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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 01 April 2011

Type
Ordinary
Gazette no.
13
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2011-04-01.13.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदेश

शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 13 ]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 1 अप्रैल 2011- चैत्र 11 , शक 1933

विषय -सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट .

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.-( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक, (ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद् के अधिनियम,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 12 मार्च 2011

क्र. ई - 1-10-2011-5- एक. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 10 मार्च 2011 की तालिका 3 के अनुक्रमांक -2 जिसके द्वारा श्री भोंडवे संकेत शांताराम, भाप्रसे ( 2007 ) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खुरई, जिला सागर को मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत एवं पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) , सागर पदस्थ किया गया है , में आंशिक संशोधन करते हुए, अब उन्हें अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत एवं पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) सीधी पदस्थ किया जाता है .

1119

( 2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 10 मार्च 2011 की तालिका 4 के अनुक्रमांक -1 जिसके द्वारा श्री आर. के. त्रिपाठी, राप्रसे ( 1985 ) , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , सागर को अपर कलेक्टर, भिण्ड पदस्थ किया गया है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

(3 ) श्री जगदीश चन्द्र जटिया , राप्रसे ( 1992 ) , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, सीधी को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर कलेक्टर , भिण्ड पदस्थ किया जाता है.

(4) समसंख्यक आदेश दिनांक 10 मार्च 2011 का शेष अंश यथावत रहेगा.

भोपाल , दिनांक 15 मार्च 2011

क्र. ई- 5-772- आयएएस - लीव - 5- एक. ( 1 ) श्री पी . नरहरि, आयएएस , कलेक्टर , जिला सिंगरौली को दिनांक 25 अप्रैल से नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2011 1120

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

7 मई 2011 तक तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 24 अप्रैल एवं 8 मई 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2) श्री पी. नरहरि की अवकाश की अवधि में श्री मनोज खत्री, राप्रसे मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, सिंगरौली को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला सिंगरौली का प्रभार सौंपा जाता है .

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री पी. नरहरि को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला सिंगरौली के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) श्री पी. नरहरि द्वारा कलेक्टर, जिला सिंगरौली का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री मनोज खत्री, कलेक्टर , जिला सिंगरौली के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5) अवकाशकाल में श्री पी . नरहरि को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री पी . नरहरि , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

[भाग 1 भोपाल , दिनांक 16 मार्च 2011

क्र. ई- 5-846 - आयएएस- लीव-5- एक. ( 1 ) श्रीमती रेनू तिवारी , आयएएस , उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग तथा संचालक, संपदा संचालनालय को दिनांक 18 से 23 मार्च 2011 तक, छः दिन का अर्जित अवकाश इस शर्त पर स्वीकृत किया जाता है कि आब्जर्वर ड्यूटी अथवा विधान सभा चुनाव से संबंधित कोई भी कार्य के लिये आवश्यकता पड़ने पर तत्काल प्रभाव से आपका अवकाश निरस्त कर, अवकाश से वापस बुलाया जा सकता है .

( 2 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती रेनू तिवारी को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग तथा संचालक, संपदा संचालनालय के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में श्रीमती रेनू तिवारी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती रेनू तिवारी, अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एस. तोमर , अवर सचिव, ' कार्मिक'.

भोपाल, दिनांक 10 मार्च 2011

क्र. ई - 1-10-2011-5- एक. ( 1 ) श्री श्रीमन शुक्ला, भाप्रसे ( 2007 ) , मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, होशंगाबाद ( कनिष्ठ वेतनमान ) को इस आदेश के प्रसारण की तिथि से भाप्रसे का वरिष्ठ वेतनमान स्वीकृत किया जाता है. वरिष्ठ वेतनमान के फलस्वरूप इनकी पदस्थापना यथावत रहेगी. साथ ही उन्हें पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) होशंगाबाद भी पदस्थ किया जाता है.

(2 ) श्री नागरगोजे मदन विभीषण , भाप्रसे ( 2007 ) , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, हरदा ( कनिष्ठ वेतनमान ) को इस आदेश के प्रसारण की तिथि से भाप्रसे का वरिष्ठ वेतनमान स्वीकृत किया जाता है . वरिष्ठ वेतनमान के फलस्वरूप इनकी पदस्थापना यथावत रहेगी. साथ ही उन्हें पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) हरदा भी पदस्थ किया जाता है .

(3 ) नीचे तालिका के खाना-2 में दर्शाये भाप्रसे के आवंटन वर्ष 2007 के अधिकारियों को इस आदेश के प्रसारण की तिथि से भाप्रसे का वरिष्ठ वेतनमान स्वीकृत किया जाता है तथा उनके नाम के समक्ष खाना-3 में दर्शाए पद पर आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है :-

अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना (2)

क्र. (1)

1 श्री स्वतंत्र कुमार सिंह अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) नरसिंहगढ़ , जिला राजगढ़.

नवीन पदस्थापना (3)

मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत एवं पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) , रीवा.

भाग 1 ]

1121

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

(1)

(2)

2 श्री भोंडवे संकेत शांताराम, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) खुरई, जिला सागर.

3 सुश्री स्वाती मीणा , महू, जिला इन्दौर. अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व )

(3)

मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत एवं पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) , सागर.

मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत एवं पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) , छिन्दवाड़ा.

( 4 ) राज्य प्रशासनिक सेवा के निम्नलिखित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित करते हुए अस्थायी रूप से , आगामी आदेश- पर्यन्त कालम -3 से कालम -4 में बताये गये स्थान पर पदस्थ किया जाता है :-

क्र. (1)

अधिकारी का नाम/बैच (2)

वर्तमान पदस्थापना

(3)

1

श्री आर. के. त्रिपाठी ( 1985)

2

श्री श्रीनिवास शर्मा ( 1986)

3

डॉ. जयप्रकाश दुबे ( 1993 )

राजस्व विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 3 मार्च 2011

क्र. एफ. 12-03-2011 - सात-2 ए. - भारत के संविधान के अनुच्छेद 166 के खण्ड ( 2 ) तथा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, मध्यप्रदेश के राज्यपाल द्वारा बनाये गये मध्यप्रदेश शासन के कार्य नियमों के भाग- पांच में नियम 13 के अधीन अनुपूरक अनुदेशों के अनुदेश क्रमांक 2- क की मद ( एक ) के अनुसार मुझमें निहित प्राधिकार के अनुसरण में, विभागीय अधिसूचना क्रमांक एफ. 12-84-90-सात-9 , दिनांक 26 मार्च 2002 को अतिष्ठित करते हुये , मैं करण सिंह वर्मा, भारसाधक मंत्री, राजस्व विभाग, मध्यप्रदेश शासन , एतद्वारा जिले के कलेक्टर को " पदेन उपसचिव " मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग के रूप में राज्य सरकार को भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 ( 1894 का 1 ) की धारा 4 तथा 6 के अधीन प्रत्यायोजित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भूमि के अर्जन से संबंधित मामलों का निपटारा करने के लिये तथा उक्त अधिनियम की धारा 11 के अधीन साधारण मामलों में रुपये एक करोड़ तथा परियोजनाओं के मामलों में रुपये पांच करोड़ की आर्थिक सीमा तक के अवार्ड देने के लिये तथा संभाग के आयुक्त

नवीन पदस्थापना (4)

अपर कलेक्टर, भिण्ड

मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , सागर.

अपर कलेक्टर , छिन्दवाड़ा

मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, छिन्दवाड़ा.

अपर कलेक्टर , सीधी

मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , रीवा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,

अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

को " पदेन सचिव " मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग के रूप में उक्त अधिनियम की धारा 11 के अधीन कलेक्टर द्वारा दिये गये साधारण मामलों में रुपये एक करोड़ से अधिक तथा परियोजनाओं के मामलों में रुपये पांच करोड़ से अधिक के अवार्ड का अनुमोदन करने के हेतु निदेश देता हूं तथा प्राधिकृत करता हूं और संभागायुक्त को " पदेन सचिव " मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग के रूप में, राज्य सरकार द्वारा , उक्त अधिनियम की धारा 5 - क तथा 17 के अधीन शक्तियों का प्रयोग करने हेतु भी प्राधिकृत करता हूँ. किसी ऐसे पदेन उपसचिव या पदेन सचिव द्वारा निपटाये गये मामले शासन द्वारा निपटाये गये समझे जायेंगे .

करण सिंह वर्मा, भारसाधक मंत्री.

भोपाल, दिनांक 3 मार्च 2011

क्र. एफ. 12-03-2011 - सात-2 ए. भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में , इस विभाग की अधिसूचना क्र. एफ. 12-03-2011- सात-2 ए, दिनांक 3 मार्च 2011 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एन. एस. परमार, उपसचिव.

1122

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

Bhopal , the 3rd March 2011

No. F. 12-03-2011-7-2A . Pursuant to the authority vested in me as per item (i ) of instruction No. 2 -A of the supplementary instructions under rule 13 in Part V of the Madhya Pradesh Government Rules of Business made by the Governor of Madhya Pradesh in exercise of the powers conferred by clauses (2) and (3 ) of article 166 of the Constitution of India , I , Karan Singh Verma , Minister- in- Charge , Revenue Department , supersedidng the Departmental Notification No. F. 12-84-90 - VII - 9 , dated 26th March , 2002 hereby direct and authorize the Collector of the District as " ex- officio Deputy Secretary " to the Government of Madhya Pradesh in Revenue Department, to dispose off the cases concerning land acquisition by exercising the powers under Section 4 and 6 of the Land Acquisition Act , 1894 ( No. 1 of 1894) , delegated to the State Government and to make the award in general cases up to the extent of monetary limit of rupees one crore and in projects cases up to rupees five corre under Section 11 of the said Act and the Commissioner of the Division as " ex - officio Secretary " to the Government of Madhya Pradesh in Revenue Department for approving the award in general cases of above rupees one crore and project cases of above rupees five crore made by the Collector under Section 11 of the said Act and also authorize the Commissioner of the Division as " ex - officio Secretary " to the Government of Madhya Pradesh in Revenue Department , to exercise the powers under Section 5 - A and 17 of the said Act , subject to the instructions issued from time to time by the State Government, the disposal , by any such ex - officio Deputy Secretary or ex - officio Secretary shall be deemed to be disposal by the Government.

KARAN SINGH VERMA , Minister- in- Charge .

गृह विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 15 मार्च 2011

क्र. एफ. 1 ( ए) 13-2000-ब-2-दो. श्री विवेक शर्मा, भापुसे , तत्का. सेनानी , 9वीं वाहिनी, विसबल , रीवा को दिनांक 21 अक्टूबर से 7 नवम्बर 2010 तक कुल अठारह दिवस के लघुकृत अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है .

( 2) अवकाश से लौटने पर श्री विवेक शर्मा , भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न तत्का. सेनानी, 9वीं वाहिनी, विसबल , रीवा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में श्री विवेक शर्मा, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री विवेक शर्मा , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

क्र. एफ. 1 ( ए) 111-86- ब- 2-दो. श्री संजय चौधरी , भापुसे, संचालक, खेल एवं युवा कल्याण , मध्यप्रदेश, भोपाल को उनके पुत्र से भेंट के लिये यू. एस. ई. ( दुबई ) जाने हेतु दिनांक 30 दिसम्बर 2010 से 5 जनवरी 2011 तक कुल सात दिवस के अर्जित अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है.

( 2 ) अवकाश से लौटने पर , श्री संजय चौधरी , भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, मध्यप्रदेश , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाश काल में श्री संजय चौधरी , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री संजय चौधरी , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक दास , प्रमुख सचिव .

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 23 मार्च 2011

क्र. फा. 3 ( बी ) 1-2010- इक्कीस ब ( एक) . ( मेरिट क्र.- 10 ) .- राज्य शासन , श्री अग्नीन्ध्र कुमार द्विवेदी, पुत्र श्री लक्ष्मी नारायण द्विवेदी को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा में अथवा अन्य आदेश होने तक अस्थायी रूप से , उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700- 770-33090-920-40450-1080-44470 में एतद्वारा , नियुक्त करता है.

अभ्यर्थी का गृह जिला इंदौर, ( म. प्र. ) है . उसकी जन्मतिथि 21 दिसम्बर, 1980 है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव.

भोपाल, दिनांक 18 मार्च 2011

फा. क्र. 1 ( बी ) 5-05- इक्कीस ब ( दो ).- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 25 अगस्त 2009 द्वारा नियुक्त श्रीमती लीना एस. बघेल, अति. शास. अभिभाषक/ अति. लोक अभियोजक, विदिशा राजस्व जिले के तहसील गंजबासौदा ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) के कार्यकाल में दिनांक 23 सितम्बर 2010 से दिनांक 22 सितम्बर 2013 तक तीन वर्ष के लिये पुनर्नियुक्ति करता है . यह पुनर्नियुक्ति बिना कोई कारण बताये एक माह का नोटिस देकर समाप्त की जा सकती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ए. जे. खान, सचिव.

भाग 1 ]

1123

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

आवास एवं पर्यावरण विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 14 मार्च 2011

क्र. एफ- 3-80-2010- बत्तीस. मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 23 " क " की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ- 3-80-2010- बत्तीस दिनांक 13 दिसम्बर 2010 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रकाशित भोपाल विकास योजना 2005 में निम्नलिखित उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार है:-

उपांतरण विवरण

ग्राम

खसरा क्रमांक

क्र.

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)

(2)

(3)

(4) 1.

ग्राम गौरा

4.85

234/1/2/1/1/1/ क/1 क/ 1 /ख ,

234/2/3 ,

234/2/1/1/1/क,

234/2/1/ 1/ग

योग

4.85 2. उपरोक्त उपांतरण भोपाल विकास योजना 2005 का एकीकृत भाग होगा.

विकास योजना में निर्दिष्ट भू उपयोग

(5)

उपांतरण पश्चात उपांतरित भू उपयोग (6)

कृषि

सार्वजनिक एवं अर्द्ध- सार्वजनिक के अंतर्गत शैक्षणिक.

शर्तः- अभिन्यास अनुमोदन के समय संस्था द्वारा न्यूनतम 12 मीटर चौड़ा मार्ग बनाया/ रखा जावे.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वर्षा नावलेकर , उपसचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग

भोपाल , दिनांक 18 मार्च , 2011

फा. क्र. 1-6-89- इक्कीस ब ( एक) - स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 ( 1985 का 61 ) की धारा 36 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति की सहमति से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 1-6-89- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 3 अप्रैल , 1998 में , जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 17 अप्रैल, 1998 को प्रकाशित हुई थी , निम्नलिखित और संशोधन करता है , अर्थात् :-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में , अनुसूची में, अनुक्रमांक 23 , 31 और 48 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्ः-

विशेष न्यायालय

अनुक्रमांक

(1)

न्यायाधीश का नाम तथा पदनाम (2)

(3)

"23 .

विदिशा

श्री आर. बी. गुप्ता, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , विदिशा.

स्थानीय क्षेत्र/सेशन खण्ड (4)

विदिशा 1124

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

(2)

(1)

(3)

(4)

दतिया

31.

दतिया

कु. मीना सिंह, विशेष न्यायाधीश, दतिया अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण ) , अधिनियम , 1989 .

48.

हरदा.".

हरदा

श्री तारकेश्वर सिंह, विशेष न्यायाधीश , हरदा अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण ) , अधिनियम, 1989 .

यह संशोधन उस तारीख से प्रवृत्त होगा जिसको कि अधिसूचना में यथाविनिर्दिष्ट न्यायाधीश उक्त न्यायालय में अपने पद का कार्यभार ग्रहण करें.

F. No. 1-6-89 - XXI- B ( 1 ) . In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of Section 36 of the Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act , 1985 ( No. 61 of 1985) , the State Government , with the concurrence of the Chief Justice of the High Court of Madhya Pradesh , hereby , makes the following further amendments in this Department's Notification F.1-6-89 - XXI - B ( I ) dated 3rd April 1998 , which was published in the Madhya pradesh Gazette , Part - I dated 17th April , 1998 , namely :-

AMENDMENTS

In the said Notification, in the Schedule , for serial numbers 23 , 31 and 48 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall respectively be substituted , namely:-

S. No

Special Court

(1)

(3)

Local area/ Session division (4). Name and designation of the Judge (2)

"23

Vidisha

Vidisha Shri R. B. Gupta , Additional Sessions Judge , Vidisha .

31.

Datia

Datia Ku . Meena Singh , Special Judge, Scheduled Castes and Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities ) Act , 1989 , Datia .

48 .

Harda

Harda.".

Shri Tarkeshwar Singh , Special Judge , Scheduled Castes and Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act , 1989 , Harda .

This amendment shall come into force from the date on which the Judge as specified in the Notification assumes the charge of his office in the said Court .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

ए. के. मिश्रा , प्रमुख सचिव.

भाग 1 ]

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश शाजापुर, दिनांक 15 मार्च 2011

क्र . स्था. चार- एक- 2011-273.- मध्यप्रदेश लोक परिसर ( बेदखली ) अधिनियम, 1974 की धारा 3 के अनुसार सक्षम अधिकारी नियुक्त करने के अधिकार राज्य सरकार में विहित हैं, उक्त धारा 3 की शक्तियां धारा 17 के अनुसार कलेक्टर को प्रदत्त की गई हैं .

अतः, मैं , सोनाली एन. वायंगणकर, कलेक्टर शाजापुर मध्यप्रदेश लोक परिसर ( बेदखली ) अधिनियम, 1974 की धारा 17 के अनुसार प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, धारा 3 के अनुसार निम्नानुसार पदनाम के समक्ष अंकित क्षेत्र के लिये सक्षम अधिकारी नियुक्त करती हूं:-

1125

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

विभाग प्रमुखों के आदेश

निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

कार्यक्षेत्र

क्र.

पदनाम

(1)

(2)

(3)

1 अनुविभागीय अधिकारी , शाजापुर.

शाजापुर अनुभाग के शाजापुर , मो . बडोदिया एवं गुलाना तहसील क्षेत्र.

शुजालपुर अनुभाग के शुजालपुर एवं कालापीपल तहसील क्षेत्र.

2 अनुविभागीय अधिकारी , शुजालपुर

3 अनुविभागीय अधिकारी , आगर

आगर अनुभाग के आगर एवं बंडौद तहसील क्षेत्र.

सुसनेर अनुभाग के सुसनेर एवं नलखेड़ा तहसील क्षेत्र.

4 अनुविभागीय अधिकारी, सुसनेर

सोनाली एन. वायंगणकर, कलेक्टर .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन "

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल, मध्यप्रदेश - 462011

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 मार्च 2011

क्र एफ 67-162-10- तीन- 414.- मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम, बुरहानपुर जिला बुरहानपुर के आम निर्वाचन में श्रीमती रसीदा बी पति इमामुद्दीन लीडर, महापौर पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिक निगम, बुरहानपुर जिला बुरहानपुर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इनको अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी बुरहानपुर के पास दाखिल करना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी बुरहानपुर के पत्र क्र. क- न.पा.- सा.लि. -10- 1410, दिनांक 15 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती रसीदा बी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती रसीदा बी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 2 मार्च 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , बुरहानपुर के माध्यम से दिनांक 29 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

1126

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

श्रीमती रसीदा बी को नोटिस दिनांक 29 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 13 अप्रैल 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अभ्यर्थी द्वारा एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया जिसमें उन्होंने लेख किया कि " मैं अशिक्षित हूं मैंने समय - समय पर निर्वाचन लेखा परीक्षण कराया था किन्तु मैंने निर्वाचन व्यय का लेखा रजिस्टर जमा करने संबंधी अपने अभिकर्ता को कहा था जिन्होंने समय पर व्यय का रजिस्टर जमा नहीं करने के कारण मुझे कारण बताओ सूचना पत्र प्राप्त हुआ है . मेरे अभिकर्ता द्वारा कर्तव्य का उचित ढंग से पालन नहीं करने पर मेरे निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं कर पाने के लिये मैं निर्वाचन आयोग से क्षमा चाहती हूं. चूंकि मैं भी अशिक्षित होने से मुझे नियमों की जानकारी नहीं थी. इस सदभाविक त्रुटि के लिये मैं खेद व्यक्त करती हूँ " नोटिस की तालीमी उपरांत कलेक्टर, बुरहानपुर ने अपने पत्र दिनांक 3 जून 2010 में लेख किया कि " श्रीमती रसीदा बी ने अभ्यावेदन में उल्लेख किया है कि वे अशिक्षित हैं इस कारण उनके द्वारा निर्वाचन अभिकर्ता को व्यय लेखा प्रस्तुत करने का दायित्व सौंपा था . अभ्यर्थी द्वारा दिनाकं 23 मार्च 2010 को कार्यालय में व्यय लेखा प्रस्तुत कर दिया है तथा अभ्यर्थी द्वारा क्षमा याचना भी की है ऐसी स्थिति में अभ्यर्थी का अभ्यावेदन स्वीकार किया जाना उचित होगा. " उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 18 अगस्त 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 28 अगस्त 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, बुरहानपुर द्वारा दिनांक 23 अगस्त 2010 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती रसीदा बी पति ईमामुद्दीन लीडर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम, बुरहानपुर जिला बुरहानपुर का महापौर या पार्षद होने के लिए इस आदेश की तारीख से 02 वर्ष ( दो वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

( रजनी उइके )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 मार्च 2011

क्र एफ 67-140-10- तीन- 416.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत सोहागपुर, जिला होशंगाबाद के आम निर्वाचन में सुश्री रमाकांति रमेश चंद्र उर्फ संतोष सेठ, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं . इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर ( अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक ) , सुश्री रमाकांति को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी होशंगाबाद के पास दाखिल करना था , किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी होशंगाबाद के पत्र क्र. 457 - स्था.नि. 119-09-2010, दिनांक 31 मार्च , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री रमाकांति रमेश चंद्र उर्फ संतोष सेठ द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री रमाकांति रमेश चंद्र उर्फ संतोष सेठ, को कारण बताओ सूचना पत्र क्र. एफ- 67-140-2010-तीन-1719 , दिनांक 26 अप्रैल 2010 को जारी कर उप जिला निर्वाचन अधिकारी होशंगाबाद के माध्यम से दिनांक 4 जून 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री रमाकांति रमेश चंद्र उर्फ संतोष सेठ से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना भाग 1 ]

के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री रमाकांति रमेश चंद्र उर्फ संतोष सेठ, को नोटिस दिनांक 4 जून , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 19 जून , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला होशंगाबाद के पत्र क्रमांक 603 - स्था.नि. - 119-09- 2010, दिनांक 16 जुलाई 2010 के द्वारा लेख किया है कि नोटिस तामीली उपरान्त अभ्यर्थी द्वारा लेखे दाखिल नहीं किये गए. आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 2 फरवरी 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया किन्तु अभ्यर्थी सुश्री रमाकांति रमेश चंद्र उर्फ संतोष सेठ आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुई. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना पत्र की तामीली दिनांक 22 जनवरी 2011 को सुश्री रमाकांति को की गई. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री रमाकांति रमेश चन्द्र उर्फ संतोष सेठ द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोजित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री रमाकांति रमेश चन्द्र उर्फ संतोष सेठ को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत सोहागपुर जिला होशंगाबाद का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

( रजनी उइके )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 मार्च 2011

क्र एफ 67-264-10-तीन-418. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के

1127

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका निगम अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत खांड जिला शहडोल , के आम निर्वाचन में सुश्री कल्पना अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं . नगर पंचायत खांड जिला शहडोल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल के पत्र क्र. न.पा. निर्वा.-10-713 , दिनांक 22 अप्रैल 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री कल्पना द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री कल्पना को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 12 मई 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल के माध्यम से दिनांक 26 मई 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जबाव ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री कल्पना को नोटिस दिनांक 26 मई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 10 जून 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अभ्यर्थी द्वारा दिनांक निरंक को एक अभ्यावेदन आयोग कार्यालय को प्रेषित किया जो कि आयोग कार्यालय में दिनांक 17 जून 2010 को प्राप्त हुआ जिसमें उन्होंने लेख किया कि " नगर पंचायत, खांड के निर्वाचन की घोषणा होने के 2 दिन बाद हमारी माताजी का स्वर्गवास हो जाने एवं भतीजे की पेट में गंभीर 1128

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

बीमारी के इलाज के लिये नागपुर ले जाना पड़ा जिसमें काफी समय व्यतीत हो गया. उसके बाद हमको मलेरिया बुखार व पीलिया हो जाने से प्रार्थिया लगातार बीमारी से जूझती रही हैं. जिसकी वजह से समय पर लेखा व्यय प्रस्तुत नहीं कर पाई हूँ. " आयोग द्वारा दिनांक 1 जुलाई 2010 को उक्त अभ्यावेदन के संबंध में कलेक्टर, शहडोल से अभिमत चाहा गया. कलेक्टर , शहडोल ने अपने पत्र दिनांक 11 अगस्त 2010 में लेख किया कि- अभ्यर्थी द्वारा प्रमाणक सत्यापित नहीं किए गए . अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन में नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत न किए जाने का कारण चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद मां का स्वर्गवास, स्वजनों एवं स्वयं की बीमारी बताया साथ ही यह भी कहा कि वर्ष 1999 के आम निर्वाचन में अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुई थीं. अर्थात् स्पष्ट है कि सुश्री कल्पना पांडेय को निर्वाचन संबंधी प्रक्रिया एवं लेखे नियत समय पर प्रस्तुत करने का पूर्ण ज्ञान था. सुश्री कल्पना पांडेय के अभ्यावेदन से मैं सहमत नहीं हूं. उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 27 सितम्बर 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 20 अक्टूबर 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर शहडोल द्वारा दिनांक 8 अक्टूबर 2010 को कराई गई , किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी ने दिनांक निरंक को एक अभ्यावेदन जो कि आयोग कार्यालय में 8 नवम्बर 2010 को प्राप्त हुआ प्रेषित कर व्यक्तिगत सुनवाई दिनांक 20 अक्टूबर 2010 को अनुपस्थित रहने का कारण पीलिया हो जाना बतलाया. अतः आयोग द्वारा अभ्यर्थी को एक मौका और देते हुए व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 9 मार्च 2011 को आहूत किया गया. अभ्यर्थी स्वयं उपस्थित हुईं. उन्होंने विलंब से लेख प्रस्तुत करने का कारण मानसिक परेशानी व बीमारी बतलाया . अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत तथ्य संतोषजनक नहीं पाए गए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई ठोस प्रमाण - पत्र प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोजित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री कल्पना पांडेय को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत खांड़ जिला शहडोल का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 03 वर्ष ( तीन वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

( रजनी उइके )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

[ भाग 1

आदेश

भोपाल , दिनांक 23 मार्च 2011

क्र एफ 67-202-10- तीन-422.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुये नगरपालिका परिषद् रहली जिला सागर के आम निर्वाचन में श्री पवन नायक अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगरपालिका परिषद रहली जिला सागर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी सागर के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सागर के पत्र क्र. क- 754- स्था. निर्वा.- 10 , दिनांक 12 अप्रैल, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री पवन नायक द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री पवन नायक को कारण बताओ नोटिस दिनांक 12 मई 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सागर के माध्यम से दिनांक 31 मई 2010 को तामील कराया गया . कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भाग 1 ]

भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री पवन नायक को नोटिस दिनांक 31 मई 2010 को तामील कराया गया अतः उनको दिनांक 15 जून 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सागर ने अपने पत्र दिनांक 5 अगस्त 2010 में लेख किया कि " श्री पवन नायक को दिए गए नोटिस की तामीली विधिवत कराई जाकर पावती प्राप्त की गई परन्तु उक्त संबंधित नोटिस का जवाब आज दिनांक तक अप्राप्त है . " उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 8 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया . अभ्यर्थी स्वयं उपस्थित हुए . विलंब से लेखे प्रस्तुत करने का कारण पूछे जाने पर अभ्यर्थी ने विलंब का कारण स्वयं की अस्वस्थता ( स्वयं को शुगर का मरीज बतलाते हुए मलेरिया एवं पीलिया बीमारी से पीड़ित हो जाना ) बतलाया , किन्तु इस संबंध में कोई चिकित्सा प्रमाण -पत्र प्रस्तुत नहीं किये. अभ्यर्थी द्वारा लेखों की प्रस्तुति के संबंध में दी गई जानकारी संतोषजनक नहीं थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए है. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोजित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री पवन नायक को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पालिका परिषद् रहली जिला सागर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

( रजनी उइके )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

भोपाल, दिनांक 23 मार्च 2011

क्र. एफ 67-202-10-तीन- 423.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद रहली जिला सागर के आम निर्वाचन में श्री हेमंत चौधरी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगरपालिका परिषद्, रहली जिला सागर के निर्वाचन का परिणाम दिनाक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी सागर के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सागर के पत्र क्र. क- 754- स्था. निर्वा. - 10 , दिनांक 12 अप्रैल, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री हेमंत चौधरी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री हेमंत चौधरी को कारण बताओ नोटिस दिनांक 12 मई 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सागर के माध्यम से दिनांक 3 जून 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओं नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

1130

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

श्री हेमंत चौधरी को नोटिस दिनांक 3 जून , 2010 को तामील कराया गया . अतः उनको दिनांक 18 जून , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर सागर ने पत्र दिनांक 2 अगस्त 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी द्वारा नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया गया, जिसमें लेखा विलंब से प्रस्तुत करने का कारण स्वयं के स्वास्थ्य अचानक खराब होना अंकित किया है . अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत तथ्यों की पुष्टि निर्वाचन नियमों के अनुरूप नहीं है. तथा औचित्यहीन होने के साथ - साथ नियमों के विरुद्ध है . अतः उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाना उचित होगा . उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरान्त आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 8 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र लिखा गया. अभ्यर्थी स्वयं उपस्थित हुए. विहित समयावधि में लेखे प्रस्तुत नहीं किये जाने का कारण पूछे जाने पर अभ्यर्थी ने लेखे विहित समय पर जमा किया जाना बतलाया. लेख विहित समयावधि में जमा करने का प्रमाण/पावती चाहे जाने पर अभ्यर्थी पावती/ प्रमाण देने में असमर्थ रहे . तत्पश्चात् अज्ञानतावश लेखे विलंब से प्रस्तुत किया जाना स्वयं स्वीकारा.

कार्यालय कलेक्टर, जिला सीधी, मध्यप्रदेश

क्र. 52- भू-अर्जन-2011 .

करारनामा

[भाग 1 अभ्यर्थी द्वारा लेखों की प्रस्तुति के संबंध में दी गई जानकारी संतोषजनक नहीं थी .

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री हेमंत चौधरी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् रहली जिला सागर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- ( रजनी उइके) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

सीधी , दिनांक 29 मार्च 2011 प्रेसिडेन्ट ( माईनिंग ) आर्यन एम. पी. पावर जनरेशन प्रायवेट लिमिटेड, एम. आई. जी-16 , ओल्ड एम. एल . ए. क्वार्टस , रंगमहल टाकीज , टी. टी. नगर, भोपाल ( म. प्र. ) पिनकोड़-462003

एवं

मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग द्वारा कलेक्टर , जिला सीधी ( म. प्र. )

प्रथम पक्ष

द्वितीय पक्ष मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन , भोपाल के पत्र क्रमांक एफ. 12-21-2010- सात- 2 - ए, भोपाल , दिनांक 29-10--2010 द्वारा निर्धारित शर्तों के आधीन प्रेसिडेन्ट ( माईनिंग ) आर्यन एम. पी. पावर जनरेशन प्रायवेट लिमिटेड द्वारा सीधी जिले के ग्राम मूसामूड़ी एवं भुमका में 1200 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट तक शंकरपुर भदौरा रेल्वे स्टेशन से रेल्वे लाइन बिछाने हेतु ग्राम भदौरा रकबा 1.29 हेक्टेयर एवं ग्राम निधिपुरी रकबा 11.51 हेक्टेयर निजी भूमि के अर्जन हेतु प्रथम पक्ष व द्वितीय पक्ष के मध्य निम्न शर्तों के अधीन भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 41 के अधीन आज दिनांक 29-3-2011 को अनुबंध ( करारनामा ) निष्पादित करते हैं : - 1.

परियोजना के लिये उक्त निजी भूमि अर्जन हेतु भूमि के परिगणित मूल्य राशि रु. 71,31,867.00 कम्पनी द्वारा जमा किया जा चुका है . शेष राशि यदि कोई बचती है तो एवार्ड पारित करने के पहले शासकीय कोष में जमा करा दी जावेगी.

2. कम्पनी द्वारा नियमानुसार प्रशासकीय व्यय की राशि रुपये 7,13,186.00 बतौर अग्रिम जमा की जा चुकी है .

3.

मध्यप्रदेश शासन के ऊर्जा विभाग एवं आर्यन कोल बेनिफिकेशन्स प्रायवेट लिमिटेड ( जिसका नाम म. प्र. शासन, राजस्व विभाग के पत्र क्रमांक 1505/849 /2010 /सात/ 2 ए, भोपाल, दिनांक 15-6-10 के अनुमोदन उपरांत अब मेसर्स आर्यरन एम. पी. पावर जनरेशन प्रायवेट लिमिटेड हो गया है . ) के मध्य दिनांक 26 दिसम्बर 2007 को इस परियोजना हेतु किये गये अनुबंध के अनुसार कार्यवाही की जावेगी . उक्त अनुबंध इस करार का अभिन्न अंग होकर प्रपत्र " अ " के रूप में संलग्न है , जो कि नोटरी द्वारा सत्यापित भी है .

4. अर्जित की जाने वाली निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा .

5.

भूमि जिस उपयोग के लिए अर्जित की जा रही है , वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जायेगा.

भाग 1 ]

1131

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

6. भूमि पर निर्माण करते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जावेगा.

7. कंपनी ( इस आशय के करारनामें या वचनबद्धता के अनुसार ) द्वारा जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उन कृषकों के परिवार के कम से कम एक सदस्य को कंपनी में आदर्श पुनर्वास नीति में दिए गए निर्देशों के अनुरूप नौकरी देगी .

8. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने , बन्धक रखने , दान देने, पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा. ( धारा 44 - ए भू-अर्जन अधिनियम के तहत ) .

9. यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है, तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन , इमारतें , शासन को अपने कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा .

10. भूमि की केवल सतह का ही उपयोग किया जावेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नीव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जावेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौण खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.

11. शासन की पूर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा .

12. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जावेगा.

13. कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी . इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मण्डल से अनापत्ति प्रमाण - पत्र प्राप्त करना होगा कि, " पर्यावरण , जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा " .

14. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित एवं स्थानीय संस्थाओं से जैसे नगरीय निकाय , नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग , ग्राम पंचायत व कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होगा तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन करना होगा.

15. यदि कभी भी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिए नहीं होता है या बाद में कभी भी बंद कर दिया जाता है तो भूमि उस पर निर्मित भवनों, सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को इस हेतु कोई मुआवजा देय नहीं होगा.

16. भूमि या उसके किसी भाग या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा ना तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जायेगा , और ना ही पट्टे या किराये पर दिया जावेगा.

17. भूमि जिस प्रयोजन हेतु दी गई है, उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मान कर भूमि शासन में निहित कर ली जावेगी.

18. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन, परिसर आदि के निरीक्षण करने का अधिकार होगा .

19. मौके की स्थिति या स्थानीय आवश्यकतानुसार भू- अर्जन की कार्यवाही के दौरान एवं पश्चात् कलेक्टर द्वारा लगाई गई अन्य आवश्यक शर्तों का कम्पनी द्वारा पालन किया जावेगा.

20. परियोजना से विस्थापित परिवारों की शिक्षा एवं अन्य विकास कार्यों की व्यवस्था कम्पनी द्वारा की जावेगी.

21. भू-अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों से संबंधित शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा- निर्देशों का पान किया जाना कम्पनी के लिये बंधनकारी होगा.

यह अनुबंध ( करारनामा ) आज दिनांक 29-3-2011 को आर्यन एम. पी. पावर जनरेशन प्रायवेट लिमिटेड, एम. आई. जी. -16 , ओल्ड एम . एल. ए. क्वाटर्स रंगमहल टाकीज , टी. टी. नगर, भोपाल ( म. प्र. ) की तरफ से श्री जे. पी. शर्मा, प्रेसिडेन्ट ( माईनिंग ) आर्यन एम . पी. पावर जनरेशन प्रायवेट लिमिटेड एवं मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग की तरफ से कलेक्टर, सीधी द्वारा हस्ताक्षरित किया गया.

हस्ता./- एस. एन. शर्मा कलेक्टर, सीधी, मध्यप्रदेश.

हस्ता./- जे. पी. शर्मा, प्रेसिडेन्ट ( माइनिंग )

आर्यन एम . पी . पावर जनरेशन प्रायवेट लिमिटेड, एम. आई. जी. - 16, ओल्ड एम. एल. ए. क्वाटर्स अपोजिट रंगमहल टाकीज, टी. टी. नगर, भोपाल ( म. प्र. ) 1132

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

[ भाग 1

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर , जिला रायसेन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रायसेन, दिनांक 14 फरवरी 2011

प्र. क्र. 06- अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के सम्बन्ध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल हेक्टेयर में

जिला तहसील नगर/ग्राम

(1)

(3)

(2)

(4)

ख. नं.

रकबा

50/1

16.30 रायसेन गौहरगंज सेमरीकलां

51

5.60

52/3/1/2

1.40

अनुसूची

धारा 4 ( 2 ) के

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

अर्जित किये जाने वाला रकबा

कार्यपालन यंत्री,

लोक निर्माण विभाग

सेतु संभाग भोपाल.

चमरसिल नदी पर पुल निर्माण पहुंच मार्ग हेतु.

0.44 एकड़ 0.16 एकड़ 0.14 एकड़ 0.74 एकड़

टीप.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण अनुविभागीय अधिकारी , गौहरगंज के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मोहन लाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला अनूपपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

अनूपपुर, दिनांक 21 फरवरी 2011

क्र. 1602-10- भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा 2 ( दो ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)

(3)

(4)

सिवनी संगम

1.056 (1) अनूपपुर पुष्पराजगढ़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) पुल निर्माण- पहुंच मार्ग हेतु निजी भूमि के अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण ) संभाग रीवा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय , अनूपपुर/अनुविभागीय अधिकारी , ( राजस्व ) पुष्पराजगढ़ , जिला अनूपपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कवीन्द्र कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

भाग 1 ]

1133

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

कार्यालय, कलेक्टर, जिला धार , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

धार, दिनांक 8 मार्च 2011

क्र. 2005 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील ग्राम का नाम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2)

(3)

(4) धारा

मनावर

बंजारी

0.098 (

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग संभाग क्र. 1 , धार.

मंडावती तालाब योजनान्तर्गत मायनर नहर निर्माण हेतु.

2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , अनुविभाग, मनावर तथा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग संभाग क्र. 1 , धार, जिला धार ( म. प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता हैं .

मनावर, दिनांक 17 मार्च 2011

क्र. 306 - वाचक - प्र.क्र. 8 - अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -4 की उप उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(1)

(3)

(4) धारा

18.775 मनावर

अजन्दा

(पूरक प्रकरण) प.ह.नं. 32

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 , मनावर.

ओंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर.डी. 128732 मी. से 129788 मी. तक की प्रभावित होने वाली भूमि.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर एवं भू- अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 30 , मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयनीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .

1134

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

[भाग 1 क्र. 301 -वाचक- प्र.क्र. 9-अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता अथवा पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

तहसील

भूमि का विवरण ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

(3)

धार

मनावर

(4) 2.492

माण्डवी (पूरक प्रकरण) प.ह.नं. 17/49

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 30 , मनावर.

ओंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर.डी. 156200 मी.से निकलने वाली डिस्ट्रीब्यूटरी क्र. 17 की आर.डी. 3700 मी. से 4220 मी. तक प्रभावित होने वाली भूमि हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर एवं भू- अर्जन अधिकारी, सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 30 , मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

धार, दिनांक 21 मार्च 2011

क्र. -भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

जिला

ग्राम का नाम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(3)

(2)

(1)

(4) धार

धार

1.000

खेड़ा

1.000

योग

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) तृतीय, पश्चिम रेलवे , रतलाम (म.प्र.) .

नई बड़ी रेलवे लाईन इन्दौर- दाहोद बरास्ता ( झाबुआ-धार- पीथमपुर ) के निर्माण से प्रभावित होने से.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी, अनुविभाग , धार तथा उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) तृतीय , पश्चिम रेलवे, रतलाम (म.प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता हैं.

भाग 1 ]

1135

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

मनावर, दिनांक 22 मार्च 2011

क्र. 343 - वाचक- प्र.क्र. अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -4 की उप उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)

(4)

(3)

धार

मनावर

0.480

जोतपुर (पूरक) प.ह.नं. 31

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 , मनावर.

ओंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर.डी. 130375 मी. से निकलने वाली डिस्ट्रीब्यूटरी क्र. 14 से प्रभावित होने वाली भूमि हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर एवं भू- अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 30, मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 348 - वाचक- प्र.क्र. अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमिका विवरण

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

(3)

(4) मनावर

धार

2.142

कल्याणपुरा (पूरक प्रकरण) प.ह.नं. 36/106

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

संभाग क्र. 30 , मनावर. कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास ओंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर.डी. 116530 मी.से निकलने वाली डिस्ट्रीब्यूटरी क्र. 11 की आर. डी. 1470 से निकलने वाली 2 आर . माईनर की आर.डी. 780 से 4950 मी. तक से प्रभावित होने वाली भूमि हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर एवं भू-अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 30 , मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

1136

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

[ भाग 1 क्र. 353 -वाचक- प्र.क्र. अ- 82-2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)

(1)

(3)

(4) धार

मनावर

0.851

रणगांव प.ह.नं. 36.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्र. 30, मनावर.

ओंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर.डी. 116530 मी.से निकलने वाली डिस्ट्रीब्यूटरी क्र. 11 एवं उसकी माइनरों से प्रभावित होने वाली भूमि.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर एवं भू- अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 30 , मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 358 - वाचक- प्र.क्र. अ-82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

(3)

(4) मनावर

धार

0.360

मलनगांव (पूरक प्रकरण) प.ह.नं. 34 .

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

संभाग क्र. 30, मनावर. कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास ओंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर.डी. 125860 मी.से निकलने वाली डिस्ट्रीब्यूटरी क्र. 12की आर.डी. 9960 मी. से 11467 तक से प्रभावित होने वाली भूमि.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर एवं भू- अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना , मनावर एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्र. 30 , मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1137

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खरगोन , दिनांक 11 मार्च 2011

क्र. 401 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील ग्राम/नगर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6) खरगोन

5.319

सनावद

बड़वाह

बड़वाह - सनावद बायपास मार्ग निर्माण हेतु.

संभागीय प्रबंधक, म.प्र. सड़क विकास निगम लिमिटेड, ओल्ड पलासिया, इन्दौर.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला- खरगोन, अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व एवं भू-अर्जन अधिकारी , बड़वाह तथा संभागीय प्रबंधक, म.प्र . सड़क विकास निगम लिमिटेड, ओल्ड पलासिया, इन्दौर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 402 - भू- अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम/नगर

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

(4)

(5)

(3)

(6) खनगांव

0.283

खरगोन बड़वाह

बड़वाह - सनावद बायपास मार्ग निर्माण हेतु.

संभागीय प्रबंधक, म.प्र. सड़क विकास निगम लिमिटेड, ओल्ड पलासिया, इन्दौर .

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला- खरगोन, अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व एवं भू- अर्जन अधिकारी , बड़वाह तथा संभागीय प्रबंधक, म.प्र. सड़क विकास निगम लिमिटेड, ओल्ड पलासिया, इन्दौर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

1138

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

[भाग 1 क्र. 403 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं : -

जिला

भूमि का वर्णन ग्राम/नगर

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

(3)

(4) खरगोन

टोकी

1.518 बड़वाह

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

बड़वाह -सनावद बायपास मार्ग निर्माण हेतु.

संभागीय प्रबंधक, म.प्र . सड़क विकास निगम लिमिटेड, ओल्ड पलासिया, इन्दौर.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला- खरगोन , अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व एवं भू-अर्जन अधिकारी , बड़वाह तथा संभागीय प्रबंधक, म.प्र. सड़क विकास निगम लिमिटेड, ओल्ड पलासिया , इन्दौर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 404 - भू-अर्जन -2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं : -

जिला

भूमिका वर्णन ग्राम/नगर

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(3)

(1) (2)

(4) खरगोन

2.478 बड़वाह रुपाबैड़ी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

बड़वाह - सनावद बायपास मार्ग निर्माण हेतु.

संभागीय प्रबंधक, म.प्र . सड़क विकास निगम लिमिटेड, ओल्ड पलासिया, इन्दौर .

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला- खरगोन , अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व एवं भू-अर्जन अधिकारी , बड़वाह तथा संभागीय प्रबंधक, म.प्र. सड़क विकास निगम लिमिटेड, ओल्ड पलासिया, इन्दौर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

भाग 1 ]

1139

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

खरगोन, दिनांक 18 मार्च 2011

क्र. 494 - भू-अर्जन-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अंतर्गत संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(1)

(3)

(4)

मोरवा

0.137 खरगोन झिरन्या

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -19 , भीकनगांव.

अपरवेदा परियोजना नहरों के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर कार्यालय खरगोन/ भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी, अपरवेदा, परियोजना भीकनगांव मुख्यालय खरगौन एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-19 , भीकनगांव के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर , मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सागर , दिनांक 15 मार्च 2011

क्र.-क-2 क. क- 2078- प्र. भू-अर्जन- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना (6 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

अनुसूची

लगभग क्षेत्रफल

कुल खसरा नं.

(2)

रहली

(3) मैनई

(1) सागर

(4) 94

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

कुल रकबा (हेक्टर में )

(5)

(7)

65.90

(6) कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म. प्र) .

रहली विकासखण्ड के अंतर्गत मैनई जलाशय के शीर्ष कार्य (बांध ) एवं नहर के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

1140

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

[भाग 1 क्र. -क- 2079- प्र.भू-अर्जन- 2010-11. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाने ( 6 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अनुसूची

लगभग क्षेत्रफल

कुल खसरा नं.

(1)

(2) (3)

(4) सागर

18 रहली पड़रिया

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

कुल रकबा (हेक्टर में)

(5)

(7)

2.20

(6) कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर (म.प्र . ) .

रहली विकासखण्ड के अंतर्गत मैनई जलाशय के नहर के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन .

क्र.-क- 2080 -प्र.भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाने (6 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण

लगभग क्षेत्रफल

कुल खसरा नं. (4) (1) सागर

(2) रहली

32

(3) सन्दई

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

कुल रकबा (हेक्टर में) (5)

5.00

(6) कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र. ) .

(7) रहली विकासखण्ड के अंतर्गत मैनई जलाशय के नहर के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र.-क-2081-प्र.भू-अर्जन 2010-11. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाने (6 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

अनुसूची

लगभग क्षेत्रफल

नगर/ग्राम

कुल खसरा नं. (4) (1) सागर

29 (2) रहली

(3) मढ़िया बुजुर्ग

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

कुल रकबा (हेक्टर में)

(6)

(5)

(7)

3.60

कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर (म.प्र. ) .

रहली विकासखण्ड के अंतर्गत मैनई जलाशय के नहर के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन .

भाग 1 ]

1141

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

क्र.-क- 2082 - प्र.भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाने ( 6 ) में उल्लिखित अधिकारी को अधिउक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

अनुसूची

लगभग क्षेत्रफल

कुल खसरा नं.

(2)

(3)

(4) (1)

सागर

रहली

34

बरखेरा सिकन्दर

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

कुल रकबा (हेक्टर में)

(5)

(6)

(7)

5.10

कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर (म.प्र. ) .

रहली विकासखण्ड के अंतर्गत मैनई जलाशय के नहर के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , मनीष श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

टीकमगढ़, 15 मार्च 2011

प्र. क्र. 1 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4)

8.292

दुमदुमा

टीकमगढ़ पृथ्वीपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , निवाड़ी.

बरुआनाला तालाब योजना के निर्माण हेतु.

सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- बरुआनाला तालाब योजना के निर्माण हेतु ग्राम दुमदुमा की भूमि का अर्जन भूमि के नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , निवाड़ी के कार्यालय में देखा जा सकता है .

प्र. क्र. 2 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी व्यक्तियों को इस आशय 1142

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4)

123.811 टीकमगढ़ निवाड़ी कुलुआ भाटा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , निवाड़ी.

बरुआनाला तालाब योजना के निर्माण हेतु.

सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- बरुआनाला तालाब योजना के निर्माण हेतु ग्राम कुलुआ भाटा की भूमि का अर्जन भूमि के नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , निवाड़ी के कार्यालय में देखा जा सकता है .

प्र. क्र. 3 - भू- अर्जन- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4)

पनयारा खेरा 124.476 टीकमगढ़ निवाड़ी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

बरुआनाला तालाब योजना के निर्माण हेतु.

अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , निवाड़ी.

सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- बरुआनाला तालाब योजना के निर्माण हेतु ग्राम पनयारा खेरा की भूमि का अर्जन भूमि के नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , निवाड़ी के कार्यालय में देखा जा सकता है .

प्र. क्र. 4 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4)

17.175

मानिकपुरा

टीकमगढ़ पृथ्वीपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

बरुआनाला तालाब योजना के निर्माण हेतु.

अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , निवाड़ी.

सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- बरुआनाला तालाब योजना के निर्माण हेतु ग्राम मानिकपुरा की भूमि का अर्जन भूमि के नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , निवाड़ी के कार्यालय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

1143 प्र. क्र. 5 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4)

65.230

राजापुर

टीकमगढ़ निवाड़ी

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , निवाड़ी.

बरुआनाला तालाब योजना के निर्माण हेतु.

सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- बरुआनाला तालाब योजना के निर्माण हेतु ग्राम राजापुर की भूमि का अर्जन भूमि के नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , निवाड़ी के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अखिलेश श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

छिन्दवाड़ा , दिनांक 16 मार्च 2011

क्र. 2305 - भू-अर्जन- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता है एवं आवशयकता पड़ने की संभावना है . अतएव भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

(1)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में ) (4) (2)

(3)

सौंसर ग्राम- बोरगांव रकबा 0.111 एवं छिन्दवाड़ा

ब.नं. -287

प.ह.नं. -45/18

र.नि.मं. - सौंसर.

उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग -छिंदवाड़ा, जिला- छिंदवाड़ा, ( म.प्र.) .

बोरगांव जलाशय योजना के अंतर्गत मुख्य नहर विस्तार के लिए निजी भूमि का अधिग्रहण किये जाने के संबंध में .

1144

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

[भाग 1 (2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उपसंभाग क्रमांक- सौंसर , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 2318 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता है एवं आवशयकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में ) (1)

(2) (3)

(4) चौरई

छिंदवाड़ा

ग्राम-लोहारा ब.नं. -263 प.ह.नं. -07 र.नि.मं. -चौरई .

खसरा नं . 23/1 , 31/1 , 32/1 का पूर्व में अर्जित किया गया रकबा 0.606 हेक्टेयर में स्थित एक कच्चा कुआं.

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग -चौरई, जिला- छिंदवाड़ा, ( म.प्र. ) .

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत एल.बी.सी. नहर निर्माण हेतु पूर्व में अर्जित की गई निजी भूमि खसरा नं. 23/1 , 31/1 , 32/1 का पूर्व में अर्जित किया गया रकबा 0.606 हेक्टेयर में स्थित एक कच्चा कुआं का अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिंदवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग- चौरई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक-4 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है.

भाग 1 ]

1145

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

क्र. 2319 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता है एवं आवशयकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में )

(2)

(1)

(3)

(4)

(5)

(6) चौरई

छिंदवाड़ा

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग-चौरई, जिला-छिंदवाड़ा, ( म.प्र. ) .

ग्राम- तुमड़ा ब.नं. - 121 प.ह.नं. -07 र.नि.मं. -चौरई.

खसरा नं . 126/3-4 , 126/5-6 , 127/1 का पूर्व में अर्जित किया गया रकबा 0.591 हेक्टेयर में स्थित एक पक्काकुआं.

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत एल.बी.सी. नहर निर्माण हेतु पूर्व में अर्जित की गई निजी भूमि खसरा नं . 126/3-4, 126/5--6, 127/1 का पूर्व में अर्जित किया गया रकबा 0.591 हेक्टेयर में स्थित एक पक्का कुंआ का अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिंदवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना संभाग - चौरई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना उपसंभाग क्रमांक-4 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , पवन कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़ , ( ब्यावरा ) मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

राजगढ़ , दिनांक 18 मार्च 2011

क्र. 4974- भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि 1146

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

[ भाग 1 के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(3)

(2)

(4)

1.223 ब्यावरा

राजगढ़

भीलवाड़िया

0.618

गूजरीबे

1.777

गेहूंखेड़ी

2.777

पनाली

रलायती

2.540

0.297

राजपुरा

0.489

माधौपुरा

केसरियाबे

0.150

0.089

पुनरखेड़ी

0.140

सुन्दरहेड़ा

बरग्या

0.412

0.975

परसूलिया

0.500

बालचिड़ी

0.085

शाहपुरा

0.450

जरकड़ियाखेड़ी

12.522

योग .

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) संभाग, नरसिंहगढ़ . कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन

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कुशलपुरा तालाब की नहरों एवं उपनहरों के निर्माण क्षेत्र में आई निजी भूमि का अर्जन.

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भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , ( राजस्व ) ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है.

खिलचीपुर, दिनांक 25 मार्च 2011

क्र. 5223 - भू-अर्जन-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(1)

(3)

(4)

10.902 राजगढ़ जीरापुर अहिल्यापुरा

योग . 10.902

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, राजगढ़.

अहिल्यापुरा तालाब योजना की पाल , डूब वेस्ट वियर निर्माण में भूमि का अर्जन.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , राजस्व, खिलचीपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1147 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

कार्यालय , कलेक्टर , जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

ग्वालियर, दिनांक 22 मार्च 2011

क्र. 02- अ-82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन जिला

नगर/ग्राम

तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी

(2)

(1)

(3)

(5)

(6)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4)

ग्वालियर चीनौर आमरौल

30.453 योग .. 30.453

हरसी उच्चस्तरीय नहर निर्माण हेतु ग्राम - आमरौल की भूमि काअर्जन.

कार्यपालन यंत्री , हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग -1 , डबरा, जिला-ग्वालियर.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा , दिनांक 23 मार्च 2011

पत्र क्र. 412 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1984 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , कार्यों की उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमिका वर्णन

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

ग्राम

धारा 4 ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2)

(5)

(6) (1)

(3)

(4)

0.563

रीवा

त्योंथर त्योंथर खास

कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. -1, रीवा मुख्यालय , त्यौंथर.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत अंतर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना स्विंच यार्ड में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

1148

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

पत्र क्र. 414 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , कार्यों की उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

जिला

भूमि का वर्णन ग्राम

तहसील

(1)

(2) (3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (4) रीवा

3.00 त्योंथर सहिजवार

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. - 1 , रीवा मुख्यालय, त्यौंथर.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.

पत्र क्र. 416 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, कार्यों की उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(1)

(3)

(4) रीवा त्योंथर सोहागी

53.70

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , भू- अर्जन एवं पुनर्वास , संभाग क्र. - 1 , रीवा मुख्यालय, त्यौंथर.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत अंतर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

पत्र क्र. -भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, कार्यों की उसकी राय में उक्त अधिनियम 1149 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमिका वर्णन

जिला तहसील

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन ग्राम

धारा 4 ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(6) (1)

(2) (3)

(4)

(5)

रीवा त्योंथर

2.50

भागवानपुर

कार्यपालन यंत्री , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. -1 , रीवा मुख्यालय , त्यौंथर.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

पत्र क्र. 420- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , कार्यों की उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2)

(3)

(1)

(4)

(5)

(6) रीवा त्योंथर

16.85

चुनरी

कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. -1 , रीवा मुख्यालय, त्यौंथर.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.

पत्र क्र. 422 - भू-अर्जन . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , कार्यों की उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमिका वर्णन

तहसील

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन जिला

धारा 4 ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1)

(2)

(3)

(5)

(6)

(4)

त्योंथर

रीवा

10.64

मझगँवा

कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. -1 , रीवा मुख्यालय, त्यौंथर.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.

1150

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

पत्र क्र. 424 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, कार्यों की उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमिका वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

(2)

(1)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) रीवा

त्योंथर

7.43

टिकुरी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. -1 , रीवा मुख्यालय, त्यौंथर.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.

रीवा , दिनांक 24 मार्च 2011

पत्र क्र. 454 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्यों की उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

जिला

भूमिका विवरण नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) सीधी

नकबेल

1.21 चुरहट

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

नहरके निर्माण बाबत्.

कार्यपालन यंत्री, लोवर सिंहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी, (म.प्र.) .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1151

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

राज्यशासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

शाजापुर, दिनांक 9 मार्च 2011

क्र. - भू-अर्जन- 2011-67.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे अंकित अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-शाजापुर

(ख ) तहसील-नलखेड़ा

(ग ) ग्राम-सुईगाँव

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 1.799 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

रकबा (हे. में)

(1)

(2)

794 मी.

0.434

790/4

1.000

790/1

0.140

0.120

824

794मी.

0.105 योग . 1.799

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पिलियाखाल बांध .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर , जिला शाजापुर के कार्यालय में व भू-अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. - भू- अर्जन- 2011-68.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे अंकित अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- शाजापुर

(ख) तहसील- नलखेड़ा

(ग ) ग्राम- डिगोन

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.78 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

रकबा

(हे. में)

(2)

(1)

0.78

639

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पिलियाखाल बांध.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर, जिला शाजापुर के कार्यालय में व भू- अर्जन अधिकारी, सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र.- भू- अर्जन- 2011-69.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे अंकित अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- शाजापुर

(ख ) तहसील- नलखेड़ा

(ग) ग्राम - धन्ड़ेड़ा

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 0.44 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

रकबा

(हे. में)

(1)

(2) 0.44

785 1152

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पिलियाखाल बांध.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर, जिला शाजापुर के कार्यालय में व भू- अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र.- भू-अर्जन-2011-70.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे अंकित अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-शाजापुर

(ख) तहसील- सुसनेर

ग्राम- खनोटा

(ग )

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.18 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

रकबा

(हे. में )

(1)

(2)

952

0.18

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- खनोटा बांध नहर.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर, जिला शाजापुर के कार्यालय में व भू- अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. - भू- अर्जन- 2011-71.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे अंकित अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला - शाजापुर

(ख) तहसील - सुसनेर

(ग) ग्राम- फरसपुरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.32 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

रकबा

(हे. में )

(1)

(2)

208/2

0.12

235/1

0.05

0.05

235/2

235/3

0.05

0.05

235/4

योग 0.32

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- फरसपुरा बांध .

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर, जिला शाजापुर के कार्यालय में व भू- अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सोनाली एन. वायगणकर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग छिन्दवाड़ा, दिनांक 16 मार्च 2011

क्र. 2306 - भू- अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील- चौरई

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम लिखड़ी, प. ह. नं. - 17, ब. नं. - 258, रा. नि. मंडल-चौरई , भाग 1 ]

1153

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-0.152 हेक्टर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

प्रस्तावित खसरा नम्बर

(1)

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

163/4

270/1

0.102 0.050 योग . 0.152

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- लिखड़ी जलाशय योजना के अन्तर्गत बांध एवं नहर निर्माण के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.

( 3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, कलेक्टर (भू-अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय , कार्यपालन यंत्री, कन्हरगांव परियोजना संभाग- छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा में भी किया जा सकता है .

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी , कन्हरगांव परियोजना नहर उपसंभाग क्रमांक -2 , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा में भी किया जा सकता है .

क्र. 2307 - भू- अर्जन-2011. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला - छिन्दवाड़ा

(ख ) तहसील- छिन्दवाड़ा

(LL) नगर/ग्राम- ग्राम गंगई, प. ह. नं.- 25, ब. नं. -120, रा. नि. मंडल -छिन्दवाड़ा क्रमांक -1 (घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-0.600 हेक्टर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

प्रस्तावित खसरा

नम्बर

(1)

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

88/1

0.162

88/2

0.200

88/3

100/1

0.053

100/3

100/5

0.081 0.052 0.052 योग . 0.600

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- गंगई जलाशय योजना के अन्तर्गत बांध एवं नहर निर्माण के लिये निजी भूमि का अधिग्रण किये जाने के संबंध में.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कार्यपालन यंत्री , कन्हरगांव परियोजना संभाग - छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा में भी किया जा सकता है .

( 5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी, सालीढाना सर्वेक्षण परियोजना उपसंभाग- छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा में भी किया जा सकता है .

क्र. 2308 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला - छिन्दवाड़ा

(ख ) तहसील - पांढुर्णा 1154

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम चिचोलीबड़, प. ह. नं. -34, ब. नं.-132, रा. नि. मंडल-पांढुर्णा

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल - खसरा नं. 194/2 में पूर्व में अर्जित किया गया रकबा 01.668 हेक्टेयर में अर्जन से छूटे हुये 36 वृक्षों के अधिग्रहण किये जाने के संबध में.

प्रस्तावित खसरा

नम्बर

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

194/2

खसरा नं. 194/2 में पूर्व में अर्जित किया गया रकबा 01.668 हेक्टेयर में अर्जन से छूटे हुये 36 वृक्षों के अधिग्रहण किये जाने के संबध में.

योग .. खसरा नं. 194/2 में अर्जन से छूट हुये 36 वृक्षों के अधिग्रहण.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- ढोकढोह जलाशय योजना के अन्तर्गत खसरा नं . 194/2में पूर्व में अर्जित किया गया रकबा 01.668 हेक्टेयर में अर्जन से छूटे हुये 36 वृक्षों के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) , जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण कार्यालय , कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग - छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा में भी किया जा सकता है.

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उपसंभाग- पांढुर्णा जिला छिन्दवाड़ा में भी किया जा सकता है .

क्र. 2309 - भू-अर्जन- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन

[ भाग 1 अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख ) तहसील - पांढुर्णा

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम नरसला,

प. ह. नं. - 01 ,

ब. नं.- 211 ,

रा. नि. मंडल- नांदनवाड़ी (घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-0.971 हेक्टर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

प्रस्तावित खसरा

नम्बर

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

93/1

0.188

93/2

0.405

93/3

0.188

93/4

0.190

0.971

योग

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- ढोलनखापा जलाशय योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र में आ रही निजी भूमि का अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा) , जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग - छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा में भी देखा जा सकता है.

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उपसंभाग- पांढुर्णा जिला छिन्दवाड़ा में भी किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पवन कुमार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1155

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिंगरौली , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

सीधी , दिनांक 16 मार्च 2011

क्र. 491 - भू-अर्जन- 2009.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिंगरौली

(ख) तहसील- चितरंगी

(ग) नगर ग्राम- बरा , पटवारी हल्का नं . बरा, क्रमांक 06 (घ) क्षेत्रफल -0.63 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

रकबा (हे. में)

(1)

(2)

0.03

397/1

397/2

0.10

0.18

398 399

0.32 योग 0.63

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- पहुंच मार्ग का निर्माण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय सिंगरौली में देखा जा सकता है .

क्र. 494- भू-अर्जन- 2009.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिंगरौली

(ख ) तहसील- चितरंगी

(ग) नगर ग्राम- चितावल खुर्द, पटवारी हल्का नं. चितावल खुर्द, क्रमांक 19 .

लगभग क्षेत्रफल -0.50 हेक्टेयर .

(घ)

रकबा

सर्वे नम्बर

(हे. में)

(2)

(1)

0.30

506

0.07

507

0.03

630

513

0.08

0.06

514

0.05

628

535

0.18 योग 0.50

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- पहुंच मार्ग का निर्माण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय सिंगरौली में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

दमोह , दिनांक 17 मार्च 2011

क्र. 967 - क. भू-अर्जन-10-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि संपत्ति की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील - पथरिया 1156

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

ग्राम- बांसाकला

(ग)

लगभग क्षेत्रफल - 10.27 हेक्टेयर .

(घ)

खसरा नम्बर

अधिग्रहण किया जाने वाला रकबा ( हे. में )

(2) (1)

26/1 क में से

0.18 26/8 में से

0.46 4/8

1.20 4/7 में से

1.65

0.86 3/3

3/2में से

0.45

4.80

योग बांध हेतु .

26/8 में से

1.04

1.04 योग वेस्ट वियर हेतु .

0.05 3/2में से

3/3में से

0.04 4/2में से

0.14 5/1 में से

0.32 5/2में से

0.08 19/1 में से

0.07

0.07 19/2में से

19/3में से

0.04 19/4 में से

0.07 19/5 में से

0.05 19/6 में से

0.04 19/7 में से

0.03

0.01 19/8 में से

19/9 में से

0.03 19/10में से

0.04 10/3 में से

0.06 10/1 में से

0.10 106/1 में से

0.17 106/3 में से

0.21 102में से

0.01 103 में से

0.13 99 में से

0.14 98/1 में से

0.08

[भाग 1 (1)

(2)

0.09

98/3में से

98/4में से

0.08

93/1 में से

0.10

0.07

95/1 में से

0.10

92में से

0.12

91 में से

0.02

88 में से

0.05

126 में से

127 में से

0.08

0.02

133में से

135 में से

0.14

136 में से

0.13

138 में से

0.40

0.24

289 में से

0.04

291/1 में से

0.18

290/3 में से

3.84

योग मुख्य नहर हेतु

98/3 में से

0.06

0.02

98/4 में से

93/1 में से

0.10

97 में से

0.05

95/1 में से

0.07

0.10

55/2में से

55/5 में से

0.03

88 में से

0.05

87में से

0.03

0.02

84में से

0.06

83में से

योग माईनर नहर हेतु .. 0.59 कुल रकवा .10.27

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बांसाकला जलाशय योजना .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, दमोह एवं अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन संभाग , दमोह के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. पी. सिंह सलूजा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1157

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

धार, दिनांक 17 मार्च 2011

क्र. 2438 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- धार

तहसील - धार

(ख)

ग्राम - कलसाड़ाखुर्द

( ग )

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.460 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

निजी

अर्जित रकबा (हे. में)

(1)

(2)

279/2क/ 1

0.198

279/2ग/1

0.262

योग . 0.460

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-लेबड़- मानपुर फोरलेन सड़क निर्माण अन्तर्गत प्रभावित होने से.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी, धार तथा संभागीय प्रबंधक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड, पी . डब्ल्यू. डी. आफिस केम्पस , नवनीत टावर के सामने , ग्रेटर कैलाश रोड, ओल्ड पलासिया , इन्दौर ( म . प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

क्र. 321 - वाचक- प्र.क्र. 6- अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- धार

(ख) तहसील - मनावर

(ग ) ग्राम- बुदियाखेडी ( पूरक )

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.702 हेक्टर .

अर्जित रकबा सर्वे नम्बर

निजी

(हे. में)

(1)

(2)

45/1/3

0.100

55/2

0.100

0.210

57/2

0.135

60

68

0.050

0.020

67/3

153

0.32

155

0.025

67/1/2

0.030 योग . 0.702

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- औंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नगर की आर.डी. 152.270 मी . से निकलने वाली डिस्ट्रीब्यूटरी क्र. 75 के निर्माण के बीच नहर निर्माण हेतु .

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , जिला धार एवं भू-अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना , मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30, मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

धार, दिनांक 18 मार्च 2011

क्र. 327- वाचक- प्र.क्र. अ-82-2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- धार 1158

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

(ख) तहसील-मनावर

(ग ) ग्राम- पिपलटोका ( पूरक)

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 1.544 हेक्टर.

सर्वे नम्बर निजी

अर्जित रकबा (हे. में)

(1)

(2)

3/1

0.310

0.220

3/2

3/3पेकी

0.310

9/2

0.034

10/2/1

0.028

9/6

0.146

10/2/2

0.023

19/4

0.187

9/5

0.136

8/2/4

0.040

9/7

0.075

16

0.035

1.544

योग .

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- औंकारेश्वर की मुख्य नहर की आर.डी. 153200 मी. से निकलने वाली डिस्ट्रीब्यूटरी क्र. 76 की माइनर 1 एवं उसकी सब - माइनरों के बीच नहर निर्माण हेतु .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला धार एवं भू-अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 , मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

धार , दिनांक 21 मार्च 2011

क्र. 2623 - भू-अर्जन- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- धार

(ख) तहसील-मनावर

(ग) ग्राम- उंटावद

लगभग क्षेत्रफल - 1.738 हेक्टर.

(घ)

सर्वे नम्बर

अर्जित रकबा (हे. में)

(2)

निजी (1)

38/1/1

0.016

0.016

38/1/2

39/2/1

0.020

0.015

39/2/2

41/2,

0.120

41/1/3

41/1/5

42/2

0.080

43/1

43/2

0.080

43/3

0.080

0.060

44/3

44/5

कुआ-1

45/4

0.067

79/4

0.125

144/1

0.140

0.130

152/2/8/2

164/2

कुआ-1

188/7/13

0.140

188/7/14

0.055

188/7/15

0.143

0.080

227/2

230/3/1

0.059 मकान-1 230/5

0.125

280/2/1

कुआ-1

0.020

346/2

0.167

397/1

योग . 1.738

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- मण्डावती तालाब की नहर निर्माण योजना अन्तर्गत प्रभावित होने से.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन , मनावर तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , धार, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

क्र.- 2628 - भू- अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- धार

(ख) तहसील-मनावर

ग्राम- बेलाली

(ग)

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.145 हेक्टर.

सर्वे नम्बर निजी (1)

अर्जित रकबा (हे. में) (2)

0.022

4/2/2, 4/3

66/2

0.058

67/4

0.015

0.050

109/2, 110/1/1/2/1 , 110/1/2/1

योग . 0.145

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- मण्डावती तालाब की नहर निर्माण योजना अन्तर्गत प्रभावित होने से.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी, मनावर तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , धार, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

क्र.- 2633 - भू- अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- धार

1159 (ख) तहसील- मनावर

(ग ) ग्राम- बेचकुआ

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.346 हेक्टर.

सर्वे नम्बर निजी (1)

अर्जित रकबा (हे . में ) (2)

37

0.238

0.072

77/9/2

85/3

0.018

0.011

85/4

85/5

0.007

योग . 0.346

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- मण्डावती तालाब की नहर निर्माण योजना अन्तर्गत प्रभावित होने से.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी, मनावर तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , धार, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

क्र.- 2638 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- धार

(ख) तहसील - मनावर

(ग) ग्राम- रालामण्डल

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.440 हेक्टर .

सर्वे नम्बर निजी (1)

अर्जित रकबा (हे. में) (2)

0.078

0.033

0.055

30/1 34/1 /1 ख/2 34/1/1 ख/3 34/1 /2ख 1160

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

(2)

(1)

36/2

0.020

64/2

0.020

96

कुआ-1

138/1

0.029

146/1/2/2

0.090

146/1/2/3

0.115

174/21

कुआ-1 योग .. 0.440

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- मण्डावती तालाब की नहर निर्माण योजना अन्तर्गत प्रभावित होने से.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , मनावर तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 , धार, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

धार, दिनांक 22 मार्च 2011

क्र. - 338 - वाचक- प्र.क्र. 2- अ-82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला- धार

(ख ) तहसील- मनावर

(ग) ग्राम- खुमानपुरा ( पूरक प्रकरण)

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 0.826 हेक्टर.

सर्वे नम्बर निजी (1)

अर्जित रकबा (हे. में) (2)

0.614

30/1 30/4

0.212 0.826

योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- औंकारेश्वर की मुख्य नगर की आर.डी. 147710 मी. से 149255 मी. के बीच नहर निर्माण हेतु.

[ भाग 1 ( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला धार एवं भू- अर्जन अधिकारी, सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 , मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला मण्डला, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

मण्डला , दिनांक 18 मार्च 2011

क्र. भू-अर्जन- 03 -अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- मण्डला

(ख) तहसील- घुघरी

(ग) ग्राम- सालीवाड़ा माल , प.ह.नं. 60

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.16 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

रकबा

(हे. में)

(2)

(1)

2

0.16 योग .. 0.16

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- समूह नल - जल प्रदाय योजनान्तर्गत इंटकबेल निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर , मण्डला में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1161

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

कार्यालय , प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 22 मार्च 2011

क्र. 394 - भू-अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- रामपुर बघेलान

नगर/ग्राम- अबेर

(ग )

(घ) क्षेत्रफल लगभग - 0.855 हेक्टर.

खसरा नं.

रकबा (हे. में)

(1)

(2)

274

0.145

0.223

267

269

0.101

268

0.081

263

0.050

262

0.255 योग . 0.855

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 396 - भू- अर्जन- 10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-सतना

(ख ) तहसील- रामपुर बघेलान

नगर/ग्राम- बिहरा कोठार

(ग )

( घ) क्षेत्रफल लगभग 16.804 हेक्टर.

खसरा नं.

रकबा

(हे. में)

(2)

(1)

1743

0.251

0.008

1731

1741

0.121

1737

0.040

0.081

1738

0.070

2462

1736

0.242

1735

0.030

0.025

1822

0.020

1823

0.065

1818

0.057

1819

1820

0.307

1812

0.012

1803

0.012

1804

0.008

1811

0.130

0.121

1806

0.040

1837

0.125

1974

1973

0.006

0.044

1976

1977

0.121

0.050

1978

1979

0.161

1963

0.081

1961

0.035

1962

0.081

0.242

1960 1162

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

(2) (1)

2243

0.060 2242

0.121 2248

0.040 2241

0.004 2249

0.006 2300

0.090 2302

0.006 2298

0.065 2299

0.070 2296

0.137 2295

0.065 2294

0.056 2254

0.040 2273

0.060 2275

0.101 2274

0.040 2276

0.030 2277

0.008 2279

0.130 2280

0.081 2281

0.004 2450

0.024 2229

0.101 2228

0.008 2311

0.126 2312

0.281 2313

0.040

0.470 2417

2418

0.242 2142

0.012 2141

0.012 2143

0.008 2144

0.004 2145

0.161

0.020 2146

2147

0.025 2148

0.262 578

0.032 577

0.202 574

0.208 573

0.020

[भाग 1

(2)

(1)

0.024

570

748

0.020

747

0.081

0.120

749

751

0.110

0.040

752

0.125

761

0.042

762

764

0.130

0.121

773

771

0.240

0.315

786

770

0.030

769

0.004

0.121

859

860

0.060

729

0.050

0.004

1959

0.142

1939

1940

0.056

0.036

1938

0.222

1930

0.101

1929

1928

0.008

1917

0.081

1918

0.121

0.065

1901

0.065

1902

1903

0.065

1899

0.041

1898

0.060

1862

0.303

1863

0.008

0.262

1869

1870

0.008

1872

0.030

1873

0.030

1885

0.020

0.110

1886

0.008

1887

1888

0.190

1884

0.081 भाग 1 ]

1163

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

(1)

(2) 1883

0.101 2224

0.141 2225

0.070 2226

0.161 2227

0.008 2230

0.195 2231

0.155 2232

0.008 2236

0.065 2419

0.242 2420

0.040 2421

0.240 2422

0.202 2423

0.060 2424

0.050 2425

0.145 2426

0.280 2427

0.320 2428

0.050 1941

0.060 1942

0.060 19133

0.060 1944

0.070 1943

0.040 1912

0.202 1910

0.084 1909

0.008 2094

0.080 2095

0.004 2096

0.050 2097

0.010 2098

0.075 2101

0.101 2102

0.010 2100

0.161 2116

0.130 2117

0.012 2135

0.202

(2)

(1)

0.101

2194

2133

0.020

2137

0.101

2140

0.020

2129

0.141

948

0.008

962

0.032

963

0.101

959

0.008

958

0.222

0.008

957

954

0.121

950

0.130

0.012

955

968

0.008

969

0.040

0.170

970

0.222

978

0.008

979

0.225

983

0.030

982

0.060

997

0.008

980

0.020

981

0.160

1007

0.040

1012

0.004

1011

0.050

1008

0.045

1009

0.081

1010

0.032

1165

योग .. 16.804

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

1164

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

क्र. 398 - भू-अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात कासमाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- रामपुर बघेलान

नगर/ ग्राम- महदेवा पैपखार

(ग)

(घ ) क्षेत्रफल लगभग - 5.651 हेक्टर .

खसरा नं.

रकबा

(हे. में)

(2)

(1)

433

0.020

434

0.082

435

0.210

437

0.210

449

0.030

450

0.120

455

0.070

432

0.004

478

0.150

482

0.150

483

0.110

484

0.020

486

0.020

485

0.080

487

0.260

496

0.160

503

0.100

504

0.130

505

0.110

512

0.006

509

0.100

510

0.040

508

0.120

518

0.280

516

0.210

517

0.040

514

0.170

(2)

(1)

322

0.290

320

0.080

0.010

321

319

0.120

318

0.350

0.090

317

0.030

316

0.090

16

17

0.015

0.210

13

10

0.210

11

0.020

137

0.150

0.008

138

0.150

141

140

0.400

0.008

161

160

0.060

149

0.350

152

0.250

144

0.008 5.651

योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर . वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु. के अन्तर्गत आने (3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 400 - भू- अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- रामपुर बघेलान

(ग) नगर/ ग्राम - रजरवार भाग 1 ]

1165

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

लगभग क्षेत्रफल-7.063 हेक्टर .

(घ)

खसरा नं.

रकबा

(हे. में) (1)

(2) 254

0.061 255

0.303 256

0.040 257

0.050 258

0.202 259

0.008 260

0.202 261

0.012 881

0.050 94

0.186 84

0.068 80

0.040 81

0.050 82

0.020 83

0.030 87

0.012 75

0.040 74

0.020 76

0.040

0.012 73

69

0.036 72

0.036 70

0.040 68

0.036 57

0.085 66

0.101 64

0.040

0.040 901

60

0.004 65

0.180 210

0.120 213

0.040 207

0.085 214

0.281 216

0.045 215

0.121 218

0.121 219

0.040 220

0.132 308

0.020 310

0.020

(2)

(1)

0.012

311

312

0.040

0.020

313

0.020

327

331

0.040

0.020

332

0.840

330

329

0.061

342

0.040

343

0.020

347

0.025

0.020

349

348

0.080

0.085

404

0.090

403

402

0.025

401

0.012

400

0.050

406

0.020

0.030

416

421

0.024

420

0.060

419

0.060

423

0.040

0.050

425

426

0.020

427

0.020

430

0.101

429

0.020

431

0.040

432

0.060

0.070

544

543

0.120

0.032

539

538

0.032

531

0.266

528

0.026

529

0.152

512

0.166

511

0.256

510

0.004

506

0.024

507

0.101

508

0.056 1166

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

(2)

(1)

509

0.081

483

0.004

484

0.256

485

0.020

898

0.073

0.020

489

योग . 7.063

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 402- भू- अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रामपुर बघेलान

(ग) नगर/ ग्राम- देवरा कोठार

(घ) लगभग क्षेत्रफल-20.359 हेक्टर .

खसरा नं .

रकबा (हे. में)

(1)

(2)

459

0.320

570

0.155

509

0.050

534

0.170

9.1

0.250

9.2

0.130

458

0.015

457

0.020

456

0.040

596

0.320

(1)

(2)

454

0.015

0.320

443

0.050

441

9.5

0.220

0.060

448

0.450

429

417

0.630

0.700

415

647

1.135

0.170

679

697

0.150

0.100

696

695

0.070

680

0.050

0.060

681

0.040

682

0.080

683

158

0.150

67

0.500

99

0.121

0.021

910

79

0.080

80

0.012

0.263

83

82

0.012

130

0.130

724

0.030

129

0.008

131

0.004

0.020

133

132

0.140

125

0.020

227

0.030

124

0.170

0.090

123

114

0.201

121

0.020

154

0.110

0.300

243

0.050

913

0.180

412

652

0.181

651

0.111

914

0.185 भाग 1 ]

1167

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

(2) (1)

193

0.100 918

0.008 205

0.120 210

0.140 204

0.020 210

0.130 209

0.030 258

0.080 259

0.020 261

0.140 263

0.080 264

0.121 269

0.004 276

0.030 277

0.100 278

0.100 279

0.120 291

0.070 283

0.070 288

0.030 290

0.160 289

0.130 299

0.760 686

0.160 685

0.100 676

0.150 684

0.100 335

0.110 344

0.240 345

0.004 260

0.070 333

0.260 331

0.160 694

0.200 687

0.200 686

0.020 688

0.090 429

0.300 428

0.720 450

0.090 482

0.020 483

0.016 485

0.120 484

0.421

(2)

(1)

161

0.380

502

0.020

160

0.130

157

0.130

404

0.115

0.150

397

0.040

396

0.100

674

0.300

672

671

0.201

398

0.322

389

0.322

390

0.040

388

0.300

387

0.180

385

0.004

169

0.100

170

0.190

174

0.802

180

0.040

181

0.030

196

0.170

194

0.110

673

0.200

670

0.006

669

0.040

668

0.050

659

0.040

0.240

661

663

0.100

357

0.150

358

0.080

356

0.016

354

0.240

360

0.020

342

0.025

0.260

341

योग . 20.359

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

1168

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

क्र. 404 - भू-अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला - सतना

(ख ) तहसील - रामपुर बघेलान

नगर/ ग्राम- बरा कोठार पैपखार

(ग)

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.561 हेक्टर.

खसरा नं .

रकबा

(हे . में )

(2)

(1)

166

0.152

207

0.004

167

0.010

172

0.020

173

0.090

564

0.060

0.060

176

190

0.060

565

0.030

191

0.004

189

0.060

188

0.110

187

0.008

245

0.100

263

0.121

261

0.100

262

0.100

260

0.100

259

0.110

175

0.008

269

0.100

270

0.070

278

0.030

277

0.100

276

0.070

293

0.060

296

0.004

317

0.100

[भाग 1

(2)

(1)

0.080

318

0.030

316

320

0.016

319

0.090

326

0.110

0.070

331

0.100

332

352

0.004

351

0.190

354

0.004

450

0.050

449

0.140

448

0.030

447

0.010

445

0.020

0.060

446

0.080

444

0.020

443

0.120

442

0.080

441

440

0.040

410

0.060

409

0.060

412

0.080

0.008

413

165

0.080

योग . 3.561

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर . के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 406 - भू-अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

( क) जिला- सतना

( ख ) तहसील - रामपुर बघेलान भाग 1 ]

1169

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अप्रैल 2011

नगर/ ग्राम- किचवरिया

(ग)

लगभग क्षेत्रफल-3.666 हेक्टर.

(घ)

खसरा नं.

रकबा

(हे. में) (1)

(2) 5

0.371 10

0.024 11

0.323 12

0.030 13

0.161 14

0.202 15

0.085 75

0.008

0.020 76

8

0.303

0.024 9

34

0.081 40

0.081 42

0.008 39

0.170 43

0.008 315

0.040 299/क

0.090 296

0.090 298

0.020 297

0.077 293

0.101 304

0.004 292

0.306 306

0.121 392

0.045 381

0.101

0.020 397

378

0.065 377

0.032 372

0.065 373

0.032 374

0.032 362

0.012 363

0.121 359

0.024 360

0.012 328

0.065 356

0.020 393

0.020 (1)

(2)

0.036

391

394

0.020

0.012

389

388

0.020

0.145

396

योग . 3.666

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 408 - भू- अर्जन- 10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

जिला- सतना

(क)

तहसील - रामपुर बघेलान

(ख )

(ग) नगर/ ग्राम-टिकुरी पैपखार

लगभग क्षेत्रफल-2.002 हेक्टर .

(घ)

खसरा नं .

रकबा

(हे . में)

(1)

(2)

56

0.168

58

0.167

57

0.150

59

0.144

183

0.096

184

0.004

0.068

185

187

0.296

0.168

426

425

0.120

0.056

420

418

0.088 1170

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

(2)

(1)

408

0.019

410

0.288

409

0.032

400

0.080

399

0.048

398

0.010

2.002

योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 410- भू- अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- रामपुर बघेलान

(ग) नगर/ ग्राम- ढोढ़ी कोठार

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.495 हेक्टर.

खसरा नं.

रकबा

(1)

(हे. में ) (2)

35

0.004

8

0.008

6

0.008

0.170

9

10

0.110

11

0.140

15

0.070

13

0.120

14

0.245

28

0.040

30

0.040

(1)

(2)

0.330

29

5

0.030

0.090

73

74

0.090

76

0.030

0.060

75

121

0.230

0.100

114

113

0.020

112

0.110

111

0.140

0.040

89

0.250

109

108

0.020

योग . 2.495

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

रीवा, दिनांक 24 मार्च 2011

क्र. 456- प्रका.- भू-अर्जन-10-11 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सीधी

(ख) तहसील - रामपुर नैकिन

(ग) ग्राम-झाला

(घ ) लगभग क्षेत्रफल -1.11 हेक्टर.

खसरा नं.

रकबा

(हे . में)

(2)

(1)

(अ) निजी भूमि का विवरण

0.09

631/2, 631/1 भाग 1 ]

1171

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अप्रैल 2011

(1)

(2)

0.02

830/1 , 830/2

0.22

831/1 , 831/2

832

0.06

833

0.24

834

0.20

योग (अ) 0.83

( ब ) मध्यप्रदेश शासन की भूमि का विवरण

823

0.24 म . प्र . शासन 827

0.04

योग (ब ) .. 0.28 1.11

महायोग (अ+ ब) .

प्रमाणित किया जाता है कि दिये गये खसरा तथा रकबा के अलावा कोई रकबा शेष नहीं है .

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है - बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाले निजी भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 458 - प्रका.- भू-अर्जन-10-11 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- सीधी

(ख ) तहसील - रामपुर नैकिन

(ग) ग्राम-सजहा

(घ) लगभग क्षेत्रफल -1.14 हेक्टर.

खसरा नं.

रकबा (हे. में)

(2)

(1)

(अ ) निजी भूमि का विवरण

554

0.01

(2)

(1)

0.32

558

0.16

559

560

0.02

571

0.02

572

0.03

573

0.02

575

0.02

0.02

576

577

0.14

0.05

599

600

0.03

602

0.04

605

0.01

647/2/1

0.10

647/1/2

647/1/1

0.01

603

0.02

1060

1063

0.12

1.14

योग ( अ)

( ब ) मध्यप्रदेश शासन की भूमि का विवरण

निरंक योग ( ब) निरंक महायोग ( अ + ब ) .. 1.14

प्रमाणित किया जाता है कि दिये गये खसरा तथा रकबा के अलावा कोई रकबा शेष नहीं है .

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाले निजी भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 01 April 2011. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2011-04-01.13.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2011-04-01.13.Ordinary.