मध्यप्रदे श
शासन
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 34]
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 26 अगस्त 2011- भाद्र 4 , शक 1933
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक - भाषा परिशिष्ट .
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं,
( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.
भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, ( 3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख ) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम , (3) संसद् के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 5 अगस्त 2011
क्र. ई. 1-262-2011-5- एक. - श्री संतोष कुमार मिश्रा, भाप्रसे ( 1999 ) , कलेक्टर, बड़वानी को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर आयुक्त , वाणिज्यिक कर, इन्दौर पदस्थ किया जाता है.
(2 ) श्री एस. के. सकुनिया, राप्रसे ( पी -1992 ) , अपर कलेक्टर, बड़वानी को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ आगामी आदेश तक, कलेक्टर, बड़वानी का चालू प्रभार सौंपा जाता है .
3025
भोपाल, दिनांक 10 अगस्त 2011
क्र. ई . 1-162-2011-5- एक. -डॉ. व्ही . एस. निरंजन , भाप्रसे ( 1990 ) आयुक्त, उच्च शिक्षा, मध्यप्रदेश को अपने कर्तव्यों के साथ- साथ आगामी आदेश तक, पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग घोषित किया जाता है .
भोपाल, दिनांक 11 अगस्त 2011
क्र. ई. 5-296- आयएएस लीव- एक-5.- ( 1 ) श्रीमती आभा अस्थाना , आयएएस . , अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन , संस्कृति, संसदीय कार्य विभाग तथा ट्रस्टी सचिव , भारत भवन को दिनांक 16 से 19 अगस्त 2011 तक चार दिन का एक्स - इंडिया असाधारण अवकाश ( अवैतनिक अवकाश ) स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2011 .
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अवकाश के साथ दिनांक 13, 14, 15 एवं 20 , 21 , 22 अगस्त 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती आभा अस्थाना को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन , संस्कृति, संसदीय कार्य विभाग तथा ट्रस्टी सचिव, भारत भवन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती आभा अस्थाना अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.
भोपाल , दिनांक 12 अगस्त 2011
क्र. ई. 5-829 - आयएएस- लीव-5-एक.- ( 1 ) श्री नागरगोजे मदन विभीषण , आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, हरदा को दिनांक 23 अगस्त से 9 सितम्बर 2011 तक, अट्ठारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 20 , 21 , 22 अगस्त 2011 एवं दिनांक 10, 11 सितम्बर 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .
(2) अवकाश से लौटने पर श्री नागरगोजे मदन विभीषण को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, हरदा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाशकाल में श्री नागरगोजे मदन विभीषण को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री नागरगोजे मदन विभीषण अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई . 5-785- आयएएस लीव- 5- एक.- ( 1 ) श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव , आयएएस. , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश विपणन कृषि बोर्ड- सह- संचालक, मंडी, मध्यप्रदेश सह- अपर सचिव, मुख्यमंत्री को दिनांक 17 से 19 अगस्त 2011 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
( 2) श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव की अवकाश की अवधि में श्रीमती रश्मि अरूण शमी , आयएएस. , संचालक, उद्यानिकी- सह - मिशन संचालक, उद्यानिकी को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश कृषि विपणन बोर्ड- सह - संचालक, मंडी म . प्र . सह- अपर सचिव , मुख्यमंत्री का चालू कार्यभार सौंपा जाता है .
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश कृषि विपणन बोर्ड- सह- संचालक , मंडी, मध्यप्रदेश सह- अपर सचिव , मुख्यमंत्री के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 अगस्त 2011
[भाग 1 (4) अवकाशकाल में श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
( 5 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
क्र. ई . 5-416 - आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री के. सुरेश , आयएएस. , सदस्य सचिव, राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग को दिनांक 16 से 19 अगस्त 2011 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 13 , 14, 15 एवं 20, 21 , 22 अगस्त 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .
(2 ) श्री के. सुरेश की अवकाश अवधि में श्री जी. पी. सिंघल, आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, सदस्य- सचिव, राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , योजना , आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का प्रभार सौंपा जाता है .
( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री के. सुरेश को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सदस्य सचिव , राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री के. सुरेश द्वारा सदस्य सचिव, राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री जी. पी. सिंघल , सदस्य सचिव, राज्य योजना आयोग एवं पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , योजना , आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे.
( 5 ) अवकाशकाल में श्री के. सुरेश को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था .
( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. सुरेश , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
क्र. ई. 5-478- आयएएस लीव एक 5.- ( 1 ) श्री अनिल श्रीवास्तव , आयएएस. , आयुक्त, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, मध्यप्रदेश एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को दिनांक 16 से 26 अगस्त 2011 तक, ग्यारह दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2) श्री अनिल श्रीवास्तव की अवकाश की अवधि में श्री आलोक श्रीवास्तव, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को अपने भाग 1 ]
3027
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 अगस्त 2011
वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, आयुक्त, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, मध्यप्रदेश एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग का प्रभार सौंपा जाता है.
(3) श्री अनिल श्रीवास्तव की अवकाश अवधि में डॉ. देवराज बिरदी , आयएएस . , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का प्रभार सौंपा जाता है .
(4) अवकाश से लौटने पर श्री अनिल श्रीवास्तव को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, मध्यप्रदेश एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
( 5 ) श्री अनिल श्रीवास्तव द्वारा आयुक्त , नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, मध्यप्रदेश एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री आलोक श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग केवल आयुक्त, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, मध्यप्रदेश एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के प्रभार से तथा डॉ. देवराज बिरदी, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग केवल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रभार से मुक्तहोंगे.
(6) अवकाशकाल में श्री अनिल श्रीवास्तव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(7 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अनिल श्रीवास्तव अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल , दिनांक 30 जुलाई 2011
क्र. एफ. 5-14-2010-उन्तीस - 2.-उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 ( 1986 की सं. 68 ) की धारा 10 की उपधारा ( 1 - क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा , मध्यप्रदेश उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारियों जिनकी सेवाएं विधि और विधायी कार्य विभाग द्वारा इस विभाग को प्रतिनियुक्ति पर सौंपी गई हैं, को चयन समिति की अनुशंसा पर अध्यक्ष जिला उपभोक्ता फोरम के पद पर अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, प्रतिनियुक्ति पर उनके नाम के सामने दर्शाये गये स्थान पर उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है: -
का नाम
न्यायिक अधिकारियों (2)
अनु. क्र. (1)
1
पदस्थापना स्थान (3) अध्यक्ष , जिला उपभोक्ता फोरम , ग्वालियर.
श्रीमती सरिता सिंह, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं पीठासीन अधिकारी , म. प्र. राज्य औद्योगिक विकास निगम, भोपाल.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. पी. बिले , अवर सचिव.
श्रम विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 2011
क्र.एफ 6-1-2011 - ए- सोलह- मध्यप्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम, 1960 ( 27 सन् 1960 ) की धारा 43 की उपधारा ( 5 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा यह अधिसूचित करता है कि मण्डीदीप ( रायसेन ) के स्थानीय समाधानकर्ता ( कंसीलियेटर ) को निर्दिष्ट सी.जे. जिलेटिन एम्प्लाईज यूनियन, मण्डीदीप , जिला रायसेन एवं सी. जे . जिलेटिन , प्रोडक्ट्स लिमिटेड, मण्डीदीप , जिला रायेसन के मध्य औद्योगिक विवाद में सम्मिलित और नीचे दी गई अनुसूची में उल्लेखित औद्योगिक विषयों के संबंध में कोई समझौता नहीं हो सका :-
" अनुसूची"
औद्योगिक विवाद क्रमांक 2/एम.पी.आई.आर./ 10 No. F -6-1-2011 - A- XVI . In exercise of the powers conferred by sub- section (5) of Section 43 of the Madhya Pradesh Industrial Relations Act, 1960 (27 of 1960) , the State Government hereby notify that no settlement was arrived at in the Industrial Disputes between C.J. Gelatin Employees Union , Mandideep District Raisen and C.J. Gelatin Products Limited , Madideep . District Raisen in regard to the Industrial matter included therein and specified in the Schedule below referred to the Conciliator for the Local Area of Mandideep ( Raisen ) : -
SCHEDULE Industrial Dispute No. 2/ MPIR/ 10 3028
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 अगस्त 2011
क्र.एफ- 6-01-2011- ए- सोलह. चूंकि, सी. जे . जिलेटिन प्रोडक्ट्स लिमिटेड मण्डीदीप , जिला रायसेन के सेवानियुक्त जिनका प्रतिनिधित्व सी. जे . जिलेटिन एम्प्लाईज यूनियन मण्डीदीप , जिला रायसेन द्वारा किया जा रहा है एवं सेवा नियोजक कारखाना प्रबंधक सी. जे . जिलेटिन प्रोडक्ट्स प्रायवेट लिमिटेड मण्डीदीप, जिला रायसेन के मध्य औद्योगिक विवाद विद्यमान है.
और, चूंकि, राज्य शासन को यह संतुष्टि हो चुकी है कि विद्यमान औद्योगिक विवाद को औद्योगिक न्यायालय को पंचनिर्णयार्थ संदर्भ किये जाने के अतिरिक्त अन्य किसी तरीके से हल संभव नहीं है.
अतएव, मध्यप्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम, 1960 ( क्र. 27 सन् 1960 ) की धारा 51 की उपधारा ( अ ) में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , उक्त विवाद को अनुसूची में निर्दिष्ट विवरण में निहित विषयों के अनुरूप औद्योगिक न्यायालय , खंडपीठ भोपाल को पंचनिर्णयार्थ संदर्भित करता है .
अनुसूची
1. प्रबंधन सी. जे . जिलेटिन प्रोडक्ट्स लिमिटेड मण्डीदीप , जिला रायसेन में नियोजित श्रमिकों के लिये समझौते के मुताबिक बोनस राशि रुपये 6,000/ - वर्ष 2009-10 के लिये 102 श्रमिकों द्वारा प्राप्त करने के बावजूद शेष 39 श्रमिकों द्वारा 20 प्रतिशत की दर से बोनस राशि की मांग करना क्या औचित्य पूर्ण है ? यदि हां तो इस संबंध में नियोक्ता को क्या निर्देश दिये जाने चाहिये ?
2. क्या 102 श्रमिक जिनने रुपये 6,000/- की दर से बोनस भुगतान प्राप्त कर लिया है , उनके संबंध में भी नियोजक को कोई निर्देश दिया जाना उचित होगा ?
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. पी. कबीरपंथी, अपर सचिव.
वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 11 अगस्त 2011
क्र. एफ. 13-5-11-अ- ग्यारह.- इंडियन बायलर्स एक्ट, 1923 की धारा -34 ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन, सतपुड़ा ताप विद्युत् गृह क्रमांक 1 की इकाई क्रमांक 4 के वाष्पयंत्र क्रमांक एमपी/3220 को निम्नलिखित शर्तों पर उक्त अधिनियम की धारा 6 ( सी ) के उपबन्धों के प्रवर्तन से दिनांक 23 जून 2001 से 22 सितम्बर 2011 तक, तीन माह के लिए छूट देता है: -
1. संदर्भाधीन बायलर को पहुंचने वाली किसी भी हानि की सूचना भारतीय बायलर्स अधिनियम , 1923 की धारा 18 ( 1 ) की अपेक्षानुसार तत्काल बायलर मुख्य निरीक्षक मध्यप्रदेश, इंदौर को दी जावेगी एवं दुर्घटना होने के दिनांक से छूट की मान्यता समाप्त समझी जावेगी.
2. उपर्युक्त अधिनियम की धारा 2 तथा 13 की अपेक्षानुसार बायलर मुख्य निरीक्षक मध्यप्रदेश के पूर्वानुमोदन के बिना
[भाग 1 संदर्भाधीन बायलर में किसी प्रकार का संरचनात्मक परिवर्तन अथवा नवीनीकरण नहीं किया जावेगा .
3. संदर्भाधीन बायलर का सरसरी दृष्टि से निरीक्षण किये जाने पर यदि यह खतरनाक स्थिति में पाया गया तो यह छूट समाप्त हो जावेगी.
4. नियतकालिक सफाई और नियमित रूप से गैस निकलने (रेग्युलर ब्लोडाऊन ) का कार्य किया जावेगा और उसका अभिलेख रखा जावेगा.
5. मध्यप्रदेश बायलर निरीक्षक नियम, 1969 के नियम 6 की अपेक्षानुसार संदर्भाधीन बायलर के संबंध में वार्षिक निरीक्षण शुल्क अग्रिम दी जावेगी एवं
6. यदि राज्य शासन आवश्यक समझे तो प्रश्नांकित छूट में संशोधन कर सकता है अथवा उसे वापस ले सकता है.
क्र. एफ. 13-6-11-अ- ग्यारह . इंडियन बायलर्स एक्ट, 1923 की धारा 34 ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन, सतपुड़ा ताप विद्युत् गृह क्रमांक 3 की इकाई क्रमांक 9 के वाष्पयंत्र क्रमांक एमपी/3534 को निम्नलिखित शर्तों पर उक्त अधिनियम की धारा 6 ( सी ) के उपबन्धों के प्रवर्तन से दिनांक 8 जुलाई 2011 से 7 अक्टूबर 2011 तक, तीन माह के लिए छूट देता है:-
1. संदर्भाधीन बायलर को पहुंचने वाली किसी भी हानि की सूचना भारतीय बायलर्स अधिनियम , 1923 की धारा 18 ( 1 ) की अपेक्षानुसार तत्काल बायलर मुख्य निरीक्षक मध्यप्रदेश , इंदौर को दी जावेगी एवं दुर्घटना होने के दिनांक से छूट की मान्यता समाप्त समझी जावेगी .
2. उपर्युक्त अधिनियम की धारा 2 तथा 13 की अपेक्षानुसार बायलर मुख्य निरीक्षक मध्यप्रदेश के पूर्वानुमोदन के बिना संदर्भाधीन बायलर में किसी प्रकार का संरचनात्मक परिवर्तन अथवा नवीनीकरण नहीं किया जावेगा.
3. संदर्भाधीन बायलर का सरसरी दृष्टि से निरीक्षण किये जाने पर यदि यह खतरनाक स्थिति में पाया गया तो यह छूट समाप्त हो जावेगी .
4. नियतकालिक सफाई और नियमित रूप से गैस निकलने (रेग्युलर ब्लोडाऊन ) का कार्य किया जावेगा और उसका अभिलेख रखा जावेगा.
5. मध्यप्रदेश बायलर निरीक्षक नियम, 1969 के नियम 6 की अपेक्षानुसार संदर्भाधीन बायलर के संबंध में वार्षिक निरीक्षण शुल्क अग्रिम दी जावेगी एवं
6. यदि राज्य शासन आवश्यक समझे तो प्रश्नांकित छूट में संशोधन कर सकता है अथवा उसे वापस ले सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
भरत कुमार व्यास, सचिव.
3029 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 अगस्त 2011
गृह विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल , दिनांक 12 अगस्त 2011
क्र. एफ-1 (ए) -267-86-ब- 2-दो.- ( 1 ) श्री यू. के. लाल , भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक ( शिकायत एवं मानव अधिकार ) को दिनांक 16 से 30 अगस्त 2011 तक, कुल पन्द्रह दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 13, 14 , 15 एवं 28 अगस्त 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) श्री यू. के. लाल के अवकाशकाल में उनका कार्यदायित्व श्री पुरूषोत्तम शर्मा, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, ( शिकायत) , पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा अपने कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.
क्र. एफ -1 (ए) -145-1990- ब- 2-दो.- ( 1 ) श्री अरविन्द कुमार, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, ( चयन ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 16 से 30 अगस्त 2011 तक, कुल पन्द्रह दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 13, 14, 15 एवं 31 अगस्त 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है .
(2) श्री अरविन्द कुमार के अवकाशकाल में उनका कार्यदायित्व श्री यू.सी. षंडगी , भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, ( प्रशासन ) , पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा अपने कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री यू. के. लाल, भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अति पुलिस महानिदेशक , ( शिकायत एवं मानव अधिकार ) के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री अरविन्द कुमार, भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, (चयन ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4) श्री यू. के. लाल द्वारा अवकाश से वापिसी पर अपना कार्यभार ग्रहण करने पर श्री पुरूषोत्तम शर्मा , भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, ( शिकायत ) , पुलिस मुख्यालय, भोपाल उक्त अतिरिक्त कार्यभार से स्वयमेव मुक्त होंगे.
( 5) अवकाशकाल में श्री यू. के. लाल , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) श्री अरविन्द कुमार द्वारा अवकाश से वापिसी पर अपना कार्यभार ग्रहण करने पर श्री यू.सी. षंडगी , भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, (प्रशासन ) , पुलिस मुख्यालय , भोपाल उक्त अतिरिक्त कार्यभार से स्वमेव मुक्त होंगे .
( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री यू. के. लाल , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
(5) अवकाशकाल में श्री अरविन्द कुमार, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक दास, अपर मुख्य सचिव.
( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अरविन्द कुमार, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते हैं तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
आवास एवं पर्यावरण विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 16 अगस्त 2011
क्र. एफ- 3-54-2011- बत्तीस . मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 23 " क" की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा, इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ-3-54-2011- बत्तीस, दिनांक 3 जून 2011 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रकाशित सागर विकास योजना -2011 में निम्नलिखित उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार हैं :-
" उपांतरण विवरण "
खसरा क्रमांक
क्र.
ग्राम
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
(3)
विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग (5)
उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू-उपयोग (6)
(4)
3/1
1.67
1 ग्राम ललई टौरी
आवासीय ( मार्ग यतावत्)
सार्वजनिक एवं अर्द्ध- सार्वजनिक (स्वास्थ्य एवं मार्ग ) .
योग .
1.67
2. उपरोक्त उपांतरण सागर विकास योजना-2011 का एकीकृत भाग होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वर्षा नावलेकर, उपसचिव.
3030
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
विभाग प्रमुखों के आदेश
कार्यालय , कलेक्टर , जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
क्र. 625 - राजस्व-11 .
सतना, दिनांक 18 अगस्त 2011
करारनामा
सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग , मंत्रालय, भोपाल, जरिये कलेक्टर, सतना
प्रथम पक्ष के. जे. एस. सीमेंट लिमिटेड, मैहर जिला सतना
द्वितीय पक्ष सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग , मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल ( प्रथम पक्ष ) के ज्ञाप क्रमांक एफ-12-14-2011- सात- 2ए, भोपाल, दिनांक 23 जुलाई 2011 से द्वितीय पक्ष के द्वारा स्थापित हो रहे के. जे. एस . सीमेंट लिमिटेड, मैहर जिला सतना के मेगा सीमेन्ट प्लांट को भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के तहत ग्राम अमिलिया खुर्द एवं लखवार की 19.532 हेक्टेयर निजी भूमि के भू- अर्जन की सशर्त स्वीकृति देते हुए उक्त अधिनियम की धारा 41 के प्रावधानों के अनुरूप यह करारनामा निष्पादित किया जा रहा है .
मध्यप्रदेश शासन ने भू-अर्जन अधिनियम की धारा 40 के अधीन की गई जांच से संतुष्ट होकर कि प्रस्तावित अर्जन मेगा सीमेंट प्लांट की स्थापना के लिए आवश्यक है और उक्त कार्य आम जनता के लिए उपयोगी सिद्ध होने की संभावना मानते हुए के. जे. एस . सीमेंट लिमिटेड, मैहर जिला सतना की ओर से निजी भूमि अर्जित करने की अनुज्ञा दी है.
यह करारनामा निम्नलिखित मुद्दों का साक्षी है: -
1. यह कि द्वितीय पक्ष, के. जे . एस. सीमेंट लिमिटेड, मैहर जिला सतना का व्हाइस प्रेसीडेंट कामर्शियल एवं प्रिंसिपल आफीसर ऑफ कंपनी हूं.
2. भारत सरकार की वर्ष 2007 ( अधिसूचित 31-10-2007 ) की राष्ट्रीय पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति, मध्यप्रदेश शासन की पुनर्वास नीति एवं केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार के समय - समय पर जारी निर्देश एवं शर्तें होंगी जिसका पूर्णतः पालन करते हुए पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन की कार्यवाही की जावेगी.
3. कंपनी द्वारा ( इस आशय की करारनामें या वचनबद्धता के अनुसार ) जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य को पात्रतानुसार नौकरी देने में प्राथमिकता देगी . अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए पुनर्वास किये जाने की स्थायी योजना को संबंधित प्रोजेक्ट में शामिल किया जावेगा.
4.
भू-अर्जन अधिनियम के अन्तर्गत भू- अर्जन की जा रही भूमि के मूल्यांकन के आधार पर शत - प्रतिशत राशि के साथ 10 प्रतिशत राशि जमा कराये जाने के आदेश का पालन किया जावेगा.
5. संबंधित कंपनी के लिए भू- अर्जन किये जाने संबंधित कार्य संबंधित कलेक्टर्स के द्वारा भू- अर्जन अधिनियम तथा संबंधित विधिक उपबंधों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये प्रावधानों तथा शर्तों के अनुसार किया जायेगा.
6. संबंधित परियोजना को स्थापित करने के संबंध में संबंधित कंपनी द्वारा मध्यप्रदेश पुनर्वास नीति एवं भारत सरकार की पुनर्वास नीति, 2007 एवं अन्य निर्देश के अन्तर्गत पुनर्वास की कार्यवाही की जायेगी .
7. कम्पनी के संबंध में करारनामा, वचनबद्धता एवं शर्तें आदि लागू करने के लिये कलेक्टर जो भी कार्यवाही करेंगे , मान्य होगी.
8.
भूमि के किसी उपयोग या उस पर किसी निर्माण के पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अनुमोदन एवं अनापत्तियां संबंधित संस्था नगर तथा ग्राम निवेश विभाग एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं से आवश्यक आपत्तियां संबंधित कंपनी को प्राप्त करना होगी तथा मास्टर प्लान एवं पर्यावरण संस्था के नियमों आदि का पूर्ण पालन किया जायेगा.
9 . अर्जित की गई निजी भूमि का वार्षिक व्यपवर्तन कर कंपनी द्वारा देय होगा .
3031 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
10. भूमि जिस उपयोग के लिए अर्जित की जा रही है , वही उपयोग कंपनी द्वारा किया जायेगा .
11. भूमि पर निर्माण कार्य कराते समय सामान्य जनता के निस्तार आदि का ध्यान रखा जायेगा.
12. कंपनी को दी गई भूमि या उसके किसी भाग अथवा उस पर निर्मित किसी भी निर्माण अथवा भवन आदि को बेचने , बन्धक रखने, दान देने , पट्टे पर देने या अन्य प्रकार से अन्तरित करने का अधिकार नहीं होगा. ( धारा 44- ए भू-अर्जन अधिनियम के तहत) .
13. यदि कंपनी को दी गई भूमि/ भवन उसके किसी भी भाग को विक्रय करती है, तो भूमि अथवा उस पर निर्मित भवन, इमारतें , शासन को अपने कब्जे में लेने का अधिकार होगा और कंपनी को किसी प्रकार का मुआवजा देय नहीं होगा.
14. भूमि की केवल सतह का उपयोग किया जायेगा. आवश्यक निर्माण जैसे भवन निर्माण, नीव आदि के अतिरिक्त खुदाई नहीं की जायेगी तथा ऐसी खुदाई में प्राप्त खनिज पर नियमानुसार रायल्टी का भुगतान करना होगा .
15. शासन की पूर्वानुमति के बिना भूमि के उपयोग के स्वरूप को बदला नहीं जावेगा.
16. पर्यावरण की दृष्टि से पर्याप्त आवश्यक वृक्षारोपण किया जावेगा.
17. कंपनी द्वारा प्रदूषण निवारण हेतु व्यवस्था की जावेगी . इस संबंध में शासन के संबंधित विभाग के आदेशों का पालन करना होगा तथा उनसे एवं प्रदूषण निवारण मण्डल से अनापत्ति प्रमाण- पत्र प्राप्त करना होंगे कि पर्यावरण , जल स्रोत या वायु में प्रदूषण नहीं किया जावेगा.
18. यदि कभी उक्त भूमि का उपयोग उक्त प्रयोजन के लिए नहीं होता है या बाद में कभी बंद कर दिया जाता है तो भूमि तथा उस पर निर्मित भवन , सम्पत्तियों के साथ शासन में निहित हो जावेगी और कंपनी को इस हेतु मुआवजा देय नहीं होगा .
19. भूमि या उसके किसी भी भाग या उस पर बने किसी भवन आदि को उक्त उल्लिखित उपयोग के अलावा न तो किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने दिया जायेगा और न ही पट्टे या किराये पर दिया जायेगा.
20. भू-अर्जन की मुआवजा की राशि रुपये 5 लाख प्रति एकड़ अथवा पुनर्वास नीति में उल्लेखित राशि में से जो भी अधिक हो, कम्पनी से ली जावेगी.
21. मौके की स्थिति या स्थानीय आवश्यकतानुसार भू- अर्जन की कार्यवाही के दौरान कलेक्टर द्वारा लगाई अन्य आवश्यक शर्तें मान्य होंगी .
हस्ता./- ( कुशल सिंह सिंघवी )
हस्ता./- (सुखबीर सिंह ) कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश .
व्हाइस प्रेसीडेंट कामर्सियल एवं प्रिंसिपल आफीसर आफ कंपनी के. जे. एस. सीमेंट लिमिटेड, मैहर जिला सतना ( मध्यप्रदेश )
साक्षी क्रमांक 1 .
साक्षी क्रमांक-1 .
हस्ता./-
(नागेन्द्र सिंह )
बरहना सदन, सतना.
हस्ता./- (राजीव दीक्षित ) डिप्टी कलेक्टर, सतना. (म. प्र. ) साक्षी क्रमांक 2 .
साक्षी क्रमांक -2 .
हस्ता./-
हस्ता./- (आर.बी. शर्मा ) सहा. वर्ग -3 (यादुवेन्द्र सिंह बैस ) पुरानी बस्ती, मैहर.
कलेक्ट्रेट, सतना.
3032
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
[भाग 1
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर , जिला अशोकनगर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
अशोकनगर, दिनांक 31 मार्च 2011
क्र. क्यू- भू- अर्जन- 197-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील/तालुका
(1) (2)
(3)
क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (4) चंदेरी
2.491 अशोकनगर
बम्नाई
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
थूबोन तालाब की डूब भूमि एवं बांध के निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग अशोकनगर, जिला अशोकनगर, म.प्र.
भूमि का नक्शा एवं सम्पत्ति का विवरण भू-अर्जन अधिकारी , चंदेरी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. क्यू- भू-अर्जन- 201-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील/तालुका
क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)
(3)
(4) चंदेरी
21.162 अशोकनगर
रामपुर मुहाल
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
थूबोन तालाब की डूब भूमि एवं बांध के निर्माण हेतु .
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग अशोकनगर, जिला अशोकनगर, म.प्र.
भूमि का नक्शा एवं सम्पत्ति का विवरण भू- अर्जन अधिकारी , चंदेरी के कार्यालय में देखा जा सकता है .
3033 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
क्र. क्यू- भू- अर्जन- 205-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
भूमि का वर्णन ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
तहसील/ तालुका
(1)
(3)
(6) (2)
(4)
(5)
अशोकनगर चंदेरी
19.780
जियाजीपुर
थूबोन तालाब की डूब भूमि एवं बांध के निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग अशोकनगर, जिला अशोकनगर, म.प्र.
भूमि का नक्शा एवं सम्पत्ति का विवरण भू-अर्जन अधिकारी , चंदेरी के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ए. के. सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
शाजापुर, दिनांक 12 जुलाई 2011
क्र. भू- अर्जन - 2011-208 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के पद क्रमांक ( 3 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि को अनुसूची के पद ( 8 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा पद नंबर ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
भूमि का विवरण (हेक्टर में)
योग
शासकीय निजी
(8) (1) (2)
(4)
(6)
(7)
(3)
(5)
नलखेडा रूपारेल 7 1.03 1.03
शाजापुर
नवीन ग्राम रूपारेल पहुंच मार्ग निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , शाजापुर मध्यप्रदेश.
योग ..
1.03 1.03
नोट. - भूमि का नक्शा एवं प्लान का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , अनुभाग , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
सोनाली एन. वायंगणकर , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .
3034
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सीहोर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सीहोर , दिनांक 29 जुलाई 2011
प्र. क्र. 3 - अ -82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण जिला
नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
तहसील/ तालुका
लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में )
(1) (2)
(3)
(6)
(4)
(5)
आष्टा
सीहोर
आमखेडी 29.28 एकड़ 11.850 हे.
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग, सीहोर.
मनीरामपुरा जलाशय के शीर्ष भाग के निर्माण हेतु.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है .- मनीरामपुरा जलाशय के शीर्ष भाग के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अ. वि. अ./भू-अर्जन अधिकारी, आष्टा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 4- अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
तहसील/ तालुका
लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में )
(1) (2)
(3)
(4)
(5)
(6) आष्टा
सीहोर
मनीरामपुरा 33.20 एकड़ 13.436 हे .
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग, सीहोर.
मनीरामपुरा जलाशय के शीर्ष भाग के निर्माण हेतु.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. - मनीरामपुरा जलाशय के शीर्ष भाग के निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अ. वि. अ./भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
3035 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
प्र. क्र. 5 - अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
जिला
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में)
तहसील/ तालुका
(1) (2)
(3)
(4)
(5)
(6) सीहोर आष्टा
नोमनीया
3.13 एकड़ 1.267 हे.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, सीहोर.
मनीरामपुरा जलाशय के शीर्ष भाग के निर्माण हेतु.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- मनीरामपुरा जलाशय के शीर्ष भाग के निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अ. वि. अ./भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 6 - अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
तहसील/ तालुका
लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में )
(2)
(1)
(3)
(4)
(5)
(6) सीहोर आष्टा
जस्सूपुरा
24.99 एकड़ 10.113 हे .
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग, सीहोर.
मनीरामपुरा जलाशय के शीर्ष भाग के निर्माण हेतु.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है .- मनीरामपुरा जलाशय के शीर्ष भाग के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अ. वि. अ./भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता है.
3036
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
सीहोर , दिनांक 1 अगस्त 2011
प्र. क्र. 01 - अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण जिला
नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
तहसील/ तालुका
लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में )
(6)
(5)
(2)
(1)
(4)
सीहोर
(3) सिद्धीकगंज
आष्टा
5.53 एकड़ 2.238 हे.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग , सीहोर .
रामपुराखुर्द तालाब की नहर की उप नहर क्र. 01 के निर्माण हेतु.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- रामपुराखुर्द तालाब की बांयी नहर की उप नहर क्र. 01 के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अ. वि. अ ./भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 6 - अ- 82-2010-11 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में वर्णित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई समस्त शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण तहसील
जिला
नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(6)
(4)
(5)
(1) (2)
(3)
मण्डी
4.071
सीहोर नसरुल्लागंज
कार्यपालन यंत्री, कोलार नहर संभाग, नसरुल्लागंज.
अतरालिया उप नहर की टेल माइनर हेतु.
(2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी/ भू-अर्जन अधिकारी , नसरुल्लागंज के कार्यालय में किया जा सकता है .
(3) उपरोक्त के संबंध में किसी भी व्यक्ति को यदि कोई आपत्ति हो तो वह 30 दिवस के भीतर अ. वि. अ. कार्यालय, नसरुल्लागंज में प्रस्तुत कर सकेंगे .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , संजय गोयल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
3037
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सीधी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
सीधी, दिनांक 2 अगस्त 2011
क्र. 154 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(6)
(5)
सीधी
4.513
रामपुर नैकिन पड़खुरी पवई
रीवा-सीधी बड़ी रेल लाइन के निर्माण हेतु.
उपमुख्य अभियन्ता (निर्माण) पश्चिम मध्य रेल्वे, जबलपुर .
सीधी , दिनांक 10 अगस्त 2011
क्र. 155- भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है .
अनुसूची
भूमि का वर्णन
तहसील नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
लगभग क्षेत्रफल
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(हे. में)
(2)
(1)
(3)
(4)
(5)
(6) सीधी
0.90
बड़ेसर
नहर निर्माण हेतु.
रामपुर नैकिन
कार्यपालन यंत्री , महान परियोजना संभाग , सीधी.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 157 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(2)
(3)
(5)
(6)
(4)
सीधी
मोहनी
6.00
रामपुर नैकिन
नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, महान परियोजना संभाग , सीधी.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है .
3038
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
क्र. 159 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
तहसील
नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(1)
(2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)
(5)
(6) सीधी
7.01
चौगनहा
रामपुर नैकिन
कार्यपालन यंत्री, महान परियोजना संभाग, सीधी.
मा. न. 15 3.21 हे. मुख्य नहर 3.80 हे. योग . 7.01 हे.
भूमि का नक्शा ( प्लान) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 161 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम
तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4)
(5)
(6) (2)
(1) सीधी
(3) इटहा
15.90
रामपुर नैकिन
कार्यपालन यंत्री, महान परियोजना संभाग , सीधी.
मा. न. 13 4.20 हे. मा. न . -14 4.95 हे . मुख्य नहर- 6.75 हे. योग .. 15.90 हे.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 163 - भू-अर्जन-2011 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(4)
(6) (2)
(3)
सीधी
17.10
रामपुर नैकिन भूइयांडोल
(5) कार्यपालन यंत्री, महान परियोजना संभाग , सीधी .
8.10 हे . 9.00 हे. 17.10 हे.
मा. न. 12 मुख्य नहर योग ..
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है .
3039
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
भाग 1 ]
क्र. 165 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
तहसील
नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे . में )
(6) (1)
(2)
(3)
(5)
(4)
धनोखर
सीधी
18.60
रामपुर नैकिन
कार्यपालन यंत्री, महान परियोजना संभाग , सीधी.
मा. न. 11 14.10हे. मुख्य नहर 4.50 हे . योग .. 18.60 हे.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 167 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
का वर्णन नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(1)
(2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)
(5)
(6) सीधी
रकेला
23.97
रामपुर नैकिन
कार्यपालन यंत्री, महान परियोजना संभाग, सीधी.
मा. न. 8 11.13 हे. मा. न . -9 3.39 हे . मुख्य नहर- 9.45 हे. योग .. 23.97हे.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 169 - भू-अर्जन - 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(6) (1)
(2)
(4)
(5)
सीधी
उमरिहा
0.90
नहर निर्माण हेतु रामपुर नैकिन
कार्यपालन यंत्री, महान परियोजना संभाग , सीधी.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है .
3040
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 अगस्त 2011
[ भाग 1 क्र. 171 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे . में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(6)
(5)
सीधी
धनहा
26.04
रामपुर नैकिन
कार्यपालन यंत्री , महान परियोजना संभाग , सीधी.
मा. न . 6 3.00 हे. मा. न . -7 3.48 हे. मा. न . -10 6.00 हे. मुख्य नहर- 13.50 हे. योग .. 26.04हे.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 173 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
तहसील नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(2)
(3)
(1)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)
(6)
(5)
सीधी
7.50
रामपुर नैकिन जमुनिहा
नहर निर्माण हेतु
कार्यपालन यंत्री, महान परियोजना संभाग, सीधी.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 175 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) सीधी
कोनिया
5.79
रामपुर नैकिन
नहर निर्माण हेतु
कार्यपालन यंत्री, महान परियोजना संभाग, सीधी .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है .
3041 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
क्र. 177 - भू- अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
नगर/ग्राम
तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(3)
(2)
(4)
(6)
(5)
सीधी
रिमारी
2.40
रामपुर नैकिन
नहर निर्माण हेतु
कार्यपालन यंत्री, महान परियोजना संभाग, सीधी.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 179 - भू- अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
नगर/ग्राम
तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4)
(2)
(5)
(6) (1) सीधी
(3) बरौं
6.00
नहर निर्माण हेतु रामपुर नैकिन
कार्यपालन यंत्री, महान परियोजना संभाग , सीधी.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 181 - भू- अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(2)
(5)
(6)
(4)
(1) सीधी
4.62
नहर निर्माण हेतु (3) रेहुंटा
रामपुर नैकिन
कार्यपालन यंत्री , महान परियोजना संभाग, सीधी.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है.
3042
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
क्र. 183 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
तहसील नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(6)
(5)
सीधी
2.40
नहर निर्माण हेतु रामपुर नैकिन खड्डी कला
कार्यपालन यंत्री, महान परियोजना संभाग , सीधी .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 185 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(6)
(4)
(5)
सीधी
2.94
नहर निर्माण हेतु (2) रामपुर नैकिन
(3) खड्डी खुर्द
कार्यपालन यंत्री, महान परियोजना संभाग , सीधी.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एन. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
सागर, दिनांक 11 अगस्त 2011
क्र. क- प्र.भू. - अर्जन- 6552-अ- 82- वर्ष 10-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारद्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल कुल ख.नं. कुल रकबा (हे.में)
(1) (2)
(3)
(5)
(4)
(6) सागर
सागर
9
7
सागर - दमोह मार्ग , राज्य मार्ग क्र. 42 .
म. प्र . रोड डेव्लपमेंट कार्पोरेशन लि. सागर.
16
परसोरिया रंगोली योग
0.18 0.28 0.46 3043 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 अगस्त 2011
(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए- बी.ओ.टी. योजनान्तर्गत सागर दमोह मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु आवश्यकता है. संभागीय प्रबंधक, म. प्र. रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लि. , सागर ( म. प्र. ) .
(3) भूमि का नक्शा व ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , सागर के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. प्र.भू.अ. - 2011-6554.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
जिला
ग्राम
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल ख. नं. कुल रकबा
(हे.में )
(6) (1) (2)
(3)
(5)
(4)
खरैरा
मालथौन
सागर
3
0.22 संभागीय प्रबंधक, रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन , सागर संभाग , सागर.
बी.ओ.टी. योजनान्तर्गत बीना- खिमलासा-मालथौन मार्ग के उन्नयन हेतु.
नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय , अ.वि.अ. , राजस्व, खुरई में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 6555 -अ- प्र.भू. अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल ख.नं. कुल रकवा
(हे.में)
(1) (2)
(4)
(5)
(3)
(6)
17
15.55
सागर गढ़ाकोटा मुर्गा
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन क्र. 01 , सागर संभाग , सागर (म. प्र.).
दरारिया जलाशय योजना के शीष कार्य ( बांध ) एवं नहर निर्माण में आने वाली शेष कृषकों की निजी भूमि का भू-अर्जन.
नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी महोदय , रहली के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
3044
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 अगस्त 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग
राजगढ़ , दिनांक 12 अगस्त 2011
क्र. 12744- भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)
(3)
(4)
धामन्या
राजगढ़ खिलचीपुर
0.345 कुल योग 0.345
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , राजगढ़.
धामन्या तालाब की नहर निर्माण हेतु आ रही भूमि का अर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , खिलचीपुर/जीरापुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 12746 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)
(1)
(3)
(4) राजगढ़ खिलचीपुर
0.435 0.412 0.174 1.021
गोरधन पुरा बोरदा खुर्द गादिया चारन कुल योग : -
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , राजगढ़.
बोरदा खुर्द तालाब की नहर निर्माण हेतु आ रही भूमि काअर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , खिलचीपुर/जीरापुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
3045
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 अगस्त 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
खरगोन , दिनांक 12 अगस्त 2011
क्र. 1259 - भू-अर्जन-2011 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम/नगर
(1)
(2)
(3)
खरगोन
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) 2.265 बड़वाह बामनपुरी
अनुसूची
( 2 ) के
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20 , मंडलेश्वर.
औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) के राइजिंग मेन के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.
नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन , भू-अर्जन अधिकारी औंकारेश्वर/महेश्वर परियोजना बड़वाह एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20, मंडलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
क्र. 1258 - भू- अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम/नगर
(2)
(1)
(3)
खरगोन
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) 4.180 बड़वाह पिड़ाय बुजुर्ग
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20, मंडलेश्वर.
औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) के राइजिंग मेन के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु .
नोट: - भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन, भू-अर्जन अधिकारी औंकारेश्वर/ महेश्वर परियोजना बड़वाह एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20, मंडलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
3046
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
क्र. 1261 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
ग्राम/नगर
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(1)
(2)
(3)
(4)
(6)
(5)
खरगोन
6.799
बड़वाह अगरवाड़ा
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20 , मंडलेश्वर.
औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) के राइजिंग मेन के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.
नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन , भू-अर्जन अधिकारी औंकारेश्वर/महेश्वर परियोजना बड़वाह एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20 , मंडलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 1257 - भू- अ. - 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
तहसील
ग्राम/नगर
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
(3)
(5)
(6)
(4)
खरगोन
बफलगांव
4.160
बड़वाह
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20 , मंडलेश्वर.
औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) के राइजिंग मेन के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.
नोट:- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन , भू-अर्जन अधिकारी औंकारेश्वर/ महेश्वर परियोजना बड़वाह एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -20 , मंडलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
क्र. 1264 - भू- अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना भाग 1 ]
3047
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894, ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम/नगर लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)
(4) (2)
(3)
0.050 खरगोन
नांदिया
बड़वाह
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग, क्रमांक -20, मंडलेश्वर.
औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) के राइजिंग मेन के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.
नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन, भू-अर्जन अधिकारी औंकारेश्वर/महेश्वर परियोजना बड़वाह एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -20 , मंडलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 1262 - भू- अर्जन-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम/नगर लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(4) (1)
(2)
(3)
गाडरीया
5.710 खरगोन
बड़वाह
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -20 , मंडलेश्वर .
औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) के राइजिंग मेन के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.
नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन, भू-अर्जन अधिकारी औंकारेश्वर/महेश्वर परियोजना बड़वाह एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20 , मंडलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 1256 - भू- अर्जन- 11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों 3048
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 अगस्त 2011
को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम/नगर लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) खरगोन
2.225 बड़वाह
राजपुरा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -20 , मंडलेश्वर.
औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) के राइजिंग मेन के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.
नोट:- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , खरगोन, भू-अर्जन अधिकारी औंकारेश्वर/महेश्वर परियोजना बड़वाह एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -20 , मंडलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
क्र. 1260 - भू-अर्जन-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम/नगर लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) खरगोन
सिरलाय
1.991 बड़वाह
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20 , मंडलेश्वर.
औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) के राइजिंग मेन के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.
नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन , भू-अर्जन अधिकारी औंकारेश्वर/महेश्वर परियोजना बड़वाह एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20 , मंडलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
क्र. 1263 - भू-अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों भाग 1 ]
3049
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम/नगर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) खरगोन
6.180
बड़वाह मालीपुरा
कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20, मंडलेश्वर.
औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) के राइजिंग मेन के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.
नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन, भू-अर्जन अधिकारी औंकारेश्वर/महेश्वर परियोजना बड़वाह एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20, मंडलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
क्र. 1270 - भू- अर्जन- 11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम/नगर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
(3)
(4)
(5)
(6) खरगोन भीकनगांव
9.209
चिरागपुरा
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खरगोन .
मालखेड़ा तालाब योजना के शीर्ष कार्य एवं डूब क्षेत्र हेतु.
नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , भीकनगांव एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 1271 - भू- अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों 3050
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
[भाग 1 को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
तहसील
ग्राम/नगर
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(1)
(2)
(4)
(3)
(5)
(6) खरगोन भीकनगांव एकतासा
5.900
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खरगोन.
मालखेड़ा तालाब योजना के शीर्ष कार्य, डूब क्षेत्र एवं नहर निर्माण हेतु.
नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , जिला खरगोन , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी, भीकनगांव एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला झाबुआ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
झाबुआ, दिनांक 17 अगस्त 2011
क्र. 3034 - भू- अर्जन- 2011- रा. प्र . क्र.अ-82-2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
क्षेत्रफल भूमि (हे. में)
(1)
(2)
(3)
(4)
(5)
(6) पेटलावद
0.25
झाबुआ
धतुरिया
धोलीखाली तालाब निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , क्र. 01 झाबुआ.
योग .. 0.25
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शोभित जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
3051
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 अगस्त 2011
राजस्वविभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला अशोकनगर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग
अशोकनगर , दिनांक 2 जुलाई 2011
क्र.- भू-अर्जन-442-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-अशोकनगर
(ख ) तहसील/तालुक- चन्देरी
(ग) नगर/ग्राम- रामपुर मुहाल
(घ) लगभग क्षेत्रफल -21.162 हेक्टर .
खसरा नम्बर
भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हे . में) (1)
(2)
2
3.659
3/1/क
1.114
3/1/ख
0.349
3/ 2/क
1.672
3/2/ख
0.418
3/3
2.392
3/4
3.554
4
0.596
6/1
2.561
2.561
6/2
7/2
1.432
12
0.025
14
0.115
15
0.021
20
0.094
21
0.473
22
0.126
योग .. 21.162
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- थूवोन तालाब निर्माण योजना के अन्तर्गत डूब में आयी भूमि का स्थायी अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा एवं सम्पत्ति का विवरण भू- अर्जन अधिकारी चंदेरी एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , अशोकनगर में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
क्र.- भू- अर्जन-447-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
जिला-अशोकनगर
(क)
तहसील/तालुक - चन्देरी
(ख)
(ग) नगर/ ग्राम - जीयाजीपुर
लगभग क्षेत्रफल - 19.780 हेक्टर.
(घ )
खसरा नम्बर
भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा ( हे . में )
(2)
(1)
0.658
117
0.836
119/1
119/2/2/क
0.188
0.923
119/2/ 2/ख
0.658
130/1
1.993
1.160
131/2
0.985
131/3
136
0.972
1.473
137
138
0.982
0.564
139 3052
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 अगस्त 2011
(1)
(2)
140
0.230
141
0.685
142
1.170
144/1
1.790
144/2
1.791
144/3
1.227
145
0.669
147
0.826
योग .. 19.780
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- थूवोन तालाब निर्माण योजना के अन्तर्गत डूब में आयी भूमि का स्थायी अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा एवं सम्पत्ति का विवरण भू-अर्जन अधिकारी चंदेरी एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , अशोकनगर में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ए. के. सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
शाजापुर, दिनांक 11 जुलाई 2011
क्र. - भू- अर्जन- 2010-201.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- शाजापुर
(ख) तहसील- नलखेड़ा
(ग) ग्राम- रिण्डोली निजी भूमि, टोलक्या, रिण्डोली कोहड़िया.
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 5.17 हेक्टर.
क्षेत्रफल जो अर्जन होना है भूमि सर्वे नम्बर
रकबा ( हे . में)
(2)
(1)
ग्राम- रिण्डोली निजी भूमि
0.23
465/1 , 465/2
295
0.05
ग्राम-टोलक्या
548
0.07
0.06
549
562
0.05
0.03
646
557
0.05
0.08
613
556
0.12
553
0.03
0.04
642
561
0.15
563
0.02
564
0.03
0.04
565
0.07
641
643
0.29
644
0.09
0.08
645
0.06
647
614
0.08
622
0.03
0.02
648
624
0.03
623
0.09
0.02
612
0.05
418
441
0.23
0.14
434
439
0.02
0.03
438
397
0.11
440
0.05
ग्राम-रिण्डोली
0.04
574/2
0.25
575 भाग 1 ]
3053
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
(1)
(2)
ग्राम-कोहड़िया
713
0.12
690 मी
0.10
0.06
691मी, 691मी.
0.14
692/1 , 692/मी. ,
692/2मी. | --
0.02
693/2
0.01
694/1 , 691/2 ,
694/2मी. , 694/2 मी.
0.01
695/1 , 695/2
0.21
695/2, 696
0.24
684, 618 में से
689
0.09
101/2
0.13
104
0.06
0.14
117, 118 , 119
0.40
90, 91 , 121 , 122
0.15
123/2, 125/1
0.07
90 , 91 , 121 , 122
0.11
90 , 91 , 121 , 122
0.10
124/1 , 124/2
70/1
0.16
5.17
योग .
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- बिजनाखेड़ी तालाब की नहर थ्री एल एवं टेल के निर्माण हेतु संपादित होने वाली भूमि बाबत्.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर, जिला शाजापुर के कार्यालय में व भू- अर्जन अधिकारी, सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , सोनाली एन. वायंगणकर , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग
विदिशा , दिनांक 13 जुलाई 2011
क्र. 1254- भू-अर्जन11. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
जिला- विदिशा
(क)
(ख) तहसील- शमशाबाद
ग्राम- करैया
(ग)
लगभग क्षेत्रफल -3.593 हेक्टेयर.
(घ)
रकबा
सर्वे नम्बर
(हे . में)
(1)
(2)
0.216
392/1
0.014
392/2
0.252
391/1
391/2
0.468
385/2
0.144
0.266
385/1
384
0.075
0.040
381
0.050
383
0.470
380
0.086
372
0.096
373
0.115
675
0.302
679
0.014
682
0.117
650
0.144
649
0.072
643/1
0.122
643/2
0.094
643/3
0.324
699
700
0.122
3.593
योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सापन उद्वहन सिंचाई योजना के नहर निर्माण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .
3054
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 अगस्त 2011
क्र. 1255 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
जिला- विदिशा
(क)
(ख) तहसील- शमशाबाद
(ग) ग्राम- रूसल्ली
(घ) लगभग क्षेत्रफल -7.212 हेक्टेयर .
सर्वे नम्बर
रकबा (हे. में)
(1)
(2)
84/2
0.086
85/2
0.274
91
0.040
92
0.166
106
0.220
107/2
0.010
104
0.086
117
0.244
132/2
0.245
129
0.194
127/1
0.288
148/1 क
0.115
149/2
0.129
353/1
0.165
151/1
0.144
151/2
0.122
357
0.216
355
0.252
343
0.158
349/1
0.512
349/2
0.512
345/1
0.025
345/2
0.194
399/1
0.036
398
0.208
[भाग 1 (1)
(2)
0.029
391
0.040
387
382
0.108
0.314
383
378
0.387
380
0.144
0.165
353/1
0.126
392/1
0.126
392/2
395
0.237
103
0.200
0.018
356/1
0.011
356/2
646/क
0.216
0.072
646/1 ख
646/2
0.072
0.065
648/1 क
662
0.209
664
0.032
7.212
योग .
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सापन उद्वहन सिंचाई योजना के नहर निर्माण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सी. बी. सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला बड़वानी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बड़वानी , दिनांक 30 जुलाई 2011
क्र. 1462 - भू-अर्जन- 2011- रा.प्र. क्र. 18-अ-82-2010-11- भू- अर्जन. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि, उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन की अति आवश्यकता की घोषणा के संबंध में आयुक्त , इन्दौर संभाग , भाग 1 ]
3055
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
इन्दौर के पत्र क्रमांक- 828-5-कोर्ट 10 इन्दौर, दिनांक 4 दिसम्बर 2010 से अधिनियम की धारा 17 ( 1 ) सह 17 (4 ) के तहत् अर्जेन्सी क्लाज की अनुमति प्राप्त है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बड़वानी
(ख ) तहसील - पानसेमल
(ग ) ग्राम- बंधारा खुर्द
(घ) लगभग क्षेत्रफल -5.772 हेक्टर .
सर्वे नम्बर
क्षेत्रफल (हे. में)
(2)
(1)
3/3 क
0.310
18/1
0.230
18/2
0.074
19
0.240
20/1 क
0.060
20/ 1ख
0.060
20/2
0.126
21/3
0.080
21/10
0.040
21/4
0.128
21/6
0.084
21/7
0.084
21/8
0.066
22/1
0.140
0.128
22/3
0.025
22/4
0.179
23/3 व 23/4
0.120
23/5
0.192
31/1
0.162
31/2
0.032
47/3
0.036
31/5
0.034
47/4
0.036
31/6
0.036
47/5
0.034
31/7
0.030
(1)
(2)
47/6
0.034
0.118
31/8
47/7
0.034
40/1/3
0.240
0.080
40/1/4
41/2
0.262
42/1
0.420
72/2
0.080
72/3
0.080
0.044
86/1
72/4
0.080
0.080
72/5 व 73
74/1
0.260
96/2
0.120
85
0.108
0.102
86/2
0.046
86/3
0.152
87/2
87/3
0.030
0.032
89/1 घ
0.050
89/2
89/3
0.150
96/1
0.120
0.042
97/1
97/2
0.040
0.040
97/3
0.114
97/2 क
97/3 घ
0.048
योग 5.772
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- देवधर तालाब योजना की नहर प्रणाली के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी सेंधवा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन, संभाग बड़वानी एवं अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन अनुभाग, सेंधवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संतोष मिश्र , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
3056
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 अगस्त 2011
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सीधी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सीधी, दिनांक 9 अगस्त 2011
क्र. 1355- भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सीधी
तहसील - मझौली
(ख)
ग्राम-डॉगा
(ग)
लगभग क्षेत्रफल -0.43 हेक्टर.
(घ)
हाल नम्बर पुराना नम्बर कुल रकबा (हे. में)
अर्जित रकबा (हे. में) (1)
(2)
(3)
(4) 1904/2
0.06 742/2 जु. 1.441 जु.
1918/2
0.05 744/2जु. 0.518 जु.
0.06 1904/1 जु 742/2 जु. 1.441 जु.
0.05 1918/1 जु
0.518 जु.
744/2 जु.
1857/1
745/1
0.02
0.429 जु.
1912
744/1
0.510
0.04 1529/1
0.01
0.051 जु.
0.05
0.429 जु
1915 , 1857/2 745/1 जु
1860
1529/2
0.01
0.051 जु.
745/3
0.263
0.03 1914, 1911
1861
745/2
0.630
0.02 745/4
0.263
0.03 1856, 1910
0.43
योग ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-सेहरा बांध की नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण उपखण्ड अधिकारी/ भू-अर्जन अधिकारी मझौली के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एन. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर, दिनांक 11 अगस्त 2011
प्र. क्र. 32 - अ-82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- गौरिहार
(ग ) ग्राम- पचवारा
(घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि -17.087 हे.
भू- अर्जन खसरा विवरण से भू-खण्डों की संख्या (1)
खसरे का अर्जित क्षेत्रफल ( हेक्टर में) (2) 3/2
0.002 4
0.197 5
0.222 14
0.024 15
0.086 16
0.078 17
0.016 19
0.056
0.112 20
0.106 21
22
0.014 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
(2) (1)
23
0.144
0.110 24/1
28
0.330 29/1
0.003 30/1
0.104 30/2/1
0.183 30/2/2
0.096 31
0.351 34/1
0.104 34/2
0.096 35/1
0.006 42/1
0.012 42/2
0.006 44
0.156 45
0.048 46
0.034 47
0.068 53
0.192 62
0.062
0.057 64/1
64/2
0.102 69
0.028 70
0.216 71
0.276
0.120 72
0.128 75
76
0.293 77
0.097 78
0.072 79
0.115
0.100 80
81
0.192 85
0.070 86
0.180 87/1
0.189 88
0.198 124
0.020 125
0.010 126
0.130
0.180 127
128/1
0.170
3057 (1)
(2)
128/2
0.052
0.045
130
0.068 131
0.246
146
0.186 148
0.117 149
150
0.120
0.022 151
0.060
154
0.282
163
165
0.072
0.090
166
183/2/1
0.026
0.120 183/2/4
0.126 185/1
0.122 185/2
0.008 186/2
187
0.177
0.144 288
0.186 289
0.444 295
297
0.192
0.036 298
299
0.144 314
0.109 315
0.026 316
0.366 317
0.01
0.032 318/1
0.096 319/1
0.004 319/2
0.240 320
0.111
321
0.008 322
0.064 348
0.054 349/3
350/1
0.120
0.180 350/3/1
350/3/2
0.054 350/3/3
0.104
0.375 584 3058
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
(1)
(2) 585
0.240 587/1
0.024 587/2
0.163 587/3
0.162 589/4
0.207 589/7/3
0.180 589/8/1
0.210 589/8/2
0.114 590/1/1
0.084 590/1/2
0.147 598/17
0.414 605/1
0.36 625
0.168 626
0.010 627/1
0.248 627/2
0.120 628/1
0.022 628/2
0.134 629/2/2
0.167 629/3/1
0.060 629/3/2/2
0.153 629/3/2/3
0.012 629/4
0.327 629/5
0.156 644
0.088 647
0.196 648
0.206 649
0.204 650
0.003 651/10/2
0.252 651/11/5/1
0.288 651/7/1/1
0.234 651/7/4
0.348 666/588
0.060 668/585
0.327 योग .. 17.087 (2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की चुकाटा वितरक नहर एवं चुकाटा वितरक नहर की धावा माइनर एवं हरवंशपुर माइनर एवं चकखडेहा वितरक नहर की पचवरा माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लौंड़ी में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 48 - अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- गौरिहार
(ग ) ग्राम- चकखडेहा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि -1.395 हेक्टर.
भू- अर्जन खसरा विवरण से
खसरे का अर्जित क्षेत्रफल ( हेक्टर में ) (2) भू-खण्डों की संख्या (1)
28/2
0.112 28/1/1/2
0.312
0.060 28/3/1
28/3/2
0.032 30/1/5
0.066
0.060 36/1/1/3
36/4/1
0.106 36/1/2
0.306
0.054 36/1/1/5
36/2
0.096
0.085 36/1/1/2
36/3/2
0.106
योग .. 1.395 (2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर से पचवरा वितरक नहर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है .
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लौंड़ी में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 अगस्त 2011
प्र. क्र. 54- अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- गौरिहार
(ग) ग्राम- सरबई
( घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि -48.003 हेक्टर.
3059 (1)
(2)
99
0.010
0.012
100/2
103/1
0.045
103/2
0.036
0.036
103/3
104/2
0.045
0.152
105/2
108/1/1
0.345
108/1/3
0.058
0.025
153
0.135
0.025
156
162
0.163
163
0.042
0.155
168
169
0.012
खसरे का अर्जित
भू- अर्जन खसरा विवरण से भू- खण्डों की संख्या
(1)
0.044
231
232/क
0.088
क्षेत्रफल ( हेक्टर में )
(2)
10/2
0.305 10/3
0.016 15/1 ख
0.205 30
0.032 35
0.094 36
0.138 37
0.018 38
0.045 39
0.042 40
0.122 44
0.198 46
0.110 48
0.348 50 में से
0.042 57/2
0.258 58
0.085 59
0.032 67
0.008 68
0.015 74
0.100 87
0.025 88
0.108 89
0.008 90/1
0.076 90/2
0.188 97
0.075
0.075
232/ख
0.065
232/ग
0.020
233
0.020
234
235
0.158
236
0.005
239
0.040
240
0.108
0.070
244/1
0.008
327
328
0.160
331
0.062
347
0.075
348
0.090
349/1
0.154
349/2
0.012
0.070
382
384/1
0.090
384/2
0.032
385
0.042
0.059
393
0.028
395
0.155
396
401/1
0.032
402
0.006
403/1
0.086
403/2
0.098 3060
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
(1)
(2) 414
0.026 429/1
0.150 464/5/2
0.130 464/9/1
0.065 464/9/2
0.095 469
0.220 480/1
0.208
0.066 480/2
518
0.328 519
0.152 523
0.108 531
0.245 555
0.165 570
0.132 571
0.092 573
0.245
0.175 574/1
574/2
0.108 577
0.080 603
0.230
0.125 606
619
0.192 622
0.112 628/1
0.220 628/2
0.086 630
0.188 632
0.003 639
0.052
0.126 640
643
0.140 866
0.165 869
0.202 870
0.016 875
0.148 952
0.082 953/1
0.055 953/2
0.092 954
0.065 973
0.028 975
0.178
0.135 976/3514
979/1 ख
0.024 979/2 ख
0.018 979/2 क
0.120
[भाग 1 (1)
(2)
0.155 980
0.072 981
0.140 986
0.090 1004/2
0.142 1008
0.212 1009
0.040 1010/2
0.018
0.044 1011/1/2
0.158 1011/1/3
0.190 1016
0.078 1018
0.202 1022
1023
0.144
0.272 1046
0.062 1047
0.162 1127
0.140 1128
0.008 1129
0.070 1130/1 ख
0.100 1131
0.050 1133
0.100 1134
0.075 1141/1 क
0.080 1142
0.024 1143/2
0.045 1144
0.025 1149
0.050 1150/1
0.045 1150/2
0.025 1151/1
0.030 1153/1
0.020 1153/1/1
0.050 1153/2
0.024 1155/1 क
1205
0.138 1209/1
0.104 1209/2
0.036 1213
0.132 1215
0.028
0.125 1232
1233/1
0.200
0.070 1235/1
1235/2
0.210 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 अगस्त 2011
(1)
(2) 1235/3
0.048 1235/4
0.078 1237
0.015 1238
0.045 1239
0.125 1240
0.078 1243/1
0.118 1246
0.036 1247
0.125 1248
0.020 1288
0.100 1289/2
0.004 1290 क
0.100 1290 ख
0.020 1324
0.010 1547/1
0.102 1548/1
0.074 1548/2
0.075 1549
0.115 1550
0.035 1583
0.050 1587
0.208 1590
0.014 1592
0.120 1605
0.058 1606/1
0.098 1668/2
0.242 1670/1/1 में से
0.140 1670/2
0.305 1670/4
0.120
0.186 1672/2
0.180 1724/1 क
1724/1 ख
0.180 1724/1 ग
0.180 1724/1 घ
0.180 1797/1
0.210 1797/2
0.110 1825/1
0.250 1825/1/2
0.254 1826
0.120 1827
0.006 1840
0.097 1843
0.064 1858
0.010
3061 (1)
(2)
1861
0.096
0.014 1862/2
0.025 1866/2/1
1866/2/2
0.025 1867/1
0.055 1867/3
0.065
0.060
1868
0.060
1913/1
1913/2
0.115
1913/3
0.115 1914
0.024 1916
0.006
1917
0.080
1918
0.100
0.080
1919
1920
0.035
0.030 1929
1930
0.005
2003
0.008
2004
0.072 2006
0.064
0.010
2007
2014
0.008
2015 पार
0.010
0.200
2016
2018
0.045
2019
0.110
2026
0.120
2027
0.150
2028
0.376
2029/1
0.045
0.130
2029/2
2030
0.125
2036
0.360
0.042
2037
0.030
2038
0.120
2059/1
2/1/2059
0.120
2061
0.232
2062
0.036
2067
0.108
2068/2
0.036
2069/2
0.015
2070
0.090 3062
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
(1)
(2) 2071
0.080 2072
0.100 2073
0.120 2167/1 क
0.080 2167/1 ख
0.150 2167/4
0.180 2168
0.060
0.005 2169/1
2170
0.010 2175
0.080 2176/1
0.096 2185/1 क
0.100
0.005 2239/2
2240
0.280 2246 रास्ता
0.030 2248
0.260 2251
0.280 2252
0.275 2253
0.020 2258
0.200 2259
0.104
0.360 2260
0.100 2276/1/2/1
2277/1
0.112 2278
0.260 2279
0.020 2280
0.120 2281
0.040 2408
0.030 2409
0.150 2410
0.110 2417
0.160 2418
0.240 2442
0.140 2443
0.030 2444
0.025 2445
0.130 2446
0.072 2447
0.060 2449
0.065 2450
0.015 2451
0.045
0.240 2452
2469
0.090
[भाग 1
(2)
(1)
0.195 2472
0.100 2474
0.045 2475/1
0.060 2475/2
2476
0.190 2477/1
0.020 2477/2
0.180
0.030 2479
0.030 2480
0.020 2481
2483
0.072
0.060 2484
2718
0.032
0.130 2719
2720
0.104 2721
0.020
0.030 2723
2727
0.360 2730
0.045
0.140 2835/1
0.020 2835/2
0.025 2836
2837
0.005 2842
0.160 2843
0.125 2845
0.010
0.005 2847/2
0.120 2848
2849
0.100 2850
0.018
0.004 2851
2852
0.144
0.104 2853
0.030 2870
0.004 2871/1
0.007 2872
0.080 2873
0.030 2874/2 ख
2875
0.030
0.004 2876
0.140 2877
0.032 2916/1
0.033 2916/2
0.100 2960 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
(2) (1)
2961
0.280
0.005 2962/1
2962/2
0.010
0.080 2972
2973
0.200 2974
0.030 2979
0.332 2990
0.155 2992
0.160 2993
0.055 2994
0.080 2995
0.160 2996
0.100 2997
0.010 3004/1
0.120 3004/2
0.210
0.008 3005
3006
0.007 3008
0.008
0.020 3010
3011
0.010 3012
0.140 3013
0.008 3015
0.052 3035/2
0.016 3036/1
0.160 3037
0.004 3040
0.080 3041
0.200 3042
0.020 3045
0.006 3046
0.500 3047
0.060
0.080 3048
3049
0.160 3051
0.080
0.100 3052
3053
0.120
0.125 3054/1 ए
3054/2 बी
0.160 3077
0.020 3079
0.060 3080
0.030 3081
0.005
3063
(2)
(1)
3082
0.640
0.025
3094
0.008
3095/1
0.120
3097
0.170
3098
0.053
3103
3104/1
0.100
0.080
3104/2
3105/1
0.032
0.032
3105/2
0.100
3111
0.180
3112
0.040
3113
0.160
3114
0.128
3116
0.008
3117
0.400
3118
0.036
3136
0.320
3137
0.200
3138
0.100
3139/1
0.100
3139/2
0.320
3161
0.015
3162 पार
0.184
3164
0.005
3169
0.065
3170
0.080
3173
0.060
3175
0.200
3176
0.045
3183
0.360
3184
0.005 3186
0.085
3187
0.200
3188
0.045
3189
0.325
3190
0.036
3191
0.240
3197
0.235
3198
3200
0.240
0.060
3201
0.005
3202
3204
0.640 3064
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
(2) (1)
0.020 3205 पार
3206
0.160 3207
0.064 3208
0.160
0.075 3209
3213
0.375 3222
0.240
0.224 3223
0.030 3227
3228
0.040 3229
0.330 3230
0.160 3231
0.131 3256
0.160 3257
0.018 3258 पार
0.012 3259
0.160 3260
0.150
0.010 3261
3262
0.040 3263
0.025 3275
0.016 3277
0.200
0.008 3278
0.064 3284/1
0.120 3285
3286
0.018
0.150 3287/1
3287/2
0.050 3290/1
0.036 3290/2
0.036 3292
0.080 3297
0.084 3298
0.090 3299
0.112
0.050 3300
3306
0.165
0.120 3308
3309
0.105
0.030 3310
3311
0.065 3314
0.080 3315
0.120
0.010 3316/1
(2) (1)
0.030 3316/2
0.140 3316/3
0.045 3319
3436
0.160
0.005 3440/3279
0.005 3475/2186
0.060 3476/2186
0.060 3484/2476
48.003 कुल अर्जित रकबा
(2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सरबई वितरक नहर क्र. 1 माइनरों सहित एवं सरबई वितरक नहर क्र. 2 माइनरों सहित के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये उक्त भूमि की आवश्यकता है .
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लवकुशनगर में किया जा सकता है .
छतरपुर, दिनांक 17 अगस्त 2011
प्र. क्र. 83 - अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- गौरिहार
(ग ) ग्राम- किशोरीपुखरी
(घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि -2.144 हेक्टर.
खसरे का अर्जित क्षेत्रफल ( हेक्टर में ) भू- अर्जन खसरा विवरण से भू-खण्डों की संख्या
(2) (1)
0.210 4/2
0.038 53/2
0.300 103/1
103/2
0.082 भाग 1 ]
3065
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
(1)
(2)
0.163 103/8/1
103/9
0.385 143
0.170 144
0.010 145
0.040 146
0.110 152
0.120 154
0.076 159
0.430 160
0.010
2.144
योग .
( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सरबई वितरक नहर क्र. 1 की किशोरीपुखरी माइनर सरबई माइनर नहर नं. 1 और महोईखुर्द द्वितीय माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये उक्त भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लवकुशनगर में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 84 - अ-82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- गौरिहार
(ग) ग्राम- मालपुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि -2.720 हेक्टर.
भू-खण्डों की संख्या
भू-अर्जन खसरा विवरण से (1)
खसरे का अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2) 248/1
0.215 248/3
0.132
(2) (1)
0.110 248/5
260
0.162
0.190 262
263/1
0.142
0.102 346
0.038 348/1
0.198 348/2
0.034 349/1
349/2
0.022
0.060 350/1
0.068 350/2
0.090 351
0.050 353/1
0.050 353/2
0.070 353/3
359
0.212
0.258 363
364/1
0.166
0.207 404
406/1
0.066 406/2
0.078
योग .. 2.720 (2) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सरबई वितरक नहर नं. 1 एवं मालपुर माइनर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये उक्त भूमि की आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लौंड़ी में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 100- अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- गौरिहार 3066
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
(ग ) ग्राम-नांद
( घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि -5.474 हेक्टर.
खसरेका अर्जित क्षेत्रफल ( हेक्टर में ) भू- अर्जन खसरा विवरण से भू-खण्डों की संख्या
(1)
(2) 399/2/1
0.118 400/1
0.225 400/2
0.125 406
0.120 409
0.160 480
0.154
0.060 497/2
542
0.200 553
0.008 555
0.130 556
0.190 606
0.156 609
0.154 611/1
0.105 611/2
0.020 610
0.014 639
0.145 640
0.145 642
0.182 655
0.154 660/1
0.108 665
0.195 666
0.120
0.245 674/1
674/2/2
0.045 808
0.130 811
0.120 819/1
0.045 819/2
0.155 923/2
0.042 851
0.295 853
0.202 854
0.350 859
0.122 860
0.180 864
0.148 870
0.252 1036/643
0.155
योग .. 5.474 ( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सरबई वितरक नहर क्र. 1 की नांद माइनर नं. 1 एवं 2 के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लवकुशनगर में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग
राजगढ़ , दिनांक 12 अगस्त 2011
क्र. 12738 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि को, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन ( रोज्या तालाब के डूब क्षेत्र में प्रभावित भूमि) के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- राजगढ़
(ख ) तहसील- राजगढ़
(ग) ग्राम- रोज्या
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 30.120 हेक्टेयर
सर्वे नं.
रकबा (हे. में. )
(2)
(1)
32/2
0.569
32/5
0.050
31/2
0.070
31/7
0.200
31/8
0.300
19/3
1.379
2.276
19/5 3067
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
भाग 1 ]
(2)
(1)
19/2
0.505
114/4
0.020
37/2
0.505
19/4
1.518
31/3
1.694
31/4
1.694
31/5
1.200
36/1
1.645
31/6
1.080
31/1
0.124
33/7
1.224
33/6
1.224
33/4
2.000
33/2
3.035
36/2
1.518
36/3/1
0.345
36/3/3
0.017
0.280
41/3
41/7
0.120
43/2/1
1.264
41/4
0.400
19/1/1
1.138
19/1/2
1.138
20/1/2
0.186
0.651
19/1/3
20/1/4
0.751
योग .. 30.120
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. - रोज्या तालाब डूब क्षेत्र में प्रभावित भूमि हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 12746 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि को, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन ( रावतपुरा नहर एवं डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित भूमि ) के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन--
(क) जिला- राजगढ़
(ख ) तहसील - राजगढ़
(ग ) ग्राम- रावतपुरा , खाजला, देवलीकला
(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.940 हेक्टेयर
सर्वे नं.
रकबा
(हे. में. )
(2)
(1)
नहर में शेष अर्जित भूमि ग्राम-रावतपुरा
0.180
45/1/8
0.180
योग .
ग्राम-खाजला
0.270
121/3
121/4
0.100
0.100
121/2/1
121/2/2
0.100
योग .. 0.570
बांध में शेष अर्जित भूमि ग्राम-देवलीकला
485/1
0.190
योग .. 0.190
0.940
महायोग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. - रावतपुरा नहर एवं डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित भूमि हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 12750- भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि को, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन ( कंवरपुरा नहर निर्माण कार्य में प्रभावित भूमि ) के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- राजगढ़
(ख ) तहसील - राजगढ़
(ग) ग्राम- कंवरपुरा 3068
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 1.165 हेक्टेयर
सर्वे नं.
रकबा
(हे. में. )
(1)
(2)
200/1
0.120
188
0.043
190
0.015
55
0.057
132
0.040
49/7
0.072
58
0.057
42/2
0.018
0.024
42/4
201
0.068
172
0.048
175
0.029
174
0.020
44
0.060
56
0.027
43/1
0.038
42/5
0.016
187
0.043
189
0.093
0.067
180
134
0.112
120
0.017
57
0.031
43/2
0.034
42/6
0.016
योग . 1.165
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- कंवरपुरा नहर निर्माण कार्य में प्रभावित भूमि हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 12756- भू-अर्जन-2011 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि को, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन ( कलालपुरा नहर निर्माण कार्य के डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित भूमि) के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
( क) जिला- राजगढ़
( ख ) तहसील- राजगढ़
(ग) ग्राम- कलालपुरा, चौकी, बानपुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल -4.972 हेक्टेयर
रकबा
सर्वे नं.
(हे. में. )
(2)
(1)
नहर में अर्जित भूमि
ग्राम-कलालपुरा
0.032
37
70/1
0.075
70/2
0.050
72
0.050
73
0.065
75/1
0.064
75/2
0.048
83
0.096
0.025
85
0.085
69/1
82/2
0.065
0.100
76
5/3
0.193
0.948
योग ..
ग्राम चौकी
126/1/1
0.032
126/1/2
0.032
126/1/5
0.032
127/4
0.083
127/6
0.083
0.096
131/1
126/1/3
0.032
135/6
0.289
127/5
0.083
0.080
127/7
0.072
135/1
126/1/4
0.032
0.064
126/3
0.035
131/9
131/7
0.003
1.048
योग ..
भाग 1 ]
3069
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
(1)
(2)
बांध में शेष अर्जित भूमि
ग्राम-कलालपुरा
49/3
1.000
37
0.226
1.226
योग .
ग्राम-बानपुर
340/2/1
0.253
340/3
1.000
344/7
0.497
योग .. 1.750
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है .- कलालपुर नहर निर्माण कार्य के डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित भूमि हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 12758 - भू -अर्जन-2011 . - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि को , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन ( कानबे नहर निर्माण कार्य के डूब क्षेत्र में प्रभावित भूमि) के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- राजगढ़
(ख ) तहसील- राजगढ़
( ग ) ग्राम- कानबे, बांकपुरा एवं तिंदोनिया
(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 9.049 हेक्टेयर
सर्वे नं.
रकबा
(1)
(हे. में. ) (2)
नहर में अर्जित भूमि ग्राम-कानबे
77/1
0.144
77/2
0.144
77/3
0.144
75
0.152
0.168
73
70
0.140
(2)
(1)
0.120
71
1.012
योग ..
ग्राम-बांकपुरा
0.228
539
0.072
540
0.168
543/1
0.162
543/4
543/3
0.162
545
0.230
546
0.230
544
0.120
0.120
548
0.090
470/1
0.090
470/2
0.040
471/1
471/2
0.040
471/3
0.040
472
0.163
योग .. 1.955
बांध में शेष अर्जित भूमि ग्राम-कानबे
123
1.310
0.624
106/10
37/11
0.691
0.75
18/1
0.758
106/1
0.459
18/2
0.351
18/3
18/4
0.361
18/5
0.361
योग . 5.665
ग्राम-तिंदोनिया
3/1
0.139
3/2
0.139
3/3
0.139
योग .. 0.417 कुल योग . 9.049
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-कानबे नहर निर्माण कार्य , डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित भूमि हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
3070
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग खरगोन , दिनांक 12 अगस्त 2011
क्र. 1265 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील-झिरन्या
(ग) ग्राम- डेहरिया
(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.505 हेक्टर.
खसरा नम्बर
रकबा (हे. में )
(1)
(2)
126/1/2/1
0.182
126/1/2/2
0.130
126/1/2/3
0.130
126/3 , 126/4
126/1/2/4 , 126/5
0.132
132
0.486
133/1/2
0.140
133/1/3
0.263
0.243
136/3, 137
139
0.283
140/1
1.011
0.142
0.890
166 , 167 , 168
190/9
0.263
190/12
0.243
193/2
0.242
193/ 6ख
0.320
193/9ख
0.405
योग . 5.505
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- देवलिया तालाब योजना के नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , खरगोन , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , भीकनगांव व कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
क्र. 1266 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील- झिरन्या
(ग) ग्राम- माण्डवाबुजुर्ग
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.214 हेक्टर .
खसरा नम्बर
रकबा (हे. में) (2)
(1)
0.445
1/2/1 , 1/1/1/2/3
3/1/1/1/2
0.148
0.135
3/1/2
0.486
4/1, 4/2
2
1.214
योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- देवलिया तालाब योजना के नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , भीकनगांव व कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 1267 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख ) तहसील - भीकनगांव
ग्राम- बोरगांव
(ग)
लगभग क्षेत्रफल-2.928 हेक्टर .
(घ)
खसरा नम्बर
रकबा (हे. में)
(1)
(2)
152/2
0.650
152/3
0.971
192/1
1.157
192/3
0.150
2.928
योग .
भाग 1 ]
3071
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 अगस्त 2011
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- बोरगांव तालाब योजना के शीर्ष कार्य हेतु अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , भीकनगांव व कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
क्र. 1268 - भू-अर्जन- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- खरगोन
(ख) तहसील- झिरन्या
(ग) ग्राम- रेहटिया
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.350 हेक्टर .
खसरा नम्बर
रकबा (हे. में)
(1)
(2)
90/16
0.080
0.080
90/18/ 1 ख
90/18/2ख
0.070
0.070
90/18/3ख
0.080
90/19/1
0.080
90/19/2
0.050
90/19/3
90/20/1
0.140
90/20/2
0.091
0.120
90/21 क
90/23क
0.100
90/65
0.080
90/62ख
0.309
1.350
योग .
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- देवलिया तालाब योजना के नहर निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , भीकनगांव व कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , केदार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
रीवा , दिनांक 16 अगस्त 2011
क्र. 1275 - भू-अर्जन- कार्य- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- हुजूर
(ग ) ग्राम- बहुरी बांध
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.723 हेक्टर .
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा
अशासकीय भूमि शासकीय भूमि (हे. में) (हे. में. )
(3)
(2)
(1)
0.200
382
458
0.100
0.405
776
0.018
777
0.723
योग ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली चचाई वितरक नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 1277 - भू-अर्जन- कार्य- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील - हुजूर
(ग) ग्राम- टिकिया 3072
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2011
(घ) क्षेत्रफल-0.386 हेक्टर.
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा
अशासकीय भूमि (हे. में)
शासकीय भूमि (हे. में. ) (1)
(2)
(3)
0.336
129 118
0.050 0.386
योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली चचाई वितरक नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 1279 - भू-अर्जन- कार्य- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, जिसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- हुजूर
(ग) ग्राम- सॉव
(घ) क्षेत्रफल -0.233 हेक्टर.
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा अशासकीय भूमि (हे. में)
(1)
शासकीय भूमि (हे. में. ) (3)
(2)
0.140
707 1020
0.093 0.233
योग ..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली चचाई वितरक नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
झाबुआ , दिनांक 17 अगस्त 2011
क्र. 3036 - भू-अर्जन- 2011 - रा. प्र. क्र. अ- 82-2010- 11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- झाबुआ
(ख ) तहसील - पेटलावद
(ग ) ग्राम- भूरीघाटी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.24 हेक्टर.
ग्राम-भूरीघाटी निजी भूमि
सर्वे नं.
रकबा (हे. में)
(2)
(1)
0.12
189
212
0.12 0.24
योग
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- भूरीघाटी तालाब निर्माण होने से ग्राम भूरीघाटी का कुल रकबा निजी भूमि 0.24 हेक्टर.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , शोभित जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.