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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 03 June 2011

Type
Ordinary
Gazette no.
22
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2011-06-03.22.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदे श शासन

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 22]

भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 3 जून 2011- ज्येष्ठ 13 , शक 1933

विषय-सूची

( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, भाग 1.- (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट .

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, ( 3) संसद् के अधिनियम ,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 12 मई 2011

क्र. डी- 2-71-2002-6- एक. श्री रमेश थेटे , भाप्रसे (म. प्र. - 1993 ) , तत्कालीन संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण , जबलपुर, मध्यप्रदेश को लोकायुक्त संगठन की विशेष पुलिस स्थापना द्वारा अपराध क्रमांक 46/2002 में, भारत सरकार की अभियोजन स्वीकृति *उपरांत माननीय विशेष न्यायालय , भोपाल में दिनांक 18 फरवरी 2005 को चालान प्रस्तुत किये जाने पर श्री थेटे को दिनांक 23 फरवरी 2005 को अखिल भारतीय सेवाएं ( अनुशासन तथा अपील ) नियम , 1969 के नियम 3 ( 3 ) के अन्तर्गत निलंबित किया गया. उक्त प्रकरण क्रमांक 06/2005 में दिनांक 12 अप्रैल 2007 को पारित आदेश में श्री थेटे

1863

को दोष सिद्ध पाए जाने से ऊपर उल्लेखित नियमों के नियम 14( 1 ) के अन्तर्गत भेजे गए राज्य सरकार के प्रस्ताव दिनांक 25 जुलाई 2007 के क्रम में भारत सरकार द्वारा संघ लोक सेवा आयोग के परामर्श उपरांत श्री थेटे को आदेश दिनांक 29 जनवरी 2008 से सेवा से बर्खास्त किया गया. बर्खास्तगी के समय श्री थेटे वरिष्ठ वेतनमान में थे और निलंबनाधीन थे . श्री थेटे द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर में दायर की गई क्रिमिनल अपील क्रमांक 865/2007 में पारित निर्णय दिनांक 21 दिसम्बर 2009 से अधीनस्थ न्यायालय द्वारा दिये गए दोषसिद्धि एवं दण्ड संबंधी निर्णय को अपास्त करते हुए श्री थेटे को दोषमुक्त करने और उक्त निर्णय के विरूद्ध मध्यप्रदेश शासन विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय में दायर एस . एल. पी. दिनांक 29 मार्च 2010 को अपास्त किये जाने के परिप्रेक्ष्य में भारत सरकार ने श्री रमेश थेटे, भाप्रसे ( म. प्र .- 1993 ) की सेवा से की गई बर्खास्तगी संबंधी आदेश दिनांक 29 जनवरी 2008 नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित--- 2011 .

1864

को तत्काल प्रभाव से वापस लिये जाने के आदेश दिनांक 2 मई 2011 द्वारा पारित किये हैं और श्री थेटे को सूचित करने तथा आवश्यक अनुवर्ती कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं .

2. भारत सरकार के उक्त आदेश दिनांक 2 मई 2011 के अनुक्रम में राज्य शासन एतद्वारा श्री रमेश थेटे , भाप्रसे ( म. प्र. - 1993 ) को सेवा में बहाल मानते हुए तथा बर्खास्तगी के समय के उनके वेतनमान अनुसार और उसी प्रक्रम पर तत्काल प्रभाव से उन्हें अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, मंत्रालय पदस्थ किया जाता है . श्री थेटे की निलंबन अवधि और बर्खास्तगी अवधि का निरकारण पृथक से किया जाएगा.

भोपाल, दिनांक 16 मई 2011

क्र. ई. 5-593- आयएएस लीव- 5- एक.-( 1 ) श्री अशोक कुमार बर्णवाल, आयएएस. , आयुक्त लोक शिक्षण तथा पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 11 मई 2011 द्वारा दिनांक 9 से 19 मई 2011 तक ग्यारह दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया है. (दिनांक 9 से 13 मई 2011 तक की अवधि एक्स इंडिया बतौर रहेंगी ) .

(2) श्री अशोक कुमार बर्णवाल की अवकाश अवधि में श्रीमती सुनीता त्रिपाठी, आएएएस, अपर परियोजना संचालक, माध्यमिक शिक्षा अभियान को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ आयुक्त, लोक शिक्षण , मध्यप्रदेश का प्रभार सौपा जाता है .

(3 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 11 मई 2011 की शेष कंडिकाएं यथावत रहेंगी.

भोपाल, दिनांक 18 मई 2011

क्र. ई. 5-290 - आयएएस लीव एक-5.- ( 1 ) श्री एम. के . राय , आयएएस . , अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन , वन विभाग को दिनांक 12 से 16 मई 2011 तक पांच दिन का लघुकृत अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

( 2 ) श्री एम. के. राय , की अवकाश अवधि में श्रीमती आभा अस्थाना, आयएएस. , अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन , संस्कृति संसदीय कार्य विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वन विभाग का प्रभार सौंपा जाता है .

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री एम. के. राय को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वन विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

(4) श्री एम. के. राय द्वारा अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन, वन विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती आभा अस्थाना, अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वन विभाग के प्रभार से मुक्त होंगी .

( 5) अवकाशकाल में श्री एम. के. राय को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एम. के. राय , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई . - 5-160- आयएएस लीव 5-एक. ( 1 ) श्री दिलीप मेहरा, आयएएस. , अध्यक्ष , राजस्व मंडल, मध्यप्रदेश, ग्वालियर को दिनांक 23 मई से 4 जून 2011 तक तेरह दिन लघुकृत अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 21 , 22 मई 2011 एवं 5 जून 2011 का सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति भी दी जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री दिलीप मेहरा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अध्यक्ष , राजस्व मण्डल, मध्यप्रदेश ग्वालियर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में श्री दिलीप मेहरा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री दिलीप मेहरा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-416- आयएएस लीव 5- एक ( 1 ) श्री के. सुरेश , आयएएस. , सदस्य सचिव, राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , योजना , आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग को दिनांक 23 से 28 मई 2011 तक छह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 21 , 22 एवं 29 मई 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2 ) श्री के. सुरेश की अवकाश अवधि में श्री जी . पी. सिंघल, आय. ए. एस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, सदस्य सचिव , राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का प्रभार सौंपा जाता है .

भाग 1 ]

1865

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री के. सुरेश को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न सदस्य सचिव, राज्य योजना आयोग एवं प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) श्री के. सुरेश द्वारा सदस्य सचिव , राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री जी. पी. सिंघल, सदस्य सचिव , राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे .

( 5 ) अवकाशकाल में श्री के. सुरेश को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. सुरेश अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 19 मई 2011

क्र. ई. 5-816- आयएएस लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री संजीव सिंह, आयएएस. , कलेक्टर , जिला नरसिंहपुर को दिनांक 1 से 10 जून 2011 तक दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 11 एवं 12 जून 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

( 2) श्री संजीव सिंह की अवकाश अवधि में श्री पी . एल. सोलंकी, राप्रसे. , अपर कलेक्टर ( विकास ) एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत , नरसिंहपुर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर का प्रभार सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर संजीव सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक स्थानापन्न कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) श्री संजीव सिंह द्वारा कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री पी . एल. सोलंकी, कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर के प्रभार से मुक्त होंगे .

(5) अवकाशकाल में श्री संजीव सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री संजीव सिंह अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई. 5-823- आयएएस लीव- 5- एक. ( 1 ) श्रीमती शशि कर्णावत, आयएएस. , उप सचिव , मध्यप्रदेश शासन, तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग को दिनांक 16 मई से 10 जून 2011 तक छब्बीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

( 2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती शशि कर्णावत को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्रीमती शशि कर्णावत को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती शशि कर्णावत अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

क्र. ई. 5-860 - आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) सुश्री मधुरानी तेवतिया, आयएएस. , अनुविभागीय अधिकारी , जावरा , जिला रतलाम को दिनांक 28 अप्रैल से 7 मई 2011 तक दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 8 मई 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2 ) अवकाश से लौटने पर सुश्री मधुरानी तेवतिया को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अनुविभागीय अधिकारी, जावरा , जिला रतलाम के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

( 3 ) अवकाशकाल में सुश्री मधुरानी तेवतिया को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री मधुरानी तेवतिया अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

भोपाल, दिनांक 20 मई 2011

क्र. ई. 5-808 - आयएएस लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री राजेन्द्र शर्मा, आयएएस. , कलेक्टर, जिला रतलाम को दिनांक 13 से 25 जून 2011 तक तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है 1866

तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 11 , 12 एवं 26 जून 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) श्री राजेन्द्र शर्मा की अवकाश की अवधि में श्री राकेश श्रीवास्तव, राप्रसे. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत , रतलाम को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला रतलाम का प्रभार सौंपा जाता है.

( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री राजेन्द्र शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला रतलाम के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री राजेन्द्र शर्मा द्वारा कलेक्टर, जिला रतलाम का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री राकेश श्रीवास्तव, कलेक्टर, जिला रतलाम के प्रभार से मुक्त होंगे .

(5) अवकाशकाल में श्री राजेन्द्र शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री राजेन्द्र शर्मा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई . 5-476 - आयएएस लीव-5- एक.-( 1 ) श्री दीपक खाण्डेकर, आयएएस , प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री तथा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, विमानन विभाग तथा पर्यटन विभाग एवं पदेन आयुक्त, पर्यटन को इस विभाग के समसंख्यक पत्र दिनांक 29 मार्च 2011 द्वारा दिनांक 23 मई से 10 जून 2011 तक उन्नीस दिन का अर्जित अवकाश तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 21 , 22 मई एवं 11 , 12 जून 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति सहित स्वीकृत किया जाता है .

( 2) श्री दीपक खाण्डेकर अवकाश अवधि में श्री पंकज राग , आयएएस , आयुक्त-सह- संचालक, पुरातत्व संग्रहालय तथा संस्कृति विभाग एवं ट्रस्टी सचिव , भारत भवन को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अतिरिक्त रूप से, विमानन विभाग तथा आयुक्त, पर्यटन का प्रभार सौंपा जाता है .

(3 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 29 मार्च 2011 की शेष कंडिकायें यथावत् रहेंगी .

भोपाल , दिनांक 23 मई 2011

क्र. ई. - 1-149-2011-5- एक. श्री बी. पी . सिंह , भाप्रसे ( 1984 ) , विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी , मध्यप्रदेश मंत्रालय को अस्थाई

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

[ भाग 1 रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग पदस्थ किया जाता है.

( 2) उपरोक्तानुसार श्री बी. पी . सिंह द्वारा प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री आई . एस. दाणी , भाप्रसे ( 1980 ) , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग केवल प्रमुख सचिव , उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे .

क्र. ई. 5-838 - आयएएस लीव 5- एक- श्री मनोहर दुबे , आयएएस . , कलेक्टर, जिला सिवनी को निम्नानुसार अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है : -

1. 23 से 31 मई 2011 तक आठ दिन ( दिनांक 21 , 22 मई 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति सहित) .

2. दिनांक 27 जून से 23 जुलाई 2011 तक सत्ताईस दिन (दिनांक 26 जून एवं 24 जुलाई 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति सहित ) .

(2) श्री मनोहर दुबे की अवकाश की अवधि में श्री भोंडवे संकेत शांताराम, आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, सिवनी को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला सिवनी का प्रभार सौंपा जाता है .

(3) अवकाश से लौटने पर श्री मनोहर दुबे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न कलेक्टर , जिला सिवनी के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) श्री मनोहर दुबे द्वारा कलेक्टर, जिला सिवनी का कार्यभार ग्रहण करने पर में श्री भोंडेवे संकेत शांताराम, कलेक्टर जिला सिवनी के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5) अवकाशकाल में श्री मनोहर दुबे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मनोहर दुबे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

भाग 1 ]

1867

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

भोपाल, दिनांक 23 मई 2011

क्र. एफ. ए. 5-16-2011 - एक ( 1 ) राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय श्री एस . एन. अग्रवाल , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ग्वालियर, खण्डपीठ ग्वालियर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है : -

अ.क्र .

अभियुक्ति अवकाश अवधि

कुल दिन

अवकाश का प्रकार

(2)

(3)

(1)

(5)

(4)

10 दिन

पूर्ण वेतन तथा भत्तों

1. दि. 23-3-2011 से 01-04-2011 तक.

सहित

कम्युटेड अवकाश.

अवकाश के पश्चात् में दि. 02-04-11 सेदि. 04-04-11 तक सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा , उपसचिव.

भोपाल , दिनांक 19 मई 2011

क्र. बी -1-29-2011-2- एक. श्री गोविन्द सिंह बामनिया, राज्य प्रशासनिक सेवा, संयुक्त कलेक्टर, नरसिंहपुर ने आवेदन - पत्र दिनांक 9 मार्च 2011 द्वारा उनका उप नाम बामनिया के स्थान पर चौहान करने का अनुरोध किया गया है .

( 2 ) राज्य शासन एतद्वारा श्री गोविन्द सिंह बामनिया, राप्रसे के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उनका उप नाम बामनिया के स्थान पर चौहान करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है .

( 3) उपरोक्तानुसार उप नाम परिवर्तन की प्रविष्टि श्री गोविन्द सिंह चौहान के सेवा अभिलेखों में की जायें .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. सी. पंत, अवर सचिव " कार्मिक " .

भोपाल , दिनांक 19 मई 2011

क्र. ई-5-498 - आयएएस-लीव- एक- 5.- ( 1 ) श्री प्रमोद कुमार दास , आयएएस. , वि. क. अ. सह श्रमायुक्त, मध्यप्रदेश इन्दौर को दिनांक 18 अप्रैल से 5 मई 2011 तक अट्ठारह दिन का कार्योत्तर अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 16 , 17 अप्रैल 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

( 2) अवकाश से लौटने पर श्री प्रमोद कुमार दास को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक स्थानापन्न वि. क. अ. सह श्रमायुक्त मध्यप्रदेश , इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में श्री प्रमोद कुमार दास को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रमोद कुमार दास अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एस. तोमर, अवर सचिव " कार्मिक " .

सामान्य प्रशासन विभाग (सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ ) मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 19 मई 2011

क्र. एफ. 11-36-06 सूअप्र एक 9. राज्य शासन एतद्वारा माननीय श्री पद्मपाणि तिवारी , मुख्य सूचना आयुक्त , मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग , भोपाल को दिनांक 25 से 28 अप्रैल 2011 तक चार दिवस के आकस्मिक अवकाश के साथ उपरोक्त चार दिवस की एल . टी. सी. यात्रा की अनुमति प्रदान करता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अकीला हशमत, उपसचिव.

गृह ( सामान्य) विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 13 मई 2011

क्र. एफ- 03-30-2011 - दो ए( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा सामान्य प्रशासन, राजस्व एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 19 जनवरी 2011 को प्रश्नपत्र- सिविल विधि तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित केवल अधिनियम ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थी को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-

अनु. (1)

परीक्षार्थी का नाम (2)

पदनाम (3)

उच्चस्तर जबलपुर संभाग

राजस्व निरीक्षक राजस्व निरीक्षक 1 श्री हिम्मत सिंह सनोड़िया 2 श्री चन्द्र शेखर सिंह ( सश्रेय ) 1868

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

(3)

सागर संभाग

3 श्री विजय राज

नायब तहसीलदार

ग्वालियर संभाग

4

राजस्व निरीक्षक श्री कृष्ण कुमार भोला

5

राजस्व निरीक्षक श्री शिवसिंह कोरकू

6

राजस्व निरीक्षक श्री मुन्ना लाल गौड़

उज्जैन संभाग

7

राजस्व निरीक्षक श्री कैलाश परिहार

8 डॉ. मधु तेवतिया

अनुविभागीय अधिकारी

भोपाल संभाग

9 श्री मेहताब सिंह

डिप्टी कलेक्टर 10 श्री राकेश पिप्पल

राजस्व निरीक्षक

निम्नस्तर जबलपुर संभाग

1

राजस्व निरीक्षक श्री राजकुमार खरे

2

राजस्व निरीक्षक श्री सुरेश कुमार उपाध्याय

3

राजस्व निरीक्षक श्री धर्मेन्द्र साहू

4

राजस्व निरीक्षक श्री तीरथ प्रसाद अक्षरया

5

राजस्व निरीक्षक श्री चन्द्र किशोर ककोड़िया

6 श्री राम कैलाश कौल

राजस्व निरीक्षक 7

राजस्व निरीक्षक श्री खगेश कुमार भलावी

8

राजस्व निरीक्षक श्री हर्षवर्धन रामटेके

9

राजस्व निरीक्षक श्री नरेन्द्र गनवीर

10

राजस्व निरीक्षक श्री तेजलाल धुर्वे

11

डिप्टी कलेक्टर श्री प्रवीण फुलपगारे

12 श्री वीरसिंह चौहान

डिप्टी कलेक्टर

सागर संभाग

13

राजस्व निरीक्षक श्री बृज किशोर पाठक

ग्वालियर संभाग

14

राजस्व निरीक्षक श्री महेश कुमार सोलंकी

15 श्री लज्जाराम राजौरियां

राजस्व निरीक्षक 16 श्री रामनिवास शर्मा

राजस्व निरीक्षक 17

सहायक अधीक्षक श्री सुरेन्द्र बाबू द्विवेदी

(1)

(2)

(3)

18 श्री विश्राम शाक्य

राजस्व निरीक्षक

राजस्व निरीक्षक 19 श्री गोपाल सिंह तोमर

20 श्री रमाशंकर शर्मा

राजस्व निरीक्षक 21

राजस्व निरीक्षक श्रीमती लक्ष्मी सोलंकी

राजस्व निरीक्षक 22 श्री रविशंकर शर्मा

23

राजस्व निरीक्षक श्रीमती हेमा राजपूत

24 श्री अशोक कुमार सिंह राजपूत राजस्व निरीक्षक

राजस्व निरीक्षक 25 श्री राकेश कुमार इमले

26

सहायक अधीक्षक श्री कृष्ण कुमार तिवारी

27

राजस्व निरीक्षक श्री राकेश कुमार वर्मा

28 श्री दीनाराम काकोडिया राजस्व निरीक्षक

राजस्व निरीक्षक 29 श्री राजवीर सिंह भदौरिया

इन्दौर संभाग

30

राजस्व निरीक्षक श्री योगेन्द्र राजवैद्य

राजस्व निरीक्षक 31 श्री रमेश कुमार रावते

राजस्व निरीक्षक 32 श्री विजय महाजन

33 श्री रणजीत सिंह बघेल राजस्व निरीक्षक 34 श्री गजराज सिंह सोलंकी राजस्व निरीक्षक 35

राजस्व निरीक्षक श्री त्रिलोक चन्द्र नागौत्रा

राजस्व निरीक्षक 36 श्री मोहनलाल पालीवाल

37

राजस्व निरीक्षक श्री मदन लाल टंगारे

राजस्व निरीक्षक 38 श्री अमर चन्द्र यादव

राजस्व निरीक्षक 39 श्री राम जीवन लभानियां

राजस्व निरीक्षक 40 श्री लखन लाल सोनी

उज्जैन संभाग

राजस्व निरीक्षक 41 श्री रामेश्वर डामर

42

राजस्व निरीक्षक श्री सुरेश चन्द्र मिश्रा

राजस्व निरीक्षक 43 श्री विनोद पटेल

44 श्री दयाराम निगम

राजस्व निरीक्षक 45 श्री जगदीश कुमार शर्मा सहा. अधी. भू- अभिलेख

भोपाल संभाग

46 श्री गोपाल प्रसाद प्रजापति राजस्व निरीक्षक.

भोपाल , दिनांक 16 मई 2011

क्र. एफ-03-31-2011 - दो ए( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा सामान्य प्रशासन, राजस्व एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा , जो दिनांक 17 जनवरी 2011 को प्रश्नपत्र द्वितीय- दाण्डिक विधि तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) विषय में सम्पन्न हुई भाग 1 ]

1869

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थी को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-

परीक्षार्थी का नाम

पदनाम अनु.

(1)

(2)

(3)

उच्चस्तर

होशंगाबाद संभाग

1

(1)

(2)

(3)

ग्वालियर संभाग

राजस्व निरीक्षक 7 श्री राकेश कुमार इमले

राजस्व निरीक्षक 8 श्री कमल किशोर शर्मा

इन्दौर संभाग

राजस्व निरीक्षक 9 श्री कमल राय सुनहरे

सहायक कलेक्टर

श्री भरत यादव ( सश्रेय )

2

10 श्री त्रिलोक चन्द्र नागौत्रा

राजस्व निरीक्षक

सहायक कलेक्टर

श्री तेजस्वी एस. नायक ( सश्रेय )

3

डिप्टी कलेक्टर श्री अतेन्द्र सिंह गुर्जर

4

डिप्टी कलेक्टर श्री भूपेन्द्र कुमार गोयल ( सश्रेय )

जबलपुरसंभाग

5 श्री अभिषेक सिंह

उज्जैन संभाग

11 श्री वीर सिंह अवासिया

नायब तहसीलदार 12 श्री कैलाश परिहार

राजस्व निरीक्षक

सहायक कलेक्टर

6

राजस्व निरीक्षक श्री चन्द्र शेखर सिंह ( सश्रेय)

7

राजस्व निरीक्षक श्री नरेन्द्र गनवीर ( सश्रेय )

8

राजस्व निरीक्षक श्री जगभान शाह उइके

9

राजस्व निरीक्षक श्री झामसिंह हरकिरा

10

डिप्टी कलेक्टर कु. सुनीता खण्डायत

सागर संभाग

11

डिप्टी कलेक्टर कु. नेहा भारतीय ( सश्रेय )

12

भोपाल संभाग

13

सहा. अधि.

श्री अनिल कुमार श्रीवास्तव

भू-अभिलेख.

नायब तहसीलदार

श्री विजय राज ( सश्रेय )

उज्जैन संभाग

13

क्र. एफ- 03-34-2011 - दो ए( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा सामान्य प्रशासन, राजस्व, भू- अभिलेख तथा आदिमजाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 18 जनवरी 2011 को प्रश्नपत्र द्वितीय - प्रशासनिक, राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है : -

परीक्षार्थी का नाम

पदनाम अनु.

(1)

(2)

(3)

सहायक कलेक्टर

श्री तरूण कुमार पिंथौड़े

रीवा संभाग

14 श्री हृदयेश कुमार श्रीवास्तव ( सश्रेय ) डिप्टी कलेक्टर

भोपाल संभाग

15

सहायक कलेक्टर श्री रिंकेश कुमार वैश्य

निम्नस्तर

जबलपुर संभाग

1

राजस्व निरीक्षक श्री धर्मेन्द्र साहू

राजस्व निरीक्षक 2 श्री हिम्मत सिंह सनोड़िया

3 श्री राम कैलाश कौल

राजस्व निरीक्षक 4

राजस्व निरीक्षक श्री सुरेश कुमार रानोडिया

5

राजस्व निरीक्षक श्री प्रेम चन्द्र मर्सकोले

6

राजस्व निरीक्षक श्री हर्षवर्धन रामटेके

उच्चस्तर

इन्दौर संभाग

1 श्री धनजी गरवाल

राजस्व निरीक्षक 2 श्री गजराज सिंह सोलंकी

राजस्व निरीक्षक 3

राजस्व निरीक्षक श्री मोहनलाल पालीवाल ( सश्रेय)

राजस्व निरीक्षक 4 श्री मदन लाल टंगारे

5

राजस्व निरीक्षक श्री अमर चन्द्र यादव

6

राजस्व निरीक्षक श्री अरविन्द पाराशर

7 श्री जगन्नाथ सांवले

नायब तहसीलदार

ग्वालियर संभाग

8

राजस्व निरीक्षक श्री कृष्ण कुमार भोला

9 श्री लज्जाराम राजौरिया

राजस्व निरीक्षक 10

राजस्व निरीक्षक श्री शिवसिंह कोरकू

11

सहायक निरीक्षक श्री सुरेन्द्र बाबू द्विवेदी

राजस्व निरीक्षक 12 श्री रमाशंकर शर्मा

13

राजस्व निरीक्षक श्री अशोक कुमार सिंह राजपूत

(सश्रेय) 1870

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

(3) 14

(2)

(3) (1)

राजस्व निरीक्षक

श्री राकेश कुमार इमले

15

राजस्व निरीक्षक 14 श्री दीपक कुमार गीते

15

नायब तहसीलदार

श्री शमशाद मोहम्मद खान

16

सहा. अधी.

श्री मगन सिंह मण्डलोई

राजस्व निरीक्षक

श्री मुन्ना सिंह गुर्जर

जबलपुर संभाग

17

भू-अभिलेख 16

सहा. परि. प्रशासक श्रीमती मीना मण्डलोई

ग्वालियर संभाग

राजस्व निरीक्षक

श्री धर्मेन्द्र साहू

18

17

राजस्व निरीक्षक

श्री तीरथ प्रसाद अक्षरया

19 श्री चंद्र किशोर ककोडिया

राजस्व निरीक्षक श्री महेश कुमार सोलंकी

राजस्व निरीक्षक

20

राजस्व निरीक्षक 18 श्री राजकुमार माहौर

राजस्व निरीक्षक

श्री हिम्मत सिंह सनोडियां ( सश्रेय )

21

19

राजस्व निरीक्षक श्री राम कुमार जाटव

20

राजस्व निरीक्षक

श्री खगेश कुमार भलावी

22

श्री राम निवास शर्मा

राजस्व निरीक्षक 21

राजस्व निरीक्षक

श्री चन्द्र शेखर सिंह

23

श्रीमती लक्ष्मी सोलंकी

राजस्व निरीक्षक

राजस्व निरीक्षक 22

राजस्व निरीक्षक

श्री नरेन्द्र कुमार खरे

24

श्रीमती हेमा राजपूत

23

राजस्व निरीक्षक

राजस्व निरीक्षक

श्री हर्षवर्धन रामटेके

25

श्री रविशंकर शर्मा

24

सहायक कलेक्टर

श्री नन्द कुमारम् ( सश्रेय )

26

सहा. अधी.

श्री कुंज बिहारी रघुवंशी

भू-अभिलेख.

श्री श्रीराम गोयल

सहा. अधी.

भू-अभिलेख.

राजस्व निरीक्षक 25 श्री विजय सिंह मौर्य

राजस्व निरीक्षक

27 श्री पुष्पेन्द्र पाण्डेय ( सश्रेय )

सागर संभाग

28

26 श्री राजवीर सिंह भदौरिया

राजस्व निरीक्षक

जबलपुर संभाग

राजस्व निरीक्षक

नायब तहसीलदार

श्री अशोक कुमार मौर्य

29

27 श्री राजकुमार खरे

28

नायब तहसीलदार

श्री विजय राज ( सश्रेय )

30

राजस्व निरीक्षक श्री सुरेश कुमार उपाध्याय

राजस्व निरीक्षक

श्री बृजकिशोर पाठक

उज्जैन संभाग

31

राजस्व निरीक्षक 29 श्री रामसेवक कोल

30

राजस्व निरीक्षक श्री फुलेल कुमार रावत

31

अधीक्षक श्री अन्नी लाल मेहरा

भू-अभिलेख.

राजस्व निरीक्षक

श्री कैलाश परिहार

निम्नस्तर

इन्दौर संभाग

1

राजस्व निरीक्षक 32 श्री सुरेश कुमार सनोडिया

33

राजस्वनिरीक्षक श्री संजय कुमार दुबे

34

राजस्व निरीक्षक श्री नरेन्द्र गनवीर

35 श्री छोटे लाल चौहान

सहा. अधी.

भू-अभिलेख .

राजस्व निरीक्षक

श्री खूनी कुमार पंडोले

2

36

राजस्व निरीक्षक श्री तेजलाल धुर्वे

राजस्व निरीक्षक

श्री योगेन्द्र राजवैद्य

3

राजस्व निरीक्षक

श्री छगन लाल नागराज

4

उज्जैन संभाग

राजस्व निरीक्षक

श्री रमेश कुमार रावते

5

सहा. अधी.

श्री सकरिया भिड़े

भू-अभिलेख 6

37

राजस्व निरीक्षक श्री मांगीलाल चौहान

38 श्री दयाराम निगम

राजस्व निरीक्षक

राजस्व निरीक्षक

श्री पुनिया परमार

7

39 श्री रतन लाल डामोर

राजस्व निरीक्षक

राजस्व निरीक्षक

श्री कमलराय सुनहरे

8

ए.एस.एल.आर. श्री सुरेश चन्द्र जैन

9 श्री त्रिलोक चन्द्र नागोत्रा

राजस्व निरीक्षक 40 श्री रघुनाथ मचार

41 श्री रामेश्वर डामर

राजस्व निरीक्षक

राजस्व निरीक्षक

10

42

राजस्व निरीक्षक श्री सुरेश चन्द्र मिश्रा

राजस्व निरीक्षक

श्री सन्तोष कुमार शौनकिया

11

43 श्री विनोद पटेल

राजस्व निरीक्षक

राजस्व निरीक्षक

श्री भगवान सिंह कुशवाह

12 श्री रामजीवन लभानियां

44

सहा. अधी.

श्री जयदेव शर्मा

राजस्व निरीक्षक

13 श्री लखन लाल सोनी

भू-अभिलेख.

राजस्व निरीक्षक

45

जिला संयोजक श्रीमती शकुन्तला डामोर भाग 1 ]

1871

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(2)

(1)

(3)

रीवा संभाग

46 श्री मानसिंह मेमार

सहा. अधी.

भू-अभिलेख.

भोपाल संभाग

47 श्री राकेश पिप्पल

राजस्व निरीक्षक भोपाल , दिनांक 23 मई 2011

क्र. एफ- 03-35-2011 - दो ए ( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा सहायक कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू- अभिलेख , सहायक अधीक्षक भू- अभिलेख , जिला कार्यालय के अधीक्षक, ग्रामीण विकास विभाग के विकासखण्ड अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, अनुसूचित जनजाति विभाग के जिला संयोजक, विकासखण्ड अधिकारी तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत के लिये विभागीय परीक्षा , जो दिनांक 21 जनवरी 2011 को प्रश्नपत्र पंचायत राज विधि तथा प्रक्रिया (पुस्तकों सहित ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थी को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-

परीक्षार्थी का नाम

अनु. (1)

(2)

पदनाम (3)

उच्चस्तर सागर संभाग

1 श्री विजय राज

नायब तहसीलदार

निम्नस्तर

जबलपुर संभाग

राजस्व निरीक्षक 1 श्री तीरथ प्रसाद अक्षरया

2 श्री चन्द्र किशोर ककोडिया

राजस्व निरीक्षक

राजस्व निरीक्षक 3 श्री हिम्मत सिंह सनोडिया

राजस्व निरीक्षक 4 श्री खगेश कुमार भलावी

5 श्री भरतलाल पाटिलकर

सहा. अधि. भू- अभिलेख 6 श्री चन्द्र शेखर सिंह

राजस्व निरीक्षक 7

राजस्व निरीक्षक श्री हर्षवर्धन रामटेके

राजस्व निरीक्षक 8 श्री तेजलाल धुर्वे

राजस्व निरीक्षक 9 श्री पुप्पेन्द्र पाण्डेय

ग्वालियर संभाग

राजस्व निरीक्षक 10 श्री राजकुमार माहौर

राजस्व निरीक्षक 11 श्री कृष्ण कुमार भोला

12 श्री लज्जाराम राजौरिया

राजस्व निरीक्षक

राजस्व निरीक्षक 13 श्री शिवसिंह कोरकू

(1)

(2)

(3)

राजस्वनिरीक्षक 14 श्री राम कुमार जाटव

राजस्व निरीक्षक 15 श्री राम निवास शर्मा

16 श्रीमती लक्ष्मी सोलंकी

राजस्व निरीक्षक 17

राजस्व निरीक्षक श्रीमती हेमा राजपूत

सहा. अधी.

श्री मुकेश शर्मा

18

भू-अभिलेख.

राजस्व निरीक्षक 19 श्री राकेश कुमार इमले

सहा. अधी.

20 श्री कृष्ण कुमार तिवारी

भू-अभिलेख.

राजस्व निरीक्षक 21 श्री रमाशंकर शर्मा

राजस्व निरीक्षक 22 श्री रविशंकर शर्मा

राजस्व निरीक्षक 23 श्री अशोक कुमार सिंह राजपूत

राजस्व निरीक्षक 24 श्री धीरेन्द्र कुमार दुबे

इन्दौर संभाग

राजस्व निरीक्षक 25 श्री बिहारी लाल कुमरावत

राजस्व निरीक्षक 26 श्री रमेश कुमार रावते

27 श्री गजराज सिंह सोलंकी

राजस्व निरीक्षक

राजस्व निरीक्षक 28 श्री मोहन लाल पालीवाल

राजस्व निरीक्षक 29 श्री अमरचन्द्र यादव

भोपाल संभाग

अधीक्षक भू-अभिलेख 30 श्री लुहार सिंह चिचाम

उज्जैन संभाग

31 श्री कैलाश परिहार

राजस्व निरीक्षक मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अम्बरीश श्रीवास्तव, उपसचिव.

ऊर्जा विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल, दिनांक 18 मई 2011

क्र. 4380 - ए- एफ 3-23-2011-तेरह.- राज्य शासन , एतद्वारा , सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक ई - 1-149-2011-5- एक, दिनांक 13 मई 2011 के अनुसरण में श्री एन . के. व्यास, अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग एवं पदेन संचालक, संस्थागत ( वित्त ) को मध्यप्रदेश , मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध संचालक के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से आगामी आदेश तक नियुक्त करता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

के. सी. दुबे , अवर सचिव.

1872

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

गृह विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 18 मई 2011

क्र. एफ 1 ( ए) 165-89-ब- 2-दो. श्री यू. सी . षंडगी, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक ( प्रशासन ) , पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 6 से 15 जून 2011 तक, कुल दस दिवस का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 5 जून 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है .

( 2 ) श्री यू. सी. षंडगी , भापुसे को उक्त अवकाश अवधि में खण्ड वर्ष 2010-13 के प्रथम भाग वर्ष 2010-11 में गृह नगर यात्रा की अवकाश यात्रा सुविधा के रूप में गृह नगर " पुरी " (उड़ीसा) जाने हेतु परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ यात्रा की अनुमति दी जाती है :-

स्वयं

1. श्री यू. सी. षंडगी

पत्नी

2. श्रीमती निलोत्पला षंडगी

3. मा. सिध्दांत षंडगी

पुत्र

पुत्री

4. कु. संस्कृति षंडगी

( 3 ) श्री यू. सी. षंडगी , भापुसे की उक्त अवकाश अवधि में इन्हें सौंपे गये दायित्वों का निर्वहन श्री आर. के. गुप्ता, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक ( कार्मिक ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा अपने कार्यों के साथ- साथ किया जायेगा .

(4 ) उक्त यात्रा हेतु स्वीकृत अवकाश का उपभोग करने के फलस्वरूप इनके अर्जित अवकाश खाते से 10 दिवस का अर्जित अवकाश घटाया जावेगा.

( 5 ) उक्त यात्रा हेतु श्री यू. सी. षंडगी को 10 दिवस के अवकाश नगदीकरण की पात्रता होगी एवं नगदीकृत दिवस इनके अर्जित अवकाश खाते से घटाये जायेंगे.

(6 ) श्री यू. सी. षंडगी , भापुसे द्वारा पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर इनके अवकाश अवधि में इनके दायित्वों के निर्वहन हेतु निर्देशित अधिकारी उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.

( 7 ) अवकाश से लौटने पर श्री यू. सी. षंडगी , भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(8 ) अवकाशकाल में श्री यू. सी. षंडगी , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था .

( 9 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री यू. सी. षंडगी , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहेंगे.

भोपाल, दिनांक 23 मई 2011

क्र. एफ 1 (ए) 120-93- ब-2-दो. श्री के. बाबूराव , भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, ( अ.अ.वि. ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल को The Second Course of Phase -Iv Mid Career Training Programme में प्रशिक्षण हेतु दिनांक 16 मई से 24 जून 2011 तक राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद में एवं दिनांक 27 जून से 8 जुलाई 2011 तक कुल बारह दिवस यू.के. लंदन में प्रशिक्षण उपरांत दिनांक 11 से 15 जुलाई 2011 तक कुल पांच दिवस का अर्जित अवकाश ( Ex - India) दिनांक 9 , 10, 16 एवं 17 जुलाई 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ निम्नलिखित शर्तों के तहत स्वीकृत किया जाता है: -

1. विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला व्यय वे स्वयं वहन करेंगे , राज्य शासन नहीं.

2. विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे .

3. विदेश में कोई Assignment नहीं लेंगे .

( 2) अवकाश से लौटने पर, श्री के. बाबूराव , भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उप पुलिस महानिरीक्षक, ( अ.अ.वि. ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाश काल में श्री के. बाबूराव, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. बाबूराव , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर बने रहते .

क्र. एफ 1 ( ए) 163-94- ब- 2-दो. श्री पंकज श्रीवास्तव, भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, ( अ.अ.वि. ) पुलिस मुख्यालय, भोपाल को The Second Course of Phase -Iv Mid Career Training Programme में प्रशिक्षण हेतु दिनांक 16 मई से 24 जून 2011 तक राष्ट्रीय पुलिस अकादमी , हैदराबाद में एवं दिनांक 27 जून से 8 जुलाई 2011 तक कुल बारह दिवस यू.के. लंदन में प्रशिक्षण उपरांत दिनांक 11 से, 15 जुलाई 2011 तक कुल पांच दिवस का अर्जित अवकाश (Ex- India ) दिनांक 9 , 10 , 16 एवं 17 जुलाई 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ निम्नलिखित शर्तों के तहत स्वीकृत किया जाता है:---

1 . विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला व्यय वे स्वयं वहन करेंगे , राज्य शासन नहीं.

भाग 1 ]

1873

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

2. विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे .

3. विदेश में कोई Assignment नहीं लेंगे .

(2 ) अवकाश से लौटने पर, श्री पंकज श्रीवास्तव , भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उप पुलिस महानिरीक्षक, ( अ.अ.वि. ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री पंकज श्रीवास्तव , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री पंकज श्रीवास्तव , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर बने रहते .

क्र. एफ 1 ( ए) 186-91- ब- 2-दो. श्री अजय कुमार शर्मा , भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक ( पश्चिम ) , राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो , पु.मु. , भोपाल को दिनांक 25 मई से 2 जून 2011 तक नौ दिवस अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाकर उन्हें खण्ड वर्ष 2010-13 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2010-11 में गृह नगर यात्रा के बदले में सपरिवार " श्रीनगर, जम्मू एवं कश्मीर " परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ अवकाश यात्रा पर जाने की अनुमति दी जाती है:-

1 . श्री अजय कुमार शर्मा स्वयं 2. श्रीमती मोनिका शर्मा पत्नी 3. कु. ऐश्वर्या शर्मा पुत्री

4. आदित्य शर्मा

पुत्र

( 2 ) उक्त यात्रा हेतु श्री अजय कुमार शर्मा, भापुसे को 10 दिवस के अवकाश नगदीकरण/ समर्पण की पात्रता होगी एवं नगदीकृत दिवस इनके अर्जित अवकाश खाते से घटाये जायेंगे.

(3 ) उक्त अवकाश अवधि में श्री अजय कुमार शर्मा , भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक ( पश्चिम ) , राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो , पु.मु. , भोपाल का कार्य श्री एस.डब्ल्यू. नकवी, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक ( पूर्व ) , राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो , पु.मु. , भोपाल द्वारा अपने कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.

(4) अवकाश से लौटने पर श्री अजय कुमार शर्मा , भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक ( पश्चिम ) , राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो , पु.मु. , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

( 5 ) श्री अजय कुमार शर्मा, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक (पश्चिम ) , राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो , पु.मु. , भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कण्डिका ( 3 ) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .

(6 ) अवकाशकाल में श्री अजय कुमार शर्मा , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था .

( 7 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अजय कुमार शर्मा , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

भोपाल, दिनांक 24 मई 2011

क्र. एफ 1 (ए) 33-1997- ब- 2- दो. श्री ए. के. सिंह , भापुसे , उप पुलिस महानिरीक्षक, ( चयन/कल्याण ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल को The Second Course of Phase -Iv Mid Career Training Programme में दिनांक 16 मई से 24 जून 2011 तक राष्ट्रीय पुलिस अकादमी , हैदराबाद में एवं दिनांक 27 जून से 8 जुलाई 2011 तक केम्ब्रीज यूनिवर्सिटी यू.के. लंदन में प्रशिक्षण उपरांत दिनांक 11 से 15 जुलाई 2011 तक कुल पांच दिवस का अर्जित अवकाश ( Ex - India ) दिनांक 9 , 10 , 16 एवं 17 जुलाई 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ निम्नलिखित शर्तों के तहत स्वीकृत किया जाता है :-

1. विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला व्यय वे स्वयं वहन करेंगे, राज्य शासन नहीं.

2. विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे .

3. विदेश में कोई Assignment नहीं लेंगे.

(2) अवकाश से लौटने पर, श्री ए. के. सिंह , भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उप पुलिस महानिरीक्षक, (चयन/कल्याण ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में श्री ए. के. सिंह, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री ए. के. सिंह , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

क्र. एफ-1 ( ए) 1-96-ब-2-दो. ( 1 ) श्री एस . नायक , भापुसे, निदेशक ( दूरसंचार ) , पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल , इन्दौर को 1874

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

दिनांक 28 अगस्त से 20 अक्टूबर 2010 तक कुल चौवन दिवस एवं दिनांक 15 फरवरी से 25 मार्च 2011 तक कुल उन्चालीस दिवस के लघुकृत अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री एस. नायक, भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न निदेशक ( दूरसंचार ) , पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल, इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री एस. नायक, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एस. नायक, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

भोपाल , दिनांक 25 मई 2011

क्र. एफ 1 ( ए) 26-1994- ब- 2-दो. श्री उपेन्द्र कुमार जैन , भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, उज्जैन जोन, उज्जैन को दिनांक 27 जून से 8 जुलाई 2011 तक केम्ब्रीज ( यूनाइटेड किंगडम ) लंदन में प्रशिक्षण उपरांत दिनांक 11 से 15 जुलाई 2011 तक कुल पांच दिवस का अर्जित अवकाश (Ex - India ) दिनांक 9 , 10 , 16 एवं 17 जुलाई 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ निम्नलिखित शर्तों के तहत स्वीकृत किया जाता है:-

1. विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला व्यय वे स्वयं वहन करेंगे , राज्य शासन नहीं.

2. विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे .

3. विदेश में कोई Assignment नहीं लेंगे.

(2) उक्त अवकाश अवधि में श्री उपेन्द्र कुमार जैन, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, उज्जैन जोन, उज्जैन का कार्य श्री डी.एस. सेंगर, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल , इन्दौर द्वारा अपने कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.

(3 ) अवकाश से लौटने पर , श्री उपेन्द्र कुमार जैन, भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, उज्जैन जोन, उज्जैन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री उपेन्द्र कुमार जैन, भापुसे द्वारा अपने कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका -2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव पुलिस महानिरीक्षक, उज्जैन जोन, उज्जैन के कार्यभार से मुक्त होंगे .

(5) अवकाश काल में श्री उपेन्द्र कुमार जैन , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री उपेन्द्र कुमार जैन, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

क्र. एफ 1 (ए) 190-91- ब- 2-दो. श्री एस. एम. अफजल, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल, ग्वालियर को दिनांक 1 से 10 जून 2011 तक दस दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 11 एवं 12 जून 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुये राज्य शासन द्वारा उन्हें खण्ड वर्ष 2010-13 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2010-11 में गृह नगर यात्रा के बदले में, सपरिवार " श्रीनगर , जम्मू एवं कश्मीर " परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ अवकाश यात्रा पर जाने की अनुमति दी जाती है:-

1 . श्री एस. एम. अफजल स्वयं 2. श्रीमती रशिदा खातून पत्नी 3. सय्यद बरकात हैदर

पुत्र

पुत्री

4. कु. कायनात

( 2) उक्त यात्रा हेतु श्री एस. एम. अफजल, भापुसे को 10 दिवस के अवकाश नगदीकरण/समर्पण की पात्रता होगी एवं नगदीकृत दिवस इनके अर्जित अवकाश खाते से घटाये जायेंगे .

( 3 ) उक्त अवकाश अवधि में श्री एस. एम. अफजल, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल, ग्वालियर का कार्य श्री ए. एस. चौधरी, भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, विसबल , ग्वालियर द्वारा अपने कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.

(4 ) अवकाश से लौटने पर श्री एस. एम. अफजल , भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, विसबल, ग्वालियर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

( 5 ) श्री एस. एम. अफजल, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक , विसबल, ग्वालियर का कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कण्डिका (3 ) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.

(6 ) अवकाशकाल में श्री एस. एम . अफजल , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(7) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एस. एम. अफजल, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

भोपाल, दिनांक 27 मई 2011

क्र. एफ 1 (ए) 157-95- ब-2-दो. श्री संजीव शमी, भापुसे , उप पुलिस महानिरीक्षक, ( काउन्टर/ असूचना ) पु.मु. , भोपाल को भाग 1 ]

The Second Course of Phase - IV Mid Career Training Programme में दिनांक 16 मई से 24 जून 2011 तक राष्ट्रीय पुलिस अकादमी , हैदराबाद में एवं दिनांक 27 जून 2011 से 8 जुलाई 2011 तक केम्ब्रीज यूनिवर्सिटी यू.के. में प्रशिक्षण उपरांत दिनांक 11 से 15 जुलाई 2011 तक कुल छः दिवस का अर्जित अवकाश (Ex - India ) दिनांक 9 , 10 एवं 16 , 17 जुलाई 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ निम्नलिखित शर्तों के तहत स्वीकृत किया जाता है: -

1. विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला व्यय वे स्वयं वहन करेंगे, राज्य शासन नहीं.

2. विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे .

3. विदेश में कोई Assignment नहीं लेंगे .

1875

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

भोपाल, दिनांक 20 मई 2011

क्र. एफ 1 (ए) 267--86- ब-2- दो. श्री यू. के. लाल, भापुसे , अति. पुलिस महानिदेशक, ( शिकायत ) पुलिस मुख्यालय भोपाल को दिनांक 13 से 25 जून 2011 तक कुल तेरह दिवस का अर्जित अवकाश , दिनांक 11,12,26 जून 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ का साथ स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) श्री यू. के. लाल, भापुसे , अति. पुलिस महानिदेशक, ( शिकायत ) पुलिस मुख्यालय भोपाल को उक्त अवकाश अवधि में वर्तमान खण्ड वर्ष 2010-13 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2010-11 में गृह नगर यात्रा के बदले में भारत में भ्रमण की पात्रता के तहत अवकाश यात्रा के अंतर्गत " नुब्रा वेली , लेह , जम्मू एवं कश्मीर " जाने हेतु परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ यात्रा की अनुमति दी जाती है:-

स्वयं

1.

श्री यू. के. लाल

पत्नी

2.

श्रीमती रंजना लाल

पुत्र

3.

श्री शांतनु श्रीवास्तव

4.

कु. सौम्या श्रीवास्तव

( 3 ) अवकाश से लौटने पर, श्री संजीव शमी, भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उप पुलिस महानिरीक्षक, (काउन्टर/ असूचना) पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

( 5 ) अवकाश काल में श्री संजीव शमी, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री संजीव शमी , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

क्र. एफ. 1 ( ए) 176-97- ब- 2-दो. द्वारा राज्य शासन के समसंख्यक आदेश दिनांक 10 मई 2011 द्वारा श्री के. पी . वेंकटेश्वर राव, भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, पु. मु. , भोपाल को दिनांक 29 अप्रैल से 13 मई 2011 तक कुल पन्द्रह दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 14 एवं 15 मई 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया गया था.

(2) राज्य शासन द्वारा उक्त समसंख्यक आदेश को निरस्त करते हुये स्वीकृत अवकाश के स्थान पर दिनांक 9 से 20 मई 2011 तक कुल बारह दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 8 तथा 21 , 22 मई 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.

(3) अवकाश काल में श्री के. पी . वेंकटेश्वर राव , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. पी . वेंकटेश्वर राव, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक दास , प्रमुख सचिव.

पुत्री

(3 ) श्री यू. के. लाल , भापुसे की उक्त अवकाश अवधि में इन्हें सौंपे गये दायित्वों का निर्वहन श्री बी. बी. शर्मा, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, ( शिकायत ) पु. मु. भोपाल द्वारा अपने कार्यों के साथ- साथ किया जायेगा.

(4) उक्त यात्रा हेतु स्वीकृत अवकाश का उपभोग करने के फलस्वरूप इनके अर्जित अवकाश खाते से 12 दिवस का अर्जित अवकाश घटाया जायेगा .

(5 ) उक्त यात्रा हेतु श्री यू. के. लाल , को 10 दिवस के अवकाश नगदीकरण /समर्पण की पात्रता होगी एवं नगदीकृत दिवस इनके अर्जित अवकाश खाते से घटाये जायेंगे .

(6) श्री यू. के. लाल, भापुसे द्वारा , अति. पुलिस महानिदेशक , (शिकायत ) पुलिस मुख्यालय भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर इनके अवकाश अवधि में इनके दायित्वों के निर्वहन हेतु निर्देशित अधिकारी उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.

(7 ) अवकाश से लौटने पर श्री यू. के. लाल, भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न अति. पुलिस महानिदेशक, ( शिकायत) पुलिस मुख्यालय भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

( 8 ) अवकाश काल में श्री यू. के. लाल , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 9 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री यू. के. लाल, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अम्बरीश श्रीवास्तव, उपसचिव.

1876

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

श्रम विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 19 मई 2011

क्र. एफ. 9-1-2004- ब-सोलह- यतः कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 ( 1948 का 34 ) की धारा 1 की उपधारा ( 5 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य सरकार, एतद्वारा, उक्त अधिनियम के उपबंधों का विस्तार नीचे दी गई सारणी में विनिर्दिष्ट स्थापनाओं के वर्ग पर करती हैं, जिसकी अधिसूचना फा. क्र. 9-1-2004- ब-सोलह , दिनांक 4 दिसम्बर, 2010 द्वारा उक्त धारा के अधीन अपेक्षित किए गए अनुसार एक माह की सूचना पूर्व में ही मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 दिनांक 24 दिसम्बर, 2010 में प्रकाशित कर दी गई है:-

सारणी

स्थापनाओं का विवरण (1)

क्षेत्र जहां स्थापनाएं स्थित हैं. (2)

क्षेत्र, जहां उक्त अधिनियम की धारा-1 ( 3 ) और 1 ( 5 ) के अधीन पूर्व से ही प्रवृत्त की जा चुकी है.

व्यक्तियों, न्यासों, सोसाइटियों या अन्य संगठनों द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थाएं, ( सार्वजनिक, निजी , सहायता प्राप्त या अंशतः सहायता प्राप्त को सम्मिलित करते हुए ) जिनमें पूर्ववर्ती बारह मास के किसी भी दिन को 10 या अधिक व्यक्तिनियोजित हैं.

F. No. 9-1-2004 - B - XVI . In exercise of the powers conferred by sub- section (5) of Section 1 of the Employees State Insurance Act , 1948 , ( No. 34 1948 ) , the State Government , having already given one month's notice as required under the said section vide notification F. No. 9-1-2004 - B - XVI dated 4th December , 2010 , published in the Madhya Pradesh Gazette , part I Dated 24th December, 2010 , hereby extend the provisions of the said Act to class of establishments specified in the table below:-

TABLE

Areas in which the establishments are situated (2) Description of Establishments (1)

or Educational Institutions ( including public , private , aided or partially aided) run by individuals , trustees , societies other orginations , wherein 10 or more persons are employed on any day of the preceding twelve months .

Areas where the aforesaid Acthas already been brought into force under section 1 (3) and 1 ( 5) ofthe Act .

क्र. एफ. 9-3-2005- ब- सोलह यतः कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 ( 1948 का 34 ) की धारा 1 की उपधारा ( 5 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य सरकार, एतद्वारा उक्त अधिनियम के उपबंधों का विस्तार नीचे दी गई सारणी में विनिर्दिष्ट स्थापनाओं के वर्ग पर करती है , जिसकी अधिसूचना फा. क्र. 9-3-2005- ब- सोलह, दिनांक 4 दिसम्बर, 2010 द्वारा उक्त धारा के अधीन अपेक्षित किए गए अनुसार एक माह की सूचना पूर्व में ही मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 दिनांक 24 दिसम्बर, 2010 में प्रकाशित कर दी गई हैं :-

सारणी

क्षेत्र जहां स्थापनाएं स्थित हैं. (2)

स्थापनाओं का विवरण (1)

क्षेत्र, जहां पूर्वोक्त अधिनियम की धारा -1 ( 3 ) और 1 ( 5) पूर्व से ही प्रवृत्त की जा चुकी है .

चिकित्सा संस्थानों , जिनमें निर्गमित क्षेत्र, संयुक्त क्षेत्र, न्यास, पूर्त और निजी स्वामित्व के ऐसे चिकित्सालय तथा नर्सिंग होम सम्मिलित हैं जिनमें पूर्ववर्ती बारह मास के किसी भी दिन को 10 या अधिक व्यक्ति नियोजित हैं.

F- No. 9-3-2005 - B - XVI . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 5) of Section 1 of the Employees State Insurance Act , 1948 , ( No. 34 1948) , the State Government , having already given one month's notice as required under the said Section vide notification F- No. 9-3-2005 - B - XVI dated 6th December, 2010 published in the Madhya Pradesh Gazette , Part I dated 24th December , 2010 , hereby extend the provisions of the said Act to class of establishments specified in the table below :-

TABLE

Areas in which the establishments are situated (2)

Description of Establishments (1)

Areas where the aforesaid Act has already been brought into force under section 1 ( 3 ) and 1 (5) of the Act .

Medical Institutions including corporate sector , joint sector, trust , charitable and private ownership hospitals and nursing homes wherein 10 or more persons are employed on any day of the preceding twelve months .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. पी. कबीरपंथी, अपर सचिव.

भाग 1 ]

1877

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

चिकित्सा शिक्षा वभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 20 मई 2011

क्र. एफ. 4-19-2011- पचपन-2.- राज्य शासन एतद्वारा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ. 4-25-75-17 -मेडि -3, दिनांक 4 जुलाई 1983 तथा एवं 8-46-2005-3- पचपन, दिनांक 26 जून 2006 एवं मेडिकल मैन्युअल ( संशोधित प्रकाशन 1940 ) के पैरा 476 में निम्नानुसार संशोधन करता है : -

संशोधन

इस विभाग के अधीन चिकित्सा/ दंत महाविद्यालयों तथा चिकित्सालयों के आंतरिक रोगियों के लिये निर्धारित भोजन पर होने वाले व्यय रुपये 20.00 से बढ़ाकर 30.00 ( रुपये तीस मात्र ) प्रतिदिन प्रत्येक आंतरिक रोगियों के लिये निम्न तालिका अनुसार निर्धारित करता है : - क्र.

मात्रा

स्वीकृत आहार

कीमत रुपये में

ग्राम में

400

1

07.50 चावल/दलिया/आटा

2

85

03.90 दाल

3

114

01.50 हरी सब्जी

85

00.65 4 सलाद

85

5 सब्जी मसाला

01.65

85

01.95 6 फल

241

04.50 7 दूल

57

01.50 8 शक्कर/गुड़

9

57

घी/तेल

03.60

03.25

1000

10 ईंधन

योग .. 30.00 यह स्वीकृति वित्त विभाग के क्रमांक यू. ओ. 151- आर-230- बजट-6-11 , दिनांक 7-3-2011 द्वारा प्राप्त सहमति के क्रम में जारी की जा रही है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एस. एस. कुमरे , उपसचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 23 मई 2011

फा. क्र. 17 (ई ) 67-2008- इक्कीस - ब( एक) .- राज्य शासन, उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर कार्यालयीन आदेश दिनांक 20 अप्रैल 2011 को निरस्त करते हुए, उसके स्थान पर न्यायिक सेवा के सदस्य कु. शालिनी शर्मा , सिविल न्यायाधीश वर्ग की सेवाएं श्रम न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के पद पर उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से आगामी आदेश होने तक प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किये जाने हेतु श्रम विभाग को सौंपता है.

फा. क्र. 17 ( ई ) 4-2001 - इक्कीस - ब ( एक ) . - राज्य शासन , एतद्वारा , श्री देवी सिंह बर्मन , तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , खण्डवा की सेवाएं उप कल्याण आयुक्त के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु वेलफेयर कमिश्नर, भोपाल गैस पीड़ित , भोपाल की स्थापना पर, अस्थायी रूप से, आगामी आदेश होने तक, कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सौंपता है.

भोपाल , दिनांक 24 मई 2011

फा. क्र. 17 ( ई ) 515-2008 -इक्कीस ब( दो ) संशोधन. - इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 27-4-2011 में हिन्दी के आदेश में पंक्ति क्र. 4 तथा अंग्रेजी के आदेश के पंक्ति क्र. 5 में त्रुटिवश जबलपुर के स्थान पर सीहोर टंकित हुआ है. अतः आदेश दिनांक 27-4-2011 के हिन्दी एवं अंग्रेजी आदेश में सीहोर के स्थान पर " जबलपुर " पढ़ा जावें.

फा. 3- ( बी) -2011- इक्कीस- ब ( एक) - निम्नतर न्यायिक सेवा के सदस्य श्री विजय कुमार सिंह, सिविल न्यायाधीश वर्ग -1 , शुजालपुर, जिला शाजापुर ( वर्तमान में निलंबित, मुख्यालय उज्जैन ) विरुद्ध संस्थित विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर, उनके विरुद्ध कदाचरण किया जाना प्रमाणित पाए जाने पर, उनका कार्य संतोषजनक न होने के कारण मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट मीटिंग दिनांक 21 मई 2011 में लिए गए निर्णय के फलस्वरूप मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने उक्त न्यायिक अधिकारी को सेवा से पृथक् (Removal from service ) किए जाने की अनुशंसा की है.

उक्त न्यायिक अधिकारी के सेवा अभिलेख तथा समस्त सामग्री पर विचार करने के उपरांत, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की अनुशंसा से सहमत होते हुए, राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है श्री विजय कुमार सिंह सिविल न्यायाधीश वर्ग -1 , शुजालपुर, जिला शाजापुर (वर्तमान में निलंबित , मुख्यालय उज्जैन ) को दण्डस्वरूप सेवा से पृथक् (Removal from service ) किया जाए.

अतः म. प्र. सिविल सर्विसेस ( वर्गीकरण , नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 10 ( आठ ) तथा म. प्र. सिविलि सर्विसेस (आचरण ) नियम , 1965 के नियम 3 के प्रावधानों के अनुसार राज्य 1878

शासन , श्री विजय कुमार सिंह सिविल न्यायाधीश वर्ग -1 , शुजालपुर, जिला शाजापुर ( वर्तमान में निलंबित, मुख्यालय उज्जैन ) को सेवा से पृथक् (Removal from service ) करता है.

फा. 3 (बी) 4-2011 - इक्कीस ब ( एक) - निम्नतर न्यायिक सेवा के सदस्य श्री मोहम्मद मेहमूद खान , व्यवहार न्यायाधीश वर्ग- 2, जबलपुर ( वर्तमान में निलंबित, मुख्यालय कटनी ) विरुद्ध संस्थित विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर, उनके विरुद्ध कदाचरण किया जाना प्रमाणित पाए जाने पर, उनका कार्य संतोषजनक न होने के कारण मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट मीटिंग दिनांक 21 मई 2011 में लिए गए निर्णय के फलस्वरूप मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने उक्त न्यायिक अधिकारी को सेवा से पृथक् (Removal from service) किए जाने की अनुशंसा की है.

उक्त न्यायिक अधिकारी के सेवा अभिलेख तथा समस्त सामग्री पर विचार करने के उपरांत , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की अनुशंसा से सहमत होते हुए, राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है श्री मोहम्मद मेहमूद खान , व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , जबलपुर जिला जबलपुर ( वर्तमान में निलंबित, मुख्यालय कटनी ) को दण्डस्वरूप सेवा से पृथक् (Removal from service) किया जाए.

अतः म. प्र. सिविल सर्विसेस ( वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील ) नियम, 1966 के नियम 10 ( आठ ) तथा म. प्र. सिविल सर्विसेस (आचरण ) नियम, 1965 के नियम 3 के प्रावधानों के अनुसार राज्य शासन, श्री मोहम्मद मेहमूद खान , व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , जबलपुर ( वर्तमान में निलंबित, मुख्यालय कटनी ) को सेवा से पृथक् (Removal from service ) करता है.

क्र. 3 ( ए) 2-2011- इक्कीस ब ( एक ) -यह कि आपने दिनांक 27 जून 2010 को 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण कर ली है.

यह कि, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट मीटिंग दिनांक 21 मई 2011 में यह निर्णय लिया गया है कि लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए, तद्नुसार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने परामर्श एवं अनुशंसा की है.

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोक हित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव यथा संशोधित मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेन्शन नियम, 1976 के नियम 42 ( 1 ) ( बी ) एवं मूलभूत नियम 56 ( 2 ) ( ए) तथा मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक ( सेवा भरती तथा सेवा शर्तें ) नियम, 1994 के नियम 14 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

राज्य शासन, एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति की दिनांक के अपरान्ह से लोक हित में तत्काल प्रभाव से सेवा निवृत्त करता है.

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी , जो आप सेवा निवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे थे.

क्र. 3 (ए) 2-2011 - इक्कीस - ब ( एक ) - यह कि आपने दिनांक 19 अगस्त 2010 को 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है .

यह कि, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट मीटिंग दिनांक 21 मई 2011 में यह निर्णय लिया गया है कि लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए, तद्नुसार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने परामर्श एवं अनुशंसा की है .

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोक हित में सेवा निवृत्त किया जाए.

अतएव यथा संशोधित मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेन्शन नियम, 1976 के नियम 42 ( 1 ) ( बी ) एवं मूलभूत नियम 56 ( 2 ) ( ए) तथा मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक ( सेवा भरती तथा सेवा शर्तें ) नियम , 1994 के नियम 14 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन, एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति की दिनांक के अपरान्ह से लोक हित में तत्काल प्रभाव से सेवा निवृत्त करता है.

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी , जो आप सेवा निवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे थे .

क्र. 3 (ए) 2-2011 - इक्कीस - ब ( एक) .- यह कि आपने दिनांक 6 जून 2010 को 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण कर ली है.

यह कि, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट मीटिंग दिनांक 21 मई 2011 में यह निर्णय लिया गया है कि लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए, तद्नुसार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने परामर्श एवं अनुशंसा की है .

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोक हित में सेवा निवृत्त किया जाए.

भाग 1 ]

अतएव यथा संशोधित मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेन्शन नियम, 1976 के नियम 42 ( 1 ) ( बी ) एवं मूलभूत नियम 56 ( 2 ) ( ए) तथा मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक ( सेवा भरती तथा सेवा शर्तें ) नियम, 1994 के नियम 14 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति की दिनांक के अपरान्ह से लोक हित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है.

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी, जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे थे.

क्र. 3 ( ए) 2-2011 - इक्कीस - ब ( एक ) .- यह कि आपने दिनांक 12 अगस्त 2010 को 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण कर ली है.

यह कि, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट मीटिंग दिनांक 21 मई 2011 में यह निर्णय लिया गया है कि लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए, तद्नुसार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने परामर्श एवं अनुशंसा की है .

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोक हित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव यथा संशोधित मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेन्शन नियम, 1976 के नियम 42 ( 1 ) ( बी ) एवं मूलभूत नियम 56 ( 2 ) ( ए) तथा मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक ( सेवा भरती तथा सेवा शर्तें ) नियम, 1994 के नियम 14 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति की दिनांक के अपरान्ह से लोक हित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है.

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी , जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे थे .

क्र. 3 ( ए) 2-2011 - इक्कीस ब ( एक ).-यह कि आपने दिनांक 30 नवम्बर 2010 को 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण कर ली है.

यह कि, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट मीटिंग दिनांक 21 मई 2011 में यह निर्णय लिया गया है कि लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए, तद्नुसार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने परामर्श एवं अनुशंसा की है .

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोक हित में सेवानिवृत्त किया जाए.

1879

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

अतएव यथा संशोधित मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेन्शन नियम, 1976 के नियम 42( 1 ) ( बी ) एवं मूलभूत नियम 56 ( 2 ) ( ए) तथा मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक ( सेवा भरती तथा सेवा शर्तें ) नियम, 1994 के नियम 14 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति की दिनांक के अपरान्ह से लोक हित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है.

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी, जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे थे.

क्र. 3 (ए) 2-2011 - इक्कीस- ब ( एक) .- यह कि आपने दिनांक 30 मई 2010 को 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण कर ली है.

यह कि, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट मीटिंग दिनांक 21 मई 2011 में यह निर्णय लिया गया है कि लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए, तद्मसार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने परामर्श एवं अनुशंसा की है .

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोक हित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव यथा संशोधित मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेन्शन नियम, 1976 के नियम 42 ( 1 ) ( बी ) एवं मूलभूत नियम 56 ( 2 ) ( ए) तथा मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक ( सेवा भरती तथा सेवा शर्तें ) नियम, 1994 के नियम 14 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति की दिनांक के अपरान्ह से लोक हित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है .

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी , जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे थे .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव .

भोपाल , दिनांक 26 मई 2011

फा. क्र. 1 (बी) 5-05- इक्कीस ब( दो) .- राज्य शासन, इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 7 जनवरी 2010 द्वारा नियुक्त श्री लल्लूलाल जैन, शास. अभिभाषक/लोक अभियोजक, विदिशा सत्र खण्ड, विदिशा राजस्व जिले के कार्यकाल में दिनांक 7 जनवरी 2011 से दिनांक 6 जनवरी 2012 तक एक वर्ष के लिये पुनर्नियुक्ति करता है . यह पुनर्नियुक्ति बिना कोई कारण बताये एक माह का नोटिस देकर समाप्त की जा सकती है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

ए. जे. खान, सचिव.

1880

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

विधि और विधायी कार्य विभाग

भोपाल, दिनांक 20 मई 2011

फा. क्र. 1-6-89 - इक्कीस - ब( एक) .-स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 ( 1985 का 61 ) की धारा 36 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति की सहमति से, एतद्वारा, इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 1-6-89- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 3 अप्रैल , 1998 में, जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 17 अप्रैल, 1998 को प्रकाशित हुई थी, निम्नलिखित और संशोधन करता है , अर्थात् :-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में, अनुसूची में, -

(एक) अनुक्रमांक 1 , 4, 5, 12 , 26, 40 , 42 तथा 47-1 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां क्रमशः स्थापित की जाएं, अर्थात्: - न्यायाधीश का नाम

अनुक्रमांक

तथा पदनाम

(1)

(2)

"1 . श्री दीपक कुमार अग्रवाल ,

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , इन्दौर .

4. श्री ओमकर नाथ,

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , रीवा.

5. श्री वी. के. पाण्डे,

प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, भोपाल .

12. श्री भूपेन्द्र कुमार निगम,

विशेष न्यायाधीश , अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) , अधिनियम , 1989 पन्ना.

26. श्री आनन्द कुमार तिवारी , अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , धार .

40. श्री शम्भूसिंह रघुवंशी ,

अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण ) , अधिनियम , 1989 सिवनी.

42. श्री वाचसपति मिश्र ,

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश ,

(फास्ट ट्रेक कोर्ट ) सीधी.

47-1 श्री उमेश कुमार श्रीवास्तव

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश,

(फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , कटनी.

विशेष न्यायालय

स्थानीय क्षेत्र/सेशन खण्ड (3)

(4)

इन्दौर

इन्दौर

रीवा

रीवा

भोपाल

भोपाल पन्ना

पन्ना

धार

धार

सिवनी

सिवनी सीधी

सीधी

कटनी

कटनी".

(दो) अनुक्रमांक 50 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात्, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां अंतःस्थापित की जाए, अर्थात्: -

(1)

(2)

51 श्री अशोक कुमार जोशी,

जिला एवं सेशन न्यायाधीश ,

अलीराजपुर.

(3)

(4)

अलीराजपुर अलीराजपुर भाग 1 ]

1881

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

यह संशोधन उस तारीख से प्रवृत्त होगा जिसको कि अधिसूचना में यथाविनिर्दिष्ट न्यायाधीश उक्त न्यायालय में अपने पद का कार्यभार ग्रहण करें.

1-6-89 -XXI - B ( 1 ) .- In Exercise of the powers conferred by sub - section ( 2) of Section 36 of the Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act , 1985 (No. 61 of 1985 ) , the State Government , with the concurrence of the Chief Justice of the High Court of Madhya Pradesh , hereby , makes the following further amendments in this Department's Notification F. No. 1-6-89 - XXI- B ( 1 ) , dated 3rd April, 1998 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part- 1 dated 17th April , 1998 namely :-

AMENDMENTS

In the said Notification , in the Schedule ,- (i) for serial numbers 1 , 4 , 5 , 12 , 26, 40 , 42, and 47-1 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall respectively be substituted , namely :--

S. No. Name and designation ofthe Judge

(2)

(1)

"1 . Shri Deepak Kumar Agrawal , Additional Sessions Judge , Indore 4.

Shri Omkar Nath , Additional Sessions Judge , Rewa .

5. Shri V. K. Pandey, Additional Judge to the Court of IstAdditional Sessions Judge , Bhopal .

12. Shri Bhupendra Kumar Nigam , Special Judge , Scheduled Castes and Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act , 1989 , Panna .

26. Shri Anand Kumar Tiwari , Additional Sessions Judge , Dhar 40. Shri Shambhu Singh Raghuwanshi , Special Judge , Scheduled Castes and Scheduled Tribes ( Prevention of Atrocities ) Act, 1989 , Seoni .

42. Shri Vachaspati Mishr , Additional Sessions Judge , ( Fast Track Court) , Sidhi .

47.1.

Shri Umesh Kumar Shrivastava , Additional Sessions Judge , (Fast Track Court ) Katni .

Special Court

(3)

Local area/ Session division (4)

Indore Indore

Rewa Rewa

Bhopal Bhopal

Panna

Panna Dhar

Dhar

Seoni Seoni

Sidhi

Sidhi Katni

Katni" .

( ii ) after serial number 50 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be inserted , namely:-

(2)

(1)

51. Shri Ashok Kumar Joshi , District & Sessions Judge , Alirajpur.

(4)

(3)

Alirajpur Alirajpur 1882

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

[ भाग 1 This amendment shall come into force from the date on which the Judge as specified in the Notification assumes the charge of his office in the said Court .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ए. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव.

फा. क्र. 17 (ई) -43-3835 - इक्कीस- ब ( एक ) , - ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 ( 2009 का 4 ) की धारा 5 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, तथा इस निमित्त जारी की गई पूर्व की समस्त अधिसूचनाओं को अतिष्ठित करते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से, एतद्वारा नीचे दी गई सारणी के कालम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट न्यायाधिकारी , जिनकी पदस्थापना सारणी के कालम ( 3 ) में विनिर्दिष्ट है , को कालम ( 5 ) में विनिर्दिष्ट ग्राम न्यायालय के लिए प्रत्येक सप्ताह सोमवार एवं शुक्रवार कालम ( 4 ) में विनिर्दिष्ट सिविल जिले के भीतर ग्राम न्यायालय आयोजित किये जाने के लिए नियुक्त करता है , तथा ग्राम न्यायालय का मुख्यालय उसके ( सारणी ) कालम (6 ) में विनिर्दिष्ट स्थान पर होगा .

सारणी

न्यायाधिकारी का नाम

अनु. क्रमांक

पदस्थापना का

स्थान

(1)

(2)

(3) 1.

अलीराजपुर श्री कालू सिंह बरया

2.

जोबट श्री कमलेश कुमार इतवाडिया

3.

श्री हिदायत उल्लाह खान

अनूपपुर 4.

कोतमा श्री संजय पाल सिंह बुंदेला

5. श्री केशव मणी सिंघल

अशोकनगर 6.

चंदेरी श्री दिलीप गुप्ता

7.

बालाघाट श्री राजदीप सिंह ठाकुर

8.

सेंधवा श्री आलोक कुमार सक्सेना

9.

श्रीमती दीपिका मालवीय

बैतूल 10. श्री जाकिर हुसैन

मुलताई 11.

भिण्ड श्री रतन कुमार वर्मा

12.

लहार श्री राजेन्द्र कुमार शर्मा ( सीनि. )

13.

भोपाल श्री विष्णु कुमार सोनी

बैरसिया 14. श्रीमती वंदना जैन

15.

श्री राधेश्याम मडिया

बुरहानपुर 16.

छतरपुर श्री प्रदीप कुशवाह

17.

बिजावर कु. शारदा नाहटे

18. डॉ. उमाशंकर कुम्हार

छिन्दवाड़ा 19. श्री शशिकांत वर्मा

पांढुर्णा 20.

दमोह श्री शिव बालक साहू

सिविल जिले का नाम

ग्राम न्यायालय के मुख्यालय का नाम (4)

मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत के लिए ग्राम न्यायालय का नाम (5)

(6)

अलीराजपुर अलीराजपुर

अलीराजपुर

जोबट

जोबट

अलीराजपुर

अनूपपुर

अनूपपुर अनूपपुर

कोतमा

कोतमा

अनुपपुर

अशोकनगर

अशोकनगर

अशोकनगर

चंदेरी

अशोकनगर

चंदेरी

बालाघाट

बालाघाट

बालाघाट

1. सेंधवा 1. सेंधवा

बड़वानी

2. बड़वानी * 2. बड़वानी

बैतूल

बैतूल

बैतूल

मुलताई

बैतूल

मुलताई

भिण्ड

भिण्ड

भिण्ड

भिण्ड

लहार

लहार

भोपाल

भोपाल

भोपाल

भोपाल

बैरसिया

बैरसिया

बुरहानपुर

बुरहानपुर बुरहानपुर

छतरपुर

छतरपुर

छतरपुर

बिजावर

बिजावर

छतरपुर

छिन्दवाड़ा

छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा

छिन्दवाड़ा

पांढुर्णा

पांढुर्णा

दमोह

दमोह

दमोह भाग 1 ]

1883

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

(3) 21.

हटा श्री रघुवीर प्रसाद पटेल

22.

दतिया श्री अनिल कुमार छापरिया

23.

सेवढ़ा श्री मुकेश कुमार बाथम

24.

देवास श्री सुरेश कुमार रघुवंशी

25. श्री साबिर अहमद खान

कन्नौद 26.

धार श्री सुरेश चंद्र पाल

27. श्री नरेंद्र पटेल

मनावर 28.

डिन्डौरी श्री सुरेन्द्र मेश्राम

29.

खण्डवा श्री मनोज कुमार तिवारी ( सीनि. )

30.

गुना श्री मुकेश कुमार डांगी

31. श्री संजय श्रीवास्तव

चाचौड़ा 32.

ग्वालियर श्री रामबरेश ( यादव )

33 . श्री केशव सिंह

डबरा 34. श्री राजीव के. पाल

हरदा 35.

होशंगाबाद श्रीमती कुमुदनी पटेल

36. श्री जयदीप सिंह

सोहागपुर 37.

इन्दौर श्री संजीव कुमार गुप्ता

38. श्री अजय कुमार सिंह

जबलपुर 39.

पाटन श्री राकेश कुमार सिंह ( जूनि. )

40. श्रीमती गीता सोलंकी

झाबुआ 41.

थांदला श्री हितेन्द्र सिंह सिसोदिया

42. श्री अविनाश चन्द्र तिवारी

43.

मण्डला श्री प्रिवेन्द्र कुमार सेन

44.

मन्दसौर श्री अरविन्द कुमार गोयल

45.

गरोठ श्री हेमन्त जोशी

46.

मुरैना श्री अरबिन्द कुमार (जैन )

47.

अम्बाह श्री पूरन सिंह

48. श्री रामसिंह कनौजिया

नरसिंहपुर 49.

गाडरवारा श्री अशोक कुमार सोंधिया

50 .

नीमच श्री राकेश कुमार गोयल

51.

श्री प्रदीप राठौर

मनासा 52.

पवई श्री अरूण कुमार खराडी

53. श्रीमती दिव्यांगना जोशी पाण्डे

रायसेन (4)

(5)

(6)

हटा

दमोह

हटा

दतिया

दतिया

दतिया

दतिया

सेवढ़ा

सेवढ़ा

देवास

देवास

देवास

देवास

कन्नौद

कन्नौद

धार

धार

धार

धार

मनावर

मनावर

डिन्डौरी

डिन्डौरी

डिन्डौरी खण्डवा

खण्डवा

खण्डवा गुना

गुना

गुना

गुना

चाचौड़ा

चाचौड़ा ग्वालियर

ग्वालियर ग्वालियर

डबरा

डबरा

ग्वालियर

हरदा

हरदा

हरदा

होशंगाबाद

होशंगाबाद होशंगाबाद

होशंगाबाद

सोहागपुर सोहागपुर

इन्दौर

इन्दौर

इन्दौर

जबलपुर जबलपुर

जबलपुर

पाटन

पाटन

जबलपुर

झाबुआ

झाबुआ

झाबुआ थांदला

थांदला

झाबुआ

कटनी

कटनी

कटनी

मण्डला

मण्डला

मण्डला मन्दसौर

मन्दसौर

मन्दसौर गरोठ

गरोठ

मन्दसौर

मुरैना

मुरैना

मुरैना

अम्बाह

अम्बाह

मुरैना

नरसिंहपुर

नरसिंहपुर नरसिंहपुर

गाडरवारा

गाडरवारा नरसिंहपुर

नीमच

नीमच

नीमच

नीमच

मनासा

मनासा

पन्ना

1. पवई

1. पवई 2. पन्ना

2. पन्ना रायसेन

रायसेन

रायसेन 1884

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

(1)

(3)

(2)

बरेली 54. श्री राजेन्द्र कुमार बाथम

55. श्री प्रहलाद सिंह केमथिया

ब्यावरा 56. श्रीमती नोरिन निगम

रतलाम 57.

जावरा श्री राजेश नन्देश्वर

रीवा 58. कु. प्रतिभा साथवने

सिरमौर 59. श्री उमा शंकर शर्मा

60.

सागर श्री रामजी गुप्ता

61. कु. सरिता बाधवानी

खुरई

सतना 62. श्री कमर इकबाल खान

नागौद 63. श्री सुजीत कुमार सिंह

64. श्री अरूण श्रीवास्तव

सीहोर 65.

बुदनी श्री राजेश कुमार अग्रवाल ( जूनि. )

66.

सिवनी श्री सुदीप कुमार श्रीवास्तव

67 .

श्रीमती निशा विश्वकर्मा

लखनादौन 68.

शहडोल श्री अखिलेश कुमार मिश्रा

69 .

जयसिंहनगर श्री खालिद मोहतरम अहमद

70.

श्रीमती मनीषा बसेर

शाजापुर 71.

आगर श्री वैभव मण्डलोई

72.

श्योपुर श्री अशोक गुप्ता

73 .

शिवपुरी श्री मसूद अहमद खान

74.

करेरा श्रीमती नीतू कांता वर्मा

75.

सीधी श्री गालिब रसूल

76.

मझौली श्री दयाराम अहिरवार

77.

बैढ़न श्री माखन लाल झोड़

78.

टीकमगढ़ श्री मुन्नालाल राठौर

79. श्री विकास भटेले

निवाड़ी 80.

उज्जैन श्री बलराज कुमार पलोदा

81. श्री नरसिंह बघेल

महिंदपुर 82.

श्री जवाहर सिंह मरकाम

(6)

(4)

(5)

बरेली

रायसेन

बरेली

1. ब्यावरा

1. ब्यावरा

राजगढ़

2. राजगढ़

2. राजगढ़ *

रतलाम

रतलाम

रतलाम

जावरा

जावरा

रतलाम

रीवा

रीवा

रीवा

सिरमौर

सिरमौर रीवा

सागर

सागर

सागर

सागर

खुरई

खुरई

सतना

सतना

सतना

सतना

नागौद

नागौद

सीहोर

सीहोर

सीहोर

सीहोर

बुदनी

बुदनी

सिवनी

सिवनी सिवनी

सिवनी

लखनादौन

लखनादौन

शहडोल शहडोल

शहडोल

जयसिंहनगर शहडोल

जयसिंहनगर

शाजापुर शाजापुर

शाजापुर

आगर

आगर

शाजापुर

श्योपुर श्योपुर

श्योपुर

शिवपुरी

शिवपुरी शिवपुरी

करेरा

करेरा

शिवपुरी

सीधी

सीधी

सीधी

मझौली

मझौली सीधी

सिंगरौली

बैढ़न

बैढ़न

टीकमगढ़

टीकमगढ़

टीकमगढ़

निवाड़ी

निवाड़ी टीकमगढ़

उज्जैन

उज्जैन

उज्जैन

उज्जैन

महिदपुर

महिदपुर

उमरिया

उमरिया

बिरसिंहपुर पाली

83.

विदिशा श्री गंगाचरण शर्मा

सिरोंज 84. श्री राजेन्द्र सिंह ठाकुर

मण्डलेश्वर 85. श्री सुरसिंह कन्नौज

86. श्री के. पी. मरकाम

भीकनगांव उमरिया

विदिशा विदिशा

विदिशा

सिरोंज

सिरोंज विदिशा

मण्डलेश्वर मण्डलेश्वर

मण्डलेश्वर

भीकनगांव

भीकनगांव

मण्डलेश्वर भाग 1 ]

1885

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

नोट-1. जहां किसी सिविल जिले में दो ग्राम न्यायालयों के लिए एक समान न्यायाधिकारी हो, वहां ऐसे समान न्यायाधिकारी प्रत्येक माह में 15 दिन की निरंतरता में प्रत्येक ग्राम न्यायालय की बैठक करेंगे.

2. * न्यायाधिकारी , ग्राम न्यायालय सेंधवा, पवई एवं ब्यावरा क्रमशः ग्राम न्यायालय बड़वानी, पन्ना एवं राजगढ़ में स्थित ग्राम न्यायालय में प्रत्येक माह के तृतीय एवं चतुर्थ सप्ताह में सोमवार एवं शुक्रवार को ग्राम न्यायालय की बैठक करेंगे .

F. No. 17 (E) -43-3835 - XXI - B ( I ) . In exercise of the powers conferred by Section ( 5) of the Gram Nayayalayas Act , 2008 (No. 4 of 2009 ) and in supersession of all previous notifications issued in this behalf, the State Government , in constultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby appoints the Nyayadhikari Specified in Column (2) whose posting is specified in column (3 ) of the Table below to hold Gram Nyayalaya on Monday and Friday every week for the Gram Nyayalaya specified in Column (5) , within the Civil Districts specified in Column (4) , and the Headquarter of the Gram Nyayalaya shall be at place specified in Column ( 6) thereof : ---

TABLE S.No. Name of Nyayadhikari

Place of Posting (1)

(2)

(3) Shri Kalu Singh Barya

Alirajpur

Jobat Shri Kamlesh Kumar Itvadia

Shri Hidayatullah Khan

Annuppur

Kotma Shri Sanjay Pal Singh Bundela

Shri Keshav Mani Singhal

Name of Gram

Name of Civil District

Name of Headquarter ofGram Nyayalaya

Nyayalaya for Panchayat at Intermediate level (5)

(6) (4)

Alirajpur

Alirajpur

Alirajpur

Jobat

Jobat Alirajpur

Annuppur

Annuppur

Annuppur

Kotma

Kotma

Annuppur

Ashoknagar

Ashoknagar

Ashoknagar

Ashoknagar

Chanderi Shri Dilip Gupta

Balaghat Shri Rajdeep Singh Thakur

Sendhwa 1 2 3 4 5 6 7 8 Shri Alok Kumar Saxena

Betul 9 Smt . Dipika Malviya

10

Multai Shri Zakir Hussain

Bhind 11

Shri Ratan Kumar Verma

12 Shri Rajendra Kumar Sharma ( Sr. ) Lahar 13 Shri Vishnu Kumar Soni

Bhopal 14

Smt . Vandana Jain

Berasia 15 Shri Radhe Shyam Madiya

Burhanpur 16

Chhatarpur Shri Pradeep Kushwah

17

Ku . Sharda Nahte

Bijawar

Chhindwara 18 Dr. Uma Shanker Kumhar

Pandurna 19

Shri Shashi Kant Verma

20

Damoh Shri Shiv Balak Sahu

21

Hatta Shri Raghuvir Prasad Patel

Datia 22 Shri Anil Kumar Chhapariya

23

Shri Mukesh Kumar Batham

Seodha

Chanderi

Chanderi Ashoknagar

Balaghat

Balaghat

Balaghat

Barwani

1. Sendhwa

1. Sendhwa

2. Barwani *

2. Barwani

Betul

Betul Betul

Betul

Multai

Multai

Bhind

Bhind

Bhind

Lahar

Lahar Bhind

Bhopal

Bhopal

Bhopal

Berasia

Berasia

Bhopal

Burhanpur Burhanpur Burhanpur

Chhatarpur Chhatarpur Chhatarpur

Bijawar

Bijawar

Chhatarpur

Chhindwara Chhindwar

Chhindwara

Pandurna Chhindwara Pandurna

Damoh

Damoh Damoh

Damoh

Hatta

Hatta Datia

Datia Datia

Seodha

Seodha Datia 1886

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

(2)

(5)

(6) (1)

(3)

(4)

Dewas

Dewas

Dewas

Dewas 24 Shri Suresh Kumar Raghuwanshi

25

Kannod

Kannod

Kannod

Dewas

Shri Sabir Ahmed Khan

26

Dhar

Dhar

Dhar

Dhar Shri Suresh Chandra Pal

27

Shri Narendra Patel

Manawar

Dhar

Manawar

Manawar 28

Dindori

Dindori

Dindori

Dindori Shri Surendra Meshram

29

Khandwa

Khandwa

Khandwa

Khandwa

Shri Manoj Kumar Tiwari ( Sr. )

30

Guna

Guna

Guna

Guna Shri Mukesh Kumar Dangi

31

Guna

Chachoda

Chachoda

Chachoda Shri Sanjay Shrivastava

32

Gwalior

Gwalior

Gwalior

Gwalior

Shri Rambaresh ( Yadav)

Dabra 33

Dabra

Gwalior

Dabra

Shri Keshav Singh

Harda 34

Harda

Harda

Harda

Shri Rajeev K. Pal

35 Smt. Kumudni Patel

Hoshangabad

Hoshangabad Hoshangabad Hoshangabad 36 Shri Jaideep Singh

Sohagpur

Sohagpur

Sohagpur

Hoshangabad

Indore 37

Indore

Indore

Indore

Shri Sanjeev Kumar Gupta

38

Jabalpur

Jabalpur

Jabalpur

Shri Ajay Kumar Singh

Jabalpur

39

Patan

Patan

Patan

Shri Rakesh Kumar Singh ( Jr. )

Jabalpur

40 Smt . Geeta Solanki

Jhabua

Jhabua

Jhabua

Jhabua 41

Thandla

Thandla

Thandla

Jhabua

Shri Hitendra Singh Sisodiya

42

Katni

Katni

Katni

Shri Avinash Chandra Tiwari

Katni

43 Shri Privendra Kumar Sen

Mandla

Mandla

Mandla

Mandla

44

Mandsaur

Mandsaur

Mandsaur

Mandsaur

Shri Arvind Kumar Goyal

45

Garoth

Garoth

Shri Hemant Joshi

Garoth

Mandsaur

46

Morena

Morena

Morena

Morena

Shri Arbind Kumar ( Jain)

47

Ambah

Ambah

Ambah

Morena

Shri Puran Singh

48

Narsinghpur

Narsinghpur

Narsinghpur

Narsinghpur

Shri Ram Singh Kannojiya

49

Gadarwara

Gadarwara

Gadarwara

Shri Ashok Kumar Sondhiya

Narsinghpur

50

Neemuch

Neemuch

Neemuch

Neemuch Shri Rakesh Kumar Goyal

51

Manasa

Manasa

Manasa

Neemuch

Shri Pradeep Rathore

1. Pawai 52

Shri Arun Kumar Kharadi

Pawai

Panna

1. Pawai

2. Panna

2. Panna * 53

Raisen

Raisen

Raisen

Raisen Smt. Divyangana Joshi Pandey

54

Bareli

Raisen

Bareli

Bareli Shri Rajendra Kumar Batham

55

1. Biaora

Biaora

1. Biaora

Rajgarh

Shri Prahlad Singh Kameathiya

2. Rajgarh *

2. Rajgarh

56

Ratlam

Ratlam

Ratlam

Ratlam

Smt . Norin Nigam भाग 1 ]

1887

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

57 Shri Rajesh Nandeshwar 58

Ku . Pratibha Sathawane 59

Shri Uma Shankar Sharma 60 Shri Ramji Gupta

61 Ku . Sarita Wadhwani

62

Shri Quamar Iqbal Khan 63 Shri Sujeet Kumar Singh 64

Shri Arun Shrivastava

65 Shri Rajesh Kumar Agrawal ( Jr. ) 66 Shri Sudeep Kumar Shrivastava 67

Smt . Nisha Vishwakarma 68

Shri Akhilesh Kumar Mishra 69 Shri Khalid Mohtaram Ahmed (3)

(4)

(5)

(6)

Jaora

Jaora

Jaora

Ratlam

Rewa Rewa

Rewa

Rewa

Sirmour

Sirmour

Rewa

Sirmour

Sagar

Sagar

Sagar

Sagar

Khurai

Khurai

Khurai

Sagar

Satna

Satna Satna

Satna

Satna

Nagod

Nagod

Nagod

Sehore

Sehore

Sehore

Sehore

Budhni

Budhni

Budhni

Sehore

Seoni Seoni

Seoni

Seoni

Lakhnadon Seoni

Lakhnadon

Lakhnadon

Shahdol

Shahdol

Shahdol

Shahdol

Shahdol

Jaisinghnagar

70 Smt . Maneesha Baser

71

Shri Vaibhav Mandloi

72 Shri Ashok Gupta

73

Shri Masood Ahmad Khan 74

Smt . Neetu Kanta Verma 75

Shri Galib Rasool

76 Shri Dayaram Ahirwar

77

Shri Makhan Lan Jhod

78

Shri Munnalal Rathore

79

Shri Vikash Bhatele

80 Shri Balraj Kumar Paloda 81 Shri Narsingh Bhagel

82 Shri Jawahar Singh Markam

Jaisinghnagar Jaisinghnagar

Shajapur

Shajapur

Shajapur

Shajapur

Agar

Agar

Agar Shajapur

Sheopur

Sheopur

Sheopur

Sheopur

Shivpuri

Shivpuri Shivpuri

Shivpuri

Karera

Karera Karera

Shivpuri

Sidhi

Sidhi

Sidhi Sidhi

Sidhi

Majholi Majholi

Majholi

Waidhan

Waidhan Waidhan

Singrauli

Tikamgarh

Tikamgarh

Tikamgarh

Tikamgarh

Niwari

Niwari Niwari

Tikamgarh

Ujjain

Ujjain

Ujjain Ujjain

Mahidpur Ujjain

Mahidpur

Mahidpur

Umaria

Umaria Birsinghpur Pali

83 Shri Gangacharan Sharma 84 Shri Rajendra Singh Thakur 85

Umaria

Vidisha Vidisha

Vidisha

Vidisha

Vidisha

Sironj

Sironj Sironj

Mandleshwar Mandleshwar Mandleshwar

Shri Sur Singh Kannoj

86

Shri K. P. Markam

Mandleshwar

Mandleshwar Bhikangaon Bhikangaon Bhikangaon

Note.- 1 . Where there is one Common Nyadhikari for two Gram Nayayalayas of a Civil District , in that cases , such common Nyayadhikari shall preside each Gram Nyayalaya for 15 days in each month in continuity.

2. * Nyayadhikar , Gram Nyayalaya Sehdhwa , Pawai & Biaora shall hold their sittings on Mondays & Fridays falling of third & fourth week of every month in Gram Nyayalayas at Barwani , Panna & Rajgarh respectively..

1888

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

फा. क्र. 17 (ई ) 83-2003- इक्कीस- ब ( एक) .-विद्युत् अधिनियम , 2003 ( 2003 का संख्याक 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 17 ( ई ) 83-03 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 16 सितम्बर 2010 में , निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थात् : -

संशोधन उक्त अधिसूचना में , सारणी में , अनुक्रमांक 1 , 2, 4, 8, 10 , 11 , 12, 13 , 18 , 21 , 24 , 25, 27 , 29 , 30, 32 , 36 , 40, 41 , 43 , 49 , 54, 63 , 66 , 68, 69 , 70, 73 , 76 , 77 , 79, 85, 86 , 90, 91 , 92, 95, 97 , 101 , 105, 107 और 111 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्: -

विशेष न्यायालय का नाम अनुक्रमांक सिविल जिले का नाम

(2)

(1)

(3) 1 अलीराजपुर

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, के न्यायालय का द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) अलीराजपुर.

2 अलीराजपुर

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) जोबट.

4 अशोकनगर

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश अशोकनगर.

8 बड़वानी

विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जातियां/अनुसूचित जनजातियां ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, बड़वानी.

10 बैतूल

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , बैतूल

11 बैतूल

विशेष न्यायालय के न्यायाधीश का नाम (4)

श्री एन. एस . भूरिया, द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश के न्यायालय का द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) अलीराजपुर.

श्री ए. के. छापरिया, द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) जोबट.

श्री एस. के. जैन, ( सीनि. ) द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, अशोकनगर.

श्री शिवकुमार मिश्रा , विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जातियां/अनुसूचित जनजातियां ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, बड़वानी.

श्री प्रभात कुमार मिश्र , द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, बैतूल.

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , मुलताई

12 भिण्ड

प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, भिण्ड

13 भिण्ड

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, लहार.

18

छतरपुर

षष्ठम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , छतरपुर.

21 छिंदवाड़ा

श्री एस . के. तारम , द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायीधीश, मुलताई .

श्री महेश भदकारिया , प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , भिण्ड.

श्री एन.एस. दीक्षित, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, लहार.

कु. निर्मला चावडा, षष्ठम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , छतरपुर.

प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , छिंदवाड़ा

श्री आर. आर. बामनिया प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , छिन्दवाड़ा.

भाग 1 ]

1889

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

(3) 24 दतिया

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश के न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , दतिया.

25

दतिया

(4)

श्री हरीश कुमार कौशिक , द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश के न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , दतिया.

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , सेंवढ़ा

27 देवास

श्री एम. एच. अंसारी, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , सेंवढ़ा.

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, सोनकच्छ

धार

29

चतुर्थ अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , धार.

30

धार

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश के न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश , (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , कुक्षी.

32

धार

श्री आर. आर. भारतीय, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, सोनकच्छ.

कु. किरण गौहर, चतुर्थ अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश धार.

श्री आर. के. भद्रसेन , द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश के न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , कुक्षी.

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , सरदारपुर

36

गुना

चतुर्थ अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , गुना.

40 ग्वालियर

श्री जे. एस. कटारिया, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, सरदारपुर.

श्री राजीव आप्टे , चतुर्थ अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , गुना.

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , डबरा

41

हरदा

श्री रामानंद चंद, द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , डबरा.

प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, हरदा

43 होशंगाबाद

श्री आर. पी. सोलंकी, प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, हरदा.

प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , सोहागपुर

49 इन्दौर

श्री डी. के. नागले , प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, सोहागपुर.

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , महू

54

कटनी

तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , कटनी.

63 मुरैना

प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , जौरा के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश .

66 नीमच

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , नीमच.

श्री सुशांत हु‌द्दार , द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, महू.

श्री उमेश कुमार श्रीवास्तव , तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , कटनी.

श्री मधुसूदन मिश्रा , प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , जौरा के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश.

श्री कमल जोशी, द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , नीमच.

1890

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

(3) 68

पन्ना

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , पन्ना.

पन्ना

69

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, पवई 70 रायसेन

(4)

श्री विवेक कुमार गुप्ता , द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , पन्ना.

श्री अक्षय कुमार द्विवेदी, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , पवई.

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , रायसेन

73

राजगढ़

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश के न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , ब्यावरा.

76

रतलाम

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , जावरा .

77 रीवा

श्री बी. पी. चर्तुवेदी, द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश रायसेन.

डॉ. रमेश साहू, द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश के न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश ( फास्ट ट्रेक कोर्ट) ब्यावरा .

श्री महेन्द्र कुमार जैन , द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश ( फास्ट ट्रैक कोर्ट ) , जावरा.

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , रीवा

79 रीवा

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , मऊगंज.

85

सतना

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , मैहर 86 सीहोर

प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश के न्यायालय का द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश सीहोर.

90 सिवनी

श्री विनोद कुमार, द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, रीवा.

श्री संजय कुमार द्विवेदी , द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , मउगंज.

श्री आर . एस . शर्मा , अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, मैहर

श्री एस. के. जोशी, प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश के न्यायालय का द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश सीहोर.

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, लखनादौन

91 शहडोल

विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जातियां/ अनुसूचित जनजातियां ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, शहडोल.

92

शहडोल

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , ब्यौहारी .

95 शाजापुर

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , आगर कु. कल्पना उपाध्याय , अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, लखनादौन.

श्री अमरनाथ , विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जातियां/ अनुसूचित जनजातियां ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, शहडोल.

श्री यू. सी. मिश्रा, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, ब्यौहारी .

श्री एस . के . आरसे , अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , आगर.

भाग 1 ]

1891

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

(3) 97 श्योपुर

विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जातियां/ अनुसूचित जनजातियां ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, श्योपुर.

101 सीधी

तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , सीधी.

105 उज्जैन

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , खाचरौद .

107 विदिशा

(4)

श्री शिव मंगल सिंह , विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जातियां/अनुसूचित जनजातियां ( अत्याचार निवारण) अधिनियम, श्योपुर.

श्री बी. पी. मरकाम , तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , सीधी.

श्री आर . एस. अलावा , अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, खाचरौद.

प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विदिशा

111

मण्डलेश्वर

श्री आर. बी. गुप्ता प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विदिशा.

प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , खरगौन

श्री एन. एस. सूलिया , प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, खरगौन.

F - NO . - 17- (E) 83-03 - XXI - B ( 1 ) . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 2 ) of Section 153 of the Electricity Act, 2003 (No. 36 of 2003 ) , the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh , hereby makes the following amendments in this Department's Notification F. No. 17 ( E) 83 /03/ 21 - B( 1 ) dated 16th September, 2010 , nemely :----

AMENDMENTS

In the said notification , in the table , for serial numbers 1 , 2, 4 , 8 , 10, 11 , 12 , 13,18 , 21 , 24 , 25 , 27 , 29 , 30, 32 , 36 , 40 , 41 , 43 , 49 , 54 , 63 , 66 , 68 , 69 , 70 , 73 , 76 , 77 , 79 , 85 , 86 , 90 , 91 , 92 , 95 , 97 , 101 , 105 , 107 and 111 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely : ----

S. No.

(1)

Name of Civil District (2)

Name of Special Court (3) " 1. Alirajpur

IInd Additional Judge , to the IInd Additional Sessions Judge , (Fast Track Court) , Alirajpur.

2. Alirajpur (Jobat) IInd Additional Sessions Judge , ( Fast Track Court ) , ( Jobat) .

4. Ashoknagar

IInd Additional Sessions Judge , Ashoknagar.

8. Barwani

Special Judge , Scheduled Caste/ Scheduled Tribe ( Prevention of Atrocities) Act, Barwani .

Name of the Judge of the Special Court (4)

Shri N. S. Bhuria IInd Additional Judge , to the IInd Additional Session Judge (FastTrack Court) , Alirajpur .

Shri A. K. Chhaparia , IInd Additional Sessions Judge , ( Fast Track Court ) , (Jobat).

Shri S. K. Jain , IInd Additional Sessions Judge , Ashoknagar .

Shri Shiv Kumar Mishra , Special Judge , Scheduled Caste/Scheduled Tribe (Prevention of Atrocities ) Act , Barwani .

1892

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

(2)

(1)

(3) 10. Betul

IInd Additional Sessions Judge , Betul

11. Betul (Multai)

(4)

Shri Prabhat Kumar Mishra , IInd Additional Sessions Judge , Betul .

IInd Additional Sessions Judge , Multai

12. Bhind

Ist Additional Sessions Judge , Bhind

Additional Sessions Judge , Lahar

13. Bhind ( Lahar )

18. Chhatarpur

VIthAdditional Sessions Judge , (Fast Track Court ) , Chhatarpur.

21. Chhindwara

IstAdditional Sessions Judge , Chhindwara .

24. Datia

Additional Judge ,to IInd Additional Sessions Judge ( Fast Track Court) , Datia.

25. Datia ( Seondha) Additional Sessions Judge , Seondha

27. Dewas ( Sonkatch ) Additional Sessions Judge , Sonkatch

29. Dhar

IVth Additional Sessions Judge , Dhar

30. Dhar ( Kukshi )

Additional Judge to IInd Additional Sessions Judge ( Fast Track Court) (Kukshi) .

Additional Sessions Judge , ( Sardarpur)

32. Dhar ( Sardarpur)

36. Guna

IVth Additional Sessions Judge ( Fast Track Court) , Guna .

40. Gwalior ( Dabra)

Shri S. K. Taram IInd Additional Sessions Judge, (Multai ) .

Shri Mahesh Kumar Bhadkariya , Ist Additional Sessions Judge , Bhind .

Shri N. S. Dixit Additional Sessions Judge , Lahar .

Ku . Nirmala Chavda , VIth Additional Sessions Judge , ( Fast Track Court ) , Chhatarpur.

Shri R. R. Bamnia , Ist Additional Sessions Judge , Chhindwara.

Shri Harish Kumar Kauhisk , Additional Judge to IInd Additional Sessions Judge , (FastTrack Court) , Datia .

Shri Rajendra Kumar , Gondle , Additional Sessions Judge , Seondha .

Shri R. R. Bartiya , Additional Sessions Judge , Sonkatch .

Ku . Kiran Gohar , IVth Additional Sessions Judge , Dhar.

Shri R. K. Bhadrasen , Additional Judge to IInd Additional Sessions Judge (Fast Track Court) , ( Kukshi ) .

Shri J. S. Kataria , Additional Sessions Judge , ( Sardarpur) .

Shri Rajeev Apte , IVth Additional Sessions Judge ( Fast Track Court ) , Guna .

IInd Additional Sessions Judge , (Dabra)

41. Harda

Ist Additional Sessions Judge , Harda

Shri Ramanand Chand , IInd Additional Sessions Judge , (Dabra ) .

Shri R. P. Solanki . Ist Additional Sessions Judge , Harda .

IstAdditional Sessions Judge , ( Sohagpur )

43. Hoshangabad (Sohagpur) .

49. Indore (Mhow)

IInd Additional Sessions judge Mhow

Shri K. D. Nagle , Ist Additional Sessions Judge , ( Sohagpur) .

Shri Sushant Huddar , IInd Additional Sessions Judge , Mhow.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

(3) 54. Katni

IIIrd Additional Sessions Judge , (FastTrack Court) , Katni .

63. Morena ( Jora)

IInd Additional Sessions Judge, (FastTrack Court) , ( Jora) .

66. Neemuch

IInd Additional Sessions Judge , (FastTrack Court ) , Neemuch .

68. Panna

IInd Additional Sessions Judge , (Fast Track Court) , Panna .

69. Panna (Pawai)

1893

(4)

Shri Umesh Kumar Shrivastava , IIIrd Additional Sessions Judge , ( Fast Track Court) , Katni .

Shri Madhusudan Mishra ,, IInd Additional Sessions Judge , ( Fast Track Court) (Jora) .

Shri Kamal Joshi , IInd Additional Sessions Judge , ( Fast Track Court ) , Neemuch .

Shri Vivek Kumar Gupta , IInd Additional Sessions Judge , ( Fast Track Court ) , Panna.

Additional Sessions Judge , Pawai

70. Raisen

IInd Additional Sessions Judge , Raisen.

73. Rajgarh

Additional Judge to IInd Additional Sessions Judge ( Fast Track Court) , Bioara.

76. Ratlam ( Jaora)

IInd Additional Sessions Judge , (Fast Track Court) , Jaora .

77. Rewa

Shri Akshay Kumar Dwivedi , Additional Sessions Judge , Pawai .

Shri B. P. Chaturvedi , IInd Additional Sessions Judge, Raisen .

Dr. Umesh Sahu , Additional Judge to IInd Additional Sessions Judge , ( Fast Track Court) , Bioara .

Shri Mahendra Kumar Jain , IInd Additional Sessions Judge , ( Fast Track Court) , Jaora .

IInd Additional Sessions Judge , Rewa

79. Rewa (Mauganj ) IInd Additional Sessions Judge , ( Fast Track Court) , Mauganj .

85. Satna ( Maihar)

Shri Vinod Kumar , IInd Additional Sessions Judge , Rewa .

Shri Sanjay Kumar Dwivedi , IInd Additional Sessions Judge , ( Fast Track Court) , Mauganj .

Additional Sessions Judge , Maihar

86. Sehore

IInd Additional Judge to the Court of Ist Additional Sessions Judge , Sehore .

90. Seoni ( Lakhnadoan)

Shri R. S. Sharma , Additional Sessions Judge, Maihar .

Shri S. K. Joshi , IInd Additional Judge to the Court of Ist Additional Sessions Judge , Sehore .

Additional Sessions Judge , Lakhnadoan

91. Shahdol

Special Judge , Scheduled Caste/ Scheduled Tribe ( Prevention of Atrocities ) Act , Shahdol .

92. Shahdol ( Beohari )

Ku . Kalpna Upadhyay , Additional Sessions Judge , Lakhnadoan .

Shri Amarnath , Special Judge , Scheduled Caste/Secheduled Tribe (Prevention of Atrocities) Act , Shahdol .

Additional Sessions Judge , Beohari

Shri U.C. Mishra , Additional Sessions Judge , Beohari .

1894

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

(3)

Additional Sessions Judge , ( Agar)

95. Shajapur (Agar )

97. Sheopur

Special Judge , Scheduled Caste/ Scheduled Tribe ( Prevention of Atrocities ) Act , Sheopur .

101. Sidhi

IInd Additional Sessions Judge , (Fast Track Court) , Sidhi 105. Ujjain (Kachrod)

(4)

Shri S. K. Arse , Additional Sessions Judge , (Agar) .

Shri Sheo Mangal Special Judge , Scheduled Caste/Scheduled Tribe (Prevention of Atrocities) Act, Sheopur .

Shri B. P. Markam , IIIrd Additional Sessions Judge (Fast Track Court) , Sidhi .

Shri R. S. Alawa , ( Kachrod)

Additional Sessions Judge , ( Kachrod)

107. Vidisha

IstAdditional Sessions Judge , Vidisha

111. Mandleshwar

R. B. Gupta , Ist Additional Sessions Judge , Vidisha .

IstAdditional Sessions Judge, Khargone

Shri N.S. Suliuya , Ist Additional Sessions Judge , Khargone . " .

फा. क्र. 17 ( ई ) 83-03 - इक्कीस- ब ( एक) -विद्युत् अधिनियम, 2003 ( 2003 का 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ. क्र. 17 (ई) 83-03- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 16 सितम्बर , 2010 में, निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्: -

संशोधन उक्त अधिसूचना में , सारणी में , अनुक्रमांक 1 , 2 , 4 , 8, 10, 11 , 12 , 13 , 18 , 21 , 24 , 25 , 27 , 29 , 30, 32, 36 , 40 , 41 , 43 , 49 , 54, 63 , 66 , 68 , 69 , 70 , 73 , 76 , 77, 79 , 85 , 86 , 90 , 91 , 92, 95 , 97, 101 , 105, 107 और 111 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात् : -

विशेष न्यायालय का नाम अनुक्रमांक

(1)

सिविल जिले का नाम (2)

(3) 1. अलीराजपुर

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश के न्यायालय का द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , अलीराजपुर.

2. अलीराजपुर

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) जोबट 4. अशोकनगर

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , अशोकनगर

8. बड़वानी

विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जातियां/अनुसूचित जनजातियां ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, बड़वानी.

विशेष न्यायालय का क्षेत्राधिकार

(4)

अलीराजपुर का विद्युत् क्षेत्र

जोबट का विद्युत् क्षेत्र

अशोकनगर का विद्युत् क्षेत्र

सिविल जिला, बड़वानी का समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 9 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर ) .

भाग 1 ]

1895

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

(3) 10. बैतूल

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , बैतूल

11. बैतूल

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , मुलताई

12. भिण्ड

प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , भिण्ड

13 . भिण्ड

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , लहार 18. छतरपुर

षष्ठम् अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , छतरपुर.

प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , छिंदवाड़ा

21. छिंदवाड़ा

24. दतिया

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश के न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , दतिया.

दतिया

25.

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश सेवड़ा 27 . देवास

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, सोनकच्छ.

29. धार

चतुर्थ अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , धार.

30. धार

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, के न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश ( फास्ट ट्रैक कोर्ट ) , कुक्षी.

32. धार

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , सरदारपुर 36. गुना

चतुर्थ अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , गुना.

40. ग्वालियर

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , डबरा

(4)

सिविल जिला बैतूल तथा भैंसदेही का समस्त विद्युत् क्षेत्र ( अनुक्रमांक 11 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर ) .

मुलताई का विद्युत् क्षेत्र

सिविल जिला भिण्ड का समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 13 एवं 14 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर ) .

लहार का विद्युत् क्षेत्र

सिविल जिला छतरपुर का समस्त विद्युत् क्षेत्र ( अनुक्रमांक 19 तथा 20 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर.

सिविल जिला , छिन्दवाड़ा का समस्त विद्युत् क्षेत्र ( अनुक्रमांक 22 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर) .

सिविल जिला, दतिया का समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 25 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर ) .

सेवढ़ा का विद्युत् क्षेत्र

सोनकच्छ का विद्युत् क्षेत्र

सिविल जिला, धार का समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 30,31 , तथा 32 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर ) .

कुक्षी का विद्युत् क्षेत्र

सरदारपुर का विद्युत् क्षेत्र

सिविल जिला गुना , का समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 37 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर ) .

डबरा का विद्युत् क्षेत्र 1896

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(2)

(3) (1)

41. हरदा

प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , हरदा

43. होशंगाबाद

(4)

सिविल जिला हरदा का विद्युत् क्षेत्र सोहागपुर एवं पचमढ़ी का विद्युत् क्षेत्र

प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , सोहागपुर

49. इन्दौर

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , महू 54. कटनी

तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , कटनी.

63. मुरैना

प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , जौरा के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश.

66 . नीमच

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , नीमच.

68 .

पन्ना

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , पन्ना.

69 . पन्ना

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , पवई 70. रायसेन

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश रायसेन

73. राजगढ़

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , के न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , ब्यावरा.

76.

रतलाम

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) जावरा 77 . रीवा

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , रीवा

79. रीवा

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , मउगंज.

85. सतना

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , मैहर 86. सीहोर

प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश,

के न्यायालय का द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश सीहोर.

महू का विद्युत् क्षेत्र

सिविल जिला, कटनी का समस्त विद्युत् क्षेत्र जौरा का विद्युत् क्षेत्र

सिविल जिला नीमच के समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 66 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर ) .

सिविल जिला, पन्ना का समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 68 के न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर ) .

पवई का विद्युत् क्षेत्र

सिविल जिला रायसेन के समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 70 के न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर ).

ब्यावरा का विद्युत् क्षेत्र

जावरा, आलोट एवं सैलाना का विद्युत् क्षेत्र सिविल जिला रीवा के दक्षिण संभाग का संपूर्ण विद्युत क्षेत्र एवं उत्तर संभाग का विद्युत क्षेत्र मऊगंज का विद्युत् क्षेत्र

मैहर एवं अमरपाटन का विद्युत् क्षेत्र सिविल जिला , सीहोर के समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 86 तथा 87 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर ) .

भाग 1 ]

1897

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

(3)

(4)

90. सिवनी

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , लखनादौन

लखनादौन का विद्युत् क्षेत्र 91. शहडोल

विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जातियां/अनुसूचित जनजातियां ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, शहडोल

सिविल जिला शहडोल के समस्त विद्युत् क्षेत्र ( अनुक्रमांक 91 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर ) .

92. शहडोल

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, ब्यौहारी

ब्यौहारी का विद्युत् क्षेत्र 95. शाजापुर

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , आगर

आगर का विद्युत् क्षेत्र 97. श्योपुर

सिविल जिला, श्योपुर का समस्त विद्युत् क्षेत्र विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जातियां/ अनुसूचित जनजातियां ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, श्योपुर.

101. सीधी

तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , सीधी.

सिविल जिला, सीधी के समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 102 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर ) .

105. उज्जैन

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , खाचरौद

खाचरौद तथा नागदा का विद्युत् क्षेत्र 107. विदिशा

प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विदिशा

सिविल जिला, विदिशा के समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 108 एवं 109 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर ) .

111 . मण्डलेश्वर

प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , खरगौन

खरगौन तथा भीकनगांव का विद्युत् क्षेत्र.

टिप्पणी- विशेष न्यायालय में लंबित मामले उनकी क्षेत्रीय अधिकारिता के अनुसार नवीन गठित न्यायालय में अंतरित हो जायेंगे .

F - NO. - 17- (E ) 83-03- XXI - B ( 1 ) .- In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 153 of the Electricity Act , 2003 ( No. 36 of 2003 ) , the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh , hereby makes the following amendments in this Department's Notification F. No. 17 (E) 83 / 03 /XXI - B ( 1 ) dated 16th September, 2010 , nemely :-

AMENDMENTS

In the said notification , in the Table , for serial numbers 1 , 2 , 4 , 8 , 10, 11 , 12 , 13 , 18 , 21 , 24 , 25 , 27 , 29 , 30 , 32 , 36 , 40, 41 , 43, 49 , 54 , 63 , 66 , 68 , 69 , 70 , 73 , 76 , 77 , 79 , 85 , 86 , 90 , 91 , 92 , 95 , 97 , 101 , 105 , 107 and 111 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely:-

1898

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

TABLE S. No.

Name of CivilDistrict

Name of Special Courts

(2)

(1)

(3) " 1

Alirajpur

IInd Additional Judge , to the IInd Additional Sessions Judge , (FastTrack Court ) , Alirajpur

2

Alirajpur ( Jobat) IInd Additional Sessions Judge , (Fast Track Court) , (Jobat) .

4

Ashoknagar

IInd Additional Sessions Judge , Ashoknagar .

8

Barwani

Special Judge , Scheduled Caste/ Scheduled Tribe ( Prevention of Act, Barwani.

10

Betul

IInd Additional Sessions Judge , Betul

11

Betul (Multai)

IInd Additional Sessions Judge, (Multai .) Bhind

12

Ist Additional Sessions Judge , Bhind 13

Bhind ( Lahar)

Additional Sessions Judge Lahar .

18

Chhatarpur

V1th Additional Sessions Judge , (FastTrack Court) Chhatarpur .

21

Chhindwara

1stAdditional Sessions Judge , Chhindwara 24

Datia

Additional Judge to IInd Additional Sessions Judge ( Fast Track Court) , Datia.

25

Datia ( Seondha) Additional Sessions Judge , Seondha.

27

Dewas ( Sonkatch) Additional Sessions Judge , Sonkatch Territorial jurisdiction of Special Court (According to the Electricity Areas ) (4)

Electricity area of Alirajpur

Electricity area of Jobat

Electricity area of Ashoknagar .

All electricity area of Civil District , Barwani (excluding the jurisdiction of Special Court at serial number 90 ) All electricity area of Civil District , Betul and Bhensdehi ( excluding the jurisdiction of Special Court at serial number 11 )

Electricity area of Multai

All electricity area of Civil District , Bhind (excluding the jurisdiction of Special Courts at serial number 13 and 14)

Electricity area of Lahar

All electricity area of Civil District , Chhatarpur ( excluding the jurisdiction of Special Court 19 and 20)

All Electricity area of Civil District Chhindwara Jurisdiction of Special Court at serial number 22) .

All electricity area of Civil District , Datia (excluding the jurisdiction of Special Court at serial number 26 ) Electricity area of Seondha

Electricity area of Sonkatch भाग 1 ]

1899

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(2)

(1)

(3) 29

Dhar

(4)

IVth Additional Sessions Judge ,

Dhar

30

Dhar (Kukshi )

Additional Judge to IInd Additional Sessions Judge (Fast Track Court) , (Kukshi).

32

Dhar (Sardarpur) Additional Sessions Judge , Sardarpur.

36

Guna

IVth Additional Sessions Judge , (Fast Track Court) , Guna .

40

Gwalior (Dabra) IInd Additional Sessions Judge , Dabra.

41

Harda

Ist Additional Sessions Judge , Harda.

43

Hoshangabad (Sohagpur)

Ist Additional Sessions Judge , Sohagpur 49

Indore (Mhow)

All electricity area of Civil District , Dhar(excluding the jurisdiction of Special Court at serial numbers 30 , 31 and 32)

Electricity area of Kukshi

Electricity area of Sardarpur

All electricity area of Civil District Guna excluding the jurisdiction of Special Court at serial number 37 ) .

Electricity area of Dabra

Electricity area of Civil District Harda Electricity area of Sohagpur and Pachmadi .

Electricity area of Mhow

IInd Additional Sessions Judge ,

Mhow

54

Katni

All electricity area of Civil District , Katni.

IIIrd Additional Sessions Judge

(Fast Track Court) , Katni

63

Morena (Jaora)

Electricity area of Jaora

IInd Additional Sessions Judge

(FastTrack Court ) , (Jaora)

66

Neemuch

IInd Additional Sessions Judge (FastTrack Court) , Neemuch .

68

Panna

IInd Additional Sessions Judge , ( Fast Track Court) , Panna .

69

Panna (Pawai)

Additional Sessions Judge , Pawai ..

70

Raisen

IInd Additional Sessions Judge , Raisen.

All electricity area of Civil District , Neemuch (excluding the jurisdiction ofSpecial Court at serial number 66) .

All electricity area of Civil District , Panna (excluding the jurisdiction of Special Court at serial number 68 ) .

Electricity area of Pawai

All Electricity area of Civil District , Raisen (excluding the jurisdiction ofSpecial Court at serial number 70) .

1900

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

(3) 73

Rajgarh

Additional Judge to IInd Additional Sessions Judge (Fast Track Court) Bioara.

76

Ratlam ( Jaora)

IInd Additional Sessions Judge , (FastTrack Court) , Jaora .

77

Rewa

IInd Additional Sessions Judge , Rewa .

79

Rewa (Mauganj ) IInd Additional Sessions Judge , (FastTrack Court ) , Mauganj .

85

Satna (Maihar)

Additional Sessions Judge,Maihar 86

Sehore

IInd Additional Judge to the Court of IstAdditional Sessions Judge , Sehore .

90

Seoni (Lakhanadoan) Additional Sessions Judge , Lakhnadoan 91

Shahdol

Special Judge to Scheduled Caste/ Schduled Tribe (Prevention of Atrocities ) Act, Shahdol .

92

Shahdol ( Beohari) Additional Sessions Judge Beohari .

95

Shajapur (Agar) Additional Sessions Judge , Agar.

97

Sheopur

Special Judge , Scheduled cast/ Scheduled Tribe ( Prevention ofAtrocities) Act , Sheopur .

101

Sidhi

IIIrdAdditional Sessions Judge , (FastTrack Court ) , Sidhi 105

Ujjain ( Kachrod) Additional Sessions Judge , Kachrod.

107

Vidisha

IstAdditional Sessions Judge , Vidisha

(4)

Electricity area of Bioara

Electricity area of Jaora , Alot Sailana .

All Electricity area of South division and North division of Civil District Rewa.

Electricity area of Mauganj

Electricity area of Maihar and Amarpatan

All Electricity area of Civil District , Sehore ( excluding the jurisdiction ofSpecial Court at serial number 86 and 87) .

Electricity area of Lakhnadoan All Electricity area of Civil District , Shahdol ( excluding the jurisdiction ofSpecial Court at serial number 91 ) .

Electricity area of Beohari

Electricity area of Agar

Electricity area of Civil District , Sheopur.

All electricity area of Civil District , Sidhi ( excluding the jurisdiction of Special Court at serial number 102 ) .

All Electricity area of Kachrod and Nagda

All Electricity area of Civil District , Vidisha ( excluding the jurisdiction ofSpecial Court at serial number 208 and 109) .

भाग 1 ]

1901

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

111

Mandleshwar

IstAdditional Sessions Judge , Khargone .

(4)

Electricity area of Khargone , and Bhekangaon " .

Note . The pending cases of the Special Court shall be stand transferred to the newly constituted Court according to their territorial jurisdiction .

भोपाल , दिनांक 25 मई 2011

फा. क्र. 17 ( ई ) 49-2009- इक्कीस- ब ( एक).- कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम , 1984 ( 1984 का सं. 66) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात् एतद्वारा , नीचे दी गई अनुसूची के कालम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट कुटुम्ब न्यायालयों की स्थापना, उक्त अनुसूची के कालम ( 3 ) की तत्स्थानी प्रविष्टियों में विनिर्दिष्ट मुख्यालयों पर, उसके ( अनुसूची के ) कालम (4 ) में विनिर्दिष्ट क्षेत्रों के लिये दिनांक 25 मई, 2011 से करता है: -

अनुक्रमांक कुटुम्ब न्यायालय, का नाम (1)

(2)

1. कुटुम्ब न्यायालय , राजगढ़ ( ब्यावरा )

अनुसूची

क्षेत्र जिसकी अधिकारिता तक विस्तार होगा

मुख्यालय

(3)

(4)

राजगढ़ ( ब्यावरा )

2. कुटुम्ब न्यायालय , होशंगाबाद कटोनमेंट क्षेत्र को यदि कोई हो सम्मिलित करते हुए, नगर पालिका राजगढ़ ( ब्यावरा ) की सीमाएं.

होशंगाबाद

कटोनमेंट क्षेत्र को यदि कोई हो सम्मिलित करते हुए, नगर पालिका होशंगाबाद की सीमाएं.

F - NO . - 17- (E ) 49-2009 - XXI - B ( 1 ) .- In exercise of the powers conferred by Section 3 of the Family Courts Act, 1984 (No. 66 of 1984) , the State Government , After Consultation with the High Court , hereby establish , with efect from 25 May, 2011 Family Court specified in column (2 ) of the Schedule below , at the head quarters specified in the corresponding entries in column ( 3 ) , for the areas specified in column ( 4) : -

SCHEDULE

Name of Family Court (2)

S. No. (1)

Head quarters

(3)

1.

Area to which the Jurisdiction shall extend (4)

Rajgarh (Bioara)

Family Court , Rajgarh (Bioara)

2.

Family Court , Hoshangabad Limits of Municipality Rajgarh ( Bioara) including Cantonment area if any.

Hoshangabad

Limits of Municipality Hoshangabad including Cantonment area if any.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

ए. के. मिश्रा , प्रमुख सचिव.

1902

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला उमरिया, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

उमरिया, दिनांक 9 अप्रैल 2011

क्र. 2312 - भू- अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

(1) (2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) उमरिया

22.389 मानपुर

बड़छड़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

खन्ना बंजारी रेलवे स्टेशन से कुटेश्वर लाईम स्टोन माईन्स तक रेलवे लाईन निर्माण बाबत्.

महाप्रबंधक रा - मटेरियल डिवीजन कुटेश्वर लाईम स्टोन माईन्स बरही जिला कटनी ( स्टील अथारिटी आफ इण्डिया लिमिटेड) .

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- खन्ना बंजारी रेलवे स्टेशन से कुटेश्वर लाईम स्टोन माईन्स तक रेलवे लाईन निर्माण बावत्. ,

( 3 ) भूमि के नक्शा ( प्लाट) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी मानपुर जिला उमरिया एवं महाप्रबंधक रा - मटेरियल डिवीजन कुटेश्वर लाईम स्टोन माईन्स, बरही जिला कटनी ( स्टील अथारिटी आफ इण्डिया लिमिटेड ) के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 2313 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

(2)

(1)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) उमरिया

भरौली

1.252 मानपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

खन्ना बंजारी रेलवे स्टेशन से कुटेश्वर लाईम स्टोन माईन्स तक रेलवे लाईन निर्माण बाबत्.

महाप्रबंधक रा - मटेरियल डिवीजन कुटेश्वर लाईम स्टोन माईन्स बरही जिला कटनी ( स्टील अथारिटी आफ इण्डिया लिमिटेड) .

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- खन्ना बंजारी रेलवे स्टेशन से कुटेश्वर लाईम स्टोन माईन्स तक रेलवे लाईन निर्माण बावत्. ,

(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लाट ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी मानपुर जिला उमरिया एवं महाप्रबंधक रा - मटेरियल डिवीजन कुटेश्वर लाईम स्टोन माईन्स, बरही जिला कटनी ( स्टील अथारिटी आफ इण्डिया लिमिटेड ) के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

1903

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

क्र. 2314 - भू-अर्जन-2011 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे . में) (1) (2)

(4)

(3)

उमरिया

1.242

करसरा नं. - 2

मानपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

खन्ना बंजारी रेलवे स्टेशन से कुटेश्वर लाईम स्टोन माईन्स तक रेलवे लाईन निर्माण बाबत्.

महाप्रबंधक रा - मटेरियल डिवीजन कुटेश्वर लाईम स्टोन माईन्स बरही जिला कटनी ( स्टील अथारिटी आफ इण्डिया लिमिटेड) .

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- खन्ना बंजारी रेलवे स्टेशन से कुटेश्वर लाईम स्टोन माईन्स तक रेलवे लाईन निर्माण बावत्.

( 3 ) भूमि के नक्शा ( प्लाट) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी मानपुर जिला उमरिया एवं महाप्रबंधक रा - मटेरियल डिवीजन कुटेश्वर लाईम स्टोन माईन्स , बरही जिला कटनी के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एन. एस. भटनागर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

दमोह, दिनांक 9 मई 2011

क्र. भू.अ.अ.- 2011-12-2030. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

जिला तहसील/तालुका

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)

(1)

(3)

(4) दमोह दमोह

बालाकोट

14.31

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन , संभाग दमोह ( म. प्र. ) .

बालाकोट जलाशय बांध एवं डूब क्षेत्र तथा नहर हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) बालाकोट, दमोह तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

1904

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

क्र. भू.अ.अ.- 2011-12-2031.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

जिला तहसील/तालुका

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

(4) दमोह

सिद्ध बाबा

12.55 दमोह

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग दमोह ( म. प्र. ) .

सिद्ध बाबा जलाशय बांध एवं डूब क्षेत्र तथा नहर हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) सिद्ध बाबा, दमोह तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. भू.अ.अ.- 2011-12-2032 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

जिला तहसील /तालुका

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)

(4)

(3)

दमोह दमोह

चंदौरा

8.23

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग दमोह ( म. प्र. ) .

चंदौरा जलाशय बांध एवं डूब क्षेत्र हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) चंदौरा , दमोह तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

दमोह दिनांक 12 मई 2011

प्र. क्र. 73-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित 1905 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम

जिला तहसील/तालुका

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(1) (2)

(6) (3)

(4)

(5)

1

दमोह

0.30

(1) कौरासा

प्रबंधक म. प्र. रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमि. सागर.

सागर - दमोह मार्ग का सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन कार्य हेतु.

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_ "_

-0.22

(2) पडरिया

योग : 0.52

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानंद दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

टीकमगढ़ , दिनांक 10 मई 2011

प्र. क्र. 12 - भू-अर्जन- 2010-11 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गयी अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों द्वारा सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के तहत दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(1) (2)

(3)

(4)

(5)

(6) जतारा

टीकमगढ़

0.566 0.566

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जतारा .

लारखुर्द एवं जरूवा कुल रकबा अशासकीय

लारखुर्द जरुवा मार्ग पर उर नदी पुल के निर्माण कार्य में आने वाली भूमि का अधिग्रहण.

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- लारखुर्द जरूवा मार्ग पर उर नदी पुल के निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.

( 3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जतारा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अखिलेश श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1906

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बैतूल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

बैतूल, दिनांक 12 मई 2011

प्र. क्र. 5अ -82वर्ष 2011- भू- अर्जन- 3469.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(3)

(4)

20.139

इटावा

मुलताई

(1) बैतूल

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग मुलताई.

इटावा जलाशय बांध निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन .

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी मुलताई तथा कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन, संभाग मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी मुलताई के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विजय आनंद कुरील , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

छतरपुर, दिनांक 13 मई 2011

प्र. क्र. 21 - अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(3)

(4)

0.212 गौरिहार

(1) छतरपुर

नीबीखेड़ा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लौड़ी.

बरियारपुर बाई नहर उमराहा शाखा की छपारा माईनर हेतु.

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- बरियारपुर बाईं नहर उमराहा शाखा की छपारा माईनर हेतु भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, तहसील कार्यालय गौरिहार में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , राहुल जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1907

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

कार्यालय, कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

मनावर, दिनांक 19 मई 2011

क्र. 664-वाचक- प्र.क्र. 12 -अ- 82-2010-11- संशोधित. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : ---

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

(2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4) मनावर

धार (1)

0.845

जोतपुर (पूरक) प.ह.नं. 31

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 मनावर.

औंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर निर्माण आर.डी. 130375 मी. से निकलने वाली डिस्ट्रीब्यूटरी क्र. 14 एवं उसकी माईनरों के बीच नहर निर्माण हेतु.

नोट:- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर एवं भू- अर्जन अधिकारी सरदार सरोवर परियोजना मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 मनावर जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला कटनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

कटनी , दिनांक 19 मई 2011

प्र.क्र. 13 - अ- 82 - वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

(1)

(2) (3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) कटनी रीठी

निजी- 4.42

घिनौची प.ह.नं. 22

4.42

कुल

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

घिनौची जलाशय योजना नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग, कटनी.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी कटनी के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. सेलवेन्द्रन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1908

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

राजगढ़, दिनांक 20 मई 2011

क्र. 8432- भू-अर्जन- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

(1) (2)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4)

(3)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

नहर में प्रभावित भूमि

1.012 1.955 राजगढ़

राजगढ़ राजगढ़ राजगढ़

कानबे बांकपुरा

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग राजगढ़ .

कानबे तालाब बांध में शेष एवं नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित भूमि

कानबे तिदोनिया

5.665 0.417 राजगढ़ राजगढ़

राजगढ़ राजगढ़

कुल योग : 9.049 (2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .

राजगढ़ , दिनांक 26 मई 2011

क्र. 8682- भू-अर्जन- 2011.- चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2)

(3)

(4)

1.581 राजगढ़ राजगढ़

0.652

0.353

बांसखेड़ा देहरीकराड़ गोरियाखेड़ा

कुल योग : 2.586 (2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

गोकुलपुरा नहर के निर्माण हेतु शेष रही भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग राजगढ़ .

भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1909

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 23 मई 2011

क्र. 839 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2)

(3)

(4) रीवा

3.00 सिरमौर ग्राम बलहरा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा, मध्यप्रदेश.

क्योटी नहर प्रणाली की दुलेहरा माइनर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियजोना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 841 - भू-अर्जन . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

(4) रीवा सिरमौर

5.50

ग्राम शाहपुर

(2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , रीवा, मध्यप्रदेश.

सिरमौर वितरक नहर के दुलहरा माइनर आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियजोना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

1910

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

खरगोन , दिनांक 25 मई 2011

क्र. 848 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का वर्णन

जिला तहसील ग्राम/नगर

का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

(4)

(6) (3)

(5)

खरगोन गोगावां निमवाड़ी

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग, क्रमांक 19, भीकनगांव.

अपरवेदा परियोजना की मुख्य नहर एवं उसकी दसनावल वितरण शाखा के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

वनपरिक्षेत्र खरगोन के वन ग्राम निमवाड़ी की दि. 13-12-05 तक अतिक्रमित वनभूमि जो वन अधिकार मान्यता अधिनियम, 2006 के अंतर्गत मान्यता प्राप्त वनभूमि है । क्षेत्रफल 4.222 हेक्टर.

नोट: - ( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , जिला खरगोन, भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , अपरवेदा परियोजना , भीकनगांव मुख्यालय खरगोन , कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-19 , भीकनगांव एवं वन मण्डलाधिकारी , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

(3) वनभूमि के व्यपवर्तन की अनुमति भारत शासन, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के ज्ञाप क्रमांक 6/19/2005/1333 , दिनांक 27-7-2006 से निर्माण विभाग द्वारा प्राप्त की गई है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

शाजापुर, दिनांक 25 मई 2011

क्र. भू-अर्जन- 2011-140.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद क्रमांक ( 1 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 8 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , पद नं. ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम भाग 1 ]

1911

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

की धारा 5 -क के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण

धारा 4 ( 2)

जिला तहसील

ग्राम

का वर्णन

भूमि का विवरण

(हेक्टेयर में)

के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

निजी

शासकीय

योग

( रकबा हे.में. )

सर्वे नं.

(1) (2)

(4)

(3)

(5) (6)

(7)

(8)

संलग्नक " क"

ग्राम डोंगरगांव, तहसील सुसनेर में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम उज्जैन द्वारा एकीकृत जांच चौकी के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि का विस्तृत विवरण माननीय उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश खण्डपीठ इन्दौर के निर्देशानुक्रम में निम्नवत् है : -

0.26

डोगरगांव

101

सुसनेर

शाजापुर

0.70

282

डोगरगांव में अन्तर्राज्यीय

107

0.04

मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, उज्जैन .

एकीकृत जांच

283

0.85

चौकी निर्माण

106

0.91

हेतु.

284

0.97

105/2

0.21

285

1.35

347

0.47

286

0.65

349

0.19

0.12

291

348

0.75

345

0.15

257

0.10

281

0.54

344

0.55

256

0.46

346

1.08

292

1.45

105/1

1.33

355

0.01

0.18

293

356

0.71

1.20

302

357

0.59

303/2

0.20

342

0.75

303/1

0.43

338

0.16

354

0.03

योग : 17.39

नोट. ( 2 ) मान . उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश खण्डपीठ इन्दौर द्वारा याचिका क्र. 3129/11 में पारित आदेश दिनांक 10-5-2011 के पालन में अधिग्रह अधीन भूमि का विशिष्ट उल्लेख किया जाना है अतएव उपरोक्त 17.39 हेक्टर भूमि का विस्तृत विवरण संलग्नक " क " में है . जो इस अधिसूचना का अभिन्न अंग है .

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी, अनुभाग सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , सोनाली एन. वायंगणकर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1912

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

कार्यालय , कलेक्टर , जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

पन्ना, दिनांक 21 अप्रैल 2011

प्र. क्र. 112 - अ- 82- वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

(2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में ) (4) (1) पन्ना

22.38 शाहनगर ठेपा

निजी भूमि एवं शासकीय भूमि रकबा 2.52 कुल 24.90

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, पन्ना.

चकरभआ बांध निर्माण डूब क्षेत्र, वेस्टवियर, स्पिल वे , एप्रोच चैनल एवं नहर निर्माण कार्य .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है .

पन्ना, दिनांक 5 मई 2011

प्र. क्र. 138 - अ- 82- वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(1)

(3)

(4) पन्ना

3.285 गुनौर लमकुष निजी भूमि एवं शासकीय भूमि रकबा 0.173 कुल 3.458

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

भितरी मुटमुरू जलाशय योजना अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 139 - अ- 82 - वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , भाग 1 ]

1913

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

जिला तहसील

भूमिका वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

(4) पन्ना

नयागांव

3.721 गुनौर

एवं शासकीय भूमि रकबा 0.196

निजी भूमि कुल 3.917

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, पन्ना.

भितरी मुटमुरू जलाशय योजना अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र . क्र. 140- अ-82-वर्ष 2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4) पन्ना

पटना

4.632 गुनौर

निजी भूमि एवं शासकीय

भूमि रकबा 0.244 कुल 4.876

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

भितरी मुटमुरू जलाशय योजना अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 141 - अ- 82- वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) पन्ना

1.410

तमोली

गुनौर

निजी भूमि एवं शासकीय

भूमि रकबा 0.074 कुल 1.484

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

भितरी मुटमुरू जलाशय योजना अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है .

1914

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

प्र. क्र. 142 - अ-82 - वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में , उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमिका वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4) (1) पन्ना

भड़ार (3)

(2) गुनौर

निजी भूमि 4.154 एवं शासकीय भूमि रकबा 0.462 कुल 4.615

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन द्वारा प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2)

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

जसवंतपुर जलाशय योजना अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 143 - अ-82- वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

जिला

भूमिका वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) पन्ना

(3) जसवंतपुर

(2) गुनौर

(4) निजी भूमि 131.499 एवं शासकीय

भूमि रकबा 108.389

कुल 239.888

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, पन्ना.

जसवंतपुर जलाशय योजना अंतर्गत जलाशय के निर्माण क्षेत्र, बेस्टबियर, स्पिल चैनल के निर्माण क्षेत्र तथा भराव क्षेत्र एवं नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 144- अ- 82 - वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

भूमिका वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(3)

(4) पन्ना

3.713

मझगुवां खुर्द

(2) गुनौर

निजी भूमि एवं शासकीय भूमि रकबा 0.413

कुल 4.126

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

जसवंतपुर जलाशय योजना अंतर्गत जलाशय के निर्माण क्षेत्र, बेस्टबियर, स्पिल चैनल के निर्माण क्षेत्र तथा भराव क्षेत्र एवं नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

1915

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

प्र. क्र. 15- अ-82 - वर्ष 2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(4) पन्ना

7.092

(3) पिपरवाह निजी भूमि (2) गुनौर

एवं शासकीय

भूमि रकबा 0.788 कुल 7.880

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

जसवंतपुर जलाशय योजना अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 146- अ-82- वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में , उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

तहसील

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2) (3)

(4) (1) पन्ना

तमगद

30.92 गुनौर

निजी भूमि

एवं शासकीय

भूमि रकबा 22.60

कुल 53.52

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन द्वारा प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2)

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना.

जसवंतपुर जलाशय योजना अंतर्गत जलाशय के निर्माण क्षेत्र, बेस्टबियर, स्पिल चैनल के निर्माण क्षेत्र तथा भराव क्षेत्र एवं नहर निर्माण हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है .

प्र. क्र. 147- अ- 82 - वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2) (3)

(4)

10.112 पन्ना गुनौर बिक्रमपुर निजी भूमि एवं शासकीय

भूमि रकबा 8.968 19.080

कुल

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

जसवंतपुर जलाशय योजना अंतर्गत जलाशय के निर्माण क्षेत्र , बेस्ट बियर, स्पिल चैनल के निर्माण क्षेत्र तथा भराव क्षेत्र एवं नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है .

1916

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

प्र. क्र. 148- अ-82- वर्ष 2010-11 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में , उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमिका वर्णन

नगर/ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में ) (2)

(3)

(4) (1) पन्ना

पन्ना बांधीकला निजी भूमि 69.026 एवं शासकीय भूमि रकबा 82.485

कुल 151.510

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन द्वारा प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 )

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

ड़ोभा जलाशय योजना अंतर्गत जलाशय के निर्माण क्षेत्र, बेस्टबियर, स्पिल चैनल के निर्माण क्षेत्र तथा भराव क्षेत्र एवं नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 149- अ-82-वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(3)

(4) (1) पन्ना

पन्ना इटवां कला निजी भूमि 112.196 एवं शासकीय भूमि रकबा 130.362

कुल 242.559

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

ड़ोभा जलाशय योजना अंतर्गत जलाशय के निर्माण क्षेत्र, बेस्ट बियर, स्पिल चैनल के निर्माण क्षेत्र तथा भराव क्षेत्र एवं नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 150 - अ- 82- वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

(1)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) पन्ना

(2) पन्ना कोहनी

1.922

निजी भूमि एवं शासकीय

भूमि रकबा 0.214

2.136

कुल

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, पन्ना.

ड़ोभा जलाशय योजना अंतर्गत जलाशय के निर्माण क्षेत्र, बेस्टबियर, स्पिल चैनल के निर्माण क्षेत्र तथा भराव क्षेत्र एवं नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

भाग 1 ]

1917

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

प्र. क्र. 151 - अ-82-वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमिका वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(4) पन्ना

पन्ना

3.455

(3) बरबसपुरा निजी भूमि एवं शासकीय भूमि रकबा 0.940

कुल 4.395

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

ड़ोभा जलाशय योजना अंतर्गत जलाशय के निर्माण क्षेत्र, बेस्टबियर, स्पिल चैनल के निर्माण क्षेत्र तथा भराव क्षेत्र एवं नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है .

पन्ना, दिनांक 6 मई 2011

प्र. क्र. 133- अ- 82- वर्ष 2010-11. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4) (1) पन्ना

10.883 (2) गुनौर

(3) बंधूर

एवं शासकीय

0.573

निजी भूमि भूमि रकबा

कुल 11.456

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

भितरी मुटमुरु जलाशय अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है .

प्र. क्र. 134- अ- 82- वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(3)

(4) (1) पन्ना

ब्यौहारी

0.855 गुनौर

निजी भूमि एवं शासकीय

0.045 0.900

भूमि रकबा कुल

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन द्वारा प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 )

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, पन्ना.

भितरी मुटमुरु जलाशय अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

1918

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

प्र. क्र. 135 - अ-82- वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमिका वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2)

(4) (1) पन्ना

3.681

(3) इटवा

गुनौर

निजी भूमि एवं शासकीय भूमि रकबा 0.194 3.875

कुल

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन द्वारा प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 )

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

भितरी मुटमुरु जलाशय अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है .

प्र. क्र. 136 - अ- 82- वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(4) (1) पन्ना

4.572

(3) कुलगवां

(2) गुनौर

निजी भूमि एवं शासकीय

0.241 4.813

भूमि रकबा कुल

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन द्वारा प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 )

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

(6) भितरी मुटमुरु जलाशय अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 137- अ- 82- वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में , उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

भूमिका वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) (1) पन्ना

(3) कटरा

3.308 (2) गुनौर

भूमि रकबा 0.174 3.483

निजी भूमि एवं शासकीय कुल

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

(6) भितरी मुटमुरु जलाशय अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , के. सी. जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1919

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बालाघाट, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

बालाघाट, दिनांक 16 मई 2011

क्र. 01-अ-82 - वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

(1)

बालाघाट

(2) खैरलांजी

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) 0.068

(3) पुलपुट्टा प.ह.नं.48/6

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना के अंतर्गत पुलपुट्टा मायनर हेतु अतिरिक्त भूमि.

(5) कार्यपालन यंत्री , राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी , तहसील कटंगी, जिला बालाघाट ( मध्यप्रदेश) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू-अर्जन , बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

क्र. -अ- 82- वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

(1) बालाघाट

(2) तिरोडी

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में ) (4) 0.202

(3) हरदोली प.ह.नं. 19

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना की मुख्य नहर के तहत हरदोली वितरक नहर, निर्माण ( अतिरिक्त भूमि) .

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी, तहसील कटंगी , जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन, बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

क्र. 03 - अ-82- वर्ष-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

(2) खैरलांजी

(1) बालाघाट

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) 0.100

(3) पुलपुट्टा प.ह.नं. 48

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना की मुख्य नहर के तहत पुलपुट्टा वितरक नहर हेतु ( अतिरिक्त भूमि) .

(5) कार्यपालन यंत्री , राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी , तहसील कटंगी, जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

1920

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

क्र. 04 - अ- 82 - वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (2) वारासिवनी

(1) बालाघाट

(4) 0.357

(3) खण्डवा प.ह.नं. 24

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना की मुख्य नहर के अंतर्गत खण्डवा वितरक नहर निर्माण ( अतिरिक्त भूमि ) .

(5) कार्यपालन यंत्री , राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी, तहसील कटंगी , जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू-अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

क्र. 05- अ- 82 - वर्ष - 2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (1) बालाघाट

(2) तिरोडी

(4) 0.447

(3) सुकली प.ह.नं. 5

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री , राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी , तहसील कटंगी, जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश ).

(6) राजीव सागर परियोजना की मुख्य नहर निर्माण के अंतर्गत सुकली माईनर निर्माण के लिए अतिरिक्त भूमि.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

क्र. 06- अ- 82 - वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

(1) बालाघाट

(2) खैरलांजी

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) 0.073

(3) झिरीया प.ह.नं. 3

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना की मुख्य नहर के अंतर्गत झिरिया माईनर निर्माण के लिए अतिरिक्त भूमि.

(5) कार्यपालन यंत्री , राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी, तहसील कटंगी , जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश ) .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू-अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

1921

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

क्र. 07- अ-82 - वर्ष- 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

(1) बालाघाट

(2) तिरोडी

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) 0.121

(3) चाकाहेटी प.ह.नं. 5

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना की मुख्य नहर के अंतर्गत आजनबिहरी मायनर के लिए ( अतिरिक्त भूमि) .

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी, तहसील कटंगी, जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

क्र. 08 - अ- 82 - वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

(1) बालाघाट

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में ) (4) 0.122 (2) तिरोडी

(3) बम्हनी ( सायटोला) प.ह.नं. 4

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना की मुख्य नहर के तहत बम्हनी वितरक नहर के लिए ( अतिरिक्त भूमि ) .

(5) कार्यपालन यंत्री , राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी , तहसील कटंगी , जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश ).

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

क्र. 09 - अ- 82- वर्ष- 2010-2011. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

(1) बालाघाट

(2) तिरोडी

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में ) (4) 0.076

प.ह.नं. 4 (3) बम्हनी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना की मुख्य नहर के अंतर्गत बम्हनी वितरक नहर के लिए अतिरिक्त भूमि.

(5) कार्यपालन यंत्री , राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी, तहसील कटंगी, जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

1922

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

क्र. 10- अ- 82- वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (1) (2)

बालाघाट खैरलांजी

(4) 0.081

(3) डोगरिया प.ह.नं. 44/3

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना मुख्य नहर के अंतर्गत डोगरिया वितरक नहर निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि.

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी , तहसील कटंगी , जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश ) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

क्र. 11 - अ - 82 - वर्ष - 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

(1)

बालाघाट

(2) लांजी

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) 3.394

(3) सर्रा एवं कड़ता प.ह.नं. 22

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , सेतु निर्माण संभाग सिवनी (म. प्र.).

(6) कड़ता- सर्रा- नेवरवाही मार्ग के कि.मी. 3/2 में सोन नदी पर सेतु एवं पहुंच मार्ग निर्माण हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

क्र. 12- अ- 82 - वर्ष-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (2) खैरलांजी

(4) 0.120 (1) बालाघाट

(3) झिरिया प.ह.नं. 44/3

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

राजीव सागर परियोजना की मुख्य नहर के तहत झिरिया वितरक नहर के लिये ( अतिरिक्त भूमि ) .

(5) कार्यपालन यंत्री , राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी, तहसील कटंगी , जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

1923

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

क्र. 13- अ- 82 - वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (1) (2)

वारासिवनी

बालाघाट

(4) 0.357

(3) जबरटोला प.ह.नं. 41

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री , राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी, तहसील कटंगी , जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश).

(6) राजीव सागर परियोजना मुख्य नहर के अंतर्गत वारासिवनी मुख्य नहर पर मार्ग निर्माण प्रयोजन हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

क्र. 14- अ - 82 - वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

(2) वारासिवनी

(1) बालाघाट

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) 0.223

(3) लालपुर प.ह.नं. 33

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना की मुख्य नहर के तहत, लालपुर वितरक नहर के लिए ( अतिरिक्त) भूमि.

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी, तहसील कटंगी, जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश ).

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

क्र. 15 - अ- 82 - वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (1) बालाघाट

(2) तिरोडी

(4) 0.081

(3) चितेवानी प.ह.नं. 19

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना की मुख्य नहर के तहत, चितेवानी वितरक नहर के लिए ( अतिरिक्त भूमि) .

(5) कार्यपालन यंत्री , राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी, तहसील कटंगी , जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

1924

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

क्र. 16- अ-82-वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (1)

बालाघाट

(4) 0.101 (2) कटंगी

(3) लक्ष्मीपुर ( ह. ) प.ह.नं. 3

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना की मुख्य नहर के तहत कोडबी वितरक नहर के लिए ( अतिरिक्त भूमि ) .

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी, तहसील कटंगी , जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

क्र. 17 - अ- 82- वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

(2) खैरलांजी

(1) बालाघाट

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) 0.586

(3) झरियाँ प.ह.नं. 3

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना की वारासिवनी मुख्य नहर पर मार्ग निर्माण के लिए अर्जन.

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी , तहसील कटंगी, जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

क्र. 18- अ- 82- वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

(1) बालाघाट

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में ) (4) 1.019 (2) कटंगी

(3) बम्हनी अर्जुनटोला प.ह.नं. 4-5

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी, तहसील कटंगी, जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

(6) राजीव सागर परियोजना के अंतर्गत बम्हनी एवं अर्जुनटोला वितरक नहर के लिए अतिरिक्त भूमि.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

1925

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

क्र. 19 - अ- 82 - वर्ष- 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (2)

वारासिवनी

(1) बालाघाट

(4) 1.603

(3) उमरवाडा प.ह.नं. 37

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना के तहत वारासिवनी शाखा मुख्य नहर पर मार्ग निर्माण के लिए अर्जन.

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी, तहसील कटंगी , जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

क्र. 20- अ- 82 - वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

(2) खैरलांजी

(1) बालाघाट

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) 1.557

(3) अमई प.ह.नं. 3

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना के अंतर्गत वारासिवनी मुख्य नहर पर मार्ग निर्माण के लिए अर्जन.

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी , तहसील कटंगी, जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

क्र. 21 - अ-82- वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

(2) वारासिवनी

(1) बालाघाट

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) 1.478

(3) रेगांझरी प.ह.नं. 34

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना के तहत वारासिवनी मुख्य नहर पर मार्ग निर्माण के लिए अर्जन .

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी, तहसील कटंगी, जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

1926

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

क्र. 22- अ- 82- वर्ष- 2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

(1) (2)

वारासिवनी

बालाघाट

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) 1.899

प.ह.नं. 32 (3) कौलीवाडा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

अंतर्गत वारासिवनी मुख्य नहर पर मार्ग निर्माण के लिए अर्जन. (6) राजीव सागर परियोजना के कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3, कटंगी , तहसील कटंगी, जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) . (5)

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू-अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

क्र. 23 - अ- 82 - वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (1) बालाघाट

(2) वारासिवनी

(4) 1.545

(3) बघोली प.ह.नं. 32

(

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा

(6)

राजीव सागर परियोजना के तहत वारासिवनी मुख्य नहर में मार्ग निर्माण के लिए अर्जन .

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी, तहसील कटंगी , जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

क्र. 24- अ- 82 - वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (1) (2) वारासिवनी

बालाघाट

(4) 1.116

(3) खापा प.ह.नं. 24

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना के तहत वारासिवनी मुख्य नहर में मार्ग निर्माण के लिए अर्जन.

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3, कटंगी , तहसील कटंगी , जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

1927

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

क्र. 25 - अ- 82- वर्ष- 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

(2)

वारासिवनी

(1) बालाघाट

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) 0.570

(3) मेहन्दीवाडा प.ह.नं. 24

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना के तहत वारासिवनी मुख्य नहर में मार्ग निर्माण के लिए अर्जन.

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी, तहसील कटंगी , जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

क्र. 26- अ- 82 - वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (1) (2) वारासिवनी

बालाघाट

(4) 2.109

(3) झालीवाडा प.ह.नं. 32

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

राजीव सागर परियोजना के तहत वारासिवनी मुख्य नहर में मार्ग निर्माण के लिए अर्जन.

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी , तहसील कटंगी, जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश ).

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

क्र. 27- अ-82 - वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

(2) वारासिवनी

(1) बालाघाट

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) 1.274

(3) बकेरा प.ह.नं. 37

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना के तहत वारासिवनी मुख्य नहर पर मार्ग निर्माण के लिए अर्जन.

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी , तहसील कटंगी , जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश).

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

1928

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

क्र. 28 - अ- 82 - वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

(2) खैरलांजी

(1) बालाघाट

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) 0.949

प.ह.नं. 13/12 (3) खरखड़ी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना के तहत वारासिवनी मुख्य शाखा पर मार्ग निर्माण के लिए अर्जन.

(5) कार्यपालन यंत्री , राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी, तहसील कटंगी, जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

क्र. 29- अ- 82 - वर्ष - 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

(1) बालाघाट

(2) खैरलांजी

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) 1.687

(3) डोगरिया प.ह.नं. 3

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) राजीव सागर परियोजना के अंतर्गत वारासिवनी मुख्य शाखा नहर में मार्ग निर्माण के लिए अर्जन .

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3, कटंगी , तहसील कटंगी, जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश ) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

क्र. 30- अ- 82-वर्ष- 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

(1) (2) वारासिवनी

बालाघाट

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) 1.559

(3) लालपुर प.ह.नं. 33

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 , कटंगी , तहसील कटंगी, जिला बालाघाट ( मध्यप्रदेश) .

(6) राजीव सागर परियोजना के अंतर्गत बांसी वारासिवनी मुख्य नहर में मार्ग निर्माण के लिए अर्जन.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

1929

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

क्र. 31 - अ-82- वर्ष- 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में ) (2)

बालाघाट

(1) बालाघाट

(4) 0.574

(3) मगरदर्श प.ह.नं. 9

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण ) जिला सिवनी, (म. प्र.) .

(6) लालबर्रा- समनापु मार्ग के कि.मी. 7/6-8 बैनगंगा नदी में सेतु के पहुंच मार्ग निर्माण.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

क्र. 32- अ- 82 - वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (2) खैरलांजी

(1) बालाघाट

(4) 0.798

(3) भजियादण्ड प.ह.नं. 44/3

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 कटंगी , तहसील कटंगी जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश ) .

(6) राजीव सागर परियोजना की मुख्य नहर के तहत मुरझड वितरक नहर के लिए ( अतिरिक्त भूमि) .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू- अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है .

क्र. 33 - अ - 82 - वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (1)

बालाघाट

(2) तिरोडी

(4) 0.481

(3) चाकाहेटी खरपडिया प.ह.नं. 5

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रमांक 3 कटंगी, तहसील कटंगी जिला बालाघाट ( मध्यप्रदेश ) .

राजीव सागर परियोजना मुख्य नहर के अंतर्गत चाकाहेटी , खरपडिया उप नहर के लिए (अतिरिक्त भूमि) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, भू-अर्जन बालाघाट के न्यायालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विवेक पोरवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1930

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग पन्ना, दिनांक 10 मार्च 2011

प्र. क्र. 062- अ-82 वर्ष 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख) तहसील- अजयगढ़

(ग) ग्राम-मौकछ

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.28 हेक्टर. ( निजी भूमि ) खसरा

नम्बर

कुल अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

534

0.03

535

0.11

533

0.20

530

0.08

529

0.04

295

0.08

290

0.08

531

0.03

304

0.21

305

0.04

384/1

0.06

384/2

0.06

384/3

0.06

291/560

0.06

289

0.12

296/1

0.01

296/2

0.01

कुल रकबा निजी भूमि : 1.28

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है:- बरार नाला ( मौकछ ) तालाब योजना के अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर कार्यालय पन्ना में किया जा सकता है .

पन्ना, दिनांक 21 अप्रैल 2011

प्र. क्र. 060 - अ-82 वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख ) तहसील- अजयगढ़

(ग ) ग्राम- नरदहा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 31.73 हेक्टर. ( निजी भूमि) .

खसरा

नम्बर

कुल अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

1221

5.23

1207

0.15

1214

0.09

1215

0.35

1219

0.72

1220

0.45

1172

0.41

1193

0.48

1216

0.35

363

0.19

1194

0.44

1195

0.09

1206

0.16

1210

0.08

1205

0.05

0.06

1196

1208

0.08

1211

0.01

1212

0.32

0.19

1213

1217

0.22

1231

0.25

1218

0.11

1230

0.21

1229

0.53

1228

0.29

1159

0.25 भाग 1 ]

1931

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(2) (1)

1158

0.29 1154

0.56 1168

0.19 1224

0.42 1225

0.19 1226

0.20 1223

0.13 401

0.45 1169

0.30 1182

0.10 1178/1

0.29 1170

0.23 1171

0.21 676

0.08 1129

0.04 1130

0.06 1131

0.15 412

0.33 408

0.11 670

0.50 1173/1

0.22 1173/2

0.34 668

0.41 1134

0.48 1126

0.26 1133

0.57 1132

0.32 1127

0.19 1128

0.07 1124

0.32 667

0.19 662

0.10 663

0.09 664

0.38 413

0.07 359

0.06 414

0.20

0.25 411

410

0.15 1184

0.12 1178/2

0.26 1185

0.08

(2)

(1)

1191

0.45

1186

0.15

1187

0.11

0.05

1188

0.04

1190

1180

0.19

1179

0.42

1222

0.42

1174/1

0.36

1177/1

0.05

1174/3

0.19

1177/2

0.10

1173/4

0.26

1173/3

0.26

1174/2

0.18

1175

0.23

665

0.11

659

0.23

666

0.17

0.08

1197

1209

0.51

360

0.14

0.04

1199

364

0.04

417/2

0.03

407

0.02

0.27

403

660

0.21

0.19

661

456

0.06

0.18

457

437/1

0.03

669

0.25

646

0.01

404

0.05

367

0.40

366

0.09

362

0.03

361

0.24

0.10

415

416

0.15

577/1

0.17 1932

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

576

0.04

431

0.03

432

0.12

438

0.13

434

0.13

439

0.13

450

0.08

18/2677

0.04

451

0.04

452

0.04

454/2

0.05

453

0.03

455

0.08

417/1ख

0.03

466

0.16

467

0.18

417/1क

0.03

469

0.06

470

0.06

471

0.01

480

0.01

20

0.10

16/2

0.06

10

0.09

7

0.04

6

0.02

18

0.09

28

0.11

29

0.05

472

0.04

17/1

0.02

16/1

0.06

15

0.06

11/2665/1

0.05

11

0.08

19

0.05

8/1

0.20

9

0.15

कुल रकवा निजी भूमि : 31.73

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है:- बरार नाला (मौकछ ) तालाब योजना के अंतर्गत तालाब एवं नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर कार्यालय पन्ना में किया जा सकता है .

पन्ना, दिनांक 27 अप्रैल 2011

प्र. क्र. 027- अ-82 वर्ष 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: --

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख ) तहसील- शाहनगर

(ग ) ग्राम- गजंदा एवं तुल्ला

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.59 हेक्टर. ( निजी भूमि ) खसरा

कुल अर्जित रकबा नम्बर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

7

0.04

0.04

11

0.01

9 जुज

10

0.08

23

0.05

0.30

270

272

0.04

273

0.03

कुल रकवा निजी भूमि : 0.59

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है:- हरदुआ शाहनगर किलोमीटर 23/10 पतने नदी पर पुल के पहुंच मार्ग के निर्माण हेतु .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर कार्यालय पन्ना में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 001 - अ-82 वर्ष 2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख) तहसील-रैपुरा भाग 1 ]

1933

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

(ग ) ग्राम-रैपुरा

( घ) लगभग क्षेत्रफल-0.160 हेक्टर. ( निजी भूमि ) खसरा

कुल अर्जित रकबा नम्बर

(हेक्टर में )

(1)

(2)

883/3

0.040

884/3

0.045

884/1

0.075

कुल रकवा निजी भूमि : 0.160

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-रैपुरा सलैया मार्ग के किलोमीटर 53/10 पतने नदी पर पुल के पहुंच मार्ग के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर कार्यालय पन्ना में किया जा सकता है .

पन्ना, दिनांक 12 मई 2011

प्र. क्र. 007 - अ-82 वर्ष 2009-2010 .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख ) तहसील-शाहनगर

(ग) ग्राम- गजंदा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 30.57 हेक्टर. ( निजी भूमि ) खसरा नम्बर

कुल अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

1423

0.21

1500

2.00

1509

0.05

1511

0.13

1513

0.16

1537

0.35

1538

0.57

1525

0.10

1426

0.06

1452

0.71

1452

0.06

1454

0.15

(1)

(2)

1456

0.34

1459

0.04

1540

0.24

1546

0.24

0.02

1547

1548

0.24

0.04

1549

1550

0.29

0.03

1551

0.37

1552

1553

0.18

1493

0.09

1494

0.21

0.30

1495

1542

0.42

0.03

1543

1496

0.03

1497

0.22

1498

0.03

0.31

1499

1502

0.12

1503

0.02

1504

0.18

1507

0.07

1510

0.49

1536

0.20

1539

1.11

0.13

1718

1721

0.02

0.02

1554

1567

0.08

1712

0.08

1714

0.10

1715

0.06

1222

0.22

1725

0.06

1687/1

0.80

0.65

1687/2

1687/3

0.05

1787/4

0.25

1708/4

0.40

1688

0.03

1690

0.04

1695

0.04

1697

0.25

1699

0.04 1934

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2) 1692

0.06 1694

0.07 1689

0.04 1696

0.04 1698

0.06 1705

0.30 1728

0.17 1700

0.26 1701

0.07 1702

0.28 1710

0.41 1711

0.55 1703/1

0.16

1.00 1703/2

1704

0.21 1707

0.25 1706

0.52

0.80 1708/1

1708/2

0.80 1708/3

0.80 1708/5

0.80 1708/6

0.80 1708/7

0.53 1755/4

0.20 1716

0.22 1717

0.32 1719

0.12 1720

0.03 1723

0.22

0.14 1724

1727

0.05

0.19 1729

0.06 1731

1756

0.18 1734

0.04 1735

0.12 1741

0.30 1742

0.10 1757

0.50

0.05 1758

1759

0.17 1736

0.11 1737

0.05 1744

0.26 1745

0.09 1746

0.42 (1)

(2)

1747

0.29

0.03

1748

1749

0.36

1765

0.03

0.43

1766

1738

0.08

1762

0.08

0.02

1739

1740

0.10

1761

0.29

1750

0.16

1751

0.16

1752

0.16

1753

0.21

1755/1

0.22

0.27

1755/2

1755/3

0.75

0.07

1763

1764

0.10

1768

0.02

1769

0.09

कुल योग : 30.57

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है:- गजंदा तालाब योजना के अंतर्गत तालाब निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 017- अ-82 वर्ष 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख) तहसील- रैपुरा

(ग) ग्राम-किसन पाटन

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 21.30 हेक्टर. ( निजी भूमि) खसरा

कुल अर्जित रकबा नम्बर

(हेक्टर में)

(1)

(2)

0.40

792

810

0.02 भाग 1 ]

1935

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2) 803

0.19 804

0.20 805

0.09 807

0.42 808

0.23 811

0.10 812

0.34 813

0.07 827

0.05 864/1916

0.86 843

0.19 846

0.31 853

0.32 854

1.50 855

0.02 858

0.20 895

0.33 856

0.19 859

0.20 887

0.62 892/2

0.22 860

0.55

0.20 861/1

861/2

0.25 875

0.53 876

0.52 878

0.04 886/1922

0.15 881

0.05 883

0.08 882

0.05 953

0.08 884

0.30 955

0.12 885

0.14 891

0.12 944

0.09 945

0.11 946

0.10 947

0.06 852

0.12 886

0.15

(2)

(1)

888

0.05

896

0.05

0.55

897

0.12

889

0.50

894/1921

892/1

0.40

0.97

894

0.07

898

0.40

913

0.40

914

915

0.18

0.20

918

934

0.17

935

0.17

0.32

919

920

0.46

928

0.06

940

0.20

942

0.07

943

0.13

0.13

948

954

0.22

757

0.10

0.10

758

745

0.03

0.05

1148

1217

0.04

1229

0.13

1149

0.02

1150

0.05

1157

0.09

1163

0.14

1158

0.04

1162

0.02

1237

0.09

1238

0.02

1168

0.07

1170

0.16

1171

0.09

678

0.06

679

0.04

680

0.03 1936

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2) 1173

0.05 1198

0.02 1174

0.05 1175

0.01 1195

0.05 1196

0.02 1197

0.06 1214

0.07 1215

0.12 1216

0.01 1218

0.02 1219

0.04 1220

0.06 1221

0.01 1231

0.05 1230

0.08 1241

0.10 1242

0.06 1243

0.09 1169

0.12 1160

0.05 1015

0.28 1016

0.01 1028

0.01 1393

0.08 1025

0.01 1026

0.08 1018

0.09 1019

0.06 1313

0.11 1020

0.01 1065

0.10 1066

0.05 1314

0.02 1137

0.15 1085

0.02 1088

0.07 1089

0.04 1091

0.01 1092

0.07 1086

0.07 1087

0.05 (1)

(2)

1090

0.07

1135

0.01

1138

0.02

1306

0.11

1312/1919

0.07

1315

0.04

0.07

1316

1317

0.02

1336

0.08

1369

0.02

1370

0.08

1371

0.02

1339

0.02

1340

0.09

कुल रकवा निजी भूमि : 21.30

(

2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है:- बघवार कलां तालाब योजना के अंतर्गत तालाब एवं नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर कार्यालय पन्ना में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , के. सी. जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

कार्यालय , कलेक्टर, जिला देवास, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग देवास , दिनांक 25 मार्च 2011

प्र. क्र. 01 - अ- 82-2010-2011- क्रमांक-150.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त सार्वजनिक प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- देवास

(ख) तहसील-हाटपीपल्या भाग 1 ]

1937

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(ग) ग्राम- हाटपीपल्या

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.381 हेक्टर.

सर्वे

नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

949/3ख/2 पैकी

0.381

योग : 0.381

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता हैः- कृषि उपज मण्डी प्रांगण विकास विस्तार हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी बागली एवं सचिव, कृषि उपज मंडी हाटपीपल्या के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पुष्पलतासिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला कटनी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग कटनी, दिनांक 20 अप्रैल 2011

क्र. 5 - अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई , अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-कटनी

(ख ) तहसील- बडवारा

(ग) ग्राम- भजिया

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.36 हेक्टर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

262

0.58

223

0.15

231

0.34

261/1

0.13

224/1

0.15

(1)

(2)

232

0.12

0.48

260

225

0.12

233

0.26

221

0.09

243

0.02

228

0.36

222/1

0.12

226

0.44

कुल योग : 3.36

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-( झिरगिरी जलाशय योजना के अंतर्गत तालाब निर्माण ) .

( 3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी कटनी कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. सेलवेन्द्रन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला अशोकनगर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग अशोकनगर , दिनांक 5 मई 2011

क्र. भू- अर्जन-3-29-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-अशोकनगर

(ख) तहसील/तालुक- चन्देरी

(ग) नगर/ग्राम- बम्नाई

( घ) लगभग क्षेत्रफल-2.491 हेक्टर.

रकबा (हेक्टर में)

(2)

खसरा नम्बर (1) 57 मि.

2.491 योग : 2.491 1938

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- थूवोन तालाब निर्माण योजना के अंतर्गत डूब में आई भूमि का स्थाई अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा एवं सम्म्पति का विवरण भू-अर्जन अधिकारी चन्देरी एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , अशोकनगर में कार्यालीन समय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

ग्वालियर, दिनांक 6 मई 2011

प्र. क्र.25 - अ- 82-09-10- भू-अर्जन.. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-ग्वालियर

(ख) तहसील- चीनौर

(ग) नगर/ग्राम- आंतरी

(घ) क्षेत्रफल-25.708 हेक्टर .

(ब) सम्पत्ति का ब्यौरा

मकान-07, वृक्ष-31, कुंआ 5 , अन्य सम्पत्ति-

अर्जित किये जाने वाले अनुमानित

क्षेत्रफल ( हेक्टर में) सर्वे नम्बर (1)

(2)

1782/1 मिन

0.366

1782/1 मिन

0.366

1782/2 मिन

0.366

1782/3 मिन

0.366

1783

0.847

1798

0.267

1799/1

1.003

1799/2

0.173

1799/3

0.425

1817

0.014

(2)

(1)

0.666

1818/1

1818/2

0.536

0.218

1577

1564/1

0.909

1564/2

0.278

1564/3

1.273

1567/1

0.409

1567/2

0.409

1568/1

0.148

0.094

1568/2 ( क)

0.053

1568/2 (ख)

0.221

1568/3 ( क)

0.074

1568/3 (ख )

1508

2.680

1506

0.132

1507

1.375

0.839

1497

0.355

1498/1

1498/2

0.355

0.355

1498/3

1484/1

0.035

1484/2

0.035

1.106

1486/1

1486/2

1.208

1494

1.387

1526

0.906

1528/1

0.158

1528/2

0.158

1528/3

0.158

1528/4

0.158

1467 मिन

0.039

1467 मिन

0.039

1467 मिन

0.039

1467 मिन

0.039

1463/1

0.196

0.196

1463/2 मिन

1463/2 मिन

0.186

1463/2 मिन

0.196

0.026

1462/1 (ख)

0.083

1462/1 ( ग)

0.083

1462/1 (घ )

1462/2

0.248 भाग 1 ]

1939

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

1462/3 मिन

0.039

1462/3 मिन

0.060

1462/3 मिन

0.074

1462/3 मिन

0.075

1459/1

0.170

1459/2

0.170

1469/3

0.170

1570/1

1.482

1570/2

0.221

1460

0.013

1465/1

0.674

1465/2

0.211

1465/3

0.098

कुल योग : 25.708

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. - हरसी उच्च स्तरीय नहर निर्माण हेतु ग्राम आंतरी की भूमि का अर्जन.

(

3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है .

ग्वालियर , दिनांक 20 मई 2011

प्र. क्र.26 - अ - 82-09-10- भू- अर्जन.. चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-ग्वालियर

(ख) तहसील- चीनौर

(ग) नगर/ग्राम- एराया

(घ) क्षेत्रफल-29.328 हेक्टर .

( ब) सम्पत्ति का ब्यौरा

कुंआ- अन्य सम्पत्ति- मकान- वृक्ष-

सर्वे

अर्जित किये जाने वाले अनुमानित नम्बर

क्षेत्रफल ( हेक्टर में ) (1)

(2)

757

0.065

794

0.415

0.130

807

(2)

(1)

0.017

792

0.367

1899

0.026

1065

1066

0.008

1283

0.061

1285

0.073

1288

0.010

1407

0.045

1408

0.042

1409

0.101

1104

0.099

1105

0.021

1109

0.013

0.232

1194 मि.

0.077

1194 मि.

1422

0.062

1272

0.737

1273

0.095

1284 मि.

0.073

1284 मि.

0.073

1400

0.053

0.026

1404

1405

0.170

1406

0.094

779

0.045

1711

0.194

0.185

1716

1725

0.194

1726

0.034

1729

0.831

1730

0.080

1731

0.031

1732

0.233

1895

0.554

1967

0.101

1896

0.063

1890

0.582

1106

0.075

1107

0.010

1108

0.064

1123

0.022

1181

0.073 1940

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2) 1122

0.023 1125

0.066 1705

0.175 1714

0.010 1715

0.219 1727

0.078 1126

0.056 1885

0.005 1131

0.063 1132

0.042 1133

0.099 1134

0.052 1135

0.066 1137

0.028 1168

0.095

0.024 1198 मि.

1198 मि.

0.017 1198 मि.

0.028 1257 मि.

0.019

0.010 1257 मि.

1257 मि.

0.002

0.002 1257 मि.

0.002 1257 मि.

1257 मि.

0.002 1193

0.084

0.042 1190

1191

0.073 1195

0.123 1196

0.016 1189

0.016 1255

0.032 1898

0.021 1900

0.482 1959

0.007 1396

0.324 1262

0.005 1263

0.039 1264

0.042 1265

0.063

0.041 1266

1267

0.007 1286

0.010 (1)

(2)

0.073

1287

0.041

99

1916

0.504

0.007

1917

0.389

795

796

0.021

797

0.480

0.031

798

1178

0.061

0.007

86

87

0.021

88 मि.

0.193

0.176

88 मि.

0.048

106

107

0.101

108

0.041

0.544

1918

131/1

0.480

131/2 मिन

1.229

131/2 मिन

0.614

678

0.149

0.166

714

0.015

75/1

0.006

75/2

75/3

0.002

0.946

702

0.259

719

0.207

746

92

0.158

94

0.110

0.002

91

1124

0.034

1179

0.044

1166

0.098

95

0.115

0.052

96

97

0.063

82

0.026

0.063

89

90

0.014

0.277

101

98

0.128 भाग 1 ]

1941

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(2) (1)

104

0.071 1915

0.524 113

0.007 758

0.304 759

0.296 1192

0.084

0.004 129/1

129/2

0.985 129/3

0.954 129/4

0.453 129/5

0.954 138

0.008 676

0.142 677

0.021 745

0.389 747

0.045 1271

0.194 1282

0.648 681

0.003 682/1

0.454 682/2

0.225 683/1

0.007 683/2

0.003 710/1

0.286 710/2

0.193 1175

0.072 1180

0.157 1182

0.132 760

0.036 761

0.004 781 मिन

0.013 781 मिन

0.022 685

0.096 703

0.054 709

0.067 711

0.266 713

0.279 1127

0.042 1128

0.036 1129

0.063

0.052 1130

1176

0.063

(2)

(1)

1177

0.094

102

0.041

684

0.551

1270

0.073

799

0.162

0.002

800

0.095

808

103

0.094

128

0.075

0.016

701

793

0.402

1891

0.292

0.666

1901

0.104

1965

1902

0.021

0.023

1903

1910 मिन

0.174

0.092

1910 मिन

1919

0.059

1121

0.002

1889/2

0.421

योग : 29.328

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है:- हरसी उच्च स्तरीय नहर निर्माण हेतु ग्राम एराया की भूमि का अर्जन .

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र.28 - अ- 82-09-10- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

( क) जिला-ग्वालियर

(ख) तहसील- डबरा 1942

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(ग) नगर/ग्राम- जौरासी

( घ) क्षेत्रफल-6.898 हेक्टर.

(ब) सम्पत्ति का ब्यौरा

मकान- वृक्ष- कुंआ अन्य सम्पत्ति-

सर्वे नम्बर

अर्जित किये जाने वाले अनुमानित क्षेत्रफल ( हेक्टर में ) (1)

(2)

479

0.181

508

0.450

507

0.067

509

0.253

506

0.462

487

0.279

505

0.760

488

0.322

504

0.257

503

0.143

492

0.391

493

0.520

527

0.090

528

0.212

529

0.277

530

0.437

534

0.439

543

0.315

535

0.106

541

0.205

542

0.214

540

0.008

432

0.502

502

0.008

योग : 6.898

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है:- हरसी उच्च स्तरीय नहर निर्माण हेतु ग्राम जौरासी की भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दमोह, दिनांक 10 मई 2011

प्र. क्र. 2 अ- 82-10-11- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि सम्पत्ति की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख ) तहसील- दमोह

(ग ) ग्राम- पडरिया

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.10 हेक्टेयर.

खसरा

अधिग्रहण किये जाने वाला नम्बर

(रकवा हे . )

(1)

(2)

91/2मे से

0.15

92मे से

0.06

0.06

93मे से

0.77

227/5 मे से, 227/8 मे से

232/1 मे से

0.02

232/2 मे से

0.04

योग : 1.10

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है : -बी.ओ.टी. योजनान्तर्गत सागर दमोह मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी राजस्व दमोह एवं संभागीय प्रबंधक म. प्र. रोड डेव्हलपमेंट कार्पो. लि. सागर, तहसील परिसर के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 3 अ -82-10-11-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि सम्पत्ति की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भाग 1 ]

1943

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख ) तहसील- दमोह

(ग) ग्राम- मडिया पनगढा

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 0.21 हेक्टेयर.

खसरा

अधिग्रहण किये जाने वाला नम्बर

(रकवा हे. )

(1)

(2)

13/1 मे से

0.05

0.10

13/3, 4 मे से

13/5 मे से

0.02

13/6 मे से

0.02

14/4 मे से

0.02

योग : 0.21

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :- बी.ओ.टी. योजनान्तर्गत सागर - दमोह मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी राजस्व दमोह एवं संभागीय प्रबंधक म. प्र . रोड डेव्हलपमेंट कार्पो. सागर, तहसील परिसर के कार्यालय में किया जा सकता है.

दमोह, दिनांक 12 मई 2011

प्र. क्र. 12 अ- 82-2009-2010.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि संपत्ति की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील - हटा

(ग ) नगर/ग्राम-बिनती

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 14.31 हेक्टेयर.

ग्राम-बिनती ( बांध )

खसरा

अर्जित रकवा

नम्बर

(हेक्टेयर में)

(1)

(2)

289/2में से

0.41

313 में से

0.05

(2)

(1)

314 में से

0.18

315में से

1.74

316/1

0.14

316/2में से

0.47

0.20

317/1

317/2में से

0.63

317/3

1.30

0.07

319

0.06

320

321

0.17

324/1

1.20

324/2

0.42

325

0.66

329/1

0.97

335

0.23

337 में से

0.10

0.06

339

340में से

0.18

0.90

398/1 में से

412/1 में से

1.48

400/2 में से

0.22

413

0.54

414

0.60

415

0.76

0.07

418/1 में से

425/1 में से

0.50

योग : 14.31

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है:- बिनती जलाशय योजना की बांध के अर्जन में आने वाली भूमि का निर्माण हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी हटा एवं भू- अर्जन अधिकारी उपखण्ड हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग दमोह , जिला दमोह में देखा जा सकता है .

( 5 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

प्र. क्रं. 20 अ- 82-2009-2010. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि संपत्ति की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित 1944

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील- हटा

(ग) नगर/ग्राम- बिनती

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.29 हेक्टेयर.

ग्राम-बिनती ( नहर )

खसरा

नम्बर

अर्जित रकवा (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

367 में से

0.16

400/2में से

0.06

400/1 में से

0.18

401/1 में से

0.13

402में से

0.23

391/1 में से

0.39

390/1 में से

0.03

394 में से

0.05

363में से

0.02

366 में से

0.07

368/1 में से

0.16

368/2में से

0.16

390/ 5 में से

0.21

369/1 में से

0.38

370/1 में से

0.30

375/1 में से

0.24

375/6 में से

0.10

384/1 में से

0.03

384/2 में से

0.09

377/3 में से

0.13

377/2में से

0.07

378/1 में से

0.10

योग : 3.29

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है: -बिनती जलाशय योजना की नहर के अर्जन में आने वाली भूमि का निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी हटा एवं भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग दमोह जिला दमोह में देखा जा सकता है .

( 5 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .

दमोह दिनांक 24 मई 2011

प्र. क्र. 3 -82-2009-2010.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि संपत्ति की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील - पटेरा

(ग) नगर/ग्राम-कुसमी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.46 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

अर्जित रकवा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

29/2में से

0.40

0.40

29/3में से

0.50

29/5 में से

0.30

34में से

0.24

61 में से

0.12

69 में से

70में से

0.15

72/1 में से

0.11

79 में से

0.19

0.05

81 में से

87/1 में से

0.22

88 में से

0.38

113 में से

0.12

114 में से

0.20

117 में से

0.12

0.22

121 में से

0.16

124/3 में से

89 में से

0.14

54में से

0.26

45में से

0.12 भाग 1 ]

1945

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

29/4में से

0.40

29/6 में से

0.40

117 में से

0.10

120/1 में से

0.05

120/2में से

0.05

123 में से

0.10

268/1 में से

0.03

268/2में से

0.03

270 में से

0.06

286 में से

0.04

0.04

293 में से

296 में से

0.07

294/1 में से

0.01

0.02

294/2में से

301 में से

0.04

302में से

0.05

453 में से

0.03

454 में से

0.03

460 में से

0.04

125में से

0.47

योग : 6.46

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है:- ग्राम कुसमी , नईबंदी जलाशय योजना की नहर के अर्जन में आने वाली भूमि का निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी हटा एवं भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री पंचमनगर सर्वे संभाग दमोह जिला दमोह में देखा जा सकता है .

( 5 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

प्र. क्र. 13 अ- 82-2009-2010.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि संपत्ति की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख ) तहसील - हटा

(ग ) नगर/ ग्राम- वड़ागांव/सगौनी माधौ देवरी फतेहपुर/चकरदा माफी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.77 हेक्टेयर.

ग्राम-वडागांव

खसरा

नम्बर

अर्जित रकवा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

395/1

0.05

395/2

0.03

0.10

396

योग : 0.18

ग्राम-सगौनी माधौ

73/2

0.07

योग : 0.07

ग्राम- देवरी फतेहपुर

167/1

0.19

184/1

0.14

0.03

168

योग : 0.36

ग्राम- चकरदा माफी

0.08

131

0.08

132

योग : 0.16

0.18

वड़गांव

सगौनी माघौ

0.07

0.36

देवरी फतेहपुर

चकरदा माफी

0.16

महायोग : 0.77

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है:- हारट - वड़ागांव- देवरी- डौली मार्ग निर्माण के अर्जन में आने वाली भूमि का निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी हटा एवं भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग ( भवन/सड़क ) दमोह संभाग दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.

( 5 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .

1946

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

प्र. क्र. 16 अ -82 वर्ष 2009-2010. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- दमोह

(ख ) तहसील - पटेरा

(ग ) नगर/ग्राम- सारंगपुरा , बेलखेड़ी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 2.35 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा ( हे . में ) खसरा नंबर (1)

(2)

ग्राम-सारंगपुरा

459/3 में से

0.10

459/1 में से

0.08

460/2में से

0.12

460/1 में से

0.02

430/1 में से

0.08

453में से

0.10

403/3 में से

0.08

429में से

0.02

431/1 में से

0.14

408 में से

0.04

403में से

0.03

431/2 में से

0.09

431/3 में से

0.08

431/4 में से

0.08

415में से

0.03

384 में से

0.04

386 में से

0.01

387 में से

0.01

388 में से

0.06

410में से

0.03

409/4 में से

0.01

411 में से

0.02

406/1 में से

0.03

406/2 में से

0.01

402में से

0.03

380में से

0.03

(2)

(1)

382/1 में से

0.04

382/2 में से

0.04

360/1 में से

0.04

0.05

385में से

361/1 में से

361/4में से

0.09

361/2में से |

361/3 में से

0.09

361/5 में से

0.06

कुल निजी भूमि : 1.78

ग्राम-बेलखेड़ी

175/1 में से

0.11

175/2में से

0.11

182में से

0.13

0.02

160/1 में से

160/2में से

0.02

160/3 में से

0.03

160/4 में से

0.01

160/5 में से

0.01

160/6 में से

0.01

160/7 में से

0.01

0.01

160/8 में से

159/1 में से

0.02

0.02

159/2में से

159/3 में से

0.01

159/4 में से

0.02

0.03

159/5 में से

कुल निजी भूमि : 0.57

सारंगपुरा + बेलखेड़ी महायोग : 2.35

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है-सारंगपुरा जलाशय योजना की नहर के अर्जन में आने वाली भूमि का निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , हटा एवं भू-अर्जन अधिकारी उपखंड हटा के कार्यालय में देखा जा सकताहै .

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वे संभाग दमोह जिला दमोह में देखा जा सकता है.

(5 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

भाग 1 ]

1947

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

पत्र क्र.क - भू-अर्जन- तेंदूखेड़ा- 2011-1644. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील- जबेरा

(ग ) नगर/ ग्राम- भजिया, बड़ेरा एवं सलैया बड़ी (घ) लगभग क्षेत्रफल-40.57 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

रकबा (हे. में ) (1)

(2)

ग्राम- बड़ेरा

22

0.06

24

1.75

26

0.17

36

0.45

25

0.12

35

0.50

44

0.19

27

0.16

30

0.13

39

0.04

40

0.19

41

0.05

28

0.43

33

0.14

37

0.28

51

0.26

0.20

89

34

0.33

54

0.32

42

0.08

52

0.30

55

0.10

56

0.07

68

2.83

69

2.42

70

2.08

(1)

(2)

81/1

0.89

81/2

0.89

3.84

83

85

0.71

86

0.14

0.11

87/1

87/2

0.11

88

0.10

0.12

91

0.09

90

92

0.08

0.66

93

0.27

94

98

0.20

357

0.20

0.04

119/1

0.04

119/2

121

0.15

126

0.20

125

0.10

135

0.14

0.06

136

0.22

239

153

0.11

0.04

154

156

0.08

157

0.16

0.02

181

182

0.16

0.12

183

192

0.16

193

0.16

0.27

198

0.03

199

205

0.56

155

0.08

कुल निजी भूमि : 24.96

ग्राम- भजिया

320

0.10

321

0.50

322

0.14 1948

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2) 323

0.10 735

0.53 324

0.10 325/3

0.52 642

0.09 645

0.03 647

1.08 648

0.73

0.42 658/1

672/1

0.42 658/2

0.42 672/2

0.14 658/3

0.40 672/3

0.15

0.39 649

673/1

0.15 673/3

0.45 679

0.43 680

1.50 681

0.20 682

0.40 731

0.22 734

0.77 732

0.23 733/1

0.40 737/1

1.24 673/2

0.55

योग : 12.80

ग्राम-सलैया बड़ी 111

0.24 125

0.04 126/1

0.05 127/1

0.08 127/2

0.08 127/3

0.08 322

0.14 323/2

0.14 316

0.14 305/2

0.06 306

0.09 425

0.08

(2)

(1)

432

0.12

426

0.13

429

0.10

431

0.08

436

0.16

0.18

530/1

0.27

532

0.12

549

550

0.16

0.27

555

कुल निजी भूमि : 2.31

कुल योग : 40.57

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है - बड़ेरा जलाशय के बांध , डूब क्षेत्र एवं नहर हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी तेन्दूखेड़ा एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग दमोह, जिला दमोह के कार्यालय में किया जासकता है .

पत्र क्र.क - भू- अर्जन- तेंदूखेड़ा- 2011-1645 - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- दमोह

(ख ) तहसील-तेंदूखेड़ा

(ग ) नगर/ ग्राम- तेंदूखेड़ा, झरौली, नरगुवां एवं भौंड़ी (घ) लगभग क्षेत्रफल-38.51 हेक्टेयर .

खसरा नंबर

रकबा ( हे. में ) (1)

(2)

ग्राम- तेंदूखेड़ा, प. ह. नं. 12

661/1

0.12

661/2

0.12

661/3

0.12

664/2

1.31

664/3

1.31

0.10

662/1 भाग 1 ]

1949

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2) 662/3

0.12 664/1

2.18 665

1.66 666

0.88 670/2

1.85 670/1

0.31 671

1.86 672/2

0.83 672/3

0.83 674/1

0.18 674/2

0.40 674/4

0.40 674/3

0.18 679/1

0.68 684/2क

1.04 679/2ख

0.14 684/2ख

1.05

1.05 684/2ग

685/6ख

0.17 685/2

1.00 685/ 6क

0.36 684/1

3.14 685/27

1.13 685/21

1.61

योग : 26.13 ग्राम-झरौली , प. ह. नं. 11 65/1

0.12 66/1

0.04 66/2

0.04 66/3

0.06

0.10 68

69

0.08 70/1

0.02 70/2

0.14 72

0.10 73

0.12 74

0.32 319/2

0.14 87

0.06 319/7

0.14 320

0.18 365

0.20

(2)

(1)

0.34

366

0.20

367

0.14

86

योग : 2.54

ग्राम- नरगुवां , प. ह. नं. 10

0.06

38

42/1

0.80

42/2

0.20

0.16

43

47/1

0.12

47/2

0.12

49

0.24

50

0.24

0.60

56/1

51

0.30

54

0.20

0.07

99/1

0.07

99/2

0.06

99/3

104

0.12

41/1

1.00

1.00

41/2

108

0.22

112

0.46

41/3

1.01

117

0.17

326

0.34

योग : 7.56

ग्राम- भौंड़ी, प. ह. नं. 13

104

0.16

201

0.08

198

0.18

229

0.06

200

0.20

225

0.12

0.20

226

228

0.04

230/2

0.30

231

0.14

230/1

0.08

0.32

234/1 1950

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(2)

(1)

237/1

0.20

235

0.10

234/2

0.10

योग : 2.28

कुल रकबा 38.51

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- नरगुवां जलाशय के बांध , डूब क्षेत्र एवं नहर हेतु .

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी तेन्दूखेड़ा एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग दमोह, जिला दमोह के कार्यालय में किया जासकता है.

पत्र क्र.क- भू- अर्जन-तेंदूखेड़ा- 2011-1646 - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील- जबेरा

(ग) नगर/ग्राम- विजय सागर

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 70.77 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

रकबा (हे . में ) (1)

(2)

217/2

0.40

218

0.30

275

1.68

223/1

0.44

258

0.20

225

0.75

223/2

0.40

277

1.68

224

0.20

226

0.50

227

0.10

228

0.31

0.40

291

293

0.76

(2)

(1)

0.88

229/1

229/2

0.91

229/3

1.85

257

0.50

0.10

248

3.85

249

0.15

303

0.45

250

251

2.96

252

0.78

276

1.02

1.80

290/1

294

1.85

253/1

0.58

278/1

0.84

0.93

295/1

253/2

0.59

278/2

0.84

254

1.50

1.61

285

0.96

286

0.56

256/1

256/2

0.46

256/3

0.80

262/1

0.23

265/1

0.14

268/1

0.13

270/1

0.16

262/2

0.30

0.13

265/2

0.14

268/2

0.15

270/2

262/3

0.23

0.14

265/3

268/3

0.14

0.16

270/3

1.02

263

264

1.30

269

0.31

265

1.23

272

0.76

267

0.72 भाग 1 ]

1951

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2) 271

1.33 273/3

1.68 273/6

1.67 273/7

1.57

0.11 273/8

279/1

0.63

0.63 279/2

279/3

1.20 279/4

0.40

0.40 282/3

279/5

0.80

0.80 287/2

279/6

0.80 280

1.45 281

1.46 282/1

2.60 347/1

0.33 282/2

1.05 347/2

0.40 282/4

0.40 284

2.02 289

1.60 287/1

0.18 290/2

1.60 292

0.86 295/2

0.82 227

0.08 208/1

0.12 208/2

0.12 5/1

0.02 5/2

0.02 135

0.24

0.10 133

0.12 134

8

0.08

0.12 123

124

0.04 121

0.13 125

0.04 114

0.36 49

0.12

योग 70.77 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-भिनैनी जलाशय के बांध , डूब क्षेत्र एवं नहर हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, तेन्दूखेड़ा एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग दमोह , जिला दमोह के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानन्द दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बुरहानपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बुरहानपुर, दिनांक 13 मई 2011

रा. प्र . क्र. 06 अ -82-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- बुरहानपुर

(ख) तहसील- नेपानगर

(ग ) नगर/ग्राम- हैदरपुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.20 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

रकबा ( हेक्टेयर में) (1)

(2) 1.20

110/9

योग : 1.20

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- हैदरपुर तालाब योजना ( अतिरिक्त भू-अर्जन ) में प्रभावित अतिरिक्त रकबा का भू-अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , नेपानगर/कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , बुरहानपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रेनु पन्त, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

1952

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग टीकमगढ़, दिनांक 18 मई 2011

क्र. भू- अर्जन- 2011 - प्र.क्र. - 1-2011-12 . - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-टीकमगढ़

(ख ) तहसील- पृथ्वीपुर

( ग) नगर/ ग्राम- बंजारीपुरा खास, पटवारी हल्का नं . 60 (घ) लगभग क्षेत्रफल-28.246 हेक्टेयर.

सर्वे क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

1

0.202

3/1

0.223

3/2

0.223

4/1

0.202

0.283

4/2

4/3

0.084

5/1

0.672

0.085

5/2

6

0.113

7/1

0.530

8

0.874

9/1

0.405

9/2

0.100

9/3

0.405

10/1

0.081

0.134

11/2

0.805

13

0.879

14

0.328

15

0.040

16

0.053

17

0.186

18

0.113

19

0.336

(2)

(1)

0.223

20

21

0.721

22

0.008

23

0.081

0.081

25

25

0.016

0.053

26

27

0.020

28

0.348

0.028

29

0.295

30

31

0.433

0.486

32/1

0.380

32/2

33/1

0.445

33/2/1

0.400

33/2/2

0.526

2.428

34/1

0.607

34/1/2

0.539

34/2/1

0.270

34/2/2

35/1/1

0.809

35/2

0.405

36

0.251

37

0.320

0.028

38

42

0.583

0.084

43

0.368

44

45

0.109

0.486

46

48/1/1

0.259

0.470

48/1/2

48/2

0.146

1.619

49/1

49/2

0.468

335/1

0.286

335/2

0.491

0.053

336

337

0.113

0.061

338

339

0.320

340

0.283

341

0.259

342

0.454 भाग 1 ]

1953

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

343/1

0.269

343/2

0.540

342/3

1.814

344

0.781

17/1564

0.089

28/1565

0.194

28/1599

0.045

28/1567

0.045

योग : 28.246

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बंजारीपुरा तालाब योजना.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , निवाड़ी एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , टीकमगढ़ जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन- 2011 - प्र.क्र.- 2-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-टीकमगढ़

(ख ) तहसील - पृथ्वीपुर

(ग) नगर/ग्राम- पहाड़ीबक्सी खास, पटवारी हल्का नं. 61 (घ) लगभग क्षेत्रफल - 3.254 हेक्टेयर.

सर्वे क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

1.538

39/2

40

0.287

41

0.882

42

0.142

43

0.405 योग : 3.254

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बंजारीपुरा तालाब योजना.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी, निवाड़ी एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग , टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

प्र. क्र. भू-अर्जन- 2010-प्र.क्र.- 3-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-टीकमगढ़

(ख) तहसील- पृथ्वीपुर

(ग ) नगर/ग्राम- बंजारीपुरा भाटा , पटवारी हल्का नं . 60 (घ) लगभग क्षेत्रफल- 12.396 हेक्टेयर.

सर्वे क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

15

0.801

0.339

18

21/1

1.620

22/1

0.324

23

1.351

38/2/2

0.809

38/2/1

0.500

38/1

1.580

0.749

24

0.255

25

26

0.761

0.539

28

1.424

29

47

1.344

योग : 12.396

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बंजारीपुरा तालाब योजना.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , निवाड़ी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , टीकमगढ़ जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अखिलेश श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1954

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग धार, दिनांक 19 मई 2011

क्र. 669 -वाचक प्र.क्र. 56- अ-82-2008-2009 संशोधित उद्घोषणा. -कार्यालय पत्र क्र. 299 - वाचक -प्र.क्र.56- अ- 82-2008- 2009 धार, दिनांक 10 मार्च 2010 , ग्राम मिर्जापुर, तहसील मनावर, जिला धार का रकबा 17.939 हे . के भू-अर्जन प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्र. एक, सन् 1984 ) की धारा 6 के अंतर्गत जारी उद्घोषणा के प्रयोजन औंकारेश्वर नहर परियोजना अंतर्गत नहर निर्माण से प्रभावित का प्रकाशन, मध्यप्रदेश राजपत्र भाग एक पृष्ठ क्रमांक 462, 463 पर दिनांक 26 मार्च 2010 के अंक में तथा दो समाचार पत्रों क्रमशः स्वदेश दिनांक 28 मार्च 2010 के अंक में तथा राज एक्सप्रेस में दिनांक 28 मार्च 2010 के अंक में प्रकाशन हुआ है. जिनका जी नम्बर 23180/10 जिसके स्थान पर निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे.

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-धार

(ख) तहसील- मनावर

(ग) ग्राम- मिर्जापुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 17.939 हेक्टेयर.

क्रमांक पूर्व में प्रकाशित

अब प्रकाशित होने वाला संशोधन सर्वे नम्बर

रकबा (हे. )

(1)

1

सर्वे रकबा नम्बर (हे. ) (5) 0.170

(3) 0.710

(4) 18/3

(2) 54/2क 54/4क 2 55/1/2

2

192/5 0.120 192/6

0.120 3

4

0.300

54/2क 54/4क 2 55/1

0.710

योग :

योग :

0.710 शेष प्रविष्टियां यथावत रहेंगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 20 मई 2011

क्र. 827- प्रका.- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सीधी

(ख ) तहसील- रामपुर नैकिन

(ग) नगर/ग्राम- बसेंड़ी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.03 हेक्टेयर.

खसरा नंबर (1) 344

रकबा ( हेक्टेयर में ) (2) 0.03 योग : 0.03

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आमडांड माइनर के निर्माण में आने वाले ग्रामों की निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 829- प्रका.- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-सीधी

(ख ) तहसील- रामपुर नैकिन

(ग) ग्राम - मलदेवा भाग 1 ]

1955

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.40 हेक्टेयर .

प्रतिकर- सूची

सिहावल मुख्य नहर की मल्देवा माइनर क्र. 1 हेतु अर्जित की जाने वाली भूमियों का विवरण ग्राम- मल्देवा खसरा

क्रमांक

अर्जित रकबा ( हेक्टेयर में )

कुल रकबा (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

(3)

276

0.47

0.03

273/2

0.40

0.16

273/1/2/2

0.40

0.10

1.20

273/1/2/1

0.13

273/4

0.15

0.09

0.20

273/5

0.01

319

0.63

0.01

320

0.55

0.15

271

0.11

0.69

270

0.10

0.29

0.21

258/2

0.02

269/1

0.04

0.04

269/2

0.02

0.02

354

0.05

0.05

355

0.03

0.03

356

0.01

0.01

357

0.08

0.02 म. प्र . शासन 358

0.57

0.01

350

0.15

0.01

349

0.10

0.10

0.02

348

0.83

346

0.16

0.01

0.10

362

0.01

388

0.31

0.02 म. प्र. शासन 389/1

0.04

0.01

389/2

0.01

0.04

390

0.15

0.08

392

0.15

0.06 म . प्र. शासन 393

0.14

0.06

402

0.18

0.17

407

0.64

0.14

0.57

408

0.05

409

0.19

0.05

472

0.16

0.02

(1)

(2)

(3)

473

0.18

0.07 म. प्र . शासन 474

0.05

0.01 म . प्र . शासन 470

0.25

0.74

467/1

0.37

0.04

0.03

468

0.36

471

0.04

0.02 म . प्र. शासन 554

0.06

0.01 म . प्र . शासन 556

0.32

0.13

557

0.17

0.02 म . प्र . शासन

0.15

562

0.06

0.82

0.06

563/1/1

561

0.17

0.06 म . प्र . शासन

0.40

0.02

633

600

0.10

0.41

605

0.07

0.01

0.20

0.05

604

603

0.38

0.08

607

0.34

0.01

599

0.20

0.12

0.57

0.18

608

1.22

0.09

609

739

0.06

1.50

0.88

738

0.12

737

0.08

0.40

0.05

749

0.03

736

0.50

0.17

750

0.17

0.07

761/1/1

0.55

0.21

0.07

761/1/2

0.18

761/2

0.26

0.73

योग : 4.40

4.11

निजी भूमि

शासकीय भूमि 0.29

कुल योग 4.40

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली मलदेवा माइनर क्र. 1 के लिये निजी भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

1956

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

क्र. 831 - प्रका.- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-सीधी

(ख ) तहसील- रामपुर नैकिन

(ग ) ग्राम- मलदेवा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.98 हेक्टेयर.

प्रतिकर- सूची

सिहावल मुख्य नहर की मल्देवा माइनर क्र. 2 हेतु अर्जित की जाने वाली भूमियों का विवरण ग्राम- मल्देवा खसरा

क्रमांक

कुल रकबा (हेक्टेयर में )

अर्जित रकबा ( हेक्टेयर में )

(3)

(1)

(2)

222/1

3.17

0.26

3.17

0.26

228

7.41

0.54

519

0.20

0.20

518

0.97

0.17

520

0.40

0.03

522/1

1.02

0.02

530

0.66

0.06 म. प्र. शासन 532

0.41

0.01

669

0.57

0.07

670

0.03

0.03

671

0.02

0.02

672

0.59

0.03

535/1

1.41

0.22

668

0.61

0.14

682/2

0.40

0.07

667

0.81

0.01

686

0.40

0.16 म. प्र . शासन 687

0.26

0.10

688

0.69

0.10

692

1.30

0.03

721

0.61

0.26

(1)

(2)

(3)

0.12

0.53

717

826/1

0.07

690

2.34

2.98

योग :

2.76

निजी भूमि

0.22

शासकीय भूमि

2.98

कुल योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली मलदेवा माइनर क्र. 2 के लिये निजी भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

रीवा, दिनांक 23 मई 2011

क्र. 833 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- सिरमौर

(ग) नगर/ग्राम- लभौली ( 585 )

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.910 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

रकबा ( हेक्टेयर में) (1)

(2)

1

0.020

3

0.250

5

0.130

8

0.110

10

0.125

11

0.070

12

0.016

13

0.050

23

0.139

योग : 0.910 भाग 1 ]

1957

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

क्र. 835 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- सिरमौर

(ग) नगर/ग्राम- मझियार ( 3 ) ( 163 )

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.525 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

रकबा ( हेक्टेयर में ) (1)

(2)

436

0.042

437

0.008

438

0.032

439

0.009

441

0.080

442

0.053

443

0.050

484

0.032

487

0.045

489

0.056

490

0.093

491

0.001

493

0.012

516

0.012

योग : 0.525 म. प्र . शासन : निल

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका की मुड़ियारी माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी /शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 837 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- सिरमौर

(ग ) नगर/ग्राम-खैर

( घ) लगभग क्षेत्रफल-3.720 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

रकबा ( हेक्टेयर में)

(2)

(1)

26

0.096

30

0.097

31

0.214

32

0.001

34

0.040

36

0.146

80

0.064

88

0.003

89

0.032

0.048

90

0.016

91

0.096

93

0.008

94

0.025

95

96

0.112

128

0.105

129

0.260

0.120

133

134

0.053

0.080

135

0.056

138

139

0.032

0.008

194

195

0.056

199

0.072

0.026

200

214

0.026 1958

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(1)

(2)

215

0.102

230

0.057

231

0.025

232

0.144

233

0.006

234

0.075

252

0.008

253

0.009

254

0.008

415 रोड

0.012

457 रोड

0.012

458

0.120

465

0.002

466

0.062

468

0.074

469

0.120

471

0.072

488

0.112

490

0.048

491

0.242

499

0.064

504

0.088

508

0.124

512

0.075

514

0.040

515

0.017

517

0.003

525

0.042 योग : 3.654

मध्यप्रदेश शासन

132

0.024

196

0.042

योग : 3.720 महायोग : 3.720

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका की मुड़ियारी माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

रीवा, दिनांक 24 मई 2011

क्र. 843 - भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील- सिरमौर

(ग ) नगर/ग्राम- सहेबा

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.260 हेक्टेयर ( छूटे हुए रकबे ) खसरा नंबर

रकबा ( हेक्टेयर में) (1)

(2)

857

0.260

योग : 0.260

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की पिपरवार वितरक नहर की सहेबा माइनर नं. 1 के अंतर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 845 - भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- मनगवां

(ग) नगर/ग्राम- तिवनी पैपखार भाग 1 ]

1959

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 0.407 हेक्टेयर.

खसरा नंबर (1)

रकबा ( हेक्टेयर में ) (2)

2452

0.004

2453

0.029

2459

0.020

0.009

2697

3367

0.077

3443

0.126

3844

0.004

4005

0.092

4110

0.003

4175

0.043

योग : 0.407

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना , क्योटी नहर की आलमगंज वितरक नहर एवं उसकी माइनर पिपरवार वितरक नहर की तिवनी माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 847- भू- अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्र. एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी /शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन--

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील- सिरमौर

(ग ) नगर/ ग्राम- देवरा , ज. नं. 247

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.138 हेक्टेयर ( छूटे हुए रकबे ) .

खसरा नंबर

रकबा ( हेक्टेयर में ) (1) 532

(2) 0.118

923/1

0.020

योग : 0.138

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना , क्योटी नहर की देवरा माइनर नं. 1 एवं 2 के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों केअर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 849 - भू-अर्जन- 2011-12.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्र. एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील- सिरमौर

( ग) नगर/ग्राम- पिपरवार

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.038 हेक्टेयर ( छूटे हुए रकबे ) .

रकबा ( हेक्टेयर में) खसरा नंबर (1) 1990

(2) 0.038 योग : 0.038

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की पिपरवार वितरक नहर की पिपरवार माइनर नं. 1 के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग सतना, दिनांक 23 मई 2011 क्र. एफ. 262 - भू-अर्जन-10-11- संशोधित अधिसूचना- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः 1960

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

भू-अर्जन अधिनियम, 1894, संशोधन 1984 ( क्र. एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता )- (क ) जिला - सतना

(ख ) तहसील- मझगवां

(ग) नगर/ ग्राम- परेवा

(घ) क्षेत्रफल-0.116 हेक्टेयर

संशोधित प्रकाशन पूर्व में प्रकाशित

खसरा नंबर क्षेत्रफल

(2)

खसरा नंबर (3)

(1)

क्षेत्रफल (4) 0.101

28/3/2क

28/11/2क 0.101 28/11/2क 0.015

0.015

28/1 अ/2घ

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- सतना - चित्रकूट टू लेन रोड निर्माण बाबत्.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

क्र. एफ. 263 - भू- अर्जन-10-11 - संशोधित अधिसूचना -चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 ( क्र. एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) -- (क) जिला- सतना

(ख) तहसील - मझगवां

(ग) नगर/ग्राम- रमपुरवा

(घ) क्षेत्रफल -0.204 हेक्टेयर

संशोधित प्रकाशन पूर्व में प्रकाशित

खसरा नंबर क्षेत्रफल

खसरा नंबर

(3)

(1) 72/1/1

(2) 0.204

क्षेत्रफल (4) 72/1 ब/ 1 0.0204 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- सतना - चित्रकूट टू लेन रोड निर्माण बाबत्.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुखबीर सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर, दिनांक 24 मई 2011

प्र. क्र. 62 अ-82 09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्र. एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला - छतरपुर

(ख ) तहसील-गौरिहार

(ग) ग्राम- चकरसूला, नं. 2

(घ ) लगभग क्षेत्रफल ( निजी भूमि) - 1.849 हेक्टर .

खसरा नंबर

अर्जित रकबा ( हे . में ) (2)

(1)

0.155

7/1

0.114

7/2

0.050

9

10

0.097

11

0.035

18

0.012

19

0.085

0.281

20

0.403

21

22

0.019

23

0.147

0.075

24

26

0.013

27

0.096

28

0.177

0.090

29

योग : 1.849

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सिंगारपुर वितरक नहर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लौंड़ी में किया जा सकताहै .

भाग 1 ]

1961

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

प्र. क्र. 63 अ-82 09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील-गौरिहार

(ग) ग्राम- गुमानपुर नयाताल

( घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-4.928

खसरा नंबर

अर्जित रकबा ( हे. में ) (1)

(2)

सिंगारपुर वितरक नहर

1/1

0.060

1/2

0.015

1/3

0.001

2/1

0.192

2/2

0.068

2/3

0.048

4

0.002

41

0.018

43

0.126

44

0.096

48

0.145

49

0.268

50

0.036

51

0.030

52/1

0.136

52/2

0.063

53/2

0.057

53/3

0.077

53/4

0.020

54

0.009

56

0.034

57

0.103

59

0.179

67

0.276

71

0.050

125/2

0.007

126

0.019

127

0.061

128

0.156

129

0.048

(2)

(1)

0.004

139/1

139/2

0.169

139/3

0.160

141/1

0.020

0.004

141/3

142/1

0.030

142/2

0.015

0.012

142/3

143

0.107

144/2

0.178

0.011

145

146

0.041

147

0.016

0.128

210/1

210/2

0.018

210/3

0.010

210/4

0.012

0.247

212

0.025

213

214

0.106

216/1

0.384

221

0.252

योग : 4.349

गुमानपुर दांयी नगर

0.126

94

95/1

0.036

96/1

0.001

0.004

96/2

97

0.072

0.076

99

100

0.062

101

0.082

104/1

0.042

104/2

0.078

योग : 0.579

कुल योग : 4.928

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सिंगारपुर वितरक नहर एवं गुमानपुर दांयी माईनर के निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1962

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग शाजापुर, दिनांक 25 मई 2011

क्र. भू-अर्जन- 2011-140.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . इस प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम की धारा 17(3 ) के प्रावधान राज्य शासन द्वारा लागू किये गये हैं . :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- शाजापुर

(ख ) तहसील - सुसनेर

(ग) नगर/ ग्राम-डोंगरगांव

(घ ) अर्जित भूमि का क्षेत्रफल- 17.39 हेक्टेयर

रकबा ( हे . में ) भूमि सर्वे नंबर

(1)

(2)

101

0.26

282

0.70

107

0.04

283

0.85

106

0.91

284

0.97

105/2

0.21

285

1.35

347

0.47

286

0.65

349

0.19

291

0.12

348

0.75

345

0.15

257

0.10

281

0.54

344

0.55

256

0.46

346

1.08

292

1.45

105/1

1.33

355

0.01

293

0.18

356

0.71

302

1.20

(2)

(1)

357

0.59

303/2

0.20

0.75

342

303/1

0.43

0.16

338

354

0.03

योग : 17.39

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- ग्राम डोंगरगांव तहसील सुसनेर में म . प्र. सड़क विकास निगम उज्जैन द्वारा एकीकृत जांच चौकी का निर्माण.

(3 ) भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , अनुभाग सुसनेर के कार्यालय में किया जासकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सोनाली एन. वायंगणकर , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खण्डवा, दिनांक 24 मई 2011

नस्ती क्रमांक 73-2011- एल.ए. भू-अर्जन प्रकरण क्रमांक 46- अ-82-10-11- शुद्धिपत्र.- श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना अंतर्गत सुरगांव बंजारी से बीड़ के बीच रेल परिवहन मार्ग के निर्माण हेतु ग्राम गोराड़िया , तहसील पुनासा, जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा के भू-अर्जन प्रकरण क्रमांक 46-अ- 82-10-11 में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 6 की उद्घोषणा का प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में अप्राप्त एवं नई दुनिया में दिनांक 15 मई 2011 एवं दैनिक जागरण में दिनांक 15 मई 2011 तथा आम इश्तिहार अप्राप्त को हुआ है. उक्त उद्घोषणा में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे .

प्रकाशन जिसमें

पूर्व में प्रकाशित प्रविष्टि

सही संशोधित प्रविष्टि

खसरा रकबा हुआ

हे . में.

खसरा नम्बर

नम्बर

रकबा हे. में. (3)

(5)

(2)

(4) (1)

470 0.20 मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1

में दिनांक

470 0.20 नई दुनिया में

दिनांक 15-5-2011

470 0.20 दैनिक जागरण में

दिनांक 15-5-2011

उक्त प्रकाशन उद्घोषणा में कुल अर्जनीय रकबा 13.72 हे. यथावत रहेगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आलोक सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1963

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग राजगढ़ , दिनांक 26 मई 2011

क्र. 8685 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन ( बड़लावदा बांध निर्माण कार्य के डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित भूमि) के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- राजगढ़

( ख ) तहसील- सारंगपुर

(ग ) नगर/ग्राम- भीलखेड़ी

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 3.653 हेक्टेयर

सर्वे नंबर

रकबा (हे . में ) (1)

(2)

80/5 में से

0.250

80/6 में से

0.550

91/1 में से

0.303

140

0.060

95में से

0.078

91/2में से

0.304

107 में से

0.015

117/1/3

0.312

0.607

92

105

1.126

128/2

0.048

योग : 3.653

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बड़लावदा बांध निर्माण कार्य के डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित भूमि हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) सारंगपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

राजगढ़, दिनांक 27 मई 2011

क्र. 8735 - भू-अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि एवं सम्पत्ति का वर्णन-अशासकीय भूमि (क) जिला- राजगढ़

(ख) तहसील- जीरापुर

(ग) ग्राम- अहिल्यापुरा

( घ ) भूमि का कुल क्षेत्रफल 10.902 हेक्टेयर खसरा नंबर

क्षेत्रफल ( हेक्टर में ) (1)

(2)

167/2/1/1

0.500

0.121

167/2/1/2

0.800

167/3

0.129

168/5 , 168/6

168/1/1

2.400

0.224

168/2 , 168/3/1

1.483

169 , 170/1

0.400

170/2

168/7

0.350

167/2/2

0.016

167/4/2

0.466

176/5

0.600

1.517

168/1/2

168/4

0.971

168/3/2

0.275

176/1/2

0.650

योग : 10.902

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- अहिल्यापुरा तालाब योजना की पाल , डूब वेस्ट वियर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) खिलचीपुर जीरापुर एवं भू- अर्जन अधिकारी खिलचीपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1964

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , जिला देवास , मध्यप्रदेश

देवास , दिनांक 5 मई 2011

क्र. 792- ज.स्वा. - 2011. देवास जिले में ग्रीष्म/ वर्षा ऋतु में होने वाली बीमारियों एवं पेयजल की शुद्धता के कारण संक्रामक रोग हैजा, आंत्रशोथ , पेचिस , पीलिया, मस्तिक ज्वर की संभावना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से यह आवश्यक प्रतिबंधात्मक उपाय तुरंत लागू किये जावें.

अस्तु, मैं, पुष्पलता सिंह , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , जिला देवास , मध्यप्रदेश आपत्तिजनक हैजा, ज्वर , आंत्रशोध विनियम , 1979 के नियम 3 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला देवास के सम्पूर्ण क्षेत्र को अधिसूचित क्षेत्र घोषित करती हूं तथा यह आदेश देती हूं कि: -

( 1 ) अधिसूचित क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों , बाजारों , उपहार गृहों , भोजनालयों, होटलों जनता के लिए खाद्य एवं पेय पदार्थ, निर्माण कार्य करने या उनके प्रयोग करने के लिये कायम रखी गई स्थापना में विक्रय या निर्मूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये गये स्थानों पर : -

(क ) बासी मिठाइयों तथा नमकीन वस्तुओं व सड़े - गले फल, सब्जियों, दूध, दही उबली हुई चाय, काफी, अण्डों की बिक्री प्रतिनिषिद्ध रहेगी .

(ख ) बासी मिठाईयों व नमकीन वस्तुओं व सड़े गले फल , सब्जियों, उबली हुई चाय , शर्बत, मांस , मछली, अण्डे, कुल्फी, आईसक्रीम , बर्फ के लड्डू, चूसने वाले पदार्थ बिक्री हेतु खुले नहीं रखे जाएंगे . उन्हें जालीदार ढक्कनों अथवा कांच के बंद शोकेस में अथवा पारदर्शी आवरण से ढककर इस प्रकार रखा जावेगा कि वे मक्खी, मच्छर आदि कीटों या दूषित हवा से मानव उपयोग के लिए, दूषित अस्वास्थ्य कारक या अनुपयोगी न हो सकें .

(2 ) इस आदेश द्वारा प्रतिबंधित अवधि में घोषित अधिसूचित क्षेत्र में या बाहर के कोई भी व्यक्ति इस आदेश के चरण एक (क) एवं ( ख ) में उल्लेखित वस्तुओं तथा तैयार एवं पकाये गये भोजन को न तो लाएगा और न ही ले जाएगा .

इस आदेश द्वारा प्रतिबंधित अवधि में घोषित अधिसूचित क्षेत्र के किसी भी बाजार, भवन, दुकान , स्टाल अथवा खाने- पीने की किसी भी वस्तु के विक्रय निर्मूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये जा रहे स्थानों, प्रवेश करने , निरीक्षण करने , उसमें विद्यमान ऐसी वस्तु की जांच पड़ताल करने तथा खाने- पीने की ऐसी वस्तु के विक्रय का मानव उपयोग अभिप्रेत है और जो पदार्थ दूषित या अनुपयुक्त है, तो दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 95 व 165 में उल्लेख की गई रीति से पाई गई अस्वास्थ्यकारक दूषित व अनुपयुक्त वस्तुओं का अधिग्रहण कराकर हटाने व नष्ट कर या ऐसी नीति से निवर्तन करने के लिए, जिससे वह मानव उपयोग में लाये जाने से रोकी जा सके जनहित में मध्यप्रदेश खाद्य अपमिश्रण निवारण नियम, 1962 के नियम 5 ( 5 ) के अंतर्गत खाद्य पदार्थों के विक्रय संग्रह एवं निर्माण हेतु जारी किये गये खाद्य लायसेंस और निलंबित और मध्यप्रदेश खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम , 1954 की धारा 7 के अंतर्गत प्रतिबद्ध किये जायेंगे एवं न्यायालीन कार्यवाही की जावेगी. धारा 16 के तहत जिसमें दण्ड में सजा एवं जुर्माना का प्रावधान किया गया है . अधिसूचित क्षेत्र में कार्यवाही हेतु निम्नलिखित अधिकारियों को प्राधिकृत करती हूं. जो पृथक् पृथक् एवं आवश्यकतानुसार सामूहिक रूप से कार्यवाही करेंगे :-

( 1 ) जिले के समस्त कार्यपालिक दण्डाधिकारी.

(2 ) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/ सिविल सर्जन- सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला चिकित्सा देवास/ खण्ड चिकित्सा अधिकारी.

(3 ) मुख्य नगरपालिका अधिकारी.

(4) मुख्य कार्यपालन अधिकारी/जिला पंचायत/जनपद पंचायत.

(5 ) नगरपालिका के स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वास्थ्य निरीक्षक.

( 6) खाद्य अधिकारी/खाद्य निरीक्षक.

उपरोक्त उल्लेखित पदाधिकारी अधिसूचित क्षेत्र में किन्हीं भी नालियों, नालो , गटरों , पानी के गड्ढ़ों, पोखरों, मलकुण्डों, संडासों, संक्रामक वस्तुओं , बिस्तरों, कूड़ा- करकट अथवा किसी भी प्रकार की गंदगी को हटाने उक्त स्थापन को स्वच्छ और रोग कीटाणु से उसका निवर्तन करने अथवा उसके संबंध में समुचित रोगाणुनाशक पदार्थ का समुचित उपयोग करने के लिए आदेश दे सकेंगे.

यह आदेश जारी होने के दिनांक से आगामी 6 माह की अवधि या अन्य आदेश तक, जो भी पहले हो प्रभावशाली होंगे.

पुष्पलता सिंह , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी .

भाग 1 ]

1965

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन "

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल , मध्यप्रदेश 462011

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 मई 2011

क्र. एफ. 67-262-10-तीन-769.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत चित्रकूट , जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री सुमन्त कुमार पटेल पिता राममूरत पटेल, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत, चित्रकूट, जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर , 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी , 2010 एवं 17 जनवरी , 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी , 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के पत्र क्र. 594/स्था. निर्वा./न.पा./09-10 दिनांक 26 फरवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री सुमन्त कुमार पटेल पिता राममूरत पटेल द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री सुमन्त कुमार पटेल पिता राममूरत पटेल को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 30 मार्च , 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 29 अप्रैल , 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री सुमन्त कुमार पटेल पिता राममूरत पटेल को नोटिस दिनांक 29 अप्रैल , 2010 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 14 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है. कलेक्टर , सतना ने अपने पत्र दिनांक 8 अक्टूबर, 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्री सुमन्त कुमार पटेल पिता राममूरत पटेल ने कारण बताओ नोटिस की तामीली कराये जाने के पश्चात् नोटिस में उल्लेखित समयावधि से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक अपना निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है. कलेक्टर, सतना से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी , 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 7 मार्च, 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना-पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा दिनांक 2 मार्च 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री सुमन्त कुमार पटेल पिता राममूरत पटेल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत चित्रकूट, जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

( रजनी उइके )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

1966

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 मई 2011

क्र. एफ. 67-262-10- तीन- 770.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का , जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत चित्रकूट , जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री आनन्द चौबे , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत, चित्रकूट , जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के पत्र क्र. 594/स्था . निर्वा./ न.पा./09-10 दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री आनन्द चौबे द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री आनन्द चौबे को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 30 मार्च 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 20 जुलाई 2010 को तामील

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री आनन्द चौबे को नोटिस दिनांक 20 जुलाई 2010 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 4 अगस्त 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 8 अक्टूबर 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्री आनन्द चौबे ने कारण बताओं नोटिस की तामीली कराये जाने के पश्चात् नोटिस में उल्लेखित समयावधि से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक अपना निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है . कलेक्टर सतना से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 7 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा दिनांक 16 मार्च 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री आनन्द चौबे को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत चित्रकूट , जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- ( रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भाग 1 ]

1967

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 मई 2011

क्र. एफ. 67-262-10-तीन-771 .- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत चित्रकूट , जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री कौशल किशोर पाण्डेय अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत, चित्रकूट , जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पत्र क्र. 594/स्था. निर्वा. / न.पा./09-10 दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री कौशल किशोर पाण्डेय द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री कौशल किशोर पाण्डेय को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 30 मार्च 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 29 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा .

श्री कौशल किशोर पाण्डेय को नोटिस दिनांक 29 अप्रैल 2010 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 14 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है . कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 8 अक्टूबर 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्री कौशल किशोर पाण्डेय ने कारण बताओ नोटिस की तामीली कराये जाने के पश्चात् नोटिस में उल्लेखित समयावधि से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक अपना निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है . कलेक्टर सतना से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 7 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा दिनांक 2 मार्च 2011 को कराई गई , किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री कौशल किशोर पाण्डेय को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत चित्रकूट, जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- ( रजनी उड़के ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

1968

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 मई 2011

क्र. एफ. 67-262-10- तीन- 772.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा .

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत चित्रकूट, जिला सतना के आम निर्वाचन में सुश्री कंचन सेन अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं नगर पंचायत, चित्रकूट , जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पत्र क्र. 594 /स्था. निर्वा./ न.पा./09-10 दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री कंचन सेन द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री कंचन सेन को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 30 मार्च , 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 29 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री कंचन सेन को नोटिस दिनांक 29 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 14 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है. कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 8 अक्टूबर 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी सुश्री कंचन सेन ने कारण बताओ नोटिस की तामीली कराये जाने के पश्चात् नोटिस में उल्लेखित समयावधि से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक अपना निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है. कलेक्टर सतना से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 7 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर , सतना द्वारा दिनांक 2 मार्च 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री कंचन सेन को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत चित्रकूट, जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

( रजनी उइके ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भाग 1 ]

1969

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 मई 2011

क्र. एफ. 67-262-10- तीन- 773.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत चित्रकूट, जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री पं. चुनवाद प्रसाद पाण्डेय अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत, चित्रकूट, जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पत्र क्र. 594/स्था. निर्वा. / न.पा./09-10 दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री पं. चुनवाद प्रसाद पाण्डेय द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री पं. चुनवाद प्रसाद पाण्डेय को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 30 मार्च, 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 29 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री पं. चुनवाद प्रसाद पाण्डेय को नोटिस दिनांक 29 अप्रैल 2010 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 14 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 8 अक्टूबर 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्री पं. चुनवाद प्रसाद पाण्डेय ने कारण बताओं नोटिस की तामीली कराये जाने के पश्चात् नोटिस में उल्लेखित समयावधि से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक अपना निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है . कलेक्टर सतना से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 7 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री पं. चुनवाद प्रसाद पाण्डेय को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत चित्रकूट, जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

( रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

1970

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 मई 2011

क्र. एफ. 67-262-10-तीन-774.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत चित्रकूट, जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री नीलकंठ शास्त्री अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर पंचायत, चित्रकूट , जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी , 2010 तक , किन्तु 16 जनवरी, 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पत्र क्र. 594/स्था. निर्वा./ न.पा./09-10 दिनांक 26 फरवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री नीलकंठ शास्त्री द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया .

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री नीलकंठ शास्त्री को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 30 मार्च , 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 29 अप्रैल , 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दियाजायेगा.

श्री नीलकंठ शास्त्री को नोटिस दिनांक 29 अप्रैल, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 14 मई, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है. कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 8 अक्टूबर, 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्री नीलकंठ शास्त्री ने कारण बताओं नोटिस की तामीली कराये जाने के पश्चात् नोटिस में उल्लेखित समयावधि से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक अपना निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है. कलेक्टर सतना से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी , 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 7 मार्च , 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए .

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री नीलकंठ शास्त्री को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत चित्रकूट, जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (रजनी उइके )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भाग 1 ]

आदेश

भोपाल , दिनांक 23 मई 2011

क्र. एफ. 67-262-10- तीन- 775.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत चित्रकूट, जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री पूरन लाल अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर पंचायत, चित्रकूट, जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी, 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी , 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पत्र क्र. 594/स्था. निर्वा. / न.पा./09-10 दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री पूरन लाल द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री पूरन लाल को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 30 मार्च , 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन

1971

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

अधिकारी, सतना के माध्यम से दिनांक 29 अप्रैल, 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री पूरन लाल को नोटिस दिनांक 29 अप्रैल , 2010 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 14 मई, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है . कलेक्टर, सतना ने अपने पत्र दिनांक 8 अक्टूबर, 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्री पूरन लाल ने कारण बताओ नोटिस की तामीली कराये जाने के पश्चात् नोटिस में उल्लेखित समयावधि से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक अपना निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया हैं . कलेक्टर, सतना से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी , 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 7 मार्च, 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर , सतना द्वारा कराई गई , किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री पूरन लाल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत चित्रकूट , जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- ( रजनी उइके) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल .

1972

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

आदेश

भोपाल , दिनांक 23 मई 2011

क्र. एफ. 67-262-10-तीन- 776.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत चित्रकूट , जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री प्रेमचन्द्र अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर पंचायत, चित्रकूट , जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पत्र क्र. 594/स्था. निर्वा. / न.पा./09-10 दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री प्रेमचन्द्र द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री प्रेमचन्द्र को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 30-3-2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 29 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री प्रेमचन्द्र को नोटिस दिनांक 29 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 14 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 8 अक्टूबर 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्री प्रेमचन्द ने कारण बताओं नोटिस की तामीली कराये जाने के पश्चात् नोटिस में उल्लेखित समयावधि से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक अपना निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है. कलेक्टर सतना से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 7 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री प्रेमचन्द्र को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत चित्रकूट, जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- ( रजनी उइके ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भाग 1 ]

1973

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 मई 2011

क्र. एफ. 67-262-10-तीन-777.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत चित्रकूट, जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री राजेन्द्र कुमार त्रिपाठी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत , चित्रकूट , जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पत्र क्र. 594/स्था. निर्वा./ न.पा./09-10 दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री राजेन्द्र कुमार त्रिपाठी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री राजेन्द्र कुमार त्रिपाठी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 30 मार्च , 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के माध्यम से दिनांक 30 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दियाजायेगा.

श्री राजेन्द्र कुमार त्रिपाठी को नोटिस दिनांक 30 अप्रैल 2010 को तामील हो गया. अतः उनको दिनांक 15 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया . कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 8 अक्टूबर 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्री राजेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कारण बताओ नोटिस की तामीली कराये जाने के पश्चात् नोटिस में उल्लेखित समयावधि से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक अपना निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है. कलेक्टर सतना से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 7 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा कराई गई , किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री राजेन्द्र कुमार त्रिपाठी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत चित्रकूट, जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

( रजनी उइके) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

1974

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 मई 2011

क्र. एफ. 67-262-10-तीन- 778.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत चित्रकूट, जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री रोहणी प्रसाद अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत, चित्रकूट , जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पत्र क्र. 594/स्था. निर्वा./ न.पा./09-10 दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री रोहणी प्रसाद द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री रोहणी प्रसाद को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 30 मार्च 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 30 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री रोहणी प्रसाद को नोटिस दिनांक 30 अप्रैल 2010 को तामील हो गया. अतः उनको दिनांक 15 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है. कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 8 अक्टूबर 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्री रोहणी प्रसाद ने कारण बताओं नोटिस की तामीली कराये जाने के पश्चात् नोटिस में उल्लेखित समयावधि से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक अपना निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है . कलेक्टर सतना से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्तके समक्ष में दिनांक 7 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा दिनांक 5 मार्च 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री रोहणी प्रसाद को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत चित्रकूट, जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- ( रजनी उइके )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

भाग 1 ]

1975

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 मई 2011

क्र. एफ. 67-262-10-तीन-779.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत चित्रकूट, जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री श्याम सुन्दर अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत, चित्रकूट, जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पत्र क्र. 594 /स्था . निर्वा./ न.पा./09-10 दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री श्याम सुन्दर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री श्याम सुन्दर को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 30 मार्च 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 30 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री श्याम सुन्दर को नोटिस दिनांक 30 अप्रैल 2010 को तामील हो गया. अतः उनको दिनांक 15 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है. कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 8 अक्टूबर 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्री श्याम सुन्दर ने कारण बताओ नोटिस की तामीली कराये जाने के पश्चात् नोटिस में उल्लेखित समयावधि से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक अपना निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है. कलेक्टर सतना से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 7 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर , सतना द्वारा कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री श्याम सुन्दर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत चित्रकूट, जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- ( रजनी उइके ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

1976

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

आदेश

भोपाल, दिनांक 23 मई 2011

क्र. एफ. 67-262-10-तीन- 780.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत चित्रकूट , जिला सतना के आम निर्वाचन में श्री शियाराम/देवीदास अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत, चित्रकूट , जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पत्र क्र. 594/स्था. निर्वा./ न.पा./09-10, दिनांक 26 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री शियाराम/देवीदास द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री शियाराम/देवीदास को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 30 मार्च 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के माध्यम से दिनांक 29 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री शियाराम/देवीदास को नोटिस दिनांक 29 अप्रैल 2010 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 14 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है. कलेक्टर सतना ने अपने पत्र दिनांक 8 अक्टूबर 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्री शियाराम/देवीदास ने कारण बताओ नोटिस की तामीली कराये जाने के पश्चात् नोटिस में उल्लेखित समयावधि से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक अपना निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है. कलेक्टर सतना से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 7 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, सतना द्वारा कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री शियाराम/देवीदास को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत चित्रकूट , जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (रजनी उइके )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

भाग 1 ]

आदेश

भोपाल , दिनांक 26 मई 2011

क्र. एफ. 67-197-10-तीन- 816.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद गढाकोटा जिला सागर के आम निर्वाचन में सुश्री मायारानी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद गढाकोटा जिला सागर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी सागर के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, सागर के पत्र क्र. 754/स्था . निर्वा ./10 दिनांक 12 अप्रैल, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री मायारानी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री मायारानी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 31 मई 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, सागर के माध्यम से दिनांक 11 जून 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

1977

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

सुश्री मायारानी को नोटिस दिनांक 11 जून 2010 को तामील कराया गया . अभ्यर्थी द्वारा दिनांक 21 जून 2010 को एक अभ्यावेदन कलेक्टर कार्यालय सागर में प्रस्तुत किया , जिसमें उन्होंने लेख किया कि " .... नगरपालिका परिषद् गढाकोटा के चुनाव परिणाम घोषित होने के एक सप्ताह के भीतर शासन द्वारा निर्धारित निर्वाचन व्यय का दिन प्रतिदिन का लेखा रजिस्टर, आवेदिका द्वारा , मय चुनाव में व्यय होने की जानकारी एवं प्राप्त रसीदों के साथ , नगरपालिका द्वारा लेखा जमा करने हेतु नियुक्त श्री दामोदर प्रसाद सैनी कर्मचारी नगरपालिका परिषद् गढाकोटा के समक्ष उपस्थित होकर जमा किया था तथा उक्त जानकारी जमा करते समय मैने व्यय जमा करने की पावती रसीद की भी संबंधित कर्मचारी से मांग की थी, तो उन्होंने कहा था कि इसकी क्या जरूरत पावती तुम्हारे घर पहुंच जायेगी. " कलेक्टर सागर ने पत्र दिनांक 2 अगस्त 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी सुश्री मायारानी द्वारा चुनाव व्ययों का लेखा निर्धारित समय अवधि में नगरपालिका परिषद् के सैनी बाबू के पास जमा करने का लेख किया है जबकि व्यय लेखा दिनांक 22 जून 2010 को उप जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष मूल प्रति में जमा किया गया. अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत जवाब एकदम गलत व निराधार है . कलेक्टर सागर से उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 9 मार्च 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र जारी किया गया . व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर सागर द्वारा दिनांक 28 फरवरी 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं हुई.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री मायारानी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् गढ़ाकोटा, जिला सागर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-- ( रजनी उइके ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

1978

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

आदेश

भोपाल , दिनांक 26 मई 2011

क्र. एफ. 67-201-10- तीन- 818.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद खुरई जिला सागर के आम निर्वाचन में श्रीमती सुधा अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद खुरई जिला सागर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी सागर के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सागर के पत्र क्र. 754/स्था. निर्वा ./ 10 दिनांक 12 अप्रैल, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री सुधा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती सुधा को कारण बताओ नोटिस दिनांक 12 मई 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सागर के माध्यम से दिनांक 26 मई 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्रीमती सुधा को नोटिस दिनांक 26 मई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 10 जून 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर सागर ने पत्र दिनांक 5 अगस्त 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी से कारण बताओ नोटिस का जबाव आज दिनांक तक अप्राप्त है. उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 10 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 28 फरवरी 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली 21 फरवरी 2011 को हुई किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नही हुईं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती सुधा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद खुरई जिला सागर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (रजनी उइके )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भाग 1 ]

1979

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

आदेश

भोपाल, दिनांक 26 मई 2011

क्र. एफ. 67-201-10-तीन-819. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद खुरई जिला सागर के आम निर्वाचन में श्रीमती सुनीता अहिरवार अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद खुरई जिला सागर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी सागर के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सागर के पत्र क्र. क 754/स्था . निर्वा. / /10, दिनांक 12 अप्रैल, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती सुनीता अहिरवार द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती सुनीता अहिरवार को कारण बताओ नोटिस दिनांक 12 मई 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सागर के माध्यम से दिनांक 26 मई 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्रीमती सुनीता अहिरवार को नोटिस दिनांक 26 मई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 10 जून 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर सागर ने पत्र दिनांक 5 अगस्त 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी से कारण बताओ नोटिस का जवाब आज दिनांक तक अप्राप्त है . उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 6 जनवरी 2011 को सूचना जारी कर दिनांक 28 जनवरी 2011 को निर्वाच व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष उपस्थित होने बाबत् सूचित किया गया किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुई. माननीय आयुक्त महोदय द्वारा अभ्यर्थी को सुनवाई का एक मौका और दिया गया. अतः दिनांक 10 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 28 फरवरी 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली 21 फरवरी 2011 को हुई किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नही हुईं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती सुनीता अहिरवार को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद खुरई जिला सागर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

( रजनी उइके )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

विधान सभा सचिवालय, मध्यप्रदेश भोपाल , दिनांक 28 मई , 2011

क्र. 12226 - वि.स. स्था - 11.- मध्यप्रदेश शासन , विधि एवं विधायी कार्य विभाग के आदेश क्र. फा 3254 - प्रस- विधि- 2011- इक्कीस - ब ( एक ) , भोपाल , दिनांक 28 मई 2011 द्वारा श्री राजकुमार पाण्डे, जिला जज ( इंस्पेक्शन एवं विजीलेंस ) जबलपुर जोन, जबलपुर की सेवायें विधान सभा सचिवालय को प्रतिनियुक्ति पर सौंपे जाने के फलस्वरूप उनकी प्रमुख सचिव के पद पर उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से आगामी आदेश तक के लिए नियुक्ति की जाती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डॉ. ए. के. पयासी , प्रमुख सचिव.

1980

उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर जबलपुर, दिनांक 2 मई 2011

क्र. C -3206- दो-3-1-36- भाग- पांच. श्री ए. के . शर्मा, असिस्टेंट रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, खण्डपीठ ग्वालियर की नियुक्ति/ पदोन्नति दिनांक 1 मई 2011 से रिक्त होने वाले लेखा अधिकारी के पद पर वेतनमान रु. 10,000-325-15,200 ( पुनरीक्षित वेतनबैंड रुपये 15600-39100 ग्रेड पे रुपये 6600 ) में, अस्थायी एवं स्थानापन्न रूप से, आगामी आदेश पर्यन्त , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर की स्थापना पर उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से की जाती है .

जबलपुर, दिनांक 3 मई 2011

क्र. B/1454-दो - 14-1-2010.- रजिस्ट्री आदेश क्रमांक डी- 179-दो - 14-1-2009 जबलपुर, दिनांक 8 जनवरी 2010 " जिसके द्वारा श्री आशीष तिवारी को असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई थी " को तत्काल प्रभाव से वापस ( Recalled ) लिया जाता है तथा उन्हें निजी सचिव के पद पर वापस प्रतिवर्तित (Reverted back to the post of Private Secretary ) किया जाता है .

माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, सुभाष काकड़े , रजिस्ट्रार. जनरल.

जबलपुर , दिनांक 6 मई 2011

क्र. B - 1495- दो- 2-17-2011 .- श्री गिरीश कुमार शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन को दिनांक 23 अप्रैल से 20 मई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुये अट्ठाईस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 22 अप्रैल 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री गिरीश कुमार शर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री गिरीश कुमार शर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

जबलपुर, दिनांक 7 मई 2011

क्र. C - 3426-दो -2-14-2006.- श्री आलोक वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सतना को दिनांक 2 से 7 मई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुये छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 1 मई 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 8 मई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री आलोक वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सतना को सतना पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री आलोक वर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 3428--दो-2-16-2002.- श्री शिवनारायण द्विवेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुरैना को दिनांक 18 से 21 मई 2011 तक चार दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 22 मई से 2 जून 2011 तक बारह दिन ग्रीष्मकालीन आवकाश स्वीकृत किया जाता है साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 17 मई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री शिवनारायण द्विवेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुरैना को मुरैना पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाश , ग्रीष्मकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री शिवनारायण द्विवेदी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 3440- दो- 2-49-2009.-श्री जगदीश बाहेती जिला एवं सत्र न्यायाधीश, खण्डवा को दिनांक 9 से 13 मई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुये पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 8 मई 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 14 एवं 15 मई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री जगदीश बाहेती , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, खण्डवा को खण्डवा पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री जगदीश बाहेती उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

भाग 1 ]

1981

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

जबलपुर, दिनांक 9 मई 2011

क्र. C- 3456-दो-2-5-2006.- श्रीमती जयश्री वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शाजापुर को दिनांक 25 मार्च से 2 अप्रैल 2011 तक नौं दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में से दिनांक 31 मार्च 2011 से 2 अप्रैल 2011 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश , उपभोग नहीं करने के कारण निरस्त किया जाता है.

क्र. C - 3458- दो- 2-11-2004.- श्रीमती आराधना चौबे , प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय सागर को दिनांक 18 से 21 अप्रैल 2011 तक चार दिन के पूर्व स्वीकृत अर्जित अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 22 से 23 अप्रैल 2011 तक दो दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती आराधना चौबे , प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय सागर को सागर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती आराधना चौबे उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. B- 1537-दो- 3-35-2011.-श्री आर. पी . वर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रतलाम को दिनांक 21 मार्च से 2 अप्रैल 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तेरह दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 3 एवं 4 अप्रैल 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री आर. पी. वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रतलाम को रतलाम पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्यूटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. पी. वर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. B- 1539-दो- 2-32-2010.- श्रीमती कनकलता सोनकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , कटनी को दिनांक 25 से 30 अप्रैल 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 24 अप्रैल 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 1 मई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्रीमती कनकलता सोनकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कटनी को कटनी पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कनकलता सोनकर उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. B - 1543- दो - 2-39-2011.- श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, ग्वालियर को दिनांक 5 से 8 अप्रैल 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्यूटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

जबलपुर, दिनांक 10 मई 2011

क्र. C- 3492-दो- 2-46-2010.- श्रीमती दुर्गा डाबर, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल को दिनांक 7 से 9 मार्च 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का कम्यूटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती दुर्गा डाबर , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्यूटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती दुर्गा डाबर सोनकर उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. C- 3494- दो-2-33-2010 .- श्री रणजीत सिंह , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डला को दिनांक 16 मई 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 14 एवं 15 मई 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 17 मई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री रणजीत सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मण्डला को मण्डला पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री रणजीत सिंह उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

1982

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

जबलपुर, दिनांक 18 मई 2011

क्र. E- 2289- दो - 2-37-2010.- श्री जे. एस. क्षत्रिय , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, डिण्डौरी को दिनांक 6 से 17 जून 2011 तक बारह दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश एवं दिनांक 18 जून 2011 का एक दिन अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 5 जून 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 19 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री जे . एस. क्षत्रिय , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, डिण्डौरी को डिण्डौरी पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित/ग्रीष्मकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री जे . एस. क्षत्रिय , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.

जबलपुर , दिनांक 4 मई 2011

क्र. 688 - गोपनीय - 2011- दो - 2-1-2011 ( भाग- बी ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लिखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लिखित न्यायालय के न्यायाधीश उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है : -

सारणी

क्रमांक अधिकारी का नाम न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (2)

(1)

(3)

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विदिशा की हैसियत से रिक्त पद पर.

1 श्रीमती रहस बिहारी गुप्ता, तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विदिशा.

2 श्री अजय श्रीवास्तव, चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विदिशा .

तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विदिशा की हैसियत से श्री रहस बिहारी गुप्ता के स्थान पर.

जबलपुर, दिनांक 7 मई 2011

क्र. 708 - गोपनीय- 2011- दो- 3-1-2011 ( भाग- बी) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लिखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लिखित न्यायालय के न्यायाधीश उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है :-

सारणी

क्रमांक अधिकारी का नाम न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (3)

(1)

(2)

व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , कुक्षी, जिला धार की हैसियत से श्री दयाराम कुमरे के स्थान पर .

1 श्री अमर सिंह सिसौदिया, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2, कुक्षी के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश, कुक्षी, जिला धार.

व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , सरदारपुर, जिला धार की हैसियत से श्री हेमन्त कुमार यादव के स्थान पर.

2 श्री कलम सिंह मेडा, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2, सरदारपुर के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश , सरदारपुर, जिला धार.

जबलपुर, दिनांक 10 मई 2011

क्र. 717 -गोपनीय- 2011-दो- 2-1-2011 ( भाग- बी) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लिखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लिखित न्यायालय के न्यायाधीश उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है : -

सारणी

क्रमांक अधिकारी का नाम

(1)

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (3)

(2)

1 श्री दीपक कुमार अग्रवाल, बारहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , इन्दौर .

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , इन्दौर की हैसियत से श्री श्रवण कुमार रघुवंशी के स्थान पर .

2 श्री प्रेम कुमार सिन्हा ग्यारहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, इन्दौर . बारहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , इन्दौर की हैसियत से श्री दीपक कुमार अग्रवाल के स्थान पर.

भाग 1 ]

1983

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

जबलपुर, दिनांक 11 मई 2011

क्र. 722-गोपनीय- 2011-दो- 2-1-2011 ( भाग- बी ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लिखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लिखित न्यायालय के न्यायाधीश उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है :-

सारणी

क्रमांक अधिकारी का नाम न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (1)

(2)

(3)

दसवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जबलपुर की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

1 श्री वीरेन्द्र प्रताप सिंह, बीसवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जबलपुर.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, सुभाष काकडे, रजिस्ट्रार जनरल.

Jabalpur , the 3rd May 2011

No. 90-CJ - II - 899. -WHEREAS , a Charge Sheet u/ Ss . 395, 397 , 427 , 120 - B IPC has been filed against Shri S. S. Parmar , Additional District & Sessions Judge , Rahli , District Sagar , in the Court of Special Judge , (Dacoity Affected Area) , Jhansi ( U.P. ) .

AND WHEREAS , serious nature of the acts of misconduct warrant his suspension from service , pursuant to powers conferred on the High Court as Disciplinary Authority under the proviso to sub - rule ( 1 ) (b) of Rule 9 of M. P. CivilServices ( Classification , Control and Appeal ) Rules , 1966 , and all other powers enabling the High Court to place a Judicial Officer under suspension , in its control , the High Court hereby places Shri S. S. Parmar , Additional District & Sessions Judge , Sagar , under suspension with the headquarters at Gwalior , The High Court further directs that orders for payments of subsistence allowances shall be issued separately at the earliest .

No. 92 - CJ - II - 468. - WHEREAS , a departmental enquiry has been initiated against Shri O. P. Sunariya , Special Judge , Sidhi for showing act of grave misconduct .

AND WHEREAS , serious nature of the acts of misconduct warrant his suspension from service , pursuant to powers conferrd on the High Court as Disciplinary Authority under the sub- rule ( 1 ) of Rule 9 of M. P. Civil Services (Classification , Control and Appeal ) Rules , 1966 , and all other powers enabling the High Court to place a Judicial Officer under suspension , in its control , the High Court hereby places Shri O. P. Sunariya, Special Judge, Sidhi under suspension with the headquarters at Rewa . The High Court further directs that orders for payments of subsistence allowances shall be issued separately at the earliest .

No. 95 - C.J. - II - 865 . In the matter of Departmental Enquiry against Shri G. P. Agrawal , the then Additional District & Sessions Judge , Indore , presently under suspension with headquarters at Sehore , having considered the enquiry report and his reply to show cause notice dated 18-2-11 along with all relevant records , it has been resolved that the proceedings be dropped and the officer be exonerated from the charges . The order of suspension shall stand revoked . The period of suspension shall be treated on duty for all purposes .

By order of the High Court ,

K. D. KHAN , Principal Registrar (Inspection & Vigilance ) .

उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश ( सैट ) , जबलपुर जबलपुर, दिनांक 4 मई 2011

क्र. 166 - स्था. सैट-2011 .- श्रीमती एम. जिल्ला , निजी सचिव , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश ( सैट ) खण्डपीठ , इन्दौर को दिनांक 26 फरवरी से 1 मार्च 2011 तक कुल चार दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया है साथ ही सार्वजनिक अवकाशों के प्रारंभ एवं अंत में जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाशकाल में श्रीमती जिल्ला को अवकाश वेतन तथा भत्ते उसी प्रकार देय होंगे जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व देय थे.

उक्त अवकाश से लौटने पर श्रीमती एम . जिल्ला , अवकाश पर नहीं जातीं तो निजी सचिव के पद पर कार्य करतीं रहतीं . अतः अवकाश अवधि दिनांक 26 फरवरी से 1 मार्च 2011 को मूलभूत नियम 25 ( ब ) ( 2 ) के अनुसार वेतनवृद्धि के लिये गिनी जावेगी .

ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार - कम- पी . पी. एस.

1984

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर

जबलपुर, दिनांक 4 मई 2011

क्र. 692-गोपनीय- 2011-दो-2-1-2011 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अधीन एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानान्तरित कर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तत्संबंधी स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायाधीश की हैसियत से तथा मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , की अधिसूचना क्र. फा.-1-2-90- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 26 अक्टूबर 1995, अधिसूचना क्र. फा.-1-2-90- इक्कीस- ब (एक) , दिनांक 19 फरवरी 1997 एवं क्र. 1-2-90- इक्कीस-अ ( एक) , दिनांक 7 मई 1999 तथा क्रमांक फा . 1-2-90- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 4 मई 2007 द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 ( 1989 की संख्या 33 ) की धारा 14 के अधीन विनिर्दिष्ट सारणी के तत्संबंधी स्तम्भ ( 7 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के रूप में पदस्थ एवं नियुक्त करता है .

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( 1974 की संख्या 2 ) की धारा 9 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश उच्च न्यायिक सेवा के निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में निर्दिष्ट अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिये अपर सत्र न्यायाधीश नियुक्त करता है : -

सारणी क्रमांक

नाम

कहां से

कहां को (1)

(2)

(3)

(4)

रीवा 1 श्री राजेन्द्र कुमार सिंह गौतम इंदौर

इंदौर

इंदौर 2 श्री श्रवण कुमार रघुवंशी

3 श्री अरुण सिंह तोमर

मुरैना

शिवपुरी

4

भिण्ड

मुरैना

श्री प्रताप सिंह कुशवाह

भिण्ड

5 श्री प्रभाकांत शुक्ला

शिवपुरी

विशेष सत्र खण्ड का नाम

न्यायालय के संदर्भ में टिप्पणी

न्यायालय

का नाम (7) (5)

(6)

रीवा रीवा पीठासीन अधिकारी , विशेष न्यायालय की हैसियत से श्रीमती पारो रायजादा के स्थान पर.

इंदौर

इंदौर पीठासीन अधिकारी , विशेष न्यायालय की हैसियत से श्री आर. के. एस. गौतम के स्थान पर.

मुरैना

मुरैना पीठासीन अधिकारी , विशेष न्यायालय की हैसियत से श्री पी. एस . कुशवाह के स्थान पर.

भिण्ड

भिण्ड पीठासीन अधिकारी , विशेष न्यायालय की हैसियत से श्री प्रभाकांत शुक्ला के स्थान पर.

शिवपुरी शिवपुरी पीठासीन अधिकारी , विशेष न्यायालय की हैसियत से श्री ए. एस. तोमर के स्थान पर.

भाग 1 ]

1985

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

क्र. 693 -गोपनीय - 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग- बी) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्च न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारी ( अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ) को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानान्तरित कर उक्त न्यायिक अधिकारी के समक्ष स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है .

दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, उच्च न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारी को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है : -

नाम

क्रमांक

कहां से (1)

(2)

(3) 1

उज्जैन श्री प्रेम कुमार सिन्हा

2

गरोठ श्री केशव सिंह तोमर

जोरा 3 श्री अजय कुमार गर्ग

सारणी

कहां को

सत्र खण्ड

का नाम

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी

(6)

(4)

(5)

इंदौर

इंदौर

ग्यारहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .

रहली

सागर

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , रहली के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.

नरसिंहपुर नरसिंहपुर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

क्र. 694-गोपनीय - 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट , 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी ) को सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानान्तरित कर स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट स्थान पर अपर जिला न्यायाधीश ( फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी ) की हैसियत से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है .

दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश निम्न पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्टस् को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है :-

सारणी

क्रमांक

नाम

कहां से (1) (2)

(3)

(4)

1

जौरा

ग्वालियर श्री मधुसुदन मिश्रा

कहां को

सत्र खण्ड का नाम

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (5)

(6)

मुरैना

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( फास्ट ट्रैक कोर्ट ) , जोरा के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से .

क्र. 695 - गोपनीय - 2011- दो- 2-1-2008 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश श्री ज्ञान प्रकाश अग्रवाल , अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीहोर का निलंबन उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश आदेश क्रमांक 95/C.J. - II/ 865 , dated 3-5-2011 द्वारा खंडित ( Revoke ) होने के फलस्वरूप उन्हें द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , गुना की हैसियत से रिक्त न्यायालय में उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.

1986

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

जबलपुर, दिनांक 5 मई 2011

क्र. 699 - गोपनीय - 2011-दो- 3-1-2011 ( भाग- ए ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 तथा मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी / अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है .

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 12 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश को उनके नामों के समक्ष स्तम्भ ( 5 ) में अंकित जिले में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी /अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है :-

नाम

क्रमांक

कहां से (1)

(2)

(3) 1

रीवा कु. प्रतिभा साठवणे

सारणी

कहां को पदस्थापना के जिले का नाम

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी

(4)

(5)

(6)

बालाघाट

बालाघाट

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से.

क्र. 700 -गोपनीय- 2011-दो- 3-1-2011 ( भाग - ए ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 तथा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है :-

क्रमांक

नाम

कहां से (1)

(2)

(3) 1 श्री पदमेश शाह

देवास 2

बीना

छतरपुर श्री राजेश कुमार देवलिया

3

रीवा श्री कृष्णदास महार

4

देवास श्री राजकुमार वर्मा

5 श्री देवीलाल सोनिया

खिलचीपुर 6

बिजावर श्री संतोष कुमार गुप्ता

सारणी

कहां को पदस्थापना के जिले का नाम

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी

(4)

(5)

(6)

छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा

तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

सागर

व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 की हैसियत से

सिवनी

सिवनी

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

मण्डलेश्वर

खरगोन

तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

राजगढ़

नरसिंहगढ़

व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 की हैसियत से श्री मोहम्मद अजहर के स्थान पर.

परासिया

व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 की हैसियत से छिंदवाड़ा

टिप्पणी क्रमांक.-( 1 ) रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 631- गोपनीय- 2011- दो-3-1-2011 ( भाग - ए) , दिनांक 25 अप्रैल 2011 जहां तक इसका संबंध श्री महेश कुमार सैनी , व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , अंजड़ , जिला बड़वानी का अंजड़ से बालाघाट स्थानांतरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है , वे अपने वर्तमान पद पर कार्य करते रहेंगे तथा रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 632- गोपनीय- 2011-दो-3-2011 , ( भाग - ए) दिनांक 25 अप्रैल 2011 , जहां तक इसका संबंध श्री शिवकांत, श्री शिवकांत, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , लौंडी, जिला छतरपुर का लौंडी से बीना जिला सागर स्थानांतरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है , वे कोलारस , जिला शिवपुरी के पद पर कार्य करते रहेंगे.

भाग 1 ]

1987

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

टिप्पणी क्रमांक.- ( 2 ) रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 632- गोपनीय- 2011 -दो-3-1-2011 ( भाग - ए ) , दिनांक 25 अप्रैल 2011 जहां तक इसका संबंध श्री राजेश कुमार देवलिया का छतरपुर से बिजावर जिला छतरपुर, श्री पदमेश शाह का देवास से परासिया जिला छिन्दवाड़ा, श्री कृष्णदास महार का रीवा से निवास जिला मण्डला, श्री राज कुमार वर्मा का देवास से अंजड़ जिला बड़वानी तथा श्री संतोष कुमार गुप्ता का बिजावर से छतरपुर स्थानांतरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है .

जबलपुर, दिनांक 7 मई 2011

क्र. 706-गोपनीय- 2011- दो- 3-1-2011 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 एवं न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है :-

नाम

क्रमांक

कहां से (1)

(2)

(3) 1 श्री दयाराम कुमरे

कुक्षी 2 श्री राजेन्द्र सिंह सिंगार

कुक्षी 3

नलखेड़ा डॉ. धर्मेन्द्र कुमार टाडा

4 श्री कौशल किशोर वर्मा

डबरा

सुसनेर 5

डबरा श्री अमजद अली

6

भोपाल श्रीमती प्रेमा साहू

7 श्रीमती सोनल पटेल

बेगमगंज 8

बड़वानी श्री चन्दर सेन मुवेल

9

सिवनी श्री मानवेन्द्र पवार

10 श्री मनीष कुमार पाटीदार

राजगढ़

सारणी

कहां को

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)

(4)

पदस्थापना के जिले का नाम (5)

सिवनी

सिवनी

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

नलखेड़ा शाजापुर

व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से डॉ. धर्मेन्द्र कुमार टाडा के स्थान पर.

रतलाम

सैलाना

व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 की हैसियत से श्री महेन्द्र मंगोदिया के स्थान पर.

ग्वालियर

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से श्री अमजद अली के स्थान पर.

भोपाल

भोपाल

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से श्रीमती प्रेमा साहू के स्थान पर.

शाजापुर

शाजापुर

तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

शाजापुर

शाजापुर

चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

बेगमगंज

रायसेन

व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से श्रीमती सोनल पटेल के स्थान पर.

बड़वानी

बड़वानी

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से श्री चन्दर सेन मुवेल के स्थान पर .

राजगढ़

खिलचीपुर

व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

1988

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

(2)

(6) (1)

(3)

(4)

(5)

11 श्री मेहन्द्र मंगोदिया

सैलाना

बुरहानपुर

बुरहानपुर

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 बुरहानपुर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से श्री विवेक सक्सेना के स्थान पर.

12 श्री विवेक सक्सेना

मण्डलेश्वर

बुरहानपुर

बड़वाहा

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

13

सरदारपुर

शाजापुर

श्री हेमन्त कुमार यादव

सुसनेर

व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से श्री कौशल किशोर वर्मा के स्थान पर.

टिप्पणी क्रमांक. - ( 1 ) रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 564- गोपनीय- 2011- दो- 3-1-2011 ( भाग - बी ) , दिनांक 8 अप्रैल 2011 के द्वारा स्थानांतरित निम्नलिखित न्यायिक अधिकारियों को सूचित किया जाता है कि, उनके द्वारा उक्त स्थानांतरण आदेश के तहत किये गये स्थानांतरण के संबंध में जो अभ्यावेदन प्रस्तुत किये थे वे निरस्त कर दिये गये हैं , अतः उन्हें निर्देशित किया जाता है कि वे अपनी पदस्थापना के नये स्थान पर पूर्व निर्देशानुसार कार्यभार ग्रहण करें :-

(2 ) श्री संकर्षण प्रसाद पाण्डे, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , सीधी .

( 3 ) श्री विजय कुमार शर्मा प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , मुरैना के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश , मुरैना.

(4 ) कु. श्वेता गोयल , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , गुना के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, गुना.

टिप्पणी क्रमांक.- ( 2 ) 1. श्री कौशल किशोर वर्मा, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , सुसनेर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश , सुसनेर, जिला शाजापुर.

(2) श्री अमजद अली , द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , डबरा , जिला ग्वालियर.

( 3 ) श्रीमती सोनल पटेल , व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2, बेगमगंज, जिला रायसेन.

(4 ) श्री चन्दर सेन मुवेल, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , बड़वानी.

(5 ) श्री महेन्द्र मंगोदिया , व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , सैलाना, जिला रतलाम.

( 6 ) श्री विवेक सक्सेना, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , बुरहानपुर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, बुरहानपुर के स्थानांतरण उनके अभ्यावेदन के आधार पर विचारोपरांत स्वयं के व्यय पर किये गये हैं.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, सुभाष काकडे , रजिस्ट्रार जनरल .

जबलपुर, दिनांक 10 मई 2011

क्र. बी- 1547- तीन- 6-4-81 भाग पांच. मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम , 1981 , (अधिनियम क्रमांक 36 सन् 1981 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर, एतद्वारा अपनी अधिसूचना क्रमांक सी- 4713- तीन-6-4-81 भाग-तीन, दिनांक 9 अक्टूबर 2006 में निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात् : -

संशोधन

उक्त अधिसूचना की अनुसूची में अनुक्रमांक ( 1 ) तथा उससे संबंधित स्तंभ ( 2 ) में वर्णित वर्तमान प्रविष्टियों के स्थान पर 1989 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 जून 2011

निम्नलिखित प्रविष्टियां प्रतिस्थापित की जावें :-

अनुसूची

क्र.

शासन द्वारा निर्मित स्पेशल कोर्ट का नाम अधिकारी का नाम एवं पदनाम , विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति के संबंध में

क्षेत्र जिसके लिये विशेष

न्यायाधीश की नियुक्ति की गई

(4) (1)

(2)

(3)

1

राजस्व जिला पन्ना

विशेष न्यायालय , पन्ना श्री भूपेन्द्र कुमार निगम, विशेष न्यायाधीश अनु. जाति/जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, पन्ना.

No. B - 1547 - III - 6-4-81 Pt- V. In exercise of the powers conferred by sub - section ( 2) of the Section 6 of Madhya Pradesh Dacoity Aur Vyapharan Prabhavit Kshetra Adhiniyam , 1981 ( Act No. 36 of 1981 ) the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur hereby makes the following amendment in its Notification No. C - 4713 - III- 6-4-81 Pt- III , dated 9th October 2006 , namely : -

AMENDMENT

In the Schedule of the said Notification, in Serial No. ( 1 ) , for the existing entries in Column No. 2 , the following entries shall be substituted :-

S.No. Name & Designation of the Presiding Officer appointed in the Special Court

(2)

Area for which the

appointment made

in Special Court

(3)

Name of the Special Court established by the State Government (4) (1)

1

Revenue District Panna

Special Court , Panna Shri Bhoopendra Kumar Nigam , Special Judge , SC/ ST ( Prevention of Atrocities) Act , Panna .

जबलपुर, दिनांक 10 मई 2011

क्र. बी- 1548- तीन-6-4-81 भाग पांच.- मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम , 1981 , ( अधिनियम क्रमांक 36 सन् 1981 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर, एतद्वारा अपनी अधिसूचना क्रमांक सी- 1719- तीन- 6-4-81 भाग- पांच, दिनांक 19 जून 2008 में निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थात् : -

संशोधन

उक्त अधिसूचना की अनुसूची में अनुक्रमांक ( 1 ) तथा उससे संबंधित स्तंभ ( 2 ) में वर्णित वर्तमान प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टियां प्रतिस्थापित की जावें :-

अनुसूची

(1)

क्र. अधिकारी का नाम एवं पदनाम , विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति के संबंध में (2)

क्षेत्र जिसके लिये विशेष

न्यायाधीश की नियुक्ति की गई

(3)

शासन द्वारा निर्मित स्पेशल कोर्ट का नाम (4) 1

राजस्व जिला टीकमगढ़

विशेष न्यायालय, टीकमगढ़ श्री उपेन्द्र कुमार सिंह, अपर सत्र न्यायाधीश, टीकमगढ़.

1990

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

No. B - 1548 - III - 6-4-81 Pt- V. In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of the Section ( 6) of Madhya Pradesh Dacoity Aur Vyapharan Prabhavit Kshetra Adhiniyam , 1981 ( Act No. 36 of 1981 ) the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur hereby makes the following amendment in its Notification No. C- 1719 - III - 6-4-81 Pt- V, dated 19th June 2008 namely :-

AMENDMENT

In the Schedule of the said Notification , in Serial No. ( 1) , for the existing entries in Column No. 2 , the following entries shall be substituted :-

S.No. Name & Designation of the Presiding Officer appointed in the Special Court

(1)

(2)

Area for which the

appointment made

in Special Court

(3)

Name of the Special Court established by the State Government (4)

Special Court , Tikamgarh

Revenue District Tikamgarh.

1 Shri Upendra Kumar Singh , Additional Sessions Judge , Tikamgarh .

जबलपुर, दिनांक 10 मई 2011

क्र. बी- 1549-तीन-6-4-81 भाग पांच.- मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम, 1981 , ( अधिनियम क्रमांक 36 सन् 1981 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर, एतद्वारा अपनी अधिसूचना क्रमांक सी- 1717- तीन- 6-4-81 भाग- पांच , दिनांक 19 जून 2008 में निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्: -

संशोधन

उक्त अधिसूचना की अनुसूची में अनुक्रमांक ( 1 ) तथा उससे संबंधित स्तंभ ( 2 ) में वर्णित वर्तमान प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टियां प्रतिस्थापित की जावें :-

अनुसूची

क्र. अधिकारी का नाम एवं पदनाम, विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति के संबंध में

क्षेत्र जिसके लिये विशेष

न्यायाधीश की नियुक्ति की गई

(2)

शासन द्वारा निर्मित स्पेशल कोर्ट का नाम (4) (1)

(3)

1

विशेष न्यायालय, रीवा श्री ओंकार नाथ , अपर सत्र न्यायाधीश , रीवा

दभौरा, पनवार, अतरेला, सिरमौर, जवा, जनेह तथा सेमरिया.

No. B - 1549 - III -6-4-81 Pt- V.-In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of the Section ( 6) of Madhya Pradesh Dacoity Aur Vyapharan Prabhavit Kshetra Adhiniyam , 1981 (Act No. 36 of 1981 ) the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur hereby makes the following amendment in its Notification No. C - 1717 - III - 6-4-81 Pt- V, dated 19th June 2008 namely :-

AMENDMENT

In the Schedule of the said Notification , in Serial No. ( 1 ) , for the existing entries in Column No. 2 , the following entries shall be substituted

S.No. Name & Designation of the PresidingOfficer appointed in the Special Court (2)

(1)

Area for which the

appointment made

in Special Court

(3)

Name of the Special Court established by the State Government (4)

Special Court, Rewa 1 Shri Omkar Nath , Additional Sessions Judge , Rewa .

Dabhora , Panwar , Aathrela , Sirmour, Java, Janeh & Semariya .

भाग 1 ]

1991

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 3 जून 2011

क्र. बी - 1550- तीन-6-4-81 भाग पांच.- मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम, 1981 , ( अधिनियम क्रमांक 36 सन् 1981 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर, एतद्वारा अपनी अधिसूचना क्रमांक सी- 3813- तीन-6-4-81 भाग चार, दिनांक 28 नवम्बर 2008 में निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्: -

संशोधन

उक्त अधिसूचना की अनुसूची में अनुक्रमांक ( 1 ) तथा उससे संबंधित स्तंभ ( 2 ) में वर्णित वर्तमान प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टियां प्रतिस्थापित की जावें :-

अनुसूची

क्र.

शासन द्वारा निर्मित स्पेशल कोर्ट का नाम

क्षेत्र जिसके लिये विशेष

न्यायाधीश की नियुक्ति की गई

अधिकारी का नाम एवं पदनाम, विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति के संबंध में

(2)

(1)

(3)

(4) 1

राजस्व जिला भिण्ड

विशेष न्यायालय, भिण्ड श्री प्रताप सिंह कुशवाह, विशेष न्यायाधीश अनु .जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण ) अधिनियम, भिण्ड.

No. B - 1550- III - 6-4-81 Pt - V. In exercise of the powers conferred by sub- section ( 2) of the Section ( 6) of Madhya Pradesh Dacoity Aur Vyapharan Prabhavit Kshetra Adhiniyam , 1981 ( Act No. 36 of 1981 ) the High Court ofMadhya Pradesh , Jabalpur hereby makes the following amendment in its Notification No. C- 3813 - III - 6-4-81 Pt- IV, dated 28th November 2008 namely :----

AMENDMENT

In the Schedule of the said Notification , in Serial No. ( 1 ) , for the existing entries in Column No. 2 , the following entries shall be substituted :---

S.No. Name & Designation of the Presiding Officer appointed in the Special Court (2)

Area for which the

appointment made

in Special Court

(3)

Name of the Special Court established by the State Government (4) (1)

Revenue District Bhind

Special Court , Bhind 1 Shri Pratap Singh Kushwaha , Speicial Judge , SC/ ST, (Prevention of Atrocities) Act, Bhind .

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, अभय कुमार, रजिस्ट्रार (डीई ) .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 03 June 2011. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2011-06-03.22.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2011-06-03.22.Ordinary.