मध्यप्रदेश
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 27 ]
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 8 जुलाई 2011- आषाढ़ 17, शक 1933
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.
भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, ( 3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,
(ग ) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 17 जून 2011
क्र. ई - 5-819 - आयएएस लीव- 5-एक. ( 1 ) श्री केदार शर्मा , आयएएस . , कलेक्टर, जिला खरगोन को दिनांक 20 से 25 जून 2011 तक, छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 18 , 19 एवं 26 जून 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(2 ) श्री केदार शर्मा की अवकाश की अवधि में श्री अशोक कुमार शर्मा , अपर कलेक्टर ( राजस्व ) , जिला खरगोन को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला खरगोन का प्रभार सौंपा जाता है .
2417
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री केदार शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला खरगोन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री केदार शर्मा द्वारा कलेक्टर, जिला खरगोन का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अशोक कुमार शर्मा , कलेक्टर, जिला खरगोन के प्रभार से मुक्त होंगे .
(5) अवकाशकाल में श्री केदार शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री केदार शर्मा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2011 .
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[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
भोपाल, दिनांक 20 जून 2011
क्र. ई - 5-454- आयएएस लीव-5- एक. ( 1 ) श्री बी . पी. सिंह, आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग को दिनांक 20 से 25 जून 2011 तक, छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 26 जून 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(2) श्री बी. पी. सिंह की अवकाश अवधि में श्री आई . एस. दाणी , आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, उच्च शिक्षा विभाग का प्रभार सौंपा जाता है.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री बी. पी . सिंह को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थनापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , उच्च शिक्षा विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4) श्री बी. पी. सिंह द्वारा प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री आई. एस. दाणी , उच्च शिक्षा विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे.
( 5) अवकाशकाल में श्री बी. पी. सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री बी. पी. सिंह अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
क्र. ई - 1-193-2011-5- एक. श्री ज्ञानेश्वर बी. पाटिल, भाप्रसे (2003) , संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी , मध्यप्रदेश तथा पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , विधि एवं विधायी कार्य विभाग ( केवल निर्वाचन से संबंधित कार्य के लिए ) की सेवाएं विधि एवं विधायी कार्य विभाग से वापस लेकर उन्हें अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक स्थानापन्न कलेक्टर , श्योपुर पदस्थ किया जाता है .
भोपाल , दिनांक 21 जून 2011
क्र. ई- 1-202-2011-5- एक.- ( 1 ) श्री पंकज राग , भाप्रसे (1990 ) आयुक्त- सह - संचालक , पुरातत्व संग्रहालय , मध्यप्रदेश को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ , आगामी आदेश तक, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम का प्रभार अतिरिक्त रूप से, सौंपा जाता है .
( 2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 17 जून 2011 की तालिका के अनुक्रमांक 2 जिसके द्वारा श्रीमती दीपाली रस्तोगी , भाप्रसे ( 1994 ) , प्रबंध संचालक , मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम तथा आयुक्त- सह- संचालक , हाथकरघा का अतिरिक्त प्रभार को प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम तथा आयुक्त- सह- संचालक, हाथकरघा का अतिरिक्त प्रभार से सौंपा गया है. एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
भोपाल, दिनांक 22 जून 2011
क्र. ई - 5-299- आयएएस- लीव -एक- 5.- ( 1 ) श्री सत्य प्रकाश, आयएएस. , अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वाणिज्य , उद्योग एवं रोजगार विभाग को दिनांक 20 से 30 जून 2011 तक, ग्यारह दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 18 , 19 जून 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
( 2) अवकाश से लौटने पर श्री सत्य प्रकाश को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वाणिज्य , उद्योग एवं रोजगार विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3 ) अवकाशकाल में श्री सत्य प्रकाश को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री सत्य प्रकाश अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
क्र. ई - 5-485- आयएएस लीव- एक 5.--( 1 ) श्री के. पी. सिंह, आयएएस. , वि.क.अ. सह -पंजीयन महानिरीक्षक एवं अधीक्षक, मुद्रांक, मध्यप्रदेश को दिनांक 20 जून से 2 जुलाई 2011 तक, तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2) श्री के. पी. सिंह की अवकाश की अवधि में श्री मनीष रस्तोगी , आयएएस . , आयुक्त, कोष एवं लेखा तथा पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, वि.क.अ- सह- पंजीयन महानिरीक्षक एवं अधीक्षक, मुद्रांक, मध्यप्रदेश का प्रभार सौंपा जाता है .
( 3) अवकाश से लौटने पर श्री के. पी . सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न वि.क.अ- सह-पंजीयन महानिरीक्षक एवं अधीक्षक , मुद्रांक, मध्यप्रदेश के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(2) अवकाश से लौटने पर श्री शैलेन्द्र सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, वाणिज्यिक कर , मध्यप्रदेश , इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4) श्री के . पी. सिंह द्वारा वि.क.अ- सह- पंजीयन महानिरीक्षक एवं अधीक्षक, मुद्रांक, मध्यप्रदेश का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री मनीष रस्तोगी, वि.क.अ-सह-पंजीयन महानिरीक्षक एवं अधीक्षक, मुद्रांक, मध्यप्रदेश के कार्यभार से मुक्त होंगे .
(3) अवकाशकाल में श्री शैलेन्द्र सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(5 ) अवकाशकाल में श्री के. पी . सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री शैलेन्द्र सिंह अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
(6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. पी. सिंह अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
भोपाल, दिनांक 23 जून 2011
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.
भोपाल, दिनांक 24 जून 2011 क्र. ई - 5-687- आयएएस- लीव - 5 - एक.- ( 1 ) श्री नीतेश कुमार व्यास , आयएएस. , अध्यक्ष सह प्रबंध संचालक , मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत् वितरण कम्पनी लिमिटेड, भोपाल को दिनांक 29 अक्टूबर से 5 नवम्बर 2011 तक, आठ दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
क्र. ई - 5-814- आयएएस- लीव-5- एक ( 1 ) श्रीमती उर्मिल मिश्रा , आयएएस . , अपर आयुक्त, भोपाल/ नर्मदापुरम संभाग को दिनांक 6 से 10 जून 2011 तक, पांच दिन का लघुकृत अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री नीतेश कुमार व्यास को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अध्यक्ष- सह- प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत् वितरण कम्पनी लिमिटेड, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती उर्मिल मिश्रा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर आयुक्त, भोपाल/ नर्मदापुरम, संभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3) अवकाशकाल में श्री नीतेश कुमार व्यास को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री नीतेश कुमार व्यास अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
(3) अवकाशकाल में श्रीमती उर्मिल मिश्रा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
भोपाल, दिनांक 24 जून 2011
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती उर्मिल मिश्रा अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एस. तोमर, अवर सचिव कार्मिक.
क्र. ई - 5-547 - आयएएस - लीव -5- एक.- ( 1 ) श्री शैलेन्द्र सिंह, आयएएस. , आयुक्त, वाणिज्यिक कर, मध्यप्रदेश , इन्दौर को दिनांक 9 से 16 जून 2011 तक आठ, दिन का कार्योत्तर अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
भोपाल, दिनांक 17 जून 2011
क्र. ई - 1-202-2011-5- एक. नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाये भाप्रसे के अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाये गए पद पर, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से, पदस्थ किया जाता है: -
क्रमांक
नवीन पदस्थापना
खाना ( 3 ) में अंकित पद असंवर्गीय अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना
(1)
(2)
(3)
होने की दशा में संवर्गीय पद जिसके समकक्ष घोषित किया गया (4)
सचिव , मध्यप्रदेश शासन
आयुक्त, पर्यटन मध्यप्रदेश तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पर्यटन विभाग एवं सचिव , मुख्यमंत्री का अतिरिक्त प्रभार.
1 श्री हरिरंजन राव ( 1994), प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , पर्यटन विभाग एवं सचिव , मुख्यमंत्री का अतिरिक्त प्रभार.
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[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2)
(3)
(4) 2
संभागीय कमिश्नर
प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश, हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम एवं आयुक्त- सह- संचालक, हाथकरघा का अतिरिक्त प्रभार.
श्रीमती दीपाली रस्तोगी ( 1994 ) , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम तथा आयुक्त- सह- संचालक, हाथकरघा का अतिरिक्त प्रभार .
(2 ) उपरोक्तानुसार श्री हरिरंजन राव द्वारा आयुक्त, पर्यटन मध्यप्रदेश का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री दीपक खाण्डेकर, भाप्रसे (1985) , प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री तथा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , विमानन विभाग तथा पर्यटन विभाग एवं पदेन आयुक्त, पर्यटन मध्यप्रेदश केवल पदेन आयुक्त, पर्यटन मध्यप्रदेश के प्रभार से मुक्त होंगे .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.
भोपाल , दिनांक 20 जून 2011
क्र. एफ-ए- 5-11-2007- एक ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा न्यायाधिपति महोदय श्री विनय मित्तल , साहब, उच्च न्यायालय , इन्दौर , खण्डपीठ इन्दौर को निम्नानुसार पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश स्वीकृत किया जाता है: -
अ. क्र. (1)
अवकाश अवधि (2)
अभियुक्ति (5)
कुल दिन (3)
अवकाश का प्रकार (4)
1.
5 दिन
दिनांक 18-1-2010 से 22-1-2010 तक
10 दिन अर्द्धवेतन अवकाश को 5 दिन का पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित मानते हुए.
2.
2दिन
दिनांक 3-3-2010 से 4-3-2010 तक
4 दिन अर्द्धवेतन अवकाश को 2 दिन का पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित मानते हुए.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा, उपसचिव.
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय, वर्लभ भवन , भोपाल
( 2 ) राज्य शासन द्वारा उक्त अधिसूचना को अधिक्रमित करते हुए व समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 4 सितम्बर 2009 को यथावत् रखते हुए निम्नानुसार तीन सदस्यों की पुर्नरीक्षित टीम को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त करता है: -
भोपाल , दिनांक 7 जून 2011
अध्यक्ष
1. संयुक्त संचालक, परिवार कल्याण , संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, भोपाल
2.
सदस्य
श्रीमती सरला माथुर, अध्यक्ष, ऑल इंडिया वूमेन्स कान्फ्रेंस , भोपाल.
3.
सदस्य क्र. एफ- 10-63-2001-17-मेडि-2.- इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 11 सितम्बर 2006 से गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994 की धारा 17, 2 , 3 अ के अन्तर्गत निम्नानुसार सदस्यों को सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के लिए सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया गया था .
अतिरिक्त सचिव , विधि एवं विधायी कार्य विभाग , मध्यप्रदेश.
भाग 1 ]
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(3 ) सम्पूर्ण प्रदेश के सक्षम प्राधिकारी की उपरोक्त टीम गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक ( लिंग चयन प्रतिशेष ) अधिनियम , 1994 में वर्णित प्रावधानानुसार कार्य संपादित करेगी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेश जैन , उपसचिव.
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 17 जून 2011
क्र. 1274-1152-2011 - यो.आ.सां. डॉ. एस . पी. शर्मा, आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय को दिनांक 1 से 4 जून 2011 तक, चार दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ 5 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(2 ) अवकाश से लौटने पर डॉ. एस. पी . शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, आर्थिक सांख्यिकी के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
( 3 ) अवकाशकाल में डॉ. एस. पी. शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. एस. पी. शर्मा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रजनी गौरे , अवर सचिव.
गृह विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 20 जून 2011
क्र. एफ-1 ( ए) -330-85-ब-2- दो. श्री डी. एम. मित्रा, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सलाहकार, राज्य योजना आयोग , मध्यप्रदेश को दिनांक 12 से 28 मई 2011 तक, सत्रह दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 29 मई 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुए, राज्य शासन द्वारा उन्हें खण्ड वर्ष 2010-13 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2010-11 में गृह नगर यात्रा की सुविधा की पात्रता के तहत उन्हें " कटक " ( उड़ीसा ) अवकाश यात्रा पर जाने की अनुमति दी जाती है .
( 2 ) अवकाश से लौटने पर श्री डी. एम. मित्रा , भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अति. पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सलाहकार, राज्य योजना आयोग , मध्यप्रदेश के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
( 3 ) अवकाशकाल में श्री डी. एम. मित्रा, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री डी. एम. मित्रा, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
भोपाल, दिनांक 23 जून 2011
क्र. एफ -1 (ए) -115-2005- ब-2- दो. पुलिस मुख्यालय के आदेश क्रमांक 45/11 , दिनांक 15 जून 2011 द्वारा डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, भापुसे, सेनानी, 2 री वाहिनी , विसबल , ग्वालियर, मध्यप्रदेश को दिनांक 20 जून से 8 जुलाई 2011 तक, कुल उन्नीस दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 18 , 19 जून एवं 9 , 10 जुलाई 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया गया है .
( 2 ) राज्य शासन द्वारा डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, भापुसे को उक्त अवकाश अवधि में खण्ड वर्ष 2010-13 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2010-11 में गृह नगर अवकाश यात्रा सुविधा के अन्तर्गत परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ " बागपत " ( उ.प्र. ) जाने की अनुमति दी जाती है:-
स्वयं
1. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
पत्नी
2. श्रीमती शशि शर्मा
पुत्र
3 . अंशुल
पुत्री
4. कु. आकांक्षा
भोपाल, दिनांक 24 जून 2011
क्र. एफ-1 (ए) -268-86- ब- 2- दो. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 3 जून 2011 द्वारा श्री राजेन्द्र कुमार, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक ( प्रशि. ) पु. मु. , भोपाल को दिनांक 13 से 22 जून 2011 तक, दस दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 11 एवं 12 जून 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुए उन्हें खण्ड वर्ष 2010-13 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2010-11 में भारत भ्रमण की सुविधा की पात्रता के तहत सपरिवार " नुब्राह वेली " (लेह लद्दाख ) सपरिवार अवकाश यात्रा पर जाने की अनुमति दी गई है.
2422
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(2 ) श्री राजेन्द्र कुमार, भापुसे द्वारा उक्त अवकाश यात्रा सुविधा का उपभोग न किये जाने के कारण स्वीकृत अर्जित अवकाश एवं अवकाश यात्रा की अनुमति एतद्वारा निरस्त की जाती है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
अशोक दास , प्रमुख सचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 25 जून 2011
फा. क्र. 1-1-88- इक्कीस ब ( एक) .- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का सं . 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 1-1- 88 - इक्कीस- ब ( एक ) दिनांक 24 अक्टूबर 2009 में , जो " मध्यप्रदेश राजपत्र " भाग 1 में दिनांक 6 नवम्बर 2009 में प्रकाशित हुई थी , निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्ः-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में , अनुसूची में, अनुक्रमांक 48 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्:-
अनुसूची
स्थानीय क्षेत्र अनुक्रमांक सेशन न्यायाधीश/ अतिरिक्त न्यायाधीश
(1)
(2)
(3) "48
विदिशा. ".
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विदिशा.
F.No. 1-1-88 - XXI - B ( 1 ) . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act, 1988 (No. 49 of 1988 ) , the State Government hereby , makes the following amendment in this Department's Notification F. No. 1- 1-88 - XXI - B ( 1 ) , dated 24th October 2009 which was published in the Madhya Pradesh Gazette Part - 1 , dated 6th November 2009 namely :-
AMENDMENT
In the said Notification , in the Schedule for serial number 48 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be substituted , namely:-
S. No.
Local area Sessions Judge/
Additional Sessions Judge
(1)
(2)
(3) "48
Vidisha ." .
1st Additional Sessions Judge , Vidisha.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान , प्रमुख सचिव.
भोपाल, दिनांक 1 जुलाई 2011
फा. क्र. 1 ( सी ) 11 - एट्रोसिटी -इक्कीस - ब ( दो ) -2011.- राज्य शासन , अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 15 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अधीन श्री अजय सिंह भंवर, उपसंचालक अभियोजन, जिला गुना को गुना जिले के लिये विशेष लोक अभियोजक की शक्तियां उनकी उक्त पदस्थापना तक की अवधि के लिये प्रदान करता है.
फा . क्र. 1 (सी ) 11 - एट्रोसिटी - इक्कीस- ब( दो ) -2011.- राज्य शासन, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 15 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अधीन श्री हरिनारायण तिवारी , उपसंचालक अभियोजन , जिला विदिशा को विदिशा जिले के लिये विशेष लोक अभियोजक की शक्तियां उनकी उक्त पदस्थापना तक की अवधि के लिये प्रदान करता है.
फा. क्र. 1 ( सी) 11 - एट्रोसिटी-इक्कीस- ब ( दो ) -2011.- राज्य शासन, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 15 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अधीन श्री चन्द्रपाल सिंह परमार, उपसंचालक अभियोजन , जिला छतरपुर को छतरपुर जिले के लिये विशेष लोक अभियोजक की शक्तियां उनकी उक्त पदस्थापना तक की अवधि के लिये प्रदान करता है.
फा. क्र. 1 (सी) 11 - एट्रोसिटी- इक्कीस - ब ( दो ) -2011 . - राज्य शासन , अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 15 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अधीन श्री रामस्वरूप रघुवंशी, उपसंचालक अभियोजन, जिला होशंगाबाद को होशंगाबाद जिले के लिये विशेष लोक अभियोजक की शक्तियां उनकी उक्त पदस्थापना तक की अवधि के लिये प्रदान करता है.
भाग 1 ]
2423
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
फा. क्र. 1 (सी) 11 - एट्रोसिटी- इक्कीस -ब ( दो) -2011.- राज्य शासन , अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 15 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अधीन श्री गफ्फार बेग , उपसंचालक अभियोजन , जिला मुरैना को मुरैना जिले के लिये विशेष लोक अभियोजक की शक्तियां उनकी उक्त पदस्थापना तक की अवधि के लिये प्रदान करता है.
फा. क्र. 1 ( सी ) 11 - एट्रोसिटी- इक्कीस - ब ( दो) -2011.- राज्य शासन , अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 15 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अधीन श्री सुलक्षण कुमार गौड़ , उपसंचालक अभियोजन, जिला उज्जैन को उज्जैन जिले के लिये विशेष लोक अभियोजक की शक्तियां उनकी उक्त पदस्थापना तक की अवधि के लिये प्रदान करता है.
फा. क्र. 1 (सी) 11-2010 - एट्रोसिटी -इक्कीस - ब ( दो ) . - राज्य शासन, इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 1 अप्रैल 2010 द्वारा नियुक्त श्री गजेन्द्र सिंह दांगी , विशेष लोक अभियोजक, जिला सागर की नियुक्ति, आदेश जारी होने के दिनांक से , एक माह का सूचना- पत्र देकर उक्त नियुक्ति समाप्त की जाती है.
फा. क्र. 1 (सी) 24-2005- एट्रोसिटी-इक्कीस - ब ( दो ) .- राज्य शासन, इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 13 अक्टूबर 2008 द्वारा नियुक्त श्री कुंजीलाल किरार, विशेष लोक अभियोजक, जिला विदिशा की नियुक्ति, आदेश जारी होने के दिनांक से , एक माह का सूचना- पत्र देकर उक्त नियुक्ति समाप्त की जाती है .
फा. क्र. 1 ( सी ) 12-2011 - इक्कीस - ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 8 ) को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो , मध्यप्रदेश द्वारा अभियोजित प्रकरणों में राज्य शासन की ओर से पैरवी करने के लिए श्री रमेश चन्द्र यादव , जिला अभियोजन अधिकारी , भोपाल को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.
वे उनकी पदस्थापना की अवधि तक विशेष लोक अभियोजक रहेंगे .
श्री रमेश चन्द्र यादव , जिला अभियोजन अधिकारी , भोपाल के प्रकरण का आवंटन राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा किया जावेगा.
भोपाल, दिनांक 2 जुलाई 2011
फा. क्र. 1 (बी ) -3-4- इक्कीस ब(दो ) .- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 16 जुलाई 2004 के द्वारा श्री हेमन्त कुमार शर्मा, अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अति. लोक अभियोजक, देवास को नियुक्त किया गया था.
श्री हेमन्त कुमार शर्मा, अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, देवास के व्यक्तिगत कारणों से कार्य न किये जा सकने से पद से मुक्ति चाहे जाने पर विधि विभाग , नियमावली के नियम 19 के अन्तर्गत आदेश जारी होने के दिनांक से तत्काल पदमुक्त करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ए. जे. खान, सचिव.
श्रम विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल Bhopal , the 30th June 2011
No. F- 5-2-2011 - A- XVI . In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of Section 8 of the Madhya Pradesh Industrial Relations Act , 1960 ( No. 27 of 1960) , and Section 7 ( 1 ) of the Industrial Disputes Act , 1947 ( No. 14 of 1947 ) , the State Government , hereby appoints Ku . Shalini Sharma , as Presiding Officers of the Labour Courts at the places where they have been posted by the High Court of Madhya Pradesh and by order No. 17 (E) 67-2008 - XXI - B ( I) , Bhopal , Dated 23 May 2011 of Principal Secretary , Government of Madhya Pradesh Law & Legislative Department.
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , G. P. KABIRPANTHI , Addl . Secy.
ऊर्जा विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 30 जून 2011
क्र. एफ- 3-33-2009- तेरह. - राज्य शासन, एतद्वारा , मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के आर्टिकल्स आफ एसोसिएशन के आर्टिकल 58 ( सी ) के प्रावधानों के अन्तर्गत श्री अर्जुन एम. सजनानी का चयन किये जाने के फलस्वरूप उन्हें आर्टिकल 58 (एफ- i ) के प्रावधानों के अन्तर्गत मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग 2424
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
कंपनी लिमि. , जबलपुर के अध्यक्ष एवं प्रबंध संचालक के पद पर इस आदेश के जारी करने की तिथि से दिनांक 31 मार्च 2012 तक नियुक्त करता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एम. के. गुप्ता , अपर सचिव.
भोपाल , दिनांक 29 जून 2011
क्र. एफ- 2-20-1997- तेरह. राज्य शासन, एतद्वारा पूर्व में जारी समसंख्यक आदेश दिनांक 15 अप्रैल 2011 में आंशिक संशोधन करते हुए निर्णय लेता है कि अध्यक्ष , मध्यप्रदेश राज्य विद्युत् मण्डल का प्रभार आगामी आदेश तक सचिव, मध्यप्रदेश शासन , ऊर्जा विभाग के पास बना रहेगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. सी. दुबे , अवर सचिव.
विभाग प्रमुखों के आदेश
कार्यालय , कलेक्टर, जिला होशंगाबाद, मध्यप्रदेश होशंगाबाद, दिनांक 10 जून 2011
क्र. 27-2011 .- बंधक श्रमिक प्रथा ( समाप्ति ) अधिनियम, 1976 (क्रमांक 19 सन् 1976 ) की धारा 13 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, मैं, निशांत वरवडे, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, जिला होशंगाबाद एतद्वारा, जिला होशंगाबाद तथा अनुविभाग सिवनी मालवा, इटारसी , होशंगाबाद, सोहागपुर एवं पिपरिया उपखण्डों के लिए निम्नलिखित समितियों का पुर्नगठन करता हूं.
जिला स्तरीय सर्तकता समिति
धारा 13 की उपधारा ( 2 ) ( ए ) के अधीनः
अध्यक्ष- अपर कलेक्टर, होशंगाबाद
सदस्य- धारा 13 की उपधारा ( 2) ( बी ) के अधीन- 1. श्री लक्ष्मीनारायण देवहरे, इटारसी जिला होशंगाबाद 2. श्री रमेश काकोडिया मण्डी अध्यक्ष , सिवनी मालवा , जिला होशंगाबाद.
3. श्रीमती ज्योति उईके, जनपद पंचायत अध्यक्ष, सोहागपुर, जिला होशंगाबाद.
धारा 13 की उपधारा ( 2 ) ( सी ) के अधीनः
1. श्री अखिलेश खण्डेलवाल , होशंगाबाद
2. श्री शरद दुबे , शोभापुर ( ब्लाक ) विकासखण्ड सोहागपुर, जिला होशंगाबाद.
धारा 13 की उपधारा ( 2 ) ( डी ) के अधीनः
1. पुलिस अधीक्षक, होशंगाबाद
2. मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, होशंगाबाद 3. सहायक आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग, होशंगाबाद.
धारा 13 की उपधारा ( 2 ) ( ई ) के अधीनः
1. लीड बैंक मैनेजर, होशंगाबाद
उपसंभाग/ उपखण्ड स्तरीय सर्तकता समिति होशंगाबाद जिले का सिवनी मालवा उपखण्ड धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( ए ) के अधीनः
अध्यक्ष-अनुविभागीय अधिकारी , सिवनी मालवा
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( बी ) के अधीनः
सदस्य-
1. श्रीमती राधाबाई नागले पत्नि श्री रामबक्स नागले , ग्राम गुंरजघाट.
श्री जागेश्वर प्रसाद मेहरा 2.
3. श्री रमेश पिता पन्नालाल , ग्राम कोठरा
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( सी ) के अधीनः
1. श्री श्याम मोहन शुक्ला, सिवनी मालवा
2. श्री श्यामलाल पटैल, सिवनी मालवा
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( डी ) के अधीनः
1. परियोजना अधिकारी , सी.डी.पी.ओ. , सिवनी मालवा 2. राजस्व निरीक्षक, सिवनी मालवा
3. राजस्व निरीक्षक, सतवासा
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( ई ) के अधीनः
1. शाखा प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक, सिवनी मालवा भाग 1 ]
2425
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( एफ ) के अधीनः 1. मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत, सिवनी मालवा होशंगाबाद जिले का- इटारसी उपखण्ड धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( ए ) के अधीनः
अध्यक्ष- अनुविभागीय अधिकारी , इटारसी
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( बी ) के अधीनः
सदस्य-
1. मेडम कलेरा जीवोदय संस्था नेहरूगंज , इटारसी 2. श्री कैलाश रैकवार, नई गरीबी लाईन , इटारसी 3. श्री हिमाशु दुबे , 11 वीं लाईन, इटारसी
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( सी ) के अधीनः
1. श्री अनिल अग्रवाल पिता श्री रामनारायण अग्रवाल, 9वीं लाईन, इटारसी.
2. श्री राजेन्द्र सिंह पिता शैतान सिंह तोमर, वार्ड नं. 2, पुरानी इटारसी.
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( डी ) के अधीनः
1. परियोजना अधिकारी , महिला एवं बाल विकास , वि.ख. केसला.
2. निरीक्षक बोरी अभ्यारण , इटारसी
3. मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत केसला धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( ई ) के अधीनः
1. शाखा प्रबंधक, भूमि विकास बैंक, इटारसी
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( एफ ) के अधीनः 1. तहसीलदार इटारसी
होशंगाबाद जिले का होशंगाबाद उपखण्ड धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( ए ) के अधीनः
अध्यक्ष-अनुविभागीय अधिकारी , होशंगाबाद
धारा 13 की उपधारा ( 3) ( बी ) के अधीनः
सदस्य-
1. श्री नर्मदाप्रसाद पासी , निवासी बान्द्राभान, तहसील होशंगाबाद.
2. श्री बारेलाल निवासी ग्राम निटाया
3. श्री द्वारका प्रसाद एडव्होकेट , होशंगाबाद
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( सी ) के अधीनः
1. श्री चन्द्रमोहन सिंह निवासी जासलपुर
2. श्री अमृतबिंदु डेरिया बाबई
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( डी ) के अधीनः
1. अनुविभागीय अधिकारी, सिंचाई तवा परियोजना , होशंगाबाद.
विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी , डोलरिया , तहसील डोलरिया. 2.
3. उपयंत्री , सिंचाई विभाग , बाबई
धारा 13 की उपधारा ( 3) ( ई ) के अधीनः
1. प्रबंधक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, निमसाडिया
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( एफ ) के अधीनः 1. तहसीलदार होशंगाबाद
होशंगाबाद जिले का-सोहागपुर उपखण्ड धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( ए ) के अधीनः
अध्यक्ष-अनुविभागीय अधिकारी, सोहागपुर
धारा 13 की उपधारा ( 3.) ( बी ) के अधीनः
सदस्य-
1 . श्री कीर्तिबहादुर शाह , शोभापुर
2. श्री गोकुलप्रसाद शाह, काती
3. श्री बाबूलाल निवासी भौखेडी
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( सी ) के अधीनः
1. श्री मेहरबान सिंह पटैल निवासी भौखेडीकला 2. श्री रामस्वरूप पिता मेवालाल सिटिया गोहना धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( डी ) के अधीनः
1. थाना प्रभारी, सोहागपुर
2. पंचायत एवं समाज सेवा संगठन, सोहागपुर 3. वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी , सोहागपुर
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( ई ) के अधीनः
1. प्रबंधक भूमि विकास बैंक, सोहागपुर 2426
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( एफ ) के अधीनः 1. तहसीलदार सोहागपुर
होशंगाबाद जिले का पिपरिया उपखण्ड धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( ए ) के अधीनः
अध्यक्ष-अनुविभागीय अधिकारी , पिपरिया
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( बी ) के अधीनः
सदस्य-
1. श्री हरिशंकर जायसवाल, पूर्व विधायक पिपरिया 2. श्री मुकेश सराठे जनपद सदस्य बनखेडी
3. श्रीमती आरती पलिया, अध्यक्ष जनपद पंचायत पिपरिया धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( सी ) के अधीनः
1. श्री हिम्मतसिंह मुखत्यार, अध्यक्ष कृषि उपज मण्डी पिपरिया.
2. श्रीमती सरिता बैस, अध्यक्ष नगरपालिका पिपरिया धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( डी ) के अधीनः
परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास पिपरिया 1.
राजस्व निरीक्षक मण्डल चॉदौन 2.
3. राजस्व निरीक्षक मण्डल सांडिया
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( ई ) के अधीनः
1. शाखा प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक पिपरिया
धारा 13 की उपधारा ( 3 ) ( एफ ) के अधीनः 1. मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत पिपरिया निशांत वरवडे , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी.
कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, जिला अलीराजपुर, मध्यप्रदेश अलीराजपुर, दिनांक 16 जून 2011
क्र. 1650-जे.सी.- 2011 .- दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 ( 1972 का संख्या 2 ) की धारा 2 के खण्ड ( घ ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार , एतद्वारा नीचे दी गई अनुसूची के कालम ( 1 ) में विनिर्दिष्ट स्थानों पर सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 ( 1955 का सं. 22) अनुसूचित जाति और जनजाति ( अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 ) ( 1989 का सं.
23 ) एवं अन्य विधियों के अधीन अनुसूचित जातियों और जनजातियों के सदस्यों के विरुद्ध किये गये अपराधों के प्रयोजनों के लिये उक्त अनुसूची के कालम ( 2 ) की तत्स्थानी प्रविष्टियों में विनिर्दिष्ट अधिकारिता रखने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति कल्याण पुलिस थानों के रूप में घोषित करती है: -
अनुसूची
अजा/जजा कल्याण पुलिस थाना का स्थान (1)
अधिकारिता (2) सम्पूर्ण जिला अलीराजपुर अजाक थाना, अलीराजपुर
No. 1650.- In exercise of the powers conferred by clause (G) of Section 2 of the code of Criminal Proceure (2 of 1974) the State Government hereby , declares the Anusuchit Jati Evam Janjati Kalyan Police Station at the place specified in column ( 1 ) of the Schedule below having jurisdication specified in the corresponding entries in column (2) of the said Schedule for the purposes of the offences under the Protection of Civil Right Act , 1955 (22 of 1955) the Scheduled Caste and the Scheduled Tibes (prevention of atrocities ) Act , 1989 (No. 23 of 1989 ) and other laws committed against the members of Scheduled Castes and the Scheduled Tribes :-
SCHEDULED
Places of Police Station A.J./A.J.J.K (1)
Jurisdicition (2)
A.J.K. P.S. Alirajpur Whole of District Alirajpur मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक देशवाल , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन" 58 , अरेरा हिल्स , भोपाल, मध्यप्रदेश आदेश भोपाल, दिनांक 25 जून 2011
क्र. एफ. 67-267-10- तीन 993.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का , जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के भाग 1 ]
परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत रामपुर नैकिन, जिला सीधी के आम निर्वाचन में श्री जागेन्द्र प्रसाद सोनी , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत रामपुर नैकिन , जिला सीधी के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सीधी के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पत्र क्र. 313/स्था. निर्वा./10 , दिनांक 19 अगस्त 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री जागेन्द्र प्रसाद सोनी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री जागेन्द्र प्रसाद सोनी, को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 15 सितम्बर 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, सीधी के माध्यम से दिनांक 4 नवम्बर 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.
श्री जागेन्द्र प्रसाद सोनी को नोटिस दिनांक 4 नवम्बर 2010 को तामील हो गया. अतः उनको दिनांक 19 नवम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अभ्यर्थी द्वारा दिनांक निरंक को एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया जो कि आयोग कार्यालय में दिनांक 16 दिसम्बर 2010 को प्राप्त हुआ, जिसमें अभ्यर्थी ने लेख किया
2427
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
कि-" प्रार्थी चुनाव घोषणा बाद खर्चों का ब्यौरा जिला कार्यालय में जमा करने आया था किन्तु जांच में बताया गया कि एस.डी.ओ. चुरहट के हस्ताक्षर कराकर लाओ . मेरे द्वारा कई बार एस.डी.ओ. चुरहट से हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया गया किन्तु एस.डी.ओ. साहब के दौरे में रहने या अन्य कार्यवस मुलाकात नहीं हो सकी. अंततः दिनांक 20 जनवरी 2010 को हस्ताक्षर पूर्ण कराया गया. दिनांक 20 जनवरी , 2010 की लेखा पूर्ण कराकर जब जिला कार्यालय में जमा कराना चाहा तो संबंधित लिपिक द्वारा यह कहकर मेरा लेखा वापस कर दिया गया कि हम भोपाल लेखा भेज चुके हैं आप चुनाव में हार भी चुके हैं. अतः अब लेखा जमा नहीं होगा . " आयोग ने उक्त अभ्यावेदन के संबंध में कलेक्टर सीधी से अभिमत चाहा जिसके पालन में कलेक्टर सीधी ने अपने फेक्स पत्र दिनांक 3 फरवरी 2011 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्री जागेन्द्र प्रसाद सोनी द्वारा निर्वाचन के घोषणा पश्चात निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत किये जाने हेतु कार्यालय में कभी भी उपस्थित नहीं हुये हैं जिससे अभ्यावेदन में उनके लेख अनुसार कार्यालय लिपिक द्वारा व्यय लेखा वापस किये जाने का प्रश्न ही नहीं उपस्थित होता. अभ्यर्थी का निर्वाचन व्यय लेखा विहित रीति एवं समय पर प्रस्तुत न होने के कारण अभ्यर्थी द्वारा अपने अभ्यावेदन में मनगढंत कहानी कही गई है जो स्वीकारिता योग्य एवं विश्वसनीय नहीं है. कलेक्टर सीधी से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 24 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 25 मार्च, 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर सीधी द्वारा दिनांक 25 मार्च, 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए न ही उनके द्वारा कोई अभ्यावेदन दिनांक 31 मई, 2011 तक प्रस्तुत किया गया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री जागेन्द्र प्रसाद सोनी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत रामपुर नैकिन, जिला सीधी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार , हस्ता./- (सुभाष जैन ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
2428
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
आदेश
भोपाल , दिनांक 25 जून 2011
क्र. एफ. 67-267-10-तीन-994.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत रामपुर नैकिन , जिला सीधी के आम निर्वाचन में श्री अजय सिंह , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर पंचायत रामपुर नैकिन, जिला सीधी के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सीधी के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पत्र क्र. 313/स्था. निर्वा./10, दिनांक 19 अगस्त 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री अजय सिंह द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री अजय सिंह, को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 15 सितम्बर 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के माध्यम से दिनांक 4 नवम्बर 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.
श्री अजय सिंह को नोटिस दिनांक 4 नवम्बर 2010 को तामील हो गया. अतः उनको दिनांक 19 नवम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सीधी ने अपने फेक्स पत्र दिनांक 3 फरवरी 2011 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्री अजय सिंह के द्वारा नोटिस तामीली उपरांत आज दिनांक तक इस कार्यालय में कोई अभ्यावेदन एवं व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है . कलेक्टर सीधी से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 24 फरवरी 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 25 मार्च, 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर सीधी द्वारा दिनांक 25 मार्च, 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए न ही उनके द्वारा कोई अभ्यावेदन दिनांक 31 मई , 2011 तक प्रस्तुत किया गया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री अजय सिंह को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत रामपुर नैकिन , जिला सीधी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-
(सुभाष जैन) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 27 जून 2011
क्र. एफ. 67-82-10- तीन- 1008.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन भाग 1 ]
में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद बड़नगर, जिला उज्जैन के आम निर्वाचन में श्री ज्ञान प्रकाश भार्गव अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, श्री ज्ञान प्रकाश भार्गव को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, उज्जैन के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , उज्जैन के पत्र क्र./स्था.निर्वा./2010/385 , दिनांक 21 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री ज्ञान प्रकाश भार्गव द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का अपूर्ण लेखा दाखिल किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का अपूर्ण लेखा प्रस्तुत करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री ज्ञान प्रकाश भार्गव , को आयोग के पत्र क्रमांक एफ 67-82 /2010/तीन/824 , दिनांक 2 फरवरी 2010 द्वारा कलेक्टर , उज्जैन को व्यय लेखा जिला स्तर पर पूर्ण कराने हेतु पत्र जारी किया गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला उज्जैन से प्राप्त प्रतिवेदन पत्र क्रमांक स्थान. निर्वा./ 2010/953 , दिनांक 19 अप्रैल, 2010 में प्रतिवेदित किया गया कि अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी श्री ज्ञान प्रकाश भार्गव को उनके अपूर्ण लेखों को पूर्ण करने हेतु कार्यालयीन पत्र क्रमांक 644 , दिनांक 17 फरवरी 2010 जारी किया गया था. इस पत्र की तामीली भी भार्गव को दिनांक 19 फरवरी, 2010 को कराई गई थी. श्री भार्गव द्वारा प्रतिवेदन दिनांक 19 अप्रैल , 2010 तक जिला कार्यालय में उपस्थित होकर निर्वाचन व्यय लेखों की पूर्णता नहीं की गई है , का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर
2429
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
श्री ज्ञान प्रकाश भार्गव को आयोग के पत्र क्रमांक एफ- 67--82-- 2010-तीन -1824, दिनांक 12 मई 2010 के द्वारा अपूर्ण व्यय लेखा पूर्ण कराने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी कर, श्री ज्ञान प्रकाश भार्गव से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर, कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा .
अभ्यर्थी श्री ज्ञान प्रकाश भार्गव को उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला उज्जैन के माध्यम से नोटिस दिनांक 4 जून 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 19 जून 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला उज्जैन से प्राप्त प्रतिवेदन क्रमांक/स्था. निर्वा./2010/1513, दिनांक 25 जून, 2010 में लेख किया है कि प्रतिवेदन दिनांक 25 जून 2010 तक अभ्यर्थी श्री ज्ञान प्रकाश भार्गव द्वारा जिला कार्यालय में उपस्थित होकर व्यय लेखों की कमियों/त्रुटियों का सुधार नहीं किया गया है.
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी को 02 बार व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 21 सितम्बर 2010 एवं 5 मार्च 2011 को आहुत किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी नोटिस दिनांक 31 अगस्त 2010 एवं 25 जनवरी 2011 की तामीलशुदा प्रति पर अभ्यर्थी श्री ज्ञान प्रकाश भार्गव ने तामीलशुदा प्रति में-" मेरे द्वारा पूर्व में व्यय लेखा प्रस्तुत कर दिया गया है , समस्त कागजात मेरे द्वारा जैन सा. को एस.डी.ओ. कोर्ट में दिये हैं, कृपया तलाश करें. " जिसके संबंध में कलेक्टर से वस्तुस्थिति की जानकारी दिनांक 19 अक्टूबर 2010 को चाही गई जिसके परिप्रेक्ष्य में उप जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 29 नवम्बर 2010 में प्रतिवेदित किया गया है कि श्री भार्गव द्वारा कोई लेखा बड़नगर अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है. विचारोपरान्त अभ्यर्थी को पुनः दिनांक 20 अप्रैल 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आहुत किया गया . लेकिन अभ्यर्थी आयोग में उपस्थित नहीं हुए. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला उज्जैन से प्राप्त पत्र दिनांक 29 अप्रैल 2011 में अभ्यर्थी को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 9 मार्च 2011 की तामीली अभ्यर्थी के पुत्र संजय पर दिनांक 15 अप्रैल 2011 को तामील कराई गई. विहित समयावधि में नोटिस की तामीली होने के उपरांत भी अभ्यर्थी श्री ज्ञान प्रकाश भार्गव आयोग में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री ज्ञान प्रकाश भार्गव द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय का पूर्ण लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
2430
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री ज्ञान प्रकाश भार्गव को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद बड़नगर, जिला उज्जैन का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-
(सुभाष जैन )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 27 जून 2011
क्र. एफ. 67-221-10-तीन- 1013.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत बरही, जिला कटनी के आम निर्वाचन में मो. रफीक " बारसी बाबा " अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर पंचायत बरही, जिला कटनी के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, कटनी के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , कटनी के पत्र क्र.260 ए/व्यय लेखा प्रभारी (स्था. निर्वा.अधि. ) दिनांक 22 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार मो. रफीक " बारसी बाबा " द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर मो. रफीक " बारसी बाबा " को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 10 फरवरी 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , कटनी के माध्यम से दिनांक 30 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर, कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
मो. रफीक " बारसी बाबा " को नोटिस दिनांक 30 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया. अभ्यर्थी द्वारा दिनांक 25 फरवरी, 2010 को एक अभ्यावेदन जो कि आयोग कार्यालय में दिनांक 7 अप्रैल 2010 को प्राप्त हुआ प्रेषित किया. अभ्यावेदन में उन्होंने लेख किया कि " . मुख्य नगरपालिका अधिकारी , बरही द्वारा मांग की गई थी कि अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अपना लेखा 30 दिन के अन्दर जमा कर दें, तो मैंने सम्पूर्ण रिकार्ड जमा , मध्यप्रदेश नगर पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के तहत अध्यक्ष का निर्वाचन से संबंधित लेखा व्यय जमा कर दिया था . " आयोग द्वारा उक्त अभ्यावेदन कलेक्टर, कटनी को अभिमत हेतु भेजा गया, जिसके तारतम्य में कलेक्टर, कटनी ने अपने पत्र दिनांक 17 मई, 2010 में लेख किया कि " तहसीलदार बरही से प्रतिवेदन लिया गया. प्रतिवेदन अनुसार अभ्यर्थी मो. रफीक " बारसी बाबा " द्वारा प्रस्तुत निर्वाचन व्यय लेखा समय - सीमा के पश्चात् दिनाकं 7 अप्रैल 2010 आयोग को अभ्यर्थी द्वारा भेजा गया है. जबकि आवेदक को 30 दिवस के अन्दर व्यय लेखा जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा करने के निर्देश थे . तहसीलदार बरही के प्रतिवेदन अनुसार अभ्यर्थी श्री मो. रफीक " बारसी बाबा " द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन स्वीकार एवं विश्वसनीय योग्य नहीं है . " उक्त प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 22 जून, 2010 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 7 जुलाई 2010 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर कटनी द्वारा दिनांक 06 जुलाई , 2010 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि भाग 1 ]
में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत मो. रफीक " बारसी बाबा " को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत बरही, जिला कटनी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(सुभाष जैन )
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 28 जून 2011
क्र. एफ. 67-11-08 तीन- 1029.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह जून 2008 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् मलाजखंड, जिला बालाघाट के निर्वाचन में सुश्री वंदना तिलगाम अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगरपालिका परिषद के निर्वाचन का परिणाम
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
दिनांक 13 जून 2008 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन ( अर्थात् 14 जुलाई 2008 तक ) के अन्दर इनके द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी ( नगरपालिका ) , जिला बालाघाट के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, ( नगरपालिका) बालाघाट के पत्र क्रमांक 371 /स्था. निर्वा./08 , दिनांक 3 सितम्बर, 2008 के द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सुश्री वंदना तिलगाम द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत करने का प्रतिवेदन कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( नगरपालिका) जिला बालाघाट से प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री वंदना तिलगाम को कारण बताओ नोटिस दिनांक 21 नवम्बर 2008 जारी किया जाकर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , ( नगरपालिका) जिला बालाघाट के माध्यम से तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर , कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 22 दिसम्बर 2008 को तामील कराया गया था. अतः अभ्यर्थी को दिनांक 6 जनवरी 2009 तक अभ्यावेदन/ उत्तर प्रस्तुत करना था. अभ्यार्थी द्वारा नोटिस तामीली उपरांत दिनांक 31 दिसम्बर 2008 को एक अभ्यावेदन आयोग में प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने लेख किया कि " मैं अभ्यर्थी वंदना तिलगाम शुरू में नगरपालिका व्यय लेखा जमा करने गयी तब कहा गया कि बाद में जमा कर दीजियेगा. इस बीच घर में हादसा हो जाने की वजह से हम लेट हो गये. बालाघाट जब जमा करने गये तब वहां कहा गया कि आप लेट हो गये हैं . इसलिये अब जमा नहीं हो पायेगा. वहां हम निर्वाचन अधिकारी से मिलने की कोशिश किये जब कहा गया कि इससे भी कोई निष्कर्ष नहीं निकलेगा. वापस नपा. कार्यालय मलाजखंड में आकर हम इस विषय में बातचीत की तब कहा गया कि जमा हो जायेगा. मगर यह कहकर टाल दिया गया. हमें नगरपालिका से न ही उचित मार्गदर्शन मिला नहीं किसी से मदद मिली . हमें इस विषय की उचित जानकारी नहीं थी कि किस तरह यह व्यय लेख प्रोफार्म जमा करना है . यह प्रोफार्म अभी भी हमारे पास रखा है . हमारी इस दलील को ध्यान में रखते हुए अब आपके द्वारा जो भी निर्णय लिया जायेगा हमें मंजूर होगा . " उक्त अभ्यावेदन के संबंध में कलेक्टर बालाघाट से अभिमत चाहे जाने पर कलेक्टर बालाघाट ने अपने पत्र दिनांक 19 अप्रैल 2011 के संलग्न अनुविभागीय अधिकारी एवं रिटर्निंग आफिसर ( नपा. ) मलाजखंड का प्रतिवेदन दिनांक 7 अप्रैल 2011 संलग्न प्रेषित किया, जिसमें 2432
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
उन्होंने अभ्यर्थी द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समय - सीमा में प्रस्तुत न कर विलंब से प्रस्तुत लेखे को परीक्षण किये जाने के फलस्वरूप लेखा स्वीकार्य योग्य नहीं पाया. उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 13 जून, 2011 को अभ्यर्थी सुश्री वंदना तिलगाम को आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा से संबंधित समस्त दस्तावेजों सहित व्यक्तिगत सुनवाई हेतु बुलाया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली 4 जून 2011 को हो गई थी, किन्तु वे उपस्थित नहीं हुईं.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री वंदना तिलगाम को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद मलाजखंड, जिला बालाघाट का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 02 वर्ष ( दो वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(सुभाष जैन )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 29 जून 2011
क्र. एफ. 67-92-10-तीन- 1033.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा
[ भाग 1 संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत हाटपिपल्या, जिला देवास के आम निर्वाचन में श्री इंदरसिंह रालोती एडव्होकेट अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर ( अर्थात् दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से दिनांक 18 जनवरी 2010 तक ) , श्री इंदरसिंह रालोती एडव्होकेट को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी देवास के पास दाखिल करना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी देवास के पत्र क्रमांक 193 /स्था. निर्वा ./ 2010/दिनांक 21 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री इंदरसिंह रालोती एडव्होकेट द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री इंदरसिंह रालोती एडव्होकेट, को कारण बताओ सूचना पत्र क्र. एफ-67-92-2010 - तीन-955, दिनांक 6 फरवरी 2010 को जारी कर संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , देवास के माध्यम से दिनांक 1 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री इंदरसिंह रालोती एडव्होकेट से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.
अभ्यर्थी श्री इंदरसिंह रालोती एडव्होकेट को नोटिस दिनांक 1 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 16 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . आयोग द्वारा दिनांक 19 जनवरी 2011 को श्री इंदरसिंह रालोती एडव्होकेट को नोटिस तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला देवास से प्राप्त प्रतिवेदन क्रमांक/48 /स्था. निर्वा./2011/ दिनांक 28 फरवरी 2011 के द्वारा लेख किया है कि अभ्यर्थी श्री इंदरसिंह रालोती एडव्होकेट द्वारा नोटिस तामीली उपरांत दिनांक 20 अप्रैल 2010 को निर्वाचन व्यय लेखा भिजवाया गया. किन्तु व्यय लेखे के भाग 1 ]
प्रोफार्मा- ग एवं शपथ- पत्र किसी प्राधिकारी के समक्ष हस्ताक्षरित नहीं किया गया है. व्यय लेखा विलम्ब से प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन जिला कार्यालय में प्रतिवेदन दिनांक 28 फरवरी 2011 तक प्रस्तुत नहीं किया गया है .
आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 28 अप्रैल 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया , किन्तु अभ्यर्थी श्री इंदरसिंह रालोती एडव्होकेट आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 23 मार्च 2011 की तामीली दिनांक 26 अप्रैल 2011 को श्री इंदरसिंह रालोती एडव्होकेट को की गई. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री इंदरसिंह रालोती एडव्होकेट द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री इंदरसिंह रालोती एडव्होकेट को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत हाटपिपल्या, जिला देवास का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(सुभाष जैन ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 29 जून 2011
क्र. एफ. 67-5-08-तीन 1035.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा .
2433
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2007 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत नरवर, जिला शिवपुरी के आम निर्वाचन में श्रीमती मक्खो कुशवाह/नन्हेंसिंह, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 24 दिसम्बर 2007 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 23 जनवरी 2008 तक, श्रीमती मक्खो कुशवाह/नन्हेंसिंह को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला शिवपुरी के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , शिवपुरी के पत्र क्रमांक स्था.निर्वा. न.पा.नि. 2007-394, दिनांक 29 फरवरी 2008 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती मक्खो कुशवाह/नन्हेंसिंह द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती मक्खो कुशवाह/नन्हेंसिंह को कारण बताओ सूचना- पत्र क्र. एफ- 67-5-2008- तीन-284, दिनांक 14 मार्च 2008 को जारी कर अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी, शिवपुरी के माध्यम से दिनांक 27 दिसम्बर 2008 को तामील कराया गया . कारण बताओ नोटिस में श्रीमती मक्खो कुशवाह/नन्हेंसिंह से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.
अभ्यर्थी श्रीमती मक्खो कुशवाह/नन्हेंसिंह को नोटिस दिनांक 27 दिसम्बर 2008 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 11 जनवरी 2009 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अभ्यर्थी ने नोटिस. तामीली उपरांत दिनांक 31 दिसम्बर 2010 को एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया जिसमें विलम्ब का कारण स्वयं की अस्वस्थता बतलाया एवं लेखे प्रस्तुत किए. उक्त लेखे एवं अभ्यावेदन अभिमत हेतु कलेक्टर शिवपुरी को दिनांक 6 जनवरी 2011 को प्रेषित किये गये. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला शिवपुरी से प्राप्त प्रतिवेदन क्रमांक पत्र क्रमांक स्था. निर्वा./न.पा.आ.नि.-2007-798, दिनांक 25 जनवरी 2011 के द्वारा लेख किया है कि अभ्यर्थी श्रीमती मक्खो कुशवाह/नन्हेंसिंह द्वारा निर्धारित समय - सीमा में व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया है एवं व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने का कारण संतोषप्रद नहीं होने से स्वीकार किये जाने योग्य नहीं है.
2434
आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 27 अप्रैल 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्रीमती मक्खोकुशवाह/नन्हेंसिंह आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं . अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली श्रीमती मक्खोकुशवाह/नन्हेंसिंह को विहित समयावधि में दिनांक 23 अप्रैल 2011 कराई गई. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्रीमती मक्खो कुशवाह /नन्हेंसिंह द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती मक्खो कुशवाह/नन्हेंसिंह को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत नरवर, जिला शिवपुरी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-
(सुभाष जैन)
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल .
आदेश
भोपाल , दिनांक 29 जून 2011
क्र. एफ. 67-5-08-तीन- 1036.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2007 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत नरवर, जिला शिवपुरी के आम निर्वाचन में श्रीमती हेमाबाई कुशवाह/लक्ष्मणसिंह , अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 24 दिसम्बर 2007 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 23 जनवरी 2008 तक, श्रीमती हेमाबाई कुशवाह/लक्ष्मणसिंह को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , शिवपुरी के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , शिवपुरी के पत्र क्रमांक स्था. निर्वा. न.पा.नि. - 2007- 394, दिनांक 29 फरवरी 2008 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती हेमाबाई कुशवाह लक्ष्मणसिंह द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती हेमाबाई कुशवाह लक्ष्मणसिंह को कारण बताओ सूचना पत्र क्र. एफ 67-5-2008 -तीन-283, दिनांक 14 मार्च 2008 को जारी कर अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , शिवपुरी के माध्यम से दिनांक 27 दिसम्बर 2008 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में श्रीमती हेमाबाई कुशवाह लक्ष्मणसिंह से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा .
अभ्यर्थी श्रीमती हेमाबाई कुशवाह लक्ष्मणसिंह को नोटिस दिनांक 27 दिसम्बर 2008 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 11 जनवरी 2009 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला शिवपुरी से प्राप्त प्रतिवेदन क्रमांक पत्र क्रमांक स्था. निर्वा./न.पा.अ.नि.-2007-798, दिनांक 25 जनवरी 2011 के द्वारा लेख किया है अभ्यर्थी श्रीमती हेमाबाई कुशवाह लक्ष्मणसिंह द्वारा निर्धारित समय - सीमा में व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया है एवं व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने का कारण संतोषप्रद नहीं होने से स्वीकार किये जाने योग्य नहीं है.
आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 18 मार्च 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्रीमती हेमाबाई कुशवाह/लक्ष्मणसिंह आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा सूचना- पत्र दिनांक 23 फरवरी 2011 के संदर्भ में अपना अभ्यावेदन दिनांक 11 मार्च 2011 के संलग्न व्यय लेखा 2435 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
रजिस्टर आयोग को प्रस्तुत किया. अभ्यर्थी को एक बार फिर व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 27 अप्रैल 2011 को बुलाया, लेकिन अभ्यर्थी उक्त दिनांक को आयोग में उपस्थित नहीं हुई हैं एवं आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि उक्त सूचना- पत्र की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 23 अप्रैल 2011 को इनके पुत्र श्री पुरुषोत्तमसिंह पर तामील की गई.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्रीमती हेमाबाई कुशवाह/ लक्ष्मणसिंह द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
माह जुलाई 2010 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम उज्जैन, जिला उज्जैन के आम निर्वाचन में श्री प्रभुलाल मालवीय महापौर पद के अभ्यर्थी थे . इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 28 जुलाई 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर 27 अगस्त 2010 तक, श्री प्रभुलाल मालवीय को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , उज्जैन के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , उज्जैन के पत्र क्रमांक- स्था. निर्वा.- न.पा.नि. - 10-2062 , दिनांक 3 सितम्बर 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री प्रभुलाल मालवीय द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती हेमाबाई कुशवाह/ लक्ष्मणसिंह को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत नरवर, जिला शिवपुरी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(सुभाष जैन)
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री प्रभुलाल मालवीय , को कारण बताओ सूचना पत्र क्र. एफ67-275-2010-तीन-2716 , दिनांक 5 अक्टूबर 2010 को जारी कर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जैन के माध्यम से दिनांक 19 अक्टूबर 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री प्रभुलाल मालवीय से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर, कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
भोपाल , दिनांक 29 जून 2011
क्र. एफ. 67-275-10- तीन- 1038.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा- 14- क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र
अभ्यर्थी श्री प्रभूलाल मालवीय नोटिस दिनांक 19 अक्टूबर 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 3 नवम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अभ्यर्थी द्वारा अपने अभ्यावेदन दिनांक 3 फरवरी 2011 में निर्वाचन संबंधी समस्त अभिलेख दिनांक 3 अगस्त 2010 को अर्चना मेडम को जमा करने का लेख किया, जिसकी जांच उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा संयुक्त संचालक, कोष लेखा एवं पेंशन उज्जैन संभाग से कराई जाकर प्रतिवेदित किया है कि श्री मालवीय द्वारा दिनांक 3 अगस्त 2010 को निर्वाचन व्यय लेखा का अवलोकन कराया जाकर छाया प्रतियां प्रस्तुत की गई, न कि मूल व्यय लेखा विहित रीति से आवश्यक शपथ - पत्रों के साथ प्रस्तुत किया गया है. चूंकि श्री मालवीय द्वारा आयोग को प्रेषित अभ्यावेदन के संबंध में उसकी सत्यता के समर्थन में किसी भी प्रकार का कोई अभिलेख/चिकित्सा प्रमाण- पत्र उनके कार्यालय मे 'प्रस्तुत नहीं किया गया है. अतः श्री मालवीय के कथन की पुष्टि नहीं होती है . श्री मालवीय अपना निर्वाचन व्यय लेखा विहित रीति से एवं निर्धारित समय पर प्रस्तुत करने में विफल रहें हैं.
2436
आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 2 जून 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली श्री प्रभुलाल मालवीय को दिनांक 3 मई 2011 को कराई गई. अभ्यर्थी श्री प्रभुलाल मालवीय आयोग कार्यालय में उक्त दिवस को उपस्थित हुए. लेकिन व्यय लेखा विहित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने के संबंध में उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषप्रद नहीं दिया गया ना ही कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री प्रभुलाल मालवीय द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री प्रभुलाल मालवीय को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम उज्जैन, जिला उज्जैन का पार्षद या महापौर होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
( सुभाष जैन )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .
आदेश
भोपाल , दिनांक 29 जून 2011
क्र. एफ. 67-275-10-तीन- 1039.- मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा- 14- क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
माह जुलाई 2010 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम उज्जैन, जिला उज्जैन के आम निर्वाचन में श्री पवन कुमार मालवीय, महापौर पद के अभ्यर्थी थे. इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 28 जुलाई 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर दिनांक 27 अगस्त 2010 तक, श्री पवन कुमार मालवीय को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , उज्जैन के पास दाखिल करना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , उज्जैन के पत्र क्रमांक - स्था. निर्वा. न.पा.नि. 10-लेखा-2062 , दिनांक 3 सितम्बर 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री पवन कुमार मालवीय द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री पवन कुमार मालवीय , को कारण बताओ सूचना पत्र क्र. एफ-67-275-2010- तीन-2715 , दिनांक 5 अक्टूबर 2010 को जारी कर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जैन के माध्यम से दिनांक 19 अक्टूबर 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री पवन कुमार मालवीय, से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर, कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी श्री पवन कुमार मालवीय को नोटिस दिनांक 19 अक्टूबर 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 3 नवम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जैन से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 15 एवं 27 नवम्बर 2010 द्वारा अभिमत प्रेषित किया कि उक्त अभ्यर्थी द्वारा नोटिस प्राप्ति के 15 दिवस की अवधि बीत जाने के पश्चात् प्रतिवेदन दिनांक तक उनके कार्यालय में न तो निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत किया गया है और न ही किसी प्रकार का अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया है.
आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 2 जून 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली श्री पवन कुमार मालवीय को दिनांक 3 मई 2011 को कराई गई. अभ्यर्थी श्री पवन कुमार मालवीय आयोग कार्यालय में उपस्थित हुए. लेकिन व्यय लेखा विहित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने के संबंध में उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषप्रद नहीं दिया गया ना ही कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया . उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री पवन कुमार मालवीय द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
भाग 1 ]
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री पवन कुमार मालवीय को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम उज्जैन, जिला उज्जैन का पार्षद या महापौर होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(सुभाष जैन ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 29 जून 2011
क्र. एफ. 67-275-10-तीन- 1040- मध्यप्रदेश नगरपालिक अधिनियम, 1956 की धारा- 14 - क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह जुलाई 2010 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम उज्जैन, जिला उज्जैन के आम निर्वाचन में श्री बालमुकुन्द हिरवे , महापौर पद के अभ्यर्थी थे . इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 28 जुलाई 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर दिनांक 27 अगस्त 2010 तक, श्री बालमुकुन्द हिरवे को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , उज्जैन के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, उज्जैन के पत्र क्रमांक- स्था.निर्वा. न.पा.नि.-10-लेखा-2062 , दिनांक 3 सितम्बर 2010 के
2437
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री बालमुकुन्द हिरवे द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री बालमुकुन्द हिरवे को कारण बताओ सूचना पत्र क्र. एफ-67-275-2010- तीन-2717 , दिनांक 5 अक्टूबर 2010 को जारी कर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जैन के माध्यम से दिनांक 19 अक्टूबर 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री बालमुकुन्द हिरवे से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर, कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी श्री बालमुकुन्द हिरवे , को नोटिस दिनांक 19 अक्टूबर 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 3 नवम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. नोटिस की तामीली उपरांत उप जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जैन से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 15 एवं 27 नवम्बर 2010 द्वारा अभिमत प्रेषित किया कि उक्त अभ्यर्थी द्वारा नोटिस प्राप्ति के 15 दिवस की अवधि बीत जाने के पश्चात् प्रतिवेदन दिनांक तक उनके कार्यालय में न तो निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत किया गया है और न ही किसी प्रकार का अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया है .
आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 2 जून 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री बालमुकुन्द हिरवे आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना पत्र की तामीली श्री बालमुकुन्द हिरवे को दिनांक 3 मई 2011 को कराई गई. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री बालमुकुन्द हिरवे द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री बालमुकुन्द हिरवे , को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम उज्जैन, जिला उज्जैन का पार्षद या महापौर होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार ,
हस्ता./- (सुभाष जैन) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
2438
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
राज्य शासन के आदेश
गृह (सामान्य ) विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल
(विभागीय परीक्षा प्रकोष्ठ )
भोपाल, दिनांक 22 जून 2011
क्र. एफ. 3-43-2011 - दो - ए( 3 ) .- इस विभाग की समसंख्यक विभागीय परीक्षा की सूचना तथा कार्यक्रम दिनांक 9 जून 2011 में आंशिक निम्नलिखित संशोधन किया जाता है :-
" बुधवार, दिनांक 27 जुलाई 2011 को आयोजित विभागीय परीक्षा के तृतीय प्रश्नपत्र- प्रशासनिक, राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया-- राजस्व के मामले में आदेश का लिखा जाना- सामान्य प्रशासन , राजस्व, भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये , जो कि प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 01.00 बजे तक निर्धारित है ,
के स्थान पर
अब यह प्रश्नपत्र सोमवार, दिनांक 8 अगस्त, 2011 को प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 01.00 बजे तक मसूरी स्थित राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी सहित प्रदेश के समस्त संभागीय आयुक्तों द्वारा आयोजित की जावेगी. ".
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अम्बरीश श्रीवास्तव , उपसचिव.
भोपाल , दिनांक 9 जून 2011 विभागीय परीक्षा की सूचना तथा कार्यक्रम
क्र. एफ. 3-43-2011 -दो - ए( 3 ) .- प्रदेश के सभी अधिकारी जिनकी विभागीय परीक्षा उनके विभागों द्वारा निर्धारित की गई हो , के लिये विभागीय परीक्षाएं दिनांक 25 जुलाई 2011 से आयुक्त, जबलपुर, रीवा , भोपाल , सागर, ग्वालियर, उज्जैन, इन्दौर, होशंगाबाद एवं शहडोल द्वारा निर्धारित स्थानों में निम्नांकित कार्यक्रमों के अनुसार होंगी: -
प्रश्न पत्र (1)
प्रश्न पत्र का विषय (2)
समय (3)
सोमवार , दिनांक 25 जुलाई 2011
1. पहला प्रश्नपत्र- दांडिक विधि तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) पुलिस, सामान्य प्रशासन, राजस्व व भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये.
2. पंजीयन विधि तथा प्रक्रिया- पंजीयन विभाग के अधिकारियों के लिये ( केवल अधिनियम तथा नियमों की पुस्तकों सहित ) .
3.
प्रात: 10.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक.
विधि तथा प्रक्रिया- उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों के लिये ( पुस्तकों सहित )
4.
विधि तथा प्रक्रिया- वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों के लिये ( केवल नियमों की पुस्तकों सहित) .
5. पहला प्रश्नपत्र- सहकारिता सामान्य ( बिना पुस्तकों के ) सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये.
2439 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2)
(3)
प्रात: 10.00 बजे से 59 . विद्युत् संबंधी विधियां ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के लिये .
दोपहर 1.00 बजे तक.
6. दूसरा प्रश्नपत्र- दांडिक विधि तथा प्रक्रिया दांडिक मामलों में आदेश/निर्णय का लिखा जाना पुलिस , सामान्य प्रशासन , भू- अभिलेख एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के लिये.
7. दूसरा प्रश्नपत्र-सहकारिता तथा सामान्य विधि ( पुस्तकों सहित ) सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये.
दोपहर : 2.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक.
8. समाज कल्याण ( बिना पुस्तकों के) पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये.
60. भू-योजना तथा विद्युत् सुरक्षा- ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्री, कनिष्ठ यंत्री एवं पर्यवेक्षकों के लिये. मंगलवार, दिनांक 26 जुलाई 2011
9. पहला प्रश्नपत्र - प्रशासनिक, राजस्व , विधि तथा प्रक्रिया ( बिना पुस्तकों के ) भाग- ए, आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये .
10. पहला प्रश्नपत्र-प्रशासनिक राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया ( बिना पुस्तकों के ) सामान्य प्रशासन, राजस्व , भू- अभिलेख एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये-भाग-बी.
प्रातः 10.00 बजे से
दोपहर 1.00 बजे तक.
11. पहला प्रश्नपत्र- प्रशासनिक, राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया ( बिना पुस्तकों के ) सामान्य प्रशासन, राजस्व, भू- अभिलेख एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये- भाग-सी.
12. उद्योग विभाग संबंधी अधिनियम तथा नियम- उद्योग विभाग के अधिकारियों के लिये (पुस्तकों सहित) .
13 . प्रश्नपत्र-खनिज प्रबंध ( पुस्तकों सहित ) खनिज साधन विभाग के अधिकारियों के लिये.
14. लेखा तथा कार्यालयीन प्रक्रिया-प्रथम प्रश्नपत्र पंजीयन विभाग के अधिकारियों के लिये (बिना पुस्तकों के) .
61. विद्युत् संस्थापनाएं - ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्री, कनिष्ठ यंत्री एवं पर्यवेक्षकों के लिये.
15. दूसरा प्रश्नपत्र-प्रशासनिक, राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) सामान्य प्रशासन, राजस्व, भू- अभिलेख एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये.
16. प्रक्रिया, विकास योजनाओं, राज्यों के साधनों, राज्य के नियम पुस्तिकाओं आदि का ज्ञान -उद्योग विभाग के अधिकारियों के लिये ( पुस्तकों सहित ) .
दोपहर : 2.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक.
17. तीसरा प्रश्नपत्र- बैंकिंग ( बिना पुस्तकों के ) सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये.
18. समाज शिक्षा (बिना पुस्तकों के ) पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये.
19. लेखा तथा कार्यालयीन प्रक्रिया - द्वितीय प्रश्नपत्र पंजीयन विभाग के अधिकारियों के लिये (पुस्तकों सहित).
2440
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2)
(3) 62. लेखा व स्थापना- ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्री, कनिष्ठ यंत्री एवं पर्यवेक्षकों के लिये. दोपहर : 2.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक.
बुधवार, दिनांक 27 जुलाई 2011
20. तीसरा प्रश्नपत्र- प्रशासनिक, राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया - राजस्व के मामले में आदेश का लिखा जाना सामान्य प्रशासन , राजस्व , भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये.
प्रातः 10.00 बजे से 21. पुस्तपालन तथा कर निर्धारण - विक्रयकर विभाग के अधिकारियों के लिये. (पुस्तकों सहित ) .
दोपहर 1.00 बजे तक.
22. प्रश्नपत्र - प्रथम वन विधि ( बिना पुस्तकों के ) सहायक वन संरक्षकों के लिये.
23. पहला प्रश्नपत्र- प्रक्रिया ( बिना पुस्तकों के) वन क्षेत्रपालों के लिये.
24. पुलिस अधिकारियों की " व्यवहारिक परीक्षा " .
63. स्विच गेयर तथा संरक्षण , ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्रियों के लिये.
25. कार्यालयीन संगठन तथा प्रक्रिया- वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों के लिये.
26. सिविल विधि तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) राजस्व एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये .
27. पुलिस अधिकारियों की " पुलिस शाखा " प्रश्नपत्र ( बिना पुस्तकों के ) .
28. दूसरा प्रश्नपत्र- सामान्य विधि ( पुस्तकों सहित ) सहायक वन संरक्षकों के लिये.
दोपहर : 2.00 बजे से 29. तीसरा प्रश्नपत्र - सामान्य विधि ( पुस्तकों सहित ) वन क्षेत्रपालों के लिये.
शाम 5.00 बजे तक.
30. स्थानीय शासन अधिनियम तथा नियम ( बिना पुस्तकों के ) पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये .
31. चौथा प्रश्नपत्र- सहकारी लेखा तथा परीक्षण ( बिना पुस्तकों के ) भाग-1 , लेखा तथा भाग-2 सहकारिता लेखा परीक्षण , सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये.
32. समाज शास्त्र ( पुस्तकों सहित ) आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये .
64. विद्युत् रोधन समन्वय तथा परिसंकट ग्रस्त क्षेत्र ( इंसूलेशन को- आर्डिनेशन व हजार्ड्स एरिया ) ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्री ( वि. /सु. ) के लिये.
गुरूवार , दिनांक 28 जुलाई 2011
33. प्रथम प्रश्नपत्र लेखा ( बिना पुस्तकों के ) सहायक कलेक्टरों , डिप्टी कलेक्टर , तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों तथा राजस्व एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये.
प्रातः 10.00 बजे से
दोपहर 1.00 बजे तक.
34. प्रथम प्रश्नपत्र-लेखा ( बिना पुस्तकों के ) आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये.
35. प्रथम प्रश्नपत्र-लेखा ( बिना पुस्तकों के ) पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये.
2441 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(3)
(2)
36. प्रश्नपत्र न्यायिक शाखा ( बिना पुस्तकों के ) पुलिस विभाग अधिकारियों के लिये .
37 . लेखा ( पुस्तकों सहित ) उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों के लिये.
38. लेखा ( पुस्तकों सहित ) आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों के लिये.
प्रातः 10.00 बजे से 39. लेखा ( पुस्तकों सहित ) उद्योग विभाग के अधिकारियों के लिये .
दोपहर 1.00 बजे तक.
40. लेखा ( पुस्तकों सहित ) खनिज साधन विभाग के अधिकारियों के लिये.
41. लेखा ( पुस्तकों सहित ) जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों के लिये.
66. प्रथम प्रश्न पत्र-लेखा ( बिना पुस्तकों के ) महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के लिये.
42. द्वितीय प्रश्नपत्र - लेखा ( पुस्तकों सहित ) डिप्टी कलेक्टरों, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों तथा राजस्व एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये.
दोपहर : 2.00 बजे से
शाम 5.00 बजे तक.
43. द्वितीय प्रश्नपत्र-लेखा ( पुस्तकों सहित ) आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये.
44. द्वितीय प्रश्नपत्र लेखा ( पुस्तकों सहित ) पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये.
67 द्वितीय प्रश्नपत्र- लेखा ( पुस्तकों सहित ) महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के लिये.
शुक्रवार, दिनांक 29 जुलाई 2011
45. सिविल पशु चिकित्सा सेवा विभाग के अधिकारियों के लिये लेखा प्रश्नपत्र भाग -1 (बिना पुस्तकों के ) पशु चिकित्सा सेवा विभाग के अधिकारियों के लिये.
प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 11.00 बजे तक.
46. प्रथम प्रश्नपत्र-लेखा के भाग -1 मत्स्यपालन विभाग के अधिकारियों के लिये ( बिना पुस्तकों के ) .
47. प्रश्नपत्र-लेखा ( पुस्तकों सहित ) कृषि सेवा कार्यपालन प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी अधिकारियों के लिये.
48. प्रथम प्रश्नपत्र- विधि तथा प्रक्रिया ( बिना पुस्तकों के ) डेयरी विकास विभाग के अधिकारियों के लिये.
प्रातः 10.00 बजे से 49. प्रश्नपत्र - द्वितीय मध्यप्रदेश मूलभूत तथ्य और ग्रामीण विकास जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों के लिये. ( पुस्तकों सहित ).
दोपहर 1.00 बजे तक.
50. द्वितीय प्रश्नपत्र- लेखा ( बिना पुस्तकों के) वन क्षेत्रपालों के लिये.
65. पंचायत राज्य प्रशासन विधि तथा प्रक्रिया सामान्य प्रशासन , राजस्व, भू- अभिलेख , पंचायत एवं ग्रामीण विकास व अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये .
68 तृतीय प्रश्नपत्र- महिला एवं बाल कल्याण- महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के लिये.
दोपहर : 2.00 बजे से 51. सिविल पशु चिकित्सा सेवा विभाग के अधिकारियों के लिये प्रश्नपत्र लेखा भाग -2 ( पुस्तकों सहित ) , पशु चिकित्सा सेवा विभाग के अधिकारियों के लिये .
शाम 4.00 बजे तक.
52. प्रश्नपत्र लेखा भाग -2 मत्स्यपालन विभाग के अधिकारियों के लिये.
2442
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(2)
(1)
(3) 53. सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये किसी मामलों में आदेश या प्रतिवेदन लिखने की व्यवहारिक परीक्षा ( पुस्तकों सहित ) .
54. तृतीय प्रश्नपत्र- प्रक्रिया तथा लेखा ( पुस्तकों सहित ) सहायक वन संरक्षकों के लिये .
55. द्वितीय प्रश्नपत्र लेखा ( बिना पुस्तकों के ) कृषि सेवा कार्यपालन प्रथम , द्वितीय तथा तृतीय श्रेणी के अधिकारियों के लिये.
दोपहर 2.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक.
56 . द्वितीय प्रश्नपत्र - लेखा तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) डेयरी विकास विभाग के अधिकारियों के लिये .
57. प्रश्नपत्र- तृतीय अनुसूचित जाति तथा आदिम जाति विकास - जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों के लिये ( पुस्तकों सहित)
69. चतुर्थ प्रश्नपत्र-पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा - महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के लिये.
शनिवार , दिनांक 30 जुलाई 2011
58. हिन्दी निबंध तथा हिन्दी से अंग्रेजी में अनुवाद सभी विभागों के अधिकारियों के लिये .
प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 12.00 बजे तक.
नोट: -( 1 ) सहायक कलेक्टरों, डिप्टी कलेक्टरों , राज्य के अधीनस्थ सिविल सेवाओं के सदस्यों, भू- अभिलेख कर्मचारियों तथा कलेक्टरों और संभागीय आयुक्तों के कार्यालय के अधीक्षकों को सूचित किया जावे कि परीक्षा गृह विभाग द्वारा नये संशोधन नियमों के अन्तर्गत प्रसारित अधिसूचना क्रमांक एफ- 3-54-98 - दो -ए( 3 ) , दिनांक 19 मार्च 1999 एवं एफ- 3-102-90- दो- ए( 3 ) , दिनांक 8 मई 1991 के पाठ्यक्रम के अनुसार होगी . नये नियमों के अन्तर्गत पंचायत राज प्रशासन विधि तथा प्रक्रिया से संबंधित प्रश्नपत्र भी अनिवार्य रूप से रखा गया है.
(2) उम्मीदवारों को सूचित किया जावे कि जिन प्रश्नपत्रों में पुस्तकों की सहायता ली जाना है, उन्हें विभागीय परीक्षा के लिये कलेक्टर कार्यालय से पुस्तकें नहीं दी जावेंगी, उन्हें अपनी स्वयं की पुस्तकें ले जाना होंगी.
(3) सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को जो परीक्षा में सम्मिलित होने के इच्छुक हों, अपने नाम उचित मार्ग द्वारा सीधे अपने विभागाध्यक्षों को भेजना चाहिए. परीक्षार्थी राजपत्रित/ अराजपत्रित हैं, का स्पष्ट उल्लेख आवेदन - पत्र में भरें.
(4) सामांन्य प्रशासन विभाग ( अनुसूचित जाति आदिवासी सेल के ) ज्ञापन क्रमांक 1-15-77-1-अ.स. जनजाति सेवा, दिनांक 15 फरवरी 1978 के अनुसार विभागीय परीक्षाओं में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों के उम्मीदवारों को उत्तीर्ण होने के लिये 10 प्रतिशत अंकों तक छूट दी जाती है. ये छूट अखिल भारतीय सेवा से संबंधित परीक्षार्थियों पर लागू नहीं होगी परीक्षार्थी तत्संबंधी में अपना प्रमाण- पत्र अपने विभागाध्यक्षों /कलेक्टरों को प्रस्तुत करेंगे . इन प्रमाण- पत्रों को गृह (सामान्य) विभाग विभागीय परीक्षा प्रकोष्ठ को नहीं भेजा जावे. संबंधित विभागाध्यक्षों/कलेक्टर परीक्षा में भाग लेने वाले व्यक्तियों की सूची के साथ अनुसूचित जाति/ जनजाति संबंधी प्रमाण- पत्र संबंधित परीक्षा केन्द्रों के आयुक्तों को दिनांक 10 जुलाई 2011 तक भेजेंगे . जिन परीक्षार्थियों द्वारा प्रमाण- पत्र विभागाध्यक्षों के माध्यम से आयुक्तों को प्रस्तुत नहीं किये जावेंगे, उन्हें इस प्रकार की सुविधा प्राप्त नहीं होगी. ये प्रमाण- पत्र आयुक्त कार्यालय में रखे जावेंगे.
(5) माह जुलाई, 2011 में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा के प्रश्नपत्रों क्रमशः क्रमांक 66, 67, 68 एवं 69 सम्मिलित किये गये हैं. अतः इन विषयों में सम्मिलित होने वाले इच्छुक अधिकारियों को भी परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान करने का कष्ट करें एवं अन्य सभी निदेश पूर्व प्रचलित प्रथा अनुसार ही होंगे .
(6) परीक्षा केन्द्र आयुक्तों से निवेदन है कि परीक्षा में सम्मिलित जिन परीक्षार्थियों द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति के प्रमाण- पत्र उन्हें प्राप्त होंगे उनका उल्लेख शासन को भेजे जाने वाली सूची में अनिवार्य रूप से करें, इसके आधार पर ही उन्हें अंकों में छूट प्रदाय की जा सकेगी . कृपया स्पष्ट उल्लेख करें कि परीक्षार्थी सामान्य या अनुसूचित जाति /जनजाति से संबंधित है एस.सी/एस.टी. दर्शाकर कोष्ठक में ( प्रमाण- पत्र प्रस्तुत नहीं किया ) जैसा भ्रमित उल्लेख परीक्षार्थी वाली सूची में न किया जाय.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
एल. पी. जैन , अवर सचिव.
भाग 1 ]
2443
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
दमोह, दिनांक 25 मई 2011
क्र. 73-82 -भू.अ.अ. - 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
ग्राम/नगर
धारा ( 4 ) की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(1) (2)
(3)
(4)
(5)
(6) दमोह
हटा
40.55
हटा खास
सर्वेक्षण
10.76
कार्यपालन यंत्री पंचमनगर संभाग हटा, जिला दमोह .
खैजराखुर्द
73.05
शक्तिसागर जलाशय योजना कीनिर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.
मानपुरा
10.79
देवरीचौधरी
खैजरा उर्फ खालसा 19.12 छेवला भागीरथ 22.94 योग : 177.21
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी उपखंड हटा एवं कार्यपालन यंत्री पंचमनगर सर्वेक्षण संभाग हटा, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानंद दुवे, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला कटनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
कटनी , दिनांक 13 जून 2011
प्र.क्र. 3- अ-82-10-11- भू.अ.अ- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने 2444
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
( 5 ) में उल्लेिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम बन्दोबस्त प.ह.नं.
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
(1)
(3)
(4)
3.17 कटनी विजयराघवगढ़ गैरतलाई ,
न.बं. 34, प.ह.नं. 33
योग : 3.17
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
रेल्वे लाईन हेतु.
महाप्रबंधक ( कुटेश्वर ) सेल/ आर.एन.डी. कुटेश्वर चूना पत्थर खदान.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , विजयराघवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्र.क्र. 4- अ- 82-10-11- भू.अ.अ- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम बन्दोबस्त प.ह.नं.
(2)
(3)
(1)
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (4)
5.03 कटनी विजयराघवगढ़ कोनिया
न.बं. 23, प.ह.नं. 32
योग : 5.03
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
रेल्वे लाईन हेतु.
महाप्रबंधक ( कुटेश्वर ) सेल/ आर.एन.डी. कुटेश्वर चूना पत्थर खदान.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , विजयराघवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. सेलवेन्द्रन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2445
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
खरगोन, दिनांक 21 जून 2011
क्र. 974 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम/नगर
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) खरगोन भीकनगांव
1.250
लखापुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन
संभाग, खरगोन.
जेतगढ़ तालाब योजना के नहर निर्माण हेतु.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , जिला खरगोन, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी, भीकनगांव एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
क्र. 975 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम/नगर
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(4) (1)
(2)
(3)
खरगोन
2.000 भीकनगांव अमनखेड़ी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खरगोन.
जेतगढ़ तालाब योजना के नहर निर्माण हेतु.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , भीकनगांव एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
2446
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
खरगोन, दिनांक 25 जून 2011
क्र. 995 - भू-अर्जन- 11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन भूमि का वर्णन ग्राम/नगर
जिला तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(1)
(2)
(6) (3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4)
(5)
खरगोन भीकनगांव टेमला
0.365
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खरगोन ( म.प्र. ).
टेमला नं . 2 तालाब योजना के शीर्ष कार्य निर्माण में पायलेट चेनल हेतु भूमि की आवश्यकता.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय , खरगोन, कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी, भीकनगांव एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 994 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम/नगर
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
*( 2)
(6) (1)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4)
(5)
खरगोन भीकनगांव केदवां जागीर
3.398
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खरगोन ( म.प्र. ) .
लाखापुर तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय , खरगोन, कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी, भीकनगांव एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , अशोक कुमार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2447
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
उज्जैन, दिनांक 22 जून 2011
क्र. भूमि संपादन- 11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के सम्बन्ध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( ए ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)
(3)
(4)
0.80 उज्जैन बड़नगर
0.25
आजंदा लिखोदा.
(खुली भूमि) कुल : 1.05 अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , बड़नगर बड़नगर आवर्धन जल प्रदाय योजना अन्तर्गत ग्राम लिखौदा में चामला नदी पर निर्माणाधीन आर.आर.सी. बैरेज कार्य के लिये निजी भूमि का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , बड़नगर में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एम. गीता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला जबलपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
जबलपुर , दिनांक 24 जून 2011
क्र. 22 - अ - 82-10-11 - भू.अ.अ. जबलपुर. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन , 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) एवं अधिनियम क्र. 68 सन् 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा ( हेक्टर में )
(1)
(2)
(3)
(4)
3.29
कुगवां.
जबलपुर जबलपुर
प.ह.नं. 34 नं.बं. 499
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
पाटन शाखा नहर
निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, रा.अ.बा. लो.सा. बांयी तट नहर संभाग क्र. 2 , बरगी हिल्स, जबलपुर.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , इकाई क्र. 1 , बरगी हिल्स के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गुलशन बामरा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .
2448
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
नरसिंहपुर, दिनांक 24 जून 2011
प्र. क्र. 14 अ -82 वर्ष 2010-11 - पत्र क्र. 704- भू-अर्जन-2011 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन, 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम
(1)
(2)
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हे. में. ) (4)
(3)
0.410 गोटेगांव
नरसिंहपुर
अकोला, नं.बं. 491 , प.ह.नं. 05/01
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
खोबी-देवरी- मोहास अकोला मार्ग निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , सेतु निर्माण संभाग , जबलपुर.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, नरसिंहपुर के भू- अर्जन शाखा में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजीव सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
विदिशा, दिनांक 27 जून 2010
प्र. क्र. 11 - भू-अर्जन- ए- 82-10-11. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
सर्वे नं. एवं
लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टर में)
(4)
(1) विदिशा
(2) विदिशा
(3) गंगरवाड़ा
0.088
0.127
आर.एम. 151/3 150/1 150/2 170/11 139/3 3ए 0.125 0.088 0.137
(5) कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्रमांक 2 , विदिशा .
पीपलखेड़ा नहर की माईनर आर. एम . 3 ए, आर.एम. 3 बी का निर्माण.
योग : 0.565
भाग 1 ]
2449
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2)
(3)
(4) विदिशा विदिशा
आर.एम.
गंगरवाड़ा
188/1
202/3
138/3/1 ग
138/3/1ख
138/3/2
206/1
206/2
योग :
(6)
(5)
3 बी
0.109
कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्रमांक 2 , विदिशा .
0.017
पीपलखेड़ा नहर की माईनर आर. एम. 3ए आर.एम. 3 बी का निर्माण.
0.193
0.148
0.401
0.099
0.038
1.005
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का उपखण्ड अधिकारी , विदिशा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सी. बी. सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला देवास, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
देवास, दिनांक 27 जून 2011
क्र. 312 - भू-अर्जन- 2011- प्र.क्र. - 03- अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(1)
(3)
(4)
पीपलरांवा
देवास सोनकच्छ
2.090
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का कारण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
सचिव , कृषि उपज मण्डी समिति, सोनकच्छ.
ग्राम पीपलरांवा, तहसील सोनकच्छ में उप मण्डी की स्थापना के लिये भूमि अधिग्रहण हेतु.
नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय , कलेक्टर, जिला देवास एवं कार्यालय, भू- अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी , सोनकच्छ में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मुकेश चन्द्र गुप्ता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2450
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
छिन्दवाड़ा, दिनांक 28 जून 2011
क्र. 5182 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा, सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू नहीं होंगे :-
अनुसूची
जिला
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) छिन्दवाड़ा अमरवाड़ा
ब.नं. -254,
प.ह.नं. -36,
रा.नि.मं.-
84.606 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली सम्पत्तियां ) .
ग्राम- लछुआ, अमरवाड़ा-2.
भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्रधिकारी अधिकारी
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तहसील- अमरवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा ( म.प्र. ) .
मेसर्स एस.के.एस. पॉवर जनरेशन मध्यप्रदेश लिमिटेड द्वारा पॉवर प्लांट एवं कोल वॉसरी की स्थापना, कार्यालय भवन , स्कूल भवन , लेबर कॉलोनी आदि संकर्मों के निर्माण के लिए निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील अमरवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण, मेसर्स एस. के. एस . पॉवर जनरेशन मध्यप्रदेश लिमिटेड स्थानीय कार्यालय , विवेकानंद कॉलोनी , नागपुर रोड, छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है .
भाग 1 ]
2451
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
क्र. 5183 - भू-अर्जन- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू नहीं होंगे : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(1)
(4)
(3)
अमरवाड़ा ग्राम- राहीवाड़ा,
छिन्दवाड़ा
ब.नं. - 251,
प.ह.नं. -36,
रा.नि.मं.-
64.001 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली सम्पत्तियां) .
अमरवाड़ा-2.
(2)
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्रधिकारी अधिकारी
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तहसील- अमरवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा (म.प्र. ) .
मेसर्स एस.के.एस. पॉवर जनरेशन मध्यप्रदेश लिमिटेड द्वारा पॉवर प्लांट एवं कोल वॉसरी की स्थापना , कार्यालय भवन, स्कूल भवन , लेबर कॉलोनी आदि संकर्मों के निर्माण के लिए निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.
अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील अमरवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में कार्यालयीन समय में भी देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण , मेसर्स एस. के. एस. पॉवर जनरेशन मध्यप्रदेश लिमिटेड स्थानीय कार्यालय, विवेकानंद कॉलोनी , नागपुर रोड, छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है .
2452
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
क्र. 5184 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू नहीं होंगे :-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(1)
(3)
(4) अमरवाड़ा ग्राम - धाधरा,
छिन्दवाड़ा
ब.नं. - 140,
प.ह.नं. -36,
रा.नि.मं.-
72.239 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली सम्पत्तियां ) .
अमरवाड़ा-2.
(2)
भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्रधिकारी अधिकारी
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तहसील- अमरवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा ( म.प्र. ) .
मेसर्स एस.के.एस. पॉवर जनरेशन मध्यप्रदेश लिमिटेड द्वारा पॉवर प्लांट एवं कोल वॉसरी की स्थापना, कार्यालय भवन, स्कूल भवन, लेबर कॉलोनी आदि संकर्मों के निर्माण के लिए निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.
अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तहसील अमरवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण, मेसर्स एस.के. एस. पॉवर जनरेशन मध्यप्रदेश लिमिटेड स्थानीय कार्यालय , विवेकानंद कॉलोनी , नागपुर रोड, छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर , भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है.
भाग 1 ]
2453
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
क्र. 5185 - भू- अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 " क " के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे : -
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)
(3)
(4) छिन्दवाड़ा अमरवाड़ा
ब.नं. - 223,
ग्राम - मन्दानगढ़ , प.ह.नं.- 38, रा.नि.मं.-
रकबा 112.317 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली सम्पत्तियां.
अमरवाड़ा-2.
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्रधिकारी अधिकारी
(5)
(6)
भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तहसील- अमरवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा ( म.प्र. ) .
मेसर्स एस.के.एस. पॉवर जनरेशन मध्यप्रदेश लिमिटेड द्वारा पॉवर प्लांट एवं कोल वॉसरी की स्थापना, कार्यालय भवन, स्कूल भवन, लेबर कॉलोनी आदि संकर्मों के निर्माण के लिए निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तहसील अमरवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण, मेसर्स एस. के. एस . पॉवर जनरेशन मध्यप्रदेश लिमिटेड स्थानीय कार्यालय, विवेकानंद कॉलोनी , नागपुर रोड, छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के भीतर, भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पवन कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2454
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला छतरपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
छतरपुर , दिनांक 30 जून 2011
प्र. क्र. 43 - अ 82-2010-11- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमिका वर्णन
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
(हे. में)
(1)
(2)
(3)
(5)
(6)
(4)
4.378
अक्टौंहा
लौंड़ी
छतरपुर
अनुविभागीय अधिकारी,
राजस्व, लौंड़ी.
सिंहपुर बैराज परियोजना की रेखा डिस्ट्रीब्यूटरी की सिंगवापुरवा नहर हेतु भूमिका अर्जन.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज परियोजना की रेखा डिस्ट्रीब्यूटरी की सिंगवापुरवा नहर हेतु भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, कार्यालय , लौंड़ी में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 22- अ 82-2010-11- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(2)
(5)
(6) (1)
(3)
(4)
2.200
अनुविभागीय अधिकारी ,
मुड़ेरी
छतरपुर लौंड़ी
राजस्व, लौंड़ी.
सिंहपुर बैराज परियोजना की बसंतपुर वितरक नहर हेतु भूमि का अर्जन.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज परियोजना की बसंतपुर वितरक नहर हेतु भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय , लौंड़ी में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
2455
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
प्र. क्र. 23- अ 82-2010-11- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
जिला
भूमि का वर्णन ग्राम
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(2)
(3)
(6)
(4)
(5)
रतनपारा
1.550
छतरपुर लौंड़ी
अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, लौंड़ी.
सिंहपुर बैराज परियोजना की बसंतपुर वितरक नहर हेतु भूमि का अर्जन.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है-सिंहपुर बैराज परियोजना की बसंतपुर वितरक नहर हेतु भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय , लौंड़ी में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 24- अ 82-2010-11- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
जिला
भूमि का वर्णन ग्राम
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा अधिकृत अधिकारी
(1)
(3)
(2)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)
(5)
(6) सलैया
चन्दला
2.200
छतरपुर
अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, लौंड़ी.
सिंहपुर बैराज परियोजना की ब्रांच कैनाल वितरक नहर हेतु भूमि का अर्जन.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज परियोजना की ब्रांच कैनाल वितरक नहर हेतु भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय , लौंड़ी में किया जा सकता है .
2456
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
प्र. क्र. 25- अ 82-2010-11 - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :--
अनुसूची
जिला
भूमि का वर्णन ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(6) (2)
(3)
(4)
(5)
1.870
छतरपुर
भवानीपुर
चन्दला
सिंहपुर बैराज परियोजना की ब्रान्च कैनाल वितरक नहर हेतु भूमि का अर्जन .
अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, लौड़ी.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज परियोजना की ब्रांच कैनाल वितरक नहर हेतु भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, कार्यालय , लौड़ी में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 33 - अ 82-2010-11 - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
जिला
भूमि का वर्णन ग्राम
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
(1)
(2)
(3) .
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)
(5)
(6) खपटया
2.189
छतरपुर लौंड़ी
अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, लौड़ी.
सिंहपुर बैराज परियोजना की गिरधौरी डिस्ट्रीब्यूटरी नहर हेतु भूमि का अर्जन.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज परियोजना की गिरधौरी डिस्ट्रीब्यूटरी नहर हेतु भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय , लौड़ी में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
2457
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
प्र. क्र. 34- अ 82-2010-11 - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
जिला
भूमि का वर्णन ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(2)
(1)
(3)
(6)
(5)
(4)
3.762
लौंड़ी गिरधौरी
छतरपुर
अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, लौड़ी.
सिंहपुर बैराज परियोजना की गिरधौरी डिस्ट्रीब्यूटरी नहर हेतु भूमि का अर्जन.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज परियोजना की गिरधौरी डिस्ट्रीब्यूटरी नहर हेतु भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय, लौड़ी में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 35 - अ 82-2010-11 - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में )
(1)
(2)
(3)
(4)
(6)
(5)
0.648
लौंड़ी
छतरपुर
टुड़ा
अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, लौड़ी.
सिंहपुर बैराज परियोजना की रेखा डिस्ट्रीब्यूटरी नहर हेतु भूमि का अर्जन .
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज परियोजना की रेखा डिस्ट्रीब्यूटरी नहर हेतु भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय , लौड़ी में किया जा सकता है .
2458
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
प्र. क्र. 36- अ 82-2010-11- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : ---
अनुसूची
जिला
भूमि का वर्णन ग्राम
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(2)
(3)
(6)
(4)
(5)
बगमऊ
6.293
छतरपुर लौंड़ी
अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, लौड़ी.
सिंहपुर बैराज परियोजना की देवीखेड़ा डिस्ट्रीब्यूटरी नहर हेतु भूमि का अर्जन.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज परियोजना की देवीखेड़ा डिस्ट्रीब्यूटरी नहर हेतु भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय, लौंड़ी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 37- अ 82-2010-11-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा (2) द्वारा अधिकृत अधिकारी
(1) . (2) (3)
(6)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)
(5)
0.479
छतरपुर लौंड़ी पट्टी
अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, लौंड़ी.
सिंहपुर बैराज परियोजना की रेखा डिस्ट्रीब्यूटरी नहर हेतु भूमि का अर्जन.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज परियोजना की रेखा डिस्ट्रीब्यूटरी नहर हेतु भूमि का अर्जन .
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय , लौंड़ी में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
2459
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
प्र. क्र. 38 - अ 82-2010-11 - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(6) (2)
(3)
(4)
(5)
4.583
टहनंगा
छतरपुर लौंड़ी
अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, लौंड़ी.
सिंहपुर बैराज परियोजना की रेखा डिस्ट्रीब्यूटरी नहर हेतु भूमि का अर्जन.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज परियोजना की रेखा डिस्ट्रीब्यूटरी नहर हेतु भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय , लौड़ी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 39 - अ 82-2010-11 - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
जिला
भूमि का वर्णन ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा अधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(2)
(5)
(6) (3)
(4)
4.223
छतरपुर लौंड़ी हंसपुरा
अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, लौंड़ी.
सिंहपुर बैराज परियोजना की हंसपुरा माईनर हेतु भूमि का अर्जन.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज परियोजना की हंसपुरा माईनर हेतु भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय , लौंड़ी में किया जा सकता है.
2460
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
प्र. क्र. 40- अ 82-2010-11-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1) (2)
(6) (3)
(4)
(5)
रेखा
4.924
लौंड़ी
छतरपुर
अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, लौंड़ी.
सिंहपुर बैराज परियोजना की रेखा डिस्ट्रीब्यूटरी नहर हेतु भूमि का अर्जन .
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है-सिंहपुर बैराज परियोजना की रेखा डिस्ट्रीब्यूटरी नहर हेतु भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय, लौंड़ी में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 41 - अ 82-2010-11 - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
जिला तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि का वर्णन ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा अधिकृत अधिकारी
(1) (2)
(3)
(6)
(5)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (4) .
पीरा
2.736
छतरपुर लौंड़ी
अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, लौंड़ी.
सिंहपुर बैराज परियोजना की रेखा डिस्ट्रीब्यूटरी नहर हेतु भूमि का अर्जन.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज परियोजना की रेखा डिस्ट्रीब्यूटरी नहर हेतु भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय , लौंड़ी में किया जा सकता है .
2461 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
प्र. क्र. 42 - अ 82-2010-11-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, के द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में )
(6) (1) (2)
(3)
(4)
(5)
1.760
चन्दला
छतरपुर
शंकरगढ़
अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, लौंड़ी.
सिंहपुर बैराज परियोजना की ब्रान्च कैनाल वितरक नहर हेतु भूमि का अर्जन.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- सिंहपुर बैराज परियोजना की ब्रान्च कैनाल वितरक नहर हेतु भूमि का अर्जन. ( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय , लौंड़ी में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 30 जून 2011
क्र. 1079 - भू-अर्जन- 2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
अनुसूची
भूमिका वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन जिला तहसील नगर/ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(5)
(3)
(2)
(4)
(6) (1) रीवा
1.86
पुरैनी 378
हुजूर
कार्यपालन यंत्री, अपर पुरवा नहर संभाग रीवा ( म . प्र. ) .
बाणसागर परियोजना अन्तर्गत चचाई वितरक नहर के खम्हरिया सबमाइनर नं. 1 में आने वाली भूमि के लिए भूमि पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
2462
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
क्र. 1081 - भू-अर्जन-2010-11 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : ---
अनुसूची
भूमिका वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(2)
(1) रीवा
(3) खम्हरिया
(4) 0.103
हुजूर
(5) कार्यपालन यंत्री , अपर पुरवा नहर संभाग रीवा ( म. प्र.) .
(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत चचाई वितरक नहर के खम्हरिया सबमाइनर नं. 2 में आने वाली भूमिके लिए भूमि पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 1083 - भू- अर्जन- 2010-11 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों काौ प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
अनुसूची
जिला
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन तहसील
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(1) रीवा
(3) लपटा
(4) 0.043
(2) हुजूर
(5) कार्यपालन यंत्री , अपर पुरवा नहर संभाग रीवा ( म. प्र. ) .
(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत चचाई वितरक नहर के अमवा सबमाइनर नं . 1 में आने वाली भूमि के लिए भूमि पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2463
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रायसेन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रायसेन , दिनांक 1 जुलाई 2011
प्र. क्र. 8 - अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने 5 में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन जिला तहसील
नगर/ग्राम
(1) (2)
(3)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(एकड़ में )
(4)
ख. न .
(5)
(6)
रकबा
अर्जित किया
जाने वाला रकबा
(एकड़ में)
रायसेन गौहरगंज
कनोरा
37/2
625
योग .
2.40
2.40
पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण भोपाल संभाग , भोपाल.
टीप.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण अनुविभागीय अधिकारी , गौहरगंज के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. सी. शुक्ला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला भोपाल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
भोपाल , दिनांक 1 जुलाई 2011
प्र. क्र. 16- भू.अ.- अ- 82-10-11- सात1. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम का नाम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल खसरा
नंबर अर्जित किया जाने
तहसील/ तालुका
वाले है
खसरा नं.
रकबा (हे.में. )
(1)
(2)
(4) भोपाल
(3) छत्तरी
बैरसिया/ भोपाल
0.410 0.340 1.000
7 8 9 (5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्रमांक 2 , विदिशा.
से 1508 फिट बढ़ाने हेतु. सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट 2464
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2)
(3)
(6)
(4)
(5)
10/2
0.170
11/2
0.120
12/2
0.050
13/2
0.300
10/1
0.460
0.940
12/1/1
0.360
13/1
0.050
12/1/2
0.600
0.440
16/1
16/3
0.200
17/1
0.260
17/3
0.870
16/2
0.780
17/2
0.620
0.600
19
20
0.360
योग : 8.930
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तहसील बैरसिया जिला भोपाल कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र.17- भू.अ. - ए- 82-10-11- सात1. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल खसरा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
नगर/ग्राम का नाम
नंबर अर्जित किया जाने
तहसील/ तालुका
वाले है
खसरा नं.
रकबा ( हे. में. )
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) भोपाल
8
1.000
चीलखेड़ा
9
बैरसिया/ भोपाल
1.000
कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्रमांक 2 , विदिशा .
10
0.700
सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.
11
0.310
13
0.440
15
1.610
17
0.280
67/21
0.250
34
1.390
35
1.700
2.000
36 भाग 1 ]
2465
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(1) (2)
(3)
(6)
(4)
(5)
21/2
0.740
0.260
21/1
3.170
22/1
0.050
23/1
0.700
0.480
19
22/2/1
1.000
22/2/3
0.300
23/2/1
0.945
25
0.600
27
0.620
28
0.420
29
1.000
0.570
30
31
1.000
32
0.560
33
0.530
50
0.430
43
0.160
44
0.160
48
0.110
0.150
46
49
1.320
0.200
51
59
0.330
53
0.280
54
0.640
0.210
57
58
1.010
61/1
0.290
61/2
0.295
0.840
63/1/1
63/1/2
0.800
63/2
1.200
योग :
32.050
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तहसील बैरसिया जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्र. क्र.18 - भू.अ. - ए - 82-10-11 - सात 1. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के 2466
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
नगर/ग्राम का नाम
लगभग क्षेत्रफल खसरा
नंबर अर्जित किया जाने
तहसील/ तालुका
वाले है
खसरा नं.
रकबा ( हे.में. )
(1) (2)
(3)
(5)
(6)
(4)
भोपाल
151
पिपलिया
1.330
152
बैरसिया/ भोपाल
0.080
जुन्नारदार
कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्रमांक 2 , विदिशा .
153
0.260
सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.
154
0.080
170
0.310
171
0.740
169
1.640
155
0.050
156
0.100
162
0.060
2.150
163
167
0.210
90
1.210
157
0.860
158
0.060
159
0.040
0.420
160
161
0.040
164
0.060
165
0.040
166
0.090
168
0.880
26
0.270
27
0.280
24
0.090
68
0.190
70
0.100
71
0.030
77
0.240
72
0.260
2.030
88
87
2.000
89
3.020
19.220
योग :
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तहसील बैरसिया जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , निकुंजकुमार श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2467
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिवनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सिवनी, दिनांक 31 मई 2011
क्र. 4003 - जि.भू.अ. - 2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- सिवनी रा.नि.मं. भोमा
(ग) ग्राम- बोथिया ब.नं. 437 , प.ह.नं. - 17/20 ( घ) लगभग क्षेत्रफल-1.10 हेक्टर.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टर में )
अशासकीय भूमि
(2)
(1)
24/2
0.02
27
0.16
28/1
0.05
0.27
28/3
32/2
0.32
41
0.08 योग . 0.90
शासकीय भूमि
42
0.02
40
0.09
37
0.08
35
0.01 योग .. 0.20
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है:- बोथिया जलाशय की नहर निर्माण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय कलेक्टर (भू-अर्जन ) सिवनी में किया जा सकता है.
क्र. 4004-जि.भू.अ. 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख ) तहसील- सिवनी रा.नि.मं. भोमा
(ग) ग्राम- भाटीवाड़ा ब.नं. 452 , प.ह.नं. -23 , (घ) लगभग क्षेत्रफल-5.75 हेक्टर .
अर्जित रकबा
खसरा नम्बर
(हेक्टर में)
अशासकीय भूमि
(1)
(2)
313
0.22
316/1
0.14
0.18
352
62
0.14
5/1
0.45
158
0.03
351
0.11
0.16
349
0.12
348
0.14
61
0.02
315
0.02
55/1
0.45
53
49
0.18
6/1
0.45
0.45
45
50/1
0.08
0.05
50/2
38/2
0.38
46/3
0.02
46/4
0.27
42/1
0.22
0.24
341
0.38
39
35
0.01
योग 5.05 2468
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2)
शासकीय भूमि
169
0.03
0.62
56
312
0.01
75
0.02
0.02
315
कुल योग .. 0.70
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है:- बोथिया जलाशय की नहर निर्माण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय कलेक्टर ( भू-अर्जन ) सिवनी में किया जा सकता है .
क्र. 4005 - जि.भू.अ. - 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- सिवनी रा.नि.मं. भोमा
(ग) ग्राम सरगापुर ब.नं. 537, प.ह.नं. - 23, (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.90 हेक्टर.
खसरा
अर्जित रकबा
नम्बर
(हेक्टर में)
अशासकीय भूमि
(1)
(2)
2
0.02
14/1
0.27
13
0.25
05
0.26
0.80
कुल योग .
शासकीय भूमि
01
0.05
04
0.05
कुल योग 0.10
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है:- बोथिया जलाशय की नहर निर्माण कार्य हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय कलेक्टर (भू-अर्जन ) सिवनी में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. कुलेश, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दतिया, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग दतिया, दिनांक 7 जून 2011
क्र. 20- अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है, उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- दतिया
(ख) तहसील- दतिया
(ग ) ग्राम- बडौनकला
(घ) लगभग क्षेत्रफल-11.99 हेक्टर .
अर्जित रकबा
खसरा नम्बर
(हेक्टर में )
(2)
(1)
1256
0.18
1292
0.15
1293
0.05
0.03
1294
0.13
1295
1296
0.06
1300
0.09 .
1347
0.02
1349
0.10
1350
0.09
1351
0.06
0.05
1493
1494
0.02
1499
0.09
1500/2
0.01
1505
0.15
0.21
1506 भाग 1 ]
2469
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2) 1510
0.11 1511
0.12 1512
0.06 1531
0.01 1532
0.10 1533
0.17 1666
0.06 1667
0.19 1669
0.10 1670
0.19 1680
0.11 1681
0.08 1683/1
0.05 1683/2
0.03 1743
0.19
0.05 1744
1746
0.23 1760
0.18 1835
0.04 1837
0.01 1846
0.13 1847
0.32 1852
0.16 1853
0.17 1858
0.16 1860
0.22 1875
0.32 1880
0.11 1881
0.12 1882
0.02 1887
0.05 1888
0.05 1889
0.03 1891
0.26 1892
0.05 1907
0.02 1909
0.01 2365
0.07 2367
0.01 2368
0.21 2372
0.16 2382
0.19 2383
0.15 2384
0.17 2390
0.19 2408
0.28 2409/1
0.05 2409/2
0.02
(2)
(1)
2416
0.24
2426
0.18
0.21
2427
2436
0.21
0.28
2447
2448
0.04
0.06
2449
2450
0.05
2451
0.01
2454
0.02
2455
0.17
2471
0.14
2472
0.30
0.22
2473
2495
0.08
0.22
2496
0.10
2498
2560
0.18
2561
0.19
0.10
2564/1
0.32
2565
2574
0.20
2584
0.14
2585
0.08
2586
0.09
2587
0.09
2588
0.07
0.01
2593
2594
0.05
0.22
2595
2596
0.19
2600
0.06
2601
0.10
2602
0.10
कुल योग 11.99
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता हैः- सिंध परियोजना आर.बी.सी. को ( महुअर नदी पश्चात्) की डी-9 डिस्ट्रीब्यूटरी की शाखा एल.एम. - 1 , एल.एम. -4, एल.एम.- 5 नहरों के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , भू-अर्जन शाखा कलेक्ट्रेट दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जयश्री कियावत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2470
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खरगोन, दिनांक 10 जून 2011
क्र. 934 - भू-अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है , उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त इन्दौर संभाग इन्दौर के पत्र क्रमांक- 233-05-कोर्ट - 11 - इन्दौर दिनांक 21 मार्च 2011 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4 ) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है.
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख ) तहसील- महेश्वर
(ग) ग्राम का नाम - पथराड़ खुर्द
(घ) लगभग क्षेत्रफल-42.707 हेक्टर.
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
139 पै
0.080
146
0.121
147
0.125
266
0.081
300
0.032
148, 149
0.513
282, 283
0.688
237/4
0.024
263
0.061
86
0.121
88
1.062
218/1 पै
218/2 पै
0.340
219/2
0.317
(2)
(1)
262
0.138
0.101
272/14
0.121
72/8
77/4
0.121
0.129
81/2
84/1
0.554
85/2
0.563
87
0.036
1.150
164 पै
0.332
167
291
0.089
0.400
173/3 पै
276/2,
277/2
0.073
128,
129
0.729
215 पै
0.300
265
0.178
156/2 पै
0.080
258
0.040
272/13
0.077
307,
308/3
0.113
54/1 पै
0.550
67, 68
0.619
73,
74
1.137
252
0.077
255/2,
0.117
278
0.081
169/1 .
169/3,
1.060
170 पै
257/2
0.044
0.053
286/1
237/6
0.016
297,
0.073
299/2
166/1
0.486 भाग 1 ]
2471
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2) 272/7
0.052 150/2 पै
0.020 72/3
0.243 72/6
0.081
0.243 77/2
143/2.
1.416 144
272/8
0.166 142
0.845 272/4,
0.089 273,
298/2
140/1 पै
0.330 305/1
0.049 55/1 पै
0.040
0.340 55/2 पै
133/2
0.251 296/3
0.024 57/2
0.263 126/3
0.073 216/1 पै
0.210 132/1,
132/2
0.821 133/1
0.554 134/1
0.587 296/1
0.049 253
0.105 272/12 क
0.069 27/2 पै ,
0.110 27/3 पै,
28/2पै,
28/3 पै
260/1
0.032 288/2
0.020 271
0.101 272/6
0.024 71/2
0.190
0.720 72/1
244/2
0.040 246
0.275
(2)
(1)
0.853
130/1 ,
134/2
130/2,
0.506
134/3
0.045
257/1
0.263
72/2
72/5
0.081
0.260
75/1/1
77/1
0.162
0.100
165 पै
75/2
0.255
90
0.227
0.016
299/4
0.235
145/3,
145/4
0.210
0.065
251
62/1 पै ,।
0.200
62/2
153 पै
0.400
0.440
140/2 पै
0.849
141
227/2
0.672
54/2
0.303
54/3
0.304
63/1,
0.809
63/2
75/1/3
0.097
80/2,
0.405
82/3
84/5
0.081
96/1 पै
0.240
288/3
0.057
161/5 पै,
162/1 पै,
0.596
163/1 पै
84/2
0.316
145/2
0.145
288/5
0.020
138/2
0.401
301
0.106 2472
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2) 313
0.089 314
0.073 52पै
0.340 81/1
0.134 83/1,
0.745 83/2,
85/1
84/4
0.081 84/3
0.081 93/2 पै
0.210 166/2
0.482 272/18
0.053 272/11
0.101 276/1
0.097 272/12 ग
0.032 75/1/2
0.218 152
0.518 154
0.251 173/2 पै
0.240 264,
272/3,
0.223 272/5
94/1 पै,
0.190 95/1 पै
96/2 पै
0.130 72/4
0.122 72/7
0.041 77/3
0.122 272/15
0.016 298/3
0.077 69,
0.939 70,
71/1
254/2
0.085 64/2
1.239 122/9 पै
0.030 56/2
0.287
0.097 126/1
131/1
0.295 131/3
0.300
(2)
(1)
277/5,
0.069
289/2
294,
0.113
299/3
178 पै
1.260
122/4 ख
0.310
पैकी
286/2
0.052
0.105
295
64/1
0.530
0.049
256
0.750
177 पै
272/2,
0.057
272/17
292
0.121
योग .. 42.707
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता हैः- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1. कलेक्टर जिला खरगोन, 2. भू- अर्जन अधिकारी महेश्वर जल विद्युत परियोजना मण्डलेश्वर मुख्यालय खरगोन, 3. कार्यपालन अभियंता (सिविल ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना /म.प्र.रा.वि.मं. , मण्डलेश्वर , 4. महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , केदार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .
खरगोन, दिनांक 25 जून, 2011
क्र. 996 - भू- अर्जन -11 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील- भीकनगांव भाग 1 ]
2473
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(ग) ग्राम पचम्बा
( घ) लगभग क्षेत्रफल-11.582 हेक्टर.
खसरा
रकबा
नम्बर
(हेक्टर में)
(1)
(2)
46
0.283
48
1.963
49
2.222
50/1
0.437
52/1
1
0.809
52/2
52/1/2
0.534
52/2
54/1
1.262
54/2
1.012
54/3
1.741
54/4
0.495
54/5
0.358
55
0.466
योग . 11.582
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है:- लाखापुरा तालाब के शीर्ष कार्य निर्माण हेतु डूब भूमि की आवश्यकता.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर खरगोन भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) भीकनगांव व कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, खरगौन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग सागर, दिनांक 15 जून 2011
क्र. 4795- (क) प्र. भू-अर्जन-2011. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: --
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख ) तहसील- मालथौन
(ग) ग्राम- अटाकर्नेलगढ़
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-6.96 हेक्टर .
खसरा
क्षेत्रफल
नम्बर
(हेक्टर में )
(2)
(1)
0.21
46/1
0.16
164/1
44/2
0.01
0.14
46/2
164/2
0.02
36/1
0.20
42/2
0.26
38/2
0.16
34
0.03
0.04
42/3
0.15
37
35
0.34
231
0.05
36/2
0.14
1.60
33
0.12
160
225
0.19
0.04
174
162
0.24
158
0.03
0.03
161/1
0.22
171/1
0.05
172/2
173
0.06
175
0.01
169
0.09
0.04
155
0.03
161/2
0.15
171/2 2474
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2)
223/1
0.16
170
0.18
41
0.33
45
0.50
166
0.40
165
0.05
223/2
0.03
230/1
0.15
232/1
0.01
228
0.08
230/2
0.12
229
0.13
232/2
0.01
6.96
योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता हैः-सागर ललितपुर मार्ग पर ग्राम अटाकर्नेलगढ़ में अंतर्राज्यीय एकीकृत जांच चौकी निर्माण कार्य हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) खुरई में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रतलाम , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रतलाम, दिनांक 20 जून 2011
संशोधन
क्र. 3155 - भू-अर्जन. 2011 - प्र. क्र. 4- अ- 82-2010- 11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता हैः--
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रतलाम
(ख) तहसील- पिपलोदा
(ग) नगर/ग्राम - पाड़लिया हसन
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.104 हेक्टर .
सर्वे
रकबा
नम्बर
(हेक्टर में)
(2)
(1)
268/1
0.240
125/2
0.310
125/3
0.390
286/6
0.328
278
0.070
308/1/3
0.100
308/6
0.006
399
0.200
308/2
0.100
309
0.040
310
0.020
0.020
308/4
308/5
0.030
0.030
283
285/1
0.030
288/2
0.030
0.030
286/3
0.030
286/4
0.060
289/1
283/423
0.040 योग .. 2.104
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन.- लेबड़ नयागांव एन . एच. (79) मार्ग के फोरलेन में छूटे गये सर्वे नम्बरों की भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि का नक्शा व ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड जावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2475
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर , दिनांक 22 जून 2011
प्र. क्र. 82 -अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- गौरिहार
(ग ) ग्राम- खड्डी
(घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि -0.130 हेक्टर.
खसरा
अर्जित रकबा
नम्बर
(हेक्टर में)
(2)
(1)
4231
0.130
कुल .. 0.130
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता हैः- चन्दला सरबई मटोंध मार्ग पर केल पुल पहुंच मार्ग किलोमीटर 31/4 ( पूरक प्रकरण ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शों ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. -01-82 - अ- 82-2010-11. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- राजनगर
(ग) नगर/ग्राम बसारी
(घ ) लगभग क्षेत्रफल 35.357 हेक्टर.
खसरा
नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.100
1143/2
1144
0.075
0.089
1145
0.085
1149
1150
0.100
1142/2
0.480
0.205
1143/1/2
1160/1
0.005
0.055
1164/1
0.450
1141
1140
0.660
1139
0.030
0.050
1138/2
1170
0.150
1171/2
0.200
1172
0.150
1171/1
0.290
0.350
1087
1220
0.110
0.470
1086
1046
0.010
1045/1
0.270
1085
0.730
1218
0.610
0.080
1233/1
0.050
1237/1
1237/2
0.050
1230/1
0.020
1026
0.134
1.896
1031/1
1228
0.090
1225
0.410
1227/1
0.795
0.250
1224/1
1227/2
0.305
0.480
1317/1
1317/2
0.400 2476
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2) 1319
0.060 1318
0.060 1340/2
0.400 1341/1
0.170 1340/3
0.400 1341/2
0.170 1397
0.120 1398/2
0.010 1342
0.250 1380
0.360 1381
0.240 1343
0.240 1393
0.090
0.160 1391
1392
0.150 1363
1.390 1364
0.060 1344
0.400 1345
0.500
0.247 1369/1
1346/1
0.450 1367
0.240 1370
0.010 1371
0.012 1368
0.008 1378
0.340 1379
0.032 1717
0.050 1718
0.080 1748
0.140
0.460 1749
1750
0.039
0.420 1751
1753
0.450 1754
0.016 2833/1
0.095 2832/1
0.138 2831/1
0.003 2836/1
0.107 2833/2
0.095 (1)
(2)
2832/2
0.137
0.003
2831/2
2836/2
0.108
2831/3
0.006
2833/3
0.190
2832/3
0.275
2836/3
0.215
0.070
2950/1
2949
0.090
3001
0.800
3013/1/1
0.385
3011/1
0.075
3012/1
0.045
3013/1/2
0.385
3011/2
0.060
3012/2
0.044
0.025
3005/1
3007
0.600
3010
0.580
3022
0.690
3025
0.600
0.305
3028/1
3034/1
0.594
3035/1
0.045
3034/3
0.594
3035/3
0.045
3036
0.080
3037
1.000
3039
0.180
3042
0.640
3046
0.960
3044
0.965
3045
0.085
1089
0.070
3027/1/1
0.320
3027/1/3
0.400
3041/1
0.940
3041/2
0.470
1207
0.230
0.030
1208 भाग 1 ]
2477
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2)
1346/2
0.430
1369/2
0.247
1716
0.900
2953/3अ
0.320
0.200
2953/2/2अ
0.200
2953/2/3अ
2953/2/1 अ
0.240
1148
0.015
3008
0.025
1088
0.070
1226
0.028
योग 35.357
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है:- ललितपुर - खजुराहो नई बड़ी रेल लाईन निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी/ अनुविभागीय अधिकारी , राजनगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. - 02-82 - अ-82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह. घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयेजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील-राजनगर
(ग) नगर/ ग्राम- कदौहाँ
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 36.625 हेक्टर.
खसरा
अर्जित रकबा
नम्बर
(हेक्टर में)
(1)
(2)
95
0.150
0.275
96/3
96/4
0.075
115/1
0.330
(2)
(1)
117
0.630
0.850
118
2.620
144
147
1.450
0.050
148
1.500
149
0.117
150
151
0.109
0.530
153
0.630
154
0.100
160
161
0.015
1.345
813
1955
0.030
485
0.100
486
0.030
0.250
511
0.055
527
0.057
512
513
0.142
0.089
514
0.050
515
0.018
516
0.105
519
0.154
520-
0.012
521
0.057
522
0.040
523
524
0.015
0.003
525
0.100
526
0.030
531
0.030
780
0.120
812
0.739
814
818
0.015
0.016
819
0.015
820
822
0.010
0.880
953 2478
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2) 1084
0.160 1085
0.750 954
0.160 955
0.100 956
0.117 957
0.140
0.030 958
959
0.009 961
0.300 962
0.010 963
0.405 1044
0.290 1049/2
0.140 1050/2
0.012 1956/3/3
0.940 1086
0.100
0.150 1062
0.002 1063
1070
0.045 1071
0.340 1072
0.065 1079
0.540 1080
0.134 1956/2
0.540 1074/1
0.200 1075/1
0.111 1076/1
0.194 1077/1
0.015 1909/1
0.008 1074/2
0.038 1075/2
0.112 1076/2
0.106 1081
0.180 1930
0.002
0.005 1931
1933
0.240 1936
0.800 1940/1
0.400 1940/2
0.700 1946/1
0.030 1952/1
0.190 (1)
(2)
0.280
1947
0.440
1948
0.270
1953
1957/ 1 ख
0.225
0.550
1957/2
0.540
1956/3/1
1973/1/1
0.100
0.340
1045
1956/3/2
0.540
0.400
1973/1/2
0.050
1048
1049/1
0.147
0.100
1050/1
2307
0.095
2310
0.190
2313
0.001
2316
0.138
0.175
2321
0.093
2326
2324
0.146
0.200
2311
0.001
2314
0.105
2315
2327
0.097
0.045
2328
0.107
2312
2317
0.154
2320
0.045
0.040
2325
0.297
2330/1
2330/2
0.040
0.060
2332/2
0.770
2331
1805/2
0.030
1806
0.110
1808
0.075
1807
0.580
1.270
1787
1810/4
0.050
1809/2
0.230
1809/1
0.230 भाग 1 ]
2479
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(2) (1)
1810/3
0.060 1809/3
0.020 1810/1
0.320 1810/2
0.060 1813/1
0.040 1689
0.050 1690
0.166 1704
0.050 1706
0.160
0.002 1708
1709
0.090 1710
0.109 1711
0.050 1712
0.002 1714
0.003 1715
0.050 1716
0.138 1717
0.113 1718
0.089 1720
0.045 1721
0.089 1722
0.160 1723
0.100
0.030 1726
1727
0.002 1728
0.120 1729
0.089 1730
0.089 1731
0.198 1732
0.117 1733
0.060 1780
0.190 1781
0.045 1789
0.300 1790
0.010 1741/1
0.201 1768/3/1
0.015 1688/1
0.175 1741/2
0.100
(2)
(1)
1688/2
0.175
1742
0.060
0.020
1768/1
1783
0.060
0.002
1661
1687
0.300
2503/1718
0.097
0.100
2505/797
योग .. 36.625
(2 ) ललितपुर - खजुराहो नई बड़ी रेल लाईन निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा प्लान का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी / अनुविभागीय अधिकारी राजनगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
छतरपुर, दिनांक 30 जून 2011
प्र. क्र. - 43 - अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- गौरिहार
(ग ) ग्राम- चकसरबई
(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-1.062
खसरा
अर्जित रकबा
नम्बर
(हेक्टर में)
(1)
(2)
0.11
12
0.13
13/2
0.042
14
20
0.124
21/1
0.008
21/2
0.152
0.008
24/1
24/2
0.008
0.170
25/1 2480
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(2)
(1)
25/2
0.010
32
0.062
33
0.075
34
0.118
37/2
0.045
1.062
कुल रकवा .
(2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सरबई नं . 1 वितरक नहर की किशोरीपुखरी माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है .
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. -49- अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- गौरिहार
(ग) ग्राम-सिंहपुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-8.276
अर्जित रकबा
भू-अर्जन
खसरा नम्बर
(हेक्टर में)
(1)
(2)
42/1
0.078
43/1
0.056
44/1
0.104
47
0.010
48
0.032
130
0.074
132/1/2
0.108
132/2
0.028
133/3
0.080
136/1
0.020
(2)
(1)
137/1
0.010
137/2
0.014
0.020
170/1
0.095
170/2/1 क
170/2/1 ख
0.045
172/1
0.008
0.202
174
175/6
0.228
175/8/1
0.048
0.046
175/8/2
182
0.078
0.216
183/1
0.028
183/2
0.084
183/3
197
0.258
0.024
198/2
0.003
198/3
198/4
0.032
0.024
204/1/1
0.022
204/1/2
0.042
204/1/3
0.108
204/2
0.096
205/1
205/2
0.136
0.110
205/3
205/4/1
0.016
0.064
205/4/2
205/4/3
0.032
0.036
205/4/4
206/1
0.040
228/2
0.176
229/2
0.040
232
0.232
0.096
233
306
0.210
310
0.252
0.096
311
312
0.116
313
0.110
0.360
314
315
0.172
316/2/1
0.130 भाग 1 ]
2481
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(2)
(1)
316/2/2
0.145
317
0.345
335
0.176
337
0.103
338
0.145
339
0.141
340/1
0.020
353
0.285
354
0.040
368
0.235
412/1
0.125
412/2
0.120
0.230
417
418/1
0.205
419/1
0.116
419/2
0.116
419/3
0.120
591
0.024
594
0.089
597
0.272
598/1
0.030
598/2
0.108
598/3
0.108
600/1
0.034
600/2
0.135
603
0.022
607/1
0.042
योग. 8.276
( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की पचवरा वितरक नहर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है .
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है .
प्र. क्र. - 66- अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की, सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- गौरिहार
(ग) ग्राम- गोयरा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-10.999
भू-अर्जन
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
सिंगारपुर वितरक नहर
(1)
(2)
0.160
768
0.007
769
770/1
0.073
770/2
0.093
0.044
770/3
770/4
0.044
775
0.019
0.038
777
0.156
790/1
0.104
790/2
791/1
0.011
0.038
793/1
0.068
794/2
0.146
797
0.263
798
799
0.078
800/2
0.093
0.282
801
0.024
803/2
804
0.072
योग .. 1.813
कंदैला बांयी माइनर क्र. 1
( सिंगारपुर वितरक नहर )
(1)
(2)
1256
0.345
0.070
1257/1
1257/2
0.161 2482
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(2) (1)
1258
0.021 1260/1
0.029 1260/2
0.016 1261/1
0.025 1261/2
0.097 1262/1
0.026 1266/3
0.096 1266/4
0.010 1266/5
0.020 1267
0.057 1273
0.070 1274/1
0.153 1275
0.080 1276
0.035 1277
0.122
योग 1.433
गोयरा माइनर
(रामपुरघाट वितरक नहर ) (1)
(2) 669
0.121 670
0.057 671
0.029 673
0.079 674
0.021 726
0.025 727
0.108 728
0.048 729
0.048 730
0.076 751
0.102 752/1
0.026 752/2
0.031 752/3
0.044 756/2
0.153
0.066 759/2/2
760
0.081 761
0.128 762
0.024 779/1
0.064 779/3
0.022
(2)
(1)
0.067
783
0.096
844
845
0.036
0.033
846/1
846/2
0.012
847
0.057
853
0.051
854/2
0.028
0.006
855
0.049
858/1
0.128
858/2
876
0.078
0.026
877
878
0.076
0.036
879
0.050
880
881
0.019
954
0.045
2532/868
0.038
योग 2.284
माइनर नं.- आर 3 ( रामपुरघाट वितरक नहर से )
(2)
(1)
0.006
302
303
0.053
304
0.097
305/3
0.044
517
0.064
0.336
519
0.015
525
0.102
526/1
527
0.077
528
0.057
529
0.115
0.081
531
533
0.150
534
0.016
योग . .1.213 भाग 1 ]
2483
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
गोयरा बांयी सब-माइनर नं. 1 ( ठकुराइनपुरवा माइनर नं. 2 ) (1)
(2) 1821
0.062 1822
0.141 1824/1
0.018 1824/2/1
0.040 1824/2/2
0.041 1824/3
0.088 1825
0.040 1854
0.012 1863/2
0.020 1864
0.076 1865/1
0.108 1865/2
0.090 1879
0.089 1880
0.062 1882
0.014 1883
0.063 1884
0.019 1885
0.037 1886
0.012 1887
0.049 1907
0.048 1908
0.049 2307
0.070 2308
0.140 2310
0.060 2312
0.104 2313
0.072
योग . .1.624 गोयरा दांयी सब-माइनर नं. 1 (ठकुराइनपुरवा माइनर नं. 2 ) (1)
(2) 1795
0.004 1796
0.080 1802
0.048 1803
0.003 1807
0.076 1808
0.008 1812
0.198 1813
0.075 1815
0.112
(2)
(1)
1816
0.105
1817/1
0.028
0.076
1817/2
0.009
1817/3
0.045
1818/1
1818/2
0.008
0.086
1819
1821
0.041
0.099
2395
2396
0.051
2397
0.051
0.070
2398/1
0.070
2398/2
योग 1.343
गोयरा बांयी सब - माइनर नं. 2
( ठकुराइनपुरवा माइनर नं. 2 )
(2)
(1)
1848
0.096
1849
0.006
1850
0.014
1857
0.192
0.046
1859
2297/3/1/1
0.128
0.038
2297/3/1/2
0.083
2297/3/1/3
2299
0.102
2300
0.061
0.006
2328/2
0.007
2329/1/1
0.086
2329/1/2
2329/2
0.096
2330
0.024
0.057
2331
2338
0.077
2340
0.116
0.054
2341
10.999
कुल योग
(2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सिंगारपुर वितरक नहर एवं कदैला बांयी माइनर एवं रामपुरघाट वितरक नहर की गोयरा , आर -3 माइनर और ठकुरनपुरवा माइनर नं. 2 की गोयरा दांयी सबमाइनर एवं 2484
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
गोयरा बांयी सबमाइनर क्र. 1 व 2 के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है .
प्र. क्र. - 68- अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयेजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- गौरिहार
(ग ) ग्राम- कुर्मिनपुरवा
(घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-1.455 हेक्टर खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
गुमानपुर मरकटहार माईनर
0.160
3
4
0.077
18/1
0.128
18/2
0.051
योग .. 0.416
कुरमिनपुरवा माईनर
27
0.086
28
0.041
49/1
0.089
49/2
0.032
50/2
0.137
52
0.128
53/1
0.048
56/2
0.002
59
0.105
415/2
0.093
415/3
0.061
(2)
(1)
418/1
0.077
418/2/1
0.115
418/2/1/1
0.025 1.039 महायोग .. 1.455
(2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की हाजीपुर वितरक नहर की कुर्मिनपुरवा माइनर एवं गुमानपुर मरकटहार माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. - 70 - अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील-गौरिहार
(ग) ग्राम- बछेडाखेडा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-2.192 हेक्टेयर खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2)
(1)
हाजीपुर माईनर
121
0.018
123
0.166
140
0.080
142
0.029
143/1
0.102
143/2
0.024
0.115
144
147
0.038
148
0.153
152
0.214 योग 0.939 भाग 1 ]
2485
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
बछेडाखेडा माईनर
(1)
(2)
15/2
0.260
51
0.173
74/1
0.179
75
0.038
87/1
0.025
87/2
0.128
90
0.109
91
0.011
92
0.103
योग .. 1.026
हाजीपुर वितरक नहर
(1)
(2)
9/1
0.035
155/8/2
0.192
योग .. 0.227 महायोग 2.192
( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की हाजीपुर वितरक नहर की हाजीपुर माइनर एवं बछेडाखेडा माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. - 76 - अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयेजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- गौरिहार
(ग) ग्राम- रामपुरघाट
(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-0.543 हेक्टेयर खसरा नं .
अर्जित रकबा (हेक्टर में )
(1)
(2)
231/1
0.288
0.080
231/11
(1)
(2)
245
0.137
246
0.038 योग 0.543
( 2) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सिंगारपुर वितरक नहर की आर. 7 के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. - 77- अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-छतरपुर
(ख) तहसील-गौरिहार
(ग) ग्राम-फतेहपुर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-0.370 हेक्टेयर खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
425
0.074
0.064
426
427
0.232
योग .. 0.370
( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सिंगारपुर वितरक नहर की आर. 7 के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. - 78 - अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , 2486
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- गौरिहार
(ग) ग्राम- गुमानपुर मरकटहार
(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-0.893
खसरा
नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टर में )
(2)
(1)
25
0.100
46
0.072
47
0.038
0.090
48
49
0.070
53
0.077
54
0.173
106/1
0.051
108/1
0.016
109
0.053
111
0.054
114
0.006
115
0.093
योग .. 0.893
(2) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की हाजीपुर वितरक नहर की गुमानपुर मरकटहार बांयी माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है .
प्र. क्र. - 79- अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील-गौरिहार
(ग) ग्राम-राजौरा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-3.853
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
26
0.168
28
0.176
0.050
29
33
0.004
0.005
34
0.010
35
42
0.026
0.117
43/2
45
0.041
47
0.103
0.045
48
0.045
49
50
0.102
0.025
51/2
52
0.002
230
0.078
0.076
231
0.072
232/2
233
0.058
0.065
240/1
240/2
0.070
243
0.014
244
0.106
246/2
0.016
253/1
0.095
253/3
0.102
254
0.145
270
0.120
0.068
271
0.076
272 भाग 1 ]
2487
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2)
283/1
0.012
293/1
0.105
293/2
0.110
295
0.002
296
0.162
366
0.018
367
0.230
368/1
0.070
369
0.146
370
0.040
383
0.288
406
0.135
407
0.065
0.220
411/1/2
412/2
0.170
योग .. 3.853
(2) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सरबई नं. 1 वितरक नहर की राजौरा माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है .
( 3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है .
प्र. क्र.- 81 - अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: --
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-छतरपुर
(ख) तहसील-गौरिहार
(ग) ग्राम-ओदी
( घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-5.557
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा
(हेक्टर में)
(1)
(2)
177
0.142
178
0.132
(1)
(2)
0.130
179
185
0.078
187
0.016
228
0.162
229/4/2
0.310
0.070
229/4/3 में से
0.140
231
236
0.138
251
0.125
0.106
252
253
0.132
254
0.042
264
0.092
0.192
274
0.092
275
276
0.070
293
0.077
296
0.291
300
0.008
301
0.245
0.102
314/1
315
0.008
317
0.008
321
0.012
0.080
321/2
328
0.164
329
0.142
333
0.108
0.080
334/1
334/2
0.012
335
0.100
336
0.080
337
0.162
345
0.048
346
0.052
347
0.125
352
0.160
0.188
353
354
0.042
355
0.006
356
0.092 2488
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2)
357
0.094
358
0.005
426
0.185
427
0.184
428
0.122
429
0.160
0.062
430
440/275
0.092
442/342/1
0.080
442/342/2
0.012
योग .. 5.557
( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सरबई नं. 1 वितरक नहर की ओदी माइनर 1 , 2 एवं ओदी सबमाइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग जबलपुर, दिनांक 24 जून 2011
क्र. 7- अ- 82-10-11 - भू.अ.अ. इकाई क्र.1.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) एवं अधिनियम क्र. 68 सन् 1984 की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन- हथलेवा माइनर निर्माण हेतु.
(क) जिला- जबलपुर
(ख) तहसील-मझौली
(ग) ग्राम- लमकना, प.ह.नं. 58 नं. ब. 687 तह. मझौली.
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.09 हेक्टेयर
खसरा
रकबा
नम्बर
(हेक्टेयर में)
(1)
(2)
513/3
0.09 कुल योग .. 0.09
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है के कारण :- हथलेवा माइनर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी , रा.अ.बा. सागर परियोजना इकाई क्र. 1 , बरगी हिल्स , जबलपुर में किया जा सकता है .
क्र. 8 अ- 82-10-11- भू.अ.अ. इकाई क्र. 1.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) एवं अधिनियम क्र. 68 सन् 1984 की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन- बटरंगी नहर निर्माण हेतु.
(क) जिला- जबलपुर
(ख) तहसील- सिहोरा
( ग ) ग्राम- बटरंगी, प.ह.नं. 58 नं. ब. 486 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.19 हेक्टेयर
खसरा
रकबा
नम्बर
(हेक्टेयर में )
(2)
(1)
189
0.19 कुल योग 0.19
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है के कारण :-बटरंगी नहर निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी , रा.अ.बा. सागर परियोजना इकाई क्र. 1 , बरगी हिल्स, जबलपुर में किया जा सकता है .
क्र. 20 अ- 82-08-09- भू.अ.अ. इकाई क्र.1.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) भाग 1 ]
2489
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन- मगरमुंहा माइनर नं. 3 के निर्माण हेतु.
(क ) जिला- जबलपुर
(ख ) तहसील - शहपुरा
(ग ) ग्राम- मगरमुंहा, प.ह.नं. 58 नं. ब. 339 ( घ) लगभग क्षेत्रफल ( एक बोर बारो एरिया स्थित ) खसरा
रकबा
नम्बर
(हेक्टेयर)
(1)
(2)
351
1 बोर ( बारो एरिया में स्थित ) (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी , रा.अ.बा. सागर परियोजना इकाई क्र. 1 , बरगी हिल्स, जबलपुर में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गुलशन बामरा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला अशोकनगर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग अशोकनगर, दिनांक 25 जून 2011
क्र. 26 अ- 82 - भू-अर्जन- 07-08. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि, की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है , अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-अशोकनगर
(ख ) तहसील- अशोकनगर
(ग ) नगर/ ग्राम- छपराई माफी प.ह.नं. 20
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.450 हेक्टेयर.
सर्वे
नम्बर
प्रस्तावित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
43
0.021
46
0.356
53
0.073
0.450
योग
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है :-अशोकनगर पिपरई मार्ग का निर्माण हेतु स्थायी अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , लोक निर्माण विभाग, अशोकनगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग मनावर, दिनांक 25 जून 2011
क्र. 870 - वाचक- प्र . क्र. 01-अ-82-2010-11 संशोधित अधिसूचना. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- धार
(ख) तहसील-मनावर
(ग ) ग्राम- कवठी ( पूरक प्रकरण )
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.745 हेक्टर .
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टर में )
(2)
(1)
10
0.200
35/1
0.090
0.080
35/2 2490
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(2)
(1)
35/3
0.080
35/4
0.050
35/5
0.040
0.405
37/2, 44
29
0.385
0.280
18, 20/3/1
0.220
136/1/3/1 , 136/3/3/1
0.260
86/2 , 90/2 , 95/2
0.085
273/2/2 , 274/2/2
255/7/2
क
271/1
0.145
271/2/1/1
0.220
240/1/2
240/1/1/1 ,
85/1/1
0.205
योग : 2.745
आवश्यक ता (2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये है- ओंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर आर.डी. 145000 मी. से निकलने वाली डी. व्हाय. 16 एवं डी.एम. 73 की माईनरों के निर्माण हेतु .
( 3 ) भू- अर्जन की धारा 6 के अंतर्गत अर्जन कार्यवाही हेतु आदेशित किया जाता है.
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , कलेक्टर, जिला धार एवं भू- अर्जन अधिकारी सरदार सरोवर परियोजना मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नंर्मदा विकास संभाग क्रमांक-30 मनावर जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .
धार, दिनांक 27 जून 2011
क्र. 6846 - भू- अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-धार
(ख ) तहसील-सरदारपुर
(ग) ग्राम- इडरिया
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.300 हेक्टर.
सर्वे
अर्जन हेतु प्रस्तावित
क्षेत्रफल
क्रमांक
(हेक्टर में)
(2)
(1)
0.090
430/3
433/3
0.010
0.080
433/4
0.080
433/5
0.040
431/1
योग : 0.300
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- मकोड़ा नाला तालाब अंतर्गत नहर निर्माण में प्रभावित होने से.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी सरदारपुर तथा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग मनावर जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
क्र. 6851 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि , नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- धार
(ख ) तहसील- सरदारपुर
(ग) ग्राम- अमझेरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.950 हेक्टर.
सर्वे क्रमांक
अर्जन हेतु प्रस्तावित क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(1)
(2)
0.220
473
475
0.100
476
0.170
477
0.110
478
0.220 भाग 1 ]
2491
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2)
0.070
479
480
0.060
0.950
योग :
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-मकोड़ा नाला तालाब अंतर्गत नहर निर्माण में प्रभावित होने से.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी सरदारपुर तथा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग मनावर जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
धार, दिनांक 29 जून 2011
क्र. 6898 -- भू- अर्जन -- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो चुका है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-धार
(ख) तहसील- कुक्षी
(ग ) ग्राम- घटबोरी
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 15.660 हेक्टर.
अधिग्रहण हेतु
प्रस्तावित रकबा
सर्वे नम्बर
( हेक्टर में )
(1)
(2)
186/1
0.166
0.115
188/1
188/4
0.344
188/5
0.493
137
0.105
209/1
0.459
235
0.276
199/1
0.460
135/2
0.053
207/1/2
0.183
0.300
207/2
205/1
0.460
(2)
(1)
0.158
204/2
205/3
0.250
201/3
0.092
0.276
198
0.551
199/3
0.170
230/1
0.170
232
233
0.170
0.230
236/1
0.100
299/2/2
0.300
299/2/3
0.130
299/2/7
0.122
300/1/1
0.460
290/1
0.161
299/1
0.042
303/5
306/6
0.104
0.114
303/7
0.229
306/8
0.115
303/8
303/10
0.124
0.320
306/7
305/2
0.092
0.328
479/2
0.367
455/4/1
480/4
0.157
0.278
481
543/15
0.554
0.402
470/1
0.230
471
0.080
469
0.010
473
474
0.414
459/3
0.435
456
0.315
0.229
477/1
0.435
459/1
455/4/2
0.367
0.100
300/1/2
0.305
480/1
0.125
501
0.275
480/3
497/2
0.276
486/5
0.315 2492
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2)
486/3/1
0.100
486/3/2
0.100
486/3/3
0.100
486/3/4
0.100
486/4
0.344
486/3/5
0.100
123/1
0.072
129
0.239
0.179
122
130
0.197
135/1/1
0.238
योग : 15.660
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- थाना सिंचाई तालाब नहर निर्माण से प्रभावित होने से .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय कुक्षी जिला धार एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 धार, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
क्र. 6903 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो चुका है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-धार
(ख) तहसील- कुक्षी
(ग ) ग्राम- नीमखेड़ा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.870 हेक्टर.
सर्वे नम्बर
अधिग्रहण हेतु प्रस्तावित रकबा
(हेक्टर में)
(1)
(2)
76/3
0.092
81/3
0.334
117/3
0.068
104
0.206
80/2
0.200
(2)
(1)
81/1/1
0.305
120/3
0.422
117/2/2
0.040
120/2
0.421
158/2
0.436
0.033
117/2/1
120/1
0.422
0.288
114
0.135
112
172/2
0.012
172/3
0.200
171/1
0.164
0.092
168
योग : 3.870
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- थाना सिंचाई तालाब नहर निर्माण से प्रभावित होने से.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय कुक्षी जिला धार एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 धार, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
क्र. 6908 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो चुका है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- धार
(ख ) तहसील- कुक्षी
(ग ) ग्राम- थाना
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.728 हेक्टर.
सर्वे नम्बर
अधिग्रहण हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.923
43
57
0.689
0.069
61 भाग 1 ]
2493
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(2)
(1)
67/1/3
0.160
66/2
0.137
65
0.367
77/2
0.034
77/3
0.039
79
1.310
योग : 3.728
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- थाना सिंचाई तालाब नहर निर्माण से प्रभावित होने से.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन कार्यालय कुक्षी जिला धार एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 धार, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
क्र. 6913 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो चुका है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- धार
(ख) तहसील- कुक्षी
(ग ) ग्राम- बेकल्या
(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.921 हेक्टर.
सर्वे नम्बर
अधिग्रहण हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
66/1
0.345
68/2
0.257
66/1
0.188
63/2
0.134
65/2
0.042
61
0.102
75/1
0.240
75/2
0.240
87
0.120
88
0.323
(2)
(1)
128/1/2
0.421
129/2
0.100
124/1
0.314
127/2
0.100
124/3
0.314
127/1
0.061
131
0.236
137/2
0.108
138/2
0.270
141/1
0.314
0.208
140/1
138/1
0.090
256
0.411
252
0.035
0.550
254
260
0.068
270/2
0.330
205/2
0.215
207/1
0.179
0.134
206
38/2
0.281
40
0.191
योग 6.921
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- थाना सिंचाई तालाब नहर निर्माण से प्रभावित होने से .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन कार्यालय कुक्षी जिला धार एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 धार, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला बैतूल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग बैतूल, दिनांक 27 जून 2011
प्र. क्र. 1 - अ- 82 - वर्ष 2010-11 - भू-अर्जन-4765. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन 2494
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला--- बैतूल
(ख) तहसील- मुलताई
(ग ) नगर/ग्राम-बिसनूर
(घ ) पटवारी हल्का नम्बर-119
(ङ) लगभग क्षेत्रफल-0.110 हेक्टर
खसरा नम्बर
रकबा
(हेक्टर में)
(1)
(2)
55/2
0.110
योग .. 0.110
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पचधार जलाशय बांध में आने वाली निजी भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला- बैतूल एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री ( जल संसाधन क्र. - 2 , बैतूल ) के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 2 - अ- 82 - वर्ष 2010-11-भू-अर्जन-4764.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बैतूल
(ख ) तहसील- मुलताई
(ग) नंगर/ग्राम- पचधार
(घ ) पटवारी हल्का नम्बर 118
(ङ) लगभग क्षेत्रफल-9.248 हेक्टर
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.121
181/6
181/7
0.121
0.053
177/3
0.067
177/6
177/2
0.080
177/4
0.440
0.210
177/1
0.214
173/2
0.366
173/1
0.050
168/1
0.110
166/3
0.010
166/4
166/5
0.120
0.060
166/1
166/2
0.252
0.380
158
0.040
161
0.460
162
0.040
141/2
0.200
157/2
156/3
0.150
0.170
157/1
0.270
154/2
0.350
151
0.607
153/2
0.320
150
0.135
147/3
147/1
0.025
148
0.100
0.060
146
0.060
133/1
0.265
145
0.202
136/3
0.400
70/4
78
0.500
85
0.302
79
0.210
80
0.040 भाग 1 ]
2495
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2)
81/3
0.081
81/4
0.050
83/1
0.342
84
0.430
159/2
0.256
159/4
0.011
159/6
0.206
159/8
0.040
159/5
0.126
159/9
0.146
9.248
योग
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पचधार जलाशय नहर में आने वाली निजी भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , कलेक्टर ( भू-अर्जन ) , जिला- बैतूल एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री ( जल संसाधन क्र. - 2 , बैतूल ) के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
प्र. क्र. भू-अर्जन- 2-अ-82-2010-11-4771.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बैतूल
(ख) तहसील- बैतूल
(ग ) नगर/ ग्राम - बड़गीबुजुर्ग
( घ ) पटवारी हल्का नम्बर-30
(ङ) लगभग क्षेत्रफल 1.817 हेक्टेयर
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
15
0.250
16
0.057
88
0.041
(2)
(1)
80
0.180
0.760
82/3
102/3
0.065
102/4
0.161
111
0.303
योग 1.817
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. -गौली बड़गी जलाशय नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री जल संसाधन क्र. - 2 , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
प्र. क्र. भू-अर्जन-3-अ-82-2010-11-4772.--चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
. ( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बैतूल
(ख ) तहसील - बैतूल
(ग ) नगर/ग्राम-रावणवाड़ी
(घ ) पटवारी हल्का नम्बर-30
(ङ) लगभग क्षेत्रफल-0.775 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
193
0.128
0.080
194
197
0.567
योग .. 0.775
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है:- गौली बड़गी जलाशय नहर निर्माण हेतु निजी भूमि काअर्जन.
2496
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री जल संसाधन क्र. - 2 , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
बैतूल, दिनांक 29 जून 2011
प्र . क्र. भू-अर्जन-1-अ- 82-2010-11-4827.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बैतूल
(ख) तहसील-बैतूल
(ग) नगर/ग्राम- सिल्लौट
(घ) पटवारी हल्का नम्बर-30
(ङ) लगभग क्षेत्रफल-6.059 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
रकबा
(हेक्टर में)
(1)
(2)
511
0.080
524
0.132
523/2
0.080
516
0.251
517
0.260
506/1
0.255
503/1
0.162
503/2
0.085
367
0.045
358
0.150
361
0.101
368/1
0.132
368/5
0.132
370
0.220
463
0.220
459
0.178
(2)
(1)
460
0.005
462
0.175
0.661
448/1
0.247
447
0.300
443
444/2
0.229
0.060
429/3
429/4
0.065
0.065
429/5
172/1
0.300
173
0.218
177
0.255
180
0.342
182/1
0.290
182/2
0.204
175/1
0.160
योग .. 6.059
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है:-गौली बड़गी जलाशय नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. - 2, बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. चन्द्रशेखर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग विदिशा , दिनांक 30 जून 2011
प्र. क्र. 10- अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत एतद्वारा यह भाग 1 ]
2497
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-विदिशा
(ख) तहसील-विदिशा
(ग) नगर/ग्राम-विदिशा
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 300 वर्गमीटर
खसरा
नम्बर
रकबा (वर्ग मीटर में) (1)
2161/2/1
(2) 300
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सार्वजनिक नाला निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) मुख्य नगरपालिका अधिकारी विदिशा/ उपखण्ड अधिकारी विदिशा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
प्र. क्र. 36- ए-82--2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- विदिशा
(ख ) तहसील- नटेरन
(ग ) ग्राम- सूखा आमखेड़ा
(घ ) वास्तविक क्षेत्रफल -0.145 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
(हेक्टेयर में)
(1)
रकबा (2)
105/13
योग
0.145 .0.145
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन की आवश्यकताः-सूखा आमखेड़ा- सतपाड़ा हाट मार्ग पर निर्माणाधीन पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) निरीक्षण , जिलाध्यक्ष के कार्यालय, भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन एवं कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण सेतु संभाग , भोपाल के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , सी. बी. सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिंगरौली, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बैढ़न, दिनांक 1 जुलाई 2011
क्र. 1108 - भू- अर्जन- 2011.-चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) संशोधित 1984 की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिंगरौली
(ख) तहसील- देवसर
(ग) ग्राम का नाम-गोरगी, पटवारी हल्का- पापल, क्रमांक 43, रा.नि.म. धौहनी
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-56.570 हेक्टर.
खसरा
नम्बर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
2/1
0.170
2/2
0.170
0.050
5/1
6/1
0.675
7
0.210
8
0.280
0.120
9
12
0.310
15
0.220
16/1
0.310
17/1
0.140
17/2
0.140
17/3
0.030
17/4
0.040
17/5
0.070
21
0.130
23
0.130
24
0.130
26
0.300
27
0.660
28
0.240 2498
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2) 29
0.240 31
0.280 33
0.280 34
0.310 35
0.250
0.100 38
40/1
1.100 41/1
0.130 42/1
0.750 44/1
0.310 45/1
0.020 46/1
0.410 46/3
0.200 46/4
0.200
0.200 46/5
47/1
0.010 49/1
0.010 50/1
0.230
0.310 54/1
54/2
0.930 54/3
0.310 54/4
0.300
0.010 56/2
59/2
0.040 61
0.520
0.200 67
68
0.240 71
0.800 72
0.820 73
0.810 74
0.100
0.050 76/1
77
0.400 83/2
0.200
0.030 84/2
86
0.110 89
0.130 90
0.060
(2)
(1)
92
0.230
0.020
99
0.010
104/1
104/2
0.040
105/1
0.060
105/2
0.060
0.240
106
108/1
0.685
0.330
108/2
0.200
2.350
113/1
113/2
0,400
0.220
114
0.220
116
117
0.380
0.070
118
0.200
119
120
0.210
3.100
142
143
3.180
199
0.150
201
0.020
0.165
205/2
208/1
0.660
0.060
208/2
0.510
209/1
0.810
210
0.060
211
212
0.400
0.310
214
0.540
215
217
0.820
220
0.200 भाग 1 ]
2499
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
(1)
(2) 222
0.330 223
0.030 224
0.140 225
1.470 227
1.190 238
0.620 243
0.300 299 में
0.610 303/1
0.490 303/2
0.120 304/1
0.110 305
0.810 307
0.140 309
0.030 312/1
0.310 313
1.070 315/2
0.050 316
0.850 317
2.100 323/1
0.120 336/2
0.200 339/2
0.010 340
0.420 342
0.630 343
0.420 344 में
0.200 346
1.970 348
0.400 350
1.650
0.280 352/1
(1)
(2)
355
0.400
0.210
356/1
364/1
0.330
0.160
364/3
366
0.340
372
0.810
375
0.460
389/1
0.095
0.400
395
1.160
408/1
0.490
409
0.290
412
413/1
0.200
0.210
413/2
0.200
413/3
413/4
0.200
420/1
0.030
0.040
420/2
421/1
0.260
0.380
421/2
56.570
योग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-डी. बी. पावर ( म. प्र. ) लिमिटेड द्वारा 1320 मेगावाट विद्युत उत्पादन के लिए पावर प्लांट की स्थापना.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) उपखण्ड अधिकारी/ भू-अर्जन अधिकारी तहसील देवसर, जिला- सिंगरौली के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2500
उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर जबलपुर, दिनांक 25 जून 2011
क्र. E- 2673-दो- 2-41-2011 .- श्री अनिल ठाकरे , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को दिनांक 30 मई 2011 से दिनांक 10 जून 2011 तक, बारह दिन के पूर्व स्वीकृत ग्रीष्मकालीन अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 11 जून 2011 से दिनांक 18 जून 2011 तक, आठ दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात में दिनांक 19 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री अनिल ठाकरे, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अनिल ठाकरे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. E- 2675-दो- 2-32-2011 .- श्री ए. के. पाण्डेय , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीधी को दिनांक 23 मई 2011 से दिनांक 6 जून 2011 तक, पन्द्रह दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश एवं दिनांक 7 जून 2011 से दिनांक 10 जून 2011 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात में दिनांक 11 एवं 12 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री ए. के. पाण्डेय , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सीधी को सीधी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाश ग्रीष्मकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री ए. के. पाण्डेय , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
जबलपुर, दिनांक 27 जून 2011
क्र. C - 4968-दो - 2-3-2009.- श्री सुभाष काकडे, रजिस्ट्रार जनरल, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को दिनांक 3 जून 2011 से दिनांक 10 जून 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
अवकाश के पश्चात में दिनांक 11 एवं 12 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री सुभाष काकडे, रजिस्ट्रार जनरल, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री सुभाष काकडे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो रजिस्ट्रार जनरल के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. C-4972-दो- 2-36-2010.- श्री अनुराग श्रीवास्तव , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालाघाट को दिनांक 6 जून 2011 से दिनांक 17 जून 2011 तक, बारह दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश एवं दिनांक 18 जून 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 5 जून 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 19 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री अनुराग श्रीवास्तव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालाघाट को बालाघाट पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाश /ग्रीष्मकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अनुराग श्रीवास्तव उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 4974-दो- 3-65-2002.- श्री अशोक कुमार जैन, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, जबलपुर को दिनांक 24 मई 2011 से दिनांक 25 मई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री अशोक कुमार जैन , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अशोक कुमार जैन, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
भाग 1 ]
क्र. C - 4983- दो- 2-19-2003.- श्री ऋषभ कुमार जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , राजगढ़ - ब्यावरा को दिनांक 10 मई 2011 से दिनांक 13 मई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते चार दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात में दिनांक 14 एवं 15 मई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री ऋषभ कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राजगढ़ - ब्यावरा को राजगढ़ - ब्यावरा पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री ऋषभ कुमार जैन, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 4989-दो- 2-5-2011 .- सुश्री प्रतिभा रत्नपारखी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सागर को दिनांक 5 मई 2011 से दिनांक 7 मई 2011 तक दोनो दिन सम्मिलित करके तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात में दिनांक 8 मई 2011 के सार्वजनिक लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर सुश्री प्रतिभा रत्नपारखी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सागर को सागर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि सुश्री प्रतिभा रत्नपारखी, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.
जबलपुर, दिनांक 20 जून 2011
क्र. C - 4684- दो - 2-73-2000.- श्री सी . व्ही. सिरपुरकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , देवास को दिनांक 24 मई 2011 से दिनांक 27 मई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
2501
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
अवकाश से लौटने पर श्री सी. व्ही. सिरपुरकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, देवास को देवास पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री सी. व्ही. सिरपुरकर, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. C- 4694- दो- 2-17-2011.- श्री गिरीश कुमार शर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन को दिनांक 24 मई 2011 से दिनांक 26 मई 2011 तक दोनो दिन सम्मिलित करके तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री गिरीश कुमार शर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री गिरीश कुमार शर्मा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. E- 2522- दो-2-10-2011.- श्रीमती आराधना चौबे, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, भोपाल को दिनांक 30 मई 2011 से दिनांक 31 मई 2011 तक, दिनांक 13 जून 2011 से दिनांक 17 जून 2011 तक कुल सात दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश एवं दिनांक 18 जून 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात में दिनांक 19 जून 2011 के सर्वाजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्रीमती आराधना चौबे , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है .
ग्रीष्मकालीन/अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
2502
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती आराधना चौबे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहती.
क्र. E- 2524- दो-2-34-2010. श्री आलोक वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सतना को दिनांक 16 मई 2011 से दिनांक 20 मई 2011 तकदोनो दिन सम्मिलित करके पांच दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत कियाजाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री आलोक वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सतना को सतना पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आलोक वर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. E- 2538-दो- 2-40-2009.- श्रीमती कुमुदबाला बरणा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मण्डलेश्वर को दिनांक 16 मई 2011 से दिनांक 21 मई 2011 तक दोनो दिन सम्मिलित करके छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 14 एवं 15 मई 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 22 मई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्रीमती कुमुदबाला बरणा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मण्डलेश्वर को मण्डलेश्वर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कुमुदबाला बरणा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
जबलपुर, दिनांक 27 जून 2011
क्र. C- 4987-दो-2-13-2005.- श्री नवल किशोर गर्ग, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को पूर्व स्वीकृत ग्रीष्मकालीन अवकाश दिनांक 23 मई 2011 से दिनांक 28 मई 2011 तक के पूर्व के अनुक्रम में दिनांक 21 मई 2011 से दिनांक 22 मई 2011 तक दो दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री नवल किशोर गर्ग, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री नवल किशोर गर्ग उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार , ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार .
जबलपुर, दिनांक 27 जून 2011
क्र. C-4970-दो-2-33-2009.- श्री जे. आर. बच्चन, रजिस्ट्रार ( इंस्पेक्शन एण्ड विजिलेन्स ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को दिनांक 30 मई 2011 से दिनांक 10 जून 2011 तक बारह दिन के पूर्व स्वीकृत ग्रीष्मकालीन अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 11 जून 2011 से दिनांक 17 जून 2011 तक 07 दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 18 एवं 19 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री जे . आर. बच्चन, रजिस्ट्रार ( इंस्पेक्शन एण्ड विजिलेन्स ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री जे. आर. बच्चन, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो रजिस्ट्रार ( इंस्पेक्शन एण्ड विजिलेन्स) के पद पर कार्यरत रहते .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.
जबलपुर, दिनांक 23 अप्रैल 2011
क्र. 620- गोपनीय- 2011- दो-3-21-2011.---कु. कविताइवनाती, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , बैहर, जिला बालाघाट का विवाह श्री अब्दुल शफीक खान के साथ होने के फलस्वरूप , उनकी प्रार्थनानुसार उनका नाम " कु. कविता इवनाती " के स्थान पर " श्रीमती कविता इवनाती " परिवर्तित करने की एतद्वारा अनुमति प्रदान की जाती है. उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका परिवर्तित नाम अंकित किया जावे.
भाग 1 ]
2503
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
जबलपुर, दिनांक 13 जून, 2011
क्र. 813 - Confdl . -2011--दो- 2- इक्कीस -63 ( भाग - पांच ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , निम्नलिखित जिला एवं सत्र न्यायाधीशों ( चयन ग्रेड) को उनके नामों के समक्ष स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये गये दिनांक से, स्तम्भ क्रमांक (4 ) में दर्शित रिक्त पदों पर सुपर समय वेतनमान ( Super Time Scale ) रूपये 70290-1540-76450/ में नियुक्त करता है: -
सारणी
क्रमांक
नाम तथा पदनाम
सुपर समय वेतनमान में नियुक्तिका दिनांक
(1)
(2)
(3)
1
03-01-2011
श्री हरीश चन्द्र शर्मा, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश .
2
03-01-2011
श्री महेन्द्र पाल सिंह अरोरा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर.
3
01-02-2001
श्री चन्द्रहास सिरपुरकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, देवास.
4
01-03-2011
श्री जगदीश बाहेती , जिला एवं सत्र न्यायधीश, खण्डवा.
रिक्त पद के संदर्भ में टिप्पणी
(4)
रिक्त पद पर
रिक्त पद पर
नवसृजित रिक्त पद पर.
श्री हरीश चन्द्र शर्मा, सुपर समय वेतनमान धारक तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भिण्ड के दिनांक 28-02-2011 को सेवानिवृत्ति के फलस्वरूप रिक्त हुए पद पर.
क्र. 815 -गोपनीय- 2011- दो-3-250-57 ( भाग-29 ) . भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 सहपठित सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 11 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर द्वारा निम्न न्यायिक अधिकारी को, जिनका नाम निम्न सारणी के स्तंभ क्रमांक ( 2 ) में अंकित है , और जिन्हें मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक फा. 3 ( बी ) 1/ 2010/इक्कीस ब ( एक) ( मेरिट क्रमांक -41 ) दिनांक 11 अप्रैल , 2011 द्वारा अस्थायी तौर से ( दो वर्ष की परीवीक्षा अवधि पर ) मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा, वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर) में नियुक्त किया गया है , उनके नाम के समक्ष स्तंभ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये स्थान पर एवं स्तंभ क्रमांक (4 ) में अंकित व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश तथा न्यायिक दण्डाधिकारी द्वितीय श्रेणी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ किया जाता है :-
सारणी
नाम
क्रमांक
(1)
(2)
न्यायालय का नाम जिसके अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त एवं पदस्थ
प्रशिक्षण हेतु पदस्थापना
का स्थान
(3)
1
ग्वालियर
श्री रवि शंकर दोहरे
(4)
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , ग्वालियर के न्यायालय के तेरहवें अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज ) .
2504
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
जबलपुर, दिनांक 14 जून, 2011
क्र. 827 - गोपनीय-2011- दो-2-10-62 ( भाग- पांच ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश निम्नलिखित जिला न्यायाधीशों ( प्रवेश स्तर ) उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारियों को उनके नामों के समक्ष स्तंभ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये गये दिनांक से तथा स्तंभ क्रमांक ( 4 ) में उल्लिखित रिक्त पदों पर चयन ग्रेड ( Selection Grade Scale ) के वेतनमान रुपये 57,700-1,230-58,930-1,380-67,210-1,540-70,290/- में नियुक्त करता है:---
क्रमांक
नाम
(1)
(2)
सारणी
रिक्त पद के संबंध में टिप्पणी
चयन ग्रेड वेतनमान में
नियुक्तिका दिनांक
(3)
1
श्री रामप्रसाद सोलंकी 2
श्री राज कुमार भावे 3
श्री जयराम सिंह कटारिया 4
श्रीमती शशिकला चन्द्रा 5
श्री तुलसी राम उइके 6
श्री शिव बदन वर्मा 7
श्री राजेन्द्र कुमार नागपुरे 8
श्री भारत सिंह औहरिया 9
श्री इन्द्रपाल सिंह सोलंकी 10
(4)
22-05-2010
रिक्त पद पर.
22-05-2010
रिक्त पद पर.
02-06-2010
रिक्त पद पर.
07-06-2010
रिक्त पद पर.
21-06-2010
रिक्त पद पर.
21-06-2010
रिक्त पद पर.
21-06-2010
रिक्त पद पर.
21-06-2010
रिक्त पद पर.
31-07-2010
रिक्त पद पर.
19-08-2010
श्री महादेव मुवेल
11
रिक्त पद पर.
20-08-2010
श्री सतीश कुमार ताराम 12
श्रीमती लक्ष्मी शर्मा 13
श्री गोविन्द सिंह काकोड़िया 14
श्री कौशिक चौहान 15
श्री प्रदीप कुमार व्यास 16
श्री सुधीर कुमार अवस्थी 17
श्री संजय शुक्ला
18
01-03-2011
श्री दिनेश कुमार पालीवाल 19
30-03-2011
श्री चन्देश कुमार खरे 20
11-05-2011
श्री राजेन्द्र प्रसाद वाणी 21
11-05-2011
श्री कैलाश चन्द्र बांगर रिक्त पद पर.
26-08-2010
रिक्त पद पर .
13-09-2010
रिक्त पद पर.
01-01-2011
रिक्त पद पर .
03-01-2011
श्री हरीश चन्द्र शर्मा, चयन ग्रेड वेतनमान धारक, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सुपर समय वेतनमान दिये जाने के फलस्वरूप हुए रिक्त पद पर .
03-01-2011
श्री महेन्द्र पाल सिंह अरोरा , चयन ग्रेड वेतनमान धारक, जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सुपर समय वेतनमान दिये जाने के फलस्वरूप हुए रिक्त पद पर.
01-02-2011
श्री चन्द्रहास सिरपुरकर, चयन ग्रेड वेतनमान धारक, जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सुपर समय वेतनमान दिये जाने के फलस्वरूप हुए रिक्त पद पर.
श्री जगदीश बाहेती , चयन ग्रेड वेतनमान धारक, जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सुपर समय वेतनमान दिये जाने के फलस्वरूप हुए रिक्त पद पर.
रिक्त पद पर.
रिक्त पद पर.
श्री राजेन्द्र कुमार वाणी , चयन ग्रेड धारक , के प्रतिनियुक्ति पर होने से हुए रिक्त पद पर.
भाग 1 ]
2505 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 जुलाई 2011
जबलपुर, दिनांक 21 जून 2011
क्र. 866 - गोपनीय- 2011- दो- 2-10-62.- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , एतद्वारा उच्च न्यायालय आदेश क्रमांक 113 - गोपनीय- 2006-दो-2-10-62-( भाग-पांच ) , दिनांक 01 मार्च, 2006 एवं आदेश क्रमांक 12-गोपनीय--2007-दो-2-10-62-( भाग-पांच ) , दिनांक 06 जनवरी , 2007 में आंशिक संशोधन करते हुए, उक्त आदेशों के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में दर्शाये गये उच्च न्यायिक सेवा के न्यायिक अधिकारियों को उनके नामों के समक्ष स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये गये दिनांक के स्थान पर स्तम्भ क्रमांक ( 4 ) में दर्शाये गये पुनरीक्षित दिनांक से तथा स्तम्भ क्रमांक ( 5 ) में अंकित रिक्त पद पर चयन ग्रेड (Selection Grade Scale) के वेतनमान रुपये ( पूर्व में ) 18,750-400-19,150-450-21,850-500-22,850/- ( वर्तमान में ) 57700-1230-58930-1380-67210-1540-70290/- में नियुक्त करता है:-
क्रमांक नाम तथा पदनाम
(1)
(2)
1 श्री ज्योतेन्द्र कुमार वैद्य 2 श्री बाल कृष्ण जाटव 3
श्री हरि निवास बाजपेयी 4
श्री राधा किशन गुप्ता 5
श्री मोहम्मद शमीम 6 श्री सुरेन्द्र सिंह रघुवंशी 7 श्री राजीव कृष्ण जोशी 8 श्री राजीव कुमार श्रीवास्तव (सीनियर)
9
श्रीमती पारो रायजादा सारणी
पद के संदर्भ में टिप्पणी चयन ग्रेड वेतनमान में पूर्व में नियुक्तिका दिनांक
चयन ग्रेड वेतनमान में नियुक्तिका पुनरीक्षित दिनांक
(3)
(4)
(5)
26-02-2006
26-02-2006
कोई परिवर्तन नहीं. 10-10-2007
26-02-2006
श्री ज्योतेन्द्र कुमार वैद्य, चयन ग्रेड धारक अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के, तत्समय एडीशनल रजिस्ट्रार , कार्यालय कल्याण आयुक्त, भोपाल गैस त्रासदी, भोपाल के पद पर प्रतिनियुक्ति पर रहने के फलस्वरूप रिक्त हुये पद पर. 15-05-2006
26-02-2006
तत्समय रिक्त पद पर. 19-05-2006
15-05-2006
तत्समय रिक्त पद पर. 19-05-2006
24-07-2006
तत्समय रिक्त पद पर. 24-07-2006
31-07-2006
तत्समय रिक्त पद पर. 24-07-2006
31-07-2006
श्री सुरेन्द्र सिंह रघुवंशी, चयन ग्रेड वेतनमान धारक, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के तत्समय अतिरिक्त सचिव, म. प्र. शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के पद पर प्रतिनियुक्ति के फलस्वरूप हुए रिक्त पद पर.
31-07-2006
11-09-2006
तत्समय रिक्त पद पर. 31-07-2006
11-09-2006
श्री राजीव कुमार श्रीवास्तव (सीनियर ) , चयन ग्रेड वेतनमान धारक , अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के तत्समय एडीशनल रजिस्ट्रार , उच्च न्यायालय, म. प्र. जबलपुर के पद पर प्रतिनियुक्ति के फलस्वरूप हुए रिक्त पद पर.
2506
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 जुलाई 2011
जबलपुर, दिनांक 24 जून 2011
क्र. 885- गोपनीय- 2011- दो- 3-1-2011 ( भाग - ए ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 तथा मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है .
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 12 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश को उनके नाम के समक्ष स्तंभ ( 5 ) में अंकित जिले में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है: --
सारणी
क्रमांक
नाम
कहां से कहां को (1)
(2)
(3)
(4) 1 श्री महिपति सिंह रावत
खातेगांव पेटलावद
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी पदस्थापना के जिले का नाम
(6)
(5)
झाबुआ
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से श्री घरम पाल सिंह सिवाच के स्थान पर.
क्र. 886-गोपनीय- 2011-दो- 3-1-2011 ( भाग - ए ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 तथा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है:-
सारणी
नाम
क्रमांक
कहां से कहां को
(3)
(1)
(2)
(4) 1
खरगोन
बड़वाहा श्री राज कुमार वर्मा
खातेगांव
पेटलावद
2 श्री धरंम पाल सिंह सिवाच.
पदस्थापना के जिले का नाम
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (5)
(6)
मण्डलेश्वर व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
देवास
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 की हैसियत से श्री महिपति सिंह रावत के स्थान पर.
टिप्पणी:- ( 1 ) श्री राजकुमार वर्मा, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , खरगोन, जिला मण्डलेश्वर,
(2) श्री धरम पाल सिंह सिवाच , व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग 1 , पेटलावद, जिला झाबुआ के स्थानांतरण उनके अभ्यावेदन के आधार पर विचारोपरांत स्वयं के व्यय पर किये गये है .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, सुभाष काकडे, रजिस्ट्रार जनरल.