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मध्यप्रदे श शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 18 ]
भोपाल , शुक्रवार, दिनांक6 मई 2011 - वैशाख 16 , शक 1933
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.
भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद्में पुरःस्थापित विधेयक,
( ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद् के अधिनियम,
(ग ) ( 1 ) प्रारूप नियम, (2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 21 अप्रैल 2011
क्र. ई - 5-425 - आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री मनोज गोयल , आयएएस , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, पशुपालन विभाग को दिनांक 11 से 23 अप्रैल 2011 तक तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
( 2) श्री मनोज गोयल की अवकाश की अवधि में श्री सेवाराम, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के
1481
साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक पशुपालन विभाग का प्रभार सौंपा जाता है.
( 3) अवकाश से लौटने पर श्री मनोज गोयल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, पशुपालन विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4 ) श्री मनोज गोयल द्वारा प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, पशुपालन विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री सेवाराम , पशु पालन विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे .
( 5 ) अवकाशकाल में श्री मनोज गोयल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मनोज गोयल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित -2011 1482
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
भोपाल, दिनांक 23 अप्रैल 2011
क्र. ई- 5-632 - आयएएस - लीव - एक- 5.- ( 1 ) श्री अनुपम राजन, आयएएस . , संचालक, महिला एवं बाल विकास तथा मिशन संचालक, अटल बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन को दिनांक 5 से 15 अप्रैल 2011 तक ग्यारह दिन का अर्जित अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 16 , 17 अप्रैल 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .
(2) अवकाश से लौटने पर श्री अनुपम राजन को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न संचालक, महिला एवं बाल विकास तथा मिशन संचालक, अटल बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3 ) अवकाशकाल में श्री अनुपम राजन को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
( 4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अनुपम राजन अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई - 5-827 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री श्रीमन शुक्ला, आयएएस, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, होशंगाबाद को दिनांक 2 से 13 मई 2011 तक बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 1 मई 2011 एवं 14, 15 मई 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.
( 2 ) श्री श्रीमन शुक्ला की अवकाश की अवधि में श्री ए. के. बाजपेई, अपर कलेक्टर , होशंगाबाद को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, होशंगाबाद का प्रभार सौंपा जाता है.
( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री श्रीमन शुक्ला को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत होशंगाबाद के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4) श्री श्रीमन शुक्ला द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, होशंगाबाद का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री ए. के. बाजपेई, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, होशंगाबाद के प्रभार से मुक्त होंगे .
(5 ) अवकाशकाल में श्री श्रीमन शुक्ला को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री श्रीमन शुक्ला, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.
भोपाल, दिनांक 23 अप्रैल 2011
क्र. एफ. ए. 5-11-2011 - एक ( 1 ) . - राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय श्री आई. एस . श्रीवास्तव महोदय, उच्च न्यायालय , इन्दौर, खण्डपीठ, इन्दौर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है : -
अ. अवकाश
अभियुक्ति
कुल अवकाश का
प्रकार
क्र. अवधि दिन
(1) (2)
(3) (4)
(5)
5
अवकाश के पूर्व में
पूर्ण वेतन
दिनांक 5-3-2011
दिन
1 7-3-2011 से 11-3-2011 तक.
से दि. 6-3-2011
तथा भत्तों सहित अवकाश तक सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा , उपसचिव.
भोपाल , दिनांक 23 अप्रैल 2011
क्र. ई - 5-481- आयएएस लीव एक 5.- ( 1 ) श्री इकबाल सिंह बैंस , आयएएस. , महानिदेशक, पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन ( एप्को ) , भोपाल को दिनांक 21 से 26 मार्च 2011 तक छः दिन का अर्जित अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री इकबाल सिंह बैंस को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न महानिदेशक, पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन ( एप्को ) , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3) अवकाशकाल में श्री इकबाल सिंह बैंस को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था .
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री इकबाल सिंह बैंस अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
व्ही. एस. तोमर, अवर सचिव.
भाग 1 ]
1483
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 11 अप्रैल 2011
क्र. फा . 3 ( बी ) 1-2010- इक्कीस- ब ( एक) .- (मेरिट क्र.- 27 ) .- राज्य शासन , श्री अतुल यादव पुत्र श्री पुरुषोत्तम यादव को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश , वर्ग -2 (प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा में अथवा अन्य आदेश होने तक अस्थायी रूप से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090-920- 40450-1080-44470 में एतद्वारा , नियुक्त करता है.
अभ्यर्थी का गृह जिला इंदौर, मध्यप्रदेश है . उसकी जन्मतिथि 25 अगस्त 1979 है .
क्र. फा . 3 ( बी ) 1-2010 - इक्कीस ब ( एक ) .- ( मेरिट क्र. - 44 ) .- राज्य शासन , श्री विजय चौहान पुत्र श्री गिरधारी लाल चौहान को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश, वर्ग-2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा में अथवा अन्य आदेश होने तक अस्थायी रूप से , उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090- 920-40450-1080-44470 में एतद्वारा , नियुक्त करता है.
अभ्यर्थी का गृह जिला इंदौर, मध्यप्रदेश है. उसकी जन्मतिथि 25 जुलाई 1975 है .
भोपाल, दिनांक 20 अप्रैल 2011
क्र. 1691 - इक्कीस- अ ( स्था. ) .- राज्य शासन श्री जनार्दनस्वरूप दीक्षित, उप मुख्य ग्रंथपाल अतिरिक्त महाधिवक्ता कार्यालय , इंदौर (अटैच ग्वालियर ) को मुख्य ग्रंथपाल के पद पर पदोन्नति हेतु प्रावधानित पांच वर्ष की सेवा अवधि में शेष रही अवधि की सेवा में छूट प्रदान करते हुए, अस्थायी रूप से आगामी आदेश होने तक स्थानापन्न रूप में मुख्य ग्रंथपाल ( द्वितीय श्रेणी ) के पद पर पुनरीक्षित वेतन बैण्ड रु. 9300-34800 + ग्रेड पे रु. 4200 में विधि विभाग, भोपाल में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदोन्नत करता है .
" प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त पद के संबंध में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण संबंधी नियमों, आदेशों का पालन किया गया है . "
भोपाल , दिनांक 23 अप्रैल 2011
फा. क्र. 17 (ई ) 19-2010-इक्कीस - ब ( एक) .- राज्य शासन, उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी वेद प्रकाश शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीहोर की सेवाएं प्रिंसिपल रजिस्ट्रार ( न्यायिक ) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु उनके द्वारा उक्त पद का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से , आगामी आदेश होने तक , एतद्वारा उच्च न्यायालय , जबलपुर को सौंपता है .
भोपाल, दिनांक 25 अप्रैल 2011
फा. क्र. 6-1-10- इक्कीस- ब( दो ) .- राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री विनोद भारद्वाज , रजिस्ट्रार मध्यप्रदेश माध्यस्थम अधिकरण , भोपाल की सेवायें वापिस लेकर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर को सौंपी जाती हैं तथा उनके स्थान पर श्री अखिलेश पंड्या, विशेष न्यायाधीश, अनु. जाति, अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम , विदिशा को मध्यप्रदेश माध्यस्थम अधिकरण , भोपाल में रजिस्ट्रार के पद पर, अस्थाई रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से उनके द्वारा कार्यग्रहण करने के दिनांक से प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करता है.
भोपाल, दिनांक 26 अप्रैल 2011
फा. क्र. 17 ( ई ) 81-2005 - इक्कीस- ब-( एक ) .- राज्य शासन, लोकायुक्त संगठन, मध्यप्रदेश , भोपाल में विधिक सलाहकार के पद पर प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री शम्भू सिंह रघुवंशी की सेवाएं, एतद्वारा , सामान्य प्रशासन विभाग मध्यप्रदेश शासन से वापस लेकर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर को सौंपता है .
फा. क्र. 1-1-88- इक्कीस ब ( एक) .- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का सं . 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 1-1-88- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 24 अक्टूबर 2009 में , जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 6 नवम्बर , 2009 में प्रकाशित हुई थी, निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात् : -
संशोधन
उक्त अधिसूचना में, अनुसूची में, अनुक्रमांक 7,10,13 और 30 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्: -
अनुसूची
स्थानीय क्षेत्र अपर सेशन
अनु- क्रमांक
सेशन न्यायाधीश/ न्यायाधीश
(1)
(2)
(3)
भिण्ड " 7 . सेशन न्यायाधीश, भिण्ड
10.
छतरपुर सेशन न्यायाधीश, छतरपुर
13.
दतिया सेशन न्यायाधीश , दतिया
30.
नीमच." .
सेशन न्यायाधीश , नीमच
F. No. - 1-1-88 - XXI - B ( 1 ) . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act , 1988 ( No. 49 of 1988) , the State Government , hereby makes the following amendments in this Department's Notification F. No. 1- 1-88 - XXI - B ( 1 ) , dated the 24th October 2009 which was 1484
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
published in the Madhya Pradesh Gazette Part- 1 , dated 6th Number , 2009 namely :-
AMENDMENT
In the said notification, in the Schedule , for serial number 7,10,13 and 30 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating therreto shall be substituted , namely : -
SCHEDULE
Local area S. No. Sessions Judges / Additional Sessions Judges
(1)
(2)
(3)
Bhind "7. Sessions Judsge , Bhind
10. Sessions Judsge , Chhatarpur Chhatarpur
Datia 13. Sessions Judsge , Datia
Neemuch . " .
30. Sessions Judsge , Neemuch
भोपाल, दिनांक 27 अप्रैल 2011
फा. क्र. 17 ( ई ) 515-2008- इक्कीस- ब- ( दो ) .- मध्यप्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण नियम, 1996 के नियम 3 ( 2 ) के खण्ड (जे ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति के परामर्श से श्री जे. के. जैन , जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , सीहोर को कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से दो वर्ष की कालावधि के लिए मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पदेन सदस्य के रूप में नाम निर्दिष्ट करता है .
[भाग 1 F. No. - 17- ( E ) 515-2008 - XXI - B ( Two) . In exercise of the power conferred by clause (j ) of rule 3 (2 ) of the Legal services Authorities , Act , 1996 the State Government in consultation with the Chief Justice of Madhya Pradesh High Court , hereby , nominate Shri J. K. Jain District Judge and Chairman, District Legal Services Authorities Sehore , Ex Officio Member of the Madhya Pradesh State Legal services Authorities for a period of two years with effect from the date assume charge .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव.
भोपाल, दिनांक 26 अप्रैल 2011
फा. क्र. 1 ( बी) -11-04 - इक्कीस -ब( दो ) .- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 11 अक्टूबर 2004 द्वारा श्री मोहन प्रसाद सोनी, अति. शास. अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, गुना को नियुक्त किया था.
श्री मोहन प्रसाद सोनी, अति. शास . अभिभाषक/ अति. लोक अभियोजक की आयु 62 वर्ष पूर्ण हो जाने के कारण उनके स्थान पर नवीन नियुक्ति होने तक श्री मोहन प्रसाद सोनी अति. शास. अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक गुना उक्त पद पर कार्य करते रहेंगे शर्त के अधीन उन्हें विधि विभाग नियमावली, 2008 के नियम 20 तथा उनकी नियुक्ति आदेश की शर्त के अनुसार उन्हें एक माह का सूचना - पत्र दिया जाकर उनके स्थान पर नवीन नियुक्ति होने अथवा एक माह की सूचना की अवधि ( जो भी बाद में पूर्ण हो ) के पश्चात् पद मुक्त किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ए. जे. खान, सचिव.
नर्मदा घाटी विकास विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 25 अप्रैल 2011
क्र. एफ 31-17-2010- सत्ताईस 1.- राज्य शासन एतद्वारा द्वारा मध्यप्रदेश सिंचाई प्रबंधन में कृषकों की भागीदारी अधिनियम , 1999 (क्रमांक 23 सन् 1999 ) की धारा-2 की उपधारा ( 1 ) के खंड ( क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए नीचे दी गई सारणी के कालम ( 5 ) में यथा विनिर्दिष्ट कृषक संगठनों के लिये उक्त सारणी के कालम ( 3 ) तथा ( 4 ) में यथा विनिर्दिष्ट कार्य क्षेत्र अधिसूचित करता है अर्थात् : -
स. क्र. सिंचाई प्रणाली का नाम
(1)
(2)
1
फीफराड वितरण शाखा
2 जुलवानिया वितरण शाखा
3 अटूट वितरण शाखा
4 कालमुखी वितरण शाखा
5
नर्मदा विकास संभाग क्र. 19 भीकनगांव वितरण कक्ष क्र. 1
6 नर्मदा विकास संभाग क्र. 19 भीकनगांव वितरण कक्ष क्र. 2
7 नर्मदा विकास संभाग क्र . 19 भीकनगांव वितरण कक्ष क्र. 3
8 नर्मदा विकास संभाग क्र. 19 भीकनगांव वितरण कक्ष क्र. 4
कार्य का कमाण्ड क्षेत्र
ग्रामों की संख्या
विस्तार (हेक्टर में)
(3)
कृषक संगठनों की संख्या (5)
(4)
2
224.42
1 2
385.13
6
681.05
1 8
138.21
1 5
1750
1795
6
1
1785
1 9
1 7
1615
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. व्ही. सिंह , उपसचिव.
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन"
58 , अरेरा हिल्स, भोपाल, मध्यप्रदेश
आदेश
भोपाल, दिनांक 23 अप्रैल 2011
क्र एफ 67-173-10- तीन- 557- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ के आम निर्वाचन में सुश्री संगीता विमलेश वर्मा, अघ्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों कालेखा निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पत्र क्र. क- न.नि. - व्यय लेखा/ 10/406 , दिनांक 29 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री संगीता विमलेश वर्मा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
1485
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
विभाग प्रमुखों के आदेश
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री संगीता विमलेश वर्मा को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 18 फरवरी 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के माध्यम से दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
सुश्री संगीता विमलेश वर्मा को नोटिस दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 24 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. नोटिस की तामीली उपरांत कलेक्टर, टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 18 मई 2010 में लेख किया कि सुश्री संगीता विमलेश वर्मा को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् उनके द्वारा इस कार्यालय में आज दिनांक तक व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. उक्त अभ्यावेदन प्राप्त होने पर विचारोपरान्त आयोग द्वारा 20 जुलाई 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 12 अगस्त 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, टीकमगढ़ द्वारा दिनांक 11 अगस्त 2010 को कराई गई. सुनवाई में अभ्यर्थी स्वयं उपस्थित नहीं हुईं उनके स्थान पर अभ्यर्थी के पति उपस्थित हुए. उन्होंने एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया एवं सुनवाई में अवगत कराया कि श्रीमती संगीता द्वारा दिनांक 17 जुलाई 2010 को स्वयं उपस्थित होकर आयोग कार्यालय में व्यय लेखा प्रस्तुत किया गया. विलंब से लेखा प्रस्तुत करने का कारण ससुर एवं बच्ची का अस्वस्थ होना बताया किन्तु इस हेतु कोई प्रमाण अथवा अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री संगीता विमलेश वर्मा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ 1486
का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से पांच वर्ष ( 5 वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार ,
हस्ता./-
(रजनी उड़के )
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 23 अप्रैल 2011
क्र. एफ 67-173-10- तीन- 558- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ के आम निर्वाचन में श्री हुकुम पटवा अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पत्र क्र. क- न.नि. - व्यय लेखा/ 10/406 , दिनांक 29 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
[ भाग 1 जानकारी अनुसार श्री हुकुम पटवा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री हुकुम पटवा को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 18 फरवरी 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, टीकमगढ़ के माध्यम से दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्री हुकुम पटवा को नोटिस दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 24 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. नोटिस की तामीली उपरांत कलेक्टर टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 18 मई 2010 में लेख किया कि श्री हुकुम पटवा को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् उनके द्वारा इस कार्यालय में आज दिनांक तक व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. उक्त अभ्यावेदन प्राप्त होने पर विचारोपरान्त आयोग द्वारा 20 जुलाई 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 12 अगस्त 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया . व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली कलेक्टर टीकमगढ़ द्वारा दिनांक 11 अगस्त 2010 को कराई गई. अभ्यर्थी द्वारा दिनांक 19 जुलाई 2010 को अभ्यावेदन, जो कि उनके पुत्र द्वारा हस्ताक्षरित किया गया था, के साथ मूल निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत किए गए. अभ्यावेदन के संबंध में कलेक्टर टीकमगढ़ ने अभिमत दिया कि अभ्यर्थी के पुत्र द्वारा प्रस्तुत विनयपत्र स्वीकार योग्य नहीं है क्योंकि मुख्य नगरपालिका अधिकारी , तरीचरकलां ने अभिमत दिया है कि उनके कार्यालय में नगर पंचायत अध्यक्ष पद के किसी अभ्यर्थी ने व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया था . विनय पत्र सत्यता के परे है एवं व्यय लेखा समय पर प्रस्तुत न करने से अमान्य किया जाना उचित होगा. व्यक्तिगत सुनवाई में भी अभ्यर्थी स्वयं उपस्थित नहीं हुए.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
भाग 1 ]
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री हुकुम पटवा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से पांच वर्ष ( 5 वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- ( रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 23 अप्रैल 2011
क्र. एफ 67-253-10-तीन- 560.- मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14- क के अनुसार महापौर पद के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम , सतना, जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री रमेश कुमार महापौर पद के अभ्यर्थी थे . नगरपालिक निगम , सतना जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 16 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 15 जनवरी 2010 तक, इनको अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के पत्र क्र. क 594/स्था. निर्वा. न.पा.- 09-10 , दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री रमेश कुमार पिता बृजमोहन द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
1487
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री रमेश कुमार पिता बृजमोहन को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 16 अप्रैल 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 10 मई 2010 को उनकी पत्नि को एवं पुनः दिनांक 30 अक्टूबर 2010 को स्वयं अभ्यर्थी पर तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्री रमेश कुमार पिता बृजमोहन को नोटिस दिनांक 10 मई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 25 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 1 जून 2010 में लेख किया कि " नोटिस तामीली की तारीख से 15 दिवस से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी कोई अभ्यावेदन इस कार्यालय को प्रस्तुत नहीं किया गया है . " उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 8 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र अभ्यर्थी को उनके डाक के पते पर भी पंजीकृत डाक से प्रेषित किया गया था . व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर , सतना द्वारा दिनांक 6 मार्च 2011 को कराई गई , किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री रमेश कुमार को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम, सतना, जिला सतना का महापौर या पार्षद होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- ( रजनी उड़के ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
1488
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
आदेश
भोपाल, दिनांक 23 अप्रैल 2011
क्र. एफ 67-253-10-तीन 561.- मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर पद के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम, सतना, जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री वृन्दावन महापौर पद के अभ्यर्थी थे. नगरपालिक निगम, सतना जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 16 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ . मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 15 जनवरी 2010 तक, इनको अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के पास दाखिल करना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के पत्र क्र. क-594/स्था. निर्वा./न.पा.- 09-10 , दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री वृन्दावन द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री वृन्दावन को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 16 अप्रैल 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 7 मई 2010 को स्वयं अभ्यर्थी पर तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्री वृंदावन को नोटिस दिनांक 7 मई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 22 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था , अभ्यर्थी द्वारा दिनांक 13 मई 2010 को एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया , जिसमें अभ्यर्थी ने लेख किया कि " प्रार्थी विकलांग होने के कारण उक्त सभी दस्तावेज अपने एक साथी को दे दिया था, वह साथी एक गरीब व अनपढ़ था जो कि निर्वाचन से संबंधित जिम्मेदारियों को नहीं समझता था वह कागज अपने घर में रखकर काम के उद्देश्य से गुजरात चला गया जिस कारण समय पर उक्त दस्तावेज व्यय रजिस्टर समय पर उपलब्ध होने के कारण तय सीमा 30 दिन के अंदर नहीं पेश कर सका. " उक्त अभ्यावेदन के संबंध में कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 1 जून 2010 में अभिमत दिया कि " अभ्यर्थी वृन्दावन कुशवाहा द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा समय से प्रस्तुत न कर पाने के लिये उल्लेखित कारण समाधानकारक न होने के कारण मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम 1956 की धारा 14 ग के तहत कार्यवाही की जाना प्रस्तावित है. " उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 8 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा दिनांक 6 मार्च 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए .
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री वृंदावन को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम , सतना, जिला सतना का महापौर या पार्षद होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (रजनी उइके ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 23 अप्रैल 2011
क्रएफ 67-253-10-तीन- 562.- मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14- क के अनुसार महापौर पद के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य भाग 1 ]
है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम , सतना, जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री सुखदेव प्रसाद द्विवेदी महापौर पद के अभ्यर्थी थे. नगरपालिक निगम , सतना, जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 16 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 15 जनवरी 2010 तक, इनको अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के पत्र क्र. क-594/स्था. निर्वा./न.पा./09-10 , दिनांक 26 फरवरी, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री सुखदेव प्रसाद द्विवेदी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री सुखदेव प्रसाद द्विवेदी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 16 अप्रैल 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के माध्यम से दिनांक 7 मई 2010 को उनकी पत्नि को एवं पुनः दिनांक 30 अक्टूबर 2010 को स्वयं अभ्यर्थी पर तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्री सुखदेव प्रसाद द्विवेदी को नोटिस दिनांक 7 मई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 22 मई 2010 तक
1489
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 1 जून 2010 में लेख किया कि " नोटिस तामीली की तारीख से 15 दिवस से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी कोई अभ्यावेदन इस कार्यालय को प्रस्तुत नहीं किया गया है. " उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 8 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर , सतना द्वारा दिनांक 5 मार्च 2011 को कराई गई , किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री सुखदेव प्रसाद द्विवेदी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम, सतना, जिला सतना का महापौर या पार्षद होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (रजनी उड़के) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश भोपाल, दिनांक 23 अप्रैल 2011
क्र. एफ 67-253-10-तीन-563.-मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14- क के अनुसार महापौर पद के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने 1490
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम , सतना, जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री सन्जू सिंह उर्फ पुष्पेन्द्र सिंह महापौर पद के अभ्यर्थी थे . नगरपालिक निगम, सतना , जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 16 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 15 जनवरी 2010 तक, इनको अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के पास दाखिल करना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के पत्र क्र. क-594/स्था. निर्वा./न.पा./09-10, दिनांक 26 फरवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री सन्जू सिंह उर्फ पुष्पेन्द्र सिंह द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री सन्जू सिंह उर्फ पुष्पेन्द्र सिंह को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 16 अप्रैल 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 7 मई 2010 को स्वयं अभ्यर्थी पर तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्री सन्जूसिंह उर्फ पुष्पेन्द्र सिंह को नोटिस दिनांक 7 मई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 22 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था , किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 1 जून 2010 में लेख किया कि " नोटिस तामीली की तारीख से 15 दिवस से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी कोई अभ्यावेदन इस कार्यालय को प्रस्तुत नहीं किया गया है. " उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 8 मार्च 2011
[ भाग 1 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा दिनांक 6 मार्च 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री सन्जू सिंह उर्फ पुष्पेन्द्र सिंह को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम, सतना, जिला सतना का महापौर या पार्षद होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- ( रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .
आदेश
भोपाल, दिनांक 26 अप्रैल 2011
क्र एफ 67-260-10-तीन-592.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित भाग 1 ]
अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत जैतवारा, जिला सतना के आम निर्वाचन में सुश्री फूलमती डोहर अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं . नगर पंचायत जैतवारा , जिला सतना , के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल किया जाना था. किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पत्र क्र. 594- स्था.नि/नपा.-09-10 , दिनांक 26 फरवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री फूलमती डोहर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री फूलमती डोहर को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 29 मार्च 2010 का जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 30 नवम्बर 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
सुश्री फूलमती डोहर, को नोटिस दिनांक 30 नवम्बर, 2010 कोतामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 15 दिसम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. नोटिस की तामीली उपरांत कलेक्टर, सतना ने अपने पत्र दिनांक 25 जनवरी 2011 में लेख किया कि " सुश्री फूलमती डोहर को आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली तत्समय में कराने के उपरांत भी उक्त अभ्यर्थी द्वारा आज दिनांक अपना अभ्यावेदन/निर्वाचन व्यय लेखा इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया. " कलेक्टर , सतना से उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा दिनांक 23 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 18 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा दिनांक 16 मार्च 2011 से पूर्व करा दी गई , किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में
1491
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री फूलमती डोहर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत जैतवारा , जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
भोपाल , दिनांक 26 अप्रैल 2011
क्र एफ 67-260-10-तीन- 593.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत जैतवारा , जिला सतना के आम निर्वाचन में सुश्री सुशीला बाई डोहर अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत जैतवारा जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के 1492
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल किया जाना था . किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पत्र क्र. 594- स्था. नि/नपा.-09-10 , दिनांक 26 फरवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री सुशीला बाई डोहर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री सुशीला बाई डोहर को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 29 मार्च 2010 को जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 30 नवम्बर 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
कलेक्टर सतना ने दिनांक 6 मार्च 2010 को संशोधित परिशिष्ट छत्तीस प्रेषित किया, जिसमें अभ्यर्थी द्वारा दिनांक 23 जनवरी 11 को अपूर्ण लेखे दाखिल करने का लेख किया गया. आयोग के निर्देशानुसार कलेक्टर सतना ने अभ्यर्थी को जिला स्तर पर नोटिस जारी कर लेखे पूर्ण किये जाने हेतु सूचना पत्र दिनांक 1 मई 2010 को जारी किया. कलेक्टर सतना ने पत्र दिनांक 7 जुलाई 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी द्वारा लेखे पूर्ण नहीं किये गये.
सुश्री सुशीला बाई डोहर , को आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस दिनांक 30 नवम्बर , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 15 दिसम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया एवं न ही लेखे ही पूर्ण किए गए. नोटिस की तामीली उपरांत कलेक्टर, सतना ने अपने पत्र दिनांक 25 जनवरी 2011 में लेख किया कि " सुश्री सुशीला बाई डोहर को आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली तत्समय में कराने के उपरांत भी उक्त अभ्यर्थी द्वारा आज दिनांक तक अपना अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया. " कलेक्टर, सतना से उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा दिनांक 23 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 18 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा दिनांक 11 मार्च 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.
[भाग 1 उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री सुशीला बाई डोहर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत जैतवारा , जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (रजनी उइके ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
भोपाल , दिनांक 26 अप्रैल 2011
क्र एफ 67-202-10- तीन 595.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् रहली जिला सागर के आम निर्वाचन में श्री महेश पटेल अध्यक्ष पद के भाग 1 ]
अभ्यर्थी थे. नगर पालिका परिषद् रहली जिला सागर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सागर के पास दाखिल किया जाना था . किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सागर के पत्र क्र. 754- स्था. निर्वा./ 10, दिनांक 12 अप्रैल , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री महेश पटेल द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री महेश पटेल को कारण बताओ नोटिस दिनांक 12 मई 2010 को जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सागर के माध्यम से दिनांक 5 जून 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्री महेश पटेल को नोटिस दिनांक 5 जून 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 20 जून 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सागर ने अपने पत्र दिनांक 5 अगस्त 2010 में लेख किया कि " महेश पटेल को दिए गए नोटिस की तामीली विधिवत कराई जाकर पावती प्राप्त की गई परन्तु उक्त संबंधित नोटिस का जवाब आज दिनांक तक अप्राप्त है . ". उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरान्त आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 8 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र लिखा गया, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए, अभ्यर्थी को सूचना पत्र की तामीली 3 मार्च 2011 को हो गई थी. अभ्यर्थी ने दिनांक 3 मार्च 2011 को ही एक अभ्यावेदन डाक के माध्यम से आयोग को प्रेषित किया, जिसमें निर्वाचन व्यय लेखा की जानकारी एक सादे कागज पर लिख रिकार्ड में दर्ज करने का अनुरोध किया. अभ्यर्थी द्वारा विहित रीति एवं प्ररूप (निर्वाचन व्यय लेखा रजिस्टर ) में व्यय लेखा की जानकारी प्रेषित नहीं की गई एवं न ही अभ्यावेदन में विलंब से जानकारी प्रेषित करने
1493
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
के संबंध में कोई ठोस कारण अथवा प्रमाण ही प्रस्तुत किये. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री महेश पटेल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् रहली जिला सागर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
भोपाल, दिनांक 26 अप्रैल 2011
क्र एफ 67-264-10- तीन- 597.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत खांड़ , जिला 1494
शहडोल के आम निर्वाचन में सुश्री गीता पांडेय अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत खांड जिला शहडोल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , शहडोल के पास दाखिल किया जाना था. किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , शहडोल के पत्र क्र. न.पा.निर्वा.-10-713 , दिनांक 22 अप्रैल 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री गीता पांडेय द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री गीता पांडेय को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 12 मई 2010 को जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , शहडोल के माध्यम से दिनांक 26 मई 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
सुश्री गीता पांडेय , को नोटिस दिनांक 26 मई, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 10 जून 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत प्रस्तुत करना था . कलेक्टर शहडोल ने अपने पत्र दिनांक 23 जून 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी सुश्री गीता पांडेय द्वारा आज दिनांक तक इस कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया. उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरान्त आयोग द्वारा दिनांक 27 सितम्बर 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 20 अक्टूबर 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली कलेक्टर शहडोल द्वारा दिनांक 8 अक्टूबर 2010 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं .
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री गीता पांडेय को इस प्रकार
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
[ भाग 1 चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत खांड, जिला शहडोल का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
भोपाल , दिनांक 26 अप्रैल 2011
क्र एफ 67-264-10- तीन- 598.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत खांड़ , जिला शहडोल के आम निर्वाचन में सुश्री माया सिंह अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत खांड़ जिला शहडोल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , शहडोल के पास दाखिल किया जाना था . किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , शहडोल के पत्र क्र. न.पा.निर्वा.-10-713 , दिनांक 22 अप्रैल 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री माया सिंह द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
भाग 1 ]
1495
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री माया सिंह को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 12 मई 2010 को जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , शहडोल के माध्यम से दिनांक 26 मई 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
सुश्री माया सिंह , को नोटिस दिनांक 26 मई, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 10 जून 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत प्रस्तुत करना था. कलेक्टर शहडोल ने अपने पत्र दिनांक 23 जून 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी सुश्री माया सिंह द्वारा आज दिनांक तक इस कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया . उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरान्त आयोग द्वारा दिनांक 27 सितम्बर 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 20 अक्टूबर 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली कलेक्टर शहडोल द्वारा दिनांक 8 अक्टूबर 2010 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री माया सिंह को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत खांड़ , जिला शहडोल का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-
(रजनी उड़के )
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
श्रम विभाग
मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल, भोपाल
भोपाल, दिनांक 30 अप्रैल 2011
क्र. 931.- मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार ( नियोजन तथा सेवाशर्तों का विनियमन ) नियम , 2002 के नियम, 277 , 278 एवं 279 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल , राज्य शासन के पूर्व अनुमोदन से, उक्त नियम के अध्याय 32 के नियम, 279 के अन्तर्गत निम्मलिखित अनुसूची के कॉलम ( एक ) में दर्शाये अनुसार योजना के संबंध में पूर्व में जारी अधिसूचनाओं के सुसंगत प्रावधानों को अनुसूची के कॉलम ( दो ) के अनुसार संशोधित कर इस अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावशील करता है:-
संशोधित प्रावधान (दो)
वर्तमान प्रावधान (एक)
1. मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 11 जुलाई 2008 के पृष्ठ क्रमांक 1682 में प्रकाशित हितग्राही पुत्री अथवा महिला हितग्राही के विवाह हेतु सहायता योजना 2004 की कंडिका
6.1 पंजीबद्ध महिला श्रमिक के विवाह एक बार पुनर्विवाह एवं पंजीबद्ध श्रमिक की दो पुत्रियों की सीमा तक रुपये दस हजार प्रति विवाह सहायता देय होगी.
6.1 पंजीबद्ध महिला श्रमिक के विवाह एक बार पुनर्विवाह एवं पंजीबद्ध श्रमिक की दो पुत्रियों की सीमा तक न्यूनतम पांच महिला श्रमिकों के सामूहिक विवाह/एकल विवाह के आयोजन की दशा में रुपये पांच हजार प्रति विवाह सहायता देय होगी. उपरोक्त के अतिरिक्त रुपये एक हजार सामूहिक विवाह के आयोजक को प्रति विवाह अलग से देय होगी.
न्यूनतम पांच महिला श्रमिकों के सामूहिक विवाह के आयोजन की दशा में रुपये नौ हजार प्रति विवाह सहायता देय होगी एवं इसके अतिरिक्त रुपये एक हजार प्रति विवाह सामूहिक विवाह के आयोजक को अलग से राशि देय होगी.
6.2 विवाह की प्रस्तावित तिथि से 1 दिन पूर्व तक प्रस्तुत आवेदनों की जांच उपरांत सक्षम प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा सहायता स्वीकृत की जायेगी .
6.2 विवाह की प्रस्तावित तिथि के 1 माह पूर्व आवेदन की दशा में पात्रता की जांच उपरांत ग्रामीण क्षेत्रों के लिये जनपद पंचायत अथवा जनपद पंचायत द्वारा अधिकृत समिति द्वारा स्वीकृत की जायेगी.
प्रभात दुबे, सचिव.
1496
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला झाबुआ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
झाबुआ, दिनांक 11 मार्च 2011
क्र. 622 - भू-अर्जन- 2010-रा. प्र. क्र. अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके अनुसूची के खाना ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
क्षेत्रफल भूमि (हे. में) (1) (2)
(3)
(4)
13.69 पेटलावद असालिया
झाबुआ
योग .. 13.69
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
असालिया तालाब एवं नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , झाबुआ.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 624 - भू- अर्जन- 2010- रा. प्र. क्र. अ-82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके अनुसूची के खाना ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
क्षेत्रफल भूमि (हे. में) (2)
(4) (1)
(3)
0.20 झाबुआ पेटलावद नाहरपुरा
योग 0.20
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) नाहरपुरा नहर निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , क्र. 1 झाबुआ.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
भाग 1 ]
1497
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
झाबुआ, दिनांक 21 मार्च 2011
क्र. 717 - भू- अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ- 82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा
जिला
ग्राम
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
प्राधिकृत अधिकारी
क्षेत्रफल भूमि (हे. में)
(1) (2)
(3)
(6)
(4)
(5)
4.85
झाबुआ पेटलावद रूणजी
माही परियोजना की पीथापाड़ा माईनर नहर निर्माण हेतु.
योग 4.85
कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग पेटलावद, जिला- झाबुआ ( म . प्र. ) .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , शोभित जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
नरसिंहपुर , दिनांक 6 अप्रैल 2011
प्र. क्र. 13 - अ-82- वर्ष 2010-11 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
अर्जित रकबा ( हे. में )
(1) (2)
(4)
(5)
(3)
(6)
1.320
नरसिंहपुर नरसिंहपुर मेहगांव
मेहगांव जलाशय के अंतर्गत उपनहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , नरसिंहपुर.
योग 1.320
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, नरसिंहपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विवेक पोरवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1498
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
संशोधित अधिसूचना
मनावर, दिनांक 20 अप्रैल 2011
क्र. 485 - वाचक- प्र . क्र. 04-अ-82- वर्ष- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(3)
(4) धार
मनावर
2.069
कोसवाड़ा
(पूरक)
प.ह.नं. 17. योग 2.069
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग , क्रमांक-30, मनावर.
ओंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर. डी. 153261 मी. से 155804 मी. तक एवं डी. एम. 77 से प्रभावित होने वाली भूमि हेतु.
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर एवं भू- अर्जन अधिकारी सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.
धार, दिनांक 26 अप्रैल 2011
क्र. 3918 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का विवरण
जिला
ग्राम का नाम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(3)
(1)
(4) धार
3.870 कुक्षी नीमखेड़ा
योग. 3.870
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
थाना तालाब नहर निर्माण अंतर्गत प्रभावित होने से.
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , धार.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी/भू-अर्जन अधिकारी , कुक्षी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 , धार जिला धार ( म. प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
भाग 1 ]
1499
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
क्र. 3923 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , सभी संबंधित व्यक्तियों को, सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का विवरण
जिला तहसील ग्राम का नाम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(3)
(4) धार
बेकल्या
6.921 कुक्षी
योग .. 6.921
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
थाना तालाब नहर निर्माण अंतर्गत प्रभावित होने से.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 , धार.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी/ भू-अर्जन अधिकारी , कुक्षी एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , धार जिला धार ( म. प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
क्र. 3928 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का विवरण
तहसील
जिला
ग्राम का नाम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(3)
(4) धार
घटबोरी
कुक्षी
15.660 योग .. 15.660
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन थाना तालाब नहर की निर्माण से प्रभावित होने से.
संभाग , क्रमांक -1 , धार.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी ,अनुविभाग कुक्षी तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 , धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
क्र. 3933- भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , सभी संबंधित व्यक्तियों को, सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का विवरण
तहसील
जिला
ग्राम का नाम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(3)
(4) धार
थाना
कुक्षी
योग ..
3.728 3.728
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
थाना तालाब की नहर निर्माण से प्रभावित होने से.
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , क्रमांक -1 , धार.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी, अनुविभाग कुक्षी तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 , धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
1500
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
[ भाग 1 क्र. 3938 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का विवरण
जिला तहसील ग्राम का नाम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(3)
(4) धार
चिचबा
कुक्षी
3.323 3.323
योग ..
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
थाना तालाब की नहर निर्माण से प्रभावित होने से.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , क्रमांक -1 , धार.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , अनुविभाग कुक्षी तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 , धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
क्र. 3968 - भू- अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का विवरण
जिला
ग्राम का नाम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(4)
(3)
धार
माकनी
बदनावर
योग ..
0.680 0.680
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, धार.
माही परियोजना से पीथमपुर हेतु जलप्रदाय की स्थापना के लिये माकनी की भूमि प्रभावित होने से.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , अनुविभाग बदनावर तथा महा प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, धार, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
मनावर, दिनांक 27 अप्रैल 2011
क्र. 547. -वाचक- प्र.क्र. अ-82-2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
(3)
(1) (2)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) धार
मनावर पिपरी पूरक
प्रकरण
1.139 1.139
प.ह.नं. 29 योग ..
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-30 , मनावर.
औंकारेश्वर परियोजना की नहर आर.डी. 124975 मी. से 127090 मी. के बीच नहर निर्माण हेतु .
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर एवं भू- अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 , मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
1501
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला मन्दसौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
मन्दसौर , दिनांक 21 अप्रैल 2011
क्र. 1131 - भू-अर्जन- 11 - प्र. क्र. 07- अ- 82-2009-10 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(3)
(4) मन्दसौर
कोहला
भानपुरा
3.047 योग 3.047
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजनार्थ का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन गांधीसागर.
पिपल्दा, लालगंज तालाब से वेस्टवअर हेतु.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महेन्द्र ज्ञानी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
खरगोन , दिनांक 21 अप्रैल 2011
क्र. 712- भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमिका वर्णन
जिला तहसील ग्राम
(2)
(1)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) खरगोन झिरन्या पखालिया वन परिक्षेत्र चिरिया के ग्राम पखालिया वन भूमि में दिनांक 13-12-2005 को अतिक्रमित वन भूमि जो वन अधिकार मान्यता अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत मान्यता प्राप्त वन भूमि है . क्षेत्रफल 3.802हे.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन
(6) धारा 4 की उपधारा ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्र. 19 , भीकनगांव.
अपरवेदा परियोजना की मुख्य नहर, सुर्वा माइनर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य.
नोट.- ( 1 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन, भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी अपरवेदा परियोजना भीकनगांव मुख्यालय खरगोन, कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र . 19, भीकनगांव एवं वन मण्डलाधिकारी , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
(2) वन भूमि के व्यपवर्तन की अनुमति भारत शासन पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के ज्ञाप क्र. 6-19-2005-1333 , दिनांक 27 जुलाई 2006 से निर्माण विभाग द्वारा प्राप्त की गई है.
1502
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
[ भाग 1 क्र. 713 - भू- अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील ग्राम
(1) (2)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)
(3)
खरगोन झिरन्या लखापुर वन परिक्षेत्र चिरिया के ग्राम लखापुर वन भूमि में दिनांक 13-12-2005 को अतिक्रमित वन भूमि जो वन अधिकार मान्यता अधिनियम , 2006 के अन्तर्गत मान्यता प्राप्त वन भूमि है. क्षेत्रफल 0.540हे.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन
(6) धारा 4 की उपधारा ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 19, भीकनगांव.
अपरवेदा परियोजना की सुर्वा माइनर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्यकार्य.
नोट.-( 1 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन , भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी अपरवेदा परियोजना भीकनगांव मुख्यालय खरगोन, कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 19, भीकनगांव एवं वन मण्डलाधिकारी , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
(2 ) वन भूमि के व्यपवर्तन की अनुमति भारत शासन पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के ज्ञाप क्र. 6-19-2005-1333 , दिनांक 27 जुलाई 2006 से निर्माण विभाग द्वारा प्राप्त की गई है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला बैतूल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
बैतूल, दिनांक 23 अप्रैल 2011
प्र. क्र. 8- अ-82 - वर्ष 2010-11-2883.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4)
5.897 भैसदेही
बैतूल
खैरवाड़ा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, बैतूल.
मारू जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैसदेही के न्यायालय एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है.
( 4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में कलेक्टर (भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
भाग 1 ]
1503
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
प्र. क्र. 9 - अ -82 - वर्ष 2010-11-2884.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -
तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4)
चारघाटी
3.064 बैतूल भैसदेही
(
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, बैतूल.
मारू जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैसदेही के न्यायालय एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में कलेक्टर ( भू-अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
प्र. क्र. 10 - अ- 82- वर्ष 2010-11-2885.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4)
चिचपाटी
भैसदेही
5.060 बैतूल
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, बैतूल.
मारू जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैसदेही के न्यायालय एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में कलेक्टर ( भू-अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
1504
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
[भाग 1 प्र. क्र. 11 - अ-82 - वर्ष 2010-11-2886 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -
भूमिका वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)
(2)
(3)
(4)
0.920 बैतूल भैसदेही पचबड़
(
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल.
मारू जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन .
2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैसदेही के न्यायालय एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
प्र. क्र. 12 - अ- 82 - वर्ष 2010-11-2887.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4)
0.323 बैतूल भैसदेही सांवलमेढ़ा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, बैतूल.
गुनघाटी जलाशय की बॉयी तट नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमिका भू-अर्जन.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैंसदेही के न्यायालय एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .
भाग 1 ]
1505
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
प्र. क्र. 13- अ-82 - वर्ष 2010-11-2888.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)
(3)
(4)
खापा रैय्यत
9.270 बैतूल भैसदेही
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल.
गुनघाटी जलाशय की बॉयी तट नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैसदेही के न्यायालय एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में कलेक्टर (भू-अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
प्र. क्र. 14- अ- 82 - वर्ष 2010-11-2889. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -
भूमिका वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2) (3)
(4)
गदराझिरी
7.536 भैसदेही
बैतूल
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, बैतूल .
गुनघाटी जलाशय की बॉयी तट नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू- अर्जन.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैसदेही के न्यायालय एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में कलेक्टर (भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .
1506
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
[भाग 1 प्र. क्र. 15 - अ- 82- वर्ष 2010-11-2890.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
जिला
भूमिका वर्णन नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन तहसील
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(3)
(1) (2)
(6)
(4)
(5)
बैतूल भैसदेही कौड़िया
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, बैतूल.
15.415 बांध 1.038 स्पील चेनल
कौड़िया जलाशय बांध, स्पील चेनल नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
2.711 नहर योग .. 19.164
(
2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैसदेही के न्यायालय एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में कलेक्टर (भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विजय आनंद कुरील , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा , दिनांक 28 अप्रैल 2011
क्र. -691 - भू- अर्जन- 2011- संशोधित अधिसूचना. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है राज्य शासन यह निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा - 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय से उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध लागू होते हैं :-
अनुसूची
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1) (2)
(3)
(5)
(4)
(6) रीवा
रिंग रोड निर्माण 1. रतहरा
हुजूर
2. रतहरी
0.580 1.512
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स) संभाग क्र. 1.
भाग 1 ]
1507
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(1) (2)
(3)
(4)
3. गडरिया
1.833
4. लोही
2.219
2.079
5. जोरी
6. सिलपरी
0.497
7. डकवार
0.090
8. सिलपरा
0.008
8.818
कुल योग ..
(5)
(6)
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर जिला रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. पी. श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
राजगढ़ , दिनांक 25 अप्रैल 2011
क्र. -6857 - भू- अर्जन- 2009.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(1)
(3)
(4) राजगढ़ राजगढ़ कलालपुरा चोकी
0.948 1.048
1.226 राजगढ़ राजगढ़
1.750
कलालपुरा बानपुरा
योग .. 4.972
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, राजगढ़
कलालपुरा तालाब की नहर निर्माण हेतु आ रही भूमि का अर्जन.
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग, राजगढ़
कलालपुरा तालाब के निर्माण हेतु शेष रही भूमि का अर्जन.
(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .
राजगढ़ , दिनांक 26 अप्रैल 2011
क्र.-6947- भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के 1508
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
[ भाग 1 संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल
(हे. में) (2)
(1)
(3)
(4)
2.829
बडलावदा
राजगढ़
राजगढ़
0.308 राजगढ़ राजगढ़
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन
संभाग , राजगढ़
खुजनेर
योग .. 3.137
बडलावदा तालाब के डूब क्षेत्र की शेष रही भूमि का भू-अर्जन.
( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) राजगढ़/भू- अर्जन अधिकारी , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला भोपाल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
भोपाल , दिनांक 25 अप्रैल 2011
प्र. क्र. 01 - भू- अ.- ए- 82-10-11 - सात 1. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ ग्राम
तहसील/ तालुका
लगभग क्षेत्रफल खसरा नंबर अर्जित किये जाने वाले हैं . खसरा नं. रकबा (हे.मे. )
(2)
(3)
(4)
कढैया
18/1 (1) भोपाल हुजूर/
18/2 भोपाल
39/1
39/2
25
45/128
92
45
93
97
95
99
96
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
(7)
0.700
0.100
0.150
कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. 2 विदिशा.
सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.
0.020
0.320
0.010
0.050
0.050
0.220
0.530
0.500
0.270
0.510
योग .. 3.430
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व , तहसील हुजूर , जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.
भाग 1 ]
1509
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
प्र. क्र. 2 - भू- अ.- ए- 82-10-11 - सात 1. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
नगर/ ग्राम
तहसील/ तालुका
लगभग क्षेत्रफल खसरा नंबर अर्जित किये जाने वाले हैं . खसरा नं. रकबा ( हे.मे. )
(4)
(7)
(5)
2
1.390
(1) भोपाल
(3) करोंदखुर्द
(2) हुजूर/ भोपाल
0.810
3
4
0.640
(6) कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. 2 विदिशा.
सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.
5
1.000
6
0.900
7
0.130
85/189
0.430
8
0.200
0.050
9
10
0.750
1.780
11
4/199
0.230
10/200
0.120
61/1
0.190
55/2
0.150
61/2
0.620
56
0.500
57
1.200
60
0.660
69
0.700
58
2.040
74
0.500
0.900
78
77
0.040
59
1.250
62
0.710
63/1
0.400
0.110
64
68
0.050
70
0.240
80
0.100
0.760
73/2 1510
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
[ भाग 1
रकबा ( हे.मे. )
खसरा नं.
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(7)
(6)
79
0.150
73/1
0.910
81/3
0.340
81/2
0.330
81/1
0.330
84
0.360
84/202
0.170
85/1
1.070
85/2
0.160
94/1
0.910
83/1
0.530
83/2
0.530
86
2.060
87
0.160
89
1.470
0.500
88
4.300
90
3.180
92
91
1.570
93
3.230
102
0.250
94/2
0.790
116/1
0.800
94/3
1.200
103
0.240
0.800
116/2
100
2.470
101
0.630
104
0.300
105/1
0.410
105/2
0.800
106
0.350
109
0.120
110
0.570
111
0.300
112
0.200
107
0.600
108
0.950
113
1.010
182/192
1.240
114
0.400
115
4.200
116/204
0.100 भाग 1 ]
1511
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
खसरा नं . रकबा ( हे.मे. )
(2)
(1)
(3)
(4)
(6)
(5)
(7)
116/3
0.610
118
0.410
171/2
0.800
174
1.150
175
0.180
176
0.200
180
0.500
182
0.110
0.600
184
73/203
0.010
184/194/1 1.500
0.220
184/194/2
0.650
183/193
87/198
0.280
94/4
1.050
68.820
योग ..
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसील हुजूर, जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 3 - भू- अ.- ए- 82-10-11 - सात 1. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
नगर/ ग्राम
तहसील/ तालुका
लगभग क्षेत्रफल खसरा नंबर अर्जित किया जाने वाले है . खसरा नं. रकबा (हे.मे. )
(1)
(2)
(3)
(5)
(4)
(6)
(7) कनेरा
24
भोपाल
0.170
25
0.500
हुजूर/ भोपाल
26
0.500
कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. 2 विदिशा.
सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.
29
0.330
30
0.630
31
0.730
52/1
0.228
53
0.340
52/2
0.100
54
0.730
योग .. 4.258
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसील हुजूर , जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.
1512
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
[ भाग 1 प्र. क्र. 4 - भू- अ.- ए- 82-10-11- सात 1. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन्1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
नगर/ ग्राम
तहसील/ तालुका
लगभग क्षेत्रफल खसरा नंबर अर्जित किया जाने वाले खसरा नं. रकबा ( हे.मे. )
(4)
(5)
(6)
(7) (1) भोपाल
13
0.460
(3) मोमनपुर
(2) हूजूर भोपाल
14
2.700
15
0.150
कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. 2, विदिशा.
सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.
17
0.200
0.150
18
22
0.270
24
0.590
28
0.200
30
0.140
23
0.160
31
0.150
32
1.150
34
0.120
49/2
0.450
51/2
0.400
0.680
51/1/1
0.050
49/3
योग .. 8.020
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तहसील हुजूर जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निकुंजकुमार श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा , दिनांक 26 अप्रैल 2011
क्र. 631 - भू-अर्जन. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने में ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश भाग 1 ]
1513
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल
(हे. में) (1) (2)
(3)
(4) रीवा सिरमौर
1.50
ग्राम लभौली
अनुसूची
( 2 ) द्वारा
धारा 4 की उपधारा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग , रीवा ( म. प्र. ) .
सिरमौर वितरक नहर के मुड़ियारी माइनर में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 633 - भू- अर्जन- 2011-12.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने में ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की वर्णित ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(3)
(4) रीवा सिरमौर
0.275
सहेबा 535 ज. नं.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग , रीवा.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योटी वितरक नहर की पिपरवार वितरक की सहेबा माइनर नं. 1 में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन हेतु.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 635 भू- अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने में ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश 1514
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
[ भाग 1 देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की उपधारा 17 की धारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल
(हे. में) (2)
(1)
(3)
(4) रीवा सिरमौर देवरा
0.150
ज. न. 247
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा
का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , बाणसागर वितरिका संभाग , रीवा.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योटी नहर की देवरा माइनर नं. 1 एवं 2 में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 637- भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाना में ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(3)
(4) रीवा सिरमौर पिपरवार
0.038
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा
का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग , रीवा.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योटी वितरक नहर कीपिपरवार माइनर नं. 1 में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन हेतु.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 639 - भू- अर्जन- 2011-12 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने में ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश भाग 1 ]
1515
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा
जिला तहसील
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1) (2)
(4)
(3)
(5)
(6) रीवा मनगवां तिवनी पैपखार
0.415
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग , रीवा.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत क्योंटी नहर की आलमगंज वितरक नहर एवं उसकी माइनर वितरक नहर की तिवनी माइनर में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला मुरैना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
संशोधित अधिसूचना
मुरैना, दिनांक 26 अप्रैल 2011
प्र. क्र. कोर्ट कले. राजस्व भू- अर्जन-09-10-अ-82-530.-में पूर्व प्रकाशित अधिसूचना दिनांक 17 सितम्बर 2010 में तहसीलदार, मुरैना के प्रतिवेदन के आधार पर मौके की स्थिति अनुसार आंशिक संशोधन किया जाता है . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1984 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं:-
संशोधित अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
पूर्व में अधिग्रहण हेतु प्रकाशित रकबा
संशोधित अधिग्रहण
हेतु शेष रकबा
(हेक्टर में)
रकबा सर्वे क्र. रकवा
सर्वे क्र.
(4)
(5)
(6)
0.050
0.520
(3) पिपरई
(1) मुरैना
(2) मुरैना
0.056
1518/1 1502
0.064
0.022 1610
0.168
प्रबंधक संचालक म. प्र. सड़क विकास निगम, भोपाल .
0.244 1611
0.025
1518 1502 1610 1611
(7) धौलपुर- मुरैना मार्ग पर इन्टीग्रेटेड चैक पोस्ट बेरियर निर्माण हेतु निजी भूमि का स्थायी रूप से अर्जन.
नोट.- सर्वे क्रमांक 1611 , रकबा 0.244 में से संशोधित अधिग्रहित रकबा 0.025 है. शेष रकबा 0.219 अधिग्रहण से मुक्त. सर्वे क्रमांक 1610 , रकबा 0.210 में से कुल अधिग्रहित रकबा 0.190 है . शेष रकबा 0.020 अधिग्रहण से मुक्त. सर्वे क्रमांक 1518 , रकबा 0.570 का सम्पूर्ण रकबा अधिग्रहित है. शेष रकबा नहीं है .
1516
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
सर्वे क्रमांक 1518 , रकबा 0.570 का सम्पूर्ण रकबा अधिग्रहित है . शेष रकबा नहीं है. सर्वे क्रमांक 1502 , रकबा 0.120 का सम्पूर्ण रकबा अधिग्रहित है . शेष रकबा नहीं है.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी , मुरैना के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला शिवपुरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
शिवपुरी, दिनांक 26 अप्रैल 2011
क्र. क्यू- भू- अर्जन- 550.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम
खसरा नम्बर
अनुसूची
लगभग क्षेत्रफल
(हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4)
गडौला
27/1
0.04
शिवपुरी नरवर
27/2
0.02
30
0.04
31
0.06
32/1
0.08
32/2
0.01
43/1
0.15
43/2
0.01
44
0.08
63
0.12
64
0.03
65
0.02
71/1
0.05
79/3
0.17
80
0.05
81
0.04
82
0.02
83
0.03
84/1
0.01
84/2
0.01
1.04
कुल रकबा धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग , नरवर , जिला शिवपुरी .
सिंध परियोजना द्वितीय चरण के अन्तर्गत मगरौनी माइनर उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण कार्य हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी , करैरा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. क्यू- भू- अर्जन- 549.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना भाग 1 ]
1517
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को , इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के सम्बन्ध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
सर्वे नंबर तहसील/ तालुक
(1) (2) (3)
(4) नरवर
मगरौनी
516/1 शिवपुरी
516/2
514/1/1 भूमि का नक्शा ( प्लान) कलेक्टर, कार्यालय में देखा जा सकता है .
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
भू- अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा
(7)
(5)
(6)
0.46
0.16
0.09
कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना, दायां तट नहर संभाग , नरवर.
सिंध परियोजना द्वितीय चरण के अन्तर्गत 2 आर मायनर (L.I.S. ) की दौलताबाद सब मायनर का निर्माण कार्य.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजकुमार पाठक, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
दमोह, दिनांक 27 अप्रैल 2011
क्र. 1357 -भू.अ.अ. - 2010-11 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे: -
भूमि का वर्णन सार्वजनिक प्रयोजन जिला
नगर/ग्राम
तहसील का नाम
(1) (2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्ट. में) (4) दमोह बटियागढ़
5.67 0.88
1. फतेहपुर 2. देवदरा
कुल योग .. 6.55
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा ( 4 ) की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, दमोह .
फतेहपुर जलाशय योजना निर्माण में छूट गए शेष खसरा नंबरों की भूमि का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , हटा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानन्द दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1518
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
[भाग 1
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग नरसिंहपुर , दिनांक 20 जनवरी 2011
रा. मा. क्र. 07-अ-82-2010-11- पत्र क्रमांक 41 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
( क) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील- गाडरवारा
(ग ) ग्राम- खकरिया, प. ह. नं. 2
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 0.806 हेक्टेयर
खसरा नंबर
अर्जित रकबा ( हे. में ) (1)
(2)
3/1
0.016
4
0.041
5/1
0.061
6/1
0.210
6/2
12/1
0.275
13/1
22/1
0.113
0.041
7/1-2 8/1-2 9/1-2 10/1-2 22/3
0.049
योग : 0.806
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- मुख्य नहर के सीपेज जोन में ड्रेन निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.
रा. मा. क्र. 08- अ- 82-2010-11- पत्र क्रमांक 41 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील- गाडरवारा
(ग) ग्राम- नरवारा, प. ह. नं. 2
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.195 हेक्टेयर
खसरा नंबर
अर्जित रकबा ( हे . में)
(2)
0.195
(1) 2/2 2/3 2/4 3/2 3/3
योग : 0.195
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सिवनी गाडरवारा तेंदूखेड़ा मार्ग के कि. मी. 14/10 निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .
नरसिंहपुर , दिनांक 1 अप्रैल 2011
प्र. क्र. 01 - अ-82वर्ष- 2010-11 - पत्र क्रमांक 03 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- नरसिंहपुर
(ख) तहसील - गाडरवारा भाग 1 ]
1519
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(ग) ग्राम- अमोदा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.978 हेक्टेयर खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा ( हे. में) (1)
(2) 13/2
0.040 14/1
0.044 13/1
0.040 15/1
0.048 15/2
0.072 12/3
0.072 20/1
0.020 20/2
0.020 20/3
0.020 20/5
0.012 20/4
0.020 21/1
0.032 5/1-2ख
0.101 5/1-3ग
0.101 5/1-3घ
0.088 5/2ख
0.202 5/1
0.101 12/1
0.032 12/4
0.036 9/1 ठ
0.064 9/12
0.040 72/4
0.048 72/3
0.048 72/ 1ख
0.040 72/1क
0.040 71/ 1ख
0.040 78/1-3
0.072 70/2
0.050 70/1
0190 84/1
0.142 52/1
0.060 52/2
0.060 84/2
0.060 82
0.020 83
0.060 80/2
0.069 80/1
0.081 79
0.101 78/2
0.024 14/2
0.048 (1)
(2)
75/6
0.437
77/6
130/2
75/ 1ख
76/1
0.437
130/1 ख
130/10
75/1 ग
0.162
77/2
130/1
0.364
74/3-
75/1-61
0.032
74/2
74/4
0.028
74/1
0.060
योग : 3.978
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - सड़क निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू- अर्जन कार्यालय, गाडरवारा में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 2 - अ-82वर्ष - 2010-11 - पत्र क्रमांक 13 - भू- अर्जन .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- नरसिंहपुर
(ख) तहसील- करेली
(ग) ग्राम- आमगांवडा
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.323 हेक्टेयर
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा ( हे . में )
(2)
(1)
18
0.052
16
0.080
15/3-4
0.024
19
0.040
13/2-14/1
0.048 1520
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
(1)
(2)
12/2
0.061
21/2
0.092
11/1-2
0.084
23/1
0.081
23/2
0.032
23/3
0.056
164/1
0.064
163/3
0.068
163/1
0.056
163/4
0.084
24
0.016
160/1
0.020
162
0.048
160/2
0.006
150/1
0.151
151-150/2
0.024
149
0.032
147/1
0.048
152/2-3-4
0.056
योग : 1.323
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सड़क निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन कार्यालय , गाडरवारा में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 3- अ-82 वर्ष-10-11- पत्र क्रमांक 13 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील - गाडरवारा
(ग) ग्राम- महगुंवाकला
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.493 हेक्टेयर .
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा ( हे. में )
(2)
(1) 18/1
0.028
[भाग 1
(2)
(1)
18/2
0.056
19/1
0.121
20/1
0.049
20/2
0.088
24/1
0.052
24/2
0.044
29
0.076
30
0.056
113/2
0.040
113/1
0.028
133/3
0.048
112
0.064
0.064
110/2
0.024
11/03
0.024
110/4
0.040
109/1
0.020
105/1
0.116
105/2
0.048
101
0.068
100
0.160
238/1-2
0.524
239/1
0.053
239/2
0.040
239/3
0.048
241/1-2
0.130
242/1-2-3
0.244
237
0.144
योग : 2.493
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - सड़क निर्माण हेतु .
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन कार्यालय गाडरवारा में किया जा सकता है .
नरसिंहपुर , दिनांक 28 अप्रैल 2011
प्र. क्र. 04 - अ-82वर्ष- 2010-11 - पत्र क्रमांक 216 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) भाग 1 ]
1521
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
( क ) जिला- नरसिंहपुर
(ख) तहसील- गाडरवारा
(ग ) ग्राम- पलोहा बड़ा, प. ह. नं. 11
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.080 हेक्टेयर
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा ( हे . में ) (1)
(2)
423/3
0.060
423/2क
0.020 योग : 0.080
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- अमोदा टेल माइनर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विवेक पोरवाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग
खण्डवा, दिनांक 2 अप्रैल 2011
क्र. 317-2010- एलए- भू- अर्जन प्र. क्र. 1 अ- 82-2010- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
( क) जिला- पूर्व निमाड़ खण्डवा
(ख ) तहसील - हरसूद
(ग) ग्राम- बलड़ी, प. ह. नं. 4
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-निजी भूमि 0.50 हेक्टेयर .
खसरा नंबर
परिसम्पत्ति
अर्जन हेतु रकबा (हे. में)
(3) (1)
(2)
0.50
9/2
निरंक निरंक योग .. 0.50
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना में डूब से प्रभावित होने के कारण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा क्रमांक 5 ( नया हरसूद ) के न्यायालय एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13, खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
खण्डवा , दिनांक 21 अप्रैल 2011
प्र. क्र. 1 - अ- 82-2009-10- शुद्धि पत्र. इस कार्यालय द्वारा भू अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत जारी की गई अधिसूचना प्र. क्र. 1 -अ- 82-2009-10 भू- अर्जन ग्राम हरिपुरा, तहसील हरसूद, जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा के लिये दो स्थानीय समाचार- पत्र एवं राजपत्र में प्रकाशन हेतु भेजी गई थी. उक्त अधिसूचना का प्रकाशन हिन्दी समाचार पत्र हिन्दी दैनिक " पत्रिका " में दिनांक 11 फरवरी 2011 व दूसरे समाचार- पत्र " नव भारत " में दिनांक 25 फरवरी 2011 में एवं राजपत्र पृष्ठ क्रमांक 537, दिनांक 25 फरवरी 2011 त्रुटिपूर्ण प्रकाशन होने से निम्नानुसार संशोधन नीचे दर्शाये अनुसार पढ़ा जावे. - प्रकाशन हुआ
प्रकाशन होना था जो पढ़ा जाये (ङ) अर्जनीय क्षेत्रफल
(ङ) अर्जनीय क्षेत्रफल (कृषि भूमि) -
(कृषि भूमि) -
47.53 वर्गमीटर 3.43 हैक्टेयर
नोट. - प्रकरण में संबंधित शेष विवरण पूर्व प्रकाशन अनुसार ही रहेगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , डी. डी. अग्रवाल , कलेक्टर एवं पदेन सचिव .
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 7 अप्रैल 2011
प. क्र. 2639- (क) प्र. भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है . अतः भू-अर्जन 1522
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला-सागर
(ख) तहसील- मालथौन
(ग ) ग्राम- करनैलगढ़
(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.81 हेक्टेयर.
खसरा नं .
क्षेत्रफल (हे . में ) (1)
(2)
46
0.425
45
0.495
0.235
42/1, 42/2
41
0.368
38/2
0.274
40
0.005
37
0.137
36/1
0.184
36/1
0.102
34
0.072
35
0.294
33
1.427
225
0.148
160
0.116
154
0.043
158
0.030
172
0.017
173
0.120
175
0.001
174
0.080
169
0.105
155
0.140
161
0.103
170
0.056
162
0.206
166
0.389
164
0.20
165
0.48
रास्ता
0.147
223
0.19
225
0.147
231
0.050
[भाग 1
(2)
(1)
230
0.243
232
0.024
229
0.118
228
0.08
योग : 6.81
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सागर- ललितपुर ( एन. एच. 26 ) अन्तर्राज्यीय चैक पोस्ट के निर्माण कार्य हेतु .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , खुरई में देखा जा सकता है .
सागर, दिनांक 8 अप्रैल 2011
प. क्र. 2679- ( क) प्र. भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क ) जिला- सागर
(ख) तहसील- मालथौन
(ग ) ग्राम- खिरियाडांग
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.24 हेक्टेयर.
खसरा नं .
क्षेत्रफल (हे . में ) (1)
(2)
35/2
0.08
36
0.11
35/1
0.11
34
0.28
33
0.31
32
0.35 योग : 1.24
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सागर- ललितपुर ( एन. एच. 26 ) अन्तर्राज्यीय चैक पोस्ट के निर्माण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , खुरई में देखा जा सकता है .
भाग 1 ]
1523
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
सागर, दिनांक 13 अप्रैल 2011
क्र. 2771- ( क) -प्र. भू-अर्जन-2011. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला- सागर
(ख) तहसील- मालथौन
(ग ) ग्राम- खिरियाकलां
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.24 हेक्टेयर.
खसरा नं.
क्षेत्रफल (हे . में ) (1)
(2)
298
0.09
299
0.03
295
0.05
206
0.05
284
0.01
208
0.01
योग : 0.24
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बीना खिमलासा- मालथौन मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , खुरई में देखा जा सकता है.
क्र. 2774- ( क) -प्र. भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख) तहसील - मालथौन
(ग) ग्राम- बरुआ
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.38 हेक्टेयर .
खसरा नं .
क्षेत्रफल (हे. में ) (1)
(2)
47
0.20
45
0.25
140
0.32
145
0.65
146
0.27
0.16
152
157/1
0.16
158
0.08
162/3
0.10
162/5
0.10
162/7
0.05
162/8
0.04
योग : 2.38
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बीना खिमलासा- मालथौन मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) खुरई में देखा जा सकता है .
क्र. 2777- ( क ) -प्र. भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला-सागर
(ख) तहसील - मालथौन
(ग) ग्राम - चक्कबघोनिया
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.19 हेक्टेयर .
खसरा नं .
क्षेत्रफल ( हे. में) (1)
(2)
23
0.07
24
33
0.01 0.11 योग : 0.19 1524
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बीना खिमलासा- मालथौन मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) खुरई में देखा जा सकता है.
क्र. 2791- ( क) -प्र. भू-अर्जन-2011. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला- सागर
(ख ) तहसील-मालथौन
(ग) ग्राम- बम्होरीलाल
( घ) लगभग क्षेत्रफल-0.10 हेक्टेयर.
खसरा नं.
क्षेत्रफल ( हे . में ) (1)
(2)
37/1
0.01
37/2
38
0.02
23
0.05
20/1
0.02 योग : 0.10
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बीना- खिमलासा- मालथौन मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) खुरई में देखा जा सकता है .
क्र. 2793- (क ) -प्र. भू-अर्जन-2011. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सागर
(ख) तहसील- मालथौन
(ग) ग्राम-लोंगर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.51 हेक्टेयर.
खसरा नं.
क्षेत्रफल ( हे . में ) (1)
(2)
0.22
411
0.04
413
463
0.05
464
0.04
465
0.07
466
0.03
468/1
0.05
469/1
0.01
योग : 0.51
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-बीना खिमलासा- मालथौन मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) खुरई में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनीष श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन सचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग धार , दिनांक 21 अप्रैल 2011
क्र. 487- वाचक - प्र.क्र. अ-82-2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- धार
(ख) तहसील- मनावर
(ग ) ग्राम-अजन्दीकोट ( पूरक )
(घ) लगभग क्षेत्रफल-21.723 हेक्टेयर.
सर्वे नं.
अर्जित रकबा ( हे . में) (1)
(2)
177
0.042
178
0.160 भाग 1 ]
1525
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(1)
(2) 179
0.245
0.042 189
180/1
0.020 183/1
0.010 184
0.365
0.260 251
0.040 252
0.180 253
0.020 267/1
0.110 267/2
0.110 267/3
0.110 267/4
0.110 267/5
0.110 266/2/2
0.035 266/3
0.160 297
0.200 298/2
0.200 299
0.100 298/1
0.200 295/1
0.480 294
0.050 291/1
0.240 289/1
0.100 289/2
0.200 46/1/1/1
0.150 46/2
0.300 47/1
47/2
0.340
0.340 47/3/2
0.276 47/3/1/2
47/3/1/1
0.276 48
0.454 49/1
0.220 51/3
0.120 51/1
0.265 51/2
0.265 53/1क
0.310 53/2
0.110
0.075 54/2
54/3
0.075 54/1
0.160 63
0.340 82/3
0.250 (1)
(2)
287/1
287/2
0.250
287/3
286/1
0.140
0.100
281/2/2
281/2/3
0.350
0.200
282
283/1
0.100
279/1/3
0.125
0.210
300/2
317/1
0.050
0.500
317/3
0.360
314/1/1
0.320
314/2
332/1
0.190
332/2
0.190
332
0.300
0.200
333
0.240
327
0.250
206/2
0.350
328
0.024
0.285
339/2
0.200
347/3/2
347/2
0.340
0.052
346/2
166/2
0.110
166/1
0.110
164
0.090
0.210
165/2
146
0.500
190
0.129
45
0.180
46/1/1/2
0.100
46/1/2
0.150
62/2/1
0.220
62/1/1
0.230
0.200
59/1/1/2
59/1/2/1
0.060
59/2/2
0.100
59/3
0.060
59/1/3
0.100
59/2/1
0.160
4/2/1/1/1
0.230
4/1 /ख
0.110 1526
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(1)
(2)
4/1 /क
0.140
3/2/क/ 1
0.120
3/2/क/2
0.120
3/ 1 /क
0.230
2/2ख/2
0.130
2/2क
0.130
2/1
0.360
96/2
0.376
244
0.220
245/6
0.250
96/1
94/1
0.200
98/2
0.100
0.130
46/1/3
93/1
0.190
94/2
91
0.196
87/2
0.500
88/1
86/2
0.350
87/2
86/1/2
0.110
85/4
0.370
86/1/1/2
0.180
85/1
0.060
76/2
0.600
76/1
0.050
206/1
0.011 योग : 21.723
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- औंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर. डी. 145000 मी. से निकलने वाली डी. व्हाय 16 की आर. डी. 0 से 6830 मी . तथा उसकी माईनरों एवं 145675 मी. से निकलने वाली डी. एम. 73 की आर . डी. ० से 7070 मी. के बीच नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भू-अर्जन की धारा 6 के अंतर्गत अर्जन कार्यवाही हेतु आदेशित किया जाता है.
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर जिला धार एवं भू- अर्जन अधिकारी सरदार सरोवर परियोजना मनावर एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-30 मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1 कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग राजगढ़ , दिनांक 21 अप्रैल 2011
क्र. 6749 - भू-अर्जन- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन ( पाड़ल्याखेड़ी तालाब की नहर एवं डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित निजी भूमि कार्य ) के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- राजगढ़
(ख) तहसील - राजगढ़
(ग ) ग्राम- कल्पोनी, पाड़ल्याखेड़ी, रसुलपुरा एवं बखेड़ (घ ) लगभग क्षेत्रफल-41.151 हेक्टेयर
सर्वे नं.
(1)
रकबा ( हे . में) (2)
नहर में प्रभावित भूमि-
ग्राम-कल्पोनी, क्षेत्रफल 7.675 हेक्टेयर
0.250
30/1
31
0.300
35
0.200
30/2
0.250
36/2
0.100
46
0.160
34
0.280
50/3
0.200
50/7
0.080
50/5
0.080
0.080
49/2
49/3
0.080
50/6
0.080
0.080
50/8
49/1
0.080
53
0.200
54/4
0.120
208/1/4
0.375
208/3/3
0.450 भाग 1 ]
1527
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
(1)
(2) 211/1/2
0.075 211/2/1
0.075 291/2
0.029 292/2
0.051 63/1
0.350 63/2
0.170 212
0.100 216/1
0.050 286/1
0.100 286/2
0.100 287/2
0.280 291/3/2
0.010 292/3/1
0.040 291/3/1
0.010 291/1/1
0.015 294/3/1
0.140 291/1/2
0.016 294/3/2
0.140 291/3/3
0.010 292/3/2
0.078 294/4
0.140 292/1
0.051 295
0.190 315
0.600 443/1/1
0.250 443/1/1/1
0.140 443/1/2
0.140 443/1/3
0.140 443/1/4
0.140 444
0.300 454/2
0.300
योग : 7.675 बांध के डूब में शेष बची प्रभावित भूमि-
ग्राम- पाल्ड़याखेड़ी, क्षेत्रफल 71.427 हेक्टेयर 757/2
0.253 816/7
0.250 816/6
0.250
(2)
(1)
0.200
816/5
816/4
0.300
760/2
0.174
योग : 1.427
ग्राम- कल्पोनी , क्षेत्रफल 9.020 हेक्टेयर 406/2/1
0.118
413/3/1
0.170
436/4/1
0.107
406/2/2
0.079
413/3/2
0.170
0.107
436/4/2
406/2/3
0.079
413/3/3
0.170
436/4/3
0.108
391
0.446
0.065
392
406/1
0.316
406/2/4/1
0.014
413/3/4/1
0.056
436/4/1
0.036
406/2/4/2
0.006
413/3/4/2
0.029
436/4/4/2
0.018
406/2/4/3
0.020
413/3/4/3
0.085
436/4/4/3
0.054
440/4/4/3
0.057
751/1
0.153
751/11
0.961
751/2
0.153
751/10
0.961
751/3
0.153
751/9
0.961
751/4
0.203
751/5
0.203
751/6
0.200
751/7
0.203
751/8
0.695 1528
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
(2) (1)
430/3/3
0.188 430/3/2
0.187 703/3
0.013 707/3
0.101 707/1
0.114
0.013 703/1
707/2
0.101 454/1/1
0.150 670/1
0.117 670/2
0.051 670/3
0.089 695/4
0.065 695/3
0.066 695/2
0.066 695/1
0.066 434/1
0.148 439/2
0.329
योग : 9.020 ग्राम- रसुलपुरा, क्षेत्रफल 13.663 हेक्टेयर 324/2
0.316 579/7
0.101 579/6/1
0.291 615/1/2
0.247 615/1/3
0.657 582/2
0.051 609/2
0.339 579/5
0.379
0.190 579/6/2
585
0.080 297/3
0.073 250
0.103 548
0.013
0.070 582/1/3
0.013 609/1/1
0.084 609/1/3
0.084 270/1/2
0.452 582/1/2
0.013
[भाग 1
(2)
(1)
582/1/1
0.013
258
0.102
0.084
609/1/4
270/1/3
0.452
609/1/2
0.084
582/1/4
0.013
613/1/4
0.060
346
0.253
567
0.742
566
0.101
560
2.276
559
1.101
322
0.063
547
1.000
545
0.139
565/3
0.493
289/1
0.151
326
0.152
262
0.785
541/2
0.101
340/1
0.010
0.040
338/1
270/1/4
0.452
0.069
583/1
584/1
0.050
615/1/4
0.065
348/2/2
0.027
249
0.150
0.117
260/2
261
0.088
0.266
321
615/2
0.558
354/3
0.050
योग : 13.663
ग्राम- बखेड़ , क्षेत्रफल 9.366 हेक्टेयर
26/2
0.045
10/1238/3/3
0.063
268/1
0.304
27/1
0.404 भाग 1 ]
1529
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(1)
(2) 56/1/3/2
0.069 69/2
0.948 257/1
0.068 32
0.159 55
0.316 429
0.020 425
0.041 269
1.101 282
0.342 283
0.152 263
0.076 306
0.020 307
0.030 207
0.152 186
0.800 176
0.072 1539
0.051 73/2
0.216 70
0.109 1513
0.089 1463/1
0.051 72
0.111 1525
0.111 247
0.111 1449/1
0.065 37/1
0.050 289
0.063 35
0.300 190/2
0.065 45/11
0.306 36/2
0.336 36/1
0.100
0.101 291
292
0.101 44/2
0.101 73/1
0.365 190/3
0.331 10/2238/3/1
0.114 29/1
0.469
(2)
(1)
29/2
0.313
29/3
0.076
254/1
0.016
10/2238/3/2
0.063
योग : 9.366
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यक है- पाड़ल्याखेड़ी तालाब की नहर एवं डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित निजी भूमि कार्य हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है.
राजगढ़, दिनांक 26 अप्रैल 2011
क्र. 6945 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- राजगढ़
(ख ) तहसील- सारंगपुर
(ग ) नगर/ग्राम- मूंडलालोधा, घोसला
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 10.506 , 5.903 हेक्टेयर.
रकबा
सर्वे नम्बर
(हेक्टर में) (1)
(2)
ग्राम-मूंडलालोधा
451/1
0.100
451/2
0.100
462/7/1
0.400
462/7/2
0.570
463/1
0.100
464/2
0.107
466/2
0.180
475/1/7
0.400
477/6/1
0.506 1530
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
(1)
(2) 480
0.050 481/1
0.138 481/2
0.291 483/1/7
0.100 483/1/8
0.200 483/1/9
0.260 483/1/10
0.316 483/1/11
0.239 483/1/12
0.297 483/1/13
0.297 483/1/14
0.298 483/1/15
0.379 483/1/18
0.306 483/1/21
0.379 4/3/126
0.417 483/1/28
0.458 483/1/29
0.304 483/1/30
0.303 483/1/34
0.253
0.200 502
560
0.065 561
0.036 562
0.024 564
0.113 565
0.138 618/2/4
0.039
0.207 628
630
0.113
0.101 631
632
0.049 634/1
0.044 634/2
0.146 635
0.036 721
0.150 738/1/2
0.285 738/1/1/3
0.200 738/1/4
0.150 738/2/2/6/1
0.247 738/2/6/2
0.285
[ भाग 1
(2)
(1)
739
0.130
योग 10.506
ग्राम-घोसला
220/1
1.050
220/2
0.450
221
0.160
222/1/1
0.040
0.050
0.050
223
0.240
224
0.250
232
0.092
233
0.190
238
0.090
239/1/1
0.222
239/1/2
0.290
239/2
0.038
248/1
0.253
248/3
0.100
258/2
0.051
259/1/1
0.200
261/1
0.196
261/2
0.196
269
0.038
287/1
0.059
371/1
0.125
371/2/1
0.100
371/2/2
0.113
371/2/3
0.088
371/3
0.126
374
0.089
375/1/1
0.401
376/1
0.139
376/2
0.012
380/1
0.040
380/2
0.050
383/1
0.040
384
0.175
394
0.100
योग .. 5.903 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
क्र. 6949- भू-अर्जन- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-राजगढ़
(ख ) तहसील- सारंगपुर
(ग) नगर/ग्राम- मूंडलालोधा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.475 हेक्टेयर.
सर्वे नम्बर
रकबा
(हेक्टर में) (1)
(2)
ग्राम-मूंडलालोधा ( नहर )
97/1
0.240
97/2/1/3
0.135
97/2/1/4
0.140
97/2/1/5
0.140
97/7
0.270
0.080
98/2
463/1
0.250
468
0.070
474
0.150
योग . 1.475
राजगढ़, दिनांक 28 अप्रैल 2011
क्र. 7066 - भू- अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-अशासकीय भूमि
(क) जिला- राजगढ़
(ख ) तहसील- ब्यावरा
1531 (ग) ग्राम- आमडोर, तुमड़िया
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.808 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
क्षेत्रफल
(हेक्टर में)
(1)
(2)
ग्राम- आमडोर
138
0.030
173/2
0.065
141/1
0.010
142/2/1
0.041
142/1
0.063
0.253
201/1/3
0.068
172/2
173/1
0.085
174/1
0.040
178
0.045
180
0.098
232/2
0.105
229
0.110
244/1/1/2
0.060
0.130
227/3
0.022
227/4
0.023
227/5
0.045
206
0.035
199/1/1
0.051
योग .. 1.379
ग्राम- तुमड़िया
28
0.300
26/1/2
0.086
26/1/1/1
0.110
26/1/1/2
0.123
26/1/1/3
0.123
34/2
0.150
91/1
0.030
91/2
0.030
91/4
0.240
97/1/1
0.100
89/1
0.033
89/2
0.034 1532
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(2)
(1)
0.013
97/1/2
89/3
0.033
27/1
0.024
योग . 1.429
2.808
कुल योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- लखनवास से तुमड़िया मार्ग निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , ब्यावरा भू-अर्जन अधिकारी , ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 7073 - भू-अर्जन-10 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि एवं संपत्ति का वर्णन- अशासकीय भूमि (क) जिला- राजगढ़
(ख) तहसील- ब्यावरा
( ग ) ग्राम- बगवाज, पाड़लीगुसाई, सीलखेड़ा (घ) भूमि का कुल क्षेत्रफल- 2.520 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
क्षेत्रफल
(हेक्टर में)
(1)
(2)
ग्राम -बगवाज
483
0.050
484
0.014
395/3
0.013
459/115
0.017
459/114
0.017
459/1/2
0.020
459/1/1
0.012
459/1/3
0.017
0.160
योग .
[भाग 1
(2)
(1)
ग्राम-पाड़लीगुसाई
12
0.040
18
0.063
19/1
0.004
19/2
0.004
20/2/4
0.056
0.030
17/1 1/1
0.030
17/1 1/2
16/1/2
0.035
0.040
31/1 1/2
31/1/2
0.020
0.039
31/1 1/1
31/2/2
0.018
32/2/1
0.014
32/2/2
0.035
0.035
32/2/4
32/2/5
0.060
40/4
0.030
45/3
0.101
296/45
0.036
43
0.036
44
0.072
41/3
0.026
0.020
31/2/1
32/1
0.200
15
0.042
16/1/1
0.045
45/2
0.013
331/195
0.032
0.020
195/10/2
304/195/4
0.034
0.039
304/195/2
195/23
0.065
0.020
330/191/1
195/10/2
0.076
279/195
0.051
197/1/2
0.042
197/2/1
0.042
197/1/1
0.065
0.039
195/5 भाग 1 ]
1533
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(1)
(2)
195/22
0.075
195/21
0.045
195/12
0.051
1/3
195/12
0.026
1/2
195/11
0.075
2.246
योग
ग्राम-सीलखेड़ा
126/1/6
0.114
योग 0.114
2.520
कुल योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बगवाज , पाड़लीगुसाई, सीलखेड़ा, कड़ियाहाट मार्ग निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभगीय अधिकारी ( राजस्व) , ब्यावरा भू- अर्जन अधिकारी , ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 7077 - भू- अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि सम्पत्ति का वर्णन- अशासकीय भूमि
(क) जिला- राजगढ़
(ख ) तहसील- ब्यावरा
( ग ) ग्राम - भाटखेड़ी, भिलवाड़िया
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.611 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
क्षेत्रफल
(हेक्टर में) (1)
(2)
ग्राम-भाटखेड़ी
390/2/1
0.018
390/2/2
0.012
(2)
(1)
390/2/3
0.012
0.015
390/2/4
0.015
390/2/5
0.010
392/1
399/2/1
0.025
399/2/2
0.025
400/1
0.010
464/3
0.010
561/1
0.009
0.012
464/2/1
464/2/2/2
0.010
0.011
464/1/2/2
463/1
0.025
458/1
0.011
248
0.012
0.006
229
0.036
242
246
0.010
245
0.007
244
0.030
0.010
243
254
0.025
योग .. 0.366
ग्राम-भिलवाड़िया
22
0.015
0.005
23
0.005
460/2/1/1
421/2
0.004
91/2/1
0.010
0.010
459/3
0.012
459/2
0.004
24/1
24/2
0.006
458
0.006
26/2
0.004
455/1
0.005
26/1
0.004
26/3
0.004
0.006
* g 27/2
455/2/1
0.005
455/2/2
0.008
28/1
0.006
28/2
0.005 1534
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(1)
(2)
28/3
0.006
447/3/1
0.008
447/3/2
0.003
436/1
0.002
436/4
0.004
91/3
0.010
436/2
0.002
436/3
0.004
91/4
0.025
433/1/1
0.003
433/3
0.003
421/1
0.002
421/3
0.002
433/1/2
0.005
95/1
0.005
102/2
0.003
103/1
0.006
95/2
0.005
421/4
0.005
91/1
0.008
91/5
0.010
0.245
योग .
0.611
कुल योग .
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- भाटखेड़ी से भिलवाड़िया मार्ग निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभगीय अधिकारी ( राजस्व ) , ब्यावरा भू-अर्जन अधिकारी, ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 7079 - भू- अर्जन 10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि सम्पत्ति का वर्णन- अशासकीय भूमि
(क) जिला- राजगढ़
(ख) तहसील- ब्यावरा
[भाग 1 (ग) ग्राम-झरखेड़ा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.903 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
क्षेत्रफल
(हेक्टर में) (1)
(2)
530/2
0.026
530/1
0.026
168/2
0.006
534
0.134
576/1
0.075
168/1
0.006
576/2
0.020
168/3
0.006
0.172
574/2
168/4
0.006
574/1
0.136
536/1
0.020
535/1
0.007
536/2
0.064
536/3
0.024
535/2
0.007
619/1
0.068
169/1
0.020
617/2
0.080
योग . 0.903
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- झरखेड़ा से पाड़ली महाराज मार्ग निर्माण हेतु .
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभगीय अधिकारी ( राजस्व ) , ब्यावरा भू-अर्जन अधिकारी , ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 7081 - भू-अर्जन 10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि एवं सम्पत्ति का वर्णन-अशासकीय भूमि (क) जिला- राजगढ़
(ख) तहसील- ब्यावरा भाग 1 ]
1535
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(ग ) ग्राम- भगोरा , मानकी , पीपल्याखेड़ी, बेलांस (घ) लगभग क्षेत्रफल-3.000 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
क्षेत्रफल
(हेक्टर में ) (1)
(2)
ग्राम-भगोरा
58
0.040 59
0.035 52/1
0.108 50/1
0.063 48
0.068 46
0.048 45/1/2
0.045 52/2
0.046 45/1/1
0.035 52/3
0.046 30
0.023 31/3
0.024 29
0.028
0.037 285
327/26/1
0.010 24
0.012 23/4
0.024 287/22
0.009 22
0.009
0.008 131
27/1
0.017 6/1
0.022
0.070 6/2
0.827
योग
ग्राम-मानकी
0.040 490/282/1
488/272
0.054 290
0.051 293/3/1
0.081 292/1
0.148 289/2
0.100
0.177 292/2
(2)
(1)
0.069
481/282
457/282
0.038
0.024
408/282/2
282/7
0.024
0.067
285
286/2
0.029
0.110
294
293/2
0.036
422/282
0.069
0.033
505/282
0.057
530/272
531/272
0.084
486/272
0.012
487/272
0.054
490/282/2
0.015
योग 1.372
ग्राम-पीपल्याखेड़ी
206
0.078
208
0.036
176/3
0.091
202/2/1
0.024
0.229
योग
ग्राम-बेलांस
597
0.216
637/13
0.063
0.163
600
637/3
0.078
917/637
0.053
0.0573
योग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- गिदोरहाट, भगोरा, मानकी, पीपल्याखेड़ी, बेलांस मार्ग निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , ब्यावरा एवं भू-अर्जन अधिकारी , ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .
1536
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग झाबुआ, दिनांक 25 अप्रैल 2011
क्र.1175- भू-अर्जन- 2011 - रा.प्र.क्र. अ-82-2011 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- झाबुआ
(ख ) तहसील-पेटलावद
(ग ) ग्राम- गुणावद
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.12 हेक्टर .
सर्वे नम्बर
(1)
रकबा (हेक्टर में) (2)
निजी भूमि
160
0.50
167
0.15
289
0.10
757
0.10
764
0.40
827
0.28
988
0.09
989
0.02
1024
0.20
1025
0.14
1618/1
0.07
1619
0.07 योग .. 2.12
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके के लिए आवश्यकता है- माही परियोजना की पीथापाड़ा माईनर नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र.1178 - भू-अर्जन- 2011 - रा.प्र.क्र. अ-82-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-झाबुआ
(ख) तहसील-पेटलावद
(ग ) ग्राम- गुणावद ( केलकुई )
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.09 हेक्टर.
सर्वे नम्बर
रकबा (हेक्टर में) (2)
(1)
निजी भूमि
922
0.07
0.04
923
924
0.04
925
0.17
927
0.10
932
0.35
933
0.30
0.11
1699
1700
0.03
1701
0.15
1703
0.27
1704
0.02
1770
0.10
1771
0.17
1775/1
0.17 योग . 2.09
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके के लिए आवश्यकता है- माही परियोजना की केलकुई माईनर नहर निर्माण हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र.1180- भू-अर्जन-2011 - रा.प्र.क्र.. राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: - अ-82-2011 .-चूंकि,
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- झाबुआ
(ख ) तहसील - पेटलावद भाग 1 ]
1537
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(ग) ग्राम- करवड़
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 14.69 हेक्टर .
सर्वे नम्बर
रकबा
(हेक्टर में) (1)
(2)
निजी भूमि
1442
0.18 1450
0.18 1468
0.33 1487
0.33 1490
0.07 1489
0.24 1495
0.28 1496
0.24 1500
0.05 1502
0.02 1503
0.10 1506
0.32 1504
0.60 1791
0.40 1792
0.10 1775
0.40 1776/1
0.13 1776/2
0.22 1772
0.20 1771
0.27 1608
0.20 1611
0.16 1612
0.34 1613
0.01 1614
0.22 1765
0.06 1764
0.38
0.20 1763
1762
0.30 1758
0.11 1759/1
0.34
0.05 1759/2
1735
0.30 1736
0.13 1737
0.04 1734
0.05 1154/2
0.18 1153
0.12 1150
0.03 (1).
(2)
1152
0.11
1151
0.19
1111
0.05
0.05
1148
0.05
1147
1144
0.26
1145
0.03
0.05
1142
0.30
1139
0.20
1136
1137
0.14
1120
0.20
0.05
1122
1124/1
0.06
0.06
1124/2
1125
0.20
1126
0.15
योग .. 14.69
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके के लिए आवश्यकता है- माही परियोजना की करवड़ माईनर नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शोभित जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रायसेन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग रायसेन, दिनांक 25 अप्रैल 2011
क्र. 3592-10-11 - प्र. क्र. 3- अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निम्न भूमि निम्नानुसार प्रयोजन के लिये आवश्यक है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रायसेन
(ख) तहसील- रायसेन 1538
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(ग) ग्राम-संग्रामपुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 15.193 हेक्टर.
खसरा नम्बर
अर्जित किया
गया रकबा
(हेक्टर में ) (1)
(2)
ग्राम-संग्रामपुर 161/1
0.132 149
0.080 285
0.060
योग .. 0.272 160
0.128 122/5
0.160
योग .. 0.288 164/2
0.280 163/1/2
0.120
योग .. 0.400 167
0.080 163/2/1
0.228
0.308
योग ..
166/1
0.048 165/2
0.190 151/2/1
0.090
योग .. 0.328 122/4
0.040 148/2
0.080
0.120
योग
128
0.016 77/1
0.096
योग .. 0.112 129
0.124 131
0.112 139
0.168
योग .. 0.404 151/2/2
0.096 152/1
0.106
योग . 0.202
[भाग 1 (1)
(2)
114/2
0.090
116
0.018
योग .. 0.108
118
0.036
53
0.066
योग .. 0.102
61/2/1
0.015
0.060
68/1
66/1
0.048
0.048
63/2
योग .. 0.171
65/2/2
0.015
68/2
0.018
योग .. 0.033
46
0.030
0.030
47
योग .. 0.060
142/2
0.096
127
0.036
योग .. 0.132
162/2
0.144
0.300
310
योग .. 0.444
0.705
311/3
311/1
0.160
0.280
161/318/1
164/1
0.096
0.304
165/1
0.708
311/2
148/1
0.280
121/1
0.200
0.204
142/1
126
0.080
312
0.203
313
0.927
0.080
121/2
162/1
0.144
151/1
0.120
152/2
0.192
152/3
0.090
0.140
309 भाग 1 ]
1539
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(1)
(2) 299
0.172 269/1/10
0.060 269/1/9
0.064 269/1/8
0.100 269/1/7
0.020 271/1
0.024 270
0.220 289/1/1
0.064 289/2
0.120 290/1
0.060 291
0.064 287
0.064 163/2/2
0.020 168/1
0.120 114/3
0.090 114/1
0.084 71
0.114 74/2
0.072 63/1
0.042 63/3
0.048 54
0.030 50
0.048 45/1
0.192 36
0.348
10.637
कुल योग
ग्राम-अंडोल 59/1
0.054 61/1
0.042
0.096
योग
52/2
0.240 64/1/1
0.120
0.360
योग
185/2/1
0.018 185/1
0.150 184/3
0.072 183/1
0.168 183/2/1
0.088 183/2/2
0.088 57/2/2
0.045 57/3
0.042
0.045 57/2/1
58
0.120 64/1/2
0.170 37
0.210 (1)
(2)
36
0.120
30/1
0.030
30/2
0.120
31
0.350
32
0.240
2.532
कुल योग .
ग्राम-मिर्जापुर पाली
258
0.090
256
0.042
योग .. 0.132
274
0.130
266/3
0.156
266/2
0.136
266/1
0.174
262
0.210
254/1
0.036
257
0.066
259
0.048
1.088
कुल योग .
ग्राम- मुरैल कलां
316
0.024
311
0.090
306
0.060
योग .. 0.174
315
0.360
310/2
0.018
310/1
0.108
298/2/2
0.096
298/3
0.180
0.936
कुल योग
15.193
महायोग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- संग्रामपुर सिंचाई योजना तालाब की नहर निर्माण हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, रायसेन के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , मोहन लाल मीणा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1540
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 25 अप्रैल 2011
क्र. 599 - भू-अर्जन-06-07.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सतना
(ख) तहसील- रामपुर बघेलान
(ग) ग्राम- मगरवार कोठार
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.728 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा
(हेक्टर में)
(1)
(2)
20
0.243
22
0.094
24
0.223
26
0.003
25
0.003
65
0.064
66
0.016
67
0.007
68
0.274
69
0.039
23
0.118
27
0.125
29
0.227
60
0.094
59
0.102
58
0.172
61
0.003
73
0.118
74
0.125
75
0.094
(2)
(1)
76
0.078
79
0.133
80
0.031
81
0.125
82
0.003
147
0.071
156
0.047
157
0.180
163
0.125
164
0.078
165
0.125
176
0.133
175
0.165
174
0.133
173
0.063
171
0.094
3.728
योग .
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर . के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 601 - भू-अर्जन- 06-07.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सतना
(ख ) तहसील- रामपुर बघेलान
(ग ) नगर/ग्राम- देवरी वृत्त
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.401 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
271
0.031
272
0.043 भाग 1 ]
1541
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(1)
(2) 485
0.021 270
0.049 484
0.021 275
0.004 276
0.063 281
0.047 282
0.077 289
0.071 304
0.188 299
0.086 301
0.095 300
0.016 327
0.016 328
0.039 331
0.086 333
0.095 335
0.016 336
0.006 337
0.063 338
0.006 339
0.006 340
0.055 343
0.133 342
0.016 208
0.044 355
0.016 354
0.016 356
0.016 357
0.006 199
0.078 198
0.086 196
0.016 192
0.125 193
0.016 195
0.071 194
0.009 128
0.102 187
0.023 188
0.012 183
0.009 184
0.086 186
0.006 182
0.078 171
0.001 (1)
(2)
172
0.019
0.031
173
174
0.102
175
0.063
176
0.055
179
0.003
436
0.016
435
0.060
437
0.039
438
0.110
431
0.408
465
0.024
477
0.024
428
0.188
427
0.047
479
0.001
480
0.007
481
0.039
योग .. 3.401
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
रीवा, दिनांक 26 अप्रैल 2011
क्र. 603 - भू- अर्जन- 07-08.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर 1542
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
(ग) ग्राम- कठेरी
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.070 हेक्टर.
पुनरीक्षित प्रकाशन
खसरा नंबर
(हेक्टर में) रकबा
(1)
(2)
425
0.034
429
0.036
योग .. 0.070
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 605 - प्रशा.- भू-अर्जन- 2006-07. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए की आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर/मनगंवा
(ग) ग्राम-देवरा -66
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.486 हेक्टर .
खसरा नंबर
(1)
रकबा (हेक्टेयर में) (2)
0.280
550/1 550/2
0.206 योग 0.486
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर के अन्तर्गत में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुर्नवास बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
[ भाग 1 क्र. 607 - भू- अर्जन- 07-08.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर
(ग ) ग्राम- रौरा पवाई
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.082 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
187
0.082 योग .. 0.082
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 609 - भू-अर्जन- 07-08.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- रीवा
(ख ) तहसील- सिरमौर भाग 1 ]
1543
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
(ग) ग्राम- रौरा कोठार
(घ) लगभग क्षेत्रफल- अर्जित रकबा 0.023 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा
(हेक्टर में)
(1)
(2)
908
0.023
0.023
योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 611 - भू-अर्जन-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील - सिरमौर
(ग ) ग्राम - पड़री पवाई
(घ) लगभग क्षेत्रफल-9.409 हेक्टर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
150
0.444
151
0.318
152
0.194
154
0.156
155
0.084
165
0.244
166
0.103
167
0.019
172
0.049
173
0.129
182
0.232
(1)
(2)
183
0.054
184
0.018
284
0.020
285
0.020
286
0.051
0.062
289
291
0.056
0.100
292
296
0.079
0.266
298
300
0.010
311
0.038
313
0.121
314
0.055
315
0.075
316
0.118
0.040
1301
1302
0.130
1310
0.110
1322
0.012
1323
0.072
1324
0.011
0.087
1325
1357
0.127
1356
0.015
1370
0.207
1371
0.008
0.110
1374
1388
0.099
1389
0.091
1390
0.009
0.016
1391
0.022
1392
1393
0.096
1403
0.105
1404
0.050
1406
0.014
1408
0.131
1407
0.032
0.015
1431/1
1438
0.097
1439
0.004
1480
0.041
1481
0.038 1544
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
(1)
(2) 1482
0.061 1483
0.057 1484
0.017 1485
0.048 1494
0.172 1495
0.010 1496
0.118 1497
0.070 1499
0.030 1500
0.050 1501
0.048 1502
0.070 1649
0.004 1651
0.200 1652
0.104 1654
0.108 1656
0.028 1657
0.112 1661
0.216 1691
0.007 1692
0.046 1693
0.010 1694
0.098 1695
0.099 1738
0.081 1739
0.032 1759
0.025 1760
0.010 1761
0.159 1764
0.004
0.080 1769
1770
0.015 1774
0.115 1857
0.137 1858
0.326 1859
0.024 2095
0.130 2096
0.140 2102
0.002 2103
0.090 2104
0.190 2110
0.238 2115
0.114
[ भाग 1 (1)
(2)
2116
0.435
2215
0.096
योग 9.166
शासकीय भूमि
295
0.030
312
0.025
1619
0.013
1643
0.115
1742
0.040
1862
0.020
0.243
योग
कुल योग . 9.409
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत सिरमौर वितरक नहर के अन्तर्गत मरैला माइनर का निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 613- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर
(ग) ग्राम सेमरा-557
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-5.569 हेक्टर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
(1)
(2)
158
0.014
197
0.028 भाग 1 ]
1545
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
(1)
(2) 198
0.064 199
0.022 200
0.129 201
0.080 202
0.144 203
0.096 204
0.134 212
0.099 213
0.230 490
0.035 493
0.256 494
0.035 495
0.128 496
0.145 503
0.002 505
0.120 506
0.160 507
0.104 508
0.176 509
0.176 516
0.121 517
0.086 519
0.116 520
0.049 523
0.050 524
0.056 648
0.324 671
0.896 690
0.064 691
0.036 692
0.0180 693
0.0120 694
0.095 700
0.013 702
0.320 703
0.038 705
0.040 707
0.144 722
0.216 723
0.016 724
0.176 726
0.036
5.569
कुल योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत कटकी उपशाखा नहर का निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 615 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- रीवा
(ख ) तहसील- सिरमौर
( ग ) नगर/ ग्राम- मुड़ियारी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.466 हेक्टर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
273
0.253
300
0.009
301
0.091
305
0.137
0.016
306
309
0.150
310
0.053
0.070
315
316
0.184
319
0.070
320
0.064
321
0.070
324
0.070
325
0.161
326
0.177
330
0.038
331
0.064
332
0.096
402
0.010
403
0.040 1546
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(2)
(1)
404
0.008
405
0.104
411
0.029
412
0.179
414
0.096
415
0.126
418
0.200
419
0.158
0.036
471
472
0.149
473
0.008
474
0.180
478
0.008
479
0.201
502
0.158
505
0.003
3.466
योग ..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका, की मुडियारी माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 617 - भू-अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी /शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील - सिरमौर
(ग) नगर/ ग्राम- लभौली ( 585 )
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 3.403 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
189
0.187
190
0.158
[भाग 1
(2)
(1)
191
0.158
192
0.118
193
0.108
194
0.108
195
0.202
209
0.162
210
0.084
211
0.100
292
0.036
293
0.050
0.061
294
295
0.068
0.288
296
0.019
297
0.020
298
299
0.082
330
0.070
333
0.079
334
0.058
335
0.097
336
0.288
337
0.014
339
0.008
340
0.007
352
0.122
358
0.136
359
0.036
360
0.129
361
0.050
369
0.014
381
0.216
योग 3.333
मध्यप्रदेश शासन
331
0.070
महायोग 3.403
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका , की मुड़ियारी माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
भाग 1 ]
1547
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
क्र. 619 - भू-अर्जन 10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील - सिरमौर
(ग) नगर/ग्राम- पड़री पवाई
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-6.318 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
162
0.326
163
0.022
173
0.130
0.225
438
439
0.075
440
0.030
466
0.018
467
0.057
469
0.090
470
0.069
471
0.045
472
0.090
476
0.195
492
0.084
495
0.120
496
0.120
499
0.045
500
0.030
501
0.015
0.105
504
505
0.180
551
0.162
554
0.036
555
0.034
649
0.065
650
0.062
651
0.052
(2)
(1)
652
0.064
659
0.004
0.042
662
0.068
663
664
0.006
666
0.051
674
0.090
0.075
681
0.210
684
0.024
685
746
0.132
747
0.048
0.033
748
749
0.018
751
0.013
752
0.090
754
0.105
767
0.098
768
0.039
769
0.014
770
0.153
799
0.008
800
0.017
0.202
801
0.060
803
804
0.014
810
0.088
918
0.062
0.009
919
920
0.101
922
0.057
923
0.029
924
0.042
928
0.138
929
0.015
930
0.015
0.003
931
932
0.060
936
0.252
942
0.084
0.012
944
948
0.198
1044
0.018
1045
0.030 1548
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(1)
(2)
1046
0.052
1062
0.047
1063
0.020
1066
0.027
1069
0.170
1437
0.037
1439
0.093
1440
0.024
1441
0.033
1442
0.090
1443
0.010
1445
0.015
1447
0.045
1448
0.030
1449
0.014
1463
0.082
1464
0.017
1465
0.029
1461
0.110
योग .. 6.318
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत सिरमौर वितरक नहर के अन्तर्गत मरैला कोठार माइनर की सब - माइनर नं. 1 एवं 2 का निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 621 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर
(ग) नगर/ग्राम- सगोना कोठार
(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 1.926 हेक्टेयर.
[भाग 1 खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
13
0.103
14
0.006
15
0.194
16
0.130
17
0.070
18
0.486
21
0.040
22
0.109
0.304
23
24
0.045
25
0.300
26
0.030
27
0.024
141
0.085
योग .. 1.926
मध्यप्रदेश शासन
0
0 महायोग 1.926
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका, की दुलहरा माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 623 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर
(ग ) नगर/ ग्राम- खैर-111
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.317 हेक्टेयर.
भाग 1 ]
1549
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
513
0.020
515
0.070
516
0.070
517
0.066
519
0.020
522
0.161
523
0.024
524
0.074
525
0.006
910
0.078
912
0.130
913
0.040
914
0.033
915
0.151
916
0.100
917
0.056
918
0.020
925
0.006
926
0.012
930
0.021
931
0.120
932
0.021
935
0.139
936
0.136
941
0.044
942
0.180
943
0.076
951
0.067
952
0.114
958
0.050
959
0.212 योग . 2.317
मध्यप्रदेश शासन
निल
निल महायोग 2.317
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका की मुड़ियारी माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 625- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी /शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील- सिरमौर
(ग ) नगर/ग्राम- सपहा कोठार 530
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.103 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
1
0.08
2
0.08
3
0.056
31
0.009
58
0.008
59
0.038
0.078
60
61
0.056
62
0.048
63
0.068
67
0.072
0.056
68
79
0.016
80
0.328
0.041
81
82
0.042
0.027
83
योग .. 1.103 मध्यप्रदेश शासन
निल
निल महायोग 1.103
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका की मुड़ियारी माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
1550
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
क्र. 627 - भू-अर्जन.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील - सिरमौर
(ग) नगर/ ग्राम- कररिया 55
( घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.459 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा
(हेक्टेयर में )
(1)
(2)
674
0.125
676
0.017
677
0.094
678
0.072
679
0.014
687
0.066
688
0.146
690
0.04
692
0.096
694
0.113
695
0.112
696
0.046
835
0.004
836
0.039
837
0.296
0.056
838
870
0.064
1.400
योग .
शासकीय- मध्यप्रदेश शासन
689
0.019
693
0.040
महायोग . 1.459
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका की दुलहरा माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
[भाग 1 क्र. 629 - भू-अर्जन.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर
(ग ) नगर/ग्राम- बेलवा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.488 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
278
0.032
279
0.038
280
0.013
281
0.077
282
0.046
283
0.056
285
0.034
0.139
295
296
0.057
297
0.048
0.125
300
301
0.056
0.015
304
306
0.060
307
0.052
308
0.035
309
0.064
310
0.012
0.088
311
321
0.032
337
0.064
0.344
338
339
0.036
390
0.013 भाग 1 ]
1551
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
(2)
(1)
391
0.022
392
0.029
393
0.032
396
0.016
412
0.144
414
0.064
415
0.010
416
0.045
449
0.383
458
0.160
459
0.148
460
0.025
470
0.219
471
0.010
524
0.034
526
0.200
0.147
529
530
0.051
533
0.261
534
0.132
536
0.048
537
0.182
538
0.129
539
0.005
540
0.056
874
0.332
875
0.048
योग 4.468
शासकीय
288
0.020 महायोग 4.488
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-बाणसागर परियोजना क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका की मुड़ियारी माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 641 - भू- अर्जन.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर
(ग) ग्राम- फरहत कोठार
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.246 हेक्टेयर .
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
(1)
59
0.101
60
0.089
61
0.097
74
0.025
76
0.093
78
0.142
79
0.162
103
0.109
104
0.202
135
0.299
0.005
141
142
0.246
143
0.194
144
0.169
145
0.092
155
0.101
329
0.120 योग .. 2.246
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत रिमारी माइनर नहर का निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
( 3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
1552
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
क्र. 643- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर
(ग ) नगर/ ग्राम - रिमारी कोठार
( घ) लगभग क्षेत्रफल - 6.588 हेक्टेयर
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
434
0.347
435
0.150
436
0.150
437
0.320
449
0.202
450
0.230
489
0.303
547
0.194
550
0.004
551
0.012
552
0.042
553
0.042
554
0.049
555
0.049
556
0.016
559
0.140
560
0.320
583
0.048
586
0.041
587
0.028
588
0.061
589
0.072
594
0.021
[भाग 1
(2)
(1)
595
0.114
596
0.445
702
0.320
0.036
703
704
0.058
0.240
715
717
0.248
718
0.048
719
0.408
720
0.024
722
0.020
723
0.050
724
0.208
738
0.032
0.101
739
740
0.120
741
0.101
742
0.072
743
0.140
746
0.088
747
0.120
748
0.081
749
0.072
750
0.081
816
0.008
820
0.016
821
0.088
822
0.160
823
0.088
824
0.160
योग .. 6.588
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत रिमारी माइनर नहर का निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
1553
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
क्र. 645 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील - सिरमौर
(ग) नगर/ग्राम- पथरी पवाई
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 4.823 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
3
0.280
4
0.113
5
0.016
64
0.445
65
0.121
66
0.210
0.025
67
68
0.170
120
0.242
122
0.028
123
0.028
124
0.121
125
0.069
186
0.020
187
0.072
188
0.097
189
0.097
0.120
190
216
0.049
220
0.097
222
0.057
223
0.048
224
0.120
225
0.097
401
0.113
516
0.405
521
0.032
522
0.021
528
0.323
529
0.161
530
0.004
585
0.242
586
0.057
595
0.057
596
0.081
598
0.089
599
0.032
600
0.004
601
0.218
612
0.242
योग 4.823
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत रिमारी माइनर नहर का निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
1554
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011
क्र. 647- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील - सिरमौर
(ग) नगर/ ग्राम- नकटा पवाई
( घ) लगभग क्षेत्रफल-0.971 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
(1)
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
43
0.081
45
0.242
48
0.121
53
0.057
54
0.073
55
0.004
56
0.057
57
0.028
58
0.093
116
0.061
117
0.065
118
0.089
योग .. 0.971
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत रिमारी माइनर नहर का निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक , भू-अर्जन एवं पुनर्वास , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. बी. श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर , जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग डिण्डौरी, दिनांक 26 अप्रैल 2011
क्र.-भू-अर्जन-34( अ-82 ) 2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क ) जिला डिण्डौरी
(ख) तहसील - डिण्डौरी
(ग) ग्राम- तरेरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.90 हेक्टेयर.
सर्वे नम्बर भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टर में )
(1)
(2)
30
0.27
31
0.50
32
0.78
34
0.47
35/2
0.60
35/3
0.54
35/4
0.90
35/5
0.42
35/6
0.20
35/7
0.02
35/8
0.07
35/9
0.07
35/10
0.02
0.04
35/11
योग . 4.90
शासकीय भूमि
0.52
33नाला
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बार्डर चैक पोस्ट निर्माण ग्राम तरेरा , ग्रा.पंचा. रामनगर, वि.ख. करंजिया के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी/ कलेक्टर कार्यालय , डिण्डौरी में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. चन्द्रशेखर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011
1555
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला कटनी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
कटनी , दिनांक 2 मई 2011
प्र. क्र. 73- भू.अ.अ. - 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) से उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम बन्दोबस्त प.ह.नं.
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में ) (2)
(1) कटनी
बरही
(4) 237.22
बुजबुजा न.बं. 288 प.ह.नं. 08
(3) योग .. 237.22
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट असिस्टेंट वाइस प्रसिडेन्ट वेल्सपन एनर्जी मध्यप्रदेश लिमिटेड
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी , विजयराघवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 74- भू.अ.अ. - 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) से उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम बन्दोबस्त प.ह.नं.
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2)
(3)
(4) 249.40 (1) कटनी विजयराघवगढ़ डोकरिया
न.बं. 286 प.ह.नं. 30
योग .. 249.40
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट असिस्टेंट वाइस प्रसिडेन्ट वेल्सपन एनर्जी मध्यप्रदेश लिमिटेड
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी , विजयराघवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. सेलवेन्द्रन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.