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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 08 April 2011

Type
Ordinary
Gazette no.
14
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2011-04-08.14.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदे श शासन

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 14 ]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 8 अप्रैल 2011-चैत्र 18 , शक 1933

विषय - सूची

( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, भाग 1.- (4 ) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन , ( 3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

( ख ) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद् के अधिनियम,

( ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग " कार्मिक " मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 17 मार्च 2011

क्र. ई- 1-83-2011-5- एक. श्री राजीव रंजन, भाप्रसे ( 1989 ) आयुक्त, उच्च शिक्षा , मध्यप्रदेश को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ आगामी आदेश तक पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन , उच्च शिक्षा विभाग घोषित किया जाता है .

भोपाल, दिनांक 21 मार्च 2011

क्र. ई- 5-822 - आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री योगेन्द्र शर्मा, आयएएस, आयुक्त नगर निगम , इन्दौर को दिनांक 21 मार्च 2011 से 2 अप्रैल 2011 तक तेरह दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश

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स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 19, 20 मार्च 2011 तथा दिनांक 3 , 4, 5 अप्रैल 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

( 2) अवकाश से लौटने पर श्री योगेन्द्र शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, नगर निगम, इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री शर्मा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2011 .

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

क्र. ई - 5-694 - आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री रघुवीर श्रीवास्तव, आयएएस , आयुक्त- सह- संचालक, पिछड़ा वर्ग कल्याण , भोपाल को दिनांक 18 से 30 अप्रैल 2011 तक, तेरह दिन का अर्जित अवकाश इस शर्त पर स्वीकृत किया जाता है कि आब्जर्वर ड्यूटी अथवा विधान सभा चुनाव से संबंधित कोई भी कार्य के लिये आवश्यकता पड़ने पर तत्काल प्रभाव से आपका अवकाश निरस्त कर, अवकाश से वापस बुलाया जा सकता है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री रघुवीर श्रीवास्तव को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त- सह -संचालक, पिछड़ा वर्ग कल्याण, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में श्री रघुवीर श्रीवास्तव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री रघुवीर श्रीवास्तव अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई - 5-479 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री प्रभांशु कमल, आयएएस, प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग को दिनांक 14 से 26 मार्च 2011 तक, तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

( 2) श्री राजीव रंजन, आयएएस, आयुक्त, उच्च शिक्षा, मध्यप्रदेश को इस विभाग के आदेश दिनांक 17 मार्च 2011 द्वारा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग घोषित किया गया है अतः श्री प्रभांशु कमल की उक्त अवकाश अवधि में श्री राजीव रंजन, भाप्रसे ( 1989 ) कार्य देखेंगे .

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री प्रभांशु कमल को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) अवकाशकाल में श्री प्रभांशु कमल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 5 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रभांशु कमल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 11 मार्च 2011

क्र. 1091 - इक्कीस-अ ( स्था. ) .- राज्य शासन, श्रीमती क्षिप्रा देशमुख, अनुभाग अधिकारी को सहायक प्रारूपकार सह अवर सचिव

[ भाग 1 (प्रारूपण ) के पद पर पदोन्नति हेतु प्रावधानित पांच वर्ष की सेवा अवधि में शेष रही अवधि की सेवा में छूट प्रदान करते हुए नीचे अंकित शर्त के अधीन उन्हें अस्थायी रूप से , आगामी आदेश होने तक, स्थानापन्न रूप में सहायक प्रारूपकार सह- अवर सचिव के पद पर पुनरीक्षित वेतन बैण्ड रु. 15600-39100 +ग्रेड पे 6600 में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदोन्नत करता है.

क्र. 1092-इक्कीस- अ ( स्था. ) .- राज्य शासन, कु. प्रीतेश्वरी तिवारी, सहायक संचालक को सहायक प्रारूपकार सह अवर सचिव (विधीक्षा अंग्रेजी/ हिन्दी) के पद पर पदोन्नति हेतु प्रावधानित पांच वर्ष की सेवा अवधि में शेष रही अवधि की सेवा में छूट प्रदान करते हुए नीचे अंकित शर्त के अधीन उन्हें अस्थायी रूप से , आगामी आदेश होने तक, स्थानापन्न रूप में सहायक प्रारूपकार सह अवर सचिव के पद पर पुनरीक्षित वेतन बैण्ड रु. 15600- 39100+ ग्रेड पे 6600 में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदोन्नत करता है .

शर्त-

" उपरोक्त दोनों अधिकारियों को आगामी एक वर्ष में जब भी भारत सरकार विधि मंत्रालय , नई दिल्ली द्वारा संचालित विधायी प्रारूपण प्रशिक्षण आयोजित हो, तब दोनों अधिकारी अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे , कम्प्यूटर प्रशिक्षण पास करने का प्रमाण- पत्र भी प्रस्तुत करेंगे अन्यथा पदोन्नति आदेश निरस्त कर मूल पद पर प्रत्यावर्तित किया जा सकेगा. " .

" प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त पदों के संबंध में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण संबंधी आदेशों एवं नियमों का पालन किया गया है. ".

भोपाल , दिनांक 26 मार्च 2011

क्र. 1910 -इक्कीस- अ (स्था. ) .- राज्य शासन , श्री ओ . पी. रावत, सहायक ग्रेड -1 ( अनु. जाति ) को अस्थायी रूप से आगामी आदेश होने तक स्थानापन्न रूप में अनुभाग अधिकारी ( द्वितीय श्रेणी ) के पद पर पुनरीक्षित वेतन बैण्ड रु. 9300-34800 + ग्रेड पे रु. 4200 में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदोन्नत करता है.

क्र. 1911 -इक्कीस- अ ( स्था. ). राज्य शासन, सुश्री अलका बागड़े , सहायक ग्रेड-1 ( अनु. जाति ) को अस्थायी रूप से आगामी आदेश होने तक स्थानापन्न रूप में अनुभाग अधिकारी ( द्वितीय श्रेणी ) के पद पर पुनरीक्षित वेतन बैण्ड रु. 9300-34800 + ग्रेड पे रु . 4200 में दिनांक 1 जुलाई 2011 से पदोन्नत करता है.

क्र. 1912- इक्कीस अ ( स्था. ) .- राज्य शासन , श्री आर . पी. गुप्ता, मुख्य अनुवादक को सहायक संचालक, अनुवाद के पद पर भाग 1 ]

पदोन्नति हेतु प्रावधानित पांच वर्ष की सेवा अवधि में शेष रही अवधि की सेवा छूट प्रदान करते हुए, अस्थायी रूप से , आगामी आदेश होने तक, स्थानापन्न रूप में सहायक संचालक, ( अनुवाद ) ( द्वितीय श्रेणी ) के पद पर पुनरीक्षित वेतन बैण्ड रु . 9300- 34800+ ग्रेड पे रु. 4200 में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदोन्नत करता है.

क्र. 1913 - इक्कीस-अ ( स्था. ) .- राज्य शासन, श्री विनोद शुक्ला, मुख्य अनुवादक को सहायक संचालक, अनुवाद ( विधायी समिति) के पद पर पदोन्नति हेतु प्रावधानित पांच वर्ष की सेवा अवधि में शेष रही अवधि की सेवा में छूट प्रदान करते हुए, अस्थायी रूप से आगामी आदेश होने तक स्थानापन्न रूप में सहायक संचालक, (अनुवाद) ( विधायी समिति ) ( द्वितीय श्रेणी ) के पद पर पुनरीक्षित वेतन बैण्ड रु. 9300-34800+ ग्रेड पे रु. 4200 में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदोन्नत करता है.

क्र. 1914-इक्कीस-अ ( स्था. ) .- राज्य शासन, श्री मयंक श्रोती, मुख्य अनुवादक को विधिक सहायक ( अनुभाग अधिकारी स्तर ) पद पर पदोन्नति हेतु प्रावधानिक पांच वर्ष की सेवा अवधि में शेष रही अवधि की सेवा में छूट प्रदान करते हुए, उन्हें अस्थायी रूप से, आगामी आदेश होने तक स्थानापन्न रूप में विधिक सहायक (अनुभाग अधिकारी स्तर ) ( द्वितीय श्रेणी ) के पद पर पुनरीक्षित वेतन बैण्ड रु. 9300-34800+ ग्रेड पे रु. 4200 में ( प्रतिनियुक्ति से लौटने पर ) कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से इस शर्त के साथ पदोन्नत करता है कि अनु. ज.जा. वर्ग का अर्हताकारी लोक सेवक उपलब्ध होने पर कनिष्ठतम विधिक सहायक को पदावनत कर आरक्षित पद की पूर्ति की जाएगी.

" उपरोक्त अधिकारी अनिवार्य रूप से कम्प्यूटर प्रशिक्षण उत्तीर्ण करने का प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करेंगे . कु. अलका बागड़े एवं श्री विनोद शुक्ला की पदोन्नति विभाग के आदेश दिनांक 11 मार्च 2011 को श्रीमती क्षिप्रा देशमुख एवं श्रीमती प्रीतेश्वरी तिवारी को अवर सचिव के पद पर दी गई पदोन्नति की शर्त के अध्यधीन रहेगी ".

" प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त पदों के संबंध में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण संबंधी नियमों, आदेशों का पालन किया गया है . ".

भोपाल , दिनांक 28 मार्च 2011

क्र. फा. 3 ( बी ) 1-2010- इक्कीस ब ( एक ) .- ( मेरिट क्र. 21 ) राज्य शासन , श्री अजय सिंह पुत्र स्व. श्री रमाकांत सिंह को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश वर्ग 2 (प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा में अथवा अन्य आदेश होने तक, अस्थायी रूप से , उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

करने के दिनांक से, कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770- 33090-920-40450- 1080-44470 में एतद्वारा, नियुक्त करता है.

अभ्यर्थी का गृह जिला गोरखपुर, उ.प्र . है. उसकी जन्मतिथि 1 जनवरी, 1982 है.

क्र. फा . 3 ( बी ) 1-2010 - इक्कीस ब ( एक) .-(मेरिट क्र. 24 ) राज्य शासन, श्री अशोक कुमार त्रिपाठी पुत्र श्री आर. एस. त्रिपाठी को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश वर्ग 2 ( प्रवेश स्तर) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा में अथवा अन्य आदेश होने तक, अस्थायी रूप से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090-920-40450-1080-44470 में एतद्वारा , नियुक्त करता है.

अभ्यर्थी का गृह जिला जबलपुर, म. प्र. है. उसकी जन्मतिथि 28 अगस्त, 1978 है .

क्र. फा. 3 ( बी) 1-2010 - इक्कीस ब ( एक ) .- ( मेरिट क्र. 46 ) राज्य शासन , श्री रवि कुमार बौरासी पुत्र श्री लल्लू प्रसाद बौरासी को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश वर्ग 2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा में अथवा अन्य आदेश होने तक, अस्थायी रूप से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770- 33090-920-40450-1080-44470 में एतद्वारा , नियुक्त करता है.

अभ्यर्थी का गृह जिला उज्जैन , म. प्र. है . उसकी जन्मतिथि 12 अक्टूबर, 1980 है.

क्र. फा. 3 ( बी ) 1-2010 - इक्कीस ब ( एक ) .- ( मेरिट क्र. 47 ) राज्य शासन, सुश्री सपना कौशल पुत्री श्री रमेश चन्द्र कौशल को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश वर्ग 2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा में अथवा अन्य आदेश होने तक, अस्थायी रूप से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770- 33090-920-40450-1080-44470 में एतद्वारा , नियुक्त करता है.

अभ्यर्थी का गृह जिला उज्जैन, म. प्र . है. उसकी जन्मतिथि 16 जुलाई , 1984 है .

फा. क्र. 3 (ए) 9-2007- इक्कीस ब ( एक) -4045.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 233 के खण्ड 1 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को 1176

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय के परामर्श से, निम्नलिखित सिविल न्यायाधीशगण ( वरिष्ठ श्रेणी ) , जिनकी वर्तमान पदस्थापना उनके नाम के समक्ष दर्शित है, को मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा ( भर्ती तथा सेवा शर्तें ) नियम, 1994 ( यथा संशोधित ) के नियम 5 ( 1 ) ( ए) के अन्तर्गत इस आदेश के जारी होने के दिनांक से, अस्थायी रूप से , आगामी आदेश होने तक, एतद्वारा , जिला न्यायाधीश ( प्रवेश स्तर ) वेतनमान रुपये 51500-1230-58930- 1380-63070 के पद पर स्थानापन्न रूप से, कार्य करने के लिए पदोन्नत/ नियुक्त किया जाता है:-

सर्वश्री.-

1. श्री नरेन्द्र सिंह दीक्षित , पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , लहार, जिला भिण्ड.

2. कु. कल्पना उपाध्याय , पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , लखनादौन, जिला सिवनी.

3. मो. हुसैन अंसारी, पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , शिवपुरी.

4. श्री सुरेश कुमार आरसे, पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , ब्यावरा , जिला राजगढ़.

5. श्री राजेन्द्र कुमार गोंदले , पीठासीन अधिकारी, फास्ट ट्रेक न्यायालय , सेवढ़ा , जिला दतिया .

6. कुमारी भावना साधो, पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , इन्दौर.

7. श्री किशोरी लाल बोरासी, पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , इन्दौर.

8. श्री रमेश मावी , पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय, अलीराजपुर.

9. श्री ब्रह्म प्रकाश चतुर्वेदी, पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय, रायसेन .

10. श्री काशिफ नदीम ( खान ) , पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , टीकमगढ़.

11. श्रीमती सरला वाकलवार, पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , ग्वालियर.

12. श्री अनिल कुमार सोहाने, पीठासीन अधिकारी, फास्ट ट्रेक न्यायालय , ग्वालियर.

13. कुमारी किरण गौहर, पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , धार .

14. श्री रवीन्द्र सिंह , पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , सतना .

[भाग 1 15. श्री राम प्रकाश मिश्रा, पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , सीहोर.

16. कुमारी अनिता बाजपेई, पीठासीन अधिकारी, फास्ट ट्रेक न्यायालय , इन्दौर.

17. श्री उमेशचन्द्र मिश्र , पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , ब्यौहारी , जिला शहडोल.

18. श्री सिकन्दर सिंह परमार, पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय, रहली , जिला सागर .

19. श्री संजीव श्रीवास्तव, पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , खण्डवा .

20. श्री सुनील कुमार जैन ( सीनियर ) , पीठासीन अधिकारी, फास्ट ट्रेक न्यायालय , मन्दसौर.

21. श्री संजय कृष्ण जोशी , पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , सीहोर.

22. श्री शशिभूषण पाठक, पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , मुरैना.

23. श्री राजीव कुमार करमहे , पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , भोपाल.

24. श्री राजेन्द्र प्रसाद सोनी, पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय , ग्वालियर.

25. श्री अजय श्रीवास्तव , पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय, भोपाल.

26. श्री सत्येन्द्र गोवर्धन लाल जोशी, पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक न्यायालय, इन्दौर.

भोपाल , दिनांक 30 मार्च, 2011

फा. क्र. 17 ( ई ) 51-2005 - इक्कीस- ब ( एक ). - राज्य शासन, एतद्वारा , उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री जगत मोहन चतुर्वेदी, प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश , गुना की सेवाएं, खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग , मध्यप्रदेश शासन के आदेश क्रमांक एफ- 5-8-2007- उन्तीस-2 , दिनांक 30 मार्च 2011 द्वारा उनकी नियुक्ति अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता फोरम , रीवा के पद पर प्रतिनियुक्ति पर किये जाने के संबंध में दी गई सहमति के फलस्वरूप , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश होने तक, उनके द्वारा उक्त पद का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग , मध्यप्रदेश शासन को सौंपता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,

ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव.

भाग 1 ]

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 25 मार्च 2011

क्र. एफ-1 ( ए) 105-1993- ब-2-दो. श्री एम. पी. द्विवेदी, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक/प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन लि. , भोपाल को दिनांक 6 से 15 अप्रैल 2011 तक, कुल दस दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 3 , 4 , 5 , 16 अप्रैल 2011 एवं 17 अप्रैल 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुये राज्य शासन द्वारा उक्त अवधि में उन्हें खण्ड वर्ष 2010-13 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2010-11 की गृह नगर यात्रा सुविधा के बदले में भारत में कहीं भी भ्रमण की पात्रता के तहत् सपरिवार " अण्डमान निकोबार " जाने की अवकाश यात्रा की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2 ) उक्त अवकाश अवधि में श्री एम . पी . द्विवेदी, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक/प्रबंधक संचालक, मध्यप्रदेश , पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन लि. , भोपाल का कार्य अध्यक्ष, मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन लि. , भोपाल द्वारा अथवा उनके द्वारा निर्देशित अधिकारी द्वारा अपने कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.

( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री द्विवेदी, भापुसे को अस्थाई रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक/प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश , पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन लि. , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) अवकाशकाल में श्री द्विवेदी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रदाय देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 5 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री द्विवेदी, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

क्र. एफ-1 ( ए) 199-1991- ब- 2-दो. श्रीमती सुषमा सिंह, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक ( पूर्व ) , विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय, भोपाल को दिनांक 21 से 26 मार्च 2011 तक, कुल छः दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 19, 20 एवं 27 मार्च 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती सुषमा सिंह, भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक (पूर्व ) , विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्रीमती सिंह, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती सिंह, भापुसे अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर बनीं रहतीं.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अशोक दास, प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 25 मार्च 2011

क्र. एफ-1 ( बी) 154-10- बी-4-दो. राज्य शासन , मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2008 के माध्यम से संयुक्त प्रतिस्पर्धा परीक्षा के परिणाम के आधार पर मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा के लिये निम्नलिखित अभ्यर्थियों को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 02 वर्ष की परिवीक्षा पर मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा में कनिष्ठ वेतनमान 15,600-39,100 + 5,400 में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्त करता है. नवनियुक्त अधिकारीगण आदेश प्राप्ति के 15 दिवस की अवधि में जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी, सागर में प्रशिक्षण हेतु कार्यभार ग्रहण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे . अन्यथा नियुक्ति आदेश निरस्त माने जावेंगे .

क्र.

अभ्यर्थी का नाम एवं पता (1) लोक सेवा आयोग द्वारा अनुशंसित मुख्य सूची का क्र. (2) 07

1

(3) श्री आलोक कुमार शर्मा द्वारा श्री वृन्दावन सिंह सिकरवार 310, तानसेन नगर, ग्वालियर, म. प्र. 474002.

2

03

कु. शकुन्तला ग्राम व थाना नारनौद, जिला हिसार, हरियाणा.

( 2) उपरोक्त परिवीक्षाधीन अधिकारियों को परिवीक्षा अवधि में " संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण " प्रशासन अकादमी , भोपाल में प्राप्त कर परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा, अन्यथा सेवाएं समाप्त की जा सकेगी.

(3 ) नियुक्त अधिकारियों की परिवीक्षा अवधि, स्थाईकरण , वरिष्ठता, पदोन्नति आदि मध्यप्रदेश सिविल सेवा ( सेवा की सामान्य शर्तें ) नियम, 1961 एवं मध्यप्रदेश पुलिस कार्यपालिक ( राजपत्रित ) सेवा भर्ती तथा पदोन्नति नियम, 2000 से शासित होगी . सेवा संबंधी अन्य मुद्दे शासन के वर्तमान नियमों तथा भविष्य में बनाए जाने वाले नियमों/निर्देशों के अन्तर्गत निराकृत किये जायेंगे .

1178

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

(4) नियुक्त अधिकारियों की सेवाएं किसी भी समय एक माह की सूचना अथवा उसके एवज में एक माह का वेतन तथा भत्ते देकर बिना कारण बताए समाप्त की जा सकती है. इसी प्रकार यदि वे अपने पद से त्यागपत्र देकर शासकीय सेवा छोड़ना चाहें तो उन्हें भी एक माह का नोटिस देना आवश्यक होगा. एक माह पूर्व सूचना न देने की स्थिति में एक माह का वेतन व अन्य भत्ते जो वह उस समय प्राप्त कर रहे होंगे, नगद जमा करना होगा अन्यथा उक्त रकम राजस्व की बकाया की भांति उससे वसूल की जावेगी.

(5 ) राज्य शासन के अधीन दिनांक 1 जनवरी 2005 अथवा इसके बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को परिभाषित अंशदान पेंशन योजना लागू होगी.

( 6 ) नियुक्त अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत की गई जानकारी असत्य पाये जाने पर सेवायें बिना किसी सूचना के तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जावेगी. उनके द्वारा इस संबंध में प्रस्तुत कोई भी दावा मान्य नहीं होगा.

(7 ) परिवीक्षाधीन अधिकारियों को कार्यभार ग्रहण करने के पूर्व एक " बॉण्ड " शासन के पक्ष में निष्पादित करना होगा कि परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण न करने की दशा में अथवा प्रशिक्षण अवधि में सेवा छोड़ने पर उनकी परिवीक्षा अवधि में शासन द्वारा खर्च की गई राशि जिसमें वेतन भत्ते, यात्रा भत्ते एवं अन्य अग्रिम व्यय राशि शामिल होंगे , की वापसी के लिये उत्तरदायी रहेगा . जिसकी पूर्ति कर जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी सागर में कार्यभार ग्रहण करने वाले अधिकारी को अपनी उपस्थिति के समय प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा.

(8 ) नवनियुक्त अधिकारी पूर्व में शासकीय, अर्द्धशासकीय सेवा में सेवारत है , तो उन्हें अपने नियोक्ता का अनापत्ति प्रमाण- पत्र, अजाँच एवं अमांग प्रमाण- पत्र शासन को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा, अन्यथा उन्हें कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जावे .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेश ओगरे , अवर सचिव.

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 26 मार्च , 2011 क्र. डी- 15-28-2006-चौदह- 3.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 , ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों को उपयोग में लाते हुये, राज्य सरकार , एतद्वारा, निम्नलिखित मंडी समितियों के मंडी क्षेत्र में भी अधिसूचित फलों एवं सब्जियों पर कीमत के प्रत्येक एक सौ रुपये पर दो रुपये की दर से मंडी फीस अधिरोपित करती है :-

क्रमांक मंडी समिति का नाम

जिला

(2)

(3) (1)

बड़वानी 1 2

अंजड़ बिछिया

मण्डला (2 ) परन्तु यह भी कि उक्त पैरा क्रमांक -1 में विनिर्दिष्ट मंडी फीस के स्थान पर केवल संतरे एवं केले के लिये मंडी फीस प्रत्येक सौ रुपये पर एक रुपये की दर से अधिरोपित की जाती है .

(3) यह अधिसूचना " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशन के दिनांक से प्रवृत्त होगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.

भोपाल , दिनांक 26 मार्च , 2011

क्र. डी- 15-28-2006- चौदह - 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में , इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 26 मार्च, 2011 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार, उप सचिव.

Bhopal the 26th March , 2011

No. D - 15-28-2006 - XIV- 3.-In exercise of powers conferred under sub - section 19 of Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 ( No. 24 of 1973 ) , the State Government hereby levies market fee at the rate of two rupees for every one hundred rupees of the price on fruits and vegetables in the market area of the following market committees :-

S. No.

District Name of the market committee

(2)

(3) Badwani Anjard

(1) 1 2

Mandla Bichhiya

(2) Nowithstanding what is stated in para ( 1 ) the levy of market fee in the case of only oranges & bananas shall be at the rate of rupee one for every one hundred rupees of the price .

(3) This notification shall come into force with effect from the date of publication in the " Madhya Pradesh Gazette."

By order and in the name of the Governor ofMadhya Pradesh , AJAY SINGH GANGWAR , Dy . Secy.

1179 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

पशुपालन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 28 मार्च 2011

क्र. एफ 23-79-2009-पैंतीस.- पशुओं में संक्रामक और सांसर्गिक रोगों को निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम, 2009 ( 2009 का 27 ) की धारा 17 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , राज्य के पशुपालन विभाग के समस्त उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाओं को इस अधिनियम के अधीन, सक्षम अधिकारी के रूप में किसी शक्ति का प्रयोग या किसी कर्तव्य का निर्वहन, करने हेतु प्राधिकृत करती है, जो उनकी अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के भीतर, ऐसी शक्तियों का परीक्षण तथा ऐसे कर्तव्यों का निर्वाहन करेंगे .

क्र. एफ 23-79-2009- पैंतीस.- पशुओं में संक्रामक और सांसर्गिक रोगों का निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम, 2009 ( 2009 का 27 ) की धारा 3 के खण्ड ( ख ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार , एतद्वारा, राज्य के पशुपालन विभाग के समस्त पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञों/पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारियों को पशु चिकित्सा अधिकारी के रूप में नियुक्त करती है, जो उनकी अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं में उनकी शक्तियों का प्रयोग तथा उनके कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे .

No. F - 23-79-2009 - XXXV. In exercise of the powers conferred by Section 17 of the prevention and Control of infectious and Contagious diseases in Animals Act , 2009 (No. 27 of 2009 ) , the State Government hereby authorize all Deputy Directors Veterinary Services Animal Husbandry Department of the State to exercise any power or discharge any duty as a competent officer, under this Act, who shall examine such powers and discharge such duties with in the local limits of their jurisdiction .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनोज गोयल , प्रमुख सचिव.

No. F - 23-79-2009 - XXXV . In exercise of the powers conferred by clause ( b ) of Section 3 of the prevention and Control of infectious and Contagious Diseases in Animals Act , 2009 ( No. 27 of 2009 ) , the State Government hereby appoints all Veterinary Assistant Surgeons/Veterinary Extension Officers of Animal Husbandry Department of the State to be Veterinary Officers , who shall exercise their powers and discharge their duties with the local limits of their jurisdiction.

आवास एवं पर्यावरण विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 29 मार्च 2011

क्र. एफ- 3-125-2010- बत्तीस.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 23-" क " की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ- 3-125-2010 - बत्तीस- दिनांक 22 जुलाई 2010 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रकाशित मुरैना विकास योजना , 2021 में निम्नलिखित उपांतरण की पुष्टि करती है . उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार हैं:-

उपांतरण विवरण

ग्राम

क्रमांक

उपांतरण पश्चात्

खसरा क्रमांक

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

उपांतरित भूमि उपयोग

विकास योजना में निर्दिष्ट भूमि उपयोग

(6)

(4)

(5)

औद्योगिक (1) 1

(3) सर्वे क्र. 1280

(2) देवरी मुरैना

कृषि

3.198 में से

1.714 हेक्टेयर

कुल योग .

1.714 हेक्टयर

( 2 ) उपरोक्त उपांतरण मुरैना विकास योजना-2021 का एकीकृत भाग होगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

वर्षा नावलेकर, उपसचिव.

1180

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

विभाग प्रमुखों के आदेश

जिला सलाहकार समिति, धार, मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल , भोपाल ( म.प्र. )

धार, दिनांक 22 मार्च 2011

क्र. 297.- मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल भोपाल की ओर अधिसूचना क्रमांक 192 , दिनांक 10 जुलाई 2008 प्रकाशन दिनांक 11 जुलाई 2008 के अनुपालन में जिला स्तरीय सलाहकार समिति भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार समिति जिला धार का गठन किया जाकर समिति के सदस्यों के नाम पते निम्नानुसार हैं, का गठन करता हूँ जो कि मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन की दिनांक से प्रभावशील रहेगी :-

जिला स्तरीय सलाहकार समिति, धार ( मध्यप्रदेश )

अध्यक्ष ( 1 ) जिला कलेक्टर , धार

सदस्य सचिव (2) श्रम पदाधिकारी, धार

सदस्य (3 ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, धार.

-तदैव- (4) समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत, जिला धार ( 13 जनपद पंचायत ) .

( 5 ) नियोक्ता/बिल्डर्स संघों के दो सदस्य:

-तदैव- (1) श्री अजय पिता बबनलाल अग्रवाल ठेकेदार 104, एल.आई.जी. कॉलोनी, धार ( म. प्र.) .

(2) श्री कुलदीप पिता स्व. श्री रामचन्द्र- तदैव- चौधरी, ठेकेदार

नौगांव, धार ( म. प्र.) .

(6) श्रम संघ के प्रतिनिधि :

-तदैव- श्री गोपालदास वैष्णव , कंस्ट्रक्शन मजदूर महासंघ , निवासी व ग्राम हजरतपुर, जिला धार ( म. प्र. ) .

(7) तीन सामाजिक क्षेत्रों के प्रतिनिधिः

-तदैव- ( 1 ) श्रीमती लक्ष्मीबाई पति श्री दयाराम नरोले ब्रम्हाकुण्डी, धार ( म . प्र. ) .

-तदैव- (2) श्री कैलाश पिता पन्नालाल राठौर ( एम. ए. एल . एल. बी. ) , सूर्या लॉज, गांधी चौराहा, मनावर जिला धार ( म. प्र. ) .

( 3 ) श्री ईश्वरलाल पिता हिरालाल पाटीदार सदस्य निवास व ग्राम जाबड़ा पो . तिलगारा तह. बदनावर, जिला धार ( म. प्र. ) .

(4 ) श्री शिवभानुसिंह पिता बहादुरसिंह सोलंकी निवासी व ग्राम सीतलामाता मंदिर के पास, नालछा, जिला धार ( म. प्र. ) -तदैव-

-तदैव- (5) श्री ललीत पिता श्री बाबूराव लाभांते एच.-18 दौलत नगर, मांडव रोड, धार ( म. प्र. ) .

बी. एम. शर्मा, कलेक्टर/अध्यक्ष.

श्रमायुक्त कार्यालय , मध्यप्रदेश शासन, इन्दौर इन्दौर , दिनांक 26 मार्च 2011

क्र. 1-2 - नवम- ( 1 ) -86 .- मैं, पी. के. दास, श्रमायुक्त , मध्यप्रदेश , शासन के श्रम विभागीय आदेश क्रमांक 473-7258-16 दिनांक 24 जनवरी, 1961 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, एतद्वारा मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 (क्रमांक 25 सन् 1958 ) की धारा 40 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत निम्न सारणी के स्तंभ क्रमांक ( 2 ) में दर्शाये गये श्रम निरीक्षकों को इसी सारणी के स्तंभ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये गये स्थानीय क्षेत्रों के लिये " निरीक्षक " नियुक्त करता हूं : - क्रमांक

(1)

श्रम निरीक्षक का नाम (2)

अधिकार क्षेत्र (3) 1. श्रीमती मधु झारिया संपूर्ण राज्य में सभी स्थानीय 2. श्री डी. आर. चौधरी क्षेत्रों एवं सभी प्रकार के संस्थान 3. श्री आर. एस. भदौरिया के लिये जिन पर यह अधिनियम 4. श्री आर. एस. पटेल लागू होता है .

5. श्रीमती नीलम कुंटे

6. श्री राजेन्द्र तिवारी

7. श्री देवेन्द्र शर्मा

8. श्री सुनील श्रीवास्तव

9. श्री पी . व्ही. पेण्डके

10. श्री एस . के. शर्मा

11. श्री रामसिंह नेगी

12. श्री शशिकांत रेकवार

13. श्री भूरेसिंह मीना

पी. के. दास , श्रमायुक्त.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन" 58 , अरेरा हिल्स , भोपाल , मध्यप्रदेश

आदेश

भोपाल, दिनांक 26 मार्च 2011

क्र. एफ. 67-11-07- तीन- 426.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह नवम्बर 2007 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद्, कोलार , जिला भोपाल के आम निर्वाचन में श्रीमती कुसुम द्विवेदी , अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं . नगरपालिका परिषद्, कोलार, जिला भोपाल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 नवम्बर 2007 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 15 दिसम्बर 2007 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी भोपाल के पत्र क्र. 27/स्था. निर्वा./08 दिनांक 22 जनवरी 2008 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती कुसुम द्विवेदी, द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती कुसुम द्विवेदी को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 8 फरवरी 2008 जारी किया गया. कलेक्टर एवं

1181

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल के पत्र दिनांक 25 अगस्त 2008 में अवगत कराया कि अभ्यर्थी द्वारा कारण बताओ नोटिस लेने से इंकार कर दिया गया. अतः आयोग के निर्देशानुसार दो गवाहों की उपस्थिति में अभ्यर्थी के गृह के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा करवा कर कलेक्टर, भोपाल के माध्यम से दिनांक 31 अगस्त 2009 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.

अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 31 अगस्त 2009 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 15 सितम्बर 2009 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. नोटिस की तामीली उपरांत कलेक्टर, भोपाल ने अपने पत्र दिनांक 14 अक्टूबर 2010 में लेख किया कि " श्रीमती कुसुम द्विवेदी ने न तो लेखा और न ही कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया. आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 9 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र प्रेषित किया गया, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती कुसुम द्विवेदी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद्, कोलार, जिला भोपाल का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

1182

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

आदेश

भोपाल, दिनांक 26 मार्च 2011

क्र. एफ. 67-200-10- तीन-428.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का , जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद्, बीना, जिला सागर के आम निर्वाचन में श्रीमती भारती राय , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद्, बीना , जिला सागर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी सागर के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सागर के पत्र क्र. क- 754/स्था. निर्वा./10 दिनांक 12 अप्रैल 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती भारती राय द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती भारती राय को कारण बताओ नोटिस दिनांक 12 मई 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सागर के माध्यम से दिनांक 27 सितम्बर 2010 को तामील कराया गया . कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के

[भाग 1 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.

श्रीमती भारती राय को नोटिस दिनांक 27 सितम्बर 2010 को तामील कराया गया. अतः दिनांक 12 अक्टूबर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . अभ्यर्थी ने एक अभ्यावेदन कलेक्टर सागर के कार्यालय में दिनांक निरंक को प्रस्तुत किया , जिसके सम्बन्ध में कलेक्टर सागर ने पत्र दिनांक 18 अक्टूबर 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी ने निर्वाचन व्यय लेखा विलंब से प्रस्तुत करने का कारण स्वयं का स्वास्थ्य खराब होना व मलेरिया, पीलिया व शारीरिक एवं मानसिक रूप से कमजोरी आ जाना बतलाया है. अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत जवाब में दर्शाये गये तथ्य औचित्यहीन होने के कारण नियमानुसार कार्यवाही की जाना उचित होगा .

उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 11 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना - पत्र लिखा गया. अभ्यर्थी स्वयं उपस्थित हुईं. विहित समयावधि में लेखे प्रस्तुत नहीं किये जाने का कारण पूछे जाने पर अभ्यर्थी ने चुनाव प्रक्रिया संबंधी जानकारी का पूर्ण ज्ञान न होना तथा चुनाव के बाद मलेरिया व पीलिया से पीड़ित हो जाने के कारण शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर हो जाना बतलाते हुये स्वयं स्वीकार किया कि उनके द्वारा विलंब से लेखा प्रस्तुत किया गया.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती भारती राय को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद्, बीना जिला सागर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से दो वर्ष ( 02 वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

( रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भाग 1 ]

आदेश

भोपाल, दिनांक 29 मार्च 2011

क्र. एफ. 67-76-10- तीन- 431.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत बड़ोद जिला शाजापुर के आम निर्वाचन में श्री सत्यनारायण पटेली , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर ( अर्थात् दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से दिनांक 18 जनवरी 2010 तक) , श्री सत्यनारायण पटेली को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी शाजापुर के पास दाखिल किया जाना था किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी शाजापुर के पत्र क्र.- न.पा.आ.नि. - व्यय लेखा- 2009-555 दिनांक 24 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री सत्यनारायण पटेली , द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री सत्यनारायण पटेली , को कारण बताओ सूचना पत्र क्र. एफ 67-76-2010 -तीन-2448 दिनांक 18 अगस्त, 2010 को जारी कर उप जिला निर्वाचन अधिकारी, शाजापुर के माध्यम से दिनांक 06 सितम्बर 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री सत्यानारायण पटेली से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

अभ्यर्थी श्री सत्यनारायण पटेली को नोटिस दिनांक 06 सितम्बर 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 21 सितम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. श्री सत्यनारायण पटेली द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 18 अगस्त 2010 के जवाब में अपना अभ्यावेदन दिनांक 24 सितम्बर 2010 आयोग को प्रस्तुत कर, प्रतिलिपि कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला शाजापुर को प्रेषित की गई. आयोग द्वारा उक्त अभ्यावेदन की विश्वसनीयता एवं सत्यता की जांच कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से कराई गई. कलेक्टर से प्राप्त जांच प्रतिवेदन क्रमांक-न.पा.नि.- 2009- व्य. लेखा- 2010-683 दिनांक 4 नवम्बर 2010 के द्वारा लेख किया है कि अभ्यर्थी श्री सत्यनारायण पटेली ने निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित 30 दिवस में प्रस्तुत न करते हुए 8 माह 8 दिन विलम्ब से प्रस्तुत किया है . आयोग द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्र की प्राप्ति से अभ्यर्थी ने 18वें दिन अभ्यावेदन के साथ व्यय लेखा जिला कार्यालय को विलम्ब से दिनांक 24 सितम्बर 2010 को प्रस्तुत किया है . जबकि आयोग द्वारा सूचना- पत्र में निर्देश दिये गये थे कि अभ्यर्थी का जवाब इस सूचना- पत्र प्राप्त करने के 15 दिन के अन्दर आयोग को प्राप्त हो जाना चाहिए. निर्वाचन व्यय का दिन प्रतिदिन का प्रस्तुत लेखा रजि. का परीक्षण किया गया . इस रजिस्टर के अन्त में लगे हुए प्रोफार्मा " ग " में अंकित शपथ- पत्र में रिक्त स्थान की पूर्ति की गई तथा दिनांक 23 सितम्बर 2010 को कार्यपालिक दण्डाधिकारी बडोद के हस्ताक्षर होकर सील लगी हुई है . इस शपथ- पत्र में रुपये 10/ - का रेवेन्यु स्टाम्प नहीं लगाया गया है . शपथ- पत्र पर 8 माह 7 दिन विलम्ब से कार्यपालिक दण्डाधिकारी के हस्ताक्षर कराये गये हैं .

आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 3 फरवरी 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया , किन्तु अभ्यर्थी श्री सत्यनारायण पटेली आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना - पत्र की तामीली दिनांक 24 जनवरी 2011 को श्री सत्यनारायण पटेली को की गई. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री सत्यनारायण पटेली द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री सत्यनारायण पटेली को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत जिला शाजापुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- ( रजनी उइके) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

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[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

आदेश

भोपाल , दिनांक 29 मार्च 2011

क्र. एफ. 67-78-10-तीन- 440.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत सोयतकलां जिला शाजापुर के आम निर्वाचन में श्रीमती बाली बाई पत्नि श्री रमेश अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर ( अर्थात् दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से दिनांक 18 जनवरी 2010 तक ) , श्रीमती बाली बाई पत्नि श्री रमेश को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी शाजापुर के पास दाखिल किया जाना था किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी शाजापुर के पत्र क्र. न.पा.आ.नि. व्यय लेखा- 2009-555 दिनांक 24 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती बाली बाई पत्नि श्री रमेश द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती बाली बाई पत्नि श्री रमेश, को कारण बताओ सूचना पत्र क्र. एफ 67-78-2010- तीन-2446 दिनांक 18 अगस्त, 2010 को जारी कर उप जिला निर्वाचन अधिकारी , शाजापुर के माध्यम से दिनांक 13 सितम्बर 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में श्रीमती बाली बाई पत्नि श्री रमेश से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.

अभ्यर्थी श्रीमती बाली बाई पत्नि श्री रमेश को नोटिस दिनांक 13 सितम्बर 2010 को तामील कराया गया. अतः दिनांक 28 सितम्बर, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप निर्वाचन अधिकारी जिला शाजापुर से प्राप्त प्रतिवेदन क्रमांक- न.पा.नि.- 2009 - व्य. लेखा- 2010-692 , दिनांक 16 नवम्बर 2010 के द्वारा लेख किया है कि प्रतिवेदन दिनांक 16 नवम्बर 2010 तक अभ्यर्थी श्रीमती बाली बाई पत्नि श्री रमेश द्वारा जिला कार्यालय में कोई निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 3 फरवरी 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया , किन्तु अभ्यर्थी श्रीमती बाली बाई पत्नि श्री रमेश आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुई. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली श्रीमती बाली बाई पत्नि श्री रमेश को उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला शाजापुर द्वारा सी. एम. ओ. नगर पंचायत सोयतकलां के माध्यम से दिनांक 27 जनवरी 2011 को कराई गई . उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्रीमती बाली बाई पत्नि श्री रमेश द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती बाली बाई पत्नि श्री रमेश को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत सोयतकलां जिला शाजापुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (रजनी उड़के ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

भाग 1 ]

आदेश

भोपाल , दिनांक 29 मार्च 2011

क्र. एफ. 67-78-10-तीन-441.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा .

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत सोयतकलां जिला शाजापुर के आम निर्वाचन में श्रीमती चंचल देवी पत्नि श्री सुनील ( गुरू ) अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर ( अर्थात् दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से दिनांक 18 जनवरी 2010 तक ) , श्रीमती चंचल देवी पत्नि श्री सुनील ( गुरू ) को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी शाजापुर के पास दाखिल करना था किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी शाजापुर के पत्र क्र. न.पा.आ.नि. - व्यय लेखा- 2009-555 दिनांक 24 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती चंचल देवी पत्नि श्री सुनील ( गुरू ) द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती चंचल देवी पत्नि श्री सुनील ( गुरू ) को कारण बताओ सूचना पत्र क्र. एफ 67-78-2010- तीन-2445 दिनांक 18 अगस्त, 2010 को जारी कर उप जिला निर्वाचन अधिकारी , शाजापुर के माध्यम से दिनांक 21 सितम्बर

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में श्रीमती चंचल देवी पत्नि श्री सुनील ( गुरू ) से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.

अभ्यर्थी श्रीमती चंचल देवी पत्नि श्री सुनील ( गुरू ) को नोटिस दिनांक 21 सितम्बर 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 6 अक्टूबर , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला शाजापुर से प्राप्त प्रतिवेदन क्रमांक- न.पा.नि. - 2009 - व्य. लेखा- 2010-692 दिनांक 16 नवम्बर 2010 के द्वारा लेख किया है कि प्रतिवेदन दिनांक 16 नवम्बर 2010 तक अभ्यर्थी श्रीमती चंचल देवी पत्नि श्री सुनील ( गुरू ) द्वारा जिला कार्यालय में कोई निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया है .

आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 3 फरवरी 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्रीमती चंचल देवी पत्नि श्री सुनील ( गुरू ) आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुई. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली श्रीमती चंचल देवी पत्नि श्री सुनील ( गुरू ) को उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला शाजापुर द्वारा सी. एम . ओ . नगर पंचायत सोयतकलां के माध्यम से दिनांक 27 जनवरी 2011 को कराई गई. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्रीमती चंचल देवी पत्नि श्री सुनील ( गुरू ) द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती चंचल देवी पत्नि श्री सुनील ( गुरू ) को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत सोयतकलां, जिला शाजापुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (रजनी उइके) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

1186

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

आदेश

भोपाल , दिनांक 29 मार्च 2011

क्र. एफ. 67-142-10- तीन- 443.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् सिवनी जिला सिवनी के आम निर्वाचन में श्री राजेश शर्मा आ. श्री श्याम मनोहर शर्मा अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर ( अर्थात् दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से दिनांक 18 जनवरी 2010 तक ) , श्री राजेश शर्मा निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी सिवनी के पास दाखिल करना था किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी सिवनी के पत्र क्रमांक 457 - स्था. नि. 119-09-2010 दिनांक 31 मार्च 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री राजेश शर्मा आ. श्री श्याम मनोहर शर्मा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री राजेश शर्मा आ. श्री श्याम मनोहर शर्मा केट को कारण बताओ सूचना पत्र क्र. एफ 67-142-2010- तीन -2116 दिनांक17 जून , 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री राजेश शर्मा आ. श्री श्याम मनोहर शर्मा से

[ भाग 1 जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.

अभ्यर्थी श्री राजेश शर्मा आ. श्री श्याम मनोहर शर्मा को नोटिस दिनांक 20 जुलाई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 4 अगस्त, 2010 तक अपना अभ्यावेदन/जवाब प्रस्तुत करना था . आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस दिनांक 17 जून 2010 के संदर्भ में श्री राजेश शर्मा आ. श्री श्याम मनोहर शर्मा से आयोग में अभ्यावेदन दिनांक 23 जुलाई 2010 प्राप्त हुआ. आयोग द्वारा उक्त अभ्यावेदन की जांच उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला सिवनी के माध्यम से कराई गई. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला सिवनी से प्राप्त पत्र क्रमांक 679 - स्था. नि. 119-09-2010 दिनांक 4 अक्टूबर 2010 के द्वारा लेख किया है कि स्वास्थ्य खराब होने एवं विलंब से लेखा जमा करने हेतु उपस्थित होना उल्लेखित है , किन्तु व्यय लेखा संलग्न नहीं है , स्वास्थ्य खराब होने संबंधी कोई साक्ष्य संलग्न नहीं होने से अभ्यावेदन स्वीकृत किये जाने योग्य नहीं है. आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 2 फरवरी 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. सूचना- पत्र की तामीली अभ्यर्थी को उप जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से दिनांक 22 जनवरी 2011 को तामील कराई गई , किन्तु अभ्यर्थी श्री राजेश शर्मा आ. श्री श्याम मनोहर शर्मा आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री राजेश शर्मा आ. श्री श्याम मनोहर शर्मा द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया ना ही विलम्ब से लेखा प्रस्तुत करने के संबंध में स्वास्थ्य खराब होने संबंधी चिकित्सा प्रमाण - पत्र प्रस्तुत किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री राजेश शर्मा आ. श्री श्याम मनोहर शर्मा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् सिवनी जिला सिवनी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (रजनी उइके ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भाग 1 ]

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

आदेश

भोपाल, दिनांक 29 मार्च 2011

क्र. एफ. 67-142-10-तीन-444.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् सिवनी जिला सिवनी के आम निर्वाचन में श्री राकेश कुमार जायसवाल एडव्होकेट अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर ( अर्थात् दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से दिनांक 18 जनवरी 2010 तक) , श्री राकेश कुमार जायसवाल निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी सिवनी के पास दाखिल करना था किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी सिवनी के पत्र क्रमांक 457- स्था. नि. 119-09-2010 दिनांक 31 मार्च 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री राकेश कुमार जायसवाल एडव्होकेट द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री राकेश कुमार जायसवाल एडव्होकेट को कारण बताओ सूचना पत्र क्र. एफ- 67-142-2010- तीन-1730 दिनांक 27 अप्रैल 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री राकेश कुमार जायसवाल एडव्होकेट से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.

अभ्यर्थी श्री राकेश कुमार जायसवाल एडव्होकेट को नोटिस दिनांक 31 मई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 14 जून, 2010 तक अपना अभ्यावेदन/ जवाब प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस दिनांक 27 अप्रैल 2010 के संदर्भ में श्री राकेश कुमार जायसवाल एडव्होकेट से आयोग में अभ्यावेदन दिनांक 4 जून 2010 प्राप्त हुआ. आयोग द्वारा उक्त अभ्यावेदन की जांच उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला सिवनी के माध्यम से कराई गई. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला सिवनी से प्राप्त पत्र क्रमांक 679-स्था . नि. 119-09-2010 दिनांक 4 अक्टूबर 2010 के द्वारा लेख किया है कि स्वास्थ्य खराब होने एवं विलंब से लेखा जमा करने हेतु उपस्थित होना उल्लेखित है , किन्तु व्यय लेखा संलग्न नहीं है , स्वास्थ्य खराब होने संबंधी कोई साक्ष्य संलग्न नहीं होने से अभ्यावेदन स्वीकृत किये जाने योग्य नहीं है . आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 2 फरवरी 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. सूचना- पत्र की तामीली अभ्यर्थी को उप जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से दिनांक 23 जनवरी 2011 को तामील कराई गई, तामीली उपरान्त अभ्यर्थी द्वारा अपने अभ्यावेदन दिनांक 29 जनवरी 2011 के साथ निर्वाचन व्यय लेखा रजिस्टर लगभग 1 वर्ष बाद आयोग को प्रस्तुत किया गया किन्तु अभ्यर्थी श्री राकेश कुमार जायसवाल एडव्होकेट आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री राकेश कुमार जायसवाल एडव्होकेट द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया ना ही विलम्ब से लेखा प्रस्तुत करने के संबंध में स्वास्थ्य खराब होने संबंधी चिकित्सा प्रमाण - पत्र प्रस्तुत किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री राकेश कुमार जायसवाल एडव्होकेट को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् सिवनी, जिला सिवनी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(रजनी उइके)

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

1188

आदेश

भोपाल, दिनांक 30 मार्च 2011

क्र. एफ. 67-77-10- तीन- 462.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत सुसनेर जिला शाजापुर के आम निर्वाचन में श्री रमेशचन्द्र शर्मा, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत सुसनेर जिला शाजापुर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी शाजापुर के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शाजापुर के पत्र क्र. न.पा.आ.नि. - व्यय लेखा - 09-555 दिनांक 24 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री रमेशचन्द्र शर्मा , द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री रमेशचन्द्र शर्मा, को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 18 अगस्त, 2010 को जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , शाजापुर के माध्यम से दिनांक 10 सितम्बर 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

[भाग 1 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.

श्री रमेशचन्द्र शर्मा, को नोटिस दिनांक 10 सितम्बर 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 25 सितम्बर , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा दिनांक 7 दिसम्बर 2010 को कलेक्टर कार्यालय में एक अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर शाजापुर ने अपने पत्र दिनांक 9 दिसम्बर 2010 में अभिमत दिया कि " श्री रमेशचन्द्र शर्मा ( बापू ) प्रभूदयाल द्वारा प्रस्तुत जवाब उत्तर एवं उसके संलग्न निर्वाचन व्यय लेखा की छायाप्रति स्वीकार योग्य नहीं है . " कलेक्टर शाजापुर से उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा अभ्यर्थी को सुनवाई का एक मौका और देते हुये दिनांक 6 जनवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 2 फरवरी 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई में पक्ष समर्थन हेतु अभ्यर्थी अपने पुत्र श्री संजय शर्मा को अधिकृत करते हुए पत्र के साथ भेजा , जिनकी कि सुनवाई की गई . अभ्यर्थी के पुत्र श्री संजय ने अवगत कराया कि अभ्यर्थी श्री रमेश चन्द्र द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा की जानकारी निर्धारित प्रारूप में यथासमय नगर पंचायत सुसनेर में जमा करा दी गई थी , किन्तु उसकी प्राप्ति की रसीद नहीं है. यह पूछे जाने पर कि अभ्यर्थी ने किस अधिकारी के समक्ष एवं किस दिनांक को निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत किया था, उनके द्वारा कोई उत्तर नहीं दिया गया और न ही उनके द्वारा लेखे प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कोई अभिलेख ही प्रस्तुत किये गये. आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली के उपरांत अभ्यर्थी ने विलंब से अर्थात् लगभग दो माह 27 दिन पश्चात् अभ्यावेदन एवं अपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखे की छायाप्रति कलेक्टर कार्यालय शाजापुर में प्रस्तुत की.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री रमेशचन्द्र शर्मा , को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत सुसनेर जिला शाजापुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 03 वर्ष ( तीन वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- ( रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

भाग 1 ]

1189

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

आदेश

भोपाल, दिनांक 31 मार्च 2011

क्र. एफ. 67-143-10-तीन-469.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत बाबई जिला होशंगाबाद के आम निर्वाचन में श्री मुकेश कुमार सोनी ( लकी भैया ) अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर ( अर्थात् दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से दिनांक 18 जनवरी 2010 तक ) , श्री मुकेश कुमार सोनी ( लकी भैया ) को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी होशंगाबाद के पास दाखिल करना था किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी होशंगाबाद के पत्र क्रमांक 457- स्था.नि. 119- 09-2010 दिनांक 31 मार्च 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री मुकेश कुमार सोनी ( लकी भैया ) द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री मुकेश कुमार सोनी ( लकी भैया ) को कारण बताओ सूचना पत्र क्र. एफ- 67-143-2010- तीन-1711 दिनांक 26 अप्रैल , 2010 को जारी कर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी , होशंगाबाद के माध्यम से दिनांक 1 जून 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री मुकेश कुमार सोनी (लकी भैया ) से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.

अभ्यर्थी श्री मुकेश कुमार सोनी ( लकी भैया ) को नोटिस दिनांक 1 जून 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 16 जून , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला होशंगाबाद के पत्र क्रमांक 602 - स्था. नि. - 119- 09-2010 दिनांक 16 जुलाई 2010 के द्वारा लेख किया है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में इस कार्यालय को कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है. आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 10 नवम्बर 2010 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली अभ्यर्थी को दिनांक 27 अक्टूबर 2010 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी श्री मुकेश कुमार सोनी ( लकी भैया ) आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री मुकेश कुमार सोनी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री मुकेश कुमार सोनी ( लकी भैया ) को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत बाबई जिला होशंगाबाद का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (रजनी उइके )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

1190

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

[भाग 1

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिवनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

सिवनी, दिनांक 11 मार्च 2011

क्र. 301 - कलेक्टर - जि.भू.अ. - 2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) संशोधित , 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

निम्न सर्वे नंबर का लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6) सिवनी केवलारी

0.48

पौंडी,

उगली - नगरवाड़ा मार्ग के ब. नं 114,

सिवनी.

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण (भ. /स. ) संभाग क्र. 1

अशासकीय भूमि

अन्तर्गत सड़क निर्माण बाबद् प.ह.नं. 16 , शासकीय भूमि-

रा.नि.मं. पलारी 0.0 हेक्टर

( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , केवलारी , जिला सिवनी में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. कुलेश, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

ग्वालियर, दिनांक 16 मार्च 2011

क्र. 05 - अ- 82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है: -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का नाम

धारा ( 4 ) की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6) डबरा

ग्वालियर

0.440

सिंध रमौआ नहर बैरागढ़

योग.. 0.440

कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग ग्वालियर.

निर्माण हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , आकाश त्रिपाठी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

1191 कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

खरगोन , दिनांक 18 मार्च 2011

क्र. 492- भू- अर्जन-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह 17 (4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

तहसील

जिला

भूमि का वर्णन ग्राम/नगर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2)

(3)

(1)

(4)

(5)

(6) खरगोन महेश्वर सीतामउ

18.313

महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. मण्डलेश्वर.

डूब प्रभावितों के पुनर्बसाहट हेतु.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) .- ( 1 ) कलेक्टर जिला खरगोन, ( 2 ) भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत् परियोजना मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन, ( 3 ) कार्यापालन अभियंता ( सिविल -1 ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना, म.प्र.रा.वि. मण्डल मण्डलेश्वर, (4 ) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 493 - भू-अर्जन-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अथवा आवयश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह 17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

जिला

तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम/नगर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2)

(1)

(3)

(4)

(6)

(5)

महेश्वर

44.100

खरगोन

सुल्तानपुरा

महाप्रबंधक , श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो . लिमि. मण्डलेश्वर.

डूब प्रभावितों के पुनर्बसाहट हेतु.

नोट:- भूमि का नक्शा ( प्लान ) .- ( 1 ) कलेक्टर जिला खरगोन , ( 2 ) भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत् परियोजना मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन , ( 3 ) कार्यापालन अभियंता ( सिविल 1 ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना , म.प्र.रा.वि. मण्डल मण्डलेश्वर, (4) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

केदार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1192

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

दमोह , दिनांक 25 मार्च 2011

क्र. भू.अ.अ- 2010-11-1031.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

तहसील/ तालुका

(3)

(2)

(4)

(6) (1) दमोह

जबेरा विजय सागर

70.77

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , दमोह ( म. प्र.) .

भिनेनी जलाशय के बांध डूब एवं नहर हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तेंदूखेड़ा ( दमोह ) तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग , दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. भू.अ.अ- 2010-11-1033.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

तहसील/ तालुका (2)

(3)

(1)

(4)

(5)

(6) दमोह

जबेरा

12.80 24.96

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, दमोह ( म. प्र.) .

बड़ेरा जलाशय के बांध डूब एवं नहर हेतु.

1. भजिया 2. बड़ेरा 3. सलैया बड़ी 2.81 योग .. 40.57

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तेंदूखेड़ा ( दमोह ) तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग , दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

1193 क्र. 1032 - भू.अ.अ - 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे. क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम/नगर

तहसील का नाम

(2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) (1) दमोह तेंदूखेड़ा

3. भौड़ी

1. तेंदूखेड़ा 26.13 2. नरगुवां 7.56 2.28 4. झरौली 2.54 योग .. 38.51

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , दमोह ( म. प्र.) .

(6) नरगुवां जलाशय के बांध डूब क्षेत्र हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , तेंदूखेड़ा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. पी. सिंह सलूजा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला रायसेन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

रायसेन, दिनांक 28 मार्च 2011

प्र. क्र. 18 - अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इससे इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं: -

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम ख. नं कुल रकबा (हैक्टर में ) (1)

(3)

(2)

(4) रायसेन रायसेन गुन्दरई 57/1/1 57/3 59

5.74 4.00 12.29

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित किया गया रकबा

(5)

(6)

नहर निर्माण कार्य.

0.33 0.50 0.59

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, रायसेन.

1194

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

[भाग 1

(6) (1) (2) (3)

(4)

(5)

0.71

0.14

67

68/2

4.94

0.19

4.96

0.17

100

107

24.22

0.65

108/1/5 2.97

0.32

1.00

0.34

112/1

0.37

111/3 7.45

57/2/2

0.24

5.00

57/2/1

5.00

0.43

योग 88.02

4.27

( 2 ) भूमि का नक्शा, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग , रायसेन के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मोहन लाल मीणा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

उज्जैन, दिनांक 28 मार्च 2011

क्र. 2579 - भूमि संपादन-2011 .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करती हूं. राज्य शासन द्वारा यह भी निर्देश देती हूं कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध भूमि के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

तहसील

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(5)

(1)

(6) (2)

(3)

(4)

उज्जैन

31.98

उज्जैन

माधोपुरा

भू-अर्जन अधिकारी , उज्जैन

डी.एम.आई.सी. योजनान्तर्गत नालेज सिटी की स्थापना हेतु .

( 2 ) भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , उज्जैन के न्यायालय में देखा जा सकता है .

क्र. 2581 - भूमि संपादन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

1195 को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करती हूं. राज्य शासन द्वारा यह भी निर्देश देती हूं कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध भूमि के संबंध में लागू होंगे:-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) उज्जैन

उज्जैन

1.60

नरवर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

भू-अर्जन अधिकारी , उज्जैन डी.एम.आई.सी. योजनान्तर्गत नालेज सिटी की स्थापना हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , उज्जैन के न्यायालय में देखा जा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. गीता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 22 मार्च 2011

क्र. 374 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है , राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

अर्जित क्षेत्रफल ( हे . में ) (1)

(4) रीवा

7.876

(3) भटिगवां

(2) गुढ़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पु.सं.क्र. 2 मु. गोविन्दगढ़.

गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के मुख्य नहर के अन्तर्गत आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

1196

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

क्र. 376- भू- अर्जन . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

जिला

तहसील

भूमि का विवरण नगर/ग्राम

अर्जित लगभग क्षेत्रफल (हे . में)

(4) (1) रीवा

7.170 (2) गुढ़

(3) गेरूआरी (पै.)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पु.सं.क्र. 2 मु. गोविन्दगढ़.

गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के एवं तिवरिगवां वितरक नहर के अन्तर्गत आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 378 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5-अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

अर्जित लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(3)

(4) (1) रीवा

8.700

लढ़

(2) गुढ़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , भू- अर्जन एवं पु.सं.क्र. 2 मु. गोविन्दगढ़.

गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के एवं तिवरिगवां वितरक नहर के अन्तर्गत आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन .

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भाग 1 ]

1197

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

क्र. 380 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

तहसील

नगर/ग्राम

जिला

अर्जित

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(3)

(4) (1) रीवा

नर्रहा

8.901 गुढ़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पु.सं.क्र. 2 मु. गोविन्दगढ़ .

गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के मुख्य नहर एवं तिवरिगवां वितरक नहर के अन्तर्गत आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 382 - भू- अर्जन. चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

अर्जित

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(3)

(4) (1) रीवा

बदवार

14.145 (2) गुढ़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पु.सं.क्र. 2 मु. गोविन्दगढ़.

गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के मुख्य नहर एवं तिवरिगवां वितरक नहर के अन्तर्गत आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

1198

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

[भाग 1 क्र. 384 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

अर्जित लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(4)

(3)

रीवा

3.105

सोठा

गुढ़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पु.सं.क्र. 2 मु. गोविन्दगढ़.

योजना के एवं तिवरिगवां वितरक नहर के अन्तर्गत आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. -भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

अर्जित

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(4) रीवा

(3) सोठा

1.80 (2) गुढ़

55/45

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पु.सं.क्र. 2 मु. गोविन्दगढ़.

गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के एवं तिवरिगवां वितरक नहर के अन्तर्गत आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

1199

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

क्र. 388 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

अर्जित लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4)

7.25 रीवा

पुरवा

गुढ़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , भू- अर्जन एवं पु.सं.क्र. 2 मु. गोविन्दगढ़.

गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के एवं तिवरिगवां वितरक नहर के अन्तर्गत आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 390 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

अर्जित

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(4)

(3)

रीवा

11.180

गुढ़वा

गुढ़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

एवं पु.सं.क्र. 2 कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन

मु. गोविन्दगढ़ .

गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के मुख्य नहर एवं तिवरिगवां वितरक नहर के अन्तर्गत आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 392- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित 1200

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

अर्जित लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) रीवा

गेरूवारी

7.040 गुढ़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पु.सं.क्र. 2 मु. गोविन्दगढ़.

गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के एवं तिवरिगवां वितरक नहर के अन्तर्गत आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

राजगढ़ , दिनांक 26 मार्च 2011

क्र. 5804- भू- अर्जन -2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(3)

(1)

(4)

0.561 राजगढ़

राजगढ़

किशनपुरिया

1.590

टांड़ी

1.066

1.211

झूमका रायपुरिया

योग.. 4.428

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जलसंसाधन संभाग नरसिंहगढ़ .

कुशलपुरा तालाब की नहरों एवं उपनहरों के निर्माण क्षेत्र में आई निजी भूमि काअर्जन.

"

" _ " _

( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी ( राजस्व ) , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एम. बी. ओझा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1201

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

झाबुआ, दिनांक 28 मार्च 2011

क्र. 808 - भू-अर्जन- 2010 - रा.प्र.क्र. अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

ग्राम

(2)

(1)

(3)

क्षेत्रफल (हे. में) (4)

2.67 पेटलावद बोरपाड़ा

झाबुआ

योग .. 2.67

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

माही परियोजना की करनगढ़ माईनर नहर के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री , माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला झाबुआ ( म . प्र. ) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 810 - भू- अर्जन- 2010 - रा.प्र.क्र.- अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4)

0.62 झाबुआ पेटलावद बड़लीपाड़ा

योग 0.62

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

माही परियोजना की महुड़ीपाड़ा माईनर नहर के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला झाबुआ ( म . प्र. ) .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 812- भू-अर्जन- 2010- रा.प्र.क्र. अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित 1202

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

[ भाग 1 अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4)

2.81

गोदडिया

पेटलावद

झाबुआ

योग 2.81

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

माही परियोजना की करनगढ़ माईनर नहर के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री , माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला झाबुआ ( म . प्र. ) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 814 - भू- अर्जन- 2010 - रा.प्र.क्र.- अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल भूमि (हे. में ) (2)

(1)

(3)

(4)

1.61 झाबुआ पेटलावद बड़लीपाड़ा

1.61

योग

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

माही परियोजना की सुल्तानपुरा माईनर नहर के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला झाबुआ ( म. प्र. ) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 816- भू-अर्जन- 2010 - रा.प्र.क्र. अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम

क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(1)

(3)

(4)

0.34 झाबुआ पेटलावद बड़लीपाड़ा

योग ..0.34

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

माही परियोजना की तालाबपाड़ा माईनर नहर के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला झाबुआ ( म. प्र. ) .

भाग 1 ]

1203

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 818 - भू- अर्जन- 2010- रा.प्र.क्र.-अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894, ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

क्षेत्रफल (हे. में)

(4)

1.70 (2) पेटलावद

(1) झाबुआ

(3) सुल्तानपुरा

योग .. 1.70 अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

माही परियोजना की महुड़ीपाड़ा माईनर नहर के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला झाबुआ ( म . प्र. ) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 820 - भू-अर्जन- 2010- रा.प्र.क्र.अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल (हे. में) (2) पेटलावद

(4) 2.22 (1) झाबुआ

(3) सुल्तानपुरा

योग .. 2.22 अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) माही परियोजना की सुल्तानपुरा माईनर नहर के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला झाबुआ ( म. प्र. ) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

शोभित जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

1204

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छिन्दवाड़ा, दिनांक 16 मार्च 2011

क्र. 2290 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

( क ) जिला-छिन्दवाड़ा

(ख ) तहसील- सौंसर

( ग ) नगर/ग्राम- खापा पादरीवार, प. ह. नं. 24, बं. नं. 75, रा. नि. मंडल सौंसर .

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-69.511 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली सम्पत्तियां .

प्रस्तावित

प्रस्तावित क्षेत्रफल खसरा नम्बर

(हे. में)

(1)

(2)

0.482

33

35

0.151

45/2

0.405

48

0.024

49/1

0.476

0.476

49/2

49/3

0.476

0.476

49/4

49/6

0.048

51

0.860

52

0.769

60

1.505

53

0.364

58

0.151

61

0.869

55

1.963

57

0.328

63/1

1.304

63/2

0.712

68

0.154

[ भाग 1

(2)

(1)

0.114

119/2

0.274

69

133

0.405

134

0.405

74

0.041

106

1.579

150

1.149

158

0.251

96/1

0.370

96/7

0.598

96/3

1.327

96/5

0.437

96/6

0.316

0.143

85

90/2

0.191

112

2.606

153

3.218

1.762

88

90/1

1.433

1.157

91

92

1.465

1.457

99

0.020

98

96/9

1.000

0.158

101

102

1.305

103/1

1.844

105

1.578

0.083

109/1

119/1

0.113

103/2

1.843

109/2

0.083

107

4.708

108

1.263

110

0.640

0.825

113

114

2.140

1.586

129

118

1.181

96/2

2.080

124

0.020

126

0.982

127

0.373

147

0.530

128

0.219 भाग 1 ]

1205

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

(1)

(2)

130

1.287

131

0.304

136

0.838

137

0.405

138

0.740

139

0.769

140

0.016

141

0.040

143

0.526

146

1.335

148

0.340

144

0.255

145

0.637

152

1.234

154

0.445

155

0.510

96/4

1.214

93

0.032

96/10

0.794

97

0.040

132

0.485

योग .. 69.511

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.- कन्हान नदी प्रकल्प ( कौच्ची बैराज ) के अंतर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का अधिग्रहण किये जाने के संबंध में .

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कार्यकारी अभियंता , पाटबंधारे प्रकल्प विभाग , वैनगंगा नगर अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

( 5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील सौंसर , जिला छिन्दवाड़ा में भी किया जा सकता है.

क्र. 2297- भू-अर्जन-2011.- चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : --

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील- सौंसर

(ग ) नगर/ ग्राम- चिचघाट, प. ह. नं . 26, बं. नं. 137, रा. नि. मंडल सौंसर.

(घ ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-0.262 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली सम्पत्तियां.

प्रस्तावित

प्रस्तावित क्षेत्रफल खसरा नम्बर

(हे. में)

(1)

(2)

137

0.262

योग . 0.262

( 2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.- कन्हान नदी प्रकल्प (कौच्ची बैराज ) के अंतर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का अधिग्रहण किये जाने के संबंध में .

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण , कार्यालय, कार्यकारी अभियंता, पाटबंधारे प्रकल्प विभाग , वैनगंगा नगर अजनी नागपुर (महाराष्ट्र) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तहसील सौंसर , जिला छिन्दवाड़ा में भी किया जा सकता है.

क्र. 2298 - भू-अर्जन- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि 1206

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला - छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील- सौंसर

(ग) नगर/ ग्राम - मालेगांव , प. ह. नं. 24, बं. नं. 315, रा. नि. मंडल सौंसर.

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-49.056 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली सम्पत्तियां.

प्रस्तावित

खसरा नम्बर

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हे. में)

(1)

(2)

39/2

0.924

17/2

1.000

176/2

1.093

32

0.121

179/1

0.320

171/1

0.607

36/2

0.243

39/3

0.800

172

0.630

171/2

0.599

187/3

1.700

39/4

0.636

31

0.129

208

2.266

8/1

0.162

10

0.303

39/1

1.445

121

0.101

122

0.764

0.569

124

170/1

0.759

118

0.098

173

2.461

169/2

2.155

187/2

1.200

183

0.526

188

0.234

194/1

0.839

169/1

2.783

13/1

0.284

195

1.501

(2)

(1)

36/1

0.242

0.967

176/1

182

0.635

13/3

0.202

1.618

169/3

6

0.293

7

0.125

8/2

0.143

164

1.591

2

0.924

0.334

5

19

0.022

39/5

0.251

165

1.748

186

3.047

39/6

0.354

170/2

1.578

113

0.205

98

0.060

1.706

179/2

207/1

0.910

207/2

0.519

207/3

0.910

207/4

0.410

2.322

180

36/3

0.040

36/4

0.324

36/5

0.324

योग .. 49.056

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.- कन्हान नदी प्रकल्प ( कौच्ची बैराज ) के अंतर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कार्यकारी अभियंता , पाटबंधारे प्रकल्प विभाग , वैनगंगा नगर अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

भाग 1 ]

1207

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

(1)

(2)

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तहसील सौंसर , जिला छिन्दवाड़ा में भी किया जा सकता है.

क्र. 2299 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील- सौंसर

(ग) नगर/ ग्राम- पारेघाट, प. ह. नं. 26 , बं. नं. 238 , रा. नि. मंडल सौंसर .

(घ ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-27.750 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली सम्पत्तियां.

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हे . में)

प्रस्तावित खसरा नम्बर (1)

(2)

6

0.322

7

0.340

10

0.840

117/1

1.326

117/2

1.337

117/3

0.774

118

0.154

120

0.287

177

5.431

121

1.510

176

2.753

123

0.823

124

0.437

125

0.714

155

0.644

156

0.519

174

4.074

162

0.776

(2)

(1)

163

0.310

164

1.308

178

0.073

2

0.308

179

0.930

159/2

0.404

160/1

0.477

159/3

0.135

160/2

0.158

159/4

0.135

160/3

0.158

0.135

159/1

160/4

0.158

योग 27.750

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.-कन्हान नदी प्रकल्प (कौच्ची बैराज ) के अंतर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय, कार्यकारी अभियंता, पाटबंधारे प्रकल्प विभाग , वैनगंगा नगर अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

( 5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील सौंसर , जिला छिन्दवाड़ा में भी किया जा सकता है.

क्र. 2300- भू-अर्जन-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-छिन्दवाड़ा 1208

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

(ख ) तहसील-सौंसर

(ग ) नगर/ग्राम-लोहानी , प. ह. नं. 24, बं. नं. 359, रा. नि. मंडल सौंसर.

( घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-34.167 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली सम्पत्तियां.

प्रस्तावित

प्रस्तावित क्षेत्रफल खसरा नम्बर

(हे. में)

(1)

(2)

156/3

0.602

166

0.248

56/1

0.526

60

0.242

164/2

0.179

179

0.574

164/1

0.161

156/2

0.946

164/3

0.165

76

0.480

155/1

2.290

29

0.196

4

0.511

154

0.170

27

0.126

32

1.005

34/2

0.819

34/3

0.852

172

7.330

174

0.685

175

0.188

180

0.688

184

0.900

263

0.782

265

0.748

181

0.609

161

1.013

35

2.880

78

3.167

168

0.451

22/3

0.232

34/1

0.404

31

0.303

155/2

2.863

165

0.171

61

0.307

[ भाग 1

(2)

(1)

22/1

0.122

0.232

योग 34.167

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.- कन्हान नदी प्रकल्प (कौच्ची बैराज ) के अंतर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कार्यकारी अभियंता, पाटबंधारे प्रकल्प विभाग, वैनगंगा नगर अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तहसील सौंसर , जिला छिन्दवाड़ा में भी किया जा सकता है.

क्र. 2301 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख ) तहसील- सौंसर

मंडल सौंसर . (ग) नगर/ ग्राम- सांवगा, प. ह. नं. 24, बं. नं. 381 , रा. नि.

(घ ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल - 04.688 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली सम्पत्तियां .

प्रस्तावित

खसरा नम्बर (1)

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हे. में) (2)

0.219

249/2 भाग 1 ]

1209

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

(1)

(2)

0.182

249/1

250

0.085

233

0.117

249/4

0.145

249/5

0.217

218

0.393

249/3

0.506

211

0.221

208

0.596

209

0.268

212

0.331

213

0.179

217

0.020

214

0.049

251/2

0.364

257/1

0.093

258/2

0.197

231

0.016

258/1

0.165

257/2

0.023

0.182

12/1 , 12/4

12/2

0.120

योग .. 4.688

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.- कन्हान नदी प्रकल्प ( कौच्ची बैराज ) के अंतर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.

( 3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर (भू-अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कार्यकारी अभियंता , पाटबंधारे प्रकल्प विभाग , वैनगंगा नगर अजनी नागपुर ( महाराष्ट्र) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

( 5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तहसील सौंसर , जिला छिन्दवाड़ा में भी किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पवन कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खरगोन, दिनांक 11 मार्च 2011

क्र. 400- भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील- भीकनगांव

(ग) नगर/ग्राम- बंजारी

( घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.250 हेक्टेयर .

खसरा नम्बर

रकबा ( हे . में )

(2)

(1)

10/3

0.225

10/4

0.225

11/1क

0.350

0.250

11/1 ख/2

0.100

11/4

0.100

योग . 1.250

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.-जेतगढ़ तालाब योजना के नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी, भीकनगांव व कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

खरगोन, दिनांक 18 मार्च 2011

क्र. 489 - भू-अर्जन- 11-संशोधन. तहसील कसरावद, जिला खरगोन के ग्राम ससाबरड़ की अर्जनीय 7604 वर्गमीटर आबादी भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं तथा शासकीय / निजी कृषि भूमि पर स्थित संरचनाओं के अर्जन हेतु इस कार्यालय द्वारा जारी भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 की उद्घोषणा का मध्यप्रदेश राजपत्र , भाग -1 में पृष्ठ क्रमांक 731-733 पर दिनांक 11 मार्च 2011 को 1210

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

तथा नई दुनिया समाचार पत्र, इन्दौर के पृष्ठ क्रमांक 13 एवं दैनिक भास्कर समाचार पत्र, इन्दौर के पृष्ठ क्रमांक 10 पर दिनांक 11 मार्च 2011 को ( जी. क्र. 25615 / 11 ) से त्रुटि पूर्ण प्रकाशन हुआ है . जिसको निम्नानुसार सही संशोधित प्रकाशन पढ़ा जावे :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

संशोधित प्रकाशन त्रुटिपूर्ण प्रकाशन

खसरा नंबर

शीट क्रमांक

खसरा नंबर

[ भाग 1 (1)

(2)

83/1

0.040

0.089

83/2

92

0.696

122/2

0.012

0.162

133/1

141 पैकी

0.547

145 पैकी

1.117

147

1.048

शीट क्रमांक

शेष प्रविष्ठियां यथावत् रहेगी.

क्र. 490 - भू-अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.

भू- अर्जन की अति आवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक- 814-05-कोर्ट-10, इन्दौर , दिनांक 26 नवम्बर 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 ( 4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित परिसम्पत्तियां.

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- कसरावद

( ग ) नगर/ ग्राम- लेपा

( घ) लगभग क्षेत्रफल-14.349 हेक्टेयर निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित परिसम्पत्तियां.

खसरा नम्बर

डूब का रकबा ( हे . में ) (1)

(2)

52

0.024

54/2

0.044

55

0.069

61

0.081

65

0.081

69/1

0.032

69/2

0.037

72

1.085

82/4

0.256

0.405

152/2

157

0.263

161

0.049

162/2

0.024

164

0.093

169

0.093

170

0.073

171

0.121

172

0.105

173

0.036

176

0.049

177/1

0.020

177/2

0.049

177/4

0.036

181

0.041

182

0.028

183

0.032

0.012

185/1

185/2

0.012

185/3

0.016

185/4

0.016

0.040

186

187

0.032

0.077

188

190/2

0.061

191/1

0.024

0.036

193

0.048

194/1

194/2

0.053

201

0.077

202

0.040

204

0.073

205

0.036

206

0.040

207

0.073 भाग 1 ]

1211

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

(1)

(2)

208

0.057

209/1

0.041

209/2

0.024

210

0.049

212

0.016

213

0.008

214

0.049

216/1

0.161

216/2

0.053

217

0.239

218

0.202

226/2

1.238

230/2

1.202

231

0.130

233

0.238

235

0.146

238

1.072

239/2

1.599

243/1/1

0.049

244

0.073

योग . 14.349

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है. - महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) -1. कलेक्टर, जिला खरगोन, 2. भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर, खरगोन, 3. कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना / म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4. महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 491 - भू- अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.

भू- अर्जन की अति आवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक- 637-05- कोर्ट -10 , इन्दौर, दिनांक 8 सितम्बर 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित परिसम्पत्तियां.

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- कसरावद

(ग ) नगर/ग्राम-कायतखेंड़ी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-12.067 हेक्टेयर निजी भूमि एवं उस पर स्थित परिसम्पत्तियां .

खसरा नम्बर

डूब का रकबा ( हे. में )

(2)

(1)

2/1

2.023

5/1

2.023

5/2

2.023

5/3

1.500

6/1 पैकी

0.600

8/2/2पैकी

0.004

9 पैकी

0.740

0.202

11 पैकी

12पैकी

0.500

14/1 पैकी

0.600

14/2पैकी

0.252

35 पैकी

0.020

37 पैकी

0.324

39पैकी

0.040

41/2पैकी

0.465

44/1 पैकी

0.168

45/1 पैकी

0.060

48/3पैकी

0.150

48/4पैकी

0.069

52/1 पैकी

0.304

योग 12.067

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है. - महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) -1. कलेक्टर, जिला खरगोन, 2. भू- अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर, खरगोन , 3. कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना / म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4. महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

1212

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

खरगोन, दिनांक 25 मार्च 2011

क्र. 556 - भू-अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है .

भू-अर्जन की अति आवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक- 815-05- कोर्ट -10, इन्दौर , दिनांक 26 नवम्बर 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 ( 4) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित परिसम्पत्तियां.

(क) जिला-खरगोन

(ख ) तहसील- महेश्वर

(ग) ग्राम का नाम- भसुन्डा

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-13.565 हेक्टेयर निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित परिसम्पत्तियां.

खसरा नम्बर

डूब का रकबा ( हे . में ) में से

(2)

(1)

0.120

22/3

0.040

23/1/1

0.060

23/2

0.060

26/3

0.140

0.170

27

29/1 /2ख

0.405

29/1/3

0.849

29/1/4/3

0.081

29/1/5

3.035

0.591

29/2/1/1

0.672

29/3

29/4

0.673

29/5

0.673

29/2/3/2

1.194

30/1 घ

2.159

30/2

1.518

31

0.545

34/5

0.150

36/1 पैकी

0.100

[भाग 1

(2)

39/2/1

0.050

(1) 43

0.280 योग 13.565

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.- महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) - 1. कलेक्टर, जिला खरगोन, 2. भू-अर्जन अधिकारी, महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन , 3. कार्यपालन अभियंता (सिविल ) महेश्वर जल विद्युत परियोजना / म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर , 4. महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , केदार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 22 मार्च 2011

क्र. 2250 - भू- अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन की आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- सागर

(ख) तहसील- केसली

(ग ) नगर/ ग्राम- पुतर्रा, प. ह. नं. 24

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-35.95 हेक्टेयर.

रकबा ( हे . में)

खसरा नम्बर में से

(2)

(1)

1.57

2

1.38

3/1

3/2

1.38

5/1

0.73

5/2

0.73

7/1

0.46 भाग 1 ]

1213

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

(2) (1)

7/2

0.46 10/1

0.05 10/2

0.05 11

0.15 14

0.19 15

1.06 16

0.08 18/1

0.33 18/2

1.46 19

0.47 20

0.51 21

0.11 22

0.13 23

0.14 24

1.05 25

1.50 26

0.44 27

1.96 28

0.43 29

0.35 30

0.30 32

0.18 33

0.33 34

0.88 37/1

0.26 37/2

0.26 39/1

0.12 39/3

0.13 46/1

0.09 47

0.26 48

0.25 49

0.32 50

0.85 51

1.97 55

1.74 57/1

0.67 57/2

0.67 58

1.64 60

1.80 61

0.83 62/1

0.82

(2)

(1)

0.07

62/2

0.18

69/1

0.18

69/3

0.06

69/5

86

0.02

87/1

0.53

1.00

88

89/3

0.65

89/1

0.03

89/2

0.68

1.01

90/1 , 90/2

योग .. 35.95

(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए आवश्यकता है.- चकरा जलाशय योजना के बांध एवं डूब क्षेत्र हेतु द्वारा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन, सांभाग क्र. - 1 सागर.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, देवरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनीष श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन सचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला मण्डला, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग मण्डला, दिनांक 26 मार्च 2011

क्र. भू-अर्जन-01 ( अ-82 ) 2010-11-52.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- मण्डला 1214

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

(ख ) तहसील - मण्डला

(ग) ग्राम- महाराजपुर

(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 0.820 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

रकबा (हे . में) (1)

(2)

199

0.083

200

0.050

0.150

0.206

201 , 202/3 210/1 क, 211 / 1 क, 212/1 क, 213/1 क, 214/1क.

0.008

210/2क, 211/2क, 212/2क , 213/2क, 214/2क.

0.006

210/2ख , 211/ 2 ख , 212/2ख , 213/2ख , 214/2ख.

0.006

210/2 ग , 211 / 2ग , 212/2ग , 213 /2 ग , 214/2ग.

215

0.089

216/1

0.028

216/2

0.024

217/1

0.061

217/2

0.040

218/2

0.049

196

0.020

योग . 0.820

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है . नर्मदा बंजर नदी के संगम पर मेला स्थल के विस्तार तथा सड़क चौड़ीकरण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष , मण्डला के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला शिवपुरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग शिवपुरी , दिनांक 24 मार्च 2011

क्र. 26-10-11 - अ- 82- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि एवं सम्पत्ति संबंधी जानकारी की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि एवं सम्पत्ति की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि एवं सम्पत्ति का वर्णन-

(क) जिला- शिवपुरी

(ख ) तहसील-करैरा

(ग) ग्राम- अमोला

(घ ) अ. भूमि का कुल क्षेत्रफल- 25.68 हेक्टेयर. ब. सम्पत्ति का ब्यौरा 1. मकान-113

2. वृक्ष-13

3. कुआं -3

4. बाउण्ड्री-6

5. चबूतरा -11

6. जीना -9

7. पानी टंकी-1 (अ ) भूमि का वर्णन-

खसरा नम्बर

क्षेत्रफल ( हे . में ) (1)

(2)

331/2

1.40

7.71

15.58

1039/5

0.40

1330

0.18

0.18

0.17

663 780 1331 1333 1334

0.06

योग . 25.68 भाग 1 ]

1215

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

(ब) सम्पत्ति का वर्णन ग्राम अमोला-

आबादी

(मकान, वृक्ष, कुआं, बाउण्ड्री, चबूतरा, जीना एवं पानी टंकी की जानकारी )

स.क्र.

सम्पत्ति मालिक का नाम/

सर्वे क्र.

पिता का नाम

संख्या पक्का

वृक्षों की फलदार

कच्चा

अन्य सम्पत्ति

संख्या कुओं की गैर फलदार

मकान

कच्चा

( व.मी. )

(1)

(2)

(3) (4)

निर्मित क्षेत्र पक्का ( व.मी. ) (5) (6) (7) (8) (9) (10)

12.25

1.

आबादी

जमाल अहमद पुत्र रमजान बक्स

2.

18.75 26.62

आबादी

राजकुमार पुत्र किशनलाल गुप्ता

3.

60.52

आबादी 34.58

मुरारी पुत्र किशनलाल गुप्ता

4.

28.12

आबादी

हरनाम पुत्र गजुआ परिहार

5.

1

26.40 16.32

कलावती पत्नि रामप्रसाद परिहार

आबादी

6.

41.36

घनश्याम, फूलचंद्र पुत्रगण रामपाल डोंगरे आबादी

7.

आबादी 23.04

पातीराम पुत्र कन्धू जाटव

8.

30.15

आबादी

मुलुआ पुत्र रामदीन जोशी

9.

11.76

आबादी

कोमल पुत्र देवलाल आदिवासी

24.10

आबादी

10. गुड्डी पत्नि पप्पू आदिवासी

11.

14.04

बती बेवा कप्तान आदिवासी

आबादी

12.

आबादी 48.59

बिहारी पुत्र हल्कू कुशवाह

13.

12.96

आबादी

मुन्ना पुत्र हल्कू कुशवाह

14.

आबादी 55.25

गोविन्द सिंह पुत्र पुन्ना कुशवाह

1430 29.17

15.

501

58.27 40.88

लखन पुत्र रजुआ लोधी

(रामलल्ली पत्नि लखन )

16.

8.40

कलाबाई पत्नि बद्री आदिवासी

आबादी

17.

आबादी 34.04

कुसुमा पत्नि लच्छु आदिवासी

28.34

आबादी

18. महेशपाल सिंह पुत्र रावराज सिंह

15.35

19.

बाउण्डीवाल

आबादी

जितेन्द्र सिंह पुत्र बृजभान सिंह चौहान

पत्थर की- 14.95 घ.मी. ईंट की- 1.04 घ.मी.

20.

1052

17.04

सरवान लाल पुत्र रामलाल साहू

21.

20.64

आबादी

रामप्रसाद पुत्र स्वामीदीन कुशवाह

22.

22.01

आबादी

भैरोलाल पुत्र घनश्याम कुशवाह

23.

आबादी 72.80

मलखान पुत्र गोविन्दा लोधी

353/4

24.

28.20

आबादी

गोपाल पुत्र देशराज लोधी

25.

24.00

आबादी

दयाराम पुत्र दलीपा गड़रिया

26.

आबादी 80.70

भगवानदास पुत्र रामदयाल गड़रिया

341

38.80

27. रामकिशन पुत्र मनका लोधी

358

350 1216

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 अप्रैल 2011

(2)

(1)

(3) 28.

637/2 दशरथ पुत्र धर्मपाल

आबादी 29.

आबादी हईलाल पुत्र शिबुआपाल

30.

आबादी लालाराम पुत्र शिबुआपाल

31.

आबादी रामकिशन पुत्र नारायण बघेल

32.

आबादी 22.60

कैलाश पुत्र मेहरवान सिंह लोधी

आबादी 33. लालाराम पुत्र जिगुआ बघेल

34.

आबादी सोमराज पुत्र रमुआ लोधी

35. श्री राजकुमार मिश्रा पुत्र श्री नन्दकिशोर आबादी 36.

आबादी रामदास पुत्र मूलचन्द्र साहू

37.

आबादी श्री राम पुत्र मोजी ओझा

38.

आबादी भैयालाल पुत्र देवसिंगा आदिवासी

39.

आबादी राकेश पुत्र धीरा जाटव

40.

आबादी वती पत्नि घनश्याम आदिवासी

41. ज्ञाना बाई बेवा शंकर नाई

आबादी 42.

आबादी देवेन्द्र शर्मा पुत्र लक्ष्मीनारायण शर्मा

1064

आबादी 43. घनश्याम सिंह पुत्र फेरन सिंह एवं श्रीमती लक्ष्मी पत्नि नारायण सिंह

44.

आबादी बल्लू पुत्र काशीराम जाटव

45.

आबादी हरगोविन्द पुत्र मन्नूलाल कोरी

46.

आबादी सुन्दर पुत्र उदुआराम कोली

47.

आबादी खेमा पुत्र भावसिंह

48.

आबादी पूरन पुत्र नंदराम वंशकार

49.

आबादी भगवान सिंह पुत्र हरदास लोधी (सपाई की टपरिया )

आबादी 50. रामनिवास पुत्र श्यामलाल बेडिया (सपाई की टपरिया)

आबादी 51. श्री कल्याणसिंह पुत्र नाहर सिंह राजपूत

1014

1017 52. श्री मनीराम पुत्र रट्टीलाल राजाबेटी पत्नि बंशीलाल तेली

1011

1012 53 .

आबादी श्री केशव प्रसाद पुत्र श्री मोहनलाल शर्मा 54.

आबादी श्री चिन्टूलाल पुत्र भैयालाल लखेरा

55.

आबादी श्री रतनलाल पुत्र पन्नाराम आदिवासी

56.

आबादी श्री किशनलाल पुत्र चेनूराम जाटव

57.

आबादी श्री जगला पुत्र हरीसिंह पाल

58.

आबादी श्री किशोरीलाल पुत्र मथुराप्रसाद जाटव

आबादी 59. श्री फूलसिंह पुत्र अजबसिंह जाटव

[भाग 1

(4)

(6) (7) (8) (9)

(5)

(10)

93.05

82.86

51.50

17.50

42.84

108.75

3.60

ईंट की दीवार 1.68 घ.मी.

10.15

15.60

19.50

32.94

10.54

19.50

18.00

चबूतरा 24.50 व.मी.

43.00

चबूतरा

33.84 व.मी. 23.79

6.05

26.24

38.08

13.68

54.50

19.80

चबूतरा

4.72व.मी.

चबूतरा 12.50 व.मी. 70.95

चबूतरा

6.00 व.मी.

चबूतरा

10.64 व.मी.

15.40

41.25

9.62

10.00

बाउण्ड्रीवाल

13.47 घ.मी.

भाग 1 ]

1217

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 अप्रैल 2011

(1)

(2)

(3) 60. रसीद मोहम्मद पुत्र गनी मोहम्मद कुरैशी आबादी 61.

आबादी जिहानसिंह पुत्र बलदेव सिंह

भाग-1

स.क्र.

सर्वे क्र.

सम्पत्ति मालिक का नाम/ पिता का नाम

(1)

(2)

(3) 62.

आबादी प्रेम नारायण पुत्र हरिराम तेली कपूरी बाई पत्नि प्रेम नारायण तेली .

63.

1426 लखन पुत्र चैनू जाटव

761 64. बृजमोहन मनोहरलाल पुत्रगण

दुर्गाप्रसाद जाटव.

भाग-2

स.क्र.

सर्वे क्र.

सम्पत्ति मालिक का नाम/ पिता का नाम

(4) (5) (6) (7)

(9 )

(8)

(10)

35.64

15.00

ग्राम अमोला में आबादी एवं खेतों में स्थित कुओं की पूरक जानकारी

अन्य सम्पत्ति वृक्षों की फलदार

संख्या कच्चा पक्का

संख्या कुओं की गैर फलदार

निर्मित क्षेत्र पक्का ( व.मी. )

मकान कच्चा (व.मी. )

(6) (7) (8) (9)

(4) (5)

(10)

1

1

1

ग्राम अमोला में आबादी एवं खेतों में खड़े वृक्षों की पूरक जानकारी

अन्य सम्पत्ति

संख्या पक्का

कुओं की कच्चा

वृक्षों की फलदार

मकान निर्मित क्षेत्र

कच्चा पक्का

(व.मी. ) ( व.मी. )

(1)

(2)

(3)

आबादी 65. बैजनाथ पुत्र राजाराम ओझा

66.

1457 लालाराम पुत्र हरूआ जाटव

1461

आबादी 67. शम्भूचरण पुत्र हीरालाल वैश्य

आबादी 68. घनश्याम पुत्र नवला प्रजापति

69. सियाबाई बेवा रामदास जाटव

आबादी

आबादी 70. पातीराम पुत्र अमना जाटव

आबादी 71. फूलसिंह पुत्र अजबसिंह जाटव

मकान-61

(4) (5) (6)

संख्या गैर फलदार (7) (8) (9) (10)

1

4

1

3

1

1

1

वृक्ष-13

कुआं-3

(2) सार्वजनक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है- सिंध परियोजना द्वितीय चरण के अन्तर्गत अटल सागर ( मड़ीखेड़ा बांध ) के निर्माण के लिये.

( 3) धारा 6 द्वारा प्राधिकृत अधिकारी- कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना, पक्का बांध, संभाग मड़ीखेड़ा, जिला शिवपुरी (म.प्र. ) .

(4) भूमि के नक्शे प्लान एवं सम्पत्ति विवरण का निरीक्षण-अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व , करैरा , जिला शिवपुरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , राजकुमार पाठक, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 08 April 2011. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2011-04-08.14.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2011-04-08.14.Ordinary.