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मध्यप्रदे श शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 29 ]
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 22 जुलाई 2011- आषाढ़ 31 , शक 1933
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं,
भाग 4.- (क ) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख ) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद्के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 4 जुलाई 2011
क्र. ई- 5-370 - आयएएस- लीव- 5- एक ( 1 ) श्री इन्द्रनील शंकर दाणी , आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 25 जून 2011 द्वारा दिनांक 27 से 29 जून 2011 तक, तीन दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश आंशिक संशोधन करते हुए, अब , उन्हें दिनांक 27 जून से 2 जुलाई 2011 तक, छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 26 जून एवं 3 जुलाई 2011 का सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
2603
(2) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 25 जून 2011 की शेष कंडिकाएं यथावत रहेंगी.
क्र. ई- 5-808 - आयएएस लीव- 5 - एक.-( 1 ) श्री राजेन्द्र शर्मा, आयएएस. , कलेक्टर, जिला रतलाम को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 20 मई 2011 द्वारा दिनांक 13 से 25 जून 2011 तक, तेरह दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए, अब , उन्हें दिनांक 13 से 17 जून 2011 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 11,12 जून 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 20 मई 2011 की शेष कंडिकाएं यथावत रहेंगी.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2011 2604
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
क्र. ई- 5-547- आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री शैलेन्द्र सिंह, आयएएस . , आयुक्त, वाणिज्यिक कर, मध्यप्रदेश इन्दौर को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 24 जून 2011 द्वारा 9 से 16 जून 2011 तक, आठ दिन के स्वीकृत कार्योत्तर अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए, अब, उन्हें दिनांक 9 से 17 जून 2011 तक, नौ दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 18 एवं 19 जून 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 24 जून 2011 की शेष कंडिकाएं यथावत रहेंगी.
क्र. ई- 5-858- आयएएस- लीव-5- एक.-( 1 ) श्री विकास नरवाल , आयएएस. , अनुविभागीय अधिकारी , सबलगढ़ , जिला मुरैना को दिनांक 13 से 17 जून 2011 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री विकास नरवाल को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अनुविभागीय अधिकारी, सबलगढ़ जिला मुरैना के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाशकाल में श्री विकास नरवाल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री विकास नरवाल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
भोपाल , दिनांक 6 जुलाई 2011
क्र. ई - 5-290 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री एम. के. राय , आएएस. , अध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश भोपाल को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 25 जून 2011 द्वारा दिनांक 27 से 30 जून 2011 तक, चार दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश के क्रम में, दिनांक 1 से 2 जुलाई 2011 तक, दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
( 2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 25 जून, 2011 की शेष कंडिकाएं यथावत् रहेंगी.
भोपाल , दिनांक 11 जुलाई, 2011
क्र. ई - 5-756 - आयएएस - लीव -5 - एक.- ( 1 ) श्री एस. के. पाल, आएएस. , सचिव , लोकायुक्त मध्यप्रदेश भोपाल को निम्नानुसार अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है:-
1. दिनांक 14 जुलाई 2011 से 20 जुलाई 2011 तक, सात दिन का अर्जित अवकाश.
2. दिनांक 30 जुलाई 2011 से 4 अगस्त 2011 तक, छः दिन का अर्जित अवकाश.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री एस. के. पाल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक , स्थानापन्न सचिव, लोकायुक्त मध्यप्रदेश भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्री एस . के. पाल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एस. के. पाल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.
भोपाल, दिनांक 6 जुलाई , 2011
क्र. ई- 1-499-2010-5- एक.- भारत सरकार, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय , कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग की अधिसूचना क्रमांक 13017/07/2011 /AIS ( I ) , दिनांक 9 जून, 2011 द्वारा सुश्री शिल्पा भाप्रसे ( 2008 ) की सेवाएं पश्चिम बंगाल संवर्ग से मध्यप्रदेश संवर्ग में स्थानांतरित किए जाने के फलस्वरूप उन्हें अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, सहायक कलेक्टर, जिला भोपाल पदस्थ किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अनुभा श्रीवास्तव , उपसचिव " कार्मिक".
भोपाल , दिनांक 4 जुलाई 2011
क्र. ई - 5-667 - आयएएस. , लीव- 5- एक.- श्री पी. के. पाराशर, आयएएस. , कमिश्नर, इंदौर संभाग , इन्दौर को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 14 जून 2011 द्वारा 20 जून से 2 जुलाई 2011 तक, तेरह दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए, अब उन्हें दिनांक 20 से 22 जून 2011 तक, तीन दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 14 जून 2011 की शेष कंडिकाएं यथावत रहेंगी.
भोपाल, दिनांक 8 जुलाई 2011
क्र. ई - 5-607- आयएएस. , लीव - 5 - एक. राज्य शासन , इस विभाग के पत्र क्रमांक ई - 13-72-2010-5- एक, दिनांक 24 जून 2011 के क्रम में, श्री के. सी. गुप्ता आयएएस. , तत्कालीन प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम , भोपाल को दिनांक 9 से 13 जुलाई 2011 तक, पांच दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश ( 9-10 जुलाई, 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ते हुए ) स्वीकृत करता है .
2605 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
(2) अवकाशकाल में श्री के. सी . गुप्ता को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(2 ) अवकाशकाल में श्री सुदाम पढरीनाथ खाडे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
भोपाल , दिनांक 11 जुलाई , 2011
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एस. तोमर, अवर सचिव " कार्मिक " क्र. ई - 5-825 - आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री सुदाम पढरीनाथ खाडे, आयएएस. , तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, खरगोन को दिनांक 13 से 17 जून 2011 तक, पांच दिन का लघुकृत अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .
भोपाल , दिनांक 5 जुलाई 2011
क्र. एफ- 3-5-2011 - एक-4. - राज्य शासन, एतद्वारा पंचायतों के आम/उप निर्वाचन 2011 ( पूवार्द्ध ) हेतु आयोग द्वारा जारी निर्वाचन कार्यक्रम ( प्रति संलग्न ) अनुसार मतदान दिनांक 11 जुलाई 2011 सोमवार को जिले के संबंधित क्षेत्रों में सामान्य अवकाश घोषित करता है .
( 2 ) उक्त दिनांक को केवल संबंधित क्षेत्रों के लिये परक्राम्य लिखित अधिनियम ( निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट्स एक्ट ) 1881 ( 1881 का क्रमांक 26 ) की धारा 25 के अन्तर्गत सार्वजनिक अवकाश भी घोषित करता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
राजेश कौल , उपसचिव..
त्रिस्तरीय पंचायतों में रिक्त स्थानों ( सीटों ) पदों की जानकारी त्रैमास 31 मार्च 2011 ( जिलों से फैक्स/पत्रों एवं दूरभाष से प्राप्त जानकारी के अनुसार रिक्तियों की संख्या)
आम निर्वाचन
ग्राम पंचायत
जिला
जिला पंचायत
जनपद पंचायत
क्र.
उपसरपंच पंच सरपंच पंच
सरपंच
उपाध्यक्ष सदस्य अध्यक्ष उपाध्यक्ष सदस्य
अध्यक्ष
(2)
(3)
(6) (7)
(9)
(1)
(4) (5)
(8)
(10) ( 11 ) ( 12 ) ( 13 )
14
1
1 मुरैना
1
5 2 श्योपुर
2
18 3 भिण्ड
15
1
4 ग्वालियर
6
12 5 शिवपुरी
2
14 6 दतिया
6
11 7 गुना
3 8 अशोकनगर
17
9
9 मंदसौर
7 10 नीमच
15
3
11 रतलाम
1
12 12 शाजापुर
22
1
13 उज्जैन
4
22 14 देवास
8
14
9
15 राजगढ़
2
3
11
2
16 सीहोर 2606
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
(1) (2)
(3) (4) (5) 17 विदिशा
18 भोपाल
1 19 रायसेन
20 बैतूल
21 होशंगाबाद
22 हरदा
23 झाबुआ
24 अलीराजपुर
25 इन्दौर
26 धार
27 खरगोन
28 बड़वानी
29 खण्डवा
30 बुरहानपुर
31 टीकमगढ़
32 पन्ना
33 छतरपुर
34 सागर
35 दमोह
36 जबलपुर
37 कटनी
38 नरसिंहपुर
39 छिंदवाड़ा
40 सिवनी
41 मण्डला
42 डिण्डोरी
43 बालाघाट
44 रीवा
45 सतना
46 शहडोल
47 अनूपपुर
48 उमरिया
49 सीधी
50 सिंगरौली
0
1
योग . .0
(6) (7) (8) ( 9 ) ( 10) ( 11 ) ( 12 ) ( 13) 1
5
24
10
1
2
65
7
104
2
10
1
3
10
1
1
1
6
2
16
2
33
1
2
4
67
7
1
2
0
2
30
22
1
11
4
26
1
5
1
18
2
2
21
19
1
2
3
1
23
4
1
9
47
6
1
1
34
8
52 800 17
14
8
2
3
53
15
3
1
7
19
2
14
6
3
3
5
2
2
15
3
7
52 800 0
0
27
119
41
987 भाग 1 ]
2607
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग
" निर्वाचन भवन "
58 - अरेरा हिल्स, भोपाल ( म.प्र. )-462 011
भोपाल, दिनांक 13 जून 2011
आदेश
क्र. एफ- 37-02-2011- तीन-920. मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 42 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा धारा 9 ( 2 ) ( क ) एवं मध्यप्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम, 1995 के नियम , 28 की अपेक्षा अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग एतद्वारा पंचायतों में 31 मार्च 2011 तक रिक्त हुए पदों की पूर्ति हेतु तथा नवगठित पंचायतों एवं उन पंचायतों जिनका कार्यकाल पूर्ण हो रहा है तथा जिन ग्राम पंचायतों को आरक्षण से अपवर्जित किया गया है , के सरपंच एवं पंच के आम/ उप निर्वाचन, 2011 ( पूर्वार्द्ध ) निर्वाचन हेतु निम्नानुसार समय अनुसूची ( कार्यक्रम ) विहित करता है: - क्र. (1)
कार्यवाही (2)
नियम (3)
28
1. ( i ) निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन और नाम निर्देशन - पत्र प्राप्त करना.
29-क
( ii) स्थानों ( सीटों ) के आरक्षण के संबंध में सूचना का प्रकाशन.
23
( iii ) मतदान केन्द्रों की सूची का प्रकाशन
2.
28 ( क)
नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने की आखरी तारीख 3. नाम- निर्देशन पत्रों की संवीक्षा ( जांच )
28 (ख)
28 ( ग )
4. अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की आखरी तारीख
38,39
5. निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करना और निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन.
6.
मतदान ( यदि आवश्यक हो )
28(घ)
7.
मतगणना
8. सारणीकरण एवं निर्वाचन परिणाम की घोषणा ( i) पंच, सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य के मामले में ( ii ) जिला पंचायत सदस्य के मामले में
निर्धारित तारीख (4)
दिन और समय (5)
20-6-2011
प्रात: 10.30 बजे से (सोमवार )
-उपरोक्तानुसार-
-उपरोक्तानुसार- 27-6-2011 अपरान्ह 3.00 बजे तक ( सोमवार) 28-6-2011 प्रात: 10.30 बजे से ( मंगलवार ) 30-6-2011 अपरान्ह 3.00 बजे तक ( गुरुवार) 30-6-2011 अभ्यर्थिता वापसी के ठीक बाद ( गुरुवार ) 11-7-2011
प्रातः 8.00 बजे से 3.00 बजे तक (सोमवार)
11-7-2011 मतदान केन्द्रों पर मतदान के तुरन्त पश्चात् (सोमवार)
12-7-2011 खण्ड मुख्यालय पर प्रातः 9.00 बजे से (मतों के सारणीकरण के तत्काल बाद ) (मंगलवार)
13-7-2011 जिला मुख्यालय पर प्रातः 10.30 बजे से (बुधवार)
हस्ता./-
(रजनी उइके ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल 2608
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
लोक निर्माण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 20 मई 2011
क्र. 2484-2263 - उन्नीस-यो- 2011.- राज्य शासन द्वारा बालाघाट जिले के निम्नलिखित मुख्य जिला मार्गों को मुख्य जिला मार्ग की श्रेणी से परिवर्तित ( डिनोटीफाईड ) करते हुए ग्रामीण मार्ग घोषित करता है : -
क्रमांक मार्ग का नाम
मुख्य जिला मार्ग का क्रमांक
कुल छः दिवस के अर्जित अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति दिनांक 3 जुलाई 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ प्रदान की जाती है .
(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री सुधीर कुमार सक्सेना, भा.पु.से. को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, सुरक्षा एवं समन्वय , मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
लंबाई
(कि.मी. में)
(1)
(3)
(2)
(4)
12.20 1 बालाघाट- बारासिवनी मार्ग.
एमपी - एम.डी.आर.- 42-05
35.60 2 बारासिवनी - रामपायली- एमपी- एम.डी. आर. - 42-09
तूमसर मार्ग.
(2) शासन चाहता है कि प्रारंभिक औपचारिकताएं पूर्ण कर उक्त घोषित ग्रामीण मार्गों का रख - रखाव नियमानुसार ग्रामीण मार्गों हेतु निर्धारित मापदण्ड के अनुसार किया जावें.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, चन्द्र प्रकाश अग्रवाल, अपर सचिव.
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 5 जुलाई 2011
क्र. एफ 10-46-2011-तेईस - यो. आ. सां. राज्य शासन, उपाध्यक्ष , राज्य योजना आयोग के पद पर श्री बाबूलाल जैन, जिला उज्जैन को कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से आगामी आदेश तक नियुक्त करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, प्रभा चौधरी , उपसचिव..
गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 7 जुलाई 2011
क्र. एफ 1 ( ए) 390-88- ब-2-दो.- ( 1 ) श्री सुधीर कुमार सक्सेना, भा.पु.से. , पुलिस महानिरीक्षक, सुरक्षा एवं समन्वय , मध्यप्रदेश भवन , नई दिल्ली को दिनांक 27 जून से 2 जुलाई 2011 तक, (3 ) अवकाशकाल में श्री सुधीर कुमार सक्सेना, भा.पु.से. को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री सुधीर कुमार सक्सेना , भा.पु.से. उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
भोपाल, दिनांक 11 जुलाई 2011
क्र. एफ 1 ( ए) 280-76-ब- 2- दो.- ( 1 ) श्री हेमन्त सरीन, भा.पु.से. , पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग , भोपाल को दिनांक 27 दिसम्बर 2010 से 7 जनवरी 2011 तक, कुल बारह दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 25 , 26 दिसम्बर 2010 एवं 8 , 9 जनवरी 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ एवं दिनांक 13 से 27 जून 2011 तक, कुल पन्द्रह दिवस का अर्जित अवकाश , दिनांक 11 , 12 जून 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ अर्थात् कुल 27 दिवस के अर्जित अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है.
( 2 ) अवकाश से लौटने पर श्री हेमन्त सरीन, भा.पु.से. को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
( 3 ) अवकाशकाल में श्री हेमन्त सरीन, भा.पु.से. को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि श्री हेमन्त सरीन , भा.पु.से. उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
भोपाल, दिनांक 13 जुलाई 2011
क्र. एफ 1 ( ए) 74-03-ब-2-दो.- ( 1 ) श्री पी . के. माथुर, भा.पु.से. , पुलिस अधीक्षक, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश को दिनांक 8 से 15 जुलाई 2011 तक, कुल आठ दिवस का अर्जित अवकाश, दिनांक 16 एवं 17 जुलाई 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृति प्रदान की जाती है .
भाग 1 ]
(2 ) श्री पी . के. माथुर, भा.पु.से. के अवकाश अवधि में उनका कार्य श्री राजजी श्रीवास्तव, भा.पु.से. , अति. पुलिस अधीक्षक, शाजापुर द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री पी . के. माथुर, भा.पु.से. को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस अधीक्षक, जिला शाजपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4 ) श्री पी . के. माथुर, भा.पु.से. , पुलिस अधीक्षक, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश का कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कंडिका ( 2 ) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .
( 5 ) अवकाशकाल में श्री पी. के. माथुर, भा.पु.से. को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि श्री पी . के. माथुर, भा.पु.से. उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक दास, प्रमुख सचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 8 जुलाई 2011
फा. क्र. 3 ( ए ) 1-2011 - इक्कीस- ब ( एक ) .- राज्य शासन, एतद्वारा , श्री अखिलेश शुक्ला आत्मज श्री चिन्तामणि शुक्ला को मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा ( भर्ती तथा सेवा शर्तें ) नियम, 1994 ( यथासंशोधित ) के नियम 5 ( 1 ) ( ग ) के प्रावधान के अनुसार अधिवक्ताओं में से सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने वाले पद पर अस्थायी रूप से दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश तक उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से जिला न्यायाधीश ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, जिसका वेतनमान 51550-1230-58930-1380-63070 है, नियुक्त करता है .
अभ्यर्थी का गृह जिला विदिशा ( म. प्र. ) है. उनकी जन्मतिथि प्रस्तुत रिकार्ड अनुसार 11-12-1969 ( अक्षर में ) ग्यारह दिसम्बर, उन्नीस सौ उनहत्तर है .
अभ्यर्थी के चरित्र सत्यापन/चिकित्सीय परीक्षण/जाति प्रमाण - पत्र/ अधिवक्ता व्यवसाय प्रमाण- पत्र के सत्यापन संबंधी प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होने पर यह आदेश तत्काल प्रभाव से स्वतः निरस्त हो जावेगा.
इस बैच में चयनित अधिकारियों की आपसी वरियता उच्च न्यायालय द्वारा प्रेषित मेरिट लिस्ट के अनुसार रहेगी , जबकि उनकी तथा सीमित प्रतियोगिता परीक्षा से चयनित बैच के बीच वरियता नियमानुसार रहेगी, जिसका अंतिम विनिश्चय उच्च न्यायालय करेगा.
2609
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
फा. क्र. 3 ( ए ) 1-2011 - इक्कीस- ब( एक ) .- राज्य शासन, एतद्वारा, श्री राकेश मोहन प्रधान आत्मज स्व. श्री हरिशचंद्र प्रधान को मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा ( भर्ती तथा सेवा शर्तें ) नियम, 1994 ( यथासंशोधित) के नियम 5 ( 1 ) ( ग ) के प्रावधान के अनुसार अधिवक्ताओं में से सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने वाले पद पर अस्थायी रूप से दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश तक उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से जिला न्यायाधीश (प्रवेश स्तर ) के पद पर, जिसका वेतनमान 51550-1230-58930- 1380-63070 है , नियुक्त करता है.
अभ्यर्थी का गृह जिला बहराइच ( उ. प्र. ) है . उनकी जन्म तिथि प्रस्तुत रिकार्ड अनुसार 25-6-1966 ( अक्षर में ) पच्चीस जून, उन्नीस सौ छियासठ है.
अभ्यर्थी के चरित्र सत्यापन/चिकित्सीय परीक्षण/जाति प्रमाण- पत्र/ अधिवक्ता व्यवसाय प्रमाण- पत्र के सत्यापन संबंधी प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होने पर यह आदेश तत्काल प्रभाव से स्वतः निरस्त हो जावेगा.
इस बैच में चयनित अधिकारियों की आपसी वरियता उच्च न्यायालय द्वारा प्रेषित मेरिट लिस्ट के अनुसार रहेगी , जबकि उनकी तथा सीमित प्रतियोगिता परीक्षा से चयनित बैच के बीच वरियता नियमानुसार रहेगी, जिसका अंतिम विनिश्चय उच्च न्यायालय करेगा.
फा. क्र. 3 ( ए) 1-2011 - इक्कीस- ब ( एक ) . - राज्य शासन , एतद्वारा , सुश्री संगीता मदान पत्नि श्री संजय मदान को मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा ( भर्ती तथा सेवा शर्तें ) नियम, 1994 ( यथासंशोधित ) के नियम 5 ( 1 ) ( ग ) के प्रावधान के अनुसार अधिवक्ताओं में से सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने वाले पद पर अस्थायी रूप से दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश तक उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से जिला न्यायाधीश ( प्रवेश स्तर) के पद पर, जिसका वेतनमान 51550-1230-58930-1380-63070 है, नियुक्त करता है.
अभ्यर्थी का गृह जिला गाजियाबाद ( उ. प्र. ) है . उनकी जन्म तिथि प्रस्तुत रिकार्ड अनुसार 7-12-1971 ( अक्षर में ) 7 दिसम्बर, उन्नीस सौ इकहत्तर है.
अभ्यर्थी के चरित्र सत्यापन/चिकित्सीय परीक्षण/जाति प्रमाण-पत्र/ अधिवक्ता व्यवसाय प्रमाण- पत्र के सत्यापन संबंधी प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होने पर यह आदेश तत्काल प्रभाव से स्वतः निरस्त हो जावेगा.
इस बैच में चयनित अधिकारियों की आपसी वरियता उच्च न्यायालय द्वारा प्रेषित मेरिट लिस्ट के अनुसार रहेगी, जबकि उनकी तथा सीमित प्रतियोगिता परीक्षा से चयनित बैच के बीच वरियता नियमानुसार रहेगी , जिसका अंतिम विनिश्चय उच्च न्यायालय करेगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान, प्रमुख सचिव.
2610
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 11 जुलाई 2011
क्र. एफ 13-2-11-अ- ग्यारह. इंडियन बायलर्स एक्ट, 1923 की धारा 34 ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन, सतपुड़ा ताप विद्युत गृह क्रमांक 1 की इकाई क्रमांक 5 के वाष्पयंत्र क्रमांक एम.पी. /3221 को निम्नलिखित शर्तों पर उक्त अधिनियम की धारा 6 ( सी ) के उपबंधों के प्रवर्तन से दिनांक 26 मई 2011 से 25 अगस्त 2011 तक, तीन माह के लिये छूट देता है : -
( 1 ) संदर्भाधीन बायलर को पहुंचने वाली किसी भी हानि की सूचना भारतीय बायलर्स अधिनियम, 1923 की धारा 18 ( 1 ) की अपेक्षानुसार तत्काल बायलर मुख्य निरीक्षक मध्यप्रदेश, इन्दौर को दी जावेगी एवं दुर्घटना होने के दिनांक से छूट की मान्यता समाप्त समझी जावेगी.
(2) उपर्युक्त अधिनियम की धारा 02 तथा 13 की अपेक्षानुसार बायलर मुख्य निरीक्षक मध्यप्रदेश के पूर्वानुमोदन के बिना संदर्भाधीन बायलर में किसी प्रकार का संरचनात्मक परिवर्तन अथवा नवीनीकरण नहीं किया जावेगा .
( 3 ) संदर्भाधीन बायलर का सरसरी दृष्टि से निरीक्षण किये जाने पर यदि यह खतरनाक स्थिति में पाया गया तो यह छूट समाप्त हो जावेगी.
(4) नियत कालिक सफाई और नियमित रूप से गैस निकलने (रेग्युलर ब्लोडाऊन ) का कार्य किया जावेगा और उसका अभिलेख रखा जावेगा .
(5 ) मध्यप्रदेश बायलर निरीक्षक नियम , 1969 के नियम 6 की अपेक्षानुसार संदर्भाधीन बायलर के संबंध में वार्षिक निरीक्षण शुल्क अग्रिम दी जावेगी एवं
( 6 ) यदि राज्य शासन आवश्यक समझे तो प्रश्नांकित छूट में संशोधन कर सकता है अथवा उसे वापस ले सकता है.
क्र. एफ 13-4-11 -अ-ग्यारह.- इंडियन बायलर्स एक्ट, 1923 की धारा 34 ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन, सतपुड़ा ताप विद्युत गृह क्रमांक 3 की इकाई क्रमांक 9 के वाष्पयंत्र क्रमांक एम.पी. /3534 को निम्नलिखित शर्तों पर उक्त अधिनियम की धारा 6 ( सी ) के उपबंधों के प्रवर्तन से दिनांक 8 अप्रैल 2011 से 7 जुलाई 2011 तक, तीन माह के लिये छूट देता है :-
( 1 ) संदर्भाधीन बायलर को पहुंचने वाली किसी भी हानि की सूचना भारतीय बायलर्स अधिनियम, 1923 की धारा 18 ( 1 ) की अपेक्षानुसार तत्काल बायलर मुख्य निरीक्षक मध्यप्रदेश, इन्दौर को दी जावेगी एवं दुर्घटना होने के दिनांक से छूट की मान्यता समाप्त समझी जावेगी.
(2 ) उपर्युक्त अधिनियम की धारा 2 तथा 13 की अपेक्षानुसार बायलर मुख्य निरीक्षक मध्यप्रदेश के पूर्वानुमोदन के बिना संदर्भाधीन बायलर में किसी प्रकार का संरचनात्मक परिवर्तन अथवा नवीनीकरण नहीं किया जावेगा .
( 3 ) संदर्भाधीन बायलर का सरसरी दृष्टि से निरीक्षण किये जाने पर यदि यह खतरनाक स्थिति में पाया गया तो यह छूट समाप्त हो जावेगी.
(4) नियत कालिक सफाई और नियमित रूप से गैस निकलने (रेग्युलर ब्लोडाऊन ) का कार्य किया जावेगा और उसका अभिलेख रखा जावेगा.
(5 ) मध्यप्रदेश बायलर निरीक्षक नियम, 1969 के नियम 6 की अपेक्षानुसार संदर्भाधीन बायलर के संबंध में वार्षिक निरीक्षण शुल्क अग्रिम दी जावेगी एवं
( 6 ) यदि राज्य शासन आवश्यक समझे तो प्रश्नांकित छूट में संशोधन कर सकता है अथवा उसे वापस ले सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, भरत कुमार व्यास, सचिव.
जेल विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 11 जुलाई 2011
क्र. एफ 06-16-2002- तीन जेल. जेल प्रिजन्स एक्ट, 1984 की धारा ( 3 ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , नीलम पार्क, जहांगीराबाद, भोपाल एवं यादगारे शाहजहांनी पार्क , भोपाल को दिनांक 11 जुलाई, 2011 से 22 जुलाई, 2011 तक के लिये अस्थायी जेल घोषित करता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,
डी. एस. पीटर, उपसचिव.
भाग 1 ]
2611
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल, दिनांक 12 जुलाई 2011
फा. क्र. 17 (ई ) 83-03 - इक्कीस ब ( एक) .- विद्युत् अधिनियम, 2003 ( 2003 का 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना एफ. क्रमांक 17(ई ) 83-03 - इक्कीस ब ( 1 ) , दिनांक 16 सितम्बर 2010 में निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात् : -
संशोधन
उक्त अधिसूचना में, सारणी में, अनुक्रमांक 16, 45,46, 47 और 80 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर , निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्:-
सारणी
क्रमांक सिविल जिले का नाम
विशेष न्यायालय का नाम
(1)
(2)
(3) भोपाल
" 16.
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , विशेष न्यायालय क्रमांक-2
45.
इन्दौर
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय क्रमांक-5
46.
इन्दौर
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , विशेष न्यायालय क्रमांक-6
47.
इन्दौर
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , विशेष न्यायालय क्रमांक-7
सागर
80.
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय क्रमांक-10
विशेष न्यायालय के न्यायाधीश का नाम (4)
श्रीमती सईदा बानो रहमान, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय क्रमांक-2 श्री पंकज गौर , अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय क्रमांक -5
श्री ए. के. सिंह, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , विशेष न्यायालय क्रमांक -6
श्रीमती इन्द्रा सिंह, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , विशेष न्यायालय क्रमांक-7
श्री डी. डी. द्विवेदी, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय क्रमांक-10 . "
F. No. 17 (E ) 83-03- XXI - B- ( One) . In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of Section 153 of the Electricity Act , 2003 (No. 36 of 2003 ) , the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradeah , hereby makes the following amendment's in this Department Notification F. No. 17 (E ) 83-03 - XXI - B- ( One) , dated 16th September 2010 , namely :-
AMENDMENT
In the said notification, inthe table , for serial number 16 , 45 , 46 , 47 and 80 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be substituted , namely
TABLE
S.No.
Name of Special Court
(1)
Name of the Civil District (2)
(3) "16.
Bhopal
Additional Sessions Judge , Special Court No. 2 45.
Indore
Additional Sessions Judge , Special Court No. 5 46.
Indore
Additional Sessions Judge , Special Court No. 6 47.
Indore
Additional Sessions Judge , Special Court No. 7 80.
Sagar
Additional Sessions Judge , Special Court No. 10 Name of the Judge of the Special Court (4)
Smt . Sayeeda Bano Rehman , Additional Sessions Judge , Special Court No. 2 Shri Pankaj Gaur , Additional Sessions Judge , Special Court No. 5 Shri A. K. Singh , Additional Sessions Judge , Special Court No. 6
Smt . Indra Singh , Additional Sessions Judge , Special Court No. 7
Shri D. D. Dwivedi , Additional Sessions Judge , Special Court No. 10. " .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
ए. जे. खान, प्रमुख सचिव 2612
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग
निर्वाचन भवन
58 , अरेरा हिल्स, भोपाल ( म.प्र. ) भोपाल, दिनांक 30 जून 2011
आदेश
क्र एफ 67-263-10- तीन-1048.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत ब्यौहारी जिला शहडोल के आम निर्वाचन में श्री रामदीन कौल अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत ब्यौहारी जिला शहडोल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल के पत्र न.पा.-निर्वा.- 2010-775 , दिनांक 5 जून, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री रामदीन कोल द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री रामदीन कोल को कारण बताओ सूचना
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
विभाग प्रमुखों के आदेश
पत्र दिनांक 15 जुलाई 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, शहडोल के माध्यम से दिनांक 9 अगस्त 2010 को उनके पुत्र नाती श्री तेजराज कोल उम्र 27 वर्ष के माध्यम से तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा .
श्री रामदीन कोल को नोटिस दिनांक 9 अगस्त 2010 को तामील कराया गया. अतः अभ्यर्थी को दिनांक 24 अगस्त 2010 तक निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर शहडोल ने पत्र दिनांक 13 सितम्बर 2010 में लेख किया कि " अभ्यर्थी द्वारा एक माह की अवधि व्यतीत होने के उपरांत भी आज दिनांक तक इस कार्यालय में किसी प्रकार का अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. " उक्त प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 29 मार्च, 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष दिनांक 26 अप्रैल , 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना - पत्र की तामीली कलेक्टर, शहडोल द्वारा दिनांक 23 अप्रैल, 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री रामदीन कोल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत ब्यौहारी जिला शहडोल का पार्षद या उपाध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) कीकालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुभाष जैन) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
भाग 1 ]
भोपाल, दिनांक 30 जून 2011 आदेश
क्र एफ 67-263-10-तीन- 1049.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा/ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत ब्यौहारी जिला शहडोल के आम निर्वाचन में श्री राजकुमार जायसवाल अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर पंचायत ब्यौहारी जिला शहडोल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल के पत्र क्र. न.पा.- निर्वा..- 2010-775, दिनांक 5 जून, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री राजकुमार जायसवाल द्वारा विहित समय अवधि में किन्तु अपूर्ण लेखा दाखिल किया गया.
विहित समयावधि में अपूर्ण निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री राजकुमार जायसवाल को आयोग के निर्देशानुसार उप जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल ने दिनांक 29 जुलाई, 2010 को सूचना - पत्र जारी कर सात दिवस में त्रुटि सुधार किये जाने हेतु सूचित किया . सूचना- पत्र की तामीली 10 अगस्त 2010 को हुई. कलेक्टर शहडोल ने अपने पत्र दिनांक 13-9-10 में लेख किया कि एक माह की अवधि व्यतीत होने के उपरांत भी अभ्यर्थी न तो कार्यालय में उपस्थिति हुए और न ही व्यय लेखों की
2613
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
कमियों की प्रतिपूर्ति की. अतः आयोग द्वारा दिनांक 24-12-10 को अभ्यर्थी श्री राजकुमार जायसवाल को कारण बताओ नोटिस जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल के माध्यम से दिनांक 12 जनवरी , 2011 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जबाव ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्री राजकुमार जायसवाल को नोटिस दिनांक 12 जनवरी , 2011 को तामील कराया गया. अतः अभ्यर्थी को दिनांक 27 जनवरी 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर शहडोल ने पत्र दिनांक 3 मार्च , 2011 में लेख किया कि - नोटिस की तामीली कराये जाने के पश्चात् उक्त अभ्यर्थी द्वारा आज दिनांक तक किसी प्रकार का अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया . उक्त प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 29 मार्च, 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष दिनांक 26 अप्रैल, 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना - पत्र की तामीली कलेक्टर शहडोल द्वारा दिनांक 23 अप्रैल , 2011 को कराई गई किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में किन्तु अपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत किया एवं लेखे पूर्ण किये जाने हेतु पर्याप्त समय दिये जाने के उपरांत भी लेखे पूर्ण नहीं किये गये तथा अपने पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा विहित रीति में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री राजकुमार जायसवाल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत ब्यौहारी जिला शहडोल का पार्षद या उपाध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुभाष जैन) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
2614
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
भोपाल , दिनांक 30 जून 2011 आदेश
क्र एफ 67-263-10- तीन- 1050.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी/ के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत ब्यौहारी जिला शहडोल के आम निर्वाचन में श्री प्रदीप सोनी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत ब्यौहारी जिला शहडोल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक , इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल के पत्र क्र. न.पा.-निर्वा.-2010-775 , दिनांक 5 जून, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री प्रदीप सोनी द्वारा यद्यपि विहित समयावधि में किन्तु अपूर्ण लेखा दाखिल किया गया.
विहित समयावधि में अपूर्ण निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री प्रदीप सोनी को आयोग, के निर्देशानुसार उप जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल ने दिनांक 29 जुलाई, 2010 को सूचना- पत्र जारी कर सात दिवस में त्रुटि सुधार किये जाने हेतु सूचित किया. सूचना पत्र की तामीली 10 अगस्त 2010 को हुई. कलेक्टर शहडोल ने अपने पत्र दिनांक 13 सितम्बर, 2010 में लेख किया कि एक माह की अवधि व्यतीत होने के उपरांत भी अभ्यर्थी न तो कार्यालय में उपस्थित हुए और न ही व्यय लेखों की कमियों की प्रतिपूर्ति की. अतः आयोग द्वारा दिनांक 24 दिसम्बर , 2010 को अभ्यर्थी श्री प्रदीप सोनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल के माध्यम से दिनांक 12 जनवरी , 2011 को तामीली कराया गया. कारण बताओं नोटिस में अभ्यर्थी से जबाव ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्री प्रदीप सोनी को नोटिस दिनांक 12 जनवरी , 2011 को तामील कराया गया. अतः अभ्यर्थी को दिनांक 27 जनवरी 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर शहडोल ने पत्र दिनांक 3 मार्च 2011 में लेख किया कि नोटिस की तामीली कराये जाने के पश्चात् उक्त अभ्यर्थी द्वारा आज दिनांक तक किसी प्रकार का अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. उक्त प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 29 मार्च, 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष दिनांक 26 अप्रैल, 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर शहडोल द्वारा दिनांक 23 अप्रैल , 2011 को कराई गई किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में किन्तु अपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं लेखे पूर्ण किये जाने हेतु पर्याप्त समय दिये जाने के उपरांत भी लेखे पूर्ण नहीं किये गये तथा अपने पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा विहित रीति में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री प्रदीप सोनी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत ब्यौहारी जिला शहडोल का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (सुभाष जैन) सचिव ,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
भाग 1 ]
2615
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, भोपाल
भोपाल , दिनांक 6 जुलाई 2011
क्र. 301-001-97.- मध्यप्रदेश शासन, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आदेश क्र. एफ 5-4-2004-उन्तीस- 2 , दिनांक 28 जनवरी 2004 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए निर्देशित किया जाता है कि श्री उमाकांत वाजपेयी , सदस्य, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम, पन्ना अपने वर्तमान प्रभार के साथ-साथ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम , सतना में आवश्यकतानुसार आयोजित बैठकों में अध्यक्ष जिला फोरम सतना के साथ भाग लेकर प्रकरणों की सुनवाई करेंगे . यह व्यवस्था जिला फोरम सतना में सदस्य की नियुक्ति अथवा अन्य आदेश तक प्रभावशील रहेगी.
माननीय अध्यक्ष महोदय , राज्य आयोग के आदेशानुसार, जी. के . शर्मा , रजिस्ट्रार , कार्यालय , कलेक्टर , जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश डिण्डौरी , दिनांक 2 जुलाई 2011
क्र. एस. सी. -142-2011-268.- डिण्डौरी जिले में संक्रामक रोग हैजा फैलने की संभावना के कारण तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से यह आवश्यक है कि इस संक्रामक बीमारी के फैलाव की रोकथाम हेतु प्रतिबंधात्मक उपाय तुरंत लागू किये जाये.
अस्तु, मैं, जी.वी.रश्मि, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , डिण्डौरी मध्यप्रदेश आपत्तिजनक हैजा, ज्वर, आंत्रशोध विनियम, 1983 के नियम तीन के अन्तर्गत शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए यह आदेशित करती हूं कि-
(अ) अधिसूचित क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थानों, बाजारों , उपहार गृहों भोजनालयों होटलों में जनता के लिए खाद्य एवं पेय पदार्थ निर्माण कार्य करने या उनके प्रयोग करने के लिए कायम रखी गयी स्थापना में विक्रय की निर्मूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये गये स्थानों परः-
1. बासी मिठाइयों तथा नमकीन वस्तुओं , सड़े गले फलों व सब्जियों मांस मछली अंडों की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी .
2. बासी मिठाइयों तथा नमकीन, वस्तुओं फल , सब्जी, दूध, दही , उबली चाय , काफी , शर्बत, मांस मछली, अंडों कुल्फी, आईसक्रीम आदि पदार्थ के लड्डू व चूसने वाले तरल पदार्थ बिक्री हेतु खुले नहीं रखे जायेंगे . उन्हें जालीदार ढकनों से ढककर अथवा कांच बंद शो-केस बंद अलमारी तथा पारदर्शी आवरण से ढककर इस प्रकार रखें ताकि वे मक्खी, मच्छर आदि जन्तुओं या दूषित हवा से मानव उपयोग के लिए दूषित या अस्वस्थ्य कारक अनुपयोगी न हो सकें .
( ब ) इस आदेश द्वारा प्रतिबंधित अवधि में अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी बाजार, भवन, दुकान, स्टाल अथवा खाने- पीने की किसी भी वस्तु या निर्मूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये जा रहे स्थानों में प्रवेश करने , निरीक्षण करने उसमें विद्यमान ऐसी वस्तु की जांच पड़ताल करने तथा खाने - पीने की ऐसी वस्तु का जो मानव उपयोग अभिप्रेत है और जो पदार्थ दूषित या अनुपयुक्त है जो दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-95 व 165 में उल्लेख की गयी रीति से पायी गयी अस्वस्थ-कारक दूषित व अनुपयुक्त वस्तुओं के अधिग्रहण करने हटाने व नष्ट करने या उसके ऐसी नीति से निर्वतन करने के लिए जिससे वह मानव द्वारा उपयोग में लाये जाने से रोकी जा सकें . अधिसूचित क्षेत्र में स्थित निम्नलिखित अधिकारियों को प्राधिकृत करती हूं :-
(1) समस्त कार्यपालिक दण्डाधिकारी- जिला डिण्डौरी.
(2) चिकित्सा पदाधिकारी जो सहायक चिकित्सा अधिकारी के पद के नीचे का न हो तथा शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय.
(3) ऐसे आरक्षी पदाधिकारी जो प्रधान आरक्षक की श्रेणी से नीचे का न हो.
(4) मुख्य नगरपालिका अधिकारी .
नगरपालिका के स्वास्थ्य अधिकारों एवं स्वास्थ्यनिरीक्षक.
उपरोक्त उल्लेखित पदाधिकारी अधिसूचित क्षेत्र में किन्हीं भी नालों, नालियों, गटरों, पानी के गड्ढे, पोखर मल कुण्डों, संडासों, संक्रामक वस्त्रों, बिस्तर , कूड़ा करकट अथवा किसी प्रकार की गंदगी को हटाने उक्त स्थान को स्वच्छ और रोग कीटाणुओं से उसके निर्वतन करने अथवा उनके संबंध में रोगाणु नाशक पदार्थ का समुचित उपयोग करने के लिये आदेश दे सकेंगे .
यह आदेश जारी होने के दिनांक से प्रभावशील होगा तथा आगामी छःमाह की अवधि या अन्य आदेश तक जो भी पहले हो, प्रभावशील रहेगा.
जी. वी रश्मि , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी.
2616
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश
क्र. 963 - भू-अर्जन-2011.
खरगोन, दिनांक 17 जून 2011 भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( 1894 का क्रमांक-1 ) की धारा 41 के अन्तर्गत अनुबंध पत्र
रा. प्र . क्र. 11-अ-82-10-11 यह अनुबंध पत्र प्रथम पक्ष के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल जिनकी ओर से कलेक्टर जिला खरगोन एवं पदेन उप सचिव मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग कार्य कर रहे हैं, ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राज्यपाल " कहा गया है जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके पद उत्तरवर्ती और समुदेशिति भी सम्मिलित है ) तथा द्वितीय पक्ष के रूप में श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन मध्यप्रदेश जो भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " कम्पनी " कहा गया है ) जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो उनके विधिक प्रतिनिधि, निष्पादक, पद उत्तरवर्ती और समनुदेशिति भी सम्मिलित है . जिसकी ओर से मुख्त्यार-
श्री असद जाफर, महाप्रबंधक जो श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. अभयांचल परिसर मण्डलेश्वर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश में कार्य कर रहे हैं , के मध्य आज दिनांक 17 जून 2011 को सम्पादित किया जा रहा है-
1. कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन को ( जिसे आगे राज्य शासन कहा गया है ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के ग्राम भट्याण बुजुर्ग की पुनर्बसाहट हेतु ग्राम भट्याण बुजुर्ग प.ह.नं. 36/69 , तहसील कसरावद, जिला खरगोन की निजी कृषि भूमि कुल सर्वे नंबर संख्या 19 कुल क्षेत्रफल 34.603 हे. भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां कृषकों द्वारा सहमति से विक्रय नहीं करने से भू- अर्जन हेतु भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अन्तर्गत अनिवार्य भू-अर्जन हेतु आवेदन पत्र पेश किया है जिसका विवरण निम्नानुसार परिशिष्ट -1 में अंकित है:-
परिशिष्ट-1
निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां एफ.आर.एल. के अन्तर्गत ग्राम भट्याण बुजुर्ग
ख.नं.
संपत्ति का विवरण नाम भूमिस्वामी/पिता का नाम एवं जाति
अनु. क्र.
(1)
(2)
(3)
(5)
अर्जनीय क्षेत्रफल (हे.में) (4)
588/1
1.527
1 सुशीलाबाई पति बलिराम गुजर, सा. जिरभार, तहसील बड़वाह.
2.152
588/2
2 कलाबाई पति सिद्धराम गुजर, सा. जिरभार हा. मु. बेड़िया, तह. बड़वाह .
588/3
2.363
सिंचाई खसरा नं. 586/2 से पाईप लाईन किराये से 3 सावित्रीबाई बेवा मांगीलाल , जितेन्द्र, नयनसिंह पिता मांगीलाल , शैलेन्द्र, प्रभु पिता मांगीलाल अपाक माता भागवतीबाई , भागवतीबाई बेवा मांगीलाल राजपूत, सा. मलगांव , तह . कसरावद.
588/4
1.222
4 जगदीश पिता देवराम कहार, सा. तेल्यांव
कुआ पक्का1 भाग 1 ]
(1)
(2)
5 संजय कुमार पिता राधेश्याम , ब्राम्हण, सा. पिपलगोन.
6 अनिल पिता चंपालाल कहार, सा. पिपलगोन 7 सुशीलाबाई पति बलिराम गुजर, सा. जिरभार, तहसील बड़वाह.
8 कलाबाई पति सिद्धराम गुजर, सा. जिरभार हा . मु. बेड़िया, तह. बड़वाह.
9 सावित्रीबाई बेवा मांगीलाल , जितेन्द्र, नयनसिंह पिता मांगीलाल , शैलेन्द्र, प्रभु पिता मांगीलाल अपाक माता भागवतीबाई, भागवतीबाई बेवा मांगीलाल राजपूत ,, सा. मलगांव, तह. कसरावद.
10 नानूराम पिता गंगाराम तेली , सा. पिपलगोन 11 लक्ष्मीनारायण , गेंदालाल, चंपालाल पिता भरतलाल, चन्द्रशेखर, दिलीप , कृष्णकांत पिता बिहारी , कमलाबाई पति बिहारी , आशा, उषा, शीला , शोभा, माया पिता बिहारी ब्राम्हण, नि. पिपलगोन.
12 रचनाबाई पति अरविन्द राजपूत, नि. पिपलगोन 13 बाबु पिता आपा मोरी , सा. देह
14 रामचन्द पिता बाबुलाल ब्राम्हण , सा. देह
15 रचनाबाई पति अरविन्द राजपूत, नि. पिपलगोन 16 लक्ष्मीबाई बेवा राजाराम, सीताराम, चुन्नीलाल , मांगीबाई पिता कालू राजपूत, सा. लौंदी.
17 शकुन्तलाबाई पति ताराचंद गुर्जर, नि. जिरभार हां मु. बैड़िया, कड़वी बाई पति दुलीचंद गुजर निवासी टोकसर, सीमाबाई पति जगन्नाथ गुजर, नि. जिरभार 18 रचनाबाई पति अरविन्द राजपूत, नि. पिपलगोन 19 भगवानसिंह पिता विजयसिंह राजपूत , सा. लौदी
2617
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
(3)
(5)
(4)
589/1
1.922 सिंचाई खसरा नं 589/2 के कुएं से 595
0.769
1.327
596/1
596/2
2.703
596/3
2.088
सिंचाई खसरा नं. 586/2 से पाईप लाईन से 597
ट्यूबवेल 1 ख.नं. 593/6/1 से सिंचाई 2.711
3.238
सिंचाई किराये से 598
600
0.611
सिंचाई खसरा नं . 602 के कुंए से 601/1
1.416
601/2
1.416
602
1.546
604/1
1.436
ट्यूबवेल 1 604/2
0.567
605/1
0.732
सिंचाई पिपलगोन के कुंए से पाईप लाईन द्वारा.
4.857
605/2
कुआ पक्का1 34.603
योग 19 2618
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
2. राज्य शासन ने नियमों के अनुसार आवश्यक एवं निर्धारित प्रक्रिया से जांच कर इस बात की संतुष्टि कर ली है कि उक्त जल विद्युत् परियोजना राज्य में विद्युत् की कमी की पूर्ति हेतु और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है .
3. कंपनी के भू-अर्जन आवेदन - पत्र के आधार पर राज्य शासन द्वारा दिनांक 18 नवम्बर 2010 को सम्पन्न भू-अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग, मंत्रालय , भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-12-27/2010/ सात -2 ए, भोपाल , दिनांक 14 दिसम्बर 2010 द्वारा भू- अर्जन की सशर्त अनुमति प्रदान की है. इसका इस अनुबंध- पत्र में समावेश किया गया है.
4. कंपनी को प्रदत्त अनुमति की शर्त के पालन में कंपनी को राज्यपाल के साथ भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 41 के अन्तर्गत विहित प्रावधान अनुसार अनुबंध निष्पादित करना है . कंपनी की ओर से सहमत होकर यह अनुबंध - पत्र निष्पादित किया जाता है.
कंपनी निम्न प्रकार सहमत होकर घोषणा करती है कि: -
(क) कंपनी राज्य शासन को अथवा राज्य शासन के द्वारा इस हेतु नियुक्त व्यक्ति को ऐसी समस्त राशि का अग्रिम भुगतान करेंगी जो भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधानों के अंतर्गत अवार्ड की राशि जो उक्त भूमि पर स्वत्वधारी व्यक्तियों को मुआवजे के रूप में भुगतान योग्य होगी.
(ख) कंपनी राज्य शासन को ऐसे सभी प्रभारों ( खर्च ) का भुगतान भी करेंगी जो अधिनियम के अनुसार उक्त भूमि के भू- अर्जन कार्य से युक्तिसंगत संबंधित होगा.
(ग) उपर्युक्त ( क ) तथा ( ख ) में वर्णित समस्त भुगतानों के बाद ही राज्यपाल परिशिष्ट-1 , में वर्णित निजी कृषि भूमि तथा उस पर स्थित संरचनाएं/परिसंपत्तियां कंपनी को प्रदान करेगा-
(i) महेश्वर जल विद्युत परियोजना के बांध से डूब प्रभावित ग्राम भट्याण बुजूर्ग की निजी कृषि भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाओं के प्रस्तुत अर्जन प्रस्ताव पर दिनांक 18 नवम्बर 2010 को सम्पन्न भू-अर्जन समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार तहसील कसरावद, जिला खरगोन के ग्राम भट्याण बुजूर्ग की निजी कृषि भूमि क्षेत्रफल 34.603 हेक्टर तथा उस पर स्थित संरचनाओं के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 के प्रावधान अंतर्गत निम्न शर्तों पर भू- अर्जन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है.
1.
भारत सरकार द्वारा घोषित वर्ष 2007 अधिसूचित दिनांक 31 अक्टूबर 2007 के तहत राष्ट्रीय पुनर्वास एवं पुनर्वास नीति लागू होगी जिसके अधीन कंपनी द्वारा पुनर्वास राष्ट्रीय पुनर्विस्थापना की कार्यवाही विधिवत की जाए. मध्यप्रदेश शासन द्वारा यदि केन्द्र शासन की नीति के अलावा मध्यप्रदेश के लिये अन्य कोई शर्तें या निर्देश प्रसारित किये जाते हैं तो वे भी लागू किये जावेंगे .
2. कंपनी ( इस आशय के करारनामें या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी . अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेंगे.
3. भू-अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू- अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत - प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के उपरांत ही कलेक्टर के द्वारा भू-अर्जन की कार्यवाही की जाये.
4. संबंधित कंपनी के लिये भू-अर्जन किये जाने संबंधी कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू- अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के आधार पर किया जावे.
5. संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कंपनी द्वारा म.प्र. पुनर्वास नीति के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही की जावेगी .
2619 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
6. कंपनी के संबंध में करारनामा , वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिए कलेक्टर कार्यवाही करेंगे .
7. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्था को जैसे नगर निगम, नगर तथा ग्रामीण निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं, कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होंगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जावेगा.
8. अर्जित की गई निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा.
9. भूमि जिस उपयोग के लिये अर्जन की जा रही है , वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जावेगा .
10. भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जायेगा.
11. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने , बंधक रखने, दान देने , पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा . ( धारा 44-ए, भू-अर्जन अधिनियम के तहत ) .
12. यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन , इमारतें शासन को कब्जे में लेने का अधिकार होगा और , कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.
13. भूमि की केवल सतह का उपयोग किया जायेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गौण खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.
14. शासन की पूर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.
15. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जायेगा.
16. कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी. इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मंडल से अनापत्ति प्रमाण - पत्र प्राप्त करना होंगे कि, पर्यावरण , जल स्त्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.
17. यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिये नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों, सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा.
18. भूमि या उसके किसी भी या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा न तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा और न ही पट्टे या किराये पर दिया जायेगा.
19. भूमि जिस प्रयोजन हेतु दी गई हो, उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किये जाने से अनाधिकृत कब्जा मान कर भूमि शासन में निहित कर ली जायेगी .
20. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की दृष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन आदि तथा परिसर के निरीक्षण करने का अधिकार होगा.
21. स्थानीय आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक होने पर सार्वजनिक हित में राज्य शासन या कलेक्टर द्वारा समय - समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का पालन किये जाने के लिए कंपनी बाध्य होगी.
(ii) भू- अर्जन कार्यवाही से पूर्व यह भी देख लिया जाये कि यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र के ग्रामों में निजी भूमि अर्जित की जा रही है तो ग्राम सभा की बैठक नियमानुसार की जाकर एवं ग्राम सभा की सहमति प्राप्त करने के पश्चात् ही यह अनुमति प्रभावशील होगी . इसके साथ ही इस परिस्थिति में वैकल्पिक भूमि क्रय कर देने की कार्यवाही की जायेगी .
2620
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
(iii ) भू-अर्जन कार्यवाही प्रारंभ करने के पूर्व यह भी देख लिया जाये कि प्रस्तावित परियोजना में वन अभ्यारण्य क्षेत्र (सेन्च्युरी ) का कोई हिस्सा तो नहीं आ रहा है. यदि ऐसा होता है तो उस हेतु विधि द्वारा स्थापित सक्षम अनुमति ली जाना होगी.
( iv) कंपनी से भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 41 के प्रावधानों अनुसार करारनामा निष्पादित कराया जाये , जिसमें उपरोक्त शर्तों का भी समावेश किया जावे.
(v) भू-अर्जन की प्रक्रिया एवं अन्य कार्यवाहियों बाबद् शासन द्वारा समय - समय पर जारी दिशा- निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाये.
दो साक्षियों की उपस्थिति में पक्ष क्र. 1 राज्य शासन की ओर से कलेक्टर, जिला खरगोन एवं पक्ष क्र. 2 की ओर से श्री असद जाफर, महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर, जिला खरगोन द्वारा हस्ताक्षरित कर यह अनुबंध - पत्र साक्षियों के समक्ष लिखित हस्ताक्षरित एवं निष्पादित किया गया है.
पक्ष क्रमांक-1 साक्षियों के हस्ताक्षर
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, (पूरा नाम, पिता का नाम एवं पूरा पता )
हस्ता./-
साक्षी क्र. - 1
(केदार शर्मा) हस्ता./-
नाम : ( मथुरा लाल मण्डलोई )
कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग , जिला-खरगोन ( म. प्र. ) .
पता : 220 , बजरंग नगर जेतापुर, खरगोन
साक्षी क्र. -2
पक्ष क्रमांक-2 हस्ता./-
हस्ता./-
नाम : ( गोपाल यादव )
(असद जाफर )
महाप्रबंधक, पता : रूद्रेश्वर कालोनी,
खरगोन.
श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो . लिमि. , मण्डलेश्वर.
कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, जिला सिंगरौली , मध्यप्रदेश
सिंगरौली , दिनांक 11 जुलाई 2011 क्र. 1169 - भू-अर्जन- सी-2011
इकरारनामा
मेसर्स डी. बी. पावर ( मध्यप्रदेश ) लिमिटेड द्वारा अधिकृत डॉ. राजीव कुमार सिंह तनय श्री गिरिधर गोपाल सिंह , निवासी 6 प्रेस काम्पलेक्स, एम. पी . नगर, भोपाल ( म. प्र. )
प्रथम पक्ष
एवं
मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग द्वारा कलेक्टर, जिला सिंगरौली ( म. प्र. )
द्वितीय पक्ष मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल के पत्र क्रमांक एफ. 12-13-08- सात- 2 - ए, भोपाल , दिनांक 27 फरवरी 2009 डी. बी . पावर ( मध्यप्रदेश ) लिमिटेड, प्रेस काम्पलेक्स, एम. पी. नगर, भोपाल द्वारा सिंगरौली जिले में प्रस्तावित 2640 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट की स्थापना हेतु तहसील देवसर, जिला सिंगरौली में स्थित ग्राम गोरगी की आराजी किता 147 रकबा 62.50 हेक्टेयर निजी भूमि के अर्जन हेतु प्रथम पक्ष व द्वितीय पक्ष के मध्य निम्न शर्तों के अधीन भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 41 के अधीन आज दिनांक 13 जून 2011 को अनुबंध ( करारनामा ) निष्पादित करते हैं :-
1. परियोजना के लिये ग्राम गारेर्गी की निजी भूमि के अर्जन हेतु भूमि के परिगणित मूल्य रुपये 2,91,26,898/- ( शब्दों में दो करोड़ इनक्यानवें लाख छब्बीस हजार आठ सौ अन्ठयान्वे रुपये ) कंपनी द्वारा बतौर अग्रिम जमा किया जा चुका हैं. शोष राशि एवार्ड पारित करने से पहले कोष में जमा करनी होगी.
2621 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
2. कम्पनी द्वारा नियमानुसार 10 प्रतिशत प्रशासकीय व्यय की राशि के साथ 20,51,190/ - ( शब्दों में बीस लाख इन्कावन हजार एक सौ नब्बे रुपये ) कम्पनी द्वारा बतौर अग्रिम जमा किया जा चुका है. शेष राशि एवार्ड राशि पारित करने के पूर्व शासकीय कोस में जमा किया जायेगा.
3. राज्य की आदर्श पुनर्वास नीति 2002 का परियोजना में पालन किया जावेगा.
4. अर्जित की जाने वाली निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कम्पनी द्वारा देय होगा.
5. भूमि जिस उपयोग के लिये अर्जित की जा रही है वही उपयोग कम्पनी द्वारा किया जावेगा.
6. कम्पनी द्वारा जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहीत की जा रही है उन कृषकों के परिवार के कम से कम एक सदस्य को कम्पनी में आदर्श पुनर्वास नीति 2002 में दिए गए निर्देशों के अनुरूप नौकरी देने के लिए प्रथम पक्ष वचनबद्ध होगा .
7. कम्पनी को दी गई भूमियां उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने, बंधक रखने , दान देने, पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अंतरित करने का अधिकार नहीं होगा परन्तु परियोजना के निर्माण/ विकास के लिये ऋण प्राप्त करने हेतु कम्पनी को ऋणदाता के पक्ष में भूमियां उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण को बंधक रखने की पात्रता शासन के पूर्व अनुमति के पश्चात् होगी .
8. यदि कम्पनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें शासन को अपने कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कम्पनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा .
9. भूमि की केवल सतह को उपयोग किया जावेगा. आवश्यक निर्माण में से भवन निर्माण , नींव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जावेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज एवं गैर खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.
10. कम्पनी द्वारा प्रदूषण नहीं किया जावेगा इस संबंध में संबंधी विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण नियंत्रण मण्डल से अनापत्ति प्रमाण- पत्र प्राप्त करना होगा कि पर्यावरण , जल श्रोत का वायु प्रदूषण नहीं किया जावेगा.
11 . भूमि के किसी उपयोग या उस पर निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां, अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित एवं स्थानीय संस्थाओं जैसे नगर निगम तथा ग्रामीण ग्राम पंचायत विभाग कलेक्टर आदि से प्राप्त करना होगा तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन करना होगा.
12. यदि किसी भी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिए नहीं होता है या बाद में कभी भी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों, सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कम्पनी को मुआवजा देय नहींहोगा.
13. भूमि उसके किसी भाग या उस पर बने भवन आदि को उक्त उल्लेखित उपयोग के अलावा न तो किसी व्यक्ति को उपयोग करने दिया जावेगा और न ही पट्टे या किराए पर दिया जायेगा.
14. भूमि जिस प्रयोजन के लिए दी गई है उससे भिन्न प्रयोजन हेतु उपयोग किए जाने से अनाधिकृत कब्जा मानकर भूमि शासन में निहित की जावेगी.
15. शासन के प्रतिनिधि या कलेक्टर या उसके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि को भूमि के सही उपयोग तथा शर्तों के पालन की पुष्टि से कभी भी भूमि पर निर्मित भवन परिसर आदि के निरीक्षण करने का अधिकार होगा .
16 . परियोजना से विस्थापित परिवारों को शिक्षा एवं अन्य सुविधाओं हेतु एक ट्रस्ट का गठन कलेक्टर सिंगरौली एवं डी. वी. पावर ( म. प्र. ) मिमिटेड के मध्य चर्चानुसार किया जावेगा.
2622
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
17. मौके की स्थिति या स्थानीय आवश्यकतानुसार भू- अर्जन की कार्यवाही के दौरान अन्य आवश्यक शर्तों का कम्पनी द्वारा पालन किया जायेगा.
18. पक्षकारों के मध्य उत्पन्न भू- अर्जन से संबंधित किसी भी विवाद का निराकरण जिले में स्थित न्यायालय में किया जायेगा.
19 भूमि पर निर्माण कार्य करते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जायेगा.
20. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जायेगा.
21. शासन पूर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जायेगा.
यह अनुबंध ( करारनामा ) आज दिनांक 13-6-2011 को डी. वी. पावर (म. प्र. ) लिमिटेड की ओर से अधिकृत डॉ. राजीव कुमार सिंह एवं मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग की तरफ से कलेक्टर, सिंगरौली द्वारा हस्ताक्षरित किया गया.
हस्ता./- (पी. नरहरि) कलेक्टर , जिला सिंगरौली ( म. प्र. ) अधिकृत हस्ताक्षर एवं एटार्नी हस्ता./- ( डॉ. राजीव कुमार सिंह ) डी. बी. पावर, म. प्र. लिमिटेड, ग्राम -गोरगी , तह. देवसर जिला सिंगरौली.
OFFICE OF THE ADDITIONAL COMMISSIONER OF INCOME TAX RANGE - 3 , AAYKAR BHAWAN ( ANNEXE) WHITE CHURCH ROAD , INDORE .
dated 29th June 2011 ORDER No. 1/2011
In exercise of powers conferred by the Central Broad of Direct Taxes , New Delhi , under sub - section ( 2) of Section 120 of the Income Tax Act, 1961 (43 of 1961) vide Notification No. 228 of 2001 , dated 31-7-2001 [ S. O. N. 732 (E) and File No. 187 /5 /2001 - ITA ] and amendment to it made vide Notification No. 335 of 2001 [ S. O. No. 1064 (E) dated 29-10-2001 ] , and all other powers in this behalf , and in pursuanceuance of the CIT- 1 , Indore Notification No. 1 /05-06 dated 11-8-2005 , and also in compliance to the INSTRUCTION NO . 1/2011 [ F. NO . 187/ 12/ 2010 - IT ( A - I ] , DATED 31-1-2011 ISSUED BY THE CBDT Which lays down revised monetary limit of cases to be assessed by DCsIT/ ACsIT and ITOs in metro cities and mofussil areas w . e . f. 1-4-2011 and the notifiation No. CCIT/ Ind /Tech/ Jurisdiction/2011-12 , dated 20-6-2011 issued by Hon'ble CCIT Indore further adjusting the monetary limit of the cases to be assessed by DCsIT /ACsIT and the ITOs in view of the INSTRUCTION No. 6/ 2011 [ F. No. 18/ 12 /2010 - ITA - I ] DATED 8-4-2011 , I the Additional Commissioner of Income Tax Range- III , Indore hereby diect that all of my subordinate Assessing Officers [ Dy/ Asstt . CsIT, ITOs ] shall exercise the powers and perform the functions of Assessing Officer in respect of such territories and/ or such persons or classes of persons and/ or such income or classes of income and/ or such cases or classes of cases in respect of which the Addl./Joint Commissioner of Income Tax - III , Indore. has been vested with Jurisdiction by the Commissioner of Income Tax - I Indore . Accordingly these assessing officers shall have concurrent jurisdiction' amongst themselves as well as with the Additional/ Joint Commissioner of Income Tax Range - III , Indore .
2. However without any restriction to the generality of concurrent jurisdiction , with a view to allocate the work amongst all these Assessing Officers for proper functioning , I , the Addional Commissioner of Income Tax Range- III , Indore , hereby direct that these Assessing Officers as specified in Col. No. 2 of Schedule' here to annexed, having their headquarters at places specified in corresponding entries in Col. No. 3 of the said Schedule , shall exercise the powers and perform the function of an Assessing Officers and/or any other functions as specified therein , in respect of territories mentioned in Col. No. 4 and/ or persons or classes of persons and/ or such income or classes of income and /or cases or classes of cases mentioned in Col. No. 5 schedule annexed hereto .
3. This order is in supersession of all the earlier orders issued in this regard and shall come into force with effect from 1-4-2011 .
Sd/- (APARNA KARAN) Additional Commissioner of Income Tax . Range- 3 , Indore .
भाग 1 ]
Territorial Area S. No. Designation ofIncome
Head Quarter
TaxAuthority
(2)
(1)
(4)
(3)
Municipal Wards of Indore .
1 DCIT/ ACIT Indore 3( 1 ) , Indore . Madhya Pradesh . 5 - Maharana Pratap Nagar.
10-Vijay Nagar
12-Bhamori
13-Nanda Nagar
30-Shivaji Nagar
31-Rustam Ka Bagicha
32- Ram Singh Bhai
33-Patnipura
34-LIG
35-Jagjeevan Ram Nagar
37 -Palasia
38 -Nehru Nagar
39 - Pancham & Goma
50-Kailashnath Katjoo
54- LalBahadur
55-Rajmahal
56-Hemu Colony
58 -Marimata Ka Bagicha
68-Bijalpur
2 Income tax Indore ( a) Municipal Wards of Indore.
Officer- 3 ( 1 ) Madhya
Indore. Pradesh .
10-VijayNagar
12-Bhamori
13 -Nanda Nagar
32-Ram Singh Bhai
55-Rajmahal
56-Hemu Colony
2623
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
SCHEDULE
Persons and classes of person and/or such income or classes of income and/or cases or classes of cases .
(5)
(a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in Col. 4 and income/loss returned is above Rs . 10 lakhs .
(b) All person being Individuals , HUFs & Firms deriving income under the head House Property, Capital Gains and/ or Other Sources etc. Residing within the territorial area mentioned in Col. 4 and in whose cases Income / loss returned is above Rs . 10 lakhs .
(c) All person being companies registered under Companies Act , 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in column No. 4 in whose cases income / loss returned is above Rs . 15 Lakhs .
(d) All persons being Trust , Waqfs , Society , Local Authority , AOP, BOI , AJP etc. , Falling within the territorial area assigned under column 4.
(e) All cases of Estate Duty falling within the territorial area assigned under Col. 4 .
(f) Any other case /cases assigned in terms of Section 120( 5) of the I. T. Act , 1961 .
(g) Any other case /cases assigned u/s 127 by the CCIT/ CIT.
(a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in item ( a) & ( b) of Col. 4 and income /loss returned is upto Rs . 10 lakhs .
(b) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income under the head House Property , Capital Gains and/or Other Sources etc. Residing within the territorial area mentioned in item ( a) & ( b) of Col. 4 and in whose cases income/loss returned is upto Rs . 10 lakhs .
2624
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र,नपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
(1)
(2)
(3)
(5)
(4)
(c) All person being companies registered under Companies Act , 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in item ( a) & (b) of column No. 4 in whose cases income/loss returned is upto Rs . 15 Lakhs .
(d) All persons being Employees of Central Government , residing in the territory as mentioned in item (b) of Col. 4 irrespective of their total income whose first name begins with Alphabet A to I.
(e) Any other case/cases assigned in terms of Section 120(5 ) of the I. T. Act, 1961 .
(f) Any other case /cases assigned u/s 127 by the CCIT/ CIT.
3 Income tax Indore (a) Municipal Wards of Officer- 3 (2 ) Madhya Indore.
Indore. Pradesh .
34-MIG
(a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in item ( a) & ( b) of Col. 4 and income/ loss returned is upto Rs . 10 lakhs .
35 -Jagjeevan Ram Nagar
37 -Palasia
38 -Nehru Nagar
39 -Pancham & Goma
(b) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income under the head House Property , Capital Gains and/or Other Sources etc. Residing within the territorial area mentioned in item ( a) & ( b ) of Col. 4 and in whose cases income / loss returned is upto Rs . 10 lakhs .
58 -Marimata Ka Bagicha
68-Bijalpur
(c) All person being companies registered under Companies Act , 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in item ( a) & (b ) of column No. 4 in whose cases income/loss returned is upto Rs . 15 Lakhs .
(d) All persons being Employees of Central Government , residing in the territory as mentioned in item (b) of Col. 4 irrespective of their total income whose first name begins with Alphabet J to R.
(e) Any other case/cases assigned in terms of Section 120(5) of the I. T. Act , 1961 .
(f) Any other case /cases assigned u/ s 127 by the CCIT/ CIT.
4 Income tax Indore
Officer- 3 (3 ) Madhya
5 - Maharana Pratap Nagar .
Indore. Pradesh .
(a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in item ( a) & (b) of Col. 4 and income/loss returned is upto Rs . 10 lakhs .
2625 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
(5)
(2)
(1)
(3)
(4)
30 -Shivaji Nagar
31-Rustam Ka Bagicha
33-Pardeshipura
(b) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income under the head House Property, Capital Gains and/or Other Sources etc. Residing within the territorial area mentioned in item ( a) & ( b ) of Col. 4 and in whose cases income /loss returned is upto Rs . 10 lakhs .
50-Kailashnath Katjoo
54- Lal Bahadur Shastri
(c) All person being companies registered under Companies Act , 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in item ( a ) & (b) of column No. 4 in whose cases income/loss returned is upto Rs . 15 Lakhs .
(d) All persons being Employees of Central Government , residing in the territory as mentioned in item (b ) of Col. 4 irrespective of their total income whose first name begins with Alphabet S to Z.
( e) Any other case/ cases assigned in terms of Section 120(5) of the I. T. Act , 1961 .
(f) Any other case /cases assigned u / s 127 by the CCIT/ CIT.
EXPLANATORY NOTES
1. The jurisdiction over the cases of partners of the firms and Managing Directors /Directors of the companies will vest with the AO having jurisdiction over corresponding Firms & Companies respectively irrespective of returned income/loss . In case of an individual is diector/partner in more than one company /firm , the jurisdiction of such individual shall vest with the Assessing Officer who is having jurisdiction over the company /firm which is having higher Income.
2. If a person is a Director or Managing Director and also a partner in one or more firms falling within the jurisdiction of different AOs , the AO having jurisdiction over the Director or Managing Director of the Company will have jurisdiction over such persons .
3. For the purpose of this Notification "Residing " means : -
(a) In the case if an Individual , place of residence unless otherwise provided in this notification .
(b) In this case of an HUF, the place of residence of the Karta , and in the case of firm or in other Association of persons or body of individuals or a local authority and all other Artificial Judicial persons .
(c) In case of companies the place where the registered office or principal place of business of is located.
(d) In case of private Ltd. , Companies wherever the jurisdiction is alphabet wise it is clarified that for the purposes of jurisdiction over the case , if the name begins with the word " The " , the same shall not be taken into account .
4. Reference to the Municipal Wards made in the Schedule should be read as reference to Municipal Wards of Muncipal Corporation , Indore , as per Notification No. 372 dated 12-8-1994 issued by the Govt . of Madhya Pradesh in this regard.
5. The jurisdiction of all other direct taxes including that of the Interest Tax shall be as per the territorial area asssigned as per column No. 4 of this Schedule .
Sd./- (APARNA KARAN) Additional Commissioner of Income Tax Range- 3 , Indore.
2626
[ भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
विदिशा , दिनांक 27 जून 2011
प्र. क्र. 11 - भू-अर्जन- A- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
सर्वे नं. एवं
लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टर में)
(6)
(4)
(2)
(5)
(3)
(1)
गंगरवाडा
विदिशा विदिशा
आर.एम. 3ए
0.125
कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्रमांक 2 .
पीपलखेड़ा नहर की माईनर आर.एम. 3 ए, आर.एम. उबी का निर्माण.
151/3 150/1 0.088 150/2 0.088 170/11 0.127 139/3 0.137 योग .. 0.565
आर.एम. 3बी
0.109
विदिशा गंगरवाडा
पीपलखेड़ा नहर की विदिशा
0.017
कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्रमांक 2 .
माईनर आर.एम. 3 ए,
0.193
आर.एम. उबी का निर्माण.
188/1 202/3 138/3 / 1 ग 138/3/ 1 ख 0.148 138/3/2 0.401 206/1 0.099 206/2 0.038 योग .. 1.005
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- पीपलखेड़ा नहर की माईनर आर. एम. 3 ए, आर.एम. उबी का निर्माण.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का उपखण्ड अधिकारी , विदिशा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है. (3)
विदिशा , दिनांक 5 जुलाई 2011
प्र. क्र. 8 - A 82-2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित भाग 1 ]
2627
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन ( 2 ) के अन्तर्गत
धारा 4
का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टर में )
(1)
(4) (2)
(3)
विदिशा
5.450
रूसल्ली
शमशाबाद
5.450
योग .
(2)
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन सापन उद्वहन सिंचाई योजना के ( नहर ) कार्य हेतु.
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सापन उद्वहन सिंचाई योजना ( नहर ) कार्य.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 9 -A 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टर में)
(1)
(4) (2)
(3)
पाली
शमशाबाद
विदिशा
1.208 योग .. 1.208 (2)
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन सापन उद्वहन सिंचाई योजना के ( नहर ) कार्य हेतु.
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सापन उद्वहन सिंचाई योजना ( नहर ) कार्य.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 10- A 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
(1)
(2)
(3)
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टर में )
(4)
शमशाबाद
विदिशा
रमपुरा खुर्द
0.555 0.555
योग ..
(2)
नटेरन
भू-अर्जन अधिकारी ,
सापन उद्वहन सिंचाई योजना के ( नहर ) कार्य हेतु.
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सापन उद्वहन सिंचाई योजना ( नहर ) कार्य.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.
2628
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
प्र. क्र. 3 - A 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे वर्णित अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टर में )
(1)
(2)
(3)
(4)
बरुअल
7.150 विदिशा कुरवाई
(2)
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , कुरवाई रेहटी सिंचाई मध्यम परियोजना की मुख्य नहर निर्माण कार्य हेतु.
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भू- अर्जन की आवश्यकता है- रेहटी सिंचाई मध्यम परियोजना की मुख्य नहर निर्माण कार्य हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी , कुरवाई में किया जा सकता है.
विदिशा , दिनांक 6 जुलाई 2011
प्र. क्र. 2 - A 82-2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे वर्णित अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टर में)
(2)
(1)
(3)
(4)
नाही
1.860 विदिशा कुरवाई
(5)
(6)
भू- अर्जन अधिकारी , कुरवाई रेहटी सिंचाई मध्यम परियोजना की मुख्य नहर निर्माण कार्य हेतु.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भू- अर्जन की आवश्यकता है- रेहटी सिंचाई मध्यम परियोजना की मुख्य नहर निर्माण कार्य हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी , कुरवाई में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सी. बी. सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2629
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला होशंगाबाद, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
होशंगाबाद, दिनांक 29 जून 2011
क्र. 9244 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम
(1)
(2)
(3)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टर/एकड़ में )
(4)
होशंगाबाद डोलरिया
0.096 0.228 0.144
खरार चंडवाड सोनखेड़ी
सोनखेड़ी से मिसरोद मार्ग निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , संभाग क्रमांक -1 , होशंगाबाद.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निशांत वरवडे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला अशोकनगर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
अशोकनगर, दिनांक 30 जून 2011
क्र. क्यू- भू- अर्जन- 22-2010-11.- चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिए गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला.
ग्राम
क्षेत्रफल (हेक्टर में) तहसील/ तालुक
(2)
(4) 1.394 (1) अशोकनगर ईसागढ़
(3) खमखेड़ी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
पचलाना बांध का निर्माण कार्य.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग अशोकनगर, जिला अशोकनगर ( म. प्र. ) .
( 2) भूमि का नक्शा एवं सम्पत्ति का विवरण भू- अर्जन अधिकारी , ईसागढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2630
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
खरगोन, दिनांक 30 जून 2011
क्र. 1016 - भू-अर्जन-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह -17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं :-
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम/नगर
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)
(2)
(3)
(4) खरगोन कसरावद
37.067
भग्यापुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. , मण्डलेश्वर.
भट्याण बुजूर्ग के विस्थापितों के पुनर्बसाहट हेतु.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) - ( 1 ) कलेक्टर , जिला खरगोन, ( 2 ) भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत परियोजना, मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन, ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल-1 ) , महेश्वर जल विद्युत परियोजना, म.प्र.रा.वि. मण्डल, मण्डलेश्वर, (4 ) महाप्रबंधक श्री महेश्वरं हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 1017 - भू-अर्जन--11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह-17 (4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं : -
तहसील
जिला
भूमि का वर्णन ग्राम/नगर
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(4) (2)
(3)
खरगोन
जिरभार
52.349 बड़वाह
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. , मण्डलेश्वर.
मर्दाना के विस्थापितों के पुनर्बसाहट हेतु.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) - ( 1 ) कलेक्टर, जिला खरगोन, ( 2 ) भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत परियोजना, मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन, ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल -1 ) , महेश्वर जल विद्युत परियोजना, म.प्र.रा.वि. मण्डल, मण्डलेश्वर, (4) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
भाग 1 ]
2631
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
क्र. 1015 - भू- अर्जन- 11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उनकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) , सह -17 ( 4 ) के उपबंध इसके संबंध में लागू होते हैं : -
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम/नगर
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2) (3)
(4) खरगोन
47.558 बड़वाह
शाहपुरा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पो. लिमि. , मण्डलेश्वर.
मर्दाना के विस्थापितों के पुनर्बसाहट हेतु.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) - ( 1 ) कलेक्टर, जिला खरगोन, ( 2 ) भू- अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत परियोजना, मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन , ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल -1 ) , महेश्वर जल विद्युत परियोजना , म.प्र.रा.वि. मण्डल, मण्डलेश्वर, (4 ) महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर , जिला शहडोल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
शहडोल , दिनांक 3 जुलाई 2011
क्र. दस - भू-अर्जन- फा 527-1- अ-82-2009-3209.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधितों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 " अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) 0.899
(3) बटुरा
(1) शहडोल
(2) सोहागपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग, शहडोल ( म. प्र. ) .
राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 78 के कि.मी. 169 एवं 170 में सोन नदी बटुरा घाट पर निर्मित पुल के एप्रोच रोड हेतु भूमि काअर्जन.
नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर, शहडोल / अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , सोहागपुर , जिला शहडोल ( म. प्र. ) में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज दुबे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2632
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर , मध्यप्रदेश एवं पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
सागर , दिनांक 4 जुलाई 2011
क्र. क- 5347 - प्र.भू- अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
जिला
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण
लगभग क्षेत्रफल
तहसील नगर/ग्राम
(1)
(2)
(3)
कुल खसरा नं . (4) सागर
रहली
13
धोनई
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
कुल रकबा (हेक्टर में )
(6)
(7)
(5)
13.69
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म.प्र. ) .
रहली विकासखण्ड के अंतर्गत मैनई जलाशय के शीर्ष कार्य (बांध) के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन सचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सीहोर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सीहोर, दिनांक 5 जुलाई 2011
प्र. क्र. 1 - अ- 82-2010-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता हैं अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
जिला
भूमिका वर्णन नगर/ग्राम
तहसील/ तालुका
लगभग क्षेत्रफल (एकड़/ हेक्टेयर में ) (1)
(2)
(3)
(4)
टिटोरिया
सीहोर आष्टा
8.68 एकड़ 3.513 हेक्टे.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, सीहोर.
टिटोरिया तालाब की नहर के निर्माण हेतु.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- टिटोरिया तालाब की नहर के निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अ.वि.अ./भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता है .
2633 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
सीहोर, दिनांक 6 जुलाई 2011
प्र. क्र. 2 - अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता हैं अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है , अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में)
तहसील/ तालुका
(2)
(1)
(3)
(5)
(6)
(4)
आष्टा
सीहोर
सेवदा
3.47 एकड़ 1.404 हेक्टे.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, सीहोर.
टिटोरिया तालाब की नहर के निर्माण हेतु.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- टिटोरिया तालाब की नहर के निर्माण हेतु.
( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अ.वि.अ./ भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजय गोयल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
दमोह, दिनांक 6 जुलाई 2011
क्र. क- भू.अ.अ.- 2010-11-1992.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(1) (2)
(5)
(6) (3)
(4)
दमोह
0.04
दमोह
जुझार
कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग, सागर.
बांदकपुर नोहटा मार्ग पर पुल निर्माण एवं पहुंच मार्ग हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तथा कार्यपालन यंत्री, लो.नि. विभाग सेतु दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 1992- भू.अ.अ. - 2010-11- प्र.क्र. 15-अ- 82- वर्ष 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के 2634
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम/नगर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
तहसील का नाम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(1) (2)
(3)
(6)
(4)
(5)
1.20
दमोह बटियागढ़ बिजौरी नवलशाह
1.63
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग दमोह , संभाग दमोह.
पुरवाबेला
1.46
हारट - मंगोला योजना के मार्ग निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.
बेला पुरवा
3.41
रूसन्दी
3.56
मंगोला
पैरवारा
0.03
11.29
कुल योग .
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड, हटा एवं कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग दमोह , संभाग दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानन्द दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला मण्डला, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
मण्डला, दिनांक 7 जुलाई 2011
क्र. भू-अर्जन ( अ -82 )-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी. जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(1)
(2)
ग्राम एवं प.ह.नं. (3)
भूमि का लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में ) (4)
(6)
(5)
मण्डला घुघरी
हर्राटीकुर जलाशय निर्माण हेतुं.
सोनटिकरी बिलगांव
20.51 9.92
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन, संभाग , निवास.
सालीवाडा रै.
1.08
सालीवाडा मा.
1.00
प.ह.नं. 60
कुल योग 32.51
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर , मण्डला में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2635
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला टीकमगढ़, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
टीकमगढ़ , दिनांक 8 जुलाई 2011
प्र. क्र. 1 - भू-अर्जन- 2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गयी अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों द्वारा सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के तहत शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)
(3)
(4)
6.000
चिनगुवां
टीकमगढ़ खरगापुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
ललितपुर - खजुराहो नई बड़ी रेल लाईन का निर्माण कार्य.
अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, बल्देवगढ़.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- ललितपुर - खजुराहो नई बड़ी रेल लाइन का निर्माण कार्य में आने वाली भूमि काअर्जन.
(3) भूमि का नक्शा एवं प्लान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, बल्देवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 2 - भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गयी अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों द्वारा सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के तहत शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2)
(3)
(4)
0.45 खरगापुर
टीकमगढ़
चक्र -1 दोह
( 2)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
ललितपुर - खजुराहो नई बड़ी रेल लाईन का निर्माण कार्य.
अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, बल्देवगढ़.
सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- ललितपुर - खजुराहो नई बड़ी रेल लाइन का निर्माण कार्य में आने वाली भूमि का अर्जन.
(3) भूमि का नक्शा एवं प्लान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व , बल्देवगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रघुराज राजेन्द्रन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2636
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
ग्वालियर, दिनांक 11 जुलाई 2011
क्र. 13 - अ- 82-10-11 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2) (3)
(4) ग्वालियर भितरवार झाऊ
2.444 योग .. 2.444 (
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दायां तट नहर संभाग , नरवर.
सिंध परियोजना के तहत दो आव नहर की झाऊ माईनर का निर्माण कार्य हेतु भूमि का अर्जन.
2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 14- अ- 82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4)
खडीचा
ग्वालियर भितरवार
3.283 योग .. 3.283
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दायां तट नहर संभाग , नरवर.
सिंध परियोजना के तहत दो आव नहर की खडीचा माईनर का निर्माण कार्य हेतु भूमि का अर्जन.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 15- अ- 82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भाग 1 ]
2637
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में ) (1)
(2)
(4)
(3)
भितरवार वामौर
ग्वालियर
योग ..
3.082 3.082
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दायां तट नहर संभाग , नरवर.
सिंध परियोजना के तहत दो आव नहर की खेडा माईनर का निर्माण कार्य हेतु भूमि का अर्जन.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 16 - अ- 82-10-11- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(3)
(1)
(4) भितरवार सांखनी
ग्वालियर
8.772 योग .. 8.772
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , सिंध परियोजना दायां तट नहर संभाग, नरवर.
सिंध परियोजना के तहत दो आव नहर की सांखनी माईनर का निर्माण कार्य हेतु भूमि का अर्जन.
2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(
क्र. 17- अ- 82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है , अत्तः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
जिला तहसील
भूमिका वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)
(2)
(4)
(3)
ग्वालियर भितरवार केरूआ
योग ..
2.41 2.41 (
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दायां तट नहर संभाग , नरवर.
सिंध परियोजना के तहत दोआव नहर की केरूआ माईनर का निर्माण कार्य हेतु भूमि का अर्जन.
2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
[भाग 1 2638
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
क्र. 18- अ-82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन भूमिका वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
जिला
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(6) (3)
(5)
(4)
(1)
(2)
ग्वालियर भितरवार खड़ौआ
कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दायां तट नहर संभाग , नरवर.
0.15 योग .. 0.15
सिंध परियोजना के तहत दोआव नहर की खड़ौआ माईनर का निर्माण कार्य हेतु भूमि का अर्जन.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 19 - अ- 82-10-11 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
जिला
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(6)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
भितरवार
ग्वालियर
खेड़ा
3.91 योग .. 3.91
कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दायां तट नहर संभाग, नरवर.
सिंध परियोजना के तहत दोआव नहर की खेड़ा माईनर का निर्माण कार्य हेतु भूमि का अर्जन.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
शाजापुर , दिनांक 13 जुलाई 2011
क्र. भू- अर्जन- 2011-209.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अधीन इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा 2639 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टर में )
(6) (1)
(4)
(5)
0.337
शाजापुर
(2) शुजालपुर
(3) डुंगलाय
0.337
योग
जेठडा तालाब में डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि का अधिग्रहण.
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन शाजापुर .
नोट- भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , अनुविभाग शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सोनाली एन. वायंगणकर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
छतरपुर , दिनांक 14 जुलाई 2011
प्र. क्र. 03- अ-82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 ( क) के अन्तर्गत
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(6) (2) राजनगर
(4) 0.006
(1) छतरपुर
(5) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व,
राजनगर.
(3) थोवनपुरवा (नांद)
बरियारपुर परियोजना के कुटनी पोषक जलाशय हेतु भूमि का अर्जन.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- बरियारपुर परियोजना के कुटनी पोषक जलाशय हेतु भूमि का अर्जन.
( 3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , कार्यालय , राजनगर में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 10- अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) निजी भूमि
(4) 1.100
(3) भेल्दा
(2) घुवारा
(1) छतरपुर
(5) अनु. अधिकारी ( राजस्व ) ,
विजावर.
(6) अगरोठा तालाब के नगर निर्माण हेतु भू-अर्जन.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- अगरोठा तालाब के नहर निर्माण हेतु भू- अर्जन.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय , राजस्व, विजावर में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2640
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन ,
राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 18 मई 2011
क्र. 705 - भू-अर्जन-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- हनुमना
(ग) ग्राम- देवरी
(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 0.698 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
कुल रकबा अर्जित भूमि
(हे में)
(1)
(2)
(हे में) (3)
1.189
46
0.097
47
1.854
0.162
44
1.319
0.065
18
0.943
0.073
1.052
19
0.061
17
2.606
0.240
8.963
0.698
कुल योग ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- जल संसाधन सर्वेक्षण संभाग रीवा के अंतर्गत, देवरी तालाब योजना के नहर निर्माण कार्य.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 707 - भू-अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , जिसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील - हनुमना
(ग ) ग्राम- छदना खुर्द
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.591 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अर्जित भूमि (हे में)
कुल रकबा (हे में)
(1)
(3)
(2)
3.237
0.231
64/2
1.011
64/1क
0.174
0.020
64/1ख
1.012
0.728
0.073
65/2
65/1
0.093 0.591
0.979 6.967
कुल योग ..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- जल संसाधन सर्वेक्षण संभाग रीवा के अंतर्गत, देवरी तालाब योजना के नहर निर्माण कार्य.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 710- भू-अर्जन-08.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- मऊगंज
(ग) ग्राम- रकरी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.067 हेक्टेयर .
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टे. में)
(2)
(1)
0.081
812/1/12
0.061
812/1/1च भाग 1 ]
2641
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
(1)
(2)
812/1 /1 क 1
0.105
812/ 1 / 1 क 2
0.105
0.202
812/1 / 1अ
0.194
812/1/1 ड़
812/1/1झ
0.169
812/1/1 छ
0.065
812/1/1/ घ
0.065
620/14
0.121
620/15
0.121
620/12/1
0.089
620/2/1 क
0.693
620/3/1 च
0.147
0.101
620/3/1 ज
620/3/1 क 1
0.144
0.314
620/3/1 ड 1
620/3/1 ख
0.105
620/3/1 य 2
0.185
. 3.067
कुल अशासकीय
कुल शासकीय
महायोग
3.067 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- जल संसाधन संभाग रीवा के अन्तर्गत रकरी तालाब नहर निर्माण कार्य .
(3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 711 - भू-अर्जन-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत जिसके द्वारा घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख ) तहसील- मऊगंज
(ग) ग्राम-डाभी
(घ ) क्षेत्रफल लगभग- 3.033 हेक्टेयर .
खसरा नम्बर
अर्जित भूमि
(हे में )
कुल रकबा (हे में)
(1)
(2)
(3)
183/3 ख
2.428
1.821
183/2 क/3
0.822
0.404
(3)
(1)
(2)
0.404
183/4 ख
0.809
174/8
2.468 6.527
0.404 3.033
योग .
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- जल संसाधन सर्वेक्षण संभाग, रीवा के अंतर्गत , लालगंज तालाब योजना के वेस्ट वियर के नहर निर्माण कार्य.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाध्यक्ष के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 713 - भू-अर्जन-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील- मऊगंज
(ग) ग्राम- नईगढ़ी
(घ ) क्षेत्रफल लगभग- 1.537 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अर्जित भूमि (हे में)
कुल रकबा (हे में)
(2)
(3)
(1)
0.097
0.963
3189
2.711
0.233
3190
0.305
3192/3
3.316
0.202
3192/6
0.809
0.506
0.328
3193/3
2.023
0.222
3215/2
0.126
3212/1
0.611
3216/5
0.024 1.537
8.195 योग .. 19.134
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है-जल संसाधन सर्वेक्षण संभाग रीवा के अंतर्गत लालगंज तालाब योजना के बांध के नहर निर्माण कार्य.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 716 - भू-अर्जन- 08.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक 2642
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील- त्योंथर
(ग) ग्राम- छदहना
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.494 हेक्टेयर .
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टे. में)
(2)
(1)
0.178
325/1,325/2 , 325/3 316/3 216/1 , 216/2 , 216/3 , 216/4 , 216/ 5,216/6 .
0.097
218
0.040
0.004
0.110
0.073
0.012
0.093
0.020
0.045
0.016
0.028
0.234
229/1 , 229/2
0.045
0.134
0.110 0.121 215 214 311 308/1 , 308/2 , 308/3 276 321/1 , 321/2 , 321/3 321/4 185 208 210 323 254 249 223 0.053
76/1
कुल अशासकीय . 1.413 0.081 कुल शासकीय महायोग 0.081 1.494
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- जल संसाधन संभाग रीवा के अन्तर्गत, छदहना तालाब योजना का निर्माण कार्य.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 717- भू- अर्जन-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- मऊगंज
(ग ) ग्राम- शिवराजपुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.042 हेक्टेयर .
खसरा नम्बर
अर्जित भूमि (हे में)
कुल रकबा (हे में)
(2)
(3)
(1)
2.023
0.077
3/31
0.073
2.023
3/14
0.470
2.023
3/23
0.220
1.011
56/13 क
1.011
0.195
56/13 ख
2.023
0.400
56/36
0.081
0.154
56/34 क
0.081
0.158
56/34 ख
0.158
0.081
56/34 ग
0.158
0.081
56/34 घ
2.023
0.081
56/21
0.202
56/45
2.023
2.042
योग .. 14.788
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - जल संसाधन सर्वेक्षण संभाग रीवा के अंतर्गत, पिपरछत्ता तालाब योजना के नहर निर्माण कार्य.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 718 - भू- अर्जन- 10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , जिसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख ) तहसील- हनुमना भाग 1 ]
2643
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
( ग) ग्राम -गाडा
(घ ) क्षेत्रफल लगभग- 1.097 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
(1)
कुल रकबा (हे में ) (2)
अर्जित भूमि (हे में) (3)
616
0.206
0.049
0.303
614/1
0.061
0.069
614/4
1.035
0.150
614/8
0.008
654/8
0.202
0.049
654/4
0.324
0.036
22.035
0.825
654/1 क
1.097
योग .. 24.255
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- जल संसाधन सर्वेक्षण संभाग रीवा के अंतर्गत देवरी तालाब योजना के नहर निर्माण कार्य.
(3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. पी. श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सीधी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सीधी, दिनांक 31 मई 2011 प्र. क्र. 111-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दर्दीगई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
प्रयोजन- रीवा- सीधी बड़ी रेल लाईन परियोजना
( 1 ) भूमि का विवरण- राजस्व
(क) जिला- सीधी
(ख ) तहसील- चुरहट
(ग ) नगर/ ग्राम- टकटैया
(घ) क्षेत्रफल-2.708 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
(1)
584
0.029
0.026
585
586
0.016
0.021
590
0.049
591
0.039
592
0.039
593
0.006
594
0.040
595
596
0.069
0.040
597
0.015
598
0.002
599
0.002
583
0.001
589
0.070
608
0.019
616
0.077
617
0.058
638
0.034
639
0.068
644
0.061
645
0.008
646
0.003
653
656
0.022
0.046
657
0.036
659
0.008
660
0.003
663
664
0.001
0.036
665
0.030
666
0.030
667
0.041
668
0.030
669
0.020
670
0.020
671
0.030
672
0.015
673
0.003
674
675
0.003 2644
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
(1)
(2)
709
0.070
712
0.050
715
0.011
716
0.009
720
0.006
722
0.072
723
0.132
658
0.100
725
0.005
757
0.068
0.070
758
756
0.008
762
0.131
763
0.138
764
0.028
765
0.010
766
0.090
767
0.045
768
0.001
774
0.006
843
0.002
844
0.013
846
0.012
0.086
849
850
0.030
851
0.039
852
0.003
0.025
854/1 , 854/2
855
0.059
856
0.043
0.046
858
857
0.034
0.048
859/1 , 859/2
860
0.038
861
0.002
724
0.012 2.708
कुल योग :
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- रीवा- सीधी नई बड़ी रेल लाइन हेतु.
(3) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर सीधी के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एन. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला मुरैना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग मुरैना , दिनांक 29 जून 2011
क्र. क्यू- कोर्ट - कले. - राजस्व भू- अर्जन- 01-09-10.- पूर्व प्रकाशित अधिसूचना दिनांक 19-11-2010 में तहसीलदार मुरैना के प्रतिवेदन के आधार पर मौके की स्थिति अनुसार आंशिक संशोधन किया जाता है . चूंकि राज्य शासन को इस का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 68 सन् 1984 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
संशोधित अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- मुरैना
(ख) तहसील - मुरैना
(ग) ग्राम-पिपरई
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.0.88 हैक्टेयर.
संशोधित अधिग्रहण पूर्व में अधिग्रहण हेतु
प्रकाशित रकबा
अधिग्रहण हेतु शेष रकबा (हैक्टेयर) सर्वे नं. रकबा सर्वे नं.
रकबा (है.) (है.)
(1)
(2)
1518
0.520
1518/1
0.050 1502
0.056
1502
0.064 0.022
0.168 1610
1610
0.025 0.244
1611
1611
नोट.- सर्वे क्रमांक 1611 , रकबा 0.244 में से संशोधित अधिगृहित रकबा 0.025 है, शेष रकबा 0.219 अधिगृहण से मुक्त.
सर्वे क्रमांक 1610 , रकबा 0.210 में से कुल अधिगृहित रकबा 0.190 है , शेष रकबा 0.020 अधिगृहण से मुक्त.
सर्वे क्रमांक 1518 , रकबा 0.570 का संपूर्ण रकबा अधिगृहित है , शेष रकबा नहीं है . सर्वे क्रमांक 1502 रकबा 0.120 का सम्पूर्ण रकबा अधिगृहित है, शेष रकबा नहीं है.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है, धौलपुर - मुरैना मार्ग पर इंटीग्रेटेड चैकपोस्ट बैरियर निर्माण हेतु .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी मुरैना जिला मुरैना के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. के. अग्रवाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2645
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला अशोकनगर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग अशोकनगर, दिनांक 2 जुलाई 2011
क्र. भू- अर्जन-440-2010-11 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है, उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-अशोकनगर
(ख ) तहसील/तालुक- चन्देरी
(ग) नगर/ग्राम- रामपुर मुहाल
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-21.162 हेक्टर.
खसरा नम्बर
भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में)
(1)
(2)
2
3.659
3/1/क
1.114
3/1/ख
0.349
3/2/क
1.672
3/2/ख
0.418
3/3
2.392
3/4
3.554
4
0.596
6/1
2.561
6/2
2.561
1.432
7/2
12
0.025
0.115
14
15
0.021
20
0.094
21
0.473
22
0.126
21.162
योग
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- थूवोन तालाब निर्माण योजना के अंतर्गत डूब में आई भूमि का स्थाई अर्जन.
( 3 ) भूमि का नक्शा एवं सम्पत्ति का विवरण भू-अर्जन अधिकारी चन्देरी एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग अशोकनगर में कार्यालीन समय में देखा जा सकता है .
क्र. भू-अर्जन-445-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क ) जिला-अशोकनगर
(ख ) तहसील/तालुक- चन्देरी
(ग) नगर/ ग्राम- जीयाजीपुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल-19.780 हेक्टर .
खसरा नम्बर
भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में )
(2)
(1)
117
0.658
0.836
119/1
0.188
119/2/2/क
0.923
119/2/2/ख
0.658
1.993
130/1
1.160
131/2
0.985
131/3
0.972
136
137
1.473
0.982
138
0.564
139
0.230
140
0.685
141
1.170
142
1.790
144/1
1.791
144/2
1.227
144/3
0.669
145
0.826
147
19.780
योग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- थूवोन तालाब निर्माण योजना के अंतर्गत डूब में आई भूमि का स्थाई अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा एवं सम्पत्ति का विवरण भू-अर्जन अधिकारी , चन्देरी एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग अशोकनगर में कार्यालीन समय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2646
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
कार्यालय , कलेक्टर , जिला मंदसौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग गरोठ, दिनांक 4 जुलाई 2011
प्र. क्र. - 07 - अ- 82-09-10. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की पिपल्या लालगंज तालाब से वेस्ट वेअर योजना के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- मंदसौर
(ख ) तहसील- भानपुरा
(ग) ग्राम-कोहला
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.047 हेक्टर.
सर्वे नं.
रकबा
अर्जित
संपत्तियों का विवरण
(2)
(1)
(3) 93/2
1.011
0.220
110/2
109/268/2
0.101
108/1
0.400
108/2
0.250
108/311
0.100
0.010
108/312
109/728/1
0.405
79
0.085
119/2
0.045
118/2
0.070
119/1
0.135
122/2
0.200
122/1
0.015
3.047
योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- पिपल्या लालगंज तालाब से वेस्ट वेअर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , गरोठ जिला मंदसौर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महेन्द्र ज्ञानी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर, दिनांक 4 जुलाई 2011
प्र. क्र. 55 - अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- गौरिहार
(ग ) ग्राम-खड़ेही
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-निजी भूमि-5.989
खसरे का क्षेत्रफल
अर्जित
भू-अर्जन खसरा विविरण से भूखण्डों
की संख्या
(हेक्टर में )
(2)
(1)
खडेही वितरक नहर
70/2
0.106
0.068
72/1
0.068
72/2
73
0.049
0.156
75
0.117
80
81
0.190
0.073
84/2
0.213
118
125
0.274
126
0.156
127
0.123
0.011
131
0.123
314
0.034
324
325
0.104
326
0.112 भाग 1 ]
2647
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
(1)
(2)
नीवीखेड़ा दांयी माइनर 589
0.176 592
0.071 593/1
0.120 593/2
0.096
खडेही सब माइनर
349
0.104 350/3
0.028 351/1 ख
0.038 351/1 क
0.087 351/2
0.067 351/4
0.045 351/5
0.042 370
0.129 371
0.128 393/1
0.043 393/2
0.043 394
0.115 399/1
0.288 400/1
0.064 536
0.109 538
0.115 539
0.164 548
0.109 549
0.115 550
0.082 602
0.072 604/2
0.122 606
0.109
0.096 609/1
610
0.077 सरबई वितरक नहर नं. 2 की खडेही माइनर 165
0.014 167/1
0.057 168/1
0.009 168/2
0.080 169
0.044 181
0.120 202
0.177 204
0.025 205
0.057 206
0.051 207
0.014
(2)
(1)
208
0.057
209/1
0.009
0.020
217/1
218
0.076
220/1/2
0.136
220/1/3
0.040
221
0.108
222/3
0.013
631/181
0.051
कुल अर्जित रकबा 5.989
(2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की खडेही वितरक नहर नीवीखेड़ा दांयी माइनर एवं खड़ेही सबमाइनर एवं सरबई वितरक नहर नं. , 2 से निकली खड़ेही माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लवकुशनगर में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 73 - अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- गौरिहार
(ग ) ग्राम- नीवीखेड़ा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-निजी भूमि-6.552
खसरे का क्षेत्रफल भू-अर्जन खसरा
अर्जित
विविरण से भूखण्डों
की संख्या
(हेक्टर में)
(1)
(2)
नीवीखेड़ा बांयी माइनर
0.072
697
698
0.045
0.012
1116
0.105
1117 2648
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
(1)
(2) 1119
0.050 1144
0.060 1121/2
0.104
नीवीखेड़ा दांयी माइनर 772
0.044 774
0.180 778
0.200
0.036 790
791
0.168 792
0.024 809
0.108 812
0.088 814
0.018 816
0.163 841
0.104
0.083 843
882
0.188 883
0.131
0.053 903
0.035 904
906
0.184 915
0.178 971/1
0.084 971/2
0.084 974
0.016 975
0.028 976
0.026 977
0.048 978
0.040 1013
0.051 1014
0.075
0.026 1015/3/1
0.069 1015/3/2
1029/1
0.046 1029/2
0.049 1030/1
0.088 1030/2
0.088 1058
0.152
0.048 1059/1
1059/2
0.048 1961/1
0.060
0.060 1061/2
1062
0.024 1082/2
0.068 1091
0.117
0.008 1092
1144
0.076 (1)
(2)
नीवीखेड़ा दांयी माइनर की सब माइनर
0.099
758
0.076
764
765
0.089
0.061
769
770
0.076
771
0.082
0.016
791
सरबई वितरक नं. 2 से निकली नीवीखेड़ा माइनर 5
0.095
0.025
7/2
0.215
9
10
0.063
0.070
11
13
0.020
14
0.089
0.089
15
0.024
16
0.139
17
0.020
314/1
0.010
314/2
0.020
316/1
0.096
316/2
0.190
317
0.056
318/1/1
0.056
318/1/2
318/2
0.098
0.012
320/2
0.064
321/1/1
321/1/2
0.050
0.076
322/1
323
0.152
0.028
324
330
0.010
333
0.190
0.152
334
331
0.032
6.552
कुल रकवा ..
(2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की नीवीखेड़ा बांयी माइनर एवं दांयी माइनर एवं खडेही वितरक नहर एवं सरबई वितरक नहर नं . 2 से निकली नीवीखेड़ा माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
2649
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
छतरपुर, दिनांक 13 जुलाई 2011
प्र. क्र. 21 - अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील-गौरिहार
( ग ) ग्राम - नीवीखेड़ा
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-निजी भूमि-0.212
खसरे का क्षेत्रफल भू- अर्जन खसरा
विविरण से भूखण्डों
की संख्या
अर्जित (हेक्टर में)
(1)
(2)
1238
0.066
1249
0.146 कुल अर्जत रकबा 0.212
( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की छपरा माइनर निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी , एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 40- अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
( क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- गौरिहार
(ग) ग्राम-गोहानी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-निजी भूमि-12.856
खसरे का क्षेत्रफल भू-अर्जन खसरा
अर्जित
विविरण से भूखण्डों
की संख्या
(हेक्टर में)
(2)
(1)
चकखडेहा वितरक नहर
0.080
533
0.15
535/1/1
0.040
536
0.029
537/1
550
0.183
0.21
551
0.300
559
0.024
562
0.034
563
0.048
564/1
0.126
564/2
565
0.213
566
0.016
0.004
567
0.192
570/1
0.078
570/2
0.072
570/3
0.021
572
0.575
581
0.025
582
0.010
585
0.144
586
0.222
587
0.004
588
0.108
589
590
0.118
0.228
595
753
0.055
754
0.216
0.045
755
0.060
756
0.018
757
0.057
765
0.195
767
0.008
768
0.204
944
0.141
945
0.030
946 2650
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
(1)
(2) 949
0.300 984
0.100 985/1
0.100 985/2
0.015 987/1
0.092 987/3
0.128 989
0.120 990
0.375 994
0.144 1000
0.064 1001
0.128 1008
0.075 1009
0.072
0.016 1010
1011
0.18 1026
0.210 1037/2
0.005 1039
0.270 1040
0.096 1041
0.166 1049/1
0.036 1049/2
0.105 1050
0.180 1051
0.240 1140/2
0.088 1142
0.086 1143
0.008 6 एल माइनर
773
0.010 777/2
0.147 777/3
0.023 778
0.080 779
0.072 780
0.032 781
0.088 792/2
0.056 793
0.072
0.080 802/2
802/3
0.088 804/2
0.184 805
0.019 806
0.045 819
0.020 820
0.084
(2)
(1)
0.004
821
0.060
823
0.088
824
827
0.160
0.128
856
0.160
857
0.173
859/1
0.015
859/2
0.008
863/1
0.046
863/2/2
0.008
864
0.090
865/1
865/2
0.106
865/3
0.352
872
0.120
873/1
0.029
873/2/1
0.080
873/2/2/2
0.104
0.256
1044
0.032
1049/1
0.004
1050
हरवंशपुर माइनर
0.010
551
0.004
589
0.168
590
0.040
591
0.080
609/1
0.180
613
0.104
614/1
0.015
614/2
0.009
615
0.104
639
0.210
644
645
0.128
0.062
646
653
0.320
0.052
657/1
0.160
678
0.015
679
रावपुर माइनर
0.126
127/2
0.076
289/1 भाग 1 ]
2651
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
(2)
(1)
289/2
0.076
0.056
290/1
290/2
0.056
12.856
योग ..
( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की चकखडेहा वितरक नहर की हरवंशपुर माइनर, 6 एल , सबमाइनर एवं रावपुर माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लवकुशनगर में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 2-अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- गौरिहार
(ग) ग्राम- धुरारा
( घ ) लगभग क्षेत्रफल- निजी भूमि-4.403 हेक्टर.
खसरे का क्षेत्रफल
अर्जित
भू-अर्जन खसरा विवरण से भूखण्डों
की संख्या
(हेक्टर में )
(1)
(2)
32
0.038
38
0.010
39
0.085
52/1
0.264
53
0.018
56/3
0.051
58
0.054
0.074
59
0.035
60
63
0.093
64
0.085
69
0.18
(2)
(1)
0.082
70
71
0.19
0.009
72
0.11
73
0.125
74
0.008
75
0.028
76/1
0.028
76/2
0.029
76/3
0.118
77/1
0.125
77/2
0.017
79/1
0.072
94/1
0.080
94/2
0.081
97
0.129
221
0.088
227
0.098
228
0.09
229
233
0.147
0.470
234
0.008
235
0.136
238
0.158
239/1
0.158
241
243/2
0.123
255
0.084
0.010
258
265
0.138
0.08
266
0.021
267
0.062
268
0.25
269
276
0.064
योग .. 4.403
( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की चकखडेहा वितरक नहर एवं धुरारा माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लौंड़ी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 43 - अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 2652
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
( क) जिला-छतरपुर
(ख) तहसील- गौरिहार
(ग ) ग्राम- दूल्हादेव
(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-4.244 हेक्टर .
खसरे का क्षेत्रफल भू-अर्जन खसरा
अर्जित
विवरण से भूखण्डों
की संख्या
(हेक्टर में)
(1)
(2)
4/1
0.095
4/2
0.040
5
0.057
0.040
7
0.076
8
0.010
9
12
0.044
13
0.016
20
0.054
21
0.032
22
0.051
23
0.051
0.015
24
25
0.027
0.048
26
27
0.015
35
0.127
42
0.086
0.016
43
0.038
44
47
0.032
48
0.016
49
0.048
50
0.057
51
0.019
141
0.03
142/2
0.012
(1)
(2)
0.008
142/3
0.040
148
0.168
150/1
1.168
150/2
151
0.128
152
0.033
0.400
153
0.015
155
0.205
173
0.203
174
0.032
177
0.133
178
183
0.006
184
0.114
0.051
185
0.009
186
187
0.095
0.055
188/1
0.110
189
0.020
190
0.070
192/1
0.065
192/2
0.228
225
0.253
226
238
0.025
0.051
240
247/154
0.150
249/192
0.217
योग .. 4.244
(2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की दूल्हादेव माइनर एवं हरवंशपुर माइनर नं . 1 के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लौंड़ी में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 65 - अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भाग 1 ]
2653
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
तहसील-गौरिहार
(ख )
(ग) ग्राम-कंदैला
( घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-10.814 हेक्टर.
खसरे का क्षेत्रफल भू-अर्जन खसरा
अर्जित
विवरण से भूखण्डों
की संख्या
(हेक्टर में)
(2)
(1)
सिंगारपुर वितरक नहर
2
0.270
0.002
251
0.005
254
255
0.091
256
0.150
257
0.107
258/2
0.096
0.006
259
268
0.162
274
0.075
302/1
0.135
302/2
0.304
303
0.020
304
0.129
320
0.264
346/1
0.110
348
0.210
349
0.303
350
0.036
351/1
0.072
351/2
0.177
352/2
0.038
363
0.016
364
0.296
0.053
365/2
370
0.084
371
0.312
397
0.234
0.016
400
401/2
0.007
(2)
(1)
0.214
402
0.171
403
0.246
409
0.108
427
0.120
428/808
0.062
429
0.002
430
0.042
755/2
0.006
756
806/427
0.096
योग .. 4.947
एल. 1 माइनर
0.128
667/1
667/2
0.051
0.046
667/3 में से
0.048
667/3 में से
0.048
667/3 में से
0.047
667/3 में से
668/2
0.133
0.195
690
0.048
691/1/2
0.089
691/2
0.097
691/3
0.096
691/5
0.128
692
698/3
0.095
1.249
योग
आर. 2 माइनर
0.049
145/1
0.096
145/11
0.048
145/14
0.224
145/15
0.075
145/17
0.246
145/19
0.121
774
0.128
775/1
0.040
780
0.096
781/1
0.123
784/3
योग 1.246 2654
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
(1)
(2)
एल. 3 माइनर 420/1
0.102 425
0.002 426
0.126
0.128 429
446/1
0.092 467/2
0.312 468
0.160 482/1 क
0.031 482/1 ख
0.050 482/2 क
0.042 482/2 ख
0.030 482/1 ग
0.057 482/1 घ
0.048 498
0.208 500
0.045 501/2
0.039 572
0.004
1.476
योग .
आर. 4 माइनर 326/1
0.025 326/9
0.083 326/10/3 ख
0.195 327/2
0.160 328
0.025
0.108 341
343
0.199 346/1
0.064
0.066 346/2
योग .. 0.925
आर. 6 माइनर 3/1
0.153 5
0.016 18
0.300 19/1
0.002 21/1
0.125 21/3
0.089 21/7
0.217 24/7/1
0.076 363
0.064
(2)
(1)
0.029
371
1.071
योग .
महायोग .. 10.814
( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सिंगारपुर वितरक नहर एवं कंदैला बांयी माइनर ( एल. 1 ) गुमानपुर नयाताल दांयी ( आर. 2 ) विजासिन बांयी माइनर ( एल . 3 ) कंदैला दांयी माइनर ( आर. 4 ) एवं आर. 6 माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है .
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लौंड़ी में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 69 - अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- गौरिहार
(ग) ग्राम- अजीतपुर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-0.417 हेक्टर.
खसरे का क्षेत्रफल
अर्जित
भू- अर्जन खसरा विवरण से भूखण्डों
की संख्या
(हेक्टर में)
(2)
(1)
0.024
128
0.024
129
0.048
130
0.068
148
0.010
149
0.120
151
667/72
0.123
0.417
योग ..
भाग 1 ]
2655
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
(1)
(2)
( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की हाजीपुर वितरक नहर की अजीतपुर माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लौंड़ी में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 72 - अ-82-09-10 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-छतरपुर
(ख ) तहसील- गौरिहार
(ग ) ग्राम- बसराही
(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-1.175 हेक्टर.
भू- अर्जन खसरा विवरण से भूखण्डों
की संख्या
खसरे का क्षेत्रफल अर्जित (हेक्टर में)
(1)
(2)
212/1
0.035
212/3
0.057
212/4
0.059
215
0.113
0.177
219
221/4
0.064
527
0.174
529
0.057
530
0.075
536
0.129
537
0.015
549/1
0.040
550
0.030
551
0.096
552
0.054
1.175
योग ..
( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की हाजीपुर वितरक नहर की बसराही बांयी नहर के
(2)
(1)
निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लौंड़ी में किया जा सकता है .
छतरपुर, दिनांक 14 जुलाई, 2011
क्र. 7- अ- 82- भू-अर्जन 2010-11. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील - घुवारा
(ग ) नगर/ग्राम- देवपुर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल.-निजी भूमि-31.200
शासकीय भूमि-निरंक खसरा नम्बर
अर्जित की जा रही भूमि (हेक्टर में)
(2)
(1)
50
0.050
0.250
51
0.120
52
53
0.240
54
0.300
0.150
56
0.090
58
0.620
59
60
0.670
1.520
61
0.100
62
0.070
65
1.310
66
0.820
68
0.050
69
0.350
70
0.030
71 2656
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
(2) (1)
77
0.360 78
0.300 79
2.050 80/1
0.190 81/1
0.600
0.260 94
0.350 95
96
0.450
1.230 97
98
0.470 101/2
0.050 102/1
0.400 102/2
0.140 104
0.400 105
0.600 106
0.800 107
0.310 110
0.660 162
0.500
0.300 164
166
0.400 172
0.450 174/1
0.170
0.160 174/2
177
0.710 178
0.970
0.700 179
181
0.500 181/936
0.500
0.500 181/937
181/938
0.500
0.500 181/939
181/940
0.500 182
1.000 184
1.250 185
0.730 186
0.650 187
0.820 188
0.540 191
0.830
0.060 193
194/1
0.120 194/2
0.130
(2)
(1)
1.350
195
योग .. 31.200
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.- भेल्दा तालाब योजना के बांध निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला बड़वानी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
बड़वानी, दिनांक 5 जुलाई 2011
क्र. 1267- भू-अर्जन नहर- 2011- प्र. क्र. 11-अ-82-2009- 10.- संशोधन.- इस कार्यालय की उद्घोषणा क्रमांक 917/भू.अ./ नहर/2010 बड़वानी, दिनांक 15-06-2010 ग्राम साली, तहसील राजपुर, जिला बड़वानी का रकबा 22.404 हेक्टर के भू-अर्जन प्रकरण में भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( सन् 1894 क्रमांक 1 ) की धारा 6 के अंतर्गत जारी उद्घोषणा के प्रयोजन इन्दिरा सागर परियोजना नहर अंतर्गत नहर निर्माण से प्रभावित का प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग-1 , पृष्ठ क्रमांक 1496 पर दिनांक 25 जून 2010 पर तथा दो समाचार पत्रों अग्निबाण में दिनांक 27 जून 2010 को एवं स्वदेश में दिनांक 29 जून 2010 को प्रकाशन हुआ है, जिनका जी नम्बर 14895/10 है .
जिसमें निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे :-
संशोधित प्रविष्टि
पूर्व में प्रकाशित सर्वे नम्बर एवं रकबा
सर्वे
क्षेत्रफल सर्वे
क्षेत्रफल
नम्बर
नम्बर
(हे.)
(हे.)
(2) (1)
(2)
(1)
0.040
10/2
0.445
10/2
10/3
10/3
0.696
1.101
0.020
80/1
0.907 80/1
0.020
80/2
80/2
0.910
उपरोक्त संशोधन में ग्राम का अधिग्रहित किए जाने वाला कुल रकबा 22.404 हेक्टेयर के स्थान पर 22.401 हेक्टेयर पढ़ा जाए.
शेष प्रविष्ठियां यथावत रहेंगी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , संतोष मिश्र , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2657
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग
शाजापुर, दिनांक 6 जुलाई 2011
क्र. भू- अर्जन- 2011-189.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में उल्लेखित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- शाजापुर
(ख ) तहसील- शुजालपुर
( ग ) ग्राम -मोरटाकेवड़ी, फाजलपुर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल - ग्राम मोरटाकेवड़ी रकबा 0.920 हे .
ग्राम फाजलपुर रकबा 0.209 हे. कुल रकबा 1.129 हे .
क्षेत्रफल जो
खसरा क्रमांक
अर्जन होना है (हे. में)
(2)
(1)
ग्राम-मोरटाकेवड़ी
0.606
2097/4 2097/5
0.314
कुल 0.920
ग्राम-फाजलपुर
41/1/1
0.209
कुल 0.209
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. - हिमालेश्वर तालाब डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि का भू-अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. भू-अर्जन- 2011-191.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में उल्लेखित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- शाजापुर
(ख ) तहसील- शुजालपुर
(ग) ग्राम- रूगनाथपुरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल- कुल रकबा 4.845 हे .
खसरा
क्रमांक
क्षेत्रफल जो अर्जन होना है
(हे. में)
(2)
(1)
2552/2
0.178
2554/1/6
0.172
2552/6
0.136
0.335
2554/1/1
2554/2/2
0.079
2573/1/1/2
0.105
2492/1/11
1.463
2573/1/1/3
0.617
2492/1/13
1.760
योग .. 4.845
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- रूगनाथपुरा तालाब की डूब में आने वाली भूमि हेतु भू-अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सोनाली एन. वायंगणकर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रतलाम , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग रतलाम , दिनांक 7 जुलाई 2011
क्र. 3393 - भू-अर्जन 2011 प्र. क्र. 03- अ- 82-2010- 11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1984 ) की 2658
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- रतलाम
(ख) तहसील- रतलाम
(ग ) नगर/ ग्राम- भाटीबडोदिया, सरवनी बंट, सरवनी जागीर, धदुरिया, मूंदडी, कुआ झागर.
ग्राम
रकबा (हे. में. ) (घ) लगभग क्षेत्रफल-
2.120
1. भाटीबडोदिया
2. सरवनी बंट 0.132
0.306
3. सरवनी जागीर
1.454
4. धतुरिया
0.822
5. मूंदडी
0.202
6. कुंआ झागर
योग .. 5.036 सर्वे नंबर
रकबा
(हे. में )
(2)
(1)
ग्राम- भाटी बड़ोदिया
148/2
0.073
148/3
0.051
148/4
0.050
148/5
0.044
166
0.059
167
0.069
183/1
0.019
183/2
0.036
185
0.088
188
0.070
189/2
0.056
190/1
0.091
190/2
0.058
201
0.052
203/1/5
0.077
203/2
0.026
269/1
0.040
0.051
269/2 , 269/3
311/1
0.036
312/1
0.047
317
0.031
318
0.029
319
0.031
(2)
(1)
0.102
320
0.019
351/2
352
0.028
0.026
353/5
353/6
0.017
0.045
357/2
0.084
359/1
0.019
359/2
359/3
0.019
0.080
377
0.019
378
0.015
620
0.017
621/1
0.010
622
0.026
623
0.036
625/1
0.031
629/2
660
0.058
0.119
661
668
0.061
0.105
671
योग .. 2.120
ग्राम-सरवनी बंट
31
0.038
0.072
33
0.008
34/4
35/2/1/1
0.014
योग 0.132
ग्राम- सरवनी जागीर
0.035
53
0.052
54/1
0.017
54/2
0.017
54/3
56
0.059
0.049
58/1
58/2
0.077
योग 0.306
ग्राम-धतुरिया
16
0.082
18/2
0.028
47/5
0.056
0.065
63/1
63/2
0.035
64/221/1
0.073
0.044
104/2 भाग 1 ]
2659
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2011
(1)
(2)
104/3
0.077
104/4
0.093
104/5
0.061
143/4
0.065
149/1
0.008
149/2
0.056
149/3
0.077
154
0.102
159/4
0.010
172
0.063
173/2
0.036
174
0.096
176
0.051
177
0.042
210
0.017
211
0.089
212
0.035
213/3
0.044
217
0.049
योग .. 1.454
ग्राम-मूंदडी
390/5
0.022
391
0.066
392
0.029
398
0.026
402/3
0.017
403
0.031
407
0.117
410
0.167
419/1
0.072
436/2
0.119
437
0.029
438
0.096
448/1
0.031
0.822
योग .
ग्राम-कुंआ झागर
604/1
0.202
योग .. 0.202
5.036
महायोग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन-डेरी त्रिवणी तालाब योजना की दांयी तट एवं बांयी तट की लघु नहरों के निर्माण से प्रभावित निजी भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि का नक्शा व प्लान का निरीक्षण- अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ( ग्रामीण ) एवं भू-अर्जन अधिकारी, रतलाम के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , राजेन्द्र शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग खरगोन, दिनांक 8 जुलाई 2011
क्र. - 1057 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा-6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- खरगोन
(ख) तहसील- भगवानपुरा
(ग ) ग्राम- बागदरा
( घ) क्षेत्रफल-2.468 हेक्टेयर.
रकबा
खसरा
नम्बर
(हे. में)
(2)
(1)
202/2
0.160
204/3/1
0.448
0.140
204/1
0.425
205/6
205/4
0.255
205/2
0.595
0.445
205/1
योग .. 2.468
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है .- अपरवेदा परियोजना की मुख्य नहर की गाडाघाट वितरण शाखा के निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर जिला खरगोन/भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , अपरवेदा परियोजना भीकनगांव मुख्यालय खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-19 भीकनगांव के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , केदार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 13 जुलाई 2011
क्र. - 1147 - भू-अर्जन- कार्य- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक 2660
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2011
प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत जिसके द्वारा घोषित किया जाता है , उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील- हुजूर
(ग) ग्राम- खम्हरिया
(घ) क्षेत्रफल लगभग-0.103 हेक्टेयर.
अर्जित रकबा
खसरा क्रमांक
अशासकीय भूमि (हे. में. )
शासकीय भूमि (हे . में. )
(2)
(1)
4
0.019
5
0.084
योग . 0.103
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली चचाई वितरक नहर के अंतर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र.- 1149 - भू-अर्जन कार्य- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत जिसके द्वारा घोषित किया जाता है, उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- हुजूर
(ग ) ग्राम- पुरैनी 378
(घ) क्षेत्रफल लगभग- 1.86 हेक्टेयर.
अर्जित रकबा
खसरा क्रमांक
अशासकीय भूमि (हे . में. )
शासकीय भूमि ( हे. में. ) (2)
(1)
220
0.129
219
0.36
218
0.019
215
0.226
(2)
(1)
205
0.016
0.145
204
206
0.149
207
0.154
408
0.158
409
0.029
0.077
410
411
0.163
412
0.019
413
0.216 1.86
योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली चचाई वितरक नहर के अंतर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र.- 1151 - भू-अर्जन- कार्य- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत जिसके द्वारा घोषित किया जाता है उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- हुजूर
( ग) ग्राम- लपट
(घ ) क्षेत्रफल लगभग-0.043 हेक्टेयर.
अर्जित रकबा
खसरा क्रमांक
शासकीय भूमि ( हे . में. )
अशासकीय भूमि ( हे . में. )
(2)
(1)
423
0.043
0.043
योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली चचाई वितरक नहर के अंतर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बामसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.