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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 30 September 2011

Type
Ordinary
Gazette no.
39
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2011-09-30.39.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदेश शास

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 39 ]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 30 सितम्बर 2011-आश्विन 8 , शक 1933

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट .

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं .

(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग 4.- (क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक,

(3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद् के अधिनियम,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल , दिनांक 15 सितम्बर 2011

क्र. ई- 1-312-2011-5- एक.- श्री आशुतोष अवस्थी, भाप्रसे. , उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवाएं अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कार्यक्रम संचालक, तेजस्विनी परियोजना के पद पर नियुक्ति के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपी जाती हैं तथा उन्हें पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग भी घोषित किया जाता है .

(2 ) उपरोक्तानुसार श्री आशुतोष अवस्थी द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन भाप्रसे ( वेतन ) नियमावली , 2007

3449

के नियम -9 के अंतर्गत कार्यक्रम संचालक, तेजस्विनी परियोजना के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में ऊपर दर्शित नियमों की अनुसूची- II बी में सम्मिलित उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

भोपाल, दिनांक 13 सितम्बर 2011

क्र. बी-1-31-2011-2- एक. राज्य शासन एतद्वारा कु. सुरभि सोनी , राप्रसे डिप्टी कलेक्टर , कटनी के अनुरोध पर उनके नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2011 .

3450

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

विवाहोपरांत उपनाम में परिवर्तन कर " कु. सुरभि सोनी के स्थान पर " " श्रीमती सुरभि तिवारी " करने की स्वीकृति प्रदान करता है .

दिनांक 26 सितम्बर 2011 से 7 अक्टूबर 2011 तक बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) उपरोक्तानुसार उप नाम परिवर्तन की प्रविष्टि श्रीमती सुरभि तिवारी , रा.प्र.से. के सेवा अभिलेखों में की जायें.

( 2) अवकाश से लौटने पर श्री लक्ष्मीकांत द्विवेदी को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , संस्कृति विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , उषा परमार, अवर सचिव " कार्मिक "

(3 ) अवकाशकाल में श्री लक्ष्मीकांत द्विवेदी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

भोपाल , दिनांक 14 सितम्बर 2011

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री लक्ष्मीकांत द्विवेदी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई - 5-848 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री लक्ष्मीकांत द्विवेदी, आयएएस. , उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , संस्कृति विभाग को

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एस. तोमर , अवर सचिव " कार्मिक "

भोपाल , दिनांक 2 सितम्बर 2011

क्र. ई. - 1-207-2011-5- एक. नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाये भाप्रसे के अधिकारी को मुख्य सचिव वेतनमान में पदोन्नत करते हुए, उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाये गये पद पर, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है : - क्रमांक

मुख्य सचिव वेतनमान में पदोन्नति

पर पदस्थापना

अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना

(1)

(2)

(3)

खाना-3 में अंकित पद असंवर्गीय होने की दशा में संवर्गीय पद जिसके समकक्ष पदस्थ किया गया है (4)

अध्यक्ष, राजस्व मंडल

अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वन विभाग.

1 श्री स्वदीप सिंह ( 1979 ) प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन वन विभाग.

भोपाल, दिनांक 14 सितम्बर 2011

क्र. ई. - 1-307-2011-5- एक. नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाये भाप्रसे के अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाये गये पद पर, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है : -

क्रमांक

नवीन पदस्थापना

अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना

(1)

(2)

(3)

खाना-3 में अंकित पद असंवर्गीय होने की दशा में संवर्गीय पद जिसके समकक्ष घोषित किया गया (4) 1 श्री व्ही. के. बाथम , ( 1992) सचिव , मध्यप्रदेश शासन , सामाजिक न्याय विभाग.

आयुक्त, सामाजिक न्याय , मध्यप्रदेश तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , सामाजिक न्याय विभाग .

सचिव , मध्यप्रदेश शासन , पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग.

2 श्री हीरालाल त्रिवेदी ( 1993 ) आयुक्त, सामाजिक न्याय, मध्यप्रदेश 3451 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

(4) (2)

(1)

(3)

3 श्रीमती मधु खरे ( 1997) सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश.

अपर आयुक्त, आदिवासी विकास (इस विभाग के आदेश क्र. ई -1/ 304/2011 /5/ए, दिनांक 7 सितम्बर, 2011 जिसके द्वारा श्रीमती खरे को संचालक, ग्रामीण रोजगार पदस्थ किया गया है , को एतद्वारा निरस्त करते हुए) .

उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन 4 श्री एन. बी. एस. राजपूत (1999).

आयुक्त, नगरपालिक निगम, जबलपुर (इस विभाग के आदेश क्र. बी-1/ 72/2011/2/एक, दिनांक 30 अगस्त , 2011 जिसके द्वारा उप सचिव, साप्रवि पदस्थ किया गया है , को एतद्वारा निरस्त करते हुए ) .

उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन , किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग.

5 श्री संतोष कुमार मिश्रा ( 1999 ) अपर आयुक्त, वाणिज्यिक कर, इन्दौर.

उप सचिव मध्यप्रदेश शासन

अपर आयुक्त, वाणिज्यिक कर, इन्दौर.

6 श्री आनंद शर्मा , भाप्रसे अपर कलेक्टर, इन्दौर.

अपर कलेक्टर, जबलपुर

7 श्री ओ. पी. श्रीवास्तव, राप्रसे आयुक्त, नगरपालिक निगम, जबलपुर.

( 2 ) श्री आलोक श्रीवास्तव, भाप्रसे ( 1984 ) , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ आगामी आदेश तक, प्रमुख सचिव , उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग , जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.

( 3 ) श्री आलोक श्रीवास्तव द्वारा प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग, जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री प्रभांशु कमल , भाप्रसे ( 1985 ) , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, पशुपालन विभाग , उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग केवल प्रमुख सचिव, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग, जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

भोपाल , दिनांक 15 सितम्बर 2011

क्र. एफ-ए- 5-16-2011 - एक ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय श्री एस . एन. अग्रवाल , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, ग्वालियर, खण्डपीठ ग्वालियर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है :-

अभियुक्ति (5) अ.क्र. (1)

अवकाश अवधि (2)

अवकाश का प्रकार (4)

कुल दिन (3)

1

4 दिन

दिनांक 11-7-2011 से 14-7-2011 तक.

पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित कम्युटेड अवकाश .

अवकाश के पश्चात् में दिनांक 8-5-2011 के सार्वजनिक अवकाश कालाभ उठाने की अनुमति सहित.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. आर. विश्वकर्मा, उपसचिव.

3452

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

राजस्व विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 30 अगस्त 2011

क्र. एफ. 16-26-2011 - सात -2 ए. राज्य शासन , एतदद्वारा मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के अन्तर्गत श्री पी. के . श्रीवास्तव, संयुक्त कलेक्टर , श्योपुर को जिले में अतिरिक्त कलेक्टर की शक्तियां प्रदत्त करता है . श्री श्रीवास्तव , संयुक्त कलेक्टर, श्योपुर को उनकी श्योपुर जिले में पदस्थ अवधि अथवा अपर कलेक्टर की पदस्थापना होने तक यह अधिसूचना प्रभावशील रहेगी .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, किरण मिश्रा, अवर सचिव.

श्रम विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 6 सितम्बर 2011

क्र. एफ. 14-2-2007- ए- सोलह. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 6 फरवरी 2010 निरस्त कर मध्यप्रदेश श्रम कल्याण निधि अधिनियम , 1982 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन एतद्वारा श्री भगवान दास गोंडाने , इन्दौर को आगामी आदेश अथवा तीन वर्ष की अवधि, जो भी पहले हो , तक के लिये मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल का अध्यक्ष नियुक्त करता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, खेमराज माहौर, अवर सचिव.

आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 13 सितम्बर 2011

क्र. एफ. 3-31-2001- बत्तीस- 1.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 40 सहपठित मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम 1975 के नियम 17 के अध्यधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन, एतद्वारा निम्नलिखित व्यक्तियों को आगामी आदेश तक, देवास विकास प्राधिकरण, देवास में उनके नाम के सम्मुख उल्लेखित पद पर नियुक्त किया जाता है: -

अध्यक्ष 1. श्री शरत पाचूनकर

उपाध्यक्ष 2. श्री मज्जीद भाई

उपाध्यक्ष 3. श्री दुर्गेश अग्रवाल

सदस्य 4. श्री विकास गिरी

सदस्य 5. श्री शिवचरण कामते

सदस्य 6. श्री घनश्याम पाटीदार

सदस्य 7. श्रीमती चन्द्रकांता शर्मा

सदस्य 8. श्रीमती मनोरमा अशोक सोलंकी

(2 ) श्री शरत पाचूनकर द्वारा देवास विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कलेक्टर, देवास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद से स्वतः ही कार्यमुक्त हो जायेंगे.

क्र. एफ. 7-37-2001- बत्तीस - 1.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 40 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम 1975 के नियम 17 के अध्यधीन राज्य शासन द्वारा निम्नलिखित व्यक्तियों को आगामी आदेश तक, जबलपुर विकास प्राधिकरण, जबलपुर में उनके नाम के सम्मुख उल्लेखित पद पर नियुक्त किया जाता है:-

सदस्य 1. श्री गोविन्द अग्रवाल

सदस्य 2. श्री शांतिलाल पटेल

सदस्य 3. श्री रिकुंज विज

सदस्य 4. सुश्री ममता समर्थ तिवारी

सदस्य 5. सुश्री बिन्दिया अजय अधिकार

क्र. एफ. 7-39-2001- बत्तीस 1.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 40 सहपठित मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम 1975 के नियम 17 के अध्यधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन, एतद्वारा निम्नलिखित व्यक्तियों को आगामी आदेश तक, उज्जैन विकास प्राधिकरण , उज्जैन में उनके नाम के सम्मुख उल्लेखित पद पर नियुक्त किया जाता है:-

1 . श्री किशोर खण्डेलवाल

अध्यक्ष

उपाध्यक्ष 2. श्री अनिल फिरोजिया

उपाध्यक्ष 3. श्री मदन ललावत

सदस्य 4. श्री वासु केशवानी

सदस्य 5. श्रीमती रेखा ओरा

सदस्य 6. श्री मुकेश जोशी

सदस्य 7. श्री भूरासिंह यादव

8. श्रीमती साधना सेठी

सदस्य 3453

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

भाग 1 ]

(2 ) श्री किशोर खण्डेलवाल द्वारा उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से आयुक्त, उज्जैन संभाग, उज्जैन प्राधिकरण के अध्यक्ष पद से स्वतः ही कार्यमुक्त हो जायेंगे.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आशीष सक्सेना, उपसचिव.

गृह विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 13 सितम्बर 2011

क्र. एफ. 1 (ए) 145-1990- ब- 2- दो. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 12 अगस्त 2011 द्वारा श्री अरविन्द कुमार, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, ( प्रशा. ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 16 से 30 अगस्त 2011 तक कुल पन्द्रह दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 13 , 14, 15 एवं 31 अगस्त 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया गया था.

( 2 ) श्री अरविन्द कुमार, भापुसे द्वारा उक्त स्वीकृत अवकाश में से दिनांक 22 से 30 अगस्त 2011 तक कुल नौ दिवस के अवकाश का उपभोग न किये जाने के कारण राज्य शासन द्वारा उक्त अवधि का स्वीकृत अर्जित अवकाश निरस्त किया जाता है.

भोपाल, दिनांक 15 सितम्बर 2011

क्र. एफ. 1 ( ए) 180-1986- ब- 2- दो. ( 1 ) श्री मैथिलीशरण गुप्त , भापुसे , अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, ( रेल ) भोपाल को दिनांक 19 से 28 सितम्बर 2011 तक कुल दस दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 17 , 18 सितम्बर 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) श्री मैथिलीशरण गुप्त , भापुसे , अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (रेल) , भोपाल को उक्त अवकाश अवधि में वर्तमान खण्ड वर्ष 2010-13 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2010-11 में गृह नगर अवकाश यात्रा के बदले में " ( पेगनान शो ) लेह ( जम्मू कश्मीर ) " जाने हेतु परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ यात्रा की अनुमति दी जाती है : --

स्वयं 1. श्री मैथिलीशरण गुप्त

पत्नी 2. श्रीमती सविता गुप्त

पुत्री 3. कु. शिवांशी गुप्त

पुत्री 4. कु. शिवांगी गुप्त

(3 ) श्री मैथिलीशरण गुप्त , भापुसे की उक्त अवकाश अवधि में इन्हें सौंपे गये दायित्वों का निर्वहन श्री आर. के. गुप्ता, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक ( रेल ) , भोपाल द्वारा अपने कार्यों के साथ- साथ किया जायेगा.

(4 ) उक्त यात्रा हेतु स्वीकृत अवकाश का उपभोग करने के फलस्वरूप इनके अर्जित अवकाश खाते से 10 दिवस का अर्जित अवकाश घटाया जावेगा.

(5) उक्त यात्रा हेतु श्री गुप्त को 10 दिवस के अवकाश नगदीकरण/समर्पण की पात्रता होगी एवं नगदीकृत दिवस इनके अर्जित अवकाश खाते से घटाये जायेंगे.

(6 ) श्री मैथिलीशरण गुप्त , भापुसे द्वारा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( रेल ) , भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर इनके अवकाश अवधि में इनके दायित्वों के निर्वहन हेतु निर्देशित अधिकारी उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.

(7) अवकाश से लौटने पर श्री मैथिलीशरण गुप्त , भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न अति. पुलिस महानिदेशक, ( रेल ) , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(8 ) अवकाश काल में श्री मैथिलीशरण गुप्त, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(9 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मैथिलीशरण गुप्त, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक दास, अपर मुख्य सचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 16 सितम्बर 2011

फा. क्र. 17 ( ई ) 202-2005- इक्कीस- ब ( दो )- दिनांक 2 अगस्त 2000 द्वारा श्री सुहेल अनवर सिद्दीकी , अधिवक्ता, निवासी- तहसील गौहरगंज जिला रायसेन को तहसील गौहरगंज में नोटरी व्यवसाय करने हेतु नोटरी व्यवसाय प्रमाण- पत्र जारी किया गया था, परन्तु उनकी मृत्यु हो जाने के कारण उनका तहसील गौहरगंज में नोटरी व्यवसाय करने का नोटरी व्यवसाय प्रमाण- पत्र निरस्त किया जाता है तथा उनका नाम नोटरी पंजीयन रजिस्टर से विलोपित किया जाता है .

भोपाल , दिनांक 22/23 सितम्बर 2011

फा. क्र. 1 ( बी) -11-2004- इक्कीस ब ( दो ) . - दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन एतद्वारा श्री दिलीप कुमार गोयल पुत्र श्री बुधमल गोयल, अधिवक्ता को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये गुना सत्र खण्ड के गुना राजस्व जिले के लिये अति. लोक अभियोजक, फास्ट ट्रेक कोर्ट, गुना नियुक्त करता है , तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना- पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

ए. जे. खान , सचिव.

3454

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

वन विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 21 सितम्बर 2011

क्र. 25-19-2011 - दस 3. भारतीय वन अधिनियम , 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) , की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के उपबंधों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित की गई वन भूमि/बंजर भूमि पर लागू होने की घोषणा इन शर्तों के अधीन रहते हुए करता है कि व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहां तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर रूपभेदित किये जाएं, के अतिरिक्त किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जावेंगे:-

अनुसूची

जिला- छतरपुर, तहसील- बिजावर, वनमण्डल- छतरपुर, वन परिक्षेत्र- किशनगढ़

अनु. क्र.

(1)

वनखंड का नाम (2)

वन या बंजर भूमि का नाम (3) 1 रैपुरा

राजस्व भूमि,

ग्राम बिहरावारा .

रकबा

सीमाएं

(6)

खसरा क्रमांक (4)

(हेक्टेयर में ) (5)

8.923

483

7.345

484

517

8.907

उत्तर- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्र. 1 से 7 एवं कक्ष क्र. पी 478 के मुनारा क्र. 73 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

0.405

518

519में से 1.581

योग : 27.161

2 किशनगढ़ राजस्व भूमि, ग्राम कूड़ापानी .

पूर्व- वनखण्ड रैपुरा के कक्ष क्र. पी 478 के मुनारा क्रमांक 73 से 69 तक संरक्षित वन सीमा रेखा. दक्षिण- वनखण्ड रैपुरा के कक्ष क्र. पी . 478 के मुनारा क्र. 69 से एवं मुनारा क्र. 8 से होते हुए 10 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

पश्चिम- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्र. 10 से 1 तक कृत्रि सीमा रेखा.

36 में से

4.022

0.360

38में से

उत्तर- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्र. 1 से 12 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

2.505

39

43

4.046

पूर्व- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 12 से 14 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

1.154

44 में से

45में से

0.989

3.278

48 में से

49

5.095

6.033

50

3.865

53

54

4.046

55

4.565

56 में से

0.251

57 में से

2.395

8.577

60 में से

2.120

61 में से

दक्षिण- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्र. 14 से वनकक्ष क्र. पी 520 के मुनारा क्र. 292 तक कृत्रिम सीमा रेखा तथा वनकक्ष क्र. पी 520 के मुनारा क्र. 292 से 291 से प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्र. 15 तक संरक्षित वनखण्ड की सीमा तथा प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्र 15 से 17 एवं संरक्षित वनखण्ड के कक्ष क्र. पी 520 के मुनारा क्र. 290 तक कृत्रिम सीमा रेखा तथा कक्ष क्र. पी 520 के मुनारा क्र. 290 से प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्र. 18 तक संरक्षित वनखण्ड की सीमा तथा प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्र. 18 से 21 तक कृत्रिम सीमा रेखा तथा प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्र. 21 से संरक्षित वनखण्ड के 53.301

योग :

भाग 1 ]

3455

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

(1)

(3)

(5) 3

24में से

2.975 रायचोर ( अ )

0.113

25में से

राजस्व भूमि, ग्राम-सॉड़ा

7.443

26 में से

0.320

27 में से

6.135

28 में से

3.598

32में से

(6)

कक्ष क्र. पी 520 के मुनारा क्र. 289 तक संरक्षित वनखण्ड की सीमा रेखा.

पश्चिम- वनकक्ष क्र.पी 521 के मुनारा क्र. 289 से 288 तक एवं कृत्रिम सीमा रेखा मुनारा क्र. 1 तक.

उत्तर- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 1 से 4 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

पूर्व- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्रमांक 4 से 12 एवं वनकक्ष क्र. पी 452 के मुनारा क्र. 48 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

योग : 20.584

4

0.728

1 में से

रायचोर ( ब )

4में से

2.917

राजस्व भूमि , ग्राम -नगदा

5 में से

9.591

8.094

6

7 में से

7.900

1.603

8 में से

9 में से

1.603

22में से

7.454

23 में से 9.505

11.835

24

8.094

25

4.047

26

27

4.047

28

11.124

6.07

349

350

6.070

12.140

346

358

8.094

4.253

359

दक्षिण- रायचोर वनखण्ड के कक्ष क्र. पी 452 के मुनारा क्र. 48 से 47 तक संरक्षित वनखण्ड की सीमा रेखा.

पश्चिम- रायचोर वनखण्ड कक्ष क्र. पी 452 के मुनारा क्र. 47 एवं प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्र. 13 से 14 तक कृत्रिम सीमा रेखा एवं मुनारा क्र. 14 से कक्ष क्र. पी 449 के मुनारा क्र. 45 तक एवं पुनः मुनारा क्र. 45 से मुनारा क्र. 42 तक संरक्षित वनखण्ड की सीमा रेखा तथा मुनारा क्र. 42 से प्रस्तावित वनखण्ड मुनारा क्र. 1 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

उत्तर- वनखण्ड रायचोर कक्ष क्र. पी 447 के मुनारा क्र. 136 से 121 तक संरक्षित वन की सीमा रेखा.

पूर्व- वनखण्ड रायचोर के कक्ष क्र. पी 447 के मुनारा क्र. 121 से प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्र. 1 से 3 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

दक्षिण- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्र. 3 से 18 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

पश्चिम- प्रस्तावित वनखण्ड के मुनारा क्र. 18 से 25 एवं वनखण्ड रायचोर के वन कक्ष क्र. पी 447 के मुनारा क्र. 136 तक कृत्रिम सीमा रेखा.

योग : 125.169

महायोग : 226.215

अधिसूचना का कारण- उक्त गैर वनभूमि मध्यप्रदेश स्टेट माईनिंग कार्पोरेशन लिमिटेड की अमीलिया नार्थ कोल ब्लाक परियोजना में व्यपवर्तित वनभूमि के बदले वन विभाग को क्षतिपूरक वनीकरण हेतु प्राप्त होने से संरक्षित वन बनाया जाना है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,

वी. एन. पाण्डेय , सचिव.

3456

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

भोपाल , दिनांक 21 सितम्बर 2011

क्र. एफ- 25-19-2011 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-19- दस-3-2011 , दिनांक 21 सितम्बर 2011 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

वी. एन. पाण्डेय , सचिव.

Bhopal , the 21st September 2011

No. 25-19-2011 - X - 3.- In exercise of the powers conferred by Section 29 of the Indian Forest Act , 1927 ( XVI of 1927) , the State Government hereby declares the provisions of Chapter IV of the said Act, applicable of the Forest land/waste land specified in the Schedule below , subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities shall not be abridged or affected in any manner , except in so far as they may be modified by the State Government from time to time :-

SCHEDULE

District - Chhatarpur , Forest Division- Chhatarpur , Tehsil-Bijawar , Forest Range- Kishangarh

Boundaries

Khasra Number

S. No.

Name of ForestBlock

Name of Forest or waste land

Area(in Hectare)

(6) (2)

(4)

(5)

(1)

(3)

1

483

8.923

Revenue Land

Raipura

484

7.345

Village-Biharwara

517

8.907

0.405

518

North. Artificial boundary line of proposed forest block from Pillar No. 1 to 7 & up to pillar No. 73 of compartment No. P - 478 .

1.581

519 (Part)

Total : 27.161

East. Protected forest Boundry line from pillar No. 73 to 69 of compartment No. P - 478 of Raipura forest block .

South. Artificial boundary line from pillar No. 69 of Raipura forest block compartment No. P -478 to pillar No. 8 to 10 .

West.-Artificial boundary line from pillar No. 10 to 1 of proposed forest block.

4.022

2. Revenue Land 36 (Part)

2 Kishangarh

0.360

Village Kudapani 38 ( Part)

2.505

North. Artificial boundary line from pillar No. 1 to 12 of proposed forestblock .

39

43

4.046

1.154

44(Part)

0.989

East.-Artificial boundary line from pillar No. 12 to 14 of proposed forest block .

45( Part)

3.278

48 (Part)

5.095

49

6.033

50

53

3.865

54

4.046

4.565

55

0.251

56 (Part)

South. Artificial boundary line from Pillar No. 14 of proposed forest block to pillar No. 292 of forest compartment No. P - 520 & protected forest block boundary of forest Compartment No. P - 520 from pillar No. 292 to 291 to

2.395

57 ( Part)

pillar No. 15 of proposed forest

8.577

60(Part)

block & Artificial boundary line

2.120

61(Part)

from pillar No. 15 to 17 of

Total : 53.301

proposed forest block to pillar No. 290 of protect forest block 3457 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

(1)

(2)

(5)

(6) (3)

(4)

compartment No. P. 520 & protected forest block boundary from pillar No. 290 of forest compartment P. 520 to pillar No. 18 of proposed forest block & artificial boundary line from pillar No. 18 to 21 of proposed forest block & protected forest block boundary line from pillar No. 21 ofproposed forest block to pillar No. 289 of protect forest block forest compart P. 520.

West. Artificial boundary line from pillar No. 289 at the junction of forest compartment P. 520 & P. 521 to Pillar No. 1 of proposed forest block.

3

2.975

24 (Part)

Raychore ( A)

0.113

25 (Part)

Revenue Land Village- Sada

7.443

North. Artificial boundary line from Pillar number 1 to 4 of proposed forest block .

26 (Part)

0.320

27 (Part)

28 (Part)

6.135

32(Part)

3.598

Total : 20.584

East. Artificial Boundry line from pillar number 4 to 12 of proposed forest block to pillar No. 48 of compartment No. P. 452 .

South. Protected forest block boundary line from pillar No.48 to 47 of compartment No. P - 452 of Raychore forest block .

West.-Artificial boundary line from pillar No. 47 of Raychore forest block compartment No. P. 452 to pillar No. 13 and 14 & protected forest block boundary line from Pillar No. 14 of proposed forest block to pillar No. 45 to 42 of forest compartment No. P. 449 & Artificial boundary lines from Pillar No. 42 of forest compartNo. 449 to Pillar No. 1 of proposed forestblock .

4

0.728

1(Part)

Raychore (B)

2.917

4(Part)

Revenue Land Village Nagada

9.591

5(Part)

6 8.094

North. Protected forest block boundary line from pillar No. 136 to 121 of Raychore forest block compartment No. P. 447 .

7.900

7(Part)

1.603

8(Part)

1.603

9(Part)

7.454

22(Part)

9.505

East.-Artificial boundary line from pillar No. 121 of Raychor forest block compartment No. P. 447 to Pillar No. 1 to 3 of proposed forestblock .

23 ( Part) 3458

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

(2)

(6)

(4)

(5)

(1)

(3)

24 11.835

8.094

25

26

4.047

South. Artificial boundary line from pillar No. 3 to 18 of proposed forestblock .

4.047

27

28 11.124

6.07

349

350

6.070

346

12.140

West. Artificial boundary line from pillar No. 18 to 25 of proposed forest block and up to pillar No. 136 of Raychore forest block compartment No. P. 447.

358

8.094

4.253

359

125.169

Total :

226.215

Grand Total:

Reason for notification . Above non forest land which has been allotted and transferred to Forest Department for carrying out compensatory afforestation in exchange of equal area of diverted forest land to M. P. State Mining Corp. Ltd. for its Amelia North Coal Block Project is to be notified as Protected Forest .

By Order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

V. N. PANDEY , Secy .

विधि और विधायी कार्य विभाग

भोपाल , दिनांक 22 सितम्बर 2011

फा. क्र. 17 ( ई ) 83-03- इक्कीस - ब ( एक) -011.-विद्युत् अधिनियम, 2003 ( 2003 का 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से , एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना एफ. क्रमांक 17 (ई ) 83-03-इक्कीस - ब ( 1 ) , दिनांक 16 सितम्बर 2010 में निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थात्: -

संशोधन

उक्त अधिसूचना में, सारणी में, अनुक्रमांक 9 , 31 , 58, 59 और 93 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात् :-

सारणी

अनुक्रमांक सिविल जिले का नाम (2)

विशेष न्यायालय का नाम (3)

विशेष न्यायालय के न्यायाधीश का नाम (4) (1)

" 9 .

बड़वानी

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , सेंधवा , बड़वानी

31.

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, मनावर

श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा ( जूनियर ) , द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , सेंधवा, बड़वानी . श्री ए. के. खरे , अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , मनावर.

धार (मनावर)

58.

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , गरोठ

श्री वी . के. दुबे (जूनियर ) , अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, गरोठ मंदसौर (गरोठ)

59 .

श्री वी. के. दुबे ( जूनियर ) , अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , गरोठ, लिंक- भानपुरा.

मंदसौर (भानपुरा)

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, गरोठ लिंक- भानपुरा.

भाग 1 ]

3459

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

(2)

(1)

(3) 93 .

शाजापुर

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , शाजापुर

(4)

श्री अनिल कुमार भाटिया, द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , शाजापुर. ".

F. No. 17 (E) 83-03 - XXI - B- ( One ) . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 2) of Section 153 of the Electricity Act, 2003 (No. 36 of 2003 ) , the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradeah , hereby makes the following amendments in this Department's Notification F. No. 17 (E ) 83-03 - XXI - B- (One) , dated 16th September 2010 , namely :-

AMENDMENT

In the said notification, in the table , for serial number 9 , 31 , 58 , 59 and 93 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely :-

TABLE S.No.

Name of Special Court Name of the Civil District

(1)

(2)

(3) "9.

Barwani

IInd Additional Sessions Judge, Sendhwa , Barwani .

31.

Additional Sessions Judge , Manawar.

Dhar (Manawar)

58.

Additional Sessions Judge , Garoth Mandsaur (Garoth)

59.

Additional Sessions Judge , Garoth , Link-Bhanpura .

Mandsaur (Bhanpura)

93.

Shajapur

IInd Additional Sessions Judge , Shajapur.

Name of the Judge of the Special Court (4)

Shri Rajendra Prasad Sharma , Jr. IInd Additional Sessions Judge , Sendhwa , Barwani .

Shri A. K. Khare , Additional Sessions Judge , Manawar .

Shri V. K. Dubey, (Jr.) , Additional Sessions Judge , Garoth .

Shri V. K. Dubey , (Jr.) , Additional Sessions Judge , Garoth , Link -Bhanpura .

Shri Anil Kumar Bhatiya , IInd Additional Sessions Judge , Shajapur." .

फा. क्र. 17 ( ई ) 83-03- इक्कीस - ब ( एक ) 3146 , 3255-011 .- विद्युत् अधिनियम , 2003 ( 2003 का 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना एफ. क्रमांक 17 ( ई ) 83-03 - इक्कीस - ब ( 1 ) , दिनांक 16 सितम्बर 2010 में, निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थात् : -

संशोधन उक्त अधिसूचना में, सारणी में, अनुक्रमांक 9 और 93 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात् : -

सारणी

विशेष न्यायालय का नाम अनुक्रमांक सिविल जिले का नाम

(2)

(1)

(3) "9 .

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, सेंधवा

बड़वानी (सेंधवा)

विशेष न्यायालय की क्षेत्रीय अधिकारिता (विद्युत् क्षेत्र के अनुसार )

(4)

सेंधवा, अंजड़ तथा राजपुर का विद्युत् क्षेत्र.

3460

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

(4) (1)

(2)

(3)

93.

शाजापुर

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, शाजापुर

सिविल जिला शाजापुर का समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 94, 95 तथा 96 के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर ) . " .

टिप्पणी.-विशेष न्यायालय में लंबित मामले उनकी क्षेत्रीय अधिकारिता के अनुसार नवीन गठित न्यायालय में अंतरित हो जायेंगे .

F. No. 17 (E ) 83-03 - XXI - B- ( One ) 3146 , 3255-011 . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 153 of the Electricity Act , 2003 (No. 36 of 2003 ) , the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh , hereby makes the following amendments in this Department's Notification F. No. 17 ( E) 83- 03 - XXI - B- ( One ) , dated 16th September 2010 , namely : ---

AMENDMENTS

In the said notification, in the Table , for serial numbers 9 and 93 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely : ---

TABLE

S.No.

Name of Special Court

Name of the Civil District

(2)

Territorial jurisdiction of Special Court(According to the electricity Area) (4) (1)

(3)

"9 .

IInd Additional Sessions Judge , Sendhwa .

Barwani (Sendhwa)

Electricity Area of Sendhwa , Anjad and Rajpur.

93.

Shajapur

IInd Additional Sessions Judge , Shajapur.

All Electricity Area of Civil District Shajapur ( excluding the jurisdiction of special court at serial number 94 , 95 and 96 ) .".

Note . The pending cases of the Special Court shall be stand transferred to the newly Constituted court according to their territorial jurisdiction.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. डी. खान , प्रमुख सचिव.

संस्कृति विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 24 अगस्त 2011

क्र. एफ- 11-5-2011 - तीस .- राज्य शासन की राय है कि नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट किये गये प्राचीन स्मारक पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष को विनिष्ट किये जाने, क्षतिग्रस्त किये जाने, विकृत किये जाने, विरूपित किये जाने, हटाये जाने या उसका अपक्षय होने से संरक्षित करना आवश्यक है.

अतः , मध्यप्रदेश शासन , प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्वीयता स्थल तथा अवशेष अधिनियम, 1964 ( क्रमांक 12 , सन् 1964 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा निम्न प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करने के अपने आशय की सूचना देता है.

3461

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

भाग 1 ]

किसी भी ऐसी आपत्ति पर जो इस संबंध में निम्न प्राचीन स्मारक तथा और अवशेष में हित रखने वाले किसी व्यक्ति से इस सूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशित होने के दिनांक से एक माह की कालावधि समाप्त होने के पूर्व प्राप्त हो, राज्य शासन द्वारा विचार किया जायेगा : -

अनुसूची

स्वामित्व

क्षेत्र सीमांक

राज्य जिला तहसील स्थानीय क्षेत्र

स्मारक का नाम

धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं

राजस्व क्षेत्र जो

संरक्षण में सम्मिलित

होना है

(9)

(8)

(1) (2)

(7)

(3) (4)

(5)

(6)

भोपाल

मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश शासन समसगढ़

हुजूर

धार्मिक पूजा के अधीन नहीं है.

सर्वे नं. 256, 259

0.100 हे. 0.040 हे.

प्राचीन शिवमंदिर के अवशेष एवं दो प्राचीन बावड़ी.

भोपाल , दिनांक 25 अगस्त 2011

क्र. एफ- 11-8-2011- तीस.- राज्य शासन की राय है कि नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट किये गये प्राचीन स्मारक पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष को विनिष्ट किये जाने, क्षतिग्रस्त किये जाने, परिवर्तित किये जाने, विकृत किये जाने , विरूपित किये जाने, हटाये जाने , तितर- बितर किये जाने या उसका अपक्षय होने से संरक्षित करना आवश्यक है.

अतएव , मध्यप्रदेश शासन, प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्वीयता स्थल तथा अवशेष अधिनियम, 1964 ( क्रमांक 12 , सन् 1964 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा निम्न प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करने के अपने आशय की सूचना देता है.

किसी भी ऐसी आपत्ति पर जो इस संबंध में निम्न प्राचीन स्मारक तथा और अवशेष में हित रखने वाले किसी व्यक्ति से इस सूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशित होने के दिनांक से एक माह की कालावधि समाप्त होने के पूर्व प्राप्त हो, राज्य शासन द्वारा विचार किया जायेगा : -

अनुसूची

क्षेत्रफल

स्वामित्व राज्य

स्थल

जिला तहसील

स्मारक का नाम

धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं

राजस्व खण्ड क्रमांक

जिसे संरक्षण में

सम्मिलित करना है

(8)

(9) (2) (3)

(6)

(7)

(1)

(4)

(5)

भोपाल

मध्यप्रदेश

महकमा बागात

ख. नं. 1244

इतवारा रोड

शिक्षा विभाग के अधीन है.

कुल रकबा 13.44 एकड़ में से

हुजूर नजूल शहर, भोपाल वृत्त.

0.54 एकड़.

मौलाना आज़ाद सेन्ट्रल लायब्रेरी केन्द्रीय पुस्तकालय (अजायब घर) .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

लक्ष्मीकान्त द्विवेदी, उपसचिव.

खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 9 सितम्बर 2011

क्र. एफ- 5-11-2011-29-2 .- राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग की श्रृंखला बैठकें रीवा एवं शहडोल संभाग के प्रकरणों के निराकरण के लिये रीवा में तथा उज्जैन संभाग के प्रकरणों के निराकरण के लिये उज्जैन में आयोजित करने की अनुमति प्रदान की जाती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

ललित दाहिमा , उपसचिव.

3462

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय , राज्यपाल का सचिवालय , मध्यप्रदेश, भोपाल

राजभवन, भोपाल दिनांक 21 सितम्बर 2011 क्र. 1211 - रा.स. यू. ए. -5-2011.- राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय अधिनियम , 2009 की धारा 27 ( 1 ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए महामहिम कुलाधिपतिजी ने उक्त अधिनियम की धारा 27 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( तीन ) , ( चार ) , (पांच) एवं ( छः ) के अन्तर्गत राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय , ग्वालियर के प्रबंध मंडल में निम्नांकित व्यक्तियों को सदस्य के रूप में मनोनीत किया हैं : -

1. धारा 27 ( 2 ) ( तीन ) कृषि में अनुसंधान या शिक्षा का पूर्वानुभव रखने वाले एक विख्यात कृषक (एग्रीकल्चरिस्ट) -

1. डॉ. अनवर आलम, एस- 319 - विवेकानन्द अपार्टमेंट्स, सेक्टर -5 , प्लॉट-2 , द्वारका, नई दिल्ली-110075 .

2. धारा 27 ( 2 ) ( चार ) राज्य के दो प्रगतिशील कृषक जो किसी राजनैतिक दल या उसकी संस्था का सदस्य न हों- 1. श्री बलराम पाटीदार ग्राम एवं पोस्ट- पेटलावद जिला झाबुआ.

2. श्री करण सिंह वर्मा , मोगरा , जिला सीहोर.

3. धारा 27 ( 2 ) ( पांच ) ग्रामीण उन्नति का पूर्वानुभव रखने वाली एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ती-

श्रीमती मनोरमा मेनन 47-ए, संवाद नगर, जिला इन्दौर.

4. धारा 27 ( 2 ) ( छ:) - पशु चिकित्सा या पशुपालन वैज्ञानिक, जिसे पशु चिकित्सा या पशुपालन के अनुसंधान या शिक्षा का अनुभव हो-

डॉ. अमरेश कुमार, 35, ग्रीन पार्क, बिसालपुर रोड, बरेली-243006 .

यह आदेश वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के उपरांत दिनांक 20 अक्टूबर 2011 से प्रभावशील होंगे .

कुलाधिपति, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय , ग्वालियर के आदेशानुसार , शैलेन्द्र कियावत, राज्यपाल के उपसचिव.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन "

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल, मध्यप्रदेश- 462011

आदेश

भोपाल , दिनांक 21 सितम्बर 2011

क्र. एफ 67-2-09-तीन 1567.-मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

वर्ष 2008 ( उत्तरार्द्ध ) में सम्पन्न हुए नगर पंचायत मनगवां , जिला रीवा के आम निर्वाचन में श्रीमती जमीला बनो अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत मनगवां के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 8 जनवरी 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 7 फरवरी 2009 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पत्र क्र. 126 /स्था-निर्वा. 2009 , दिनांक 23 मार्च , 2009 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती जमीला बनो द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती जमीला बनो को कारण बताओ नोटिस दिनांक 18 मई 2009 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, रीवा के माध्यम से दिनांक 13 जून 2009 को अभ्यर्थी के ससुर मो. रमजान पिता मेहदीहसन के माध्यम से तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

भाग 1 ]

श्रीमती जमीला बनो को नोटिस दिनांक 13 जून 2009 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 28 जून 2009 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर, रीवा के पत्र दिनांक 6 जून 2011 के संलग्न परिशिष्ट छत्तीस के अनुसार नगर पंचायत मनगवां के अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी श्रीमती जमीला बनो द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है . कलेक्टर, रीवा से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत अभ्यर्थी को व्यक्तिगत सुनवाई का एक मौका देते हुए दिनांक 18 अगस्त 2011 को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर आयोग कार्यालय में उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली दिनांक 11 अगस्त 2011 को उनके देवर श्री अहमद अला खान के माध्यम से करवाई गई थी, किन्तु श्रीमती जमीला बनो उपस्थित नहीं हुई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्रीमती जमीला बनो द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती जमीला बनो को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत मनगवां, जिला रीवा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से पांच वर्ष ( 05 वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता/-

( सुभाष जैन ) ,

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भोपाल, दिनांक 21 सितम्बर 2011

क्र. एफ 67-253-10- तीन- 1582.- श्री रमेश कुमार पिता बृजमोहन, नगरपालिक निगम, सतना, जिला सतना के महापौर पद के अभ्यर्थी ने यह आवेदन दिनांक निरंक जो कि आयोग कार्यालय में दिनांक 1 जुलाई 2011 को प्राप्त हुआ द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश क्रमांक एफ. 67-253-10- तीन-560 , दिनांक 23 अप्रैल 2011 राजपत्र में प्रकाशित दिनांक 6 मई 2011 पर पुनर्विचार करने के लिये प्रस्तुत किया है , जिसके द्वारा उन्हें पांच वर्ष के लिये निरर्हित किया गया है .

2. प्रकरण के तथ्य संक्षेप में इस प्रकार है कि नगरपालिक निगम, सतना, जिला सतना का निर्वाचन परिणाम की घोषणा दिनांक 16 दिसम्बर 2009 को हुई. आवेदक को नगरपालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 14 ख के अन्तर्गत इन्हें अपना निर्वाचन व्यय लेखा चुनाव परिणाम की घोषणा के 30 दिन की विहित अवधि के भीतर अर्थात् 15 जनवरी 2010 तक मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण एवं प्रस्तुति ) आदेश , 1997 दिनांक 5 जून 1997 राजपत्र में प्रकाशित दिनांक 6 जून 1997 के अनुसार निर्धारित प्ररूप में और निर्धारित रीति से जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना को प्रस्तुत कर देना था, लेकिन आवेदक ऐसा करने में असफल रहा . कारण बताओ नोटिस आवेदक की पत्नि के माध्यम

3463

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

से दिनांक 10 मई 2010 को तामील करवाया गया किन्तु आवेदक ने कोई अभ्यावेदन नहीं दिया और न ही निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत किया . आवेदक द्वारा दिनांक 25 अक्टूबर 2010 को अर्थात् नोटिस की तामीली उपरांत लगभग 5 माह पश्चात् लेखे प्रस्तुत किये एवं विलंब के बारे में कोई कारण नहीं बताया. आवेदक को व्यक्तिगत सुनवाई का एक मौका देते हुए दिनांक 8 मार्च 2011 को आहूत किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली आवेदक को दिनांक 6 मार्च 2011 को हो गई थी , किन्तु अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में भी उपस्थित नहीं हुए. अतः उनके विरुद्ध निरर्हित करने का आदेश दिनांक 23 अप्रैल 2011 को पारित किया गया. इस आदेश के विरुद्ध यह पुनर्विचार आवेदन प्रस्तुत किया गया है.

3. पुनर्विचार के इस आवेदन में श्री रमेश कुमार पिता बृजमोहन का कहना है कि दिनांक 25 अक्टूबर 2010 को विधिवत जिला निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित लेखा रजिस्टर में व्यय का लेखा प्रस्तुत कर दिया गया था. दूसरा आरोप यह लगाया गया है कि " द्वेषवश शासकीय कर्मी द्वारा लेखा रजिस्टर नहीं दिये जाने पर विभागीय कर्मचारी के विरुद्ध कार्यवाही कर निलम्बित किया जावे .

4. श्री रमेश कुमार को कारण बताओ नोटिस दिनांक 10 मई 2010 को प्राप्त हुआ. लेखा प्रस्तुति आदेश , 1997 में स्पष्ट प्रावधान है कि कारण बताओ नोटिस प्राप्त होने पर 15 दिन के भीतर अभ्यावेदन प्रस्तुत करना चाहिए. आवेदक ने इस स्पष्ट प्रावधान को अनदेखा कर दिया और यह अभ्यावेदन नहीं दिया कि उनके द्वारा लेखे किन कारणों से प्रस्तुत नहीं किये गये . आवेदक ने स्वयं ही अपने पुनर्विचार के अभ्यावेदन में लेख किया है कि उन्होंने लगभग पांच माह विलंब से अर्थात् 25 अक्टूबर 2010 को लेखे प्रस्तुत किये हैं.

5. इसके अतिरिक्त आयोग द्वारा आवेदक को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए दिनांक 9 फरवरी 2011 को एक सूचना पत्र जारी किया गया कि वे अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु समस्त कागजात एवं प्रमाण सहित दिनांक 8 मार्च 2011 को उपस्थित हों, किन्तु आवेदक सुनवाई में न तो स्वयं उपस्थित हुए और न ही उनके द्वारा कोई अभ्यावेदन ही प्रस्तुत किया गया.

6. सारांश यह है कि कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के अनुसार आवेदक ने निर्वाचन व्यय लेखा विहित समयावधि एवं रीति से प्रस्तुत नहीं किया. कारण बताओ नोटिस की तामीली होने पर भी आवेदक ने कोई जवाब नहीं दिया . आवेदक व्यक्तिगत सुनवाई में भी उपस्थित नहीं हुए न ही उनके द्वारा इस संबंध में कोई अभ्यावेदन ही प्रस्तुत किया गया. यद्यपि अभ्यर्थी ने अभ्यावेदन में विलंब से अर्थात् 25 अक्टूबर 2010 को लेखे प्रस्तुत करने का लेख किया है तथापि विलंब से लेखे प्रस्तुत करने के कारण से आयोग को अवगत नहीं कराया है.

7. उपर्युक्त कारणों से श्री रमेश कुमार पिता बृजमोहन द्वारा प्रस्तुत पुनर्विचार का आवेदन दिनांक निरंक जो आयोग कार्यालय में दिनांक 1 जुलाई 2011 को प्राप्त हुआ है एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता/- (सुभाष जैन ), सचिव , मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

3464

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

[ भाग 1

OFFICE OF THE ADDL . COMMISSIONER OF INCOME TAX , RANGE - 2 , INDORE

Aayakar Bhawan (Annexe ) opp . white church , Indore

ORDER No. 01/2011

Dt.: 09-09-2011

In exercise of powers conferred by the Central Board of Direct Taxes . New Delhi under sub - section (2) of Section 120 of the Income Tax Act , 1961 (43 of 1961 ) vide Notification No. 228 of 2001 , dated 31-7-2001 [ S.O. No. 732 (E) and File No. 187-5-2001 - ITA] and amendment to it made vide Notification No. 335 of 2001 [ S.O. No. 1064 (E) , dated 29-10-2001 ] , and all other powers in this behalf and in pursuance of the CIT - 1 , Indore Notification No. 01 /05-06 dated 11-08-2005 , and also in compliance to the INSTRUCTION NO . 1/2011 [ F. NO . 187/ 12/2010- IT ( A - I ) ] , DATED 31-1-2011 issued by the CBDT which lays down revised monetary limit of cases to be assessed by DCsIT /ACSIT and the ITOs in metro cities and nofussil areas w.e.f. 1-4-2011 and the Notification No. CCIT / Ind / Tech/ Jurisdiction/2011-12 , dated 20-6-2011 issued by Hon'ble CCIT Indore further adjusting the monetary limit of the cases to be assessed by DCsIT/ ACSIT and the ITOs in view of the INSTRUCTION NO . 6/2011 [F. NO . 187/ 12/2010 - ITA - I ] , DATED 8-4-2011, I the Additional Commissioner of Income Tax , Range- 2, Indore hereby direct that all of my sub - ordinate Assessing Officers [ Dy./Asstt . CsIT , ITOs ] shall exercise the powers and perform the functions of Assessing Officer in respect of such territories and/ or such persons or classes of persons and/or such income or classes of income and/or such cases or classes of cases in respect of which the Addl./ Joint Commissioner of Income Tax , Range - 2 , Indore Accordingly these assessing officers shall have concurrent jurisdiction amongst themselves as well as with the Additional/Joint Commissioner of Income Tax , Range - 2 , Indore .

2. However without any restriction to the generality of concurrent jurisdiction , with a view to allocate the work amongst all these assessing officers for proper functioning . I , the Additional Commissioner of Income Tax , Range - 2, Indore hereby direct that these assessing officers as specified in Col. No. (2) of Schedule here to annexed , having their headquarters at places specified in corresponding entries in Col. No. (3 ) of the said Schedule , shall exercise the powers and perform the function of an assessing officers and/ or any other functions as specified therein , in respect of territories mentioned in Col. No. (4) and /or persons or classes of persons and/ or such income or classes of income and/ or cases or classes of cases mentioned in Col. No. (5) of Schedule annexed hereto .

3. This order is in supersession of all the earlier orders issued in this regard and shall come into force with effect from 1st April 2011 .

ARUN DEWAN Additional Commissioner of Income Tax, Range- 2 , Indore .

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

भाग 1 ]

SCHEDULE

Territorial Area

S. No.

Head Quarter

Designation of Income Tax Authority (2)

(3)

(4) (1)

1.

Indore Madhya Pradesh DCIT/ ACIT -2( 1 ) Indore.

(a) Municipal Wards of Indore . 14- Subhash Nagar, Indore .

15 - pardeshipura

including industrial

estate .

16-Sheelnath

26 - Imli Bazar

27-Rajwada

36 -Vivekanand

46- Bada Sarafa

47 -Maulana Azad

57-Harsiddhi

62-Tilak Nagar

63-Tirupati

(b) Indore Tehsil excluding municipal wards of Indore of Indore District .

2.

(a) Municipal Wards of Indore .

Income Tax Officer-2( 1 ) Indore.

Indore Madhya Pradesh .

26- Imli Bazar

27-Rajwada

57 -Harsiddhi

(b) Indore Tehsil wards of Indore of Indore District. excluding municipal

3465 Person and classes of person and/or such income or classes of income and/or cases or classes of cases (5)

( a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in Col. 4 and income /loss returned is Rs.10 Lakhs .

(b) All person being Individuals , HUFs & Firms , deriving income under the head House property, Capital Gains and/ or other sources etc. residing within the territorial area mentioned in Col. 4 and in whose cases income /loss returned is Rs . 10 Lakhs .

(c) All persons being companies registered under companies Act , 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in Col. 4 in whose cases income/loss returned is Rs . 15 Lakhs .

(d) All persons being Trust , Waqfs , Society, Local Authority , AOP, BOI , AJP etc falling within the territorial area assigned under Column 4 .

(e) Any other case /cases assigned in terms of Section 120 ( 5) of the IT Act , 1961 .

( a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in item ( a) & (b) of Col. 4 and income/loss returned less than Rs . 10 Lakhs .

( b ) All person being Individuals , HUFs & Firms , deriving income under the head House Property , Capital Gains and /or other Sources etc. residing within the territorial area mentioned in item ( a) & (b ) of Col. 4 and in whose cases income /loss returned less than Rs . 10 lakhs .

(c) All persons being companies registered under companies Act , 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in item ( a) & (b ) of Col. 4 in whose cases income/ loss returned is less than Rs . 15 Lakhs .

3466

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

(5)

(4)

(2)

(3)

(1)

(d) All cases of persons being Employee State Government of Madhya Pradesh residing in the territory as mentioned in item (c) of Col. 4 irrespective of their total income whose first name begins with Alphabet K to N.

(e) Any other case /cases assigned in terms of Section 120 ( 5 ) of the IT Act , 1961 .

3.

Indore Madhya Pradesh

Income Tax Officer-2(2) Indore.

( a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in item ( a) & (b) of Col. 4 and income/loss returned less than Rs . 10 lakhs .

(a) Municipal Wards of Indore . 14 - Subhash Nagar , Indore . 15 - pardeshipura including industrial estate . 16- Sheelnath 36 -Vivekanand 46 -Bada Sarafa

(b) All person being Individuals , HUFs & Firms , deriving income under the head House Property, Capital Gains and /or other sources etc. residing within the territorial area mentioned in item ( a) of Col. 4 and is whose cases income/loss returned less than Rs . 10 Lakhs .

(b) Employees of State Government of Madhya Pradesh residing in Indore District.

(c) All persons being companies registered under companies Act , 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in item (a) of Col. 4 in whose cases income/ loss returned is less than Rs . 15 Lakhs .

(d) All cases of persons being Employee State Government of Madhya Pradesh residing in the territory as mentioned in item (b ) of Col. 4 irrespecitve of their total income whose first name begins with Alphabet O to R.

(e) Any other case /cases assigned in terms of Section 120 (5) of the IT Act, 1961 .

4.

Indore Madhya Pradesh of Indore . (a) Municipal Wards

47 -Maulana Azad

Income Tax Officer-2(3) Indore .

62-Tilak Nagar

63-Tirupati

( a) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income from business or profession whose principal place of business or profession is within the territorial area mentioned in item ( a ) of Col. 4 and income/ loss returned less than Rs . 10 Lakhs .

(b) Employees of State Government of Madhya Pradesh residing in Indore District.

(b) All persons being Individuals , HUFs & Firms deriving income under the head House property, Capital Gains and/or other sources etc. residing within the territorial area mentioned in item ( a) of Col 4 and in whose cases income/loss returned less than Rs . 10 Lakhs .

3467 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

(2)

(5)

(3)

(4)

(1)

(c) All persons being companies registered under companies Act , 1956 and having registered office or principal place of business within the territorial area mentioned in item ( a) of Col. 4 in whose cases income/ loss returned is less than Rs . 15 Lakhs .

(d) All cases of persons being Employee State Government of Madhya Pradesh residing in the territory as mentioned in item (b) ofCol. 4 irrespective of their total income whose first name begins with Alphabet S to Z.

(e) Any other case /cases assigned in terms of Section 120 (5) of the IT Act , 1961 .

EXPLANATORY NOTES

1. The jurisdiction over the cases of partners of the firms and Managing Directors / Directors of the companies will vest with the AO having jurisdiction over corresponding Firms & Companies respectively irrespective of returned income/ loss . In case of an individual is director/partner in more than one company/ firm , the jurisdiction of such individual shall vest with the Assessing Officer who is having jurisdiction over the company / firm which is having higher Income.

2. If a person is a director or managing director and also a partner in one or more firms falling within the jurisdiction of different AOs , the AO having jurisdiction over the director or managing director of the company will have jurisdiction over such persons .

3. For the purpose of this Notification "Residing " means :-

a. In the case if an Individual , place of residence unless otherwise provided in this notification .

b . In this case of an HUF, the place of residence of the Karta , and in the case of firm or in other Association of persons or body of individuals or a local authority and all other Artificial Judicial persons .

с. In case of companies the place where the registered office or principal place of business of is located.

d . In case of Private Ltd. Companies wherever the jurisdiction is alphabet wise it is clarified that for the purposes of jurisdiction over the case , if the name begins with the word "The " , the same shall not be taken into account .

4. Reference to the Municipal Wards made in the Schedule should be read as reference to municipal wards of Municipal Corporation , Ratlam , as per Notification No. 372 , dated 12/08/1994 issued by the Govt . of Madhya Pradesh in thisregard.

5. The jurisdiction of all other direct taxes including that of the Interest Tax shall be as per the territorial area assigned as per column no . 4 of this Schedule :-

Sd/- Additional Commissioner of Income Tax , Range- 2, Indore .

3468

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन

उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 13 सितम्बर 2011

क्र. 1477- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) सीधी

0.04

बाघड़खास

रामपुर नैकिन

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी. ( म. प्र. )

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत शिकारगंज शाखा नहर के निर्माण हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1479 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(3)

(2)

(4) (1)

0.05 सीधी रामपुर नैकिन गड़हरा राघोभान सिंह

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी . ( म . प्र. )

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत शिकारगंज शाखा नहर के निर्माण हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

3469

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

क्र. 1481 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

(1)

(2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (4) सीधी

0.12 रामपुर नैकिन बाघड़ धवैया

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी. ( म. प्र. )

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत शिकारगंज शाखा नहर के निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

रीवा, दिनांक 20 सितम्बर 2011

क्र. 1504- भू-अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (2)

(3)

(1)

(4) त्यौंथर

0.470 रीवा

खूँथी

अनुसूची

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , भू-अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्रमांक 1 , रीवा मुख्यालय , त्यौंथर .

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

3470

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

क्र. 1506 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

नगर/ग्राम

जिला

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (2)

(4) (1)

(3)

गीधा

1.240 रीवा

त्यौंथर

अनुसूची

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)

कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्रमांक 1 , रीवा मुख्यालय , त्यौंथर.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला दमोह , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दमोह , दिनांक 13 सितम्बर 2011

क्र. 2807- भू.अ.अ- 2011-12 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) तहसील/ तालुका

(2)

(3)

(4) (1)

दमोह

27.33 जबेरा पौंड़ी महराजसींग

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, दमोह ( म. प्र. ) .

करारिया जलाशय के बांध एवं डूब क्षेत्र तथा एप्रोच चैनल हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तेंदूखेड़ा ( दमोह ) तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग, दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

3471

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

दमोह , दिनांक 14 सितम्बर 2011

क्र. क- 2822 - भू.अ.अ-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

तहसील/ तालुका (2)

(3)

(4) जबेरा

35.76 दमोह

1.93

3.76

2.73

1.83

46.01

1. पारना 2. डेलनखेड़ा 3. बंशीपुर 4. पिपरिया (सिंगौरगढ़ ) 5. कोंरता योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , दमोह ( म. प्र. ) .

पारना जलाशय के बांध एवं डूब क्षेत्र तथा नहर हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तेंदूखेड़ा ( दमोह ) तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 2823 - भू.अ.अ - 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील/ तालुका

(3)

(1)

(2)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) जबेरा

दमोह

1. भजिया

2. कुलुवा 3. पटी भजिया 4. सलैया चौबीसा

5. साखा

योग.

62.99 44.40 2.61 0.91 1.19 112.10

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , दमोह ( म. प्र. ).

साखा जलाशय के बांध एवं डूब क्षेत्र तथा नहर हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तेंदूखेड़ा ( दमोह ) तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग , दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानंद दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3472

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 14 सितम्बर 2011

संशोधित अधिसूचना डी नोटीफिकेशन

क्र. 829 - भू-अर्जन-2011. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(1)

(2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)

(5)

(6) रीवा

जवा

उपरवार

0.288

सड़क निर्माण ( रास्ता ) हेतु.

अनुविभागीय अधिकारी, तहसील त्यौंथर .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , त्यौंथर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एन. रूपला , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खण्डवा, दिनांक 14 सितम्बर 2011

नस्ती क्रमांक 327-2010- एल. ए. भू-अर्जन-प्र. क्र. 16-अ- 82-10-11 .- शुद्धि- पत्र. पुनासा उदवहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु ग्राम कोड़ियाखेड़ा, तहसील पुनासा , जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा के भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक 16-अ-82- 10-11 में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की अधिसूचना का प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र में दिनांक 21 जनवरी 2011 , अग्निबाण में दिनांक 22 जनवरी 2011 को, राज एक्सप्रेस में दिनांक 22 जनवरी 2011 को एवं आम इश्तहार दिनांक 20 जनवरी 2011 को हुआ है. उक्त अधिसूचना में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे :-

प्रकाशन जिसमें हुआ (1)

पूर्व प्रकाशित प्रविष्टि

(2)

सही संशोधित प्रविष्टि (3)

1.01

4.49

मध्यप्रदेश राजपत्र में दिनांक 21 जनवरी 2011

4.49

अग्निबाण में दिनांक 22 जनवरी 2011

1.01

1.01

राज एक्सप्रेस में दिनांक 22 जनवरी 2011

4.49

4.49

1.01

आम इश्तहार दिनांक 20 जनवरी 2011

उक्त प्रकाशन अधिसूचना में कुल अर्जनीय रकबा 4.49 हे. यथावत् रहेगा .

3473 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

नस्ती क्रमांक 131-2010- एल . ए. भू-अर्जन-प्र. क्र. 48-अ- 82-09-10.- शुद्धि- पत्र. पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु ग्राम बागंरदा, तहसील पुनासा, जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा के भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक 48-अ- 82- 09-10 में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की अधिसूचना का प्रकाशन नई दुनिया में दिनांक 16 जून 2010 को हुआ है . उक्त अधिसूचना में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे : -

सही संशोधित प्रविष्टि

पूर्व प्रकाशित प्रविष्टि

प्रकाशन जिसमें हुआ

(1)

(2)

(3)

2.98 हे.

2098 हे.

नई दुनिया में दिनांक 16 जून 2010

उक्त प्रकाशन धारा 4 की अधिसूचना में कुल अर्जनीय रकबा 2.98 हे. रहेगा.

खण्डवा, दिनांक 16 सितम्बर 2011

भू-अर्जन-प्र. क्र. 1 -अ- 82-09-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

धारा 4 की उपधारा ( 2)

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(1)

(2)

(3)

(6)

(4)

के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

खण्डवा

पंधाना

0.26

नानखेड़ा

कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण ) संभाग , इन्दौर.

घाटाखेड़ी- धुलकोट मार्ग के कि. मी. 8/4-6 में सुक्ता नदी पर पुल निर्माण एवं पहुंच मार्ग निर्माण हेतु.

( 2 ) भूमि के नक्शे व प्लान आदि ( 1 ) कार्यालय , कलेक्टर, जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा , ( 2 ) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण ) संभाग , इन्दौर, ( 3 ) कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , पंधाना में देखा जा सकता है .

भू-अर्जन-प्र . क्र. 39-अ- 82-09-10.- शुद्धि- पत्र.- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत केलवां वितरण शाखा की अतिरिक्त सब- माईनर के निर्माण हेतु ग्राम फिफराड़, तहसील पुनासा , जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा के भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक 39- अ- 82-09-10 में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की अधिसूचना का प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 18 जून 2010 को , राज एक्सप्रेस में दिनांक 14 जून 2010 को, स्वदेश में दिनांक 15 जून 2010 को एवं आम इश्तहार दिनांक 8 जून 2010 को हुआ है. उक्त अधिसूचना में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे :-

प्रकाशन जिसमें हुआ (1)

पूर्व प्रकाशित प्रविष्टि

(2)

सही संशोधित प्रविष्टि (3)

2.25

2.24

मध्यप्रदेश राजपत्र भाग-1 , दिनांक 18 जून 2010

2.24

2.25

राज एक्सप्रेस, दिनांक 14 जून 2010

2.24

2.25

स्वदेश , दिनांक 15 जून 2010

2.25

2.24

आम इश्तहार दिनांक 8 जून 2011

उक्त प्रकाशन अधिसूचना में कुल अर्जनीय रकबा 2.24 हे. के स्थान पर 2.25 हे. पढ़ा जावे.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

कवीन्द्र कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

3474

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला उज्जैन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

उज्जैन, दिनांक 16 सितम्बर 2011

क्र. 7120 - भूमि संपादन- 11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्ध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4) उज्जैन बड़नगर दौलतपुर

सोहड़

5.63 0.05 5.68

(खुली भूमि) कुल ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

(6)

भू-अर्जन अधिकारी, बड़नगर.

रतलाम-महू आमान ( गेज ) परिवर्तन कार्यों के लिये निजी भूमिका अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , बड़नगर में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. गीता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सीधी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सीधी , दिनांक 16 सितम्बर 2011

क्र. 198 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(3)

(1)

(4) सीधी

1.09

रामपुर

कुसमी

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है .

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यालय एवं आवासीय कालोनी निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सीधी, जिला सीधी, ( मध्यप्रदेश) .

3475

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

भाग 1 ]

क्र. 200 - भू-अर्जन-2011 .-- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) सीधी

2.80

रामपुर

कुसमी

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सीधी.

क्र. 202 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

तहसील

नगर/ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(3)

(1)

(2)

(4) सीधी

1.636

पोड़ी

कुसमी

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है .

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सीधी.

क्र. 204 - भू-अर्जन-2011. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(3)

(4) (1) सीधी

1.43

ददरिहा

कुसमी

( 2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है .

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र . 1 , सीधी.

3476

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

क्र. 206 - भू- अर्जन-2011 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) सीधी

गोतरा

2.14 कुसमी

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सीधी.

क्र. 208 - भू-अर्जन-2011 .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(3)

(4) (1) सीधी

4.10

कतरवार

कुसमी

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सीधी .

क्र. 210 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(3)

(4) (1)

सीधी

महखोर

0.46 मझौली

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र . 1 , सीधी .

भाग 1 ]

3477

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

क्र. 212- भू-अर्जन-2011. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(1)

(2)

(3)

(5)

(6)

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)

सीधी

मझौली

0.246

हिनौता

नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सीधी.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 214 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(1)

(2)

(3)

(4)

(6)

(5)

सीधी

3.46

बजबई

कुसमी

नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सीधी .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 216 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6) (1) सीधी

भदौरा

1.38

कुसमी

नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सीधी.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एन. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3478

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

छिंदवाड़ा, दिनांक 16 सितम्बर 2011

क्र. 7151 - भू-अर्जन-2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(1) (2)

(3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में ) (4)

(5)

(6) छिन्दवाड़ा अमरवाड़ा

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग -छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा ( म.प्र.) .

बागला जलाशय योजना के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिए निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

रकबा 4.707 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ग्राम -मानेगांव ब. न.-229 प.ह.नं. -41 रा.नि.मं.- अमरवाड़ा.

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग- छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उप संभाग - तामिया, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है .

( 5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर , भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 7152- भू-अर्जन-2011. -चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा, सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में )

(1) (2)

(3)

(4)

(5)

(6) छिन्दवाड़ा अमरवाड़ा ग्राम - महेन्द्रवाड़ा

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग -छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा ( म.प्र. ) .

गुरैया जलाशय योजना के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिए निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

रकबा 3.642 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ब. न. - 226 प.ह.नं. -40 रा.नि.मं.- अमरवाड़ा.

3479 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

( 2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

( 3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग - छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.

( 4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उप संभाग- अमरवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर, भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 7153 - भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(1) (2)

(3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (4)

(6)

(5)

चौरई

छिन्दवाड़ा

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग-छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा ( म.प्र. ) .

बगदरी जलाशय योजना के अन्तर्गत स्पिल निर्माण के लिए निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

ग्राम-बगदरी ब. न. -65 प.ह.नं. -40 रा.नि.मं.- चौरई.

रकबा 1.220 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

( 3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग - छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.

(4 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उप संभाग - तामिया, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर, भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है.

3480

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

क्र. 7154 - भू-अर्जन - 2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में)

(1) (2)

(3)

(4)

(6) अमरवाड़ा

छिन्दवाड़ा

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग -छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा (म.प्र.) .

खामी बड़ेला जलाशय योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण के लिए निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

रकबा 3.228 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ग्राम - बड़ेला ब. न.- 186 प.ह.नं. -61/44 रा.नि.मं.- अमरवाड़ा.

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग- छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उप संभाग - अमरवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर, भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 7155 - भू-अर्जन- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में )

(3)

(4)

(6)

(5)

(1) छिन्दवाड़ा

(2) हर्रई

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग -छिन्दवाड़ा, जिला-छिन्दवाड़ा ( म.प्र. ) .

भेड़ा जलाशय योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण के लिए निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

ग्राम-भेड़ा ब. न. -60 प.ह.नं. -20 रा.नि.मं. -हर्रई.

रकबा 2.123 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

3481 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग- छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उप संभाग- अमरवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर, भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 7156 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(2)

(1)

(3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में ) (4)

(5)

(6) चौरई

छिन्दवाड़ा

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग -छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा ( म.प्र. )

पिण्डरई सराफ जलाशय योजना के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिए निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

रकबा 2.172 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ग्राम - हिवरखेड़ी ब. न. - 166 प.ह.नं. - 01 रा.नि.मं.- चौरई .

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग - छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उप संभाग- तामिया , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है .

( 5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर, भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है.

3482

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

क्र. 7157- भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के , खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में )

(1) (2)

(3)

(6)

(4)

(5)

छिन्दवाड़ा अमरवाड़ा

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग -छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा ( म.प्र. )

खामी बडेला जलाशय योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण के लिए निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

रकबा 2.430 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ग्राम-खामी ब. न.-46 प.ह.नं. - 57/44 रा.नि.मं.- अमरवाड़ा.

( 2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

( 3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग- छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी, जल संसाधन उप संभाग - अमरवाड़ा , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर, भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा में प्रस्तुत कर सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , पवन कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला खरगोन मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खरगोन , दिनांक 20 सितम्बर 2011

क्र. 1421 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम/नगर

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(2)

(3)

(4)

(6) (1) खरगोन

8.564

बड़वाह पिपलुद

(5) कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20 , मंडलेश्वर.

औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) के मुख्य नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु .

भाग 1 ]

3483

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , खरगोन, भू-अर्जन अधिकारी औंकारेश्वर/महेश्वर परियोजना बड़वाह एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -20 , मंडलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 1422 - भू- अर्जन-2011.--चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

ग्राम/नगर लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)

(2)

(3)

(4) खरगोन

15.877 बड़वाह

पलास्या नं. जेठवाय

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -20 , मंडलेश्वर.

औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) की मुख्य नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोट: - भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन, भू-अर्जन अधिकारी औंकारेश्वर/महेश्वर परियोजना बड़वाह एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -20 , मंडलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 1423 - भू- अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम/नगर

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

(3)

खरगोन

(4) 1.340

पिपलझर

बड़वाह

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -20 , मंडलेश्वर.

औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) की मुख्य नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन, भू-अर्जन अधिकारी औंकारेश्वर/महेश्वर परियोजना बड़वाह एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -20 , मंडलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

3484

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

क्र. 1424- भू-अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

ग्राम/नगर लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(1)

(3)

(4) खरगोन

4.917 बड़वाह धनपाड़ा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20, मंडलेश्वर.

औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) की मुख्य नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोट: - भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन, भू- अर्जन अधिकारी औंकारेश्वर/महेश्वर परियोजना बड़वाह एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -20 , मंडलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 1425 - भू- अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

ग्राम/नगर लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)

(2)

(3)

(4) खरगोन

3.355

टेमला

बड़वाह

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -20 , मंडलेश्वर .

औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) की मुख्य नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोट:- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , खरगोन , भू-अर्जन अधिकारी औंकारेश्वर/महेश्वर परियोजना बड़वाह एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20 , मंडलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नवनीत मोहन कोठारी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3485 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सीहोर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

सीहोर, दिनांक 20 सितम्बर 2011

क्र. 1 - अ -82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(1) (2)

(3)

(4)

(5)

(6) सीहोर इछावर

1.562 0.992

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , सीहोर.

भाऊखेड़ी पालखेड़ी

भाऊखेड़ी जलाशय नहर के निर्माण हेतु भू-अर्जन.

0.113

जमोनिया हटेसिंह

2.667

योग .

( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अ.वि.अ./भू-अर्जन अधिकारी, इछावर के कार्यालय में किया जा सकता है.

(3 ) उपरोक्त के संबंध में किसी भी व्यक्ति को यदि कोई आपत्ति हो तो वह 30 दिवस के भीतर अ.वि.अ. , कार्यालय, इछावर में प्रस्तुत कर सकेंगे.

प्र. क्र. 7- अ- 82-2010-11 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

तहसील/ तालुका

लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में )

(3)

(6) (2)

(4)

(5)

(1)

आष्टा

सीहोर

बरखेड़ी

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग , सीहोर.

108.68 एकड़ 43.982 हेक्टेयर

मनीरामपुरा जलाशय के शीर्ष भाग के निर्माण हेतु.

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. मनीरामपुरा जलाशय के शीर्ष भाग के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अ. वि. अ ./भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 8 - अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी 3486

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2)

(3)

(4)

1.128 सीहोर इछावर गाजीखेड़ी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, सीहोर.

कालापीपल तालाब की नहर के निर्माण हेतु अर्जन.

( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी/ भू- अर्जन अधिकारी , इछावर के कार्यालय में किया जा सकता है .

(3 ) उपरोक्त के संबंध में किसी भी व्यक्ति को यदि कोई आपत्ति हो तो वह 30 दिवस के भीतर अ.वि.अ. , कार्यालय , इछावर में अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजय गोयल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला देवास , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

देवास , दिनांक 23 सितम्बर 2011

प्र. क्र. 8 - अ- 82-2010-11- क्र. 590- भू-अर्जन-2011. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसकेशासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं: --

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(3)

(4) (1) देवास

देवली

13.68 टोंकखुर्द

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत

का कारण प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

संभाग , देवास. कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन भैंसाखेड़ी तालाब योजना के अन्तर्गत डूब में ग्राम देवली की निजी भूमि हेतु अर्जित की जाने से.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय , कलेक्टर, जिला देवास एवं कार्यालय , भू- अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी , सोनकच्छ में देखा जा सकता है .

प्र. क्र. 9 - अ- 82-2010-11- क्र. 596- भू-अर्जन-2011. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894, ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

ग्राम

(1)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) (2)

देवास

रणायरकला

11.61 टोंकखुर्द

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

का कारण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , देवास.

भैंसाखेड़ी तालाब योजना के अन्तर्गत डूब में ग्राम देवली की निजी भूमि हेतु अर्जित की जाने से.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय , कलेक्टर, जिला देवास एवं कार्यालय , भू- अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी, सोनकच्छ में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मुकेशचन्द गुप्ता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

3487

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सतना , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग सतना , दिनांक 25 अगस्त 2011

क्र. 920 - भू-अर्जन-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील - उचेहरा

(ग) नगर/ग्राम- पथरहटा

(घ) क्षेत्रफल-5.275 हेक्टर.

खसरा

कुल अर्जित रकबा

(हेक्टर में )

नम्बर (1)

(2)

पथरहटा सब माइनर

60/1305

0.105

0.101

60

0.119

59

0.009

58

66

0.139

0.069

65/2क/3

65/3ख

0.051

65/1क

0.080

65/ 1 ख

0.064

291/1

0.014

290/1

0.069

290/2

0.044

68/2

0.002

75

0.041

0.010

69/1

73

0.197

74

0.157

76

0.209

77/1

0.005

77/2

0.079

(2)

(1)

0.186

77/3

0.041

77/4

0.039

275/1

0.022

275/2

0.091

276/1

0.022

276/2

0.190

274/1

274/2

0.026

265

0.070

0.020

266/1

0.274

263/1

0.087

262

0.004

248

0.004

127

0.020

128/2

0.080

128/1

0.082

129/1

0.009

129/2क

0.015

130/2

0.137

918/3/1

0.023

918/3/2

0.005

917/4

0.113

917/3

0.015

917/2

916/1

0.161

0.173

132/1

0.006

133/1

0.015

914/1ख

0.009

914/1क

0.240

913

0.012

912

0.008

911

0.165

1004

1010

0.035

0.044

1011

0.031

1009

0.024

1007

0.029

1008

0.066

1013/1

0.021

1012/2

1027/3

0.109

0.015

1027/4

0.008

1026/3

0.006

1026/4 3488

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

(2)

(1)

1017

0.119

1107

0.032

1109

0.117

1110

0.013

1111

0.073

1112

0.058

1113

0.060

1115

0.007

1114

0.016

1136

0.079

1141

0.005

1135

0.241

1134

0.005

1144/2

0.027

1178/1

0.010

129/1

0.085

130/1

0.009

919

0.001

योग : 5.275

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- नागौद सतना शाखा नहर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

सतना, दिनांक 28 अगस्त 2011

क्र. 924- भू-अर्जन-10-11. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: --

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला-सतना

(ख) तहसील - उचेहरा

(ग) नगर/ग्राम- नरहटी

(घ) क्षेत्रफल-3.907 हेक्टर.

खसरा

कुल अर्जित रकबा नम्बर

(हेक्टर में)

(1)

(2)

पथरहटा माइनर

185/2

0.352

[भाग 1

(2)

(1)

0.016

184/2

174/2

0.133

174/1

0.092

0.006

175

172/1

0.159

171

0.135

0.014

170

168

0.136

167

0.010

225/1026

0.012

225

0.190

227

0.009

0.302

224

0.012

214

213

0.158

211/4

0.021

211/1

0.248

0.019

212/1

0.099

215/1

0.004

795

0.011

795

796

0.277

0.014

797

798

0.002

0.008

793/1K

0.075

793/2

791

0.033

801/1

0.157

801/2

0.023

0.008

802/1

802/2

0.064

0.088

803

0.039

804

0.011

805

0.009

789

788

0.094

0.001

787/1

787/2

0.016

0.040

786/1

0.041

786/2

786/4

0.059

786/3

0.015

0.056

782/2K

0.063

782/1

0.004

811

785

0.146 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

(2)

(1)

813

0.009

814

0.007

816

0.004

817

0.007

723

0.008

730

0.001

731

0.041

738

0.028

737

0.025

732

0.072

736

0.023

733

0.034

629

0.012

628

0.154

630

0.001

योग : 3.907

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- नागौद सतना शाखा नहर के निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

सतना , दिनांक 12 सितम्बर 2011

क्र. 365 - भू- अर्जन- 10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- मैहर

( ग ) नगर/ग्राम- धतूरा

(घ) क्षेत्रफल -8.985 हेक्टर .

अधिग्रहित होने वाला रकबा

खसरा नम्बर सर्वे नम्बर

3489

(3)

(2)

(1)

0.095 10/1ख

0.125

0.025

0.005 10/2ग

11

0.403

0.280

0.000 10/1 ड

0.021

0.070 13/1

0.105

13/2

0.230

0.130 17/1

0.055

0.025

0.165

0.065 13/4

0.082 158/5

0.167

0.125

0.125

20

0.167

0.078 158/4

0.060 167/1

0.095

168/1

0.071

0.146

0.000

0.042 166/1

0.085

0.085

166/2

0.122

0.165

165

0.097

0.140

167/2

0.014 168/2

0.071

0.045

0.080 246/2

171

0.168

0.110

0.058 172

0.105

0.121 241/1 ख

0.193

0.027 242/2

0.061

0.034 238/1

0.035

0.020

0.007 239/1

0.218

0.325

237

0.002

0.001 236

0.040

0.023 231/1

0.264 232

0.335

0.175

0.121 233

0.043

0.020 234

0.005

0.000 282

0.186

0.260

283

0.076

0.006 1735

0.005

0.000 1736

0.000

0.005

1737

0.039

0.065

284/1

0.303

0.345

299

303

0.056

0.155

0.095

321

0.083

अधिग्रहित होने

वाला रकबा

वर्तमान में

पूर्वमें

(2)

(1)

(3)

0.152

9/1 ग

0.142 9/2क

0.129

0.136

9/2ख

0.052

0.048 10/2ख

0.130

0.081

0.104 304

0.154

0.040 320/1

0.052

0.037 322

0.095

0.286

323/1

0.201

0.183 323/2

0.319

0.054

0.000 373/1क 3490

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

(1)

(2)

(3) 1714/1

0.052

0.042 326/1

0.025

0.014

0.180

374

0.168 1714/2

0.021

0.019

0.217 638/2

0.030

637/2

0.000

0.009 641/2

0.000

0.140 640

0.030

0.093 645

0.000

0.084 646

0.000

0.007 1731/2

0.092

0.072 1730/2

0.017

0.009

1729/1

0.048

0.052 1705/1

0.032

0.009

902/2

0.002

0.000 963

0.058

0.056 1113

0.010

0.005 964

0.050

0.041

0.050 965

0.055

0.065

966

0.049

0.014 969

0.035

0.085

0.041 970

971/1

0.049

0.052

0.011

1105/ 1 क

0.011 1105/2

0.059

0.046 1197

0.105

0.088 1106

0.084

0.065 1107/2

0.030

0.051 1107/1

0.049

0.030

1108/1

0.060

0.026

0.038

1112

0.033

0.030

0.020 1108/2

1109

0.135

0.091 1126/1

0.090

0.068

0.040

0.013 1127

0.025

1196/1

0.004 1198

0.080

0.029

0.005

1203

0.000 1204

0.088

0.061 1205

0.048

0.037 1207

0.004

0.000 1214

0.002

0.000

0.020

1215

0.002 1216

0.084

0.066 1217

0.035

0.030

0.004

0.005 1218

[भाग 1

(3) (1)

(2)

0.063

0.023 1219

1220

0.062

0.108

0.040

0.043 1501

0.001 1221

0.030

0.001

0.001

1502/1

0.088

0.028 1459

0.027

0.031

1509

0.077 1461

0.115

0.052

0.010 1462

0.060

0.054

1466

0.010

0.010

1467

0.007

0.045

1464

0.004

0.000 1463

0.063

0.036 1465

0.073

0.076 1469

0.049

0.060

1439

0.050

0.011 1470

0.040

0.064 1471

0.000

0.001

1437

0.002

0.000 1453

0.011 1440

0.050

0.001

0.000 1441

0.101 1438

0.140

0.051

0.041 1474

0.040

0.008 1432

0.053 1433

0.095

0.087

0.126

1434

0.017 1435

0.038

0.000

0.001

1468

0.003 1475

0.003

0.015

0.001 1472/1

0.063 1473

0.040

0.015

0.000 1472/2

0.004

0.005

1478

0.000

0.010

1341

0.005

0.023

1353

0.000

0.002

1354

0.288 1393

0.450

0.098

0.066 1392

1391

0.020

0.005

0.021

0.001 1394

0.116 1352

0.285 भाग 1 ]

3491

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

(3) (1)

(2)

0.077

1704/3

0.063

0.030 768

0.053

12.647

8.985 योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- नागौद सतना शाखा नहर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुखबीर सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खरगोन , दिनांक 3 सितम्बर 2011

क्र. 1353 - भू-अर्जन-11 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील- कसरावद

(ग ) ग्राम- निमरानी

(घ) क्षेत्रफल-6.013 हेक्टर .

रकबा

खसरा नम्बर

(हेक्टर में )

(1)

(2)

312

0.417

314

0.176

469/1

0.141

469/2

0.485

207

0.260

0.080

487/2/2/2

0.120

490

491

0.089

(2)

(1)

493/1

0.096

0.506

544

0.070

545/1

0.040

545/2

546

0.426

547

0.466

549

0.157

0.257

552/2

555

0.283

556/1

0.162

0.232

556/2

557/1

0.620

557/2

0.560

0.370

557/3

योग : 6.013

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की वितरण शाखा एवं अन्य नहरों के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर कार्यालय , खरगोन/भू- अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरें ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास नहर संभाग खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

खरगोन , दिनांक 9 सितम्बर 2011

क्र. 1383 - भू-अर्जन- 11- संशोधन. - तहसील कसरावद जिला खरगोन के ग्राम भट्याण बुजूर्ग की अर्जनीय कृषि भूमि के अर्जन हेतु इस कार्यालय द्वारा जारी भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 6 की उद्घोषणा का मध्यप्रदेश के राजपत्र भाग -1 में पृष्ठ क्रमांक 3108-3109 पर दिनांक 2 सितम्बर 2011 को त्रुटिपूर्ण प्रकाशन हुआ है. जिसको निम्नानुसार सही संशोधित प्रविष्टि पढ़ी जावे : -

संशोधित प्रविष्टि (2)

त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि (1)

अनुसूची-1 भूमि अनुसूची-1 भूमि

का वर्णन में का वर्णन में

तहसील कसरावद तहसील महेश्वर

शेष प्रविष्टियां यथावत् रहेंगी .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3492

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

कार्यालय, कलेक्टर, भोपाल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग भोपाल , दिनांक 9 सितम्बर 2011

क्र. 2- भू- अ.- ए- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत एतद्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- सम्राट अशोक सागर जलाशय का जलस्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

(क) जिला- भोपाल

(ख) तहसील- बैरसिया

(ग ) ग्राम- कोटरा चौपड़ा

( घ) लगभग क्षेत्रफल- 14.285 हेक्टर.

खसरा

रकबा

नम्बर

(हेक्टर में)

(1)

(2)

159/3

1.583

159/1/1

0.809

160/1/1

0.992

160/2

1.283

167/1

1.263

167/2

1.287

163

1.619

164

0.263

165

1.360

168

0.150

196

0.238

198

0.169

200

0.259

0.295

194

197/255/199

0.312

209

0.251

246/1

0.140

246/2

0.133

247/1/1

0.084

247/1/2

0.084

247/2

0.084

247/3

0.084

160/1/3

0.250

160/1/2

1.200

167/3

0.093

योग : 14.285

( 2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तहसील बैरसिया जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

[भाग 1 क्र. 4- भू- अ. - ए- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत एतद्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

(क) जिला- भोपाल

(ख ) तहसील- बैरसिया

(ग) ग्राम- खेजड़ा बब्बर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-61.456 हेक्टर .

खसरा

रकबा

नम्बर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

2.023

74, 75/1/2क

0.405

74,75/1 / 2 ग

1.619

74, 75/1 /2/ख

73/2

2.023

1.011

68, 69/2

67/2

1.214

66/2

1.214

1.023

187/2,

187/1/2/2क

59/1

1.000

352/60/1

0.057

1.023

187/2,

187/1 /2/2ड

61/2

0.040

1.023

187/2,

187/1 /2 /2 ग

61/1

0.253

1.023

187/2,

187/1/2/2 घ

51/2

1.214

0.490

52, 53/ 2क

0.494

52, 53/2ख

1.672

56/2/1

56/2/2

1.672

187/2,

0.709

187/ 1/ 2/ 2च 1

149/2/2

0.405

56/2/3

1.668 भाग 1 ]

3493

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

(2)

(1)

56/2/4

1.668

26/2क

1.279

27/2

0.186

1.023

187/2,

187/1/2/2ख

352/60/2

0.024

62

1.404

48/1

0.583

0.884

26/2ख

1.011

187/2,

187/ 1 / 2/ 2च 2

48/2

2.285

191

1.076

54/2/1

0.583

48/3

0.462

54/2/3

0.659

54/2/2

0.579

145/2/2

0.696

145/2/1

0.692

145/3

0.158

146/1

1.268

188/2/3/2

1.088

146/3/2

0.120

1.092

147

143/4

1.254

146/2

1.011

146/3/1

2.833

183/2क

0.539

0.773

187/1 /1 /1 क

183/2ख

0.539

187/1 /1 / 1 ख

0.773

149/2/1

0.405

183/2 ग

0.539

187/1/1 /1 ग

0.773

186

2.262

187/1/1/2

2.000

192/2/1

3.237

192/2/2

2.423 योग : 61.456

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तहसील बैरसिया जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 7 -भू- अ.- ए- 82-2010-11 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत एतद्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

(क) जिला- भोपाल

(ख) तहसील- बैरसिया

(ग ) ग्राम- रोंझिया

(घ) लगभग क्षेत्रफल-42.360 हेक्टर.

रकबा

खसरा

नम्बर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

5

1.490

0.180

19/2

1.480

6

0.130

19/1

0.060

77

1.380

0.700

11/2

1.380

17

18

1.380

27/1

0.230

0.230

27/2

0.230

27/3

27/4

0.120

27/5

0.020

0.100

38

28

0.590

1.020

29

30

0.820

0.100

39

0.360

31/2

31/1

0.240

0.610

32

33

1.180

40

0.920

0.460

41

0.460

42

0.200

71

0.320

56 3494

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

(1)

(2)

57/1

1.350

0.070

66

58

0.090

63

0.420

62

0.510

76

0.090

64

0.460

65

0.450

0.200

215

67

0.630

72

0.160

73

0.160

74

0.160

75

0.060

84

0.210

86

0.160

0.170

87

88

0.290

1.200

89

90

0.710

91

2.020

92

0.720

93

0.300

95

0.730

0.730

312/95

96

0.400

1.200

98

104

1.050

105

0.560

106

0.410

107

0.160

108

4.670

113

0.200

114

0.090

115

0.340

116

0.280

117

0.430

202

0.280

234

2.260

235/1

0.720

235/2

0.060

12

0.810

योग : 42.360

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तहसील बैरसिया जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 8 - भू- अ. -ए- 82-2010-11. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत एतद्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

(क) जिला- भोपाल

(ख ) तहसील- बैरसिया

(ग) ग्राम- बरीं बगराज

(घ) लगभग क्षेत्रफल-66.217 हेक्टर.

खसरा

रकबा

नम्बर

(हेक्टर में)

(1)

(2)

0.364

25/1

25/2/2

0.064

0.065

25/2/1

0.125

26

28

0.619

0.243

48/1

48/2

0.243

49/1

0.206

0.210

49/2

57

0.429

0.093

60/1

0.445

55/1

0.166

175

0.441

55/2

0.138

58/2

0.202

60/2

1.056

51/1/1

0.570

51/1/2

0.696

54/1/3

51/1/3

0.692

54/1/1

0.322

54/1/2

0.389

0.173

54/2/2

56/1

0.324

0.174

56/2

0.129

191/2

80

0.251

2.393

127/2

0.486

132/2 भाग 1 ]

3495

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

(1)

(2)

0.299 336/126

58/1

0.405 59/1

0.405 59/2

0.105 92/1क

1.039 92/1ख

1.039 92/1 ग

0.809 82

0.878

0.851 84,85/1

2.454 87,82/ 2,89 /1 , 189/1

1.011 87,82/ 2 , 89/1 , 189/2

0.376 84, 85/2

0.323 84, 85/3

87,82/2 , 89/1 , 189/3 1.064

0.242 87 , 82/2 89/1 , 189/4

0.470 138/2

1.784 263,266 , 269/2

264

0.388 265

0.267 54/2/1

0.579

1.724 90/1

0.202 137/2/2

0.028 249/2/2

251/2

1.902 182

0.121

1.429 90/2

92/2

2.889 137/2/1

0.202 253/2

1.505 253/3

0.162 91/1/2

0.934 91/1/3

0.312 91/1/4

0.316 91/1/5

0.312 129/2

0.809 181/1

0.040 129/3

0.809 181/2

0.040 129/4

0.809 181/3

0.040 142/1/2

0.684 142/2

0.413 332/142/1

0.624 143/1

1.348 144

0.154

(2)

(1)

174/2

0.097

0.708

81/1

81/2

0.708

1.720

192

0.506

193/2/ 1 ख

0.041

190/2

271

0.611

0.506

193/2/ 1 क

193/2/2

0.506

1.538

194/2/2

251/1

3.557

1.497

143/2

0.045

247/2

183

0.101

248/2

0.417

0.417

248/3

0.417

248/4

1.820

258/1

0.615

258/2

0.611

258/3

258/4

0.611

0.041

260

1.331

261

0.526

170 , 178 , 179/1

0.290

170 , 178 , 179/2/1

0.101

170 , 178 , 179/2/3

0.210

170 , 178 , 179/2/2

0.263

170 , 178 , 179/2/4

0.567

263 , 266 , 269/1

272/1

0.325

0.700

272/2

0.069

180

0.081

185/2

0.016

186/1/2

0.100

170 , 178 , 179/2/ 5क

0.090

170 , 178 , 179/2/5 ख

186/2

0.154

योग : 66.217

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तहसील बैरसिया जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

3496

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

भोपाल, दिनांक 9 सितम्बर 2011

क्र. 10- भू- अ.-ए- 82-2010-11. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत एतद्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

(क) जिला- भोपाल

(ख) तहसील- बैरसिया

(ग ) ग्राम- बुधौर खुर्द

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 28.366 हेक्टर.

खसरा

रकबा

नम्बर

(हेक्टर में )

(2)

(1)

37/1/1

0.900

38/1

0.243

31/3,39,40,42/1 /2क 0.299

42/43/2

2.023

1.682

31/3,39,40 , 42/ 1 /2 ख

1.451

31/3,39,40,42/ 1 / 2 ग

37/1/2

1.900

45

5.381

3.071

46,47,48/1/1/2

3.035

46,47, 48/2/1

56/3

0.126

3.035

46,47,48/2/2

3.067

46,47,48/1/1 / 1

56/2

0.125

50/1

0.409

52/ 1ख

1.619

योग : 28.366

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तहसील बैरसिया जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 16- भू- अ. - ए - 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत एतद्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:--

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

(क) जिला- भोपाल

(ख ) तहसील- बैरसिया

(ग) ग्राम- छतरी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-8.930 हेक्टर.

खसरा

रकबा

नम्बर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

7

0.410

8

0.340

9

1.000

0.170

10/2

11/2

0.120

0.050

12/2

13/2

0.300

0.460

10/1

0.940

12/1/1

0.360

13/1

0.050

12/1/2

0.600

0.440

16/1

0.200

16/3

17/1

0.260

17/3

0.870

0.780

16/2

0.620

17/2

19

0.600

0.360

20

योग : 8.930

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तहसील बैरसिया जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निकुंजकुमार श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

3497

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला रायसेन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रायसेन , दिनांक 9 सितम्बर 2011

प्र. क्र. 8 - अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची की पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रायसेन

(ख) तहसील- गौहरगंज

(ग ) ग्राम-कनौरा

( घ) लगभग क्षेत्रफल-2.40 एकड़

खसरा

अर्जित रकबा

कुल रकबा (एकड़ में ) (एकड़ में ) (1)

नम्बर (2) (3) 37/2 6.25 2.40 योग .. 6.25 2.40 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन. पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं अर्जित की जाने वाली भूमि काविवरण अनुविभागीय अधिकारी गौहरगंज के कार्यालय में देखा जा सकता है.

रायसेन , दिनांक 17 सितम्बर 2011

प्र. क्र. 01 - अ- 82 - एस डी ओ-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि को , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रायसेन

(ख) तहसील- गैरतगंज

(ग ) ग्राम-बेरखेड़ी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-64.480 हेक्टर

खसरा क्रमांक

कुल रकबा (हे. में. )

अर्जित रकबा (हे. में. ) (1)

(2)

(3)

0.525 36/1

1.984

0.636 48/1/1/3

0.737

0.243 36/2

0.428

46/5

1.594

1.999

1.456 37

2.258

0.016 38

0.138

1.456 42/2/3/1

3.172

0.202 39/1/1/1

1.011

39/1/2

1.456

2.092

0.531 40

0.551

124/1/2

2.855

1.861

1.218

124/2

1.218 41

0.206

0.206

0.361

0.361 43

2.833

2.833 42/1

42/2/2

1.672

1.537

3.298 42/2/1/1

3.298

42/2/1/2

0.607

0.607 44/1

2.023

2.023

0.809 44/2/3/2/2

1.272

2.331 118

2.331

0.963 120

0.963

44/2/1/1/1

0.648

0.648

44/2/2/3

1.214

1.051

1.214 44/2/3/1/2

1.214

44/2/3/2/1

0.404

0.404

0.648 44/2/1/1/2

0.648

1.214 44/2/2/2

1.214

44/2/1/1/3

0.708

0.708 44/2/2/4

0.890

1.214

44/2/1/2

0.117

0.117

0.405

0.041 44/2/3/1/1

44/2/2/1

0.405

0.405 46/1

1.047

1.271

0.809 46/2

1.821

46/3/1/1

0.971

0.648

0.971

46/3/1/2

0.648

0.324 46/3/1/3

0.486

0.202 48/2/5/1

0.486 3498

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

(2)

(3) (1)

0.607 46/3/2

0.809

0.607 46/4/2

0.809

46/4/1

1.619

1.214 47

0.089

0.089 48/1/1/1

1.214

1.214

1.214

1.214 48/1/1/2

48/2/4

2.428

0.405 48/2/5/2

0.971

0.405 48/2/5/3

0.971

0.405 48/2/6/1

1.214

0.802 48/2/6/2

1.214

0.769 48/2/7/1

0.405

0.405 220/49/2/1

0.809

0.809 48/2/7/2

0.809

0.809

48/2/8

2.428

1.960 48/2/9/1

1.821

1.821 48/2/9/2

0.607

0.202 48/2/10/1

1.010

1.010 48/2/10/2

1.416

1.416 48/2/11/1

1.112

1.112 48/2/11/2

1.112

1.112 49

0.146

0.146 116/2/2

5.754

2.792 117

0.081

0.081 119/1

1.422

1.422 122

0.134

0.134

121

0.117

0.117

0.113

123

0.113 220/49/1/1

1.422

1.019 220/49/3

2.428

1.214 220/49/1/2

1.354

0.740 220/49/2/2/1

0.405

0.240 50/2

0.841

0.202 50/1

0.288

1.680

220/49/2/2/2

0.405

1.214

योग .. 64.480 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. - बेरखेड़ी तालाब निर्माण हेतु .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी गैरतगंज के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मोहनलाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शिवपुरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग शिवपुरी , दिनांक 12 सितम्बर 2011

क्र. 130 - भू- अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि एवं सम्पत्ति का वर्णन-अशासकीय भूमि (क) जिला- शिवपुरी

(ख ) तहसील-नरवर

(ग) नगर/ग्राम- तोरसनाई

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-6.49 हेक्टर .

खसरा

क्षेत्रफल

नम्बर

(हे. में)

(2)

(1)

108

0.03

0.42

109

0.02

282

0.02

283

284

0.04

0.03

285

0.02

290

0.01

289

0.07

291

0.08

292

0.03

293

0.05

304

173

0.14

295

0.08

0.06

298

0.02

166

277

0.07

303

0.09

0.05

305

0.05

174

0.02

167

306

0.27

307

0.03

314

0.03 भाग 1 ]

3499

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

(2) (1)

315

0.11 317

0.14 319

0.01 320

0.03 321

0.03 214

0.34 215

0.01 223

0.21 222

0.20

0.04 269

271

0.17 243

0.14 246

0.30 248

0.21 270

0.09 272

0.13 322

0.36 323

0.02

0.07 326

325

0.01 327

0.08 328

0.15 330

0.01 318

0.10 331

0.11 339

0.26 340

0.02 341

0.29 66

0.02

0.10 68

0.01 69

81

0.05 83

0.25 85

0.12 100/3

0.07 101/3

0.09 118

0.12 163

0.03 164

0.03 168

0.03 165

0.02

(2)

(1)

0.03

169

0.02

170/1

0.13

175

योग : 6.49

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है . सिंध परियोजना दांया तट नहर ( महुअर नदी तक ) की शाखा डी-8 एवं मायनर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण.-जिलाधीश (भू-अर्जन शाखा ) जिला शिवपुरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 131 - भू-अर्जन- 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:- अनुसूची

( 1 ) भूमि एवं सम्पत्ति का वर्णन- अशासकीय भूमि (क ) जिला- शिवपुरी

(ख) तहसील- नरवर

(ग) नगर/ग्राम- सहिडाकलां

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 10.28 हेक्टर .

खसरा

क्षेत्रफल

नम्बर

(हे. में)

(2)

(1)

0.01

7

0.32

9

0.07

27

0.20

28

35

0.11

0.15

37

53

0.10

54

0.21

56

0.12

0.05

57

60

0.12

61

0.27

0.16

63

0.06

82

0.31

83

84

0.17

0.09

85

0.07

86/1 3500

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

(1)

(2) 86/2

0.07 87

0.02 95

0.07 96

0.22 97

0.01 98

0.17 104

0.14 105

0.04 106

0.25 110

0.01 111

0.22 112

0.04 127

0.03 172

0.01 173

0.14 174

0.15 175

0.01 176

0.23 192

0.18 193

0.17 194

0.05 195

0.10 211

0.44 212

0.10 325

0.03 327

0.12 328

0.05 329

0.03 331

0.03

0.04 332

333

0.07 334

0.06 337

0.06

0.02 338

339

0.07 340

0.01 341

0.03 342

0.06 343

0.07 346

0.02 347

0.05 349

0.06 350

0.03 517

0.11 518

0.13 521

0.26 (1)

(2)

0.13

523

527

0.02

0.36

543

0.07

544

545

0.04

546

0.01

0.01

547

554

0.17

555

0.04

0.01

592

596

0.01

597

0.20

0.15

598

0.12

599

0.01

600

0.11

602

0.01

603

604

0.10

0.18

605

606

0.02

0.04

609

0.01

677

678

0.21

679

0.01

680

0.10

0.03

681

692

0.16

693

0.10

0.11

694

0.12

697

0.07

698

0.08

699

0.17

702

0.03

716

717

0.24

719

0.16

कुल योग : 10.28

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. सिंध परियोजना दांया तट नहर ( महुअर नदी तक ) की शाखा डी-5 की 8 - एल एवं 9 - एल मायनर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण .- जिलाधीश (भू- अर्जन शाखा ) जिला शिवपुरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जॉन किंगसली ए. आर. , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

3501

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग दमोह , दिनांक 14 सितम्बर 2011

पत्र क्र. क - भू-अर्जन-तेंदूखेड़ा- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील- जबेरा

(ग) नगर/ ग्राम- पटी महराजसींग

( घ) लगभग क्षेत्रफल-0.72 हेक्टर.

खसरा

नम्बर

रकवा (हे. में)

(2)

(1)

0.17

499/1

709/3

0.55

कुल योग : 0.72

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. पटी महराजसिंह जलाशय के बांध , डूब क्षेत्र एवं नहर हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण.-अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी तेंदूखेड़ा एवं कार्यपालन यंत्री, जलसंसाधन संभाग , दमोह , जिला दमोह के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , शिवानंद दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खण्डवा, दिनांक 14 सितम्बर 2011

नस्ती क्र. 276-10- एल.ए. भू- अर्जन- प्र. क्र. 02 - अ- 82- 10-11 - शुद्धि-पत्र. पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु ग्राम उटावद तहसील पुनासा जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा के भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक 02-अ- 82- 10-11 में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 की उद्घोषणा का प्रकाशन म. प्र. राजपत्र भाग -1 में दिनांक 25 मार्च 2011 को राज एक्सप्रेस में दिनांक 20 मार्च 2011 स्वदेश में दिनांक 23 मार्च 2011 एवं आम इस्तहार दिनांक 21 मार्च 2011 को हुआ है. उक्त उद्घोषणा में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे.-

पूर्व प्रकाशित प्रविष्टि

प्रकाशन जिसमें हुआ (1)

(2)

सही संशोधित प्रविष्टि (3)

खसरा नम्बर

खसरा नम्बर

रकबा (हे. में. )

रकबा (हे. में. )

(1)

(1) (2)

0.01

84

84

87

0.01

87

मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में

260

0.05

(2) 0.1 0.1 0.05

26

दि. 25-3-2011

84

0.01

84

राज एक्सप्रेस में

0.01

87

87

दि. 20-3-2011

0.1 0.1 0.05 260

0.05

26

0.01

84

84

0.01

87

87

स्वदेश में दि. 23-3-2011

0.1 0.1 0.05 260

0.05

26

0.1

84

84

87

0.1

87

आम इश्तहार में दि. 21-3-2011

0.01 0.01 0.05

0.05 260

26

(2 ) उक्त प्रकाशन उद्घोषणा में कुल अर्जनीय रकबा 2.79 हे . यथावत् रहेगा .

नस्ती क्र. 306-10- एल.ए. भू-अर्जन प्र . क्र. 04- अ-82- 10-11 - शुद्धि- पत्र.- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु ग्राम केहलारी तहसील खण्डवा जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा के भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक 04-अ-82- 10-11 में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 की उद्घोषणा का प्रकाशन म. प्र. राजपत्र भाग -1 में दिनांक 25 मार्च 2011 को राज एक्सप्रेस में दिनांक 20 मार्च 2011 को न्यूज टूडे में दिनांक 22 मार्च 2011 एवं आम इस्तहार दिनांक 28 मार्च 2011 को हुआ है . उक्त उद्घोषणा में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे.-

सही संशोधित प्रविष्टि

पूर्व प्रकाशित प्रविष्टि

(3) प्रकाशन जिसमें हुआ (1)

खसरा नम्बर (1)

(2) खसरा रकबा नम्बर (हे. में. ) (1) (2)

193/3

192/3

रकबा (हे. में. ) (2) 0.07

0.07

मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दि. 25-3-2011

192/3

0.07

0.07

193/3

राज एक्सप्रेस में दि. 20-3-2011

192/3

0.07

0.07

193/3

न्यूज टूडे में दि. 22-3-2011

0.07

192/3

193/3 0.07

आम इश्तहार में दि. 28-3-2011 3502

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

( 2 ) उक्त प्रकाशन उद्घोषणा में कुल अर्जनीय रकबा 7.73 है. यथावत् रहेगा.

नस्ती क्र. 274-10- एल.ए. भू-अर्जन-प्र. क्र. 07- अ-82- 10-11- शुद्धि- पत्र.- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु ग्राम जलकुंआ तहसील पुनासा जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा के भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक 07 -अ- 82- 10-11 में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 की उ‌द्घोषणा का प्रकाशन म. प्र. राजपत्र भाग 1 में दिनांक 25 मार्च 2011 को दैनिक भास्कर में दिनांक 22 मार्च 2011 को चौथा संसार में दिनांक 22-3-2011 एवं आम इस्तहार दिनांक 19 मार्च 2011 को हुआ है. उक्त उद्घोषणा में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे.- प्रकाशन जिसमें हुआ (1)

सही संशोधित प्रविष्टि (3)

पूर्व प्रकाशित प्रविष्टि (2)

खसरा

खसरा

रकबा

रकबा नम्बर ( हे. में. ) नम्बर (हे . में. )

(2) (1) (2)

(1)

46/5

0.5 46/5

0.05 मध्यप्रदेश राजपत्र भाग-1 में

दि. 25-3-2011

46/5

0.5 46/5

0.05 दैनिक भास्कर में दि. 22-3-2011

46/5

0.05

0.5 46/5

चौथा संसार में दि. 22-3-2011

0.05

0.5 46/5

आम इश्तहार में 46/5 दि. 19-3-2011

(2 ) उक्त प्रकाशन उद्घोषणा में कुल अर्जनीय रकबा 0.34 हे . यथावत् रहेगा.

नस्ती क्र. 332-10- एल.ए. भू- अर्जन- प्र . क्र. 15 - अ-82- 10-11 - शुद्धि-पत्र.-पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु ग्राम दोहद तहसील पुनासा जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा के भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक 15 -अ-82-10- 11 में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 की उद्घोषणा का प्रकाशन म . प्र. राजपत्र भाग -1 में दिनांक 25 मार्च 2011 को पत्रिका में दिनांक 20 मार्च 2011 को प्रभात किरण में दिनांक 23 मार्च 2011 एवं आम इस्तहार में दिनांक 25 मार्च 2011 को हुआ है . उक्त उद्घोषणा में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे. - प्रकाशन जिसमें हुआ (1)

पूर्व प्रकाशित प्रविष्टि (2)

सही संशोधित प्रविष्टि (3)

खसरा नम्बर

खसरा नम्बर

रकबा (हे . में. )

रकबा (हे . में.) (2)

(1)

(2)

(1)

33

0.08

37

0.08 मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में

दि. 25-3-2011

(1) (2)

(2)

(1)

0.08 पत्रिका में

0.08

33

37

दि. 20-3-2011

37

0.08

33

0.08

प्रभात किरण में

दि. 23-3-2011

37

0.08

33

0.08

आम इश्तहार में

दि. 25-3-2011

(2 ) उक्त प्रकाशन उद्घोषणा में कुल अर्जनीय रकबा 0.98 हे . यथावत् रहेगा .

नस्ती क्र. 335-10- एल.ए. भू-अर्जन-प्र. क्र. 21-अ-82- 10-11 - शुद्धि-पत्र.- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु ग्राम सीवर रै . तहसील पुनासा जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा के भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक 21-अ- 82- 10-11 में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 6 की उद्घोषणा का प्रकाशन म. प्र. राजपत्र भाग -1 में दिनांक 25 मार्च 2011 एवं समाचार पत्र नवभारत में दिनांक 23 मार्च 2011 एवं अग्निबाण में दिनांक 21 मार्च 2011 एवं आम इस्तहार दिनांक 22 मार्च 2011 को हुआ है. उक्त उद्घोषणा में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे.-

पूर्वप्रकाशित प्रविष्टि

सही संशोधित प्रविष्टि

(3)

(2)

प्रकाशन जिसमें हुआ (1)

खसरा

नम्बर

रकबा (हे. में. )

रकबा (हे. में. )

खसरा नम्बर (1) (2) (1)

258/1

258/1 0.013

(2) 0.13 मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में

दि. 25-3-2011

258/1

0.13

258/1 0.013

नवभारत में दि. 23-3-2011

258/1

258/1 0.013

0.13 अग्निबाण में

दि. 21-3-2011

0.13

258/1 0.013 258/1

आम इश्तहार में दि. 22-3-2011

(2 ) उक्त प्रकाशन उद्घोषणा में कुल अर्जनीय रकबा 1.36 हे . यथावत् रहेगा.

नस्ती क्र. 131-10- एल.ए. भू-अर्जन प्र. क्र. 48- अ-82- 9-10- शुद्धि- पत्र.-पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु ग्राम बांगरदा तहसील पुनासा जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा के भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक 48-अ-82- 9-10 में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 6 की उद्घोषणा का प्रकाशन म. प्र. राजपत्र भाग -1 में दिनांक 22 अक्टूबर 2010 को चौथा संसार में दि. 25 अक्टूबर 2010 को नव भारत में दिनांक 27 अक्टूबर 2010 एवं आम इस्तहार दिनांक 21 अक्टूबर 2010 को भाग 1 ]

3503

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

हुआ है. उक्त उद्घोषणा में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे. - प्रकाशन जिसमें हुआ

(1)

पूर्वप्रकाशित प्रविष्टि (2)

सही संशोधित प्रविष्टि (3)

रकबा (हे . में. )

रकबा (हे . में.)

खसरा नम्बर

(1) (2)

खसरा नम्बर (1) (2) मध्यप्रदेश राजपत्र

0.12

163

163/२

0.12

भाग-1 में

दि. 22-10-2010

163

0.12 163/2

0.12 चौथासंसार में दि. 25-10-2010

163

0.12

0.12 163/2

नवभारत में दि. 27-10-2010

163

0.12

0.12 163/2

आम इश्तहार में दि. 21-10-2010

( 2 ) उक्त प्रकाशन उद्घोषणा में कुल अर्जनीय रकबा 2.98 हे. यथावत् रहेगा.

नस्ती क्र. 266-2010 - एल.ए. भू- अर्जन-प्र . क्र. 100 - अ-82- 9-10- शुद्धि-पत्र.-पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन के निर्माण हेतु ग्राम नगरीय ग्राम मूंदी तहसील पुनासा जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा के भू-अर्जन प्रकरण क्रमांक 100- अ- 82-9-10 में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 की उद्घोषणा का प्रकाशन दैनिक भास्कर समाचार पत्र में दिनांक 23 मार्च 2011 को एवं चौथा संसार में दिनांक 22-3-2011 को हुआ है . उक्त उद्घोषणा में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावेः- प्रकाशन

सही संशोधित प्रविष्टि जिसमें हुआ (1)

पूर्व प्रकाशित प्रविष्टि (2)

(3)

खसरा नम्बर

खसरा नम्बर

रकबा (हे. में. )

रकबा (हे. में. )

(1) (2)

(2)

(1)

181/2

182/2 0.010

0.010 दैनिक भास्कर में

0.060 दिनांक 23-3-2011 562 0.060 562/2

0.100

0.100

1160/21 1/2

1160/2| 1161/2

चौथासंसार में

474/7

374/6 0.010

0.010 दि. 22-3-2011 1160/21

1160/2|

0.100

0.100

1/2

1161/2

0.150 1181/3 0.150

1131/3

10.090 ( 2 ) उक्त प्रकाशन उद्घोषणा में कुल अर्जनीय रकबा हे. यथावत् रहेगा.

खण्डवा , दिनांक 16 सितम्बर 2011

भू-अर्जन प्र. क्र.- 39-अ-82-09-10-शुद्धि-पत्र.-इंदिरा सागर परियोजना के अंतर्गत केलवां वितरण शाखा की अतिरिक्त सब- माईनरों के निर्माण हेतु ग्राम फिफराड़ तहसील पुनासा जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा के भू-अर्जन प्रकरण क्रमांक-39-अ- 82-09-10 में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 की उद्घोषणा का प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र भाग 1 में दिनांक 16 जुलाई 2010 को , चौथा संसार में दिनांक 19 जुलाई 2010 , नवभारत में दिनांक 19 जुलाई 2010 एवं आम इश्तहार दिनांक 8 जुलाई 2010 को हुआ है . उक्त उद्घोषणा में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे. -

सही संशोधित

प्रविष्टि

पूर्व प्रकाशित प्रविष्टि

(3) प्रकाशन जिसमें हुआ (1)

(2)

रकबा

(हे. में. )

रकबा (हे. में. )

(2)

(2)

2.25

2.24

मध्यप्रदेश राजपत्र

भाग -1 में

दिनांक 16-7-2010

2.25

2.24

चौथा संसार में दिनांक 19-7-2010

2.25

2.24

नवभारत में

दिनांक 19-7-2010

(2 ) पूर्व प्रकाशन उद्घोषणा में कुल अर्जनीय रकबा 2.24 हे . के स्थान पर कुल रकबा 2.25 हे. पढ़ा जावे .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कवीन्द्र कियावत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला अशोकनगर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

अशोकनगर, दिनांक 16 सितम्बर 2011

क्र. क्यू- भू- अर्जन- 227-अ- 82-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के वर्ग ( 2 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 3 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन 3504

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि सार्वजनिक भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-अशोकनगर

(ख ) तहसील- ईसागढ़

(ग) ग्राम-खमखेडी

(घ) क्षेत्रफल-1.394 हेक्टर .

सर्वे

नम्बर

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

72/3

1.000

73/3

0.394

योग : 1.394

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पचलाना बांध निर्माण हेतु स्थाई अर्जन.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी, अशोकनगर एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग अशोकनगर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 20 सितम्बर 2011

पत्र क्र. 1508 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- उमारियां

(ख) तहसील - मानपुर

(ग) ग्राम- रोहनियां

(घ) क्षेत्रफल-4.954 हेक्टर .

खसरा

रकबा

नम्बर

(हेक्टेयर में )

(2)

(1)

0.396

80/2

0.202

446/1जुज

0.245

356/3

356/4

0.245

364/2

0.425

0.425

364/3

0.425

364/4

0.405

366/2

0.567

366/3

366/4

0.405

595/2

0.607

0.607

595/3

योग : 4.954

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना बांध के अन्तर्गत डूब में आने वाले निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी.बी. श्रीवास्तव , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

3505

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर जबलपुर, दिनांक 13 सितम्बर 2011

क्र. सी-7604- दो-2-3-2009.-श्री सुभाष काकड़े , रजिस्ट्रार जनरल , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर को रजिस्ट्री आदेश क्रमांक- सी-4969 , दिनांक 27 जून 2011 के अंतर्गत स्वीकृत अर्जित अवकाश दिनांक 3 से 10 जून 2011 तक, आठ दिवस के साथ एल. टी. सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2007 से वर्ष 2011 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक 3- ( ए) 19-3- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666- इक्कीस ब( एक) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अंतर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 1 जून 2011 के अनुसार प्रदान की जाती है.

क्र. सी- 7606- दो-2-31-2010 . श्रीमती गिरिबाला सिंह , रजिस्ट्रार ( न्यायिक -1 ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर को रजिस्ट्री आदेश क्रमांक- सी-4600 , दिनांक 6 जून 2011 के अंतर्गत स्वीकृत अर्जित अवकाश दिनांक 14 से 23 जून 2011 तक, दस दिवस के साथ एल. टी. सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2007 से वर्ष 2011 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस (केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3- ( ए) 19-03 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666 - इक्कीस- ब ( एक ) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अंतर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 28 मई 2011 के अनुसार प्रदान की जाती है .

जबलपुर, दिनांक 14 सितम्बर 2011

क्र. ई- 3996- दो- 3-97-2009.- श्री अभय कुमार, रजिस्ट्रार (डी. ई . ) , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर को रजिस्ट्री आदेश क्रमांक-सी-4597 , दिनांक 6 जून 2011 के अंतर्गत स्वीकृत अर्जित अवकाश दिनांक 14 से 23 जून 2011 तक, दस दिवस के साथ एल . टी. सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2007 से वर्ष 2011 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3- ( ए ) 19-03- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666- इक्कीस ब ( एक) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अंतर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 28 मई 2011 के अनुसार प्रदान की जाती है.

क्र. ई - 3998- दो- 3-76-2009.- श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह, रजिस्ट्रार (सतर्कता ) , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर को रजिस्ट्री आदेश क्रमांक- सी-4602 , दिनांक 6 जून 2011 के अंतर्गत स्वीकृत अर्जित अवकाश दिनांक 14 से 23 जून 2011 तक, दस दिवस के साथ एल. टी. सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2007 से वर्ष 2011 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3- ( ए) 19-3- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666 - इक्कीस ब ( एक ) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अंतर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 28 मई 2011 के अनुसार प्रदान की जाती है.

माननीय कार्यकारी मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार, जबलपुर, दिनांक 19 सितम्बर 2011

क्र. E- 4126- दो -2-13-2008.- श्री मनोहर ममतानी , एडीशनल डायरेक्टर, जे . ओ. टी. आर. आई. , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 8 अगस्त 2011 से 9 सितम्बर 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तैंतीस दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री मनोहर ममतानी , एडीशनल डायरेक्टर, जे. ओ . टी. आर. आई. , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री मनोहर ममतानी , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो एडीशनल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत रहते.

माननीय मुख्य न्यायाधिपति के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.

जबलपुर , दिनांक 15 सितम्बर 2011

क्र. C- 7709- दो-2-34-2010.- श्री आलोक वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सतना को रजिस्ट्री आदेश क्रमांक- सी-7504, दिनांक 24 दिसम्बर 2010 के अंतर्गत स्वीकृत अर्जित अवकाश 3506

दिनांक 15 से 22 दिसम्बर 2010 तक, आठ दिवस एवं शीतकालीन अवकाश दिनांक 23 से 31 दिसम्बर 2010 तक, नौ दिवस के साथ एल. टी. सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2007 से वर्ष 2011 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3- ( ए) 19- 03- इक्कीस- ब ( एक) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1- ड) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666- इक्कीस - ब( एक ) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अंतर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 21 फरवरी 2011 के अनुसार प्रदान की जाती है .

क्र. E - 4050- दो-2-26-2002.- श्री जे . के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जबलपुर को रजिस्ट्री पत्र क्रमांक- सी -5494, दिनांक 6 जून 2011 के अंतर्गत स्वीकृत ग्रीष्मकालीन अवकाश दिनांक 2 से 10 जून 2011 तक, नौं दिवस के साथ एल. टी. सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2007 से वर्ष 2011 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3- ( ए) 19-3- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666- इक्कीस ब ( एक ) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अंतर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 10 मई 2011 के अनुसार प्रदान की जाती है.

क्र. E-4045-दो- 2-32-2000.- श्री राजेन्द्र महाजन , तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल वर्तमान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मंदसौर को रजिस्ट्री पत्र क्रमांक- सी-4646 , दिनांक 20 जून 2011 के अंतर्गत स्वीकृत ग्रीष्मकालीन अवकाश दिनांक 6 से 17 जून 2011 तक, बारह दिवस एवं आदेश क्रमांक सी/5897 , दिनांक 15 जुलाई 2011 के अंतर्गत स्वीकृत अर्जित अवकाश दिनांक 18 जून 2011 के एक दिवस के साथ एल . टी. सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2007 से वर्ष 2011 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3- ( ए) 19-03- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666 - इक्कीस- ब ( एक) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अंतर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 24 अगस्त 2011 के अनुसार प्रदान की जाती है .

क्र. E- 4047- दो - 2-13-2006. श्री एस. एस . सिसौदिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , रायसेन को रजिस्ट्री पत्र क्रमांक- सी -5931 , दिनांक 18 जुलाई 2011 के अंतर्गत स्वीकृत अर्जित अवकाश दिनांक 11 से 22 जुलाई 2011 तक, बारह दिवस के साथ एल . टी. सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2007 से वर्ष 2011 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3- ( ए) 19-03- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666- इक्कीस ब ( एक) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अंतर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 5 अगस्त 2011 के अनुसार प्रदान की जाती है.

जबलपुर, दिनांक 19 सितम्बर 2011

क्र. B - 2140-दो-2-10-2006.- श्री ए. के. मिश्रा , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल को दिनांक 4 से 6 अगस्त 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 7 अगस्त 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री ए. के. मिश्रा , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री ए. के. मिश्रा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. B - 2144- दो-3-26-2002.- श्री जे. के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जबलपुर का निम्नानुसार अवकाश निरस्त एवं स्वीकृत किया जाता है : -

( 1 ) दिनांक 18 जुलाई 2011 के अपरान्ह का आधे दिन का स्वीकृत आकस्मिक अवकाश निरस्त किया जाता है.

(2 ) दिनांक 18 जुलाई 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश पूर्व स्वीकृत कम्युटेड अवकाश दिनांक 19 से 22 जुलाई 2011 तक के अनुक्रम में और स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री जे. के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जबलपुर को जबलपुर को पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री जे. के. जैन उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

क्र. E-4120-दो- 2-19-ए- 2009.- सुश्री भारती बघेल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अशोकनगर को दिनांक 12 से 16 अगस्त 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर सुश्री भारती बघेल , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अशोकनगर को अशोकनगर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि सुश्री भारती बघेल उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. E- 4122-दो - 2-51-2011.- श्री प्रदीप कुमार श्रीवास्तव , प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, टीकमगढ़ को दिनांक 23 से 30 अगस्त 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 21 से 22 अगस्त 2011 तक के एवं पश्चात् में दिनांक 31 अगस्त 2011 से 1 सितम्बर 2011 तक के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री प्रदीप कुमार श्रीवास्तव , प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , टीकमगढ़ को टीकमगढ़ पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री प्रदीप कुमार श्रीवास्तव , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

जबलपुर, दिनांक 20 सितम्बर 2011

क्र. C- 7835- दो- 2-13-2005.- श्री नवल किशोर गर्ग , प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , जबलपुर को दिनांक 26 सितम्बर 2011का एक दिन का ऐच्छिक अवकाश एवं दिनांक 27 सितम्बर से 3 अक्टूबर 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 25 सितम्बर 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 4 से 6 अक्टूबर 2011 तक के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

3507 अवकाश से लौटने पर श्री नवल किशोर गर्ग, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री नवल किशोर गर्ग उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 7861- दो- 2-36-2010.-श्री अनुराग श्रीवास्तव , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बालाघाट को दिनांक 16 अगस्त 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री अनुराग श्रीवास्तव , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बालाघाट को बालाघाट पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री अनुराग श्रीवास्तव उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C - 7863-दो-2-14-2006.- श्री आलोक वर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सतना को दिनांक 8 से 12 अगस्त 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 7 अगस्त 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 13 , 14 एवं 15 अगस्त 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री आलोक वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सतना को सतना पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .

प्रमाणित किया जाता है कि श्री आलोक वर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 7865- दो- 2-5-2006. श्रीमती जयश्री वर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शाजापुर को दिनांक 23 से 29 जुलाई 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती जयश्री वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शाजापुर को शाजापुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

3508

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती जयश्री वर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. C-7867-दो- 2-40-2009.- श्रीमती कुमुदबाला बरणा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मण्डलेश्वर को दिनांक 1 से 3 अगस्त 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्रीमती कुमुदबाला बरणा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डलेश्वर को मण्डलेश्वर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कुमुदबाला बरणा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहती.

क्र. C - 7869-दो- 2-109-2006.- श्री पी. एस. पाटीदार, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , सागर को दिनांक 23 से 27 अगस्त 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 21 एवं 22 अगस्त 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 28 अगस्त 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री पी. एस . पाटीदार , प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , सागर को सागर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री पी. एस . पाटीदार उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. C - 7871- दो- 2-36-2010.- श्री अनुराग श्रीवास्तव , जिला एवं सत्र न्यायाधीश बालाघाट को दिनांक 29 अगस्त 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 28 अगस्त 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 30, 31 अगस्त एवं 1 सितम्बर 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

[भाग 1 अवकाश से लौटने पर श्री अनुराग श्रीवास्तव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश बालाघाट को बालाघाट पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री अनुराग श्रीवास्तव उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. C- 7873- दो-2-37-2010. श्री जे . एस . क्षत्रिय , जिला एवं सत्र न्यायाधीश डिण्डौरी को दिनांक 6 से 9 सितम्बर 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 10 एवं 11 सितम्बर 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री जे. एस. क्षत्रिय , जिला एवं सत्र न्यायाधीश डिण्डौरी को डिण्डौरी पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री जे. एस. क्षत्रिय , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

जबलपुर, दिनांक 21 सितम्बर 2011

क्र. C - 7886- दो-2-32-2010.- श्रीमती कनकलता सोनकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश कटनी को दिनांक 4 से 9 अगस्त 2011 तक दोनों दिन का सम्मिलित करके छः दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्रीमती कनकलता सोनकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश कटनी को कटनी पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कनकलता सोनकर उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,

ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.

भाग 1 ]

3509

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

जबलपुर, दिनांक 7 सितम्बर 2011

क्र. C- 7387-दो - 2-53-2011.- श्री एच. बी. खेडकर, लेखा अधिकारी, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 5 से 7 सितम्बर 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री एच. बी. खेड़कर, लेखा अधिकारी , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एच . बी. खेड़कर उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो लेखा अधिकारी के पद पर कार्यरत रहते .

जबलपुर, दिनांक 12 सितम्बर 2011

क्र. A- 12480-दो- 3-103-2008.-श्री एम. एच. कार्निक, डिप्टी रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय , इन्दौर खण्डपीठ, इंदौर को दिनांक 16 से 19 अगस्त 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 13 से 15 अगस्त 2011 तक के एवं पश्चात् में दिनांक 20 से 22 अगस्त 2011 तक के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री एम . एच . कार्निक, डिप्टी रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय , इन्दौर खण्डपीठ, इंदौर को इन्दौर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एम. एच. कार्निक उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो डिप्टी रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत रहते.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर , रजिस्ट्रार .

Jabalpur , The 15th September 2011 No. 356 - CJ - II- 468.- Vide order No. 92 , CJ - II - 468 . dated 3rd May 2011. Shri O. P. Sunariya , the then Special Judge , SC/ ST , ( PA) Act , Sidhi , presently under suspension with headquarters at Rewa was placed under suspension with immediate effect and was directed that during pendency of departmental enquiry , his headquarter shall be at Rewa .

Consideration on an application , dated 29th July 2011 of Shri Sunariya , for change of headquarters form Rewa to Indore , it has been resolved by Hon'ble the High Court that the officer during suspension , who is attached at Rewa as headquarter shall be attached at Indore as headquarter at his own cost .

THEREFORE , he is directed to submit his joining report at Indore, from the date of receipt of his order . District Judge , Indore is hereby authorized for payment of Subsistence Allowance accordingly .

No. 358 - CJ - II - 899.-Vide order No. 90 , CJ - II - 899 , dated 3rd May 2011 , Shri S. S. Parmar , the then Additional District& Sessions Judge , Rahli , District Sagar was placed under suspension with immediate effect and was directed that during pendency of departmental enquiry , his headquarter shall be at Gwalior .

Consideration on an application , dated 11th May 2011 of Shri Parmar for change of headquarters from Gwalior , it has been resolved by Hon'ble the High Court that the officer under suspension , who is attached at Gwalior as headquarter be attached at Sagar as headquarter at his own cost .

THEREFORE, he is directed to submit his joining report at Sagar , from the date of receipt of this order . District Judge , Sagar is hereby authorized for payment of Subsistence Allowance accordingly.

By Order of the High Court , J. R. BACHCHAN , Registrar (Inspection & Vigilance) .

जबलपुर, दिनांक 30 अगस्त 2011

क्र. 1219 -गोपनीय- 2011 -दो- 3-88-2011.- कुमारी नीलम शर्मा, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2, ग्वालियर के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश, ग्वालियर का विवाह श्री मयंक शुक्ला के साथ होने के फलस्वरूप, उनकी प्रार्थनानुसार उनका नाम " कुमारी नीलम शर्मा " के स्थान पर " श्रीमती नीलम शुक्ला " पति श्री मयंक शुक्ला परिवर्तित करने की एतद्वारा अनुमति प्रदान की जाती है. उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका परिवर्तित नाम अंकित किया जावे.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, सुभाष काकड़े , रजिस्ट्रार जनरल.

3510

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

जबलपुर, दिनांक 16 सितम्बर 2011

क्र. 1270-गोपनीय- 2011- दो- 3-1-2011 ( भाग-बी) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 एवं न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है :---

नाम

क्रमांक

कहां से (1)

(2)

(3)

रायसेन 1 श्री नितिन कुमार मुजाल्दा

2

रायसेन कुमारी सरोज बाला डोडवाल

3

टीकमगढ़ कुमारी सोनल चौरसिया

4

उज्जैन श्री धीरेन्द्र सिंह मण्डलोई

5

रीवा श्री गुलाब चन्द्र मिश्रा

6

राघौगढ़ श्री ओम प्रकाश सिंह रघुवंशी (जूनियर)

सारणी

कहां को पदस्थापना के जिले का नाम

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी

(6)

(4)

(5)

इंदौर

महू

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

इंदौर

महू

तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

दमोह

दमोह

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

उज्जैन

बड़नगर

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

राघौगढ़

गुना

व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 की हैसियत से श्री ओम प्रकाश सिंह रघुवंशी (जूनियर ) के स्थान पर.

ग्वालियर

ग्वालियर

दसवें व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

क्र. 1271 - गोपनीय - 2011- दो- 3-1-2011 ( भाग- दो ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 ( ट्रेनी जज ) को उनके नाम के समक्ष स्तम्भ क्रमांक ( 4 ) में दर्शित स्थान एवं स्तम्भ क्रमांक ( 6 ) में उल्लेखित नियमित न्यायालय में पदस्थ करते हुए उन्हें दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 11 ( 3 ) के अंतर्गत न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी की शक्तियां प्रदान करता है . :-

नाम

कहां से क्रमांक

(1)

(2)

(3) 1

विदिशा सुश्री ऋतु चौहान

ग्वालियर 2 कुमारी शिवानी धतरा

3.

छतरपुर कुमारी नेहा श्रीवास्तव

4.

बालाघाट श्री यशपाल सिंह

सारणी

कहां को पदस्थापना के जिले का नाम

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)

(5)

(4)

बैतूल

बैतूल

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

ग्वालियर

ग्वालियर तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

छतरपुर

छतरपुर

तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

शहडोल

बुढ़ार

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से नियमित नवनिर्मित न्यायालय में.

भाग 1 ]

3511

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 सितम्बर 2011

(2)

(4) (1)

(3)

धार 5. श्रीमती नताशा शेख पटेल

इंदौर 6. श्री आशीष श्रीवास्तव

आष्टा

सीहोर 7 .

मण्डलेश्वर श्री ऋषिराज त्रिवेदी

भानपुरा

8.

उज्जैन

गोहद

श्री संतोष कुमार तिवारी

9 .

रतलाम

आलोट

श्री वीरेन्द्र जोशी

10. कुमारी प्राची शर्मा

इटारसी

शिवपुरी श्री सचिन ज्योतिषी

11.

सिवनी

सिवनी

12. श्री ओम पाल सिंह

भिण्ड

अम्बाह

13 .

उमरिया

कोतमा

श्री मधुसूदन जंघेल

देवास

14.

देवास श्री राकेश कुमार शर्मा

15.

शहडोल श्री दीपक कुमार अग्रवाल

16. श्री वीरेन्द्र वर्मा

हटा

बैतूल

सतना

सतना

17. कुमारी नीलिमा गुजरकर

18.

बरेली

रायसेन श्री फिरोज अख्तर

(6)

(5)

धार

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

सीहोर

तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से नियमित नवनिर्मित न्यायालय में.

मंदसौर

व्यवहारन्यायाधीश, वर्ग-2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

भिण्ड

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से नियमित नवनिर्मित न्यायालय में.

रतलाम

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

होशंगाबाद प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2- की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

सिवनी

चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

मुरैना

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

अनूपपुर

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

देवास

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

जयसिंहनगर शहडोल

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

दमोह

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

सतना

चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

रायसेन

व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

3512

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

(2)

(3) (1)

(4)

19.

रीवा श्री विकास कुमार शर्मा

20. श्रीमती स्वाति निवेश जायसवाल गुना

गुना 21. श्री राकेश सनोडिया

छिन्दवाड़ा 22. श्री अश्विन परमार

जावरा

बड़वानी 23. श्री शशांक सिंह

बण्डा

टीकमगढ़ 24. श्री मुनेन्द्र सिंह वर्मा

श्योपुर

श्योपुर

25. श्री महेन्द्र सिंह सोलंकी

बुरहानपुर 26. श्री लवकेश सिंह

कटनी 27. श्री दिलीप सिंह परमार

नीमच

नीमच

सीधी

सीधी

28. श्री रामप्रसाद सिंह

दमोह 29. श्री दीनानाथ बाड़ीवा

मण्डला 30. कुमारी मंजुषा इडपाचे

धार

मनावर

31 . श्री अतुल बिल्लोरे

32.

सागर

सागर

कुमारी सविता मरावी

(6)

(5)

इंदौर

देपालपुर

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

गुना

चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से नियमित नवनिर्मित न्यायालय में.

परासिया

छिन्दवाड़ा व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

रतलाम

तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से नियमित नवनिर्मित न्यायालय में.

सागर

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

श्योपुर

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

बदनावर

धार

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

कटनी

विजयराघौगढ़

व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

नीमच

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

सीधी

चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

छिन्दवाड़ा व्यवहारन्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

जुन्नारदेव (जामई)

छिन्दवाड़ा

छिन्दवाड़ा

पंचम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 की हैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में .

धार

व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 कीहैसियत से नियमित रिक्त न्यायालय में.

सागर

षष्ठम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से नियमित नवनिर्मित न्यायालय में.

3513 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 सितम्बर 2011

टिप्पणी-

(1) श्री नितिन कुमार मुजाल्दा, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , रायसेन के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश , रायसेन (2) श्री ओम प्रकाश सिंह रघुवंशी ( जूनियर ) , व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , राघौगढ़ जिला गुना

(3) कुमारी रितु चौहान , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , विदिशा के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश, विदिशा (4) कुमारी प्राची शर्मा, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , शिवपुरी के न्यायालय के चतुर्थ अतिरिक्त न्यायाधीश, शिवपुरी (5) श्री विकास कुमार शर्मा , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , रीवा के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश , रीवा के स्थानांतरण उनके अभ्यावेदन के आधार पर विचारोपरान्त स्वयं के व्यय पर किये गये हैं.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, सुभाष काकड़े , रजिस्ट्रार जनरल.

जबलपुर, दिनांक 14 सितम्बर 2011

क्र. ई- 3994-तीन- 6-4-81 - भाग- छः- मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम, 1981 ( अधिनियम क्रमांक 36 सन् 1981 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश जबलपुर एतद्वारा अपनी अधिसूचना क्रमांक सी - 2644- तीन-6-4-81- भाग- पांच , दिनांक 18 मई 2009 में निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात् : -

संशोधन

उक्त अधिसूचना की अनुसूची में अनुक्रमांक ( 1 ) तथा उससे संबंधित स्तम्भ ( 2 ) में वर्णित वर्तमान प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित प्रविष्टियां प्रतिस्थापित की जावें,

अनुसूची

क्र.

शासन द्वारा निर्मित स्पेशल कोर्ट का नाम अधिकारी का नाम एवं पदनाम , विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति के संबंध में

क्षेत्र जिसके लिये विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति की गई

(1)

(4) (2)

(3)

1

श्री धर्मेन्द्र सिंह ,

राजस्व जिला शिवपुरी

विशेष न्यायालय , शिवपुरी अपर सत्र न्यायाधीश, शिवपुरी

No. E - 3994 - III - 6-4-81 - Pt. - VI . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 2) of the Section ( 6) of Madhya Pradesh Dacoity Aur Vyapharan Prabhavit Kshetra Adhiniyam 1981 (Act . No. 36 of 1981 ) the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur hereby makes the following amendment in its Notification No. C - 2644 - III - 6-4-81 -Pt . V dated 18th May 2009 , namely :-

AMENDMENT

Inthe Schedule of the said Notification in Serial No. ( 1 ) for the existing entries in Column No. 2, the following entries shall be substituted :-

SCHEDULE

S. No.

No.

Name & Designation of the Presiding Officer appointed in the Special Court (2)

Name of the Special Court established by the State Government (4)

Area for which the

appointment made in

Special Court

(3)

(1)

1

Special Court Shivpuri

Revenue District Shivpuri

Shri Dharmendra Singh , ASJ Shivpuri .

अभय कुमार, रजिस्ट्रार ( डी. ई. ) .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 30 September 2011. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2011-09-30.39.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2011-09-30.39.Ordinary.