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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

0

Published 24 August 2012

Type
Ordinary
Gazette no.
34
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2012-08-24.34.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदे श शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 34]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 24 अगस्त 2012 - भाद्र 2 , शक 1934

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग 4.-( क ) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक,

( 3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख ) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद्के अधिनियम,

(ग ) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 30 जुलाई 2012

क्र. ई - 5-670 - आयएएस- लीव - एक- 5.- ( 1 ) श्रीमती अलका उपाध्याय , आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण , भोपाल को इस विभाग के आदेश दिनांक 9 जुलाई 2012 द्वारा दिनांक 24 जून 2012 से 20 जुलाई 2012 तक Duke यूनिवर्सिटी USA में आयोजित प्रशिक्षण में भाग लेने के अनुक्रम में उन्हें दिनांक 21 से 24 जुलाई 2012 तक, चार दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया है , में आंशिक संशोधन करते हुए, अब उन्हें दिनांक 21 से 27 जुलाई 2012 तक, सात दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

3149

( 2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 9 जुलाई 2012 की शेष कंडिकाएं यथावत् रहेंगी.

भोपाल, दिनांक 31 जुलाई 2012

क्र. ई - 5-831 - आयएएस- लीव- 5 - एक. - ( 1 ) सुश्री स्वाति मीणा , आयएएस. , कलेक्टर, जिला मण्डला को दिनांक 3 से 9 अगस्त 2012 तक, सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 2 अगस्त 2012 एवं 10, 11 एवं 12 अगस्त 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

( 2 ) सुश्री स्वाति मीणा , की अवकाश अवधि में श्री प्रबल सिपाहा, राप्रसे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, मण्डला नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2012.

3150

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला मण्डला का प्रभार सौंपा जाता है .

(3) अवकाश से लौटने पर सुश्री स्वाति मीणा , को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला मण्डला के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) सुश्री स्वाति मीणा , द्वारा कलेक्टर , जिला मण्डला का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री प्रबल सिपाहा, कलेक्टर, जिला मण्डला के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में सुश्री स्वाती मीणा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने पर पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री स्वाति मीणा, अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

भोपाल, दिनांक 1 अगस्त 2012

क्र. ई - 5-671 - आयएएस- लीव - एक- 5.- ( 1 ) श्रीमती दीपाली रस्तोगी , भाप्रसे ( 1994 ) को दिनांक 11 से 20 जुलाई 2012 तक दस दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .

(2) अवकाशकाल में श्रीमती दीपाली रस्तोगी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती दीपाली रस्तोगी, अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

क्र. ई - 5-837 - आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्रीमती सुनीता त्रिपाठी, आयएएस. , अपर परियोजना संचालक, मध्यमिक शिक्षा अभियान, भोपाल को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 19 जुलाई 2012 द्वारा दिनांक 9 से 13 जुलाई 2012 तक, पांच दिन का स्वीकृत अर्जित अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुए, उन्हें अब दिनांक 9 जुलाई से 9 अगस्त 2012 तक, बत्तीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है , तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 8 जुलाई 2012 एवं 10, 11 , 12 अगस्त 2012 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

[भाग 1 (2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 19 जुलाई 2012 की शेष कंडिकाएं यथावत् रहेंगी.

भोपाल , दिनांक 3 अगस्त 2012

क्र. ई - 5-868 - आयएएस- लीव - 5 - एक. - ( 1 ) श्रीमती सुफिया फारूकी, आयएएस . , सहायक कलेक्टर, जिला सिंगरौली को दिनांक 28 जुलाई से 31 अगस्त 2012 तक, पैंतीस दिन का शिशु देखभाल अवकाश ( Child Care Leave ) अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) अवकाशकाल में श्रीमती सुफिया फारूकी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्वमिलता था.

J

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती सुफिया फारूकी, अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

भोपाल, दिनांक 4 अगस्त 2012

क्र. ई - 5-659 - आयएएस- लीव-5- एक. ( 1 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 23 जुलाई 2012 द्वारा श्री एस .के. वेद, आयएएस. , आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश, ग्वालियर को दिनांक 13 से 17 अगस्त 2012 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनाकं 11 , 12 अगस्त 2012एवं दिनांक 18, 19 अगस्त 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी गई है.

( 2 ) आदेशानुसार श्री एस. के. वेद, आयएएस. , आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर को उक्त स्वीकृत अवकाश के साथ - साथ दिनांक 10 एवं 20 अगस्त 2012 का सार्वजनिक अवकाश भी जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .

( 3 ) इस विभाग के द्वारा जारी उक्त आदेश दिनांक 23 जुलाई 2012 की शेष कंडिकाएं यथावत् रहेंगी .

भोपाल, दिनांक 7 अगस्त 2012

क्र. ई - 5-692 - आयएएस लीव- 5- एक. ( 1 ) श्रीमती सुधा चौधरी , आयएएस. , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश दुग्ध महासंघ , भोपाल को दिनांक 23 से 31 जुलाई 2012 तक, नौ दिन का अर्जित भाग 1 ]

अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 21 , 22 जुलाई 2012 के सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती सुधा चौधरी को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश दुग्ध महासंघ , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्रीमती सुधा चौधरी, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती सुधा चौधरी, अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

क्र. ई - 5-747 - आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) डॉ. ( श्रीमती ) वीणा घाणेकर, आयएएस. , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम , भोपाल को दिनांक 30 अप्रैल से 10 मई 2012 तक, ग्यारह दिन का लघुकृत अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) अवकाश से लौटने पर डॉ. ( श्रीमती ) वीणा घाणेकर को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में डॉ. ( श्रीमती ) वीणा घाणेकर को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. ( श्रीमती ) वीणा घाणेकर, अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

क्र. ई- 5-814- आयएएस- लीव - 5 - एक.- ( 1 ) श्रीमती उर्मिल मिश्रा, आयएएस. , अपर आयुक्त, भोपाल/नर्मदापुरम संभाग, को दिनांक 3 से 6 जुलाई 2012 तक चार दिन का लघुकृत अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती उर्मिल मिश्रा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर आयुक्त, भोपाल/ नर्मदापुरम संभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

3151

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

(3 ) अवकाशकाल में श्रीमती उर्मिल मिश्रा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती उर्मिल मिश्रा, अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

क्र. ई - 5-872 - आयएएस लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्रीमती प्रियंका दास , आयएएस. , अनुविभागीय अधिकारी , नरसिंहगढ़ , जिला- राजगढ़ को दिनांक 31 जुलाई से 9 अगस्त 2012 तक, दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 10, 11 एवं 12 अगस्त 2012 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती प्रियंका दास को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अनुविभागीय अधिकारी , नरसिंहगढ़ , जिला- राजगढ़ के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्रीमती प्रियंका दास को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती प्रियंका दास अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद परकार्य करतीं रहतीं.

भोपाल, दिनांक 8 अगस्त 2012

क्र. ई - 5-642 - आयएएस लीव- 5- एक.- ( 1 ) श्री विवेक अग्रवाल , आयएएस. , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग तथा सचिव, मुख्यमंत्री को दिनांक 9 से 23 अगस्त 2012 तक, पन्द्रह दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री विवेक अग्रवाल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन , लोक निर्माण विभाग तथा सचिव, मुख्यमंत्री के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

3152

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

(3) अवकाशकाल में श्री विवेक अग्रवाल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री विवेक अग्रवाल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई- 1-263-2012-5- एक.- लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में दूसरे चरण के प्रशिक्षण से लौटने पर 2010 बैच के सीधी भरती के नीचे खाना ( 2 ) में दर्शाए भाप्रसे के अधिकारियों को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, खाना ( 3 ) में अंकित पद पर पदस्थ किया जाता है :-

1

क्रमांक

प्रशिक्षण से लौटने पर पदस्थापना अधिकारी का नाम एवं प्रशिक्षण पूर्व पदस्थापना

(1)

(2)

(3) 1 श्री अनय द्विवेदी, सहायक कलेक्टर , खण्डवा.

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) , बिजावर, जिला छतरपुर.

2 श्रीमती तन्वी सुंदरियाल , बहुगुणा, सहायक कलेक्टर, ग्वालियर.

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) , सौंसर, जिला छिन्दवाडा.

3 श्री तरुण राठी, सहायक कलेक्टर, राजगढ़ .

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) , पिपरिया, जिला होशंगाबाद .

4 श्री गणेश शंकर मिश्रा, सहायक कलेक्टर , सिंगरौली.

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) , मुलताई, जिला बैतूल.

5 श्री अभिजीत अग्रवाल, सहायक कलेक्टर, सिवनी.

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) , मैहर, जिला सतना.

(1)

(2)

(3) 6 श्री कर्मवीर शर्मा , सहायक कलेक्टर, होशंगाबाद.

अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , बीना, जिला सागर. बीना मुख्यालय पर रह कर अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , खुरई जिला सागर का का अतिरिक्त प्रभार देखेंगे.

7 श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह , सहायक कलेक्टर, सागर. अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) , केवलारी, जिला सिवनी.

8 श्री अनुराग चौधरी, सहायक कलेक्टर, छिन्दवाड़ा.

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) , डबरा , जिला ग्वालियर.

9

सहायक कलेक्टर , शहडोल. श्री भास्कर लक्षकार,

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) , चंदेरी , जिला अशोकनगर.

10 श्री आशीष सिंह, सहायक कलेक्टर, कटनी.

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) , बैहर, जिला बालाघाट .

(2) सुश्री शनमुगा प्रिया आर. , भाप्रसे ( 2010 ) , सहायक कलेक्टर, सिंगरौली के मसूरी में दूसरे चरण के प्रशिक्षण से लौटने पर यथास्थान पदस्थ रहेंगी. वे सिंगरौली जिले में लैण्ड एक्वीजीशन कार्य का प्रभार भी संपादित करेंगी .

(3 ) श्री धनराजू एस भाप्रसे ( 2009 ) , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , इटारसी , जिला होशंगाबाद मसूरी में दूसरे चरण के प्रशिक्षण से लौटने पर यथास्थान पदस्थ रहेंगे .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , आर. परशुराम, मुख्य सचिव.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

3153

भोपाल , दिनांक 9 अगस्त 2012

क्र. एफ- 3-5-2012- एक-4 .- राज्य शासन , एतद्वारा बुरहानपुर जिले की विकासखण्ड खकनार की ग्राम पंचायत, बदनापुर के आम निर्वाचन तथा खरगौन एवं बड़वानी जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में रिक्त पदों के उप निर्वाचन हेतु आयोग द्वारा जारी निर्वाचन कार्यक्रम (प्रतियां संलग्न) अनुसार मतदान दिनांक 13 अगस्त 2012 सोमवार को जिलों के संबंधित क्षेत्रों में सामान्य अवकाश घोषित करता है .

( 2 ) उक्त दिनांक को केवल संबंधित क्षेत्रों के लिये परक्राम्य लिखित अधिनियम ( निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट एक्ट ) 1881 ( 1881 का क्रमांक 26 ) की धारा 25 के अन्तर्गत सार्वजनिक अवकाश भी घोषित करता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

के. सी. पंत, उपसचिव.

परिशिष्ट-एक

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन" 58 , अरेरा हिल्स, भोपाल , मध्यप्रदेश आदेश

भोपाल , दिनांक 20 जुलाई 2012

क्र. एफ- 37-02-2012- तीन- 1339.- मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 42 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा धारा 9 ( 2 ) ( क ) एवं मध्यप्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम, 1995 के नियम 28 की अपेंक्षा अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग , एतद्वारा बड़वानी एवं खरगौन जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों के उप निर्वाचन हेतु निम्नानुसार समय अनुसूची ( कार्यक्रम ) विहित करता है : -

क्र. (1)

कार्यवाही (2)

नियम (3)

निर्धारत तारीख (4)

दिन और समय (5)

28

24-07-2012

प्रात: 10.30 बजे से ( मंगलवार ) 1. ( i ) निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन और नाम- निर्देशन- पत्र प्राप्त करना.

( ii

29-क -उपरोक्तानुसार-

-उपरोक्तानुसार- ) स्थानों सीटों के आरक्षण के संबंध में सूचना का प्रकाशन.

23

( iii ) मतदान केन्द्रों की सूची का प्रकाशन

-उपरोक्तानुसार-

-उपरोक्तानुसार- 2.

31-07-2012

28(क)

अपरान्ह 3.00 बजे तक ( मंगलवार ) नाम-निर्देशन पत्र प्राप्त करने की आखरी तारीख .

01-08-2012

3. नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा ( जांच ) 28(ख)

प्रात: 10.30 बजे से ( बुधवार) 4.

03-08-2012

28(ग)

अपरान्ह 3.00 बजे तक ( शुक्रवार) अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की आखरी तारीख.

5.

03-08-2012

38, 39

अभ्यर्थिता वापसी के ठीक बाद ( शुक्रवार ) निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करना और निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन.

3154

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

[भाग 1 (1)

(2)

(3)

(4)

(5) 6.

13-08-2012

मतदान ( यदि आवश्यक हो )

28(घ)

प्रातः 8.00 बजे से 3.00 बजे तक (सोमवार).

7.

मतगणना

13-08-2012

मतदान केन्द्रों पर मतदान के तुरन्त पश्चात् (सोमवार).

8.

निर्वाचन परिणाम की घोषणा

14-8-2012

खण्ड मुख्यालय पर प्रातः 9.00 बजे से (मंगलवार) .

हस्ता./-

(सुभाष जैन )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

1

परिशिष्ट-एक

आदेश

भोपाल , दिनांक 20 जुलाई 2012

क्र. एफ- 37-02-2012-तीन-1342 .- मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 42 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा धारा 9 ( 2 ) ( क ) एवं मध्यप्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम , 1995 के नियम 28 की अपेक्षा अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग , एतद्वारा बुरहानपुर जिले के विकाखण्ड, खकनार की ग्राम पंचायत , बदनावर के आम निर्वाचन हेतु निम्नानुसार समय अनुसूची (कार्यक्रम ) विहित करता है :-

कार्यवाही

नियम

क्र. (1)

(2).

(3)

दिन और समय -(5)

निर्धारत तारीख (4)

24-07-2012

28

प्रात: 10.30 बजे से ( मंगलवार ) 1. ( i ) निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन और नाम-निर्देशन- पत्र प्राप्त करना.

(

29-क

-उपरोक्तानुसार-

-उपरोक्तानुसार-

ii ) स्थानों सीटों के आरक्षण के संबंध में सूचना का प्रकाशन.

23

( iii ) मतदान केन्द्रों की सूची का प्रकाशन

-उपरोक्तानुसार-

-उपरोक्तानुसार-

2.

31-07-2012

अपरान्ह 3.00 बजे तक ( मंगलवार)

28(क)

नाम-निर्देशन पत्र प्राप्त करने की आखरी तारीख.

3.

01-08-2012

नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा ( जांच ) 28(ख)

प्रातः 10.30 बजे से ( बुधवार ) 4.

03-08-2012

28(ग)

अपरान्ह 3.00 बजे तक ( शुक्रवार ) अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की आखरी तारीख.

5.

03-08-2012

38, 39

अभ्यर्थिता वापसी के ठीक बाद ( शुक्रवार) निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करना और निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन.

भाग 1 ]

3155

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

(1)

(2)

(3) 6. मतदान ( यदि आवश्यक हो )

28(घ) 7. मतगणना

8. निर्वाचन परिणाम की घोषणा

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 20 जुलाई 2012

क्र. एफ. 5-2-2011 - अट्ठावन. - राज्य शासन, मध्यप्रदेश में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए हार्टीकल्चर हब ( एच-2 ) के स्थापना की नीति, 2012 निम्नानुसार लागू करता है :-

1. उद्देश्य.- उद्यानिकी फसलों की खेती को लाभकारी बनाने, उत्पादन बढ़ाने , उत्पादित फसलों के फसलोत्तर प्रबंधन की प्रक्रियाओं ( जैसे - संग्रहण , ग्रेडिंग , भंडारण , बाजार तक गुणवत्ता में न्यूनतम गिरावट लाते हुये परिवहन तथा प्रसंस्करण ) एवं विपणन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं विकसित करना जिससे प्रदेश उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन सके.

2. लघु शीर्षक एवं प्रारंभ : -

2.1 यह नीति प्रदेश में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों के प्रयोजन हेतु " हार्टीकल्चर हब ( एच-2 ) स्थापना , नीति, 2012 " कहलाएगी.

2.2 मध्यप्रदेश के सभी जिलों में यह नीति लागू होगी.

2.3 नीति राजपत्र में अधिसूचित होने की दिनांक से प्रभावशील होगी.

3. परिभाषाएं. - जब तक की प्रसंग से अन्यथा वांछनीय नहीं हो :-

3.1 हार्टीकल्चर हब से तात्पर्य है . ऐसे क्षेत्र जहां क्लस्टर में उत्पादित होने वाले उत्पादों के लिए

(5)

(4)

13-08-2012.

प्रातः 8.00 बजे से 3.00 बजे तक (सोमवार) .

13-08-2012

मतदान केन्द्रों पर मतदान के तुरन्त पश्चात् (सोमवार).

14-8-2012

खण्ड मुख्यालय पर प्रातः 9.00 बजे से (मंगलवार).

हस्ता./- (सुभाष जैन) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

उत्कृष्ट प्लानिंग मटेरियल का उत्पादन एवं वितरण , फसलोत्तर प्रबंधन की प्रक्रियाओं जैसे ग्रेडिंग , सार्टिंग , वैक्सिंग एवं पैकिंग आदि एक या एक से अधिक केन्द्रीकृत व्यवस्थाएं मुहैया कराना होगा. सामान्यतः एक हब से एक से अधिक क्लस्टर्स (ग्रामों के समूहों ) को जोड़ा जायेगा. आगे नीति में इसे हब के नाम से संबोधित किया गया है.

3.2 हार्टीकल्चर क्लस्टर से तात्पर्य है- प्रदेश के किसी भौगोलिक क्षेत्र के नाम निर्दिष्ट ग्रामों के समूह जहां नीति के प्रयोजन के लिए चिन्हित फसलों को खुले खेत में एवं संरक्षित संरचनाओं में उत्पादन तथा उत्पादन संवर्धन गतिविधियों को प्रोत्साहित- किया जा सकेगा. आगे नीति में इसे क्लस्टर के नाम से संबोधित किया गया है.

3.3 हार्टीकल्चर फसलों से तात्पर्य है- फल, फूल , सब्जी, औषधीय पौधे एवं मसाले.

3.4 मण्डी अधिनियम से तात्पर्य है- मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम , 1972 एवं उसमें समय- समय पर किये गये संशोधन.

3.5 कृषक संघ से आशय है- ऐसे कृषकों का समूह जो उद्यानिकी फसल लगाने में रुचि रखते हों तथा इस फसल के विपणन के लिये संगठित होने के लिये इच्छुक हों.

3.6 मध्यप्रदेश राज्य उद्यानिकी मिशन समिति से तात्पर्य है- राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन के कार्यों को संपादित करने के लिये मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के तहत गठित की गई सोसायटी.

3156

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

4. हब की अवधारणा.- प्रदेश में उद्यानिकी फसलों का रकबा कृषि फसलों की तुलना में अत्याधिक कम है . उद्यानिकी फसल एवं उत्पादन नश्वर प्रकृति के होते हैं तथा जहां एक ओर खेतों से उपभोक्ताओं तक समय- सीमा में उत्पादों को पहुंचाने की आवश्यकता होती है वहीं दूसरी और किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाना भी आवश्यक होता है. पर्याप्त मात्रा में उद्यानिकी उत्पाद उपलब्ध कराने की दृष्टि से कृषकों के भौगोलिक क्षेत्र के समूह को क्लस्टर के रूप में संगठित किया जायेगा. क्लस्टर में उत्पादित होने वाले उत्पादों के लिये फसलोत्तर प्रबंधन की प्रक्रियाओं जैसे ग्रेडिंग , सार्टिंग , वैक्सिंग एवं पैकिंग , बाजार तथा क्लस्टर में ली जाने वाली फसलों की आवश्यकता अनुसार तकनीक, प्लांटिंग मटेरीयल इत्यादि की उपलब्धता क्लस्टर क्षेत्र के निकट निश्चित स्थानों को हब के रूप में विकसित किया जायेगा. हब में उत्पादनों के उत्पादन एवं प्रसंस्करण से संबंधित सुविधाएं स्थापित करने के लिये उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाएगा एवं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर राज्य शासन द्वारा क्रियान्वित विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत सहायता उपलब्ध कराई जायेगी.

5. हब में शामिल किये जाने वाली गतिविधियां. - हब में सामूहिक गतिविधियों /सुविधाओं जैसे- सिंचाई हेतु पानी , ओव्हर हेड टैंक, निरन्तर विद्युत आपूर्ति, सड़क,. पैक हाउस, प्री - कूलिंग यूनिट, मल्टी चेम्बर कोल्ड स्टोरेज , रेफ्रिजरेटेड वैन एवं अन्य आनुषांगिक संरचना जो क्लस्टर की आवश्यकताओं पर आधारित होगी स्थापित की जा सकेगी . हब में भूमि/ प्लाट सुविधा हेतु अधोसंरचना को धारित करने वाले उद्यमी को कृषक का दर्जा दिया जा सकेगा. विपणन आधारित अधोसंरचनाओं की स्थापना के लिये मण्डी बोर्ड/मण्डी समितियों का भी सहयोग लिया जायेगा. संरक्षित खेती के लिये संभावित क्षेत्रों में विशेष कर बड़े शहरों के आस - पास उद्यानिकी फसलों के उत्पादन , विपणन एवं प्रसंस्करण के लिये हार्टीकल्चर हब स्थापित किये जायेंगे . हब के अन्दर यदि कोई कृषक या उद्यमी संरक्षित खेती करना चाहता है तो उसे बढ़ावा दिया जायेगा.

6. हब.- संभाव्यताओं का आंकलन ( फिजिबिलिटी स्टडी) एवं चयन की प्रक्रिया. क्लस्टर्स में उत्पादित फसलों के विपणन/प्रसंस्करण के लिये क्लस्टर्स के आस - पास अथवा क्लस्टर में हार्टीकल्चर हब की स्थापना के लिये स्थान चिन्हित करने के लिये संचालक, उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी के अधीन एक एच -2 प्रकोष्ठ गठित किया जायेगा, जिसमें निम्नानुसार अधिकारी होंगे :-

6.1 संचालक, उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी

[ भाग 1 6.2 संयुक्त संचालक, खाद्य प्रसंस्करण

6.3 संयुक्त संचालक, राज्य उद्यानिकी मिशन प्रबंध संचालक, कृषि उद्योग विकास निगम के प्रतिनिधि 6.4

उप संचालक, उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी 6.5

6.6 सलाहकार/विशेष आमंत्रित सदस्य.

प्रकोष्ठ द्वारा प्रक्षेत्र में हब निर्माण हेतु सूचीबद्ध विशेषज्ञ एजेंसी के माध्यम से फिजिबिलिटी स्टडी कराये जाने के उपरांत यह निर्धारित किया जायेगा कि उस क्षेत्र विशेष में हार्टीकल्चर हब बनाया जाना व्यवसायिक रूप से लाभप्रद है अथवा नहीं. फिजिबिलिटी स्टडी के आधार पर योग्य पाये गये स्थल पर , अथवा राज्य शासन द्वारा इस संबंध में लिये गये निर्णय अनुसार हब की परियोजना में प्रावधानित की गई अधोसंरचनाओं की स्थापना के लिये संचालक, उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी द्वारा आदेश जारी किये जायेगें. राज्य सासन द्वारा प्रारंभिक दौर में कुछ विशिष्ट स्थानों पर जहां पर उद्यानिकी फसलों की संभावना उपलब्ध है कुछ हबों की स्थापना का त्वरित निर्णय लिया जा सकेगा.

7. क्लस्टर की अवधारणा.- क्लस्टर उत्पादन एवं क्षेत्रफल पर आधारित होंगे . कृषि/उद्यानिकी फसलों के लिये ऐसे ग्रामों / ग्रामीण क्षेत्रों का चिन्हांकन किया जायेगा जहां से निकटस्थ नगरों के बाजरों तथा यातायात सुविधा के माध्यम से अन्य बाजारों तक उद्यानिकी उत्पादनों को पहुंचाया जा सकेगा. ग्रामों के समूह/समूहों, जो एक जिला अथवा विकासखण्ड में या एक से अधिक जिलों/ विकासखण्डों में स्थित हों तथा भौगोलिक दृष्टि से यथासंभव एक दूसरे से लगे अथवा निकटस्थ हों, को कलस्टर के रूप में चिन्हित किया जा सकेगा . इन क्लस्टर्स के अन्तर्गत अधिसूचित ग्रामों के कृषक तथा इच्छुक उद्यमी खुले खेत में फसल लेने अथवा संरक्षित संरचनाओं में या दोनों में उत्पादन तथा उत्पाद संवर्धन गतिविधियां करने के लिये स्वतंत्र रहेंगे .

8. क्लस्टर की चयन प्रक्रिया :-

8.1 15-20 कृषकों, जिनका सम्मिलित रकबा 20 हेक्टेयर या अधिक होगा, को मिलाकर एक कृषक समूह गठित किया जयेगा. इस प्रकार के कृषक समूहों, जिनका सम्मिलित क्षेत्रफल 500 हेक्टेयर या उससे भाग 1 ]

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अधिक होगा, को सामान्यतः एक क्लस्टर के रूप में परिभाषित किया जायेगा.

8.2 एक या एकसे अधिक उद्यानिकी फसलों जैसे- फल , फूल, सब्जियों, मसाले अथवा औषधीय पौधे की समस्त किस्मों का क्लस्टर हो सकता है . वर्तमान उत्पादन तथा भावी संभावनाओं को दृष्टिगत रख कृषकों की अभिरूचि को देखते हुये फसलों को अधिसूचित किया जायेगा. एक जैसी उद्यानिकी फसलों को प्राथमिकता दी जायेगी , परन्तु सहक्रियता ( synergy ) होने की स्थिति में एक कलस्टर में एक से अधिक उद्यानिकी फसलें भी ली जा सकेंगी .

8.3 एक क्लस्टर में उद्यानिकी फसल जैसे- फल, औषधीय पौध उत्पाद, सब्जी, फूल इत्यादि पर आधारित कृषक उत्पादक संघ का गठन सूचीबद्ध एजेंसी की सेवाएं प्राप्त कर बनाया जायेगा. कृषक उत्पादक संघ को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश क्रमांक 2671/पी.ए./पी.एस/ पी.एस.आर.डी./ 11 , दिनांक 21-10-2011 के अनुसार अनुदान एवं सहायता प्रदान की जा सकेगी.

9. विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करना.- हब में एवं क्लस्टर के चयन उपरांत तथा कंडिका -6 में दी गई प्रक्रिया के अनुसार तैयार की गई फीजिबिलिटी स्टडी के अनुमोदन उपरांत विशेषज्ञों के माध्यम से विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कराया जायेगा. उपरोक्त विस्तृत परियोजान प्रतिवेदन कंडिका 10 में दी गई समिति से अनुमोदित कराया जायेगा.

10. विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन के अनुमोदन के लिये समिति का गठन :-

10.1 कंडिका-9 में उल्लेखित विस्तृत परियोजा प्रतिवेदन निम्नानुसार साधिकार समिति को प्रस्तुत किया जायेगा. समिति का स्वरूप निम्नानुसार होगा :-

अध्यक्ष 1. मुख्य सचिव

उपाध्यक्ष 2. कृषि उत्पादन आयुक्त

सदस्य 3. प्रमुख सचिव, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण.

सदस्य 4. प्रमुख सचिव, वित्त/वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार/ग्रामोद्योग/ वाणिज्यिक कर/ श्रम/ऊर्जा/किसान कल्याण एवं कृषि विकास.

5.

सदस्य प्रबंध संचालक, एम.पी. एग्रो/ ट्राईफेक/एम.पी.एस.ए.आई.डी.सी. / मण्डी बोर्ड .

विशेष आमंत्रित सदस्य.

6. उद्योग संघ के प्रतिनिधि सी.आई.आई. /पी.एच.डी. चैम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज/म.प्र. फेडरेशन ऑफ चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज/अन्य कोई व्यक्ति/ संस्था अध्यक्ष से अनुमोदन उपरांत.

सदस्य 7. राज्य समन्वयक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति.

सदस्य- सचिव.

8. संचालक उद्यानिकी एवं मिशन संचालक, स्टेट मिशन ऑन फूड प्रोसेसिंग.

10.2 कंडिका क्रमांक 10.1 में दर्शायी गई समिति विचारोपरांत विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन पर अनुमोदन प्रदान करेगी जिसके उपरांत उद्यानिकी विभाग इस संबंध में आदेश जारी कर सकेगा. भविष्य में आंकलन एवं आवश्यकताओं को देखते हुये कलस्टर के क्षेत्रफल एवं लाभांवित ग्रामों की संख्या को परिवर्तित करने के लिये विभाग सक्षम होगा.

10.3 समिति उद्योग निति एवं खाद्य प्रसंस्करण के तहत उपलब्ध छूट / सुविधा प्रदाय करने के लिये सक्षम होगी .

11. प्रदेश स्तर पर हब क्रियान्वयन हेतु अमले की व्यवस्था.- प्रदेश स्तर पर संचालनालय , उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी में गठित प्रकोष्ठ में हब के क्रियान्वयन के लिये निम्नलिखित सलाहकार संविदा पर नियुक्त किये जा सकेंगे : -

11.1 क्लस्टर/हब के चयन के लिये सलाहकार प्रबंधन क्षेत्र से होंगे . क्लस्टर/हब के चिन्हांकन तथा स्थापना का कार्य समन्वय संबंधी समस्त कार्य तथा क्लस्टर में व्यावसायिक उद्यानिकी को विकसित करने के कार्य इनके दायित्वों, सम्मिलित होगा.

11.2 तकनीकी विशेषज्ञ सलाहकार जो परियोजना से जुड़ें कार्य जैसे हब ( एच -2 ) के अन्तर्गत विभिन्न अधोसंरचना जैसे कोल्ड चेन , कोल्ड स्टोरेज, संरक्षित खेती की संरचनाएं इत्यादि के तकनीकी पहलुओं एवं उनकी स्थापना का कार्य देखेंगे.

3158

11.3 सलाहकार वित्तीय प्रबंधन जो समस्त वित्तीय प्रबंधन से संबधित कार्य निष्पादित करेंगे .

11.4 साधिकार समिति सलाहकारों की संख्या, शैक्षणिक योग्यता, वेतन/ भत्ते के बारे में निर्णय लेने के लिये सक्षम होगी.

12. हब की स्थापना एवं संचालन.- प्रत्येक हार्टीकल्चर हब मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 के अन्तर्गत पंजीकृत सोसायटी होगी . प्रत्येक सोसायटी के अध्यक्ष , संचालक, उद्यानिकी होंगे . हब के संचालन के लिये प्रबंधन के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले निम्नानुसार अमले को संविदा के आधार पर नियुक्त किया जा सकेगा :-

12.1 मुख्य कार्यपालन अधिकारी ( सी.ई.ओ. ). - प्रत्येक पंजीकृत सोसायटी का प्रभारी एक मुख्य कार्यपालन अधिकारी होगा . हब तथा क्लस्टर में व्यवसायिक उद्यानिकी के विकास का संपूर्ण दायित्व सी.ई.ओ. का होगा. सोसायटी के अन्य अमले पर सी.ई.ओ. का पूर्ण नियंत्रण होगा. हब के क्रियान्वयन के लिए उत्पादन योजना बनाना, योजना के वित्तीय प्रबंधन हेतु विभिन्न विभागों से समन्वय सुनिश्चित करना सी.ई.ओ. के दायित्व होंगे . सी.ई.ओ. संचालक, उद्यानिकी के प्रशासकीय नियंत्रण में कार्य करेंगे.

12.2 परियोजना समन्वयक उत्पादन. उत्पादन क्लस्टर में कृषक उत्पादक समूहों से समन्वय स्थापित कर विपणन एवं प्रसंस्करण के लिये आवश्यक फसल उत्पाद का उत्पादन कराना, तकनीकी ज्ञान का कृषक समूहों के मध्य प्रशिक्षण के माध्यम से विस्तार करना. तथा कृषकों में उद्यमिता विकास की भावना जागृत कराना इनके दायित्व होंगे .

12.3 परियोजना समन्वयक तकनीकी एवं फसलोत्तर प्रबंधन.- फसलोत्तर प्रबंधन की योजना बनाना, प्रसंस्करण , विपणन के लक्ष्यों की प्राप्ति करना, विपणन के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु कृषक उत्पादक समूहों के लिए व्यापारियों से अग्रणि लिंकेजेस स्थापित करना, परियोजना में सम्मिलित विभिन्न घटकों में समन्वय करना इत्यादि कार्यों में शामिल होगा.

12.4 प्रबंधक , वित्त/लेखा. - हब के वित्त/लेखा से संबंधित समस्त कार्यों को संपादित करेंगे .

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[ भाग 1 12.5 कार्यालय सहायक सह डाटा एंट्री ऑपरेटर. - 2 पद- हब के अभिलेखों का रख - रखाव , कम्प्यूटर * टंकण , डाटा एंट्री कर विश्लेषण करना, इत्यादि.

12.6 भृत्य. - 2 पद- हब के अभिलेखों/नस्तियों की सुरक्षा करना, नस्तियों को हब प्रभारी एवं अन्य समन्वयक तक पहुंचाना एवं वापस लाना, अतिथियों के स्वागत की व्यवस्था करना इत्यादि.

12.7 हब के संचालन के लिये आवश्यक अमले की संख्या, शैक्षणिक योग्यता, सेवा की शर्तें एवं नियुक्ति की प्रक्रिया एवं वित्त की व्यवस्था के बारे में साधिकार समिति द्वारा निर्णय लिया जायेगा.

13. हब की स्थापना के लिये भूमि की व्यवस्था.-चिन्हित हब जिनकी विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन का अनुमोदन साधिकार समिति द्वारा किया जा चुका है को उपलब्ध शासकीय भूमि में से परियोजना प्रतिवेदन की आवश्यता अनुसार शासकीय भूमि आवंटित की जा सकेगी . निजी भूमि पर भी हब की स्थापना की जा सकेगी .

14. निजी निवेशक द्वारा हब की स्थापना.- निजी निवेशकों द्वारा स्वयं क्रय की गई भूमि पर हब की स्थापना की जा सकेगी . निवेशकों द्वारा निजी भूमि के स्वामित्व एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन के साधिकार समिति के अनुमोदन एवं शासन के अन्य किसी प्रचलित नियमों के अंतर्गत अनुमति प्राप्ति उपरांत हब स्थापना की अनुमति दी जा सकेगी. हब के लिये आवश्यकता भौतिक अधोसंरचना जैसे- बिजली, सड़क, पानी आदि उपलब्ध कराने के लिये यथासंभव सहायता प्रदान की जासकेगी.

14.1 प्रदेश की उद्योग संवर्धन नीति, 2010 तथा मध्यप्रदेश राज्य खाद्य प्रसंस्करण नीति, 2008 के तहत् उपलब्ध छूट/ सुविधाएं निजी निवेशकों द्वारा बनाये गये हब को प्राप्त हो सकेंगे जिसके लिये पृथक से निर्देश जारी किये जायेंगे . निजी निवेशक द्वारा स्थापित हब के लिये कंडिका-12 में उल्लिखित पंजीकृत सोसायटी के अध्यक्ष निजी निवेशक द्वारा नामनिर्दिष्ट व्यक्ति होंगे .

15. पी. पी. पी. अंतर्गत हब की स्थापना एवं संचालन की व्यवस्था.- मध्यप्रदेश राज्य उद्यानिकी मिशन समिति द्वारा शासकीय भूमि पर हब के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन विभागीय बजट से तैयार कराया जाकर साधिकार समिति से अनुमोदन उपरांत निविदा के माध्यम से योग्य कंसेशनर का चयन कर कंसेशन एग्रीमेंट का निष्पादन कर परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी जायेगी .

16. वित्तीय सहायता. बड़े पैमाने पर उत्पादित उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र में फसलोत्तर प्रबंधन हेतु श्रेणीकरण/मानकीकरण एवं प्रसंस्करण भाग 1 ]

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की सुविधाओं को विकसित करने के लिये केन्द्र शासन एवं राज्य शासन द्वारा संचालित सहायता योजनाओं के अंतर्गत प्राथमिकता से सहायता प्रदान की जायेगी.

17. ब्रांडिंग एवं विपणन में सहयोग. क्लस्टर तथा हब के लिए चिन्हित फसलों के विपणन तथा ब्रांडिंग के लिये सहयोग दिया जायेगा.

18. अनुश्रवण एवं मूल्यांकन. - विभाग द्वारा समय - समय पर इम्पेक्ट असेसमेंट एवं मूल्यांकन स्वतंत्र एजेंसी से कराया जा सकेगा .

19. उक्त नीति के क्रियान्वयन हेतु आवश्यकतानुसार समय - समय पर निर्देश जारी किये जा सकेंगे.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. स्वाई, प्रमुख सचिव.

गृह विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 7 अगस्त 2012

क्र. एफ. 1 ( ए ) -43-08- ब- 2-दो. श्री अनुराग, भा.पु.से. , पुलिस अधीक्षक, हरदा को At a 9245 POST BLAST INVESTIGATION ( PBI ) AT MOYOCK , NORTH CAROLINA , USA में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मिलित होने हेतु दिनांक 23 जुलाई 2012 से 10 अगस्त 2012 तक एवं केरोलिना, यू. एस. ए. में प्रशिक्षण उपरान्त दिनांक 11 अगस्त 2012से दिनांक 17 अगस्त 2012 तक कुल सात दिवस का अर्जित अवकाश ( Ex - India ) , निम्नलिखित शर्तों के तहत् स्वीकृत किया जाता है:-

1. विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला व्यय वे स्वयं वहन करेंगे , राज्य शासन नहीं.

2. विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य (Hospitality ) स्वीकार नहीं करेंगे.

3. विदेश में कोई ( Assignment ) नहीं लेंगे.

( 3 ) उक्त अवकाश अवधि में श्री अनुराग , भा. पु. से. , पुलिस अधीक्षक, हरदा का कार्य श्री आलोक सिंह , रा. पु, से. , अति. पुलिस अधीक्षक, हरदा द्वारा अपने कार्यों के साथ- साथ सम्पादित किया जायेगा..

(4) अवकाश से लौटने पर श्री अनुराग, भा. पु. से. को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस अधीक्षक, हरदा के पद पर पुनः पदस्थकिया जाता है .

3159 (5 ) श्री अनुराग , भा. पु. से. , द्वारा पुलिस अधीक्षक, हरदा का कार्यभार ग्रहण करने के फलस्वरूप उपर्युक्त कंडिका-3 में उल्लेखित अधिकारी पुलिस अधीक्षक , हरदा के अतिरिक्त कार्यभार से स्वतः कार्यमुक्तमाने जायेंगे.

(6) अवकाशकाल में श्री अनुराग , भा. पु. से. , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(7 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अनुराग , भा. पु. से. , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

क्र. एफ. 1 ( ए) -400-88- ब- 2-दो. श्री पुरूषोत्तम शर्मा , भा.पु.से. , अति. पुलिस महानिदेशक ( पु.सु./सा.पु. ) पु. मु. , भोपाल को दिनांक 13 से 17 अगस्त 2012 तक कुल पांच दिवस का अर्जित अवकाश, दिनांक 11 , 12 , 18 , 19 एवं 20 अगस्त 2012 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है . 1

(2) अवकाशकाल में श्री पुरूषोत्तम शर्मा , भा. पु. से. , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री पुरूषोत्तम शर्मा भा. पु. से. , उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

भोपाल , दिनांक 8 अगस्त 2012

क्र. एफ. 1-96-2012- ब- 2- दो. राज्य शासन श्री पी . एम. मोहन, भा. पु. से . ( 1987 ) , अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक , पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा प्रस्तुत आवेदन - पत्र दिनांक 6 जुलाई 2012/ 6 अगस्त 2012 के तारतम्य में अखिल भारतीय सेवाएं ( मृत्यु- सह - सेवानिवृत्ति प्रसुविधाएं ) नियमावली, 1958 के नियम 16 (2 ) के परन्तुक के प्रावधानों के अंतर्गत स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए निर्धारित 3 माह के पूर्व नोटिस की शर्त को एतद्वारा शिथिल करते हुए, श्री पी . एम. मोहन, भा. पु. से. ( 1987 ) को, भारतीय पुलिस सेवा से दिनांक 9 अगस्त 2012 पूर्वाह्न से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने की स्वीकृति प्रदान करता है .

तद्नुसार श्री पी . एम . मोहन, भा. पु. से . ( 1987 ) भारतीय पुलिस सेवा से दिनांक 9 अगस्त 2012 ( पूर्वाह्न ) से स्वैच्छिक आधार पर सेवानिवृत्त होंगे.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, इन्द्रनील शंकर दाणी, अपर मुख्य सचिव.

3160

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 13 अगस्त 2012

क्र. एफ. 3-163-2012- बत्तीस. मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 13 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत राज्य शासन, एतद्वारा इस अधिनियम के प्रयोजन के लिए गोहद निवेश क्षेत्र में आवास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्र. 1244-923- बत्तीस-76, भोपाल , दिनांक 7 अप्रैल , 1976 की सीमाओं में परिवर्तन करती है , जिसकी पुनरीक्षित सीमायें निम्न अनुसूची में परिनिश्चत की गई है :-

अनुसूची

गोहद: पुनरीक्षित निवेश क्षेत्र की सीमाएं-

1. उत्तर में- ग्राम पहाड़, गोहदी एवं कोहद की उत्तरी सीमा तक.

2. पूर्व में ग्राम बड़ा बाजार एवं रमनपुरा की पूर्वी सीमा तक.

3. दक्षिण में ग्राम खेरियां रायज, नावली , छीमका की दक्षिण सीमा तक.

4. पश्चिम में- ग्राम छीमका एवं तेहरा की पश्चिमी सीमा तक.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वर्षा नावलेकर, उपसचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 14 अगस्त 2012

फा. क्र. 1 - बी- 24-04- इक्कीस ब(दो ) . - राज्य शासन, इस विभाग का समसंख्यक आदेश दिनांक 27 जून 2007 के द्वारा श्री भरत सिंह मैनवे, शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक, जिला छिन्दवाड़ा को नियुक्त किया गया था.

श्री भरत सिंह मैनवे, शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक, जिला छिन्दवाड़ा को उनका कार्य एवं आचरण शासकीय अधिवक्ता के पद के अनुरूप नहीं होने से विधि विभाग नियमावली के नियम 19 के अनुसार बिना किसी पूर्व सूचना के आदेश जारी होने के दिनांक से तत्काल पदमुक्त करता है .

[ भाग 1 फा. क्र. 1 - अ- 3-03- इक्कीस- ब( दो ) .- राज्य शासन , एतद्वारा , महाधिवक्ता, कार्यालय जबलपुर, इन्दौर एवं ग्वालियर में पदस्थ निम्नलिखित अतिरिक्त महाधिवक्ता, उप महाधिवक्ता, शासकीय ' अधिवक्ता, उप शासकीय अधिवक्ता जिनका कार्यकाल दिनांक 15 अगस्त 2012 तक का था, के कार्यकाल में एतद्वारा दिनांक 16 अगस्त 2012 से 15 सितम्बर 2012 तक की वृद्धि करता है.

महाधिवक्ता कार्यालय , जबलपुर में पदस्थ विधि अधिकारीगण

पद

क्रमांक

(1)

अधिवक्ता का नाम (2)

(3)

गत नियुक्ति दिनांक (4)

15-7-2011 1. श्री प्रशांत सिंह अतिरिक्त महाधिवक्ता.

15-7-2011

उप महाधिवक्ता

2. श्री कुमरेश पाठक

उप महाधिवक्ता 15-7-2011 3 . श्री पुरूषेन्द्र कौरव

15-7-2011

उप महाधिवक्ता

4. श्री राहुल जैन

15-7-2011

शास. अधिवक्ता

5. श्री सुदेश वर्मा

15-7-2011

शास . अधिवक्ता

6. श्री रोहणी प्रसाद तिवारी .

शास. अधिवक्ता 15-7-2011 7. श्री विवेक अग्रवाल

15-7-2011

शास. अधिवक्ता

8. श्रीमती शीतल दुबे

शास . अधिवक्ता 15-7-2011 9. श्री उमेश पाण्डे

15-7-2011

शास . अधिवक्ता

10. श्री एस. के. कश्यप

15-7-2011 11. श्री एस . एस. बिसेन शास. अधिवक्ता

15-7-2011 12. श्री अशोक चौरसिया शास . अधिवक्ता

15-7-2011 13. श्रीमती निर्मला नायक शास. अधिवक्ता

शास . अधिवक्ता 15-7-2011 14. श्री शिवमोहनलाल

15-7-2011 15. श्री राहुल कुमार जैन शास. अधिवक्ता पुत्र श्री जिनेन्द्र कुमार जैन.

15-7-2011 16. श्री पियुष धर्माधिकारी शास. अधिवक्ता

शास. अधिवक्ता 15-7-2011 17. श्री योगेश दांडे भाग 1 ]

3161

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

अति. महाधिवक्ता कार्यालय , इन्दौर में पदस्थ विधि अधिकारीगण

पद

क्रमांक अधिवक्ताका नाम

(2)

(3)

(1)

गत नियुक्ति दिनांक (4) 1. श्री मनोज द्विवेदी

15-7-2011

अति. महाधिवक्ता

2 . श्री बनवारीलाल यादव उप महाधिवक्ता 15-7-2011- 3. श्री दीपक रावल

15-7-2011

शास. अधिवक्ता

शास. अधिवक्ता

4. श्री शिवदत्त बोहरा

15-7-2011

15-7-2011 5. श्री सी. एस. कर्णिक शास. अधिवक्ता

शास. अधिवक्ता 15-7-2011 6. श्री मुकेश परवाल

1

7. श्री प्रमोद मीठा शास. अधिवक्ता 15-7-2011

शास. अधिवक्ता 15-7-2011 8. श्री भुवन देशमुख

15-7-2011 9. श्री रघुवीर सिंह चौहान शास. अधिवक्ता

15-7-2011 10. श्री लड्डूलाल शर्मा उप शास . अधिवक्ता

15-7-2011 11. श्री राघवेन्द्र सिंह बैस उप शास.

महाधिवक्ता.

अति. महाधिवक्ता कार्यालय , ग्वालियर में पदस्थ विधि अधिकारीगण

पद

क्रमांक

गत नियुक्ति दिनांक अधिवक्ताका नाम (2)

(1)

(3)

(4)

15-7-2011

अति. महाधिवक्ता

1. श्री एम. पी. एस. रघुवंशी.

2. उप महाधिवक्ता 15-7-2011 श्री विवेक खेड़कर

श्री आर. पी. राठी

15-7-2011 3.

शास . अधिवक्ता

शास. अधिवक्ता 15-7-2011 4. श्री मुकुन्द भारद्वाज

15-7-2011 5. श्री प्रवीण निवासकर शास . अधिवक्ता

15-7-2011 6. श्रीमती निधी पाटनकर शास . अधिवक्ता

15-7-2011 7. श्री प्रवल प्रताप सोलंकी शास . अधिवक्ता

शास . अधिवक्ता 15-7-2011 8. श्री राघवेन्द्र दीक्षित

शास. अधिवक्ता 15-7-2011 9. श्री बी. के. शर्मा

15-7-2011 10. श्री भगवान राज पांडे शास . अधिवक्ता

15-7-2011 11 . श्री प्रमोद पचौरी

उप शास. अधिवक्ता

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अनिल वर्मा , सचिव .

विभाग प्रमुखों के आदेश

आर. सी. वी. पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी मध्यप्रदेश , भोपाल

(विभागीय परीक्षा प्रकोष्ठ) भोपाल , दिनांक 8 अगस्त 2012

क्र.6244-2188 - वपप्र-2012.- राज्य शासन द्वारा वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 9 अप्रैल 2012 को प्रश्नपत्र- विधि तथा प्रक्रिया ( केवल नियमों की पुस्तकों सहित ) विषय में सम्पन्न हुई थी , में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है:-

अनुक्रमांक (1)

परीक्षार्थी का नाम (2)

पदनाम (3)

उच्चस्तर भोपाल संभाग

1 . श्री अनिल यादव

कराधान सहायक (1)

(2)

(3) 2. श्रीमती नेहा आर्मी

कराधान सहायक

कराधान सहायक 3. सुश्री अभिलाषा काले

कराधान सहायक 4. कु . पूर्णिमा काजले

कराधान सहायक 5. कु. कंचन लता निरापूरे

कराधान सहायक 6 . कु. मौसमी नेमा

कराधान सहायक 7. श्री सेतु सिंह

वाणिज्यिक कर अधिकारी 8. श्री निर्मल कुमार परिहार

वाणिज्यिक कर अधिकारी 9. श्री जीवन सिंह रजक

10. श्री संतोष कतरौलिया

वाणिज्यिक कर अधिकारी 11 . श्री कमल कान्त मणि

वाणिज्यिक कर अधिकारी 12. कु. सरिता भगत

सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी.

13.

वाणिज्यिक कर अधिकारी श्री राजेश कुमार परिहार

जबलपुर संभाग

वाणिज्यिक कर निरीक्षक 14 . श्री दिगम्बर प्रसाद दशारिये

कराधान सहायक 15. श्री अजीत कुमार राय

कराधान सहायक 16. श्रीमती उर्मिला लाल 3162

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

(1)

(2)

(3) 17.

वाणिज्यिक कर निरीक्षक श्री अनुराग ताम्रकार

कराधान सहायक 18. कु. ज्योती सोनी

वाणिज्यिक कर निरीक्षक 19. कु. सविता पाटिल

20. श्रीमती रश्मि उपवंशी

वाणिज्यिक कर निरीक्षक

कराधान सहायक 21. कु. बबीता सोंधीया

कराधान सहायक 22. श्री विकास भारद्वाज

कराधान सहायक 23. कु. अल्का कोष्टा

सहायक वाणिज्यिक कर 24. कु. ज्योसना ठाकुर

अधिकारी.

ग्वालियर संभाग

कराधान सहायक 25. श्रीमती बीनू तोमर

26. श्रीमती संपदा श्रीवास्तव

कराधान सहायक

कराधान सहायक 27. कु. चितिमंजूषा गर्ग

28. श्री नीतेश अग्रवाल

कराधान सहायक

कराधान सहायक 29. कु. ललिता ग्रर्ग

कराधान सहायक 30. कुः पिंकी घंघोरिया

31.

कराधान सहायक ( सश्रेय) श्री वीरेन्द्र कुमार सेन

32 . श्री विजय श्रीवास्तव

कराधान सहायक ( सश्रेय ) 33.

कराधान सहायक श्री प्रमोद कुमार शर्मा

34.

कराधान सहायक श्री सुरेन्द्र कुमार गोस्वामी

35. श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह

कराधान सहायक

कराधान सहायक (सश्रेय) 36. श्री बृजेश कुमार प्रजापति

वाणिज्यिक कर अधिकारी 37. श्री सतेन्द्र कुमार चौरसिया

(सश्रेय) .

वाणिज्यिक कर अधिकारी 38. श्री गुरमित सिंह वाधवा

कराधान सहायक 39. श्री मुदित अग्रवाल

40. श्री वीरेन्द्र कौशल

कराधान सहायक 41. श्री कमलेश महदोरिया

कराधान सहायक

कराधान सहायक 42. कु. नीलम कठोरिया

कराधान सहायक 43. कु. दीपमाला सैनी

कराधान सहायक 44. कु. प्रतिभा किरन

कराधान सहायक 45. श्री शंकर जुमनानी

46. श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा

कराधान सहायक (सश्रेय )

इंदौर संभाग

कराधान सहायक 47. कु. पुष्पा निंबोरिया

कराधान सहायक 48. श्रीमती तृप्ति शाह

कराधान सहायक 49. कु. शर्मिला मीणा

कराधान सहायक 50. कु . मीनाक्षी वास्कले

कराधान सहायक 51 . कु. बबीता मरमट

कराधान सहायक 52. श्री प्रकाश कुमार अहिरवार

कराधान सहायक 53. श्री दिलीप कुमार गुप्ता

54. श्री मोहन कोठे

कराधान सहायक

कराधान सहायक 55. कु. अनुराधा चौहान

कराधान सहायक 56. श्रीमती आशा सुनहरे

57. श्रीमती अनिता वर्मा

कराधान सहायक 58. श्रीमती दीपिका नवलखे

कराधान सहायक (2)

(1)

(3)

कराधान सहायक 59. कु. अनविक्षा परमार

कराधान सहायक 60. कु. सरिता रावत

कराधान सहायक 61. श्री राजेन्द्र बडुल

कराधान सहायक 62. श्री भूपेन्द्र मण्डलोई

63. श्री राकेश जैन

कराधान सहायक

कराधान सहायक 64. श्री अजय कुमार पारस

वाणिज्यिक कर निरीक्षक 65. श्री दिलीप कुमार राठौर

वाणिज्यिक कर निरीक्षक 66. श्री सुनील कुमार गोगड़े

कराधान सहायक 67. श्री प्रवीण कुमार गंगारेकर

68. श्री मोहन ओसारी

सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी.

69. श्री भावसिंह राठौर

सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी.

वाणिज्यिक कर निरीक्षक 70. श्री संदीप नरें

71. श्री संतोष सोलंकी

कराधान सहायक

वाणिज्यिक कर निरीक्षक 72. श्री देवेन्द्र कुमार जुंगतावत

कराधान सहायक 73. श्री लोकेंश मीणा

कराधान सहायक 74. श्री जयपाल निरवाल

75. श्री देवीसिंह सोलंकी

कराधान सहायक

कराधान सहायक 76. श्री नर्मदा प्रसार इस्केल

77. श्री विनय रावत

सहायक वाणिज्यिक कर

अधिकारी.

78. श्रीमती संध्या सिलावट

वाणिज्यिक कर अधिकारी

वाणिज्यिक कर निरीक्षक 79. श्री लक्ष्मी प्रसाद पटेल

कराधान सहायक 80 . श्री बालमुकुन्द पंवार

81. श्री संजीव वर्मा

कराधान सहायक

कराधान सहायक 82. कु. टीना निंबोरिया

कराधान सहायक 83 . कु. रीना उईके

कराधान सहायक 84. कु. आशा वर्मा

कराधान सहायक 85. कु. सोनू जोरम

कराधान सहायकै 86 . श्रीमती ज्योति सिंह

कराधान सहायक 87. कु. उषा बड़ोले

कराधान सहायक 88. श्री राजेन्द्र सिंह डाबर

कराधान सहायक 89 . श्री राजेन्द्र श्रीवास्तव

कराधान सहायक 90. श्री कन्हैयालाल पाल

91. श्री कमल विजयवर्गीय

कराधान सहायक 92. श्री सतानंद सिंह आर्मो

कराधान सहायक

कराधान सहायक श्री केशव प्रसाद मर्सकोले

93.

कराधान सहायक 94. श्री रणछोड़ भावर

कराधान सहायक 95. कु. संगीता कटारा

96. श्री मेहताब सिंह

कराधान सहायक

कराधान सहायक 97. डॉ. विशाल महाजन

कराधान सहायक 98. डॉ. निलेश महाजन

कराधान सहायक 99. श्री धनसिंह डाबर

100. श्री राजकमल चौधरी

कराधान सहायक

कराधान सहायक 101. श्री राजेश कुमार जैन

102. श्री दीपक मांझी

कराधान सहायक

कराधान सहायक 103 . श्री लाखनसिंह सिसोदिया

104. श्री दीपक अग्रवाल

कराधान सहायक भाग 1 ]

3163

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

(1)

(2)

(3) 105. श्री राजेश कश्यप

कराधान सहायक 106. श्री योगेश मेहदेले

कराधान सहायक 107. श्रीमती आशा गीते

कराधान सहायक

कराधान सहायक 108. श्री लव कुमार ठाकुर

109. श्री शीतल सिंह अजनारिया

कराधान सहायक

वाणिज्यिक कर अधिकारी 110. सुश्री सपना पगारे

वाणिज्यिक कर अधिकारी 111. श्री सुनील बांगर

वाणिज्यिक कर अधिकारी 112 . श्री राघवेन्द्र रायसवाल

वाणिज्यिक कर अधिकारी 113. श्री युवराज पाटीदार

114. श्री मुकेश मोरी

सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी.

115. डॉ. विरेन्द्र मुजाल्दे

सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी .

116 . श्री नरेन्द्र मोरी

सहायक वाणिज्यिक कर

अधिकारी.

कराधान सहायक 117. सुश्री सीमा चौकसे

कराधान सहायक 118. सुश्री हेमलता सुनहरे

कराधान सहायक 119. कु. प्रियंका तोमर

120. श्रीमती तंरग श्रीवास्तव

वाणिज्यिक कर निरीक्षक

कराधान सहायक 121. कु. अंतिम दरडा

कराधान सहायक 122. श्री मुकेश परमार

कराधान सहायक 123. श्री राजेन्द्र कुमार बोरासी

124. श्री राजाराम कनौजे

कराधान सहायक

कराधान सहायक 125. श्री बृजकिशोर सिंह

निम्नस्तर

रीवा संभाग

सहायक वाणिज्यिक कर 01. डॉ. दिलीप कुमार सिंह

अधिकारी.

कराधान सहायक 02. श्री नरेश कुमार पाल

03. श्री शैलेन्द्र पाण्डेय

कराधान सहायक

कराधान सहायक 04. श्रीमती पूनम तिवारी

सागर संभाग

05. श्री शेख अनवर

कराधान सहायक

वाणिज्यिक कर निरीक्षक 06 . श्री विनोद कुमार शिल्पी

भोपाल संभाग

कराधान सहायक 07 . श्री शिव कुमार गुप्ता

कराधान सहायक 08. श्री राकेश कुमार पंवार

कराधान सहायक 09. श्री महेन्द्र कुमार चौकसे

10. श्री बलवन्त सिंह यादव

कराधान सहायक 11. श्री नवनीत शर्मा

कराधान सहायक 12. श्री वीरसिंह मैना

कराधान सहायक

कराधान सहायक 13. श्रीमती पूनम ठाकुर

14. श्रीमती मेघा शर्मा

कराधान सहायक (1)

(2)

(3)

कराधान सहायक 15. कु. नीलम गुप्ता

कराधान सहायक 16. कु. प्रीति धुर्वे

कराधान सहायक 17. कु. नसरीन खान

श्रीमती मौसमी राय

कराधान सहायक 18.

कराधान सहायक 19. कु. सीमा रघुवंशी

कराधान सहायक 20. कु. हेमलता उईके

21. श्री मानसिंह लोधी

कराधान सहायक

कराधान सहायक 22. श्री दीनदयाल धाकड़

कराधान सहायक 23. श्री विजय कुमार रघुवंशी

24. श्री सोमेश श्रीवास्तव

कराधान सहायक

कराधान सहायक 25. श्री नितिन कुमार विजये

26.

कराधान सहायक श्री सपन कुमार साहा

कराधान सहायक 27. श्री सतीश सूर्यवंशी

28. श्री अभिषेक मिश्रा

कराधान सहायक 29. श्री रत्नेश भदौरिया

कराधान सहायक 30. श्री जयश्री श्रीवास्तव

कराधान सहायक

जबलपुर संभाग

कराधान सहायक 31. श्री दिनेश कुमार दुबे

कराधान सहायक 32. कु. रूचि सराफ

श्री अलताफ अंसारी

33.

कराधान सहायक

कराधान सहायक 34. श्री रजनीश पाण्डेय

35.

कराधान सहायक श्री योगेश कुमार दुबे

कराधान सहायक 36. कु. सुनीता टेंभरे

कराधान सहायक 37. श्री देवेन्द्र कुमार नाग

कराधान सहायक 38. कु. मधुलिका ठाकुर

39 . श्री राजा अवधिया

कराधान सहायक 40. श्री रविन्द्र सिंह सेंगर

कराधान सहायक

ग्वालियर संभाग

वाणिज्यिक कर निरीक्षक 41. श्री दातारसिंह इकलोदिया

वाणिज्यिक कर निरीक्षक 42. श्री दामोदर धाकड़

वाणिज्यिक कर निरीक्षक 43. श्री सुरेन्द्र सिंह यादव

सहायक वाणिज्यिक कर 44. श्री पुष्पेन्द्र सिंह रावत

अधिकारी.

45.

कराधान सहायक श्री अरूण प्रतापसिंह भदौरिया

कराधान सहायक 46. श्री सनत कुमार जैन

इंदौर संभाग

कराधान सहायक 47. कु. चंचल अवासिया

कराधान सहायक 48. श्री संजय कुमार जायसवाल

वाणिज्यिक कर निरीक्षक 49. श्री प्रफुल्ल कुमार इंगले

कराधान सहायक 50. श्रीमती सुषमा निगंवाल

कराधान सहायक 51. कु. सुचित्रा अचाले

52. श्री कैलाश नरगाँवें

कराधान सहायक

कराधान सहायक 53. श्री सुमित डावर 3164

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

[ भाग 1 (2)

(1)

(3)

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग 54. डॉ. अर्चना अग्रवाल

कराधान सहायक

" निर्वाचन भवन " 55. श्रीमती लता जोशी

कराधान सहायक

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल , मध्यप्रदेश 56.

कराधान सहायक

श्रीमती रेणूका श्रीवास्तव

आदेश

57. डॉ. प्रेम परमार

कराधान सहायक

58.

वाणिज्यिक कर निरीक्षक

श्री सुरन्द्र सिंह रावत

भोपाल, दिनांक 13 अगस्त 2012 कराधान सहायक

59. कु. अलका बात्री

60.

कराधान सहायक

श्री सुदीप पाटीदार

61. श्री नारायण जामोद

कराधान सहायक

62. श्री विशाल ललावत

कराधान सहायक

63.

कराधान सहायक

श्री रतन सिंह सुनार

कराधान सहायक

64. कु. वर्षा पुर्विया

65.

कराधान सहायक

श्री संजय कुमार मीणा

66.

कराधान सहायक

श्री नवीन दुबे

67.

कराधान सहायक

श्री रविन्द्र सावनेर

J

68.

कराधान सहायक

श्री हितेन्द्र काशीकर

वाणिज्यिक कर निरीक्षक

69. सुश्री अनिता दुबे

70. श्री मंगेश वावगे

कराधान सहायक

71. श्री आनंद यादव

कराधान सहायक

क्र. एफ. 67-9-08-तीन- 1449.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से तीस दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

72.

कराधान सहायक

श्री महेन्द्र सिंह खोड़िया

सहायक वाणिज्यिक कर

73. श्री बाबूसिंह इस्के

अधिकारी.

74. श्रीमती रंजना जैन

सहायक वाणिज्यिक कर

अधिकारी.

75.

वाणिज्यिक कर निरीक्षक

श्री बृहस्पति सिंह

कु. उषा करोले

कराधान सहायक

76.

कराधान सहायक

77. कु. रागिनी अजमेरा

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी नगरपालिका के पास दाखिल किया जाएगा.

कराधान सहायक

78. कु. मीनाक्षी नागेन्द्र

79. श्री इन्दर सिंह चौहान

कराधान सहायक

80. श्री विपिन चौधरी

वाणिज्यिक कर निरीक्षक

81. श्री संदीप अग्रवाल

कराधान सहायक

वाणिज्यिक कर निरीक्षक

82. कु. ममता परिहार

83. श्री जगदीश चन्द्र मरमट

कराधान सहायक

कराधान सहायक

84. श्री सुशील राने

85. श्री महेन्द्र चौहान

कराधान सहायक

86 .

कराधान सहायक

श्री विष्णु कुमार बेघरवाल

कराधान सहायक

87. श्री चन्द्रेश कुमार गौड़

88.

वाणिज्यिक कर निरीक्षक

श्री सुभाष कुमार बुनकर

89 . श्री आशीष काबरा

कराधान सहायक

90. श्री मनोहर सोलंकी

कराधान सहायक

91. श्री जतन सिंह निगंवाल

कराधान सहायक

कराधान सहायक

92. श्री रोहिदास बालके

माह अप्रैल 2008 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत/नगर परिषद्, सांची जिला रायसेन के निर्वाचन में श्री प्रहलाद सिंह मेहरा , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगर पंचायत/नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 अप्रैल 2008 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन ( अर्थात् 17 मई 2008 तक किन्तु 17 एवं 18 मई को सार्वजनिक अवकाश होने से दिनांक 19 मई 2008 ) के अन्दर इनके द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी ( नगरपालिका) , जिला रायसेन के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( नगरपालिका) , रायसेन के पत्र क्र. 246 /स्था. निर्वा./ 08, दिनांक 23 मई 2008 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री प्रहलाद सिंह मेहरा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

कराधान सहायक

93. कु. शकुन्तला बामनिया

94. श्री सजन खत्री

कराधान सहायक

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( नगरपालिका ) , जिला रायसेन से प्राप्त होने पर श्री प्रहलाद सिंह मेहरा को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 9 जून 2008 जारी किया जाकर कलेक्टर मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अनुराग श्रीवास्तव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी.

भाग 1 ]

3165

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( नगरपालिका ) , जिला रायसेन के माध्यम से तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री प्रहलाद सिंह मेहरा से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा.

श्री प्रहलाद सिंह मेहरा को नोटिस दिनांक 26 जून 2008 को तामील कराया गया था. अतः उनको दिनांक 11 जुलाई 2008 तक अभ्यावेदन / उत्तर प्रस्तुत करना था. तामीली पश्चात् की जानकारी चाहे जाने पर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी , रायसेन ने अपने पत्र दिनांक 8 अगस्त 2008 में लेख किया कि श्री प्रहलाद सिंह मेहरा द्वारा कारण बताओ नोटिस के बाद भी आज दिनांक तक अपना निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है .

आयोग द्वारा दिनांक 30 मई 2012 को सूचना जारी कर अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 27 जून 2012 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया. सूचना- पत्र की तामीली दिनांक 14 जून 2012 को हो गई थी , किन्तु अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई की दिनांक 27 जून 2012 को उपस्थित नहीं हुए बल्कि वे विलंब से दिनांक 3 जुलाई 2012 को उपस्थित हुए. अभ्यर्थी द्वारा एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें लेखा- जोखा की रसीदें एवं बुक गुम होने के कारण लेखा समयावधि में जमा नहीं करवा पाने का लेख किया.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत् नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत् नहीं किये गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री प्रहलाद सिंह को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत/नगर परिषद्, सांची , जिला रायसेन का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(सुभाष जैन )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

कार्यालय, कुलाधिपति, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर राजभवन, भोपाल, दिनांक 17 अगस्त 2012 क्र. एफ- 1-2-12- रा.स. यू.ए. - 1-1359.-प्रो. विजय सिंह तोमर, कुलपति, राजमाता विजयाराजे सिंधिया, कृषि विश्वविद्यालय , ग्वालियर काविश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति के पद पर 4 वर्ष का कार्यकाल दिनांक 20 अगस्त 2012 को समाप्त हो रहा है. कुलपित पद के चयन की प्रक्रिया अभी जारी है .

(2 ) अतः , राजमाता विजयाराजे सिंधिया, कृषि विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 की धारा 15 की उपधारा ( 7 ) के प्रावधानान्तर्गत मैं , राम नरेश यादव , कुलाधिपति , राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय , ग्वालियर एतद्वारा डॉ. बी. एस. बघेल, अधिष्ठाता, कृषि संकाय, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर को दिनांक 21 अगस्त 2012 से नियमित कुलपति की नियुक्तिहोने तक कुलपति के पद का कार्य संपादित करने के लिए नामनिर्देशित करता हूं.

राम नरेश यादव , कुलाधिपति.

कार्यालय , राज्यपाल का सचिवालय, मध्यप्रदेश राजभवन , भोपाल, दिनांक 17 अगस्त, 2012 क्र. एफ- 1-1-12 - रा.स. यू.ए. 1-1361.- जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय अधिनियम , 1963 ( क्र. 12 सन् 1963 ) की धारा 15 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, महामहिम कुलाधिपति, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय , जबलपुर के द्वारा उक्त विश्वविद्यालय के नियमित कुलपति के पद पर नियुक्ति हेतु कम से कम तीन व्यक्तियों का पैनल अनुशंसित करने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की समिति नियुक्ति की गई है:-

1. डॉ. बी. एस. बिष्ट,

समिति के चेयर मेन

कुलाधिपतिजी द्वारा नामांकित.

कुलपति, जी.बी. पन्त यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एण्ड टेक्नालॉजी,

पंतनगर-263145 उत्तराखंड

समितिके

2. डॉ. पीतम चन्द्र,

सदस्य

निदेशक,

विश्वविद्यालय के प्रबंध बोर्ड द्वारा निर्वाचित.

केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, नबीबाग , बैरसिया रोड, भोपाल.

समिति के

3. कृषि उत्पादन आयुक्त,

मध्यप्रदेश , मंत्रालय , भोपाल. सदस्य

राज्य सरकार, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा नामांकित.

(2) महामहिम कुलाधिपति के द्वारा डॉ. बी. एस. बिष्ट को उक्त समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है .

(3 ) समिति इस अधिसूचना के प्रसारित होने की तिथि से छः सप्ताह की अवधि में पैनल प्रस्तुत करेगी.

कुलाधिपति, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के आदेशानुसार,

विनोद सेमवाल, राज्यपाल के प्रमुख सचिव.

3166

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

राज्य शासन के आदेश

कार्यालय , कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

पन्ना, दिनांक 20 जुलाई 2012

प्र. क्र. 141 - अ- 82- वर्ष 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का विवरण नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टेयर में) (1) (2)

(4)

(3)

पन्ना

पन्ना

बहेरा निजी भूमि 2.150 शासकीय भूमि 1.075 कुल : 3.225

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना.

(6.) सिरस्वाहा तालाब योजना अंतर्गत बांध निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 142 - अ - 82 - वर्ष 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

(1) (2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हैक्टेयर में) (4) पन्ना

पन्ना

इटवाखास निजी भूमि 267.075 शासकीय भूमि 31.113 कुल : 298.188

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , पन्ना.

सिरस्वाहा तालाब योजना अंतर्गत बांध निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, पन्ना के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, धनंजय सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3167 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला भोपाल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

भोपाल , दिनांक 3 अगस्त 2012

प्र. क्र. 2- भू.अ.- अ-82-12-13- सात-1.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलगन अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

लगभग क्षेत्रफल

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

नगर/ग्राम का नाम

खसरा नं.

तहसील/ तालुका

रकबा (हेक्टेयर में )

(1)

(2) (3)

(4)

(5)

(6) भोपाल

बरीं बगराज

0.769

सम्राट अशोक सागर जलाशय

कार्यपालन यंत्री,

बैरसिया/ भोपाल

102 104

0.134

का जल स्तर 1504 फिट

सम्राट अशोक सागर

122/2/2/2ख

0.093

संभाग क्र. -2, विदिशा. से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

"

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101/2

0.704

122/2/2/2क

0.089

"

"

103/2

0.757

113/2

1.328

"

"

_"_

103/1

0.194

113/1

0.350

114/2

1.582

120/2

0.772

122/1/2

0.243

105

0.344

106/1

1.800

"

_ "_

_"_

107/1/1

0.628

"

"

107/1/2

0.631

107/1/3

0.628

0.968

108 , 109 , 169/2

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112

0.640

0.109

119/2

114/1

2.558

115/2

0.032

120/1

0.522

"

"

117/2

0.117

119/1

0.032

"

"

_"_

0.040

122/2/2/1 3168

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

[ भाग 1 (1)

(4)

(2)

(3)

(5)

(6) _"_

_"_

_"_

124, 126/2/2/3 0.486

0.724

122/2/2/3

122/2/2/4

0.182

123/1

1.076

"

122/2/2/5

0.100

123/3

1.546

0.668

124, 126/1/4

"

123/2

1.310

0.259

124, 126/1/3

0.101

124, 126/2/2/4

0.190

124, 126/2/2/1 क

0.668

124, 126/1/2

0.618

124 , 126/2/2/2

"

0.498

124, 126/1/1 /1 क

0.833

124, 126/ 2/ 2/1 ख

"

"

"

0.417

124, 126/1/1 / 1 ख

"

"

"

0.478

82

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_"_

79/2

0.979

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0.064

133 , 134/2/1

"

_" _

0.226

133, 134/2/2

_"_

0.242

133, 134/2/3

कुल : 27.729

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसील बैरसिया, जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 4- भू.अ.-अ-82-11-12 - सात -1.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलगन अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

लगभग क्षेत्रफल

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

खसरा नं .

नगर/ग्राम का नाम

तहसील/ तालुका

रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(3)

(4)

(6)

(5)

(1) भोपाल

बगराज

1.500

सम्राट अशोक सागर जलाशय बैरसिया/ भोपाल

202/181/1 202/181/2/2

कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. - 2, विदिशा .

का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

3169 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

(1)

(2)

(6) (3)

(4)

(5)

_"_

_"_

_"_

173/1

0.258

_"_

_"_

_ "_

173/2

0.303

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_"_

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173/3

0.303

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0.566

173/4

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_"_

171/2

0.085

_" _

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88/2

1.000

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_ "_

_"_

184

0.906

कुल : 4.921

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसील बैरसिया, जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 5- भू.अ.- अ- 82-11-12- सात-1.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलगन अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल

तहसील/

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

खसरा नं.

नगर/ग्राम का नाम

तालुका

रकबा (हेक्टेयर में )

(1) (2)

(3)

(4)

(5)

(6) भोपाल

2.205

सम्राट अशोक सागर जलाशय बूधौर कला

कार्यपालन यंत्री,

बैरसिया/ भोपाल

17/2, 19, 20 201

सम्राट अशोक सागर का जल स्तर 1504 फिट 331/17

31/1

1.623

संभाग क्र. - 2 , विदिशा. से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

_"_

0.967

31/2, 38

"

"

0.360

16/2

कुल : 5.155

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व , तहसील बैरसिया, जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है .

प्र. क्र. 6 - भू.अ.-अ- 82-11-12- सात-1.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलगन अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये 3170

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

लगभग क्षेत्रफल

खसरा नं.

नगर/ग्राम का नाम

तहसील/ तालुका

रकबा (हेक्टेयर में)

(1) (2)

(3)

(4)

2.080

196/1

भोपाल बैरसिया/ भोपाल भैसखेड़ा

_"_

_"_

_"_

424/6

0.209

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424/8/1

0.209

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0.202

469/399/2

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284, 473/283/2/1 0.800

"

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204/2

1.303

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204/1

1.306

"

"

266/2

1.218

273

1.935

_"_

_"_

269

1.500

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. - 2 , विदिशा.

सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

J

कुल : 10.762

भूमि का नक्शा ( प्लान) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसील बैरसिया, जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है .

प्र. क्र. 7- भू.अ.-अ- 82-11-12- सात1. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलगन अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल

नगर/ग्राम का नाम

खसरा नं.

तहसील/ तालुका

रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

(3)

(4)

1.000

भोपाल बैरसिया/ भोपाल खैजडा बब्बर 143/2

_"_

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1.922

64, 65/2/2

1.214

60/2/2

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1.000

47/2/1

_"_

_"_

47/2/2

0.850 धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. - 2 , विदिशा.

सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

3171 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

(2)

(1)

(3)

(4)

(6)

(5)

भोपाल

खैजडा बब्बर 139 , 140 , 141 , 4.059 142/2/1 .

बैरसिया/ भोपाल

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1.214

139, 140, 141 , 142/2/3 .

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1.214

139 , 140 , 141 , 142/2/2 .

1.000

" 57, 58 , 353/57/ 1 क

0.938

" 57, 58 , 353/ 57/2क

1.822

57, 58 , 353/57/2ख

0.323

57, 58 , 353/57/ 1 ख

50

1.323

"

51/2

1.214

कुल : 19.093

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व , तहसील बैरसिया, जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 8 - भू.अ.-अ-82-11-12- सात 1. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलगन अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

लगभग क्षेत्रफल

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

नगर/ग्राम का नाम

खसरा नं .

तहसील/ तालुका

रकबा (हेक्टेयर में)

(1) (2)

(5)

(3)

(4)

(6) बैरसिया/ भोपाल ऊटखेड़ा

भोपाल

"

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199/1/3 90/1/1/5ख

1.500 0.809

कार्यपालन यंत्री , सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. - 2, विदिशा.

सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

कुल : 2.309

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसील बैरसिया, जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 9 - भू.अ.-अ-82-11-12- सात-1.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलगन अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता 3172

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012 .

[भाग 1 पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

अनुसूची

लगभग क्षेत्रफल

नगर/ग्राम का नाम

खसरा नं.

तहसील/ तालुका

(1)

(2) (3)

(4) भोपाल

36/1

बूधौरखुर्द

बैरसिया/ भोपाल

37/1/1 _"_

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37/1/2 _"_

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46, 47, 48/1/2 "

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52/2/1 _"_

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52/2/2 "

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45

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

रकबा (हेक्टेयर में)

(6) (5)

0.405

कार्यपालन यंत्री,

1.406

1.742

सम्राट अशोक सागर संभाग क्र. - 2, विदिशा.

सम्राट अशोक सागर जलाशय का जल स्तर 1504 फिट से 1508 फिट बढ़ाने हेतु.

1.500

1.918

1.914

1.000

कुल : 9.885

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व , तहसील बैरसिया, जिला भोपाल के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निकुंज कुमार श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बैतूल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

बैतूल, दिनांक 4 अगस्त 2012

प्र. क्र. 48 - अ- 82- वर्ष 2011-12 - भू- अर्जन-6753 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4)

पचधार

1.938 बैतूल मुलताई

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

पचधार जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. - 2 , बैतूल.

भाग 1 ]

3173

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , क्रमांक-2, बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .

(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई , जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

प्र. क्र. 50 - अ-82- वर्ष 2011-12- भू-अर्जन-6756 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(1)

(3)

(4)

मोरंड

0.664 मुलताई

बैतूल

(2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

छिंदवाड़ा जलाशय के नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन .

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. - 2 , बैतूल.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है .

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , क्रमांक -2 , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

( 4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .

बैतूल, दिनांक 13 अगस्त 2012

प्र. क्र. 52 - अ- 82- वर्ष 2011-12 - भू-अर्जन-7021 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4)

0.448 मुलताई

बैतूल

खड़आमला

(2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई.

खड़आमला जलाशय के बांध एवं नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है.

3174

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

[भाग 1 (3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .

प्र. क्र. 53 - अ-82- वर्ष 2011-12 - भू-अर्जन-7022 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

J

(2)

(3)

(4)

2.802

नागढाना

मुलताई

बैतूल

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

J

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, मुलताई.

देहगुड़ जलाशय की दांयी मुख्य नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

प्र. क्र. 54 - अ-82- वर्ष 2011-12 - भू-अर्जन-7023 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4)

1.836 बैतूल मुलताई मोहरखेड़ा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, मुलताई.

देहगुड़ जलाशय की दांयी मुख्य नहर निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन .

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, मुलताई के न्यायालय में देखा जा सकता है .

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .

(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

भाग 1 ]

3175

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

प्र. क्र. 55 - अ-82- वर्ष 2011-12 - भू-अर्जन-7024.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4) आमला बाबरबोह

40.181 बैतूल

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई के

(3)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, मुलताई.

बाबरबोह जलाशय एवं नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

न्यायालय में देखा जा सकता है .

J भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, मुलताई के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

(4) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , मुलताई, जिला बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. चंद्रशेखर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

झाबुआ, दिनांक 9 अगस्त 2012

क्र. 2734 - भू-अर्जन-2012 रा.प्र.क्र. अ-82-12-13. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) तक में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाना ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

जिला

भूमि का वर्णन ग्राम

तहसील

क्षेत्रफल भूमि (हेक्टेयर में ) (1) (2)

(3)

(4) झाबुआ पेटलावद केसरपुरा

1.11 निजी भूमि योग : 1.11

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

माही परियोजना की अजबबोराली माईनर की उप- माईनर नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग, पेटलावद, जिला झाबुआ.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जयश्री कियावत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3176

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

कार्यालय, कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

छतरपुर, दिनांक 14 अगस्त 2012

प्र. क्र. 3 -अ-82- भू-अ-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्र (हे. में ) निजी भूमि (1) (2)

(3)

(4)

मनकारी

4.900 बड़ामलहरा

छतरपुर

(2)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

J

अनु. अधिकारी ( राजस्व ) बिजावर.

बिलाई नाला फीडर ( सेंधपा बांध ) निर्माण हेतु भू-अर्जन.

सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है - बिलाई नाला फीडर ( सेंधपा बांध ) निर्माण हेतु भू- अर्जन.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनु. अधिकारी कार्यालय राजस्व, बिजावर में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 4- अ-82 - भू-अ-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्र (हे. में ) निजी भूमि (1) (2)

(3)

(4)

3.100 छतरपुर बड़ामलहरा महाराजगंज

(2)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

अनु. अधिकारी ( राजस्व) बिजावर .

बिलाई नाला फीडर ( सेंधपा बांध ) निर्माण हेतु भू-अर्जन.

सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- बिलाई नाला फीडर ( सेंधपा बांध ) निर्माण हेतु भू-अर्जन.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनु. अधिकारी कार्यालय राजस्व , बिजावर में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 5 - अ- 82- भू-अ-11-12. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये भाग 1 ]

3177

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

प्राधिकृत करता हूं : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

लगभग क्षेत्र

ग्राम

(हे. में ) निजी भूमि (1) (2)

(3)

(4)

0.500

वकस्वाहा

छतरपुर वकस्वाहा

(2)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

अनु. अधिकारी ( राजस्व) बिजावर.

वकस्वाहा तालाब के बांध एवं नहर निर्माण हेतु भू-अर्जन.

सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- वकस्वाहा तालाब के बांध एवं नहर निर्माण हेतु भू-अर्जन.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनु. अधिकारी कार्यालय राजस्व , बिजावर में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 6 - अ- 82 - भू-अ-11-12. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्र (हे. में) निजी भूमि (1) (2)

(3)

(4)

0.400 छतरपुर वकस्वाहा मड़ियाखुर्द

(2)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

अनु. अधिकारी ( राजस्व )

बिजावर.

वकस्वाहा तालाब की नहर निर्माण हेतु भू-अर्जन.

सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- वकस्वाहा तालाब की नहर निर्माण हेतु भू-अर्जन.

(3) भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण, अनु. अधिकारी कार्यालय राजस्व, बिजावर में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 7- अ- 82 - भू-अ- 11-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील

ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्र (हे. में ) निजी भूमि (1)

(3)

(2)

(4) वकस्वाहा

1.600 छतरपुर

कुही

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

अनु. अधिकारी ( राजस्व ) बिजावर .

वकस्वाहा तालाब के बांध निर्माण हेतु भू- अर्जन.

3178

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- वकस्वाहा तालाब के बांध निर्माण हेतु भू-अर्जन .

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनु. अधिकारी कार्यालय राजस्व , बिजावर में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , राजेश बहुगुणा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाण सागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 14 अगस्त 2012

पत्र क्र. 2394 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

जिला

भूमि का विवरण ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(4) 0.400 (1) सतना

(2) रामनगर

(3) गंजास

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री , भू- अर्जन एवं पुनर्वास संभाग क्र -1 , रीवा.

(6) बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत डूब क्षेत्र में स्थित निजी भूमि के अर्जन हेतु.

रीवा, दिनांक 16 अगस्त 2012

क्र. 2411 - भू-अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

जिला

तहसील

भूमि का विवरण नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(4) रीवा

5.00

(3) गाड़ा

(2) रामपुर बघेलान

सतना

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, वितरिका नहर संभाग, जिला रीवा ( म.प्र. ) .

(6) बाणसागर परियोजना अन्तर्गत गाड़ा सब- माइनर में आने वाली भूमि के लिये भूमि पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भाग 1 ]

3179

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

क्र. 2413 - भू-अर्जन-06-07.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) सतना

कोटर थथौरा कोठार 0.626

योग : 0.626

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग, रीवा (म.प्र. ) .

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत वितरिका नहर निर्माण में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 2415 - भू-अर्जन-06-07. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) सतना

कोटर लौलाछ कोठार 4.100

योग : 4.100

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग, रीवा (म.प्र. ) .

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत वितरिका नहर निर्माण में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 2417 - भू-अर्जन- 06-07.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता 3180

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

[भाग 1 पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्तं भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

तहसील नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) सतना

कोटर

0.328

किचवरिया

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, वितरिका नहर संभाग , जिला रीवा (म.प्र.).

बाणसागर परियोजना अन्तर्गत केमली सब-माइनर में आने वाली भूमि के लिये भूमि पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 2419 - भू-अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 - अं के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

तहसील नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) सतना

कोटर

रजरवार

0.112

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, वितरिका नहर संभाग , जिला रीवा (म.प्र.) .

बाणसागर परियोजना अन्तर्गत कोटर माइनर में आने वाली भूमि के लिये भूमि पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 2421 - भू-अर्जन - 06-07. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 -अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू भाग 1 ]

3181

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त. 2012

नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला

तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) सतना

1.201 रामपुर बघेलान

बिहरा कोठार

योग : 1.201

अनुसूची

( 2 ) द्वारा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , बाणसागर वितरिका नहर संभाग , रीवा (म.प्र. ) .

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत वितरिका नहर निर्माण में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

राजगढ़ , दिनांक 16 अगस्त 2012

क्र. 8829 - भू- अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4)

1.190 राजगढ़

धामन्याजोगी

खिलचीपुर

योग : 1.190

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

मुख्य अभियंता , पश्चिम रेल्वे कोटा जंक्शन, कोटा.

रामगंज मंडी से भोपाल बड़ी रेल्वे लाईन निर्माण में भूमि का अर्जन.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , राजगढ़ / भू-अर्जन अधिकारी , खिलचीपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3182

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला टीकमगढ़, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

टीकमगढ़, दिनांक 11 जुलाई 2012

प्र. क्र. 10 अ- 82-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- टीकमगढ़

(ख ) तहसील- ओरछा

(ग ) ग्राम- वनगाँयहार

खसरा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.009 हेक्टर . रकबा नम्बर (हे. में) (1) (2) 156/1 0.009 एवं पक्का कुआ एक योग .. 0.009 एवं पक्का कुआ एक

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन हेतु आवश्यकता है- राजघाट नहर परियोजना अन्तर्गत दतिया वाहक नहर हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , निवाड़ी के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रघुराज राजेन्द्रन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

डिण्डौरी, दिनांक 12 जुलाई 2012

क्र.- भू-अर्जन-415(अ-82 ) -2011-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील- शहपुरा

(ग) ग्राम-कोयलीधासी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.930 हेक्टर.

नम्बर

भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा ( हेक्टर में ) (1)

(2),

2.400

'0.600

0.200

574/1

574/2

0.200

0.230

0.200

570/2

योग निजी भूमि 3.930

शासकीय भूमि

सर्वे 593 575 572 600 0.100 592 1.350 कुल योग 5.280

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- कोयलीधासी जलाशय शीर्ष कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , जी. वी. रश्मि , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग झाबुआ, दिनांक 23 जुलाई 2012 संशोधित उद्घोषणा

क्र. 2539- भू-अर्जन-2012 रा . प्र. क्र. 11-अ-82-2010- 11.- कार्यालयीन पत्र क्रमांक 1317 - भू-अर्जन- 2011- झाबुआ, भाग 1 ]

3183

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

दिनांक 3 मई 2011 द्वारा ग्राम गोविन्दपुरा , तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ का रकबा 1.53 हेक्टेयर के भू- अर्जन प्रकरण में भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत नहर निर्माण से प्रभावित का प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र भाग एक के पृष्ठ क्रमांक 1759-60, दिनांक 20 मई 2011 पर तथा हिन्दी समाचार पत्र अग्निबाण में दिनांक 12 मई 2011 एवं प्रसारण में दिनांक 13 मई 2011 को जी नम्बर 13018/11 द्वारा प्रकाशित की गई है. पूर्व प्रकाशित निम्नानुसार प्रविष्टियों को निरस्त करते हुये संशोधित प्रविष्टियां निम्नानुसार प्रकाशित की जाती हैं: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-झाबुआ

(ख ) तहसील- पेटलावद

(ग ) ग्राम- गोविन्दपुरा

नवीन प्रस्तावित पूर्व प्रस्तुत

सर्वे नम्बर

सर्वे नम्बर

रकबा (हेक्टर में )

रकबा (हेक्टर में ) 117

117

0.08

0.10 116

116

0.03 0.02

115

0.03

115

0.08

0.15 90

0.17

90

119

0.16

0.15

119

124

0.24

124

0.14 0.06

130

130

विलोपित 129

0.12

129

विलोपित 128

0.02

128

विलोपित 0.02

136

136

विलोपित 0.05

135

135

विलोपित 137

0.06

137

विलोपित 0.03

138

138

विलोपित 0.03

139

139

विलोपित 53

0.20

53

विलोपित

85

0.06

86

0.20

0.07

87/2

89

0.05

0.02

118

0.02

125

0.16 योग .. 15

126 22

1.23 1.29 योग ..

नोट.-शेष. प्रविष्टियां यथावत् रहेंगी .

पूर्व प्रकाशित प्रविष्टियों के भूमि सर्वे नंबर 306 का रकबा 0.06 हेक्टर, सर्वे नंबर 386 का रकबा 0.05 हेक्टर , सर्वे नम्बर 406 का रकबा 0.13 हेक्टर का रकबा यथावत रहेगा.

झाबुआ , दिनांक 14 अगस्त 2012

क्र.- 2804- भू-अर्जन- 2012 - रा. प्र. क्र. अ- 82.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -निजी भूमि

(क) जिला- झाबुआ

(ख ) तहसील- पेटलावद

(ग ) ग्राम-गेहण्डी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.38 हेक्टर

सर्वे नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.01

14/1

0.05

14/2

0.07

15

0.15

16

19

0.13

20

0.03

0.05

22

23

0.10

24

0.01

0.09

25

26

0.03

0.11

28

0.01

32

0.07

34/1

0.06

34/2

47

0.07

50

0.03

0.10

387/1

0.06

387/2

0.03

387/3

387/4

0.01 3184

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

(2)

(1)

388

.0.05

389

0.06

कुल योग : 1.38

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- माही परियोजना के करनगढ़ माईनर नहर के निर्माण होने से ग्राम गेहण्डी की निजी भूमि की, निजी भूमि का कुल रकबा 1.38 हेक्टर है .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र.- 2802 - भू- अर्जन-2012- रा. प्र. क्र.अ-82.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-निजी भूमि

(क) जिला-झाबुआ

(ख ) तहसील- पेटलावद

(ग) ग्राम-गेहण्डी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-4.54 हेक्टर.

सर्वे

रकबा

नम्बर

(हेक्टर में)

(1)

(2)

832

0.02

833

0.03

834

0.06

0.06

835

836

0.05

837

0.01

839/2

0.05

858

0.05

861

0.07

862

0.10

865

0.06

866

0.13

(2)

(1)

0.03

867

0.05

868

1133

0.28

0.22

1139

0.22

1140

0.07

1141

0.15

1142

0.03

1152

1153

0.15

1154

0.24

1157

0.01

0.06

1159/5

0.15

1177/3

1188

0.10

0.15

1189/3

0.26

1158

0.10

1190

1191/2

0.15

1192/1

0.10

0.08

1192/2

1193

0.01

1227

0.06

1230/1

0.25

1230/2

0.05

1237/2

0.20

0.08

1238

0.20

1239

0.05

1289

0.25

1291

1292

0.10

योग :4.54

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- माही परियोजना के बड़लीपाड़ा सबमाईनर -1 के निर्माण होने से ग्राम गेहण्डी की निजी भूमि का कुल रकबा 4.54 हेक्टर है.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जयश्री कियावत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

3185

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

अर्जित संपत्ति (हेक्टर में) कार्यालय, कलेक्टर, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग .

जबलपुर, दिनांक 31 जुलाई 2012

खसरा नम्बर (1) 92 93

(2) 0.02 0.19 योग : 0.21

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- सिखा माइनर कारण.

प्र. क्र. 01 - अ-82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) एवं अधिनियम , 68 सन् 1984 की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी , रा . अ. बा. लो . सा. परियोजना इकाई क्र. 2 , बरगी हिल्स, जबलपुर में किया जा सकता है .

अनुसूची

जबलपुर, दिनांक 17 अगस्त 2012 ( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- जबलपुर

(ख ) तहसील- सिहोरा

(ग ) ग्राम- खुडावल, प. ह. नं. 67, नं. बं. 163

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.03 हेक्टर.

खसरा नम्बर

अर्जित संपत्ति (हेक्टर में)

क्र. 1 - अ- 82-2012-2013- भू.अ.अ.-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

(2)

(1) 780

0.03

अनुसूची

योग : 0.03

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- जबलपुर

(ख ) तहसील- जबलपुर

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- दर्शनी डायरेक्ट माइनर सब माइनर नं. 2 कारण.

( ग ) ग्राम- मिड़की, प. ह. नं. 39, नं . ब. 679

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-46.343 हेक्टर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में) ( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी, रा . अ. बा. लो. सा. परियोजना इकाई क्र. 2 , बरगी हिल्स, जबलपुर में किया जा सकता है.

(1)

(2)

225/2

0.506

225/3

0.283

240/2

1.525

240/4

2.205

0.065 .

241

242

0.121 प्र. क्र. 02- अ-82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) एवं अधिनियम , 68 सन् 1984 की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

243

0.089 अनुसूची

204

1.505 ( 1 ) भूमि का वर्णन-

178

0.486

116

0.053 ( क ) जिला- जबलपुर

117

0.057 (ख ) तहसील- सिहोरा

189/2

2.113 (ग ) ग्राम- देवरी , प. ह. नं. 45/57 , न. बं. 336

220

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.21 हेक्टर.

12.885 3186

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

(1)

(2)

(1)

(2) 221

1.376

263

222

13.836

2.400 योग : 20.753 223

1.137

224

2.723

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बरगी बांध के डूब क्षेत्र से प्रभावित. 227/2

0.121

238

3.019

239

0.061

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष ( भू- अर्जन इकाई क्रमांक 1 बरगी हिल्स) जबलपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

240/1

2.177

योग : 46.343

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गुलशन बामरा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है - बरगी बांध के डूब क्षेत्र से प्रभावित.

पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

+

ग्वालियर , दिनांक 4 जुलाई/ 4 अगस्त 2012 (3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष ( भू- अर्जन इकाई क्रमांक 1 बरगी हिल्स ) जबलपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 41 - अ-82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

क्र. 2- अ- 82-2012-2013- भू.अ.अ.-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-ग्वालियर

अनुसूची

(ख) तहसील- भितरवार

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(ग) ग्राम- देवरीकला

(क) जिला- जबलपुर

(घ ) क्षेत्रफल-4.33 हेक्टर.

(ख ) तहसील- जबलपुर

क्षेत्रफल (ग) ग्राम- कठौतिया, प. ह. नं. 39 , नं. ब . 519

(हेक्टर में) (घ) लगभग क्षेत्रफल-20.753 हेक्टर.

(2)

1.570 खसरा

नम्बर

रकबा (हेक्टर में )

0.477

17 मि, 17/3

(1)

(2)

0.372 35/1

6.204

36

1.040

1.911

सर्वे नम्बर (1) 13 17 मि, 17 मि, 52/1, 52/4 57 मिन, 57 मिन, 57 मिन, 57 मिन

37

0.534

योग : 4.33 38

1.246

39/2

2.704

258/2

0.061

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- हरसी उच्चस्तरीय मुख्य नहर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

261

1.558

262

5.006

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाधीश जिला ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

3187

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

प्र. क्र. 50 - अ- 82-10-11- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-ग्वालियर

(ख) तहसील- ग्वालियर

(ग ) ग्राम- उदयपुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.679 हेक्टर.

अर्जित किये

कुल

सर्वे नम्बर

रकवा

जाने वाला

(हेक्टर में) अनुमानित रकवा (हेक्टर में)

(2)

(1)

(3)

788

1.338

0.33 785

0.512

0.14

784

0.449

0.15

783

0.334

0.12

0.303

756/1

0.30

756/2

0.314

739/1

0.324

0.06

739/2/2

0.836

739/2/1

0.105

0.543

0.05

738/मि. 1 738/मि. 2

0.533

695

1.954

0.39

197/1

0.658

0.06

197/2

0.408

196/1

0.930

0.17

196/2

0.941

198/मि. 1

0.07

0.136

198/मि. 2

1.087

1.003

198/3

198/4

0.460

162/1

1.829

0.46

170

1.086

0.05

171

0.867

0.05

169

1.160

0.07

141/मि. 1

0.209

0.209

141/ मि. 2 0.428

(1)

(3)

(2)

0.219

141/मि. 3

कुल .. 2.679

(3 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- हरसी उच्चस्तरीय नहर की उदयपुरा उपशाखा नहर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शिवपुरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग शिवपुरी, दिनांक 4 अगस्त 2012

क्र. क्यू.- भू-अर्जन-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि संबंधी जानकारी अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- अशासकीय

(क) जिला- शिवपुरी

(ख) तहसील- पिछोर

(ग ) ग्राम- दुल्हई

( घ ) भूमि का क्षेत्रफल-14.65 हेक्टर .

सर्वे

अर्जित रकवा

नम्बर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

15

0.01

120

0.02

130

0.05

131

0.24

132

0.02

134

0.11 3188

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

(1)

(2) 135

0.04 136

0.02 137

0.09 138/2

0.21 140

0.07 141

0.11 142

0.33 143

0.02 146

0.17 151

0.08 152

0.03 167

0.17 168

0.24 169

*0.33 170

0.15 173

0.05 174

0.13 193

0.06 194

0.08 196

0.07 197

0.24 199

0.01 211

0.08 212

0.10 215

0.05 218

0.03 659

0.12 662

0.08 665

0.21 666

0.13 667

0.27 671

0.06 1090

0.22 1091

0.31 1092

0.04 1095

0.86 1096

0.08 1100

0.29 1101/1

0.82 1107

0.01 (1)

(2)

1108

0.29

1109/1

0.13

1110/1

0.07

1110/2

0.14

1111

0.19

1113

0.31

1120

0.05

1122

0.04

1124

0.14

1125

0.20

0.04

1131

1132

0.07

0.05

1133

1134

0.05

1135

0.18

1137

0.07

1139

0.07

1141

0.05

1142

0.15

1143

0.20

1144

0.09

1145

0.03

1266

0.12

1267

0.01

1272

0.02

1274

0.03

1275

0.06

1277

0.04

1279

0.06

1280

0.01

1281

0.09

1282

0.01

1283

0.02.

1284

0.07

1290

0.13

1301

0.08

1302

0.09

0.03

1304

1305/1

0.04

1305/2

0.04 भाग 1 ]

3189

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

(2) (1)

1314

0.06

0.06 1315

1316

0.04 1318

0.05

0.08 1319

1320

0.05 1321

0.11 1322

0.01 1324

0.10 1348/3

0.01 1349

0.05 1369

0.01 1372

0.01 1374

0.09 1375

0.15 1386

0.05 1621

0.12 1628

0.09 1629

0.09 1631

0.14 1642

0.02

0.04 1645

1646

0.05 1647

0.05 1650

0.01 1651

0.03 1653

0.16 1654

0.02 1655

0.04 1657

0.03 1658

0.03 1660/1

0.03 1662

0.06 1663/1

0.01 1665

0.02 1666

0.03 1667

0.02 1668

0.04 1669

0.02 1670

0.03 (1)

(2)

0.03

1676 .

0.04

1677

0.03

1678

0.03

1679

1680

0.06

0.03

1681

0.29

1774

0.16

1775

1776

0.14

1778/1

0.22

1778/2

0.17

0.11

1779/1

0.08

1780

0.10

1786

0.16

1787

0.06

1789

1790

0.06

0.02

138/1

0.13

1101/2

1048/2

0.01

192

0.02

योग : 14.65

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी , पिछोर, जिला शिवपुरी के कार्यालय में देखा जा सकता.

शिवपुरी , दिनांक 6 अगस्त 2012

क्र. क्यू. - भू-अर्जन-12-724 .- चूंकि, 'राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि संबंधी जानकारी अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन- अशासकीय

(क) जिला- शिवपुरी

(ख) तहसील- पिछोर

(ग) ग्राम- मनपुरा

(घ) भूमि का क्षेत्रफल-2.87 हेक्टर.

3190

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

सर्वे नम्बर

अर्जित रकवा (हेक्टर में )

(1)

(2)

602

0.23

607

0.33

608

0.01

618

0.15

621

0.36

623

0.01

624

0.43

645

0.18

657

0.11

660

0.02

661

0.08

0.02

662

666

0.02

668

0.13

669

0.08

693

0.17

700

0.09

701

0.13

702

0.02

704

0.30

योग : 2.87

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , पिछोर, जिला शिवपुरी के कार्यालय में देखा जा सकता.

क्र. क्यू. - भू-अर्जन-12-730.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि संबंधी जानकारी अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-अशासकीय

(क) जिला- शिवपुरी

(ख ) तहसील- पिछोर

(ग) ग्राम-रैपुरा

( घ) भूमि का क्षेत्रफल-3.86 हेक्टर.

सर्वे नम्बर

अर्जित रकवा (हेक्टर में)

(2)

(1)

3

0.17

0.30

6

7

0.03

65

0.01

69

0.03

0.05

70

0.24

71/1

72/1

0.04

0.03

164

190

0.18

0.15

198

199

0.14

1

200

0.15

0.38

201

202

0.03

204

0.05

234

0.26

245

0.13

246

0.05

248

0.08

249

0.02

250/1

0.09

250/2

0.09

251

0.09

266

0.19

268

0.19

269

0.12

286

0.01

287

0.11

288

0.05

289

0.02

0.17

290

291

0.07

292

0.02

293

0.01

385/1

0.11

योग : 3.86

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , पिछोर, जिला शिवपुरी के कार्यालय में देखा जा सकता.

भाग 1 ]

3191

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

शिवपुरी , दिनांक 8 अगस्त 2012

क्र. 1211 - भू-अर्जन- 2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को इस. बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि एवं सम्पत्ति का वर्णन- अशासकीय भूमि (क) जिला- शिवपुरी ( म. प्र. )

(ख ) तहसील- नरवर

(ग ) नगर/ ग्राम- जैतपुर

( घ) भूमि का क्षेत्रफल-4.22 हेक्टर .

खसरा

क्षेत्रफल

नम्बर

(हैक्टर में)

(1)

(2)

0.17

1458

1459

0.14

1460

0.02

1461

0.37

1525

0.04

1835

0.06

1838

0.10

1839

0.06

1840

0.20

1849

0.36

1858

0.13

1860

0.10

1861

0.02

1862/1

0.01

1862/2

0.06

1862/3

0.29

186274

0.05

1886/1

0.24

1886/2

0.25

1886/3

0.03

1887

0.12

1889

0.01

(2)

(1)

1892

0.43

0.14

1893/1

0.16

1893/2

2167/1

0.10

0.07

2167/4

2171/1

0.12

2171/2

0.05

0.01

2172/2

2172/3/1

0.02

2172/3/2

0.01

0.01

2173/1

0.19

2174/1

0.08

2177

योग : 4.22

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सिंध परियोजना दांयीं तट नहर ( महुअर नदी तक ) की डी-4 वितरण शाखा की टेल मायनर निर्माण हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाधीश (भू- अर्जन शाखा ) जिला शिवपुरी के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम सें तथा आदेशानुसार, आर. के. जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग दमोह, दिनांक 4 अगस्त 2012

पत्र क्र. क- भू- अर्जन तेंदूखेड़ा -2012 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील- तेंदूखेड़ा 3192

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

(ग) नगर/ग्राम- नरगुवां , झरौली , भौंड़ी, तेंदूखेड़ा ( घ) लगभग क्षेत्रफल-7.753 हेक्टर.

खसरा

रकबा

नम्बर (1)

(हे. में) (2)

ग्राम-तेंदूखेड़ा

672/1

0.591

685/26

2.023

679/2क

0.141

685/22

1.022

668/1

0.385

668/2

0.385

0.220

685/18

659/4

0.150

659/5

0.200

657

0.600

653/2

0.069

685/17

0.210

651/2

0.100

685/31

0.100

685/28

0.497

योग : 6.693

ग्राम-झरौली

362/1

0.160

68/1

0.050

364

0.060 योग : 0.270

ग्राम-नरगुवां

55/1

0.100

110

0.440

327

0.160

योग : 0.700

ग्राम- भौंड़ी

199

0.030

201

0.060

योग : 0.090 कुल रकबा : 7.753

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- नरगुवां जलाशय के डूब क्षेत्र , स्पैल चैनल एवं नहर हेतु .

[भाग 1 (3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , तेंदूखेड़ा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसांधान संभाग , दमोह, जिला दमोह के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र. क - भू- अर्जन- तेंदूखेड़ा- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- दमोह

(ख ) तहसील- जबेरा

(ग ) नगर/ग्राम- नोहटा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.22 हेक्टर.

खसरा

नम्बर

रकबा (हे. में)

(1)

(2) 0.08

1225

1226

0.14 योग : 0.22

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- मढ़ा जलाशय के नहर हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , एवं भू- अर्जन अधिकारी , तेंदूखेड़ा एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधान संभाग दमोह, जिला दमोह के कार्यालय में किया जा सकता है .

दमोह , दिनांक 8 अगस्त 2012

प्र. क्र . 82-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि सम्पत्ति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख ) तहसील- दमोह भाग 1 ]

3193

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

(ग ) ग्राम- हलगजिया, हलगज, हिनौता (घ) लगभग क्षेत्रफल-3.68 हेक्टर .

खसरा

रकबा नम्बर

(हे. में) (1)

(2) 116/2 मे से

0.05 123/2मे से

0.10 120 मे से

0.02 129मे से

0.03 122मे से

0.02 124 मे से

0.06 125मे से

0.05 150मे से

0.09

0.03 152मे से

160मे से

0.04 161 मे से

0.09 162मे से

0.10 164/1 मे से

0.11 165/1 मे से

0.08 166 मे से

0.07 167 मे से

0.08 168/1 मे से

0.05 179मे से

0.05 180/2मे से

0.10 181/1मे से

0.03 182मे से

0.05 194/1 मे से

0.30 210मे से

0.02 211 मे से

0.12 212मे से

0.03 213मे से

0.03 214 मे से

0.07 215 मे से

0.02 216 मे से

0.05 217/2 मे से

0.07 218/1 मे से

0.06 219/2मे से

0.06 220 मे से

0.20

(2)

(1)

0.05

229मे से

0.05

94/1 मे से

95मे से

0.05

96 मे से

0.10

0.03

98 मे से

0.05

100 मे से

101मे से

0.07

0.09

102मे से

103/2मे से

0.20

104 मे से

0.07

107/1 मे से

0.08

J

108 मे से

0.08

0.03

109 मे से

111/1 मे से

0.05

0.20

112मे से

113/1 मे से

0.10

1700 मे से

0.01

1701 मे से

0.02

1703

0.02

योग : 3.68

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- हलगहिया, हलगज, हिनौता मार्ग हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, दमोह एवं कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग संभाग दमोह के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , स्वतंत्र कुमार सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला खण्डवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग खण्डवा, दिनांक 8 अगस्त 2012

नस्ती क्र. 42 - एल.ए. - 2012 - भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक - 17-अ- 82-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, 3194

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- खण्डवा

(ख) तहसील- पुनासा

(ग) ग्राम- भादलीखेड़ा

(घ) अर्जित रकबा 6.19 हेक्टेयर.

खसरा

क्रमांक

(हेक्टर में) अर्जित रकबा

(1)

(2)

38/2

0.20

40

0.15

J

* 0.40

84

106

0.27

109

0.40

163

0.33

164

0.07

165/2

0.80

187/1

1.00

187/2

1.00

188

0.18

198/2

0.13

198/3

0.08

0.60

199/1

309

0.35

311/6

0.23

00

00

00

00

कुल योग : 6.19

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत अवशेष जलाशय -1 से रिसाव के कारण दलदल में परिवर्तित भूमि पर वृक्षारोपण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 , नर्मदानगर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , नीरज दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 13 अगस्त 2012

पत्र क्र. - 2374- प्रका.- भू-अर्जन- 2011-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- हुजूर

(ग) ग्राम-केमार

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.880 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा (हेक्टे. में)

खसरा नम्बर (1)

(2)

0.124

16

17

0.108

0.002

24

25

0.026

0.023

26

28

0.016

73

0.039

0.035

74

75

0.035

0.165

108

110

0.015

112

0.042

0.055

113

115

0.003

116

0.039

0.004

118

163

0.034

0.010

164

0.075

165

167

0.030

कुल योग 0.880 भाग 1 ]

3195

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

( 2) प्रमाणित किया जाता है कि दिये गये खसरा एवं रकवा के अलावा कोई रकबा शेष नहीं है.

( 3 ) बाणसागर परियोजना पुरवा नहर में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु.

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुर्नवास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

रीवा, दिनांक 14 अगस्त 2012

पत्र क्र.- 2390 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ' ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील-त्योंथर

(ग) ग्राम- रक्सहा कला

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.332 हेक्टर.

खसरा

अर्जित रकबा

क्रमांक

(हेक्टे. में)

(1)

(2)

( अ ) निजी पट्टे की भूमि-

114/3

0.071

187

0.015

188/1

0.074

188/2

0.047

189/1

0.064

209

0.017

0.044

253/1

योग

0.332

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अंतर्गत " त्यौंथर उद्वहन सिंचाई योजना के नहर निर्माण " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुर्नवास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र.- 2392- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- सतना

( ख ) तहसील- रामनगर

(ग) ग्राम- बन्नेह

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.429 हेक्टर .

रकबा

(हेक्टे. में)

0.061

0.004

0.004

0.004

खसरा नम्बर (1) (2) 149 190 217 306/2 268/1क 0.951 3/1 क 0.405 योग 1.429

टीप. - उपरोक्त खसरा नम्बरों एवं रकबों का परीक्षण , पूर्व पारित एवं घोषित अवार्ड प्रपत्र 13 से करने के उपरान्त ही शेष भूमि के भुगतान की पात्रता होगी.

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत डूब में आने वाली निजी भूमि के अर्जन हेतु.

( 3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुर्नवास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

पत्र क्र. - 2396- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रामनगर 3196

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

(ग) ग्राम-देवराजनगर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.267 हेक्टर.

खसरा

रकबा

नम्बर

(हेक्टे. में)

(1)

(2)

2.267

328/1

योग

2.267

टीप- उपरोक्त खसरा नम्बर का पूर्ण परीक्षण उपरान्त ही मुआवजा भुगतान किया जावे.

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत डूब में आने वाली निजी भूमि के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं 'पुर्नवास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

रीवा, दिनांक 16 अगस्त 2012

पत्र क्र. - 2423 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

( क) जिला- सतना

(ख) तहसील- कोटर

(ग) ग्राम- देवरा कोठार

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.170 हेक्टर.

खसरा

नम्बर

अर्जित रकबा . (हेक्टे. में )

(2)

(1)

536

0.174

571

0.416

0.208

595

455

0.004

457

0.016

0.008

444

445

0.046

670

0.004

(2)

(1)

0.032

669

0.068

668

0.202

661

0.028

359

0.050

405

0.012

406

0.168

395

0.040

370

385

0.032

0.120

195/736

0.142

208

0.024

427

0.048

476

0.086

477

0.360

480

0.240

165

0.472

67/737

76

0.228

0.024

78

128

0.024

0.168

126

0.016

133

0.008

134

0.092

120

0.132

119

117

0.294

0.390

439

4.170

योग

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत बेलरी माइनर एवं सब - माइनर का निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमियों पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक , भू-अर्जन एवं पुर्नवास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र.-2425 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा घोषित भाग 1 ]

3197

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

किया जाता है कि निजी / शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- सतना

(ख) तहसील-कोटार

(ग) ग्राम- गोरड्या

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 13.318 हेक्टर.

खसरा

नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टे. में)

(1)

(2)

703

0.116

702

0.212

715

0.060

* 0.264

666

667

0.020

682

0.028

683

0.312

684

0.044

686

0.072

0.190

692

680

0.066

678

0.048

0.200

556

558

0.080

550

0.240

501

0.028

508

0.016

506

0.016

509

0.128

413

0.018

411

0.116

412

0.092

421

0.148

0.724

393

382

0.064

385

0.008

0.232

281

(2)

(1)

0.096

913

918

0.080

0.112

953

952

0.112

0.712

959

0.108

958

0:118

959

0.120

901

90

0.462

122

0.144

0.142

124

0.266

125

126

0.050

0.112

124

0.360

129

0.162

243

0.424

264

0.132

272

273

0.090

0.278

274

0.074

275

0.070

877

0.032

277

0.376

866

0.100

864

0.028

861

0.396

54

0.008

53

0.056

55

0.062

63

56

0.156

0.066

62

0.080

58

0.208

60

0.050

104

103

0.026 3198

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

(2)

(1)

-101

0.248

925

0.400

941

0.304

939

0.480

0.042

1144

1148

0.124

1146

0.640

1144

0.016

1143

0.016

1137

0.112

1136

0.256

1125

0.112

1126

0.042

it

1123

0.208

1124

0.008

1118

0.076

1122

0.052

1121

0.156

1120

0.040

1079

0.128

1077

0.260

1078

0.012

1187

0.176

योग

13.318

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत गोरड्या माइनर के निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी शासकीय भूमियों पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 2427- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रघुराजनगर

[भाग 1 (ग) ग्राम- उसरहा कोठार ( रामस्थान )

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.082 हेक्टेयर .

खसरा

नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टे. में)

(2)

(1)

0.072

89

108

0.028

0.056

164/1

0.048

164/2

0.020

165/1

166/2

0.128

167

0.036

0.224

170

152

0.030

151

0.016

171

0.144

173

0.164

174

0.012

1259

0.016

175

0.032

408/1 क

0.020

408/1 ख

0.048

408/2

0.012

407

0.132

404

0.024

413

0.038

411

0.056

375

0.032

0.012

374

0.208

403

399

0.020

183

0.312

182

0.024

180

0.118

2.082

योग

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत बम्होरी माइनर के निर्माण कार्य के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शासकीय भूमियों पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

(2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है. मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

3199

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सतना, दिनांक 22 अगस्त 2012

क्र. एफ- 1480- भू-अर्जन-12 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- मैहर

(ग) नगर/ ग्राम- तिदुहटा

(घ ) क्षेत्रफल-2.566 हेक्टर

खसरा

अर्जित रकबा

नम्बर

(हे. में)

(1)

(2)

398

0.110

399

0.198

403

0.251

1049

0.199

401/1

0.144

402/1

0.271

401/2

0.146

402/2

0.272

404/2

0.248

405/2

0.057

1040

0.147

1041

0.523

निजी खाता भूमि योग .. 2.566

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है.- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण अंतर्गत नहर निर्माण हेतु...

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

क्र. एफ- 1481 - भू-अर्जन-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- मैहर

(ग) नगर/ग्राम- आमाडाड़ी

(घ) क्षेत्रफल-4.994 हेक्टर

खसरा

अर्जित रकबा

नम्बर

(हे. में)

(2)

(1)

234

0.962

0.188

261/1

261/2

0.177

262

0.261

263

0.282

0.240

264

0.063

265

266

0.021

267

0.052

274/1/2

0.052

280/2घ

0.261

0.436

280/2ङ

280/2च

0.313

280/2छ

0.324

0.261

280/2झ

0.161

280/2क

280/ 2ख

0.397

0.271

280/2ज

280/2ञ

0.115

280/22

0.157

निजी खाता भूमि योग .. 4.994

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है.- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

3200

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अगस्त 2012

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 8 अगस्त 2012

क्र. 786- गोपनीय- 2012-दो - 3-1-2012 ( भाग- बी ).-न्यायिक अधिकारी जिनके नाम व पदस्थापना की जानकारी पृष्ठांकन में दी गई है, को न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर में दिनांक 21 अगस्त 2012 से 1 सितम्बर 2012 तक की अवधि के लिये आयोजित है, हेतु संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान , प्रथम तल , उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग , जबलपुर के समक्ष दिनांक 21 अगस्त 2012 को प्रातःकाल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होने हेतु निर्दिष्ट किया जाता है .

प्रशिक्षण की शर्तें निम्नवत होंगी:-

1 . अपरिहार्य मामलों को छोड़कर, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण कालावधि में समायोजन की मांग नहीं करेंगे .

2. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे संचालक, न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल, उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर के समक्ष दिनांक 21 अगस्त 2012 को प्रात:काल ठीक 9.30 बजे अवश्यमेव उपस्थित होवें.

3. न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित पोशाक यथा काला कोट, सफेद शर्ट , ग्रे पेंट तथा काली टाई में उचित प्रकार से सुसज्जित होकर प्रशिक्षण में उपस्थित होंवें तथा महिला न्यायिक अधिकारी सफेद साड़ी, ब्लाउज व काले कोट में उपस्थित होवें .

4. न्यायिक अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि वे प्रशिक्षण में उपस्थित होते समय , अपने कार्य से संबंधित समस्त नस्तियां तथा उनके द्वारा पारित सभी दीवानी/ फौजदारी निर्णयों की प्रतियां ( विवादित तथा एकपक्षीय ) अपने साथ लावें, जिससे कि उन्हें मूल्यांकित ( assessed ) किया जाकर , उचित मार्गदर्शन दिया जा सके.

5. टी. ए. एवं डी. ए. केवल शासकीय नियमों के अधीन ही देय होंगे , जिनके संबंध में निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे जा चुके हैं.

6. प्रशिक्षण सत्र में अनुपस्थित रहने अथवा उक्तानुसार वर्णित किसी भी शर्त का उल्लंघन अनुशासनहीनता माना जावेगा.

7. न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यक्रम के अनुसार रेल्वे स्टेशन पर टेम्पो ट्रेक्स/जाइलो वाहन की व्यवस्था की जावेगी, जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपराह्न से शुरु होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक से प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी . अतः न्यायिक अधिकारी , जबलपुर पहुंचने का सही समय इस कार्यालय के कार्य दिवस में प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच, दूरभाष क्रमांक 0761-2628679 पर समयावधि रहते सूचित करें.

8. प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने वाले न्यायिक अधिकारियों के ठहरने के लिए न्यायिक अधिकारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रथम तल , उत्सादित राज्य प्रशासनिक अधिकरण बिल्डिंग, जबलपुर में द्वितीय एवं तृतीय तल पर अस्थायी हॉस्टल की व्यवस्था की गई है , जो कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि के एक दिन पूर्व के दिवस को अपराह्न से शुरू होकर प्रशिक्षण के समाप्त होने की तिथि की अगली दिनांक के प्रातःकाल तक उपलब्ध रहेगी. यह भी कि यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को उक्त अस्थायी हॉस्टल के द्वितीय एवं तृतीय तल पर, स्वास्थ्य कारणों से , ठहरने में कोई कठिनाई हो तो वह अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर ठहरने की व्यवस्था कर सकेगा, जिसकी उसे पूर्व सूचना इस संस्थान को देनी होगी . इस व्यवस्था के लिये प्रशिक्षणार्थी नियमानुसार टी . ए. एवं डी. ए. क्लेम करने के पात्र होंगे.

9. न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान चाय, नाश्ता तथा दिन एवं रात्रि का भोजन प्रदान किया जावेगा.

माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,

सुभाष काकड़े , रजिस्ट्रार जनरल.

जबलपुर, दिनांक 4 अगस्त 2012

क्र. D- 3992-दो- 2-31-2010. श्रीमती गिरीबाला सिंह, रजिस्ट्रार (न्यायिक-1 ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 12 से 19 जुलाई 2012 तक, आठ दिवस के अर्जित अवकाश के साथ होम एल.टी.सी. की सुविधा को परिवर्तित करते हुए भारत भ्रमण के लिए एल.टी.सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण ब्लाक वर्ष 2009 से 2011 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक भाग 1 ]

3201

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

3/ ( ए) 19-03- इक्कीस ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक- 3666- इक्कीस- ब (एक ) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 3 जुलाई 2012 के अनुसार प्रदान की जाती है.

माननीय कार्यकारी मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार , एस. के. साहा, रजिस्ट्रार.

जबलपुर, दिनांक 3 अगस्त 2012

क्र. A- 1522-दो-2-37-2010.- श्री जसवन्त सिंह क्षत्रिय, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को दिनांक 13 से 18 अगस्त 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 10 , 11 तथा 12 अगस्त 2012 के एवं पश्चात् में दिनांक 19 तथा 20 अगस्त 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री जसवन्त सिंह क्षत्रिय, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री जसवन्त सिंह क्षत्रिय, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. A - 1525-दो- 2-11-2004.- श्रीमती आराधना चौबे, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल को दिनांक 5 से 7 जुलाई 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 8 जुलाई 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती आराधना चौबे, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती आराधना चौबे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. D - 3966- दो- 2-11-2004.- श्रीमती आराधना चौबे , प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, भोपाल को दिनांक 27 जुलाई से 4 अगस्त 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 5 अगस्त 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती आराधना चौबे, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती आराधाना चौबे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाती तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. D - 3968-दो- 3-420/80- भाग दस.- श्री शिवनारायण द्विवेदी, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मुरैना को उनकी सेवानिवृत्ति दिनांक 30 जून 2012 को उनके अवकाश लेखे में संचित अवकाश में से 172 दिवस ( एक सौ बहत्तर दिवस मात्र ) के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग मंत्रालय , भोपाल के ज्ञापन क्रमांक जी-3-2- 96-सी-चार, दिनांक 29 फरवरी 1996 एवं मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक -3 ( ए) 19- 03- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 3 ) एवं समसंख्यक पत्र क्रमांक- 897- इक्कीस ब ( एक ) 07, दिनांक 21 जून 2007 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत प्रदान की जाती है:-

गणना- पत्रक

21-10-1981

:

1. श्री शिवनारायण द्विवेदी,

सेवानिवृत्त , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मुरैना का

नियुक्तिदिनांक.

2. सेवानिवृत्ति दिनांक : 30-6-2012 3 . नियुक्ति दिनांक 21-10-1981 से दिनांक 9-3-1987 तक कुल सेवा अवधि. : 5 वर्ष 4 माह .4. दिनांक 10-3-1987 से : 25 वर्ष 3 माह सेवानिवृत्ति दिनांक तक कुल सेवा अवधि.

3202

5. कालम ( 3 ) में अंकित अवधि हेतु समर्पण अवकाश की पात्रता ( एक वर्ष में 15 दिन की दर से ) . : 5×15 = 75 दिन 6. कालम ( 4 ) में अंकित अवधिः हेतु समर्पण अवकाश की पात्रता (एक वर्ष में 7 दिन की दर 25-24-12 × 15 = 180 दिन. से तथा दो वर्ष में 15 दिन की दर से) .

टीप- खण्ड माह की अवधि यदि : 1×7=7 दिन एक वर्ष पूर्ण है तो सम्मिलित करते हुए.

7. कुल अर्जित अवकाश समर्पण की पात्रता. : 262दिन 8. घटाईयेः- सेवा के दौरान : 90 दिन लिया गया अवकाश समर्पण का लाभ.

: 172दिन 9. सेवानिवृत्ति पर अर्जित

अवकाश समर्पण की

पात्रता.

( सेवानिवृत्ति दिनांक 30 जून 2012 को शेष अर्जित अवकाश 186 दिवस ) .

नोट.- मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक -3 ( ए) 19-03- इक्कीस- ब ( एक) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 3 ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 897 - इक्कीस- ब ( एक ) 07 , दिनांक 21 जून 2007 के अनुसार दिनांक 1 नवम्बर 1999 के पश्चात् के अर्जित अवकाश नगदीकरण को उपरोक्त गणना में सम्मिलित नहीं किया गया है.

क्र. D - 3971-दो-3-420-80- भाग दस. श्रीमती आशा भटनागर, सेवानिवृत्त ( जिला एवं सत्र न्यायाधीश ) प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, इंदौर को उनके सेवानिवृत्ति दिनांक 31 मई 2012 को उनके अवकाश लेखे में संचित अवकाश में से 215 दिवस ( दो सौ पन्द्रह दिवस मात्र ) के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग मंत्रालय , भोपाल के ज्ञापन क्रमांक- जी-3-2-96- सी- चार , दिनांक 29 फरवरी 1996 , मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3 ( ए ) 19-03 - इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 (3 ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक- 897- 21- ब ( एक ) 07 , दिनांक 21 जून 2007 में दिए गए प्रावधानों के अन्तर्गत प्रदान की जाती है.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

गणना पत्रक

1 . श्रीमती आशा भटनागर : 15-10-1981 सेवानिवृत्त ( जिला एवं सत्र ) प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , इन्दौर का नियुक्तिदिनांक.

2. सेवानिवृत्ति दिनांक : 31-5-2012 3. नियुक्ति दिनांक 15--10--1981 से दिनांक 9-3-1987 तक : 5 वर्ष 4 माह कुल सेवा अवधि.

4. दिनांक 10-3-1987 से सेवानिवृत्ति दिनांक तक कुल सेवा अवधि. : 25 वर्ष 2 माह 5. कालम ( 3 ) में अंकित अवधि हेतु समर्पण अवकाश : 5×15=75 दिन की पात्रता ( एक वर्ष में 15 दिन की दर से) .

6. कालम (4 ) में अंकित अवधि : 24-12× 15-180 हेतु समर्पण अवकाश की पात्रता दिन. (एक वर्ष में 7 दिन की दर से तथा दो वर्ष में 15 दिन की दर से) . : 1×7=7 दिन टीप- खण्ड माह की अवधि यदि एक वर्ष पूर्ण है तो सम्मिलित करते हुए.

7. कुल अर्जित अवकाश समर्पण की पात्रता. : 262दिन 8. घटाईयेः- सेवा के दौरान : निरंक

लिया गया अवकाश समर्पण का लाभ.

9. सेवानिवृत्ति पर अर्जित अवकाश समर्पण की पात्रता. : 215 दिन नोट .- मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक -3 ( ए) 19-03- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 3 ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 897-इक्कीस ब ( एक ) 07 , दिनांक 21 जून 2007 के अनुसार दिनांक 1 नवम्बर 1999 के पश्चात् के अर्जित अवकाश नगदीकरण को उपरोक्त गणना में सम्मिलित नहीं किया गया है .

भाग 1 ]

क्र. D- 3973-दो-2-49-2009.- श्री जगदीश बाहेती , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, खण्डवा को दिनांक 26 जून से 28 जून 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री जगदीश बाहेती, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, खण्डवा को खण्डवा पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री जगदीश बाहेती उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. D - 3976-दो- 2-22-2008.- श्री आर. के. जैन, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, इंदौर को दिनांक 27 से 30 जून 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 1 जुलाई 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. जैन , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , इंदौर को इंदौर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर . के. जैन उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र . D - 3978-दो-2-5-2006.- श्रीमती जयश्री वर्मा, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , उज्जैन को दिनांक 19 से 22 जून 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्रीमती जयश्री वर्मा, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है .

3203

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती जयश्री वर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. D - 3980-दो- 2-47-2010. श्री आर. एन. पटेल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नीमच को दिनांक 26 से 30 जून 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 1 जुलाई 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री आर. एन. पटेल , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , नीमच को नीमच पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. एन. पटेल उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. D - 3982- दो - 2-14-2005.- श्री आर. बी. एस. बघेल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , विदिशा को दिनांक 23 से 28 अप्रैल 2012 तक छः दिवस के अर्जित अवकाश के साथ होम एल.टी.सी. सुविधा को परिवर्तित करते हुए भारत भ्रमण के लिये उपभोग करने के कारण वर्ष 2009 से वर्ष 2011 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस (केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक -3 ( ए) 19-03 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666 - इक्कीस - ब ( एक ) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 9 अप्रैल 2012 के अनुसार प्रदान की जाती है .

क्र. D - 3984- दो- 2-15-2012.- श्री सुरेन्द्र सिंह रघुवंशी, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , सागर को दिनांक 27 से 30 जून 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 1 जुलाई 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

3204

अवकाश से लौटने पर श्री सुरेन्द्र सिंह रघुवंशी , प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , सागर को सागर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री सुरेन्द्र सिंह रघुवंशी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. D - 3986- दो - 2-38-2010.- श्री राजीव कुमार दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , झाबुआ को दिनांक 22 से 29 सितम्बर 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 30 सितम्बर 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री राजीव कुमार दुबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , झाबुआ को झाबुआ पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री राजीव कुमार दुबे उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 6266- दो - 2-11-2011 .- श्री श्याम कुमार मण्डलोई, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बड़वानी को दिनांक 16 जून 2012 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री श्याम कुमार मण्डलोई, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बड़वानी को बड़वानी पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री श्याम कुमार मण्डलोई उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

[ भाग 1 क्र. C-6268- दो-2-18-2009.- श्री एस . के. जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , रतलाम को दिनांक 28 से 30 जून 2012 तक तीन दिन के पूर्व स्वीकृत अर्जित अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 27 जून 2012 का एक दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री एस. के. जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रतलाम को रतलाम पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस. के. जैन उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. C- 6270- दो - 2-19- ए- 2009.- सुश्री भारती बघेल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अशोकनगर को दिनांक 27 से 29 जून 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर सुश्री भारती बघेल , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अशोकनगर को अशोकनगर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्यूटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि सुश्री भारती बघेल उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. C-6272- दो-2-11-2011.- श्री एस . के. मण्डलोई , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बड़वानी को दिनांक 22 से 28 जून 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री एस. के. मण्डलोई , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बड़वानी को बड़वानी पुनः पदस्थापित किया जाता है .

भाग 1 ]

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस. के. मण्डलोई उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 6274-दो- 2-14-2012 .- श्री ए. जे . खान , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बालाघाट को दिनांक 25 से 27 जून 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 24 जून 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री ए. जे. खान , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बालाघाट को बालाघाट पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .

प्रमाणित किया जाता है कि श्री ए. जे . खान उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 6276- दो -2-29-2012 .- श्री राजीव शर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , दतिया को मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्रमांक -3 ( ए) 19-03- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2009 से 31 अक्टूबर 2011 तक 2 वर्ष की ब्लाक अवधि के लिए 30 दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है .

क्र. C- 6278- दो - 2-20-2011 .- श्री अनिल कुमार चतुर्वेदी, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, ग्वालियर को दिनांक 21 मई से 2 जून 2012 तक तेरह दिन के पूर्व स्वीकृत ग्रीष्मकालीन अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 3 से 4 जून 2012 तक दो दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश एवं दिनांक 5 से 8 जून 2012 तक चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 9 से 10 जून 2012 तक के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री अनिल कुमार चतुर्वेदी, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

3205

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अगस्त 2012

प्रमाणित किया जाता है कि श्री अनिल कुमार चतुर्वेदी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. C -6280- दो-2-10-2005. श्री उदयसिंह बहरावत, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डलेश्वर को दिनांक 18 से 30 जून 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 17 जून 2012 के एवं पश्चात् में दिनांक 1 जुलाई 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री उदयसिंह बहरावत, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डेश्वर को मण्डलेश्वर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री उदयसिंह बहरावत उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, एस. के. साहा, रजिस्ट्रार.

जबलपुर, दिनांक 4 अगस्त 2012

क्र. D - 3988- दो-3-102-2000.- श्री बी.डी. राठी, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार , उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को दिनांक 2 से 4 जुलाई 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 1 जुलाई 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री बी. डी. राठी , प्रिंसिपल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री बी. डी. राठी, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रिंसिपल रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत रहते.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार ,

एस. के. साहा , रजिस्ट्रार.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 24 August 2012. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2012-08-24.34.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2012-08-24.34.Ordinary.