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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 24 February 2012

Type
Ordinary
Gazette no.
08
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2012-02-24.08.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
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मध्यप्रदे श शा स

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 8 ]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 24 फरवरी 2012- फाल्गुन 5 , शक 1933

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं,

(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग 4.- (क)

(3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (ख ) ( 1 ) अध्यादेश,

(3) संसद्के अधिनियम,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम , ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 6 फरवरी 2012

क्र. ई- 5-868 - आयएएस- लीव- 5 - एक.- ( 1 ) श्रीमती सुफिया फारूकी, आयएएस. , सहायक कलेक्टर, जिला सिंगरौली को दिनांक 30 जनवरी 2012 से 27 जुलाई 2012 तक 180 दिन का प्रसूती अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती सुफिया फारूकी को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सहायक कलेक्टर, जिला सिंगरौली के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में श्रीमती सुफिया फारूकी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती सुफिया फारूकी अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

क्र. ई - 5-406 - आयएएस लीव-5- एक ( 1 ) श्री डी. के. सामन्तरे, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग को दिनांक 28 फरवरी 2012 से 3 मार्च 2012 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 4 मार्च 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

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नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित---2012 .

574

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

(2) अवकाश से लौटने पर श्री डी. के. सामन्तरे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री डी. के. सामन्तरे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री डी. के. सामन्तरे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भोपाल , दिनांक 9 फरवरी 2012

क्र. ई - 5-857 - आयएएस लीव-5- एक. सुश्री आईरीन सिंथिया जे. पी . आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , भोपाल को दिनांक 6 फरवरी 2012 से 3 मार्च 2012 तक सत्ताईस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 5 फरवरी 2012 एवं 4 मार्च 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) सुश्री आईरीन सिंथिया जे. पी . की अवकाश की अवधि में श्री उमाशंकर भार्गव , संयुक्त कलेक्टर, जिला भोपाल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , भोपाल का प्रभार सौंपा जाता है .

( 3 ) अवकाश से लौटने पर सुश्री आईरीन सिंथिया जे. पी. को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, भोपाल के पद पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) सुश्री आईरीन सिंथिया जे. पी. द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री उमाशंकर भार्गव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, भोपाल के प्रभार से मुक्त होंगे .

( 5 ) अवकाशकाल में सुश्री आईरीन सिंथिया जे. पी. को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री आईरीन सिंथिया जे.पी. , अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

क्र. ई - 5-726 - आयएएस- लीव- एक- 5.- ( 1 ) श्री आर. के. श्रीवास्तव , आयएएस . , आयुक्त जनसंपर्क एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश माध्यम , मध्यप्रदेश राज्य कृषि उद्योग विकास निगम तथा

[ भाग 1 पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन , जनसंपर्क विभाग को दिनांक 31 जनवरी 2012 से 4 फरवरी 2012 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 5 फरवरी 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

( 2) अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. श्रीवास्तव को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, जनसंपर्क एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश माध्यम, मध्यप्रदेश राज्य कृषि उद्योग विकास निगम तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , जनसंपर्क विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में श्री आर. के. श्रीवास्तव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आर. के. श्रीवास्तव अवकाश नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 13 फरवरी 2012

क्र. ई- 5-561 - आयएएस- लीव - 5- एक. ( 1 ) श्री टी . धर्माराव , आयएएस. , कमिश्नर, रीवा संभाग, रीवा को दिनांक 27 फरवरी 2012से 3 मार्च 2012 तक, छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 26 फरवरी 2012 एवं 4 मार्च 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2 ) श्री टी. धर्माराव की अवकाश अवधि में श्री प्रदीप खरे , आयएएस. कमिश्नर, शहडोल संभाग , शहडोल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कमिश्नर, रीवा संभाग , रीवा का प्रभार सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री टी. धर्माराव को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कमिश्नर, रीवा संभाग , रीवा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री टी. धर्माराव द्वारा कनिश्नर, रीवा संभाग , रीवा का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री प्रदीप खरे, कमिश्नर , रीवा संभाग रीवा के प्रभार से मुक्त होंगे .

( 5 ) अवकाशकाल में श्री टी. धर्माराव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

भाग 1 ]

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री टी. धर्माराव, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई-5-471- आयएएस लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री सुदेश कुमार, आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, सार्वजनिक उपक्रम तथा आयुष विभाग को दिनांक 21 से 25 फरवरी 2012 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

( 2 ) श्री सुदेश कुमार की अवकाश अवधि में श्री संजय कुमार सिंह, आयएएस, प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, सार्वजनिक उपक्रम तथा आयुष विभाग का प्रभार सौंपा जाता है.

( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री सुदेश कुमार को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन, सार्वजनिक उपक्रम तथा आयुष विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) श्री सुदेश कुमार द्वारा प्रमुख सचिव , सार्वजनिक उपक्रम तथा आयुष विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री संजय कुमार सिंह , सार्वजनिक उपक्रम तथा आयुष विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे .

( 5 ) अवकाशकाल में श्री सुदेश कुमार को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री सुदेश कुमार, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई. 1-469-2010-5- एक. श्री अनिल श्रीवास्तव , भाप्रसे (1985 ) आयुक्त, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा तथा पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की सेवाएं भारत सरकार , कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन के अन्तर्गत संयुक्त महानिदेशक ( संयुक्त सचिव स्तर ) , सिविल ऐविएशन के पद पर नियुक्ति के लिये सौंपी जाती है .

भोपाल , दिनांक 15 फरवरी 2012

क्र. ई- 5-372 - आयएएस-लीव- एक-5.-( 1 ) डॉ. पुखराज मारू, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , श्रम विभाग को दिनांक 5 से 9 मार्च 2012 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 4 एवं 10,11 मार्च 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(2) डॉ. पुखराज मारू की अवकाश की अवधि में श्री संजय कुमार सिंह , आयएएस . , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, श्रम विभाग का प्रभार सौंपा जाता है.

(3) अवकाश से लौटने पर डॉ. पुखराज मारू को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, श्रम विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) डॉ. पुखराज मारू द्वारा प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , श्रम विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री संजय कुमार सिंह, श्रम विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में डॉ. पुखराज मारू को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. पुखराज मारू, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई-5-771 - आयएएस- लीव- एक- 5.-( 1 ) डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, आयएएस. , कलेक्टर, जिला खरगौन को दिनांक 21 से 25 फरवरी 2012 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 18 , 19 , 20 एवं 26 फरवरी 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2 ) डॉ. नवनीत मोहन कोठारी की अवकाश अवधि में श्री आनन्द जैन, अपर कलेक्टर, जिला खरगौन को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कलेक्टर जिला खरगौन का प्रभार सौंपा जाता है.

(3) अवकाश से लौटने पर डॉ. नवनीत मोहन कोठारी को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर , जिला खरगौन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) डॉ. नवनीत मोहन कोठारी द्वारा कलेक्टर, जिला खरगौन का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री आनन्द जैन, कलेक्टर, जिला खरगौन के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में डॉ. नवनीत मोहन कोठारी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. नवनीत मोहन कोठारी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

576

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

क्र. ई- 1-306-2011-5- एक. श्री एम. के. वाष्र्णेय , भाप्रसे (1991 ) आयुक्त- सह- संचालक, भोपाल गैस राहत एवं पुनर्वास तथा सचिव, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव , 2012 में दिनांक 8 फरवरी 2012 से प्रेक्षक के पद पर रहने के फलस्वरूप उनकी निर्वाचन अवधि में , श्री अश्विनी कुमार राय, भाप्रसे ( 1990 ) , नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्यप्रदेश को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ आयुक्त- सह- संचालक, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

भोपाल , दिनांक 27 जनवरी 2012

क्र. एफ 3-2-2012- एक-4.- राज्य शासन, महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती दिनांक 11 अप्रैल 2012 बुधवार को प्रदेश के शासकीय कार्यालयों तथा संस्थाओं के लिये ऐच्छिक अवकाश घोषित करता है.

उक्त ऐच्छिक अवकाश को इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-3-6/2011 - एक 4, दिनांक 3 नवम्बर 2011 के अनुक्रम में ऐच्छिकअवकाश की सूची में सम्मिलित किया जाता है. यहां यह भी स्पष्ट किया जाता है कि प्रत्येक शासकीय सेवक को वर्ष 2012 में घोषित ऐच्छिक अवकाशों में से केवल तीन दिन के अवकाश लेने की पात्रता होगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. सी. पंत, उपसचिव.

भोपाल , दिनांक 6 फरवरी 2012

क्र. ई- 5-888 - आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री कर्मवीर शर्मा, आयएएस. , सहायक कलेक्टर , जिला होशंगाबाद को दिनांक 23 जनवरी 2012 से 17 फरवरी 2012 तक, छब्बीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री कर्मवीर शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सहायक कलेक्टर, जिला होशंगाबाद के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

( 3) अवकाशकाल में श्री कर्मवीर शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री कर्मवीर शर्मा, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

[ भाग 1 क्र. ई- 5-877 - आयएएस लीव-5- एक. ( 1 ) श्री अमित तोमर, आयएएस. , अनुविभागीय अधिकारी, सीहोरा को दिनांक 2 से 13 जनवरी 2012 तक, बारह दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

( 2) अवकाश से लौटने पर श्री अमित तोमर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अनुविभागीय अधिकारी , सीहोरा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में श्री अमित तोमर को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अमित तोमर, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई- 5-702 - आयएएस - लीव - 5 - एक.- ( 1 ) श्री प्रदीप खरे , आयएएस. , कमिश्नर, शहडोल संभाग , शहडोल को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 7 जनवरी 2012 द्वारा दिनांक 23 से 30 जनवरी 2012 तक, आठ दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश के क्रम में दिनांक 31 जनवरी 2012 से 1 फरवरी 2012 तक दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 21 , 22 जनवरी 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

( 2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 7 जनवरी 2012 की शेष कंडिकायें यथावत् रहेंगी.

भोपाल , दिनांक 9 फरवरी 2012

क्र. ई- 5-814 - आयएएस - लीव - 5 - एक.-( 1 ) श्रीमती उर्मिल मिश्रा, आयएएस. , अपर आयुक्त, भोपाल/नर्मदापुरम संभाग को दिनांक 16 से 19 जनवरी 2012 तक चार दिन का लघुकृत अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती उर्मिल मिश्रा को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर आयुक्त, भोपाल/ नर्मदापुर संभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्रीमती उर्मिल मिश्रा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती उर्मिल मिश्रा अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

भाग 1 ]

577

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

क्र. ई - 5-908 - आयएएस- लीव-5- एक. ( 1 ) श्री शशांक मिश्रा, आयएएस. , वि.क.अ. सह- अपर कलेक्टर, जिला राजगढ़ को दिनांक 23 से 29 जनवरी 2012 तक सात दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री शशांक मिश्रा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न वि.क.अ.- सह- अपर कलेक्टर, जिला राजगढ़ के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री शशांक मिश्रा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री शशांक मिश्रा, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , व्ही. एस. तोमर, अवर सचिव " कार्मिक " भोपाल, दिनांक 6 फरवरी 2012

क्र. ई . - 1-19-2012-5- एक. नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाये भाप्रसे के अधिकारियों को मुख्य सचिव वेतनमान में पदोन्नत करते हुए, उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाये गए पद पर अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है :-

तालिका

अधिकारी का

क्रमांक

मुख्य सचिव

वेतनमान में

पदोन्नति पर

नाम तथा वर्तमान

पदस्थापना

पदस्थापना

(1)

(2)

(3)

खाना( 3) में अंकित पद असंवर्गीय होने की दशा में संवर्गीय पद जिसके समकक्ष पदस्थ किया गया है (4)

अध्यक्ष राजस्व मंडल

अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, चकित्सा शिक्षा विभाग .

1. श्री आई.एस. दाणी (1980 ), प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन ,

चिकित्सा शिक्षा विभाग ,

2. श्री अन्टोनी जे.सी. डिसा अपर मुख्य सचिव

अध्यक्ष राजस्व मंडल (1980 ) , प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन,

खाद्य, नागरिक आपूर्ति

एवं उपभोक्ता संरक्षण

खाद्य , नागरिक आपूर्ति

मध्यप्रदेश शासन, एवं उपभोक्ता संरक्षण एवं परिवहन विभाग .

एवं परिवहन विभाग.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,

अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

राजस्व विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 8 फरवरी 2012

क्र. एफ. 15-2-2011- सात शाखा 6. मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( क्रमांक 20 सन् 1959 ) की धारा 24 की उपधारा ( 1 ) की शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , उक्त संहिता की धारा 68 , 70, 72 , 107 , 108 , 109 , 110 , 114, 118 , 119 , 120, 124 , 125 , 129 , 130, 131 , 233 , 234 , 235, 236, 237, 242 , 243, 244, 245 तथा 246 के अधीन राजस्व अधिकारी की शक्तियां , उक्त संहिता की धारा 108 के अधीन वन ग्रामों के भू- अभिलेखों को तैयार करने के लिए, राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को प्रदत्त करती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनोज श्रीवास्तव , प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 8 फरवरी 2012

क्र. एफ. 15-2-2011- सात- शा.6 . भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ. 15-2-2011 - सात- शा.6 , दिनांक 8 फरवरी 2012 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनोज श्रीवास्तव , प्रमुख सचिव.

Bhopal , the 8th February 2012

No. F. 15-2-2011 - VII - Sec.6 . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 24 of the Madhya Pradesh Land Revenue Code , 1959 (No. 20 of 1959 ) , the State Government , hereby, confer the power of Revenue Officer under Section 68 , 70 , 72 , 107, 108 , 109 , 110, 114, 118, 119 , 120 , 124, 125 , 129 , 130 , 131 , 233 , 234 , 235 , 236 , 237, 242 , 243 , 244, 245 and 246 of the said Code an Officer authorized by the State Government for preparing the Land Records of forest villages land under Section 108 of the said Code .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , MONOJ SRIVASTAV, Principal Secy .

578

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 8 फरवरी 2012

क्र. एफ 9-2-2006- अट्ठावन. मध्यप्रदेश शासन द्वारा मध्यप्रदेश राज्य कृषि उद्योग विकास निगम के मेमोरेण्डम एण्ड आर्टिकली ऑफ एसोसिएशन के आर्टिकल्स -74 ( ए ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए निगम के संचालक मण्डल में निम्नानुसार अधिकारियों को सदस्य मनोनीत किया जाता है :-

1. श्री मदन मोहन उपाध्याय , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , उद्योनिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग.

2. श्री आर. के. स्वाई, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, टी. आर. काटवाले , अवर सचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 9 फरवरी 2012

फा. क्र. 17 (ई ) 5-2012- इक्कीस ब ( एक ) .- राज्य शासन, उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी , श्री सी. एम. गर्ग , अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं पीठासीन अधिकारी , मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम , भोपाल की सेवाएं, आयकर अपीलीय अधिकरण , नई दिल्ली में न्यायिक सदस्य के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से , अस्थायी रूप से , आगामी आदेश होने तक, एतद्वारा , भारत सरकार, विधि एवं न्याय मंत्रालय , नई दिल्ली को सौंपता है .

भोपाल , दिनांक 14 फरवरी 2012

क्र. फा. 3 ( बी ) 6-2011- इक्कीस ब( एक ) .-(मेरिट क्र. 04 ) राज्य शासन, श्री गौरव अग्रवाल पुत्र श्री रामबाबू अग्रवाल को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश, वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश होने तक, अस्थायी रूप से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090-920- 40450-1080-44470 में एतद्वारा नियुक्त करता है.

अभ्यर्थी का गृह जिला ग्वालियर है. उसकी जन्मतिथि 16 फरवरी , 1983 है.

फा. क्र. 3 ( बी) 6-2011 - इक्कीस- ब( एक) .-( मेरिट क्र. 20 ) राज्य शासन, श्री कमलेश साहू, पुत्र श्री नेशन साहू को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश , वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश होने तक, अस्थायी रूप से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090-920-40450-1080- 44470 में एतद्वारा नियुक्त करता है.

अभ्यर्थी का गृह जिला बैतूल है . उसकी जन्मतिथि 28 जुलाई, 1979 है.

फा. क्र. 3 ( बी ) 6-2011 -इक्कीस- ब ( एक ) . (मेरिट क्र. 28 ) राज्य शासन , श्री मोहम्मद असलम देहलवी पुत्र श्री मोहम्मद युसुफ देहलवी को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश, वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश होने तक, अस्थायी रूप से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090- 920-40450-1080-44470 में एतद्वारा नियुक्त करता है .

अभ्यर्थी का गृह जिला इंदौर है . उसकी जन्मतिथि 25 दिसम्बर, 1978है.

फा. क्र. 3 ( बी ) 6-2011- इक्कीस - ब ( एक ) .-(मेरिट क्र. 33 ) राज्य शासन, सुश्री स्मृति सिंह पुत्री श्री एम. एस. भगाडिया को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश, वर्ग-2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश होने तक, अस्थायी रूप से , उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090-920- 40450-1080-44470 में एतद्वारा नियुक्त करता है .

अभ्यर्थी का गृह जिला जबलपुर है . उसकी जन्मतिथि 11 नवम्बर, 1984 है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. डी. खान , प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 6 फरवरी 2012

फा. क्र. 1 ( सी) 09 - एट्रोसिटी- इक्कीस - ब ( दो ) -2012.- राज्य शासन, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 15 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अधीन पी. सी. दुबे, उप संचालक, अभियोजन, जिला उज्जैन मध्यप्रदेश को उज्जैन जिले के लिये विशेष लोक अभियोजन की शक्तियां उनकी उक्त पदस्थापना तक की अवधि के लिये प्रदान करता है .

भाग 1 ]

579

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

भोपाल , दिनांक 8 फरवरी 2012

फा. क्र. 17( ई ) 377-05- इक्कीस ब ( दो ) -2012.- राज्य शासन, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अधिकरण , भोपाल के समक्ष राज्य शासन की ओर से पक्ष समर्थन करने हेतु श्री रोहित प्र. श्रोती , अधिवक्ता, को आदेश जारी होने के दिनांक से दो वर्ष के लिए पैनल अधिवक्ता नियुक्त करता है.

( 2 ) किसी भी पक्ष द्वारा एक माह का सूचना पत्र देकर यह नियुक्ति समाप्ति की जा सकती है.

(3 ) मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अधिकरण के पैनल अधिवक्ताओं को प्रत्येक पेशी पर रुपये 300/ - की दर से शुल्क देय होगा , जिसकी अधिकतम सीमा रुपये 1500/- होगी. एक ही दिन में एक से अधिक प्रकरणों में उपस्थित होकर प्रभावी कार्यवाही करने पर शुल्क की अधिकतम सीमा रुपये 500/- होगी. यदि प्रकरण में एक ही तिथि पर कार्यवाही समाप्त हो जाती है तो रुपये 300/ - शुल्क देय होगा.

(4 ) उक्त व्यय मांग संख्या -17 सहकारिता एक, राजस्व अनुभाग- 2425, सहकारिता- 101-निर्देशन और प्रशासन ( 5026 ) अभिभाषकों की फीस का भुगतान 23 - अन्य प्रभार के अंतर्गत विकलनीय होगा. जिसका भुगतान सहकारिता विभाग द्वारा किया जावेगा.

भोपाल , दिनांक 13 फरवरी 2012

फा. क्र. 1 ( बी ) 11-2004 - इक्कीस - ब ( दो) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा , श्री दिलीप कुमार गोयल पुत्र श्री बुधमलजी गोयल , अधिवक्ताको उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधिके लिये गुना सत्र खण्ड के गुना राजस्व जिले के लिये लोक अभियोजक, गुना नियुक्त करता है , तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. जे. खान , सचिव.

गृह विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 9 फरवरी 2012

क्र. एफ-1 (ए) 73-2008- ब-2- दो. पुलिस मुख्यालय के आदेश क्र. 2758-11 , दिनांक 30 सितम्बर 2011 द्वारा श्री अनुराग , भापुसे, तत्का. पुलिस अधीक्षक, भिण्ड को दिनांक 10 से 22 अक्टूबर 2011 तक तेरह दिवस अर्जित अवकाश , स्वीकृत किया गया है. राज्य शासन द्वारा उक्त अवकाश अवधि में उन्हें खण्ड वर्ष 2010-13 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2010-11 में गृह नगर यात्रा के तहत सपरिवार " पटना ( बिहार ) " अवकाश यात्रा पर जाने की कार्योत्तर अनुमति दी जाती है:-

स्वयं

(1) श्री अनुराग

(2) श्रीमती पदमप्रिया पत्नि

पुत्री

(3) कु. सुप्रज्ञा

पुत्री

(4) कु. शिवांगी

क्र. एफ. 1 ( ए) 186-1991- ब-2-दो. श्री अजय कुमार शर्मा, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, रा.आ.अ.अ. ब्यूरो , भोपाल को दिनांक 7 मई 2012 से 8 जून 2012 तक, कुल तैंतीस दिवस के अर्जित अवकाश की दिनांक 6 मई 2012 एवं दिनांक 9 , 10 जून 2012 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृति प्रदान की जाती है .

(2 ) श्री अजय कुमार शर्मा, भापुसे के अवकाश अवधि में उनका कार्य श्री आदर्श कटियार, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, रा.आ.अ.अ. ब्यूरो , भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री अजय कुमार शर्मा, भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, रा.आ.अ.अ. ब्यूरो , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री अजय कुमार शर्मा , भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, रा.आ.अ.अ. ब्यूरो , भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका -2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .

(5) अवकाशकाल में श्री अजय कुमार शर्मा, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अजय कुमार शर्मा, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक दास , अपर मुख्य सचिव.

वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 10 फरवरी 2012

क्र. एफ- 13-2-12-अ- ग्यारह. इंडियन बायलर्स एक्ट, 1923 की धारा 34 ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन, नेशनल फर्टिलाईजर्स लिमिटेड, गुना के वाष्पयंत्र क्रमांक एम. पी. 4462 को निम्नलिखित शर्तों पर उक्त अधिनियम की धारा 580

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

[भाग 1 6 ( सी) के उपबंधों के प्रवर्तन से दिनांक 22 जनवरी 2012 से 21 अप्रेल 2012 तक तीन माह के लिये छूट देता है: -

(4) नियत कालिक सफाई और नियमित रूप से गैस निकलने (रेग्युलर ब्लोडाऊन ) का कार्य किया जावेगा और उसका अभिलेख रखा जावेगा.

( 5 ) मध्यप्रदेश बायलर नियम, 1969 के नियम 6 की अपेक्षानुसार संदर्भाधीन बायलर के संबंध में वार्षिक निरीक्षण शुल्क अग्रिम दी जावेगी एवं

( 1 ) संदर्भाधीन बायलर को पहुंचने वाली किसी भी हानि की सूचना बायलर्स अधिनियम, 1923 की धारा 18 ( 1 ) की अपेक्षानुसार तत्काल बायलर मुख्य निरीक्षक मध्यप्रदेश, इन्दौर को दी जावेगी एवं दुर्घटना होने के दिनांक से छूट की मान्यता समाप्त समझी जावेगी.

( 6 ) यदि राज्य शासन आवश्यक समझे तो प्रश्नांकित छूट में संशोधन कर सकता है अथवा उसे वापस ले सकता है .

(2 ) उपर्युक्त अधिनियम की धारा 13 की अपेक्षानुसार बायलर मुख्य निरीक्षक मध्यप्रदेश के पूर्वानुमोदन के बिना संदर्भाधीन बायलर में किसी प्रकार का संरचनांत्मक परिवर्तन अथवा नवीनीकरण नहीं किया जावेगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

मोहम्मद रफीक खान , उपसचिव..

(3 ) संदर्भाधीन बायलर का सरसरी दृष्टि से निरीक्षण किये जाने पर यदि यह खतरनाक स्थिति में पाया गया तो यह छूट समाप्त हो जावेगी .

विधि और विधायी कार्य विभाग

भोपाल , दिनांक 4 फरवरी 2012

फा. क्र. 17 (ई ) -43-2009-232- इक्कीस ब( एक ) 12. ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 ( 2009 का 4 ) की धारा 5 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से , एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 17 (ई ) 43-2009-3835- इक्कीस - ब ( 1 ) , दिनांक 20 मई, 2011 में , निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थात् :-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में, सारणी में , अनुक्रमांक 10, 40 तथा 41 एवं उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्:-

सारणी

न्यायाधिकारी

सिविल जिले

ग्राम न्यायालय अनुक्रमांक

का नाम

पदस्थापना का स्थल

का नाम

के मुख्यालय का नाम

मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत के लिए ग्राम न्यायालय का नाम

(1)

(2)

(3)

(4)

(6)

(5)

"10.

श्री रामगोपाल प्रजापति

मुलताई

बैतूल

मुलताई

मुलताई

40.

श्रीमती गीता सोलंकी

झाबुआ

झाबुआ

1. झाबुआ

1. झाबुआ

41.

2. थांदला. "

2. थांदला

टिप्पणी:- जहां किसी सिविल जिले में दो ग्राम न्यायालयों के लिये एक समान न्यायाधिकारी हैं, वहां ऐसे समान न्यायाधिकारी प्रत्येक माह में 15 दिन की निरंतरता में आने वाले प्रत्येकं सोमवार एवं शुक्रवार को ग्राम न्यायालय की बैठक करेंगे .

भाग 1 ]

581

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

F. No. 17 (E )43-2009-232 - XXI - B ( 1 ) -12 . In exercise of the powers conferred by Section 5 of the Gram Nyayalayas Adhiniyam, 2008 ( No. 4 of 2009) , the State Government, in consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby, makes the following amendment in this Department's Notification F. No. 17 (E) 43-2009-3835 -XXI- B ( 1 ) , dated 20th may, 2011 , namely:-

AMENDMENT

In the said Notification , in the table , for serial number 10 , 40 and 41 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto , shall be substituted , namely : ---

TABLE

S. No.

Name of Gram

Name of

CivilDistrict

Name of Nyayadhikari

Place of Posting

Name of Headquarter ofGram Nyayalaya

Nyayalaya for Panchayat at Intermediate level

(2)

(1)

(4)

(5)

(3)

(6) "10.

Multai

Betul

Multai

Multai Shri Ram Gopal Prajapati

40.

Jhabua

Smt . Geeta Solanki

Jhabua

1. Jhabua

1. Jhabua 41.

2. Thandla

2. Thandla .. " Note :-Where there are one common Nyayadhikari for two Gram Nyayalayas of Civil District in that case such common Nyayadhikari shall preside each Gram Nyayalaya on Monday & Friday falling in continuity of 15 days in each month .

भोपाल , दिनांक 9 फरवरी 2012

फा. क्र. 4-1-2002- इक्कीस - ब ( एक) .- राज्य शासन , इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 14 अगस्त 2002 के अनुक्रम में उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम , 1994 ( 1984 का सं. 66 ) की धारा 4 के अधीन गठित कुटुम्ब न्यायालयों में मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 ( 5 ) के अन्तर्गत उच्च न्यायिक सेवा के निम्नलिखित सेवानिवृत्त न्यायिक सदस्यों को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दी गई पदस्थापना पर उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने की तिथि अथवा आगामी आदेश होने तक ( जो भी पहले हो ) , पीठासीन अधिकारी के पद पर एतद्वारा नियुक्त करता है.

उक्त न्यायिक अधिकारी को देय वेतन तथा भत्तों का निर्धारण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम , 2002 के नियम 3 के अन्तर्गत होगा.

क्र.

जन्म दिनांक

सेवानिवृत्ति का

62 वर्ष की आयु सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी का नाम

दिनांक

पूर्ण करने की तिथि (1)

(2)

(5)

(3)

(4)

1.

1-12-1951

30-11-2011

30-11-2013 श्री आर. के. गोस्वामी से. नि. जिला न्यायाधीश .

2.

8-12-1951

7-12-2013

31-12-2011

श्री मुकेश सिंह,

से. नि. जिला. न्यायाधीश.

3.

20-12-1951

31-12-2011

19-12-2013 श्री हिलाल उद्दीन अहमद से. नि. जिला न्यायाधीश.

4.

1-1-1952

31-12-2011

31-12-2013 श्री जी. के. शर्मा,

से. नि. जिला न्यायाधीश.

5.

31-1-2012

4-1-1952

3-1-2014 श्री जसवंत सिंह क्षत्रिय

से.नि. जिला न्यायाधीश.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , के. डी. खान, प्रमुख सचिव...

582

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

[भाग 1

आवास एवं पर्यावरण विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 10 फरवरी 2012

क्र. एफ- 3-124-2010- बत्तीस. मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23, सन् 1973 ) की धारा 23 " क " की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ-3-124-2010-बत्तीस , दिनांक 5 जुलाई 2011 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रकाशित भोपाल विकास योजना, 2005 में निम्नलिखित उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार हैं:-

उपांतरण विवरण

क्रमांक ग्राम

खसरा क्रमांक

क्षेत्रफल ( एकड़ में)

उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू- उपयोग (1)

(2)

(3)

(6)

(4)

विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग (5)

2.25

40/2,

1. कोटरा सुल्तानाबाद

आमोद-प्रमोद (नगर वन)

साव. /अर्द्ध सार्वजनिक (कन्वेंशन सेंटर )

1.65

276/2

334/275/2

0.10

योग . 4.00

2. उपरोक्त उपांतरण भोपाल विकास योजना, 2005 का एकीकृत भाग होगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वर्षा नावलेकर, उपसचिव

विभाग प्रमुखों के आदेश

प्रशासन अकादमी

(विभागीय परीक्षा प्रकोष्ठ)

भोपाल , दिनांक 9 फरवरी 2012

विभागीय परीक्षा की सूचना तथा कार्यक्रम

क्र. 1219.- प्रदेश के सभी अधिकारी जिनकी विभागीय परीक्षा उनके विभागों द्वारा निर्धारित की गई हो, के लिए विभागीय परीक्षाएं दि. 9 अप्रैल, 2012 से आयुक्त, जबलपुर, रीवा, भोपाल, सागर, ग्वालियर, चम्बल , उज्जैन , इंदौर, नर्मदापुरम एवं शहडोल द्वारा निर्धारित स्थानों में निम्नांकित कार्यक्रम के अनुसार होंगीः-

समय प्र. पत्र (1)

प्रश्न-पत्र का विषय

(2)

(3)

सोमवार दिनांक 9 अप्रैल , 2012

प्रातः 10.00 बजे

से दो. 1.00 बजे 1 पहला प्रश्नपत्र - दांडिक विधि तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) पुलिस, सामान्य प्रशासन , राजस्व व भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये, 583 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2)

(3)

प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे 2 पंजीयन विधि तथा प्रक्रिया- पंजीयन विभाग के अधिकारियों के लिये ( केवल अधिनियम तथा नियमों की पुस्तकों सहित. ) .

-तदैव- 3 विधि तथा प्रक्रिया- उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों के लिये , ( पुस्तकों सहित )

-तदैव- 4 विधि तथा प्रक्रिया- वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों के लिये ( केवल नियमों की पुस्तकों सहित )

-तदैव- 5 पहला प्रश्नपत्र- सहकारिता सामान्य ( बिना पुस्तकों के ) सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये ,

- तदैव- 59 विद्युत् संबंधी विधियां ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के लिये.

दोपहर 2.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक 6 दूसरा प्रश्नपत्र दाण्डिक विधि तथा प्रक्रिया दांडिक मामलों में आदेश/निर्णय का लिखा जाना- पुलिस, सामान्य प्रशासन भू- अभिलेख एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के लिये.

- तदैव- 7 दूसरा प्रश्नपत्र-- सहकारिता तथा सामान्य विधि ( पुस्तकों सहित ) सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये .

-तदैव- 8 समाज कल्याण ( बिना पुस्तकों के ) पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 60 भू- योजना तथा विद्युत् सुरक्षा - ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्री , कनिष्ठ यंत्री एवं पर्यवेक्षकों के लिये.

मंगलवार, दिनांक 10 अप्रैल, 2012

9 पहला प्रश्नपत्र- प्रशासनिक, राजस्व विधि तथा प्रक्रिया ( बिना पुस्तकों के ) भाग - ए आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये.

प्रातः 10.00 बजे से, दोपहर 1.00 बजे तक

-तदैव- 10. पहला प्रश्नपत्र- प्रशासनिक , राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया ( बिना पुस्तकों के ) सामान्य प्रशासन, राजस्व, भू- अभिलेख एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये. भाग- बी

-तदैव- 11 पहला प्रश्नपत्र- प्रशासनिक, राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया ( बिना पुस्तकों के ) सामान्य प्रशासन, राजस्व, भू-अभिलेख एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये . भाग- सी.

-तदैव- 12 उद्योग विभाग संबंधी अधिनियम तथा नियम - उद्योग विभाग के अधिकारियों के लिये ( पुस्तकों सहित )

-तदैव- 13 प्रश्नपत्र- खनिज प्रबंध ( पुस्तकों सहित ) खनिज साधन विभाग के अधिकारियों के लिये .

14 लेखा तथा कार्यालयीन प्रक्रिया प्रथम प्रश्न पत्र- पंजीयन विभाग के अधिकारियों के लिये ( बिना पुस्तकों के ) - तदैव-

-तदैव- 61 विद्युत् संस्थापनाऐं - ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्री, कनिष्ठ यंत्री एवं पर्यवेक्षकों के लिये.

दोपहर 2.00 बजे से शाम 5.00 बजे 15 दूसरा प्रश्नपत्र- प्रशासनिक, राजस्व , विधि तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) सामान्य प्रशासन , राजस्व, भू-अभिलेख एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 16 प्रक्रिया , विकास योजनाओं , राज्यों के साधनों राज्य के नियम, पुस्तिकाओं आदि का ज्ञान उद्योग विभाग के अधिकारियों के लिये ( पुस्तकों सहित ) .

584

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

[भाग 1 (1)

(2)

(3) 17 तीसरा प्रश्न पत्र-बैंकिंग ( बिना पुस्तकों के ) सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये.

दोपहर 2.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक

-तदैव- 18 समाज शिक्षा ( बिना पुस्तकों के ) पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 19 लेखा तथा कार्यालयीन प्रक्रिया- द्वितीय प्रश्नपत्र- पंजीयन विभाग अधिकारियों के लिये ( पुस्तकों सहित )

-तदैव- 62 लेखा व स्थापना- ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्री, कनिष्ठ यंत्री एवं पर्यवेक्षकों के लिये.

बुधवार, दिनांक 11 अप्रैल , 2012

प्रातः 10.00 बजे से

दोपहर 1.00 बजे तक 20 तीसरा प्रश्न- पत्र प्रशासनिक, राजस्व, विधि तथा प्रक्रिया राजस्व के मामले में आदेश का लिखा जाना-सामान्य प्रशासन, राजस्व भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 21 पुस्तपालन तथा कर निर्धारण- विक्रयकर विभाग के अधिकारियों के लिये ( पुस्तकों सहित )

- तदैव- 22 प्रश्नपत्र प्रथम - वन विधि ( बिना पुस्तकों के ) , सहायक वन संरक्षकों के लिये.

-तदैव- 23 पहला प्रश्नपत्र प्रक्रिया ( बिना पुस्तकों के ) वन क्षेत्रपालों के लिये.

- तदैव- 24 पुलिस अधिकारियों की " व्यवहारिक परीक्षा "

-तदैव- 63 स्विच गेयर तथा संरक्षण ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्रियों के लिये .

25 कार्यालयीन संगठन तथा प्रक्रिया- वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों के लिये.

दोपहर 2.00 बजे से

शाम 5.00 बजे तक

-तदैव- 26 सिविल विधि तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) राजस्व एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 27 पुलिस अधिकारियों की " पुलिस शाखा " प्रश्न पत्र ( बिना पुस्तकों के )

- तदैव- 28 दूसरा प्रश्नपत्र- सामान्य विधि ( पुस्तकों सहित ) सहायक वन संरक्षकों के लिये .

-तदैव- 29 तीसरा प्रश्न पत्र - सामान्य विधि ( पुस्तकों सहित ) वन क्षेत्रपालों के लिये.

-तदैव- 30 स्थानीय शासन अधिनियम तथा नियम ( बिना पुस्तकों के ) पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये.

- तदैव- 31 चौथा प्रश्नपत्र- सहकारी लेखा तथा परीक्षण ( बिना पुस्तकों के ) भाग -1 लेखा तथा भाग -2 सहकारिता लेखा परीक्षण, सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये.

-तदैव- 32 समाज शास्त्र ( पुस्तकों सहित ) आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये .

-तदैव- 64 विद्युत् रोधन समन्वय तथा परिसंकट ग्रस्त क्षेत्र ( इंसूलेशन को-ऑर्डिनेशन व हजार्ड्स एरिया ) ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्री ( वि.सु ) के लिये.

भाग 1 ]

585

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2)

(3)

गुरुवार, दिनांक 12 अप्रैल , 2012

प्रातः 10.00 बजे से

दोपहर 1.00 बजे तक 33 प्रश्न पत्र-लेखा ( बिना पुस्तकों के ) सहायक कलेक्टरों, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों तथा राजस्व एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 34 प्रथम प्रश्नपत्र-लेखा ( बिना पुस्तकों के ) आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 35 प्रथम प्रश्नपत्र-लेखा ( बिना पुस्तकों के ) पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 36 प्रश्नपत्र- न्यायिक शाखा ( बिना पुस्तकों के ) पुलिस विभाग अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 37 लेखा ( पुस्तकों सहित ) उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों के लिये .

-तदैव- 38 लेखा ( पुस्तकों सहित )- आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 39 लेखा ( पुस्तकों सहित ) उद्योग विभाग के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 40 लेखा ( पुस्तकों सहित ) - खनिज साधन विभाग के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 41 लेखा ( पुस्तकों सहित ) - जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों के लिये.

- तदैव-

दोपहर 2.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक 66 प्रथम प्रश्नपत्र - लेखा ( बिना पुस्तकों के ) महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के लिये . 42 द्वितीय प्रश्नपत्र-लेखा ( पुस्तकों सहित ) डिप्टी कलेक्टरों , तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों तथा राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 43 द्वितीय प्रश्नपत्र-लेखा ( पुस्तकों सहित ) आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 44 द्वितीय प्रश्नपत्र-लेखा ( पुस्तकों सहित ) पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 67 द्वितीय प्रश्नपत्र- लेखा ( पुस्तकों सहित ) महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के लिये.

शुक्रवार, दिनांक 13 अप्रैल , 2012

प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 11.00 बजे तक.

45 सिविल पशु चिकित्सा सेवा विभाग के अधिकारियों के लिये लेखा प्रश्न- पत्र भाग -1 (बिना पुस्तकों के ) पशु चिकित्सा सेवा विभाग के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 46 प्रथम प्रश्नपत्र लेखा के भाग -1 मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों के लिये ( बिना पुस्तकों के )

47 प्रश्नपत्र-लेखा ( पुस्तकों सहित ) कृषि सेवा कार्यपालन प्रथम , द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी अधिकारियों के लिये.

प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक.

-तदैव- 48 प्रथम प्रश्नपत्र- विधि तथा प्रक्रिया ( बिना पुस्तकों के ) डेयरी विकास विभाग के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 49 प्रश्नपत्र, द्वितीय- मध्यप्रदेश मूलभूत तथ्य और ग्रामीण विकास जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों के लिये (पुस्तकों सहित ) .

-तदैव- 50 द्वितीय प्रश्नपत्र-लेखा ( बिना पुस्तकों के ) वन क्षेत्रपालों के लिये.

-तदैव- 65 पंचायत राज्य प्रशासन विधि तथा प्रक्रिया- सामान्य प्रशासन, राजस्व , भू-अभिलेख , पंचायत एवं ग्रामीण विकास व अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये.

586

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

[ भाग 1 (1)

(2)

(3) 68 तृतीय प्रश्नपत्र- महिला एवं बाल कल्याण- महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के लिये. प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे

दोपहर 2.00 बजे से शाम 4.00 बजे.

51 सिविल पशु चिकित्सा सेवा विभाग के अधिकारियों के लिये प्रश्न- पत्र लेख भाग-2 ( पुस्तकों सहित) पशु चिकित्सा सेवा विभाग के अधिकारियों के लिये.

- तदैव- 52 प्रश्नपत्र लेखा भाग -2 , मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों के लिये

दोपहर 2.00 बजे से शाम 4.00 बजे.

53 सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये किसी मामलों में आदेश या प्रतिवेदन लिखने की व्यवहारिक परीक्षा ( पुस्तकों सहित ) .

-तदैव- 54 तृतीय प्रश्न पत्र- प्रक्रिया तथा लेखा ( पुस्तकों सहित ) सहायक वन संरक्षकों के लिये.

-तदैव- 55 द्वितीय प्रश्नपत्र- लेखा ( बिना पुस्तकों के ) कृषि सेवा कार्यपालन प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय श्रेणी के अधिकारियों के लिये.

-तदैव- 56 द्वितीय प्रश्नपत्र लेखा तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) डेयरी विकास विभाग अधिकारियों के लिये .

-तदैव- 57 प्रश्नपत्र तृतीय - अनुसूचित जाति तथा आदिम जाति विकास जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों के लिये ( पुस्तकों सहित ) .

-तदैव- 69 चतुर्थ प्रश्नपत्र- पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा- महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के लिये.

सोमवार, दिनांक 16 , अप्रैल, 2012

58 हिन्दी, निबंध तथा हिन्दी से अंग्रेजी में अनुवाद सभी विभागों के अधिकारियों के लिये.

दोपहर 10.00 से 12.00 बजे.

नोट :-

1 .

उम्मीदवारों को सूचित किया जावे कि जिन प्रश्नपत्रों में पुस्तकों की सहायता ली जाना है , उन्हें विभागीय परीक्षा के लिये कलेक्टर कार्यालय से पुस्तकें नहीं दी जावेगी . उन्हें अपनी स्वयं की पुस्तकें ले जाना होंगी.

2. सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को, जो परीक्षा में सम्मिलित होने के इच्छुक हों, अपने नाम उचित मार्ग द्वारा सीधे अपने विभागाध्यक्षों को भेजना चाहिये . परीक्षार्थी राजपत्रित/ अराजपत्रित है , का स्पष्ट उल्लेख आवेदन - पत्र में भरें.

3. सामान्य प्रशासन विभाग ( अनुसूचित जाति आदिवासी सेल के ) ज्ञापन क्र. 1 / 15/77-1 /स . /जनजाति सेवा, दिनांक 15 फरवरी, 1978 के अनुसार विभागीय परीक्षाओं में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों के उम्मीदवारों को उत्तीर्ण होने के लिये 10 प्रतिशत अंको तक छूट दी जाती है . ये छूट अखिल भारतीय सेवा से संबंधित परीक्षार्थियों पर लागू नहीं होगी. परीक्षार्थी तत्संबंधी में अपना प्रमाण- पत्र अपने विभागाध्यक्षों/कलेक्टरों को प्रस्तुत करेंगे. इन प्रमाण- पत्रों को गृह ( सामान्य ) विभाग विभागीय परीक्षा प्रकोष्ठ को नहीं भेजा जावे. संबंधित विभागाध्यक्ष/ कलेक्टर परीक्षा में भाग लेने वाले व्यक्तियों की सूची के साथ अनुसूचित जाति/ जनजाति संबंधी प्रमाण- पत्र संबंधित परीक्षा केन्द्रों के आयुक्तों को दिनांक 19-7-2010 तक भेजेंगे . जिन परीक्षार्थियों द्वारा प्रमाण- पत्र विभागाध्यक्षों के माध्यम से आयुक्तों को प्रस्तुत नहीं किये जावेंगे , उन्हें इस प्रकार की सुविधा प्राप्त नहीं होगी. ये प्रमाण- पत्र आयुक्त कार्यालय में रखे जावेंगे .

4. परीक्षा केन्द्र आयुक्तों से निवेदन है कि परीक्षा में सम्मिलित जिन परीक्षार्थियों द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति के प्रमाण- पत्र उन्हें प्राप्त होंगे उनका उल्लेख शासन को भेजे जाने वाली सूची में अनिवार्य रूप से करें . इसके आधार पर ही उन्हें अंको में छूट प्रदाय की जा सकेगी . कृपया स्पष्ट उल्लेख करें कि परीक्षार्थी सामान्य या अनुसूचित जाति/जनजाति से संबंधित है . एस.सी. /एस.टी . दर्शाकर कोस्टक में ( प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया ) जैसा भ्रमित उल्लेख परीक्षार्थी वाली सूची में न किया जाय.

अनुराग श्रीवास्तव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी.

भाग 1 ]

कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अभिलेख ) छिन्दवाड़ा,

मध्यप्रदेश

छिन्दवाड़ा, दिनांक 9 फरवरी , 2012

क्र. 174- भू.अ. 5- स.अ.भू.अ 1-2011 .- शासकीय कार्यों में सुविधा की दृष्टि से तथा कार्यों के सुचारू रूप से संचालन हेतु मैं, डॉ. पवन कुमार शर्मा ( आई.ए.एस. ) कलेक्टर, छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 की धारा 105 में प्रदत्त शक्तियों को उपयोग में लाते हुए जिले की तहसील- उमरेठ के अन्तर्गत प्रशासकीय इकाई वर्तमान राजस्व निरीक्षक मण्डल उमरेठ की सीमाओं को परिवर्तित करते हुए, पटवारी हल्का नम्बर 8 , 9 , 10 , 11 , 12, 13, 14 , 15 , 16, 17, 18 , 19 , 20 , 21 , 22, 23 , 40 , 41 , 42, 43 कुल 20 हल्के का नया रा . नि. मं. उमरेठ एवं पटवारी हल्का नम्बर 1 , 2 , 3 , 4,5,6 , 7,24 , 25 , 26 , 27, 28 , 29, 30, 31 , 32, 33 , 34, 35, 36, 37, 38, 39 कुल 23 हल्के का नया राजस्व निरीक्षक मण्डल मोरडोंगरी खुर्द की सीमाओं का पुर्नगठन करता हूं.

क्र. 175- भू.अ. 5- स.अ.भू.अ 1-2011.- शासकीय कार्यों में सुविधा की दृष्टि से तथा कार्यों के सुचारू रूप से संचालन हेतु मैं , डॉ. पवन कुमार शर्मा ( आई.ए.एस. ) कलेक्टर , छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 की धारा 105 में प्रदत्त शक्तियों को उपयोग में लाते हुए, जिले की तहसील- परासिया के अन्तर्गत प्रशासकीय इकाई वर्तमान राजस्व निरीक्षक मण्डल परासिया की सीमाओं को परिवर्तित करते हुए, पटवारी हल्का नम्बर 1 , 2 , 3 , 4 , 5, 6 , 7 , 8 , 9 , 10, 11 , 12, 13 , 14 , 15, 16, 19 , 20 , 21 , 22 , 38, 39 , 40,41 , 42 , 43, 44, 45, 46, 47 , 48 , 49 कुल 32 हल्के का नया रा . नि . मं. परासिया एवं पटवारी हल्का नम्बर 17 , 18 , 23 , 24, 25 , 26 , 27 , 28 , 29 , 30 , 31 , 32 , 33 , 34, 35, 36, 37, 50, 51 , 52 कुल 20 हल्के का नया राजस्व निरीक्षक मण्डल सिरगोरा की सीमाओं का पुर्नगठन करता हूं.

पवन कुमार शर्मा, कलेक्टर.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन "

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल , मध्यप्रदेश भोपाल , दिनांक 10 फरवरी 2012

आदेश

क्र. एफ. 67-174-10- तीन- 214- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन

587

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत खरगापुर जिला टीकमगढ़ के आम निर्वाचन में सुश्री अहिरवार भागवती अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत खरगापुर जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पत्र क्र. न.नि. - व्यय लेखा- 10-406 , दिनांक 29 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री अहिरवार भागवती द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री अहिरवार भागवती को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 18 फरवरी 2010 जारी कर, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के माध्यम से दिनांक 8 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर 588

प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री अहिरवार भागवती को नोटिस दिनांक 8 मार्च, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 23 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. तामीली पश्चात् की जानकारी चाहे जाने पर कलेक्टर टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 30 सितम्बर, 2011 में लेखा किया कि नोटिस में उल्लेखित अवधि में अभ्यर्थी द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन संबंधित द्वारा इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है . कलेक्टर से उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा दिनांक 9 नवम्बर, 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 28 दिसम्बर, 2011 को उपस्थित होने हेतु रजिस्टर्ड ए. डी. द्वारा पत्र प्रेषित किया गया. अभ्यर्थी को सूचना विहित समयावधि से पूर्व प्राप्त हो गई थी, किन्तु व्यक्तिगत सुनवाई में वे उपस्थित नहीं हुई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री अहिरवार भागवती को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत खरगापुर जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(सुभाष जैन )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भोपाल , दिनांक 10 फरवरी 2012

आदेश

क्र. एफ. 67-174-10-तीन- 215- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

[ भाग 1 निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत खरगापुर जिला टीकमगढ़ के आम निर्वाचन में सुश्री कुसुम देवी धर्मदास मेहतर अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत खरगापुर जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पास दजखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पत्र क्र. न.नि. - व्यय लेखा-10-406 , दिनांक 29 जनवरी, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री कुसुम देवी धर्मदास मेहतर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री कुसुम देवी धर्मदास मेहतर को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 18 फरवरी 2010 जारी कर, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के माध्यम से दिनांक 10 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

भाग 1 ]

सुश्री कुसुम देवी धर्मदास मेहतर को नोटिस दिनांक 10 मार्च, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 25 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. तामीली पश्चात् की जानकारी चाहे जाने पर कलेक्टर, टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 30 सितम्बर 2011 में लेख किया कि नोटिस में उल्लेखित अवधि में अभ्यर्थी द्वारा निर्वाचन व्यय लेख/अभ्यावेदन संबंधित द्वारा इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है. कलेक्टर से उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा दिनांक 9 नवम्बर 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 28 दिसम्बर 2011 को उपस्थित होने हेतु रजिस्टर्ड ए. डी. द्वारा पत्र प्रेषित किया गया. अभ्यर्थी को सूचना विहित समयावधि से पूर्व प्राप्त हो गई थी, किन्तु व्यक्तिगत सुनवाई में वे उपस्थित नहीं हुई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री कुसुम देवी धर्मदास मेहतर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत, खरगापुर जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से पांच वर्ष ( 5 वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(सुभाष जैन ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भोपाल , दिनांक 10 फरवरी 2012

आदेश

क्र. एफ. 67-174-10-तीन- 216- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह

589

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत खरगापुर जिला टीकगगढ़ के आम निर्वाचन में सुश्री कोरी द्रोपदी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत खरगापुर जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पत्र क्र. न.नि.--व्यय लेखा- 10-406 , दिनांक 29 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री कोरी द्रोपदी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री कोरी द्रोपदी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 18 फरवरी 2010 को जारी कर, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के माध्यम से दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

590

सुश्री कोरी द्रोपदी को नोटिस दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 24 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. तामीली पश्चात् की जानकारी चाहे जाने पर कलेक्टर टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 30 सितम्बर 2011 में लेख किया कि नोटिस में उल्लेखित अवधि में अभ्यर्थी द्वारा निर्वाचन व्यय लेख/अभ्यावेदन संबंधित द्वारा इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है. कलेक्टर से उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा दिनांक 9 नवम्बर, 2011 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 28 दिसम्बर, 2011 को उपस्थित होने हेतु रजिस्टर्ड ए. डी. द्वारा पत्र प्रेषित किया गया. अभ्यर्थी को सूचना विहित समयावधि से पूर्व प्राप्त हो गई थी , किन्तु व्यक्तिगत सुनवाई में वे उपस्थित नहीं हुई.

उपरोक्तविवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री कोरी द्रोपदी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत , खरगापुर, जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से पांच वर्ष ( 5 वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(सुभाष जैन )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

भोपाल, दिनांक 10 फरवरी 2012

आदेश

क्र. एफ. 67-174-10- तीन- 217.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत, खरगापुर जिला टीकगगढ़ के आम निर्वाचन में सुश्री गुलाब बाई अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत खरगापुर, जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पत्र क्र. न.नि. व्यय लेखा-10-406, दिनांक 29 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री गुलाब बाई द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री गुलाब बाई कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 18 फरवरी 2010 जारी कर, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के माध्यम से दिनांक 9 मार्च 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

भाग 1 ]

591

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

सुश्री गुलाब बाई को नोटिस दिनांक 9 मार्च, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 24 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. तामीली पश्चात् की जानकारी चाहे जाने पर कलेक्टर टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 30 सितम्बर, 2011 में लेख किया कि नोटिस में उल्लेखित अवधि में अभ्यर्थी द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन संबंधित द्वारा इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है .

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री गुलाब बाई को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत खरगापुर जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से पांच वर्ष (5 वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुभाष जैन) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

कार्यालय , कलेक्टर, बैतूल , मध्यप्रदेश

बैतूल , दिनांक 6 फरवरी 2012

क्र. 88 - स्था. 1057. मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग , मंत्रालय, भोपाल की अधिसूचना क्रमांक एफ-3-6-2011- एक -4, दिनांक 3 नवम्बर, 2011 एवं सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग- दो के अनुक्रमांक 04 के नियम 05 के अन्तर्गत प्राधिकृत प्रावधानों के अनुसार मैं , बी . चन्द्रशेखर, कलेक्टर बैतूल वर्ष 2012 में बैतूल जिले के लिये निम्न तिथियों को स्थानीय अवकाश घोषित करता हूं: -- क्रमांक (1)

त्यौहार का नाम (2)

दिनांक (3) 1

रंग पंचमी

दिन (4)

सोमवार

12मार्च , 2012

2

शनिवार

29 सितम्बर, 2012

अनंत चतुर्दशी

3

दुर्गाष्टमी (महाष्टमी )

सोमवार

22 अक्टूबर , 2012

2. उपरोक्त अवकाश कोषालय/उप कोषालय पर लागू नहीं होंगे.

बी. चन्द्रशेखर , कलेक्टर.

592

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

कार्यालय , जिला दण्डाधिकारी , मुरैना, मध्यप्रदेश

मुरैना दिनांक 8 फरवरी 2012

क्र. 15 - एसडब्लू-13-2010.- मध्यप्रदेश शासन, गृह ( पुलिस ) विभाग , मंत्रालय, भोपाल के आदेश क्रमांक एफ-2 ( क) 115--99- बी- 3 -दो, दिनांक 11 अक्टूबर 2004 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं , डी.डी. अग्रवाल, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , मुरैना , जिला मुरैना एवं जिला श्योपुर की जिला समिति की अनुशंसा के आधार पर श्योपुर जिला के थाना गसवानी के अन्तर्गत आने वाले ग्रामों को जिला मुरैना के थाना पहाड़गढ़ क्षेत्र में ग्रामों को निम्नानुसार परिवर्तन करने के आदेश देता हूं. जो निम्नानुसार है:---

ग्राम का नाम

क्रमांक

वर्तमान थाना क्षेत्र जिला श्योपुर (1)

(2)

(3) 1.

गसवानी

कुसमानी

2.

गहतोली

गसवानी 3.

गसवानी

धौधा

4.

देवरा

गसवानी खोरा

5 .

गसवानी

रिमार्क

परिसीमन के फलस्वरूप प्रस्तावित थाने का नाम जिला मुरैना

(5)

(4)

प्रशासनिक हित में पहाड़गढ़

प्रशासनिक हित में पहाड़गढ़

प्रशासनिक हित में पहाड़गढ़

प्रशासनिक हित में पहाड़गढ़

प्रशासनिक हित में पहाड़गढ़

डी. डी. अग्रवाल , उपसचिव, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश

झाबुआ, दिनांक 14 फरवरी 2012

क्र. 871 - व.लि. - 1-2012.- सामान्य पुस्तक के परिपत्र 02 के अनुक्रमांक 04 के नियम 08 तथा मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग , भोपाल की अधिसूचना 3-2-1999- एक-4 , भोपाल , दिनांक 30 मार्च 1999 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, जयश्री कियावत, कलेक्टर, जिला झाबुआ वर्ष 2012 के लिये संपूर्ण जिला झाबुआ की सीमा क्षेत्र हेतु निम्नांकित तिथियों को निम्नानुसार तीन स्थानीय अवकाश घोषित करती हूं:-

क्रमांक जिला

पर्व अथवा त्यौहार (2)

(1)

(3)

1

1. शीतला सप्तमी झाबुआ संपूर्ण जिला

2

2. नवरात्र प्रारंभ ( घट स्थापना) 3

3. पड़वा (दीपावली का दूसरा दिन )

टीप:-

दिनांक

दिन

संपूर्ण विवरण

(5)

(6) (4)

14-3-2012

संपूर्ण जिला

बुधवार

" 16-10-2012

मंगलवार

14-11-2012

बुधवार

यह स्थानीय अवकाश कोषालय/उप कोषालय तथा बैंकों के लिये प्रभावशाली नहीं रहेगा.

(1)

(2) जिन शैक्षणिक संस्थाओं की इन दिनांकों में परीक्षायें नियत हैं . इन पर भी यह अवकाश प्रभावशील नहीं रहेगा . परीक्षायें निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यथावत रहेंगी .

जयश्री कियावत, कलेक्टर.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

593

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सागर , दिनांक 17 जनवरी 2012

क्र. प्र. भू-अर्जन-42-2012-- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में इसमें सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा ( 1 ) उपधारा में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख. नं.

कुल रकबा (हे. में) (1)

(2)

(3)

(5)

(4)

सागर

देवरी

12

2.18

मड़वा

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन धारा 4 (2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(7)

(6)

देवरी विकासखण्ड के अंतर्गत कार्यपालन यंत्री,

जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म. प्र . ) .

सतधारा जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि.

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है- सतधारा जलाशय योजना में नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, देवरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

सागर, दिनांक 31 जनवरी 2012

क्र.- क- 785- प्र.भू-अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल

कुल रकबा

कुल ख. नं. (हे. में) (2)

(1)

(3)

सागर

देवरी रानीताल

(4) 18

(5) 2.39

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(7)

देवरी विकासखण्ड के अंतर्गत (6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर.

सतधारा जलाशय की मुख्य नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

594

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

[भाग 1

सागर , दिनांक 14 फरवरी 2012

क्र. क- 1104- प्र.भू-अर्जन-2012. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना (6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल जिला

ग्राम

तहसील

कुल ख. नं.

कुल रकबा (हे. में)

(3)

(1) सागर

(2) देवरी देवरी पाठक

(4) 19

(5) 2.94

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म. प्र. ) .

(7) देवरी विकासखण्ड के अंतर्गत समनापुर जलाशय की दांयी मुख्य नहर की माईनर नं. 4 आर. देवरी पाठक के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन .

क्र. क- 1105- प्र.भू-अर्जन-2012 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना (6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल कुल ख. नं. (4)

(1) सागर

(3) देवरी पाठक

1

(2) देवरी

कुल रकबा (हे. में) (5) 0.36

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म. प्र. ) .

(7) देवरी विकासखण्ड के अंतर्गत समनापुर जलाशय की दांयी मुख्य नहर की माईनर नं. 3 एल. रामखेरी के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र. क - 1106- प्र.भू- अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल

भूमि का वर्णन ग्राम

(2) देवरी

कुल ख. नं. (4) 6

(1) सागर

कुल रकबा (हे. में) (5) 0.59

(3) फुलर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 (2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर.

(7) देवरी विकासखण्ड के अंतर्गत सतधारा जलाशय की फुलर माईनर नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

भाग 1 ]

595

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

क्र. क- 1106- प्र.भू-अर्जन-2012. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना (6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

जिला

भूमि का वर्णन ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख. नं.

कुल रकबा (हे. में) (1)

(.2)

(4)

सागर

देवरी

7

(5) 0.88

(3) देवरीखास

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) कार्यपालन यंत्री, सागर. जल संसाधन संभाग क्र. 1 ,

(7) देवरी विकासखण्ड के अंतर्गत सतधारा जलाशय की फुलर माईनर नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्रः क- 1106- प्र.भू-अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख. नं.

कुल रकबा (हे. में) (1) सागर

(2) देवरी

(4) 12

(3) चिरचिटा

(5) 1.60

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर.

(7) देवरी विकासखण्ड के अंतर्गत सतधारा जलाशय की चिरचिटा माईनर नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र. क- 1106- प्र.भू-अर्जन-2012. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख. नं.

कुल रकबा (हे. में) (1) सागर

(2) देवरी

(4) 6

(5) 0.77

(3) मुआरखास

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर.

(7) देवरी विकासखण्ड के अंतर्गत सतधारा जलाशय की चिरचिटा माईनर नहर निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

596

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

[भाग 1 क्र. क - 1107-प्र.भू-अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना (6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल

कुल ख. नं.

कुल रकबा (हे. में) (1) सागर

(2) देवरी

(3) रामखेरी

(4) 8

(5) 2.05

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म. प्र. ).

(7) देवरी विकासखण्ड के अंतर्गत समनापुर जलाशय की दांयी मुख्य नहर की माईनर नं. 3 एल. रामखेरी के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

क्र. क- 1108 - प्र.भू-अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इसमें नीचे दी गई अनुसूची के सामने खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के खाना ( 1 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

लगभग कुल ख. नं.

क्षेत्रफल कुल रकबा (हे. में) (2) देवरी

(1) सागर

(4) 5

(5) 1.79

(3) मुआर बूढ़ी

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर ( म. प्र . ) .

(7) देवरी विकासखण्ड के अंतर्गत समनापुर जलाशय की दांयी मुख्य नहर की माईनर नं. 3 एल . रामखेरी के निर्माण में आने वाली निजी भूमि का भू-अर्जन.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शिवपुरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

शिवपुरी , दिनांक 1 फरवरी 2012

क्र.- 01- भू- अर्जन- 11-12-अ-82--चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि, इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी भाग 1 ]

597 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

नगर/

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील/

ग्राम

खसरा नम्बर

धारा 4 की उपधारा (2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

तालुक

संपत्ति अर्जन हेतु प्रस्तावित ब्यौरा

भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हे. में )

(1)

(4)

(5)

(6)

(8)

3

0.220

अपर ककेटो डेम शिवपुरी

(2) पोहरी

(3) बूडदा

4

0,400

5

0.110

(7) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन सभाग, ग्वालियर.

6

0.240

0.130

7

0.150

8

0.580

9

11

0.010

13

0.570

14

0.030

0.460

15

17

0.040

18

0.180

20

0.010

22

0.020

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32

0.17

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0.200

36

0.270

37

0.270

38

0.180

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0.290

40

0.28 598

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

[भाग 1 (1) (2)

(4)

(5)

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(8) (3)

(6)

41

0.280

42

0.240

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0.160

44

0.250

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0.13

0.190

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0.170

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0.24

0.130

60

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61

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0.290

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0.280

84

0.080

85

0.080

86

0.170 भाग 1 ]

599 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1) (2) (3)

(4)

(5)

(6)

(7)

(8)

0.170

87

88

0.350

0.160

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1.040

92

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0.370

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0.310

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0.250

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0.250

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112/1

0.190

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0.200

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0.360

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1.160

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0.180

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0.430

0.200

130

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0.230

141/1

0.070

143/1

0.290

143/2

0.09

145

0.520

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0.420

148

0.180 600

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

[भाग 1 (1) (2) (3)

(5)

(8) (4)

(6)

(7)

151

1.130

152

1.400

1.410

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0.840

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0.470

157/2

1.500

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160

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0.730

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0.07

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0.120

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0.140

0.10

208

209

0.120 भाग 1 ]

601 मध्यप्रदेश राजपत्र,पत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1) (2) (3)

(8) (4)

(5)

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(7)

0.060

210

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0.110

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0.850

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0.090

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0.090

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1.940

0.070

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0.090

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0.260

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0.01

230

0.250

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0.170

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0.110

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0.240

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0.300

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0.300

0.430

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0.430

251

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0.610

0.540

253

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1.40

255

0.09

256

0.03 602

[भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

(2)

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257

0.94

258/2

0.01

0.820

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0.190

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0.340

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0.660

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0.140

0.25

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0.100

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0.120

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0.06

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0.130

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0.86

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0.040

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0.010

366

0.530

368

0.270 भाग 1 ]

603 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1) (2) (3)

(5)

(7)

(8) (4)

(6)

0.250

369

370

0.080

371

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0.25

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0.010

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382/1

0.010

382/2

0.070

383

0.220

0.300

386

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388

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389

0.18

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0.17

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0.050

0.040

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0.040

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398

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0.100

417

0.210

418

0.190 604

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

[भाग 1 (1) (2) (3)

(4)

(5)

(6)

(7)

(8)

419

0.030

420

0.370

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490

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0.020

493

0.010 भाग 1 ]

605 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(2)

(1)

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496

0.050

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500

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0.010

569

0.020 606

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

[भाग 1 (1) (2)

(3)

(4)

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(5)

570

0.030

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0.080

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0.020

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0.01

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0.030 607 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1) (2) (3)

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0.030

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0.010

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760

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0.040

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0.160

0.050

798

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0.070

803

0.040 608

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

[ भाग 1 (1) (2) (3)

(4)

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0.050

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0.010

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0.520

0.03

834

0.090

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0.650

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0.250

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0.390

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0.420

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0.250

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0.40

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0.49

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0.190

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0.110

854

0.630

0.150

856

857

0.50

858

0.01

89.112

भूमि का नक्शा ( प्लान) भू- अर्जन अधिकारी के कार्यालय में देखे जा सकते हैं.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

जॉन किंग्सली , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

609

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

कार्यालय, कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

टीकमगढ़, दिनांक 6 फरवरी 2012

प्र. क्र. 5 - भू-अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमिका वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(3) गैलवारा

(4) 0.785 (1) टीकमगढ़

(2) पृथ्वीपुर

(2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 की उपधारा (2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) निवाड़ी

(6) सतीघाट तालाब योजना की नहरों के निर्माण हेतु.

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सतीघाट तालाब योजना की नहरों के निर्माण हेतु.

(3) ग्राम गैलवारा की भूमि के अर्जन से संबंधित भूमि के नक्शे का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) निवाड़ी के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रघुराज राजेन्द्रन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला झाबुआ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

झाबुआ, दिनांक 9 फरवरी 2012

क्र. 449 - भू-अर्जन- 11- रा.प्र.क्र.-अ- 82-11-12- संशोधित. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . पूर्व में प्रकाशित अधिसूचना का जी. क्रमांक 19434/10 है:-

अनुसूची

भूमिका वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3) पंथबोराली

(4) 3.37 झाबुआ पेटलावद

योग .. 3.37 धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग , पेटलावद,

(6) माही परियोजना की पंथबोराली उप नहर निर्माण हेतु.

जिला झाबुआ ( म.प्र. )

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जयश्री कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

610

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

नरसिंहपुर, दिनांक 14 फरवरी 2012

प्र.क्र. अ -82 वर्ष 2011-12- गाडरवारा- पत्र क्र. 385 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन क्र. 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4) (2)

0.066 (1) नरसिंहपुर गाडरवारा

(3) काकरकुईया

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा (2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

(6)

सड़क निर्माण हेतु

कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण विभाग (भ/स ) संभाग नरसिंहपुर.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी गाडरवारा में किया जा सकता है .

प्र.क्र. 2- अ-82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्र. 385 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन क्र. 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

तहसील

भूमिका वर्णन ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2)

(4) 1.420 गाडरवारा

नरसिंहपुर

(3) पलोहाबड़ा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (2) के द्वारा धारा 4 की उपधारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) सड़क निर्माण हेतु

( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर. (5) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग

भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी गाडरवारा में किया जा सकता है.

प्र.क्र. 3 - अ -82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्र. 385 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन क्र. 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा भाग 1 ]

611

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमिका वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

(4)

कान्हरगांव

1.937 नरसिंहपुर गाडरवारा

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन

कावर्णन (2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

सड़क निर्माण हेतु

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर.

भूमिके नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी , गाडरवारा में किया जा सकता है.

प्र.क्र. 04- अ-82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्र. 385 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन क्र. 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(1)

(3)

(4)

0.088

सूखाखैरी

नरसिंहपुर गाडरवारा

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन

कावर्णन (2) के द्वारा

प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सड़क निर्माण हेतु

( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी, गाडरवारा में किया जा सकता है .

प्र.क्र. 05 - अ-82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्र. 385 - भू-अर्जन . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन क्र. 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)

(4) (1)

(3)

चीचली

0.287 नरसिंहपुर गाडरवारा

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन (2) के द्वारा

प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

सड़क निर्माण हेतु

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग (भ/स ) संभाग नरसिंहपुर.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी , गाडरवारा में किया जा सकता है .

612

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

[भाग 1 प्र.क्र. 08 - अ-82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्र. 385 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन क्र. 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(3)

खमरिया

(4) 0.531 (1) नरसिंहपुर गाडरवारा

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) सड़क निर्माण हेतु

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, भू-अर्जन अधिकारी, गाडरवारा में किया जा सकता है.

प्र.क्र. 09- अ-82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्र. 385- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन क्र. 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)

(3)

(4)

चीकसा

1.211 (1) नरसिंहपुर गाडरवारा

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

सड़क निर्माण हेतु

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू- अर्जन अधिकारी , गाडरवारा में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , संजीव सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

खण्डवा , दिनांक 13 फरवरी 2012

भू-अर्जन प्र.क्र. 7 -अ 82-11-12- नस्ती क्र. 3-2011 - एल.ए.. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध भाग 1 ]

613

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

खण्डवा

चांदेल

(4) 4.64 पुनासा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा (2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 25 , नर्मदानगर .

पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना अंतर्गत अवशेष जलाशय -1 से रिसाव के कारण दलदल में परिवर्तित भूमि पर वृक्षारोपण हेतु.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा/कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कवीन्द्र कियावत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना जिला रीवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 15 फरवरी 2012

क्र. 340 - भू- अर्जन- 2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि काविवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(1)

(3)

(4) रीवा

मकरवट

0.084 हुजूर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, अपर पुरवा नहर सम्भाग जिला रीवा ( म. प्र. ) .

बाणसागर परियोजना अंतर्गत चचाई वितरक नहर के रहट माइनर में आने वाली भूमि के लिये भूमि परं स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 347- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि 614

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

[भाग 1 उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैः--

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)

(4) सतना

(2) रामनगर

0.228

(3) कंदवारी मजरा मझटोलवा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) आऊट फाल ड्रेन हेतु (5) कार्यपालन यंत्री, राकफिल बांध संभाग , देवलोंद.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 349 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) सतना

(2) रामनगर

(4) 0.013

(3) मुर्तिहाई

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

आऊट फाल ड्रेन हेतु कार्यपालन यंत्री , राकफिल बांध संभाग, देवलोंद.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 351 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं: -

जिला तहसील

भूमिका विवरण नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) सतना

(2) रामनगर

(4) 0.331

(3) बरहाई

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) आऊट फाल ड्रेन हेतु कार्यपालन यंत्री, राकफिल बांध संभाग, देवलोंद.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. बी. श्रीवास्तव , प्रशासक, एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

615

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर , जिला रतलाम , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रतलाम, दिनांक 4 फरवरी 2012

क्र. 479 - भू -अर्जन- 2012-प्र.क्र. 02-अ- 82-11-12.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रतलाम

(ख) तहसील- सैलाना

(ग ) ग्राम- घोड़ादेह, सरवन, नेगड़ापाड़ा एवं श्यामपुरा ( घ ) लगभग क्षेत्रफल -2.77 हेक्टेयर.

सर्वे क्रमांक

रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

ग्राम-घोड़ादेह

2

0.06

3/1

0.04

4

0.06

0.11

6

8

0.11

15

0.12

0.50

कुल रकबा :

ग्राम-सरवन

133

0.08

145

0.30

148

0.02

147

0.07

149

0.03

172

0.14

0.02

173/1

174/3

0.03

(2)

(1)

0.02

173/2

0.04

174/1

0.02

173/3

0.04

174/2

0.08

169

0.04

667

0.23

668

0.20

669

कुल रकबा 1.36

ग्राम-नेगड़ापाड़ा

37

0.10

0.10

38

0.03

40

0.02

83

0.24

64

0.05

57

0.03

56

0.57

कुल रकबा

ग्राम-श्यामपुरा

131

0.03

0.05

134

0.03

130

0.06

129/2

0.06

129/1

0.06

135/2

136

0.05 योग : 0.34

चारों ग्रामों का कुल रकबा महायोग : 2.77

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- चावलाखेड़ी तालाब की नहर निर्माण से प्रभावित भूमि का अर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सैलाना के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

616

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग टीकमगढ़, दिनांक 6 फरवरी 2012

प्र. क्र. 15- अ- 82-2011-12 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये. आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-टीकमगढ़

(ख ) तहसील-टीकमगढ़

(ग) नगर/ ग्राम- गणेशगंज भाटा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 2.304 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर (1)

रकबा (हेक्टेयर में ) (2)

69/3/4

0.336

69/3/6

0.128

70/6

0.080

70/5

0.128

70/2

0.176

57/1 क

0.096

57/ 1ख

0.096

57/5

0.096

57/1/2

0.088

57/4

0.144

58/1

0.216

58/2

0.032

53

0.280

48/2

0.352

51

0.056

कुल योग : 2.304

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना की नहर निर्माण हेतु .

[ भाग 1 ( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग टीकमगढ़ के कार्यालय में, कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 16- अ-82-2011-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-टीकमगढ़

(ख ) तहसील-टीकमगढ़

(ग ) नगर/ ग्राम-चरपुवॉ

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.296 हेक्टेयर.

रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

खसरा नम्बर (1)

431/2

0.048

0.088

431/1

0.016

435

432

0.064

433

0.104

0.152

428

0.200

427

456/1

0.240

456/2

0.184

422/3

0.264

422/1

0.104

0.020

16/2

16/3

0.100

16/5

0.368

14

0.168

13

0.176

कुल योग : 2.296

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना की नहर निर्माण हेतु.

भाग 1 ]

617

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग टीकमगढ़ के कार्यालय में , कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

प्र. क्र. 17- अ- 82-2011-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-टीकमगढ़

(ख ) तहसील - टीकमगढ़

(ग) नगर/ग्राम - जमड़ार

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.510 हेक्टेयर.

खसरा

रकबा

(हेक्टेयर में )

नम्बर (1)

(2)

0.064

40/ख जुज

0.576

40/क जुज

0.160

40/ख जुज

40/10

0.272

32

0.044

33

0.120

34

0.010

40/8

0.184

40/4

0.080

योग 1.510

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना की नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) , टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री , सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग टीकमगढ़ के कार्यालय में , कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 18- अ-82-2011-12.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- टीकमगढ़

(ख) तहसील-टीकमगढ़

(ग) नगर/ग्राम- मिनौरा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.590 हेक्टेयर.

खसरा

रकबा

नम्बर

(हे. में)

(1)

(2)

37/1

0.060

0.040

37/2

0.160

23/2

21

0.140

0.020

19

143/492

0.070

0.100

183

9/11

0.130

0.130

9/1

184

0.030

185

0.040

192

0.140

0.110

193

0.070

196

0.030

214

215

0.160

217

0.110

218

0.050

योग .. 1.590

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना की नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग टीकमगढ़ के कार्यालय में, कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

618

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

टीकमगढ़, दिनांक 13 फरवरी 2012

क्र. 8 - अ-82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-टीकमगढ़

(ख) तहसील-मोहनगढ़

(ग ) नगर/ग्राम- केशरमढ़

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 4.533 हेक्टेयर

रकबा (हे. में)

खसरा नम्बर (1)

(2)

1.619

6/2क/1 जु.

6/1

1.600

8/3

1.115

8/3

0.199 योग .. 4.533

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- टीलादांत तालाब योजना के डूब क्षेत्र, बांध निर्माण, स्पिल चैनल , वेस्ट वियर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी जतारा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में, कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

क्र. 9 - अ- 82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला-टीकमगढ़

(ख ) तहसील- मोहनगढ़

(ग) नगर/ ग्राम - दरगांय कलॉ

[भाग 1 (घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.900 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

रकबा (हे. में)

(1)

(2)

586/2/1

0.900 योग .. 0.900

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- टीलादांत तालाब योजना के डूब क्षेत्र, बांध निर्माण, स्पिल चैनल, वेस्ट वियर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी जतारा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में, कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

क्र. 10-अ- 82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-टीकमगढ़

(ख) तहसील- मोहनगढ़

(ग) नगर/ग्राम-मोंगना

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.792 हेक्टेयर.

रकबा (हे. में) (2)

खसरा नम्बर (1) 77 87/2

0.390 0.402 योग .. 0.792

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- टीलादांत तालाब योजना के डूब क्षेत्र, बांध निर्माण , स्पिल चैनल , वेस्ट वियर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी जतारा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में, कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , रघुराज राजेन्द्रन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

619

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

कार्यालय , कलेक्टर , जिला ग्वालियर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

ग्वालियर, दिनांक 6 फरवरी 2012

प्र. क्र. 47- अ- 82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला - ग्वालियर

(ख ) तहसील- भितरवार

(ग) ग्राम-बाजना

(घ ) क्षेत्रफल -2.11 हेक्टर .

सर्वे नं.

कुल रकबा (हे. में)

अर्जित किये जाने वाला अनुमानित रकबा (हे. में. ) (1)

(2)

(3)

0.115

573मिन|

0.01

0.125

573मिन

574

0.282

0.07 575

0.167

0.06 576

0.08

0.188

577

0.261

0.05 578

0.125

0.11

0.587

579मिन

0.05

0.386

579मिन

0.366

511

0.10 908

0.387

0.02 909

0.073

0.01 912

0.136

0.10 915

0.251

0.16 916

0.470

0.09

0.978

917

0.06

0.323

919

0.10

(2)

(3) (1)

920 मिन

0.314

0.01 920मिन

0.157

0.02 934

0.125

0.31

0.669

935

0.020 946

0.335

0.07

0.146

949

0.146

0.06 950

951

0.167

0.05 952

0.03

0.209

0.32

0.693

953

0.15

0.941

957

योग . 2.11 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-सिंध परियोजना द्वितीय चरण के अन्तर्गत हरसी उच्चस्तरीय मुख्य नहर की वितरण प्रणाली के निर्माण कार्य हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाधीश, जिला ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है .

ग्वालियर, दिनांक 13 फरवरी 2012

प्र. क्र. 42 - अ- 82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-ग्वालियर

(ख) तहसील- टप्पा घाटीगांव

(ग) ग्राम- आरौन

(घ ) क्षेत्रफल - 6.333 हेक्टर .

सर्वे क्रमांक

रकबा (हे. में)

(2) (1)

0.282 2125

2131/1/1

1.641 620

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2) 2131/1/2

1.641 2131/2

2.769

6.333

योग .

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- लावन का पुरा तालाब निर्माण में डूब क्षेत्र हेतु भूमि का अर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला खरगोन, मध्यप्रदेश एवं. पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग खरगोन , दिनांक 4 फरवरी 2012

क्र. 214 - भू-अर्जन-2012. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन--

(क) जिला-खरगोन

(ख) तहसील-कसरावद

(ग) ग्राम-गुजारी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.360 हेक्टर.

खसरा नंबर

रकबा (हे. में)

(1)

(2)

107/2

0.360 योग.. 0.360

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- गुजारी नम्बर 2 , तालाब योजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण .

[ भाग 1 ( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , कसरावद एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

खरगोन , दिनांक 6 फरवरी 2012

क्र. 243 - भू- अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- कसरावद

(ग ) ग्राम-अमलाथा- II

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-28275 वर्गमीटर आबादी भूमि एवं

उस पर स्थित संरचनाएं तथा निजी कृषि भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित संरचनाएं.

सर्वे नंबर

मोहल्ला शीट क्रमांक

क्षेत्रफल (वर्गमीटर में )

प्लाट नम्बर/ भू-खण्ड क्रमांक

(1)

(2)

(3)

(4)

6

1

90 291, 297

291

1

24

9

25

291

1

23

3 291

1

26

27

110

1

291

50 291

1

28

74 291

1

29

30

28 291

1

1

31

37 291

1

33

36 291

291

1

34

21

1

35

291

46 291

1

36

79 291

1

38

19

1

39

57 291 भाग 1 ]

621

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2)

(3)

(4) 291

1

42

25 291

1

43

8

1

291

4

44

291

1

37

47

291

1

48

43 291

1

49

17 456

1

371

59 456

1

376

136 456

1

41

378

456

1

380

80 456

1

381

74 457

1

386

48

4

1

291, 297

59 291

1

7

9 291

1

8

34 291

1

34

9

291

1

10

79

1

291

11

118

1

291

12

24 291

1

60

13

291

1

14

58 291

1

16

28

1

20

28 291, 297

1

21

36 291, 297

291

1

22

41 297

1

2

30 325

1

47

71 325

1

28

84 325

1

30

58 325

1

31

41 325

1

32

48 325

1

33

65 325

1

34

12 325

1

37

103 325

1

312

38

325

1

39

375

1

325

40

44 325

1

41

42 325

1

43

53

1

325

45

40

1

46

65 325, 327

(3)

(4) (2)

(1)

1

50

71 325, 327

154 325

1

51

52

1

130 325, 327

2

327

770

1

327

3

131

1

327

1

4

11 327

6

1

126 327

1

7

75 327

1

61

8

327

1

21

9

10

15 327

1

327

1

11

27

12

16 327

1

327

1

13

16

1

327

17

73

1

127

18

327

327

1

19

66 327

20

1

64

1

21

105 327

327

22

96

1

327

23

43

1

327

1

24

121

1

327

26

112

1

75 327

48

327

49

54

1

1

327

53

124

1

127 327

54

327

56

83

1

327

57

64

1

327

1

58

161 327

1

59

635 327

1

107

61

62

1

166 327, 352

1

327

81

137

82

103

1

327, 352

1

83

62 327, 352

1

352

86

32

87

1

70 327, 352

1

89

198 327, 352

1

101

90

327, 352

1

111

91

327, 352 622

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2)

(3)

(4)

1

42 327, 352

92

1

93

74 327, 352

350

1

179

59 350

1

59

180

350

1

181

75 350

1

182

81

1

350

183

70 350

1

184

28 350

1

185

138 350

1

186

80 350

1

18

187

350

1

188

144 350

1

189

138 350

1

190

73 350

1

191

77 350

192

1

89 350

1

193

79 350

1

194

83 350

1

195

102 350

38

1

196

350

1

197

96 350

1

198

70 350

1

199

94 350

1

200

87 350

201

1

98

1

350

202

81 350

1

203

58 350

1

204

55 350

1

205

108 350

1

206

115 350

1

208

82

1

350

209

73 350

1

210

87 352

1

63

26 352

1

64

24 352

1

65

64 352

1

66

126 352

1

67

160 352

1

68

42 352

1

69

69 352

1

70

30

[भाग 1 (2)

(4) (1)

(3)

352

1

71

64 352

1

72

69

74

1

103 352

75

352

1

84

76

73 352

1

352

1

77

221

1

78

201 352

352

1

79

214 352

1

'107

80

352

1

84

49 352

1

94

137 352

1

95

128 352

1

97

84

1

103 352

98

1

352

100

42

1

352

101

41

1

44

102

352

1

103

352

155

105

86 352

1

352

1

107

160

1

352

108

21

1

47 352

109

352

1

110

60

111

1

46 352

352

112

1

195 352

1

113

133 352

1

114

130 352

1

115

126

1

116

352

103

117

80

1

352

352

1

118

127 352

1

119

147 354

1

120

55

121

354

85

1

122

354

1

72

123

354

147

1

354

87

1

124

125

96 354

1

354

1

127

86

1

354

128

77 354

1

129

95 भाग 1 ]

623

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

(2)

(1)

(3)

(4) 354

1

130

128 354

1

131

92 354

1

132

41 354

1

133

13 354

1

55

134 Pe

354

1

336

135 Pe

354

1

136 Pe

235 354

1

137

84

1

354

138

84 354

1

141 Pe

37 354

1

142 Pe

100

1

354

80

143 Pe

354

1

144 Pe

72

1

354

59

145 Pe

354

1

151

17 354

1

152

50 354

1

154

71 354

1

155

143 354

1

156

61 354

1

157

64 354

1

158

66 354

1

159

44 354

1

160

43 354

1

8

162 Pe

354

1

163 Pe

100 354

1

164

114 354

1

166 Pe

16 354

1

168

330

1

354

169 Pe

108 354

1

170 Pe

52 354

1

16

171 Pe

356

1

247

37 356

1

248

26 356

1

249

39 356

1

250

51 356

1

251

34 356

1

252

49 356

255

1

26 356

257

1

34 356

1

258

26 356

1

67

259

(3)

(1)

(2)

(4)

1

260

63 356

356

1

261

37

1

356

263

83 356

1

266

67

267

356

1

235

268

22

1

356

1

219 356

269

356

270

437

1

356

1

271

161

50 356

273

1

1

356

274

162

1

276

21 356

1

358

323

99

1

80 358

286

358

1

287

90

1

85 358

288

358

1

289

116 358

1

291

35

1

358

302

46

72 358

303

1

358

1

304

98

305

53 358

1

358

1

58

306

1

358

307

67

1

358

308

66

52 358

1

310

1

358

311

50

1

358

313

111

90 358

1

315

358

1

316

77

104 358

1

317

1

318

358

41 358

1

319

120 358

1

320

100 358

1

321

81

162 358

1

322

1

358

324

175

170 358

1

325

358

1

141

326

1

389

98 358, 457

1

390

90 358, 457 624

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2)

(4)

(3)

1

61

391

358, 457

392

1

133 358, 457

1

195 359

211

359

1

212

255 359

1

213

552 359

1

41

214/396

(4) (2)

(3)

(1)

1

41 406

298

1

14 406

299

456

1

99

372, 375

456

1

374

277

379

456

1

66

1

382

492 456, 457

359

1

214

41

1

388

133 456, 358

1

359

215

53

1

216

359

61

1

217

359

72 359

1

218

60

1

219

359

98

1

220

359

106 359

221

1

46

1

359

222

39 359

1

223

44 359

1

224

166

48 359

1

225

1

359

226

47

1

227

359

23 359

1

228

23 359

1

35

229

359

1

230

32

1

359

232

39 359

1

233

45 359

1

235

27 359

1

236

32 359

1

237

392 359

1

239

46

240

359

1

35

1

359

70

241

242

359

1

70 359

1

243

159 359

1

244

323

1

359

245

31 359

1

246

57

1

293

475 359, 406

234

406

1

16 406

1

294

18 406

23

1

295

406

1

297

66

121 457

1

384

67 457

1

385

28275

योग

निजी कृषि भूमि में स्थित संरचनाएं

ख. नं.

संपत्ति का विवरण

(2)

(1)

173

नाग मंदिर सार्वजनिक

292

मकान-7

425

मकान -1

176/1

मकान-1

182/1

मकान-2

मकान-3

286

मकान-2

294

295

मकान-6

299

मकान -3 , पशुबाड़ा-2

300

मकान-2

304

मकान-2

308

पशुबाड़ा-1

309

मकान-3 , पशुबाड़ा -1

पानी की टंकी

316

319/3

मकान-3 , पशुबाड़ा-1

320

हौज -1

324

मकान-1

332

मकान -2 , लेट्रिन-2 , गोबरगैस -2 ,

पशुबाड़ा-5, हौज-1 , बाथरूम -1 333, 334

मकान-5 , पशुबाड़ा -1

335

पशुबाड़ा-2

340/2

मकान-1

341

पशुबाड़ा-2 , हौज -2

345/1

पशुबाड़ा -1

345/2

पशुबाड़ा-1

360

गोबर गैस -3 , कुंआ पक्का-1 भाग 1 ]

625

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2)

362

पशुबाड़ा -1

363

मकान -5

369

पशुबाड़ा-1 , हौज-1 , घुवाण-1

गोबरगैस -1

370/1

370/2

हौज-1 , घुवाण -1

372

पशुबाड़ा-1

375, 376

पशुबाड़ा-1

380

पशुबाड़ा-1 , हौज -1

385

पशुबाड़ा-1 , हौज-1 '

398

पशुबाड़ा-1 , पानी की टंकी-1 400

पानी की टंकी, लेट्रिन -1 , गोबरगैस -1 402

नाग डेरी -1

403

पशुबाड़ा-1 , पानी का हौज -1 , लेट -1 ,

बाथरूम -1 ; घुवाण-1

404

पशुबाड़ा-1

409

मकान-1

413

मकान-4

420/2

पशुबाड़ा-1 , लेट्रिन -1

426

मकान -1 , लेट्रिन-1 , बाथरूम -1 430

मकान -1 , पशुबाड़ा -1

434

मकान-5

446

पशुबाड़ा-2

447

पशुबाड़ा-1

450/1

मकान -2 , पशुबाड़ा -1

451/2

मकान-1

शासकीय भूमि में स्थित संरचनाएं

ख. नं.

संपत्ति का विवरण (1)

मद (2)

(3)

268/1

नि. चरागाह सार्वजनिक पशु पानी पीने का

हौज -1

284

मकान -1

ना.का. चरनोई

348

रास्ता

मकान-2

461

नि.चरागाह कुंआ पक्का-1 , सार्वजनिक, दरगाह -1 , माता की झीरी- 1 , मोटरघर -1 , कब्रस्तान -1 (मुस्लिमसह समाज ईदगाह )

मकान-1

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1. कलेक्टर, जिला खरगोन, 2. भू- अर्जन अधिकारी महेश्वर जल विद्युत् परियोजना मण्डलेश्वर खरगोन, 3. कार्यपालन अभियंता ( सिविल) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना/म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4. महाप्रबंधक , श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 244- भू-अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- बड़वाह

(ग) ग्राम- नगावां- II

( घ) लगभग क्षेत्रफल- 20528 वर्गमीटर आबादी भूमि एवं उस पर स्थित संरचनाएं तथा निजी कृषि भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित संरचनाएं.

सर्वे नंबर

मोहल्ला शीट क्रमांक

क्षेत्रफल (वर्गमीटर में)

प्लाट नम्बर/ भू-खण्ड क्रमांक

(3)

(4) (2)

(1)

45

1

11

60

1

16

45

47 45

1

17

18 45

1

54

19

100

34

43

1

100

1

35

38 100

1

36

66 100

1

52

245

1

55

66 100

100

1

56

85 626

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2)

(3)

(4) 100

1

57

57 100

1

58

70 100

1

59

132

1

100

61

187 100

1

63

70 100

1

66

61 100

1

64

64 100

1

65

63 100

1

67

66 100

1

68

52 100

1

78

84 100

1

79

55

80

100

1

52 100

1

80/366

41 100

1

92

188 100

1

99

162 100

1

100

170

1

100

102

127 100

1

103

1005 100

1

104

81 100

1

105

94

1

100

120

75 100

1

121

86 100

1

122

190 100

1

123

174 100

1

124

109 100

1

125

67 100

1

126

176 100

1

136

87 100

1

137

94 100

1

186

138

100

1

160

139

100

1

140

430 100

1

142

62 100

1

211

143

100

1

144

103 100

145

1

150

1

146

100

46 100

1

147

37 100

148

1

150

1

100

120

149

(2)

(4) (1)

(3)

100

1

150

340 100

1

151

75 100

1

154

152

212 1

100

154

67 100

1

155

100

1

156

15

95

158

100

1

159

266 100

1

160

100

1

225 1

13 100

161

162

1

67 100

163

100

1

78

71 100

1

164

165

1

100

85 100

1

167

160

1

100

169

47 100

1

170

47

76 100

1

171

105 100

1

172

100

1

182

134 1

100

184

141

185

100

1

127 100

1

186

68

71 100

1

189 Peki

100

31 1

191

100

1

192

30 1

100

193

30

1

194

31 100

1

195

100

67 100

1

196

19 100

1

115

198

100

48 1

199

1

200

132 100

100

1

202

42 1

203

196 100

1

45 100

204

196 100

1

205

1

229 100

207

1

208

310 100

155 100

1

208/369

1

577 100

210 भाग 1 ]

627

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2)

(3)

(4) 100

1

211

64 100

1

211/368

59 100

212

209

1

100

1

213

119 100

1

145

214

100

1

215

135 100

1

168

216

100

1

217

159 100

1

219/374

66 100

1

219/373

98 100

1

219/371

160 100

1

219/372

352 100

1

221

71 100

1

222

107 100

1

223

224 100

1

224

139

1

100

225

121 100

1

226

87 100

1

227

80 100

1

228

52

1

100

230

75 100

1

239

110 100

1

241

88 100

1

242

50 100

1

243

54 100

1

244

49 100

1

245

43 100

1

246

273 100

1

247

30 100

1

248

126 100

1

336

249

100

1

251

300 100

1

251/376

368 100

1

252

344

1

100

254

168 100

1

255

162 100

1

256

277 100

1

257

66 100

1

258

68 100

1

259

132 100

1

260

51 (2)

(1)

(3)

(4) 100

1

53

261

100

1

262

55 100

1

263

96 100

1

264

73 100

1

265

398 100

1

266

312 100

1

210

219/370

100

1

324

118

1'

109

268

14 109

1

269

85 1

109

270

31 1

271

109

12

272

109

1

60

1

92

323

27 1

325

130 92

92

1

326

40 1

92

327

56

328

74 92

1

1

92

329

109 1

92

330

58 92

1

69

331

334

92

1

33 92

1

335

22 1

336

40 48/2, 92

92

1

337

58 1

92

338

48 92

1

46

339

340

92

1

89 1

92

343

30 1

92

344

60 1

92

345

90 92

1

347

85

348

53 1

92

1

349

50 92

1

44 92

350

92

1

351

190

353

1

92

75 92

1

356

60 92

1

358

72 1

360

40 92

92

1

361

73 628

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2)

(3)

(4) 92

1

362

61 92

1

36

363

योग .. 20528 निजी कृषि भूमि में स्थित संरचनाएं

ख. नं.

संपत्ति का विवरण

(1)

(2)

7/2

मकान-1

15

मकान-1

37

टीनशेड-1

108/1

मकान -1 , गोडाउन -1 , गोबर गैस -1 111 , 112

मकान-3

10

मकान-20 , पशुबाड़ा-2 , टीनशेड -1 14

मकान -1

99

टीनशेड-1

101

गोबर गैस -1 , पानी हौज -1 102

मकान -1 , गोबर गैस-1 , पानी हौज-1 107/2

पशुबाड़ा-1 , गोबर गैस -1 107/4

पशुबाड़ा-1 , गोबर गैस -2 शासकीय भूमि में स्थित संरचनाएं

ख. नं.

मद

संपत्ति का विवरण (1)

(2)

(3)

3

नि. चरनोई मकान -1 , पंपहाउस -4 , पाईपलाईन -19

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है - महेश्वर जल विद्युत् परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) 1. कलेक्टर, जिला खरगोन, 2. भू- अर्जन अधिकारी महेश्वर जल विद्युत् परियोजना मण्डलेश्वर खरगोन , 3. कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) महेश्वर जल विद्युत् परियोजना/म.प्र.रा.वि.मं. मण्डलेश्वर, 4. महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पॉवर कार्पोरेशन लिमि. , मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

[भाग 1 क्र. 245 - भू- अर्जन-2012 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

( क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- भगवानपुरा

( ग) ग्राम- धूलकोट

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 11.669 हेक्टर.

खसरा नम्बर

रकबा

(हे. में)

(2) (1)

21/2/1

0.312 21/2/2

0.405 21/6

0.061 45/1/1

0.025 46/3/1

0.271 46/4

0.546 46/6

0.316 46/7

0.048 46/9

0.299 46/10

0.020

0.142 47/2

48/1

0.336 48/4

0.044 48/5

0.202

0.473 48/6

52/5

0.202 52/6

0.072

0.170 53/1/1

57/1

0.130

0,120 57/2

0.130 57/3

0.072 57/4

57/5

0.041 58

0.437 60/5

0.016

0.044 78/1

79

0.485 भाग 1 ]

629

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2) 80/3

0.025 80/4

0.128 83/1

0.041 50/4/1

0.119 50/4/2

0.528 51/1

0.469 51/2

0.461 51/3

0.534 51/4/1

0.214 51/4/2

0.101 51/4/3

0.101 52/1/2

0.253 52/1/3

0.407 52/2

0.403 52/3

0.166 52/4

0.221 83/2

0.080 83/3

0.081 84/1

0.279 95/3

0.020 85/2

0.024 86/1

0.287 86/2

0.202 86/3

0.065 87/1/3

0.041 87/2

0.517 89/1

0.020 89/2

0.324 89/3

0.139

योग

11.669 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है--- खारक जलाशय परियोजना की मुख्य नहर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी, खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 247 - भू-अर्जन- 2012.-चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन---

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- कसरावद

(ग ) ग्राम-डोमवाडा बुजुर्ग

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.974 हेक्टर .

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में) (1)

(2) 145/1/1

0.470

0.690 145/2

147/1

0.324 158/1

0.615 159/1

0.125

0.186 161

0.275 164/1

228/1/1

0.289

योग .. 2.974 ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- डोमवाडा तालाब योजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी, कसरावद एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

खरगोन, दिनांक 10 फरवरी 2012

क्र. 263 - भू- अर्जन- 2012.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- खरगोन

(ख) तहसील- झिरन्या 630

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(ग ) ग्राम- कुसुम्बिया

(घ) लगभग क्षेत्रफल-49.635 हेक्टर .

खसरा नम्बर

रकबा

(हेक्टर में) (1)

(2) 41

1.640 64

0.364 66

1.271 68

0.307

1.817 69

70/1

0.607 70/2

0.506 71/1

1.619 71/2

0.619 74/2

1.214 74/3

1.506 75

5.265 77/1

1.445 77/2

1.153 78

1.558 124

2.338 127/1

1.056 127/2

0.518 127/3

0.708 127/4

0.785 127/5

0.648 127/6

0.607 127/9

0.500 128/1

0.525 128/2

1.169 128/3

0.907 128/4

0.907 130/1

1.214 130/2

1.210 131

0.166 81/1

3.594 81/2

1.817 109/5

1.012

[ भाग 1

(2) (1)

0.405 109/7

109/9

0.708 109/10

0.809 109/11

0.911

0.607 109/12

0,832 123

0,850 132

0.265 133/3

0.289 133/4

173/1

0.186

0.607 173/2

0,400 174/4

1.376 174/5

174/6

0.260

0.450 184/4

184/5

0.108

योग 49.635 ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- करेली नाला तालाब योजना के शीर्ष कार्य के निर्माण एवं डूब क्षेत्र हेतु भूमि की आवश्यकता.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी, भीकनगांव एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नवनीत मोहन कोठारी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

झाबुआ , दिनांक 9 फरवरी 2012

क्र. 445 - भू- अर्जन- 2011- रा. प्र. क्र. अ- 82-2011- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भाग 1 ]

631

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन--

(क ) जिला- झाबुआ

(ख) तहसील-पेटलावद

(ग) ग्राम- सुल्तानपुर

(घ) लगभगभ क्षेत्रफल-1.70 हेक्टेयर.

निजी भूमि

सर्वे नम्बर

रकबा

(हे. में)

(1)

(2)

193

0.07

199/1

0.04

199/2

0.08

200

0.10

229

0.05

230

0.04

317

0.22

318

0.03

319

0.22

341

0.30

342

0.11

345

0.06

361

0.10

362

0.20

363

0.08

योग .. 1.70

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- माही परियोजना की महुडीपाड़ा माईनर नहर के निर्माण होने से ग्राम सुल्तानपुरा की निजी भूमि की कुल रकबा 1.70 हेक्टेयर है .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 447 - भू- अर्जन- 2011- रा.प्र.क्र.अ-82-2011 - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- झाबुआ

(ख ) तहसील- पेटलावद

(ग ) ग्राम- बडलीपाड़ा

लगभगभ क्षेत्रफल-1.61 हेक्टेयर .

(घ)

निजी भूमि

सर्वे नम्बर

रकबा

(हे. में )

(2)

(1)

236

0.09

237

0.08

0.08

238

0.16

239

251

0.13

261

0.12

262

0.08

0.12

263

265

0.17

270

0.10

281

0.32

282

0.12

0.04

355

योग .. 1.61

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- माही परियोजना की सुल्तानपुरा माईनर नहर के निर्माण होने से ग्राम बडलीपाड़ा की निजी भूमि की कुल रकबा 1.61 हेक्टेयर है .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , जयश्री कियावत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

632

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

कार्यालय, कलेक्टर, जिला अलीराजपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग अलीराजपुर , दिनांक 10 फरवरी 2012

क्र. भू-अर्जन- 2012-167-प्र. क्र. 5 - अ- 82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला-अलीराजपुर

( ख ) तहसील- चन्द्रशेखर आजाद नगर ( भाबरा ) (ग ) ग्राम- सेजावाडा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.50 हेक्टर.

सर्वे नंबर

रकबा

(हेक्टर में )

(1)

(2)

35

पैकी 0.03

39

0.10

73

0.06

98

पैकी 0.11

42

0.05

38

पैकी 0.02

50

0.03

37

पैकी 0.02

40

0.03

48

0.04

76

0.16

0.06

41

72

0.06

75

0.16

46

0.04

49

0.04

77

0.16

79

0.48

80

0.26

149

1.58

300

0.25

(1)

(2)

101

पैकी 0.17

296

0.10

297

पैकी 0.06

0.10

298

306

पैकी 0.14

0.15

778

780

0.04

योग .. 4.50

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सेजावाडा तालाब क्रमांक-03 योजना के शीर्ष कार्य निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, जोबट तथा कार्यपालन यंत्री, जल. संसाधन संभाग, अलीराजपुर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

क्र. भू- अर्जन- 2012-169- प्र. क्र. 6-अ- 82-2011-12.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- अलीराजपुर

(ख ) तहसील- चन्द्रशेखर आजाद नगर ( भाबरा ) (ग) ग्राम-किलाना

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 13.10 हेक्टर .

सर्वे नंबर

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

212

पैकी 0.25

577

पैकी 0.20

217

पैकी 0.10

218

पैकी 0.36

220

0.64

213

0.17

515

पैकी 0.07 भाग 1 ]

633

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2) 574

पैकी 0.12 575

पैकी 0.15 224

पैकी 0.06 472

0.10 459

0.71 487

0.18 474

0.51 511

पैकी 0.15 461

0.39 463

0.35 465

0.26 502

पैकी 0.03 503

पैकी 0.02 462

0.42 464

0.21 473

0.37 514

पैकी 0.10 513

पैकी 0.34 512

पैकी 0.18 476

0.54 478

0.55 479

0.44 480

0.31 481

0.34 482

0.16 483

0.87 486

0.33 484

0.63 490

0.63 500

0.64 488

0.05 489

0.12 499

0.25 501

पैकी 0.07 493

पैकी 0.17 545

पैकी 0.15 546

पैकी 0.16 547

पैकी 0.03 582

पैकी 0.02 586

पैकी 0.12 585

पैकी 0.08

योग 13.10 ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-झीरण सिंचाई तालाब योजना के शीर्ष कार्य निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , जोबट तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , अलीराजपुर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन-2012-173-प्र. क्र. 07-अ-82--2011-12.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-अलीराजपुर

(ख ) तहसील - जोबट

(ग ) ग्राम- जवास

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 20.46 हेक्टर.

सर्वे नंबर

रकबा

(हेक्टर में)

(1)

(2)

2

0.23

7

पैकी 1.05

0.40

3

4

1.39

0.03

5

0.49

28

31

0.75

32

पैकी 0.81

35

0.40

45

0.35

83

पैकी 0.64

0.81

6

8

1.49

85

0.61

96

पैकी 2.04

98

पैकी 0.04

10

0.78 634

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2)

13

1.19

25

पैकी 0.36

26

1.02

33

पैकी 0.56

43

0.25

47

पैकी 0.25

19

पैकी 0.10

22

0.04

29/1

0.23

29/2

0.23

30

0.26

36

0.02

40

0.07

44

0.13

48

पैकी 0.57

77

पैकी 0.05

78

पैकी 0.06

39

पैकी 0.58

41

0.18

49

पैकी 0.32

51

0.14

53

पैकी 0.07

86

0.57

87

0.36

92

पैकी 0.11

88

पैकी 0.22

99

पैकी 0.10

54

पैकी 0.11

योग 20.46

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-झीरण सिंचाई तालाब योजना के शीर्ष कार्य निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , जोबट तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, अलीराजपुर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन- 2012-175-प्र. क्र. 08-अ-82-2011-12 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-अलीराजपुर

(ख ) तहसील- जोबट

(ग) ग्राम- उबगारी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 17.42 हेक्टर.

सर्वे नंबर

रकबा

(हेक्टर में )

(2)

(1)

पैकी 0.02

113

पैकी 0.18

146

115

पैकी 0.60

0.68

142

141

0.09

पैकी 0.08

145/2

190

0.20

1.07

193

194

0.44

0.40

196

197

0.61

209

1.33

195

0.42

208

0.59

पैकी 0.10

199

200

0.15

201

0.19

202

0.10

0.06

518

203

0.39

0.52

204

205

0.64

1.11

206

211

0.12

212

पैकी 0.70

221

पैकी 0.05

213/1

0.67

पैकी 0.25

494

पैकी 0.20

495

496

पैकी 0.25

497

पैकी 0.20

पैकी 0.05

498 भाग 1 ]

635

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2)

524

पैकी 0.15

499

0.30

509

0.61

510

0.33

511

0.80

517

पैकी 0.60

512

0.40

513

0.42

514

0.62

554

पैकी 0.09

555

पैकी 0.07

556

पैकी 0.05

558

पैकी 0.10

505

0.42

योग .. 17.42

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- उबगारी तालाब योजना के शीर्ष कार्य निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , जोबट तथा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , अलीराजपुर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन- 2012-171- प्र. क्र. 09- अ- 82-2011-12.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :--

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-अलीराजपुर

(ख) तहसील- जोबट

(ग ) ग्राम- बडीजुवारी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.55 हेक्टर.

सर्वे नंबर

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

624

0.14

(2)

(1)

625

0.08

636

पैकी 0.15

637

0.20

646

0.25

635

पैकी 0.15

642

0.08

पैकी 0.10

641

644

पैकी 0.50

645

पैकी 0.30

648

पैकी 0.25

652

पैकी 0.35

योग .. 2.55

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- उबगारी तालाब योजना के शीर्ष कार्य निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , जोबट तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , अलीराजपुर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन- 2012-177- प्र. क्र. 10-अ- 82-2011-12 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-अलीराजपुर

(ख ) तहसील- चन्द्रशेखर आजाद नगर ( भाबरा ) (ग) ग्राम-झीरण

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.50 हेक्टर .

सर्वे नंबर

रकबा

(हेक्टर में)

(2)

(1)

232

पैकी 0.04

235

पैकी 0.05

239

1.07

507

पैकी 0.52 636

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2)

254

पैकी 0.13

256

पैकी 0.10

262

पैकी 0.07

509

0.15

510

0.17

511

0.20

योग .. 2.50

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- झीरण सिंचाई तालाब योजना के शीर्ष कार्य निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , जोबट तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , अलीराजपुर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

खण्डवा , दिनांक 13 फरवरी 2012

नस्ती क्र. 112-2011 - एल.ए. भू-अर्जन-प्र. क्र. 66-अ-82-10-11- शुद्धि- पत्र. पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत वितरण पाईप लाईन हेतु ग्राम मोहद , तहसील पुनासा, जिला खण्डवा के भू-अर्जन प्रकरण क्र. 66-अ-82-10-11 में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 की उद्घोषणा का प्रकाशन , मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 , में दिनांक 18 नवम्बर 2011 को, नई दुनिया समाचार पत्र में दिनांक 17 नवम्बर 2011 को, राज एक्सप्रेस में दिनांक 18 नवम्बर 2011 एवं आम इश्तहार दिनांक 30 नवम्बर 2011 को हुआ है. उक्त उद्घोषणा में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावेः--

सही संशोधित प्रविष्टि

पूर्व प्रकाशित प्रविष्टि

प्रकाशन जिसमें हुआ

खसरा नंबर (1)

(2)

94

मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 18-11-2011

101/1

272

94

नई दुनिया समाचार - पत्र में दिनांक 17-11-2011

101/1

272

94

राज एक्सप्रेस में दिनांक 18-11-2011

101/1

272 खसरा नंबर

रकबा ( हे.में) (3)

रकबा (हे.में. ) (2)

(1)

0.01

94

0.02

98

0.01

0.06 0.07

101/1

100

0.01

272

0.02 0.07

0.05

276

0.01 0.02

0.01

94 98

0.07

101/1

0.06

0.01 0.07

0.02

0.05

100 272 276

0.02

0.01

94

0.01

98

0.06 0.07

101/1

100

0.01 0.07

0.02 0.05

272 276 भाग 1 ]

637

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2) आम इश्तिहार में

94 दिनांक 30-11-2011

101/1

272 उक्त प्रकाशन उद्घोषणा में कुल अर्जनीय रकबा 6.91 है. यथावत् रहेगा.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 13 फरवरी 2012

क्र. 308 - भू-अर्जन- कार्य- 200.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- रघुराज नगर

(ग) नगर/ ग्राम- पवइया कोठार

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.098 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

(1)

अर्जित भूमि (हे . में) (2)

317

0.098 योग . 0.098

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा नहर के वितरण मुख्य माइनर एवं सब - माइनरों के अन्तर्गत आने वाली निजी/शास . भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु .

(3)

(1)

(2)

0.01 0.02

94

0.01

98

0.07

101/1

0.06

100

0.01

0.02

272

0.07

276

0.05 मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कवीन्द्र कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

रीवा , दिनांक 15 फरवरी 2012

क्र. 342 - प्रशासक- भू-अर्जन-2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 , ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील- सेमरिया

(ग ) नगर/ग्राम - बरौं

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.096 हेक्टेयर.

खसरा

रकबा

नम्बर

(हे. में )

(2)

(1)

2383

0.096

0.096

योग ..

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बरौं सब- माइनर नहर के अन्तर्गत में आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.

638

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग छतरपुर, दिनांक 16 फरवरी 2012

प्र. क्र. 10-अ- 82-2010-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील- लवकुश नगर

(ग ) ग्राम- रानीपुरा , प. हल्का नं. 26

(घ ) लगभग क्षेत्रफल ( निजी भूमि ) - 8.163 हेक्टर.

खसरा क्र.

अर्जित रकबा

(हे. में)

(2) (1)

549

0.030 550

0.172 551

0.288 552/1

0.244 552/2

0.030 553

0.057 739/1/1

0.179

0.126 739/1/2

0.390 739/2

747

0.070 748

0.186

0.273 752/1

752/2/1

0.030 753

0.206

[ भाग 1

(2) (1)

0.020 754/1

0.018 758/1

0.014 758/2/1

0.018 758/2/2

0.022 758/3

0.018 758/4

759

0.032 761/1

0.104

0.072 763

0.010 764

765/1

0.364

0.032 765/2

768/1

0.115

0.010 768/2

0.064 769

770

0.156 771

0.060 774

0.050

0.110 779

0.010 783/1

784

0.084

0.120 794

795

0,400

0.020 799

800

0.211

0.096 808

809

0.049 810

0.112 811/1

0.045

0.045 811/2

813

0.053 814

0.056 817

0.057 818

0.150

0.015 830/1

832/1

0.190 838

0.104 839

0.112 840

0.112 841

0.130

0.224 843

0.067 844

845

0.235

0.010 919

920

0.158 भाग 1 ]

639

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2) 921

0.028

0.010 923

927

0.220 929/1

0.096 930

0.154 931

0.040 940

0.144 941

0.115 942

0.010 944

0.105 945

0.010 946/1

0.020 946/2

0.071 947

0.057 948

0.045 949

0.145 950

0.032 952

0.048 967

0.084 968

0.025 969

0.030 970

0.009 983

0.010 92

0.220

8.163

योग.

( 2 ) सिंहपुर बैराज परियोजना अंतर्गत मुख्य नहर हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है .

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लवकुश नगर में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 35- अ-82-2010-11-12.-चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

( क) जिला- छतरपुर

( ख ) तहसील- लवकुश नगर

(ग) ग्राम- टूड़ा ( लक्ष्मनपुरा )

(घ) लगभग क्षेत्रफल , निजी भूमि-0.648 हेक्टेयर.

खसरा क्रमांक

अर्जित रकबा (हे. में) (1)

(2)

0.240 572/1, 572/3

617

0.154 616/3

0.048

0.206 616/1 , 616/2

योग . 0.648 (2 ) सिंहपुर बैराज परियोजना अंतर्गत शाखा/उपशाखा नहर हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है .

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लवकुश नगर में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 40 - अ- 82-2010-11-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील- लवकुशनगर

(ग) ग्राम-रेखा

( घ) लगभग क्षेत्रफल, निजी भूमि-4.924 हेक्टर में.

खसरा क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

447/2

0.024

435

0.250

433

0.244

56

0.164

0.230

384

314

0.413

0.068

432

440

0.260

61

0.226

59/1

0.054 640

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2)

427/1

0.010

445

0.250

436

0.125

452

0.288

454

0.182

421

0.197

58

0.017

457

0.256

446

0.020

426

0.026

425

0.163

431

0.012

447/1

0.095

117

0.163

60

0.068

424

0.182

388

0.173

0.154

389

383

0.125

317

0.125

51

0.017

119/1

0.231

78

0.112

योग : 4.924

(2 ) सिंहपुर बैराज परियोजनांतर्गत शाखा/उपशाखा नहर हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लवकुशनगर में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 41 - अ-82-2010-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख ) तहसील - लवकुशनगर

(ग ) ग्राम-पीरा

[भाग 1 (घ ) लगभग क्षेत्रफल, निजी भूमि-0.669 हेक्टर में.

खसरा

क्रमांक

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

0.144

1812/1 , 1812/2

1783

0.024

1782/2

0.092

2406

0.020

1811

0.087

1810

0.041

0.020

1818

1817

0.141

0.052

1816

0.028

1814/1

1815

0.020

योग : 0.669

( 2) सिंहपुर बैराज परियोजनांतर्गत शाखा/उपशाखा नहर हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) लवकुशनगर में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग सतना, दिनांक 17 फरवरी 2012

क्र. एफ- 1084- भू-अर्जन 12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- मैहर भाग 1 ]

641

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(ग) नगर/ग्राम- अमिलिया खुर्द

(घ) क्षेत्रफल -7.583 हेक्टर.

खसरा

क्षेत्रफल

नम्बर

(1)

(हेक्टर में) (2)

12/1/2

0.042

13/1/2

0.011

14/1/2

1.029

15/2

0.068

0.209

19/3 क 2 , 20/3 क 2

52/2 ग

0.161

53/2 ग

0.018

65/1 ग

0.088

66/1 ग

0.004

52/2 घ

0.322

53/2 घ

0.036

65/1 घ

0.175

66/1 घ

0.009

8/2

0.649

9/2

0.160

56

0.031

72

0.805

73

0.460

74/2

0.794

91

1.017

22

1.359

23

0.042

64

0.094

निजी खाता भूमि योग रकबा 7.583

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक हैः- मे. के. जे. एस. सीमेंट प्लांट, मैहर की स्थापना हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

क्र. एफ- 1084- भू-अर्जन 12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- मैहर

(ग) नगर/ ग्राम-लखवार

(घ ) क्षेत्रफल - 11.949 हेक्टर.

खसरा

नम्बर

क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1)

(2)

76/1 क

0.042

77/1 क

0.951

0.042

76/1 ख

77/1 ख

0.951

76/2

0.052

77/2

1.793

109/2 ख

0.256

0.557

0.558

68/1

0.105

68/2

0.105

69

0.063

70

0.052

71

0.209

0.031

72

0.417

73/3

10/1

0.951

0.053

0.711

12

13

0.136

14

0.648

15/1

0.063

0.523

16/1 क

15/2

0.063

16/1 ख

0.522

91/1

0.182

94/1

0.021

92

0.439

0.021

93

0.465

95/1

0.465

95/2

108/2

0.502

निजी खाता भूमि योग रकबा 11.949

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक हैः- मे. के. जे. एस. सीमेंट प्लांट, मैहर की स्थापना हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू-अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , के. के. खरे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

642

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

कार्यालय , कलेक्टर , जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग धार, दिनांक 16 फरवरी 2012

क्र. 195- प्र. क्र. 08 -अ-82-2011-2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-धार

(ख ) तहसील- मनावर

(ग) ग्राम- कलालदा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-6.565 हैक्टेयर.

खसरा

रकबा

नम्बर

(हैक्टेयर में)

(2)

(1)

0.930

177/1

177/2/1

0.200

177/2/2

0.210

177/2/3

0.040

176/2

0.020

199/1

0.550

199/4

0.230

200/1

0.490

199/3

0.025

200/2

0.390

200/3

0.250

204

0.030

191/3

0.250

196

0.110

197

0.110

205

0.514

0.210

206

207/1

0.096

192/2

0.700

192/1

0.180

192/3

0.610

211/1

0.250

211/2

0.170

योग : 6.565

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता

[भाग 1 है- औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना चतुर्थ चरण (ग्रुप-2 ) के मुख्य नहर निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर धार, भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना, मनावर, जिला धार एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग , क्र. 20, मण्डलेश्वर, जिला खरगोन के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 201 - प्र. क्र. 09- अ- 82-2011-2012.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची कें पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

( क) जिला-धार

(ख) तहसील- मनावर

( ग ) ग्राम - गोलपुरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.881 हैक्टेयर.

रकबा (हैक्टेयर में )

(2)

खसरा नम्बर (1)

140/4

0.032

150/1/1

0.157

0.110

149/1

150/1

0.020

0.093

150/2

0.187

150/3

150/4

0.187

151/1/2

0.040

0.480

165/1

165/2

0.110

166

0.670

167/1

0.290

0.515

171

0.390

182/3

0.210

182/6

183/2/1

0.395

0.200

183/2/2

183/4

0.175

240/5/1/1

0.150

0.440

240/6/1/1

0.245

240/6/1/3 भाग 1 ]

643

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2)

240/6/1/2

0.400

240/6/1/4/1

0.385

योग : 5.881

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना चतुर्थ चरण ( ग्रुप -2 ) के मुख्य नहर निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर धार, भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजनां , मनावर, जिला धार एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग, क्र. 20, मण्डलेश्वर, जिला खरगोन के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 207- प्र. क्र. 11 -अ- 82-2011-2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- धार

(ख) तहसील- मनावर

(ग) ग्राम-सोण्डूल

( घ ) लगभग क्षेत्रफल- 14.222 हैक्टेयर.

खसरा

रकबा

नम्बर

(हैक्टेयर में )

(1)

(2)

25/1

0.210

27/1

0.620

27/2

0.030

27/3

0.020

42

0.070

.29

0.005

30

0.640

37/5

0.050

31/6

0.050

37/4

0.020

38

0.810

39

1.000

44/1

0.210

44/2

0.050

90/1/1

0.045

90/1/2

0.210

(2)

(1)

0.250

90/2/3

90/2/4

0.180

0.100

90/2/5

99/2

0.200

99/3

0.350

96

0.370

125

0.300

0.375

97/1 , 97/2

123/2

0.140

124

0.180

127

0.150

129

0.100

0.405

129/333/1/1

0.080

129/333/1/2

129/333/1/3

0.010

0.315

179/3

145/1/1

0.190

145/1/2

0.040

145/2

0.150

145/3

0.125

0.125

145/4

145/5

0.150

145/6

0.150

147

0.500

0.030

149

151

0.205

156/1/1

0.450

0.020

156/1/2

156/1/3

0.070

279

0.410

0.050

169

0.025

170

0.250

277/1

0.260

171/1/2/2

0.035

0.240

171/1/2/4

0.240

171/1/2/3

0.370

171/1/3/1

0.025

172/2

173

0.120

0.020

176

175/2/ 1 क

0.200

175/2/ 1 ख

0.170

180

0.370

182/1

0.180

181/1

0.110 644

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2)

181/5

0.020

181/3

0.150

181/2

0.010

181/4

0.223

184/1

0.070

184/2

0.040

281/2/3

0.130

281/3/2

0.310

278/2

0.100

281/1/4

0.090

281/2/1

0.154

281/4

0.100

योग : 14.222

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना चतुर्थ चरण ( ग्रुप-2 ) के मुख्य नहर निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर धार , भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना, मनावर, जिला धार एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग, क्र. 20, मण्डलेश्वर, जिला खरगोन के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 216 - प्र. क्र. 12 -अ-82-2011-2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: --

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- धार

(ख) तहसील- मनावर

(ग ) ग्राम-पेटलावद

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.150 हैक्टेयर.

खसरा

रकबा

नम्बर

(हैक्टेयर में)

(2)

(1)

113/1/5

0.060

113/1/7

0.090

115/2

0.040

114

0.500

116

0.410

117

0.050

योग : 1.150

[भाग 1 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- औंकारेश्वरं उद्वहन नहर परियोजना चतुर्थ चरण ( ग्रुप-2 ) के मुख्य नहर निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर धार, भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना, मनावर, जिला धार एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग , क्र. 20, मण्डलेश्वर , जिला खरगोन के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है.

धार, दिनांक 17 फरवरी 2012

क्र. 225 - प्र. क्र. 07 - अ- 82-2011-2012.- चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- धार

(ख ) तहसील- मनावर

(ग) ग्राम-बंजारी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-8.335 हैक्टेयर.

खसरा

रकबा

नम्बर

(हैक्टेयर में)

(2)

(1)

25/4

0.450

0.620

100/2

0.420

25/3

53/2

0.101

56

0.110

0.455

57

60

0.410

61/1/2

0.073

61/1/3

0.045

0.700

89/1

0.100

90/2

0.360

86/1

0.236

97/2

86/2

0.700

0.220

97/4

86/3/2

0.085

86/3/7

0.215

0.070

86/3/3

86/3/5

0.235

0.120

86/3/4 भाग 1 ]

645

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

(1)

(2)

86/3/6

0.215

86/3/8

0.050

89/2

0.270

88/3

0.035

90/1

0.650

91/4

0.225

97/3

0.220

97/6

0.410

102/1

0.130

102/3

0.110

102/2

0.110

125/1

0.170

0.015

127/2

योग : 8.335

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना चतुर्थ चरण (ग्रुप -2 ) के मुख्य नहर निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर धार, भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना, मनावर, जिला धार एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग , क्र. 20 , मण्डलेश्वर, जिला खरगोन के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 219 - प्र. क्र. 10-अ-82-2011-2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- धार

(ख) तहसील-मनावर

(ग) ग्राम- सुलीबर्डी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 12.915 हैक्टेयर.

खसरा

रकबा

नम्बर

(हैक्टेयर में)

(1)

(2)

215/1

0.065

215/2

0.060

217/3

0.720

217/2/1

0.580

217/2/2

0.090

(1)

(2)

265/1

0.270

221/1/1

0.380

221/2

0.020

0.360

214/354/2

0.390

214/354/1

222/1/1/3

1.200

0.060

226/2

222/1/1/4

0.625

223

1.010

224/1/2

0.263

224/2

0.210

0.180

225

226/3

0.140

267

0.500

320/1

0.225

0.401

303/3/1/1/5

302/2

0.210

302/3

0.140

302/10

0,100

303/1/1/1/2

0.050

302/4

0.240

302/8

0.070

0.225

302/5

1.130

302/6

302/9

0.060

305

0.025

306/1

0.430

306/2

0.121

308

0.437

312

0.480

0.225

321/1

321/2

0.480

322/4

0.035

322/3

0.250

322/5

0.300

326/3

0.138

327 पैकि

0.020

योग : 12.915

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- औंकारेश्वर उद्वहन नहर परियोजना चतुर्थ चरण (ग्रुप -2 ) के मुख्य नहर निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर धार, भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी, सरदार सरोवर परियोजना , मनावर, जिला धार एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग , क्र. 20 , मण्डलेश्वर, जिला खरगोन के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

646

उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 3 फरवरी 2012

क्र. 164-गोपनीय- 2012-दो- 2-1-2012-( भाग- ए) .-न्यायिक अधिकारीगण , जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है को, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में " कार्यशाला " " Advance Course Training Programme" , जो दिनांक 27 फरवरी 2012 से 3 मार्च 2012 तक की अवधि के लिये आयोजित है , न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में , दिनांक 27 फरवरी 2012 को प्रातःकाल ठीक 9:30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है.

प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी :-

1. अपरिहार्य मामलों को छोड़कर कोई भी न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेगा . समायोजन पत्र यदि कोई हो तो संस्थान को बिना किसी विलंब के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजा जावे , जिससे कि संचालक समायोजन के कारणों पर विचार कर तद्नुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में समायोजन कर सकें.

2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर में , दिनांक 27 फरवरी 2012 को प्रातःकाल ठीक 9:30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें .

3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट, ग्रे पेंट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होंवें तथा महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाउज व काले कोट में उपस्थित होवें.

4. वे न्यायिक अधिकारी जिन्हें " Advance Course Training Programme " में उपस्थित होना है वे प्रशिक्षण में उपस्थित होते समय उनके द्वारा निम्न प्रकरणों में पारित / तैयार निर्णयों की एक प्रति अपने साथ अवश्य लावें :-

(1 ) सत्र प्रकरण का निर्णय जिसमें साक्षी पक्ष द्रोही न हुआ हो,

(2 ) व्यवहार वाद ( अ ) का निर्णय ,

( 3) व्यवहार वाद अपील ( अ) का निर्णय ,

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

[भाग 1

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

(4) आपराधिकअपील / रिवीजन का निर्णय .

5. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे जिन विधिक समस्याओं / विषयों पर चर्चा चाहते हों, को प्रशिक्षण केन्द्र के फैक्स नं. 0761-2626945 पर समय रहते अग्रिम प्रेषित करें.

6. टी. ए. एवं डी. ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे , जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं.

7. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्तों का उल्लंघन अनुशासनहीनता माना जावेगा.

8. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक -1 के मुख्य द्वार पर वाहन की व्यवस्था की जावेगी, जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी . अतः न्यायिक अधिकारी जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के कार्य दिवस में, प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच, दूरभाष क्रमांक 0761-2628679 , पर समयावधि रहते सूचित करें.

9. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिये न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है, जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपरान्ह से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी. यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के द्वितीय एवं तृतीय तल पर, स्वास्थ्य कारणों से, ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा, जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी . इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी.ए. एवं डी.ए. क्लेम करने के पात्र होंगे .

10. न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय, नाश्ता तथा दिन एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.

माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,

सुभाष काकड़े , रजिस्ट्रार जनरल.

भाग 1 ]

जबलपुर, दिनांक 7 फरवरी 2012

क्र. डी- 622 -दो- 2-12-2002 .- श्री एच. के. दुबे, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , उज्जैन को दिनांक 19 से 20 दिसम्बर 2011 तक , दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 18 दिसम्बर 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री एच. के. दुबे, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एच. के. दुबे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. डी- 624- दो- 2-11-2004.- श्रीमती आराधना चौबे, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल को दिनांक 8 से 10 नवम्बर 2011 तक, दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 6 एवं 7 नवम्बर 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्रीमती आराधना चौबे , प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती आराधना चौबे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. डी- 626 - दो- 2-18- ए- 2009.- श्री सुरेश कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बुरहानपुर को दिनांक 30 जनवरी से 2 फरवरी 2012 तक, दोनों दिन सम्मिलित करके , चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 29 जनवरी 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री सुरेश कुमार जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बुरहानपुर को बुरहानपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

647

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री सुरेश कुमार जैन , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. डी- 631 - दो - 2-36-2010 .-श्री अनुराग श्रीवास्तव , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बालाघाट को दिनांक 29 से 31 दिसम्बर 2011 तक, तीन दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 1 से 3 जनवरी 2012 तक, तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री अनुराग श्रीवास्तव , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बालाघाट को बालाघाट पुनः पदस्थापित किया जाता है .

शीतकालीन अवकाश / अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री अनुराग श्रीवास्तव, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. बी- 408- दो- 2-50-2010.- श्री योगेश कुमार सोनगरिया , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अनूपपुर को दिनांक 26 से 28 दिसम्बर 2011 तक, तीन दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 29 से 31 दिसम्बर 2011 तक, तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 25 दिसम्बर 2011 के एवं पश्चात् में दिनांक 1 जनवरी 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री योगेश कुमार सोनगरिया , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अनूपपुर को अनूपपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाश/शीतकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री योगेश कुमार सोनगरिया, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. बी- 410-दो- 2-5-2011.- सुश्री प्रतिभा रत्नपारखी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सागर को दिनांक 3 से 6 जनवरी 2012 तक, दोनों दिन सम्मिलित करके, चार दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

648

अवकाश से लौटने पर सुश्री प्रतिभा रत्नपारखी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश सागर को सागर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि सुश्री प्रतिभा रत्नपारखी, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. सी- 1387- दो- 2-60-2009.-श्री अभिनन्दन कुमार जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बैतूल को दिनांक 20 से 24 जनवरी 2012 तक, दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री अभिनन्दन कुमार जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बैतूल को बैतूल पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री अभिनन्दन कुमार जैन, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. सी- 1398 -दो-3-126-2011.- श्री श्याम कुमार मण्डलोई, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बड़वानी को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3- ( ए) 19-03- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2009 से 31 अक्टूबर 2011 तक, दो वर्ष की ब्लाक अवधि के लिये 30 दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है .

जबलपुर , दिनांक 8 फरवरी 2012

क्र. डी- 633 -दो-2-5-2006.- श्रीमती जयश्री वर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शाजापुर को दिनांक 19 से 23 दिसम्बर 2011 तक, दोनों दिन सम्मिलित करके, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 18 दिसम्बर 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्रीमती जयश्री वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश शाजापुर को शाजापुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती जयश्री वर्मा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. डी- 635- दो- 2-33-2010.- श्री रणजीत सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मण्डला को दिनांक 28 से 29 दिसम्बर 2011 तक, दो दिन का. अर्जित अवकाश एवं दिनांक 30 से 31 दिसम्बर 2011 तक, दो दिन का शीतकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 1 जनवरी 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री रणजीत सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मंण्डला को मण्डला पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाश / शीतकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री रणजीत सिंह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. डी- 637- दो- 2-46-2000.- श्री ओ. पी. दुबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , हरदा को दिनांक 24 दिसम्बर 2011 से 7 जनवरी 2012 तक, दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, पन्द्रह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री ओ . पी . दुबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , हरदा को हरदा पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री ओ. पी . दुबे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. डी- 639- दो- 2-43-2011.- श्री राजेन्द्र महाजन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मन्दसौर को दिनांक 16 से 18 जनवरी 2012 तक, दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

भाग 1 ]

अवकाश से लौटने पर श्री राजेन्द्र महाजन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मन्दसौर को मन्दसौर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री राजेन्द्र महाजन, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. डी- 641 -दो- 2-37-2011 .- श्री सी. व्ही. सिरपुरकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , देवास को दिनांक 21 फरवरी से 2 मार्च 2012 तक, दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, ग्यारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री सी. व्ही. सिरपुरकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, देवास को देवास पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री सी. व्ही. सिरपुरकर, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. डी- 647 -दो- 3-53-2009.- श्री एम . पी . एस . अरोरा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर को दिनांक 19 से 21 दिसम्बर 2011 तक, दोनों दिन सम्मिलित करके, तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री एम. पी . एस. अरोरा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , श्योपुर को श्योपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एम. पी. एस. अरोरा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. डी- 649- दो- 2-37-2010.- श्री जे . एस . क्षत्रिय , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, डिण्डौरी को दिनांक 7 दिसम्बर 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री जे . एस. क्षत्रिय , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, डिण्डौरी को डिण्डौरी पुनः पदस्थापित किया जाता है.

649

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री जे . एस. क्षत्रिय, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. सी - 1406-दो - 2-49-2009.-श्री जगदीश बाहेती , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, खण्डवा को दिनांक 13 से 19 दिसम्बर 2011 तक, दोनों दिन सम्मिलित करके, सात दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री जगदीश बाहेती, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, खण्डवा को खण्डवा पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री जगदीश बाहेती, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. सी- 1408- दो- 2-22-2008.- श्री ऋषभ कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , राजगढ़ ब्यावरा को दिनांक 16 से 18 जनवरी 2012 तक, दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 14 एवं 15 जनवरी 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री ऋषभ कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , राजगढ़ - ब्यावरा को राजगढ़- ब्यावरा पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री ऋषभ कुमार जैन , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. सी- 1412- दो - 2-19- ए- 2009.- सुश्री भारती बघेल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अशोकनगर को दिनांक 29 से 30 दिसम्बर 2011 तक, दो दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 31 दिसम्बर 2011 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 1 जनवरी 2012 650

के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर सुश्री भारती बघेल , जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोकनगर को अशोकनगर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाश / शीतकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि सुश्री भारती बघेल , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. सी- 1414-दो- 2-45-2011 .- श्रीमती मीना भट्ट, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , ग्वालियर को दिनांक 12 से 17 दिसम्बर 2011 तक, दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, छः दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्रीमती मीना भट्ट, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती मीना भट्ट, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. सी -1416-दो-2-26-2008.- श्री जे . के. जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जबलपुर को दिनांक 9 से 13 जनवरी 2012 तक, दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री जे. के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री जे. के. जैन, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

[भाग 1 क्र. सी- 1418- दो- 2-22-2008.- श्री ऋषभ कुमार जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , राजगढ़ ब्यावरा को दिनांक 23 से 28 जनवरी 2012 तक, दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 22 जनवरी 2012 के एवं पश्चात् में दिनांक 29 जनवरी 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री ऋषभ कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , राजगढ़ - ब्यावरा को राजगढ़ - ब्यावरा पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री ऋषभ कुमार जैन, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. सी- 1420- दो- 2-18- ए- 2009.- श्री सुरेश कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बुरहानपुर को दिनांक 2 से 7 जनवरी 2012 तक, दोनों दिन सम्मिलित करके, छः दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 1 जनवरी 2012 के एवं पश्चात् में दिनांक 8 जनवरी 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री सुरेश कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बुरहानपुर को बुरहानपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री सुरेश कुमार जैन , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. सी- 1422 - दो-2-9-2011.- श्रीमती शशिकिरण दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छतरपुर को दिनांक 07 से 09 दिसम्बर 2011 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 06 दिसम्बर 2011 के एवं पश्चात में दिनांक 10 दिसम्बर 2011 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्रीमती शशिकिरण दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छतरपुर को छतरपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

भाग 1 ]

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2012

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती शशिकिरण दुबे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. सी- 1424 -दो- 2-34-2006.- श्री एन . के. पोरवाल, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, भोपाल को दिनांक 27 से 28 दिसम्बर 2011 तक दो दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 29 दिसम्बर 2011 से 07 जनवरी 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री एन. के. पोरवाल , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है .

शीतकालीन/अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एन. के. पोरवाल , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, एस. के. साहा, रजिस्ट्रार.

क्र. सी- 1395 - दो- 3-76-98.- श्री आर. पी . पाण्डे, रजिस्ट्रार (ई. ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को दिनांक 12 से 19 जनवरी 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करके आठ दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री आर. पी. पाण्डे , रजिस्ट्रार ( ई. ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. पी . पाण्डे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो रजिस्ट्रार (ई. ) के पद पर कार्यरत रहते.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, एस. के. साहा, रजिस्ट्रार.

जबलपुर, दिनांक 4 फरवरी 2012

क्र. डी- 581-तीन-6-2-2012.- दण्ड प्रकिया संहिता, 1973 ( अधिनियम क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 260 ( 1 ) ( ग ) सहपठित धारा 32 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर निम्नलिखित सारणी के स्तंभ क्रमांक ( 2 ) में वर्णित न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी, जिनकी पदस्थापना का स्थान स्तंभ क्रमांक ( 3 ) में दर्शित है , को उक्त संहिता की धारा 260 में उल्लेखित सभी अपराधों का संक्षेप्तः विचारण हेतु विशेषतया सशक्त करता है: --

सारणी

क्रमांक न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी

(1)

(2)

1 श्री विवेक बुखारिया, न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी

2 श्री राघवेन्द्र श्रीवास्तव, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी

3 श्रीमती मीनल श्रीवास्तव, न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी

4 श्री के. पी. सिंह , न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी

5 श्री धर्मेश भट्ट, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी

6 श्री अभिनव कुमार जैन , न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी

पदस्थापना का स्थान

राजस्व जिला

(4)

(3)

विदिशा

गंजबासोदा

विदिशा

गंजबासोदा

विदिशा

गंजबासोदा

शहडोल

ब्योहारी

शहडोल

बुढ़ार

सीधी

सीधी 652

(1)

(2)

7 श्री राजेश सिंह, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी

8 श्रीमती किरण कोल, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी

9 श्रीमती सिद्धी मिश्रा, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी

10 श्री डी.एस. परमार, न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी

11 श्री आलोक मिश्रा, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी

12 श्री अजय पेदाम , न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी

13 श्री विशाल अखण्ड, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी

14 श्री कमलेश कुमार सोनी, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी

15 डा. सुधांशु सक्सेना , न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी

16 श्री नीरज मालवीय, न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी

17

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2012

(4)

(3)

सीधी

सीधी

सीधी

मझोली

पन्ना

पन्ना

गुना

गुना

अशोकनगर मूंगावली

देवास

टोंकखुर्द

देवास

देवास

देवास

देवास

बागली

देवास

कन्नौद

देवास

देवास

सोनकच्छ

सुश्री ज्योति डोगरे, न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी

18 श्री अभिलाष जैन , न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी

19 कु. नौशीन खान, न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी

20

देवास

देवास

सिवनी

सिवनी

सिवनी

लखनादौन

श्री अमित सिंह सिसोदिया, न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी

21 श्री मनोज कुमार तिवारी , न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी

22 श्री आशुतोष अग्रवाल, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी

23 श्री विकास चौहान, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी

24 श्री शिवलाल केवट, न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी

मंडला

मंडला

मंडला

मंडला

धार

धरमपुरी

डिण्डौरी

डिण्डौरी

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार,

अभय कुमार, रजिस्ट्रार.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 24 February 2012. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2012-02-24.08.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2012-02-24.08.Ordinary.