मध्यप्रदे श शासन
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 30 ]
भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 29 जुलाई 2011- श्रावण 7 , शक 1933
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, (6 ) निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.
भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद् के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 14 जुलाई 2011
क्र. ई- 1-242-2011-5- एक.-( 1 ) श्री अजीत केसरी , भाप्रसे (1990 ) , आयुक्त- सह - संचालक, खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सदस्य, राजस्व मण्डल, ग्वालियर पदस्थ किया जाता है.
(2) श्रीमती दीपाली रस्तोगी , भाप्रसे ( 1994 ) , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम तथा आयुक्त- सह- संचालक, हाथकरघा ( अतिरिक्त प्रभार ) को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ आगामी आदेश तक, आयुक्त- सह- संचालक, खाद्य,
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नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण , मध्यप्रदेश का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है .
भोपाल , दिनांक 15 जुलाई 2011
क्र. ई - 1-231-2011-5-एक. श्रीमती उर्मिल मिश्रा , भाप्रसे (1998 ) , अपर आयुक्त ( राजस्व ) , भोपाल संभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ , आगामी आदेश तक, अपर आयुक्त ( राजस्व ) , नर्मदापुरम संभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है .
भोपाल, दिनांक 18 जुलाई 2011
क्र. ई- 5-561 - आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री टी. धर्माराव, आयएएस . , कमिश्नर, उज्जैन संभाग, उज्जैन को दिनांक 18 से 20 जुलाई 2011 तक, तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 17 जुलाई 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2011 .
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[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
(2) अवकाश से लौटने पर श्री टी. धर्माराव को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कमिश्नर, उज्जैन संभाग , उज्जैन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाशकाल में श्री टी. धर्माराव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री टी. धर्माराव अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई- 1-245-2011-5- एक. श्री अनिल श्रीवास्तव, भाप्रसे ( 1985 ) प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की सेवाएं, अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, आयुक्त, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा , मध्यप्रदेश के पद पर नियुक्ति के लिये नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग को सौंपी जाती है तथा उन्हें पदेन प्रमुख सर्चिव , मध्यप्रदेश शासन , नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग का प्रभार सौंपा जाता है .
( 2) उपरोक्तानुसार श्री अनिल श्रीवास्तव द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन भाप्रसे ( वेतन ) नियमावली , 2007 के नियम 9 के अन्तर्गत आयुक्त, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, मध्यप्रदेश के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में ऊपर दर्शित नियमों की अनुसूची-11 में सम्मिलित प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है .
भोपाल, दिनांक 19 जुलाई 2011
क्र. ई - 5-464 - आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री जयदीप गोविन्द, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को दिनांक 16 से 19 अगस्त 2011 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 13, 14, 15 एवं 20 , 21 , 22 अगस्त 2011 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती हैं.
( 2 ) श्री जयदीप गोविन्द की अवकाश अवधि में श्री अनिल श्रीवास्तव , आयएएस . , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का प्रभार सौंपा जाता है .
(3) अवकाश से लौटने पर श्री जयदीप गोविन्द को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4) श्री जयदीप गोविन्द द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अनिल श्रीवास्तव , पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे .
(5 ) अवकाशकाल में श्री जयदीप गोविन्द को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री जयदीप गोविन्द अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य , मुख्य सचिव.
भोपाल, दिनांक 21 जुलाई 2011
क्र. एफ - ए-5-16-2011 - एक ( 1 ) . - राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय श्री एस. एन. अग्रवाल , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, ग्वालियर, खण्डपीठ ग्वालियर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है :-
अवकाश का
कुल
अभियुक्ति
दिन
प्रकार
(3) (4)
(5) अ. अवकाश अवधि क्र. (1) 1 5-5-2011 से (2)
पूर्ण वेतन
3 दिन
अवकाश के पश्चात् में
तथा भत्तों में दिनांक 8-5-2011 7-5-2011 तक.
के सार्वजनिक अवकाश
सहित
अवकाश. का लाभ उठाने की
अनुमति सहित.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
बी. आर. विश्वकर्मा, उपसचिव.
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल, दिनांक 2 जुलाई 2011
क्र. एफ- 8-1-2011-23- यो.आ.सां. इस विभाग के आदेश क्रमांक एफ- 8-1-2011-23- योआसां, भोपाल दिनांक 14 मार्च 2011 के द्वारा राज्यस्तरीय दीनदयाल अंत्योदय समिति के कार्यकाल में आगामी 6 माह ( दिनांक 30 जून 2011 ) तक वृद्धि की गयी थी.
उसी अनुक्रम में राज्य शासन द्वारा राज्यस्तरीय दीनदयाल अंत्योदय समिति के कार्यकाल में आगामी 6 माह ( दिनांक 30 दिसम्बर 2011 ) तक के लिये और वृद्धि की जाती है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
के. सुरेश, प्रमुख सचिव .
भाग 1 ]
2663
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
सदस्य
16. श्री केशव पाण्डे, पदमधर कॉलोनी, जिला रीवा.
बीस सूत्र कार्यान्वयन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
17. श्री रामहित गुप्ता , भरहुत नगर, जिला सतना सदस्य भोपाल, दिनांक 19 दिसम्बर 2006
18. श्री मोतीलाल पटेल, शास्त्रीनगर, जिला सीधी सदस्य
सदस्य
19. श्री गलाबचंद रिछारिया ( अ. जा. ) , जिला शहडोल.
20. श्री सुरेश अवधिया, पाली , जिला उमरिया सदस्य
21.
सदस्य
श्री दिलीप जायसवाल , बिजुरी जिला अनूपपुर.
क्र. एफ-2 ( 8 ) -06-तिरतालीस - बीस सूत्र.- मध्यप्रदेश (लोक अभिकरणों के माध्यम से ) दीनदयाल अन्त्योदय कार्यक्रम के कार्यान्वयन अधिनियम , 1991 ( क्रमांक 14 सन् 1991 ) की धारा 3 ( क) , ( एक ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य सरकार, एतद्वारा दीनदयाल अन्त्योदय कार्यक्रम के कार्यान्वयन की समीक्षा हेतु दो वर्ष की कालावधि के लिये निम्नानुसार एक राज्य स्तरीय समिति गठित करती है :-
सदस्य
22. श्री फूलसिंह उईके ( अ. ज. जा. ) मु. पो. कुंडम, जिला जबलपुर.
अध्यक्ष
1. मान. मुख्यमंत्री
23.
सदस्य
श्री रामचन्द्र तिवारी , जिला कटनी
उपाध्यक्ष
2. मान. मंत्री, 20 सूत्र कार्यान्वयन विभाग
24.
सदस्य
श्री विजय झांझरी , जिला छिन्दवाड़ा
सदस्य का
25.
सदस्य
श्रीमती गोमती ठाकुर, जिला सिवनी 3. श्री पूरनसिंह पलैया ( अ. जा. ) , जिला ग्वालियर.
26 . श्री उमेश देशमुख, बैहर, जिला बालाघाट सदस्य
स्वर्गवास दि. 15-12-2008 को हो गया.
सदस्य
4. श्री प्यारे सिंह तोमर, जिला मुरैना
सदस्य
27. श्री उत्तमचन्द लुणावत, करैली, जिला नरसिंहपुर.
सदस्य
5. श्री मायाराम शर्मा, जिला भिण्ड
सदस्य
28. श्री कृष्णकुमार गुप्ता , विक्रमपुरी , जिला डिण्डौरी.
सदस्य
6. श्री मोहन ज्ञानानी, जिला दतिया
सदस्य
29. श्री रामेश्वर शर्मा, जिला भोपाल
7. श्री बी . के. गुप्ता, करैरा , जिला शिवपुरी सदस्य
सदस्य
30. श्री संतोष पारिख , सिवनी मालवा, जिला होशंगाबाद .
सदस्य
8. श्रीमती विजया शुक्ला, जिला अशोकनगर
सदस्य
31. श्रीमती सुशीलारानी मौर्य, जिला हरदा 9. श्री श्यामलाल अग्रवाल, रूठियाई, जिला गुना सदस्य
सदस्य
32. श्री दिलीप इवने ( अ. ज. जा. ) , जिला बैतूल.
सदस्य
33.
सदस्य
श्री बालकृष्ण नामदेव , जिला सीहोर 10. श्री रामविलास रावत , ग्राम - नागरगावड़ा, जिला श्योपुर.
सदस्य
11. श्री परसराम साहू, जिला सागर
34.
सदस्य
श्री कृष्णमोहन शर्मा , लटेरी , जिला विदिशा
सदस्य
12. श्री उमेश शर्मा, जिला पन्ना
35.
सदस्य
श्री रोडमल नामग , पचौर, जिला राजगढ़ 13.
सदस्य
श्री मनिशंकर सुमन ( अ. जा. ) , जिला दमोह
सदस्य
36. श्री हरिनारायण सक्सेना, जिला रायसेन
सदस्य
37.
सदस्य
श्री कैलाश पाटीदार, जिला इन्दौर
14. श्री मदनलाल गोयल , पूर्व विधायक, जिला टीकमगढ़ .
सदस्य
सदस्य 15. श्री प्रणलाल अहिरवार ( अ. जा. ) , जिला छतरपुर.
38. श्री बालकृष्ण पाटीदार, टेमला, जिला खरगौन.
2664
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
सदस्य 39. श्रीमती कृष्णा पालीवाल , सेंधवा , जिला बड़वानी.
सदस्य 40. श्री रमेश धारीवाल, जिला धार
सदस्य 41. श्री रामलाल डाबर ( अ. ज. जा. ) जिला झाबुआ.
सदस्य 42. श्री ताराचन्द्र पटेल, जिला खण्डवा
सदस्य 43. श्री गनसिंह ( अ. ज. जा. ) जिला बुरहानपुर
सदस्य 44. श्री तेजबहादुर सिंह चौहान, नागदा, जिला उज्जैन.
सदस्य 45. सुश्री उषा चौहान , जिला रतलाम
सदस्य 46 . श्री मानसिंह माच्छेपुरिया, जिला मंदसौर
सदस्य 47. श्री खुमान सिंह शिवाजी, जिला नीमच
सदस्य 48. श्री अजय सिंह बघेल, जिला देवास
सदस्य 49. श्री गोपाल परमार ( अ. जा. ) , जिला शाजापुर.
विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/ सचिव इस समिति के सचिव होंगे.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. पी. अहिरवार, उपसचिव.
गृह ( सामान्य ) विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 11 जुलाई 2011
क्र. एफ- 03-111-2009- दो- ए ( 3 ) शुद्धिपत्र - राज्य शासन द्वारा इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 15 फरवरी 2010 के तहत् कृषि विभाग अधिकारियों के लिये सम्पन्न विभागीय परीक्षा के प्रश्न- पत्र लेखा- प्रथम ( पुस्तकों सहित ) में सागर संभाग से सम्मिलित " श्री मान्द्र प्रताप सिंह, सहायक संचालक, कृषि" के स्थान पर " श्री भानू प्रताप सिंह , सहायक संचालक कृषि" पढ़ा जाए.
भोपाल , दिनांक 12 जुलाई 2011
क्र. एफ- 03-114-2009-दो- ए ( 3 ) शुद्धिपत्र - राज्य शासन द्वारा इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 11 मार्च 2010 के तहत् कृषि विभाग के अधिकारियों के लिये सम्पन्न विभागीय परीक्षा " सितम्बर 2009 " के प्रश्न- पत्र लेखा- द्वितीय ( बिना पुस्तकों के) में ग्वालियर संभाग से सम्मिलित श्री भानू प्रताप सिंह, सहायक संचालक, कृषि अंकित है, के स्थान पर " सागर संभाग " से सम्मिलित श्री भानू प्रताप सिंह, सहायक संचालक, कृषि पढ़ा जाए.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अम्बरीश श्रीवास्तव, उपसचिव.
राजस्व विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल, दिनांक 11 जुलाई 2011
क्र. एफ-16-14-2011 - सात- 2- ए. राज्य शासन, एतद्वारा , मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के अन्तर्गत श्री चन्द्रशेखर वालिम्बे , संयुक्त कलेक्टर, छतरपुर को जिले में अतिरिक्त कलेक्टर की शक्तियां प्रदत्त करता है . श्री वालिम्बे, संयुक्त कलेक्टर, छतरपुर को उनकी छतरपुर जिले में पदस्थ अवधि अथवा अपर कलेक्टर की पदस्थापना होने तक यह अधिसूचना प्रभावशील रहेगी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , किरण मिश्रा, अवर सचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 18 जुलाई 2011
फा. क्र. 17 ( ई ) -614-2008 - इक्कीस ब( दो ) .- दिनांक 5 सितम्बर 2008 द्वारा श्री बसंत परिमल , अधिवक्ता, निवासी वार्ड नं. 17, सुभाष चौक, जिला बालाघाट को जिला मुख्यालय , बालाघाट में नोटरी व्यवसाय करने हेतु नोटरी व्यवसाय प्रमाण - पत्र जारी किया गया था, परन्तु उनकी दिनांक 20 मई 2010 को मृत्यु हो जाने के कारण आदेश जारी होने की दिनांक से जिला मुख्यालय , बालाघाट में नोटरी व्यवसाय करने का नोटरी व्यवसाय प्रमाण - पत्र निरस्त किया जाता है तथा उनका नाम नोटरी पंजीयन रजिस्टर से विलोपित किया जाता है.
भाग 1 ]
फा. क्र. 3 (ए) 15-2005- इक्कीस - ब ( एक ) .- राज्य शासन , श्री श्याम सुन्दर गर्ग , विशेष न्यायाधीश एस.सी. /एस.टी. ( पी.ए. ) एक्ट, 1989 गुना को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश होने तक, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से, अपर सचिव , मध्यप्रेदश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग के पद पर प्रतिनियुक्तिपर नियुक्त करता है.
क्र. 4-1-2002- इक्कीस ब( एक) . राज्य शासन, इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 14 अगस्त 2002 के अनुक्रम में , उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर, उच्च न्यायिक सेवा के सेवानिवृत्त सदस्य, श्री हरीश चन्द्र शर्मा को, मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम, 1984 ( 1984 का सं . 66 ) की धारा 4 के अधीन इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 17 ( ई) 49-2009- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 25 मई 2011 द्वारा गठित कुटुम्ब न्यायालयों में मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम -3 के अन्तर्गत प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, राजगढ़ ( ब्यावरा ) के पद पर, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने की दिनांक 1 फरवरी 2013 अथवा आगामी आदेश होने तक ( जो भी पहले हो ) नियुक्त करता है.
उक्त न्यायिक अधिकारी को देय वेतन तथा भत्तों का निधार्रण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 के अन्तर्गत होगा.
क्र. 4-1-2002- इक्कीस- ब( एक).- राज्य शासन , इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 14 अगस्त 2002 के अनुक्रम में, उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर, मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम, 1984 ( 1984 का सं. 66 ) की धारा 4 के अधीन इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 17 ( ई) 49-2009- इक्कीस- ब ( एक) , दिनांक 25 मई 2011 द्वारा गठित कुटुम्ब न्यायालयों में मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 के अन्तर्गत उच्च न्यायिक सेवा के सदस्य, श्री राजीव सक्सेना को, उनकी अधिवार्षिकी आयु दिनांक 31 जुलाई 2011 को पूर्ण होने के पश्चात्, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, होशंगाबाद के पद पर, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने की दिनांक 31 जुलाई 2013 अथवा आगामी आदेश होने तक ( जो भी पहले हो ) नियुक्त करता है.
उक्त न्यायिक अधिकारी को देय वेतन तथा भत्तों का निर्धारण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम , 2002 के नियम 3 के अन्तर्गत होगा.
क्र. 4-1-2002- इक्कीस ब( एक) .- राज्य शासन, इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 14 अगस्त 2002 के अनुक्रम में, उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर, मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम,
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
1984 ( 1984 का सं. 66 ) की धारा -4 के अधीन इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 4 मार्च 2002 द्वारा गठित कुटुम्ब न्यायालयों में मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम-3 के अन्तर्गत उच्च न्यायिक सेवा के सेवानिवृत्त सदस्य, श्री अशोक कुमार मिश्रा को, प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल के पद पर, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने की दिनांक 7 मई 2013 अथवा आगामी आदेश होने तक ( जो भी पहले हो ) नियुक्त करता है.
उक्त न्यायिक अधिकारी को देय वेतन तथा भत्तों का निधार्रण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 के अन्तर्गत होगा .
भोपाल, दिनांक 19 जुलाई 2011
फा. क्र. 17( ई ) -67-2007- इक्कीस- ब ( दो ) .-दिनांक 1 मई 2007 द्वारा श्री गोविन्दराम राठौड़ , अधिवक्ता निवासी तहसील कुक्षी, जिला धार को तहसील कुक्षी में नोटरी व्यवसाय करने हेतु नोटरी व्यवसाय प्रमाण - पत्र इस विभाग द्वारा जारी किया गया था , परन्तु दिनांक 8 जुलाई 2011 को उनकी मृत्यु हो जाने के कारण आदेश जारी होने की दिनांक से तहसील कुक्षी में नोटरी व्यवसाय करने का नोटरी व्यवसाय प्रमाण - पत्र निरस्त किया जाता है तथा उनका नाम नोटरी पंजीयन रजिस्टर से विलोपित किया जाता है.
फा. क्र .17 (ई ) -24-2011-2529-इक्कीस- ब- ( एक) - 011.- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम , 1988 ( 1988 का 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अधीन आने वाले मध्यप्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेव्लपमेन्ट कार्पोरेशन से संबंधित प्रकरणों का विचारण करने के लिये श्रीमती सरिता सिंह, अपर सेशन न्यायाधीश तथा पीठासीन अधिकारी, विशेष न्यायालय, भोपाल को नियुक्त करता है .
F. No. 17 (E) 24-2011-2529 - XXI - B ( 1 ) -011 .- In exercise of the powers conferred by the sub - section ( 1) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act , 1988 (No. 49 of 1988 ) , the State Government with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh , hereby , appoint Smt. Sarita Singh , Additional Sessions Judge & Presiding Officer of the special court , Bhopal as Special Judge for the trial of cases related to Madhya Pradesh State Industrial Development Corporation falling under the Prevention of Corruption Act.
2666
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
भोपाल, दिनांक 22 जुलाई 2011
फा. क्र. 17 (ई ) -33-2011- इक्कीस- ब-( एक) .- राज्य शासन , उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर श्री राजीव सक्सेना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, होशंगाबाद की सेवाएं कार्यालय मध्यप्रदेश वाणिज्यकर अपील बोर्ड न्यायिक सदस्य के पद पर अस्थायी रूप से , आगामी आदेश होने तक, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से , प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु, एतद्वारा वाणिज्यकर विभाग , मध्यप्रदेश शासन को सौंपता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान, प्रमुख सचिव.
भोपाल , दिनांक 19 जुलाई 2011 ,
फा. क्र. 1 -बी-31-2004 - इक्कीस - ब (दो ) .- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 19 नवम्बर 2004 द्वारा श्री राघवेन्द्र सिंह बैस , अति. शास. अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, इन्दौर को नियुक्त किया था.
श्री राघवेन्द्र सिंह बैस , अति. शा. अभिभाषक/अति. लोक अभियोजनक, इन्दौर ने व्यक्तिगत कारणों से अपनी सेवाएं निरंतर रखने में असमर्थ होने के कारण विधि विभाग नियमावली , 2008 के नियम 20 के अन्तर्गत दिनांक 14 जुलाई 2011 से त्याग - पत्र स्वीकार कर पदमुक्त किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान, सचिव.
वाणिज्यिक कर विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 18 जुलाई 2011
क्र. एफ -6 ( ए) -2011-1- पांच. राज्य शासन, एतद्वारा , श्री राजीव सक्सेना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , होशंगाबाद को अस्थाई रूप से , आगामी आदेश होने अथवा 62 वर्ष आयु पूर्ण करने तक ( जो भी पहले हो ) उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, मध्यप्रदेश शासन, वाणिज्यिक कर विभाग में अपील बोर्ड में न्यायिक सदस्य के पद पर पदस्थ करता है .
2. चूंकि, श्री राजीव सक्सेना ने अधिवार्षिकी आयु प्राप्त नहीं की है , अतः श्री सक्सेना द्वारा मध्यप्रदेश अपील बोर्ड के न्यायिक सदस्य के रूप में की गई सेवा की अवधि उनके द्वारा अधिवार्षिकी आयु प्राप्त करने तक प्रतिनियुक्ति पर मानी जाएगी और उसके पश्चात् वे सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश के रूप में अपील बोर्ड में नियुक्त न्यायिक सदस्य माने जायेंगे.
3. श्री राजीव सक्सेना को मध्यप्रदेश शासन, वाणिज्यिक कर विभाग , अपील बोर्ड के न्यायिक सदस्य के रूप में प्राप्त होने वाले वेतन एवं भत्ते, प्रतिनियुक्ति की अवधि में मध्यप्रदेश उच्च न्यायिक सेवा के सदस्य के रूप में देय वेतन एवं भत्तों के अनुरूप होंगे. सेवानिवृत्त सदस्य के रूप में श्री सक्सेना, पेंशन कम करके ऐसे वेतन तथा भत्ते प्राप्त करेंगे , जो उन्होंने सेवानिवृत्ति के समय , उच्चतर न्याायिक सेवा के सदस्य के रूप में अंत में प्राप्त किये थे.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. सी. राठौर, अवर सचिव.
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 19 जुलाई 2011
क्र. एफ - 10-28-2010-तेईस- योआसां.- राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम , 1995 की धारा 4 की उपधारा 3 ( ग ) में प्रदत्त अधिकारों के तहत् नीचे दी गई सारणी के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट अशासकीय सदस्यों को कॉलम ( 3 ) में विनिर्दिष्ट जिले की जिला योजना समिति में तत्काल प्रभाव से, आगामी दो वर्ष की कालावधि के लिए नाम निर्दिष्ट किया जाता है :-
जिला योजना समिति क्र.
अशासकीय सदस्यों के नाम
(2)
(3) (1)
1 श्री मोहनलाल गोले
बड़वानी
रायसेन 2 डॉ. गौरी शंकर शेजवार
रायसेन 3 श्री शिवाजी पटेल
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, प्रभा चौधरी , उपसचिव.
भाग 1 ]
2667
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
आवास एवं पर्यावरण विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल , दिनांक 12 जुलाई 2011
क्र. एफ- 3-52-2010- बत्तीस. मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 23 " क " की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ-3-52-2010- बत्तीस, दिनांक 13 अप्रैल 2011 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रकाशित भोपाल विकास योजना -2005 में निम्नलिखित उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार हैं :-
उपांतरण विवरण
खसरा क्रमांक
क्र.
ग्राम
क्षेत्रफल (एकड़ में)
(3)
(1)
(2)
(4)
1 ग्राम पीपलनेर
5.87
225/1 , 225/2
विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग
उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू- उपयोग (6)
(5)
कृषि सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक शर्त- स्थल तक आवश्यक 12.0 मीटर पहुंच मार्ग हेतु भूमि का अर्जन तथा विकास निगम को अपने स्रोतों से
करना होगा.
योग .. 5.87
2. उपरोक्त उपांतरण भोपाल विकास योजना-2005 का एकीकृत भाग होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , वर्षा नावलेकर , उपसचिव.
नर्मदा घाटी विकास विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 18 जुलाई 2011
क्र. एफ 31-17-2010- सत्ताईस - एक.- राज्य शासन , एतद्वारा , मध्यप्रदेश सिंचाई प्रबंधन में कृषकों की भागीदारी अधिनियम , 1999 (क्रमांक 23 सन् 1999 ) की धारा 2 की उपधारा ( 1 ) के खंड ( क ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, नीचे दी गई सारणी के कॉलम ( 5 ) में यथाविनिर्दिष्ट कृषक संगठनों के लिये उक्त सारणी के कॉलम ( 3 ) तथा ( 4 ) में यथाविनिर्दिष्ट कार्य क्षेत्र अधिसूचित करता हैं अर्थात् : -
स.क्र.
सिंचाई प्रणाली का नाम
(1)
(2)
1 खजूरी वितरण शाखा रेलवा माईनर, सांगवी माईनर 2 बंजारी वितरण शाखा
3 तलवाडा वितरण शाखा ( माइनर एम -1 , एम -3 , एम-6 ) 4 तलवाडा वितरण शाखा ( माइनर एम-8 , एम -9 , एम-10 ) 5 तलवाडा वितरण शाखा ( माइनर एम -4 , एम -5 , एम -7 ) 6 तलवाडा वितरण शाखा ( माइनर एम-2 , एस , एम -2 ) 7 बांडी वितरण शाखा सनगांव माइनर
कार्य का कमाण्ड क्षेत्र
ग्रामों की संख्या
विस्तार
(हेक्टेयर में)
(3)
(4)
कृषक संगठनों की संख्या (5) 6
2504.92
1
3
686.76
1462.34
7
5
1462.91
1
4
1
1463.61
508.56
1
2
10
1520.79
1
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
डी. व्ही. सिंह , उपसचिव.
2668
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
विभाग प्रमुखों के आदेश
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर
जबलपुर, दिनांक 5 जुलाई 2011
क्र. फा. न . 38- स्था. राविसेप्रा.- 453-11.-01. विधिक सेवा प्राधिकरण ( संशोधन ) अधिनियम, 1994 ( 1994 का संख्यांक 59 ) द्वारा यथा संशोधित विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 ( 1987 का संख्यांक 39 ) की धारा 11 - क के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एतद्वारा तालुक/तहसील कटंगी , जिला बालाघाट के लिये तालुक/तहसील विधिक सेवा समिति का गठन करता है , जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे , अर्थात्ः-
(क) पदेन सदस्य-
( एक) वरिष्ठ न्यायाधीश, जो पदेन अध्यक्ष होगा,
(दो) अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ
(तीन) उपखण्डीय अधिकारी ,
(चार) उपखण्डीय अधिकारी, पुलिस.
In exercise of the powers conferred by Section 11 - A of the Legal Services Authority Act , 1987 (No. 39 of 1987) as amended by Legal Services Authority ( amendment ) Act , 1994 (No. 59 of 1994) , the State Legal Services Authority hereby constitutes the Taluk/Tehsil Legal Services Committees for the Taluk/ Tehsil Katangi , District Balaghat which shall consist of the following members , namely :-
Ex- officio member-
Senior most Judge , who shall be the Ex- officio Chairman (1)
(2) President , Bar Council
(3) Sub - Divisional Officer
(4) Sub-Divisional Officer , Police .
2. विधिक सेवा प्राधिकरण ( संशोधन ) अधिनियम, 1994 ( 1994 का संख्यांक 59 ) द्वारा यथा संशोधित विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 ( 1987 का संख्यांक 39 ) की धारा 11 - क के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एतद्वारा तालुक/ तहसील आमला, जिला बैतूल के लिये तालुक/तहसील विधिक सेवा समिति का गठन करता है , जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे , अर्थात्:-
(क) पदेन सदस्य-
(एक) वरिष्ठ न्यायाधीश , जो पदेन अध्यक्ष होगा,
(दो) अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ
(तीन) उपखण्डीय अधिकारी,
(चार) उपखण्डीय अधिकारी , पुलिस.
In exercise of the powers conferred by Section 11 - A of the Legal Services Authority Act, 1987 (No. 39 of 1987 ) as amended by Legal Services Authority ( amendment ) Act , 1994 (No. 59 of 1994 ) , the State Legal Services Authority hereby constitutes the Taluk/Tehsil Legal Services Committees for the Taluk/Tehsil Amla , District Betul which shall consist of the following members , namely :-
Ex- officio member-
(1) Senior most Judge , who shall be the Ex - officio Chairman
(2) President, Bar Council
(3) Sub-Divisional Officer
(4) Sub-Divisional Officer , Police .
2669 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
3. विधिक सेवा प्राधिकरण ( संशोधन ) अधिनियम, 1994 ( 1994 का संख्यांक 59 ) द्वारा यथा संशोधित विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 ( 1987 का संख्यांक 39 ) की धारा 11 - क के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एतद्वारा तालुक/ तहसील खोतिया, जिला बड़वानी के लिये तालुक/तहसील विधिक सेवा समिति का गठन करता है , जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:-
(क) पदेन सदस्य-
(एक) वरिष्ठ न्यायाधीश, जो पदेन अध्यक्ष होगा,
(दो) अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ
(तीन) उपखण्डीय अधिकारी ,
(चार) उपखण्डीय अधिकारी, पुलिस.
In exercise of the powers conferred by Section 11 -A of the Legal Services Authority Act , 1987 (No. 39 of 1987) as amended by Legal Services Authority ( amendment) Act , 1994 (No. 59 of 1994) , the State Legal Services Authority hereby constitutes the Taluk/Tehsil Legal Services Committees for the Taluk/ Tehsil Khetia , District Badwani which shall consist of the following members , namely:-
Ex - officio member-
(1) Senior most Judge , who shall be the Ex - officio Chairman
(2) President , Bar Council
(3) Sub- Divisional Officer
(4) Sub- Divisional Officer, Police .
4. विधिक सेवा प्राधिकरण ( संशोधन ) अधिनियम, 1994 ( 1994 का संख्यांक 59 ) द्वारा यथा संशोधित विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 ( 1987 का संख्यांक 39 ) की धारा 11 - क के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एतद्वारा तालुक/तहसील भितरवार, जिला ग्वालियर के लिये तालुक/ तहसील विधिक सेवा समिति का गठन करता है , जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्ः-
(क) पदेन सदस्य-
( एक) वरिष्ठ न्यायाधीश , जो पदेन अध्यक्ष होगा ,
(दो) अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ
(तीन) उपखण्डीय अधिकारी ,
(चार) उपखण्डीय अधिकारी , पुलिस .
In exercise of the powers conferred by Section 11 - A of the Legal Services Authority Act , 1987 (No. 39 of 1987 ) as amended by Legal Services Authority ( amendment ) Act , 1994 (No. 59 of 1994) , the State Legal Services Authority hereby constitutes the Taluk/Tehsil Legal Services Committees for the Taluk/Tehsil Bhitarvar , District Gwalior which shall consist of the following members , namely :--
Ex- officio member-
(1) Senior most Judge , who shall be the Ex - officio Chairman
(2) President , Bar Council
(3) Sub- Divisional Officer
(4) Sub-Divisional Officer , Police .
2670
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
5. विधिक सेवा प्राधिकरण ( संशोधन ) अधिनियम, 1994 ( 1994 का संख्यांक 59 ) द्वारा यथा संशोधित विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 ( 1987 का संख्यांक 39 ) की धारा 11 - क के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एतद्वारा तालुक/तहसील परासिया, पाण्डुर्णा एवं चौराई, जिला छिन्दवाड़ा के लिये तालुक/तहसील विधिक सेवा समिति का गठन करता है, जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे , अर्थात्ः--
(क) पदेन सदस्य-
(एक) वरिष्ठ न्यायाधीश , जो पदेन अध्यक्ष होगा ,
(दो) अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ
(तीन) उपखण्डीय अधिकारी ,
(चार) उपखण्डीय अधिकारी , पुलिस .
In exercise of the powers conferred by the Section 11 - A of Legal Services Authority Act, 1987 (No. 39 of 1987 ) as amended by Legal Services Authority ( amendment) Act , 1994 (No. 59 of 1994) , the State Legal Services Authority hereby constitutes the Taluk/ Tehsil Legal Services Committees for the Taluk/Tehsil Parasiya , Pandurna & Chorayee, District Chhindwara which shall consist of the following members , namely: ---
Ex- officio member-
(1) Senior most Judge , who shall be the Ex - officio Chairman
(2) President , Bar Council
(3) Sub-Divisional Officer
Sub-Divisional Officer , Police . (4)
6. विधिक सेवा प्राधिकरण ( संशोधन ) अधिनियम, 1994 ( 1994 का संख्यांक 59 ) द्वारा यथा संशोधित विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम , 1987 ( 1987 का संख्यांक 39 ) की धारा 11 - क के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एतद्वारा तालुक/तहसील विजयराघवगढ़ , जिला कटनी के लिये तालुक/तहसील विधिक सेवा समिति का गठन करता है, जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे , अर्थात्ः -
(क) पदेन सदस्य-
(एक) वरिष्ठ न्यायाधीश , जो पदेन अध्यक्ष होगा,
(दो) अध्यक्ष , अधिवक्ता संघ
(तीन) उपखण्डीय अधिकारी,
(चार) उपखण्डीय अधिकारी , पुलिस.
In exercise of the powers conferred by Section 11 - A of the Legal Services Authority Act , 1987 (No. 39 of 1987 ) as amended by Legal Services Authority ( amendment ) Act, 1994 (No. 59 of 1994) , the State Legal Services Authority hereby constitutes the Taluk/Tehsil Legal Services Committees for the Taluk/Tehsil Vijayragavgarh , District Katni which shall consist of the following members , namely :-
Ex- officio member-
(1) Senior most Judge , who shall be the Ex - officio Chairman
(2) President, Bar Council
(3) Sub-Divisional Officer
(4) Sub - Divisional Officer , Police .
2671 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
7. विधिक सेवा प्राधिकरण ( संशोधन) अधिनियम, 1994 ( 1994 का संख्यांक 59 ) द्वारा यथा संशोधित विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 ( 1987 का संख्यांक 39 ) की धारा 11 - क के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एतद्वारा तालुक/तहसील नैनपुर, जिला मण्डला के लिये तालुक/तहसील विधिक सेवा समिति का गठन करता है , जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे , अर्थात्:-
(क) पदेन सदस्य-
( एक) वरिष्ठ न्यायाधीश , जो पदेन अध्यक्ष होगा,
(दो) अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ
(तीन ) उपखण्डीय अधिकारी,
(चार) उपखण्डीय अधिकारी, पुलिस.
In exercise of the powers conferred by Section 11 - A of the Legal Services Authority Act , 1987 (No. 39 of 1987) as amended by Legal Services Authority ( amendment) Act , 1994 (No. 59 of 1994) , the State Legal Services Authority hereby constitutes the Taluk/ Tehsil Legal Services Committees for the Taluk/Tehsil Nenpur , District Mandla which shall consist of the following members , namely :-
Ex- officio member-
(1) Senior most Judge , who shall be the Ex - officio Chairman
(2) President , Bar Council
(3) Sub- Divisional Officer
(4) Sub -Divisional Officer , Police .
8. विधिक सेवा प्राधिकरण ( संशोधन ) अधिनियम, 1994 ( 1994 का संख्यांक 59 ) द्वारा यथा संशोधित विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 ( 1987 का संख्यांक 39 ) की धारा 11 - क के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एतद्वारा तालुक/तहसील पवई, जिला पन्ना के लिये तालुक/तहसील विधिक सेवा समिति का गठन करता है , जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे , अर्थात्:-
(क) पदेन सदस्य-
(एक) वरिष्ठ न्यायाधीश , जो पदेन अध्यक्ष होगा ,
(दो) अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ
(तीन) उपखण्डीय अधिकारी ,
(चार ) उपखण्डीय अधिकारी , पुलिस.
In exercise of the powers conferred by Section 11 -A of the Legal Services Authority Act, 1987 (No. 39 of 1987 ) as amended by Legal Services Authority ( amendment) Act, 1994 (No. 59 of 1994) , the State Legal Services Authority hereby constitutes the Taluk/Tehsil Legal Services Committees for the Taluk/Tehsil Pavayee , District Panna which shall consist of the following members , namely :-
Ex - officio member-
(1) Senior most Judge , who shall be the Ex - officio Chairman
(2) President , Bar Council
(3) Sub - Divisional Officers
(4) Sub -Divisional Officer , Police .
2672
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
9. विधिक सेवा प्राधिकरण ( संशोधन ) अधिनियम , 1994 ( 1994 का संख्यांक 59 ) द्वारा यथा संशोधित विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 ( 1987 का संख्यांक 39 ) की धारा 11 - क के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एतद्वारा तालुक/तहसील उचेहरा एवं रामपुर बघेलान , जिला सतना के लिये तालुक /तहसील विधिक सेवा समिति का गठन करता है , जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे , अर्थात्ः-
(क ) पदेन सदस्य -
( एक) वरिष्ठ न्यायाधीश , जो पदेन अध्यक्ष होगा,
(दो) अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ
(तीन) उपखण्डीय अधिकारी,
(चार) उपखण्डीय अधिकारी, पुलिस.
In exercise of the powers conferred by the Section 11 -A of the Legal Services Authority Act , 1987 (No. 39 of 1987) as amended by Legal Services Authority ( amendment) Act , 1994 ( No. 59 of 1994) , the State Legal Services Authority hereby constitutes the Taluk/ Tehsil Legal Services Committees for the Taluk/Tehsil Uchhera & Rampur Baghelan , District Satna which shall consist of the following members , namely:-
Ex - officio member-
(1) Senior most Judge , who shall be the Ex - officio Chairman
(2) President , Bar Council
(3) Sub -Divisional Officer
(4) Sub-Divisional Officer , Police.
10. विधिक सेवा प्राधिकरण ( संशोधन ) अधिनियम, 1994 ( 1994 का संख्यांक 59 ) द्वारा यथा संशोधित विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 ( 1987 का संख्यांक 39 ) की धारा 11 - क के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एतद्वारा तालुक/तहसील जयसिंहनगर एवं बुढ़ार, जिला शहडोल के लिये तालुक/तहसील विधिक सेवा समिति का गठन करता है , जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे , अर्थात्ः-
(क) पदेन सदस्य-
(एक) वरिष्ठ न्यायाधीश , जो पदेन अध्यक्ष होगा,
अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ (दो) अध्य
(तीन) उपखण्डीय अधिकारी ,
(चार) उपखण्डीय अधिकारी , पुलिस.
In exercise of the powers conferred by Section 11 - A of the Legal Services Authority Act , 1987 (No. 39 of 1987) as amended by Legal Services Authority ( amendment) Act , 1994 (No. 59 of 1994) , the State Legal Services Authority hereby constitutes the Taluk/Tehsil Legal Services Committees for the Taluk/Tehsil Jaisingh Nagar & Budhar , District Shahdol which shall consist of the following members , namely: - Ex - officio member-
(1) Senior most Judge , who shall be the Ex - officio Chairman
(2) President , Bar Council
(3) Sub- Divisional Officer
(4) Sub-Divisional Officer , Police .
2673 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
11. विधिक सेवा प्राधिकरण ( संशोधन ) अधिनियम , 1994 ( 1994 का संख्यांक 59 ) द्वारा यथा संशोधित विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 ( 1987 का संख्यांक 39 ) की धारा 11 - क के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एतद्वारा तालुक/ तहसील विरसिंहपुरपाली, जिला उमरिया के लिये तालुक/तहसील विधिक सेवा समिति का गठन करता है , जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे , अर्थात्ः-
(क) पदेन सदस्य-
(एक ) वरिष्ठ न्यायाधीश , जो पदेन अध्यक्ष होगा,
(दो) अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ
(तीन) उपखण्डीय अधिकारी ,
(चार) उपखण्डीय अधिकारी , पुलिस.
In exercise of the powers conferred by Section 11 - A of the Legal Services Authority Act , 1987 (No. 39 of 1987 ) as amended by Legal Services Authority (amendment) Act , 1994 (No. 59 of 1994) , the State Legal Services Authority hereby constitutes the Taluk/Tehsil Legal Services Committees for the Taluk/Tehsil Virsinghpurpali , District Umaria which shall consist of the following members , namely: -
Ex- officio member-
(1) Senior most Judge , who shall be the Ex- officio Chairman
(2) President , Bar Council
(3) Sub- Divisional Officer
(4) Sub-Divisional Officer , Police .
12. विधिक सेवा प्राधिकरण ( संशोधन ) अधिनियम , 1994 ( 1994 का संख्यांक 59 ) द्वारा यथा संशोधित विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 ( 1987 का संख्यांक 39 ) की धारा 11 - क के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एतद्वारा तालुक/ तहसील गढ़ाकोटा, जिला सागर के लिये तालुक/ तहसील विधिक सेवा समिति का गठन करता है, जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्ः-
(क) पदेन सदस्य-
(एक) वरिष्ठ न्यायाधीश, जो पदेन अध्यक्ष होगा ,
(दो) अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ
(तीन) उपखण्डीय अधिकारी,
( चार) उपखण्डीय अधिकारी, पुलिस.
In exercise of the powers conferred by Section 11 - A of the Legal Services Authority Act , 1987 (No. 39 of 1987) as amended by Legal Services Authority ( amendment) Act , 1994 (No. 59 of 1994) , the State Legal Services Authority hereby constitutes the Taluk/Tehsil Legal Services Committees for the Taluk/Tehsil Garhakota, District Sagar which shall consist of the following members , namely :-
Ex-officio member-
(1) Senior most Judge , who shall be the Ex - officio Chairman
(2) President , Bar Council
(3) Sub - Divisional Officer
(4) Sub -Divisional Officer , Police .
ANIL KUMAR CHATURVEDI , Member Secy .
2674
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
कार्यालय, आयुक्त, उच्च शिक्षा , मध्यप्रदेश
सतपुड़ा भवन , भोपाल
Bhopal , the 7th July 2011
Subject Home Science
No. 565 - CHE - A.CELL - 2011.- Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section ( 5) of Section 34- A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F - 26-1-2007 - R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Home Science as under :-
Section 34 - A (3) ( i )-
1. Chairman, Board of Studies in Home Science Barkatullah University, Bhopal
2 . Chairman, Board of Studies in Home Science Vikram University, Ujjain
3. Chairman, Board of Studies in Home Science Devi Ahilya University , Indore
Chairman , Board of Studies in Home Science Jiwaji University , Gwalior 4.
Chairman , Board of Studies in Home Science Awadesh Pratap Singh University, Rewa 5.
6. Chairman , Board of Studies in Home Science Rani Durgawati University , Jabalpur Section 34 - A (3) ( ii) -
1. Head of the Home Science Department , Govt . Home Science College , Jabalpur
2. Head of the Home Science Department , Govt . Home Science College , Hoshangabad 3. Head of the Home Science Department , Govt . S. N. College , Bhopal
4. Head of the Home Science Department , Govt . Mohanlal Hargovind Das College , Jabalpur Section 34 - A (3) ( iii )-
1. Head of the Home Science Department , Govt . Girls College, Chhindwara
2. Head of the Home Science Department , Govt. Shayam Sunder Mushran , College , Narsinghpur 3 . Head of the Home Science Department ,Govt. Girls College, Sagar
4. Head of the Home Science Department , Govt. Girls College , Satna
Section 34 - A (3) ( iv) -
1. Head Department of Home Science , Home Science Sansthan Kundsari Road Agra ( UP) 2. Head Department of Home Science SMS Medical College Gangwal Park , Jaipur (Rajasthan) Section 34 - A (3) (v )-
Dr. Neelima Verma , Prof. Govt . M.L.B. College , Bhopal
Section 34- A (4) ( ii )—
Chairman, Board of Studies , Home Science Rani Durgawati University , Jabalpur is being nominated as Chairman , Central Board of Studies for Home Science .
2675 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
Subject- Foundation Course
No. 565 - CHE - A.CELL- 2011 . Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section (5) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F -26-1-2007- R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Foundation Course as under:-
Section 34 - A (2) ( i) -
1. Professor and Head, Department of English Rani Durgawati University , Jabalpur 2. Professor and Head Department of Hindi Barkatullah University , Bhopal
3. Professor and Head Department of English Vikram University, Ujjain
4. Professor and Head Department of Hindi Awadesh Pratap Singh University , Rewa 5. Professor and Head Department of English Devi Ahilya University , Indore
6. Professor and Head Department of Hindi Jiwaji University, Gwalior
Section 34 - A (2) ( ii )-
1. Dr. Neeraj Agnihorti Department of English Govt . Hamidiya College , Bhopal
2. Dr. Sanjeev Thakur , Department of Commerce , Govt . M.L.B. College, Bhopal
3. Head , Department of Environment A.P.S. University , Rewa
4. Dr. Vibha Sukla ( Prof. Hindi ) , Joint Director , Higher Education , Satpura Bhawan , Bhopal 5. Dr. Sudhir Dixit, Department of English Govt . N.M.V. College , Hoshangabad
6. Dr. T.. N. Shukla (Prof. Hindi ) Director , Hindi Shahitya Academy, Bhopal , Rani Durgawati University , Jabalpur.
7 . Dr. Pankaj Singh , (I.T. Head) Govt . M.V.M. College , Bhopal
8. Director, Hindi Granth Academy , Bhopal
9. Nominated person of EPCO
Section 34 - A (4) ( i ) -
Professor and Head , Department of Hindi Barkatullah University, Bhopal will be Chairman of the Central Board of Studies for Foundation Course .
Subject-Sanskrit
No. 565 - CHE - A.CELL- 2011.- Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section (5) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F - 26-1-2007- R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner, Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Sanskrit as under :-
Section 34- A (3) (i )-
1. Dr. K. B. Panda , Chairman , Board of Studies in Sanskrit , Barkatullah University, Bhopal 2. Dr. Balkrishna Sharma , Chairman , Board of Studies in Sanskrit , Vikram University , Ujjain 3. Dr. Padma Singh , Chairman , Board of Studies in Sanskrit , Devi Ahilya University, Indore 4. Dr. Asha Sharma , Chairman , Board of Studies in Sanskrit , Jiwaji University, Gwalior 2676
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
5. Chairman, Board of Studies in Sanskrit, Awadesh Pratap Singh University, Rewa
6. Dr. Kamal Nayar Shukla , Chairman , Board of Studies in Sanskrit , Rani Durgawati University, Jabalpur Section 34 - A ( 3) ( ii )-
1. Dr. H.R. Raydas , Head of the Sanskrit Department , Govt. Hamidiya College , Bhopal 2. Head of the Sanskrit Department , Govt. P. G. College , Balaghat
3. Head of the Sanskrit Department , Govt . Mahakosal Arts & Commerce College , Jabalpur 4. Head of the Sanskrit Department , Govt. M.L.B. College , Bhopal .
Section 34 - A (3 ) ( iii)-
1. Dr. H. S. Mandloi , Head of the Sanskrit Department , Govt . UG College Sehore
2. Smt. Arti Baise , Head of the Sanskrit Department , Satya Sai College , Bhopal
3. Head of the Sanskrit Department , Govt . Sanskrit College, Lalghati , Bhopal
Section 34 - A ( 3) ( iv) -
1. Dr. K. P. Pandey , Head , Department of Sanskrit , P. G. College Bilaspur
2. Dr. M.M. Pathak, Head , Department of Sanskrit , Gorkhpur University, Gorakhpur Section 34 - A (3) ( v) -
Dr. Bhawna Srivastava , Govt . M.L.B. College , Bhopal
Section 34 - A ( 4) ( ii) —
Dr. K. B. Panda, Chairman , Board of Studies , Sanskrit Barkatullah University, Bhopal is being nominated as Chairman , Central Board of Studies for Sanskrit .
Subject-Economics
No. 565 - CHE - A.CELL- 2011 . Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section (5) of Section 34-A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F - 26-1-2007 - R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Economics as under:-
Section 34 - A ( 3) ( i )-
1 . Chairman , Board of Studies in Economics Barkatullah University, Bhopal
2. Chairman, Board of Studies in Economics Vikram University, Ujjain
3. Chairman , Board of Studies in Economics Devi Ahilya University, Indore
4. Chairman , Board of Studies in Economics Jiwaji University, Gwalior
5. Chairman, Board of Studies in Economics Awadesh Pratap Singh University, Rewa 6. Chairman, Board of Studies in Economics Rani Durgawati University, Jabalpur 2677 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
Section 34 - A (3) ( ii) -
1. Head of the Economics Department , Govt . College , Shahdol
2. Head of the Economics Department , Govt . Mahakaushal College , Jabalpur
3. Head of the Economics Department , D. N. Jain College , Jabalpur
4. Head of the Economics Department , Govt . Jatashankar Trivedi College Balaghat .
Section 34 - A (3 ) ( iii) -
1. Head of the Zoology Department, Govt . Tilak College , Katni
2. Head of the Economics Department , Govt . College , Gadarwara
3. Head of the Economics Department, Govt. Girls College , Sagar
4. Head of the Economics Department , Govt . College , Ranjhi , Jabalpur
Section 34 - A (3 ) ( iv) -
1. Head Department of Economics Mahatma Gandhi Kashi Vidhya Pith Varanasi ( UP) 2. Head Department of Economics Magadh University Bodhgaya (Bihar)
Section 34 - A (3) ( v) -
Dr. S. K. Sharma , O.S.D. Higher Education
Section 34 - A ( 4) ( ii ) -
Chairman , Board of Studies , Economics Rani Durgavati University, Jabalpur is being nominated as Chairman , Central Board of Studies for Economics .
Subject-Botany
No. 565 - CHE - A.CELL- 2011.-Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub- section (5) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F - 26-1-2007 - R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education, Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Botany as under:-
Section 34 -A (3 ) ( i) -
1. Chairman, Board of Studies in Botany Barkatullah University , Bhopal
2. Chairman, Board of Studies in Botany Vikram University, Ujjain
3. Chairman , Board of Studies in Botany. Devi Ahilya University, Indore
4. Chairman , Board of Studies in Botany Jiwaji University , Gwalior
5. Chairman, Board of Studies in Botany Awadesh Pratap Singh University , Rewa
6. Chairman , Board of Studies in Botany Rani Durgawati University , Jabalpur
Section 34 - A (3 ) ( ii) -
1. Head of the Botany Department , Govt . M.H.D. Home Science College , Jabalpur
2. Head of the Botany Department , Govt . Kalidas Girls College , Ujjain 2678
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
Head of the Botany Department , Govt . Narmada College , Hoshangabad 3.
4. Head of the Botany Department , Govt. Sarojani Naidu Girls College , Bhopal
Section 34- A (3) ( iii) -
1. Head of the Botany Department, Govt . M.G.M. College , Itarsi
2. Head of the Botany Department , Govt . P.G. College , Seoni
3. Head of the Botany Department, Govt . P. G. College , Narshingpur
4. Head of the Botany Department , Govt . College, Satna
Section 34 - A (3 ) ( iv) -
1. Head, Department of Botany Banaras Hindu University Varanasi (U.P. )
2. Head , Department of Botany Gurukul Kangdi University Haridwar (U.P. )
Section 34 - A (3) ( v)
Dr. S. D. Singh , O.S.D. Higher Education Dept. Bhopal .
Section 34 - A ( 4) ( ii) -
Chairman, Board of Studies , Botany Rani Durgawati University , Jabalpur is being nominated as Chairman , Central Board of Studies for Botany .
Subject-Hindi
No. 565 - CHE - A.CELL - 2011.-Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section (5 ) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F- 26-1-2007 -R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner, Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Hindi as under:-
Section 34 - A (3) ( i) -
1. Dr. Vasanti Moghey, Chairman, Board of Studies in Hindi Barkatullah University , Bhopal 2. Dr. Premlata Chutel Chairman , Board of Studies in Hindi Vikram University, Ujjain 3. Dr. Padma Singh , Chairman , Board of Studies in Hindi Devi Ahilya University, Indore 4. Dr. Veena Sharma , Chairman , Board of Studies in Hindi Jiwaji University , Gwalior 5. Chairman , Board of Studies in Hindi Awadesh Pratap Singh University , Rewa
6. Dr. Sushma Dubey , Chairman , Board of Studies in Hindi Rani Durgawati University, Jabalpur Section 34- A (3) ( ii) -
1 . Dr. Varsha Khurana Head of the P. G. Hindi Department , Govt. College , Multai
2. Dr. V. Raghuwansi Head of the P. G. Hindi Department , Govt. College , Harda
3. Dr. K. R. Mogardey Head of the P. G. Hindi Department , Govt. J. H. College, Betul 4. Dr. R. S. Tiwari , Head of the P. G. Hindi Department, Govt . MLB College Bhopal 2679 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
Section 34 - A (3) ( iii) -
1. Dr. Sadhna Daheriya , Head of the Hindi Department , Govt . Girls College , Betul
2. Dr. Santosh Kumar Sharma , Head of the Hindi Department , Govt . UG College , Nasrullaganj 3 . Dr. Dheerendra Shukla , Head of the Hindi Department , Govt . MGM College , Itarsi Section 34 -A (3) ( iv) -
1. Dr. Surendra Dubey, Head Department of Hindi Deendayal Upadhaya, Gorakhpur 2. Dr. Sunita Rani Gosh , Head Department of Hindi Agra College , Agra
Section 34 - A ( 3) (v) -
Dr. Tribhuwan Nath Shukla , Director Hindi Sahitya Academy, Bhopal .
Section 34 - A (4) ( ii) -
Dr. Vasanti Moghey , Chairman , Board of Studies , Hindi Barkatullah University, Bhopal is being nominated as Chairman , Central Board of Studies for Hindi .
Subject- Commerce
No. 565 - CHE - A.CELL - 2011 . Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section ( 5) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F - 26-1-2007 - R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007, I , the Commissioner , Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Commerce as under :-
Section 34 - A (3) ( i )-
1. Chairman , Board of Studies in Commerce Barkatullah University, Bhopal
2. Chairman , Board of Studies in Commerce Vikram University, Ujjain
3. Chairman, Board of Studies in Commerce Devi Ahilya University, Indore
4. Chairman , Board of Studies in Commerce Jiwaji University, Gwalior
5. Chairman , Board of Studies in Commerce Awadesh Pratap Singh University , Rewa 6. Chairman, Board of Studies in Commerce Rani Durgawati University, Jabalpur
Section 34 - A ( 3) ( ii)-
1. Head of the Commerce Department, Govt . Madhav Arts & Commerce College , Ujjain 2. Head of the Commerce Department , Govt . Arts & Commerce College , Indore
3. Head of the Commerce Department , Govt. Arts & Commerce College , Sehore
4. Head of the Commerce Department , Govt . Swami Vivekanand College , Neemach Section 34 - A ( 3) ( iii)-
1 . Head of the Commerce Department , Govt . Commerce College , Ratlam
2. Head of the Commerce Department , Govt. Girls College , Mandsaur.
2680
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
3. Head of the Commerce Department, Govt . K. P. College, Dewas
4. Head of the Commerce Department , Govt . P. G. College , Mhow Indore
Section 34 - A (3) ( iv) --
1. Head Department of Commerce Delhi University Delhi
2. Head Department of Commerce Bundelkhand University Jhansi ( U.P. )
Section 34 - A ( 3) ( v) -
Dr. V. K. Shukla , O.S.D. Higher Education Satpura Bhawan, Bhopal
Section 34 - A (4) ( ii) -
Chairman, Board of Studies , Commerce Devi Ahilya University , Indore is being nominated as Chairman, Central Board of Studies for Commerce.
Subject-Geography
No. 565 - CHE - A.CELL- 2011 .Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section (5) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F- 26-1-2007 - R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Geography as under:-
Section 34 - A (3) ( i) -
1. Chairman , Board of Studies in Geography Barkatullah University , Bhopal
2. Chairman , Board of Studies in Geography Vikram University, Ujjain
3. Chairman, Board of Studies in Geography Devi Ahilya University, Indore
4. Chairman, Board of Studies in Geography Jiwaji University , Gwalior
5. Chairman, Board of Studies in Geography Awadesh Pratap Singh University, Rewa Chairman, Board of Studies in Geography Rani Durgawati University , Jabalpur 6.
Section 34 - A (3) ( ii) -
1. Head of the Geography Department , Govt . Narmada College , Hosangabad
2. Head of the Geography Department , Govt . Jata Shankar College , Balaghat
3. Head of the Geography Department , Govt. Home Science College , Jabalpur
4. Head of the Geography Department , Govt . P. G. College , Chhindwara
Section 34- A (3) ( iii) -
1 . Head of the Geography Department , Hitkarini Mahila College , Jabalpur
2. Head of the Geography Department , Govt . Girls College , Sagar
3. Head of the Geography Department , Govt . K. N. College , Damoh
4. Head of the Geography Department , Govt . P. G. College , Seoni
Section 34 - A (3) ( iv) --
1. Head , Department of Geography M. S. University Vadodara (Gujrat)
2. Head , Department of Geography Dr. Bhimrao Ambedkar Bihar University Mujaffarpur (Bihar ) भाग 1 ]
2681
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
Section 34- A (3) ( v) -
Dr. Manisha Dubey, O.S.D. Higher Education Dept. Bhopal
Section 34 - A ( 4) ( ii)-
Chairman, Board of Studies , Geography Rani Durgawati University, Jabalpur is being nominated as Chairman , Central Board of Studies for Geography.
Subject Geology
No. 565 - CHE- A.CELL - 2011.-Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section ( 5) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F - 26-1-2007- R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Geology as under :-
Section 34 - A (3 ) ( i) -
1. Chairman, Board of Studies in Geology Barkatullah University, Bhopal
Chairman , Board of Studies in Geology Vikram University, Ujjain 2.
3. Chairman, Board of Studies in Geology Devi Ahilya University, Indore
4. Chairman, Board of Studies in Geology Jiwaji University, Gwalior
5. Chairman , Board of Studies in Geology Awadesh Pratap Singh University , Rewa
6. Chairman , Board of Studies in Geology Rani Durgavati University , Jabalpur
Section 34 - A ( 3) ( ii) -
1 . Head of the Geology Department , Govt . Maharaja College , Chhattarpur
2. Head of the Geology Department , Govt . Model Science College , Jabalpur
3. Head of the Geology Department , Govt . P. G. College , Satna
4. Head of the Geology Department , Govt . Model Science College , Rewa
Section 34 - A ( 3) ( iii) -
1 . Head of the Geology Department , Govt . M.V.M. College , Bhopal
2. Head of the Geology Department , Govt . Madhav College , Ujjain
3. Head of the Geology Department , Govt . College , Chhindwara
Section 34 - A (3) ( iv) -
1. Head Department of Geology Kureshetra University, (Haryana)
2. Head Department of Geology Lucknow University Lucknow (UP)
Section 34- A (3) ( v) -
Dr. R S. Raghuvanshi Govt . M.V.M. College , Bhopal
Section 34 - A ( 4) ( ii )--
Chairman , Board of Studies , Geology Rani Durgawati University , Jabalpur is being nominated as Chairman , Central Board of Studies for Geology .
2682
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
Subject-- Philosophy
No. 565 - CHE - A.CELL - 2011.-Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub- section (5) of Section 34-A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F - 26-1-2007- R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Philosophy as under:---
Section 34 - A ( 3) ( i ) -
1. Dr. Vineeta Awasthi , Chairman , Board of Studies in Philosophy Barkatullah University, Bhopal 2. Dr. Shobha Mishra , Chairman , Board of Studies in Philosophy Vikram University, Ujjain 3. Dr. S. S. Bhatia , Chairman , Board of Studies in Philosophy Devi Ahilya University , Indore 4. Dr. Vijay Laxmi Gupta , Chairman , Board of Studies in Philosophy Jiwaji University, Gwalior 5. Chairman, Board of Studies in Philosophy Awadesh Pratap Singh University , Rewa 6. Dr. Priyavrat Shukla , Chairman , Board of Studies in Philosophy Rani Durgawati University , Jabalpur Section 34 - A ( 3) ( ii) -
1. Dr. Vinod Katare Head of the Philosophy Department, Govt . Hamidiya College , Bhopal 2. Dr. Sushma Sharma , Head of the Philosophy Department , Govt . S. N. Girls College , Bhopal 3. Head of the Philosophy Department , Govt . M.L.B. College , Bhopal
4. Head of the Philosophy Department , Govt . Mankuwar Bai Mahila College Jabalpur .
Section 34 - A (3) (iii)-
1. Head of the Philosophy Department , Satya Sai College , Bhopal
2. Head of the Philosophy Department , Ravindra College , Bhopal
3. Head of the Philosophy Department, Govt. Girls College , Indore
Section 34 - A (3) ( iv) -
1. Dr. B. Kameshwar Rao , Head Department of Philosophy Ravi Sankar Shukla University Raipur 2. Dr. S. K. Tripati , Head Department of Philosophy Bundelkhand University Jhansi , UP Gorakpur Section 34 -A (3 ) ( v) -
Dr. Pradeep Khare , Govt . S. N. College, Bhopal .
Section 34 - A ( 4) ( ii) -
Dr. Vineeta Awasthi Chairman , Board of Studies , Philosophy , Barkatullah University , Bhopal is being nominated as Chairman , Central Board of Studies for Philosophy .
Subject- Chemistry
No. 565 - CHE - A.CELL - 2011.-Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section (5) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F- 26-1-2007 - R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education, Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Chemistry as under:-
Section 34 - A (3 ) ( i ) -
1. Chairman , Board of Studies in Chemistry Barkatullah University, Bhopal
Chairman, Board of Studies in Chemistry Vikram University, Ujjain 2.
2683 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
3. Chairman , Board of Studies in Chemistry Devi Ahilya University, Indore
4. Chairman , Board of Studies in Chemistry Jiwaji University , Gwalior
5. Chairman , Board of Studies in Chemistry Awadesh Pratap Singh University, Rewa 6. Chairman , Board of Studies in Chemistry Rani Durgawati University, Jabalpur
Section 34 - A (3) ( ii)-
1. Head of the Chemistry Department , Govt . Adarsh Science College , Jabalpur
2. Head of the Chemistry Department , Govt . Home Science College, Jabalpur
3. Head of the Chemistry Department , Govt. Jatashankar Trivedi College , Balaghat
4. Head of the Chemistry Department , Govt . P. G. College , Seoni
Section 34 - A (3) ( iii)-
1. Head of the Chemistry Department , Govt . Arts & Commerce College , Sagar
2. Head of the Chemistry Department, Govt . K. N. College , Damoh
3. Head of the Chemistry Department , Govt . P. G. College , Tikamgarh
4. Head of the Chemistry Department , N.E.S. Science College , Jabalpur
Section 34 - A (3) ( iv) -
1. Head of the Department of Chemistry Gurukul Kangdi University, Haridwar ( Uttaranchal ) 2. Head of the Department of Chemistry Allahabad University Allahabad ( UP)
Section 34 - A (3 ) (v) -
Dr. R. K. Srivastava Govt . S. N. Girls College, Bhopal
Section 34 - A ( 4) ( ii) -
Chairman , Board of Studies , Chemistry Rani Durgavati University, Jabalpur is being nominated as Chair- man , Central Board of Studies for Chemistry.
Subject-History
No. 565 - CHE - A.CELL - 2011.- Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section ( 5) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F- 26-1-2007 - R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for History as under:-
Section 34 - A (3 ) ( i) -
1. Chairman, Board of Studies in History Barkatullah University, Bhopal
2. Chairman , Board of Studies in History Vikram University, Ujjain
3. Chairman , Board of Studies in History Devi Ahilya University, Indore
4. Chairman , Board of Studies in History Jiwaji University , Gwalior
5. Chairman, Board of Studies in History Awadesh Pratap Singh University , Rewa
6. Chairman , Board of Studies in History Rani Durgawati University , Jabalpur 2684
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
Section 34 - A ( 3 ) ( ii )-
1. Head of the History Department , Govt . Narmada College , Hosangabad
2. Head of the History Department , Govt . Jata Shankar Trivedi College , Balaghat
3. Head of the History Department , Govt . Home Science College , Jabalpur
4. Head of the History Department , Govt. P.G. College , Chhindwara
Section 34 - A (3) ( iii)-
1. Head of the History Department , Hitkarini Mahila College , Jabalpur
2. Head of the History Department , Govt. Arts & Commerce College , Sagar
3. Head of the History Department , Govt . P.G. College , Damoh
4. Head of the History Department, Govt . College , Seoni
Section 34- A (3) ( iv) -
1. Head Department of History N.A.S.P.G. College , Meerut ( UP)
2. Head Department of History Guru Ghasidas University, Bilaspur
Section 34- A ( 3 ) ( v ) -
Dr. B. C. Joshi , Govt . S. N. Girls College , Bhopal
Section 34 - A (4) ( ii)-
Chairman, Board of Studies , History Rani Durgavati University, Jabalpur is being nominated as Chairman , Central Board of Studies for History.
Subject Zoology
No. 565 - CHE - A.CELL- 2011.-Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section ( 5) of Section 34- A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F -26-1-2007- R.S. - U.A. - 1-542, dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Zoology as under :-
Section 34 - A (3) ( i) -
1. Chairman, Board of Studies in Zoology Barkatullah University , Bhopal
2. Chairman , Board of Studies in Zoology Vikram University, Ujjain
3. Chairman , Board of Studies in Zoology Devi Ahilya University , Indore
4. Chairman , Board of Studies in Zoology Jiwaji University , Gwalior
5. Chairman, Board of Studies in Zoology Awadesh Pratap Singh University , Rewa
6. Chairman, Board of Studies in Zoology Rani Durgawati University, Jabalpur
Section 34- A ( 3) ( ii )-
1. Head of the Zoology Department , Govt . Adarsh Science College , Jabalpur
2. Head of the Zoology Department , Govt . Model Science College , Rewa
3. Head of the Zoology Department , Govt . P.G. College , Satna
4. Head of the Zoology Department , Govt . P. G. College , Chhindwara
Section 34 - A ( 3 ) ( iii)-
1 . Head of the Zoology Department , Govt . Syam Sundar Mushran College , Narsinghpur 2. Head of the Zoology Department , Govt. Tilak College , Katni भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
2685 3. Head of the Zoology Department , Govt . College, Ordinance Factory , Jabalpur
4. Head of the Zoology Department , Govt . P. G. College , Tikamgarh
Section 34- A (3) ( iv)-
1. Prof. and Head Department of Zoology Hemvantinandan Bahuguna University , Garval ( Uttaranchal ) 2. Prof. and Head Department of Zoology Ravishankar University , Raipur (CG)
Section 34 - A (3) (v)-
Dr. Alok Verma , Govt . Science & Commerce Banejeer College , Bhopal
Section 34- A (4) ( ii )-
Chairman, Board of Studies , Zoology Rani Durgawati University, Jabalpur is being nominated as Chairman, Central Board of Studies for Zoology.
Subject-Urdu
No. 565 - CHE - A.CELL - 2011 . Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section (5) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F - 26-1-2007- R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education , Madhya Pradesh, Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Urdu as under :-
Section 34 - A (3) ( i )-
1. Dr. Praveen Khanam, Chairman , Board of Studies in Urdu Barkatullah University , Bhopal 2. Dr. Gulam Hussain , Chairman , Board of Studies in Urdu Vikram University , Ujjain Dr. Hadis Ansari , Chairman , Board of Studies in Urdu Devi Ahilya University, Indore 3.
Chairman , Board of Studies in Urdu Jiwaji University, Gwalior 4.
5. Chairman, Board of Studies in Urdu Awadesh Pratap Singh University, Rewa
6. Dr. M. A. Arif Chairman , Board of Studies in Urdu Rani Durgawati University, Jabalpur Section 34 - A ( 3) ( ii)-
1. Dr. Bilkish Jaha Head of the Urdu Department ,Govt.M.L.B. College , Bhopal
2. Dr. Sultana Bahadur , Head of the Urdu Department , Govt. Hamidiya College , Bhopal 3. Dr. Atiqun Nisha Khan , Head of the Urdu Department , Govt . S. N. Girls College , Bhopal 4. Head of the Urdu Department , Safia College Bhopal
Section 34 - A (3) ( iii)-
1. Dr. Farzana Rizwi Head of the Urdu Department , Govt . UG College , Sehore
2. Syed Zafar Ansari , Head of the Urdu Department , Govt. UG College, Kurwai
3 . Head of the Urdu Department , Govt. Geetanjali Girls College , Bhopal
Section 34- A ( 3) ( iv)-
1. Prof. & Head , Department of Urdu Aligarh Muslim University Aligarh
Prof. & Head , Department of Urdu Jamia Isla Mia University , Delhi 2.
Section 34 - A (3) ( v) -
A. R. Rehman , Assistant Director of Higher Education , Bhopal .
Section 34- A (4) (ii) -
Dr. Parveen Khannam , Chairman , Board of Studies , Urdu , Barkatullah University , Bhopal is being nominated as Chairman , Central Board of Studies for Urdu .
2686
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
Subject- AIHC & A
No. 565 - CHE - A.CELL- 2011.-Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section (5) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F- 26-1-2007- R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for AIHC & A as under:-
Section 34 - A (3) ( i ) -
1. Chairman, Board of Studies in AIHC & A Barkatullah University, Bhopal
2. Chairman , Board of Studies in AIHC & A Vikram University , Ujjain
3. Chairman , Board of Studies in AIHC & A Devi Ahilya University, Indore
4. Chairman, Board of Studies in AIHC & A Jiwaji University, Gwalior
5. Chairman , Board of Studies in AIHC & A Awadesh Pratap Singh University , Rewa 6. Chairman, Board of Studies in AIHC & A Rani Durgawati University , Jabalpur
Section 34 - A (3 ) ( ii)-
1. Head of the AIHC & A Department , Govt . Mahakaushal Arts & College , Jabalpur 2. Head of the AIHC & A Department , Govt . Mohanlal Hargovindas Home Science College , Jabalpur 3. Head of the AIHC & A Department , Govt. Swami Vivekanand College , Narsinghpur 4. Head of the AIHC & A Department, Govt . PG College Chhindwara
Section 34 - A ( 3) ( iii) -
1 . Head of the AIHC & A Department, Govt. UG Girls College Ranjhi , Jabalpur
2 . Head of the AIHC & A Department , Govt . Tilak College Katni
3. Head of the AIHC & A Department, Govt. Kamla Nehru Girls College , Balaghat .
Section 34 - A (3 ) ( iv) -
1. Head of Department AIHC & A Ruhel Khand University, Bareli
2. Head of Department AIHC & A Kurekshetra University Haryana
Section 34 - A (3) ( v)-
Dr. S. K. Trevedi , Principal Govt. Arts & Science College , Mandideep
Section 34 - A (4) ( ii) —
Chairman , Board of Studies , AIHC & A , Rani Durgavati University , Jabalpur is being nominated as Chairman, Central Board of Studies for AIHC & A.
Subject-Statistics
No. 565 - CHE - A.CELL - 2011.-Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section ( 5 ) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F - 26-1-2007- R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner, Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Statistics as under:-
Section 34 - A (3) ( i) -
1. Chairman , Board of Studies in Statistics Barkatullah University, Bhopal
2. Chairman, Board of Studies in Statistics Vikram University , Ujjain
3. Chairman , Board of Studies in Statistics Devi Ahilya University, Indore
4. Chairman, Board of Studies in Statistics Jiwaji University , Gwalior
5. Chairman , Board of Studies in Statistics Awadesh Pratap Singh University, Rewa
6. Chairman , Board of Studies in Statistics Rani Durgawati University, Jabalpur 2687 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
Section 34 -A (3 ) ( ii ) ---
1. Head of the Statistics Department , Govt . Madhav Science College , Ujjain
2. Head of the Statistics Department , Govt. M.V.M. College , Bhopal
3. Head of the Statistics Department , Govt. P.G. College Rewa
Section 34 - A (3) ( iii) ----
1. Head of the Statistics Department , Govt . Arts & Commerce College Ratlam
2. Head of the Statistics Department , Govt. M.L.B. Cirls College Bhopal
3. Head of the Statistics Department , Govt . Holkar Science College Indore
Section 34 - A ( 3) ( iv) -
1. Head Department of Statistics D.A.V. College Kanpur (U.P. )
2. Head Department of Statistics Banaras Hindu University Varanasi ( U.P. )
Section 34 - A (3) ( v) -
Dr. Ramesh Srivastava , Prof. Govr. M.V.M. College , Bhopal
Section 34 - A (4) ( ii)-
Chairman , Board of Studies , Statistics Devi Ahilya University, Indore is being nominated as Chairman , Central Board of Studies for Statistics
Subject- Psychology
No. 565 - CHE - A.CELL- 2011.-Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section ( 5) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F - 26-1-2007- R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Psychology as under:--
Section 34 - A ( 3) ( i ) -
1. Chairman, Board of Studies in Psychology Barkatullah University , Bhopal
2. Chairman, Board of Studies in Psychology Vikram University , Ujjain
3. Chairman, Board of Studies in Psychology Devi Ahilya University, Indore
4. Chairman , Board of Studies in Psychology Jiwaji University, Gwalior
5. Chairman , Board of Studies in Psychology Awadesh Pratap Singh University , Rewa 6. Chairman , Board of Studies in Psychology Rani Durgawati University , Jabalpur
Section 34- A (3) ( ii) -
1. Head of the Psychology Department , Govt . P.G. College , Narsinghpur
2. Head of the Psychology Department , Govt. Mahakaushal College , Jabalpur
3. Head of the Psychology Department , Govt . Girls College, Sagar
4. Head of the Psychology Department , Govt. Hamidiya PG College . Bhopal
Section 34 - A ( 3) ( iii) --
1. Head of the Psychology Department , Govt . K. P. College Dewas
2. Head of the Psychology Department , Govt . Girls College Ujjain
3. Head of the Psychology Department , Ch . Yadunath College , Bhind 2688
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
Section 34 - A (3 ) ( iv) -
1. Head Department of Psychology Dehli University, Dehli
2. Head Department of Psychology Pt . Ravi Shankar Sukla University, Raipur ( C.G. ) Section 34- A ( 3) ( v) .
Dr. Jamal Akhatar .Govt. M.L.B. College, Bhopal
Section 34 - A ( 4) ( ii) —
Chairman , Board of Studies , PSYCHOLOGY Rani Durgavati University, Jabalpur is being nominated as Chairman , Central Board of Studies for Psychology .
Subject-Maths
No. 565 - CHE - A.CELL - 2011.-Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section ( 5) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F - 26-1-2007 - R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner, Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Maths as under :-
Section 34- A ( 3) ( i )-
1. Chairman , Board of Studies in Maths Barkatullah University , Bhopal
2. Chairman , Board of Studies in Maths Vikram University , Ujjain
3. Chairman, Board of Studies in Maths Devi Ahilya University, Indore
4. Chairman, Board of Studies in Maths Jiwaji University, Gwalior
5. Chairman, Board of Studies in Maths Awadesh Pratap Singh University, Rewa
6. Chairman , Board of Studies in Maths Rani Durgavati University, Jabalpur
Section 34 - A ( 3) ( ii) -
1. Head of the Maths Department , Govt . Adarsh Science College , Jabalpur
2. Head of the Maths Department , Govt . Mohanlal Govindas College , Jabalpur
3. Head of the Maths Department , Govt . Girls College , Sagar
4. Head of the Maths Department , Govt . PG College Chhindwara
Section 34 - A (3) ( iii) -
1. Head of the Maths Department , Govt . P.G. College , Seoni
2. Head of the Maths Department , Govt . Hawabagh Arts Science College , Jabalpur
Head of the Maths Department, Govt . Arts , Commerce & Science College , Sagar 3.
Section 34 - A (3) ( iv) -
1. Head Department of Maths Dayal Bag Education Institute Dayal Bagh , Agra ( UP) 2. Head Department of Maths JNU New Delhi
Section 34 - A ( 3) ( v) -
Dr. Naval Singh Govt . Benazeer College Bhopal
Section 34- A ( 4) ( ii )-
Chairman , Board of Studies , Maths Rani Durgavati University, Jabalpur is being nominated as Chairman , Central Board of Studies for Maths .
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
2689
Subject-- Physics
No. 565 - CHE- A.CELL- 2011.-Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub- section (5) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam, 1973 vide his order No. F-26-1-2007- R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Physics as under :-
Section 34- A (3) ( i ) -
1. Chairman, Board of Studies in Physics Barkatullah University , Bhopal
2. Chairman , Board of Studies in Physics Vikram University, Ujjain
3. Chairman , Board of Studies in Physics Devi Ahilya University , Indore
4. Chairman, Board of Studies in Physics Jiwaji University, Gwalior
5. Chairman , Board of Studies in Physics Awadesh Pratap Singh University, Rewa
6. Chairman, Board of Studies in Physics Rani Durgawati University , Jabalpur
Section 34 - A (3) ( ii )--
1. Head of the Physics Department , Govt. Model Science College , Jabalpur
2. Head of the Physios Department, Govt . Maharaja College , Chhattarpur
3. Head of the Physics Department , Govt . T.R.S. College , Rewa
4. Head of the Physics Department, Govt . Girls College Sagar
Section 34 - A ( 3) ( iii) -
1. Head of the Physics Department , Govt . P.G. College, Mandla.
2. Head of the Physics Department , Govt . K. N. College , Damoh
3. Head of the Physics Department, Govt . P.G. College Seoni
4. Head of the Physics Department, Govt. P.G. Girls College Chhindwara
Section 34 - A (3) ( iv) -
1. Head Department of Physics Dr. R.S.L. Awadh University Faijabad (UP)
2. Head Department of Physics S. P. University Vallabhvidhya Nagar Anand Gujrat Section 34 - A ( 3 ) (v) -
Dr. K. C. Saxena, Prof. Govt . Benazeer College , Bhopal
Section 34- A ( 4) ( ii )-
Chairman, Board of Studies , Physics Rani Durgavati University, Jabalpur is being nominated as Chairman , Central board of Studies for Physics .
Subject Political Science
No. 565 - CHE - A.CELL- 2011.-Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub- section (5) of Section 34- A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F - 26-1-2007- R.S.- U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute, the Central Board of Studies for Political Science as under:-
Section 34- A (3) ( i )-
1. Chairman, Board of Studies in Political Science Barkatullah University, Bhopal
2. Chairman , Board of Studies in Political Science Vikram University, Ujjain
Chairman , Board of Studies in Political Science Devi Ahilya University, Indore 3.
Chairman, Board of Studies in Political Science Jiwaji University, Gwalior 4.
5. Chairman , Board of Studies in Political Science Awadesh Pratap Singh University , Rewa 6. Chairman, Board of Studies in Political Science Rani Durgavati University, Jabalpur 2690
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
[भाग 1 Section 34- A (3) ( ii)-
1. Head of the Political Science Department , Govt . P.G. College , Chhindwara
2. Head of the Political Science Department , Govt. T.R.S. College , Rewa
3. Head of the Political Science Department , Govt . P.G. College, Satna
4. Head of the Political Science Department , Govt. Mahakaushal College Jabalpur .
Section 34 - A (3) ( iii)-
1. Head of the Political Science Department, Govt. Tilak College, Katni
2. Head of the Political Science Department , Govt. Girls College , Sagar
3. Head of the Political Science Department , Govt . College Gadarwara
4. Head of the Political Science Department , Govt. M.G.M. College Itarsi
Section 34 - A (3) ( iv) -
1. Dr. C.V. Singh , Head Department of Political Science Prakash Bhawan Modipur Gorakhpur (UP) 2. Head Department of Political Science Allahabad University, Allahabad (UP)
Section 34 - A (3) ( v)-
Dr. Akhilesh Sharma , O.S.D. Higher Education Dept. Bhopal
Section 34 - A ( 4) ( ii )-
Chairman , Board of Studies , Political Science Rani Durgawati University , Jabalpur is being nominated as Chairman , Central Board of Studies for Political Science .
Subject Sociology
No. 565 - CHE - A.CELL- 2011 .Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section (5 ) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F -26-1-2007 - R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for Sociology as under :-
Section 34- A (3) ( i )-
1. Chairman, Board of Studies in Sociology Barkatullah University , Bhopal
Chairman , Board of Studies in Sociology Vikram University , Ujjain 2.
Chairman, Board of Studies in Sociology Devi Ahilya University, Indore 3.
Chairman, Board of Studies in Sociology Jiwaji University, Gwalior 4.
Chairman , Board of Studies in Sociology Awadesh Pratap Singh University , Rewa 5.
6. Chairman, Board of Studies in Sociology Rani Durgawati University, Jabalpur
Section 34- A (3) ( ii) -
1. Head of the Sociology Department, Govt. P.G. Mahakaushal Arts & Commares College , Jabalpur 2. Head of the Sociology Department , Govt . Maharaja College . Chhatarpur
3. Head of the Sociology Department , Govt . P.G. College ,Damoh
4. Head of the Sociology Department , Govt . P. G. College Chhindwara
Section 34- A ( 3) ( iii )-
1. Head of the Sociology Department , Govt . P.G. College , Seoni
2. Head of the Sociology Department , Govt . College , Maihar
3. Head of the Sociology Department , Govt. Tilak College , Katni
4. Head of the Sociology Department , Govt . P.G. College Mandla 2691 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
Section 34 - A ( 3) ( iv) -
1. Head Department of Sociology School of Social Sciences J.N.U. New Delhi
2. Head Department of Sociology Maharshi Dayanand University Rohatak ( Haryana) Section 34- A ( 3) ( v) -
Dr. Vandana Agnihotri , Principal , State Leval Law College , Bhopal
Section 34- A (4) ( ii) --
Chairman , Board of Studies , Sociology Rani Durgavati University, Jabalpur is being nominated as Chairman , Central Board of Studies for Sociology.
Subject-English
No. 565 - CHE - A.CELL - 2011 . Consequent upon the delegation of power by the Chancellor of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya under sub - section ( 5) of Section 34 - A of Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 vide his order No. F- 26-1-2007 - R.S. - U.A. - 1-542 , dated 16th April 2007 , I , the Commissioner , Higher Education , Madhya Pradesh , Bhopal hereby constitute , the Central Board of Studies for English as under :-
Section 34 - A ( 3) ( i) -
1. Dr. J. K. Chawala , Chairman , Board of Studies in English Barkatullah University, Bhopal 2 . Dr. Anchala Sharma , Chairman , Board of Studies in English Vikram University, Ujjain 3. Dr. Manik Sabray, Chairman , Board of Studies in English Devi Ahilya University, Indore 4. Dr. N. P. Saraswat , Chairman , Board of Studies in English Jiwaji University, Gwalior 5. Chairman, Board of Studies in English Awadesh Pratap Singh University , Rewa
6. Dr. Alok Chansouriya , Chairman , Board of Studies in English Rani Durgavati University, Jabalpur Section 34 - A (3) ( ii) -
1. Dr. Smt . Shampa Malhotra , Head of the English Department , Satya Sai College , Bhopal 2. Dr. Shubrah Tripathi , Head of the English Department, Govt. M.V.M. College . Bhopal 3. Dr. Smt . Shalini Tiwari , Head of the English Department , Govt . B.H.E.L. College , Bhopal 4. Dr. S. B. Hassan , Head of the English Department , Govt. J. H. College Betul
Section 34 - A (3) ( iii) -
1. Dr. A. Tarun , Head of the English Department, UG Sadhu Vaswani College , Bairagarh , Bhopal 2. Dr. Asha Kumar Gaur , Head of the Department, Govt . UG Gitanjali College , Bhopal 3. Dr. ( Smt. ) Harpit Randhawa , Head of the English Department , Govt . Girls College , Itarsi Section 34 - A (3) ( iv) -
1 . Dr. N. K. Ghosh , Head Department of English Govt. Agra College , Agra ( UP)
2 . Head Department of English Allahabad University Allahabad ( UP)
Section 34 - A ( 3) ( v) ---
Dr. Alka Saxena , Govt . M.L.B. College , Bhopal
Section 34 - A ( 4) ( ii) -
Dr. J. K. Chawala , Chairman , Board of Studies , English Barkatullah University , Bhopal is being nominated as Chairman , Central Board of Studies for English .
V. S. NIRANJAN , Commissioner .
2692
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
श्रमायुक्त कार्यालय , मध्यप्रदेश शासन, इन्दौर इन्दौर, दिनांक 13 जुलाई 2011
क्र. 1-2- नवम- ( 1 ) 86.- मैं, पी . के. दास, श्रमायुक्त मध्यप्रदेश , शासन के श्रम विभागीय आदेश क्रमांक 473-7258- सोलह, दिनांक 24 जनवरी 1961 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , एतद्वारा, मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 ( क्रमांक 25 सन् 1958 ) , की धारा 40 की उपधारा ( 2 ) के अतंर्गत निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में दर्शाये गये श्रम उपनिरीक्षकों को इसी सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये गये स्थानीय क्षेत्रों के लिये " निरीक्षक " नियुक्त करता हूं : -
सारणी
क्रमांक श्रम निरीक्षक का नाम
अधिकार क्षेत्र
(3)
(2)
(1)
सम्पर्ण राज्य में सभी स्थानीय क्षेत्रों 1 श्रीमती कल्पना बागे
2 श्री एस. आर. लोण्ढे एवं सभी प्रकार के संस्थान के
लिये जिन पर यह अधिनियम 3 श्री सुनील सप्रे
4 श्री रामचंद्र चौहान लागू होता है.
5 श्री एस. के. नायक
6 श्री गणपतसिंह जाटव
7 श्रीके. एम. मोरे
8 श्रीकोमल सिंह
9 श्री रत्नराज बहादुर
10 श्री बद्रीलाल खराडिया
11 श्री बलिराम मंडलोई
पी. के. दास, श्रमायुक्त.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला शहडोल, मध्यप्रदेश शहडोल , दिनांक 14 जुलाई 2011
क्र. 3654- तीन ( 1 ) स्था.-2011.-लोक परिसर ( बेदखली ) अधिनियम, 1974 की धारा 3 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुये, निम्नानुसार अनुविभागीय अधिकारियों को उनके नाम के सम्मुख अंकित क्षेत्रों के लिये लोक परिसर ( बेदखली ) अधिनियम के उपबन्धों के अधीन प्राप्त शक्तियों के अंतर्गत कार्यवाही किये जाने हेतु अधिकृत किया जाता है :-
क्रमांक (1)
पदनाम (2)
अधिसूचित क्षेत्र (3)
सम्पूर्ण तहसील 1 अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील सोहागपुर.
सोहागपुर.
2 अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील जैतपुर.
सम्पूर्ण तहसील जैतपुर.
(3) (2)
(1)
सम्पूर्ण तहसील जयसिंहनगर.
3 अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील जयसिंहनगर .
सम्पूर्ण तहसील व्यौहारी.
4 अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील ब्यौहारी.
नीरज दुबे , कलेक्टर.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन"
58, अरेरा हिल्स, भोपाल ( म.प्र. )
भोपाल , दिनांक 15 जुलाई 2011 आदेश
क्र. एफ.-67-185-10-तीन- 1130.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत, खजुराहो, जिला छतरपुर के आम निर्वाचन में सुश्री नजमा खातून अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत, खजुराहो, जिला छतरपुर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी , 2010 तक किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी छतरपुर के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी छतरपुर के पत्र क्र. 370 - स्था.
भाग 1 ]
2693
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
निर्वा. - 10, दिनांक 1 फरवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री नजमा खातून द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री नजमा खातून को कारण बताओ नोटिस दिनांक 19 फरवरी , 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , छतरपुर के माध्यम से दिनांक 27 मार्च, 2010 को तामील कराया गया . कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.
सुश्री नजमा खातून को नोटिस दिनांक 27 मार्च , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 11 अप्रैल , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर छतरपुर ने अपने पत्र दिनांक 13 अक्टूबर 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी के द्वारा अभी तक कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है . उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरान्त आयोग द्वारा दिनांक 8 मार्च, 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 8 अप्रैल, 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली कलेक्टर छतरपुर द्वारा दिनांक 2 अप्रैल 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहींहै .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री नजमा खातून को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत, खजुराहो , जिला छतरपुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से पांच वर्ष ( 05 वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुभाष जैन ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
भोपाल , दिनांक 15 जुलाई 2011 आदेश
क्र. एफ. -67-185-10- तीन - 1131.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत , खजुराहो , जिला छतरपुर के आम निर्वाचन में श्री विनोद अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत , खजुराहो, जिला छतरपुर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी, 2010 तक किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी छतरपुर के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी छतरपुर के पत्र क्र. 370 - स्था. निर्वा . - 10 , दिनांक 1 फरवरी, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री विनोद द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री विनोद को कारण बताओ नोटिस दिनांक 19 फरवरी , 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , छतरपुर के माध्यम से दिनांक 27 मार्च, 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.
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श्री विनोद को नोटिस दिनांक 27 मार्च , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 11 अप्रैल , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर छतरपुर ने अपने पत्र दिनांक 13 अक्टूबर 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी के द्वारा अभी तक कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है. उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरान्त आयोग द्वारा दिनांक 8 मार्च, 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचित व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 8 अप्रैल, 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली कलेक्टर छतरपुर द्वारा दिनांक 2 अप्रैल 2011 को कराई गई , किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.
उपरोक्तविवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री विनोद को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत, खजुराहो , जिला छतरपुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से पांच वर्ष ( 05 वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(सुभाष जैन )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
भोपाल , दिनांक 20 जुलाई 2011
आदेश
क्र. एफ.- 67-7-09- तीन- 1139.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह जुलाई 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत, पीपलरांवा, जिला देवास के आम निर्वाचन में सुश्री कमला बाई कालू अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 11 जुलाई 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 10 अगस्त, 2009 तक सुश्री क्रमला बाई कालू को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी देवास के पास दाखिल करना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी देवास के पत्र दिनांक 13 अगस्त, 2009 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री कमला बाई कालूद्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री कमला बाई कालू को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 5 सितम्बर, 2009 को जारी कर संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , देवास के माध्यम से दिनांक 22 सितम्बर 2009 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री कमला बाई कालू से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.
अभ्यर्थी सुश्री कमला बाई कालू को नोटिस दिनांक 22 सितम्बर, 2009 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 7 अक्टूबर, 2009 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री कमला बाई कालू को नोटिस तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला देवास से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 7 मार्च, 2011 के द्वारा लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री कमला बाई कालू द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब एवं व्यय लेखा जिला कार्यालय में प्रतिवेदन दिनांक 7 मार्च , 2011 तक प्रस्तुत नहीं किया गया है .
आयोग द्वरा विचारोपरान्त दिनाकं 10 जून , 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री कमला बाई कालू आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुई.
भाग 1 ]
अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 4 मई, 2011 की तामीली दिनांक 3 जून , 2011 को सुश्री कमला बाई कालू को की गई उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री कमला बाई कालू द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री कमला बाई कालू को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत, पीपलरांवा , जिला देवास का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से पांच वर्ष ( 05 वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- ( सुभाष जैन) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .
भोपाल , दिनांक 20 जुलाई 2011
आदेश
क्र. एफ.- 67-7-09- तीन 1140.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह जुलाई 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत, पीपलरांवा, जिला देवास के आम निर्वाचन में सुश्री जीवन्ता बाई पिता परबतलाल अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 11 जुलाई 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 10 अगस्त, 2009 तक सुश्री जीवन्ता बाई पिता परबतलाल को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी देवास के पास दाखिल करना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
देवास के पत्र दिनांक 13 अगस्त, 2009 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री जीवन्ता बाई पिता परबतलाल द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री जीवन्ता बाई पिता परबतलाल को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 5 सितम्बर, 2009 को जारी कर संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , देवास के माध्यम से दिनांक 21 सितम्बर 2009 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री जीवन्ता बाई पिता परबतलाल से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.
अभ्यर्थी सुश्री जीवन्ता बाई पिता परबतलाल को नोटिस दिनांक 21 सितम्बर, 2009 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 6 अक्टूबर, 2009 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री जीवन्ता बाई पिता परबतलाल को नोटिस तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला देवास से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 7 मार्च, 2011 के द्वारा लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री जीवन्ता बाई पिता परबतलाल द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब एवं व्यय लेखा जिला कार्यालय में प्रतिवेदन दिनांक 7 मार्च, 2011 तक प्रस्तुत नहीं किया गया है.
आयोग द्वरा विचारोपरान्त दिनांक 10 जून, 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 4 मई, 2011 की तामीली दिनांक 3 जून , 2011 को सुश्री जीवन्ता बाई को की गई सूचना- पत्र तामील होने के उपरान्त अभ्यर्थी सुश्री जीवन्ता बाई पिता परबतलाल उक्त दिवस को आयोग कार्यालय में उपस्थित हुई , किन्तु अभ्यर्थी द्वारा व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया और ना ही व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने का कोई संतोषजनक जवाब/प्रमाण ही प्रस्तुत किया गया. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री जीवन्ता बाई पिता परबतलाल द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत जीवन्ता बाई पिता परबतलाल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत , पीपलरांवा , जिला देवास का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से पांच वर्ष ( 05 वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुभाष जैन ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
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[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
भोपाल , दिनांक 20 जुलाई 2011
आदेश
क्र. एफ.- 67-7-09- तीन- 1141.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 -ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह जुलाई 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत , पीपलरांवा, जिला देवास के आम निर्वाचन में सुश्री राजू बाई सेवा राम मालवीय अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं . इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 11 जुलाई 2009 को घोषित हुआ . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 10 अगस्त, 2009 तक सुश्री राजू बाई सेवा राम मालवीय को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी देवास के पास दाखिल करना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी देवास के पत्र दिनांक 13 अगस्त, 2009 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री राजू बाई सेवा राम मालवीय द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री राजू बाई सेवा राम मालवीय को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 5 सितम्बर, 2009 को जारी कर संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , देवास के माध्यम से दिनांक 29 नवम्बर 2009 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री राजू बाई सेवा राम मालवीय से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.
अभ्यर्थी सुश्री राजू बाई सेवा राम मालवीय को नोटिस दिनांक 29 नवम्बर, 2009 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 14 दिसम्बर, 2009 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री राजू बाई सेवा राम मालवीय को नोटिस तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला देवास से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 22 दिसम्बर 2009 एवं दिनांक 9 नवम्बर 2009 के द्वारा लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री राजू बाई सेवा राम मालवीय द्वारा आयोग को प्रस्तुत अभ्यावेदन दिनांक 7 अक्टूबर 2009 में उल्लेखित तथ्य में टाईफाईड होने से समय पर लेखा जोखा प्रस्तुत नहीं किये जाने का उल्लेख किया गया , किन्तु अभ्यावेदन के साथ स्वास्थ्य खराब संबंधी कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जाने से अभ्यावेदन में उल्लेखित तथ्य स्वीकार्य योग्य प्रतीत नहीं होना बताया गया.
आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनाकं 10 जून, 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 4 मई , 2011 की तामीली दिनांक 3 जून , 2011 को सुश्री राजू बाई के पति सेवा राम मालवीय को तामील कराई गई . सूचना पत्र तामील होने के उपरान्त अभ्यर्थी सुश्री राजू बाई सेवा राम मालवीय उक्त दिवस को आयोग कार्यालय में उपस्थित हुईं. किन्तु अभ्यर्थी द्वारा व्यय लेखा विलम्ब से प्रस्तुत करने का कोई संतोषजनक जवाब/चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री राजू बाई सेवा राम मालवीय द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री राजू बाई सेवा राम मालवीय को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत, पीपलरांवा, जिला देवास का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 2 वर्ष ( दो वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-
(सुभाष जैन ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
भोपाल, दिनांक 20 जुलाई 2011
आदेश
क्र. एफ.- 67-7-09- तीन- 1142.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन भाग 1 ]
में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह जुलाई 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत, पीपलरांवा, जिला देवास के आम निर्वाचन में सुश्री सिगारबाई सिसौदिया अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 11 जुलाई 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 10 अगस्त , 2009 तक सुश्री सिगारबाई सिसौदिया को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी देवास के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी देवास के पत्र दिनांक 13 अगस्त, 2009 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री सिगारबाई सिसौदिया द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री सिगारबाई सिसौदिया को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 5 सितम्बर, 2009 को जारी कर संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , देवास के माध्यम से दिनांक 22 सितम्बर 2009 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री सिगारबाई सिसौदिया से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा .
अभ्यर्थी सुश्री सिगारबाई सिसौदिया को नोटिस दिनांक 22 सितम्बर, 2009 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 7 अक्टूबर, 2009 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री सुश्री सिगारबाई सिसौदिया को नोटिस तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध
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में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला देवास से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 7 मार्च, 2011 में लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री सिगारबाई सिसौदिया द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब एवं व्यय लेखा जिला कार्यालय में उक्त प्रतिवेदन दिनांक 7 मार्च , 2011 तक प्रस्तुत नहीं किया गया है.
आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनाकं 10 जून, 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया , किन्तु अभ्यर्थी सुश्री सुश्री सिगारबाई सिसौदिया आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 4 मई 2011 की तामीली दिनाकं 3 जून, 2011 को सुश्री सिगारबाई सिसौदिया को की गई. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री सिगारबाई सिसौदिया द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री सिगारबाई सिसौदिया को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत, पीपलरांवा , जिला देवास का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुभाष जैन) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
भोपाल, दिनांक 20 जुलाई 2011
आदेश
क्र. एफ. - 67-7-09- तीन - 1143.-मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है उसमें यह निर्दिष्ट किया 2698
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह जुलाई 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत, पीपलरांवा, जिला देवास के आम निर्वाचन में सुश्री सुन्दर बाई कैलाश अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 11 जुलाई 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 10 अगस्त, 2009 तक सुश्री सुन्दर बाई कैलाश को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी देवास के पास दाखिल करना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी देवास के पत्र दिनांक 13 अगस्त, 2009 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री सुन्दर बाई कैलाश द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री सुन्दर बाई कैलाश को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 5 सितम्बर , 2009 को जारी कर संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी, देवास के माध्यम से दिनांक 21 सितम्बर 2009 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री सुन्दर बाई कैलाश से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.
अभ्यर्थी सुश्री सुन्दर बाई कैलाश को नोटिस दिनांक 21 सितम्बर, 2009 को तामील कराया गया . अतः उनको दिनांक 6 अक्टूबर, 2009 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . आयोग द्वारा सुश्री सुन्दर बाई कैलाश को नोटिस तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला देवास से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 7 मार्च, 2011 के द्वारा लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री सुन्दर बाई कैलाश द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब एवं व्यय लेखा जिला कार्यालय में प्रतिवेदन दिनांक 7 मार्च, 2011 तक प्रस्तुत नहीं किया गया है.
आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 10 जून, 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री सुन्दर बाई कैलाश आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 4 मई 2011 की तामीली दिनांक 3 जून , 2011 को सुश्री सुन्दर बाई कैलाश को की गई. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री सुन्दर बाई कैलाश द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय
[ भाग 1 लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री सुन्दर बाई कैलाश को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत, पीपलरांवा , जिला देवास का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से पांच वर्ष ( 05 वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुभाष जैन ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल. भोपाल , दिनांक 20 जुलाई 2011 आदेश
क्र. एफ.- 67-7-09- तीन- 1144.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह जुलाई 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत , पीपलरांवा, जिला देवास के आम निर्वाचन में सुश्री संगीता रामप्रसाद सिंदल अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 11 जुलाई 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 10 अगस्त, 2009 तक सुश्री संगीता रामप्रसाद सिंदल को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी देवास के पास दाखिल करना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी देवास के पत्र दिनांक 13 अगस्त, 2009 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री संगीता रामप्रसाद सिंदल द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
भाग 1 ]
2699
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री संगीता रामप्रसाद सिंदल को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 5 सितम्बर, 2009 को जारी कर संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , देवास के माध्यम से दिनांक 23 सितम्बर 2009 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री संगीता रामप्रसाद सिंदल से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.
अभ्यर्थी सुश्री संगीता रामप्रसाद सिंदल को नोटिस दिनांक 23 सितम्बर, 2009 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 8 अक्टूबर, 2009 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . आयोग द्वारा सुश्री संगीता रामप्रसाद सिंदल को नोटिस तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला देवास से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 7 मार्च, 2011 के द्वारा लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री संगीता रामप्रसाद सिंदल द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब एवं व्यय लेखा जिला कार्यालय में प्रतिवेदन दिनांक 7 मार्च, 2011 तक प्रस्तुत नहीं किया गया है.
आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 10 जून, 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया , किन्तु अभ्यर्थी सुश्री संगीता रामप्रसाद सिंदल आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 4 मई 2011 की तामीली दिनांक 3 जून, 2011 को सुश्री संगीता रामप्रसाद सिंदल को की गई. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री संगीता रामप्रसाद सिंदल द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री संगीता रामप्रसाद सिंदल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत, पीपलरांवा , जिला देवास का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से पांच वर्ष ( 05 वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुभाष जैन) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल भोपाल भोपाल , दिनांक 19 जुलाई 2011
क्र. 2059.- मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार चिकित्सा सहायता योजना-2004 की कण्डिका 2.6 सहपठित यथा संशोधित कण्डिका 5.6 के प्रावधानानुसार मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा अनुसूची - एक में प्राधिकृत अस्पतालों की अनुसूची में निम्नांकित अस्पताल/नर्सिंग होम्स को एतद्वारा मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन की दिनांक से आगामी आदेश तक जोड़ा जाता है : -
" अनुसूची - एक " (देखें योजना की कण्डिका 2.6 एवं 5.6 ) प्राधिकृत अस्पताल की अनुसूची अशासकीय अस्पताल
1. पाण्डे हॉस्पिटल, ब्योहरबाग , जबलपुर ( मध्यप्रदेश )
प्रभात दुबे, सचिव.
मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग पंचम तल, मेट्रो प्लाजा, बिट्टन मार्केट, भोपाल भोपाल , दिनांक 21 जुलाई 2011 आदेश
क्र. 2191.- मप्रविनिआ-2011.-विद्युत् अधिनियम, 2003 की धारा 87 ( 1 ) की शक्तियों का उपयोग करते हुए तथा आयोग द्वारा पूर्व में जारी अधिसूचना क्रमांक 1884 - मप्रविनिआ-2010, दिनांक 15 जुलाई, 2010 में आंशिक संशोधन करते हुए, आयोग , एतद्वारा श्री सुरेश कुमार गोपीकिशन अग्रवाल, छिन्दवाड़ा चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इण्डस्ट्री, छिंदवाड़ा के स्थान पर श्री शशि शेखर, संयुक्त सचिव, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय , भारत सरकार को मध्यप्रदेश राजपत्र में अधिसूचना जारी होने की तिथि से सदस्य, राज्य सलाहकार समिति नामांकित करता है .
No. 2191 - MPERC - 2011 . In exercise of powers under Section 87 ( 1 ) of Electricity Act , 2003 , and in partial modification of earlier Notification No. 1884 - MPERC- 2010 , dated 15th July, 2010, the Commission hereby nominates Shri Shashi Shekhar , Joint Secretary , Ministry of New and Renewable Energy , Government of India , New Delhi as Member , state Advisory Committee , in place of Shri Suresh Kumar Gopi kishan Agrawal , Chhindwara Chamber of Commerce and Industry , Chhindwara from the date of publication of this notifi- cation in the official gazette of Madhya Pradesh .
आयोग के आदेशानुसार, पी. के. चतुर्वेदी, आयोग सचिव.
2700
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला कटनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
कटनी , दिनांक 3 जून 2011
प्र.क्र. 0 - अ - 82 - वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 2 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
(1)
(2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4)
कटनी कटनी खिरहनी
निजी-1.00
खिरहनी उद्वहन सिंचाई योजना शीर्ष कार्य.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, कटनी.
प.ह.नं. 13/41 नं. ब. 407
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी कटनी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग कटनी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. सेलवेन्द्रन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
जबलपुर, दिनांक 28 जून 2011
प्र. क्र. 15 - अ- 82-10-11- भु.अ.अ. बरगी-2.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) एवं अधिनियम क्र. 68 सन् 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
के द्वारा
तहसील
ग्राम
धारा 4 की उपधारा (2 ) प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(6)
(5)
(2)
(1)
(3)
(4)
पनागर
जबलपुर
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 1
पोरूवा प.ह.नं. 8 ,
मदना वितरण नहर की माइनर एम -5 नहर निर्माण हेतु.
पनागर .
नं.ब. 298 .
ट्यूबवेल ( 0.32 हेक्टेयर में निर्मित)
भूमि का नक्शा ( प्लान ) सकता है. भू-अर्जन अधिकारी , इकाई क्र. 2 , रानी अवंती बाई लोधी सागर, बरगी के कार्यालय में देखा जा 2701 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
जबलपुर, दिनांक 19 जुलाई 2011
क्र. 3 - अ-82-08-09- भु.अ.अ- बरगी . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(4)
(3)
(5)
0.11
(2) जबलपुर
(1) जबलपुर
(6) शहपुरा वितरण नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, रा . अ. बा. लो. सा. बांयी तट नहर संभाग क्र. 2, बरगी हिल्स, जबलपुर.
पड़वा प. ह . नै. 29/34, नं. ब. 271 . तह. पपिला, जबलपुर
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , इकाई क्र. 1 , बरगी हिल्स के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गुलशन बामरा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सिवनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
सिवनी , दिनांक 6 जुलाई 2011
क्र. 4895 - कलेक्टर - जि.भू.अ. - 2011 - प्र. क्र. 01- अ- 82-07-08.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) संशोधित , 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
तहसील
ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
निम्न सर्वे नंबर का लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(6) (2)
(3)
(4)
(5)
(1) सिवनी
सिवनी
आमाकोला माइनर नहर एवं पोंगार वितरक नहर डूब क्षेत्र हेतु.
कार्यपालन यंत्री, तिलवारा बांयी तट नहर संभाग , केवलारी , जिला सिवनी , मध्यप्रदेश .
आमाकोला प. ह. नं. 27 रा.नि.मं. भोमा तह. सिवनी
3.21 हेक्टेयर अशासकीय भूमि शासकीय भूमि- 0.02 हेक्टर कुल- 3.23 हे .
( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) सिवनी , जिला सिवनी में किया जा सकता है .
2702
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
क्र. 4895 - कलेक्टर - जि.भू.अ. - 2011 -प्र. क्र. 02-अ-82-07-08.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) संशोधित , 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
तहसील
ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
निम्न सर्वे नंबर का लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(6) (2)
(5)
(4)
(1)
सिवनी
सिवनी
पतरई वितरक नहर निर्माण हेतु जरीब क्र. 142 से 166 के अन्तर्गत
कार्यपालन यंत्री , तिलवाग्र बांयीतट नहर संभाग, केवलारी , जिला सिवनी , मध्यप्रदेश.
किरकीरांजी प. ह. नं. 28 रा.नि.मं. भोमा तह. सिवनी
0.98 हेक्टेयर अशासकीय भूमि शासकीय भूमि- 0.02 हेक्टर कुल -1.00 हे.
(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) सिवनी , जिला सिवनी में किया जा सकता है.
क्र. 4895 - कलेक्टर - जि.भू.अ. - 2011- प्र. क्र. 03-अ-82-07-08.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) संशोधित , 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
ग्राम
तहसील
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
निम्न सर्वे नंबर का लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(6)
(5)
(1)
(2)
(3)
(4)
सिवनी
सिवनी
कार्यपालन यंत्री, तिलवारा बांयीतट नहर संभाग, केवलारी , जिला सिवनी , मध्यप्रदेश.
हिनोतिया प. ह. नं. 28 रा.नि.मं. भोमा तह. सिवनी
2.65 हेक्टेयर अशासकीय भूमि शासकीय भूमि- 0.05 हेक्टर कुल-2.70 हे.
1. खैरा माइनर नहर नं. 1 जरीब क्र. 0 से 28 2. खैरा माइनर नहर नं. 2 जरीब क्र. 0 से 20 3. भालीवाड़ा वितरक नहर हेतु (2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) सिवनी , जिला सिवनी में किया जा सकता है.
2703 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
क्र. 4895 - कलेक्टर - जि.भू.अ. - 2011 -प्र. क्र. 06-अ- 82-07-08.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) संशोधित, 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
तहसील
ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
निम्न सर्वे नंबर का लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(6) (3)
(4)
(5)
(1)
(2)
सिवनी
सिवनी
कार्यपालन यंत्री, तिलवारा बांयीतट नहर संभाग , केवलारी, जिला सिवनी, मध्यप्रदेश.
भालीबाड़ा प. ह. नं. 29 रा.नि.मं. भोमा तह. सिवनी
खैरा माइनर , नहर नं. 5 निर्माण हेतु जरीब क्र. 0 से 27 के अन्तर्गत एवं भालीवाड़ा वितरक नहर निर्माण हेतु.
0.15हेक्टेयर अशासकीय भूमि शासकीय भूमि- 1.10 हेक्टर कुल-1.25 हे.
( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) सिवनी, जिला सिवनी में किया जा सकता है.
क्र. 4895 - कलेक्टर- जि.भू.अ. - 2011 - प्र. क्र. 08-अ-82-07-08.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) संशोधित, 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
ग्राम
जिला
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
निम्न सर्वे नंबर का लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(6)
(5)
(3)
(1)
(4)
सिवनी
(2) सिवनी मानेगांव
मानेगांव माइनर नहर निर्माण हेतु जरीब क्र. 27 से 52 के अन्तर्गत.
कार्यपालन यंत्री , तिलवारा बांयीतट नहर संभाग, केवलारी , जिला सिवनी , मध्यप्रदेश .
0.90 हेक्टेयर अशासकीय भूमि शासकीय भूमि- 0.02 हेक्टर
प. ह. नं. 29 रा.नि.मं. भोमा तह. सिवनी
कुल-0.92 हे.
(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन ) सिवनी, जिला सिवनी में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजीत कुमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2704
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
दमोह, दिनांक 11 जुलाई 2011
क्र. 2028 - भू.अ.अ- 2010-11-प्र.क्र.अ- 82-2009-10 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है .
अनुसूची
भूमि का वर्णन सार्वजनिक प्रयोजन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल ' (हेक्टेयर में)
(6)
(5)
(1)
(2)
(3)
(4)
बिनती
दमोह
हटा
कुल भूमि 5.57
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग दमोह, जिला दमोह.
बिनती जलाशय योजना की बांध निर्माण में छुटी हुई भूमि का अर्जन.
योग .. 5.57
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी उपखंड हटा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, दमोह जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.
दमोह , दिनांक 19 जुलाई 2011
क्र. भू.अ.अ - 2010-11-2128.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
तहसील/ तालुका
(6) (3)
(4)
(5)
(1)
(2)
पटी महराजसींग
0.72
जबेरा
दमोह
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, दमोह (म. प्र. ) .
पटी महराजसींग जलाशय के बांध डूब एवं नहर हेतु.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तेंदूखेड़ा ( दमोह ) तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग , दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .
2705 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
क्र. भू.अ.अ- 2011-12-2130.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे. क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
तहसील/ तालुका
(6)
(5)
(2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4)
जबेरा घाना मैली
3.47
(1) दमोह
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , दमोह (म. प्र.) .
घाना मैली जलाशय के बांध डूब एवं नहर हेतु.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तेंदूखेड़ा ( दमोह ) तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग , दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानंद दुबे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
खण्डवा , दिनांक 12 जुलाई 2011
नस्ती क्र. 100-2011- एल.ए. भू-अर्जन प्र. क्र. 56 - अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे. क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा (4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(6)
(4)
(1)
(2) खण्डवा
खण्डवा
(3) सिर्रा
18.02
(5) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , खण्डवा.
नावली तालाब सिंचाई योजना के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु (2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी, अनुभाग खण्डवा ( ग्रामीण ) / कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
2706
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
नस्ती क्र. 104-2011 - एल.ए. भू-अर्जन प्र. क्र. 58-अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(2)
(6) (1) खण्डवा
खण्डवा
(3) छनेरा
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4) 47.55
(5) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, खण्डवा.
छनेरा सिंचाई तालाब के डूब क्षेत्र बांध स्पील एवं ऐप्रोच एवं नहर निर्माण हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , अनुभाग खण्डवा ( ग्रामीण ) / कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
नस्ती क्र. 98-2011 - एल.ए. भू-अर्जन प्र. क्र. 59-अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-
अनुसूची
जिला
तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(2)
(3)
(6) (1) खण्डवा
खण्डवा देशगांव
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) 3.51
(5) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, खण्डवा.
नावली तालाब सिंचाई योजना के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु .
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , अनुभाग खण्डवा ( ग्रामीण ) / कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
नस्ती क्र. 103-2011- एल.ए. भू-अर्जन प्र. क्र. 61 - अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) भाग 1 ]
2707
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे: -
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में) (2)
(1)
(3)
(4) खण्डवा
पंधाना
27.80
अर्दलाखुर्द
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, खण्डवा.
अर्दला सिंचाई तालाब के डूब क्षेत्र बांध स्पील एवं ऐप्रोच एवं नहर निर्माण हेतु .
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , अनुभाग खण्डवा ( ग्रामीण ) / कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
नस्ती क्र. 99-2011 - एल.ए. भू-अर्जन- प्र. क्र. 62- अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)
(3)
(1)
(4) खण्डवा
खण्डवा सहेजला
60.45
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खण्डवा.
नावली तालाब सिंचाई योजना के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.
( 2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी, अनुभाग खण्डवा ( ग्रामीण ) / कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
नस्ती क्र. 100-2011 - एल.ए. भू- अर्जन- प्र. क्र. 63- अ- 82-10-11 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के 2708
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा (4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)
(3)
(4) (2)
पंधाना
खण्डवा
70.64
जामली (राजगढ़)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, खण्डवा.
अर्दला सिंचाई तालाब योजना के डूब बांध स्पील एवं एप्रोच एवं नहर निर्माण हेतु.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी , अनुभाग खण्डवा ( ग्रामीण ) / कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
नस्ती क्र. 101-2011 - एल.ए. - भू- अर्जन- प्र. क्र. 64 - अ - 82-10-11 .-- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(3)
(4) (1)
खण्डवा
खण्डवा
23.696
खजूरी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खण्डवा.
खजूरी तालाब सिंचाई योजना के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , अनुभाग खण्डवा ( ग्रामीण ) / कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कवीन्द्र कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
रीवा , दिनांक 13 जुलाई 2011
क्र. 774 - भू-अर्जन- 11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी 2709 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
नगर/ग्राम
तहसील
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)
(1)
(3)
(5)
(6) (2)
(4)
12.135
रीवा मऊगंज शिवराजपुर
पिपरछत्ता बांध के डूब क्षेत्र में आने के कारण.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन सर्वेक्षण संभाग रीवा, ( म.प्र. )
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर, जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से' तथा आदेशानुसार, एस. एन. रूपला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
धार , दिनांक 13 जुलाई 2011
क्र. 7303 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना इसके द्वारा दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसमें सम्बद्ध लागू होते हैं : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (1) (2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)
(5)
धार
0.500
धार
माधवपुर
ऑटो टेस्टिंग ट्रेक की स्थापना से होने से.
0.500
योग ..
महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, पीथमपुर जिला धार ( म. प्र. ) .
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी, धार एवं महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, पीथमपुर जिला धार ( म.प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
2710
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
क्र. 7408 - भू- अर्जन - 2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा- 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसमें सम्बद्ध लागू होते हैं : -
भूमि का विवरण
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)
(4)
(3)
धार
धार
2.427
कल्याणसीखेड़ी
योग .. 2.427
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
ऑटो टेस्टिंग ट्रेक की स्थापना हेतु पहुंच मार्ग निर्माण से प्रभावित होने से.
महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, पीथमपुर, जिली धार ( म. प्र. ) .
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , धार एवं महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, पीथमपुर, जिला धार ( म.प्र . ) के कार्यालय में, कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
विदिशा , दिनांक 13 जुलाई 2011
प्र.क्र. 11 - अ- 82-2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना की जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल. (हेक्टर में) (1)
(2)
(3)
(4) विदिशा शमशाबाद सतपाड़ा हाट
14.871 योग. 14.871
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन सगड़ मध्यम सिंचाई योजना के ( नहर ) कार्य हेतु.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है . संजय सागर ( सगड़ ) मध्यम सिंचाई योजना ( नहर ) कार्य.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
2711
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
प्र.क्र. 12- अ- 82-2010-2011. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना की जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
भूमिका वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2) (3)
(4) (1)
नटेरन
विदिशा
ऐंचदा
28.836 योग.. 28.836
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन सगड़ मध्यम सिंचाई योजना के ( नहर) .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है. संजय सागर ( सगड़ ) मध्यम सिंचाई योजना ( नहर ) कार्य.
( B ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र.क्र. 13 - अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना की जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
भूमिका वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(3)
(1)
(4) नटेरन
विदिशा
खड़ेर
योग..
28.940 28.940
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन सगड़ मध्यम सिंचाई योजना के ( नहर) .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है . संजय सागर ( सगड़ ) मध्यम सिंचाई योजना ( नहर) कार्य.
3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.
(
प्र.क्र. 14- अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना की जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं: -
भूमिका वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)
(2)
(3)
(4) नटेरन बबचिया
विदिशा
7.796 योग.. 7.796
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन सगड़ मध्यम सिंचाई योजना के ( नहर) .
2712
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है .- संजय सागर ( सगड़ ) मध्यम सिंचाई योजना ( नहर ) कार्य.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र.क्र. 15 - अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना की जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
जिला
भूमि का वर्णन ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(1)
(4)
(3)
विदिशा नटेरन सकराई
5.899 योग. 5.899
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन सगड़ मध्यम सिंचाई योजना के (नहर) .
नहर ) कार्य.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है. - संजय सागर ( सगड़ ) मध्यम सिंचाई योजना (
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र.क्र. 16 - अ - 82-2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना की जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं: -
जिला तहसील
भूमिका वर्णन ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)
(3)
(4) नटेरन
विदिशा
रजोदा
5.939 योग. 5.939
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन सगड़ मध्यम सिंचाई योजना के (नहर ) .
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है. संजय सागर ( सगड़ ) मध्यम सिंचाई योजना ( नहर ) कार्य.
( 3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
2713
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
प्र.क्र. 17- अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना की जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं: -
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(1)
(3)
(4) विदिशा शमशाबाद जीरापुर
योग .
8.621 8.621
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन सगड़ मध्यम सिंचाई योजना के ( नहर) .
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.- संजय सागर ( सगड़ ) मध्यम सिंचाई योजना ( नहर ) कार्य. ( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र.क्र. 18 - अ - 82-2010-2011 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना की जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं: -
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2) (3)
(1)
(4) विदिशा नटेरन जामनपुर
योग
3.493 3.493
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन सगड़ मध्यम सिंचाई योजना के ( नहर ) .
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है. - संजय सागर ( सगड़ ) मध्यम सिंचाई योजना ( नहर ) कार्य. ( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र.क्र. 19 - अ-82-2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना की जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं: -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)
(2)
(3)
(4) विदिशा नटेरन पैरवासा
योग
6.710 6.710
अनुसूची
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन सगड़ मध्यम सिंचाई योजना के (नहर) .
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है .- संजय सागर ( सगड़ ) मध्यम सिंचाई योजना ( नहर ) कार्य.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.
2714
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
प्र. क्र. 20 - अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना की जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
जिला
भूमि का वर्णन ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)
(2)
(3)
(4) नटेरन
विदिशा
रायखेड़ी
2.320 योग 2.320
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
भू-अर्जन अधिकारी, नटेरन सगड़ मध्यम सिंचाई योजना के (नहर ) .
नहर ) कार्य.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भू-अर्जन की आवश्यकता है. संजय , सागर ( सगड़ ) मध्यम सिंचाई योजना (
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र.क्र. 21 - अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना की जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं: -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
(2) (3)
(1)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) विदिशा शमशाबाद मोहनपुरा
1.566 योग .. 1.566
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन सगड़ मध्यम सिंचाई योजना के (नहर) .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भू- अर्जन की आवश्यकता है .- संजय सागर ( सगड़ ) मध्यम सिंचाई योजना ( नहर ) कार्य.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सी. बी. सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
शाजापुर , दिनांक 13 जुलाई 2011
( 4 ) में वर्णित क्र. भू-अर्जन- 2011-209.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 1 ) से भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, भाग 1 ]
2715
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
1894 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.
अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण जिला तहसील
ग्राम
अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टर में) (2)
(1)
(4)
(3)
0.337
डुंगलाय
शाजापुर शुजालपुर
अनुसूची
धारा 4 ( 2 ) के
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
जेठडा तालाब में डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि का अधिग्रहण.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन , शाजापुर
नोट.- भूमि का नक्शा एवं प्लान का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , अनुविभाग , शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सोनाली एन. वायंगणकर , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
ग्वालियर, दिनांक 14 जुलाई 2011
क्र. 3 - अ - 82-2010-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है.
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2)
(3)
(4) ग्वालियर घाटीगांव
0.806
करही
योग .. 0.806
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, ग्वालियर.
करही तालाब की नहर निर्माण हेतु ग्राम करही की भूमि का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
छिंदवाड़ा, दिनांक 14 जुलाई 2011
क्र. 5533 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता हैं, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा 2716
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है , कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा -5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे : -
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में)
(5)
(6) (1) (2)
(3)
(4)
जुन्नारदेव
छिन्दवाड़ा
रकबा 0.010 (38× 30= 1140 वर्गफुट )
ग्राम - बेलिया मऊ तांडी ब. नं. 412
भू-अर्जन अधिकारी तहसील जुन्नारदेव जिला छिन्दवाड़ा (म. प्र. )
प. ह. नं. -09
ग्राम पंचायत नवेगांवकलां जनपद पंचायत जुन्नारदेव द्वारा पंचायत भवन निर्माण की भूमि का अधिग्रहण.
रा. नि. मं. - दमुआ
( 2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला- छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत, जुन्नारदेव जिला- छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील जुन्नारदेव , जिला- छिंदवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
( 5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिंदवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता हैं.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , पवन कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला शहडोल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
शहडोल , दिनांक 14 जुलाई 2011
क्र. दस- भू-अर्जन- फा. 544-प्र. क्र. 15-अ- 82-2010-11-3659.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधितों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन 2717 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 " अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके सम्बन्ध में लागू होते हैं :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
तहसील
नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(6) (1)
(2)
(3)
(4)
(5)
शहडोल
1.256
पड़मनिया
जैतपुर
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, क्र. 2 , शहडोल ( म. प्र. )
पड़मनिया जलाशय नहर निर्माण से प्रभावित ग्राम पड़मनिया की 1.256 हे. निजी भूमि का अर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय कलेक्टर शहडोल/अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) जैतपुर, जिला शहडोल , (म. प्र. ) में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला टीकमगढ़, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
टीकमगढ़ , दिनांक 18 जुलाई 2011
प्र. क्र. 13 - भू- अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गयी अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.
अनुसूची
भूमि का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2) के अन्तर्गत
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(6) (1)
(3)
(4)
प्राधिकृत अधिकारी (5)
(2)
3.500
टीकमगढ़
बारहों खुर्द
पृथ्वीपुर
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) निवाड़ी.
बंजारीपुरा तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है .- बंजारीपुरा तालाब योजना की नहर निर्माण हेतु ग्राम बारहों खुर्द की भूमि का अर्जन.
भूमि के नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) निवाड़ी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रघुराज राजेन्द्रन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1 2718
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
छतरपुर , दिनांक 19 जुलाई 2011
प्र. क्र. 26- अ- 82-2011- X.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इस अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
तहसील
नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
अर्जित क्षेत्रफल लगभग (हेक्येयर में)
(6) (1)
(2)
(3)
(5)
(4) 2.40
छतरपुर
छतरपुर
कुर्रा
अनुविभागीय अधिकारी,
ललितपुर खजुराहो नई बड़ी रेल लाईन का निर्माण कार्य.
छतरपुर.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 27- अ- 82-2011- XI .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इस अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
नगर/ग्राम
तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
अर्जित क्षेत्रफल लगभग (हेक्टेयर में)
(6) (1)
(2)
(3)
(4)
(5)
विहटा
4.20
छतरपुर
अनुविभागीय अधिकारी, छतरपुर
छतरपुर
ललितपुर खजुराहो नई बड़ी रेल लाईन का निर्माण कार्य.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 28- अ- 82-2011- XII .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इस अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
नगर/ग्राम
तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (1)
(2)
(3)
अर्जित क्षेत्रफल लगभग (4)
गठेवरा
छतरपुर
छतरपुर
(5) अनुविभागीय अधिकारी , छतरपुर ललितपुर खजुराहो नई बड़ी रेल लाईन का निर्माण कार्य.
मात्र परिसंपत्तियां (संबंधित भूमि पूर्व
में अर्जित की जा चुकी है . )
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , राहुल जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2719
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
राजस्वविभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग ग्वालियर, दिनांक 15 जनवरी 2011
प्र. क्र. 21 - अ- 82-09-10- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
जिला-ग्वालियर
(क)
तहसील- चीनौर
(ख)
नगर/ग्राम- झांकरी
(ग)
लगभग क्षेत्रफल-20.195 हेक्टर.
(घ)
सर्वे नम्बर
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)
(2)
139
0.042
149
0.010
150 मिन
0.021
151
0.293
152
0.240
153
0.366
154
0.397
155
0.387
160
0.021
0.021
162 मिन, 162 मिन
166
0.021
216/6
0.084
216/7
0.334
216/9
0.010
216/10
0.408
216/11
0.188
216/13
0.481
216/14
0.073
(2)
(1)
0.125
310
0.073
311
312
0.031
313/1 , 313/2
0.063
313/3 , 313/4
314
0.062
315
0.449
319
0.063
320
0.072
321
0.073
0.105
322
323
0.073
324
0.010
0.010
336
0.199
337 मिन, 337 मिन
338
0.105
339
0.042
340
0.272
0.063
341
342/2
0.021
349
0.042
350
0.105
351
0.084
352
0.010
354
0.010
355
0.052
356
0.021
0.199
357/1 , 357/2
0.052
358
359
0.010
360
0.146
0.115
361
362
0.199
364
0.031
365
0.125
0.240
366 मिन, 366 मिन
367
0.031
0.010
369/1 , 369/2 , 369/3
0.355
621 2720
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2) 647
0.543 648
0.575 649
0.460 650
0.617
1.317 651/1 , 651/2
654
0.042 656
0.366 660
0.366 661
0.617
0.125 662/1 , 662/2
666
0.052 667
0.167 669
0.136 670
0.021 671
0.272 672
0.251 673
0.115 674
0.010 676
0.105 677
0.261 678
0.366 700
0.063
0.031 701
702
1.003 703
0.272 704मिन |
704मिन
0.397 704मिन
0.209 705 मिन, 705 मिन
0.052 723 मिन, 723 मिन
724
0.010 725
0.303 726
0.209 727
0.157 728
0.428 729
0.031 733
0.219 737
0.010 738
0.125 739
0.637 740
1.160
0.010 741 मिन, 741 मिन
(1)
(2)
744
0.470
745
0.314
746
0.010
योग .. 20.195
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सिंध परियोजना द्वितीय चरण के अन्तर्गत हरसी उच्च स्तरीय मुख्य नहर के निर्माण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाधीश , जिला ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है.
ग्वालियर , दिनांक 31 जनवरी 2011
प्र. क्र. 19 - अ-82-09-10- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-ग्वालियर
(ख ) तहसील- चीनौर
नगर/ग्राम-बनवार
(ग)
लगभग क्षेत्रफल-24.509 हेक्टर.
(घ)
सर्वे नम्बर
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
0.042
1921
1922
0.408
1924
0.063
1928 1 मिन 1
1928 1 मिन 3
1928 1 मिन 2
0.491
1928 2 मिन 1
1928 2 मिन 2
1928 2 मिन 3
1928/4 भाग 1 ]
2721
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(2) (1)
1929
0.146 1930/1
1930/2
0.219 1930/3
1931/1
1931/2
1931/3
1931/4
0.146 1931/5
1931/6
1931/7
0.042 1933
2072मिन 1
0.261 2072मिन 2
2072मिन 3
2073/1
2073/2मिन 1
0.554 2073/2मिन 2
2119 2 मिन 1
2119 2 मिन 2
0.345 2119 2 मिन 3
1.076 2120/1 , 2120/2
2121
0.084
0.115 2142/1 , 2142/2
0.314 2144/1 , 2144/2
2145
0.010 2146
0.428 2147 मिन 1 ।
2147 मिन 2
0.185 2147 मिन 3
2162मिन 1
0.512 2162मिन 2
2163
0.273 2164
0.063 2169
0.167 2170
0.512 2171
0.094 2176/1
2176/2
2176/3
0.042 2176/4
2178
0.460
(2)
(1)
0.449
2179
2218
0.063
0.366
2219
0.188
2220
2222
0.136
2223
0.314
0.063
2258
0.470
2259
0.345
2260
0.637
2392
0.387
2393
2726
0.314
2731
0.157
0.073
2732
0.042
2733
0.554
2734
2735 मिन 1
0.460
2735 मिन 2
2770/1
2770 2 मिन 2
2770 2 मिन ख
2770 2 मिन 3
2770 2 मिन 4
2770 2 मिन 5
2.257
2770/3
2770 4 मिन 1
2770 4 मिन 2
2770/5
2770/7
2770/8
2770/9
2770/6
2770/10
0.084
2783/1
2784
0.021
2785
0.010
2787
0.021
0.387
2788
0.428
2790 2722
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2)
2795
1.076
2802मिन
0.125
2802मिन
2863
0.042
2864
0.481
2865
0.199
2866
0.052
2867
0.084
2868
0.042
2869
0.063
2877
0.021
2906
0.010
2907
0.031
2908
0.366
2909
0.094
2910
0.178
2913
0.993
2914
0.052
2915
0.784
3145
0.105
3146
0.460
3148
0.021
3149
0.585
3153
0.125
3154
0.366
3155
0.428
3156
1.484
3158
0.042
3170
0.219
3171
0.073 योग .. 24.509
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सिंध परियोजना द्वितीय चरण के अन्तर्गत हरसी उच्च स्तरीय मुख्य नहर के निर्माण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाधीश , जिला ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रायसेन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग रायसेन , दिनांक 14 फरवरी 2011
प्र. क्र. 06- अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि चमरसिल नदी के पुल निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग, भोपाल के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रायसेन
तहसील-गौहरगंज
(ख )
ग्राम- सेमरीकलां
(ग)
क्षेत्रफल लगभग-0.74 एकड़.
(घ)
खसरा
नम्बर
कुल रकबा (एकड़ में)
अर्जित रकबा (एकड़ में)
(3)
(2)
(1)
50/1
16.30
0.44 51
5.60
0.16
0.14 52/3/1/2
0.74
1.40 योग .. 23.3
( 2 ) सर्वजनिक प्रयोजन का वर्णन- चमरसिल नदी पर पुल निर्माण पहुंच मार्ग हेतु.
टीप- भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण अनुविभागीय अधिकारी, गौहरगंज के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. सी. शुक्ला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला कटनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग कटनी , दिनांक 16 मई 2011
क्र. 07 - अ- 82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भाग 1 ]
2723
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-कटनी
(ख) तहसील- बडवारा
ग्राम-छपरवाह , लमकना
(ग)
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.80 हेक्टर.
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में ) (1)
(2)
ग्राम-छपरवाह
61
0.01
49
0.09
50
0.09
512
0.16
48
0.03
42
0.02
38
0.20
39
0.20
371
0.11
1511
0.11
372
0.11
1512
0.12
34
0.06
166
0.07
33
0.13
177
0.13
157
0.09
1561
0.08
155
0.09
154
0.10
152
0.08
178
0.07
170
0.07
1761
0.24
174
0.05
3201
1.00
(2)
(1)
ग्राम-लमकना
0.04
169
167
0.07
0.06
166
165
0.05
164
0.07
योग
3.80
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- झिरगिरि जलाशय मुख्य नहर हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी, कटनी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. सेलवेन्द्रन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग जबलपुर, दिनांक 24 जून 2011
प्र. क्र. 13- अ-82-10-11- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) एवं अधिनियम 68 सन् 1984 की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- जबलपुर
(ख) तहसील- सिहोरा
(ग ) ग्राम- प्रतापपुर, प.ह.नं. 84, नं.बं. 179 (घ) लगभग क्षेत्रफल कुआंबोर ( 0.05 हेक्टेयर में निर्मित ) .
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
30
कुआंबोर (0.05 हेक्टेयर में निर्मित) .
2724
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- खम्हरिया माइनर एवं सबमाइनर क्र. 1 , 2 एवं 3 नहर निर्माण हेतु .
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी, रा.अ.बा.लो.सा. परियोजना इकाई क्रं. 2, बरगी हिल्स, जबलपुर में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 14 - अ-82-10-11 - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) एवं अधिनियम 68 सन् 1984 की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- जबलपुर
(ख) तहसील- मझौली
(ग) ग्राम- बरगी प.ह.नं. 68, नं.बं. 85
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- ( 0.13 हेक्टेयर में निर्मित ) .
खसरा नम्बर
रकबा
(हेक्टेयर में)
(1)
(2)
1353
(0.13हेक्टेयर में निर्मित) .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- मझौली शाखा नहर निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी, रा.अ.बा.लो.सा. परियोजना इकाई क्रं. 2 , बरगी हिल्स, जबलपुर में किया जा सकता है.
जबलपुर, दिनांक 28 जून 2011
प्र. क्र. 12 - अ-82-10-11 - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) एवं अधिनियम 68 सन् 1984 की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- जबलपुर
(ख ) तहसील- जबलपुर
(ग) ग्राम- जटवां , प.ह.नं. 15/18 , नं. ब. 172 लगभग क्षेत्रफल- बोरबेल ( 0.02 हेक्टेयर में निर्मित ) . (घ)
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में) (2)
(1)
24
बोरबेल 1 (0.02हेक्टेयर में निर्मित) .
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- मदना वितरण की माइनर क्र. 1 हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी , रा.अ.बा.लो.सा. परियोजना इकाई क्रं. 2, बरगी हिल्स, जबलपुर में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गुलशन बामरा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला बड़वानी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बड़वानी , दिनांक 28 जून 2011
क्र. 1192 - भू- अर्जन- 2011 - रा. प्र. क्र. 17 -अ- 82-2010-11- भू-अर्जन. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन की अति आवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक- 828-5- कोर्ट -10 इन्दौर, दिनांक 4 दिसम्बर 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4 ) के भाग 1 ]
2725
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
तहत् अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बड़वानी
(ख ) तहसील- पानसेमल
(ग) ग्राम- पिपलोद
(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.930 हेक्टर.
सर्वे
क्षेत्रफल
नम्बर
(हेक्टर में)
(1)
(2)
ग्राम-पिपलोद
2/1 व 6/1
0.120,
2/2
0.056
2/3
0.060
2/4
0.116
2/5
0.120
2/6 ' क'
0.128
2/7
0.120
23/5 ' क' व
0.210
24/2'ख'
योग .. 0.930
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- देवधर तालाब योजना की नहर प्रणाली के निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , सेंधवा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग बड़वानी एवं अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन, अनुविभाग-सेंधवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 1190- भू-अर्जन-2011 - रा. प्र. क्र. 19- अ- 82-2010-11- भू-अर्जन. -चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन की अति आवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक- 828-5- कोर्ट-10 इन्दौर, दिनांक 4 दिसम्बर 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17( 4 ) के तहत् अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बड़वानी
(ख) तहसील- पानसेमल
(ग) ग्राम- देवधर
लगभग क्षेत्रफल -3.160 हेक्टर .
(घ)
क्षेत्रफल
सर्वे
नम्बर
(हेक्टर में)
(2)
(1)
ग्राम-देवधर
0.220
52व 53/2
0.132
54/1/1 ' क'
54/2
0.136
55/1 व 56/1
0.080
0.169
55/2
0.080
55/3
0.066
55/4 व 56/4
0.069
55/5 व 56/2 ' क'
61/1
0.206
0.144
61/2
0.048
61/6
62/1 ' क'
0.062
0.126
62/1 ' ख'
62/1 ' ग '
0.080
0.128
62/2
0.066
62/3
0.048
62/5
0.162
66/1
0.044
66/2/1
0.042
66/2/2
66/2/3
0.078
0.044
66/4
0.040
66/11
0.086
67/1
0.098
67/2
0.096
67/4
0.064
69/2' क' व 70/1
69/2' ख ' व 70/2
0.142
0.072
69/2' ग ' व 70/3
69/2' घ' व 70/4
0.072
0.024
69/2' ड़ ' व 70/5 2726
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2)
0.060
69/2' च ' व 70/6
69/2' छ ' व 70/7
0.056
69/2' ज' व 70/8
0.050
0.026
69/2' झ' व 70/9
70/10
0.022
70/11
0.022
3.160
योग ..
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- देवधर तालाब योजना की नहर प्रणाली के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , सेंधवा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , बड़वानी एवं अनुविभागीय अधिकारी, जल संसाधन , अनुविभाग सेंधवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 1191 - भू- अर्जन- 2011 - रा. प्र. क्र. 20- अ-82-2010-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन की अति आवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक-828-5- कोर्ट-10 इन्दौर, दिनांक 4 दिसम्बर 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17( 4 ) के तहत् अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- बड़वानी
(ख) तहसील- पानसेमल
(ग ) ग्राम- दिवड़िया
लगभग क्षेत्रफल -3.630 हेक्टर .
(घ)
क्षेत्रफल
(हेक्टर में)
(2)
सर्वे नम्बर (1)
ग्राम-दिवड़िया
30/1 ' क'
0.094
(2)
(1)
30/2
0.216
30/5
0.090
30/9 ' क'
0.246
30/12
0.096
32/2
0.200
0.216
32/4 व 32/5
33/2'ख'
0.282
35/2
0.194
37/1 ' ख'
0.468
36/3/1
0.048
36/3/2
0.048
0.056
36/4
36/2
0.064
0.146
37/2
0.206
39/2
0.152
37/3
0.200
39/3
37/4
0.168
39/1
0.150
53
0.290
3.630
योग ..
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- देवधर तालाब योजना की नहर प्रणाली के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , सेंधवा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, बड़वानी एवं अनुविभागीय अधिकारी, जल संसाधन, अनुविभाग सेंधवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 1195 - भू-अर्जन- 2011 - रा . प्र. क्र. 21-अ-82-2010-11- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन की अति आवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक- 828-5-कोर्ट -10 इन्दौर, दिनांक 4 दिसम्बर 2010 से अधिनियम की धारा 17( 1 ) सह 17( 4 ) के भाग 1 ]
2727
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
तहत् अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बड़वानी
(ख) तहसील- पानसेमल
(ग) ग्राम-ललवानिया
(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.045 हेक्टर .
क्षेत्रफल
सर्वे
नम्बर
(हेक्टर में )
(1)
(2)
ग्राम-ललवानिया
194
0.045
योग .. 0.045
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- गौरीखेड़ा तालाब योजना की नहर प्रणाली के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, सेंधवा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , बड़वानी एवं अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन, अनुविभाग सेंधवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 1193 - भू-अर्जन- 2011 - रा. प्र. क्र. 22- अ-82-2010-11- भू-अर्जन. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन की अति आवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त , इन्दौर संभाग, इन्दौर के पत्र क्रमांक- 828-5- कोर्ट-10 इन्दौर, दिनांक 4 दिसम्बर 2010 से अधिनियम की धारा 17 (1 ) सह 17 (4 ) के तहत् अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बड़वानी
(ख) तहसील- पानसेमल
(ग) ग्राम- जुनापानी
(घ ) लगभग क्षेत्रफल -4.400 हेक्टर.
सर्वे
क्षेत्रफल
नम्बर
(हेक्टर में)
(2)
(1)
ग्राम-जुनापानी
45/1 ' क'
0.051
0.052
45/2
0.090
46/1
45/1 ' ग '
0.169
0.080
46/2, 48/1
0.102
48/2
50/1
0.180
0.578
50/2
0.210
53/1/1
56/3
0.262
53/3
0.281
56/1/3
0.108
56/2/1
0.119
56/2/2
0.079
56/4
0.045
0.216
57/1 ' क'
57/2/1
0.147
0.086
57/2/3
57/2/4
0.086
60/1 ' क'
0.039
60/1 'ख '
0.039
0.075
60/2
60/3
0.084
61/1 ' क'
0.102
61/1 ' ख'
0.102
0.063
61/2 ' ख ' व 61/2 ' घ '
68/1
0.034
68/2' क'
0.126
68/2'ख '
0.113
68/2 ' ग '
0.102
0.187
68/3
68/4
0.153
0.240
73/1
4.400
योगग ....
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- गौरीखेड़ा तालाब योजना की नहर प्रणाली के निर्माण हेतु.
2728
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, सेंधवा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , बड़वानी एवं अनुविभागीय अधिकारी, जल संसाधन, अनुविभाग सेंधवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 1194 - भू-अर्जन- 2011- रा. प्र. क्र. 23- अ-82-2010-11- भू-अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . भू-अर्जन की अति आवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इन्दौर संभाग , इन्दौर के पत्र क्रमांक- 828-5-कोर्ट -10 इन्दौर, दिनांक 4 दिसम्बर 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4 ) के तहत् अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- बड़वानी
(ख) तहसील- पानसेमल
(ग ) ग्राम- गौरीखेड़ा
(घ) लगभग क्षेत्रफल -4.824 हेक्टर.
क्षेत्रफल
(हेक्टर में)
सर्वे नम्बर (1)
(2)
ग्राम-गौरीखेड़ा
33
0.098
34/2
0.141
46
0.162
47
0.254
65
0.024
68
0.101
0.191
69
70
0.122
71/1
0.096
71/2
0.156
72
0.066
79
0.060
102/2
0.279
(1)
(2)
129/1
0.050
129/2
0.052
132
0.034
133
0.392
134/1
0.102
134/2
0.023
134/3
0.105
137/1
0.144
137/2
0.090
141/1
0.105
141/2
0.069
0.060
141/3
142/1
0.075
142/2
0.102
0.120
143
144
0.129
145
0.087
146
0.110
161
0.038
162
0.308
163/1
0.096
163/2
0.095
173
0.128
174
0.120
175
0.192
0.248
176
योग .. 4.824
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- गौरीखेड़ा तालाब योजना की नहर प्रणाली के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , सेंधवा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , बड़वानी एवं अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन , अनुविभाग सेंधवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संतोष मिश्र , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2729
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला बैतूल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बैतूल , दिनांक 6 जुलाई 2011
प्र. क्र. 10- अ-82 वर्ष 2010-11-5059.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बैतूल
(ख ) तहसील- आठनेर
(ग) नगर/ग्राम - चिचपाटी , प.ह.नं. 50
लगभग क्षेत्रफल-5.060 हेक्टेयर.
(घ)
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में ) (1)
(2)
113
0.348
107
0.368
106/1
0.238
106/2
0.234
105/1
0.076
105/2
0.282
104/3
0.178
104/1
0.194
102/3
0.145
80/1
0.121
78/1
0.137
81
0.214
82
0.097
85/1
0.065
86
0.162
8/1
0.291
8/2
0.299
87
0.243
71/3
0.075
71/10
0.073
71/1
0.070
(2)
(1)
0.200
69/1
0.200
69/2
0.180
69/3
0.289
69/4
43/1
0.140
0.141
43/2
योग .. 5.060
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- मारू जलाशय के नहर में आने वाली निजी भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) भैसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री ( जल संसाधन क्र. 2 बैतूल ) के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 12 - अ-82 वर्ष 2010-11-5060.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बैतूल
(ख) तहसील- भैसदेही
(ग) नगर/ग्राम- सावलमेढ़ा, प.ह.नं. 41
लगभग क्षेत्रफल-0.323 हेक्टेयर.
(घ)
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
0.170
111/3
111/2
0.153 योग .. 0.323
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- गुनघाटी जलाशय के बायीं तट नहर में आने वाली निजी भूमि का अर्जन.
2730
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) भैसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है .
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री ( जल संसाधन क्र. 2 बैतूल ) के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 14 - अ-82 वर्ष 2010-11-5061.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1.) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बैतूल
(ख) तहसील-भैसदेही
(ग) नगर/ ग्राम- गदराझिरी, प.ह.नं. 41
लगभग क्षेत्रफल-7.536 हेक्टेयर .
(घ)
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में) (1)
(2)
54/2
0.465
54/1
1.326
48/2
0.200
50/1
0.539
46/1
0.296
45/1
0.120
45/3
0.410
45/4
0.453
42/1
0.563
42/2
0.182
41/4
0.277
40/5
0.234
40/4
0.192
37/3
0.263
29/1
0.234
30/1
0.159
30/2
0.159
31
0.021
32/10
0.153
(2)
(1)
32/5
0.323
32/1
0.016
40/2
0.137
40/3
0.178
40/1
0.085
0.105
39/3
0.076
39/2
0.370
56
7.536
योग ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- गुनघाटी जलाशय के नहर में आने वाली निजी भूमि का अर्जन. /
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) भैसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री ( जल संसाधन क्र. 2 बैतूल) के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 15 - अ-82 वर्ष 2010-11-5062.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क ) जिला- बैतूल
(ख) तहसील- भैसदेही
नगर/ ग्राम- कौड़िया , प.ह.नं. 36
(ग)
लगभग क्षेत्रफल-19.164 हेक्टेयर .
(घ)
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
240/1
0.242
240/2
0.606
244/3
0.234
238/1
0.466
238/2
0.607 भाग 1 ]
2731
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2) 238/3
0.558 238/4
0.619 238/5
0.619 238/6
0.749 231
0.485 232
0.323 233
3.399 225/2
0.562 206/7
0.085
0.454 240/3 , 244/4
245/1
0.835 247/1
0.132 247/2
0.478 237
0.129 247/4
0.470 249/2
0.263 249/4
0.736 249/3
1.223 252/2
0.567 251/3
0.558 255
0.016 206/5
0.647 224
0.136 227
0.194 225
0.061 233
0.129 227
0.032 208/2
0.291 216/1
0.299 195/1
0.081 195/2
0.251 195/3
0.096 195/4
0.162 218
0.081 194
0.069 311
0.113 210/3
0.315 313/1
0.109 313/2
0.036 313/3
0.032 312
0.012
(2)
(1)
197/3
0.124
206/5
0.243
0.004
225/1
232
0.010
206/3
0.222
19.164
योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- कौड़िया जलाशय के बायीं तट नहर में आने वाली निजी भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) भैसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री ( जल संसाधन क्र. 2 बैतूल ) के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
बैतूल, दिनांक 11 जुलाई 2011
प्र. क्र. 8 - अ-82 वर्ष 2010-11-5161.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बैतूल
तहसील- आठनेर
(ख)
नगर/ग्राम- खैरवाड़ा, प.ह.नं. 49
(ग)
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 5.897 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में) (1)
(2)
213
0.121
0.247
197/2
197/1
0.210
196/1
0.300
196/2
0.072
196/3
0.150
196/4
0.150 2732
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2)
181/6
0.105
179/1
0.327
180/1
0.283
180/2
0.327
42/1
0.363
43
0.162
29
0.250
30
0.218
31/1
0.546
23/10
0.137
39
0.343
234
0.291
236/1
0.202
238
0.182
244
0.242
243
0.145
246
0.096
248/1
0.089
248/2
0.153
248/3
0.186
योग .. 5.897
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- मारू जलाशय के नहर में आने वाली निजी भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) भैसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री ( जल संसाधन क्र. 2 बैतूल ) के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 9 - अ-82 वर्ष 2010-11-5160.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बैतूल
(ख) तहसील- आठनेर
(ग) नगर/ग्राम- चारघाटी, प.ह.नं. 49
लगभग क्षेत्रफल-3.064 हेक्टेयर.
(घ)
खसरा नम्बर
रकबा
(हेक्टेयर में ) (2)
(1)
5/2
0.105
5/3
0.089
5/4
0.230
5/5
0.218
5/6
0.170
5/7
0.141
0.206
5/8
0.085
5/9
8
0.546
28/2
0.153
28/3
0.291
28/4
0.194
142
0.056
6
0.208
143
0.162
0.081
144/1
145
0.129
3.064
योग ..
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- मारू जलाशय के नहर में आने वाली निजी भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) भैसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री ( जल संसाधन क्र. 2 बैतूल ) के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 11 - अ-82 वर्ष 2010-11-5159.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- बैतूल
(ख) तहसील- आठनेर भाग 1 ]
2733
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(ग) नगर/ग्राम- पचबड़, प.ह.नं. 50
(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.920 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में) (1)
(2)
77/3
0.105
77/2
0.096
77/1
0.186
0.016
45
0.234
78
0.283
योग .. 0.920
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- मारू जलाशय के बाईं तट नहर में आने वाली निजी भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) भैसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है .
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री ( जल संसाधन क्र. 2 बैतूल ) के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 13 - अ-82 वर्ष 2010-11-5162.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बैतूल
(ख) तहसील- भैसदेही
(ग) नगर/ग्राम- खापारैयत, प.ह.नं. 41
लगभग क्षेत्रफल-9.270 हेक्टेयर.
(घ)
रकबा
खसरा नम्बर
(हेक्टेयर में)
(1)
(2)
3
0.101
10
0.757
50
0.024
(2)
(1)
12/2
0.469
12/4
0.040
0.270
13/2
13/1
0.096
0.267
13/3
0.821
14
0.080
64
31/6
0.311
0.618
37/5
0.526
38
30/4
0.315
60
0.182
71
0.068
80
0.383
82
0.206
0.389
94/2
0.315
94/1
90/2
0.595
0.490
93/2
90/1
0.623
0.145
88
87
0.040
86/1
0.170
86/2
0.466
86/3
0.218
86/4
0.105
63/1
0.091
37/4
0.089
9.270
योग ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- गुनघाटी जलाशय के नहर में आने वाली निजी भूमि काअर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) भैसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री ( जल संसाधन क्र. 2 बैतूल ) के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .
बैतूल, दिनांक 13 जुलाई 2011
प्र. क्र. 2 - अ-82 वर्ष- 2010-2011-5245.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन 2734
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बैतूल
(ख) तहसील- भैंसदेही
(ग) नगर/ ग्राम- जामझिरी , प.ह.नं. 32
लगभग क्षेत्रफल-19.728 हेक्टेयर.
(घ)
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में) (1)
(2)
16/1
2.064
16/2
2.477
19/1
0.825
19/2
0.598
19/3
1.098
19/4
1.086
19/5
1.098
19/6
0.405
21/1
0.809
21/3
0.857
21/4
1.303
9
0.493
12/1
0.320
12/2
1.000
11
0.162
18
0.708
104
0.202
21/2
0.202
15/1
0.485
15/3
0.485
15/2
0.040
139/1
0.445
139/5
0.453
15/4
0.056
16/1
0.050
15/2
0.120
137/1
0.202
(1)
(2)
138/1
0.350
139/5
0.080
227/1
0.222
266/2
0.270
266/3
0.100
15/1
0.360
15/3
0.202
15/4
0.101
19.728
योग .
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- जामझिरी जलाशय के डूब क्षेत्र एवं नहर में आने वाली निजी भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर ( भू- अर्जन ) बैतूल एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) भैंसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है .
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन क्र. - 2 , बैतूल में भी देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. चन्द्रशेखर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सीहोर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सीहोर, दिनांक 7 जुलाई 2011
प्र. क्र. 4- अ-82-10-11 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- सीहोर
(ख ) तहसील- बुदनी भाग 1 ]
2735
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(ग) नगर/ग्राम- मढ़ावन
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 1.650 हेक्टर .
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में) (1)
(2)
0.084
4/1, 5
6
0.304
7/1
0.129
3/4
0.040
3/3
0.032
12
0.153
13
0.128
17/3
0.184
17/4
0.152
0.096
16, 18/6
0.084
16/, 18/5
0.040
16 , 18/3/1
0.040
16 , 18/3/2
0.040
16, 18/3/3
0.104
16, 18/1
0.028
16, 18/2
16, 18/4
0.012
1.650
योग ..
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है - बनेटा मध्यम उद्वहन सिंचाई योजना के एम.वन लघु नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी, बुदनी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 5 - अ- 82-10-11 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सीहोर
(ख) तहसील- बुदनी
(ग) नगर/ ग्राम- बनेटा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.434 हेक्टर.
खसरा नम्बर
रकबा ( हेक्टेयर में) (2)
(1)
2/2
0.320
4
1.024
0.544
5, 6/1
0.088
52, 53/2
0.200
52, 53/4
0.181
49, 50, 51/2
0.008
49, 50 , 51/3
0.104
68/1
68/2
0.128
0.104
69/3
0.128
69/2
97/1
0.169
97/2
0.168
96
0.208
95
0.188
93
0.100
0.168
94
426/94
0.240
83/2
0.132
81
0.136
82
0.048
83/1
0.048
योग .. 4.434
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है - बनेटा मध्यम उद्वहन सिंचाई योजना के एम. वन लघु नहर निर्माण हेतु .
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी, बुदनी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 6 - अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
जिला- सीहोर (क)
(ख ) तहसील- बुदनी 2736
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(ग ) नगर/ ग्राम- शाहगंज
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 5.055 हेक्टर.
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में) (1)
(2)
18/2
0.356
18/1
0.008
0.029
19, 20
21
0.356
15
0.834
11/2
0.259
10/4
0.097
10/3
0.113
0.356
10/1
17
0.048
10/2
0.040
8/2
0.113
6/2
0.081
7
0.081
4
0.073
3
0.004
6/1
0.008
5
0.388
56
0.020
59
0.040
60/2
0.085
60/1
0.267
62
0.259
0.971
64, 65
66
0.113
69
0.056
5.055
योग ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बनेटा मध्यम उद्वहन सिंचाई योजना के एम. वन लघु नहर निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , बुदनी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 9 - अ-82-10-11. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सीहोर
(ख ) तहसील- बुदनी
नगर/ग्राम- उकई
(ग)
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.589 हेक्टर .
रकबा
खसरा नम्बर
(हेक्टेयर में) (1)
(2)
0.505
134, 135, 136 में से
92/1 में से
0.084
0.589
योग ..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बनेटा मध्यम उद्वहन सिंचाई योजना के एम.वन लघु नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , बुदनी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 10- अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सीहोर
(ख) तहसील- बुदनी
(ग ) नगर/ग्राम- डुंगरिया
( घ) लगभग क्षेत्रफल-2.498 हेक्टर .
खसरा नम्बर
रकबा
(हेक्टेयर में) (1)
(2)
100-187/14
0.343
0.242
100-187/6
100-187/3
0.242 भाग 1 ]
2737
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2)
100-187/ 2
0.169
0.174
98/2, 268,98/ 1
0.084
98/2 , 268 , 98/2
0.002
102, 103/3
106/1
0.169
106/2
0.161
106/3
0.024
181/1
0.202
182
0.343
199/1
0.032
101/1
0.263
0.040
100-187/23
100-187/1
0.008
योग .. 2.498
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बनेटा मध्यम उद्वहन सिंचाई योजना के फेस सेकण्ड के अन्तर्गत नहर निर्माण नीमटोन- डुंगरिया हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी, बुदनी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 11 - अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- सीहोर
( ख ) तहसील- बुदनी
नगर/ ग्राम-नीमटोन
(ग)
लगभग क्षेत्रफल-1.052 हेक्टर .
(घ)
खसरा नम्बर
रकबा
(हेक्टेयर में )
(1)
(2)
0.262
63/5 , 71/4 , 77/5 क
77/3 ञ
0.130
77/3 क
0.101
0.097
63/5 , 71/4 , 77/5 ख
(1)
(2)
0.040
63/5 , 71/4 , 77/5 ज
0.060
63/5 , 71/4, 77/5 झ
0.113
71/3 ख
0.242
80, 81 , 84, 85/2
0.007
77 ख
1.052
योग ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है - बनेटा मध्यम उद्वहन सिंचाई योजना के फेस सेकण्ड अन्तर्गत मुख्य नहर नीमटोन- डुंगरिया निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी, बुदनी में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजय गोयल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग शाजापुर, दिनांक 11 जुलाई 2011
प्र. क्र. भू- अर्जन-09-202.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, निम्नानुसार भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- शाजापुर
(ख ) तहसील- शाजापुर
ग्राम- रंथभवंर
(ग)
(घ) लगभग क्षेत्रफल -10.63 हेक्टर
सर्वे क्रमांक
क्षेत्रफल जो अर्जन होना है ( हेक्टर में ) (1)
(2)
150
0.20
933
1.07 2738
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2)
157
0.41
160
0.36
174
1.05
173
0.10
178 मी.
0.18
178 मी.
0.11
178 मी.
0.18
179
0.11
180
0.20
181
0.05
192/1
0.14
192/2
0.14
928
0.33
931
1.10
935
0.73
1043
0.20
1145
0.10
1144/6
0.01
1144/7
0.13
1144/8
0.30
1144/9
0.51
1144/10
0.40
0.28
1144/12
0.21
1144/13
0.15
1146
0.79
1147
0.55
1148
0.48
1150
0.06
योग .. 10.63
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- रंथभवंर तलााब डूब क्षेत्र हेतु.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सोनाली एन. वायंगणकर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर , जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दमोह, दिनांक 13 जुलाई 2011
प्र. क्र. 5 अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि सम्पत्ति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- दमोह
(ख) तहसील- दमोह
ग्राम- करैया हजारी
(ग)
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 12.55 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अधिग्रहण किये जाने वाला रकबा ( हेक्टर में ) (1)
(2)
346/3
2.40
1.00
324
1.00
322/1 , 2
321
1.04
320
1.00
0.12
319में से
318में से
0.40
325में से
0.48
346/4 में से
0.76
346/2 में से
0.80
346/5 में से
0.50
333/1
0.12 बांध एवं वेस्टवीयर हेतु योग 9.62
0.10
265 में से
266 में से
0.18
268 में से
0.05
262में से
0.15
269 में से
0.16 भाग 1 ]
2739
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2)
271 में से
0.10
271/2
0.01
312में से
0.04
0.79
बायीं नहर हेतु- योग ..
326 में से
0.04
333/2में से
0.09
333/3 में से
0.14
332/1 में से
0.13
332/2 में से
0.14
331 में से
0.05
335 में से
0.04
337 में से
0.35
J
309 में से
0.09
0.04
397/1 में से
295 में से
0.20
0.03
296 में से
294/1 में से
0.27
293में से
0.13
279में से
0.04
2.14
योग ..
दाहिनी नहर हेतु- कुल योग 12.55
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सिद्धबाबा जलाशय योजना करैया हजारी के कार्य हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व दमोह एवं कार्यपालन यंत्री, सिंचाई विभाग, दमोह के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 6 अ-82-10-11 . -चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि सम्पत्ति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- दमोह
(ख) तहसील- दमोह
ग्राम-चंदौरा
(ग)
लगभग क्षेत्रफल-8.23 हेक्टेयर.
(घ)
खसरा नम्बर
अधिग्रहण किये जाने वाला रकबा ( हेक्टर में )
(2)
(1)
0.41
95/1
1.26
95/2
96/1
0.81
96/2
1.00
99/1 में से
0.10
0.08
245में से
0.20
248/1 में से
248/2में से
0.20
0.12
248/5 में से
248/6 में से
0.18
1.35
249
250
1.60
0.70
251/2में से
0.22
281/4, 5 , 6 में से
बांध एवं स्पिल चेनल हेतु- कुल योग 8.23
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है-चंदौरा जलाशय योजना के कार्य हेतु .
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व दमोह एवं कार्यपालन यंत्री, सिंचाई विभाग , दमोह के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 8 अ - 82-10-11 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि सम्पत्ति की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- दमोह
(ख ) तहसील - दमोह 2740
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
ग्राम- बालाकोट
(ग )
लगभग क्षेत्रफल-13.07 हेक्टेयर .
(घ)
खसरा नम्बर
अधिग्रहण किये जाने वाला
रकबा ( हेक्टर में ) (1)
(2) 486/1 में से
0.23 486/2में से
0.23 486/3 में से
0.50 495में से
0.72 487
1.70 491/1
0.02 491/2
0.02 490/1
0.02 490/2
0.02 489
0.04 488
1.23 492
0.92 493
0.36 494/1
0.87
1.54 494/2
8.40
योग .
बांध क्षेत्र हेतु-
501/1 में से
0.01 501/2में से
0.04 501/3 में से
0.04 505 में से
0.15 503/1 में से
0.05 503/2 में से
0.04 508 में से
0.18 590 में से
0.12 591/1 में से
0.04 591/2में से
0.04 591/3 में से
0.04 592में से
0.12 595 में से
0.03 597 में से
0.03 605 में से
0.45 888/1 में से
0.01 888/2में से
0.02 888/3 में से
0.02 888/4 में से
0.02 888/5 में से
0.02 893में से
0.02 899 में से
0.06 (1)
(2)
0.05
898 में से
897 में से
0.01
900 में से
0.03
902में से
0.12
896 में से
0.06
0.30
895 में से
883/1 में से
0.09
883/2में से
0.07
877/1 में से
0.01
0.05
877/2 में से
876/1 में से
0.02
876/2 में से
0.02
876/3 में से
0.02
862में से
0.12
861 में से
0.30
859 में से
0.18
0.06
831/1 में से
831/2में से
0.06
832में से
0.13
510 में से
0.08
0.06
519 में से
588 में से
0.08
587 में से
0.03
0.02
582/1 में से
582/2में से
0.03
582/3 में से
0.10
0.05
581/1 में से
581/2में से
0.12
581/3 में से
0.10
571 में से
0.03
572में से
0.05
569 में से
0.06
568 में से
0.08
567 में से
0.06
562में से
0.09
563 में से
0.09
0.06
643 में से
640में से
0.06
639 में से
0.09
633में से
0.09
नहर क्षेत्र हेतु- योग 4.67 भाग 1 ]
2741
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - बालाकोट जलाशय योजना के कार्य हेतु .
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व दमोह एवं कार्यपालन यंत्री, सिंचाई विभाग , दमोह के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानंद दुबे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग / रीवा, दिनांक 15 जुलाई 2011
क्र. 1159 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी / शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सीधी
(ख ) तहसील - रामपुर नैकिन
(ग) ग्राम-खारा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.016 हेक्टेयर.
खसरा नं .
अर्जित रकबा (हेक्टर में )
(1)
(2)
170/1
0.016
योग .. 0.016
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत शिकारगंज वितरक नहर क्र. 2 का निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमियों पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. बी. श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग सागर, दिनांक 18 जुलाई 2011
क्र. क - 5720 - भू- अर्जन 2011 प्र.क्र.- 09 - अ- 82-10- 11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के । पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: --
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख) तहसील- बण्डा
(ग) ग्राम-जगथर
12.54 हेक्टर.
(घ) लगभग क्षेत्रफल -
खसरा नं.
रकबा
(हे. में. )
(2)
(1)
47
0.15
0.03
50
0.08
56/1
0.08
56/2
58
0.51
60
0.20
0.08
68
69/2133
0.06
72
0.02
0.07
74
0.26
75
0.10
76
77
0.24
0.34
78 2742
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2) 83
0.03 93
0.09 94
0.19 95
0.18 96
0.19 97
0.30 99
0.03 155/1
0.33 155/2
0.32 255/1
0.29 255/2
0.27 277
0.15 350
0.21 351
0.30 352
0.15 353
0.05 354
0.06
0.19 374/1
374/2
0.17 374/3
0.02 438
0.06 439
0.17 440
0.28 441/2
0.05 472
0.01 474
0.02 475
0.15 476
0.14 477
0.18
0.19 479
480
0.05 481
0.19 532
0.42
0.15 533/1
533/2
0.15 533/3
0.06 534/1
0.18 534/2
0.22 534/3
0.22 559
0.07 563/1
0.06 563/2
0.27 564
0.08 565
0.21
(2)
(1)
568
0.01
0.18
585
586
0.04
597
0.70
0.54
598
0.14
599/1
599/2
0.10
599/3
0.13
601
0.05
610/2145
0.03
621
0.12
622
0.34
623
0.10
624/2
0.09
625
0.43
627
0.09
628
0.12
632
0.01
12.54
योग :
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है.- बीला फीडर नहर निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र.-2, सागर .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी बण्डा एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. - 2 सागर , जिला सागर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
क्र. 5724- भू-अर्जन- 2011-प्र.क्र. 10-अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क ) जिला- सागर
(ख ) तहसील- बण्डा भाग 1 ]
2743
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(ग ) ग्राम-तोड़ा
( घ) लगभग क्षेत्रफल - 4.45 हेक्टर .
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हे. में. ) (1)
(2) 8
0.02 9
0.03 13
0.02 14
0.05 15
0.07 16
0.06 17
0.08 18
0.10 19
0.11 20
0.02 21
0.06 22
0.03 23
0.11 24
0.10 25
0.11 26
0.11 27
0.16 28/2
0.09 29
0.10 30
0.42 31
0.17 41/3
0.69 46
0.04 47
0.08 49
0.24 68
0.49 69/2
0.08 70
0.01 71
0.18 72
0.08 79
0.07 80
0.01 81
0.09 82
0.16 83
0.15 84
0.06
4.45
योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है.- बीला फीडर नहर निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र.- 2 , सागर.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी, बण्डा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. - 2 सागर, जिला सागर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
क्र. क- 5725 - भू-अर्जन 2011 प्र.क्र.- 17- अ-82-10- 11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- सागर
(ख ) तहसील- शाहगढ़
(ग) नगर/ग्राम- सेमरा रामचंद्र
(घ) लगभग क्षेत्रफल -9.54 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा (हे. में. ) (2)
(1)
928
0.52
931/2
0.28
0.32
932
0.01
953
0.03
954
0.25
955
0.14
956
959
0.03
960
0.30
961
0.10
962
0.08
976
0.04
977
0.11
978
0.16
981
0.29
982
0.14 2744
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2)
0.01 983
984
0.25 1223
0.03 1224
0.18 1225
0.14 1226
0.02 1227
0.01 1237
0.18 1238
0.06 1239
0.07 1240
0.07 1241
0.20 1242
0.01 1243
0.02 1244
0.03 1245
0.07 1249
0.06 1250
0.17 1254
0.02 1255
0.12 1256
0.19 1257
0.06 1260
0.08 1261
0.11 1262
0.16 1263
0.18
0.15 1264
0.31 1265
1266
0.13 1284
0.11 1285
0.13 1286
0.05 1287
0.11
0.15 1289
1290
0.05 1292
0.37 1299
0.28 1326
0.01 1327
0.05 1328
0.14
0.08 1329
1332
0.04 1333
0.07 1334
0.05 1335
0.16 1337
0.14
(2)
(1)
1338
0.15
0.13
1339
0.01
1376
1377
0.08
0.06
1378
0.01
1379
0.46
1380/1
1380/2
0.19
1382
0.48
1383
0.08
1400
0.01
9.54
योग :
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकर्ता है.- बीला फीडर नहर निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र.- 2 , सागर.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी बण्डा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. - 2 सागर, जिला सागर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
क्र. क - 5718 - भू- अर्जन- 2011- प्र.क्र .- 21- अ-82-10- 11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख ) तहसील - बण्डा
(ग) नगर/ ग्राम- गनयारी
(घ) लगभग क्षेत्रफल -6.33 हेक्टर .
खसरा नं.
रकबा (हे. में. )
(1)
(2)
559
0.09
0.50
560 भाग 1 ]
2745
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2)
580
0.24
581/2
0.03
589
0.46
590
0.34
592
0.11
593
0.12
594
0.08
595
0.08
596
0.12
597
0.24
602
0.01
603
0.01
604
0.01
1526
0.05
1543
0.08
1544
0.24
1545
0.43
0.28
1546
1585
0.10
1586
0.22
1587
0.20
1596
0.30
1597
0.04
1598
0.12
1599
0.08
1621
0.19
1627
0.23
1628
0.02
1630/3
0.78
1672
0.18
1673
0.35 योग : 6.33
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है .- बीला फीडर नहर निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. -2, सागर.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी बण्डा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. - 2 सागर, जिला सागर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
क्र. क- 5726- भू-अर्जन 2011 प्र.क्र.- 22 - अ- 82-10- 11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: ---
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख ) तहसील- बण्डा
(ग) ग्राम- पिपरिया चमारी
(घ ) , लगभग क्षेत्रफल - 0.72 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा
(हे. में. )
(1)
(2)
673/1
0.65
675/2
0.07
0.72
योग ..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है.- बीला फीडर नहर निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. - 2 , सागर.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी बण्डा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. - 2 सागर, जिला सागर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
क्र. 5719- भू-अर्जन- 2011-प्र.क्र. 23-अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला- सागर
(ख) तहसील - बण्डा 2746
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(ग) ग्राम- बगपुरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 1.76 हेक्टर.
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हे. में)
(1)
(2)
179
0.14
183/1
0.35
183/2
0.78
183/4
0.26
184
0.04
185
0.07
349/1
0.05
0.07
349/2
1.76
योग, ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है.- बीला फीडर नहर निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र.-2, सागर .
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , बण्डा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. - 2 सागर , जिला सागर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
क्र. क- 5721 - भू-अर्जन 2011 प्र.क्र.- 26- अ-82-10- 11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सागर
(ख) तहसील- शाहगढ़
( ग ) नगर/ग्राम- बरखेड़ा
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 1.18 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा (हे. में)
(1)
(2)
78
79
0.02 0.15
(2)
(1)
0.07
80
0.10
81
0.10
84
86
0.04
89
0.02
345
0.11
346
0.03
348
0.01
0.01
349
0.02
351
0.18
359
0.07
460
0.02
461/1
462
0.01
0.03
465
467
0.14
0.05
468
योग .. 1.18
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है.- बीला फीडर नहर निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र.- 2, सागर.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी बण्डा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. - 2 सागर, जिला सागर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
क्र. -5723- भू- अर्जन 2011 प्र.क्र. 27- अ- 82-10- 11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- सागर
(ख) तहसील- शाहगढ़ भाग 1 ]
2747
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(ग) ग्राम- लवनऊ
(घ) लगभग क्षेत्रफल -7.59 हेक्टर .
खसरा नं.
रकबा
(हे. में) (1)
(2)
0.16 117
118
0.01 119
0.06 120
0.03 122
0.06 123
0.05 124
0.10 125
0.50 126
0.62 127
0.45 128
0.75 129
0.85 132
0.35 136
0.02 137
0.55 138
0.10 139/2
0.03 140
0.22 141/1
0.17 141/2
0.17
0.12 150/7
0.26 151
152/1
0.07 152/2
0.07 154/1
0.16
0.17 154/2
155
0.01 157
0.23 158
0.08 348
0.35 350
0.18 351/1
0.02
0.02 351/2
351/3
0.02 351/4
0.02 351/5
0.02 351/6
0.02 352
0.24 (1)
(2)
0.01
353/5
355
0.10
0.17
356/5
7.59
योग ..
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है.- बीला फीडर नहर निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र.- 2, सागर .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , बण्डा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. - 2 सागर, जिला सागर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
क्र. क- 5727 - भू- अर्जन- 2011 - प्र.क्र. 28- अ- 82-10- 11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला - सागर
(ख ) तहसील- बण्डा
(ग) ग्राम- रीछई सागर
(घ) लगभग क्षेत्रफल-9.30 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा (हे. में)
(2)
(1)
0.32
26/1
26/2
0.02
0.04
34/2
35
0.04
36
0.44
0.02
56/1
0.64
56/2
0.26
59
70
0.06
0.52
71/1 , 71/2 2748
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2)
72
0.43
73
0.01
93/1
0.10
93/2
0.26
94
0.32
95
0.18
99
0.28
100
0.03
101
0.18
102
0.02
138
0.07
139/1
0.04
139/2
0.23
140
0.14
141
0.02
142
0.14
143/453
0.30
159
0.09
173
0.01
176
0.05
177/1
0.39
179
0.02
182
0.04
183
0.33
184/1
0.20
184/2
0.20
234
1.10
235
0.06
237
0.05
241/1
0.17
367
0.05
371
0.30
374
0.01
376
0.25
410
0.23
411
0.38
412
0.26
योग . 9.30
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है .- बीला फीडर नहर निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. - 2, सागर.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी, बण्डा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. - 2 सागर , जिला सागर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
क्र. क- 5728 - भू-अर्जन 2011 प्र.क्र.- 29- अ- 82-10- 11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: --
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख) तहसील- बण्डा
(ग) नगर/ग्राम- सलैया बिनैका
(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 4.12 हेक्टर .
खसरा नं.
रकबा
(हे. में)
(2)
(1)
73/1
0.28
0.31
73/2
74/1
0.02
0.06
74/2
76
0.02
77
0.11
295
0.88
302
0.02
0.23
303
304
0.10
321
0.32
0.30
322/1
322/2
0.34
323
0.03
325/1
0.02
0.02
345/1
345/2
0.19
0.51
349
350
0.36 योग 4.12 भाग 1 ]
2749
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है.- बीला फीडर नहर निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र.- 2, सागर.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी, बण्डा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. - 2 सागर, जिला सागर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
क्र. क- 5729 - भू-अर्जन- 2011- प्र.क्र.- 30- अ- 82-10- 11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख) तहसील- शाहगढ़
(ग ) नगर/ग्राम- रतनपुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 2.38 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा (हे. में) (2)
(1)
1116
0.06
1188
0.01
1192
0.64
1194
0.20
1195
0.05
1196
0.20
1201
0.21
1213
0.42
1215
0.56
1217/3
0.03 2.38
योग ..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है.- बीला फीडर नहर निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. - 2 , सागर .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , बण्डा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. - 2 सागर , जिला सागर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
क्र. क - 5722 - भू- अर्जन- 2011 - प्र.क्र.- 31- अ-82-10- 11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख ) तहसील- शाहगढ़
(ग ) ग्राम- मुड़ारी बुजुर्ग
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 17.88 हेक्टर.
खसरा नं .
रकबा
( हे. में)
(1)
(2)
357
0.08
357/1819
0.01
0.50
373
0.15
374/1
0.17
374/2
0.24
374/3
378/1
0.32
0.25
378/2
0.24
378/3
378/4
0.01
0.14
379
0.16
383
0.46
384
386
0.19
387
0.12
0.09
388
0.04
389
390
0.25
0.02
391
0.17
392
393
0.19 2750
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(2) (1)
394
0.08 395
0.01 396
0.20 397
0.04 540
0.21 541
0.55 765
0.15 815
0.01
0.01 816
827/3
0.51 832
0.10
0.01 839
841
0.21 842/1
0.20 842/2
0.14 843/1
0.12 843/2
0.13 850
0.06 852
0.08 853
0.02
0.50 854
868
0.26 869/2
0.32 959
0.06 960
0.15 963
0.24
0.11 964
965
0.14 966
0.18 967
0.13 992
0.98 1505/1
0.06 1505/2
0.27 1505/3
0.15 1536
0.32 1537
0.16 1538
0.39 1539/1812
0.02 1546
0.08 1547
0.14
0.17 1548
1586
0.07 1587/1
0.06 1588
0.12 1590
0.44 (1)
(2)
1591
0.52
1592
0.41
0.04
1593/1
0.07
1595
0.17
1596
1597
0.03
0.46
1598
0.26
1599/1
0.06
1599/2
0.44
1600
0.08
1601/1
0.09
1601/2
1602
0.01
0.17
1650
1670
0.31
1713
0.17
1716
0.34
0.17
1717
0.02
1726
0.17
1727
0.12
1728
0.03
1742
0.17
1743
0.13
1744
1778
0.09
0.25
1780
0.11
1781
0.49
1793
0.34
1794
17.88
योग ..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है. - बीला फीडर नहर निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र.- 2, सागर.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , बण्डा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. - 2 सागर , जिला सागर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
सागर, दिनांक 20 जुलाई 2011
क्र. 5832- भू- अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने भाग 1 ]
2751
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला- सागर
(ख) तहसील- सागर
(ग) ग्राम- रजौआ, प.ह.नं. 52
(घ ) लगभग क्षेत्रफल -9.86 हेक्टर.
खसरा नं .
(1)
अर्जित रकबा (हे. में) (2)
675/1
0.33
675/2
0.07
675/3
0.03
676/1
0.13
676/2
1.35
1.35
676/3
1.35
676/4
0.63
676/5
676/6
0.13
676/7
0.42
677
1.41
1.41
678
662
0.11
660
0.24
661
0.14
529
0.05
528
0.06
527/3
0.11
513
0.08
414/1
0.03
414/2
0.04
413/1
0.05
413/2
0.03
417
0.10
418/1
0.08
346/1
0.02
365
358
योग
0.05 0.06 9.86
(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है.- बदौना जलाशय योजना के बांध एवं नहर निर्माण हेतु द्वारा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सागर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर , जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
राजगढ़ , दिनांक 20 जुलाई 2011
क्र. 11423 - भू -अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन ( चौंतरा नहर निर्माण कार्य के डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित भूमि) के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-राजगढ़
(ख) तहसील- राजगढ़
( ग) ग्राम - सुस्तानी , चौंतरा , देवलीचारण, धुलेन , डूबली (घ ) क्षेत्रफल -8.232 हेक्टेयर
सर्वे नं.
रकबा
(हे. में)
(2)
(1)
नहर में अर्जित भूमि
ग्राम- सुस्तानी, क्षेत्रफल-2.331
97/3
0.132
97/2
0.066
0.090
98
331/2
0.045
102
0.010 2752
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2) 100/1
0.070 100/3
0.070 107
0.138 100/2
0.070 103/1
0.010 103/2
0.010 104/1
0.050 104/2
0.050 106
0.108 354
0.078 356
0.120 355
0.028 369
0.156 349/1
0.030 349/2
0.030 349/3
0.030 349/4
0.030 346
0.120 347/1
0.072 347/2
0.072 340/1
0.025 339
0.015 340/2
0.055 342
0.264 341
0.026 337
0.015 336
0.020 344/1
0.070 344/2
0.070 335
0.022 331/1
0.064
2.331
योग :
ग्राम-देवलीचारण , क्षेत्रफल-0.180 356/7
0.080 356/9
0.100
योग : 0.180
बांध में शेष अर्जित भूमि ग्राम-चौंतरा , क्षेत्रफल-1.575 648/1
0.559 396
0.038 477/281
0.063 368/1
0.080 368/2
0.080 (1)
(2)
0.040
387/2
387/3
0.040
387/4
0.040
0.050
367
399/4
0.053
0.532
648/2
योग : 1.575
ग्राम-देवलीचारण , क्षेत्रफल-0.064
0.023
296
0.003
330
0.003
331
306
0.035
योग : 0.064
ग्राम- धुलेन, क्षेत्रफल-1.736
127/1
0.165
127/5
0.063
144
0.010
0.011
135/3
145/1
0.013
135/1
0.042
143/2/1
0.006
126/1
0.069
131/1
0.035
127/7/1
0.063
130
0.139
135/2
0.010
139
0.025
141/1
0.076
141/2
0.076
126/2
0.070
131/2
0.038
127/7/2
0.063
124/2
0.100
114/1
0.200
114/2
0.336
127
0.126
योग : 1.736
ग्राम- डुबली , क्षेत्रफल -2.346
637/2
0.015
205
0.051 भाग 1 ]
2753
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2)
206
0.025
209/1
0.380
548
0.101
203/1
0.063
203/2
0.051
605/2
0.057
504
0.152
508
0.038
544
0.190
660/674
1.202
511
0.021
योग : 2.346
महायोग : 8.232
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. चौंतरा नहर निर्माण कार्य , डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित भूमि हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 11431 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन ( गोकुलपुरा नहर निर्माण कार्य में शेष प्रभावित भूमि ) के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- राजगढ़
(ख ) तहसील - राजगढ़
(ग) ग्राम- बांसखेड़ा, गोरियाखेड़, देहरीकराड़, (घ) लगभग क्षेत्रफल - 2.586 हेक्टेयर.
सर्वे नं.
रकबा
(हे. में)
(1)
(2)
ग्राम- बांसखेड़ा, क्षेत्रफल-1.581
298/2/34
0.020
421/6
0.110
(1)
(2)
421/7/2
0.075
1190/20
0.024
1203/6/1 में से
0.162
0.140
1190/26/2
1190/19
0.180
298/2/33
0.120
0.220
298/2/31
298/2/32
0.120
0.080
298/2/7/2
1203/1/3
0.080
1203/6/1
0.250
योग : 1.581
ग्राम-गोरियाखेड़ , क्षेत्रफल 0.353
560/4
0.060
551/1
0.010
0.040
568/1
553
0.010
0.020
569/1
38
0.020
136/2
0.020
134/1
0.017
134/2
0.016
114/5
0.080
113/3
0.060
योग : 0.353
ग्राम- देहरीकराड़ , क्षेत्रफल 0.652
816/1/1
0.096
0.056
816/1/2
807/6
0.500
योग : 0.652
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गोकुलपुर नहर निर्माण कार्य में शेष प्रभावित भूमि हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 11435 - भू-अर्जन- 2009.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 2754
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- राजगढ़
(ख ) तहसील- ब्यावरा
(ग) नगर/ ग्राम- भीलवाड़िया, गूजरीबे , गेहूंखेड़ी, पनाली, रलायती , राजपुरा , माधौपुरा, केसरियाबे , पुनरखेड़ी, सुन्दरहेड़ा, बरग्या , परसुलिया, बालचिड़ी, शाहपुरा , जरकड़ियाखेड़ी.
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 12.522 हेक्टेयर.
सर्वे नं.
रकबा
(हे. में)
(1)
(2)
ग्राम-भीलवाड़िया
0.160
1092/9
1105/3
0.110
1088/28
0.440
1088/8
0.262
1120/2
0.025
1085/1
0.226
योग : 1.223
ग्राम- गूजरीबे
258/1
0.149
281
0.033
273
0.047
261
0.110
272/1
0.028
237/3
0.036
264/2
0.065
280/1
0.150
योग : 0.618
ग्राम-गेहूंखेड़ी
108/2
0.150
108/1
0.040
199/1
0.030
260/1/2
0.405
253/2/2
0.095
(2)
(1)
253/2/3
0.100
0.025
253/2/1
392/5
0.223
0.025
107
392/4
0.224
396/2
0.013
71/1
0.051
111
0.150
260/1/1
0.075
97/1
0.171
योग : 1.777
ग्राम-पनाली
4/13
0.560
580/2/2
0.225
582/25/1
0.227
582/25/3
0.041
438/2/2
0.039
441/1
0.146
440/2
0.734
563
0.130
4/21
0.110
242
0.065
499/1
0.035
556
0.070
243/2
0.125
244
0.120
585/24
0.150
योग : 2.777
ग्राम- रलायती
159/1
0.700
178/2
0.269
141/1
0.103
141/2
0.089
122
0.030
379/1/1
0.600
379/1/3
0.256
0.060
378/3
513/386
0.063
377
0.370
योग : 2.540 भाग 1 ]
2755
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2)
ग्राम-राजपुरा 31/1
0.015 184/2
0.118 32/2
0.025 33
0.010 8/2
0.036 186/1
0.030 184/3
0.063
योग : 0.297
ग्राम-केशरियाबे 130/3
0.150
योग : 0.150
ग्राम-माधौपुरा 33/1
0.040 33/2
0.030 31/1
0.020 31/2
0.042 142/3
0.200 142/3
0.122 146/1
0.035
योग : 0.489
ग्राम-पुनरखेड़ी 262/22
0.089
योग : 0.089
ग्राम- सुन्दरहेड़ा 380/2/1/2
0.140
योग 0.140
ग्राम-बालचिड़ी 408/5/2
0.030 147/8/1
0.200 142
0.040 4/1
0.060
0.020 428/5/1
147/8/2/4
0.100 147/42
0.050
योग : 0.500
(2)
(1)
ग्राम-शाहपुरा
0.085
30/2
योग : 0.085
ग्राम-बरग्या
162/3/2
0.045
162/5/2
0.120
13/2
0.030
20/3
0.030
0.030
21/3
0.157
184
योग : 0.412
ग्राम-परसूलिया
0.050
74/1
0.025
861/81
704
0.022
708
0.185
0.040
397/7
503/1
0.120
553/7
0.047
553/6
0.270
59
0.091
1/9
0.015
0.050
505/1
553/12
0.060
योग : 0.975
ग्राम- जरकड़ियाखेड़ी
0.150
606/3
607/1/2
0.300
योग : 0.450
कुल क्षेत्रफल तहसील ब्यावरा 12.522
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-कुशलपुरा तालाब की बांयी तट नहर की उपनहरों के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .
2756
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
क्र. 11437- भू-अर्जन- 2009.- चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि को, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- राजगढ़
(ख ) तहसील - राजगढ़
( ग) नगर/ग्राम-किशनपुरिया, टांड़ी, झूमका, रायपुरिया ( घ) क्षेत्रफल -4.428 हेक्टेयर.
सर्वे नं.
रकबा
(हे. में )
(2)
(1)
ग्राम-किशनपुरिया
0.022
55/3
68
0.060
0.100
490
0.110
56/3
0.100
500/3
0.169
योग : 0.561
ग्राम-टांड़ी
196/1
0.360
196/2
0.200
197/1
0.170
201
0.160
197/2
0.015
203/2
0.155
200
0.135
215
0.035
203/1
0.100
201
0.260
योग : 1.590
ग्राम -झूमका
495/2/2
0.319
495/2/1
0.118
(2)
(1)
495/2/2/1
0.139
472/3
0.125
458/1/1/13
0.215
0.150
495/1/3
योग : 1.066
ग्राम-रायपुरिया
4/4
0.010
92/2
0.030
0.120
394/2/3
394/3
0.240
377/5
0.162
399/9
0.259
399/5
0.270
394/2/1
0.120
योग : 1.211
कुल क्षेत्रफल तहसील राजगढ़ - महायोग : 4.428
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- कुशलपुरा तालाब की बांयी तट नहर की उपनहरों के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एम. बी. ओझा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला छतरपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
छतरपुर , दिनांक 22 जुलाई 2011
प्र. क्र. 41 - अ- 82-09-10. -चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- गौरिहार भाग 1 ]
2757
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(ग) ग्राम-महोईकला
( घ ) लगभग क्षेत्रफल- निजी भूमि 13.235 हेक्टेयर.
खसरे का क्षेत्रफल भू-अर्जन खसरा
विवरण से
अर्जित ( हे . में) भूखण्डोंकी
संख्या
(1)
(2)
33
0.010 36
0.150 37
0.064 47
0.200 48
0.132 49/1/1
0.008
49/1/2
0.140 49/2
0.032 118
0.060 119
0.130 403/1
0.200
407/1
0.080
407/2
0.160
414/1
0.090
0.072 414/2
415
0.050
430/1
0.008 430/2
0.072
431
0.100
432
0.060
0.020
441/1
441/2
0.036
442
0.088
443
0.030
456/1
0.160
456/2
0.005
457/1
0.152
457/2
0.010
458/1
0.1.20
458/2
0.006
460
0.240
466
0.058
467
0.040
520
0.004
(2)
(1)
540
0.077
541
0.010
0.150
544
0.048
545
0.064
569
0.051
570
572
0.077
0.050
573
0.008
574
0.136
590
591
0.008
0.052
596
597
0.184
602
0.128
0.052
604
0.004
942
0.203
1414
1415
0.192
1416
0.063
1417
0.063
0.016
1419/1
0.264
1419/2
1419/3
0.125
0.150
1420
0.044
1435
1436
0.180
1437
0.192
1440
0.075
0.036
1441
1442
0.150
0.060
1443/2
1445
0.144
0.007
1749
1750
0.076
0.044
1751
0.004
1774
0.152
1776
0.089
1779
1780
0.101
1784
0.018
1788
0.253 2758
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2) 1789
0.070 1812
0.253 1814
0.177 1815
0.063 1817
0.024
0.024 1818
1824
0.025 1825
0.095 1826
0.082 1833/1
0.080 1833/2
0.008
0.005 1834
1835
0.177 1836
0.057 1838/2
0.040 1841
0.152 1842/1
0.070 1842/2
0.130 1866
0.010 1872
0.190 1873
0.152 1874/1/2
0.200 1879
0.190 1881
0.063 1882/1/1
0.088 1882/1/2
0.052 1882/1/3
0.050 1883
0.009 1892
0.177
0.064 1893
1894
0.112 1895
0.060 1896
0.084 1897/1
0.105
0.151 1897/2
1898/1
0.010 1898/2
0.110 1898/3
0.040 1902
0.255 1903
0.051 1904/2
0.043 1904/3
0.015
0.024 1905
(2)
(1)
0.036
1906
0.114
1921
0.005
1923
0.004
1925
1926
0.121
1928
0.042
1936
0.152
1945
0.158
0.012
1946
0.127
1966
0.076
1968
1969
0.120
1971
0.051
0.158
1972
0.006
1983
1984
0.076
1985
0.139
0.004
1986
0.036
1988
0.024
2011
2012/1
0.104
2012/2
0.020
0.089
2013
0.020
2019
2020
0.051
2023
0.057
0.114
2024
2025
0.004
0.008
2027
0.177
2124
2125
0.04
2126
0.024
2127
0.005
2141/1
0.241
2154
0.032
2155
0.177
2156/2
0.060
2204
0.019
2209/1414
0.048
2214/844
0.024
13.235
कुल अर्जित रकबा भाग 1 ]
2759
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की चकखडेहा वितरक नहर की महोईकला माइनर नं. 1 , 2 दूल्हादेव माइनर एवं हरवंशपुर नं. 1 माइनर के एवं सरबई वितरक नहर क्र. 2 की महोईकला माइनर से निकली खड़ेही माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लवकुशनगर में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 64- अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) ' की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- गौरिहार
(ग ) ग्राम- मिश्रनपुरवा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- निजी भूमि 6.723 हेक्टेयर.
खसरे का क्षेत्रफल अर्जित (हे. में)
भू- अर्जन खसरा विवरण से भूखण्डों की संख्या
(1)
(2)
109
0.016
110/1
0.160
139/2
0.038
140
0.128
143
0.176
144
0.180
145
0.264
146/5/1
0.036
207
0.165
209
0.126
213/1
0.028
0.064
213/3
(2)
(1)
233
0.048
234
0.022
235
0.075
236
0.344
247
0.006
248
0.156
0.063
249
275
0.060
278
0.141
289
0.317
0.100
291
292
0.094
0.094
293
295
0.019
296
0.012
0.520
304/1
305
0.323
0.166
306
314
0.114
0.124
314/462
315
0.139
316
0.015
317
0.100
318
0.173
322
0.235
323
0.094
0.117
324
325
0.109
326
0.177
327
0.324
0.040
331
332/2
0.103
0.073
334
0.006
371
372
0.118
373
0.119
378/2
0.093
380
0.093
0.080
381
437
0.084
0.076
454/369
455/438
0.176
6.723
कुल अर्जित रकवा 2760
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
(2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सिंगारपुर वितरक नहर एवं एल. 5 माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लवकुशनगर में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 117 - अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील-गौरिहार
(ग ) ग्राम-बेहनपुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि - 5.344 हेक्टेयर.
खसरे का क्षेत्रफल अर्जित (हे. में)
भू- अर्जन खसरा विवरण से भूखण्डोंकी
संख्या
(1)
(2)
7
0.020
8
0.216
9
0.018
10
0.100
15/1/1
0.225
15/2
0.155
18
0.077
19
0.261
20
0.232
22
0.248
23
0.080
24
0.004
25
0.180
26
0.013
(2)
(1)
0.227
50
51
0.100
52
0.120
54
0.005
0.005
58
59
0.010
60
0.365
62
0.024
0.204
63
75
0.014
76
0.180
77
0.020
78
0.043
79
0.018
80
0.240
83
0.160
0.012
118
119
0.072
121
0.025
0.140
123/1/2
123/2
0.120
124
0.005
127
0.188
0.010
128
143
0.160
0.051
144
0.015
147
148
0.019
0.036
149
179
0.096
205
0.160
206
0.005
0.004
218
0.013
219
220/1/2
0.147
0.100
220/2
233
0.168
234
0.034
0.120
235
0.080
236
5.344
कुल अर्जित रकबा भाग 1 ]
2761
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(2) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सरबई वितरक नहर नं. 2 की बेहनपुर माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है .
(3) भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लवकुशनगर में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला इन्दौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग इन्दौर, दिनांक 23 जुलाई 2011
क्र. 2015 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- इन्दौर
(ख ) तहसील-( महू) डॉ. अम्बेडकर नगर (ग) ग्राम-मानपुर ( 1.510 ) , सिहोद (2.637 ) , खेड़ी ( 0.020 ) , दुर्जनपुरा ( 3.563 ) .
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-7.730 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा
विभाग द्वारा प्रस्तावित सम्पत्ति
(हे . में)
(1)
(2)
(3)
ग्राम-मानपुर
383/1/2 पार्ट
0.599
आम -4, मकान-1 383/2पार्ट
0.020
389/1 पार्ट
0.350
308/3 पार्ट
0.050
216/6 पार्ट
0.101
198 पार्ट
0.150
बबुल (1)
(2)
(3)
0.120
308/2 पार्ट
308/1 पार्ट
0.120
योग . 1.510
ग्राम-सिहोद
0.136
294/1 झ पार्ट
294/3 पार्ट
0.398
0.777
298 पार्ट
299 पार्ट
0.205
301 पार्ट
1.081
0.040
304/1/13 पार्ट
2.637
योग .
ग्राम-खेड़ी
28 पार्ट
नलकूप , पाईप लाईन
0.020 योग . 0.020
ग्राम- दुर्जनपुरा
0.160
18/1 पार्ट
0.040
18/2पार्ट
196/1/1/1 पार्ट
0.395
196/1/1/3 पार्ट
0.165
196/1/1/6 पार्ट
0.256
0.224
196/3 पार्ट
19/371 पार्ट
0.780
ट्यूबवेल -1 , कुंआ -1 , मुजाल -1 , नीम -1 , मकान-1 , पाईप लाईन -1 .
19/370/1 पार्ट
0.520
19/370/2 पार्ट
0.425
19/370/3 पार्ट
0.598 योग .. 3.563 महायोग 7.730
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- लेबड़ - मानपुर फोरलेन सड़क निर्माण के लिए.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , डॉ. अम्बेडकर नगर ( महू) एवं संभागीय प्रबंधक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड, इन्दौर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राघवेन्द्र सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2762
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 27 जून 2011
क्र. 905 - गोपनीय- 2011 - दो- 3-1-2011 ( भाग- बी ) .- प्रशिक्षु व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है , को न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर में " Induction Training Programme " (First phase ) (2011 Batch ) जो दिनांक 11 जुलाई 2011 से 6 अगस्त 2011 तक की अवधि के लिये आयोजित है , हेतु संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 11 जुलाई 2011 को प्रातः काल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है .
प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी :-
1. अपरिहार्य मामलों को छोड़कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा. समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजा जावे, जिससे कि निदेशक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें.
2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर के समक्ष दिनांक 11 जुलाई 2011 को प्रातःकाल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें.
3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट , सफेद शर्ट, ग्रे पेन्ट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होवें , महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाऊज व काले कोट में उपस्थित होवें.
4. टी. ए. एवं डी. ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे , जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं.
5. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासनहीनता माना जावेगा .
6. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन पर टैम्पो ट्रैक्स की व्यवस्था की जावेगी . जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरु होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातः काल तक उपलब्ध रहेगी . अतः न्यायिक अधिकारी जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के कार्य दिवस में, प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच , दूरभाष क्रमांक 0761-2628679 पर समयावधि रहते सूचित करें.
7 . प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिये न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है . जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी. यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के द्वितीय एवं तृतीय तल पर, स्वास्थ्य कारणों से, ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा , जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी . इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी. ए. एवं डी. ए. क्लेम करने के पात्र होंगे .
8. न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय नाश्ता तथा दोपहर एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, सुभाष काकडे , रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 13 जुलाई 2011
क्र. C- 5819-दो- 2-42-2007.- सुश्री सुषमा खोसला, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , भोपाल का निम्नानुसार अवकाश निरस्त एवं स्वीकृत किया जाता है : -
(1) दिनांक 13 से 17 जून 2011 तक, पांच दिन का स्वीकृत ग्रीष्मकालीन अवकाश निरस्त किया जाता है.
(2) दिनांक 13 से 22 जून 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर सुश्री सुषमा खोसला, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
भाग 1 ]
प्रमाणित किया जाता है कि सुश्री सुषमा खोसला उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. C-5821-दो- 2-47-2010.- श्री आर. एन. पटेल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , नीमच को दिनांक 4 से 8 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 3 जुलाई 2011 के एवं पश्चात् में दिनांत 9 एवं 10 जुलाई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री आर. एन. पटेल , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , नीमच को नीमच पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. एन. पटेल उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 5823-दो-2-16-2002.- श्री शिवनारायण द्विवेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मुरैना को दिनांक 20 से 25 जून 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री शिवनारायण द्विवेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुरैना को मुरैना पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री शिवनारायण द्विवेदी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. C- 5827- दो- 2-5-2006.- श्रीमती जयश्री वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शाजापुर को दिनांक 14 से 18 जून 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 19 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्रीमती जयश्री वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शाजापुर को शाजापुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
2763
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती जयश्री वर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. C - 5829-दो- 2-60-2009.-श्री अभिनन्दन कुमार जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बैतूल को दिनांक 18 जून 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात में दिनांक 19 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री अभिनन्दन कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बैतूल को बैतूल पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अभिनन्दन कुमार जैन उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 5831-दो- 2-11-2005 .- श्री एम. के. मुदगल , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , इंदौर को दिनांक 7 से 10 जून 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके चार दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात में दिनांक 11 एवं 12 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री एम. के. मुदगल , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , इंदौर को इंदौर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्प्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री एम. के. मुदगल उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
जबलपुर, दिनांक 14 जुलाई 2011
क्र. C-5835-दो- 2-49-2009.- श्री जगदीश बाहेती, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , खण्डवा को दिनांक 4 से 7 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 3 जुलाई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री जगदीश बाहेती , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , खण्डवा को खण्डवा पुनः पदस्थापित किया जाता है.
2764
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री जगदीश बाहेती उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
जबलपुर, दिनांक 15 जुलाई 2011
क्र. C - 5895- दो-2-11-2004. श्रीमती आराधना चौबे , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल को दिनांक 9 से 10 मई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 8 मई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्रीमती आराधना चौबे, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती आराधना चौबे उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. C- 5897- दो- 2-43-2011.- श्री राजेन्द्र महाजन, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल को दिनांक 18 जून 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात में दिनांक 19 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री राजेन्द्र महाजन , प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री राजेन्द्र महाजन उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. C - 5899-दो- 2-33-2010.- श्री रणजीत सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डला को दिनांक 7 से 8 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 9 एवं 10 जुलाई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री रणजीत सिंह , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डला को मण्डला पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री रणजीत सिंह उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. C- 5901- दो - 2-53-2009.- श्री महेन्द्र पाल सिंह अरोरा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर को दिनांक 30 जून से 1 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री महेन्द्र पाल सिंह अरोरा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर को श्योपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री महेन्द्र पाल सिंह अरोरा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 5925-दो- 2-10-2005.- श्री उदय सिंह बहरावत , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , टीकमगढ़ को दिनांक 18 जून 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 19 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री उदय सिंह बहरावत, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , टीकमगढ़ को टीकमगढ़ पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री उदय सिंह बहरावत उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
जबलपुर, दिनांक 18 जुलाई 2011
क्र. C- 5927- दो- 2-36-2010.- श्री अनुराग श्रीवास्तव , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालाघाट को दिनांक 21 से 27 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री अनुराग श्रीवास्तव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बालाघाट को बालाघाट पुनः पदस्थापित किया जाता है.
2765 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जुलाई 2011
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कुमुदबाला बरणा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अनुराग श्रीवास्तव , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 5934- दो- 2-29-2006. श्रीमती केशर यादव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिंगरौली को दिनांक 23 मई 2011 से 4 जून 2011 तक, 13 दिन के पूर्व स्वीकृत ग्रीष्मकालीन अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 5 से 10 जून 2011 तक, छः दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 11 एवं 12 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
क्र. C- 5929-दो- 2-22-2008.- श्री ऋषभ कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राजगढ़ - ब्यावरा को दिनांक 25 से 30 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 24 जुलाई 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 31 जुलाई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्रीमती केशर यादव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सिंगरौली को सिंगरौली पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री ऋषभ कुमार जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , राजगढ़ - ब्यावरा को राजगढ़- ब्यावरा पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर , से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती केशर यादव, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री ऋषभ कुमार जैन, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 5936-दो- 2-49-2007.- श्री गिरीश कुमार शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन को दिनांक 21 से 24 जून 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री गिरीश कुमार शर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है.
क्र. C- 5931-दो-2-13-2006. श्री एस. एस. सिसौदिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायसेन को दिनांक 11 से 22 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, बारह दिन का, अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 10 जुलाई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अवकाश से लौटने पर श्री एस. एस. सिसौदिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायसेन को रायसेन पुनः पदस्थापित किया जाता है .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री गिरीश कुमार शर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस. एस. सिसौदिया, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C - 5938-दो- 2-11-2011.- श्री श्याम कुमार मण्डलोई, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बड़वानी को दिनांक 18 से 25 जून 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके, आठ दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात्में दिनांक 26 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री श्याम कुमार मण्डलोई, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बड़वानी को बड़वानी पुनः पदस्थापित किया जाता है .
क्र. C- 5933- दो - 2-40-2009.- श्रीमती कुमुदबाला बरणा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डलेश्वर को दिनांक 18 जून 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात्में दिनांक 19 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्रीमती कुमुदबाला बरणा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश को मण्डलेश्वर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री श्याम कुमार मण्डलोई, उपरोक्तानुसार अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
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[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C - 5940- दो - 2-22-2008 .- श्री ऋषभ कुमार जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , राजगढ़ - ब्यावरा को दिनांक 22 से 25 जून 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके चार दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 26 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री ऋषभ कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , राजगढ़ - ब्यावरा को राजगढ़ - ब्यावरा पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री ऋषभ कुमार जैन उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार. जबलपुर, दिनांक 6 जुलाई 2011
क्र. C- 5509-दो-3-102-2000.- श्री बी. डी. राठी, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार , उच्च न्यायालय , ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को दिनांक 22 से 25 जून 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 26 जून 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री बी. डी. राठी , प्रिंसिपल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय , ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री बी. डी. राठी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रिंसिपल रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत रहते .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार .
जबलपुर, दिनांक 6 जुलाई 2011
क्र. 930- गोपनीय- 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लिखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लिखित न्यायालय के न्यायाधीश, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है : -
सारणी
क्रमांक
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (3)
अधिकारी का नाम (2)
(1)
1 श्री सुबोध कुमार जैन, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दमोह. प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , दमोह की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, धार की हैसियत से रिक्त न्यायालय में. 2 श्री अशोक कुमार गोयनार, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , धार.
3 श्री उपेन्द्र कुमार सिंह, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , टीकमगढ़ प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , टीकमगढ़ की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .
4 श्री दीपक गुप्ता, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनूपपुर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, अनूपपुर. अपरजिला एवं सत्र न्यायाधीश, अनूपपुर की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.
5 श्री संजय कुमार जैन (सीनियर ) , द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अशोकनगर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अशोकनगर की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
6 श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , दतिया के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश , दतिया. प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , दतिया की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
7 श्री सनत कुमार कश्यप द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शहडोल. प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शहडोल की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, सुभाष काकड़े , रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 8 जुलाई 2011
क्र. C- 5626- दो- 3-16-2007.- श्री व्ही. बी. सिंह, बजट अधिकारी/एडीशनल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय , ग्वालियर खण्डपीठ, भाग 1 ]
2767
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
ग्वालियर को दिनांक 4 से 8 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 3 जुलाई 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 9 एवं 10 जुलाई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री व्ही . बी. सिंह, बजट अधिकारी/ एडीशनल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय, ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री व्ही. बी. सिंह उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो बजट अधिकारी/एडीशनल रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत रहते .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.
जबलपुर , दिनांक 7 जुलाई 2011
क्र. C- 5521-तीन-10-42-75 ( सतना-उचेहरा) . उच्च न्यायालय की अधिसूचना क्रमांक सी- 2242-तीन-10-42-75 ( सतना- उचेहरा ) , दिनांक 18 अगस्त, 2008 जहां तक कि उसका संबंध तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , सतना की श्रृंखला न्यायालय उचेहरा से है को एतद्वारा आगामी आदेश तक निलंबित किया जाता है .
No. C- 5521 - III - 10-42-75 ( Satna- Uchehera ) . High Court Notification No. C - 2242 - III - 10-42-75 ( Satna- Uchechera) , dated 18th August 2008 , so far as it relates to holding Link Court of III - Civil Judge , Class - I , Satna to Uchechera is hereby stands Suspended, till further orders.
क्र. C- 5523- तीन- 22-3-80.- मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की अधिसूचना क्रमांक ए- 9725-तीन- 22-3-80 , दिनांक 2 सितम्बर 1982 जहां तक कि उसका संबंध व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , मनासा की श्रृंखला न्यायालय रामपुरा से है , को एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
No. C - 5523 - III- 22-3-80- High Court of Madhya Pradesh Notification No. A- 9725 - III- 22-3-80 , dated 2nd September 1982 so far as it relates to holding of Link Court of Civil Judge , Class - I , Manasa to Rampura is hereby stands cancelled .
क्र. C- 5525-तीन- 10-42-75 ( नीमच रामपुरा ) .- मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट एक्ट , 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, उच्च न्यायालय, एतद्वारा निर्देशित करता है कि प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , मनासा अपने घोषित कार्यस्थल मनासा के अतिरिक्त रामपुरा में भी जिला एवं सत्र न्यायाधीश , नीमच द्वारा समय - समय पर अनुमोदित तिथियों में कार्य करेंगे.
No. C - 5525 - III - 10-42-75 ( Neemuch- Rampura) .-In exercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Court Act, 1958 ( Act No. 19 of 1958 ) , the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that the Ist Civil Judge , Class - II , Manasa in addition to his place of sitting declared at Manasa shall also sit at Rampura on such dates as may be approved by the District and Sessions Judge , Neemuch from time to time.
जबलपुर, दिनांक 14 जुलाई 2011
क्र. C- 5837-तीन-10-42-75 ( दमोह - पथरिया ) . उच्च न्यायालय की अधिसूचना क्रमांक बी- 1749 - तीन - 10-42-75 ( दमोह - पथरिया ) दिनांक 16 अप्रैल, 2010 जहां तक कि उसका संबंध श्री एस. बी. साहू, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , दमोह की श्रृंखला न्यायालय पथरिया से है, को एतद्वारा निरस्त किया जाता है .
No. C - 5837 - III - 10-42-75 ( Damoh- Pathariya) .-High Court Notification No. B - 1749 - III - 10-42-75 ( Damoh- Pathariya ) , dated 16th April 2010 , so far as it relates to holding Link Court of Shri S. B. Sahu , IInd Civil Judge , Class - I , Damoh to Pathariya is hereby stands cancelled .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार,
अभय कुमार, रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश ( सैट ) , जबलपुर जबलपुर, दिनांक 13 जुलाई 2011
क्र.247 - स्था. सैट-2011 .- श्री हरीश कांत दुबे , विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी ( लेखा ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश ( सैट ) , जबलपुर को दिनांक 13 से 23 जुलाई 2011 तक, कुल ग्यारह दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है साथ ही पूर्व एवं पश्चात् में पड़ने वाले सार्वजनिक अवकाशों का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश अवधि में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी ( लेखा ) को अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी प्रकार देय होंगे जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व देय थे .
उक्त अवकाश से लौटने पर श्री हरीश कांत दुबे को अस्थाई रूप से, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी ( लेखा ) , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश ( सैट) , जबलपुर के पद पर आगामी आदेश तक पुनः पदस्थ किया जाता है.
रजिस्ट्रार जनरल महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर , रजिस्ट्रार- कम- पी.पी.एस.
2768
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर
जबलपुर, दिनांक 6 जुलाई 2011
क्र. 926-गोपनीय- 2011- II - 2-88-2006.- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लेखित पीठासीन अधिकारी , श्रम न्यायालय को निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान में स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) में दर्शित पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है : -
नाम
क्रमांक
कहां से (2)
(1)
(3) 1
सीधी श्री कुबेर चंद यादव, पीठासीन अधिकारी , श्रम न्यायालय, सीधी
2
शहडोल श्री विजय कुमार बोहरे, पीठासीन अधिकारी , श्रम न्यायालय , शहडोल
3
ग्वालियर श्री राजकुमार साखरे, पीठासीन अधिकारी, श्रम न्यायालय, ग्वालियर
टिप्पणी..
1.
सारणी
कहां को पदस्थापना के जिले का नाम
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी
(6)
(4)
(5)
रतलाम
रतलाम
पीठासीन अधिकारी , श्रम न्यायालय रतलाम की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
ग्वालियर ग्वालियर
पीठासीन अधिकारी , क्रमांक -1 , श्रम न्यायालय ग्वालियर की हैसियत से श्री राजकुमार साखरे के स्थान पर.
शहडोल
शहडोल
पीठासीन अधिकारी, श्रम न्यायालय शहडोल की हैसियत से श्री विजय कुमार बोहरे के स्थान पर.
श्री कुबेर चंद यादव, पीठासीन अधिकारी , श्रम न्यायालय , सीधी का स्थानांतरण उनके स्वयं के निवेदन पर किया गया है. इसलिये उन्हें स्थानांतरण यात्रा व्यय की पात्रता नहीं होगी .
2. श्री विजय कुमार बोहरे, पीठासीन अधिकारी , श्रम न्यायालय, शहडोल का स्थानांतरण उनके स्वयं के निवेदन पर किया गया है. इसलिये उन्हें स्थानांतरण यात्रा व्यय की पात्रता नहीं होगी .
क्र. 928 - गोपनीय - 2011- दो- 3-1-2011 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 एवं न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है : - क्रमांक
नाम
कहां से (1)
(2)
(3) 1 श्री गिरिराज प्रसाद गर्ग
चाचौड़ा 2
ग्वालियर
बीना
कुमारी निधि खरे
3
सौंसर
श्री अनिल दंदेलिया
पेटलावद
सारणी
कहां को
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)
(4)
पदस्थापना के जिले का नाम (5)
ग्वालियर ग्वालियर चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 की हैसियत से कुमारी निधि खरे के स्थान पर.
सागर
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से रिक्तन्यायालय में.
छिन्दवाड़ा व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से रिक्तन्यायालय में.
भाग 1 ]
2769
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2)
(4)
(3) 4 श्री माधव प्रसाद नामदेव
पथरिया
देवास टिप्पणी .---
(1)
(5)
(6)
दमोह
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.
कुमारी निधि खरे , चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 ग्वालियर का स्थानांतरण उनके अभ्यावेदन के आधार पर विचारोपरान्त स्वयं के व्यय पर किया गया है .
( 2 ) रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 706- गोपनीय- 2011 -दो-3-1-2011 , ( भाग - बी) , दिनांक 7 मई 2011 के द्वारा स्थानांतरित , श्री महेन्द्र मंगोदिया, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , बरुहानपुर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश , बुरहानपुर को, सैलाना से बुरहानपुर स्थानांतरण हेतु, नियमानुसार स्थानांतरण यात्रा व्यय की पात्रता होगी.
(3) रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 564- गोपनीय- 2011- दो- 3-1-2011 , ( भाग- बी ) , दिनांक 8 अप्रैल 2011 के द्वारा स्थानांतरित, श्रीमती बरखा दिनकर, व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , निवाड़ी, जिला टीकमगढ़ को , हरदा से निवाड़ी, जिला टीकमगढ़ स्थानांतरण हेतु नियमाननुसार स्थानांतरण यात्रा व्यय की पात्रता होगी .
जबलपुर, दिनांक 13 जुलाई 2011
क्र. 950-गोपनीय - 2011-दो- 2-33-57( भाग-10 ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, एतद्वारा मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल की अधिसूचना क्रमांक 4-1-2002- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 4 मार्च 2002 द्वारा गठित कुटुम्ब न्यायालय हेतु उक्त विभाग के आदेश क्रमांक 4-1-2002 - इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 28 जून 2003 तथा दिनांक 18 अप्रैल 2002 के अंतर्गत स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित पीठासीन अधिकारी , कुटुम्ब न्यायालय को उसी हैसियत में स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में वर्णित स्थान से स्थानांतरित कर, स्तम्भ क्र. ( 4 ) में वर्णित स्थान पर पदस्थ करता है : -
सारणी
नाम
क्रमांक
कहां से (1)
(2)
(3) 1
भोपाल श्रीमती आराधना चौबे, प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल
कहां को
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी
(5)
(4)
भोपाल
प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल की हैसियत से श्री राजेन्द्र कुमार महाजन (जूनियर ) के स्थान पर
क्र. 951 - गोपनीय- 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग - ए ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्नलिखित जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ (4 ) में निर्दिष्ट स्थान में स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट सिविल जिले के लिये जिला न्यायाधीश की हैसियत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है . साथ ही दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 9 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उन्हें उनके नामों के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सत्र न्यायालय में सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है: -
सारणी
नाम
क्रमांक
कहां से
कहां को
(1)
(2)
(3)
(4) 1
टीकमगढ़ श्री नरसिंह दास पटले प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, भोपाल
सिंगरौली मुख्यालय बैढ़न
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)
पदस्थापना के जिले का नाम (5)
सिंगरौली मुख्यालय बैढ़न
सिविल जिला, सिंगरौली मुख्यालय बैढ़न जिला एवं सत्र न्यायाधीश टीकमगढ़ की हैसियत से श्रीमती केशर यादव के दिनांक 31-7-2011 को सेवानिवृत होने के उपरान्त रिक्त होने वाले पद पर.
2770
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(2)
(3) (1)
2
मंदसौर श्री नरेन्द्र कुमार शुक्ला जिला एवं सत्र न्यायाधीश
मंदसौर
3
भोपाल श्री राजेन्द्र कुमार महाजन (जूनियर ) प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, भोपाल
(6)
(4)
(5)
होशंगाबाद होशंगाबाद सिविल जिला, होशंगाबाद . जिला एवं सत्र न्यायाधीश होशंगाबाद की हैसियत से श्री राजीव सक्सेना के दिनांक 31-7-2011 को सेवानिवृत होने के उपरान्त रिक्त होने वाले पद पर.
मंदसौर
मंदसौर सिविल जिला , मंदसौर. जिला एवं सत्र न्यायाधीश मन्दसौर की हैसियत से श्री नरेन्द्र कुमार शुक्ला के स्थान पर .
क्र. 952- गोपनीय - 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग- ए ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अधीन एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानान्तरित कर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तत्संबंधी स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायाधीश की हैसियत से तथा मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग की अधिसूचना क्रमांक फा.-1-2-90-इक्कीस ब ( एक ) , दिनांक 26 अक्टूबर 1995 , अधिसूचना क्रमांक फा.-1-2-90- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 19 फरवरी 1997 एवं क्रमांक 1-2-90- इक्कीस-अ ( एक ) , दिनांक 7 मई 1999 तथा क्रमांक फा. 1-2-90- इक्कीस - ब ( एक) , दिनांक 4 मई 2007 द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 ( 1989 की संख्या 33 ) की धारा 14 के अधीन विनिर्दिष्ट सारणी के तत्संबंधी स्तम्भ ( 7 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के रूप में पदस्थ एवं नियुक्तकरता है .
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( 1974 की संख्या 2 ) की धारा 9 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , उच्च न्यायिक सेवा के निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में निर्दिष्ट अधिकारी को उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिये अपर सत्र न्यायाधीश नियुक्त करता है : -
क्रमांक
नाम
कहां से
कहां को
(1)
(2)
(3)
(4)
1 श्री शिव नारायण खरे
धार
सीधी
सारणी
सत्र खण्ड का नाम
न्यायालय के संदर्भ में टिप्पणी
विशेष न्यायालय का नाम (7) (5)
(6)
सीधी
सीधी पीठासीन अधिकारी विशेष न्यायालय की हैसियत से रिक्तन्यायालय में
क्र. 953 -गोपनीय - 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी ( अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ) को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानान्तरित कर, उक्त न्यायिक अधिकारी के समक्ष स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट पर अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.
दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, उच्च न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारी को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में भाग 1 ]
2771
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है : - नाम
क्रमांक
कहां से (2)
(3) (1)
1
उज्जैन राजेन्द्र प्रसाद शर्मा ( जूनियर )
2 श्री राम प्रसाद सोलंकी
हरदा
सारणी
कहां को
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी सत्र खण्ड का नाम
(6)
(4)
(5)
सेंधवा
बड़वानी
द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
डिण्डौरी
डिण्डौरी
अपरजिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.
क्र. 954- गोपनीय - 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 एवं सिविल कोर्ट एक्ट, 1958 ( सन् 1958 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) तथा धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , निम्नलिखित वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश ( वर्तमान में पीठासीन अधिकारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट के पद पर कार्यरत ) को जिन्हें विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश फा. क्रमांक 3 ( ए) 4-2011 - इक्कीस- ब( एक ) , दिनांक 22 जून 2011 द्वारा पदोन्नति पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीश ( प्रवेश स्तर ) के पद पर स्थानापन्न रूप में कार्य करने के लिये अस्थायी रूप से नियुक्त किया है एवं जिनके नाम निम्न सारणी के स्तम्भ ( 1 ) में उल्लिखित हैं, स्तम्भ ( 2 ) में उल्लिखित उनकी वर्तमान पदस्थापना के स्थान से स्थानांतरित कर उक्त सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में वर्णित स्थान पर पदस्थ करता है एवं उन्हें निम्न सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में दर्शित अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है एवं निर्देश देता है कि वे निम्न सारणी के स्तम्भ ( 6 ) में दर्शाये गये स्थान पर , आगामी आदेश होने तक बैठेंगे .
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , उच्च न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारी को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है : -
वर्तमान
सिविल न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन )
का नाम
पदोन्नति पर पदस्थापना का स्थान
(3)
पदस्थापना का स्थान (2)
(1)
दमोह
1. श्री प्रकाश चन्द्र मिश्र
छिन्दवाड़ा
उज्जैन
उज्जैन
2. कुमारी साधना माहेश्वरी
सारणी
सत्रखण्ड
न्यायालय का नाम जिसके
न्यायालय
में बैठने
का नाम
का स्थान अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त एवं पदस्थ
(6)
(4)
(5)
छिन्दवाड़ा
छिन्दवाड़ा द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.
उज्जैन
उज्जैन सप्तम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.
2772
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
(1)
(2)
(3) 3 श्री अवधेश कुमार सिंह बेगमगंज बेगमगंज 4 श्री सतीश चन्द्र शर्मा ग्वालियर ग्वालियर (जूनियर)
5. श्री राजीव आप्टे
गुना।
गुना
भोपाल भोपाल 6. श्रीमती अलका दुबे
खण्डवा
खण्डवा 7. कुमारी जसवीर कौर सासन
8. श्री संजीव कुमार पाण्डे छिन्दवाड़ा दमोह
जावरा
जावरा
9. श्री महेन्द्र कुमार जैन
टिप्पणी.-
(5)
(4)
(6)
बेगमगंज
रायसेन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.
ग्वालियर
ग्वालियर षष्ठम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.
गुना
गुना तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.
भोपाल
भोपाल तेरहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.
खण्डवा
खण्डवा प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश खण्डवा के नियमित न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.
दमोह
दमोह द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.
रतलाम
जावरा प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.
श्री शिव नारायण खरे, विशेष न्यायाधीश , अनुसूचित जाति/ जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, धार का स्थानांतरण उनके अभ्यावेदन के आधार पर विचारोपरान्त स्वयं के व्यय पर किया गया है .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, सुभाष काकडे, रजिस्ट्रार जनरल .
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जुलाई 2011
स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल, दिनांक 16 नवम्बर 2010
क्र. एफ 44-84-2010- बीस-2.- राज्य शासन , एतद्वारा , निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 2 ( डी ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिनियम की धारा 2 ( डी ) के प्रयोजन के लिए वंचित समूह में निम्नलिखित समूहों को अधिसूचित किया जाता है : - क. अनुसूचित जाति
ख. अनुसूचित जनजाति
ग. विमुक्त जाति
घ. वनग्राम के पट्टाधारी परिवार [ अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी ( वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के अंतर्गत लाभांवित परिवार शामिल होंगे . ]
40 प्रतिशत से अधिक निःशक्त ( विशेष आवश्यकता वाले ) बच्चे.
No. F. 44-84-2010 - XX- 2.-The State Government here by in exercise of the powers conferred by Section 2(d) of the Right of children to Free and Compulsory Education Act , 2009 notify the following groups of the State under disadvataged group for the prupose of Section 2(d) of the Act :-
a. Scheduled Castes
b. Scheduled Tribes
2773
राज्य शासन के आदेश
с. Denotified Tribes
d. Lease holder families of forest villages [ the families will include beneficiaris under the Scheduled Tribes and other Traditional Forest Dwellers ( Recognition of Forest Rights ) Act, 2006.]
e. Children with special needs ( with disability more than 40%) .
क्र. एफ 44-84-2010- बीस- 2.- राज्य शासन , एतद्वारा , निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 2 ( ई ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिनियम की धारा 2 ( ई ) के प्रयोजन के लिए कमजोर वर्ग में राज्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभागों द्वारा परिभाषित गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों (families living below poverty line) को अधिसूचित किया जाता है :-
No. F. 44-84-2010- XX- 2.- The State Government here by in exercise of the powers conferred by Section 2(e) of the Right of children to Free and Compulsory Education Act , 2009 notify the families living below poverty line as defined by the department of Panchayat & Rural Development and Urban Adminitration & Development in the State under weaker section for the purpose of Section 2 ( e ) of the Act .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शोभा इवनाती, उपसचिव.