Servants of Knowledge
Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 16 September 2011

Type
Ordinary
Gazette no.
37
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2011-09-16.37.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदे श

शासन

इसे वेबसाईट www.govtpressmp.nic.in से भी डाउन लोड किया जा सकता है .

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 37]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 16 सितम्बर 2011- भाद्र 25 , शक 1933

विषय-सूची

1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, भाग (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.- (क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख ) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद्के अधिनियम ,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 27 अगस्त 2011

क्र. ई - 5-529- आयएएस लीव- 5- एक.- ( 1 ) इस विभाग के पत्र क्रमांक ई - 13-49-2011-5- एक, दिनांक 27 जुलाई 2011 के अनुक्रम में श्री अजय तिर्की, आयएएस. , सचिव , मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा पदेन अपर विकास आयुक्त को दिनांक 1 से 3 अक्टूबर 2011 तक तीन दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) अवकाशकाल में श्री अजय तिर्की को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने पूर्व मिलता था.

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अजय तिर्की अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 29 अगस्त 2011

क्र. ई - 5-794- आयएएस- लीव- 5- एक.-( 1 ) श्री रघुराज एम. आर. , आयएएस. , कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ को दिनांक 5 से 10 सितम्बर 2011 तक बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 4 एवं 17, 18 सितम्बर 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2) श्री रघुराज एम. आर. की अवकाश की अवधि में श्री पन्नालाल सोलंकी, राप्रसे , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , टीकमगढ़ को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ ,

3293

नियंत्रक , शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2011 .

3294

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कलेक्टर , जिला टीकमगढ़ का प्रभार सौंपा जाता है.

( 3) अवकाश से लौटने पर श्री रघुराज एम. आर. को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) श्री रघुराज एम . आर. द्वारा कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री पन्नालाल सोलंकी, कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ के प्रभार से मुक्त होंगे .

( 5 ) अवकाशकाल में श्री रघुराज एम. आर. को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री रघुराज एम. 'आर. अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 30 अगस्त 2011

क्र. ई - 1-278-2011-5- एक.- श्री आर . रामानुजम्, भाप्रसे (1979 ) अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन , खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा परिवहन विभाग की सेवाएं भारत सरकार, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय , कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को अपर सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय , नई दिल्ली के पद पर नियुक्ति के लिए सौंपी जाती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

[ भाग 1 भोपाल , दिनांक 29 अगस्त 2011

क्र. ई - 5-841- आयएएस- लीव- 5 - एक. श्रीमती जयश्री कियावत , आयएएस. , तत्का. कलेक्टर , जिला दतिया को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 7 मई 2011 द्वारा दिनांक 11 से 28 मई 2011 तक अठारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था . उक्त अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए दिनांक 27 से 28 मई 2011 तक दो दिन का अर्जित अवकाश का उपभोग नहीं किये जाने के कारण निरस्त किया जाता है.

भोपाल, दिनांक 30 अगस्त 2011

क्र. ई - 5-814- आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्रीमती उर्मिल मिश्रा, आयएएस . , अपर आयुक्त, भोपाल/नर्मदापुरम , संभाग को दिनांक 11 से 20 जुलाई 2011 तक दस दिन का लघुकृत अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

1 (2 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती उर्मिल मिश्रा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर आयुक्त, भोपाल/ नर्मदापुरम , संभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्रीमती उर्मिल मिश्रा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती उर्मिल मिश्रा अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

व्ही. एस. तोमर, अवर सचिव कार्मिक.

भोपाल, दिनांक 27 अगस्त 2011

क्र. एफ- ए- 5-19-2011 - एक ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति श्रीमती सुषमा श्रीवास्तव, न्यायाधीश, मध्यप्रदेश , उच्च न्यायालय, जबलपुर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है:-

अ. क्र. (1)

कुल दिन (3)

अवकाश अवधि (2)

अभियुक्ति (5)

अवकाश का प्रकार

(4)

1 . दिनांक 11-7-2011 से दिनांक 15-7-2011 तक.

5 पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित कम्युटेड अवकाश.

अवकाश के पूर्व में दिनांक 9 एवं 10 जुलाई 2011 एवं अवकाश के पश्चात् में दिनांक 16 एवं 17 जुलाई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.

भाग 1 ]

3295

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

क्र. एफ- ए- 5-20-2011- एक ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति श्री जे. के. माहेश्वरी , न्यायाधीश , मध्यप्रदेश , उच्च न्यायालय, जबलपुर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है:-

अ. क्र. अवकाश अवधि

अवकाश का प्रकार

(1)

(2)

(4)

कुल दिन (3)

1.

12

दिनांक 20-6-2011 से दिनांक 1-7-2011 तक.

पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश .

श्रम विभाग मंत्रालय , वल्लभ, भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 17 अगस्त 2011

क्र. 4 E- 1-2011- A-सोलह. मध्यप्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम , 1960 ( 1960 का क्रमांक 27 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) तथा धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, इस संबंध में पूर्व में प्रसारित सभी अधिसूचनाओं को निरस्त करते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा , श्री विनोद कुमार को मध्यप्रदेश राज्य के लिये क्रमशः " श्रमायुक्त " तथा " मुख्य सुलहकार " नियुक्त करता है.

No. 4E - 1-2011 - A- XVI . In exercise of powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 3 and sub- section ( 1 ) of Section 4 of Madhya Pradesh Industrial Relations Act , 1960 ( 27 of 1960 ) in supersession of all the previous Notifications in this respect, the State Government hereby appoints Shri Vinod Kumar to be the "Commissioner of Labour" and " Chief Conciliator " respectively for the State of Madhya Pradesh .

क्र. एफ -1 (ए) -13-10-ए- सोलह ठेका श्रम ( विनियमन और उत्सादन ) अधिनियम, 1970 ( 1970 का 37 ) की धारा 11 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, तथा इस विभाग की इस निमित्त जारी की गई अन्य समस्त पूर्व अधिसूचनाओं को अतिष्ठित करते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट अधिकारियों को उक्त अधिनियम के अध्याय - चार के प्रयोजनों के लिये अनुज्ञापन अधिकारी के रूप में नियुक्त करती है तथा उक्त अनुसूची के कॉलम ( 3 ) में तत्स्थायी प्रविष्टियों में ऐसी सीमाएं परिनिश्चित करती है जिनके भीतर ऐसा

अभियुक्ति (5)

अवकाश अवधि के पश्चात् 2 एवं 3-7-2011 के सार्वजनिक अवकाश के लाभ उठाने के साथ .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा, उपसचिव.

अनुज्ञापन अधिकारी , उक्त अधिनियम द्वारा या उसके अधीन उसे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेगा, अर्थातूः-

अनुसूची

परिनिश्चित सीमाएं अनु- अधिकारी का नाम

क्रमांक

(2)

(3)

(1)

1 उप श्रमायुक्त

राजस्व जिले के सुसंगत क्षेत्राधिकारी में.

राजस्व जिला इन्दौर 2 सहायक श्रम आयुक्त, इन्दौर

राजस्व जिला भोपाल 3 सहायक श्रम आयुक्त, भोपाल

राजस्व जिला ग्वालियर 4 सहायक श्रम आयुक्त, ग्वालियर.

राजस्व जिला उज्जैन सहायक श्रम आयुक्त, उज्जैन 5

राजस्व जिला सागर 6 सहायक श्रम आयुक्त, सागर

राजस्व जिला सतना 7 सहायक श्रम आयुक्त, सतना

8 सहायक श्रम आयुक्त, जबलपुर राजस्व जिला जबलपुर 9 सहायक श्रम आयुक्त, मन्दसौर राजस्व जिला मन्दसौर

राजस्व जिला होशंगाबाद 10 सहायक श्रम आयुक्त, नर्मदापुरम.

राजस्व जिला मुरैना 11 सहायक श्रम आयुक्त, चंबल

12 सहायक श्रम आयुक्त, शहडोल राजस्व जिला शहडोल

राजस्व जिला सिंगरौली 13 सहायक श्रम आयुक्त, सिंगरौली

14 श्रम पदाधिकारी , धार

राजस्व जिला धार (नालछा विकासखण्ड को छोड़कर ) 3296

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

(2)

(1)

(3)

15 श्रम पदाधिकारी , पीथमपुर पीथमपुर ( राजस्व जिला धार का विकासखण्ड नालछा).

16

राजस्व जिला खरगोन श्रम पदाधिकारी, खरगोन

17

राजस्व जिला बड़वानी श्रम पदाधिकारी , बड़वानी

18

राजस्व जिला बुरहानपुर श्रम पदाधिकारी , बुरहानपुर

19

राजस्व जिला खण्डवा श्रम पदाधिकारी , खण्डवा

20

राजस्व जिला विदिशा श्रम पदाधिकारी, विदिशा

21

राजस्व जिला राजगढ़ श्रम पदाधिकारी, राजगढ़

22 श्रम पदाधिकारी , झाबुआ राजस्व जिला झाबुआ 23

राजस्व जिला अलीराजपुर श्रम पदाधिकारी, अलीराजपुर

24

राजस्व जिला बैतूल श्रम पदाधिकारी , बैतूल

25 श्रम पदाधिकारी, हरदा

राजस्व जिला हरदा 26

राजस्व जिला रायसेन श्रम पदाधिकारी , मण्डीदीप

27 श्रम पदाधिकारी , गुना

राजस्व जिला गुना

राजस्व जिला शिवपुरी 28 श्रम पदाधिकारी, शिवपुरी

29

राजस्व जिला अशोकनगर श्रम पदाधिकारी , अशोकनगर

30 श्रम पदाधिकारी, श्योपुरकलां राजस्व जिला श्योपुरकलां 31 श्रम पदाधिकारी , भिण्ड

राजस्व जिला भिण्ड (विकासखण्ड गोहद को छोड़कर) .

32 श्रम पदाधिकारी, मालनपुर मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र (राजस्व जिला भिण्ड का विकासखण्ड गोहद) .

33

राजस्व जिला रतलाम श्रम पदाधिकारी , रतलाम

34

राजस्व जिला देवास श्रम पदाधिकारी, देवास

35 श्रम पदाधिकारी , शाजापुर राजस्व जिला शाजापुर 36

राजस्व जिला सीहोर श्रम पदाधिकारी , सीहोर

37

राजस्व जिला दमोह श्रम पदाधिकारी , दमोह

38 श्रम पदाधिकारी , छतरपुर राजस्व जिला छतरपुर 39

राजस्व जिला पन्ना श्रम पदाधिकारी , पन्ना

40

राजस्व जिला कटनी श्रम पदाधिकारी , कटनी

(3)

(1)

(2)

41 श्रम पदाधिकारी , छिन्दवाड़ा राजस्व जिला छिन्दवाड़ा

राजस्व जिला सिवनी 42 श्रम पदाधिकारी, सिवनी

राजस्व जिला मण्डला 43 श्रम पदाधिकारी, मण्डला

44

राजस्व जिला डिण्डौरी श्रम पदाधिकारी , डिण्डौरी

45

राजस्व जिला बालाघाट श्रम पदाधिकारी , बालाघाट

राजस्व जिला नीमच 46 श्रम पदाधिकारी , नीमच

राजस्व जिला रीवा 47 श्रम पदाधिकारी , रीवा

48 श्रम पदाधिकारी, अनूपपुर राजस्व जिला अनूपपुर 49

राजस्व जिला उमरिया श्रम पदाधिकारी , उमरिया

50

राजस्व जिला सीधी श्रम पदाधिकारी, सीधी

राजस्व जिला दतिया 51 श्रम पदाधिकारी , दतिया

52 श्रम पदाधिकारी, टीकमगढ़ राजस्व जिला टीकमगढ़ 53 श्रम पदाधिकारी , नरसिंहपुर राजस्व जिला नरसिंहपुर No. F - 1A- 13-10- A- XVI . In exercise of the powers conferred by Section 11 of the Contract Labour (Regulation and abolition) Act, 1970 (37 of 1970) and in suppression of this Department's all other previous Notifications issued in this behalf, the State Government hereby appoint the officers specified in column (2) of the Schedule given below to be the Licencing Officers for the purposes of Chapter- IV of the said Act and define the limits in the corresponding entries in column (3 ) of the said Schedule , within which a Licencing Officer shall exercise the powers conferred on him by or under the said Act , namely :-

SCHEDULE

Defined Limits (3) Name of the Officer (2)

No. (1)

1 Deputy Labour Commissioner .

Revenue District of respective Jurisdiction.

Revenue District of Indore.

2 Assistant Labour Commissioner , Indore .

Revenue District of Bhopal .

3 Assistant Labour Commissioner , Bhopal

Revenue District of Gwalior .

4 Assistant Labour Commissioner , Gwalior .

5 Assistant Labour Commissioner , Ujjain .

Revenue District of Ujjain .

भाग 1 ]

3297

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(2)

(1)

(3) 6 Assistant Labour Commissioner , Sagar .

Revenue District of Sagar.

Revenue District of Satna .

7 Assistant Labour Commissioner , Satna .

Revenue District of Jabalpur .

8 Assistant Labour Commissioner , Jabalpur .

9 Assistant Labour Commissioner , Mandsaur .

Revenue District of Mandsaur .

Revenue District of Hoshangabad .

10 Assistant Labour Commissioner , Narmdapuram

11 Assistant Labour Commissioner , Chambal .

Revenue District of Morena .

12 Assistant Labour Commissioner , Shahdol .

Revenue District of Shahdol .

13 Assistant Labour Commissioner , Singrauli .

Revenue District of Singrauli .

14 Labour Officer , Dhar Revenue District of Dhar (excluding Nalchha Development Block).

15 Labour Officer , Pithampur.

Pithampur (Nalchha Development Block of Revenue District of Dhar. )

16 Labour Officer , Khargone Revenue District of Khargone.

17 Labour Officer , Barwani Revenue District of Barwani .

Revenue District of Burhanpur.

18 Labour Officer , Burhanpur.

19 Labour Officer , Khandwa.

Revenue District of Khandwa.

20 Labour Officer , Vidisha Revenue District of Vidisha .

21 Labour Officer , Rajgarh Revenue District of Rajgarh .

22 Labour Officer , Jhabua Revenue District of Jhabua.

23 Labour Officer , Alirajpur.

Revenue District of Alirajpur.

24 Labour Officer , Betul Revenue District of Betul.

(3) (1)

(2)

25 Labour Officer , Harda Revenue District of Harda.

Revenue District of Raisen.

26 Labour Officer , Madideep.

27 Labour Officer , Guna Revenue District of Guna.

Revenue District of Shivpuri .

28 Labour Officer , Shivpuri.

Revenue District of Ashoknagar .

29 Labour Officer , Ashoknagar .

Revenue District of Sheopurkala.

30 Labour Officer , Sheopurkala .

31 Labour Officer , Bhind Revenue District of Bhind (excluding Development Block Gohad).

32 Labour Officer , Malanpur Malanpur Industrial Area Revenue District of Gohad Development Block Bhind.

33 Labour Officer , Ratlam Revenue District of Ratlam.

34 Labour Officer , Dewas Revenue District of Dewas .

35 Labour Officer , Shajapur Revenue District of Shajapur.

36 Labour Officer , Sehore Revenue District of Sehore.

37 Labour Officer , Damoh Revenue District of Damoh.

38 Labour Officer , Chhatarpur .

Revenue District of Chhatarpur.

39 Labour Officer , Panna Revenue District of Panna .

40 Labour Officer , Katni Revenue District of Katni.

41 Labour Officer , Chhindwara .

Revenue District of Chhindwara .

42 Labour Officer , Seoni Revenue District of Seoni .

43 Labour Officer , Mandla Revenue District of Mandla.

3298

(1)

(2)

(3) 44 Labour Officer , Dindori Revenue District of Dindori .

45 Labour Officer , Balaghat.

Revenue District of Balaghat.

Revenue District of Neemuch .

46 Labour Officer, Neemuch.

47 Labour Officer , Reewa Revenue District of Reewa .

48 Labour Officer , Anooppur.

Revenue District of Anooppur.

49 Labour Officer , Umaria Revenue District of Umaria .

50 Labour Officer , Sidhi Revenue District of Sidhi .

51 Labour Officer , Datia Revenue District of Datia.

Revenue District of Tikamgarh.

52 Labour Officer , Tikamgarh.

53 Labour Officer , Narsinghpur.

Revenue District of Narsinghpur .

क्र. एफ -1 (ए) -13-10- ए- सोलह ठेका श्रम ( विनियमन और उत्सादन ) अधिनियम, 1970 ( 1970 का 37 ) की धारा 15 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, तथा इस विभाग की इस निमित्त जारी की गई अन्य समस्त पूर्व अधिसूचनाओं को अतिष्ठित करते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा उक्त अधिनियम की धारा 7, धारा 8 , धारा 12 या धारा 14 के अधीन कॉलम ( 2 ) में निर्दिष्ट अधिकारियों द्वारा जारी किसी आदेश के विरुद्ध प्रस्तुत की गई अपील की सुनवाई करने के लिए नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 3 ) में विनिर्दिष्ट अधिकारियों को अपील अधिकारी के रूप में नाम- निर्दिष्ट करती है, अर्थात्ः-

अनुसूची

अनु- रजिस्ट्रीकरण एवं

अपील अधिकारी का पदनाम क्रमांक अनुज्ञापन अधिकारी

का पदनाम

(1)

(2)

(3)

1 श्रम पदाधिकारी

उप श्रमायुक्त 2 सहायक श्रमायुक्त

उप श्रमायुक्त 3 उप श्रमायुक्त

अपर श्रमायुक्त

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

[ भाग 1 No. F - 1 (A) 13-10 - A- XVI.--- In exercise of the powers conferred by Section 15 of the Contract Labour (Regulation and abolition) Act , 1970 (37 of 1970) and in suppression of this deparment's all other previous notifications issued in this behalf , the State Government hereby , appoint the officers specified in column (3 ) to be appellate Officers to hear an appeal preferred against an order made under section 7 , section 8 , section 12 or Section 14 issued by an Officer specified in column (2) of the Schedule given below , namely :-

SCHEDULE

No.

Designation of the Appellate Officer Designation of the Registering and licensing Officer

(1)

(2)

(3) 1 Labour Officer

Deputy Labour Commissioner .

2 Assistant labour Commissioner

Deputy Labour Commissioner .

3 Deputy Labour Commissioner .

Addl . Labour Commissioner .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. पी. कबीरपंथी, अपर सचिव.

पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 18 अगस्त 2011

क्र. एफ. 6-1-2011-चौवन- 2.- मध्यप्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1996 की धारा 3 ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन, निम्न व्यक्तियों को मध्यप्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग में सदस्य के पद पर नियुक्त करता है:-

1. श्री त्रिलोचन सिंह, इंदौर 2. श्री आनंद बर्नाड, जबलपुर

(2) उक्त सदस्यों का कार्यकाल, कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अधिनियम की धारा 4 ( 1 ) के अन्तर्गत तीन वर्ष का होगा.

(3 ) उनकी सेवा शर्तें एवं सुविधाएं वित्त विभाग के आदेश क्र. एफ- 11-2-2007- नियम -4 , दिनांक 20 अप्रैल 2007 के अनुसार देय होगी .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. एस. खैरवार, उपसचिव.

भाग 1 ]

3299

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

गृह विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 19 अगस्त 2011

क्र. एफ-1 ( ए) 274-86- ब- 2- दो. श्री के. एल. मीणा , भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, ( यातायात ) पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्था पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 11 जून 2011 से दिनांक 17 जून 2011 तक कुल सात दिवस का कार्योत्तर अर्जित अवकाश दिनांक 18 , 19 जून 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री के. एल . मीणा, भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, (यातायात) पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्था पुलिस मुख्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

( 3) अवकाशकाल में श्री के. एल. मीणा, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. एल. मीणा, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अशोक दास, अपर मुख्य सचिव.

उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 29 अगस्त 2011

क्र. एफ. 1-3-2009-3 अड़तीस. यतः महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन के कार्यकलापों के कुप्रबंध के संबंध में उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट तथा सामग्री के आधार पर, राज्य सरकार का यह समाधान हो गया है कि ऐसी स्थिति उद्भूत हो गई है जिसमें महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 2006 ( क्रमांक 15 सन् 2008 ) के उपबन्धों के अनुसार उक्त विश्वविद्यालय का प्रशासन नहीं चलाया जा सकता है और इसलिए यह समीचीन है कि उक्त अधिनियम की धारा 52 के उपबंधों को लागू किया जाए ताकि विश्वविद्यालय के हितों का अहित किए बिना प्रशासन चलाया जा सके.

अतएव, महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय अधिनियम , 2006 ( क्रमांक 15 सन् 2008 ) की धारा 52 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , निदेश देती है कि उक्त अधिनियम की धारा 52 की उपधारा ( 2 ) , ( 3 ) , ( 4 ) तथा ( 5 ) के उपबन्ध, उक्त विश्वविद्यालय को 29 अगस्त, 2011 से लागू होंगे .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

बी. पी. सिंह, प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 29 अगस्त 2011

क्र. एफ- 01-3-2009-3- अड़तीस. भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-52-3-2011-3-38 , दिनांक 29 अगस्त 2011 का, अंग्रेजी अनुवाद, राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा , प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

बी. पी. सिंह , प्रमुख सचिव.

Bhopal , the 29th August 2011

No. F. - 1-3-2009 - XXXVIII - 3.- WHEREAS , on the basis of a report and material which has been made available regarding mismanagement of affairs of the Maharshi Panini Sanskrit Evam Vedic University , Ujjain , the State Government is satisfied that a situation has arisen in which the administration of the said University can not be carried out in accordance with the provisions of the Maharshi Panini Sanskrit Evam Vedic University Adhiniyam , 2006 ( No. 15 of 2008) and it is , therefore , expendient in the interest of the University that the provisions of Section 52 of the said Act be enforced so that the administration can be carried out without detriment to the interest of University .

NOW, THEREFORE , in exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 52 of the Maharshi Panini Sanskrit Evam Vedic University Adhiniyam , 2006 (No. 15 of 2008) , the State Government , hereby directs that the provisions of sub - section (2) , (3 ) , ( 4) and (5 ) of section 52 of the said Act shall apply to the said University from 29th August , 2011 .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , B.P. SINGH, Principal . Secy .

भोपाल, दिनांक 29 अगस्त 2011

क्र. एफ- 52-2-2010- अड़तीस- 3.- यतः विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कार्यकलापों के कुप्रबंध के संबंध में, राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 22 सन् 1973 ) की धारा 52 की उपधारा ( 1 ) के अनुसरण में , समसंख्यक 3300

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

अधिसूचना दिनांक 30 अगस्त, 2010 जारी की थी, जिसमें यह निर्देशित किया गया था कि उक्त अधिनियम की धारा 13 , 14, 20 से 25, 40, 47, 48 , 54 एवं 67 के उपबन्ध, उक्त अधिनियम की तृतीय अनुसूची में विनिर्दिष्ट उपांतरणों के अध्यधीन रहते हुए उक्त विश्वविद्यालय को 30 अगस्त, 2010 से लागू होंगे .

अतएव , उक्त अधिनियम की धारा 52 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा उक्त अधिसूचना के प्रवर्तन होने की कालावधि को और एक वर्ष की कालावधि तक के लिए बढ़ाती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. पी. सिंह, प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 29 अगस्त 2011

क्र. एफ - 52-2-2010-3- अड़तीस.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 52-2-2010-3-38 , दिनांक 29 अगस्त 2011 का, अंग्रेजी अनुवाद, राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा , प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. पी. सिंह, प्रमुख सचिव.

Bhopal , the 29th August 2011

No. F. - 52-2-2010 - XXXVIII - 3.-WHEREAS , due to mismanagement of affairs of Vikram University , Ujjain , the State Government , in pursuance of sub- section ( 1) of Section 52 of the Madhya Pradesh Vishwavidyalaya Adhiniyam , 1973 ( No. 22 of 1973 ) , has issued a notification of even number dated 30th August , 2010 , whereby directed that the provisions of Section 13 , 14, 20 to 25, 40, 47 , 54 and 67 of the said Act shall apply to the said university subject to the modification specified in the third Schedule to the Act from 30th August, 2010 .

NOW, THEREFORE , in exercise of the powers conferred by sub - section (2 ) of section 52 of the said Act , the State Government , hereby extends the period of operation of the said notification by further period of one year .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

B. P. SINGH , Principal . Secy .

आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 30 अगस्त 2011

क्र. एफ 3-41-2011- बत्तीस. मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 13 की उपधारा ( 1 ) के अन्तर्गत , एतद्वारा , नैनपुर निवेश क्षेत्र की सीमायें निम्न अनुसूची में दर्शाये अनुसार परिनिश्चित करता है: -

अनुसूची नैनपुर निवेश क्षेत्र की सीमाएं

1. उत्तर में - ग्राम सालीवाड़ा माल, ग्राम सालीवाड़ा चाक, ग्राम गोकुल थाना, ग्राम हीरापुर, ग्राम निवारी.

2. पूर्व में- ग्राम हीरापुर, ग्राम निवारी , नैनपुर ( न.पा. ) ग्राम गोझी.

3. दक्षिण में- ग्राम अतरिया , ग्राम धनोरा, ग्राम गोझी.

4. पश्चिम में- ग्राम सालीवाड़ा चक, ग्राम धनौरा , नैनपुर (न.पा. ) .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वर्षा नावलेकर, उपसचिव.

भोपाल , दिनांक 30 अगस्त 2011

क्र. एफ- 13-6-2010- बत्तीस - 1.- मध्यप्रदेश गृह निर्माण मण्डल अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 3 सन् 1972 ) की धारा 4 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन, एतद्वारा , श्री रामपाल सिंह , सी. -15 शिवाजी नगर, भोपाल को उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी आदेश तक अध्यक्ष, मध्यप्रदेश गृह निर्माण तथा अधोसंरचना विकास मण्डल के पद पर नियुक्त करता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल , उपसचिव.

गृह ( सामान्य ) विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 30 अगस्त 2011

क्र. एफ - 3-06-2010 - दो- ए ( 3 )- शुद्धिपत्र - राज्य शासन द्वारा इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 25 जून, 2010 के भाग 1 ]

तहत सामान्य प्रशासन, राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये सम्पन्न विभागीय परीक्षा " अप्रैल , 2010 " के प्रश्नपत्र दाण्डिक विधि तथा प्रक्रिया- द्वितीय ( पुस्तकों सहित ) में इन्दौर संभाग से सम्मिलित श्री संतोष ठाकुर, राजस्व निरीक्षक अंकित है , के स्थान पर " इन्दौर संभाग " से सम्मिलित " श्री संतोष कोठारी, राजस्व निरीक्षक " पढ़ा जाए.

क्र. एफ 3-09-2010-दो- ए( 3 )- शुद्धिपत्र.- राज्य शासन द्वारा इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 29 जून, 2010 के तहत सामान्य प्रशासन , राजस्व एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये सम्पन्न विभागीय परीक्षा " अप्रैल , 2010 " के प्रश्नपत्र पंचायत राज विधि तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) में इन्दौर संभाग से सम्मिलित श्री रविकान्त पाण्डेय राजस्व निरीक्षक अंकित है , के स्थान पर " इन्दौर संभाग " से सम्मिलित " श्री शिवाकान्त पाण्डेय, राजस्व निरीक्षक " पढ़ा जाए.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुरेन्द्र कुमार उपाध्याय , उपसचिव.

वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 3 सितम्बर 2011

क्र. एफ 13-7-11-अ- ग्यारह. इंडियन बायलर्स एक्ट, 1923 की धारा 34 ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन सतपुड़ा ताप विद्युत् गृह क्रमांक 1 की इकाई क्रमांक 8 के वाष्पयंत्र क्रमांक एम. पी. /3514 को निम्नलिखित शर्तों पर उक्त अधिनियम की धारा -6 ( सी ) के उपबंधों के प्रवर्तन से दिनांक 16 जुलाई 2011 से 15 जनवरी 2012 तक छः माह के लिये छूट देता है:-

1. संदर्भाधीन बायलर को पहुंचाने वाली किसी भी हानि की सूचना भारतीय बायलर्स अधिनियम, 1923 की धारा- 18 ( 1 ) की अपेक्षानुसार तत्काल बायलर मुख्य निरीक्षक मध्यप्रदेश, इन्दौर को दी जावेगी एवं दुर्घटना होने के दिनांक से छूट की मान्यता समाप्त समझी जावेगी.

2. उपर्युक्त अधिनियम की धारा -02 तथा 13 की अपेक्षानुसार बायलर मुख्य निरीक्षक मध्यप्रदेश के पूर्वानुमोदन के बिना संदर्भाधीन बायलर में किसी प्रकार का संरचनात्मक परिवर्तन अथवा नवीनीकरण नहीं किया जावेगा.

3. संदर्भाधीन बायलर का सरसरी दृष्टि से निरीक्षण किये जाने पर यदि यह खतरनाक स्थिति में पाया गया तो यह छूट समाप्त हो जावेगी .

3301

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

4. नियत कालिक सफाई और नियमित रूप से गैस निकलने (रेग्युलर ब्लोडाऊन ) का कार्य किया जावेगा और उसका अभिलेख रखा जावेगा.

5. मध्यप्रदेश बायलर निरीक्षक नियम , 1969 , के नियम-6 की अपेक्षानुसार सदर्भाधीन बायलर के संबंध में वार्षिक निरीक्षण शुल्क अग्रिम दी जावेगी एवं

6. यदि राज्य शासन आवश्यक समझे तो प्रश्नांकित छूट में संशोधन कर सकता है अथवा उसे वापस ले सकता है .

क्र. एफ 13-8-11-अ- ग्यारह. इंडियन बायलर्स एक्ट, 1923 की धारा 34 ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन सतपुड़ा ताप विद्युत् गृह क्रमांक 1 की इकाई क्रमांक 1 के वाष्पयंत्र क्रमांक एम.पी. /3205 को निम्नलिखित शर्तों पर उक्त अधिनियम की धारा -6 ( सी ) के उपबंधों के प्रवर्तन से दिनांक 15 जुलाई 2011 से 14 अक्टूबर 2011 तक तीन माह के लिये छूट देता है:-

1. संदर्भाधीन बायलर को पहुंचने वाली किसी भी हानि की सूचना भारतीय बायलर्स अधिनियम, 1923 की धारा- 18 ( 1 ) की अपेक्षानुसार तत्काल बायलर मुख्य निरीक्षक मध्यप्रदेश, इन्दौर को दी जावेगी एवं दुर्घटना होने के दिनांक से छूट की मान्यता समाप्त समझी जावेगी .

2. उपर्युक्त अधिनियम की धारा -02 तथा 13 की अपेक्षानुसार बायलर मुख्य निरीक्षक मध्यप्रदेश के पूर्वानुमोदन के बिना संदर्भाधीन बायलर में किसी प्रकार का संरचनात्मक परिवर्तन अथवा नवीनीकरण नहीं किया जावेगा.

3. संदर्भाधीन बायलर का सरसरी दृष्टि से निरीक्षण किये जाने पर यदि यह खतरनाक स्थिति में पाया गया तो यह छूट समाप्त हो जावेगी.

4. नियत कालिक सफाई और नियमित रूप से गैस निकलने (रेग्युलर ब्लोडाऊन ) का कार्य किया जावेगा और उसका अभिलेख रखा जावेगा.

5. मध्यप्रदेश बायलर निरीक्षक नियम , 1969 , के नियम-6 की अपेक्षानुसार सदर्भाधीन बायलर के संबंध में वार्षिक निरीक्षण शुल्क अग्रिम दी जावेगी एवं

6. यदि राज्य शासन आवश्यक समझे तो प्रश्नांकित छूट में संशोधन कर सकता है अथवा उसे वापस ले सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

भरत कुमार व्यास , सचिव.

3302

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 5 सितम्बर 2011

फा. क्रमांक 1 (बी ) -15-04- इक्कीस ब( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , श्री अजय प्रकाश श्रीवास्तव पुत्र स्व. श्री प्रकाश नारायण श्रीवास्तव, अधिवक्ता को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये होशंगाबाद सत्र खण्ड के होशंगाबाद राजस्व जिले के लिये अति. लोक अभियोजक, होशंगाबाद, नियुक्त करता है, तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना- पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.

भोपाल, दिनांक 6 सितम्बर 2011

फा. क्रमांक 2011 - इक्कीस- ब ( एक) .- राज्य शासन , उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री करीम दाद खान , प्रिंसीपल रजिस्ट्रार ( Inspection & Vigilance ) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर की सेवाएं मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग में प्रमुख सचिव के पद पर, प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति किए जाने हेतु, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से आगामी आदेश होने तक, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग , मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल को सौंपता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान, प्रमुख सचिव.

भोपाल, दिनांक 29 अगस्त 2011

फा. क्रमांक 1 ( सी ) 27-2006 - एट्रोसिटी - इक्कीस - ब ( दो). - राज्य शासन अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण ) , अधिनियम, 1989 की धारा 14 के अनुसार विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालयों के लिये अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत श्रीमति सुमन जैन अधिवक्ता को जिला दमोह में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.

( 2 ) उक्त नियुक्ति उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष के लिये होगी , बिना कोई कारण बताये एक माह का नोटिस देकर यह नियुक्ति समाप्त की जा सकती है.

( 3 ) नियुक्त अभिभाषक को शुल्क आदि विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्रमांक 1 ( सी ) /एट्रोसिटी/इक्कीस - ब ( दो ) , दिनांक 24 अप्रैल 2008 के अनुरूप देय होंगे .

[भाग 1 ( 4) इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64 - मुख्य शीर्ष- 2225- ( 5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31 - व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां- 003- अभिभाषकों को फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा.

( 5 ) देयकों का भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , ए. जे. खान, सचिव.

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 5 सितम्बर 2011

क्र. डी- 15-05-2011- चौदह -3 . चूंकि, राज्य शासन द्वारा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक/डी -15-05/-2011/14-3 , दिनांक 15 जून , 2011 द्वारा मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम , 1972 (क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 70 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( एक ) के उपबन्धों के अधीन शिवपुरी जिले की तहसील खनियाधाना की कृषि उपज मंडी समिति खनियाधाना के क्षेत्र में (जो इसमें इसके पश्चात् " उक्त मंडी क्षेत्र " के नाम से विनिर्दिष्ट है) को अपवर्जित करके उक्त मंडी क्षेत्र की सीमाओं में परिवर्तन करने के अपने आशय को संज्ञापित किया गया था.

अतएव , मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 71 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड (क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस अधिसूचना का मध्यप्रदेश " राजपत्र " में प्रकाशन होने के दिनांक से उक्त अधिनियम के प्रयोजन के लिये निम्नलिखित अनुसूची में उल्लेखित ग्राम में समाविष्ठ " उक्त क्षेत्र " को शिवपुरी जिले की कृषि उपज मंडी समिति खनियाधाना के मंडी क्षेत्र में अपवर्जित करते हुये " उक्त मंडी क्षेत्र " की सीमाओं में परिवर्तन किया जाता है.

अनुसूची

1. अमरपुरा ( देवरा ) 2 , बघरवारा , 3. पीपलखेड़ा, 4. रामनगर, 5. रही, 6. बनोटा, 7. सलोरा , ( असली ) , 8. रूपनबारा , 9. प्राणपुरा, 10. दविया जगन , 11. नगरैला , 12. कुटावली , 13. बीरपुर, 14. चिरौना, 15. किशनपुरा , 16. दबियाकला, 17. बदनपुर, 18. सुजवाहा , 19. पड़रा , 20. नयागांव ( गजोरा ) , 21. मानपुर, 22. राजपुर, 23. चंदूपहाड़ी, 24. गरैठा 25. गुगरी , 26. कुन्दनपुर (गूगर ) , 27. लहर्रा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अजय सिंह गंगवार , उपसचिव.

भाग 1 ]

3303

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

भोपाल, दिनांक 5 सितम्बर 2011

क्र . डी- 15-05-2011- चौदह- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 5 सितम्बर 2011 का, अंग्रेजी अनुवाद, राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा , प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार , उपसचिव.

Bhopal , the 5th September 2011

No. D - 15-05-2011 - XIV - 3.- WHEREAS , by this department's Notification No. D - 15-05-2011 /XIV - 3 , dated 15th June , 2011 issued under the provisions of clause (i) of sub- section ( 1 ) of section 70 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government have signified its intention to alter the limit of the market area of Krishi Upaj mandi Commettee Khaniadhana of District Shivpuri ( hereinafter referred to as the " said market area " ) by execluding herefrom the area comprising of following village ( hereinafter referred to as the " said area") .

NOW , THEREFORE , in exercise of the powers conferred by clause ( a) of sub - section (2) of section 71 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government , from the date ofpublication of this notification in the Madhya Pradesh Gazette, hereby alter the limits of the " said market area " for the purpose of the said Act, by excluding therefrom at the " said area " comprising of following village mention in the schedule thereinwith the market area of Krishi Upaj Mandi Commettee Khaniadhana of District Shivpuri .

SCHEDULE

1.Amarpur ( Devra) . 2. Bagharwar , 3.Peepalkheda , 4 . Ramnagar , 5. Rhi , 6. Banota , 7.Salora ( Asli ) , 8. Rupanwara , 9. Pranpura , 10. Daviyal Jagan , 11 . Nagrela , 12. Kutawali , 13. Birpur , 14. Chirouna , 15. Kishanpura , 16. Dabiyakala , 17. Badanpur , 18.Sujwaha , 19. Padra , 20. Nayagawn ( Gajaoura) . 21. Maanpur , 22. Rajpur , 23. Chandupahadi , 24. Garetha, 25. Gugari , 26. Kundanpur ( Gugar ) , 27. Laharra .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , AJAY SINGH GANGWAR , Dy. Secy.

भोपाल, दिनांक 5 सितम्बर 2011

क्र. डी- 15-05-2011-चौदह -3. चूंकि, राज्य शासन द्वारा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक/डी-15-05/-2011/14-3, दिनांक 15 जून, 2011 द्वारा मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम , 1972 (क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 70 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड (एक ) के उपबन्धों के अधीन शिवपुरी जिले की तहसील पिछोर की कृषि उपज मंडी समिति पिछोर के क्षेत्र में ( जो इसमें इसके पश्चात् " उक्त मंडी क्षेत्र " के नाम से विनिर्दिष्ट है ) को सम्मिलित करके उक्त मंडी क्षेत्र की सीमाओं में परिवर्तन करने के अपने आशय को संज्ञापित किया गया था.

अतएव , मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 71 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार , एतद्वारा , इस अधिसूचना का मध्यप्रदेश " राजपत्र " में प्रकाशन होने के दिनांक से उक्त अधिनियम के प्रयोजन के लिये निम्नलिखित अनुसूची में उल्लेखित ग्राम में समाविष्ठ " उक्त क्षेत्र " को शिवपुरी जिले की कृषि उपज मंडी समिति पिछोर के मंडी क्षेत्र में सम्मिलित करते हुये, " उक्त मंडी क्षेत्र " की सीमाओं में परिवर्तन किया जाता है .

अनुसूची

1. अमरपुरा ( देवरा ) 2 , बघरवारा , 3. पीपलखेड़ा, 4. रामनगर, 5. रही, 6. बनोटा, 7. सलोरा , ( असली ) , 8. रूपनबारा , 9. प्राणपुरा , 10. दविया जगन , 11. नगरैला, 12. कुटावली, 13. बीरपुर, 14. चिरौना , 15. किशनपुरा , 16. दबियाकला , 17. बदनपुर, 18. सुजवाहा, 19. पड़रा, 20. नयागांव ( गजोरा ) , 21. मानपुर, 22. राजपुर, 23. चंदूपहाड़ी, 24. गरैठा 25. गुगरी , 26. कुन्दनपुर (गूगर ) , 27. लहरी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.

भोपाल, दिनांक 5 सितम्बर 2011

क्र. डी- 15-05-2011-चौदह - 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 5 सितम्बर 2011 का, अंग्रेजी अनुवाद, राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा , प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.

Bhopal , the 5th September 2011

No. D - 15-05-2011 - XIV-3.- WHEREAS , by this department's Notification No. D- 15-05-2011 /XIV - 3 , dated 3304

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

15th June , 2011 issued under the provisions of clause ( i) of sub - section ( 1 ) of section 70 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government have signified its intention to alter the limit of the market area of Krishi Upaj Mandi Commettee Pichhore of District Shivpuri ( hereinafter referred to as the " said market area " ) by including here with the area comprising of following village ( hereinafter referred to as the " said area " ) .

NOW, THEREFORE , in exercise of the powers conferred by clause ( a) of sub - section (2) of Section 71 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government , from the date ofpublication of this notification in the Madhya Pradesh Gazette , hereby alter the limits of the " said market area " for the purpose of the said Act by including the " said area " comprising of following village mention in the schedule thereinwith the market area of Krishi Upaj Mandi Commettee Pichhore of District Shivpuri ,

SCHEDULE

1.Amarpur (Devra) . 2. Bagharwara , 3.Peepalkheda , 4. Ramnagar , 5. Rhi , 6. Banota , 7.Salora ( Asli ) , 8 . Rupanwara , 9. Pranpura , 10. Daviyal Jagan , 11. Nagrela , 12. Kutawali , 13. Birpur , 14. Chirouna , 15. Kishanpura , 16. Dabiyakala , 17. Badanpur , 18.Sujwaha , 19. Padra , 20. Nayagawn (Gajaoura) . 21. Maanpur , 22. Rajpur , 23 . Chandupahadi , 24. Garetha , 25. Gugari , 26. Kundanpur (Gugar) , 27. Laharra .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , AJAY SINGH GANGWAR , Dy . Secy .

विभाग प्रमुखों के आदेश

श्रमायुक्त, कार्यालय, मध्यप्रदेश शासन, इन्दौर इन्दौर, दिनांक 13 जुलाई 2011

क्र. 1-2- नवम- ( 1 ) 86.-मैं, पी. के. दास, श्रमायुक्त, मध्यप्रदेश, शासन के श्रम विभाग आदेश क्रमांक 473-7258-16, दिनांक 24 जनवरी 1961 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, एतद्वारा , मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 ( क्रमांक 25 सन् 1958 ) , की धारा 40 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत निम्न सारिणी के स्तंभ क्रमांक ( 2 ) में दर्शाये गये श्रम उप निरीक्षकों को इसी सारणी के स्तंभ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये गये स्थानीय क्षेत्रों के लिये " निरीक्षक " नियुक्त करता हूं.

श्रम निरीक्षक

क्रमांक

का नाम (2)

(1)

अधिकार क्षेत्र (3)

1. श्रीमती कल्पना बागे

2. श्री एस. आर. लोण्ढे

3. श्री सुनील सप्रे

4. श्री रामचंद्र चौहान

संपूर्ण राज्य में सभी स्थानीय क्षेत्रों एवं सभी प्रकार के संस्थान के लिये जिन पर यह अधिनियम लागू होता है.

5. श्री एस. के. नायक

6. श्री गणपतसिंह जाटव

7. श्री के. एम. मोरे

8. श्री कोमल सिंह

9. श्री रत्नराज बहादुर

10. श्री बद्रीलाल खराड़िया

श्री बलिराम मंडलोई 11.

पी. के. दास , श्रमायुक्त.

महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय , उज्जैन

उज्जैन, दिनांक 30 अगस्त 2011

क्र. पासंवि-वी.सी.-जी-2-11-1082.- महामहिम राज्यपाल एवम् महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के आदेश क्रमांक एफ. 1-2- रा.स. यू.ए. - 1-2011-1121, दिनांक 29 अगस्त 2011 द्वारा विश्वविद्यालय के अधिनियम की धारा 52 की उपधारा ( 3 ) के परन्तुक के अन्तर्गत प्रो. मिथिला प्रसाद त्रिपाठी को महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है .

उक्त आदेश के परिपालन में प्रो . मिथिला प्रसाद त्रिपाठी ने आज दिनांक 30 अगस्त 2011 को मध्यान्ह 12 बजे कुलपति का पदभार ग्रहण कर लिया है .

मनोज कुमार तिवारी , कुलसचिव.

3305 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग

" निर्वाचन भवन "

58 , अरेरा हिल्स , भोपाल , मध्यप्रदेश

आदेश

भोपाल , दिनांक 3 सितम्बर 2011

स्थर पर अभ्यर्थी श्रीमती अयोध्याबाई पति नन्दकिशोर का व्यय लेखा पूर्ण कराने के निर्देश दिये गये. संयुक्त कलेक्टर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 2 फरवरी 2011 द्वारा प्रतिवेदित किया है कि अभ्यर्थी श्रीमती अयोध्याबाई द्वारा प्रस्तुत अपूर्ण लेखे परिशिष्ट " ख " की पूर्णता हेतु इस कार्यालय द्वारा दिनांक 19 फरवरी 2010 एवं पुनः पत्र दिनांक 3 मई 2010 द्वारा सात दिवस में जिला निर्वाचन कार्यालय में उपस्थित होकर निर्वाचन व्यय लेखा में परिशिष्ट- ख की पूर्णता किये जाने हेतु लिखा गया था , किन्तु श्रीमती अयोध्याबाई पूर्णता हेतु उपस्थित नहीं हुईं.

क्र. एफ. 67-94-10- तीन- 1366.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला देवास से उक्त प्रतिवेदन प्राप्त होने पर, अभ्यर्थी श्रीमती अयोध्याबाई पति नन्दकिशोर को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 14 मार्च 2011 जारी कर, संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी देवास > के पत्र दिनांक 14 जून 2011 द्वारा तहसीलदार कन्नौद के माध्यम से दिनांक 28 अप्रैल 2011 को तामील कराया गया. कारण बताओं नोटिस में श्रीमती अयोध्याबाई पति नन्दकिशोर से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

अभ्यर्थी श्रीमती अयोध्याबाई पति नन्दकिशोर को नोटिस दिनांक 28 अप्रैल 2011 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 13 मई 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला देवास से प्राप्त उक्त प्रतिवेदन दिनांक 14 जून 2011 द्वारा लेख किया है कि अभ्यर्थी श्रीमती अयोध्याबाई पति नन्दकिशोर द्वारा प्रतिवेदन दिनांक 14 जून 2011 तक अपूर्ण व्यय लेखे को पूर्ण नहीं किया, ना ही उनके कार्यालय में अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है .

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत कन्नौद , जिला देवास के आम निर्वाचन में श्रीमती अयोध्याबाई पति नन्दकिशोर अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर ( अर्थात् दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से दिनांक 18 जनवरी 2010 तक ) , श्रीमती अयोध्याबाई पति नन्दकिशोर को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , देवास के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, देवास के पत्र दिनांक 21 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती अयोध्याबाई पति नन्दकिशोर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का अपूर्ण लेखा दाखिल किया गया.

विहित समयावधि में अपूर्ण व्यय लेखा प्रस्तुत करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर, आयोग के पत्र दिनांक 6 फरवरी 2010 द्वारा जिला

आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 28 जुलाई 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्रीमती अयोध्याबाई पति नन्दकिशोर आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली दिनांक 26 जुलाई 2011 को अभ्यर्थी श्रीमती अयोध्याबाई पति नन्दकिशोर को कराई गई. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्रीमती अयोध्याबाई पति नन्दकिशोर द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय का अपूर्ण लेखा प्रस्तुत किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्धारित समयावधि में पूर्ण निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

3306

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती अयोध्याबाई पति नन्दकिशोर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत कन्नौद जिला देवास का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(सुभाष जैन)

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

आदेश

भोपाल, दिनांक 3 सितम्बर 2011

क्र. एफ. 67-10-10 - तीन- 1368.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत बडौदा , जिला श्योपुर के आम निर्वाचन में श्री मुरारी लाल माहौर, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, श्री मुरारी लाल माहौर को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , श्योपुर के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, श्योपुर के पत्र दिनांक 27 जनवरी 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री मुरारी लाल माहौर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

[भाग 1 विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री मुरारी लाल माहौर को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 23 फरवरी 2010 को जारी कर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्योपुर के माध्यम से दिनांक 8 मार्च 2011 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री मुरारी लाल माहौर से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री मुरारी लाल माहौर को नोटिस दिनांक 8 मार्च 2011 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 23 मार्च 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला श्योपुर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 10 मई 2011 के द्वारा लेख किया है कि अभ्यर्थी द्वारा नोटिस में उल्लेखित अवधि में निर्वाचन कार्यालय में व्यय लेखा उक्त प्रतिवेदन दिनांक तक प्रस्तुत नहीं किया है .

आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 18 जुलाई 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया , किन्तु अभ्यर्थी श्री मुरारी लाल माहौर आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली श्री मुरारी लाल माहौर को उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला श्योपुर द्वारा तहसीलदार बडौदा के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 25 जून 2011 को कराई गई. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री मुरारी लाल माहौर द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कराण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री मुरारी लाल माहौर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत बडौदा , जिला श्योपुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(सुभाष जैन )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

भाग 1 ]

3307

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

आदेश

भोपाल, दिनांक 7 सितम्बर 2011

क्र. एफ. 67-160-10- तीन- 1371.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत मूंदी , जिला खण्डवा के आम निर्वाचन में सुश्री मंजू बाई , अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, सुश्री मंजू बाई को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला खण्डवा के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , खण्डवा के पत्र क्र. नि.शा./व्यय लेखा/2010/ 1808 , दिनांक 22 जनवरी 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री मंजू बाई द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री मंजू बाई को कारण बताओ सूचना दिनांक 6 फरवरी 2010 को जारी कर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी खण्डवा के माध्यम से दिनांक 2 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री मंजू बाई से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री मंजू बाई को नोटिस दिनांक 2 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 17 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला खण्डवा द्वारा प्रतिवेदन दिनांक 21 अप्रैल 2010 के द्वारा लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री मंजू बाई को जारी कारण बताओ सूचना - पत्र तामिल कराने के पश्चात् अभ्यर्थी द्वारा नोटिस में उल्लेखित अवधि समाप्त होने के पश्चात् भी अपना निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया है.

आयोग द्वारा विचारोपरांत 2 बार सूचना पत्र दिनांक 31 मई 2010 एवं 15 जून 2010 को जारी कर, दिनांक 15 जून 2010 एवं 26 जून 2010 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, उक्त दोनों सूचना - पत्र की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में होने के उपरान्त भी अभ्यर्थी सुश्री मंजू बाई आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. सूचना - पत्र दिनांक 31 मई 2010 के संदर्भ में अभ्यर्थी ने अपना अभ्यावेदन दिनांक 11 जून 2010 आयोग को प्रस्तुत क्रिया , जिसमें लेख है कि आवेदिका दोनों पैर से विकलांग एवं अल्पशिक्षित हैं. चुनाव लड़ा है , लेकिन कोई राशि खर्च नहीं की गई , इसलिये चुनावी कार्य का हिसाब - किताब नहीं रखा गया है तथा निर्वाचन व्यय का लेखा संधारित नहीं किया गया है. अभ्यर्थी के आवेदन से भी स्पष्ट है कि व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र दिनांक 31 मई 2010 को तामीली सुश्री मंजू बाई को विहित समयावधि में हो चुकी. उक्त अभ्यावेदन के संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन दिनांक 21 जून 2011 में प्रतिवेदित किया है कि अभ्यर्थी सुश्री मंजू बाई को कारण बताओ सूचना- पत्र जारी /तामील कराने के उपरांत भी आज दिनांक तक, उनके द्वारा व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है. अतः उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा अभ्यर्थी के आवेदन- पत्र दिनांक 11 जून 2010 के संबंध में अभ्यर्थी सुश्री मंजू बाई द्वारा व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने के कारण , उन्हें नियमानुसार 5 वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित किये जाने की अनुशंसा की है. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री मंजू बाई द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री मंजू बाई को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत मूंदी, जिला खण्डवा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार , हस्ता./-

(सुभाष जैन )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

3308

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

OFFICE OF THE

ADDL . COMMISSIONER OF INCOME TAX

RANGE - 2 , AAYAKAR BHAWAN , BHARATPURI , UJJAIN ( M.P)

ORDER NO . 1/2011

Dated 18th July 2011

In exercise of powers conferred by the Central Board of Direct Taxes . New Delhi under sub- section ( 2) of Section 120 of the Income Tax Act , 1961 (43 of 1961 ) vide Notification No. 228 of 2001 , datded 31-7-2001 [ S.O. No. 732 (E) and File No. 187-5-2001 - ITA ] and amendment to it made vide Notification No. 335 of 2001 [ S.O. No. 1064 (E) , datded 29-10-2001 ] , and all other powers in this behalf and in pursuance of CIT , Ujjain's Order No. 6 , dated 5-11-2001 and also in compliance to the INSTRUCTION NO . 1/2011 [ F. NO . 187/ 12/2010 - IT ( A - I) ] , DATED 31-1-2011 issued by the CBDT which lays down revised monetary limit of cases to be assessed by DCSIT/ ACSIT and the ITOs in metro cities and mofussil areas w.e.f. 1-4-2011 and the Notification No. CCIT/Ind/ Tech/ Jurisdiction/2011-12 , dated 20-6-2011 issued by Hon'ble CCIT Indore further adjusting the monetary limit of the cases to be assessed by DCsIT /ACSIT and the ITOs in view of the INSTRUCTION NO . 6/2011 [F. ΝΟ . 187/12/2010 - ITA - I ] , DATED 8-4-2011 , I the Additional Commissioner of Income Tax , Range - 2 , Ujjain hereby direct that all of my subordinate Assessing Officers [ Dy./Asstt . CsIT , ITOs ] shall exercise the powers and perform the functions of Assessing Officer in respect of such territories and /or such persons or classes of persons and/or such income or classes of income and/or such cases or classes of cases in respect of which the Addl./Joint Commissioner of Income Tax , Range - 2 , Ujjain has been vested with jurisdiction by the Commissioner of Income Tax , Ujjain . Accordingly these assessing officers shall have concurrent jurisdiction amongst themselves as well as with the Additional/ Joint Commissioner of Indome Tax , Range - 2 , Ujjain .

2. However without any restriction to the generality of concurrent jurisdiction , with a view to allocate the work amongst all these assessing officers for proper functioning . I, the Additional Commissioner of Income Tax, Range- 2 , Ujjain hereby direct that these assessing officers as specified in Col. No. 2 of Schedule here to annexed , having their headquarters at places specified in corresponding entries in Col. No. 3 of the said Schedule , shall exercise the powers and perform the function of an assessing officers and/ or any other functions as specified therein , in respect of territories mentioned in Col. No. 4 and/ or persons or classes of persons and/ or such income or classes of income and/ or cases or classes of cases mentioned in Col. No. 5 of Schedule annexed hereto .

3. This order is in supercession of all the earlier orders issued in this regard and shall come into force with effect from 1-4-2011 .

PRADEEP KUMAR MITRA Additional Commissioner of Income Tax , Range - 2 , Ujjain.

3309 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

EXPLANATORY NOTES

1. The jurisdiction over the cases of partners of the firms and Managing Directors / Directors of the companies will vest with the AO having jurisdiction over corresponding Firms & Companies respectively irrespective of returned income/ loss . In case of an individual is director /partner in more than one company/ firm , the jurisdiction of such individual shall vest with the Assessing Officer who is having jurisdiction over the company / firm which is having higher Income .

2. If a person is a director or managing director and also a partner in one or more firms falling within the jurisdiction ofdifferent AOs , the AO having jurisdiction over the director or managing director of the company will have jurisdiction over such persons .

3. For the purpose of this Notification "Residing" means :-

a.

Inthe case if an Individual , place of residence unless otherwise provided in this notification.

b . Inthis case of an HUF, the place of residence of the Karta , and in the case of firm or in other Association ofpersons or body of individuals or a local authority and all other Artificial Judicial persons .

с. In case of companies the place where the registered office or principal place of business of is located .

d. In case of Private Ltd. Companies wherever the jurisdiction is alphabet wise it is clarified that for the purposes of jurisdiction over the case , if the name begins with the word " The " , the same shall not be taken into account .

4. Reference to the Municipal Wards made in the Schedule should be read as reference to municipal wards of Municipal Corporation , Ratlam , as per Notification No. 372, dated 12/08/1994 issued by the Govt . of Madhya Pradesh in this regard.

5. The jurisdiction of all other direct taxes including that of the Interest Tax shall be as per the territorial area assigned as per column no. 4 of this Schedule :-

PRADEEP KUMAR MITRA

Additional Commissioner of Income Tax , Range- 2, Ujjain.

SCHEDULE

Territorial Area

Head Quarter

S. No. Designation of Income Tax Authority

(2)

(3)

Persons and classes of person and/ or such income or classes of income and/or cases or classes of cases (5)

(1)

(4)

1.

DCIT/ ACIT- 2( 1 )

Ujjain Madhya Pradesh

Ujjain.

( a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in Col. 4 and income / loss returned is above RS.10 Lakhs .

Municipal from 37 to 54 of Wards UjjainMunicipal area , Rajgarh District, Shajapur District , Khachrod , Nagda and Badnagar Tehsils of Ujjain District.

(b) All person being Individuals , HUFs & Firms , deriving income under the head House Property , Capital Gains and/ or Other Sources etc. Residing within the territorial area mentioned in Col. 4 and in whose cases income/ loss returned is above Rs . 10 Lakhs .

3310

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(3)

(5)

(2)

(4)

(1)

(c) All persons being employee of Central Government as well as State Government and Private Salary residing in the territorial area mentioned in col . 4 in whose cases income / loss returned is above Rs . 10 lakhs .

(d)All persons being companies registered under Companies Act, 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in column no . 4 in whose cases income/ loss returned is above Rs . 15 Lakhs .

(e) All persons being Trust , Waqfs , Society, Local Authority, AOP, BOI , AJP etc. Falling within the territorial area assigned under column4.

(f) All cases of Estate Duty falling within the territorial area assigned under Col. 4.

(g) Any other case /cases assigned in terms of Section 120 ( 5) of the I. T. Act , 1961 .

(h) Any other case/ cases assigned u/ s 127 by the CCIT/CIT.

2. Income Tax Officer-2( 1) Ujjain. Ujjain Madhya Pradesh. Municipal Wards from 37 to 54 of Ujjain Municipal Area.

( a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in Col.4 and income/ loss returned is upto Rs.10 Lakhs .

(b) All persons being Individuals , HUFs & Firms , deriving income under the head House Property , Capital Gains and/or Other Sources etc. Residing within the territorial area mentioned in Col. 4 and in whose cases income/loss returned is upto Rs . 10 Lakhs .

(c) All persons being employee of Central Government as well as State Government residing in Ujjain District , except those falling in the Jurisdiction of ITO - 2 ( 2 ) , Ujjain , in whose cases income / loss returned is upto Rs . 10 lakhs .

(d) All persons being companies registered under Companies Act , 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in Col. 4 in whose cases income/loss returned is upto Rs . 15 Lakhs .

(e) Any other case/ cases assigned in terms of Section 120 (5) of the I. T. Act, 1961 .

(f) Any other case /cases assigned u/s 127 by the CCIT/CIT.

3. Income Tax Officer- 2( 2) Ujjain. Ujjain Khachrod , Nagda and Madhya Pradesh . Badnagar Tehsils of UjjainDistrict .

(a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in Col.4 and income/ loss returned is upto Rs.10 Lakhs .

3311 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

(5)

(1)

(2)

(4)

(3)

(b) All persons being Individuals , HUFs & Firms , deriving income under the head House Property , Capital Gains and/ or Other Sources etc. Residing within the territorial area mentioned in Col. 4 and in whose cases income/loss returned is upto Rs . 10 Lakhs .

(c) All persons being employee of Central Government as well as State Government residing in col . 4 in whose cases income/ loss returned is upto Rs.10 lakhs .

(d) All persons being companies registered under Companies Act , 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in Col. 4 in whose cases income /loss returned is upto Rs . 15 Lakhs .

1

(e) Any other case /cases assigned in terms of Section 120 ( 5) of the I. T. Act , 1961 .

(f) Any other case/cases assigned u/ s 127 by the CCIT/ CIT.

4. Income Tax Officer, Shajapur Shajapur Madhya Pradesh the Shajapur and Rajgarh District . All persons falling in ( a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in Col.4 and income/ loss returned is upto Rs.10 Lakhs .

(b) All persons being Individuals , HUFs & Firms , deriving inincome under the head House Property , Capital Gains and / or Other Sources etc. Residing within the territorial area mentioned in Col. 4 and in whose cases income /loss returned is upto Rs . 10 Lakhs .

(c) All persons being employee of Central Government as well as State Government and Private Salary residing in territorial area mentioned in col . 4 in whose cases income/ loss returned is aupto Rs.10 lakhs .

(d) All persons being companies registered under Companies Act , 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in Col. 4 in whose cases income/ loss returned is upto Rs . 15 Lakhs .

(e) Any other case /cases assigned in terms of Section 120 ( 5 ) of the I. T. Act , 1961 .

(f) Any other case /cases assigned u /s 127 by the CCIT/ CIT.

PRADEEP KUMAR MITRA Additional Commissioner of Income Tax , Range - 2 , Ujjain .

3312

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला पन्ना , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

पन्ना, दिनांक 21 अप्रैल 2011

26 अगस्त 2011

प्र. क्र. 075 - अ- 82 - वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

(1) (2)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4)

(3)

पन्ना

पड़ेरी

गुनौर

निजी भूमि 38.69 एवं शासकीय भूमि रकबा 0.33 कुल रकबा.. 39.02

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

सिली बांध निर्माण डूब क्षेत्र वेस्ट वियर, स्पिल व एप्रोच चैनल एवं नहर निर्माण कार्य.

भूमि का नक्शा (प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. सी. जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

नरसिंहपुर, दिनांक 27 जून 2011

प्र. क्र. अ-82 वर्ष 2010-11 - पत्र क्र. 36 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : - तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

जिला

(1)

(2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हे. में. ) (4) गाडरवारा सीरेगांव

1.665 नरसिंहपुर

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय , गाडरवारा में देखा जा सकता है .

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कान्हरगांव से आडेगांव खुर्द सड़क निर्माण.

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग , नरसिंहपुर.

भाग 1 ]

3313

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

प्र. क्र. अ -82 वर्ष 2010-11- पत्र क्र. 36- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हे. में. ) (1)

(2)

(3)

(4)

चारगांवकला

गाडरवारा

0.351 नरसिंहपुर

1

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय , गाडरवारा में देखा जा सकता है.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कान्हरगांव से आडेगांव खुर्द सड़क निर्माण.

कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) , संभाग नरसिंहपुर.

प्र. क्र. 07- अ-82 वर्ष 2010-11 - गाडरवारा- 36- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हे . में. ) (1)

(2)

(4)

(3)

गाडरवारा

0.986

उल्थन

नरसिंहपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

सड़क निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, संभाग नरसिंहपुर.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन कार्यालय , गाडरवारा में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , संजीव सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला रतलाम , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

रतलाम, दिनांक 25 अगस्त 2011

क्र. 4224 - भू-अर्जन- 2011-प्र. क्र. 6-अ-82-2010-11. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः 3314

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

[भाग 1 भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(3)

(2)

(4) रतलाम

ताल

34.69

1. खराबड़ी 2. खेजडिया गुजरान 0.23 आलोट

10.40

1. चारखेड़ी

45.32

योग ..

1

(2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, रतलाम.

बरखेड़ा खुर्द तालाब योजना के अंतर्गत डूब से प्रभावित निजी भूमि का अर्जन.

1

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड आलोट के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 4226 - भू-अर्जन- 2011-प्र. क्र. 7-अ-82-2010-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) रतलाम

जावरा 1. पेलादड़ी 2. देहरी

योग ..

37.01 2.20 39.21 (2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , रतलाम.

पेलादड़ी तालाब योजना के अंतर्गत डूब से प्रभावित निजी भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड जावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .

रतलाम , दिनांक 30 अगस्त 2011

क्र. 4370 - भू-अर्जन- 2011- प्र. क्र. 8-अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि भाग 1 ]

3315

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) रतलाम

2.020 रतलाम

बिरमावल

( 2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , रतलाम.

कुण्डाल तालाब योजना के अंतर्गत डूब से प्रभावित निजी भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा व ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी, भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड रतलाम के कार्यालय में किया जा सकता है .

रतलाम, दिनांक 3 सितम्बर 2011

क्र. 4422 - भू-अर्जन- 2011-प्र. क्र. 9-अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) रतलाम

डाबरी

रावटी

10.78 (2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, रतलाम.

डाबरी तालाब निर्माण के अंतर्गत डूब से प्रभावित निजी भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , भू- अर्जन अधिकारी, उपखण्ड सैलाना के कार्यालय में किया जा सकता है .

रतलाम, दिनांक 5 सितम्बर 2011

क्र. 4457 - भू-अर्जन- 2011-प्र. क्र. 10-अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त 3316

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

(4) बाजना

रतलाम

1. खोरा

16.53 0.28

17.28

2. ठिकरिया योग ..

(2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, रतलाम.

भण्डारिया तालाब एवं नहर निर्माण के अन्तर्गत डूब एवं नहर से प्रभावित निजी भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड सैलाना के कार्यालय में किया जा सकता है.

1

क्र. 4440 - भू-अर्जन- 2011-प्र. क्र. 11-अ-82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(3)

(4) (1)

11.54 रतलाम

सैलाना 1. घोड़ादेह

2. सोमारुंडीखुर्द 4.67 5.68

3. इन्द्रावलखेड़ा

योग .. 21.89 (2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, रतलाम.

चावड़ाखेड़ी तालाब के शीर्ष निर्माण के अंतर्गत डूब से प्रभावित निजी भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड सैलाना के कार्यालय में किया जा सकता है.

रतलाम, दिनांक 8 सितम्बर 2011

क्र. 4506- भू- अर्जन- 2011-प्र . क्र. 12-अ-82-2010-11. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(1)

(3)

(4)

डाबरी

रतलाम

रावटी

02.10 (2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, रतलाम .

डाबरी तालाब की नहर निर्माण से प्रभावित निजी भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , भू- अर्जन अधिकारी , उपखण्ड सैलाना के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

3317

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

दमोह, दिनांक 26 अगस्त 2011

क्र. 2571 - भू.अ.अ. - 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन ग्राम

जिला तहसील/तालुका

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(3) गहरा नाला

(4) 3.42हे.

(1) दमोह

(2) तेंदूखेड़ा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा ( 4 ) की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन, संभाग , दमोह ( म.प्र. ) .

गहरा नाला जलाशय के बांध एवं डूब क्षेत्र तथा नहर हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तेंदूखेड़ा ( दमोह ) तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग , दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , शिवानंद दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बड़वानी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

बड़वानी , दिनांक 27 अगस्त 2011

क्र. 1649 - भू- अर्जन- नहर - 2011 - प्र. क्र. 32-अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित ग्रामों की भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4)

चकेरी

7.050 बड़वानी अन्जड़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -11 , बड़वानी , जिला- बड़वानी.

इंदिरा सागर परियोजना के चतुर्थ चरण की बड़दा वितरण शाखा एवं उसकी माईनर, सब -माईनर एवं टेल माईनर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु .

नोट. ( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन, कलेक्टर एवं भू- अर्जन अधिकारी , स.स.प./इन्दिरा सागर परियोजना ( नहर ) , ठीकरी, जिला- बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -11 , बड़वानी , जिला - बड़वानी के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है.

3318

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

क्र. 1650- भू- अर्जन- नहर- 2011 - प्र. क्र. 33-अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित ग्रामों की भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4)

7.676 बड़वानी

दतवाडा

अन्जड़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-11 , बड़वानी , जिला- बड़वानी .

इंदिरा सागर परियोजना की चतुर्थ चरण की बड़दा वितरण शाखा एवं उसकी माईनर, सब -माईनर एवं टेल माईनर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोट. ( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन, कलेक्टर एवं भू- अर्जन अधिकारी , स.स.प. /इन्दिरा सागर परियोजना ( नहर ) , ठीकरी , जिला- बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -11 , बड़वानी , जिला- बड़वानी के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .

बड़वानी, दिनांक 5 सितम्बर 2011

क्र. 1703 - भू-अर्जन- 2011- प्र. क्र. 39-अ-82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम का नाम

रकबा (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4)

3.273

आमझिरी

पानसेमल

बड़वानी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , बड़वानी.

बोरवन तालाब योजना के बांध एवं नहर हेतु भूमि की आवश्यकता.

नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी, सेंधवा , जिला बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, बड़वानी एवं अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उप संभाग , पानसेमल के कार्यालय में किया जा सकता है.

भाग 1 ]

3319

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

क्र. 1704 - भू-अर्जन- 2011 - प्र. क्र. 40-अ-82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम का नाम

रकबा (हेक्टर में ) (1) (2)

(3)

(4)

1.789 पानसेमल खोडामुहाली

बड़वानी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , बड़वानी.

बोरवन तालाब योजना के बांध एवं नहर हेतु भूमि की आवश्यकता.

1

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , सेंधवा, जिला बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , बड़वानी एवं अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उप संभाग , पानसेमल के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रेनूतिवारी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला खण्डवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

खण्डवा, दिनांक 28 मई 2011

भू-अर्जन- प्र . क्र. 49-अ-82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)

(2)

(3)

(4) खण्डवा

0.05

जलकुँआ

पुनासा

(2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का कारण धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) - दो श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना म.प्र.पा.ज.कं.लि. , खण्डवा.

म.प्र.पा.ज.कं.लि. की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अनुसार श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में75 प्रतिशत से अधिक अधिग्रहित भूमि के भूमिस्वामि की सहमति से शेष भूमि के अर्जन हेतु.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता (सिविल ) -दो श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना म.प्र.पा.ज.कं.लि. , ग्राम दोंगालिया, पोस्ट सिंधखाल , जिला खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

3320

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

भू-अर्जन- प्र. क्र. 50-अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का कारण जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(6) (2)

(5)

(4)

(3)

(1)

खण्डवा

बिजौरामॉफी

0.01

पुनासा

कार्यपालन अभियंता ( सिविल) -दो श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना म.प्र.पा.ज.कं.लि. , खण्डवा.

म.प्र.पा.ज.कं.लि. की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अनुसार श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में75 प्रतिशत से अधिक अधिग्रहित भूमि के भूमिस्वामि की सहमति से शेष भूमि के अर्जन हेतु.

(2) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) - दो श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना म.प्र.पा.ज.कं.लि. , ग्राम दोंगालिया, पोस्ट सिंधखाल , जिला खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आलोक सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला मण्डला , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

मण्डला, दिनांक 29 अगस्त 2011

क्र. भू-अर्जन ( अ -82 ) -2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

जिला

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

भूमि का वर्णन ग्राम एवं प.ह.नं.

भूमि का लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(6) (1)

(2)

मण्डला

(4) 0.16

घुघरी

(3) सालीवाड़ा रै. प.ह.नं. 60.

(5) कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय खण्ड, मण्डला.

समूह नल - जल प्रदाय योजना अन्तर्गत जल शोधन संयंत्र निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर, मण्डला में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3321 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सागर , दिनांक 1 सितम्बर 2011

क्र. 7396- प्र. भू-अर्जन11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल

नगर/ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

खसरा ख.नं.

कुल रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

(3)

(5)

(4)

( 6 )

151

सागर

जलन्धर

नहर 10 हे.

राहतगढ़

बांध 120 हे .

जलन्धर जलाशय योजना बांध के निर्माण हेतु.

योग : 130 हे.

कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर. (म. प्र. ) .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यक है- जलन्धर जलाशय योजना बांध के निर्माण हेतु.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , सागर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर , जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

धार, दिनांक 2 सितम्बर 2011

क्र. 9081 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमिका विवरण

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

ग्राम का नाम

(1)

(2)

(6) (3)

धार

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 14.620

डोबनी

कुक्षी

इंदला तालाब योजना की नहर निर्माण से प्रभावित होने से.

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, मनावर.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , कुक्षी, तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, मनावर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

3322

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

[भाग 1 क्र. 9086 - भू- अर्जन - 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला तहसील

ग्राम का नाम

(1) (2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (वर्ग मीटर/मीटर में ) (4) धार

मनावर उपड़ी ( 1 ) 40.05 वर्ग मी . भूमि पर निर्मित संरचना

(कुँए) . ( 2 ) 61.00 मीटर भूमि में स्थित पाईप लाईन .

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, क्र. 1 , धार.

मण्डावती तालाब निर्माण अंतर्गत डूब प्रभावित होने से.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , मनावर, जिला धार एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, क्रमांक 1 , धार, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

क्र. 9091 - भू- अर्जन-2011 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (वर्ग मीटर/मीटर में) (4) (1)

(2)

ग्राम का नाम (3)

धार

मनावर

उखल्दा ( 1 ) 901.60 वर्ग मी. भूमि पर निर्मित संरचना (कुँए/मकान) .

(2) 5260.40 मीटर भूमि में स्थित पाईप लाईन.

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, क्र. 1 , धार .

मण्डावती तालाब निर्माण अंतर्गत डूब प्रभावित होने से.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , मनावर, जिला धार एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, क्रमांक 1 , धार, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

3323

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

क्र. 9096 - भू- अर्जन -2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमिका विवरण

जिला तहसील

ग्राम का नाम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

(3)

(4) धार

1.337

जामला

कुक्षी

(2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग मनावर.

इंदला तालाब योजना की नहर निर्माण से प्रभावित होने से .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं भू- अर्जन अधिकारी , कुक्षी तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, मनावर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

क्र. 9101 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमिका विवरण

जिला तहसील

ग्राम का नाम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(1)

(3)

(4) धार

खरवाली

2.859 कुक्षी

( 2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग मनावर.

इंदला तालाब योजना की नहर निर्माण से प्रभावित होने से .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं भू-अर्जन अधिकारी , कुक्षी तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, मनावर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

क्र. 9106 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को 3324

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

ग्राम का नाम

(2)

(1)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर) में (4) धार

कुक्षी कुक्षी

16.585 योग .. 16.585 ( 2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

संभागीय प्रबंधक, म. प्र . सड़क विकास निगम, लि. इन्दौर.

झाबुआ-जोबट, बाग-कुक्षी राजमार्ग क्रमांक 39 पर कुक्षी बायपास निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , कुक्षी एवं संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम , लि. इन्दौर ( म. प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

क्र. 9111 - भू- अर्जन- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमिका विवरण

जिला तहसील

ग्राम का नाम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) धार

2.372

मगदी

कुक्षी

(2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग मनावर.

इंदला तालाब योजना की नहर निर्माण से प्रभावित होने से .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं भू- अर्जन अधिकारी , कुक्षी तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मनावर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

3325

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रायसेन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

रायसेन, दिनांक 3 सितम्बर 2011

प्र. क्र. 03 -अ- 82- सुल्तानजहाँपुर, टेहरी , खजुरिया- 2010-11 - भू- अर्जन अधिकारी गैरतगंज. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न दर्शित अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील/तालुका (1) (2)

नगर/ग्राम (3)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

लगभग क्षेत्रफल

(4)

खसरा क्रमांक

कुल रकबा

(हेक्टर में )

रायसेन गैरतगंज

264/1/1

1.112

0.421

264/1/2

सुल्तान जहाँपुर

1.485

264/1/3

1.586

264/1/4

264/1/5/1

0.522

1.011

264/1/5/2

264/2

4.504

264/3

1.619

4.504

264/5, 264/6

269/1/1/1

0.535

269/1/1/2

0.268

269/1/1/3

0.267

269/1/2

0.526

269/1/3

0.526

248/3

0.809

249

0.979

250/2

1.184

4.931

251, 253

252

2.492

1.720

254/1/1 , 255/1

1.343

254/4, 269/2

2.513

254/1/2 , 255/2

2.534

256 , 257 , 258 ,

259 , 261 , 262 , 263 अर्जित रकबा (हेक्टर में)

1.112 अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उपसंभाग

टेहरी जलाशय निर्माण हेतु. भू-अर्जन.

0.421

गैरतगंज.

1.485

1.136

0.522

1.011

4.504

1.619

4.504

0.535

0.268

0.267

0.526

0.526

0.809

0.979

1.184

4.931

2.492

1.691

1.343

2.513

2.534 3326

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

(1) (2)

(4)

(3)

254/2

0.405

260/1

0.404

0.450

260/2

टेहरी

3.159

220/1 , 224,225/1

3.468

[भाग 1 (5)

(6) 0.405

0.404

0.450

3.159

3.468

220/1 , 224 , 225/2

220/2

5.348

1.322

221/1 , 222/1

1.834

221/2, 222/2

223/1

0.478

223/2

0.343

227

1.157

10.103

228, 230 , 231 ,

232, 233

234

0.219

235

2.564

0.849

236

5.348

1.322

1.834

0.478

0.343

1.157

10.062

0.219

2.564

0.849

1.178

237 , 238/2 , 253/2 1.178

4.071

238/1 , 253/1 ,

569/253

1.562

238/3 , 253/2

239

0.729

0.796

240, 241

241/2

0.171

4.996

242, 243 , 244,

245, 247

249

0.235

0.380

251, 252

2.328

254 , 255 , 256

257

0.364

1.639

258, 259/1

259/2

0.527

2.603

262, 263 , 264, 265

266

1.275

268

3.253

4.071

1.562

0.729-

0.796

0.171

4.838

0.235

0.380

2.328

0.364

1.639

0.527

2.603

1.258

3.253

4.156

270 , 271 , 272 , 4.156

273, 274 4.525

529, 530 , 531 , 532/1 4.525

535

4.039

3.039

101

खजूरिया

100

0.243

102/1/1/1

1.500

4.039

1.660

1.500 भाग 1 ]

(1) (2)

(3)

102/1/1/2

102/1/1/3

102/1/1/4

102/1/1/5

102/1/1/6

102/2/1

102/2/2

102/2/3

102/2/4

123/100/1

123/100/2/1

123/100/2/2/1

123/100/2/2/2

99/1/1

99/1/2

99/2/1

99/2/2

2/2

2/3

3

4/1

4/2

5

6

7/1

7/2/1

7/2/2

9

10

11/2

13

26

27

28/1/1

28/1/2

28/2

30

33

34

35

3327

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(6)

(4)

(5)

1.000

1.000

1.000

1.000

1.00

1.000

1.500

1.500

1.031

1.031

1.214

1.214

1.214

1.111

1.172

1.408

1.416

0.856

0.809

0.809

0.809

0.809

1.579

1.579

0.660

0.660

0.162

0.162

1.412

1.412

0.373

0.373

0.032

0.032

2.306

1.293

1.333

1.981

0.672

0.672

1.351

1.351

0.891

0.891

0.725

0.725

0.571

0.571

4.859

4.859

0.441

0.441

2.635

2.635

2.910

2.910

5.412

5.412

1.072

1.072

1.072

1.072

3.444

1.216

0.733

0.733

0.271

0.271

1.214

1.214

1.619

1.619

2.299

1.083

1.971

1.971

0.539

0.539

0.393

0.393

0.380

0.380 3328

(1) (2)

(3)

(4)

36/1

36/2

37

38

39

40/1

40/2/1/1

40/2/1/2/1

40/2/1/2/2

40/2/2

46

47

48

49

50

52

54/1/1

54/1/2

54/2

55

56/1

56/2

57

58

59/1

59/2

60

61

62

63

65

66

67

68

77

84

85

86/1/1/1/1

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(6) (5)

1.081

1.081

0.497

0.497

0.717

0.717

2.112

2.112

0.849

0.849

1.214

1.214

1.214

1.214

5.702

5.702

0.405

0.405

3.667

3.667

0.073

0.073

0.032

0.032

0.109

0.109

0.053

0.053

0.077

0.077

0.215

0.215

1.238

1.238

0.445

0.445

1.214

1.214

2.047

1.778

2.403

2.403

0.304

0.304

0.737

0.737

0.287

0.287

1.037

1.037

0.148

0.148

0.855

0.855

0.340

0.340

0.049

0.049

0.587

0.587

0.138

0.138

0.243

0.243

0.016

0.016

0.012

0.012

0.040

0.040

1.343

1.343

1.011

1.011

1.012

1.012 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(1) (2)

(3)

(4)

86/1/1/1/2

0.405

86/1/1/2/1

0.405

86/1/1/2/2

0.607

86/1/1/1/3

1.012

86/1/2

0.405

86/2

6.005

86/2/2

0.304

88/1

0.368

88/2

0.809

1.696

89

90

2.574

91

5.031

92/1

0.809

92/2

1.748.

93/1/1

0.809

93/2/1

1.222

1.416

93/2/2

93/2/3

1.416

93/2/4

1.214

93/2/5

1.416

93/2/6

1.416

3.313

94/1

2.832

94/2

95/1/1

1.214

0.830

95/1/2

95/2

0.405

98

2.607

119/13

1.497

118/13

1.797

81/1

3.036

120/85

0.344

1.076

121/90

योग .

3329

(5)

(6) 0.405

0.405

0.607

1.012

0.405

4.884

0.304

0.368

0.809

1.696

2.574

5.031 1

0.809

1.748

0.809

1.222

1.416

1.416

1.214

1.416

1.416

3.313

2.832

1.214

0.830

0.405

2.607

0.889

0.177

0.606

0.344

1.076

238.675

टीप.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , गैरतगंज के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , मोहनलाल मीणा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3330

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

कार्यालय, कलेक्टर, जिला बुरहानपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

बुरहानपुर, दिनांक 3 सितम्बर 2011

क्र. क-वाचक- भू- अर्जन- 2011-प्र.क्र.अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4) (1)

(2)

(3)

68.05

मोहद

बुरहानपुर बुरहानपुर

(2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

1

मोतियादेव तालाब के शीर्ष कार्य हेतु.

कार्यपालन यंत्री, जल सांसधन संभाग, बुरहानपुर.

अर्जन की जाने वाली भूमि से संबंधित नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय एवं भू- अर्जन अधिकारी , बुरहानपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रेनु पन्त, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

झाबुआ, दिनांक 3 सितम्बर 2011

क्र.-भू- अर्जन- 2011-3019 - राजस्व प्रकरण क्रमांक-अ- 82-2010-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को , इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टर में) (2)

(1)

(4)

(3) मकोडीया

थांदला

झाबुआ

11.01 योग .. 11.01

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) ढोलखरा तालाब निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , झाबुआ.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , थांदला के कार्यालय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

3331

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

क्र.- भू- अर्जन- 2011-3021 - राजस्व प्रकरण क्रमांक-अ- 82-2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: --

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

(4) थांदला सेमलीया

झाबुआ

7.42 योग .. 7.42

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

ढोलखरा तालाब निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , झाबुआ.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , थांदला के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. - भू- अर्जन - 2011-3023 - राजस्व प्रकरण क्रमांक-अ- 82-2010-2011 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

(2)

(3)

(1)

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टर में) (4)

भामल

थांदला

झाबुआ

62.73 योग .. 62.73

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

ढोलखरा तालाब निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , झाबुआ.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , थांदला के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शौभित जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

खण्डवा, दिनांक 3 सितम्बर 2011

भू-अर्जन- प्र. क्र. 01-अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , 3332

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील ग्राम का नाम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) खण्डवा

13.62 खालवा

इटवा

(2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खण्डवा.

इटवा मामडोह तालाब के निर्माण हेतु.

ग्राम इटवा की भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, नया हरसूद/ छनेरा तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भू-अर्जन- प्र. क्र. 2 -अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये 'आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील ग्राम का नाम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(4) (2) (3)

खण्डवा खालवा

11.78

मामाडोह

(2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खण्डवा.

इटवा मामाडोह तालाब के निर्माण हेतु.

ग्राम मामाडोह की भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , नया हरसूद/छनेरा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भू-अर्जन- प्र. क्र. 3 -अ-82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील ग्राम का नाम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4)

धावडी

खण्डवा

6.75 खालवा

( 2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, खण्डवा.

इटवा मामाडोह तालाब के निर्माण हेतु.

ग्राम धावडी की भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , नया हरसूद/छनेरा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

3333

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

भू-अर्जन- प्र. क्र. 04 -अ-82-2010-11. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील ग्राम का नाम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(1)

(3)

खण्डवा

खालवा डाबिया

(4) 35.56

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का कारण धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

मेढापानी तालाब के निर्माणहेतु.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, खण्डवा.

(2) ग्राम डाबिया की भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , नया हरसूद/छनेरा तथा ,कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

खण्डवा , दिनांक 4 सितम्बर 2011

भू-अर्जन- प्र. क्र. 05-अ-82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील ग्राम का नाम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) खण्डवा

खालवा

16.53

दगडकोट

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का कारण धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

मेढापानी तालाब के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खण्डवा.

(2) ग्राम दगडकोट की भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, नया हरसूद/छनेरा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , कवीन्द्र कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 3 सितम्बर 2011

क्र. 1369 - भू- अर्जन- 06-07.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों 3334

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

[ भाग 1 को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम 4 की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन तहसील

नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1)

(6) (2)

(3)

(5)

(4)

सतना

10.44

रामपुर बघेलान घुमिचिहाई

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा ( म.प्र. ) .

योग .. 10.44

बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली पथण्डा वितरक नहर एवं उसकी शाखा और उप शाखा नहरों और मलगांव माइनर नहर की सीमा में आने वाली भूमि के, लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 1371 - भू-अर्जन-06-07.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम -4 की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1)

(2)

(6) (3)

(4)

(5)

सतना

कोटर

36.00

गोरड्या

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा ( म.प्र. ) .

योग .. 36.00

बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली पथण्डा वितरक नहर एवं उसकी शाखा और उप शाखा नहरों और मलगांव माइनर नहर की सीमा में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 1373 - भू-अर्जन-06-07.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों 3335 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम -4 की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1)

(2)

(3)

(5)

(6)

(4)

सतना

कोटर

13.20

गजिगंवा

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा ( म.प्र. ) .

योग .. 13.20

बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली पथण्डा वितरक नहर एवं उसकी शाखा और उप शाखा नहरों की सीमा में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन .

भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 1375 - भू-अर्जन-06-07. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम-4 की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(2)

(1)

(3)

(4)

(5)

(6) सतना

कोटर

गढवा कला

6.32

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा ( म.प्र. ) .

योग .. 6.32

बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली पथण्डा वितरक नहर एवं उसकी शाखा और उप शाखा नहरों की सीमा में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 1377- भू-अर्जन- 06-07.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों 3336

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम -4 की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2)

(3)

(1)

(4) सतना

कोटर

4.32

गढवा खुर्द

योग .. 4.32

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

नहर संभाग , रीवा (म.प्र.) . कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली पथण्डा वितरक नहर के शाखा और उप शाखा नहरों की सीमा में आने वाली भूमि के लियें भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 1379 - भू-अर्जन- 06-07.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा -5अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम -4 की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) सतना

कोटर

4.60

बरदा डीह

योग .. 4.60

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा ( म.प्र.) .

बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली पथण्डा वितरक नहर एवं उसकी शाखा और उप शाखा नहरों की सीमा में आने वाली भूमिके लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 1381 - भू-अर्जन- 06-07. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों 3337 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम -4 की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2)

(1)

(6) (3)

(5)

(4)

सतना

7.66

कोटर

रेहुंटा

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा ( म.प्र. ) .

योग .. 7.66

बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली पथण्डा वितरक नहर एवं उसकी शाखा और उप शाखा नहरों की सीमा में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 1383 - भू-अर्जन- 06-07.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम -4 की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6) सतना

10.08

कोटर

खोहर

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा ( म.प्र.) .

योग .. 10.08

बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली पथण्डा वितरक नहर एवं उसकी शाखा और उप शाखा नहरों की सीमा में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 1385 - भू- अर्जन-06-07 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों 3338

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

[ भाग 1 को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा-5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम -4 की धारा-17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(1)

(3)

(4) सतना

रामस्थान

10.80 रघुराज नगर

योग .. 10.80

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग, रीवा ( म.प्र. ) .

बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली पथण्डा वितरक नहर के शाखा और उप शाखा नहरों की सीमा में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1387 - भू-अर्जन-06-07.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम -4 की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमिका वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) सतना

8.72

बम्हौरी

रघुराज नगर

योग .. 8.72

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

नहर संभाग , रीवा ( म.प्र. ) . कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली पथण्डा वितरक नहर के शाखा और उपशाखा नहरों कीसीमा में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1389 - भू-अर्जन-06-07. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों भाग 1 ]

3339

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम -4 की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :--

जिला तहसील

भूमिका वर्णन नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(3)

(2)

(4) सतना

10.40

खम्हरिया

रघुराज नगर

योग .. 10.40

1

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा ( म.प्र.) .

बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली पथण्डा वितरक नहर के शाखा और उपशाखा नहरों कीसीमा में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 1391 - भू-अर्जन- 06-07. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम -4 की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4)

टेढगंवा

सतना

2.44 कोटर

योग .. 2.44

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

नहर संभाग, रीवा ( म.प्र. ) . कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली पथण्डा वितरक नहर के शाखा और उपशाखा नहरों की सीमा में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1393 - भू-अर्जन-06-07. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों 3340

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

[भाग 1 को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम -4 की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1)

(2)

(3)

(5)

(6)

(4)

कोरिगंवा

सतना

कोटर

3.60

नहर संभाग , रीवा ( म.प्र. ) . कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका

योग .. 3.60

बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली पथण्डा वितरक नहर के शाखा और उप शाखा नहरों की सीमा में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1395 - भू-अर्जन- 06-07.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की उपधारा ( 1 ) के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम-4 की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(6) (1)

(2)

(3)

(5)

(4)

सतना

मलगांव

4.00

रामपुर बघेलान

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा ( म.प्र. ) .

योग .. 4.00

बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली मलगांव माइनर नहर की सीमा में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

रीवा, दिनांक 5 सितम्बर 2011

पत्र क्र. 1398 - भू-अर्जन . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की उपधारा ( 1 ) के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा 3341 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

(2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा-5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमिका वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन तहसील

जिला

ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(4) 1.56

(1) रीवा

(2) त्योंथर

(3) पुरवा

(5) कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पुनर्वास संभाग क्र. -1 , रीवा मुख्यालय, त्यौंथर.

(6) बाणसागर परियोजना के अंतर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों काअर्जन.

पत्र क्र. 1400 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की,, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये ,आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की उपधारा ( 1 ) के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा-5अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(6) (1) रीवा

(2) त्योंथर

(3) रक्सहा

(4) 4.60

(5) कार्यपालन यंत्री , भू-अर्जन एवं पुनर्वास संभाग क्र. -1 , रीवा मुख्यालय , त्यौंथर.

बाणसागर परियोजना के अंतर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों काअर्जन.

क्र. 1407- भू-अर्जन- 2011-12.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(6) (1) सतना

(4) 16.486

(2) रामपुर बाघेलान

(3) देवमऊ दलदल कोठार

(5) कार्यपालन यंत्री , पुरवा नहर संभाग क्रमांक-2, सतना.

बाणसागर परियोजना पुरवा नहर में आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि अर्जन हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

3342

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

क्र. 1409 - भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4)

(5)

(6) (3)

(1) सतना

0.026

घुंघचिहाई

(2) रामपुर बाघेलान'

कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग क्रमांक -2, सतना.

' बाणसागर परियोजना पुरवा नहर में आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि अर्जन हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

रीवा , दिनांक 7 सितम्बर 2011

क्र. 1413 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम के धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमिका वर्णन नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (3)

(5)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)

(1) रीवा

(2) सिरमौर

4.75

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा ( म.प्र. ) .

ग्राम लभौली मुडियारी सब- माइनर नं.- 2.

क्योटी नहर प्रणाली की सिरमौर वितरिका मुडियारी सब - माइनहर नं. - 2में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्ति का अर्जन हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

बी. बी. श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

3343

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

ग्वालियर, दिनांक 5 सितम्बर 2011

क्र. 11 - अ - 82-2010-11- भू-अर्जन . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है , अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(3)

(2)

(1)

(4) ग्वालियर

ग्वालियर

भदरौली

0.404

योग .. 0.404 (

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, बांध सुरक्षा संभाग, ग्वालियर.

जलालपुर पिक अप वियर की दायीं तट नहर की सेंथरी मायनर हेतु भूमि काअर्जन.

2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

छिन्दवाड़ा, दिनांक 5 सितम्बर 2011

क्र. 6863 - भू- अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा -5 ( क) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

तहसील

भूमिका वर्णन नगर/ग्राम

जिला

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में)

(1)

(3)

(2)

ग्राम - चन्हिया कला

छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा

ब. नं. -153,

प. ह. नं. - 33,

(4) 36.735 हेक्टर एवं प्रस्तावित भूमि के रकबे पर आने वाली परिसंपत्तियां .

रा.नि.मं. -छिन्दवाड़ा-1 .

अनुसूची

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमिके सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6) (5) कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन बांध जल संसाधन संभाग क्र. 1 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा.

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के बांध निर्माण से डूब क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का अर्जन.

3344

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा में ) जिला - छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन बांध , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , चौरई, जिला- छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उप संभाग क्र. 2, सिंगना, तह. चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 6864- भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा -5 (क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमिका वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे . में )

(1) (2)

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमिके सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन (6) (3)

(4)

चौरई

छिन्दवाड़ा

-बाम्हनवाड़ा

ब. नं. - 202,

प. ह. नं. - 08,

28.125 हेक्टर एवं प्रस्तावित भूमि के रकबे पर आने वाली परिसंपत्तियां .

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन बांध जल संसाधन संभाग क्र. 1 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा.

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के स्पिल चैनल के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का अर्जन.

रा.नि.मं. चौरई.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा में ) जिला- छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन बांध , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , चौरई, जिला-छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उप संभाग क्र. 2, सिंगना, तह. चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पवन कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

3345

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा , दिनांक 6 सितम्बर 2011

क्र. 806- भू- अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है: -

भूमि का विवरण

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में)

1

(1) (2)

(4)

(3)

रीवा

धीरा

सेमरिया

0.670 भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

1

(5)

(6)

संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम रीवा (म. प्र.).

सेमरिया मानिकपुर राज्य राजमार्ग क्र. 09 के एन्युटी योजना के अन्तर्गत उन्नयन हेतु.

क्र. 808 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है:-

भूमि का विवरण

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2) (3)

(4) रीवा सेमरिया

5.260

लखनपुर

भूमि का नक्शा, ( प्लान ) कलेक्टर रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम रीवा (म. प्र. ) .

सेमरिया मानिकपुर राज्य राजमार्ग क्र . 09 के एन्युटी योजना के अन्तर्गत उन्नयन हेतु.

क्र. 811 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 3346

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है: -

भूमि काविवरण

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

(3)

(4) रीवा सेमरिया सेमरिया

3.448 भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम रीवा (म. प्र.) .

सेमरिया मानिकपुर राज्य राजमार्ग क्र. 09 के एन्युटी योजना के अन्तर्गत उन्नयन हेतु.

क्र. 814- भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है: -

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) रीवा

(2) सेमरिया

(4) 4.130

(3) डाढ़

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम रीवा (म. प्र. ) .

सेमरिया मानिकपुर राज्य राजमार्ग क्र. 09 के एन्युटी योजना के अन्तर्गत उन्नयन हेतु.

क्र. 817- भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का विवरण नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4) (1) रीवा

(2) सेमरिया

(3) कटाई

0.430 भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम रीवा (म. प्र. ) .

(6) सेमरिया मानिकपुर राज्य राजमार्ग क्र. 09 के एन्युटी योजना के अन्तर्गत उन्नयन हेतु.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एन. रूपला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

3347

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

कार्यालय, कलेक्टर, जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

उज्जैन, दिनांक 6 सितम्बर 2011

क्र. 6878 - भूमि संपादन-11 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के सम्बन्ध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) (1) उज्जैन

(2) तराना

भू- अर्जन अधिकारी, तराना

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 23.175 5.585

(3) डेलची कड़ोदिया

बांध निर्माण एवं नहर निर्माण हेतु भूमि का अधिग्रहण.

(खुली भूमि) कुल : 28.760

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , तराना में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. गीता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला भोपाल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

भोपाल , दिनांक 6 सितम्बर 2011

क्र. 1231.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील/तालुका

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम का नाम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4) 3.078

(1) भोपाल

(2) बैरसिया/भोपाल

(3) खेजड़ा घाट

(5) कार्यपालन यंत्री संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग गंजबासौदा जिला विदिशा .

(6) संजय सागर बाह्र मध्यम परियोजना की मुख्य नहर की माइनर्स एवं डिस्ट्रीब्यूटरी के निर्माण कार्य हेतु.

3348

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

(2)

(1)

(3)

(4) भोपाल बैरसिया/भोपाल

3.831

धतुरिया

3.240 भोपाल बैरसिया/ भोपाल पुराखाना

3.830 भोपाल बैरसिया/भोपाल अर्जुन खेड़ी

4.323 भोपाल बैरसिया/भोपाल खजूरी रानी

2.212 भोपाल बैरसिया/भोपाल दोजियाई

भोपाल बैरसिया/भोपाल

2.415

खाईखेड़ा

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग गंजबासौदा जिला विदिशा .

संजय सागर बाह्र मध्यम परियोजना की मुख्य नहर की माइनर्स एवं डिस्ट्रीब्यूटरी के निर्माण कार्य हेतु.

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भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) बैरसिया , जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

1

भोपाल , दिनांक 7 सितम्बर 2011

प्र. क्र. 3- भू.अ. ए- 82-10-11- सात-1.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल जिला तहसील/तालुका नगर/ग्राम

खसरा नंबर अर्जित किया जाने वाले हैं

खसरा नं .

रकबा (हेक्टे. में) (2)

(3)

(1)

(4)

218/1

0.440 भोपाल बैरसिया/ भोपाल पीपलखेड़ी

218/2

0.370

140

0.340

0.210

406

2.900

403

402

0.220

0.290

330

1.090

318

1.300

394

407

0.360

408

0.480

121

0.440

124

0.490

0.050

126

0.540

127

214

0.810

0.340

139

0.140

49

0.420

50

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. 2 , विदिशा.

सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

3349 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

(2)

(6) (1)

(3)

(4)

(5)

119/1

0.070

119/2

0.080

0.140

119/3

0.130

130

317/2

0.250

12

0.500

0.280

395

0.770

397

314/1

0.310

0.320

314/2

0.760

51

0.360

52

1.240

316

0.500

14

0.500

16

326

0.210

327

0.150

0.250

1404

0.130

11

0.330

211/2

0.270

220

0.810

219

0.160

221/1

0.080

221/2

0.460

146/1

149

0.460

46/1

0.340

146/2

0.420

144

0.490

0.120

317/3

0.100

47

0.180

48

46/2

0.340

141

0.330

0.500

405

0.080

317/1

320

0.460

15

0.780

321/1

1.360

328

0.070

329

1.080

331

0.080

332

0.210

142

0.080

13

0.310

0.210

135/1

135/2

0.130

138/1

0.150

138/2

0.120

153

0.070

1.260

123

कुल योग 30.020

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व तहसील बैरसिया जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निकुंज कुमार श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव 3350

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सतना , दिनांक 25 अगस्त 2011

क्र. 927 - भू-अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894, संशोधन 1984 (क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- नागौद

(ग) नगर/ ग्राम-जमुनातोर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.015 हेक्टेयर.

खसरा नं .

क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(1)

1/1

0.146

1/2

0.293

1/3क

0.031

1/3ख

0.031

1/3ग

0.042

1/3घ

0.031

2/1

0.564

2/2

0.575

2/3

0.575

4

0.314

5

0.439

6

0.052

8

0.100

9

0.303

14/1 क

0.111

14/2

0.111

16/1

0.094

16/2

0.151

16/3क

0.013

16/3ख

0.013

(2)

(1)

0.013

16/3ग

16/3घ

0.013

4.015

निजी खाता भूमि योग रकबा :

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है.- भिलसांय तालाब योजना के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू-अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुखबीर सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर, दिनांक 25 अगस्त 2011

प्र. क्र. 99 - अ - 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील- चन्दला

(ग ) ग्राम-कीरतपुर

(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-6.445 है.

खसरे का क्षेत्रफल भू- अर्जन खसरा विवरण

अर्जित ( हेक्टेयर में )

(2)

से भू- खण्डों की संख्या (1)

कीरतपुर माइनर क्र. - 1

0.061

159

0.104

160

161

0.024 भाग 1 ]

3351

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

(2) (1)

178

0.115 182

0.186 187

0.102 188

0.025 217

0.042 219

0.120 220

0.003 221

0.090 222

0.006 224

0.056 225/2

0.103 497

0.128 498

0.085 500

0.097 505

0.115 506

0.057 509/1

0.005 509/2

0.080 510/1

0.106 510/2

0.042 514

0.098 544

0.032 545/1

0.008 545/2

0.148 546

0.030 548

0.118 566/1/1

0.038 566/1/3

0.085 572

0.020 573

0.185 587

0.165 588/1

0.030

0.050 728

729

0.065 730

0.062 731/1

0.118

0.046 731/2

0.078 764

765

0.142 771

0.012 772/2

0.080 773

0.134 774

0.130 775

0.055 (1)

(2)

0.068

776

0.038

779

780

0.168

784

0.194

0.125

785

कीरतपुर माइनर क्र.-2

289/2

0.170

296

0.145

338/2

0.110

342

0.115

0.138

356

0.098

357

358

0.008

360

0.198

0.006

363

364

0.098

365

0.090

0.056

371

0.065

372

0.082

374

375

0.110

376

0.130

कीरतपुर माइनर क्र.-3

329

0.138

331/3

0.138

331/2

0.130

0.146

333

6.445

योग ..

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये उक्त भूमि की आवश्यकता है- बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर से भू- अर्जन प्रकरण सरबई वितरक नहर क्र. 1 की कीरतपुर माइनर क्र. 1 , 2 , 3 के अन्तर्गत आने वाली भूमि के भू- अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय/अधिकारी , ( राजस्व ) लवकुशनगर में किया जा सकता है.

3352

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

छतरपुर, दिनांक 27 अगस्त 2011

प्र. क्र. 98- अ- 82-2009-10 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील- गौरिहार

(ग) ग्राम- उमरी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-6.587 है .

भू-अर्जन खसरा विवरण

से भू-खण्डों की संख्या

खसरे का क्षेत्रफल अर्जित ( हेक्टेयर में ) (1)

(2)

32

0.208

33/1

0.070

33/2

0.050

0.084

35/1

0.120

35/2

0.008

36

0.070

37

0.128

38

0.080

39

0.100

0.088

40

52/2

0.072

52/3

0.071

52/4

0.022

55

0.075

56

0.116

57

0.064

58

0.044

59

0.408

60

0.043

61

0.204

64

0.072

69/1

0.044

70/2

0.204

78

0.104

[ भाग 1

(2)

(1)

81/1/1

0.096

0.024

84/1

84/2

0.030

84/3

0.024

0.040

89

0.180

93/1

93/2

0.140

0.168

94

0.035

104

105

0.140

106

0.180

112

0.008

113

0.172

121

0.031

0.006

123

0.205

124

125

0.080

0.060

126

130

0.186

140/2/2

0.005

140/33/1

0.080

0.060

140/33/2

140/33/3

0.039

162

0.180

163

0.032

168

0.157

172

0.142

173

0.008

174

0.120

177

0.012

178

0.170

179

0.090

185

0.058

0.156

186

187

0.051

188

0.065

0.204

204/2

401

0.064

408

0.080

0.074

409

410

0.056

413

0.051

414

0.057

417

0.012

0.048

418

419/2

0.162

6.587

योग भाग 1 ]

3353

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये उक्त भूमि की आवश्यकता है- बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर से व्यासबदौरा वितरक नहर की उमरी माइनर एवं सबमाइनर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लवकुशनगर में किया जा सकता है .

छतरपुर, दिनांक 1 सितम्बर 2011

प्र. क्र. 58 - अ- 82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील- गौरिहार

(ग ) ग्राम- महोईखुर्द

(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि- 15.273 है .

खसरे का क्षेत्रफल अर्जित ( हेक्टेयर में ) भू-अर्जन खसरा विवरण से भू- खण्डों की संख्या

(1)

(2)

24

0.188

26

0.142

27

0.154

28/5/1

0.083

0.083

28/5/2

0.208

28/8/2

31

0.174

0.178

34

36/3/1

0.105

39/2

0.024

41

0.122

43

0.272

45

0.098

55/1/1

0.146

55/1/2

0.198

55/6/2

0.080

(2)

(1)

55/6/3

0.240

0.125

128

132

0.184

0.114

133

134

0.114

0.245

135

136

0.285

0.134

137

0.062

138

141

0.108

0.080

142

154/1

0.228

155

0.118

0.175

162/2

0.075

163/1

163/5

0.010

0.146

164

165

0.130

169/2

0.384

0.122

171

222/1

0.115

0.004

229/2

0.006

229/2/3

0.010

0.024

230/2

0.040

250

251

0.038

0.025

262

0.070

263

264

0.030

0.008

265

266

0.050

340/1

0.090

0.016

341/1

0.075

341/2

0.030

341/3

0.070

341/4

342/1

0.050

0.122

345

0.120

346

347

0.006

0.155

348

349

0.030

0.080

353 3354

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(1)

(2) 354/2

0.050 410/1

0.070 410/2/1

0.025

0.024 410/2/3

411/2

0.008 411/4

0.009 412

0.080 415

0.050 416

0.040 418

0.004 419

0.060 423

0.090 437

0.070

0.080 438/1 ,

438/2

0.045 438/3

0.040 439

0.032 441

0.120 442

0.060 455/1

0.048 455/2

0.045 456

0.084 457/2/1

0.038

0.036 457/2/3

457/2/4

0.060 457/2/5

0.040 461

0.015 465/2

0.094 466

0.140 471

0.105 474/1

0.180 474/2

0.140 479/2

0.040 480

0.102 482

0.100 486

0.005 487

0.240 487

0.060

0.125 488

493

0.010 495

0.155 496

0.101 500

0.007 501

0.072 (1)

(2)

0.005

515

0.060

517

0.120

518/1/1

518/1/2

0.064

0.060

518/1/3

519/1

0.105

540

0.135

0.150

544

545

0.090

548/1

0.072

0.024

549

550

0.195

551

0.140

552

0.128

0.025

563

0.080

564

565

0.366

0.210

566

0.080

567

568

0.014

569

0.090

0.006

570

571

0.120

0.032

572

575

0.045

576

0.115

0.040

577/1

577/2

0.180

0.005

583

585

0.032

0.120

586

587/1

0.007

613

0.390

614

0.420

619

0.006

0.008

624

625/1

0.075

0.300

628

0.035

629

0.026

799

801

0.094

803

0.210

0.270

804 भाग 1 ]

3355

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

(1)

(2)

884

0.106

885

0.098

886

0.032

1058/9

0.032

1059/1/1

0.008

1059/1/2

0.006

1059/1/3

0.004

1059/2

0.050

1059/3

0.058

1061

0.115

1113

0.092

1118

0.106

1119

0.082

1158/500

0.004

1159/550

0.030

1160/572

0.104

15.273

कुल अर्जित रकबा :

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है. - बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की सरबई वितरक नहर क्र. 2 के अन्तर्गत आने वाली महोईखुर्द माइनर क्र. 1,2,3 माइनर एवं सरबई वितरक नहर क्र. 1 की माइनरों के निर्माण हेतु (3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लवकुशनगर में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 80- अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील- गौरिहार

(ग ) ग्राम- खडेहा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि- 25.457 ( हेक्टेयर में )

खसरे का क्षेत्रफल भू- अर्जन खसरा विवरण

अर्जित ( हेक्टेयर में ) से भू- खण्डों की संख्या

(2)

(1)

425/1

0.156

426/1

0.036

426/2

0.170

427

0.306

0.208

429

430

0.032

0.032

433/2

434/4

0.124

435

0.116

436

0.092

437/1

0.028

0.224

449

450

0.192

0.318

555/2

592/3

0.012

592/4

0.056

0.278

592/5

593/1

0.236

593/2

0.035

594

0.089

0.042

595/1

0.080

595/2

597

0.066

598

0.028

603

0.115

0.242

604/1

0.050

604/2

619

0.130

620/3

0.338

0.090

622

623

0.072

0.050

624

625

0.013

628/1

0.085

629/1/1

0.036

0.138

630

0.098

642/1

0.090

642/2

650

0.120

0.225

651

0.072

682/2

684

0.120

0.100

685

0.135

687

695

0.064 3356

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(1)

(2) 707/1

0.020 708

0.215 709

0.030 710

0.032 711

0.015 713

0.110 714

0.140 718

0.266 719

0.085 804

0.006 805

0.230 806

0.170 807

0.122 811

0.115 812

0.122 813

0.003 819

0.162 820

0.090 821

0.220 831

0.040 835/1

0.015 835/2

0.160 836

0.246 860

0.178 861

0.028 863

0.242 866

0.075 867

0.026 870

0.042 871

0.152 872

0.164 884

0.011 885

0.036 886

0.012 889

0.122 892

0.082 893

0.150 898/1

0.065

0.090 898/2

899

0.066 900

0.110 928

0.028 929/1

0.171 929/2

0.138 929/3

0.032

[भाग 1

(2)

(1)

930

0.096

934

0.182

935

0.130

0.056

936/1

936/2

0.056

941/1

0.050

941/2

0.066

941/3

0.060

941/4

0.090

0.135

947/1

0.160

947/2

0.082

949

0.056

950

955

0.030

956

0.042

957

0.172

0.132

958

963

0.008

1052/2

0.003

0.042

1052/3

1052/4

0.060

1053/1

0.050

1054

0.096

1055/2

0.130

1056/2

0.120

1057

0.096

1058

0.260

1066

0.154

1074

0.318

1076

0.309

1077

0.162

1078

0.156

1124

0.105

1125

0.135

0.115

1190/1

0.120

1190/2

1190/3

0.120

0.015

1194/1

0.218

1194/3

1196

0.082

0.024

1197

0.040

1211

1212

0.065

1213

0.086

1217

0.156 भाग 1 ]

3357

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(2) (1)

1234/3

0.044 1250

0.118 1252/1

0.005 1266

0.022

0.220 1267

1269

0.024 1271

0.092 1272

0.150 1273

0.096 1275

0.005 1277

0.375

0.086 1278

1279/1

0.350

0.221 1279/2

1279/5

0.008

0.048 1280

1281

0.170 1282/2

0.060 1283

0.115 1296/2

0.254 1297

0.282 1299

0.336 1300/1

0.054

0.056 1300/2

1301

0.102 1302

0.138 1303

0.112 1377/1

0.080 1390/1

0.206 1390/3

0.014

0.254 1391

1430

0.068 1431/1

0.192 1431/2

0.206 1431/3

0.018 1432/1

0.016 1432/2

0.172 1432/3

0.020 1432/4

0.024 1433/1

0.120 1434/1

0.076 1444

0.084 1446

0.128 1458

0.116 1459

0.044

(2)

(1)

0.140

1481/1

0.062

1491/1

0.216

1492/1

0.030

1492/2

0.036

1493/1

1495/3

0.034

0.026

1496/1

1496/2

0.052

0.176

1505/1

1507/1

0.019

1510/1/1

0.133

0.128

1510/1/2

1510/2

0.040

0.016

1510/3

1511/1

0.128

1511/1/2

0.056

0.008

1512

0.085

1519

0.086

1520

1521

0.140

0.022

1522/1

1529

0.025

1530

0.032

1531/1

0.024

0.082

1531/2/1

1531/3

0.120

0.082

1537

1538

0.048

0.198

1540/1

1544

0.112

0.060

1545/1

0.060

1545/2

1546

0.129

1547

0.120

0.076

1552

1557/1

0.032

1566/2

0.040

1566/3

0.168

1566/4

0.038

0.012

1566/10

0.030

1567/1

1567/2/1

0.028

0.037

1567/2/2

1568

0.054 3358

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(1)

(2)

1569

0.018

1569/1

0.140

1570

0.066

1571

0.018

1572

0.183

0.024

1581/1

1605/1

0.172

1605/2

0.126

0.420

1606/1

1606/5

0.087

1606/11

0.045

1609/2

0.006

1610/1/2

0.072

1614/2

0.102

1614/4

0.102

1622/2

0.075

1622/11

0.072

1622/3

0.120

1622/4

0.156

1633/872

0.019

योग : 25.457

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.- बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर से खडेहा , चुकाटा, पचवरा, सरबई वितरक नहर एवं उनकी माइनरों के भू- अर्जन हेतु

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लवकुशनगर में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 112 - अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील-चंदला

(ग) ग्राम- पटली

(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-0.542 ( हेक्टेयर में )

खसरे का क्षेत्रफल

अर्जित ( हेक्टेयर में) भू- अर्जन खसरा विवरण से भू- खण्डों की संख्या

(2)

(1)

526/2

0.059

531

0.099

532

0.031/

0.163

539

0.057

567/1

567/2/1

0.032

567/2/2

0.020

568/1

0.049

569

0.013

571

0.019

0.542

योग :

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है.- बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर से रमझाला वितरक नहर की पटरी माइनर के निर्माण हेतु (3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) चंदला में किया जा सकता है.

छतरपुर, दिनांक 6 सितम्बर 2011

क्र. 06- अ- 82 - भू-अर्जन-2010-11 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील- घुवारा भाग 1 ]

3359

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(ग) नगर/ ग्राम- भेल्दा

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 0.770 ( हेक्टेयर में ) (1 ) निजी भूमि-0.770 ( हेक्टेयर में )

(2 ) शास . भूमि-निरंक

योग-0.770 ( हेक्टेयर में )

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टेयर में) (2)

(1)

1538/1/1

0.180

1770/1

0.140

1771/2

0.060

1772/1

0.250

1772/2/1

0.080

1777/4

0.060

योग : 0.770

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भेल्दा तालाब योजना के नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 08- अ-82 - भू-अर्जन-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील- घुवारा

(ग ) नगर/ ग्राम- देवपुर

( घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.922 ( हेक्टेयर में )

( 1 ) निजी भूमि-1.922 ( हेक्टेयर में )

(2 ) शास. भूमि- निरंक

योग-1.922 ( हेक्टेयर में)

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

112

0.200

140

0.250

141

0.050

144

0.050

145

0.010

146

0.220

147

0.140

0.100

162

(1)

(2)

0.170

266

268

0.270

0.002

269/3

0.160

278

0.300

282

योग : 1.922

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. - भेल्दा तालाब योजना के नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 09 - अ- 82 - भू-अर्जन- 2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

( क ) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील- घुवारा

(ग ) नगर/ग्राम -मनकपुरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.945 ( हेक्टेयर में ) ( 1 ) निजी भूमि-1.945 ( हेक्टेयर में )

(2 ) शास . भूमि-निरंक

योग -1.945 ( हेक्टेयर में )

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

102/1

0.260

0.016

102/5

103

0.174

0.170

104

0.283

106

0.084

107/1

107/2

0.084

0.084

107/3

107/4

0.084

0.024

108

0.312

109

0.250

110

112/4

0.120

1.945

योग :

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भेल्दा तालाब योजना के बांध निर्माण एवं भराव क्षेत्र हेतु.

3360

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग शाजापुर, दिनांक 30 अगस्त 2011

क्र. भू- अर्जन- 2011-246.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में उल्लेखित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भूमि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-शाजापुर

(ख) तहसील- शुजालपुर

(ग) ग्राम-मेहरखेडी

(घ ) क्षेत्रफल- कुल रकबा 0.533 हेक्टेयर.

खसरा क्रमांक

क्षेत्रफल जो अर्जन होना है

(हे. में)

(1)

615/2

0.314

615/1

(2) 0.146

574/1

0.073 योग : 0.533

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- मेहरखेडी कालापीपल मार्ग हेतु भू-अर्जन.

नोटः- भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

शाजापुर, दिनांक 1 सितम्बर 2011

क्र. भू-अर्जन- 2011-248.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में उल्लेखित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भूमि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा

[भाग 1 घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन--

( क) जिला- शाजापुर

(ख ) तहसील- शुजालपुर

(ग ) ग्राम- डुंगलाय

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- ग्राम डुंगलाय रकबा 0.337 हेक्टेयर.

क्षेत्रफल जो अर्जन खसरा क्रमांक

होना है (हे. में)

(2)

(1)

ग्राम-डुंगलाय

0.337

137/3

योग : 0.337

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.-जेठडा तालाब सिंचाई योजना क्षेत्र में आने वाली भूमि का भू-अर्जन.

नोटः - भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सोनाली एन. वायंगणकर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग टीकमगढ़ , दिनांक 3 सितम्बर 2011

क्र. भू-अर्जन- 2011-प्र. क्र. 13-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला - टीकमगढ़

(ख) तहसील - पृथ्वीपुर भाग 1 ]

3361

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(ग ) नगर/ ग्राम- बारहो खुर्द , पटवारी हल्का नम्बर 61 .

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 6.091 हेक्टेयर.

सर्वे क्रमांक

कुल रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (3) 317/1

1.417

1.157 324

1.002

1.002 326

0.579

0.579 327

0.105

0.105 328

0.231

0.231 329

0.061

0.061 330/1

0.149

0.149 330/2

0.150

0.150 331

0.073

0.073 332

0.032

0.032

333/1

0.109

0.109

333/2

0.110

0.110 330/348

0.065

0.065 332/349

0.081

0.081 333/350

0.227

0.227 5

1.303

0.180 7

0.202

0.021 7/338

0.259

0.045 12

0.674

0.101 13/1

0.700

0.041 13/2

0.405

0.101 14/2

0.848

0.200 14/3

0.849

0.060 26

0.454

0.021 216/1

0.809

0.101 264

0.134

0.041 218

0.008

0.223

263

0.198

0.053 222

0.113

0.040 223

0.109

0.012 298

0.093

0.040 224

0.069

0.015 282

0.308

0.020 284

0.012

0.006 285

0.134

0.041 286

0.599

0.055 287

1.007

0.101 297

0.113

0.025 232

0.470

0.021 239/1

0.364

0.064 240

0.219

0.015

(2)

(3) (1)

0.020

0.057

241

242

0.146

0.008 302/2

0.008

1.598

0.041

0.178

299

0.081 161

0.462

0.363

162

0.051

0.030 163

0.696

153

1.343

0.131 155

0.982

0.101

0.061

1.250

310

6.091

योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बंजारी तालाब योजना.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , निवाड़ी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला-टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय मे देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी.एल. सोलंकी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना जिला रीवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 5 सितम्बर 2011

क्र. 1403 - प्रका.- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रघुराजनगर

(ग ) ग्राम- ( 1 ) उसरहा कोठार ( रामस्थान ) (घ) क्षेत्रफल-0.108 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2)

(1)

निजी खाता

534/1

0.012

0.012

534/2 3362

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(1)

(2)

534/3

0.012

534/4

0.012

534/5

0.012

534/6

0.032

534/7

0.016 0.108

कुल अर्जित रकबा

( 2) प्रमाणित किया जाता है कि दिये गये खसरा एवं रकबा के अलावा कोई रकबा शेष नहीं है. सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है .

(3 ) बाणसागर परियोजना पुरवा नहर में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1405 - प्रका .- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रघुराजनगर

(ग ) ग्राम- खम्हरिया प्यासियान

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.13 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

(1)

अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2)

निजी खाता

106

0.130

कुल अर्जित रकबा 0.130

(2 ) प्रमाणित किया जाता है कि दिये गये खसरा एवं रकबा के अलावा कोई रकबा शेष नहीं है . सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है .

(3 ) बाणसागर परियोजना पुरवा नहर में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

[भाग 1 रीवा, दिनांक 7 सितम्बर 2011

क्र. 1417 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- सिरमौर, मनिगंवा

( ग) नगर/ ग्राम-खैरा ( 3 ) ( 51 )

(घ) लगभगक्षेत्रफल-0.480 हेक्टेयर.

रकबा (हेक्टर में)

खसरा नम्बर (1) 362

(2) 0.480 0.480

कुल योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका, की ट्रेल डिस्ट्रीब्यूटरी की शाखा क्र. 1 , पिपराहा माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1415 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- सिरमौर

(ग ) नगर/ ग्राम- बरा कोठार

(घ) लगभगक्षेत्रफल-1.784 हेक्टेयर.

खसरा

अर्जित रकबा

(हेक्टर में)

(1)

(2)

0.074

नम्बर 1 2

0.040 भाग 1 ]

3363

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(2)

(1)

3

0.030

4

0.040

5

0.056

6

0.028

7

0.048

8

0.016

10

0.136

12

0.096

13

0.008

14

0.006

32

0.032

34

0.043

38

0.032

39

0.120

0.008

40

41

0.248

52

0.034

120

0.039

121

0.067

122

0.176

123

0.006

124

0.096

125

0.102

126

0.080

132

0.031

0.088

133

1.784

कुल योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योंटी मुख्य नहर की टेल डिस्ट्री माइनर के अंतर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु पिपराहा माइनर नं. 1 .

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1419 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-क्योंटी मुख्य नहर की टेल एवं टेल डिस्ट्रीब्यूटरी.

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील-सिरमौर

(ग) नगर/ ग्राम - देवास कोठार

(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.281 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.010

69

70

0.216

0.080

71

0.080

72

0.032

89

0.024

90

98

0.032

101

0.032

0.032

106

0.032

107 ,

108

0.064

0.020

126

127

0.040

129

0.056

141

0.040

0.032

145

0.030

1194

151

0.032

159

0.040

0.096

161

0.058

1182

0.230

1183

1191

0.112

0.016

1192

1193

0.064

0.032

1196

0.016

1197

1198

0.013

1199

0.072

1202

0.267

1204

0.037

1216

0.026

0.002

1243

1245

0.096

0.024

1246

1247

0.034

1248

0.087

0.024

1550

1551

0.048

1552

0.034 3364

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

(2)

(1)

2512

0.072

2482

0.232

2485

0.032

2486

0.056

2489

0.003

2490

0.040

2491

0.003

2492

0.032

2493

0.029

2494

0.026

2506

0.064

2507

0.064

2508

0.096

2511

0.080

2516

/ 0.026

2517

0.029

2518

0.072

2519

0.032

0.112

2581

2582

0.086

2583

0.056

2584

0.056

2585

0.096

2732

0.086

2733

0.007

2734

0.160

2735

0.040

2742

0.011

2744

0.040

2746

0.034

2749

0.528

2750

0.032

2751

0.352

2752

0.092

2753

0.032

2754

0.136

2755

0.163

2756

0.026

2757

0.008

0.008

2758

योग .. 5.281

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर क्योंटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका , की टेल डिस्ट्रीब्यूटरी ( देवास कोठार) के अंतर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1421 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- सिरमौर

(ग ) नगर/ग्राम- देवास कोठार 248 ,

(घ) लगभग क्षेत्रफल-11.232 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

टेल डिस्ट्रीब्यूटरी

2761

0.035

2762

0.120

0.160

2767

0.072

2768

0.048

2769

2770

0.049

0.056

2771

0.208

2832

0.112

3833

2835

0.160

माइनर नं. 1 देवास

0.030

2060

0.025

2061

0.122

2062

0.085

2063

0.082

2078

0.132

2081

0.086

2082

2083

0.042

0.084

2084

0.010

2088

0.096

2089

0.122

2090

2210

0.080

2212

0.120 भाग 1 ]

3365

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

(2) (1)

2213

0.024 2214

0.036 2215

0.088 2217

0.084

0.053 2216

2226

0.001 2227

0.080 2228

0.028 2229

0.318

0.063 2231

2236

0.276 2676

0.024 2677

0.068 2678

0.024 2679

0.086

0.020 2680

2747

0.370

0.024 2748

2749

0.044 2837

0.021 2838

0.344 2839

0.070

0.220 2840

माइनर नं. 2 देवास 373

0.112 374

0.048 375

0.080 377

0.032 378

0.017 379

0.040 2881

0.008 382

0.032 383

0.027 384

0.005 395

0.012 396

0.029 397

0.032 432

0.122 433

0.083 434

0.016 435

0.016 438

0.077 441

0.032 442

0.038

(2)

(1)

452

0.010

0.022

453

454

0.008

0.016

501

502

0.044

0.056

503

0.034

504

0.048

505

523

0.032

0.032

524

0.024

535

537

0.032

538

0.072

539

0.036

540

0.036

543

0.096

544

0.358

0.024

545

547

0.040

0.032

548

0.024

549

0.012

554

0.012

555

556

0.032

0.032

557

563

0.048

564

0.056

0.040

568

0.032

889

891

0.032

0.048

892

0.089

897

0.064

898

0.020

899

0.024

909

0.088

910

0.038

911

921

0.184

0.029

1059

0.043

1060

0.058

1061

0.020

1062

1064

0.030

1065

0.062 3366

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

(2) (1)

1066

0.012 1068

0.060 1074

0.068 1075

0.038 1105

0.019 1106

0.043 1107

0.008 1573

0.041 1574

0.020 1575

0.124 1576

0.072 1577

0.079 1582

0.142 1583

0.038 1586

0.190 1588

0.152 1634

0.024

0.048 1635

1636

0.129 1637

0.100 1642

0.094 1643

0.050 1644

0.009 1645

0.125 1647

0.009 1665

0.010 1668

0.064

0.129 1679

1680

0.040 1682

0.047 1683

0.018 1684

0.032 1687

0.038

0.200 1688

1689

0.128 1722

0.027 1723

0.084 2460

0.015 2461

0.320 2462

0.216 2509

0.060

0.066 2510

2512

0.095 2513

0.170

(2)

(1)

0.057

2518

0.032

2882

टेल माइनर

3833

0.112

माइनर नं. 1 देवास

2064

0.060

2066

0.128

0.036

2640

माइनर नं. देवास

0.083

467

463

0.032

0.032

1135

0.014

1524

योग 11.071

महायोग 11.232

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है. - बाणसागर क्योटी मुख्य नहर की सिरमौर वितरिका, की . के अंतर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव .

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर , दिनांक 5 सितम्बर 2011

क्र. 7507 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सागर

(ख) तहसील- गढ़ाकोटा

(ग ) ग्राम- मुर्गा दरारिया

(घ ) लगभग क्षेत्रफल 15.55 हेक्टेयर में भाग 1 ]

3367

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

ख. नं.

रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

86

0.90

87

1.55

88

1.55

89

1.36

90

0.70

91

0.70

92

0.70

93

0.65

94

0.50

95/2

0.10

97

0.09

98

1.44

1

99

1.51

100

1.81

102

1.85

85/2

0.12

86

0.02

योग .. 15.55

(2) सार्वजनिक प्रयोजन. दरारिया जलाशय योजनांतर्गत बांध एवं नहर निर्माण में शेष कृषकों की निजी भूमि का भू-अर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी महोदय, रहली के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग ग्वालियर, दिनांक 5 सितम्बर 2011

प्र. क्र. 3- अ-82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- ग्वालियर

(ख) तहसील- घाटीगांव

(ग ) ग्राम- करही

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.806 हेक्टर.

करई तालाब की नहर निर्माण हेतु आने वाली कृषकों की भूमि का मुआवजा निर्धारण प्रस्ताव

करई पाटई तालाब परियोजना ग्राम करई सर्वे नं.

तालाब में आने

कुल रकबा (हेक्टेयर में ) वाले क्षेत्र का रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

(3)

0.032

0.094

1724 मि.

0.021 1733

0.146

1734

0.585

0.032

0.042

0.178

1735

0.032

0.303

1736

0.042 1741

0.574

0.084 1749

0.983

0.052 1950

0.909

0.052

0.575

1951

0.073

1.170

1952

0.052 1961

0.962

1962

0.062

0.491

0.010

0.596

1964

3.67

0.094 1965

0.032

0.272

1966

1.306

0.094 1892

योग .. 0.806 ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- करही तालाब की नहर निर्माण हेतु ग्राम करही की भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3368

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

राजगढ़, दिनांक 6 सितम्बर 2011

क्र. 13488 - भू-अर्जन-2011 . - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

1 (क) जिला- राजगढ़

(ख ) तहसील - नरसिंहगढ़ बोड़ा, उमरी , सेंदरी मार्ग ( ग) नगर/ ग्राम-बोड़ा, उमरी , सेंदरी कण्डारा कोटरी ( घ) लगभग क्षेत्रफल- 12.049 हेक्टर

रकबा

(हेक्टर में)

सर्वे नम्बर (1)

(2)

ग्राम-बोड़ा

2185/1

0.040

2196/2

0.025

2147/2

0.050

2149

0.051

2150/1

0.089

2151/3

0.015

2148/1

0.051

2148/2

0.013

2147/1

0.050

2146/1/1

0.025

2146/1/2

0.025

2146/2

0.051

2542

0.060

2145

0.065

2144/1

0.050

2144/2

0.025

2144/3

0.025

2141 से 2142

0.040

2534

0.070

(2)

(1)

2139 से 2140

0.101

0.140

2138

2135

0.250

0.013

2133

2545

0.110

2546

0.230

2585

0.100

0.110

2586

0.020

2592

0.090

2597

0.050

2598

2600

0.070

2602

0.140

2603/1

0.050

2603/2

0.060

0.080

2632

2630

0.110

0.110

2629

0.030

2657/1

2657/2/3

0.080

2658

0.020

0.040

2659/1

0.030

2659/2

0.020

2659/3

2660

0.070

0.160

2665/1

0.070

2661/2

2661/1/1/1

0.060

0.060

2661/1/2

0.070

2663/1/2/1

2663/1/2/2

0.070

2663/2

0.090

0.060

2663/1/4

0.060

2663/1/5

2627/2/1

0.060

2627/2/2

0.100

0.072

2627/3/1/1

0.073

2627/3/1/2

0.025

2627/3/1/3

2588/1

0.110

0.190

2605/1 भाग 1 ]

3369

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(1)

(2) 2606/1/1

2607/1/1

0.050 2607/1/5

2606/1/2

2607/1/2

0.050 2607/1/6

2606/1/3

0.050 2607/1/3

2607/1/4

0.050

4.474

योग

ग्राम-उमरी

8

0.050 36

0.126 37

0.090 68/1

0.030 235/1

0.025 69

0.070 222

0.215 223

0.200 70

0.013 73

0.110 75

0.150 77

0.110 225/1

0.115 225/2

0.115 233

0.140 235/1

0.075 240/1

0.025 241/1

0.030 240/2

0.025 241/2

0.030 242/1

0.035 242/2

0.035 242/3

0.035 243

0.050 249/1

0.015 478

0.140 249/2

0.015 249/3

0.015 431/1/2

0.050

(2)

(1)

0.150

429/1/3/1

424/1

0.090

424/2

0.080

0.100

476

0.037

413/2

0.037

413/3

0.036

413/4

412

0.120

477/1

0.060

0.050

248

2.894

योग

ग्राम-सेंधरी

0.030

2/1

0.090

26/1

26/2

0.050

0.040

26/3

5

0.130

22

0.100

24

0.030

0.080

25

0.200

34

0.040

55/4

33/1

0.080

0.050

52

0.090

35/2

36/4

0.015

52/2

0.070

0.025

56/4

0.030

35/3

0.010

36/3

0.040

52/3

0.040

56/3

56/2

0.015

0.030

55/1

0.040

55/2

55/3/1

0.030

0.015

55/3/2/1

55/3/2/2

0.015

0.030

53/1

51/1

0.040 3370

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(1)

(2) 51/2

0.150 126/1

0.050

0.020 126/2

127/2/1

0.100 127/1

0.113 130

0.170 131

0.030 150/1

0.100 150/2

0.130 151/1

0.025

योग 2.343

ग्राम- कण्डारा कोटरी 185

0.090 181/1

0.035 182/1

0.040 182/2

0.025 182/3

0.025 183/1

0.060

0.070 183/2

0.065 204/3

175

0.050 205/1

0.025 205/2

0.015 206/1

0.065 206/2

0.065 174/1

0.020 174/2

0.025 166

0.060 507/164/1

0.127

0.126 507/164/2

161/1

0.060 161/2

0.150 147

0.020 237

0.050 164

0.035 146

0.030 240

0.150 135

0.135 241

0.140 141/1/3

0.035

(2)

(1)

0.100

256/1

0.035

256/2

0.030

0.065

256/3

0.050

255/1

0.050

255/2

116/1

0.020

121/2

0.040

0.050

121/3

0.030

117

0.040

116/2

0.020

115

0.015

109/3/2

योग .. 2.338

क्र. 13496 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन--

(क) जिला-राजगढ़

(ख ) तहसील- नरसिंहगढ़ सांका चांदबड़ मार्ग (ग) नगर/ग्राम- सांका जांगीर, सुड़ी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.179 हेक्टेयर में.

रकबा

सर्वे

नम्बर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

ग्राम सांका-जागीर

0.013

96/1/2

0.013

96/1/1

0.013

96/1/3

0.013

96/2

0.013

96/3

186/1

0.190

151/8

0.332 भाग 1 ]

3371

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(2)

(1)

186/2

0.190

182

0.318

183

0.318

181/1

0.065

181/2/2

0.038

181/2/1

0.065

176

0.190

216/1

0.102

216/2

0.064

216/3

0.079

216/4

0.064

218

0.696

219

0.064

199/8

0.090

0.006

96/1/5

योग 3.207

ग्राम-सूडी

0.253

46

47/1

0.126

47/2

0.126

47/3

0.151

47/4

0.253

43/5

0.025

44/1

0.025

49

0.013

0.972

योग

एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव. मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , कार्यालय, कलेक्टर जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व

विभाग

खण्डवा, दिनांक 7 सितम्बर 2011

भू-अर्जन प्र . क्र. 56-अ-82-10-11. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- खण्डवा

(ग) ग्राम- सिर्रा

(घ) अर्जित रकबा 18.02 हेक्टेयर में

खसरा

क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

0.38

601

0.44

615

1.40

620

1.11

629

621/3

1.85

622

0.10

1.50

612

4.83

617

0.75

621/1

0.36

621/2

0.50

624/2

605/2

0.10

1,40

614

1.86

619

0.57

624/1

628/1

0.27

0.60

628/2

योग .. 18.02

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- जल संसाधन संभाग, खण्डवा अंतर्गत नावली तालाब योजना के बांध निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

3372

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

भू-अर्जन- प्र. क्र. 58-अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- खण्डवा

(ग) ग्राम-छनेरा

(घ ) कुल अर्जित रकबा-47.55 हेक्टेयर में.

1

खसरा

क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

293/1

2.36

293/2

0.59

293/3

1.25

297/1

0.16

297/2

1.06

0.70

297/4

297/5

0.21

291/1

0.67

291/2

0.66

290

1.38

289/1

0.72

289/2

0.13

289/3

0.13

0.13

289/4

289/5

0.14

289/6

0.14

289/7

0.13

288/1

0.80

288/2

0.57

288/3

0.60

287/1

1.22

0.28

287/2

287/3

0.17

297/5

0.03

381/1

0.30

381/2

1.15

392/1

0.01

392/2

0.80

394/2

0.08

396/1

396/2

0.38

0.01

397/6

281/1

0.64

281/2

1.80

2.40

282/1

0.40

282/2

283

0.46

284

0.01

0.25

285

2.17

239

1

237

0.71

236

1.29

238/1

0.91

1.00

238/2

235

1.33

0.68

234

232

0.08

229

0.16

228

4.04

92

0.14

0.23

91

0.06

87

86

0.11

85

0.38

0.26

242

243

0.23

0.02

245/2

245/3

0.03

0.03

245/4

245/5

0.11

245/6

0.10

247

0.10

248

0.94

249

1.07

252

0.34

0.25

253

254

0.02

0.20

255 भाग 1 ]

3373

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

(1)

(2)

263

0.11

264

0.42

265/2

0.33

265/1

0.40

275

3.66

250

0.80

382/2

0.24

303

0.01

294

0.01

271

0.12

270

0.10

269

0.10

268

0.12

1.22

93

1 योग 47.55

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- जल संसाधन संभाग , खण्डवा अंतर्गत छनेरा सिंचाई तालाब के डूब क्षेत्र बांध स्पील एवं एप्रोच एवं नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भू-अर्जन- प्र. क्र. 59-अ- 82-10-11- नस्ती क्र. 98-2011- एलए. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील - खण्डवा

(ग) ग्राम- देशगांव

(घ) अर्जित रकबा 3.51 हेक्टेयर में

खसरा

क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

258

0.10

264

0.11

(2)

(1)

228/3

0.10

266/1

0.10

255/3

0.10

0.25

263

1.37

229

0.11

261

256/1

0.05

0.08

255/2

0.12

262

0.20

230/1

0.10

256/4

255/1

0.70

252

0.02

योग .. 3.51

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-जल संसाधन संभाग, खण्डवा अंतर्गत नावली तालाब योजना के बांध निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भू-अर्जन- प्र. क्र. 62-अ-82-10-11- नस्ती क्र. 99-2011- एलए.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- खण्डवा

(ख ) तहसील-खण्डवा

(ग) ग्राम- सहेजला

(घ ) अर्जित रकबा 60.45 हेक्टेयर में

खसरा क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

21

1.67

24

1.60

35/1

3.48

37/1

1.69 3374

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

(1)

(2)

0.48 41/1

44

1.09 54

0.63 59

1.00 71/2

0.28 71/6

0.44 71/9

0.89 74/1

1.60 82

0.30 85

0.21 105

0.28 121/2

1.30 383/3

0.24 389/1

0.01 389/5

0.06 113

0.17 51

0.17 3/3

0.16 23/1

0.86 25

0.31 35/2

2.03 37/2

1.68 41/2

1.63 46

2.00 55

0.41 60

0.40 71/3

0.28 67

0.41 71/10

0.62 74/2

0.11 83

0.10 97

1.60 106

1.60 165/7

0.50 387

0.40 389/2

0.01 114/1

0.11 29

0.08 5

0.52 23/2

1.64 33

1.00 35/3

2.14 38

1.24 42/1

0.80 48

0.02

(2)

(1)

56

1.14

66

0.80

71/4

0.43

71/7

0.23

0.58

71/11

75

1.15

0.11

84/1

0.08

99

1.24

111

383/1

0.22

388/1

0.01

0.01

389/3

114/2

0.25

26

0.08

3/1

0.16

23/3

0.84

34

3.21

36

2.16

1.24

39

42/2

2.04

53/2

0.17

57

1.50

71/1

0.29

0.43

71/5

0.22

71/8

0.30

72

0.04

81

84/2

0.10

0.10

104

0.10

121/1

383/2

0.18

0.01

388/2

0.07

389/4

118

0.10

0.45

50

3/2

0.16

योग .. 60.45

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- जल संसाधन संभाग, खण्डवा अंतर्गत नावली तालाब योजना के बांध निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

3375

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

भू-अर्जन- प्र. क्र. 63-अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील-पंधाना

(ग ) ग्राम- जामली ( राजगढ़ )

( घ) कुल अर्जित रकबा -70.64 ( हेक्टेयर में. ) खसरा

अर्जित रकबा

क्रमांक

(हेक्टर में)

(1)

(2)

3.00

241

242/1

0.55

242/2

1.15

245

2.38

247

2.82

248

0.90

249

0.30

252/1

4.00

252/2

2.00

253/1

2.64

253/2

0.85

232

1.26

233

2.06

234

2.40

236

0.62

237

1.10

238/1

0.28

1.45

238/2

0.02

90

88

0.04

86

0.04

(2)

(1)

0.44

93

94

2.53

0.66

95

0.21

96

1.00

97

1.00

98/1

0.20

98/2

0.20

104

105

0.30

0.20

106

107

0.35

1

1.50

193

0.78

192

0.45

194

195

1.80

196

0.45

0.20

197

201/1

2.34

201/2

3.00

203

2.41

275

1.00

276

0.40

277

0.30

0.30

278

0.20

279

0.10

280

282/1

0.10

0.30

176

177/1

0.35

0.20

178

0.10

179/1

211

1.44

1.49

212 3376

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

(1)

(2)

213

0.28

214

1.26

215

0.87

216

1.31

217

1.00

218

1.00

219

0.50

220

0.60

221

0.75

222

1.24

223

0.10

224/1

1.64

224/2

0.80

225

0.20

226

0.89

227

0.69

228

0.32

229

1.00

योग 70.64

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-जल संसाधन संभाग, खण्डवा अंतर्गत अर्दला सिंचाई तालाब योजना के डूब बांध स्पील एवं एप्रोच एवं नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भू-अर्जन- प्र . क्र. 64-अ- 82-10-11- नस्ती क्र. 101-2011- एलए. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त

[भाग 1 भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

( क ) जिला- खण्डवा

(ख ) तहसील- खण्डवा

(ग ) ग्राम- खजूरी

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 23.696 ( हेक्टेयर में. ) खसरा

क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

223

0.74

133

0.54

1

0.64

139

1.40

170/2

222/5

0.40

258

1.24

282

0.10

326

0.12

160

0.29

79/2

0.008

80

0.004

84

0.145

87/1

0.072

87/2

0.086

128

0.40

0.59

131

0.44

135

144

0.85

222/1

1.00

0.50

222/3

295

0.17

0.30

287

327

0.15

36/1

0.088 भाग 1 ]

3377

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

(2)

(1)

77/1

0.030

81

0.006

0.081

90

99

0.020

114

0.235

127

0.40

134

0.60

136

1.05

165/3

0.54

1.03

224

0.50

296

0.85

1 294

1.20

328

0.10

129

0.095

78

0.032

82

0.050

91

0.068

77/2

0.010

102

0.160

2.55

169

132

0.06

138

0.15

170/1

0.10

222/4

0.50

225/2

0.10

325

1.00

302

1.35

159

0.55

130

0.030

0.040

79/1

83

0.070

75/2

0.096

112

0.030

योग .. 23.696

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- जल संसाधन संभाग , खण्डवा के अंतर्गत खजूरी तालाब योजना के बांध एवं नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कवीन्द्र कियावत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

कार्यालय, कलेक्टर, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग जबलपुर, दिनांक 13 जुलाई 2011

क्र. 835- (भू- अ.अ. ) 11 - रा. प्र. क्र. 1-अ-82-09-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- जबलपुर

(ख ) तहसील- पाटन

(ग) नगर/ग्राम- कटराबेलखेडा प.ह.नं. 34

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.530 हेक्टर.

रकवा

ख. नं. ( नया)

ख. न. (पु. )

(2)

(3) (1)

0.016 24

36

212

301

0.028

0.279

71

302,303 , 305

0.594

169

313, 314 , 315,

331

72

0.303 321, 322 , 323

0.137 333

168

451

0.355 334/1

452

0.129 344/3

433

0.222 355

381

439

162

0.230 382

447

0.230 387/1

2.523

योग ..

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पाटन से मनकेडी मार्ग हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पाटन के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गुलशन बामरा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3378

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

[भाग 1

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 16 अगस्त 2011

क्र. 1153 - गोपनीय - 2011-दो- 3-1-2011 ( भाग- बी) .-न्यायिक अधिकारी जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है , को न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल , उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर में पांच दिवसीय प्रशिक्षण "Refresher Course for Civil Judges , Class - II " ( 2008 Batch) ( Second Batch) , जो दिनांक 12 सितम्बर 2011 से 16 सितम्बर 2011 तक की अवधि के लिये आयोजित है , हेतु संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर के समक्ष दिनांक 12 सितम्बर 2011 को प्रातः काल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है .

प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी :-

1. अपरिहार्य मामलों को छोड़कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा. समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजा जावे , जिससे कि निदेशक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें.

2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल , उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर के समक्ष दिनांक 12 सितम्बर 2011 को प्रातःकाल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें.

3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट , ग्रे पेन्ट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होवें, महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाऊज व काले कोट में उपस्थित होवें.

4. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निम्न में से प्रत्येक की एक प्रति, प्रशिक्षण प्रारंभ होने के , कम से कम एक सप्ताह पूर्व , प्रशिक्षण संस्थान को अवश्य प्रेषित करें

( i) Judgement in Civil Case ( contested) and (ii ) Judgement in Criminal case (contested) (iii) Issues framed by themselves

(iv) Charge framed by themselves

(v) Accused Statement Prepared by themselves .

5. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे जिन विधिक समस्याओं/विषयों पर चर्चा चाहते हों को प्रशिक्षण केन्द्र के फैक्स नं. 0761-2626945 पर समय रहते अग्रिम प्रेषित करें.

6. टी. ए. एवं डी. ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे , जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं .

7. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासनहीनता माना जावेगा.

8. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन पर टैम्पो ट्रैक्स की व्यवस्था की जावेगी . जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी. अतः न्यायिक अधिकारी जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के कार्य दिवस में, प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच , दूरभाष क्रमांक 0761-2628679 पर समयावधि रहते सूचित करें.

9. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिये न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है . जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी . यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के द्वितीय एवं तृतीय तल पर, स्वास्थ्य कारणों से, ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा, जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी . इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी. ए. एवं डी. ए. क्लेम करने के पात्र होंगे .

10. न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय नाश्ता तथा दिन एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

जबलपुर, दिनांक 19 अगस्त 2011

क्र. 1169 - गोपनीय- 2011-दो- 3-1-2011 ( भाग- बी ) .-न्यायिक अधिकारियों जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है , को न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में पांच दिवसीय प्रशिक्षण " Application of Information and Communication Technology to District Judiciary " , जो दिनांक 19 सितम्बर 2011 से 23 सितम्बर 2011 तक की अवधि के लिये आयोजित है , हेतु संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , प्रथम तल , उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 19 सितम्बर 2011 को प्रातः काल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है.

प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी : -

1. अपरिहार्य मामलों को छोड़कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा. समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजा जावे, जिससे कि निदेशक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें.

2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 19 सितम्बर 2011 को प्रातःकाल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें.

3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट, ग्रे पेन्ट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होवें, महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाऊज व काले कोट में उपस्थित होवें.

4. टी. ए. एवं डी. ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे, जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं .

5. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासनहीनता माना जावेगा.

6. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन पर टैम्पो ट्रैक्स की व्यवस्था की जावेगी . जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की

3379 तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी . अतः न्यायिक अधिकारी जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के कार्य दिवस में, प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच , दूरभाष क्रमांक 0761-2628679 पर समयावधि रहते सूचित करें.

7. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिये न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है . जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी . यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के द्वितीय एवं तृतीय तल पर, स्वास्थ्य कारणों से, ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा , जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी . इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी. ए. एवं डी. ए. क्लेम करने के पात्र होंगे .

8. ( 1 ) न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे अपने साथ Laptop Computers with Peripherals एवं Software CDs प्रशिक्षण सत्र में साथ लावें. साथ ही ई-कमेटी द्वारा प्रदाय की गई अध्ययन सामग्री व उच्च न्यायालय द्वारा प्रदाय किया गया " लेपटाप संचालन मार्गदर्शिका " भी साथ लेकर आवें.

(2) प्रशिक्षण में शामिल पृष्ठांकन में दर्शित ऐसे न्यायिक अधिकारी जो यह महसूस करते हैं कि वे कम्प्यूटर ज्ञान से भिज्ञ हैं एवं उन्हें लेपटॉप प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं है , तो उन्हें यह निर्देशित किया जाता है कि वे इस संबंध में समय रहते सीधे प्रशिक्षण संस्थान को सूचित करें, ताकि आगामी कार्यवाही की जा सके.

(3 ) ऐसे न्यायिक अधिकारी जिनके लेपटॉप कार्यरत अवस्था में नहीं हैं अथवा गुम हो गये हैं , जो उन्हें यह निर्देशित किया जाता है कि वे इस संबंध में अपना प्रतिवेदन संस्थान को समय रहते प्रेषित करें , ताकि अन्य व्यवस्थायें की जा सकें.

9. न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय , नाश्ता तथा दोपहर एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.

माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, सुभाष काकडे , रजिस्ट्रार जनरल .

3380

जबलपुर, दिनांक 25 अगस्त 2011

क्र. E- 3-49-दो - 3-1-36- भाग पांच. श्री एच. बी. खेड़कर, अनुभाग अधिकारी, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश खण्डपीठ ग्वालियर की नियुक्ति/पदोन्नति लेखा अधिकारी के रिक्त पद पर वेतनमान रुपये 10000--325-15,200 ( पुनरीक्षित वेतन बैंड रुपये 15600- 39100+ग्रेड पे रुपये 6600 ) में , परीवीक्षा पर 2 वर्ष के लिये अस्थायी एवं स्थानापन्न रूप से , आगामी आदेश पर्यन्त, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर की स्थापना पर उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से की जाती है.

माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार , सुभाष काकडे , रजिस्ट्रार जनरल .

जबलपुर, दिनांक 12 अगस्त 2011

क्र. E - 3576-दो-2-34-2010.-श्री आलोक वर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सतना को दिनांक 25 से 28 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 24 जुलाई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री आलोक वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सतना को सतना पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री आलोक वर्मा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

जबलपुर, दिनांक 24 अगस्त 2011

क्र. C- 6898-दो- 2-46-2000.- श्री ओ. पी. दुबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, हरदा को दिनांक 11 से 16 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए छः दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 17 जुलाई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री ओ . पी. दुबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, हरदा को हरदा पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री ओ . पी. दुबे उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

[भाग 1 क्र. C - 6900- दो - 2-5-2011.- सुश्री प्रतिभा रत्नपारखी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सागर को दिनांक 15 से 20 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके छः दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर सुश्री प्रतिभा रत्नपारखी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सागर को सागर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि सुश्री प्रतिभा रत्नपारखी, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. C -6902-दो - 2-40-2009.- श्रीमती कुमुदबाला बरणा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मण्डलेश्वर को दिनांक 11 से 14 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्रीमती कुमुदबाला बरणा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डलेश्वर को मण्डलेश्वर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कुमुदबाला बरणा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र . C - 6904- दो-3-65-2002.- श्रीअशोक कुमार जैन, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , जबलपुर को दिनांक 27 से 30 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 31 जुलाई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री अशोक कुमार जैन, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री अशोक कुमार जैन उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

भाग 1 ]

3381

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 सितम्बर 2011

क्र. C- 6906- दो-3-65-2002 .- श्री अशोक कुमार जैन, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, जबलपुर को दिनांक 22 से 25 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री अशोक कुमार जैन , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री अशोक कुमार जैन उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C-6910-दो- 2-22-2000.- श्री एस.के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बुरहानपुर को दिनांक 11 से 16 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए छः दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 17 जुलाई 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री एस. के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बुरहानपुर को बुरहानपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस. के. जैन उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.

जबलपुर , दिनांक 25 अगस्त 2011

क्र. C- 6979-दो- 3-102-2000.- श्री बी . डी. राठी, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय , ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को दिनांक 16 से 19 अगस्त 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 15 अगस्त 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 20, 21 एवं 22 अगस्त 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री बी. डी. राठी, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय, ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री बी. डी. राठी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रिंसिपल रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत रहते .

माननीय न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर , रजिस्ट्रार.

जबलपुर, दिनांक 25 अगस्त 2011

क्र. 1184-गोपनीय- 2011 - दो- 2-1-2011 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लिखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लिखित न्यायालय के न्यायाधीश, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है : -

सारणी

क्रमांक अधिकारी

का नाम

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (3)

(1) (2)

1 श्री चन्द्र मोहन गर्ग, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय क्रमांक -1 , विद्युत् अधिनियम, 2003 , भोपाल.

अपर सत्र न्यायाधीश एवं पीठासीन अधिकारी , मध्यप्रदेश स्टेट इण्डस्ट्रियल डेव्लपमेंट कार्पोरेशन, लिमिटेड ( M.P.S.I.D.C ) भोपाल द्वारा आई . सी. डी. संव्यवहार से संबंधित आपराधिक प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु गठित विशेष न्यायालय की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार , सुभाष काकडे , रजिस्ट्रार जनरल.

3382

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 सितम्बर 2011

जबलपुर, दिनांक 12 अगस्त 2011

क्र. E- 3579- दो-2-50-2011.- श्री प्रदीप व्यास , विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी, जे. ओ. टी. आर. आई. , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर को दिनांक 8 से 20 अगस्त 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री प्रदीप व्यास , विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी , जे. ओ. टी. आर . आई. , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री प्रदीप व्यास उपरोक्तानुसार, अवकाश पर नहीं जाते तो ओ. एस. डी. के पद पर कार्यरत रहते .

जबलपुर, दिनांक 25 अगस्त 2011

क्र. C-6977- दो - 3-76-2009.- श्री सत्येन्द्र सिंह , रजिस्ट्रार ( व्ही. एल. ) , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश जबलपुर को दिनांक 16 से 18 अगस्त 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री सत्येन्द्र सिंह , रजिस्ट्रार ( व्ही. एल. ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री सत्येन्द्र सिंह उपरोक्तानुसार, अवकाश पर नहीं जाते तो रजिस्ट्रार ( व्ही. एल. ) के पद पर कार्यरत रहते.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.

जबलपुर , दिनांक 24 अगस्त 2011

क्र. 1173-गोपनीय - 2011- दो-3-29-2011.- कुमारी रीतु वर्मा, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , भोपाल के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश , भोपाल का विवाह श्री प्रवीण कुमार कटारिया के साथ होने के फलस्वरूप , उनकी प्रार्थनानुसार उनका नाम " कुमारी रीतु वर्मा " के स्थान पर " श्रीमती रीतु वर्मा कटारिया " पति श्री प्रवीण कुमार कटारिया परिवर्तित करने की एतद्वारा अनुमति प्रदान कीजाती है . उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका परिवर्तित नाम अंकित किया जावे.

आदेशानुसार, सुभाष काकडे, रजिस्ट्रार जनरल .

उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश ( सैट ) , जबलपुर जबलपुर, दिनांक 23 अगस्त 2011

क्र.299 - स्था.सैट -2011 .- श्री हरीश कांत दुबे , विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (लेखा ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश ( सैट ) , जबलपुर को दिनांक 11 से 12 अगस्त 2011 तक, कुल दो दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है साथ ही पूर्व एवं पश्चात् में पड़ने वाले सार्वजनिक अवकाशों का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश अवधि में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (लेखा ) को अवकाश वेतन तथा भत्ते उसी प्रकार देय होंगे जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व देय थे .

उक्त अवकाश से लौटने पर श्री हरीश कांत दुबे को अस्थाई रूप से, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी ( लेखा ) , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश ( सैट ) , जबलपुर के पद पर आगामी आदेश तक पुनः पदस्थ किया जाता है.

रजिस्ट्रार जनरल महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर , रजिस्ट्रार- कम- पी.पी.एस.

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिंगरौली , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सिंगरौली, दिनांक 5 सितम्बर 2011

संशोधित उद्घोषणा

क्र. 348-351 - भू-अर्जन -2011 . - प्रकरण क्रमांक 1448-2010 - भू-अर्जन , दिनांक 6 अगस्त 2010 को मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग-1 , पृष्ठ क्र. 1958 पर भूमि की उद्घोषणा का प्रकाशन किया गया है वह त्रुटिपूर्ण है. जिसे संशोधित कर उद्घोषणा का प्रकाशन निम्नानुसार पढ़ा जायेः-

त्रुटिपूर्ण उद्घोषणा भूमि का कुल योग- स्तम्भ-2 में 3.856 हे.

संशोधित उद्घोषणा

भूमि का कुल योग -4.856 हे . पढ़ा जाये.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

पी. नरहरि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 16 September 2011. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2011-09-16.37.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2011-09-16.37.Ordinary.