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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 27 January 2012

Type
Ordinary
Gazette no.
04
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2012-01-27.04.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदेश शासन

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 4]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 27 जनवरी 2012- माघ 7, शक 1933

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट .

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.-( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख ) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद् के अधिनियम,

( ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 4 जनवरी 2012

क्र. ई - 1-03-2012-5- एक. श्री व्ही. सी. सेमवाल, भाप्रसे ( 1985 ) , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पर्यटन , संस्कृति संसदीय कार्य विभाग तथा ट्रस्टी सचिव , भारत भवन को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ आगामी आदेश तक आयुक्त, पर्यटन मध्यप्रदेश का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.

(2 ) श्री हरिरंजन , राव, भाप्रसे ( 1994 ) , आयुक्त, पर्यटन मध्यप्रदेश तथा सचिव , मुख्यमंत्री एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम की सेवाएं अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रानिक्स

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विकास निगम के पद पर नियुक्ति के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को सौंपी जाती है . श्री राव सचिव, मुख्यमंत्री का प्रभार पूर्ववत संपादित करते रहेंगे तथा उन्हें सचिव, मध्यप्रदेश , सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का प्रभार भी सौंपा जाता है.

(3 ) राज्य शासन भाप्रसे (वेतन ) नियमावली, 2007 के नियम 9 के अन्तर्गत प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में ऊपर दर्शित नियमों की अनुसूची-2 में सम्मिलित सचिव, मध्यप्रदेश शासन के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है.

क्र. ई - 1-422-2011-5- एक. श्रीमती आभा अस्थाना , भाप्रसे (1977 ) , महानिदेशक, आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ आगामी आदेश तक, महानिदेशक अटल बिहारी वाजपेयी लोक प्रशासन संस्थान तथा नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2012.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

पदेन अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग (विधिक एवं सतर्कता प्रकोष्ठ ) का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.

(2 ) श्री इकबाल सिंह बैंस , भाप्रसे ( 1985 ) , पर्यावरण आयुक्त तथा पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग , लोक सेवा प्रबंधन विभाग एवं महानिदेशक एप्को तथा प्रशासक, राजधानी परियोजना प्रशासन को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ आगामी आदेश तक महानिदेशक स्कूल ऑफ गुड गवर्नेस का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.

भोपाल , दिनांक 5 जनवरी 2012

क्र. ई - 5-372 - आयएएस- लीव- एक- 5.- ( 1 ) डॉ. पुखराज मारू, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, श्रम विभाग को दिनांक 16 से 20 जनवरी 2012 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 14 , 15 एवं 21 , 22 जनवरी 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोडने की अनुमति दी जाती है .

( 2 ) डॉ. पुखराज मारू की अवकाश की अवधि में श्री संजय सिंह, आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, श्रम विभाग का प्रभार सौंपा जाता है.

( 3 ) अवकाश से लौटने पर डॉ. पुखराज मारू को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, श्रम विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) डॉ. पुखराज मारू द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, श्रम विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री संजय सिंह , श्रम विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे.

( 5 ) अवकाशकाल में डॉ. पुखराज मारू को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. पुखराज मारू अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भोपाल , दिनांक 6 जनवरी 2012

क्र. ई - 5-747 - आयएएस लीव - एक 5.- ( 1 ) डॉ. ( श्रीमती ) वीणा घाणेकर, आयएएस. , सचिव , मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग को दिनांक 7 से 10 जनवरी 2012 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

[भाग 1 (2) अवकाश से लौटने पर डॉ. ( श्रीमती ) वीणा घाणेकर को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव , मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

( 3 ) अवकाशकाल में डॉ. ( श्रीमती ) वीणा घाणेकर को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. ( श्रीमती ) वीणा घाणेकर अवकाश पर नहीं जाती तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

भोपाल , दिनांक 7 जनवरी 2012

क्र. ई- 5-702 - आयएएस लीव एक- 5.- ( 1 ) श्री प्रदीप खरे, आयएएस. , कमिश्नर, शहडोल संभाग , शहडोल को दिनांक 23 से 30 जनवरी 2012 तक, आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 21 , 22 जनवरी 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2 ) श्री प्रदीप खरे की अवकाश की अवधि में श्री टी. धर्माराव , आयएएस. , कमिश्नर , रीवा संभाग , रीवा को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कमिश्नर शहडोल संभाग , शहडोल का प्रभार सौंपा जाता है .

(3) अवकाश से लौटने पर श्री प्रदीप खरे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कमिश्नर शहडोल संभाग , शहडोल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) श्री प्रदीप खरे द्वारा कमिश्नर शहडोल संभाग , शहडोल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री टी. धर्माराव , कमिश्नर शहडोल संभाग, शहडोल के प्रभार से मुक्त होंगे .

( 5) अवकाशकाल में श्री प्रदीप खरे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रदीप खरे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई- 5-739 - आयएएस- लीव - एक- 5.- ( 1 ) श्री हीरालाल त्रिवेदी, आयएएस. , प्रमुख राजस्व आयुक्त तथा नियंत्रक, शासन मुद्रण एवं लेखन सामग्री , भोपाल को दिनांक 9 से 16 जनवरी 2012 तक, आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 8 जनवरी 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

( 2 ) श्री हीरालाल त्रिवेदी की अवकाश अवधि में श्री मनीष श्रीवास्तव , आयएएस. , सचिव , परिवहन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम भोपाल को अपने वर्तमान भाग 1 ]

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, प्रमुख राजस्व आयुक्त तथा नियंत्रक, शासन मुद्रण एवं लेखन सामग्री , भोपाल का प्रभार तात्कालकि रूप से सौंपा जाता है .

(3) अवकाश से लौटने पर श्री हीरालाल त्रिवेदी को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख राजस्व आयुक्त, तथा नियंत्रक, शासन मुद्रण एवं लेखन सामग्री, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) श्री हीरालाल त्रिवेदी द्वारा प्रमुख राजस्व आयुक्त तथा नियंत्रक, शासन मुद्रण एवं लेखन सामग्री, भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री मनीष श्रीवास्तव, प्रमुख राजस्व आयुक्त तथा नियंत्रक, शासन मुद्रण एवं लेखन सामग्री , भोपाल के प्रभार से मुक्त होंगे .

( 5) अवकाशकाल में श्री हीरालाल त्रिवेदी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री हीरालाल त्रिवेदी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 9 जनवरी 2012

क्र. ई - 5-878 - आयएएस- लीव- एक- 5.- ( 1 ) श्री श्रीकांत बानोट, आयएएस . , सहायक कलेक्टर, जिला इन्दौर को दिनांक 29 दिसम्बर 2011 से 13 जनवरी 2012 तक सोलह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ 14, 15 जनवरी 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री श्रीकांत बानोट को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सहायक कलेक्टर, जिला इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री श्रीकांत बानोट को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री श्रीकांत बानोट अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई- 5-864 - आयएएस- लीव - एक- 5.- ( 1 ) श्री विशेष गढ़पाले , आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , जबलपुर को दिनांक 16 से 31 जनवरी 2012 तक, सोलह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) श्री विशेष गढपाले की अवकाश अवधि में श्री अमित तोमर, आयएएस. , अनुविभागीय अधिकारी , सिहोरा को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, जलबपुर का प्रभार सौंपा जाता है.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री विशेष गढ़पाले को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , जबलपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) श्री विशेष गढपाले द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, जबलपुर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अमित तोमर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, जबलपुर के प्रभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में श्री विशेष गढ़पाले को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री विशेष गढपाले अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भोपाल , दिनांक 10 जनवरी 2012

क्र. ई- 1-7-2012-5-एक. श्री डी.पी. अहिरवार, भाप्रसे (1995 ) , सचिव मध्यप्रदेश शासन, आदिम जाति कल्याण विभाग तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ -साथ आगामी आदेश तक सचिव, मध्यप्रदेश शासन , विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्धघुमक्कड़ जाति कल्याण विभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.

(2 ) डॉ. एम. मोहन राव, भाप्रसे ( 1987 ) वि.क.अ. सह- आयुक्त, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री के.सी. गुप्ता, भाप्रसे ( 1992 ) , आयुक्त- सह- संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश को सौंपा गया है , उक्त आदेश के अनुक्रम में अब श्री गुप्ता को आयुक्त- सह- संचालक, विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्धघुमक्कड़ जाति विकास का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा जाता है.

क्र. ई -5-849 - आयएएस लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री सी. बी. सिंह , आयएएस. , कलेक्टर, जिला विदिशा को दिनांक 27 से 31 जनवरी 2012 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

( 2) श्री सी. बी. सिंह की अवकाश अवधि में श्री शशिभूषण सिंह, राप्रसे ( 93 ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, विदिशा को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला विदिशा का प्रभार सौपा जाता है.

( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री सी. बी. सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला विदिशा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

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[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

(4 ) श्री सी. बी. सिंह द्वारा कलेक्टर, जिला विदिशा का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री शशिभूषण सिंह, कलेक्टर, जिला विदिशा के प्रभार से मुक्तहोंगे.

( 5 ) अवकाशकाल में श्री सी. बी. सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री सी. बी. सिंह, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 11 जनवरी 2012

क्र. ई. 5-463 - आयएएस लीव एक- 5.-( 1 ) श्री आर. के. स्वाई , आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग को दिनांक 5 से 13 जनवरी 2012 तक, नौ दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 14, 15 जनवरी 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. स्वाई को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में श्री आर. के. स्वाई को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आर. के . स्वाई, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भोपाल, दिनांक 12 जनवरी 2012

क्र. ई. 5-97 - आयएएस- लीव - एक- 5.- श्रीमती रंजना चौधरी , आयएएस . , अध्यक्ष, व्यवसायिक परीक्षा मण्डल, भोपाल को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 22 नवम्बर 2011 द्वारा दिनांक 22 नवम्बर 2011 से 4 जनवरी 2012 तक, चवालीस दिन के स्वीकृत एक्स - इंडिया अर्जित अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 5 से 19 जनवरी 2012 तक, पन्द्रह दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 22 नवम्बर 2011 एवं दिनांक 14 दिसम्बर 2011 की शेष कंडिकाऐं यथावत् रहेंगी.

श्री योगेन्द्र क्र. ई . 5-822 - आयएएस लीव- 5- एक.- ( 1 ) शर्मा , आयएएस. , आयुक्त, नगर निगम, इन्दौर को दिनांक 29 दिसम्बर 2011 से 5 जनवरी 2012 तक, आठ दिन का एवं एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री योगेन्द्र शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, नगर निगम , इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री योगेन्द्र शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री योगेन्द्र शर्मा, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 13 जनवरी 2012

क्र. ई - 1-10-2012-5- एक. श्रीमती रजनी उइके, भाप्रसे (1999 ) , उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , महिला एवं बाल विकास विभाग पदस्थ किया जाता है तथा उन्हें अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ सचिव, मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.

क्र. ई - 5-859 - आयएएस- लीव- 5 - एक. - ( 1 ) श्री भरत यादव , आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , नरसिंहपुर कोदिनांक 23 जनवरी से 4 फरवरी 2012 तक, तेरह दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 21 , 22 जनवरी 2012 एवं 5 फरवरी 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

( 2) श्री भरत यादव की अवकाश अवधि में श्री आर. आर . बाथम, अपर कलेक्टर , नरसिंहपुर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत , नरसिंहपुर का प्रभार सौपा जाता है.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री भरत यादव को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, नरसिंहपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) श्री भरत यादव द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, नरसिंहपुर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री आर. आर. बाथम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, नरसिंहपुर के प्रभार से मुक्त होंगे .

भाग 1 ]

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 जनवरी 2012

(5 ) अवकाशकाल में श्री भरत यादव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री भरत यादव अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

भोपाल , दिनांक 7 जनवरी 2012

क्र. ई . 5-410- आयएएस लीव-5- एक. - ( 1 ) श्री राकेश अग्रवाल, आयएएस. , संचालक, आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 28 नवम्बर 2011 के द्वारा दिनांक 14 से 24 दिसम्बर 2011 तक, ग्यारह दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 25 से 26 दिसम्बर 2011 तक, दो दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 28 नवम्बर 2011 एवं 13 दिसम्बर 2011 की शेष कंडिकाऐं यथावत् रहेंगी .

भोपाल, दिनांक 9 जनवरी 2012

क्र. ई . 5-369- आयएएस लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री अॅन्टोनी जे.सी. डिसा, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा परिवहन विभाग को दिनांक 24 से 28 दिसम्बर 2011 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .

( 2) अवकाश से लौटने पर श्री अॅन्टोनी जे.सी. डिसा को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा परिवहन विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री अॅन्टोनी जे.सी. डिसा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अॅन्टोनी जे.सी. डिसा, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई- 5-393 - आयएएस लीव - 5- एक. श्री प्रसन्न कुमार दाश, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 23 नवम्बर 2011 द्वारा दिनांक 19 से 31 दिसम्बर 2011 तक, तेरह दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश का उपभोग नहीं किये जाने के कारण एतद्वारा निरस्त किया जाता है .

क्र. ई- 5-478 - आयएएस- लीव- 5 - एक. श्री अनिल श्रीवास्तव , आयएएस . , आयुक्त, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, मध्यप्रदेश एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 21 दिसम्बर 2011 द्वारा दिनांक 26 से 29 दिसम्बर 2011 तक, चार दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश का उपभोग नहीं किये जाने के कारण एतद्वारा निरस्त किया जाता है .

क्र. ई. 5-817 - आयएएस लीव- 5- एक.- श्री राहुल जैन, आयएएस. , कलेक्टर, जिला छतरपुर को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 28 नवम्बर 2011 द्वारा दिनांक 12 से 20 दिसम्बर 2011 तक, नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 10 , 11 दिसम्बर 2011 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की कार्योत्तर अनुमति दी जाती है.

( 2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 28 नवम्बर 2011 की शेष कंडिकाएं यथावत् रहेंगी .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एस. तोमर, अवर सचिव " कार्मिक ".

चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 11 जनवरी 2012

क्र. एफ- 2-99-2011-1- पचपन.- राज्य शासन एतद्वारा , डॉ. आर . के. चौरसिया , अस्थिरोग विशेषज्ञ , प्रथम श्रेणी लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग , वर्तमान में रजिस्ट्रार , मध्यप्रदेश- सह- चिकित्सीय परिषद्, भोपाल को मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय , जबलपुर के कुल सचिव ( रजिस्ट्रार ) , के पद पर प्रतिनियुक्ति पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 02 वर्ष की अवधि के लिये पदस्थ करता है. आगामी आदेश तक डॉ. आर. के. चौरसिया के पास रजिस्ट्रार, मध्यप्रदेश- सह- चिकित्सीय परिषद्, भोपाल के पद का प्रभार अतिरिक्त रूप से रहेगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अस्मिता भागवत , अवर सचिव.

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[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

श्रम विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 10 जनवरी 2012

क्र. एफ 06-1-2012-A-सोलह मध्यप्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम, 1960 ( 27 सन् 1960 ) की धारा 43 की उपधारा ( 5 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा, यह अधिसूचित करता है कि पीथमपुर जिला धार के स्थानीय समाधानकर्ता मान एल्युमिनियम मजदूर संघ , पीथमपुर, जिला धार एवं मान एल्युमिनियम लिमिटेड, पीथमपुर के मध्य औद्योगिक विवाद में सम्मिलित और नीचे दी गई अनुसूची में उल्लिखित औद्योगिक विषयों के संबंध में कोई समझौता नहीं हो सका.

" अनुसूची" औद्योगिक विवाद क्रमांक 1 /एम.पी.आई.आर./ 11 No. F 6-1-2012 - A - XVI . In exercise of the powers conferred by sub- section (5) of Section 43 of the Madhya Pradesh Industrial Relations Act , 1960 (27 of 1960) the State Government hereby notify that no settlement was arrived at in the Industrial Dispute between Man Aluminium Mazdoor Sangh , Pithampur , District Dhar and Man Aluminium Ltd. , Pithampur , District Dhar in regard to the Industrial matter included therein and specified in the Schedule below referred to the Conciliator for the Local area of Pithampur District Dhar .

SCHEDULE Industrial Dispute No. 1 / MPIR/ 11 भोपाल , दिनांक 11 जनवरी 2012

क्र. एफ 9-2-2008- ब- सोलह कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 , ( 34 सन् 1948 ) की धारा 87 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , इस विभाग कीअधिसूचना क्रमांक एफ. 9-2-99- ब- सोलह, दिनांक 5 फरवरी, 2007 के अनुक्रम में इंडियन कॉफी वर्क्स को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, जबलपुर को उक्त अधिनियम के प्रावधानों से, दिनांक 1 अक्टूबर 2011 से 30 सितम्बर 2012 तक की अवधि के लिये इस शर्त पर छूट प्रदान करता है कि आवेदक पूर्व से विद्यमान् चिकित्सकीय सुविधाओं का स्तर पूर्ववत् रखेगा तथा यथासंभव उसे उन्नत करेगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

जी. पी. कबीरपंथी, अपर सचिव.

भोपाल , दिनांक 10 जनवरी 2012

क्र. F 6-1-2012 -A- सोलह चूंकि, मान एल्युमिनियम लिमिटेड, पीथमपुर , जिला धार के सेवानियुक्त जिनका प्रतिनिधित्व मान एल्युमिनियम मजदूर संघ , पीथमपुर द्वारा किया जा रहा है एवं सेवानियोजक कारखाना प्रबंधक, मान एल्युमिनियम लिमिटेड, पीथमपुर, जिला धार के मध्य औद्योगिक विवाद विद्यमान है.

और, चूंकि, राज्य शासन को यह संतुष्टि हो चुकी है कि विद्यमान औद्योगिक विवाद को औद्योगिक न्यायालय को पंचनिर्णयार्थ सन्दर्भ किये जाने के अतिरिक्त अन्य किसी तरीके से हल संभव नहीं है.

अतएव, मध्यप्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम, 1960 ( क्रमांक 27 सन् 1960 ) की धारा 51 की उपधारा ( 1 ) में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , उक्त विवाद को अनुसूची में निर्दिष्ट विवरण में निहित विषयों के अनुरूप औद्योगिक न्यायालय , मध्यप्रदेश इन्दौर को पंचनिर्णयार्थ सन्दर्भित करता है : -

अनुसूची

1. क्या संस्थान में श्रमिकों के मूल वेतन व मंहगाई भत्ते में वृद्धि किये जाने का औचित्य है ? यदि हां तो उसकी क्या योजना होना चाहिए?

2. क्या श्रमिकों को एक वर्ष में सेफ्टी शूज एवं दो जोड़ी ड्रेस दिये जाने का औचित्य है ?

3. क्या पुराने श्रमिकों को वरिष्ठता के आधार पर वेतन बढ़ाये जाने का औचित्य है ?

4. क्या कार्यरत श्रमिकों को मासिक मकान किराया दिये जाने का औचित्य है ? यदि हां तो उसकी क्या योजना होना चाहिए ?

5. क्या कार्यरत श्रमिकों को कंपनी आने- जाने के लिये बस सुविधा दिये जाने अथवा मासिक वाहन किराया दिये जाने का औचित्य है ? यदि हां तो उसकी क्या योजना होना चाहिए ?

6. क्या कार्यरत श्रमिकों के गत वर्ष 10 दिन का वेतन काटा जाना औचित्यपूर्ण है ?

7. क्या कार्यरत श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा हेतु शिक्षा भत्ता दिये जाने का औचित्य है ? यदि हां तो उसकी क्या योजना होना चाहिये ?

8. क्या एक्सीडेन्ट होने पर प्राथमिक उपचार एवं एम्बुलेंस उपलब्ध करना औचित्यपूर्ण है ?

भाग 1 ]

245

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

9. क्या कार्यरत श्रमिकों को हीट अलाउन्स, हाजरी अलाउन्स दिये जाने का औचित्य है ? यदि हां तो उसकी क्या योजना होना चाहिये ?

10. क्या कार्यरत श्रमिकों को वर्ष में 2 बार गृहनगर तक आने- जाने का किराया देने का औचित्य है ? यदि हां तो उसकी क्या योजना होना चाहिये ?

11. क्या रात्रि में कार्य करने वाले श्रमिकों को नाईट अलाउन्स दिये जाने का औचित्य है ? यदि हां तो कितना होना चाहिये ?

12. क्या कंपनी में जो भी कैजुअल वर्कर 6 माह से अधिक समय से कार्यरत हैं उन्हें नियमित कर स्थायी किया जाना औचित्यपूर्ण है ? एवं उपरोक्त मांगों के संबंध में नियोजक को क्या निर्देश दिये जाना चाहिये?

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पद्मा रोकड़े , अवर सचिव.

वित्त विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 12 जनवरी 2012

क्र. प्राविवि-उशिगायो- 9- संविसं- 2012-109.- राज्य शासन द्वारा उच्च शिक्षा ऋण हेतु गारंटी योजना लागू की गई है. उक्त योजना की कण्डिका क्र. 4 एवं 6.7.1 को संशोधित करते हुए, निम्नानुसार प्रतिस्थापित किया जाता है , अर्थात्:-

कंडिका क्र. 4 - लाभार्थी- मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा ऋण हेतु गारंटी योजना के अन्तर्गत ऐसे विद्यार्थी पात्र होंगे जिनके पारिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय रुपये 5 लाख से अधिक नहीं है . संबंधित विद्यार्थी के माता - पिता/पालक को यह शपथ - पत्र देना होगा कि उनके पास कॉलेटरल सिक्यूरिटी हेतु पर्याप्त आस्तियों नहीं है तथा उसके पास उपलब्ध आस्तियों का विवरण शपथ- पत्र के साथ संलग्न करने होंगे.

कंडिका क्र. 6.7.1-विद्यार्थी द्वारा चयनित पाठ्यक्रम हेतु किसी भी निजी विश्वविद्यालय/महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाले वर्ष के दौरान ऐसे विद्यार्थी ही पात्र होंगे जिनके द्वारा उस वर्ष हेतु प्रदेश के समस्त शासकीय महाविद्यालयों हेतु वर्गवार निर्धारित कुल सीट की पांच गुना संख्या तक स्थान मेरिट सूची में हासिल किया हो . राज्य के बाहर तथा विदेश में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा . यह प्रतिबंध निजी चिकित्सा महाविद्यालय/ विश्वबिद्यालय में एम.बी.बी.एस./एम.डी. /एम.एस./डी.एम./ स.सी.एच. /बी.डी.एस./एम.डी.एस. में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी पर भी लागू नहीं होगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एन. मिश्रा , सचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 13 जनवरी 2012

फा. क्र. 17 ( ई ) 2-2002- इक्कीस ब( एक ) . - राज्य शासन, उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी , श्री महेश प्रसाद अवस्थी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छिन्दवाड़ा की सेवाएं, अध्यक्ष , मध्यप्रदेश राज्य परिवहन अपीलीय अधिकरण , ग्वालियर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, अस्थायी रूप से , आगामी आदेश होने तक, एतद्वारा , मध्यप्रदेश शासन , परिवहन विभाग को सौंपता है.

फा. क्र . 1 ( अ ) 3-03- इक्कीस ब( दो ) .- राज्य शासन, निम्नलिखित अधिवक्ताओं को महाधिवक्ता कार्यालय , जबलपुर में उनके नाम के समक्ष दर्शाये गये पद एवं निश्चित् मासिक पारिश्रमिक पर महाधिवक्ता के परामर्श से उच्च न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी करने के लिए आदेश जारी होने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त करता है . उक्त अवधि में दोनों पक्ष एक माह का नोटिस देकर यह संविदा समाप्त करने के लिए स्वतंत्र होंगे :-

महाधिवक्ता कार्यालय , जबलपुर

पदनाम

क्र. अधिवक्ता का नाम

पारिश्रमिक प्रतिमाह

(4) (2)

(3)

(1)

1 श्री वेयंकटेश प्रसाद पाण्डेय

17,000/ -

उप शास . अधिवक्ता.

17,000/- 2 श्री जयदीप सिंह

उप शास. अधिवक्ता.

इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 29-2014 न्याय प्रशासन ( 14 ) कानूनी सलाहकार और परिषद् ( 3428 ) महाधिवक्ता- 01-वेतन 001- अधिकारियों वेतन के अंतर्गत विकलनीय होगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. डी. खान , प्रमुख सचिव.

246

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

खनिज विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 16 जनवरी 2012

क्र. एफ 19-26-2011- बारह - 2.- मध्यप्रदेश खनिज ( अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण ) नियम, 2006 के नियम 6 के उपनियम ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , रेत के अवैध उत्खनन , परिवहन, अतिभारण तथा रायल्टी के अपवंचन की जांच हेतु मध्यप्रदेश के कटनी जिले में निम्नलिखित स्थानों पर जांच चौकी स्थापित करती है : - 1. कटनी बसाड़ी मार्ग पर मझगंवा ग्राम तिराहे पर 2. बरही- मैहर मार्ग पर बरही से 2 किलोमीटर पर 3. बरही इन्दावर तहसील मार्ग पर बटुखाह रेत खदान की ओर इन्दावर पुलिस थाना से 1/2 किलोमीटर पर.

इन जांच चौकियों की स्थापना करने संबंधी समस्त प्रशासकीय व्यय मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड द्वारा वहन किए जाएंगे .

F -19-26-2011 - XII - 2 . In exercise of the powers conferred by sub rule ( 1 ) of rule 6 of the Madhya Pradesh Mineral ( Prevention of Illegal Mining , Transportation and Storage ) Rules , 2006 , the State Government , hereby , establish Check Posts on the following places in Katni district of Madhya Pradesh of checking of illegal extraction , transportation , overloading and evasion of royalty of sand.

1. At Majhgwan village Tiraha on Katni - Basadi road.

2. At2 Kilometer from Barahi on Barahi Maihar road.

3. At 1/2 Kilometer from Indawar Police Station towards Baturwah sand quarry on Barahi Indawar Tehsil road .

All administrative expenditures related to establish these check posts shall be borne by Madhya Pradesh State Mining Corporation Limited .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अरूण कुमार तोमर , उपसचिव.

[ भाग 1

राजस्व विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 23 जनवरी 2012

क्र. एफ 02-03-2012- सात-6.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 ( क्रमांक 20 सन् 1959 ) की धारा 24 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , उक्त संहिता की धारा 146 और 147 के अधीन तहसीलदार की शक्तियां, सहायक श्रम आयुक्त तथा श्रम अधिकारियों को, उनकी अपनी- अपनी अधिकारिता के भीतर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 ( 1996 का 28 ) के अधीन समस्त शोध्यों की वसूली के लिए प्रदान करती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक गुप्ता, अपर सचिव.

भोपाल, दिनांक 23 जनवरी 2012

पृ. क्र. 2-3-2012 - सात- 6.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में , इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ 2-3-2012 - सात-6, दिनांक 23 जनवरी 2012 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक गुप्ता, अपर सचिव.

Bhopal , the 23rd January 2012

No.F - 2-3-2012 - VII - 6.-In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 24 of the Madhya Pradesh Land Revenue Code , 1959 ( No. 20 of 1959) , the State Government , hereby , confers the power of the Tehsildar under Section 146 and 147 of the said Code , on Assistant Labour Commissioner and Labour Officers , within their respective Jurisdiction for recorvery of all dues under the Building and Other Construction Workers Welfare Cess Act, 1996 (No. 28 of 1996) .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , ASHOK GUPTA , Addl . Secy.

भाग 1 ]

247

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

विभाग प्रमुखों के आदेश

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन"

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल, मध्यप्रदेश

आदेश

भोपाल , दिनांक 12 जनवरी 2012

क्र. एफ. 67-162-10-तीन- 59.-मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम, अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम, अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा .

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम, बुरहानपुर जिला बुरहानपुर के आम निर्वाचन में श्रीमती नाजिमा बानो पति मो. अकिल , महापौर पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, श्रीमती नाजिमा बानो पति मो. अकिल को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , बुरहानपुर के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , बुरहानपुर के पत्र दिनांक 15 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती नाजिमा बानो पति मो. अकिल द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती नाजिमा बानो पति मो. अकिल को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 9 अगस्त 2011 को जारी कर , उप जिला निर्वाचन अधिकारी, बुरहानपुर के माध्यम से दिनांक 25 अगस्त 2011 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में श्रीमती नाजिमा बानो पति मो. अकिल से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्रीमती नाजिमा बानो पति मो. अकिल को नोटिस दिनांक 25 अगस्त 2011 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 9 सितम्बर 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . आयोग के पत्र दिनांक 8 सितम्बर 2011 के जवाब में डिप्टी कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , बुरहानपुर ने अपने प्रतिवेदन दिनांक 23 सितम्बर 2011 द्वारा अभिमत प्रेषित किया, जिसमें प्रतिवेदित है कि अभ्यर्थी श्रीमती नाजिमा बानो पति मो. अकिल ने इस कार्यालय द्वारा नोटिस तामील कराने के बावजूद प्रतिवेदन दिनांक 23 सितम्बर 2011 तक उनके कार्यालय में अपना निर्वाचन व्यय लेखा अथवा लेखा प्रस्तुति के संबंध में कोई अभ्यावेदन भी प्रस्तुत नहीं किया गया है .

आयोग द्वारा विचारोपरांत अभ्यर्थी श्रीमती नाजिमा बानो पति मो. अकिल को दिनांक 2 दिसम्बर 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्रीमती नाजिमा बानो पति मो. अकिल आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुई. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली विहित समयावधि में श्रीमती नाजिमा बानो पति मो. अकिल को दिनांक 27 अक्टूबर 2011 को कराई गई. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्रीमती नाजिमा बानो पति मो. अकिल द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम, अधिनियम , 1956 की धारा 14- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती नाजिमा बानो पति मो. अकिल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम, बुरहानपुर , जिला बुरहानपुर का पार्षद या महापौर होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

( सुभाष जैन )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

248

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

आदेश

भोपाल , दिनांक 18 जनवरी 2012

क्र. एफ. 67-165-10-तीन- 108.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत कारी , जिला टीकमगढ़ के आम निर्वाचन में श्री नरेन्द्र शास्त्री , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत कारी , जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के पत्र क्र. न.नि./व्यय लेखा/ 10/406 , दिनांक 29 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री नरेन्द्र शास्त्री द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया. कलेक्टर कार्यालय के पत्र दिनांक 11 मार्च, 2010 के संलग्न पुनः प्राप्त संशोधित परिशिष्ट छत्तीस के अनुसार श्री नरेन्द्र शास्त्री द्वारा दिनांक 1 फरवरी 2010 को अर्थात् लगभग 17 दिवस विलंब से लेखे प्रस्तुत किए गए.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री नरेन्द्र शास्त्री को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 16 फरवरी 2010 को जारी कर, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, टीकमगढ़ के माध्यम से दिनांक 20 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री नरेन्द्र शास्त्री, को नोटिस दिनांक 20 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 4 अप्रैल 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. नोटिस की तामीली उपरांत कलेक्टर टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 10 अगस्त, 2011 में लेख किया कि " श्री नरेन्द्र शास्त्री द्वारा दिनांक 1 फरवरी 2010 को लेखा प्रस्तुत करने के उपरांत विलंब से लेख प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है. " कलेक्टर टीकमगढ़ से उक्त जानकारी प्राप्त होने के उपरांत आयोग द्वारा दिनांक 14 सितम्बर, 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 15 नवम्बर 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, टीकमगढ़ द्वारा दिनांक 31 अक्टूबर, 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री नरेन्द्र शास्त्री को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत कारी , जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(सुभाष जैन)

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

249 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

आदेश

भोपाल , दिनांक 18 जनवरी 2012

15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

क्र. एफ. 67-207-10- तीन- 110.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

सुश्री दस्सोबाई कुम्हार को नोटिस दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 24 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . अभ्यर्थी द्वारा दिनांक 22 मार्च 2010 को एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने लेख किया कि-" आवेदिका अशिक्षित एवं गरीब होने के उसने चुनाव में निर्धारित नियमों के संबंध में कोई जानकारी नहीं है कि अध्यक्ष के चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी को व्यय का लेखा जोखा रखना पड़ता है, इसलिए व्यय जो मैंने इस चुनाव में करीब 4000/ - खर्च किए है. उस खर्चे के बिल मैंने नहीं लिए थे . " उक्त अभ्यावेदन के संबंध में कलेक्टर दमोह से अभिमत चाहा गया. कलेक्टर दमोह ने अपने पत्र दिनांक 4 अक्टूबर 2011 में लेख किया कि " अभ्यावेदन पर उल्लिखित तथ्यों को स्वीकार किया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है. " कलेक्टर दमोह से उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 1 नवम्बर 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 27 दिसम्बर, 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, दमोह द्वारा दिनांक 23 नवम्बर 2011 को कराई गई. अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुई, उन्होंने दिनांक निरंक को एक अभ्यावेदन जो कि आयोग कार्यालय में दिनांक 9 दिसम्बर 2011 को प्राप्त हुआ, प्रेषित किया , जिसमें लेख किया कि " मैंने उक्त अध्यक्ष पद के चुनाव में 1000/ - रुपये उम्मीदवार की फीस के अलावा किसी भी प्रकार का खर्च नहीं किया है. मेरो निशान " मटका" था. मैंने मात्र एक मिट्टी का मटका लेकर प्रचार किया मैं एक गरीब परिस्थिति की हूं. इसलिए मैं भोपाल नहीं आ सकती हूं. " अभ्यर्थी ने दो अभ्यावेदन प्रस्तुत किए किन्तु दोनों ही अभ्यावेदनों में खर्च के संबंध में भिन्नता पाई गई. था.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत तेन्दूखेड़ा, जिला दमोह के आम निर्वाचन में सुश्री दस्सोबाई कुम्हार अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत तेन्दूखेड़ा जिला दमोह के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , दमोह के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , दमोह के पत्र क्र. नपानि./नि.व्य. रिपो./ 10/239 , दिनांक 21 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री दस्सोबाई कुम्हार द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

उपरोक्तविवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री दस्सोबाई कुम्हार को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 16 फरवरी 2010 को जारी कर, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , दमोह के माध्यम से दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री दस्सोबाई कुम्हार को इस प्रकार चुने 250

जाने के लिये तथा नगर पंचायत तेंदूखेड़ा जिला दमोह का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 01 वर्ष ( एक वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(सुभाष जैन)

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 18 जनवरी 2012

क्र. एफ. 67-209-10- तीन- 112.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत पथरिया, जिला दमोह के आम निर्वाचन में श्री डेलन यादव अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत पथरिया , जिला दमोह के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 16 जनवरी 2010 तक किन्तु दिनांक 16 जनवरी एवं 17 जनवरी 2011 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2011 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

अधिकारी, दमोह के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , दमोह के पत्र क्र. नपानि. /नि.व्य. रिपो/10/239 , दिनांक 21 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री डेलन यादव द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री डेलन यादव को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 16 फरवरी 2010 जारी कर, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , दमोह के माध्यम से दिनांक 5 जुलाई 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री डेलन यादव को नोटिस दिनांक 5 जुलाई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 20 जुलाई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर दमोह ने अपने पत्र दिनांक 4 अक्टूबर 2011 में लेख किया कि अभ्यर्थी ने आपके द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस को तामीली के पश्चात् नोटिस में उल्लिखित अवधि में निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है.

कलेक्टर, दमोह से उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 1 नवम्बर , 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्तके समक्ष में दिनांक 28 दिसम्बर, 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, दमोह द्वारा दिनांक 24 नवम्बर , 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए .

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री डेलन यादव को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत पथरिया , जिला दमोह का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की भाग 1 ]

251

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

कालावधिके लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(सुभाष जैन )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 18 जनवरी 2012

क्र. एफ. 67-209-10-तीन- 113.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत पथरिया, जिला दमोह के आम निर्वाचन में श्री दीनदयाल ईश्वर कुर्मी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत पथरिया, जिला दमोह के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 16 जनवरी 2010 तक किन्तु दिनांक 16 जनवरी एवं 17 जनवरी 2011 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2011 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , दमोह के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , दमोह के पत्र क्र. नपा.नि./नि.व्य.रिपो ./10/239 , दिनांक 21 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार दीनदयाल ईश्वर कुर्मी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री दीनदयाल ईश्वर कुर्मी को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 16 फरवरी 2010 को जारी कर , कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, दमोह के माध्यम से दिनांक 5 जुलाई 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री दीनदयाल ईश्वर कुर्मी को नोटिस दिनांक 5 जुलाई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 20 जुलाई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर दमोह ने अपने पत्र दिनांक 4 अक्टूबर 2011 में लेख किया कि अभ्यर्थी ने आपके द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् नोटिस में उल्लिखित अवधि में निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है.

कलेक्टर, दमोह से उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 1 नवम्बर, 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 28 दिसम्बर, 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, दमोह द्वारा दिनांक 24 नवम्बर, 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धोंके अन्तर्गत श्री दीनदयाल ईश्वर कुर्मी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत पथरिया, जिला दमोह का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(सुभाष जैन) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

252

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

आदेश

भोपाल, दिनांक 18 जनवरी 2012

क्र. एफ. 67-209-10-तीन-114.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत पथरिया, जिला दमोह के आम निर्वाचन में श्री बृजेश यादव अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर पंचायत पथरिया, जिला दमोह के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु दिनांक 16 जनवरी एवं 17 जनवरी 2011 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2011 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, दमोह के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , दमोह के पत्र क्र. नि.व्य . रिपो ./ 10/ 239, दिनांक 21 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री बृजेश यादव द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री बृजेश यादव को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 16 फरवरी 2010 को जारी कर, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , दमोह के माध्यम से दिनांक 5 जुलाई 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री बृजेश यादव को नोटिस दिनांक 5 जुलाई 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 20 जुलाई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर दमोह ने अपने पत्र दिनांक 4 अक्टूबर 2011 में लेख किया कि अभ्यर्थी ने आपके द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस को तामीली के पश्चात् नोटिस में उल्लिखित अवधि में निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है .

कलेक्टर, दमोह से उक्त अभिमत प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 1 नवम्बर, 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 28 दिसम्बर, 2011 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर, दमोह द्वारा दिनांक 23 नवम्बर, 2011 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री बृजेश यादव को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत पथरिया , जिला दमोह का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(सुभाष जैन )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

भाग 1 ]

253

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

विदिशा , दिनांक 9 दिसम्बर 2011

प्र. क्र. 4- अ- 82-2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना की जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4)

सारसी

विदिशा शमशाबाद

0.366 0.366

योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

संजय सागर बाध निर्माण हेतु भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.- संजय सागर बाह परियोजना कार्य.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.

विदिशा , दिनांक 6 जनवरी 2012

प्र. क्र. 2 - अ- 82-2011-12 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना की जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2)

(3)

(4) (1) विदिशा विदिशा बंधिया उर्फ रामपुर योग ..

9.386 9.386

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

संजय सागर ( बाह ) सिंचाई परियोजना के नहर निर्माण हेतु.

(5) कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना, बाह नदी संभाग गंजबासौदा, जिला विदिशा.

( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का उप खण्ड अधिकारी, विदिशा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सी. बी. सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

254

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 जनवरी 2012

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रतलाम, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रतलाम, दिनांक 9 जनवरी 2012

क्र. 128 - भू-अर्जन- 2012-प्रकरण क्रमांक 03-अ-82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है .

भूमि का विवरण

ग्राम

जिला

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) रतलाम

1.704 आलोट बरखेड़ाखुर्द

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, रतलाम.

बरखेड़ाखुर्द तालाब के नहर निर्माण में प्रभावित निजी भूमि का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड, आलोट के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

झाबुआ, दिनांक 11 जनवरी 2012

क्र. 102 - भू- अर्जन- 2011- रा. प्र. क्र. अ- 82-2011-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को. यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लिखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

ग्राम

क्षेत्रफल भूमि (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4)

1.57 पेटलावद

झाबुआ

महुडीपाड़ा

योग .. 1.57

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

माही परियोजना की महुडीपाड़ा माईनर नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद, जिला झाबुआ ( म. प्र. ).

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

भाग 1 ]

255

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 जनवरी 2012

क्र. 104- भू-अर्जन- 2011- रा. प्र. क्र. अ- 82-2011-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लिखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

क्षेत्रफल भूमि (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) पेटलावद गंगाखेडी

0.90 झाबुआ

योग 0.90

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

माही परियोजना की महुडीपाड़ा माईनर नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री , माही परियोजना मुख्य बांध संभाग, पेटलावद, जिला झाबुआ ( म. प्र. ) .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जयश्री कियावत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

ग्वालियर , दिनांक 11 जनवरी 2012

क्र. 70 - अ -82-2010-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(3)

(4) (2)

0.020 ग्वालियर ग्वालियर रमटापुरा

योग 0.020

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, बांध सुरक्षा संभाग, ग्वालियर.

स्वर्ण रेखा नदी चौड़ीकरण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव 256

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 जनवरी 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

धार, दिनांक 12 जनवरी 2012

पत्र क्र. 408 - भू- अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इनके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का विवरण

तहसील

जिला

ग्राम का नाम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(1)

(3)

(4) धार

बदनावर

6.450

करणपुरा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

सिपनिया तालाब के निर्माण में प्रभावित होने से.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , क्र. 1 , धार.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , एवं भू-अर्जन अधिकारी , अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उपसंभाग , बदनावर तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , धार ( म. प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

मनावर, दिनांक 17 जनवरी 2012

क्र. 54 - वाचक - प्र. क्र. अ-82-2011-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4) मनावर

धार

0.220

भुवादा

(पूरक प्रकरण) प. ह. नं . 36

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 , मनावर.

औंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर की आर. डी. 118260 मी. से निकलने वाली डा. माईनर क्र. 60 के निर्माण से प्रभावित होने वाली भूमि.

नोट.- ( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर एवं भू- अर्जन अधिकारी सरदार सरोवर परियोजना मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 , मनावर, जिला धार ( म.प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

257

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 12 जनवरी 2012

क्र. 101 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल ( हे . में ) (1)

(2)

(3)

(4) रीवा

0.727 सिरमौर पटेहरा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

क्योंटी नहर प्रणाली हेतु कटकी उपशाखा नहर निर्माण.

कार्यपालन यंत्री, क्योंटी नहर संभाग , रीवा ( म. प्र. ).

क्र. 103 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल ( हे. में ) (2)

(3)

(4) (1)

रीवा

0.117 सिरमौर ग्राम गभुआनी 124

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

क्योंटी नहर प्रणाली हेतु कटकी उपशाखा नहर निर्माण.

कार्यपालन यंत्री, क्योंटी नहर संभाग, रीवा ( म. प्र. ) .

क्र. 105 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

नगर/ग्राम

जिला

तहसील

लगभग क्षेत्रफल ( हे. में ) (1)

(2)

(3)

(4)

0.456 रीवा

सिरमौर ग्राम बगढ़ा पीढ़ियन 338

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

क्योंटी नहर प्रणाली हेतु कटकी उपशाखा नहर निर्माण.

कार्यपालन यंत्री, क्योंटी नहर संभाग , रीवा ( म . प्र. ) .

258

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

क्र. 107 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

जिला

तहसील

भूमि का विवरण नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे . में )

(3)

(1)

(2)

(4)

0.222 रीवा

सिरमौर ग्राम कबरा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

क्योंटी नहर प्रणाली हेतु कटकी उपशाखा नहर निर्माण.

कार्यपालन यंत्री , क्योंटी नहर संभाग , रीवा ( म. प्र. ) .

क्र. 109 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (1)

(2)

(3)

(4) रीवा

सिरमौर

0.516

ग्राम सेमरा पवाई

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

क्योंटी नहर प्रणाली हेतु कटकी उपशाखा नहर निर्माण.

कार्यपालन यंत्री, क्योंटी नहर संभाग , रीवा ( म. प्र. ) .

रीवा, दिनांक 16 जनवरी 2012

क्र. 128 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित भाग 1 ]

259

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम अर्जित लगभग क्षेत्रफल (हे . में ) (1)

(2)

(3)

(4) रीवा

5.376

रीठी

गुढ़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , भू- अर्जन एवं पु. सं. क्र. 2 मु. गोविन्दगढ़.

गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत तिवरिगंवा वितरक नहर प्रणाली का निर्माण कार्य.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में देखा जा सकता है.

क्र. 130 - भू-अर्जन . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं -

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

(1)

(2)

(3)

अर्जित लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (4) रीवा

15.936 गुढ़

खजुहा कला

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , भू- अर्जन एवं पु. सं. क्र. 2 , मु. गोविन्दगढ़ .

गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत तिवरिगंवा वितरक नहर प्रणाली का निर्माण कार्य.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किंसी भी कार्यालयीन अवधि में देखा जा सकता है.

260

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

[भाग 1 क्र. 132- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

(2)

(1)

(3)

अर्जित लगभग क्षेत्रफल ( हे. में) (4) रीवा

9.600 रायपुर कचुर्लियान

चोरगढ़ी (188)

अनुसूची

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)

कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पु. सं. क्र. 2 , मु. गोविन्दगढ़.

गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत तिवरिगंवा वितरक नहर प्रणाली का निर्माण कार्य.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में देखा जा सकता है.

क्र. 134 - भू-अर्जन . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा -17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम

(1)

(2)

(3)

अर्जित लगभग क्षेत्रफल (हे . में ) (4) रीवा

जिवला

5.184 रायपुर कचुर्लियान

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पु. सं. क्र. 2 , मु. गोविन्दगढ़ .

गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत तिवरिगंवा वितरक नहर प्रणाली का निर्माण कार्य.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

261

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

खरगोन , दिनांक 16 जनवरी 2012

क्र. 96- भू-अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

ग्राम/नगर लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) खरगोन महेश्वर

2.605

चिनगुन

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग , क्रमांक -20, मण्डलेश्वर.

ओंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) के मुख्य नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर खरगोन, भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना , खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 20 , मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 97- भू-अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है .

जिला

भूमि का वर्णन ग्राम/नगर

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) खरगोन

महेश्वर

6.373

होदड़िया

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग , क्रमांक -20 , मण्डलेश्वर.

ओंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) के मुख्य नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर खरगोन, भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना , खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 20, मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

262

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

क्र. 98 - भू- अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है .

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील ग्राम/नगर लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(4)

(3)

खरगोन महेश्वर

7.067

रनगुन

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग , क्रमांक-20 , मण्डलेश्वर.

ओंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) के मुख्य नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर खरगोन, भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना, खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 20 , मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 99 - भू- अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

ग्राम/नगर

(1)

(2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (4) खरगोन

महेश्वर

11.010

बबलई

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग , क्रमांक-20, मण्डलेश्वर .

ओंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) के मुख्य नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर खरगोन , भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना , खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 20 , मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

भाग 1 ]

263

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

क्र. 100 - भू- अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है .

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम/नगर लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(3)

(4) (2)

(1)

वणी

18.115 खरगोन महेश्वर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग, क्रमांक-20, मण्डलेश्वर.

ओंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) के मुख्य नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर खरगोन, भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना , खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -20, मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 101 - भू- अर्जन -2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है .

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

ग्राम/नगर लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2)

(3)

(4) (1)

10.553 खरगोन महेश्वर नागझिरी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग , क्रमांक-20 , मण्डलेश्वर.

ओंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना ( चतुर्थ चरण ) के मुख्य नहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोट:- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर खरगोन, भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना, खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 20 , मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है..

264

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 जनवरी 2012

क्र. 102 - भू- अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभाव्ना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

भूमि का वर्णन ग्राम/नगर

तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)

(1)

(2)

(3)

खरगोन भीकनगांव कांझर

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खरगोन.

बसंतपुरा तालाब योजना के शीर्ष कार्य एवं डूब क्षेत्र हेतु.

15.239 हे. निजी भूमि 1.129 हे. शासकीय भूमि निश्चित चरनोई पर स्थित संरचनाएं, ( मकान) भूमि को छोड़कर.

नोटः- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन , अनुविभागीय अधिकारी , ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , भीकनगांव एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 103 - भू- अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

तहसील

ग्राम/नगर

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(6)

(5)

(4)

(1)

खरगोन

(2) कसरावद

(3) साड़ली

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग , क्र. 24, खरगोन.

इंदिरासागर परियोजना की मुख्य नहर के निर्माण हेतु.

वन परिक्षेत्र कसरावद के कक्ष क्रमांक -675 एवं 677 में स्थित दिनांक 13-12-05 तक अतिक्रमित वनभूमि जो वन अधिकार मान्यता अधिनियम 2006 के अन्तर्गत मान्यता प्राप्त वनभूमि है क्षेत्रफल-2.241 हे.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन , भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरासागर परियोजना ( नहरें ) खरगोन , कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -24 , खरगोन एवं वनमण्डलाधिकारी, खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

( 3 ) वन भूमि के व्यपवर्तन की अनुमति भारत शासन पर्यावरण एवं वन मंत्रालय , नई दिल्ली के ज्ञाप क्रमांक 8-77/2007 - एफसी, दिनांक 17 जनवरी 2011 से निर्माण विभाग द्वारा प्राप्त की गई है .

265 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

क्र. 104 - भू- अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

तहसील ग्राम/नगर

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)

(1)

(2)

(3)

खरगोन

कसरावद भाड़ली

इंदिरासागर परियोजना की मुख्य नहर के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग , क्र. 24, खरगोन .

वन परिक्षेत्र कसरावद के कक्ष क्रमांक-674 एवं 675 में स्थित दिनांक 13-12-05 तक अतिक्रमित वनभूमि जो वन अधिकार मान्यता अधिनियम 2006 के अन्तर्गत मान्यता प्राप्त वनभूमि है क्षेत्रफल-3.363 हे.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन , भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरासागर परियोजना ( नहरें ) खरगोन, कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-24, खरगोन एवं वनमण्डलाधिकारी, खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

(3 ) वन भूमि के व्यपवर्तन की अनुमति भारत शासन पर्यावरण एवं वन मंत्रालय , नई दिल्ली के ज्ञाप क्रमांक 8-77/2007 - एफसी, दिनांक 17 जनवरी 2011 से निर्माण विभाग द्वारा प्राप्त की गई है .

क्र. 105 - भू- अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

तहसील

ग्राम/नगर

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(6)

(4)

(1)

(2)

(3)

(5)

खरगोन

कसरावद गोपालपुरा

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग , क्र. 24 , खरगोन.

इंदिरासागर परियोजना की मुख्य नहर के निर्माण हेतु..

वन परिक्षेत्र कसरावद के कक्ष क्रमांक -677 में स्थित

दिनांक 13-12-05 तक अतिक्रमित वनभूमि जो वन अधिकार मान्यता अधिनियम 2006 के अन्तर्गत मान्यता प्राप्त वनभूमि है क्षेत्रफल-3.225 हे .

(2 ) भूमि.का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन , भू-अर्जन अधिकारी, इंदिरासागर परियोजना ( नहरें ) खरगोन , कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -24 , खरगोन एवं वनमण्डलाधिकारी , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

( 3 ) वन भूमि के व्यपवर्तन की अनुमति भारत शासन पर्यावरण एवं वन मंत्रालय , नई दिल्ली के ज्ञाप क्रमांक 8-77/2007- एफसी , दिनांक 17 जनवरी 2011 से निर्माण विभाग द्वारा प्राप्त की गई है .

266

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 जनवरी 2012

क्र. 106 - भू-अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम/नगर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1)

(2)

(3)

(5)

(6)

(4)

खरगोन

कसरावद बारदेवला वन परिक्षेत्र कसरावद कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग , क्र. 24 , खरगोन.

इंदिरासागर परियोजना की मुख्य नहर के निर्माण हेतु.

के कक्ष क्रमांक-671, 673, 674 एवं 675 में स्थित दिनांक 13-12-05 तक अतिक्रमित वनभूमि जो वन अधिकार मान्यता अधिनियम 2006 के अन्तर्गत मान्यता प्राप्त वनभूमि है क्षेत्रफल-4.390 हे.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन , भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरासागर परियोजना ( नहरें ) खरगोन , कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-24 , खरगोन एवं वनमण्डलाधिकारी , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

(3 ) वन भूमि के व्यपवर्तन की अनुमति भारत शासन पर्यावरण एवं वन मंत्रालय , नई दिल्ली के ज्ञाप क्रमांक 8-77/2007- एफसी, दिनांक 17 जनवरी 2011 से निर्माण विभाग द्वारा प्राप्त की गई है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नवनीत मोहन कोठारी कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला पूर्व निमाड़, खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन ,

राजस्व विभाग

खण्डवा , दिनांक 16 जनवरी 2012

नस्ती क्र. 007-2012 - एल.ए. भू-अर्जन- प्र . क्र. 1- अ- 82-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का वर्णन

का वर्णन जिला

तहसील ग्राम का नाम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(6) (1)

(2)

(3)

(4)

(5)

खण्डवा

खालवा

2.29

दगडकोट

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन मेढ़ापानी नहर निर्माण हेतु संभाग, खण्डवा.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी नया हरसूद छनेरा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

267 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 जनवरी 2012

नस्ती क्र. 06-2012 - एल.ए. भू-अर्जन प्र. क्र. 2-अ-82-11-12.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

( 2 ) द्वारा

भूमि का वर्णन

का वर्णन जिला

तहसील

धारा 4 की उपधारा प्राधिकृत अधिकारी

ग्राम का नाम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(6) (1)

(4)

(5)

(2)

(3)

13.42

डाभिया

खण्डवा

खालवा

मेढापानी तालाब निर्माण हेतु

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खण्डवा.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी नया हरसूद/ छनेरा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

नस्ती क्र. 08-2012 - एल.ए. भू-अर्जन प्र. क्र. 3- अ- 82-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

तहसील

प्राधिकृत अधिकारी

ग्राम का नाम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(6)

(5)

(1)

(2)

(3)

(4)

खण्डवा

0.52

खालवा

मातापुर

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खण्डवा.

मेढापानी तालाब की नहर निर्माण हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी नया हरसूद/छनेरा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

268

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

नस्ती क्र. 05-2012- एल.ए. भू-अर्जन प्र. क्र. 4अ-82-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

ग्राम का नाम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4)

(6) (1)

(2)

(3)

(5)

खण्डवा

खालवा

2.43

इटवा

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खण्डवा.

इटवा मामाडोह तालाब की नहर निर्माण हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी नया हरसूद/छनेरा तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कवीन्द्र कियावत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

कार्यालय , कलेक्टर , जिला भोपाल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

भोपाल, दिनांक 16 जनवरी 2012

क्र. 7- अ - 82-2011-12- सा-1- सात. चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि पर उसके संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्ध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील (2)

नगर/ग्राम (3)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) जिला (1)

लगभग क्षेत्रफल (4)

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

भोपाल

छोला

हुजूर

(हेक्टेयर में) 0.064 0.032

परियोजना प्रबंधक, परियोजना परियोजना उदय , मलजल प्रवाह उदय , नगरपालिका निगम,

0.064 भोपाल .

ख. क्र. 166/1 166/2 166/3 180/2-183/ 1 0.064 योग . 0.224

(2 ) भूमि का नक्शा नजूल अधिकारी , गोविन्दपुरा वृत्त के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निकुंज कुमार श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

269

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बैतूल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

बैतूल, दिनांक 16 जनवरी 2012

प्र. क्र. 7 अ - 82 - वर्ष 2011-12 - भू-अर्जन- 527.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4)

0.644 मुलताई

बैतूल

मयावाड़ी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

रिधोरा लघु जलाशय निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. चन्द्रशेखर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर , जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

दमोह , दिनांक 17 जनवरी 2012

क्र. 523 - भू.अ.अ. - 2010-11- प्र. क्र. अ- 82- वर्ष- 2010-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

जिला

तहसील का नाम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4)

(3)

(1)

(2)

दमोह

हटा

मोहरा बंधा

पटेरा

0.82 1.04 0.37 1.50

महुआखेड़ा इमलिया रावत

3.73

कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , दमोह संभाग , दमोह.

बंधा, इमलिया, महेबा, रसीलपुर योजना के मार्ग निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , उप खण्ड हटा एवं कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण विभाग , दमोह संभाग , दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानंद दुबे , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

270

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

कार्यालय, कलेक्टर, जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

डिण्डौरी , दिनांक 19 जनवरी 2012

क्र. भू-अर्जन-अ- 82-2011-12-42 - ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)

(2)

(4)

(3)

डिण्डौरी

2.920 डिण्डौरी रा. नि. म. अतरिया रै. प. ह. नं. 73 समनापुर.

योग .. शासकीय भूमि 2.920 0.060 कुल योग .. 2.980

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कचनारी डायवर्सन स्कीम दॉयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन-अ- 82-2011-12-43- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

जिला

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4) (1)

(2)

(3)

डिण्डौरी

12.080

जाताडोंगरी मा. प. ह . नं. 64

डिण्डौरी रा. नि. म. समनापुर

12.080 0.260 12.340

योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

सुन्दरपुर डायवर्सन स्कीम शीर्ष कार्य एवं दॉयी तट नहर कार्य.

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

271

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

भाग 1 ]

क्र. भू-अर्जन-अ-82-2011-12-44- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

(3)

(4) डिण्डौरी

11.550

खाम्ही

डिण्डौरी रा. नि. म. प. ह. नं. 65

समनापुर

11.550 0.930 12.480

योग .. शासकीय भूमि कुल योग ..

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

खाम्ही डायवर्सन स्कीम शीर्ष कार्य एवं बॉयी तट नहर कार्य.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं पदेन कलेक्टर, डिण्डौरी या कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. वी. रश्मि , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

राजस्व विभाग कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

धार, दिनांक 17 जनवरी 2012

प्र. क्र. 596 - भू- अर्जन -2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वांछित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इनके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील ग्राम का नाम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(1) धार

(3) तिलगारा

(4) 0.126 बदनावर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

सिपनिया तालाब के निर्माण में प्रभावित होने से.

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसधान संभाग , क्र. 1 , धार.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , एवं भू-अर्जन अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उपसंभाग, बदनावर तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , धार ( म. प्र. ) के कार्यालय में कार्यालयीन समय में . देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

272

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

[भाग 1

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला कटनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

कटनी, दिनांक 7 दिसम्बर 2011

प्र. क्र. 3 - अ- 82-2010-11- भू.अ.अ.- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

( क) जिला- कटनी

(ख ) तहसील- विजयराघवगढ़

(ग) रा.नि.मं.- सिनगौड़ी

( घ) ग्राम- गैरतलाई

(ङ) लगभग क्षेत्रफल -3.17 हेक्टर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

974

0.01

977

2.00

0.05

983

1036

0.02

981/2063

0.25

953/2072

0.34

1273/1

0.03

1277

0.02

1278

0.45 योग . 3.17

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- रेलवे लाईन कार्य हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , विजयराघवगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. -4- अ- 82-2010-11- भू.अ.अ.-2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- कटनी

(ख ) तहसील- विजयराघवगढ़

(ग) रा.नि.मं.- सिनगौड़ी

(घ) ग्राम- कोनिया

(ङ) लगभग क्षेत्रफल -5.09 हेक्टर .

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

405/1

0.01

0.01

405/2

405/3

0.01

0.01

405/4

406

0.08

0.08

407

0.08

408

0.05

409

0.07

410

411

0.22

0.07

412

0.08

413

0.18

414/1

414/5

0.06

414/3

0.11

414/4

0.10

0.01

414/5

0.01

414/6

427

0.14

0.28

428

0.17

429

430

0.16

441

0.01

442

0.08

443

0.07

0.10

444 भाग 1 ]

273

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

(2)

(1)

445

0.12

446/2

0.06

448

0.13

449

0.11

0.25

460

0.10

461/1

461/4

0.12

493

0.01

494

0.83

0.12

497/3

497/4

0.03

0.35

497/8

498

0.18

499

0.05

0.38

510

5.09

योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- रेलवे लाईन कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , विजयराघवगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एम. सेलवेन्द्रन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग पन्ना, दिनांक 27 दिसम्बर 2011

प्र. क्र. - 096- अ- 82-2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की सूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला - पन्ना

(ख ) तहसील- रैपुरा

(ग) ग्राम- हरदुआ सारसबाहु

लगभग क्षेत्रफल - 1.36 हेक्टर.

(घ)

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हे. में)

भूमि का प्रकार (3)

(2)

(1)

0.03

602

निजी भूमि

0.09

601

निजी भूमि

0.06

700

निजी भूमि

0.04

701

निजी भूमि

0.04

702

निजी भूमि 721

0.03

निजी भूमि 722

0.05

निजी भूमि

0.03

694

निजी भूमि

0.02

915

निजी भूमि

0.03

916

निजी भूमि

0.05

917

निजी भूमि

0.05

765

निजी भूमि

0.03

766

निजी भूमि 768

0.04

निजी भूमि

0.01

758

निजी भूमि 728

0.04

निजी भूमि

0.07

759

निजी भूमि

0.06

804

निजी भूमि

0.02

811

निजी भूमि

0.01

812

निजी भूमि

0.03

813

निजी भूमि

0.01

912

निजी भूमि

0.02

911

निजी भूमि 579

0.20

निजी भूमि 528

0.05

निजी भूमि 596

0.01

निजी भूमि

0.05

561

निजी भूमि

0.05

595

निजी भूमि

0.03

549

निजी भूमि

0.04

550

निजी भूमि

0.02

554

निजी भूमि 553

0.04

निजी भूमि

0.01

592

निजी भूमि

1.36

कुल रकबा निजी भूमि

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- हरदुआ सारसबाहु तालाब योजना के अन्तर्गत हरदुआ सारसबाहु तालाब योजना अन्तर्गत नहर निर्माण कार्य निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर, कार्यालय पन्ना में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, धनंजय सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

274

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 जनवरी 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग नरसिंहपुर, दिनांक 28 दिसम्बर 2011

रा.मा.क्र . 14 अ- 82- वर्ष 2010-2011 पत्र क्रमांक 601/602 भू-अर्जन- 2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख) तहसील- गोटेगांव

(ग) ग्राम- मोहास, नं.ब. 491 , प.ह.नं. 05/01 (घ) लगभग क्षेत्रफल -0.410 हेक्टर.

खसरा नम्बर

(1)

अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2)

76/4

0.410

76/5 76/7

योग 0.410

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके के लिए आवश्यकता है- खोबी- देवरी- मोहास-अकोला मार्ग हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) गोटेगांव के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , संजीव सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शिवपुरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग शिवपुरी, दिनांक 6 जनवरी 2012

क्र. भू-अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-अशासकीय

(क) जिला- शिवपुरी

(ख) तहसील - खनियाधाना

(ग ) ग्राम- खिसलौनी

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.58 हेक्टर .

रकबा (हे. में) (2)

खसरा नम्बर (1) 61

0.58 योग 0.58

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- राजघाट नहर परियोजना के अन्तर्गत बांई तट नहर की कंचनपुर शाखा के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , पिछोर के कार्यालय किया जा सकता है .

शिवपुरी , दिनांक 18 जनवरी 2012

क्र. क्यू- भू- अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-अशासकीय भूमि

(क) जिला- शिवपुरी

(ख ) तहसील- नरवर

(ग) नगर/ग्राम- सुनारी

(घ) लगभग क्षेत्रफल -2.26 हेक्टर .

रकबा (हे. में) (2) 0.16

खसरा नम्बर (1) 1259 भाग 1 ]

275

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

(1)

(2)

1277

0.24

1278/1

0.35

1278/2

0.16

0.28

1279/1

1279/2

0.02

1283

0.56

0.03

1284

1314

0.05

0.32

2648

0.09

2651

2.26

योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सिंध परियोजना दांया तट नहर ( महुअर नदी तक ) की शाखा डी-5 के निर्माण हेतु.

, (3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाधीश ( भू-अर्जन शाखा ) , जिला शिवपुरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जॉन किंग्सली , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बैतूल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बैतूल , दिनांक 6 जनवरी 2012

प्र. क्र. 03 - अ-82 - वर्ष 2010-11- भू-अर्जन-160.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बैतूल

(ख ) तहसील- शाहपुर

(ग) नगर/ग्राम- मोतीढाना

(घ) पटवारी हल्का नम्बर -37

(ङ) लगभग क्षेत्रफल 0.076 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

रकबा (हे. में)

(2)

(1)

0.076

88

योग 0.076

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके के लिए भूमि की आवश्यकता है- मोतीढाना जलाशय की नहर निर्माण हेतु पूरक भू- अर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , शाहपुर के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन क्र. 2 बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 04 - अ- 82 - वर्ष 2010-11 - भू-अर्जन- 161.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बैतूल

(ख ) तहसील- शाहपुर

(ग) नगर/ग्राम- पलासपानी

( घ) पटवारी हल्का नम्बर -36

(ङ) लगभग क्षेत्रफल-0.107 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

रकबा (हे. में) (2)

(1)

40

0.107 0.107

कुल योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके के लिए भूमि की आवश्यकता है- मोतीढाना जलाशय की नहर निर्माण हेतु पूरक भू- अर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , शाहपुर के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .

276

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

बैतूल, दिनांक 10 जनवरी 2012

प्र. क्र. 13 - अ- 82 - वर्ष 10-11 - भू-अर्जन- 312.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बैतूल

(ख ) तहसील- मुलताई

(ग) नगर/ग्राम- चिखलीबुजूर्ग

(घ) पटवारी हल्का नम्बर-68

लगभग क्षेत्रफल 7.775 हेक्टर.

(ङ)

खसरा नम्बर

(1)

रकवा (हे. में) (2)

2/1

0.363

1.306

20/2

2/3

0.543

24/2

0.230

4/1

0.101

0.069

22/4

0.121

26

0.013

22/6

0.065

4/2

0.109

22/1

0.162

22/3

0.113

22/5

0.037

5

0.450

7

0.417

8

0.045

10/1

0.850

2/2

0.760

20/1

0.051

20/3

1.235

24/1

0.670

24/3

0.065

योग 7.775

[भाग 1 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके के लिए भूमि की आवश्यकता है- सेन्द्रया लघु जलाशय निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी ( राजस्व ) मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. चन्द्रशेखर , कलेक्टर एवं पदेन सचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला मन्दसौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग मन्दसौर, दिनांक 6 जनवरी 2012

प्र. क्र. 02 - अ - 82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला - मन्दसौर

(ख) तहसील - मल्हारगढ़

नगर/ ग्राम- सोमिया

(ग)

लगभग क्षेत्रफल-2.02 हेक्टर .

(घ)

सर्वे नम्बर

(1)

रकबा (हे. में) (2)

0.10

294

297

0.01

299

0.03

303

0.03

337

0.09

340

0.05

341

0.09 भाग 1 ]

277

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

(2)

(1)

366

0.03

410/1

0.24

415

0.03

417/2

0.03

421

0.03

540

0.17

295

0.07

298

0.01

300

0.01

0.10

333

0.05

338

0.07

348

342

0.13

408

0.03

414

0.05

416

0.01

0.04

418

473

0.03

561/718

0.50

2.02

कुल योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके के लिए आवश्यकता है- सोमिया नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी मल्हारगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग मन्दसौर कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

मन्दसौर, दिनांक 16 जनवरी 2012

ई. क्र. 44-2012 - प्र . क्र. 01 - अ-82-2011-2012.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- मन्दसौर

(ख) तहसील- सीतामऊ

(ग) ग्राम-नाटाराम

लगभग क्षेत्रफल-2.211 हेक्टर .

(घ)

सर्वे नम्बर

रकबा (हे. में )

(2)

(1)

0.074

457/मीन-1

457/मीन-3

0.093

0.020

457/मीन-2

0.091

458/मीन-2

0.009

504

0.044

505/मीन -2

0.036

507/मीन-3

505/मीन-1

0.054

0.018

617

0.147

610,611

0.100

627

613

0.052

0.007

614/1

0.008

614/2

0.011

614/3

0.023

739

0.013

614/4

0.005

614/5

0.009

639

0.041

635/2/मीन-2

0.154

638,637

0.080

647

0.009

648

0.048

649

0.076

650

0.222

653

0.167

702/मीन -1,705/1

0.010

703/2

0.073

736/1

0.050

738/मीन -3

0.051

737/मीन-2

740

0.030

0.130

745

0.050

510/1

0.048

511

0.050

512/2

509/3/2

0.070

0.018

619

0.002

641/1/1

0.016

747/मीन-2

.2.211

कुल योग 278

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 जनवरी 2012

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- कोटेश्वर तालाब की नहर हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी सीतामऊ जिला मन्दसौर में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महेन्द्र ज्ञानी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर , जिला सीहोर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सीहोर, दिनांक 9 जनवरी 2012

प्र. क्र. - 03 - अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- सीहोर

(ख ) तहसील- नसरूल्लागंज

( ग) ग्राम-किशनपुर

( घ) लगभग क्षेत्रफल - 11.653

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में )

(1)

(2)

0.275

125,126/1/1

0.735

125,126/1/2

0.040

125,126/1/3

125/126/2

1.006

129

0.437

0.250

150,151,152/ 1/ 2

149

0.090

150,151,152/ 1/ 1

2.149

0.018

150,151,152/ 2

165/1/1

0.229

200/1/2

0.160

(2)

(1)

0.140

200/1/1

0.155

199/1/2

0.030

199/1/1

0.341

199/1/3

0.074

198/1

0.282

198/2

0.251

196/1

195/1

0.314

0.174

196/2

195/3

0.061

0.250

192/2/1

0.019

193/2/1

0.122

192/2/2

0.247

193/2/2

0.081

192/2/3

0.121

193/2/3

0.442

192/1/2

0.478

192/1/1/2

0.075

192/1/1/1

0.235

191/6

0.237

190/2

208

0.569

0.847

213/2

0.227

212

215/1क

0.309

0.183

211

11.653

कुल योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- घोघरा संयुक्त परियोजना मुख्य नहर भाग निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी नसरूल्लागंज के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजय गोयल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रतलाम, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रतलाम, दिनांक 9 जनवरी 2012

क्र.-126- भू-अर्जन- 2012- प्रकरण क्रमांक 01 -अ-82-11- 12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे भाग 1 ]

279

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद (2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रतलाम

(ख ) तहसील- जावरा

ग्राम- देहरी एवं जोगी पिपल्या

(ग)

लगभग क्षेत्रफल -2.389 हेक्टर .

(घ)

रकबा

सर्वे क्रमांक

(हेक्टर में)

(1)

(2)

ग्राम- देहरी

0.04

242

0.03

243

0.01

240/1

240/2

0.03

238/1

0.01

238/2

0.01

0.03

239

255/1

0.05

255/2

0.005

0.05

255/3

256/2

0.03

257

0.052

261/1

0.02

261/2

0.04

262

0.06

0.02

263

264/2

0.01

221

0.04

223

0.078

224

0.07

231/1

0.13

0.03

232/2

235/3/1

0.03

241

0.03

265

0.06

266

0.06

(2)

(1)

0.05

267

0.09

268/1

0.03

268/2

235/3/2

0.05

1.245

कुल रकबा

ग्राम-जोगी पिपल्या

17/1/1

0.06

17/1/2

0.06

0.02

17/1/3

0.276

18/1/1

0.080

19

0.112

20

0.224

28/1

28/2

0.144

0.068

35/2

0.060

35/3

0.040

37/1

1.144

कुल रकबा

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- पेलादड़ी तालाब की नहर निर्माण से प्रभावित भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, जावरा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला मण्डला, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

मण्डला, दिनांक 11 जनवरी 2012

क्र.- भू-अर्जन 13 (अ -82 ) 2011-12 ..- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, 280

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- मण्डला

(ख ) तहसील- घुघरी

(ग ) ग्राम- मोंहगांव माल , प.ह.नं. 51

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.42 हेक्टे.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टे. में) (2)

(1)

0.04

419/1

0.05

419/2

0.33

419/3

कुल रकबा 0.42

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- शासकीय भवन निर्माण हेतु .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, मण्डला में किया जा सकता है .

मण्डला, दिनांक 12 जनवरी 2012

क्र.- भू- अर्जन 07 ( अ -82 ) 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- मण्डला

(ख) तहसील- घुघरी

(ग ) ग्राम- सालीवाड़ा रै. , प.ह.नं. 60

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.16 हेक्टेयर .

खसरा नम्बर

(1)

रकबा (हेक्टे. में) (2)

2

0.16 0.16

कुल

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है - जल शोधन संयंत्र निर्माण हेतु..

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, मण्डला में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला धार , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग धार दिनांक 13 जनवरी 2012

क्र. 469 - भू- अर्जन-2011 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- धार

(ख) तहसील- बदनावर

(ग) ग्राम- माकनी

लगभग क्षेत्रफल -0.680 हैक्टर

(घ)

अर्जित रकबा (हैक्टर में) (2)

सर्वे नम्बर निजी (1)

130

0.680 कुल 0.680

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-डी.आई.सी. परियोजना के अर्लीबर्ड प्रोजेक्ट, माही परियोजना के पिथमपुर जल प्रदाय योजना की स्थापना हेतु ग्राम माकनी में पंपिंग स्टेशन निर्माण से प्रभावित होने से.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , बदनावर एवं महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द, धार, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ब्रजमोहन शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

281

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

कार्यालय , कलेक्टर , जिला देवास, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग देवास , दिनांक 16 जनवरी 2012

क्र. 30 - भू-अर्जन- 2011- प्र. क्र. 11- अ- 82-2010-11- संशोधन.-भू-अर्जन प्रकरण क्रमांक 04-अ- 82-2010-11 में जारी भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 6 के तहत उद्घोषणा क्रमांक 651 दिनांक 14 अक्टूबर 2011 द्वारा जनोली तालाब योजना के अन्तर्गत डूब क्षेत्र हेतु ग्राम मोहम्मद खेड़ा तहसील टोंकखुर्द की निजी भूमि कुल रकबा 09.83 हे. का प्रकाशन किया गया था. प्रकरण का मिलान करने पर जिस सर्वे नम्बर के रकबे में अंतर आया है उसका वर्णन नीचे दर्शाई गई तालिका में किया गया है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत संशोधित घोषणा का प्रकाशन किया जाता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- देवास

तहसील- टोंकखुर्द

(ख)

(ग) ग्राम- मोहम्मदखेड़ा

सर्वे नंबर

सर्वे नंबर

डूब का संशोधित डूब का पूर्व प्रकाशित

रकबा

(है. में. )

रकबा (है. में. ) (1)

(2)

(1)

(2) 0.06

211

211

0.15 ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है:- जनोली तालाब के डूब क्षेत्र नहर से प्रभावित होने से.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी सोनकच्छ एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग देवास के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मुकेश चन्द गुप्ता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला भोपाल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन ,

राजस्व विभाग

भोपाल , दिनांक 16 जनवरी 2012

क्र. 5- अ - 82-2007-08.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- भोपाल

(ख ) तहसील - हुजूर

(ग) नगर/ ग्राम-दामखेड़ा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.283 हेक्टर .

खसरा नं.

रकबा (हे. में)

(2)

(1)

84/1

0.057

0.036

87,249/87

88

0.109

0.008

12

0.073

11

कुल योग 0.283

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- मलजल प्रवाह उदय परियोजना.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निकुंज श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन सचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

राजगढ़ दिनांक 16 जनवरी 2012

क्र. 691 - भू-अर्जन- 2011.--अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में 282

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 जनवरी 2012

वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला - राजगढ़

(ख ) तहसील-जीरापुर

(ग) नगर/ ग्राम- गादिया एवं बान्याबे

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 22.036 हेक्टेयर.

खसरा नं.

(1)

रकबा (हे. में) (2)

ग्राम-गादिया

444/2/1

0.911

444/3/1

2.327

444/2/2/1

0.455

444/3/2/1

1.000

0.455

444/2/2/2

444/3/2/2

1.000

444/13

1.619

2.000

2.000

711/1/2

2.000

711/1/3

711/2

2.023 15.790

योग

ग्राम-बान्याबे

255/6

2.000

255/10

2.000

276/1/1

0.048

277/1/1

0.265

278/1/1

0.145

276/1/2

0.049

277/1/2

0.264

278/1/2

0.146

276/2

0.049

277/2

0.264

27.8/2

0.146

282/5

0.870

योग 6.246

महायोग 22.036

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गादिया तालाब के निर्माण कार्य हेतु. ग्राम गादिया एवं बान्याबे की.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , खिलचीपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 697- भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

जिला- राजगढ़

(क)

तहसील - राजगढ़

(ख)

ग्राम- बहादुरपुरा

(ग)

लगभग क्षेत्रफल-0.109 हेक्टेयर.

(घ)

सर्वे नं.

(हे. में)

(1)

रकबा (2)

81

0.056

82

0.013

0.025

83

77/2

0.015 योग 0.109

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बहादुरपुरा तालाब की नहर में प्रभावित भूमि हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 699 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- (क) जिला - राजगढ़ 283

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 जनवरी 2012

भाग 1 ]

(ख) तहसील - ब्यावरा

(ग ) ग्राम- पड़ोनिया-

(घ) क्षेत्रफल -2.184 हेक्टेयर.

सर्वे नं.

रकबा

(हे. में)

(1)

(2)

0.200

0.100

41/1/3

1.258

125/33

0.400

125/32

141/19

0.160

0.066

125/29

योग . 2.184

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सूरजपुरा बांध निर्माण कार्य के डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित भूमि हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है.

राजगढ़, दिनांक 18 जनवरी 2012

क्र. 801 - भू- अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के मद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के मद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि एवं सम्पत्ति का वर्णन- अशासकीय भूमि ( क) जिला- राजगढ़

(ख ) तहसील - खिलचीपुर

(ग ) ग्राम-मूण्डला

(घ) भूमि का कुल क्षेत्रफल-1.970 हेक्टर.

खसरा नं.

क्षेत्रफल

(हे . में )

(1)

(2)

174/21/2

0.123

174/21/3

0.112

174/24/5

0.010

174/24/6

0.247

174/24/8

0.090

(2)

(1)

0.156

174/24/1

0.156

174/26

0.048

174/30

0.048

174/31

174/24/2

0.023

0.056

174/39

0.056

174/34

0.023

174/27

174/46

0.135

0.090

174/24/7

174/24/9

0.090

174/25/1

0.144

160

0.143

0.220

162/2

1.970

योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- अताईखेड़ा तालाब की नहर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , खिलचीपुर जीरापुर एवं भू-अर्जन अधिकारी , खिलचीपुर - जीरापुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 803 - भू-अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के मद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के मद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि एवं सम्पत्ति का वर्णन- अशासकीय भूमि (क) जिला- राजगढ़

( ख ) तहसील- खिलचीपुर

(ग) ग्राम- नेगड़िया, मयापुरा , जगन्नाथपुरा ( घ) भूमि का कुल क्षेत्रफल -17.588 हेक्टर.

खसरा नं.

क्षेत्रफल (हे. में )

(2)

(1)

ग्राम-नेगड़िया

0.415

0.085

16 18 284

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

(1)

(2)

0.036

64/73

20

0.393

21

1.785

22

0.125

50

0.190

55

0.024

64/16

1.519

64/13

0.390

56/1

0.101

64/18

0.451

64/23

3.465

64/25

0.725

64/73/1

0.024

योग . 9.728

ग्राम-मयापुरा

2

0.024

82/46

0.050

83/46

0.175 योग 0.249

ग्राम-जगन्नाथपुरा

116/1/3

0.854

116/12

0.790

0.450

116/2/3

116/2/5

1.759

0.750

116/2/6

0.325

116/2/7

116/2/8

0.290

116/9

1.098

116/10

0.450

0.465

137/116

116/11

0.380 योग 7.611

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- जगन्नाथपुरा तालाब एवं नहर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , खिलचीपुर जीरापुर एवं भू- अर्जन अधिकारी , खिलचीपुर जीरापुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 805-06 - भू-अर्जन-10. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के मद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के मद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि एवं सम्पत्ति का वर्णन- अशासकीय भूमि (क) जिला- राजगढ़

(ख) तहसील - खिलचीपुर

(ग ) ग्राम- रूपाहेड़ा, पुरारूपाहेड़ा

(घ ) भूमि का कुल क्षेत्रफल - 25.642 हेक्टर .

खसरा नं.

क्षेत्रफल

(हे. में)

(2)

(1)

ग्राम-रूपाहेड़ा

0.265

79/1

0.227

81/1

0.506

78/1

0.114

81/6/1

0.506

78/2

0.114

81/6/2

0.132

79/2

81/2

0.114

0.133

79/3

0.114

81/3

0.114

81/4

0.114

81/5

0.040

35

0.101

36

0.373

82

0.481

194/2/1

0.045

195

0.481

194/2/4

0.246

194/1/1

0.247

194/1/2

72

0.114

0.410

106/1

0.500

104/1

0.065

74 भाग 1 ]

285

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

(1)

(2) 75

0.505 76

0.202 77

0.976 104/4

0.226 80

0.024 84

0.251 194/2/3

0.481 85

0.202

0.178 86

87/2

0.079 87/3

0.079 87/1

0.158 88/1

0.373 89/1

0.390 187/1

0.254 189

0.012 85

0.202

0.170 88/2

0.036 90

98

0.120 91

0.024 92

0.178 94

0.077 95

0.178 96

0.150 101

0.113 93

0.101 211

0.447 213

0.328 214

0.154 97/1

0.051 188/1

0.079 196

0.039 197

0.025 199/2

0.341 201/3

0.015 203/1

0.057 206/3

0.139 97/2

0.051 188/2

0.079 97/3

0.050 (1)

(2)

0.079

188/4

0.050

97/4

0.079

188/3

0.012

100

0.405

165/9

0.101

103

110

0.160

0.200

104/2

106/5

0.040

104/3

0.190

0.036

106/2

0.036

106/4

106/3

0.040

1.165

165/14/1

0.126

187/2

0.012

193

194/2/2

0.481

0.393

198

0.682

199/1

0.341

199/3

200/1

0.038

201/1

0.015

0.056

203/2

0.040

247

200/2

0.039

0.015

201/2

201/4

0.016

206/2

0.101

0.016

201/5

206/1

0.090

0.551

202

0.049

204

205

0.101

212

0.441

215

0.166

216

0.279

217

0.150

0.364

218

219

0.178

222

0.380

220

0.125 286

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

(1)

(2) 223/1

0.890

0.060 350/223

70

0.320

22.258

योग

ग्राम- पुरारूपाहेड़ा

0.085 39/1

43/4

0.178 46/5

0.024 39/3

0.124 41/1

0.051

0.013 42/1

43/6

0.150 44/6

0.390 46/6

0.060 47/6/6

0.024 43/3

0.012 39/2

0.101 42/3

0.013 43/3

0.130 44/3

0.066 47/6/2

0.040 82/18/1

0.101 82/18/2/1

0.040 82/18/2/2

0.035

0.035 82/18/2/3

0.036 83/18/1

83/18/2

0.024

0.016 18/1

0.125 39/4

42/4

0.014 43/1

0.320 44/1

0.132 47/6/1

0.048 40

0.012

0.050 41/2

0.013 42/2

43/5

0.148 44/5

0.066

0.036 46/4

47/6/4

0.036 43/2

0.170

(2)

(1)

0.066

44/2

0.016

46/3

47/6/3

0.036

0.032

18/2/1

0.032

18/2/2

0.020

18/3

0.020

18/4

0.016

18/5

0.020

18/6

18/7

0.036

0.030

18/8

0.062

18/9/1

0.056

18/9/2

3.360

योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- रूपाहेड़ा तालाब बांध के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , खिलचीपुर जीरापुर एवं भू- अर्जन अधिकारी , खिलचीपुर- जीरापुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एम. बी. ओझा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 16 जनवरी 2012

क्र. 126 - भू- अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन , 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा भाग 1 ]

287

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 जनवरी 2012

(ख ) तहसील- गुढ़

(ग) ग्राम- भटिगंवा

(घ) क्षेत्रफल लगभग - 4.970 हेक्टेयर .

खसरा नं.

(हे. में) अर्जित रकबा (1)

(2)

204

0.300

205

0.240

260

0.040

259

0.370

258

0.020

257

0.270

255

0.015

254

0.019

250/1

0.379

250/2

0.504

250/3

0.163

218

0.020

219

0.030

220/1

0.029

0.028

220/2

221

0.601

241

0.720

304

0.060

314/1

0.028

314/2

0.029

320

0.127

321

0.145

322

0.133

324

0.012

0.067

319

275

0.060

309

0.110

240

0.138

0.172

305/2क

305/2ख

0.173

योग . 4.970

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना बांध के अन्तर्गत गुढ़ मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना की मुख्य नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि/शासकीय भूमि के सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 136 - भू-अर्जन- 11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन, 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- कटनी

तहसील - विजयराघवगढ़

(ख )

ग्राम- खिरवा

(ग)

क्षेत्रफल लगभग-9.95 हेक्टेयर.

(घ)

खसरा नं .

अर्जित रकबा (हे. में)

(2)

(1)

0.10

24

27

4.69

0.33

29

30/1

0.15

0.15

30/2

0.14

30/3

0.14

30/4

55

0.08

0.07

56

0.84

76

0.04

166

0.10

167

0.02

172

0.10

176

0.02

196

0.27

198

210

0.05

0.07

219/2

0.07

220/2

356

0.72

357

1.82 योग 9.95

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजन की डूब क्षेत्र के लिए उपरोक्त भूमियों पर स्थित केवल परिसम्पत्तियों का अर्जन .

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

288

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेनं उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग छतरपुर, दिनांक 17 जनवरी 2012

प्र. क्र. 1 - अ -82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील- चन्दला

(ग) ग्राम- रमझाला

( घ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि -0.324 हेक्टर.

खसरा नं.

(1)

अर्जित रकबा (हे. में) (2) 119/1

174/1

0.122 0.202 योग .. 0.324 ( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की चैन क्र. 266 से 281 के बीच नहर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लवकुशनगर में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 48 - अ- 82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

( क) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील- गौरिहार

(ग ) ग्राम- इमलाही

(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि - 2.324 हेक्टर.

खसरा नं .

अर्जित रकबा (हे . में)

(2) (1)

2/6

0.312 2/7

0.364 2/8

0.145 2/13/2

0.312 2/16

0.150

0.187 3

6

0.232

0.089 20

0.165 21

22

0.317

0.051 23/2

योग . 2.324 (2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर की हाजीपुर वितरक नहर के निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है .

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लौंड़ी में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 51 - अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील - गौरिहार

(ग ) ग्राम-जोधपुर

( घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि - 0.690 हेक्टर .

खसरा नं .

अर्जित रकबा

(हे . में ) (1)

(2) 45

0.198 भाग 1 ]

289

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

(2) (1)

107

0.040 109

0.134 110

0.051

0.067 116

118

0.048

0.152 119

योग . 0.690 (2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर से भू- अर्जन प्रकरण हाजीपुर वितरक नहर की बसराही माइनर के अन्तर्गत आने वाली भूमि के भू- अर्जन हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लवकुशनगर में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 52- अ-82-2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील - गौरिहार

(ग ) ग्राम- हाजीपुर

( घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि -1.799 हेक्टर.

खसरा नं.

(1)

अर्जित रकबा (हे. में ) (2) 21/4

0.213 21/6

0.395 23

0.260 24

0.104 26

0.260 27

0.182

(2) (1)

0.182 28

0.203 29

1.799

योग .

( 2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर से हाजीपुर वितरक नहर के भू- अर्जन हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लवकुशनगर में किया जा सकता है.

छतरपुर, दिनांक 19 जनवरी 2012

प्र. क्र. 49 - अ- 82-10-11 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील- गौरिहार

(ग) ग्राम- खमिनखेडा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि - 5.018 हेक्टर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा

(हे. में)

(2) (1)

0.231 26/1

0.173 31/1

32/2

0.264

0.025 49/2

0.116 148/2

0.009 148/3

0.048 149/1

0.013 155/1

155/2

0.011 290

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

(1)

(2) 155/3

0.009 155/4

0.007

0.030 156/1

156/2

0.030 156/3

0.027 156/4

0.012 157

0.011 158/1

0.029 158/2

0.029 158/3

0.029 158/4

0.029 159/1/1

0.009 159/1/2

0.008 159/1/3

0.007 159/1/4

0.016 159/2

0.004 160

0.161

0.06 161/2

250/1

0.100 252

0.056 253/1

0.078 253/2/1

0.012 253/2/2

0.009 331

0.064 332/1

0.059 332/2

0.117 334

0.234 336/1

0.032 336/2

0.048 340

0.137 343

0.070 344

0.016 551

0.212 553

0.111 554/2

0.022 555

0.153 556

0.035 628

0.002

[भाग 1 (1)

(2)

0.129 629

647/1

0.013 656

0.026 657/1

0.047

0.075 657/2

0.075 657/3

657/4

0.049 659/2

0.039

0.081 660/1

660/2

0.072 661/1

0.112 663

0.124 664/1

0.095

0.010 665/2

0.093 718/1

718/2

0.012

0.139 720

722

0.044

0.188 723

728/2

0.149

0.075 731/2

732

0.094

0.208 733/2

943/340

0.105

5.018

योग ..

(2 ) बरियारपुर बांयी नहर परियोजना की उमराहा शाखा नहर से खडेही वितरक नहर की आर . 2 माइनर के भू-अर्जन हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए उक्त भूमि की आवश्यकता है.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , लवकुशनगर में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

291

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दमोह , दिनांक 17 जनवरी 2012

प्र.क्र. 143-82 वर्ष 2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील- हटा

(ग ) नगर/ ग्राम- देवरी फतेहपुर

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.68 हेक्टेयर .

खसरा

अर्जित रकबा नम्बर

(हे. में) (1)

(2) 415

0.20 417/1

0.15 418

0.13 419/1

0.05 419/2

0.05 420/1

0.10 420/2

योग 0.68 (2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- बिंती मडियादो मार्ग से हिनमतपटी काईखेडा मार्ग के निर्माण के अर्जन में आने वाली भूमि का निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी, हटा एवं भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि.भ/स दमोह संभाग दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

( 5 ) उल्लिखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .

प्र.क्र. 143-82 वर्ष 2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील- हटा

(ग) नगर/ ग्राम- रसीलपुर

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.20 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा ( हे. में )

(2) (1)

1207

0.15

0.05 1208

योग . 0.20 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- रसीलपुर रसौंटा छेवला दुबे मार्ग के निर्माण के अर्जन में आने वाली भूमि के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , हटा एवं भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि.भ/स दमोह संभाग दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(5 ) उल्लिखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानंद दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग डिण्डौरी , दिनांक 19 जनवरी 2012

क्र- भू-अर्जन- ( अ-82 ) -11-12-45ए. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित 292

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील - डिण्डौरी

(ग) ग्राम- बरगा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-24.76 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

(1)

अर्जित रकबा (हे. में) (2)

शीर्ष कार्य निजी भूमि

250

0.07 251

0.13 252

0.27 253

0.26

0.70 254

255/1

0.40 255/2

1.20

2.00 255/3

255/4

0.26 255/5

0.20 255/6

0.37 256

0.08 257

0.10 258

0.07 259/1

0.05 259/2

0.32 260

1.42

0.25 261

262

0.09 263

3.83 264/1

1.13 264/2

1.21 264/3

0.80 264/4

0.80 264/5

0.08

(2)

(1)

270

0.37

2.35 271

273

0.30

0.14 275/1 (क)

1.10 275/1 (ख)

275/2

0.60

0.79 276

0.55 278

22.29

योग .

नहर कार्य निजी भूमि

0.06 64

0.06 65

0.05 78

0.05 79

0.05 83/1

0.07 84

88

0.02

0.03 89

0.03 90

0.04 91

0.04 94

0.06 96

0.07 98/1

0.05 151/2

0.17 153/1

0.04 165

0.10 168

0.10 169

170

0.06

0.23 174

0.07 175

0.06 176

0.26 210

219

0.13 246

0.05

0.05 248

0.07 225

0.14 104 भाग 1 ]

293

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

(2) (1)

0.20 108

109

0.06

2.47

योग .

24.76 कुल निजी भूमि योग .

शासकीय भूमि

3.03 265 , 272 , 277

योग . 3.03 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बरगा जलाशय योजना शीर्ष एवं नहर कार्य हेतु .

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी, डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र भू-अर्जन- ( अ-82 ) -11-12-46ए. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील- डिण्डौरी

(ग) ग्राम- मुरता रै. प. ह. नं. 51/104 , रा. नि. मं. अमरपुर.

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.024 हेक्टेयर.

खसरा

रकबा नम्बर

(हे. में) (1)

(2)

0.077 64/1

64/2

0.077 64/3

0.077

0.077 64/4

65

0.068 68

0.132 69/2

0.068 70/1

0.144

(2) (1)

0.144 70/2

योग .. 0.864

0.16 मध्यप्रदेश शासन, -52

कुल योग . 1.024 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- मुरता जलाशय योजना ग्राम डूंडीसरई शीर्ष एवं नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष कार्यालय भू- अर्जन शाखा में किया जा सकता है .

क्र- भू-अर्जन- ( अ-82 ) -11-12-47ए. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील- डिण्डौरी

(ग ) ग्राम- डूंडीसरई, प. ह. नं. 51/104, रा. नि. मं. अमरपुर.

(घ) लगभग क्षेत्रफल-42.758 हेक्टेयर.

सर्वे

रकबा नम्बर

(हे. में )

(2) (1)

121

1.351

0.800 122

0.915 123/1

123/2

0.915

0.800 126

0.500 127/1

127/2

0.500 127/3

0.200

0.210 127/4

127/5

0.500

0.310 128

0.430 82/1

0.440 82/2

83

1.200 294

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 जनवरी 2012

(1)

(2)

0.650 84

81

0.470 87

0.420 80

0.930 79

0.790 78

1.150 76

1.000 75

1.000 74

1.351 72/1

0.565 72/2

0.565 72/3

0.565 72/4

0.565 70/1

0.285 70/2

0.276 70/3

0.276 69

0.400

0.600 141

142

2.130 143/1

0.100 143/2

0.100 143/3

0.100 143/4

0.100 143/5

0.100 143/6

0.100 144

0.855 145/1

1.120 145/2

1.110 146/1

0.540 146/2

0.540 147/1

1.425 147/2

1.420

0.821 144, 375

71/1

0.060 71/2

0.060 68/1

0.085 68/2

0.085 148

0.119 150

0.571

(2)

(1)

0.064 60.00

0.051

62/1

0.087 43/3

42/1

0.040 42/3

0.040 42/4

0.040

0.040 41/3

196/1

0.144

0.028 249

325/2

0.026 325/3

0.026 325/4

0.026 326/2

0.033 326/6

0.033 175.00

0.136

0.008 176.00

177/3

0.035

0.035 178

0.054 179/1

179/5

0.054

0.080

172.00

330.00

0.144

0.084 333/1

333/2

0.084 334.00

0.168 362/1

0.039

363.00

0.260 364.00

0.128 374/2

0.078

374/3

0.078 248/1

0.021

248/2

0.021 248/3

0.021 257/2

0.057 258.00

0.024 259.00

0.020 274.00

0.124 273/1

0.026 भाग 1 ]

295

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

(2) (1)

273/2

0.026 306.00

0.096 305/1

0.042 305/3

0.042 301.00

0.072 302.00

0.056 294.00

0.005 298.00

0.052

0.057 295/2

0.057 295/5

295/9

0.057 293/1

0.062 293/2

0.062

35.613

कुल योग

मध्यप्रदेश शासन

116 , 125 , 129 , 77 , 73 ,

7.145 149 , 57, 61 , 45 , 193 ,

195 , 185 , 329 , 173 , 370 ,

88 , 151 .

कुल योग 42.758 ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- मुरता जलाशय योजना ग्राम डूंडीसरई शीर्ष एवं नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष कार्यालय भू- अर्जन शाखा में किया जा सकता है.

क्र-भू- अर्जन ( अ-82 ) -11-12-48ए. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील- डिण्डौरी

(ग) ग्राम- बरछा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 27.00 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा ( हे. में )

(2)

(1)

शीर्ष कार्य निजी भूमि

2

0.85

0.88 3

4

0.82

0.93 6

0.25 8

0.33 9

3.50 10

0.11 11

0.37 12

1.10 13

14

0.35 15

0.90

0.18 16

17

0.98

0.12 18

0.20 27

32

0.09

0.20 38/502

0.02 39

0.02 352

1.18 58

0.80 59

1.62 60

1.50 61

62

1.65

0.95 70

0.08 72

1.52 73

0.60 74/2

1.20 74/3

0.77 75

1.28 63

1.50 64

0.15 100

योग .. 27.00 296

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 जनवरी 2012

(2) (1)

शीर्ष कार्य शास. भूमि

6.93 5, 7 , 37, 38 , 351 , 366 , 57 , 71 , 74/1 , 76

योग . 6.93 ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- रकरिया जलाशय योजना के शीर्ष निर्माण कार्य हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र-भू- अर्जन- ( अ-82 ) -11-12-49ए. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील- डिण्डौरी

(ग ) ग्राम- झिंझरीमाल

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.40 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा खसरा

नम्बर

(हे. में) (1)

(2) नहर कार्य निजी भूमि

647

0.03 629

0.04 631

0.02 630

0.03

0.08 644

643/2

0.08 640

0.08

0.03 639

0.03 617

0.07 615

614

0.08

0.06 546

611

0.06

(2) (1)

0.09 610/2

0.04 610/1

0.08 643/2

556

0.12

0.05 555

0.04 554

0.02 553

0.06 568

0.08 569

0.03 571

0.10 573

1.40

योग

नहर कार्य शास. भूमि

646 , 632 , 642 , 549 , 567 0.15

योग . 0.15 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पिण्डरूखी डायवर्सन योजना के नहर निर्माण कार्य हेतु .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी, डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र- भू-अर्जन- ( अ-82 )-2011-12-50ए. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील - डिण्डौरी

(ग ) ग्राम - पिण्डरूखी मा.

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-4.67 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हे. में) (2) नम्बर (1)

शीर्ष कार्य निजी भूमि

0.46 190 भाग 1 ]

297

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

(1)

(2) 494/627

0.64

0.48 191

494

0.51 495

0.48 500

0.12 502

0.13 503

0.10 504

0.06

2.98 नहर कार्य निजी भूमि

10

0.17 16

0.05 17

0.05 147

0.28 624/40

0.02 40

0.12 122

0.24 118

0.03 121

0.16 120

0.06 203/1

0.07 207

0.18 208

0.03

0.08 198

197

0.08 190

0.07

योग 1.69

शासकीय भूमि

0.71 496 , 497 , 498 , 501

152, 146 , 205 , 206 , 199

योग 0.71 ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पिण्डरूखी डायवर्सन योजना के शीर्ष एवं नहर निर्माण कार्य हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी, डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र- भू-अर्जन-( अ-82 ) -2011-12-51ए.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील-डिण्डौरी

(ग ) ग्राम- आमाडोंगरी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.49 हेक्टेयर .

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा नम्बर

(हे. में) (1)

(2) नहर कार्य निजी भूमि

0.08 191

254

0.02

0.05 251

0.01 236

221

0.04 225

0.03 186

0.02

0.02 1027

1028

0.06

0.01 1032

1033

0.03

0.02 1034

1086

0.03

0.02 1073

1088

0.04 1059

0.14

0.03 1051

1050

0.03

0.06 1038

0.07 188

189

0.03 190

0.03 298

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

(1)

(2) 253

0.02

0.02 257

259

0.03 258

0.01 277

0.13 279

0.03 278

0.04 नहर कार्य निजी भूमि

0.02 235/1

260/2

0.01

0.02 235/2

0.02 235/3

187/1

0.02

0.02 187/3

185/2

0.02

0.02 1070/1

0.03 1070/3

0.04 1071/4

1061/2

0.04 1090/2

0.02 1076

0.03

0.03 1062

योग 1.49

शासकीय भूमि

0.09 244 , 1037 , 1077 , 1087 ,

1089, 255 , 1075

0.09

योग

1.58

कुल योग

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- नीमटोला डायवर्सन स्कीम नहर कार्य हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी, डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र- भू-अर्जन-( अ-82 ) -2011-12-52ए. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील-डिण्डौरी

( ग) ग्राम- पड़रिया डोंगरी

( घ) लगभग क्षेत्रफल-2.45 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा ( हे . में)

(2) (1)

नहर कार्य निजी भूमि

0.13 448

0.06 454

0.03 455

0.03 544

0.04 543

0.15 550

0.04 560

0.08 564

562

0.02

0.06 622

0.11 625

0.08 381

0.05 174

0.02 494

0.01 493

0.07 492

491

0.03

0.04 529

0.07 533

0.01 446

0.03 532/3

532/2

0.03

0.03 532/1

534/2

0.04

0.04 534/1 भाग 1 ]

299

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

(1)

(2) 466/5

0.04. 466/4

0.05 465/3

0.03 464/1

0.08 450/2

0.03 450/1

0.03 561/2

0.05 659/1

0.07 372/5

0.02 नहर कार्य निजी भूमि

375/8

0.02 375/1

0.05 379/1

0.06 380/1

0.02 372/2

0.02 614

0.04 453/1

0.02 451/2

0.01 463/2

0.01 187

0.02 659/2

0.07 451/3

0.01

योग 2.05

शासकीय भूमि

0.40 549 , 555 , 560 , 563 ,

591 , 627 , 626 , 645 ,

644, 68 , 374 , 376 ,

535, 559 .

योग .. 0.40 कुल योग 2.45 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- नीमटोला. डायवर्सन स्कीम नहर कार्य हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र भू-अर्जन-( अ-82 ) -2011-12-53ए. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील- डिण्डौरी

(ग ) ग्राम- बजाग रै.

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.57 हेक्टेयर

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा ( हे. में ) (1)

(2) शीर्ष कार्य निजी भूमि

81

0.30

0.19 82

0.07 85

0.94 79

86

0.07

योग निजी भूमि .. 1.57

शासकीय भूमि

266

0.30 योग 0.30 कुल योग 1.87 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- नीमटोला डायवर्सन स्कीम शीर्ष कार्य हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र भू- अर्जन-(अ -82) -2011-12-54ए. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की 300

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जनवरी 2012

धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील- डिण्डौरी

(ग ) ग्राम- बिजौरा मा .

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.39 हेक्टेयर

खसरा नम्बर

(1)

अर्जित रकबा (हे. में) (2) शीर्ष कार्य निजी भूमि

391/1

0.40 391/2

0.46 389

0.76 390

1.13 378/4

0.18 योग 2.93 नहर कार्य निजी भूमि

286

0.05 288

0.13 371

0.11 377

0.04 378/2

0.02 378/3

0.05 378/4

0.05 289

0.01

योग 0.46 कुल योग निजी भूमि . 3.39

शासकीय भूमि

2.48 378/1 , 358 , 359 , 392 ,

287 , 370, 383

योग . 2.48

[भाग 1 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- नीमटोला डायवर्सन स्कीम शीर्ष एवं नहर कार्य हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र भू-अर्जन ( अ-82 ) -2011-12-55ए. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील- डिण्डौरी

(ग ) ग्राम- मिढली रै.

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.40 हेक्टेयर

अर्जित रकबा (हे. में) (2) खसरा नम्बर (1)

शीर्ष कार्य निजी भूमि

1.58

0.63 261 262 265

0.19 योग . 2.40

शासकीय भूमि

266 0.60 योग 0.60 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- नीमटोला डायवर्सन स्कीम शीर्ष कार्य हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी डिण्डौरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. वी. रश्मि , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

301 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 जनवरी 2012

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय , आयुक्त, वाणिज्यिक कर, मध्यप्रदेश

इन्दौर, दिनांक 25 जनवरी 2012

क्र. 1-09-41- बी- इक्कीस-75.- यतः, आयुक्त, मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर का यह समाधान हो गया है कि मध्यप्रदेश वेट अधिनियम, 2002 ( क्रमांक 20 सन् 2002 ) के अधीन कर अपवंचन का निवारण या उसे रोकने की दृष्टि से ऐसा करना आवश्यक है ;

अतएव, मध्यप्रदेश वेट अधिनियम, 2002 ( क्रमांक 20 सन् 2002 ) की धारा 57 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, आयुक्त, वाणिज्यिक कर, एतद्वारा , नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट स्थान पर अस्थायी जांच चौकी स्थापित करता है और नाके का निर्माण करता है. यह जांच चौकी 1 फरवरी 2012 से 6 माह की कालावधि के लिए स्थापित की जाती है:-

अनुसूची

जांच चौकी एवं नाके की अवस्थिति जांच चौकी एवं नाके के स्थान का नाम तथा विवरण (1)

(2)

थांदला- कुशलगढ़ मार्ग पर ( कुशलगढ़ की ओर ) 2-2.5 कि.मी. के बीच खजुरी, जिला झाबुआ थांदला- कुशलगढ़ मार्ग पर.

No. 1-09-41 - B - XXI - 75.- WHEREAS , the Commissioner of Commercial Tax , Madhya Pradesh is satisfied that it is necessary so to do with a view to prevent or check evasion of tax under the Madhya Pradesh Vat Act , 2002 (No. 20 of 2002) ;

NOW, THEREFORE , in exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 57 of the Madhya Pradesh Vat Act , 2002 (No. 20 of 2002 ) , the Commissioner , Commercial Tax , hereby , sets up temporary check post and erects barrier at the place specified in the Schedule below. This check post is setup for a period of six months from 1st February, 2012 :-

SCHEDULE

Location of check post and barrier

Name and description of place of check post and barrier (1)

(2)

Khajuri , District Jhabua on Thandla -Kushalgarh Road.

Between 2-2.5 Km . (towards Kushalgarh) , On Thandla - Kushalgarh Road .

शैलेन्द्र सिंह, आयुक्त.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 27 January 2012. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2012-01-27.04.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2012-01-27.04.Ordinary.