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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 18 February 2011

Type
Ordinary
Gazette no.
07
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2011-02-18.07.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदे श शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 7 ]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 18 फरवरी 2011 - माघ 29 , शक 1932

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख ) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद्के अधिनियम,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 3 फरवरी 2011

क्र. ई-5-757- आयएएस लीव एक- 5-( 1 ) श्री अरूण कोचर, आयएएस . , आयुक्त, आदिवासी विकास , मध्यप्रदेश तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग एवं संचालक, विमानन को दिनांक 7 से 17 फरवरी 2011 तक ग्यारह दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 6 एवं 18 , 19 , 20 फरवरी 2011 का सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

403

(2) श्री अरूण कोचर की अवकाश की अवधि में श्री संजीव कुमार झा , आयएएस . संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं तथा अपर आयुक्त, आदिवासी विकास को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, आयुक्त, आदिवासी विकास, मध्यप्रदेश तथा पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग एवं संचालक, विमानन का प्रभार सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री अरूण कोचर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, आदिवासी विकास , मध्यप्रदेश तथा पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग एवं संचालक, विमानन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2011 404

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(4) श्री अरूण कोचर द्वारा आयुक्त, आदिवासी विकास, मध्यप्रदेश तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग एवं संचालक, विमानन का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री संजीव कुमार झा, आयुक्त, आदिवासी विकास , मध्यप्रदेश तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग एवं संचालक, विमानन के प्रभार से मुक्तहोंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री अरूण कोचर को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अरूण कोचर अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई - 5-395 - आयएएस- लीव- एक- 5.- ( 1 ) श्री एम. एम. उपाध्याय , आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास एवं सहकारिता विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 25 जनवरी 2011 द्वारा दिनांक 10 से 17 फरवरी 2011 तक आठ दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुये, अब उन्हें दिनांक 10 फरवरी 2011 को एक दिन का अर्जित अवकाश तथा दिनांक 11 से 17 फरवरी 2011 तक सात दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 25 जनवरी 2011 की शेष कंडिकायें यथावत रहेगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

भोपाल, दिनांक 4 फरवरी 2011

क्र . एफ- ए- 5-04-2011 - एक( 1 ) माननीय न्यायाधिपति श्री गिरिराज दास सक्सेना एवं माननीय न्यायाधिपति श्री तरुण कुमार कौशल, जिनकी नियुक्ति भारत सरकार, विधि और न्याय मंत्रालय (न्याय विभाग ) , नई दिल्ली की अधिसूचना क्रमांक के. 13025-5- 2010- यूएस , II , दिनांक 21 दिसम्बर 2010 द्वारा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में अपर न्यायाधीश के पद पर की गई है , ने अपने पद का कार्यभार दिनांक 3 जनवरी 2011 को पूर्वान्ह में ग्रहण किया है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा, उपसचिव.

[भाग 1 भोपाल , दिनांक 31 जनवरी 2011

क्र. ई-5-483 - आयएएस लीव - एक- 5.- ( 1 ) श्री के. के. सिंह, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , लोक निर्माण विभाग को दिनांक 28 से 29 दिसम्बर 2010 तक, दो दिन का लघुकृत अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री के. के. सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री के. के. सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. के. सिंह अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एस. तोमर, अवर सचिव.

भोपाल , दिनांक 2 फरवरी 2011

क्र. ई- 5-390 - आयएएस - लीव - एक- 5- संशोधन.- इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 29 जनवरी 2011 में श्रीमती लवलीन कक्कड़, आयएएस की पदस्थापना त्रुटिवश विशेष आयुक्त ( समन्वय ) मध्यप्रदेश भवन , नई दिल्ली टंकित हुई है , के स्थान पर आवासीय आयुक्त, मध्यप्रदेश भवन , नई दिल्ली पढ़ा जाये. शेष कंडिकाएं यथावत रहेंगी.

व्ही. एस. तोमर , अवर सचिव.

भोपाल , दिनांक 3/4 फरवरी 2011

क्र. बी- 1-80-2008-2- एक. ( 1 ) राज्य शासन द्वारा समसंख्यक आदेश दिनांक 31 अक्टूबर, 2008 द्वारा सुश्री सरिताबाला सोनकर, राज्य प्रशासनिक सेवा, अवर सचिव , संस्कृति एवं पर्यटन , भोपाल को उनके विवाहोपरांत नाम परिवर्तित कर सुश्री सरिताबाला सोनकर के स्थान पर " श्रीमती सरिता बाला " करने की स्वीकृति प्रदान की गई थी, उक्त आदेश में उनके स्वयं के अनुरोध पर आंशिक संशोधन करते हुए उनका नाम " श्रीमती सरिताबाला ओम प्रजापति " किये जाने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.

(2 ) उपरोक्तानुसार नाम परिवर्तन की प्रविष्टि श्रीमती सरिता बाला के सेवा अभिलेखों में की जाय.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

के. सी. पंत, अवर सचिव.

भाग 1 ]

405

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

भोपाल , दिनांक 3 फरवरी 2011

क्र. ई- 1-41-2011-5- एक. नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाये भाप्रसे के अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाये गए पद पर, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है:-

क्रमांक अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना

(1)

(2)

1 श्री पंकज राग ( 1990 ) प्रतिनियुक्ति से लौटने पर

2 श्री अशोक कुमार शाह ( 1990 )

आयुक्त- सह- संचालक, पुरातत्व संग्रहालय, मध्यप्रदेश तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति एवं संसदीय कार्य विभाग.

3 श्री एम. के. वाष्र्णेय ( 1991 )

आयुक्त, भू- अभिलेख एवं बन्दोबस्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर.

4 श्रीमती सीमा शर्मा ( 1992)

नियंत्रक, शासन मुद्रण तथा लेखन सामग्री एवं पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व, पुनर्वास धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग तथा पदेन अपर राहत आयुक्त.

5 श्री चन्द्रहास दुबे ( 1994)

सचिव, मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग तथा परिवहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार.

नवीन पदस्थापना

खाना-3 में अंकित पद असंवर्गीय होने की दशा में संवर्गीय पद जिसके समकक्ष घोषित किया गया (3)

(4)

आयुक्त- सह-संचालक पुरातत्व संग्रहालय, मध्यप्रदेश.

आयुक्त,

भू- अभिलेख एवं बन्दोबस्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर .

सदस्य

राजस्व मंडल, ग्वालियर

सचिव,

मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग.

सचिव मध्यप्रदेश शासन नियंत्रक, शासन मुद्रण तथा लेखन सामग्री एवं पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व, पुनर्वास धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग तथा पदेन अपर राहत आयुक्त.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

406

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

विधि और विधायी कार्य विभाग

भोपाल , दिनांक 3 जनवरी 2011

फा. क्र. 1-1-88 - इक्कीस- ब ( एक ) .- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का, 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा, इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 1-1-88 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 24 अक्टूबर 2009 में , जो मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग -1 में दिनांक 6 नवम्बर, 2009 में प्रकाशित हुई थी , निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्: -

संशोधन

उक्त अधिसूचना में , अनुसूची में, अनुक्रमांक 49 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात् निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां अन्तः स्थापित की जाएं, अर्थात्: -

अनुसूची

स्थानीय क्षेत्र

अनुक्रमांक

सेशन न्यायाधीश/ अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश

(2)

(3)

(1)

सिंगरौली . " .

"50.

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, सिंगरौली.

F.No. 1-1-88 - XX1 - B ( 1 ) . In exercise of the powers conferred by sub- section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act , 1988 (No. 49 of 1988 ) , the State Government , hereby makes the following amendment in this Department's Notification F. No. 1-1-88 -XXI - B ( 1 ) , dated the 24th October 2009 which was published in the Madhya Pradesh Gazette Part - 1 , dated 6th November , 2009 namely :-

AMENDMENT

In the said Notification , in the Schedule , after serial number 49 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be inserted, namely:-

SCHEDULE

Local area

S. No.

Sessions Judges/ Additional Sessions Judges

(2)

(3)

(1)

"50 .

Singrauli ." .

Additional Sessions Judges , Singrauli .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

ए. के. मिश्रा , प्रमुख सचिव.

भाग 1 ]

407

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

भोपाल, दिनांक 1 फरवरी 2011

फा. क्र. 17 (ई ) 1-2011-इक्कीस ब( एक) .- राज्य शासन, उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर श्री राजेन्द्र पाल बतरा, न्यायालय अधीक्षक, न्यायिक जिला स्थापना सागर की सेवाएं कार्यालय मध्यप्रदेश वाणिज्यकर अपील बोर्ड, इन्दौर बैंच, इन्दौर सहायक रजिस्ट्रार के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किए जाने हेतु उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से आगामी आदेश होने तक वाणिज्यक कर विभाग , मध्यप्रदेश शासन को सौंपता है .

भोपाल, दिनांक 3 फरवरी 2011

फा. क्र. 17 (ई ) 4-2011 - इक्कीस - ब ( एक ) .- राज्य शासन , एतद्वारा , उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री रमाकान्त दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दमोह की सेवाएं, रजिस्ट्रार के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु वेलफेयर कमिश्नर, भोपाल गैस पीड़ित, भोपाल की स्थापना पर, अस्थाई रूप से आगामी आदेश होने तक, कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सौंपता है.

फा. क्र. 4-1-2002-इक्कीस ब( एक) . - राज्य शासन, उच्च न्यायालय की अनुशंसा को मान्य करते हुए कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम , 1994 ( 1994 का सं. 66) की धारा-4 के अधीन मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम , 2002 के नियम 3 ( 5 ) के अन्तर्गत उच्च न्यायिक सेवा के सेवा निवृत्त सदस्य श्री अशोक कुमार जैन (सीनियर ) को प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , जबलपुर के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने अर्थात् दिनांक 7 दिसम्बर 2012 तक अथवा आगामी आदेश होने तक नियुक्त करता है.

उक्त न्यायिक अधिकारी को देय वेतन तथा भत्तों का निर्धारण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 ( 5 ) के अन्तर्गत होगा.

फा. क्र. 4-1-2002- इक्कीस- ब ( एक) .-उच्च न्यायिक सेवा के सेवा निवृत्त सदस्य श्री चन्द्र शेखर तिवारी को मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 (4 ) के अनुसार प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, इन्दौर के पद पर नियुक्त किया गया था , के द्वारा त्याग पत्र दिये जाने के कारण राज्य शासन , उच्च न्यायालय की अनुशंसा दिनांक 29 जनवरी 2011 को मान्य करते हुए उनका त्यागपत्र दिनांक 30 जनवरी 2011 से स्वीकृत करता है.

भोपाल, दिनांक 9 फरवरी 2011

शासन, द्वारा फा. क्र. 17 ( ई ) -7-2011- इक्कीस- ब (दो ) . जिला जज ( प्रवेश स्तर ) के न्यायिक अधिकारी श्री शिवचरण पाण्डे, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर की सेवाएं उप सचिव के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर की स्थापना पर अस्थाई रूप से आगामी आदेश होने तक कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सौंपता है .

फा. क्र. 17 (ई ) -7-2011 - इक्कीस- ब ( दो ) .- राज्य शासन, एतद्वारा जिला जज ( प्रवेश स्तर ) के न्यायिक अधिकारी श्री शिवचरण पाण्डे , विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को अस्थाई रूप से आगामी आदेश होने तक स्थानापन्न रूप में उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से उप सचिव , मध्यप्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण , जबलपुर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव .

भोपाल , दिनांक 9 फरवरी 2011

फा. क्र. 1 (बी) 22-04-इक्कीस ब(दो )- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , एतद्वारा , श्री अशोक कुमार गुप्ता , श्री बाबूलाल गुप्ता, अधिवक्ता, डबरा को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये ग्वालियर सत्र खण्ड के डबरा राजस्व जिले के लिये अति. लोक अभियोजक , डबरा नियुक्त करता है , तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान, सचिव.

गृह विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 3 फरवरी 2011

क्र. एफ. 1 (ए) 193-1991- ब- 2- दो.. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 18 जनवरी 2011 द्वारा श्री बी. बी . शर्मा , भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक ( शिकायत ) , पुलिस मुख्यालय, भोपाल को दिनांक 17 जनवरी से 17 फरवरी 2011 तक कुल बत्तीस दिवस अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया है.

( 2 ) राज्य शासन द्वारा उक्त आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए श्री बी.बी. शर्मा , भापुसे , को दिनांक 17 जनवरी से 5 फरवरी 2011 तक बीस दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 15 एवं 16 जनवरी तथा 6 फरवरी 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है .

(3 ) विभागीय समसंख्यक आदेश दिनांक 18-1-2011 में उल्लेखित अन्य शर्तें यथावत रहेंगी.

भोपाल , दिनांक 8 फरवरी 2011

क्र. एफ 1 (ए) 75-1990- ब- 2- दो. श्री ए. के. श्रीवास्तव , भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, ( प्रशिक्षण ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 10 से 29 जनवरी 2011 तक कुल बीस दिवस का अर्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है .

(2) श्री ए. के. श्रीवास्तव , भापुसे , की अवकाश अवधि में श्री विनीत कपूर, रापुसे , सहायक पुलिस महानिरीक्षक, ( प्रशिक्षण ) 408

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

पुलिस मुख्यालय, भोपाल को वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, पुलिस महानिरीक्षक, शिकायत पुलिस मुख्यालय, भोपाल का प्रभार सौंपा जाता है.

(3 ) श्री ए. के. श्रीवास्तव, भापुसे, द्वारा पुलिस महानिरीक्षक, ( प्रशिक्षण ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री विनीत कपूर, रापुसे , सहायक पुलिस महानिरीक्षक, ( प्रशिक्षण ) पुलिस मुख्यालय, भोपाल के प्रभार से मुक्त होंगे.

(4) अवकाश से लौटने पर श्री ए. के. श्रीवास्तव , भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सहायक पुलिस महानिरीक्षक, ( प्रशिक्षण ) पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

( 5 ) अवकाशकाल में श्री ए. के. श्रीवास्तव, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री ए. के. श्रीवास्तव, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

भोपाल, दिनांक 9 फरवरी 2011

क्र. एफ. 1 ( ए) 156-1993 - ब- 2-दो..- श्री पवन कुमार श्रीवास्तव, भापुसे , उप पुलिस महानिरीक्षक, इन्दौर रेंज , इन्दौर को The Phase - IV Mid Carreer Training Programme में भाग लेने के उपरान्त लंदन ( यू.के. ) में प्रवास हेतु दिनांक 1 अगस्त 2010 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ सहित दिनांक 15 से 21 जनवरी 2011 तक कुल सात दिवस का अर्जित अवकाश ( Ex India ) निम्नलिखित शर्तों के साथ स्वीकृत किया जाता है: - ( 1 ) विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला व्यय वे स्वयं वहन करेंगे, राज्य शासन नहीं.

(2 ) विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे .

( 3 ) विदेश में कोई Assignment नहीं लेंगे .

(2 ) श्री पवन कुमार श्रीवास्तव , भापुसे, द्वारा उप पुलिस महानिरीक्षक, इन्दौर रेंज, इन्दौर का कार्यभार ग्रहण करने पर उपरोक्तानुसार निर्देशित अधिकारी उक्त पद के अतिरिक्त प्रभार से मुक्तहोंगे.

(3 ) अवकाश से लौटने पर, श्री पवन कुमार श्रीवास्तव , भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उप पुलिस महानिरीक्षक , इन्दौर रेंज , इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) अवकाश काल में श्री पवन कुमार श्रीवास्तव , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

[ भाग 1 ( 5 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री पवन कुमार श्रीवास्तव, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक दास , प्रमुख सचिव.

परिवहन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 8 फरवरी 2011

क्र. एफ - 22-5-2008- आठ. परिवहन विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ 22-39-98- आठ, दिनांक 26 फरवरी , 2010 के अनुक्रम में केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 108 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अनुसरण में, राज्य शासन इस विभाग की तत्संबंधी समस्त पूर्व अधिसूचनाओं को अधिक्रमित करते हुये एतद्वारा , यान पर निम्नलिखित का प्रयोग करने की अनुज्ञा प्रदान करता है: -

(क ) यान के अग्र शीर्ष भाग पर, लाल बत्ती जब यान प्रदेश में कही भी ड्यूटी पर हो.

1 राज्यपाल

2 मुख्यमंत्री

3 मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश 4 विधान सभा अध्यक्ष

5 मध्यप्रदेश के मंत्रीगण /राज्य मंत्रीगण

6 विधान सभा के उपाध्यक्ष

7 मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के समस्त न्यायाधीश लोकायुक्त/मुख्य सूचना आयुक्त 8

उपलोकायुक्त/सूचना आयुक्त म. प्र. 9

मध्यप्रदेश के उप मंत्रीगण/संसदीय सचिव 10

नेता प्रतिपक्ष विधान सभा 11

भूतपूर्व मुख्यमंत्री 12

उपाध्यक्ष, राज्य योजना मंडल 13

14 अध्यक्ष, लोक सेवा आयोग

15 अध्यक्ष , म. प्र . विद्युत् नियामक आयोग

16 अध्यक्ष, म. प्र. मध्यस्थम अधिकरण

17 राज्य निर्वाचन आयुक्त

18 महाधिवक्ता

19 मुख्य सचिव

20 अध्यक्ष , राजस्व मंडल

21 प्रमुख सचिव, गृह

22 प्रमुख सचिव, विधान सभा

23 पुलिस महानिदेशक, म. प्र .

(क) यान के अग्र शीर्ष भाग पर, पीली बत्ती ( उनके अधिकार क्षेत्र में )

संभागीय आयुक्त 1

सदस्य, राजस्व मंडल मध्यप्रदेश 2

3 परिवहन आयुक्त

4 आबकारी आयुक्त

5 क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/महानिरीक्षक अग्नि शामन सेवा 6 जिला अध्यक्ष/जिला दण्डाधिकारी भाग 1 ]

409

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

7 जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं मुख्य न्यायायिक दण्डाधिकारी 8 रेंज पुलिस उप महानिरीक्षक

9 पुलिस अधीक्षक

10 महापौर, नगरपालिक निगम

11 अध्यक्ष, नगरपालिका निगम

12 जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष

13 राज्य शिष्टाचार अधिकारी

14 उप परिवहन आयुक्त

15 अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी/अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं समस्त कार्यपालिक दण्डाधिकारी.

16 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक/अनुविभागीय अधिकारी पुलिस/ नगर पुलिस अधीक्षक

17 क्षेत्रीय/ अतिरिक्त/जिला परिवहन अधिकारी/ परिवहन एवं वन विभाग के उड़नदस्तों के प्रभारी अधिकारी.

18 जिला सेनानी होमगार्ड

19 नगर निरीक्षक, पुलिस/ फॉयर आफीसर

20 जिला वाणिज्यिक कर अधिकारी एवं वाणिज्यिक कर विभाग के उनके ऊपर के अधिकारी जो प्रवर्तन कार्य में संलग्न हैं.

21 आबकारी विभाग के जिला आबकारी अधिकारी एवं उनके ऊपर के आबकारी विभाग के अधिकारी को जो प्रवर्तन कार्य में संलग्न हैं.

(ग ) रोगियों को ले जाने के लिये प्रयुक्त एंबुलेंस में लगाई गई परपल ग्लास वाली ब्लिंकर किस्म की लाल लाईट .

( घ ) टॉपलाईट के रूप में फ्लैशर सहित या रहित नीली लाईट का उपयोग उन अति गणमान्य व्यक्तियों की एसकोर्टिंग वाले यानों तक सीमित होगा जो लाल लाईट का उपयोग करने के हकदार हैं .

(ङ) उस दशा में जब यान गणमान्य व्यक्तियों को नहीं ले जा रहा हो , यथास्थिति, लाल , नीली या पीली लाईट का उपयोग नहीं किया जायेगा और उसे काले आवरण से ढका जायेगा.

(च ) पीली बत्ती की अनुज्ञा प्राप्त पदाधिकारियों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण - पत्र मोटरयान की विन्ड स्क्रीन पर चस्पा कर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,

दिलीप राज द्विवेदी , उपसचिव.

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 10 फरवरी 2011

क्र. डी- 5-56-04-चौदह - 3.- यतः राज्य सरकार की राय में 09 मंडी समितियों उमरिया जिला उमरिया, रामनगर जिला सतना , शहडोल जिला- शहडोल , कोलारस जिला- शिवपुरी , बदरवास , जिला शिवपुरी , करैरा जिला शिवपुरी , दतिया जिला - दतिया , हरदूस जिला- खण्डवा, पचौर जिला - राजगढ़ का निर्वाचन प्रदेश की अन्य मंडियों के साथ कराये जाने के उद्देश्य से उक्त 09 मंडी समितियों के कार्यकाल में छह मास की वृद्धि करना आवश्यक है.

अतएव, मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 13 की उपधारा ( 2 ) के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा उपरोक्त निर्वाचित मण्डी समितियों की अवधि में वर्तमान अवधि के समाप्त होने की तारीख से छह मास की कालावधि के लिये या मण्डी समितियों के नये निर्वाचन होने तक, जो भी पूर्वतर हो , वृद्धि करती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.

भोपाल , दिनांक 10 फरवरी 2011

क्र. डी- 5-56-04- चौदह- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खंड ( 3 ) के अनुसरण में , इस विभाग की अधिसूचना दिनांक 10 फरवरी 2011 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.

Bhopal , the 10th February , 2011

No. D - 5-56-04- XIV- 3.-WHEREAS in the opinion of the State Government , the election of 09 Market Committees namely - Umaria district Umaria , Ramnagar district Satna , Shahdol district Schahdol , Kolaras district Shivpuri , Badarwas district Shivpuri , Karera district Shivpuri , Datia district Datia, Harsood district Khandwa and Pachor district Rajgarh - needs to be conducted along with other Marketing Committees of the State , it is necessary to extend the term of these Market Committees by six months .

NOW, THEREFORE , in exercise of the powers conferred by the proviso to sub- section (2) of Section 13 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government hereby extend the term of the present elected 09 Market Committees for a period of six months from the date of expiry of the present term or till the new elections of Market Committees , whichever is earlier .

By Order and in the name of the Governor of

Madhya Pradesh , AJAY SINGH GANGWAR , Dy Secy .

410

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

[ भाग 1

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय, कलेक्टर, जिला- खरगोन, मध्यप्रदेश

खरगोन, दिनांक 29 जनवरी 2011 क्रमांक- 120- भू-अर्जन-11

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( 1894 का क्रमांक -1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध -पत्र

राजस्व प्रकरण क्रमांक 4-अ- 82-09-10 यह अनुबंध- पत्र प्रथम पक्ष के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पदेन उप सचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं , ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अंतर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन मध्यप्रदेश जो भारतीय कंपनी अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कंपनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है. जिसकी ओर से मुख्यत्यार-

श्री असद जाफर, महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. अभयांचल परिसर मण्डलेश्वर जिला खरगोन म. प्र. में कार्य कर रहे हैं , के मध्य आज दिनांक 27 जनवरी 2011 को सम्पादित किया जा रहा है.

(1) कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम ससाबरड़ प. ह.नं. 35, तहसील कसरावद, जिला खरगोन की आबादी भूमि सर्वे नम्बर 05, 37 , 69/1 एवं उस पर स्थित संरचनाएं तथा निजी कृषि भूमि सर्वे नम्बर 38 , 40 , 54, 56 , 57, 58 , 59 , 63 , 64, 65 पर स्थित संरचनाएं एवं शासकीय भूमि सर्वे नम्बर 69/2 पर स्थित संरचनाओं के भू-अर्जन हेतु भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन - पत्र पेश किया है . जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 , 2 , 3 पर अंकित किया गया है .

परिशिष्ट-1

आबादी भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं

स्वत्वधारक या भूमि स्वामी का नाम/ पिता का नाम/ पूरा पता

अनु. क्र.

(1)

(2)

सर्वे नम्बर (3)

मोहल्ला शीट क्रमांक (4)

प्लाट नम्बर/ भू-खण्ड क्रमांक (5)

क्षेत्रफल वर्गमीटर में (6)

1

59

400

5

1 देवेन्द्रसिंह पिता गजराजसिंह भारतीबाई पति देवेन्द्र सिंह राजपूत

2

1

37

61

93 भवरलाल पिता भगवान पार्वतीबाई पति भंवरलाल भारूड़

3

1

37

62पै

93 लक्ष्मीबाई बेवा गजाराजसिंह बलवंतसिंह पिता भगवानसिंह राजपूत

37

1

62

84 4 लक्ष्मीबाई बेवा गजाराजसिंह बलवंतसिंह पिता भगवानसिंह राजपूत

5

63

37

124

1

मनोहरसिंह पिता रतनसिंह राजपूत

37

1

64

6 6 ताराचंद पिता राजाराम , मायाबाई पति ताराचंद सुतार

7

1

6

65

37

नारायण पिता राजाराम सुतार

133

37

1

66 8 सोभागसिंह पिता हरचंद सावित्रीबाई पति सोभागसिंह राजपूत

37 9

1

67 नटवर पिता राधेश्याम शंकर पिता राजाराम अनिताबाई पति नटवरलाल सुतार 37 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

(1)

(2)

10 नयनगीर पिता लक्ष्मणगीर, कलाबाई पति नयनगीर गोस्वामी 11 प्रहलादगीर पिता लक्ष्मणगीर गोस्वामी

12 गोपीबाई बेवा भगवानगीर

13 सोभागसिंह पिता हरचंद सावित्रीबाई पति सोभागसिंह मनोहरसिंह पिता रतनसिंह रूखमणीबाई पति मनोहरसिंह राजपूत 14 लक्ष्मीबाई बेवा गजाराजसिंह बलवंतसिंह पिता भगवानसिंह रेशमबाई

पति बलवंतसिंह राजपूत

15

411 (3) (4)

(6)

(5)

37

5 1

68

37

1

69

64

27 37

1

70

1

37

71

108 1

37

73

185 1

37

100

74

कमलसिंह पिता रतनसिंह, बसुबाई पति कमलसिंह राजपूत

16

1

83 37

75

अमरसिंह पिता दयाराम, रेशमबाई पति अमरसिंह राजपूत

17 शेरसिंह पिता घीसाजी रामकुंवरबाई पति शेरसिंह राजपूत 18

1

37

76

93 1

37

79

37 नत्थू पिता मांगीलाल शांताबाई पति नत्थूसिंह राजपूत 19

7 37

1

80

नथीबाई बेवा बाबूजी राजपूत सा. बैगंदी तह. - बड़वाह

20 हुसैन खां पिता बालू खां सायरा बी पति हुसैन खां पिंजारा 21 सलीम खां पिता बालू खां अतिशा बी पति सलीम खां पिंजारा 22 गोविंद पिता गुसाई , लीलाबाई पति गोविंद नहाल 23 गबरू पिता शोभाराम, गंगाबाई पति गबरू भारूड़ 24 दशरथ पिता शोभाराम रेशमबाई पति दशरथ , भारूड़ 25 राजकुंवरबाई बेवा धनसिंह विक्रमसिंह शांतिलाल पिता धनसिंह राजपूत

26 बालू पिता मांगीलाल भारूड़

27 कड़वा पिता नरसिंह लीलाबाई पति कड़वा , भारूड़ 28 मंसाराम पिता घुसाई सकुबाई पति मंसाराम भारूड़ 29 लीलाबाई पति गबरू भारूड़

30 शिव मंदिर सार्वजनिक

31 कड़वा पिता दयाराम, गेंदीबाई पति कड़वा राजपूत 32 राजेन्द्रसिंह पिता अमरसिंह मायाबाई पति राजेन्द्रसिंह राजपूत 33 गणेश पिता रणछोड़, बसंतीबाई पति गणेश भारूड.

34 सवलसिंह पिता मांगीलाल समोतिबाई पति सबलसिंह भारूड़ 35 नवलसिंह पिता मांगीलाल कुसुमबाई पति नवलसिंह भारूड़ 36 ग्यारसीबाई बेवा बाबूलाल , भारूड़

37 गजानंद पिता गप्पु, सुरजबाई , दगड़ीबाई पति गजानंद भारूड़ 38 लखनलाल पिता कालू कुसुमबाई पति लखनलाल भारूड़ 39 सवलसिंह पिता मांगीलाल नवलसिंह पिता मांगीलाल ग्यारसीबाई बेवा बाबूलाल भारूड़

40 नारायण पिता मंसाराम फुलुबाई पति नारायण भारूड़ 37

1

82

22 1

37

83

13 1

37

84

5 1

37

5

86

1

87

65 37

1

88

152 37

1

104 37

89

1

100 37

90

1

37

178

91

1

37

92

38 37

1

95

76 1

129 37

96

97

1

37

65 1

37

98

82 1

37

73

99

1

57

100

37

1

37

101

45 1

103

37

149

104

1

140 37

105

37

1

63 1

106

162 37 412

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(2)

(1)

41 दौला पिता अवधड़ ज्ञानीबाई पति दौला भारूड़ 42 दुलीचंद पिता भीकाजी, लक्ष्मीबाई पति दुलीचंद भारूड़ 43 सेतु पिता सखाराम कोमलबाई पति सेतु बलाई 44 सखाराम पिता भग्या अमनबाई पति सखाराम बलाई 45 राजाराम पिता फत्तु सेवंतीबाई पति राजाराम बलाई 46 रेखाबाई बेवा गोकुल बलाई

47 कन्हैया पिता मुरार, सोनाबाई पति कन्हैया बलाई 48 ध्याना पिता कलिया, लक्ष्मीबाई पति ध्याना बलाई 49 कालु, चेतराम, सालगराम पिता चंपालाल बलाई 50 देवराम पिता फत्तु, रेखाबाई पति देवराम बलाई 51 सेवकराम पिता फत्तु कुसुमबाई पति सेवकराम बलाई 52 मीराबाई बेवा अंबाराम फत्तु पिता मयाराम सुकमाबाई पति फत्तु बलाई

53 आनंदराम पिता फत्तु, कंचनबाई पति आनंदराम बलाई 54 ओमकार, पिता मोतीराम, सलुबाई पति ओमकार, दिनेश पिता ओमकार, ममताबाई पति दिनेश , बलाई .

55 सुनिल ओमकार सुषमाबाई पति सुनिल बलाई 56 सीताराम पिता मोतीराम कमलाबाई पति सीताराम बलाई 57 भागुबाई पति भगवान, भगवान पिता रूगनाथ भारूड़ 58 लीलाबाई बेवा बाबूलाल भारूड़

59 रवि पिता नांग्या अनिताबाई पति रवि मोतनबाई बेवा नांग्या बलाई 60 चैनसिंह पिता करसन, शांताबाई पति चैनसिंह बलाई 61 काशीराम पिता करसन बलाई

62 आशाराम पिता करसन , मोतनबाई पति आशाराम बलाई 63 अनिल पिता रामलाल , संतोषीबाई पति अनिल बलाई 64 सखाराम पिता हरचंद बलाई

65 रमेश पिता भीलू सुशीलाबाई पति रमेश भारूड़ 66 कैलाश पिता भीलू, शिवकुंवरबाई पति कैलाश भारूड़ 67 मयाराम पिता भीलूजी बबीताबाई पति मयाराम भारूड़ 68 भगवान पिता रूघनाथ भागुबाई पति भगवान भारूड़ 69 शिवराम पिता मकुंद सुशीलाबाई पति शिवराम भारूड़ 70 जगदीश पिता रायसिंह , राधाबाई पति जगदीश भारूड़ 71 दयाराम पिता बालू, मंगतीबाई पति दयाराम भारूड़ 72 लक्ष्मीबाई बेवा बाबूलाल भारूड़

(4)

(6) (3)

(5)

1

107

79 37

37

1

108

66 1

68 37

110

1

41 37

111

1

113

37

54 37

54 1

114

1

115

34 37

1

46 37

116

1

3 37

118

37

1

119

16

44 1

120

37

41 37

1

121

37

45 1

122

1

37

42

123

1

124

26 37

1

125

54 37

37

1

126

78

127

1

37

63 1

129

37

15

20

130

1

37

1

39 37

131

132

1

56 37

133

1

91 37

1

134

37

92 1

37

64

135

1

37

60

136

1

137

37

89

69 1

138

37

139

31 1

37

1

140

34 37

37

1

141

61 1

37

142

42 भाग 1 ]

413

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(1)

(2)

73 बद्रीलाल पिता भाईराम पांचीलाल पिता भाईराम सरसतबाई पति बद्रीलाल भारूड़

74 भीमसिंह पिता बाबूसिंह रेखाबाई पति भीमसिंह राजपूत 75 अंतरसिंह पिता गुलाबसिंह, लक्ष्मीबाई पति अंतरसिंह राजपूत 76 राजेन्द्रसिंह पिता बाबूसिंह मायाबाई पति राजेन्द्रसिंह राजपूत 77 जयपालसिंह पिता अंतरसिंह , बेबीबाई पति जयपालसिंह राजपूत 78 केशरबाई बेवा रामसिंह राजपूत

79 इस्माईल पिता हुरमत खां, बानो बी पति इस्माईल खां पिंजारा 80 युसुफ खां पिता सत्तार खां हसीना बी पति युसुफ खां पिंजारा 81 सत्तार खां पिता अल्लाबेली जरीना बी पति सत्तार खां पिंजारा 82 हीरालाल पिता गोविंदा तेजूबाई पति हीरालाल भारूड़ 83 जगदीश पिता रतन, लक्ष्मीबाई पति जगदीश भारूड़ 84 जीयालाल पिता मांगीलाल, अमरावतीबाई पति जीयालाल मानकर 85 अहिल्याबाई बेवा मांगीलाल, जीयालाल पिता मांगीलाल, अमरावतीबाई पति जीयालाल , मानकर.

86 दलिया पिता गुसाई , मायाबाई पति दलिया मानकर 87 मोहन पिता गुसाई यशोदाबाई पति मोहन मानकर 88 दिपक पिता दलिया, शीलाबाई पति दिपक मानकर 89 दीलीप पिता दलिया, सुमनबाई पति दीलीप मानकर 90 कैलाश पिता हीरालाल , सेवंतीबाई पति कैलाश मानकर 91 भगवान पिता मांगीलाल लीलाबाई पति भगवान मानकर 92 कमल पिता सेवकराम सरस्वतीबाई पति कमल मानकर 93 रामसिंह पिता नत्थूसिंह , बनारसबाई पति रामसिंह राजपूत 94 जीयालाल पिता काशीराम, रेशमबाई पति जीयालाल मानकर 95 मिश्रीलाल पिता रामा श्यामाबाई पति मिश्रीलाल मानकर 96 दशरथ पिता रामा, पुनीबाई पति दशरथ मानकर 97 पप्पु पिता नाना ममता पिता पप्पु मानकर

98 नानूराम पिता सीगदार केसरबाई पति नानूराम मानकर 99 घुसाई पिता मंगत्या, कौशल्याबाई पति घुसाई मानकर 100 हीरालाल पिता घुसाई कांतीबाई पति हीरालाल मानकर 101 मुकेश पिता गुसाई सीमाबाई पति मुकेश मानकर 102 लोभीराम पिता राजाराम सुशीलाबाई पति लोभीराम जयलू पिता राजाराम ताराबाई पति जयलू कहार

(3)

(5)

(6) (4)

37

1

143

60 37

1

144

76 37

1

145

136 1

37

56

146

56 1

147

37

1

64

148

37

50

2

69/1

1

1

41 69/1

3

4

1

69/1

68 69/1

1

5

115 1

6

69/1

67

35

8

69/1

1

1

15

69/1

62 1

60 69/1

9

10

50 1

69/1

1

12

31 69/1

1

13

25 69/1

1

69/1

14

19 1

16

13 69/1

18

1

51 69/1

53 1

69/1

19

1

21

32 69/1

1

107 69/1

22

1

23

81 69/1

69/1

1

24

72 1

25

43 69/1

1

69/1

26

44 1

32

69/1

29 1

69/1

28

14 1

19 69/1

29

1

79 69/1

30

1

33

97 69/1 414

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

(2)

(1)

103 नत्थूपिता हीरालाल, कलाबाई पति नत्थू चमार 104 शरीफ खां पिता शफी खां मुवीना बी पति शरफ खां पिंजारा 105 आरिफ पिता सफीक, रिहाना बी पति आरिफ पिंजारा 106 शफी पिता गुलमोहर खां रईसा बी पति शफी खां पिंजारा 107 प्यारीबाई बेवा अब्बास खां पिंजारा

108 इसराईल खां पिता अब्बास खां, रहमत बी पति इसराइल खां 109 मेहरबान पिता शेरखां मेहमुदा बी पति मेहरबान पिंजारा 110 मेहबुब खां पिता मेहरबान सुरैया बी पति मेहबुब खां पिंजारा 111 रूबीना बी पिता अजमत खां पिंजारा

112 नूर बी पति रसीद पिंजारा

113 कालू पिता धनजी, पुनीबाई पति कालू मानकर 114 आत्माराम पिता बालजी , सकुनबाई पति आत्माराम मानकर 115 शंकर पिता फत्तु लक्ष्मीबाई पति शंकर

116 केशरू पिता रामा, ललीताबाई पति केशरू

117 पहाड़सिंह पिता छीतु अन्नुबाई पति पहाड़सिंह तड़वी 118 बली पिता आत्माराम , सलिताबाई पति बली मानकर 119 भागीरथ पिता आत्माराम, अनिताबाई पति भागीरथ मानकर 120 सहजाद खां पिता रसीद खां तमन्ना बी पति सहजाद खां 121 आरिफ पिता सफीक, रिहाना बी पति आरिफ, पिंजारा 122 हनिफ पिता नजीर जायदा बी पति हनिफ पिंजारा (3) (4)

(5)

(6) 69/1

1

34

51 1

35

36 69/1

1

36

52 69/1

1

69/1

37

40 69/1

1

39

43

40

69/1

1

59 1

41

11 69/1

1

27 69/1

42

69/1

1

47

43

44

25 1

69/1

69/1

1

47

116 69/1

49

31 1

69/1

1

50

25 1

69/1

51

16 1

69/1

52

29 69/1

1

53

38 1

54

23 69/1

1

69/1

55

28

27 1

57

69/1

69/1

1

58

50

122

7604 योग .

परिशिष्ट-2

निजी कृषि भूमि पर स्थित संरचनाएं

अनु.क्र. (1)

नाम मकान मालिक पिता का नाम (2)

1 सुकदेव पिता गजु भारूड़

2 शांताबाई बेवा जगन बंशीलाल पिता जगन बलाई 3 आनंदराम पिता पदम भारूड़

4 हुसैन खां पिता मोहम्मद खां पिंजारा

5 शेर खां पिता वजीर खां पिंजारा

6 देवकरण पिता श्री राम भारूड़

ख. नं. (3)

संपत्ति का विवरण (4)

38

1 मकान पक्का

38

1 मकान कच्चा

40

1 मकान

54

1 मकान

56

1 मकान पक्का पाटवां डबल मंजिल 1 मकान पक्का

57 58 59 भाग 1 ]

415

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(1)

(2) 7 जीबराईल पिता अजीम खां पिंजारा 8 तेजलबाई बेवा प्यारा पिंजारा

9 अब्दुल रेहमान पिता मुंशी खां पिंजारा 10 अमजत खां पिता आजीम खां पिंजारा 11 नूर मोहम्मद खां पिता बलदार खां पिंजारा 12 अक्तर खां पिता बशीर खां पिंजारा 13 कमलाबाई बेवा कड़वा सुतार

14 सुरेश पिता कड़वा सुतार

15 लखन पिता कड़वा सुतार

16 राजेन्द्र पिता कड़वा सुतार

17 बलीराम पिता रतन भारूड़

(3)

(4)

59

1 मकान पक्का पाटवां डबल मंजिल 59

1 मकान पक्का

59

1 मकान पक्का

59

1 मकान कच्चा डबल मंजिल 59, 63

1 मकान पक्का

59

1 मकान पक्का

टीन टापरी

63

64

1 मकान पक्का

64

1 मकान पक्का

64

1 मकान पक्का

64

1 मकान पक्का

65

1 मकान पक्का

परिशिष्ट-3

शासकीय भूमि पर स्थित संरचनाएं

ख. नं.

अनु.क्र.

(1)

(2)

1

69/2

संपत्ति का विवरण

मद

(3)

(4)

मकान -25

नि. चरागाह

सार्वजनिक

शासकीय भवन- 5

पानी का होज -1 पाईप लाईन -7

2. राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टि कर ली है , कि उक्त जल विद्युत परियोजना राज्य में विद्युत् की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है.

3. कंपनी के भू- अर्जन आवेदन - पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 10 मई 2007 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार म. प्र. शासन, राजस्व विभाग , मंत्रालय, भोपाल के पत्र क्रमांक एफ- 12-03-07-सात-2 ए, भोपाल दिनांक 26 मई 2007 द्वारा भू- अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है . इसका इस अनुबंध- पत्र में समावेश किया गया है.

4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कम्पनी को राज्यपाल के साथ भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है. कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध - पत्र निष्पादित किया जाता है .

कम्पनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती है कि: -

(क) कम्पनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्त व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अंतर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी .

(ख) कम्पनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च ) का भुगतान भी करेंगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू-अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.

416

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(ग) उपर्युक्त ( क ) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट -1 में वर्णित आबादी भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं तथा परिशिष्ट 2 , 3 में वर्णित संरचनाएं कम्पनी को प्रदाय करेगा, जो अनुमति में उल्लेखित निम्न शर्तों के अधीन होगा-

1. अर्जित की गई निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा .

2. भूमि जिस उपयोग के लिए अर्जित की जा रही है , वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जायेगा.

3. भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जावेगा.

4. कंपनी ( इस आशय के करारनामे या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उन कृषकों के परिवार के कम से कम एक सदस्य को कम्पनी में आदर्श पुनर्वास नीति में दिए गये निर्देशों के अनुरूप नौकरी देगी .

5 .

कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने , बंधक रखने, दान देने, पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा. ( धारा 44 - ए) .

6. यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन या उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें शासन को अपने कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.

7.

भूमि की केवल सतह का ही उपयोग किया जावेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण, नीव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जावेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौण खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा .

8. शासन की पुर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.

9. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जायेगा .

10. प्रदूषण नहीं किया जावेगा. इस संबंध में संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मंडल से अनापत्ति प्रमाण- पत्र इस आशय के प्राप्त करना होंगे कि, " पर्यावरण, जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा" .

11. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित एवं स्थानीय संस्था को जैसे नगर निगम , नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग, कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होगा तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.

12. यदि कभी भी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिए नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों, सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को मुआवजा देय नहीं होगा.

13. भूमि या उसके किसी भाग या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा ना तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा, और ना ही पट्टे या किराये पर दिया जावेगा.

14. भूमि जिस प्रयोजन हेतु दी गई हो, उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मान कर भूमि शासन में निहित कर ली जावेगी .

15. शासन के प्रतिनिधि कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन निर्माण आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.

16. मौके की स्थिति या स्थानीय आवश्यकतानुसार भू- अर्जन की कार्यवाही के दौरान कलेक्टर द्वारा लगाई अन्य आवश्यक शर्तें.

17. प्रचलित नियमों के अन्तर्गत अग्रिम राशि कंपनी से शासन के खाते में जमा करने की नियमानुसार कार्यवाही की जावे.

417 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(क) राज्य शासन कंपनी को आश्वस्त करता है कि भूमि और भूमि पर निर्मित भवन या अन्य निर्माण का मुआवजा मिल जाने पर प्राप्त राशि का उपयोग प्रभावित व्यक्ति नये पुनर्वास स्थल पर उसे आवंटित प्लाट पर मकान बनाने के लिए करेगा. यदि वह उसका उपरोक्त अनुसार उपयोग नहीं करता है , तो वह आवंटित स्थल पर मकान बनाने के लिए अन्य राशि और अनुदान राशि की मांग करने का अधिकारी नहीं होगा.

(ख) राज्य शासन की अनुमति से कंपनी को दी गई भूमि एवं उस पर निर्मित भवन और अन्य निर्माण से पुराने मालिक द्वारा नये पुनर्वास स्थल पर अपना मकान बनाने हेतु उपयोगी सामग्री ले जाने के बाद उसका उस भूमि और मकान पर कोई अधिकार नहीं होगा, यदि वह उस पर अतिक्रमण /अधिपत्य रखता है, तो राज्य शासन उचित कार्यवाही कर उसे हटायेगा . जिसमें लगने वाले व्यय के संदाय का उत्तरदायी भी होगा.

(ग) स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय - समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी .

(घ) इस अनुबंध- पत्र की कंडिका 1 में उल्लेखित परिशिष्ट 1 , 2 , 3 में वर्णित भूमि एवं परिसंपत्तियों के अर्जन के फलस्वरूप मूल्य निर्धारण में जो राज्य शासन द्वारा किया गया है , कोई विवाद उत्पन्न होता है, तो उस विवाद का निपटारा नियमानुसार सक्षम न्यायालय ( सिविल न्यायालय ) द्वारा किया जावेगा तथा अंतिम अपीलीय न्यायालय का आदेश मान्य होगा. यदि किसी देय राशि का भुगतान कंपनी द्वारा नहीं किया जाता है , तो राज्य शासन भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही वापस ले सकेगी और भूमि अधिग्रहण वापस लेने की स्थिति में शासन को हुई क्षति जो भूमि अधिग्रहण करने की वापसी के फलस्वरूप होगी , उसका भुगतान भी कंपनी द्वारा राज्य शासन को किया जावेगा.

भू- अर्जन की समस्त प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत पक्ष क्र. - 1 राज्य शासन, पक्ष क्र.-2 कंपनी को अर्जित की गयी भूमि का अधिपत्य एवं स्वत्व प्रदान करने के बाबद् आवश्यक कार्यवाही कर दस्तावेज निष्पादन करावेगी . अनुबंध के निष्पादन पंजीयन तथा अन्य दस्तावेजों के निष्पादन , स्टाम्प ड्यूटी, पंजीयन शुल्क तथा अन्य प्रासंगिक व्यय का भुगतान कंपनी द्वारा किया जावेगा.

इस अनुबंध में अन्यथा कोई कार्यवाही शेष रहती है , तो दोनों पक्षों द्वारा विधि पूर्वक प्रक्रिया के तहत निपटारा किया जावेगा.

दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पक्ष क्र.-2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध- पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है.

पक्ष क्रमांक-1

साक्षियों के हस्ताक्षर

(पूरा नाम पिता का नाम एवं पूरा पता)

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

हस्ता./-

साक्षी क्र. - 1

हस्ता./-

(केदार शर्मा ) कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग . जिला- खरगोन ( म . प्र. ) .

नाम : मथुरालाल मण्डलोई पता : 219 पुष्प कुंज बजरंग नगर, जेतापुर (खरगोन).

पक्ष क्रमांक -2

साक्षी क्र. - 2

हस्ता./-

हस्ता./- (असद जाफर )

पता : 15, टवडी मोहल्ला,

नाम : छोटेखान खरगोन.

महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो . लिमि. , मण्डलेश्वर.

418

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

[ भाग 1

खरगोन, दिनांक 29 जनवरी 2011 क्रमांक- 123 - भू-अर्जन-11

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( 1894 का क्रमांक-1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध-पत्र

राजस्व प्रकरण क्रमांक 5 -अ-82-09-10 यह अनुबंध - पत्र प्रथम पक्ष के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पदेन उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं, ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अंतर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन मध्यप्रदेश जो भारतीय कंपनी अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कंपनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है. जिसकी ओर से मुख्यत्यार -

श्री असद जाफर, महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. अभयांचल परिसर मण्डलेश्वर जिला खरगोन म. प्र. में कार्य कर रहे हैं, के मध्य आज दिनांक 27 जनवरी 2011 को सम्पादित किया जा रहा है .

1. कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम अमलाथा, प. ह.नं. 34, तहसील कसरावद, जिला खरगोन की आबादी भूमि सर्वे नम्बर 354, 358 एवं उस पर स्थित संरचनाएं तथा निजी कृषि भूमि सर्वे नम्बर 290, 296, 306, 314/1 , 315/3 , 315/4 , 401/1 , 411 , 431 , 435, 436, 437, 438 , 444 , 445 , 453/1 , 453/2 पर स्थित संरचनाएं एवं शासकीय भूमि सर्वे नम्बर 174, 268/1 पर स्थित संरचनाओं के भू- अर्जन हेतु भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन- पत्र पेश किया है . जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 , 2 , 3 पर अंकित किया गया है :-

परिशिष्ट-1

आबादी भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं

ग्राम-अमलाथा

स्वत्वधारक या भूमि स्वामी का नाम/ पिता का नाम/ पूरा पता

क्षेत्रफल वर्गमीटर में

सर्वे नम्बर

अनु. क्र.

प्लाट नम्बर/ भू-खण्ड क्रमांक

शीट मोहल्ला क्रमांक (4)

(5) (1) (2)

(3)

(6)

50

135पैकी

1

354

1 रामकुवरबाई बेवा मानसिंह , महेन्द्रसिंह , दिनेशसिंह , जितेन्द्रसिंह ,

सत्येन्द्रसिंह पिता मानसिंह .

1

2

148 पैकी

354

379 श्यामसिंह पिता प्रतापसिंह

1

176

354

3

59 उदयसिंह पिता हिम्मतसिंह

162पैकी

1

7

354

4 कलाबाई पति कल्याणसिंह

5

174

354

1

98 छतरसिंह पिता इंदरसिंह

1

6

354

147

51 नर्मदाबाई पति रघुनाथसिंह निवासी फिकरिया तहसील पुनासा, जिला खण्डवा.

100

354

1

145 पैकी 7 बदामसिंह पिता सिगदारसिंह

1

100

354

8 बलरामसिंह पिता किशोरसिंह

171 पैकी भाग 1 ]

419

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

(1)

(2)

9 बाघसिंह पिता मोतेसिंह

10 रविन्द्रसिंह पिता बलरामसिंह

11 राजेसिंह पिता सौभागसिंह

12 रामपालसिंह पिता प्रतापसिंह

13 रुखडूसिंह पिता बापूसिंह

14 रेशमबाई बेवा प्रतापसिंह

15 लखमेसिंह पिता मोहनसिंह

16 शंकरसिंह पिता चंदरसिंह , हरेसिंह पिता शोभागसिंह, दुलेसिंह पिता मोहनसिंह .

17 शंकरसिंह पिता अंतरसिंह

18 सुरेन्द्रसिंह पिता मोहनसिंह

19 सेवंतीबाई बेवा मेहन्द्रसिंह

20 हरेसिंह पिता सीगदारसिंह

21 हरिकुवरबाई बेवा भगवानसिंह

22 त्रिलोकसिंह पिता खुमानसिंह

23 श्यामसिंह पिता प्रतापसिंह

24 सुरेन्द्रसिंह, लकमेसिंह पिता मोहनसिंह, राजेसिंह पिता शोभागसिंह, हरेसिंह, बदामसिंह पिता सिगदारसिंह.

25 शिव मंदिर सार्वजनिक

26 अमजदखॉ पिता गोलूखॉ

27 गोलूखॉ पिता लालखॉ

28 जलीलखॉ, जहीरखॉ पिता गोलूखॉ

29 जालिमसिंह पिता गजराजसिंह

30 जाफरखॉ पिता कालूखॉ

31 जाफरखॉ पिता कालूखॉ

32 सार्वजनिक ग्राम पंचायत, पशुओं को पानी पीने का हौज 33 परसराम पिता जगन्नाथ

34 फकीरा पिता सिगदार

35 बलरामसिंह पिता गजराजसिंह

36 बसीरखॉ पिता इब्राहिमखॉ

37 सार्वजनिक भिलट बाबा का ओटला

38 भुवानीराम पिता मांगीलाल

39 सार्वजनिक मस्जिद

40 मुसीखॉ पिता लालखॉ

(3) (4)

(5)

(6) 354

1

170पैकी

66 1

354

175

66 1

354

134

143पैकी

1

354

146

227

200

166 पैकी

354

1

354

1

149

46 1

95 354

142पैकी

1

354

146

169 पैकी

354

1 134 पैकी

20 1

354

37

141 पैकी

1

354

173

41 1

354

144 पैकी

80 1

163 पैकी

354

16 354

1

136 पैकी

80 354

148 पैकी

1

135 1

354

57

140 पैकी

1

354

178

31 1

358

360

41 1

358

348

21 358

1

50

359

1

358

339

86 358

1

346

26 358

361

41 1

1

358

368

12 1

358

56

351

358

1

356

91

340

358

1

106 358

1

358

78 358

1

3

394

358

1

343

48 358

1

366

261 358

1

345

44 420

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

(2) (1)

41 मुस्ताक, युसुफ पिता शफी मोहम्मद, मकबुलबाई बेवा शफी मोहम्मद, शाहिल , फरीनबाई पिता सादिक अ.पा.क. युसुफ पिता शफी मोहम्मद.

42 मोमीनखॉन पिता मनीरखॉन 43 रमजानखॉ पिता रेहमानखॉ 44 रामलाल पिता मांगीलाल

45 रामलाल पिता मांगीलाल

46 राधेश्याम पिता मांगीलाल

47 राधेश्याम पिता मांगीलाल

48 वलीखॉ पिता घीसेखॉ

49 शंकर पिता मांगीलाल

50 शेर मोहम्मद पिता मंगत्या 51 सरीफखॉ पिता गफ्‌फारखॉ 52 सलामत पिता शेरखॉ

53 सलीमखॉ पिता मुंशी खॉ

54 समीरखॉ पिता बशीरखॉ

55 दादूखॉ पिता मंगूखॉ

56 वजीर मोहम्मद पिता मंगत्या 57 गोपीबाई पिता किशन

58 गोपाल पिता रामलाल

59 दुलेसिंह पिता हिम्मतसिंह

60 नजरु पिता कासम

61 बलरामसिंह पिता किशोरसिंह 62 भुवानीराम पिता मांगीलाल

63 मनोहरगीर पिता शिवगीर

64 रमेशगीर पिता शिवगीर

65 रामलाल पिता मांगीलाल

66 राधेश्याम पिता मांगीलाल

67 रामसिंह पिता रतनसिंह

68 हरिओम पिता श्रीराम

69 हिम्मतसिंह पिता रामसिंह

70 श्रीराम पिता किसन

71 जगन्नाथ पिता धन्नालाल

(4)

(5)

(3)

(6) 1

38 358

349

355

358

1

36 1

364

57 358

358

1

338

75

342

48 358

1

337

146 358

1

1

344

74 358

1

365

358

141 358

1

341

145 1

350

358

41 358

1

354

42

357

358

1

78

362

358

80 1

1

56 358

363

358

1

393

93 1

33 358

347

1

282

35 358

1

329

110 358

35 1

281

358

1

334

358

91

283

1

35 358

1

332

81 358

1

280

358

48 1

279

50 358

1

330

109 358

358

1

331

81 1

335

68 358

1

328

105 358

358

1

284

87 358

1

327

134

57 358

1

278

70

5594

योग .

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

परिशिष्ट-2

निजी कृषि भूमि पर स्थित संरचनाएं

नाम मकान मालिक पिता का नाम

अनु.क्र.

(1)

(2)

1 सरदार पिता रुखडू बलई

2 बाबू पिता सीताराम बलई

3 शोभाराम पिता सीताराम, बलई

4 लोभीराम पिता हीरा , बलई

5 कैलाश पिता भूरेसिंह राजपूत कब्जेदार अनिल पिता गोपाल बलई

6 गटिया पिता हीरा बलई

7 सुनिल पिता बसंत बलई

8 मुकेश पिता मंगत बलाई

9 सुकाराम पिता देवीराम बलाई

10 अशोक पिता मंगा बलाई

11 बापू पिता मंगा बलाई

12 शोभाराम पिता ऐडिया बलाई

13 प्रभू पिता ऐडिया बलाई

14 कड़वा पिता हरचंद बलाई

15 किशन पिता ऐडिया बलाई

16 नानकूबाई बेवा भुवानीराम भोलू पिता कान्या बलाई 17 प्रतापसिंह पिता बाबूसिंह, राजपूत

18 कोमलबाई पति नरेंद्रसिंह राजपूत

19 रणजीतसिंह पिता केसरेसिंह राजपूत

20 कल्याणसिंह गंभीरसिंह पिता केसरेसिंह राजपूत 21 राजेंद्रसिंह पिता करणसिंह राजपूत

22 भीमसिंह पिता करणसिंह राजपूत

23 मंगुसिंह पिता केसरेसिंह राजपूत

24 मांगीलाल पिता दौलतसिंह राजपूत

25 अहमदनूर पिता गफुरखां मुंडा

26 अब्बास खां पिता रहीम खॉ मुंडा

27 जाहीद खां पिता अब्बास खॉ मुंडा

28 सलीम खॉ पिता अब्बास खां मुंडा

29 कय्युम खां पिता अब्बास खां मुंडा

30 भारतसिंह पिता अंतरसिंह तड़वी

421 ख. नं.

संपत्ति का विवरण (3)

(4) 290

मकान -1 290

मकान-1 290

मकान-1 290

मकान-1 290

मकान-1 290

टपरी -1 290

मकान-1 290

मकान-1 296

मकान -1 296

मकान-1 296

मकान -1 296

मकान-1 296

मकान-1 296

मकान-1

मकान-1 296

296

मकान -1 306

मकान-1 314/1

मकान -1 315/3

मकान -1 315/3

मकान-1

मकान-1 315/3 , 315/4

315/4

मकान-1 401/1

मकान-1 411

मकान-1 431

मकान-1 431

मकान-1 431

मकान-1

मकान-1 431

431

मकान-1 435

मकान-1 422

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(1)

(2)

31 देवीसिंह पिता लिम्बाजी तड़वी 32 उम्मिद खां पिता गुलशेर खां पिंजारा 33 खुदाबक्ष पिता गुलशेर खां पिंजारा 34 सुभान खां पिता गुलशेर खां पिंजारा 35 कालू खां पिता भूरे खां पिंजारा 36 कैलाश पिता छोगालाल भारुड़ 37 समीमबाई पति टुंटु खां मुंडा 38 लीयाकत पिता लतीफ मुंडा

39 अय्युब पिता अजीत खां मुंडा 40 अजीत खां पिता रहीम खां मुंडा 41 हुसैन पिता लिम्बा खां मुंडा

42 लिम्बा खां पिता जरदार खां मुंडा 43 युनुस खां पिता भूरेखां मुंडा

44 अब्बास खां पिता भूरे खां मुंडा 45 अय्युब खां पिता भूरे खां मुंडा 46 फरियाद खां पिता भूरे खां मुंडा 47 छोटु खां पिता फाजल खां मुंडा 48 द्वारकीबाई पति गोवर्धन केवट 49 हीरालाल पिता बल्लूप्रसाद जयसवाल 50 सतीष कुमार पिता हीरालाल जयसवाल 51 इस्माईल खां पिता सत्तार खां मुंडा 52 गोलू खां पिता शमशेर खां मुंडा 53 सत्तार खां पिता दिलावर खां मुंडा 54 शाबिर खां पिता सत्तार खां मुंडा 55 मुखत्यार खां पिता सत्तार कां मुंडा 56 तसलीम खां पिता सत्तार खां मुंडा 57 निजाम पिता इसराइल खा मुंडा 58 इसराईल खां पिता गफुर खां मुंडा 59 हुसैन खां पिता सुलेमान खां मुंडा 60 फिरोज खां पिता सुलेमान खां मुंडा 61 इस्माईल खां पिता पीरु खां मुंडा 62 फिरोज खां पिता पीरु खां मुंडा 63 मिकाइल खां पिता पीरु खां मुंडा

[ भाग 1

(4)

(3)

435

मकान-1 436

मकान-1 436

मकान-1 436

मकान-1 436

मकान-1 437

मकान-1 438

मकान-1 438

मकान-1 438

मकान-1 438

मकान-1 444

मकान-1 444

मकान-1 444

मकान-1 444

मकान-1

मकान -1 444

444

मकान-1 445

मकान-1 445

मकान-1 453/1

मकान-1 453/1

मकान-1

मकान-1 453/1

453/1

मकान-1 453/1

मकान-1 453/1

मकान-1 453/1

मकान-1 453/1

मकान-1 453/1

मकान-1 453/1

मकान-1

मकान-1 453/1

453/1

मकान-1 453/1

मकान-1

मकान -1 453/1

453/2

मकान-1 423 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(1)

(2)

(3)

(4) 64

453/2

मकान-1 पीरु खां पिता नबी खां मुंडा

65

453/2

मकान-1 रफिक खां पिता गफार खां मुंडा

66

453/2

मकान-1 रसीद खां पिता गफार खां मुंडा

67

453/2

मकान-1 गुलाम खां पिता गफार खां मुंडा

68

453/2

मकान-1 मुकीम खां पिता गफार खां मुंडा

69

453/2

मकान-1 सईद खां पिता गफार खां मुंडा

70

मकान -1

453/2

गफार खां पिता नबी खां मुंडा

453/2

71

मकान -1 अब्दुल खां पिता हसालत खां मुंडा

परिशिष्ट-3

शासकीय भूमि में स्थित संरचनाएं

ख. नं.

संपत्ति का विवरण अनु.क्र.

(1)

(2)

(4)

मद (3)

1

174

नि. चरागाह

मकान-4

2

268/1

मकान-28

नि. चरागाह

नलकूप-01 2. राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टि कर ली है , कि उक्त जल विद्युत परियोजना राज्य में विद्युत् की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है .

3. कंपनी के भू-अर्जन आवेदन- पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 1-9-2007 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार म. प्र. शासन, राजस्व विभाग , मंत्रालय, भोपाल के पत्र क्रमांक एफ - 12-15/07/सात-2 ए, भोपाल दिनांक 4-10-2007 द्वारा भू- अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है . इसका इस अनुबंध - पत्र में समावेश किया गया है.

4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कम्पनी को राज्यपाल के साथ भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है. कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध - पत्र निष्पादित किया जाता है .

कम्पनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती हैकिः -

(क) कम्पनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्ति व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अंतर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी.

(ख) कम्पनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च) का भुगतान भी करेगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू-अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.

(ग) उपर्युक्त ( क) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट-1 में वर्णित आबादी भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं तथा परिशिष्ट 2 , 3 में वर्णित संरचनाऐं कम्पनी को प्रदाय करेगा , जो अनुमति में उल्लेखित निम्न शर्तों के अधीन होगा-

1. अर्जित की गई निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा .

424

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

[ भाग 1 2. भूमि जिस उपयोग के लिए अर्जित की जा रही है, वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जायेगा.

3. भूमि पर निर्माण कार्य करते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जावेगा.

4. कंपनी ( इस आशय के करारनामे या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उन कृषकों के परिवार के कम से कम एक सदस्य को कम्पनी में आदर्श पुनर्वास नीति में दिए गये निर्देशों के अनुरूप नौकरी देगी.

5. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने, बंधक रखने, दान देने , पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा. ( धारा 44 - ए) .

6. यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन या उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन , इमारतें शासन को अपने कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.

7 .

भूमि की केवल सतह का ही उपयोग किया जावेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नीव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जावेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौण खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.

8. शासन की पुर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा .

9. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जायेगा.

10. प्रदूषण नहीं किया जावेगा. इस संबंध में संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मंडल से अनापत्ति प्रमाण - पत्र इस आशय के प्राप्त करना होंगे कि, " पर्यावरण , जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा" .

11. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित एवं स्थानीय संस्था को जैसे नगर निगम , नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग , कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होगा तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.

12. यदि कभी भी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिए नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों , सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को मुआवजा देय नहीं होगा.

13. भूमि या उसके किसी भाग या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा ना तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा, और ना ही पट्टे या किराये पर दिया जावेगा.

14. भूमि जिस पर प्रयोजन हेतु दी गई हो, उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अधिकृत कब्जा मान कर भूमि शासन में निहित कर ली जावेगी .

15. शासन के प्रतिनिधि कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन निर्माण आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.

16. मौके की स्थिति या स्थानीय आवश्यकतानुसार भू- अर्जन की कार्यवाही के दौरान कलेक्टर द्वारा लगाई अन्य आवश्यक शर्तें.

17. प्रचलित नियमों के अन्तर्गत अग्रिम राशि कंपनी से शासन के खाते में जमा करने की नियमानुसार कार्यवाही की जावे.

(क) राज्य शासन कंपनी को आश्वस्त करता है कि भूमि और भूमि पर निर्मित भवन या अन्य निर्माण का मुआवजा मिल जाने पर प्राप्त राशि का उपयोग प्रभावित व्यक्ति नये पुनर्वास स्थल पर उसे आवंटित प्लाट पर मकान बनाने के लिए करेगा. यदि वह उसका उपरोक्त अनुसार उपयोग नहीं करता है , तो वह आवंटित स्थल पर मकान बनाने के लिए अन्य राशि और अनुदान राशि की मांग करने का अधिकारी नहीं होगा.

425 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(ख) राज्य शासन की अनुमति से कंपनी को दी गई भूमि एवं उस पर निर्मित भवन और अन्य निर्माण से पुराने मालिक द्वारा नये पुनर्वास स्थल पर अपना मकान बनाने हेतु उपयोगी सामग्री ले जाने के बाद उसका उस भूमि और मकान पर कोई अधिकार नहीं होगा , यदि वह उस पर अतिक्रमण / अधिपत्य रखता है , तो राज्य शासन उचित कार्यवाही कर उसे हटायेगा. जिसमें लगने वाले व्यय के संदाय का उत्तरदायी भी होगा.

(ग) स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय- समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी.

(घ) इस अनुबंध- पत्र की कंडिका 1 में उल्लेखित परिशिष्ट 1 , 2 , 3 में वर्णित भूमि एवं परिसंपत्तियों के अर्जन के फलस्वरूप मूल्य निर्धारण में जो राज्य शासन द्वारा किया गया है , कोई विवाद उत्पन्न होता है, तो उस विवाद का निपटारा नियमानुसार सक्षम न्यायालय ( सिविल न्यायालय ) द्वारा किया जावेगा तथा अंतिम अपीलीय न्यायालय का आदेश मान्य होगा. यदि किसी देय राशि का भुगतान कंपनी द्वारा नहीं किया जाता है , तो राज्य शासन भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही वापस ले सकेगी और भूमि अधिग्रहण वापस लेने की स्थिति में शासन को हुई क्षति जो भूमि अधिग्रहण करने की वापसी के फलस्वरूप होगी , उसका भुगतान भी कंपनी द्वारा राज्य शासन को किया जावेगा.

भू- अर्जन की समस्त प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत पक्ष क्र. -1 राज्य शासन, पक्ष क्र.-2 कंपनी को अर्जित की गयी भूमि का अधिपत्य एवं स्वत्व प्रदान करने के बाबद् आवश्यक कार्यवाही कर दस्तावेज निष्पादन करावेगी. अनुबंध के निष्पादन पंजीयन तथा अन्य दस्तावेजों के निष्पादन, स्टाम्प ड्यूटी , पंजीयन शुल्क तथा अन्य प्रासंगिक व्यय का भुगतान कंपनी द्वारा किया जावेगा.

इस अनुबंध में अन्यथा कोई कार्यवाही शेष रहती है , तो दोनों पक्षों द्वारा विधि पूर्वक प्रक्रिया के तहत निपटारा किया जावेगा.

दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर , जिला खरगोन एवं पक्ष क्र.-2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध - पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है .

पक्ष क्रमांक-1 मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , साक्षियों के हस्ताक्षर (पूरा नाम पिता का नाम एवं पूरा पता)

हस्ता./- (केदार शर्मा ) कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग . जिला- खरगोन ( म. प्र. ) .

साक्षी क्र. - 1 हस्ता./- नाम : मथुरालाल मण्डलोई पता : 219 पुष्प कुंज बजरंग नगर, जेतापुर ( खरगोन ) .

साक्षी क्र. - 2

पक्ष क्रमांक -2

हस्ता./- नाम : छोटेखान पता : 15, टवडी मोहल्ला, खरगोन.

हस्ता./- (असद जाफर ) महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. , मण्डलेश्वर.

426

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

[ भाग 1

खरगोन , दिनांक 29 जनवरी 2011 क्रमांक- 124- भू-अर्जन-2011

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( 1894 का क्रमांक -1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध-पत्र

राजस्व प्रकरण क्रमांक 6-अ- 82-10-11 यह अनुबंध - पत्र प्रथम पक्ष के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पदेन उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं, ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अंतर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन मध्यप्रदेश जो भारतीय कंपनी अधिनियम , 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कंपनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है. जिसकी ओर से मुख्यत्यार-

श्री असद जाफर, महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. अभयांचल परिसर मण्डलेश्वर जिला खरगोन म. प्र. में कार्य कर रहे हैं, के मध्य आज दिनांक 27 जनवरी 2011 को सम्पादित किया जा रहा है.

1. कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के बांध निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम लेपा, प. ह. नं. 34, तहसील कसरावद, जिला खरगोन की निजी कृषि भूमि कुल सर्वे नम्बर संख्या 72 कुल क्षेत्रफल 14.349 हे. भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां के भू- अर्जन हेतु भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन- पत्र माननीय उच्च न्यायालय , जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक W.P./1359/09 , दिनांक 6-5-2009 में पारित आदेश के पालन में पेश किया है . जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 पर अंकित किया गया है : -

परिशिष्ट-1

निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां एफ.आर.एल. के अन्तर्गत ग्राम लेपा

संपत्ति का विवरण

ख. नं.

नाम भूमिस्वामी/पिता का नाम एवं जाति

अनु. क्र.

अर्जनीय क्षेत्रफल (हे. में. )

(5) (1)

(2)

(3)

(4)

52

0.024

1 हीरालाल पिता राजाराम , भारुड़ नि. लेपा

54/2

0.044

2 कड़वा , नहारिया , मांगीबाई पिता कालू, गुलाबचंद , रामलाल , कैलाश पिता सायबा, गणपत, रेवाबाई, मोताबाई पिता सिगदार भारुड़ा लेपा.

55

0.069

3 श्रीपतराव पिता रघुनाथराव , अंबिकाबाई बेवा नारायणराव , गणपतराव पिता कृष्णराव सतीशचंद्र पिता बलवंतराव विद्यावती , प्रकाशवती , कुमुदनी, विमला पिता बलवंतराव ब्राम्हण नि. मण्डलेश्वर.

61

0.081

4 राघोराम, सीताराम पिता चंपालाल , मंगतीबाई बेवा राजाराम , प्रभु पिता राजाराम , मंगतीबाई बेवा देवराम, शिवकन्या, रमुबाई , मधुबाई, मनुबाई पिता देवराम, हिरालाल पिता शोभाराम, चंपाबाई बेवा शेरू, अजय , ललित , कृष्णा पिता पंढरी , अ.पा.क. पंढरी जाति भारूड़, नि.ग्रा.

427 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(1)

(2)

(3)

(4)

(5) 5

65

0.081

दयाराम, मयाराम पिता टंटिया, सीताराम, सखाराम पिता मांग्या भारूड़ लेपा.

0.032

69/1

6 सुखदेव पिता सखाराम , भारूड़ लेपा.

7

0.037

69/2

भारत पिता मंगत भारूड़ लेपा.

72

8

1.085

मुन्ना, रूखड़ीबाई पिता नन्दु, नानीबाई बेवा नन्दु, नावड़ा लेपा

82/4

0.256

9 बाबु पिता छीत्या बलाई लेपा

83/1

0.040

10 मितेश पिता श्रीकृष्ण ब्राम्हण माकड़खेड़ा

बांस जाली -1 , नीम-3 , सागवान -5, नर्मदा पाईप लाईन-1 .

11

83/2

0.089

रामकृष्ण पिता बाबुराव ब्राम्हण लेपा

पाईप लाईन -1 , नीम -2 (पाईपलाईन खसरा नंबर 181 में से आई है ) 12

92

0.696

रूखडु पिता चंपालाल , नीलूबाई, द्वारकीबाई पिता चंपालाल , बलाई लेपा.

122/2

0.012

आम-1 13 मंगत , रमेश , भूरेसिंह, बलीराम , सलीताबाई, कुसुमबाई, चंपाबाई , ग्यारसीबाई पिता गोपाल, नावड़ा लेपा.

14

0.162

133/1

देवराम पिता बाबुलाल नावड़ा नि. माकड़खेड़ा

15

0.547

नीम-1

141 पैकी

जगदीश , तेंजुबाई, अन्नुबाई पिता कालू, देवकीबाई बेवा कालू नावड़ा लेपा.

145 पैकी

1.117

16 गजानंद पिता फत्तु बलाई लेपा

17

147

1.048

नीम-4, बबुल-5 सोमारिया पिता जोग्या, भानू, शिवा, हीरा पिता बुदिया, कान्या पिता गंगाराम , मीराबाई, कंचनबाई , गोगलबाई पिता शंकर , प्यारा , पदम , नथीबाई पिता मंगल्या, तुलसीबाई बेवा सायबा, मोहब्बत, धरमिया पिता सीताराम, घीसीबाई, भूरीबाई, मुन्नीबाई पिता सीताराम, कालू, गेंद्या , राघोराम पिता विठ्ठल , पेमा, गोप्या पिता ओंकार, रामा, शेरू पिता कोरज्या, अमरिया पिता नाना, कालू, बाबु, बीनाबाई पिता बोखार, कालू, एडु, गजानंद , आशाराम, मोतनबाई, जसुबाई, कलाबाई, पिता फत्या, शोभाराम, हसुबाई , कड़वीबाई पिता गणपत , दगड़ीबाई बेवा गणपत, घनश्याम पिता बाबरिया, केशरबाई बेवा बाबरिया, सीताराम, नीलाबाई पिता मांग्या, पीलीबाई बेवा बाबु, शंकर, गोविंद , कैलाश, राधेश्याम , रामकुंवरबाई पिता बाबु, चंप्या , द्वारक्या , किशन पिता शंकर, बाबु, देवराम पिता छीतर बलाई लेपा .

18

0.405

152/2

कांताबाई बेवा महादेवसिंह, कृष्णा, संजु पिता महादेवसिंह जाति ठाकुर, मु. लोहार पिपलीया, तह. महु, जिला इन्दौर.

19

157

0.263

जगदीश , तेंजुबाई , अन्नुबाई पिता कालू, देवकीबाई बेवा कालू नावड़ लेपा.

428

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

[ भाग 1

(3)

(4)

(2)

(5) (1)

20

161

0.049

छोगालाल पिता सीताराम भारूड़ लेपा

0.024

162/2

21 छोगालाल पिता सीताराम भारूड़ लेपा

164

0.093

22 दुर्गाशंकर, पुरषोत्तम, पंडरीनाथ पिता त्रिंबकराव, ब्राम्हण लेपा

169

0.093

23 सुरेन्द्रसिंह पिता महाराजसिंह , भूरेसिंह , राजेसिंह पिता बहादरसिंह, कमलाबाई बेवा बहादरसिंह , शकुन्तलाबाई बेवा दौलतसिंह , अंतिमसिंह , कुसुमबाई, कृष्णाबाई, मनोरमाबाई , शशिकलाबाई पिता दौलतसिंह, कान्ताबाई बेवा महादेवसिंह , कृष्णा, संजु पिता महादेवसिंह ठाकुल लेपा.

0.073

170

24 सुरेशचंद, दीनानाथ , श्रीराम , बलिराम , गोपाल , कौशल्याबाई, गायत्रीबाई पिता विश्वनाथ, कैलाश, रमाकांत, मधुसूदन, प्रदीप, दिलीप , राजेन्द्र, शारदाबाई पिता राजाभाउ, वामनराव पिता बालू, सुशीलाबाई बेवा बालू ब्राम्हण लेपा.

0.121

25

171

सकरीबाई बेवा बाबु, घीसीलाल , सीताराम, राघोराम, भूरीबाई, कालीबाई पिता बाबु, बोखार पिता राजाराम, अनारबाई बेवा मंशाराम, परसराम, भूरिया, गबरू, मानसिंह , भाईराम, शांताबाई, कालीबाई, गोदावरीबाई , रमाबाई , उमाबाई पिता मंशाराम, मांगीबाई बेवा दयाराम, नानूराम , नवल , बनुबाई, रमुबाई, दमुबाई, बसंतीबाई, अनिताबाई पिता दयाराम, मयाराम पिता गंगाराम , नारायण पिता शोभाराम, पुनीबाई बेवा शोभाराम नावड़ा लेपा.

26

0.105

इमली-1 शांताबाई बेवा नाना, जगन, कैलाश , लक्ष्मीबाई पिता नाना, लक्ष्मीबाई 172 बेवा गेंदालाल, संतोष, ओमप्रकाश, बलराम पिता गेंदालाल , मांगीबाई बेवा दयाराम, नानुराम, नवल, बनूबाई, रमूबाई, दमूबाई, बसंतीबाई, अनिताबाई पिता दयाराम नावड़ा लेपा.

27

173

0.036

सतीशचंद्र पिता बलवंतराव , ब्राम्हण नि. मण्डलेश्वर

28

176

0.049

श्यामराव , कैलाशचंद्र, जगदीशचंद्र, जीवनलताबाई पिता रामनारायण ब्राम्हण लेपा.

0.020

177/1

नीम-1 29 नाना, केशव , ललीताबाई, गेंदाबाई पिता गणपतदास , तुलसीबाई बेवा गणपतदास नावड़ भट्याण बुजुर्ग .

30

नीम-1

177/2

0.049

मुन्ना, रूखड़ाबाई पिता नन्दु, नानीबाई बेवा नन्दु नावड़ा लेपा

0.036

177/4

31 मंगत , रमेश , भूरेसिंह , बलिराम , सलिताबाई, कुसुमबाई, चंपाबाई, ग्यारसीबाई पिता गोपाल, नावड़ा लेपा .

0.041

181

पाईप लाईन -4 32 गेंदालाल , बाल्या, बाबु पिता केशव , ताराचंद, नन्नु, कैलाश पिता एड़िया, कहार लेपा.

1. ग्राम पंचायत लेपा जल योजना नर्मदा नदी से पाईव लाईन -1 429 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

2. ग्राम पंचायत लेपा द्वारा ग्राम टिगरियांव की जल योजना.

3. सीताराम पिता चंपालाल कहार नि. टिगरियांव- पाईपलाईन-2 व मोटर घर.

4. रामकृष्ण पिता बाबूराव डोंगरे नि. लेपा.

33

182

0.028

राजेश्वर, चंद्रशेखर, दुर्गाशंकर, बसंत कुमार पिता जगन्नाथ केशरबाई बेवा जगन्नाथ , चंद्रकलाबाई पति शिवनारयण ब्राम्हण लेपा.

183

0.032

34 लक्ष्मीबाई बेवा लक्ष्मीनारायण ब्राम्हण नि . ग्रा.

35

0.012

कवीट-1 सावित्रीबाई बेवा सीताराम , किशोर, मनोहर, हुकुम, पिता सीताराम, 185/1 तुकाराम, नत्थु पिता फकीरा , कहार नि. ग्रा.

0.012

185/2

गोंदी -1 36 तोताराम पिता दशरथ कहार लेपा

0.016

185/3

37 गंगाराम पिता दशरथ जाति कहार नि. ग्रा.

इमली-1

185/4

0.016

38 मंगत, आनंदराम, बाबु पिता भगवान कहार लेपा

186

0.040

39 कुंवरबाई बेवा छोग्या, रमेश, कालू, कुसुमबाई, गुलाबबाई पिता छोग्या, राघोराम , तुलसीराम पिता भीका, कड़वा छीतु पिता भीकारिया कहार नि. ग्रा.

187

0.032

40 तोताराम पिता दशरथ कहार लेपा

0.077

188

नीम-1 , पिपल पौधा-1 , गोबरगैस -1 41 रामसिंह पिता भगवान, श्रीराम , राधेश्याम, नहारू, पिता धन्नालाल, शांताबाई बेवा धन्नालाल, गुलाबचंद, अनोपचंद, आत्माराम , रामचंद्र, उर्मिलाबाई पिता मांगीलाल , कलाबाई बेवा मांगीलाल, दीपक पिता कालू, अपाक, दादी कलाबाई नावड़ा लेपा.

0.061

190/2

42 छोगालाल पिता सीताराम भारूड़ लेपा

191/1

0.024

43 चननबाई बेवा गोविंद , राधेश्याम , नानूराम, राधाबाई, रूकमणीबाई, पद्मनीबाई पिता गोविंद , भारूड़ लेपा.

193

0.036

44 सुकलाल पिता पुन्या नावड़ा लेपा

सागवान पौधे -2, निंबू-1 , बिलपत्र-1 , नीम -1 .

0.048

194/1

45 सुरेशचंद्र पिता श्रीपतराव जाति ब्राम्हण नि. मंडलेश्वर, शिवा, चंदुबाई , इंदुबाई पिता मांगीलाल , ताराबाई बेवा रामलाल , प्रमीला, संतोष, सलीता, पिता रामलाल , अ. लखन, बलवंत , सुमीत , भूपेन्द्र पिता रामलाल पा. क. मां ताराबाई बेवा रामलाल नावड़ा नि . ग्रा.

430

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

[ भाग 1 (1)

(2)

(5)

(3)

(4)

46

194/2

0.053

सुरेशचंद्र पिता श्रीपतराव जाति ब्राम्हण नि. मंडलेश्वर, शिवा, चंदुबाई, इंदुबाई पिता मांगीलाल, ताराबाई बेवा रामलाल , प्रमीला, संतोष, सलीता, पिता रामलाल, अ. लखन, बलवंत, सुमीत , भूपेन्द्र पिता रामलाल पा. क. मां ताराबाई बेवा रामलाल नावड़ा लेपा.

47

201

0.077

पिपल-1 , नीम-1 द्वारक्या, किशन पिता शंकर, बाबु, देवराम पिता छीत्या, रूखडु नीलाबाई, द्वारकीबाई पिता चंपालाल , बलाई नि. ग्रा.

0.040

48

202

कुंवरजी पिता नान्या बलाई नि. ग्रा.

49

204

0.073

बाबु, रामा, रूघनाथ पिता कल्याण , राजलबाई, गोगलबाई पिता कल्याण बलाई लेपा.

205

0.036

50 बलिराम, छगनबाई, नानकबाई पिता तेज्या, भल्या, रमेश , कमलाबाई, चंपाबाई, उमाबाई , पिता मोज्या, कालू पिता नत्थु, लक्ष्मीबाई बेवा राजाराम , मुरार पिता पंछी , भूरीबाई बेवा दल्या, मंगत, बसंत, राजाराम, अनोकचंद पिता दल्या बलाई लेपा.

51

206

0.040

दयाराम , भागीरथ , कैलाश, नथीबाई , फतीबाई पिता सोमारिया, भानू, शिवा, हीरा पिता बुदिया बली लेपा.

52

207

0.073

बलिराम , छगनबाई, नानकबाई पिता तेज्या, भल्या, रमेश, कमलाबाई, चंपाबाई, उमाबाई पिता मोज्या, कालू पिता नत्थु लक्ष्मीबाई बेवा राजाराम, मुरार पिता पंछी , भूरीबाई बेवा दल्या, मंगत , बसंत, राजाराम, अनोकचंद पिता दल्या बलाई लेपा.

53

208

0.057

बाबु, रामा, रूघनाथ पिता कल्याण , राजलाबाई, गोगलबाई पिता कल्याण बलाई लेपा.

पिपल-1 , सागवान -2 , बड़-1 , नीम-1 54

209/1

0.041

सागवान पौधे -2 मंगतीबाई बेवा जगन्नाथ , दुर्गाबाई पिता जगन्नाथ, नावड़ा नि.ग्रा .

0.024

209/2

55 लक्ष्मण पिता पुन्या, चमार नि. ग्रा.

210

0.049

56 जसोदाबाई बेवा मंगत, कमल, बसुबाई, बुदिबाई पिता मंगत, गोविंद पिता भल्या, नानीबाई बेवा श्रीराम, दिनेश पिता श्रीराम, गीताबाई , शांताबाई पिता भल्या, भुवानीराम पिता कड़वा नावड़ा लेपा.

रंजनाबाई पति श्यामसिंह जाति राजपूत नि. अमलाथा पाईप लाईन -1 एक विद्युत् मोटर घर, खोली-1 , बैर -1 , नीम-1 पीपल-1 , सागवान पौधा-1 , इमली -1 .

57

212

0.016

नीम-1 , बैर-1 बाबु, रामा, रूघनाथ पिता कल्याण, राजलाबाई , गोगलबाई पिता कल्याण बलाई लेपा.

213

0.008

58 गोविंद पिता घुसाई भारूड़ लेपा 431 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

(1)

(4)

(5) (2)

(3)

59

214

0.049

मयाराम , लक्ष्मण, मांगीबाई , चिड़ईबाई पिता अमरिया, अ.पा. मा. मायाबाई बेवा अमरा नि. कसरावद.

60

216/1

0.161

गोविंद पिता घुसाई भारूड़ लेपा

इमली-2 , अनार पौधे -1 , कवीट -1 , आम पौधे -2 , सिताफल -3 , जाम पौधे -2 , निंबु -4, सागवान पौधे -5 , बांस जाली-2 , बांस -2 .

61

216/2

नीम-1

0.053

खुपचंद, नाना पिता रायसिंह भारूड़ नि.ग्रा.

217

0.239

62 सजनबाई बेवा भावलिया , बोखार पिता सालगराम , नीलाबाई बेवा दरियाव , गजानंद पिता दरियाव, प्रेमलाल, राकेश , कालू, भागुबाई, कुसुमबाई, मंजुबाई पिता दरियाव , अ . रेखाबाई पिता दरियाव , अपा मां नीलाबाई , मंगतीबाई , देवकीबाई , जसोदाबाई, श्याणीबाई, पिता फत्तु, छगनबाई, गुलाबबाई, गोदावरीबाई, पिता सुक्या नावड़ लेपा .

0.202

218

शेरसिंह पिता रणछोड़सिंह वर्मा नि. टिगरियांव पाईप लाईन-1.

63 ताराबाई बेवा रामलाल , प्रमीला, संतोष, ललीता, लखन, बलवंत, सुमीत, भूपेन्द्र पिता रामलाल, चंदुबाई , इंदुबाई शिवा पिता मांग्या नावड़ा नि. ग्रा.

64

226/2

1.238

आम-2 , नीम-2 छोगालाल पिता सीताराम भारूड़ लेपा

1.202

65

230/2

तोताराम पिता दशरथ कहार नि.ग्रा.

66

231

0.130

शांताबाई बेवा नाना, जगन, कैलाश , लक्ष्मीबाई पिता नाना , लक्ष्मीबाई बेवा गेंदालाल, संतोष, ओमप्रकाश , बलराम पिता गेंदालाल , मांगीबाई बेवा दयाराम , नानुराम, नवल, बनूबाई, रमूबाई, दमूबाई, बसंतीबाई, अनिताबाई पिता दयाराम नावड़ा लेपा.

67

233

0.238

नीम-2 सोमारिया पिता जोग्या, भानू, शिवा, हीरा पिता बुदिया, कान्या पिता गंगाराम , मीराबाई , कंचनबाई , गोगलबाई पिता शंकर, प्यारा, पदम, नथीबाई, पिता मंगल्या, तुलसीबाई बेवा सायबा , मोहब्बत, धरमिया पिता सीताराम, घीसाबाई, भूरीबाई , मुन्नीबाई पिता सीताराम , कालू, गेंद्या, राघोराम पिता विठ्ठल, पेमा , गोप्या पिता ओंकार, रामा , शेरू पिता कोरज्या, अमरिया पिता नाना, कालू, बाबु, बीनाबाई पिता बोखार, कालू, एडु, गजानंद, आशाराम , मोतनबाई , जसुबाई, कलाबाई पिता फत्या, शोभाराम , हसुबाई , कड़वीबाई पिता गणपत , दगड़ीबाई बेवा गणपत, घनश्याम पिता बाबरिया , केशरबाई बेवा बाबरिया, सीताराम , नीलाबाई पिता मांग्या, पीलीबाई बेवा बाबु, शंकर, गोविंद, कैलाश, राधेश्याम, रामकुंवरबाई पिता बाबु, चंप्या, द्वारक्या, किशन पिता शंकर, बाबु, देवराम पिता छीतर बलाई लेपा .

432

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

[ भाग 1 (1)

(2)

(3)

(5)

(4)

68

235

0.146

सोमारिया पिता जोग्या, भानू, शिवा, हीरा पिता बुदिया, कान्या पिता गंगाराम, मीराबाई, कंचनबाई , गोगलबाई पिता शंकर, प्यारा, पदम, नथीबाई , पिता मंगल्या, तुलसीबाई बेवा सायबा, मोहब्बत , धरमिया पिता सीताराम , घीसाबाई, भूरीबाई, मुन्नीबाई पिता सीताराम, कालू, गेंद्या, राघोराम पिता विठ्ठल , पेमा , गोप्या पिता ओंकार, रामा, शेरू पिता कोरज्या, अमरिया पिता नाना, कालू, बाबु, बीनाबाई पिता बोखार, कालू, एडु, गजानंद, आशाराम, मोतनबाई, जसुबाई , कलाबाई पिता फत्या, शोभाराम , हसुबाई , कड़वीबाई पिता गणपत, दगड़ीबाई बेवा गणपत, घनश्याम पिता बाबरिया, केशरबाई बेवा बाबरिया, सीताराम, नीलाबाई पिता मांग्या, पीलीबाई बेवा बाबु, शंकर, गोविंद, कैलाश , राधेश्याम, रामकुंवरबाई पिता बाबु, चंप्या, द्वारक्या, किशन पिता शंकर, बाबु, देवराम पिता छीतर बलाई लेपा.

238

1.072

नीम-4 69 सजनबाई बेवा भावलिया , बोखार पिता सालगराम , नीलाबाई बेवा दरियाव , गजानंद पिता दरियाव , प्रेमलाल, राकेश , कालू, भागुबाई, कुसुमबाई , मंजुबाई पिता दरियाव , अ. रेखाबाई पिता दरियाव , अपा मां नीलाबाई, मंगतीबाई, देवकीबाई, जसोदाबाई , श्याणीबाई, पिता फत्तु, छगनबाई, गुलाबबाई, गोदावरीबाई पिता सुक्या नावड़ लेपा.

70

239/2

1.599

कवीट-2, नीम-5 कांताबाई बेवा महादेवसिंह, कृष्णा, संजु पिता महादेवसिंह जाति ठाकुर मु. लोहार पिपलीया, तह. महु , जिला इन्दौर.

71

243/1/1

0.049

नर्मदा पाईपलाईन -1 बसंत कुमार पिता गंगाराम जाति कहार नि. ग्रा.

72

0.073

नीम-2

244

गंगाबाई बेवा नत्थु ब्राम्हण नि. ग्रा.

72

14.349

महायोग ..

2. राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टि कर ली है कि उक्त जल विद्युत परियोजना राज्य में विद्युत् की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है.

3. कंपनी के भू-अर्जन आवेदन- पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 20-4-2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार म. प्र. शासन, राजस्व विभाग , मंत्रालय , भोपाल के पत्र क्रमांक एफ- 12-8 /2010/सात-2 ए, भोपाल दिनांक 10-5-2010 द्वारा भू- अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है . इसका इस अनुबंध - पत्र में समावेश किया गया है .

4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कम्पनी को राज्यपाल के साथ भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है . कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध - पत्र निष्पादित किया जाता है .

कम्पनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती है किः-

( क) कम्पनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्ति व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू- अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अंतर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी.

( ख) कम्पनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च ) का भुगतान भी करेंगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू-अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.

भाग 1 ]

433

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(ग) उपर्युक्त ( क) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट -1 में वर्णित निजी कृषि भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं/ परिसम्पत्तियां कम्पनी को प्रदान करेगा.

(i) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के बांध में डूब प्रभावित ग्राम लेपा की निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाओं के प्रस्तुत अर्जन प्रस्ताव पर दिनांक 20-4-2010 को सम्पन्न भू-अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार तहसील कसरावद, जिला खरगोन के ग्राम लेपा की निजी कृषि भूमि क्षेत्रफल 14.349 हे . तथा उस पर स्थित संरचनाओं के संबंध में भू- अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधान अन्तर्गत निम्न शर्तों पर भू- अर्जन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है.

1. कंपनी ( इस आशय के करारनामे या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी . अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेगा.

2. भू-अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू-अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत- प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के उपरांत ही कलेक्टर के द्वारा भू-अर्जन की कार्यवाही की जायें.

3. संबंधित कम्पनी के लिए भू- अर्जन किये जाने संबंधी कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू-अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के आधार पर किया जावे.

4. संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कम्पनी द्वारा म . प्र. पुनर्वास नीति के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही की जावेगी .

5. कंपनी के संबंध में करारनामा, वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिए कलेक्टर कार्यवाही करेंगे.

6. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्था को जैसे नगर निगम, नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं, कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होंगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.

7. अर्जित की गई निजी भूमि का वार्षिक व्यपर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा.

8. भूमि जिस उपयोग के लिए अर्जन की जा रही है , वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जावेगा.

9. भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जायेगा.

10. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने, बंधक रखने , दान देने, पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नही होगा . ( धारा 44 - ए, भू-अर्जन अधिनियम के तहत ) .

11. यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है, तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें, शासन को कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.

12. भूमि की केवल सतह का उपयोग किया जायेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौण खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.

13. शासन की पूर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.

14. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जायेगा.

15. कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी . इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मण्डल से अनापत्ति प्रमाण- पत्र प्राप्त करना होंगे कि पर्यावरण जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.

434

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

16. यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिए नहीं होता है, या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों संपत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा.

17. भूमि या उसके किसी भी या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा न तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा और न ही पट्टे या किराये पर दिया जायेगा.

18. भूमि जिस प्रयोजन हेतु दी गई हो , उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मानकर भूमि शासन में निहित कर ली जायेगी.

19. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.

20. स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय- समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी.

( ii ) भू- अर्जन कार्यवाही से पूर्व यह भी देख लिया जाये कि यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के ग्रामों में निजी भूमि अर्जित की जा रही है तो ग्राम सभा की बैठक नियमानुसार की जाकर एवं ग्राम सभा की सहमति प्राप्त करने के पश्चात ही यह अनुमति प्रभावशील होगी . इसके साथ ही इस परिस्थिति में वैकल्पिक भूमि क्रय कर देने की कार्यवाही की जायेगी.

( iii ) भू- अर्जन कार्यवाही प्रारंभ करने के पूर्व यह भी देख लिया जाये, कि प्रस्तावित परियोजना में वन अभ्यारण्य क्षेत्र ( सेन्च्युरी ) का कोई हिस्सा तो नहीं आ रहा है. यदि ऐसा होता है तो उस हेतु विधि द्वारा स्थापित सक्षम अनुमति ली जाना होगी.

(iv) कंपनी से भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 41 के प्रावधानों अनुसार करारनामा निष्पादित कराया जाये , जिसमें उपरोक्त शर्तों का भी समावेश किया जावे.

( v) भू- अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों बाबद् शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाये .

दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पक्ष क्र. 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध- पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है.

पक्ष क्रमांक-1

साक्षियों के हस्ताक्षर

(पूरा नाम पिता का नाम एवं पूरा पता)

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, साक्षी क्र. - 1

हस्ता./-

हस्ता./-

(केदार शर्मा )

कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग . जिला- खरगोन ( म. प्र. ) .

नाम : मथुरालाल मण्डलोई पता : 219 पुष्प कुंज बजरंग नगर, जेतापुर (खरगोन ) .

पक्ष क्रमांक-2 हस्ता./- (असद जाफर) महाप्रबंधक,

साक्षी क्र. - 2 हस्ता./- नाम : छोटेखान पता : 15, टवडी मोहल्ला, खरगोन.

श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. , मण्डलेश्वर.

भाग 1 ]

435

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

खरगोन, दिनांक 29 जनवरी 2011 क्रमांक-122- भू-अर्जन-11

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( 1894 का क्रमांक-1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध-पत्र

राजस्व प्रकरण क्रमांक 6 -अ-82-09-10 यह अनुबंध- पत्र प्रथम पक्ष के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर जिला खरगोन एवं पदेन उप सचिव मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं , ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अंतर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन मध्यप्रदेश जो भारतीय कंपनी अधिनियम , 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कंपनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है. जिसकी ओर से मुख्यत्यार-

श्री असद जाफर, महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. अभयांचल परिसर मण्डलेश्वर जिला खरगोन म. प्र. में कार्य कर रहे हैं , के मध्य आज दिनांक 27 जनवरी 2011 को सम्पादित किया जा रहा है .

(1) कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम गोगावां प. ह.नं. 18 , तहसील महेश्वर, जिला खरगोन की आबादी भूमि सर्वे नं . 157/3 की आबादी भूमि एवं उस पर स्थित संरचाएं तथा निजी भूमि कृषि भूमि सर्वे नम्बर 191 / 9-199/ 3, 198 , 199/1 , 206/1 , 206/2 , 207. 209 , 210 , 211-223/ 2 , 212 पर स्थित संरचनाएं एवं शासकीय भूमि सर्वे नम्बर 220/1 , 223/1 पर स्थित संरचनाओं के भू- अर्जन हेतु भू- अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन- पत्र पेश किया है. जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट-1 , 2 , 3 पर अंकित किया गया है.

परिशिष्ट-1

आबादी भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं

ग्राम-गोगावां

सर्वे नम्बर

अनु. क्र.

मोहल्ला शीट क्रमांक

क्षेत्रफल वर्गमीटर में

प्लाट नम्बर/ भूखण्ड क्रमांक स्वत्वधारक या भूमि स्वामी का नाम/ पिता का नाम/पूरा पता

(2)

(1)

(4)

(6)

(3)

(5)

1

1

27

157/3

65

रमेश पिता धनसिंह , सुरजबाई पति रमेश

1

14

157/3

66

2 मोहनसिंह पिता दौलतसिंह , रेशमबाई पति मोहनसिंह

157/3

1

66

59 पैकी 3 बहादर पिता देवसिंह , शांताबाई पति बहादर

1

63

51

157/3

4 हंसराज पिता मदरूप सलीताबाई पति हंसराज

1

53 पैकी

12

157/3

5 कालू पिता धन्नाजी , जशोदाबाई पति कालू

170

योग 436

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

[भाग 1

परिशिष्ट-2

निजी कृषि भूमि में स्थित संरचनाएं

नाम मकान मालिक पिता का नाम अनु. क्र. (1)

(2)

1 हमीद पिता बाबु पिंजारा नि. ग्राम

2 हमीद पिता बाबु पिंजारा नि. ग्राम

3 समशेर पिता बलदार पिंजारा नि. ग्राम 4 महबूब पिता मुंशी पिंजारा नि. ग्राम

5 अब्दूलखॉ पिता बालूखॉ पिंजारा

6 हुसेनखॉ पिता बालूखां पिंजारा

7 भेरूबाबा का मंदिर सार्वजनिक पिंजारा 8 मस्जिदव्यवस्थापक सुलेमान पिता बक्षुखॉ, समसुद्दीन पिता

नवाबखॉ पिंजारा नि. ग्राम

9 मन्शुरखॉ पिता करीमखॉ पिंजारा नि. ग्राम 10 उस्मानखॉ पिता बलदार पिंजारा नि. ग्राम 11 भूरेखॉ पिता बक्षुखॉ पिंजारा नि. ग्राम 12 मुबारिक पिता बाल्या पिंजारा नि. ग्राम 13 जयराम पिता गप्पू बलाई नि. ग्राम

14 सुकदेव, दिनेश पिता सरवण बलाई नि. ग्राम 15 कलाबाई बेवा सरवण बलाई नि. ग्राम 16 रणछोड़ पिता फत्तुलाल बलाई नि. ग्राम 17 मोहन पिता हरि बलाई नि. ग्राम

18 कालूराम पिता फत्तुलाल बलाई नि. ग्राम 19 मांगलिक भवन बलाई समाज

20 कृष्णाबाई पति जलाम बलाई नि. ग्राम 21 सुरेश पिता तोताराम बलाई नि. ग्राम

22 अमरसिंह पिता रणछोड़ बलाई नि. ग्राम 23 डालूराम पिता ठाकुर बलाई निवासी नि. ग्राम 24 रमेश पिता फत्तू नि. ग्राम

ख. नम्बर (3)

संपत्ति का विवरण (4)

1 मकान

191/9 , 199/3

1 मकान

191/9 , 199/3

1 मकान

191/9, 199/3

1 मकान

191/9 , 199/3

198

1 मकान

198

1 मकान

198

1 मकान

198

1 मकान

199/1

1 मकान

199/1

1 मकान

206/1

1 मकान

206/2

1 मकान

207

1 मकान

209

1 मकान

209

1 मकान

209

1 मकान

209

1 मकान

210

1 मकान

1 मकान

211, 223/2

1 मकान

211 , 223/2

1 मकान

211 , 223/2

1 मकान

211 , 223/2

212

1 मकान

212

1 मकान भाग 1 ]

437

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

परिशिष्ट-3

शासकीय भूमि में स्थित संरचनाएं

ख. नं.

संपत्ति का विवरण

अनु. क्र.

(1)

(2)

मद (3)

(4)

1

220/1

नि. चरनोई

आश्रम -1 , सार्वजनिक मंदिर -1 पम्प हाऊस -18 , पाईप लाईन , 18 2

223/1

नि. चरनोई

मकान -16 , पम्प हाऊस 27 , पाईप लाईन, 38 2. राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टि कर ली है , कि उक्त जल विद्युत परियोजना राज्य में विद्युत की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है.

3. कंपनी के भू-अर्जन आवेदन - पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 1 सितम्बर 2007 को सम्पन्न भू-अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक एफ- 12-15-07- सात -2 ए, भोपाल दिनांक 4 अक्टूबर 2007 द्वारा भू- अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है. इसका इस अनुबंध पत्र में समावेश किया गया है .

4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कम्पनी को राज्यपाल के साथ भू- अर्जन अधिनियम -1894 की धारा -41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है. कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध पत्र निष्पादित किया जाता है .

कम्पनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती हैकिः-

(क) कम्पनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्ति व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेगी जो भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी.

(ख) कम्पनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च ) का भुगतान भी करेगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू- अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.

(ग) उपर्युक्त ( क) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट-1 में वर्णित आबादी भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं तथा परिशिष्ट 2 , 3 में वर्णित संरचनाएं कंपनी को प्रदाय करेगा , जो अनुमति में उल्लेखित निम्न शर्तों के अधीन होगा-

1.

अर्जित की गयी निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा.

2. भूमि जिस उपयोग के लिए अर्जित की जा रही है , वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जायेगा.

3. भूमि पर निर्माण कार्य करते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जावेगा.

4. कंपनी ( इस आशय के करारनामें या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उन कृषकों के परिवार के कम से कम एक सदस्य को कंपनी में आदर्श पुनर्वास नीति में दिए गए निर्देशों के अनुरूप नौकरी देगी .

438

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

[भाग 1 5. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने, बन्धक रखने, दान देने , पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा. ( धारा 44 - ए) .

6. यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन या उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है, तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें , शासन को अपने कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.

7. भूमि की केवल सतह का ही उपयोग किया जावेगा . आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण, नीव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जावेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौण खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.

8. शासन की पूर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.

9. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जावेगा.

10. प्रदूषण नहीं किया जावेगा. इस संबंध में संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मण्डल से अनापत्ति प्रमाण- पत्र इस आशय के प्राप्त करना होगे कि, " पर्यावरण, जल स्त्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा" .

11. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित एवं स्थानीय संस्था को जैसे नगर निगम , नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग , कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होगा तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.

12. यदि कभी भी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिए नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों , सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को मुआवजा देय नहीं होगा.

13 . भूमि या उसके किसी भाग या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा ना तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा, और ना ही पट्टे या किराये पर दिया जावेगा.

14. भूमि जिस प्रयोजन हेतु दी गई हो, उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अधिकृत कब्जा मान कर भूमि शासन में निहित कर ली जावेगी .

15. शासन के प्रतिनिधि कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन निर्माण आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.

16. मौके की स्थिति या स्थानीय आवश्यकतानुसार भू- अर्जन की कार्यवाही के दौरान कलेक्टर द्वारा लगाई अन्य आवश्यक शर्तें.

17. प्रचलित नियमों के अन्तर्गत अग्रिम राशि कंपनी से शासन के खाते में जमा करने की नियमानुसार कार्यवाही की जावे .

(क) राज्य शासन कंपनी को आश्वस्त करता है कि भूमि और भूमि पर निर्मित भवन या अन्य निर्माण का मुआवजा मिल जाने पर प्राप्त राशि का उपयोग प्रभावित व्यक्ति नये पुनर्वास स्थल पर उसे आवंटित प्लाट पर मकान बनाने के लिए करेगा. यदि वह उसका उपरोक्त अनुसार उपयोग नहीं करता है, तो वह आवंटित स्थल पर मकान बनाने के लिए अन्य राशि और अनुदान राशि की मांग करने का अधिकारी नहीं होगा.

(ख) राज्य शासन की अनुमति से कंपनी को दी गई भूमि एवं उस पर निर्मित भवन और अन्य निर्माण से पुराने मालिक द्वारा नये पुनर्वास स्थल पर अपना मकान बनाने हेतु उपयोगी सामग्री ले जाने के बाद उसका उस भूमि और मकान पर कोई अधिकार नहीं होगा, यदि वह उस पर अतिक्रमण / अधिपत्य रखता है , तो राज्य शासन उचित कार्यवाही कर उसे हटायेगा. जिसमें लगने वाले व्यय के संदाय का उत्तरदायी भी होगा .

(ग) स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय - समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

439 (घ) इस अनुबंध- पत्र की कंडिका 1 में उल्लेखित परिशिष्ट 1 , 2 , 3 में वर्णित भूमि एवं परिसंपत्तियों के अर्जन के फलस्वरूप मूल्य निर्धारण में जो राज्य शासन द्वारा किया गया है , कोई विवाद उत्पन्न होता है , तो उस विवाद का निपटारा नियमानुसार सक्षम न्यायालय ( सिविल न्यायालय ) द्वारा किया जावेगा तथा अंतिम अपीलीय न्यायालय का आदेश मान्य होगा. यदि किसी देय राशि का भुगतान कंपनी द्वारा नहीं किया जाता है, तो राज्य शासन भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही वापस ले सकेगी और भूमि अधिग्रहण वापस लेने की स्थिति में शासन को हुई क्षति जो भूमि अधिग्रहण करने की वापसी के फलस्वरूप होगी , उसका भुगतान भी कंपनी द्वारा राज्य शासन को किया जावेगा.

भू- अर्जन की समस्त प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत पक्ष क्र. 1 राज्य शासन, पक्ष क्र. - 2 कंपनी को अर्जित की गयी भूमि का अधिपत्य एवं स्वत्व प्रदान करने के बाबद् आवश्यक कार्यवाही कर दस्तावेज निष्पादन करावेगी. अनुबंध के निष्पादन पंजीयन तथा अन्य दस्तावेजों के निष्पादन, स्टाम्प ड्यूटी , पंजीयन शुल्क तथा अन्य प्रासंगिक व्यय का भुगतान कंपनी द्वारा किया जावेगा.

इस अनुबंध में अन्यथा कोई कार्यवाही शेष रहती है , तो दोनों पक्षों द्वारा विधिपूर्वक प्रक्रिया के तहत निपटारा किया जावेगा.

दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पक्ष क्र.- 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है.

पक्ष क्रमांक-1

साक्षियों के हस्ताक्षर ( पूरा नाम पिता का नाम एवं पूरा पता)

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,

हस्ता./-

साक्षी क्र. - 1 हस्ता./-

(केदार शर्मा )

नाम : मथुरालाल मण्डलोई पता : 219 पुष्प कुंज बजरंग नगर, जेतापुर (खरगोन) .

कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग . जिला- खरगोन ( म. प्र. ) .

साक्षी क्र. - 2

पक्ष क्रमांक-2

हस्ता./-

नाम : छोटेखान पता : 15 , टवडी मोहल्ला, खरगोन.

हस्ता./- (असद जाफर) महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. , मण्डलेश्वर.

क्रमांक-126- भू-अर्जन-11

खरगोन, दिनांक 29 जनवरी 2011 भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( 1894 का क्रमांक -1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध- पत्र

राजस्व प्रकरण क्रमांक 7-अ- 82-10-11 यह अनुबंध - पत्र प्रथम पक्ष के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पदेन उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं , ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अंतर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर , जिला खरगोन मध्यप्रदेश जो भारतीय कंपनी अधिनियम , 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है (जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कंपनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है. जिसकी ओर से मुख्यत्यार - 440

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

[भाग 1 श्री असद जाफर, महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. अभयांचल परिसर मण्डलेश्वर जिला खरगोन म. प्र. में कार्य कर रहे हैं , के मध्य आज दिनांक 27 जनवरी 2011 को सम्पादित किया जा रहा है.

1. कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के बांध निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम भसुण्डा प. ह.नं. 17 , तहसील महेश्वर, जिला खरगोन की निजी कृषि भूमि कुल सर्वे नम्बर संख्या 22 कुल क्षेत्रफल 13.565 हेक्टर भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां के भू- अर्जन हेतु भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन पत्र माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक W.P./1359/09 , दिनांक 6-5-2009 में पारित आदेश के पालन में पेश किया है . जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 पर अंकित किया गया है.

परिशिष्ट-1

निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां एफ.आर.एल. के अन्तर्गत ग्राम भसुण्डा

ख. नं . अर्जनीय

संपत्ति का विवरण अनु. क्र. नाम भूमिस्वामी/पिता का नाम एवं जाति

क्षेत्रफल

(हे. में)

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

0.120

1 कन्हैयालाल पिता ओंकार कुलमी , सा. सुलगांव

नर्मदा नदी से पियत विद्युत् पंप पाईप लाईन -1 .

22/3

0.040 नर्मदा नदी से पियत पाईप लाईन -1 .

2 जमनाबाई बेवा गंगाराम , तिलोकचंद गंगाराम कुलमी सा. सुलगांव.

23/1/1

0.060

3 चंदनसिंह पिता कनकसिंह राजपूत, सा. सुलगांव

नर्मदा नदी से पियत विद्युत् पंप पाईप लाईन -1 .

23/2

0.060

4 लक्ष्मन पिता ओंकार कुलमी, सा. सुलगांव

नर्मदा नदी से पियत विद्युत् पंप पाईप लाईन -1 .

26/3

0.140

5 गजराजसिंह पिता मनोहरसिंह राजपूत, सा. सुलगांव

नर्मदा नदी से पियत विद्युत् पंप पाईप लाईन-1 .

27

0.170 नर्मदा नदी से पियत 6 मनोहरसिंह पिता मुनीमसिंह राजपूत, सा. सुलगांव

0.405

29/1/2 ख

7 कनकसिंह पिता दरयावसिंह राजपूत सा. सुलगांव

नर्मदा नदी से पियत विद्युत् पंप सागवान पौध -1, नीम -5 , बबूल -14, गोंदी-1 .

29/1/3

0.849

8 कनकसिंह पिता दरयावसिंह राजपूत सा. सुलगांव

नर्मदा नदी से पियत विद्युत् पंप पाईप लाईन -1 , नीम -1 , गोंदी-2 , बबूल-2 , गुलर -1 , बैर-3 .

29/1/4/3 0.081 आम -1 , बबूल -1 , रिंजोड़ा-1 .

9 दयालसिंह पिता कालूसिंह राजपूत , सा. सुलगांव

29/1/5

3.035

10 कनकसिंह पिता दरयावसिंह राजपूत, सा. सुलगांव

नर्मदा नदी से पियत वि. पंप नीम-2, रिजोड़ा-2 , बबूल 2 , गोंदी-2 , गुलर -3 , बैर -7.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

441 (1)

(2)

(3)

(4)

(5)

29/2/1/1 0.591

11 दयलासिंह पिता कालूसिंह राजपूत , सा. सुलगांव

नर्मदा नदी से पियत पाईप लाईन -1 गुलमोर-2.

29/3

0.672

12 अंतरसिंह पिता कालूसिंह राजपूत, सा. सुलगांव

नर्मदा नदी से पियत आम-1 , बबूल -1 , रिंजोड़ा-1 .

29/4

0.673

13 जगदीशसिंह पिता कालूसिंह राजपूत सा. सुलगांव

नर्मदा नदी से पियत आम -1 , बबूल -1 , रिंजोड़ा-1 .

29/5

0.673

14 बाघसिंह पिता कालूसिंह राजपूत, सा. सुलगांव

नर्मदा नदी से पियत आम-1 , बबूल -1 , रिंजोड़ा-2.

29/2/3/2 1.194

15 खुमानसिंह तिलोकसिंह, भगवानसिंह पिता भूक्कण, खुश्यालीबाई पिता भूक्कण , गयणाबाई बेवा भूक्कण राजपूत सा. सुलगांव.

नर्मदा नदी से पियत विद्युत् पंप पाईप लाईन -1 , रिंजोड़ा-3 , बबूल -2 , नीम-2 .

30/1 /घ

2.159

16 कनकसिंह पिता दरयावसिंह राजपूत , सा. सुलगांव

नर्मदा नदी से पियत रिजोड़ा-1 , बबूल -2, नीम-7 .

30/2

1.518

17 चंदनसिंह पिता कनकसिंह राजपूत, सा. सुलगांव

नर्मदा नदी से पियत, वि. पंप पाईप लाईन -1 , रिजोड़ा-3, बबूल- 8 , नीम -15, बैर -5 , आम-2, गोंदी-2, गुलर -5.

31

0.545 नर्मदा से पियत नीम-10 , बैर-5.

18 चंदनसिंह पिता कनकसिंह राजपूत सा. सुलगांव

34/5

0.150

19 अंतरसिंह पिता कालूसिंह राजपूत, सा. सुलगांव

नर्मदा नदी से पियत वि. पंप नीम-1 , रिजोड़ा-3 , बबूल-2 .

36/1 पैकी 0.100

20 जीवराज पिता नरसिंह घीसीबाई बेवा नरसिंह बलाई, सा. सुलगांव

नर्मदा नदी से पियत पा . ला. द्वारा रिजोड़ा-2, बबूल -2.

39/2/1

0.050 नर्मदा से पियत पि. पंप 21 ज्ञानचंद पिता मांगीलाल कुलमी, सा. सुलगांव

43

0.280 नर्मदा नदी से रियत 22 नारायणसिंह पिता सीताराम कुलमी, सा. सुलगांव

13.565

महायोग

22

2.

राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टि कर ली है, कि उक्त जल विद्युत परियोजना राज्य में विद्युत की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है.

3. कंपनी के भू-अर्जन आवेदन- पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 20 मई 2010 को सम्पन्न भू-अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग मंत्रालय , भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-12-9-2010- सात -2 ए, भोपाल दिनांक 3 जून 2010 द्वारा भू- अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है . इसका इस अनुबंध पत्र में समावेश किया गया है.

4.

कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कम्पनी को राज्यपाल के साथ भू-अर्जन अधिनियम-1894 की धारा -41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है. कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध - पत्र निष्पादित किया जाता है.

442

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

कम्पनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती हैकिः-

(क) कम्पनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्त व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी.

(ख) कम्पनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च ) का भुगतान भी करेंगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू-अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.

(ग) उपर्युक्त ( क) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट -1 में वर्णित निजी कृषि भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं/ परिसम्पत्तियां कम्पनी को प्रदान करेंगा.

( I ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के बांध से डूब प्रभावित ग्राम भसुण्डा की निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाओं के प्रस्तुत अर्जन प्रस्ताव पर दिनांक 20 मई 2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार तहसील महेश्वर जिला खरगोन के ग्राम भसुण्डा की निजी कृषि भूमि क्षेत्रफल 13.565 हेक्टर तथा उस पर स्थित संरचनाओं के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधान अन्तर्गत निम्न शर्तों पर भू- अर्जन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है.

1. कंपनी ( इस आशय के करारनामें या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेगा.

2. भू- अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू-अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत्- प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के उपरांत ही कलेक्टर के द्वारा भू- अर्जन की कार्यवाही की जायें.

3. संबंधित कंपनी के लिए भू- अर्जन किये जाने संबंधी कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू-अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के आधार पर किया जावें.

4. संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कंपनी द्वारा म. प्र . पुनर्वास नीति के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही की जावेगी.

5. कंपनी के संबंध में करारनामा, वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिए कलेक्टर कार्यवाही करेंगे .

6. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्था को जैसे नगर निगम , नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं , कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होंगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.

7. अर्जित की गई निजी भूमि का वार्षिक व्यपर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा .

8. भूमि जिस उपयोग के लिए अर्जन की जा रही है , वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जावेगा.

9. भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जायेगा .

10. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने , बंधक रखने , दान देने, पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नही होगा. ( धारा 44- ए, भू-अर्जन अधिनियम के तहत ) 11. यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है , तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन , इमारतें, शासन को कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.

12. भूमि की केवल सतह का उपयोग किया जायेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नही की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौण खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.

13. शासन की पूर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा .

14. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जायेगा.

भाग 1 ]

443

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

15. कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी . इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मण्डल से अनापत्ति प्रमाण- पत्र प्राप्त करना होंगे कि पर्यावरण जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.

16. यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिए नहीं होता है , या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों संपत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी ओर कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा .

17. भूमि या उसके किसी भी या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा न तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा और न ही पट्टे या किराये पर दिया जायेगा.

18. भूमि जिस प्रयोजन हेतु दी गई हो, उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मानकर भूमि शासन में निहित कर ली जायेगी.

19. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.

20. स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय- समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी .

( ii ) भू- अर्जन कार्यवाही से पूर्व यह भी देख लिया जाये कि यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के ग्रामों में निजी भूमि अर्जित की जा रही है तो ग्राम सभा की बैठक नियमानुसार की जाकर एवं ग्राम सभा की सहमति प्राप्त करने के पश्चात ही यह अनुमति प्रभावशील होगी. इसके साथ ही इस परिस्थिति में वैकल्पिक भूमि क्रय कर देने की कार्यवाही की जायेगी.

(iii ) भू-अर्जन कार्यवाही प्रारंभ करने के पूर्व यह भी देख लिया जाये, कि प्रस्तावित परियोजना में वन अभ्यारण्य क्षेत्र ( सेन्च्युरी ) का कोई हिस्सा तो नहीं आ रहा है . यदि ऐसा होता है तो उस हेतु विधि द्वारा स्थापित सक्षम अनुमति ली जाना होगी.

(iv) कंपनी से भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 41 के प्रावधानों अनुसार करारनामा निष्पादित कराया जाये , जिसमें उपरोक्त शर्तों का भी समावेश किया जावे .

(v ) भू- अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों बाबद् शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा- निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाये .

दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर , जिला खरगोन एवं पक्ष क्र.- 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है.

साक्षियों के हस्ताक्षर (पूरा नाम पिता का नाम एवं पूरा पता )

पक्ष क्रमांक-1 मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , साक्षी क्र. - 1

हस्ता./- (केदार शर्मा)

कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग . जिला-खरगोन ( म. प्र. ) .

हस्ता./- नाम : मथुरालाल मण्डलोई पता : 219 पुष्प कुंज बजरंग नगर , जेतापुर (खरगोन ) .

साक्षी क्र. - 2

हस्ता./-

पक्ष क्रमांक-2 हस्ता./- (असद जाफर)

नाम : छोटेखान पता : 15, टवडी मोहल्ला, खरगोन.

महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो . लिमि. , मण्डलेश्वर.

444

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

[भाग 1 क्रमांक- 125- भू-अर्जन -2010

खरगोन, दिनांक 29 जनवरी 2011 भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( 1894 का क्रमांक -1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध -पत्र

राजस्व प्रकरण क्रमांक 40-अ-82-09-10 यह अनुबंध- पत्र प्रथम पक्ष के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं , ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अंतर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन मध्यप्रदेश जो भारतीय कंपनी अधिनियम , 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है (जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कंपनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है . जिसकी ओर से मुख्यत्यार-

श्री असद जाफर, महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. अभयांचल परिसर मण्डलेश्वर जिला खरगोन म. प्र. में कार्य कर रहे हैं , के मध्य आज दिनांक 27 जनवरी 2011 को सम्पादित किया जा रहा है.

1. कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के बांध निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम कायतखेड़ी, प. ह.नं. 36, तहसील कसरावद, जिला खरगोन की निजी कृषि भूमि कुल सर्वे नम्बर संख्या 20 , कुल क्षेत्रफल 12.067 हेक्टर भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां के भू-अर्जन हेतु भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन पत्र माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक W.P./1359/09 , दिनांक6-5-2009 में पारित आदेश के पालन में पेश किया है . जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 पर अंकित किया गया है .

परिशिष्ट-1

निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां एफ.आर.एल. के अन्तर्गत ग्राम कायतखेंड़ी

ख. नं.

संपत्ति का विवरण अनु. क्र. नाम भूमिस्वामी/पिता का नाम एवं जाति

अर्जनीय क्षेत्रफल (हे. में. )

(1)

(2)

(3)

(4)

(5) 1

2/1

2.023

राधेश्याम, बसंतीलाल पिता बांगा, नथीबाई बेवा बांगा बलाई निवासी भट्याण बुजुर्ग.

2.023

5/1

2 सुन्दरबाई बेवा करसन, छितु पिता कसरन बलाई निवासी भट्याण बुजुर्ग.

3

5/2

2.023

किशन पिता मोतीराम नावड़ा निवासी नगावां

4

1.500

5/3

कड़वा पिता चुन्नीलाल बलाई निवासी भट्याण बुजूर्ग

5

6/1 पैकी 0.600

रेवाराम पिता मांग्या बलाई निवासी मलगांव

सिंचाई नर्मदा पाईप लाईन -1

8/2/2 पैकी 0.004

6 अमरसिंह , सुशीलाबाई, बसंतीबाई, भुवानीबाई, सेवंतीबाई, पिता कालु राजपूत सा. मलगांव.

भाग 1 ]

445

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

(1)

(2)

(5)

(3)

(4)

7

9 पैकी

0.740 नीम -5 , बबूल -1 , पाईप लाईन -1 सीताराम, शोभाराम, मयाराम, पिता सुकलाल, नबीबाई, मांगीलाल , नत्थु पिता राजाराम , मांगीलाल , सडू, गोविन्द, गोपाल, खुश्याल, अनोखीबाई, त्रिलोकीबाई, शांताबाई पिता दयाराम , गोदावरीबाई बेवा दयाराम नावड़ा नि. नगावां.

8

11 पैकी 0.202 नीम-2, बैर-1 , पाईप लाईन -1 मोत्या, चंपालाल पिता दल्लु नावड़ा निवासी नगावां

9

0.500

12पैकी

मोत्या, चंपालाल पिता दल्लु नावड़ा निवासी नगावां

नीम-2 , आम पौधा-2 , बैर -1 , पियत नर्मदा पाईप लाईन से.

0.600 नीम-1

14/1 पैकी

10 भगवान , लेखराम , गोविन्द, देवराम, राधेश्याम, लाड़कीबाई, हारुबाई पिता भिका, जातिबाई बेबा भिका कुम्हार निवासी नगावां .

14/2पैकी 0.252

11 ओमप्रकाश, उंकार पिता मांगीलाल कुम्हार निवासी नगावां.

35पैकी 0.020

12 शिवराम पिता देवराम गुजर निवासी भट्याण बुजूर्ग

37 पैकी 0.324

13 छितु पिता नांग्या बलाई निवासी भट्याण बुजूर्ग

0.040

39 पैकी

14 राजेश पिता हिरालाल जाति केवट निवासी नलवाय तहसील ठीकरी जिला- बड़वानी .

15

0.465

41/2पैकी

रामेश्वर, नहारू, अवंतीबाई , कुसुम, बसंतीबाई पिता भगवान गुजर निवासी नगावां.

44/1 पैकी 0.168

16 अमरसिंह भिकुसिंह , सरदारसिंह, सेवंतीबाई पिता जालमसिंह ठाकुर निवासी भट्याण बुजूर्ग .

45/1 पैकी 0.060

17 रामेश्वर पिता घिस्या राजपूत निवासी मलगांव

0.150

48/3 पैकी

18 रेवाराम पिता भाउ गुजर निवासी भट्याण बुजूर्ग

48/4पैकी 0.069

19 प्रेमलाल पिता रतन गुजर निवासी भट्याण बुजूर्ग

20

52/1 पैकी 0.304 पियत खसरा नं . 52/2 के कुएं से राजेश पिता हिरालाल जाति केवट निवासी नलवाय तहसील ठीकरी जिला - बड़वानी.

12.067

योग

20

2.

राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टि कर ली है , कि उक्त जल विद्युत परियोजना राज्य में विद्युत की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है .

446

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

[ भाग 1 3. कंपनी के भू-अर्जन आवेदन- पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 20-4-2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-12-8-2010 - सात- 2 ए, भोपाल दिनांक 10 मई 2010 द्वारा भू- अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है . इसका इस अनुबंध पत्र में समावेश किया गया है .

4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कम्पनी को राज्यपाल के साथ भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है. कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध पत्र निष्पादित किया जाता है .

कम्पनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती है किः -

(क) कम्पनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्त व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेगी जो भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी .

(ख) कम्पनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च ) का भुगतान भी करेंगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू- अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.

(ग) उपर्युक्त ( क ) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट -1 में वर्णित निजी कृषि भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं/परिसम्पत्तियां कम्पनी को प्रदान करेगा.

( I ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के बांध से डूब प्रभावित ग्राम कायतखेड़ी की निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाओं के प्रस्तुत अर्जन प्रस्ताव पर दिनांक 20-04-2010 को सम्पन्न भू-अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार तहसील कसरावद जिला खरगोन के ग्राम कायतखेड़ी की निजी कृषि भूमि क्षेत्रफल 12.067 हेक्टर तथा उस पर स्थित संरचनाओं के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधान अन्तर्गत निम्न शर्तों पर भू- अर्जन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है.

1. कंपनी ( इस आशय के करारनामें या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी . अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेगा.

2. भू- अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू- अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत्- प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के उपरांत ही कलेक्टर के द्वारा भू- अर्जन की कार्यवाही की जायें.

3. संबंधित कंपनी के लिए भू- अर्जन किये जाने संबंधी कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू- अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के आधार पर किया जावे .

4. संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कंपनी द्वारा म. प्र. पुनर्वास नीति के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही की जावेगी.

5. कंपनी के संबंध में करारनामा, वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिए कलेक्टर कार्यवाही करेंगे .

6. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्था को जैसे नगर निगम , नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं, कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होंगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.

भाग 1 ]

447

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

7. अर्जित की गई निजी भूमि का वार्षिक व्यपर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा.

8. भूमि जिस उपयोग के लिए अर्जन की जा रही है, वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जावेगा.

9. भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जायेगा.

10. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने, बंधक रखने , दान देने , पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नही होगा. ( धारा 44 - ए, भू-अर्जन अधिनियम के तहत ) .

11. यदि कंपनी को दी गई भूमि / भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है, तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन , इमारतें, शासन को कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.

12. भूमि की केवल सतह का उपयोग किया जायेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौण खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.

13. शासन की पूर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.

14. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जायेगा.

15. कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी . इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मण्डल से अनापत्ति प्रमाण - पत्र प्राप्त करना होंगे कि पर्यावरण जल स्त्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.

16. यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिए नहीं होता है, या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों , संपत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी ओर कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा.

17. भूमि या उसके किसी भी या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा न तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा और न ही पट्टे या किराये पर दिया जायेगा.

18. भूमि जिस प्रयोजन हेतु दी गई हो , उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मानकर भूमि शासन में निहित कर ली जायेगी .

19. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.

20. स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय - समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी.

( ii ) भू- अर्जन कार्यवाही से पूर्व यह भी देख लिया जाये कि यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के ग्रामों में निजी भूमि अर्जित की जा रही है तो ग्राम सभा की बैठक नियमानुसार की जाकर एवं ग्राम सभा की सहमति प्राप्त करने के पश्चात् ही यह अनुमति प्रभावशील होगी . इसके साथ ही इस परिस्थिति में वैकल्पिक भूमि क्रय कर देने की कार्यवाही की जायेगी.

( iii) भू- अर्जन कार्यवाही प्रारंभ करने के पूर्व यह भी देख लिया जाये, कि प्रस्तावित परियोजना में वन अभ्यारण्य क्षेत्र ( सेन्च्युरी ) का कोई हिस्सा तो नहीं आ रहा है . यदि ऐसा होता है तो उस हेतु विधि द्वारा स्थापित सक्षम अनुमति ली जाना होगी.

(iv) कंपनी से भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 41 के प्रावधानों अनुसार करारनामा निष्पादित कराया जाये , जिसमें उपरोक्त शर्तों का भी समावेश किया जावे.

448

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

[ भाग 1 ( v ) भू- अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों बाबद् शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा- निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाये.

दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पक्ष क्र.- 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है.

पक्ष क्रमांक -1

साक्षियों के हस्ताक्षर

(पूरा नाम पिता का नाम एवं पूरा पता )

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , साक्षी क्र. - 1

हस्ता./-

हस्ता./- नाम : मथुरालाल मण्डलोई पता : 219 पुष्प कुंज बजरंग नगर , जेतापुर खरगोन.

(केदार शर्मा ) कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग . जिला- खरगोन ( म. प्र. ) .

साक्षी क्र. - 2

पक्ष क्रमांक -2

हस्ता./-

हस्ता./-

(असद जाफर )

महाप्रबंधक,

नाम : छोटेखान पता : 15, टवडी मोहल्ला, खरगोन.

श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो . लिमि. , मण्डलेश्वर.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला- खरगोन

क्रमांक-121 - भू-अर्जन-10

खरगोन, दिनांक 29 जनवरी 2011 भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( 1894 का क्रमांक -1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध- पत्र

राजस्व प्रकरण क्रमांक 43- अ- 82-09-10 यह अनुबंध- पत्र प्रथम पक्ष के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पदेन उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं , ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अंतर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन मध्यप्रदेश जो भारतीय कंपनी अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कंपनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है. जिसकी ओर से मुख्यत्यार-

श्री असद जाफर, महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. अभयांचल परिसर मण्डलेश्वर जिला खरगोन म. प्र . में कार्य कर रहे हैं , के मध्य आज दिनांक 27 जनवरी 2011 को सम्पादित किया जा रहा है.

1. कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के बांध निर्माण के कारण आंशिक डूब से प्रभावित होने से ग्राम पाड्याघाट, प. ह. नं . 25, तहसील महेश्वर, जिला खरगोन की निजी कृषि भूमि कुल सर्वे नम्बर भाग 1 ]

449

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

संख्या 06 कुल क्षेत्रफल 0.977 हेक्टर भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां के भू- अर्जन हेतु भू- अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन पत्र माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक W.P./1359/09 , दिनांक6-5-2009 में पारित आदेश के पालन में पेश किया है. जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट 1 पर अंकित किया गया है.

परिशिष्ट-1

निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां एफ.आर.एल. के अन्तर्गत ग्राम पाड्याघाट

ख. नं.

संपत्ति का विवरण अनु. क्र. नाम भूमिस्वामी/ पिता का नाम एवं जाति

अर्जनीय क्षेत्रफल (हे. में. )

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

30पैकी

0.030

1 बाबू पिता हिरा राजपूत सा. बहेगांव

0.405

नीम-1 2 जितेन्द्र पिता शेरसिंह राजपूत सा. खंड़ी

34/4 पैकी, 45/3 पैकी

3

53 पैकी

0.050

नीम-2 , आम-1, अन्य से सिंचाई.

राधेश्याम पिता छितु, फत्तु पिता सीगदार राजपूत सा. खेड़ी.

54/1 पैकी

0.032

आम -1 4 मंगतीबाई पिता छोग्या गुजर सा. खेड़ी

54/2पैकी

0.290

5 शोभाराम पिता नरसिंग गुजर सा. खेड़ी

नीम -1 , आम -1 , अन्य से सिंचाई.

56/1 पैकी

0.170

अन्य से सिंचाई 6 सजनसिंह पिता भगवानसिंह राजपूत, बसंत पिता लक्ष्मन जाट सा. खेड़ी.

0.977

योग .. 6

2.

राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टि कर ली है कि उक्त जल विद्युत परियोजना राज्य में विद्युत की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है.

3. कंपनी के भू- अर्जन आवेदन - पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 20 मई 2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-12-9-2010 - सात- 2 ए, भोपाल दिनांक 3 जून 2010 द्वारा भू-अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है. इसका इस अनुबंध पत्र में समावेश किया गया है.

4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कम्पनी को राज्यपाल के साथ भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है . कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध पत्र निष्पादित किया जाता है .

कम्पनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती हैकिः-

(क) कम्पनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्त व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी .

450

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

(ख) कम्पनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च ) का भुगतान भी करेंगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू-अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.

(ग) उपर्युक्त ( क) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट -1 में वर्णित निजी कृषि भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं/ परिसम्पत्तियां कम्पनी को प्रदान करेगा.

( 1 ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के बांध से डूब प्रभावित ग्राम पाड्याघाट की निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाओं के प्रस्तुत अर्जन प्रस्ताव पर दिनांक 20 मई 2010 को सम्पन्न भू- अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार तहसील महेश्वर जिला खरगोन के ग्राम पाड्‌याघाट की निजी कृषि भूमि क्षेत्रफल 0.977 हेक्टर तथा उस पर स्थित संरचनाओं के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधान अन्तर्गत निम्न शर्तों पर भू- अर्जन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है .

1. कंपनी ( इस आशय के करारनामें या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेगा.

2. भू-अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू- अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत्- प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के उपरांत ही कलेक्टर के द्वारा भू- अर्जन की कार्यवाही की जायें.

3. संबंधित कंपनी के लिए भू- अर्जन किये जाने संबंधी कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू-अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के आधार पर किया जावें .

4. संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कंपनी द्वारा म. प्र. पुनर्वास नीति के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही कीजावेगी.

5. कंपनी के संबंध में करारनामा, वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिए कलेक्टर कार्यवाही करेंगे.

6. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्था को जैसे नगर निगम, नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं, कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होंगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.

7. अर्जित की गई निजी भूमि का वार्षिक व्यपर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा.

8. भूमि जिस उपयोग के लिए अर्जन की जा रही है, वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जावेगा.

9. भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जायेगा.

10. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने, बंधक रखने , दान देने , पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा. ( धारा 44 - ए, भू-अर्जन अधिनियम के तहत ) 11. यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है, तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन , इमारतें, शासन को कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.

12. भूमि की केवल सतह का उपयोग किया जायेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण, नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौण खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.

13. शासन की पूर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.

14. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जायेगा.

15. कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी . इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मण्डल से अनापत्ति प्रमाण- पत्र प्राप्त करना होंगे कि पर्यावरण जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

451 16. यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिए नहीं होता है , या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों संपत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी ओर कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा.

17. भूमि या उसके किसी भी या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा न तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा और न ही पट्टे या किराये पर दिया जायेगा.

18. भूमि जिस प्रयोजन हेतु दी गई हो, उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मानकर भूमि शासन में निहित कर ली जायेगी.

19. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.

20. स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय - समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी .

( ii ) भू- अर्जन कार्यवाही से पूर्व यह भी देख लिया जाये कि यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के ग्रामों में निजी भूमि अर्जित की जा रही है तो ग्राम सभा की बैठक नियमानुसार की जाकर एवं ग्राम सभा की सहमति प्राप्त करने के पश्चात् ही यह अनुमति प्रभावशील होगी . इसके साथ ही इस परिस्थिति में वैकल्पिक भूमि क्रय कर देने की कार्यवाही की जायेगी.

(iii ) भू-अर्जन कार्यवाही प्रारंभ करने के पूर्व यह भी देख लिया जाये, कि प्रस्तावित परियोजना में वन अभ्यारण्य क्षेत्र ( सेन्च्युरी ) का कोई हिस्सा तो नहीं आ रहा है. यदि ऐसा होता है तो उस हेतु विधि द्वारा स्थापित सक्षम अनुमति ली जाना होगी .

( iv ) कंपनी से भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 41 के प्रावधानों अनुसार करारनामा निष्पादित कराया जाये , जिसमें उपरोक्त शर्तों का भी समावेश किया जावे.

(v) भू- अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों बाबद् शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाये.

दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पक्ष क्र.- 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है.

साक्षियों के हस्ताक्षर (पूरा नाम पिता का नाम एवं पूरा पता )

पक्ष क्रमांक-1 मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, साक्षी क्र. - 1

हस्ता./-

हस्ता./- (केदार शर्मा )

नाम : मथुरालाल मण्डलोई पता : 219 पुष्प कुंज बजरंग नगर, जेतापुर खरगोन.

कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग . जिला- खरगोन ( म. प्र.) .

साक्षी क्र. - 2

पक्ष क्रमांक-2

हस्ता./-

नाम : छोटेखान

पता : 15, टवडी मोहल्ला,

खरगोन.

हस्ता./- (असद जाफर) महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो . लिमि. , मण्डलेश्वर.

452

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सतना, दिनांक 14 सितम्बर 2010

भू-अर्जन प्र . क्र. एफ -10 पत्र क्र. 108- भू-अर्जन-08.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमिका वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम

(2)

(3)

अर्जनीय रकबा (हे . में) लगभग (4) (1) सतना मैहर

1.000

हरदुआ सानी

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है.

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन द्वारा प्राधिकृत

अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, न. घा. वि. , संभाग क्रमांक 9 , सतना.

(6) दांयी तट की सतना, रीवा मुख्य नहर.

भू- अर्जन प्र. क्र. एफ -10पत्र क्र. 109- भू- अर्जन- 08.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

अर्जनीय रकबा (हे. में) लगभग (2)

(3)

(4) (1) सतना मैहर

सभागंज

0.250 भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, न. घा. वि. , संभाग क्रमांक 9 , सतना.

(6) दांयी तट की सतना , रीवा मुख्य नहर.

भू-अर्जन प्र. क्र. एफ-10 पत्र क्र. 110- भू-अर्जन-08.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

अर्जनीय रकबा (हे. में ) लगभग (2)

(1)

(3)

(4) सतना मैहर

पलौहा

0.324 भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है.

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

कार्यपालन यंत्री, न. घा. वि. , संभाग क्रमांक 9 , सतना.

(6) दांयी तट की सतना, रीवा मुख्य नहर.

भाग 1 ]

453

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

भू-अर्जन प्र . क्र. एफ-8- पत्र क्र. 209- भू-अर्जन-08.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

अर्जनीय रकबा (हे. में ) लगभग

(2)

(3)

(4)

(6)

(5)

(1) सतना उचेहरा

0.705

झुरूखूलू

कार्यपालन यंत्री , न. घा. वि. , संभाग क्रमांक 7, सतना.

नागौद, सतना शाखा नहर निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है.

भू-अर्जन प्र. क्र. एफ-10 पत्र क्र. 210- भू-अर्जन- 08.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

ग्राम

जिला तहसील

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

अर्जनीय रकबा (हे. में) लगभग

(2)

(4)

(3)

(5)

(1) सतना मैहर

1.940

पोड़ी

कार्यपालन यंत्री , न. घा. वि. , संभाग क्रमांक 7 , सतना.

(6) नागौद शाखा सतना नहर निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है.

भू-अर्जन प्र . क्र. एफ10 पत्र क्र. 211 - भू-अर्जन-08.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

अर्जनीय रकबा (हे. में ) लगभग

(2)

(3)

(5)

(1) सतना मैहर पलौहा

(4) 0.010

कार्यपालन यंत्री , न. घा. वि. , संभाग क्रमांक 9 , मैहर.

(6) दांयी तट की सतना, रीवा मुख्य नहर निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुखबीर सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

454

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

नरसिंहपुर, दिनांक 11 जनवरी 2011

रा. मा. क्रं. 73-82 वर्ष 09-10- पत्र क्र. 8 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उनके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हे . में )

(4)

0.087

(2) तेंदूखेड़ा

(1) नरसिंहपुर

(3) डोभी नं . बं. 198 प. ह. नं. 19

(6) डोभी से गुटौरी सड़क निर्माण हेतु.

(5) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग , नरसिंहपुर

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर भू- अर्जन शाखा नरसिंहपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

नरसिंहपुर, दिनांक 31 जनवरी 2011

01अ-82 वर्ष 10-11 पत्र क्र. 49 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमिका वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

जिला तहसील

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा ( हे . में ) (4)

3.928

(3) अमौदा

(1) नरसिंहपुर

(2) गाडरवारा

के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग नरसिंहपुर

(6) पलोहा से नीलकुंड सड़क निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी गाडरवारा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

02अ-82 वर्ष 10-11 पत्र क्र. 49- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

जिला तहसील

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा ( हे . में ) (4)

(6)

के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

(3) आमगांव बडा

1.323

(2) करेली

(1) नरसिंहपुर

करपगांव खमरिया आमगांवबड़ा सड़क निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , नरसिंहपुर

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी गाडरवारा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

455 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

033-82 वर्ष 10-11 पत्र क्र. 49 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

भूमिका वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

केद्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा ( हे . में )

(3)

(1) (2)

(5)

(6)

(4) 2.493

नरसिंहपुर गाडरवारा महगुंवाकला

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , नरसिंहपुर

कान्हरगांव से महगुंवाकला सड़क निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी गाडरवारा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विवेक पोरवाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खण्डवा , दिनांक 14 जनवरी 2011

भू-अर्जन-प्र. क्र.- 22-अ-82-10-11- नस्ती क्र. 273-2010 - एल.ए.. -चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक - एक सन् 1894 ) की धारा 04 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)

(2)

(1)

(3)

(4)

(5)

(6) खण्डवा

0.10

पुनासा गुलगांव रैयत

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्र . 25 , नर्मदानगर .

पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना अंतर्गत पाईप लाईन वितरण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी संभाग क्रमांक-25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है. खण्डवा/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

जबलपुर , दिनांक 21 जनवरी 2011

क्र. 73-82-09-10 - भू.अ.अ. बरगी. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने 456

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

[भाग 1 की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक - एक सन् 1894 ) एवं अधिनियम क्र. 68 सन् 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

तहसील

जिला

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टे. में) (1) (2)

(3)

(4)

0.09 जबलपुर मझौली ग्राम-नांदघाट प.ह.नं. 65 न.ब. 267

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -4 , सिहोरा .

मझौली शाखा नहर की तलाड़ डायरेक्ट माइनर निर्माण हेतु.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी इकाई क्रमांक 1 बरगी हिल्स के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गुलशन बामरा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला धार मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

धार , दिनांक 22 जनवरी 2011

क्र. 825 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) , के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

ग्राम का नाम (3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4) (1) धार

(2) धार

0.460

कलसाड़ाखुर्द

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम लि. , इन्दौर मध्यप्रदेश .

(6) लेबड़ -मानपुर फोरलेन सड़क निर्माण अंतर्गत प्रभावित होने से.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिखारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , धार एवं संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम लि. , इन्दौर मध्यप्रदेश के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

मनावर , दिनांक 29 जनवरी 2011

क्र. 146 - वाचक- प्र.क्र. 06- अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों भाग 1 ]

457

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)

(3)

(2)

(4)

0.702 धार

मनावर बुदियाखेडी पूरक प्रकरण प.ह.नं. 14/33.

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 मनावर.

ओंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर. डी. 152270 मी . से निकलने वाली डायरेक्ट माईनर क्र. 75 के निर्माण हेतु प्रभावित निजी भूमि.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर एवं भू-अर्जन अधिकारी सरदार सरोवर परियोजना मनावर एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30, मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 141 - वाचक- प्र.क्र. 07-अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है

अनुसूची

भूमिका वर्णन

जिला

तहसील

ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(3)

(4) (1) धार

मनावर (2)

21.723

अजन्दीकोट (पूरक प्रकरण) प.ह.नं. 16

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6)

धारा 4 की उपधारा (2 ) केद्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 , मनावर.

ओंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर. डी. 14500 मी . से निकलने वाली डी. व्हाय 16 की आर. डी. 0 से 6830मी. तथा उसकी माईनरों एवं 145675 मी. से निकलने वाली डी. एम. 73 की आर. डी. 0 से 7070 मी . के निर्माण से प्रभावित होने वाली निजी भूमि हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर एवं भू- अर्जन अधिकारी सरदार सरोवर परियोजना मनावर एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 , मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बुरहानपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

बुरहानपुर, दिनांक 29 जनवरी 2011

क्र. क-वाचक- भू-अर्जन- 2010-प्र. क्र.- 05-अ-82 वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की 458

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

[भाग 1 उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमिकाविवरण

जिला

तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2) नेपानगर

(4) 0.99 (1) बुरहानपुर

(3) धुलकोट

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन काविवरण

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) भू-अर्जन अधिकारी, नेपानगर

(6) कुम्हार नाला तालाब योजना के उप नहरों के कार्य हेतु भूमि का अधिग्रहण.

अर्जन की जाने वाली भूमि से संबंधित नक्शा, प्लान भू- अर्जन अधिकारी नेपानगर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रेनु पन्त, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शहडोल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

शहडोल, दिनांक 2 फरवरी 2011

क्र. दस - भू- अर्जन- फा.511 - प्र.क्र.6- अ- 82-2010-11-560.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधितों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 " अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

(1) शहडोल

(2) जयसिंहनगर

(3) अटरिया

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4) 1.726

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 ( 2 ) की उपधारा ( 2 )) . द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) अटरिया जलाशय योजना नहर से प्रभावित निजी भूमि का अर्जन.

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, शहडोल, मध्यप्रदेश.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय कलेक्टर शहडोल/ अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) सोहागपुर, जिला शहडोल मध्यप्रदेश में किया जा सकताहै .

क्र. दस- भू- अर्जन- फा. 513-प्र.क्र. 7-अ-82-2010-11-561.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधितों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) भाग 1 ]

459

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 " अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमिका वर्णन

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)

(2)

(3)

(4) शहडोल जयसिंहनगर बसनगरी

1.493

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

बिनैका जलाशय योजना नहर से प्रभावित निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , शहडोल, मध्यप्रदेश.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर शहडोल/ अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) सोहागपुर, जिला शहडोल मध्यप्रदेश में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज दुबे कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सागर, दिनांक 2 फरवरी 2011

क्र. क- 943 - भू-अर्जन-10 - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से कॉलम ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : - जिला तहसील

क्षेत्रफल

भूमि का वर्णन ग्राम

कुल खसरा नं.

(4) (2) बीना

(1) सागर

24

(3) भैंसवाहा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

कुल रकबा (हे. में)

(5)

(6)

4.16 कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन, संभाग क्र. 2 सागर.

देवल जलाशय योजना बांध कार्य एवं नहर कार्य के डूब में एवं निर्माण कार्य हेतु.

भूमि का नक्शा का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी बीना के कार्यालय में किया जा सकता है.

सागर, दिनांक 3 फरवरी 2011

क्र. क- 974 - भू-अर्जन-10- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से कॉलम (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुबंधों के अनुसार 460

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

[भाग 1 सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) करने दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल

कुल खसरा नं.

(1) (2)

(3)

(4) सागर बीना

9

आमखेड़ा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

कुल रकबा (हे. में)

(6)

(5)

0.78 कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन, संभाग क्र. 2 सागर .

देवल जलाशय योजना बांध कार्य एवं नहर कार्य के डूब में एवं निर्माण कार्य हेतु.

भूमि का नक्शा का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी बीना के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनीष श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला इन्दौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

इन्दौर, दिनांक 4 फरवरी 2011

क्र. 668 - ए- प्रकरण क्र. 9-अ- 82-09-10 - भू-अर्जन सांवेर-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) ( 4 ) के उपबन्ध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2)

(3)

(4)

0.377

रावेर

सांवेर

इन्दौर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी.

(5)

(6)

ज्यामितीय सुधार हेतु एवं रावेर जंक्शन निर्माण बाबत.

संभागीय प्रबंधक, म. प्र . सड़क विकास निगम , उज्जैन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , तहसील सावेंर, जिला इन्दौर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राघेन्द्र सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

461

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

दमोह , दिनांक 5 फरवरी 2011

क्र. 416- भू.अ.अ. - 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन तहसील/ तालुका (2) जबेरा

(1) दमोह

नगर/ग्राम (3) भैंसखार

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4) 12.79

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग दमोह ( म. प्र. )

(6) भैंसखार जलाशय के बांध एवं डूब क्षेत्र तथा नहर हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तेंदूखेड़ा ( दमोह ) तथा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग, दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 417- भू.अ.अ.- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

तहसील/ तालुका

(2)

(1) दमोह

जबेरा

(4) 4.76

(3) छोटी कटंगी

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग दमोह ( म. प्र. )

(6) छोटी कटंगी जलाशय के बांध एवं डूब क्षेत्र तथा नहर हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तेंदूखेड़ा ( दमोह ) तथा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग , दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. पी. सिंह सलूजा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 5 फरवरी 2011

क्र. 108 - भू-अर्जन- कार्य- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार, इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि 462

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

[ भाग 1 उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2)

(4) सतना

(3) पतौरा

0.420 रघुराज नगर

( 2)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग, रीवा ( म. प्र. )

नहर निर्माण हेतु. बाणसागर परियोजना के अंतर्गत पुरवा भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 110 - भू- अर्जन- कार्य- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार, इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि काविवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) रीवा

(3) हर्दी 633

(4) 0.542 (2) हुजूर

(2)

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री, बाणसागर अपर पुरवा नहर संभाग, रीवा ( म. प्र.)

बाणसागर परियोजना के अंतर्गत चचाई वितरण नहर की रहट माइनर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों काअर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1.12- भू- अर्जन- कार्य-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार, इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमिका विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)

(3)

(1) रीवा

(4) 0.282 हुजूर बहुरीबांध -425

(2)

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, अपर पुरवा नहर संभाग , रीवा (म. प्र. )

बाणसागर परियोजना के अंतर्गत चचाई वितरण नहर की बहुरीबांध माइनर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भाग 1 ]

463

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

क्र. 114 - भू- अर्जन- कार्य-2011 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

अनुसूची

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत

जिला तहसील

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

लगभग क्षेत्रफल प्राधिकृत अधिकारी

(हेक्टेयर में )

(2)

(3)

(4) (1) रीवा

बम्होरी चौथ 404

0.979 हुजूर

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, अपर

पुरवा नहर संभाग,

रीवा (म. प्र. )

बाणसागर परियोजना के अंतर्गत चचाई वितरण नहर की रहट माइनर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 116 - भू-अर्जन-कार्य-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध लागू होते हैं :-

जिला

भूमिकाविवरण नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2)

(4) 19.538 सतना रामपुर बाघेलान

(3) अबेर कोठार

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) बाणसागर परियोजना के अंतर्गत पुरवा नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री , बाणसागर वितरिका नहर संभाग, रीवा (म. प्र. )

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 118 - भू-अर्जन- कार्य- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत 464

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

[भाग 1 करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)

(3)

(4) (1) रीवा

पडिया

0.044 हुजूर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, अपर पुरवा नहर संभाग ,रीवा ( म. प्र. )

पडिया माइनर एवं सब - माइनर के अंतर्गत आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन .

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

छतरपुर , दिनांक 11 फरवरी 2011

प्र. क्र. 02 - अ- 82-10-11 - भू- अर्जन -110. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इस अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमिका वर्णन

जिला

तहसील

अर्जित क्षेत्रफल

नगर/ग्राम

लगभग (1)

(4) (2) राजनगर

(3) कदौंहा

36.735 छतरपुर

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

भू- अर्जन अधिकारी

राजनगर.

ललितपुर खजुराहो नई बड़ी रेल लाईन का निर्माण कार्य हेतु भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी/ भू- अर्जन अधिकारी राजनगर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ई. रमेश कुमार , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

465

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिंगरौली, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सिंगरौली , दिनांक 15 फरवरी 2011

क्र. 308 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

(1)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) (2)

सिंगरौली देवसर

निगरी

47.828

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)

भू-अर्जन अधिकारी, देवसर.

1320 (660× 2 ) मेगावाट सुपर थर्मल पावर परियोजना की स्थापना के निमित्त गोपद नदी में बैराज निर्माण से डूब प्रभावित भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) खसरा भू-अर्जन अधिकारी , देवसर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 310 - भू- अर्जन-2011 .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे : -

भूमिका वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) सिंगरौली देवसर

कटई

19.099

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

(6)

भू-अर्जन अधिकारी, देवसर.

1320 (660× 2 ) मेगावाट सुपर थर्मल पावर परियोजना की स्थापना के निमित्त गोपद नदी में बैराज निर्माण से डूब प्रभावित भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान) खसरा भू-अर्जन अधिकारी , देवसर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , पी. नरहरि , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

466

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

[भाग 1

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग विदिशा, दिनांक 20 जनवरी 2011

प्र. क्र. 3 - अ- 82-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की सगड़ मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- विदिशा

(ख) तहसील- बासौदा

(ग) ग्राम- आटस

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.500 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

247

0.500

योग : 0.500

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है .-सगढ़ मध्यम सिंचाई परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि का अधिग्रहण.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , गंजबासौदा एवं कार्यपालन यंत्री संजय सागर बाह नदी संभाग , गंजबासौदा में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , सी. बी. सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन ,

राजस्व विभाग

जबलपुर, दिनांक 21 जनवरी 2011

क्र. 6अ - 82-09-10 - भू.अ.अ.इकाई क्र.1.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) एवं अधिनियम क्र. 68 सन् 1984 की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-जबलपुर

(ख) तहसील- सिहोरा

(ग ) ग्राम- खुड़ावल, प. ह. नं. 67, नं. बं. 163 ( घ ) लगभग क्षेत्रफल-1 कुंआ

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

1365

एक कुंआ

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता के कारण.- खुड़ावल माइनर के अन्तर्गत.

(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी , रा . अ . बा. सागर परियोजना इकाई क्र. 1 , बरगी हिल्स, जबलपुर में किया जा सकता है .

जबलपुर, दिनांक 4 फरवरी 2011

क्र. 4अ- 82-09-10 - भू.अ.अ.इकाई क्र.1.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) एवं अधिनियम क्र. 68 सन् 1984 की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- जबलपुर भाग 1 ]

467

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(ख) तहसील- मझौली

( ग) ग्राम- रजतला, प. ह. नं . 67, नं. बं. 660 (घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.19 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टर में )

(1)

(2)

1 9/1

0.16 0.03 योग : 0.19

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता के कारण.- मझौली शाखा नहर के अन्तर्गत उमरखिड़िया माइनर क्र. 2 के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , भू- अर्जन अधिकारी, रा. अ. बा. सागर परियोजना इकाई क्र. 1 , बरगी हिल्स, जबलपुर में किया जा सकता है .

क्र. 5अ- 82-09-10- भू.अ.अ.इकाई क्र. 1.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) एवं अधिनियम क्र. 68 सन् 1984 की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला- जबलपुर

(ख ) तहसील- मझौली

( ग) ग्राम- हथलेवा, प. ह. नं. 58 , नं. बं. 781 ( घ) लगभग क्षेत्रफल-0.11 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

(1) 411

रकबा (हेक्टर में) (2) 0.11

योग : 0.11

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता के कारण.- मझौली शाखा नहर की हथलेवा माइनर नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी, रा. अ . बा. सागर परियोजना इकाई क्र. 1 , बरगी हिल्स, जबलपुर में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गुलशन बामरा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग पन्ना, दिनांक 22 जनवरी 2011

प्र. क्र. 018 - अ- 82- वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- पन्ना

(ख ) तहसील- अजयगढ़

(ग) ग्राम- भापतपुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 15.66 हेक्टेयर

खसरा क्रमांक

भूमि का प्रकार

कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

(3) 372

0.45

निजी भूमि 373

0.07

निजी भूमि 374

0.65

निजी भूमि 376

0.02

निजी भूमि 377

0.15

निजी भूमि 380/1

0.78

निजी भूमि 380/2

0.78

निजी भूमि 379/2

0.61

निजी भूमि 382/2

0.20

निजी भूमि 381

3.28

निजी भूमि

1.64

381/1461

निजी भूमि 379/1

0.62

निजी भूमि 382/1

0.20

निजी भूमि 383/1 क

निजी भूमि 383/1 ख

1.08 1.08

निजी भूमि 468

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

(1)

(2)

(3) 383/1 ग

0.24

निजी भूमि 383/2

0.85

निजी भूमि 368/2

0.23

निजी भूमि 371/1

0.14

निजी भूमि 371/2

0.90

निजी भूमि 370

0.05

निजी भूमि 379/3

1.24

निजी भूमि 382/3

0.40

निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि 15.66

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है .- सब्दुआ तालाब योजना के अन्तर्गत तालाब एवं वेस्ट वियर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर कार्यालय, पन्ना में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 019 -अ-82- वर्ष 2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला - पन्ना

(ख ) तहसील- अजयगढ़

(ग ) ग्राम -झिन्ना

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-7.82 हेक्टेयर.

खसरा क्रमांक

भूमि का प्रकार

कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर. में)

(1)

(2)

(3) 2

0.12

निजी भूमि 3

0.11

निजी भूमि 7

0.10

निजी भूमि 4

0.15

निजी भूमि 5

0.11

निजी भूमि 6

0.21

निजी भूमि

0.35

निजी भूमि 12/1

0.08

निजी भूमि 13/1

0.12

निजी भूमि 11/2

0.35

निजी भूमि

[ भाग 1 (1)

(2)

(3) 12/2

0.09

निजी भूमि 13/2

0.10

निजी भूमि 17

0.07

निजी भूमि

0.15

19

निजी भूमि 20

0.31

निजी भूमि 21

0.17

निजी भूमि 23

0.64

निजी भूमि

0.04

78

निजी भूमि

0.03

91/1

निजी भूमि 92/1

0.04

निजी भूमि 93/1

0.14

निजी भूमि

0.25

94/1

निजी भूमि

0.04

91/2

निजी भूमि 92/2

0.04

निजी भूमि 93/2

0.14

निजी भूमि 94/2

0.25

निजी भूमि 79

0.09

निजी भूमि 76/1

0.05

निजी भूमि

0.05

76/2

निजी भूमि 77

0.03

निजी भूमि

0.11

81

निजी भूमि 82

0.06

निजी भूमि 83

0.16

निजी भूमि

0.11

85

निजी भूमि 86

0.19

निजी भूमि 8

0.22

निजी भूमि 87

0.11

निजी भूमि 123/1

0.48

निजी भूमि 123/2

0.43

निजी भूमि 125

0.09

निजी भूमि 126

0.18

निजी भूमि 127/1

0.50

निजी भूमि

0.76

127/2

निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि 7.82

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. - सब्दुआ तालाब योजना के अन्तर्गत तालाब एवं वेस्ट वियर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर कार्यालय , पन्ना में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 20- अ-82- वर्ष 2010-2011 .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के भाग 1 ]

469

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख ) तहसील- अजयगढ़

(ग) ग्राम- सब्दुआ

(घ) लगभग क्षेत्रफल-12.21 हेक्टेयर.

खसरा क्रमांक

भूमि का प्रकार

कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

(3) 1093/1

0.53

निजी भूमि 1093/2

0.53

निजी भूमि 1094

1.92

निजी भूमि 1095/1

0.63

निजी भूमि 1096

0.60

निजी भूमि 1095/2

0.71

निजी भूमि 1095/3

0.46

निजी भूमि 1095/4

0.45

निजी भूमि 1095/5

0.28

निजी भूमि 1095/6

0.28

निजी भूमि 1095/7

0.84

निजी भूमि 1095/8

0.84

निजी भूमि 1097

1.20

निजी भूमि 1098

1.41

निजी भूमि 1099

0.70

निजी भूमि 1092/1

0.05

निजी भूमि 1104

0.40

निजी भूमि 1110

0.20

निजी भूमि 1116

0.18

निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि- 12.21

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सब्दुआ तालाब योजना के अन्तर्गत तालाब एवं वेस्ट वियर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर कार्यालय , पन्ना में किया जा सकता है .

पन्ना, दिनांक 3 फरवरी 2011

प्र. क्र. 005 - अ- 82- वर्ष 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- पन्ना

(ख) तहसील- पन्ना

(ग ) ग्राम- जनकपुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 25.578 हेक्टेयर.

खसरा क्रमांक

भूमि का प्रकार

कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

(3) 1/1 घ

0.580

निजी भूमि 1/1 च

1.880

निजी भूमि

2.023

1/1 छ

निजी भूमि 1/1 ज

2.023

निजी भूमि

1.009

1/1 झ

निजी भूमि

0.060

1/1 ङ

निजी भूमि

1.200

1/1 त

निजी भूमि 1/2

1.200

निजी भूमि 2

0.809

निजी भूमि 3

0.729

निजी भूमि 7

1.450

निजी भूमि 8

0.140

निजी भूमि 9/1

2.948

निजी भूमि 9/2

2.934

निजी भूमि 9/3क

0.300

निजी भूमि

0.405

9/3 ख

निजी भूमि 64/1053

2.280

निजी भूमि 332

0.070

निजी भूमि 333

0.539

निजी भूमि 334

0.166

निजी भूमि 335

0.230

निजी भूमि

0.160

340 जुज

निजी भूमि 336

0.069

निजी भूमि 337

0.100

निजी भूमि

0.710

निजी भूमि 340जुज

341

0.250

निजी भूमि 342

0.580

निजी भूमि 331

0.100

निजी भूमि 338

0.100

निजी भूमि 339

0.100

निजी भूमि 9/2

0.134

निजी भूमि

0.150

9/3क

निजी भूमि 11

0.150

निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि 25.578 470

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- जनकपुर तालाब योजना के अन्तर्गत तालाब एवं नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर कार्यालय पन्ना में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. सी. जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रायसेन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

रायसेन , दिनांक 27 जनवरी 2011

प्र. क्र. 4- अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) उल्लिखित भूमि बकानियां जलाशय की मुख्य नहर, उप नहर एवं एस्केप चैनल के निर्माण किये जाने हेतु जलसंसाधन विभाग के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- रायसेन

(ख) तहसील- गोहरगंज

(ग ) ग्राम- शाहबाद तिलेंडी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-11.21 एकड़.

खसरा क्रमांक

कुल रकबा (एकड़ में) (2)

अर्जित रकबा (एकड़ में) (3) (1)

207/2

5.89

0.26 205

7.96

0.30 206/2/3/1

0.04

8.10

206/2/3/6

0.23

1.62

206/2/3/5

1.62

0.27 206/2/3/3

1.62

0.34

1.62

204/2/3/4

0.15

9.41

195

0.61

5.50

0.25 190

192

0.22

0.02 132

0.69

0.05

[ भाग 1

(2)

(3) (1)

0.10 133

3.30

0.83

12.61

189

5.60

748.14

126/1

0.10

0.47

160

0.14

1.08

161

0.30

1.98

166

0.20 15

2.86

17

0.45

0.06

0.45

0.11 69

0.21 65

1.11

0.98

0.04 66

0.20 169

6.69

0.24

0.07 158

0.38

0.13 159

18

0.36

16.32

5.79

0.24 207/2

11.21 योग .. 847.10

(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन. बकानियां जलाशय की मुख्य नहर, उप नहर एवं एस्कैंप चैनल.

(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं अर्जित की जाने वाली भूमि काविवरण अनुविभागीय अधिकारी , गौहरगंज के कार्यालय में देखा जा सकता है.

रायसेन , दिनांक 7 फरवरी 2011

प्र. क्र. 7 - अ - 82-09-10 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रायसेन

(ख ) तहसील - बाड़ी

(ग) ग्राम- ईंटखेड़ी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.36 एकड़.

सर्वे क्रमांक

कुल रकबा

अर्जित रकबा (हे. में)

(2)

(3) (1)

0.36

1.00

184/2 भाग 1 ]

471

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है :- चार्मशिला उच्च स्तरीय पुल पहुंचमार्ग हेतु भमि का अर्जन.

( 3 ) भूमि के नक्शे का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी राजस्ब बरेली के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मोहनलाल मीना, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रतलाम , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

रतलाम, दिनांक 28 जनवरी 2011

क्र. 359 - भू-अर्जन- 2011-प्र. क्र. 1-अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रतलाम

(ख) तहसील- जावरा

(ग) नगर/ग्राम- बड़ावदा

( घ) लगभग क्षेत्रफल-1.100 हेक्टर.

सर्वे नंबर

रकबा (हेक्टर में )

(1)

(2)

0.040

249/1

250

0.007

253/1

0.005

254

0.001

255

0.005

256/1

0.004

256/1

0.001

256/2

0.003

256/3

0.003

256/4

0.001

(1)

(2)

256/4

0.001

256/5

0.002

256/5

0.001

256/5

0.001

256/5

0.003

567/1

0.010

0.038

568/1

568/2

0.022

0.001

571/2

577/3

0.021

578/2

0.002

578/2

0.016

583/2

0.003

578/5

0.006

579/1

0.013

0.013

579/2

580/1

0.002

580/1

0.002

580/2

0.001

582

0.015

583/1

0.022

0.002

583/1

0.014

583/2

583/3

0.005

0.079

658/1

0.001

659

660

0.083

0.008

838

839

0.005

840

0.011

842

0.011

668

0.016

783

0.005

784

0.021

0.005

669/2

778

0.014

780

0.037

781

0.012

786/1

0.045

786/2

0.004

796

0.023

0.005

841

0.004

843/2

573/1149

0.002 472

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

(1)

(2)

586

0.004

586

0.018

586

0.013

586

0.007

586

0.010

586

0.007

586

0.010

586/2

0.013

586/2

0.015

586

0.009

586

0.010

587/1 क

0.030

587/1 ख

0.066

587/ 1ख

0.009

0.009

587/ 1 ख

587/ 1 ख

0.009

0.008

587/ 1 ख

0.021

587/2

0.038

588/1

587/2

0.004

588/1

0.003

587/2

0.002

588/1

0.005

587/2

0.001

588/1

0.006

589/1

0.007

589/1

0.009

589/1

0.009

589/1

0.012

589/1

0.009

589/1

0.014

589/1

0.007

589/1

0.007

589/1

0.007

589/1

0.007

0.008

589/1

1.100

कुल रकबा :

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन-उज्जैन उन्हैल-नागदा- घिनोदा- जावरा टू लेन निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शा व प्लान का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी उपखण्ड, जावरा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 357 - भू-अर्जन- 2011-प्र. क्र. 7-अ-82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- रतलाम

(ख ) तहसील-जावरा

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम मोहम्मद नगर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.170 हेक्टर.

रकबा

सर्वे नंबर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

49

0.01

53/1

0.01

0.03

53/2

54

0.01

0.01

55

0.01

56/1

56/2

0.01

57

0.01

58

0.01

124

0.01

125

0.01

126

0.01

0.01

130/1

0.01

130/2

132

0.01

0.170

कुल रकबा :

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन - उज्जैन- उन्हैल - नागदा- घिनोदा - जावरा टू - लेन निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा व प्लान का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड, जावरा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

473

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

सागर , दिनांक 28 जनवरी 2011

क्र. 773 - भू- अर्जन-2010.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 (क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क ) जिला- सागर

(ख) तहसील - गढ़ाकोटा

(ग) ग्राम- टड़ा (सोजनावार )

( घ) लगभग क्षेत्रफल-23.77 हे.

खसरा नंबर

रकबा

में से

(हेक्टर में )

(2)

(1)

850/1

0.03

863/2

0.04

850/2

0.20

857

0.30

855

0.12

858

0.18

861

0.10

862

0.88

863/1

0.10

864

0.86

865

0.09

866

0.11

867/1

0.04

867/2

0.07

868

1.64

880

0.03

870

0.79

871

1.03

(1)

(2)

872

0.36

0.10

885

873

0.49

877

3.08

0.35

874

878

1.68

879

1.84

2.00

893

884

0.89

0.52

886

887

1.31

888/1

0.47

888/2

0.41

0.73

890

0.32

891/1 .

0.63

891/2

0.30

895/2

882

0.10

0.22

883

831

0.48

0.08

844/1

844/2

0.08

845

0.18

745

0.10

726/1

0.03

0.03

726/2

0.12

728

734

0.08

733

0.12

732

0.06

योग : 23.77

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है.- निपानिया जलाशय योजना के शीर्ष ( बांध ) एवं नहर कार्य हेतु द्वारा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1, सागर .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रहली के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनीष श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

474

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बैतूल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

बैतूल , दिनांक 29 जनवरी 2011

पत्र क्र. 1 - अ- 82 - वर्ष- 2010-11-744.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बैतूल

(ख ) तहसील- भैंसदेही

(ग ) नगर/ग्राम- सायगोहान, प.ह.नं. 26

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.584 हेक्टेयर

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

2/4

0.343

1/2

0.048

2/1

0.121

2/3

0.072

योग : 0.584

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. -सीवनपाट जलाशय नहर क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) भैसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है .

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक-2 , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

पत्र क्र. 3 - अ- 82 - वर्ष 2010-11-739- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित

[ भाग 1 सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 (क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- बैतूल

(ख) तहसील- भैंसदेही

(ग ) नगर/ग्राम- गदराझिरी , प.ह.नं. 41

( घ) लगभग क्षेत्रफल-0.832 हेक्टेयर

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

9/1

0.036

20/1

0.040

0.224

9/2

20/4

0.234

20/3

0.298

0.832

योग :

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- गुनघाटी जलाशय दायीं तट नहर क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) भैसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक -2 , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

पत्र क्र. 4- अ-82-वर्ष 2010-11-742 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक - एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बैतूल

(ख) तहसील- भैंसदेही भाग 1 ]

475

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(ग) नगर/ ग्राम- सीवनपाट, प.ह.नं. 23

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.125 हेक्टेयर

खसरा नंबर

रकबा

(हेक्टेयर में)

(1)

(2)

148/3

0.100

148/4

0.179

0.070

147/21

147/4

147/6

0.289

147/1

0.096

145/4

0.341

145/5

0.024

145/6

145/7

143/1

0.226

155/1

0.030

155/3

155/2

0.030

155/4

0.239

199/4

0.510

2.125

योग :

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.-सीवनपाट जलाशय नहर क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) भैसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है .

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक-2 , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

पत्र क्र. 5 - अ-82- वर्ष- 2010-11-743. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- बैतूल

(ख) तहसील- भैंसदेही

(ग ) नगर/ग्राम- गदराझिरी प.ह.नं. 41 ,

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.8375 हेक्टेयर

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

191/2

0.048

220

0.049

191/1

0.145

0.261

190/2

190/6

0.202

190/4

0.162

0.089

196/2

0.053

218

192

0.971

0.339

199/1

0.356

201/2

196/1

0.162

2.837

योग :

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- गुनघाटी जलाशय परिवर्तित मार्ग क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन .

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) भैसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है .

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक-2 , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

पत्र क्र. 6 - अ- 82- वर्ष- 2010-11-740.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- बैतूल

(ख) तहसील- भैंसदेही 476

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(ग) नगर/ग्राम- जामझिरी प.ह.नं. 32 ,

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.677 हेक्टेयर

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

1/1

0.498

148

0.021

1/2

0.240

1/3

0.085

2

0.646

149

0.567

3

0.045

150/1

0.170

151

0.365

5/2

0.040

2.677

योग :

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- धनगांव जलाशय के नहर क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) भैसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्रमांक-2 , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विजय आनंद कुरील, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

ग्वालियर, दिनांक 28 जनवरी 2011

प्र. क्र. 20- अ- 82-09-10- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- ग्वालियर

(ख) तहसील- चीनौर

(ग ) नगर/ग्राम - पुरा बनवार

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.672 हेक्टर .

सर्वे क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

503 मिन

0.042

511

0.449

512

1.181

1.672

कुल :

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- हरसी उच्चस्तरीय नहर निर्माण हेतु ग्राम पुरा बनवार की भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है.

ग्वालियर, दिनांक 29 जनवरी 2011

प्र. क्र. 18 - अ - 82-09-10- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-ग्वालियर

(ख) तहसील-घाटीगांव

(ग) नगर/ग्राम-पार

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-4.191 हेक्टर .

सर्वे क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

1217

1.066

1218

0.909 भाग 1 ]

477

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(1)

(2)

1230

0.157

1231

1.056

1232

0.136

0.700

1233

1234/1/2/1234/2/1

0.052

0.115

1235 मिन, 1235 मिन

1234/1/1/1 , 1234/2/2 योग

4.191

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. - हरसी उच्चस्तरीय नहर निर्माण हेतु ग्राम पार की भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 22 - अ- 82-09-10- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-ग्वालियर

(ख) तहसील- भितरवार

(ग ) नगर/ ग्राम- पिपरौआ

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.062 हेक्टर.

सर्वे नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टर में )

(1)

(2)

759

0.167

769

0.701

0.052

773

0.867

774

0.752

775/1 , 775/2

0.523

783/1 , 783/2

योग ..

3.062

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. - हरसी उच्च स्तरीय नहर निर्माण हेतु ग्राम पिपरौआ की भूमि का अर्जन .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला रीवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 1 फरवरी 2011

क्र. भू- अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अन्तर्गत जिसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील-सेमरिया

(ग) नगर/ ग्राम- जरैला

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.497 हेक्टर .

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

21/1

0.497

0.497

योगπ ....

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जरमोरा बाई तट नहर निर्माण (3 ) भूमि के नक्शे का निरीक्षण , कलेक्टर , जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

478

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

रीवा , दिनांक 2 फरवरी 2011

क्र. 646 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अन्तर्गत जिसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- हनुमना

(ग) नगर/ग्राम- टटिहरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-40.876 हेक्टर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टर में) (1)

(2) 480

0.061 696

0.242 481/2

0.251 709/3 ख

0.979

1.260 519 , 520, 521 किता -3

3.479 705, 706, 707 किता-3

2.238 475/2 , 476 , 477 किता -3

702/3

0.117 704

0.356 701

0.162 698/1

0.222 698/2

0.222

1.157 699 , 700/2 , 700/3 , 702/2 ,

702/4 किता-5.

545

0.040 489

0.336 694/1

0.051

0.421 694/2, 695/1 , किता -2

0.275 695/2. 709/10 , किता -2

1.825 482 , 483 , 480/1196 किता-3

709/11

2.023 709/16

1.308

1.076 709/1 , 709/6 किता-2

709/8

0.930

5.976 498 , 499 , 500 , 523 , 524 ,

546, 547 किता-6

[ भाग 1

(2) (1)

5.574 526 , 527 , 528 , 529 , 530/1 , 531

533 , 534, 536 , 537 , 548 ,

549 , 550 , 498/1276 किता -14.

0.186 485/2 , 486/2 , 487/2, 488/2 किता -4

0.186 485/1 , 486/1 , 487/1 , 488/1 किता-4

2.225 474, 491/2, 493/2 , 494/2 ,

495/2 , 496/2 , 516 , 518/2 किता-8

0.607 490 , 492/2 , 496/2 , 530/2 किता-4

0.774 481/1

2.467 501 , 511 , 512 , 513 , 514 , 515 ,.

516, 522 किता-8 .

510

0.251

3.457 475/1 , 491/1 , 493/1 , 494/1 , 495/1 ,

496/1 , 518/1 किता-6 .

709/3क

0.142

40.876

योग ..

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है , जूडा बाँध निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे एवं बाँध का निरीक्षण, कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 647 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक - एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अन्तर्गत जिसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन –

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- हनुमना

(ग) नगर/ ग्राम- चरैया

(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.600 हेक्टर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टर में) (1)

(2)

0.797 2/1 , 2/6 , 2/10

1.940 2/4 , 2/6 , 2/9 , 2/12

0.980 2/20, 2/5

1.000 2/11 , 2/8 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(1)

(2) 2/15

0.190

0.690 2/38ए,4/1 घ

5.600 कृषकों की भूमि का योग

म. प्र. शासन की भूमि

5.600 कुल योग ( कृषक भूमि+म. प्र. शासन भूमि )

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है , जूडा बाँध निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे एवं बाँध का निरीक्षण कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. पी. श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग शाजापुर, दिनांक 5 फरवरी 2011

क्र. भू- अर्जन- 2010-35.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में उल्लेखित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- शाजापुर

(ख ) तहसील- शुजालपुर

(ग) ग्राम- उमरसिंगी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-52.745 हेक्टर.

खसरा

479

(2) (1)

0.073 3/1 , 4/1 , 4/3 , 5/3

3/3/1

0.376

0.115 27

0.073 29/2

0.993 3/2, 4/1 , 4/3 , 5/2

0.314 612/1

0.031 127/2

0.294 136/3/1

0.073 136/4

0.157 2/1

2/5

0.568

0.146 2/2, 3/5

0.230 2/3

0.209 117/1

0.199 118

0.042 119,123/1

0.105 120

0.125 121

0.052 123/2

0.157 602/2 , 603/1 , 612/2

612/3

0.094 571

0.140 6

0.272

0.614 7/1

0.356 74/1 , 75/1

0.773 75/2/3

0.415 96/2

0.303 28

0.198 71/1 , 71/3

0.261 71/4, 72

0.288 98/1/1/2

0.417 98/4/1

102/1

0.188

0.324 103/2/2

0.105 103/3

0.325 98/4/2

1.599 106 , 107/1

1.202 107/2

क्षेत्रफल जो अर्जन होना है

नम्बर

31/3/2

0.669

(हेक्टेयर में)

(1)

(2) 5/2

0.679

0.418 47

0.314 3/1, 3/4

3/6

0.272 4/2/1

0.523 138/1

0.376

0.042 138/2

32

0.376

1.254 36

2.000 37

0.366 39

0.366 40

0.209 43

0.408 44

45

0.209

0.815 46

0.334 48 480

(2) (1)

50

0.773

1.118 51/1 , 59/1/2

51/2

0.293 53

0.355

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 फरवरी 2011

(2) (1)

0.951 79

113

0.031

0.293 114

1.056 78 , 80/2

0.136 54, /2, 55

56/2

0.021 57

0.052 58

0.178

0.899 60 , 61/1 , 61/2 , 62/1 , 62/2 , 63

1.000 64

65

0.021 30/3

0.418

0.512 38

1.505 42, 52

56/1

0.105

0.178 134, 135 , 136/1 , 136/2

87

0.063

0.153 88 .

0.355 89/1

95/1

0.125 26

0.690

0.272 115

1.986 116/1

0.398 116/2 , 117/2 , 122 , 80

0.021 81

82

0.052

0.439 83, 84

142

0.105 110

0.147

0.199 103/4, 104

105/2

0.230

0.042 17/4,

85

0.125

0.042 86

0.355 89/2

0.063 614

0.314 20/1 , 20/2

29/1

0.157 1/3

0.700

4.767 98/1/2 , 98/2 , 98/3

0.209 98/5, 99/1

0.930 99/2 , 100 , 101/2

101/1

0.021 101/3

1.066 98/1/1/1

0.261 107/3

0.125

0.188 102/2

103/1

0.261 103/2/1

0.324 105/1

0.230

1.045 74/2, 76/1 व 2 मीन, 76/3

0.424 74/2, 76/1 व 2 मीन , 76/3 ,

0.062 74/3

77/1/2

0.063

0.042 77/3/4

0.125 74/2मीन, 76/1/2 , 76/3

0.084 77/1/2मी.

0.590 74/2, 76/1/2 मीन , 76/2

0.209 20/1 मी. , 20/2

33मी.

0.826 34मी.

0.209 35 मी.

0.209

0.825 33मी.

34मी.

0.209

0.071 35मी.

कुल योग 52.745 (3 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- मकोडी- उमरसिंगी तालाब योजना हेतु ग्राम उमरसिंगी की अशासकीय भूमि अधिग्रहण बाबत्.

नोट.- भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सोनाली एन. वायंगणकर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग नरसिंहपुर , दिनांक 8 फरवरी 2011

रा. मा. क्र. 05 - अ-82 वर्ष 2010-2011 - पत्र क्र. 78 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की भाग 1 ]

481

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- गोटेगांव

(ग ) ग्राम- गढ़पेहरा , प.ह.नं. 85

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.653 हेक्टर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टर में ) (1)

(2)

37

0.092

36

0.121

35

0.064

40/1

0.102

41

0.200

30

0.104

8/1-9

0.371

12

0.217

0.120

49

31/3

0.145

28/4

0.096

24/4

0.115

21

0.365

20/1

0.240

20/2

0.173

19

17

0.128

योग 2.653

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- मुख्य नहर के सीपेज जोन में ड्रेन निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष के कार्यालय में किया जा सकता है .

रा . मा. क्र. 06 - अ-82 वर्ष 2010-2011 - पत्र क्र. 78 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील - गोटेगांव

(ग) ग्राम पचौरी , प.ह.नं. 85

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.695 हेक्टर.

खसरा

नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टर में) (1)

(2)

1/2

0.243

5/1

0.016

0.265

9/1

0.147

8/1

13

0.024

योग .. 0.695

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सिवनी वितरण नहर के सीपेज जोन में ड्रेन निर्माण हेतु.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विवेक पोरवाल कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला भोपाल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग भोपाल , दिनांक 7 फरवरी 2011

प्र. क्र. 05- अ- 82-2009-10- सा-1- सात. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- भोपाल

(ख ) तहसील- हुजूर

(ग ) नगर/ ग्राम- भोपाल/लाऊखेड़ी, सिंगारचोली 482

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 फरवरी 2011

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.896 हेक्टर .

खसरा नम्बर

(1)

रकबा (हेक्टर में ) (2)

ग्राम-लाऊखेड़ी

92/1/1/1/1

0.068 92/1/1/2

0.068 129/2/2

0.008

0.040 135/1/1/2

209/1/1

0.036 210/1/2

0.036 128/1/5/1

0.012 128/ 1 /1 ख

0.012 128/1/2/2

0.020 128/1/3/1

0.023 212/1/1

0.060 200क

0.032 200ख

0.016 201/1/1

0.012 189/1/2/2

0.012 189/1/1/1

0.044 203/2/1

0.064 225-226/2/ 1/ 1

0.020 215/1/2/1

0.056 216/1/1

0.004 216/2/1

0.004 213/2

0.028

0.056 128/1 / 1 क

197/2

0.020 199/2

0.060 189/1/1/2/2

0.016

योग 0.832 ग्राम-सिंगारचोली

0.002 35 , 36 , 102/35/ 1/1//1/2/1

0.006 35 , 36 , 102/35/3/2/2

0.016 35 , 36 , 102/ 35/3 /1 / 2/ 2 ख

0.016 35, 36 , 102/ 35/3/1 क

35 , 36 , 102/ 35/3/1 ख

0.024 35 , 36,102/35/ 1/ 1 / 4

योग . 0.064

0.896 दोनों ग्रामों का कुल रकबा

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- अय्यप्पा मंदिर से राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 12 तक पहुंच मार्ग के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी, नजूल बैरागढ़ - वृत्त, भोपाल एवं कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण विभाग , संधारण संभाग क्र. 2, भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

भोपाल, दिनांक 9 फरवरी 2011

प्र. क्र. 4 - अ-82-08-09- सा-1- सात. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) संशोधित भू-अर्जन अधिनियम 1984 की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- भोपाल

(ख) तहसील- बैरसिया

(ग) नगर/ग्राम- पुराखाना

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-12.822 हेक्टर .

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(2) (1)

88

0.162 89

0.504

0.234 94

98

0.126 121/2

0.106

1.400 120

229

0.300 254

0.490 371

3.000 372

0.500

1.500 377/1/ख

0.200 377/2

1.400 369

382

0.100

1.400 394

0.500 394/447

0.100 398

0.200 401

403

0.600 योग .. 12.822 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की नहर निर्माण कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी , तहसील बैरसिया एवं कार्यपालन यंत्री, संजयसागर बाह परियोजना नदी संभाग , गंजबासोदा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , निकुंज कुमार श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 18 February 2011. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2011-02-18.07.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2011-02-18.07.Ordinary.