Servants of Knowledge
Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 14 September 2012

Type
Ordinary
Gazette no.
37
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2012-09-14.37.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदे श शासन

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 37 ]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 14 सितम्बर 2012- भाद्र 23 , शक 1934

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख ) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,

( ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 7 सितम्बर 2012

क्र. ई. - 5-739- आयएएस लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री हीरालाल त्रिवेदी, आयएएस. , प्रमुख राजस्व आयुक्त तथा नियंत्रक, शासन मुद्रण एवं लेखन सामग्री, भोपाल को दिनांक 17 से 22 सितम्बर 2012 तक, छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 15, 16 सितम्बर 2012 एवं 23 सितम्बर 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

( 2) श्री हीरालाल त्रिवेदी की अवकाश अवधि में श्री अजीत केसरी, आय.ए.एस. , पुनर्वास आयुक्त तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, प्रमुख राजस्व आयुक्त तथा नियंत्रक, शासन मुद्रण एवं लेखन सामग्री , भोपाल का प्रभार सौंपा जाता है .

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(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री हीरालाल त्रिवेदी को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख राजस्व आयुक्त तथा नियंत्रक, शासन मुद्रण एवं लेखन सामग्री , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) श्री हीरालाल त्रिवेदी द्वारा प्रमुख राजस्व आयुक्त तथा नियंत्रक, शासन मुद्रण एवं लेखन सामग्री , भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अजीत केसरी , प्रमुख राजस्व आयुक्त तथा नियंत्रक, शासन मुद्रण एवं लेखन सामग्री , भोपाल के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5) अवकाशकाल में श्री हीरालाल त्रिवेदी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री हीरालाल त्रिवेदी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. परशुराम, मुख्य सचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2012 .

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[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 31 अगस्त 2012

क्र. फा. 3 ( बी ) 6-2011 - इक्कीस - ब ( एक ) .- ( मेरिट क्र. 1 ) राज्य शासन, श्री मोहित मिश्रा पुत्र श्री एच. सी. मिश्रा को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश , वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परीवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश होने तक अस्थायी रूप से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090-920-40450- 1080-44470 में एतद्वारा नियुक्त करता है .

अभ्यर्थी का गृह जिला जबलपुर है . उसकी जन्मतिथि 10 अगस्त, 1984 है.

भोपाल, दिनांक 5 सितम्बर 2012

फा. क्र. 3 ( बी ) 6-2011 - इक्कीस - ब ( एक) . - राज्य शासन, एतद्वारा , श्री गौरव कुमार आत्मज श्री सुभाष चंद, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , मुरैना के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश, मुरैना का त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से स्वीकृत करता है .

भोपाल , दिनांक 6 सितम्बर 2012

फा. क्र. 1-6-89-इक्कीस ब( एक ) -2657-12.-स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 ( 1985 का 61 ) की धारा 36 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति की सहमति से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 1-6-89- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 3 अप्रैल 1998 में, जो मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग -1 में दिनांक 17 अप्रैल 1998 को प्रकाशित हुई थी , निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्ः-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में, अनुसूची में, अनुक्रमांक 3 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्ः-

विशेष

न्यायाधीश का नाम

क्रमांक तथा पदनाम

स्थानीय क्षेत्र/ सेशन खण्ड अनु- (1)

(2)

(4)

न्यायालय (3)

ग्वालियर

" 3. श्री एन. पी . सिंह, अतिरिक्त सेशन

न्यायाधीश, ग्वालियर.

ग्वालियर, राजस्व जिला की भाण्डेर तहसील को छोड़कर. ".

यह संशोधन उस तारीख से प्रवृत्त होगा जिसको कि इस अधिसूचना में यथाविनिर्दिष्ट न्यायाधीश उक्त न्यायालय में अपने पद का कार्यभार ग्रहण करें .

F. No. 1-6-89 - XXI - B ( 1 ) -2657-12 .- In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of Section 36 of the Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act , 1985 (No. 61 of 1985 ) , the State Government , with the concurrence of the Chief Justice of the High Court of Madhya Pradesh , hereby, makes the following amendment in this Department's Notification F. No. 1-6-89 - XXI- B ( 1 ) , dated 3rd April , 1998 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part - 1 , dated 17th April , 1998 namely:-

AMENDMENT

In the said notification in the Schedule for serial number 3 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be substituted , namely:-

S.No.

Special Court

Name and Designation of theJudge

(3)

Local area/ Session division (4) (1)

(2)

"3. Shri N. P. Singh , Additional Session Judge, Gwalior.

Gwalior Gwalior Revenue District excluding Bhander Tehsil of Gwalior." .

This amendment shall come into force from the date onwhich the Judge as specified in this notification assumes the charge of his office in the said Court .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

के. डी. खान, प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 30 अगस्त 2012

फा. क्र. 1 - बी- 13-04- इक्कीस - ब(दो ) .- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 15 जुलाई 2004 के द्वारा श्री बाबूलाल गवली, अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक , जिला शाजापुर , तहसील आगर को नियुक्त किया गया था.

श्री बाबूलाल गवली, अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, जिला शाजापुर, तहसील आगर की आयु 62 वर्ष पूर्ण हो जाने के कारण उन्हें राज्य शासन विधि विभाग नियमावली 2008 के नियम 20 के अन्तर्गत आदेश जारी होने के दिनांक से तत्काल पदमुक्त करता है .

फा. क्र. 1 - बी- 13-04-इक्कीस - ब ( दो ) . - राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 15 जुलाई 2004 के द्वारा श्री गोवर्धन लाल सोनी , अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, जिला शाजापुर को नियुक्त किया गया था.

श्री गोवर्धन लाल सोनी, अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, जिला शाजापुर की आयु 62 वर्ष पूर्ण हो जाने भाग 1 ]

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

के कारण उन्हें राज्य शासन विधि विभाग नियमावली 2008 के नियम 20 के अन्तर्गत आदेश जारी होने के दिनांक से तत्काल पदमुक्त करता है .

भोपाल , दिनांक 6 सितम्बर 2012

फा. क्र. 17 (ई ) -323-2010 - इक्कीस - ब ( दो ) .- विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम , 1987 ( 1987 का संख्यांक 39 ) की धारा 28 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए और मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति के परामर्श से राज्य सरकार , एतद्वारा , मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियम, 1996 में निम्नलिखित संशोधन करती है , अर्थात्ः-

संशोधन

उक्त नियमों में, नियम 20 में शब्द, अंक तथा कोष्ठक " रुपये 50,000/- ( रुपये पचास हजार ) " के स्थान पर शब्द, अंक तथा कोष्ठ " रुपये 1,00,000/- ( रुपये एक लाख ) " स्थापित किए जाएं.

In exercise of the powers conferred by Section 28 of the legal Service Authorities Act , 1987 ( No. 39 of 1987) , and in consultation with the Chief Justice of the Madhya Pradesh High Court , The State Government hereby makes the following amendment in the Madhya Pradesh State Legal Service Authority Rules , 1996 , namely :-

AMENDMENT

In the said rule , in rule 20, for the words , figures and bracket "Rupees 50,000/ - ( Rupees Fifty Thousand) " the words , figures and bracket "Rupees 1,00,000/- (Rupees One Lack) " shall be substituted.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अनिल वर्मा, सचिव.

खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 10 जुलाई 2012

क्र. एफ- 5-12-2011- उन्तीस- 2.- राज्य शासन, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम , 1986 ( 1986 की सं. 68 ) की धारा 10 की उपधारा ( 1 - क ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए चयन समिति की सिफारिश पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम्स में उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख से निम्नांकित को सदस्य के रूप में नियुक्त करता है:-

नाम

जिला (2)

(3) क्र. (1)

1

श्री कोमलचंद्र जैन

हरदा 2. जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य प्रत्येक कार्य दिवस पर पूर्वान्ह 10.30 बजे से अपरान्ह 4.00 बजे तक जिला उपभोक्ता फोरम में उपस्थित रहेंगे. उन्हें यह भी निर्देशित किया जाता है कि वे बिना उपयुक्त कारण के फोरम की बैठक में तीन बार अनुपस्थित रहते हैं तो उन्हें पद से हटाने की कार्यवाही की जावेगी . सदस्य को केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेना अनिवार्य होगा.

भोपाल , दिनांक 16 जुलाई 2012

क्र. एफ - 5-12-2011- उन्तीस- 2.- राज्य शासन , उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 ( 1986 की सं. 68 ) की धारा 10 की उपधारा ( 1 - क ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, चयन समिति की सिफारिश पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम्स में उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख से निम्नांकित को सदस्य के रूप में नियुक्त करता है:-

जिला क्र. नाम

(3) (1) (2)

1 श्रीमती मनोरमा शर्मा

टीकमगढ़

उज्जैन

उज्जैन 2 श्रीमती विद्या व्यास श्री पुरूषोत्तम तिवारी

2. जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य प्रत्येक कार्य दिवस पर पूर्वान्ह 10.30 बजे से अपरान्ह 4.00 बजे तक जिला उपभोक्ता फोरम में उपस्थित रहेगे . उन्हें यह भी निर्देशित किया जाता है कि वे बिना उपयुक्त कारण के फोरम की बैठक में तीन बार अनुपस्थित रहते हैं तो उन्हें पद से हटाने की कार्यवाही की जावेगी . सदस्य को केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेना अनिवार्य होगा.

भोपाल , दिनांक 8 अगस्त 2012

क्र. एफ- 5-12-2011- उन्तीस- 2.- राज्य शासन , उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 ( 1986 की सं. 68 ) की धारा 10 की उपधारा ( 1 - क ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, चयन समिति की सिफारिश पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम्स में उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख से निम्नांकित को सदस्य के रूप में नियुक्त करता है:-

जिला क्र. नाम

(3) (1) (2)

देवास 1 श्री नरेन्द्र कुमार जैन

2. जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य प्रत्येक कार्य दिवस पर पूर्वान्ह 10.30 बजे से अपरान्ह 4.00 बजे तक जिला उपभोक्ता फोरम में उपस्थित रहेंगे. उन्हें यह भी निर्देशित किया जाता है कि वे बिना उपयुक्त कारण के फोरम की बैठक में तीन बार अनुपस्थित रहते हैं तो उन्हें पद से हटाने की कार्यवाही की जावेगी . सदस्य को केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेना अनिवार्य होगा.

3374

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

क्र. एफ- 11-5-2006- उन्तीस - 2.- राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन मेमोरन्डम एण्ड आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के आर्टिकल्स 81 ( ए) ( सी ) ( डी) के अन्तर्गत मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड के संचालक मण्डल में संचालक के पद पर श्रीमती दिपाली रस्तोगी तत्कालीन आयुक्त- सह- संचालक, खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, मध्यप्रदेश, भोपाल के स्थान पर श्री उमाकांत उमराव, आयुक्त- सह- संचालक, खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मध्यप्रदेश , भोपाल को संचालक मण्डल में संचालक मनोनीत किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुबोध रेगे, उपसचिव.

श्रम विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 30 अगस्त 2012

क्र. एफ- 14-2-2012- ए-सोलह.- भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार ( नियोजन तथा सेवा शर्त विनियमन ) अधिनियम, 1996 (1996 का 27 ) की धारा 16 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए, तथा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 31-8 - ए- सोलह , दिनांक 10 जनवरी 2008 जो मध्यप्रदेश राजपत्र में दिनांक 11 जनवरी 2008 को प्रकाशित की गई थी, में आंशिक संशोधन करते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा गठित निधि में, भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकारों द्वारा प्रथम पंजीयन की अवधि 3 वर्ष के स्थान पर 5 वर्ष करती है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजीव श्रीवास्तव, उपसचिव.

भोपाल , दिनांक 30 अगस्त 2012

क्र. एफ- 14-2-2012-ए- सोलह . भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा , प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , संजीव श्रीवास्तव , उपसचिव.

[भाग 1 Bhopal , the 30th August 2012

No. F - 14-2-2012 - A - XVI . In exercise of the powers conferredby sub- section ( 1) of Section 16 of the Building and Other Construction Workers ( Regulation of Employment and Conditions of Service ) Act , 1996 (No. 27 of 1996 ) , The State Government , hereby, makes the partial amendments in this Department's Notification No. 31-08 - A - XVI , dated 10th January 2008 , which was published in the Official Gazette dated 11th January 2008 and specify the period of five years instead of three years for the first registration being made by the Building and Other Construction Workers in the fund constituted by the Madhya Pradesh Building and Other Construction Workers Welfare Board .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , SANJEEV SHRIVASTAVA , Dy . Secy.

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 3 सितम्बर 2012

क्र. एफ- 9-2-2006- अट्ठावन.- राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश राज्य कृषि उद्योग विकास निगम के मेमोरेन्डम एण्ड आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन के आर्टिकल्स -74 ( ए) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, निगम के संचालक मण्डल में श्रीमती रश्मि अरूण शमी के स्थान पर श्री अनुराग श्रीवास्तव , आयुक्त- सह- संचालक, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी को सदस्य मनोनित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, टी. आर. काटवाले, अवर सचिव.

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 6 सितम्बर 2012

क्र. डी- 7-2-2012-चौदह- 3.- मध्यप्रदेश ट्रेक्टर द्वारा खेती ( प्रभारों की वसूली) अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 9 सन् 1973 ) की धारा 7 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, 3375

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

भाग 1 ]

एतद्वारा , मध्यप्रदेश ट्रेक्टर द्वारा खेती ( प्रभारों की वसूली ) नियम, 1981 में निम्नलिखित और संशोधन करती है , अर्थात्ः -

संशोधन

उक्तनियमों में नियम 7 के स्थान पर निम्नलिखित नियम स्थापित किया जाए, अर्थात्: -

" 7 ट्रेक्टर द्वारा की गई खेती संबंधी प्रभारों का मापमान- ट्रेक्टर द्वारा की गई खेती संबंधी प्रभारों का मापमान निम्नानुसार होगा:-

(क) समस्त कृषि कार्य , जो विभिन्न अश्वशक्ति के व्हील टाईप ट्रेक्टरों द्वारा किया जाना हो ( इनमें परिवहन सम्मिलित नहीं है ) :-

रु. 285/- प्रति घंटा 1. 40 अश्वशक्ति तक के ट्रेक्टर.

रु. 410/- प्रति घंटा 2. 41 अश्वशक्ति या उससे अधिक अश्वशक्ति के ट्रेक्टर.

(ख ) परिवहन कार्य:-

रु. 10/- प्रति किलोमीटर 1. 40 अश्वशक्ति तक के व्हील टाईप ट्रेक्टर.

रु. 15/- प्रति किलोमीटर 2. 41 अश्वशक्ति या उससे अधिक अश्वशक्तिके व्हील टाईप ट्रेक्टर.

2. यह संशोधन इस अधिसूचना के जारी होने के दिनांक से प्रवृत्त होगा.".

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विजय पण्डित, उपसचिव.

भोपाल , दिनांक 6 सितम्बर 2012

क्र. डी- 7-2-2012- चौदह-3. भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 6 सितम्बर 2012 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा , प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , विजय पण्डित, उपसचिव.

Bhopal , the 6th September 2012

No.D - 7-2-2012 - XIV - 3.-In exercise of the powers conferred by Section 7 of the Madhya Pradesh Tractor Dwara Kheti ( Prabharo Ki Vasuli ) Adhiniyam , 1972 (No. 9 of 1973 ) , the State Government hereby makes the following further amendment in the Madhya Pradesh Tractor Dwara Kheti (Prabharo Ki Vasuli ) Niyam , 1981 , namely:-

AMENDMENT

In the said rules , for rule 7 , the following rule shall be substituted , namely:-

"7. Scale of Tractor Cultivation Charges , The scale of Tractor Cultivation charges shall be as follows :---

(a) All the Agricultural works which are to be performed using Tractors of different horsepower . ( It does not include transportation) : -

Rs . 285/ - per hour 1. Tractors upto 40 horsepower.

Rs . 410/- per hour 2. Tractors of 41 horsepower or above .

(b) Transportation works :--

Rs . 10/ - per Kilometer 1. Wheel Type Tractors upto 40 horsepower

Rs . 15/- per Kilometer 2. Wheel Type Tractors of 41 horsepower or above .

2. This amendment shall come in to force with effect from the date of issue of this notification . " .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , VIJAY PANDIT, Dy. Secy.

भोपाल, दिनांक 3 सितम्बर 2012

क्र. डी- 15-17-2012- चौदह - 3.-चूंकि, राज्य शासन ने मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अधीन जारी की गई, इस विभाग की अधिसूचना क्र. डी- 15-17-2012- 3376

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

चौदह -3 , दिनांक 19 जुलाई 2012 के द्वारा रायसेन जिले की तहसील सिलवानी में समाविष्ट समस्त राजस्व एवं वन ग्रामों के क्षेत्र में कृषि उपज के क्रय- विक्रय को विनियमन करने के लिए सिलवानी में पृथक् मण्डी स्थापित करने की आशय संज्ञापित किया था.

अतएव, कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 4 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , उक्त अधिनियम के प्रयोजन के लिये उक्त अधिनियम की अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई कृषि उपज के संबंध में रायसेन जिले की तहसील सिलवानी के समस्त राजस्व एवं वन ग्रामों के क्षेत्र में कृषि उपज के क्रय - विक्रय को विनियमन करने के लिए सिलवानी में पृथक् मण्डी स्थापित करती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, हेमराज सिंह, अवर सचिव.

भोपाल , दिनांक 3 सितम्बर 2012

क्र . डी- 15-17-2012- चौदह- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 3 सितम्बर 2012 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा , प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, हेमराज सिंह, अवर सचिव.

Bhopal , the 3rd September 2012

No.D -15-17-2012 - XIV- 3.- WHEREAS , vide this Department's Notification dated 17th July 2012 issued under the provision of sub - section of Section ( 1) of Section 3 of Madhya Pradesh Krish Upaj Mandi Adhiniyam, 1972 (No. 24 of 1973 ) the State Government had declared its intention to establish a separate market at Silwani ( including all revenue and forest villages of Tehsil Silwani ) in Raisen District for regulating the purchase and sale of Agricultural produce mentioned in the Schedule of the said Act.

NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by Section 4 of the Madhya Pradesh Krish Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973), the State Government hereby establish a separate market at Silwani (including all revenue and forest villages of the Tehsil Silwani in Raisen District) for regulating the purchase and sale of the Agricultural produce mentioned in the Schedule of the Act .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

HEMRAJ SINGH , Under Secy.

भोपाल, दिनांक 3 सितम्बर 2012

क्र. डी- 15-17-2012- चौदह-3 . चूंकि, राज्य शासन ने मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम , 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अधीन जारी की गई, इस विभाग की अधिसूचना क्र. डी-15-20-92-चौदह -3, दिनांक 19 दिसम्बर 1996 द्वारा जिला रायसेन की गैरतगंज मंडी क्षेत्र में ( जो इसके पश्चात् " उक्त मंडी क्षेत्र " के नाम से निर्दिष्ट है ) में सम्मिलित तहसील सिलवानी के ग्राम सिलवानी में स्थापित उपमंडी में निर्दिष्ट कृषि उपजों के क्रय- विक्रय को विनियुक्त किया था.

और, चूंकि, राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश कृषि उपज अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 70 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड-3 के उपबन्धों के अधीन जारी की गई इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक डी- 15-17-2012 - चौदह-3 , दिनांक 19 जुलाई 2012 द्वारा रायसेन जिले की गैरतगंज मंडी की सिलवानी तहसील स्थित ग्रामों में समाविष्ट क्षेत्र ( जो इसके पश्चात् " उक्त क्षेत्र " के नाम से निर्दिष्ट है ) को विपाटित करके " उक्त मंडी क्षेत्र " की सीमाओं के परिवर्तन करने का आशय संज्ञापित किया था.

अतएव , मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 71 की उपधारा 2 के खण्ड - ग द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार एतद्वारा इस अधिसूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित होने के दिनांक से रायसेन जिले की गैरतगंज मंडी को " उक्त क्षेत्र " से विपाटित करके " उक्त मण्डी क्षेत्र " की सीमाओं के परिवर्तन करने का आशय संज्ञापित करती है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, हेमराज सिंह, अवर सचिव.

भोपाल, दिनांक 3 सितम्बर 2012

क्र. डी- 15-17-2012-चौदह-3 . भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 3 सितम्बर 2012 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा , प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, हेमराज सिंह, अवर सचिव.

भाग 1 ]

3377

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

Bhopal , the 3rd September 2012

No.D - 15-17-2012 - XIV- 3.- WHEREAS , by this Department's Notification No. D - 15-20-92 - XIV - 3 dated 19th December 1996 issued under section 3 of sub- section 1 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam 1972 (No. 24 of 1973 ) the State Government had declared its intention to regulate the purchase and sale ofagricultural produce , mentioned in the schedule of the said Act , in the area of Geratganj mandi of Raisen District (herein after referred to as the " said market area " ) .

AND , WHEREAS , as by this department's Notification No. D- 15-17-2012 -XIV- 3 , dated 19th July 2012 issued under the provison of clause ( iii ) of sub - section ( 1 ) of Section 70 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 ( No. 24 of 1973 ) , the State Government had declared its intention to alter the limit of the " said market area " by splitting it up from the area comprising of villages situated at Silwani in Raisen district ( herein after referred to as the " said area " ) .

NOW, THEREFORE , in exercise of the powers conferred by clause (c) of sub- section (2) of Section 71 of the madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government hereby establish a separate market at Silwani in Raisen District by spelitting the " said market area " from the " said area" .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , HEMRAJ SINGH , Under Secy.

भोपाल, दिनांक 3 सितम्बर 2012

क्र. डी- 15-17-2012- चौदह 3. चूंकि, राज्य शासन ने मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 5 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 3 सितम्बर 2012 द्वारा स्थापित कृषि उपज मण्डी समिति सिलवानी के अन्तर्गत मण्डी क्षेत्र के निम्नलिखित स्थान , उस पर बने समस्त संरचना, अहाता, खुला स्थान या परिक्षेत्र को मण्डी प्रांगण घोषित करती है , अर्थात्ः-

स्थान

ग्राम पंचायत सिलवानी तहसील सिलवानी , जिला रायसेन में स्थित शासकीय कृषि प्रक्षेत्र सिलवानी की निम्नलिखित खसरा क्रमांक भूमि की 15 एकड़ भूमि का क्षेत्रः-

क्रमांक

क्षेत्रफल ( एकड़ में ) खसरा क्रमांक

(3)

(1) (2)

1.00

1. 396,397/2

14.00

2. 392/2

15.00

योग .

जिसकी सीमाएं

उत्तर में- कृषि फर्म दक्षिण में- भूमि स्वामी बजाज पूर्व में- सड़क शासकीय पश्चिम में-कच्चा रास्ता

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

हेमराज सिंह , अवर सचिव.

भोपाल, दिनांक 3 सितम्बर 2012

क्र. डी- 15-17-2012- चौदह -3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 3 सितम्बर 2012 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, हेमराज सिंह , अवर सचिव.

Bhopal , the 3rd September 2012

No. D - 15-17-2012 -XIV- 3.-In exercise of the powers conferred by clause ( a) of sub - section (2) of Section 5 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973), the State Government hereby declares that the following area including all structures , enclosure , open places or locality in the market area for which a market at Silwani has been established by this Department's Notification even No. dated 3rd September 2012 shall be the market yard namely:-

PLACE

An area of 15.00 Acre land of Khasra Number 396 , 397/2 , 392/2 at Gram Panchayat Silwani in 3378

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

Tehsil Silwani of district Raisen : --

Area ( in Acres ) S. No.

Khasra No. (2)

(1)

(2)

1.

1.00

396 , 397/2

2. 392/2

14.00

Total .

15.00

BOUNDED BY

On the North by Krishi Farm

On the South by - Land of Bajaj

On the East by-Government Road

On the West by- Kachcha Rasta

By order and in the name of the Governor ofMadhya Pradesh , HEMRAJ SINGH , Under Secy.

भोपाल, दिनांक 3 सितम्बर 2012

क्र. डी- 15-17-2012- चौदह- 3.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 5 की उपधारा (2 ) के खण्ड ( ख ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार , एतद्वारा , इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 3 सितम्बर 2012 के अधीन घोषित मंडी प्रांगण के संबंध में मंडी क्षेत्र सिलवानी जिला रायसेन के निम्नलिखित क्षेत्र को मूल मंडी क्षेत्र घोषित करती है:-

क्षेत्र

( 1 ) ग्राम पंचायत सिलवानी तहसील सिलवानी, जिला रायसेन की सीमाओं के भीतर का क्षेत्र.

(2) मूल मंडी प्रांगण से 5 किलोमीटर की परिधि के भीतर आने वाले निम्नलिखित ग्रामों को समाविष्ट करता हुआ क्षेत्र :-

1. जमुनिया परमसुख , 2. रम्पुरा , 3. बेंगमा कला, 4. बेंगमा खुर्द, 5. खनपुरा, 6. आमापानी , 7. नूरपुरा , 8. रानीपुरा , 9. जुनिया, 10 काकोली , 11 भोडिया , 12 , नीगरी , 13. कठेली, 14. चीचोली , 15 डुगरिया, 16. चंदपुरा .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, हेमराज सिंह, अवर सचिव.

भोपाल, दिनांक 3 सितम्बर 2012

क्र. डी- 15-17-2012- चौदह- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 3 सितम्बर 2012 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, हेमराज सिंह, अवर सचिव.

Bhopal , the 3rd September 2012

No. D - 15-17-2012 - XIV- 3.-In exercise of the powers conferred by clause ( b) of sub-section (2) of Section 5 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973) , the State Government hereby declare that , for the market yard notified vide this department's Notification even number dated 3rd September , 2012 , the following area of Silwani in district Rasen , Shall be the main market yard :-

AREA

(1) An area within the limit of Gram Panchayat Silwani in Tehsil Silwani of District Raisen .

(2) An area comprising of the following villages within the radius of 5 kilometers from the main marker yard namely:-

(i) Jamunia Paransukh , ( ii ) Rampura , (iii ) Bagmakalan , ( iv) Bagmakhurd , ( v) Khanpura (vi) Amapani , (vii ) Noorpura , ( viii ) ranipura , ( ix) Juniya , (x) Kaokoli , ( xi ) Bhodiya , ( xii ) Neegri , (xiii) Khatali , (xiv ) Chicholi , ( xv ) Dungriya , (xvi) Chandpura .

By order and in the name of the Governor ofMadhya Pradesh , HEMRAJ SINGH , Under Secy.

भोपाल, दिनांक 3 सितम्बर 2012

चूंकि, राज्य शासन ने क्र. डी- 15-19-2012- चौदह-3. मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 ( क्रमांक 24 सन् 1973) की धारा 5 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( ख ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , उपमंडी क्षेत्र पठारी , जिला विदिशा के निम्नलिखित क्षेत्र को मूल उपमंडी क्षेत्र घोषित करती है: -

क्षेत्र

( 1 ) ग्राम पंचायत पठारी , तहसील कुरवाई, जिला विदिशा की सीमाओं के भीतर का क्षेत्र.

भाग 1 ]

3379

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

(2) उप मंडी प्रांगण से 5 किलोमीटर की परिधि के भीतर आने वाले निम्नलिखित ग्रामों को समाविष्ट करता हुआ क्षेत्र : - 1. पठारी , 2. पिपरिया, 3. चंदनपुर, 4. जमोनिया, 5. जाजपोन, 6. छपारा , 7.

8. जारौली , 9. मथुरापुर,

किशनपुर ,

10. अंधियार बावड़ी, 11. बरखेड़ा पठारी , 12. वीरपुर,

15 पटरा, 16 , पदमयाई, 13. सेमरखेड़ी, 14. बड़ोह,

17. कांकलखेड़ 18. हासमपुर, 19. खड़ाखेड़ी, 20 पीरोठा, 21. चन्दूली , 22. सेदपुर, 23. चोपड़ा, 24. खजूरिया, 25. विसराहा, 26. रामगढ़ 27. परसोरा , 28. बावईकला, 29. चीलपहाड़ी, 30. मनेशा , 31. बगोदा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , हेमराज सिंह , अवर सचिव.

भोपाल, दिनांक 3 सितम्बर 2012

क्र. डी- 15-19-2012- चौदह-3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 3 सितम्बर 2012 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, हेमराज सिंह, अवर सचिव.

Bhopal , the 3rd September 2012

No. D - 15-19-2012 - XIV- 3 . In exercise of the powers conferred by clause (b) of sub-section (2) of Section 5 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam , 1972 (No. 24 of 1973) , the State Government hereby declared that , the following area of Kurvai Tehsil of district Vidisha shall be proper sub market yard :-

AREA

(1) An area within the limit of Gram Panchayat Pathari in Tehsil Kurvai of District Vidisha .

(2) An area comprising of the following villages within the radius of 5 kilometers from the sub marker yard namely:-

(i ) Pathari , ( ii) Pipariya , ( iii ) Chandanpur , (iv) Jamoniya , ( v) jaajpon ( vi ) Chhapara ,

, (viii ) Zarouli , (ix ) Mathurapur, (vii ) Kishanpur

(x) Andhiyarpur Bavadi , ( xi ) barkheda Pathari , (xii ) Veerpur, ( xiii ) Semerkhedi , (xiv ) Badoh ,

) Kankalkhed , hasampur, (xix) Khedakhedi , (xv) Patra, ( xvi ) Padamyai , ( xvii (xviii)

( xxii ) Sedpur, ( xx) Peerotha, (xxi ) Chanduli ,

(xxiii ) Chopra , (xxiv ) Khajuriya , ( xxv ) Vishraha , (xxvi ) Ramgarh , ( xxvii ) Persora , ( xxviii ) Baavaikala , ( xxix) chilpahadi , ( xxx ) Menesha (xxxi) Bagouda .

By order and in the name of the Governor ofMadhya Pradesh , HEMRAJ SINGH , Under Secy.

गृह विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 4 सितम्बर 2012

क्र. एफ-1 (ए ) -93-05- ब-2- दो. श्री डी. पी. सिंह, भापुसे, पुलिस उप महानिरीक्षक, होमगार्ड, जबलपुर को दिनांक 24 सितम्बर 2012 से 19 अक्टूबर 2012 तक छब्बीस दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 23 सितम्बर 2012 एवं 20, 21 अक्टूबर 2012 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुये राज्य शासन द्वारा उन्हें खण्ड वर्ष 2010-13 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2010-2011 के विस्तार वर्ष 2012 में गृह नगर अवकाश यात्रा के बदले में भारत भ्रमण की पात्रता के तहत सपत्नीक " तिरुअनंतपुरम्" अवकाश यात्रा पर जाने की अनुमति प्रदान की जाती है:-

1. श्री डी. पी. सिंह, -स्वयं

2. श्रीमती सरोज सिंह -पत्नी

(2 ) उक्त अवकाश अवधि में श्री डी. पी. सिंह, भापुसे , पुलिस उप महानिरीक्षक, होमगार्ड, जबलपुर का कार्य श्री विशद तिवारी, अतिरिक्त प्रधान सेनानी, होमगार्ड मध्यप्रदेश जबलपुर द्वारा अपने कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री डी. पी . सिंह, भापुसे , को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस उप महानिरीक्षक, होमगार्ड , जबलपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री डी. पी. सिंह, भापुसे , पुलिस उप महानिरीक्षक, होमगार्ड जबलपुर का कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कण्डिका ( 2 ) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में श्री डी. पी. सिंह, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री डी. पी. सिंह, भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, इंद्रनील शंकर दाणी , अपर मुख्य सचिव.

3380

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय, कलेक्टर ( श्रम शाखा ) , मण्डला, मध्यप्रदेश मण्डला, दिनांक 25 जनवरी 2012

क्र. 01-2012.- बंधक श्रम प्रथा ( समाप्ति) अधि. 1976 की धारा 10 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए, मैं के. के. खरे , कलेक्टर, मण्डला बंधक श्रम प्रथा ( समाप्ति ) अधि. 1976 की धारा 13 ( 2 ) के अन्तर्गत जिला स्तरीय सतर्कता समिति तथा धारा 13 ( 3 ) के अन्तर्गत अनुभाग स्तरीय सतर्कता समिति का पुनर्गठन एतद्वारा करता हूं: -

जिला स्तरीय सतर्कता समिति जिला मण्डला, मध्यप्रदेश धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( क ) के अनुसार -

( 1 ) अपर जिला दण्डाधिकारी , मण्डला मध्यप्रदेश अध्यक्ष धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-

( 1 ) श्री बसोरी , ग्राम चरगांव, विकासखंड बीजाडाडी सदस्य तहसील निवासी, जिला मण्डला.

(2) श्री जमुना भगत मु.ग्रा. झण्डाटोला, विकास- सदस्य खण्ड मोहगांव तहसील जिला मण्डला.

(3 ) श्री चुन्नीलाल झारिया, मु. ग्रा. लिंगापोडी, विकासखण्ड मण्डला, जिला मण्डला. सदस्य धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) श्री जगदीश ठाकुर, बिछिया , जिला मण्डला

सदस्य (2) श्री भगत राय, मु. ग्रा. ग्वारा , जिला मण्डला धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) पुलिस अधीक्षक, मण्डला, जिला मण्डला

सदस्य (2) मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत मण्डला.

(3 ) सहायक आयुक्त/जिला संयोजक , आदिम जाति कल्याण, मण्डला. सदस्य धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( च ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) लीड बैंक मैनेजर , मण्डला

1. अनुविभागीय स्तरीय सतर्कता समिति, अनुविभाग मण्डला धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( क ) के अनुसार-

( 1 ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) मण्डला अध्यक्ष धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-

( 1 ) श्रीमति सिया बाई शाह पति श्री शिवशाह, सदस्य कृषि उपज मण्डी. सदस्य (2) श्री भीष्म द्विवेदी, आ. श्री के. एल . द्विवेदी जनपद सदस्य, जनपद पंचायत मण्डला. सदस्य (3 ) श्री मनोज फागवानी आत्मज श्री जे. डी. फागवानी अधिवक्ता, मण्डला. सदस्य धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार-

( 1 ) श्री दीपक सिंधिया आत्मज विपत लाल सिंधिया सदस्य डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड, मण्डला.

(2 ) श्री दशरथ सिंह आत्मज श्री विष्णु प्रसाद सैयाम, सरपंच ग्राम पंचायत, मानादेही. सदस्य धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत मण्डला.

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( च ) के अनुसार

( 1 ) शाखा प्रबंधक स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, सदस्य मण्डला.

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( छ ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) तहसीलदार, मण्डला

2. अनुविभाग स्तरीय सतर्कता समिति, अनुविभाग अधिकारी, नैनपुर

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( क ) के अनुसार-

अध्यक्ष ( 1 ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) नैनपुर, जिला मण्डला, मध्यप्रदेश.

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) श्री अखिलेश शुक्ला, नैनपुर, जिला मण्डला भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

सदस्य ( 2 ) श्री केसरी पटैल, नैनपुर जिला मण्डला

सदस्य (3 ) श्रीमती ओमवती उइके, सरपंच ग्राम पंचायत रामदेवरी , तहसील नैनपुर, जिला मण्डला.

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) श्री गम्मत सिंह ठाकुर, ग्राम जामगांव, तहसील नैनपुर, जिला मण्डला.

सदस्य

3381

सदस्य (2 ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत बिछिया , जिला मण्डला.

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( च ) के अनुसार-

सदस्य (1 ) शाखा प्रबंधक, स्टेट बैंक आफ इंडिया, बिछिया धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( छ ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) तहसीलदार, बिछिया

(2 ) श्री सुखदेव ठाकुर, ग्राम मानेगांव, तहसील जिला मण्डला.

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, नैनपुर.

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( च ) के अनुसार-

( 1 ) शाखा प्रबंधक, स्टेट बैंक आफ इंडिया, नैनपुर सदस्य धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( छ ) के अनुसार -

सदस्य (1 ) तहसीलदार, नैनपुर

3. अनुविभाग स्तरीय सतर्कता समिति , अनुविभाग, बिछिया धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( क ) के अनुसार

अध्यक्ष (1 ) अनुविभागीय अधिकारी , ( राजस्व)

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) श्री निरंजन सिंह मरकाम, मु. ग्राम- घुघरी, तहसील बिछिया, मण्डला.

(2 ) श्री अशोक नानकानी , बिछिया, जिला मण्डला. सदस्य

सदस्य ( 3 ) सुश्री भगवती बाई पिता फूलसिंह ग्राम मदनपुर घुघरी, तहसील बिछिया, मण्डला.

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार-

सदस्य (1 ) श्री मुन्ना लाल मरकाम, ग्राम खुर्सीपार, पोस्ट- मंगली , तहसील बिछिया , जिला मण्डला.

सदस्य ( 2 ) श्री सुरेश झारिया, आत्मज श्री डुमरा झारिया , बिछिया, जिला मण्डला.

4. अनुविभागीय स्तरीय सतर्कता समिति, अनुविभाग, निवास धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( क ) के अनुसार-

अध्यक्ष (1 ) अनुविभागीय अधिकारी , ( राजस्व) निवास

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-

सदस्य (1 ) डॉ. विनय सर्वटे , ग्रा. जबेरा, पो.आ. देवरीकला बबलिया, तहसील निवास, जिला मण्डला.

सदस्य (2) श्री कमलेश जैन, मुकाम निवास, तहसील निवास , जिला मण्डला.

सदस्य (3 ) श्री जाकिर हुसैन, ग्राम बीजाडांडी, तहसील निवास , जिला मण्डला.

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) श्री संतोष सोनी , निवास जिला मण्डला

सदस्य ( 2 ) श्रीमति प्रेमवती कुशरे , ग्राम जबेरा , तहसील निवास, जिला मण्डला.

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत निवास.

सदस्य (2) मंडल संयोजक, आदिमजाति विभाग , निवास

सदस्य (3 ) थाना प्रभारी, निवास ( मण्डला)

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( च ) के अनुसार-

सदस्य (1 ) शाखा प्रबंधक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, निवास धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( छ ) के अनुसार -

( 1 ) तहसीलदार, निवास

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) अनुविभागीय अधिकारी ( पुलिस ) , तहसील बिछिया, जिला मण्डला.

के. के. खरे , कलेक्टर 3382

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

कार्यालय, कलेक्टर ( भू- अभिलेख ) , जिला इंदौर , मध्यप्रदेश इंदौर, दिनांक 27 अगस्त 2012

क्र. 2573 - भू- अभि- बंधक श्रमिक- 2012.- बन्धक श्रम प्रथा समाप्तिअधिनियम, 1976 की धारा 13 सहपठित नियमों के अधीन जिला स्तरीय एवं खण्ड स्तरीय सतर्कता समिति का गठन निम्नवत किया जाता है:-

जिला स्तरीय समिति

1. कलेक्टर अथवा उनके द्वारा नामांकित व्यक्ति अध्यक्ष

सदस्य 2. श्री वसंत पारगी , निवासी पालदा , जिला इन्दौर, अ.ज.जा.

3. श्री शैलेष पिता अमृतलाल नि. सेवामार्ग, महू, अ.जा. सदस्य 4. श्री चतर पिता लालसिंह, नि. मेंढकवास , सदस्य तह. देपालपुर, अ.ज.जा.

सदस्य 5. श्री कालूसिंह गुजरवाड़ी, नि. गोहान, तहसील हातोद.

6. श्री कैलाश पिता काशीनाथ पिपले , सामाजिक सदस्य कार्यकर्ता नि. 150 , नवलक्खा चौराहा, इन्दौर .

7. पुलिस अधीक्षक, जिला इन्दौर. सदस्य 8. सहायक श्रमायुक्त, इन्दौर, मध्यप्रदेश सदस्य

सदस्य 9. सहायक आयुक्त/जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग.

10. मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत सदस्य 11. मैनेजर, बैंक ऑफ इण्डिया, शाखा, इन्दौर सदस्य (अग्रणी बैंक).

खण्ड स्तरीय सतर्कता समिति

( 1 ) अनुविभाग ( राजस्व ) इन्दौर

1. अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , इन्दौर अध्यक्ष 2. अनुविभागीय अधिकारी ( पुलिस ) , इन्दौर सदस्य 3. श्रीमती सोमबाई पटेल, नि. अमलाझिरी , गेहली सदस्य तहसील इन्दौर, अ.ज.जा.

4. श्री किरण बिलोरिया, नि. भिचौलीहप्सी, सदस्य तहसील इन्दौर अ.जा.

5. श्री सालगराम मालवीय , नि. काजीपलासिया अ.जा. सदस्य 6. श्री घनश्याम वर्मा, नि. विलावली, तह. इन्दौर सामाजिक कार्यकर्ता. सदस्य 7. श्री मुकेश पंवार, भिचौलीहप्सी, तह. इन्दौर सामाजिक कार्यकर्ता. सदस्य 8. कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, इन्दौर सदस्य 9. वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी , विकास खण्ड इन्दौर. सदस्य 10. शाखा प्रबंधक बैंक ऑफ इण्डिया, शाखा इन्दौर सदस्य

सदस्य 11 . तहसीलदार, तहसील इन्दौर

(2) अनुविभाग ( राजस्व ) डॉ. अम्बेडकर नगर

1. अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , अध्यक्ष डॉ. अम्बेडकर नगर.

2. श्री शशिशेखर बानवी , जाटव , निवासी धारनाका अ.जा. सदस्य 3. श्री मिटूसिंह, मांगल्या, अ.ज.जा. सदस्य 4. श्री हरचंद अंसारी , ग्राम बेका, तह. महू. अ.ज.जा. सदस्य 5. श्री नन्दकिशोर कुलमी, जामली , तह. महू सदस्य सामाजिक कार्यकर्ता.

6. श्री प्रहलाद सिंह ठाकुर, हॉसलपुर, तह. महू सदस्य सामाजिक कार्यकर्ता.

7. अनुविभागीय अधिकारी ( पुलिस ) महू सदस्य 8 . तहसीलदार, तहसील महू सदस्य 9. कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत, महू सदस्य 10. वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी , महू सदस्य 11 . शाखा प्रबंधक, बैंक ऑफ इण्डिया, शाखा महू सदस्य (3) अनुविभाग ( राजस्व ) सांवेर

अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , सांवेर अध्यक्ष 1 .

2. श्री रमेश पिता भेरूलाल नि. जेतपुरा , सदस्य तह. सावेर, अ.जा.

सदस्य 3. श्री सुखलाल पिता रघुनाथ मसारे , पीरकराड़िया तह. सांवेर, अ.जा.

4. श्री मोहनलाल पिता जतनलाल भील, नि. सिलोदा सदस्य खुर्द, अ.ज.जा.

5. श्री योगेन्द्र पिता सुखदेव शर्मा , सांवेर अ.जा. सदस्य सामाजिक कार्यकर्ता.

6. श्री विष्णुप्रसाद शुक्ला, नि. जेतपुरा , सामाजिक कार्यकर्ता. सदस्य 7. अनुविभागीय अधिकारी , ( पुलिस ) सांवेर सदस्य 8. तहसीलदार, तहसील सांवेर सदस्य 9. कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत, सांवेर सदस्य 10. शाखा प्रबंधक, स्टेट बैंक ऑफ, इन्दौर शाखा, सांवेर. सदस्य 11. वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी , सांवेर सदस्य (4) अनुविभाग ( राजस्व ) देपालपुर

1. अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , देपालपुर अध्यक्ष

सदस्य 2. श्री रामसिंह छोत्रा, नि. पिपलौदा, अ.ज.जा.

सदस्य 3. श्री देवीसिंह गोयल , नि. बनेड़िया, अ.जा.

4. श्री रामचरण पिता रामाजी, नि. करजोदा, अ.जा. सदस्य 3383

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

भाग 1 ]

सदस्य 5. श्री हरिराम सोलंकी, नि. पिपलौदा, ( सामाजिक कार्यकर्ता.

सदस्य 6. डॉ. भवानीशंकर व्यास, ( सामाजिक कार्यकर्ता )

सदस्य 7. अनुविभागीय अधिकारी , ( पुलिस ) देपालपुर

सदस्य 8. तहसीलदार, देपालपुर

सदस्य 9. कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत , देपालपुर

सदस्य 10. शाखा प्रबंधक, को- ऑपरेटिव बैंक , शाखा, देपालपुर.

सदस्य 11. वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी , देपालपुर

(5) अनुविभाग ( राजस्व ) हातोद

अध्यक्ष 1. अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , हातौद

सदस्य 2. श्री कैलाश बामनिया, नि. मिर्जापुर, अ.ज.जा.

सदस्य 3. श्री कंचन मालवीय , नि. सगवाल , अ.जा.

सदस्य 4. श्रीमती गीताबाई , नि. उषापुरा, अ.जा.

सदस्य 5. श्री विक्रमसिंह सिसोदिया नि. रोजड़ी, (सामाजिक कार्यकर्ता ).

सदस्य 6. श्री हरीसिंह चौधरी, नि. हातोद (सामाजिक कार्यकर्ता )

सदस्य 7. अनुविभागीय अधिकारी, ( पुलिस ) हातोद

सदस्य 8. तहसीलदार, तहसील हातोद

सदस्य 9 . कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत, देपालपुर

सदस्य 10. शाखा प्रबंधक, को- ऑपरेटिव बैंक, शाखा, देपालपुर.

सदस्य 11. वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी , हातौद

उपर्युक्त समितियों की तीन माह में एक बैठक आवश्यक रूप से आयोजित की जावे. जिसकी जानकारी श्रमायुक्त, मध्यप्रदेश इन्दौर को आवश्यक रूप से भेजी जावे .

आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर.

कार्यालय , श्रम पदाधिकारी, श्रम उपसंभाग अनूपपुर, जिला अनूपपुर, मध्यप्रदेश अनूपपुर , दिनांक 30 अगस्त 2012

क्र. नवम- श्र.उ.सं.अ. 2012-433.- मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 की धारा 13 की उपधारा ( 3 - क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा राज्य शासन अधिसूचना क्रमांक एफ-4- ( ई ) 6-98- ए-16 , दिनांक 11 जनवरी 2008 राजपत्र में प्रकाशित दिनांक 25 जनवरी 2008 के अन्तर्गत प्राधिकृत मैं , श्रीमती संध्या सिंह , श्रम पदाधिकारी, अनूपपुर अपने कार्य क्षेत्र में धारा 13 की उपधारा ( 3 - क ) के अन्तर्गत निम्नानुसार स्तम्भ ( 1 ) में उल्लेखित स्थानीय क्षेत्र के लिये स्तम्भ ( 2 ) में उल्लेखित साप्ताहिक अवकाश घोषित करती हूं. जोकि अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित होने के दिनांक से प्रभावशील होगी:-

स्तम्भ-2 स्तम्भ-1

क्र.

(2)

(1)

(3) स्थानीय क्षेत्र/नगर का नाम साप्ताहिक अवकाश दिन

धारा 13( 1 )

शनिवार 1. अनूपपुर

शनिवार 2. कोतमा, जिला-अनूपपुर

1. समस्त हेयर कटिंग सेलून की दुकानों का साप्ताहिक अवकाश दिन मंगलवार रहेगा.

2. नगरपालिका परिषद के अन्तर्गत आने वाले समस्त क्षेत्र एवं नगरपालिका परिषद् के चारों ओर 3 किलोमीटर तक की परिधि में यह बन्द दिन प्रभावशील रहेगा.

संध्या सिंह, श्रम पदाधिकारी.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन "

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल, मध्यप्रदेश भोपाल, दिनांक 31 अगस्त 2012

आदेश

क्र. एफ. 67-242-10-तीन- 1529.- मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14- क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

3384

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम रीवा जिला रीवा के आम निर्वाचन में श्री मोहम्मद मुस्ताक अंसारी महापौर पद के अभ्यर्थी थे . नगरपालिक निगम रीवा जिला रीवा के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर , 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पत्र क्र. 664 - स्था. निर्वा./ 11 , दिनांक 2 सितम्बर, 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री मोहम्मद मुस्ताक अंसारी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री मोहम्मद मुस्ताक अंसारी को कारण बताओ नोटिस दिनांक 15 सितम्बर 2011 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

कलेक्टर, रीवा ने अपने पत्र दिनांक 17 फरवरी 2012 के संलग्न अभ्यर्थी श्री मोहम्मद मुस्ताक अंसारी का कारण बताओ नोटिस मूलतः आयोग को प्रेषित किया. नोटिस में अंकित है कि " लेने से इंकार एक प्रति चस्पा की गई. " इसके साथ ही आयुक्त नगर- पालिक निगम रीवा के पत्र दिनांक 09 जनवरी 2012 में भी लेख किया गया है कि " श्री मुस्ताक अंसारी धोबिया टंकी कमसरियत रीवा द्वारा नोटिस नहीं ली गई जिसकी प्रति चस्पा की गई है . " उपरोक्त स्थिति में कलेक्टर , रीवा के पत्र दिनांक 17 फरवरी 2012 द्वारा प्राप्त जानकारी के आधार पर मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री मोहम्मद मुस्ताक अंसारी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम रीवा जिला रीवा का पार्षद या महापौर होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./--

(सुभाष जैन)

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

भोपाल , दिनांक 31 अगस्त 2012

आदेश

क्र. एफ. 67-261-10- तीन -1531 .- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत कोठी, जिला सतना के आम निर्वाचन में सुश्री पुष्पा देवी सोनी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत कोठी, जिला सतना के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 10 एवं 17 जनवरी , 10 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी , 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पत्र क्र. 594-स्था. निर्वा./न.पा./09- 10 , दिनांक 26 फरवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री पुष्पा देवी सोनी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री पुष्पा देवी सोनी को कारण बताओ नोटिस दिनांक 26 मार्च, 2010 जारी किया गया . उक्त नोटिस कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के माध्यम से तामील करवाकर कलेक्टर, सतना के पत्र दिनांक 20 अप्रैल 2010 के संलग्न आयोग को प्रेषित किया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

कलेक्टर, सतना ने अपने पत्र दिनांक 6 मार्च 2010 के द्वारा संशोधित परिशिष्ट छत्तीस प्रेषित करते हुए लेख किया कि सुश्री पुष्पा देवी सोनी द्वारा विहित समयावधि के पश्चात् अर्थात् 09 दिन विलंब से 27 जनवरी 2010 को लेखे प्रस्तुत कर दिए हैं. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना ने पत्र दिनांक 18 मई 2010 में लेख किया कि अभ्यर्थी ने कारण बताओ नोटिस की तामीली उपरांत दिनांक 23 अप्रैल, 2010 को व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत कर दिया है . अभ्यावेदन के संबंध में कलेक्टर, सतना से अभिमत चाहे जाने पर उन्होंने पत्र दिनांक 23 जुलाई , 2010 में लेख किया कि " अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन में विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा दाखिल न कर पाने का कारण पर्याप्त व समाधानकारक न होने से मध्यप्रदेश नपा. अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के तहत कार्यवाही की जाना प्रस्तावित है . "

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं 09 दिवस विलंब से लेखे प्रस्तुत करने के पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री पुष्पा देवी सोनी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत कोठी जिला सतना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 02 वर्ष ( दो वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार ,

हस्ता./-

(सुभाष जैन )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भोपाल, दिनांक 31 अगस्त 2012

आदेश

क्र. एफ. 67-247-10-तीन- 1533.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश

3385 नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् हनुमना जिला रीवा के आम निर्वाचन में श्री देवराज केवट अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर परिषद् हनुमना, जिला रीवा के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, रीवा के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पत्र क्र. 664 -स्था. निर्वा./ 11 , दिनांक 2 सितम्बर, 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री देवराज केवट द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री देवराज केवट को कारण बताओ नोटिस दिनांक 28 सितम्बर 2011 जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

कलेक्टर रीवा ने अपने पत्र दिनांक 07 जुलाई 2012 के संलग्न अभ्यर्थी श्री देवराज केवट का कारण बताओ नोटिस मूलतः आयोग को प्रेषित किया. नोटिस में अंकित है कि " नोट- श्री देवराज केवट पूर्व पार्षद वार्ड क्र. 6 पेशा डाक्टरी पार्षद पद खतम होने के बाद से अपने गृह उत्तर प्रदेश चले गये है तब से लेकर आज दिनांक तक हनुमना में नहीं आये और उत्तर प्रदेश का उनका पता नहीं कि किस ग्राम किस तहसील के रहने वाले थे अतः उनसे संपर्क न होने से नोटिस सूचना आदेश तामील नहीं हो सका. "

उपरोक्त स्थिति में कलेक्टर, रीवा के पत्र दिनांक 7 जुलाई 2012 द्वारा प्राप्त जानकारी के आधार पर मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 3386

1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री देवराज केवट को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद हनुमना, जिला रीवा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(सुभाष जैन)

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

भोपाल, दिनांक 31 अगस्त 2012

आदेश

क्र. एफ. 67-7-11- तीन- 1535.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह जनवरी , 2011 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत/नगर परिषद् मझौली, जिला सीधी के आम निर्वाचन में सुश्री मुन्नीबाई दाहिया अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत मझौली जिला सीधी के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 8 जनवरी , 2011 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 07 फरवरी 2011 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पत्र क्र. 86- स्था. निर्वा . /11 , दिनांक 20 अप्रैल , 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री मुन्नीबाई दाहिया द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री मुन्नीबाई दाहिया को कारण बताओ नोटिस दिनांक 19 मई, 2011 को जारी किया गया. उक्त नोटिस कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी के माध्यम से दिनांक 24 जून 2011 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री मुन्नीबाई दाहिया को नोटिस दिनांक 24 जून 2011 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 09 जुलाई, 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया . कलेक्टर, सीधी ने अपने पत्र दिनांक 07 मई, 2012 में लेख किया कि अभ्यर्थी सुश्री मुन्नीबाई दाहिया द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली उपरांत कोई भी अभ्यावेदन निर्वाचन व्यय लेखा के संबंध में प्रस्तुत नहीं किये हैं . कलेक्टर , सीधी से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 22 मई, 2012 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 30 जून , 2012 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र रजिस्टर्ड ए.डी. डाक से प्रेषित किया गया, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुई .

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री मुन्नीबाई दाहिया को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत/नगर परिषद् मझौली जिला सीधी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुभाष जैन ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भाग 1 ]

3387

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

भोपाल, दिनांक 31 अगस्त 2012

आदेश

क्र. एफ. 67-7-11- तीन- 1536.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा .

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह जनवरी , 2011 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत/नगर परिषद मझौली , जिला सीधी के आम निर्वाचन में श्रीमती राधाकली साहू अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत मझौली जिला सीधी के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 8 जनवरी , 2011 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 07 फरवरी 2011 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, सीधी के पत्र क्र. 86- स्था. निर्वा ./ 11 , दिनांक 20 अप्रैल , 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती राधाकली साहू द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती राधाकली साहू को कारण बताओ नोटिस दिनांक 19 मई, 2011 जारी किया गया. उक्त नोटिस कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी के माध्यम से दिनांक 24 जून 2011 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्रीमती राधाकली साहू को नोटिस दिनांक 24 जून 2011 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 09 जुलाई, 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सीधी ने अपने पत्र दिनांक 07 मई , 2012 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्रीमती राधाकली साहू द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली उपरांत कोई भी अभ्यावेदन निर्वाचन व्यय लेखा के संबंध में प्रस्तुत नहीं किये हैं . कलेक्टर सीधी से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 22 मई, 2012 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 30 जून, 2012 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र रजिस्टर्ड ए. डी. डाक से प्रेषित किया गया, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा-32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती राधाकली साहू को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत/नगर परिषद मझौली जिला सीधी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (सुभाष जैन) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भोपाल, दिनांक 31 अगस्त 2012 आदेश

क्र. एफ. 67-7-11- तीन- 1537.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है 3388

कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह जनवरी , 2011 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत/नगर परिषद् मझौली , जिला सीधी के आम निर्वाचन में सुश्री शिवकुमारी सोनी , अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत मझौली जिला सीधी के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 8 जनवरी , 2011 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका निगम अधिनियम , 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 07 फरवरी 2011 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पत्र क्र. 86 - स्था. निर्वा./ 11 , दिनांक 20 अप्रैल, 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री शिवकुमारी सोनी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री शिवकुमारी सोनी को कारण बताओ नोटिस दिनांक 19 मई, 2011 को जारी किया गया. उक्त नोटिस कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी के माध्यम से दिनांक 24 जून 2011 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री शिवकुमारी सोनी को नोटिस दिनांक 24 जून 2011 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 09 जुलाई , 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सीधी ने अपने पत्र दिनांक 07 मई, 2012 में लेख किया कि अभ्यर्थी सुश्री शिवकुमारी सोनी द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली उपरांत कोई भी अभ्यावेदन निर्वाचन व्यय लेखा के संबंध में प्रस्तुत नहीं किये हैं. कलेक्टर सीधी से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 22मई, 2012 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

[भाग 1 दिनांक 30 जून, 2012 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र रजिस्टर्ड ए. डी. डाक से प्रेषित किया गया, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा - 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री शिवकुमारी सोनी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत/नगर परिषद् मझौली, जिला सीधी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश. की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(सुभाष जैन ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

भोपाल, दिनांक 31 अगस्त 2012 आदेश

क्र. एफ. 67-7-11- तीन- 1538.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

माह जनवरी , 2011 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत/नगर परिषद् मझौली, जिला सीधी के आम निर्वाचन में श्रीमती लीला कुशवाहा, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं . नगर पंचायत मझौली जिला सीधी के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 8 जनवरी , 2011 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 07 फरवरी 2011 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पत्र क्र. 86- स्था. निर्वा./11 , दिनांक 20 अप्रैल, 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती लीला कुशवाहा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती लीला कुशवाहा को कारण बताओ नोटिस दिनांक 19 मई, 2011 जारी किया गया. उक्त नोटिस कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी के माध्यम से दिनांक 24 जून 2011 को तामील किया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्रीमती लीला कुशवाहा को नोटिस दिनांक 24 जून 2011 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 09 जुलाई, 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सीधी ने अपने पत्र दिनांक 07 मई , 2012 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्रीमती लीला कुशवाहा द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली उपरांत कोई भी अभ्यावेदन निर्वाचन व्यय लेखा के संबंध में प्रस्तुत नहीं किये हैं. कलेक्टर सीधी से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 22 मई, 2012 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 30 जून , 2012 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र रजिस्टर्ड ए. डी. डाक से प्रेषित किया गया, अभ्यर्थी सुनवाई में उपस्थित हुईं. उनके द्वारा लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कारण अनभिज्ञता बताया गया.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष में समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

3389 अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा - 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती लीला कुशवाहा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत/नगर परिषद् मझौली, जिला सीधी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(सुभाष जैन )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

भोपाल, दिनांक 31 अगस्त 2012

आदेश

क्र. एफ. 67-7-11- तीन- 1539.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह जनवरी , 2011 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत/नगर परिषद् मझौली, जिला सीधी के आम निर्वाचन में श्रीमती सुरेखा, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत मझौली , जिला सीधी के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 8 जनवरी , 2011 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 07 फरवरी 2011 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पत्र क्र. 86- स्था. निर्वा ./11 , दिनांक 20 अप्रैल, 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार 3390

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

श्रीमती सुरेखा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती सुरेखा को कारण बताओ नोटिस दिनांक 19 मई, 2011 जारी किया गया. उक्त नोटिस कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी के माध्यम से दिनांक 24 जून 2011 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्रीमती सुरेखा को नोटिस दिनांक 24 जून 2011 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 09 जुलाई , 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सीधी ने अपने पत्र दिनांक 07 मई, 2012 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्रीमती सुरेखा द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली उपरांत कोई भी अभ्यावेदन निर्वाचन व्यय लेखा के संबंध में प्रस्तुत नहीं किये हैं . कलेक्टर सीधी से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 22 मई, 2012 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 30 जून, 2012 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र रजिस्टर्ड ए. डी. डाक से प्रेषित किया गया, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा- 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती सुरेखा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत/नगर परिषद् मझौली, जिला सीधी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुभाष जैन) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

[भाग 1 भोपाल , दिनांक 31 अगस्त 2012 आदेश

क्र. एफ. 67-7-11- तीन- 1540.-मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह जनवरी , 2011 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत/नगर परिषद् मझौली , जिला सीधी के आम निर्वाचन में श्रीमती संध्या पति जगतभान, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत मझौली , जिला सीधी के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 8 जनवरी , 2011 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 07 फरवरी 2011 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सीधी के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पत्र क्र. 86 - स्था. निर्वा./ 11 , दिनांक 20 अप्रैल, 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती संध्या पति जगतभान द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती संध्या पति जगतभान को कारण बताओ नोटिस दिनांक 19 मई, 2011 जारी किया गया. उक्त नोटिस कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी के माध्यम से दिनांक 24 जून 2011 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्रीमती संध्या पति जगतभान को नोटिस दिनांक 24 जून 2011 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 09 जुलाई, 2011 तक भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सीधी ने अपने पत्र दिनांक 07 मई, 2012 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्रीमती संध्या पति जगतभान द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली उपरांत कोई भी अभ्यावेदन निर्वाचन व्यय लेखा के संबंध में प्रस्तुत नहीं किये हैं . कलेक्टर सीधी से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 22 मई, 2012 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 30 जून, 2012 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र रजिस्टर्ड ए. डी. डाक से प्रेषित किया गया, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुई.

उपरोक्तविवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा- 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती संध्या पति जगतभान को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत/नगर परिषद् मझौली, जिला सीधी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(सुभाष जैन )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

भोपाल, दिनांक 31 अगस्त 2012

आदेश

क्र. एफ. 67-7-11-तीन- 1541.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

3391 राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह जनवरी , 2011 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत/नगर परिषद् मझौली, जिला सीधी के आम निर्वाचन में श्रीमती सुशीला जायसवाल , अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर नगर पंचायत मझौली, जिला सीधी के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 8 जनवरी, 2011 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 07 फरवरी 2011 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पत्र क्र. 86 - स्था. निर्वा./ 11 , दिनांक 20 अप्रैल, 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती सुशीला जायसवाल द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती सुशीला जायसवाल को कारण बताओ नोटिस दिनांक 19 मई, 2011 जारी किया गया. उक्त नोटिस कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी के माध्यम से दिनांक 24 जून 2011 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्रीमती सुशीला जायसवाल को नोटिस दिनांक 24 जून 2011 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 09 जुलाई , 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था , किन्तु अभ्यर्थी द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर सीधी ने अपने पत्र दिनांक 07 मई , 2012 में लेख किया कि अभ्यर्थी श्रीमती सुशीला जायसवाल द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली उपरांत कोई भी अभ्यावेदन निर्वाचन व्यय लेखा के संबंध में प्रस्तुत नहीं किये हैं. कलेक्टर सीधी से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 22 मई, 2012 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 30 जून, 2012 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र रजिस्टर्ड ए. डी. डाक से प्रेषित किया गया, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुई.

3392

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष में समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा- 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती सुशीला जायसवाल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत/नगर परिषद् मझौली , जिला सीधी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- ( सुभाष जैन ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

कार्यालय, राज्यपाल का सचिवालय,

मध्यप्रदेश , भोपाल

संशोधित अधिसूचना

राजभवन, भोपाल, दिनांक 4 सितम्बर 2012 क्र. एफ- 1-1-12 - रा.स. यू.ए. - 1-1442.- जवाहरलाल नेहरू कृषिविश्वविद्यालय अधिनियम, 1963 की धारा 15 की उपधारा (2 ) के तहत इस सचिवालय की अधिसूचना क्रमांक एफ-1-1-12- रा.स. - यू.ए. - 1-1361 , दिनांक 17 अगस्त 2012 के द्वारा जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय , जबलपुर के नियमित कुलपति के पद पर नियुक्ति हेतु पैनल अनुशंसित करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था . उक्त समिति में डॉ. बी. एस. बिष्ट, (महामहिम कुलाधिपतिजी द्वारा नामांकित एवं समिति के अध्यक्ष ) , कृषि उत्पादन आयुक्त, मध्यप्रदेश ( राज्य सरकार द्वारा नामांकित ) एवं डॉ. पीतम चन्द्र ( जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय , जबलपुर के प्रबंध बोर्ड द्वारा निर्वाचित ) सदस्य शामिल थे. महामहिम कुलाधिपतिजी के द्वारा डॉ. बी. एस. बिष्ट , को गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय , पंतनगर का कुलपति होने के कारण उक्त समिति में सदस्य एवं समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था.

2. गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय , पंतनगर के कुलपति के विशेष कार्याधिकारी से प्राप्त पत्र क्रमांक वीसी/ओ.एस.डी./ 1345 , दिनांक 25 अगस्त 2012 में यह उल्लेख किया गया है कि डॉ. बी. एस. बिष्ट का कुलपति के पद का कार्यकाल दिनांक 8 अगस्त 2012 को समाप्त हो गया है . अब वे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली में सहायक महानिदेशक (ई.क्यू.आर. ) के पद पर कार्यरत हैं.

[ भाग 1 3. अतः महामहिम कुलाधिपतिजी के द्वारा डॉ. बी. एस. विष्ट के स्थान पर प्रो. प्रदीप कुमार शर्मा, कुलपति, चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय , नवाबगंज कानपुर-208002 को समिति में सदस्य नामांकित करते हुए समिति का अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया है . समिति में नामांकित अन्य सदस्य एवं शर्तें यथावत रहेंगी.

कुलाधिपति, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय , जबलपुर के आदेशानुसार, विनोद सेमवाल, राज्यपाल के प्रमुख सचिव.

संशोधित अधिसूचना

राजभवन, भोपाल, दिनांक 4 सितम्बर 2012 क्र. एफ - 1-3-12 - रा.स. यू.ए. - 1-1444.- राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 की धारा 26 की उपधारा ( 2 ) के तहत इस सचिवालय की अधिसूचना क्रमांक एफ- 1-3-12- रा.स. - यू.ए. -1-933, दिनांक 23 जून 2012 के द्वारा राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर के नियमित कुलपति के पद पर नियुक्ति हेतु पैनल अनुशंसित करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था. कालांतर में संशोधित अधिसूचना क्रमांक एफ-1-3-12- रा.स. यू.ए. - 1-1407 , दिनांक 29 अगस्त 2012 के द्वारा उक्त समिति में आंशिक संशोधन किया गया. संशोधन उपरांत समिति में डॉ. सुशांत दत्तागुप्ता ( कुलाध्यक्ष महोदय द्वारा नामांकित एवं समिति के अध्यक्ष ) प्रो. पी . एन. सुरेश (अध्यक्ष , विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा नामांकित ) एवं श्री कामतानाथ वैशम्पायन ( राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर की कार्य परिषद् द्वारा निर्वाचित ) सदस्य शामिल थे.

2. समिति सदस्यों की व्यस्तता के कारण समिति की बैठक अधिनियम के प्रावधान अनुसार निर्धारित 4 सप्ताह की समयावधि में संपन्न होना संभव नहीं हो पा रहा है . समिति में कुलाध्यक्ष महोदय द्वारा नामांकित सदस्य डॉ. सुशांत दत्तागुप्ता उनकी कार्यालयीन व्यस्तताओं एवं विदेश प्रवास के कारण बैठक हेतु उपलब्ध नहीं रहेंगे .

3. अतः कुलाध्यक्ष महोदय द्वारा डॉ. सुशांत दत्तागुप्ता के स्थान पर प्रो. डॉ. मांडवी सिंह, कुलपति, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ , जिला राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ ) को उक्त समिति में सदस्य नामांकित करते हुए, समिति का अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया है. समिति में नामांकित अन्य सदस्य एवं शर्तें यथावत् रहेंगी.

कुलाध्यक्ष, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय , ग्वालियर के आदेशानुसार, विनोद सेमवाल , राज्यपाल के प्रमुख सचिव.

3393

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

भाग 1 ]

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खण्डवा , दिनांक 25 जुलाई 2012

नस्तीक्रमांक 3-2012 - एल.ए. भू- अर्जन-प्र. क्र. 7-अ-82-11-12.- शुद्धिपत्र-पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अवशेष जलाशय- 1 के रिसाव के कारण दलदल में परिवर्तित भूमि पर वृक्षारोपण हेतु ग्राम चांदेल, तहसील पुनासा, जिला खण्डवा के भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक 7-अ- 82-11-12 में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की अधिसूचना का प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 24 फरवरी 2012को, समाचार- पत्र नवभारत में दिनांक 29 फरवरी 2012 को, चौथा संसार में दिनांक 29 फरवरी 2012 को हुआ.

उक्त अधिसूचना में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे :-

प्रकाशन जिसमें हुआ (1)

मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 24-2-2012 नवभारत में दिनांक 29 फरवरी 2012

चौथा संसार में दिनांक 29-2-2012

सही संशोधित प्रविष्टि (2)

पूर्व प्रकाशित प्रविष्टि (2)

4.65 हे.

4.64 हे.

4.65 हे.

4.64हे.

4.65 हे .

4.64 हे .

उक्त प्रकाशन अधिसूचना में कुल अर्जनीय रकबा 4.64 हे . के स्थान पर कुल रकबा 4.65 हे . होगा.

खण्डवा, दिनांक 3 सितम्बर 2012

भू-अर्जन प्र. क्र. 32-अ- 82-2011-12 नस्ती क्र. 71-2012- एलए. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

खण्डवा

(4) 0.31 पुनासा

(3) दिनकरपुरा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन अभियंता ( सि. ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना.

बीड़ पुरनी एनएचडीसी रोड से सिवरिया स्थित परियोजना कालोनी तक के वर्तमान ग्रामीण सड़क के चौड़ीकरण हेतु निजी भूमि के अर्जन बाबत्.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि ( 1 ) कार्यपालन अभियंता ( सि. ) एक, श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना. ( 2 ) कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

नीरज दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3394

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

नरसिंहपुर, दिनांक 7 अगस्त 2012

प्र.क्र. 22 - अ -82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्रमांक- 33 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन क्र. 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हे. में. )

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6) गाडरवारा बोहानी

1.670

नरसिंहपुर

सड़क निर्माण हेतु

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग (भ/स ) संभाग नरसिंहपुर.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू- अर्जन अधिकारी , गाडरवारा में किया जा सकता है .

प्र.क्र. 23 - अ-82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्रमांक- 33- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894, संशोधन क्र. 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

जिला तहसील

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि का वर्णन ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हे. में. )

(1)

(2)

(3)

(6)

(5)

(4)

गाडरवारा चिरचिरा

0.963

नरसिंहपुर

सड़क निर्माण हेतु

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी , गाडरवारा में किया जा सकता है.

भाग 1 ]

3395

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

प्र.क्र. 24- अ -82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा- पत्र क्रमांक- 33 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894, संशोधन क्र. 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हे. में . ) (1) (2)

(3)

(4) गाडरवारा बोहानी

0.816 नरसिंहपुर

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

सड़क निर्माण हेतु

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग (भ/स ) संभाग नरसिंहपुर.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी , गाडरवारा में किया जा सकता है.

प्र.क्र. 25 - अ -82 वर्ष 2011-12 - गाडरवारा - पत्र क्रमांक- 33- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894, संशोधन क्र. 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हे. में. ) (1)

(2)

(3)

(4)

3.780 गाडरवारा

नरसिंहपुर

सुजवारा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

सड़क निर्माण हेतु

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग (भ/स ) संभाग, नरसिंहपुर.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , भू- अर्जन अधिकारी गाडरवारा में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

संजीव सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3396

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

ग्वालियर , दिनांक 8 अगस्त 2012

क्र. 75 - अ- 82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(6)

(5)

(1) (2)

(3)

(4)

1.426

ग्वालियर भितरवार रूअर

कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग क्र. 1 , डबरा.

योग : 1.426

सिंध परियोजना ( द्वितीय चरण ) के अंतर्गत हरसी उच्चस्तरीय नहर के निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

ग्वालियर, दिनांक 23 अगस्त 2012

क्र. 67- अ - 82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

ग्राम

तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(6) (3)

(1)

(2)

(4)

(5)

चीनौर

ग्वालियर

3.693

ककरधा

कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग क्र. 1 , डबरा.

योग : 3.693

हरसी उच्चस्तरीय नहर की शाखा डी-2 एवं उसकी मायनर 2 आर के निर्माण हेतु भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

3397

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

क्र. 68 - अ-82-11-12- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(1)

(3)

(4)

1.125 ग्वालियर भितरवार रूअर

योग : 1.125

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग क्र. 1 , डबरा.

हरसी उच्चस्तरीय नहर की शाखा एवं उपशाखा नहर के निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा , दिनांक 26 अगस्त 2012

क्र. 251 - भू-अर्जन-2011.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि उससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

जिला तहसील

भूमिका वर्णन ग्राम/नगर

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(3)

(1)

(4)

34.122 रीवा हनुमना

जड़कुड़ (कारीकाछ)

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(3) बाणसागर नहर परियोजना के अन्तर्गत अदवा बैराज का निर्माण.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

बाणसागर नहर परियोजना के अन्तर्गत अदवा बैराज के निर्माण हेतु.

अधिशासी अभियन्ता ( Executive Engineer ) बाणसागर नहर निर्माण खण्ड-10, मीरजापुर .

3398

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

रीवा , दिनांक 1 सितम्बर 2012

क्र. 257 - भू- अर्जन- 2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम/नगर

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(3) चरैया

(1) रीवा

(2) हनुमना

(4) कृषक भूमि 5.597 कुल योग : 5.597 ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- जूड़ा बांध योजना.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) जूड़ा बांध योजना कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, रीवा ( म.प्र. ) .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एन. रूपला , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सीहोर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सीहोर, दिनांक 27 अगस्त 2012

प्र. क्र. 1 - अ- 82-2011-12 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता हैं अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील/तालुका नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में )

(3) रोलागांव

(4) 0.828 (2) आष्टा

(1) सीहोर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, सीहोर .

(6) मनीरामपुरा तालाब की नहर के निर्माण हेतु.

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- मनीरामपुरा तालाब की नहर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अ.वि.अ./भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

3399

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

प्र. क्र. 3 - अ-82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता हैं अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

जिला

भूमि का वर्णन तहसील/ तालुका नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में ) (2)

(3)

(1) सीहोर आष्टा

(4) 1.070

झीकडी

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ( 3 )

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, सीहोर.

(6) मनीरामपुरा तालाब की नहर के निर्माण हेतु.

मनीरामपुरा तालाब की नहर के निर्माण हेतु.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अ.वि.अ. / भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 4 - अ-82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता हैं अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील/तालुका नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में )

(4) 0.552 (1) सीहोर

(2) आष्टा

(3) मनीरामपुरा

(2 )

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन

(5) विभाग, सीहोर.

(6) मनीरामपुरा तालाब की नहर के निर्माण हेतु.

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- मनीरामपुरा तालाब की नहर के निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अ.वि.अ./भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 5 - अ-82-2011-12.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता हैं अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील/ तालुका नगर/ ग्राम लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में ) (2)

आष्टा

(3) बडघाटी

(1) सीहोर

(4) 1.715 (2

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, सीहोर.

(6) मनीरामपुरा तालाब की नहर के निर्माण हेतु.

) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- मनीरामपुरा तालाब की नहर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अ.वि.अ./भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता है.

3400

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

प्र. क्र. 6 - अ- 82-2011-12 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण जिला

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

तहसील/तालुका नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में )

(1) (2)

(6) (3)

(4)

(5)

सीहोर

1.864

आष्टा कुम्हारिया

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, सीहोर.

मनीरामपुरा तालाब की नहर के निर्माण हेतु.

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- मनीरामपुरा तालाब की नहर के निर्माण हेतु.

3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अ.वि.अ./ भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता है .

(

प्र. क्र. 7- अ-82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण जिला तहसील/तालुका नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में )

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6) केलापानी

आष्टा

1.081

सीहोर

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग , सीहोर.

छापर तालाब की नहर के निर्माण हेतु अर्जन.

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है - छापर तालाब के नहर के निर्माण हेतु.

(

3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अ.वि.अ./भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

3401 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

प्र. क्र. 8- अ- 82-2011-12 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण जिला

भूमि का वर्णन तहसील /तालुका नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में )

(1)

(6) (2) (3)

(4)

(5)

सीहोर आष्टा

छापर

2.324

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग, सीहोर.

छापर तालाब की नहर के निर्माण हेतु अर्जन.

(

2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है - छापर तालाब के नहर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अ.वि.अ./भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 9 - अ- 82-2011-12 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण जिला तहसील/तालुका नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में )

(1)

(6)

(5)

(2)

(3)

(4)

74.420

सीहोर आष्टा

जस्सूपुरा

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, सीहोर.

बडखोला तालाब के शीर्ष भाग के निर्माण हेतु अर्जन.

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बडखोला तालाब के शीर्ष भाग के निर्माण हेतु अर्जन.

(

3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अ.वि.अ./भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता है.

3402

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

प्र. क्र. 10 - अ- 82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

जिला तहसील/तालुका नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में )

(6) (2) (3)

(4)

10.620

(1) सीहोर आष्टा

देवगढ़

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, सीहोर.

बडखोला तालाब के शीर्ष भाग के निर्माण हेतु अर्जन.

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बडखोला तालाब के शीर्ष भाग के निर्माण हेतु अर्जन .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अ.वि.अ./भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 11 - अ- 82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण जिला तहसील/ तालुका नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टेयर में )

(4)

(5)

(2) (3)

आष्टा बडखोला

36.076

(1) सीहोर

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग, सीहोर .

(6) बडखोला तालाब के शीर्ष भाग के निर्माण हेतु अर्जन.

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बडखोला तालाब के शीर्ष भाग के निर्माण हेतु अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अ.वि.अ./भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , कवीन्द्र कियावत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3403

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

भाग 1 ]

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रतलाम , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रतलाम , दिनांक 27 अगस्त 2012

क्र. 3823 - भू-अर्जन- 2012- प्र. क्र. 08- अ-82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4) (1) (2)

(3)

रतलाम

रावटी

0.18

डाबड़ी

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग, रतलाम.

डाबड़ी तालाब नहर निर्माण के अंतर्गत अतिरिक्त निजी भूमि का अर्जन.

(2) भूमि का नक्शा व प्लान का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड, सैलाना के कार्यालय में किया जा सकताहै.

रतलाम , दिनांक 30 अगस्त 2012

क्र. 3933 - भू-अर्जन- 2012- प्र. क्र. 11-अ- 82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमिका विवरण

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(4)

(3)

सैलाना

रतलाम

पाटड़ी

बानद्रीया कामाल कलता

6.61 1.79 0.36 1.91

बेड़दी

योग .. 10.67

सार्वजनिक प्रयोजन

कावर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग, रतलाम.

पाटड़ी तालाब की बांध एवं नहर निर्माण से प्रभावित निजी भूमि काअर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा व प्लान का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , भू- अर्जन अधिकारी , उपखण्ड, सैलाना के कार्यालय में किया जा सकताहै.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजीव दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3404

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

कार्यालय, कलेक्टर, जिला बड़वानी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

बड़वानी, दिनांक 27 अगस्त 2012

क्र. 1455-- भू-अर्जन- 2012- प्र. क्र. 35-अ- 82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है : -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

जिला

भूमि का वर्णन ग्राम/नगर

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल

(हेक्टर में)

(6) (1)

(5)

(2)

(4) 1.849

(3) रणगांवरोड

बड़वानी राजपुर

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , बड़वानी.

सालखेड़ा तालाब योजना के आक्सीलरी बेस्ट वियर निर्माण कार्य हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला बड़वानी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी राजपुर, जिला बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग बड़वानी के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, श्रीमन् शुक्ला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा , दिनांक 30 अगस्त 2012

क्र. 2570 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

अनुसूची

भूमि का विवरण

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

नगर/ग्राम

तहसील

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(6) (2)

(4)

(5)

(1)

रीवा त्योंथर

(3) सोहागी

0.729

पुनर्वास संभाग क्र. 1 , रीवा, मुख्यालय त्योंथर. कार्यपालन यंत्री , भू-अर्जन एवं बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्योंथर उद्वहन योजना के मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

3405

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

क्र. 2572- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(3)

(2)

(4)

0.274 रीवा त्योंथर

राजापुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पुनर्वास संभाग क्र. 1 , रीवा, मुख्यालय त्योंथर.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्योंथर उद्वहन योजना के मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 2574 - भू- अर्जन.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

नगर/ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(3)

(2)

(4) रीवा त्योंथर

त्योंथर

0.153

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पुनर्वास संभाग क्र. 1 , रीवा, मुख्यालय त्योंथर.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्योंथर उद्वहन योजना के मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

3406

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

क्र. 2578 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

जिला तहसील

भूमि का विवरण नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2)

(3)

(4) रीवा त्योंथर

3.990

बड़ागांव

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पुनर्वास संभाग क्र. 1 , रीवा, मुख्यालय त्योंथर.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्योंथर उद्वहन योजना के मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन .

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

रीवा , दिनांक 1 सितम्बर 2012

क्र. 2672 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4)

0.400 रीवा सिरमौर अतरैला पैपखार

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , क्योंटी नहर संभाग जिला रीवा (म.प्र. ) .

क्योंटी मुख्य नहर की टेल वितरक नहर के अन्तर्गत पिपरहा माइनर केलिये.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भाग 1 ]

3407

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

क्र. 2674- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4) रीवा सिरमौर

0.056

ग्रामक्योटीकोठार

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

क्योंटी मुख्य नहर की टेल वितरक नहरके लिए.

कार्यपालन यंत्री, क्योंटी नहर संभाग, रीवा ( म.प्र. ) .

नोट. भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 2676 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2)

(3)

(4) रीवा सिरमौर ग्राम देवास कोठार 0.321

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, क्योंटी नहर संभाग, रीवा ( म.प्र. ) .

क्योंटी मुख्य नहर की टेल वितरक नहरके लिए.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 2678 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम 3408

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(3)

(1) (2)

(4) रीवा

ग्राम माला कोठार 0.461 सिरमौर/ मनगवां.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, क्योंटी नहर संभाग, रीवा ( म.प्र. ) .

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योंटी मुख्य नहर की टेल डिस्ट्रीब्यूटरी नहर में आने वाली भूमि केलिये तथा उस पर स्थितिय सम्पतियों काअर्जन.

नोट. भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 2680 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4) रीवा सिरमौर

0.200

गहनौआ

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा ( म.प्र. ) .

सिरमौर वितरक नहर के गहनौआ माइनर के अन्तर्गत 0.200 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 2682 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(1)

(3)

(4) सिरमौर

0.170 रीवा

भेडरहा 424

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , क्योंटी नहर संभाग, जिला रीवा ( म.प्र. ) .

सिरमौर वितरक नहर के महरी माइनर के अंतर्गत 0.170 हेक्टेयर में आने वाली भूमिके लिये तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

3409

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

क्र. 2684 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4) रीवा सिरमौर

0.020

टाटाकोठार

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा ( म.प्र. ).

सिरमौर वितरक नहर के महरी माइनर के अंतर्गत 0.020 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिये तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 2686 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2)

(3)

(4) रीवा सिरमौर

0.345

मझिगवां

अनुसूची

'सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, जिला रीवा ( म.प्र. ) .

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत सिरमौर वितरक नहर, की 0.345 हे. में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन .

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 2688 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम 3410

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(1)

(3)

(4) रीवा सिरमौर पोडी पैपखार

0.833

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत

का वर्णन

प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

क्योटी मुख्य नहर की टेल वितरक नहर के लिये.

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, जिला रीवा ( म.प्र. ) .

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 2690- भू- अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2)

(3)

(4) रीवा सिरमौर उमरी कोठार

0.250

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा ( म.प्र. ) .

सिरमौर वितरक नहर के शाहपुर माइनरके अंतर्गत शाहपुर सब - माइनर 0.250 हेक्टेयर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पतियों काअर्जन.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 2692 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2)

(3)

(4) रीवा सिरमौर बरा कोठार

0.327

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत

का वर्णन

प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा ( म.प्र. ) .

क्योटी मुख्य नहर की टेल वितरक नहर के अंतर्गत पिपरहा माइनर के लिये.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

3411

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

क्र. 2694 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2)

(3)

(4) रीवा सिरमौर

0.326

पुरवाकोठार

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा ( म.प्र. ) .

क्योटी मुख्य नहर की टेल वितरक नहर के अंतर्गत पिपरहा माइनर के लिये.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक , बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 2696 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

नगर/ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1) (2)

(3)

(4)

ग्राम रौरा पवाई

रीवा मनगवां

0.126

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा ( म.प्र. ).

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योटी मुख्य नहर में आने वाली भूमियों के लिये तथा उस पर स्थित सम्पतियों का अर्जन.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

क्र. 2698 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम 3412

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2)

(3)

(4) रीवा मनगवां

0.018

ग्राम संसारपुर पवाई

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा ( म.प्र. ) .

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योटी मुख्य नहर में आने वाली भूमियों के लिये तथा उस पर स्थित सम्पतियों का अर्जन.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 2700- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची- पूरक प्रकाशन

भूमि का विवरण

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

(1) (2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (4) रीवा

0.021 हुजूर

सुपिया

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

क्योटी मुख्य नहर की सुपिया माइनर II नहर के लिए.

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , रीवा (म.प्र. ) .

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 2702- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2)

(3)

(4) रीवा सिरमौर

0.080

जामू

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, जिला रीवा ( म.प्र. ) .

सिरमौर वितरक नहरके शाहपुर माइनर के अंतर्गत 0.080 हेक्टेयर में आने वाली भूमिके लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

3413

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

रीवा, दिनांक 3 सितम्बर 2012

क्र. 2717 - भू-अर्जन- कार्य- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2)

(4) सतना कोटर

(3) लौलाछ

0.502

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग रीवा (म.प्र.) .

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत नवलछा माइनर के निर्माण में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

रीवा, दिनांक 4 सितम्बर 2012

क्र. 2721 - भू-अर्जन- 06-07.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा -5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1) (2)

(3)

(4) रीवा मनगवां

0.065

आलमगंज 23

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग रीवा (म.प्र.).

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वालीक्योटी नहर की आलमगंज वितरिका नहर की माइनर नं. 3 में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन .

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

3414

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

क्र. 2723 - भू-अर्जन- 06-07.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 अ के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(2)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)

(5)

(6) (1) रीवा मनगवां

0.124

(3) कठेरी पवाई

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग रीवा (म.प्र.).

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योटी नहर की धवैया वितरक नहर की कठेरी माइनर में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन .

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला इन्दौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

इन्दौर, दिनांक 31 अगस्त 2012

क्र.... भू - अर्जन-2012 .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 " ए " के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे . क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्ध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हे.में. )

(5)

(4)

(6) (2) सांवेर

(1) इन्दौर

0.500 0.006

(3) बुढानियापंथ पोटलोंद

रतलाम - महू- खण्डवा आमान परिवर्तन परियोजना हेतु.

उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) द्वितीय, पश्चिम रेलवे, रतलाम, (म.प्र.).

कुल ,, 0.506

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाध्यक्ष , इन्दौर एवं तहसील सांवेर अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय में किया जा सकता है. प्रभावित खसरा नम्बर :-

ग्राम- बुढानियापंथ-28, 41/1 पैकि, 41/2 पैकि, 42 पैकि,

ग्राम-पोटलोद-3 पैकि.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

भाग 1 ]

3415

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

कार्यालय , कलेक्टर , जिला सागर , मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

सागर , दिनांक 31 अगस्त 2012

क्र. 6779 - प्र.भू- अर्जन-12-13.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त अधिभूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

भूमि का विवरण

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल

तहसील

ग्राम

कुल रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

कुल ख. नं. (4)

(5)

(3)

सागर

सागर

4

0.552

हीरापुर

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(7)

(6)

कुल .. 0.552

(2) सार्वजनिक प्रयोग का वर्णन जिसके लिये आवश्यक है :-

(अ) सूखा नाला जलाशय के शीर्ष कार्य की शेष भूमि के भू-अर्जन बाबत्.

(ब)

कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर (म.प्र. ) .

सूखानाला जलाशय के शीर्ष कार्य की शेष भूमि के भू-अर्जन बाबत्.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व , सागर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ई. रमेश कुमार, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला मुरैना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

मुरैना, दिनांक 31 अगस्त 2012

प्र. क्र. 01-11-12 -अ- 82- कलेक्टर- राजस्व- भू- अर्जन- 2011-12.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल सर्वे नं.

रकबा (हेक्टेयर में )

(1) (2) (3)

(5)

(4)

अम्बाह सांगोली

0.08 मुरैना

0.046

0.046

2150 2151 2152

0.08

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(7)

(6)

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग, ग्वालियर.

हरीछा- सांगोली मार्ग के कि.मी. 3/2 में आसन नदी पर पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण हेतु.

2149

2153

0.08

कुल : 0.33

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय, कलेक्टर, मुरैना, भू-अर्जन अधिकारी , अम्बाह या कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण विभाग , सेतु निर्माण संभाग , ग्वालियर में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3416

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

[ भाग 1 कार्यालय, कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

विदिशा, दिनांक 1 सितम्बर 2012

प्र. क्र. 20- अ- 82- भू-अर्जन-11-12. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में , उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2)

(3)

(4)

सिमरघान

2.940 विदिशा कुरवाई

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन रेहटी मध्यम सिंचाई परियोजना अधिकारी, कुरवाई. के अंतर्गत नहर निर्माण में जाने वाली निजी भूमि का अर्जन.

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भू-अर्जन की आवश्यकता है- रेहटी मध्यम परियोजना के डूब क्षेत्र की निजी भूमि का अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे प्लान का निरीक्षण , कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , कुरवाई में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 21 - अ- 82 - भू-अर्जन- 11-12. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

(4)

ककरावली

6.572 विदिशा कुरवाई

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , कुरवाई.

रेहटी मध्यम सिंचाई परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण में जाने वाली निजी भूमि का अर्जन .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भू-अर्जन की आवश्यकता है- रेहटी मध्यम परियोजना के डूब क्षेत्र की निजी भूमि का अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे प्लान का निरीक्षण, कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , कुरवाई में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आनन्द कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

3417

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खरगोन , दिनांक 1 सितम्बर 2012

क्र. 875 - भू-अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमिका वर्णन

जिला तहसील ग्राम/नगर

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)

(2)

(3)

(4)

4.688 खरगोन भीकनगांव सिरलायबुजुर्ग

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -18 , खरगोन.

खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य ग्रेविटी मेन-2 हेतु.

नोट.--- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन, भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरें ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -18 , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 876- भू- अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील ग्राम/नगर

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)

(3)

(4) (1)

4.270 खरगोन भीकनगांव पिपलईबुजुर्ग

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -18 , खरगोन.

खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य ग्रेविटी मेन -2 हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , जिला खरगोन, भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरें ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-18, खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है..

3418

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

[भाग 1 क्र. 877 - भू-अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित. भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील ग्राम/नगर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

(6) (3)

(4)

(5)

खरगोन भीकनगांव रेहगांव

4.950

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -18 , खरगोन.

खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य ग्रेविटी मेन-2 हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , जिला खरगोन, भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरें ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-18 , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 878 - भू- अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

जिला

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम/नगर

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6) भीकनगांव

खरगोन

पिपरी

4.696

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -18 , खरगोन.

खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य ग्रेविटी मेन-2 हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन , भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरें ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -18 , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

भाग 1 ]

3419

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

क्र. 881 - भू- अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम/नगर

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2) (3)

(4) भीकनगांव डोंगरगांव

खरगोन

5.786

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-18, खरगोन .

खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य राईजिंग मेन-1 , 2 , 3 एवं जेकवेल हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन, भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरें ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-18, खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 882 - भू-अर्जन-2012 .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम/नगर

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)

(1)

(3)

(4) खरगोन भीकनगांव बलखडया

0.060

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-18 , खरगोन.

खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य ग्रेविटी मेन-1 हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन, भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरें ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-18 , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

3420

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

क्र. 883 - भू-अर्जन-2012. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील ग्राम/नगर

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(3)

(4) 1.522 (1) खरगोन

(2) भीकनगांव पोई

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -18 , खरगोन.

खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य ग्रेविटी मेन -1 हेतु. (6)

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन , भू- अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरें ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -18 , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 884 - भू-अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील ग्राम/नगर

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2) भीकनगांव

(3) खेडाजागीर

(4) 2.802 (1) खरगोन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

नर्मदा विकास

(5) कार्यपालन यंत्री, संभाग क्रमांक -18 , खरगोन.

खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य ग्रेविटी मेन-1 हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन, भू- अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरें ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-18 , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 885 - भू-अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम/नगर

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

भीकनगांव

(3) बंजारी

(4) 2.134 खरगोन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

नर्मदा विकास , खरगोन.

कार्यपालन यंत्री,

संभाग क्रमांक-18

खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य ग्रेविटी मेन-2 हेतु.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला खरगोन, भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरें ) खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 18 , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नवनीत मोहन कोठारी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3421 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

कार्यालय, कलेक्टर , जिला होशंगाबाद, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

होशंगाबाद, दिनांक 4 सितम्बर 2012

प्र.क्र. - भू-अर्जन- वर्ष 2011-12 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

तहसील ग्राम/नगर

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल

(हेक्टर में)

(2)

(6) (1)

(4)

(5)

(3)

0.358

होशंगाबाद सिवनी मालवा सूरजपुर

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग , भोपाल.

मोरण्ड नदी के पुल के पहुंच मार्ग निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.

उक्त भू- अर्जन से संबंधित नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , सिवनी मालवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , राहुल जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

राजगढ़ , दिनांक 5 सितम्बर 2012

क्र. 10017 - भू-अर्जन-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : --

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

नगर/ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1) (2)

(4)

(6) (3)

(5)

2.521

रेठानी

राजगढ़ सारंगपुर

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, राजगढ़.

तलेन से कुडलासा मार्ग में प्रभावित भूमिकाअर्जन.

योग : 2.521

(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) राजगढ़/ भू- अर्जन अधिकारी सारंगपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3422

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

कार्यालय , कलेक्टर , जिला हरदा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

हरदा, दिनांक 10 सितम्बर 2012

क्र. 9164- भू-अर्जन-- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा -5 ' क ' के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : -

भूमि का विवरण

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)

(3)

(4) हंडिया

7.349 हरदा

जोगाखुर्द

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

भू-अर्जन अधिकारी , जिला हरदा इंदिरा सागर परियोजना में 260 से 262 मीटर पानी भराव किये जाने से.

क्र. 9166 - भू- अर्जन- 2012.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णितं भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा -5 ' क ' के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

ग्राम

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4) (1)

(2)

हंडिया

4.416

कालीसराय

हरदा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

भू-अर्जन अधिकारी , जिला हरदा इंदिरा सागर परियोजना में 260 से 262 मीटर पानी भराव किये जाने से.

क्र. 9168 - भू- अर्जन - 2012.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा -5 ' क ' के उपबंध भाग 1 ]

3423

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2) (3)

(4)

भैसवाडा

12.685 हरदा

हंडिया

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

भू-अर्जन अधिकारी , जिला हरदा इंदिरा सागर परियोजना में 260 से 262 मीटर पानी भराव किये जाने से.

क्र. 9170 - भू-अर्जन-2012 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा -5 ' क ' के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(3)

(1)

(2)

(4) हरदा

हंडिया सिरालिया

11.658

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

भू-अर्जन अधिकारी , जिला हरदा इंदिरा सागर परियोजना में 260 से 262 मीटर पानी भराव किये जाने से.

क्र. 9172- भू-अर्जन- 2012.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त धारा -5 ' क ' के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का विवरण

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(1)

(3)

(4) हंडिया

4.669 हरदा

महेन्द्रगांव

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

भू-अर्जन अधिकारी , जिला हरदा इंदिरा सागर परियोजना में 260 से 262 मीटर पानी भराव किये जाने से.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुदाम खाडे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3424

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

सतना, दिनांक 6 सितम्बर 2012

भू- अर्जन- प्र.क्र. एफ..12- पत्र क्र. 1517- भू-अर्जन-12. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

अर्जनीय रकबा लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(6) (1) (2)

(3)

(4)

(5)

सतना मैहर

2.548 9.338

0.333

अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मैहर , जिला सतना.

के.जे.एस.लि. , मैहर रेल्वे लाइन एवं सड़क की आवश्यकता हेतु.

1.971

0.203

सोनवारी लखवार लखनपुर गिरगिटा हरनामपुर

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

3425

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

कार्यालय, कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खण्डवा, दिनांक 25 जुलाई 2012

शुद्धि-पत्र

नस्ती क्र . 3-2012 - एल. ए. भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक- 7-अ-82-11-12.- पुनासा उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत अवशेष जलाशय -1 से रिसाव के कारण दलदल में परिवर्तित भूमि पर वृक्षारोपण हेतु ग्राम चांदेल तहसील पुनासा जिला खण्डवा के भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक- 7 -अ-82-11-12 में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 की उद्घोषणा का प्रकाशन म. प्र. राजपत्र भाग-1 में दिनांक 20 अप्रैल 2012 को चौथा संसार समाचार पत्र में दिनांक 17 अप्रैल 2012 को, स्वदेश समाचार पत्र में दिनांक 17 अप्रैल 2012 को हुआ है : - उक्त उद्घोषणा में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे.

सही संशोधित प्रविष्टि

पूर्व प्रकाशित प्रविष्टि

प्रकाशन जिसमें हुआ

खसरा नंबर

84/1 मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 20-4-2012

84/1 चौथा संसार समाचार- पत्र में दिनांक 17-4-2012

84/1 स्वदेश समाचार- पत्र में दिनांक 17-4-2012

खसरा नंबर

रकबा (हे . में ) रकबा (हे. में)

1.27 1.26

84/1

1.27 1.26

84/1

1.27 1.26

84/1

उक्त प्रकाशन उद्घोषणा में कुल अर्जनीय रकबा 4.64 हे . के स्थान पर 4.65 हे . होगा.

खण्डवा, दिनांक 3 सितम्बर 2012

भू-अर्जन- प्रकरण-क्रमांक- 04-अ- 82-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 उद्घोषणा के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- खण्डवा

(ख ) तहसील- पुनासा

(ग) ग्राम- जलकुआ

(घ) अर्जित रकबा 0.70 हेक्टेयर.

खसरा

अर्जित रकबा

नंबर

(हे. में)

(2)

(1)

56

0.09

57

0.11

0.04

190/1

(2)

(1)

0.02

190/2

194/1

0.01

0.04

195/1

0.01

197/4

210/3

0.01

0.04

218

0.05

221

0.07

224

0.12

225/1

240

0.03

242

0.06 योग : 0.70

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना 2 × 600 मे. वा. म. पा. ज. कं. लि. खण्डवा के अन्तर्गत परियोजना परिसर से वर्षा एवं अन्य जल निकासी के लिये नाली निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना, म. प्र. पा. ज. कं. लि. खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

3426

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

भू-अर्जन-प्रकरण- क्रमांक- 05-अ- 82-11-12.- चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 उद्घोषणा के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खण्डवा

(ख ) तहसील-पुनासा

(ग) ग्राम-सिंधखाल

(घ ) अर्जित रकबा 0.05 हेक्टेयर.

खसरा

अर्जित रकबा

नंबर

(हे. में)

(1)

(2)

91/1

0.05

कुल योग : 0.05

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना 2 × 600 मे . वा. म. पा. ज. कं. लि. खण्डवा के अन्तर्गत परियोजना परिसर से वर्षा एवं अन्य जल निकासी के लिये नाली निर्माण हेतु.

( 3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा तथा कार्यपालन अभियंता (सिविल ) एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत् परियोजना, म. प्र. पा. ज. कं. लि. खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दतिया , मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग दतिया, दिनांक 4 अगस्त 2012

प्र. क्र. - 07 - अ-82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रायोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-अशासकीय भूमि

(क) जिला- दतिया

(ख ) तहसील- दतिया

(ग ) ग्राम- बड़ौनकला

(घ) अर्जित क्षेत्रफल-7.12 हेक्टेयर.

रकबा

खसरा नंबर

(हे. में)

(2)

(1)

2594

0.26

0.08

2590

0.12

2591

0.16

2578

2579

0.01

2580

0.12

2570

0.13

2576

0.19

0.08

2568

0.10

2569

0.04

2561

0.10

2559

2558/1

0.02

2558/2

0.06

0.14

2557

0.02

1912

1916

0.06

1917

0.12

0.02

1918

1914

0.11

0.25

1901

0.27

1865

1829

0.06

0.18

1830

0.08

1864

0.07

1863

0.10

1828

1826

0.21

0.08

1825

0.01

1824

0.17

1805

0.09

1796

0.14

1819

0.02

1808

0.03

1812

1559

0.02

0.15

1811

1793

0.07

1784

0.13

0.24

1794

1783

0.25 भाग 1 ]

3427

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

(1)

(2)

1628

0.10

1634

0.06

1656

0.05

1645

0.18

1547

0.01

0.17

1552

1648

0.11

1553

0.13

1323

0.03

1810

0.12

1818

0.09

1627/2

0.07

1631

0.14

1635

0.03

1551

0.09

1557

0.29

0.02

1562

0.25

1563

0.04

1329

1328

0.12

1324

0.18

0.03

1564

1550

0.01

1330

0.02

2430

0.21

0.01

1500/1

योग : 7.12

(2) सार्वजनिक प्रयोजन की आवश्यकता- सिंध परियोजना द्वितीय चरण के अंतर्गत दांया तट नहर ( महुअर नदी पश्चात्) की डी-9 शाखा नहर की एल . एम. - 1 , एल. एम. - 5 एवं एल . एम.- 5 की उपशाखा आर-1 एवं एल- 2 के निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी भू-अर्जन शाखा कलेक्ट्रेट दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जी. पी. कबीरपंथी, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बुरहानपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बुरहानपुर, दिनांक 9 अगस्त 2012

राजस्व प्रकरण क्रमांक 05-अ-82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रायोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बुरहानपुर

(ख ) तहसील- बुरहानपुर

(ग) ग्राम- मोहद

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 13.71 हेक्टेयर ( नहर कार्य ) मोतीयदेव तालाब ( नहर कार्य )

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा ( हे. में )

(2)

(1)

0.180 926

927/1

0.080

0.140 930

0.080 932

0.090 933/1

0.040 933/2

0.060 935

956

0.180

0.060 954/2

0.120 937

0.110 938

0.080 939

0.160 872/1

0.080 871/2

0.110 871/1

0.080 552

0.200 553

0.040 629/2

0.140 631/2

0.120 631/1

0.100 630

0.080 618

0.060 619 3428

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(2)

(1)

620

0.110

621

0.080

625/1

0.040

625/2

0.060

606

0.330

604/1

0.140

603

0.150

209

0.160

210

0.120

214

0.100

215

0.100

218

0.100

219

0.400

0.200

270

234/1

0.230

234/2/3

0.180

269

0.310

164/4

0.100

164/3

0.100

0.090

164/2

164/1

0.060

163/1

0.120

163/2

0.040

163/3

0.030

147/2

0.150

271

0.150

0.210

280

289/2

0.210

266

0.060

265

0.420

287

0.060

288

0.060

292/1

296

0.240

297

0.030

298

0.070

299

0.060

300

0.390

301/2/2

0.080

303/1

0.120

0.120

303/2

304

0.250

305

0.120

0.250

61

50

0.150

49

0.220

[भाग 1 (1)

(2)

0.300

48

42

0.240

41

0.120

903

0.400

904

0.040

0.110

825

826

0.170

0.140

829

0.290

832

841

0.290

840/2

0.200

839

0.100

850/2

0.240

762-ब

0.060

770

0.160

773

0.090

0.070

775/3

0.030

775/2

0.170

788

0.040

792/3/2

784/1

0.040

784/2

0.040

779

0.090

0.120

781/2

716

0.060

717

0.080

0.110

709/1

0.190

719/3

0.220

719/5

705

0.100

696/2

0.100

0.140

695

योग कुल अर्जित रकबा : 13.71 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता- मोतीयादेव तालाब योजना नहर कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी बुरहानपुर तथा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग, बुरहानपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आशुतोष अवस्थी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

3429

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग विदिशा , दिनांक 14 अगस्त 2012

प्रकरण क्रमांक 16-अ-82- भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गयी अनुसूची के कालम नम्बर ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित 1 मकान अनुसूची के कालम न. ( 5 ) में उसके सामने वर्णित प्रयोजन के लिये मकान डूब में आ रहा है अथवा डूबने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत पद घोषित किया जाता है कि उक्त मकान की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि/मकान का वर्णन

जिला तहसील ग्राम भूमि/मकान

का विवरण

(1) (2)

(4)

(3)

(5) विदिशा कुरवाई परसौरा पूनाबाई पुत्री बलवंत

सिंह पत्नी शिवराज सिंह राजपूत निवासी परसौरा का ग्राम परसौरा स्थित भूमि सर्वे क्र. 141/1 रकबा 0.049 हेक्टेयर मकान सहित. रेहटी मध्यम सिंचाई परियोजना के अंतर्गत एफ.टी.एल. एवं एम. डब्ल्यू. एल. के बीच में आने से .

( 1 ) मकान के नक्शे , प्लान का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , कुरवाई के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 17- अ-82--भू-अर्जन- 2011-12 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गयी अनुसूची के कालम नम्बर ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि अनुसूची के कालम न. ( 6 ) में उसके सामने वर्णित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा पद घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-विदिशा

(ख) तहसील-कुरवाई

(ग) ग्राम-मनेशा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.564 हेक्टेयर.

(1 ) भूमि का वर्णन

रकबा

भूमि सर्वे नं.

(हेक्टर में)

(1)

(2)

110

योग .

0.564 0.564

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन- रेहटी मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , एवं भू-अर्जन अधिकारी, कुरवाई के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 18 - अ- 82 - भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि, नीचे दी गयी अनुसूची के कालम नम्बर ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि अनुसूची के कालम न. (6 ) में उसके सामने वर्णित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा पद घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: --

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-विदिशा

(ख ) तहसील- कुरवाई

(ग) ग्राम- परसौरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.336 हेक्टर .

( 1 ) भूमि का वर्णन

भूमि सर्वे

नं.

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

156/1

0.146

197/2

0.032

147/1/2

0.527

207

0.094

188/1

0.175

191

0.251

215/1/3

योग रकबा

0.181 1.336 3430

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन- रेहटी मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण हेतु.

(3) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , कुरवाई के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आनन्द कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

कुण्डम , दिनांक 18 अगस्त 2012

प्र. क्र. 3 - अ- 82-05-06-अनु. वि. अधि. भू-अर्जन-12.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-जबलपुर

(ख ) तहसील-कुण्डम

(ग ) ग्राम-कोलमुही

( घ ) लगभग क्षेत्रफल - 2.37 हेक्ट. पटवारी हल्का नं. - 5 खसरा

नंबर

रकबा (हे. में)

(2)

(1)

100

0.25

101

0.12

178

0.050

204

0.07

102

0.02

103

0.09

106

0.23

107

0.05

109

0.10

247

0.19

165

0.03

0.09

179

[भाग 1

(2)

(1)

249

0.02

0.05

177

175

0.03

173

0.26

203

0.02

0.07

229

82

0.02

100

0.08

0.13

104

81

0.06

0.02

83

0.13

84

85

0.04

77

0.04

76

0.11

2.37

योग .

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है-कोलमुही जलाशय के मुख्य नहर एवं पहुंच मार्ग निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, तहसील कुण्डम कार्यालय में किया जा सकता है.

कुण्डम, दिनांक 23 अगस्त 2012

प्र. क्र. 01 - अ- 82-11-12-कुण्डम-अनु. वि. अधि.- भू- अर्जन- 12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- जबलपुर

(ख ) तहसील-कुण्डम

(ग) ग्राम- पिपरिया

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.47 हेक्ट. , पटवारी हल्का नं . - 1 खसरा

रकबा

नंबर

(हे. में)

(2)

(1)

0.120

16

0.070

17

0.070 भाग 1 ]

3431

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

(2)

(1)

24/1

0.160

24/2

0.060

25

0.100

38/3

0.060

0.050

29

30

0.060

31

0.100

32

0.139

39

0.050

46

0.060

47

0.060

52

0.010

63

0.020

64

0.060

64/236

0.010

66

0.320

67

0.090

68

0.040

कुल योग 1.47

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- पिटकुही जलाशय के नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी तहसील कुण्डम कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 02 - अ-82-11-12- कुण्डम-अनु. वि. अधि.- भू-अर्जन- 12.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- जबलपुर

(ख) तहसील- कुण्डम

(ग ) ग्राम- पिटकुही खुर्द

( घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.22 हेक्टेयर पटवारी हल्का नं. - 3

रकबा

खसरा नंबर

(हे. में)

(1)

(2)

35/3

0.10

58/2

0.008

58/3

0.004 0.22

योग ..

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- पिटकुही जलाशय के नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, तहसील कुण्डम कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गुलशन बामरा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दमोह, दिनांक 21 अगस्त 2012

प्रकरण क्र. -82-11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि सम्पत्ति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील- दमोह

(ग ) ग्राम- दमोह खास, तीन गुल्ली दमोह

(घ) लगभग क्षेत्रफल-96.23 वर्गमीटर.

शीट नम्बर

प्लाट नम्बर (हेक्टर में)

अधिगृहण किये जाने वाला रकबा (वर्गमीटर में)

(3)

(2)

(1)

43/1

12.15 57

51

43/2

7.41 51

45/5

7.41 51

42/1

9.02 57

42/2

8.74 51

39/1

5.20 51

8.40

12/2

11.30

12/3

51

51

14/58

26.60 54

14/59 14/05

96.23

योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सागर, दमोह मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु.

3432

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व दमोह एवं संभागीय प्रबंधक, म. प्र. रोड डेव्हलपमेंट कार्यों. लिमि. , सागर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, स्वतंत्र कुमार सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला झाबुआ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग झाबुआ, दिनांक 24 अगस्त 2012

क्र. 2579 - रीडर- भू-अर्जन 2012-13 रा. प्र. क्र. 6 - अ-82- 11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-झाबुआ

(ख) तहसील- रानापुर

(ग) ग्राम-खेडा

(घ ) तालाब- भामची तालाब

(ङ) लगभग क्षेत्रफल-8.88 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

89

0.10

90

0.04

0.10

93

3

0.14

4

1.11

5

0.63

6

0.23

7

0.13

16

0.41

17

0.44

18

0.30

(2)

(1)

0.47

19

2.35

9

0.20

13

0.20

34

0.12

88

92

0.30

0.96

94

0.12

97

0.53

68

8.88

योग :

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- भामची तालाब बांध निर्माण एवं डूब क्षेत्र में होने से ग्राम खेडा का कुल रकबा निजी भूमि 8.88 हेक्टर .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , झाबुआ रानापुर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

झाबुआ , दिनांक 29 अगस्त 2012

क्र. 2678 - रीडर - भू-अर्जन 2012-13 रा. प्र. क्र. 5 - अ-82- 11-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-झाबुआ

(ख) तहसील- रानापुर

(ग) ग्राम-गलती

(घ) तालाब-भामची तालाब

(ङ) लगभग क्षेत्रफल-2.39 हेक्टेयर.

नम्बर

रकबा (हेक्टर में )

सर्वे (1)

(2)

0.10

452

0.45

453

467

0.22

468

0.05

459

0.20

473

0.25 भाग 1 ]

3433

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

(1)

(2)

0.06

464

471

0.25

488

0.02

490

0.10

493

0.08

492

0.11

500/2

0.05

0.05

513/17

0.03

501

511

0.17

512

0.06

513/20

0.04

513/19

0.05

513/18

0.05

2.39

योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- भामची तालाब बांध निर्माण एवं डूब क्षेत्र में होने से ग्राम गलती का कुल रकबा निजी भूमि 2.39 हेक्टर.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, झाबुआ रानापुर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 2680 - रीडर- भू-अर्जन 2012-13 रा. प्र. क्र. 7- अ-82- 11-12.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-झाबुआ

(ख) तहसील-रानापुर

(ग) ग्राम- सुरडिया

(घ) तालाब- भामची तालाब

(ङ) लगभग क्षेत्रफल-5.76 हेक्टेयर.

सर्वे

रकबा

नम्बर

(हेक्टर में )

(1)

(2)

18

0.12

17/2

0.12

(2)

(1)

0.11

17/1

0.26

20

0.20

19

0.03

24

26

0.17

27

0.14

46

0.03

0.08

47

48

0.17

0.06

49

0.17

50

0.20

52

53

0.11

54

0.54

0.03

55

57

0.12

63

0.54

1035

0.14

0.02

1044

0.30

1016

1017

0.14

969

0.04

1045

0.15

0.02

1046

1047

0.01

0.05

1053

0.70

1055

1056

0.56

0.03

1019

0.26

1021

1059

0.14

5.76

योग :

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- भामची तालाब बांध निर्माण एवं डूब क्षेत्र में होने से ग्राम सुरडिया का कुल रकबा निजी भूमि 5.76 हेक्टर.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , झाबुआ रानापुर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

3434

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

क्र. 2682 -रीडर - भू-अर्जन 2012-13 रा. प्र . क्र. 4 - अ-82- 11-12.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-झाबुआ

(ख ) तहसील- रानापुर

(ग) ग्राम- नाहरपुरा

(घ) तालाब- भामची तालाब

(ङ) लगभग क्षेत्रफल-15.53 हेक्टर .

सर्वे

रकबा

नम्बर

(हेक्टर में )

(1)

(2)

853

0.40

856

0.14

857

0.85

858

0.09

859

0.12

860/2

0.95

870

1.44

871

0.23

0.50

874

875

0.10

876

0.39

824

0.09

700

0.07

703

0.15

860/1

0.50

841

0.40

740

0.10

862

0.12

863

0.05

864

0.22

865

0.19

866

0.04

867

0.23

868

0.11

(2)

(1)

0.20

869

877

0.62

0.18

821

0.22

822

0.38

823

825

0.10

826

0.11

827

0.23

0.11

829

0.20

832

0.10

833

834

0.07

716

0.30

717

0.05

0.04

720

721

0.05

722

0.04

0.04

723

0.06

814

0.03

815

0.03

816

708

0.84

818

0.07

0.05

819

0.48

828

0.09

753

0.06

752

751

0.11

750

0.24

0.14

749

0.06

755

0.32

731

0.05

730

0.09

732

0.37

733

729

0.30

728

0.06

0.10

712

713

0.80

714

0.26

0.20

706

0.20

707

योग : 15.53 भाग 1 ]

3435

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- भामची तालाब बांध निर्माण एवं डूब क्षेत्र में होने से ग्राम नाहरपुरा का कुल रकबा निजी भूमि 15.53 हेक्टर.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, झाबुआ रानापुर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

झाबुआ, दिनांक 31 अगस्त 2012

क्र. 3105- भू-अर्जन- 2012 - रा. प्र. क्र. अ-82-2011- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- झाबुआ

(ख ) तहसील- थांदला

(ग) ग्राम- रन्नी ( तालाब ढोलखरा नहर निर्माण ) (घ) लगभग क्षेत्रफल-6.10 हेक्टर.

निजी भूमि

सर्वे नम्बर

रकबा (हेक्टर में )

(1)

(2)

1452

0.06

1453

0.02

1455

0.02

1456

0.05

1501

0.08

1502

0.11

1505

0.05

1506

0.07

1507

0.11

1508

0.06

1511

0.10

1513

0.15

1517

0.12

1532

0.12

1533

0.12

1538

0.10

(2)

(1)

1543

0.04

1544

0.09

1546

0.27

1549

0.15

1551

0.12

0.08

1552

1553

0.09

1628

0.03

1684

0.05

1685

0.02

1686

0.04

0.02

1712

0.04

1715

2087

0.03

2088

0.02

0.02

2089

2097

0.12

2098

0.03

2112

0.10

2165

0.13

0.10

2169

0.08

2271

0.08

2272

2275

0.03

2277

0.03

0.06

2280

0.12

2293

2294

0.09

2295

0.04

2298

0.04

2311/1

0.03

2312/1

0.02

2312/2

0.02

2312/3

0.03

0.03

2313/1

2313/2

0.03

0.04

2314

0.07

2319

2320

0.08

2321/1

0.05

0.05

2322/1 3436

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(2) (1)

2322/2

0.02 2332/1

0.07 2332/2

0.07 2332/3

0.03 2334

0.08 2361

0.05 2396

0.03 2397

0.03 2398

0.08 2399

0.01 2402

0.02 2404

0.03 2406

0.04 2408/1

0.06 2408/2

0.06 2414/1

0.04 2414/2

0.04 2414/3

0.04

0.09 2432

0.06 2437

2438

0.03 2440

0.15

0.13 2446

2448

0.02 2569

0.10 2570

0.08 2571

0.05 2574

0.08

0.06 2575

0.05 2577

0.02 2580

2581

0.02 2583

0.01 2599

0.04 2609

0.05 2698/1

0.06

(2)

(1)

2698/3

0.12

2699

0.03

0.05

2703

2786

0.03

2822

0.03

6.10

योग :

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- ढोलखरा तालाब निर्माण होने से ग्राम रन्नी का कुल रकबा निजी भूमि 6.10 हेक्टर .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , थांदला के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 3107 - भू- अर्जन- 2012 - रा. प्र. क्र. अ-82-2011- 12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- झाबुआ

(ख ) तहसील- थांदला

(ग) ग्राम-नौगावां सोमला ( तालाब ढोलखरा की नहर निर्माण)

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.72 हेक्टर.

निजी भूमि

सर्वे

नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.12

78

0.04

79/1

0.04

79/2

81

0.16

93

0.16

94

0.02

105

0.16

111

0.12

0.12

146

0.06

147 भाग 1 ]

3437

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

(2)

(1)

148

0.18

150

0.15

151

0.03

189/1

0.08

189/2

0.08

196

0.16

198

0.09

202

0.19

204

0.10

0.12

266

287

0.01

288/2

0.01

0.03

297

305

0.05

312

0.02

411

0.05

412

0.03

413

0.02

415

0.04

440

0.11

0.11

448

0.03

452

460

0.03

योग : 2.72

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-ढोलखरा तालाब की नहर निर्माण होने से ग्राम नौगावॉ सोमला का कुल रकबा निजी भूमि 2.72 हेक्टर .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , थांदला के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. 3109- भू-अर्जन- 2012 - रा. प्र . क्र. अ- 82-2011- 12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- झाबुआ

(ख) तहसील - थांदला

(ग ) ग्राम- कुकडीपाड़ा ( तालाब ढोलखरा नहर निर्माण ) (घ ) लगभग क्षेत्रफल-5.91 हेक्टेयर.

निजी भूमि

सर्वे

रकबा

नम्बर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

43

0.08

103

0.24

104

0.03

0.08

105

106

0.05

112

0.15

115/2

0.10

0.10

115/3

118

0.09

121/1

0.15

121/2

0.15

124

0.05

0.13

125

126

0.09

0.08

127

0.04

129/2

163

0.13

0.05

164

0.05

165

0.12

186

0.12

187/1

0.01

187/2

188

0.11

0.05

190

0.11

191

0.13

195

0.20

196

0.03

197

0.10

198 3438

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

(2) (1)

201/1

0.02 201/2

0.01 201/3

0.03 203

0.09 222

0.01

0.08 223

225

0.09 226

0.08 227

0.04 229/1

0.04

0.02 229/2

229/3

0.02 231

0.07 232

0.24 236

0.04 237

0.04 246

0.08 253/2

0.02 256

0.06 257

0.06 259

0.11 308

0.18 310

0.20 312

0.07 313/1

0.02 313/2

0.02 313/3

0.02

0.02 313/4

366

0.08 373

0.10 377

0.07 391

0.05 392

0.05 399

0.08 407

0.19 415

0.09 421

0.06 422

0.08 445

0.03 446

0.03 447

0.03

[भाग 1

(2)

(1)

517

0.14

518

0.08

0.09

667

0.06

683

5.91

योग :

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-ढोलखरा तालाब की नहर निर्माण होने से ग्राम कुकडीपाड़ा का कुल रकबा निजी भूमि 5.91 हेक्टर.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , थांदला के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जयश्री कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला उमरिया , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग उमरिया, दिनांक 25 अगस्त 2012

क्र. 2938 - भू-अर्जन- 2011-अ- 82-2011-12.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन की आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला- उमरिया

(ख ) तहसील-पाली

(ग ) नगर/ ग्राम- कांचोदर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-31.050 हेक्टर.

खसरा

रकबा

नम्बर

(हे. में)

(2)

(1)

5/1

0.628

7

1.516

0.728

13/2

12

0.101

1.700

13/1

13/315

0.129

0.011

68/2ग भाग 1 ]

3439

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(2) (1)

14

2.016 68/2क

1.011 68/1

0.405 68/3

0.243 244/2

1.421 253

0.186 25

0.975 71

0.405 251/2

0.216 251/5

0.339 251/4

0.021 66/1क

0.219 66/1ख

0.186

0.202 67

245

0.142 66/316

0.065 70/1

0.170 243/1 क1

0.609 70/2

0.405 243/ 1 ख 1

0.607 244/1 क

0.405 244/1ख

0.405 254

0.526 255

0.065 251/1

0.380 6

0.234 68/2ख

2.624

0.121 16/2

0.809 15/1

1.679 15/2

1.680 15/3

0.809 251/3

0.343 68/4

0.020 7/318

0.162 252

0.162 66/2

0.562 66/3

0.121 243/ 1क 2

0.975 243/ 1 ख 2

0.644 17

0.021

(2)

(1)

21/311

0.243

246/1

0.243

0.131

5/2 क

4

0.340

9

0.061

11

0.065

0.065

73

238

0.021

0.081

239/1

0.081

239/2

239/3

0.081

240

0.146

241

0.130

242

0.154

243/1 क 1

0.145

0.145

243/1 ख 1

243/3

0.041

265

0.041

281/2

0.097

0.020

263/2

0.041

30

31

0.008

0.041

33

34

0.130

36

0.008

37

0.021

38

0.130

41/2

0.121

46

0.081

47

0.113

176/1

0.065

177/2

0.194

0.065

176/2

0.024

178

178/293

0.021

171/5

0.065

0.024

196/3

197

0.164

कुल रकबा 31.050 3440

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- कांचोदर जलाशय योजना शीर्ष एवं नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , पाली जिला उमरिया एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , उमरिया के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 2942- भू- अर्जन- 2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है . उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

शीर्ष कार्य ( डूब क्षेत्र , बांध, एप्रोच एवं स्पिल चैनल ) हेतु.

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- उमरिया

(ख) तहसील- मानपुर

(ग ) नगर/ ग्राम- बांसा एवं दुलहरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-

1. बांसा

62.656 हे.

1.071 हे.

2. दुलहरा

योग ..π .. 63.727 हे.

ग्राम-बांसा अशासकीय सर्वे क्रमांक खसरा

रकबा

नम्बर

(हे. में )

(1)

(2)

15/1

0.089

1.416

16/1ड़

0.613

18/1 ख

1.031

16/1 ड़

18/4

1.619

21

0.166

25

0.089

30/ 1घ

1.113

33

0.113

36/1 ख

1.416

40

0.125

43

0.206

49/1ख

0.304

80/4

1.687

81/2ख

0.627

(2)

(1)

0.486

81/3ख

0.162

81 /4ग

82/4घ

0.214

83/2

1.010

85/2

0.507

93/2

0.620

93/4ख 2

0.121

0.101

93/5ग

96

0.291

100/2

0.543

103

0.101

138/2

0.142

150

0.284

260

0.056

277

0.024

282

0.020

293

0.166

333

0.174

339/2

0.502

346/2

1.214

352

0.093

0.126

361

88

0.121

0.105

15/2

16/2

2.023

2.023

18/1 ग

0.405

18/1 च

1.214

18/5

22

0.166

0.547

26

0.405

30/2

34

0.170

36/2

0.202

0.008

41/1

0.125

44

0.405

49/2

80/5

0.353

81/2ग

0.121 भाग 1 ]

3441

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

(2) (1)

81/3ग

0.283 82/4क

0.050

0.101 82/4ड़

83/3

1.214 89

0.024 93/3

0.384 93/43

0.162

0.809 94/1ड

97

0.267 100/3

0.101 104/2

0.304 140

0.057 151

0.170 269

0.388 278

0.376 283

0.141 295

0.214 335

0.190 341/2

0.405 348

0.344

0.214 353

362

0.129 290

0.210 16/1 ग

1.416 16/3

0.809 18/1 घ/ 1

0.405 18/2

0.607 19

0.085 23

0.210 28

0.141 31

0.170 35

0.088 38

0.279 41/2

0.043 45

0.332 49/4

0.204 80/6

0.950 81/2घ

0.607 81/4क

0.729 82/4 ख

0.190 82/2

0.405 84

0.198 90

0.173

0.708 93/4क

(2)

(1)

0.202

93/5क

0.809

94/2

98

0.279

101

0.073

0.040

105

141

0.149

152

0.138

0.324

275

279

0.251

0.441

331

336

0.401

343

0.615

349

0.178

358

0.129

363

0.606

292

0.147

332

0.425

0.304

16/1 घ

16/4

0.809

0.259

18/1 घ/2

18/3

0.121

20

0.154

24

0.364

29

0.328

0.170

32

36/1क

1.983

39

0.259

0.251

42

46/1ख

0.947

80/2

2.011

81/2क

0.506

0.324

81/3क

0.202

81/4ख

82/4ग

0.101

0.405

82/3

0.202

85/1

0.405

92/2

0.162

93/4ख1

0.466

93/5ख

94/3

0.809

99

0.138

102

0.162

106

0.117 3442

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

(1)

(2)

144

0.370

226/1

0.440

276

0.215

281

0.206

338

0.061

344

2.236

0.178

350

359

0.121

0.413

364

कुल रकबा : 62.656

ग्राम- दुलहरा अशासकीय सर्वे क्रमांक 26

0.372

32

0.024

48

0.016

0.210

27

33

0.101

49

0.012

29

0.073

0.166

35

30

0.028

39

0.069

कुल रकबा 1.071

नहर निर्माण हेतु

अनुसूची

भूमि का विवरण-

( 1 )

जिला- उमरिया

(क)

(ख) तहसील-मानपुर

(ग) नगर/ ग्राम- दुलहरा , बांसा, कछौंहा , रिझौंहा, कठार एवं कोलर

क्षेत्रफल-

(घ)

0.437 हे.

1. दुलहरा

2.752 हे.

2. बांसा

3.845 हे.

3. कछौंहा

1.841 हे.

4. रिझौंहा

5. कठार

1.337 हे.

6. कोलर

2.863 हे.

योग .. 13.075 हे.

ग्राम- दुलहरा अशासकीय सर्वे क्रमांक 167/7

0.194

189

0.243

0.437

कुल रकबा :

ग्राम-बांसा अशासकीय सर्वे क्रमांक

44

0.030

45

0.012

0.056

47/1

0.089

47/2

50

0.510

75

0.914

76

0.433

0.708

80

2.752

कुल रकबा :

ग्राम- कछौंहा अशासकीय सर्वे क्रमांक

0.065

5/1क-6

0.153

119

0.037

124

129

0.101

147

0.081

148/2

0.170

0.057

182

0.149

184

156/2

0.170

156/6

0.093

156/7

0.113

0.028

170/2

171

0.012

0.057

172

0.021

173

0.081

190

174

0.073

189/2

0.033

193

0.275

0.202

193/1 ग-2क

194/3

0.016

0.097

198/1

205

0.121

237/1

0.113

198/2

0.162

237/2

0.113

208

0.032 भाग 1 ]

3443

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(1)

(2) 209

0.093 210

0.004 213/1ख

0.012 220/1

0.057

0.037 296

220/2

0.057 273/1 क

0.053 275

0.073 274

0.057 292

0.028 310/1

0.041 311/1

0.024 333/1

0.016 334/3

0.142 347/1

0.049 351

0.057 352

0.041 354

0.021 356

0.077 357

0.016 359

0.061 457

0.049 462

0.053 458

0.045 463

0.057

3.845

कुल रकबा :

ग्राम-रिझौंहा अशासकीय सर्वे क्रमांक 60/1

0.012 68/3

0.129 70/3

0.024 69

0.028

0.053 74/2क/1

0.057 74/2क/3

0.057 74/2क/4

0.307 79/1

80/ 1 ख

0.142 79/5

0.077

0.081 80/1 क 1

81/1

0.113 82/1

0.073

(2)

(1)

0.214

83/1 क/2/क

0.105

83/1 ग

83/1च

0.021

0.243

84/1

0.105

90/2

1.841

कुल रकबा :

ग्राम-कठार अशासकीय सर्वे क्रमांक

7/1क-1

0.018

0.018

7/1क-2

0.018

7/1क-3

0.008

7/1ख

0.016

7/1 ग

7/2

0.031

0.109

13/1क

0.028

56/1 क-2

56/2

0.028

286

0.025

56/3

0.028

0.006

58

0.125

60

0.028

61/1

0.028

62/3

220

0.049

0.032

224

0.021

231/1

258

0.028

261

0.021

232

0.010

233

0.178

257/2क

0.028

0.008

260

0.077

279

0.022

284/1

284/2

0.022

295

0.093

0.234

296

1.337

कुल रकबा :

ग्राम-कोलर अशासकीय सर्वे क्रमांक

0.145

418/4

0.045

424/1

0.045

424/2क

424/2ख

0.045

0.093

425 3444

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(1)

(2)

426

0.041

427/1

0.462

0.121

429/5क

435/2

0.049

435/3

0.235

0.149

435/3

435/4

0.093

436/1

0.413

442

0.085

443

0.033

444/2

0.012

0.085

446/1 क 5

446/1क 6/1

0.061

446/1ख

0.174

446/3

0.053

446/1 ग

0.105

446/5

0.097

446/6

0.129

0.041

490

491

0.028

0.024

493/1

2.863

कुल रकबा :

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बन्देही जलाशय योजना के डूब प्रभावित क्षेत्र एवं नहर निर्माण से प्रभावित होने वाली आराजियों का मुआवजा निर्धारण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लाट ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग संभाग उमरिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(4) भू-अर्जन अधिनियम की धारा -7 के अंतर्गत कार्यवाही हेतु आदेशित किया जा सकता है.

क्र. 2943 - भू-अर्जन- 2011-अ- 82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन की आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- उमरिया

(ख) तहसील-पाली

(ग ) नगर/ग्राम- सुन्दरदादर/घाटाटोला

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-11.419 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

रकबा (हे. में)

(2)

(1)

1.214

152

109/2

1.214

1.214

109/1

153/2

0.607

0.759

149/1

0.309

149/2

0.729

156

155/3

0.194

155/2

0.194

0.194

155/1

0.607

169

154

2.023

170

0.756

0.500

168

0.405

158

0.500

107

कुल रकबा : 11.419

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- पटपरिहा जलाशय योजना शीर्ष कार्य के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमिके नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , पाली जिला उमरिया एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , उमरिया के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. के. उपाध्याय, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

शाजापुर, दिनांक 29 अगस्त 2012

क्र. भू-अर्जन- 2012-294.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 भाग 1 ]

3445

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- शाजापुर

(ख ) तहसील- नलखेड़ा

( ग ) ग्राम- बावड़ीखेड़ा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.63 हेक्टेयर

भूमि सर्वे क्रमांक

रकबा (हे. में)

(1)

(2)

16 में से

0.69

0.58

128में से

130

0.36

योग : 1.63

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खनोटा तालाब निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन-2012-295.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क ) जिला-शाजापुर

(ख ) तहसील- नलखेड़ा

(ग) ग्राम- गरेली

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.22 हेक्टेयर.

कुल

रकबा

सर्वे नम्बर

अर्जनीय रकबा (हे. में) (1)

(2)

(3) 360

0.02

0.02

0.05

310

0.05 312

0.04

0.04 313

0.02

0.02

(3) (1)

(2)

0.05 146

1.04

0.07

0.07 318/3

0.07

0.07

318/2

0.06 86/1

0.39

87/1

0.21

0.03 87/2

0.03

0.26

0.05

0.26

88

0.08

1.04

91

0.42

0.10 92

0.01 143

0.16

0.50 145

4.16

0.23 148

0.49

0.03

0.32

151

0.37

0.02 152

354

0.01

0.01

0.60

0.02 152मी.

0.42

0.07 187

626

0.96

0.19

0.12

0.53

603

0.17 630

1.54

0.08

0.69

607

362

0.03

0.03 362

0.10

0.48

0.07

0.37

605

0.16

0.05 335

365

0.06

0.02

0.03

0.37

188

0.02

0.55

189

0.36

0.01 191

0.20

0.06 197

0.08

1.56

623/1

0.52

0.08 623/2

0.55

0.14 625

0.37

0.03 188

336/1

0.05

0.03 336/2

0.11

0.03

0.19

0.02 336/3

0.02 336/4

0.10

0.02 355

0.07

0.06

0.03 364

0.57

0.10 311

योग .. 3.22 नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकरी व भू-अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.

3446

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

क्र. भू-अर्जन- 2012-296.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला-शाजापुर

(ख) तहसील- नलखेडा

(ग ) ग्राम- गुजरखेड़ी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-9.17 हेक्टेयर

सर्वे

नम्बर

कुल रकबा

अर्जनीय रकबा (हे. में ) (1)

(2)

(3) 244

0.44

0.30 245

0.14

0.01 246

0.49

0.10 443/3

0.04

0.70

444/2

0.24

0.09 247

0.05

0.69

1.33

366

0.18 368

1.30

0.20

0.05

374

0.03 375

0.86

0.18

0.22

431

0.04

0.23

432

0.07 433

1.45

0.33 443/1

0.09

0.04

0.25

444/1

0.08

0.60

443/2

0.04 445

0.13

1.46

1.16

468

0.15 469

0.42

0.08 470/1

0.55

0.09 479/2

0.10

0.09 470/2

0.66

0.09 479/1

0.65

0.10

1.00

486

0.12 487

0.12

0.99

496

0.43

0.07 494

0.06

0.43

495

0.06

0.38

0.43

497

0.07 488

0.13

1.10

[भाग 1 (1)

(2)

(3)

0.08 411/1

1.05

1.04

0.08 411/2

853मी.

0.03

0.01 0.14

0.02 853मी.

851/1

0.29

0.03

0.04 875

0.05

0.07

0.04 876

0.27

0.05 879

0.13

0.03 881

895

0.29

0.03 0.32

0.04 896

0.18

0.08 879

0.20

0.02 872

1218

0.41

0.06

0.04 1220

0.46

1413

0.07 0.59

1223

0.16 0.69

1367

1.34

0.15

0.17 0.72

1204

0.73

0.03 1206

0.04 0.69

1214

0.11 1213

0.58

1212

0.58

0.08 1217/1

0.38

0.04

0.03 1297/2

0.58

1224

0.92

0.15 0.35

0.06 1230

1.04

0.18 1236

0.10 1231

0.80

1237

0.86

0.25 0.75

0.26 1254

1.25

0.10 1255

0.04 869

0.15

856/1

0.09

0.03

0.03 856/2

0.08

0.03 856/3

0.16

0.23

0.07 854

0.02 851/2

0.29

0.62

0.08 422

0.14 423

1.25

0.84

0.10 429

1.22

0.14 424

409/1

0.06 0.65

409/2

0.64

0.03 407/2

0.54

0.04

0.05 407/3

0.40

408/1

0.06 0.41

408/4

0.06 0.52 भाग 1 ]

3447

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(1)

(2)

(3) 408/2

0.35

0.06 1442

1.25

0.34

1.01

1445

0.03 1448

1.03

0.24 1449/1

0.29

0.07 1449/2

0.29

0.07 1449/3

0.07

0.31

1454 मी 0.53

0.12 1454 मी

0.12

1.10

1456

1.10

0.20 1454 मी

1.00

0.12 408/3

0.06

0.81

1414/1

0.15

0.09

0.15

1414/511

0.09 1414/6

0.15

0.09 1414/10

0.15

0.09

2.50

1424

0.11 490/1

0.06

0.21

490/2

0.21

0.03 1441/6

1.22

0.36

योग .. 9.17 नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी व भू-अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 297- भू-अर्जन- 2012.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला-शाजापुर

(ख) तहसील- सुसनेर

(ग ) ग्राम- धारुखेडी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.53 हेक्टेयर

सर्वे

कुल

नम्बर

रकबा

अर्जनीय रकबा (हे. में ) (1)

(2)

(3) 1062

0.06

0.02 1064

0.04

0.03 1107

0.18

0.04 (1)

(2)

(3)

0.03

0.02 1108

0.01

0.01 1125

1063

0.08

0.05 1138

0.20

0.03 1066

0.08

0.02

0.26

0.02 1106

1109

0.18

0.04 1110

0.08

0.01 1127

0.02

0.02

0.03 1120

0.26

0.23

0.05 1121

0.21

0.02 1122

0.03

0.03 1126

1128

0.18

0.01 1127

0.20

0.04

0.20

1140

0.04

0.53

योग .

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकरी व भू-अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 298 - भू-अर्जन-2012 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- शाजापुर

(ख) तहसील- सुसनेर

(ग) ग्राम- सिरपोई

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.02 हेक्टेयर

सर्वे नम्बर

कुल रकबा

अर्जनीय रकबा (हे. में )

(2)

(3) (1)

0.14

0.06 885

886

0.10

0.06 1006

0.48

0.03

0.02 887

0.11

986

0.48

0.12 890

0.29

0.03

0.02 961

0.80 3448

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

(1)

(2)

(3) 972/1

0.10

0.01 979

0.37

0.10

0.54

0.02 972/2

975

0.62

0.09

0.08

0.19

977

978

0.19

0.01 983

1.68

0.30 960

0.11

0.04

0.03 976

0.19

योग .. 1.02 नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकरी व भू- अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 299 - भू- अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-शाजापुर

(ख) तहसील-नलखेडा

(ग ) ग्राम- अंतरालिया

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.97 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

कुल रकबा

अर्जनीय रकबा (हे. में) (1)

(2)

(3) 131

0.13

0.04 134

0.05

0.03 131 मी

0.53

0.03 133

0.06

0.01 138

0.30

0.05 139

0.29

0.04 163

0.02

0.02 356

0.23

0.34

145

0.31

0.04 973

0.31

0.08 146

0.76

0.22 568

0.29

0.11 162

0.09

0.09 352

0.07

0.04

0.07

353

0.07 (1)

(2)

(3)

0.32

0.04 346

354

0.06

0.05

0.29

0.07 355

567

0.28

0.09

0.12 570

0.32

0.05 579

0.59

572

0.02

0.54

0.17 576

0.57

855

0.45

0.03 857/1

0.69

0.06

1.00

0.06 857/2

0.90

0.06 857/3

857/4

0.60

0.06

0.10 858

0.22

0.05 859

0.22

0.05 862

0.22

0.07 863

0.48

0.025 914

0.34

0.07 975

0.84

0.16

0.64

979

0.84

0.26 980

0.06

0.43

981

योग .. 2.97 नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकरी व भू-अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 300 - भू- अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-शाजापुर

(ख) तहसील- सुसनेर

(ग) ग्राम- देवपुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.51 हेक्टेयर .

अर्जनीय रकबा सर्वे नम्बर

कुल रकबा

(हे. में) (1)

(3)

(2)

203

0.69

0.09

0.04

0.67

199

0.38 198

1.62 भाग 1 ]

(2)

(1)

(3) 204

0.76

0.07 205

0.74

0.04 207

1.09

0.19 245

0.13

0.05 208

1.33

0.17 889/2

0.01

0.34

209

0.92

0.06 245

0.59

0.05 246

0.83

0.18 545

0.64

0.01 255

0.07

0.07 256

0.13

0.03 257

0.04

0.01 286

0.36

0.09

0.40

287

0.13 288

0.17

0.05 289

0.18

0.02 347

0.11

0.01 365

0.12

0.03 366

0.31

0.03 367

0.32

0.04 368

0.34

0.09 369

0.64

0.09 370

2.35

0.26 379

1.01

0.08 336

3.26

0.21 547

0.38

0.010 549

0.36

0.01 595

1.62

0.06 596

0.54

0.19 622

0.24

0.74

1.52

641

0.17 623

0.10

0.04 624

0.85

0.02 637

0.54

0.13 642

0.07

0.03 646

1.48

0.17 644

0.15

0.03 650

0.24

0.03 654

0.63

0.09 659

0.97

0.02 660

0.54

0.16 662

0.07

0.22

677 मी

0.22

0.02 677 मी

0.02

0.23

678

2.71

0.36 692

0.15

1.34

0.46

693

0.06

3449

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(2)

(3) (1)

0.69

0.16 846

0.08

777

0.02

0.87

0.23 778

836

0.03

0.60

0.32

0.07 843

0.17 845

0.31

842

0.84

0.23

1.65

865

0.08

0.32 874

0.70

0.42

0.10 875

876

0.21

0.05

0.05 872

0.05

0.70

873

0.02 889/1

0.35

0.02 890

0.20

0.16

0.11

891

0.07

0.07 991

0.09

योग .. 6.51 नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी व भू- अर्जन अधिकारी, सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 301 - भू- अर्जन- 2012.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-शाजापुर

(ख ) तहसील- नलखेडा

(ग ) ग्राम- धन्डेडा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.23 हेक्टेयर.

सर्वे

कुल

रकबा

नम्बर

अर्जनीय रकबा (हे. में ) (1)

(2)

(3) 541

0.18

98

539

0.19

1.1

263

0.38 549

35

0.28 546/1

2.01

540

0.04 546/2

34

0.28 546/3

35

0.28 545

0.25

1.1 3450

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(1)

(2)

(3) 542

3.08

0.36 519/1 मी 0.21

0.03

9

0.03 519/2मी

543/1

63

0.03 543/2

63

0.03

योग .. 2.23 नोट.- भूमि के नक्शे एवं प्लान का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी व भू- अर्जन अधिकारी, सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 302- भू-अर्जन- 2012.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-शाजापुर

(ख) तहसील-नलखेडा

(ग ) ग्राम- लटूरी गेहलोत

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-7.35 हेक्टेयर .

अर्जनीय रकबा

कुल

सर्वे नम्बर

रकबा

(हे. में) (1)

(2)

(3) 95

0.59

0.12 96

0.49

0.08 97

0.49

0.08 98

0.58

0.07 99

0.05

0.31

0.37

1349

0.14 101

0.36

0.04 393

0.09

0.02 122

0.71

0.18 124

1.11

0.36 203

0.05

0.01

0.20

253

0.08 137

0.40

0.04 249

0.15

0.04 1050

0.01

0.09

146

0.79

0.17 151

0.63

0.12

0.13

152/1

0.05 152/2

1.05

0.06 177

0.73

0.10

[भाग 1 (1)

(2)

(3) 178

0.11 0.74

0.16

0.13 209

0.05

202/2

0.03

0.07 334

0.08

202/1

0.10

0.02 0.35

0.09 206

0.05 0.13

207

0.12

0.04 208

228

0.30

0.05 230

0.14

0.06 244

0.05

0.03 0.10

245

0.02 246

0.10

0.03 250

0.41

0.10

0.05 0.22

248

0.21

251

0.05 0.05

245

0.05 255

0.02

0.02 269

0.38

0.13 312

0.02 0.09

0.07

0.05 1018

0.17

0.06 1019

0.01 1050 मी 0.07

310

0.10

0.04 311

0.12

0.04 315

0.04 0.09

321

0.05

0.02 0.05

322

0.03 1330

0.18 1.26

1364

0.02 0.75

1367

0.45

0.08 0.89

0.16 1345

1.36

0.22 1344

0.26 1419

1.49

0.44

0.15 1419

1.08

0.15 1347

1211

0.48

0.03 1212

0.16 0.21

1334

0.14 0.43

1335

0.85

0.20 1363

1.85

0.12

0.12 1368

0.34

0.07 1332

0.25

1331

0.24

0.04 0.36

0.13 1333

0.42

0.02 1229

723

0.21

0.07 725

0.15

0.08 भाग 1 ]

3451

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(1)

(2)

(3) 1116

0.67

0.11 726

0.39

0.14 728

0.66

0.04 1051

0.12

0.08

0.13

0.03 1049

0.24

0.05 1062

1063

0.23

0.05 1064

0.23

0.05 1065

0.23

0.05 1067

0.26

0.06 1068

0.29

0.10 1069

0.29

0.11 1060

0.47

0.08

0.45

1061

0.10 1350

0.65

0.08 1070

0.29

0.01 1117

0.36

0.26 1118

0.66

0.05 1217

0.77

0.24

7.35

योग

नोट. - भूमि के नक्शे एवं प्लान का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी व भू-अर्जन अधिकारी , सुसनेर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, प्रमोद गुप्ता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 30 अगस्त 2012

पत्र क्र. 2568 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-सतना

(ख ) तहसील-रामनगर

(ग ) ग्राम- गंजास

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.400 हेक्टेयर.

रकबा

खसरा नम्बर

(हेक्टेयर में )

(2)

(1)

219/2

0.400

0.400

योग

टीप.- उपरोक्त खसरा नंबर का पूर्ण परीक्षण उपरान्त ही मुआवजा भुगतान किया जावे.

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत डूब में आने वाली निजी भूमि के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 2576 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- त्योंथर

(ग ) ग्राम- बड़ागांव 375

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 3.764 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा

शासकीय खसरा क्रमांक

भूमि ( हे. में )

अशासकीय भूमि (हे. में)

(3)

(2)

(1)

0.020

1344

1345

0.020

1485

0.016

1486

0.041

1487

0.048

1489

0.025

1490

0.032

0.040

3320 3452

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(1)

(2)

(3) 3321

0.010

3332

0.004

3333

0.012

3334

0.012

3335

0.040

3338

0.016

3340

0.008

3344

0.064

3352

0.080

3355

0.024

3372

0.008

0.045

3373

3374

0.010

3375

0.008

3376

0.028

3377

0.024

3379

0.024

3381

0.053

3392

0.057

3393

0.150

3402

0.108

3403

0.009

3404

0.036

3410

0.032

3411

0.020

3412

0.088

3414/1

0.032

3414/2

0.047

3418

0.016

3419

0.060

3420

0.036

3425/1

0.006

3427

0.090

3428

0.044

3433

0.566

3439

0.296

3456

0.284

3457

0.109

[भाग 1 (1)

(3)

(2)

3501

0.180

3503

0.156

3504

0.181

3508

0.180

3509

0.068

3510

0.132

3767

0.069

3.764

योग .

(2

) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अंतर्गत " त्योंथर उद्वहन सिंचाई योजना के नहर निर्माण " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

रीवा , दिनांक 1 सितम्बर 2012

क्र. 2666 -प्रशासक- भू-अर्जन 2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- हुजूर

( ग) ग्राम-दादर

(घ ) लगभग क्षेत्रफल -1.517 हेक्टेयर.

खसरा

रकबा

नम्बर

(हेक्टेयर में)

(1)

(2)

1297

0.135

0.180

1572/1/1

1602

0.108

1603

0.338

1604

0.036

1605

0.043 भाग 1 ]

3453

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(1)

(2)

1606

0.142

1572/2

0.535

योग

1.517

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- नौवस्ता वितरक नहर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 2668 - प्रशासक- भू-अर्जन 2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- हुजूर

(ग) ग्राम-तमरा

( घ ) लगभग क्षेत्रफल - 0.588 हेक्टेयर.

खसरा

रकबा

नम्बर

(हे. में)

(1)

(2)

400

0.02

681

0.538 योग . 0.588

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- पवासिया वितरक नहर के तमरा माइनर नहर के निर्माण हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 2670- प्रशासक- भू-अर्जन- 2009-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील-सेमरिया

(ग) ग्राम-कठार

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 1.807 हेक्टेयर .

खसरा

रकबा

नम्बर

(हे. में)

(2)

(1)

0.072

424

434

0.192

433

0.013

432

0.064

0.083

428

0.160

367

0.119

388

389

0.064

390

0.020

0.077

386

385

0.003

0.019

312

311

0.051

310

0.013

309

0.090

302

0.013

378

0.003

0.096

379

380

0.020

330

0.032

0.014

328

0.064

325

326

0.016

320

0.173

319

0.032

327

0.020

317

0.045

316

0.028

315

0.080

314

0.102

307

0.032 योग 1.807

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- नौवस्ता वितरक नहर के कठार माइनर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

3454

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

रीवा, दिनांक 3 सितम्बर 2012

क्र. 2715 - भू-अर्जन- कार्य- 2010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील-कोटर

(ग) नगर/ग्राम- देवरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल 1.784 हेक्टेयर.

शासकीय अशासकीय भूमि

खसरा क्र.

(हे. में. )

भूमि (हे. में. ) (1)

(2)

(3)

1.784

541 0.334 539 1.79 530 1.38 517 0.894 538 0.972 कुल .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा नहर के वितरण मुख्य नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शास. भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु .

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परि. रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 2719 - भू- अर्जन- कार्य-2010. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील-कोटर

[भाग 1 (ग ) ग्राम-टिकुरी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.176 हेक्टेयर.

खसरा क्र.

अशासकीय भूमि (हे. में. )

शासकीय भूमि (हे. में. ) (1)

(3)

(2)

423

0.056

424

0.120

0.176

कुल

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा नहर के वितरण मुख्य नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/ शास . भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परि. रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग नरसिंहपुर, दिनांक 31 अगस्त 2012

प्र. क्र. 11 अ-82- वर्ष - 2011-2012 - गाडरवारा पत्र क्र. 42- भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- गाडरवारा

(ग ) ग्राम- गरहा

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.092 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर (1) 79/2 80/2

अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2) 0.140 0.116 भाग 1 ]

3455

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(2)

(1)

81/1क, 81/2 ,

0.116

81/ 1 ख, 81/3 ख,

8/2, 85/2 ,

85/ 1 ख , 85/2ख ,

86/3

0.033

87

0.078

88

0.078

0.046

243/4 क, 243/4 ख ,

0.020

243/4 ग, 243/4 घ

243/3

0.024

243/1

0.034

243/5

0.080

243/2

0.028

205/2 , 206/2

0.035

0.008

205/1 क, 206/ 1 ख

0.020

205/1 ख , 206/1 ख

204

0.044

199/1

0.025

0.038

199/2

198/2ख

0.030

193/1 , 198/1

0.043

0.056

192/2, 193/2

योग .. 1.092

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गरहा- अजंसरा-मरका-बोहानी माता मंदिर मार्ग निर्माण.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी , गाडरवारा के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 12 अ-82- वर्ष- 2011-2012 - गाडरवारा - पत्र क्रं. 42- भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- गाडरवारा

(ग) ग्राम- निजोर

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.019 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

0.308

29/1 , 30/1 , 35/2 , 36/2

23653 वर्गफीट 31

33/1

0.096

0.016

154 , 155 , 156

0.056

159, 160, 161

158/1

0.048

0.048

162/2 , 163/2 , 164/2

0.024

209/2

209/1

0.028

208

0.098

0.052

168 , 205/2

0.008

172/1

0.004

173

0.004

175

0.012

176 , 177

1.019

योग ..

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-खंचारी- मेहगवा- सुजवारा- बोहानी माता मंदिर मार्ग निर्माण.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी, गाडरवारा के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 19 अ-82- वर्ष- 2011-2012 - गाडरवारा पत्र क्रं. 42- भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- गाडरवारा 3456

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(ग ) ग्राम-अजंसरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.582 हेक्टेयर.

खसरा

अर्जित रकबा नम्बर

(हेक्टर में) (1)

(2) 139/1

0.048 139/2

0.012 140/1क

0.020 140/1 ख

0.012

0.004 140/2क, 140/3 क

0.020 140/2ख, 140/3 ख

140/2 ग, 141/4 ख ,

0.012 142/3ख

140/2घ, 141/4ख ,

0.006 142/3ख

0.008 142/2क, 142/1 ख

143/1 क

0.028 143/2

0.044 148/1

0.064 148/4

0.032 152

0.020

0.008 153/2 , 153/4

153/1

0.036

0.068 153/5 , 153/6

154/2

0.128

0.020 158

0.036 157/1 , 157/2 , 157/3

159/1

0.028 159/2

0.040 161/2

0.080

0.088 161/1 , 162, 163 , 164

166/1 , 167 , 168/ 3ख ,

0.024 168/7ख

166/2

0.020 166/3

0.020

0.052 168/2क, 168/2ख

169, 170/1

0.020 171/1

0.032 171/2

0.036 183/3क

0.060

0.060 183/1 , 184/1

185/1

0.040 186/4

0.012 192/ 1 ड

0.004

(2)

(1)

0.012

192/ 1 घ

0.040

192/2, 192/3

0.008

192/1 ग

0.040

186/1 , 186/3

0.020

194/3

195/1

0.016

0.008

195/2

251/1 क , 216/2क,

0.012

215/2

216/1क, 217/2क,

0.060

216/1 ख , 217/2क

220

0.028

0.096

142/1 क

योग .. 1.582

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गरहा से बोहानी माता मंदिर मार्ग निर्माण .

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी , गाडरवारा के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 20 अ-82- वर्ष- 2011-2012- गाडरवारा पत्र क्रं . 42- भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील-गाडरवारा

(ग ) ग्राम- दुधवारा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.457 हेक्टेयर.

खसरा

अर्जित रकबा

नम्बर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

2/1

0.028

3

0.028

0.012

4/2, 5/1

0.020

5/2

6

0.036 भाग 1 ]

3457

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(1)

(2)

0.072

7

8/2

0.016

0.040

9, 10

15

0.032

16/2 , 16/6 , 17/1 ,

0.080

17/2, 18

0.021

20/1 , 20/2

21/1

0.028

23/1

0.020

23/2

0.024

0.457

कुल योग

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गरहा से बोहानी माता मंदिर मार्ग निर्माण.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी, गाडरवारा के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 21 अ-82- वर्ष - 2011-2012 - गाडरवारा - पत्र क्र. 42- भू-अर्जन- 2011-12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-नरसिंहपुर

(ख) तहसील-गाडरवारा

(ग) ग्राम-सिहोरा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 0.778 हेक्टेयर.

खसरा

अर्जित रकबा

नम्बर

(हेक्टर में)

(1)

(2)

0.008

99/1

0.007

99/2

100/1

0.004

100/2

0.004

(2)

(1)

0.004

100/3

0.011

101

103/2

0.015

15

0.020

0.011

18/1क

103/3

0.018

0.005

103/7

0.029 6213 वर्गफीट 4/4, 5/3

0.012

4/5, 5/4

0.015

103/4

0.022

4/2

103/5

0.010

0.011

03/6

0.015

103/8

0.015

103/10

107/4

0.008

107/2

0.005

0.020

4/3, 5/2

103/9

0.010

0.010

103/11

107/3

0.009

108/1

0.012

0.025

108/2

0.121

108/3

0.010

94

0.020

93/3

0.004

20/3

20/2

0.003

0.006

19/1ख **

19/2

0.003

19/3

0.003

0.003

19/4

0.018

18/1ख

0.020

18/2क

0.032

14/1 , 14/2

0.023

14/3, 14/4

0.020

7/1 3458

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

(1)

(2)

7/2

0.016

0.056

4/8, 4/13, 4/14

4/11

0.028

कुल योग 0.778

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गरहा से बोहानी माता मंदिर मार्ग निर्माण .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी, गाडरवारा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजीव सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला कटनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

कटनी , दिनांक 1 सितम्बर 2012

क्र. 02- अ- 82-11-12.-चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को हरदुआ, बिरुहली , थनौरा मार्ग प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-कटनी

(ख ) तहसील-रीठी

(ग ) ग्राम- चिखला प. ह.नं. 23

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.42 हेक्टेयर.

(हे. में)

खसरा नम्बर (1)

60/1

0.06

60/2

0.08

रकबा (2) 0.21

96 92

0.07 योग 0.42

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी कटनी के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला भोपाल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

भोपाल, दिनांक 1 सितम्बर 2012

प्र. क्र. 01 - भू. अ- 82-11-12- सा-1- सात. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- भोपाल बॉयपास चार लेन परियोजना (टोल प्लाजा निर्माण एवं ज्यामितीय कर्व सुधार ) हेतु भू- अर्जन .

(क) जिला- भोपाल

(ख) तहसील- हुजूर

(ग ) नगर/ग्राम-( 1 ) छान,

(2) रापड़िया

(3) मुबारकपुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.216 हे .

रकबा

खसरा

नम्बर

(हे. में)

ग्राम-छान

(2)

(1)

0.060

86/3/1

0.070

61/2/1

61/2/2

0.100

58/2

0.070

0.160

54/2/1 , 55/1 , 57/1 59/2

0.140

54/2/2 , 55/1 , 57/1 , 59/2

54/1

0.260

15/1

0.010

14/1

0.140

0.020

0.020

47/2/3 51/2 भाग 1 ]

3459

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

(1)

(2)

50/1

0.060

52/1

0.010

56/1

0.010

55/3

0.020

57/3

0.080

योग .. 1.230

ग्राम-रापडिया

115/1

0.020

0.120

115/2

0.010

118/1

0.020

118/3

0.010

117/1

0.050

116/3/1

0.060

116/3/2

0.030

116/4/1

0.030

116/4/2

0.030

116/4/3

0.030

116/1/2

0.020

158/1

0.200

0.230

योग ..

ग्राम -मुबारकपुर

206/5/2

0.030

206/6

0.100

206/7

0.150

236/1

0.615

237/2

0.050

0.040

239/3/2/1

267/2 , 268/1/3/1/1 क,

0.101

267/2 , 268/ 1/3/1 /1 ख

239/2

0.060

207, 234/1 क ,

0.120

237/1 /1 क

206/1 क

0.090

योग . 1.356

3.216 कुल 03 ग्रामों का महायोग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन का कारण- भोपाल बॉयपास चार लेन परियोजना ( टोल प्लाजा निर्माण एवं ज्यामितीय कर्व सुधार) हेतु भू-अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, तहसील हुजूर भोपाल में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, निकुंज कुमार श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

राजगढ़, दिनांक 1 सितम्बर 2012

क्र. 9402-03-01109112- भू-अर्जन- 2012.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन ( खैरासी वेस्ट वियर निर्माण कार्य के डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित भूमि) के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- राजगढ़

(ख) तहसील- राजगढ़ के ग्राम खैरासी

(ग) क्षेत्रफल-1.258 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर (1)

रकबा (हेक्टर में) (2)

वेस्टवियर में अर्जित भूमि

ग्राम-खैरासी, क्षेत्रफल 1.258 हेक्टेयर

0.601

463/2

0.025

463/3

0.632

463/1

योग .. 1.258

(2) सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण जिसके लिये आवश्यकता है. वेस्ट वियर निर्माण के डूब क्षेत्र में शेष प्रभावित भूमि हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3460

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर Jabalpur, the 4th Sepetember 2012 No. D -4671.- In exercise of the powers conferred by the clause ( 2) of the Article 229 of the Constitution of India , Hon'ble the Acting Chief Justice , High Court of Madhya Pradesh Jabalpur makes the following amendments in the High Court of Madhya Pradesh Officers and Employees Recruitment and Conditions of Service (Classification Control , Appeal & Conduct ) Rules , 1996 from the date of publication in the gazette .

AMENDMENT

1. In SCHEDULE ' A' ( Class - II Posts ) after the lines "by selection amongst Private Secretary/ Section Officer .to perform duties assign to an Assistant Registrar " following is added ,-

" The post of Assistant Registrar shall be filled from amongst the Officers of the Secretarial Cadre and other Class - II Cadre in the ratio of 40 : 60" .

2. In Rule 16 Source and Method of Recruitment to Class - I Gazetted Posts at Rule 16 ( i ) against the post Deputy Registrar after the lines "by Promotion by amongst .of M. P. Lower Judicial Service " following is added,----

" The post of Deputy Registrar shall be filled from amongst the Officers of the Secretarial Cadre and other Ministerial Cadre in the ratio of 3: 4" .

3. In Rule 16 Source and Method of Recruitment to Class- I Gazetted Post's " Additional Registrar " which has now been designated as "Registrar " in Rule 16 ( iii ) after the lines " By Promotion from amongst . Cadre ofHigher Judicial Service " the following is added ,- " The Post of Registrar shall be filled by the employees of the Secretasrial Cadre and other Ministerial Cadre in the ratio of 1 : 1 " .

जबलपुर, दिनांक 5 सितम्बर 2012

क्र. D-4720- दो-3-1/36 भाग- पॉच. रजिस्ट्री आदेश क्रमांक डी-4392-दो - 3-1-36 भाग पांच, जबलपुर, दिनांक 23-8-2012 को निम्नानुसार संशोधित किया जाता है:-

मध्यप्रदेश शासन विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्रमांक 17 ( ई ) 33-2012 - इक्कीस- ब ( एक ) , भोपाल दिनांक 31 जुलाई 2012 द्वारा डिप्टी रजिस्ट्रार ( प्रोटोकॉल ) के पद का उन्नयन ज्वाइन्ट रजिस्ट्रार ( प्रोटोकॉल ) के पद पर किये जाने के फलस्वरूप डिप्टी रजिस्ट्रार श्री एस. के.. साहा को ज्वाइन्ट रजिस्ट्रार ( प्रोटोकॉल ) के पद पर वेतनमान रु. 15600-39100+ रु.7600 (ग्रेड पे ) दिनांक 31 जुलाई 2012 से मौलिक रूप से आगामी आदेश पर्यन्त उन्नयित पद पर पदोन्नत किया जाता है.

श्री एस. के. साहा, ज्वाइन्ट रजिस्ट्रार ( प्रोटोकॉल ) का इस रजिस्ट्री के आदेश क्रमांक डी-3153 , दिनांक 30 जून 2012के अनुक्रम में पूर्वानुसार रजिस्ट्रार - कम- पी.पी.एस. के पद पर तदर्थ नियुक्ति आगामी आदेश होने तक जारी रहेगी तथा वे इस पद का कार्य यथावत पूर्वानुसार आगामी आदेश तक सम्पादित करते रहेंगे.

क्र. 865 - गोपनीय- 2012 - दो-3-67-2012 .- श्रीमती श्वेता शुक्ला, नवम् व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2, इंदौर का विवाह डॉ. अमोघ तिवारी के साथ होने के फलस्वरूप , उनकी प्रार्थनानुसार उनका नाम " सुश्री श्वेता शुक्ला " के स्थान पर " श्रीमती श्वेता तिवारी " पति " डॉ. अमोघ तिवारी " परिवर्तित करने की अनुमति प्रदान की जाती है. उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका परिवर्तित नाम अंकित किया जावे .

No. D -4722.- In exercise of the powers conferred by the clause (2) of the Article 229 of the Constitution of India, Hon'ble the Acting Chief Justice , High Court of Madhya Pradesh Jabalpur makes the following amendments in the High Court of Madhya Pradesh Officers and Employees Recruitment and Conditions of Service (Classification Control , Appeal & Conduct ) Rules , 1996 from the date of publication in the gazette .

AMENDMENT

1. The Rule 16 ( ii) relating to filling of the post of Budget Office is amended as under, --

The words " under the discretion of the Chief Justice " in the aforesaid rule is deleted and , the following words are added after the words " By deputation from the office Directorate of Treasuries or " भाग 1 ]

"By promotion from amongst the Deputy Registrars (having experience in accounts) and Accounts Officer who have worked as such form at least the period of 03 years . "

Thus the amended Rule 16 ( ii) is as under :-

16 ( ii ) Budget Officer:-By deputation from the office of the Accountant General , Madhya Pradesh or Directorate of Treasuries or by promotion from amongst the Deputy Registrars ( having experience in accounts ) and Accounts Officer who have worked as such for at least the period of 03 years . "

2. Following provision are made for the recruitment of newly created post of Joint Registrar at 16 ( ii ) a 16 ( ii) a. Joint Registrar ( Protocol )-By promotion from amongst the Deputy Registrars on merit- cum- seniority basis with at least 03 years of service as Deputy Registrar who has good communication skill and command over English language . Preference may be given to an employee who has experience of working in Protocol Section . The Chief Justice in appropriate case may relax the conditions " .

3. The exiting Rules 13 ( iii ) relating to promotion of Additional Registrar is amended as under:---

The word "Additional Registrar " is substituted by the word " Registrar " . In addition to existing provisions , the following words are added between the words "By promotion from amongs . Deputy Registrar/ Account Officer such " and the words or by deputation of Judicial Officers of the cadre of Higher Judicial Services" . .as "Or from amongst Joint Registrar/Budget Officer having experience of 05 years including their service as Deputy Registrar/Account Officer. " Thus , the amended Rule 16 ( iii ) now would be as under Rule 16 ( iii) -Registrar :-By promotion from amongst the Deputy Registrars /Accounts Officer, having completed at least 5 years of service as such , or from amongst Joint Registrar/ Budget Officer having experience of 05 years including their service as Deputy Registrar/ Account Officer or by deputation of Judicial Officers from the cadre of Higher Judicial Service ."

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 सितम्बर 2012

(Note: For the purpose of promotion to the post of Registrar, the post of Deputy Registrar/Account Officer shall be considered at par with the post of Budget Officer/ Joint Registrar. )

माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, सुभाष काकड़े रजिस्ट्रार जनरल.

जबलपुर, दिनांक 30 अगस्त 2012

क्र. C- 6854- दो- 2-40-2009.- श्रीमती कुमुदबाला बरणा, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, होशंगाबाद को दिनांक 3 से 4 अगस्त 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात में दिनांक 5 अगस्त 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्रीमती कुमुदबाला बरणा, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , होशंगाबाद को होशंगाबाद पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कुमुदबाला बरणा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. C- 6856-दो- 2-30-2012 .- श्री पी. एस . कुशवाह, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय, शहडोल को दिनांक 17 सितम्बर से 1 अक्टूबर 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पन्द्रह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 16 सितम्बर 2012 के एवं पश्चात में दिनांक 2 अक्टूबर 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री पी . एस. कुशवाह, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय , शहडोल को शहडोल पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री पी. एस. कुशवाह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, एस. के. साहा , रजिस्ट्रार.

3462

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

जबलपुर, दिनांक 21 अगस्त 2012

क्र. A- 1661-दो- 2-9-2012.- श्री एन. के. सक्सेना, रजिस्ट्रार (न्यायिक -2 ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को दिनांक 6 से 13 जुलाई 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करके आठ दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात्में दिनांक 14 एवं 15 जुलाई 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री एन . के. सक्सेना, रजिस्ट्रार ( न्यायिक- 2 ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एन. के. सक्सेना, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो रजिस्ट्रार ( न्यायिक 2 ) के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. A- 1663- दो - 2-34-2012.- श्री आर. सी. श्रीवास्तव, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को दिनांक 23 से 27 जुलाई 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुये पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 21 एवं 22 जुलाई 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री आर. सी. श्रीवास्तव , विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. सी. श्रीवास्तव, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. A - 1665- दो-3-102-2000.- श्री बी. डी. राठी, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को दिनांक 23 से 28 जुलाई 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुये छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 21 एवं 22 जुलाई 2012 के एवं पश्चात् में दिनांक 29 जुलाई 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री बी. डी. राठी, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री बी. डी. राठी , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रिंसिपल रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत रहते.

जबलपुर, दिनांक 30 अगस्त 2012

क्र. C -6858-दो- 14-29-86.- श्री किशोर पिथवे , असिस्टेन्ट रजिस्ट्रार - कम- सी.पी.ओ. , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को दिनांक 30 जुलाई से 4 अगस्त 2012 तक दोनों दिन सम्मिलित करके छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 29 जुलाई 2012 के एवं पश्चात् में दिनांक 5 अगस्त 2012 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री किशोर पिथवे, असिस्टेन्ट रजिस्ट्रार- कम- सी.पी.ओ. , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री किशोर पिथवे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो असिस्टेन्ट रजिस्ट्रार- कम- सी.पी.ओ. के पद पर कार्यरत रहते.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार,

एस. के . साहा, रजिस्ट्रार.

जबलपुर, दिनांक 6 सितम्बर 2012

क्र. 872-गोपनीय- 2012-दो- 2-1-2012 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 एवं सिविल कोर्ट एक्ट, 1958 ( क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) तथा धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, निम्नलिखित वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश ( वर्तमान में पीठासीन अधिकारी , फास्ट ट्रैक कोर्ट के पद पर कार्यरत ) को जिन्हें विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश फा. क्रं. 3 ( ए) 2-2012 - इक्कीस - ब ( एक ) , भोपाल , दिनांक 27 अगस्त 2012 द्वारा पदोन्नति पर मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीश ( प्रवेश स्तर ) के पद पर स्थानापन्न रूप में कार्य करने के लिये अस्थायी रूप से नियुक्त किया है एवं जिनके नाम निम्न सारणी के स्तम्भ ( 1 ) में उल्लेखित हैं , स्तम्भ ( 2 ) में उल्लेखित उनकी वर्तमान पदस्थापना के स्थान से स्थानांतरित कर उक्त सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में वर्णित स्थान पर पदस्थ करता है एवं उन्हें निम्न सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में दर्शित अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है एवं निर्देश देता है कि वे निम्न सारणी के स्तम्भ ( 6 ) में दर्शाये गये स्थान पर आगामी आदेश होने तक बैठेंगे.

दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , उच्चतर न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारी को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के भाग 1 ]

3463

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2012

लिये सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिये, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है: -

वर्तमान पदस्थापना का स्थान

पदोन्नति पर पदस्थापना का स्थान सिविल न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) का नाम (1)

(2)

(3) 1. श्री सतीश चन्द्र राय

जबलपुर

जबलपुर

2.

बेगमगंज

बेगमगंज श्री कमल जोशी

3. श्रीमती माया विश्वलाल शुजालपुर

शुजालपुर 4. श्री चन्द्रदेव शर्मा

कटनी

कटनी 5.

रीवा

श्री भागवत प्रसाद पाण्डे

रीवा 6.

कटनी श्री उमेश कुमार श्रीवास्तव कटनी

7.

इन्दौर

इन्दौर श्री हितेन्द्र कुमार मिश्रा

8.

कुक्षी श्री पूरनचन्द्र गुप्ता

कुक्षी

9. श्री काशीनाथ सिंह

पिपरिया

पिपरिया

ब्यावरा

ब्यावरा 10. डॉ. रमेश साहू

कोतमा

कोतमा 11. श्री श्रीपाल यादव

मुंगावली

12. श्री दिलीप कुमार मित्तल

मुंगावली

मंदसौर 13. श्री विवेक कुमार श्रीवास्तव मंदसौर

सारणी

न्यायालय में बैठने का स्थान सत्रखण्ड का नाम

(6) (4)

न्यायालय का नाम जिसके अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त एवं पदस्थ (5)

जबलपुर जबलपुर पन्द्रहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित न्यायालय में .

बेगमगंज रायसेन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित न्यायालय मे.

शाजापुर

शुजालपुर द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित न्यायालय में.

कटनी

कटनी द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित नवनिर्मित न्यायालय में.

रीवा पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की रीवा हैसियत से नियमित न्यायालय में.

कटनी कटनी तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित न्यायालय में.

इन्दौर इन्दौर चौदहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित न्यायालय में .

धार

कुक्षी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित न्यायालय में.

पिपरिया होशंगाबाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित न्यायालय में .

ब्यावरा राजगढ़ प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित न्यायालय में.

कोतमा अनूपपुर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित न्यायालय में.

अशोकनगर

मुंगावली अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित न्यायाालय में.

मंदसौर मंदसौर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मंदसौर के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, मंदसौर की हैसियत से नियमित न्यायालय में.

क्र. 873 -गोपनीय- 2012- दो- 2-1-2012 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स अधिनियम, 1958 ( क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) तथा धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, श्री विजय चन्द्रा ( तदर्थ ए. डी. जे. फास्ट ट्रेक कोर्ट ) [ वर्तमान में विशेष कर्तव्यवस्थ अधिकारी , उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर ] तथा श्री शिवकान्त पाण्डे ( तदर्थ ए. डी. जे. फास्ट ट्रेक कोर्ट ) , [ वर्तमान में उप सचिव, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण , जबलपुर ] को, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश फा. क्र. 3 ( ए) 2-2012 - इक्कीस-ब( एक) , दिनांक 27 अगस्त 2012 द्वारा मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीश ( प्रवेश स्तर ) वेतनमान रुपये 51550-1230-58930- 1380-63070 के पद पर नियुक्ति पर, मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीश ( प्रवेश स्तर ) के पद पर स्थानापन्न रूप में कार्य करने के लिये उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से औपचारिक रुप से पदस्थ करता है.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार , सुभाष काकडे , रजिस्ट्रार जनरल.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 14 September 2012. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2012-09-14.37.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2012-09-14.37.Ordinary.