Servants of Knowledge
Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 18 November 2011

Type
Ordinary
Gazette no.
46
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2011-11-18.46.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्य प्रदे श शासन

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 46 ]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 18 नवम्बर 2011 - कार्तिक 27 , शक 1933

विषय- सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4 ) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.- (क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद् के अधिनियम,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 1 नवम्बर 2011

क्र. ई. 5-843 - आयएएस-लीव-5- एक ( 1 ) श्री नीरज दुबे , कलेक्टर, जिला शहडोल को दिनांक 12 से 16 दिसम्बर 2011 तक, कुल पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 10, 11 एवं 17 , 18 दिसम्बर 2011 के सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2) श्री नीरज दुबे की अवकाश की अवधि में श्री अमरपाल सिंह, राप्रसे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, शहडोल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला शहडोल का प्रभार सौंपा जाता है.

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( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री नीरज दुबे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर , जिला शहडोल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

( 4 ) श्री नीरज दुबे द्वारा कलेक्टर, जिला शहडोल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अमरपाल सिंह, कलेक्टर, जिला शहडोल के प्रभार से मुक्त होंगे.

( 5 ) अवकाशकाल में श्री नीरज दुबे को अवकाश , वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री नीरज दुबे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2011 .

4042

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 नवम्बर 2011

क्र. ई. 5-607- आयएएस- लीव- 1-5.- ( 1 ) श्री के. सी. गुप्ता, आयएएस , आयुक्त- सह- संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश , भोपाल को दिनांक 26 से 31 दिसम्बर 2011 तक, कुल छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 25 दिसम्बर 2011 एवं 1 जनवरी 2012 के सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2 ) श्री के. सी. गुप्ता की अवकाश अवधि में श्री प्रवीण गर्ग , आयएएस, आयुक्त गृह निर्माण मण्डल, भोपाल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, आयुक्त- सह- संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश का प्रभार सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री के. सी. गुप्ता को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त- सह- संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) श्री के. सी. गुप्ता द्वारा आयुक्त- सह- संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री प्रवीण गर्ग, आयुक्त- सह- संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश के प्रभार से मुक्तहोंगे .

(5 ) अवकाशकाल में श्री के. सी. गुप्ता को अवकाश , वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. सी. गुप्ता अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 3 नवम्बर 2011

क्र. ई. 5-841 - आयएएस लीव- 5 -एक ( 1 ) श्रीमती जयश्री कियावत, आयएएस. , कलेक्टर, जिला झाबुआ को दिनांक 23 से 28 अक्टूबर 2011 तक, नार्वे में आयोजित अध्ययन कार्यक्रम अवधि के अनुक्रम दिनांक 29 अक्टूबर से दिनांक 1 नवम्बर 2011 तक चार दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती जयश्री कियावत को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला झाबुआ के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में श्रीमती जयश्री कियावत को अवकाश , वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती जयश्री कियावत अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

क्र. ई. 5-613 - आयएएस- लीव-5- एक- ( 1 ) श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव, आयएएस. , प्रबंध संचालक, पाठ्य पुस्तक निगम को दिनांक 5 नवम्बर 2011 से दिनांक 18 नवम्बर 2011 तक चौदह दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रबंध संचालक, पाठ्य पुस्तक निगम के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

[ भाग 1 (3) अवकाशकाल में श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव को अवकाश, वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अवनिवैश्य, मुख्य सचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 3 नवम्बर 2011

फा. क्र. 1 ( सी ) -22-11-21 - ब ( दो ) .-दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्र. 52 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 8 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य शासन , एतद्वारा डॉ. साकेत व्यास, जिला लोक अभियोजन अधिकारी, उज्जैन को विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त संगठन इन्दौर संभाग इन्दौर के लंबित प्रकरणों में शासन की ओर से पैरवी करने हेतु उनकी पदस्थापना तक विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

ए. जे.खान, सचिव.

भोपाल , दिनांक 8 नवम्बर 2011

फा. क्र. 3 (ए)4-2011-21 - ब ( एक) .- भारत के संविधान के अनुच्छेद 233 ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , उच्च न्यायालय के परामर्श से म. प्र. शासन निम्नलिखित सिविल न्यायाधीशगण ( वरिष्ठ श्रेणी ) जिनकी वर्तमान पदस्थापना उनके नाम के समक्ष दर्शित है, को मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा ( भर्ती तथा सेवा शर्ते ) नियम, 1994 यथा संशोधित नियम -5 ( 1 ) ( ए) के अंतर्गत उनके कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से अस्थाई रूप से आगामी आदेश होने तक, जिला न्यायाधीश ( प्रवेश स्तर ) , वेतनमान रुपये 51550-1230-58930-1380-63070 , के पद पर स्थानापन्न रूप से कार्य करने के लिये नियुक्त करता है :-

1. श्री आशीष दीक्षित, चतुर्थ ए. डी. जे. , पीठासीन अधिकारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट , महू, जिला इंदौर.

2. श्री वाचस्पति मिश्र , चतुर्थ ए. डी. जे. पीठासीन अधिकारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट, सीधी.

3. श्री रामप्रताप सिंह, अष्टम ए. डी. जे . पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट, रीवा.

4. श्री देवनारायण ( शुक्ला ) , षष्ठम् ए. डी. जे. पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट, मंदसौर.

5. श्री लखन लाल गर्ग, तृतीय ए. डी. जे. पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट , डबरा , जिला ग्वालियर.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

दिनेश नायक, सचिव.

भाग 1 ]

4043

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

गृह विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 3 नवम्बर 2011

क्र. एफ. 1 (ए) 53-2003- ब-2-दो श्री आर. के. शिवहरे, भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, पु. मु. , भोपाल को दिनांक 10 से 14 अक्टूबर 2011 तक कुल पांच दिवस का अर्जित अवकाश, दिनांक 8 , 9 , 15 एवं 16 अक्टूबर 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.

( 2 ) अवकाश से लौटने पर श्री आर . के. शिवहरे, भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक स्थानापन्न उप पुलिस महानिरीक्षक, पु. मु. भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में श्री आर. के. शिवहरे, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आर. के. शिवहरे, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

क्र. एफ. 1 (ए) 107-2008- ब- 2- दो - श्री जे. एस. कुशवाह, भापुसे, तत्का. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ( रेडियो ) , भोपाल को दिनांक 28 दिसम्बर 2010 से 27 जनवरी 2011 तक कुल इकतीस दिवस का लघुकृत अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाशकाल में श्री जे . एस. कुशवाह, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री जे. एस . कुशवाह , भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

क्र. एफ. 1 (ए) 154-90- ब- 2- दो श्री एस. के. झा, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, पु. मु. भोपाल को नियंत्रणकर्ता अधिकारी के आदेश क्र. 129-2011 , दि. 18 अक्टूबर 2011 द्वारा स्वीकृत दि. 24 , 25, 28 एवं 29 अक्टूबर 2011 तक कुल चार दिवस के आकस्मिक अवकाश , दिनांक 27 अक्टूबर 2011 के स्थानीय अवकाश एवं दिनांक 23 , 26 अक्टूबर 2011 के विज्ञप्त अवकाश की अवधि में राज्य शासन द्वारा उन्हें खण्ड वर्ष 2010-13 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2010-11 में भारत भ्रमण की पात्रता के अन्तर्गत " मुम्बई गोवा " जाने हेतु परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ यात्रा की अनुमति प्रदान की जाती है :-

1. श्री एस . के. झा स्वयं

2. श्रीमती डॉ. मातंगी झा पत्नी

3. कु. सौम्या झा पुत्री.

4. मास्टर शिवांश झा पुत्र

(2 ) उक्त यात्रा हेतु श्री एस. के. झा, भापुसे को 10 दिवस के अवकाश नगदीकरण /समर्पण की पात्रता होगी एवं नगदीकृत दिवस इनके अर्जित अवकाश खाते से घटाये जायेंगे.

क्र. एफ. 1 (ए) 257-88- ब- 2- दो -डॉ. शैलेन्द्र श्रीवास्तव , भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक/संचालक, खेल एवं युवा कल्याण , म. प्र. भोपाल को बैंकॉक, थाईलैण्ड में ताईक्वाण्डो फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा दिनांक 5 से 8 नवम्बर 2011 तक आयोजित एशियन क्वालिफिकेशन टूर्नामेन्ट में भाग लेने के साथ दिनांक 5 से 18 नवम्बर 2011 तक कुल चौदह दिवस का अर्जित अवकाश ( Ex India ) स्वयं के व्यय पर सिंगापुर एवं हांगकांग प्रवास हेतु निम्नलिखित शर्तों के तहत स्वीकृत किया जाता है :-

1 . विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला व्यय वे स्वयं वहन करेंगे , राज्य शासन नहीं.

2. विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे .

3. विदेश में कोई Assignment नहीं लेंगे.

(2 ) अवकाश से लौटने पर डॉ. शैलेन्द्र श्रीवास्तव , भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक स्थानापन्न अति. पुलिस महानिदेशक/संचालक, खेल एवं युवा कल्याण , मध्यप्रदेश भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में डॉ. शैलेन्द्र श्रीवास्तव , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. शैलेन्द्र श्रीवास्तव, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

क्र. एफ. 1 (ए ) 272-86- ब- 2- दो. श्री स्वर्ण सिंह , भापुसे , अति. पुलिस महानिदेशक( अजाक ) , पु. मु. भोपाल को Phase-v Mid Career Training Programme (MCTP) में दिनांक 14 नवम्बर से 2 दिसम्बर 2011 तक राष्ट्रीय पुलिस अकादमी , हैदराबाद में एवं दिनांक 5 से 10 दिसम्बर 2011 तक, यू. के. लंदन में प्रशिक्षण उपरान्त दिनांक 11 से 14 दिसम्बर 2011 तक, कुल चार दिवस का अर्जित अवकाश ( Ex - India ) निम्नलिखित शर्तों के तहत स्वीकृत किया जाता है :-

1. विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला व्यय वे स्वयं वहन करेंगे , राज्य शासन नहीं.

2. विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे .

3. विदेश में कोई Assignment नहीं लेंगे .

4044

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

( 2 ) अवकाश से लौटने पर श्री स्वर्ण सिंह , भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक स्थानापन्न अति. पुलिस महानिदेशक, (अजाक) , पु. मु. भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री स्वर्ण सिंह, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री स्वर्ण सिंह , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

क्र. एफ. 1 ( ए) 280-76- ब-2- दो - श्री एच. के. सरीन, भापुसे , पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग , भोपाल को दिनांक 19 से 31 दिसम्बर 2011 तक कुल तेरह दिवस का अर्जित अवकाश , दिनांक 17 , 18 दिसम्बर 2011 एवं दिनांक 1 जनवरी 2012 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री एच. के. सरीन , भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

( 3 ) अवकाशकाल में श्री एच. के. सरीन, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एच. के. सरीन , भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक दास, अपर मुख्य सचिव.

खनिज साधन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल , दिनांक 5 नवम्बर 2011

क्र. एफ. 19-17-09-12-1 .- यतः इस विभाग की अधिसूचना दिनांक 4 सितम्बर 1964 द्वारा नीचे दी गई सारणी में उल्लिखित, सतना जिले के नागौद एवं रघुराजनगर तहसीलों के ग्रामों के चूनापत्थर धारित क्षेत्रों को सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा दोहन के लिये सुरक्षित किया गया था. अब राज्य सरकार ने यह विनिश्चय किया है कि उन इच्छुक व्यक्तियों , जो सीमेंट संयंत्र स्थापित करना चाहते हैं , को खनि रियायत प्रदान करने में प्राथमिकता दिए जाने हेतु खनि रियायत नियम 1960 के नियम 59 के उप नियम ( 1 ) के अधीन नीचे दी गई सारणी में दिए गए निम्नलिखित क्षेत्रों को असुरक्षित किया जाए.

[ भाग 1 असुरक्षित किए जा रहे क्षेत्र के लिए खनि रियायत प्रदान करने हेतु आवेदन पत्र कलेक्टर कार्यालय , जिला सतना में , इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के 30 दिन के पश्चात् आगामी 30 दिवस तक लिए जाएंगे .

सारणी

तहसील

अनुक्रमांक

ग्राम का नाम

दिनांक 4-9-64 की अधिसूचना में सुरक्षित किए गए ग्रामों का

(2)

अनुक्रमांक (3)

(1)

(4) 1.

नौबस्ता

39

नागौद

36

कोलार

40

बसुधा

42

बड़रिया खुर्द

48

डाम्हा

पटना

58

2.

58

पी. ओ. उमरी रघुराजनगर

71

कोल्हाई

81

तरहटा

83

मोहना

85

सकरिया

91

खम्हरिया पेसियान

97

भाग फुटौधी

107

लोहरा

66

नीवी

72

मटेहना

78

हिनौती

82

जमोड़ी

95

उषरहा रामस्थान

84

बड़ेरा

86

चकमुरार

92

खम्हरिया तिवरियान

94

भाग घुघचिहाई

98

फुटैधा

100

पी. ओ. बारीखुर्द

110

पोइधा

2. खसरा पांचशाला, नक्शा तथा क्षेत्र की भूमि के ब्यौरे जो असुरक्षित किए जा रहे हैं , कलेक्टर, सतना से प्राप्त किए जा सकेंगे .

भाग 1 ]

4045

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

(3)

(1) (2)

3. खनि रियायत प्रदान करने के लिए प्राप्त हुए आवेदन पत्रों का निराकरण, खान एवं खनिज ( विकास एवं विनियमन ) अधिनियम, 1957 , खनि रियायत नियम, 1960 तथा मध्यप्रदेश राज्य की खनिज नीति, 2010 के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा.

No. F 19-17-2009-12-1 .-Whereas the limestone areas of villages of Tehsil Nagod and Raghurajnagar of Satna district mentioned in table below was reserved for exploitation by public sector vide this department notification dated 4th September 1964. Now, the State Government has decided that the following areas given in the below are being dereserved under sub - rule ( 1 ) of rule 59 of the Mineral Concession Rule , 1960 for giving priority in grant of mineral concession to the desires person who wish to establish cement plant .

Application for grant of mineral concession for the area being dereserved shall be accepted , in the office of the Collector, district Satna after 30 days from the date of publication of this notification , up to ensuing 30 days .

Table

Tehsil

S. No.

Name ofthe Village S. NO . of the reserved villages in the notification dated 4-9-1964

(2)

(1)

(3)

(4)

39

Noubasta

1 Nagod

36

Kolar

40

Basuda

42

Baderia Khurd

48

Damha

58

Patna

58

P. O. Umari

2 Raghurajnagar

71

Kolhai

Tarhata

81

83

Mohana

85

Sakariya

91

Khamhariya Pesiyan

97

Bhag Phutoindhi

107

Lohara

66

Neevee

72

Matehana

78

Hinauti

82

Jamodi

95

Ushraha Ramsthan

Badera

84

(4)

86

Chakmurar

92 Khamhaariya Tiwariyan

94

Bhag Ghughachihai

98

Phutaindha

100

P. O. Bareekhurd

110

Poidha

(2) The Khasra Panchsala , Map and details of the land of the area which are being dereserved may be obtained from the Office of the Collector Satna .

3. The application received for the grant of mineral concession, shall be disposed as per the provisions of Mines and Minerals (Regulation and development) Act , 1957, Mineral Concession Rule , 1960 and Mineral Policy, 2010 of State of Madhya Pradesh.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अरूण कुमार तोमर, उपसचिव.

परिवहन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 11 नवम्बर 2011

क्र. एफ. 22-30-2011- आठ. मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1991 ( क्रमांक 25 सन् 1991 ) की धारा 23 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार एतद्वारा उक्तअधिनियम की प्रथम अनुसूची में निम्नलिखित संशोधन करती है , अर्थात्:-

संशोधन उक्त अनुसूची में , मालयान से संबंधित मद पांच में , उपमद-ख का लोप किया जाए.

No. F - 22-30-2011 - viii . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 23 of the Madhya Pradesh Motoryan Karadhan Adhiniyam , 1991 (No. 25 of 1991 ) . the State Government , hereby, makes the following amendment in the First Schedule to the said Act, namely :-

Amendment

In the said Schedule , in item V relating to Goods Carriage , sub - item (b ) shall be omitted.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रजनीश श्रीवास्तव , उपसचिव.

4046

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

[ भाग 1

स्कूल शिक्षा विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 3 नवम्बर 2011

क्र. एफ. 46-2-2008-बीस - 3.- मध्यप्रदेश प्राथमिक, मिडिल स्कूल तथा माध्यमिक शिक्षा ( पाठ्यपुस्तकों संबंधी व्यवस्था) नियम , 1974के नियम, 3 के उपनियम ( 1 ) से ( 4 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा इस विषय पर जारी की गई समस्त पूर्व अधिसूचनाओं तथा आदेशों को अतिष्ठित करते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , निम्नानुसार पाठ्यपुस्तक स्थायी समिति का गठन करती है, जिसमें निम्नलिखित अध्यक्ष /सदस्य होंगे :-

स.क्र. (1)

नाम व पता (2)

पद (3) 1.

अध्यक्ष डॉ. गोविन्द शर्मा , पूर्व अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा म. प्र. शासन 81 , हैलीपेड कालोनी , जयविलास परिसर, ग्वालियर, म. प्र. दूरभाष 0751-2423229.

2.

सदस्य डॉ. सुभाष गुप्ता, निदेशक, गुजराती प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट, इंदौर म. प्र. , मो. - 09826042102 .

3.

सदस्य श्री भागीरथ कुमरावत , शिक्षावद्, ई -100/45, शिवाजी नगर, भोपाल म. प्र. , मो. - 09407278525 .

4.

सदस्य डॉ. नाथूराम राठोड, सेवानिवृत्त प्राचार्य, एम. आई. जी. 383, विवेकानंद नगर, दमोह, म. प्र. दूरभाष 07812-221824, मो. - 09425151998 .

सदस्य 5. डॉ. रवीन्द्र कान्हेरे प्रोफेसर, शासकीय महाविद्यालय, बड़वानी, म. प्र. , मो. - 09406632151 .

6.

सदस्य श्री अनिल चतुर्वेदी, सहायक संचालक, लोक शिक्षण , विधि प्रकोष्ठ इन्दौर, म. प्र . मो.- 09425346558 .

7.

सदस्य डॉ. मुकेश तिवारी , प्रभारी प्राचार्य, शासकीय इंदिरा गांधी गृह विज्ञान कन्या महाविद्यालय , शहडोल , म. प्र. , मो. -09424378177.

8.

सदस्य डॉ. गिरीश अग्निहोत्री, सेवानिवृत्त प्राचार्य , 100/13 , नर्मदा नगर, सुखसागर विला के सामने , ग्वारीघाट रोड, जबलपुर, म. प्र.

9.

सदस्य डॉ. रघुवीर गोस्वामी, रामानन्द संस्कृत महाविद्यालय , लालघाटी, भोपाल म. प्र. मो. - ..........

10.

सदस्य डॉ. चिंतामणी मालवीय , विभागाध्यक्ष , विक्रम विश्वविद्यालय , उज्जैन म.प्र. , मो.- 9425091553 .

11 .

सदस्य सुश्री कृष्णा परते , प्राचार्य, कन्या उ.मा.वि. गोविन्दपुरा, भोपाल .

भाग 1 ]

4047

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

निम्नलिखित शासकीय पदेन अधिकारियों के नाम:-

12.

आयुक्त, राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल , म. प्र.

13. आयुक्त, लोक शिक्षण , भोपाल, म. प्र.

14. सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल, भोपाल, म.प्र.

15. प्रबंध संचालक, म.प्र . पाठ्यपुस्तक निगम , भोपाल , म.प्र .

16. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद्-एक प्रतिनिधि

17 . नवोदय विद्यालय- एक प्रतिनिधि

सदस्य सचिव

सदस्य

सदस्य

सदस्य

सदस्य

सदस्य

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

गीता मिश्रा, अपर सचिव.

वित्त विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 4 नवम्बर 2011

क्र. एफ. 2-01-2009 - ई- चार. राज्य शासन द्वारा राज्य वित्त निगम अधिनियम, 1951 की धारा 7 ( 1 ) / 7 ( 5 ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए मध्यप्रदेश वित्त निगम, इन्दौर को निम्नलिखित ऋणपत्रों/ऋण पर प्रत्याभूति दी गई थी. मध्यप्रदेश वित्त निगम द्वारा उक्त ऋणपत्रों/ऋण की राशि मय ब्याज सहित कुल राशि रुपये 6,60,00,000 ( रुपये छः करोड़ साठ लाख ) अदा करने के फलस्वरूप राज्य शासन उक्त ऋणपत्रों/ऋण के लिये प्रदत्त प्रत्याभूति को निरस्त करता है:-

क्र.

निहित दर आदेश क्र. व दिनांक

(रुपये लाख में) प्रत्याभूति समाप्ति की अवधि

प्रत्याभूति दी गई (1)

(2)

(3) (4) 1 क्र. 10573/4421 /चार/

11.5% ऋण- पत्र 91/नि-3, दिनांक 30-8-1991 .

प्रत्याभूति राशि

कुल प्रत्याभूति राशि

10% राशि की अतिरिक्त प्रत्याभूति

(7)

(8) (5)

(6)

600

60

660 5-9-2011

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अजय चौबे , अवर सचिव.

4048

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 नवम्बर 2011

[भाग 1

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय , मुख्य अभियंता ( विद्युत् सुरक्षा ) एवम् मुख्य विद्युत् निरीक्षक, मध्यप्रदेश शासन क- खण्ड, तृतीय मंजिल, सतपुड़ा भवन, भोपाल ( मध्यप्रदेश )

भोपाल , दिनांक 18 अक्टूबर 2011

क्र. अ.मं. - 6861 - विठे-निरस्ती - 2011-12-1700- मु.अ. मध्यप्रदेश अनुज्ञापन मण्डल ( विद्युत्) विनियम, 1960 के विनियम , 29 के प्रावधानानुसार निम्नलिखित विद्युत् ठेकेदारों द्वारा दिनांक 30 जून 2011 तक आगामी वर्ष 2011-2013 तक के लिए विद्युत् ठेकेदारी अनुज्ञप्ति का नवीनीकरण नहीं कराये जाने के फलस्वरूप उनकी विद्युत् ठेकेदारी अनुज्ञप्ति रद्द हो गयी है. अतः निम्नलिखित विद्युत् ठेकेदारों के द्वारा दिये गये विद्युत् अधिष्ठानों संबंधी सभी कार्यपूर्ति/ परीक्षण रिपोर्ट दिनांक 1 जनवरी 2011 से अमान्य होगी:-

विद्युत् ठेकेदार का नाम व पता

क्रमांक (1)

अनुज्ञप्ति क्रमांक (3) (2)

1.

973-ए श्री वल्लभ गुप्ता,

109 -डी, स्कीम नं. 51 , संगम नगर, किला मैदान , नव चेतना स्कूल के

पास , इन्दौर ( म. प्र. ) .

2.

975-ए श्री ईश्वरीप्रसाद तिवारी,

राधा निवास, करौंदा के सामने, छतरपुर ( म.प्र. ) .

3. श्री हरदीपसिंह,

1017-ए प्रो. स्टेपअप कंस्ट्रक्शन , 115ए- पी. आर. कंटगा, जबलपुर ( म.प्र. ) .

4.

23/1198- ए श्री सचिन अग्रवाल,

मे. एस. के. इलेक्ट्रीक कम्पनी , 118 , जावरा कम्पाउण्ड, इन्दौर ( म.प्र. ).

5.

15/1446-ए श्री कमलजीत सिंह भल्ला,

प्रो. मे. इलेक्ट्रिक सेन्टर , गुरूद्वारा कॉम्पलेक्स, जयंत, सीधी ( म.प्र. ) .

6.

28/1452-ए श्री रेहान अलवी,

प्रो. पावर ब्लूमर, 54 , ऐशबाग स्टेडियम , बरखेड़ी , भोपाल ( म.प्र. ) .

7.

श्री रमाशंकर शर्मा ,

33/1467-ए मकान नम्बर 3330 , पूर्वी घमापुर, जबलपुर ( म.प्र. ) .

8.

24/1680 -ए श्री कन्हैयालाल महाजन,

द्वारा डॉ. नवनीत महाजन, तलाई मार्ग , खरगौन पश्चिम निमाड़ (म.प्र. )

9.

8/2073-ए श्री इकबाल अहमद खान,

हाउसिंग बोर्ड कालोनी, संकट मोचन की पहाड़ियां, छतरपुर ( म.प्र. ).

10.

6/2087- ए श्री सैय्यद इकबाल हुसैन ,

द्वारा- भाई इलेक्ट्रीकल्स , जमा मस्जिद, नई सड़क, गुना (म.प्र. ) .

11 .

13/2105-ए श्री मदनमोहन अग्रवाल,

द्वारा एम. एस. ट्रेडर्स एफ. बी. 2/2 , शिल्पी प्लाजा कोठी रोड, रीवा ( म.प्र. ) .

भाग 1 ]

4049

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

(1)

(2)

(3) 12.

1/2106-ए श्री अरविन्दसिंह सिकरवार, आ. श्री उदयसिंह सिकरवार, इमली चौक, पोरसा , जिला मुरैना ( म.प्र. ) .

23/2112-ए 13. श्री सुनील कुमार माहेश्वरी , आ. श्री मदनलाल माहेश्वरी , 132 , द्रविड नगर, इन्दौर ( म.प्र . ).

23/2123 - ए 14. श्री आनन्द वरिष्ठ , 230, सुन्दर नगर ( एक्सट्रेक्शन ) सुखलिया, इन्दौर ( म.प्र. ) .

18/2127-ए 15. श्री अजय प्रकाश गुप्ता, सी-12, बिरला ग्राम नागदा, उज्जैन (म.प्र. ) .

33/2143-ए 16. श्री नवीन रिछारिया, 6, शीतलपुरी कालोनी , बलदेव बाग , उखरी रोड, जबलपुर ( म.प्र. )

32/2151 -ए 17. श्री मार्टिन वाल्टर, आ. स्व. श्री सनी वाल्टर, वार्ड नं . 8 , पीपल मोहल्ला, इटारसी ( म.प्र. ) .

5/2169-ए 18. श्री पवन कुमार निगोती, पवन इलेक्ट्रिकल्स, बीज भण्डार रोड, करैरा , जिला शिवपुरी ( म.प्र. ) .

33/1479- ए 19. श्री के. पी. मिश्रा, म. नं. 823/92- बी, शारदा कालोनी , ( पवन भूमि ) शक्ति नगर, जबलपुर ( म.प्र. )

23/1502-ए 20. इंजी. इन्द्रमल जैन , आ. श्री मोतीलाल जैन,

25, बक्षी कालोनी, एक्स बाफना कोठी के पीछे , सदर बाजार, इन्दौर (म.प्र. ) .

21.

28/1541 -ए श्री जाहिद खान, मे. शर्मा इन्टरप्राइजेस , 30 नगर निगम कालोनी , शाहजहांनाबाद , भोपाल ( म.प्र. ) .

28/1544-ए 22. श्री ईश्वर लाल ठाकुर, बी-135, सेक्टर - बी, सोनागिरि, भोपाल ( म.प्र. ) .

23.

3/1971 -ए श्री कुशल गुप्ता आ. श्री एस. एस. गुप्ता, एम.एल.ए. रोड, गंगापुरा - डबरा, जिला ग्वालियर ( म.प्र. ) .

12/2014-ए 24. श्री बृजकिशोर मिश्रा, ब्रज विला , चटर्जी मार्ग , पन्ना ( म.प्र. ) .

35/2041 - ए 25. श्री राकेश देवफरिया, ग्राम - पोस्ट नांदनेर, तहसील गाडरवारा, जिला नरसिंहपुर ( म.प्र. )

26.

23/2052-ए श्री जिनेन्द्र कुमार सेठी, सेठी इलेक्ट्रीकल एण्ड इलेक्ट्रोनिक्स अलायन्स, 23 , पोरसी मोहाबा छावनी, मेन रो , इन्दौर ( म.प्र. ) .

36/2696-ए 27. श्री विनोद चौहान, परासिया रोड, पूजा लॉज के पास , छिन्दवाड़ा (म.प्र. ).

4050

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

(1)

(2)

(3)

19/2706- ए 28. श्री इकबाल खान, अथाई मोहल्ला, वार्ड नं . 10, मूंगावली, जिला अशोकनगर ( म.प्र. ) .

33/2735 -ए 29. मेसर्स कृष्णा कंसट्रक्शन , प्रो. केशवसिंह परिहार, शैल विहार, छापर रामपुर, जबलपुर (म.प्र. ) .

23/2743 - ए 30. श्री विनीता ओरा आ. श्री रमणीक लाल ओरा, ममता ट्रांसफार्मर, सी एच -11 , सुखलिया- इन्दौर ( म.प्र. ) .

23/2744-ए 31. श्री रमणीकलाल ओरा आ. श्री वरदीचन्द ओरा , सी एच -11 , सुखलिया- इन्दौर ( म.प्र. ) .

28/2745-ए 32. श्री विजय सक्सेना, 202 , वरुण अपार्टमेंट, सुरेन्द्र पैलेस, भोपाल ( म.प्र. ) .

29/2749-ए 33. श्री रवि कुमार ठुकराल , चरखा लाईन, जैन मंदिर के सामने, सीहोर ( म.प्र. ) .

5/2753 -ए 34. श्री मनोज कुमार जैन, बस स्टेण्ड रोड, खनियाधाना, जिला शिवपुरी ( म.प्र. ) .

13/2756 -ए 35. श्री सुन्दरपाल सिंह दुग्गल , प्रो. सोना मशीनरी गोल पार्क, बस स्टेण्ड, रीवा ( म.प्र. ) .

36/2786-ए 36. श्री अभिषेक जैन आ. श्री आर. के. जैन, शक्ति नगर, साउथ सिविल लाईन, छिन्दवाड़ा ( म.प्र. ) .

28/2794-ए 37. श्री सुनील कुमार गोठी , प्रो. सनट्रान सिस्टम्स, म. नं. ए-83 , शाहपुरा- भोपाल (म.प्र ) .

34/2807-ए 38. श्री चेतराम नरवरे, सेवानिवृत्त इलेक्ट्रीकल इंजीनियर, डब्ल्यूसीएल पाथाखेड़ा, जिला बैतूल ( म.प्र. ).

39.

31/2818 -ए श्री राहुल साघ आ. श्री एम. एल . साघ , गाँधी चौक , ब्यावरा , जिला राजगढ़ ( म.प्र. ).

28/2840 -ए 40. श्री धमेन्द्र कुमार जैन, प्रो. मे. आदिनाथ ट्रेडिंग कम्पनी, ए-47 , हाउसिंग बोर्ड कालोनी, कोहेफिजा, भोपाल (म.प्र. ).

6/2845-ए 41. श्री दिनेश कुमार श्रीवास्तव, राधा कालोनी , हेल्थ क्लब के पास , गुना ( म.प्र. ) .

33/2849-ए 42. श्री आनन्द कुमार सोनी , 59 , विवेकानंद नगर, यादव कालोनी , जबलपुर ( म.प्र. ) .

18/2868 - ए 43 . श्री सुरेन्द्र खण्डेलवाल आ. श्री मोतीलाल, 28/3 , विश्वविद्यालय मार्ग ( झालानी निवास ) , फ्रीगंज- उज्जैन (म.प्र. ) .

44.

23/2876-ए श्री अरविन्द कुमार आ. श्री गोविन्द रामनोदी, मता सती एनर्जी सेवर्स , 2/1 , पारसी मोहल्ला, ( जी.पी.ओ. ) इन्दौर (म.प्र. ) .

भाग 1 ]

4051

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 नवम्बर 2011

(1)

(2)

(3) 45.

12/2887 -ए श्री धनंजय सिंह परिहार आ. स्व. श्री लेखराम सिंह , डॉ. झा नर्सिंग होम के पीछे , भरहुत नगर, सतना ( म.प्र. ) .

46.

श्री जी वर्गीस जी,

22/2889 - ए प्रो. भारतीय इलेक्ट्रिकल्स , बीएम -177 , एम.जी. हाउसिंग बोर्ड कालोनी , पीथमपुर, जिला धार ( म.प्र. ) .

33/2892 -ए 47. श्री राजेश कुमार पटेल , एम.आई.जी. - सी/ 100 धनवन्तरी नगर, जबलपुर ( म.प्र. ) .

28/2897 - ए 48. मेसर्स आर. एच . इंजीनियर्स, प्रो. के. के. शर्मा, एच./7 , एस/ 3 , एसआरएच कम्पाउण्ड, सोनागिरि, ए- सेक्टर, भोपाल ( म.प्र. ) .

10/2900 - ए 49. श्री संजय कुमार चतुर्वेदी आ. श्री विश्वनाथ चतुर्वेदी, साकेत नगर, ओरछा रोड, पृथ्वीपुर, जिला टीकमगढ़ ( म.प्र. ) .

36/2913 -ए 50. श्री करीमुद्दीन अंसारी, मु. बडकुही ( हेक ) पो. चांदामेटा, तह. परासिया, जिला छिन्दवाड़ा (म.प्र. ) .

51.

17/2925 -ए मेसर्स आर. एच. इनहर नेशनल , प्रो. श्री राजवर्धन सिंह , तीसरी मंजिल , प्रिन्स हाउस , दो बत्ती, रतलाम (म.प्र. ) .

52.

28/2929- ए मेसर्स एलाईड इंजीनियरिंग सर्विसेज, 5-13 , सेक्टर - एफ औद्योगिक क्षेत्र, गोविन्दपुरा , भोपाल ( म.प्र. ).

53.

यूएस/2935- ए मेसर्स एस. के. अग्रवाल, 402/2 , प्रेमगंज सीपरी बाजार, झॉसी ( उ.प्र. )

54.

28/2940-ए श्री रूपेश अग्रवाल, द्वारा आर. ए. इंजीनियरिंग सर्विसेज , म. नं. एमआईजी-20, डी- सेक्टर, बायपास रोड, अयोध्या नगर, भोपाल ( म.प्र. ) .

55.

28/2948 - ए मेसर्स कोनार्क इंजीनियरिंग कार्पोरेशन , सी-55 , गौतम नगर, गोविन्दपुरा , भोपाल ( म.प्र. ).

28/2953-ए 56 . मेसर्स हॉक इंजीनियरिंग एण्ड कम्पनी, 17 , गौतम नगर, पी.जी.बी.टी. कॉलेज, भोपाल ( म.प्र. ) .

57 .

20/2959-ए श्री शम्भूदयाल आ. श्री प्रेमनारायण 149/2, मोती बंगली, देवास (म.प्र. ) .

58.

यूएस/2927-ए मे. राज इंजीनियर्स वर्क्स, प्लाट नं. 705 , इण्डस्ट्रियल एस्टेट, फेस -1 , चंडीगढ़ -160002 .

59.

32/2964- ए श्री मलखान सिंह पटेल, ग्राम टडा, पो. सिंगोली , तह. पिपरिया, जिला होशंगाबाद ( म.प्र. ) .

60.

9/2977 श्री चौधरी प्रदीप कुमार जैन, बटालियन रोड, विद्यापुरम , सागर ( म.प्र. ).

4052

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

क्र. अ.मं. - 6861 -विठे - निरस्त - 2010-11-1705- मु.अ. निम्नलिखित " अ " श्रेणी विद्युत् ठेकेदारों के यहां कार्यरत पर्यवेक्षक द्वारा कार्य छोड़ने के दिनांक से विद्युत् ठेकेदार अनुज्ञप्ति निलंबित हुई. विनियम 26 ( 2 ) के तहत् पुनः दूसरे पर्यवेक्षक की नियुक्ति नहीं किये जाने तथा लगातार 6 माह तक अनुज्ञप्ति निलम्बित रहने के कारण विनियम 26 ( 2 ) ग के तहत् अनुज्ञप्ति पर्यवेक्षक के कार्य छोड़ने के दिनांक से स्वतः निरस्त हो चुकी है. अतः निम्नांकित विद्युत् ठेकेदारों की कार्यपूर्ति/ परीक्षण रिपोर्ट उनके पर्यवेक्षक द्वारा कार्य छोड़ने के दिनांक से अमान्य है:-

स. क्र. विद्युत् ठेकेदार का नाम व पता

(1)

(2)

1. श्री विजय कुमार ज्योतिषी, द्वारा - श्रीराम इले. कमला नेहरू नगर, जबलपुर ( म.प्र. ) .

2. मेसर्स ओटिस इंडिया, 302/2ए, साकेत नगर, यशोदा अपार्टमेंट , भोपाल (म.प्र. ) .

3. मेसर्स अग्रवाल एजेन्सी , 2179, राईट टाउन, जबलपुर ( म.प्र. ) .

4. श्री डी. के. तिवारी,

प्रो. डी. के. इन्टरप्राइजेज रतहरा , नियर प्रेट्रोल पम्प, रीवा ( म.प्र. ) .

5. श्रीमती लीला जादौन, लाईन नं. 2, क्वा. नं. 7 , बिरला नगर, ग्वालियर (म.प्र. ) .

6. श्री पारस जैन आ. श्री शंकरलाल जैन द्वारा मे. पी.डी.एस. भास्कर लाईन, ज्येन्द्रगंज, ग्वालियर ( म.प्र. ) .

7. श्री राधेश्याम गुर्जर,

घासमण्डी नं. 2, मुरार - ग्वालियर (म.प्र. ) .

8. श्री संदीप गुप्ता आ. श्री राधेश्याम गुप्ता, जे -450 , दर्पण कालोनी , ठाठीपुर, मुरार - ग्वालियर ( म.प्र. ) .

9. श्री आशुतोष चतुर्वेदी, गणेश चौक, वीरपुर, जिला श्योपुर ( म.प्र. ) 10. श्री महेश गुर्जर आ. श्री भारतसिंह गुर्जर , ग्राम व पोस्ट सुठालिया, जिला राजगढ़ ( म.प्र. ) .

11. श्री समीर यादव,

म.नं. 1/3 , नंदिनी नगर, गैरतगंज, जिला रायसेन ( म.प्र. ) .

12. श्री परितोष व्ही . अवस्थी,

सी-64, पटेल नगर कालोनी,

पिपलानी, रायसेन रोड, भोपाल ( म.प्र. ) .

13. श्री एस. पी . श्रीवास्तव, राधा कालोनी, गुना (म.प्र. )

14. श्री अजेश्वरसिंह राना,

प्रो. मे. अजेश्वरसिंह राना, 1890 प्रेम नगर, मदन महल , जबलपुर ( म.प्र. ) .

पर्यवेक्षक के कार्य अनुज्ञस् िक्रमांक

छोड़ने की तिथि (3)

(4) 281

30-6-2011 450

31-3-2010

8-2-2011 790

30-4-2010 13/1634

3/1684

31-10-2010 3/1852

18-12-2010

26-2-2011 3/1931

3/2222

20-1-2011 4/2270

20-8-2010 31/2352

12-11-2010 26/2487

21-12-2010 28/2512

25-10-2010

1-4-2010 6/2535

33/2552

1-2-2011 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

(1)

(2)

15. श्री रामवरन शर्मा, अग्रवाल कालोनी, भिण्ड ( म. प्र. ) .

16. श्रीमती सोनी शर्मा, मे. महादेव इले . एण्ड सिविल कंस्ट्रक्शनस, 34, मंदाकिनी महेन्द्रा टाउनशिप , ई-8 , -एक्सटेंशन , शाहपुरा- भोपाल ( म.प्र. ) .

17. मेसर्स अवध ट्रांसफार्मर्स प्राय . लिमि. , 3 व 4 तल न्यू जनपथ कॉम्पलेक्स, 9 - ए, अशोक मार्ग , लखनऊ ( उ.प्र. ) .

18. मेसर्स कृष्णा इंजी. वर्क्स, NHI - A - 157 , NTPC - VSTPP, सीधी ( म.प्र. ) .

19. श्री राजेश परमार आ. श्री लाड़सिंह परमार, ग्राम- हरजिखेड़ा, पोस्ट-रोलाखेड़ी, तह. कालापीपल, जिला शाजापुर (म.प्र. ) .

20. मेसर्स एस्टर टेली सर्विसेज प्राय . लिमि. , फ्लेट नं. 307 , स्नेहा एम . जी. कालोनी, मौला अली, हैदराबाद 500040.

21. श्री कमलसिंह आ. श्री गोपालसिंह चौहान, ग्राम- पुर, पोस्ट- पिडौरा, तह. व जिला- भिण्ड ( म.प्र. ) .

22. श्री लोकेश गुप्ता आ. श्री बालमुकुन्द गुप्ता , 15/100 , जवाहर वार्ड , न्यू बस स्टेण्ड, गाडरवारा , जिला नरसिंहपुर ( म.प्र. ) .

23. तकनीकी कर्मचारी सहकारी साख संस्था, 38, वेयर हाउस रोड, ओल्ड पावर हाउस कम्पाउण्ड इन्दौर ( म.प्र. ) .

24. श्री सुशील गोरेचा, 45, राजस्व कालोनी , फ्रीगंज, उज्जैन ( म.प्र. ) .

25. मेसर्स अन्जलिक इन्टरनेशनल लिमि. , 104-107, हेमकुण्ड टावर, 98 नेहरु प्लेस , न्यू दिल्ली 110019.

26. श्री दिलीप दण्डोतिया, छत्तर पंचम वार्ड के बगल से महावीरपुरा , मुरैना ( म.प्र. ) .

27. श्री रामसिया राठौर, लश्कर रोड, चकवाली पुलिया के पास , जैन मंदिर, भिण्ड ( म.प्र. ).

4053 (3)

(4)

02/2555

26-8-2010

24-9-2010 28/2586

26-9-2010 यूएस/2595

16-8-2010 15/2625

30/2628

31-3-2010

10-2-2011 यूएस/2629

02/2637

11-10-2010 35/2653

28-12-2010 23/2658

10-8-2010 18/2775

10-3-2011

30-9-2010 यूएस/2934

19-6-2010 01/2957

31-3-2010 02/2961 4054

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

(1)

(2)

28. श्री कमलेश शर्मा , ग्राम चौकी, पोस्ट- घरई, तह. व जिला- भिण्ड ( म.प्र.) .

29. श्री नरेन्द्र त्रिवेदी, 22/6, सी. टी. ओ . बैरागढ़- भोपाल ( म.प्र. ) 30. श्री बृजेन्द्र सिंह कुशवाहा, ग्राम इमलाहा, तह. मिहोना, जिला- भिण्ड ( म.प्र. ) .

31. श्री कमल मित्तल, मेसर्स मित्तल इले. नियर सुन्दरमल्स धर्मशाला , दौलतगंज, ग्वालियर ( म.प्र. ).

32. श्री भानुप्रकाश वाजपेयी, ए. के . इन्टरप्राइजेस , बालाबाई का बाजार, लश्कर-ग्वालियर ( म.प्र.) .

33. श्री विनोद कुमार धाकड़, हलाली कालोनी के पीछे , गली क्रमांक-1 , विदिशा ( म.प्र. ) 464001 .

34. श्री राशिद खान, वनखण्डेश्वर स्कूल के पास , झांसी रोड, डबरा , जिला -ग्वालियर ( म.प्र. ) .

35. श्री जयेन्द्रसिंह गुर्जर, कन्या विद्यालय के पीछे , डबरा, जिला- ग्वालियर ( म.प्र. ) .

36. मेसर्स क्राम्पटन ग्रीव्ज लिमि. , सी. जी. हाउस, छठवां माला, डॉ. एनीविसेन्ट रोड, वरली , मुम्बई.

37. मेसर्स प्रमोद इलेक्ट्रिकल्स, म. नं. 13 , वार्ड 22 , नवानगर, पोस्ट-निगाही, जिला सिंगरौली ( म.प्र. ) .

38 . श्री टिक्किमसिंह कुशवाह , 30 प्रगति नगर, गोविन्दपुरा, भोपाल ( म.प्र. ) .

39. मे. प्रेमसन्स पावर इंजीनियर्स, 14 अंजुमन मार्केट, पहली मंजिल, मढ़ाताल, जबलपुर ( म.प्र.) .

40. मे. बिहान इन्टरप्राइजेस, एम. 20 , निराला नगर, डिपो चौराहा के पास, भदभदा रोड, भोपाल ( म.प्र. ) .

[भाग 1 (3)

(4)

30-11-2010 02/2987

28/3000

31-12-2010 02/3007

4-2-2011

15-11-2010 03/3008

03/3009

15-1-2011

15-11-2010 27/3022

27-12-2010 03/3058

03/3060

16-5-2010

4-5-2010 यूएस/3062

15/3071

11-1-2011 28/3074

31-7-2010

31-3-2010 33/3077

28/3083

3-5-2010 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

(1)

(2)

41. श्री रामेश्वर दयाल विलैया, 8/04, ज्वाला प्रसाद विलैया, 25, आदर्श नगर, शिवपुरी (म.प्र. ) .

42. श्री विक्रमसिंह रघुवंशी, शक्ति नगर कालोनी , जे . जे . बरेली, रायसेन (म.प्र. ) .

43. श्री गंगाचरण शर्मा , ग्राम चौकी, पो. घरई, जिला भिण्ड ( म.प्र. ) .

44. श्री अशफाक अली सैय्यद, 34 , महा. बख्तार मार्ग , रिंग रोड, सरदारपुर - धार ( म.प्र. ) .

45. श्री नरेन्द्र कुमार शर्मा, तालाब रोड, पोरसा, जिला मुरैना ( म.प्र. ) .

46. श्री राजेन्द्र सिंह , पंसारी मोहल्ला, गया प्रसाद चौरसिया का मकान, गोरखपुर, जिला जबलपुर ( म.प्र. ) .

47. श्री विवेक शर्मा, म. नं. डीएच-33 , दीनदयाल नगर, ग्वालियर ( म.प्र. ) .

48. मे. पावर विजन मल्टी इंजीनियरिंग सर्विसेज, द्वारा जी. एन. खताले , 40 राजस्व कालोनी, पोस्ट आफिस के सामने, उज्जैन (म.प्र. ) .

49. श्री शरदकान्त ठाकरे , मु. पो. बिसनूर, तहसील - मुलताई , जिला-बैतूल (म.प्र. ) .

50. श्री जयप्रकाश राय , द्वारा प्रकाश इले. , 103 , मंगलम अपार्टमेंट, सांवेर रोड, वैध नगर , उज्जैन ( म.प्र. ) .

51. श्री धनीरामसिंह धाकड़ फोर्ट न्यु कालोनी , कोटेश्वर रोड, ग्वालियर ( म.प्र . ).

52. श्री उमाशंकर शर्मा, गल्ला मंडी, भिण्ड ( म.प्र. ) .

53. श्री केदार पटेल, ग्राम हरनासा, पोस्ट- रंगवासा, तह . देपालपुर जिला- इन्दौर ( म.प्र . ) .

4055 (3)

(4)

05/3084

15-5-2010

20-4-2010 26/3097

25-3-2010 02/3103

22/3107

3-5-2010

30-4-2010 01/3109

30-4-2010 33/3116

03/3131

23-7-2010

20-10-2010 18/3135

34/3137

01-04-2010 18/3139

26-6-2010

10-6-2010 03/3142

25-6-2010 02/3146

12-7-2010 23/3162 4056

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

(1)

(2)

54. श्री बैजनाथसिंह, द्वारा- बैजनाथ कंस्ट्रक्शन कम्पनी, 60 - II , जे.एम.ई. पो . आ. शक्तिनगर, एन.टी.पी.सी. , जिला-सोनभद्र ( उ.प्र. ) .

55. श्री नितिन कुमार जायसवाल, निवासी तीसरी लाईन, वार्ड नं. 32, सुभाषगंज इटारसी- होशंगाबाद ( म.प्र. ) .

56. मेसर्स आकृति इंटीरियर्स, प्रो. श्री राकेश अवस्थी, एफ-बी- 10-11 , ए-ब्लॉक, मान सरोवर काम्पलेक्स, हबीबगंज रेल्वे स्टेशन के सामने, भोपाल ( म.प्र. ) .

57. श्री अमित तिवारी , क्वा. नं . जी-105/17 , 5 नम्बर स्टॉप , शिवाजी नगर , भोपाल ( म.प्र. ) .

58. प्रदीप शर्मा, गल्ला मण्डी, बम्बा का किनारा, भिण्ड (म.प्र. ) .

59 . श्री राजेन्द्र सिंह पाल, मेजर चिल्ड्रन स्कूल के पास, सिंहपुर रोड, मुरार-ग्वालियर ( म.प्र. ).

60. मेसर्स एक्स एल पावर, प्रो. श्री अनिल के गुप्ता, 974/5 , न्यू शास्त्री नगर , जबलपुर ( म.प्र. ) .

61. श्री गरिमा इन्टरप्राइजेज , 83/ए, शिवराजपुरी कॉलोनी , इटारसी , जिला होशंगाबाद ( म.प्र. ) .

62. श्री पंकज फूलवानी, दीप इलेक्ट्रीकल एण्ड गिफ्ट हाउस सराफा बाजार, बैरागढ़ - भोपाल (म.प्र. ) .

63. मेसर्स यू. एस. इन्फ्रा, प्लाट नं. 177, सांई मंदिर के पास , विवेकानंद कालोनी, छिन्दवाड़ा ( म.प्र. ) .

64 श्री अरूण कासलीवाला, 434/10 , तिलक नगर, इन्दौर ( म.प्र . ) .

65 मेसर्स इण्डो एशियन फ्यूज गियर लिमि. रूम नं. 720 , हेमकुण्ड चेम्बर्स, 89 नेहरू प्लेइस , न्यू दिल्ली 110019.

[ भाग 1 (3)

(4)

12-7-2010 यूएस/3167

32/3168

24-6-2010 28/3170

30-09-2010

13-9-2010 28/3183

11-8-2010 02/3188

03/3191

20-8-2010

25-10-2010 33/3196

30-5-2010 32/3213

28/3217

24-2-2011

31-10-2010 36/3220

23/3225

30-9-2010

27-8-2010 यूएस/3226 4057 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

(1)

(2)

(3)

(4) 66

25/3236

03-09-2010 श्री लोकेश चावरे, जवाहर गंज गंगा गली, खण्डवा ( म.प्र.) .

02-09-2010

15/3237

67 मेसर्स डायमण्ड कंसट्रक्शन, प्रो. फसीह अहमद मेन रोड, सिंगरौली ( म.प्र . ) .

24-9-2010 68

23/3239

श्री निहालसिंह ग्राम हरनासा, पोस्ट- देपालपुर जिला इन्दौर ( म.प्र.) .

22-10-2010 69 .

02/3249

श्री राजीव गुप्ता, मंगला देवी मंदिर के पीछे, वार्ड नं. 2, लहार, भिण्ड ( म.प्र. ).

10-10-2010 70.

32/3256

श्री महेश गोयल , 105, बावड़िया मऊ, नर्मदा मंदिर मार्ग , सिवनी- मालवा, जिला होशंगाबाद ( म.प्र . )

71.

02/3257

7-11-2010 श्री कुलदीप सिंह कुशवाह, शिवाजी नगर, भिण्ड ( म.प्र. ) .

72

3-12-2010

13/3259

श्री अरूण कुमार पाण्डेय ग्राम-बांसी, पोस्ट-टीकर, थाना गोविन्दगढ़, तह. हुजूर, जिला रीवा ( म.प्र. ) .

28/3264

18-11-2010 73 मेसर्स अमर एसोसिएट्स ठाकुर बाबा की कुटिया, नीलबड़ भोपाल (म.प्र. ) .

3-1-2011

16/3282

74 श्री अशोक कुमार गोरवान, प्रो. मेसर्स गोखरू इंजी. कम्पनी सदर बाजार, भानपुरा, जिला मंदसौर ( म.प्र.) .

12-12-2010 75

03/3283

मेसर्स आकार इन्टरप्राइजेज , आनंद भवन , शिवहरे धर्मशाला के सामने, नई सड़क, लश्कर - ग्वालियर ( म.प्र. ) .

8-11-2010 76

06/3291

श्री नारायण लाल वर्मा, नारायण इले. चाचौड़ा रोड, बीनागंज, जिला गुना ( म.प्र . ) .

19-11-2010 77

यूएस/3292

मेसर्स अरोसा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राय. लिमि. जी-18 , अंसल क्लासिक टॉवर, जे- ब्लॉक, राजौरी गार्डन, नई दिल्ली-27.

4058

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

[भाग 1 (1)

(2)

(4)

(3)

78

12/3300

8-7-2010 श्री महेश कुमार यादव, मां शारदा काम्पलेक्स, रीवा रोड, सतना (म.प्र. ) .

9-1-2011 79

13/3321

मेसर्स अमित कंस्ट्रक्शन कम्पनी, प्रो. अमित तिवारी , 22/194 , अमहिया, रीवा ( म.प्र.) .

80

12-1-2011

यूएस/3326

मेसर्स बी. एन. सी. पावर प्रोजेक्ट लिमि. , 11 स्वेद बिन्दु, शक्ति नगर , भुसावल, 425201 ( महाराष्ट्र ) .

81

1-2-2011

20/3330

श्री जितेन्द्र गिरी , 61- बी, बद्रीधाम नगर ( जवाहर नगर के पास ) देवास ( म.प्र. ) .

82

6-1-2011

28/3332

श्री जीशान इकबाल खान, 42 , जेलर कम्पाउण्ड, पुल बोगदा, भोपाल ( म.प्र. ) .

83

24-1-2011 श्री दीपक शर्मा, आवास कालोनी, जीरापुर , जिला राजगढ़ ( म.प्र. ) .

4-2-2011

यूएस/3334

84 श्रीमती आशा लखेरा , खड़िया बाजार, शक्ति नगर, सोनभद्र (उ.प्र. ) .

21-2-2011 85

यूएस/3335

मेसर्स आर. एम. एस. आटोमेशन सिस्टम लिमि. , सी-138 , नारायण इण्डस्ट्रियल एरिया, फेस -1 , नई दिल्ली.

28-2-2011 86

23/3344

श्री विपिन जायसवाल, म. नं. 238 , सेक्टर - बी, सुदामा नगर, इन्दौर ( म.प्र. ) .

23-12-2010 87

30/3346

श्री भूपेन्द्र शर्मा, कायस्थ मोहल्ला, बड़ोद, जिला शाजापुर ( म.प्र. ) .

4-1-2011 88

18/3347

श्री सीमांत सिंह बुन्देला, 23, आदर्श विक्रम नगर, सेठी नगर, उज्जैन ( म.प्र. ) .

4-3-2011 89

14/3351

श्री उमेश नारायण त्रिपाठी, पांडव नगर , शहडोल ( म.प्र.) .

भाग 1 ]

4059

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

(1)

(2)

(3)

(4) 90

4-12-2010

28/3354

श्री आर. एन. शर्मा, निवासी- ई.एम . 129 , नेहरू नगर, भोपाल (म.प्र. ) .

91

03/3356

25-2-2011 श्री नागेन्द्र पाल, सूर्य बिहार कालोनी, पिन्टो पार्क, मुरार-ग्वालियर ( म.प्र. ) .

92

14-2-2011

28/3359

श्री मो . असलम अंसारी , म. नं. 113 , सिद्धार्थ नगर, नियर निजामुद्दीन कालोनी, इन्द्रपुरी , भोपाल ( म.प्र. ) .

93

33/3362

7-3-2011 मेसर्स रजनी इंटरप्राइजेज, 103/10- बी, पत्रकार कालोनी , रानीताल चौक , जबलपुर ( म.प्र. ) .

94

25-1-2011

09/3365

श्री अनूप कुमार चौरसिया, मढ़िया नाका स्कूल के पास, इतवारी , सागर ( म.प्र.) .

95

26/3390

8-2-2011 श्री मनोज सक्सेना गणेश कालोनी , बरेली, रायसेन ( म.प्र. ) .

96

28/3403

15-3-2011 मेसर्स वेदान्त लाईट इण्डस्ट्रीज, प्रो. नीलिमा साहू, 296/2 , साकेत नगर, भोपाल ( म.प्र. ) .

97

03/3412

18-3-2011 श्री देवेन्द्र शर्मा जवाहर गंज , डबरा, जिला ग्वालियर ( म.प्र. ) .

31-12-2010 98

12/3413

श्री कुलदीप तिवारी , ग्राम खमहरिया तिवरियान, पोस्ट- भान्द, जिला सतना ( म.प्र. ) .

99

03/3414

25-10-2010 मेसर्स विजय इलेक्ट्रिक कार्पोरेशन, प्रो. रीना कुशवाह , 551 - ए, सुरेश नगर, थाटीपुर - ग्वालियर ( म.प्र. ) .

100

10-12-2010

28/3438

श्री सोमित नाथ खरे, " शिवार्पण " 13/02 , ग्रीन एवेन्यु, चूना भट्टी, भोपाल (म.प्र. ) .

101

28/3467

13-1-2011 श्री परवेज खान , म. नं. 77, बावड़िया कलां, भोपाल ( म.प्र. ) .

4060

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 नवम्बर 2011

(1)

(2)

102 श्री रमेश कुमार त्यागी , सी-1/21 , एम.आई.जी. , बसंत बिहार, उज्जैन (म.प्र. )

103 मेहन एस . निमदेवकर एण्ड कम्पनी , 34, रुकमणी नगर, अमरावती ( महाराष्ट्र ) 104 श्री मातादीन रावत, ग्राम-सिंगाचौली, पोस्ट-लहरा , तह. कैलारस, जिला मुरैना (म.प्र. )

105 श्री कैलाश सिंह पवार, निवासी जी-5 , कवर कालोनी, तह. बड़वाह, जिला खरगौन (म.प्र. )

106 श्री जाहिद खान , मेसर्स शर्मा इन्टरप्राइजेज, 30 - नगर निगम कालोनी, वर्कशाप , शाहजहानाबाद - भोपाल ( म.प्र. )

107 श्री कुशल गुप्ता, आ. श्री एस. एस. गुप्ता, एम. एल . ए. रोड, गंगापुरा , डबरा , जिला ग्वालियर ( म.प्र. )

108 श्री कैलाशचन्द सोनी, कालापीपल मण्डी, कालापीपल , शाजापुर ( म.प्र. )

109 श्री मनीष महाजन, 72 , बनिया वार्ड, धार ( म.प्र. )

110 श्री गोविन्द गुप्ता, प्रो. शिवम् इन्टरप्राइजेज, घासमण्डी, मुरार- ग्वालियर ( म.प्र. )

111 श्री अपूर्व डे, पुराने नरसिंहपुर नाके के पास , कालेज रोड, छिन्दवाड़ा ( म.प्र. )

112 श्री बनवारीलाल धाकड़, आ. श्री करणसिंह धाकड़ , ग्राम- आकखेड़ा, पोस्ट-रेहलीकलां, तह. आरोन, जिला गुना (म.प्र. )

113 मेसर्स इलेक्ट्रिकल मेनीफेक्चरिंग कम्पनी लिमि. , 139 -बी, बी. टी . रोड, पोस्ट कमरहाटी, कलकत्ता 700058 .

[भाग 1

(4)

(3)

18/3550

15-12-2010

11-11-2010 यूएस/3559

1-1-2011 01/3566

5-1-2011 24/3599

28/1541

20-12-2010 03/1971

31-12-2010

15-9-2010 30/2289

22/2379

01-12-2009 (सूचना प्राप्त दि. 2-12-10 ) 03/2828

31-3-2010 36/2848

19-9-2010 06/2951

21-2-2011

2-2-2010 यूएस/3047

ए. के. दुबे, सचिव.

भाग 1 ]

4061

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बड़वानी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

बड़वानी, दिनांक 24 अक्टूबर 2011

क्र. 2256 - भू- अर्जन- 2011- प्रकरण क्रमांक-अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम का नाम

(2)

(1)

रकबा (हेक्टर में ) (4) पाटी

(3) पाटी

5.226 बड़वानी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) अम्बाफल्या तालाब की बांध एवं नहर निर्माण हेतु.

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, बड़वानी.

नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी, बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , बड़वानी एवं अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उपसंभाग , राजपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , रेनू तिवारी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

ग्वालियर, दिनांक 25 अक्टूबर 2011

क्र. 25 - अ- 82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न इससे अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: --

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(3) पलायछा

(1) ग्वालियर

(2) भितरवार

(4) 1.756 1.756

योग

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6) धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दांया तट नहर संभाग , नरवर, जिला शिवपुरी ( म. प्र. ) .

सिंध परियोजना ( द्वितीय चरण ) के अंतर्गत दो आब नहर की खेड़ा मायनर के निर्माण हेतु ग्राम पलायछा की भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय भू-अर्जन अधिकारी, ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

4062

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 नवम्बर 2011

कार्यालय, कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

कुक्षी, दिनांक 4 नवम्बर 2011

क्र. 1149 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

(1) धार

लगभग क्षेत्रफल (वर्गमीटर में ) (4) 446.17

(3) निसरपुर

(2) कुक्षी

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) सरदार सरोवर परि. अंतर्राज्यीय परि. की डूब से प्रभावित होने पर.

कार्यपालन यंत्री, न. धा. वि. प्रा . मान जोबट परि. संभाग , कुक्षी. (5)

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना, मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, लो. नि. वि. , न. घा. वि. प्रा. मान , जोबट संभाग , कुक्षी के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला भोपाल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

भोपाल, दिनांक 9 नवम्बर 2011

क्र. 5 - अ - 82-2007-08- सा-1- सात. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्ध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

(1)

(2)

(3)

ख. क्र.

(4) (हेक्टर में )

0.057 भोपाल

हुजूर दामखेड़ा

0.036

87, 249/87

0.109

0.008

84/1 88 12 11

0.073

योग .. 0.283 भूमि का नक्शा नजूल गोविन्दपुरा वृत्त के कार्यालय में देखा जा सकता है.

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

मलजल प्रवाह उदय परियोजना हेतु भूमि का अधिग्रहण.

प्रोजेक्ट मेनेजर, पी. आई. यू. यू. डबलू. एस . ई . आई. ( एडीबी) प्रोजेक्ट म्यूनिस्पल कार्पोरेशन , भोपाल.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निकुंज कुमार श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

4063

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 नवम्बर 2011

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन

उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 4 नवम्बर 2011

पत्र क्र. 1833 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन, यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

जिला

भूमि का वर्णन ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(4)

(3)

रीवा त्यौंथर

1.732

भगवानपुर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय , त्यौंथर.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

पत्र क्र. 1835 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन, यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(3)

(2)

(4) रीवा त्यौंथर

1.422

रक्सहा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 (2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय , त्यौंथर.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

4064

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 नवम्बर 2011

पत्र क्र. 1837- भू-अर्जन.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन , यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

रीवा त्यौंथर

(4) 3.429

पुरवा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5) कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय, त्यौंथर.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

पत्र क्र. 1839 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन, यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) रीवा

(3) खटिया

(2) त्यौंथर

(4) 1.760

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय , त्यौंथर.

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

पत्र क्र. 1841 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन, यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) रीवा

(2) त्यौंथर

(4) 3.211

(3) पड़वार

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5) कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय , त्यौंथर.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

भाग 1 ]

4065

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

पत्र क्र. 1843 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन, यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4)

(3) ऊसरगांव

(1) रीवा

(2) त्यौंथर

2.967

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय , त्यौंथर.

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

पत्र क्र. 1845 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन , यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

जिला

भूमि का वर्णन ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2) त्यौंथर

(3) पंछा

(4) 2.258 (1) रीवा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री , भू-अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय, त्यौंथर.

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

पत्र क्र. 1847 - भू-अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन , यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) रीवा

(2) त्यौंथर

(4) 5.260

(3) सोहागी

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय, त्यौंथर .

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

4066

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

पत्र क्र. 1849- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन , यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

(3)

(1) रीवा

(2) त्यौंथर

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 0.940

सहिजवार

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5) कार्यपालन यंत्री , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय , त्यौंथर.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

पत्र क्र. 1851 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन, यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) रीवा त्यौंथर (2)

(4) 1.098

(3) टिकुरी

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय , त्यौंथर.

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

पत्र क्र. 1853 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन , यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) रीवा

(2) त्यौंथर

(4) 1.320

(3) गोपालपुरवा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय, त्यौंथर .

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन .

भाग 1 ]

4067

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

पत्र क्र. 1855 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन, यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

जिला

भूमि का वर्णन ग्राम

तहसील

(1) रीवा

(2) त्यौंथर

(3) नष्टगवां

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 1.130

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय , त्यौंथर.

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

पत्र क्र. 1857 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन , यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि की उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2) त्यौंथर

(1) रीवा

(3) अंजोरा कोठार

(4) 2.663

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय , त्यौंथर.

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

पत्र क्र. 1859 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन , यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) रीवा

(2) त्यौंथर

(3) मलपार कोठार

(4) 1.330

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय , त्यौंथर.

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

4068

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

पत्र क्र. 1861- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन, यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(3)

(4) (1) रीवा

(2) त्यौंथर अंतरसुइया कोठार 1.362

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय, त्यौंथर.

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

पत्र क्र. 1863 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन, यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) रीवा

(2) त्यौंथर

(4) 2.923

(3) राजापुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय, त्यौंथर.

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्यौंथर उद्वहन योजना के माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

क्र. 1865 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 (अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

(1) सतना

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (4) 0.048 (2) रामनगर

(3) कल्ला कला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5) कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा (म. प्र. ).

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत डूब में आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिये भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

4069

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

क्र. 1867 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) सतना

(3) नौगवां

(2) मैहर

(4) 2.090

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , संभाग क्र. 1 , रीवा ( म. प्र. ) .

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत डूब में आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिये भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1869- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

(1) सतना

(2) मैहर

(3) आमातारा

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (4) 7.094

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा ( म. प्र. ) . (5)

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत डूब में आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिये भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1871 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

(1) सतना

(2) रामनगर

(3) गिधैली

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 0.080

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा (म. प्र. ).

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत डूब में आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिये भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

4070

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

[भाग 1 क्र. 1873 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 (अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4) (1) सतना

0.380 (2) मैहर

(3) बड़ारी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5) कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , संभाग क्र. 1 , रीवा ( म. प्र. ).

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत डूब में आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिये भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1875 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4) (1) सतना

(2) रामनगर

1.640

(3) कुशमहा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5) कार्यपालन यंत्री , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा (म. प्र. ) .

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत डूब में आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिये भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1877- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

(1) सतना

(2) रामनगर

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 0.300

(3) कुदरीकला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा (म. प्र. ) .

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत डूब में आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिये भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

4071

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

कार्यालय , कलेक्टर, जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

डिण्डौरी, दिनांक 5 नवम्बर 2011

क्र.- भू- अर्जन- ( अ -82 ) 2011-12-305. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2)

(3)

(1) डिण्डौरी

(4) 1.405

झिंझरी माल.

डिण्डौरी रा. नि. मं. गाड़ासरई

1.405 0.00 1.405

प.ह.नं. 174 योग . शासकीय भूमि कुल योग .

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी .

(6) पंडरूखी डायवर्सन योजना के नहर कार्य हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन- ( अ -82 ) 2011-12-306.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(3)

(4)

बछरगांव

(1) डिण्डौरी

1.015 (2) डिण्डौरी रा. नि. मं. बजाग

1.015 0.00 1.015

प.ह.नं. 174 योग शासकीय भूमि कुल योग ..

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

पंडरूखी डायवर्सन योजना के नहर कार्य हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

4072

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

क्र. भू-अर्जन-( अ-82 ) 2011-12-307.- चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी

4.67

पिंडरूखी मा. प.ह.नं. 175

डिण्डौरी रा. नि. मं. बजाग

योग . 4.67 शासकीय भूमि 0.00 कुल योग .. 4.67

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

पंडरूखी डायवर्सन योजना के शीर्ष एवं नहर कार्य हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन- ( अ-82 ) 2011-12-308.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी

2.62

लालपुर मा. प.ह.नं. 192

डिण्डौरी रा. नि. मं. बजाग

2.62 2.00

4.62

योग . शासकीय भूमि कुल योग ..

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

पंडरूखी डायवर्सन योजना के शीर्ष कार्य हेतु .

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

4073

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

क्र. भू- अर्जन- ( अ -82 ) 2011-12-309.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी

2.50

रामगढ़

प.ह.नं. 92

डिण्डौरी रा. नि. मं. अमरपुर

2.50 0.00 2.50

योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

भाखा डायवर्सन स्कीम दॉयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू- अर्जन- ( अ -82 ) 2011-12-310.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2) (3)

(4) डिण्डौरी

3.00 डिण्डौरी रा. नि. मं. अमरपुर

3.00 0.00 3.00

बिजौरी माल प.ह.नं. 92 योग शासकीय भूमि कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

भाखा डायवर्सन स्कीम दॉयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

4074

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 नवम्बर 2011

क्र. भू- अर्जन- ( अ -82 ) 2011-12-311.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2)

(1)

(3)

(4) डिण्डौरी

6.25

बरसिंघामाल प.ह.नं. 93,

डिण्डौरी रा. नि. मं. अमरपुर.

6.25 0.00 6.25

योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

भाखा डायवर्सन स्कीम शीर्ष कार्य, दाँयी एवं बांयी तट नहर कार्य.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. भू- अर्जन-( अ -82 ) 2011-12-312.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

तहसील

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी

0.30 डिण्डौरी रा. नि. मं. अमरपुर.

0.30 0.00 0.30

बिजौरी रै. प.ह.नं. 92 योग . शासकीय भूमि कुल योग ..

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

भाखा डायवर्सन स्कीम दॉयी तट नहर कार्य .

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

भाग 1 ]

4075

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

क्र. भू- अर्जन- ( अ -82 ) 2011-12-313.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2) (3)

(4) डिण्डौरी

16.30

कोकोमटा प.ह.नं. 124,

डिण्डौरी रा. नि. मं. समनापुर,

16.30 0.00 16.30

योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

खुड़िया डायवर्सन स्कीम शीर्ष कार्य.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. भू- अर्जन- ( अ-82 ) 2011-12-314. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2) (3)

(4) डिण्डौरी

0.65 डिण्डौरी रा. नि. मं. समनापुर.

0.65 0.00 0.65

मुकुटपुर प.ह.नं. 122, योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

खुड़िया डायवर्सन स्कीम दॉयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

4076

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

क्र. भू- अर्जन- ( अ -82 ) 2011-12-315.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2) (3)

(4) डिण्डौरी

8.75 डिण्डौरी रा. नि. मं. समनापुर

8.75 0.00 8.75

प्रेमपुर प.ह.नं. 123, योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

(

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

खुड़िया डायवर्सन स्कीम शीर्ष कार्य.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन- ( अ-82 ) 2011-12-316.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(3)

(1) (2)

(4) डिण्डौरी

2.50 डिण्डौरी रा. नि. मं. समनापुर.

2.50 0.00 2.50

मानपुर रै. प.ह.नं. 122, योग . शासकीय भूमि कुल योग .

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

खुड़िया डायवर्सन स्कीम दॉयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

4077

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

भाग 1 ]

क्र. भू-अर्जन ( अ -82 ) 2011-12-317 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी

1.80

देवरी माल प.ह.नं. 94

डिण्डौरी रा. नि. मं. अमरपुर

योग .. 1.80 .. शासकीय भूमि 0.00 कुल योग .. 1.80 ( 2

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

खुड़िया डायवर्सन स्कीम बांयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी .

) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू- अर्जन- ( अ -82 ) 2011-12-318.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी

8.25 डिण्डौरी रा. नि. मं. समनापुर

8.25 0.00 8.25

खुड़िया माल प.ह.नं. 123 योग . शासकीय भूमि कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

खुड़िया डायवर्सन स्कीम शीर्ष कार्य एवं बांयी तट नहर कार्य.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

4078

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 नवम्बर 2011

[भाग 1 क्र. भू- अर्जन- ( अ -82 ) 2011-12-319.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(3)

(1)

(2)

(4) डिण्डौरी

7.50

सारंगपुर प.ह.नं. 15

डिण्डौरी रा. नि. मं. विक्रमपुर रै.

7.50 0.50 8.00

योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

सारंगपुर पड़रिया जलाशय बांयी एवं दांयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. भू- अर्जन- ( अ -82 ) 2011-12-320.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2) (3)

(4) डिण्डौरी

50.00 डिण्डौरी रा. नि. मं. विक्रमपुर रै.

50.00 6.00 56.00

पड़रिया रै. प.ह.नं. 15 योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी .

सारंगपुर पड़रिया जलाशय शीर्ष कार्य, बांयी एवं दांयी तट नहर कार्य.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

4079

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

भाग 1 ]

क्र. भू- अर्जन- ( अ -82 ) 2011-12-321 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करता है:- करने के लिये प्राधिकृत जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2)

(1)

(3)

(4) डिण्डौरी

36.00

गुयरा रै. प.ह.नं. 53

डिण्डौरी रा. नि. मं. नेवसा

36.00 4.00 40.00

योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

(

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

गुयरा जलाशय शीर्ष कार्य एवं दांयी एवं बांयी तट नहर कार्य.

2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. भू- अर्जन- ( अ -82 ) 2011-12-322.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी

83.40 डिण्डौरी रा. नि. मं. विक्रमपुर

83.40 11.00 94.40

जमगांव मा. प.ह.नं. 03 योग शासकीय भूमि कुल योग .

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

नागदमन (जमगांव ) शीर्ष कार्य.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

4080

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 नवम्बर 2011

[भाग 1 क्र. भू- अर्जन- ( अ -82 ) 2011-12-323.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2) (3)

(4) डिण्डौरी

1.90

सहजपुरी रै. प.ह.नं. 10

डिण्डौरी रा. नि. मं. विक्रमपुर

1.90 0.00 1.90

योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

( 2

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

टिकरिया ( सिलहरी ) दांयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन-( अ -82 ) 2011-12-324 .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि , इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करता है:- करने के लिये प्राधिकृत

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी

56.13 डिण्डौरी रा. नि. मं. विक्रमपुर

56.13 6.00 62.13

सिलहरी प.ह.नं. 11 योग शासकीय भूमि कुल योग .

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी .

टिकरिया ( सिलहरी ) जलाशय शीर्ष कार्य दांयी एवं बांयी तट नहर कार्य.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

4081

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

क्र. भू-अर्जन- ( अ -82 ) 2011-12-325.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करता है:- करने के लिये प्राधिकृत

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी डिण्डौरी

0.50

मोरचारै. प.ह.नं. 11

रा. नि. मं. विक्रमपुर योग .. 0.50 शासकीय भूमि 0.00 कुल योग .. 0.50

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

टिकरिया ( सिलहरी ) बांयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन ( अ-82 ) 2011-12-326.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी

नेवसा

3.00 डिण्डौरी रा. नि. मं. नेवसा

3.00 0.00 3.00

प.ह.नं. 50 योग शासकीय भूमि कुल योग ..

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

गुयरा जलाशय बांयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

4082

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

क्र. भू- अर्जन- (अ -82 ) 2011-12-327.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टर में ) (1) (2)

(4)

(3)

डिण्डौरी

5.00 डिण्डौरी रा. नि. मं. शाहपुर

5.00 0.00 5.00

धमनगांव प.ह.नं. 41 योग शासकीय भूमि कुल योग ..

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

रकरिया जलाशय शीर्ष कार्य.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. भू- अर्जन- ( अ -82 ) 2011-12-328 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी

10.00 डिण्डौरी रा. नि. मं. शाहपुर

10.00 0.00 10.00

बालपुर प.ह.नं. 38 योग शासकीय भूमि कुल योग .

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

रकरिया जलाशय दांयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

4083

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

क्र. भू- अर्जन ( अ -82 ) 2011-12-329 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करता है:- करने के लिये प्राधिकृत

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2) (3)

(4) डिण्डौरी

27.00

बरछा प.ह.नं. 36

डिण्डौरी रा. नि. मं. शाहपुर योग .. 27.00 शासकीय भूमि 3.00 कुल योग .. 30.00

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

रकरिया जलाशय शीर्ष कार्य.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन- ( अ-82 ) 2011-12-330.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2) (3)

(4) डिण्डौरी

0.50

सरई रै . प.ह.नं. 2

डिण्डौरी रा. नि. मं. शाहपुर

0.50 0.00 0.50

योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

नागदमन ( जमगांव ) जलाशय शीर्ष कार्य.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

4084

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

क्र. भू-अर्जन ( अ-82 ) 2011-12-331.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(4) (1) डिण्डौरी

0.25

0.25 (2) डिण्डौरी रा. नि. मं. विक्रमपुर

0.00

0.25

(3) नागदमन रै. प.ह.नं. 2 योग . शासकीय भूमि कुल योग

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6) नागदमन (जमगांव ) जलाशय शीर्ष कार्य.

के अन्तर्गत प्राधिकृत धारा 4 की उपधारा ( 2 ) अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी .

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन ( अ-82 ) 2011-12-332.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक,एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची केके खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (4)

3.00 (1) डिण्डौरी

(2) डिण्डौरी रा. नि. मं. विक्रमपुर रै.

3.00 0.00 3.00

(3) मुड़की मा. प.ह.नं. 01 योग . शासकीय भूमि कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन के अन्तर्गत प्राधिकृत धारा 4 की उपधारा ( 2 ) अधिकारी

(6) नागदमन (जमगांव ) जलाशय दांयी तट नहर कार्य.

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. भू- अर्जन (अ-82 ) 2011-12-333.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:- THECH

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (4) 11.00 (1) डिण्डौरी

(2) डिण्डौरी रा. नि. मं. विक्रमपुर

11.00 1.00 12.00

कुल योग . (3) केलवारा प.ह.नं. 01 योग शासकीय भूमि

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) नागदमन ( जमगांव ) जलाशय दांयी तट नहर कार्य.

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , जी. वी. रश्मि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

भाग 1 ]

4085

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 नवम्बर 2011

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर , जिला रतलाम, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रतलाम, दिनांक 10 अक्टूबर 2011

क्र. 4988 - भू-अर्जन-2011- प्र. क्र. 8-अ-82-2008-09.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रतलाम

(ख ) तहसील- रतलाम

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम बिरमावल

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 02.020 हेक्टर.

सर्वे नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

1934

0.075

1935

0.060

1936/2

0.075

0.075

1936/4

1936/8

0.075

0.075

1938/1

0.075

1938/2

0.075

1939/2

0.015

1940/1

0.060

1940/2

1941/1

0.060

1950/6

0.075

1959/7

0.075

1965

0.075

1969

0.030

2001

0.075

2015/30

0.030

2015/31

0.110

2015/32

0.110

2015/36

0.030

0.030

2015/44

2015/45

0.075

(2)

(1)

0.075

2015/53

2015/65

0.110

2291

0.400

योग .. 2.020

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. - कुण्डाल तालाब योजनान्तर्गत तालाब के डूब क्षेत्र एवं नहर निर्माण कार्य से प्रभावित निजी भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड, रतलाम के कार्यालय में किया जा सकता है .

रतलाम, दिनांक 5 नवम्बर 2011

क्र. 5290 - भू- अर्जन- 2011-प्र. क्र. 9- अ-82-2010-11 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रतलाम

(ख) तहसील- रावटी

(ग) ग्राम-डाबरी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-10.78 हेक्टर.

सर्वे क्रमांक

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

16

0.73

0.38

17

1.56

19

0.10

22/1

23/1

0.14

0.12

23/2

0.07

22/3

0.12

23/3

0.14

0.14

24/4

0.09

23/4 4086

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

(1)

(2)

23/5

0.14

24

0.58

25

1.21

65

0.23

64

3.00

70

0.03

15

2.00

योग .. 10.78

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- डाबरी तालाब निर्माण से प्रभावित होने वाली भूमि का अर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व , सैलाना के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 5292 - भू- अर्जन- 2011-प्र. क्र. 10-अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- रतलाम

(ख) तहसील- बाजना

(ग ) ग्राम-खोरा एवं ठिकरिया

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 17.16 हेक्टर .

सर्वे क्रमांक

रकबा

(हेक्टर में )

(1)

(2)

ग्राम-खोरा ( तालाब क्षेत्र )

82

0.08

85

0.27

86

0.26

196

0.06

83

0.40

195

0.30

157

0.35

167

0.14

87

0.40

226

0.43

[भाग 1

(2)

(1)

0.64

88

0.80

90

0.13

91

212

0.22

237

0.90

0.12

235

0.13

236

238

0.20

0.03

240

1.29

251

214/1

0.60

0.05

191

200

0.08

0.50

216

217

0.36

215

0.32

0.30

221

218

0.47

222

0.30

223

0.30

224

0.31

0.11

80

188

0.11

0.23

244

0.40

245

252

0.28

253

0.28

254

0.28

0.36

255

261

0.85

264

0.12

61

0.18

0.93

193

0.07

186

0.04

187

39

0.33

0.13

41

0.02

43

50/1

0.09

50/2

0.09

63

0.02

64

0.11

56

0.40

65

0.14

77

0.07

0.03

78

योग .. 16.41 भाग 1 ]

4087

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

(1)

(2)

ग्राम-ठिकरिया

189

0.12

191

0.05

188

0.06

192

0.04

193

0.08

249

0.04

योग .. 0.75

17.16 महायोग दोनों ग्रामों का कुल

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- भण्डारिया तालाब एवं नहर निर्माण से प्रभावित होने वाली भूमि का अर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सैलाना के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 5294 - भू-अर्जन- 2011-प्र. क्र. 11-अ- 82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

( क) जिला- रतलाम

(ख ) तहसील-सैलाना

( ग ) ग्राम- घोडादेह, सोमारूण्डी खुर्द एवं खेड़ा उर्फ इन्द्रावल (घ) लगभग क्षेत्रफल-15.40 हेक्टर.

रकबा

सर्वे क्रमांक

(हेक्टर में)

(2)

(1)

ग्राम-घोडादेह ( तालाब क्षेत्र )

87

0.25

124

0.80

85

0.40

21

0.05

82

0.80

90

0.30

(1)

(2)

1.10

99

0.15

84

118

0.40

142

0.05

141

0.60

81/2

0.15

योग .. 5.05

ग्राम-सोमारूण्डी खुर्द

20

0.16

2

1.10

4

0.70

0.50

6

7

0.51

9

0.60

126

0.84

144

0.15

145

0.11

योग .. 4.67

ग्राम-खेड़ा उर्फ इन्द्रावल

0.30

4/2

6

0.67

7

0.82

1.21

8

9

0.30

10

0.48

12

1.90

योग .. 5.68

.15.40

महायोग तीनों ग्रामों का कुल

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. - चावलाखेड़ी तालाब निर्माण में आने वाली डूब भूमि काअर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सैलाना के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 5296 - भू-अर्जन- 2011-प्र. क्र. 12-अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन 4088

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 नवम्बर 2011

के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- रतलाम

(ख) तहसील- रावटी

(ग) ग्राम-डाबरी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.10 हेक्टर.

सर्वे क्रमांक

रकबा (हेक्टर में )

(1)

(2)

0.020

74

0.065

76

77

0.020

78

0.075

80

0.130

79

0.320

28/2

0.030

106

0.060

107

0.090

0.040

108

109

0.040

0.020

110

111

0.050

112

0.125

126

0.040

0.065

130

131

0.090

132

0.050

121

0.015

120

0.020

0.100

119

138

0.100

139

0.030

0.100

140

141

0.035

202

0.100

203

0.060

175

0.060

172

0.090

0.060

177

योग .. 2.100

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. - डाबरी तालाब नहर निर्माण से प्रभावित होने वाली भूमि का अर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व , सैलाना के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला खण्डवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खण्डवा, दिनांक 22 अक्टूबर 2011

नस्ती क्र. 85 - एल.ए.-2011- भू-अर्जन-प्र. क्र. 65-अ-82-10- 11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खण्डवा

(ख ) तहसील- पुनासा

(ग) ग्राम- गुयड़ा

(घ ) अर्जित रकबा-3.92 हेक्टेयर.

खसरा क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

0.12

5

17

0.06

0.07

18/1

0.07

19/1

0.12

25

0.04

27

0.12

28

29

0.05

0.10

47

0.11

48

49/2

0.13

50/2

0.02

0.19

51

56

0.12

57/1

0.07 भाग 1 ]

4089

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

(1)

(2)

57/2

0.07

187/2

0.07

0.17

188

196/1

0.05

278/1

0.08

0.03

278/2

279/1

0.07

279/3

0.04

281

0.07

282

0.03

366

0.11

368

0.07

369

0.01

556

0.16

558

0.09

559

0.10

562

0.01

563

0.38

564

0.15

566

0.06

567

0.06

568

0.06

569/2

0.06

570

0.08

580/1

0.04

583/1

0.06

601/1

0.20

602

0.15

योग . 3.92

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदा नगर के कार्यालय में किया जा सकता है .

नस्ती क्र. 112 - एल.ए. - 2011 - भू-अर्जन-प्र. क्र. 66- अ-82- 10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

( क) जिला- खण्डवा

(ख ) तहसील- पुनासा

(ग) ग्राम-मोहद

(घ) अर्जित रकबा-6.91 हेक्टेयर.

खसरा क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

19

0.13

0.04

0.07

23

24

0.07

0.15

55/1

0.04

55/2

0.06

55/3

0.05

58

75

0.06

0.06

76/1

0.06

76/2

77/2

0.07

86

0.20

0.06

88

0.01

89

0.02

94

95

0.04

96

0.14

0.04

99

101/1

0.07

0.04

101/2

271

0.12

272

0.07

273/1

0.01

274.

0.12

275

0.08

282

0.06

283

0.17

0.07

285

286

0.04

287

0.03

0.01

288 4090

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

(1)

(2) 297

0.04 298

0.03

0.01 299

332/1

0.05 332/2

0.02 334

0.08 335

0.04 337/2

0.06 350

0.04 356

0.01 357

0.04 358

0.03 359

0.04 360

0.04 363

0.01 364

0.05 365

0.01 369

0.03 455/3

0.20 458

0.05 467

0.03 468

0.03 469/2

0.12 470

0.04 471

0.12

0.08 487

0.05 488

0.09 491/1

492

0.13 493

0.01 525

0.01 526

0.04 535

0.03 536

0.09

0.05 537

538

0.03 540/1

0.09 540/2

0.09 541

0.09 543

0.10 544

0.03 545

0.09 546

0.05 579

0.06

(2)

(1)

0.12

580/1

0.07

580/2

581

0.03

0.08

586

0.22

587

0.28

588

594

0.13

0.04

595

0.28

619/1

0.04

619/2

620

0.11

621

0.03

626

0.17

629

0.01

0.15

631

0.05

656

671

0.03

679

0.03

0.11

680

0.03

681

682

0.21

योग . 6.91

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .

खण्डवा, दिनांक 24 अक्टूबर 2011

भू-अर्जन- प्र. क्र. 16-अ-82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1994 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- खण्डवा (ख ) तहसील- पुनासा भाग 1 ]

4091

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

( ग) ग्राम-कोड़ियाखेड़ा

(घ) अर्जित रकबा-4.49 हेक्टेयर.

खसरा क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

7

0.21

8

0.08

17

0.28

31

0.09

32

0.21

37

0.13

38

0.10

39

0.04

42

0.16

43

0.12

44/1

0.18

44/2

0.16

46

0.20

47/1

0.12

89

0.33

95/1

0.02

97/1

0.02

0.06

97/2

98/1

0.23

109/2

0.03

0.06

127/1

0.30

127/2

0.15

152

0.14

153

0.05

0.42

166

167

0.03

375

0.03

376/1

0.04

376/3

0.04

104

0.36

110/1

0.05

110/2

0.05

योग . 4.49

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25, नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कवीन्द्र कियावत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला बड़वानी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग बड़वानी, दिनांक 24 अक्टूबर 2011

क्र. 2257 - भू- अर्जन- 2011 - रा.प्र.क्र. 34- अ- 82-2010-11- भू-अर्जन. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बड़वानी

(ख) तहसील- निवाली

(ग) ग्राम- मेरखेड़ी, प.ह. नं. 08

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.040 हेक्टेयर.

सर्वे नंबर

डूब भूमि का रकबा ( हेक्टर में ) (1)

(2)

3/2

0.030

8/1 , 8/2 , 8/3 ,

0.360

9, 18/2

0.270

6/3

7/1 , 7/2 , 18/3

0.380

19 , 20, 21 , 23

योग .. 1.040

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- बड़गॉव तालाब योजना की नहर प्रणाली के निर्माण हेतु.

4092

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी, सेंधवा तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , बड़वानी एवं अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन , अनुविभाग - सेंधवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 2255 - भू-अर्जन- 2011 - रा.प्र.क्र. 36- अ- 82-2010-11- भू-अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बड़वानी

(ख) तहसील-निवाली

(ग ) ग्राम-वासवी, प.ह. नं. 07,

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.084 हेक्टेयर.

सर्वे नंबर

डूब भूमि का रकबा ( हेक्टर में ) (1)

(2)

36/2/1

0.045

0.060

36/3 , 36/4

36/2/2

0.165

37/1

0.225

37/6

0.210

38/1 ' क'

0.060

38/1 ' ख'

0.060

39/4

0.083

46/1

0.090

46/2

0.075

47/2

0.225

47/3

0.135

50/8

0.113

0.090

50/11

52/2

0.398

55/3

0.480

58/7

0.180

58/11

0.150

58/8

0.240

योग .. 3.084

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- बड़गाँव तालाब योजना की नहर प्रणाली के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , सेंधवा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , बड़वानी एवं अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन , अनुविभाग सेंधवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रेनू तिवारी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 31 अक्टूबर 2011

क्र. 873 - भू-अर्जन- 2011- उ‌द्घोषणा ( संशोधित ).-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील - जवा

(ग ) ग्राम- उपरवार

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.288 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

177/2

0.036

178

0.076

191

0.048

0.044

192/4

203

0.028

0.028

204

0.028

205/3

योग .. 0.288 भाग 1 ]

4093

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम पंचायत, उपरवार को रीवा डभौरा मार्ग से जोड़ने बावत्.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , त्यौंथर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एन. रुपला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग धार, दिनांक 1 नवम्बर 2011

संशोधित उद्घोषणा

क्र. 11351 - भू-अर्जन- 2011- संशोधन. लेबड़ - मानपुर फोरलेन निर्माण अन्तर्गत ग्राम एकलदूना ( दिग्ठान ) , तहसील व जिला धार की क्षेत्रफल 10.567 हेक्टर निजी भूमि के अधिग्रहण के लिये भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत उद्घोषणा क्रमांक 2535- भू-अर्जन-2010 , दिनांक 2 मार्च 2010 जारी की गई थी. उक्त उद्घोषणा का प्रकाशन " मध्यप्रदेश राजपत्र ", भाग -1 में 12 मार्च 2010 को पृष्ठ क्रमांक 372-73 पर हुआ है. इसके अतिरिक्त समाचार - पत्र नई दुनिया में दिनांक 4 अप्रैल 2010 एवं स्वदेश में दिनांक 5 अप्रैल 2010 को हुआ है.

उक्त अधिसूचना में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे :-

संशोधन उपरांत पढ़ा जावे प्रकाशित हुआ

सर्वे नम्बर अर्जित रकबा

अर्जित रकबा निजी

(1)

(हेक्टर) (2)

सर्वे नम्बर निजी (1)

(हेक्टर) (2) 4/1

0.438

4/1

0.156 73/1/1

0.005

4/2

0.282 180/1

0.320

73/3/1

0.005 180/2

0.240

180/1

0.424

180/2

0.136 मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 2 नवम्बर 2011

क्र. 9059- प्र.भू- अर्जन- 2011-12 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- सागर

(ख ) तहसील- रहली

(ग ) ग्राम- मढ़िया बुजुर्ग

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.977 हेक्टर .

खसरा नं.

अर्जित रकबा

(हे. में) (2)

में से (1)

0.033

159

160

0.125

0.091

162/1

0.066

162/2

154/1

0.091

37

0.091

32

0.066

33

0.075

31/1

0.025

0.050

30/2

30/1

0.050

30/3

0.020

0.064

29/1

29/2

0.100

0.020

36

0.010

153/1

योग 0.977

(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है- मैनाई जलाशय योजना के नहर कार्य हेतु द्वारा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , सागर.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , रेहली के कार्यालय में किया जा सकता है.

4094

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 नवम्बर 2011

क्र. क- 9060 - प्र.भू-अर्जन-2011-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-सागर

(ख ) तहसील- रहली

(ग) ग्राम- महेशा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.54 हेक्टर .

खसरा नं . में से

अर्जित रकबा (हे. में)

(1)

(2)

26

0.03

27

0.09

29

0.12

84/2

0.16

85

0.14

योग 0.54

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है- मैनाई जलाशय योजना के नहर कार्य हेतु द्वारा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , सागर.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , रेहली के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. क- 9061 - प्र.भू-अर्जन- 2011-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सागर

(ख ) तहसील- रहली

(ग ) ग्राम- पडरिया

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.07 हेक्टर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा

में से

(हे. में)

(2)

(1)

17/1

0.100

17/2

0.042

17/3

0.020

17/4

0.025

18/1

0.058

18/2

0.058

0.065

19/1

0.020

19/2

30

0.100

29

0.125

34

0.033

35

0.058

0.066

36

0.200

39

41

0.100 1.07

योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है- मैनाई जलाशय योजना के नहर कार्य हेतु द्वारा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 , सागर .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , रेहली के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर , जिला देवास , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग देवास, दिनांक 3 नवम्बर 2011

प्र. क्र. 06- अ-82-11-12-733.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह भाग 1 ]

4095

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- कृषि भूमि

(क) जिला- देवास

( ख ) तहसील - टोंकखुर्द

(ग ) ग्राम- जनोलीबुजुर्ग

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.03 हेक्टर.

भूमि खसरा

नम्बर

कुल रकबा (हे. में)

(1)

(2)

420

0.05

426

0.06

491

0.15

492

0.06

493

0.17

516

1.02

0.20

518

519

0.11

520

0.13

0.08

521

योग

2.03

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- भैंसाखेड़ी तालाब निर्माण हेतु डूब प्रभावित होने से.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय, कलेक्टर, जिला देवास , कार्यालय, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन एवं कार्यालय, भू-अर्जन अधिकारी , सोनकच्छ में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 07- अ-82-11-12-739.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- कृषि भूमि

(क) जिला- देवास

( ख ) तहसील - टोंकखुर्द

(ग) ग्राम- बुदासा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.84 हेक्टर.

भूमि खसरा नम्बर

कुल रकबा (हे. में)

(2)

(1)

143

0.03

147

0.05

0.06

148

0.15

149

0.16

175

0.28

195

0.21

196

0.02

377/3

0.10

384

385

0.10

388/1

0.04

388/2

0.04

389

0.08

0.12

393

0.06

394

396

0.06

0.08

655

677

0.10

0.10

667

678

0.08

0.02

682

0.07

683/2

0.07

679

686

0.20

690/1

0.11

0.06

690/2

0.10

691

696/3

0.10

702

0.15

711

0.10

0.03

716

719

0.21

720

0.13

0.06

755/3

755/4

0.04

757

0.04

764

0.02

0.10

759

768

0.12

0.08

760

765

0.11 योग 3.84 4096

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- बुदासा तालाब की नहर निर्माण हेतु प्रभावित होने से.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय , कलेक्टर, जिला देवास, कार्यालय, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन एवं कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी , सोनकच्छ में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मुकेश चन्द गुप्ता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छिन्दवाड़ा, दिनांक 4 नवम्बर 2011

क्र. - 8237 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख ) तहसील- सौंसर

(ग) नगर/ग्राम- पंचालखापा, प.ह.नं. 12/26, ब.नं. 223, रा.नि. मंडल सौंसर.

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल- 78.823 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

प्रस्तावित खसरा नं . (1)

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

4/2

0.800

14/1

0.485

0.405

14/9

138/1

0.165

140/3

0.104

14/2

0.304

14/3

0.404

140/2

0.105

(2)

(1)

0.566

14/4

0.344

14/5

0.405

14/7

0.405

14/8

0.105

140/1

15/1

1.069

0.190

134/4

15/2

0.607

16/1

0.749

0.380

16/2

1.190

16/3

16/4

0.749

0.809

16/5

17/1

1.019

19/1

0.482

17/2

0.510

71/2

0.809

0.510

17/3

19/2

0.481

0.809

71/3

18/1

1.234

37/1

0.361

18/2

0.617

0.719

139/1

18/3

0.617

139/4

0.719

20

0.081

0.186

120

0.420

136/1

21

0.081

119

0.186

37/2

0.360

85/1

0.470

88/1

0.481

0.117

113/1

0.664

39

41/1

0.684

41/2

0.805

0.404

69/1

0.607

69/2

3.174

69/3

0.384

77

69/4

0.405

70

1.967

71/1

0.202

76

0.235

82/1

0.515

78

0.061

0.014

80/1

80/2

0.014

82/2

1.859 भाग 1 ]

4097

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 नवम्बर 2011

(2) (1)

82/3

1.859

1.011 83/1

83/2

0.202 83/3

0.405 83/4

0.405 84

2.403 114

1.019 85/2

0.310 88/2

0.321

0.687 121/3 , 122/3 , 123/3

85/3

0.235 88/3

0.241 113/3

0.059 116/1

0.061 117/1

0.182

0.847 121/5 , 122/5 , 123/5

85/4

0.310 88/4

0.321

0.687 121/2 , 122/2 , 123/2

85/5

0.310 88/5

0.322

0.687 121/4 , 122/4 , 123/4

86/1

0.243 110/1

0.097 112/1

0.312 86/2

0.312 110/2

0.012

0.125 112/2

86/3

0.371

0.162 112/3

0.497 87/1

0.267 87/2

87/4

0.304

0.186 87/3

96/2

0.263

0.251 99/2

0.207 100/2

101/4

0.214 101/5

0.059

0.075 105/2

109/2

0.350 87/5

0.187 96/1

0.263 100/1

0.457

0.215 101/2

101/3

0.058 105/1

0.075 109/1

0.350 89

3.658 92/1

0.619 92/2

0.999 (1)

(2)

92/3

0.619

0.619

92/4

92/5

0.648

0.979

93/1

93/2

0.404

93/3

0.283

0.624

93/4

0.218

93/5

0.624

93/6

0.214

93/7

0.405

93/8

0.194

94

98

0.308

103

0.652

0.061

104

108

0.312

95

0.210

0.101

99/1

102/1

0.348

0.225

107/1

0.102

99/3

0.348

102/2

0.225

107/2

0.235

85/6

0.241

88/6

113/4

0.059

116/2

0.060

117/2

0.182

0.847

121/1 , 122/1 , 123/1

132/1

0.142

0.950

139/3

0.271

132/2

2.262

139/2

101/1

0.810

0.239

113/2

127/1

2.072

1.000

127/2

128/1

0.123

0.117

128/2

0.240

135

0.240

143

0.180

154/1

0.200

155/3

155/5

0.200

155/2

0.120

0.160

161

0.050

165

0.135

167/1

0.250

167/4

0.130

167/2, 167/3

0.090

147/5 , 148/1 4098

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 नवम्बर 2011

(1)

(2)

0.100

147/2, 148/2

0.060

146/1 , 147/3 , 148/3

150

0.105

0.150

151/1

71/4

0.405

योग : 78.823

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- अम्बाखापा जलाशय योजना के अंतर्गत बांध/ नहर निर्माण के लिए निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग - छिन्दवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उप- संभाग - सौंसर, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पवन कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 4 नवम्बर 2011

क्र. 1879 - भू- अर्जन-11. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- शहडोल

( ख ) तहसील - ब्यौहारी

(ग) ग्राम- उदारी

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.483 हेक्टेयर.

खसरा नं .

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

187

0.040

0.126

226

0.176

230

241

0.091

279

0.050 योग 0.483

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना बांध के अन्तर्गत डूब में आने वाली निजी भूमि/शासकीय भूमि के संपत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खरगोन , दिनांक 9 सितम्बर 2011

संशोधित उद्घोषणा

क्र. 1382- भू-अर्जन 11.- तहसील कसरावद जिला खरगोन के ग्राम भट्याण बुजूर्ग की अर्जनीय कृषि भूमि के अर्जन हेतु इस कार्यालय द्वारा जारी भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 6 की उद्घोषणा का दैनिक समाचार - पत्र नईदुनिया इन्दौर में दिनांक 2-9-2011 (जी. क्र. 18395/11 ) से पृष्ठ क्रमांक 09 पर त्रुटिपूर्ण प्रकाशन हुआ है. जिसको निम्नानुसार सही संशोधित प्रकाशन एवं पृविष्ठी पढ़ी जावे.

संशोधित प्रकाशन एवं पृविष्ठी (2) त्रुटिपूर्ण प्रकाशन एवं प्रविष्ठि (1)

अनुसूची -1 भूमि का वर्णन में तहसील - महेश्वर

अनुसूची -1 भूमि का वर्णन में तहसील-कसरावद शेष प्रविष्ठियां यथावत् रहेगी .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर जबलपुर, दिनांक 21 अक्टूबर 2011

क्र. 1392-गोपनीय - 2011-दो - 3-1-2011 ( भाग- बी ) .- न्यायिक अधिकारियों जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है , को न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में पांच दिवसीय प्रशिक्षण " Application of Information and Communication Technology to District Judiciary " , जो दिनांक 21 नवम्बर 2011 से 25 नवम्बर 2011 तक की अवधि के लिये आयोजित है, हेतु संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर के समक्ष दिनांक 21 नवम्बर 2011 को प्रातः काल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है.

प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी:-

1. अपरिहार्य मामलों को छोड़कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा. समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजा जावे , जिससे कि निदेशक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें .

2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर के समक्ष दिनांक 21 नवम्बर 2011 कोप्रातः काल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें.

3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट, ग्रे पेंट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होंवे . महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाउज व काले कोट में उपस्थित होवें.

4. टी. ए. एवं डी. ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे, जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं.

5. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासनहीनता माना जावेगा.

4099 6. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन पर टैम्पो ट्रैक्स की व्यवस्था की जावेगी , जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपराह्न से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातः काल तक उपलब्ध रहेगी. अतः न्यायिक अधिकारी , जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के कार्य दिवस में, प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच, दूरभाष क्रमांक 0761-2628679 पर समयावधि रहते सूचित करें.

7. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिए न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है, जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपराह्न से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी . यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के द्वितीय एवं तृतीय तल पर , स्वास्थ्य कारणों से, ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा, जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी . इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी. ए. एवं डी. ए. क्लेम करने के पात्र होंगे.

8. ( 1 ) न्यायिक अधिकारियों को यह निर्देशित किया जाता है कि वे अपने साथ Laptop Computers with Peripherals एवं Software CDs प्रशिक्षण में साथ लावें. साथ ही ई - कमेटी द्वारा प्रदाय की गई अध्ययन सामग्री व उच्च न्यायालय द्वारा प्रदाय किया गया " लेपटाप संचालन मार्गदर्शिका " भी साथ लेकर आवें.

( 2 ) प्रशिक्षण में शामिल पृष्ठांकन में दर्शित ऐसे न्यायिक अधिकारी जो यह महसूस करते हैं कि वे कम्प्यूटर ज्ञान से भिज्ञ हैं एवं उन्हें लेपटाप प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं है, तो उन्हें यह निर्देशित किया जाता है कि वे इस संबंध में समय रहते सीधे प्रशिक्षण संस्थान को सूचित करें, ताकि आगामी कार्यवाही की जा सके.

( 3 ) ऐसे न्यायिक अधिकारी जिनके लेपटॉप कार्यरत अवस्था में नहीं है अथवा गुम हो गये हैं , जो उन्हें यह निर्देशित किया जाता है कि वे इस संबंध में अपना प्रतिवेदन संस्थान को समय रहते प्रेषित करें, ताकि अन्य व्यवस्थाएं की जा सकें.

4100

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

9. न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय , नाश्ता तथा दोपहर एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.

जबलपुर, दिनांक 31 अक्टूबर 2011

क्र. 1403-गोपनीय- 2011-दो - 3-1-2011 ( भाग- बी).- प्रशिक्षु व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग 2 , जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है , को न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर में " Induction Training Programme " (Second Phase ) (2011 Batch ) , जो दिनांक 28 नवम्बर 2011 से 23 दिसम्बर 2011 तक की अवधि के लिये आयोजित है , हेतु संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर के समक्ष दिनांक 28 नवम्बर 2011 को प्रातः काल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है.

प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी:-

1. अपरिहार्य मामलों को छोड़कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा. समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजा जावे, जिससे कि निदेशक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्‌नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें .

2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर के समक्ष दिनांक 28 नवम्बर 2011 कोप्रातः काल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें .

3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट , ग्रे पेंट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होंवे. महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाउज व काले कोट में उपस्थित होवें.

4. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे Second Phase Field Training के दौरान, उन्हें सौंपे गये कार्य के संबंध में उनके द्वारा तैयार किये गये प्रपत्र (Record ) अवश्य साथ लावें.

5. टी. ए. एवं डी. ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे , जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं.

[भाग 1 6. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासनहीनता माना जावेगा.

7. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन पर टैम्पो ट्रैक्स की व्यवस्था की जावेगी , जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपराह्न से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातः काल तक उपलब्ध रहेगी . अतः न्यायिक अधिकारी , जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के कार्य दिवस में, प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच, दूरभाष क्रमांक 0761-2628679 पर समयावधि रहते सूचित करें.

8. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिए न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है , जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपराह्न से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी. यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के द्वितीय एवं तृतीय तल पर, स्वास्थ्य कारणों से, ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा , जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी. इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी. ए. एवं डी. ए. क्लेम करने के पात्र होंगे.

9. न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय , नाश्ता तथा दोपहर एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.

माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,

सुभाष काकडे , रजिस्ट्रार जनरल.

जबलपुर, दिनांक 2 नवम्बर 2011

क्र. C-9157-दो- 2-62-2009.-श्री मनोहर ममतानी, एडीशनल डायरेक्टर, जे.ओ.टी.आर.आई. , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3- ( ए) 19-03 - इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2009 से 31 अक्टूबर 2011 तक की अवधि हेतु 30 दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.

माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,

ए. एम. येवलेकर , रजिस्ट्रार.

भाग 1 ]

जबलपुर, दिनांक 12 अक्टूबर 2011

क्र. 890 -दो- 16-43-2008.- श्रीमती अंजुली पॉलो , विशेष न्यायाधीश ( एस.सी. /एस.टी. ) जबलपुर को दिनांक 10 अक्टूबर 2011 से 19 अक्टूबर 2011 तक, दस दिवस के साथ एल.टी.सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2007 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3 ( ए ) 19-03 - इक्कीस ब ( एक) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1-5 ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666- इक्कीस- ब( एक) -2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत उनके आवेदन- पत्र दिनांक 8 सितम्बर 2011 के अनुसार प्रदान की जाती है.

माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, जे. के. जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश .

जबलपुर , दिनांक 22 अक्टूबर 2011

क्र. C- 8889- दो-2-34-2010.- श्री आलोक वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सतना को दिनांक 12 से 15 सितम्बर 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 10 एवं 11 सितम्बर 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री आलोक वर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सतना को सतना पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री आलोक वर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 8891-दो-2-3-2008.- श्री एच. सी. शर्मा , प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, राजगढ़ ब्यावरा को दिनांक 2 से 3 सितम्बर 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 4 सितम्बर 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री एच. सी. शर्मा, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, राजगढ़ - ब्यावरा को राजगढ़ - ब्यावरा पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

4101

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एच. सी. शर्मा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 8893- दो-2-9-2011.- श्रीमती शशिकिरण दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छतरपुर को दिनांक 14 से 23 सितम्बर 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके दस दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्रीमती शशिकिरण दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छतरपुर को छतरपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती शशिकिरण दुबे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. C- 8895- दो-2-16-2002.- श्री शिवनारायण द्विवेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मुरैना को दिनांक 23 से 27 अगस्त 2011 तक पांच दिन का स्वीकृत अर्जित अवकाश उपभोग नहीं करने के कारण निरस्त किया जाता है.

क्र. C - 8898-दो- 2-9-2011.- श्रीमती शशिकिरण दुबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छतरपुर को दिनांक 17 से 24 अक्टूबर 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 16 अक्टूबर 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 25 , 26, 27 एवं 28 अक्टूबर 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती शशिकिरण दुबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छतरपुर को छतरपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती शशिकिरण दुबे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. C-8900-दो-2-18- ए- 2009.- श्री एस . के. जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बुरहानपुर को दिनांक 29 अगस्त से 2 सितम्बर 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके पांच दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

4102

अवकाश से लौटने पर श्री एस. के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बुरहानपुर को बुरहानपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस . के. जैन , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 8902-दो- 2-48-2011 .- श्री ओ. पी . दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, हरदा , को दिनांक 17 से 24 सितम्बर 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 25 सितम्बर 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री ओ . पी. दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , हरदा को हरदा पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री ओ. पी. दुबे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. C- 8904- दो- 2-11-2004.- श्रीमती आराधना चौबे , प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल को दिनांक 15 से 17 सितम्बर 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 18 सितम्बर 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती आराधना चौबे, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री श्रीमती आराधना चौबे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

जबलपुर, दिनांक 24 अक्टूबर 2011

क्र. E- 4518- दो-2-3-2008.- श्री एच. सी. शर्मा, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , राजगढ़ - ब्यावरा को दिनांक 7 से 15 अक्टूबर 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 4 से 6 अक्टूबर 2011 तक एवं पश्चात् में दिनांक 16 अक्टूबर 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री एच. सी. शर्मा, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , राजगढ़ - ब्यावरा को राजगढ़ - ब्यावरा पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एच. सी. शर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

जबलपुर, दिनांक 2 नवम्बर 2011

क्र. C- 9150-दो-2-64-2010.- श्री महेश प्रसाद अवस्थी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छिन्दवाड़ा को मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3/ ( ए) 19-03- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2009 से दिनांक 31 अक्टूबर 2011 तक दो वर्ष की ब्लाक अवधि के लिये तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.

क्र. C -9154- दो - 2-73-2006 .- श्री सुशील कुमार पालो, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रीवा को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक 3/ ( ए) 19-03-इक्कीस - ब (एक) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2009 से दिनांक 31 अक्टूबर 2011 तक दो वर्ष की ब्लाक अवधि के लिये तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है .

क्र. C-9159-दो- 2-43-2006.- श्री एम. के. मुदगल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , इन्दौर को मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3 /( ए) 19-03- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2009 से दिनांक 31 अक्टूबर 2011 तक दो वर्ष की ब्लाक अवधि के लिये तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.

भाग 1 ]

4103

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 नवम्बर 2011

क्र. C- 9161-दो-2-61-2006.- श्री जे . के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जबलपुर को मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3/ ( ए) 19-03- इक्कीस - ब (एक) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2009 से दिनांक 31 अक्टूबर 2011 तक दो वर्ष की ब्लाक अवधि के लिये तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.

माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.

जबलपुर, दिनांक 21 अक्टूबर 2011

क्र. 1396-गोपनीय - 2011 - दो- 2-1-2011 ( भाग- बी ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्त, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , धार का निलंबन उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश आदेश क्रमांक 406/C.J - II/478 , दिनांक 21 अक्टूबर 2011 द्वारा खंडित ( Revoke ) होने के फलस्वरूप उन्हें द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालाघाट की हैसियत से रिक्त न्यायालय में , उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है .

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, सुभाष काकडे , रजिस्ट्रार जनरल.

Jabalpur , the 21st October 2011

No. 406 - CJ - II -478.-In exercise of powers conferred UnderArticle 235 of the Constitution of India , the High Court as Disciplinary Authority is pleased to revoke the Suspension Order No. 255 , dated 17th February 2011 of Shri R. P. Gupt , the then Additional District Judge , Indore , (presently under suspension with headquarters at Dhar ) with immediate effect . He will be entitled for the remaining salary and the period of suspension will be treated as period spent on duty. Further resolved, that the report of the Enquiry Officer be accepted . The Officer be exonerated .

By order of the High Court J. R. BACHCHAN , Registrar Inspection & Vigilance .

जबलपुर, दिनांक 24 अक्टूबर 2011

क्र. सी- 8944- तीन- 10-42-75 ( भिण्ड- लहार ).- मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जहां तक की उसका संबंध श्रृंखला न्यायालय, भिण्ड- लहार से है एतद्वारा अपनी अधिसूचना क्रमांक बी/ 1905 , दिनांक 23 जुलाई 2011 में संशोधन करता है तथा यह आदेश देता है कि श्री सतीश चंद्र राय, षष्टम अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) भिण्ड श्री लक्ष्मण पवैया, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भिण्ड के स्थान पर श्रृंखला न्यायालय, भिण्ड- लहार का कार्य संपादित करेंगे . यह संशोधन 15 नवम्बर 2011 से प्रभावशील होगा.

No.C- 8944 - III - 10-42-75 ( Bhind- Lahar) . In exercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Court Act , 1958 (Act No. 19 of 1958 ) the High Court of Madhya Pradesh so far as it relates to the holding of Link Court from Bhind to Lahar amends its notification No. B/ 1905 dated 23rd July 2011 and orders that Shri Satish Chandra Rai , Additional Judge to VIth Additional District and Sessions Judge ( Fast Track Court ) Bhind will hold and conduct the work of Link Court from Bhind to Lahar in place of Shri Laxman Pawaiya , VIthAdditional District and Sessions Judge , Bhind . The amendments shall come into force with effect from 15th November 2011 .

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, अभय कुमार, रजिस्ट्रार.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 18 November 2011. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2011-11-18.46.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2011-11-18.46.Ordinary.