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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 06 May 2011

Type
Ordinary
Gazette no.
18
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2011-05-06.18.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदे श शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 18 ]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक6 मई 2011 - वैशाख 16 , शक 1933

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद्में पुरःस्थापित विधेयक,

( ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद् के अधिनियम,

(ग ) ( 1 ) प्रारूप नियम, (2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 21 अप्रैल 2011

क्र. ई - 5-425 - आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री मनोज गोयल , आयएएस , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, पशुपालन विभाग को दिनांक 11 से 23 अप्रैल 2011 तक तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

( 2) श्री मनोज गोयल की अवकाश की अवधि में श्री सेवाराम, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के

1481

साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक पशुपालन विभाग का प्रभार सौंपा जाता है.

( 3) अवकाश से लौटने पर श्री मनोज गोयल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, पशुपालन विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) श्री मनोज गोयल द्वारा प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, पशुपालन विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री सेवाराम , पशु पालन विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे .

( 5 ) अवकाशकाल में श्री मनोज गोयल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मनोज गोयल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित -2011 1482

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

भोपाल, दिनांक 23 अप्रैल 2011

क्र. ई- 5-632 - आयएएस - लीव - एक- 5.- ( 1 ) श्री अनुपम राजन, आयएएस . , संचालक, महिला एवं बाल विकास तथा मिशन संचालक, अटल बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन को दिनांक 5 से 15 अप्रैल 2011 तक ग्यारह दिन का अर्जित अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 16 , 17 अप्रैल 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री अनुपम राजन को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न संचालक, महिला एवं बाल विकास तथा मिशन संचालक, अटल बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में श्री अनुपम राजन को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अनुपम राजन अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई - 5-827 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री श्रीमन शुक्ला, आयएएस, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, होशंगाबाद को दिनांक 2 से 13 मई 2011 तक बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 1 मई 2011 एवं 14, 15 मई 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

( 2 ) श्री श्रीमन शुक्ला की अवकाश की अवधि में श्री ए. के. बाजपेई, अपर कलेक्टर , होशंगाबाद को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, होशंगाबाद का प्रभार सौंपा जाता है.

( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री श्रीमन शुक्ला को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत होशंगाबाद के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) श्री श्रीमन शुक्ला द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, होशंगाबाद का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री ए. के. बाजपेई, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, होशंगाबाद के प्रभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में श्री श्रीमन शुक्ला को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री श्रीमन शुक्ला, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

भोपाल, दिनांक 23 अप्रैल 2011

क्र. एफ. ए. 5-11-2011 - एक ( 1 ) . - राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय श्री आई. एस . श्रीवास्तव महोदय, उच्च न्यायालय , इन्दौर, खण्डपीठ, इन्दौर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है : -

अ. अवकाश

अभियुक्ति

कुल अवकाश का

प्रकार

क्र. अवधि दिन

(1) (2)

(3) (4)

(5)

5

अवकाश के पूर्व में

पूर्ण वेतन

दिनांक 5-3-2011

दिन

1 7-3-2011 से 11-3-2011 तक.

से दि. 6-3-2011

तथा भत्तों सहित अवकाश तक सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा , उपसचिव.

भोपाल , दिनांक 23 अप्रैल 2011

क्र. ई - 5-481- आयएएस लीव एक 5.- ( 1 ) श्री इकबाल सिंह बैंस , आयएएस. , महानिदेशक, पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन ( एप्को ) , भोपाल को दिनांक 21 से 26 मार्च 2011 तक छः दिन का अर्जित अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री इकबाल सिंह बैंस को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न महानिदेशक, पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन ( एप्को ) , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में श्री इकबाल सिंह बैंस को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था .

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री इकबाल सिंह बैंस अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

व्ही. एस. तोमर, अवर सचिव.

भाग 1 ]

1483

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 11 अप्रैल 2011

क्र. फा . 3 ( बी ) 1-2010- इक्कीस- ब ( एक) .- (मेरिट क्र.- 27 ) .- राज्य शासन , श्री अतुल यादव पुत्र श्री पुरुषोत्तम यादव को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश , वर्ग -2 (प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा में अथवा अन्य आदेश होने तक अस्थायी रूप से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090-920- 40450-1080-44470 में एतद्वारा , नियुक्त करता है.

अभ्यर्थी का गृह जिला इंदौर, मध्यप्रदेश है . उसकी जन्मतिथि 25 अगस्त 1979 है .

क्र. फा . 3 ( बी ) 1-2010 - इक्कीस ब ( एक ) .- ( मेरिट क्र. - 44 ) .- राज्य शासन , श्री विजय चौहान पुत्र श्री गिरधारी लाल चौहान को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश, वर्ग-2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा में अथवा अन्य आदेश होने तक अस्थायी रूप से , उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090- 920-40450-1080-44470 में एतद्वारा , नियुक्त करता है.

अभ्यर्थी का गृह जिला इंदौर, मध्यप्रदेश है. उसकी जन्मतिथि 25 जुलाई 1975 है .

भोपाल, दिनांक 20 अप्रैल 2011

क्र. 1691 - इक्कीस- अ ( स्था. ) .- राज्य शासन श्री जनार्दनस्वरूप दीक्षित, उप मुख्य ग्रंथपाल अतिरिक्त महाधिवक्ता कार्यालय , इंदौर (अटैच ग्वालियर ) को मुख्य ग्रंथपाल के पद पर पदोन्नति हेतु प्रावधानित पांच वर्ष की सेवा अवधि में शेष रही अवधि की सेवा में छूट प्रदान करते हुए, अस्थायी रूप से आगामी आदेश होने तक स्थानापन्न रूप में मुख्य ग्रंथपाल ( द्वितीय श्रेणी ) के पद पर पुनरीक्षित वेतन बैण्ड रु. 9300-34800 + ग्रेड पे रु. 4200 में विधि विभाग, भोपाल में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदोन्नत करता है .

" प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त पद के संबंध में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण संबंधी नियमों, आदेशों का पालन किया गया है . "

भोपाल , दिनांक 23 अप्रैल 2011

फा. क्र. 17 (ई ) 19-2010-इक्कीस - ब ( एक) .- राज्य शासन, उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी वेद प्रकाश शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीहोर की सेवाएं प्रिंसिपल रजिस्ट्रार ( न्यायिक ) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु उनके द्वारा उक्त पद का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से , आगामी आदेश होने तक , एतद्वारा उच्च न्यायालय , जबलपुर को सौंपता है .

भोपाल, दिनांक 25 अप्रैल 2011

फा. क्र. 6-1-10- इक्कीस- ब( दो ) .- राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री विनोद भारद्वाज , रजिस्ट्रार मध्यप्रदेश माध्यस्थम अधिकरण , भोपाल की सेवायें वापिस लेकर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर को सौंपी जाती हैं तथा उनके स्थान पर श्री अखिलेश पंड्या, विशेष न्यायाधीश, अनु. जाति, अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम , विदिशा को मध्यप्रदेश माध्यस्थम अधिकरण , भोपाल में रजिस्ट्रार के पद पर, अस्थाई रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से उनके द्वारा कार्यग्रहण करने के दिनांक से प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करता है.

भोपाल, दिनांक 26 अप्रैल 2011

फा. क्र. 17 ( ई ) 81-2005 - इक्कीस- ब-( एक ) .- राज्य शासन, लोकायुक्त संगठन, मध्यप्रदेश , भोपाल में विधिक सलाहकार के पद पर प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री शम्भू सिंह रघुवंशी की सेवाएं, एतद्वारा , सामान्य प्रशासन विभाग मध्यप्रदेश शासन से वापस लेकर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर को सौंपता है .

फा. क्र. 1-1-88- इक्कीस ब ( एक) .- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का सं . 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 1-1-88- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 24 अक्टूबर 2009 में , जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 6 नवम्बर , 2009 में प्रकाशित हुई थी, निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात् : -

संशोधन

उक्त अधिसूचना में, अनुसूची में, अनुक्रमांक 7,10,13 और 30 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्: -

अनुसूची

स्थानीय क्षेत्र अपर सेशन

अनु- क्रमांक

सेशन न्यायाधीश/ न्यायाधीश

(1)

(2)

(3)

भिण्ड " 7 . सेशन न्यायाधीश, भिण्ड

10.

छतरपुर सेशन न्यायाधीश, छतरपुर

13.

दतिया सेशन न्यायाधीश , दतिया

30.

नीमच." .

सेशन न्यायाधीश , नीमच

F. No. - 1-1-88 - XXI - B ( 1 ) . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act , 1988 ( No. 49 of 1988) , the State Government , hereby makes the following amendments in this Department's Notification F. No. 1- 1-88 - XXI - B ( 1 ) , dated the 24th October 2009 which was 1484

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

published in the Madhya Pradesh Gazette Part- 1 , dated 6th Number , 2009 namely :-

AMENDMENT

In the said notification, in the Schedule , for serial number 7,10,13 and 30 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating therreto shall be substituted , namely : -

SCHEDULE

Local area S. No. Sessions Judges / Additional Sessions Judges

(1)

(2)

(3)

Bhind "7. Sessions Judsge , Bhind

10. Sessions Judsge , Chhatarpur Chhatarpur

Datia 13. Sessions Judsge , Datia

Neemuch . " .

30. Sessions Judsge , Neemuch

भोपाल, दिनांक 27 अप्रैल 2011

फा. क्र. 17 ( ई ) 515-2008- इक्कीस- ब- ( दो ) .- मध्यप्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण नियम, 1996 के नियम 3 ( 2 ) के खण्ड (जे ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति के परामर्श से श्री जे. के. जैन , जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , सीहोर को कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से दो वर्ष की कालावधि के लिए मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पदेन सदस्य के रूप में नाम निर्दिष्ट करता है .

[भाग 1 F. No. - 17- ( E ) 515-2008 - XXI - B ( Two) . In exercise of the power conferred by clause (j ) of rule 3 (2 ) of the Legal services Authorities , Act , 1996 the State Government in consultation with the Chief Justice of Madhya Pradesh High Court , hereby , nominate Shri J. K. Jain District Judge and Chairman, District Legal Services Authorities Sehore , Ex Officio Member of the Madhya Pradesh State Legal services Authorities for a period of two years with effect from the date assume charge .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव.

भोपाल, दिनांक 26 अप्रैल 2011

फा. क्र. 1 ( बी) -11-04 - इक्कीस -ब( दो ) .- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 11 अक्टूबर 2004 द्वारा श्री मोहन प्रसाद सोनी, अति. शास. अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, गुना को नियुक्त किया था.

श्री मोहन प्रसाद सोनी, अति. शास . अभिभाषक/ अति. लोक अभियोजक की आयु 62 वर्ष पूर्ण हो जाने के कारण उनके स्थान पर नवीन नियुक्ति होने तक श्री मोहन प्रसाद सोनी अति. शास. अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक गुना उक्त पद पर कार्य करते रहेंगे शर्त के अधीन उन्हें विधि विभाग नियमावली, 2008 के नियम 20 तथा उनकी नियुक्ति आदेश की शर्त के अनुसार उन्हें एक माह का सूचना - पत्र दिया जाकर उनके स्थान पर नवीन नियुक्ति होने अथवा एक माह की सूचना की अवधि ( जो भी बाद में पूर्ण हो ) के पश्चात् पद मुक्त किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ए. जे. खान, सचिव.

नर्मदा घाटी विकास विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 25 अप्रैल 2011

क्र. एफ 31-17-2010- सत्ताईस 1.- राज्य शासन एतद्वारा द्वारा मध्यप्रदेश सिंचाई प्रबंधन में कृषकों की भागीदारी अधिनियम , 1999 (क्रमांक 23 सन् 1999 ) की धारा-2 की उपधारा ( 1 ) के खंड ( क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए नीचे दी गई सारणी के कालम ( 5 ) में यथा विनिर्दिष्ट कृषक संगठनों के लिये उक्त सारणी के कालम ( 3 ) तथा ( 4 ) में यथा विनिर्दिष्ट कार्य क्षेत्र अधिसूचित करता है अर्थात् : -

स. क्र. सिंचाई प्रणाली का नाम

(1)

(2)

1

फीफराड वितरण शाखा

2 जुलवानिया वितरण शाखा

3 अटूट वितरण शाखा

4 कालमुखी वितरण शाखा

5

नर्मदा विकास संभाग क्र. 19 भीकनगांव वितरण कक्ष क्र. 1

6 नर्मदा विकास संभाग क्र. 19 भीकनगांव वितरण कक्ष क्र. 2

7 नर्मदा विकास संभाग क्र . 19 भीकनगांव वितरण कक्ष क्र. 3

8 नर्मदा विकास संभाग क्र. 19 भीकनगांव वितरण कक्ष क्र. 4

कार्य का कमाण्ड क्षेत्र

ग्रामों की संख्या

विस्तार (हेक्टर में)

(3)

कृषक संगठनों की संख्या (5)

(4)

2

224.42

1 2

385.13

6

681.05

1 8

138.21

1 5

1750

1795

6

1

1785

1 9

1 7

1615

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. व्ही. सिंह , उपसचिव.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन"

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल, मध्यप्रदेश

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 अप्रैल 2011

क्र एफ 67-173-10- तीन- 557- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ के आम निर्वाचन में सुश्री संगीता विमलेश वर्मा, अघ्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों कालेखा निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पत्र क्र. क- न.नि. - व्यय लेखा/ 10/406 , दिनांक 29 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री संगीता विमलेश वर्मा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

1485

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

विभाग प्रमुखों के आदेश

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री संगीता विमलेश वर्मा को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 18 फरवरी 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के माध्यम से दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री संगीता विमलेश वर्मा को नोटिस दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 24 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. नोटिस की तामीली उपरांत कलेक्टर, टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 18 मई 2010 में लेख किया कि सुश्री संगीता विमलेश वर्मा को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् उनके द्वारा इस कार्यालय में आज दिनांक तक व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. उक्त अभ्यावेदन प्राप्त होने पर विचारोपरान्त आयोग द्वारा 20 जुलाई 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 12 अगस्त 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, टीकमगढ़ द्वारा दिनांक 11 अगस्त 2010 को कराई गई. सुनवाई में अभ्यर्थी स्वयं उपस्थित नहीं हुईं उनके स्थान पर अभ्यर्थी के पति उपस्थित हुए. उन्होंने एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया एवं सुनवाई में अवगत कराया कि श्रीमती संगीता द्वारा दिनांक 17 जुलाई 2010 को स्वयं उपस्थित होकर आयोग कार्यालय में व्यय लेखा प्रस्तुत किया गया. विलंब से लेखा प्रस्तुत करने का कारण ससुर एवं बच्ची का अस्वस्थ होना बताया किन्तु इस हेतु कोई प्रमाण अथवा अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री संगीता विमलेश वर्मा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ 1486

का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से पांच वर्ष ( 5 वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार ,

हस्ता./-

(रजनी उड़के )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 अप्रैल 2011

क्र. एफ 67-173-10- तीन- 558- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ के आम निर्वाचन में श्री हुकुम पटवा अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पत्र क्र. क- न.नि. - व्यय लेखा/ 10/406 , दिनांक 29 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

[ भाग 1 जानकारी अनुसार श्री हुकुम पटवा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री हुकुम पटवा को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 18 फरवरी 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, टीकमगढ़ के माध्यम से दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री हुकुम पटवा को नोटिस दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 24 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. नोटिस की तामीली उपरांत कलेक्टर टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 18 मई 2010 में लेख किया कि श्री हुकुम पटवा को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् उनके द्वारा इस कार्यालय में आज दिनांक तक व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. उक्त अभ्यावेदन प्राप्त होने पर विचारोपरान्त आयोग द्वारा 20 जुलाई 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 12 अगस्त 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया . व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली कलेक्टर टीकमगढ़ द्वारा दिनांक 11 अगस्त 2010 को कराई गई. अभ्यर्थी द्वारा दिनांक 19 जुलाई 2010 को अभ्यावेदन, जो कि उनके पुत्र द्वारा हस्ताक्षरित किया गया था, के साथ मूल निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत किए गए. अभ्यावेदन के संबंध में कलेक्टर टीकमगढ़ ने अभिमत दिया कि अभ्यर्थी के पुत्र द्वारा प्रस्तुत विनयपत्र स्वीकार योग्य नहीं है क्योंकि मुख्य नगरपालिका अधिकारी , तरीचरकलां ने अभिमत दिया है कि उनके कार्यालय में नगर पंचायत अध्यक्ष पद के किसी अभ्यर्थी ने व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया था . विनय पत्र सत्यता के परे है एवं व्यय लेखा समय पर प्रस्तुत न करने से अमान्य किया जाना उचित होगा. व्यक्तिगत सुनवाई में भी अभ्यर्थी स्वयं उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

भाग 1 ]

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री हुकुम पटवा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत तरीचरकलां जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से पांच वर्ष ( 5 वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- ( रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 अप्रैल 2011

क्र. एफ 67-253-10-तीन- 560.- मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14- क के अनुसार महापौर पद के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम , सतना, जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री रमेश कुमार महापौर पद के अभ्यर्थी थे . नगरपालिक निगम , सतना जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 16 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 15 जनवरी 2010 तक, इनको अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के पत्र क्र. क 594/स्था. निर्वा. न.पा.- 09-10 , दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री रमेश कुमार पिता बृजमोहन द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

1487

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री रमेश कुमार पिता बृजमोहन को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 16 अप्रैल 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 10 मई 2010 को उनकी पत्नि को एवं पुनः दिनांक 30 अक्टूबर 2010 को स्वयं अभ्यर्थी पर तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री रमेश कुमार पिता बृजमोहन को नोटिस दिनांक 10 मई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 25 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 1 जून 2010 में लेख किया कि " नोटिस तामीली की तारीख से 15 दिवस से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी कोई अभ्यावेदन इस कार्यालय को प्रस्तुत नहीं किया गया है . " उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 8 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र अभ्यर्थी को उनके डाक के पते पर भी पंजीकृत डाक से प्रेषित किया गया था . व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर , सतना द्वारा दिनांक 6 मार्च 2011 को कराई गई , किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री रमेश कुमार को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम, सतना, जिला सतना का महापौर या पार्षद होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- ( रजनी उड़के ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

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[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 अप्रैल 2011

क्र. एफ 67-253-10-तीन 561.- मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर पद के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम, सतना, जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री वृन्दावन महापौर पद के अभ्यर्थी थे. नगरपालिक निगम, सतना जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 16 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ . मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 15 जनवरी 2010 तक, इनको अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के पास दाखिल करना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के पत्र क्र. क-594/स्था. निर्वा./न.पा.- 09-10 , दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री वृन्दावन द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री वृन्दावन को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 16 अप्रैल 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 7 मई 2010 को स्वयं अभ्यर्थी पर तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री वृंदावन को नोटिस दिनांक 7 मई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 22 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था , अभ्यर्थी द्वारा दिनांक 13 मई 2010 को एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया , जिसमें अभ्यर्थी ने लेख किया कि " प्रार्थी विकलांग होने के कारण उक्त सभी दस्तावेज अपने एक साथी को दे दिया था, वह साथी एक गरीब व अनपढ़ था जो कि निर्वाचन से संबंधित जिम्मेदारियों को नहीं समझता था वह कागज अपने घर में रखकर काम के उद्देश्य से गुजरात चला गया जिस कारण समय पर उक्त दस्तावेज व्यय रजिस्टर समय पर उपलब्ध होने के कारण तय सीमा 30 दिन के अंदर नहीं पेश कर सका. " उक्त अभ्यावेदन के संबंध में कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 1 जून 2010 में अभिमत दिया कि " अभ्यर्थी वृन्दावन कुशवाहा द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा समय से प्रस्तुत न कर पाने के लिये उल्लेखित कारण समाधानकारक न होने के कारण मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम 1956 की धारा 14 ग के तहत कार्यवाही की जाना प्रस्तावित है. " उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 8 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा दिनांक 6 मार्च 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए .

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री वृंदावन को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम , सतना, जिला सतना का महापौर या पार्षद होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (रजनी उइके ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 अप्रैल 2011

क्रएफ 67-253-10-तीन- 562.- मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14- क के अनुसार महापौर पद के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य भाग 1 ]

है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम , सतना, जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री सुखदेव प्रसाद द्विवेदी महापौर पद के अभ्यर्थी थे. नगरपालिक निगम , सतना, जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 16 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 15 जनवरी 2010 तक, इनको अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के पत्र क्र. क-594/स्था. निर्वा./न.पा./09-10 , दिनांक 26 फरवरी, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री सुखदेव प्रसाद द्विवेदी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री सुखदेव प्रसाद द्विवेदी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 16 अप्रैल 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के माध्यम से दिनांक 7 मई 2010 को उनकी पत्नि को एवं पुनः दिनांक 30 अक्टूबर 2010 को स्वयं अभ्यर्थी पर तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री सुखदेव प्रसाद द्विवेदी को नोटिस दिनांक 7 मई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 22 मई 2010 तक

1489

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 1 जून 2010 में लेख किया कि " नोटिस तामीली की तारीख से 15 दिवस से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी कोई अभ्यावेदन इस कार्यालय को प्रस्तुत नहीं किया गया है. " उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 8 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर , सतना द्वारा दिनांक 5 मार्च 2011 को कराई गई , किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री सुखदेव प्रसाद द्विवेदी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम, सतना, जिला सतना का महापौर या पार्षद होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (रजनी उड़के) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश भोपाल, दिनांक 23 अप्रैल 2011

क्र. एफ 67-253-10-तीन-563.-मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14- क के अनुसार महापौर पद के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने 1490

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम , सतना, जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री सन्जू सिंह उर्फ पुष्पेन्द्र सिंह महापौर पद के अभ्यर्थी थे . नगरपालिक निगम, सतना , जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 16 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 15 जनवरी 2010 तक, इनको अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के पास दाखिल करना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के पत्र क्र. क-594/स्था. निर्वा./न.पा./09-10, दिनांक 26 फरवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री सन्जू सिंह उर्फ पुष्पेन्द्र सिंह द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री सन्जू सिंह उर्फ पुष्पेन्द्र सिंह को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 16 अप्रैल 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 7 मई 2010 को स्वयं अभ्यर्थी पर तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री सन्जूसिंह उर्फ पुष्पेन्द्र सिंह को नोटिस दिनांक 7 मई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 22 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था , किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 1 जून 2010 में लेख किया कि " नोटिस तामीली की तारीख से 15 दिवस से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी कोई अभ्यावेदन इस कार्यालय को प्रस्तुत नहीं किया गया है. " उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 8 मार्च 2011

[ भाग 1 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा दिनांक 6 मार्च 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री सन्जू सिंह उर्फ पुष्पेन्द्र सिंह को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम, सतना, जिला सतना का महापौर या पार्षद होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- ( रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

आदेश

भोपाल, दिनांक 26 अप्रैल 2011

क्र एफ 67-260-10-तीन-592.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित भाग 1 ]

अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत जैतवारा, जिला सतना के आम निर्वाचन में सुश्री फूलमती डोहर अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं . नगर पंचायत जैतवारा , जिला सतना , के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल किया जाना था. किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पत्र क्र. 594- स्था.नि/नपा.-09-10 , दिनांक 26 फरवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री फूलमती डोहर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री फूलमती डोहर को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 29 मार्च 2010 का जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 30 नवम्बर 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री फूलमती डोहर, को नोटिस दिनांक 30 नवम्बर, 2010 कोतामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 15 दिसम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. नोटिस की तामीली उपरांत कलेक्टर, सतना ने अपने पत्र दिनांक 25 जनवरी 2011 में लेख किया कि " सुश्री फूलमती डोहर को आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली तत्समय में कराने के उपरांत भी उक्त अभ्यर्थी द्वारा आज दिनांक अपना अभ्यावेदन/निर्वाचन व्यय लेखा इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया. " कलेक्टर , सतना से उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा दिनांक 23 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 18 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा दिनांक 16 मार्च 2011 से पूर्व करा दी गई , किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में

1491

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री फूलमती डोहर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत जैतवारा , जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

भोपाल , दिनांक 26 अप्रैल 2011

क्र एफ 67-260-10-तीन- 593.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत जैतवारा , जिला सतना के आम निर्वाचन में सुश्री सुशीला बाई डोहर अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत जैतवारा जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के 1492

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल किया जाना था . किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पत्र क्र. 594- स्था. नि/नपा.-09-10 , दिनांक 26 फरवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री सुशीला बाई डोहर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री सुशीला बाई डोहर को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 29 मार्च 2010 को जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 30 नवम्बर 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

कलेक्टर सतना ने दिनांक 6 मार्च 2010 को संशोधित परिशिष्ट छत्तीस प्रेषित किया, जिसमें अभ्यर्थी द्वारा दिनांक 23 जनवरी 11 को अपूर्ण लेखे दाखिल करने का लेख किया गया. आयोग के निर्देशानुसार कलेक्टर सतना ने अभ्यर्थी को जिला स्तर पर नोटिस जारी कर लेखे पूर्ण किये जाने हेतु सूचना पत्र दिनांक 1 मई 2010 को जारी किया. कलेक्टर सतना ने पत्र दिनांक 7 जुलाई 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी द्वारा लेखे पूर्ण नहीं किये गये.

सुश्री सुशीला बाई डोहर , को आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस दिनांक 30 नवम्बर , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 15 दिसम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया एवं न ही लेखे ही पूर्ण किए गए. नोटिस की तामीली उपरांत कलेक्टर, सतना ने अपने पत्र दिनांक 25 जनवरी 2011 में लेख किया कि " सुश्री सुशीला बाई डोहर को आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली तत्समय में कराने के उपरांत भी उक्त अभ्यर्थी द्वारा आज दिनांक तक अपना अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया. " कलेक्टर, सतना से उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा दिनांक 23 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 18 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा दिनांक 11 मार्च 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.

[भाग 1 उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री सुशीला बाई डोहर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत जैतवारा , जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (रजनी उइके ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

भोपाल , दिनांक 26 अप्रैल 2011

क्र एफ 67-202-10- तीन 595.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् रहली जिला सागर के आम निर्वाचन में श्री महेश पटेल अध्यक्ष पद के भाग 1 ]

अभ्यर्थी थे. नगर पालिका परिषद् रहली जिला सागर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सागर के पास दाखिल किया जाना था . किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सागर के पत्र क्र. 754- स्था. निर्वा./ 10, दिनांक 12 अप्रैल , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री महेश पटेल द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री महेश पटेल को कारण बताओ नोटिस दिनांक 12 मई 2010 को जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सागर के माध्यम से दिनांक 5 जून 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री महेश पटेल को नोटिस दिनांक 5 जून 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 20 जून 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सागर ने अपने पत्र दिनांक 5 अगस्त 2010 में लेख किया कि " महेश पटेल को दिए गए नोटिस की तामीली विधिवत कराई जाकर पावती प्राप्त की गई परन्तु उक्त संबंधित नोटिस का जवाब आज दिनांक तक अप्राप्त है . ". उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरान्त आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 8 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र लिखा गया, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए, अभ्यर्थी को सूचना पत्र की तामीली 3 मार्च 2011 को हो गई थी. अभ्यर्थी ने दिनांक 3 मार्च 2011 को ही एक अभ्यावेदन डाक के माध्यम से आयोग को प्रेषित किया, जिसमें निर्वाचन व्यय लेखा की जानकारी एक सादे कागज पर लिख रिकार्ड में दर्ज करने का अनुरोध किया. अभ्यर्थी द्वारा विहित रीति एवं प्ररूप (निर्वाचन व्यय लेखा रजिस्टर ) में व्यय लेखा की जानकारी प्रेषित नहीं की गई एवं न ही अभ्यावेदन में विलंब से जानकारी प्रेषित करने

1493

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

के संबंध में कोई ठोस कारण अथवा प्रमाण ही प्रस्तुत किये. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री महेश पटेल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् रहली जिला सागर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भोपाल, दिनांक 26 अप्रैल 2011

क्र एफ 67-264-10- तीन- 597.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत खांड़ , जिला 1494

शहडोल के आम निर्वाचन में सुश्री गीता पांडेय अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत खांड जिला शहडोल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , शहडोल के पास दाखिल किया जाना था. किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , शहडोल के पत्र क्र. न.पा.निर्वा.-10-713 , दिनांक 22 अप्रैल 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री गीता पांडेय द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री गीता पांडेय को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 12 मई 2010 को जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , शहडोल के माध्यम से दिनांक 26 मई 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री गीता पांडेय , को नोटिस दिनांक 26 मई, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 10 जून 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत प्रस्तुत करना था . कलेक्टर शहडोल ने अपने पत्र दिनांक 23 जून 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी सुश्री गीता पांडेय द्वारा आज दिनांक तक इस कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया. उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरान्त आयोग द्वारा दिनांक 27 सितम्बर 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 20 अक्टूबर 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली कलेक्टर शहडोल द्वारा दिनांक 8 अक्टूबर 2010 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं .

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री गीता पांडेय को इस प्रकार

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

[ भाग 1 चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत खांड, जिला शहडोल का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भोपाल , दिनांक 26 अप्रैल 2011

क्र एफ 67-264-10- तीन- 598.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत खांड़ , जिला शहडोल के आम निर्वाचन में सुश्री माया सिंह अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत खांड़ जिला शहडोल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , शहडोल के पास दाखिल किया जाना था . किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , शहडोल के पत्र क्र. न.पा.निर्वा.-10-713 , दिनांक 22 अप्रैल 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री माया सिंह द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

भाग 1 ]

1495

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री माया सिंह को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 12 मई 2010 को जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , शहडोल के माध्यम से दिनांक 26 मई 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री माया सिंह , को नोटिस दिनांक 26 मई, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 10 जून 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत प्रस्तुत करना था. कलेक्टर शहडोल ने अपने पत्र दिनांक 23 जून 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी सुश्री माया सिंह द्वारा आज दिनांक तक इस कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया . उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरान्त आयोग द्वारा दिनांक 27 सितम्बर 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 20 अक्टूबर 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली कलेक्टर शहडोल द्वारा दिनांक 8 अक्टूबर 2010 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री माया सिंह को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत खांड़ , जिला शहडोल का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(रजनी उड़के )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

श्रम विभाग

मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल, भोपाल

भोपाल, दिनांक 30 अप्रैल 2011

क्र. 931.- मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार ( नियोजन तथा सेवाशर्तों का विनियमन ) नियम , 2002 के नियम, 277 , 278 एवं 279 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल , राज्य शासन के पूर्व अनुमोदन से, उक्त नियम के अध्याय 32 के नियम, 279 के अन्तर्गत निम्मलिखित अनुसूची के कॉलम ( एक ) में दर्शाये अनुसार योजना के संबंध में पूर्व में जारी अधिसूचनाओं के सुसंगत प्रावधानों को अनुसूची के कॉलम ( दो ) के अनुसार संशोधित कर इस अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावशील करता है:-

संशोधित प्रावधान (दो)

वर्तमान प्रावधान (एक)

1. मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 11 जुलाई 2008 के पृष्ठ क्रमांक 1682 में प्रकाशित हितग्राही पुत्री अथवा महिला हितग्राही के विवाह हेतु सहायता योजना 2004 की कंडिका

6.1 पंजीबद्ध महिला श्रमिक के विवाह एक बार पुनर्विवाह एवं पंजीबद्ध श्रमिक की दो पुत्रियों की सीमा तक रुपये दस हजार प्रति विवाह सहायता देय होगी.

6.1 पंजीबद्ध महिला श्रमिक के विवाह एक बार पुनर्विवाह एवं पंजीबद्ध श्रमिक की दो पुत्रियों की सीमा तक न्यूनतम पांच महिला श्रमिकों के सामूहिक विवाह/एकल विवाह के आयोजन की दशा में रुपये पांच हजार प्रति विवाह सहायता देय होगी. उपरोक्त के अतिरिक्त रुपये एक हजार सामूहिक विवाह के आयोजक को प्रति विवाह अलग से देय होगी.

न्यूनतम पांच महिला श्रमिकों के सामूहिक विवाह के आयोजन की दशा में रुपये नौ हजार प्रति विवाह सहायता देय होगी एवं इसके अतिरिक्त रुपये एक हजार प्रति विवाह सामूहिक विवाह के आयोजक को अलग से राशि देय होगी.

6.2 विवाह की प्रस्तावित तिथि से 1 दिन पूर्व तक प्रस्तुत आवेदनों की जांच उपरांत सक्षम प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा सहायता स्वीकृत की जायेगी .

6.2 विवाह की प्रस्तावित तिथि के 1 माह पूर्व आवेदन की दशा में पात्रता की जांच उपरांत ग्रामीण क्षेत्रों के लिये जनपद पंचायत अथवा जनपद पंचायत द्वारा अधिकृत समिति द्वारा स्वीकृत की जायेगी.

प्रभात दुबे, सचिव.

1496

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला झाबुआ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

झाबुआ, दिनांक 11 मार्च 2011

क्र. 622 - भू-अर्जन- 2010-रा. प्र. क्र. अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके अनुसूची के खाना ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल भूमि (हे. में) (1) (2)

(3)

(4)

13.69 पेटलावद असालिया

झाबुआ

योग .. 13.69

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

असालिया तालाब एवं नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , झाबुआ.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 624 - भू- अर्जन- 2010- रा. प्र. क्र. अ-82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके अनुसूची के खाना ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल भूमि (हे. में) (2)

(4) (1)

(3)

0.20 झाबुआ पेटलावद नाहरपुरा

योग 0.20

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) नाहरपुरा नहर निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , क्र. 1 झाबुआ.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

भाग 1 ]

1497

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

झाबुआ, दिनांक 21 मार्च 2011

क्र. 717 - भू- अर्जन- 2010-11 - रा. प्र. क्र. अ- 82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा

जिला

ग्राम

तहसील

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

प्राधिकृत अधिकारी

क्षेत्रफल भूमि (हे. में)

(1) (2)

(3)

(6)

(4)

(5)

4.85

झाबुआ पेटलावद रूणजी

माही परियोजना की पीथापाड़ा माईनर नहर निर्माण हेतु.

योग 4.85

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग पेटलावद, जिला- झाबुआ ( म . प्र. ) .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , शोभित जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

नरसिंहपुर , दिनांक 6 अप्रैल 2011

प्र. क्र. 13 - अ-82- वर्ष 2010-11 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित रकबा ( हे. में )

(1) (2)

(4)

(5)

(3)

(6)

1.320

नरसिंहपुर नरसिंहपुर मेहगांव

मेहगांव जलाशय के अंतर्गत उपनहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , नरसिंहपुर.

योग 1.320

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, नरसिंहपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विवेक पोरवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1498

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

संशोधित अधिसूचना

मनावर, दिनांक 20 अप्रैल 2011

क्र. 485 - वाचक- प्र . क्र. 04-अ-82- वर्ष- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4) धार

मनावर

2.069

कोसवाड़ा

(पूरक)

प.ह.नं. 17. योग 2.069

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग , क्रमांक-30, मनावर.

ओंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर. डी. 153261 मी. से 155804 मी. तक एवं डी. एम. 77 से प्रभावित होने वाली भूमि हेतु.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर एवं भू- अर्जन अधिकारी सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

धार, दिनांक 26 अप्रैल 2011

क्र. 3918 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

जिला

ग्राम का नाम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(3)

(1)

(4) धार

3.870 कुक्षी नीमखेड़ा

योग. 3.870

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

थाना तालाब नहर निर्माण अंतर्गत प्रभावित होने से.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , धार.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी/भू-अर्जन अधिकारी , कुक्षी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 , धार जिला धार ( म. प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

1499

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

क्र. 3923 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , सभी संबंधित व्यक्तियों को, सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील ग्राम का नाम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4) धार

बेकल्या

6.921 कुक्षी

योग .. 6.921

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

थाना तालाब नहर निर्माण अंतर्गत प्रभावित होने से.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 , धार.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी/ भू-अर्जन अधिकारी , कुक्षी एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , धार जिला धार ( म. प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

क्र. 3928 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का विवरण

तहसील

जिला

ग्राम का नाम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4) धार

घटबोरी

कुक्षी

15.660 योग .. 15.660

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन थाना तालाब नहर की निर्माण से प्रभावित होने से.

संभाग , क्रमांक -1 , धार.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी ,अनुविभाग कुक्षी तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 , धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

क्र. 3933- भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , सभी संबंधित व्यक्तियों को, सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का विवरण

तहसील

जिला

ग्राम का नाम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4) धार

थाना

कुक्षी

योग ..

3.728 3.728

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

थाना तालाब की नहर निर्माण से प्रभावित होने से.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , क्रमांक -1 , धार.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी, अनुविभाग कुक्षी तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 , धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

1500

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

[ भाग 1 क्र. 3938 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का विवरण

जिला तहसील ग्राम का नाम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4) धार

चिचबा

कुक्षी

3.323 3.323

योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

थाना तालाब की नहर निर्माण से प्रभावित होने से.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , क्रमांक -1 , धार.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , अनुविभाग कुक्षी तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 , धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

क्र. 3968 - भू- अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का विवरण

जिला

ग्राम का नाम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(4)

(3)

धार

माकनी

बदनावर

योग ..

0.680 0.680

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, धार.

माही परियोजना से पीथमपुर हेतु जलप्रदाय की स्थापना के लिये माकनी की भूमि प्रभावित होने से.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , अनुविभाग बदनावर तथा महा प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, धार, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

मनावर, दिनांक 27 अप्रैल 2011

क्र. 547. -वाचक- प्र.क्र. अ-82-2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

(3)

(1) (2)

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) धार

मनावर पिपरी पूरक

प्रकरण

1.139 1.139

प.ह.नं. 29 योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-30 , मनावर.

औंकारेश्वर परियोजना की नहर आर.डी. 124975 मी. से 127090 मी. के बीच नहर निर्माण हेतु .

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर एवं भू- अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 , मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1501

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

कार्यालय, कलेक्टर, जिला मन्दसौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

मन्दसौर , दिनांक 21 अप्रैल 2011

क्र. 1131 - भू-अर्जन- 11 - प्र. क्र. 07- अ- 82-2009-10 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4) मन्दसौर

कोहला

भानपुरा

3.047 योग 3.047

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजनार्थ का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन गांधीसागर.

पिपल्दा, लालगंज तालाब से वेस्टवअर हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महेन्द्र ज्ञानी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

खरगोन , दिनांक 21 अप्रैल 2011

क्र. 712- भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमिका वर्णन

जिला तहसील ग्राम

(2)

(1)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) खरगोन झिरन्या पखालिया वन परिक्षेत्र चिरिया के ग्राम पखालिया वन भूमि में दिनांक 13-12-2005 को अतिक्रमित वन भूमि जो वन अधिकार मान्यता अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत मान्यता प्राप्त वन भूमि है . क्षेत्रफल 3.802हे.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

(6) धारा 4 की उपधारा ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्र. 19 , भीकनगांव.

अपरवेदा परियोजना की मुख्य नहर, सुर्वा माइनर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य.

नोट.- ( 1 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन, भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी अपरवेदा परियोजना भीकनगांव मुख्यालय खरगोन, कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र . 19, भीकनगांव एवं वन मण्डलाधिकारी , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

(2) वन भूमि के व्यपवर्तन की अनुमति भारत शासन पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के ज्ञाप क्र. 6-19-2005-1333 , दिनांक 27 जुलाई 2006 से निर्माण विभाग द्वारा प्राप्त की गई है.

1502

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

[ भाग 1 क्र. 713 - भू- अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील ग्राम

(1) (2)

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)

(3)

खरगोन झिरन्या लखापुर वन परिक्षेत्र चिरिया के ग्राम लखापुर वन भूमि में दिनांक 13-12-2005 को अतिक्रमित वन भूमि जो वन अधिकार मान्यता अधिनियम , 2006 के अन्तर्गत मान्यता प्राप्त वन भूमि है. क्षेत्रफल 0.540हे.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

(6) धारा 4 की उपधारा ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 19, भीकनगांव.

अपरवेदा परियोजना की सुर्वा माइनर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्यकार्य.

नोट.-( 1 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन , भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी अपरवेदा परियोजना भीकनगांव मुख्यालय खरगोन, कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 19, भीकनगांव एवं वन मण्डलाधिकारी , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

(2 ) वन भूमि के व्यपवर्तन की अनुमति भारत शासन पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के ज्ञाप क्र. 6-19-2005-1333 , दिनांक 27 जुलाई 2006 से निर्माण विभाग द्वारा प्राप्त की गई है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बैतूल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

बैतूल, दिनांक 23 अप्रैल 2011

प्र. क्र. 8- अ-82 - वर्ष 2010-11-2883.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

(3)

(4)

5.897 भैसदेही

बैतूल

खैरवाड़ा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, बैतूल.

मारू जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैसदेही के न्यायालय एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

( 4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में कलेक्टर (भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

भाग 1 ]

1503

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

प्र. क्र. 9 - अ -82 - वर्ष 2010-11-2884.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -

तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

(3)

(4)

चारघाटी

3.064 बैतूल भैसदेही

(

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, बैतूल.

मारू जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैसदेही के न्यायालय एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में कलेक्टर ( भू-अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

प्र. क्र. 10 - अ- 82- वर्ष 2010-11-2885.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

(3)

(4)

चिचपाटी

भैसदेही

5.060 बैतूल

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, बैतूल.

मारू जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैसदेही के न्यायालय एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में कलेक्टर ( भू-अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

1504

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

[भाग 1 प्र. क्र. 11 - अ-82 - वर्ष 2010-11-2886 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -

भूमिका वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)

(2)

(3)

(4)

0.920 बैतूल भैसदेही पचबड़

(

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल.

मारू जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन .

2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैसदेही के न्यायालय एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

प्र. क्र. 12 - अ- 82 - वर्ष 2010-11-2887.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

(3)

(4)

0.323 बैतूल भैसदेही सांवलमेढ़ा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, बैतूल.

गुनघाटी जलाशय की बॉयी तट नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमिका भू-अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैंसदेही के न्यायालय एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .

भाग 1 ]

1505

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

प्र. क्र. 13- अ-82 - वर्ष 2010-11-2888.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

(4)

खापा रैय्यत

9.270 बैतूल भैसदेही

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल.

गुनघाटी जलाशय की बॉयी तट नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैसदेही के न्यायालय एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में कलेक्टर (भू-अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

प्र. क्र. 14- अ- 82 - वर्ष 2010-11-2889. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -

भूमिका वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2) (3)

(4)

गदराझिरी

7.536 भैसदेही

बैतूल

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, बैतूल .

गुनघाटी जलाशय की बॉयी तट नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू- अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैसदेही के न्यायालय एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में कलेक्टर (भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .

1506

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

[भाग 1 प्र. क्र. 15 - अ- 82- वर्ष 2010-11-2890.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

जिला

भूमिका वर्णन नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन तहसील

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(3)

(1) (2)

(6)

(4)

(5)

बैतूल भैसदेही कौड़िया

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, बैतूल.

15.415 बांध 1.038 स्पील चेनल

कौड़िया जलाशय बांध, स्पील चेनल नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

2.711 नहर योग .. 19.164

(

2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैसदेही के न्यायालय एवं कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, बैतूल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(4 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में कलेक्टर (भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विजय आनंद कुरील , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा , दिनांक 28 अप्रैल 2011

क्र. -691 - भू- अर्जन- 2011- संशोधित अधिसूचना. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है राज्य शासन यह निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा - 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय से उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध लागू होते हैं :-

अनुसूची

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(1) (2)

(3)

(5)

(4)

(6) रीवा

रिंग रोड निर्माण 1. रतहरा

हुजूर

2. रतहरी

0.580 1.512

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स) संभाग क्र. 1.

भाग 1 ]

1507

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(1) (2)

(3)

(4)

3. गडरिया

1.833

4. लोही

2.219

2.079

5. जोरी

6. सिलपरी

0.497

7. डकवार

0.090

8. सिलपरा

0.008

8.818

कुल योग ..

(5)

(6)

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर जिला रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. पी. श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

राजगढ़ , दिनांक 25 अप्रैल 2011

क्र. -6857 - भू- अर्जन- 2009.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(1)

(3)

(4) राजगढ़ राजगढ़ कलालपुरा चोकी

0.948 1.048

1.226 राजगढ़ राजगढ़

1.750

कलालपुरा बानपुरा

योग .. 4.972

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, राजगढ़

कलालपुरा तालाब की नहर निर्माण हेतु आ रही भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग, राजगढ़

कलालपुरा तालाब के निर्माण हेतु शेष रही भूमि का अर्जन.

(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .

राजगढ़ , दिनांक 26 अप्रैल 2011

क्र.-6947- भू-अर्जन- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के 1508

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

[ भाग 1 संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल

(हे. में) (2)

(1)

(3)

(4)

2.829

बडलावदा

राजगढ़

राजगढ़

0.308 राजगढ़ राजगढ़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन

संभाग , राजगढ़

खुजनेर

योग .. 3.137

बडलावदा तालाब के डूब क्षेत्र की शेष रही भूमि का भू-अर्जन.

( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) राजगढ़/भू- अर्जन अधिकारी , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला भोपाल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

भोपाल , दिनांक 25 अप्रैल 2011

प्र. क्र. 01 - भू- अ.- ए- 82-10-11 - सात 1. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ ग्राम

तहसील/ तालुका

लगभग क्षेत्रफल खसरा नंबर अर्जित किये जाने वाले हैं . खसरा नं. रकबा (हे.मे. )

(2)

(3)

(4)

कढैया

18/1 (1) भोपाल हुजूर/

18/2 भोपाल

39/1

39/2

25

45/128

92

45

93

97

95

99

96

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

(7)

0.700

0.100

0.150

कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. 2 विदिशा.

सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

0.020

0.320

0.010

0.050

0.050

0.220

0.530

0.500

0.270

0.510

योग .. 3.430

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व , तहसील हुजूर , जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

भाग 1 ]

1509

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

प्र. क्र. 2 - भू- अ.- ए- 82-10-11 - सात 1. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

नगर/ ग्राम

तहसील/ तालुका

लगभग क्षेत्रफल खसरा नंबर अर्जित किये जाने वाले हैं . खसरा नं. रकबा ( हे.मे. )

(4)

(7)

(5)

2

1.390

(1) भोपाल

(3) करोंदखुर्द

(2) हुजूर/ भोपाल

0.810

3

4

0.640

(6) कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. 2 विदिशा.

सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

5

1.000

6

0.900

7

0.130

85/189

0.430

8

0.200

0.050

9

10

0.750

1.780

11

4/199

0.230

10/200

0.120

61/1

0.190

55/2

0.150

61/2

0.620

56

0.500

57

1.200

60

0.660

69

0.700

58

2.040

74

0.500

0.900

78

77

0.040

59

1.250

62

0.710

63/1

0.400

0.110

64

68

0.050

70

0.240

80

0.100

0.760

73/2 1510

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

[ भाग 1

रकबा ( हे.मे. )

खसरा नं.

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(7)

(6)

79

0.150

73/1

0.910

81/3

0.340

81/2

0.330

81/1

0.330

84

0.360

84/202

0.170

85/1

1.070

85/2

0.160

94/1

0.910

83/1

0.530

83/2

0.530

86

2.060

87

0.160

89

1.470

0.500

88

4.300

90

3.180

92

91

1.570

93

3.230

102

0.250

94/2

0.790

116/1

0.800

94/3

1.200

103

0.240

0.800

116/2

100

2.470

101

0.630

104

0.300

105/1

0.410

105/2

0.800

106

0.350

109

0.120

110

0.570

111

0.300

112

0.200

107

0.600

108

0.950

113

1.010

182/192

1.240

114

0.400

115

4.200

116/204

0.100 भाग 1 ]

1511

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

खसरा नं . रकबा ( हे.मे. )

(2)

(1)

(3)

(4)

(6)

(5)

(7)

116/3

0.610

118

0.410

171/2

0.800

174

1.150

175

0.180

176

0.200

180

0.500

182

0.110

0.600

184

73/203

0.010

184/194/1 1.500

0.220

184/194/2

0.650

183/193

87/198

0.280

94/4

1.050

68.820

योग ..

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसील हुजूर, जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 3 - भू- अ.- ए- 82-10-11 - सात 1. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

नगर/ ग्राम

तहसील/ तालुका

लगभग क्षेत्रफल खसरा नंबर अर्जित किया जाने वाले है . खसरा नं. रकबा (हे.मे. )

(1)

(2)

(3)

(5)

(4)

(6)

(7) कनेरा

24

भोपाल

0.170

25

0.500

हुजूर/ भोपाल

26

0.500

कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. 2 विदिशा.

सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

29

0.330

30

0.630

31

0.730

52/1

0.228

53

0.340

52/2

0.100

54

0.730

योग .. 4.258

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसील हुजूर , जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

1512

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

[ भाग 1 प्र. क्र. 4 - भू- अ.- ए- 82-10-11- सात 1. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन्1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

नगर/ ग्राम

तहसील/ तालुका

लगभग क्षेत्रफल खसरा नंबर अर्जित किया जाने वाले खसरा नं. रकबा ( हे.मे. )

(4)

(5)

(6)

(7) (1) भोपाल

13

0.460

(3) मोमनपुर

(2) हूजूर भोपाल

14

2.700

15

0.150

कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. 2, विदिशा.

सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

17

0.200

0.150

18

22

0.270

24

0.590

28

0.200

30

0.140

23

0.160

31

0.150

32

1.150

34

0.120

49/2

0.450

51/2

0.400

0.680

51/1/1

0.050

49/3

योग .. 8.020

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तहसील हुजूर जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निकुंजकुमार श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा , दिनांक 26 अप्रैल 2011

क्र. 631 - भू-अर्जन. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने में ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश भाग 1 ]

1513

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल

(हे. में) (1) (2)

(3)

(4) रीवा सिरमौर

1.50

ग्राम लभौली

अनुसूची

( 2 ) द्वारा

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग , रीवा ( म. प्र. ) .

सिरमौर वितरक नहर के मुड़ियारी माइनर में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 633 - भू- अर्जन- 2011-12.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने में ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की वर्णित ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4) रीवा सिरमौर

0.275

सहेबा 535 ज. नं.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग , रीवा.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योटी वितरक नहर की पिपरवार वितरक की सहेबा माइनर नं. 1 में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 635 भू- अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने में ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश 1514

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

[ भाग 1 देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की उपधारा 17 की धारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल

(हे. में) (2)

(1)

(3)

(4) रीवा सिरमौर देवरा

0.150

ज. न. 247

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा

का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , बाणसागर वितरिका संभाग , रीवा.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योटी नहर की देवरा माइनर नं. 1 एवं 2 में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 637- भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाना में ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4) रीवा सिरमौर पिपरवार

0.038

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा

का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग , रीवा.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योटी वितरक नहर कीपिपरवार माइनर नं. 1 में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 639 - भू- अर्जन- 2011-12 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने में ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश भाग 1 ]

1515

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा

जिला तहसील

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(1) (2)

(4)

(3)

(5)

(6) रीवा मनगवां तिवनी पैपखार

0.415

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग , रीवा.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत क्योंटी नहर की आलमगंज वितरक नहर एवं उसकी माइनर वितरक नहर की तिवनी माइनर में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला मुरैना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

संशोधित अधिसूचना

मुरैना, दिनांक 26 अप्रैल 2011

प्र. क्र. कोर्ट कले. राजस्व भू- अर्जन-09-10-अ-82-530.-में पूर्व प्रकाशित अधिसूचना दिनांक 17 सितम्बर 2010 में तहसीलदार, मुरैना के प्रतिवेदन के आधार पर मौके की स्थिति अनुसार आंशिक संशोधन किया जाता है . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1984 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं:-

संशोधित अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

पूर्व में अधिग्रहण हेतु प्रकाशित रकबा

संशोधित अधिग्रहण

हेतु शेष रकबा

(हेक्टर में)

रकबा सर्वे क्र. रकवा

सर्वे क्र.

(4)

(5)

(6)

0.050

0.520

(3) पिपरई

(1) मुरैना

(2) मुरैना

0.056

1518/1 1502

0.064

0.022 1610

0.168

प्रबंधक संचालक म. प्र. सड़क विकास निगम, भोपाल .

0.244 1611

0.025

1518 1502 1610 1611

(7) धौलपुर- मुरैना मार्ग पर इन्टीग्रेटेड चैक पोस्ट बेरियर निर्माण हेतु निजी भूमि का स्थायी रूप से अर्जन.

नोट.- सर्वे क्रमांक 1611 , रकबा 0.244 में से संशोधित अधिग्रहित रकबा 0.025 है. शेष रकबा 0.219 अधिग्रहण से मुक्त. सर्वे क्रमांक 1610 , रकबा 0.210 में से कुल अधिग्रहित रकबा 0.190 है . शेष रकबा 0.020 अधिग्रहण से मुक्त. सर्वे क्रमांक 1518 , रकबा 0.570 का सम्पूर्ण रकबा अधिग्रहित है. शेष रकबा नहीं है .

1516

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

सर्वे क्रमांक 1518 , रकबा 0.570 का सम्पूर्ण रकबा अधिग्रहित है . शेष रकबा नहीं है. सर्वे क्रमांक 1502 , रकबा 0.120 का सम्पूर्ण रकबा अधिग्रहित है . शेष रकबा नहीं है.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी , मुरैना के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शिवपुरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

शिवपुरी, दिनांक 26 अप्रैल 2011

क्र. क्यू- भू- अर्जन- 550.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

खसरा नम्बर

अनुसूची

लगभग क्षेत्रफल

(हे. में)

(1)

(2)

(3)

(4)

गडौला

27/1

0.04

शिवपुरी नरवर

27/2

0.02

30

0.04

31

0.06

32/1

0.08

32/2

0.01

43/1

0.15

43/2

0.01

44

0.08

63

0.12

64

0.03

65

0.02

71/1

0.05

79/3

0.17

80

0.05

81

0.04

82

0.02

83

0.03

84/1

0.01

84/2

0.01

1.04

कुल रकबा धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग , नरवर , जिला शिवपुरी .

सिंध परियोजना द्वितीय चरण के अन्तर्गत मगरौनी माइनर उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण कार्य हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी , करैरा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. क्यू- भू- अर्जन- 549.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना भाग 1 ]

1517

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को , इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के सम्बन्ध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

सर्वे नंबर तहसील/ तालुक

(1) (2) (3)

(4) नरवर

मगरौनी

516/1 शिवपुरी

516/2

514/1/1 भूमि का नक्शा ( प्लान) कलेक्टर, कार्यालय में देखा जा सकता है .

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

भू- अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा

(7)

(5)

(6)

0.46

0.16

0.09

कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना, दायां तट नहर संभाग , नरवर.

सिंध परियोजना द्वितीय चरण के अन्तर्गत 2 आर मायनर (L.I.S. ) की दौलताबाद सब मायनर का निर्माण कार्य.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजकुमार पाठक, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

दमोह, दिनांक 27 अप्रैल 2011

क्र. 1357 -भू.अ.अ. - 2010-11 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे: -

भूमि का वर्णन सार्वजनिक प्रयोजन जिला

नगर/ग्राम

तहसील का नाम

(1) (2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्ट. में) (4) दमोह बटियागढ़

5.67 0.88

1. फतेहपुर 2. देवदरा

कुल योग .. 6.55

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा ( 4 ) की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, दमोह .

फतेहपुर जलाशय योजना निर्माण में छूट गए शेष खसरा नंबरों की भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , हटा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानन्द दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1518

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

[भाग 1

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग नरसिंहपुर , दिनांक 20 जनवरी 2011

रा. मा. क्र. 07-अ-82-2010-11- पत्र क्रमांक 41 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

( क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- गाडरवारा

(ग ) ग्राम- खकरिया, प. ह. नं. 2

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 0.806 हेक्टेयर

खसरा नंबर

अर्जित रकबा ( हे. में ) (1)

(2)

3/1

0.016

4

0.041

5/1

0.061

6/1

0.210

6/2

12/1

0.275

13/1

22/1

0.113

0.041

7/1-2 8/1-2 9/1-2 10/1-2 22/3

0.049

योग : 0.806

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- मुख्य नहर के सीपेज जोन में ड्रेन निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.

रा. मा. क्र. 08- अ- 82-2010-11- पत्र क्रमांक 41 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- गाडरवारा

(ग) ग्राम- नरवारा, प. ह. नं. 2

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.195 हेक्टेयर

खसरा नंबर

अर्जित रकबा ( हे . में)

(2)

0.195

(1) 2/2 2/3 2/4 3/2 3/3

योग : 0.195

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सिवनी गाडरवारा तेंदूखेड़ा मार्ग के कि. मी. 14/10 निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .

नरसिंहपुर , दिनांक 1 अप्रैल 2011

प्र. क्र. 01 - अ-82वर्ष- 2010-11 - पत्र क्रमांक 03 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- नरसिंहपुर

(ख) तहसील - गाडरवारा भाग 1 ]

1519

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(ग) ग्राम- अमोदा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.978 हेक्टेयर खसरा क्रमांक

अर्जित रकबा ( हे. में) (1)

(2) 13/2

0.040 14/1

0.044 13/1

0.040 15/1

0.048 15/2

0.072 12/3

0.072 20/1

0.020 20/2

0.020 20/3

0.020 20/5

0.012 20/4

0.020 21/1

0.032 5/1-2ख

0.101 5/1-3ग

0.101 5/1-3घ

0.088 5/2ख

0.202 5/1

0.101 12/1

0.032 12/4

0.036 9/1 ठ

0.064 9/12

0.040 72/4

0.048 72/3

0.048 72/ 1ख

0.040 72/1क

0.040 71/ 1ख

0.040 78/1-3

0.072 70/2

0.050 70/1

0190 84/1

0.142 52/1

0.060 52/2

0.060 84/2

0.060 82

0.020 83

0.060 80/2

0.069 80/1

0.081 79

0.101 78/2

0.024 14/2

0.048 (1)

(2)

75/6

0.437

77/6

130/2

75/ 1ख

76/1

0.437

130/1 ख

130/10

75/1 ग

0.162

77/2

130/1

0.364

74/3-

75/1-61

0.032

74/2

74/4

0.028

74/1

0.060

योग : 3.978

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - सड़क निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू- अर्जन कार्यालय, गाडरवारा में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 2 - अ-82वर्ष - 2010-11 - पत्र क्रमांक 13 - भू- अर्जन .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- नरसिंहपुर

(ख) तहसील- करेली

(ग) ग्राम- आमगांवडा

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.323 हेक्टेयर

खसरा क्रमांक

अर्जित रकबा ( हे . में )

(2)

(1)

18

0.052

16

0.080

15/3-4

0.024

19

0.040

13/2-14/1

0.048 1520

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

(1)

(2)

12/2

0.061

21/2

0.092

11/1-2

0.084

23/1

0.081

23/2

0.032

23/3

0.056

164/1

0.064

163/3

0.068

163/1

0.056

163/4

0.084

24

0.016

160/1

0.020

162

0.048

160/2

0.006

150/1

0.151

151-150/2

0.024

149

0.032

147/1

0.048

152/2-3-4

0.056

योग : 1.323

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सड़क निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन कार्यालय , गाडरवारा में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 3- अ-82 वर्ष-10-11- पत्र क्रमांक 13 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील - गाडरवारा

(ग) ग्राम- महगुंवाकला

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.493 हेक्टेयर .

खसरा क्रमांक

अर्जित रकबा ( हे. में )

(2)

(1) 18/1

0.028

[भाग 1

(2)

(1)

18/2

0.056

19/1

0.121

20/1

0.049

20/2

0.088

24/1

0.052

24/2

0.044

29

0.076

30

0.056

113/2

0.040

113/1

0.028

133/3

0.048

112

0.064

0.064

110/2

0.024

11/03

0.024

110/4

0.040

109/1

0.020

105/1

0.116

105/2

0.048

101

0.068

100

0.160

238/1-2

0.524

239/1

0.053

239/2

0.040

239/3

0.048

241/1-2

0.130

242/1-2-3

0.244

237

0.144

योग : 2.493

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - सड़क निर्माण हेतु .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन कार्यालय गाडरवारा में किया जा सकता है .

नरसिंहपुर , दिनांक 28 अप्रैल 2011

प्र. क्र. 04 - अ-82वर्ष- 2010-11 - पत्र क्रमांक 216 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) भाग 1 ]

1521

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

( क ) जिला- नरसिंहपुर

(ख) तहसील- गाडरवारा

(ग ) ग्राम- पलोहा बड़ा, प. ह. नं. 11

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.080 हेक्टेयर

खसरा क्रमांक

अर्जित रकबा ( हे . में ) (1)

(2)

423/3

0.060

423/2क

0.020 योग : 0.080

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- अमोदा टेल माइनर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विवेक पोरवाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

खण्डवा, दिनांक 2 अप्रैल 2011

क्र. 317-2010- एलए- भू- अर्जन प्र. क्र. 1 अ- 82-2010- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

( क) जिला- पूर्व निमाड़ खण्डवा

(ख ) तहसील - हरसूद

(ग) ग्राम- बलड़ी, प. ह. नं. 4

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-निजी भूमि 0.50 हेक्टेयर .

खसरा नंबर

परिसम्पत्ति

अर्जन हेतु रकबा (हे. में)

(3) (1)

(2)

0.50

9/2

निरंक निरंक योग .. 0.50

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना में डूब से प्रभावित होने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा क्रमांक 5 ( नया हरसूद ) के न्यायालय एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13, खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

खण्डवा , दिनांक 21 अप्रैल 2011

प्र. क्र. 1 - अ- 82-2009-10- शुद्धि पत्र. इस कार्यालय द्वारा भू अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत जारी की गई अधिसूचना प्र. क्र. 1 -अ- 82-2009-10 भू- अर्जन ग्राम हरिपुरा, तहसील हरसूद, जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा के लिये दो स्थानीय समाचार- पत्र एवं राजपत्र में प्रकाशन हेतु भेजी गई थी. उक्त अधिसूचना का प्रकाशन हिन्दी समाचार पत्र हिन्दी दैनिक " पत्रिका " में दिनांक 11 फरवरी 2011 व दूसरे समाचार- पत्र " नव भारत " में दिनांक 25 फरवरी 2011 में एवं राजपत्र पृष्ठ क्रमांक 537, दिनांक 25 फरवरी 2011 त्रुटिपूर्ण प्रकाशन होने से निम्नानुसार संशोधन नीचे दर्शाये अनुसार पढ़ा जावे. - प्रकाशन हुआ

प्रकाशन होना था जो पढ़ा जाये (ङ) अर्जनीय क्षेत्रफल

(ङ) अर्जनीय क्षेत्रफल (कृषि भूमि) -

(कृषि भूमि) -

47.53 वर्गमीटर 3.43 हैक्टेयर

नोट. - प्रकरण में संबंधित शेष विवरण पूर्व प्रकाशन अनुसार ही रहेगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , डी. डी. अग्रवाल , कलेक्टर एवं पदेन सचिव .

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 7 अप्रैल 2011

प. क्र. 2639- (क) प्र. भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है . अतः भू-अर्जन 1522

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला-सागर

(ख) तहसील- मालथौन

(ग ) ग्राम- करनैलगढ़

(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.81 हेक्टेयर.

खसरा नं .

क्षेत्रफल (हे . में ) (1)

(2)

46

0.425

45

0.495

0.235

42/1, 42/2

41

0.368

38/2

0.274

40

0.005

37

0.137

36/1

0.184

36/1

0.102

34

0.072

35

0.294

33

1.427

225

0.148

160

0.116

154

0.043

158

0.030

172

0.017

173

0.120

175

0.001

174

0.080

169

0.105

155

0.140

161

0.103

170

0.056

162

0.206

166

0.389

164

0.20

165

0.48

रास्ता

0.147

223

0.19

225

0.147

231

0.050

[भाग 1

(2)

(1)

230

0.243

232

0.024

229

0.118

228

0.08

योग : 6.81

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सागर- ललितपुर ( एन. एच. 26 ) अन्तर्राज्यीय चैक पोस्ट के निर्माण कार्य हेतु .

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , खुरई में देखा जा सकता है .

सागर, दिनांक 8 अप्रैल 2011

प. क्र. 2679- ( क) प्र. भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क ) जिला- सागर

(ख) तहसील- मालथौन

(ग ) ग्राम- खिरियाडांग

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.24 हेक्टेयर.

खसरा नं .

क्षेत्रफल (हे . में ) (1)

(2)

35/2

0.08

36

0.11

35/1

0.11

34

0.28

33

0.31

32

0.35 योग : 1.24

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सागर- ललितपुर ( एन. एच. 26 ) अन्तर्राज्यीय चैक पोस्ट के निर्माण कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , खुरई में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

1523

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

सागर, दिनांक 13 अप्रैल 2011

क्र. 2771- ( क) -प्र. भू-अर्जन-2011. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- सागर

(ख) तहसील- मालथौन

(ग ) ग्राम- खिरियाकलां

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.24 हेक्टेयर.

खसरा नं.

क्षेत्रफल (हे . में ) (1)

(2)

298

0.09

299

0.03

295

0.05

206

0.05

284

0.01

208

0.01

योग : 0.24

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बीना खिमलासा- मालथौन मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , खुरई में देखा जा सकता है.

क्र. 2774- ( क) -प्र. भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सागर

(ख) तहसील - मालथौन

(ग) ग्राम- बरुआ

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.38 हेक्टेयर .

खसरा नं .

क्षेत्रफल (हे. में ) (1)

(2)

47

0.20

45

0.25

140

0.32

145

0.65

146

0.27

0.16

152

157/1

0.16

158

0.08

162/3

0.10

162/5

0.10

162/7

0.05

162/8

0.04

योग : 2.38

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बीना खिमलासा- मालथौन मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) खुरई में देखा जा सकता है .

क्र. 2777- ( क ) -प्र. भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला-सागर

(ख) तहसील - मालथौन

(ग) ग्राम - चक्कबघोनिया

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.19 हेक्टेयर .

खसरा नं .

क्षेत्रफल ( हे. में) (1)

(2)

23

0.07

24

33

0.01 0.11 योग : 0.19 1524

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बीना खिमलासा- मालथौन मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) खुरई में देखा जा सकता है.

क्र. 2791- ( क) -प्र. भू-अर्जन-2011. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- सागर

(ख ) तहसील-मालथौन

(ग) ग्राम- बम्होरीलाल

( घ) लगभग क्षेत्रफल-0.10 हेक्टेयर.

खसरा नं.

क्षेत्रफल ( हे . में ) (1)

(2)

37/1

0.01

37/2

38

0.02

23

0.05

20/1

0.02 योग : 0.10

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बीना- खिमलासा- मालथौन मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) खुरई में देखा जा सकता है .

क्र. 2793- (क ) -प्र. भू-अर्जन-2011. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सागर

(ख) तहसील- मालथौन

(ग) ग्राम-लोंगर

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.51 हेक्टेयर.

खसरा नं.

क्षेत्रफल ( हे . में ) (1)

(2)

0.22

411

0.04

413

463

0.05

464

0.04

465

0.07

466

0.03

468/1

0.05

469/1

0.01

योग : 0.51

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-बीना खिमलासा- मालथौन मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) खुरई में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनीष श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन सचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग धार , दिनांक 21 अप्रैल 2011

क्र. 487- वाचक - प्र.क्र. अ-82-2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- धार

(ख) तहसील- मनावर

(ग ) ग्राम-अजन्दीकोट ( पूरक )

(घ) लगभग क्षेत्रफल-21.723 हेक्टेयर.

सर्वे नं.

अर्जित रकबा ( हे . में) (1)

(2)

177

0.042

178

0.160 भाग 1 ]

1525

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(1)

(2) 179

0.245

0.042 189

180/1

0.020 183/1

0.010 184

0.365

0.260 251

0.040 252

0.180 253

0.020 267/1

0.110 267/2

0.110 267/3

0.110 267/4

0.110 267/5

0.110 266/2/2

0.035 266/3

0.160 297

0.200 298/2

0.200 299

0.100 298/1

0.200 295/1

0.480 294

0.050 291/1

0.240 289/1

0.100 289/2

0.200 46/1/1/1

0.150 46/2

0.300 47/1

47/2

0.340

0.340 47/3/2

0.276 47/3/1/2

47/3/1/1

0.276 48

0.454 49/1

0.220 51/3

0.120 51/1

0.265 51/2

0.265 53/1क

0.310 53/2

0.110

0.075 54/2

54/3

0.075 54/1

0.160 63

0.340 82/3

0.250 (1)

(2)

287/1

287/2

0.250

287/3

286/1

0.140

0.100

281/2/2

281/2/3

0.350

0.200

282

283/1

0.100

279/1/3

0.125

0.210

300/2

317/1

0.050

0.500

317/3

0.360

314/1/1

0.320

314/2

332/1

0.190

332/2

0.190

332

0.300

0.200

333

0.240

327

0.250

206/2

0.350

328

0.024

0.285

339/2

0.200

347/3/2

347/2

0.340

0.052

346/2

166/2

0.110

166/1

0.110

164

0.090

0.210

165/2

146

0.500

190

0.129

45

0.180

46/1/1/2

0.100

46/1/2

0.150

62/2/1

0.220

62/1/1

0.230

0.200

59/1/1/2

59/1/2/1

0.060

59/2/2

0.100

59/3

0.060

59/1/3

0.100

59/2/1

0.160

4/2/1/1/1

0.230

4/1 /ख

0.110 1526

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(1)

(2)

4/1 /क

0.140

3/2/क/ 1

0.120

3/2/क/2

0.120

3/ 1 /क

0.230

2/2ख/2

0.130

2/2क

0.130

2/1

0.360

96/2

0.376

244

0.220

245/6

0.250

96/1

94/1

0.200

98/2

0.100

0.130

46/1/3

93/1

0.190

94/2

91

0.196

87/2

0.500

88/1

86/2

0.350

87/2

86/1/2

0.110

85/4

0.370

86/1/1/2

0.180

85/1

0.060

76/2

0.600

76/1

0.050

206/1

0.011 योग : 21.723

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- औंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर. डी. 145000 मी. से निकलने वाली डी. व्हाय 16 की आर. डी. 0 से 6830 मी . तथा उसकी माईनरों एवं 145675 मी. से निकलने वाली डी. एम. 73 की आर . डी. ० से 7070 मी. के बीच नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भू-अर्जन की धारा 6 के अंतर्गत अर्जन कार्यवाही हेतु आदेशित किया जाता है.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर जिला धार एवं भू- अर्जन अधिकारी सरदार सरोवर परियोजना मनावर एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-30 मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

[भाग 1 कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग राजगढ़ , दिनांक 21 अप्रैल 2011

क्र. 6749 - भू-अर्जन- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन ( पाड़ल्याखेड़ी तालाब की नहर एवं डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित निजी भूमि कार्य ) के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- राजगढ़

(ख) तहसील - राजगढ़

(ग ) ग्राम- कल्पोनी, पाड़ल्याखेड़ी, रसुलपुरा एवं बखेड़ (घ ) लगभग क्षेत्रफल-41.151 हेक्टेयर

सर्वे नं.

(1)

रकबा ( हे . में) (2)

नहर में प्रभावित भूमि-

ग्राम-कल्पोनी, क्षेत्रफल 7.675 हेक्टेयर

0.250

30/1

31

0.300

35

0.200

30/2

0.250

36/2

0.100

46

0.160

34

0.280

50/3

0.200

50/7

0.080

50/5

0.080

0.080

49/2

49/3

0.080

50/6

0.080

0.080

50/8

49/1

0.080

53

0.200

54/4

0.120

208/1/4

0.375

208/3/3

0.450 भाग 1 ]

1527

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

(1)

(2) 211/1/2

0.075 211/2/1

0.075 291/2

0.029 292/2

0.051 63/1

0.350 63/2

0.170 212

0.100 216/1

0.050 286/1

0.100 286/2

0.100 287/2

0.280 291/3/2

0.010 292/3/1

0.040 291/3/1

0.010 291/1/1

0.015 294/3/1

0.140 291/1/2

0.016 294/3/2

0.140 291/3/3

0.010 292/3/2

0.078 294/4

0.140 292/1

0.051 295

0.190 315

0.600 443/1/1

0.250 443/1/1/1

0.140 443/1/2

0.140 443/1/3

0.140 443/1/4

0.140 444

0.300 454/2

0.300

योग : 7.675 बांध के डूब में शेष बची प्रभावित भूमि-

ग्राम- पाल्ड़याखेड़ी, क्षेत्रफल 71.427 हेक्टेयर 757/2

0.253 816/7

0.250 816/6

0.250

(2)

(1)

0.200

816/5

816/4

0.300

760/2

0.174

योग : 1.427

ग्राम- कल्पोनी , क्षेत्रफल 9.020 हेक्टेयर 406/2/1

0.118

413/3/1

0.170

436/4/1

0.107

406/2/2

0.079

413/3/2

0.170

0.107

436/4/2

406/2/3

0.079

413/3/3

0.170

436/4/3

0.108

391

0.446

0.065

392

406/1

0.316

406/2/4/1

0.014

413/3/4/1

0.056

436/4/1

0.036

406/2/4/2

0.006

413/3/4/2

0.029

436/4/4/2

0.018

406/2/4/3

0.020

413/3/4/3

0.085

436/4/4/3

0.054

440/4/4/3

0.057

751/1

0.153

751/11

0.961

751/2

0.153

751/10

0.961

751/3

0.153

751/9

0.961

751/4

0.203

751/5

0.203

751/6

0.200

751/7

0.203

751/8

0.695 1528

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

(2) (1)

430/3/3

0.188 430/3/2

0.187 703/3

0.013 707/3

0.101 707/1

0.114

0.013 703/1

707/2

0.101 454/1/1

0.150 670/1

0.117 670/2

0.051 670/3

0.089 695/4

0.065 695/3

0.066 695/2

0.066 695/1

0.066 434/1

0.148 439/2

0.329

योग : 9.020 ग्राम- रसुलपुरा, क्षेत्रफल 13.663 हेक्टेयर 324/2

0.316 579/7

0.101 579/6/1

0.291 615/1/2

0.247 615/1/3

0.657 582/2

0.051 609/2

0.339 579/5

0.379

0.190 579/6/2

585

0.080 297/3

0.073 250

0.103 548

0.013

0.070 582/1/3

0.013 609/1/1

0.084 609/1/3

0.084 270/1/2

0.452 582/1/2

0.013

[भाग 1

(2)

(1)

582/1/1

0.013

258

0.102

0.084

609/1/4

270/1/3

0.452

609/1/2

0.084

582/1/4

0.013

613/1/4

0.060

346

0.253

567

0.742

566

0.101

560

2.276

559

1.101

322

0.063

547

1.000

545

0.139

565/3

0.493

289/1

0.151

326

0.152

262

0.785

541/2

0.101

340/1

0.010

0.040

338/1

270/1/4

0.452

0.069

583/1

584/1

0.050

615/1/4

0.065

348/2/2

0.027

249

0.150

0.117

260/2

261

0.088

0.266

321

615/2

0.558

354/3

0.050

योग : 13.663

ग्राम- बखेड़ , क्षेत्रफल 9.366 हेक्टेयर

26/2

0.045

10/1238/3/3

0.063

268/1

0.304

27/1

0.404 भाग 1 ]

1529

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(1)

(2) 56/1/3/2

0.069 69/2

0.948 257/1

0.068 32

0.159 55

0.316 429

0.020 425

0.041 269

1.101 282

0.342 283

0.152 263

0.076 306

0.020 307

0.030 207

0.152 186

0.800 176

0.072 1539

0.051 73/2

0.216 70

0.109 1513

0.089 1463/1

0.051 72

0.111 1525

0.111 247

0.111 1449/1

0.065 37/1

0.050 289

0.063 35

0.300 190/2

0.065 45/11

0.306 36/2

0.336 36/1

0.100

0.101 291

292

0.101 44/2

0.101 73/1

0.365 190/3

0.331 10/2238/3/1

0.114 29/1

0.469

(2)

(1)

29/2

0.313

29/3

0.076

254/1

0.016

10/2238/3/2

0.063

योग : 9.366

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यक है- पाड़ल्याखेड़ी तालाब की नहर एवं डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित निजी भूमि कार्य हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है.

राजगढ़, दिनांक 26 अप्रैल 2011

क्र. 6945 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- राजगढ़

(ख ) तहसील- सारंगपुर

(ग ) नगर/ग्राम- मूंडलालोधा, घोसला

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 10.506 , 5.903 हेक्टेयर.

रकबा

सर्वे नम्बर

(हेक्टर में) (1)

(2)

ग्राम-मूंडलालोधा

451/1

0.100

451/2

0.100

462/7/1

0.400

462/7/2

0.570

463/1

0.100

464/2

0.107

466/2

0.180

475/1/7

0.400

477/6/1

0.506 1530

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

(1)

(2) 480

0.050 481/1

0.138 481/2

0.291 483/1/7

0.100 483/1/8

0.200 483/1/9

0.260 483/1/10

0.316 483/1/11

0.239 483/1/12

0.297 483/1/13

0.297 483/1/14

0.298 483/1/15

0.379 483/1/18

0.306 483/1/21

0.379 4/3/126

0.417 483/1/28

0.458 483/1/29

0.304 483/1/30

0.303 483/1/34

0.253

0.200 502

560

0.065 561

0.036 562

0.024 564

0.113 565

0.138 618/2/4

0.039

0.207 628

630

0.113

0.101 631

632

0.049 634/1

0.044 634/2

0.146 635

0.036 721

0.150 738/1/2

0.285 738/1/1/3

0.200 738/1/4

0.150 738/2/2/6/1

0.247 738/2/6/2

0.285

[ भाग 1

(2)

(1)

739

0.130

योग 10.506

ग्राम-घोसला

220/1

1.050

220/2

0.450

221

0.160

222/1/1

0.040

0.050

0.050

223

0.240

224

0.250

232

0.092

233

0.190

238

0.090

239/1/1

0.222

239/1/2

0.290

239/2

0.038

248/1

0.253

248/3

0.100

258/2

0.051

259/1/1

0.200

261/1

0.196

261/2

0.196

269

0.038

287/1

0.059

371/1

0.125

371/2/1

0.100

371/2/2

0.113

371/2/3

0.088

371/3

0.126

374

0.089

375/1/1

0.401

376/1

0.139

376/2

0.012

380/1

0.040

380/2

0.050

383/1

0.040

384

0.175

394

0.100

योग .. 5.903 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

क्र. 6949- भू-अर्जन- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-राजगढ़

(ख ) तहसील- सारंगपुर

(ग) नगर/ग्राम- मूंडलालोधा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.475 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

रकबा

(हेक्टर में) (1)

(2)

ग्राम-मूंडलालोधा ( नहर )

97/1

0.240

97/2/1/3

0.135

97/2/1/4

0.140

97/2/1/5

0.140

97/7

0.270

0.080

98/2

463/1

0.250

468

0.070

474

0.150

योग . 1.475

राजगढ़, दिनांक 28 अप्रैल 2011

क्र. 7066 - भू- अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-अशासकीय भूमि

(क) जिला- राजगढ़

(ख ) तहसील- ब्यावरा

1531 (ग) ग्राम- आमडोर, तुमड़िया

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.808 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

क्षेत्रफल

(हेक्टर में)

(1)

(2)

ग्राम- आमडोर

138

0.030

173/2

0.065

141/1

0.010

142/2/1

0.041

142/1

0.063

0.253

201/1/3

0.068

172/2

173/1

0.085

174/1

0.040

178

0.045

180

0.098

232/2

0.105

229

0.110

244/1/1/2

0.060

0.130

227/3

0.022

227/4

0.023

227/5

0.045

206

0.035

199/1/1

0.051

योग .. 1.379

ग्राम- तुमड़िया

28

0.300

26/1/2

0.086

26/1/1/1

0.110

26/1/1/2

0.123

26/1/1/3

0.123

34/2

0.150

91/1

0.030

91/2

0.030

91/4

0.240

97/1/1

0.100

89/1

0.033

89/2

0.034 1532

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(2)

(1)

0.013

97/1/2

89/3

0.033

27/1

0.024

योग . 1.429

2.808

कुल योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- लखनवास से तुमड़िया मार्ग निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , ब्यावरा भू-अर्जन अधिकारी , ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 7073 - भू-अर्जन-10 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि एवं संपत्ति का वर्णन- अशासकीय भूमि (क) जिला- राजगढ़

(ख) तहसील- ब्यावरा

( ग ) ग्राम- बगवाज, पाड़लीगुसाई, सीलखेड़ा (घ) भूमि का कुल क्षेत्रफल- 2.520 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

क्षेत्रफल

(हेक्टर में)

(1)

(2)

ग्राम -बगवाज

483

0.050

484

0.014

395/3

0.013

459/115

0.017

459/114

0.017

459/1/2

0.020

459/1/1

0.012

459/1/3

0.017

0.160

योग .

[भाग 1

(2)

(1)

ग्राम-पाड़लीगुसाई

12

0.040

18

0.063

19/1

0.004

19/2

0.004

20/2/4

0.056

0.030

17/1 1/1

0.030

17/1 1/2

16/1/2

0.035

0.040

31/1 1/2

31/1/2

0.020

0.039

31/1 1/1

31/2/2

0.018

32/2/1

0.014

32/2/2

0.035

0.035

32/2/4

32/2/5

0.060

40/4

0.030

45/3

0.101

296/45

0.036

43

0.036

44

0.072

41/3

0.026

0.020

31/2/1

32/1

0.200

15

0.042

16/1/1

0.045

45/2

0.013

331/195

0.032

0.020

195/10/2

304/195/4

0.034

0.039

304/195/2

195/23

0.065

0.020

330/191/1

195/10/2

0.076

279/195

0.051

197/1/2

0.042

197/2/1

0.042

197/1/1

0.065

0.039

195/5 भाग 1 ]

1533

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(1)

(2)

195/22

0.075

195/21

0.045

195/12

0.051

1/3

195/12

0.026

1/2

195/11

0.075

2.246

योग

ग्राम-सीलखेड़ा

126/1/6

0.114

योग 0.114

2.520

कुल योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बगवाज , पाड़लीगुसाई, सीलखेड़ा, कड़ियाहाट मार्ग निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभगीय अधिकारी ( राजस्व) , ब्यावरा भू- अर्जन अधिकारी , ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 7077 - भू- अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि सम्पत्ति का वर्णन- अशासकीय भूमि

(क) जिला- राजगढ़

(ख ) तहसील- ब्यावरा

( ग ) ग्राम - भाटखेड़ी, भिलवाड़िया

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.611 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

क्षेत्रफल

(हेक्टर में) (1)

(2)

ग्राम-भाटखेड़ी

390/2/1

0.018

390/2/2

0.012

(2)

(1)

390/2/3

0.012

0.015

390/2/4

0.015

390/2/5

0.010

392/1

399/2/1

0.025

399/2/2

0.025

400/1

0.010

464/3

0.010

561/1

0.009

0.012

464/2/1

464/2/2/2

0.010

0.011

464/1/2/2

463/1

0.025

458/1

0.011

248

0.012

0.006

229

0.036

242

246

0.010

245

0.007

244

0.030

0.010

243

254

0.025

योग .. 0.366

ग्राम-भिलवाड़िया

22

0.015

0.005

23

0.005

460/2/1/1

421/2

0.004

91/2/1

0.010

0.010

459/3

0.012

459/2

0.004

24/1

24/2

0.006

458

0.006

26/2

0.004

455/1

0.005

26/1

0.004

26/3

0.004

0.006

* g 27/2

455/2/1

0.005

455/2/2

0.008

28/1

0.006

28/2

0.005 1534

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(1)

(2)

28/3

0.006

447/3/1

0.008

447/3/2

0.003

436/1

0.002

436/4

0.004

91/3

0.010

436/2

0.002

436/3

0.004

91/4

0.025

433/1/1

0.003

433/3

0.003

421/1

0.002

421/3

0.002

433/1/2

0.005

95/1

0.005

102/2

0.003

103/1

0.006

95/2

0.005

421/4

0.005

91/1

0.008

91/5

0.010

0.245

योग .

0.611

कुल योग .

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- भाटखेड़ी से भिलवाड़िया मार्ग निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभगीय अधिकारी ( राजस्व ) , ब्यावरा भू-अर्जन अधिकारी, ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 7079 - भू- अर्जन 10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि सम्पत्ति का वर्णन- अशासकीय भूमि

(क) जिला- राजगढ़

(ख) तहसील- ब्यावरा

[भाग 1 (ग) ग्राम-झरखेड़ा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.903 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

क्षेत्रफल

(हेक्टर में) (1)

(2)

530/2

0.026

530/1

0.026

168/2

0.006

534

0.134

576/1

0.075

168/1

0.006

576/2

0.020

168/3

0.006

0.172

574/2

168/4

0.006

574/1

0.136

536/1

0.020

535/1

0.007

536/2

0.064

536/3

0.024

535/2

0.007

619/1

0.068

169/1

0.020

617/2

0.080

योग . 0.903

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- झरखेड़ा से पाड़ली महाराज मार्ग निर्माण हेतु .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभगीय अधिकारी ( राजस्व ) , ब्यावरा भू-अर्जन अधिकारी , ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 7081 - भू-अर्जन 10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि एवं सम्पत्ति का वर्णन-अशासकीय भूमि (क) जिला- राजगढ़

(ख) तहसील- ब्यावरा भाग 1 ]

1535

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(ग ) ग्राम- भगोरा , मानकी , पीपल्याखेड़ी, बेलांस (घ) लगभग क्षेत्रफल-3.000 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

क्षेत्रफल

(हेक्टर में ) (1)

(2)

ग्राम-भगोरा

58

0.040 59

0.035 52/1

0.108 50/1

0.063 48

0.068 46

0.048 45/1/2

0.045 52/2

0.046 45/1/1

0.035 52/3

0.046 30

0.023 31/3

0.024 29

0.028

0.037 285

327/26/1

0.010 24

0.012 23/4

0.024 287/22

0.009 22

0.009

0.008 131

27/1

0.017 6/1

0.022

0.070 6/2

0.827

योग

ग्राम-मानकी

0.040 490/282/1

488/272

0.054 290

0.051 293/3/1

0.081 292/1

0.148 289/2

0.100

0.177 292/2

(2)

(1)

0.069

481/282

457/282

0.038

0.024

408/282/2

282/7

0.024

0.067

285

286/2

0.029

0.110

294

293/2

0.036

422/282

0.069

0.033

505/282

0.057

530/272

531/272

0.084

486/272

0.012

487/272

0.054

490/282/2

0.015

योग 1.372

ग्राम-पीपल्याखेड़ी

206

0.078

208

0.036

176/3

0.091

202/2/1

0.024

0.229

योग

ग्राम-बेलांस

597

0.216

637/13

0.063

0.163

600

637/3

0.078

917/637

0.053

0.0573

योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- गिदोरहाट, भगोरा, मानकी, पीपल्याखेड़ी, बेलांस मार्ग निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , ब्यावरा एवं भू-अर्जन अधिकारी , ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

1536

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग झाबुआ, दिनांक 25 अप्रैल 2011

क्र.1175- भू-अर्जन- 2011 - रा.प्र.क्र. अ-82-2011 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- झाबुआ

(ख ) तहसील-पेटलावद

(ग ) ग्राम- गुणावद

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.12 हेक्टर .

सर्वे नम्बर

(1)

रकबा (हेक्टर में) (2)

निजी भूमि

160

0.50

167

0.15

289

0.10

757

0.10

764

0.40

827

0.28

988

0.09

989

0.02

1024

0.20

1025

0.14

1618/1

0.07

1619

0.07 योग .. 2.12

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके के लिए आवश्यकता है- माही परियोजना की पीथापाड़ा माईनर नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र.1178 - भू-अर्जन- 2011 - रा.प्र.क्र. अ-82-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-झाबुआ

(ख) तहसील-पेटलावद

(ग ) ग्राम- गुणावद ( केलकुई )

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.09 हेक्टर.

सर्वे नम्बर

रकबा (हेक्टर में) (2)

(1)

निजी भूमि

922

0.07

0.04

923

924

0.04

925

0.17

927

0.10

932

0.35

933

0.30

0.11

1699

1700

0.03

1701

0.15

1703

0.27

1704

0.02

1770

0.10

1771

0.17

1775/1

0.17 योग . 2.09

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके के लिए आवश्यकता है- माही परियोजना की केलकुई माईनर नहर निर्माण हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र.1180- भू-अर्जन-2011 - रा.प्र.क्र.. राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: - अ-82-2011 .-चूंकि,

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- झाबुआ

(ख ) तहसील - पेटलावद भाग 1 ]

1537

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(ग) ग्राम- करवड़

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 14.69 हेक्टर .

सर्वे नम्बर

रकबा

(हेक्टर में) (1)

(2)

निजी भूमि

1442

0.18 1450

0.18 1468

0.33 1487

0.33 1490

0.07 1489

0.24 1495

0.28 1496

0.24 1500

0.05 1502

0.02 1503

0.10 1506

0.32 1504

0.60 1791

0.40 1792

0.10 1775

0.40 1776/1

0.13 1776/2

0.22 1772

0.20 1771

0.27 1608

0.20 1611

0.16 1612

0.34 1613

0.01 1614

0.22 1765

0.06 1764

0.38

0.20 1763

1762

0.30 1758

0.11 1759/1

0.34

0.05 1759/2

1735

0.30 1736

0.13 1737

0.04 1734

0.05 1154/2

0.18 1153

0.12 1150

0.03 (1).

(2)

1152

0.11

1151

0.19

1111

0.05

0.05

1148

0.05

1147

1144

0.26

1145

0.03

0.05

1142

0.30

1139

0.20

1136

1137

0.14

1120

0.20

0.05

1122

1124/1

0.06

0.06

1124/2

1125

0.20

1126

0.15

योग .. 14.69

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके के लिए आवश्यकता है- माही परियोजना की करवड़ माईनर नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शोभित जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला रायसेन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग रायसेन, दिनांक 25 अप्रैल 2011

क्र. 3592-10-11 - प्र. क्र. 3- अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निम्न भूमि निम्नानुसार प्रयोजन के लिये आवश्यक है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रायसेन

(ख) तहसील- रायसेन 1538

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(ग) ग्राम-संग्रामपुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 15.193 हेक्टर.

खसरा नम्बर

अर्जित किया

गया रकबा

(हेक्टर में ) (1)

(2)

ग्राम-संग्रामपुर 161/1

0.132 149

0.080 285

0.060

योग .. 0.272 160

0.128 122/5

0.160

योग .. 0.288 164/2

0.280 163/1/2

0.120

योग .. 0.400 167

0.080 163/2/1

0.228

0.308

योग ..

166/1

0.048 165/2

0.190 151/2/1

0.090

योग .. 0.328 122/4

0.040 148/2

0.080

0.120

योग

128

0.016 77/1

0.096

योग .. 0.112 129

0.124 131

0.112 139

0.168

योग .. 0.404 151/2/2

0.096 152/1

0.106

योग . 0.202

[भाग 1 (1)

(2)

114/2

0.090

116

0.018

योग .. 0.108

118

0.036

53

0.066

योग .. 0.102

61/2/1

0.015

0.060

68/1

66/1

0.048

0.048

63/2

योग .. 0.171

65/2/2

0.015

68/2

0.018

योग .. 0.033

46

0.030

0.030

47

योग .. 0.060

142/2

0.096

127

0.036

योग .. 0.132

162/2

0.144

0.300

310

योग .. 0.444

0.705

311/3

311/1

0.160

0.280

161/318/1

164/1

0.096

0.304

165/1

0.708

311/2

148/1

0.280

121/1

0.200

0.204

142/1

126

0.080

312

0.203

313

0.927

0.080

121/2

162/1

0.144

151/1

0.120

152/2

0.192

152/3

0.090

0.140

309 भाग 1 ]

1539

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(1)

(2) 299

0.172 269/1/10

0.060 269/1/9

0.064 269/1/8

0.100 269/1/7

0.020 271/1

0.024 270

0.220 289/1/1

0.064 289/2

0.120 290/1

0.060 291

0.064 287

0.064 163/2/2

0.020 168/1

0.120 114/3

0.090 114/1

0.084 71

0.114 74/2

0.072 63/1

0.042 63/3

0.048 54

0.030 50

0.048 45/1

0.192 36

0.348

10.637

कुल योग

ग्राम-अंडोल 59/1

0.054 61/1

0.042

0.096

योग

52/2

0.240 64/1/1

0.120

0.360

योग

185/2/1

0.018 185/1

0.150 184/3

0.072 183/1

0.168 183/2/1

0.088 183/2/2

0.088 57/2/2

0.045 57/3

0.042

0.045 57/2/1

58

0.120 64/1/2

0.170 37

0.210 (1)

(2)

36

0.120

30/1

0.030

30/2

0.120

31

0.350

32

0.240

2.532

कुल योग .

ग्राम-मिर्जापुर पाली

258

0.090

256

0.042

योग .. 0.132

274

0.130

266/3

0.156

266/2

0.136

266/1

0.174

262

0.210

254/1

0.036

257

0.066

259

0.048

1.088

कुल योग .

ग्राम- मुरैल कलां

316

0.024

311

0.090

306

0.060

योग .. 0.174

315

0.360

310/2

0.018

310/1

0.108

298/2/2

0.096

298/3

0.180

0.936

कुल योग

15.193

महायोग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- संग्रामपुर सिंचाई योजना तालाब की नहर निर्माण हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, रायसेन के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , मोहन लाल मीणा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1540

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 25 अप्रैल 2011

क्र. 599 - भू-अर्जन-06-07.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- रामपुर बघेलान

(ग) ग्राम- मगरवार कोठार

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.728 हेक्टर.

खसरा नंबर

रकबा

(हेक्टर में)

(1)

(2)

20

0.243

22

0.094

24

0.223

26

0.003

25

0.003

65

0.064

66

0.016

67

0.007

68

0.274

69

0.039

23

0.118

27

0.125

29

0.227

60

0.094

59

0.102

58

0.172

61

0.003

73

0.118

74

0.125

75

0.094

(2)

(1)

76

0.078

79

0.133

80

0.031

81

0.125

82

0.003

147

0.071

156

0.047

157

0.180

163

0.125

164

0.078

165

0.125

176

0.133

175

0.165

174

0.133

173

0.063

171

0.094

3.728

योग .

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर . के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 601 - भू-अर्जन- 06-07.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रामपुर बघेलान

(ग ) नगर/ग्राम- देवरी वृत्त

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.401 हेक्टर.

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

271

0.031

272

0.043 भाग 1 ]

1541

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(1)

(2) 485

0.021 270

0.049 484

0.021 275

0.004 276

0.063 281

0.047 282

0.077 289

0.071 304

0.188 299

0.086 301

0.095 300

0.016 327

0.016 328

0.039 331

0.086 333

0.095 335

0.016 336

0.006 337

0.063 338

0.006 339

0.006 340

0.055 343

0.133 342

0.016 208

0.044 355

0.016 354

0.016 356

0.016 357

0.006 199

0.078 198

0.086 196

0.016 192

0.125 193

0.016 195

0.071 194

0.009 128

0.102 187

0.023 188

0.012 183

0.009 184

0.086 186

0.006 182

0.078 171

0.001 (1)

(2)

172

0.019

0.031

173

174

0.102

175

0.063

176

0.055

179

0.003

436

0.016

435

0.060

437

0.039

438

0.110

431

0.408

465

0.024

477

0.024

428

0.188

427

0.047

479

0.001

480

0.007

481

0.039

योग .. 3.401

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना पुरवा नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

रीवा, दिनांक 26 अप्रैल 2011

क्र. 603 - भू- अर्जन- 07-08.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- सिरमौर 1542

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

(ग) ग्राम- कठेरी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.070 हेक्टर.

पुनरीक्षित प्रकाशन

खसरा नंबर

(हेक्टर में) रकबा

(1)

(2)

425

0.034

429

0.036

योग .. 0.070

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 605 - प्रशा.- भू-अर्जन- 2006-07. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए की आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- सिरमौर/मनगंवा

(ग) ग्राम-देवरा -66

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.486 हेक्टर .

खसरा नंबर

(1)

रकबा (हेक्टेयर में) (2)

0.280

550/1 550/2

0.206 योग 0.486

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर के अन्तर्गत में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुर्नवास बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

[ भाग 1 क्र. 607 - भू- अर्जन- 07-08.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- सिरमौर

(ग ) ग्राम- रौरा पवाई

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.082 हेक्टर.

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

187

0.082 योग .. 0.082

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 609 - भू-अर्जन- 07-08.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील- सिरमौर भाग 1 ]

1543

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

(ग) ग्राम- रौरा कोठार

(घ) लगभग क्षेत्रफल- अर्जित रकबा 0.023 हेक्टर.

खसरा नंबर

रकबा

(हेक्टर में)

(1)

(2)

908

0.023

0.023

योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 611 - भू-अर्जन-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील - सिरमौर

(ग ) ग्राम - पड़री पवाई

(घ) लगभग क्षेत्रफल-9.409 हेक्टर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

150

0.444

151

0.318

152

0.194

154

0.156

155

0.084

165

0.244

166

0.103

167

0.019

172

0.049

173

0.129

182

0.232

(1)

(2)

183

0.054

184

0.018

284

0.020

285

0.020

286

0.051

0.062

289

291

0.056

0.100

292

296

0.079

0.266

298

300

0.010

311

0.038

313

0.121

314

0.055

315

0.075

316

0.118

0.040

1301

1302

0.130

1310

0.110

1322

0.012

1323

0.072

1324

0.011

0.087

1325

1357

0.127

1356

0.015

1370

0.207

1371

0.008

0.110

1374

1388

0.099

1389

0.091

1390

0.009

0.016

1391

0.022

1392

1393

0.096

1403

0.105

1404

0.050

1406

0.014

1408

0.131

1407

0.032

0.015

1431/1

1438

0.097

1439

0.004

1480

0.041

1481

0.038 1544

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

(1)

(2) 1482

0.061 1483

0.057 1484

0.017 1485

0.048 1494

0.172 1495

0.010 1496

0.118 1497

0.070 1499

0.030 1500

0.050 1501

0.048 1502

0.070 1649

0.004 1651

0.200 1652

0.104 1654

0.108 1656

0.028 1657

0.112 1661

0.216 1691

0.007 1692

0.046 1693

0.010 1694

0.098 1695

0.099 1738

0.081 1739

0.032 1759

0.025 1760

0.010 1761

0.159 1764

0.004

0.080 1769

1770

0.015 1774

0.115 1857

0.137 1858

0.326 1859

0.024 2095

0.130 2096

0.140 2102

0.002 2103

0.090 2104

0.190 2110

0.238 2115

0.114

[ भाग 1 (1)

(2)

2116

0.435

2215

0.096

योग 9.166

शासकीय भूमि

295

0.030

312

0.025

1619

0.013

1643

0.115

1742

0.040

1862

0.020

0.243

योग

कुल योग . 9.409

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत सिरमौर वितरक नहर के अन्तर्गत मरैला माइनर का निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 613- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- सिरमौर

(ग) ग्राम सेमरा-557

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-5.569 हेक्टर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

158

0.014

197

0.028 भाग 1 ]

1545

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

(1)

(2) 198

0.064 199

0.022 200

0.129 201

0.080 202

0.144 203

0.096 204

0.134 212

0.099 213

0.230 490

0.035 493

0.256 494

0.035 495

0.128 496

0.145 503

0.002 505

0.120 506

0.160 507

0.104 508

0.176 509

0.176 516

0.121 517

0.086 519

0.116 520

0.049 523

0.050 524

0.056 648

0.324 671

0.896 690

0.064 691

0.036 692

0.0180 693

0.0120 694

0.095 700

0.013 702

0.320 703

0.038 705

0.040 707

0.144 722

0.216 723

0.016 724

0.176 726

0.036

5.569

कुल योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत कटकी उपशाखा नहर का निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 615 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील- सिरमौर

( ग ) नगर/ ग्राम- मुड़ियारी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.466 हेक्टर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

273

0.253

300

0.009

301

0.091

305

0.137

0.016

306

309

0.150

310

0.053

0.070

315

316

0.184

319

0.070

320

0.064

321

0.070

324

0.070

325

0.161

326

0.177

330

0.038

331

0.064

332

0.096

402

0.010

403

0.040 1546

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(2)

(1)

404

0.008

405

0.104

411

0.029

412

0.179

414

0.096

415

0.126

418

0.200

419

0.158

0.036

471

472

0.149

473

0.008

474

0.180

478

0.008

479

0.201

502

0.158

505

0.003

3.466

योग ..

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका, की मुडियारी माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 617 - भू-अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी /शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील - सिरमौर

(ग) नगर/ ग्राम- लभौली ( 585 )

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 3.403 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

189

0.187

190

0.158

[भाग 1

(2)

(1)

191

0.158

192

0.118

193

0.108

194

0.108

195

0.202

209

0.162

210

0.084

211

0.100

292

0.036

293

0.050

0.061

294

295

0.068

0.288

296

0.019

297

0.020

298

299

0.082

330

0.070

333

0.079

334

0.058

335

0.097

336

0.288

337

0.014

339

0.008

340

0.007

352

0.122

358

0.136

359

0.036

360

0.129

361

0.050

369

0.014

381

0.216

योग 3.333

मध्यप्रदेश शासन

331

0.070

महायोग 3.403

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका , की मुड़ियारी माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

1547

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

क्र. 619 - भू-अर्जन 10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील - सिरमौर

(ग) नगर/ग्राम- पड़री पवाई

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-6.318 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

162

0.326

163

0.022

173

0.130

0.225

438

439

0.075

440

0.030

466

0.018

467

0.057

469

0.090

470

0.069

471

0.045

472

0.090

476

0.195

492

0.084

495

0.120

496

0.120

499

0.045

500

0.030

501

0.015

0.105

504

505

0.180

551

0.162

554

0.036

555

0.034

649

0.065

650

0.062

651

0.052

(2)

(1)

652

0.064

659

0.004

0.042

662

0.068

663

664

0.006

666

0.051

674

0.090

0.075

681

0.210

684

0.024

685

746

0.132

747

0.048

0.033

748

749

0.018

751

0.013

752

0.090

754

0.105

767

0.098

768

0.039

769

0.014

770

0.153

799

0.008

800

0.017

0.202

801

0.060

803

804

0.014

810

0.088

918

0.062

0.009

919

920

0.101

922

0.057

923

0.029

924

0.042

928

0.138

929

0.015

930

0.015

0.003

931

932

0.060

936

0.252

942

0.084

0.012

944

948

0.198

1044

0.018

1045

0.030 1548

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(1)

(2)

1046

0.052

1062

0.047

1063

0.020

1066

0.027

1069

0.170

1437

0.037

1439

0.093

1440

0.024

1441

0.033

1442

0.090

1443

0.010

1445

0.015

1447

0.045

1448

0.030

1449

0.014

1463

0.082

1464

0.017

1465

0.029

1461

0.110

योग .. 6.318

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत सिरमौर वितरक नहर के अन्तर्गत मरैला कोठार माइनर की सब - माइनर नं. 1 एवं 2 का निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 621 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- सिरमौर

(ग) नगर/ग्राम- सगोना कोठार

(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 1.926 हेक्टेयर.

[भाग 1 खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

13

0.103

14

0.006

15

0.194

16

0.130

17

0.070

18

0.486

21

0.040

22

0.109

0.304

23

24

0.045

25

0.300

26

0.030

27

0.024

141

0.085

योग .. 1.926

मध्यप्रदेश शासन

0

0 महायोग 1.926

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका, की दुलहरा माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 623 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- सिरमौर

(ग ) नगर/ ग्राम- खैर-111

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.317 हेक्टेयर.

भाग 1 ]

1549

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

513

0.020

515

0.070

516

0.070

517

0.066

519

0.020

522

0.161

523

0.024

524

0.074

525

0.006

910

0.078

912

0.130

913

0.040

914

0.033

915

0.151

916

0.100

917

0.056

918

0.020

925

0.006

926

0.012

930

0.021

931

0.120

932

0.021

935

0.139

936

0.136

941

0.044

942

0.180

943

0.076

951

0.067

952

0.114

958

0.050

959

0.212 योग . 2.317

मध्यप्रदेश शासन

निल

निल महायोग 2.317

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका की मुड़ियारी माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 625- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी /शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- सिरमौर

(ग ) नगर/ग्राम- सपहा कोठार 530

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.103 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

1

0.08

2

0.08

3

0.056

31

0.009

58

0.008

59

0.038

0.078

60

61

0.056

62

0.048

63

0.068

67

0.072

0.056

68

79

0.016

80

0.328

0.041

81

82

0.042

0.027

83

योग .. 1.103 मध्यप्रदेश शासन

निल

निल महायोग 1.103

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका की मुड़ियारी माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

1550

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

क्र. 627 - भू-अर्जन.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील - सिरमौर

(ग) नगर/ ग्राम- कररिया 55

( घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.459 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा

(हेक्टेयर में )

(1)

(2)

674

0.125

676

0.017

677

0.094

678

0.072

679

0.014

687

0.066

688

0.146

690

0.04

692

0.096

694

0.113

695

0.112

696

0.046

835

0.004

836

0.039

837

0.296

0.056

838

870

0.064

1.400

योग .

शासकीय- मध्यप्रदेश शासन

689

0.019

693

0.040

महायोग . 1.459

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका की दुलहरा माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

[भाग 1 क्र. 629 - भू-अर्जन.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- सिरमौर

(ग ) नगर/ग्राम- बेलवा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.488 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

278

0.032

279

0.038

280

0.013

281

0.077

282

0.046

283

0.056

285

0.034

0.139

295

296

0.057

297

0.048

0.125

300

301

0.056

0.015

304

306

0.060

307

0.052

308

0.035

309

0.064

310

0.012

0.088

311

321

0.032

337

0.064

0.344

338

339

0.036

390

0.013 भाग 1 ]

1551

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

(2)

(1)

391

0.022

392

0.029

393

0.032

396

0.016

412

0.144

414

0.064

415

0.010

416

0.045

449

0.383

458

0.160

459

0.148

460

0.025

470

0.219

471

0.010

524

0.034

526

0.200

0.147

529

530

0.051

533

0.261

534

0.132

536

0.048

537

0.182

538

0.129

539

0.005

540

0.056

874

0.332

875

0.048

योग 4.468

शासकीय

288

0.020 महायोग 4.488

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-बाणसागर परियोजना क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका की मुड़ियारी माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 641 - भू- अर्जन.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- सिरमौर

(ग) ग्राम- फरहत कोठार

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.246 हेक्टेयर .

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)

(1)

59

0.101

60

0.089

61

0.097

74

0.025

76

0.093

78

0.142

79

0.162

103

0.109

104

0.202

135

0.299

0.005

141

142

0.246

143

0.194

144

0.169

145

0.092

155

0.101

329

0.120 योग .. 2.246

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत रिमारी माइनर नहर का निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

1552

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

क्र. 643- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- सिरमौर

(ग ) नगर/ ग्राम - रिमारी कोठार

( घ) लगभग क्षेत्रफल - 6.588 हेक्टेयर

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

434

0.347

435

0.150

436

0.150

437

0.320

449

0.202

450

0.230

489

0.303

547

0.194

550

0.004

551

0.012

552

0.042

553

0.042

554

0.049

555

0.049

556

0.016

559

0.140

560

0.320

583

0.048

586

0.041

587

0.028

588

0.061

589

0.072

594

0.021

[भाग 1

(2)

(1)

595

0.114

596

0.445

702

0.320

0.036

703

704

0.058

0.240

715

717

0.248

718

0.048

719

0.408

720

0.024

722

0.020

723

0.050

724

0.208

738

0.032

0.101

739

740

0.120

741

0.101

742

0.072

743

0.140

746

0.088

747

0.120

748

0.081

749

0.072

750

0.081

816

0.008

820

0.016

821

0.088

822

0.160

823

0.088

824

0.160

योग .. 6.588

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत रिमारी माइनर नहर का निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

1553

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

क्र. 645 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील - सिरमौर

(ग) नगर/ग्राम- पथरी पवाई

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 4.823 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

3

0.280

4

0.113

5

0.016

64

0.445

65

0.121

66

0.210

0.025

67

68

0.170

120

0.242

122

0.028

123

0.028

124

0.121

125

0.069

186

0.020

187

0.072

188

0.097

189

0.097

0.120

190

216

0.049

220

0.097

222

0.057

223

0.048

224

0.120

225

0.097

401

0.113

516

0.405

521

0.032

522

0.021

528

0.323

529

0.161

530

0.004

585

0.242

586

0.057

595

0.057

596

0.081

598

0.089

599

0.032

600

0.004

601

0.218

612

0.242

योग 4.823

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत रिमारी माइनर नहर का निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

1554

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 मई 2011

क्र. 647- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील - सिरमौर

(ग) नगर/ ग्राम- नकटा पवाई

( घ) लगभग क्षेत्रफल-0.971 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

(1)

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)

43

0.081

45

0.242

48

0.121

53

0.057

54

0.073

55

0.004

56

0.057

57

0.028

58

0.093

116

0.061

117

0.065

118

0.089

योग .. 0.971

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत रिमारी माइनर नहर का निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक , भू-अर्जन एवं पुनर्वास , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. बी. श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर , जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग डिण्डौरी, दिनांक 26 अप्रैल 2011

क्र.-भू-अर्जन-34( अ-82 ) 2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील - डिण्डौरी

(ग) ग्राम- तरेरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.90 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टर में )

(1)

(2)

30

0.27

31

0.50

32

0.78

34

0.47

35/2

0.60

35/3

0.54

35/4

0.90

35/5

0.42

35/6

0.20

35/7

0.02

35/8

0.07

35/9

0.07

35/10

0.02

0.04

35/11

योग . 4.90

शासकीय भूमि

0.52

33नाला

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बार्डर चैक पोस्ट निर्माण ग्राम तरेरा , ग्रा.पंचा. रामनगर, वि.ख. करंजिया के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी/ कलेक्टर कार्यालय , डिण्डौरी में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. चन्द्रशेखर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 मई 2011

1555

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला कटनी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

कटनी , दिनांक 2 मई 2011

प्र. क्र. 73- भू.अ.अ. - 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) से उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम बन्दोबस्त प.ह.नं.

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में ) (2)

(1) कटनी

बरही

(4) 237.22

बुजबुजा न.बं. 288 प.ह.नं. 08

(3) योग .. 237.22

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट असिस्टेंट वाइस प्रसिडेन्ट वेल्सपन एनर्जी मध्यप्रदेश लिमिटेड

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी , विजयराघवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 74- भू.अ.अ. - 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) से उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम बन्दोबस्त प.ह.नं.

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2)

(3)

(4) 249.40 (1) कटनी विजयराघवगढ़ डोकरिया

न.बं. 286 प.ह.नं. 30

योग .. 249.40

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट असिस्टेंट वाइस प्रसिडेन्ट वेल्सपन एनर्जी मध्यप्रदेश लिमिटेड

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी , विजयराघवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. सेलवेन्द्रन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 06 May 2011. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2011-05-06.18.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2011-05-06.18.Ordinary.