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मध्यप्रदेश
शास
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 33]
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 19 अगस्त 2011- श्रावण 28 , शक 1933
विषय -सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट .
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं,
भाग 4.-( क ) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन , (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख ) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 1 अगस्त 2011
क्र. ई - 5-782 - आयएएस- लीव - 5 - एक.- ( 1 ) श्री भरत कुमार व्यास , आयएएस. , सचिव मध्यप्रदेश शासन , वाणिज्य , उद्योग एवं रोजगार विभाग को दिनांक 28 जून से 7 जुलाई 2011 तक, दस दिन का लघुकृत अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
( 2 ) अवकाश से लौटने पर श्री भरत कुमार व्यास को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव , मध्यप्रदेश शासन,
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वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्री भरत कुमार व्यास को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री भरत कुमार व्यास अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
भोपाल, दिनांक 6 अगस्त 2011
क्र. ई- 5-685 - आयएएस लीव-5- एक. ( 1 ) श्री डी. पी. आहूजा, आयएएस . अध्यक्ष सह प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पश्चिम नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2011 .
2946
क्षेत्र विद्युत्वितरण कम्पनी लिमि. , इंदौर को दिनांक 8 से 12 अगस्त 2011 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 7 अगस्त एवं 13, 14, 15 अगस्त 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .
( 2 ) अवकाश से लौटने पर श्री डी. पी . आहूजा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अध्यक्ष- सह- प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत् वितरण कम्पनी लिमि. इंदौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3 ) अवकाशकाल में श्री डी. पी . आहूजा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री डी . पी. आहूजा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
क्र. ई - 5-842 - आयएएस लीव- 5- एक-( 1 ) श्री एस. पी. एस. सलूजा, आयएएस, अपर आयुक्त ( राजस्व ) ग्वालियर चंबल संभाग को दिनांक 16 से 19 अगस्त 2011 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 13, 14, 15 एवं दिनांक 20, 21 , 22 अगस्त 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .
( 2 ) अवकाश से लौटने पर श्री एस. पी. एस. सलूजा को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक , स्थानापन्न अपर आयुक्त (राजस्व) , ग्वालियर/चंबल संभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्री एस. पी . एस. सलूजा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एस. पी . एस . सलूजा, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
भोपाल , दिनांक 9 अगस्त 2011
क्र. ई -5-709- आयएएस लीव एक 5.-( 1 ) श्रीमती सीमा शर्मा , आयएएस . , सचिव , मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग को दिनांक 12 से 16 सितम्बर 2011 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 10,11 सितम्बर एवं 17 , 18 सितम्बर 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
( 2 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती सीमा शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक , स्थानापन्न सचिव, मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
( 3) अवकाशकाल में श्रीमती सीमा शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती सीमा शर्मा, अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.
क्र. ई - 5-486 - आयएएस- लीव - 5 - एक ( 1 ) श्री विनोद चन्द्र सेमवाल, आयएएस. , वि.क.अ. सह - आयुक्त, उद्योग , मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य उद्योग निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य वस्त्र निगम तथा मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम को दिनांक 2 से 6 अगस्त 2011 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 7 अगस्त 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री विनोद चन्द्र सेमवाल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न वि.क.अ. सह- आयुक्त, उद्योग मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य उद्योग निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य वस्त्र निगम तथा मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3) अवकाशकाल में श्री विनोद चन्द्र सेमवाल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री विनोद चन्द्र सेमवाल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
क्र. ई- 5-830 - आयएएस- लीव - 5 - एक ( 1 ) श्री संकेत भोंडवे शांताराम, आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , सिवनी को दिनांक 2 से 16 सितम्बर 2011 तक, पन्द्रह दिन का पितृत्व अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ भाग 1 ]
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
दिनांक 17 , 18 सितम्बर 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .
(2) श्री संकेत भोंडवे शांताराम की अवकाश अवधि में श्री बी. एस . कुलेश, अपर कलेक्टर , जिला सिवनी को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, सिवनी का प्रभार सौंपा जाता है .
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री संकेत भोंडवे शांताराम, को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, सिवनी के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4 ) श्री संकेत भोंडवे शांताराम द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, सिवनी का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री बी. एस. कुलेश, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, सिवनी के प्रभार से मुक्त होंगे.
( 5) अवकाशकाल में श्री संकेत भोंडवे शांताराम को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री संकेत भोंडवे शांताराम, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.
भोपाल , दिनांक 3 अगस्त 2011
क्र. एफ- ए- 5-04-2011 - एक ( 1 ) संशोधन.-विभागीय समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 3 जून 2011 में वर्णित माननीय न्यायाधिपति के नाम क्रमशः मान. न्यायाधिपति श्री शील नागू और मान. न्यायाधिपति श्री सुजय पॉल पढ़ा जाय.
2. शेष यथावत रहेगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा, उपसचिव.
भोपाल , दिनांक 30 जुलाई 2011
क्र. ई - 5-299- आयएएस-लीव -एक 5.- श्री सत्य प्रकाश, आयएएस. , अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 22 जून 2011 द्वारा दिनांक 20 से 30 जून 2011 तक, ग्यारह दिन का स्वीकृत एक्स इंडिया अर्जित अवकाश का उपभोग नहीं किये जाने के कारण एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
भोपाल , दिनांक 1 अगस्त 2011
क्र. ई - 5-845 - आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री के. सी. जैन, आयएएस. , उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग को दिनांक 21 जून से 20 जुलाई 2011 तक, 30 दिन का लघुकृत अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2) अवकाशकाल में श्री के. सी. जैन को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के.सी. जैन अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
भोपाल , दिनांक 3 अगस्त 2011
क्र. ई- 5-865 - आयएएस- लीव - 5- एक. श्री वी. किरण गोपाल, आयएएस. , अनुविभागीय अधिकारी, पिपरिया को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 7 मई 2011 द्वारा दिनांक 9 मई से 10 जून 2011 तक, तैंतीस दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 11 से 17 जून 2011 तक सात दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.
(2) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 7 मई 2011 की शेष कंडिकायें यथावत रहेंगी.
भोपाल, दिनांक 6 अगस्त 2011
क्र. ई- 5-564- आयएएस लीव एक 5.- ( 1 ) श्रीमती वीरा राणा, आयएएस. , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश वित्त निगम , इन्दौर को निम्नानुसार अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है: - 1. दिनांक 18 जुलाई 2011 से दिनांक 22 जुलाई 2011 तक 5 दिन.
2. दिनांक 28 जुलाई 2011 से दिनांक 1 अगस्त 2011 तक 5 दिन.
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती वीरा राणा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश वित्त निगम , इंदौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाशकाल में श्रीमती वीरा राणा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती वीरा राणा, अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.
भोपाल, दिनांक 9 अगस्त 2011
क्र. ई - 5-723 - आयएएस लीव - 5- एक. श्री मनीष सिंह , आयएएस. , अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग तथा परियोजना संचालक, विश्व बैंक परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईसीयू) को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 21 जुलाई 2011 द्वारा विदेश प्रशिक्षण के क्रम में दिनांक 23 से 30 जुलाई 2011 तक, आठ दिन के स्वीकृत एक्स इंडिया अर्जित अवकाश का उपभोग नहीं किये जाने के कारण एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
[ भाग 1 क्र. ई - 5-396 - आयएएस- लीव - 5- एक.- ( 1 ) श्रीमती अजिता बाजपेई पांडे, आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, मछलीपालन विभाग को दिनांक 30 जुलाई 2011 को एक दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.
( 2 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती अजिता बाजपेई पांडे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, मछलीपालन विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
( 3) अवकाशकाल में श्रीमती अजिता बाजपेई पांडे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती अजिता बाजपेई पांडे अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , व्ही. एस. तोमर, अवर सचिव " कार्मिक" .
भोपाल , दिनांक 30 जुलाई 2011
क्र. ई - 1-207-2011-5- एक. नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाए भाप्रसे अधिकारियों को मुख्य सचिव वेतनमान में पदोन्नत करते हुए उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाए गए पद पर, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है:- T
तालिका
क्रमांक
नवीन पदस्थापना
अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना
(1)
(2)
1 श्री ए. के . दास ( 1978 ) प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग.
2 श्री आर. रामानुजम ( 1979 )
प्रमुख सचिव,
मध्यप्रदेश शासन,
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा परिवहन विभाग ( अतिरिक्त प्रभार) 2. उक्त पदस्थापना आदेश दिनांक 01 अगस्त, 2011 से प्रभावशील होंगे.
(3)
खाना ( 3 ) में अंकित पद असंवर्गीय होने की दशा में संवर्गीय पद जिसके समकक्ष घोषित किया गया (4)
अध्यक्ष राजस्व मंडल
अपर मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन , गृह विभाग.
अपर मुख्य सचिव,
अध्यक्ष राजस्व मंडल
मध्यप्रदेश शासन,
खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता
संरक्षण तथा परिवहन विभाग ( अतिरिक्त प्रभार) 2949 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
क्र. ई- 1-258-2011-5- एक. नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाए भाप्रसे अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाए गए पद पर , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है:-
तालिका
नवीन पदस्थापना
क्रमांक
अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना
खाना ( 3 ) में अंकित पद असंवर्गीय होने की दशा में संवर्गीय पद जिसके समकक्ष घोषित किया गया (4) (1)
(2)
(3)
1 श्री डी. सिंघई ( 1978 )
अध्यक्ष, राजस्व मंडल ग्वालियर.
संचालक, आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान, मध्यप्रदेश .
2
प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग .
श्री प्रसन्न कुमार दाश ( 1981 ) प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश ट्रेड एण्ड इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन कार्पोरेशन लिमिटेड (ट्रायफेक) तथा पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वाणिज्य , उद्योग एवं रोजगार विभाग.
3 श्री जयदीप गोविन्द ( 1984 )
प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग .
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी , मध्यप्रदेश तथा पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन विधि एवं विधायी कार्य विभाग (केवल निर्वाचन कार्य के लिए) .
4 श्री पी. सी. मीना ( 1984 )
आयुक्त-सह- पंजीयक,
प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन.
सहकारी संस्थाएं, मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, राज्य सहकारी तिलहन उत्पादक संघ का अतिरिक्त प्रभार.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी , मध्यप्रदेश तथा पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , विधि एवं विधायी कार्य विभाग ( केवल निर्वाचन कार्य के लिए)
5
प्रबंध संचालक,
प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन .
श्री पी. के. दास ( 1986 ) वि.क.अ. - सह- श्रम आयुक्त, मध्यप्रदेश , इंदौर.
मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश ट्रेड एण्ड इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन कार्पोरेशन लिमिटेड (ट्रायफेक) .
6.
संचालक,
सचिव, मध्यप्रदेश शासन.
श्री आशीष उपाध्याय ( 1989 ) आयुक्त- सह- संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश एवं वि.क.अ. , लोक सेवा गारंटी का अतिरिक्त प्रभार.
आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान , मध्यप्रदेश तथा आयुक्त- सह - संचालक आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं, मध्यप्रदेश का अतिरिक्त प्रभार .
2950
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
[ भाग 1 (1)
(2)
(3)
(4) 7. श्री विनोद कुमार ( 1989 )
सदस्य,
श्रम आयुक्त,
मध्यप्रदेश , इंदौर
राजस्व मंडल, ग्वालियर.
8. श्री टी. धर्माराव ( 1989 )
कमिश्नर,
रीवा संभाग , रीवा
कमिश्नर, उज्जैन संभाग , उज्जैन.
9.
कमिश्नर
श्री अरूण कुमार पाण्डेय ( 92 )
उज्जैन संभाग, उज्जैन
आयुक्त-सह-पंजीयक,
सहकारी संस्थाएं, मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, राज्य सहकारी तिलहन उत्पादक संघ ( अतिरिक्त प्रभार) तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग.
10.
परियोजना संचालक
श्री संजीव कुमार झा ( 1996 )
अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन.
प्रोजेक्ट उदय
संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं तथा अपर आयुक्त, आदिवासी विकास का अतिरिक्त प्रभार.
2. श्री अनिल श्रीवास्तव, भाप्रसे ( 1985 ) आयुक्त, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, मध्यप्रदेश तथा पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग को अपने कर्तव्यों के साथ - साथ आगामी आदेश तक, पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , पिछड़ा वर्ग तथा अल्प संख्यक कल्याण विभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.
3. श्री एस. सी. मिश्रा, भाप्रसे ( 1991 ) प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ आगामी आदेश तक प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है .
4. उपरोक्तानुसार श्री एस. सी. मिश्रा द्वारा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम का कार्यभार ग्रहण करने पर डॉ. जे.टी. एक्का, भाप्रसे ( 1986 ) , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य भण्डार गृह निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम केवल प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे .
5. इस विभाग के आदेश क्रमांक ई-1-219-2011-5- एक, दिनांक 25 जून , 2011 की तालिका के अनुक्रमांक 4 जिसके द्वारा श्री के. सी. गुप्ता, भाप्रसे ( 1992 ) प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को कमिश्नर, रीवा संभाग , रीवा पदस्थ किया गया है, को एतद्वारा निरस्त करते हुए, अब उन्हें अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त सह- संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश , मध्य प्रदेश पदस्थ किया जाता है .
भोपाल, दिनांक 1 अगस्त 2011
क्र. ई - 1-20-2009-5- एक. नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में उल्लिखित अधिकारीगण , जो भारत सरकार , कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय , कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग की अधिसूचना क्रमांक 14015-13-2009- एआईएस ( 1 ) बी, दिनांक 01 अगस्त, 2011 द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा से पदोन्नति द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्त हुए हैं, द्वारा धारित असंवर्गीय पदों को राज्य शासन खाना ( 3 ) में भाग 1 ]
2951
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
उल्लिखित तिथि से लेकर उक्त अधिकारियों को इन पदों पर पदस्थ रहने की तिथि तक, भाप्रसे ( वेतन ) नियमावली, 2007 के नियम 9 के अन्तर्गत प्रतिष्ठा और जिम्मेदारी में उक्त नियमों की अनुसूची 2 - बी में सम्मिलित खाना ( 5 ) में दर्शाये गये संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है.
क्र.
अधिकारी का नाम
भाप्रसे में नियुक्तिका दिनांक (1)
(2)
(3)
1-8-2011 1 श्री आशुतोष अवस्थी
2
1-8-2011 श्री अशोक कुमार भार्गव
3
1-8-2011 श्री मसूद अख्तर
4
1-8-2011 श्री राजेन्द्र सिंह
5
1-8-2011 श्री जनक कुमार जैन
6
1-8-2011 श्री राजेश बहुगुणा
7
1-8-2011 श्री महेश चन्द्र चौधरी
8
1-8-2011 श्री आनंद कुमार शर्मा
9 श्री दयालदास अग्रवाल
1-8-2011 10
1-8-2011 श्री रजनीश कुमार श्रीवास्तव
11
1-8-2011 श्री सुरेन्द्र कुमार उपाध्याय
तालिका
भाप्रसे में नियुक्ति दिनांक को धारित असंवर्गीय पद का नाम
भाप्रसे संवर्ग में शामिल पद का नाम जिसके समकक्ष घोषित किया जा रहा है
(4)
(5)
उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन.
उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग .
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत.
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , मंदसौर .
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत.
अपर संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल.
उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन उप सचिव, लोकायुक्त संगठन
उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , लोक निर्माण विभाग .
उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन विशेष सहायक, पूर्व मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश ( माननीय श्री दिग्विजय सिंह).
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत.
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, इन्दौर .
अपर कलेक्टर , इन्दौर
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत .
उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग.
अपर कलेक्टर, भोपाल
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत.
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत .
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, भोपाल.
2952
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
(1)
(2)
(3) 12 श्री शैलेन्द्र कियावत
1-8-2011
1-8-2011 13 श्री राजीव चन्द्र दुबे
14 श्री रविकांत जैन
1-8-2011 15
1-8-2011 श्री प्रमोद कुमार गुप्ता
[ भाग 1
(5)
(4)
उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन उपसचिव , राज्यपाल सचिवालय, भोपाल.
उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन उपसचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय ,
अपर कलेक्टर, ग्वालियर
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत.
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत .
अपर संचालक, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण , इन्दौर.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.
भोपाल, दिनांक 5 अगस्त 2011
क्र. एफ ए- 5-18-2011 - एक ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय श्री ए. के. श्रीवास्तव साहब, मध्यप्रदेश, उच्च न्यायालय , जबलपुर को निम्नानुसार पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश स्वीकृत किया जाता है:-
अ. क्र. (1)
अवकाश अवधि (2)
कुल दिन (3) 1
02दिन दिनांक 23-6-2011 से 24-6-2011 तक.
2
05दिन दिनांक 27-6-2011 से 1-7-2011 तक.
अभियुक्ति (5)
अवकाश का प्रकार (4)
पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश के पश्चात् में दिनांक 25 एवं 26-6-2011 तक का सार्वजनिक अवकाश के लाभ उठाने की अनुमति सहित.
पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश के पश्चात् में दिनांक 02 एवं 3-7-2011 तक का सार्वजनिक अवकाश के लाभ उठाने की अनुमति सहित.
भोपाल, दिनांक 9 अगस्त 2011
क्र. एफ ए- 5-06-2011 - एक ( 1 ) . - राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय श्री एन. के. गुप्ता साहब , मध्यप्रदेश, उच्च न्यायालय , जबलपुर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है: -
अ. क्र. (1)
कुल दिन (3) अवकाश अवधि (2)
1
05दिन दिनांक 4-7-2011 से 8-7-2011 तक.
अवकाश का प्रकार (4)
अभियुक्ति (5)
पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा, उपसचिव.
भाग 1 ]
2953
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 20 जुलाई 2011
क्र. एफ. 05-3-2011-1- पचपन. मध्यप्रदेश एनाटॉमी एक्ट, 1954 ( क्रमांक 16 सन् 1954 ) की धारा 4 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार एतद्वारा , कलेक्टरों को उनके अपने-अपने जिले के लिए मृत मानव शरीर के संदेह या विवाद के प्रकरणों में अंतिम विनिश्चय लेने के लिए प्राधिकृत करती है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एस. कुमरे, उपसचिव.
भोपाल , दिनांक 20 जुलाई 2011
क्र. एफ. 05-3-2011-1- पचपन. भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में , इस विभाग की अधिसूचना क्र. एफ. 05-3-2011-1- पचपन, दिनांक 20 जुलाई 2011 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एस. कुमरे, उपसचिव.
Bhopal , the 20th July 2011
No. F. 05-3-2011-1 - LV.-In exercise of the powers conferred by Section 4 of the Madhya Pradesh Anatomy Act 1954 (No. 16 of 1954) , the State Government hereby authorize Collectors for their respective district to take final decision in the case of doubt or dispute of human dead body.
1
By Order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , S. S. KUMRE , Dy . Secy.
गृह ( सामान्य) विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल, दिनांक 29 जुलाई 2011
क्र. एफ. 03-38-2010 - दो -ए( 3 ) - शुद्धि- पत्र.- राज्य शासन द्वारा , इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 12 जुलाई 2010 के तहत कृषि विभाग के अधिकारियों के लिये सम्पन्न विभागीय परीक्षा " अप्रैल 2010 " के प्रश्न- पत्र लेखा द्वितीय ( बिना पुस्तकों के ) में रीवा संभाग से सम्मिलित श्रीमती भगवती चौहान, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी अंकित है, के स्थान पर " इन्दौर संभाग " से सम्मिलित " श्रीमती भगवती चौहान , वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी " पढ़ा जावे.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अम्बरीश श्रीवास्तव, उपसचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 1 अगस्त 2011
फा. क्र. 17 ( ई ) 1-2011 - इक्कीस- ब ( एक) .- राज्य शासन, उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर श्रीमती पमीना शर्मा, न्यायालय उपाधीक्षक, कार्यालय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन की सेवाएं कार्यालय मध्यप्रदेश वाणिज्यिकर अपील बोर्ड, इन्दौर बैंच, इन्दौर में रीडर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त जाने हेतु उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से , आगामी आदेश होने तक वाणिज्यकर विभाग , मध्यप्रदेश शासन को सौंपता है .
भोपाल , दिनांक 2 अगस्त 2011
क्र. 4-1-2002- इक्कीस - ब ( एक) .- राज्य शासन, इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 14 अगस्त 2002 के अनुक्रम में, उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर, मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम, 1984 ( 1984 का सं. 66 ) की धारा 4 के अधीन इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 17 ( ई ) 49-2009 - इक्कीस - ब ( एक) , दिनांक 20 नवम्बर 2009 द्वारा गठित कुटुम्ब न्यायालयों में मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 के अन्तर्गत उच्च न्यायिक सेवा के सदस्य श्री प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ( जूनियर ) को, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय , टीकमगढ़ के पद पर, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से आगामी आदेश होने अथवा अधिवार्षिकी आयु पूर्ण करने ( जो भी पहले हो ) , तक नियुक्त करता है .
उक्त न्यायिक अधिकारी को, देय वेतन तथा भत्तों का निधार्रण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम , 2002 के नियम 3 के अन्तर्गत होगा .
भोपाल, दिनांक 3 अगस्त 2011
फा. क्र. 1 ( बी) 11-04- इक्कीस- ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा 2954
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , श्री गिरीश शर्मा पुत्र श्री के. पी. शर्मा, अधिवक्ता को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये ग्वालियर सत्र खण्ड के राजस्व जिले के लिये अति. लोक अभियोजक, नियुक्त करता है , तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है .
फा. क्र. 3 ( ए) -15-2005- इक्कीस- ब ( एक ) .- राज्य शासन , अतिरिक्त सचिव , मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के पद पर प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री एल.डी. बौरासी , अतिरिक्त सचिव , की सेवाएं प्रतिनियुक्ति से वापस कर उच्च न्यायालय , जबलपुर को एतद्वारा सौंपता है .
फा. क्र. 17 ( ई ) -51-2005- इक्कीस- ब ( एक ) .- राज्य शासन , एतद्वारा , उच्च न्यायिक सेवा की अधिकारी श्रीमती सरिता सिंह , अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं पीठासीन अधिकारी , म. प्र. राज्य औद्योगिक विकास निगम, भोपाल की सेवाएं, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग , मध्यप्रदेश शासन के आदेश क्रमांक एफ 5-14-2010-उन्तीस-2, दिनांक 30 जुलाई 2011 द्वारा उनकी नियुक्ति अध्यक्ष , जिला उपभोक्ता फोरम, ग्वालियर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर किये जाने के संबंध में दी गई सहमति के फलस्वरूप, अस्थाई रूप से , आगामी आदेश होने तक, उनके द्वारा उक्त पद का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, मध्यप्रदेश शासन को सौंपता है.
भोपाल , दिनांक 9 अगस्त 2011
फा. क्र. 1-2-90--इक्कीस ब ( एक) अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम , 1989 (1989 का 33 ) की धारा 14 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधिपति की सहमति से, एतद्वारा , सिंगरौली जिले के सेशन न्यायालय को, उक्त अधिनियम के अधीन अपराधों का विचारण करने के लिए, उस दिनांक से, जिससे कि उच्च न्यायालय द्वारा पदस्थ किए जाने वाले न्यायाधीश उक्त न्यायालय में अपना पदभार ग्रहण करें, विशेष न्यायालय के रूप में विनिर्दिष्ट करता है .
2. इस जिले के विशेष न्यायालय में पैरा -1 के अधीन विशेष न्यायालय के गठन की तारीख को लंबित समस्त मामले , पैरा 1 के अधीन गठित विशेष न्यायालय को अंतरित हो जाएंगे.
F. No. 1-2-90 - XXI - B ( 1 ) .- In exercise of the powers conferred by Section 14 of the Scheduled Castes and
[ भाग 1 the Scheduled Tribes ( Prevention of Atrocities ) Act , 1989 ( No. 33 of 1989) , the State Government with concurrence of Hon'ble the Chief Justice of the High Court of Madhya Pradesh , hereby specify for Singrauli District of Court of Session to be a Special Court to try the offences under the said Act from the date the Judge , of that Special court to be posted by the High Court , assumes the charge of his office in the said court .
2. All cases pending in the Special Courts of this district on the date of constitution of Special Court under para 1 shall stand transferred to the Special Court constituted under para 1 .
भोपाल, दिनांक 10 अगस्त 2011
फा. क्र. 1-1-88- इक्कीस ब ( एक ) .- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का. सं. 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य शासन, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 1-1-88- इक्कीस- ब( एक) , दिनांक 24 अक्टूबर, 2009 में, जो मध्यप्रदेश राजपत्र , भाग -1 में दिनांक 6 नवम्बर, 2009 में प्रकाशित हुई थी , निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्:-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में, अनुसूची में, अनुक्रमांक 3 , 13 , 31 और 40 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्: -
अनुसूची
स्थानीय क्षेत्र अनुक्रमांक सेशन न्यायाधीश/ अतिरिक्त सेशन
न्यायाधीश
(3) (1)
(2)
अशोकनगर " 3. प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश ,
अशोकनगर.
दतिया 13. प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, दतिया.
पन्ना 31. सेशन न्यायाधीश , पन्ना
शहडोल. ".
40. प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश ,
शहडोल.
भाग 1 ]
F. No. 1-1-88 - XXI - B- ( 1 ) . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act, 1988 ( No. 49 of 1988 ) , the State Government , hereby, makes the following amendment in this Department's Notification F. No. 1- 1-88 - XXI - B ( 1 ) , dated 24th October, 2009 which was published in the Madhya Pradesh Gazette Part - 1 dated 6th November, 2009 namely:-
In the said Notification in the Schedule , for serial number 3 , 13 , 31 and 40 and entries relating thereto the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely:-
SCHEDULE
S. No.
Local area Sessions Judge/ Additional Sessions Judge
(2)
(1)
(3)
2955
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा , श्री श्रीकांत गोरे, सहा. जिला लोक अभियोजन अधिकारी , जिला जबलपुर को जबलपुर संभाग के विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त संगठन द्वारा प्रस्तुत प्रकरणों में शासन की ओर से पैरवी करने हेतु उनकी पदस्थापना तक अथवा दो वर्ष की अवधि तक जो भी कम हो, तक की अवधि के लिये विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.
फा. क्र. 1 (सी) -19-11- इक्कीस - ब( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्र. 52 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 8 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , श्री अशोक कुमार तिवारी , सहा. जिला लोक अभियोजन अधिकारी, जिला उज्जैन को उज्जैन संभाग के विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त संगठन द्वारा प्रस्तुत प्रकरणों में शासन की ओर से पैरवी करने हेतु उनकी पदस्थापना तक अथवा दो वर्ष की अवधि तक जो भी कम हो, तक की अवधि के लिये विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.
Ashoknagar
"3. Ist Additional Sessions Judge , Ashoknagar.
Datia 13. Ist Additional Sessions Judge , Datia .
Panna 31. Sessions Judge , Panna
Shahdol ." .
40. Ist Additional Sessions Judge , Shahdol .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान , प्रमुख सचिव.
भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 2011
फा. क्र. 1 (सी) -19-11 - इक्कीस - ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्र. 52 सन् 1974) की धारा 24 की उपधारा ( 8 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा , कु. शर्मिला बिलवार, सहा. जिला लोक अभियोजन अधिकारी , जिला रीवा को रीवा संभाग के विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त संगठन द्वारा प्रस्तुत प्रकरणों में शासन की ओर से पैरवी करने हेतु उनकी पदस्थापना तक अथवा दो वर्ष की अवधि तक जो भी कम हो, तक की अवधि के लिये विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है .
फा. क्र. 1 (सी) -19-11 -इक्कीस - ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्र. 52 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 8 ) द्वारा फा. क्र. 1 (सी) -19-11 - इक्कीस- ब( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्र. 52 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 8 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , श्री आशुतोष पाण्डे, सहा. जिला लोक अभियोजन अधिकारी, जिला ग्वालियर को ग्वालियर संभाग के विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त संगठन द्वारा प्रस्तुत प्रकरणों में शासन की ओर से पैरवी करने हेतु उनकी पदस्थापना तक अथवा दो वर्ष की अवधि तक जो भी कम हो, तक की अवधि के लिये विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.
फा. क्र. 1 ( सी ) -19-11-इक्कीस- ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्र. 52 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 8 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , श्री जितेन्द्र सिंह चौहान, उप संचालक ( अभियोजन ) भोपाल को मुख्यालय भोपाल के विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त संगठन द्वारा प्रस्तुत प्रकरणों में शासन की ओर से पैरवी करने हेतु उनकी पदस्थापना तक अथवा दो वर्ष की अवधि तक जो भी कम हो , तक की अवधि के लिये विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.
फा. क्र. 1 ( सी) -19-11- इक्कीस - ब ( दो) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्र. 52 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 8 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा, श्री राजकुमार उइके, सहा. जिला लोक अभियोजन अधिकारी , जिला सागर को सागर संभाग के विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त संगठन द्वारा प्रस्तुत प्रकरणों में शासन की ओर से पैरवी करने हेतु उनकी 2956
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
पदस्थापना तक अथवा दो वर्ष की अवधि तक जो भी कम हो, तक की अवधि के लिये विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है .
फा. क्र. 1 ( सी ) -11- एट्रोसिटी - इक्कीस- ब ( दो ) -2011.- राज्य शासन, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 15 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अधीन श्री हीरालाल मोंगिया, उप संचालक, अभियोजन, जिला देवास को देवास जिले के लिये विशेष लोक अभियोजन की शक्तियां उनकी उक्त पदस्थापना तक की अवधि के लिये प्रदान करता है.
फा. क्र. 1 ( सी ) -11 - एट्रोसिटी- इक्कीस- ब ( दो ) -2011.- राज्य शासन , अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 15 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अधीन श्री श्यामलाल कोष्टा , उप संचालक, अभियोजन , ई.ओ.डब्ल्यू. , जिला सतना को सतना जिले के लिये विशेष लोक अभियोजन की शक्तियां उनकी उक्त पदस्थापना तक की अवधि के लिये प्रदान करता है .
भोपाल, दिनांक 8 अगस्त 2011
फा. क्र. 1 ( बी) -17-11 - इक्कीस - ब( दो ) . - राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 1 जून 2010 द्वारा नियुक्त श्री अरुण कुमार लिटौरिया, अति. शास . अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) दतिया के कार्यकाल दिनांक 31 मई 2011 को समाप्त होने के पश्चात् उनके कार्यकाल में दिनांक 1 जून 2011 से 31 मई 2014 तक में तीन वर्ष की अभिवृद्धि करता है. यह अभिवृद्धि इस शर्त के अधीन है कि यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है .
भोपाल , दिनांक 10 अगस्त 2011
फा. क्र. 1 (सी ) -21-2011 - इक्कीस - ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 8 ) को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन एतद्वारा प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (ई.ओ.डब्ल्यू. ) , जबलपुर में विचाराधीन सत्र प्रकरण क्रमांक 94/11 अन्तर्गत धारा 420 , 467 , 468 , 471 , 120 ( बी ) 406 , 409 सहपठित धारा 34 भा.दं. वि . में राज्य शासन की ओर से पैरवी करने के लिये श्री अरुण कुमार गुप्ता , उप संचालक, जबलपुर को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.
वे प्रकरण के निराकरण तक पैरवी करने हेतु विशेष लोक अभियोजक रहेंगे .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे . खान , सचिव.
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 4 अगस्त 2011
क्र. डी- 15-17-2011- चौदह - 3.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , उक्त अधिनियम के प्रयोजन के लिये, उक्त अधिनियम की अनुसूची में विर्निदिष्ट की गई कृषि उपज का सागर जिले की तहसील सागर में समाविष्ट समस्त राजस्व एवं वन ग्रामों के क्षेत्र में क्रय - विक्रय का विनियमन करने के लिये विकास खण्ड जैसीनगर में मंडी स्थापित करने के अपने आशय की घोषणा करती है.
किसी भी ऐसी आपत्ति या सुझाव पर जो लिखित में किसी भी व्यक्ति से इस अधिसूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशित होने के दिनांक से 6 सप्ताह की कालावधि के भीतर प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, भोपाल को प्राप्त हो, राज्य सरकार द्वारा विचार किया जावेगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार उपसचिव .
भोपाल , दिनांक 4 अगस्त 2011
क्र. डी. 15-17-2011- चौदह-3. भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में , इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 4 अगस्त 2011 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , अजय सिंह गंगवार उपसचिव.
Bhopal , the 4th August 2011
No. D- 15-17-2011 - XIV- 3.- WHEREAS , in exercise of the powers conferred by the sub- section ( 1 ) of Section 3 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam 1972 , ( No. 24 of 1973 ) , the State Government hereby declares its intention to establish a market at Develop Block Jaiseenagar for regulating the purchase and sale of agricultral produce mentioned in the shcedule of the said Act, including all revenue and forest villages of the area of Tehsil Sagar of Sagardistrict.
2957 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
Any objection which may be received in writing by the Principal Secretary to Government of Madhya Pradesh Farmer Welfare and Agriculture Development Department , Bhopal from any person with respect to this Notification within Six weeks from the date of publication of this Notification in the " Madhya Pradesh Gazette " will be considered by the State Government .
By Order and in the name of the Governor of the Madhya Pradesh , AJAY SINGH GANGWAR , Dy. Secy .
भोपाल, दिनांक 4 अगस्त 2011
क्र. डी- 15-17-2007- चौदह - 3.- चूंकि, राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1960 ( 19 सन् 1960 ) , की धारा 3 की उपधारा ( 3 ) के अधीन जारी की गई इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 6324-2936-चौदह -1 , दिनांक 19 अक्टूबर 1963 द्वारा सागर जिले की सागर तहसील के क्षेत्र में ( जो इसमें इसके पश्चात् " उक्त मंडी क्षेत्र " के नाम से निर्दिष्ट है ) , उक्त अधिसूचना में निर्दिष्ट कृषि उपजों के क्रय- विक्रय को विनियमित किया था.
और, चूंकि, उक्त मंडी क्षेत्र में से विकासखण्ड जैसीनगर के नीचे दी गई अनुसूची में उल्लेखित 125 ग्राम जो जिला सागर की तहसील सागर में समाविष्ट क्षेत्र ( जो इसमें इसके पश्चात् उक्त क्षेत्र के नाम से निर्दिष्ट है ) को विपाटित करके " उक्त मंडी क्षेत्र " की सीमाओं में परिवर्तन करना प्रस्तावित है .
अतएव, मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 70 के उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( तीन ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार, एतद्वारा " उक्त मंडी क्षेत्र" में " उक्त क्षेत्र " को विपाटित करके मंडी क्षेत्र की सीमाओं में परिवर्तन करने के अपने आशय को संज्ञापित करती है.
18. मनेशिया , 19. सेमराकला, 20. सिगारमुन्डी, 21. मसूरयाई, 22. हंसरई, 23. लुहारा , 24. जोहरिया, 25. पडरियाखुर्द , 26. ईसरवारा, 27. किल्लाई , 28. सेमराघाट , 29. देवलचौरी , 30. सेमराधोना, 31. बांसा , 32. खारमउ , 33. सरखडी, 34. साजी 35. सेमाढाना , 36. रमपुरा, 37. रीछई , 38. परासिया, 39. जेरा 40. सागौनीभाट, 41 बेरखेड़ी गुसांई , 42. जोतपुर, 43. मेडकी, 44. चौका 45. केसलोन, 46. डुगरिया, 47. हिन्नपुर , 48. रहली, 49 गोंदई , 50. जमुनियाघोषी, 51. रमपुरा , 52. जैसीनगर, 53. बिजौरा , 54. भिडबांसा , 55. गाडरखेरा , 56. अगरिया 57. सूखा 58 शोभापुर, 59. खमरिया गौड़ , 60. ओरिया, 61. सागौनीपरैना, 62. पड़रई, 63. चैनपुरा, 64. सागौनीगुरू, 65. सत्ताढाना, 66. महुआखेड़ापेगवार , 67. बदौआ, 68. सोमला, 69. कनेरागौड़, 70. घाउ, 71. मनकाई, 72. खिरियादामोदा, 73. तेन्दुडाबर, 74. मउचल, 75. बड़ेरा, 76. परगासपुरा, 77. करैया, 78. चादौनी , 79. बम्होरी घाट, 80. बिछुआ, 81. गेहूंरास खुर्द, 82. वनजारिया, 83. खमरिया बुजुर्ग, 84. घोहा , 85. कंकरकुईया, 86. सेमरागोपालमन, 87. खजुरिया , 88. विशनपुरा , 89. घोघरी , 90. वखरा , 91. हडा, 92. कंदेला , 93. अमोदा , 94. पठा , 95. हिन्नोद, 96. बरकुआ महंत, 97. संजरा, 98. केवलारी, 99. सूरजपुरा , 100. सिमरिया, 101. बक्शवाहा , 102. झमरा, 103. चारटोरिया, 104. कुशुमगढ़ , 105. खुरई थावरी , 106. सहजपुरी खुर्द, 107. सहजपुरी बुजुर्ग, 108. मोलपुर, 109. पिपरिया, 110. टेकापार, 111. खगकु आ, 112. हीरापुर , 113. घाना, 114. खेजरामाफी , 115. पनारी , 116. बिलहारा , 117. गेहूंरास बुजुर्ग , 118. गेहलपुर, 119. भजिया , 120. साजी, 121. पिपरिया, 122. घानामाफी, 123. कटंगी, 124. वीरापुरा, 125. बरकुआ खुई.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार उपसचिव.
किसी भी ऐसी आपत्ति या सुझाव पर जो लिखित में किसी भी व्यक्ति से इस अधिसूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशित होने के दिनांक से 6 सप्ताह की कालावधि के भीतर प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, भोपाल को प्राप्त हो, राज्य सरकार द्वारा विचार किया जावेगाः-
भोपाल, दिनांक 4 अगस्त 2011 अनुसूची
1. सागौनी खुर्द, 2. महुआखेरा गाड़ी, 3. काली पठार, 4. टेहरा
टेहरी , 5. महगांव , 6. कोरजा , 7. ढकरई, 8. मुडरी,
क्र. डी- 15-17-2011- चौदह- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 4 अगस्त 2011 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
9. सेवन, 10. सेनकुआ रैयतवारी, 11. सेनकुआ मालगुजारी,
12. तोड़ा तरफदार, 13. पडरियाकला, 14. करहद,
15. सिगारचोरी , 16. महुआखेड़ाकला , 17. ताजपुर,
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार उपसचिव.
2958
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
[ भाग 1 Bhopal , the 4th August 2011
No. D - 15-17-2011 - XIV - 3.- WHEREAS , by this department Notification No. 6324-2936-14-1 , dated 19 Octorber 1963 issued under the section 3 of sub- section (3) of the Madhya Pradesh Agricultural produce market Act, 1960 ( 19 of 1960 ) the state Government regulated the purchase and sale of the agricultural produce specified in the said notification in the area of Sagar Tehsil of Sagar District ( here in after referred to as the " said market area ." )
AND , WHEREAS , it is now proposed to alter the limits of the said market area by split up here with the area comprising of 125 villages situated in the following list ofjaiseenagar of Sagar Tehsil of Sagar District ( here in after referred to as the " said area " ) .
NOW, THEREFORE , in exercise of powers conferred by clause ( iii) of sub - section ( 1 ) of section 70 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government here by signifies its intention to alter the limit of the said market area by splitting up as per the " said area " .
Any objection which may be received in writing by the Principal Secretary to Government of Madhya Pradesh . Farmer Welfare and Agriculture Development Department , Bhopal from any person with respect to this Notification within Six weeks from the date of publication of this Notification in the " Madhya Pradesh Gazette " will be considered by the State Government :-
LIST
21 Masuryai , 22. Hansrai , 23. Luhara , 24. Johariya , 25. Padariyakhurd , 26. Eeesarwara , 27. Killai , 28. Semoraghat , 29. Devalchouri , 30. Semaradhona , 31. Bansha , 32. Kharmau , 33. Sarkhadi , 34. Saaji , 35. Semadhana , 36. Rampura , 37. Reechhai , 38. parasiya , 39. Zera , 40. Sagounibhat , 41. Berkhedi Gusai , 42. Jotpur, 43. Medki , 44. Chouka, 45. Keshlon , 46. Dugriya , 47. Hinnpur, 48. Rehli , 49. Gondai , 50 . Jamuniyaghosi , 51.Rampura, 52. Jaiseenagar , 53. Bijoura , 54. Bhidwansa , 55. Gadarkhera . 56. Agariya , 57. Sukha , 58. Sobhapur , 59. Khamariya goud , 60. Oriya , 61. Sagounipurena , 62. Padrai , 63. Chainpura , 64. Sagouniguru , 65 Sattadhana , 66. Mahuakheda Pagwar , 67. Badoua, 68. Somla , 69. Kenera Gound , 70. Ghau , 71. Mankai , 72. Khiriyadamoda , 73. Tendudawar , 74. Maouchal , 75. Badera , 76. Pargaspura , 77. Karaiya , 78. Chadouni , 79. Bamhorighat , 80. Bichhua , 81. Gehuraskhurd , 82. Banjariya , 83. Khamriyabujurg , 84. Ghoha , 85. Kankarkuiya , 86. Semragopalman , 87. Khajuriya , 88. Bishanpura , 89. Ghoghri , 90. Wakhra , 91. Hada , 92. Kandela, 93. Amoda , 94. Patha , 95. Hinnod , 96. Barkua Mahant , 97. Sanjra , 98. Kavlari , 99. Surajpura , 100. Simriya , 101. Bakashwaha , 102. Jhamra , 103. Chrtoriya , 104. Kushumgarh, 105. Khuraithawari , 106. Sahajpuri khurd , 107. Sahajpuri bujurg , 108. Molpur , 109, Pipriya , 110. Takapar , 111. Khamkua , 112. Heerapur , 113. Ghana , 114. Khejaramaphi , 115. Panari , 116. Bilhara , 117. Gehurasbujurg , 118. Gehalpur, 119. Bhajiya , 120. Saaji , 121. Pipriya , 122. Ghanamaphi , 123. Katangi , 124. Beerapura , 125. Barkua Khuai .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , 1. Sagoni khurd , 2. Mahuakhera gaadi , 3. Kalipathar, 4. Tehra Tehari , 5. Mahagown , 6. Korja, 7. Dhakrai , 8. Mudri , 9. Sevan , 10. Senlaua Raiyatwari , 11. Senkua Malgujari , 12. Toda Tarapindar , 13. Padariyakala , 14. Karhai , 15. Sigarchori , 16. Mahuakhedakala , 17. Tajpur, 18. Manesiya . 19. Semarakala , 20. Sigarmundi ,
AJAY SINGH GANGWAR , Dy . Secy .
2959 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
संस्कृति विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 30 जुलाई 2011
क्र. एफ. 11-1-2011 - तीस.- राज्य शासन की राय है कि नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट किये गये प्राचीन स्मारक पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष को विनिष्ट किये जाने, क्षतिग्रस्त किये जाने , परिवर्तित किये जाने, विकृत किये जाने, विरूपित किये जाने , हटाये जाने से या उसका अपक्षय होने से संरक्षित करना आवश्यक है.
अतएव, मध्यप्रदेश प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्वीयता स्थल तथा अवशेष अधिनियम, 1964 ( क्रमांक 12 सन् 1964 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा उक्त प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करने के अपने आशय की सूचना देता है.
किसी भी ऐसी आपत्ति पर जो इस संबंध में निम्न प्राचीन स्मारक तथा अवशेष में हित रखने वाले किसी व्यक्ति से इस सूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशित होने के दिनांक से एक माह की कालावधि समाप्त होने के पूर्व प्राप्त हो , राज्य शासन द्वारा विचार किया जायेगा :-
अनुसूची
राज्य जिला
क्षेत्र सीमांक
तहसील
स्वामित्व स्थानीय क्षेत्र
स्मारक का नाम
धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं
राज्यस्तरीय क्षेत्र जो
संरक्षण में
सम्मिलित होना है
(1)
(8) (2)
(3)
(4)
(9) म. प्र . राजगढ़ नरसिंहगढ़
(7) 5.793 हे . मध्यप्रदेश शासन
(6) खसरा नं. 133
धार्मिक पूजा के अधीन है.
नरसिंहगढ़ थावरिया वार्ड क्र. 01.
(5) नरसिंहदेव प्रतिमा एवं मंदिर परिसर.
क्र. एफ. 11-3-2011 - तीस.- राज्य शासन की मंशा है कि नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट किये गये प्राचीन स्मारक पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष को विनिष्ट किये जाने , क्षतिग्रस्त किये जाने, परिवर्तित किये जाने, विकृत किये जाने, विरूपित किये जाने , हटाये जाने , तितर - बितर किये जाने या उसका अपक्षय होने से संरक्षित करना आवश्यक है .
अतएव , मध्यप्रदेश शासन, प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्वीयता स्थल तथा अवशेष अधिनियम , 1964 ( क्रमांक 12 सन् 1964 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा निम्न प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करने के अपने आशय की सूचना देता है .
किसी भी ऐसी आपत्ति पर जो इस संबंध में निम्न प्राचीन स्मारक तथा और अवशेष में हित रखने वाले किसी व्यक्ति से इस सूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशित होने के दिनांक से एक माह की कालावधि समाप्त होने के पूर्व प्राप्त हो , राज्य शासन द्वारा विचार किया जायेगा : -
अनुसूची
तहसील
क्षेत्र सीमांक स्वामित्व राज्य जिला
स्थानीय क्षेत्र
स्मारक का नाम
धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं
राजस्व क्षेत्र जो
संरक्षण में
सम्मिलित होना है
(1)
(9)
(6)
(2) रीवा
मध्यप्रदेश
(3) त्यौंथर
आ. नं . 243
(4) त्यौंथर
(8) मध्यप्रदेश शासन
(5) कोलगढ़ी किला.
(7) 0.70 ए. 0.283 हे.
धार्मिक पूजा के अधीन नहीं है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,
लक्ष्मीकान्त द्विवेदी, उपसचिव .
2960
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
[ भाग 1 सहकारिता विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल, दिनांक 3 अगस्त 2011
क्र. एफ. 1-62-2010- पन्द्रह - 2.- राज्य शासन , एतद्वारा निम्नलिखित वरिष्ठ सहकारी निरीक्षकों को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अंकेक्षण अधिकारी के पद पर वेतनबैंड पीबी 2 रुपये 9300-34800 +ग्रेड - पे 4200/- में पदोन्नत कर, निम्नानुसार उनके नाम के सम्मुख दर्शाये अनुसार कॉलम क्रमांक ( 4 ) में अंकित स्थान पर पदस्थ किया जाता है : - क्र.
कर्मचारी का नाम
पदोन्नति उपरान्त नवीन
वर्तमान पदस्थापना
(1)
(2)
1
श्री एस. के. गोयल 2
श्री एन. के. हकीम 3
श्री एम. जी. नेमा
4
श्री ए. के. एस. भदौरिया 5
श्री एस. बी. कटारे 6
श्री जे. पी. सोनी
7
श्री चैतनाथ सिंह
8
श्री एम. एल. यादव 9
श्री विवेक रंजन दुबे 10
श्री देवेन्द्र कुमार गुप्ता 11
श्री रविन्द्र कुमार शर्मा 12
श्रीमती राधारानी जोशी 13
श्री पी. एस. बरौठिया 14
श्री रमेश कोरी
15
श्री आर. के. पाटिल 16
श्री खरगराम कोरी
17
श्री दिनेश सिंह भिड़े
पदस्थापना
(3)
(4)
भोपाल
मुरैना
देवास
मंदसौर
जबलपुर
जबलपुर
शिवपुरी
शिवपुरी
खरगौन
बड़वानी
खण्डवा
धार
रीवा
रीवा
दमोह
छतरपुर
होशंगाबाद
होशंगाबाद
भोपाल
मुख्यालय
दतिया
मुरैना
इन्दौर
इन्दौर
एकीकृत सहकारी
प्रतिनियुक्ति पर एकीकृत विकास परियोजना विदिशा. सहकारी विकास परियोजना
विदिशा.
रतलाम
दमोह
भोपाल
भोपाल
सागर
छतरपुर
झाबुआ
बुरहानपुर
2. मध्यप्रदेश लोक सेवा ( पदोन्नति ) नियम , 2002 के अधीन सुविधा सुनिश्चित करने हेतु निर्धारित रोस्टर के अनुसार पदोन्नति की पृविष्टियां रोस्टर पंजी में दर्ज कर ली गई हैं .
3. प्रमाणित किया जाता है कि मध्यप्रदेश लोक सेवा ( अनुसूचित जाति / जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिये आरक्षण ) अधिनियम, 1994 ( क्रमांक 21 वर्ष 1994 ) तथा मध्यप्रदेश लोक सेवा ( पदोन्नति ) नियम, 2002 के उपबन्धों का ओर उक्त अधिनियम तथा नियमों को उपबंधों के प्रकाश में राज्य शासन द्वारा जारी किये गये अनुदेशों का अनुपालन किया है तथा उसे उक्त अधिनियम की धारा 6 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों का पूर्ण संज्ञान है .
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,
आर. आर. एस. मरावी , अवर सचिव.
भाग 1 ]
2961
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल , दिनांक 10 अगस्त 2011
फा. क्र. 17 ( ई ) 83-03 - इक्कीस- ब ( एक ) -विद्युत् अधिनियम, 2003 ( 2003 का संख्यांक 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से , एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना एफ. क्रमांक 17 (ई ) 83-03- इक्कीस - ब( 1 ) , दिनांक 16 सितम्बर 2010 में निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थात् : -
संशोधन
उक्त अधिसूचना में, सारणी में, अनुक्रमांक 3 , 4 , 23 , 36 , 71 , 76 , 83 , 84 , 84 - ए और 103 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात् : -
विशेष न्यायालय का नाम
अनुक्रमांक सिविल जिले का नाम
(1)
(2)
(3) "3.
अनूपपुर
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश ,
4.
अशोकनगर
सारणी
अनूपपुर
क्षेत्र. विशेष न्यायालय की क्षेत्रीय अधिकारिता (विद्युत् क्षेत्र के अनुसार ) (4) अनूपपुर, कोतमा एवं राजेन्द्र ग्राम का विद्युत्
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, अशोकनगर
23.
दमोह
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश ,
36.
गुना
तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, गुना
71.
रायसेन
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , बेगमगंज
76.
रतलाम
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , जावरा
83.
सतना
तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, सतना
84.
सतना
चतुर्थ अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, सतना
सतना
84-ए
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , नागौद
103.
टीकमगढ़
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, टीकमगढ़
अशोकनगर का विद्युत् क्षेत्र.
दमोह
सिविल जिला दमोह का विद्युत् क्षेत्र.
सिविल जिला गुना, का समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 37 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर ) .
बेगमगंज का विद्युत् क्षेत्र
जावरा, आलोट तथा सैलाना का विद्युत् क्षेत्र.
सिविल जिला सतना के सतना शहर का समस्त विद्युत् क्षेत्र ( अनुक्रमांक 84, 84 - ए तथा 85 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर) .
सिविल जिला सतना ग्रामीण का समस्त विद्युत् क्षेत्र ( अनुक्रमांक 84 - ए तथा 85 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर) .
नागौद तथा उचेहरा का विद्युत् क्षेत्र सिविल जिला टीकमगढ़ का समस्त विद्युत् क्षेत्र. " .
टिप्पणी.-विशेष न्यायालय में लंबित मामले उनकी क्षेत्रीय अधिकारिता के अनुसार नवीन गठित न्यायालय में अंतरित हो जायेंगे.
2962
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
[ भाग 1 F. No. 17 ( E) 83-03 - XXI - B- (One ) . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 153 of the Electricity Act, 2003 ( No. 36 of 2003 ) , the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh , hereby makes the following amendments in this Department's Notification F. No. 17 ( E) 83-03 -XXI- B- ( One) , dated 16th September 2010, namely : -
AMENDMENTS
In the said notification , in the Table , for serial numbers 3 , 4, 23 , 36, 71 , 76, 83 , 84 , 84 -A and 103 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely :-
TABLE S.No.
Name of Special Court (1)
Name of the Civil District (2)
(3) "3 .
Anuppur
Ist Additional Sessions Judge , Anuppur.
4.
Ashoknagar
Ist Additional Sessions Judge , Ashoknagar .
23 .
Damoh
Ist Additional Sessions Judge , Damoh .
36.
Guna
IIIrd Additional Sessions Judge, Guna.
71 .
Raisen
Additional Sessions Judge , Begumganj .
76.
Ratlam
Ist Additional Sessions Judge , Jaora.
Satna
83.
IIIrd Additional Sessions Judge , Satna .
84.
Satna
IVth Additional Sessions Judge , Satna.
Satna
84 -A
Additional Sessions Judge , Nagod .
103 .
Tikamgarh
Ist Additional Sessions Judge , Tikamgarh .
Territorial jurisdiction of Special Court(According to the electricity Area) (4)
Electricity Area of Anuppur , Kotma and Rajendragram.
Electricity Area of Ashoknagar.
Electricity Area of Civil District , Damoh All Electricity Area of Civil District Guna ( excluding the jurisdiction of special court at serial number 37) .
Electricity Area of Begumganj .
Electricity Area of Jaora , Alot and Sailana .
All Electricity Area of Civil District Satna of Satna Urban ( excluding the jurisdiction of special court at serial number 84 , 84 - A and 85) .
All Electricity Area of Civil District Satna of Satna Rural ( excluding the jurisdiction of special court at serial number 84 - A and 85 ) .
Electricity Area of Nagod and Uchehra .
All Electricity Area of Civil District , Tikamgarh .
Note. The pending cases of the Special Court shall be stand transferred to the newly constituted court according to their territorial jurisdiction .
भाग 1 ]
2963
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
फा. क्र. 17 (ई ) 83-03- इक्कीस - ब (एक) .-विद्युत् अधिनियम, 2003 ( 2003 का संख्यांक 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना एफ. क्रमांक 17 ( ई ) 83-03- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 16 सितम्बर 2010 में निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्: -
संशोधन उक्त अधिसूचना में, सारणी में, अनुक्रमांक 3 , 4, 23 , 36 , 71 , 76 , 82 , 83 , 84, 84 - ए, 98 और 103 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात् : -
सारणी
विशेष न्यायालय का नाम क्रमांक सिविल जिले का नाम
(2)
(1)
(3) "3.
अनूपपुर
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, अनूपपुर 4.
अशोकनगर
विशेष न्यायालय के न्यायाधीश का नाम (4)
श्री दीपक गुप्ता, प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, अनूपपुर.
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, अशोकनगर
23.
दमोह
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , दमोह 36.
गुना
तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , गुना रायसेन
71.
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , बेगमगंज 76.
रतलाम
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , जावरा 82.
सागर
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , रेहली के अतिरिक्त न्यायाधीश 83.
सतना
तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , सतना 84.
सतना
चतुर्थ अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , सतना सतना
84-ए
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, नागौद 98.
शिवपुरी
तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , शिवपुरी 103.
टीकमगढ़
प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , टीकमगढ़ श्री एस. के. जैन ( सीनियर ) , प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, अशोकनगर.
श्री सुबोध कुमार जैन, प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , दमोह.
श्री राजीव आप्टे, तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, गुना.
श्री अवधेश कुमार सिंह , अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, बेगमगंज.
श्री महेन्द्र कुमार जैन, प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , जावरा .
श्री के. एस. तोमर, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , रेहली के अतिरिक्त न्यायाधीश.
श्री ए. के. सिंह ( सीनियर ) , तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , सतना.
श्रीमती अनुराधा शुक्ला, चतुर्थ अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, सतना.
श्री अखिलेश चंद्र शुक्ला, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, नागौद.
श्री एम. एच. अंसारी , तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, शिवपुरी .
श्री उपेन्द्र कुमार सिंह, प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, टीकमगढ़ ." .
2964
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
F. No. 17 (E ) 83-03 -XXI - B- ( One ) .-In exercise of the powers conferred by sub - section ( 2) of Section 153 of the Electricity Act, 2003 (No. 36 of 2003 ) , the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradeah , hereby makes the following amendments in this Department's Notification F. No. 17 (E ) 83-03 - XXI - B- ( One) , dated 16th September 2010 , namely
AMENDMENT
In the said notification, in the table , for serial numbers 3 , 4 , 23 , 36, 71 , 76, 82 , 83 , 84 , 84 - A, 98 and 103 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely :-
TABLE S.No.
Name of Special Court (1)
Name of the Civil District (2)
(3) "3 .
Anuppur
Ist Additional Sessions Judge , Anuppur..
4.
Ashoknagar
Ist Additional Sessions Judge , Ashoknagar.
23 .
Damoh
Ist Additional Sessions Judge, Damoh .
Guna
36.
IIIrd Additional Sessions Judge , Guna .
71 .
Raisen
Additional Sessions Judge , Begumganj .
Ratlam
76.
Ist Additional Sessions Judge , Jaora .
82.
Sagar
Additional Judge to Additional Sessions , Judge , Rehli .
Satna
83.
IIIrd Additional Sessions Judge , Satna.
Satna
84.
IVth Additional Sessions Judge, Satna .
84-A
Satna
Additional Sessions Judge , Nagod.
98.
Shivpuri
IIIrd Additional Sessions Judge , Shivpuri.
103 .
Tikamgarh
Ist Additional Sessions Judge , Tikamgarh .
Name of the Judge of the Special Court (4)
Shri Deepak Gupta , Ist Additional Sessions Judge , Anuppur.
Shri S. K. Jain (Senior) Ist Additional Sessions Judge , Ashoknagar .
Shri Subodh Kumar Jain , Ist Additional Sessions Judge , Damoh .
Shri Rajeev Apte , IIIrd Additional Sessions Judge , Guna.
Shri Avdesh Kumar Singh , Additional Sessions Judge , Begumganj .
Shri Mahendra Kumar Jain , Ist Additional Sessions Judge , Jaora .
Shri K. S. Tomar , Additional Judge to Additional Sessions , Judge , Rehli .
Shri A. K. Singh ( Senior) IIIrd Additional Sessions Judge , Satna .
Smt. Anuradha Shukla , IVthAdditional Sessions Judge , Satna.
Shri Akhilesh Chandra Shukla , Additional Sessions Judge , Nagod .
Shri M. H. Ansari , IIIrd Additional Sessions Judge , Shivpuri .
Shri Upendra Kumar Singh , Ist Additional Sessions Judge , Tikamgarh . " भाग 1 ]
2965
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
फा. क्र. 1-6-89- इक्कीस ब ( एक) -स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम , 1985 ( 1985 का 61 ) की धारा 36 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति की सहमति से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 1-6-89- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 3 अप्रैल , 1998 में , जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 17 अप्रैल , 1998 को प्रकाशित हुई थी, निम्नलिखित और संशोधन करता है , अर्थात् : -
संशोधन
उक्त अधिसूचना में , अनुसूची में , अनुक्रमांक 17 और 38- क तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्ः-
अनुसूची
स्थानीय क्षेत्र/सेशन
विशेष न्यायालय
अनुक्रमांक
न्यायाधीश का नाम तथा पदनाम
(2)
(1)
(3) " 17.
भिण्ड
श्री पी . एस. कुशवाह विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) , अधिनियम, 1989 .
38-क.
अतिरिक्त विशेष न्यायालय , जावरा.
श्री महेन्द्र कुमार जैन अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, जावरा .
खण्ड (4)
भिण्ड
पुलिस थाना जावरा शहर का स्थानीय क्षेत्र , औद्योगिक क्षेत्र जावरा, कालूखेड़ा, रिंगनोद, बड़ोद, पिपलौदा तथा पुलिस थाना ताल.".
यह संशोधन उस तारीख से प्रवृत्त होगा जिसको कि अधिसूचना में यथाविनिर्दिष्ट न्यायाधीश उक्त न्यायालय में अपने पद का कार्यभार ग्रहण करें.
F. No. 1-6-89 - XXI - B ( 1 ) . In exercise of the powers conferred by sub- section ( 2) of Section 36 of the Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act , 1985 ( No. 61 of 1985 ) , the State Government , with the concurrence of the Chief Justice of the High Court of Madhya Pradesh , hereby, makes the following further amendments in this Department's Notification F.No. 1-6-89 - XXI - B ( I) dated 3rd April 1998 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part- I dated 17th April , 1998 , namely:-
AMENDMENTS
In the said Notification , in the Schedule , for serial numbers 17 and 38 - A and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall respectively be substituted , namely :-
SCHEDULE
S. No
(1)
Name and designation of theJudge (2)
"17 .
Shri P. S. Kushwah Special Judge , Scheduled Caste and Scheduled Tribe (Prevention of Atrocities) Act, 1989 .
38-A.
Shri Mahendra Kumar Jain , Additional Sessions Judge , Jaora .
Special Court
(3)
Local area/ Session division (4) .
Bhind
Bhind
Local area of Police Additional Special Court , Jaora.
Station Jaora City , Industrial Area Jaora . Kalukheda , Ringnod , Badauda , Piploda and and Police Station Taal . " .
This amendment shall come into force from the date on which the Judge as specified in the Notification assumes the charge of this office in the said Court .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
ए. जे. खान , प्रमुख सचिव.
2966
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
[भाग 1
विभाग प्रमुखों के आदेश
कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , सिंगरौली, मध्यप्रदेश
सिंगरौली, दिनांक 3 अगस्त 2011
क्र. 796- आर.डी.एम.- 2011.- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( 1972 का संख्या 02 ) की धारा 2 के खण्ड ( घ ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, मैं, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सिंगरौली, एतद्वारा नीचे दी गई अनुसूची के कालम ( 1 ) में विनिर्दिष्ट स्थान पर मध्यप्रदेश शासन , गृह ( पुलिस ) विभाग , मंत्रालय, भोपाल के आदेश क्रमांक/एफ-2 ( क)-48-10- बी- 3- दो, भोपाल , दिनांक 24 जून 2011 के द्वारा सिंगरौली जिले के सरई थाना के अन्तर्गत स्वीकृत " नवीन पुलिस चौकी निगरी " की अधिकारिता , अनुसूची के कालम नं . ( 2 ) में अंकित तत्स्थानी प्रविष्टियों में विनिर्दिष्ट रखने वाली पुलिस चौकी के रूप में घोषित करता हूं:-
अनुसूची
पुलिस स्टेशन का स्थान (1)
अधिकारिता (2)
1. निगरी,
पुलिस चौकी निगरी, थाना सरई, जिला सिंगरौली (म. प्र. )
2. कटई
3. बेलगांव
4. जोवा
ताल
5.
6. दियाडोल
7 . धनवाही
8. कुचवाही
9. काछीनार
10.
छमरछ
No. 797 - RDM - 2011.- In exercise of the powers conferred by clause ( G ) of Section 2 of the Code of Criminal Procedure , 1973 (2 of 1974) the I , Collector & District Magistrate Singrauli hereby , declare the Police Out Post at the Place specified in column ( 1 ) of the schedule below having jurisdiction specified in the corresponding entries in column (2) of the said schedule . This police out post will remain in the jurisdiction of police station Sarai :-
SCHEDULE
Jurisdiction (2)
Places of Police Out Post (1)
1. Nigari
2. Katai
Out Post Nigari , Police Station Sarai , Distt. Singrauli (M.P. )
3. Belgawan
4.
Jowa
5.
Tal
6. Diyadol
7. Dhanwahi
8. Kuchwahi
9. Kachhinar
10. Chamrach
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , पी. नरहरि, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2967
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
कार्यालय , कुलाधिपति, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर, मध्यप्रदेश
राजभवन, भोपाल, दिनांक 6 अगस्त 2011
आदेश
क्र. एफ - 1-6-09 - रास- यूए - 1-1040.- प्रो. राम राजेश मिश्रा, कुलपति, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय , जबलपुर द्वारा दिनांक 3 अगस्त 2011 को प्रस्तुत त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से स्वीकृत किया जाता है .
" मध्यप्रदेश विश्वद्यालय अधिनियम, 1973 " की धारा 14 की उपधारा ( 6 ) के प्रावधानांतर्गत मैं, रामेश्वर ठाकुर, कुलाधिपति , रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर, एतद्वारा , डॉ. जगमोहन केलर, आचार्य , भौतिक शास्त्र विभाग एवं संकायाध्यक्ष , विज्ञान संकाय , रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर को नये कुलपति की नियुक्ति होने तक के लिए उक्त विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्य सम्पादित करने के लिये नाम-निर्देशित करता हूं.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग
निर्वाचन भवन
58 , अरेरा हिल्स, भोपाल ( म.प्र. ) भोपाल, दिनांक 8 अगस्त 2011
आदेश
क्र एफ 67-263-10- तीन- 1265.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा .
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत ब्यौहारी
रामेश्वर ठाकुर, कुलाधिपति.
जिला शहडोल के आम निर्वाचन में श्री हरिमोहन तिवारी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत ब्यौहारी जिला शहडोल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल के पत्र क्रमांक न.पा.- निर्वा.-2010-775 , दिनांक 5 जून , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री हरिमोहन तिवारी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री हरिमोहन तिवारी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 15 जुलाई 2010 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , शहडोल के माध्यम से दिनांक 4 अगस्त 2010 को उनके पुत्र श्री प्रियदर्शी तिवारी , उम्र 20 वर्ष के माध्यम से तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्री हरिमोहन तिवारी को नोटिस दिनांक 4 अगस्त 2010 को तामील कराया गया. अतः अभ्यर्थी को दिनांक 19 अगस्त 2010 तक निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर शहडोल ने पत्र दिनांक 13 सितम्बर 2010 में लेख किया कि " अभ्यर्थी द्वारा 2968
एक माह की अवधि व्यतीत होने के उपरांत भी आज दिनांक तक इस कार्यालय में किसी प्रकार का अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. " उक्त प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 29 मार्च, 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष दिनांक 26 अप्रैल, 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, शहडोल द्वारा दिनांक 23 अप्रैल, 2011 को कराई गई, अभ्यर्थी ने दिनांक 22 अप्रैल 2011 को एक अभ्यावेदन आयोग को प्रेषित करते हुए लेख किया कि वे व्यक्तिगत सुनवाई की दिनांक 26 अप्रैल 2011 को अस्वस्थ होने के कारण उपस्थित नहीं हो सकेंगे . अभ्यर्थी के उक्त अभ्यावेदन के आधार पर उन्हें सुनवाई का एक और मौका देते हुए 18 जुलाई 2011 को आहूत किया गया . व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना - पत्र की तामीली कलेक्टर, शहडोल द्वारा दिनांक 13 जुलाई, 2011 को कराई गई , किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धोंके अन्तर्गत श्री हरिमोहन तिवारी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत ब्यौहारी जिला शहडोल का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(सुभाष जैन )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
भोपाल , दिनांक 8 अगस्त 2011
आदेश
क्र एफ 67-5-8-तीन- 1268.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2007 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत नरवर जिला शिवपुरी के आम निर्वाचन में श्रीमती गीताबाई/कल्लूराम बाथम अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर पंचायत के निर्वाचन की परिणाम दिनांक 24 दिसम्बर 2007 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 23 जनवरी 2008 तक, श्रीमती गीताबाई /कल्लूराम बाथम को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला शिवपुरी के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवपुरी के पत्र क्रमांक स्था. निर्वा. न.पा.नि. -2007- 394, दिनांक 29 फरवरी 2008 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती गीताबाई /कल्लूराम बाथम द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती गीताबाई/कल्लूराम बाथम को कारण बताओ सूचना पत्र क्र. एफ 67-5-2008 -तीन-285, दिनांक 14 मार्च 2008 को जारी कर, अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , शिवपुरी के माध्यम से दो बार दिनांक 23 अगस्त 2008 एवं 27 दिसम्बर 2008 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में श्रीमती गीताबाई/कल्लूराम बाथम से जबाव (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी श्रीमती गीताबाई/कल्लूराम बाथम को नोटिस दिनांक 23 अगस्त 2008 एवं 27 दिसम्बर 2008 को तामील कराया गया. अभ्यर्थी ने नोटिस की तामीली होने पर दिनांक 25 अगस्त 2008 को एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया, जिसमें संबंधित जानकारी दिनांक 23 दिसम्बर 2007 को नरवर कार्यालय में प्रस्तुत किये जाने का लेख किया. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला शिवपुरी से भाग 1 ]
प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 25 जनवरी 2011 के द्वारा लेख किया है कि अभ्यर्थी श्रीमती गीताबाई/कल्लूराम बाथम द्वारा सीधे राज्य निर्वाचन आयोग को दिनांक 3 सितम्बर 2008 को व्यय लेखा प्रस्तुत किया गया है . श्रीमती गीता कुशवाह द्वारा रुपये 23,160/ - का कुल व्यय किया गया है , जो निर्धारित सीमा के अन्दर है. लेकिन श्रीमती गीताबाई द्वारा निर्धारित समय - सीमा में व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया है एवं व्यय लेखा समयसीमा में प्रस्तुत नहीं करने का कारण, संतोषप्रद नहीं होने से स्वीकार किये जाने योग्य नहीं है .
आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 27 अप्रैल 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, अभ्यर्थी श्रीमती गीताबाई /कल्लूराम बाथम उक्त दिवस को आयोग कार्यालय में अपने अभ्यावेदन एवं समस्त दस्तावेज सहित उपस्थित हुई. अभ्यर्थी से प्राप्त अभ्यावेदन एवं समस्त दस्तावेज की जांच कलेक्टर शिवपुरी से कराई गई. कलेक्टर शिवपुरी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन दिनांक 30 जून 2011 में प्रतिवेदित श्रीमती गीताबाई /कल्लूराम बाथम द्वारा निर्धारित समय - सीमा में व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया है , इस कारण से उन्होंने श्रीमती गीताबाई/कल्लूराम बाथम को निरर्ह घोषित किया जाना प्रस्तावित किया गया है . उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्रीमती गीताबाई /कल्लूराम बाथम द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया . अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती गीताबाई/कल्लूराम बाथम को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत नरवर जिला शिवपुरी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 02 वर्ष ( दो वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार ,
हस्ता./-
( सुभाष जैन)
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
भोपाल , दिनांक 10 अगस्त 2011
आदेश
क्र एफ 67-155-10-तीन- 1286.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही
2969
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत बदनावर जिला धार के आम निर्वाचन में श्रीमती विमला सुभाषचन्द्र गादिया अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर पंचायत के निर्वाचन परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन का परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, श्रीमती विमला सुभाषचन्द्र गादिया को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी धार के पास दाखिल करना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी धार के पत्र दिनांक 10 मार्च 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती विमला सुभाषचन्द्र गादिया द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती विमला सुभाषचन्द्र गादिया को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 18 जनवरी 2011 को जारी कर संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , धार के माध्यम से दिनांक 14 मार्च 2011 को तामील कराया गया . कारण बताओ नोटिस में श्रीमती विमला सुभाषचन्द्र गादिया से जबाव ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा .
अभ्यर्थी श्रीमती विमला सुभाषचन्द्र गादिया को नोटिस दिनांक 14 मार्च 2011 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 29 मार्च 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा श्रीमती विमला सुभाषचन्द्र गादिया को नोटिस तामिली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया , उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला धार से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 15 अप्रैल 2011 के 2970
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
द्वारा लेख किया है कि अभ्यर्थी श्रीमती विमला सुभाषचन्द्र गादिया द्वारा विलम्ब से लेखा प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन उनके कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है .
आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 15 जुलाई 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, अभ्यर्थी श्रीमती विमला सुभाषचन्द्र गादिया उक्त दिवस को आयोग में उपस्थित हुई. अधोहस्ताक्षरकर्ता के प्रवास पर रहने के कारण, समक्ष में सुनवाई नहीं हो सकने पर, अभ्यर्थी को दोबारा सुनवाई हेतु बुलाये जाने का निर्णय लिया गया. तत्समय अभ्यर्थी श्रीमती विमला सुभाषचन्द्र गादिया ने अपना आवेदन/व्यय लेखा प्रस्तुत किया. अभ्यर्थी ने अपने आवेदन में अंकित किया है कि " मेरे द्वारा व्यय लेखा की छायाप्रति मेरे लड़के हर्ष गादिया के द्वारा डॉक बंगले पर भिजवाया था. उसका मूल व्यय लेखा मेरे पास है. जिसे में प्रस्तुत कर रही हूं.
मेरी आर्थिक परिस्थिति एवं मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण में दूसरी बार नहीं आ सकती . " नियमों में लेखे कलेक्टर कार्यालय में जमा करवाने का प्रावधान है , अन्यत्र नहीं. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्रीमती विमला सुभाषचन्द्र गादिया द्वारा नियत समयावधि में मूल निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती विमला सुभाषचन्द्र गादिया को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत बदनावर जिला धार का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 02 वर्ष ( दो वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुभाष जैन) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
संचालनालय, स्थानीय निधि संपरीक्षा मध्यप्रदेश, ग्वालियर
ग्वालियर, दिनांक 9 अगस्त 2011
क्र. आई.एल.एफ.ए. - प्रशा- एक- 5464.- मैंने दिनांक 11 जुलाई 2011 से संचालक, स्थानीय निधि संपरीक्षा ग्वालियर का कार्यभार ग्रहण कर लिया है .
अतः संचालक, स्थानीय निधि संपरीक्षा, ग्वालियर मध्यप्रदेश को संबोधित किये जाने वाले समस्त अर्द्धशासकीय व गोपनीय पत्रादि मेरे नाम से संबोधित करने का कष्ट करें.
पंकज अग्रवाल, आई.ए.एस. संचालक.
भाग 1 ]
2971
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
ग्वालियर , दिनांक 11 अप्रैल 2011
क्र. 04 - अ- 82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
(हे. में) (1) (2)
(3)
(4) चीनौर
ग्वालियर
1.23
झांकरी
योग .. 1.23
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, ग्वालियर.
हिम्मतगढ़ तालाब योजना के अन्तर्गत बांयी तट नहर की वितरिकाओं हेतु भूमि का अर्जन.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 12 - अ- 82-10-11- भू-अर्जन . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (2)
(1)
(3)
(4) ग्वालियर घाटीगांव
1.03
हुकुमगढ़
योग .. 1.03
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, ग्वालियर.
हिम्मतगढ़ तालाब योजना के अन्तर्गत बांयी तट नहर की वितरिकाओं हेतु भूमि का अर्जन.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू-अर्जन अधिकारी, ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
2972
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
[ भाग 1
ग्वालियर, दिनांक 30 जुलाई 2011
क्र. 22 - अ- 82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
(1) (2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) चीनौर
ग्वालियर
अमरधा
6.844 योग .. 6.844
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी (5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, बांध सुरक्षा संभाग , जिला ग्वालियर.
अमरधा तालाब की पार एवं नहर निर्माण हेतु ग्राम अमरधा की भूमि का अर्जन.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू- अर्जन अधिकारी, ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
ग्वालियर, दिनांक 4 अगस्त 2011
क्र. 24- अ- 82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है : -
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम
(1) (2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) ग्वालियर भितरवार
4.925
रिठोंदन
योग .. 4.925
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी (5)
(6)
हरसी उच्च स्तरीय नहर निर्माण हेतु ग्राम रिठोंदन की भूमि का अर्जन.
कार्यपालन यंत्री , हरसी उच्च स्तरीय नहर संभाग , डबरा जिला ग्वालियर.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2973
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
विदिशा , दिनांक 27 जून 2011
प्र. क्र. 4 - अ -82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे वर्णित अनुसूची के कॉलम नम्बर ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम नम्बर ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम नम्बर ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
क्षेत्रफल (हे. में) (1)
(2)
(3)
(4) विदिशा लटेरी
8.164
छिरारी
( 2)
सार्वजनिक प्रयोजन
का विवरण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , सिरोंज सगड मध्यम परियोजना के डूब क्षेत्र की निजी भूमि का अर्जन.
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भू- अर्जन की आवश्यकता है- सगड मध्यम परियोजना के डूब क्षेत्र की निजी भूमि के अर्जन हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी , सिरोंज में किया जा सकता है .
विदिशा , दिनांक 4 अगस्त 2011
प्र. क्र. 1 - अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4)
मटैना
त्योंदा
2.278 विदिशा
योग .. 2.278
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी, बासौदा बघरू मध्यम- जलाशय परियोजना की बांयी तट मुख्य नहर की माइनर क्रमांक 10 हेतु भूमि का अधिग्रहण.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बघरू मध्यम परियोजना की बांयी तट नहर की माइनर नहर हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन, भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है.
2974
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
[ भाग 1 प्र. क्र. 2 - अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(हे. में )
(1)
(2)
(3)
(4) विदिशा त्योंदा
3.355
मुड़ैना
योग .. 3.355
(6)
(5)
बासौदा
भू-अर्जन अधिकारी ,
बघरू मध्यम- जलाशय परियोजना की बांयी तट मुख्य नहर की माइनर क्रमांक 12, 13 , 14 व 15 हेतु भूमि का अधिग्रहण.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बघरू मध्यम परियोजना की बांयी तट नहर की माइनर नहर हेतु.
( 3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन, भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 3 - अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के
का वर्णन अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4) विदिशा
2.595 त्योंदा
सुनेटी
योग .. 2.595 (2)
(5)
(6)
भू-अर्जन अधिकारी, बासौदा बघरू मध्यम- जलाशय परियोजना की बांयी तट मुख्य नहर की माइनर क्रमांक 9 एवं 10 एवं 11 व 13/2 हेतु भूमि का अधिग्रहण.
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बघरू मध्यम परियोजना की बांयी तट नहर की माइनर नहर हेतु.
( 3) भूमि के नक्शे (प्लान ) का अवलोकन, भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
2975
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
प्र. क्र. 4- अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(हे. में)
(2)
(1)
(3)
(4) त्योंदा
1.253 विदिशा
रसूलपुर
योग . 1.253 (5)
(6)
भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा बघरू मध्यम- जलाशय परियोजना की बांयी तट मुख्य नहर की माइनर क्रमांक 2 , 3 व 4 हेतु भूमि का अधिग्रहण.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बघरू मध्यम परियोजना की बांयी तट नहर की माइनर नहर हेतु.
( 3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन , भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 5- अ- 82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
ग्राम
(1) (2)
(3)
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
(हे. में)
(4)
बिजौरी
विदिशा त्योंदा
2.216
योग .. 2.216 अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
(6)
भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा बघरू मध्यम- जलाशय परियोजना की बांयी तट मुख्य नहर की माइनर क्रमांक 4, 5 एवं 6 हेतु भूमि का अधिग्रहण .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बघरू मध्यम परियोजना की बांयी तट नहर की माइनर नहर हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन , भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 6 - अ-82-10-11 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है.
2976
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4)
1.847 विदिशा त्योंदा
बगरोदा
योग . 1.847 (2)
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा बघरू मध्यम - जलाशय परियोजना की बांयी तट मुख्य नहर की माइनर क्रमांक 7 , 8 व 9 हेतु भूमि का अधिग्रहण.
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बघरू मध्यम परियोजना की बांयी तट नहर की माइनर नहर हेतु .
(3) भूमिके नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 7- अ- 82-10-11 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(हे. में)
(1)
(2)
(4)
(3)
विदिशा त्योंदा
त्योंदा
0.597
योग .. 0.597 (2)
(5)
(6)
भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा बघरू मध्यम - जलाशय परियोजना की बांयी तट मुख्य नहर की माइनर क्रमांक 1 हेतु भूमि का अधिग्रहण .
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बघरू मध्यम परियोजना की बांयी तट नहर की माइनर नहर हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
2977
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
प्र . क्र. 8 - अ- 82-10-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4) विदिशा त्योंदा
परासरी
1.673
योग .. 1.673 (2)
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा बघरू मध्यम- जलाशय परियोजना की बांयी तट मुख्य नहर की माइनर क्रमांक 16 , 17, 19 , 20 हेतु भूमि का अधिग्रहण.
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बघरू मध्यम परियोजना की बांयी तट नहर की माइनर नहर हेतु .
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र . क्र. 9 - अ - 82-10-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला
ग्राम
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4) विदिशा त्योंदा
उकायला
1.629
योग 1.629
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा बघरू मध्यम- जलाशय परियोजना की बांयी तट मुख्य नहर की माइनर क्रमांक 16 , 18 , 20 व 14 हेतु भूमि का अधिग्रहण.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बघरू मध्यम परियोजना की बांयी तट नहर की माइनर नहर हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .
2978
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
प्र. क्र. 10- अ-82-10-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के
का वर्णन अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4) विदिशा
1.811 त्योंदा सुमेर काछी
योग . 1.811
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा बघरू मध्यम- जलाशय परियोजना की बांयी तट मुख्य नहर की माइनर क्रमांक 13/1 व 14 एवं 10 हेतु भूमि का अधिग्रहण.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बघरू मध्यम परियोजना की बांयी तट नहर की माइनर नहर हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 11 - अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल
(हे. में)
(1)
(3)
(2)
(4) विदिशा त्योंदा
2.920
लहरावदा
योग .. 2.920
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा बघरू मध्यम- जलाशय परियोजना की बांयी तट मुख्य नहर की माइनर क्रमांक 13/1 , 13/2 एवं 10 हेतु भूमि का अधिग्रहण.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बघरू मध्यम परियोजना की बांयी तट नहर की माइनर नहर हेतु.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन भू-अर्जन अधिकारी , बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
2979
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
विदिशा , दिनांक 5 अगस्त 2011
प्र. क्र. 12 - ए- 82-2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(1)
(3)
(4) विदिशा विदिशा
6.124
कर्राखेड़ी
योग .. 6.124 ( 2)
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग गंजबासौदा , जिला विदिशा.
संजय सागर बाह मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , विदिशा, जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 13- ए- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(3)
(1)
(4) विदिशा विदिशा
6.030
सहजाखेड़ी
योग .. 6.030
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग गंजबासौदा, जिला विदिशा.
संजय सागर बाह मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , विदिशा, जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
2980
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
प्र. क्र. 14- ए- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
क्षेत्रफल (हे. में) (1)
(2)
(3)
(4)
बंधिया
2.050 विदिशा विदिशा
योग .. 2.050
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग गंजबासौदा, जिला विदिशा.
संजय सागर बाह मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , विदिशा, जिला विदिशा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सी. बी. सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला टीकमगढ़, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
टीकमगढ़, दिनांक 30 जुलाई 2011
प्र. क्र. 7 - भू- अर्जन - 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(4) (1)
(3)
खरौं
0.860 टीकमगढ़ पलेरा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जतारा.
(6) करियापाठा तालाब योजना के नहर निर्माण हेतु ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:- करियापाठा तालाब के की नहर निर्माण हेतु ग्राम खरौं की भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , जतारा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 8 - भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को भाग 1 ]
2981
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)
(3)
(2)
(4)
3.000
महेबा चक्र -3
टीकमगढ़ पलेरा
अनुसूची
धारा 4 की
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जतारा.
करियापाठा तालाब योजना के नहर निर्माण हेतु.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:- करियापाठा तालाब की नहर निर्माण हेतु ग्राम महेबा चक्र -1 की भूमि का अर्जन .
(3 ) भूमि का नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , जतारा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्र . क्र. 9 - भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
(1) (2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)
1.960
महेबा ऊगढ़
टीकमगढ़ पलेरा
अनुसूची
धारा 4 की
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
(6)
उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जतारा.
करियापाठा तालाब योजना के नहर निर्माण हेतु.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:- करियापाठा तालाब के की नहर निर्माण हेतु ग्राम महेबा ऊगढ़ की भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , जतारा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 10 - भू-अर्जन- 2011-12.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
(1)
(3)
(2)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)
1.500
भदरई
पलेरा
टीकमगढ़
अनुसूची
धारा 4 की
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
(6)
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जतारा .
करियापाठा तालाब योजना के नहर निर्माण हेतु.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:- करियापाठा तालाब के की नहर निर्माण हेतु ग्राम भदरई की भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , जतारा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रघुराज राजेन्द्रन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2982
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सागर , दिनांक 30 जुलाई 2011
क्र. -क- 6304 -प्र.भू- अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
जिला तहसील
(3)
(1)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7)
(6)
लगभग क्षेत्रफल
कुल रकबा
(हे. में)
(5)
कुल ख. नं . (4) (2)
देवरी
18 सागर
जमुनिया पंडित
6.00
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर (म.प्र. ) .
देवरी विकासखण्ड के अन्तर्गत समनापुर जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र.-क- 6305 - प्र.भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
जिला
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
कुल ख. नं .
(2)
(1)
(4) देवरी
15 सागर
(3) देवरी पाठक
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
कुल रकबा (हे. में)
(7)
(6)
(5)
4.82
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर (म.प्र . ) .
देवरी विकासखण्ड के अन्तर्गत समनापुर जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.
क्र.-क- 6306 - प्र.भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने भाग 1 ]
2983
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
कुल ख. नं.
(1)
(2)
(3)
(4) सागर
देवरी छिंदली
17 धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
कुल रकबा (हे. में)
(7)
(6)
(5)
5.64
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर (म.प्र. ) .
देवरी विकासखण्ड के अन्तर्गत समनापुर जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन .
सागर , दिनांक 2 अगस्त 2011
क्र. - क- प्र.भू- अर्जन - 6399-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
जिला तहसील नगर/ग्राम
कुल खसरा नं .
(1)
(2)
(3)
(4) केसली पिपरिया
22 सागर
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
कुल रकबा (हेक्टर में)
(6)
(7)
(5)
2.13
चकरा जलाशय योजना के नहर निर्माण कार्य.
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन क्र. 1 , सागर.
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यक है- चकरा जलाशय योजना के नहर निर्माण में अर्जित की जाने वाली भूमि.
(2)
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , देवरी के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र.-क- प्र.भू- अर्जन- 6400-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त 2984
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
अनुसूची
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
नगर/ग्राम
कुल खसरा नं.
(2)
(4) (1)
(3)
33 केसली
सागर
पुतर्रा
(2)
प्राधिकृत अधिकारी
कुल रकबा (हेक्टर में)
(7)
(5)
(6)
5.19
चकरा जलाशय योजना के नहर निर्माण कार्य.
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन क्र. 1 , सागर.
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यक है- चकरा जलाशय योजना के नहर निर्माण में अर्जित की जाने वाली भूमि.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , देवरी के कार्यालय में किया जा सकता है.
बीना , दिनांक 11 अगस्त 2011
क्र.-क- 6545 - भू- अर्जन -11 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
जिला
भूमि का वर्णन ग्राम
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
तहसील
कुल खसरा नं. (4)
13 (2) बीना
(1) सागर
(3) इटैया
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(7)
कुल रकबा (हेक्टर में) (5)
(6)
1.751
रेहटी मध्यम सिंचाई परियोजना जिला विदिशा, मुख्य नहर का निर्माण कार्य हेतु.
कार्यपालन यंत्री संजय सागर परियोजना बाह्य नदी संभाग, गंजबासौदा.
नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , बीना के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र.-क- 6546 - भू-अर्जन 11. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
तहसील
कुल खसरा नं.
(1)
(4) 29 सागर
(2) बीना
(3) गौहर
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
कुल रकबा (हेक्टर में)
(7)
(6)
(5)
8.200
रेहटी मध्यम सिंचाई परियोजना जिला विदिशा , मुख्य नहर का निर्माण कार्य हेतु.
कार्यपालन यंत्री संजय सागर परियोजना बाह्य नदी संभाग , गंजबासौदा.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , बीना के कार्यालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
2985
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
क्र.-क- 6548 - भू-अर्जन-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
अनुसूची
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
कुल खसरा नं.
(1)
(2)
(3)
(4) बीना
सागर
23
पहाखेड़ी
प्राधिकृत अधिकारी
कुल रकबा (हेक्टर में)
(6)
(7)
(5)
4.373
कार्यपालन यंत्री संजय सागर परियोजना बाह्य नदी संभाग , गंजबासौदा.
रेहटी मध्यम सिंचाई परियोजना जिला विदिशा , मुख्य नहर का निर्माण कार्य हेतु.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी, बीना के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र.-क- 6549 - भू-अर्जन 11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
जिला
ग्राम
तहसील
कुल खसरा नं.
(2)
(1)
(3)
(4) सागर
बीना
11
हरदौट
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
कुल रकबा (हेक्टर में)
(6)
(7)
(5)
2.743
कार्यपालन यंत्री संजय सागर परियोजना बाह्य नदी संभाग , गंजबासौदा.
रेहटी मध्यम सिंचाई परियोजना जिला विदिशा , मुख्य नहर का निर्माण कार्य हेतु.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , बीना के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2986
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
शाजापुर , दिनांक 1 अगस्त 2011
क्र. भू-अर्जन- 11-382.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4)
मकोडी
1.91 गुलाना
शाजापुर
निजी भूमि
सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत
का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
मकोडी- उमरसिंगी तलााब की
नहर हेतु.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, विभाग शाजापुर.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , शाजापुर/ भू- अर्जन अधिकारी , शाजापुर के कार्यालय में किया जा सकता है .
शाजापुर , दिनांक 5 अगस्त 2011
क्र. भू-अर्जन- 2011-225.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने क्रमांक ( 1 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अधीन इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 क के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण तहसील
जिला
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन
भूमि का विवरण ( हेक्टर में )
शासकीय धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
निजी योग
(2)
(3)
(1)
(4)
(5)
4.12
डोगरगांव
सुसनेर
शाजापुर
4.12
योग
(8) (7)
(6)
4.12
म.प्र. सड़क विकास निगम, उज्जैन.
4.12
डोगरगांव में अन्तर्राज्यीय एकीकृत जांच चौकी निर्माण हेतु.
नोट- ( 1 ) अधिग्रह अधीन उपरोक्त 4.12 हेक्टर भूमि का विस्तृत विवरण संलग्नक " क " में है जो इस अधिसूचना का अभिन्न अंग है.
(2 ) भूमि का नक्शा एवं प्लान का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी , अनुभाग सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
2987
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
संलग्नक " क"
ग्राम डोंगरगांव, तहसील सुसनेर में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम , उज्जैन द्वारा एकीकृत जांच चौकी के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि का विस्तृत विवरण निम्नवत् है :-
भूमि सर्वे नम्बर (1)
344में से
338 में से
336 में से
333में से
335में से
304
309
308
307 में से
342में से
332में से
310 में से
311 में से
रकबा (2)
0.20
0.61
0.51
0.19
0.04
0.21
0.95
0.22
0.07
0.61
0.05
0.20
0.26
कुल योग .. 4.12
क्र. भू- अर्जन- 2011-227- संशोधित अधिसूचना. - कलेक्टर शाजापुर एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग के क्रमांक/भू-अर्जन- 2011-140, दिनांक 25 मई 2011 के द्वारा संलग्न अनुसूची के पद क्रमांक ( 3 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि को , अनुसूची के पद ( 8 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना होने से भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अधीन सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी गई है . माननीय उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश खण्डपीठ, इन्दौर द्वारा याचिका क्र. 4628/11 में पारित आदेश दिनांक 8 जुलाई 2011 के परिप्रेक्ष्य में अधिग्रहण अधीन अनुसूची के कॉलम नं. ( 5 ) व ( 6 ) में वर्णित भूमि को भू-अर्जन में विलोपित किया जाता है : -
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण जिला
ग्राम
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
भूमि का विवरण ( हेक्टर में )
क्र. भूमि सर्वे क्र.
(2)
(5) (1)
(3)
(4)
डोगरगांव
1
101 शाजापुर सुसनेर
107
2
106
3
4
105/1
5
256
6
282
7
283 धारा 4 ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
रकबा
(7)
(8) (6)
0.26
0.04
म.प्र. सड़क विकास निगम , उज्जैन .
0.91
डोगरगांव में अन्तर्राज्यीय एकीकृत जांच चौकी निर्माण हेतु.
1.33
0.46
0.70
0.85
योग .. 4.55
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शेखर वर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2988
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला बैतूल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
बैतूल , दिनांक 2 अगस्त 2011
प्र. क्र. 12 अ- 82 - वर्ष 2010-2011 - भू-अर्जन-5880 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, संन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (1) (2)
(3)
(4)
सेन्द्रया
19.070 बैतूल मुलताई
(2)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, मुलताई.
सेन्द्रया लघु जलाशय एवं नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
प्र. क्र. 14 अ- 82 - वर्ष 2010-2011 - भू-अर्जन- 5879.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(3)
(4)
3.154 बैतूल मुलताई लाखापुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
सेन्द्रया लघु जलाशय निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है .
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी मुलताई , जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
भाग 1 ]
2989
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
प्र. क्र. 19 अ -82 - वर्ष 2010-11 - भू-अर्जन- 5881.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(3)
(4)
0.873
सोनोरा
बैतूल मुलताई
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, मुलताई.
खड़ आमला लघु जलाशय की नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है .
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
बैतूल , दिनांक 4 अगस्त 2011
प्र. क्र. 5 अ- 82 - वर्ष 2010-11 - भू-अर्जन-5923. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल
(हे. में) (2)
(1)
(4)
(3)
66.255 मुलताई
बैतूल
बुकाखेड़ी
(2)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई.
बघोली लघु जलाशय बांध निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है .
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .
2990
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
[ भाग 1 प्र. क्र. 6 अ- 82 - वर्ष 2010-11 - भू-अर्जन-5927. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)
(3)
(4)
18.464
करपा
मुलताई
बैतूल
(2)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, मुलताई.
करपा लघु जलाशय बांध निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
प्र . क्र. 7 अ- 82 - वर्ष 2010-11 - भू- अर्जन-5926. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (1) (2)
(3)
(4)
बघोली
11.389 बैतूल मुलताई
(2)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
बघोली लघु जलाशय बांध निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है .
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .
भाग 1 ]
2991
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
प्र. क्र. 15 अ- 82 - वर्ष 2010-11 - भू-अर्जन- 5928.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)
(3)
(4)
19.622 मुलताई हिरड़ी
बैतूल
( 2)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, मुलताई.
बोरगांव जलाशय एवं नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
प्र. क्र. 16 अ -82 - वर्ष 2010-11 - भू- अर्जन-5924 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल
(हे. में) (1) (2)
(3)
(4)
बोरगांव
1.442 बैतूल मुलताई
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई.
बोरगांव जलाशय एवं नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई तथा कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
2992
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
प्र. क्र. 22 अ- 82 - वर्ष 2011 - भू-अर्जन-5925.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1) (2)
(3)
(4)
(5)
(6) घाना
8.371
बैतूल मुलताई
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, मुलताई.
झिरी लघु जलाशय एवं नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है.
( 3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. चन्द्रशेखर , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 2 अगस्त 2011
क्र. 1229 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) (1) उमरिया
4.954
रोहनिया
मानपुर
कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास संभाग क्र. - 1 , रीवा ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत डूब में आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों काअर्जन.
भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2993
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
कार्यालय , कलेक्टर , जिला मन्दसौर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
मंदसौर, दिनांक 10 अगस्त 2011
प्र.क्र. 1 - अ-82-2010-2011-क्र. 199- भू-अर्जन-2011. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम
(1)
(2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) मन्दसौर सीतामऊ 1. नाटाराम
4.570
2. कोडिया ( शिवगढ ) 1.860
1.32
3. खोती
9.660
4. मुहाल नाटाराम
5. कम्माखेडी
83.22
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन कोटेश्वर तालाब के डूब क्षेत्र हेतु.
संभाग , मन्दसौर (म.प्र. ) .
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय एवं भू- अर्जन अधिकारी उपखण्ड सीतामऊ , जिला मन्दसौर के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महेन्द्र ज्ञानी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
राजगढ़ , दिनांक 10 अगस्त 2011
क्र. 12637- भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)
(1)
(3)
(4) राजगढ़
पानखेड़ी
खिलचीपुर
मेहराजपुरा
1.125 11.514 कुल योग 12.639
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , राजगढ़ .
कटारमलजी तालाब के निर्माण में बांध एवं डूब क्षेत्र हेतु आ रही भूमि का अर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , खिलचीपुर- जीरापुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
2994
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
[भाग 1
राजगढ़ , दिनांक 11 अगस्त 2011
क्र. 12684 - भू- अर्जन -2011 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) राजगढ़
0.640
पानखेड़ी
खिलचीपुर
कुल योग .. 0.640
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, राजगढ़.
चांद तलाई तालाब की नहर निर्माण हेतु आ रही भूमि का अर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , खिलचीपुर/जीरापुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 12691 - भू-अर्जन -2011 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
जिला तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2)
(3)
(4)
1.970 राजगढ़
मुण्डला
खिलचीपुर
कुल योग .. 1.970
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, राजगढ़ .
अताईखेड़ तालाब नहर (तहसील खिलचीपुर ) के निर्माण में भूमि का अर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , खिलचीपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
2995
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
क्र. 12699- भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)
(1)
(3)
(4) राजगढ़ खिलचीपुर
0.813 0.365 0.931
गूमानीपुरा बोरखेड़ी पानखेड़ी
मन्नीपुरा
0.778 कुल योग 2.887
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन
संभाग, राजगढ़.
पानखेड़ी तालाब की नहर निर्माण हेतु आ रही भूमि का अर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , खिलचीपुर/जीरापुर के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 12701 - भू- अर्जन - 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
(1) (2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) राजगढ़ जीरापुर लक्ष्मीपुरा खेड़ी लिम्बोदा
5.133 1.996 3.506 कुल योग 10.635
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, राजगढ़.
विलोड़ा तालाब की नहर निर्माण हेतु आ रही भूमि का अर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , खिलचीपुर/जीरापुर के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2996
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सतना, दिनांक 22 जुलाई 2011
क्र. 880- भू-अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन, 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन- ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना
(ख) तहसील-मैहर
(ग) नगर/ग्राम- कल्याणपुर
(घ) क्षेत्रफल-6.513 हेक्टर .
खसरा
अधिग्रहीत होने वाला रकबा नम्बर
(हेक्टर में)
(1)
(2)
64
0.144
66/1
0.044
66/2
0.066
68
0.099
67
0.094
73
0.188
87/1
0.114
87/2
0.025
89
0.268
92
0.024
90
0.107
375/1
0.138
377/1/2
0.218
0.003
377/1/1
510/1
0.111
510/2
0.122
0.170
509
506
0.182
502
0.001
507
0.001
500
0.078
501
0.085
499/2
0.008
(2)
(1)
0.005
503/1
492/2 Kha
0.150
492/2 Ka
0.136
0.025
493/2
0.243
494
0.004
495
484
0.133
0.048
33/1
33/2
0.052
132/16
0.227
132/13
0.150
132/20
0.087
0.067
132/21
0.030
132/17
132/22
0.033
132/23
0.284
132/29
0.345
132/25
0.121
0.216
132/9
131/2
0.264
130/1
0.137
0.082
128/1
128/2
0.010
0.146
153/1 Kha/ 1
0.066
153/1 Kha/3
0.117
153/1 Kha/ 10
153/1 Kha/ 7
0.138
0.167
155/1
179/1
0.146
0.155
179/3
0.014
178/3
0.128
175/1
0.009
177/1
176
0.038
0.243
175 /2Ka
412/2
0.007
योग : 6.513
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- नागौद सतना शाखा नहर निर्माण हेतु .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू-अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुखबीर सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2997
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खरगोन, दिनांक 30 जुलाई 2011
क्र. 1201 - भू-अर्जन-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन की अतिआवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त, इंदौर , संभाग इंदौर के पत्र क्रमांक 206-5- कोर्ट-11 , इंदौर , दिनांक 07 मार्च 2011 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 ( 4 ) की अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
( ख ) तहसील- बड़वाह
(ग) ग्राम-सनावद
(घ ) क्षेत्रफल-5.319 हेक्टर.
खसरा क्रमांक
रकबा (हेक्टर में )
(1)
(2)
0.737
397/1
403/1
0.064
402/3
0.169
402/4
0.360
405/2
0.218
405/3
0.380
682/1
0.549
685
0.040
686
0.510
688
0.607
689
0.405
682/2
0.233
402/5
0.041
635/5
0.485
0.377
635/3 , 635/7
635/28
0.022
635/30
0.022
635/33
0.022
635/34
0.022
635/41
0.044
635/16
0.012
5.319
कुल योग :
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बडवाह - सनावद बायपास मार्ग निर्माण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , जिला खरगोन/ अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी बडवाह तथा संभागीय प्रबंधक म. प्र. सड़क विकास निगम लिमिटेड, ओल्ड पलासिया इंदौर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला देवास , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग देवास, दिनांक 2 अगस्त 2011
प्र. क्र. 01 - अ- 82-2010-11-414.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त सार्वजनिक प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- देवास
(ख) तहसील- सतवास
(ग ) ग्राम-कांटाफोड़
(घ ) क्षेत्रफल-0.500 हेक्टर .
खसरा क्रमांक
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
57 पै.
0.010
0.010
58 पै.
0.004
60 पै.
0.004
62 पै .
63/1 पै.
0.004
63/1 पै.
0.004
64 पै.
0.010
0.020
68 पै.
0.020
69 पै.
0.050
109/1
109/2
0.022
109/3
0.021
0.021
109/4
117/1 पै .
0.036 2998
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
(1)
(2)
117/2 पै.
0.056
119/1 पै.
0.032
121 पै.
0.030
124 पै.
0.022
127 पै.
0.032
129/2
0.032
130/1 पै .
0.060
योग : 0.500
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- काटांफोड़ से पुंजापुरा सड़क निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
(3) भूमि के नक्शे तथा प्लान का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , कन्नौद तथा कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग संभाग, देवास के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 02 - अ- 82-2010-11-396.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त सार्वजनिक प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- देवास
(ख) तहसील-सतवास
(ग) ग्राम-गोदना
(घ) क्षेत्रफल-6.32 हेक्टर.
खसरा
क्रमांक
रकबा (हेक्टर में )
(1)
(2)
391/1
0.09
391/2
0.04
392/1
0.04
392/2
0.12
233
0.04
234
0.25
235
0.24
385
0.12
384
0.02
390
0.08
236
0.20
[भाग 1
(2)
(1)
382
0.10
0.06
381
380
0.06
237
0.29
0.20
246
0.04
379
378/1
0.08
0.08
378/2
159
0.08
0.32
158
157
0.30
156
0.01
122
0.10
92/3
0.02
123/1
0.04
0.03
92/1
92/2
0.08
0.08
120
124
0.12
0.40
126
0.08
109
107
0.08
0.16
94
0.13
110
0.12
91
87
0.10
0.16
88
0.12
105
0.08
104
0.04
103/1
103/2
0.06
0.06
103/3
101
0.10
75/1
0.09
75/3
0.15
75/2
0.07
0.11
75/4
102
0.24
74
0.12
100
0.08
0.20
99
96/1
0.01
0.07
96/3
97
0.08
98/1
0.08
योग : 6.32 भाग 1 ]
2999
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-काटांफोड़ से पुंजापुरा सड़क निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि के नक्शे तथा प्लान का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , कन्नौद तथा कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग संभाग , देवास के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 03 - अ- 82-2010-11-408- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त सार्वजनिक प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- देवास
(ख ) तहसील- सतवास
(ग) ग्राम- सिंगोडा
(घ) क्षेत्रफल-3.54 हेक्टर.
रकबा
खसरा नम्बर
(हेक्टर में)
(1)
(2)
157
0.08
0.40
156
72/2
0.02
155
0.18
72/1
0.02
63/1
0.24
148
0.16
144/1
0.04
144/2
0.28
78
0.01
138
0.08
166
0.07
160/1
0.32
86
0.04
25
0.04
141
0.25
31
0.01
83
0.01
56/1
0.14
55
0.10
47
0.01
48
0.20
(2)
(1)
0.05
44/1
0.05
45
0.05
44/2
75
0.02
0.01
74
0.04
64
65
0.04
0.04
66
71
0.02
73
0.01
34
0.11
0.01
28
27
0.01
0.04
77
82
0.01
0.04
24
12
0.04
0.08
16
0.06
15
0.11
14
योग : 3.54
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- काटांफोड़ से पुंजापुरा सड़क निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे तथा प्लान का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, कन्नौद तथा कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग संभाग , देवास के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 04- अ- 82-2010-11-402.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त सार्वजनिक प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- देवास
(ख) तहसील - सतवास 3000
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
(ग) ग्राम-कानड़ा
(घ) क्षेत्रफल-5.63 हेक्टर.
खसरा
रकबा
नम्बर
(हेक्टर में)
(1)
(2)
295
0.08
296
0.45
317
0.08
341
0.14
340/1
0.07
340/3
0.07
340/4
0.13
339/2
0.09
340/5
0.01
339/1
0.05
339/6
0.02
339/5
0.12
319
0.19
320
0.11
314
0.06
315
0.12
316/2
0.13
238/2
0.04
322/1
0.08
322/2
0.12
107
0.20
312/4
0.20
240
0.24
110
0.04
109
0.16
105/1
0.12
105/2
0.14
112
0.17
114
0.20
130
0.17
131
0.20
90
0.10
89/1
0.29
89/2
0.03
72
0.26
73
0.25
146
0.24
68
0.14
67/2
0.14
148
0.18
योग : 5.63
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता
[भाग 1 है- काटांफोड़ से पुंजापुरा सड़क निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
( 3 ) भूमि के नक्शे तथा प्लान का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , कन्नौद तथा कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग संभाग , देवास के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मुकेश चन्द्र गुप्ता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग
दमोह, दिनांक 4 अगस्त 2011
प्र. क्र. 15 - अ-82 वर्ष 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि संपत्ति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- दमोह
(ख ) तहसील- बटियागढ़
(ग ) नगर/ग्राम- आलमपुर, खड़ैरी
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 26.64 हेक्टर .
खसरा क्रमांक (1)
अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2)
ग्राम-आलमपुर
77 में से
0.10
0.18
83
104/1
0.23
78
0.08
79 में से
0.06
0.08
100
101
0.04
0.13
80 में से
81
0.12
82
0.13
102
0.06 भाग 1 ]
3001
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
(2) (1)
0.18 84/1 (ख)
0.02 160/1 (ख)
0.18 84/1 (ग)
0.09 84/2( क) में से
105/2
0.21 114
0.06
0.03 160/2(क)
0.16 84/2(क)
0.08 84/2( ग ) में से
0.06 160/2( ख)
85में से
0.10 136
0.09 139
0.17 141
0.28 88 में से
0.03 89में से
0.03 90में से
0.08 91
0.10 92में से
0.10 93में से
0.13 94
0.11 95
0.09 96
0.08 97
0.08 98
0.05 99
0.07 103
0.05 102
0.06 104/2
0.23 105/1
0.20 107
0.03 108
0.06 109
0.05 110
0.10 111
0.03 112
0.03 115
0.06 116
0.06 117
0.06 119
0.30 129
0.13 133
0.03 135
0.20 146
0.36
(2)
(1)
120
0.26
121
0.10
124
0.04
0.24
144
122
0.20
125में से
0.04
132
0.23
0.52
123
131
0.24
126
0.04
0.20
143
127
0.10
0.11
145
0.25
128
0.27
130
134
0.10
137
0.22
138
0.05
140
0.18
142/1
0.23
142/2
0.23
147 में से
0.55
148
0.16
0.28
149
0.08
149/2
0.08
150 में से
0.08
155/3 में से
0.12
158 में से
0.14
159/1
0.15
162में से
0.06
166/1 में से
0.10
159/2
0.06
160/1 (क)
160/1085
0.06
161
0.21
163
0.04
0.11
164 में से
0.02
165/1 में से
0.08
166/2में से
कुल निजि भूमि : 12.14 3002
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
(1)
(2)
आलमपुर नहर 212 में से
0.30 205
0.05 204
0.05 203 में से
0.05 262में से
0.30 261 में से
0.15 259 में से
0.15 258 में से
0.15 256 में से
0.10 257 में से
0.05 268 में से
0.20 489 में से
0.25 327/1 में से
0.21 558/1 में से
0.09 558/3
0.09 588/2में से
0.05 557/1 में से
0.11 557/2 में से
0.11 553में से
0.05 555 में से
0.18 537 में से
0.05 556/1 में से
0.05 536 में से
0.10 534में से
0.07 535 में से
0.09 533 में से
0.05 522में से
0.36 521/2 में से
0.10 521/1 में से
0.09 509/1 में से
0.15 507 में से
0.19 506 में से
0.35 505 में से
0.19 500 में से
0.10
0.30 499 में से
498 में से
0.08 495/2 में से
0.10 495/1 में से
0.10 496/2में से
0.20 496/1 में से
0.16
कुल निजि भूमि : 5.57 (1)
(2)
ग्राम-खड़ैरी
0.20
484/1 में से
480 में से
0.12
0.18
481 में से
0.16
479में से
0.12
477 में से
478/2में से
0.05
478/3 में से
0.36
468/1 में से
0.06
468/2 में से
0.18
0.32
518/1 में से
625 में से
0.44
487/1
0.34
488
0.38
487/2
0.35
0.20
489/1 में से
511/4 में से
0.26
0.05
511/8/10/11 में से
0.36
626 में से
624 में से
0.25
0.20
622में से
0.50
621/1 में से
0.04
614/2
0.52
614/1 में से
0.17
613में से
607/2 में से
0.43
606 में से
0.08
605/2में से
0.11
607/1 में से
0.02
605/1 में से
0.08
0.07
584में से
585 में से
0.08
0.23
582में से
578 में से
0.26
579 में से
0.11
0.09
580 में से
575 में से
0.09
511/6-7 में से
0.04
511/5 में से
0.09
0.07
511/12में से
511/1 में से
0.05
0.05
511/2 में से
513में से
0.30 भाग 1 ]
3003
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
(1)
(2)
514/2में से
0.02
514/1 में से
0.35
515/2में से
0.50
8.93
निजी भूमि
आलमपुर योग : 17.71
खड़ैरी योग : 8.93
महायोग : 26.64
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- आलमपुर जलाशय योजना एवं नहर के अर्जन में आने वाली भूमि का निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , हटा एवं भू- अर्जन अधिकारी उपखण्ड हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जलसंसाधन संभाग , दमोह, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(5 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकते है .
प्र. क्र. 15 - अ-82 वर्ष 2009-2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि संपत्ति की, अनुसूची के पद में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- दमोह
(ख ) तहसील- बटियागढ़
( ग ) नगर/ग्राम- फतेहपुर, खैरीरामदास, नीमी , लुधनी लिधौरा हारट
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 26.35 हेक्टर.
खसरा
अर्जित रकबा
क्रमांक
(हेक्टर में)
(2)
(1)
ग्राम-फतेहपुर
204 में से
0.08
201/5 में से
0.02
203/5 में से
0.23
(1)
(2)
0.28
201/6 में से, 203/6 में से
0.04
200/3 में से, 201/3 में से
0.12
201/2में से
202/4 में से
0.28
0.12
202/3 में से
202/2 में से
0.01
0.22
353 में से
360/5 में से
0.40
0.02
366/1 में से
366/2में से
0.04
366/3 में से
0.02
0.14
367/1 में से
367/2में से
0.14
369/1 में से
0.22
551/ में से
0.17
0.05
552/1 में से
552/2 में से
0.12
0.21
553/1182/2 में से
590में से
0.17
591 में से
0.14
589 में से
0.13
0.15
595 में से
598/1 में से
0.14
0.08
806 में से
0.01
600 में से
803/3 में से
0.02
803/2में से
0.18
0.07
805 में से
830/1 में से
0.16
827 में से
0.07
0.05
807 में से
0.07
808 में से
809/1 में से
0.08
0.03
810/1 में से
0.03
810/2में से
812में से
0.03
815/1 में से
0.08
816 में से
0.01
831/2में से
0.01
786/1 में से
0.06
0.07
786/2 में से
785 में से
0.04
784 में से
0.08
781 में से
0.18 3004
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
(1)
(2) 782में से
0.03 770/1 में से
0.04 770/2में से
0.03 771/1 में से
0.02 771/2में से
0.02 226 में से
0.14 229 में से
0.04 230/2 में से
0.14 230/3 में से
0.16 230/4 में से
0.02 308 में से
0.04 309/1 में से
0.02 309/2में से
0.02 310 में से
0.08 316 में से
0.09 312में से
0.08 314 में से
0.12 344 में से
0.16 342में से
0.06 334में से
0.14 332में से
0.09 400/3 में से
0.04 429/2में से
0.16 429/1 में से
0.07 429/3 में से
0.15 463/2में से
0.14 463/1 में से
0.16 424/1 में से
0.02 424/2 में से
0.02 423में से
0.09 421 में से
0.15 415 में से
0.19 394में से
0.07 414 में से
0.10 413में से
0.12 410 में से
0.10 411 में से
0.16 404/1 में से
0.12 404/2में से
0.12 404/3 में से
0.12 404/4 में से
0.12 401 में से
0.28 513में से
0.12 514/1 में से
0.09
(2)
(1)
514/2 में से
0.09
959 में से
0.08
0.01
1012/1-2 में से
0.11
1014 में से
1015/2में से
0.12
1013/1 में से
0.08
1013/2 में से
0.07
0.06
1030/2 में से
1027/1 में से
0.14
1027/2 में से
0.14
1039 में से
0.21
1038/1 में से
0.23
0.08
1078/1 में से
1078/2में से
0.08
1080 में से
0.15
1081/1 में से
0.01
1081/2में से
0.13
0.17
1088 में से
0.29
1086/2में से
1104 में से
0.12
1105 में से
0.14
1106 में से
0.08
0.12
1107/1 में से
1107/2 में से
0.12
0.14
1121 में से
0.02
1123 में से
1122में से
0.08
1128 में से
0.18
0.14
1149/1 में से
1148/2 में से
0.12
1148/1 में से
0.09
1152/2 में से
0.18
1152/1 में से
0.16
0.21
1153/1 में से, 1153/2 में से
1156 में से
0.32
कुल निजी भूमि : 13.79
ग्राम-खैरी रामदास
0.1
129में से
0.04
127में से
0.02
128/1 में से
53में से
0.02 भाग 1 ]
3005
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
(1)
(2) 55/6 में से
0.06 55/3 में से
0.01 55/5 में से
0.10 56 में से
0.16 57/1 में से
0.06 100में से
0.10 101/1 में से
0.01 101/2 में से
0.06 104 में से
0.06 105/2में से
0.09 105/3 में से
0.01 107/2में से
0.06 105/1 में से
0.01 103 में से
0.01
कुल निजी भूमि- 0.98
ग्राम-नीमी 142में से
0.18 143 में से
0.06 270 में से
0.01 271 में से
0.15 269 में से
0.23 293/1 में से
0.06 293/2 में से
0.06 294में से
0.15 261/1 में से
0.05 298 में से
0.13 299 में से
0.18 297/402 में से
0.14 300/1 में से
0.05 300/2में से
0.06 302में से
0.21 329/2में से
0.21 328/3 में से
0.13 327 में से
0.12 326 में से
0.26 309/1 में से
0.16 309/2में से
0.15 323में से
0.17 324/1 में से
0.58 324/2 में से
0.58 346/1 में से
0.10 346/2 में से
0.09 345/2 में से
0.02
(2)
(1)
345/1 में से
0.02
342में से
0.34
344 में से
0.10
337/2में से
0.23
337/1 में से
0.23
336 में से
0.14
381/1 में से
0.14
0.12
381/2 में से
381/3 में से
0.14
381/4 में से
0.14
0.08
394/1 में से
394/2में से
0.12
0.19
398 में से
0.16
396 में से
0.04
380में से
कुल निजी भूमि- 6.48
ग्राम-लुधनी
348/1 में से
0.52
0.19
381 में से
380/1 में से
0.04
0.01
379 में से
380/2में से
0.04
350/1 में से
0.16
0.17
350/4 में से
351 में से
0.14
360 में से
0.16
359/2में से
0.02
361/4 में से
0.12
362में से
0.08
363/2में से
0.08
365 में से
0.12
385/1 में से
0.15
कुल निजी भूमि- 2.00
ग्राम- लिधोरा हारट
582में से
0.14
580में से
0.07 3006
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
(1)
(2)
581 में से
0.04
590 में से
0.22
603 में से
0.20
606 में से
0.16
591/1 में से
0.02
591/2में से
0.03
607 में से
0.02
598 में से
0.12
565/1 में से
0.02
564 में से
0.10
422/1 में से
0.11
422/2में से
0.10
424/2में से
0.18
421 में से
0.03
432में से
0.08
433में से
0.03
442में से
0.16
443में से
0.02
444 में से
0.03
445में से
0.01
446 में से
0.10
447 में से
0.05
464 में से
0.10
465.00 में से
0.30
503 में से
0.02
504 में से
0.24
483में से
0.08
496 में से
0.05
497 में से
0.02
495 में से
0.1
491/1 में से
0.15
कुल निजी भूमि फतेहपुर + खैरीरामदास + नीमी+ लुधनी+ लिधौरा हारट - महायोग : 26.35 3.10
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- फतेहपुर जलाशय योजना की नहर के अर्जन में आने वाली भूमि का निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , हटा एवं भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जलसंसाधन संभाग , दमोह, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(5 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .
प्र. क्र. 19 - अ-82 वर्ष 2009-2010 .- चूंकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि संपत्ति की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- दमोह
(ख) तहसील- हटा
(ग) नगर/ग्राम- मझगुवां अमान, हिनमतपटी, हिनौता (घ) लगभग क्षेत्रफल-7.16 हेक्टर.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा
में से
(हेक्टर में)
(1)
(2)
ग्राम-मझगुवां अमान
82/1 में से
0.08
292/1 में से
0.01
87/2में से
0.03
0.02
121/1 में से
0.20
300 में से
264/1 में से
0.05
295/1 में से
0.12
140/1 में से
0.08
0.04
295/2में से
0.05
140/2 में से
0.16
294 में से
293 में से
0.03
0.12
362में से
364 में से
0.12
286 में से
0.06
0.06
365 में से
366 में से
0.01
0.06
367 में से
368 में से
0.14
274में से
0.03
0.12
348 में से भाग 1 ]
3007
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
(1)
(2) 273 में से
0.09 157/1 में से
0.08 268 में से
0.05 267 में से
0.05 264/2में से
0.05 299/2में से
0.06 290में से
0.08 109 में से
0.03 292/2 में से
0.02 295/3 में से
0.08 291 में से
0.09 101/1 में से
0.31 112/2 में से
0.13 111/1 में से
0.08 115 में से
0.05 110 में से
0.03 157/2में से
0.12 158/1 में से
0.18 138 में से
0.07 315 में से
0.15 312में से
0.04 314 में से
0.21 332/1 में से
0.08 332/2 में से
0.08 331 में से
0.13 329/1 में से
0.06 329/2में से
0.31 328 में से
0.30 326/1 में से
0.09 326/2में से
0.09 346 में से
0.21 351/1 में से
0.10 351/2 में से
0.05 351/3 में से
0.06 351/4 में से
0.03 296 में से
0.06
योग : 5.29
ग्राम-हिनमतपटी 4/2में से
0.20 6 में से
0.07 8/1 में से
0.10 8/2में से
0.09 9/4में से
0.10 (1)
(2)
11/2में से
0.04
0.02
21/2में से
0.16
21/1 में से
0.14
41 में से
142/1 में से
0.19
149/1 में से
0.04
0.07
149/2में से
योग : 1.22
976/1 में से
0.08
984/1 में से
0.15
0.15
984/2में से
0.27
986 में से
योग : 0.65
महायोग : 7.16
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- पिपरिया जलाशय योजना की नहर के अर्जन में आने वाली भूमि के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , हटा एवं भू- अर्जन अधिकारी , उपखण्ड हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , पंचमनगर सर्वे संभाग दमोह, जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(5 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानंद दुबे, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा , दिनांक 4 अगस्त 2011
क्र. 1244 - भू-अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , 3008
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- रीवा
(ख ) तहसील- हुजूर
(ग ) नगर/ग्राम- पुतरी
(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.020 हेक्टेयर .
खसरा नं.
रकबा (हेक्टर में ) (1)
(2)
309
0.020
योग .. 0.020
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना बोदा वितरक नहर की टिकुरी शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग शाजापुर , दिनांक 8 अगस्त 2011
क्र. भू- अर्जन- 2011-230.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे अंकित अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . इस प्रकरण में भू-अर्जन अधिनियम की धारा 17 (3 ) के प्रावधान राज्य शासन द्वारा लागू किये गये हैं:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- शाजापुर
(ख) तहसील- सुसनेर
[भाग 1 (ग ) ग्राम का नाम-डोंगरगांव
(घ ) अर्जित भूमि का क्षेत्रफल-4.12 हेक्टर.
भूमि सर्वे नम्बर
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
344 मे से
0.20
338 मे से
0.61
0.51
336 मे से
0.19
333मे से
335 में से
0.04
0.21
304
0.95
309
0.22
308
0.07
307 मे से
342मे से
0.61
332मे से
0.05
310मे से
0.20
311 मे से
0.26 कुल रकबा : 4.12
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- ग्राम डोंगरगांव तहसील सुसनेर में म. प्र. सड़क विकास निगम उज्जैन द्वारा एकीकृत जांच चौकी का निर्माण.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , अनुभाग सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शेखर वर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर, दिनांक 10 अगस्त 2011
प्र. क्र. 39- अ- 82-09-10. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील-गौरिहार भाग 1 ]
3009
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
(ग) ग्राम- चुकाटा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-1.873 हेक्टर.
खसरे का क्षेत्रफल भू-अर्जन खसरा
विवरण से भूखण्डों की
संख्या
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
13/1
0.008
13/2
0.160
15
0.136
16/2
0.012
19
0.104
20
0.159
27
0.100
28
0.078
36
0.066
37
0.126
49/1
0.092
49/2
0.006
50
0.007
67/1
0.019
67/2
0.132
68
0.144
73
0.179
75
0.165
76
0.008
82
0.172
योग .. 1.873
( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की चुकाटा वितरक नहर एवं हरवंशपुर माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है .
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लौंड़ी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 52- अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- गौरिहार
(ग ) ग्राम- हरवंशपुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल-निजी भूमि 2.837 हेक्टर.
भू-अर्जन खसरा
विवरण से भूखण्डों की
संख्या
खसरे का क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
0.008
29/1
61
0.158
0.101
90
91
0.253
0.086
94/1
0.030
94/4
0.086
94/5
95/1
0.100
95/2
0.014
96/1
0.036
0.010
104
105
0.090
106
0.200
0.024
144
211
0.120
0.115
212
213
0.110
214
0.112
215
0.074
0.055
216
286
0.140
287
0.170
291
0.125
292
0.150
0.105
293
294
0.125
295
0.030
0.170
297
300
0.028
305
0.012
2.837
कुल अर्जित रकबा
( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की चकखडेहा वितरक नहर की महोईकला द्वितीय एवं हरवंशपुर द्वितीय और चुकाटा वितरक नहर की हरवंशपुर माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है .
3010
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लवकुशनगर में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 85- अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क ) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- चन्दला
(ग ) ग्राम- चन्दला
(घ) लगभग क्षेत्रफल-निजी भूमि 16.155 हेक्टर.
खसरे का क्षेत्रफल
अर्जित रकबा
भू-अर्जन खसरा विवरण से भूखण्डों की
संख्या
(हेक्टर में)
(1)
(2)
चंदला माइनर नं. 2
130
0.200
142
0.020
144
0.032
145
0.001
163/2
0.024
165
0.079
169/1
0.040
169/2
0.036
174/1/1
0.015
174/1/2
0.019
174/2
0.044
199/1
0.097
200/1 /1 ख
0.015
200/ 1 /1 क
0.024
200/1 / 1 ग
0.020
योग .. 0.666
चंदला माइनर नं. 3
839
0.002
1150
0.036
1152
0.240
1153
0.109
1155
0.012
1163
0.486
2717
0.009
2783
0.546
[भाग 1
(2)
(1)
0.036
2787/1
0.111
2787/2
0.002
2790
2796/1
0.084
0.106
2797/1
2797/2
0.138
2798
0.202
0.067
2799
0.100
2807
0.129
2821
0.072
2822/1
2822/2
0.066
2824
0.114
2825
0.032
2826
0.024
0.142
2827
2828
0.092
0.086
2832/1/2
0.074
2832/2
2833
0.113
0.004
2834
0.074
2837/1
0.078
2837/2
0.065
2838
2839
0.162
2840
0.024
0.074
2842
2844/2
0.061
2846/2
0.024
2848/2
0.009
3304
0.108
3307
0.117
0.234
3349/2
3351
0.019
3375
0.072
3376
0.093
3377
0.040
3378
0.090
3396
0.050
3397/1
0.216
3397/2
0.045
3398
0.002
0.012
3399
3411
0.028
0.138
3414
0.004
3415 भाग 1 ]
3011
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
(1)
(2) 3416
0.002 3417
0.105 3430
0.032 3432
0.156 3436
0.096 3437
0.017 3438
0.199 3439
0.048
0.063 3440/2/1
3440/2/2
0.063 3445/1
0.146 3445/2
0.026 3446
0.014
6.640
योग .
चंदला सब-माइनर नं. 1 1154/1
0.038 1154/2
0.028 1154/3
0.044 1159/1
0.004 1160/1
0.035 1161/2/1
0.022 1176/1
0.086
0.067 1176/2
1206
0.131 1207/1
0.099 1209
0.123 1212
0.075 1227
0.044 1228/1
0.052 1229
0.020 1230
0.179 1243
0.038 1244
0.025 1245
0.054 1252
0.018 2730
0.025 2751
0.004 2752
0.099
योग .. 1.310
चंदला सब-माइनर नं . 2 2866
0.172 2868
0.105 2869
0.003 2870
0.012 2871
0.133 (1)
(2)
0.006
2872
2873
0.046
0.060
2874/2
2875/1
0.045
0.107
2875/3
2878
0.112
2879
0.026
0.051
2880
3163
0.064
3164/1
0.133
3164/2
0.051
3167/2
0.118
3226
0.048
0.070
3227
0.003
3228
0.057
3230
3231
0.134
0.048
3241
3242
0.029
3248
0.008
0.110
3249
0.125
3253
0.019
3255
0.086
3257
3289
0.009
3369/2
0.009
0.020
3444/2
3445/2
0.038
योग .. 2.057
हर्रई माइनर
3741
0.108
0.010
3750
3755
0.016
3756
0.102
3758
0.194
0.076
3759
3760
0.132
3765
0.126
0.066
3771/1
0.051
3771/2
0.222
3772/2
3773/2
0.200
0.078
3826/3771
योग 1.381
हर्रई माइनर की सब -माइनर
3681
0.002
0.065
3682/2 3012
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
(1)
(2) 3684/1
0.038 3684/2
0.064 3691
0.064 3693/1
0.012 3693/2
0.024 3703/1
0.077 3707
0.007 3708
0.067 3709
0.040 3710
0.028
योग .. 0.488
कुल योग .. 11.942
ब्यास बदौरा वितरक नहर
0.300 285/3 में से, 635/1
0.165 285/3 में से, 635/2
0.048 287/2/1 , 285/4/1
0.135 287/2 , 285/4/2
287/3
0.155 287/4
0.095
0.288 298/1
298/3
0.090 299
0.150 300
0.079 301
0.014 308
0.009 310/1
0.263 310/2
0.210 311/1
0.045 312/2
0.030 315
0.005 318/1
0.059 318/2
0.106 319/1
0.145 319/2
0.135 504
0.082 509
0.012 510/1
0.158 511
0.148 525/1
0.140 526/1
0.115 527
0.165
0.105 528
(1)
(2)
557/1
0.138
557/2
0.082
615
0.078
636
0.199
0.015
637
638
0.250
योग.. 4.213
(2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर से चंदला वितरक नहर की चंदला माइनर नं. 2 , चंदला माइनर नं. 3 , चंदला सब- माइनर नं . 1 , 2 हर्रई माइनर, हर्रई सब - माइनर एवं ब्यास बदौरा वितरक नहर के भू- अर्जन हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लवकुशनगर में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 91 - अ- 82-09-10. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयेजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- गौरिहार
(ग) ग्राम- धावा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-निजी भूमि-4.065 हेक्टर.
खसरे का क्षेत्रफल
अर्जित
भू-अर्जन खसरा विवरण से भूखण्डों की
संख्या
(हेक्टर में)
(1)
(2)
4
0.457
5/1
0.066
0.207
5/2
6
0.002
8
0.159
9
0.078
10
0.150 भाग 1 ]
3013
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
(1)
(2)
11
0.030
35/2
0.127
91
0.116
92
0.200
93
0.032
102/1
0.168
102/2
0.108
103/1
0.074
104/1
0.002
105/1
0.248
105/2
0.214
157/1/1/10
0.126
157/1/2/2/2
0.085
301
0.106
302
0.088
349/1/3
0.208
349/3
0.204
349/4
0.160
349/6
0.140
349/8
0.080
363
0.028
364
0.078
365/1
0.044
366
0.124
0.112
367
369
0.016
426/105
0.028
योग .. 4.065
(2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की चुकाटा वितरक नहर एवं धावा माइनर एवं पचवरा वितरक नहर की धावा माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लौंड़ी में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 11 अगस्त 2011
प्र. क्र. 5 - अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए की आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सागर
(ख) तहसील- बीना
(ग) ग्राम- मूडरी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.140 हेक्टर .
खसरा नं.
रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
0.160
109
83
0.053
100
0.198
110/2
0.880
101/3
0.223
0.495
101/2
101/1
0.124
103/2
0.124
102/2
0.248
0.526
102/1
0.109
103/1
3.140
कुल योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सागर परियोजना बाह्य नदी संभाग गंजबासौदा रेहटी मध्यम सिंचाई परियोजना जिला विदिशा के मुख्य नहर का निर्माण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, बीना एवं जिला सागर के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 6 - अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए की आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 3014
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
(क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख) तहसील- बीना
(ग ) ग्राम-पिपरिया
(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.553 हेक्टर.
खसरा नं.
(1)
रकबा (हेक्टर में) (2)
46
0.045
75
0.034
140
0.070
45
0.252
48/2
0.135
48/1
0.120
50
0.036
51
0.002
53/1
0.050
53/2
0.327
54
0.343
57
0.030
56
0.460
65
0.032
66
0.627
79
0.034
80
0.103
78/2
0.217
138
0.377
139
0.412
141
0.470
142/3
0.377 कुल योग .. 4.553
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सागर परियोजना बाह्य नदी संभाग गंजबासौदा रेहटी मध्यम सिंचाई परियोजना जिला विदिशा के मुख्य नहर का निर्माण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, बीना एवं जिला सागर के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 7- अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए की आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894
[ भाग 1 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सागर
(ख) तहसील- बीना
(ग) ग्राम-सनाई
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.815 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा (हेक्टर में )
(2)
(1)
384/1
0.260
373
0.171
378/10
0.266
378/14
0.152
0.248
378/13
378/15
0.152
0.190
378/16
384/2
0.133
0.171
384/3
0.020
354/2
356
0.028
0.310
357
0.150
354/1
352/1
0.594
352/2
0.470
302
0.500 कुल योग 3.815
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-सागर परियोजना बाह्य नदी संभाग गंजबासौदा रेहटी मध्यम सिंचाई परियोजना, जिला विदिशा के मुख्य नहर का निर्माण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , बीना एवं जिला सागर के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला मन्दसौर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग मन्दसौर, दिनांक 16 अगस्त 2011
क्र. 2024- भू-अर्जन- 2011- प्र.क्र. 01- अ-82-2010-11 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई भाग 1 ]
3015
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- मंदसौर
(ख ) तहसील- दलौदा
(ग ) नगर/ ग्राम- नंदावता/पिपलखेड़ी/चौसला
(घ) लगभग क्षेत्रफल-32.25 हेक्टर.
नंदावता
4.27
0.36
पिपलखेड़ी
चौसला
27.62
सर्वे नम्बर
रकबा
(हेक्टर में )
(1)
(2)
ग्राम-नंदावता
1387
0.28
1388
0.16
1389
0.16
1390/1
0.14
1390/2
0.32
1390/3
0.44
1391
2.24
1392/3
0.07
1399/3
0.02
1401
0.44
योग 4.27
ग्राम-पिपलखेड़ी
21
0.08
20
0.03
145/1
0.05
150
0.12
(2)
(1)
151
0.04
152
0.01
154
0.03
योग .. 0.36
ग्राम-चौसला
0.06
613
611
0.05
610
0.05
0.04
609
0.06
608
590
0.01
0.01
592
0.16
591
259
0.14
246
0.01
0.03
268
257
0.04
274
0.01
273
0.09
272/1
0.11
371/1
0.03
371/2
0.03
371/3
0.08
369
0.02
0.14
368
355
0.06
352
0.09
354
0.04
353
0.04
342
0.11 3016
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
(1)
(2) 343
0.04 344
0.03 340/1
0.18 338
0.15 421
0.19 422
0.06 332
0.09 329
0.05 321/4
0.23
0.03 324
616
0.89 614
0.41 210
0.30 615
0.63 618
1.05 197
2.80 582
1.90 583
1.06 612
0.18 613
0.30 623
0.29 665
0.93 664/3
0.50 664/2
0.50 664/1
0.50 667
0.90 668
0.37 670
0.40
(2)
(1)
0.50
676/1
676/2
0.50
0.60
677
678
0.03
624
0.12
617
1.05
0.63
620
621
0.30
622
0.30
584
0.18
193/1
0.50
0.50
193/2
0.50
193/3
196
2.62
1.00
199
200/1
0.57
200/2
0.56
0.22
611
0.47
191
योग . 27.62
32.25
कुल योग ..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- चौसला तालाब एवं नहर निर्माण के लिए.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , उपखण्ड मंदसौर एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मंदसौर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महेन्द्र ज्ञानी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर जबलपुर, दिनांक 3 अगस्त 2011
क्र. 1087 -गोपनीय - 2011- दो- 15-36-99.-पीठासीन अधिकारी, श्रम न्यायालय , जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है , को न्यायिक अधिकारी , प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में दो दिवसीय कार्यशाला " Key Issues and Challenges under Labour Laws " , जो दिनांक 3 से 4 सितम्बर 2011 तक की अवधि के लिये आयोजित है , हेतु संचालक, न्यायिक अधिकारी, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल , उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर के समक्ष दिनांक 3 सितम्बर 2011 को प्रात:काल ठीक 09.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है .
प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी:-
1. अपरिहार्य मामलों को छोड़ कर कोई भी पीठासीन अधिकारी , श्रम न्यायालय , कार्यशाला कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा. समायोजन पत्र यदि कोई हो तो उसे रजिस्ट्रार जनरल को तथा उसकी एक प्रति संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, जबलपुर को बिना किसी विलंब के भेजा जावे , जिससे कि संचालक उस संबंध में आवश्यक कार्यवाही कर सकें .
2. पीठासीन अधिकारी , श्रम न्यायालय को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी , प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 3 सितम्बर 2011 को प्रातःकाल ठीक 09.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें .
3. पीठासीन अधिकारी, श्रम न्यायालय को निर्देशित किया जाता है कि वे , यदि उनके लिए कोई निर्धारित पोशाक हो तो, उसमें उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होवें.
4. पीठासीन अधिकारी , श्रम न्यायालय को निर्देशित किया जाता है कि वे उक्त कार्यशाला में अपने साथ , Labour Law से संबंधित उस Bare Acts की प्रति अवश्य अपने साथ लावें जो वे श्रम न्यायालय में कार्य करते समय उपयोग में लाते हों.
5. पीठासीन अधिकारी , श्रम न्यायालय को निर्देशित किया जाता है कि उन्हें उक्त कार्यशाला हेतु टी.ए. एवं डी. ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होगा.
3017
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
6. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासनहीनता माना जावेगा.
7. पीठासीन अधिकारी , श्रम न्यायालय को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन पर टैम्पो ट्रैक्स की व्यवस्था की जावेगी. जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपराह्न से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी . अतः प्रशिक्षणार्थी जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के कार्य दिवस से प्रातः 10.00 बजे से शाम 5 बजे के बीच , दूरभाष क्रमांक 0761-2628679 पर समयावधि रहते सूचित करें.
8. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले पीठासीन अधिकारी , श्रम न्यायालय के ठहरने के लिये न्यायिक अधिकारी , प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है . जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपराह्न से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी . यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के द्वितीय एवं तृतीय तल पर , स्वास्थ्य कारणों से, ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा, जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी . इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी.ए. एवं डी.ए. क्लेम करने के पात्र होंगे .
9. पीठासीन अधिकारी , श्रम न्यायालय को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय, नाश्ता तथा दिन एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.
जबलपुर, दिनांक 6 अगस्त 2011
क्र. 1091 -गोपनीय- 2011- दो- 3-1-2011 ( भाग- बी) .-न्यायिक अधिकारियों जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है , को न्यायिक अधिकारी, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल , उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में पांच दिवसीय प्रशिक्षण " Application of Information and Communication Technology to District Judiciary ", जो दिनांक 5 से 9 सितम्बर 2011 तक की अवधि के लिये आयोजित है, हेतु संचालक, न्यायिक अधिकारी , प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 5 सितम्बर 2011 को प्रात :काल ठीक 09.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है.
3018
प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी:-
1. अपरिहार्य मामलों को छोड़कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा . समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजा जावे , जिससे कि निदेशक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें.
2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी , प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल , उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर के समक्ष दिनांक 5 सितम्बर 2011 को प्रातः काल ठीक 09.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें.
3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट , ग्रे पेंट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होवें. महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाउज व काले कोट में उपस्थित होवें.
4. टी.ए. एवं डी.ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे, जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं.
5. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासनहीनता माना जावेगा .
6. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन पर टैम्पो ट्रेक्स की व्यवस्था की जावेगी . जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपराह्न से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी. अतः न्यायिक अधिकारी जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के कार्य दिवस में प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच दूरभाष क्रमांक 0761-2628679 पर समयावधि रहते सूचित करें .
7. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिये न्यायिक अधिकारी , प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी . यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
द्वितीय एवं तृतीय तल पर, स्वास्थ्य कारणों से , ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा, जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी . इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी. ए. एवं डी. ए. क्लेम करने के पात्र होंगे .
8. ( 1 ) न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे अपने साथ Laptop Computers with Peripherals एवं Software CDs प्रशिक्षण सत्र में साथ लावें . साथ ही ई -कमेटी द्वारा प्रदाय की गई अध्ययन सामग्री व उच्च न्यायालय द्वारा प्रदाय किया गया " लेपटाप संचालन मार्गदर्शिका " भी साथ लेकर आवें.
(2 ) प्रशिक्षण में शामिल पृष्ठांकन में दर्शित ऐसे न्यायिक अधिकारी जो यह महसूस करते हैं कि वे कम्प्यूटर ज्ञान से भिज्ञ हैं एवं उन्हें लेपटॉप प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं है , तो उन्हें यह निर्देशित किया जाता है कि वे इस संबंध में समय रहते सीधे प्रशिक्षण संस्थान को सूचित करें, ताकि आगामी कार्यवाही की जा सके.
(3 ) ऐसे न्यायिक अधिकारी जिनके लेपटॉप कार्यरत अवस्था में नहीं हैं अथवा गुम हो गये हैं , जो उन्हें यह निर्देशित किया जाता है कि वे इस संबंध में अपना प्रतिवेदन संस्थान को समय रहते प्रेषित करें, ताकि अन्य व्यवस्थाएं की जा सकें.
9. न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय, नाश्ता तथा दोपहर एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, सुभाष काकडे, रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 8 अगस्त 2011
क्र. सी-6482 -दो- 3-420-80- भाग नौ.- श्री अरूण कुमार मिश्रा , सेवानिवृत्ति लेखा अधिकारी , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर को उनके सेवानिवृत्त दिनांक 30 अप्रैल 2011 को उनके अवकाश लेखे में संचित अवकाश में से 180 दिवस (एक सौ अस्सी दिवस मात्र ) के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग मंत्रालय, भोपाल के ज्ञापन क्रमांक जी-3-2-96- सी- चार, दिनांक 29 फरवरी 1996 में दिए गए प्रावधानों के अंतर्गत प्रदान की जाती है.
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार , ए. एम. येवलेकर, एडीशनल रजिस्ट्रार .
भाग 1 ]
गणना- पत्रक
1. श्री अरूण कुमार मिश्रा , सेवानिवृत्त लेखा अधिकारी , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश . जबलपुर का नियुक्ति दिनांक. : 23-4-1970 2. सेवानिवृत्ति दिनांक 30-4-2011 :
3. नियुक्ति दिनांक 23-4-1970 से दिनांक 9-3-1987 तक कुल सेवा अवधि. : 16 वर्ष 10 माह 4. दिनांक 10-3-1987 से सेवानिवृत्ति दिनांक तक कुल सेवा अवधि. : 24 वर्ष 1 माह 5. कालम ( 3 ) में अंकित : 16×15= 240 दिन अवधि हेतु समर्पण अवकाश की पात्रता ( एक वर्ष में 15 दिन की दर से ) .
6. कालम ( 4) में अंकित अवधि हेतु समर्पण अवकाश की पात्रता (एक वर्ष में 7 दिन की दर से तथा दो वर्ष में 15 दिन की दर से) . : 24-15×15-180 दिन.
7. कुल अर्जित अवकाश समर्पण की पात्रता. : 420दिन 8. घटाईये:- सेवा के दौरान लिया गया अवकाश समर्पण का लाभ. : 240दिन 9. सेवानिवृत्ति पर अर्जित अवकाश समर्पण की पात्रता. : 180दिन (सेवानिवृत्ति दिनांक 30 अप्रैल 2011 को शेष अर्जित अवकाश 240दिन).
जबलपुर , दिनांक 3 अगस्त 2011
क्र. A- 2061- दो- 2-13-2005.- श्री नवल किशोर गर्ग , प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब, न्यायालय , जबलपुर को दिनांक 8 से 12 अगस्त
3019
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 7 अगस्त 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 13 , 14 एवं 15 अगस्त 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान कीजाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री नवल किशोर गर्ग, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री नवल किशोर गर्ग , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. A- 2063- दो - 2-16-2002.- श्री शिवनारायण द्विवेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुरैना को दिनांक 23 से 27 अगस्त 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 21 एवं 22 अगस्त 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 28 अगस्त 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री शिवनारायण द्विवेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मुरैना को मुरैना पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री शिवनारायण द्विवेदी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. A- 2065-दो- 2-53-2009.- श्री महेन्द्र पाल सिंह अरोरा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , श्योपुर को दिनांक 10 से 12 अगस्त 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 13, 14 एवं 15 अगस्त 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री महेन्द्र पाल सिंह अरोरा जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर को श्योपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
3020
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री महेन्द्र पाल सिंह अरोरा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. A- 2067-दो-2-119-06.- श्री शम्भू दयाल दुबे , तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश , डिण्डौरी को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक-3 ( ए) -19-03- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) एवं समसंख्यक पत्र क्रमांक 3729 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 11 नवम्बर 2010 के अन्तर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2007 से दिनांक 31 अक्टूबर 2009 तक 2 वर्ष की ब्लाक अवधि के लिये 30 दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.
जबलपुर, दिनांक 8 अगस्त 2011
क्र. A-2110- दो-3-420-80- भाग नौ.- श्री राजीव सक्सेना , सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, होशंगाबाद को उनकी सेवानिवृत्ति दिनांक 31 जुलाई 2011 को उनके अवकाश लेखे में संचित अवकाश में से 180 दिवस ( एक सौ अस्सी दिवस मात्र ) के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग मंत्रालय , भोपाल के ज्ञापन क्रमांक जी- 3-2- 96-सी- चार, दिनांक 29 फरवरी 1996 एवं मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3- ( ए) 19- 03 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 3 ) एवं समसंख्यक पत्र क्रमांक 897 -इक्कीस ब ( एक ) 07 , दिनांक 21 जून 2007 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत प्रदान की जाती है.
गणना- पत्रक
1. श्री राजीव सक्सेना, सेवानिवृत्त : 23-9-1981 जिला एवं सत्र न्यायाधीश,
होशंगाबाद का नियुक्ति का दिनांक.
2. सेवानिवृत्ति दिनांक : 31-7-2011 3. नियुक्ति दिनांक 23-9-1981 से दिनांक 9-3-1987 तक कुल सेवा अवधि. : 5 वर्ष 5 माह 14दिन.
4. दिनांक 10-3-1987 से : 24 वर्ष 4 माह सेवानिवृत्ति दिनांक तक 21दिन.
कुल सेवा अवधि.
5. कालम ( 3 ) में अंकित : 5×15=75 दिन की पात्रता ( एक वर्ष में 15
अवधि हेतु समर्पण अवकाश दिन की दर से ) .
24-12× 15-180
दिन.
6. कालम ( 4 ) में अंकित अवधि : हेतु समर्पण अवकाश की पात्रता (एक वर्ष में 7 दिन की दर से तथा दो वर्ष में 15 दिन की दर से) .
7. कुल अर्जित अवकाश समर्पण की पात्रता. : 255 दिन 8. घटाईयेः- सेवा के दौरान लिया गया अवकाश : 75दिन समर्पण का लाभ.
9. सेवानिवृत्ति पर अर्जित : 180दिन अवकाश समर्पण की पात्रता.
( सेवानिवृत्ति दिनांक 31 जुलाई 2011 को शेष अर्जित अवकाश 204दिन) .
नोट.- मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक -3 ( ए) 19-03- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 3 ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 897 - इक्कीस ब ( एक ) 07 , दिनांक 21 जून 2007 के अनुसार दिनांक 1 नवम्बर 1999 के पश्चात् अर्जित अवकाश नगदीकरण को उपरोक्त गणना में सम्मिलित नहीं किया गया है.
क्र. C-6478-दो- 3-420-80- भाग नौ. श्री अशोक कुमार जैन, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सीधी को उनकी सेवानिवृत्ति दिनांक 31 दिसम्बर 2010 को उनके अवकाश लेखे में संचित अवकाश में से 180 दिवस ( एक सौ अस्सी दिवस मात्र ) के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग मंत्रालय , भोपाल के ज्ञापन क्रमांक जी-3-2-96- सी- चार, दिनांक 29 फरवरी 1996 एवं मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक 3- (ए) 19-03 - इक्कीस ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 3 ) एवं समसंख्यक पत्र क्रमांक 897 - इक्कीस- ब ( एक) 07 , दिनांक 21 जून 2007 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत प्रदान की जाती है.
भाग 1 ]
3021
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
गणना- पत्रक
1. श्री अशोक कुमार जैन, सेवानिवृत्त : जिला एवं सत्र न्यायाधीश, 14-9-1979 सीधी का नियुक्ति का दिनांक.
31-12-2010 2. सेवानिवृत्ति दिनांक :
: 7 वर्ष 6 माह 3. नियुक्ति दिनांक 14-9-1979 से दिनांक 9-3-1987 तक कुल सेवा अवधि.
4. दिनांक 10-3-1987 से सेवानिवृत्ति दिनांक तक कुल सेवा अवधि. : 23 वर्ष 9 माह 5. कालम ( 3 ) में अंकित : 7×15= 105 दिन अवधि हेतु समर्पण अवकाश की पात्रता ( एक वर्ष में 15 दिन की दर से ) .
6. कालम (4) में अंकित अवधि हेतु समर्पण अवकाश की पात्रता (एक वर्ष में 7 दिन की दर से तथा दो वर्ष में 15 दिन की दर से) . 24-12-15-180 : दिन.
7. कुल अर्जित अवकाश समर्पण की पात्रता. : 285दिन 8. घटाईयेः- सेवा के दौरान लिया गया अवकाश समर्पण का लाभ . : 105 दिन 9. सेवानिवृत्ति पर अर्जित : 180दिन अवकाश समर्पण की पात्रता.
(सेवानिवृत्ति दिनांक 31 दिसम्बर 2010 को शेष अर्जित अवकाश 222दिन) .
नोट. - मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक -3 ( ए ) 19-03- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 (3 ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 897 - इक्कीस ब- ( एक ) 07, दिनांक 21 जून 2007 के अनुसार दिनांक 1 नवम्बर 1999 के पश्चात् अर्जित अवकाश नगदीकरण को उपरोक्त गणना में सम्मिलित नहीं किया गया है .
क्र. C-6480-दो- 3-420-80- भाग नौ. श्रीमती केशर यादव, सेवानिवृत्त दिनांक 31 जुलाई 2011 को उनके अवकाश लेखे में संचित 239 दिवस ( दो सौ उनतालीस दिवस मात्र ) के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग मंत्रालय, भोपाल के ज्ञापन क्रमांक जी-3-2-96-सी- चार , दिनांक 29 फरवरी 1996 एवं मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3- (ए) 19-03 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 3 ) एवं समसंख्यक पत्र क्रमांक 897 - इक्कीस- ब ( एक ) 07 , दिनांक 21 जून 2007 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत प्रदान की जाती है.
गणना- पत्रक
1. श्रीमती केशर यादव, सेवानिवृत्त : जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिंगरौली का नियुक्ति दिनांक. 7-8-1978 सेवानिवृत्ति दिनांक 2 . : 31-7-2011 3. नियुक्ति दिनांक 7-8-1978 से दिनांक 9-3-1987 तक : 8 वर्ष 7 माह कुल सेवा अवधि.
4. दिनांक 10-3-1987 से : 24 वर्ष 4 माह सेवानिवृत्ति दिनांक तक कुल सेवा अवधि.
: 8×15= 120 दिन 5. कालम ( 3 ) में अंकित अवधि हेतु समर्पण अवकाश की पात्रता ( एक वर्ष में 15 दिन की दर से ).
24-12× 15-180
दिन.
6. कालम (4 ) में अंकित अवधि : हेतु समर्पण अवकाश की पात्रता (एक वर्ष में 7 दिन की दर से तथा दो वर्ष में 15 दिन की दर से) .
7. कुल अर्जित अवकाश समर्पण की पात्रता. : 300 दिन 8. घटाईये:- सेवा के दौरान लिया गया अवकाश समर्पण का लाभ. : 30दिन 9. सेवानिवृत्ति पर अर्जित अवकाश समर्पण की पात्रता. : 270दिन (सेवानिवृत्ति दिनांक 31 जुलाई 2011 को शेष अर्जित अवकाश 239दिन) .
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नोट.- मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक -3 ( ए) 19-03- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 3 ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 897 - इक्कीस- ब- ( एक ) 07 , दिनांक 21 जून 2007 के अनुसार दिनांक 1 नवम्बर 1999 के पश्चात् अर्जित अवकाश नगदीकरण को उपरोक्त गणना में सम्मिलित नहीं किया गया है .
क्र. C- 6486- चार- 8-42-77-तेरह. श्री अतुल सक्सेना, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , बुरहानपुर को दिनांक 10 से 23 अप्रैल 2011 तक, चौदह दिन का अदेय अवकाश ( लिव नॉट डयू) मध्यप्रदेश सिविल सेवायें ( अवकाश ) नियम 1977 के नियम 30 ( ब ) , ( द) एवं नियम 36 ( 2 ) के अन्तर्गत स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री अतुल सक्सेना , व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2, बुरहानपुर को बुरहानपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अदय अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता नियमानुसार देय होगा.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अतुल सक्सेना, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. C-6488-दो- 2-37-2007.- श्री जगदीश प्रसाद पाराशर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शहडोल को दिनांक 15 से 24 जून 2011 तक, दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, दस दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री जगदीश प्रसाद पाराशर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शहडोल को शहडोल पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री जगदीश प्रसाद पाराशर , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. C- 6490- दो - 3-65-2002.- श्री अशोक कुमार जैन, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , जबलपुर को दिनांक 6 से 8 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 9 एवं 10 जुलाई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति दी प्रदान की जाती है.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 अगस्त 2011
[भाग 1 अवकाश से लौटने पर श्री अशोक कुमार जैन , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अशोक कुमार जैन, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C-6492-दो - 2-45-2011 .- श्रीमती मीना भट्ट, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , ग्वालियर को दिनांक 28 जून से 2 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 3 जुलाई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति दी प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्रीमती मीना भट्ट, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती मीना भट्ट, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. C- 6494-दो-2-9-2011 .- श्रीमती शशिकिरण दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छतरपुर को दिनांक 14 से 16 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 17 जुलाई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति दी प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्रीमती शशिकिरण दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छतरपुर को छतरपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती शशिकिरण दुबे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
भाग 1 ]
3023
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 अगस्त 2011
क्र . E- 3489- दो-3-26-2002.- श्री जे . के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जबलपुर को दिनांक 19 से 22 जुलाई 2011 तक, दोनों दिन सम्मिलित करके, चार दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री जे. के. जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री जे. के. जैन, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जबलपुर के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. E- 3491-दो- 3-33-2006.- श्री राजीव सक्सेना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , होशंगाबाद को दिनांक 21 से 23 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 24 जुलाई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री राजीव सक्सेना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , होशंगाबाद को होशंगाबाद पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री राजीव सक्सेना , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
जबलपुर, दिनांक 9 अगस्त 2011
क्र. C-- 6506-दो - 3-66-2002.- श्री श्याम कुमार मण्डलोई , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बड़वानी को दिनांक 30 जून से 8 जुलाई 2011 तक, दोनों दिन सम्मिलित करके नौ दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 9 एवं 10 जुलाई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री श्याम कुमार मण्डलोई, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बड़वानी को बड़वानी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री श्याम कुमार मण्डलोई, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश , के पद पर कार्यरत रहते.
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार , ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.
जबलपुर, दिनांक 4 अगस्त 2011
क्र. E- 3355- दो - 2-116-06 .- श्री जी. डी. सक्सेना , तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश , धार को मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक 3- ( ए) 19-03- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) एवं समसंख्यक पत्र क्रमांक 3729- इक्कीस - ब( एक ) , दिनांक 11 नवम्बर 2010 के अन्तर्गत दिनांक 26 नवम्बर 2007 से दिनांक 25 नवम्बर 2009 तक 2 वर्ष की ब्लाक अवधि के लिए 30 दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.
जबलपुर, दिनांक 3 अगस्त 2011
क्र. 1082 - गोपनीय- 2011 - दो- 3-178-2008.- श्रीमती तृप्ति पाण्डे , षष्ठम् व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , इन्दौर का विवाह श्री संकर्षण पाण्डे के साथ होने के फलस्वरूप उनकी प्रार्थनानुसार उनका नाम " सुश्री तृप्ति पाण्डे " के स्थान पर " श्रीमती तृप्ति पाण्डे " पति श्री संकर्षण पाण्डे, परिवर्तित करने की एतद्वारा अनुमति प्रदान की जाती है. उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका परिवर्तित नाम अंकित किया जावे.
क्र. 1084-गोपनीय- 2011-दो - 3-83-2011 .- श्रीमती नताशा शेख पटेल, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , इन्दौर के न्यायालय के चतुर्थ अतिरिक्त न्यायाधीश, इन्दौर का विवाह श्री मुस्तफा अबरार के साथ होने के फलस्वरूप उनकी प्रार्थनानुसार उनका नाम " सुश्री नताशा शेख पटेल " के स्थान पर " श्रीमती नताशा शेख पटेल " पति श्री मुस्तफा अबरार परिवर्तित करने की एतद्वारा अनुमति प्रदान की जाती है. उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका परिवर्तित नाम अंकित किया जावे.
आदेशानुसार, सुभाष काकडे, रजिस्ट्रार जनरल .