Servants of Knowledge
Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 18 May 2012

Type
Ordinary
Gazette no.
20
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2012-05-18.20.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

ध्य प्रदे श शास

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 20]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 18 मई 2012- वैशाख 28 , शक 1934

विषय- सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.-स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

( ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, ( 3) संसद्के अधिनियम,

(ग) (1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 1 मई 2012

क्र. ई- 5-829 - आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री नागरगोजे मदन विभीषण, आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत हरदा को दिनांक 26 अप्रैल से 4 मई 2012 तक नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री नागरगोजे मदन विभीषण को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत हरदा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

1817

(3) अवकाशकाल में श्री नागरगोजे मदन विभीषण को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री नागरगोजे मदन विभीषण अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई - 5-642 - आयएएस - लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री विवेक अग्रवाल, आयएएस. , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , लोक निर्माण विभाग तथा सचिव, मुख्यमंत्री को दिनांक 17 से 23 अप्रैल 2012 तक सात दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

( 2) अवकाश से लौटने पर श्री विवेक अग्रवाल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थापनापन्न प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2012.

1818

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

सड़क विकास निगम तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग तथा सचिव, मुख्यमंत्री के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में श्री विवेक अग्रवाल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री विवेक अग्रवाल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई - 5-822 - आयएएस- लीव - 5 - एक.- ( 1 ) श्री योगेन्द्र शर्मा , आयएएस. , आयुक्त, नगर निगम, इन्दौर को दिनांक 18 अप्रैल से 11 मई 2012 तक चौबीस दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री योगेन्द्र शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, नगर निगम , इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में श्री शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री शर्मा , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई - 5-593- आयएएस लीव - 5 - एक.-( 1 ) श्री अशोक बर्णवाल , आयएएस. , आयुक्त- सह- संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 20 मार्च 2012 द्वारा दिनांक 7 से 20 अप्रैल 2012 तक चौदह दिन का अर्जित अवकाश दिनांक 5, 6 एवं 21 , 22 अप्रैल 2012 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति स्वीकृत किया गया है. उक्त स्वीकृत अवकाश अवधि में से दिनांक 16 से 21 अप्रैल 2012 तक की अवधि एक्स इंडिया अर्जित अवकाश हेतु स्वीकृत की जाती है .

(2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 20 मार्च 2012 की शेष कंडिकाएं यथावत रहेंगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अवनि वैश्य, मुख्य सचिव.

[ भाग 1 भोपाल , दिनांक 9 मई 2012

क्र. ई- 1-162-2012-5- एक. श्री एच . एल. त्रिवेदी, भाप्रसे ( 1993) प्रमुख राजस्व आयुक्त तथा नियंत्रक, शासन मुद्रण एवं लेखन सामग्री , भोपाल ( अतिरिक्त प्रभार ) जिनकी सेवाएं पूर्व से ही राजस्व विभाग के पास हैं, को अस्थाई रूप से , आगामी आदेश तक नियंत्रक, शासन मुद्रण एवं लेखन सामग्री, भोपाल पदस्थ किया जाता है तथा उन्हें प्रमुख राजस्व आयुक्त, मध्यप्रदेश का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.

2. राज्य शासन भाप्रसे ( वेतन ) नियमावली 2007 के नियम 9 के अन्तर्गत नियंत्रक, शासन मुद्रण एवं लेखन सामग्री , भोपाल के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में ऊपर दर्शित नियमों की अनसूची II में सम्मिलित संभागीय कमिश्नर के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , आर. परशुराम, मुख्य सचिव.

भोपाल , दिनांक 7 मई 2012

क्र. एफ-19-52-2012- एक- चार. - राज्य शासन विधान सभा क्षेत्र 183 महेश्वर जिला खरगौन के उप चुनाव 2012 के लिये शासकीय मुद्रणालय , भोपाल में मतपत्रों की छपाई एवं मुद्रण से संबंधित कार्य आदि की देख - रेख के लिये उपायुक्त ( राजस्व ) भोपाल को उप चुनाव 2012 संपन्न होने तक के लिये पदेन उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी घोषित करता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिवानन्द दुबे , सचिव.

भोपाल, दिनांक 3 मई 2012

क्र. बी- 1-48-2012-2- एक. राज्य शासन द्वारा श्री रत्नाकर झा, राप्रसे ( आर.आर. 96 ) संयुक्त नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन भोपाल को तत्काल प्रभाव से स्थानान्तरित करते हुए अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, उप संचालक , मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल ( सेवाएं किसान कल्याण एवं कृषि विभाग को सौंपते हुए ) के पद पर पदस्थ किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , अनुभा श्रीवास्तव, उपसचिव , ' कार्मिक'.

भोपाल, दिनांक 3 मई 2012

क्र. बी-1-32-2005-2- एक. राज्य शासन एतद्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा संवर्ग में नवीन पंचम स्तरीय वेतनमान रुपये 37400+ 67000+ 8900 स्वीकृत करता है . यह नवीन वेतनमान " अधिसमय वेतनमान" (Super Time Scale ) कहलाएगा. इस वेतनमान में संवर्ग के स्वीकृत कुल पदों के 2 ( दो ) प्रतिशत पद विनिर्दिष्ट किये जाते है.

(2) अधिसमय वेतनमान , राप्रसे में 22 वर्ष की सेवा अवधि एवं वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान में उस वर्ष की पहली जनवरी को जिसमें चयन किया जाना हो , 6 ( छः ) वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर देय होगा. राज्य प्रशासनिक सेवा संवर्ग में स्वीकृत अन्य वेतनमानों के अनुरूप इस वेतनमान की स्वीकृति भी क्रमोन्नति मानी जाएगी .

भाग 1 ]

1819

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(3 ) अधिसमय वेतनमान स्वीकृत किये जाने के परिणाम स्वरूप राज्य प्रशासनिक सेवा संवर्ग में पांच स्तरीय वेतनमान का स्वरूप एवं अर्हता निम्नानुसार रहेगी: -

स.क्र. वेतनमान का नाम

वेतनमान (2)

(1)

(3)

रुपये 37400-67000 + 8900 1 अधिसमय वेतनमान

2 वरिष्ठ प्रवर श्रेणी रुपये 37400-67000 + 8700 3 प्रवर श्रेणी

रुपये 15600-39100 + 7600 4 वरिष्ठ श्रेणी

रुपये 15600-39100 + 6600 5 कनिष्ठ श्रेणी

रुपये 15600-39100 + 5400 पात्रता की अवधि

वर्गीकरण

संवर्ग के स्वीकृत पदों का प्रतिशत

(6) (4)

(5)

वर्ग -1

2 प्रतिशत

राज्य प्रशासनिक सेवा में 22 वर्ष की सेवा एवं 6 वर्ष की सेवा अवधि वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान में पूर्ण कर ली गई हो.

5 प्रतिशत

वर्ग -1

प्रवर श्रेणी वेतनमान में 6 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने के उपरांत.

वर्ग -1

16 प्रतिशत

वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान में 4 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने के उपरांत.

वर्ग-1

27 प्रतिशत

कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान में 6 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने के उपरांत.

वर्ग-2

50 प्रतिशत

पदोन्नति एवं सीधी भरती (सेवा में प्रवेश पर)

(4 ) मध्यप्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा ( वर्गीकरण भर्ती तथा सेवा शर्तें ) नियम, 1975 में संशोधन पृथक् से जारी किया जाएगा.

( 5 ) यह आदेश जारी होने के दिनांक से प्रभावशील होगा.

(6 ) आदेश पर वित्त विभाग के यू. ओ. क्रमांक 529-639-बी-8- चार-12 , दिनांक 2 मई 2012 द्वारा सहमति दी गई है.

योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 11 अप्रैल 2012

क्र. एफ. 10-28-2010-23-योआसां . राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम, 1995 की धारा 4 की उपधारा 3 ( ग ) तथा संशोधित अध्यादेश की धारा 4 ( 1 ) में प्रदत्त अधिकारों के तहत् नीचे दी गई सारणी के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट अशासकीय सदस्यों को कॉलम ( 3 ) में विनिर्दिष्ट जिले की जिला योजना समिति में तत्काल प्रभाव से आगामी दो वर्ष की कालावधि के लिये नामनिर्दिष्ट किया जाता है :-

जिला योजना समिति अशासकीय सदस्यों के नाम

(2)

क्र. (1)

(3) 1

श्री दिलीप पटोदिया

2

श्री विनोद शर्मा

धार धार मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

उषा परमार, अवर सचिव, कार्मिक.

भोपाल , दिनांक 30 अप्रैल 2012

क्र. एफ. 10-28-2010-23- योआसां. राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम , 1995 की धारा 4 की उपधारा 3 ( ग ) तथा संशोधित अध्यादेश , 2005 की धारा 4 ( 1 ) में प्रदत्त अधिकारों के तहत् नीचे दी गई सारणी के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट अशासकीय सदस्यों को कॉलम ( 3 ) में विनिर्दिष्ट जिले की जिला योजना समिति में तत्काल प्रभाव से आगामी दो वर्ष की कालावधि के लिये नामनिर्दिष्ट किया जाता है :-

जिला योजना समिति क्र. अशासकीय सदस्यों के नाम

(3)

(2)

(1)

1

दमोह डॉ. विजय सिंह राजपूत

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

प्रभा चौधरी, उपसचिव.

1820

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

जेल विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 5 मई 2012

क्र. एफ. 03-33-2011- तीन-जेल- राज्य शासन, प्रिजन्स एक्ट 1894 की धारा 3 ( 1 ) ( सी) के अधीन प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उप जेल विजयपुर, जिला श्योपुर को दिनांक 3 मई 2012 से उप जेल स्थापित करता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जे. टी. एक्का, प्रमुख सचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग

भोपाल , दिनांक 5 मई 2012 क्र. 3(ए) 1-2012- इक्कीस-ब ( एक) प्रति,

श्री ब्रम्ह प्रकाश चतुर्वेदी , द्विवेदी ए. डी. जे. जिला मंडला ( म. प्र. ) .

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट मीटिंग दिनांक 28 अप्रैल 2012 में यह निर्णय लिया गया है कि लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए, तद्नुसार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने परामर्श/अनुशंसा की है.

आपने दिनांक 16 अगस्त 2009 को 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है .

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों को अवलोकन करने तथा समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोकहित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा ( भर्ती तथा सेवा शर्तें ) (संशोधित) नियम, 1994 के नियम 14 ( 1 ) ( 2) के प्रावधान के अन्तर्गत सपठित मध्यप्रदेश सिविल सर्विसेस ( पेन्शन ) नियम, 1976 (आदिनांक तक संशोधित ) के नियम 42 ( 1 ) ( ख ) एवं डिस्ट्रिक्ट एण्ड सेशंस जजेस डेथ कम रिटायरमेंट बेनिफिट स्कीम, 1964 का नियम ( 1 - ए) सपठित मूलभूत नियम 56 ( 2) ( क) ( आदिनांक तक संशोधित ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति की दिनांक के अपरान्ह से लोकहित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है.

[भाग 1 आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे हैं.

भोपाल, दिनांक 5 मई 2012 क्र 3(ए) 1-2012-इक्कीस-ब (एक प्रति,

श्री नरवरसिंह भूरिया,

द्वितीय जिला न्यायाधीश के न्यायालय जोबट के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, स्थान अलीराजपुर, पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रेक कोर्ट, अलीराजपुर (म. प्र. ) .

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट मीटिंग दिनांक 28 अप्रैल 2012 में यह निर्णय लिया गया है कि लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए, तद्नुसार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने परामर्श/अनुशंसा की है.

आपने दिनांक 19 सितम्बर 2006 को 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है.

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों को अवलोकन करने तथा समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोकहित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव मध्यप्रदेश सिविल सर्विसेस ( पेन्शन ) नियम, 1976 (आदिनांक तक संशोधित ) के नियम 42 ( 1 ) ( ख ) सपठित मूलभूत नियम 56 ( 2 ) ( क ) ( आदिनांक तक संशोधित ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति की दिनांक के अपरान्ह से लोकहित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है.

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी जो आप सेवा निवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे हैं.

क्र 3 (ए) 1-2012- इक्कीस-ब (एक) प्रति, भोपाल , दिनांक 5 मई 2012 श्रीमती फिलिपा सोनजोय पीटर

प्रथम सिविल न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं , मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी,

जिला डिण्डोरी ( म. प्र. ) .

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट मीटिंग दिनांक 28 अप्रैल 2012 में यह निर्णय लिया गया है कि लोकहित में आपको भाग 1 ]

अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए, तद्नुसार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने परामर्श/अनुशंसा की है.

आपने दिनांक 7 जनवरी 2010 को 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है.

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों को अवलोकन करने तथा समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोकहित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव मध्यप्रदेश सिविल सर्विसेस ( पेन्शन ) नियम, 1976 ( आदिनांक तक संशोधित ) के नियम 42 ( 1 ) ( ख ) , सपठित मूलभूत नियम 56 ( 2 ) ( क) ( आदिनांक तक संशोधित ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति की दिनांक के अपरान्ह से लोकहित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है .

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे हैं.

क्र 3 (ए) 1-2012 - इक्कीस- ब ( एक) भोपाल, दिनांक 5 मई 2012 प्रति,

श्री माधवराव घोड़की, सिविल न्यायाधीश , वर्ग -1 बेहर, जिला बालाघाट ( म. प्र. ) .

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट मीटिंग दिनांक 28 अप्रैल 2012 में यह निर्णय लिया गया है कि लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए, तद्नुसार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने परामर्श/अनुशंसा की है .

आपने दिनांक 5 नवम्बर 2008 को 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर लीहै.

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों को अवलोकन करने तथा समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोकहित में सेवानिवृत्ति किया जाए.

अतएव मध्यप्रदेश सिविल सर्विसेस ( पेन्शन ) नियम, 1976 (आदिनांक तक संशोधित ) के नियम 42 ( 1 ) ( ख ) , सपठित मूलभूत नियम 56 (2) ( क) ( आदिनांक तक संशोधित ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति की दिनांक के अपरान्ह से लोकहित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है.

1821

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे हैं.

भोपाल , दिनांक 7 मई 2012

फा. क्र. 1 ( अ ) 1-2012- इक्कीस ब ( दो ) - राज्य शासन , श्री नमन नागरथ, अतिरिक्त महाधिवक्ता, उच्च न्यायालय , जबलपुर द्वारा प्रस्तुत त्याग - पत्र दिनांक 3 मई 2012 के आलोक में उनका अतिरिक्त महाधिवक्ता, जबलपुर के पद से त्याग- पत्र आदेश जारी होने के दिनांक से स्वीकृत करता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. डी. खान, प्रमुख सचिव.

वन विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 7 मई 2012

क्र. एफ. 08-2002 - दस 3. मध्यप्रदेश अभिवहन( वनोपज) नियम, 2000 के नियम 3 के परन्तुक के खण्ड ( ख ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ. 30-08-2002- दस-3, दिनांक 16 मई, 2005 में निम्नलिखित संशोधन करती है , अर्थात्:-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में , प्रविष्टि ( ग्यारह ) के पश्चात्, निम्नलिखित प्रविष्टि अन्तः स्थापित की जाए, अर्थात्-

" (बारह ) खमेर- मेलाइना अरबोरिया".

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. के. मिश्रा , सचिव.

भोपाल, दिनांक 7 मई 2012

क्र. एफ. 30-08-2002- दस -3 . भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ. 30-08-2002- दस 3, दिनांक 7 मई 2012 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. के. मिश्रा , सचिव.

1822

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

Bhopal , the 7th May 2012

No F - 30-8-2002 - X- 3.- In exercise of the powers conferred by clause ( b) of the proviso to rule 3 of the Madhya Pradesh Transit (Forest Produce) Rules , 2000 , the State Government, hereby , makes the following amendment in this Department's Notification No. F- 30- 8-2002 -X - 3 , dated 16th May , 2005 , namely :-

AMENDMENT

In the said Notification , after entry ( xi) , the following entry shall be inserted , namely:-

" ( xii ) Khamer - Gmelina arborea" .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , B. K. MISHRA , Secy .

विधि और विधायी कार्य विभाग

भोपाल, दिनांक 5 मई 2012

फा. क्र. 1-6-89- इक्कीस- ब( एक) -1339-12.- स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम , 1985 ( 1985 का 61 ) की धारा 36 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति की सहमति से , एतद्वारा, इस विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 1-6-89-इक्कीस - ब ( 1 ) , दिनांक 3 अप्रैल , 1998 में , जो मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग -1 में दिनांक 17 अप्रैल , 1998 को प्रकाशित हुई थी , निम्नलिखित और संशोधन करता है , अर्थात्ः-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में , अनुसूची में, अनुक्रमांक 35 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर , निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्ः-

अनुक्रमांक (1)

न्यायाधीश का नाम तथा पदनाम (2)

विशेष न्यायालय

(3)

" 35.

नरसिंहपुर

श्री अजय कुमार गर्ग , प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , नरसिंहपुर.

स्थानीय क्षेत्र/सेशन खण्ड (4)

नरसिंहपुर .".

यह संशोधन उस तारीख से प्रवृत्त होगा जिसको कि इस अधिसूचना में यथाविनिर्दिष्ट न्यायाधीश उक्त न्यायालय में अपने पद का कार्यभार ग्रहण करें.

1-6-89 - XXI - B ( 1 ) 1339-12 .-In exercise of the powers conferred by sub - section ( 2) of Section 36 of the Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act , 1985 (No. 61 of 1985) , the State Government , with the concurrence of the Chief Justice of the High Court of Madhya Pradesh , hereby , makes the following further amendments in this Department's Notification F. No. 1-6-89 - XXI - B ( 1 ) dated 3rd April , 1998 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part - 1 dated 17th April 1998 , namely:-

AMENDMENTS

In the said Notification in the Schedule , for serial number 35 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be substituted , namely:-

S. No. (1)

Name and Designation of the Judge (2)

Local area/Session division (4)

SpecialCourt

(3)

"35. Shri Ajay Kumar Garg , Ist Additional Sessions Judge , Narsinghpur .

Narsinghpur . " .

Narsinghpur .

This amendment shall come into force from the date on which the Judge as specified in this Notification assumes the charge of his office in the said Court .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. डी. खान, प्रमुख सचिव.

भाग 1 ]

1823

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

आवास एवं पर्यावरण विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 7 मई 2012

क्र. एफ -3-176-2010 - बत्तीस. - मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 23 " क " की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ- 3-176-2010- बत्तीस, दिनांक 26 नवम्बर 2011 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रकाशित रीवा विकास योजना -2021 में निम्नलिखित उपांतरण की पुष्टि करती है . उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार हैं :-

" उपांतरण विवरण"

क्र.

ग्राम

खसरा क्रमांक (1)

(2)

(3) 1 निपनिया

156 , 158/1 , 158/2 , 159 , 160.

रीवा

101, 104 2. उपरोक्त उपांतरण रीवा विकास योजना-2021 का एकीकृत भाग होगा.

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4)

विकास योजना में निर्दिष्ट भूमि उपयोग (5)

उपांतरण पश्चात् उपांतरित भूमि उपयोग (6) 3.646 आमोद प्रमोद के अन्तर्गत

पार्क.

आमोद प्रमोद के अन्तर्गत पार्क शर्त - संस्पेशन ब्रिज, वाटर पार्क , बच्चों के मनोरंजन से संबंधित झूले एवं खेलने की जगह, संगीतमय फव्वारा , हर्बल गार्डन एवं ट्रीटमेट तितली पार्क एवं स्वल्पाहार गृह आदि गतिविधियां स्वीकार्य होंगी.

1.55 हे .

बीहर नदी के 50 मीटर तक का क्षेत्र आमोद प्रमोद के अन्तर्गत पार्क यथावत तथा शेष भूमि वाणिज्यिक.

बीहर नदी के 50 मीटर तक का क्षेत्र आमोद प्रमोद के अन्तर्गत पार्क तथा शेष भूमि सार्वजनिक एवं अर्ध सार्वजनिक.

योग . 5.186 हे.

क्र. एफ- 3-30-2012 - बत्तीस.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 23 " क " की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ- 3-30-2012- बत्तीस, दिनांक 29 फरवरी 2012 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रकाशित देवास विकास योजना -2011 में निम्नलिखित उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार हैं

" उपांतरण विवरण "

क्र.

ग्राम

खसरा क्रमांक (1)

(2)

(3) 1 ग्राम राजौदा

836/2/2,

836/3

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4)

विकास योजना में निर्दिष्ट भूमि उपयोग (5)

उपांतरण पश्चात् उपांतरित भूमि उपयोग (6) 2.00 हे.

कृषि

सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक शैक्षणिक ( पॉलीटेक्निक महाविद्यालय एवं छात्रावास प्रयोजन).

1824

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(2)

(1)

(3) 1 ग्राम राजौदा

836/2/2, 836/3

योग... 2.00 हे.

2. उपरोक्त उपांतरण देवास विकास योजना-2011 का एकीकृत भाग होगा .

[ भाग 1 (4)

(5)

(6)

2.00 हे.

शर्त- देवास विकास योजना कृषि

2011 में महाविद्यालय हेतु 4.00 हेक्टेयर भूमि आवश्यक है . अतः इसी भूमि से शेष संलग्न 2 हे. भूमि महाविद्यालय प्रयोजन हेतु प्राप्त कर भूमि उपांतरित करवाना आवश्यक होगा.

2- उक्त भूमि तक 24.00 मीटर

चौड़ा पहुंच मार्ग निर्माण कर उपलब्ध कराना होगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

वर्षा नावलेकर, उपसचिव.

पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 30 मई 2012

क्र. एफ-4-2-12-चौवन-1.- राज्य शासन, मध्यप्रदेश वित्त संहिता के अधिकारों की पुस्तिका 1995 के खण्ड- एक के अनुक्रमांक 5 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निम्नांकित अनु. 1 से 50 तक के जिला अधिकारियों को आहरण एवं संवितरण अधिकारी घोषित करता है :-

क्र.

(1)

जिले का नाम (2)

भोपाल संभाग

1

भोपाल

2

सीहोर

3

रायसेन

4

राजगढ़

5

विदिशा

होशंगाबाद संभाग

6

होशंगाबाद

7

हरदा

8

बैतूल

इन्दौर संभाग

9

इन्दौर

10

झाबुआ

11

अलीराजपुर

12

धार

13

खरगौन

14

खण्डवा

15

बुरहानपुर

16

बड़वानी

आहरण एवं संवितरण अधिकारी का नाम (3)

सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण भाग 1 ]

(1)

(2) उज्जैन संभाग

17

उज्जैन 18

रतलाम 19

देवास 20

शाजापुर 21

मन्दसौर 22

नीमच ग्वालियर संभाग

23

ग्वालियर 24

शिवपुरी 25

गुना

26

अशोकनगर 27

दतिया चंबल संभाग

28

मुरैना 29

भिण्ड 30

श्योपुर रीवा संभाग

32

रीवा

33

सतना 34

सिंगरोली 31

सीधी शहडोल संभाग

35

शहडोल 36

अनूपपुर 37

उमरिया सागर संभाग

38

सागर 39

दमोह 40

पन्ना

41

छतरपुर 42

टीकमगढ़.

जबलपुर संभाग

43

जबलपुर 44

नरसिंहपुर 45

छिन्दवाड़ा 46

मण्डला 47

बालाघाट 48

कटनी 49

सिवनी 50

डिंडौरी

1825

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(3)

सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण ' सहायक संचालक , पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण 1826

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

[ भाग 1 क्र. एफ-4-2-12-चौवन-1.- राज्य शासन, मध्यप्रेदश वित्तीय अधिकारों की पुस्तिका 1995 के खण्ड- एक के अनुक्रमांक 3 में उल्लिखित मध्यप्रदेश वि. सं. जिल्द एक, नियम 2 ( 23 ) वि. वि. का ज्ञाप क्र. ई. 17-2-79- नियम- पांच/चार, दिनांक 31 दिसम्बर 1979 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के जिला कार्यालयों की स्थापना हेतु निम्नांकित अनु. 1 से 50 तक के अधिकारियों को कार्यालय प्रमुख घोषित करता हैं :-

क्र.

जिले का नाम (1)

(2) भोपाल संभाग

1

भोपाल

2

सीहोर

3

रायसेन

4

राजगढ़

5

विदिशा

होशंगाबाद संभाग

6

होशंगाबाद 7

हरदा

8

बैतूल

इन्दौर संभाग

9

इन्दौर

10

झाबुआ

11

अलीराजपुर 12

धार

13

खरगौन

14

खण्डवा

15

बुरहानपुर 16

बड़वानी

उज्जैन संभाग

17

उज्जैन

18

रतलाम

19

देवास

20

शाजापुर

21

मन्दसौर

22

नीमच

ग्वालियर संभाग

23

ग्वालियर

24

शिवपुरी

कार्यालय प्रमुख एवं कार्यालय का नाम

(3)

सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण भाग 1 ]

1827

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2) 25

गुना

26

अशोकनगर 27

दतिया चंबल संभाग

28

मुरैना 29

भिण्ड 30

श्योपुर रीवा संभाग

31

रीवा

32

सतना 33

सिंगरोली 34

सीधी शहडोल संभाग

35

शहडोल 36

अनूपपुर 37

उमरिया सागर संभाग

38

सागर 39

दमोह 40

पन्ना

41

छतरपुर 42

टीकमगढ़ जबलपुर संभाग

43

जबलपुर 44

नरसिंहपुर 45

छिन्दवाड़ा 46

मण्डला 47

बालाघाट 48

कटनी

सिवनी 49

50

डिंडौरी

(3)

सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण उपरोक्तानुसार प्रत्येक जिले के विभागीय जिलाधिकारी ( सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण ) जिला कलेक्टर के नियंत्रण में कार्य करेंगे तथा सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण के जिला कार्यालय कलेक्टर कार्यालय के भाग के रूप में कार्य करेंगे .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

जी. एस. खैरवार , उपसचिव.

1828

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

[भाग 1

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, जिला देवास, मध्यप्रदेश

देवास, दिनांक 18 अप्रैल 2011

क्र. 4597-4603- ज.स्वा.- 2012.-देवास जिले में ग्रीष्म/वर्षा ऋतु में होने वाली बीमारियों एवं पेयजल की शुद्धता के कारण संक्रामक रोग हैजा, आंत्रशोध , पेचिस, पीलिया, मस्तिष्क ज्वर की संभावना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से यह आवश्यक प्रतिबंधात्मक उपाय तुरंत लागू किये जावें.

अस्तु, मैं , मुकेशचन्द गुप्ता, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , जिला देवास, मध्यप्रदेश आपत्तिजनक हैजा/ ज्वर/ आंत्रशोध विनियम, 1979 के नियम 3 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला देवास के सम्पूर्ण क्षेत्र को अधिसूचित क्षेत्र घोषित करता हूं तथा यह आदेश देता हूं किः-

1. अधिसूचित क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों , बाजारों , उपहार गृहों, भोजनालयों , होटलों जनता के लिए खाद्य व पेय पदार्थ, निर्माण कार्य करने या उनके प्रयोग करने के लिये कायम रखी गई स्थापना में विक्रय या निमूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये गये स्थानों पर :-

क. बासी मिठाइयों तथा नमकीन वस्तुओं व सड़े - गले फल, सब्जियों , दूध , दही, उबली हुई चाय , काफी, अण्डों की बिक्री प्रतिनिषिद्ध रहेगी.

ख. बासी मिठाईयों व नमकीन वस्तुओं, फल, सब्जियों, उबली हुई चाय , शर्बत , मांस, मछली , अण्डे, कुल्फी, आईसक्रीम , बर्फ के लड्डू, चूसने वाले पदार्थ बिक्री हेतु खुले नहीं रखे जाएंगे . उन्हें जालीदार ढक्कनों अथवा कांच के बंद शोकेस में अथवा पारदर्शी आवरण से ढककर इस प्रकार रखा जावेगा कि वे मक्खी, मच्छर आदि कीटों या दूषित हवा से मानव उपयोग के लिए, दूषित अस्वास्थ्य कारक या अनुपयोगी न हो सकें .

2. इस आदेश द्वारा प्रतिबंधित अवधि में घोषित अधिसूचित क्षेत्र में या बाहर के कोई भी व्यक्ति इस आदेश के चरण एक ( क ) एवं (ख ) में उल्लेखित वस्तुओं तथा तैयार एवं पकाये गये भोजन को न तो लाएगा और न ही ले जाएगा .

इस आदेश द्वारा प्रतिबंधित अवधि में अधिसूचित क्षेत्र के किसी भी बाजार, भवन, दुकान , स्टाल अथवा खाने- पीने की किसी भी वस्तुके विक्रय निमूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये जा रहे स्थानों, प्रवेश करने , निरीक्षण करने , उनमें विद्यमान ऐसी वस्तु की जांच पड़ताल करने तथा खाने- पीने की ऐसी वस्तु के विक्रय का मानव उपयोग अभिप्रेत है और जो पदार्थ दूषित या अनुपयुक्त है, तो दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 95 व 165 में उल्लेख की गई रीति से पाई गई अस्वास्थ्यकारक दूषित व अनुपयुक्त वस्तुओं का अधिग्रहण कराकर हटाने व नष्ट कर या ऐसी नीति से निवर्तन करने के लिए, जिससे वह मानव उपयोग में लाये जाने से रोकी जा सके जनहित में मध्यप्रदेश खाद्य अपमिश्रण निवारण नियम, 1962 के नियम 5 (5 ) के अंतर्गत खाद्य पदार्थों के विक्रय , संग्रह एवं निर्माण हेतु जारी किये गये खाद्य लायसेंस और निलंबित और मध्यप्रदेश खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 की धारा 7 के अंतर्गत प्रतिबद्ध किये जायेंगे एवं न्यायालयीन कार्यवाही की जावेगी . धारा 16 के तहत जिसमें दण्ड में सजा एवं जुर्माना का प्रावधान किया गया है. अधिसूचित क्षेत्र में कार्यवाही हेतु निम्नलिखित अधिकारियों को प्राधिकृत करता हूं. जो पृथक् पृथक् एवं आवश्यकतानुसार सामूहिक रूप से कार्यवाही करेंगे : -

1 . जिले के समस्त कार्यपालिक दण्डाधिकारी.

2. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/सिविल सर्जन- सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला चिकित्सा देवास/ खण्ड चिकित्सा अधिकारी .

3. मुख्य नगरपालिका अधिकारी.

4. मुख्य कार्यपालन अधिकारी /जिला पंचायत/जनपद पंचायत.

5. नगरपालिका के स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वास्थ्य निरीक्षक.

6. खाद्य अधिकारी/खाद्य निरीक्षक.

उपरोक्त उल्लेखित पदाधिकारी अधिसूचित क्षेत्र में किन्हीं भी नालियों, नालों , गटरों , पानी के गड्ढ़ों , पोखरों, मलकुण्डों, संडासों, संक्रामक वस्तुओं , बिस्तरों , कूड़ा - करकट अथवा किसी भी प्रकार की गंदगी को हटाने उक्त स्थापन को स्वच्छ और रोग कीटाणु से उसका निवर्तन करने अथवा उसके संबंध में समुचित रोगाणुनाशक पदार्थ का समुचित उपयोग करने के लिए आदेश दे सकेंगे .

यह आदेश जारी होने के दिनांक से आगामी 6 माह की अवधि या अन्य आदेश तक, जो भी पहले हो प्रभावशाली होंगे.

मुकेशचन्द गुप्ता , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी .

भाग 1 ]

कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, जिला सीहोर, मध्यप्रदेश

सीहोर, दिनांक 2 मई 2012

क्र. 6050 -सीहोर जिले में संक्रामक रोग हैजा के फैलाव की आशंका के कारण तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से यह आवश्यक है कि इस संसर्गिक बीमारियों के प्रार्दुभाव और फैलाव की रोकथाम हेतु प्रतिबंधात्मक उपाय लागू किये जावें.

अतः मैं , डॉ. संजय गोयल , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, आपत्तिक हैजा विनियम 1979 के नियम -3 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये सम्पूर्ण सीहोर जिले को मैं अधिसूचित घोषित करता हूं तथा आदेश देता हूं किः--

(क ) अधिसूचित क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों, के उपहार गृहों, भोजनालयों , होटलों, जनता के लिए खाद्य और पेय पदार्थों के निर्माण करने या उसके प्रदाय के लिये ली गई स्थापना में विक्रय या निमूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये गये स्थानों पर:-

1. बासी मिठाइयों या खराब वस्तुओं या सड़े - गले फलों, सब्जियों, मांस , मछलियों , अण्डों की बिक्री बंधित रहेगी.

2. ताजी मिठाईयां , नमकीन, फल, सब्जियां , दूध , दही, उबली चाय , काफी, शरबत , मांस - मछली , अण्डे, आईस्क्रीम, कुल्फी आदि खाद्य पदार्थों, बर्फ के लड्डू व चूसने वाले अन्य पदार्थ बिक्री हेतु खुले नहीं रखे जावेंगे . उन्हें जालीदार ढक्कनों से ढक कर इस प्रकार रखें की मक्खी, मच्छर आदि विषाणुओं या दूषित हवा से मानव उपयोग के लिए दूषित अस्वास्थ्यकर अथवा अनुपयोगी न हो सके.

(ख ) इस आदेश द्वारा प्रतिबंध अवधि में घोषित अधिसूचना में ये क्षेत्र से बाहर कोई भी व्यक्ति इस आदेश के चरण " क" ( 1 ) एवं ( 2 ) में उल्लेखित वस्तुओं तथा तैयार कर एवं पकाये हुये भोजन जो न तो लायेगा और ना ही ले जायेगा.

(ग ) इस आदेश द्वारा प्रतिबंधित अवधि में घोषित अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी बाजार, भवन , दुकान, स्टाल अथवा खाने-पीने की किसी भी वस्तु के विक्रय निमूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये जा रहे स्थानों में प्रवेश करने, विद्यमान ऐसी वस्तुओं की जांच पड़ताल करने तथा खाने की ऐसी वस्तुओं का जो मानव उपयोग के लिये अभिप्रेरित है, और अन्य उपयुक्त वस्तुओं के अधिग्रहण करने , हटाने व नष्ट करने या ऐसी रीति से निवर्सन करने के लिये जिसमें वह मानव द्वारा उपयोग में लाये जाने से रोका जा

1829

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

सके. अधिसूचित क्षेत्र में स्थित निम्नलिखित अधिकारियों को प्राधिकृत करता हूं.

1. जिले के समस्त कार्यपालिक दण्डाधिकारी.

2. जिले के ऐसे चिकित्सा पदाधिकारी जो सहायक चिकित्सा अधिकारी के पद के नीचे के स्तर के न हों तथा शासकीय वैध आयुर्वेदिक औषधालय.

3. ऐसे आरक्षक पदाधिकारी जो प्रधान आरक्षक की श्रेणी से नीचे न हो.

4.

मुख्य नगर पालिका अधिकारी सीहोर/अष्टा.

5.

स्वास्थ्यअधिकारी/स्वच्छता निरीक्षक सीहोर/आष्टा/ बुधनी/नसरूल्लागंज / इछावर/श्यामपुर.

6. मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत सीहोर/ आष्टा/बुधनी/इछावर/नसरूल्लागंज.

उपरोक्त उल्लेखित पदाधिकारियों अधिसूचित क्षेत्र में किन्हीं नालियों, नालों , गटरों, पानी के गड्ढ़ों, पोखरों, जलकुण्डों, संडासों, संक्रामक वस्त्रों, बिस्तरों, कूड़ा- करकट अथवा किसी प्रकार की गंदगी को हटाने उक्त संबंध में सूचित रोगाणुनाशक पदार्थों का समुचित उपयोग करने के लिये आदेश दे सकेंगे.

यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा तथा आगामी 6 माह की अवधि या अन्य आदेश तक जो पहले हो तक प्रभावशील होगा.

संजय गोयल , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी.

कार्यालय , राज्यपाल का सचिवालय मध्यप्रदेश, भोपाल संशोधित अधिसूचना राजभवन , भोपाल दिनांक 7 मई 2012

क्र. एफ- 1-3-11 - रा.स. यू.ए. - 674.- मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 ( क्र 22 सन् 1973 ) की धारा 13 की उपधारा (2) के प्रावधान के तहत देवी अहिल्या विश्वविद्यालय , इन्दौर के नियमित कुलपति के पद पर नियुक्ति हेतु पैनल अनुशंसित करने के लिए इस सचिवालय की अधिसूचना क्रमांक एफ- 1-3-11 - रा.स.- यू.ए.1-413 , दिनांक 22 मार्च 2012 के द्वारा तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी. कालांतर में संशोधित अधिसूचना क्रमांक एफ- 1-3-11 - रा.स./यू.ए.1-649 , दिनांक 2 मई 2012 के द्वारा उक्त समिति का पुनर्गठन किया गया एवं समिति को पैनल प्रस्तुत करने हेतु छः सप्ताह की पूर्व निर्धारित समयावधि में दो सप्ताह की वृद्धि की गई.

1830

2. चूंकि समिति के द्वारा आठ सप्ताह की निर्धारित समयावधि में पैनल प्रस्तुत किया जाना संभव नहीं हो सकेगा. अतः मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा 13 की उपधारा ( 5 ) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए महामहिम कुलाधिपतिजी के द्वारा समिति को पूर्व निर्धारित आठ सप्ताह की समयावधि में 2 सप्ताह की वृद्धि की गई है .

कुलाधिपति, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय , इन्दौर के आदेशानुसार, जे. एन. मालपानी , राज्यपाल के सचिव.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन " 58, अरेरा हिल्स, भोपाल, मध्यप्रदेश 462011

आदेश

भोपाल, दिनांक 7 मई 2012

क्र. एफ. 67-267-10-तीन-704.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत, रामपुर नैकिन, जिला सीधी के आम निर्वाचन में श्री बाबूलाल कोल अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर पंचायत, रामपुर नैकिन , जिला सीधी के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पत्र क्र. 313/स्था. निर्वा./ 10 , दिनांक 19 अगस्त 2010 के द्वारा

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

[ भाग 1 प्राप्त जानकारी अनुसार श्री बाबूलाल कोल द्वारा यद्यपि विहित समयावधि में किन्तु अपूर्ण " शपथ - पत्र तथा वाउचर सत्यापित नहीं है" निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल किया गया.

अपूर्ण निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आयोग के पत्र दिनांक 15 सितम्बर 2010 के द्वारा श्री बाबूलाल कोल को जिला स्तर पर नोटिस जारी कर लेखा पूर्ण किये जाने हेतु सूचित किये जाने बाबत् कलेक्टर सीधी को पत्र प्रेषित किया गया. कलेक्टर सीधी ने सूचना- पत्र क्रमांक 222 , दिनांक 17 जून 2010 जारी कर लेखे पूर्ण किये जाने हेतु अभ्यर्थी को सूचित किया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी ने पत्र दिनांक 17 जनवरी 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी व्यय लेखा पूर्ण करने हेतु आज दिनांक तक इस कार्यालय में उपस्थित नहीं हुये . उक्त प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आयोग के पत्र दिनांक 4 मार्च 2011 के द्वारा अभ्यर्थी को कारण बताओ नोटिस जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी के माध्यम से दिनांक 23 अप्रैल 2011 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री बाबूलाल कोल को नोटिस दिनांक 23 अप्रैल 2011 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 7 मई 2011 तक अभ्यावेदन/ त्रुटि सुधार कर लेखे प्रस्तुत करना था. किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन/ त्रुटि सुधार कर लेखे प्रस्तुत नहीं किये गये. उप जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी ने अपने फैक्स पत्र दिनांक 03 जून 2011 में लेख किया कि " अभ्यर्थी श्री बाबूलाल कोल लेखे पूर्ण किये जाने हेतु इस कार्यालय में आज दिनांक तक उपस्थित नहीं आये हैं . " उप जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरान्त आयोग द्वारा 13 फरवरी 2012 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 22 मार्च 2012 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली उप जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्था. निर्वा. ) सीधी के पत्र दिनांक 13 अप्रैल 2012 के अनुसार दिनांक 20 मार्च 2012 को कराई गई , किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में पूर्ण निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री बाबूलाल कोल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत , रामपुर नैकिन , जिला सीधी भाग 1 ]

1831

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 02 वर्ष ( दो वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(सुभाष जैन )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल .

आदेश

भोपाल, दिनांक 07 मई 2012

क्र. एफ. 67-267-10-तीन- 705.-मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृतः किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत , रामपुर नैकिन, जिला सीधी के आम निर्वाचन में श्री कीर्तिदेव अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर पंचायत , रामपुर नैकिन , जिला सीधी के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सीधी के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पत्र क्र. 313/ स्था. निर्वा. / 10, दिनांक 19 अगस्त, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री कीर्तिदेव द्वारा यद्यपि विहित समयावधि में किन्तु अपूर्ण " शपथ - पत्र तथा वाउचर सत्यापित नहीं है " निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल किया गया.

अपूर्ण निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आयोग के पत्र दिनांक 15 सितम्बर 2010 के द्वारा श्री कीर्तिदेव को जिला स्तर पर नोटिस जारी कर लेखा पूर्ण किये जाने हेतु सूचित किये जाने बाबत् कलेक्टर, सीधी को पत्र प्रेषित किया गया. कलेक्टर, सीधी ने सूचना- पत्र क्रमांक 222 दिनांक 17 जून 2010 जारी कर लेखे पूर्ण किये जाने हेतु अभ्यर्थी को सूचित किया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी ने पत्र दिनांक 17 जनवरी 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी व्यय लेखा पूर्ण करने हेतु आज दिनांक तक इस कार्यालय में उपस्थित नहीं हुये. उक्त प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आयोग के पत्र दिनांक 04 मार्च 2011 के द्वारा अभ्यर्थी को कारण बताओ नोटिस जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी के माध्यम से दिनांक 23 अप्रैल 2011 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री कीर्तिदेव को नोटिस दिनांक 23 अप्रैल 2011 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 7 मई 2011 तक अभ्यावेदन/त्रुटि सुधार कर लेखे प्रस्तुत करना था . किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन/ त्रुटि सुधार कर लेखे प्रस्तुत नहीं किये गये. उप जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी ने अपने फैक्स पत्र दिनांक 03 जून 2011 में लेख किया कि " अभ्यार्थी श्री कीर्तिदेव लेखे पूर्ण किये जाने हेतु इस कार्यालय में आज दिनांक तक उपस्थित नहीं आये हैं . " उप जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरान्त आयोग द्वारा 13 फरवरी 2012 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 22 मार्च 2012 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली उप जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्था.निर्वा. ) सीधी के पत्र दिनांक 13 अप्रैल 2012 के अनुसार दिनांक 20 मार्च 2012 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में पूर्ण निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री कीर्तिदेव को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत , रामपुर नैकिन , जिला सीधी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 02 वर्ष (दो वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (सुभाष जैन) सचिव, 1832

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

[भाग 1

राज्य शासन के आदेश

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रीवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 7 अगस्त 2009

क्र. 398 - भू- अर्जन- 2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को, उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राज्य में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्ध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2)

(4)

(1) रीवा हनुमना

(6) पतनारी बांध योजना हेतु

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, रीवा म. प्र.

34.203 कृषक भूमि 5.925 म. प्र. शासन 40.128 हे.

(3) पहाड़ अजुर्नपुर योग ..

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- पतनारी बांध योजना हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. गीता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

नरसिंहपुर, दिनांक 23 अप्रैल 2012

प्र. क्र. 10अ -82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्र. 16 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाना ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमिका वर्णन ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) केद्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

0.876

(3) हर्रई

(2) गाडरवारा

(1) नरसिंहपुर

(6) सड़क निर्माण हेतु

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग, नरसिंहपुर.

(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी गाडरवारा में किया जा सकता है.

भाग 1 ]

1833

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

प्र. क्र. 13अ-82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्र. 16 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाना ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमिका वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(3)

(4) (1)

0.681 गाडरवारा

नरसिंहपुर

मझगुवां

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सड़क निर्माण हेतु

(भ/स ) संभाग , नरसिंहपुर.

( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी गाडरवारा में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 143-82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्र. 16 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाना ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमिका वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(1)

(3)

(4)

2.308

थलवाड़ा

नरसिंहपुर गाडरवारा

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

सड़क निर्माण हेतु

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग (भ/स ) संभाग, नरसिंहपुर.

( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी गाडरवारा में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजीव सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सागर, दिनांक 25 अप्रैल 2012

क्र. क-प्र.भू-अर्जन-2012.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है.

1834

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

राज्यशासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

लगभग क्षेत्रफल

जिला तहसील

भूमिका वर्णन ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

कुल ख. नं.

कुल रकबा (हे.में)

(5)

(2) देवरी

(3) कंजेरा

1.84

(1) सागर

(4) 14

प.ह.नं. 22

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन क्र. 1 , सागर ( म.प्र. )

(7) सतधारा जलाशय योजना के अन्तर्गत कंजेरा माईनर नहर निर्माण कार्य.

(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है- सतधारा जलाशय योजना अन्तर्गत कंजेरा माईनर नहर निर्माण हेतु.

(3) भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी देवरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दमोह, दिनांक 26 अप्रैल 2012

क्र. 1707- भू.अ.अ. - 2011-12-प्र. क्र. अ-82 वर्ष 2011-2012.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को, उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण तहसील का नाम

(1) (2)

(3)

(6)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) . (4)

धारा 4 की उपधारा (2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

दमोह

हटा

वर्धा कुल भूमि 0.40 कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण सागर संभाग, सागर.

वर्धा जैतपुर मार्ग के वरैया नाला पर पुल निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी हटा , जिला दमोह एवं कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग , सागर संभाग , सागर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

1835

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

दमोह , दिनांक 7 मई 2012

क्र. भू.अ.अ.- 2011-12-1852 -प्र. क्र. 2 अ-82 वर्ष 2011-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है , अथवा आवश्यकता पड़ने की सम्भावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को, उक्त भूमि के संबंध में , उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

ग्राम/नगर

जिला तहसील का नाम

क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4) दमोह

हटा

मिहगुवां कुल भूमि 0.23

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण

(2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग जिला दमोह.

विनती - मडियादो मार्ग से हिनपटी- काईखेड़ा मार्ग निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी हटा, जिला दमोह एवं कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग ( भवन/सड़क) दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, स्वतंत्र कुमार सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला उमरिया, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

उमरिया, दिनांक 28 अप्रैल 2012

क्र. 1467- भू- अर्जन-2012 .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को, उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

(1) (2)

(3)

कुल क्षेत्रफल (हे. में) (4) पाली

उमरिया

26.500

1.020 1.050

सुन्दरदादर सुन्दरी कुनकुणी

28.570

योग

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.

(2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

(6)

पटपरिहा जलाशय योजना कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , उमरिया.

पटपरिहा जलाशय योजना.

1836

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

क्र. 1448 - भू- अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कालम ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को, उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

कुल क्षेत्रफल (1)

(3)

(4) (2)

उमरिया पाली

कांचोदर योग

34.713 34.713 सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. कांचोदर जलाशय योजना

(2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कांचोदर जलाशय योजना कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, उमरिया.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एन. एस. भटनागर , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

ग्वालियर , दिनांक 30 अप्रैल 2012

क्र. 38 -अ-82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए अधिकृत करता है :-

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

जिला तहसील

लगभग

भूमि का वर्णन ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(2) के द्वारा

प्राधिकृत अधिकारी

क्षेत्रफल ( हे. में ) (2)

(1)

ग्वालियर

ग्वालियर

(4) 4.62 4.62

(3) बहांगीकला योग ..

(6)

(5) . कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्च स्तरीय नहर संभाग क्र. 2 , ग्वालियर .

हरसी उच्चस्तरीय मुख्य नहर की उदयपुर शाखा नहर की रसीदपुर डिस्ट्री नहर के निर्माण हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

भाग 1 ]

1837

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

क्र. 39- अ- 82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए अधिकृत करता है : -

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा

(2) के द्वारा

क्षेत्रफल ( हे . में ) प्राधिकृत अधिकारी

(1) (2)

(5)

(4)

ग्वालियर ग्वालियर

(3) कैमपुरा

योग ..

3.99 3.99 नहर संभाग क्र. 2 , ग्वालियर. कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्च स्तरीय

(6) हरसी उच्चस्तरीय नहर की रसीदपुर शाखा नहर के निर्माण हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 40- अ- 82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए अधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन ग्राम

तहसील

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

क्षेत्रफल (हे . में) लगभग

धारा 4 की उपधारा

(2) के द्वारा

प्राधिकृत अधिकारी

(1) (2)

(4)

(6) ग्वालियर ग्वालियर

(3) बहांगीखुर्द योग .

4.834 4.834

(5) कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्च स्तरीय नहर संभाग क्र. 2 , ग्वालियर.

हरसी उच्चस्तरीय नहर की रसीदपुर शाखा नहर के निर्माण हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव..

कार्यालय, कलेक्टर, जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

डिण्डौरी , दिनांक 4 मई 2012

क्र. भू- अर्जन ( अ-82 ) 2011-12-294- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन के द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि 1838

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2)

जिला

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

सर्वे नम्बर

द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

तहसील/ तालुक

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हे. में )

(1)

(3)

(4)

(6)

(5)

(7) डिण्डौरी

(2) डिण्डौरी

गोपालपुर जलाशय योजना के अन्तर्गत दॉयी तट नहर कार्य.

पड़रिया प.ह.नं. 46

दॉयी नहर निजी भूमि-

रा.नि.मं.

1 .

0.100

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

3

डिण्डौरी.

0.032

25/1

0.064

23

0.019

29/2

0.100

22

0.160

37

0.108

0.060

38

0.060

41

39

0.108

40

0.020

34

0.076

60

0.010

0.134

61

0.064

59

84

0.256

68

0.010

82

0.076

81/2

0.038

103

0.032

107

0.115

0.064

123

0.160

119

0.307

141

143

0.030

0.076

142

208

0.076

205

0.010

207

0.064

199

0.100

193

0.038 भाग 1 ]

1839

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

(4)

(3)

(5)

(6)

(7)

194

0.217

167/2

0.057

132

0.010

2.851

योग

शासकीय भूमि-

0.830

8, 24, 54, 66, 67, 83, 80 , 104, 106 , 109, 122, 133 , 211 , 206 , 200 , 195

कुल योग 3.681

नोट.- भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय , कलेक्टर , कार्यालय डिण्डौरी में देखा जा सकता है.

डिण्डौरी, दिनांक 5 मई 2012

क्र. भू-अर्जन ( अ-82 ) 2011-12-297 - ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है : -

अनुसूची

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

सर्वे नम्बर

तहसील/ तालुक

(1)

(3)

(4)

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हे. में)

(5)

(6)

डिण्डौरी

(2) डिण्डौरी

दाँयी नहर

(7) गोपालपुर जलाशय दॉयी व बॉयी तट नहर कार्य.

0.010

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

गोपालपुर प.ह.नं. 46/22 रा.नि.मं. डिण्डौरी.

0.130

0.090

0.025

0.200

0.090

0.026

0.096

निजी भूमि- 172/1 175 204 203 202 207 208 206 216

0.100

263/1

0.057

263/2

0.080

263/3

0.220 1840

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

(2)

(3)

(1)

(4)

(5)

(6)

(7)

288

0.350

294

0.076

295

0.120

योग

1.670

बांयी नहर निजी भूमि-

0.038

171/2

167

0.050

222

0.190

156

0.250

147

0.166

152

0.220

229

0.210

232

0.170

योग

1.294

योग निजी भूमि 2.964

शासकीय भूमि-

187, 266 , 262, 296 , 218 , 168 , 0.224

159, 155

3.188

कुल योग

नोट.- भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय , कलेक्टर , कार्यालय डिण्डौरी में देखा जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन ( अ-82 ) 2011-12-298- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है : -

अनुसूची

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन सर्वे नम्बर

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

तहसील/ तालुक

(3)

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हे. में)

(5)

(1) डिण्डौरी

(2) डिण्डौरी अमनी पिपरिया

(7) भरद्वारा ( अमनी ) जलाशय दॉयी एवं बॉयी तट नहर कार्य ) (4) दाँयी नहर निजी भूमि

0.200

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी .

0.040

0.010

माल प.ह.नं. 02/4 रा.नि.मं. विक्रमपुर

0.220

248 247 243 244 भाग 1 ]

1841

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

(4)

(3)

(6)

(5)

(7)

242

0.340

240

0.300

239

0.300

235

0.160

141

0.100

231

0.120

229

0.120

0.100

226

225

0.040

334

0.050

337

0.120

338

0.040

339

0.040

217

0.120

218

0.010

340

0.110

215

0.240

230/1

0.050

110/1

0.060

230/2

0.050

230/3

0.050

110/3

0.070

230/4

0.050

110/4

0.010

176

0.060

175

0.190

128

0.210

125

0.300

100

0.160

0.200

99

105/1

0.050

105/2

0.050

105/3

0.050

107

0.210

71

0.190

78/2

0.110

78/1

0.110

78/3

0.110 1842

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

[भाग 1 (2)

(1)

(3)

(4)

(7)

(5)

(6)

78/4

0.110

0.020

115/1

115/2

0.030

0.030

115/3

5.310

योग

287/1

0.070

287/2

0.102

0.070

354/1

296

0.100

302

0.170

309

0.130

359

308

0.130

0.040

316

0.050

314

352

0.060

0.040

351

350

0.050

353

0.220

360

0.100

364

0.060

363

0.050

434

0.090

438

0.100

437

0.160

439

0.450

2.242

योग निजी भूमि

7.552

कुल अर्जित भूमि

शासकीय भूमि-

324, 158/1 ,

335 , 216 ,

173, 126 ,

0.930

104, 108 ,

62, 285,

298 , 315 ,

449/434

8.482

कुल योग

नोट.- भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय , कलेक्टर, कार्यालय डिण्डौरी में देखा जा सकता है.

भाग 1 ]

1843

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

क्र. भू- अर्जन ( अ-82 ) 2011-12-299 - ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है : -

अनुसूची

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम सर्वे नम्बर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

तहसील/ तालुक

(5) (1) डिण्डौरी

(4) 24/1

0.100 (2) डिण्डौरी

0.140

(3) सूरजपुरा रै . प.ह.नं. 19

0.190

0.280

0.260

(हे. में) 26 रा.नि.मं. 27 शाहपुर 82/1 28 0.260 81 कुल योग 1.23 धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(7)

गोरखपुर जलाशय योजना नहर कार्य हेतु.

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी .

नोट. - भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय, कलेक्टर, कार्यालय डिण्डौरी में देखा जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन ( अ-82 ) 2011-12-300 - ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील/ नगर/ग्राम

सर्वे नम्बर

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

तालुक

(हे. में)

(4)

(5)

12

(1) डिण्डौरी

0.210 (2) डिण्डौरी

27

0.190

30

0.080

0.080

96

(3) बरबसपुर रै. प.ह.नं. 18 रा.नि.मं. शाहपुर

97

0.160

117

0.030

118

0.090

125

0.160

129

0.030

144

0.140

146

0.110 द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(7) गोरखपुर जलाशय योजना नहर कार्य हेतु.

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

1844

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

[भाग 1 (1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6)

(7)

148

0.030

149

0.150

150/1

0.020

150/2

0.020

229

0.190

230

0.160

231

0.100

243/2

0.190

0.040

244

246/1

0.050

246/2

0.060

योग

2.29

शासकीय भूमि-

86, 100 ,

119 , 128,

0.44

132, 143,

145, 147,

251

2.73

कुल योग

नोट.- भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी, कार्यालय , कलेक्टर, कार्यालय डिण्डौरी में देखा जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन (अ -82 ) 2011-12-301-ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन के द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

सर्वे नम्बर

तहसील/ तालुक

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हे. में)

(3)

(5)

(6)

(1) डिण्डौरी

(2) डिण्डौरी जमगांव माल

(4) निजी भूमि-

54

0.120

प.ह.नं. 01

(7) नागदमन जलाशय के नहर कार्य हेतु.

रा.नि.मं.

493

0.230

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

494

0.260

विक्रमपुर

0.110

495.

483

0.120

479

0.140

435

0.090

345

0.020

344

0.200

343

0.020 1845 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(2)

(1)

(3)

(4)

(6)

(5)

(7)

515

0.110

514

0.080

514/616

0.040

521

0.070

524/1

0.280

525

0.020

0.200

524/1

524/2

0.050

योग निजी भूमि- 2.16

शासकीय भूमि- 491, 482, 480, 489/622, 342, 491, 505 , 508 0.460 512, 517, 518 , 520

2.620

कुल योग

नोट. - भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय, कलेक्टर, कार्यालय डिण्डौरी में देखा जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन-( अ-82 ) 2011-12-302 - ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन के द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है : -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम सर्वे नम्बर

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

तहसील/ तालुक

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हे. में)

(5)

(1) डिण्डौरी

(4) निजी भूमि-

(2) शहपुरा

(7) छीरपानी जलाशय शीर्ष कार्य हेतु.

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

(3) छीरपानी प.ह.नं. 102 रा.नि.मं. राई

412 0.760 413/1 0.320 413/2 0.520 422 0.140 410/1 0.100 421 0.080 410/2 0.430 419 0.880 420 1.030 योग- 4.26 शासकीय भूमि- 353 0.600

4.86

कुल योग

नोट.- भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय , कलेक्टर, कार्यालय डिण्डौरी में देखा जा सकता है .

1846

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

क्र. भू- अर्जन ( अ-82 ) 2011-12-303-ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन के द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है : -

संशोधित अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम सर्वे नम्बर

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

तहसील/ तालुक

(2)

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हे . में)

(5)

(7) (1) डिण्डौरी डिण्डौरी

(4) नहर कार्य निजी भूमि-

गोरखपुर जलाशय योजना के अन्तर्गत नहर कार्य हेतु.

1/1

0.080

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , डिण्डौरी.

1/2

0.080

(3) शाहपुर प.ह.नं. 18 रा.नि.मं. शाहपुर

0.300

2

10

0.020

11

0.200

12/1

0.080

12/2

0.050

12/3

0.050

12/4

0.040

13/1

0.190

17/3

0.070

18

0.150

19/2

0.080

19/3

0.070

0.060

25

27/1

0.100

28

0.190

0.300

29

30

0.040

333

0.200

0.060

334

336/2

0.140

0.230

336/3

336/4

0.190

338/1

0.060

0.200

343

344

0.320

346

0.110

347

0.140

348

0.190

354

0.180

355

0.020 भाग 1 ]

1847

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

(3)

(4)

(6)

(7)

(5)

405/2

0.090

406/1

0.020

0.200

407

408/1

0.060

409/1

0.120

409/2

0.130

441

0.250

0.270

442

444

0.060

445/1

0.030

445/2

0.030

500

0.210

502

0.020

503

0.030

504/1

0.350

505

0.030

योग निजी भूमि- 6.090

शासकीय भूमि-

3, 22, 24 ,

0.180

372, 473 ,

501

योग निजी भूमि- 6.270

नोट.- भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय , कलेक्टर, कार्यालय डिण्डौरी में देखा जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन-( अ-82 ) 2011-12-304- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन के द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है : -

संशोधित अनुसूची

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन सर्वे नम्बर

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

तहसील/ तालुक

(4)

भू- अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हे. में)

(5)

(1) डिण्डौरी

(2) डिण्डौरी

(7) भरद्वारा ( अमनी ) जलाशय दॉयी एवं बॉयी तट नहर कार्य.

(3) अमनी पिपरिया रै

बॉयी नहर निजी भूमि-

204

0.130

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

203

0.190

217

0.700

प.ह.नं. 02 रा.नि.मं. विक्रमपुर

222/1

0.040

0.330

0.290

219

योग-

1.680 1848

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(2)

(3)

(5)

(7) (1)

(4)

(6)

दॉयी नहर निजी भूमि-

0.130

189 186 0.270 182 0.420 172 0.360 166 0.200 योग निजी भूमि- 1.380 कुल निजी भूमि- 3.060 शासकीय भूमि- 202, 188, 0.250 173, 168 कुल योग 3.310

नोट.- भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय, कलेक्टर, कार्यालय डिण्डौरी में देखा जा सकता है .

क्र. भू- अर्जन-( अ -82 ) 2011-12-305-ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन के द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

सर्वे नम्बर

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

तहसील/ तालुक

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हे. में)

(4)

(5)

(1) डिण्डौरी

(2) डिण्डौरी

(7) बरगा जलाशय की दॉयी तट नहर कार्य हेतु.

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

(3) बरगा रै . प.ह.नं. 64 रा.नि.मं. समनापुर

निजी भूमि- 529 0.152 525 0.128 योग निजी भूमि- 0.280 शासकीय भूमि- 530 , 526 , 0.648 524 योग शा. भूमि- 0.648 कुल भूमि- 0.928

भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय, कलेक्टर, कार्यालय डिण्डौरी में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

1849

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

डिण्डौरी , दिनांक 8 मई 2012

क्र. भू-अर्जन-102-(अ-82) 2011-12-310- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, संबंधित व्यक्ति को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन के द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है : -

अनुसूची

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

सर्वे नम्बर

तहसील/ 'तालुक

(3)

(4)

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हे. में)

(5)

(7) (1) डिण्डौरी

(2) डिण्डौरी

नहर कार्य निजी भूमि-

सारंगपुर प.ह.नं.

सारंगपुर पड़रिया जलाशय शेष नहर कार्य हेतु.

0.210

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

293 226

0.312

227/2

0.120

07/15 रा.नि.मं. विक्रमपुर.

223

0.435

220

0.120

219

0.072

218

0.090

216/1

0.252

354

0.276

358

0.246

357

0.186

356

0.060

214/1

0.279

214/2

0.096

213

0.144

212

0.120

योग निजी भूमि- 3.018

भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय , कलेक्टर, कार्यालय डिण्डौरी में देखा जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन- 103-(अ-82) 2011-12-311- ए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, संबंधित व्यक्ति को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन के द्वारा अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी 1850

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है :-

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

सर्वे

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

नम्बर

द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

तहसील/ तालुक

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हे. में)

(1) (2)

(3)

(4)

(7)

(5)

(6)

डिण्डौरी डिण्डौरी

नहर कार्य निजी भूमि-

ग्वारा प.ह.नं.

सारंगपुर पड़रिया जलाशय नहर कार्य हेतु.

0.150

07/15

188

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, डिण्डौरी.

189

रा.नि.मं.

0.438

190

0.126

विक्रमपुर.

234

0.102

192

0.057

193

0.146

181/1

0.108

181/2

0.060

0.207

180

196

0.102

198

0.012

202

0.114

204

0.102

205

0.060

206

0.090

207

0.072

210

0.015

208

0.168

209

0.066

216

0.078

218

0.072

217

0.030

219

0.342

221

0.282

222

0.036

224

0.096

0.018

223

249

0.270

267

0.156 1851 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(2)

(3)

(1)

(4) (5)

(7)

(6)

265

0.198

0.028

264

0.110

268

0.282

458

457

0.030

455

0.048

282

0.310

0.002

452

281/534

0.018

283

0.030

0.030

284

286

0.001

287

0.093

444

0.042

443

0.030

442

0.060

441

0.020

440

0.004

435/1

0.065

435/2

0.065

436/1

0.066

436/2

0.114

436/3

0.048

434

0.080

424

0.015

425

0.122

426

0.085

योग निजी भूमि 5.571

शासकीय भूमि-

235, 191,

0.438

197, 259

सकल योग- 6.0090

भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय , कलेक्टर, कार्यालय डिण्डौरी में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. वी. रश्मि , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1852

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

[ भाग 1 कार्यालय, कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सतना, दिनांक 9 मई 2012

भू-अर्जन- प्र . क्र. एफ-12 पत्र क्र. 1251- भू-अर्जन-12 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

अर्जनीय रकबा (हेक्टर में) लगभग (1) सतना

(4) 1.344 (2) उचेहरा

(3) पथरहटा

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय में देखा जा सकता है.

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण संभाग क्र. 07, सतना.

(6) नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण परियोजना अंतर्गत बरगी नहर निर्माण हेतु.

भू-अर्जन- प्र. क्र. एफ-12 पत्र क्र. 1252- भू-अर्जन 12. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

अर्जनीय रकबा (हेक्टर में ) लगभग (4) (1) सतना

(2) उचेहरा

2.084

(3) इचौल

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय में देखा जा सकता है.

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री , नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण संभाग क्र. 07, सतना.

(6) नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण परियोजना अंतर्गत बरगी नहर निर्माण हेतु.

भाग 1 ]

1853

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

भू-अर्जन-प्र . क्र. एफ 12 पत्र क्र. 1253- भू-अर्जन-12 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

तहसील

जिला

भूमि का वर्णन ग्राम

अर्जनीय रकबा (हेक्टर में ) लगभग

(3)

(1) (2)

(4) सतना

उचेहरा

7.997

खोह कोठार

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है.

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण संभाग क्र.. 07, सतना.

नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण परियोजना अंतर्गत बरगी नहर निर्माण हेतु.

भू-अर्जन- प्र. क्र. एफ-12 पत्र क्र. 1254- भू-अर्जन- 12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

जिला

अर्जनीय रकबा (हेक्टर में ) लगभग (1)

(2)

(3)

(4) सतना

उचेहरा

7.345

इटहा खोखर्रा

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है .

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) .द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण संभाग क्र. 07, सतना.

नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण परियोजना अंतर्गत बरगी नहर निर्माण हेतु.

1854

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

[भाग 1 भू-अर्जन- प्र. क्र. एफ 12 पत्र क्र. 1255- भू-अर्जन-12. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

अर्जनीय रकबा (हेक्टर में ) लगभग (1)

(2)

(3)

(4)

नरहटी

3.558 सतना उचेहरा

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है.

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री , नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण संभाग क्र. 07, सतना.

नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण परियोजना अंतर्गत बरगी नहर निर्माण हेतु.

भू-अर्जन- प्र. क्र. एफ -12 पत्र क्र. 1256- भू-अर्जन-12. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

अर्जनीय रकबा (हेक्टर में) लगभग (2)

(1)

(3)

(4) सतना

उचेहरा

4.571

मगहनी कला

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है .

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण संभाग क्र. 07, सतना.

नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण परियोजना अंतर्गत बरगी नहर निर्माण हेतु.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1855

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

मनावर, दिनांक 9 मई 2012

क्र. 723 -वाचक- प्र.क्र.-15-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(3)

(4) 3.290 (1) धार

(2) मनावर कुवाली पूरक, प.ह.नं. 119

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 , मनावर.

(6) औंकारेश्वर परियोजना की आर. डी. 125860 मी. से निकलने वाली डिस्ट्रीब्यूटरी क्र. 12 की आर. डी. 5060 मी. से आर. डी. 6070 मी. एवं डिस्ट्रीब्यूटरी 13 की लेफ्ट माईनर 1 के बिच नहर निर्माण से प्रभावित होने वाली भूमि.

नोट :- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर एवं भू- अर्जन अधिकारी , सरदार सरोवर परियोजना मनावर एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 30 , मनावर, जिला धार के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 10 मई 2012

क्र. 1156 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

भूमि का विवरण

तहसील नगर/ग्राम

जिला

अर्जित लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2)

(1)

सीधी

(4) 0.57 चुरहट

(3) चरहई

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल संभाग , चुरहट आने , जिला सीधी (म. प्र. ) .

बागसागर सिंहाल नहर की धुम्मा माइनर की कुस्परी सब माइनर के अन्तर्गत आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

1856

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

क्र. 1158 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का विवरण नगर/ग्राम अर्जित लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) सीधी

(4) 0.79 (2) चुरहट

(3) धुम्मा

'सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल संभाग , चुरहट आने , जिला सीधी (म. प्र. ) .

(6) बागसागर सिहावल नहर की धुम्मा माइनर की कुस्परी सब माइनर के अन्तर्गत आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 1160 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

अर्जित लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) सीधी

(4) 3.52

(3) धुम्मा

(2) चुरहट

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल संभाग , चुरहट आने, जिला सीधी (म. प्र. ).

(6) बागसागर सिहावल नहर की धुम्मा माइनर की धुम्मा टेल माइनर के अन्तर्गत आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

1857

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

क्र. 1162 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का विवरण नगर/ग्राम अर्जित लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) सीधी

(4) 0.310 (2) रामपुर नैकिन

(3) गड़हरा राघोभान

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री , लोवर सिहावल संभाग, चुरहट आने , जिला सीधी (म. प्र. ) .

(6) बागसागर शिकारगंज टेल माइनर की धनेसर. सब माइनर के अन्तर्गत आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 1164 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

अर्जित लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(3)

(4) (1) सीधी

0.06 (2) रामपुर नैकिन गड़हरा राघोभान

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) संभाग , चुरहट आने , जिला सीधी (म. प्र . ) . कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल

(6) बागसागर शिकारगंज वितरक नहर की टेल के अंतर्गत नहर निर्माण वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

1858

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

[भाग 1 क्र. 1166- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का विवरण नगर/ग्राम

(2)

अर्जित लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 1.30 (1) सीधी रामपुर नैकिन/

(3) गड़हरा प्रतिपाल सिंह

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल संभाग, चुरहट आने , जिला सीधी (म. प्र. ) .

(6) बागसागर शिकारगंज टेल माइनर की धनेसर सब माइनर के अन्तर्गत आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 1168 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं: -

अनुसूची

तहसील

जिला

भूमि का विवरण नगर/ग्राम

(1) (2)

सीधी

अर्जित लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) 1.89 रामपुर नैकिन

(3) धनेसर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) संभाग , चुरहट आने , जिला सीधी ( म. प्र. ) . कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल

(6) बागसागर शिकारगंज टेल माइनर की'धनेसर सब माइनर के अंतर्गत आने वाले ग्रामों के निजी भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1859

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

रीवा , दिनांक 6 नवम्बर 2010

क्र. 558 - भू-अर्जन-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत जिसके द्वारा घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- हनुमना

(ग ) ग्राम- पहाड़ अर्जुनपुर

(घ ) क्षेत्रफल-40.128 हेक्टर.

खसरा

अर्जित रकबा नम्बर

(हेक्टर में) (1)

(2)

1.481 72 , 73 , 69/2 , 140 , 138

76/2

0.210 76/1

0.061 84

2.153

10.348 85 , 98/2 , 122

2.141 86 , 87 , 146, 147, 150 , 154/1

89/4

0.126 89/5

0.567 89/6

0.162 89/7

0.121

1.380 98/1, 130

99/1

1.003

0.265 100/1 , 101/1

101/2

0.243

0.716 115/2, 121/2

2.951 123, 128/2

126

0.097 127/2

0.389 127/3

0.223

(2) (1)

127/4

0.162

0.020 127/5

2.140 132, 153/1

137/1

0.121

0.405 148, 152/2

152/1

0.251

1.044 153/2, 106/2

154/3

0.405 129

3.889

1.129 70 , 71 , 83/1

34.203 कृषकों की भूमि का योग ..

म. प्र . शासन की भूमि 82 ,

5.925 83/2 , 89/2 , 99/2 , 106/1 , 115/1 , 120 , 121/1 , 131 , 139 , 141 , 149 149

कुल योग कृषक भूमि+ म. प्र. शासन भूमि 40.128 ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- पननारी बांध निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे एवं बांध का निरीक्षण, कलेक्टर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. पी. श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग पन्ना, दिनांक 3 अप्रैल 2012

प्र. क्र. 161 - अ-82- वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख) तहसील - अजयगढ़ 1860

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

(ग ) ग्राम- भुजबई

(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.27 हैक्टर

खसरा

भूमि का

कुल अर्जित रकबा

नम्बर

प्रकार

(हेक्टेयर में )

(1)

(2)

(3) 251

1.23

निजी भूमि 254

0.07

निजी भूमि 252

1.00

निजी भूमि 253/1

2.00

निजी भूमि 253/2

0.84

निजी भूमि 255

0.08

निजी भूमि 207

0.44

निजी भूमि 208

0.16

निजी भूमि 218

0.20

निजी भूमि 219

0.25

निजी भूमि कुल रकवा निजी भूमि .. 6.27

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- रूँझ मध्यम परियोजना के अन्तर्गत तालाब एवं नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर कार्यालय पन्ना में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 162- अ- 82 - वर्ष 2010-11.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894, (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख) तहसील- अजयगढ़

(ग) ग्राम-विश्रामगंज

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-238.83 हैक्टर

कुल अर्जित

खसरा नम्बर

भूमिका प्रकार

रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

(3) 308/1

0.21

निजी भूमि 308/3

0.21

निजी भूमि 308/5

0.21

निजी भूमि (1)

(2)

(3) 314/2

0.11

निजी भूमि 317/2

0.11

निजी भूमि 320

0.39

निजी भूमि 321/3

0.39

निजी भूमि

0.31

47/2

निजी भूमि 296

0.34

निजी भूमि 308/2

0.21

निजी भूमि 308/4

0.21

निजी भूमि 308/6

0.21

निजी भूमि 314/1

0.10

निजी भूमि 317/1

0.11

निजी भूमि 321/1

0.29

निजी भूमि 321/2

0.29

निजी भूमि

0.21

321/4

निजी भूमि 219

0.63

निजी भूमि 376

0.77

निजी भूमि 380

1.23

निजी भूमि

1.40

455/2घ

निजी भूमि 149/2क

0.80

निजी भूमि 149/2ख

0.80

निजी भूमि

0.67

411

निजी भूमि 414

0.34

निजी भूमि 448/2

0.89

निजी भूमि 61/2

0.10

निजी भूमि

0.32

101

निजी भूमि 112

1.05

निजी भूमि 118

0.23

निजी भूमि 120

0.31

निजी भूमि 72

0.66

निजी भूमि 392

0.49

निजी भूमि 50

1.16

निजी भूमि 104

0.97

निजी भूमि

0.93

66

निजी भूमि 387

0.83

निजी भूमि 423

0.30

निजी भूमि

0.31

433

निजी भूमि 12

0.45

निजी भूमि 312

0.18

निजी भूमि

0.20

94

निजी भूमि 95

0.21

निजी भूमि 170

0.86

निजी भूमि 171

0.25

निजी भूमि

0.70

172/2

निजी भूमि

0.20

174/1

निजी भूमि भाग 1 ]

1861

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

(3) 161

0.35

निजी भूमि 165

1.17

निजी भूमि 168/2

0.48

निजी भूमि 372/2

0.39

निजी भूमि 377

0.16

निजी भूमि 418

0.09

निजी भूमि 419

0.37

निजी भूमि 429

0.19

निजी भूमि

0.22

119

निजी भूमि 128

0.35

निजी भूमि 395

0.52

निजी भूमि 396

0.43

निजी भूमि 110

0.54

निजी भूमि 233

0.19

निजी भूमि 237

0.35

निजी भूमि 342

0.04

निजी भूमि 344

1.23

निजी भूमि 26/1

0.49

निजी भूमि 38/1

0.18

निजी भूमि 46

0.64

निजी भूमि 107

0.72

निजी भूमि 375

0.73

निजी भूमि 20/1

0.12

निजी भूमि 24

0.70

निजी भूमि

1.11

138

निजी भूमि 455/2ग

1.40

निजी भूमि 456/1

2.00

निजी भूमि 98

1.83

निजी भूमि 36

0.33

निजी भूमि 16

0.30

निजी भूमि 390

0.40

निजी भूमि 357/2

0.60-

निजी भूमि 114/2

0.66

निजी भूमि 300/3

0.39

निजी भूमि 79/1

0.80

निजी भूमि 126

0.27

निजी भूमि 131/3

0.06

निजी भूमि

0.52

133

निजी भूमि 35

1.22

निजी भूमि 354

0.17

निजी भूमि 205

0.49

निजी भूमि 235

0.54

निजी भूमि 60

0.41

निजी भूमि 62/2

0.40

निजी भूमि (1)

(2)

(3) 59

0.60

निजी भूमि 223

1.43

निजी भूमि 209

0.93

निजी भूमि 363/1ख

0.32

निजी भूमि 47/3

0.31

निजी भूमि 347

0.22

निजी भूमि 290/464

0.24

निजी भूमि 30/2

0.63

निजी भूमि 74/2

0.08

निजी भूमि 443

1.16

निजी भूमि

1.03

157

निजी भूमि 158

0.13

निजी भूमि 200

1.00

निजी भूमि 236

0.50

निजी भूमि

0.90

260

निजी भूमि 111

1.59

निजी भूमि 361

0.42

निजी भूमि 123/1

1.14

निजी भूमि 125

0.04

निजी भूमि 17/2

0.14

निजी भूमि 19

1.87

निजी भूमि 325

0.75

निजी भूमि 327

0.21

निजी भूमि 393

0.20

निजी भूमि 429

0.30

निजी भूमि 102/2

1.07

निजी भूमि 105

0.80

निजी भूमि

2.00

448/1

निजी भूमि 51

0.36

निजी भूमि 135

1.14

निजी भूमि 136/2

0.37

निजी भूमि 372/1

0.39

निजी भूमि 130

0.17

निजी भूमि 131/2

0.09

निजी भूमि 383

0.40

निजी भूमि 355

0.13

निजी भूमि 360

1.01

निजी भूमि

1.19

29

निजी भूमि

0.04

78

निजी भूमि

1.08

140

निजी भूमि 127

0.23

निजी भूमि 378/1

0.48

निजी भूमि 378/2

0.49

निजी भूमि 391/1

0.41

निजी भूमि 1862

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

(3) 442

0.54

निजी भूमि 13

0.32

निजी भूमि 315

0.19

निजी भूमि 393/458

0.20

निजी भूमि 429/461/2

0.30

निजी भूमि 291

0.18

निजी भूमि 293

0.31

निजी भूमि 324

0.15

निजी भूमि

1.40

455/2ख

निजी भूमि 30/3

0.62

निजी भूमि 94/3

0.09

निजी भूमि

0.44

43

निजी भूमि 357/1

0.15

निजी भूमि 30/1

0.63

निजी भूमि 74/1

0.08

निजी भूमि 416

0.44

निजी भूमि 326/1

0.15

निजी भूमि 174/2

2.00

निजी भूमि 142

0.91

निजी भूमि 353

0.90

निजी भूमि 356

0.27

निजी भूमि 55

0.36

निजी भूमि 26/2

0.49

निजी भूमि 38/2

0.19

निजी भूमि 393/459

0.20

निजी भूमि 429/462

0.25

निजी भूमि 69

1.14

निजी भूमि 305

0.48

निजी भूमि 307

0.29

निजी भूमि 311

1.06

निजी भूमि 420

0.14

निजी भूमि

0.20

393/460

निजी भूमि 429/463

0.40

निजी भूमि 116

0.97

निजी भूमि 290/1

0.20

निजी भूमि 298

0.31

निजी भूमि 252

0.58

निजी भूमि 253

0.58

निजी भूमि 222

0.03

निजी भूमि 226

1.43

निजी भूमि 263/1 /2ख

0.32

निजी भूमि 446

0.82

निजी भूमि 62/1

0.75

निजी भूमि 438/2

0.79

निजी भूमि

[ भाग 1 (1)

(2)

(3) 267

0.27

निजी भूमि 272

1.69

निजी भूमि 20/2

0.94

निजी भूमि 139

0.80

निजी भूमि 379

0.73

निजी भूमि 417

0.95

निजी भूमि 47/1

0.30

निजी भूमि 239

0.39

निजी भूमि

0.46

294

निजी भूमि 102/1

1.07

निजी भूमि

1.60

255/2क

निजी भूमि 146

0.91

निजी भूमि

1.13

134

निजी भूमि 303

1.50

निजी भूमि 337/2

1.57

निजी भूमि 343

0.32

निजी भूमि 278

0.13

निजी भूमि 279/1

1.64

निजी भूमि 204

0.12

निजी भूमि 290/2

0.60

निजी भूमि 114/3

0.65

निजी भूमि 300/2

0.80

निजी भूमि 309

0.31

निजी भूमि 438/1

0.78

निजी भूमि

0.27

126

निजी भूमि

0.06

131/3

निजी भूमि 133

0.52

निजी भूमि 292

0.16

निजी भूमि 295

0.76

निजी भूमि

0.38

297

निजी भूमि 319

0.46

निजी भूमि 323

0.34

निजी भूमि 326/2

0.46

निजी भूमि 225

0.04

निजी भूमि 228

0.11

निजी भूमि

0.14

241

निजी भूमि 255

0.05

निजी भूमि 257

1.55

निजी भूमि

1.51

287

निजी भूमि

1.01

289

निजी भूमि

0.17

189/2क

निजी भूमि

1.18

206

निजी भूमि

0.11

264

निजी भूमि 237/ 1क

1.00

निजी भूमि भाग 1 ]

1863

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

(3) 370

1.40

निजी भूमि 440

1.05

निजी भूमि 398/2

1.04

निजी भूमि 434

1.80

निजी भूमि 45

0.58

निजी भूमि

1.25

385

निजी भूमि 99

0.89

निजी भूमि 114/1

0.20

निजी भूमि 121

1.19

निजी भूमि 300/1

0.39

निजी भूमि 227

0.05

निजी भूमि 229

1.44

निजी भूमि 242

0.15

निजी भूमि 254

0.06

निजी भूमि 256

1.55

निजी भूमि 285

0.03

निजी भूमि 286

1.50

निजी भूमि 288

1.00

निजी भूमि 40

0.52

निजी भूमि 41

1.74

निजी भूमि

0.04

64

निजी भूमि 202

1.63

निजी भूमि

0.47

203

निजी भूमि 211

0.04

निजी भूमि 263/1क

0.64

निजी भूमि 302

0.92

निजी भूमि 348

2.86

निजी भूमि 251

0.62

निजी भूमि 259

1.14

निजी भूमि 313

0.31

निजी भूमि 334

1.36

निजी भूमि 369

0.31

निजी भूमि

0.44

373

निजी भूमि 374

0.29

निजी भूमि 386

1.20

निजी भूमि 182/1

0.13

निजी भूमि 187/1

0.66

निजी भूमि 249

0.14

निजी भूमि 250

1.62

निजी भूमि 280

0.09

निजी भूमि

0.52

281

निजी भूमि 275

1.70

निजी भूमि 149/1

1.77

निजी भूमि 263/1 क

0.64

निजी भूमि

(3) (1)

(2)

2.00

237/1

निजी भूमि

0.81

79/1

निजी भूमि 397

0.61

निजी भूमि

0.42

398/1

निजी भूमि 403

1.15

निजी भूमि

0.03

42

निजी भूमि

1.37

43

निजी भूमि

0.44

44

निजी भूमि 65

0.34

निजी भूमि 362

0.68

निजी भूमि 366

2.34

निजी भूमि 49

1.52

निजी भूमि 54

0.13

निजी भूमि

0.44

58

निजी भूमि 103

0.76

निजी भूमि 106

0.67

निजी भूमि 6

1.50

निजी भूमि 7

0.33

निजी भूमि

1.87

8

निजी भूमि

0.55

9

निजी भूमि 232

0.85

निजी भूमि 234

0.02

निजी भूमि 243

0.32

निजी भूमि 244

0.09

निजी भूमि 245/1

1.49

निजी भूमि 247

0.12

निजी भूमि

2.20

248

निजी भूमि 270

0.05

निजी भूमि 271

0.16

निजी भूमि 276

0.05

निजी भूमि 277

1.96

निजी भूमि 306

0.47

निजी भूमि 113

1.51

निजी भूमि 316

0.55

निजी भूमि 329

0.01

निजी भूमि 330

1.53

निजी भूमि 409

0.27

निजी भूमि 424

1.30

निजी भूमि 426

0.54

निजी भूमि 430

0.45

निजी भूमि 449

0.60

निजी भूमि

1.50

195

निजी भूमि 196

0.01

निजी भूमि 201

0.24

निजी भूमि 1864

(1)

(2)

(3) 194

0.03

निजी भूमि 215

1.04

निजी भूमि 216

1.96

निजी भूमि 217

0.46

निजी भूमि 238

0.71

निजी भूमि 279/2

0.38

निजी भूमि 96

0.40

निजी भूमि 282

0.26

निजी भूमि 283

0.09

निजी भूमि 284

1.07

निजी भूमि 258/457

0.98

निजी भूमि 23

1.69

निजी भूमि 231

0.04

निजी भूमि 258

1.06

निजी भूमि 268

0.06

निजी भूमि 265

0.48

निजी भूमि 266

0.04

निजी भूमि 290

0.65

निजी भूमि 304

0.40

निजी भूमि 335

0.07

निजी भूमि 336

4.29

निजी भूमि 338

0.58

निजी भूमि 339

0.71

निजी भूमि 147/2

1.58

निजी भूमि 160/2

0.38

निजी भूमि 207/2

0.67

निजी भूमि 240/2

0.46

निजी भूमि 261/2

0.25

निजी भूमि 269/2

0.10

निजी भूमि 76

0.68

निजी भूमि 87

0.68

निजी भूमि 90

0.84

निजी भूमि 91

0.10

निजी भूमि 151

0.54

निजी भूमि 218

0.47

निजी भूमि 384

0.80

निजी भूमि

0.13

182/1

निजी भूमि 187/1

0.66

निजी भूमि 147/1

1.57

निजी भूमि 159

0.06

निजी भूमि 160/1

0.32

निजी भूमि

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

(2)

(3) (1)

207/1

0.67

निजी भूमि 240/1

0.47

निजी भूमि

0.26

261/1

निजी भूमि 269/1

0.10

निजी भूमि 149/3

0.36

निजी भूमि

0.21

150

निजी भूमि

0.16

156

निजी भूमि

0.53

162

निजी भूमि

0.43

208

निजी भूमि

0.61

263/ 1 क

निजी भूमि 301

0.61

निजी भूमि

0.99

337/1 क

निजी भूमि

0.81

212

निजी भूमि

0.31

299

निजी भूमि 63

1.11

निजी भूमि

0.24

153

निजी भूमि

0.06

154

निजी भूमि 155

0.15

निजी भूमि 15

0.36

निजी भूमि 21

0.08

निजी भूमि 92

0.36

निजी भूमि

0.13

182/1

निजी भूमि 220

0.70

निजी भूमि

0.65

229

निजी भूमि 369/1

0.21

निजी भूमि 374/2

0.25

निजी भूमि 386/3

0.29

निजी भूमि

0.10

369/2

निजी भूमि

0.20

373/1

निजी भूमि 374/1

0.04

निजी भूमि

0.40

386/1

निजी भूमि 373/2

0.24

निजी भूमि 386/2

0.50

निजी भूमि

238.83

कुल रकवा निजी भूमि.

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है:- रूँझ मध्यम परियोजना के अन्तर्गत तालाब एवं नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर कार्यालय पन्ना में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, धनंजय सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1865

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शिवपुरी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

शिवपुरी , दिनांक 24 अप्रैल 2012

क्र. 04-11-12- अ-82.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला- शिवपुरी

(ख ) तहसील- करैरा

(ग) नगर/ग्राम- अमोला

(घ ) कुल क्षेत्रफल-8.11 हेक्टर.

क्षेत्रफल

खसरा नम्बर

(हेक्टर में)

(1)

(2)

0.20

781

663

3.34

685

4.05

779

0.52

योग . : 8.11

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है:- मड़ीखेड़ा बांध निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाधीश , जिला शिवपुरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जॉन किंग्सली, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग सागर, दिनांक 24 अप्रैल 2012

क्र. भू-अर्जन-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन की आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सागर

(ख) तहसील- देवरी

(ग) ग्राम- रीछई प. ह. नं. 28

(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.98 हेक्टर .

रकबा

खसरा नम्बर में से

(हेक्टर में)

(2)

(1)

0.16

199

200

0.41

201/1

0.55

202

0.32

203

0.07

204/1

0.08

206

0.14

207

0.10

0.09

208

209

0.36

210/3

0.05

231

0.23

0.18

232/2

0.18

232/3

233

0.30

234/1

0.18

356

0.06

358/2

0.06

0.16

359/1

359/2

0.20

0.12

361

386

0.30

387/2

0.23

387/3

0.07

0.56

381/1

0.30

415/3

416/3

0.03

472

0.23

473

0.22

478/3

0.02

0.02

385/1

योग : 5.98

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- समनापुर जलाशय योजना के नहर निर्माण क्षेत्र हेतु द्वारा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व देवरी कार्यालय में किया जा सकता है .

1866

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

क्र. भू-अर्जन-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन की आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सागर

(ख) तहसील-देवरी

(ग ) ग्राम- विलगुवाँ, प. ह. नं. 28

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.79 हेक्टर.

खसरा नम्बर में से

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

50/1

0.01

59/2

0.02

53/1

0.77

54/4

0.38

54/5

0.06

60

0.55

योग : 1.79

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- समनापुर जलाशय योजना के नहर निर्माण क्षेत्र हेतु द्वारा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व देवरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन की आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला - सागर

(ख) तहसील- देवरी

[भाग 1 (ग ) ग्राम- टूडरी , प. ह. नं. 30

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.62 हेक्टर .

खसरा नम्बर में से

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.19

0.08

0.05

0.12

2/1 2/2 3/2 3/3 27

0.18 योग : 0.62

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- समनापुर जलाशय योजना के नहर निर्माण क्षेत्र हेतु द्वारा कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी राजस्व देवरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

सागर , दिनांक 1 मई 2012

क्र. क- प्र.भू- अर्जन-02अ-82- वर्ष 11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन की आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-अशासकीय भूमि का अर्जन (क) जिला- सागर

(ख) तहसील- सागर

(ग ) ग्राम- डुगासरा प. ह. नं. 98

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.63 हेक्टर.

रकबा (हेक्टर में)

खसरा नम्बर में से (1)

(2) 0.02 0.02 0.02 0.38 0.04 0.07

896 897 879 883 907 910 911

0.08 योग : 0.63

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- औद्योगिक क्षेत्र सिदगुवां जलप्रदाय योजना हेतु कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्ययांत्रिकीय विभाग , परियोजना खण्ड सागर ( म. प्र. ) .

भाग 1 ]

1867

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

( 3 ) भूमि का नक्शा व ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) सागर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दमोह , दिनांक 25 अप्रैल 2012

प्र. क्र. 10 अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि सम्पत्ति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख ) तहसील - दमोह

(ग) ग्राम- दमोह खास

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1793.37 ( वर्गमीटर में ) ख. नं. प्लाट नम्बर

अधिग्रहण किये जाने वाला रकवा वर्गमीटर में (1)

(2)

7.83

14/108 में से

14/108 में से

8.93

14/108 में से

8.16

14/108 में से

8.16

14/108 में से

8.93

14/106 में से

7.53

14/107 में से

10.28

14/10.7 में से

10.13

14/107 में से

10.13

39/2में से

12.15

38 में से

15.28

38में से

26.25

22.95

45/1 मे से,

107.31

22/2 में से, 23/1 में से

14/109 में से

9.63

14/109 में से

6.48

14/109 में से

8.25

(2)

(1)

14/109 में से

6.75

14/134 में से

8.05

4.50

14/110में से

11.90

14/110 में से

14/110 में से

13.07

14/110में से

14.50

8.75

14/110 में से

14/110 में से

17.25

3.40

14/110 में से

14/110 में से

8.33

14/110 में से

12.80

14/195 में से

27.40

22/1 में से

75.80

17/191 में से

18.75

17/191 में से

25.00

14/125 में से

9.75

14/125 में से

5.04

5.16

17/43 ख ( 1 ) में से

8.60

37.80

17/43 ख ( 1 ) में से

18.90

251.00

67 में से

17/82में से

12.75

17/82में से

8.96

17/82में से

14.53

17/83 में से

27.45

17/84 अ में से

12.12

17/85 अ में से

5.78

3.69

17/85 अ में से

3.74

17/85 स में से

17.00

17/86 ग में से

17/87 ग में से

16.30

68/2में से

4.60

68/2में से

6.00

68/2में से

8.20

17/85 ब में से

8.50

8.44

17/85 ब में से

14/90 में से

4.40

17/1 क में से

10.40

6.20

17/1 क में से

15.20

17/1 क में से

17/1 क में से

9.25

28.80

17/1 क में से

10.40

17/1 क में से 1868

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

(2)

(1)

17/1 क में से

2.90

20/24 में से

18.30

20/24 में से

6.30

20/24 में से

11.25

17/90 में से

12.38

17/90 में से

5.10

17/90 में से

24.00

17/118 में से

9.30

17/72में से

21.00

17/72में से

3.00

20/13 में से

18.90

20/14 में से

21.96

136/3 में से

9.50

142/148 में से

19.00

142/149 में से

142/149 ख में से

10.95

142/150 क में से

14.40

142/150 क में से

13.30

140/25 में से

3.26

140/27 में से

12.23

140/9 में से

6.15

140/10 में से

13.88

140/11 में से

13.50

140/12में से

13.80

140/13 में से

13.80

140/20 में से

49.00

163/4 में से

68.00

163/5 में से

90.00

163/1 में से

25.00

147/4 में से

14.00

147/11 में से

93.00

150/2में से

31.00

150/1 में से

0.81

150/4 में से

0.81

योग : 1793.37

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- जबलपुर दमोह मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी राजस्व दमोह एवं संभागीय प्रबंधक म. प्र. रोड डेव्हलपमेंट कार्यों. लि. जबलपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 16 अ - 82-2010-2011.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि सम्पत्ति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील- पटेरा/हटा

(ग ) नगर/ ग्राम- मोहरा , बधां, महुआखेडा, इमलिया रावत

( हेक्टर में )

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.73

खसरा

अर्जित रकबा

नम्बर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

ग्राम-मोहरा

83में से

0.22

84/1 में से

0.30

84/4 में से

0.20

85में से

0.10

140/1 में से

0.09

ग्राम-बधां

140/2में से

0.16

0.20

153/2में से

154/1 में से

0.30

154/2में से

0.05

160 में से

0.17

381

0.07

359में से

0.02

ग्राम-महुआखेडा

358 में से

0.04

355में से

0.10

354में से

0.08

356/1 में से

0.10

369 में से

0.03

254/2में से

0.05

258/2में से

0.08

258/3 में से

0.07

259/2में से

0.08

252/1 में से

0.13

252/6 में से

0.13

270/1 में से

0.02

264/5 में से

0.02

0.05

264/2में से

264/4 में से

0.04

0.14

265/2में से

270/2 में से

0.07 भाग 1 ]

1869

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

269 में से

0.08

268 में से

0.01

282/1 में से

0.53

3.73

योग :

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है - बंधा इमलिया- रसीलपुर- महेबा मार्ग योजना निर्माण के अर्जन में आने वाली भूमि के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान) अनुविभागीय अधिकारी हटा एवं भू- अर्जन अधिकारी उपखण्ड हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग दमोह जिला दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.

( 5 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, स्वतंत्र कुमार सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग नरसिंहपुर, दिनांक 26 अप्रैल 2012

प्र. क्र. 02 - अ-82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्र. 17 - भू- अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील - गाडरवारा

(ग ) ग्राम- पलोहाबड़ा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.420 हेक्टर.

खसरा

अर्जित रकबा

नम्बर

(हेक्टर में)

(1)

(2)

513

0.052

514

0.008

(2)

(1)

515/1

0.036

520/1

0.144

517/1

0.064

495

0.044

0.096

494

0.052

496/1 , 497/1

0.020

496/3 , 497/3

0.010

498/2 , 499

0.056

566/1 , 570/2

566/2

0.020

567

0.064

0.044

568/1 , 569/1

566/3

0.020

0.020

568/2

0.024

569/2

570/3

585/1

0.072

585/7

0.024

0.008

700

704

0.030

705/1

0.044

705/2

705/3

706

707

0.010

708

709

0.010

710

0.008

717

718

0.008

719

0.004

0.010

720

203

204

0.024

721

722/1

0.008

723

0.010

724

0.024

739/1

0.008 1870

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

730/1

0.008

730/2

0.008

731

726

0.008

420

0.048

714

715

0.012

0.020

423/2ख, 424/1

424/2

0.016

424/3

0.020

0.024

424/4, 424/5

0.096

493/1, 493/3

585/2

0.032

585/5

0.028

585/6

0.024

कुल योग : 1.420

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए की आवश्यकता है- पलोहाबड़ा-अमोदा- उल्थन मार्ग निर्माण.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी , गाडरवारा में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 03 - अ-82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्र. 17- भू- अर्जन-2011-12.- चूंकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख) तहसील - गाडरवारा

(ग ) ग्राम-कान्हरगांव

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.937 हेक्टर.

खसरा

अर्जित रकबा

नम्बर

(हेक्टर में)

(1)

(2)

8/1

0.020

10/1

0.064

10/2

0.084

22/2क

0.028

[भाग 1

(2)

(1)

0.044

22/2 ग

0.076

22/ 1 क

22/1ख

0.068

0.044

22/3

24/3

0.048

24/2

0.048

24/5

0.060

31/2

0.032

31/3

0.064

0.141

32/2, 39/1 क, 39/ 1 ख

39/3

0.036

39/4क, 44/4क, 39/4 ग ,ग ,

0.036

44/4ग

0.032

39/5क, 44/3क

0.040

39/6ख, 44/2ख

0.036

39/7क, 44/1 क

0.072

80/1

0.084

81

194/1

0.088

194/2

0.020

0.008

194/3

211

0.052

212

0.116

0.048

214

216/1

0.028

216/2

0.028

0.040

191

190/1

0.036

190/3

0.012

0.004

188/1

188/2

0.012

0.012

188/3

188/4

0.012

186

0.084

185

0.036

184/2

0.048

133/7

0.012

0.008

133/8

198/1

0.036

0.024

198/2 , 198/3

198/4

0.016

कुल योग : 1.937 भाग 1 ]

1871

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है-कान्हरगांव- महगुवांकला- आड़ेगांव मार्ग निर्माण.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी, गाडरवारा में किया जा सकता है .

प्र . क्र. 04 - अ-82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्र. 17 - भू- अर्जन-2011-12.- चूंकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- गाडरवारा

(ग ) ग्राम- सूखाखैरी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.088 हेक्टर .

खसरा

अर्जित रकबा

नम्बर

(हेक्टर में )

(1)

(2)

390

0.028

391

0.016

392/1

0.006

392/3

0.004

386

0.006

387/2

0.010

388/1

0.016

388/2

0.002

कुल योग : 0.088

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सूखाखैरी- चीचली मार्ग निर्माण.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी , गाडरवारा में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 05 - अ-82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्र. 17- भू- अर्जन-2011-12.- चूंकि राज्य शासन को इंस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- नरसिंहपुर

(ख) तहसील - गाडरवारा

(ग ) ग्राम चीचली

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.287 हेक्टर.

खसरा

अर्जित रकबा

नम्बर

(हेक्टर में)

(1)

(2)

0.004

109/1

110/1

0.020

101/4

0.008

101/2

0.006

0.012

101/3

0.020

.98/3

100

0.006

87/4

0.006

86/2

0.012

0.004

85/3

86/1 ,

85/6

0.008

85/8

85/7

0.008

85/1

0.012

85/2

0.004

218/1

0.012

220/1

218/4

0.004

218/2

0.006

218/3

0.008

132

0.016

131/1

0.012

0.009

88/1 , 88/2

0.004

89/1

0.006

98/1

127/3

0.008

131/2

0.010

0.008

127/1

126

0.016

0.006

119/2

119/1

0.006.

112/2

0.010

119/3

0.004

0.008

112/1

127/2

0.004

0.287

योग :

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यक ता है- सूखाखैरी- चीचली मार्ग निर्माण .

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी , गाडरवारा में किया जा सकता हैं.

1872

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

प्र. क्र. 07 - अ-82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्र. 17- भू- अर्जन- 2011-12.-चूंकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख) तहसील-गाडरवारा

(ग ) ग्राम- काकरकुईया

( घ) लगभग क्षेत्रफल-0.066 हेक्टर .

खसरा

नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

74/1

0.016

74/2

0.006

75

0.032

76/3

0.012

योग : 0.066

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- करपगांव - खमरिया- आमगांव बड़ा मार्ग निर्माण.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी , गाडरवारा में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 08- अ-82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्र. 17 - भू- अर्जन-2011-12 .- चूंकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख) तहसील - गाडरवारा

(ग) ग्राम-खमरिया

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.531 हेक्टर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टर में )

(1)

(2)

35/1

0.010

35/2-3

0.016

40/2

0.050

53

0.006

[भाग 1

(2)

(1)

58/1

0.050

59/1

0.054

55/2

0.020

55/1

0.014

0.048

59/2, 59/3 , 60

73

0.052

0.012

40/2, 41/5

0.018

40/3 , 41/7

0.020

40/4, 41/9

0.034

39/1, 41/1

0.004

36/1 , 36/2

0.044

76/1 , 77/1 , 79/1

0.018

40/1, 41/2

76/2, 76/3 , 77/2 ,

0.061

79/2, 79/3

0.531

कुल योग :

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- करपगांव- खमरिया- आमगांवबड़ा मार्ग निर्माण.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी गाडरवारा में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 09 - अ-82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्र. 17 - भू- अर्जन- 2011-12.- चूंकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- गाडरवारा

(ग) ग्राम- चीकसा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.211 हेक्टर .

खसरा

नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

5/1 ग

0.017

0.072

7-8-9

6

0.012

10-11

0.097

0.044

88/1

89/5

0.008 भाग 1 ]

1873

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

0.061

87/1

86/2

0.058

0.008

87/2

13

0.041

15/1-2

0.084

38/1-2

0.045

0.040

83/1 , 84 , 85 , 110/1

86/1

0.008

60/2-3

0.004

0.045

72/1 , 72/2 , 72/4

38/3

0.036

41/1

0.093

41/4

0.008

0.056

34/2 , 34/3 , 35

37

0.052

43

0.041

44/1-2

0.056

60/1

0.052

72/3

0.036

33

0.101

36/1-2

0.036

कुल योग : 1.211

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- करपगांव-खमरिया- आमगांव बड़ा मार्ग निर्माण.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , भू- अर्जन अधिकारी, गाडरवारा में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजीव सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

छतरपुर, दिनांक 26 अप्रैल 2012

प्र. क्र. 01 - अ-82-08-09.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-निजी भूमि

(क ) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील- राजनगर

(ग ) नगर/ग्राम- जटकरा ( चतुर्भुज स्मारक )

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 23.148 हेक्टेयर

खसरा

नंबर

अर्जित रकबा (हे. में)

(2)

(1)

421/1

0.058

0.647

434/1/1

421/2

0.059

434/1/2

0.648

422/1

0.033

434/1/3

0.129

422/2

0.035

0.129

434/1/4

422/3

0.032

0.129

434/1/5

422/4

0.032

0.132

434/1/6

422/5

0.033

434/1/7

0.129

422/6

0.021

434/1/8

0.149

422/7

0.04

434/1/9

0.161

422/8

0.041

434/1/10

0.161

422/9

0.041

434/1/11

0.161

434/2

0.015

435/1

1.902

435/2/1

0.434

0.434

435/2/2

435/2/3

0.435

435/3/1

0.367

435/3/2

0.367

435/3/3

0.367 1874

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(2)

(1)

435/4

1.789

436/1

0.702

436/2

0.702

436/3

1.404

498/1

1.416

498/2/1

0.461

498/2/2

0.461

0.462

498/2/3

0.967

499/1/1

499/1/2

1.034

499/2

2.068

525

3.905

527/1

0.22

527/2

0.22

कुल योग .. 23.148

(

2 ) चतुर्भुज स्मारक के चतुर्दिक सुरक्षा एवं विकासात्मक कार्यों हेतु भूमि की आवश्यकता है. भूमि नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर, भू- अर्जन कार्यालय एवं अनुविभागीय अधिकारी , राजनगर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग धार, दिनांक 30 अप्रैल 2012

क्र. 7684- भू- अर्जन- 2012- संशोधित. ऑटो टेस्टिंग ट्रेक की स्थापना से प्रभावित ग्रामों के निवासियों के आवागमन के लिये रास्ते के निर्माण से प्रभावित ग्राम कल्याणसीखेड़ी तहसील व जिला धार की क्षेत्रफल 0.115 हेक्टर निजी भूमि के अधिग्रहण के लिये भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 06 के अन्तर्गत उद्घोषणा क्रमांक 15477/ भू-अर्जन 2010, दिनांक 4 नवम्बर 2010 जारी की गई थी. उक्त उद्घोषणा का प्रकाशन (म. प्र. राजपत्र) भाग -1 में 03 दिसम्बर 2010 को पृष्ठ क्रमांक 3297-98 पर हुआ है . इसके अतिरिक्त समाचार - पत्र अपनी दुनिया में दिनांक 25 नवम्बर 2010 एवं नवभारत में दिनांक 25 नवम्बर 2010 को हुआ है:-

उक्त अधिसूचना में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे

संशोधन उपरांत पढ़ा जावे प्रकाशित हुआ

क्रमांक

क्रमांक सर्वे अर्जित

सर्वे अर्जित नम्बर रकबा

नम्बर

रकबा

निजी

निजी (हेक्टर )

(हेक्टर) (2)

(1)

(2)

(3) (1)

(3)

4

4

0.010

23/1/2

23/1/3

0.010 मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एम. शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

ग्वालियर, दिनांक 1 मई 2012

प्र. क्र. 07 - अ- 82-11-12 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-ग्वालियर

(ख ) तहसील-ग्वालियर

(ग ) ग्राम-द्वारिकागंज

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.37 ( हेक्टर )

सर्वे क्र.

सर्वे क्र.

नहर में

भूमि की

भूमिका

आने वाले प्रकार प्रकृति का कुल

रकबा

क्षेत्र का

रकवा

(हे. में)

(हे. में)

(3)

(4) (2)

(1)

Tiholi Minor

0.64

0.10

निजी

353/11

व 2

354

0.01

निजी

1.08

0.16

निजी

359 0.96

यह जमीन सिंचित है .

360

0.13

0.40

निजी

318

0.56

निजी

0.20

268

0.47

0.18

निजी

0.43

निजी

0.10

270

निजी

271

0.24

0.06

0.08

251

निजी

0.84

248

0.14

निजी

0.17

0.06

238

निजी

239 0.13

0.03

निजी

230

0.21

0.23

निजी यह जमीन

सिंचित है.

210

0.21

1.55

निजी यह जमीन सिंचित है .

भाग 1 ]

1875

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(2)

(1)

(3)

(4) 206

0.97

0.14

निजी यह जमीन सिंचित है.

205

0.88

0.05

निजी यह जमीन सिंचित है .

203

0.47

0.05 निजी यह जमीन सिंचित है.

202

0.47

निजी

0.06

यह जमीन सिंचित है .

200

0.06

0.47

निजी

0.47

199

0.06

निजी यह जमीन सिंचित है.

179

0.30

0.01

निजी यह जमीन सिंचित है.

0.24

171

0.12

निजी यह जमीन सिंचित है.

169

0.48

0.08

निजी यह जमीन सिंचित है.

172 0.07

0.03

निजी यह जमीन सिंचित है.

166

0.01

0.01

निजी यह जमीन सिंचित है.

175

0.07

निजी यह जमीन सिंचित है .

0.01 योग .. 2.37

नोट.- भूमि का नक्शा, ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि का आवश्यकता है.- सिंध परियोजना ( द्वितीय चरण ) के अंतर्गत हरसी उच्चस्तरीय नहर की टिहौली शाखा नहर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है.

ग्वालियर , दिनांक 5 मई 2012

प्र. क्र. 32- अ-82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-ग्वालियर

(ख ) तहसील- चीनौर

(ग ) ग्राम- गूजर बनवारी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.362 हैक्टर.

सर्वे

क्रमांक

नहर/तालाब में आने वाले क्षेत्र का रकबा (हे. में. )

सर्वे क्रमांक काकुल रकबा (हे. में. )

(1)

(2)

0.082 409

0.627

0.028 410

0.073

423

0.470

0.128

0.167

0.032 441

0.178

0.032 440

438

0.345

0.054 437

0.345

0.054 436

0.117

.0.585

435

0.064

0.512

449

0.637

0.008 450

0.617

0.128

0.163 455/1

0.355

455/2

0.366

457/2

0.627

0.082

0.200

0.679

465

1.641

0.055 459

0.064 464

0.335

461

1.003

0.071

कुल योग .. 1.362 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- हिम्मतगढ़ तालाब योजना के अन्तर्गत बांयी तट नहर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन .

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 33- अ- 82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- ग्वालियर

(ख ) तहसील-चीनौर 1876

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

(ग) ग्राम- रजौआ

घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.454 हैक्टर.

(

सर्वे

सर्वे क्रमांक

क्रमांक

का कुल रकबा (हे. में. )

तालाब में आने वाले क्षेत्र का रकबा (हे . में. ) (1)

(2)

1/1

0.742

0.274 1/2

0.396

0.137 76क

2.108

0.274 76ख

2.108

0.274 8

1.045

0.288 9/1

0.679

0.055 9/2

0.679

0.062 9/3

0.679

0.068 13/1

5.090

0.022

कुल योग .. 1.454 ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- हिम्मतगढ़ तालाब योजना के अन्तर्गत बांयी तट नहर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 34--अ- 82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- ग्वालियर

(ख) तहसील- चीनौर

(ग) ग्राम- मऊछ

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.601 हैक्टर.

सर्वे नम्बर

सर्वे नम्बर

काकुल

रकबा (हे. में. )

भू-अर्जन हेतु नहर में आने वाला रकबा (हे . में. ) (1)

(2)

0.272

593

0.064 594/1

0.088

0.679

594/2

0.418

(2)

(1)

0.075

0.418

595

0.690

0.050 598

0.137

0.324

599

0.050 600

0.324

601

0.836

0.137

0.601

कुल योग ..

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- हिम्मतगढ़ तालाब योजना के अन्तर्गत बांयी तट नहर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 35 - अ- 82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-ग्वालियर

(ख) तहसील- चीनौर

(ग ) ग्राम- बनवार

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.453 हैक्टर .

सर्वे

सर्वे नम्बर

भू-अर्जन हेतु नम्बर

नहर में आने

का कुल रकबा (हे. में. )

वाला रकबा (हे. में. ) (1)

(2)

32/1

0.4391

32/2

0.439

0.031 32/3

0.439

0.314

1.150

33

0.444

34/मिन 1 34/मिन 2

0.444

0.188 35/1

0.390

0.157

0.351

35/2मिन 1 35/मिन 2

0.5231

0.042 38

0.763

1.348

39/1

1.348

0.209 39/2 भाग 1 ]

1877

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

1.317

128

0.136 261

0.564

0.01 262

0.690

0.240 263/मिन1

0.0101

263/मिन2

0.021

0.021 263/मिन3

0.021

264

0.376

0.063 267/1

0.4911

267/2

0.042

0.491

1.453 निजी कुल रकबा 12.059

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- हिम्मतगढ़ तालाब योजना के अन्तर्गत बांयी तट नहर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 36- अ-82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला- ग्वालियर

(ख) तहसील- चीनौर

(ग) ग्राम- रिछैरा

(घ) क्षेत्रफल-1.506 हैक्टर .

सर्वे नम्बर

भू- अर्जन हेतु सर्वे नम्बर

नहर में आने

का कुल रकबा

(हे. में. )

वाला रकबा (हे . में. ) (1)

(2)

307

0.408

0.090 301

0.074

0.491

295

0.396

0.164 296

0.105

0.064 280

0.878

0.046 281

0.449

0.110 282

0.721

0.110 283

0.314

0.082 286

0.293

0.054 227

0.063

0.015

(2)

(1)

228

0.015

0.782

229

0.418

0.088 230

0.108

0.700

0.109

252मिन-1

0.400

252मिन-2

0.256

0.400

252मिन-3

0.826

0.230 253

कुल . 1.506 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- हिम्मतगढ़ तालाब योजना के अन्तर्गत बांयी तट नहर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बैतूल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बैतूल , दिनांक 4 मई 2012

प्र. क्र. 5 अ -82 वर्ष 2011-12- भू- अर्जन- 3756.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि का, अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

( क) जिला- बैतूल

(ख) तहसील- मुलताई

(ग) नगर/ ग्राम- बघोली बुजूर्ग , पटवारी हल्का नम्बर 50 (घ) लगभग क्षेत्रफल-7.682 हेक्टर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

41/8

0.155

0.008

35/1

41/7

0.004

71/1

0.055

71/6

0.084

71/7

0.181

71/8

0.018 1878

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

(2) (1)

72

0.142 73/5

0.042 73/6

0.011 73/2

0.046 73/1

0.053 33/2

0.144 74

0.353

0.204 194

364/5

0.092

0.118 364/9

364/11

0.046 364/7

0.083 364/6

0.164

0.030 364/8

364/10

0.060 364/12

0.070 378

0.065 403

0.216 406

0.030 374

0.020 396

0.070 393

0.070 391

0.238 392

0.043

0.206 390

389

0.242 388

0.090 379

0.101

0.286 404

367

0.032 41/6

0.081 41/9

0.023 399/2

0.079 398/1

0.044 398/2

0.044

0.040 399/1

399/3

0.039 433/3

0.125 433/4

0.200 70

0.046 69

0.186 68/2

0.195

0.050 77/3

77/4

0.091 77/5

0.056 77/6

0.042 176

0.010 190/1

0.113

(2)

(1)

164/4

0.065

0.012

164/5

190/2

0.111

189/2

0.049

190/3

0.070

190/4

0.010

164/3

0.058

184/2

0.100

184/3

0.023

164/6

0.015

184/1

0.102

188/6

0.186

188/5

0.065

0.135

144

0.070

146

145

0.096

0.088

147

0.200

183

164/1

0.072

165/1

0.223

415

0.093

418/2

0.046

0.125

418/1

0.063

165/6

0.181

71/3

68/1

0.088

कुल योग : 7.682

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बघोली लघु जलाशय की नहर निर्माण हेतु निजी भूमि काअर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 7 अ -82 वर्ष 2011-12 - भू- अर्जन-3757.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बैतूल

(ख) तहसील- भैंसदेही

(ग ) नगर/ग्राम- झल्लार, पटवारी हल्का नम्बर 23 (घ ) लगभग क्षेत्रफल-33.442 हेक्टर.

भाग 1 ]

1879

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में ) (1)

(2) 242

2.003 243

1.319

2.157 240/1

2.000 240/7

240/11

0.051 258

1.433 301

0.263 304/2

1.011

0.810 305/2

3.237 304/31

305/3

302

2.270 267/2

1.247 267/3

1.400 267/7

0.040 267/5

0.781

1.238 255/1

255/2

0.060 240/6

0.041 303/1

0.531

0.421 303/2

1.157 189/48

189/26

200/1

0.113 200/3

0.081 200/2

0.259

0.507 189/1

240/8

0.146 241

0.588 244/1

0.643 240/5

0.619 240/10

1.879

0.550 240/13

244/3

1.178 245

0.557 246/1

0.291 246/2

0.328 252/2

0.260 254/2

0.377 254/3

0.040 264/4

0.150 264/1

0.069 264/3

0.069 570/1

0.206 60/1

290/2

261/4

0.145 262/1

263

265

270/2

0.129

(2)

(1)

569

0.113

0.21

571/1

574

0.186

585

0.008

0.271

586

कुल योग : 33.442

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- रामजीढाना जलाशय एवं नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , भैसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्रमांक -2 , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 8 अ -82 वर्ष 2011-12 - भू-अर्जन- 3755.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बैतूल

(ख) तहसील- भैसदेही

(ग) नगर/ ग्राम- बोथिया, पटवारी हल्का नम्बर 23 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.368 हेक्टर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

15/1

0.089

0.158

15/3

15/7

0.121

0.368

कुल योग :

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- रामजीढाना जलाशय की नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का भू-अर्जन.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , भैसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है .

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्रमांक -2, बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. चन्द्रशेखर , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1880

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग विदिशा, दिनांक 4 मई 2012

प्र. क्र. 11 -ए- 82-11-12.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- विदिशा

(ख) तहसील- शमशाबाद

(ग) ग्राम- लखार

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.813 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

अर्जित किए जाने वाला अनुमानित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

140

0.243

139/7

0.429

138/2

0.068

346

0.058

347

0.015 योग . 0.813

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भू- अर्जन की आवश्यकता है- सगड़ मध्यम सिंचाई परियोजना की माइनर एवं डिस्ट्रब्यूटरी नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन /शमशाबाद/गंजबासौदा एवं कार्यपालन यंत्री संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग , गंजबासौदा में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 12- ए- 82-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- विदिशा

(ख ) तहसील- शमशाबाद

(ग) ग्राम-सतपाडा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.148 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

अर्जित किए जाने वाला अनुमानित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

34

0.039

0.113

39

82/2

0.044

0.028

72

100

0.033

167

0.110

208

0.286

0.102

181

4/2

0.121

0.078

211/1

211/2/1

0.043

0.044

202

502/1/1

0.041

502/2/1

0.397

171/2

0.078

0.078

210

0.249

42

0.065

43

168/2

0.022

172/1/2

0.105

0.395

171/1

0.136

170

0.091

261

0.253

262/1

0.196

249/1

248/1/1

0.086 भाग 1 ]

1881

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

248/1/2

0.086

248/2

0.156

248/3

0.044

314

0.308

313

0.021

312/1

0.253

312/2

0.018

311

0.098

318/1

0.055

0.242

349/1/1/1

349/1/2

0.138

0.110

349/2

332

0.086

341/2

0.136

334/1

0.242

335

0.364

336/4

0.105

438/1/2/2

0.118

438/2/1

0.019

585/1

0.249

582/2

0.067

योग . 6.148

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भू-अर्जन की आवश्यकता है- सगड़ मध्यम सिंचाई परियोजना की माइनर एवं डिस्ट्रब्यूटरी नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी , नटेरन /शमशाबाद/गंजबासौदा एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग , गंजबासौदा में किया जा सकता है.

विदिशा , दिनांक 7 मई 2012

प्र. क्र. 5 - अ- 82 - भू-अर्जन-11-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि की नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- विदिशा

(ख ) तहसील- कुरवाई

(ग ) ग्राम-पाडौछा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-8.131 हेक्टर .

आराजी नं.

क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1)

(2)

8

0.015

9

4.974

10

0.021

15/2

0.015

19/2

0.052

20

0.207

0.077

12

11

0.052

13

0.242

14

0.146

0.094

5/ 1/ 2ख

15/1

0.026

16/1

0.141

4/3/2

0.045

17

0.167

0.098

4/4

19/1

0.063

0.038

24

0.038

25

0.026

5/1/2 ग

4/3/1

0.052

16/2

0.018

21/1

0.073

21/2

0.088

34/1

0.007

33/1

0.045

33/2

0.085

32

0.039

0.162

23/1

23/2

0.036

30/2

0.090

0.150

38/3/ 4ग

38/3/4ख

0.182

0.182

38/3/4 क

69/1/1

0.167

69/2

0.136

68/2

0.047

64/2

0.140

65

0.078 1882

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(2) (1)

66

0.052 78/3

0.022

0.180 78/4/2

352/1

0.029 227/3/1

0.303 , 0.017 351

0.125 353

0.063 214/1/1

0.063 211

0.078 210

0.070 213

0.155 212

0.125 214/2

0.188 221

0.195 222/3

0.031 231

0.052 233/1

0.105 232/1

0.090 233/1

0.042

0.078 245/2

246

0.084 253

0.168 254

0.784 67

0.147 255

0.021 256

0.115 315/2

0.031 314/2

0.066 314/1

0.058 313

0.025 315/1

0.063 312/2/2

0.060 321

0.110

0.052 317/1/2

320/1

0.060 248

0.199 319

0.010 318/2

0.120 317/1/1

0.073 312/2/ 1 क

0.010 346

0.063 349/2/1

0.021 350

0.094 403/2/1

0.130 403/1

0.031

(2)

(1)

78/2/1

0.052

0.084

78/1

354/2

0.084

78/4/1

0.105

249

0.136

8.131

योग .

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- लायरा- खिरिया मार्ग के निर्माण हेतु.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , कुरवाई के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 6 -अ- 82 - भू-अर्जन-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- विदिशा

(ख ) तहसील- कुरवाई

(ग) ग्राम-लायरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.640 हेक्टर.

आराजी नं.

क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

0.105

621/1

0.031

623/1

629/2/1

0.037

0.042

24/1

0.105

629/1

5

0.090

6

0.031

26

0.038

27/1

0.115

626

0.031

27/2

0.015

योग . 0.640

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- लायरा - खिरिया मार्ग के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , कुरवाई के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

1883

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

प्र. क्र. 7- अ- 82 - भू-अर्जन- 11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- विदिशा

(ख ) तहसील- कुरवाई

(ग ) ग्राम- खिरिया तरफदार

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.922 हेक्टर.

आराजी नं.

क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

105

0.241

110/2क

0.216

110/2ज

0.031

116

0.285

110/ 2ख

0.216

192/2

0.021

125/1

0.121

125/2

0.125

181

0.105

179

0.361

191/1

0.011

191/2

0.036

178/2

0.056

191/2

0.010

196/1

0.015

196/2/1

0.010

177/1

0.040

177/2

0.010

220

0.010 .

227

0.029

195

0.012

259/1

0.032

252/2

0.026

218

0.064

231

0.105

229

0.022

228/1

0.011

228/2

0.020

243/2

0.010

(1)

(2)

259/2

0.029

252/1/1

0.010

252/1/2

0.051

253/1

0.209

253/2

0.042

254

0.032

0.040

261

263/1

0.061

255/2/2

0.010

263/2

0.016

255/3/5

0.052

0.060

257

255/3/3

0.052

0.052

255/5/1

2.922

योग .

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- लायरा- खिरिया मार्ग के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, कुरवाई के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 8 - अ- 82 - भू-अर्जन-11-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- विदिशा

(ख ) तहसील- कुरवाई

(ग) ग्राम- माडल

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.723 हेक्टर.

आराजी नं.

क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

0.071

3251/1

0.071

3251/2

326/1

0.102

0.121

344

0.021

345

346

0.042

326/2

0.052 1884

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(2)

(1)

347

0.052

360

0.095

361

0.010

364

0.168

366

0.157

367

0.132

0.021

370/1/2

370/2/1

0.021

370/2/2

0.021

0.040

370/2/3

428/2

0.040

429

0.031

370/3

0.031

428/1

0.082

393

0.152

425

0.082

426

0.077

388

0.103

389

0.032

390

0.100

391

0.100

392/1

0.049

392/2

0.049

419

0.081

0.178

417/2

420/2

0.104

0.036

396/ 1 ग

396/2

0.036

417/1

0.087

418

0.132

407/2

0.178

400/549

0.059

407/1/4

0.080

408/2/1

0.103

0.104

407/1/2

408/2/2

0.105

411

0.077

414/2/1

0.168

420/1

0.070 योग 3.723

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-लायरा- खिरिया मार्ग के निर्माण हेतु.

[भाग 1 (3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , कुरवाई के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 9 - अ-82 - भू-अर्जन-11-12.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- विदिशा

(ख) तहसील- कुरवाई

(ग) ग्राम- बन्डोरा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.971 हेक्टर.

आराजी नं.

क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

208

0.042

207

0.105

229

0.062

210

0.152

0.072

211/2

227

0.052

250

0.010

231

0.062

0.072

239

240

0.062

0.050

241/2/1

241/2/2

0.052

0.065

249

251

0.032

256/1

0.010

256/2

0.031

0.040

256/3

योग . 0.971

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- लायरा- खिरिया मार्ग के निर्माण हेतु.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी कुरवाई के कार्यालय में किया जा सकता है.

भाग 1 ]

1885

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

प्र. क्र. 10- अ- 82- भू-अर्जन - 11-12 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- विदिशा

(ख) तहसील- कुरवाई

(ग) ग्राम-अखाई

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.020 हेक्टर.

आराजी नं.

क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

22

0.097

23

0.052

24

0.281

31

0.021

20/1/2

0.052

25

0.209

26/1

0.152

58/1 क

0.011

58/1 ख

0.100

14/2

0.105

19

0.045

15/8क

0.045

14/1

0.052

11

0.012

71

0.051

72

0.010

59/1

0.032

59/2

0.032

69

0.105

0.040

167/2/1

159

0.045

126

0.077

140

0.012

141

0.006

142

0.010

245

0.105

248/1

0.048

112/1

0.165

248/2

0.048

योग . 2.020

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-लायरा- खिरिया मार्ग के निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , कुरवाई के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 11 -अ- 82- भू-अर्जन-11-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-विदिशा

(ख ) तहसील - कुरवाई

(ग ) ग्राम- जरहा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.558 हेक्टर.

आराजी नं.

क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1)

(2)

393

0.084

405/1

0.055

0.011

406/1

0.021

436

395/1

0.020

407/2/2

0.031

414/1/1

0.026

437/1

0.032

438/2

0.105

395/2

0.020

0.026

414/1/2

406/2

0.010

405/2

0.056

395/3

0.020

0.052

497/2/1

0.026

414/1/3

406/3

0.010

405/3

0.056

399

0.052

438/1

0.052

400/1

0.046

400/2

0.046

402

0.082

433

0.052

434

0.021 1886

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

403

0.042

404

0.052

414/2/1

0.026

414/3

0.026

414/4

0.026

0.026

414/5/1

414/5/2

0.026

412/1

0.052

0.042

413

418

0.062

417

0.082

419/1 /2ख

0.016

419/1/2 क

0.016

437/2

योग .

0.052 1.558

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-लायरा - खिरिया मार्ग के निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , कुरवाई के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 12 - अ-82 - भू-अर्जन-11-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- विदिशा

(ख) तहसील- कुरवाई

(ग) ग्राम- कछौआ

( घ) लगभग क्षेत्रफल-2.139 हेक्टर.

क्षेत्रफल

आराजी नं.

(हेक्टर में)

(1)

(2)

22

0.086

51

0.209

54/5

0.106

57/3

0.063

58/2

0.209

58/1/1

0.165

0.165

58/1/2

27/1

0.146

27/3

0053

68

0.066

[भाग 1 (1)

(2)

62

0.052

0.106

54/4

0.077

59/3

50/1

0.161

0.143

53

0.155

49/4/7/ 1 क

0.207

60/1 क

योग 2.139

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-लायरा - खिरिया मार्ग के निर्माण हेतु .

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी कुरवाई के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 13 -अ- 82- भू-अर्जन- 11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- विदिशा

(ख) तहसील- कुरवाई

(ग) ग्राम-लचायरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.386 हेक्टर.

आराजी नं.

क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(2)

(1)

0.032

40/1

40/2

0.032

43/1

0.121

43/2

0.120

47/1

0.063

47/2

0.011

47/3

0.062

46

0.042

45/3

0.048

45/1

0.047

45/2

0.047 भाग 1 ]

1887

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2) 51/1/1

0.016 52

0.121 51/1/2

0.016

0.016 51/1/3

51/1/4

0.016 51/2

0.017 53/1/1

0.017 53/1/2

0.017

0.018 53/2/2

0.037 297/3

102/2/1

0.016

0.016 101/2/2

0.017 316/2

309

0.021 310

0.042 87

0.042 316/1

0.016 316/3

0.017 316/4/1

0.017

0.017 316/4/2

108/1

0.026 108/2

0.027 107/1

0.026 107/2

0.026

0.020 106/2

106/3

0.021 106/1/1

0.016

0.015 106/1/2

0.021

0.021 111/2

112/1

0.011 112/2

0.010

0.105 105/1

105/2

0.104 104/1

0.041 104/2

0.041 103/1

0.026 103/2

0.026

0.036 297/1

297/2

0.038 372/2

0.026 369

0.072 367

0.052 394

0.092 395

0.167

(2)

(1)

0.014

313/1

0.014

313/2

0.014

313/3

317/1

0.048

317/2

0.049

317/3क

0.049

0.017

316/4/3

316/4/4

0.017

316/5

0.010

404/1

0.021

404/2

0.020

402/3

0.477

403/2

0.105

372/1

0.026

366/2

0.027

317/3ख

0.049

317/ 3ग

0.049

317/4

0.049

330/1/1

0.026

0.026

330/1/3

330/1/2

0.026

330/1

0.026

366/1

0.028

योग . 3.386

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-लायरा - खिरिया मार्ग के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी कुरवाई के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 14-अ- 82- भू-अर्जन-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- विदिशा

(ख) तहसील- कुरवाई 1888

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(ग ) ग्राम- बोथीघाट

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.503 हेक्टर.

आराजी नं.

क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2) 264/1

0.070 253

0.105 252

0.140 280/1

0.042 280/2

0.042 279

0.095 264/2

0.067 264/3

0.070 276/1

0.032 276/2

0.032 276/3

0.021 10/1/3/1

0.110 12

0.052 13/2

0.100 13/3

0.100 18/3

0.031 13/1

0.061 18/2

0.031 296/3/2

0.064 19

0.052 37

0.345 20/1

0.084 26/1

0.010 20/2

0.083

0.010 26/1

232/3

0.100 292

0.129 294

0.271 263

0.110 230

0.010 229

0.178 231

0.105 225/1

0.052 227/1

0.022 222/4

0.010

0.050 225/2

227/2

0.100 222/3

0.056 222/1

0.056 242/2

0.045 246

0.007

[भाग 1 (1)

(2)

247

0.129

244

0.002

250

0.081

251

0.012

0.052

296/3/3

0.064

296/1

21

0.031

292/2

0.064

0.050

232/ 1 क

232/1 ख/2

0.180

202/4

0.081

योग 3.503

भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी कुरवाई के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सी. बी. सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा पूर्व निमाड़ मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

खण्डवा , दिनांक 5 मई 2012

क्र. 740-2012 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पूर्व निमाड़ खण्डवा

(ख ) तहसील - हरसूद

(ग) ग्राम- मातापुर

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.52 हेक्टर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

259

0.02 भाग 1 ]

1889

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

260/1

0.18

260/2

0.16

261

0.16

0.52

योग .

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- मेढ़ापानी तालाब के नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी , हरसूद के न्यायालय एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 742-2012- भू-अर्जन प्र. क्र. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पूर्व निमाड़ खण्डवा

(ख ) तहसील- हरसूद

(ग) ग्राम- इटवा

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.43 हेक्टर.

खसरा क्रमांक

रकबा

(हेक्टर में)

(1)

(2)

130/1

0.08

130/2

0.10

129

0.24

21/2

0.07

67

0.06

65

0.24

59/1

0.08

59/3

0.10

59/2

0.10

58/1

0.19

37/2

0.08

41/1

0.12

41/2

0.12

40.00

0.11

(2)

(1)

26/1

0.10

26/2

0.06

27

0.05

22

0.07

10

0.30

0.10

17

0.06

5/4

योग . 2.43

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- इटवा मामाडोह तालाब के नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , हरसूद के न्यायालय एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खण्डवा के कार्यालय में किया जाता है .

क्र. 744-2012 - भू-अर्जन-प्र. क्र. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पूर्व निमाड़ खण्डवा

(ख ) तहसील - हरसूद

(ग) ग्राम- दगड़कोट

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.29 हेक्टर.

रकबा

खसरा क्रमांक

(हेक्टर में)

(2)

(1)

270/1

0.04

270/2

0.01

270/5

0.11

137

0.02

135

0.01

134/1

0.02

133/1

0.04

134/2

0.08

133/3

0.14 1890

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

0.22

129

121

0.04

120

0.05

119/2

0.02

119/1

0.01

118

0.02

117

0.05

47

0.15

49

0.01

51/2

0.20

51/1

0.06

43

0.04

41

0.03

42/2

0.02

42/1

0.02

40

0.02

39

0.02

38

0.02

37/2

0.03

37/1

0.04

36

0.18

35

0.12

34

0.10

33

0.21

32

0.01

53

0.13 योग . 2.29

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- मेढ़पानी तालाब के नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी, हरसूद के न्यायालय एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खण्डवा के कार्यालय में किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कवीन्द्र कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सतना, दिनांक 5 मई 2012

क्र. एफ. 1226 - भू-अर्जन-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- मैहर

(ग ) नगर/ ग्राम- आमाडाड़ी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.021 हेक्टर .

खसरा नं.

क्षेत्रफल

(हेक्टर में)

(2)

(1)

36 0.021 निजी खाता भूमि योग 0.021

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

क्र. एफ. 1227 - भू-अर्जन-12 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894, संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन भाग 1 ]

1891

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील-मैहर

(ग) नगर/ ग्राम- घुनवारा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.250 हेक्टर.

खसरा नं.

क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

20/1/1

0.250

निजी खाता भूमि योग 0.250

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

क्र. एफ. 1228 - भू-अर्जन-12 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894, संशोधन 1984 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख ) तहसील - उचेहरा

(ग) नगर/ग्राम- रमपुरवा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.412 हेक्टर.

खसरा नं.

क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2)

(1)

74/1

0.228

74/2क

0.184 निजी खाता भूमि योग 0.412

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

क्र. एफ. 1229 - भू-अर्जन-12 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894, संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- उचेहरा

(ग) नगर/ग्राम- मुगहनी खुर्द

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.004 हेक्टर.

खसरा नं .

क्षेत्रफल (हेक्टर में) 5/1

0.269

6/1

0.148

6/2

0.092

10/1

0.112

10/2

0.009

39/1ख

0.021

0.053

39/1 क

0.233

40

41

0.067

निजी खाता भूमि योग .. 1.004

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्हो ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर (भू-अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

1892

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

[भाग 1 (ग) नगर/ ग्राम- कुशली

(घ) क्षेत्रफल-0.676 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

क्र. एफ. 1230 - भू-अर्जन-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला-सतना

(ख ) तहसील-मैहर

(ग) नगर/ ग्राम-सोनवारी

(घ) क्षेत्रफल-0.724 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टर में )

(1)

(2)

3/2

0.242

1/6

0.150

1/4

0.008

11/2ग

0.165

11/3

0.011

11/1ख

0.132

11/1क/2

0.016 योग : 0.724

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है - नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण अन्तर्गत नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर (भू-अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

क्र. एफ. 1233 - भू-अर्जन-12 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

270

0.029

274

0.033

272

0.032

273

0.083

265

0.036

266

0.017

263

0.053

264

0.086

308/1

0.040

309/1

0.003

309/2

0.092

310/1 क

0.081

0.005

310/1 ग

310/1 घ

0.013

0.073

311/2

योग : 0.676

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण अन्तर्गत नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

क्र. एफ. 1234- भू-अर्जन-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला-सतना

(ख) तहसील- मैहर

(ग ) नगर/ग्राम- कुटाई

(घ) क्षेत्रफल -3.327 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख ) तहसील - उचेहरा

रकबा

(हेक्टर में)

(1)

(2)

754/2

0.021

753/2

0.141 भाग 1 ]

(1)

(2) 751/1 क

0.270

0.004 751/1 ख

746/1

0.007 657/1

0.026 657/2

0.008 556/5

0.029 556/6

0.037 655/1

0.010 659/2क

0.022 659/2ख

0.024 716/1

0.158 716/2

0.160 580/1

0.075 580/2

0.002 581/1

0.023 583/1

0.101 583/2

0.021 630/2

0.158 629/1

0.029 629/2

0.044 628/1

0.154 627/1

0.011 540/1

0.006 540/2

0.130 534

0.110

1893

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

847/2क

0.234

847/2ख

0.006

847/2 ग

0.188

योग : 3.327

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण अन्तर्गत नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

क्र. एफ. 1235 - भू-अर्जन 12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- मैहर

(ग ) नगर/ग्राम- पोढ़ी

(घ) क्षेत्रफल-1.994 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

551

0.149 550/1

0.039 550/2

0.038 548

0.109 518/1

0.117 518/ 2क

0.052 518/2ख

0.050 522

0.012 524

0.165 535

0.050 537

0.036 535/1

0.012 535/2

0.043 578/1 क/2

0.149 579/1 क/1

0.022 846

0.075

रकबा

(हेक्टर में )

(1)

(2)

1250/1 क

0.005

1251/1

0.053

1253

0.305

1254

0.011

1260/2

0.115

1262

0.093

1267/1

0.072

1267/2

0.130

1267/3

0.103

1272

0.042

1273

0.042

1274

0.062

1275

0.005 1894

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

0.132

1276/1 , 1276/2

1277/1

0.012

1286/1

0.159

1287/1

0.064

1291/1

0.027

1294

0.004

1285

0.286

1297

0.249

1302/1

0.019

1307/1

0.004

1.994

योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण अन्तर्गत नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

क्र. एफ. 1236 - भू-अर्जन-12 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 (क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन ( म . प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

[भाग 1

(2)

(1)

255

0.057

258

0.120

0.281

383/1

0.024

384/1

0.079

397

400/2/1

0.362

400/2/2

0.161

0.086

449/2/1

450/2

0.009

449/2/2

0.056 1.609

योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण अन्तर्गत नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

क्र. एफ. 1237 - भू-अर्जन-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- मैहर

(ग) नगर/ग्राम- हरदुवा

(घ) क्षेत्रफल-2.877 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

(ख) तहसील- मैहर

(ग) नगर/ग्राम- हरनामपुर

(घ) क्षेत्रफल-1.609 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टर में )

(1)

(2)

244

0.003

259

0.207

245

0.005

246/1

0.007

247

0.007

0.007

248

254/3

0.138

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.232

36/1 क/ 2क

36/2

0.006

0.076

37/1/क

37/ 2ख

0.082

0.008

38

0.010

39

0.101

116/1

116/2

0.107

117

0.003

0.015

118

0.019

119 भाग 1 ]

(1)

(2)

120

0.003

203/8

0.110

208

0.038

209/1

0.052

209/2

0.084

210

0.116

212

0.029

217/2ख

0.030

323/2

0.144

337

0.083

339

0.015

341

0.015

347

0.008

348

0.067

432

0.027

433/1

0.086

433/2

0.040

444/1

0.053

444/2

0.064

445

0.008

458

0.053

459

0.004

453

0.024

454/1

0.003

457/2

0.012

466

0.005

468

0.044

469

0.068

470

0.098

533/1

0.105

561

0.044

562

0.010

563

0.112

569

0.016

570

0.005

योग : 2.877

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण अन्तर्गत नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू-अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , के. के. खरे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1895

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग राजगढ़ , दिनांक 7 मई 2012

क्र. 5077 - भू-अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- राजगढ़

(ख ) तहसील- जीरापुर

(ग ) ग्राम - बावड़ीखेड़ा

हेक्टेयर.

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 20.470

सर्वे नं.

रकबा ( हे . में )

(2)

(1)

1/1/2

1.500

0.200

2/1

4

0.300

17

0.700

18

1.619

20/12

0.282

0.304

20/13

0.314

20/8

20/20

0.121

19/1/1

0.405

19/1/3

0.809

19/2

0.445

1.000

20/21, 20/22

20/25/1/1

0.405

20/1/4

1.000

20/1/7

1.000

20/1/9

1.000

1.000

20/1/10

20/1/12

0.665

20/1/15

1.032

2.000

20/1/18 1896

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

20/25/3

1.000

0.870

20/28/1

20/28/2

0.375

20/28/3

0.374

20/1/22/1

1.500

0.250

20/23/2

योग : 12.066

महायोग 20.470

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बावड़ीखेड़ा तालाब के कार्य निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) खिलचीपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला उमरिया, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग उमरिया, दिनांक 7 मई 2012

प्र. क्र. 1 - अ-82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- उमरिया

(ख) तहसील-मानपुर

(ग) राजस्व निरीक्षक मण्डल- चिल्हारी

(घ ) ग्राम- करसरा नं. 2

(ङ) लगभग क्षेत्रफल - 1.242 हेक्टेयर.

अशासकीय भूमि

खसरा नं.

अर्जित किया जाने वाला रकबा (हे . में ) (1)

(2)

1/1

0.125

(2)

(1)

0.125

1/2

3

0.201

0.210

5

9

0.161

10

0.211

11

0.191

0.004

14

13/91

0.014

योग : 1.242

शासकीय भूमि

2/1

0.237

योग : 0.237

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है-रेलवे लाइन कार्य हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी मानपुर, जिला उमरिया के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 2 - अ- 82-10-11.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- उमरिया

(ख) तहसील- मानपुर

(ग) राजस्व निरीक्षक मण्डल- चिल्हारी

(घ) ग्राम- बड़छड़

(ङ) लगभग क्षेत्रफल - 20.510 हेक्टेयर.

अशासकीय भूमि

खसरा नं.

अर्जित किया जाने वाला रकबा ( हे. में)

(2)

(1)

0.008

1

0.086

12/1क

0.061

12/2क

12/2ख

0.041

12/3क

0.061 भाग 1 ]

1897

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

0.061 12/ 3ग

10

0.075 9

0.088 11

0.032 11/2287

0.068 8

0.282 16/2

0.002 17

0.119 18/1

0.155 18/2

0.155 47

0.128 46/1

0.239 46/2

0.239 45

0.084 40/1

0.073 40/2

0.037 41/1/ख

0.218 41/1 /ग

0.218 41/1 /घ

0.142 41/2/क

0.219 41/2/ख

0.219 41/2/ग

0.219 41/2/घ

0.219 41/2/ङ

0.219 44

0.007 38

0.015 23/2346

0.048 33/1

0.059 33/2

0.059

0.059 33/4

0.059 33/5

0.058 77/2348

0.045 1869

0.034 1867/1

0.182 1867/2

0.182 1867/3

0.182 1866/1

0.077 1866/2

0.076 1865

0.064 1868

0.274

(2)

(1)

0.407

1909/2318

1910

0.015

0.002

1910/2319/1

0.002

1910/2319/2

0.001

1910/2319/3 /क

0.001

1910/2319/3/ख

0.001

1910/2319/3 /ग

1910/2320

0.481

1910/2321

0.002

0.029

1911

0.213

1912/1/क/1

0.405

1912/3

0.526

1912/ 1 /ख

0.019

1942/1

1942/2

0.053

1942/3

0.053

1939/2

0.034

0.005

1940/2

0.360

1941/1

0.143

1951/1

0.057

1951/2

1951/3

0.057

1952

0.655

0.060

1953

1977/1

0.498

1977/2

0.497

0.094

1978/1क

0.094

1978/1 ख

0.058

1978/1 ग

1978/3ख

0.093

2000/2

0.304

0.459

2048/3

2048/5

0.460

2050/1

0.156

2050/2

0.156

2057

0.665

2058/ 1क

0.079

2059/1

0.264

2059/2

0.263

2059/3

0.264

2059/4

0.264 1898

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2) 2063/1

0.007 2063/2

0.006 2064

0.070 2065/1

0.338 2065/2

0.093 2066/1

0.054 2066/2

0.054 2066/3

0.054 2066/4

0.053 2078/ 1 क

0.046 2078/ 1ख

0.046 2078/2क/ 1

0.046

0.046 2078/2क/2/ख

2078/2क/3

0.047 2078/ 2/क/4/ख

0.046 2078/2/ख

0.046 2079/1

0.029

0.029 2079/2

2079/3

0.029 2079/4

0.029 2079/5

0.029

0.072 2079/6

2080/1

0.009 2080/2

0.009 2080/3

0.009 2080/4

0.009 2080/5

0.009 2080/6

0.009

0.009 2080/7

2081

1.039 2095/2

0.306 2097/1

0.242 2097/2

0.202 2098/1

0.101 2098/2

0.101 2098/3

0.101 2101/ 1/क

0.482 2101 /1 /ख

0.400 2101 /2/ग/ 1

0.202 2101/2/1/2

0.101 2101 /2/घ

0.269

(2)

(1)

2101/2/च

0.270

2101 /2 /छ

0.270

0.202

2101 / 2/ज

0.064

2101/2/2/1

0.064

2101/2/2/2

0.065

2101/2/2/3

0.064

2101 / 2 /ठ/ 1

2101 /2/ठ/ 2

0.064

0.032

2101 /2/ठ/3

0.064

2101/2/5/1

0.063

2101/2/5/2

0.063

2101 /2 /ढ

2140/1

0.021

0.021

2140/2/क

2140/2/ख

0.021

0.021

2140/ 2/ग

0.160

1864/2

2000/3

0.546

12/3ख

0.061

योग : 20.510

शासकीय भूमि

2051

0.193

योग : 0.193

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- रेलवे लाइन कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी , मानपुर, जिला उमरिया के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 3 - अ- 82-10-11.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- उमरिया

(ख ) तहसील-मानपुर

(ग ) राजस्व निरीक्षक मण्डल - चिल्हारी भाग 1 ]

1899

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

(घ) ग्राम- भरौली

(ङ) लगभग क्षेत्रफल - 1.252 हेक्टेयर

खसरा नं.

अर्जित किया जाने वाला रकबा (हे . में) (1)

(2)

240/1 /क

0.062

240/ 1 /ख

0.062

240/1 /ग

0.062

240/2/क

0.062

240/ 2/ख

0.062

240/2 /ग

0.061

239/1

0.024

239/2/क

0.019

239/2/ख

0.019

239/2 /ग

0.019

242/1/क

0.333

242/ 1/ख

0.137

0.138

242/1 /ख/3

242/2/ख

0.138

238

0.031

247/2

0.014

248/2

0.009

1.252

योग :

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- रेल्वे लाइन कार्य हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी, मानपुर, जिला उमरिया के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एन. एस. भटनागर , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, जिला रीवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 9 मई 2012

क्र. 1085 - भू- अर्जन 11. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सतना

(ख) तहसील - रामनगर

(ग) ग्राम- मुर्तिहाई

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.13 हेक्टेयर.

खसरा नं. (1)

अर्जित रकबा ( हे . में ) (2)

0.013

63

योग : 0.013

म. प्र. शासन की भूमि का विवरण महायोग : 0.013

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के कंदवारी उपबांध अन्तर्गत आऊट फाल ड्रेन नाली कार्य हेतु .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1087- भू-अर्जन 11. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रामनगर

(ग ) ग्राम- बरहाई

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.073 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा ( हे . में ) (2)

खसरा नं. (1)

0.018

95/1

95/2

0.035

110/2

0.004

0.082

119

0.022

117

153

0.034

132

0.058

130

0.006

154

0.032

158/1

0.010

159/1

0.003

0.010

158/2

159/3

0.003

0.011

158/3 1900

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(2)

(1)

159/3

0.003

योग : 0.331

म. प्र. शासन की भूमि का विवरण

महायोग : 0.331

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के कंदवारी उपबांध अन्तर्गत आऊट फाल ड्रेन नाली कार्य हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

रीवा , दिनांक 10 मई 2012

क्र. 1111 - प्रशासक- भू-अर्जन 2012-13. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- सेमरिया

(ग) ग्राम- रंगोली मुड़वार

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 2.637 हेक्टेयर.

खसरा नं.

रकबा (हे. में ) (1)

(2)

122

0.057

123

0.240

174

0.136

175

0.008

176

0.058

177

0.075

178

0.306

179

0.507

180

0.013

188

0.094

191

0.006

192

0.240

195

0.003

196

0.164

200

0.176

204

0.262

205

0.065

(2)

(1)

210

0.050

211

0.122

173

0.054

189

0.001

योग : 2.637

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1114 - भू- अर्जन- कार्य. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील - सेमरिया

(ग) ग्राम- बरौं कोठार

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.094 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा ( हे . में)

(2)

खसरा नं. (1)

2428

0.091

2437

0.024

2438

0.024

2455

0.360

0.126

2459

2461/2

0.072

2462

0.102

2463

0.094

1160

0.199

1163

0.002

योग : 1.094

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्ततर्गत आने वाली चचाई वितरक नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक , भू-अर्जन एवं पुनर्वास रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

1901

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर जबलपुर, दिनांक 17 अप्रैल 2012

क्र. 493 -गोपनीय- 2012-दो-3-90-2011.- सुश्री संगीता मदान, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , ग्वालियर के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, ग्वालियर का नाम " सुश्री संगीता मदान " के स्थान पर " श्रीमती संगीता मदान " पत्नी श्री संजय मदान अंकित करने की एतद्वारा अनुमति प्रदान की जाती है . उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका उक्तानुसार नाम अंकित किया जावे .

आदेशानुसार, सुभाष काकडे, रजिस्ट्रार जनरल.

जबलपुर, दिनांक 11 अप्रैल 2012

क्र. C- 3036-दो- 3-10-2012.- श्री नरेन्द्र कुमार जैन, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को दिनांक 19 मार्च 2012 से दिनांक 20 मार्च 2012 तक दो दिन का अर्जित अवकाश तथा दिनांक 21 मार्च से 24 मार्च 2012 तक चार दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री नरेन्द्र कुमार जैन , विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित/कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री नरेन्द्र कुमार जैन उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के पद पर कार्यरत रहते .

जबलपुर, दिनांक 24 अप्रैल 2012

क्र. B - 1003-दो - 2-14-2012.- श्री अफसर जावेद खान, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी , उच्च न्यायालय , इन्दौर खण्डपीठ , इन्दौर को दिनांक 13 से 24 मार्च 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करके बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 25 मार्च 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री अफसर जावेद खान, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी, उच्च न्यायालय, इन्दौर खण्डपीठ, इन्दौर को इन्दौर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री अफसर जावेद खान उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी के पद पर कार्यरत रहते .

जबलपुर, दिनांक 18 अप्रैल 2012

क्र. D - 1943- दो - 3-16-2007.- श्री व्ही . बी. सिंह, एडीशनल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को दिनांक 16 से 20 अप्रैल 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 14 एवं 15 अप्रैल 2012 के एवं पश्चात् में दिनांक 21 एवं 22 अप्रैल 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री व्ही. बी. सिंह, एडीशनल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री व्ही. बी. सिंह उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो एडीशनल रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. D - 1945-दो- 3-10-2012 .- श्री एन. के. जैन, ओ.एस.डी. , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को दिनांक 16 से 20 अप्रैल 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 14 एवं 15 अप्रैल 2012 के एवं पश्चात् में दिनांक 21 एवं 22 अप्रैल 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

1902

अवकाश से लौटने पर श्री एन. के. जैन, ओ.एस.डी. , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एन. के. जैन उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो ओ.एस.डी. के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 3202-दो- 2-12-2012 .- श्री प्रकाश चन्द्र मिश्रा , विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी , उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को दिनांक 26 मार्च से 30 मार्च 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करके पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 25 मार्च 2012 के तथा पश्चात् में दिनांक 31 मार्च से 1 अप्रैल 2012 तक के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री प्रकाश चन्द्र मिश्रा, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी, उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थ किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री प्रकाश चन्द्र मिश्रा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी के पद पर कार्यरत रहते.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, एस. के. साहा, रजिस्ट्रार.

जबलपुर, दिनांक 12 अप्रैल 2012

क्र. डी- 1855- तीन-10-42-75-( सतना- अमरपाटन ) .- मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , एतद्वारा निर्देशित करता है कि श्री जी. एस. नेताम, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) मैहर अपने घोषित कार्यस्थल , मैहर के अतिरिक्त अमरपाटन में भी प्रत्येक माह 2 सप्ताह बैठक करेंगे .

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

[भाग 1 No. D - 1855 - III - 10-42-75- ( Satna-Amarpatan) .- In exercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Court Act , 1958 ( Act No. 19 of 1958) the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that the Shri G. S. Netam , II Additional District & Session Judge (FTC) , Maihar in addition to his place of sitting declared at Maihar shall also sit at Amarpatan for two weeks in each month .

क्र. डी- 1853-तीन-10-42-75-( रतलाम- आलोट) .- मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , एतद्वारा निर्देशित करता है कि श्री बी. एल . प्रजापति, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) जावरा अपने घोषित कार्यस्थल , जावरा के अतिरिक्त आलोट में भी प्रत्येक माह 7 दिवस बैठक करेंगे .

No. D - 1853 - III - 10-42-75- ( Ratlam- Alot) . In exercise of the powersowers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Court Act , 1958 ( Act No. 19 of 1958) the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that the Shri B. L. Prajapati , II Additional District & Session Judge (FTC) , Jaora in addition to his place of sitting declared at Jaora shall also sit at Alot for seven days in each month .

क्र. डी- 1851- तीन- 10-42-75-( होशंगाबाद - इटारसी ) .- मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, एतद्वारा निर्देशित करता है कि श्री लाल सिंह दुवासा, तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश होशंगाबाद अपने घोषित कार्यस्थल होशंगाबाद के अतिरिक्त इटारसी में भी प्रत्येक माह 7 दिवस बैठक करेंगे .

No. D - 1851 - III - 10-42-75- (Hoshangabad - Itarsi) . In exercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Court Act , 1958 (Act No. 19 of 1958) the High Court of Madhya Pradesh hereby directs thatthe Shri Lal Singh Duwasha , III Additional District & Session Judge Hoshangabad in addition to his place of sitting declared at Hoshangabad shall also sit at Itarsi for seven days in each month .

By order of the High Court , ABHAI KUMAR , Registrar .

भाग 1 ]

1903

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

जबलपुर, दिनांक 4 अप्रैल 2012

क्र. 448-गोपनीय- 2012-दो-3-250-57 ( भाग-31 ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 सहपठित सिविल कोर्ट्स एक्ट , 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 11 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर द्वारा निम्न न्यायिक अधिकारी को, जिनका नाम निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में अंकित है और जिन्हें मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक फा. - 3 ( बी) 6/2011 /21 - ब- ( एक) ( मेरिट क्रमांक ) , दिनांक 28 मार्च 2012 एवं 7 जनवरी 2012 द्वारा अस्थायी तौर से ( दो वर्ष की परीवीक्षा अवधि पर ) मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा, वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) में नियुक्त किया गया है , उनके नाम के समक्ष स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये स्थान पर एवं स्तम्भ क्रमांक ( 4 ) में अंकित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश तथा न्यायिक दण्डाधिकारी, द्वितीय श्रेणी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ किया जाता है :-

सारणी

क्र.

नाम

प्रशिक्षण हेतु पदस्थापना

का स्थान

(1)

(2)

(3)

न्यायालय का नाम जिसके अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त एवं पदस्थ (4)

1

ग्वालियर

श्री सचिन कुमार

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , ग्वालियर के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज ) .

2

ग्वालियर

श्री संजीव कुमार पालीवाल

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , ग्वालियर के न्यायालय के चौदहवें अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज ) .

3 श्री आशुतोष यादव

शिवपुरी

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , शिवपुरी के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज) .

4

रतलाम

श्री मनीष अनुरागी

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , रतलाम के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज) .

5

भोपाल

श्री शिव कुमार डावर

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , भोपाल के न्यायालय के ग्यारहवें अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज) .

जबलपुर, दिनांक 10 अप्रैल 2012

क्र. 462 - गोपनीय - 2012- दो - 2-1-2011 ( भाग- बी ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लिखित उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लेखित न्यायालय के न्यायाधीश , उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है:-

सारणी

क्र.

अधिकारी का नाम

(1)

(2)

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (3)

1

उन्नीसवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जबलपुर की हैसियत से रिक्त पद पर.

श्री अवधेश कुमार सिंह, तेरहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जबलपुर.

2 श्री कासिफ नदीम ( खान ) ,

तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जबलपुर की हैसियत से श्री विमल प्रकाश के स्थान पर.

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जबलपुर.

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जबलपुर की हैसियत से श्री कासिफ नदीम ( खान) के स्थान पर.

3 श्री विमल प्रकाश, तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जबलपुर.

1904

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

4 श्री राजीव कुमार अयाची, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मंदसौर के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश , मंदसौर.

5 श्री माईकल सैमुअल , प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बैतूल.

6 श्री प्रभात कुमार मिश्रा, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बैतूल.

7 श्री रेवाराम बामनिया, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छिन्दवाड़ा.

8 श्री दीपक कुमार त्रिपाठी, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छिन्दवाड़ा.

9 श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्त, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बालाघाट.

10 श्री राम प्रकाश मिश्रा, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीहोर.

[भाग 1

(3)

चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मंदसौर की हैसियत से रिक्त पद पर.

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बैतूल की हैसियत से श्री प्रभात कुमार मिश्रा के स्थान पर.

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बैतूल की हैसियत से श्री माईकल सैमुअल के स्थान पर.

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छिन्दवाड़ा की हैसियत से श्री दीपक कुमार त्रिपाठी के स्थान पर.

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छिन्दवाड़ा की हैसियत से श्री रेवाराम बामनिया के स्थान पर.

प्रथम. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालाघाट की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सीहोर की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

क्र. 463 - गोपनीय - 2012-दो- 3-1-2011 ( भाग- ए ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लिखित निम्नतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लेखित न्यायालय के न्यायाधीश , उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है:-

क्र.

अधिकारी का नाम

(1)

(2)

1 श्रीमती सुशीला वर्मा, नवम् व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , जबलपुर.

2 श्री विकासचंद्र मिश्र, पंचम् व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , जबलपुर.

सारणी

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (3)

पंचम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , जबलपुर की हैसियत से श्री विकासचंद्र मिश्र के स्थान पर.

नवम् व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , जबलपुर की हैसियत से श्रीमती सुशीला वर्मा के स्थान पर.

जबलपुर, दिनांक 11 अप्रैल 2012

क्र. 474-गोपनीय- 2012-दो-2-21-63 ( भाग- पांच ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , निम्नलिखित जिला एवं सत्र न्यायाधीशों ( चयन ग्रेड ) को उनके नामों के समक्ष स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये गये दिनांक से, स्तम्भ क्रमांक ( 4 ) में दर्शित रिक्त पदों पर सुपर समय वेतनमान ( Super Time Scale ) रुपये 70290-1540-76450/ - में नियुक्त करता है:-

क्र.

नाम तथा पदनाम

(1)

(2)

सारणी

रिक्त पद के संदर्भ में टिप्पणी

सुपर समय वेतनमान में

नियुक्तिका दिनांक

(3)

1 श्री हौसला प्रसाद सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , उमरिया.

(4)

15-3-2012

रिक्त पद पर भाग 1 ]

1905

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

(1)

(2)

(3)

(4) 2

15-3-2012

रिक्त पद पर श्री अशोक कुमार जोशी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अलीराजपुर.

3

28-3-2012

रिक्त पद पर श्री अभिनन्दन कुमार जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बैतूल.

4

28-3-2012

रिक्त पद पर श्रीमती शिप्रा शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , धार.

5

29-3-2012

रिक्त पद पर श्री राम निवास पटेल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नीमच.

6

29-3-2012

रिक्त पद पर श्री राजीव शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दतिया.

7

01-4-2012

रिक्त पद पर श्री रंजीत सिंह ठाकुर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मण्डला.

जबलपुर, दिनांक 12 अप्रैल 2012

क्र. 477-गोपनीय- 2012-दो- 2-1-2012 ( भाग - ए ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लेखित उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लेखित न्यायालय में उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है: -

सारणी

अधिकारी का नाम (2)

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (3)

क्र. (1)

1 श्री मोहन पी . तिवारी , तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छिन्दवाड़ा

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छिन्दवाड़ा की हैसियत से श्री दीपक कुमार त्रिपाठी के स्थान पर.

2

तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छिन्दवाड़ा की हैसियत से श्री मोहन पी. तिवारी के स्थान पर.

श्री दीपक कुमार त्रिपाठी, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छिन्दवाड़ा.

जबलपुर, दिनांक 18 अप्रैल 2012

क्र. 496 -गोपनीय - 2012-दो- 3-250-57 ( भाग -31 ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 सहपठित सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 11 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर द्वारा निम्न न्यायिक अधिकारी को, जिनका नाम निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में अंकित है और जिन्हें मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक फा. - 3 ( बी ) 6/ 2011 /इक्कीस - ब- ( एक ) (मेरिट क्रमांक) , दिनांक 3 अप्रैल 2012 द्वारा अस्थायी तौर से ( दो वर्ष की परीवीक्षा अवधि पर ) मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा, वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) में नियुक्त किया गया है , उनके नाम के समक्ष स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये स्थान पर एवं स्तम्भ क्रमांक (4 ) में अंकित व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 1906

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

[भाग 1 के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश तथा न्यायिक दण्डाधिकारी द्वितीय श्रेणी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ किया जाता है:-

सारणी

क्र.

नाम

प्रशिक्षण हेतु पदस्थापना

का स्थान (1)

(2)

(3) 1

सागर सुश्री रीतिका मिश्रा

2 श्री सुशील कुमार अग्रवाल

जबलपुर 3 श्री विनोद कुमार वर्मा

जबलपुर 4 श्री विजेन्द्र सिंह रावत

श्योपुर 5 श्री आशीष कुमार केशरवानी

जबलपुर न्यायालय का नाम जिसके अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त एवं पदस्थ (4)

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2, सागर के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज) .

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , जबलपुर के न्यायालय के प्रथमं अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज ) .

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , जबलपुर के न्यायालय के चतुर्थ अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज ) .

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , श्योपुर के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज ) .

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , जबलपुर के न्यायालय के पंचम अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज ) .

जबलपुर, दिनांक 20 अप्रैल 2012

क्र. 504 - गोपनीय- 2012- दो-3-250-57 ( भाग-31 ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 सहपठित सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 11 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर द्वारा निम्न न्यायिक अधिकारी को, जिनका नाम निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में अंकित है और जिन्हें मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक फा. -3 ( बी ) 6/2011 /21 - ब- ( एक ) ( मेरिट क्रमांक ) , क्रमशः दिनांक 24 फरवरी 2012 एवं 2 मार्च 2012 द्वारा अस्थायी तौर से ( दो वर्ष की परीवीक्षा अवधि पर ) मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा , वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) में नियुक्त किया गया है , उनके नाम के समक्ष स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये स्थान पर एवं स्तम्भ क्रमांक ( 4 ) में अंकित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश तथा न्यायिक दण्डाधिकारी द्वितीय श्रेणी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ किया जाता है :-

सारणी

नाम

क्र.

प्रशिक्षण हेतु पदस्थापना का स्थान (1)

(2)

(3) 1 श्री निमिश राजा

बैतूल 2

होशंगाबाद श्री रविन्द्र कुमार शिल्पी

न्यायालय का नाम जिसके अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त एवं पदस्थ (4)

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , बैतूल के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश (ट्रेनी जज) .

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , होशंगाबाद के न्यायालय के चतुर्थ अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज ) .

भाग 1 ]

1907

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 मई 2012

जबलपुर, दिनांक 27 अप्रैल 2012

क्र. 519- गोपनीय - 2012- दो- 2-1-2012 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्नलिखित जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ (4 ) में निर्दिष्ट स्थान में स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट सिविल जिले के लिये जिला न्यायाधीश के अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है. साथ ही दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 9 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उन्हें उनके नामों के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सत्र न्यायालय में सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है :-

सारणी

क्रमांक

नाम

कहां से

पदस्थापना के जिले

कहां को

का नाम

(1)

(2)

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)

(4)

(3)

(5)

1

रायसेन

इन्दौर

इन्दौर

सिविल जिला, इन्दौर.

श्री सुरेन्द्र सिंह सिसौदिया,

जिला एवं सत्र न्यायाधीश , रायसेन.

जिला एवं सत्र न्यायाधीश इन्दौर की हैसियत से श्री अनिल कुमार चतुर्वेदी के स्थान पर.

2

ग्वालियर रायसेन

रायसेन

सिविल जिला, रायसेन. जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायसेन की हैसियत से श्री सुरेन्द्र सिंह सिसौदिया के स्थान पर.

श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव (जूनियर) अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, ग्वालियर.

क्र. 520- गोपनीय - 2012- दो- 2-1-2012 ( भाग - ए ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, श्री अनिल कुमार चतुर्वेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , इन्दौर को निर्देशित करता है कि वे अपने वर्तमान पद से दिनांक 28 अप्रैल 2012 को अनिवार्य रूप से कार्यभार सौंपे व अपनी नवीन पदस्थापना अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , ग्वालियर की हैसियत से एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करें, जिसके संबंध में, राज्य शासन से आदेश प्राप्त कर, पृथक् से प्रेषित किया जावेगा.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार , सुभाष काकडे , रजिस्ट्रार जनरल.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 18 May 2012. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2012-05-18.20.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2012-05-18.20.Ordinary.