Servants of Knowledge
Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 20 January 2012

Type
Ordinary
Gazette no.
03
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2012-01-20.03.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदे श शास

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 3 ]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 20 जनवरी 2012- पौष 30 , शक 1933

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4 ) राज्य शासन के संकल्प , ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, (6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग

(3) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख ) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद् के अधिनियम ,

(ग ) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 4 जनवरी 2012

क्र. ई - 5-825 - आयएएस लीव- 5- एक. ( 1 ) डॉ. सुदाम पंढरीनाथ खाड़े , आयएएस. , कलेक्टर, जिला हरदा को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 9 दिसम्बर 2011 द्वारा दिनांक 12 से 31 दिसम्बर 2011 तक बीस दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 1 जनवरी से 13 जनवरी 2012 तक तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक. 10 , 11 दिसम्बर 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

169

(2) इस विभाग के आदेश दिनांक 9 दिसम्बर 2011 की शेष कंडिकाएं यथावत रहेंगी.

भोपाल , दिनांक 5 जनवरी 2012

क्र. ई- 5-831 - आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) सुश्री स्वाती मीणा, आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, छिन्दवाड़ा को दिनांक 28 से 31 दिसम्बर 2011 तक चार दिन का अर्जित स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 1 जनवरी 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर सुश्री स्वाती मीणा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत छिन्दवाड़ा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2012.

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[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

( 3) अवकाशकाल में सुश्री स्वाती मीणा को अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री स्वाती मीणा , अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

भोपाल , दिनांक 9 जनवरी 2012

क्र. एफ- 6-46-2011 - एक( 1 ) .- भारत के सविधान के अनुच्छेद 316 के खण्ड ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री अशोक कुमार पाण्डे, सदस्य एवं कार्यवाहक अध्यक्ष, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करते हैं .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विजया श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 6 जनवरी 2012

क्र. एफ-ए- 5-10-2011 - एक( 1) राज्य शासन एतद्वारा, उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारियों के अनुरूप उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधिपतिगण एवं उनके परिवार के सदस्यों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करता है .

(2 ) यह स्वीकृति वित्त विभाग के यू.ओ. क्रमांक 2264- 1619-11- नियम- चार, दिनांक 26 दिसम्बर 2011 के द्वारा दी गई सहमति के परिपालन में जारी की जाती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा, उपसचिव.

भोपाल , दिनांक 5 जनवरी 2012

क्र. ई- 5-726- आयएएस- लीव - 5 - एक.- ( 1 ) श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव, आयएएस. , आयुक्त, जनसंपर्क तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश माध्यम तथा पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन, जनसंपर्क विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य कृषि उद्योग विकास निगम को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 15 दिसम्बर 2011 द्वारा दिनांक 2 से 24 दिसम्बर 2011 तक तेईस दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 25 दिसम्बर 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति सहित स्वीकृत किया गया था.

( 2 ) राज्य शासन उक्त आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 2 से 22 दिसम्बर 2011 तक इक्कीस दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .

(3 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 15 दिसम्बर 2011 की शेष कंडिकाएं यथावत रहेंगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एस. तोमर, अवर सचिव " कार्मिक" .

भोपाल, दिनांक 10 जनवरी 2012

क्र. एफ-ए- 5-16-2011 - एक ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय , श्री एस . एन. अग्रवाल , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , ग्वालियर, खण्डपीठ ग्वालियर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है:-

अवकाश अवधि (2)

क्र. (1)

1

कुल दिन (3) 19दिन

अवकाश का प्रकार (4) पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित.

दिनांक 14-11-2011 से 02-12-2011 तक.

अभियुक्ति (5)

अवकाश के पूर्व दिनांक 12 एवं 13-11-2011 तथा अवकाश के पश्चात् दिनांक 3 एवं 4-12-2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.

क्र. एफ - ए- 5-25-2011 - एक ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय, श्री मूलचंद गर्ग , न्यायाधीश, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , इन्दौर , खण्डपीठ इन्दौर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है: -

क्र. (1)

अवकाश अवधि (2)

कुल दिन (3)

अभियुक्त (5)

अवकाश का प्रकार

(4)

1

04दिन

दिनांक 06-9-2011 से 09-09-2011 तक.

पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित.

अवकाश के पश्चात् दिनांक 10-9-2011 से 11-9-2011 तक के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. आर. विश्वकर्मा, उपसचिव.

भाग 1 ]

171

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

आवास एवं पर्यावरण विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 31 दिसम्बर 2011

क्र. एफ- 3-89- बत्तीस-2011 .- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 13 की उपधारा ( 2 ) के चरण ( क ) के अन्तर्गत राज्य शासन, एतद्वारा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 2651- बत्तीस , दिनांक 20 मई 1981 द्वारा गठित दमोह निवेश क्षेत्र की सीमा में अनुसूची अनुसार संशोधित सीमाएं परिनिश्चित कर सम्मिलित करता है: -

अनुसूची

दमोह निवेश क्षेत्र की संशोधित सीमाएं

1. उत्तर में- समन्ना माल , धरमपुरा , सिंगपुर महुआखेड़ा तथा इमलाई ग्राम की उत्तरी सीमा तक.

2. पश्चिम में- इमलाई, रस्टोरिया , कुंवरपुरा तथा मढ़ियापनगढ़ा ग्राम की पश्चिमी सीमा तक.

3. दक्षिण में- ग्राम पिपरिया नायक, लाड़नबाग , चोपराखुर्द, कुलुआ मारूताल, राजनगर, रैयतवारी एवं राजनगर खुर्द ग्राम की दक्षिणी सीमा तक.

4. पूर्व में- ग्राम राजनगरी खुर्द, रैयतवारी , आरक्षित वनखण्ड 105 का आंशिक भाग , दमोह खास , समन्ना रैयतवारी एवं समन्ना माल की पूर्वी सीमा तक.

गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 4 जनवरी 2012

क्र. एफ-1 (ए) -257-88- ब- 2- दो. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 15 नवम्बर 2011 द्वारा डॉ. शैलेन्द्र श्रीवास्तव, भापुसे, संचालक, खेल एवं युवक कल्याण , भोपाल को दिनांक 21 से 30 नवम्बर 2011 तक, कुल दस दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 20 नवम्बर 2011 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया गया था.

( 2 ) राज्य शासन द्वारा डॉ. शैलेन्द्र श्रीवास्तव , भापुसे द्वारा उक्त स्वीकृत अर्जित अवकाश में से दिनांक 21 नवम्बर 2011 तक , एक दिवस का अर्जित अवकाश का उपभोग न किये जाने के कारण एक दिवस का अर्जित अवकाश निरस्त किया जाता है . निरस्त किया गया अवकाश इनके अवकाश खाते में समायोजित किया जावेगा.

(3 ) पूर्व समसंख्यक आदेश दिनांक 15 नवम्बर 2011 की शेष कंडिकाएं यथावत रहेंगी.

भोपाल , दिनांक 6 जनवरी 2012

क्र. एफ-1 (ए) -211-96- ब- 2-दो. डॉ. मयंक जैन, भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, उज्जैन रेंज, उज्जैन को दिनांक 16 से मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

वर्षा नावलेकर, उपसचिव.

19 जनवरी 2012 तक, कुल चार दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 14 एवं 15 जनवरी 2012 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) डॉ. मयंक जैन, भापुसे के अवकाश अवधि में उनका कार्य पुलिस अधीक्षक, उज्जैन द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.

(3 ) अवकाश से लौटने पर डॉ. मयंक जैन, भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उप पुलिस महानिरीक्षक, उज्जैन रेंज, उज्जैन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) डॉ. मयंक जैन, भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, उज्जैन रेंज, उज्जैन का कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वयमेव उप पुलिस महानिरीक्षक, उज्जैन रेंज , उज्जैन के कार्यभार से मुक्त होंगे.

( 5 ) अवकाशकाल में डॉ. मयंक जैन , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. मयंक जैन , भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक दास, अपर मुख्य सचिव.

172

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 7 जनवरी 2012

क्र. फा. 3 ( बी ) -6-2011 - इक्कीस ब ( एक) . ( मेरिट क्र. 03 ) - राज्य शासन , श्री प्रियंक दुबे पुत्र श्री नागेन्द्र दुबे को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश वर्ग-2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश होने तक अस्थायी रूप से , उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090-920-40450-1080- 44470 में एतद्वारा नियुक्त करता है.

अभ्यर्थी का गृह जिला ग्वालियर है. उसकी जन्मतिथि 17 जून, 1986 है.

क्र. फा. 3 ( बी ) -6-2011- इक्कीस- ब ( एक ).- (मेरिट क्र. 06 ) - राज्य शासन , श्री रोहित श्रीवास्तव पुत्र श्री के. के. श्रीवास्तव को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश होने तक अस्थायी रूप से , उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090-920- 40450-1080-44470 में एतद्वारा नियुक्त करता है.

अभ्यर्थी का गृह जिला सागर है. उसकी जन्मतिथि 09 जनवरी, 1985 है.

क्र. फा. 3 (बी ) -6-2011- इक्कीस- ब ( एक) .-( मेरिट क्र. 08 ) - राज्य शासन , श्री संजीव कुमार पालीवाल पुत्र श्री अशोक कुमार पालीवाल को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश होने तक अस्थायी रूप से , उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090-920-40450-1080-44470 में एतद्द्वारा नियुक्त करता है.

अभ्यर्थी का गृह जिला गुना है. उसकी जन्मतिथि 30 जून , 1976 है.

क्र. फा. 3 ( बी) -6-2011 - इक्कीस- ब ( एक ).- (मेरिट क्र. 12) - राज्य शासन , श्री विकाश शुक्ला पुत्र श्री संतोष कुमार शुक्ला को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 (प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश होने तक अस्थायी रूप से , उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090-920- 40450-1080-44470 में एतद्वारा नियुक्त करता है.

अभ्यर्थी का गृह जिला ग्वालियर है . उसकी जन्मतिथि 25 जुलाई, 1982 है.

[ भाग 1 क्र. फा. 3 ( बी ) -6-2011 - इक्कीस ब ( एक ) . ( मेरिट क्र. 15 ) - राज्य शासन , श्री सुमित शर्मा पुत्र श्री ओम प्रकाश शर्मा को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश होने तक अस्थायी रूप से , उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090-920-40450-1080- 44470 में एतद्वारा नियुक्त करता है .

अभ्यर्थी का गृह जिला ग्वालियर है . उसकी जन्मतिथि 31 मार्च, 1974 है.

भोपाल , दिनांक 10 जनवरी 2012

फा. क्र. 6-5-2005- इक्कीस ब ( दो ) .- मध्यप्रदेश माध्यस्थम अधिकरण अधिनियम, 1983 ( क्रमांक 29 सन् 1983 ) की धारा 4 व 5 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , श्री व्ही . के. भाटिया, सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण , भोपाल को मध्यप्रदेश माध्यस्थम अधिकरण, भोपाल में तकनीकी सदस्य के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पांच वर्ष की कालावधि के लिये या उस समय तक के लिये जब तक कि वे पैंसठ वर्ष की आयु पूरी नहीं कर लेते हैं , इनमें से जो भी पूर्वत्तर हो, के लिये नियुक्त करता है .

F. No. 6-5-2005 - XXI - B ( II) . In exercise of the powers conferred by Sections 4 and 5 of the Madhya Pradesh Madhyastham Adhikaran Adhiniyam , 1983 (No. 29 of 1983 ) , the State Government hereby appoint Shri V.K. Bhatia, Retired Engineer- in- Chief, Narmada Valley Development Authority , Bhopal as a Technical Member of the Madhya Pradesh Arbitration Tribunal from the date he assumes charge for the period of five years or till he attains the age of Sixty five years whichever is earlier .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. डी. खान, प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 9 जनवरी 2012

फा. क्र. 17 ( ई ) -24-2004- इक्कीस- ब ( दो ) .-दिनांक 30 जून 2004 द्वारा श्री अरविन्द सिंह चौहान , अधिवक्ता, निवासी-ग्राम गौरई , तहसील रौन, जिला भिण्ड मध्यप्रदेश को तहसील रौन में नोटरी व्यवसाय करने हेतु नोटरी व्यवसाय प्रमाण - पत्र जारी किया गया था, परन्तु उनकी मृत्यु हो जाने के कारण , तहसील रौन , जिला भिण्ड मध्यप्रदेश में उनका नोटरी व्यवसाय करने का नोटरी व्यवसाय प्रमाण- पत्र निरस्त किया जाता है तथा उनका नाम नोटरी पंजीयन सूची से विलोपित किया जाता है.

भाग 1 ]

173

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

भोपाल, दिनांक 11 जनवरी 2012

फा. क्र. 17 (ई ) 324-2010 - इक्कीस ब ( दो ) .- राज्य शासन द्वारा श्री मुन्नालाल धाकड़, नोटरी , तहसील कैलारस , जिला मुरैना मध्यप्रदेश को इस विभाग के आदेश क्रमांक 17 ( ई ) 313-2006- इक्कीस - ब ( दो ) , पंजी क्रमांक एम. पी.- 24- कैलारस -3-12-2006- इक्कीस - ब ( दो ) द्वारा तहसील कैलारस , जिला मुरैना ( म. प्र. ) में नोटरी व्यवसाय करने हेतु पांच वर्ष के लिये प्राधिकृत किया गया था, उनका नाम नोटरी अधिनियम, 1952 की धारा 10 तथा नोटरी नियम, 1956 के नियम 13 ( 12 ) ख ( 1 ) के अन्तर्गत नोटरी पंजीयन रजिस्टर से विलोपित करते हुए उनका नोटरी व्यवसाय प्रमाण- पत्र आदेश जारी होने के दिनांक से निरस्त किया जाता है , तथा उन्हें नोटरी का व्यवसाय करने से स्थायी रूप से वर्जित किया जाता है .

फा. क्र. 1 ( बी ) 19-2004- इक्कीस- ब ( दो ) . - दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , एतद्वारा , श्री बसंत कुमार जैन पुत्र श्री देवचन्द्रजी जैन, अधिवक्ता को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये शहडोल सत्र खण्ड के राजस्व जिले शहडोल की तहसील ब्यौहारी के लिये अति. लोक अभियोजक, ब्यौहारी , नियुक्त करता है , तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान , सचिव.

गृह ( पुलिस ) विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 5 जनवरी 2012

क्र. एफ. 12-11-2006-बी-1-दो. यतः , राज्य सरकार यह आवश्यक समझती है कि राज्य के कुछ परिलक्षित क्षेत्रों में जहां कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों पर अत्याचार होने की संभावनाएं अधिक हैं, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों पर अत्याचार के अपराधों का निवारण किया जाए;

अतएव, इन क्षेत्रों में अत्याचारों का निवारण करने तथा केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाई गई विधि के अधीन अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के संरक्षण तथा उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने तथा अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियां ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम , 1989 ( 1989 का 33 ) की धारा 21 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( सात ) के उपबंधों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिये राज्य सरकार, एतद्वारा , नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 4 ) में विनिर्दिष्ट ग्रामों , वार्ड /नगरों के क्षेत्रों, उक्त अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट जिले के लिये कॉलम ( 3 ) में विनिर्दिष्ट पुलिस थानों को, उक्त अधिनियम तथा उसके अधीन बनाये गये नियमों के अधीन ऊपर उल्लिखित प्रयोजनों के लिये अधिसूचित करती है:-

अनुसूची पुलिस थाना

अनुक्रमांक (1)

जिला (2)

(3)

रायसेन

01

02

रायसेन

03

सागर

रहली

04

सागर

सुरखी

05

सनोधा

सागर

06

ब्यावरा

राजगढ़

07

ब्यावरा

राजगढ़

08

राजगढ़

09

राजगढ़

सारंगपुर

10

पचौर

राजगढ़

11

राजगढ़

जीरापुर

12

राजगढ़

जीरापुर

13

राजगढ़

14

राजगढ़

ग्राम, वार्ड/नगर (4)

बेगमगंज

हदईपुरा मोहल्ला

मंडीदीप

राहुलनगर छिरारी

बिलहरा

ग्राम सनोधा

बालचिढ़ी

चमारी

ब्यावरामाण्डु

सारंगपुरा

पाडल्यामाता

भैंसानी

धतरावदा

लक्ष्मणपुरा

गिण्डोरहाट

सुठालिया

भगोरा

माचलपुर 174

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

(1)

(2) 15

राजगढ़ 16

राजगढ़ 17

भिण्ड 18

बैतूल 19

विदिशा 20

विदिशा 21

विदिशा 22

श्यौपुर

[भाग 1 (3)

(4)

माचलपुर

पिपलिया कुलमी

आगर

मलावर

महावीरनगर

देहात

सारनी

पाथाखेड़ा

कोतवाली

मोहनगिरी

कोतवाली

लेहंगीपुरा

बरेठरोड

बासौदा

गांधीनगर

कोतवाली

F. 12-11-2006- B - 1 - Two.WHEREAS , the State Government considers it necessary to prevent the commision of offences of atrocities against the members of the Scheduled Caste and Scheduled Tribes in such identified areas of the State where there are much possibilities of atrocities on Scheduled Caste and Scheduled Tribes members ;

NOW, THEREFORE , with a view to prevent atrocities in these area and to ensure protection and safety of members ofScheduled Caste and Scheduled Tribes under the law made by Central Government and in order to ensure effective implementation of provisions of clause ( vii) of sub- section ( 2) of Section 21 of the Scheduled Caste and Scheduled Tribes ( Prevention of Atrocities ) Act, 1989 ( No. 33 of 1989 ) , the State Government hereby , notify the Police Stations Specified in column (3 ) for the area of village , ward/town specified in column ( 4) for the District specified in column (2) of the Scheduled given below for the above mentioned purpose under the said Act and rules made thereunder :

District (2) SCHEDULE

Police Station

(3)

S. No. (1)

01

Raisen 02

Raisen

Village , Ward/ Towns (4)

Hadaipura Mohalla

Begamganj

Rahul Nagar

Mandideep

03

Sagar 04

Sagar

05

Sagar

06

Rajgarh 07

Rajgarh 08

Rajgarh 09

Rajgarh 10

Rajgarh 11

Rajgarh 12

Rajgarh 13

Rajgarh 14

Rajgarh 15

Rajgarh 16

Rajgarh 17

Bhind 18

Betul

19

Vidisha 20

Vidisha 21

Vidisha 22

Shyopur

Chhirari

Rehali

Bilhara

Surkhi

Gram Sanodha

Sanodha

Biora

Balchidhi

Chamari

Biora

Bioramandu

Sarangpur

Padlyamata

Sarangpur

Bhaisani

Pachor

Dhatravada

Jirapur

Jirapur

Laxmanpura

Gindorhat

Suthaliya

Machalpur

Bhagora

Pipliya Kulmi

Machalpur

Malaver

Agar

Dehat

Mahaveer Nagar

Sarni

Pathakheda

Kotvali

Mohangiri

Kotvali

Lehangipura

Basoda

Barethroad

Kotvali

Gandhi Nagar

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,

आलोक रंजन , सचिव.

भाग 1 ]

175

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय , कलेक्टर , जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश

राजगढ़ , दिनांक 26 दिसम्बर 2011

क्र. 17626- एस.सी.दो- 2011.- सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग -2 के अनुक्रमांक -4 एवं मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग , भोपाल की अधिसूचना क्रमांक एम. 3-2-1999- एक-4, दिनांक 30 मार्च 1999 में विहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं , एम.बी. ओझा , कलेक्टर , जिला राजगढ़ वर्ष 2012 में राजगढ़ जिले के लिये पूरे दिवस का निम्नानुसार स्थानीय अवकाश घोषित करता हूं: - क्रमांक

त्यौहार का नाम

(1)

दिनांक (2)

दिन ( वार) (3)

(4)

1

12मार्च 2012

सोमवार

रंगपंचमी/उर्स बाबा बदखशानी 2

मंगलवार

23 अक्टूबर 2012

दुर्गानवमी

3

14 नवम्बर 2012

बुधवार

दीपावली का दूसरा दिन , गोवर्धन/बलि पूजा अन्नकूट.

एम. बी. ओझा, कलेक्टर.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला छतरपुर , मध्यप्रदेश

छतरपुर, दिनांक 30 दिसम्बर 2011

क्र. 15 - एस.सी.1-2011 .- मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग , मंत्रालय वल्लभ भवन , भोपाल की अधिसूचना क्रमांक एफ 5- 2-1999-4 , दिनांक 30 मार्च 1999 द्वारा सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग-2 के अनुक्रमांक 4 के नियम 8 के अनुसार जिले के भीतर तीन स्थानीय अवकाश की घोषणा करने के लिये अधिकृत किया गया है. अतः सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग-2 अनुक्रमांक 4 की कण्डिका 8 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये मैं , राहुल जैन, कलेक्टर छतरपुर वर्ष 2012 के लिये जिलान्तर्गत उनके नाम के समक्ष में दर्शाई गई तारीखों को पूरे दिन के लिये स्थानीय अवकाश घोषित करता हूं: -

स. क्र.

पर्व

अवकाश का दिनांक

अवकाश का दिन

विशेष (1)

(2)

(3)

(4)

(5) 1

सोमवार

15 अक्टूबर 2012

पितृमोक्ष अमावस्या

2

15 नवम्बर 2012

भाईदोज (दीपावली )

गुरूवार

3

24 नवम्बर 2012

देवउठनी ग्यारस

शनिवार

राहुल जैन, कलेक्टर.

176

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

[ भाग 1

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 11 जनवरी 2012

क्र. एफ 2-2-2012- सात शाखा-6.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( क्रमांक 20 सन् 1959 ) की धारा 67 की उप धारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( 1927 का 16 ) की धारा 27 की उप धारा ( 1 ) के अधीन , वन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक 6981 , जो कि राजपत्र दिनांक 5 जनवरी , 1968 को प्रकाशित की गई थी , जिला बैतूल की तहसील बैतूल के वन मंडल उत्तर बैतूल परिक्षेत्र सारणी का संविभाग क्रमांक 367 , 368 , 376 , 377 , 378, 379, 380 , 385, 386 , 387 , 388, 398, 399 तथा 390 का भाग क्षेत्र क्रमश: 56, 64, 89 , 368 , 440 , 652 , 522 , 300 , 568 , 588 , 170 , 160 , 240 तथा 90 एकड़ का क्षेत्र आरक्षित वन से अपवर्जित घोषित किए थे , एतद्वारा , मध्यप्रदेश राजपत्र में इस अधिसूचना के प्रकाशन होने की तारीख से राजस्व सर्वेक्षण संक्रिया के अधीन धारित रहेंगे .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 11 जनवरी 2012

क्र. एफ. 2-2-2012- सात- शा.6.- भारत के सविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में , इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ. 2-2-2012- सात- शा. 6 , दिनांक 11 जनवरी 2012 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनोज श्रीवास्तव , प्रमुख सचिव.

Bhopal , the 11th January 2012

No. F. - 2-2-2012 - VII - Sec . 6. In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 67 of the Madhya Pradesh Land Revenue Code 1959 (No. 20 of 1959) , the State Government, hereby, declares the area of comportment No.367 , 368 , 376 , 377 , 378 , 379 , 380 , 385 , 386 , 387, 388 , 398 , 399 and part of 390 bearing area 56, 64 , 89 , 368 , 440 652 , 522 , 300, 568 , 588 , 170, 160, 240 and 90 acres respectively of range Sarani of forest division North Betul of Tehsil Betul of District Betul excluded from reserved forest vide notification issued by Forest Department No. 6981 , which was published in Gazette dated 5th January, 1968 , Under sub - section ( 1 ) of Section 27 of Indian Forest Act, 1927 ( No. 16 of 1927) shall be held under revenue survey operation with effect from the date of publication of this notification in the Madhya Pradesh Gazette .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , MANOJ SHRIVASTAV, Principal Secy .

भोपाल , दिनांक 11 जनवरी 2012

क्र. एफ. 2-2-2012 - सात- शाखा- 6.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 की धारा 108 में निहित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार निदेश देती है कि नीचे दी गई अनुसूची के कालम ( 2 ) में वर्णित गांवों के लिए, उनके कालम ( 3 ) में वर्णित अधिकारियों द्वारा अधिकार अभिलेख तैयार किया जाए : - 177 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

अनुसूची

तहसील बैतूल, जिला बैतूल

क्रमांक

पटवारी हलका क्रमांक सहित गांव/गांवों का के नाम

(1)

(2)

अधिकार-अभिलेख तैयार करने के लिए प्राधिकृत अधिकारी का पदनाम (3) 1

अधीक्षक, भू-अभिलेख, बैतूल.

भारतीय वन अधिनियम, 1927 ( क्रमांक 16 सन् 1927 ) की धारा 27 की उप धारा ( 1 ) के अन्तर्गत जारी वन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 6981 जो कि राजपत्र दिनांक 5 जनवरी , 1968 में प्रकाशित की गई है , के अनुसार जिला बैतूल, तहसील बैतूल, वन मंडल उत्तर बैतूल परिक्षेत्र सारणी , अनारक्षित वन लोनिया, संविभाग क्रमांक 367 , 368 , 376 , 377, 378 , 379 , 380 , 385 , 386, 387, 388 , 398, 399, 390 का भाग क्षेत्र क्रमश: 56, 64 , 89 , 368 , 440 , 652 , 522 , 300, 568 , 588 , 170, 160, 240, 90 एकड़ आरक्षित वन से अपवर्जित किया गया है तथा ग्राम लोनिया, ब्राह्मणवाड़ा राजस्व निरीक्षक मंडल घोड़ाडोंगरी तहसील घोड़ाडोंगरी जिला बैतूल के अन्तर्गत पटवारी हल्का लोनिया से सम्बद्ध है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

मनोज श्रीवास्तव , प्रमुख सचिव.

भोपाल, दिनांक 11 जनवरी 2012

क्र. एफ. 2-2-2012- सात- शा.6.- भारत के सविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में , इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ. 2-2-2012- सात - शा. 6 , दिनांक 11 जनवरी 2012 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

मनोज श्रीवास्तव , प्रमुख सचिव.

Bhopal , the 11th January 2012

No. F. - 2-2-2012 - VII - Sec . 6. In exercise of the powers vested under Section 108 of the Madhya Pradesh Land Revenue Code , 1959, the State Government directs that a record of rights shall be prepared for the Villages mentioned in column (2) of the Schedule below by the Officer mentioned in column ( 3) thereof: -

SCHEDULE

Tehsil Betul , District Betul

Name of the villages ( s ) with Patwari Halka No.

Serial No.

(2)

Designation of the officer authorised to prepare record of rights (3) (1)

Superintendent of land Record, Betul.

1. Area of comportment No. 367 , 368 , 376 , 377 , 378 , 379 , 380 , 385 , 386 , 387 , 388 , 398 , 399 and part of 390 bearing area 56 , 64, 89 , 368 , 440 652 , 522 , 300 , 568 , 588 , 170 , 160 , 240 and 90 acres respectively of range Sarani of forest division North Betul of Tehsil Betul of District Betul excluded from reserve forest vide notification issued by Forest Department No. 6981 which was published in Gazette dated 5th January, 1968 and attached under sub- section of Section 27 of Indian Forest Act , 1927 (No. 16 of 1927 ) , with Patwari Halka Lonia in village Lonia , Bramhanwara Revenue Inspector Circle Ghora Dongri of Tehsil Ghora Dongri of District Betul .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

MANOJ SHRIVASTAV, Principal Secy .

178

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

डिण्डौरी , दिनांक 8 नवम्बर 2011

क्र. भू- अर्जन ( अ-82 ) 2011-12-341.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

(1) डिण्डौरी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 18.00 (2) डिण्डौरी रा.नि.मं. शाहपुर

18.00 2.00 20.00

(3) पलकी प.ह.नं. 36 योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 ) (5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी .

(6) रकरिया जलाशय शीर्ष कार्य एवं बांयी तट नहर.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

डिण्डौरी, दिनांक 5 जनवरी 2012

क्र. भू-अर्जन-2 ( अ -82 ) 2011-12-18 - ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(4)

3.00 (1) डिण्डौरी

(2) डिण्डौरी रा.नि.मं. नेवसा

3.00 0.00 3.00

(3) पड़रिया माल प.ह.नं. 46 योग शासकीय भूमि कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6) गोपालपुर जलाशय दांयी एवं बांयी तट नहर कार्य.

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

179

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

क्र. भू- अर्जन-2 ( अ -82 ) 2011-12-19- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(1)

(3)

(4) डिण्डौरी

4.00

भरवई

डिण्डौरी रा.नि.मं. नेवसा

4.00 0.00 4.00

प.ह.नं. 47 योग . शासकीय भूमि कुल योग ..

(2 )

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

गोपालपुर जलाशय दाँयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर , डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. भू- अर्जन-2 ( अ -82 ) 2011-12-20- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(3)

(1)

(2)

(4) डिण्डौरी

58.75

गोपालपुर प.ह.नं. 46

डिण्डौरी रा.नि.मं. नेवसा

58.75 6.25 65.00

योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

गोपालपुर जलाशय शीर्ष कार्य.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी .

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

180

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

[भाग 1 क्र. भू- अर्जन-2( अ -82 ) 2011-12-21 - ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी

2.00 डिण्डौरी रा.नि.मं. नेवसा

मिंगड़ी मा. प.ह.नं. 47 योग . 2.00 शासकीय भूमि 0.00 कुल योग .. 2.00 (

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

गोपालपुर जलाशय बाँयी तट नहर कार्य.

(5) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी .

2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन-2( अ-82 ) 2011-12-22- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2) (3)

(1) डिण्डौरी

(4) 2.00 डिण्डौरी रा.नि.मं. शाहपुर

2.00 0.00 2.00

शाहपुर प.ह.नं. 40 योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

गोरखपुर जलाशय बांयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर , डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

181

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

क्र. भू-अर्जन ( अ-82 ) 2011-12-23- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी

1.00 डिण्डौरी रा.नि.मं. शाहपुर

आमाचूहा प.ह.नं. 41 योग . 1.00 शासकीय भूमि 0.00 कुल योग .. 1.00

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) गोरखपुर जलाशय बाँयी तट नहर कार्य.

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन -2 ( अ -82 ) 2011-12-24 - ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2) (3)

(1) डिण्डौरी

(4) 2.00

बरबसपुर मा. प.ह.नं. 39

डिण्डौरी रा.नि.मं. शाहपुर

2.00 0.00 2.00

योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) गोरखपुर जलाशय बाँयी तट नहर कार्य.

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी .

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

182

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

क्र. भू-अर्जन-2 ( अ-82 ) 2011-12-25 - ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी

2.00 डिण्डौरी रा.नि.मं. शाहपुर

सूरजपुरा प.ह.नं. 40 योग .. 2.00 शासकीय भूमि 0.00 कुल योग .. 2.00 ( 2

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

गोरखपुर जलाशय बाँयी तट नहर कार्य.

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन-(अ-82 ) 2011-12-26- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(3)

(2)

(1) डिण्डौरी

(4) 2.00

गनेशपुर मा. प.ह.नं. 23

डिण्डौरी रा.नि.मं. शाहपुर योग .. 2.00 शासकीय भूमि 0.00 कुल योग .. 2.00

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

गोरखपुर जलाशय दाँयी तट नहर कार्य .

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

183

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

क्र. भू-अर्जन- ( अ-82 ) 2011-12-27- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी डिण्डौरी

4.00

शर्मापुर

रा.नि.मं. शाहपुर

4.00 0.00 4.00

प.ह.नं. 39 योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

(2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

गोरखपुर जलाशय दाँयी तट नहर कार्य .

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन ( अ -82 ) 2011-12-28- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

तहसील

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी

नरिया

6.00 डिण्डौरी रा.नि.मं. शाहपुर

6.00 0.00 6.00

प.ह.नं. 39 योग . शासकीय भूमि कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

गोरखपुर जलाशय दाँयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी .

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

184

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

[ भाग 1 क्र. भू-अर्जन-( अ-82 ) 2011-12-29 ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से खाने (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(3)

(1)

(2)

(4) डिण्डौरी

1.00 डिण्डौरी रा.नि.मं. शाहपुर

धनगांव रै. प.ह.नं. 23 योग .. 1.00 शासकीय भूमि 0.00 कुल योग .. 1.00

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

गोरखपुर जलाशय दाँयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन ( अ-82 ) 2011-12-30 ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से खाने ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2) (3)

(1) डिण्डौरी

(4) 1.30

छिवली प.ह.नं. 06 योग ..

डिण्डौरी रा.नि.मं. विक्रमपुर

1.30 0.20 1.50

शासकीय भूमि कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

भरद्वारा ( अमनी ) जलाशय बाँयी तट नहर.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर , डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

185 क्र. भू-अर्जन ( अ-82 ) 2011-12-31 ए.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से खाने (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(3)

(2)

(4) डिण्डौरी

3.00 डिण्डौरी रा.नि.मं. विक्रमपुर

भरद्वारा मा. प.ह.नं. 4 योग .. 3.00 शासकीय भूमि 0.00 कुल योग .. 3.00 (

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा 2 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

भरद्वारा ( अमनी ) जलाशय दाँयी तट नहर कार्य.

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी .

2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर , डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू- अर्जन ( अ -82 ) 2011-12-32 ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से खाने ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) , की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा ( हेक्टर में ) (2)

(1)

(3)

(4) डिण्डौरी डिण्डौरी अमनी 0.75 पिपरिया रै प. ह. नं. 4 रा. नि. मं . विक्रमपुर योग 0.75 शासकीय भूमि 0.00 कुल योग .. 0.75

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी .

(6) भरद्वारा ( अमनी ) जलाशय के बाँयी तट नहर कार्य हेतु भू-अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा, भू-अर्जन अधिकारी/ कलेक्टर कार्यालय डिण्डौरी में देखा जा सकता है .

186

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

क्र. भू-अर्जन-(अ -82 ) 2011-12-33 ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से खाने (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

भू- अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा ( हेक्टर में )

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6) डिण्डौरी डिण्डौरी

32.00

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

भरद्वारा ( अमनी ) जलाशय के शीर्ष कार्य हेतु भू-अर्जन.

मोहगांव रै प.ह.नं. 50 रा.नि.मं. नेवसा योग .. शासकीय भूमि कुल योग .. 32.00 3.00 35.00

(2 ) भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी/ कलेक्टर कार्यालय डिण्डौरी में देखा जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन ( अ-82 ) 2011-12-34 ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

नगर/ग्राम

तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(3)

(6) (2)

(5)

(1)

(4)

डिण्डौरी

27.00

भरद्वारा ( अमनी ) जलाशय शीर्ष कार्य.

अमनी पिपरिया मा. ह . नं. 4

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

डिण्डौरी रा.नि.मं. विक्रमपुर

27.00 3.00 30.00

योग .. शासकीय भूमि कुल योग .

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर , डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

187

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

क्र. भू- अर्जन (अ -82 ) 2011-12-35 ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से खाने ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(4)

(3)

डिण्डौरी

8.50

राई

प. ह. नं. 110

डिण्डौरी रा.नि.मं. राई

8.50 0.50 9.00

योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

( 2 )

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कुकर्रा जलाशय शीर्ष एवं दांयी व बाँयी तट नहर.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन ( अ-82 ) 2011-12-36 ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से खाने (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

तहसील

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(1)

(3)

(4) डिण्डौरी

खरगवारा

3.00 शहपुरा

3.00 0.00 3.00

ह. नं . 111 रा.नि.मं. राई योग . शासकीय भूमि कुल योग .

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कुकर्रा जलाशय बाँयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी .

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

188

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

[भाग 1 क्र. भू- अर्जन ( अ-82 ) 2011-12-37 ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से खाने (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी डिण्डौरी खैरदा

1.30

प. ह. नं.

रा.नि.मं. सक्का

1.30 0.20 1.50

योग .. शासकीय भूमि कुल योग .

( 2

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

बरगा जलाशय बाँयी तट नहर.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , जी. वी. रश्मि , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

ग्वालियर , दिनांक 14 नवम्बर 2011

क्र. 42- अ- 82-10-11- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(1)

(3) आरौन

ग्वालियर

(4) 6.333 टप्पा घाटीगांव

6.333

कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, ग्वालियर .

लावन का पुरा तालाब निर्माण में डूब क्षेत्र हेतु ग्राम आरौन की भूमि का अर्जन.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

भाग 1 ]

189

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

ग्वालियर, दिनांक 7 जनवरी 2012

क्र. 67- अ- 82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

ग्वालियर

(2) ग्वालियर

(3) अर्सेली

(4) 4.14

4.14

कुल योग .

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 )

(6) (5) कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग, क्रमांक 2 ग्वालियर.

सिंध परियोजना ( द्वितीय चरण) के अंतर्गत हरसी उच्चस्तरीय नहर की अर्सेली उप शाखा नहर के निर्माण हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 68 - अ - 82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) ग्वालियर

(2) ग्वालियर

(3) उटीला

(4) 12.49

12.49

कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 )

(5) कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग, क्रमांक 2 ग्वालियर.

(6) सिंध परियोजना ( द्वितीय चरण ) के अंतर्गत हरसी उच्चस्तरीय नहर की अर्सेली उप शाखा नहर के निर्माण हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 69- अ- 82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2)

(1) ग्वालियर ग्वालियर

(4) 11.530

(3) गुर्री

11.530

कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 )

(5) कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग, क्रमांक 2 ग्वालियर .

(6) सिंध परियोजना ( द्वितीय चरण ) के अंतर्गत हरसी उच्चस्तरीय नहर की गोसपुरा माइनर शाखा नहर के निर्माण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

190

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

कार्यालय कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

छतरपुर, दिनांक 15 दिसम्बर 2011

प्र. क्र. 16 - अ- 82-08-09.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(3)

(1)

राजनगर

(4) 2.896 छतरपुर

जटकरा (बीजामंडल स्मारक)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( क ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, राजनगर .

(6) बीजामंडल स्मारक के सुरक्षार्थ एवं विकास हेतु अर्जन.

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- बीजामंडल स्मारक के सुरक्षार्थ एवं विकास हेतु अर्जन.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , कार्यालय राजनगर में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 17 - अ- 82-08-09.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2)

(3)

(4) राजनगर

23.148 छतरपुर

जटकरा (चतुर्भुज स्मारक)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 (क ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, राजनगर.

(6) चतुर्भुज स्मारक के सुरक्षार्थ एवं विकास हेतु अर्जन.

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- चतुर्भुज स्मारक के सुरक्षार्थ एवं विकास हेतु अर्जन .

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , कार्यालय राजनगर में किया जा सकता है .

छतरपुर, दिनांक 6 जनवरी 2012

प्र. क्र. 01 - अ- 82 - भू-अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना भाग 1 ]

191

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

(4)

2.000

पहाड़गांव

छतरपुर छतरपुर

अनुसूची

( 2 ) द्वारा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

राजस्व, छतरपुर. अनुविभागीय अधिकारी

पहाड़गांव तालाब की नहर में अर्जित भूमि का पूरक प्रस्ताव .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- पहाड़गांव तालाब की नहर में अर्जित भूमि का पूरक प्रस्ताव का भू- अर्जन.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , तहसील कार्यालय छतरपुर में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग खरगोन, दिनांक 21 दिसम्बर 2011

क्र. 1812 - भू- अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में ) (2)

(3)

(4) (1)

खरगोन खरगोन

3.103

बगूद

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6)

धारा 4 की उपधारा (2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खरगोन.

नंदगांव तालाब योजना के डूब क्षेत्र के मार्ग व स्पील चेनल के मटेरियल डम्पिंग हेतु.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नवनीत मोहन कोठारी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग विदिशा , दिनांक 29 दिसम्बर 2011

प्र. क्र. 5 - अ - 82-2011-2012 .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की 192

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2)

(3)

(4)

रावन

25.380 नटेरन

विदिशा

योग

25.380

अनुसूची

सार्वजनिक योजना का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) की अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

संजय सागर ( बाह) मध्यम सिंचाई परियोजना के नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग , गंज बासौदा, जिला-विदिशा .

नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) नटेरन जिला विदिशा में किया जा सकता है .

प्र . क्र. 29 - अ - 82-2011-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में ) (1)

(3)

(2) नटेरन

रिनिया

(4) 3.159 विदिशा

योग .

3.159

अनुसूची

सार्वजनिक योजना का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) की अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना के नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग , गंज बासौदा, जिला-विदिशा.

नोट. भूमि के नक्शे ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) नटेरन जिला विदिशा में किया जा सकता है.

विदिशा , दिनांक 6 जनवरी 2012

प्र. क्र. 02- अ- 82 - भू-अर्जन- 2011-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्तधारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2)

(3)

(4)

9.386 विदिशा विदिशा बंधिया उर्फ रामपुर

योग 9.386

अनुसूची

सार्वजनिक योजना का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) की अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

संजय सागर ( बाह ) सिंचाई परियोजना के नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग , गंज बासौदा, जिला-विदिशा.

नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लान ) उप खण्ड अधिकारी विदिशा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

सी. बी. सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

193 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

कार्यालय कलेक्टर, जिला मण्डला, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

मण्डला, दिनांक 4 जनवरी 2012

क्र. भू-अर्जन ( अ -82)-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम एवं प.ह.नं.

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

भूमि का लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(1) मण्डला

(6) चाबी जलाशय निर्माण हेतु.

(2) घुघरी

(4) 0.08 1.18

(3) बगली ह. नं. 47 खैरी रै. ह. नं. 48

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , निवास.

कुल योग . 1.26

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय कलेक्टर, मण्डला में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 7 जनवरी 2012

क्र. 66 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं: -

अनुसूची

भूमि का विवरण

तहसील

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

नगर/ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(6) (1) रीवा

(2) सेमरिया

(3) बरौं

(4) 0.096

(5) कार्यपालन यंत्री, अपर पुरवा नहर संभाग , रीवा ( म. प्र. ) .

बरौं सब - माइनर के अंतर्गत आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

194

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

रीवा, दिनांक 9 जनवरी 2012

क्र. 68 - भू- अर्जन.-- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

जिला

भूमि का विवरण नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(3) नकवेल

(1) सीधी

(4) 0.12 (2) चुरहट

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा ( 4 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) नहर के निर्माण बावत्.

(5) कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग , चुरहट , जिला सीधी. (म. प्र.) .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 70 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का विवरण नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4)

(3) घटोखर

(1) रीवा

(2) रामपुर नैकिन

0.31 है. (में स्थित मात्र सम्पत्ति के लिए)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

रामपुर वितरक नहर में स्थित कूप एवं वृक्षों के अर्जन हेतु.

कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग , चुरहट, जिला सीधी. (म. प्र. ) .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

रीवा , दिनांक 11 जनवरी 2012

क्र. 82- भू- अर्जन- 11-12 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी भाग 1 ]

195

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

जिला

भूमि का विवरण नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)

सतना

रामनगर

(4) 0.152

(3) गोड़हाटोल

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, राकफिल बांध संभाग देवलोंद.

कंदवारी उपबांध के अन्तर्गत आऊट फाल ड्रेन हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 84 - भू- अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

भूमि का विवरण

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)

(1) सतना

रामनगर

(4) 0.073

(3) डगनिहा टोला

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, राकफिल बांध संभाग देवलोंद.

कंदवारी उपबांध के अन्तर्गत आऊट फाल ड्रेन .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 86 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

जिला तहसील

भूमि का विवरण नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4) (1) सतना

(2) रामनगर

0.418

(3) मुर्तिहाई

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कंदवारी उपबांध के अन्तर्गत आऊट फाल ड्रेन.

कार्यपालन यंत्री, राकफिल बांध संभाग देवलोंद.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

196

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

क्र. 97 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है .

जिला तहसील

भूमि का विवरण नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) सीधी

(4) 0.250

(3) बुढगौना

(2) रामपुर नैकिन

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 )

(5) कार्यपालन यंत्री , लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी (म.प्र.).

(6) शिकारगंज वितरक नहर क्र. 1 के अन्तर्गत 0.250 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 95- प्रका- भू-अर्जन-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की धारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का विवरण नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) रीवा

(4) 0.072

(3) बरा -396

(2) हुजूर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) संभाग रीवा ( म. प्र. ) . कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योटी नहर की बोदा डिस्ट्रीब्यूटरी के टिकुरी माइनर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

रीवा, दिनांक 12 जनवरी 2012

क्र. 99 - भू- अर्जन- कार्य-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा इस भाग 1 ]

197

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उप धारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)

(2)

(3)

सतना

बिहरा कोठार

(4) 4.58 रामपुर बाघेलान

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग रीवा, (म.प्र.) .

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत वितरिका नहर निर्माण में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग धार, दिनांक 10 जनवरी 2012

क्र. 364 - भू- अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसमें सम्बद्ध लागू होते हैं: -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(3)

(1) धार

(4) 4.190

राजोद

सरदारपुर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

विकास निगम , लि. इंदौर. संभागीय प्रबंधक, म . प्र. सड़क बदनावर सरदारपुर राजमार्ग क्रमांक 35 पर राजोद बायपास निर्माण हेतु.

2. भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी, सरदारपुर एवं संभागीय प्रबंधक, म . प्र. सड़क विकास निगम , लि. इंदौर ( म. प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

198

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

कार्यालय, कलेक्टर, जिला अलीराजपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

अलीराजपुर, दिनांक 12 जनवरी 2012

क्र. 17- भू- अर्जन-रीडर-1-2012- प्र. क्र. 18-अ- 82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है, राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4) 0.50

(3) अजन्दा

(1) अलीराजपुर

(2) अलीराजपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) सोलिया तालाब योजना हेतु.

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, अलीराजपुर.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन भू-अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी , अलीराजपुर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .

क्र. 20- भू-अर्जन-रीडर- 1-2012 - प्र. क्र. 19-अ- 82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (4)

0.95 (1) अलीराजपुर

(2) अलीराजपुर

(3) सेजगांव

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) सोलिया तालाब योजना हेतु.

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , अलीराजपुर.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन भू-अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी , अलीराजपुर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .

क्र. 23 - भू- अर्जन-रीडर-1-2012- प्र. क्र.- 20- अ-82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4) 13.345 (1) अलीराजपुर

(3) सोलिया

सोण्डवा (2) उप तहसील

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) सोलिया तालाब योजना हेतु.

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , अलीराजपुर.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन भू-अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी , अलीराजपुर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

199

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला भोपाल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग भोपाल , दिनांक 26 दिसम्बर 2011

प्र.क्र. 1690 - भू- अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे वर्णित अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- भोपाल

(ख) तहसील- बैरसिया

(ग) ग्राम- दोजयाई

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.536 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर अर्जित किये जाने वाला अनुमानित क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में ) (1)

(2)

0.210

10, 11 , 12

17/1/1

0.090

17/1/2

0.090

0.102

17/1/3/1

17/2/ 1-

0.102

17/2/2

0.270

19/2

0.090

19/1

0.180

8/1

0.192

8/2

0.048

8/4

0.042

8/12

0.036

8/11

0.036

8/3

0.048

योग : 1.536

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भू- अर्जन की आवश्यकता है- संजय सागर ( बाह ) मध्यम सिंचाई परियोजना की माइनर एवं डिस्ट्रीब्यूटरी नहर निर्माण हेतु .

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी, भोपाल/बैरसिया/गंजबासौदा एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह नदी संभाग , गंजबासौदा में किया जा सकता है .

प्र.क्र. 1694 - भू-अर्जन11. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे वर्णित अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- भोपाल

(ख) तहसील- बैरसिया

(ग) ग्राम- खाईखेड़ा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.999 हेक्टेयर.

सर्वे क्रमांक अर्जित किये जाने वाला अनुमानित क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में )

(2)

(1)

0.232

48/1

57/48

0.048

0.196

60/47

47/1

0.054

0.077

47/2

0.178

46

43

0.214

योग : 0.999

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भू-अर्जन की आवश्यकता है- संजय सागर बाह मध्यम परियोजना की माइनर एवं डिस्ट्रीब्यूटरी निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू- अर्जन अधिकारी, भोपाल/बैरसिया/ गंजबासौदा एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर, बाह नदी संभाग , गंजबासौदा में किया जा सकता है.

प्र.क्र. 1698 - भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे वर्णित अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अनुसार इसके द्वारा , सभी 200

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

संबंधित व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क ) जिला- भोपाल

(ख ) तहसील- बैरसिया

(ग) ग्राम- पुराखाना

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.205 हेक्टेयर.

सर्वे क्रमांक

क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में ) अर्जित किये जाने वाला अनुमानित

(2)

(1)

105

0.084

107/2

0.075

108

0.203

109

0.020

110

0.255

0.038

250

0.247

249

0.271

248

0.116

233

0.186

383

0.081

384

0.041

385

0.244

386

0.087

415

0.029

416

0.075

414

0.078

433/1

0.036

433/2/1

0.054

437

0.060

238

0.261

237

0.104

240/2

0.084

369

0.087

438/1

0.012

438/2

0.180

443

0.198

कुल : 3.205

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भू-अर्जन की आवश्यकता है- संजय सागर बाह मध्यम परियोजना की माइनर एवं डिस्ट्रीब्यूटरी निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी, भोपाल/बैरसिया/गंजबासौदा एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर , बाह नदी संभाग, गंजबासौदा में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निकुंज श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बड़वानी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग बड़वानी , दिनांक 28 दिसम्बर 2011

क्र. -2939 - भू- अर्जन- नहर - 2011 - प्र.क्र. 02 - अ- 82-2011- 12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दिये गये अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि अनुसूची के पद ( 2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उपरोक्त प्रयोजन के लिए आवश्यक है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- बड़वानी

(ख) तहसील-अंजड़

(ग) ग्राम- बिलवा रोड

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.055 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर अधिगृहित किया जाने वाला क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में )

(2)

(1)

36 पैकि.

0.097

0.040

37/3 पैकि.

37/4 पैकि.

0.024

0.178

73/3 पैकि.

0.138

73/4 पैकि.

0.105

75/4 पैकि.

75/3 पैकि.

0.113

0.170

73/5,75/2 पैकि.

0.044

75/1 पैकि.

75/5 पैकि.

0.146

योग : 1.055

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना की चतुर्थ चरण की बड़दा वितरण शाखा एवं उसकी टेलमाईनर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

भाग 1 ]

201

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन कार्यालय कलेक्टर, जिला बड़वानी व कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहर ) बड़वानी एवं कार्यालय कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 11 , बड़वानी में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , रेनू तिवारी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग विदिशा , दिनांक 3 जनवरी 2012

प्र.क्र. 17- ए- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे वर्णित अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क ) जिला- विदिशा

(ख ) तहसील- शमशाबाद

(ग ) ग्राम-जीरापुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-7.235 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर अर्जित किये जाने वाला अनुमानित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)

(2)

13/3

0.045

13/4

0.074

12/1/2

0.264

12/2/1

0.336

12/2/2

0.188

45/1 /1 ख

0.098

45/1/ 1 क

0.040

45/1/4ख

0.096

45/2

0.319

42

0.209

139/1

0.148

41/2

0.110

141/2

0.087

(2)

(1)

0.441

142

0.030

184/1/ 1 क

0.057

191/2

0.484

191/1

187/3

0.286

193

0.021

0.046

187/1

0.334

194/2

0.067

146/2/3

0.124

146/2/2

146/2/1

0.110

0.209

146/1/2

146/1/1

0.023

135/2

0.046

14/1/2

0.194

14/1/1

0.186

15/2/1

0.011

15/2/2

0.376

18/2

0.397

35/1/2

0.253

35/2/2

0.032

0.232

33/3/6

0.023

33/3/5

32

0.241

30

0.118

154

0.253

0.055

155

158

0.126

165/3

0.264

0.131

0.051

159/2

योग : 7.235

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भू-अर्जन की आवश्यकता है- सगड़ मध्यम सिंचाई परियोजना की माइनर एवं डिस्ट्रीब्यूटरी नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन/शमशाबाद/गंजबासौदा एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना , बाह नदी संभाग , गंजबासौदा में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सी. बी. सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

202

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

ग्वालियर , दिनांक 5 जनवरी 2012

क्र.- क्यू- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- ग्वालियर

(ख ) तहसील- भितरवार

(ग) नगर/ ग्राम- केठोद

( घ) ( अ ) कुल क्षेत्रफल-2.873 हेक्टेयर

(ब) सम्पत्ति का ब्यौरा -

मकान -०, वृक्ष -०, कुंआ-0 , अन्य संपत्ति-० सर्वे नम्बर अर्जित किये जाने वाला अनुमानित क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में ) (1)

(2)

4/1

0.365

4/2

0.365

0.390

4/3

5

1.753

कुल : 2.873

(ब ) सम्पत्ति का ब्यौरा : -

( 1 ) आबादी : -

अन्य सम्पत्ति

वृक्षों की की संख्या

कुओं की संख्या कच्चा मकान निर्मित क्षेत्रफल वर्गमीटर में कच्चा

संपत्ति सर्वे मालिक क्र. का नाम पिता का नाम

स. क्र. पक्का फलदार गैर पक्का फलदार

(1) ( 2) (3) (4) (7) (8) (9)

(5) (6) -निरंक-

मकान -० , वृक्ष-०, कुंआ-0 , अन्य संपत्ति-० (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- हरसी उच्च स्तरीय मुख्य नहर ( सिन्ध परियोजना द्वितीय चरण ) के निर्माण कार्य हेतु.

(3 ) धारा 6 द्वारा प्राधिकृत अधिकारी- कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्च स्तरीय नहर संभाग , डबरा , जिला ग्वालियर ( म.प्र. ).

(4) भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं सम्पत्ति विवरण का निरीक्षण- जिलाधीश ( भू-अर्जन शाखा ) , जिला ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग डिण्डौरी , दिनांक 5 जनवरी 2012

क्र. भू-अर्जन-1-(अ-82 ) -11-12-11- ए. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील- डिण्डौरी

(ग) ग्राम-समनापुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.61 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में ) (2)

(1)

दॉयी तट नहर कार्य -

1421

0.14

0.03

1422

0.05

1423

0.21

1417

1410

0.03

1408

0.05

0.03

1407

1418

0.02 कुल : 0.56

शासकीय भूमि-

1424, 1413

0.05 कुल योग : 0.61

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सुन्दरपुर डायवर्सन स्कीम के अन्तर्गत शीर्ष एवं दॉयी तट नहर कार्य.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन-2-( अ-82 ) -2011-12-12- ए.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के भाग 1 ]

203

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील-डिण्डौरी

(ग ) ग्राम-झांकी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.57 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

(1)

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)

शीर्ष कार्य-

14/1

0.90

14/2

0.41

15

0.33

0.70

18

69

0.60

0.79

67

0.35

68

कुल : 4.08

बाँयी तट नहर कार्य-

18

0.23

22

0.15

19

0.01

21

0.06

4

0.52

3

0.09

2

0.02

25

0.03

26

0.01

183/1

0.17

182/1

0.15

125

0.01

192

0.01

कुल : 1.46

शासकीय भूमि-

46,16,66,447,184

1.059 कुल योग : 6.599

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सुन्दरपुर डायवर्सन स्कीम के अन्तर्गत शीर्ष एवं बॉयी तट नहर कार्य.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी, डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू- अर्जन- 3- ( अ -82 ) -11-12-13-ए. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील- डिण्डौरी

(ग) ग्राम- उमरिया रै.

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-9.17 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में ) (2)

(1)

शीर्ष कार्य-

480

0.49

482

0.12

0.08

481

0.55

529

0.36

479

कुल : 1.60

दॉयी तट नहर कार्य -

0.05

479

480

0.08

0.07

476

475

0.03

474

0.07

0.15

473

0.16

436

0.17

435

434

0.05

433

0.02

422

0.19

0.04

426

0.07

423

0.01

424

425

0.01

408

0.25

189/2

0.02

188

0.08

187

0.07

184

0.10

186

0.05

0.15

185

194

0.14

0.34

195 204

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

(2)

(1)

0.008

136

0.14

142

141

0.08

140

0.26

145

0.10

146

0.07

117

0.09

115

0.10

114

0.15

112

0.04

104

0.09

0.004

483

139

0.008

147

0.10

कुल : 3.61

शासकीय भूमि-

1.56

526,493,492,478 , 111,417,416

कुल योग : 6.77

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- खाम्ही डायवर्सन स्कीम के अन्तर्गत शीर्ष एवं दांयी तट नहर कार्य.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू- अर्जन-4-( अ -82 ) -2011-12-14- ए.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील-डिण्डौरी

(ग ) ग्राम- साल्हेघोरी रै.

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.35 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)

(1) दाँयी तट नहर कार्य -

80

0.13

84

0.14

81

0.08

कुल : 0.35

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-खाम्ही डायवर्सन स्कीम के अन्तर्गत दांयी तट नहर कार्य.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी/ कलेक्टर कार्यालय , डिण्डौरी में देखा जा सकता है.

चूंकि, राज्य क्र. भू-अर्जन- 5-(अ-82) -2011-12-15- ए. शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील-डिण्डौरी

(ग ) ग्राम- सुन्दरपुर

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.22 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)

(1) बॉयी तट नहर कार्य-

0.60

448

0.36

244

247

0.05

0.3

269

0.22

282

283/1

0.28

0.26

294

0.16

299/1

0.22

225/1

0.27

226/1

0.18

208

207

0.14

223

0.03

0.01

245

योग : 3.08

शासकीय भूमि- 297,257,292,281 0.23 कुल योग : 3.31

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सुन्दरपुर डायवर्सन स्कीम के अन्तर्गत बाँयी तट नहर कार्य.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

205

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

क्र. भू-अर्जन-6-( अ-82 ) -2011-12-16- ए.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील- डिण्डौरी

(ग) ग्राम- मझगांव

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-8.03 हेक्टेयर

खसरा नम्बर

(1)

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में ) (2)

शीर्ष कार्य-

125

0.48

128/2

1.01

128/3

1.01

128/4

0.10

135/2

1.43

186

0.50

187

0.40

188/2

0.50

190/2

190/1

0.83 1.01

योग : 7.27

दाँयी तट नहर कार्य -

126/1

0.04

125

0.05

123

0.01

121/4

0.02

योग : 0.12

बांयी तट नहर कार्य -

193

196

197

0.02 0.02 0.01

योग : 0.05

शासकीय भूमि-

0.59

136, 137 ,189 ,124 , 122,192,195

कुल योग : 8.03

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- कचनारी डायवर्सन स्कीम के अन्तर्गत शीर्ष एवं दांयी व बॉयी तट नहर कार्य.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी/ कलेक्टर कार्यालय, डिण्डौरी में देखा जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन-7-(अ -82 ) -2011-12-17- ए.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील- डिण्डौरी

( ग) ग्राम- बिलाईखार

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.72 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)

(1) बांयी तट नहर कार्य -

0.21

164

161/1

0.05

0.14

162

0.16

160/1

0.15

160/2

0.13

159

0.63

5/1

6

0.15 योग : 1.62

शासकीय भूमि-

163 , 7

0.09 कुल योग : 1.71

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- कचनारी डायवर्सन स्कीम के अन्तर्गत बॉयी तट नहर कार्य.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी, डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. वी. रश्मि , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

206

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

कार्यालय, कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

छतरपुर, दिनांक 6 जनवरी 2012

प्र. क्र. 29 - अ- 82-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील- मौराहा

(ग) नगर/ ग्राम- मौराहा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.024 हेक्टेयर.

ग्राम

परिसंपत्ति स्वामी का नाम एवं पिता का नाम

(1)

(2)

मौराहा श्री काशीप्रसाद तनय खिलानंद तिवारी "

श्री प्रदीप खरे

श्रीमति श्यामाबाई पत्नि नारायण दत्त तिवारी .

_ " _

श्री रामदास तनय हीरालाल कुशवाहा "

श्रीमति पार्वती पत्नि बाबूलाल अहिरवार "

श्री चतरा जमना तनय विन्दा अहिरवार "

भूमि/परिसंपत्ति का प्रकार

परिसंपत्ति/भूमि का खसरा नं.

अर्जित रकबा (हे. में)

(5)

(3)

(4)

0.024

13/1/1/8

0.024 हे. भूमि अर्जित करना है.

6/1

पक्का मकान ( बिना प्लास्टर फर्श एवं छत के ) सेप्टिक टैंक निर्मित एवं नींव, यू. सी. आर.

13/1/1/9

नींव, यू. सी. आर. एवं पक्का कुंआ

1146/4/3

कच्चा मकान, बाऊंड्रीवाल एवं पक्के मकान की RCC स्लैब मात्र.

मक्का मकान

1147/2/1

1147/2/5

पक्का मकान एवं नींव, यू. सी. आर.

1147/2/6 में से

श्री छेदीलाल तनय तातिया अहिरवार _"_

कच्चा मकान एवं कच्चा कुंआ

1147/2/6 में से

श्री काशीराम तनय तातिया अहिरवार _"_

श्री चिन्जी , बलुवा तनय कुल्ला यादव _"_

श्री तिजवा पत्नि शिवदीना प्रजापति _"_

कच्चा मकान

1148/2/10

मकान लिन्टल लेविल तक बिना फर्श एवं प्लास्टर का

1148/2/5

पक्काकुंआ

1148/1 , 1149

श्रीमति सुशीला श्रीवास्तव

केवल वृक्ष

(2 ) ललितपुर - खजुराहो नई बड़ी रेल लाईन निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी/अनुविभागीय अधिकारी , छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

207

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 7 जनवरी 2012

क्र. 64- भू-अर्जन- 11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील- गुढ़

(ग) ग्राम- पांती

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.272 हेक्टर

खसरा नंबर (1)

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)

1127/1

1.272

1.272

योग ..

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के मुख्य नहर का निर्माण कार्य.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

रीवा, दिनांक 11 जनवरी 2012

क्र. 89 - भू- अर्जन- 11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- हुजूर

( ग ) ग्राम- टिकुरी 225

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.154 हेक्टर

खसरा

रकबा (हेक्टेयर में)

नंबर (1) 241 245

योग

(2) 0.134 0.020 0.154

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की बोदा डिस्ट्रीब्यूटरी के टिकुरी माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 91 - भू-अर्जन-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत 208

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- हुजूर

(ग ) ग्राम- इटौरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.565 हेक्टर

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

60

0.07

141

0.0924

261

0.2236

64/6

0.006

602

0.054

132

0.016

283

0.057

557

0.046

योग . 0.565

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की बोदा डिस्ट्रीब्यूटरी के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 93 - भू- अर्जन-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- हुजूर

(ग) ग्राम- सोनौरा

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.0416 हेक्टेयर.

खसरा

रकबा

नंबर

(हेक्टेयर में)

(1)

692

योग

(2) 0.0416 0.0416

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना क्योटी नहर की बोदा डिस्ट्रीब्यूटरी के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 95 - भू- अर्जन- 11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

( ख ) तहसील- हुजूर

(गं ) ग्राम- बरा-396

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.072 हेक्टर भाग 1 ]

209

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

रकबा (हेक्टेयर में) (2)

खसरा नंबर (1)

330/1

0.064

0.008

331/2

0.072

योग .

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसाग परियोजना , क्योटी नहर की बोदा डिस्ट्रीब्यूटरी के टिकुरी माइनर नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग धार, दिनांक 7 जनवरी 2012

संशोधन-पत्र

क्र. 267 - भू- अर्जन- 2011.- इस कार्यालय द्वारा भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) के अंतर्गत ग्राम संदला, तहसील बदनावर, जिला धार की धारा 6 की अधिसूचना के प्रकाशन हेतु अधिसूचना नियंत्रक, केन्द्रीय शासकीय मुद्रणालय एवं संचालक, सूचना एवं प्रकाशन विभाग , भोपाल को प्रकाशन हेतु भेजी गई थी. जिसका प्रकाशन राजपत्र में पृष्ठ क्रमांक 1856 पर दिनांक 27-5-2011 को तथा दो हिन्दी समाचार- पत्र, प्रभात किरण में दिनांक 26-5-2011 एवं नवभारत में दिनांक 27-5-2011 को हुआ. चूंकि अधिसूचना का त्रुटीपूर्ण प्रकाशन होने से नीचे दर्शाये अनुसार संशोधन निम्नानुसार है :-

प्रकाशन हुआ जो त्रुटीपूर्ण है

सर्वे क्र. क्षेत्रफल

(1)

प्रकाशन होना था, जो पढ़ा जावे सर्व क्र. क्षेत्रफल (2)

1850/4/1 0.074

1850/4/1

0.085 भूमि का नक्शा (प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ,

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , (1)

(2)

(राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , बदनावर तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , क्र. 1 धार जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , मनावर तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

शेष प्रकाशन यथावत माना जावे.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बैतूल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बैतूल, दिनांक 10 जनवरी 2012

शुद्धि-पत्र

प्र. क्र. 6 - अ- 82 - वर्ष 2009-10 - भू-अर्जन- 311.- इस कार्यालय की घोषणा क्रमांक 6अ-82 वर्ष 2009-10-5877 बैतूल , दिनांक 2 अगस्त 2011 का प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 के पृष्ठ क्रमांक 2926 एवं 2927 पर दिनांक 12 अगस्त 2011 को तथा दैनिक समाचार- पत्र नवभारत में दिनांक 13 अगस्त 2011 एवं राष्ट्रीय जनादेश में दिनांक 13 अगस्त 2011 को हो चुका है , जिसमें अनुसूची के पद क्रमांक 1 में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे : - पद क्र 1

संशोधित प्रविष्टि (3) पूर्व में प्रकाशित प्रविष्टि (2)

भूमि का वर्णन (1)

रकबा

ख. नं.

रकबा 0.180

ख . नं. 209

209/2 0.160 लगभग क्षेत्रफल हेक्टर में

209/3 0.020

0.253 186/2 0.104 186/2

186/3 0.253 186/3 0.198

186/4 0.094 मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. चन्द्रशेखर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

210

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

छिन्दवाड़ा , दिनांक 17 जनवरी 2012

क्र. 486 - भू-अर्जन- 2012.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लिखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(4) (1)

(3)

छिन्दवाड़ा अमरवाड़ा ग्राम- बान्दरा ब.नं. 200 प.ह.नं. 42 रा.नि.मं.

रकबा 14.946 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

अमरवाड़ा 2

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (5)

(6)

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 चौरई , जिला छिन्दवाड़ा.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 चौरई, जिला छिन्दवाड़ा (म . प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक -2 सिंगना, तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 487 - भू-अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लिखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग भाग 1 ]

211

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

करने के लिये प्राधिकृत करता है. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे.में ) (1)

(2)

(3)

(4) छिन्दवाड़ा अमरवाड़ा

रकबा 6.550 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ग्राम - खकरा चौरई ब.नं. 94 प.ह.नं. 40 रा.नि.मं. अमरवाड़ा 2

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, कलेक्टर, ( भू-अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक -2 सिंगना , तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 488 - भू- अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लिखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

(1)

(3)

(2)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) छिन्दवाड़ा अमरवाड़ा ग्राम- महेन्द्रवाड़ा रकबा 02.138 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ब.नं. 226 प.ह.नं. 40 रा.नि.मं. अमरवाड़ा 2

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा.

212

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म . प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक -2 सिंगना, तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है .

क्र. 489- भू- अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (2)

(3)

(1)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (4)

(5)

चौरई

छिन्दवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा.

ग्राम- देवरीकला ब.नं. 133 प.ह.नं. 02 रा.नि.मं. चौरई .

रकबा 68.365 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली. संपत्तियां.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक-2 सिंगना, तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है .

भाग 1 ]

213

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

क्र. 490- भू-अर्जन- 2012.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लिखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा (2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (1) (2)

(3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे . में ) (4)

(5)

(6) चौरई

छिन्दवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा.

रकबा 72.682 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ग्राम- कलकोटी ब.नं. 119 प.ह.नं. 02 रा.नि.मं. चौरई .

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, ( भू-अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक -2 सिंगना, तहसील - चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 491 - भू-अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा (2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे. में )

(2)

(1)

(3)

(5)

(6)

(4)

चौरई

छिन्दवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.

रकबा 311.459 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ग्राम - मोवार ब.नं. 238 प.ह.नं. 02 रा.नि.मं. चौरई.

214

[भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक -2 सिंगना, तहसील - चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 492- भू-अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(1)

(2)

(6) (3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में ) (4)

(5)

चौरई

छिन्दवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा.

ग्राम- धनौरा ब.नं. 135 प.ह.नं. 08 रा.नि.मं. चौरई

रकबा 308.687 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक -2 सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र . ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

215 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

क्र. 493 - भू-अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में)

(6) (2)

(5)

(1)

(3)

(4)

चौरई ग्राम - बारहबरयारी

छिन्दवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 , चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.

रकबा 532.200 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली

संपत्तियां.

ब.नं. 203 प.ह.नं. 08 रा.नि.मं. चौरई.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, ( भू-अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक -2 सिंगना, तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 494 - भू-अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा (2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील नगर/ग्राम

जिला

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(2) (3)

(6) (1)

(4)

(5)

चौरई

छिंदवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि काअर्जन.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा.

रकबा 256.609 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां .

ग्राम -केवलारी- संभा ब.नं. 32 प.ह.नं. 2/4 रा.नि.मं. चौरई.

216

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म . प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक-2 सिंगना, तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 495 - भू- अर्जन-2012. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हैं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

(1)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में) (4) (2)

(3)

छिन्दवाड़ा चौरई

रकबा 110.328 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ग्राम - हिवरखेड़ी ब.नं. 316 प.ह.नं. 01 रा.नि.मं. चौरई

अर्जित की जाने वाली

प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा) छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक -2 सिंगना, तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है .

217 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

क्र. 496- भू-अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(2)

(1)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में ) (4)

(6) (3)

(5)

छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा.

रकबा 399.778 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ग्राम- सिहोरा ब.नं. 576 प.ह.नं. 29 रा.नि.मं. छिन्दवाड़ा-1

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, ( भू-अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उप संभाग क्रमांक -1 सिंगना, तहसील - चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 497 - भू-अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(1)

(2)

(3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)

(5)

(6) छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा.

रकबा 36.761 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ग्राम - जमुनिया ब.नं. 191 प.ह.नं. 28 रा.नि.मं. छिन्दवाड़ा-1 218

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक -1 सिंगना, तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 498 - भू- अर्जन -2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(2)

(6)

(5)

(1)

(3)

(4)

छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा ग्राम - खैरी लदू

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

ब.नं. 118 प.ह.नं. 32 रा.नि.मं.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा.

रकबा 183.003 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

छिन्दवाड़ा-1

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, ( भू-अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक -1 सिंगना, तहसील- चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म . प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है .

219 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

क्र. 499 - भू-अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(2)

(6)

(5)

(1)

(3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (4)

छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.

रकबा 317.799 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ग्राम - काराघाट ब.नं. 55 प.ह.नं. 29 रा.नि.मं. छिन्दवाड़ा-1

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, ( भू-अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक -1 सिंगना, तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 500- भू-अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हैं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (1)

(2)

(3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में ) (4)

(5)

छिन्दवाड़ा

छिन्दवाड़ा

ब.नं. 36

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा.

रकबा 246.728 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ग्राम - ककई प.ह.नं. 32 रा.नि.मं. छिन्दवाड़ा-1 220

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक1 चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक -1 सिंगना, तहसील - चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 501 - भू-अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएत्र भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा

रकबा 11.980 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ग्राम - नगझिर ब.नं. 285 प.ह.नं. 27 रा.नि.मं. छिन्दवाड़ा-1

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (5)

(6)

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि काअर्जन.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, कलेक्टर, भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 चौरई , जिला छिन्दवाड़ा (म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक -1 सिंगना, तहसील - चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है .

221 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

क्र. 502- भू-अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हैं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (1)

(3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (4)

(5)

(2)

छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा.

रकबा 32.572 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ग्राम -बिल्बा ब.नं. 391 प.ह.नं. 31 रा.नि.मं. छिन्दवाड़ा-1

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक -1 सिंगना, तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

'क्र. 503 - भू-अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा (2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (2)

(1)

(3)

(5)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे . में ) (4)

छिन्दवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि काअर्जन.

कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 , चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.

रकबा 275.049 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

छिन्दवाड़ा ग्राम - जम्होड़ीपण्डा ब.नं. 186 प.ह.नं. 31 रा.नि.मं. छिन्दवाड़ा-1 222

[भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक -1 सिंगना , तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित के बारे भूमि में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 504- भू- अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील नगर/ग्राम

जिला

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में )

(6) (3)

(4)

(1)

(2)

(5)

छिंदवाड़ा छिन्दवाड़ा ग्राम -देवर्धा

ब.नं. 273

प.ह.नं. 28

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

रा.नि.मं.

रकबा 161.522 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई , जिला छिन्दवाड़ा.

संपत्तियां .

छिन्दवाड़ा-1

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक -1 सिंगना, तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित के बारे भूमि में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है .

223 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

क्र. 505- भू- अर्जन- 2012.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में)

(1)

(2)

(5)

(3)

(4)

(6) छिंदवाड़ा छिन्दवाड़ा ग्राम- राजाखोह

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र के लिये निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 , चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.

रकबा 31.266 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ब.नं. 503 प.ह.नं. 27 रा.नि.मं. छिन्दवाड़ा-1

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना मिट्टी बांध उपसंभाग क्रमांक-1 सिंगना, तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 506 - भू- अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

तहसील

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (2)

(6) (3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में) (4)

चौरई

(1) छिंदवाड़ा

(5) कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना तहसील चौरई , जिला छिन्दवाड़ा

ग्राम- माचागोरा ब.नं. 227 प.ह.नं. 09 रा.नि.मं. चौरई

रकबा 17.842 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत दांयीतट मुख्य नहर से निकलने वाली माचागोरा माइनर माचागोरा सब - माइनर 1 एवं 2 , बेलखेड़ा माइनर के निर्माण के लिए निजी भूमि का अर्जन.

224

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

[भाग 1 (2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना (केम्प- छिन्दवाड़ा ) तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयीतट नहर उपसंभाग क्रमांक -1 सिंगना, तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 507 - भू-अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

(2)

(1)

(3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में ) (4) चौरई

छिंदवाड़ा

रकबा 07.682 हे. एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ग्राम- झिलमिली ब.नं. 110 प.ह.नं. 21/39 रा.नि.मं. चौरई

अनुसूची

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत दांयीतट मुख्य नहर से निकलने वाली झिलमिली माइनर 1 एवं 2 के निर्माण के लिए निजी भूमि का अर्जन.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना ( केम्प- छिन्दवाड़ा ) तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयीतट नहर उपसंभाग क्रमांक -1 सिंगना, तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र . ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है .

भाग 1 ]

225

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

क्र. 508 - भू-अर्जन-2012. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में) (1)

(2)

चौरई

छिन्दवाड़ा

(3) ग्राम- सिहोरामाल ब.नं. 290 प.ह.नं. 21 रा.नि.मं. चौरई.

(4) रकबा 07.452 हे . एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.

(6) पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत दांयीतट मुख्य नहर से निकलने वाली झिलमिली माइनर -1 एवं झिलमिली माइनर-2 के निर्माण के लिए निजी भूमि का अर्जन.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, ( भू-अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना ( केम्प- छिन्दवाड़ा ) तहसील चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयीतट नहर उपसंभाग क्रमांक -1 सिंगना , तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 509- भू- अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

(2)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में ) (4) चौरई

(1) छिन्दवाड़ा

रकबा 0.210 एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

(3) ग्राम- सिहोरा बिसाला ब.नं. 291 प.ह.नं. 21 रा.नि.मं. चौरई.

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5) कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत दांयीतट मुख्य नहर से निकलने वाली झिलमिली माइनर 2 के निर्माण के लिए निजी भूमि का अर्जन.

226

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना ( केम्प- छिन्दवाड़ा) तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयीतट नहर उपसंभाग क्रमांक-1 सिंगना, तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 510 - भू- अर्जन- 2012.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) चौरई

छिन्दवाड़ा

ग्राम- चीचगांव ब.नं. 89 प.ह.नं. 09 रा.नि.मं. चौरई.

रकबा 09.884 हे . एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

अनुसूची

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (5)

(6) कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना तहसील चौरई , जिला छिन्दवाड़ा,

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत दांयीतट मुख्य नहर से निकलने वाली आमटा माइनर, आमटा सब -माइनर, बेलखेड़ा माइनर के निर्माण के लिए निजी भूमि का अर्जन.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, ( भू-अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना ( केम्प- छिन्दवाड़ा ) तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयीतट नहर उपसंभाग क्रमांक-1 सिंगना, तहसील - चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

भाग 1 ]

227

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

क्र. 511 - भू-अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

(1)

(2)

(3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में) (4) छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा

रकबा 05.039 हे . एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

ग्राम- धनोरा गुसाई ब.नं. 279 प.ह.नं. 31 रा.नि.मं. छिंदवाड़ा-1

अनुसूची

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना तहसील चौरई , जिला छिन्दवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत दांयीतट मुख्य नहर से निकलने वाली उमरिया माइनर, धनोरा माइनर, एवं झिलमिली -1 माइनर के निर्माण के लिए निजी भूमि का अर्जन.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, कलेक्टर, भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना ( केम्प - छिन्दवाड़ा) तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयीतट नहर उपसंभाग क्रमांक-1 सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित के बारे भूमि में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 512- भू-अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग 228

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध, उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (1)

(2)

(3)

(4) चौरई

छिंदवाड़ा

ग्राम -केरिया ब.नं. 30 प.ह.नं. 21 रा.नि.मं. चौरई

रकबा 01.470 हे . एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

अनुसूची

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग, सिंगना तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत दांयीतट मुख्य नहर से निकलने वाली केरिया- -1 मायनर एवं केरिया -2 मायनर के निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, कलेक्टर, भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना ( केम्प - छिन्दवाड़ा ) तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयीतट नहर उपसंभाग क्रमांक-1 सिंगना , तहसील - चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म . प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित के बारे भूमि में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 513- भू- अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

(2)

(3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (4) (1)

चौरई

छिंदवाड़ा

ग्राम- उमरिया सोमजी , ब.नं. 11 प.ह.नं. 20 रा.नि.मं. चौरई

रकबा 04.491 हे . एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

अनुसूची

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना तहसील चौरई , जिला छिन्दवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत दांयीतट मुख्य नहर से निकलने वाली चीचगांव मायनर एवं झिलमिली मायनर-1 के निर्माण के लिये निजी भूमि का अर्जन.

भाग 1 ]

229

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना (केम्प- छिन्दवाड़ा ) तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयीतट नहर उपसंभाग क्रमांक -1 सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म . प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित के बारे भूमि में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 514- भू-अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे. में )

(3)

(1)

(2)

(4) चौरई

छिंदवाड़ा

ब.नं. 05

रकबा 06.738 हे. एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली

ग्राम- आमटा प.ह.नं. 20 रा.नि.मं. चौरई

संपत्तियां.

अनुसूची

अर्जित की जाने वाली भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत दांयीतट मुख्य नहर से निकलने वाली आमटा मायनर के निर्माण के लिए निजी भूमि का अर्जन.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना ( केम्प- छिन्दवाड़ा ) तहसील चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयीतट नहर उपसंभाग क्रमांक -1 सिंगना, तहसील - चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित के बारे भूमि में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , पवन कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

230

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

कार्यालय , कलेक्टर , जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग छिन्दवाड़ा , दिनांक 17 जनवरी 2012

क्र. 515 - भू-अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-छिन्दवाड़ा

(ख ) तहसील - अमरवाड़ा

(ग) नगर/ग्राम- बोरीमाल, प.ह.नं. 49 , ब.नं. 214, रा. नि. मंडल अमरवाड़ा.

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-

0.990 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

प्रस्तावित खसरा नम्बर

(1)

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)

103/2

0.156

104

0.672

106/2

0.162 कुल : 0.990

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सेजा पेठ देवरी मार्ग में ठेल पुल एवं पहुंच मार्ग के लिये निजी भूमि के अर्जन के संबंध में .

[ भाग 1 (3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा) , जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग सिवनी , जिला सिवनी के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , लोक निर्माण विभाग सेतु उप संभाग , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

क्र. 516- भू-अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख ) तहसील - अमरवाड़ा

(ग) नगर/ग्राम - सेजा, प.ह.नं. 48 , ब.नं. 298 , रा. नि. मंडल अमरवाड़ा.

(घ ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल- 01.725 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

प्रस्तावित खसरा नम्बर प्रस्तावित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

0.055

81/1

0.050

289/1 भाग 1 ]

231

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

(1)

(2)

0.100

80/2, 80/3

80/7

0.030

1.205

76

291

0.060

298

0.020

75/2

0.205

योग : 01.725

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सेजा पेठ देवरी मार्ग में ठेल पुल एवं पहुंच मार्ग के लिये निजी भूमि के अर्जन के संबंध में .

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा) , जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग सिवनी , जिला सिवनी के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग सेतु उप संभाग , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

क्र. 517 - भू-अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील- सौंसर

(ग ) नगर/ग्राम- परतापुर, प.ह.नं. 36/7 , ब.नं. 225, रा. नि. मंडल सौंसर.

(घ ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल- 0.542 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

प्रस्तावित खसरा नम्बर प्रस्तावित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.202

9

21

0.012

0.020

22

37/2

0.064

0.089

69/2

71/4

0.102

0.041

70/1

20/1

0.012

योग : 0.542

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- बेरडी, सायरा , परतापुर मार्ग में कन्हान पुल एवं पहुंच मार्ग के लिये निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

232

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) , जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग सिवनी , जिला सिवनी के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

( 5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग सेतु उप संभाग , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

क्र. 518- भू- अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-छिन्दवाड़ा

( ख ) तहसील- सौंसर

(ग) नगर/ग्राम-सायरा , प.ह.नं. 36/7, ब.नं. 378, रा. नि. मंडल सौंसर.

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल- 0.436 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

प्रस्तावित खसरा नम्बर प्रस्तावित क्षेत्रफल

(हेक्टेयर में )

(1)

(2)

0.024

120/1

0.024

121/1

121/2

0.162

121/3

0.032

122/1

0.081

137/2

0.113

योग : 0.436

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- बेरडी, सायरा , परतापुर मार्ग में कन्हान पुल एवं पहुंच मार्ग के लिये निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

( 3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) , जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग सिवनी , जिला सिवनी के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग सेतु उप संभाग , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पवन कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

233

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 27 दिसम्बर 2011

क्र. A- 3219-दो- 2-40-2009.- श्रीमती कुमुदबाला बरणा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डलेश्वर को दिनांक 29 नवम्बर 2011 से दिनांक 2 दिसम्बर 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके चार दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्रीमती कुमुदबाला बरणा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डलेश्वर को मण्डलेश्वर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कुमुदबाला बरणा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. A- 3221-दो- 2-13-2005.- श्री नवल किशोर गर्ग , प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को दिनांक 8 दिसम्बर 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री नवल किशोर गर्ग, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री नवल किशोर गर्ग, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

जबलपुर, 27 नवम्बर 2011

क्र. A - 3223- दो - 2-13-2005.- श्री नवल किशोर गर्ग , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को दिनांक 22 दिसम्बर 2011 से दिनांक 25 दिसम्बर 2011 तक चार दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 26 दिसम्बर 2011 से दिनांक 31 दिसम्बर 2011 तक छः दिन का शीतकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 1 जनवरी 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री नवल किशोर गर्ग , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित /शीतकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री नवल किशोर गर्ग , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

जबलपुर, दिनांक 27 दिसम्बर 2011

क्र. A- 3225-दो-2-41-2011.- श्री अनिल ठाकरे , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को दिनांक 19 दिसम्बर 2011 से दिनांक 25 दिसम्बर 2011 तक सात दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 26 दिसम्बर 2011 से दिनांक 28 दिसम्बर 2011 तक तीन दिन का शीतकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 18 दिसम्बर 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री अनिल ठाकरे, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को जबलपुर पुन पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित/शीतकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री अनिल ठाकरे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. A - 3227- दो- 3-65-2002.- श्री अशोक कुमार जैन , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को दिनांक 1 दिसम्बर 2011 से दिनांक 3 दिसम्बर 2011 तक दोनों दिन 234

सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 4 दिसम्बर 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री अशोक कुमार जैन , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री अशोक कुमार जैन, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. A- 3229-दो- 2-40-2009.- श्रीमती कुमुदबाला बरणा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मण्डलेश्वर को दिनांक 26 दिसम्बर 2011 से दिनांक 27 दिसम्बर 2011 तक दो दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 28 दिसम्बर 2011 से दिनांक 31 दिसम्बर 2011 तक चार दिन अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 25 दिसम्बर 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 1 जनवरी 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती कुमुदबाला बरणा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डलेश्वर को मण्डलेश्वर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाश/शीतकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कुमुदबाला बरणा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. A- 3231- दो-2-19-2008 .- श्री एन . के. शुक्ला, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, होशंगाबाद को दिनांक 26 दिसम्बर 2011 से दिनांक 28 दिसम्बर 2011 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 29 दिसम्बर 2011 से दिनांक 31 दिसम्बर 2011 तक तीन दिन शीतकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 25 दिसम्बर 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

1 जनवरी 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री एन. के. शुक्ला, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , होशंगाबाद को होशंगाबाद पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाश/शीतकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एन . के. शुक्ला, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

जबलपुर, दिनांक 28 दिसम्बर 2011

क्र. C- 10993- दो-2-5-2006.- श्रीमती जयश्री वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शाजापुर को दिनांक 26 दिसम्बर 2011 से दिनांक 28 दिसम्बर 2011 तक तीन दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 29 से 30 दिसम्बर 2011 तक दो दिन अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती जयश्री वर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शाजापुर को शाजापुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाश/शीतकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती जयश्री वर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहीं .

माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, एस. के. साहा, रजिस्ट्रार.

जबलपुर, दिनांक 3 जनवरी 2012

क्र. 03-गोपनीय- 2012- दो- 3-1-2012 ( भाग - ए).- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लिखित भाग 1 ]

235

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लिखित न्यायालय में , उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है: -

सारणी

क्रमांक अधिकारी का नाम

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (1)

(2)

(3) 1.

बारहवें व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , इन्दौर की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

श्री आलोक कुमार मिश्रा , पन्द्रहवें व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , इन्दौर.

2.

अष्टम् व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 , जबलपुर की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

श्री सुनील मिश्रा, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , जबलपुर.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, सुभाष काकडे , रजिस्ट्रार जनरल .

जबलपुर, दिनांक 3 जनवरी 2012

क्र. C- 48-दो- 3-16-07 .- श्री व्ही. बी. सिंह, बजट अधिकारी/ एडिशनल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, खण्डपीठ, ग्वालियर को दिनांक 26 से 31 दिसम्बर 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके छः दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 25 दिसम्बर 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 1 जनवरी 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री व्ही . बी. सिंह , बजट अधिकारी/ एडिशनल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, खण्डपीठ, ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .

प्रमाणित किया जाता है कि श्री व्ही. बी. सिंह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो बजट अधिकारी/ एडिशनल रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत रहते .

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, एस. के . साहा, रजिस्ट्रार.

जबलपुर, दिनांक 2 जनवरी 2012

क्र. 01 - गोपनीय - 2012- दो- 3-125-2012.- कुमारी मोनिका शाक्य , बीसवें व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , भोपाल का विवाह श्री हिमांशु आध्या के साथ होने के फलस्वरूप , उनकी प्रार्थनानुसार उनका नाम " कुमारी मोनिका शाक्य " के स्थान पर " श्रीमती मोनिका आध्या " पति श्री हिमांशु आध्या परिवर्तित करने की एतद्वारा अनुमति प्रदान की जाती है . उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका परिवर्तित नाम अंकित किया जावे .

आदेशानुसार,

सुभाष काकडे , रजिस्ट्रार जनरल.

जबलपुर, दिनांक 6 जनवरी 2012

क्र. बी- 47- तीन-6-6-64 ( भाग चार ) शुद्धि- पत्र. - उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर, एतद्वारा अपने अधिसूचना क्रमांक बी -3216, दिनांक 15 दिसम्बर 2011 में निम्नलिखित शुद्धि- पत्र जारी करता है:-

" उक्त अधिसूचना में " द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 ", के स्थान पर " अष्टम् व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 " पढ़ा जावे. ".

क्र. बी-47-तीन-6-6-64- भाग - चार ) CORRIGENDUM.- The High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur hereby issues following Corrigendum in respect of its Notification No. B - 3216 , dated 15th December -2011 :-- "In the said Notification the word "VIIIth Civil Judge Class - I" in place of " IInd Civil Judge Class - I " be read." .

अभय कुमार, रजिस्ट्रार (डीई ) .

236

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 जनवरी 2012

[ भाग 1

HIGH COURT OF MADHYA PRADESH , JABALPUR

Jabalpur , dated 5th January 2012

No. B - 13-1-7-3-2011- ( Part- I ) . The following list of Holidays and Vacation for the Subordinate Civil Court during the Year 2012 prepared by the High Court and approved by the State Government as required by Section 21 of the Madhya Pradesh Civil Courts Act , 1958 , is hereby published for general information :-

Name of Holidays (2)

Sr. No. (1)

Dates as per Gregorian

Calendar

(3)

1. Republic Day

2. Mahashivratri

3. Holi (Dhuredi )

4.

Gudi Padwa

Days of Week (4)

26-01-2012

Thursday

20-02-2012

Monday

08-03-2012

Thursday

23-03-2012

5.

Ramnavmi

Friday

31-03-2012

6. Mahaveer Jayanti 7. Good Friday

8. Raksha Bandhan 9. Janmashtmi

10. Independence Day 11.

Id-UL - Fitar

12. Ganesh Chaturthi 13.

Saturday

05-04-2012

Thursday

06-04-2012

Friday

02-08-2012

Thursday

10-08-2012

Friday

15-08-2012

Wednesday

20-08-2012

Monday

19-09-2012

Wednesday

02-10-2012

Gandhi Jayanti

14. Sarvapitramoksha

Amavasya.

15. Dussehra (24-10-2012)

Mahaashtmi

Mahanavmi 16. ID UL Zuha

17. Deepawali ( 13-11-2012) 18. Gurunanak Jayanti 19 . Christmas Day

Total : 26 Days

NOTES :-

Tuesday

15-10-2012

Monday

22-10-2012

Monday

23-10-2012

Tuesday

24-10-2012

Wednesday

25-10-2012

Thursday

26-10-2012

Friday

27-10-2012

Saturday

12-11-2012

Monday

13-11-2012

Tuesday

14-11-2012

Wednesday

15-11-2012

Thursday

28-11-2012

Wednesday

25-12-2012

Tuesday

1. Makar Sankranti dated 15-1-2012, Id- Milad Un - Nabi dated 5-2-2012 , Buddh Purnima dated 6-5-2012 , Moharrum dated 25-11-2012 falls on Sunday & Dr. Ambedkar Jayanti /Baisakhi dated 14-4-2012 , falls on closed Saturday therefore these holidays are not declared separately.

2. Saturdays falling on 14th January, 11th February, 10th March , 14th April , 12th May, 9th June , 14th July, 11th August , 8th September, 13th October, 10th November , 8th December will be closed Saturdays for Subordinate Courts .

3. Summer Vacation of Subordinate Courts shall be from 21st May 2012 to 15th June , 2012 and Winter Vacation from 24th December 2012 to 31st December , 2012 .

4. Subordinate Courts will not observe the holidays declared or changed suddenly by the State Government/ Competent Authority without approval of High Court .

5. The District Judge of the concerned district shall declare three local holidays declared by the Collector/ Commissioner of the concerned District or Tehsil without approval of the High Court under intimation to this Registry.

The Saturday of every month ( except Second Saturday ) shall be utilized by the Subordinate Court as per the Registry Memo No. B - 2380 - III- 6-8-85 Pt - II dt . 26-5-2010 .

SUBHASH KAKADE , Registrar General .

भाग 1 ]

237

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 जनवरी 2012

TENTATIVE CALENDAR OF SUBORDINATE COURT OF THE STATE OF MADHYA PRADESH FOR THE YEAR 2012

JANUARY

FEBRUARY

Days

SUN . 1 8 15 22 29 ΜΟΝ . 2 9 16 23 30 TUE . 3 10 17 24 31

11 18 25

1 WED. 4

2 THU . 5 12 19 26

13 20 27

FRI . 6

MARCH

25

4 11 18 5 12 19 26

5 12 19 26 6 13 20 27

7 14 21 28

20 27

6 13

22 29

8 15

7 14 21 28 23

9 16

1

22 29

815

10 17

3 SAT .

24

2

23 30

9 16

18 25

4 11

7 14 21 28

APRIL

Days

SUN . 1 8 15 22 29 ΜΟΝ. 2 9 16 23 30

1 TUE . 3 10 17 24

2 WED.

11 18 25

4

THU . 5 12 19 26

3 FRI . 6 13 20 27

4 SAT . 714 21 28

3 10 17 24 31 MAY

JUNE

6 13 20 27

3 10 17 24 7 14 21 28

4 11 18 25 8 15 22 29

19 26

5 12

16 23 30

9

20 27

6 13

21 28

10 17 24 31

7 14

11 18 25

1

15 22 29

8

2

16 23 30

9

512

19 26

AUGUST

JULY

Days

SUN . 1

15 22 29

8

16 23 30 MON . 2 9

10 17 24 31

SEPTEMBER 12 19 26 30 2

5

23

916 13 20 27

6

17 24

3 10

28

7 14 21

TUE . 3

11 18 25

1 WED. 4

2

12 19 26

THU . 5

13 20 27

FRI . 6

3 SAT .

4 71421 28

OCTOBER

18 25

4 11

15 22 29

8

19 26

5 12

23 30

9 16

6 13 20 27

10 17 24 31

21 28

7 14

11 18 25

22 29

15

1/8

DECEMBER

NOVEMBER

Days

SUN .

7 14 21 28 MON. 1 8 15 22 29 TUE . 2 9 16 23 30

10 17 24 31 WED . 3

11 18 25

THU . 4

1 FRI . 5 12 19 (26)

30 2

16 23

9

11 18 25

4

19 26

10 17 24 5 12

31 3

11 18 25 20 27

4

6 (13

19 26

5 12

14 21 28

7

20 27

6 13

15 22 29

8

30

14 21 28

2 9 16 23

SAT .

20 27

6 13

7

17 24

310

Sundays & Holidays

Closed Saturday for Registry

Vacation

18 15 22 29

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 20 January 2012. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2012-01-20.03.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2012-01-20.03.Ordinary.