मध्यप्रदे श शासन
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 32]
भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 12 अगस्त 2011- श्रावण 21 , शक 1933
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट .
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.
भाग 4.- (क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख ) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद् के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल, दिनांक 23 जुलाई 2011
क्र. ई - 5-751 - आयएएस- लीव - 5 - एक . ( 1 ) डॉ. पवन कुमार शर्मा , आयएएस. , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा को दिनांक 25 जुलाई 2011 से 1 अगस्त 2011 तक, आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 24 जुलाई 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .
(2 ) डॉ. पवन कुमार शर्मा की अवकाश अवधि में सुश्री स्वाती मीणा, आयएएस , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, छिन्दवाड़ा को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ , अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा का प्रभार सौंपा जाता है.
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(3 ) अवकाश से लौटने पर डॉ. पवन कुमार शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4 ) डॉ. पवन कुमार शर्मा द्वारा कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा का कार्यभार ग्रहण करने पर सुश्री स्वाती मीणा, कलेक्टर , जिला छिन्दवाड़ा के प्रभार से मुक्त होंगी.
( 5 ) अवकाशकाल में डॉ. पवन कुमार शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. पवन कुमार शर्मा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2011 .
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[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
भोपाल, दिनांक 29 जुलाई 2011
क्र. ई- 5-375 - आयएएस- लीव - एक- 5.- ( 1 ) श्री जी. पी. सिंघल, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग को 6 से 16 अगस्त 2011 तक, ग्यारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री जी. पी . सिंघल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्री जी. पी. सिंघल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री जी. पी. सिंघल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
क्र. ई - 5-390 - आयएएस- लीव- 5 - एक.-( 1 ) श्रीमती लवलीन कक्कड़ आयएएस . , आवासीय आयुक्त, मध्यप्रदेश भवन , नई दिल्ली को दिनांक 16 से 19 अगस्त 2011 तक, चार दिन का एक्स - इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 13 , 14, 15 एवं 20 , 21 , 22 अगस्त 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .
(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती लवलीन कक्कड़ को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आवासीय आयुक्त, मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3) अवकाशकाल में श्रीमती लवलीन कक्कड़ को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती लवलीन कक्कड़ अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.
क्र. ई-5-769- आयएएस लीव - 5 -एक ( 1 ) श्रीमती सोनाली, एन . वायंगणकर, आयएएस. , कलेक्टर, शाजापुर को दिनांक 1 से 11 अगस्त 2011 तक, ग्यारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 31 जुलाई 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(2) श्रीमती सोनाली, एन. वायंगणकर की अवकाश की अवधि में श्री शेखर वर्मा, राप्रसे . , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , शाजापुर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कलेक्टर , जिला शाजापुर का प्रभार सौंपा जाता है.
( 3) अवकाश से लौटने पर श्रीमती सोनाली , एन . वायंगणकर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला शाजापुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4) श्रीमती सोनाली, एन . वायंगणकर द्वारा कलेक्टर, जिला शाजापुर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री शेखर वर्मा, कलेक्टर, जिला शाजापुर के प्रभार से मुक्त होंगे .
(5 ) अवकाशकाल में श्रीमती सोनाली, एन. वायंगणकर को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती सोनाली , एन. वायंगणकर अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.
Bhopal the 30th July 2011
No. E - 5-502 - IAS- Leave-5-1 .- Sanction is hereby accorded to Dr. J. T. Ekka, IAS ( 1986) , Managing Director , Madhya Pradesh Warehousing & Logistics Corporation & State Civil Supplies Corporation to avail Ex- India earned leave of 16 days from 3rd September , 2011 to 18th September , 2011.
(2) On return from leave Dr. J. T. Ekka is again posted as officiating Managing Director , Madhya Pradesh Warehousing & Logistics Corporation & State Civil Supplies Corporation , temporarily, until further orders .
(3) Dr. J. T. Ekka will be entitled to draw leave salary and other allowances on the same rates he was getting before proceeding on leave .
(4) It is certified that had Dr. J. T. Ekka not proceeded on leave, he would have continued on this post .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 27 जुलाई 2011
फा. क्र. - 17- ( ई ) -2011 - इक्कीस - ब ( दो ) .- मध्यप्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम , 1987 की धारा 6 ( 2 ) के साथ पठित मध्यप्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण नियम, 1996 के नियम 3 (2 ) (जे ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति महोदय के परामर्श से श्री शरद वर्मा , अधिवक्ता, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर को कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से दो वर्ष की कालावधि के लिये भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण , जबलपुर में नामनिर्दिष्ट सदस्य के रूप में नामांकित किया जाता है .
F. No. 17 ( E) -2011 - XXI - B- ( Two) . In exercise of the power conferred by sub - section ( 2) of Section 6 of the Madhya Pradesh Legal Services Authority Act , 1987 read with clause (j ) of sub- rule 3 of Madhya Pradesh Legal Services Authority Rules , 1996 , The State Government, with due consultation of the Chief Justice of High Court of Madhya Pradesh , hereby nominates Shri Sharad Verma , Advocate , High Court of Madhya Pradesh as Member of State Legal Services Authority, Jabalpur for a period of two years from the date of his joining .
फा. क्र. 17 (ई ) -81-2005- इक्कीस- ब- ( एक) .- राज्य शासन, उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री रमेश कुमार सोनी, प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शाजापुर की सेवाएं लोकायुक्त संगठन, भोपाल में विधिक सलाहकार के पद पर अस्थाई रूप से आगामी आदेश होने तक, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु, एतद्वारा , मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपता है .
भोपाल , दिनांक 28 जुलाई 2011
फा. क्र. 1 (बी) -30-04-इक्कीस ब (दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा-24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन एतद्वारा श्रीमती शशि तिवारी पत्नी श्री अनिल कुमार तिवारी , अधिवक्ता को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये रीवा सत्र खण्ड के राजस्व जिले के लिये अति. लोक अभियोजक, नियुक्त करता है , तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना- पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान, प्रमुख सचिव.
भोपाल , दिनांक 29 जुलाई 2011
फा. क्र. 1 ( सी ) -16-2011 - एट्रोसिटी - इक्कीस- ब- ( दो ) .- राज्य शासन अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा-14 के अनुसार विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालयों के लिये अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) नियम, 1995 के नियम 4 ( 1 ) के अनुसार श्री कृष्ण वल्लभ त्रिपाठी, अधिवक्ता मंदसौर को विशिष्ठ ज्येष्ठ अधिवक्ता नियुक्त करता है.
(2 ) उक्त नियुक्ति उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष के लिये होगी , बिना कोई कारण बताये एक माह का नोटिस देकर यह नियुक्ति समाप्त की जा सकती है.
(3 ) पैनल अधिवक्ता को विशेष लोक अभियोजक की अनुपस्थिति के दिनांक को, कार्य चक्रानुक्रम से जिला दण्डाधिकारी द्वारा आवंटित किया जावेगा.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(4) नियुक्त अभिभाषक को शुल्क आदि विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्रमांक 1 ( सी) एट्रोसिटी- इक्कीस - ब-( दो ) दिनांक 24 अप्रैल 2008 के अनुरूप देय होंगे.
(5 ) इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64- मुख्य शीर्ष- 2225-(5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31 - व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां- 003 - अभिभाषकों को फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा.
(6 ) देयक का भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.
फा. क्र. 1 (सी) -16-2011 - एट्रोसिटी- इक्कीस- ब- (दो ).- राज्य शासन अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा -14 के अनुसार विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालयों के लिये अधिनियम की धारा-15 के अन्तर्गत श्री भगवान सिंह चौहान, अधिवक्ता को जिला मंदसौर में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है .
(2 ) उक्त नियुक्ति उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष के लिये होगी , बिना कोई कारण बताये एक माह का नोटिस देकर यह नियुक्ति समाप्त की जा सकती है.
(3 ) नियुक्त अभिभाषक को शुल्क आदि विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्रमांक 1 ( सी ) एट्रोसिटी- इक्कीस- ब- ( दो ) दिनांक 24 अप्रैल 2008 के अनुरूप देय होंगे .
(4) इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64- मुख्य शीर्ष- 2225-(5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31 - व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां- 003 -अभिभाषकों को फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा.
( 5 ) देयक का भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ए. जे. खान, सचिव.
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल, दिनांक 27 जुलाई 2011
क्र. -डी- 15-15-2011 - चौदह - 3.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम , 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) , की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार एतद्वारा उक्त अधिनियम के प्रयोजन के लिये , उक्त अधिनियम की अनुसूची में विर्निदिष्ट की गई कृषि उपज का मुरैना जिले की तहसील मुरैना में समाविष्ट समस्त राजस्व एवं वन ग्रामों के क्षेत्र में क्रय - विक्रय का विनियमन करने के लिये टप्पा बानमोरकला में मंडी स्थापित करने के अपने आशय की घोषणा करती है .
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
किसी भी ऐसी आपत्ति या सुझाव पर जो लिखित में किसी भी व्यक्ति से इस अधिसूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशित होने के दिनांक से 6 सप्ताह की कालावधि के भीतर प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग , भोपाल को प्राप्त हो , राज्य सरकार द्वारा विचार किया जावेगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.
भोपाल, दिनांक 27 जुलाई 2011
क्र.-डी- 15-15-2011- चौदह - 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 27 जुलाई 2011 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार के एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.
Bhopal , the 27th July 2011
No. D- 15-15-2011 - XIV- 3.-WHEREAS , in exercise of the powers conferred by the sub - section ( 1 ) of Section 3 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam 1972 , ( No. 24 of 1973 ) , the State Government hereby declares its intention to establish a market at Tappa Banmorekala for regulating the purchase and sale of agricultral produce mentioned in the schedule of the saidAct , including all revenue and forest villages of the area of Tehsil Murena of Murena district .
ANY objection which maybe received in writing by the Principal Secretary to Government of Madhya Pradesh , Farmer Welfare and Agriculture Development Department , Bhopal from any person with respect to this Notification within Six weeks from the date of publication of this Notification in the " Madhya Pradesh Gazette" will be considered by the State Government .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , AJAY SINGH GANGWAR , Dy . Secy.
भोपाल, दिनांक 27 जुलाई 2011
क्र. -डी- 15-15-2011- चौदह-3 . चूंकि, मध्यभारत कृषि उपज मंडी विधान संवत 2009 ( क्रमांक 17 सन् 1952 ) की धारा 31 के अधीन जारी की गई व्यापार तथा खाद्य विभाग की विज्ञप्ति क्रमांक 145/13 दिनांक 9 जून 1953 द्वारा मुरैना जिले की मुरैना तहसील के क्षेत्र में जो इसमें इसके पश्चात् " उक्त मंडी क्षेत्र " के नाम से निर्दिष्ट है, उक्त अधिसूचना में निर्दिष्ट कृषि उपजों के क्रय- विक्रय को विनियमित किया था.
और, चूंकि, राज्य सरकार द्वारा उक्त मंडी क्षेत्र में नीचे दी गई अनुसूची में उल्लेखित 94 ग्राम जो जिला मुरैना की तहसील मुरैना
[भाग 1 का टप्पा बानमोरकला में समाविष्ट क्षेत्र ( जो इसमें इसके पश्चात् उक्त क्षेत्र के नाम से विर्दिष्ट है ) को विपाटित करके " उक्त मंडी क्षेत्र " की सीमाओं में परिवर्तन करना प्रस्तावित है .
अतएव , मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 70 के उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( तीन ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार, एतद्वारा " उक्त मंडी क्षेत्र " में " उक्त क्षेत्र " को विपाटित करके मंडी क्षेत्र की सीमाओं में परिवर्तन करने के अपने आशय को संज्ञापित करती है.
किसी भी ऐसी आपत्ति या सुझाव पर जो लिखित में किसी भी व्यक्ति से इस अधिसूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशित होने के दिनांक से 6 सप्ताह की कालावधि के भीतर प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग , भोपाल को प्राप्त हो , राज्य सरकार द्वारा विचार किया जावेगाः-
अनुसूची
1. पहाड़ी, 2. जखौदा, 3. सपचौली, 4. बामोरकला, 5. बामौरखुर्द, 6. जयपुर उर्फ नयागाँव , 7. फूलपुर, 8. जैतपुर नूराबाद, 9. सेवा, 10. वारे का पुरा , 11. पमाया, 12. सिकरोड़ी , 13. विजयपुरा , 14. नूराबाद, 15. तिघरा , 16. महटोली , 17. गोवरा , 18. कनकटपुरा, 19. परोली, 20. करोला , 21. पिनावली , 22. दौलसा, 23. जयनगर, 24. बनी , 25. बरेंडा, 26. चुरहेला, 27. लभनपुरा , 28. जारौनी , 29. जरेरूआ, 30. करूआ, 31. जरारा , 32. लोहगढ़ , 33. दौरावली, 34. बमूरबसई, 35. शेरपुर, 36. धनेला , 37. गोलेन्दरा , 38. गुलेन्द्री, 39. नाउपुरा, 40. खरगपुर , 41. मड़राई, 42. भर्राड, 43. इन्दुर्खी, 44. खिरावली, 45. रन्चौली, 46. बरईपुरा , 47. कोतवाल, 48. नाका, 49. सांगौली, 50. बिचौला, 51. नरसिंहपुर, 52. पिलुआ, 53. खेरा, 54. बशहरी , 55. मदनबसई , 56. गिरगौनी , 57. रितौली , 58. लोलकपुर , 59. बिसेंठा, 60. बमरौली , 61. चककिशनपुर, 62. हुरहाई, 63. अरदौनी , 64. भैंसोरा , 65. उदियापुरा , 66. प्रतापपुरा , 67. सिलगिला, 68. अम्हलेड़ा, 69. उटीला , 70. सपदलपुर, 71. गादरा , 72. मितावली, 73. टीकरी , 74. उराहना, 75. मलखानपुरा, 76. खेरियाचुनेटी, 77. हरगवां, 78. खरिका, 79. रिठौराकलॉ, 80. पडावली, 81. बक्सीपुरा , 82. भटपुरा डांग , 83. नौगांव 84. बड़वारी , 85. बस्तपुर, 86. मवई, 87. नरेश्वर, 88. ऐंती, 89. बरहावली, 90. पिपरसेवा, 91. गड़ाजर, 92. भाखरी , 93. रान्सू, 94. नयागांव.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.
भोपाल , दिनांक 27 जुलाई 2011
क्र.-डी- 15-15-2011-चौदह - 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 27 जुलाई 2011 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल भाग 1 ]
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
के प्राधिकार के एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.
Bhopal , the 27th July, 2011
No. D - 15-15-2011 - XIV - 3.- WHEREAS , by the Commerce & Food department Notification No. 145-13 Dated 9th June 1953 issued under the Section 31 of the Madhya Bharat Agricultural produce market Act , Samvat 2009 (No. 17 of 1952) the former Madhya Bharat Government regulated the purchase and sale of the Agricultural produce specified in the said Notification in the area all Revenue & Forest Village of Murena , Tehsil Murena , District ( here in after referred to as the " said market area ") .
AND , WHEREAS , it is now proposed to alter the limits of the said market area by split up here with the area comprising of 94 Villages situated in the following list of Tappa Banmorekala of Murena Tehsil of Murena District . ( here in after referred to as the " said area . " ) .
NOW, THEREFORE , in exercise of the powers conferred by clause ( iii) of sub- section ( 1 ) of Section 70 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government here by signifies its intention to alter the limit of the said market area by splitting up as per the " said area . " .
Any objection which may be received in writing by the Principal Secretary to Government of Madhya Pradesh , Farmer Welfare and Agriculture Development Department , Bhopal from any person with respect to this Notification within Six weeks from the date of publication of this Notification in the " Madhya Pradesh Gazette " will be considered by the State Government :-
LIST
1. Pahadi , 2. Jakhouda , 3. Supchauli , 4. Bamorkala , 5. Bamorkhurd , 6. Jaipur urf Nayagawon , 7. Phulpur , 8. Jaitpur Nurabad , 9. Seva , 10. Ware ka pura , 11. Pamaya , 12. Sikrodi , 13. Vijaypura , 14. Nurabad , 15. Tighra , 16. Mahtoli , 17. Gobra , 18. Kankatpura , 19. Paroli , 20. Karola , 21. Pinawali , 22. Daoulsa , 23. Jaynagar , 24. Bani , 25. Barenda , 26. Churhela , 27. Labhanpura, 28. jarauni , 29. Zarerua , 30. Karua , 31. Jarara , 32. Lohgarh , 33. Daurawali , 34. Bamourbasai , 35. Sherpur , 36. Dhnela , 37. Golendra , 38. Gulendri , 39. Naupura , 40. Kharagpur, 41. Madrai , 42. Bhrrad , 43. Indurkhi , 44. Khirawali , 45. Ranchouli , 46. Baraipura , 47. kotwal , 48. Naka , 49. Sangouli , 50. Bichoula , 51. Narsinghpur, 52. Pilua , 53. Khera , 54. Bashari , 55. Madanbasai , 56. Girgouni , 57. Ritouli , 58. Lolakpur , 59. Bisentha , 60. Bamrouli , 61. Chakkishanpur, 62. Hurhai , 63. Ardouni , 64. Bhaisora , 65. Udiyapura , 66. Pratappura , 67. Silgila , 68. Ambhleda , 69. Utila , 70. Sapdalpur , 71. Gadra . 72. Mitawali , 73. Teekri , 74. Urahna , 75. malkhanpura , 76. Kheriyachunati , 77. Hargawa , 78. Kharika, 79. Rithourakala , 80. Padawali , 81. Bakshipura , 82. Bhatpura Dang , 83. Naugawon , 84. Badwari , 85. Bastpur , 86. Mawai , 87. Narashwar , 88. Anti , 89. Barhawali , 90. Piparseva , 91. Gadajar, 92. Bhakhari , 93. Ransou , 94. Nayagawon .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , AJAY SINGH GANGWAR, Dy . Secy.
जेल विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल , दिनांक 27 जुलाई 2011
क्र. एफ- 03-04-2007-तीन .- राज्य शासन , एतद्वारा , मध्यप्रदेश जेल मैन्युअल के नियम 815 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित जेलों के लिये उनके नाम के सम्मुख दर्शाये गये व्यक्तियों को आगामी तीन वर्षों के लिये अशासकीय संदर्शक नियुक्त करता है . राज्य शासन जनहित में इन नियुक्तियों को किसी भी समय बिना कारण बताए निरस्त कर सकता है:-
अशासकीय संदर्शक का नाम एवं पता (3)
अनु- क्रमांक (1) 1. जेल का नाम (2) केन्द्रीय जेल, सागर
2. उप जेल, रहली
श्री अभिषेक भार्गव , पं. श्री गोरेलाल भार्गव , कॉम्प्लेक्स, गढ़ाकोटा, जिला सागर ( म.प्र. ) . श्री कृष्णकांत खरे, बजरंग वार्ड,
गढ़ाकोटा, जिला सागर ( म.प्र. ) .
भोपाल , दिनांक 28 जुलाई 2011
क्र. एफ- 03-04-2007-तीन संशोधन.- राज्य शासन द्वारा इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 27 जुलाई 2011 द्वारा जेलों के लिये उनके नाम के सम्मुख दर्शाये गये व्यक्तियों को अशासकीय संदर्शक नियुक्त करने के संबंध में तालिका-2 के अनुक्रमांक 1 के समक्ष जेल का नाम " केन्द्रीय जेल सागर " के स्थान पर " उप जेल रहली" पढ़ा जाए.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. एस. पीटर, उपसचिव.
2846
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल , दिनांक 30 जुलाई 2011
क्र. एफ- 5-1-2011- बत्तीस.- भारत सरकार, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की अधिसूचना क्रमांक का.आ. 1528( अ) , दिनांक 4 जुलाई 2011 द्वारा अधिसूचना क्रमांक 1553 (अ ) , दिनांक 14 सितम्बर 2006 के अनुपालन में राज्य स्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (SEAC) का गठन निम्नानुसार किया गया है:-
राज्य स्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (SEAC)
अध्यक्ष 1. श्री सुरेश चन्द्र जैन, 30, निशात कॉलोनी, भोपाल-462003 .
सदस्य 2. श्री बी. के. चुघ,
फ्लैट नं. 145 , सेक्टर ई -7 , अवंतिका क्लब के सामने , बस स्टाप नं. 11 के नजदीक, अरेरा कॉलोनी , भोपालं-462016 .
सदस्य 3. डॉ. वी. सुब्रामानियन, 218 , मुनीरका विहार, नई दिल्ली-110067.
सदस्य 4. श्री वी . आर. खरे, मार्फत भारतीय वन प्रबंधन संस्थान , भोपाल,
सदस्य 5. डॉ. मोहिनी सक्सेना,
भारतीय योग अनुसंधान केन्द्र, रायसेन रोड, आनन्द नगर, भोपाल-462021 .
सदस्य 6. श्री के. पी. न्याती, डी- 1 -सी/56 - ए, जनकपुरी , नई दिल्ली -110058.
सदस्य 7. श्री ए. पी . श्रीवास्तव,
ई -8/52 , रेल्वे हाउसिंग सोसाइटी,
अरेरा कॉलोनी , भोपाल-462016.
[ भाग 1 8.
सदस्य श्री चन्द्रकान्त इराना सम्बुतवाद कृष्णा, प्लाट नं. 8 , वैंकटेश को- ओपरेटिव हाउसिंग सोसाईटी, जवाहर कालोनी, औरंगाबाद-431005.
सदस्य सचिव 9. सदस्य सचिव ,
मध्यप्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड.
(2 ) उपरोक्तानुसार गठित समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों का कार्यकाल 11 नवम्बर 2013 तक रहेगा.
( 3 ) उक्त समिति के कर्तव्य एवं दायित्व भारत सरकार की अधिसूचना क्रमांक 1553 ( अ) , दिनांक 14 सितम्बर 2006 एवं अधिसूचना क्रमांक का. आ. 49 ( अ ) , दिनांक 8 जनवरी 2008 में निहित प्रावधानों के अनुसार ही होंगे .
(4) उक्त समिति के अध्यक्ष/ सदस्यों को दिये जाने वाले मानदेय/ भत्ते/सुविधाएं मध्यप्रदेश शासन , आवास एवं पर्यावरण विभाग , मंत्रालय के आदेश क्रमांक एफ- 5-4-2006- बत्तीस, भोपाल, दिनांक 27 फरवरी 2008 के अनुसार देय होंगे .
( 5 ) भारत सरकार की अधिसूचना क्रमांक का. आ. 49 (अ ) , दिनांक 1 जनवरी 2008 की कंडिका 5 एवं कंडिका 10 के अनुसार राज्य स्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति की बैठकों एवं कार्य सम्पादन हेतु रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट विंग , मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, ई -5 , अरेरा कालोनी , पर्यावरण परिसर, भोपाल निर्धारित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल , उपसचिव.
गृह विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 2 अगस्त 2011
क्र. एफ-1 ( ए) 176-97- ब- 2- दो.- ( 1 ) श्री के. पी . वेंकटेश्वर राव, भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, पु. मु. , भोपाल को दिनांक 21 मई 2011 से 27 जून 2011 तक कुल अड़तीस दिवस के अर्जित अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है .
भाग 1 ]
(2) अवकाश से लौटने पर श्री के. पी . वेंकटेश्वर राव, भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उप पुलिस महानिरीक्षक, पु. मु. , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्री के. पी. वेंकटेश्वर राव , भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. पी . वेंकटेश्वर राव , भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
क्र. एफ-1 (ए) 186-91- ब- 2- दो. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 23 मई 2011 के पृष्ठांकन क्र. 4 में त्रुटिपूर्ण अंकित कोषालय अधिकारी , जिला कोषालय , भोपाल एवं पृष्ठांकन क्र. 5 में त्रुटिपूर्ण अंकित आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा पुलिस महानिरीक्षक, राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो , पु. मु. , भोपाल के स्थान पर क्रमशः कोषालय अधिकारी , विन्ध्याचल कोषालय, भोपाल एवं आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, पु. मु. , भोपाल पढ़ा जाये.
क्र. एफ-1 (ए) 280-76- ब- 2- दो. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 11 जुलाई 2011 के पृष्ठांकन क्र. 2 में श्री हेमन्त सरीन, भापुसे, पुलिस महानिदेशक, म. प्र. मानव अधिकार आयोग, भोपाल को दिनांक 27 दिसम्बर 2010 से 7 जनवरी 2011 तक स्वीकृत कुल बारह दिवस के अर्जित अवकाश के परिप्रेक्ष्य में उक्त अवकाश घटाने के पश्चात् दिनांक 30 जून 2011 तक त्रुटिवश कुल दो सौ अठहत्तर दिवस का अर्जित अवकाश शेष होना दर्शाया गया था.
(2 ) अतएव कुल दो सौ अठहत्तर दिवस के स्थान पर श्री हेमन्त सरीन , भापुसे के अर्जित अवकाश खाते में दिनांक 30 जून 2011 तक, कुल दो सौ अट्ठासी दिवस का अर्जित अवकाश शेष होना पढ़ा जाये.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक दास, प्रमुख सचिव.
भोपाल , दिनांक 5 अगस्त 2011
क्र. एफ 1 ( ए) 98-2008- ब- 2- दो. ( 1 ) श्री आकाश जिंदल, भापुसे, पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ को दिनांक 5 से 19 अगस्त
2847
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
2011 तक कुल पन्द्रह दिवस पितृत्व अवकाश दिनांक 20 एवं 21 अगस्त 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है .
( 2 ) उक्त अवकाश अवधि में श्री आकाश जिंदल, भापुसे, पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ का कार्य श्री प्रमोद सिन्हा, भापुसे, अति. पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ द्वारा अपने कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री आकाश जिंदल , भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4) श्री आकाश जिंदल, भापुसे , पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ का कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कण्डिका ( 2 ) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .
(5) अवकाशकाल में श्री आकाश जिंदल , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आकाश जिंदल , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
क्र. एफ-1 (ए) 391-88- ब-2-दो. ( 1 ) श्री विजय यादव, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, विसबल, पु.मु. , भोपाल , मध्यप्रदेश को समसंख्यक आदेश दिनांक 9 मई 2011 द्वारा दिनांक 1 से 31 मई 2011 तक, कुल तीस दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 1 मई 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया गया था.
(2 ) उक्त आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए श्री विजय यादव, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल , भोपाल को दिनांक 10 मई 2011 से 2 जून 2011 तक, कुल चौबीस दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
( 3) पूर्व समसंख्यक आदेश दिनांक 9 मई 2011 की शेष कंडिकाएं यथावत् रहेंगी .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
अशोक दास , अपर मुख्य सचिव.
2848
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
[ भाग 1
विभाग प्रमुखों के आदेश
मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल , भोपाल
भोपाल , दिनांक 3 अगस्त 2011
क्र. भसकमं- 2011-2291 .- मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार चिकित्सा सहायता योजना 2004 की कंडिका 2.6 सहपठित यथा संशोधित कंडिका 5.6 के प्रावधानानुसार मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा अनुसूची- एक में प्राधिकृत अस्पतालों की अनुसूची में निम्नांकित अस्पताल/नर्सिंग होम्स को एतद्वारा , मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन की दिनांक से आगामी आदेश तक जोड़ा जाता है:-
" अनुसूची- एक "
(देखें योजना की कंडिका 2.6 एवं 5.6 )
प्राधिकृत अस्पताल की अनुसूची
अशासकीय अस्पताल
1. गोकुलदास हॉस्पिटल लिमि. , 11 , डॉ. सरजूप्रसाद मार्ग , इन्दौर
प्रभात दुबे, सचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव ,
मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
क्र. 584- भू-अर्जन-11 .
सतना, दिनांक 4 अगस्त 2011
करारनामा
सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग, मंत्रालय , भोपाल, जरिये कलेक्टर, सतना
प्रथम पक्ष रेवती सीमेन्ट प्राय. लिमि. , जिला सतना
द्वितीय पक्ष सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग , मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल ( प्रथम पक्ष ) के ज्ञाप क्रमांक एफ- 12-07-2011 -सात- 2ए, भोपाल, दिनांक 23 जुलाई 2011 से द्वितीय पक्ष के द्वारा स्थापित हो रहे रेवती सीमेंट प्रायवेट लिमिटेड, जिला सतना के मेगा सीमेन्ट प्लांट को भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के तहत ग्राम शाहा एवं रामपुर चौरासी की 28.031 हे . निजी भूमि के भू-अर्जन की सशर्त स्वीकृति देते हुए उक्त अधिनियम की धारा 41 के प्रावधानों के अनुरूप यह करारनामा निष्पादित किया जा रहा है.
मध्यप्रदेश शासन ने भू-अर्जन अधिनियम की धारा 40 के अधीन की गई जांच से संतुष्ट होकर कि प्रस्तावित अर्जन मेगा सीमेंट की स्थापना के लिए आवश्यक है और उक्त कार्य आम जनता के लिए उपयोगी सिद्ध होने की संभावना मानते हुए रेवती सीमेंट प्राय . कं. लिमि. , की ओर से निजी भूमि अर्जित करने की अनुज्ञा दी है .
यह करारनामा निम्नलिखित मुद्दों का साक्षी है:-
1 .
यह कि द्वितीय पक्ष , रेवती सीमेंट प्राय. लिमिटेड, जिला सतना का डायरेक्टर हूं.
भाग 1 ]
2849
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
2. भारत सरकार की वर्ष 2007 ( अधिसूचित दिनांक 31-10-2007 ) की राष्ट्रीय पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति , मध्यप्रदेश शासन की पुनर्वास नीति एवं केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार के समय - समय पर जारी निर्देश एवं शर्तें होंगी जिसका पूर्णतः पालन करते हुए पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन की कार्यवाही की जावेगी .
3. कंपनी द्वारा ( इस आशय की करारनामें या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी . अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेगा.
4. भू-अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू- अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत - प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के आदेश का पालन किया जावेगा.
5. संबंधित कंपनी के लिए भू- अर्जन किये जाने संबंधित कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू-अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के अनुसार किया जायेगा.
6. संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कंपनी द्वारा मध्यप्रदेश पुनर्वास नीति एवं भारत सरकार की पुनर्वास नीति, 2007 एवं अन्य निर्देश के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही की जायेगी.
7. कम्पनी के संबंध में करारनामा, वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिये कलेक्टर कार्यवाही करेंगे जो मान्य होगा.
8. भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्था नगर तथा ग्राम निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं से आवश्यक आपत्तियां संबंधित कंपनी को प्राप्त करना होगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जायेगा.
9 . अर्जित की गई निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा.
10. भूमि जिस उपयोग के लिए अर्जित की जा रही है , वह उपयोग कंपनी द्वारा किया जायेगा.
11 . भूमि पर निर्माण कार्य करते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जायेगा .
12. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने, बन्धक रखने , दान देने , पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा. ( धारा 44 - ए भू-अर्जन अधिनियम के तहत ) .
13. यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है , तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें , शासन को अपने कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा .
14. भूमि की केवल सतह का उपयोग किया जायेगा . आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण , नीव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा.
15. शासन की पूर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.
16. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जावेगा.
17. कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी . इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मण्डल से अनापत्ति प्रमाण - पत्र प्राप्त करना होगे कि पर्यावरण , जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.
18. यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिए नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवन, सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा.
2850
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
[भाग 1 19. भूमि या उसके किसी भी भाग या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लिखित उपयोग के अलावा न तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जायेगा और न ही पट्टे या किराये पर दिया जायेगा.
20. भू-अर्जन की मुआवजा की राशि रुपये 5 लाख प्रति एकड़ अथवा पुनर्वास नीति में उल्लेखित राशि में से जो भी अधिक हो, कम्पनी से ली जावेगी.
21. मौके की स्थिति या स्थानीय आवश्यकतानुसार भू- अर्जन की कार्यवाही के दौरान कलेक्टर द्वारा लगाई गई अन्य आवश्यक शर्तें मान्य होंगी.
हस्ता./- (चिन्मय पालेकर ) डायरेक्टर, रेवती सीमेंट प्राय . लिमि.कं. , सतना.
हस्ता./- (सुखबीर सिंह ) कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश.
साक्षी क्रमांक 1 .
हस्ता./-
हस्ता./-
साक्षी- 1 .
नाम
(पी. कचोले पुत्र आर.डी. कचोले ) सतना.
( ) डिप्टी कलेक्टर, द्वारा कलेक्टर सतना. (म. प्र. ) साक्षी क्रमांक 2 .
साक्षी- 2.
हस्ता./- (पारेश कुमार/रमनिकलाल ) सतना .
हस्ता./- (आर.बी. शर्मा ) संव. वर्ग -3 कलेक्टर, सतना.
OFFICE OF THE ADDITIONAL COMMISSIONER OF INCOME TAX , RANGE - I , Ayakar Bhawan (Aanexe ) Which Church Road , Indore
ORDER No. 1/2011
Dated. the 15th July, 2011
In exercise of powers conferred by the Central Board of Direct Taxes , New Delhi under sub - section (2 ) of Section 120 of the Income - tax Act , 1961 ( 43 of 1961 ) vide Notification No. 228 of 2001 dated 31-07-2001 [ S. O. No. 732( E) and File No. 187/2001 - ITA ] and amendment to it made vide Notification No. 335 of 2001 [ S. O. No. 1064 (E) dated 29-10-2001 ] , and all other powers in this behalf, and in pursuanance of the CIT- I , Indore Notification No. 1 / 05- 06 dated 11-08-2005 , and also in compliance to the INSTRUCTION No. 1/2011 [ F. No. 187 /12/2010 - IT ( A - I ) ] , DATED 31-01-2011 issued by the CBDT which lays sown revised monetary limit of cases to be 3 assessed by DCs IT/ACs IT and the ITOs in metro cities and nofussil areas w.e.f. 01-04-2011 and the notification No. CCIT / Ind/ Tech/ Jurisdiction/ 2011-12 dated 20-06-2011 issued by Hon'ble CCIT Indore further adjusting the monetary limit of the cases to be assessed by DCsIT /AcsIT and the ITOs in view of the INSTRUCTION NO . 6/2011 [F.
No. 187/12/ 2010 - ITA- I ] dated 08-04-2011 , I the Additional Commissioner of Income - tax , Range - I , Indore here by direct that all of my sub - ordinate Assessing Officer [ Dy /Asstt . CsIT, ITOs ] shall exercise the powers and perform the functions of Assessing Officer in respect of such territories and/or such persons or classes of persons and/or such income or classes of income and / or such cases or classes of cases in respect of which the Addl./Joint Commissioner of Incometax - I , Indore , Accordingly these assessing officers shall have concurrent jurisdiction amongst themselves as well as with the Additional/Joint Commissioner of Income - tax Range - I , Indore .
2. However without any restriction to the generality of concurrent jurisdiction , with a view to allocate the work भाग 1 ]
2851
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
amongst all these assessing officers for proper functioning I , the Additional Commissioner of Income - tax Range- I , Indore, hereby direct that these assessing officers as specified in Col. No. 2 of Schedule here to annexed , having their headquarters at places specified in corresponding entries in Col. No. 3 of the said schedule , shall exercise the powers and perform the function of an assessing officers and/or any other functions as specified therein , in respect of territories mentioned in Col. No. 4 and/ or persons or classes of persons and/ or such income or classes of income and/ or cases or classes of cases mentioned in Col. No. 5 of schedule annexed herto .
3. Further, the ITO Dhar shall contitue to exercise concurrent jurisdiction in respect of TDS work stipulated vide chapter XVIIB & BB of the Income tax Act , 1961 alongwith TRO - 1 , Indore in respect of work relating to receipt of paper returns , TDS surveys , spot inspections , monitoring or collection etc.
This order is in supercession of all the earlier orders issied in this regard and shall come into force with effect from 01-04-2011 .
SCHEDULE
S. No.
Head Quarter
Designation of Income tax Authority
(2)
(1)
(3)
Territorial Area (4) 1. DCIT / ACIT- 1(1), Indore .
Indore Madhya Pradesh .
(a) Alphabates " N to Z" of Municipal wards of Indore :-
4- Laxmibai Nagar
7- including Industrial area of Sanwer Road. Bhagat Singh
8- Niranjan Ward.
11- ITI
41- South Tukoganj .
42- Part area of Ward No. 42 consisting ofKibe Compound Nasia Road , Murai Mohalla , Sanyogitaganj , Chhawani Mandi , 1 , 2, 3 Tagore Marg .
MANOJ KUMAR
Additional Commissioner of Income - tax , Range - I , Indore .
Persons and classes of person and/or such income or classes of income and/ or cases or classes of cases .
(5)
( a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in Col. 4 and income/ loss returned is above Rs . 10 lakhs .
(b) All persons being Individuals , HUFs & Firms , deriving income under the head House Property, Capital Gains and/ or Other Sources etc. residing within the territorial area mentioned in Col. 4 and in whose cases income/ loss returned is above Rs . 10 lakhs .
(c) All persons being companies registered under Companies Act . 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in Col. 4 in whose cases income/ loss returned is above Rs . 15 lakhs .
(d) All persons being Trust , Waqfs , Society , Local Authority, AOP, BOI , AJPetc. falling within the territorial area assigned under col . 4 as well as territorial jurisdiction of the Addl . Commissioner of Income Tax Range - 4 and Range - 5 Indore from alphabates " A to M " .
( e) All cases of Estate Duty falling within the territorial area assigned under Col. 4.
( f) Any other case/ cases assigned in terms of section 120 (5) of the I. T. Act , 1961 .
(g) Any other case/ cases assigned u/ s . 127 by the CCIT/ CIT.
2852
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
(2)
(1)
(3)
(4) 1 .
[ भाग 1
(5)
45- Jawahar Marg
DCIT/ ACIT- 1( 1) , Indore .
Indore Madhya Pradesh .
51- Lasman Singh Chouhan.
52- Dwarkapuri
53- Sudama Nagar
67- Vishnupuri
69 Rajendra Prasad
(b) Depalpur Tehsil of Indore District .
(c) Sanwer Tehsil of Indore District .
(d) Dhar District
2. DCIT/ACIT- 1(2) , Indore.
Z" of Municipal wards of Indore :- (a) Alphabates "N to
Indore Madhya Pradesh .
4-
Laxmibai Nagar
7- Bhagat Singh including Industrial area of Sanwer Road.
8- Niranjan Ward .
11- ITI
41- South Tukoganj .
42- Part area of Ward No.42 consisting of ( Kibe Compound Nasia Road , Murai Compound Mohalla , Sanyogitaganj , Chhawani Mandi , 1 , 2, 3 Tagore Marg .
( a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in Col. 4 and income/ loss returned is above Rs . 10 lakhs .
(b) All persons being Individuals , HUFs & Firms , deriving income under the head House Property, Capital Gains and/or Other Sources etc. residing within the territorial area mentioned in Col. 4 and in whose cases income/ loss returned is above Rs . 10 lakhs .
c) All persons being companies registered under Companies Act . 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in Col. 4 in whose cases income/ loss returned is above Rs . 15 lakhs .
45- Jawahar Marg
51- Lasman Singh Chouhan.
52- Dwarkapuri (d) All persons being Trust , Waqfs , Society , Local Authority , AOP, BOI , AJP etc. falling within the territorial area assigned under col . 4 as well as territorial jurisdiction of the Addl . Commissioner of Income Tax Range - 4 and Range - 5 Indore from alphabates " N to Z " .
53- Sudama Nagar
67- Vishnupuri (e) All cases of Estate Duty falling within the territorial area assigned under Col. 4.
69 Rajendra Prasad
(b) Depalpur Tehsil of Indore District .
(c) Sanwer Tehsil of ( Indore District .
(d) Dhar District ( f) Any other case /cases assigned in terms of section 120 (5) of the I. T. Act , 1961 .
g) Any other case / cases assigned u/ s . 127 by the CCIT/ CIT.
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(1)
(2)
(4) 3.
( a) Municipal wards of Indore :-
Income - tax Officer - 1 ( 1 ) , Indore.
Indore Madhya Pradesh .
2853
(5)
4- Laxmibai Nagar
7- Bhagat Singh including Industrial area of Sanwer Road.
8- Niranjan Ward .
11- ITI ( a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in item ( a) & (b) of Col. 4 and income/ loss returned is less than Rs . 10 lakhs .
(b) All persons being Individuals , HUFs & Firms , deriving income under the head House Property, Capital Gains and/ or Other Sources etc. residing within the territorial area mentioned in item ( a) and (b) ofCol. 4 and in whose cases income/ loss returned is less than Rs . 10 lakhs .
41- South Tukoganj-
Alphabates " A to
M"
(b) Depalpur Tehsil of Indore District.
( c) Employees of State ( Government of Madhya Pradesh residing in the territory of Indore District.
( a) Municipal wards of Indore :-
4. Income - tax Officer - 1 ( 2) , Indore .
Indore Madhya Pradesh .
42- Part area of Ward No. 42 consisting of Kibe Compound , Nasia Road , Murai Mohalla , Sanyogitaganj , Chhawani Mandi , 1 , 2, 3 Tagore Marg .
(c) All persons being companies registered under Companies Act . 1956 and having registered office orprincipal place of business within the territorial area mentioned in item ( a) & (b) of Col. 4 in whose cases income/loss returned is less than Rs . 15 lakhs .
d) All cases of persons being Employees of State Government of Madhya Pradesh residing in the territory as mentioned in item (c) of Col. 4 , irrespective of their total income whose first name begins with Alphabate A, B , C.
(e) Any other case/ cases assigned in terms of Section 120(5) of the I. T. Act , 1961 .
(f) Any other case /cases assigned u/s . 127 by the CCIT/CIT .
( a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in item ( a) & (b ) of Col. 4 and income / loss returned is less than Rs . 10 lakhs .
(b) All persons being Individuals , HUFs & Firms , deriving income under the head House Property, Capital Gains and/ or Other Sources etc. residing within the territorial area mentioned in item ( a) & (b) of Col. 4 and in whose cases income/ loss returned is less than Rs . 10 lakhs .
45- Jawahar Marg
52- Dwarkapuri
53- Sudama Nagar
(b) Sanwer Tehsil of Indore District .
(c) Employees of State Government of Madhya Pradesh residing in the territory of Indore District. (c) All persons being companies registered under Companies Act . 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in item ( a) & (b ) of Col. 4 in whose cases income/ loss returned is less than Rs . 15 lakhs .
(d) All cases of persons being Employees of State Government of Madhya Pradesh residing in the territory as mentioned in item ( c ) of Col. 4 , irrespective of their total income whose first name begins with Alphabate D , E, F.
( e) Any other case/ cases assigned in terms of Section 120( 5) of the I. T. Act , 1961 .
(f) Any other case/ cases assigned u/ s . 127 by the CCIT/ CIT.
2854
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
[ भाग 1 (2)
(3)
(4)
(1)
(5)
(a) Municipal wards of Indore :-
5. Income - tax Officer - 1 ( 3 ) , Indore.
Indore Madhya Pradesh .
41- South Tukoganj-
Alphabates "N to Z "
( a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in item ( a) of Col. 4 and income/ loss returned is less than Rs . 10 lakhs .
51- Lasman Singh Chouhan .
67- Vishnupuri
69- Rajendra Prasad
(b ) All persons being Individuals , HUFs & Firms , deriving income under the head House Property , Capital Gains and/ or Other Sources etc. residing within the territorial area mentioned in item ( a) of Col. 4 and in whose cases income/ loss returned is less than Rs . 10 lakhs .
(c) All persons being companies registered under Companies Act . 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in item ( a) of Col. 4 in whose cases income/ loss returned is less than Rs . 15 lakhs .
(b) Employees of State Madhya Pradesh residing in the territory of Indore District. Government of
(d) All cases of persons being Employees of State Government of Madhya Pradesh residing in the territory as mentioned in item ( b) of Col. 4 , irrespective of their total income whose first name begins with Alphabate G, H , I , J.
(e) Any other case / cases assigned in terms of Section 120(5) of the I. T. Act , 1961 .
(f) Any other case/ cases assigned u/ s . 127 by the CCIT/ CIT.
(a) Dhar District
6. Income - tax Officer Dhar.
Dhar Madhya Pradesh .
(a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in item (a) of Col. 4 and income/ loss returned is less than Rs . 10 lakhs .
(b) All persons being Individuals , HUFs & Firms , deriving income under the head House Property , Capital Gains and/ or Other Sources etc. residing within the territorial area mentioned in item ( a) of Col. 4 and in whose cases income/ loss returned is less than Rs . 10 lakhs .
(c) All persons being companies registered under Companies Act . 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in item (a) of Col. 4 in whose cases income/ loss returned is less than Rs . 15 lakhs .
(d) All cases of persons being Employees of Central & State Government their Boards /undertaking and local authorities as well as Private salaries income residing within the area mentioned in Col. 4 .
(e) Any other case/ cases assigned in terms of section 120(5) of the I. T. Act , 1961 .
(f) Any other case/ cases assigned u/s . 127 by the CCIT/CIT .
2855 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
Explanatory Notes
1. The Jurisdiction over the cases of partners of the firms and Managing Directors /Directors of the companies will vest with the A. O. having jurisdiction over corresponding Firms & Companies respectively irrespective of returned income/ loss .
2. If a person is a director or managing director and also a partner in one or more firms falling within the jurisdiction of different AOs , the AO having jurisdiction over the director or managing director of the company will have jurisdiction over such persons .
3. For the purpose of this Notification " Residing " means.-
a. In the case if an Individual , place of residence unless otherwise provided in this notification .
b . In this case of an HUF, the place of residence of the Karta and in the case of firm or in other Association of persons or body of individuals or a local authority and all other Artificial Judicial persons .
c . In case of companies the place where the registered office or principal place of business of is located .
d . In case of private Ltd. Companies wherever the jurisdiction is alphabate wise it is clarified that for the purpose ofjurisdiction over the case , if the name begins with the word " The " , the same shall not be taken into account .
4. Reference to the Municipal Wards made in the Schedule should be read as reference to municipal wards of Municipal Corporation , Indore , as per Notification No. 372 dated 12/08/1994 issued by the Govt . of Madhya Pradesh in this regard .
5. The Jurisdiction of all other direct taxes including that of the interest tax shall be as per the territorial area assigned as per column No. 4 of this schedule .
OFFICE OF THE ADDITIONAL COMMISSIONER OF INCOME TAX , RANGE - 5 , Aykar Bhawan ( Main) Which Church Road , Indore
ORDER No. 1/2011
Dated. the 27th July, 2011
In exercise of powers conferred by the Central Board of Direct Taxes , New Delhi under sub - section ( 2) of Section 120 of the Income - Tax Act , 1961 ( 43 of 1961 ) vide Notification No. 228 of 2001 dated 31-07-2001 [ S. O. No. 732 ( E) and File No. 187-5-2001 - ITA ] and amendment to it made vide Notification No. 335 of 2001 [ S. O. No. 1064 (E) dated 29-10-2001 ] , and all other powers in this behalf, conferred by the CIT- II , Indore vide Notification No. 1 / 2005-2006 dated 12/12/2005 (F. No. CIT/Ind/Tech . / Jurisdiction/2005-06/) issued by him in supersession of earlier notifications on the subject and also in compliance to the further directions issued by CIT- II , Indore vide F. No. CIT- II /Ind/Tech/u/ s/ 120/ 11-12/634 ( B ) dated 30-06-2011 issued in view of INSTRUCTION NO . 1/2011 [F. NO . 187/ 12/ 2010 - IT ( A - I ) ] , DATED 31-1-2011 issued by the CBDT which lays down revised monetary limit of cases to be assessed by DCsIT / A CSIT and the ITOs in metro cities and mofussil areas w.e.f. 1-4-2011 and the notification no . CCIT/ Ind/ Tech/ Jurisdiction/2011-12 dated 20/06/2011 issued by Hon'ble CCIT Indore further adjusting the monetary limit of the cases to be assessed by DCsIT /ACsIT and the ITOs in view of the CBDT's INSTRUCTION NO . 6/2011 [F. NO . 187 / 12/ 2010 - ITA - I ] , DATED 8-4-2011 , I , the Additional commissioner of 2856
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
Income Tax Range - 5 , Indore hereby direct that all of my subordinate Assessing Officers [ Dy/Asstt . CsIT, ITOs ] shall exercise the powers and perform the functions of Assessing Officer in respect of such territories and/ or such persons of classes of persons and/ or such income or classes of income and/ or such cases or classes of cases in respect of which the Addl / Joint Commissioner of Incone Tax - 5 , Indore has been vested with jurisdiction by the Commissioner of Income Tax - II , Indore. Accordingly these Assessing Officers shall have concurresnt jurisdiction amongst themselves as well as with the Additional/Joint Commissiner of Income Tax Range - 5 , Indore .
02. However without any restriction to the generality of concurrent jurisdiction, with a view to allocate the work amongst all these assessing Officers for proper functioning , I , the Additional commissioner of Income Tax Range - 5 , Indore , hereby direct that these Assessing Officers as specified in Col. No.2 of Schedule here to annexed , having their headquarters at places specified in corresponding entries in Col. No. 3 of the said schedule , shall exercise the powers and perform the function of an Assessing Officers and/or any other functions as specified therein , in respect of territories mentioned in Col. No. 4 and/or persons or classes of persons and/or such income or classes of income and/ or cases or classes of cases specified in col , No. , 5 of schedule annexed hereto.
03. This order is in supersession of all the earlier orders issued on the subject by this office in this regard and shall come into force with effect from 01-07-2011 .
Explanatory Notes
1. The Jurisdiction over the cases of partners of the firms and Managing Directors /Directors of the companies will vest with the A. O. having jurisdiction over corresponding Firms & Companies respectively irrespective of returned income/ loss . In case of an individual is director/partner in more than one company/ firm , the jurisdiction of such individual shall vest with the Assessing Officer who is having jurisdiction over the company/ firm which is having higher Income .
2. If a person is a director or managing director and also a partner in one or more firms falling within the jurisdiction of different AOs , the AO having jurisdiction over the director or managing director of the company will have jurisdiction over such persons .
3. For the purpose of this Notification " Residing " means.-
a. In the case if an Individual , place of residence unless otherwise provided in this notification .
b. In this case of an HUF, the place of residence of the Karta and in the case of firm or in other Association of persons or body of individuals or a local authority and all other Artificial Judicial persons , the place where the Head Office and/or principal place of business is located.
c. In case of companies the place where the registered office or principal place of business of is located .
d. In case of private Ltd. Companies wherever the jurisdiction is alphabate wise it is clarified that for the purposes of jurisdiction over the case , if the name begins with the word " The " , the same shall not be taken into account.
4. Reference to the Municipal Wards made in the Schedule should be read as reference to municipal wards of Municipal Corporation, Indore , as per Notification No. 372 dated 12/08/1994 issued by the Govt . of Madhya Pradesh in this regard.
5. The Jurisdiction of all other direct taxes including that of the Interest Tax shall be as per the territorial area assigned as per column No. 4 of this schedule .
VINAY KUMAR KARAN
Additional Commissioner of Income - Tax , Range - 5 , Indore .
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
SCHEDULE
2857
Territorial Area
S. No.
Head Quarter
Designation of Income tax Authority
(2)
(1)
(3)
(4) 1. DCIT/ ACIT- 5(1), Indore .
Indore Madhya Pradesh .
(a) District of Indore , ( In respect of Salary cases as spefied in column no.5 at respective places) Persons and classes of person and/ or such income or classes of income and/ or cases or classes of cases .
(5)
( a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned against items (b) , (c) , (d) and (e) of Col.4 and income/ loss returned is above Rs . 10 Lakhs .
(b)Municipal Wards of
Indore
( i . ) 1 - Sirpur Ward
(ii) 9 - Khajrana
Ward
(b) All persons being Individuals , HUFs & Firms , deriving income under the head House Property, Capital Gains and/or Other Sources etc. Residing within the territorial area mentioned against items (b) , ( c) , (d) and ( e) of Col. 4 and in whose cases the last income/loss returned is above Rs . 10 Lakhs .
( iii) 22- Priyadarshini
Ward
(iv) 23 -Devi Indra
Ward
(c) All persons being companies registered under Companies Act. 1956 and having registered office orprincipal place of business within the territorial area mentioned against items (b ) , (c) , ( d) and (e ) of Column 4 in whose cases the last income/ loss returned is above Rs . 15 Lakhs .
(v) 28 - Devi Ahilya
Ward
(vi ) 29 - Mahatma
GandhiMarg
(vii) 40- Vallabhbhai
PatelWard
(d) All persons having salary as their main sources of income drawn from the bank and Insurance companies and residing in the territorial areas within the District of Indore and Tehsil of Barwaha and Sanawad in Khargone ( West Nimar) District ( i e . trritorial area mentioned in items (a) , (d) and ( e ) of column 4) whose last returned /assessed income is above Rs . 10 Lakhs .
(viii) 59 -Holkar
Ward
( ix) 61 - Navlakha ward ( including Industrial Estate of Navlakha , Palda)
(x. ) 64 - Residency ( Ward ( including Indusrial Estate of Musakhedi) (e) All cases of persons mentioned against items ( f) of Col. 4 ( i . e . where principal source of income is from various profession viz . Advocate , Doctors Chartered Accountants etc. and falling within the territorial jurisdiction of the CIT- II , Indore except Khandwa Range) and whose last returned/ assessed income is above Rs . 10 Lakhs .
f) Managing Directors , Directors and Secretaries of all companies and partners of Firm whose jurisdiction is within the territorial of Addl CIT /JCIT, Range - 5 , Indore and whose last returned / assessed income is above Rs . 10 Lakhs ..
(xi ) 65 - Azad Nager ,
ward
(xii. ) 66 - Ambedkar
Ward
(c) Tehsil of MHOW in ( h Indore District including Mhow City & Cantt.
(g) All persons being Trust , Waqfs , Society, Local Authority , AOP, BOI , AJP etc. falling within the territorial area assigned against item ( d) and (e) under column- 4 .
) All cases of Estate Duty falling within the terriotorial area assigned against items (b ) , ( c) and (d) under Col.4.
2858
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
[ भाग 1 (2)
(1)
(3)
(4)
(5)
i) Any other case/ cases asigned in terms of Section 120 (5) of the I.T. Act, 1961 .
(d) Tehsils of Barwah in ( Khargone ( West Nimar) Dist .
(j ) Any other case/ cases assigned u/ s 127 by the CCIT/ CIT.
(e) Tehsils of Sanawad in Khargone Nimar) Dist . ( West
(f) All cases of persons where principal sources of income is through various profeessions such as Advocates , charered Accountants , doctors etc. pertaining to jurisdiction of CIT- II , Indore except Khandwa Range .
2. Income Tax Officer-5( 1) , Indore.
Indore, Madhya Pradesh .
(g) Municipal Wards of Indore Municipal Corporation.
( a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned against items ( g) of Col.4 and income/loss returned is upto Rs . 10 Lakhs .
( i. ) Ward 29- Mahatma Gandhi Marg.
(b) All persons being Individuals , HUFs & Firms , deriving income under the head House Property, Capital Gains and/or Other Sources etc. Residing within the territorial area mentioned against items (g) of Col. 4 and in whose cases the last income/ loss returned is upto Rs . 10 Lakhs .
( ii ) Ward - 61 Navlakha Ward ( including Industrial Estate of Navlakha , Palda)
(iii) Ward 66-Ambedkar
Ward
(c) All persons being companies registered under Companies Act. , 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned against items ( g ) of Column no . 4 in whose cases the last income /loss returned is upto Rs . 15 Lakhs .
(d) All persons having salary as their main source of income drawn from Insurance companies and residing within the trritorial areas mentioned against items (a) , (d) and ( e) of Col. 4 ( i.e.District of Indore and Tehsils of Barwaha and Sanawad in Khargone District) whose last returned/ assessed income is upto Rs . 10 lakhs .
(f) All cases of persons where principal through various sources of income is professions such as advocates , chartered accountants , doctors etc. pertaining to jurisdiction of CIT- II , Indore except KhandwaRange.
( e) All cases of persons mentioned against items (f) of Col. 4 ( i . e . where principal soure of income is from various profession viz . Advocate , Doctors , Chartered Accountants etc. and falling within the territorial jurisdiction of tehe CIT- II , Indore except Khandwa Range ) and whose last returned / assessed income is upto Rs . 10 Lakhs .
(f) Managing Directors , Directors and Secretaries of 2859 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(2)
(1)
(3)
(4)
(5)
all companies and partners of a Firm whose jurisdiction is within the territorial of Addl CIT/ JCIT, Range - 5 , Indore and whose last returned/ assessed income is upto Rs . 10 Lakhs .
(g) Any other case /cases assigned in terms of Section 120(5 ) of the I.T. Act , 1961 .
(h) Any other cases assigned under Section 127 of the Income Tax Act 1961 .
Indore Madhya Pradesh .
3. Income Tax Officer-5(2) , Indore.
Indore Municipal
Corporation.
(h) Municipal wards of
(i .) Ward 1-Sirpur Ward.
( a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned against items ( h) and (d.) of Col. 4 and income/loss returned is upto Rs . 10 Lakhs .
( ii) Ward - 9 Khajrana Ward .
( iii ) Ward - 22 Priya- darshini Ward .
( b ) All persons being Individuals , HUFs & Firms , deriving income under the head House Property, Capital Gains and/or Other Sources etc. Residing within the territorial area mentioned against items (h) and ( d. ) of Col. 4 and in whose cases the last income/ loss returned is upto Rs . 10 Lakhs .
(iv) Ward 28 -Devi Ahilya Ward.
(v) Ward 64 - Residency Ward ( including Industrial Estate of Musakhedi) .
(c) All persons being companies registered under Companies Act. , 1956 and having registered office orprincipal place of business within the territorial area mentioned against items (h ) and (d .) of Column no . 4 in whose cases the last income/ loss returned is upto Rs . 15 Lakhs .
( d) Tehsils of Barwah in Khargone Nimar) Dist . (West (d) All persons having salary as their main source of income drawn from banks of Alphabets 'M ' to 'Z' and residing within the territorial areas mentioned against items (a) , (d) and (e) of Col. 4 (i. e.District ofIndore and Tehsils of Badwaha and Sanawad in Khargone District) whose last returned /assessed income is upto Rs . 10 Lakhs .
(e) Managing Directors , Directors and Secretaries of all companies and partners of a Firm whose jurisdiction is within the territorial of Addl . CIT/ JCIT, Range - 5 , Indore and whose last returned/ assessed income is upto Rs . 10 Lakhs .
(f) Any other case /cases assigned in terms of Section 120(5) of the I.T.Act , 1961 .
(g) Any other case assigned u/s 127 of the Income Tax Act, 1961 .
2860
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(5)
(1)
(4)
(3)
4. Income Tax Officer- 5(3) , Indore.
Madhya Pradesh . Indore ( i ) Municipal ward of Indore Municipal Corporation .
(i .) Ward 23-Devi Indira Ward
( a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned against items ( i) , (c) and (e) of Col. 4 and income/ loss returned is upto Rs . 10 Lakhs .
(ii ) Ward - 40- Vallabh Bhai Patel Ward.
(iii) 59 -Holkar Ward .
( iv) Ward 65 -Azad Nagar Ward .
(b) All persons being Individuals , HUFs & Firms , deriving income under the head House Property, Capital Gains and/ or Other Sources etc. Residing within the territorial area mentioned against items (i) , (c) and (e .) of Col. 4 and in whose cases the last income /loss returned is upto Rs . 10 Lakhs .
(c) Tehsil of MHOW in Indore District &Cantt. inculding Mhow City
(e) Tehsil of Sanawad in Khargone (West Nimar) Dist .
(c) All persons being companies registered under Companies Act. , 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned against items ( i) , ( c) and ( e . ) of Column no . 4 in whose cases the last income/ loss returned is upto Rs . 15 Lakhs .
(d) All persons having salary as their main source of income drawn from banks of Alphabets 'A' to 'L' and residing within the territorial areas mentioned against items ( a) , (d) and ( e) of Col. 4 ( i. e.District of Indore and Tehsils of Badwaha and Sanawad in Khargone District) whose last returned /assessed income is upto Rs . 10 lakhs .
(e) Managing Directors , Directors and Secretaries of all companies and partners of a Firm whose jurisdiction is within the territorial of Addl CIT/JCIT, Range - 5 , Indore and whose last returned / assessed income is above Rs . 10 Lakhs .
(f) Any other case/ cases assigned in terms of Section 120(5) of the I.T.Act , 1961 .
(g) Any other case assigned u /s 127 of the Income Tax Act, 1961 .
भाग 1 ]
2861
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
विदिशा , दिनांक 6 जुलाई 2011
प्र. क्र. 5- अ-82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(1)
(2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल कुल कुल खसरा रकबा/हेक्टर (4)
(5)
(6)
4.676
विदिशा
34
शमशाबाद धोबीखेड़ा
योग .. 4.676
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना , बाह नदी संभाग गंजबासौदा , जिला विदिशा.
संजय सागर ( वाह ) मध्यम सिंचाई परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , नटेरन , जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 6 - अ-82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल कुल कुल खसरा रकबा/हेक्टर
(2)
(1)
(4)
(6) (3)
(5)
विदिशा शमशाबाद बेरखेड़ी अहीर 16 1.826
योग .. 1.826
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना , बाह नदी संभाग गंजबासौदा , जिला विदिशा.
संजय सागर ( वाह ) मध्यम सिंचाई परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , नटेरन, जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
2862
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
प्र. क्र. 7 - अ- 82-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल कुल कुल खसरा रकबा/हेक्टर (1)
(2)
(3)
(4) विदिशा
38
5.189 शमशाबाद खजूरी शमशाबाद
योग .. 5.189
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह नदी संभाग गंजबासौदा, जिला विदिशा.
संजय सागर ( वाह ) मध्यम सिंचाई परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , नटेरन, जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
विदिशा, दिनांक 2 अगस्त 2011
प्र. क्र. 6- अ-82-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)
(2)
(3)
(4)
सिमरघान
विदिशा
3.361 कुरवाई
(2)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
भू-अर्जन अधिकारी , कुरवाई रेहटी सिंचाई मध्यम परियोजना की मायनर नहर निर्माण कार्य हेतु.
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भू- अर्जन की आवश्यकता है- रेहटी सिंचाई मध्यम परियोजना की मायनर नहर निर्माण कार्य हेतु.
( 3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी कुरवाई में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
2863
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
प्र. क्र. 1858 - भू-अर्जन 11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे वर्णित अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (है. में) (1)
(2)
(3)
(4) विदिशा
1.232
बरुअल
कुरवाई
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी, कुरवाई रेहटी सिंचाई मध्यम परियोजना की मायनर नहर निर्माण कार्य हेतु.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भू- अर्जन की आवश्यकता है- रेहटी सिंचाई मध्यम परियोजना की मायनर नहर निर्माण कार्य हेतु.
(3) भूमि के नक्शे/ प्लान का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी कुरवाई में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 1860 - भू-अर्जन-11 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे वर्णित अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (है. में) (1)
(2)
(3)
(4)
रमखिरिया
विदिशा
4.640 कुरवाई
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
भू-अर्जन अधिकारी, कुरवाई रेहटी सिंचाई मध्यम परियोजना की मायनर नहर निर्माण कार्य हेतु.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भू-अर्जन की आवश्यकता है- रेहटी सिंचाई मध्यम परियोजना की मायनर नहर निर्माण कार्य हेतु.
(3) भूमि के नक्शे/प्लान का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी कुरवाई में किया जा सकता है.
2864
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
प्र. क्र. 1862 - भू-अर्जन-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे वर्णित अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (है . में) (1)
(2)
(3)
(4) विदिशा
सपली
2.721 कुरवाई
(2)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
भू-अर्जन अधिकारी , कुरवाई रेहटी सिंचाई मध्यम परियोजना की मायनर नहर निर्माण कार्य हेतु.
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भू-अर्जन की आवश्यकता है-रेहटी सिंचाई मध्यम परियोजना की मायनर नहर निर्माण कार्य हेतु.
(3) भूमि के नक्शे/प्लान का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी कुरवाई में किया जा सकता है .
विदिशा , दिनांक 3 अगस्त 2011
क्र. क्यू- भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) नटेरन
विदिशा
19.144
रमपुराकलां
योग 19.144
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
सगड मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना , बाह्य नदी संभाग , गंजबासौदा, जिला विदिशा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) नटेरन, जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
भाग 1 ]
2865
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
प्र. क्र. 22 - अ - 82-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) नटेरन
6.271 विदिशा
चम्पाखेड़ी
योग .. 6.271
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
सगड मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह्य नदी संभाग , गंजबासौदा, जिला विदिशा .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) नटेरन , जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 24 - अ - 82-2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(3)
(1)
(2)
(4) नटेरन
विदिशा
सोमवारा
5.235
योग 5.235
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
सगड मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना , बाह्य नदी संभाग , गंजबासौदा , जिला विदिशा .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) नटेरन , जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 25- अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित 2866
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)
(2)
(3)
(4) विदिशा
नटेरन
2.035
कलनाखेड़ी
योग .. 2.035
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
सगड मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह्य नदी संभाग , गंजबासौदा, जिला विदिशा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) नटेरन , जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 26- अ - 82-2010-2011 .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(3)
(4) (1)
नटेरन
2.909 विदिशा
शाहपुर
योग .. 2.909
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
सगड मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह्य नदी संभाग , गंजबासौदा , जिला विदिशा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) नटेरन , जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 27 - अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , संबंधित भाग 1 ]
2867
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ : -
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) विदिशा
नटेरन
7.829
महोली बसोदा
योग .. 7.829 ( 2)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन सगड़ मध्यम सिंचाई योजना के नहर कार्य हेतु.
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है:- सगड़ मध्यम सिंचाई योजना नहर कार्य.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 28 - अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) विदिशा
नटेरन
8.095
तोफाखेड़ी
योग 8.095
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
सगड़ मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह्य नदी संभाग , गंजबासौदा , जिला विदिशा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) नटेरन , जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है
प्र. क्र. 29- अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी 2868
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(3)
(2)
(1)
(4) नटेरन
विदिशा
3.693
बमूरिया
योग 3.693
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
सगड़ मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह्य नदी संभाग, गंजबासौदा, जिला विदिशा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) नटेरन , जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 30 - अ- 82-2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) नटेरन
विदिशा
6.595
नानकपुर
योग 6.595
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
सगड़ मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह्य नदी संभाग , गंजबासौदा, जिला विदिशा .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) नटेरन , जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 31 - अ- 82-2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी भाग 1 ]
2869
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)
(4) (2)
(3)
नटेरन
विदिशा
3.750
मुंडरा शेरपुर
योग . 3.750
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
संजय सागर ( बाह्य ) मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री , संजय सागर परियोजना, बाह्य नदी संभाग, गंजबासौदा , जिला विदिशा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) नटेरन, जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 32 - अ - 82-2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) नटेरन
3.360 विदिशा
कस्बाखेड़ी
योग 3.360
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
संजय सागर ( बाह्य ) मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री , संजय सागर परियोजना, बाह्य नदी संभाग, गंजबासौदा, जिला विदिशा .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) नटेरन, जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 33 - अ - 82-2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी 2870
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में )
(3)
(2)
(1)
(4)
1.520 नटेरन
रिनिया
विदिशा
1.520
योग ..
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
संजय सागर ( बाह्य ) मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह्य नदी संभाग , गंजबासौदा, जिला विदिशा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) नटेरन , जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 34 - अ - 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(4) (2)
(3)
विदिशा
सिरसी
नटेरन
13.463
योग 13.463
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
संजय सागर ( बाह्य ) मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु .
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह्य नदी संभाग , गंजबासौदा, जि-ला विदिशा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) नटेरन , जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 35- अ -82-2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य भाग 1 ]
2871
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)
(1)
(3)
(4) नटेरन
विदिशा
8.972
अमरपुर चक पिपलधार
योग 8.972
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
संजय सागर ( बाह्य ) मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना , बाह्य नदी संभाग, गंजबासौदा, जिला विदिशा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , नटेरन , जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 36 - अ - 82-2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)
(2)
(4)
(3)
नटेरन
पीपरी
5.750 विदिशा
योग 5.750
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
संजय सागर ( बाह्य ) मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह्य नदी संभाग , गंजबासौदा, जिला विदिशा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , नटेरन , जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 37- अ - 82-2010-2011 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन 2872
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(4)
(3)
विदिशा
नटेरन
रावन
12.500
योग.. 12.500
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
संजय सागर ( बाह्य ) मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री , संजय सागर परियोजना , बाह्य नदी संभाग , गंजबासौदा, जिला विदिशा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , नटेरन , जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 38 - अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(3)
(1)
(2)
(4) नटेरन
विदिशा
नगतरा
7.000
7.000
योग.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
संजय सागर ( बाह्र ) मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह्य नदी संभाग , गंजबासौदा, जिला विदिशा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) नटेरन , जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 39 - अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य भाग 1 ]
2873
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)
(4) (1)
(3)
भैरोबाग
विदिशा विदिशा
7.412
योग 7.412
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
संजय सागर ( बाह्य ) मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री , संजय सागर परियोजना, बाह्य नदी संभाग, गंजबासौदा, जिला विदिशा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , नटेरन, जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 40 - अ - 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) विदिशा
नटेरन पिपलधार
14.490
योग 14.490
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
संजय सागर ( बाह्य ) मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह नदी संभाग , गंजबासौदा, जिला विदिशा.
भूमि का नक्शा (प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , नटेरन, जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 41 - अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(4) (1)
(2)
(3)
नटेरन
सेउ
विदिशा
23.400
योग 23.400
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
संजय सागर ( बाह्य ) मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह्य नदी संभाग, गंजबासौदा , जिला विदिशा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , नटेरन , जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
2874
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
क्र. 42 - अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(3)
(2)
(4) विदिशा
नटेरन
4.906
गोरियाखेड़ा
योग 4.906
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
संजय सागर ( बाह्य ) मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु .
कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह्य नदी संभाग , गंजबासौदा, जिला विदिशा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , नटेरन, जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
विदिशा, दिनांक 4 अगस्त 2011
प्र. क्र. - 2- अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
भूमि का विवरण
ग्राम
जिला
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)
(2)
(3)
(4)
डाबर
2.901 विदिशा बासौदा
योग रकवा 2.901
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा सगड़ मध्यम सिंचाई परियोजना के तहत नहर हेतु.
(1) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है सगड़ मध्यम सिंचाई परियोजना के तहत नहर हेतु.
(2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन भू-अर्जन अधिकारी बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सी. बी. सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2875 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला मण्डला, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
मण्डला, दिनांक 21 जुलाई 2011
क्र. भू-अर्जन ( अ -82 ) 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम एवं
धारा 4 ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
भूमि का लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में )
(1)
(2)
प.ह.नं. (3)
(4)
(5)
(6) मण्डला
खोहरी
1.31
नैनपुर
प.ह.नं. 28
खोहरी लघु जलाशय डूब क्षेत्र हेतु.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मण्डला.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर, मण्डला में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला बैतूल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
बैतूल, दिनांक 25 जुलाई 2011
प्र. क्र. 4 - अ- 82 - वर्ष 10-11-5619. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(2)
(6) (3)
(4)
(5)
0.846
(1) बैतूल
बड़गीखुर्द
बैतूल
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , क्र. 2 , बैतूल.
झारकुंड जलाशय की नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , बैतूल , जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
2876
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
बैतूल, दिनांक 26 जुलाई 2011
प्र. क्र. 8 - अ- 82 - वर्ष 2010-11 - भू-अर्जन-5645.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(4)
(3)
(1)
5.771
रिधोरा
मुलताई
बैतूल
(2)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
रिधोरा लघु जलाशय निर्माण हेतु निजी भूमि काअर्जन.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
( 4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
बैतूल , दिनांक 27 जुलाई 2011
प्र. क्र. 9- अ- 82 - वर्ष 2010-11 - भू-अर्जन-5696 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(1)
(3)
(4)
कपास्या
7.137 मुलताई
बैतूल
(2)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
सेन्द्रया लघु जलाशय निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
भाग 1 ]
2877
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
प्र. क्र. 10 - अ- 82 - वर्ष 2010-11 - भू- अर्जन-5698 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
तहसील
नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(3)
(4)
सोंडिया
20.368 मुलताई
बैतूल
(2)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
रिधोरा लघु जलाशय निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
प्र. क्र. 11 - अ- 82- वर्ष 2010-11 - भू-अर्जन- 5699.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे . में) (1) (2)
(3)
(4)
रिधोरा
1.266 मुलताई
बैतूल
( 2)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई.
सेन्द्रया लघु जलाशय की नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
2878
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
प्र. क्र. 13- अ- 82 - वर्ष 2010-11 - भू-अर्जन-5697.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम (1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
तहसील
नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(4)
(3)
7.775
चिखलीकलां
मुलताई
बैतूल
(2)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
सेन्द्रया लघु जलाशय निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. चन्द्रशेखर , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
सतना, दिनांक 28 जुलाई 2011
भू-अर्जन- प्र . क्र. एफ..10 पत्र क्र. 882- भू-अर्जन-11 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
अर्जनीय रकबा लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )
(3)
(4) (1) (2)
कोठी
5.002 सतना उचेहरा
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
नागौद सतना शाखा नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, न. घा. वि. प्रा. संभाग , क्रमांक 7, सतना.
2879
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
भाग 1 ]
भू- अर्जन- प्र. क्र. एफ.. 10 पत्र क्र. 883- भू-अर्जन 11. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
अर्जनीय रकबा (हेक्टर में)
(3)
(1) (2)
(4)
3.450 सतना उचेहरा इचौल
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय में देखा जा सकता है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
नागौद सतना शाखा नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, न. घा. वि. प्रा . संभाग , क्रमांक 7 , सतना.
सतना, दिनांक 4 अगस्त 2011
भू-अर्जन- प्र . क्र. एफ..10 पत्र क्र. 888- भू-अर्जन-11 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
ग्राम
तहसील
जिला
अर्जनीय रकबा (हेक्टर में ) (4)
(3)
(1) (2)
11.574 सतना उचेहरा रगला
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय में देखा जा सकता है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
कार्यपालन यंत्री,
(6) नागौद सतना शाखा नहर निर्माण हेतु.
न. घा. वि. प्रा. संभाग , क्रमांक 7,
सतना.
भू-अर्जन- प्र . क्र. एफ..10 पत्र क्र. 889- भू-अर्जन 11. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
अर्जनीय रकबा (हेक्टर में) (2)
(3)
(4) (1)
0.247 सतना मैहर डॉड़ी
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , कार्यालय में देखा जा सकता है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
नागौद सतना शाखा नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, न. घा. वि. प्रा. संभाग , क्रमांक 7 , सतना.
2880
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
भू- अर्जन- प्र. क्र. एफ.. 10 पत्र क्र. 890- भू-अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
अर्जनीय रकबा (हेक्टर में ) (1) (2)
(3)
(4)
कोरबरा
3.974 सतना उचेहरा
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय में देखा जा सकता है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
नागौद सतना शाखा नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, न. घा. वि. प्रा. संभाग , क्रमांक 7 , सतना.
भू- अर्जन- प्र. क्र. एफ..10 पत्र क्र. 891 - भू-अर्जन- 11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
अर्जनीय रकबा (हेक्टर में ) (1) (2)
(4)
(3)
11.863 सतना उचेहरा इचौल
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय में देखा जा सकता है .
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
नागौद सतना शाखा नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, न. घा. वि. प्रा. संभाग , क्रमांक 7 , सतना.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुखबीर सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2881
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 28 जुलाई 2011
क्र. 1212- भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का विवरण
तहसील
जिला
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)
(2)
(3)
(4) रीवा
सॉव
0.233 हुजूर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, अपर पुरवा नहर संभाग , रीवा (म. प्र. )
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत चचाई वितरक नहर के खम्हरिया माइनर आने वाली भूमि के लिये भूमि पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 1214 - भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का विवरण
लगभग क्षेत्रफल जिला
नगर/ग्राम
तहसील
(हे. में) (1)
(2)
(3)
(4) रीवा
0.723 हुजूर बहुरी बॉध
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, अपर पुरवा नहर संभाग , रीवा ( म. प्र. )
माइनर आने वाली भूमि के लिये भूमि पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन. बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत चचाई वितरक नहर के खम्हरिया भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
2882
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
क्र. 1216- भू- अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का विवरण
जिला
तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)
(3)
(4) (2)
रीवा
टिकिया
0.386 हुजूर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, अपर पुरवा नहर संभाग , रीवा ( म. प्र. )
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत चचाई वितरक नहर के अमवा माइनर में आने वाली भूमि के लिये भूमि पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
रीवा, दिनांक 30 जुलाई 2011
प. क्र. 1233 - भू-अर्जन . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का विवरण
जिला
तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(2)
(1)
(4) रीवा . त्योंथर
1.57
गुड्डिहा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास संभाग , क्र. 1 , रीवा, मुख्यालय, त्यौंथर.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के नहर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
भाग 1 ]
2883
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
पत्र क्र. 1235 - भू-अर्जन . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का विवरण
जिला
तहसील
नगर/ग्राम
(1)
(2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) रीवा
त्योंथर
4.32
बुदामा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास संभाग , क्र. 1 , रीवा, मुख्यालय, त्यौंथर.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के नहर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
पत्र क्र. 1237 - भू-अर्जन . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का विवरण
तहसील
जिला
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(1)
(2)
(4) रीवा
डीह
3.38 त्योंथर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास संभाग , क्र. 1 , रीवा, मुख्यालय, त्यौंथर .
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के नहर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
2884
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
पत्र क्र. 1239 - भू-अर्जन . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
भूमि का विवरण
जिला
तहसील
नगर/ग्राम
(1)
(2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)
4.95 रीवा
त्योंथर
खाम्हा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास संभाग , क्र. 1 , रीवा , मुख्यालय , त्यौंथर.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के नहर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
पत्र क्र. 1241 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का विवरण
जिला
तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (2)
(1)
3.19 रीवा
त्योंथर
परसदहा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास संभाग , क्र. 1 , रीवा, मुख्यालय , त्यौंथर.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के नहर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
भाग 1 ]
2885
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
रीवा , दिनांक 5 अगस्त 2011
क्र. 1248 - भू- अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का विवरण
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
(1)
(2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) रीवा
देवरा
0.058 सिरमौर
ज. न . 247
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
(6)
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत प्राधिकृत अधिकारी (5)
बाणसागर वितरिका संभाग, रीवा. कार्यपालन यंत्री,
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योटी नहर की देवरा माइनर नं. 1 एवं 2 में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 1250 - भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
भूमि का विवरण
जिला
तहसील
नगर/ग्राम
(1)
(2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) सिरमौर
0.056 रीवा
संसारपुर
ज. न . 538
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत प्राधिकृत अधिकारी (5)
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योटी नहर की संसारपुर माइनर में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
2886
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
दमोह , दिनांक 28 जुलाई 2011
प्र. क्र. 103-82-2010-11 - रा. प्र. क्र. अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील ग्राम पटवारी ह. नं. (3)
(2)
दमोह
क्षेत्रफल (वर्गफुट में) (4) 20946 (1) दमोह
दमोह खास 16 सिंधी केम्प.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) जबलपुर दमोह सड़क निर्माण हेतु.
(5) संभागीय प्रबंधक, म. प्र. रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड, जबलपुर.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , दमोह एवं संभागीय प्रबंधक, म. प्र . रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड, जबलपुर के यहां देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानंद दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
धार , दिनांक 29 जुलाई 2011
क्र. 7975 - भू-अर्जन- 2011- संशोधन. इस कार्यालय द्वारा भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) के अन्तर्गत ग्राम चीजवां तहसील, कुक्षी , जिला धार की धारा 4 ( 1 ) की अधिसूचना के प्रकाशन हेतु अधिसूचना नियंत्रक , केन्द्रीय शासकीय मुद्रणालय एवं संचालक सूचना एवं प्रकाशन विभाग , भोपाल को प्रकाशन हेतु भेजी गई थी . जिसका प्रकाशन राजपत्र में पृष्ठ क्रमांक 1499 पर दिनांक 6 मई 2011 को तथा दो हिन्दी समाचार - पत्र, नई दुनिया में दिनांक 4 मई 2011 एवं दैनिक अवन्तिका में दिनांक 5 मई 2011 को हुआ. चूंकि अधिसूचना का त्रुटीपूर्ण प्रकाशन होने से नीचे दर्शाये अनुसार संशोधन निम्नानुसार है :-
प्रकाशन हुआ जो त्रुटीपूर्ण है :- (1)
ग्राम का नाम चिचबा शेष प्रकाशन यथावत माना जावे .
प्रकाशन होना था , जो पढ़ा जावे :- (2)
ग्राम का नाम चिजवॉ
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2887 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
छतरपुर, दिनांक 1 अगस्त 2011
प्र. क्र. 48 - अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
क्षेत्रफल लगभग (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) गौरिहार
3.604
छतरपुर
इमलाही
अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व लवकुशनगर.
बरियारपुर बांयीं नहर की उमराहा शाखा नहर के अन्तर्गत हाजीपुर वितरक नहर.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- बरियारपुर बांयीं नहर की उमराहा शाखा नहर के अन्तर्गत हाजीपुर वितरक नहर तक पर भू- अर्जन.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय लवकुशनगर में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 49 - अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
क्षेत्रफल लगभग (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) गौरिहार
5.018
छतरपुर
खामिनखेड़ा
अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व लवकुशनगर .
बरियारपुर बांयीं नहर की उमराहा शाखा नहर के अन्तर्गत खडेही वितरक नहर की नीवीखेड़ा माइनर.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- बरियारपुर बांयीं नहर की उमराहा शाखा नहर के अन्तर्गत खडेही वितरक नहर की नीवीखेड़ा माइनर तक पर भू-अर्जन.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय लवकुशनगर में किया जा सकता है.
2888
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
प्र. क्र. 50- अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
क्षेत्रफल लगभग (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) गौरिहार
2.230
छतरपुर
चकरसूला -1
अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व लवकुशनगर.
बरियारपुर बांयीं नहर की उमराहा शाखा नहर के अन्तर्गत सिंगारपुर वितरक नहर एल . 1 माइनर .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- बरियारपुर बांयीं नहर की उमराहा शाखा नहर के अन्तर्गत सिंगारपुर वितरक नहर की एल. 1 माइनर तक पर भू- अर्जन.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय लवकुशनगर में किया जा सकता है .
प्र . क्र. 51 - अ - 82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
क्षेत्रफल लगभग (हेक्टेयर में)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) (1)
0.810
गौरिहार
छतरपुर
जोधपुर
अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व लवकुशनगर .
बरियारपुर बांयीं नहर की उमराहा शाखा नहर के अन्तर्गत हाजीपुर वितरक नहर की बसराही माइनर.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- बरियारपुर बांयीं नहर की उमराहा शाखा नहर के अन्तर्गत हाजीपुर वितरक नहर की बसराही माइनर तक पर भू- अर्जन.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय लवकुशनगर में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 52 - अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 6 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों 2889 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा अधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(2)
(3)
(1)
(4)
(5)
(6)
1.960
गौरिहार
छतरपुर
हाजीपुर
अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, लवकुशनगर
बरियारपुर बांयीं नहर की उमराहा शाखा नहर के अन्तर्गत हाजीपुर वितरक नहर .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- बरियारपुर बांयीं नहर की उमराहा शाखा नहर के अन्तर्गत हाजीपुर वितरक नहर तक पर भू- अर्जन.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय, लवकुशनगर में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , राहुल जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला मन्दसौर मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
मन्दसौर , दिनांक 1 अगस्त 2011
प्र. क्र. 07 अ -82-2010-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
नगर/ग्राम ह. नं.
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) मन्दसौर
29.772
नावली
भानपुरा
नावली तालाब योजना (पूरक प्रकरण) .
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग, गांधीसागर
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी , उपखण्ड, गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महेन्द्र ज्ञानी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2890
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला भोपाल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
भोपाल दिनांक 2 अगस्त 2011
प्र. क्र. 5-10-11 - सा-1- सात. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे वर्णित अनुसूची के कॉलम नम्बर ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कालम नम्बर ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के कालम नम्बर ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (1)
तहसील/ तालुका (2)
(3)
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)
(6)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4)
भोपाल
1. गोदरमऊ
हुजूर
14/2 0.340 12/1 0.012 कुल 2 किता 0.352
संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम, लिमिटेड, भोपाल .
भोपाल बायपास चार लेन परियोजना ( सड़क निर्माण ) हेतु भू अर्जन.
2. कानासैया 1166/3 मेंसे 1.040
1182
0.060
1.100
कुल 2 किता
136/1
0.400
3. पिपलिया जाहिरपीर
0.400
कुल 1 किता
4. इमलिया 371/3/2/2 0.607 371/3/2/5 0.257 371/3/2/6 0.217 217/2/1 0.260 243/1/1 0.090 369/2/1 क-1 0.520 कुल 6 किता 1.951
5. पुरामनभावन 97/2 0.180 99/1 0.020 101/1 0.010 152/4 0.250 कुल 4 किता 0.460
6. लाम्बाखेड़ा 22 0.280 23/2 कुल 2 किता 0.280
7. अरवलिया 338,340,343 0.100 2 2891 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
(1)
(2)
(3)
(6)
(4)
(5)
भोपाल
0.010
7. अरवलिया 338,340,343
हुजूर
0.080
संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम, लिमिटेड, भोपाल.
भोपाल बायपास चार लेन परियोजना ( सड़क निर्माण) हेतु भू अर्जन.
4 338,340,343 7
0.040
338,340,343 10
217/1
0.050
217/2
0.030
0.310
कुल 6 किता
0.010
8. बिशनखेड़ी 37 42
0.030
0.040
कुल 2 किता
258/3/2
0.605
9. कुराना
0.263
258/2
0.405
259,260/1,261
0.485
259,260/ 1,261 1/2
254/2
0.600 2.358
कुल 5 किता
10. भौरी
279/1
0.360
0.360
कुल 1 किता
11. बकानिया 1387
0.140
0.140
कुल किता
0.230
517/2
12. सूखीसेवनिया
0.230
कुल 1 किता
12 गांवों का महायोग
7.981
( 2 ) सावजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- भोपाल बायपास चार लेन परियोजना ( सड़क निर्माण हेतु ) ( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तहसील (हुजूर ) के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निकुंज कुमार श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दतिया मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
दतिया, दिनांक 4 अगस्त 2011
क्र. 1 -अ -82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी 2892
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) तहसील/ तालुका
(2)
(3)
(1)
(4) दतिया दतिया
15.31
राजपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री राजघाट डिस्ट्रीब्यूटरी संभाग क्र. 9 दतिया.
बुन्देलखण्ड पैकेज के अन्तर्गत कासना नाला लघु सिंचाई योजना के निर्माण हेतु डूब क्षेत्र.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू- अर्जन अधिकारी कलेक्ट्रेट दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 2- अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
जिला
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में ) तहसील/ तालुका
(1) (2)
(3)
(4) दतिया दतिया
28.96
सुमावली
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री राजघाट डिस्ट्रीब्यूटरी संभाग क्र. 9 दतिया.
बुन्देलखण्ड पैकेज के अन्तर्गत कासना नाला लघु सिंचाई योजना के निर्माण हेतु डूब क्षेत्र.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी कलेक्ट्रेट दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 3 - अ - 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील/ तालुका
(1)
लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) (4) (2)
(3)
सनौरा
दतिया
2.80 दतिया
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री राजघाट डिस्ट्रीब्यूटरी संभाग क्र . 9 दतिया.
बुन्देलखण्ड पैकेज के अन्तर्गत कासना नाला लघु सिंचाई योजना के निर्माण हेतु डूब क्षेत्र.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी कलेक्ट्रेट दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.
भाग 1 ]
2893
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
क्र. 4- अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) तहसील/ तालुका
(1) (2)
(3)
(4) दतिया दतिया
भागौर
11.19 (
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री राजघाट डिस्ट्रीब्यूटरी संभाग क्र. 9 दतिया.
बुन्देलखण्ड पैकेज के अन्तर्गत गोपालपुरा लघु सिंचाई योजना के निर्माण हेतु डूब क्षेत्र.
2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी कलेक्ट्रेट दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 5- अ - 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हैक्टर में) तहसील/ तालुका
(1) (2)
(3)
(4)
खमैरा
दतिया दतिया
19.89
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री राजघाट डिस्ट्रीब्यूटरी संभाग क्र. 9 दतिया.
बुन्देलखण्ड पैकेज के अन्तर्गत गोपालपुरा लघु सिंचाई योजना के निर्माण हेतु डूब क्षेत्र.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू- अर्जन अधिकारी कलेक्ट्रेट दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक देशवाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .
2894
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग शाजापुर, दिनांक 24 जून 2011
क्र. भू- अर्जन - 2011-170 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है. उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-शाजापुर तहसील-आगर
(ख )
ग्राम- बिजनाखेड़ी
(ग )
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.87 हेक्टर
भूमि सर्वे नम्बर
क्षेत्रफल जो अर्जन होना है ( हेक्टर में ) (1)
(2)
74
0.07
75
0.10
77
0.10
380
0.16
470
0.35
91
0.11
94
0.11
97
0.06
99
0.09
100
0.05
101
0.03
110/1
0.07
110/2
0.08
406
0.08
111
0.02
239
0.05
113
0.14
187
0.12
115
0.02
(2)
(1)
163
0.03
0.06
164
0.02
169
166
0.06
0.12
192
383
0.12
0.06
402
403
0.08
238
0.09
0.03
102
405
0.03
0.10
193
0.06
89
0.07
92/1
112
0.02
165
0.06
93/1
0.05
योग . 2.87
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- बिजनाखेड़ी तालाब की नहर वन एल वन के निर्माण हेतु संपादित होने वाली भूमि बाबत्.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर, जिला शाजापुर के कार्यालय में व भू- अर्जन अधिकारी , आगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सोनाली एन. वायंगणकर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर , जिला दमोह , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दमोह, दिनांक 24 जुलाई 2011
प्र. क्र. 17 अ-82- वर्ष 2009-2010.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि सम्पत्ति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 भाग 1 ]
2895
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है. उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- दमोह
(ख) तहसील- पटेरा
(ग) नगर/ग्राम- सगौनी
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 1.08 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
838 में से
0.04
840/2में से
0.02
840/1 में से
0.14
840/3 में से
0.09
839में से
0.02
845में से
0.01
846 में से
0.17
847 में से
0.02
850में से
0.16
849 में से
0.04
848 में से
0.07
762/1 में से
0.19
867 में से
0.11
योग .. 1.08
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- सगौनी जलाशय योजना की नहर के अर्जन में आने वाली भूमि का निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , हटा एवं भू- अर्जन अधिकारी उपखंड, हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, पंचमनगर सर्वे संभाग दमोह, जिला दमोह में देखा जा सकता है.
( 5 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानंद दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग धार, दिनांक 27 जुलाई 2011
क्र. -1010 - भू-अर्जन- औ.एस.पी. - 2011- संशोधित. -कार्यालय पत्र क्रमांक 603 - वाचक प्रकरण क्रमांक 09 अ- 82-10-11 , धार, दिनांक 3 मई 2011 ग्राम मांडवी, तहसील मनावर, जिला धार का रकबा 2.492 हेक्टेयर के भू- अर्जन प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , जारी उद्घोषणा के प्रयोजन औंकारेश्वर नहर परियोजना अन्तर्गत नहर निर्माण से प्रभावित का प्रकाशन, मध्यप्रदेश राजपत्र भाग - एक पृष्ठ क्रमांक 1636 पर दिनांक 13 मई 2011 के अंक में तथा दो समाचार पत्रों क्रमशः अवंतिका दिनांक 13 मई 2011 के अंक में तथा पत्रिका दिनांक 13 मई 2011 के अंक में प्रकाशन हुआ है . जिनका जी नंबर 13085/11 है. जिसके स्थान पर निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे.
संशोधित उद्घोषणा ग्राम - मांडवी
संशोधित प्रविष्टि पूर्व में प्रकाशित
खसरा नं.
खसरा नं.
रकबा
रकबा
(हे. में ) (हे. में)
(1)
(2)
(1)
(2) 0.200
0.200 74/1 ख
74/1ख/3
शेष प्रविष्टियां यथावत् रहेंगी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजकुमार पाठक, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग सतना, दिनांक 28 जुलाई 2011
क्र. एफ. 882 - भू-अर्जन 11. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना
(ख) तहसील- मैहर 2896
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
(ग) नगर/ग्राम- नरवार एवं करैया देवरी
(घ) क्षेत्रफल लगभग - 9.090 हेक्टर.
खसरा नं.
क्षेत्रफल (हे. में )
(1)
(2)
350
0.105
351/1
0.909
355/1
0.575
351/2
1.800
355/2
0.209
358
0.230
360
0.261
361/1
0.836
361/2
0.805
993
1.210
994
1.540
1127
0.200
1128
0.410
9.090
निजी खाता भूमि योग ..
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- नरवार बांध के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू-अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुखबीर सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला बालाघाट, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बालाघाट , दिनांक 29 जुलाई 2011
क्र. 01 - अ- 82- वर्ष 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है . उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
[भाग 1 (ख ) तहसील - खैरलांजी
(ग ) ग्राम- पुलपुट्टा, प.ह.नं. 48/6,
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.068 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
10/20
0.068 0.068
योग
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के मुख्य नहर के अन्तर्गत पुलपुट्टा वितरक नहर निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) अधिकारी, बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 02 - अ- 82 - वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है . उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील- तिरोडी
(ग ) ग्राम - हरदोली , प.ह.नं. 19,
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.202 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में )
(1)
(2)
313/7
0.202 योग 0.202
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के मुख्य नहर के अन्तर्गत पुलपुट्टा वितरक नहर निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है.
भाग 1 ]
2897
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रं . 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 03 - अ- 82 - वर्ष 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील- खैरलांजी
(ग) ग्राम- पुलपुट्टा, प.ह.नं. 48,
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.100 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में) (2)
(1)
0.048
218/2 318/2
योग
0.052 0.100
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के मुख्य नहर के अन्तर्गत पुलपुट्टा वितरक नहर निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू-अर्जन ) अधिकारी, बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रं. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 04- अ- 82- वर्ष 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है. उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील- वारासिवनी
(ग) ग्राम- खण्डवा, प.ह.नं. 24
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.357 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
352/2
0.065
353
0.061
361/1
0.081
0.049
361/2, 362/2
377/2
0.069
0.032
361/4, 362/4
0.357
योग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के मुख्य नहर के अन्तर्गत खण्डवा वितरक नहर निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू-अर्जन) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 05 - अ - 82 - वर्ष 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील - तिरोडी
(ग) ग्राम- सुकली, प.ह.नं. 05,
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.447 हेक्टर .
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में )
(2)
(1)
0.245
59/17
59/1 घड
0.202
योग 0.447 2898
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन - राजीव सागर परियोजना के मुख्य नहर के अन्तर्गत सुकली उप वितरक नहर क्रमांक -1 , के निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्रं. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 06- अ- 82- वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील-खैरलांजी
(ग ) ग्राम- झिरिया, प.ह.नं. 03,
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.073 हेक्टर.
खसरा नंबर
(1)
रकबा (हेक्टर में) (2)
31/24
योग 0.073 0.073
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन - राजीव सागर परियोजना के मुख्य नहर के अन्तर्गत झिरिया उप वितरक नहर निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 07 - अ- 82 - वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन –
(क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- तिरोडी
(ग ) ग्राम- चाकाहेटी, प.ह.नं. 05
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.121 हेक्टर.
खसरा नंबर
(1)
रकबा (हेक्टर में) (2)
459/2
योग 0.121 0.121
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के मुख्य नहर के अन्तर्गत चाकाहेटी अजुर्नटोला के तहत आजनबिहरी वितरक नहर निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू-अर्जन ) अधिकारी, बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 08 - अ - 82 - वर्ष 2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क ) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- तिरोडी
(ग ) ग्राम- बम्हनी सायटोला, प.ह.नं. 44/3 भाग 1 ]
2899
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.122 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में )
(1)
(2)
5623
0.061
56/4
0.061
योग
0.122
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के मुख्य नहर के अन्तर्गत बम्हनी वितरक नहर की सायटोला वितरक नहर निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 09 - अ- 82 - वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
( क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील - तिरोडी
(ग ) ग्राम- बम्हनी, प.ह.नं. 04,
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.076 हेक्टर .
खसरा नंबर
(1)
रकबा (हेक्टर में ) (2)
130/ 1च
योग
0.076 0.076
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के मुख्य नहर के अन्तर्गत पुलपुट्टा वितरक नहर निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) अधिकारी, बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 10 - अ- 82 - वर्ष 2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील- खैरलांजी
(ग ) ग्राम- डोगरिया, प.ह.नं. 44/3
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.081 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में )
(1)
(2)
37
0.081 योग 0.081
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के मुख्य नहर के अन्तर्गत मुरझड वितरक नहर की डोगरिया वितरक नहर निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 11 - अ - 82 - वर्ष 2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील - लांजी 2900
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
(ग ) ग्राम- सर्रा, कडता, प.ह.नं. 22
( घ) लगभग क्षेत्रफल-3.394 हेक्टर .
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में )
(1)
(2)
ग्राम-सर्रा
137/2
0.170
137/3
0.125
138/6
0.243
138/2
0.032
138/16 ड
0.065
138/1 ख
0.113
138/22 क
0.069
138/14
0.057
138/22 ख
0.036
138/22 ग
0.061
0.069
138/18 , 19
138/17
0.218
0.020
138/20
138/21
0.121
138/27
0.008
138/8
0.385
137/1
योग
0.158 1.950
ग्राम-कडता
142/1
0.324
139/1
0.190
139/2
0.283
139/4
0.125
143
0.243
145
0.016
142/2
0.251
144
0.012
योग .. 1.444 3.394
कुल योग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- तहसील लांजी में ग्राम कडता, सर्रा , कंसूली नेवरवाही मार्ग के कि.मी. 3/2 में सोन नदी पर सेतु एवं पहुंच मार्ग निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता है .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं अनुविभागीय अधिकारी , लोक निर्माण विभाग ( सेतु निर्माण ) उप संभाग बालाघाट के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 12- अ - 82 - वर्ष 2010-2011 .- चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
( क ) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील-खैरलांजी
(ग ) ग्राम- झिरिया, प.ह.नं. 44/3 ,
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.120 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा
(हेक्टर में)
(1)
(2)
326/19
0.120 योग 0.120
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन - राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत झिरिया उप वितरक नहर निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) अधिकारी, बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3, कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 13 - अ- 82 - वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- वारासिवनी भाग 1 ]
2901
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(ग) ग्राम - जबरटोला, प.ह.नं. 41
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.357 हेक्टर .
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
223/1
0.065
223/2
0.065
222
0.012
230
0.215
0.357
योग
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत वारासिवनी शाखा मुख्य नहर पर सड़क निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता है .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 14- अ- 82 - वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील - वारासिवनी
(ग) ग्राम - लालपुर, प.ह.नं. 33 ,
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.223 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
0.030
439/1 164
योग
0.193 0.223
(2) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत लालपुर उप वितरक नहर निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू-अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री , राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 15- अ- 82 - वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
( क ) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- कटंगी ( तिरोडी)
(ग) ग्राम- चितेवानी, प.ह.नं. 19,
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.081 हेक्टर .
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में )
(2)
(1)
48
0.081 योग 0.081
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत चितेवानी उप वितरक नहर निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू-अर्जन) अधिकारी, बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 16 - अ- 82 - वर्ष 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह 2902
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- कटंगी
( ग ) ग्राम - लक्ष्मीपुर हमेशा, प.ह.नं. 03 ,
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.101 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
0.101
3/46
योग
0.101
(2) सार्वजनिक प्रयोजन - राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत कोडबी उप वितरक नहर निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन) अधिकारी, बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 17- अ- 82 - वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
( क ) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील- खैरलांजी
(ग ) ग्राम- झिरिया, प.ह.नं. 03 ,
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.586 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा
(हेक्टर में )
(1)
(2)
387/1
0.105
[भाग 1 (1)
(2)
0.061
375/1 , 390/2
386/2
0.020
0.016
386/3
386/4
0.020
380/3 , 377/3
0.012
378/3 , 379/3
383
0.061
382/1
0.093
0.032
381, 382/2
380/1 , 377/1
0.049
378/1 , 379/1
386/5
0.049
0.032
375/7 , 390/8
386/1
0.016
380/2, 377 ,
0.020
378 , 379/2
0.586
योग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत वारासिवनी शाखा मुख्य नहर पर सड़क निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता है .
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन) अधिकारी, बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3, कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 18 - अ- 82 - वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील - कटंगी ( तिरोडी)
(ग ) ग्राम- बम्हनी , अर्जुनटोला, प.ह.नं. 4 व 5 भाग 1 ]
2903
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.019 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
0.202
3, 5
0.061
74/3 , 4
305/5
0.129
246/11
0.045
305/6
0.081
331/5
0.040
335/13
0.304
605/5
0.101
279/1
0.056
1.019
योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन - राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत चितेवानी उप वितरक नहर निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) अधिकारी, बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 19- अ- 82 - वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- वारासिवनी
(ग) ग्राम- उमरवाडा, प.ह.नं. 37,
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.603 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा
(हेक्टर में )
(1)
(2)
139/2
0.008
140
0.012
(2)
(1)
138
0.016
141
0.032
0.036
159/1
0.076
159/2
160
0.036
368
0.040
161
0.081
0.068
182
184/9
0.012
184/2
1.030
363
0.012
0.040
364/1 , 364/2
365
0.036
0.004
366
367
0.012
371
0.032
372
0.040
373
0.012
346/1
0.016
375
0.036
429/1
0.004
0.056
429/2
425
0.096
428
0.012
427
0.004
426
0.056
421/1
0.056
421/2
0.048
420/1
0.004
419
0.032
418
0.008
0.101
417/1 , 3
407
0.092
404
0.040
403/1
0.040
403/2
0.088
402/1
0.012
384
0.028
383
0.052
0.040
380/1
377/1
0.090
0.012
377/3 , 4
योग 1.603 2904
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(2) सार्वजनिक प्रयोजन - राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत वारासिवनी मुख्य नहर शाखा में मार्ग निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता है .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 20- अ- 82 - वर्ष 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील-खैरलांजी
(ग ) ग्राम- अमई , प.ह.नं. 03
(घ) क्षेत्रफल-1.557 हेक्टर .
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
239
0.045
240
0.077
238/1
0.032
0.032
238/2
237/2
0.073
0.061
236/1
171/1
0.053
171/2
0.105
171/3
0.010
0.040
172, 173/2
174/4
0.041
172, 173/1
0.024
174/5
0.061
473/1
0.032
473/2
0.045
474
0.255
481/1
0.028
[भाग 1 (1)
(2)
481/2
0.032
0.028
481/7
0.045
481/4
481/6
0.049
482/1
0.012
482/3
0.049
489/1
0.049
489/2
0.028
489/3
0.028
0.101
488/1 , 2
0.061
488/5, 6
487
0.061
1.557
योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत वारासिवनी मुख्य नहर शाखा में मार्ग निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता है .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू-अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 21 - अ - 82 - वर्ष 2010-2011 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील- वारासिवनी
(ग ) ग्राम-रेंगाझरी , प.ह.नं. 34
(घ) क्षेत्रफल -1.478 हेक्टर .
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में )
(2)
(1)
79/1
0.154
79/2
0.113 भाग 1 ]
2905
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
(1)
(2)
80/1
0.146
80/2
0.097
242
0.024
240
0.170
271/1
0.150
0.036
271/2
270/2
0.049
269/4
0.028
269/5
0.040
269/6
0.045
0.045
268/1
0.032
268/2,3ख
0.061
268/2क, 3क/ 1
265/2
0.008
264
0.041
262/1
0.061
262/2
0.109
284
0.032
288
0.053
योग
1.478
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन - राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत वारासिवनी मुख्य शाखा में मार्ग निर्माण के लिए भूमि की आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र . 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 22 - अ - 82 - वर्ष 2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील- वारासिवनी
(ग ) ग्राम-कौलीवाडा, प.ह.नं. 32
(घ) क्षेत्रफल-1.899 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में )
(2)
(1)
0.024
39/2
40
0.036
0.024
41
0.004
42/1
74/7
0.056
0.026
155/4
0.012
75/1
0.004
75/2
77
0.012
79
0.012
0.028
76
150
0.064
147
0.056
84
0.012
86
0.016
0.020
87/1
0.028
138
0.020
137
0.016
136
0.012
134
0.024
128
0.016
288
0.016
133/1
0.024
130
0.020
129/2
127/5
0.004
0.012
129/1
0.016
127, 289/1
0.004
127, 289/2
0.016
116
0.012
115
0.008
113/1
113/2
0.061
0.011
113/3
114/2
0.015
113/4
0.019 2906
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
(1)
(2)
114/1
0.016
156/2
0.065
154/2
0.016
151
0.027
156/1
0.059
155/1
0.056
155/2
0.032
155/3
0.036
149
0.028
146
0.020
145/3
0.064
0.070
300/2,3,4
275/2
0.036
296
0.048
298/1
0.032
275/1
0.025
278/2
0.024
278/1
0.104
278/4
0.032
279
0.018
280/1
0.029
280/2
0.029
285/1
0.019
285/2
0.017
286
0.056
287/2
0.032
290
0.052
299
0.048
300/1
0.012
297
0.036
योग 1.899
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत वारासिवनी मुख्य नहर शाखा में मार्ग निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 23 - अ- 82 - वर्ष 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- वारासिवनी
(ग ) ग्राम बघोली , प.ह.नं. 32
(घ ) क्षेत्रफल-1.545 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा
(हेक्टर में)
(1)
(2)
0.008
288/1
179/1
0.008
0.016
190/1
191/2
0.008
0.020
192
0.020
195/1
0.020
198/2
0.012
217/2
0.068
198/3
0.028
275
0.068
276/1
0.032
261 , 262
0.020
250/1
0.027
281/3
250/2
0.004
0.080
318
0.016
248/1
0.004
248/2 , 3
0.032
283
0.061
282/2
281/2
0.048
0.112
281/1
0.225
280/2
319
0.061
0.167
280/1
279
0.032
0.117
311 भाग 1 ]
2907
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(2)
(1)
316
0.051
317/1
0.006
315
0.043
371
0.131
योग
1.545
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत वारासिवनी मुख्य शाखा में मार्ग निर्माण के लिए भूमि की आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू-अर्जन) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 24- अ-82 - वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-बालाघाट
(ख) तहसील- वारासिवनी
(ग) ग्राम- खापा, प.ह.नं. 24
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.116 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में )
(1)
(2)
889/1
0.016
624/2
0.025
870/1
0.024
871/3
0.016
870/3
0.024
871/5
0.012
622/1
0.081
622/2
0.008
282/1
0.016
889/2
0.012
0.052
621/1 , 624/1
(2)
(1)
0.034
875/1
0.024
870/2
874/2
0.052
891/1
0.029
890/2
0.039
878/1
0.089
0.016
619/2
0.024
624/3
0.036
872
871/4
0.012
0.040
879/4
0.027
891/2
890/3
0.024
0.081
874/1
0.008
620/1
0.012
873/1
0.034
871/2
0.008
871/1
0.012
862/2
890/1
0.022
0.075
622/3
0.148
904, 905
योग 1.116
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत वारासिवनी मुख्य नहर शाखा में मार्ग निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) अधिकारी, बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र . 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 25 - अ- 82 - वर्ष 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- वारासिवनी 2908
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
(ग ) ग्राम- मेहन्दीवाडा, प.ह.नं. 24
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.570 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
696/4
0.020
702
0.012
0.008
705 , 706/1
710/2
0.029
0.049
687/4, 688/7
697/3
0.097
711
0.037
688/1
0.009
709
0.052
697/1
0.008
0.024
407 , 403/2
688/3
0.063
708/1
0.061
697/2
0.012
0.008
700/1 , 2
710/1
0.032
0.049
687/5 , 688/8
योग 0.570
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन - राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत वारासिवनी मुख्य नहर शाखा में मार्ग निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता है .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री , राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 26- अ- 82- वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क ) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- वारासिवनी
(ग) ग्राम- झालीवाडा, प.ह.नं. 32
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.109 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.084
98/1
0.065
141/3
0.048
438
430/1
0.083
428/3
0.048
0.115
707/2क
0.061
785/3
783
0.106
0.016
788
0.059
704/1
93/5
0.052
0.012
454/2
0.126
98/2
0.050
441/2
0.040
437
429/3
0.042
0.045
767/4 , 770 , 771
0.064
782
0.062
769
0.016
787
0.036
700/2
0.014
707/2ख
0.004
92/3
0.028
446/1
0.080
443
0.025
439
0.058
436
0.016
447
0.061
789/3
705
0.016
0.051
784
0.038
789/4, 5
702/1
0.18
0.012
94/1
0.006
448/2
0.032
446/2 भाग 1 ]
2909
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(2)
(1)
435/1
0.066
456/1
0.028
0.080
429, 431/1
428/2
0.029
780/1
0.038
703
0.049
704/2
0.017
700/1
0.021
465/5
0.048
94/2
0.020
454/1
0.012
445
0.012
योग
2.109
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन - राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत वारासिवनी मुख्य नहर शाखा में मार्ग निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता है .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन) अधिकारी, बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 27- अ- 82- वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील- वारासिवनी
(ग ) ग्राम- बकेरा , प.ह.नं. 37
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.274 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा
(हेक्टर में)
(1)
(2)
126/2
0.040
259/1
0.068
(2)
(1)
0.016
247/9
0.012
281/1
0.012
278/2
0.024
264/12
269/1
0.056
0.176
275/2, 276
0.016
282/1
262
0.048
264/2
0.016
0.032
247/26
281/2
0.020
289/3
0.040
0.024
264/4
0.040
269/3
0.102
277/3 , 278/1
0.020
127/1
257/1
0.032
0.020
247/12
287/1
0.028
0.056
289/1
0.020
267
0.016
269/4
0.104
289/2, 291/1
127/3
0.024
258/1
0.036
0.024
280
287/2
0.012
0.080
264/1
0.044
268/1 , 2
277/2
0.008
0.008
290/1
योग
1.274
(2) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत वारासिवनी मुख्य नहर शाखा में मार्ग निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता है .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) अधिकारी, बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3, कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
2910
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
क्र. 28 - अ- 82 - वर्ष 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील-खैरलांजी
(ग ) ग्राम- खरखडी, प.ह.नं. 24
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.949 हेक्टर.
खसरा नंबर
(1)
रकबा (हेक्टर में) (2)
15/1
0.045
0.041
15/3
17/2
0.057
17/3
0.057
17/1
0.045
24/2
0.105
25/3
0.049
25/2
0.045
25/4
0.032
25/5
0.032
25/6
0.045
45
0.109
46
0.109
47/2
0.073
48/15
0.020
49
0.085
योग
0.949
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत वारासिवनी मुख्य नहर शाखा में मार्ग निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता है .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3, कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
[भाग 1 क्र. 29 - अ - 82 - वर्ष 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- खैरलांजी
( ग ) ग्राम-डोगरिया, प.ह.नं. 3
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.687 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में) (2)
(1)
403
0.049
402/2
0.125
0.121
401/1
400/1
0.073
399
0.170
0.097
397
0.016
407/6
396/11
0.041
0.016
395
581/4
0.109
.0.057
581/3
0.016
581/2
396/11
0.041
581/1
0.093
580
0.032
0.129
578
577
0.024
575/1
0.061
0.081
575/2
574
0.045
0.040
559/4
522/2
0.061
523
0.041
531/4
0.024
0.020
531/5 , 535/2
532/1
0.061
योग
1.687 भाग 1 ]
2911
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन - राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत वारासिवनी मुख्य शाखा में मार्ग निर्माण के लिए भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री , राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3, कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 30- अ- 82 - वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
( क ) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- वारासिवनी
(ग ) ग्राम - लालपुर, प.ह.नं. 33
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.559 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में )
(1)
(2)
317
0.012
318
0.016
0.020
320/1
320/2
0.028
321
0.040
323
0.048
0.020
379/1
379/2
0.032
380/1
0.008
383/1
0.024
386
0.024
387/1
0.016
694
0.052
669
0.020
670
0.024
668/1
0.010
668/2
0.010
(2)
(1)
0.020
653/2
0.020
651
0.032
913
0.032
652/1 , 650/3 , 914/1
0.024
649
0.012
640
0.020
715
710
0.056
0.052
714
711
0.004
713
0.012
0.022
712
0.016
709/2
708
0.052
0.012
703
709/3
0.016
709/5
0.068
0.032
699
0.116
697
696
0.080
0.028
882
0.101
881
0.060
883
0.060
884
0.024
889/1
890
0.040
891/2
0.024
0.008
891/1
0.024
914/2
0.032
915
0.016
1016
0.040
1017/3
योग
1.559
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत बांसी वारासिवनी मुख्य नहर शाखा में मार्ग निर्माण के लिए भूमि की आवश्यकता है .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू-अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3, कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है.
2912
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
क्र. 31 - अ- 82- वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील- बालाघाट
(ग) ग्राम- मगरदर्श, प.ह.नं. 09
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.574 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
322/1
0.061
322/2
0.061
332/1
0.281
332/2
0.234
0.574
योग
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- लालबर्रा समनापुर मार्ग के कि.मी. 7/6-8 में बैनगंगा नदी पर सेतु निर्माण एवं पहुंच मार्ग निर्माण के लिए भूमि की आवश्यकता है .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री , राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3 , कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 32- अ- 82 - वर्ष 2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील- खैरलांजी
(ग) ग्राम- भजियादण्ड, प.ह.नं. 44/3
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.798 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
71
0.798 योग 0.798
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत बांसी वारासिवनी मुख्य नहर शाखा में मार्ग निर्माण के लिए भूमि की आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन ) अधिकारी, बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3, कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 33 - अ- 82- वर्ष 2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील- तिरोडी
(ग) ग्राम-चाकाहेटी खरपडिया, प.ह.नं. 24 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.481 हेक्टर .
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में) (2)
(1)
351/1
612, 614/2
0.360 0.121 0.481
योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना के अन्तर्गत चाकाहेटी खरपडिया उप वितरक नहर निर्माण के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना संभाग क्र. 3, कटंगी के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विवेक कुमार पोरवाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2913
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खरगोन , दिनांक 30 जुलाई 2011
क्र. 1200- भू- अर्जन 11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख ) तहसील -गोगांवा
(ग) वन ग्राम- निमवाड़ी, वनपरिक्षेत्र खरगोन (घ) लगभग क्षेत्रफल-4.222 हेक्टर .
दिनांक 13 दिसम्बर 2005 को अतिक्रमिक वन भूमि जो वन अधिकार मान्यता अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत मान्यता प्राप्त है: - खसरा नम्बर
कक्ष क्र.
(1)
(2)
अतिक्रमित वनभूमि का रकबा ( हेक्टर में ) (3) 171/1
657
0.118
657
169/1/1
0.312 169/1/2
657
0.848 148/1
657
0.468 145/1
657
0.316
657
145/2
0.310 146
657
0.054 143/1/1
657
0.058 143/1/2
657
0.069
657
0.098 143/1/3 144/1/1
144/1/2
657
0.156 144/1/3
657
0.152 144/1/4
657
0.142 54/1
657
0.367 140
657
0.123
657
0.492 133 134/1
657
0.139
योग . 4.222 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- अपरवेदा परियोजना की मुख्य नहर एवं उसकी दसनावल वितरण शाखा के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन, भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी अपरवेदा परियोजना भीकनगांव मुख्यालय , खरगोन, वनमण्डलाधिकारी सामान्य वनमण्डल खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्र. 19 , भीकनगांव के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर, दिनांक 30 जुलाई 2011
प्र. क्र. 56 - अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- गौरिहार
(ग ) ग्राम- प्रतापपुरा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-4.000 हे .
भू- अर्जन खसरा विवरण से भू-खण्डों की संख्या
(2) खसरे का क्षेत्रफल अर्जित रकबा ( हेक्टर में ) (1)
0.580 3
4
0.005
0.226 14
0.080 13/2
0.200 13/3
0.006 15
12
0.080 2914
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
(1)
(2) 11
0.005 32
0.010 37
0.060 38
0.240 33/1
0.065 33/2
0.145 60
0.120 61
0.024 62
0.052 63
0.052 65
0.024 64
0.112 97/2
0.010 98
0.115 96
0.015 95
0.180 94
0.160 105
0.009
0.060 89
106
0.310 88
0.006 85
0.052 86
0.075 76
0.010 77
0.120 78
0.006 79
0.011 150
0.020 152
0.005 2/1
0.175 2/2
0.175 5
0.070 6/1
0.160 6/2
0.170
4.000
कुल अर्जित रकबा
(2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सरबई वितरक नहर क्र. 2 के अन्तर्गत आने वाली प्रतापपुरा माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है .
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लवकुशनगर में किया जा सकता है .
[भाग 1 प्र. क्र. 60 - अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- गौरिहार
(ग) ग्राम- रानीखेड़ा
(घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि -10.647 हे .
खसरे का क्षेत्रफल भू-अर्जन खसरा विवरण से भू-खण्डों की संख्या
अर्जित रकबा ( हेक्टर में ) (1)
(2) 1
0.062 3/1
0.105 9
0.150 10
0.195
0.096 14
16
0.100 17
0.102
0.084 28
29
0.092 31
0.096 32
0.095 34
0.082 35
0.086
0.081 68/1
68/2
0.113 69
0.092 74
0.105 75
0.075 86/6/1
0.092
0.033 86/7क
86/7ख
0.112
0.032 86/7ग
209/ 1 क
0.062 209/ 1 ख
0.080 209/1 ग
0.090 217/1
0.030 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(1)
(2) 217/1/1
0.060 217/2
0.120 217/3 क
0.067 217/3ख
0.064 217/4
0.016 217/5
0.040 218
0.120 219/1
0.080 219/2
0.010 293
0.010 294
0.070 295
0.060 318
0.025 322
0.056 323
0.140 324
0.005 327/1
0.032 327/3
0.010 327/3/1
0.075 327/3/2
0.005 327/5
0.050 328
0.100 330/1
0.050 330/2
0.020 330/2/1
0.040 330/2/2
0.030
0.016 330/4
330/6
0.050 330/7/1
0.060 330/7/2
0.032 352
0.160 353
0.005 354
0.080 355
0.025 356
0.080 357
0.005 358/1
0.037 361
0.006 378
0.060 386/1 क
0.088 386/2ख
0.160
2915
(2)
(1)
0.004
386/ 1 ग
0.216
386/ 2ख
0.060
390
391
0.013
394
0.112
395
0.060
396
0.024
397
0.060
0.100
398
404
0.004
406/1
0.200
406/2
0.060
412
0.008
416
0.013
418
0.080
419
0.100
420
0.180
423
0.022
424
0.029
425
0.300
426
0.120
0.052
428
0.010
430
0.110
431
432
0.020
434
0.037
0.064
451
452
0.192
0.051
453
463
0.156
0.040
478
0.096
484
487
0.122
0.040
495
0.104
496
499
0.008
504
0.009
505
0.140
514
0.156
515
0.120
520
0.066 2916
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(2) (1)
521
0.036 522
0.110
0.024 523
527
0.010 529
0.032 530
0.064 531
0.132 532
0.210 535
0.136 537
0.144 538/1
0.005 538/2
0.010 547
0.128 549
0.340 550
0.120 551
0.024 556
0.160 557
0.140 598/1
0.032
0.005 598/2
599
0.080 600
0.058 601/2
0.032 603
0.020 607
0.032 608
0.120 609/2
0.064 613
0.012 614
0.141 638/417
0.120 639/462
0.012 641/536
0.040 656/562
0.135
कुल रकबा 10.647 ( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सरबई वितरक नहर क्र. 2 , नीवीखेड़ा माइनर , खडेही माइनर एवं रानीखेड़ा 1 , 2 एवं के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये उक्त भूमि की आवश्यकता है .
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लौंड़ी में किया जा सकता है .
[भाग 1 प्र. क्र. 95 - अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- चन्दला
(ग) ग्राम- पंचमनगर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि - 3.391 हे .
खसरे का क्षेत्रफल
अर्जित ( हेक्टर में ) भू- अर्जन खसरा विवरण से भू- खण्डों की संख्या
(1)
(2)
0.192 79/1/1
0.101 98/2
99/1
0.031
0.100 104
0.080 105/1
105/2
0.210
0.006 109
0.014 168/1
169
0.178 171
0.194 172/2/1
0.070 174
0.011 179
0.072
0.077 180
181
0.168 182/2
0.148 189
0.120 190
0.002 193
0.020
0.257 194
199
0.342 201
0.061
0.060 202
203/2
0.008 207
0.187
0.095 209/1/1 भाग 1 ]
2917
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(1)
(2) 209/1/2
0.095 210/3
0.052 210/4
0.120 210/5
0.104 264/2
0.216
3.391
कुल अर्जित रकबा .
( 2) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की बछौन वितरक शाखा के अन्तर्गत आने वाली पंचमनगर माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है .
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लवकुशनगर में किया जा सकता है .
छतरपुर, दिनांक 1 अगस्त 2011
प्र. क्र. 96- अ- 82-09-10 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- चंदला
(ग) ग्राम-बछौन
(घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि -12.504 हे .
खसरे का क्षेत्रफल भू-खण्डों की संख्या
अर्जित ( हेक्टर में ) (2) भू-अर्जन खसरा विवरण से (1)
सूरजपुर माइनर
1895/2
0.106 1896
0.101 1905
0.046 3554/1
0.196
(2)
(1)
बछौन न. 1
3663/1
0.091
0.053
3711/1
3711/2
0.058
3817
0.144
0.004
3819/2
3823
0.137
3824
0.178
3826/2
0.120
3827
0.077
3828
0.116
3851
0.036
0.046
3873/1
3873/2
0.146
0.015
3874
3875/1
0.149
0.087
3876/1
0.192
3953
3954
0.178
0.368
3966/अ
3968/1
0.004
4006/1/1
0.226
4006/1/2
0.147
0.207
4006/2/1
4006/2/2
0.192
0.004
4008
0.102
4009
0.090
4010
4011/1
0.026
4011/2
0.016
0.020
4143/1
4144/1
0.065
0.101
4148
0.165
4149/अ
बछौन नं. 3
4204/1/3/3
0.476
4207/1
0.376
4207/2
0.116
4208/1
0.196
4220/1
0.013
0.014
4222/1
4222/2
0.070
4222/3
0.071 2918
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
(1)
(2) 4222/4
0.071 4223/1
0.086 4223/2
0.092 4499
0.289 4503
0.156 4506
0.188
पंचमनगर माइनर
3607/1/1
0.148 3608/2/1/1
0.016 3608/2/1/4
0.046
0.006 3608/3/1/1
3608/3/1/2
0.046 3608/4/1/2
0.016
0.056 3608/1/1
3748
0.270 3750
0.081 3751
0.168
0.046 3752/1
3754
0.081 3755/1
0.096 3755/2
0.096
0.004 3758/1
3768/2
0.126
0.146 3769/1
3769/2
0.021
0.026 3769/3
3769/4
0.021 3769/5
0.020 3770
0.146 3771/1
0.028 3771/2
0.025
0.007 3771/3
3771/4
0.007 3771/5
0.007
0.116 3778/2
3783
0.116 3784
0.160 3785/4/2
0.168 4025/1/11
0.236 4025/1/12/1
0.112 4025/1/12/2
0.112 4025/1/2/1/1
0.058 4025/1/2/1/1/2
0.057 4025/1/2/1/1/3
0.057
[भाग 1
(2) (1)
0.057 4025/1/2/1/1/4
0.375 4025/1/9
4026/1
0.148 4026/2/1
0.264 4026/3/2
0.353 4033/ब
0.170
0.092 4036/1/2
4036/2
0.112 4090/1
0.394
0.294 4090/2/1
4090/3
0.406 4090/4
0.076 4092/1/9
0.196 4097
0.056
0.046 4099
0.096 4103
0.046 4104
4105
0.146
0.006 4108
योग .. 12.504 ( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर से चंदला वितरक नहर की बछौन माइनर, की सूरजपुर एवं पंचमनगर माइनर एवं व्यासबदौरा वितरक नहर की उमरी माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लौड़ी में किया जा सकता है .
छतरपुर, दिनांक 3 अगस्त 2011
प्र. क्र. 107 - अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- चंदला भाग 1 ]
2919
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(ग) ग्राम- हर्रई
(घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि - 0.377 हे .
भू- अर्जन खसरा विवरण से भू- खण्डों की संख्या
खसरे का क्षेत्रफल अर्जित ( हेक्टर में) (1)
(2) 27/2
0.044 28
0.032 29
0.038 167/3
0.030 172
0.124 174
0.027 175
0.066 176
0.016
योग .. 0.377 (2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर से चंदला वितरक नहर की अमहा माइनर की अमहा सबमाइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लौड़ी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 113-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला - छतरपुर
(ख ) तहसील-चंदला
(ग ) ग्राम- अमहापुरवा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि - 2.587 हेक्टर .
भू- अर्जन खसरा विवरण से भू-खण्डों की संख्या
खसरे का क्षेत्रफल अर्जित ( हेक्टर में ) (1)
(2) 1
0.113 2
0.004 (1)
(2)
0.220 3
4
0.228 30
0.078 55
0.103
0.261 56/1
58
0.005
0.099 59/1
59/2
0.096
0.034 60/1
60/2
0.170
1.411
योग ..
अमहा सबमाइनर
5
0.082
0.035 11/1/2
0.034 11/3
0.034 18/1
0.061
0.061 18/2
0.040 19
28
0.052
0.012 136/2/1
0.012 149/2
0.032 150/1
150/2
0.054 157
0.040
0.084 159/1
159/2
0.040 160
0.134
0.006 162
0.050 163
164
0.068 168
0.002 169
0.164 171/1
0.044 173
0.035
योग .. 1.176 कुल योग 2.587 ( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर से चंदला वितरक नहर के अन्तर्गत अमहा माइनर एवं अमहा सबमाइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है .
2920
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लौड़ी में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा , दिनांक 30 जुलाई 2011
क्र. 1219 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर
(ग) नगर/ग्राम- पोड़ी
लगभग क्षेत्रफल-3.662 हेक्टर .
(घ)
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हे. में)
(1)
(2)
85
0.071
86
0.065
91
0.084
0.128
92
93
0.152
107
0.109
108
0.168
109
0.084
110
0.110
111
0.030
113
0.014
(1)
(2)
0.122
218
219
0.105
0.052
220
221
0.124
0.290
232
233
0.096
0.075
234
238
0.060
240
0.330
260
0.036
263
0.169
0.200
264
265
0.026
266
0.025
267
0.180
268
0.088
270
0.072
271
0.016
0.018
272
273
0.063
0.034
274
275
0.040
0.330
292
293
0.053
3.619
योग .
मध्यप्रदेश शासन
117
0.043
योग .. 0.043
महायोग .. 3.662
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है - बाणसागर परियोजना क्योटी नहर के अन्तर्गत आने वाली टेल डिस्ट्रीब्यूटर नहर में निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 1221 - प्रशासक- भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 भाग 1 ]
2921
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
के अंतर्गत, इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
तहसील- सिरमौर
(ख)
ग्राम - बहिवार
(ग )
( घ) लगभग क्षेत्रफल-4.374 हेक्टेयर.
खसरा नं.
रकबा (हे. में)
(2)
(1)
01
0.092
03
0.156
06
0.372
07
0.192
08
0.120
09
0.036
10
0.132
11
0.156
15
0.239
16
0.090
243
0.156
244
0.012
246
0.048
247
0.180
300
0.018
301
0.576
302
0.024
303
0.158
304
0.077
305
0.033
312
0.138
313
0.134
314
0.132
317
0.317
318
0.052
355
0.209
356
0.198
357
0.097
358
0.066
(2)
(1)
360
0.131
0.024
शासकीय 14
0.034
शासकीय 315
0.036
शासकीय 02
4.374
योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- टेल डिस्ट्रीब्यूटरी माइनर नहर के अन्तर्गत में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 1223 - प्रशासक- भू-अर्जन- 2011-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
जिला- रीवा
(क)
तहसील - सिरमौर
(ख)
ग्राम- माला कोठार
(ग)
लगभग क्षेत्रफल-5.960 हेक्टेयर.
(घ)
खसरा नं.
(1)
रकबा (हे. में) (2)
0.056
1
0.272
50
52
0.032
54
0.016
56
0.032
58
0.024
60
0.032
0.400
72
79
0.034
83
0.348
84
0.005 2922
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
(2) (1)
85
0.014 86
0.062
0.040 87
0.008 88
125
0.022 126
0.030 127
0.029 128
0.022 129
0.221 166
0.056 178
0.032 179
0.032 257
0.184 277
0.224 278
0.104 280
0.088 281
0.072 282
0.072 286
0.154 287
0.028 288
0.011 289
0.010 310
0.029 311
0.048 314
0.120 316
0.112 321
0.005
0.022 322
323
0.141 324
0.123 325
0.130 326
0.132 357
0.109 358
0.014 360
0.042 366
0.068 367
0.036 368
0.026 373
0.038 377
0.018 378
0.077 387
0.125
(2)
(1)
389
0.096
390
0.077
0.083
467
0.072
471
0.007
472
0.076
473
0.100
476
477
0.080
0.012
506
507
0.005
0.014
508
509
0.207
510
0.067
0.050
511
0.032
512
514
0.064
0.014
515
517
0.168
0.112
519
0.088
520
0.160
521
522
0.160
शासकीय भूमि
0.029
468
0.020
55
57
0.016
0.020
59
5.960
योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-माला माइनर नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 1225 - प्रशासक- भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 भाग 1 ]
2923
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
के अंतर्गत, इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर , ज.न. 5679, प.ह.नं. 48 (ग) ग्राम-क्योटी कोठार
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.320 हेक्टर.
खसरा नं.
(1)
रकबा (हे . में) (2)
1540
0.112
1541
0.170
1542
0.170
1543
0.154
1587
0.184
1588
0.098
1592
0.078
0.156
1593
1594
0.200
0.013
1595
1606
0.016
1607
0.033
1608
0.192
1744
0.048
1745
0.188
1746
0.064
1747
0.002
1755
0.056
1756
0.040
1760
0.152
0.034
1761
1763
0.002
1765
0.340
1768
0.072
1769
0.072
2074
0.092
2078
0.106
2082
0.024
2083
0.144
2093
0.260
2098
0.048 योग .. 3.320
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ट्रेल माइनर नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 1227 - प्रशासक- भू-अर्जन- 2011-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर, ज.न. 306 , प.ह.नं. 51 , ग्राम- पिपरहा कोठार (ग)
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.886 हेक्टर .
खसरा नं.
(1)
रकबा (हे. में) (2)
79
0.125
80
0.065
86
0.006
0.019
87
383
0.096
0.080
384
386
0.104
0.060
387
403
0.016
404
0.172
405
0.130
407
0.007
483
0.006 योग 0.886
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- पिपरहा माइनर नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.
2924
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 1229- प्रशासक- भू-अर्जन- 2011-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- सिरमौर
(ग) ग्राम- अतरैला पैपखार
लगभग क्षेत्रफल -3.006 हेक्टर.
(घ)
खसरा नं.
रकबा (हे. में)
(1)
(2)
2
0.012
16
0.086
19
0.265
21
0.128
23
0.408
28
0.128
29
0.064
33
0.048
34
0.150
35
0.106
36
0.032
37
0.072
38
0.115
46
0.035
47
0.040
48
0.060
49
0.058
50
0.048
51
0.048
[भाग 1
(2)
(1)
52
0.066
120
0.032
121
0.035
122
0.106
0.104
124
126
0.112
243
0.328
245
0.008
0.312
246
योग 3.006
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- पिपराहा माइनर नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 1231 - प्रशासक - भू-अर्जन- 2011-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
जिला-रीवा
(क)
तहसील- सिरमौर, ज.न. 306 , ह.नं. 50 , (ख)
ग्राम- पुरवा कोठार
(ग)
लगभग क्षेत्रफल-4.328 हेक्टर .
(घ)
खसरा नं.
रकबा
(हे . में )
(1)
(2)
39
0.360
40
0.209
41
0.303
42
0.038 भाग 1 ]
2925
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(1)
(2)
91
0.044
92
0.083
93
0.005
96
0.264
101
0.120
102
0.132
103
0.270
105
0.118
106
0.141
191
0.132
191
0.312
194
0.168
195
0.168
198
0.017
199
0.140
201
0.068
202
0.045
203
0.084
206
0.132
232
0.250
233
0.624
239
0.036
39
0.012 योग . 4.275
शासकीय 200
0.053 कुल योग .. 4.328
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- पिपरहा माइनर नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला बैतूल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग बैतूल , दिनांक 2 अगस्त 2011
प्र. क्र. 1 - अ-82 - वर्ष 2009-10- भू-अर्जन- 5878.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- बैतूल
(ख ) तहसील - घोड़ाडोंगरी
नगर/ ग्राम- झारकुण्ड, पटवारी हल्का नं. 31 , ( ग)
लगभग क्षेत्रफल-8.117 हेक्टेयर.
(घ)
रकबा
खसरा नं .
(हेक्टर में)
(2)
(1)
0.108
394/1
394/2
0.112
0.036
398/1
394/3
0.078
398/3
0.072
395/2
0.128
395/1
0.142
0.081
399/1
0.065
401
0.056
402
400
0.352
0.071
389
398/2
0.056
0.164
200
0.216
371/1
371/2
0.045
0.076
260/1
260/2
0.076 2926
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(1)
(2) 260/3
0.076 259
0.152 253
0.510 254/5
0.081 254/6
0.050 254/3
0.108 254/2
0.108 193/1
0.016 193/2
0.016 435/1
0.080 344
0.081 376
0.264 374
0.288 337
0.252 345
0.028 328
0.097 444/2
0.040 444/5
0.244 445/1
0.172 444/1
0.161 444/3
0.012 447
0.121 285/3
0.121 285/2
0.112 286/1
0.272 276/1
0.072 275/4
0.090 277
0.112 435/4
0.100 437/3
0.070 437/1
0.227 278
0.627 279
0.144 272/2
0.061 272/1
0.048 271
0.252 270
0.108 269
0.081
[भाग 1
(2)
(1)
272/3
0.061
265/1
0.061
0.218
265/2
0.061
265/3
266/3
0.108
274
0.108
276/2
0.112
8.117
योग ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- झारकुण्ड जलाशय नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , शाहपुर के न्यायालय में देखा जा सकता है .
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. - 2 , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 6 - अ - 82 - वर्ष 2009-10 - भू- अर्जन- 5877.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बैतूल
(ख) तहसील - घोड़ाडोंगरी
नगर/ग्राम- चिखली , पटवारी हल्का नं. 31 (ग)
(घ) लगभग क्षेत्रफल-9.036 हेक्टेयर.
खसरा नं.
रकबा
(हेक्टर में)
(1)
(2)
76/5
0.100
76/4
0.157
75/5
0.187
76/2
0.090 भाग 1 ]
2927
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
(2) (1)
77
0.252 93
0.150 175
0.120 173
0.090 79
0.600 76/6
0.090 76/7
0.033 76/8
0.034 76/9
0.120 76/11
0.037 96/4
0.240 96/5
0.464 96/7
0.237 96/8
0.236 96/9
0.112 96/12
0.315 297/3
0.078 296
0.165 289
0.083 311
0.112 298/1
0.071 298/10
0.070 298/4
0.035 298/8
0.035 298/2
0.090 308/1
0.102 271/4
0.067 246
0.036 248/1
0.012 247
0.036 248/2
0.012 179
0.071
0.306 219
218/1
0.168 218/2
0.120 218/3
0.132 216/3
0.123 216/10
0.120 (1)
(2)
216/2
0.225
216/1
0.127
0.045
216/6
208/1
0.090
209
0.180
0.036
298/6
0.035
298/7
309
0.138
291
0.150
210/1
0.042
0.084
210/2
210/4
0.084
195/2
0.063
0.480
194
177/2
0.142
174
0.108
172/2
0.034
0.018
172/1
170
0.150
186/2
0.253
186/3
0.198
33/2
0.155
0.130
30/4
30/5
0.253
208/2
0.108
9.036
योग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- झारकुण्ड जलाशय नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , शाहपुर के न्यायालय में देखा जा सकता है .
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. - 2, बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. चन्द्रशेखर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2928
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला मन्दसौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग गरोठ, दिनांक 4 अगस्त 2011
प्र. क्र. 06- अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की लेदी तालाब योजना ( पूरक प्रकरण ) के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
जिला- मन्दसौर
(क)
(ख) तहसील- भानपुरा
( ग) ग्राम-लेदीकला, लेदीखुर्द, ओसरना, मौखमपुरा, (घ) लगभग क्षेत्रफल - 10.303 हेक्टर .
सर्वे नम्बर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
अर्जित संपत्तियों का विवरण (3)
लेदीकला
3
0.366
9
0.314
24
0.627
संतरा पौधा 350 26/1
0.105
27
0.180
28/1
0.284
28/2
0.240
संतरा पौधा 120 28/3
0.355
संतरा पौधा 200 28/4
1.500
संतरा पौधा 420 61/2
0.175
77/1
0.200
88
0.868
संतरा पौधा 125 , कुआ 1 कच्चा
0.879
240/1
0.020
240/2
0.020
0.200
89 72 61/1
0.170
6.503
योग
[भाग 1 (1)
(3)
(2)
लेदीखुर्द
18/6
0.200
कुआ पक्का 1 21/1/5
0.640
सतंरा पौधा 100 योग . 0.840
मौखमपुरा
371
0.060
0.040
372
373
0.140
कुआ पक्का 1 374
0.040
356
0.400
0.620
353
350
0.200
कुआ पक्का 1
1.500
योग .
ओसरना
154
0.300
155
0.240
160
0.080
167
0.150
164
0.150
165
0.110
176
0.050
166
0.100
174
0.060
175
0.040
180
0.150
0.030
189
1.460
योग .
10.303
महायोग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- लेदीकला तालाब ( पूरक प्रकरण ) निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी गरोठ, जिला मंदसौर के यहां किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महेन्द्र ज्ञानी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2929
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर , दिनांक 9 अगस्त 2011
प्र. क्र. 65- अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- गौरिहार
(ग) ग्राम- सडवाकोल
( घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-0.837 हे .
खसरे का क्षेत्रफल भू- अर्जन खसरा विवरण से भू-खण्डों की संख्या
अर्जित रकबा ( हेक्टर में ) (1)
(2) 120
0.032 121
0.092 123
0.193 124/2
0.040 125
0.088 126
0.090 127
0.046 131/1/2
0.052 131/2
0.060 131/3
0.102 131/4
0.042
योग 0.837 (2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सड़वाकोल माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 88- अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- चंदला
(ग ) ग्राम- वंसिया
(घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि -11.238 है.
खसरे का क्षेत्रफल
अर्जित रकबा ( हेक्टर में ) भू- अर्जन खसरा विवरण से भू-खण्डों की संख्या
(1)
(2)
अम्हा माइनर
302
0.597 304
0.051 305
0.070 306
0.085 308/1
0.210 308/2
0.084 350
0.084
0.282 351
352
0.054 355
0.282
0.128 356
407/2
0.590 421
0.072 422/2
0.061 424/1
0.110 424/2
0.221 425
0.032 553
0.147 554
0.073 558
0.228
0.040 559
560/1
0.215 560/2
0.215 560/3
0.147 568
0.197 699
0.215 700/2
0.014 700/1
0.066 2930
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(2) (1)
712/1
0.091 712/2
0.091 712/3
0.091 714/1
0.018 714/2
0.026 715
0.108
0.060 726
727
0.108 728
0.138
0.036 731
0.270 733
735
0.173 732
0.141
0.220 769
770/1
0.175
0.007 770/2
774
0.168 775
0.134 777
0.423 780
0.089 784
0.233
0.060 787
788
0.168
0.003 789
790
0.114 1093/553
0.232
योग . 7.947
वंसिया सब-माइनर नं. 1 93/1/1
0.030 160/1
0.040 160/2
0.042
0.066 168
169
0.066
0.097 173/1
173/2
0.035 571
0.076 574
0.052 580
0.056 583
0.031 584
0.002 586/1
0.035 590/1
0.028 590/2
0.028
(2)
(1)
0.005
772
0.060
774
0.749
योग .
वंसिया सब-माइनर नं. 2
0.004 354
355
0.065
0.028 360/1
0.028 360/2
0.088 361
362
0.024 366
0.009
0.009
367
0.068 379
380
0.029
0.058 385
386
0.058
0.015 387
388/2
0.052
0.052 454/1
454/2
0.053
0.093
461
0.084 465
0.012 469/2
471
0.061
0.092 497
0.136 498
0.180 956/1
0.030 956/2
0.044 957
958
0.053
0.020 960
0.070 962/1
0.026 963
0.026 964/1
0.028 1002
1003
0.049
0.060 1008/1
0.030 1008/2
0.028 1010
0.060 1011
0.080 1012
1.902
योग .
भाग 1 ]
2931
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
(1)
(2) ब्यासबदौरा वितरक नहर
0.042 11/2
0.038 14
0.090 15
0.084 16
0.082 17
0.062 18/1
0.102 20/4
0.106 20/5
0.030 21/2
0.004
योग . 0.640
11.238
महायोग
( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर से अम्हा माइनर , वंसिया सब - माइनर नं. 1 , वंसिया सब- माइनर नं . 2 एवं व्यासबदौरा वितरक नहर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है .
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 89 - अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- चंदला
(ग) ग्राम- पडरी
( घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि -6.117 हेक्टर.
खसरे का क्षेत्रफल भू-अर्जन खसरा विवरण से
भू-खण्डों की संख्या
(1)
अर्जित रकबा ( हेक्टर में ) (2)
अम्हा माइनर
277
0.080 279
0.041
(2)
(1)
0.059
280
0.052 281
282
0.010
283
0.214
0.028 285/1
0.014 285/2
287
0.024
0.129 288
0.044 289
292
0.146
0.059 293/1
0.089 293/2
0.044 295
0.062 297
0.112 335/1
335/2
0.224 336/1
0.343
0.005 336/2
0.024 337
341
0.024
0.082 342
0.130 343
0.081 344
0.250 355
358
0.087
0.042 359/1
0.041 359/2
0.040 360/1
0.032 360/2
0.006 361
योग . 2.618 पडरी सब-माइनर
0.069 90
95/2
0.101
0.086 96
0.042 100/1
100/2
0.042 101/1
0.041
0.040 101/2
0.042 216/1
216/2
0.042 217/3
0.003
0.004 217/4
319/2
0.016 2932
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
(2) (1)
325/1
0.080 325/1/2
0.080 326
0.043 327
0.019 235/2
0.117 236
0.009 239
0.018 241
0.006 318
0.009 345
0.081 348/2
0.062 350/1
0.057
योग . 1.109 व्यासबदौरा वितरक नहर
3
0.282 19
0.110 23
0.082 24
0.104 25
0.112 26
0.106 38
0.024 49/1
0.250
0.003 49/2
49/3
0.288 49/4
0.052 55
0.012 56
0.004 58
0.115 59
0.003 66
0.098 71
0.085 72
0.140 73
0.056
0.057 74
75
0.060 77
0.347
योग . महायोग 2.390 6.117 (2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर से अम्हा माइनर, पडरी सब - माइनर एवं व्यासबदौरा वितरक नहर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 106 - अ- 82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील-चंदला
(ग) ग्राम-कनवई
(घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि - 5.777 हेक्टर.
खसरे का क्षेत्रफल अर्जित रकबा ( हेक्टर में ) (2) भू-अर्जन खसरा विवरण से भू-खण्डों की संख्या (1)
अम्हा माइनर
83
0.100 85
0.013
0.234 88/1
88/2
0.117
0.010 89
92
0.115 109
0.032
0.119 110
0.140 111
113
0.002 114
0.054
0.062 116/1
116/2
0.061 124
0.008
0.070 125
126
0.100 127
0.063 128
0.070 199/2
0.090 221
0.089 226/2
0.216 भाग 1 ]
2933
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(2) (1)
233/3/2
0.066 234/2/1
0.061
0.045 234/2/2
241
0.044 242/3
0.073 243
0.006 244
0.035 247
0.100 248
0.100
0.050 249
0.002 250
251
0.060 253
0.182
योग . 2.589
कनवई सब-माइनर
176
0.242 262
0.034 263
0.018 380/1
0.086 380/2
0.022 381
0.139 387/1
0.028
0.084 387/2
0.029 389
390
0.062 392
0.079 393
0.072
0.012 478
496
0.072 497
0.062 498
0.107
0.011 499/1
499/2
0.011 502
0.196 503
0.012 507/1
0.001 508
0.048 509
0.051 510
0.024 511
0.009 516
0.001 517
0.002 518
0.038 528
0.087
(2) (1)
0.009 531/1
532
0.051
0.027 533/1
533/2
0.027
0.065 534
0.044 551
1.862
योग .
हर्रई माइनर
227/2
0.073
0.006 228
0.056 231
0.144 232/2
0.188 435/1
436
0.010
0.154 437
0.028 444
0.048 448
450
0.080
0.043 452
453
0.112 454
0.020 464/1
0.072 464/2
0.072
0.021 469/1/1
0.199 469/1/2
1.326
योग ..
5.777
महायोग .
( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर से चंदला वितरक नहर की अम्हा माइनर की कनवई सब - माइनर एवं हर्रई माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लौंड़ी में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 108- अ - 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की 2934
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील-चंदला
(ग ) ग्राम- घूरापुरवा
( घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि - 3.317 हेक्टर.
खसरे का क्षेत्रफल भू- अर्जन खसरा विवरण से भू-खण्डों की संख्या
अर्जित रकबा ( हेक्टर में ) (1)
(2)
अमहा माइनर
126
0.066 128
0.008 130
0.077 131
0.030 132
0.032 136
0.084 137
0.078 167/1
0.007 168
0.036 169
0.040 170
0.016 220
0.051 222
0.092 223/1
0.037 223/2
0.037 229
0.062 230
0.012 231
0.056 271
0.092
0.002 278/1
570/1
0.005 138
0.041 280
0.020 281
0.028 282
0.050 382
0.045 383
0.010 386/2
0.011 392
0.077 393
0.012 394
0.056 395
0.016
0.020 400/1
[भाग 1 (1)
(2)
0.020 400/2
400/3
0.010 457
0.040
0.035 458
536
0.028
0.064 537
544
0.048
0.142 545
0.016 553/1
553/2
0.010
0.040 554
0.008 567
571/1
0.019 571/2
0.019
1.805
योग .
घूरापुरवा सब- माइनर
139
0.056 140
0.121
0.315 152
0.156 153
154
0.132 301
0.144 302
0.081 303
0.013 304/2
0.075 304/3
0.077
0.084 310
311
0.115
0.005 312
0.102 313
314
0.036
योग .. 1.512 कुल अर्जित रकबा योग 3.317 (2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की चंदला वितरक नहर की अमहा माइनर एवं घूरापुरवा सब - माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लवकुशनगर में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .
भाग 1 ]
2935
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 25 जुलाई 2011
क्र. 1016- गोपनीय- 2011- दो- 3-1-2011 ( भाग- बी ) .--न्यायिक अधिकारी जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है, को न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर में पांच दिवसीय प्रशिक्षण "Refresher Course for Civil Judges , Class - II " ( 2008 Batch ) ( First Batch ) , जो दिनांक 23 अगस्त 2011 से 27 अगस्त 2011 तक की अवधि के लिये आयोजित है, हेतु संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 23 अगस्त 2011 को प्रातः काल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है.
प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी :-
1. अपरिहार्य मामलों को छोड़कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा . समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजा जावे , जिससे कि निदेशक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें.
2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर के समक्ष दिनांक 23 अगस्त 2011 को प्रात :काल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें.
3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट , ग्रे पेन्ट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होवें, महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाऊज व काले कोट में उपस्थित होवें.
4. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निम्न में से प्रत्येक की एक प्रति, प्रशिक्षण प्रारंभ होने के, कम से कम एक सप्ताह पूर्व , प्रशिक्षण संस्थान को अवश्य प्रेषित करें :-
( i) Judgement in Civil Case ( Contested) and ( ii ) Judgement in Criminal case (contested ) ( iii) Issues framed by themselves
( iv) Charge framed by themselves
(v) Accused Statement Prepared by themselves 5. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे जिन विधिक समस्याओं/विषयों पर चर्चा चाहते हों को प्रशिक्षण केन्द्र के फैक्स नं. 0761-2626945 पर समय रहते अग्रिम प्रेषित करें.
6. टी . ए. एवं डी. ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे, जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं .
7. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासनहीनता माना जावेगा.
8. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन पर टैम्पो ट्रैक्स की व्यवस्था की जावेगी . जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी. अतः न्यायिक अधिकारी जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के कार्य दिवस में, प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच , दूरभाष क्रमांक 0761-2628679 पर समयावधि रहते सूचित करें.
9. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिये न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल , उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है . जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी . यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के द्वितीय एवं तृतीय तल पर, स्वास्थ्य कारणों से , ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा , जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी . इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी. ए. एवं डी. ए. क्लेम करने के पात्र होंगे .
10. न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय नाश्ता तथा दिन एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,
सुभाष काकडे , रजिस्ट्रार जनरल.
2936
जबलपुर, दिनांक 1 अगस्त 2011
क्र. 1051 -गोपनीय- 2011- चार- 12-31-72 ( भाग- चार - ए) .- श्री आनंद कुमार तिवारी , तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , धार की प्रार्थना पर उनका गृह जिला " इन्दौर " के स्थान पर " दुर्ग ( छत्तीसगढ़ ) " परिवर्तित किये जाने की उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश द्वारा अनुमति प्रदान की जाती है. उनके संबंधित समस्त प्रपत्रों में उनका परिवर्तित गृह जिला अंकित किया जावे .
क्र. 1053 -गोपनीय - 2011 - चार- 12-31-72 ( भाग - चार - ए) .- श्री शमरोज खान, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , राजगढ़ की प्रार्थना पर उनका गृह जिला " मण्डलेश्वर " के स्थान पर " बड़वानी " परिवर्तित किये जाने की उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश द्वारा अनुमति प्रदान की जाती है. उनके संबंधित समस्त प्रपत्रों में उनका परिवर्तित गृह जिला अंकित किया जावे.
क्र. 1055- गोपनीय- 2011- चार- 12-31-72 ( भाग- चार - ए) .- श्री अफसर जावेद खान , विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी /रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, खण्डपीठ इन्दौर की प्रार्थना पर उनका गृह जिला " झाबुआ " के स्थान पर " अलीराजपुर " परिवर्तित किये जाने की उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश द्वारा अनुमति प्रदान की जाती है . उनके संबंधित समस्त प्रपत्रों में उनका परिवर्तित गृह जिला अंकित किया जावे.
क्र. 1057- गोपनीय- 2011 - चार- 12-31-72 ( भाग- चार- ए) .- श्री महेन्द्र मांगोदिया , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , बुरहानपुर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश बुरहानपुर की प्रार्थना पर उनका गृह जिला " इन्दौर " के स्थान पर " धार " परिवर्तित किये जाने की उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश द्वारा अनुमति प्रदान की जाती है . उनके संबंधित समस्त प्रपत्रों में उनका परिवर्तित गृह जिला अंकित किया जावे.
क्र. 1059-गोपनीय- 2011- चार-12-31-72 ( भाग- चार - ए) .- श्रीमती दीपाली शर्मा , पंचम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , उज्जैन की प्रार्थना पर उनका गृह जिला " गुना " के स्थान पर " अशोकनगर " परिवर्तित किये जाने की उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश द्वारा अनुमति प्रदान की जाती है . उनके संबंधित समस्त प्रपत्रों में उनका परिवर्तित गृह जिला अंकित किया जावे.
क्र. 1061 - गोपनीय - 2011- चार - 12-31-72 ( भाग - चार- ए) .- श्री अरविंद कुमार श्रीवास्तव ( जूनियर ) , विशेष न्यायाधीश , अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम झाबुआ की प्रार्थना पर उनका गृह जिला " मण्डला " के स्थान पर " डिण्डौरी " परिवर्तित किये जाने की उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश द्वारा अनुमति प्रदान की जाती है . उनके संबंधित समस्त प्रपत्रों में उनका परिवर्तित गृह जिला अंकित किया जावे.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
[भाग 1 क्र. 1063-गोपनीय- 2011 - चार-12-31-72 ( भाग - चार- ए) . - श्रीमती माधुरी राजलालजी , द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , उमरिया की प्रार्थना पर उनका गृह जिला " जबलपुर " के स्थान पर " हमीरपुर ( उत्तरप्रदेश ) " परिवर्तित किये जाने की उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश द्वारा अनुमति प्रदान की जाती है . उनके संबंधित समस्त प्रपत्रों में उनका परिवर्तित गृह जिला अंकित किया जावे .
क्र. 1065 -गोपनीय- 2011- चार- 12-31-72( भाग - चार - ए) .- श्रीमती अर्चना सिंह, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , भोपाल की प्रार्थना पर उनका गृह जिला " जबलपुर " के स्थान पर " इलाहाबाद ( उत्तरप्रदेश ) " परिवर्तित किये जाने की उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश द्वारा अनुमति प्रदान की जाती है . उनके संबंधित समस्त प्रपत्रों में उनका परिवर्तित गृह जिला अंकित किया जावे .
क्र. 1067-गोपनीय- 2011- चार- 12-31-72 ( भाग - चार- ए).- श्री सूरज सिंह राठौड़ , व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2, भीकनगांव, मण्डलेश्वर की प्रार्थना पर उनका गृह जिला " खण्डवा " के स्थान पर " बुरहानपुर " परिवर्तित किये जाने की उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश द्वारा अनुमति प्रदान की जाती है. उनके संबंधित समस्त प्रपत्रों में उनका परिवर्तित गृह जिला अंकित किया जावे.
क्र. 1069-गोपनीय- 2011- चार - 12-31-72 ( भाग - चार- ए) .- श्री सुरेश कुमार चौबे ( जूनियर ) , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 , श्योपुर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, स्थान विजयपुर , जिला श्योपुर की प्रार्थना पर उनका गृह जिला " गुना " के स्थान पर " अशोकनगर " परिवर्तित किये जाने की उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश द्वारा अनुमति प्रदान की जाती है. उनके संबंधित समस्त प्रपत्रों में उनका परिवर्तित गृह जिला अंकित किया जावे.
क्र. 1071 -गोपनीय- 2011 - चार - 12-31-72 ( भाग- चार- ए) .- श्री अरविंद सिंह टेकाम, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग 2, पवई, जिला पन्ना की प्रार्थना पर उनका गृह जिला " शहडोल " के स्थान पर " उमरिया " परिवर्तित किये जाने की उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश द्वारा अनुमति प्रदान की जाती है . उनके संबंधित समस्त प्रपत्रों में उनका परिवर्तित गृह जिला अंकित किया जावे.
क्र. 1073 -गोपनीय- 2011- चार- 12-31-72( भाग-चार - ए) .- कुमारी साधना माहेश्वरी , सप्तम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , उज्जैन की प्रार्थना पर उनका गृह जिला " झाबुआ " के स्थान पर " अलीराजपुर " परिवर्तित किये जाने की उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश द्वारा अनुमति प्रदान की जाती है . उनके संबंधित समस्त प्रपत्रों में उनका परिवर्तित गृह जिला अंकित किया जावे.
माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, सुभाष काकडे , रजिस्ट्रार जनरल.
भाग 1 ]
2937
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
जबलपुर, दिनांक 21 जुलाई 2011
क्र. 1003-गोपनीय- 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग- बी) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लिखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में, दर्शाये अनुसार उल्लिखित न्यायालय के न्यायाधीश उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है :-
सारणी
क्रमांक अधिकारी का नाम
(1)
(2)
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (3)
द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सतना की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .
1 श्री गोपाल श्रीवास्तव षष्ठम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सतना.
चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सतना की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
2 श्रीमती अनुराधा शुक्ला सप्तम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सतना.
3
पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( फास्ट ट्रैक कोर्ट) रीवा की हैसियत से रिक्त
न्यायालय में.
भगवत प्रसाद पाण्डेय नवम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( फास्ट ट्रैक कोर्ट ) रीवा.
जबलपुर, दिनांक 25 जुलाई 2011
क्र. 1018-गोपनीय- 2011-दो- 2-1-2011 ( भाग- बी) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लिखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लिखित न्यायालय के न्यायाधीश उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है :-
सारणी
अधिकारी का नाम
क्रमांक
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (1)
(2)
(3)
1 श्रीमती रेणुका कंचन ,
द्वितीय अपर जिला एवं
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , देवास की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .
सत्र न्यायाधीश , देवास .
जबलपुर, दिनांक 1 अगस्त 2011
क्र. 1077- गोपनीय- 2011- दो- 2-1-2011 ( भाग- बी) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लिखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लिखित न्यायालय के न्यायाधीश उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है :-
सारणी
अधिकारी का नाम
क्रमांक
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (1)
(3)
(2)
1
द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छिन्दवाड़ा की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.
श्री संजीव कुमार पाण्डे पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, ( फास्ट ट्रैक कोर्ट ) छिन्दवाड़ा
द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दमोह की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में 2 श्री प्रकाश चन्द्र मिश्र चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, ( फास्ट ट्रैक कोर्ट ) दमोह.
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, सुभाष काकडे, रजिस्ट्रार जनरल .
जबलपुर, दिनांक 20 जुलाई 2011
क्र. 999-गोपनीय- 2011 - दो-3-77-2011 .- श्रीमती चैनवती ताराम, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , मण्डला का विवाह श्री महेन्द्र सिंह ताराम के साथ होने के फलस्वरूप , उनकी प्रार्थनानुसार उनका नाम " कुमारी चैनवती धुर्वे " के स्थान पर " श्रीमती चैनवती ताराम " पति श्री महेन्द्र सिंह ताराम , परिवर्तित करने की एतद्वारा अनुमति प्रदान की जाती है. उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका परिवर्तित नाम अंकित किया जावे.
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, सुभाष काकडे, रजिस्ट्रार जनरल .
जबलपुर, दिनांक 23 जुलाई 2011
क्र.बी- 1905- तीन-10-42-75- ( भिण्ड लहार) - मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय एतद्वारा निर्देशित करता है कि श्री लक्ष्मण पवैया, तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , भिण्ड अपने घोषित कार्यस्थल भिण्ड के अतिरिक्त लहार में भी प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय सप्ताह में बैठक करेंगे .
2938
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
No. B - 1905 - III - 10-42-75-( Bhind- Lahar) .- In exercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Court Act , 1958 (Act No. 19 of 1958 ) the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that the Shri Laxman Pawaiya , III Additional Distt . & Session Judge , Bhind in Addition to his place of sitting declared at Bhind shall also sit at Lahar during 1st and IIIrd week of each month .
क्र.बी - 1907- तीन- 10-42-75- ( दतिया-सेवढ़ा ) .- मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय एतद्वारा निर्देशित करता है कि श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , दतिया अपने घोषित कार्यस्थल दतिया के अतिरिक्त सेवढ़ा में भी प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय सप्ताह में बैठक करेंगे.
No. B - 1907 - III- 10-42-75- ( Datia- Seodha) . In exercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Court Act , 1958 ( Act No. 19 of 1958 ) the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that the Shri Jitendra Kumar Sharma , Ist Additional Distt. & Session Judge , Datia in Addition to his place of sitting declared at Datia shall also sit at Seodha during 1st and IIIrd week of each month .
जबलपुर, दिनांक 2 अगस्त 2011
क्र.ई - 3267-तीन- 10-42-75- ( शाजापुर- सुसनेर ).-मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट एक्ट, 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय एतद्वारा निर्देशित करता है कि श्री सुरेश कुमार आरसे, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, आगर अपने घोषित कार्यस्थल आगर के अतिरिक्त सुसनेर में भी प्रत्येक माह 7 दिवस बैठक करेंगे.
No. E - 3267 - III - 10-42-75- ( Shajapur - Susner) .-In exercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Court Act , 1958 (Act No. 19 of 1958) the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that the Shri Suresh Kumar Aarse , Additional Distt . & Session Judge, Agar in Addition to his place of sitting declared at Agar shall also sit at Susner for 7 days in each month.
क्र.ई - 3269- तीन- 10-42-75-( रीवा- मऊगंज ) .- मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट एक्ट, 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय एतद्वारा निर्देशित करता है कि श्री धीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव , सप्तम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रीवा अपने घोषित कार्यस्थल रीवा के अतिरिक्त मऊगंज में भी प्रत्येक माह 7 दिवस बैठक करेंगे.
No. E- 3269 - III - 10-42-75- ( Rewa- Mauganj ) .- In exercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Court Act , 1958 (Act No. 19 of 1958 ) the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that the Shri Dhirendra Kumar Shrivastav , VIIth , Additional Distt . & Session Judge , Rewa in Addition to his place of sitting declared at Rewa shall also sit at Mauganj for 7 days in each month .
क्र.ई- 3271- तीन- 10-42-75- ( देवास- कन्नौद ) .- मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट एक्ट, 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय एतद्वारा निर्देशित करता है कि श्री भरत सिंह ओहरिया , अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बागली अपने घोषित कार्यस्थल बागली के अतिरिक्त कन्नौद में भी प्रत्येक माह 7 दिवस बैठक करेंगे.
No. E - 3271 - III - 10-42-75- (Dewas - Kannod ) .- In exercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Court Act , 1958 (Act No. 19 of 1958) the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that the Shri Bharat Singh Ouhariya, Additional Distt . & Session Judge , Bagli in Addition to his place of sitting declared at Bagli shall also sit at Kannod for 7 days in each month.
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, अभय कुमार, रजिस्ट्रार.
जबलपुर, दिनांक 20 जुलाई 2011
क्र. 997 -गोपनीय - 2011 - दो - 2-1-2011 ( भाग- बी ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 229 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में उल्लेखित न्यायिक अधिकारियों को, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में अंकित स्थान से स्थानांतरित कर, स्तम्भ (4 ) में अंकित स्थान पर एवं स्तम्भ ( 5 ) में उल्लिखित पद पर, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करते हैं : -
सारणी
नाम
क्रमांक
कहां से (1)
(2)
(3) 1
देवास श्री प्रदीप कुमार व्यास प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, देवास .
कहां को
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (5)
(4)
जबलपुर विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी , ( न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान) उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर के पद पर.
भाग 1 ]
2939
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
(2)
(3) (1)
2
जबलपुर श्री अवधेश कुमार ( गुप्ता) विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान ) उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर.
(4)
(5)
जबलपुर उप संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान ) जबलपुर की हैसियत से.
जबलपुर, दिनांक 27 जुलाई , 2011
क्र. ई. 3145 - पेंशन- चार-9-4-39 भाग-तीन सी. मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर की स्थापना के निम्नलिखित प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को उनकी अधिवार्षिकीय आयु आगामी वर्ष 2012 में पूर्ण करने के उपरान्त उनके नाम के सामने तालिका के स्तम्भ क्रमांक ( 5 ) में अंकित दिनांक से सेवानिवृत्त किया जाता है :-
तालिका
क्रमांक
नाम
पदनाम एवं पदस्थापना (2)
(1)
(3) जन्मतिथि वर्ष 2012 सेवानिवृत्ति का दिनांक वित्त विभाग भोपाल के ज्ञापन क्र. 439/3497/75/आर- एक-चार, दि. 16-4-76 के अनुसार (5)
(4)
प्रथम श्रेणी अधिकारी
1 श्री आर. पी . पाण्डेय
रजिस्ट्रार
उ. न्या. म. प्र. जबलपुर 10-12-1952
31-12-12 अप.
द्वितीय श्रेणी अधिकारी
1 श्रीमती भारती सावे
निजी सचिव
उ. न्या. म. प्र. खण्डपीठ, इन्दौर
2 श्री इनाममुल्ला खान
अनुभाग अधिकारी उ. न्या. म. प्र. , जबलपुर 3 श्रीमती सुहास जोशी
अनुभाग अधिकारी उ. न्या. म. प्र . , जबलपुर 4. श्री जी. पी. कुशवाहा
अनुभाग अधिकारी
उ. न्या. म . प्र. , खण्डपीठ ग्वालियर
असि. रजिस्ट्रार, 5. कु. कृष्णा शर्मा
उ. न्या. म. प्र . , खण्डपीठ ग्वालियर
1-6-1952
31-5-12 अप .
1-7-1952
30-6-12 अप .
30-6-12 अप .
1-7-1952
1-9-1952
31-8-12 अप .
31-10-12 अप. 11-10-1952
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,
सुभाष काकडे , रजिस्ट्रार जनरल.
2940
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
[ भाग 1
जबलपुर, दिनांक 30 जुलाई, 2011
क्र. 1032 - गोपनीय - 2011- दो - 2-1-2011 ( भाग - बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित न्यायिक अधिकारी , जिन्हें मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश फा. क्रमांक 3 ( ए) 1-2011 - इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 8 जुलाई 2011 द्वारा उच्च न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीश ( प्रवेश स्तर ) के पद पर वेतनमान 51550-1230-58930-1380-63070 में अस्थायी रूप से दो वर्ष की परिवीक्षा पर या अन्य आदेश तक नियुक्त किया गया है को निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से प्रशिक्षण हेतु पदस्थ करता है : -
सारणी
क्रमांक
नाम
पदस्थापना का स्थान
(2)
(1)
(3) 1
ग्वालियर सुश्री संगीता मदान
2
श्री राकेश मोहन प्रधान
रीवा 3
गुना श्री अखिलेश शुक्ला
पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (4)
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, ग्वालियर के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , रीवा के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , गुना के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से .
क्र. 1034- गोपनीय - 2011- दो - 2-1-2011 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अधीन एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्टस् एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी , को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ (4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तत्संबंधी स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायाधीश की हैसियत से तथा मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग की अधिसूचना क्रमांक फा-1-2-90- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 26 अक्टूबर 1995, अधिसूचना क्रमांक फा.-1-2-90- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 19 फरवरी 1997 एवं क्रमांक 1-2-90- इक्कीस- अ ( एक) , दिनांक 7 मई 1999 तथा क्रमांक फा-1-2-90- इक्कीस - ब ( एक) , दिनांक 4 मई 2007 द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण ) अधिनियम , 1989 ( 1989 की संख्या 33 ) की धारा 14 के अधीन विनिर्दिष्ट सारणी के तत्संबंधी स्तम्भ ( 7 ) में निर्दिष्टंट विशेष न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के रूप में पदस्थ एवं नियुक्त करता है .
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( 1974 की संख्या 2 ) की धारा 9 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, उच्च न्यायिक सेवा के निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में निर्दिष्ट अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिये अपर सत्र न्यायाधीश नियुक्त करता है :-
सारणी
नाम
क्रमांक
कहां से कहां को (1)
(4) (2)
(3)
1
उज्जैन
गुना श्री ऋतुराज बसंत कुमार
धार
भोपाल
2 श्री लीलाधर बौरासी,
अतिरिक्त सचिव, विधि और
विधायी कार्य विभाग , भोपाल
के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.
सत्रखण्ड का नाम
न्यायालय के संदर्भ में टिप्पणी
विशेष न्यायालय का नाम
(6)
(5)
(7) गुना
गुना पीठासीन अधिकारी , विशेष न्यायालय की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
धार
धार पीठासीन अधिकारी , विशेष
न्यायालय की हैसियत से
श्री शिवनारायण खरे के स्थान पर.
भाग 1 ]
2941
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 12 अगस्त 2011
क्र. 1035- गोपनीय - 2011-दो- 2-1-2011 ( भाग-बी) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी ( अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ) को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर, उक्त न्यायिक अधिकारी के समक्ष स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट अपर जिला न्यायाधीश ही हैसियत से, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है .
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , उच्च न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारी को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिये , उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है : -
कहां से क्रमांक
नाम
(1)
(3) (2)
1
मनावर श्री विनोद कुमार दुबे (जूनियर)
2
रतलाम श्री वीरेन्द्र सिंह राजपूत
3
मनावर
सुसनेर श्री अविनाश कुमार खरे
सारणी
कहांको
सत्र खण्ड का नाम
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी
(6)
(5)
(4) गरोठ
मंदसौर
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
डिण्डौरी
डिण्डौरी
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.
धार
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री विनोद कुमार ( जूनियर ) के स्थान पर.
टिप्पणी.- रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 953 - गोपनीय- 2011-दो-2-1-2011 ( भाग - बी ) दिनांक 13 जुलाई 2011 , जहाँ तक इसका संबंध श्री राम प्रसाद सोलंकी, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , हरदा का, हरदा से डिण्डौरी स्थानांतरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, सुभाष काकडे, रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 15 मार्च 2011
क्र. ए- 512- तीन-10-40-78- ( संशोधन )-छः- मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल द्वारा मध्यप्रदेश सिविल न्यायालय अधिनियम , 1958 ( क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 5 के खण्ड ( ख ) के अधीन जारी की गई अपनी अधिसूचना क्रमांक- 261 -फा. - 1-2-2010 - इक्कीस - ब- ( एक ) दिनांक 12 जनवरी 2011 में , जो " मध्यप्रदेश राजपत्र " दिनांक 1 फरवरी 2011 में प्रकाशित की गई थी, में मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल की अधिसूचना क्रमांक फा-1-2-2010- इक्कीस-ब- ( एक) दिनांक 11 मार्च 2011 , द्वारा संशोधन किये जाने के फलस्वरूप मध्यप्रदेश सिविल न्यायालय अधिनियम, 1958 ( क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर एतद्वारा , अपनी अधिसूचना क्रमांक 121-2011 - तीन-10-40-78- संशोधन ( भाग - छः ) दिनांक 24 जनवरी 2011 में निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्: -
संशोधन
उक्त अधिसूचना में , सारणी में, अनुक्रमांक 8 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जायें , अर्थात् : -
अनु. क्र.
अपर जिला न्यायाधीश के न्यायालय सिविल जिले का नाम
न्यायालयों की संख्या
बैठने का स्थान
(1)
(2)
(3)
(4)
16 भोपाल
भोपाल
8
सारणी
सिविल न्यायाधीश द्वितीय वर्ग के न्यायालय सिविल न्यायाधीश प्रथम वर्ग के न्यायालय
न्यायालयों
बैठने
का स्थान
की संख्या बैठने का स्थान
न्यायालयों की संख्या
(7)
(8) (5)
(6)
22
27 भोपाल
भोपाल
2
1
बैरसिया
बैरसिया 2942
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
[ भाग 1 No. A- 512- III - 10-40-78 (Amendment) VI .-Consequent to the Amendment made by the State Government in its Notification No. 261 -F- 1-2-2010 - XXI - B- ( One) , Dated 12th January , 2011 which was published in the " Madhya Pradesh Gazette" dated 1st February , 2011 issued under Clause ( b ) of Section 5 of M. P. Civil Court Act , 1958 (No. 19 of 1958 ) vide Government of M. P. , Law and Legislative Affairs , Department Notification No. F - 1-2-2010 - XXI - B ( 1 ) , Dated , 11th March 2011 the High Court of Madhya Pradesh , in exercise of the powers conferred by Section 12( 1 ) of M. P. Civil Court Act, 1958 (No. 19 of 1958) hereby makes the following further amendment in its Notification No. 121-2011 - III - 10-40- 78 -Amendment (Part - VI ) , Dated 24th January , 2011 as under , namely
AMENDMENT
In the said Notification , in the table , for the serial number 8 and entries relating therto , the following serial number and entries relating thereto shall be substituted , namely :-
TABLE
S. No.
Name of the CivilDistrict
Courtof Civil Judges Class - II
Court of Civil Judges Class - I
Court ofAdditional District Judges
Number ofCourts
Number ofCourts
Number ofCourts
Place ofSitting
Place ofSitting
Place ofSitting
(8) (1)
(6)
8
(4) 16
27 (2) Bhopal
(3) Bhopal
22 1
2
(7) Bhopal Berasia
Bhopal (5) Berasia
जबलपुर, दिनांक 27 जुलाई 2011
क्र. ई- 3154- तीन-8-4-81 - भाग- पांच. मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम , 1981 ( अधिनियम क्रमांक 36 सन् 1981 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश जबलपुर एतद्वारा अपनी अधिसूचना क्रमांक डी- 3700- तीन-6-4-81- भाग चार, दिनांक 20-10-2009 में निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्: -
संशोधन
उक्त अधिसूचना की अनुसूची में अनुक्रमांक ( 1 ) तथा उससे संबंधित स्तम्भ ( 2 ) में वर्णित वर्तमान प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित प्रविष्टियां प्रतिस्थापित की जावें,
अनुसूची
क्र.
शासन द्वारा निर्मित स्पेशल कोर्ट का नाम अधिकारी का नाम एवं पदनाम , विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति के संबंध में
क्षेत्र जिसके लिये विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति की गई
(1)
(2)
(3)
1
(4) विशेष न्यायालय, सतना श्री रवीन्द्र सिंह, अपर सत्र न्यायाधीश, सतना नयागांव बरौधा, मझगवां, सिंहपुर, सभापुर तथा धारकुंडी
Jabalpur, dated 27th July 2011
No. E - 3154 - III -6-4-81- Pt. - V.-In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of the Section (6) of Madhya Pradesh Dacoity Aur Vyapharan Prabhavit Kshetra Adhiniyam 1981 (Act . No. 36 of 1981 ) the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur hereby makes the following amendment in its Notification No. D/ 3700/ III - 6-4/ 81 - Pt . IV dated 20-10- 2009 namely:-
AMENDMENT
Inthe Schedule of the said Notification in Serial No. ( 1 ) for the existing entries in Column No. 2, the following entries shall be substituted :-
S. No. No.
Name & Designation of the Presiding Officer appointed in the Special Court
Area for which the appointment made in Special Court (3)
(1)
Name of the Special Court established by the State Government (4) 1
Special Court , Satna (2) Shri Ravinder Singh , Additional Sessions Judge , Satna
Navagaon , Baroundha Majhganva , Singhpur , Sabhapur & Dharkundi .
2943 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
जबलपुर, दिनांक 29 जुलाई 2011
क्र. सी- 6292-तीन-6-4-81- भाग- पांच.- मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम , 1981 ( अधिनियम क्रमांक 36 सन् 1981 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश जबलपुर एतद्वारा अपनी अधिसूचना क्रमांक ई - 1416- तीन- 6-4-81- भाग पांच, दिनांक 14 मार्च 2011 में निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्: -
संशोधन
उक्त अधिसूचना की अनुसूची में अनुक्रमांक ( 1 ) तथा उससे संबंधित स्तम्भ ( 2 ) में वर्णित वर्तमान प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित प्रविष्टियां प्रतिस्थापित की जावें. -
अनुसूची
क्र.
शासन द्वारा निर्मित स्पेशल कोर्ट का नाम अधिकारी का नाम एवं पदनाम , विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति के संबंध में
क्षेत्र जिसके लिये विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति की गई
(1)
(3)
(2)
1
राजस्व जिला दतिया
(4) विशेष न्यायालय , दतिया श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा, प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, दतिया.
No. C- 6292 - III -6-4-81 - Pt - V.-In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of the Section (6) of Madhya Pradesh Dacoity Aur Vyapharan Prabhavit Kshetra Adhiniyam 1981 (Act No. 36 of 1981 ) the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur hereby makes the following amendment in its Notification No. E - 1416 - III - 6-4-81 -Pt . V dated 14 March 2011 , namely :-
AMENDMENT
Inthe Schedule of the said Notification in Serial No. ( 1 ) for the existing entries in Column No. 2, the following entries shall be substituted :-
S. No. No.
Name & Designation of the Presiding Officer appointed in the Special Court (2)
Area for which the appointment made in Special Court (3)
Name of the Special Court established by the State Government (4) (1)
1
Revenue District , Datia
Special Court , Datia Shri Jitendra Kumar Sharma , Ist ASJ , Datia .
अभय कुमार, रजिस्ट्रार .
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण , जबलपुर
Jabalpur dated. 19th July 2011
No. F. No. 71 -B- LA- SLSA- 2011.-In excercise of the powers conferred under Section 22 - B of the Legal Services Authorities Act, 1987 ( as amended by Central Act No. 37 of 2002 and hereinafter referred to as the Act ) , the Madhya Pradesh State Legal Services Authority hereby : -
( i ) establishes Permanent Lok Adalats at the places specified in Column No. 2 of the Table below, in respect of all the public Utility Services as defined in Clause (b ) of Section 22A of the Act and also reproduced in the foot note of the Table below , and all the Permanent Lok Adalats so established , shall exercise jurisdiction in their respective areas as specified in Column No. 4 of the Table below against each Permanent Lok Adalat ; and 2944
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 अगस्त 2011
( ii) apoints , after obtaining permission and after making necessary recommendations and seeking nominations , the following officers , whose designations are mentioned in Column No. 3 of the Table below against each Permanent Lok Adalat, as Chairman and Members of the aforesaid Permanent lok Adalats , namely :-
TABLE
S. No.
Designation of the Officer
Place of the permanent Lok Adalt
Areas in which permanent Lok Adalat shall exercise jurisdiction (2)
(3)
(4) (1) 1
Chairman
Neemuch
Whole of the Civil District Neemuch
Special Judge , (SC- ST Atrocities Act) Neemuch .
Member
Chief Medical & Health Officer, Neemuch
Member
Executive Engineer (Civil) P. W. D. Neemuch
Note . Public Utility Services as defined under Clause (b ) of Section 22- A of the Act " Public Utility Service " means any.-
(i) Transport serivce for the carriage of passengers or goods by air , road , or water , or
(ii) Postal , telegraph or telephone Service ; or
(iii) Supply of power , light , or water to the public by any establishment ; or
(iv) System of Public conservancy , or sanitation ; or
(v) Service in hospital , or dispensary ; or
(vi) Insurance service ;
and includes any service which the Central Government or the State Government as the case may be , may , in the public interest by notification declare to be a public Utility Service for purpose of the Chapter VI - A of the Act.
By order of the Madhya Pradesh Legal Services Authority , ANIL KUMAR CHATURVEDI , Member - Secy.
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 11 अगस्त 2011
एफ नं. 2-2/ 11/सात (4 - बी ) - मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 की धारा 24 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के दिनांक से आगामी एक वर्ष की अवधि के लिये जिले में पदस्थ उन समस्त सहायक अधीक्षकों, भू- अभिलेख/अधीक्षकों, भू-अभिलेख जिन्होंने विहित विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण कर ली हो, को उनकीअपनी-अपनी अधिकारिता के भीतर उपर्युक्त संहिता के अधीन नायब तहसीलदार/तहसीलदार की समस्त शक्तियां प्रदत्त करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,
जे. पी. पिड़िहा , उपसचिव.