ध्य प्रदेश शासन
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 12 ]
भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 25 मार्च 2011- चैत्र 4 , शक 1933
विषय - सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.
भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद् के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 25 फरवरी 2011
क्र. ई. 1-354-2009-5- एक. श्री शिवानन्द दुबे , भाप्रसे (1996 ) , संचालक, कौशल विकास जबलपुर को दिनांक 01 जनवरी 2009 से भाप्रसे का प्रवर श्रेणी वेतनमान स्वीकृत किया जाता है .
भोपाल , दिनांक 1 मार्च 2011
क्र. ई- 5-577 - आयएएस- लीव- एक- 5.- ( 1 ) श्री अशोक कुमार शाह, आयएएस. , आयुक्त, भू- अभिलेख एवं बदोबस्त, मध्यप्रदेश , ग्वालियर को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 23 फरवरी 2011 द्वारा दिनांक 21 फरवरी से 31 मार्च 2011 तक 39 दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश की अवधि में श्री अरूण कुमार भट्ट , आयएएस , आबकारी आयुक्त , मध्यप्रदेश , ग्वालियर को आयुक्त, भू- अभिलेख एवं बंदोबस्त, मध्यप्रदेश , ग्वालियर का प्रभार सौंपा गया था.
(2 ) राज्य शासन द्वारा अब उक्त आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए श्री अशोक कुमार शाह, आयएएस. , आयुक्त, भू- अभिलेख एवं बंदोबस्त, मध्यप्रदेश , ग्वालियर की अवकाश अवधि में श्री अरूण कुमार भट्ट, आयएएस, आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश, ग्वालियर के स्थान पर श्री एस. बी. सिंह, कमिश्नर, ग्वालियर संभाग , ग्वालियर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, आयुक्त, भू- अभिलेख एवं बंदोबस्त, मध्यप्रदेश, ग्वालियर का प्रभार सौंपा जाता है.
(3 ) श्री अशोक कुमार शाह , द्वारा आयुक्त, भू- अभिलेख एवं बंदोबस्त, मध्यप्रदेश, ग्वालियर का कार्यभार ग्रहण करने पर
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नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2011 .
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
श्री एस. बी. सिंह, आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त, मध्यप्रदेश , ग्वालियर के प्रभार से मुक्त होंगे .
(4 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 23 फरवरी , 2011 की 3 , 5 एवं 6 कंडिकाएं यथावत् रहेंगी.
क्र. ई - 1-393-2010-5- एक. श्रीमती सलीना सिंह , भाप्रसे (1986 ) , प्रमुख सलाहकार, स्पेशल एरिया डवलपमेंट, राज्य योजना आयोग प्रकोष्ठ तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम तथा मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम को प्रमुख सलाहकार, स्पेशल एरिया डवलपमेंट , राज्य योजना आयोग प्रकोष्ठ के प्रभार से मुक्त करते हुए उनकी सेवाएं अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के पद पर नियुक्ति के लिये आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग को सौंपी जाती हैं तथा उन्हें मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है .
(2 ) उपरोक्तानुसार श्रीमती सलीना सिंह द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन भाप्रसे ( वेतन ) नियमावली, 2007 के नियम 9 के अन्तर्गत प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में ऊपर दर्शित नियमों की अनुसूची 11 में सम्मिलित प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है.
भोपाल , दिनांक 3 मार्च 2011
क्र. ई - 1-62-2011-5- एक.- श्री अनिरूद्ध मुकर्जी, भाप्रसे (1993 ) , आयुक्त- सह- संचालक, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास , मध्यप्रदेश , भोपाल की सेवाएं भारत सरकार, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को निदेशक, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय , नई दिल्ली के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 05 वर्ष के लिये नियुक्ति के लिए सौंपी जाती हैं .
भोपाल , दिनांक 8 मार्च 2011
क्र. ई - 5-811 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री एस. एस. बंसल, आयएएस. , अपर आयुक्त ( राजस्व ) , उज्जैन संभाग , उज्जैन को दिनांक 7 से 8 मार्च 2011 तक दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 6 मार्च 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
( 2) अवकाश से लौटने पर श्री एस. एस. बंसल को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर आयुक्त ( राजस्व ) , उज्जैन संभाग , उज्जैन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता हैं .
[भाग 1 (3 ) अवकाशकाल में श्री बंसल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री बंसल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई 5 863 आयएएस लीव 5 एक. ( 1 ) श्री कृष्णगोपाल तिवारी, आयएएस. , सहायक कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा को दिनांक 10 से 17 मार्च 2011 तक, आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
( 2) अवकाश से लौटने पर श्री कृष्णगोपाल तिवारी को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सहायक कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3 ) अवकाशकाल में श्री कृष्णगोपाल तिवारी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री कृष्णगोपाल तिवारी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
क्र. ई. 5-471 - आयएएस - लीव - एक - 5.- ( 1 ) श्री सुदेश कुमार, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सार्वजनिक उपक्रम विभाग को दिनांक 4 से 18 मार्च 2011 तक, पन्द्रह दिन का लघुकृत अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) श्री सुदेश कुमार की अवकाश अवधि में श्रीमती कंचन जैन, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, ग्रामोद्योग विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, सार्वजनिक उपक्रम विभाग का प्रभार सौंपा जाता है.
( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री सुदेश कुमार को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, सार्वजनिक उपक्रम विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री सुदेश कुमार द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सार्वजनिक उपक्रम विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती कंचन जैन, सार्वजनिक उपक्रम विभाग के प्रभार से मुक्त होंगी .
( 5) अवकाशकाल में श्री सुदेश कुमार को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
( 6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री सुदेश कुमार अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
भाग 1 ]
भोपाल, दिनांक 10 मार्च 2011
क्र. ई - 5-831 - आयएएस- लीव- 5 - एक.-( 1 ) सुश्री स्वाती मीणा, आयएएस. , अनुविभागीय अधिकारी , ( महू) जिला इन्दौर को दिनांक 24 से 26 फरवरी 2011 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 27 फरवरी 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(2) अवकाश से लौटने पर सुश्री स्वाती मीणा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अनुविभागीय अधिकारी, ( महू) , जिला इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाशकाल में सुश्री स्वाती मीणा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री स्वाती मीणा अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.
भोपाल , दिनांक 10 मार्च 2011
क्र. ई - 5-476 - आयएएस लीव - एक- 5.- ( 1 ) श्री दीपक खाण्डेकर, आयएएस . , तत्का. प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , स्कूल शिक्षा विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 25 अक्टूबर 2011 द्वारा दिनांक 27 दिसम्बर 2010 से दिनांक 01 जनवरी 2011 तक छह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत कर उक्त अवकाश के साथ दिनांक 25, 26 दिसम्बर 2010 एवं 2 जनवरी 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी गयी थी . राज्य शासन उक्त आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 24 से 31 दिसम्बर 2010 तक, आठ दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 25 अक्टूबर 2010 की शेष कंडिकायें यथावत् रहेंगी.
क्र. ई- 5-872 - आयएएस लीव-5- एक. ( 1 ) श्रीमती प्रियंका दास , आयएएस . , सहायक कलेक्टर, जिला जबलपुर को दिनांक 4 से 10 फरवरी 2011 तक, सात दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.
( 2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती प्रियंका दास को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सहायक कलेक्टर, जिला जबलपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाशकाल में श्रीमती प्रियंका दास को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती प्रियंका दास अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एस. तोमर , अवर सचिव (कार्मिक) .
भोपाल, दिनांक 8 मार्च 2011
क्र. ई- 1-6-2011-5-एक. नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाए भाप्रसे के आवंटन वर्ष 1995 के अधिकारियों को भाप्रसे के अधिसमय वेतनमान में पदोन्नत करते हुए उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाए गए पद पर, पदस्थ किया जाता है :- आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से क्र.
नवीन पदस्थापना
अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना
(1) 1
(2) श्री अशोक कुमार शिवहरे, अपर आयुक्त ( राजस्व) , ग्वालियर एवं चंबल संभाग.
2
श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव, कलेक्टर, सागर.
खाना (3 ) में अंकित पद असंवर्गीय होने की दशा में संवर्गीय पद जिसके समकक्ष घोषित किया गया (4)
संभागीय कमिश्नर
(3) आयुक्त-सह-संचालक, भोपाल गैस त्रासदी, राहत एवं पुनर्वास , भोपाल.
सचिव, म. प्र. शासन (पद अधिसमय वेतनमान में असंवर्गीय होने के कारण) .
कलेक्टर, सागर (पद का उन्नयन आदेश प्रसारण के दिनांक से आगामी आदेश तक भाप्रसे के अधिसमय वेतनमान में करते हुए ) [ भाग 1 1038
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
(4) (2)
(3)
(1)
3
श्री डी. डी. अग्रवाल, कलेक्टर, खण्डवा.
सचिव, म. प्र. शासन , (पद अधिसमय वेतनमान में असंवर्गीय होने के कारण ) .
कलेक्टर , खण्डवा (पद का उन्नयन आदेश प्रसारण के दिनांक से आगामी आदेश तक भाप्रसे के अधिसमय वेतनमान में करते हुए) .
4
सचिव, म. प्र. शासन
सचिव ( समन्वय) ,
मुख्य सचिव कार्यालय
श्री आर. के. माथुर, अपर सचिव, मुख्य सचिव कार्यालय तथा अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग .
5
सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग.
श्री भरत कुमार व्यास , अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग .
सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग .
6 श्री सुभाष जैन अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग.
7
सचिव, मध्यप्रदेश शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग .
श्री डी. पी. अहिरवार, अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन , पशुपालन , मछली पालन.
2. उपरोक्तानुसार श्री डी. पी. अहिरवार, भाप्रसे ( 1995 ) द्वारा सचिव , मध्यप्रदेश शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अरूण कोचर, भाप्रसे ( 1994 ) , आयुक्त आदिवासी विकास , मध्यप्रदेश तथा पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण एवं संचालक, विमानन केवल आदिमजाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे.
भोपाल, दिनांक 10 मार्च 2011
क्र. ई - 1-10-2011-5- एक. ( 1 ) श्री श्रीमन शुक्ला, भाप्रसे ( 2007 ) , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, होशंगाबाद (कनिष्ठ वेतनमान ) को इस आदेश के प्रसारण की तिथि से भाप्रसे का वरिष्ठ वेतनमान स्वीकृत किया जाता है , वरिष्ठ वेतनमान के फलस्वरुप इनकी पदस्थापना यथावत् रहेगी . साथ ही उन्हें पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) होशंगाबाद भी पदस्थ किया जाता है.
( 2 ) श्री नागरगोजे मदन विभीषण , भाप्रसे ( 2007 ) , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, हरदा ( कनिष्ठ वेतनमान ) को इस आदेश के प्रसारण की तिथि से भाप्रसे का वरिष्ठ वेतनमान स्वीकृत किया जाता है , वरिष्ठ वेतनमान के फलस्वरुप इनकी पदस्थापना यथावत् रहेंगी, साथ ही उन्हें पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) हरदा भी पदस्थ किया जाता है.
(3 ) नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाये भाप्रसे के आवंटन वर्ष 2007 के अधिकारियों को इस आदेश के प्रसारण की तिथि से भाप्रसे का वरिष्ठ वेतनमान स्वीकृत किया जाता है तथा उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाए पद पर आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है : -
नवीन पदस्थापना (3) क्र. (1)
अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना (2)
1 .
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत एवं पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) , रीवा.
श्री स्वतंत्र कुमार सिंह, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , नरसिंहगढ़, जिला राजगढ़.
भाग 1 ]
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
(1)
(2) 2. श्री भोंडवे संकेत शांताराम अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , खुरई, जिला सागर.
3. सुश्री स्वाती मीणा अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , महू, जिला इन्दौर.
(3)
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत एवं पदेन अपर कलेक्टर (विकास ) , सागर.
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत एवं पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) , छिन्दवाड़ा.
(4 ) राज्य प्रशासनिक सेवा के निम्नलिखित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित करते हुए, अस्थायी रूप से, आगामी आदेश पर्यन्त कालम 3 से कालम 4 में बताये गये स्थान पर पदस्थ किया जाता है: -
अधिकारी का नाम/ बैच
वर्तमान पदस्थापना
क्र. (1)
(2)
1 श्री आर. के. त्रिपाठी ( 1985 ) (3)
नवीन पदस्थापना (4)
अपर कलेक्टर, भिण्ड
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, सागर
2 श्री श्रीनिवास शर्मा ( 1986 ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, छिन्दवाड़ा
3 डॉ. जयप्रकाश दुबे ( 1993)
अपर कलेक्टर, छिन्दवाड़ा
अपर कलेक्टर, सीधी.
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , रीवा
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.
भोपाल, दिनांक 8 मार्च 2011
क्र. एफ- ए- 5-20-2010 - एक ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय श्री एस. के. सेठ साहब , मध्यप्रदेश, उच्च न्यायालय , इन्दौर, खण्डपीठ, इन्दौर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है:-
अ. क्र. (1)
अवकाश अवधि (2)
कुल दिन (3) अवकाश का प्रकार (4)
1
60दिन 28-7-2010 से 25-9-2010 तक
अभियुक्ति (5)
पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित
कम्युटेड अवकाश
अवकाश के पश्चात् दिनांक 26-9-2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.
क्र. एफ- ए- 5-17-2010 - एक ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदया श्रीमती इन्द्राणी दत्ता, मध्यप्रदेश, उच्च न्यायालय, ग्वालियर , खण्डपीठ, ग्वालियर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है:-
(1) अ. क्र.
(2) अवकाश अवधि
अवकाश का प्रकार
(4)
कुल दिन (3) 1
4दिन 13 दिसम्बर 2010 से 16 दिसम्बर 2010 तक
अभियुक्ति (5)
पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश.
अवकाश के पूर्व में दिनांक 11 दिसम्बर 2010 से दिनांक 12 दिसम्बर 2010 तक सार्वजनिक अवकाश एवं अवकाश के पश्चात् में शीतकालीन अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा, उपसचिव.
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[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 8 मार्च 2011
क्र. 452-2258-2010- बयालीस ( 1 ) .- राज्य शासन के आदेश क्रमांक 1745-2258-2010- बयालीस ( 1 ) , दिनांक 21 सितम्बर 2010 के द्वारा चार स्वशासी इंजीनियरिंग महाविद्यालयों, जबलपुर, रीवा , सागर एवं उज्जैन के संचालक मण्डल ( शासी निकाय ) के पुनर्गठन के आदेश जारी किये गये हैं . राज्य शासन एतद्वारा उपर्युक्त आदेश को निरस्त करते हुए इन इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के संचालक मण्डल ( शासी निकाय ) का गठन निम्नानुसार करता है:-
अध्यक्ष 1. मान. मंत्रीजी, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग .
सदस्य 2. प्रमुख सचिव/ सचिव, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग .
सदस्य 3. राज्य शासन द्वारा नामांकित तीन शिक्षाविद् या उद्योगपति या व्यवसायी .
सदस्य 4. संचालक, तकनीकी शिक्षा मध्यप्रदेश , भोपाल
सदस्य 5. प्राचार्य द्वारा वरिष्ठता के आधार पर नामांकित महाविद्यालय के दो शिक्षक.
सदस्य 6. प्राचार्य द्वारा दो वर्षों की वरिष्ठता के आधार पर नामांकित एक शिक्षाविद् या उद्योगपति.
सदस्य 7. एआईसीटीई द्वारा नामांकित प्रतिनिधि
सदस्य 8. संबंधित संस्था के अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति वर्ग के वरिष्ठतम प्राध्यापक/ शिक्षक.
सदस्य 9. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा नामांकित प्रतिनिधि.
10. प्राचार्य, इंजीनियरिंग महाविद्यालय ,
सदस्य सचिव.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , शमीम उद्दीन , अपर सचिव.
गृह ( सामान्य ) विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल , दिनांक 9 मार्च 2011
क्र. एफ- 3-91-2010- दो ए( 3 ) . - राज्य शासन द्वारा कृषि सेवा कार्यपालन , द्वितीय तथा तृतीय श्रेणी के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा , जो दिनांक 23 जुलाई 2010 को प्रश्न- पत्र लेखा द्वितीय विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थी को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है: --
परीक्षार्थी का नाम
पदनाम
(3)
(2)
अनु. (1)
उच्चस्तर इन्दौर संभाग
वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी 1. श्रीमती भगवती चौहान
रीवा संभाग
सहायक संचालक कृषि 2. डॉ. अनिल कुमार मिश्रा
भोपाल संभाग
3. श्री आशीष कुमार कनेश सहायक संचालक कृषि
उज्जैन संभाग
वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी 4. श्री एच. एल. निमोरियां
निम्नस्तर जबलपुर संभाग
1 . श्री अरूण पटले
वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी
वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी 2. श्री क्षितिज करहाडे
रीवा संभाग
सहायक संचालक कृषि 3. श्री मानसिंह ठाकुर
4. श्री संतोष सिंह मौर्य
सहायक संचालक कृषि
सहायक संचालक उद्यान 5. श्री रतन सिंह कटारा
उज्जैन संभाग
6. श्री केशव सिंह गोयल सहायक संचालक कृषि क्र. एफ- 3-91-2010- दो ए ( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा कृषि सेवा कार्यपालन, द्वितीय तथा तृतीय श्रेणी के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा , जो दिनांक 23 जुलाई 2010 को प्रश्न- पत्र भाग 1 ]
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
लेखा प्रथम विषय में सम्पन्न हुई थी , में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थी को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है:-
परीक्षार्थी का नाम
पदनाम अनु.
(1)
(2)
(3)
उच्चस्तर जबलपुर संभाग
1. श्री अरूण पटले
वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी
वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी 2. श्री मधुवन भारद्वाज
वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी 3 . श्री राजकुमार कोरी
4. श्री अजय चौहान
वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी 5. श्री क्षितिज करहाडे वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी
रीवा संभाग
6. डॉ. अनिल कुमार मिश्रा सहायक संचालक कृषि 7. श्री मानसिंह ठाकुर सहायक संचालक कृषि 8. श्री जवाहर लाल कास्टे सहायक संचालक कृषि 9. श्री सन्तोष सिंह मौर्य सहायक संचालक कृषि
उज्जैन संभाग
10. श्री कैलाश सिंह सोलंकी वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी
वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी 11. श्री राजू बड़वाया
निम्नस्तर
उज्जैन संभाग
1. श्री केशव सिंह गोयल सहायक संचालक कृषि 2. श्री एच. एल. निमोरियां वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी
भोपाल संभाग
3. श्री आशीष कुमार कनेश सहायक संचालक उद्यान मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अम्बरीश श्रीवास्तव, उपसचिव.
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल , दिनांक 9 मार्च 2011
क्र. डी- 15-05-2011-चौदह - 3.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 ( क्र. 24, सन् 1973 ) की धारा 5 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड (क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 1203-8350-चौदह -1 , दिनांक 25 फरवरी 1969 द्वारा स्थापित कृषि उपज मण्डी समिति, अनूपपुर के मण्डी क्षेत्र के निम्नलिखित स्थान या परिक्षेत्र को मण्डी प्रांगण घोषित करती है:-
स्थान
नगरपालिका अनूपपुर, तहसील अनूपपुर, जिला अनूपपुर के निम्नलिखित खसरा क्रमांक की 10.90 एकड़ भूमि का क्षेत्रः- खसरा क्रमांक
क्रमांक
(2)
क्षेत्रफल (एकड़ में ) (3)
(1)
1
280
10.90 योग . 10.90
जिसकी सीमाएं
उत्तर में शासकीय भूमि.
दक्षिण में- बी.आर.सी. भवन.
पूर्व में - मण्डी द्वारा बनवाई गई बाउण्ड्रीवाल.
पश्चिम में- चंदास नदी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.
भोपाल , दिनांक 9 मार्च 2011
क्र. डी- 15-05-2011- चौदह-3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 9 मार्च 2011 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.
Bhopal , the 9th March 2011
No. D - 15-05-2011 - XIV - 3.-In exercise of the powers conferred by clause ( a) of sub- section (2) of Section 5 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government hereby declare the following areas including all structures , enclosure , open places or locality in the market area for which a market at Anuppur has been established by this 1042
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
Department's Notification No. 1203-8350 - XVI - 1 , dated 25th February 1969 shall be market yard namely .
PLACE
An area of 10.90 Acre land of bellow mentioned Khasra number at Nagar Palika Anuppur in Tehsil Anuppur of District Anuppur :-
Khasra No. (2)
Area (in Acre) (3) S. No. (1)
1.
280
10.90
Total 10.90
BOUNDED BY
On the North by-Government Land .
On the South by-Building of B.R.C.
On the East by-Boundarywall made by Mandi .
On the West by-Chandas River .
By order and in the name of the Governor of the Madhya Pradesh , AJAY SINGH GANGWAR , Dy . Secy .
भोपाल, दिनांक 9 मार्च 2011
क्र. डी- 15-05-2011 - चौदह - 3.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 (क्र. 24, सन् 1973 ) की धारा 5 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( ख ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार , एतद्वारा , इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 9 मार्च 2011 के द्वारा घोषित मण्डी प्रांगण के संबंध में मण्डी समिति अनूपपुर, जिला अनूपपुर के निम्नलिखित क्षेत्र को मूल मण्डी घोषित करती है:-
क्षेत्र
( 1 ) नगरपालिका अनूपपुर , तहसील अनूपपुर, जिला अनूपपुर की सीमाओं के भीतर का क्षेत्र.
(2) मण्डी प्रांगण से 5 किलोमीटर की परिधि के भीतर आने वाले निम्नलिखित ग्रामों को समाविष्ट करता हुआ क्षेत्रः- (1 ) सामतपुर, ( 2 ) बरबसपुर, ( 3 ) सीतापुर, ( 4 ) भगतबांध,
( 8 ) कुसुमहाई, (5 ) हरी, ( 6 ) बरी, ( 7 ) बेला ,
(9 ) पिपरिया, ( 10 ) दुलहरा , ( 11 ) सकरिया, ( 12) बैरीबांध , ( 13 ) दमना , ( 14 ) परसवार , ( 15) अनूपपुर, ( 16 ) सेंदुरी .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार, उपसचिव .
भोपाल , दिनांक 9 मार्च 2011
क्र. डी- 15-05-2011-चौदह-3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 9 मार्च 2011 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.
Bhopal , the 9th March 2011
No. D- 15-05-2011 - XIV - 3.-In exercise of the powers conferred by clause ( b) of sub - section (2) of Section 5 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government hereby declare that in the relation to the market yard vide this Department Notification even number dated 9th March 2011 the following area of Anuppur of District Anuppur shall be market Proper .
AREA
(1) An area within the limit of Nagar Palika Anuppur in Tehsil Anuppur , District Anuppur .
(2) An area comprising of the following Villages within the radious of 5 Kilometers from the market yard namely :-
(1 ) Samatpur , (2 ) Barbaspur , ( 3 ) Sitapur , (4) Bhagat Bandh , ( 5 ) Harri , (6) Barri , ( 7 ) Bela , (8) Kushumhai , (9) Pipariya , ( 10 ) Dulahra , ( 11 ) Sakariya , ( 12) Bairi Bandh , ( 13 ) Damna , (14) Paraswar , ( 15) Anuppur , ( 16) Senduri .
By order and in the name of the Governor of the Madhya Pradesh , AJAY SINGH GANGWAR , Dy . Secy .
भोपाल , दिनांक 9 मार्च 2011
क्र. डी- 15-07-2011- चौदह - 3.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 (24 सन् 1973 ) की धारा 5 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( क ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 1785-3243- चौदह -1 , दिनांक 27 मार्च 1968 द्वारा स्थापित कृषि उपज मण्डी 1043
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
भाग 1 ]
समिति बानापुरा के मण्डी क्षेत्र के निम्नलिखित स्थान या परिक्षेत्र को उप मण्डी प्रांगण घोषित करती है :-
स्थान
ग्राम पंचायत शिवपुर, तहसील सिवनी मालवा , जिला होशंगाबाद के निम्नलिखित खसरा क्रमांक की 24.50 एकड़ भूमि का क्षेत्रः--
क्षेत्रफल (एकड़ में) क्रमांक (1)
खसरा क्रमांक (2)
(3)
1
143/3
2.00 2
184/2
6.00 3
0.50 246/2
4
248/3
4.00 5
248/5
2.50
2.50 249/2
67 7
249/3
3.00 8
249/4
4.00
योग .. 24.50
जिसकी सीमाएं
उत्तर में श्री प्रहलाद छीतर की भूमि.
दक्षिण में - श्री जगदीश सिंह का तालाब .
पूर्व में - सीला जोजे रामफल की भूमि.
पश्चिम में -शासकीय कच्चा रास्ता भिलाडिया जाने का.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.
भोपाल , दिनांक 9 मार्च 2011
क्र. डी- 15-07-2011-चौदह-3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 9 मार्च 2011 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.
Bhopal , the 9th March 2011
No. D- 15-07-2011 - XIV- 3 .--In exercise of the powers conferred by clause ( a) of sub- section (2 ) of Section 5 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government here by declare the following areas including all structures , enclosure , open places or locality in the market area for which a market at Banapura has been established by this Department's Notification No. 1785-3243- XIV- 1 , dated 27the March 1968 shall be sub market yard namely :-
PLACE
An area of 24.50 Acre land of bellow mentioned Khasra number at Gram Panchayat Shivpur in Tehsil Seoni Malwa of District Hoshangabad :-
S. No. (1)
Khasra No. (2)
Area (in Acre) (3)
2.00 1
143/3
2
6.00 184/2
3
246/2
0.50
4.00 4
248/3
5
2.50 248/5
6
2.50 249/2
3.00 7
249/3
8
249/4
Total
4.00 24.50
BOUNDED BY
On the North by- Land.of Shri Prahlad Chhitar .
On the South by- Pond of Shri Jagdish Singh .
On the Eastby- Land of Sheela Joje Ramphal .
On the West by-Goway to Bhiladiya Government Kachha Road .
By order and in the name of the Governor
of the Madhya Pradesh , AJAY SINGH GANGWAR , Dy . Secy .
1044
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
भोपाल, दिनांक 9 मार्च 2011
क्र. डी- 15-07-2011- चौदह- 3.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 (24 सन् 1973 ) की धारा 5 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( ख ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 9 मार्च 2011 के द्वारा घोषित मण्डी प्रांगण के संबंध में मण्डी समिति बानापुरा , जिला होशंगाबाद के निम्नलिखित क्षेत्र को उपमण्डी प्रांगण घोषित करती है:-
क्षेत्र
( 1 ) ग्राम पंचायत शिवपुर, तहसील सिवनी मालवा , जिला होशंगाबाद की सीमाओं के भीतर का क्षेत्र.
(2) मण्डी प्रांगण से 5 किलोमीटर की परिधि के भीतर आने वाले निम्नलिखित ग्रामों को समाविष्ट करता हुआ क्षेत्रः- ( 1 ) हमीदपुर , ( 2 ) कुंडकला , ( 3 ) भिलाड़िया खुर्द , (4) भैसादेह , ( 5 ) चापडाग्रहण, ( 6 ) विसोनी खुर्द, (7 ) भीमगांव , ( 8 ) विसोनी कला, (१ ) कोलगांव, ( 10 ) रीछी , ( 11 ) अंचनागांव , ( 12 ) लुचगांव , (13 ) चन्दपुरा , ( 14 ) चंदाखड़ , ( 15 ) वमूलिया, ( 16 ) नाहरकोला, ( 17 ) मलकाखेड़ी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.
भोपाल, दिनांक 9 मार्च 2011
क्र . डी- 15-07-2011-चौदह-3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 9 मार्च 2011 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.
Bhopal , the 9th March 2011
No. D - 15-07-2011 - XIV - 3.-In exercise of the powers conferred by clause ( b) of sub - section (2 ) of Section 5 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government here by declare that in the relation to the Market yard vide this department notification even number dated 09th March , 2011 the following area of Banapura of District Hoshangabad shall be sub market yard namely : -
AREA (1) An area within the limit of Gram Panchayat Shivpur in Tehsil Seoni Malwa of District Hoshangabad.
(2) An area comprishing of the following villages within the radious of 5 Kilometers from the market yard namely:-
(1) Hamidpur , (2 ) Kundkala , (3 ) Bhiladiya Khurd , (4) Bhaishadeh , (5 ) Chapdagrahan , ( 6 ) Vesoni Khurd, (7) Bhimgawon , ( 8 ) Vesonikala , (9 ) Kaolgawon , ( 10) Reechhi , ( 11 ) Anchnagawon , ( 12) Luchgawon , ( 13 ) Chandpura , ( 14) Chandakhad , ( 15 ) Vamuliya , ( 16 ) Naharkola , ( 17 ) Malkakhedi .
By order and in the name of the Governor of the Madhya Pradesh , AJAY SINGH GANGWAR , Dy . Secy .
गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 11 मार्च 2011
क्र. एफ-1 ( ए) 155-93- ब- 2- दो. श्री राजेश गुप्ता, भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, गुप्तवार्ता, पु. मु. , भोपाल को दिनांक 23 मार्च 2011 से 01 अप्रैल 2011 तक, कुल दस दिवस के अर्जित अवकाश की अवधि में राज्य शासन द्वारा खण्ड वर्ष 2010-13 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2010-11 में गृह नगर अवकाश यात्रा सुविधा के बदले में भारत में कहीं भी भ्रमण की अवकाश यात्रा सुविधा की पात्रता के तहत् सपरिवार " निकोबार " परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ अवकाश यात्रा पर जाने की अनुमति प्रदान की जाती है:-
1. श्री राजेश गुप्ता स्वयं
2. डॉ. मोनिका गुप्ता पत्नी
3. अभिनव गुप्ता पुत्र
4. अनुश्रुत गुप्ता पुत्र
( 2) उक्त अवकाश अवधि में श्री राजेश गुप्ता, भापुसे , उप पुलिस महानिरीक्षक, गुप्तवार्ता , पु. मु. , भोपाल का कार्य श्री संजीव शमी, भापुसे , उप पुलिस महानिरीक्षक, काउण्टर इंटेलिजेंस, पु. मु. , भोपाल द्वारा अपने कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
( 3) अवकाश से लौटने पर श्री राजेश गुप्ता , भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उप पुलिस महानिरीक्षक, गुप्तवार्ता, पु. मु. , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4 ) श्री राजेश गुप्ता , भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, गुप्तवार्ता , पु. मु. , भोपाल कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कण्डिका ( 2 ) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(5) अवकाशकाल में श्री राजेश गुप्ता, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री राजेश गुप्ता, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
भोपाल , दिनांक 14 मार्च 2011
क्र. एफ-1 (ए ) 93-2002- ब-2- दो. श्रीमती दीपिका सूरी , भापुसे, सहायक पुलिस महानिरीक्षक ( वित्त/प्रबंध ) , पुलिस मुख्यालय, भोपाल को दिनांक 1 से 11 नवम्बर 2010 तक, कुल ग्यारह दिवस के लघुकृत अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है .
(2 ) अवकाशकाल में श्रीमती दीपिका सूरी , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती दीपिका सूरी, भापुसे अवकाश पर नहीं जातीं , तो अपने पद पर बनी रहतीं.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक दास, प्रमुख सचिव.
भोपाल, दिनांक 11 मार्च 2011
क्र. एफ-1 (ए) 120-93- ब- 2- दो.- इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 24 दिसम्बर 2010 द्वारा श्री के. बाबूराव , भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 6 दिसम्बर 2010 से 7 जनवरी 2011 तक, कुल तैंतीस दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 5 दिसम्बर 2010 एवं 8 , 9 जनवरी 2011 के विज्ञप्त अवकाश लाभ के साथ स्वीकृत किया गया है . श्री के. बाबूराव, भापुसे द्वारा अवकाश वृद्धि किये जाने के परिणामस्वरूप उन्हें दिनांक 8 से 14 जनवरी 2011 तक, सात दिवस अर्जित अवकाश वृद्धि की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है .
(2) श्री के. बाबूराव , भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, भोपाल को दिनांक 14 मार्च 2011 से 2 अप्रैल 2011
1045 तक, कुल बीस दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 12 , 13 मार्च 2011 एवं 3 , 4 , 5 अप्रैल 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ पुत्री के विवाह हेतु केन्टूकी ( यूएसए ) जाने के लिये स्वीकृत किया जाता है .
( 3 ) उक्त अवकाश अवधि में श्री के. बाबूराव , भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक , पुलिस मुख्यालय , भोपाल का कार्य श्री बी . बी. एस. ठाकुर, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, अ. अ. वि. , पु. मु. , भोपाल , द्वारा अपने कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.
(4 ) अवकाश से लौटने पर श्री के. बाबूराव , भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(5 ) श्री के. बाबूराव, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय , भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कण्डिका (3 ) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .
(6 ) अवकाशकाल में श्री के. बाबूराव, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(7) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. बाबूराव , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
क्र. एफ-1 (बी ) 154-10- बी-4- दो. राज्य शासन , मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2008 के माध्यम से संयुक्त प्रतिस्पर्धा परीक्षा के परिणाम के आधार पर मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा के लिये निम्नलिखित अभ्यर्थियों को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 2 वर्ष की परिवीक्षा पर मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा में कनिष्ठ वेतनमान 15,600- 39,100+ 5,400 में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्त करता है. नवनियुक्त अधिकारीगण आदेश प्राप्ति के 15 दिवस की अवधि में जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी, सागर में प्रशिक्षण हेतु कार्यभार ग्रहण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे अन्यथा नियुक्ति आदेश निरस्त माने जावेंगे :-
क्र. लोक सेवा आयोग
अभ्यर्थी का नाम एवं पता द्वारा अनुशंसित
मुख्य सूची
का क्र.
(1) (2) 2
1
(3) सुश्री, यास्मिन ज़हरा, सी 2 अनुमित इन्क्लेव , मैहर हाउस के पास , पचपेड़ी, सिविल लाईन, जबलपुर (म. प्र.) .
1046
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
( 2) उपरोक्त परिवीक्षाधीन अधिकारियों को परिवीक्षा अवधि में " संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण " प्रशासन अकादमी , भोपाल में प्राप्त कर परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा, अन्यथा सेवाएं समाप्त की जा सकेगी .
(3 ) नियुक्त अधिकारियों की परिवीक्षा अवधि , स्थाईकरण, वरिष्ठता , पदोन्नति आदि मध्यप्रदेश सिविल सेवा ( सेवा की सामान्य शर्तें ) नियम 1961 एवं मध्यप्रदेश पुलिस कार्यपालिक ( राजपत्रित ) सेवा भर्ती तथा पदोन्नति नियम, 2000 से शासित होगी. सेवा संबंधी अन्य मुद्दे शासन के वर्तमान नियमों तथा भविष्य में बनाए जाने वाले नियमों/ निर्देशों के अन्तर्गत निराकृत किये जायेंगे .
(4 ) नियुक्त अधिकारियों की सेवाएं किसी भी समय एक माह की सूचना अथवा उसके एवज में एक माह का वेतन तथा भत्ते देकर बिना कारण बताए समाप्त की जा सकती है. इसी प्रकार यदि वे अपने पद से त्याग- पत्र देकर शासकीय सेवा छोड़ना चाहें तो उन्हें भी एक माह का नोटिस देना आवश्यक होगा. एक माह पूर्व सूचना न देने की स्थिति में एक माह का वेतन व अन्य भत्ते जो वह उस समय प्राप्त कर रहे होंगे , नगद जमा करना होगा अन्यथा उक्त रकम राजस्व की बकाया की भांति उसने वसूल की जावेगी .
( 5 ) राज्य शासन के अधीन दिनांक 1 जनवरी 2005 अथवा इसके बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को परिभाषित अंशदान पेंशन योजना लागू होगी .
( 6 ) नियुक्त अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत की गई जानकारी असत्य पाये जाने पर सेवायें बिना किसी सूचना के तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जावेगी . उनके द्वारा इस संबंध में प्रस्तुत कोई भी दावा मान्य नहीं होगा.
(7) परिवीक्षाधीन अधिकारियों को कार्यभार ग्रहण करने के पूर्व एक " बॉण्ड " शासन के पक्ष में निष्पादित करना होगा कि परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण न करने की दशा में अथवा प्रशिक्षण अवधि में सेवा छोड़ने पर उनकी परिवीक्षा अवधि में शासन द्वारा खर्च की गई राशि जिसमें वेतन भत्ते, यात्रा भत्ते एवं अन्य अग्रिम व्यय राशि शामिल होंगे, की वापसी के लिये उत्तरदायी रहेगा. जिसकी पूर्ति कर जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी सागर में कार्यभार ग्रहण करने वाले अधिकारी को अपनी उपस्थिति के समय प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा.
( 8 ) नवनियुक्त अधिकारी पूर्व में शासकीय , अर्द्धशासकीय सेवा में सेवारत है , तो उन्हें अपने नियोक्ता का अनापत्ति प्रमाण- पत्र, अजांच एवं अमांग प्रमाण- पत्र शासन को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा, अन्यथा उन्हें कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जावे.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
राजेश ओगरे , अवर सचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 11 मार्च , 2011
क्र. 1091 - इक्कीस अ ( स्था. ) .- राज्य शासन श्रीमती क्षिप्रा देशमुख अनुभाग अधिकारी को सहायक प्रारूपकार सह अवर सचिव (प्रारूपण ) के पद पर पदोन्नति हेतु प्रावधानित पांच वर्ष की सेवा अवधि में शेष रही अवधि की सेवा में छूट प्रदान करते हुए नीचे अंकित शर्त के अधीन उन्हें अस्थायी रूप से आगामी आदेश होने तक स्थानापन्न रूप में सहायक प्रारूपकार सह अवर सचिव के पद पर पुनरीक्षित वेतन बैण्ड रुपये 15600-39100 +ग्रेड पे 6600 में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदोन्नत करता है.
क्र. 1092- इक्कीस-अ ( स्था. ) .- राज्य शासन कु. प्रीतेश्वरी तिवारी , सहायक संचालक को सहायक प्रारूपकार सह अवर सचिव (विधीक्षा अंग्रेजी/ हिन्दी ) के पद पर पदोन्नति हेतु प्रावधानित पांच वर्ष की सेवा अवधि में शेष रही अवधि की सेवा में छूट प्रदान करते हुए नीचे अंकित शर्त के अधीन उन्हें अस्थायी रूप से आगामी आदेश होने तक स्थानापन्न रूप में सहायक प्रारूपकार सह अवर सचिव के पद पर पुनरीक्षित वेतन बैण्ड रुपये 15600- 39100+ ग्रेड पे 6600 में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदोन्नत करता है.
शर्त.-
" उपरोक्त दोनों अधिकारियों को आगामी एक वर्ष में जब भी भारत सरकार विधि मंत्रालय , नई दिल्ली द्वारा संचालित विधायी प्रारूपण प्रशिक्षण आयोजित हो , तब दोनों अधिकारी अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे , कम्प्यूटर प्रशिक्षण पास करने का प्रमाण- पत्र भी प्रस्तुत करेंगे अन्यथा पदोन्नति आदेश निरस्त कर मूल पद पर प्रत्यावर्तित किया जा सकेगा. "
" प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त पदों के संबंध में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिये आरक्षण संबंधी आदेशों एवं नियमों का पालन किया गया है . "
भोपाल, दिनांक 14 मार्च, 2011
क्र. फा. 3 ( बी ) 1-2010- इक्कीस- ब- ( एक ) .- ( मेरिट क्र. -4 ) राज्य शासन , श्री विश्व दीपक तिवारी , पुत्र श्री जयनाथ प्रसाद तिवारी को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा में अथवा अन्य आदेश होने तक अस्थायी रूप से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700- 770-33090-920-40450-1080-44470 में एतद्वारा , नियुक्त करता है.
अभ्यर्थी का गृह जिला प्रतापगढ़ ( उ. प्र. ) है . उसकी जन्मतिथि 3 अक्टूबर, 1979 है .
भाग 1 ]
1047
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
क्र . फा. 3 ( बी ) 1-2010- इक्कीस- ब- ( एक ) .- ( मेरिट क्र. - 5 ) राज्य शासन , श्री कुसुम हर चक्रवर्ती, पुत्र श्री हरप्रसाद चक्रवर्ती को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा में अथवा अन्य आदेश होने तक अस्थायी रूप से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090- 920-40450-1080-44470 में एतद्वारा , नियुक्त करता है .
अभ्यर्थी का गृह जिला ई. सिंघभूम , ( झारखंड ) है . उसकी जन्मतिथि 16 सितम्बर, 1986 है.
क्र. फा. 3 ( बी ) 1-2010- इक्कीस- ब- ( एक ) .- ( मेरिट क्र. - 25 ) राज्य शासन, श्री अजय कुमार यदु, पुत्र श्री बलीराम यदु को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 (प्रवेश स्तर) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा में अथवा अन्य आदेश होने तक अस्थायी रूप से , उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090-920- 40450-1080-44470 में एतद्वारा , नियुक्त करता है.
अभ्यर्थी का गृह जिला रायपुर ( छत्तीसगढ़ ) है . उसकी जन्मतिथि 18 मार्च, 1980 है .
भोपाल , दिनांक 11 मार्च, 2011
फा. क्रमांक 17 ( ई ) -515-2008- इक्कीस- ब- दो.- मध्यप्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण नियम, 1996 के नियम 3 ( 2 ) के खण्ड (जे ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति के परामर्श से श्री जी. के. शर्मा, जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , उज्जैन को कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से दो वर्ष की कालावधि के लिये म. प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पदेन सदस्य के रूप में नामनिर्दिष्ट करता है.
F. No. 17 (E) 515-2008 - ΧΧΙ - B ( Two) .-- In exercise of the power conferred by clause ( J) of rule 3 (2) of the Legal Services Authorities , Act , 1996 , the State Government in consultation with the Chief Justice of Madhya Pradesh High Court , hereby , nominate Shri G. K. Sharma District Judge and Chairman , District Legal Services Authorities Ujjain , Ex Officio Member of the Madhya Pradesh State Legal Services Authorities for a period of two years with effect from the date assume charge .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव.
विभाग प्रमुखों के आदेश
कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , सिंगरौली , मध्यप्रदेश
सिंगरौली, दिनांक 4 मार्च 2011
क्र. 137- आर. डी. एम. 2011.- पुलिस अधीक्षक, सिंगरौली द्वारा , मध्यप्रदेश शासन, गृह ( पुलिस ) विभाग , मंत्रालय , भोपाल के पत्र क्रमांक- एफ-2 ( क) -9-08- बी- 3- दो, भोपाल, दिनांक 30 जुलाई, 2010 के अनुक्रम में वर्तमान पुलिस थाना बरगवां के ग्राम बगैया, खोखवा, मटिहनी , पथरकटी, पेड़रिया, बसनिया, जमतिहवा, कपुरदेई, सकेती , गुलरिहा को वर्तमान थाना क्षेत्र से विलोपित किया जाकर, पुलिस थाना चितरंगी में सम्मिलित किये जाने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है. प्रस्तुत प्रस्ताव जिला स्तरीय समिति की बैठक दिनांक 3 मार्च 2011 के द्वारा अनुमोदित किया गया है.
2. अतएव , दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 2 के खण्ड- एस द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये वर्तमान पुलिस थाना बरगवां के ग्राम बगैया , खोखवा , मटिहनी , पथरकटी, पेड़रिया, बसनिया, जमतिहवा, कपुरदेई, सकेती , गुलरिहा को वर्तमान थाना क्षेत्र से विलोपित किया जाकर नवीन पुलिस थाना क्षेत्र चितरंगी, जिला सिंगरौली में सम्मिलित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि, जिला दण्डाधिकारी.
कार्यालय, जिला मजिस्ट्रेट, जिला गुना, मध्यप्रदेश गुना, दिनांक 9 मार्च 2011
क्र. 79 - एस . डब्ल्यू.-9-20-01-2011.- गुना जिले के थानों में आने वाले ग्रामों की संलग्नता पर जिलास्तरीय समिति की बैठक में विचार करते हुये पुलिस अधीक्षक, गुना द्वारा क्षेत्रवासियों की सुगमता एवं परेशानियों, प्रशासकीय कार्य सुविधा को देखते हुये वर्तमान में थानान्तर्गत आने वाले ग्रामों की स्थिति को ध्यान में रखकर प्रस्तुत प्रस्ताव पर दिनांक 9 मार्च , 2011 को समिति द्वारा अनुमोदन किया गया है.
मध्यप्रदेश शासन , गृह विभाग , भोपाल के परिपत्र क्रमांक - एफ 2क- 15-99- बी- 1- दो, दिनांक 11 अक्टूबर 2004 से शासन द्वारा जिले के थानों एवं चौकियों के सीमा निर्धारण के लिये जिला मजिस्ट्रेट को दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत् शासन की प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये नीचे उल्लेखित अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में उल्लेखित ग्रामों को उसके सामने दर्शाये कालम ( 3 ) में उल्लेख पुलिस थाने से संबंद्ध किये जाने के आदेश दिये जाते हैं : - क्रमांक
ग्राम एवं थाना जहाँ वर्तमान में ग्राम संबंद्ध
नवीन थाना जहाँ ग्राम को संबंद्ध किया गया (3) विशनखेड़ा- आरोन (1) (2) 1. विशनखेड़ा- राघोगढ़ 1048
(1)
(2)
(3)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
[ भाग 1
पांडरा-आरोन
2. पांडरा -राघोगढ़
मरेठिया- आरोन
3. मरेठिया- राघोगढ़
चीकटा- आरोन
4. चीकटा-राघोगढ़
चटाईहार- आरोन
5. चटाईहार- राघोगढ़
वोडीसर-आरोन
6. वोडीसर-राघोगढ़
7. सावनभादो-राघोगढ़
सावनभादो-आरोन
खेडलीडांग- आरोन
8. खेडलीडांग - राघोगढ़
उपरोक्तानुसार जिले के अन्दर थानों की सीमा निर्धारण परिवर्तन की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होने की दिनांक से लागू होगी.
मुकेश चन्द गुप्ता, जिला दण्डाधिकारी.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन " 58 , अरेरा हिल्स, भोपाल, मध्यप्रदेश भोपाल , दिनांक 14 मार्च 2011
आदेश
क्र. एफ. 67-173-10- तीन- 368.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत तरीचरकलां, जिला टीकमगढ़ के आम निर्वाचन में श्री कुम्हार- रामलाल, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के पत्र क्र. न.- नि./- व्यय लेखा- 10-406 दिनांक 29 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री कुम्हार- रामलाल द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री कुम्हार- रामलाल, को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 18 फरवरी 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के माध्यम से दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.
श्री कुम्हार रामलाल को नोटिस दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 24 मार्च , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. नोटिस की तामीली उपरांत कलेक्टर टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 18 मई 2010 में लेख किया कि " श्री कुम्हार रामलाल को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् उनके द्वारा इस कार्यालय में आज दिनांक तक व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है. उक्त अभ्यावेदन प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 20 जुलाई 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 12 अगस्त 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर टीकमगढ़ द्वारा दिनांक 11 अगस्त 2010 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए एवं ना ही उनके द्वारा कोई अभ्यावेदन ही प्रस्तुत किया गया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री कुम्हार रामलाल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) भाग 1 ]
1049
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(रजनी उइके )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
भोपाल, दिनांक 14 मार्च 2011
आदेश
क्र. एफ. 67-173-10-तीन- 369.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत तरीचरकलां, जिला टीकमगढ़ के आम निर्वाचन में सुश्री कोरी मीरा मैथली, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के पत्र क्र. न. - नि./- व्यय लेखा-10-406 दिनांक 29 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री कोरी मीरा मैथली द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री कोरी मीरा मैथली , को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 18 फरवरी 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के माध्यम से दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.
सुश्री कोरी मीरा मैथली को नोटिस दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 24 मार्च , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. नोटिस की तामीली उपरांत कलेक्टर टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 18 मई 2010 में लेख किया कि " सुश्री कोरी मीरा मैथली , को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् उनके द्वारा इस कार्यालय में आज दिनांक तक व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है " उक्त अभ्यावेदन प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 20 जुलाई 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 12 अगस्त 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर टीकमगढ़ द्वारा दिनांक 11 अगस्त 2010 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुई एवं ना ही उनके द्वारा कोई अभ्यावेदन ही प्रस्तुत किया गया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धोंके अन्तर्गत सुश्री कोरी मीरा मैथली को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-
( रजनी उइके ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
1050
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
भोपाल, दिनांक 14 मार्च 2011
आदेश
क्र. एफ. 67-173-10-तीन- 370.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत तरीचरकलां, जिला टीकमगढ़ के आम निर्वाचन में श्री अहिरवार वृषभान- धूराम, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, टीकमगढ़ के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, टीकमगढ़ के पत्र क्र. न. नि.-/व्यय लेखा-10-406 दिनांक 29 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री अहिरवार वृषभान - धूराम द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री अहिरवार वृषभान-धूराम, को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 18 फरवरी 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के माध्यम से दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.
श्री अहिरवार वृषभान- धूराम को नोटिस दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 24 मार्च , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया . नोटिस की तामीली उपरांत कलेक्टर टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 18 मई 2010 में लेख किया कि श्री अहिरवार वृषभान- धूराम को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् उनके द्वारा इस कार्यालय में आज दिनांक तक व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है उक्त अभ्यावेदन प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 20 जुलाई 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 12 अगस्त 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर टीकमगढ़ द्वारा दिनांक 11 अगस्त 2010 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए एवं ना ही उनके द्वारा कोई अभ्यावेदन ही प्रस्तुत किया गया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री अहिरवार वृषभान - धूराम को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-
(रजनी उइके )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
भोपाल, दिनांक 14 मार्च 2011
आदेश
क्र. एफ. 67-198-10- तीन- 372.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन भाग 1 ]
में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् देवरी जिला सागर के आम निर्वाचन में सुश्री गुलाबरानी/डॉ. बल्देव सिंह अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद् देवरी जिला सागर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सागर के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सागर के पत्र क्र. क- 754- स्था. निर्वा. 10 दिनांक 12 अप्रैल 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री गुलाबरानी/डॉ. बल्देव सिंह द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री गुलाबरानी/डॉ. बल्देव सिंह को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 26 अप्रैल 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, सागर के माध्यम से दिनांक 24 मई 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा .
सुश्री गुलाबरानी/डॉ. बल्देव सिंह को नोटिस दिनांक 24 मई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 8 जून , 2010
1051
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु अभ्यर्थी द्वारा दिनांक 20 जुलाई 2010 एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने लेख किया कि " निर्वाचन परिणाम की घोषणा होने के पश्चात् लगभग चार पांच दिन बाद ही मेरे पिता जी का स्वर्गवास हो गया जिनके दुख में दुखी मेरी माताजी का स्वास्थ्य अत्यधिक खराब हो गया जिनका इलाज काफी समय तक चलता रहा और ईलाज के चलते ही उनका भी स्वर्गवास हो गया. उक्त परिस्थितियों के कारण मैं व्यय लेखा जमा करना भूल गई ..." आयोग द्वारा कलेक्टर सागर से उक्त उभ्यावेदन में उल्लिखित तथ्यों के प्रमाण स्वरूप अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत अभिलेख एवं कलेक्टर सागर का अभिमत चाहा गया. कलेक्टर सागर ने अपने अभ्यावेदन दिनांक 29 नवम्बर 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी सुश्री गुलाबरानी द्वारा प्रस्तुत अपने अभ्यावेदन में उल्लिखित तथ्यों के संबंध में कोई प्रमाण स्वरूप अभिलेख प्रस्तुत नहीं किये हैं . कलेक्टर सागर से उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 13 जनवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 3 फरवरी 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना - पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर सागर द्वारा दिनांक 18 जनवरी 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री गुलाबरानी/डॉ. बल्देव सिंह को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद्, देवरी जिला सागर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (रजनी उइके ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल. भोपाल , दिनांक 14 मार्च 2011
आदेश
क्र. एफ. 67-198-10- तीन-373.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन 1052
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् देवरी, जिला सागर के आम निर्वाचन में श्रीमती रूकमणि/ अनंदीलाल अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद् देवरी, जिला सागर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सागर के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सागर के पत्र क्र. क 754- स्था. निर्वा. 10 दिनांक 12अप्रैल 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती रूकमणि/ अनंदीलाल द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती रूकमणि/ अनंदीलाल को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 26 अप्रैल 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सागर के माध्यम से दिनांक 24 मई 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
[ भाग 1 श्रीमती रूकमणि/ अनंदीलाल को नोटिस दिनांक 24 मई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 8 जून 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सागर ने अपने पत्र दिनांक 5 अगस्त 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्रीमती रूकमणि/ अनंदीलाल को दिए गए नोटिस की तामीली विधिवत कराई जाकर पावती प्राप्त की गई परन्तु उक्त संबंधित नोटिस का जवाब आज दिनांक तक अप्राप्त है . कलेक्टर सागर से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 13 जनवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 3 फरवरी 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली कलेक्टर सागर द्वारा दिनांक 18 जनवरी 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती रूकमणि/ अनंदीलाल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद्, देवरी , जिला सागर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार , हस्ता./- (रजनी उइके ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल. भोपाल , दिनांक 14 मार्च 2011
आदेश
क्र. एफ. 67-259-10-तीन-378.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके भाग 1 ]
निर्वाचन अभिकर्ता ने , नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत रामपुर बघेलान, जिला सतना के आम निर्वाचन में श्रीमती राजकुमारी कोल अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत रामपुर बघेलान, जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पत्र क्र. 594- स्था. निर्वा. न.पा.-09-10, दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती राजकुमारी कोल द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती राजकुमारी कोल को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 29 मार्च 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से तामील कराया गया जिसकी तामीलशुदा प्रति कलेक्टर सतना ने दिनांक 6 मई 2010 को आयोग को प्रेषित की. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
1053
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
श्रीमती राजकुमारी कोल को नोटिस दिनांक 6 मई 2010 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 21 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर, सतना ने अपने पत्र दिनांक 3 जून 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्रीमती राजकुमारी कोल ने नोटिस की तामीली की तारीख से 15 दिवस से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी कोई अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया. कलेक्टर, सतना से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 14 जनवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 4 फरवरी 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचनापत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा दिनांक 25 जनवरी 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कराण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती राजकुमारी कोल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत रामपुर बघेलान, जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
भोपाल, दिनांक 14 मार्च 2011 आदेश
क्र. एफ. 67-259-10- तीन- 379.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह 1054
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम - निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत रामपुर बघेलान, जिला सतना के आम निर्वाचन में श्रीमती सरोज त्रिपाठी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत रामपुर बघेलान, जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के पत्र क्र. 594/स्था. निर्वा./न.पा./09-10 , दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती सरोज त्रिपाठी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती सरोज त्रिपाठी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 29 मार्च 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 25 अप्रैल 2010 को कराई गई. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए
[ भाग 1 यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्रीमती सरोज त्रिपाठी को नोटिस दिनांक 25 अप्रैल 2010 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 8 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया . कलेक्टर, सतना ने अपने पत्र दिनांक 23 जुलाई 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी ने आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के परिप्रेक्ष्य में निर्धारित 15 दिवस की अवधि के उपरांत भी किसी प्रकार का अभ्यावेदन इस कार्यालय को प्रस्तुत नहीं किया. कलेक्टर, सतना से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 30 अगस्त 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 21 सितम्बर 2010 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र लिखा गया . व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा दिनांक 15 सितम्बर 2010 को कराई गई थी, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं .
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कराण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती सरोज त्रिपाठी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत रामपुर बघेलान , जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित कियाजाताहै .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- ( रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
भाग 1 ]
1055
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
कुक्षी, दिनांक 1 मार्च 2011
क्र. 241 - वाचक- प्र. क्र.- 3-अ- 82-2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: --
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में )
(3)
(2)
(1) धार
खण्डवा
(4) 21.878 कुक्षी
(पूरक
प्रकरण)
प.ह.न. 67
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 मनावर
(6) औंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर. डी. 161350 मी. व 162330 मी . से निकलने वाली डी.एम. 81 व 82 तथा वितरण नहर डी. व्हाय 18 निसरपुर व वितरण नहर टेल डी. व्हाय 19 व इसकी माईनर एम. आर. 1 से प्रभावित होने वाली भूमि हेतु.
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर एवं भू- अर्जन अधिकारी सरदार सरोवर परियोजना, कुक्षी एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 मनावर, जिला धार, के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.
धार, दिनांक 10 मार्च 2011
क्र. 2117- भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन ग्राम का नाम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (4) (1) धार
0.843
(3) लेडगांव
(2) सरदारपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 धार
(6) दोलतपुरा तालाब योजना में डूब से प्रभावित होने से.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , अनुविभाग सरदारपुर तथा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
1056
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
क्र. 2130 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील ग्राम का नाम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(1)
(3)
(4) धार
धार
52.235
पीथमपुर
86.089
अकोलिया
23.814
भोंडिया
योग : 162.138
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 )
(6)
(5)
महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र पीथमपुर जिला धार ( म. प्र. ) .
डी.एम.आय.सी. परियोजना अंतर्गत मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब पीथमपुर की स्थापना से प्रभावित होने से.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , अनुविभाग, धार तथा महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र पीथमपुर जिला धार ( म. प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खंडवा मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
खण्डवा, दिनांक 4 मार्च 2011
नस्ती क्र. 12-2011 - एलए भू- अर्जन-प्र. क्र. 24-अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उप धारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल
नगर/ग्राम
(हेक्टर में) (1) खण्डवा
(4) 1.54 (2) पुनासा
(3) धारकवाड़ी
अनुसूची
( 2 ) के
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदानगर.
पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा/कार्यपालन यंत्री नर्मदा निवकास संभाग-25 नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
नस्ती क्र. 11-2011 - एलए- भू- अर्जन प्र . क्र. 25-अ- 82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उप धारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे: -
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टर में) (1)
(2) (3) सातमोहनी
खण्डवा
(4) 1.13 पुनासा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25, नर्मदानगर .
पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -25 नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता हैं.
नस्ती क्र. 17-2011 - एलए - भू- अर्जन- प्र. क्र. 26-अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उप धारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टर में) (1)
(2)
खण्डवा
(3) खैगांव
(4) 2.05 पुनासा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -25 , नर्मदानगर.
पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता हैं .
नस्ती क्र . 14-2011 - एलए- भू- अर्जन प्र. क्र.- 27-अ- 82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी 1058
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उप धारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे: -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(4) (1)
(3)
खण्डवा
2.81 पुनासा हरड़ी
(2
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदानगर .
(6) पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
नस्ती क्र. 15-2011 - एलए भू- अर्जन-प्र. क्र. 28-अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उप धारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल तहसील
जिला
नगर/ग्राम
(हेक्टर में) (2)
(1)
खण्डवा
(4) 3.040
(3) बीड़
पुनासा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदानगर.
पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, खण्डवा/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
नस्ती क्र. 16-2011 - एलए- भू-अर्जन-प्र. क्र. 29-अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उप धारा (4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे: -
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) खण्डवा
(4) 1.31
(3) पालसूदमाल
(2) पुनासा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदानगर.
पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु .
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, खण्डवा/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता हैं .
भाग 1 ]
1059
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
नस्ती क्र. 13-2011 - एलए- भू-अर्जन- प्र. क्र. 30-अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-
अनुसूची
तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) 2.37 (1) खण्डवा
(3) फिफरिया
(2) पुनासा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5) कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -25 , नर्मदानगर.
पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
खण्डवा , दिनांक 8 मार्च 2011
नस्ती क्र. 25-2011 - एलए भू-अर्जन-प्र. क्र. 31-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
जिला
(3) रिजगांव
(1) खण्डवा
(2) खण्डवा
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 2.07
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -25 , नर्मदानगर.
(6) पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
नस्ती क्र. 24-2011 - एलए भू- अर्जन प्र. क्र. 32-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 1.32 (1) खण्डवा
(2) खण्डवा
(3) रनगांव
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -25 , नर्मदानगर. (5)
पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, खण्डवा/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -25 नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
1060
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
नस्ती क्र. 23-2011 - एलए भू- अर्जन-प्र. क्र. 33-अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उप धारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगें:-
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
(1) खण्डवा
(2) खण्डवा
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 0.14
(3) खुटफल
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25, नर्मदानगर .
(6) पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला मण्डला, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
मण्डला, दिनांक 10 मार्च 2011
क्र. भू- अर्जन-01 .-( अ -82 ) 2010-11-33 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्ति को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) तथा 17 ( 4 )के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-
जिला
भूमि का वर्णन तहसील ग्राम एवं प.ह.न. लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) 0.820 (1) मण्डला
मण्डला (2)
(3) महाराजपुर प.ह.नं. 18
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 (2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5) मुख्य नगरपालिका अधिकारी , नगरपालिका परिषद, मण्डला.
(6) नर्मदा बंजर नदी के संगम पर मेला स्थल के विस्तार तथा सड़क चौड़ीकरण हेतु.
(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय कलेक्टर मण्डला में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1061
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
भाग 1 ]
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रायसेन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रायसेन, दिनांक 11 मार्च 2011
प्र. क्र. 2219-10-11 - प्र. क्र. - 17 - अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इससे, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
धारा 4 की उपधारा ( 2 )
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन खसरा नं.
ग्राम
जिला तहसील
कुल रकबा
अर्जित किया द्वारा प्राधिकृत अधिकारी गया रकबा (हे. में. )
(6)
(5)
(1) (2) (3)
(4)
नहर निर्माण कार्य रायसेन मउपथरई
रायसेन
0.809 1.012
0.094 0.084
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग रायसेन.
26/2 26/1
योजना
सुण्ड
सिंचाई ग्राम उर्फ
अजायवनगर
0.178
योग .. 1.821
0.272
0.130
29/1
0.963
28/1
0.044
25/2
0.797
0.064
0.982
18
0.313
1.716
0.066
17
25/1
0.801
0.067
1.230
0.033
19/1
1.230
0.054
19/2
0.066
19/3
1.231
11.043
योग
1.015
भूमि का नक्शा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग रायसेन के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मोहन लाल मीणा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सतना , दिनांक 11 मार्च 2011
भू-अर्जन- प्र. क्र. एफ. - 11- पत्र क्र. 789- भू-अर्जन- 11.- चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के उपबंधों 1062
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
अर्जनीय रकबा (हेक्टर में) लगभग (1) (2)
(4)
(3)
नरवारकला
सतना मैहर
2.344 भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है .
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
नरवार तालाब योजनांतर्गत नहर निर्माण कार्य हेतु.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन , सर्वेक्षण संभाग रीवा , म. प्र.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुखबीर सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
झाबुआ, दिनांक 11 मार्च 2011
क्र.-627 - भू- अर्जन- 2010- रा.प्र.क्र. अ-82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(4) (1)
(3)
0.983
बामनिया
झाबुआ पेटलावद
0.983
योग .
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
लाड़की बेराज निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन, संभाग क्र.01 झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
झाबुआ, दिनांक 14 मार्च 2011
क्र.-658 - भू- अर्जन- 2010- रा.प्र.क्र. अ-82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में भाग 1 ]
1063
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)
(3)
(4)
छायन पश्चिम
0.98 झाबुआ पेटलावद
योग
0.98
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
लाड़की बेराज निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन, संभाग क्र.01 झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. - 640 - भू- अर्जन- 2010- रा.प्र.क्र. अ- 82-10-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2)
(3)
(4)
बोलासा
2.64 झाबुआ पेटलावद
योग .. 2.64
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला झाबुआ.
माही परियोजना की बोलासा सब - माईनर नहर के निर्माण हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. - 642 - भू- अर्जन- 2010 - रा.प्र.क्र. - अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)
(3)
(4)
सारंगी
1.70 झाबुआ पेटलावद
1.70
योग .
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला झाबुआ.
माही परियोजना की सारंगी माईनर नं. 2 नहर के निर्माण हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
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[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
क्र. - 644 - भू- अर्जन- 2010 - रा.प्र.क्र. - अ- 82-10-11 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
ग्राम
तहसील
जिला
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टर में)
(3)
(2)
(1)
(4)
बोलासा
0.29 झाबुआ पेटलावद
योग .. 0.29
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन द्वारा प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 )
(6)
(5) कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला झाबुआ.
माही परियोजना की सारंगी माईनर नहर क्र. 2 नहर के निर्माण हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र.-646- भू-अर्जन-2010 - रा.प्र.क्र.- अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टर में) (4) (1) (2)
(3)
0.51
सारंगी
पेटलावद
झाबुआ
योग .. 0.51
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
माही परियोजना की सारंगी सब - माईनर नहर के निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग, पेटलावद, जिला झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. - 648 - भू- अर्जन- 2010 - रा.प्र.क्र.- अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टर में)
(4) 0.82
(3) बोलासा
(1) (2) झाबुआ पेटलावद
योग . 0.82
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) माही परियोजना की सारंगी सब- माईनरनहर के निर्माण हेतु.
(5) कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग, पेटलावद, जिला झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
भाग 1 ]
1065
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
क्र. - 650 - भू- अर्जन- 2010 - रा.प्र.क्र. - अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टर में) (2)
(4) (1)
(3)
1.87 झाबुआ पेटलावद भाभरापाड़ा
योग .. 1.87
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
माही परियोजना की सारंगी सब- माईनर क्र. 1 नहर के निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र.-652 - भू- अर्जन- 2010 - रा.प्र.क्र. अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
(1) (2)
(3)
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टर में) (4)
सारंगी
1.02 झाबुआ पेटलावद
योग .. 4.02
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
माही परियोजना की सारंगी माईनर नहर क्र . 1 के निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र.-654- भू- अर्जन- 2010- रा.प्र.क्र. अ-82-10-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टर में) (1) (2)
(3) बोलासा
(4) 4.35 झाबुआ पेटलावद
योग . 4.35
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) माही परियोजना की बोलासा माईनर नहर के हेतु निर्माण.
(5) कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग, पेटलावद, जिला झाबुआ.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
1066
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
क्र. - 656 - भू- अर्जन- 2010-11 - रा.प्र.क्र.-अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
क्षेत्रफल भूमि (हेक्टर में)
(4) (2)
1.34
(3) अमरहोली
(1) झाबुआ पेटलावद
योग 1.34
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला झाबुआ ( म. प्र. )
माही परियोजना की सारंगी माईनर नहर क्र . 2 के निर्माण हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शोभित जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला इन्दौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
इन्दौर, दिनांक 14 मार्च 2011
क्र. 9 - भू- अर्जन - देपालपुर -2011 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)
(3)
(1) (2)
कालीबिल्लौद
434.259 देपालपुर
इन्दौर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
(6)
धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, इंदौर.
नवीन बेटमा-पीथमपुर इण्डस्ट्रियल क्लस्टर हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , तहसील देपालपुर, जिला इंदौर के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 11 - भू- अर्जन- देपालपुर -2011 .- चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को भाग 1 ]
1067
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(3)
(4)
रणमल बिल्लौद 223.448 इन्दौर देपालपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 (2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, इंदौर.
नवीन बेटमा-पीथमपुर इण्डस्ट्रियल क्लस्टर हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , तहसील देपालपुर , जिला इंदौर के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 13 - भू-अर्जन- देपालपुर - 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (1) (2)
(4)
82.776
(3) सलमपुर
इन्दौर देपालपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 (2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, इंदौर.
नवीन बेटमा -पीथमपुर इण्डस्ट्रियल क्लस्टर हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , तहसील देपालपुर, जिला इंदौर के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 15 - भू-अर्जन- देपालपुर- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल
नगर/ग्राम
(हे. में) (1) (2)
(3)
(4)
64.147 इन्दौर देपालपुर अम्बापुर
अनुसूची
धारा 4 ( 2 ) के
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं
उद्योग केन्द्र, इंदौर.
नवीन बेटमा- पीथमपुर इण्डस्ट्रियल क्लस्टर हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , तहसील देपालपुर, जिला इंदौर के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , राघवेन्द्र सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1068
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना , जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 14 मार्च 2011
क्र. 320 - भू-अर्जन- 07-08.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(3)
(1) रीवा सिरमौर रौरा पवाई
(4) 0.082
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग, रीवा.
(6) बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली क्योटी नहर मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 322 - भू- अर्जन - 07-08.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है , राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते है: -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (2)
(1) रीवा सिरमौर
(3) रौरा कोठार
(4) 0.023
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा.
(6) बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली क्योटी नहर मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
1069 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
क्र. 324 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती हैं. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
नगर/ग्राम
(1) (2) रीवा सिरमौर/मनगवां
(3) देवरा
अर्जित क्षेत्रफल लगभग ( हेक्टर में) (4) 0.486
धारा 4 ( 2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , रीवा.
(6) बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली क्योटी मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 326 - भू- अर्जन - 07-08.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती हैं. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
नगर/ग्राम
(2)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 0.070
(1) रीवा सिरमौर
(3) कठेरी
धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत संभाग , रीवा. प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर
(6) बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली क्योटी नहर मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
1070
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपरसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सागर, दिनांक 15 मार्च 2011
प्र. क्र. 2073 -अ-प्र.भू.अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल ख. नं. कुल
रकबा
(हे. में. ) (1) सागर
(3) कैंकरा
05 (4) 0.18 (2) गढ़ाकोटा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5) संभागीय प्रबंधक म. प्र. रोड डेव्लपमेण्ट कार्पोरेशन लिमिटेड सागर.
(6) बी.ओ.टी. योजनांतर्गत सागर- दमोह मार्ग राजमार्ग क्रं. 42 ग्राम कैंकरा , 1 सागर- दमोह मार्ग ( राजमार्ग क्रं. 14 ) के उन्नयन हेतु कृषकों के निजी भूमि का भू-अर्जन.
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी महोदय रहली के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 2074-अ- प्र.भू. अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल ख. नं. कुल रकबा (हे. में. ) (1) सागर
07 (4) 0.18
(3) रोन
(2) गढ़ाकोटा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5) संभागीय प्रबंधक म. प्र. रोड डेव्लपमेण्ट कार्पोरेशन लिमिटेड सागर.
(6) बी.ओ.टी. योजनांतर्गत सागर- दमोह मार्ग राजमार्ग क्रं. 42 ग्राम रोन. 1 सागर- दमोह मार्ग ( राजमार्ग क्रं . 14 ) के उन्नयन हेतु कृषकों के निजी भूमि का भू-अर्जन.
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी महोदय रहली के कार्यालय में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
1071
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
सागर, दिनांक 16 मार्च 2011
प्र. क्र. 2110 -अ- प्र.भू. अर्जन- 2010-11 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल ख. नं. कुल रकबा (हे. में. ) (2)
(3)
(4) (1)
1.152 सागर
8
गढ़ाकोटा गढ़ाकोटा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
संभागीय प्रबंधक म. प्र . रोड डेव्लपमेण्ट कार्पोरेशन लिमिटेड सागर.
बी.ओ.टी. योजनांतर्गत सागर- दमोह मार्ग राजमार्ग क्रं. 42 ग्राम गढ़ाकोटा/सागर- दमोह मार्ग ( राजमार्ग क्रं . 14 ) के उन्नयन हेतु कृषकों के निजी भूमि का भू-अर्जन.
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी महोदय रहली के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 2111 -अ- प्र.भू.-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
जिला
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
ख. नं.
लगभग क्षेत्रफल कुल रकबा (हे. में. )
(3) परासिया
(4) 04 0.36 (1) सागर
(2) गढ़ाकोटा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5) महाप्रबंधक म. प्र . रोड डेव्लपमेण्ट कार्पोरेशन लिमिटेड सागर.
बी.ओ.टी. योजनांतर्गत सागर- दमोह मार्ग राजमार्ग क्रं. 42 ग्राम चनौआ, परासिया सागर- दमोह मार्ग ( राजमार्ग क्रं. 14) के उन्नयन हेतु कृषकों के निजी भूमि का भू- अर्जन .
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी महोदय रहली के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनीष श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
1072
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला मन्दसौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
मंदसौर , दिनांक 16 मार्च 2011
क्र.- भू- अर्जन- प्र. क्र.- 04-अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)
मंदसौर
(4) 0.142
(3) नावली
(2) भानपुरा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
श्रीनगर तालाब से नहर योजना (5) कार्यपालन यंत्री, जल संशाधन विभाग गांधीसागर
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान) निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महेन्द्र ज्ञानी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
खरगौन , दिनांक 11 मार्च 2011
क्र. 399 - भू- अर्जन -11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 ( क) , के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह 17 (4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते है.
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) खरगोन
(4) 34.603 (2) कसरावद
(3) भट्याण बुजूर्ग
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. मण्डलेश्वर
(6) डूब प्रभावितों के पुर्नबसाहट हेतु.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) ( 1 ) कलेक्टर जिला खरगोन, ( 2) भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर, खरगोन ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल -1 ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना, म.प्र.रा.वि. मण्डल मण्डलेश्वर, ( 4 ) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
1073 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
क्र. 394- भू-अर्जन-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
जिला तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
वर्गमीटर में
(2)
(1)
(3)
(4)
(5)
(6) खरगोन कसरावद अमलाथा एफ.आर.एल. में डूब प्रभावित भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां-
महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. मण्डलेश्वर.
महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.
1. आबादी भूमि-2210
एफ.आर.एल. में डूब प्रभावित भूमि पर स्थित परिसंपत्तियां- 1. शासकीय भूमि-5100 2. निजी कृषि भूमि-700 एफ.आर.एल. /एम.डब्ल्यू में डूब प्रभावित भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां- 1. आबादी भूमि-32750 एफ.आर.एल. /एम.डब्ल्यू में डूब प्रभावित भूमि पर उस पर स्थित परिसंपत्तियां- 1. शासकीय भूमि-200 2. निजी कृषि भूमि-12140 योग- आबादी भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां-34960 योग-शासकीय एवं निजी कृषि भूमि पर स्थित परिसंपत्तियां-18140
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) ( 1 ) कलेक्टर जिला खरगोन, ( 2 ) भू-अर्जन अधिकारी, महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर, खरगोन ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल-1 ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना, म.प्र.रा.वि.मण्डल मण्डलेश्वर, ( 4 ) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1074
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दतिया, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दतिया, दिनांक 23 फरवरी 2011
क्र. 5 - अ -82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- दतिया
(ख) तहसील - दतिया
(ग ) ग्राम- पचोखरा
(घ) अर्जित क्षेत्रफल-4.94 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
34
0.13
51
0.01
52
0.11
55
0.07
0.01
56
57
0.20
0.02
59
65
0.02
66
0.06
68
0.08
251
0.01
252
0.16
253
0.01
254
0.16
267
0.15
268
0.02
269
0.06
527
0.03
528
0.20
(1)
(2)
0.06
530
0.02
531
536
0.02
537
0.03
0.11
539
540
0.08
543
0.12
0.04
544
0.07
550
563
0.13
0.17
564
575
0.06
720
0.19
721
0.03
0.01
724
0.11
725
726
0.10
730
0.01
731
0.17
0.05
738
739
0.34
0.02
749
750
0.03
0.16
751
757
0.09
0.07
758
760
0.14
1121
0.02
1123
0.21
1124
0.01
1131
0.20
0.01
1132
0.15
1134
0.18
1137
0.08
69/1
69/2
0.08
69/3
0.06
योग : 4.94
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन की आवश्यकता है.- सिंध परियोजना आर. बी. सी. की ( महुअर नदी पश्चात्) मुख्य नहर की डी-9 की शाखा आर. एम. 12 एवं आर . एम. 13 , नहर के निर्माण हेतु.
भाग 1 ]
1075
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी, भू- अर्जन शाखा , कलेक्ट्रेट , दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 6 - अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- दतिया
(ख) तहसील - दतिया
(ग ) ग्राम- सीतापुर
(घ) अर्जित क्षेत्रफल- 1.59 हेक्टेयर .
खसरा नंबर
रकबा
(हेक्टेयर में)
(1)
(2)
1
0.01
2
0.27
3
0.07
5
0.15
6
0.26
0.05
8
0.01
9
10
0.15
11
0.01
18
0.07
20
0.19
21
0.26
55
0.09 योग : 1.59
(2) सार्वजनिक प्रयोजन की आवश्यकता है. सिंध परियोजना आर. बी. सी. की ( महुअर नदी पश्चात्) मुख्य नहर की डी-9 की शाखा आर. एम. 2 शाखा नहर के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , भू-अर्जन शाखा , कलेक्ट्रेट , दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 7- अ- 82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- दतिया
(ख) तहसील- दतिया
(ग) ग्राम - तरउआ
(घ) अर्जित क्षेत्रफल-1.20 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
0.39
1
0.32
3
5
0.18
12
0.02
13
0.29
योग : 1.20
(2) सार्वजनिक प्रयोजन की आवश्यकता है. सिंध परियोजना आर. बी. सी. की ( महुअर नदी पश्चात्) मुख्य नहर की डी-9 की शाखा आर. एम. - 2 नहर के निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी, भू- अर्जन शाखा, कलेक्ट्रेट , दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.
दतिया, दिनांक 1 मार्च 2011
क्र. 12- अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके 1076
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- दतिया
(ख) तहसील - दतिया
(ग) ग्राम- बरगांय
(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.72 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
46
0.14
0.27
49
53
0.29
58
0.07
59
0.08
60
0.06
62
0.01
64
0.11
65
0.26
84
0.02
85
0.16
86
0.11
87
0.28
88
0.31
92
0.18
93
0.02
94
0.20
95
0.14
96
0.27
0.31
97
98
0.01
0.06
258 मिन
259 मिन
0.14
264
0.01
267
0.03
268
0.19
315
0.03
317
0.20
318
0.04
326 मिन
0.01
(2)
(1)
0.01
327 मिन
328
0.30
330
0.18
338/1
0.14
338/2
0.03
0.10
338/3
340/1
0.17
340/2
0.07
0.07
341
0.17
344
463मिन
0.08
464
0.13
465
0.02
0.24
1205 मिन
योग : 5.72
(2) सार्वजनिक प्रयोजन की आवश्यकता है . सिंध परियोजना आर. बी. सी. की ( महुअर नदी पश्चात्) मुख्य नहर की डी-9 की शाखा एल एम. - 1 , आर. एम. 2 , एवं एल.एम. 1 की उप शाखा आर. 1 नहर के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , भू-अर्जन शाखा, कलेक्ट्रेट , दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जयश्री कियावत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग शाजापुर , दिनांक 3 मार्च 2011
क्र. भू-अर्जन- 2011-55.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन –
(क) जिला- शाजापुर भाग 1 ]
1077
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
(ख) तहसील- आगर
क्षेत्रफल जो अर्जन होना है भूमि सर्वे
नम्बर
(हेक्टेयर में)
(2) (1)
ग्राम- बिजनाखेड़ी निजी भूमि
16/1/1
2.09 16/2
0.50 16/3
0.50 19/1
1.04
1.05 19/2
20
0.74
योग .. 5.92 ग्राम कण्डारी -निजी भूमि
68/1
0.16 68/2
0.16 69
0.32
योग .. 0.64 ग्राम ऊँचवास- निजी भूमि
निरंक
योग .. निरंक ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- कछालिया तालाब योजना के निर्माण हेतु बांध क्षेत्र डूब क्षेत्र एवं स्पील चेनल में संपादित होने वाली भूमि बाबत्.
नोट. - भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर जिला शाजापुर के कार्यालय में व भू-अर्जन अधिकारी , आगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सोनाली एन. वायंगणकर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग
खण्डवा, दिनांक 4 मार्च 2011
भू-अर्जन प्र.क्र. 01 -अ-82-10-11- नस्ती क्रमांक 277/2010 एलए, चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील-पुनासा
(ग) ग्राम- गोंडखेड़ा
( घ) अर्जित रकबा-2.48 हेक्टेयर.
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
0.03
39/3
37/1
0.05
0.13
119
0.11
37/2
120/1
0.14
79
0.01
81/3
0.05
105
0.05
38
0.09
37/3
0.07
18/2
0.06
0.05
104
0.09
158/3
32/1
0.01
106/2
0.20
30
0.01
32/2
0.10
0.03
155
158/1
0.16
158/2
0.10
156/1
0.08
82
0.14
0.01
10
31
0.19
107
0.12
44/1
0.33
157
0.07
योग .. 2.48 1078
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
( 3 ) भूमिका नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदा नगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन प्र.क्र. 2-अ-82-10-11- नस्ती क्रमांक 276/2010 एलए, चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम- उटावद
( घ ) अर्जित रकबा-2.79 हेक्टेयर.
खसरा
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
क्रमांक (1)
0.28
46
84
0.1
85
0.12
86
0.30
0.1
87
92
0.03
109
0.03
111
0.18
114
0.01
116
0.12
117
0.17
124/1
0.09
124/2
0.07
125/3
0.08
125/4
0.03
254
0.08
255
0.05
256
0.12
(1)
(2)
257
0.15
258
0.11
259
0.05
0.05
26
261
0.17
0.05
268
0.04
269/1
269/2
0.01
269/3
0.06
0.17
271/1
271/2
0.07
277
0.08
योग 2.79
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदा नगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन प्र.क्र. 3-अ-82-10-11- नस्ती क्रमांक 279/2010 एलए,.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम- बावड़िया
( घ ) अर्जित रकबा-2.52 हेक्टेयर.
खसरा
अर्जित रकबा
क्रमांक
(हेक्टेयर में)
(2)
(1)
3
0.01
0.02
220
231
0.12 भाग 1 ]
1079
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
(1)
(2)
221
0.09
8
0.10
5/2
0.03
359/2
0.06
222
0.09
359/1
0.06
360/1
0.07
284
0.08
275
0.15
223
0.09
285/2
0.03
286/2
0.06
4
0.19
233
0.08
234
0.05
10/2
0.04
283
0.01
361/1
0.13
361/2
0.11
232
0.01
235
0.02
17
0.21
5/1
0.06
6
0.04
13
0.07
11
0.24
360/2
0.05
282/2
0.08
282/1
0.07
2.52
योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदा नगर, जिला खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
एलए, भू-अर्जन प्र.क्र. 4 -अ-82-10-11- नस्ती क्रमांक 306/2010 चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम- केहलारी
(घ) अर्जित रकबा-7.73 हेक्टेयर.
खसरा
क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
(1)
0.10
93
190
0.08
0.03
94
0.21
95
192/2
0.08
0.07
193/3
193/1
0.12
205/2
0.04
205/3
0.07
0.01
209
0.26
210/4
0.12
268/1
268/2
0.07
0.11
269
0.09
315/1
315/2
0.06
321
0.09
322
0.07
323
0.08
325
0.17
326
0.09
324/3
0.04
415/2
0.16
0.08
415/3
416
0.20
571
0.10
417
0.12
431
0.14
547
0.04
0.01
548
554
0.03 1080
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
(1)
(2) 556
0.06 206
0.17 557
0.10 558
0.03 559/1
0.13 559/2
0.07 567
0.06 568
0.08 569
0.07
0.07 818/1
821
0.13 572
0.17 841/2
0.10
0.08 779/1
0.11 779/2
0.04 779/3
780/1
0.11
0.15 780/2
0.25 786/3
0.07 790/1
0.06 790/2
791
0.02 803/1
0.04
0.15 803/2
808/1
0.12
0.06 813/1
813/2
0.03
0.03 813/3
815
0.08 816
0.21 817
0.12 818/2
0.06 820
0.12 829
0.12
0.15 841/1
842/1
0.07 842/2
0.06
0.07 843/2
843/3
0.06 850/1
0.08 850/2
0.08 850/4
0.21
0.15 858/1
860/1
0.01
[भाग 1 (1)
(2)
860/2
0.07
866/1
0.13
866/2
0.10
867
0.18
0.05
874/2
874/3
0.05
7.73
योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदा नगर, जिला खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन प्र.क्र. 05-अ-82-10-11- नस्ती क्रमांक 278/2010 एलए .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख ) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम-केनूद
(घ ) अर्जित रकबा-1.90 हेक्टेयर.
खसरा
क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
187
0.11
188
0.12
0.16
189
0.01
218/1
218/2
0.08
0.05
219/1
219/2
0.04
0.05
221
224
0.11 भाग 1 ]
1081
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
(2)
(1)
227/1
0.15
227/2
0.01
274
0.12
275
0.01
279/2
0.18
297/1
0.12
298
0.10
0.08
303
304
0.09
305
0.07
306/1
0.04
306/2
0.08
307/1
0.08
307/2
0.04
1.90
योग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदाविकास संभाग क्रमांक 25, नर्मदानगर, जिला खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
भू-अर्जन प्र.क्र. 06-अ- 82-10-11- नस्ती क्रमांक 304/2010 एलए- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम- जलवा बुजुर्ग
(घ ) अर्जित रकबा-1.99 हेक्टेयर .
खसरा
अर्जित रकबा
क्रमांक
(हेक्टेयर में)
(2)
(1)
13/1
0.06
(2)
(1)
14/1
0.15
0.12
14/2
17
0.03
0.12
433/2
0.10
435
470/1
0.09
0.01
470/2
470/4
0.21
0.07
471
472
0.07
0.06
480/1
0.04
480/2
0.02
481
0.01
482
0.01
483
0.02
484/1
484/2
0.01
0.04
485/1
0.15
485/2
0.04
489
0.01
490
495
0.07
496/1
0.04
0.05
496/3
497
0.05
0.02
550
0.09
531/1
531/2
0.05
0.06
531/3
544
0.06
0.01
548
0.04
552
0.01
593
योग .. 1.99
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर , जिला खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
1082
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
भू-अर्जन प्र.क्र. 07-अ- 82-10-11- नस्ती क्रमांक 274/2010 एलए- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम- जलकुआ
( घ) अर्जित रकबा 0.34 हेक्टेयर .
खसरा क्रमांक (1)
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में ) (2)
46/5
0.5
3
0.18
48
0.04
50
0.07
योग . 0.34
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर, के कार्यालय में किया जा सकता है.
भू-अर्जन प्र.क्र. 08-अ- 82-10-11- नस्ती क्रमांक 305/2010 एलए- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख ) तहसील- पुनासा
[भाग 1 (ग) ग्राम- दैत
(घ ) अर्जित रकबा-2.51 हेक्टेयर.
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
(1)
0.10
23/1
0.09
23/2
25
0.06
0.01
27/1
0.08
27/2
27/3
0.11
30/2
0.05
31
0.31
67/1
0.08
0.18
68/1
0.05
69/1
69/2
0.09
0.05
70
71
0.12
75
0.06
76
0.06
0.10
77
81
0.03
82
0.08
0.08
83
0.03
84/3
134
0.04
0.12
136/1
136/2
0.09
155
0.03
156
0.06
165
0.11
0.01
171
172
0.02
174
0.04
175
0.03
0.03
176/1
176/2
0.01
177
0.02
178
0.03
0.05
215/2
योग . 2.51
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
भाग 1 ]
1083
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू- अर्जन प्र.क्र. 09-अ-82-10-11- नस्ती क्रमांक 303/2010 एलए . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख ) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम-कोदबार
(घ ) अर्जित रकबा 0.22 हेक्टेयर.
खसरा क्रमांक
(1)
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
99
0.03
101
0.04
103/1
0.01
105/1
0.07
105/2
0.07
योग .. 0.22
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25, नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
भू-अर्जन प्र.क्र. 12-अ- 82-10-11- नस्ती क्रमांक 324/2010 एलए . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम- चांदेल
(घ ) अर्जित रकबा 0.63 हेक्टेयर.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में ) (2)
खसरा क्रमांक (1)
76/1 76/3
0.40 0.23 योगग .. 0.63
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वृक्षारोपण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25, नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन प्र.क्र. 13-अ- 82-10-11-क्रमांक 326/2010 एलए .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम- भादलीखेड़ा
( घ ) अर्जित रकबा-1.48 हेक्टेयर.
खसरा
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
क्रमांक (1)
(2)
184/1
187/3
0.12 0.02 1084
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
(2)
(1)
193/1
0.63
311/2
0.10
311/5
0.32
313/1
0.29
योग .. 1.48
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है - पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वृक्षारोपण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन प्र.क्र. 14-अ-82-10-11- नस्ती क्रमांक 331/2010 एलए . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम-जामन्या
(घ ) अर्जित रकबा-1.76 हेक्टेयर.
खसरा क्रमांक (1)
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
62
0.04
181
0.06
182
0.05
183/2
0.08
194
0.15
0.01
195
197
0.09
201
0.48
205/1
0.16
205/2
0.01
206
0.10
(2)
(1)
0.09
659
660
0.10
0.16
661
662
0.08
0.10
663
योग .. 1.76
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन प्र. क्र. 15-अ-82-10-11- नस्ती क्रमांक 332/2010 एलए . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख ) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम-दोहद
(घ) अर्जित रकबा 0.98 हेक्टेयर.
खसरा क्रमांक (1)
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में ) (2)
25
0.05
0.07
26
0.06
29/2
30/2
0.06
31
0.08
32
0.07
0.08
33
39/2
0.17 भाग 1 ]
1085
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
(1)
(2)
46
0.05
47
0.03
48
0.06
67/4
0.01
67/5
0.07
114
0.06
302
0.06
0.98
योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
भू-अर्जन प्र.क्र. 17 -अ-82-10-11- नस्ती क्रमांक 325/2010 एलए . - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम- नगरीय ग्राम पुनासा
(घ ) अर्जित रकबा-3.510 हेक्टेयर.
खसरा क्रमांक (1)
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
20
0.030
21
0.100
22/1
0.370
23/5
0.110
23/6क
0.080
23/5क
0.100
23/5 कपै
0.050
25
0.280
(1)
(2)
0.060
26/2
57
0.100
65
0.090
0.080
66
67
0.230
68/3
0.020
68/4
0.040
68/5
0.110
0.120
73/1
76/1 पै
0.250
78
0.020
97
0.040
0.080
107/1
108/3
0.060
0.040
109/1
0.080
109/2
0.020
109/5
109/6
0.150
109/7ख
0.080
118/1
0.120
118/5
0.070
0.080
119/1 ख
119/1 च
0.030
119/3क
0.040
0.050
200/1
201/1
0.060
201/2
0.030
0.030
201/2क
201/2ख
0.030
201 / 2ग
0.030
201 /2घ
0.030
202/1
0.010
221/2क
0.090
221/2ख
0.020
3.510
योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर, जिला खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
1086
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
भू-अर्जन प्र.क्र. 18-अ-82-10-11- नस्ती क्रमांक 328/2010 एलए . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: --
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- खण्डवा
(ख ) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम- भिलाई
(घ ) अर्जित रकबा-1.01 हेक्टेयर.
खसरा
क्रमांक
(1)
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
80
0.14
89
0.14
90
0.12
91
0.03
0.05
93
96/1
0.03
96/2
0.02
97
0.05
0.05
98
104/1
0.09
104/2
0.08
0.09
105/1
105/2
0.08
0.04
105/3
योग . 1.01
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन प्र.क्र. 19 -अ-82-10-11- नस्ती क्रमांक 330/2010 एलए .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
( क) जिला- खण्डवा
(ख ) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम- फेफरिया कला
(घ) अर्जित रकबा 0.61 हेक्टेयर.
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
277
0.07
0.27
278
279/1
0.10
279/2
0.03
279/3
0.03
0.03
279/4
0.05
279/8
293/1
0.01
293/2
0.02
0.61 योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन प्र.क्र. 20-अ-82-10-11- नस्ती क्रमांक 329/2010 एल . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील-पुनासा भाग 1 ]
1087
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
(ग ) ग्राम- मोहन्याखुर्द
(घ ) अर्जित रकबा 0.52 हेक्टेयर.
खसरा
क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
(1)
(2)
10/4
0.01
11
0.17
19/1
0.10
19/2
0.08
21/1
0.05
21/2
0.05
22/1
0.05
0.01
योग .. 0.52
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन प्र.क्र. 21-अ-82-10-11- नस्ती क्रमांक 335/2010 एलए-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख ) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम- सीवर रै.
(घ ) अर्जित रकबा-1.36 हेक्टेयर.
खसरा
अर्जित रकबा
क्रमांक
(हेक्टेयर में ) (2)
(1)
0.04
160/2
(1)
(2)
0.03
204
0.06
205/2
215
0.04
0.03
216
0.03
217
0.03
218
0.08
220
0.08
223
226
0.03
233
0.06
0.03
234
0.03
235
0.05
238
240
0.03
241
0.01
242/1
0.02
242/2
0.01
0.01
242/3
0.01
243
244
0.04
0.18
245
0.05
256
0.07
257
0.013
258/1
0.18
259/1
1.36
योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25, नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन प्र.क्र. 22 -अ-82-10-11- नस्ती क्रमांक 273/2010 एलए - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की 1088
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
( क) जिला- खण्डवा
(ख ) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम- गुलगांव रै.
(घ) अर्जित रकबा 0.10 हेक्टेयर .
खसरा क्रमांक
(1)
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
344/3
0.10 योग .. 0.10
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदाविकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर, जिला खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन प्र.क्र. 50-अ-82-09-10- नस्ती क्रमांक 174/2010 एलए - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख ) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम- आरोदा रैयत
( घ) अर्जित रकबा-1.78 हेक्टेयर.
खसरा
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
क्रमांक (1)
10
14/1
0.27 0.04
(2)
(1)
0.06
15/1
0.07
15/2
0.05
16/1
17
0.11
0.09
24
25
0.13
0.13
26
0.10
29/1
29/2
0.07
0.08
41
0.14
42
0.09
46/1
0.03
46/4
0.01
46/6
47
0.12
50/1
0.01
50/2
0.18
योग . 1.78
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के वितरण पाईप लाईन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25, नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन प्र.क्र. 100-अ- 82-09-10- नस्ती क्रमांक 266/2010 एलए - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख ) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम- नगरीय ग्राम मूंदी भाग 1 ]
1089
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
अर्जित रकबा-10.090 हेक्टेयर.
(घ)
खसरा
क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में ) (1)
(2) 11/2
0.140 11/3
0.080 11/5
0.060 12
0.040 13
0.030 14
0.100 18/1
0.130 18/2
0.120 18/3
0.090 18/4
0.100 18/5
0.050 23/1
0.050 23/2
0.120
0.080 24
26/1
0.110 34/1
0.270 34/3
0.020 35/1
0.010 45
0.090 153
0.070 155
0.080 173/1
0.070 173/2
0.100 174/1
0.030 175/3
0.040
0.010 176/1-4
176/2
0.010
0.020 176/3
177
0.030 181/1
0.010 181/2
0.010 181/3
0.010 181/4
0.010 181/5
0.010 181/6
0.010 181/7
0.060 183
0.080 185/1
0.070 351
0.190
0.070 413/1
413/2
0.070
(2)
(1)
0.060
413/3
474/5
0.030
0.090
474/6
0.010
474/7
475
0.100
476
0.110
499/1
0.050
0.040
499/2
500
0.060
562/2
0.060
562/4ख
0.030
0.140
562/7
0.250
563
564/1
0.020
564/2
0.030
564/3
0.010
565
0.090
566
0.120
0.010
567
0.350
569
0.060
585/ 2ख
0.120
586
636
0.100
0.070
637
639
0.140
0.080
649/1
0.030
650/1
0.020
650/2
650/3
0.030
0.020
650/4
0.080
651
656/1
0.180
657/1
0.120
657/2
0.080
657/3
0.050
0.100
657/4
0.040
657/5
0.100
659/1
659/2
0.050
0.050
680
0.160
681
0.140
679
0.060
995/1
0.250
996 1090
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
(1)
(2) 1160/2
0.100 1161/2
1181/3
0.150 1182
0.020 1185
0.150 1186
0.090
0.070 1193/2
1196/1
0.060 1197/1
0.180 1197/2
0.060 1201/1
0.070
0.080 1202
1205
0.150 1207
0.120 1211/1
0.130 1211/2
1212/2
0.110 1216
0.150 1217
0.010 1218/1-2
0.100 1220/1
0.090 1220/2
0.110 1220/4
0.110 1221/2
0.190 1223/1
0.140 1223/3
0.050 1224/1
0.110 1225
0.110 1228
0.080 1229/2
0.030 1230/1
0.040 1230/2
0.070 1231/1
0.060 1231/2
0.060 1233
0.100 1241/2
0.020 1244/1
0.070 1244/2
1245/1
0.060 1245/3
0.070 1245/4
0.040 1246
0.140
योग 10.090
[भाग 1 ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन प्र.क्र. 102-अ-82-09-10- नस्ती क्रमांक 268/2010 एलए . - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम-दिनकरपुरा
(घ ) अर्जित रकबा 0.05 हेक्टेयर.
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
321/1
0.05 योग . 0.05
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भू-अर्जन प्र.क्र. 103-अ- 82-09-10- नस्ती क्रमांक 270/2010 एलए . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की भाग 1 ]
1091
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- खण्डवा
(ख ) तहसील- पुनासा
(ग) ग्राम-उटड़ी
(घ ) अर्जित रकबा-1.08 हेक्टेयर.
खसरा क्रमांक
(1)
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
51
0.10
0.02
53
117
0.08
119/5
0.02
0.07
161
163
0.17
0.03
195
0.06
196
197
0.10
210/1
0.01
211
0.10
0.02
213/2
0.15
213/3
216
0.01
218
0.03
219
0.11 1.08
योग ..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर , जिला खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
खंडवा, दिनांक 8 मार्च 2011
भू- अर्जन प्र.क्र. 99-अ- 82-09-10- नस्ती क्रमांक 267/2010 एलए - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम- चिचलीखुर्द
( घ ) अर्जित रकबा-1.67 हेक्टेयर.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
खसरा क्रमांक (1)
20
0.05
22
0.10
167
0.03
168
0.04
170
0.14
0.10
180
181
0.18
186
0.14
190
0.07
0.07
191
194/3
0.08
0.05
194/5
194/6
0.13
196/1
0.01
0.04
196/2
196/3
0.01
196/4
0.01
251
0.02
0.04
253
0.18
326
327
0.18
योग. 1.67
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदाविकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर, जिला खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
1092
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
भू-अर्जन प्र.क्र. 104-अ-82-09-10-नस्ती क्रमांक 268/2010 एलए . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खण्डवा
(ख ) तहसील- पुनासा
(ग ) ग्राम- चिराखान
(घ ) अर्जित रकबा-2.61 हेक्टेयर.
खसरा
क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
147
0.10
150
0.10
159
0.19
160
0.10
173
0.05
0.18
178
0.08
179
0.05
180/1
191
0.12
0.18
193/1
222
0.01
238
0.07
244/1
0.11
244/2
0.01
245/1
0.10
0.20
245/2
0.06
246/2
254
0.10
257
0.18
270/1
0.18
272
0.05
283
0.10
0.06
288
289
0.06
0.06
291
0.05
292
293
0.06 योग 2.61
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन अपरसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला अनूपपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
अनूपपुर, दिनांक 4 मार्च 2011
क्र. 2102-10 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जा सकता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:---
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-अनूपपुर
(ख ) तहसील- अनूपपुर
(ग ) ग्राम- जमुना एवं पसान
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.541 हे.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हे. में )
(1)
(2)
पसान
60/4 60/3
0.405 0.405
जमुना
0.081
1267/ 1 क
0.202
1301/1
0.405
1362/1
1362/2
0.368
0.239
1362/3
0.202
1367/ 1 ख भाग 1 ]
1093
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
(1)
(2)
1284/1
0.040
1287/1
0.089
1287/3
0.109
1287/2
0.093
0.061
1284/2
1301/2
0.239
0.202
1293/2क
1285/1
0.320
1285/2
0.081
योग
3.541
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय अनूपपुर/अनुविभागीय अधिकारी ( रा. ) अनूपपुर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कवीन्द्र कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग धार , दिनांक 8 मार्च 2011
प्र. क्र. 10 - अ- 82-09-10- भू-अर्जन- 11- संशोधन-पत्र. - इस कार्यालय द्वारा भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा-6 के अन्तर्गत जारी की गई अधिसूचना प्रकरण क्रमांक 10-अ-82-09-10- भू-अर्जन ग्राम अजन्दीमान तहसील मनावर के लिये दो स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशन हेतु भेजी गई थी. उक्त अधिसूचना का प्रकाशन हिन्दी समाचार - पत्र राज एक्सप्रेस में दिनांक 10 अक्टूबर 2010 व दूसरे समाचार - पत्र प्रभात किरण में दिनांक 11 अक्टूबर 2010 में त्रुटिपूर्ण प्रकाशन होने से निम्नानुसार संशोधन नीचे दर्शाए अनुसार पढ़ा जावे.
ग्राम अजन्दीमान प. ह. नं. 26/40 तहसील मनावर जिला धार .
प्रकाशन हुआ
प्रकाशन होना था जो पढ़ा जावे रकबा ( हे . ) खसरा नं . रकबा ( हे . ) खसरा नं . (1)
(2)
(1)
(2) 0.026 267/1 ग
0.026
267/1/1 घ
0.053
267/1 /1 ग
0.053 267/ 1 घ
नोट.- प्रकरण से संबंधित शेष विवरण पूर्व प्रकाशन अनुसार ही रहेगा.
प्र. क्र. 297-11 - अ- 82-08-09- भू-अर्जन-11- संशोधन- पत्र. इस कार्यालय द्वारा भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा -6 के अन्तर्गत जारी की गई अधिसूचना प्रकरण क्रमांक 11 -अ-82-08-09- भू-अर्जन ग्राम रसवा तहसील कुक्षी के लिये दो स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशन हेतु भेजी गई थी . उक्त अधिसूचना का प्रकाशन हिन्दी समाचार- पत्र नई दुनिया में दिनांक 8 अप्रैल 2010 व दूसरे समाचार- पत्र स्वदेश में दिनांक 9 अप्रैल 2010 में त्रुटिपूर्ण प्रकाशन होने से निम्नानुसार संशोधन नीचे दर्शाए अनुसार पढ़ा जावे.
ग्राम रसवा प. ह. नं. 64 तहसील कुक्षी जिला धार.
प्रकाशन होना था जो पढ़ा जावे प्रकाशन हुआ
रकबा ( हे . ) खसरा नं. (1)
रकबा ( हे. ) (2) खसरा नं. (1)
(2)
0.265
138/1 /2क
0.265
138/1/1 एवं
138/2
नोट.- प्रकरण से संबंधित शेष विवरण पूर्व प्रकाशन अनुसार ही रहेगा.
प्र. क्र. 312-12 -अ- 82-08-09- भू-अर्जन- 11- संशोधन- पत्र.- इस कार्यालय द्वारा भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा-6 के अन्तर्गत जारी की गई अधिसूचना प्रकरण क्रमांक 12 -अ-82-08-09- भू-अर्जन ग्राम कोलगॉव तहसील कुक्षी के लिये दो स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशन हेतु भेजी गई थी. उक्त अधिसूचना का प्रकाशन हिन्दी समाचार - पत्र अग्नीबाण में दिनांक 8 अप्रैल 2010 व दूसरे समाचार- पत्र स्वदेश में दिनांक 9 अप्रैल 2010 में त्रुटिपूर्ण प्रकाशन होने से निम्नानुसार संशोधन नीचे दर्शाए अनुसार पढ़ा जावे.
ग्राम कोलगांव प. ह. नं. 63 तहसील कुक्षी जिला धार.
प्रकाशन होना था जो पढ़ा जावे खसरा नं .
खसरा नं. रकबा (हे. ) प्रकाशन हुआ रकबा ( हे. )
(2) (1)
(2)
(1)
87/3ख
0.105 87/1क
0.213
87/3ग
0.240
0.112 106/2क
0.085 86/1/2
0.263
86/1/3
86/1/4
0.092
0.115 202/2
0.420
203/1 201
0.087 नोट. - प्रकरण से संबंधित शेष विवरण पूर्व प्रकाशन अनुसार ही रहेगा.
1094
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
प्र. क्र. 292-15 -अ- 82-08-09- भू-अर्जन-11-संशोधन- पत्र.- इस कार्यालय द्वारा भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा -6 के अन्तर्गत जारी की गई अधिसूचना प्रकरण क्रमांक 15 - अ- 82-08-09 - भू- अर्जन ग्राम कटनेरा तहसील कुक्षी के लिये दो स्थानीय समाचार- पत्रों में प्रकाशन हेतु भेजी गई थी . उक्त अधिसूचना का प्रकाशन हिन्दी समाचार - पत्र अग्नीबाण में दिनांक 8 अप्रैल 2010 व दूसरे समाचार - पत्र राज एक्सप्रेस में दिनांक 29 मई 2010 में त्रुटिपूर्ण प्रकाशन होने से निम्नानुसार संशोधन नीचे दर्शाए अनुसार पढ़ा जावे.
ग्राम कटनेरा प. ह. नं. 36/64 तहसील कुक्षी जिला धार.
प्रकाशन होना था जो पढ़ा जावे प्रकाशन हुआ
खसरा नं . रकबा ( हे. ) खसरा नं. (1)
(1)
(2)
रकबा (हे . ) (2) 0.200
212/4
212/3
0.101
139/4/2/2
0.200 0.101 139/4
नोट. - प्रकरण से संबंधित शेष विवरण पूर्व प्रकाशन अनुसार ही रहेगा.
प्र. क्र. 307-18 - अ-82-08-09- भू- अर्जन- 11- संशोधन- पत्र.- इस कार्यालय द्वारा भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा -6 के अन्तर्गत जारी की गई अधिसूचना प्रकरण क्रमांक 18-अ- 82-08-09 - भू-अर्जन ग्राम पिपल्या तहसील कुक्षी के लिये दो स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशन हेतु भेजी गई थी. उक्त अधिसूचना का प्रकाशन हिन्दी समाचार - पत्र स्वदेश में दिनांक 9 अप्रैल 2010 व दूसरे समाचार- पत्र पत्रिका में दिनांक 7 अप्रैल 2010 में त्रुटिपूर्ण प्रकाशन होने से निम्नानुसार संशोधन नीचे दर्शाए अनुसार पढ़ा जावे.
ग्राम पिपल्या प. ह. नं. 67 तहसील कुक्षी जिला धार.
प्रकाशन होना था जो पढ़ा जावे प्रकाशन हुआ
रकबा ( हे. ) (2)
रकबा ( हे. ) (2)
खसरा नं . (1)
खसरा नं . (1)
195/4
0.088
0.088
195/7
0.032
0.066
71/1 80/3
71/2 80/2
0.032 0.066 नोट.- प्रकरण से संबंधित शेष विवरण पूर्व प्रकाशन अनुसार ही रहेगा.
[ भाग 1 प्र. क्र. 317-26- अ-82-08-09- भू-अर्जन - 11-संशोधन- पत्र. - इस कार्यालय द्वारा भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा -6 के अन्तर्गत जारी की गई अधिसूचना प्रकरण क्रमांक 26-अ- 82-08-09 - भू- अर्जन ग्राम निसरपुर तहसील कुक्षी के लिये दो स्थानीय समाचार- पत्रों में प्रकाशन हेतु भेजी गई थी. उक्त अधिसूचना का प्रकाशन हिन्दी समाचार - पत्र राज एक्सप्रेस में दिनांक 8 अप्रैल 2010 व दूसरे समाचार - पत्र स्वदेश में दिनांक 9 अप्रैल 2010 में त्रुटिपूर्ण प्रकाशन होने से निम्नानुसार संशोधन नीचे दर्शाए अनुसार पढ़ा जावे .
ग्राम निसरपुर प. ह. नं. 65 तहसील कुक्षी जिला धार.
प्रकाशन होना था जो पढ़ा जावे प्रकाशन हुआ
खसरा नं . रकबा (हे. ) (2) खसरा नं. (1)
रकबा ( हे. ) (2)
(1)
421/1/2
0.402
421/2
0.321 नोट.- प्रकरण से संबंधित शेष विवरण पूर्व प्रकाशन अनुसार ही रहेगा.
प्र. क्र. 302-30 - अ-82-08-09- भू-अर्जन- 11-संशोधन- पत्र.- इस कार्यालय द्वारा भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा -6 के अन्तर्गत जारी की गई अधिसूचना प्रकरण क्रमांक 30-अ-82-08-09 - भू- अर्जन ग्राम रेक्टी तहसील कुक्षी के लिये दो स्थानीय समाचार- पत्रों में प्रकाशन हेतु भेजी गई थी. उक्त अधिसूचना का प्रकाशन हिन्दी समाचार- पत्र राज अग्नीबाण में दिनांक 27 मई 2010 व दूसरे समाचार- पत्र नवभारत में दिनांक 11 अप्रैल 2010 में त्रुटिपूर्ण प्रकाशन होने से निम्नानुसार संशोधन नीचे दर्शाए अनुसार पढ़ा जावे.
ग्राम रेक्टी प. ह. नं . 64 तहसील कुक्षी जिला धार.
प्रकाशन होना था जो पढ़ा जावे प्रकाशन हुआ
खसरा नं.
रकबा (हे. )
(2)
रकबा ( हे. ) (2) खसरा नं. (1)
(1)
160/4
190/4
0.086 0.086
नोट.- प्रकरण से संबंधित शेष विवरण पूर्व प्रकाशन अनुसार ही रहेगा.
भाग 1 ]
1095
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
क्र. 264- वाचक- प्र.क्र. 05-अ-82-10-11.--चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-धार
(ख) तहसील-मनावर
(ग ) ग्राम- लिम्बी ( पूरक प्रकरण )
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.091 हेक्टेयर.
सर्वे नम्बर निजी
अर्जित रकबा
(हे. में)
(1)
(2)
71/3
0.095
287/1/2
0.104
0.150
287/3/1
60/3
0.074
287/1/1
0.418
199/2
0.180
110/4
0.070
योग : 1.091
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- औंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर. डी. 127840 मी. से निकलने वाली डी. व्हाय 13 एवं उसकी माईनरो के निर्माण हेतु.
(3 ) भू- अर्जन की धारा 6 के अन्तर्गत अर्जन कार्यवाही हेतु आदेशित किया जाता है .
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला धार एवं भू- अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना मनावर, एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -30 , मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला टीकमगढ़, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग
टीकमगढ़ , दिनांक 10 मार्च 2011
क्र. भू- अर्जन- 2010- प्र. क्र. 2 - अ-82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- टीकमगढ़
(ख) तहसील- टीकमगढ़
(ग) नगर/ग्राम- सुन्दरपुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल-7.979 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.020
416
432
0.146
433
0.077
0.008
454
456
0.069
457
0.028
0.053
462
464
0.073
475
0.069
476
0.004
0.073
479
481
0.125
0.138
482
488
0.016
489
0.073
490
0.004
0.045
493
0.010
506
533
0.012 1096
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
(2) (1)
535
0.063 542
0.008 543/1
0.178
0.008 623/1
623/2
0.137 624
0.029 865/1
0.125 867/1
0.174
0.077 869
900
0.093 904
0.053 905
0.040 907
0.053 908
0.057 952
0.053 953
0.008 998
0.125 999
0.119 1002
0.016 1008
0.010 1013
0.101 1014
0.073 1015
0.004 1016
0.073 1017
0.016 1025
0.017 1027
0.121 1029
0.113 1032
0.101 1046
0.073 1047
0.081
0.032 1048
1363
0.039 1364
0.020 1365
0.057 1368
0.020 1369
0.160 1370
0.110 1371
0.110 1374
0.010 1375
0.083 1377
0.007 1406
0.065 1410
0.730
[भाग 1
(2)
(1)
0.267
1412
1483/2
0.308
0.010
1484
1505
0.158
0.065
1506
1507
0.089
0.024
1512
0.061
1513
1515
0.057
0.089
1516
1526
0.006
0.089
1527
1528
0.032
1529
0.081
0.020
1530
1531
0.113
0.101
1533/1
0.085
1775
0.332
1777
1783
0.030
0.040
1784
1785
0.085
0.243
1801
0.077
1804
0.028
1811
1812
0.016
0.109
1813
0.032
1820
1821
0.160
1822
0.061
1823
0.121
0.008
1906
0.016
1907
1908
0.030
0.065
1909
0.186
1910
योग : 7.979
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है .- बगाज माता तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी, टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , टीकमगढ़, जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
भाग 1 ]
1097
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
क्र. भू- अर्जन- 2010- प्र. क्र. 10-अ-82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-टीकमगढ़
(ख) तहसील-टीकमगढ़
(ग) नगर/ग्राम- नैनवारी
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 5.605 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
156
0.069
157
0.101
158
0.095
159
0.056
175
0.040
181
0.053
183
0.043
184
0.045
185
0.062
187
0.017
188
0.043
189
0.012
190
0.020
191
0.024
193
0.028
0.004
194
196
0.008
197
0.040
198
0.052
201
0.101
202
0.036
233
0.040
234
0.042
235
0.005
236
0.010
237
0.016
238
0.020
239
0.060
(2)
(1)
0.050
289
0.100
392
0.070
393
0.048
394
401
0.012
0.040
402
435
0.052
437
0.040
0.070
446
0.004
448
0.110
449
452
0.050
0.069
463
478
0.052
480
0.052
0.020
481
482
0.027
0.030
484
0.070
490
491
0.040
0.012
492
0.121
493
503
0.092
511
0.024
512
0.072
513
0.024
520
0.180
522
0.010
0.020
524
525/2
0.072
527
0.036
0.111
543/1
543/2
0.071
0.065
759/2
767
0.088
768
0.081
786/2
0.030
0.060
794/2
795
0.070
829
0.070
835
0.020
836/1
0.035
836/2
0.045
839/1
0.040 1098
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
(2)
(1)
956
0.070
958
0.040
0.020
959
987
0.081
988
0.040
989
0.020
990
0.010
993/2
0.120
994
0.012
995
0.020
1018
0.070
1019
0.010
1020
0.052
1024/1
0.022
1025/2
0.070
1026
0.020
1038
0.060
1039/1
0.116
1043
0.020
1044
0.040
1045
0.320
1080
0.008
0.080
1081
1092
0.016
1093
0.080
1094
0.090
1100
0.055
1101
0.045
1102
0.140
1112
0.012
1113
0.040
1115
0.002
1116
0.060
1117/2
0.100
1118/2
0.022
1119/4
0.025
योग : 5.605
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बगाज माता तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु.
(3) भूमि के नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी, टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
[भाग 1 क्र. भू-अर्जन- 2010-प्र. क्र. 13-अ-82-2009--10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- टीकमगढ़
(ख ) तहसील- टीकमगढ़
(ग ) नगर/ ग्राम- बुड़कीखेरा
(घ ) अर्जित क्षेत्रफल-3.456 हेक्टेयर.
सर्वे नम्बर- रकवा
खसरा नंबर
रकबा
(हेक्टेयर में)
(1)
(2)
409
0.010
470/1
0.045
476/1
0.206
0.320
478/ 1क
0.020
528
529
0.036
530
0.069
533
0.081
0.040
534
535
0.004
536
0.010
537
0.048
538
0.053
544
0.077
547
0.206
0.057
548/1
549/1
0.046
0.046
549/2
551
0.020
594
0.190
596
0.316
599/1
0.077
601
0.198
745
0.006
746
0.158
748
0.065 1099
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
भाग 1 ]
(1)
(2)
749
0.081
750
0.170
811/2
0.080
811/3
0.010
812
0.049
822
0.040
823
0.010
846
0.069
847/2
0.081
853/5
0.219
870/4
0.243
3.456
योग :
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बगाज माता तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी, टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अखिलेश श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 15 मार्च 2011
क्र. 343 - भू-अर्जन-11 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील - गुढ़
(ग) ग्राम- बैला
(घ) लगभग क्षेत्रफल-11.623 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
0.048
914
915
0.196
916
0.129
918
0.149
922
0.022
923
0.101
924
0.107
903
0.048
0.135
932
0.354
933
934
0.132
0.380
931
935
0.04
1101
0.170
1102
0.057
1103
0.014
1104
0.012
940
0.356
1094
0.055
0.586
1087
0.004
1088
1082
0.049
0.015
1081
1086
0.190
1085
0.024
1083
0.397
1077
0.070
1076
0.091
1067
0.016
0.096
1068
0.072
1069
584
0.045
1071
0.063
1070
0.121
1061
0.006
1062
0.031
1063
0.353
0.020
1055
1005
0.006 1100
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
(1)
(2) 1060
0.217 998
0.112 1065
0.015 1064
0.045 999
0.028 1000
0.350 1002
0.021 1001
0.042 1004
0.023 987
0.255 986
0.205 985
0.039 687
0.041 686
0.096 685
0.146 679
0.008 677
0.008 678
0.004 680
0.185 681
0.028 682
0.193 674
0.108 675
0.146 676
0.048 641
0.223 646
0.092 642
0.273 643
0.416 583
0.040 586
0.097 587
0.113 588
0.052 593
0.032 585
0.073 597
0.034 594
0.036 598
0.061 599
0.097 600
0.178 601
0.061 602
0.005 603
0.006 605
0.034 606
0.190 611
0.215 612
0.158 613
0.031 608
0.083
(2)
(1)
0.078
609
0.203
437
0.051
439
1.304
441
473
0.063
438
0.040
436
0.040
917
0.016
919
0.024
902
0.028
0.028
1066
967
0.025
योग : 11.623
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. बाणसागर परियोजना अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज सिंचाई योजना के मुख्य नहर का निर्माण कार्य .
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का प्रशासन, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 345 - भू-अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख ) तहसील- गुढ़
(ग ) ग्राम- हर्दी
( घ ) लगभग क्षेत्रफल- 13.985 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
1111
0.129
1102
0.177
1103
0.029
1104
0.118 भाग 1 ]
1101
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
(2) (1)
1105
0.015 1106
0.016 1107
0.493 1108
0.035 1109
0.041 1097
0.036 1083
0.387
0.51 1082
1081
0.216 1080
0.023 1078
0.332 1077
0.007 1089
0.131 950
0.475 955
0.279 954
0.032 953
0.016 951
0.810 952
0.068 949
0.031 965
0.028 966
0.022 969
0.010 970
0.042 971
0.142 972
0.632
0.271 975
976
0.033 977
0.013 980
0.007
0.097 981
983
0.453 985
0.132 920
0.075 922
0.023 905
0.137 906
0.102 907
0.595 908
0.083 898
0.850 897
0.078
0.062 896
884
0.064 754
0.090 755
0.291
(2)
(1)
756
0.164
758
0.122
505
0.077
508
0.119
509
0.067
511
0.246
512
0.655
0.020
513
514
0.016
0.131
748
515
0.051
516
0.096
517
0.045
518
0.026
519
0.012
521
0.010
522
0.143
0.040
523
524
0.302
525
0.202
418
0.008
416
0.073
417
0.126
0.027
415
0.091
414
413
0.623
0.540
411
0.032
409
0.178
408
0.196
407
0.458
406
405
0.042
374
0.069
375
0.012
0.020
383
384
0.371
386
0.008
387
0.067
388
0.049
389
0.063
390
0.053
0.019
391
0.044
394
13.985
योग :
1102
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. बाणसागर परियोजना अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के मुख्य नहर का निर्माण कार्य.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उप सचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 347 - भू-अर्जन- 11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा भी यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील- गुढ़
(ग ) ग्राम- कुम्ही
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.158 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
84
0.791
0.126
83
82
0.005
68
0.224
69
0.245
70
0.263
71
0.028
81
0.172
74
0.191
77
0.437
78
0.676
योग : 3.158
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. बाणसागर परियोजना अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के मुख्य नहर का निर्माण कार्य.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाण सागर परियोजना एवं पदेन उप सचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
[भाग 1 क्र. 349 - भू-अर्जन-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- गुढ़
(ग ) ग्राम- चौडियार
(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.505 हेक्टेयर .
(2)
(1)
273
0.008
274
0.196
0.036
245
241
0.187
0.243
242
0.206
189
190
0.224
0.053
191
0.023
193
188
0.178
38
0.026
39
0.007
0.020
40
41
0.006
42
0.006
186
0.057
187
0.073
185
0.157
43
0.233
0.210
44
45
0.169
183
0.014
167
0.504
0.148
168
169
0.033
170
0.105
0.064
171
139
0.014
140
0.105 भाग 1 ]
1103
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
(1)
(2)
151
0.096
152
0.269
154
0.112
155
0.198
156
0.107
166
0.136
157
0.228
158
0.242
159
0.031
275
0.290
276
0.191
277
0.187
278
0.012
279
0.123
280
0.202
244
0.190
243
0.159
238
0.028
235
0.399
6.505
योग :
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- बाणसागर परियोजना अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के मुख्य नहर का निर्माण कार्य.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उप सचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 351 - भू-अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख ) तहसील- गुढ़
(ग) ग्राम- बहेरा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-4.177 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा
(1)
(हेक्टेयर में) (2)
96
0.239
75
0.071
76
0.108
(1)
(2)
78
0.164
79
0.224
0.314
60
59
0.085
85
0.059
84
0.086
48
0.184
0.426
38
0.266
47
0.243
46
44
0.392
45
0.109
83
0.559
80
0.169
37
0.316
0.034
91
98
0.073
0.056
99
4.177
योग :
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. बाणसागर परियोजना अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के मुख्य नहर का निर्माण कार्य.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उप सचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 353 - भू-अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- गुढ़
(ग) ग्राम- खोखरा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 5.656 हेक्टेयर.
(1)
(2)
72
0.164
73
0.216 1104
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
(1)
(2)
74
0.494
83
0.040
84
0.045
85
0.097
86
0.022
87
0.015
57
0.448
58
0.061
55
0.240
56
0.164
50
0.899
91
0.405
92
0.101
0.816
95
51
0.313
188
0.045
189
0.068
0.122
44
45
0.017
46
0.133
47
0.731
योग : 5.656
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है . बाणसागर परियोजना अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के मुख्य नहर का निर्माण कार्य.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उप सचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग सागर, दिनांक 16 मार्च 2011
क्र. 2112 ( क) -प्र. भू-अर्जन-2011 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख ) तहसील- खुरई
(ग ) ग्राम- खिमलासा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.26 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
क्षेत्रफल
(हे. में)
(2)
(1)
653
0.06
658/2
0.04
661
0.03
662/1
0.11
0.02
662/2
0.26
योग :
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. बीना- खिमलासा - मालथौन मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) खुरई में देखा जा सकता है .
क्र. 2116 (क ) -प्र . भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- सागर
(ख ) तहसील- खुरई भाग 1 ]
1105
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
(ग ) ग्राम- बसाहरी
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.44 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
क्षेत्रफल (है. में)
(1)
(2)
1148/1
0.04
1148/2
0.04
1148/3
0.04
1148/4
0.05
1149
0.05
1587
0.01
1602
0.08
0.02
1999
2000
0.04
2001
0.01
2002
0.03
2018
0.03
0.44
योग :
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. बीना- खिमलासा- मालथौन मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) खुरई में देखा जा सकता है.
क्र. 2117 ( क) -प्र. भू-अर्जन- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख ) तहसील- खुरई
(ग) ग्राम- मढौली जवाहर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.17 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
क्षेत्रफल
(है. में)
(1)
(2)
0.13
9
(1)
(2)
0.17
10
11
0.03
13
0.13
41
0.03
46
0.06
0.03
47
0.01
99
0.17
100
351
0.01
0.02
103
104/4
0.03
121
0.06
334
0.03
340
0.03
342
0.01
344
0.15
0.01
349
0.05
350
351
0.01
योग : 1.17
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. बीना- खिमलासा- मालथौन मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) खुरई में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , मनीष श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला इन्दौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग इन्दौर, दिनांक 17 मार्च 2011
क्र. 690 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में 1106
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- इन्दौर
(ख) तहसील- ( महू) डॉ. अम्बेडकर नगर
(ग) ग्राम-सिमरोल
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 0.368 हेक्टेयर.
खसरा क्रमांक
(1)
रकबा (हेक्टेयर में) (2)
270
447/4
0.152 0.216 योग : 0.368
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन की आवश्यकता - तकनीकी शिक्षा (म. प्र. ) आय.आय.टी. की स्थापना हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, तहसील ( महू) डॉ. अम्बेडकर नगर एवं जिलाध्यक्ष इन्दौर के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , राघवेन्द्र सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खरगोन , दिनांक 11 मार्च 2011
क्र. 393 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग इन्दौर के पत्र क्रमांक/638/05/कोर्ट/10 इन्दौर, दिनांक 8-9-10 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 ( 4 ) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है.
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां
( क) जिला- खरगोन
(ख ) तहसील-महेश्वर
( ग) ग्राम -पाण्ड्याघाट
( घ) लगभग क्षेत्रफल-0.977 हे . निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां .
खसरा नम्बर
डूब का रकबा (हे. में) (2)
(1)
30पैकी
0.030
0.405
34/4 पैकी, 45/3 पैकी
53 पैकी
0.050
54/1 पैकी
0.032
54/2पैकी
0.290
56/1 पैकी
0.170 योग : 0.977
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1. कलेक्टर , जिला खरगोन, 2 . भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत् परियोजना मण्डलेश्वर मुख्यालय खरगोन, 3. कार्यपालन अभियंता (सिविल ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना/म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4. महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 5 मार्च 2011
क्र. 349-गोपनीय- 2011-दो- 3-1-2011 ( भाग- बी ) .-न्यायिक अधिकारियों जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है , को न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल , उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर में छः दिवसीय प्रशिक्षण " Application of Information and Communication Technology to District Judiciary " , जो दिनांक 21 मार्च 2011 से 26 मार्च 2011 तक की अवधि के लिये आयोजित है , हेतु संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान, संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 21 मार्च 2011 को प्रातः काल ठीक 10:00 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है.
प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी:-
1. अपरिहार्य मामलों को छोड़कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा. समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजा जावे , जिससे कि निदेशक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें .
2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर के समक्ष दिनांक 21 मार्च 2011 को प्रातः काल ठीक 10:00 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें.
3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट , ग्रे पेंट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होवें महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाउज व काले कोट में उपस्थित होवें.
4. टी.ए. एवं डी.ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे, जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं.
5. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासनहीनता माना जावेगा.
6. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन पर टैम्पो ट्रेक्स की व्यवस्था की जावेगी . जो कि
1107 प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपराह्न से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी . अतः न्यायिक अधिकारी जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के कार्य दिवस में प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच दूरभाष क्रमांक 0761-2628679 पर समयावधि रहते सूचित करें .
7. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिये न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी . यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के द्वितीय एवं तृतीय तल पर, स्वास्थ्य कारणों से, ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा, जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी . इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी. ए. एवं डी. ए. क्लेम करने के पात्र होंगे .
8. ( 1 ) न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे अपने साथ Laptop Computers with Peripherals एवं Software CDs प्रशिक्षण सत्र में साथ लावें. साथ ही ई -कमेटी द्वारा प्रदाय की गई अध्ययन सामग्री व उच्च न्यायालय द्वारा प्रदाय किया गया " लेपटाप संचालन मार्गदर्शिका " भी साथ लेकर आवें.
( 2) प्रशिक्षण में शामिल पृष्ठांकन में दर्शित ऐसे न्यायिक अधिकारी जो यह महसूस करते हैं कि वे कम्प्यूटर ज्ञान से भिज्ञ हैं एवं उन्हें लेपटाप प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं है, तो उन्हें यह निर्देशित किया जाता है कि वे इस संबंध में समय रहते सीधे प्रशिक्षण संस्थान को सूचित करें , ताकि आगामी कार्यवाही की जा सके.
(3 ) ऐसे न्यायिक अधिकारी जिनके लेपटॉप कार्यरत अवस्था में नहीं हैं अथवा गुम हो गये हैं , जो उन्हें यह निर्देशित किया जाता है कि वे इस संबंध में अपना प्रतिवेदन संस्थान को समय रहते प्रेषित करें , ताकि अन्य व्यवस्थाएं कीजा सकें.
9. न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय, नाश्ता तथा दोपहर एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.
1108
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
क्र. बी-976- एक-7-3-10- भाग- एक. एतद्वारा अधिसूचित किया जाता है कि गुरुवार दिनांक 24 मार्च 2011 के दिन " रंगपंचमी" के उपलक्ष्य में उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, खण्डपीठ, इन्दौर एवं रजिस्ट्री, इंदौर में अवकाश रहेगा तथा उसके एवज में दिनांक 9 जुलाई 2011 ( शनिवार अवकाश दिवस ) को उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , खण्डपीठ , इन्दौर के न्यायालयों एवं रजिस्ट्री के लिये कार्य दिवस होगा.
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, सुभाष काकड़े , रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 5 मार्च 2011
क्र. C- 1846-दो- 2-24-2008.- श्री अवधेश कुमार श्रीवास्तव, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार ( आई.एल.आर.एण्ड एग्जाम ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को दिनांक 28 मार्च 2011 से 23 अप्रैल 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके सत्ताईस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री अवधेश कुमार श्रीवास्तव , प्रिंसिपल रजिस्ट्रार ( आई.एल.आर.एण्ड एग्जाम ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अवधेश कुमार श्रीवास्तव, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रिंसिपल रजिस्ट्रार (आई.एल.आर.एण्ड एग्जाम ) , के पद पर कार्यरत रहते .
जबलपुर, दिनांक 9 मार्च 2011
क्र. C- 2009- दो- 2-12-2008.- श्री के. डी. खान, तत्कालीन पीठासीन अधिकारी , डेब्टस रिकवरी ट्रिब्यूनल ( डी.आर.टी. ) वर्तमान में प्रिंसिपल रजिस्ट्रार ( इंस्पेक्शन एण्ड विजिलेन्स ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक-3/ ( ए) 19/ -03 /21 - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2001 से 31 अक्टूबर 2003 तक की अवधि हेतु 30 दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.
क्र. C- 2011- दो-2-12-2008.- श्री के. डी. खान, तत्कालीन पीठासीन अधिकारी , डेब्टस रिकवरी ट्रिब्यूनल ( डी.आर.टी. ) वर्तमान में प्रिंसिपल रजिस्ट्रार ( इंस्पेक्शन एण्ड विजिलेन्स ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक -3 / ( ए) 19/-03/ 21 - ब ( एक ) ,
[भाग 1 दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2001 से दिनांक 31 अक्टूबर 2005 तक की अवधि हेतु 30 दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदानं की जाती है.
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.
जबलपुर, दिनांक 5 मार्च 2011
क्र. C- 1844-दो- 2-19-2011.- श्री यू.एस. बहरावत, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, टीकमगढ़ को दिनांक 1 फरवरी 2011 से दिनांक 4 फरवरी 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके चार दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री यू.एस. बहरावत, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, टीकमगढ़ को टीकमगढ़ पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री यू.एस. बहरावत, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 1850-दो-2-14-2005.- श्री आर.बी.एस. बघेल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विदिशा को दिनांक 23 अप्रैल 2011 से 7 मई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पन्द्रह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 8 मई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री आर.बी.एस. बघेल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विदिशा को विदिशा पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर.बी.एस. बघेल , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
जबलपुर, दिनांक 7 मार्च 2011
क्र. E- 1111-दो-2-53-2009.- श्री महेन्द्र पाल सिंह अरोरा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर को दिनांक 21 फरवरी 2011 का एक दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 20 फरवरी 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
भाग 1 ]
अवकाश से लौटने पर श्री महेन्द्र पाल सिंह अरोरा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर को श्योपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री महेन्द्र पाल सिंह अरोरा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. C- 1914- दो - 2-21-2011.- श्री एच. यू. अहमद, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शिवपुरी को दिनांक 14 मार्च 2011 से 19 मार्च 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 12 एवं 13मार्च 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 20 मार्च 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री एच. यू. अहमद, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शिवपुरी को शिवपुरी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
1109
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
जबलपुर, दिनांक 1 मार्च 2011
क्र. 322 - गोपनीय- 2011 - दो - 2-1-2011 ( भाग - बी ) .- रजिस्ट्री के आदेश क्रमांक 306 - गोपनीय- 2010-दो-2-1-2010 ( भाग-बी ) , दिनांक 24 फरवरी 2011 , जहां तक इसका संबंध श्रीमती अलका दुबे, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( फास्ट ट्रैक कोर्ट ) कन्नौद के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, कन्नौद स्थान -देवास का, देवास से भोपाल स्थानांतरण से है , उक्त स्थानांतरण , उनके अभ्यावेदन के आधार पर उनके स्वयं के व्यय पर किया गया है.
जबलपुर , दिनांक 5 मार्च 2011
क्र. 362-गोपनीय- 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग - बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 व्दारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लिखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लिखित न्यायालय के न्यायाधीश , उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है:-
सारणी
क्रमांक अधिकारी का नाम
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री एच. यू. अहमद, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. C - 1916-दो-2-22-2011 .- श्री ए. एच . एस. पटेल, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय, इंदौर को दिनांक 7 मार्च 2011 से 11 मार्च 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 6 मार्च 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 12 एवं 13 मार्च 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री ए. एच. एस. पटेल, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय , इंदौर को इंदौर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री ए. एच. एस. पटेल, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (3)
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सोहागपुर जिला होशंगाबाद की हैसियत से.
(1) 1 (2) श्री दिलीप कुमार नागले, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सोहागपुर जिला होशंगाबाद.
जबलपुर, दिनांक 8 मार्च 2011
क्र. 381 - गोपनीय- 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग- बी ) .- रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 376- गोपनीय- 2011- दो-2-1-2011 ( भाग - बी) , दिनांक 7 मार्च 2011 की सारणी के सरल क्रमांक 8 पर अंकित श्री राजाराम भारतीय के नाम के सामने स्तम्भ क्रमांक ( 5 ) पर अंकित सोनकच्छ के स्थान पर सत्र खण्ड का नाम देवास पढ़ा जावे .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, सुभाष काकड़े , रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 9 मार्च 2011
क्र. ई - 1145-तीन-6-4-57- भाग-40.- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( सन् 1974 का अधिनियम क्रमांक-2 ) की धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश अपनी अधिसूचना क्रमांक सी/ 1507/तीन-6- 4-57 भाग -39 , दिनांक 17 जून, 2009 को अतिष्ठित करते हुए श्री आर.पी. मिश्रा, न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी , जबलपुर को विधि और विधायी कार्य विभाग , मध्यप्रदेश शासन की अधिसूचना क्रमांक -1/5/96/21 - बी ( 1 ) , दिनांक 3 मार्च 2011 द्वारा जबलपुर, 1110
कटनी , बालाघाट , बैतूल , छिन्दवाड़ा, टीकमगढ़, दमोह , होशंगाबाद, छतरपुर, नरसिंहपुर, रीवा, सिवनी, मण्डला, शहडोल , सीधी, सागर, सतना, पन्ना, डिण्डोरी , उमरिया, अनूपपुर और सिंगरौली जिलों की सीमाओं के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 ( 1988 का अधिनियम क्रमांक-49 ) के अध्याय 3 में वर्णित अपराधों को छोड़कर ऐसे अपराधों, जिनका अन्वेषण दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम , 1946 के अधीन विशेष पुलिस स्थापना केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा किया गया हो , के विचारण करने हेतु ( सी.बी.आई. मामलों के लिए विशेष रूप से ) निर्मित विशेष न्यायिक दण्डाधिकारी के न्यायालय का पीठासीन अधिकारी नियुक्त करता है .
न्यायालय का मुख्यालय जबलपुर में रहा.
No. E- 1145 -III - 6-4-57 XL . In exercise of the powers confered by sub- section ( 2) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure , 1973 ( Act No. 2 of 1974) and in supersession of its Notification No. C- 150 - III - 6-4-57- XXXIX , dated 17th June , 2009, the High Court of Madhya Pradesh appoints Shri R. P. Mishra , JMFC , Jabalpur to be the Presiding Officer of the Court of Judicial Magistrate First Class ( Specially for C.B.I. cases ) established by the Government of Madhya Pradesh vide Law & Legislative Affairs Department Notification No. F- 1-5-96-21 - B ( 1 ) , dated 3rd March , 2011 for the areas comprising the Districts Jabalpur , Katni , Balaghat , Betul Chhindwara , Tikamgarh , Damoh , Hoshangabad , Chhatarpur , Narsinghpur , Rewa , Seoni , Mandla , Shahdol , Sidhi , Sagar , Satna , Panna , Dindori , Umaria , Anuppur and Singrauli for trail of offences investigated by the Special Police Establishment Act , 1946 , except those specified in Chapter- III of Prevention of Corruption Act , 1938 (49 of 1938) .
The Headquarter of the Court shall be at Jabalpur .
क्र. ई - 1146-तीन-6-4-57- भाग- 40.- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (सन् 1974 का अधिनियम क्रमांक -2 ) की धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश अपनी अधिसूचना क्रमांक सी -752/तीन-6-4-57 भाग- 37, दिनांक 5 मार्च , 2009 को अतिष्ठित करते हुए श्रीमती शुभ्रा सिंह, न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी , इन्दौर को विधि और विधायी कार्य विभाग , मध्यप्रदेश शासन की अधिसूचना क्र. फा. क्रमांक -1/5/96/21 - बी ( 1 ) , दिनांक 3 मार्च 2011 द्वारा इन्दौर, भोपाल , रायसेन, सीहोर, देवास, शाजापुर, धार, पूर्व निमाड़ खण्डवा, राजगढ़, झाबुआ, मन्दसौर, नीमच, रतलाम, उज्जैन, प.नि. मण्डलेश्वर, ग्वालियर , भिण्ड, दतिया, गुना, मुरैना , शिवपुरी, विदिशा, बड़वानी, बुरहानपुर, अशोकनगर, अलीराजपुर, श्योपुर तथा हरदा जिलों की सीमाओं के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 ( 1988 का अधिनियम क्रमांक -49 ) के अध्याय-3 में वर्णित अपराधों को छोड़कर ऐसे अपराधों, जिनका अन्वेषण दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 के अधीन विशेष पुलिस स्थापना केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा किया गया हो , के विचारण करने हेतु ( सी.बी.आई. मामलों के लिए विशेष रूप से ) निर्मित विशेष न्यायिक दण्डाधिकारी के न्यायालय का पीठासीन अधिकारी नियुक्त करता है.
न्यायालय का मुख्यालय इन्दौर में रहेगा .
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
[ भाग 1 No. E- 1146 - III- 6-4-57 - XL.-In exercise of the powers confered by sub- section (2) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure , 1973 (Act No. 2 of 1974) and in supersession of its Notification No. C - 752- III - 6-4-57- XXXVIII , dated 5th March, 2009 , the High Court of Madhya Pradesh appoints Smt. Shubhra Singh , Judicial Magistrate First Class , Indore to be the Presiding Officer of the Court of Judicial Magistrate First Class ( Specially for C.B.I. Cases ) established by the Government of Madhya Pradesh vide Law & Legislative Affairs Department Notification No. F- 1-5-96-21 - B ( 1 ) , dated 3rd March, 2011 for the areas comprising in the Districts Indore , Bhopal , Raisen , Sehore , Dewas , Shajapur , Dhar , E.N. Khandwa , Rajgarh , Jhabua , Mandsaur , Neemuch , Ratlam , Ujjain , W.N. Mandleshwar , Gwalior , Bhind , Datia , Guna , Morena , Shivpuri , Vidisha , Barwani , Burhanpur , Ashoknagar , Alirajpur , Sheopur & Harda for trail of offences investigated by the Special Police Establishment , Central Bureau of Investigation under the Delhi Special Police Establishment Act , 1946 , except those specified in Chapter - III of Prevention of Corruption Act, 1988 (49 of 1988) .
The Head quarter of the Court shall be at Indore .
जबलपुर, दिनांक 4 मार्च 2011
क्र. B - 959- तीन - 10-40-78- संशोधन-6- शुद्धि- पत्र. - उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर एतद्वारा मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) , दिनांक 1 फरवरी , 2011 में प्रकाशित अपनी अधिसूचना क्रमांक 121-2011- तीन- 10-40-78-संशोधन ( भाग -6 ) , दिनांक 24 जनवरी 2011 के अंग्रेजी संस्करण में निम्नलिखित शुद्धि- पत्र जारी करता है : -
" अंग्रेजी संस्करण में पृष्ठ क्रमांक 80 ( 8 ) के अनुक्रमांक 6 के कॉलम ( 8 ) में मुलताई के सामने अंक 2 के स्थान पर अंक 3 पढ़ा जावे. " .
CORRIGENDUM
The High Court of Madhya Pradesh hereby issues corrigendum of the English version of its Notification No. 121-2011 - III - 10-40-78 - Amendment (Pt . - VI ) dated 24th January 2011 which was published in Rajpatra (Extra- ordinary) dated 1st February 2011 as under :-
" In this English Version at Page No. 80 ( 8 ) Column No. ( 8) of serial No. 6 the number written as 2 be read as Number 3 in front of Multai . "
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, अभय कुमार, रजिस्ट्रार.
1111 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
जबलपुर, दिनांक 1 मार्च 2011
क्र. 324-गोपनीय - 2011-दो- 3-250-57 ( भाग -29 ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 सहपठित सिविल कोर्ट्स एक्ट 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 11 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर द्वारा निम्न न्यायिक अधिकारी को , जिनका नाम निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में अंकित है और जिन्हें मध्यप्रदेश शासन विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक फा. 3 ( बी) 1-2010-21 - ब ( एक ) ( मेरिट क्रमांक ... ) दिनांक 10, 14 , 17, 21 , 22 एवं 25 फरवरी , 2011 द्वारा अस्थायी तौर से ( दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर ) मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा , वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) में नियुक्त किया गया है , उनके नाम के समक्ष स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये स्थान पर एवं स्तम्भ क्रमांक ( 4 ) में अंकित व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश तथा न्यायिक दण्डाधिकारी द्वितीय श्रेणी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ किया जाता है :-
सारणी
नाम
क्रमांक
प्रशिक्षण हेतु पदस्थापना
का स्थान
(1)
(2)
(3)
न्यायालय का नाम जिसके अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त एवं पदस्थ (4) 1
सुश्री अनु चन्द्रावत
जबलपुर
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , जबलपुर के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज) .
2
श्री विधान माहेश्वरी
भोपाल
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2, भोपाल के न्यायालय के सप्तम् अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज) .
3
भोपाल
श्री गिरीश कुमार शर्मा
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , भोपाल के न्यायालय के अष्ठम् अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज) .
4
जबलपुर
सुश्री प्रीतिशिखा अग्रवाल
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , जबलपुर के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज) .
5
ग्वालियर
सुश्री मधुलिका मुले
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , ग्वालियर के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज) .
6
श्री प्रशांत पाण्डेय
रीवा
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , रीवा के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज ) .
7
सीहोर
श्री अरविन्द श्रीवास्तव
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , सीहोर के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज).
8
पन्ना
श्री बृजेश सिंह
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , पन्ना के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज) .
9
श्री आरिफखान
इन्दौर
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2, इन्दौर के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज ) .
1112
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
[भाग 1 (1)
(2)
(3)
(4) 10
श्री धीरज कुमार
मुरैना
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , मुरैना के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज ) .
11
खण्डवा
श्री संजोग सिंह बाघेला
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , खण्डवा के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज) .
12
श्रीमती कला भम्मरकर
सागर
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2, सागर के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज ) .
13
रायसेन
श्री विपेन्द्र सिंह यादव
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , रायसेन के न्यायालय के चतुर्थ अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज) .
14
श्री रमाकांत भारके
नरसिंहपुर
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , नरसिंहपुर के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज) .
जबलपुर, दिनांक 4 मार्च 2011
क्र. 342 - गोपनीय - 2011 - दो - 3-250-57 ( भाग -29 ) . - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 सहपठित सिविल कोर्ट्स एक्ट 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 11 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर द्वारा निम्न न्यायिक अधिकारी को, जिनका नाम निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में अंकित है और जिन्हें मध्यप्रदेश शासन विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक फा. 3 ( बी ) 1-2010-21 - ब ( एक ) ( मेरिट क्रमांक ... ) दिनांक 25 एवं 28 फरवरी , 2011 द्वारा अस्थायी तौर से ( दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर ) मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा, वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) में नियुक्त किया गया है , उनके नाम के समक्ष स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये स्थान पर एवं स्तम्भ क्रमांक ( 4 ) में अंकित व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश तथा न्यायिक दण्डाधिकारी द्वितीय श्रेणी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ किया जाता है :-
सारणी
क्रमांक
नाम
प्रशिक्षण हेतु पदस्थापना
का स्थान
(2)
(1)
(3)
न्यायालय का नाम जिसके अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त एवं पदस्थ (4) 1
कटनी
सुश्री स्नेहा सिंह
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , कटनी के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज) .
2
श्री अभिषेक सोनी
सिवनी
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , सिवनी के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज) .
3
श्री गिरजेश कुमार सनोडिया
नरसिंहपुर
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , नरसिंहपुर के न्यायालय के चतुर्थ अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज) .
भाग 1 ]
1113
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
(1)
(2)
4
श्री कमलेश मीणा
5
श्री प्रकाश कुमार उइके
(3)
(4)
गुना
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , गुना के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज ) .
नरसिंहपुर
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , नरसिंहपुर के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज) .
क्र. 345-गोपनीय - 2011 - दो- 2-1-2011 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्नलिखित जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ (4 ) में निर्दिष्ट स्थान में स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट सिविल जिले के लिये जिला न्यायाधीश की हैसियत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है . साथ ही दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 9 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उन्हें उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सत्र न्यायालय में सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है : -
क्रमांक
नाम
कहां से (1)
(2)
(3) 1 श्रीमती क्षिप्रा शर्मा
नरिसंहपुर 2
भोपाल श्रीमती दुर्गा डावर, प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , भोपाल.
3
ग्वालियर श्री सुनील कुमार अवस्थी अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता फोरम, ग्वालियर के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.
4
सतना श्री जगदीश प्रसाद महेश्वरी अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता फोरम, सतना के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.
5 श्री उल्हास बापट
सिवनी 6
भोपाल श्री अखिल कुमार श्रीवास्तव विधि अधिकारी , राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो , भोपाल के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.
सारणी कहां को
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)
(4)
पदस्थापना के जिले का नाम (5)
धार
धार
सिविल जिला, धार. जिला एवं सत्र न्यायाधीश धार की हैसियत से रिक्त पद पर.
सिवनी
सिवनी
सिविल जिला, सिवनी जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिवनी की हैसियत से श्री उल्हास बापट के स्थान पर.
भिण्ड
भिण्ड
सिविल जिला, भिण्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश भिण्ड की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
दमोह
दमोह
सिविल जिला, दमोह जिला एवं सत्र न्यायाधीश दमोह की हैसियत से रिक्त पद पर.
सीहोर
सीहोर
सिविल जिला, सीहोर . जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीहोर की हैसियत से श्री वेद प्रकाश शर्मा के स्थान पर.
नरसिंहपुर
नरसिंहपुर
सिविल जिला , नरसिंहपुर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरसिंहपुर की हैसियत से श्रीमती क्षिप्रा शर्मा के स्थान पर.
1114
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
(1)
(2)
(3) 7
सागर श्री अवधेश कुमार पाण्डेय अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता फोरम, सागर के पद से प्रतिनियुक्तिसे लौटने पर.
टिप्पणी :-
1. श्रीमती क्षिप्रा शर्मा जिला एवं सत्र न्यायाधीश , नरसिंहपुर.
[ भाग 1 (4)
(5)
(6)
सीधी
सीधी
सिविल जिला, सीधी. जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीधी की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
2. श्री उल्हास बापट, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सिवनी, का स्थानांतरण स्वयं के व्यय पर किया गया है .
जबलपुर, दिनांक 5 मार्च 2011
क्र. 347-गोपनीय- 2011- दो- 3-1-2011 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 एवं न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है :-
क्रमांक
नाम
कहां से (1)
(2)
(3) 1 श्री नितिन कुमरे
जबलपुर सारणी
कहां को
का नाम
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (4)
पदस्थापना के जिले (5)
(6)
अमरवाड़ा छिन्दवाड़ा व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
जबलपुर, दिनांक 7 मार्च 2011
क्र. 367-गोपनीय- 2011- दो- 3-250-57 ( भाग -29 ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 सहपठित सिविल कोर्ट्स एक्ट 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 11 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर द्वारा निम्न न्यायिक अधिकारी को, जिनका नाम निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में अंकित है और जिन्हें मध्यप्रदेश शासन विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक फा. 3 ( बी ) 1-2010-21 - ब ( एक ) ( मेरिट क्रमांक ... ) दिनांक 25 फरवरी , 2011 , 1 तथा 4 मार्च 2011 द्वारा अस्थायी तौर से ( दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर ) मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा, वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) में नियुक्त किया गया है , उनके नाम के समक्ष स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये स्थान पर एवं स्तम्भ क्रमांक ( 4 ) में अंकित व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश तथा न्यायिक दण्डाधिकारी द्वितीय श्रेणी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ किया जाता है :-
क्रमांक
नाम
सारणी
प्रशिक्षण हेतु पदस्थापना
का स्थान
(1)
(2)
1
सुश्री निधि श्रीवास्तव
2
कुमारी नेहा बंसल
(3)
न्यायालय का नाम जिसके अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त एवं पदस्थ (4)
विदिशा
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , विदिशा के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज).
ग्वालियर
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , ग्वालियर के न्यायालय के ग्याहरवें अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज) .
1115 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 मार्च 2011
(1)
(2)
(3)
(4) 3
छिन्दवाड़ा
सुश्री तबस्सुम खान
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2, छिंदवाड़ा के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज) .
4
श्री पंकज शर्मा
होशंगाबाद
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , होशंगाबाद के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज) .
5
श्री धीरेन्द्र सिंह परिहार
नीमच
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , नीमच के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज).
6
श्री शिवचरण पटेल
शहडोल
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , शहडोल के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज).
7
सीहोर
श्री बलवीर सिंह धाकड़
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , सीहोर के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज).
8
हरदा
श्री राकेश कुमार कुशवाह
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2, हरदा के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज ).
क्र. 375 - गोपनीय - 2011- दो - 2-1-2011 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अधीन एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , निम्न सारणी के स्तम्भ (2 ) में दर्शित उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी को उनके समक्ष के स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तत्संबंधी स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायाधीश की हैसियत से तथा मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग की अधिसूचना क्रमांक फा- 1-2-90- इक्कीस- ब ( एक) , दिनांक 26 अक्टूबर 1995 , अधिसूचना क्रमांक फा.-1-2-90- इक्कीस ब ( एक ) , दिनांक 19 फरवरी 1997 एवं क्रमांक 1-2-90- इक्कीस अ ( एक ) , दिनांक 7 मई 1999 तथा क्रमांक फा. 1-2-90 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 4 मई 2007 द्वारा अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 ( 1989 की संख्या 33 ) की धारा 14 के अधीन विनिर्दिष्ट सारणी के तत्संबंधी स्तम्भ ( 7 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के रूप में पदस्थ एवं नियुक्त करता है .
दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 ( 1974 की संख्या 2 ) की धारा 9 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , उच्च न्यायिक सेवा के निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में निर्दिष्ट अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिये अपर सत्र न्यायाधीश नियुक्त करता है:-
क्रमांक
कहां से
नाम
कहां को
न्यायालय के संदर्भ में टिप्पणी
सारणी सत्र खण्ड का नाम
विशेष न्यायालय का नाम (1)
(6)
(2)
1.
(3) भोपाल
(4) सीहोर
(7) सीहोर
(5) सीहोर पीठासीन अधिकारी विशेष न्यायालय की हैसियत से
श्री रघुवीर सिंह चुण्डावत 1116
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
[भाग 1 क्र. 376-गोपनीय- 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग- बी) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश उच्च न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारियों ( अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ) को कंडिका 2 की सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ (4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित उक्त न्यायिक अधिकारियों के समक्ष स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट स्थान पर अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियमित न्यायालय में पदस्थ करता है.
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, उच्च न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारी को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है :-
नाम
क्रमांक
कहां से (1)
(2)
(3) 1 श्रीमती मीना अग्रवाल
हरदा 2.
भिण्ड श्री संजीव कुमार सरैया
3 श्री लाल सिंह दुवाशा
महू 4 डॉ. ओमप्रकाश तिवारी
मैहर 5 श्री अमिताभ मिश्रा
सतना 6
जौरा श्री राजेन्द्र प्रसाद मनकेलिया
7 श्री अजय प्रकाश मिश्र
ब्यावरा 8 श्री राजाराम भारतीय
गुना 9 श्री रमाशंकर शर्मा
आगर सारणी
कहां को
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)
(4)
सत्र खण्ड का नाम (5)
भोपाल
भोपाल
सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
भोपाल
भोपाल
षष्ठम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री रघुवीर सिंह चुण्डावत के स्थान पर.
होशंगाबाद
होशंगाबाद
तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
होशंगाबाद
होशंगाबाद
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश होशंगाबाद , के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.
इंदौर
इंदौर
षष्ठम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री सुरेन्द्र कुमार तुरकर के स्थान पर.
गुना
गुना
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुना की हैसियत से श्री जे. एम. चतुर्वेदी के स्थान पर.
जबलपुर
जबलपुर
चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कीहैसियत से .
सोनकच्छ सोनकच्छ
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
मैहर
सतना
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से डॉ. ओ. पी . तिवारी के स्थान पर.
भाग 1 ]
1117
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
क्र. 377- गोपनीय - 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी ) को सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट स्थान पर अपर जिला न्यायाधीश ( फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी ) की हैसियत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न पीठासीन अधिकारी फास्ट ट्रैक कोर्टस को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है : -
सारणी
क्रमांक
नाम
कहां से
कहां को
(1)
(2)
(3)
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)
(4)
सत्र खण्ड का नाम (5)
1
खण्डवा
श्री नरवर सिंह भूरिया
अलीराजपुर अलीराजपुर द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , जोबट के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, स्थान- अलीराजपुर की हैसियत से.
2 श्रीमती सरला वाकलवार
ग्वालियर
ग्वालियर
भोपाल
बारहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , ग्वालियर की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
3 श्री राम प्रकाश मिश्रा
सीहोर
सीहोर
छतरपुर
तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , सीहोर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश सीहोर की हैसियत से.
दतिया
दतिया
4. श्री हरीश कुमार कौशिक
श्योपुर
द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट ) , दतिया के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.
टिप्पणी.- ( 1 ) रजिस्ट्री के आदेश क्रमांक 304- गोपनीय- 2011-दो- 2-1-2011 ( भाग - ए ) दिनांक 24 फरवरी 2011 , जहां तक इसका संबंध श्रीमती मीना अग्रवाल, विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति/जनजाति ( अत्याचार निवारण ) , अधिनियम, हरदा का हरदा से सीहोर स्थानांतरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है .
(2) रजिस्ट्री के आदेश क्रमांक 305- गोपनीय- 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग - बी ) दिनांक 24 फरवरी 2011 , जहां तक इसका संबंध श्री लाल सिंह दुवाशा , द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महू, जिला इन्दौर का महू से अलीराजपुर स्थानांतरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है .
(3) रजिस्ट्री के आदेश क्रमांक 306- गोपनीय- 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग - बी ) दिनांक 24 फरवरी 2011 , जहां तक इसका संबंध श्रीमती सरला वाकलवार, दसवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , भोपाल का भोपाल से मुरैना स्थानांतरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है .
1118
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मार्च 2011
[ भाग 1 (4) रजिस्ट्री के आदेश क्रमांक 305- गोपनीय- 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग - बी ) दिनांक 24 फरवरी 2011 , जहां तक इसका संबंध श्री रघुबीर सिंह चुण्डावत, षष्ठम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भोपाल , का भोपाल से सीहोर द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
टिप्पणी.-( 1 ) श्रीमती मीना अग्रवाल , विशेष न्यायाधीश , अनुसूचित जाति/जनजाति ( अत्याचार निवारण ) , अधिनियम , हरदा का स्थानांतरण , उनके अभ्यावेदन के आधार पर विचारोपरान्त स्वयं के व्यय पर किया गया है , इसलिए उन्हें स्थानांतरण यात्रा व्यय की पात्रता नहीं होगी .
( 2) श्री संजीव कुमार सरैया , प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , भिण्ड का स्थानांतरण, उनके अभ्यावेदन के आधार पर विचारोपरान्त स्वयं के व्यय पर किया गया है , इसलिए उन्हें स्तानांतरण यात्रा व्यय की पात्रता नहीं होगी .
( 3 ) श्री नरवरसिंह भूरिया, चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , खण्डवा का स्थानांतरण , उनके अभ्यावेदन के आधार पर विचारोपरान्त स्वयं के व्यय पर किया गया है , इसलिए उन्हें स्तानांतरण यात्रा व्यय की पात्रता नहीं होगी.
जबलपुर, दिनांक 8 मार्च 2011
क्र. 385 -गोपनीय - 2011 - दो - 3-250-57 ( भाग -29 ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 सहपठित सिविल कोर्ट्स एक्ट 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 11 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर द्वारा निम्न न्यायिक अधिकारी को, जिनका नाम निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में अंकित है और जिन्हें मध्यप्रदेश शासन विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक फा. 3 ( बी) 1-2010-21 - ब ( एक) (मेरिट क्रमांक -42) दिनांक 28 फरवरी , 2011 द्वारा अस्थायी तौर से ( दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर ) मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा, वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) में नियुक्त किया गया है , उनके नाम के समक्ष स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये स्थान पर एवं स्तम्भ क्रमांक ( 4 ) में अंकित व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश तथा न्यायिक दण्डाधिकारी द्वितीय श्रेणी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ किया जाता है :-
सारणी
क्रमांक
नाम
प्रशिक्षण हेतु पदस्थापना
का स्थान
(2)
(3)
न्यायालय का नाम जिसके अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त एवं पदस्थ (4) (1) 1
भोपाल
श्री नवनीत सिंह यादव
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , भोपाल के न्यायालय के नवम् अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज) .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, सुभाष काकडे , रजिस्ट्रार जनरल .