधिसूचना दिनांक 15-10-2010 के स्थान पर दिनांक 28-10-2010 को जारी अधिसूचना को पढ़ा जावे.

क्र. भूमि संपादन- 2011 -संशोधन. इस न्यायालय द्वारा भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक 3-अ- 82-10-11 में दिनांक 13-10-2010 को ग्राम गोयलाखुर्द और मालनवासा की कुल भूमि 2.015 हेक्टर की धारा 4 का प्रकाशन लिपिकीय त्रुटि से साधारण रिति से हुआ है.

इस त्रुटि को सुधार करते हुए इस प्रकरण में पत्र क्र. 8493 - भू. अ.- 2010 , दिनांक 28-10-2010 से पुनः धारा 4 का प्रकाशन अर्जेन्सी क्लाज भू- अर्जन अधिनियम, 1894 धारा-17 ( 1 ) के प्रावधान लागू करते हुए किया गया है. अतः लिपिकीय त्रुटि से प्रकाशित धारा 4 की अधिसूचना दिनांक 13-10-2010 के स्थान पर दिनांक 28-10-2010 को जारी अधिसूचना को पढ़ा जावे .

क्र. भूमि संपादन - 2011 - संशोधन. इस न्यायालय द्वारा भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक 4-अ-82-10-11 में दिनांक 19-10-2010 को ग्राम नागझिरी , मालनवासा तथा शक्करवासा की कुल भूमि 9.226 हेक्टर की धारा -4 का प्रकाशन लिपिकीय त्रुटि से साधारण रिति से हुआ है.

इस त्रुटि को सुधार करते हुए इस प्रकरण में पत्र क्र. 8496 - भू. अ. - 2010 , दिनांक 28-10-2010 से पुनः धारा -4 का प्रकाशन अर्जेन्सी क्लाज भू- अर्जन अधिनियम 1894 धारा -17 ( 1 ) के प्रावधान लागू करते हुए किया गया है. अतः लिपिकीय त्रुटि से प्रकाशित धारा 4 की अधिसूचना दिनांक 19-10-2010 के स्थान पर दिनांक 28-10-2010 को जारी अधिसूचना को पढ़ा जावे.

एम. गीता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

खण्डवा, दिनांक 13 जनवरी 2011

भू-अर्जन- प्र. क्र. 23-अ- 82-2010-11- नस्ती क्र. 216-2010 - एलए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उप धारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(1) खण्डवा

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 0.504

ग्राम (3) मूंदी

(2) पुनासा

(5) कार्यपालन यंत्री , ( सिविल ) म. प्र. पा. ट्रा. कं. लि. , इन्दौर.

(6) पॉवर पारेषण सुधार योजना के अन्तर्गत 132 के. व्ही . उप- केन्द्र विस्तार निर्माण हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा/कार्यपालन यंत्री ( सिविल ) म. प्र. पा . ट्रा. कं. लि. , जीपीएच पोलो ग्राउण्ड इन्दौर कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

230

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

नरसिंहपुर, दिनांक 13 जनवरी 2011

रा. मा. क्र. 9 अ- 82- वर्ष 2010-11 पत्र क्र. 22- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उप धारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

(2)

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा ( हेक्टर में ) (4)

16.203 गोटेगांव

(1) नरसिंहपुर

(3) बम्हनी नं.बं. 365 प.ह.न. 35(ख)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

बम्हनी जलाशय निर्माण हेतु.

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , नरसिंहपुर.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर नरसिंहपुर के भू- अर्जन शाखा में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , विवेक पोरवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

राजगढ़ , दिनांक 14 जनवरी 2011

क्र. 771 - भूअर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (4)

1. मानकी

(2) ब्यावरा

1.371 (1) राजगढ़

0.827

2. भगोरा

0.229

3. पीपल्याखेड़ी

4. बैलास

0.573

योग: 3.000 धारा 4 की उपधारा ( 2 )

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण

(6) गिन्दोरहाटसे भगोरा बैलास रोड निर्माण में भूमि का अर्जन.

के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग भ/प राजगढ़ , म. प्र.

नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लॉन ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी राजस्व ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

231

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

क्र. 777 - भूअर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

(4) ब्यावरा

1. बगवाज

0.160 राजगढ़

2.246

2. पाडलीगोसाई

0.114

3. सीलखेड़ा

योग: 2.520

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण

(6) (5) धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

बगवाज से सीलखेड़ा रोड निर्माण में भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग भ/प राजगढ़, म . प्र.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लॉन ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी राजस्व ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 779 - भूअर्जन- 2010-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियत की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

(4) ब्यावरा 1. निवारा

1.049 राजगढ़

2.टोडी

0.185

1.158

3. कडियाहाट

योग: 2.392

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 की उपधारा ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) कार्यपालन यंत्री ,

निवारा से कडियाहाट रोडनिर्माण में भूमि का अर्जन .

लोक निर्माण विभाग भ/प राजगढ़ , म. प्र.

नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लॉन ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी राजस्व ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 781 - भूअर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) से उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि 232

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

[भाग 1 के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) ब्यावरा

1.565

1. नापानेरा

राजगढ़

2. नेवली

0.309

योग: 1.874

सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 की उपधारा ( 2 )

का विवरण के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) कार्यपालन यंत्री,

लोक निर्माण विभाग

नापानेरा से नेवली रोड निर्माण में भूमि का अर्जन.

भ/प राजगढ़ , म. प्र.

नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लॉन ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी राजस्व ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 783 - भू- अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इनके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2) (3)

(4) ब्यावरा

1.379 राजगढ़

1. आमझेर

1.429

2. तूमडियाखेडी

योग: 2.808 धारा 4 की उपधारा ( 2 )

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) कार्यपालन यंत्री,

लोक निर्माण विभाग

लखनवास से तुमडियाखेडी रोड निर्माण में भूमि का अर्जन.

भ/प राजगढ़ , म. प्र .

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लॉन ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी राजस्व ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 785 - भू- अर्जन- 2010-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इनके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(1)

(3)

(4)

1. भाटखेडी

ब्यावरा

0.366 राजगढ़

0.245

2. भिलवाडिया

योग: 0.611 धारा 4 की उपधारा ( 2 )

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) कार्यपालन यंत्री,

(5) लोक निर्माण विभाग

भाटखेडी से भिलवाडिया रोड निर्माण में भूमि का अर्जन.

भ/प राजगढ़ , म. प्र.

नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लॉन ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी राजस्व ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

233

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

क्र. 787 - भू- अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियत की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) ब्यावरा

राजगढ़

1. नारियाबे 2. कांसोरकला

1.033 0.721 योग: 1.754

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

सुठालिया रोड से नारियाबे कांसोर कला रोड निर्माण में कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग

भूमि का अर्जन.

भ/प राजगढ़, म. प्र.

नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लॉन ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी राजस्व ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 789- भू- अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(4) ब्यावरा

राजगढ़

(3) 1. झरखेडा

0.903

योग: 0.903

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग

झरखेडा से पाडली महाराजा रोडनिर्माण में भूमि का अर्जन.

भ/प राजगढ़, म . प्र .

नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लॉन ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी राजस्व ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 793 - भू- अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को , इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(3)

(4) (2) ब्यावरा

(1) राजगढ़

1. नरी

0.067

0.394

2. पारधानी कुण्डल

योग: 0.461

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग

नरी से सुठालिया रोड निर्माण में भूमि का अर्जन.

भ/प राजगढ़ , म . प्र.

नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लॉन ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी राजस्व ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .

234

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

[भाग 1

राजगढ़ दिनांक 20 जनवरी 2011

क्र. 1156 - भू-अर्जन-2010. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(1)

(3)

(4) राजगढ़ नरसिंहगढ़ 1. भैसाना 2. दौलतपुरा

0.065 9.657 योग: 9.722

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, जलसंसाधन संभाग , नरसिंहगढ़.

कुशलपुरा तालाब के निर्माण में डूब क्षेत्र में आई तहसील नरसिंहगढ़ की निजि भूमि का अर्जन.

नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , नरसिंहगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1162- भू-अर्जन-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) राजगढ़ नरसिंहगढ़ 1. सूण्डी 0.972 2. सांका जागीर 3.036 योग: 4.008

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

सांका जागीर चांदबड़ मार्ग निर्माण हेतु निजी भूमि काअर्जन.

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, भ/प, राजगढ़.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , नरसिंहगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1164 - भू- अर्जन-10 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

235 के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1)

(3)

(2)

(5)

(6)

(4)

4.474

राजगढ़ नरसिंहगढ़ 1. बोड़ा

2. सेंदरी

2.343

3. उमरी

2.894

बोड़ा, उमरी , सेंदरी , कण्डारा कोटरी मार्ग निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , भ/प, राजगढ़ .

4. कण्डारा कोटरी 2.338

योग: 12.049

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , नरसिंहगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बुरहानपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

बुरहानपुर, दिनांक 14 जनवरी 2011

क्र. क- वाचक- भू-अर्जन-2010- प्र. क्र. 01-अ 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हैं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के

जिला तहसील

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण

क्षेत्रफल (हैक्टर में )

(6)

(4)

अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

3.45

(2) नेपानगर रहमानपुरा

(1) बुरहानपुर

भू-अर्जन अधिकारी , नेपानगर

8.12

(3) सिंधखेड़ा

2.01

बड़ीखेड़ा

रहमानपुरा तालाब योजना के नहर निर्माण कार्य हेतु भूमि का अधिग्रहण.

6.09

पांचईमली

योग: 19.67

अर्जन की जाने वाली भूमि से संबंधित नक्शा, ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी, नेपानगर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. क-वाचक- भू-अर्जन-2010- प्र. क्र. 02-382-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों 236

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

[भाग 1 के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

क्षेत्रफल (हैक्टयर में ) (2)

(4) 7.27 (1) बुरहानपुर नेपानगर

(3) रहमानपुरा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) भू-अर्जन अधिकारी , नेपानगर

(6) रहमानपुरा तालाब योजना के शीर्ष कार्य हेतु भूमि का अधिग्रहण.

अर्जन की जाने वाली भूमि से संबंधित नक्शा, प्लान भू- अर्जन अधिकारी , नेपानगर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. क-वाचक- भू-अर्जन- 2010- प्र. क्र. 03- अ 82- वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) 0.57 (1) बुरहानपुर

(2) नेपानगर

(3) हैदरपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) भू-अर्जन अधिकारी, नेपानगर

(6) हैदरपुर तालाब के शेष आने वाले क्षेत्रफल के भू-अर्जन हेतु भूमि का अधिग्रहण.

अर्जन की जाने वाली भूमि से संबंधित नक्शा, प्लान भू-अर्जन अधिकारी , नेपानगर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. क-वाचक- भू-अर्जन-2010- प्र. क्र. 06-अ 82- वर्ष 2010-11. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम

जिला

(2)

क्षेत्रफल (हैक्टयर में ) (4) (1) बुरहानपुर नेपानगर

1.40 10.63 नेपानगर

बुरहानपुर

(3) हिवरा हैदरपुर

योग: 12.03

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

भू-अर्जन अधिकारी, नेपानगर (5)

(6) हैदरपुर तालाब योजना के नहर कार्य हेतु भूमि का अधिग्रहण.

अर्जन की जाने वाली भूमि से संबंधित नक्शा , प्लान भू-अर्जन अधिकारी , नेपानगर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रेनु पन्त, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

237 कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

रीवा , दिनांक 17 जनवरी 2011

क्र. 38 - भू- अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) रीवा

0.58 सिरमौर गभुवानी महादेवा चौथ

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

क्योटी नहर प्रणाली की कटकी

उप शाखा नहर क्र. - 1 निर्माण कार्य.

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , रीवा (म. प्र. )

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 40 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उप धारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) रीवा सिरमौर

1.415

वगढा कोठार

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

क्योटी नहर प्रणाली की कटकी उप शाखा नहर क्र. -1 निर्माण कार्य.

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा ( म. प्र. )

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

238

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

[भाग 1 क्र. 42- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उप धारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(3)

(4) (1) रीवा

2.346

गभुवानी

सिरमौर

वृत

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , रीवा ( म. प्र.)

क्योटी नहर प्रणाली की कटकी उप शाखा नहर क्र. - 1 निर्माण कार्य.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 44 - भू- अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उप धारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (1)

(2)

(3)

(4) रीवा मनगवां

0.081

खरहना

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा (म. प्र. )

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योंटी मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

239 कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

छतरपुर, दिनांक 18 जनवरी 2011

क्र. 01 - अ- 82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित क्षेत्रफल लगभग (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) राजनगर बसारी

35.507 छतरपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा ( 4 ) की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) भू-अर्जन अधिकारी , राजनगर .

ललितपुर खजुराहो नई बड़ी रेल लाईन का निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , राजनगर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिंगरौली , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सिंगरौली , दिनांक 19 जनवरी 2011

क्र. 150 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

(2)

(1) सिंगरौली देवसर

(3) गोरगी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 62.50

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन धारा ( 4 ) की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5) उपखण्ड अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , देवसर.

1320 मेगावाट पावर प्लांट की स्थापना हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान) भू-अर्जन अधिकारी , देवसर, जिला सिंगरौली के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

240

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग पन्ना, दिनांक 6 जनवरी 2011

प्र.क्र. 008 - अ 82 - वर्ष 2010-2011.- चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- पन्ना

(ख ) तहसील- अजयगढ़

( ग ) ग्राम- नरदहा

लगभग क्षेत्रफल- 28.03 हेक्टेयर.

(घ)

खसरा नम्बर

भूमिका प्रकार

कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

(3) 2537

0.15

निजी भूमि 2538

0.03

निजी भूमि 2539

0.06

निजी भूमि 2540

0.04

निजी भूमि 2541

0.26

निजी भूमि 2542

0.40

निजी भूमि 2543

1.15

निजी भूमि 2544/1

0.23

निजी भूमि 2544/2

0.32

निजी भूमि 2545

0.86

निजी भूमि 2546

0.89

निजी भूमि 2548

0.22

निजी भूमि 2549

0.52

निजी भूमि 2554

0.20

निजी भूमि 2555

0.55

निजी भूमि 2556

0.26

निजी भूमि 2557

0.03

निजी भूमि 2558/1

0.17

निजी भूमि 2558/2

0.05

निजी भूमि 2559/1

0.05

निजी भूमि 2559/2

0.06

निजी भूमि 2560

0.11

निजी भूमि 2562

0.84

निजी भूमि

[भाग 1 (1)

(2)

(3) 2563

0.81

निजी भूमि 2564/1

0.05

निजी भूमि 2564/2

0.33

निजी भूमि 2565

0.27

निजी भूमि 2566

0.21

निजी भूमि 2567

0.21

निजी भूमि 2568

0.10

निजी भूमि

2.46

2569/1

निजी भूमि 2569/2

0.97

निजी भूमि 2570

0.16

निजी भूमि 2571

0.28

निजी भूमि 2572/1

0.02

निजी भूमि 2572/2

0.03

निजी भूमि

0.14

2573

निजी भूमि 2574

0.57

निजी भूमि 2575

0.10

निजी भूमि 2576

0.11

निजी भूमि

0.25

2577

निजी भूमि 2578

0.02

निजी भूमि 2579

0.51

निजी भूमि 2582

0.13

निजी भूमि 2583

0.51

निजी भूमि

0.54

2584

निजी भूमि 2585

0.03

निजी भूमि 2586

0.40

निजी भूमि 2588

0.13

निजी भूमि 2589

0.30

निजी भूमि

0.80

2590

निजी भूमि 2619

0.10

निजी भूमि 2620

0.12

निजी भूमि 2621

0.15

निजी भूमि 2622

0.12

निजी भूमि

0.22

2623

निजी भूमि 2624

0.55

निजी भूमि 2625

0.56

निजी भूमि 2626/1

0.28

निजी भूमि 2626/2

0.12

निजी भूमि 2627

0.18

निजी भूमि 2628/1

0.10

निजी भूमि

0.40

2628/2

निजी भूमि 2630/2

0.15

निजी भूमि

0.76

2635/1

निजी भूमि 2635/2

0.68

निजी भूमि 2635/3

0.60

निजी भूमि

0.50

2636/1

निजी भूमि भाग 1 ]

241

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

(3) (1)

(2)

2636/2

0.16

निजी भूमि 2636/3

0.14

निजी भूमि 2637

0.37

निजी भूमि 2638/2

0.16

निजी भूमि

0.35

2639

निजी भूमि 2641/1

1.03

निजी भूमि 2641/2

1.02

निजी भूमि 2642

0.29

निजी भूमि 2648

0.10

निजी भूमि 2482

0.08

निजी भूमि 2554

0.13

निजी भूमि 2553

0.13

निजी भूमि 2552

0.12

निजी भूमि 2551

0.04

निजी भूमि 2474/1

0.33

निजी भूमि 2474/2

0.06

निजी भूमि 2467

0.04

निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि 28.03

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. बहरी तालाब योजना के अन्तर्गत तालाब एवं वेस्ट वियर निर्माण हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर , कार्यालय पन्ना में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. सी. जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला मंदसौर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग गरोठ , दिनांक 4 जनवरी 2011

प्र. क्र. 05 अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की कंवरपुरा तालाब से वेस्टवेयर के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- मन्दसौर

(ख) तहसील- भानपुरा

(ग ) ग्राम- सादलपुर

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-03.379 हेक्टर.

सर्वे नम्बर

रकबा

अर्जित संपत्तियों का विवरण

(2)

(1)

(3)

0.600

51/1

51/2

0.600

71

0.158

0.809

49/2

49/3

0.607

68/1

0.395

68/2

0.110

66/2

0.100

योग .. 3.379

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- कंवरपुरा तालाब से वेस्ट वेयर हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण . अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , गरोठ, जिला मंदसौर के यहां किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , महेन्द्र ज्ञानी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छिन्दवाड़ा, दिनांक 11 जनवरी 2011

क्र. 331 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख ) तहसील - उमरेठ

(ग ) नगर/ग्राम- ग्राम डोंगरखापा रैय्यतवाड़ी, प.ह.नं. 04, ब.नं. 21,

रा.नि. मंडल- उमरेठ 242

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

(घ ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल 06.880 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियाँ.

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हे. में)

प्रस्तावित खसरा नम्बर (1)

(2)

3/1

1.008

3/2

0.945

5/1

0.440

5/4

0.270

5/6

0.235

5/2

1.690

5/5

0.214

5/7

0.190

21/1

1.068

21/2

0.290

21/3

0.240

28/1

0.060

29

0.010

20

0.010

43/6

0.210 योग . 06.880

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- डोंगरखापा जलाशय योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(4 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कार्यपालन यंत्री , कन्हरगॉव परियोजना संभाग , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी , कन्हरगॉव परियोजना शीर्ष कार्य उपसंभाग छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा में भी किया जा सकता है .

क्र. 332- भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894

[भाग 1 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला - छिन्दवाड़ा

(ख ) तहसील- उमरेठ

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम-डोंगरखापा माल , प.ह.नं. 04, ब.नं. 224, रा.नि.मंडल - उमरेठ (घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल- 03.520 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियाँ.

प्रस्तावित खसरा नम्बर

(1)

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हे. में) (2)

2/1

0.240

6/1

0.129

0.350

8/1

2/2

0.105

6/2

0.691

7

0.214

0.190

4/1

5/1

0.030

5/4

0.081

4/2

0.405

5/2

0.060

5/5

0.030

4/3

0.190

5/6

0.071

13/1

0.120

13/2

0.060

100/1

0.010

0.050

101

102

0.025

103

0.049

0.040

104

106

0.040

107

0.100

108

0.110

109

योग 03.520 0.130

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- डोंगरखापा जलाशय योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.

भाग 1 ]

243

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

( 3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कार्यपालन यंत्री, कन्हरगाँव परियोजना संभाग , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा में भी देखा जा सकता है.

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) कानिरीक्षण, कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी , कन्हरगॉव परियोजना शीर्ष कार्य उपसंभाग छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा में भी देखा जा सकता है.

क्र. 333 - भू- अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील- उमरेठ

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम निमकुही, प.ह.नं. 04, ब. नं. 301 , रा.नि. मंडल- उमरेठ

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल- 14.062 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियाँ.

प्रस्तावित खसरा नम्बर

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हे. में)

(2)

(1)

55/1

0.030

57

0.170

58

0.160

59/1

0.210

75/1

0.140

186

0.010

190

0.160

195

0.035

225/2

0.433

193

0.040

194

0.010

225/1

0.433

(1)

(2)

80

0.010

61/3

0.440

189

0.906

192

0.040

196

0.010

223

0.160

0.220

191

227

0.020

228

1.324

229

0.910

0.077

238

0.830

230

232/1

0.880

232/2

0.920

234

1.485

235

0.809

237

0.500

1.790

239

0.160

240

241

0.200

245/1

0.520

0.020

61/1

योग .. 14.062

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- डोंगरखापा जलाशय योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कार्यपालन यंत्री, कन्हरगाँव परियोजना संभाग , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा में भी देखा जा सकता है.

( 5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी , कन्हरगॉव परियोजना शीर्ष कार्य उपसंभाग छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा में भी देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, श्रीनिवास शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

244

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिवनी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सिवनी, दिनांक 12 जनवरी 2011

क्र. 257 - जि.भू.अ. - 2011.- चूंकि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग जिला सिवनी द्वारा अधिसूचना दिनांक 5 नवम्बर 2010 द्वारा यह अधिसूचित किया जा चुका है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः यह घोषणा की जाती है कि भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, राज्य शासन का समाधान हो गया है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील - लखनादौन

(ग ) ग्राम- सिहोरा , प.ह.नं. 51

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.15 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)

खसरा नम्बर अशासकीय (1) 30

योग .. 0.15 0.15

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- पथरिया जलाशय की मुख्य नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय कलेक्टर (भू-अर्जन ) सिवनी में किया जा सकता है.

क्र. 257- जि.भू.अ. - 2011.- चूंकि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग जिला सिवनी द्वारा अधिसूचना दिनांक 5 नवम्बर 2010 द्वारा यह अधिसूचित किया जा चुका है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः यह घोषणा की जाती है कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, राज्य शासन का समाधान हो गया है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील - लखनादौन

[भाग 1 (ग) ग्राम- पायली , प.ह.नं. 97

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.38 हेक्टर.

खसरा नम्बर अशासकीय

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

30

0.74

35

0.05

36

0.05

0.05

37

44

0.05

45

0.24

46

0.05

0.15

168/3

योग .. 1.38

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सालीवाड़ा जलाशय की मुख्य नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय कलेक्टर (भू- अर्जन ) सिवनी में किया जा सकता है.

क्र. 257- जि.भू.अ. - 2011.- चूंकि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग जिला सिवनी द्वारा अधिसूचना दिनांक 5 नवम्बर 2010 द्वारा यह अधिसूचित किया जा चुका है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः यह घोषणा की जाती है कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, राज्य शासन का समाधान हो गया है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील - लखनादौन

(ग) ग्राम- पथरिया, प.ह.नं. 51

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.63 हेक्टर.

खसरा नम्बर अशासकीय

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.15

51/1

0.20

91

0.05

79

0.22

51/2

0.87

54 भाग 1 ]

245

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

(2)

(1)

57/2

0.26

78

0.33

83/1

0.05

83/2

0.25

89

0.74

90

0.51

योग . 3.63

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- पथरिया जलाशय में अधिग्रहित अतिरिक्त भूमि का अर्जन.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय कलेक्टर ( भू-अर्जन ) सिवनी में किया जा सकता है .

क्र. 257-जि.भू.अ. - 2011.- चूंकि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग जिला सिवनी द्वारा अधिसूचना दिनांक 5 नवम्बर 2010 द्वारा यह अधिसूचित किया जा चुका है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः यह घोषणा की जाती है कि भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, राज्य शासन का समाधान हो गया है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील- लखनादौन

(ग) ग्राम- सालीवाडा, प.ह.नं. 96

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.06 हेक्टर.

खसरा नम्बर अशासकीय (1)

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)

15

0.34

52/2

1.00

56

0.15

145/1

0.21

145/2

0.20

182/3

0.46

252/1

0.08

166/1

0.25

182/1

0.34

247

0.18

248

0.31

(1)

(2)

0.12

249/2

254/2

0.15

255

0.27

योग . 4.06

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यक ता है- सालीवाड़ा जलाशय अन्तर्गत मुख्य नहर एवं स्पील चैनल के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय कलेक्टर (भू-अर्जन ) सिवनी में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. कुलेश कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खरगोन, दिनांक 12 जनवरी 2011

क्र. 44- भू.-अर्जन-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है. उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू- अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक 638-05-कोर्ट -10, इंदौर, दिनांक 8 सितम्बर 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 ( 4 ) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील - महेश्वर

(ग) ग्राम का नाम- सेजगांव

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.729 हेक्टर.

खसरा नम्बर

डूब का रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

104

0.664

0.065

106/1/2 , 106/2

0.729

योग 246

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1. कलेक्टर जिला-खरगोन, 2. भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर, जल विद्युत् परियोजना मण्डलेश्वर मुख्यालय खरगोन, 3. कार्यपालन अभियंता (सिविल ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना/म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4. महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

खरगोन , दिनांक 13 जनवरी 2011

क्र. 52- भू. -अ. - 11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है. उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक 637-05- कोर्ट -10, इंदौर, दिनांक 8 सितम्बर 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4 ) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील - कसरावद

(ग) ग्राम का नाम- शिवरामपुरा

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-5.174 हेक्टर .

खसरा नम्बर

डूब का रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

3

0.008

4

2.009

5/2

0.300

24/ 1 ग

1.254

28

0.040

[भाग 1 (1)

(2)

36

0.065

37

0.040

40

0.008

41

0.020

42

0.016

46

0.016

47

0.028

49

0.061

50

0.040

51

0.016

54

0.008

56

0.024

58

0.109

59

0.032

60

0.032

64

0.016

65

0.024

67

0.025

68

0.032

0.020

69

73/5

0.486

77

0.364

101/1

0.081

योग 5.174

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1. कलेक्टर जिला- खरगोन, 2. भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर, जल विद्युत् परियोजना मण्डलेश्वर मुख्यालय खरगोन , 3. कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना/म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4. महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

247

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

कार्यालय, कलेक्टर, जिला जबलपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग पाटन, दिनांक 18 जनवरी 2011

पृ. क्र. 3 - अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 एवं 68 सन् 1984 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- जबलपुर

(ख ) तहसील- शहपुरा

(ग) ग्राम-खैरी

( घ) लगभग क्षेत्रफल- 15.49 हेक्टर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

248/3

2.00

248/11

0.80

248/12

0.80

248/15

0.80

248/16

0.80

248/17

0.80

248/18

0.80

248/19

0.80

248/20

0.80

248/21

0.80

248/22

0.80

248/23

0.80

248/24

0.80

248/25

0.40

248/41

0.80

248/44

0.80

248/45

0.80

248/2

0.17

219/2

0.07

219/3

0.12

219/4

0.17

219/5

0.21

218

0.05

210/1

0.04

(2)

(1)

0.06

216

0.06

215

205/1

0.04

204

0.04

203

0.06

योग .. 15.49

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है -765 के. व्ही. पुलिंग स्टेशन निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पाटन के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 4- अ- 82-2009-10 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 एवं 68 सन् 1984 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला- जबलपुर

(ख ) तहसील- शहपुरा

(ग ) ग्राम- हीरापुर बंधा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 15.21 हेक्टर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

209

0.30

211

0.35

1.00

212

1.00

213

214

1.00

215

1.00

2.00

219/2

219/3

2.00

2.00

219/4

219/5

2.00

2.00

219/6

103/1

0.10

104

0.20

109/1

0.10 248

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

(2)

(1)

109/2

0.10

110

0.06

योग . 15.21

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है -765 के. व्ही. पुलिंग स्टेशन निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, पाटन के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , गुलशन बामरा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

राजगढ़ दिनांक 20 जनवरी 2011

क्र. 1158 - भू-अर्जन-10 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- राजगढ़

(ख ) तहसील - नरसिंहगढ़

(ग) नगर/ ग्राम- रूगनाथपुरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.231 हेक्टर.

सर्वे नं.

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

90

0.100

91

0.113

92

0.018

0.231

योग

[भाग 1 ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- मोतीपुरा तालाब की मुख्य नहर के निर्माण हेतु आ रही भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) नरसिंहगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रायसेन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रायसेन, दिनांक 22 जनवरी 2011

प्र. क्र. 2 - अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 2 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:--

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- रायसेन

(ख ) तहसील- उदयपुरा

( ग) ग्राम - कुकरा , सिमरिया, उँचाखेडा, बेरखेडी (घ) रकबा 11.475 हेक्टर.

ग्राम का नाम सर्वे क्रमांक कुल रकबा अर्जित रकबा (हेक्टर में) (1)

(3)

(2)

(4)

ग्राम-कुकरा

1.720

0.112 30/4 26/1

2.921

0.294 26/2

0.405

0.049 19/2/1

0.303

0.230

3.719

22

0.504 13

4.472

0.624 17

3.245

0.168

1.680

15/2

0.252 15/3

1.680

0.252

2.910

100

0.350 भाग 1 ]

249

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

(1)

(2)

(3)

(4) 101

3.295

0.148 102

4.079

0.504

2.274

103/1

0.193 103/2

2.275

0.249

ग्राम-सिमरिया

18/2

1.619

0.308 18/1

2.351

0.428 129/2

3.036

0.286 129/1/1

1.165

0.119 129/1/2

1.165

0.116 141

0.603

0.048 142/1

1.712

0.191

ग्राम-बेरखेडी

17

2.954

0.340 16/3

1.983

0.146 16/2

1.983

0.094 16/1/2

1.983

0.162 20

1.788

0.169 19

0.216

1.843

37/1

0.216

0.919

37/3

0.922

0.144 36

3.800

0.192 46/1

2.319

0.131 46/2

0.809

0.181 45/2

1.214

0.264 45/1

2.412

0.214 48

6.208

0.299 47/1

0.854

0.083 53

5.488

0.330 125

1.647

0.214 130

0.381

0.122 134

2.590

0.163 133

0.125

0.054 183/1/1

9.635

0.782

1.619

183/1/2

0.048 182/1/1

6.880

0.256 164/2

0.901

0.094 164/1

0.809

0.042 165/1

1.720

0.125 165/2

1.720

0.125

(3)

(1)

(2)

(4)

1.721

0.125 165/3

0.064 165/4

0.970

166/2

0.984

0.149

0.713

0.061 168/1

0.107 169

0.590

0.546

170/1

0.173 157

2.076

0.112

योग 11.475

शासकीय बेरखेडी

4

0.320

0.028

0.535

0.056 18

ग्राम सिमरिया

0.061

19

0.056

0.018 20

0.186

ग्राम-उँचाखेड़ा

128

0.583

0.198 152

0.036

0.008

1.028

143

0.104

0.140 147

2.687

157

8.623

0.054

0.032

0.032 154

ग्राम-बेरखेड़ी

0.486

128

0.048 12

0.466

0.144 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- जलाशय नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बरेली के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 5 - अ- 82-2008-09.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी 250

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रायसेन

(ख ) तहसील - उदयपुरा

(ग) ग्राम - बरखंदा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.164 हेक्टेयर .

सर्वे क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टर में) (1)

कुल रकबा (हेक्टर में) (2)

(3)

ग्राम-बरखंदा

27

2.093

0.23 73

0.971

0.12 75

1.028

0.10 69

1.623

0.171 70

2.237

0.113 67

1.137

0.09 39

0.190

0.02 37

0.837

0.126 41/2

0.210

0.09 40

0.502

0.113 61

1.590

0.18 62/2

0.809

0.171 59

1.995

0.203 258

1.558

0.234 259

0.575

0.032 274

0.785

0.18 275

0.02

1.165

276

0.845

0.126 284/2

1.263

0.27 284/1

1.262

0.054 283

1.008

0.239 294

0.798

0.068 296/1

0.870

0.027 296/2

1.667

0.284 308

0.257

2.699

2.076

309/1

0.153 303

1.769

0.106

[भाग 1

(2)

(3) (1)

ग्राम-पड़रई

52

0.072

0.255

0.099 54/1

1.934

47/2

1.214

0.185 47/1

0.814

0.059

0.072 46/1

1.011

56

0.251

0.036

1.214

0.135 64/1

64/2

1.068

0.104 65/3

1.619

0.27

0.166

0.809

65/2/1

66

6.244

0.248 ग्राम-बरखंदा

257

1.554

0.104 238

0.401

0.059

0.054

0.405

241/1

240/1

0.308

0.036 242/1

0.202

0.032 243/2/2

0.027

0.164

243/1/2

0.428

0.099 244

0.854

0.081 245

0.899

0.027 220/1

2.023

0.225 218

0.139

0.045 ग्राम-समनापुर

13/2

0.135

1.391

13/1

1.396

0.015

योग 6.164 ( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यक है- बरखंदा जलाशय की नहर हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) बरेली के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मोहन लाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

251

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

कार्यालय, कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

छिन्दवाड़ा , दिनांक 12 जनवरी 2011

क्र. 437- भू- अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2) सौंसर

(1) छिन्दवाड़ा

(5) अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र). कार्यकारी अभियंता, पाटबंधारे प्रकल्प विभाग वैनगंगा नगर

(4) 69.511 हेक्टेयर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली संपत्तियां) .

(6) कन्हान नदी प्रकल्प (कोच्ची बैराज ) के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का अर्जन किया जाना प्रस्तावित.

(3) खापा पादरीवार ब. नं. 75 प.ह.नं. 24 रा.नि.मं. सौंसर

अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) में जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है. (2)

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यकारी अभियंता, पाटबंधारे प्रकल्प विभाग वैनगंगा नगर अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र) के कार्यालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील- सौंसर के कार्यालय में किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है .

क्र. 438 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(2) सौंसर

(1) छिन्दवाड़ा

(5) कार्यकारी अभियंता, पाटबंधारे प्रकल्प विभाग वैनगंगा नगर अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र) .

(4) 49.056 हेक्टेयर एवं (उक्त भूमि पर आने वाली संपत्तियां).

(3) मालेगांव ब. नं. 315 प.ह.नं. 24 रा.नि.मं. सौंसर

(6) कन्हान नदी प्रकल्प ( कोच्ची बैराज) के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का अर्जन किया जाना प्रस्तावित.

252

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

[भाग 1 (2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) में जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यकारी अभियंता, पाटबंधारे प्रकल्प विभाग वैनगंगा नगर अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र ) के कार्यालय में किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील -सौंसर के कार्यालय में किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 439 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (2)

(1)

(3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)

(5)

(6) सौंसर

छिन्दवाड़ा

कार्यकारी अभियंता , पाटबंधारे प्रकल्प विभाग , वैनगंगा नगर अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र) .

04.688 हेक्टेयर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली संपत्तियां).

सांवगा ब. नं. 381 प.ह.नं. 24 रा.नि.मं. सौंसर.

कन्हान नदी प्रकल्प ( कोच्ची बैराज ) के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का अर्जन किया जाना प्रस्तावित.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) में जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यकारी अभियंता, पाटबंधारे प्रकल्प विभाग वैनगंगा नगर अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र) के कार्यालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील- सौंसर के कार्यालय में किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है .

क्र. 440 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत भाग 1 ]

253

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1)

(4)

(6) (2) सौंसर

छिन्दवाड़ा

(5) कार्यकारी अभियंता, पाटबंधारे प्रकल्प विभाग वैनगंगा नगर अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र) .

34.167 हेक्टेयर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली संपत्तियां).

(3) लोहानी ब. नं. 359 प.ह.नं. 24 रा.नि.मं. सौंसर

कन्हान नदी प्रकल्प ( कोच्ची बैराज ) के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का अर्जन किया जाना प्रस्तावित.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) में जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यकारी अभियंता, पाटबंधारे प्रकल्प विभाग वैनगंगा नगर अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र ) के कार्यालय में किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित् भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील - सौंसर के कार्यालय में किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है .

क्र. 441 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4)

(5)

(2) सौंसर

(1) छिन्दवाड़ा

कार्यकारी अभियंता , पाटबंधारे प्रकल्प विभाग वैनगंगा नगर अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र).

0.262 हेक्टेयर एवं (उक्त भूमि पर आने वाली संपत्तियां) .

(3) चीचघाट ब. नं. 137 प.ह.नं. 27 रा.नि.मं. सौंसर

(6) कन्हान नदी प्रकल्प (कोच्ची बैराज) के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का अर्जन किया जाना प्रस्तावित.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) में जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

254

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यकारी अभियंता , पाटबंधारे प्रकल्प विभाग वैनगंगा नगर अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र ) के कार्यालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील- सौंसर के कार्यालय में किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 442- भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) अर्जित की जाने वाली

(2) सौंसर

(1) छिन्दवाड़ा

(5) कार्यकारी अभियंता , पाटबंधारे प्रकल्प विभाग वैनगंगा नगर अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र) .

(4) 27.750 हेक्टेयर एवं ( उक्त भूमि पर आने वाली संपत्तियां) .

(3) पारेघाट ब. नं. 238 प.ह.नं. 36 रा.नि.मं. सौंसर

(6) कन्हान नदी प्रकल्प ( कोच्ची बैराज ) के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का अर्जन किया जाना प्रस्तावित.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) में जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यकारी अभियंता, पाटबंधारे प्रकल्प विभाग वैनगंगा नगर अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र ) के कार्यालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील- सौंसर के कार्यालय में किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, श्रीनिवास शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

255

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 10 जनवरी 2011

क्र . 29- गोपनीय- 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग- बी ) .- न्यायिक अधिकारियों जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है, को कॉन्फ्रेंस हॉल , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश खण्डपीठ, ग्वालियर में दो दिवसीय कार्यशाला " Key issues and Challenges regarding under Protection of Women from Domestic Violence Act and Juvenile Justice ( Care & Protection of Children) Act 2000 " , जो दिनांक 22 जनवरी 2011 एवं 23 जनवरी 2011 तक की अवधि के लिये आयोजित है , हेतु कॉन्फ्रेंस हॉल , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , खण्डपीठ, ग्वालियर में दिनांक 22 जनवरी 2011 को प्रातःकाल ठीक 10.00 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है.

प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी:-

1. अपरिहार्य मामलों को छोड़कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा. समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजा जावे , जिससे कि निदेशक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें.

2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे कॉन्फ्रेंस हॉल, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , खण्डपीठ , ग्वालियर में दिनांक 22 जनवरी 2011 को प्रातःकाल ठीक 10.00 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें.

3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट , ग्रे पेंट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होवें. महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाउज व काले कोट में उपस्थित होवें.

4. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे कार्यशाला में अपने साथ Bare Acts of Protection of Women from Domestic Violence तथा Juevenils Justice ( Care & Protection of Children ) Act , 2000 एवं Cr . P. C. की प्रति साथ लावें.

5. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासनहीनता माना जावेगा .

6. न्यायिक अधिकारियों को कार्यशाला सत्र के दौरान चाय , बिस्कुट तथा दोपहर का भोजन प्रदान किया जावेगा.

माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,

सुभाष काकडे , रजिस्ट्रार जनरल .

जबलपुर , दिनांक 14 दिसम्बर 2010

क्र. C- 7252-दो- 3-66-2002.- श्री श्याम कुमार मण्डलोई, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बड़वानी को दिनांक 18 से 20 नवम्बर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 17 नवम्बर 2010 के एवं पश्चात् में दिनांक 21 नवम्बर 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री श्याम कुमार मण्डलोई , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बड़वानी को बड़वानी पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री श्याम कुमार मण्डलोई, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. C- 7257- दो - 2-37-2010 .- श्री जे . एस. क्षत्रिय , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , डिण्डौरी को दिनांक 29 से 30 नवम्बर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 28 नवम्बर 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री जे. एस. क्षत्रिय , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , डिण्डौरी को डिण्डौरी पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री जे. एस. क्षत्रिय , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

जबलपुर, दिनांक 15 दिसम्बर 2010

क्र. C- 7273-दो - 3-65-2002 .- श्री ए. के. जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीधी को दिनांक 18 से 24 दिसम्बर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 17 दिसम्बर 2010 के एवं पश्चात् में दिनांक 25 एवं 26 दिसम्बर 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री ए. के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सीधी को सीधी पुनः पदस्थापित किया जाता है .

256

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री ए. के. जैन उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

जबलपुर, दिनांक 5 जनवरी 2011

क्र. सी-91 -दो- 2-17-2006 .- श्री राजीव सक्सेना , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , होशंगाबाद को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3 ( ए) 19-03- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) एवं समसंख्यक पत्र क्रमांक 3729- इक्कीस- ब ( एक) , दिनांक 11 नवम्बर 2010 के अन्तर्गत दिनांक 13 सितम्बर 2008 से दिनांक 12 सितम्बर 2009 तक 2 वर्ष की ब्लाक अवधि के लिये तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है .

क्र. सी-93-दो-2-52-2010.- ( 1 ) श्री जे. एस. क्षत्रिय, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, डिण्डौरी को रजिस्ट्री आदेश क्रमांक ई-4106, दिनांक 1 अक्टूबर 2010 के अन्तर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2007 से दिनांक 9 सितम्बर 2010 तक दो वर्ष की ब्लाक अवधि के लिये तीस दिवस के अर्जित अवकाश नगदीकरण का स्वीकृति आदेश एतद्वारा निरस्त किया जाता है .

( 2) श्री जे . एस. क्षत्रिय , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , डिण्डौरी को मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3 ( ए) 19-03- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) एवं समसंख्यक पत्र क्रमांक 3729 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 11 नवम्बर 2010 के अन्तर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2007 से दिनांक 31 अक्टूबर 2009 तक दो वर्ष की ब्लाक अवधि के लिये तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.

क्र. C- 95-दो- 2-68-10.- श्री एन. डी. पटले, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , टीकमगढ़ को मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3- ( ए) -19-03- इक्कीस- ब ( एक) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2007 से 31 अक्टूबर 2009 तक 2 वर्ष की अवधि के लिये तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.

जबलपुर, दिनांक 11 जनवरी 2011

क्र. B - 139-दो- 3-34-2006.- श्री सुशील कुमार पालो, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रीवा को दिनांक 23 से 31 दिसम्बर 2010 तक

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

[भाग 1 नौ दिन के पूर्व स्वीकृत शीतकालीन अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 1 जनवरी 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 2 जनवरी 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री सुशील कुमार पालो , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , रीवा को रीवा पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री सुशील कुमार पालो, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. B - 141-दो-2-36-2010.- श्री अनुराग श्रीवास्तव , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बालाघाट को दिनांक 27 से 29 दिसम्बर 2010 तक तीन दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 30 दिसम्बर 2010 से दिनांक 1 जनवरी 2011 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 2 जनवरी 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री अनुराग श्रीवास्तव , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बालाघाट को बालाघाट पुनः पदस्थापित किया जाता है.

शीतकालीन/अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री अनुराग श्रीवास्तव उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. B- 143-दो- 2-10-2005. श्री उदय सिंह बहरावत , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , टीकमगढ़ को दिनांक 20 से 27 दिसम्बर 2010 तक आठ दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 28 से 29 दिसम्बर 2010 तक दो दिन का शीतकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 19 दिसम्बर 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री उदय सिंह बहरावत, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, टीकमगढ़ को टीकमगढ़ पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित/शीतकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

भाग 1 ]

प्रमाणित किया जाता है कि श्री उदय सिंह बहरावत उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. B - 145-दो- 2-32-2000 .- श्री राजेन्द्र महाजन , प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , भोपाल को दिनांक 18 से 24 नवम्बर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री राजेन्द्र महाजन , प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री राजेन्द्र महाजन उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. E - 208-दो-2-42-2009.- श्रीमती शिप्रा शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नरसिंहपुर को दिनांक 28 से 31 दिसम्बर 2010 तक चार दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 1 जनवरी 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 2 जनवरी 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्रीमती शिप्रा शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नरसिंहपुर को नरसिंहपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती शिप्रा शर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. E - 210-दो- 2-6-2006.- श्री एच. यू. अहमद, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शिवपुरी को दिनांक 29 नवम्बर से 7 दिसम्बर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुये नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री एच. यू. अहमद, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शिवपुरी को शिवपुरी पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

257

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एच . यू. अहमद उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. E- 213-दो- 2-29-2006.- श्रीमती केशर यादव , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिंगरौली को दिनांक 27 से 30 दिसम्बर 2010 तक चार दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 31 दिसम्बर 2010 से दिनांक 1 जनवरी 2011 तक दो दिन का अर्जित स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 25 एवं 26 दिसम्बर 2010 के एवं पश्चात् में दिनांक 2 जनवरी 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती केशर यादव , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिंगरौली को सिंगरौली पुनः पदस्थापित किया जाता है .

शीतकालीन/अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती केशर यादव उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. E- 215-दो- 2-40-2009.- श्रीमती कुमुदबाला बरणा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मण्डलेश्वर को दिनांक 17 से 22 जनवरी 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 16 जनवरी 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 23 जनवरी 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती कुमुदबाला बरणा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डलेश्वर को मण्डलेश्वर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कुमुदबाला बरणा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं .

क्र. C- 277-दो- 2-19-ए- 2009.- सुश्री भारती बघेल , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अशोकनगर को दिनांक 21 से 28 दिसम्बर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

258

अवकाश से लौटने पर सुश्री भारती बघेल , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अशोकनगर को अशोकनगर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .

प्रमाणित किया जाता है कि सुश्री भारती बघेल उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. C - 279-दो- 2-3-2008.- श्री हरिश्चन्द्र शर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भिण्ड को दिनांक 27 से 28 दिसम्बर 2010 तक दो दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 29 से 31 दिसम्बर 2010 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री हरिश्चन्द्र शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भिण्ड को भिण्ड पुनः पदस्थापित किया जाता है.

शीतकालीन/अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री हरिश्चन्द्र शर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 291- दो - 3-65-2002 .- श्री अशोक कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीधी को दिनांक 18 से 24 दिसम्बर 2010 तक सात दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में से दिनांक 21 से 24 दिसम्बर 2010 तक चार दिन का अर्जित अवकाश , उपभोग नहीं करने के कारण निरस्त किया जाता है.

क्र. C - 293- दो- 2-50-2010.- श्री योगेश कुमार सोनगरिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अनूपपुर को दिनांक 23 से 31 दिसम्बर 2010 तक नौ दिन के पूर्व स्वीकृत शीतकालीन अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 1 जनवरी 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 2 जनवरी 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री योगेश कुमार सोनगरिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अनूपपुर को अनूपपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री योगेश कुमार सोनगरिया उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

[भाग 1 क्र. C - 295-दो- 2-11-2005.- श्री एम. के . मुदगल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , इन्दौर को दिनांक 20 से 25 नवम्बर 2010 तक छः दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में से दिनांक 25 नवम्बर 2010 का एक दिन का अर्जित अवकाश, उपभोग नहीं करने के कारण निरस्त किया जाता है .

क्र. C- 297-दो- 2-33-2010.- श्री रणजीत सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मण्डला को दिनांक 23 से 31 दिसम्बर 2010 तक नौ दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 1 जनवरी 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 2 जनवरी 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री रणजीत सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डला को मण्डला पुनः पदस्थापित किया जाता है.

शीतकालीन/अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री रणजीत सिंह उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 299-दो- 2-49-2007.- श्री गिरीश कुमार शर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन को दिनांक 1 से 9 दिसम्बर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके नौ दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री गिरीश कुमार शर्मा जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री गिरीश कुमार शर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 302- दो- 3-17-2004.- श्री वेद प्रकाश, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीहोर को दिनांक 10 से 15 जनवरी 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 8 से 9 जनवरी 2011 तक के एवं पश्चात् में दिनांक 16 जनवरी 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

भाग 1 ]

259

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

अवकाश से लौटने पर श्री वेद प्रकाश , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सीहोर को सीहोर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री वेद प्रकाश उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 306- दो- 2-18- ए- 2009.- श्री एस. के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बुरहानपुर को दिनांक 21 से 23 दिसम्बर 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री एस. के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बुरहानपुर को बुरहानपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस . के. जैन उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर , रजिस्ट्रार.

जबलपुर, दिनांक 5 जनवरी 2011

क्र. 11 -गोपनीय- 2011- दो- 3-1-2011 ( भाग- बी ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लिखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लिखित न्यायालय के न्यायाधीश, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है: -

सारणी

अधिकारी का नाम (2)

क्रमांक (1)

1 कुमारी पद्मा जाटव,

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , विदिशा के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश , विदिशा.

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (3)

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , विदिशा की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, सुभाष काकड़े , रजिस्ट्रार जनरल .

जबलपुर, दिनांक 5 जनवरी 2011

क्र. B- 51- एक- 7-3-2010- भाग- एक. उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश के अधीनस्थ न्यायालयों के अधिकारियों /कर्मचारियों हेतु वर्ष 2011 के ऐच्छिक ( Optional ) अवकाशों की घोषणा निम्नानुसार की जाती है:-

अवकाश का नाम

क्र (1)

(2)

1.

नववर्ष दिवस

2. गुरू गोविंदसिंह जी का जन्म दिवस .

3. महर्षि गुरू गोकुलदास जी महाराज का जन्म उत्सव.

4.

मकर संक्रांति

5. पोंगल

6. बसंत पंचमी

7. देव नारायण जयन्ती

8. नर्मदा जयन्ती

सप्ताह के दिन

ग्रेगोरियन कैलेण्डर के अनुसार तारीख (3)

(4)

01 जनवरी 2011

शनिवार

05 जनवरी 2011

बुधवार

06 जनवरी 2011

गुरुवार

14जनवरी 2011

शुक्रवार

15 जनवरी 2011

शनिवार

8 फरवरी 2011

मंगलवार

9 फरवरी 2011

बुधवार

10 फरवरी 2011

गुरुवार 260

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

(1)

(2)

9. स्वामी रामचरण जी महाराज का जन्म दिवस.

10. संत रविदास जयन्ती

11 . शबरी जयंती

12. होली ( होलिका दहन )

13. भाईदूज

14 . डॉ. सैयदना साहब का जन्म दिवस 15. भक्त माता कर्मा जयन्ती

16. चैती चांद

17. निषादराज जयन्ती

18. वल्लभाचार्य जयन्ती

19. सेन जयन्ती

20. छत्रपति शिवाजी जयन्ती

21. परशुराम जयन्ती/ अक्षय तृतीया

22. छत्रसाल जयन्ती/महाराणा प्रताप जयन्ती 23. बिरसा मुंडा का शहीदी दिवस

24. महेश जयन्ती

25. बड़ा महादेव पूजन

26. कबीर जयन्ती

27. हजरत अली का जन्म दिवस

28. विरांगना दुर्गावती का बलिदान दिवस 29. गुरु पूर्णिमा

30. नागपंचमी

31. पारसी नववर्ष दिवस

32. जमात- उल-विदा

33. ईद- उल- फितर ( के ठीक पूर्व का दिवस ) 34. डोल ग्यारस

35. ओणम

36. विश्वकर्मा जयन्ती

37. प्राणनाथ जयन्ती

38. अग्रसेन जयन्ती

39 . महर्षि वाल्मिकी जयन्ती/महाराज अजमोढ़ देव जयन्ती/ टेकचंद जी महाराज का समाधि उत्सव .

40. करवा चौथ पर्व

41. भगवान सहस्त्रबाहु जयन्ती

42. गदीर- ए-खुम

43. बिरसा मुंडा जयन्ती

44. झलकारी जयन्ती

45. गुरु तेगबहादुर का शहीदी दिवस

46. संत श्री जिनतरण तारण जयन्ती

47. योम-ए-अशुरा

48 . बालीनाथ जी बैरवा जयन्ती

(4)

(3)

17 फरवरी 2011

गुरुवार

18 फरवरी 2011

शुक्रवार

24फरवरी 2011

गुरुवार

19 मार्च 2011

शनिवार

21 मार्च 2011

सोमवार

25 मार्च 2011

शुक्रवार

30मार्च 2011

बुधवार

5 अप्रैल 2011

मंगलवार

8 अप्रैल 2011

शुक्रवार

28 अप्रैल 2011

गुरुवार

29 अप्रैल 2011

शुक्रवार

5 मई 2011

गुरुवार

6 मई 2011

शुक्रवार

शनिवार

4 जून 2011

9 जून 2011

गुरुवार

10 जून 2011

शुक्रवार

सोमवार

13 जून 2011

बुधवार

15 जून 2011

गुरुवार

16जून 2011

शुक्रवार

24 जून 2011

15 जुलाई 2011

शुक्रवार

4 अगस्त 2011

गुरुवार

19 अगस्त 2011

शुक्रवार

26 अगस्त 2011

शुक्रवार

30 अगस्त 2011

मंगलवार

8 सितम्बर 2011

गुरुवार

9 सितम्बर 2011

शुक्रवार

17 सितम्बर 2011

शनिवार

26 सितम्बर 2011

सोमवार

28 सितम्बर 2011

बुधवार

मंगलवार

11 अक्टूबर 2011

शनिवार

15 अक्टूबर 2011

2 नवम्बर 2011

बुधवार

14 नवम्बर 2011

सोमवार

15 नवम्बर 2011

मंगलवार

22 नवम्बर 2011

मंगलवार

24 नवम्बर 2011

गुरुवार

1 दिसम्बर 2011

गुरुवार

5 दिसम्बर 2011

सोमवार

शनिवार

31 दिसम्बर 2011 भाग 1 ]

261

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जनवरी 2011

(1) प्रत्येक अधिकारी / कर्मचारी को इन 48 ऐच्छिक अवकाशों में से उनकी इच्छानुसार तीन दिन का अवकाश दिया जायेगा, उससे अधिक नहीं.

(2) ऐच्छिक अवकाश का उपभोग करते समय अधिकारी / कर्मचारी इस बात का ध्यान रखें कि अब विशेष अवकाश की पात्रता उन्हें नहीं है , इसलिये ऐच्छिक अवकाश का उपभोग अनिवार्यता एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुये ही किया करें.

(3) अधीनस्थ न्यायालय के स्थापना पर कार्यरत प्रत्येक अधिकारी/ कर्मचारी के प्रकरणों में उपरोक्त प्रतिबंधों के अन्दर वहां के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऐच्छिक अवकाश स्वीकृत करेंगे.

क्र. B - 53- एक-7-3-2010- भाग- एक. उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश के अधिकारियों/ कर्मचारियों हेतु वर्ष 2011 के ऐच्छिक ( Optional ) अवकाशों की घोषणा निम्नानुसार की जाती है: -

(1) क्र

अवकाश का नाम (2)

1. गुरु गोविंदसिंह जी का जन्म दिवस .

2. महर्षि गुरू गोकुलदास जी महाराज का जन्म उत्सव.

3.

बसंत पंचमी

4. देव नारायण जयन्ती

5. नर्मदा जयन्ती

6. स्वामी रामचरण जी महाराज का जन्म दिवस.

7. संत रविदास जयन्ती

8. शबरी जयंती

9. भाईदूज

10. डॉ. सैयदना साहब का जन्म दिवस

11.

भक्त माता कर्मा जयन्ती

12. गुडी पड़वा

13. चैती चांद

14.

निषादराज जयन्ती

15. गुड फ्राइडे

16. वल्लभाचार्य जयन्ती

17. सेन जयन्ती

18. छत्रपति शिवाजी जयन्ती

19. परशुराम जयन्ती/अक्षय तृतीया

20 . छत्रसाल जयन्ती/महाराणा प्रताप जयन्ती

21. बिरसा मुंडा का शहीदी दिवस

22. महेश जयन्ती

ग्रेगोरियन कैलेण्डर के अनुसार तारीख (3)

सप्ताह के दिन (4)

05 जनवरी 2011

बुधवार

06 जनवरी 2011

गुरुवार

8 फरवरी 2011

मंगलवार

9 फरवरी 2011

बुधवार

10 फरवरी 2011

गुरुवार

17 फरवरी 2011

गुरुवार

18 फरवरी 2011

शुक्रवार

24 फरवरी 2011

गुरुवार

21 मार्च 2011

सोमवार

25मार्च 2011

शुक्रवार

30मार्च 2011

बुधवार

4 अप्रैल 2011

सोमवार

5 अप्रैल 2011

मंगलवार

8 अप्रैल 2011

शुक्रवार

22अप्रैल 2011

शुक्रवार

28 अप्रैल 2011

गुरुवार

29 अप्रैल 2011

शुक्रवार

5 मई 2011

गुरुवार

6 मई 2011

शुक्रवार

शनिवार

4जून 2011

गुरुवार

9 जून 2011

10जून 2011

शुक्रवार 262

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 28 जनवरी 2011

(1)

(2)

23. बड़ा महादेव पूजन

24. कबीर जयन्ती

25. हजरत अली का जन्म दिवस

26 . विरांगना दुर्गावती का बलिदान दिवस 27 . गुरु पूर्णिमा

28. नागपंचमी

29. पारसी नववर्ष दिवस

30. जमात- उल-विदा

31. ईद - उल - फित्र ( के ठीक पूर्व का दिवस ) 32. डोल ग्यारस

33. ओणम

34. प्राणनाथ जयन्ती

35. अग्रसेन जयन्ती

36. महर्षि वाल्मिकी जयन्ती /महाराज अजमोढ़ देव जयन्ती/ टेकचंद जी महाराज का समाधि उत्सव.

37. भगवान सहस्त्रबाहु जयन्ती

38. गदीर-ए-खुम

39 . बिरसा मुंडा जयन्ती

40. झलकारी जयन्ती

41. गुरु तेगबहादुर का शहीदी दिवस 42. संत श्री जिनतरण तारण जयन्ती

43. योम - ए- अशुरा

44. बालीनाथ जी बैरवा जयन्ती

[ भाग 1 (3)

(4)

सोमवार

13जून 2011

15 जून 2011

बुधवार

गुरुवार

16 जून 2011

24 जून 2011

शुक्रवार

15 जुलाई 2011

शुक्रवार

4 अगस्त 2011

गुरुवार

19 अगस्त 2011

शुक्रवार

26 अगस्त 2011

शुक्रवार

मंगलवार

30 अगस्त 2011

8 सितम्बर 2011

गुरुवार

9 सितम्बर 2011

शुक्रवार

26 सितम्बर 2011

सोमवार

28 सितम्बर 2011

बुधवार

मंगलवार

11 अक्टूबर 2011

2 नवम्बर 2011

बुधवार

14 नवम्बर 2011

सोमवार

मंगलवार

15 नवम्बर 2011

मंगलवार

22 नवम्बर 2011

24 नवम्बर 2011

गुरुवार

1 दिसम्बर 2011

गुरुवार

5 दिसम्बर 2011

सोमवार

31 दिसम्बर 2011

शनिवार

(1) प्रत्येक अधिकारी /कर्मचारी को इन 44 ऐच्छिक अवकाशों में से उनकी इच्छानुसार तीन दिन का अवकाश दिया जायेगा, उससे अधिक नहीं.

(2) ऐच्छिकअवकाश का उपभोग करते समय अधिकारी/ कर्मचारी इस बात का ध्यान रखें कि अब विशेष अवकाश की पात्रता उन्हें नहीं है , इसलिये ऐच्छिक अवकाश का उपभोग अनिवार्यता एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुये ही किया करें.

(3) मुख्यपीठ पर कार्यरत उच्च न्यायालय के प्रत्येक अधिकारी/कर्मचारी को इन 44 ऐच्छिक अवकाशों में से उनके इच्छानुसार 3 दिवस का अवकाश रजिस्ट्रार जनरल के आदेशानुसार, इस प्रकार दिया जावेगा जिससे उच्च न्यायालय के कार्य पर विपरीत प्रभाव न पड़े.

(4) खण्डपीठ इन्दौर/ग्वालियर की स्थापना पर कार्यरत उच्च न्यायालय के कर्मचारियों को उपरोक्त प्रतिबंधों के अन्तर्गत वहाँ के प्रिंसीपल रजिस्ट्रार ऐच्छिक अवकाश स्वीकृत करेंगे .

माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,

सुभाष काकड़े , रजिस्ट्रार जनरल.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 28 January 2011. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2011-01-28.04.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2011-01-28.04.Ordinary.