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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

0

Published 14 December 2012

Type
Ordinary
Gazette no.
50
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2012-12-14.50.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदेश शास

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 50]

भोपाल , शुक्रवार

, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

अग्रहायण 23 , शक 1934

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4 ) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, (6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं,

( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग 4.-( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक,

(3) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद् के अधिनियम,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल, दिनांक 30 नवम्बर 2012

क्र. ई - 1-197-2012-5- एक. नीचे तालिका के खाना -2 में दर्शाये भाप्रसे के अधिकारी को मुख्य सचिव वेतनमान में पदोन्नत करते हुए, उनके नाम के समक्ष खाना-3 में दर्शाये गए पद पर अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है : -

क्र. अधिकारी का नाम

खाना-3 में अंकित

मुख्य सचिव वेतनमान

तथा वर्तमान

पद असंवर्गीय होने

में पदोन्नति पर

की दशा में संवर्गीय पदस्थापना

पदस्थापना

पदजिसके समकक्ष (1)

(2)

(3)

घोषित किया गया है (4) 1. श्री डी. के. सामन्तरे

अध्यक्ष,

अध्यक्ष,

राजस्व मंडल

व्यवसायिक परीक्षा मंडल

(1982)

मध्यप्रदेश , भोपाल (सेवाएं

प्रमुख सचिव,

तकनीकी शिक्षा एवं

मध्यप्रदेश शासन,

विज्ञान एवं

कौशल विकास विभाग

प्रौद्योगिकी विभाग . को सौंपते हुए. )

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. परशुराम, मुख्य सचिव.

4183

गृह विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 4 दिसम्बर 2012

क्र. एफ -1 (ए ) -195-91- ब- 2- दो.- श्री विजय कुमार कटारिया, भापुसे ( 1990 ) पुलिस महानिरीक्षक, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो , भोपाल को दिनांक 30 अगस्त से 7 अक्टूबर 2012 तक उन्चालीस दिवस अर्जित अवकाश उपभोग पश्चात् स्वीकृत किया जाता है .

2. अवकाशकाल में श्री विजय कुमार कटारिया , भापुसे को अवकाश, वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

3. प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री विजय कुमार कटारिया , भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, इन्द्रनील शंकर दाणी , अपर मुख्य सचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2012.

4184

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 दिसम्बर 2012

मछलीपालन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 21 मई 2012

एफ. क्र. 10-11-2012- छत्तीस. राज्य शासन , एतद्वारा प्रदेश के परम्परागत एवं वंशानुगत मछुआरों के कल्याण एवं विकास संबंधी बिन्दुओं पर विचार करने, नई योजनाएं बनाने , पुराने कार्यक्रम में परिवर्तन करने तथा संबंधित अन्य विषयों पर प्रासंगिक सुझाव देने के लिये मछुआ कल्याण बोर्ड का गठन किया जाता है.

एफ क्र. 10-11-2012 - छत्तीस. राज्य शासन , एतद्वारा मछुआ कल्याण बोर्ड का स्वरूप , निम्नानुसार निर्धारित किया जाता है: - 1. अध्यक्ष ( अशासकीय ) शासन द्वारा नामांकित जो मछुआ समुदाय से होगा.

2. उपाध्यक्ष ( अशासकीय ) शासन द्वारा नामांकित जो मछुआ समुदाय से होगा.

3. सदस्य पांच ( अशासकीय ) शासन द्वारा नामांकित जो मछुआ समुदाय से होंगे .

4. प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग या उनका प्रतिनिधि जो उपसचिव, स्तर से कम नहीं होगा- सदस्य.

5. प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग या उनका प्रतिनिधि जो उपसचिव , स्तर से कम नहीं होगा- सदस्य.

6. प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, मछलीपालन विभाग या उनका प्रतिनिधि जो उपसचिव , स्तर से कम नहीं होगा- सदस्य.

7. संचालक, मत्स्योद्योग- सदस्य सचिव.

8. मछुआ कल्याण बोर्ड आवश्यकतानुसार अन्य संबंधितों/ विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित कर सकेगा.

एफ क्र. 10-11-2012 - छत्तीस.- राज्य शासन , एतद्वारा निर्धारित किया जाता है कि: -

1. मछुआ कल्याण बोर्ड निम्न विषयों पर सुझाव देगा- 1.1 परम्परागत मछुआरों को मत्स्य पालन में प्राथमिकता सुनिश्चित किए जाने हेतु सुझाव.

[ भाग 1 1.2 बन्द ऋतु तथा मत्स्याखेट प्रतिबंधित क्षेत्र में मत्स्याखेट प्रतिबंध प्रभावी रखने में मछुआरों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये सुझाव.

1.3 मछुआ कल्याणकारी योजनाओं हेतु मत्स्योद्योग विभाग तथा मत्स्य महासंघ को अनुशंसाएं.

1.4 सिंघाडा अनुसंधान उत्पादन तथा विपणन के विकास तथा सुधार के लिये सुझाव .

1.5 कमल गट्टा तथा उससे उत्पादित मखाना के बेहतर विपणन के लिए सुझाव.

1.6 नदी किनारों की रेत में तरबूज - खरबूज उत्पादन हेतु मछुओं को प्राथमिकता देने की नीति बनाने के लिए सुझाव.

1.7 सुखान मछली के आखेट तथा विपणन की नीति पर सुझाव.

1.8 अक्रियाशील मछुआरों के चिन्हांकन हेतु गठित समिति की अनुशंसाओं/निर्णयों के क्रियान्वयन के लिये सुझाव .

1.9 नौका/तैराकी के लिये बच्चों को प्रशिक्षण संबंधी सुझाव.

1.10 नौका घाटों पर नौका संचालन नीति पर सुझाव.

1.11 मछुआरों के सामाजिक आर्थिक तथा शैक्षणिक उत्थान हेतु सुझाव.

1.12 मछुआरों के कल्याण एवं समग्र विकास से संबंधित अन्य बिन्दु.

2.. मछुआ कल्याण बोर्ड की कार्य अवधि तीन वर्ष होगी.

3. मछुआ कल्याण बोर्ड की कार्यपद्धति एवं अधिकार- 3.1 मछुआ कल्याण बोर्ड अपनी कार्य प्रक्रिया विधिक रूप से स्वयं विकसित / निर्धारित करेगा, मछुआ कल्याण बोर्ड अपने उद्देश्य पूर्ति हेतु आवश्यक अभिलेख / जानकारी बुला सकेगा , शासन के समस्त विभाग मछुआ कल्याण बोर्ड की उद्देश्य पूर्ति हेतु आवश्यक अभिलेख एवं जानकारी उपलब्ध कराएंगे तथा मछुआ कल्याण बोर्ड के चाहने पर उन्हें आवश्यकतानुसार सहयोग प्रदान करेंगे .

3.2 राज्य शासन द्वारा चाहे जाने पर संदर्भित मुद्दों / विषयों पर मछुआ कल्याण बोर्ड अपने सुझाव / सलाह राज्य शासन को प्रदान करेगा.

भाग 1 ]

4185

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 दिसम्बर 2012

4. मछुआ कल्याण बोर्ड का पृथक् स्वतंत्र कार्यालय होगा.

5. मछुआ कल्याण बोर्ड का मुख्यालय भोपाल में रहेगा , परन्तु वह प्रदेश में कहीं भी बैठक रखने हेतु स्वतंत्र होगा.

6. विभागाध्यक्ष , संचालक, मत्स्योद्योग मध्यप्रदेश होंगे , जो मछुआ कल्याण बोर्ड के बजट नियंत्रण अधिकारी भी होंगे.

7. मछुआ कल्याण बोर्ड के कार्यालय के लिये संलग्न परिशिष्ट एक में दर्शाये अनुसार अधिकारी एवं कर्मचारियों के कुल 23 पदों की आवश्यकता होगी . इसकी पूर्ति विभागीय अमले से एवं प्रतिनियुक्ति से पद भरे जाने की सहमति इस शर्त के साथ दी जाती है कि बोर्ड की तीन वर्ष की कार्य अवधि के पश्चात् उक्त पद स्वमेव समाप्त माने जाएंगे .

8. मछुआ कल्याण बोर्ड के कार्यालय का अनुमानित व्यय संलग्न परिशिष्ट एक एवं दो के अनुसार होगा.

9. बोर्ड के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष हेतु वेतन एवं सुविधाएं वित्त विभाग के प्रचलित निर्देशों के अनुसार देय होगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. आर. अहिरवार, उपसचिव.

परिशिष्ट क्रमांक - एक

मछुआ कल्याण बोर्ड के अधिकारियों/ कर्मचारियों की आवश्यकता एवं मासिक व्यय की जानकारी

क्र.

संख्या

पद

वेतनमान रु. / प्रतिमाह (1)

(2)

(3)

(4) 1 सचिव

1

15600-39100 + 6600

2 तकनीकी अधिकारी

1

9300-34800 + 3600

1

9300-34800 + 4200 3 अनुभाग अधिकारी

2

4 वरिष्ठ निज सहायक

9300-34800 + 4200

9300-34800 + 3600 5 निज सहायक

3

2

6 शीघ्रलेखक

5200-20200 + 2800

3

5200-20200 + 1900 7 स्टेनो टाईपिस्ट/ कम्प्यूटर आपरेटर.

2

5200-20200 + 1900 8 सहायक वर्ग तीन

6

4440-7440+ 1300 9 भृत्य

2

4440-7440+ 1300 10 चौकीदार

योग .. 23

वार्षिक व्यय

कुल योग मासिक

ग्रेड -पे ( रु. )

महंगाई भत्ता ( रु. )

औसत मूल वेतन (रु. )

(रु. ) (5) (6) (7)

(रु.) (8) (9)

402264 15600

6600 11322 33522

6579

233748 9300

3600

19479

20385

4200

244620

6885

9300

489240

6885 20385

9300 4200

19479

3600

701244

6579

9300

12080

5200

4080

289920 2800

385956 5200

3621 10721

1900

3621 10721 257304 5200 1900

8667

624024 4440

1300

2927

8667

4440

1300

208008

2927

3836328

कुलवार्षिक व्यय राशि रु. 38.36 लाख 4186

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

परिशिष्ट क्रमांक- दो

मछुआ कल्याण बोर्ड के कार्यालय के व्यय का वार्षिक विवरण

क्र.

मद

(1)

(2)

1

कार्यालयीन व्यय

2 डाक तार व्यय

3 दूरभाष , बोर्ड के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव के कार्यालय एवं निवास के लिये.

4 फर्नीचर , कार्यालयीन उपकरण , फोटो कापियर कम्प्यूटर , फेक्स मशीन.

5 पुस्तक पत्रिकाएं

6 बिजली , जल प्रभार

7 लेखन सामग्री

8 अन्य आकस्मिक व्यय

9 वाहन किराये पर व्यय ( तीन वाहन रु. 50,000 प्रति माह ) ..

10 मजदूरी

11 यात्रा भत्ता/चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यय आदि 12 आवास किराया

मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 25 अगस्त 2012

क्र. एफ 10-11-2012 - छत्तीस. राज्य शासन , एतद्वारा श्री मोती कश्यप , विधायक , को " मध्यप्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड " में उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से आगामी आदेश तक अध्यक्ष मनोनीत करता है.

राशि रु. ( लाख में) प्रस्तावित वार्षिक राशि

प्रथम वर्ष

द्वितीय वर्ष

तृतीय वर्ष (3)

(4)

(5)

1.00 1.00

1.00

0.30

0.30 0.30

2.00

2.00 2.00

:

0.00

0.00 5.00

0.30

0.30

0.30

1.00 1.00

1.00

1.00

1.00

1.00

1.00

1.00

1.00

18.00

18.00

18.00

0.40

0.40 0.40

8.00

8.00

8.00 2.00

2.00

2.00

35.00

35.00

40.00

कुल योग ..

क्र. एफ 10-11-2012 - छत्तीस . राज्य शासन , एतद्वारा डॉ. कैलाश विनय को " मध्यप्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड " में उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से आगामी आदेश तक उपाध्यक्ष मनोनीत करता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

ए. के. धीमान , अवर सचिव.

भाग 1 ]

4187

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 9 नवम्बर 2012

क्र. एफ 1 ( 1 ) 33-2012-सी - ग्यारह. राज्य शासन , एतद्वारा, मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 44 सन् 1973 ) की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में यथा विनिर्दिष्ट अधिकारियों को उक्त सारणी के कालम ( 4 ) में विनिर्दिष्ट क्षेत्रों पर, उसके कालम ( 3 ) में यथा विनिर्दिष्ट उक्त अधिनियम की धाराओं द्वारा रजिस्ट्रार को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग तथा कर्त्तव्यों का पालन करने के लिये नियुक्त करता है:

सारणी

क्षेत्र अनु. अधिकारी कानाम

अधिनियम की धाराएं

(2)

(3)

(4) (1)

1. श्री एम . जे . कुरेशी , असिस्टेंट रजिस्ट्रार,

नर्मदापुरम् फर्म्स एवं संस्थाएं,

6,7,10,11,12,13,15 भोपाल 16,17,18,25 ( 2 ) , 26,27,28,29,30,31 संभाग .

ग्वालियर संभाग.

32,37,38 एवं 39.

2. सुश्री शशि सिंह असिस्टेंट रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाएं, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग के अवकाश दिनांक 17 अक्टूबर 2012 से 17 नवम्बर 2012 तक के लिये यह आदेश प्रभावशील रहेगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. पी. अगरैया , अवर सचिव.

आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 29 नवम्बर 2012

राज्य शासन की अधिसूचना क्रमांक एफ 7-546- बत्तीस-90, दिनांक 19 फरवरी , 1992 द्वारा गठित विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, माधव राव काउंटर मैग्नेट ) ग्वालियर में मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 64 की उपधारा 3 ( क ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा तहसील ग्वालियर , मुरैना, जौरा एवं गोहद के निम्नलिखित गांवों की उक्त विशेष क्षेत्र में सम्मिलित करती है : - तहसील ग्वालियर, जिला ग्वालियर के ग्रामः-

महेंदपुर , महेश्वरा , अगरा, भटपुरा , डांगगुठीना एवं खेरिया केसर.

तहसील मुरैना , जिला मुरैना के ग्रामः-

लोलकपुरा , जयनगर, बनी , चुरेहला, बरेंडा, लभनपुरा जारोनी , लोहगढ़, दोरावली, जरेरूआ , करूआ, जरारा , धनेला, पहाड़ी, सपचौली, जखौदा, विजयपुरा, बारेकापुरा , सिकरोड़ी, सेवा, नूराबाद, तिघरा , गुलेन्द्रा, गुलेन्द्री, खरगपुर, भरोड़, मडराई, महटोली, गोबरा, कनकटपुरा, मलखानपुरा , खेरिया, चन्हेटी, उराहना, दौलसां, पिनावली , पारोली , नयागांव , करोला, बरईपुरा , खिरावली , रॉसू, इन्दुर्खी, रंचोली , पड़ावली , भटपुरा डांग , बक्शीपुरा , बड़वारी , बरतपुर, मवई, ऐती, बराहवली, मितावली, गड़ाजर, पिपरसेवा, भानपुरा , पिपरई, नायकपुरा, जैतपुर चंबल , मसूदपुर , बिंडवाचंबल , जारह, हुसेनपुर, बंध , हेतमपुर , होलीपुरा, पचोखरा , दीखतपुरा, सिकरौदा, पिपरसा, खरिका, भांकरी एवं मुरैना निवेश क्षेत्र.

तहसील जौरा , जिला मुरैना के ग्रामः -

खनैता, सहराना.

तहसील गोहद , जिला भिण्ड के ग्रामः -

घिरोंगी , तिलोरी तथा मालनपुर.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वर्षा नावलेकर, उपसचिव.

संसदीय कार्य विभाग

भोपाल , दिनांक 1 दिसम्बर 2012

क्र. 1276- एफ( 2 ) -25-05-दो-अड़तालीस. राज्य शासन , इस विभाग के आदेश क्रमांक 561 - एफ (1 ): 25-05- दो- अड़तालीसं, दिनांक 25 मई, 2009 को अधिक्रमित करते हुए, पदेन अध्यक्ष , पंडित कुंजीलाल दुबे , राष्ट्रीय संसदीय विद्यापीठ , भोपाल की अध्यक्षता में प्रबंध समिति का तीन वर्ष के लिए निम्नानुसार गठन करता है: - नाम एवं पद/विभाग (2)

पद (3) क्र. (1)

उपाध्यक्ष 1 सुश्री ऊषा ठाकुर, भूतपूर्व विधायक, इन्दौर

सदस्य 2 श्री गिरिजा शंकर शर्मा , विधायक, इटारसी

सदस्य 3 श्री सुरेन्द्र पटवा, विधायक, भोजपुर 4188

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

(3) (1)

(2)

4 प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग पदेन सदस्य

पदेन सदस्य 5 प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , उच्च शिक्षा विभाग.

पदेन सदस्य

6 प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग.

पदेन सदस्य

7 प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग.

पदेन सदस्य 8 प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , संसदीय कार्य विभाग .

No. F 1-1-2012 - LVI . In exercise of the powers conferred by sub- section ( 1 ) of Section 70 of the Information Technology Act , 2000 , ( Central Act 21 of 2000 ) , the Government of Madhya Pradesh hereby declare that any computer resource in any of the offices of the Government of Madhya Pradesh or of the Government Undertakings or Boards which directly or indirectly affects the facility of Critical Information infrastructure to be a protected system except for the purpose of viewing and downloading the on - line web pages approved and published by the Government of Madhya Pradesh or by the Government Undertakings or Boards or by the Government approved agency and replying to e - mail or updating an on - line response page .

A copy of this notification shall also be made available on the Internet which can be accessed at the address http://www.mp.gov.in .

सदस्य-सचिव

9 महानिदेशक, संसदीय विद्यापीठ

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एल. सी. मोटवानी , उपसचिव.

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 3 सितम्बर 2012

क्र. एफ 1-1-2012- छप्पन.- सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70 की उपधारा ( 1 ) , ( केन्द्रीय अधिनियम , 2000 का 21 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मध्यप्रदेश शासन यह घोषित करता है कि मध्यप्रदेश सरकार के किसी भी कार्यालय या शासकीय उपक्रम या मंडल में उपलब्ध कोई भी कम्प्यूटर संसाधन जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से संवेदनशील सूचना तंत्र की सुविधा को प्रभावित करता है , वह मध्यप्रदेश शासन या सरकारी उपक्रम या बोर्ड या शासन द्वारा अधिकृत एजेंसी द्वारा प्रकाशित ऐसे वेबपृष्ठों, जिन्हें देखने , डाउनलोड करने , ई - मेल का उत्तर देने तथा ऑन लाईन प्राप्त होने वाले जवाबों को अपडेट करने की अनुमति दी गई है , को छोडकर, संरक्षित तंत्र होगा.

यह अधिसूचना वेबसाईट http://www.mp.gov.in पर भी उपलब्ध रहेगी जिसका अवलोकन इंटरनेट के माध्यम से किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ओम प्रकाश श्रीवास्तव , उपसचिव.

Explanatory Note

(This does not form part of the notification, but is intended to indicate its general purport) .

All the offices of the Government of Madhya Pradesh including those in the Districts have been provided with Computers and these have been connected with network for exchange of Information concerning the affairs of the State , some of which deal with sensitive matter's . User profiles have been created for the end users , senior officers and administrators , defining the roles and responsibilities . There is a need to protect the Information , Computers , Computer Systems , Network Systems from being accessed by unauthorized persons . Therefore , the Government Offices/Government Undertakings /Boards of the State of Madhya Pradesh to be a " Protected System " under sub- section ( 1 ) of Section 70 of the Information Technology Act, 2000 (Central Act 21 of 2000 ).

This notification is intended to achieve the above object .

भाग 1 ]

विभाग प्रमुखों के आदेश

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन"

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल , मध्यप्रदेश 462011

आदेश

भोपाल , दिनांक 7 दिसम्बर 2012

क्र. एफ. 67-75-10-तीन- 1929.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर पालिका परिषद् कानड जिला शाजापुर के आम निर्वाचन में श्री कैलाश मालवीय, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर ( अर्थात् दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से दिनांक 18 जनवरी 2010 तक) , श्री कैलाश मालवीय को निर्वाचित व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , शाजापुर के पास दाखिल करना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , शाजापुर के पत्र दिनांक 24 जुलाई , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री कैलाश मालवीय द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

4189

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री कैलाश मालवीय को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 18 अगस्त 2010 को जारी कर उप जिला निर्वाचन अधिकारी शाजापुर के माध्यम से दिनांक 7 सितम्बर, 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री कैलाश मालवीय से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री कैलाश मालवीय को नोटिस दिनांक 7 सितम्बर, 2010 को तामील कराया गया अतः उनको दिनांक 22 सितम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला शाजापुर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 16 नवम्बर 2010 में लेख किया है कि अभ्यर्थी श्री कैलाश मालवीय द्वारा अभी तक उनके कार्यालय में कोई निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है .

आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 2 फरवरी 2011 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया , लेकिन अभ्यर्थी श्री कैलाश मालवीय सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए. सूचना पत्र की तामीली कलेक्टर से प्राप्त नहीं होने पर, आयोग द्वारा उनसे तामीली संबंधी जानकारी चाही गई. उप जिला निर्वाचन से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 19 सितम्बर 2012 में सूचित किया गया है कि सी.एम.ओ. नगर परिषद् कानड़ ने अपने पत्र दिनांक 12 सितम्बर 2012 से सूचित किया है कि आयोग द्वारा जारी सूचना पत्र दिनांक 13 जनवरी 2011 उनके कार्यालय में प्राप्त नहीं हुआ है. इसलिए तामीली नहीं करायी जा सकी. अतः आयोग द्वारा पुनः अभ्यर्थी श्री कैलाश मालवीय को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 7 नवम्बर 2012 को आयोग में बुलाया गया , किन्तु अभ्यर्थी श्री कैलाश मालवीय आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना पत्र की तामीली श्री कैलाश मालवीय को विहित समयावधि दिनांक 18 अक्टूबर 2012 को कराई गई . उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री कैलाश मालवीय द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधा हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री कैलाश मालवीय को इस प्रकार 4190

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 दिसम्बर 2012

चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् कानड़ जिला शाजापुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 10 दिसम्बर 2012

क्र. एफ. 67-184-10- तीन-1931 .- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत राजनगर, जिला छतरपुर के आम निर्वाचन में श्री निजामुद्दीन , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर पंचायत राजनगर, जिला छतरपुर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी छतरपुर के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु

[भाग 1 16 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण लेखे दाखिल करने की आखिरी तारीख 18 जनवरी 2010 थी, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी छतरपुर के पत्र क्र. 370/ स्था. निर्वा./2010, दिनांक 01 फरवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री निजामुद्दीन द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री निजामुद्दीन को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 को जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी छतरपुर के माध्यम से दिनांक 24 मार्च, 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री निजामुद्दीन को नोटिस दिनांक 22 मार्च, 2010 को तामील कराया गया. नोटिस की तामीली उपरांत अभ्यर्थी ने एक अभ्यावेदन कलेक्टर कार्यालय छतरपुर को प्रेषित किया जो कि आयोग कार्यालय में दिनांक 25 अक्टूबर 2012 को प्राप्त हुआ, जिसमें लेखे तीन दिन विलंब से दाखिल किये जाने का कारण बताया कि नामनिर्देशन पत्र लेते समय उन्हें लेखा- जोखा दिनांक 21 जनवरी 2010 तक प्रस्तुत करना अनिवार्य है. इसी कारण से प्रार्थी अभ्यर्थी ने लेखे 21 जनवरी 2010 को जमा किये.

विचारोपरान्त आयोग द्वारा अभ्यर्थी को दिनांक 13 जुलाई , 2012 को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 30 अक्टूबर, 2012 को उपस्थित होने हेतु पत्र प्रेषित किया गया. अभ्यर्थी को सूचना विहित समयावधि में प्राप्त हो गई थी, किन्तु व्यक्तिगत सुनवाई में वे उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधन हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री निजामुद्दीन उर्फ गुडउडे को भाग 1 ]

इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत/परिषद्राजनगर जिला छतरपुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 10 दिसम्बर 2012

क्र. एफ. 67-222-10- तीन-1933.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत कैमोर, जिला कटनी के आम निर्वाचन में सुश्री रेखा जयराम बर्मन, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत/परिषद् कैमोर जिला कटनी के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर , 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , कटनी के पास दाखिल किया जाना

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 दिसम्बर 2012

था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कटनी के पत्र क्र. 260, व्यय लेखा प्रभारी ( स्था. निर्वा. अधि. ) दिनांक 22 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री रेखा जयराम बर्मन द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री रेखा जयराम बर्मन को कारण बताओ नोटिस दिनांक 10 फरवरी 2010 को जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कटनी के माध्यम से दिनांक 26 फरवरी 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री रेखा जयराम बर्मन को नोटिस दिनांक 26 फवरी , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 13 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . अभ्यर्थी ने दिनांक 19 मार्च 2010 को एक अभ्यावेदन आयोग को प्रेषित किया, जिसमें लेख किया कि " महोदय जी चूंकि मेरा स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण में निर्वाचन व्यय लेखा समय - सीमा में जमा नहीं कर पाई हूं. " अभ्यर्थी से प्राप्त अभ्यावेदन अभिमत हेतु कलेक्टर, कटनी को प्रेषित किया . कलेक्टर कटनी ने पत्र दिनांक 27 अप्रैल 2012 में लेख किया है " अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत निर्वाचन व्यय लेखे में निम्न कमियां पाई गईं :-

1 . मूल व्हाउचर/ देयक पर अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता के हस्ताक्षर नहीं हैं.

2. कुल व्यय का सार विवरण ( प्रोफार्मा " ख " ) तैयार नहीं किया गया है.

3. अभ्यर्थी द्वारा शपथ पत्र ( प्रोफार्मा " ग " ) नहीं भरा गया है.

अभ्यर्थी ने निर्वाचन व्यय लेखा समय - सीमा में जमा न करने के संबंध में अस्वस्थता का कारण बताया गया है, जिसके समर्थन में कोई मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत नहीं किया गया है. अतः निर्वाचन व्यय लेखा स्वीकार्य नहीं है ..... "

कलेक्टर, कटनी से अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरांत दिनांक 28 मई 2012 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 20 जुलाई 2011 को उपस्थित होने हेतु पत्र लिखा गया, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में 4192

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधन हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने के कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री रेखा जयराम बर्मन को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत कैमोर , जिला कटनी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 10 दिसम्बर 2012

क्र. एफ. 67-7-11-तीन-1943.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह जनवरी , 2011 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत/नगर परिषद् मझौली, जिला सीधी के आम निर्वाचन में श्रीमती सुधा कचेर, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर पंचायत मझौली , जिला सीधी के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 8 जनवरी 2011 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32 - ख के

[भाग 1 अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 7 फरवरी 2011 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकार, सीधी के पत्र क्र. 86 - स्था. निर्वा. -11 , दिनांक 20 अप्रैल, 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसारी श्रीमती सुधा कचेर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती सुधा कचेर को कारण बताओ नोटिस दिनांक 19 मई 2011 को जारी किया गया. उक्त नोटिस कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी के माध्यम से दिनांक 24 जून 2011 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यथी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्रीमती सुधा कचेर को नोटिस दिनांक 24 जून 2011 को तामील हो गया था. अतः उनको दिनांक 9 जुलाई 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अभ्यर्थी द्वारा दिनांक निरंक को एक अभ्यावेदन एवं मूल निर्वाचन व्यय लेखा, जो कि आयोग कार्यालय में दिनांक 28 जून 2011 को प्राप्त हुआ, प्रस्तुत किया गया. कलेक्टर सीधी से उक्त अभ्यावेदन के संबंध में अभिमत चाहे जाने पर कलेक्टर, सीधी ने अपने पत्र दिनांक 7 मई 2012 में लेख किया कि " ...... अभ्यर्थी श्रीमती सुधा कचेर द्वारा अपने अभ्यावेदन दिनांक 28 जून 2011 में किये गये उल्लेख अनुसार निर्वाचन व्यय लेखा की फोटो कापी जमा किये गये संबंधी तथ्य प्रमाणित नहीं पाये जाते. अतएव उनके द्वारा प्रस्तुत किये गये अभ्यावेदन स्वीकार किये जाने योग्य नहीं हैं . " कलेक्टर सीधी से उक्त जानकारी प्राप्त होने पर विचारोपरांत आयोग द्वारा दिनांक 22 मई 2012 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 30 जून 2012 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र रजिस्टर्ड ए. डी. डाक से प्रेषित किया गया, किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुईं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधन हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने के कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती सुधा कचेर को इस प्रकार चुने भाग 1 ]

जाने के लिये तथा नगर पंचायत/नगर परिषद , मझौली , जिला सीधी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 10 दिसम्बर 2012

क्र. एफ. 67-149-10- तीन-1948 .- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत बेटमा जिला इन्दौर के आम निर्वाचन में श्री घनश्याम कुंवर, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, श्री घनश्याम कुंवर को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , इन्दौर के पास दाखिल करना था , किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , इन्दौर के पत्र दिनांक 15 मार्च 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 दिसम्बर 2012

श्री घनश्याम कुंवर द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री घनश्याम कुंवर को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 6 अप्रैल 2010 को जारी कर, संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी इन्दौर के माध्यम से दिनांक 27 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री घनश्याम कुंवर से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक- पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री घनश्याम कुंवर को नोटिस दिनांक 27 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया अतः उनको दिनांक 12 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला इन्दौर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 12 जून 2012 के द्वारा लेख किया है कि-" श्री घनश्याम कुंवर द्वारा व्यय लेखा प्रस्तुत न करने पर जारी सूचना पत्र की तामीली पश्चात् प्रतिवेदन दिनांक 12 जून 2012 तक व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है . " आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 8 नवम्बर 2012 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री घनश्याम कुंवर आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली श्री घनश्याम कुंवर को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला इन्दौर द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी , बेटमा के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 30 जुलाई 2012 को कराई गई. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री घनश्याम कुंवर द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री घनश्याम कुंवर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत बेटमा , जिला इन्दौर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार , हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल .

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

आदेश

भोपाल , दिनांक 10 दिसम्बर 2012

क्र. एफ. 67-149-10- तीन 1949.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत बेटमा जिला इन्दौर के आम निर्वाचन में सुश्री नन्दा शंकर गुरू शर्मा अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, सुश्री नन्दा शंकर गुरू शर्मा को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , इन्दौर के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , इन्दौर के पत्र दिनांक 15 मार्च 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री नन्दा शंकर गुरू शर्मा द्वारा दिनांक 25 फरवरी 2010 को विलम्ब से निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री नन्दा शंकर गुरू शर्मा को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 6 अप्रैल, 2010 को जारी कर , संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी इन्दौर के माध्यम से दिनांक 27 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया. कारण बताओ

[भाग 1 नोटिस में सुश्री नन्दा शंकर गुरू शर्मा से जबाव ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना , है उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री नन्दा शंकर गुरू शर्मा को नोटिस दिनांक 27 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया अतः उनको दिनांक 12 मई 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला इन्दौर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 12 जून 2012 के द्वारा लेख किया है कि-" सुश्री नन्दा शंकर गुरू शर्मा द्वारा विलम्ब से व्यय लेखा प्रस्तुत करने पर जारी सूचना पत्र की तामीली पश्चात् विलम्ब से व्यय लेखा प्रस्तुत करने संबंधी अभ्यावेदन प्रतिवेदन दिनांक 12 जून 2012 तक प्रस्तुत नहीं किया गया है . "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 8 नवम्बर 2012 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री नन्दा शंकर गुरू शर्मा आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुई. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली सुश्री नन्दा शंकर गुरू शर्मा को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला इन्दौर द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी बेटमा के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 30 जुलाई 2012 को कराई गई. उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री नन्दा शंकर गुरू शर्मा द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री नन्दा शंकर गुरू शर्मा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत बेटमा जिला इन्दौर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भाग 1 ]

4195

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 दिसम्बर 2012

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शिवपुरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

शिवपुरी , दिनांक 26 अक्टूबर 2012

क्र. क्यू- भू-अर्जन-1857.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लिखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

भूमि का वर्णन

खसरा नं .

जिला

नगर/ग्राम

तहसील/ तालुका

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

भू-अर्जन हेतु

प्रस्तावित रकबा

(हेक्टर में)

(2) नरवर

(3) करही

(1) शिवपुरी

(4) 826 2392 2781 3232 (6) कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना दायां तट नहर संभाग नरवर जिला शिवपुरी ( म. प्र. ) .

(7) सिंध परियोजना द्वितीय चरण के अन्तर्गत वितरिका शाखा डी-4 के निर्माण हेतु.

(5)

0.10

0.04

चाह

0.20

योग ..0.34

भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , करैरा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला अशोकनगर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

अशोकनगर, दिनांक 24 नवम्बर 2012

क्र. क्यू- भू- अर्जन-405-408-2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत कंरता है:-

भूमि का वर्णन ग्राम

जिला तहसील

(2)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)

1.954 (1) अशोकनगर ईसागढ़

(3) कुम्हारिया

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) पचलाना बांध की नहर निर्माण हेतु.

(5) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, अशोकनगर जिला अशोकनगर ( म. प्र.) .

भूमि का नक्शा एवं सम्पत्ति का विवरण भू-अर्जन अधिकारी , गुना के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संकेत भोंडवे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

4196

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

कार्यालय कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

खिलचीपुर, दिनांक 3 दिसम्बर 2012

क्र. 12715 - भू-अर्जन12.- चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) राजगढ़

(2) खिलचीपुर

(3) (4) करनपुरा 0.120 बीजपड़ी 0.030 चमारी 0.420 लसुड़ली 1.080 कुल योग .. 1.650

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6) धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , राजगढ़.

पाड़ल्याखेड़ी तालाब की नहर निर्माण में भूमि का अर्जन.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , राजस्व खिलचीपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 12717 - भू- अर्जन-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

(2)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4) 0.646 (1) राजगढ़ खिलचीपुर

(3) मेहराजपुरा

कुल योग .. 0.646

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6) धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , राजगढ़.

कटारमल जी तालाब की पाल, वेस्टवियर निर्माण में भूमि का अर्जन.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , राजस्व खिलचीपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 12719 - भू- अर्जन 12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त 4197

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

भाग 1 ]

भूमि के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(2)

(3)

(4)

0.674 राजगढ़

गुमानीपुरा

खिलचीपुर

0.759

अम्बावता

0.010

हालाहेड़ी

कछोटिया

0.309

1.752

कुल योग .

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) (5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , राजगढ़.

पानखेड़ी तालाब के बांध एवं वेस्टवियर निर्माण में भूमि का अर्जन.

भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , राजस्व खिलचीपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 3 दिसम्बर 2012

क्र. 3388 - प्रक्र. - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्ट. में ) (2)

(1) रीवा

(3) भमरा कोठार

सेमारिया

(4) 13.646

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग रीवा.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा मुख्य नहर की पुरवा टेल माइनर नहर निर्माण में आने वाली भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जासकता है.

क्र. 3390 - प्रक्र.- भू- अर्जन. ०- प्रक्र. भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा 4198

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 दिसम्बर 2012

( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्ट. में) (1)

(2)

(3)

रीवा

(4) 4.051 सेमारिया डढ़िया पवाई

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग रीवा.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा मुख्य नहर की पुरवा टेल माइनर नहर निर्माण में आने वाली भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जासकता है .

क्र. 3392 - प्रका. भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्ट. में) (2)

सेमारिया

(1) रीवा

(4) 5.210

(3) पटेहरा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग रीवा.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा मुख्य नहर की पुरवा टेल माइनर नहर निर्माण में आने वाली भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जासकता है.

क्र. 3394- प्रका.- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्ट. में) (2)

(1)

(3)

(4) रीवा सेमारिया

9.160

कुशवार

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग रीवा.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा मुख्य नहर की पुरवा टेल माइनर नहर निर्माण में आने वाली भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जासकताहै.

भाग 1 ]

4199

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

क्र. 3396 - प्रका.- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्ट. में ) (2)

(4) (1)

(3)

रीवा सेमारिया तिघरा पैपखार

4.741

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग रीवा.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा मुख्य नहर की पुरवा टेल माइनर नहर निर्माण में आने वाली भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जासकता है.

क्र. 3398 - प्रका.- भू-अर्जन कार्य . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमिका वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्ट. में) (1)

(2)

(3)

(4) रीवा सेमारिया बधरा कोठार

11.747

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग रीवा.

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा मुख्य नहर की पुरवा टेल माइनर नहर निर्माण में आने वाली भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जासकताहै.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

4200

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

कार्यालय, कलेक्टर , जिला सागर , मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 7 नवम्बर 2012

क्र. 9750- भू-अर्जन-12-अ.वि.अ.-73 ए- 82-11-12 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला-सागर

(ख ) तहसील- देवरी

(ग ) ग्राम-मुआरखास, प.ह.नं. 23

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.02 हेक्टर.

खसरा नंबर में से

(1)

रकबा (हेक्टर में) (2)

500

योग . 0.02 0.02

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए आवश्यकता है- समनापुर जलाशय योजना अंतर्गत बांयी तट मुख्य नहर निर्माण हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 1 , सागर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, देवरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

सागर, दिनांक 27 नवम्बर 2012

क्र. 9742 - क- भू.अ.- 2012-अ-82-2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- सागर

(ख ) तहसील- सागर

(ग ) ग्राम - चन्द्रपुरा, प.ह.नं. 110

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 11.44 हेक्टर.

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टर में ) (2)

(1)

2.2

289

426

0.93

0.47

428

429

0.38

431

1.21

6.25

446

योग .. 11.44

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- हिलगन जलाशय के बांध डूब क्षेत्र में.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय सागर में देखा जा सकता है .

क्र. 9743 - क- भू.अ.-2012-अ- 82-2012-13 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला-सागर

(ख ) तहसील- सागर

(ग ) ग्राम- हिलगन, प.ह.नं. 92

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-61.49 हेक्टर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2) 0.09 0.1

350 352 भाग 1 ]

4201

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 दिसम्बर 2012

(1)

(2) 427

0.15 428

0.2 900

0.02 943

0.35 944/1

0.27 944/2

0.08

0.78 947

948

0.36 950

0.8 951

0.18 952

1.14 953

0.6 954

3.65 955

0.06 957

0.31 966/1

1.2 966/2

1.82 1162/1

0.24 1162/2

0.24 1163/1

0.04

0.03 1163/2

1164

1.43

2.4 1166/1

0.8 1166/2

1167

0.16

0.6 1168

2.31 1169

1170

0.54 1171

1.6 1173

0.27 1174

0.28 1176

3.83 1177

2.79 1179/1

1.93

1.92 1179/2

1180/1

1.54 1180/2

1.06 1181

1.08

0.42 1182/1

0.43 1182/2

1183/1

1.58 1183/2

1.59 1186/1

0.76 1257

0.4 1258

0.5 (1)

(2)

0.66

1259

0.67

1260

2.3

1261

1262

1.99

1263

0.23

0.36

1264

0.4

1265

1266

1.14

1267

0.52

0.4

1268

0.47

1269

1270

1.15

1272

0.06

1274

0.05

0.07

1323

1324

0.1

0.2

1343/1

1343/2

0.3

1346

0.26

0.21

1358

1359

0.19

1360

0.34

0.93

1361

0.03

1362

0.05

1363

1364

0.35

1368

1.1

0.03

1369

0.41

1371

1373

1.8

0.19

1374

1375

1

0.6

1376

योग .. 61.49

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए आवश्यकता है- हिलगन जलाशय के बांध डूब क्षेत्र में.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय सागर में देखा जा सकता है .

क्र. 9744- क- भू.अ.- 2012-अ- 82-2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) 4202

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला-सागर

(ख) तहसील- सागर

(ग ) ग्राम- बेलई माफी ( शेखपुर ) , प.ह.नं. 111 (घ ) लगभग क्षेत्रफल-84.35 हेक्टर .

खसरा नंबर

रकबा

(हेक्टर में)

(1)

(2)

2

0.45

3

0.85

4

0.36

5

1.16

6-1

0.10

6-2

0.11

7-1

0.3

7-2

0.57

0.58

7-3

0.12

8-1

8-2

0.4

9-1

0.07

9-2

0.07

9-3

0.08

10

1.1

11

0.91

12

0.61

13

0.21

14

0.21

15

0.12

0.22

16

0.42

17

18

0.1

19-1

0.48

0.25

19-2

20

0.52

21

0.17

22

1.88

23

0.33

24

3.75

25/1

0.21

25/2

0.42

27

0.46

(2)

(1)

0.15

28

0.16

29

0.07

30

0.19

31

0.18

32

36/1

0.16

36/2

0.24

37/1

0.6

37/2

0.8

0.63

38

0.4

39/1

0.5

39/2

0.27

39/3

0.22

40/1

0.8

40/2

0.06

41

43

0.53

2.56

44/1

0.80

44/2

45/1

0.18

0.84

45/2

0.40

45/3

45/4

0.44

0.46

46

0.25

47

0.35

48

0.30

49

57

0.20

0.05

58/1

58/2

0.80

0.08

59

0.24

60

0.16

61

62

0.22

0.34

63

0.15

64

0.35

65/1

0.71

65/2

0.35

66

0.30

67

0.08

68

2.00

69

1.15

70

0.09

71

0.50

72 भाग 1 ]

4203

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

(2) (1)

73

0.09 74

0.26 75

0.45

3.00 76

77

0.23 78

0.51 79

1.26

0.21 86/1

86/2

0.20 86/3

0.50 91

0.13 92

0.08 93

0.08 94

0.10 95

0.10 126

0.46 131

0.30

0.50 132

145

0.36 146

0.16 147

0.82 157

0.10

0.24 158

159

0.27

0.19 160

161

0.15 165

0.67 166

0.28

2.20 268

269

4.80 271

0.13 273

0.36 276/1

0.65 276/2

0.45 277

0.59 278

0.81 280

0.05 281

2.36 282

0.68 283

0.05 284

1.61

1.18 285

286

0.81 287

0.87 288/1

0.49

(2)

(1)

0.50

288/2

288/3

0.50

0.50

288/4

0.44

289

1.99

290

0.50

291

1.20

292/1

0.76

292/2

1.20

296

0.97

297

0.91

298

1.60

299

0.24

300

0.16

301

302

0.13

303

0.11

0.11

304

0.86

306/1

1.20

306/2

308

0.82

0.83

309

0.82

310

0.31

311

84.35

योग ..

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिए आवश्यकता है- हिलगन जलाशय के बांध डूब क्षेत्र में.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय सागर में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, योगेन्द्र शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग ग्वालियर, दिनांक 8 नवम्बर 2012

प्र. क्र. 82 - अ- 82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिये 4204

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-ग्वालियर

(ख ) तहसील- भितरवार

(ग ) ग्राम- रिछारीखुर्द

(घ) कुल लगभग-2.84 हेक्टर .

सर्वे नं.

कुल रकबा (हे. में)

अवाप्त किये जाने वाला अनुमानित रकबा (हे . में ) (1)

(2)

(3) 1443

0.282

0.014 1452 मि.

0.105

0.050

0.355

1452मि. ,

1450

0.031

0.065 1444

0.043

0.470

1445

0.397

0.058 1028

0.418

0.081 1025

0.418

0.060

0.073

1025 मि. ,

0.060 1026

0.209

1023

0.105

0.025 982

0.030

0.146

985

0.136

0.055 975

0.157

0.050 969

0.157

0.030 968

0.178

0.040 861

0.063

0.010 863

0.084

0.050 864

0.073

0.005 860

0.050

0.146

857

0.199

0.025 852

0.020

0.105

851

0.230

0.035 761

0.025

0.199

829

0.105

0.025 828

0.073

0.020 769

0.157

0.071

0.063

0.010 825

862

0.052

0.010 1446

0.036

0.428

1447

0.481

0.036 1519

0.303

0.072

0.355

1533

0.144

[भाग 1 (1)

(2)

(3) 1535/1

0.460

0.043 1535/2

0.261

0.428

1538

0.144

0.130 1549

0.470

1550

0.065

0.209

1.412

0.001 1401

0.722

0.173 1503 मिन

1504

1.245

0.086 1515

0.105

0.022

0.007 1516

0.105

0.210

0.324

0.180 1518

1546

0.481

0.036

0.481

0.036 1547

0.063

0.014 1548

0.962

1552

0.481

0.194 1435 मिन

0.500

0.108 1435 मिन

0.418

0.058 1436

0.188

0.043 1453

0.188

1454

0.188

0.230

0.115 1456

0.240

1455

0.846

0.058 1457

0.293

0.022

कुल योग : 2.84 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सिंध परियोजना द्वितीय चरण के अन्तर्गत हरसी उच्चस्तरीय मुख्य नहर के निर्माण कार्य हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाधीश जिला ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है .

ग्वालियर, दिनांक 27 नवम्बर 2012

प्र. क्र. 131 - अ- 82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिये भाग 1 ]

4205

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 दिसम्बर 2012

आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-ग्वालियर

(ख ) तहसील- भितरवार

(ग) ग्राम- सेहबई

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.896 हेक्टर.

सर्वे नं.

कुल रकबा (हे. में)

अवाप्त किये जाने वाला अनुमानित रकबा ( हे . में) (1)

(2)

(3) 149मिन

0.444

0.079 149मिन

0.444

150 मिन

0.371

0.432

0.371

150 मिन

151

1.004

0.140

0.245 197

2.027

कुल योग : 0.896 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- सिंध परियोजना द्वितीय चरण के अन्तर्गत हरसी उच्चस्तरीय मुख्य नहर के निर्माण कार्य हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाधीश जिला ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सीहोर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सीहोर, दिनांक 22 नवम्बर 2012

प्र. क्र. 09 - अ-82-11-12 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सीहोर

(ख) तहसील- नसरूल्लागंज

(ग ) ग्राम - घुटवानी

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.016 हेक्टर .

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

1.016

230/2

कुल योग .. 1.016

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- घोघरा फीडर के स्लूज गेट (फीडर चेनल ) .

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी, नसरूल्लागंज के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कवीन्द्र कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

कार्यालय , कलेक्टर , जिला बड़वानी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग बड़वानी, दिनांक 29 नवम्बर 2012

प्र. क्र. 19- अ- 82-2011-12- क्र. 2054- भू- अर्जन- नहर- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दिये गये अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- बड़वानी

(ख ) तहसील- अंजड़

(ग) ग्राम- मोहीपुरा 4206

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 दिसम्बर 2012

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-24.934 हेक्टर.

खसरा नं.

अधिगृहित किया जाने वाला क्षेत्रफल ( हेक्टर में ) (1)

(2) 21/1 पैकि

0.242 21/2 पैकि

0.170 22/1 पैकि

0.198

0.214 22/3 पैकि

25/1 पैकि

0.121 25/2 पैकि

0.162 26 पैकि

0.222 33/2पैकि

0.303 34/1 पैकि

0.060 34/2पैकि

0.089 34/3 पैकि

0.146 40/1/1 पैकि

0.162 40/4पैकि

0.222 41/1 पैकि

0.178

0.130 42/1 पैकि

42/2पैकि

0.121 43/1 पैकि

0.130 43/2पैकि

0.134 44/2पैकि

0.016 51/1 पैकि

0.291 51/3 पैकि

0.162 52/1/1 पैकि

0.178 52/1/2 पैकि

0.178 55/4 पैकि

0.052 64 पैकि

0.291 72/2पैकि

0.219

0.255 50, 72/1 , 72/3 पैकि

72/4 पैकि

0.073

0.243 72/5, 72/6 पैकि

72/7 पैकि

0.186 76/1 पैकि

0.186 76/2पैकि

0.364

0.069 76/3 पैकि

76/4 पैकि

0.138 84/1 पैकि

0.182 85/1 पैकि

0.308 85/2पैकि

0.101 89 पैकि

0.591 92/2पैकि

0.275 93/1 पैकि

0.324 103/2 पैकि

0.502

(2)

(1)

109/1 पैकि

0.429

0.283

115/1 , 116/1 क पैकि

0.024

115/1, 116/1 ख पैकि

0.275

113/1/1 पैकि

0.308

125 पैकि

0.206

126/1/1 पैकि

0.575

126/1/2 , 126/2/1,

126/2/2 पैकि

0.332

126/3 पैकि

0.600

127 पैकि

0.142

128/1 पैकि

0.064

128/2 पैकि

0.150

129/2, 133/3/2 पैकि

0.231

129/3, 133/3/3 पैकि

0.174

129/4, 133/3/4 पैकि

135 पैकि

0.506

148/1 पैकि

0.365

0.064

148/2पैकि

0.287

154/1 पैकि

0.202

154/3 पैकि

0.275

154/4 पैकि

0.065

157/1, 157/2 पैकि

0.036

166/1 पैकि

0.324

167 पैकि

0.178

168/2, 170/1 पैकि

0.105

168/3 पैकि

168/4 पैकि

0.134

0.138

168/5 , 170/2 पैकि

0.198

168/6 पैकि

0.105

168/7 पैकि

0.372

170/3 पैकि

0.352

171/2 पैकि

0.130

173/1 पैकि

0.061

173/2 पैकि

0.178

179/1 , 180/1 पैकि

0.162

179/2, 180/2 पैकि

0.255

179/3, 180/3 पैकि

0.044

179/4, 180/4 पैकि

0.344

181/1 पैकि

0.065

185/1 पैकि

0.202

185/2पैकि

0.089

185/3 पैकि

0.174

185/4 पैकि

186/1 पैकि

0.146 भाग 1 ]

4207

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

(1)

(2)

186/2 पैकि

0.105

186/4 पैकि

0.052

206/2 पैकि

0.384

0.348

207/1, 208/1 पैकि

0.200

210/1 , 211 पैकि

212/1 पैकि

0.045

0.125

212/2 पैकि

214/1 पैकि

0.186

225/1 पैकि

0.627

225/2 पैकि

0.267

227/5 पैकि

0.004

227/6 पैकि

0.028

228/1 पैकि

0.291

228/2 पैकि

0.259

229/1 पैकि

0.161

229/2 पैकि

0.162

231/1 पैकि

0.040

0.194

232/2 , 233/1 पैकि

292/1 पैकि

0.060

0.121

353/1 पैकि

353/2पैकि

0.145

353/3 पैकि

0.263

0.076

356/2, 356/3 पैकि

363/1 पैकि

0.753

363/2 पैकि

0.526

0.320

364, 365/1 पैकि

365/2 पैकि

0.364

403/2/2 पैकि

0.065

408/1 ख पैकि

0.437

408/1 घ पैकि

0.231

409 पैकि

0.558

योग .. 24.934

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना की चतुर्थ चरण की बड़दा वितरण शाखा, उसकी माईनर, सबमाईनर एवं टेल माइनर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन, कलेक्टर कार्यालय, बड़वानी, भू- अर्जन अधिकारी, इंदिरा सागर , परियोजना (नहर ) बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -11 , बड़वानी, जिला बड़वानी के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, श्रीमन्शुक्ला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला शिवपुरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग शिवपुरी , दिनांक 1 दिसम्बर 2012

क्र. 1997 - भू-अर्जन- 2012.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि एवं संपत्ति का वर्णन- अशासकीय भूमि (क) जिला-शिवपुरी

(ख) तहसील- नरवर

(ग) नगर/ग्राम-दावरअली

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.60 हेक्टेयर.

खसरा नं.

क्षेत्रफल

(हे . में)

(2)

(1)

0.15

49

50

0.22

51

0.03

0.20

54

0.60 कुल योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सिंध परियोजना उकायला उच्च स्तरीय नहर ( लालपुर पिकअप वियर पश्चात्) से निकलने वाली वितरिका डी-7 के निर्माण कार्य हेतु. भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी, करैरा के कार्यालय में देखा जा सकता है. आने वाली निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना आर.बी.सी. संभाग , करैरा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

4208

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्वविभाग

राजगढ़ , दिनांक 3 दिसम्बर 2012

क्र. 12721 - भू-अर्जन 12.- चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि एवं सम्पत्ति का वर्णन-अशासकीय भूमि (क) जिला- राजगढ़

(ख ) तहसील- खिलचीपुर

(ग) ग्राम- धामन्याजोगी

(घ ) भूमि का कुल क्षेत्रफल-1.190 हेक्टर.

खसरा नंबर

(हेक्टर में)

(1) 96/33

1.190

योग

रकबा (2) 1.190

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- रामगंज मंडी से भोपाल बड़ी रेल्वे लाईन निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , खिलचीपुर जीरापुर एवं भू- अर्जन अधिकारी , खिलचीपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग सतना, दिनांक 3 दिसम्बर 2012

क्र. एफ. 1589 - भू-अर्जन 12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में

[भाग 1 वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- मैहर

(ग) नगर/ग्राम- बुढ़ेरूआ

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-12.118 हेक्टर.

खसरा नं.

(1)

अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2)

396/1

0.002

0.002

396/2

0.002

396/3क

0.002

396/3ख

0.002

396/ 3ग

0.005

399/1

0.005

399/2

0.005

399/3 क

399/ 3ख

0.006

400

0.146

401

0.094

0.815

412/4

426

0.063

0.209

343

1.076

342

407/3

0.052

402/1

0.042

403/1

0.042

407/1

0.021

0.084

410

407/2

0.021

0.167

412/7

287/1

1.000

0.015

290/1

340

0.251

341

0.084

402/2

0.042

0.042

403/2

404

0.073

407/5

0.021

412/2

0.105

0.005

408/2

406

0.022

407/4

0.021 भाग 1 ]

(1)

(2) 408/1

0.005 439/1

0.010 412/1

0.135 425

0.040 475/427/3

0.012 475/427/2

0.012

0.011 475/427/1

411

0.031 412/3ख

0.405 412/6क 2

0.84 412/6क3

0.083 412/6ख

0.545 287/2क

0.505 427/1 क

0.012 427/ 1 ख

0.012 433

0.315 428/ 1ख

0.021 432/2

0.053 430/ 1ख

0.009 428/2

0.005 430/2

0.019 432/1

0.200

0.010 430/1 क

0.052 431/2

0.012 432/4

431/1

0.162

4209

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

(2)

(1)

0.010

345/1

0.060

344/2

0.010

345/2

0.011

345/3

0.596

287/2क 1

325

0.230

0.115

324

0.063

287/2क3

0.413

288/1

0.021

289/1

0.063

44

0.140

288/2

289/2

0.021

0.010

329

0.135

328

0.324

292

0.105

293

0.250

294/3

0.085

294/1

42

0.070

0.005

439/2ख

0.005

439/2क

0.010

413

0.004

407/6क

407/6ख

0.004

0.003

407/6ग

432/3

0.011 429/1

0.063

0.005 345/4क

344/4क

0.094 345/4ख

0.005 344/4ख

0.094 345/5

0.010 344/5

0.010 348/2

0.173

0.068 346/1

0.021 347/2

0.068 346/2

348/1

0.115

0.305 434/1

435

0.250 436/1

0.243 322/1

0.063 323/1

0.040 436/2

0.165 323/2

0.015 322/3

0.010 436/3

0.215 344/1

0.125

0.007

440/1

0.007

440/2क

0.007

440/2ख

12.118

निजी खाता भूमि योग .

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- बरगी व्यपवर्तन योजना अंतर्गत रीवा शाखा नहर निर्माण हेतु .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

क्र. एफ. 1589 - भू-अर्जन 12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना 4210

(ख) तहसील- मैहर

(ग ) नगर/ग्राम- नादन शिवाप्रसाद

(घ) लगभग क्षेत्रफल-8.852 हेक्टर .

खसरा नं .

अर्जित रकबा (हेक्टर में ) (1)

(2) 1046

0.005 1049

0.070 1050

1.202 1051

0.042 1056/1

0.052 1063

0.021 1062/1

0.047 1061/1

0.192 1061/2

0.052 1062/2

0.047 1052/2

0.003 1053/2

0.100 1052/3

0.007 1053/3

0.100 1057/1

0.209 1054

0.010 1055

0.491 1056/2

0.042 1057/2

0.251 1058/3

0.005

0.075 1053/4

1053/5

0.075 657/1

0.428 742

0.268

0.293 657/2

743

0.031

0.026 1048

0.052 733/3

0.073 740

741

0.993

0.449 725

726

0.063 727

0.502 731

0.010

0.012 724

723

0.015 717/1

0.178 718/1

0.219

0.219 717/2

0.178 718/2

716/2

0.010 728

0.784 729

0.010

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 दिसम्बर 2012

(1)

(2)

720/1

0.031

721/1

0.105

720/2

0.086

0.010

721/2

0.010

656/1

0.230

652/1

655/1

0.209

0.115

655/2

0.005

652/2

0.136

654

निजी खाता भूमि योग 8.852

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- बरगी व्यपवर्तन योजना अंतर्गत रीवा शाखा नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू-अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

क्र. एफ. 1589 - भू-अर्जन 12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- मैहर

(ग ) नगर/ग्राम- करौदी काप

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.810 हेक्टर .

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

36

0.403

35/1

0.021

0.021

42/1क

50

0.042

35/2

0.021

0.068

43

0.219

42/4

44

0.115

0.115

49

42/1ख

0.052

0.180

42/2

45

0.157

46

0.052 भाग 1 ]

4211

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 दिसम्बर 2012

(1)

(2)

47

0.136

48

0.031

26

0.157

27

0.015

63/1

0.690

63/2क

0.398

73/3

0.021

69/1

0.449

69/2क

0.063

69/2ख

0.120

69/3

0.265

70

0.345

71

0.084

79/1 क

0.045

80/1 क

0.016

79/ 1 ख

0.005

0.010

80/1ख

80/ 1 ग

0.003

81

0.293

64/2

0.010

65

0.094

0.021

68

66/1

0.073

निजी खाता भूमि योग 4.810

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- बरगी व्यपवर्तन योजना अंतर्गत रीवा शाखा नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

क्र. एफ. 1589 - भू-अर्जन 12. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 , संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला-सतना

(ख) तहसील- मैहर

(ग) नगर/ग्राम-मूड़ी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.362 हेक्टर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1) 34

0.270

(2)

(1)

0.157

37

35

0.105

52

0.094

0.324

36/1

0.199

36/2

38

0.094

0.985

51

53/1

0.094

0.005

44

0.025

123/50

0.010

42

निजी खाता भूमि योग 2.362

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- बरगी व्यपवर्तन योजना अंतर्गत रीवा शाखा नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खरगोन , दिनांक 3 दिसम्बर 2012

क्र. 1194 - भू-अर्जन- 2012 - रा.प्र.क्र. 19- अ-82-2012- 13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील- भीकनगांव

(ग) ग्राम- सगुर

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-5.040 हेक्टर.

खसरा नंबर

रकबा (हे. में)

(2)

(1) 267/2

0.500 4212

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 दिसम्बर 2012

(2)

(1)

269/4

0.350

311

0.010

0.100

312/1

313/1/1

0.200

313/1/2

0.200

319

0.350

328/1/2

0.150

328/1/3

0.100

330/1

0.300

330/2

0.100

330/3

0.100

330/4

0.100

335/2

0.600

337/2

0.400

344/2/1

0.050

344/1/7

0.030

344/1/8

0.200

344/1/9

0.400

344/5/1

0.400

350/5

0.200

352/2

0.200

योग.. 5.040

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य ग्रेविटी मेन -1 हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , जिला खरगोन , भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरें ) , खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -18, खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 1193 - भू-अर्जन- 2012- रा.प्र.क्र . 20- अ- 82-2012- 13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- भीकनगांव

(ग) ग्राम- खुड़गांव

(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.129 हेक्टर .

खसरा नंबर

रकबा

(हे. में)

(2)

(1)

0.028

1

0.243

2/1

3/1

0.174

0.021

3/2

3/3

0.030

4/1

0.194

0.016

16/1

17

0.465

18/1

0.210

0.105

18/3

0.021

18/4

0.267

19/1

0.061

19/3

0.121

166/4/2

0.089

168/1

0.040

168/5

0.080

168/11

0.145

181/1

181/2

0.138

0.072

180, 182/1

182/2

0.130

0.291

187

188/1

0.142

0.223

194/1 , 195/6

0.121

194/2, 195/2

0.121

194/5 , 195/5

0.041

210

212

0.348

225

0.190

0.223

226

0.061

231/1

0.061

231/2

232/1/4

0.220

0.010

232/6/4

232/7

0.041

0.041

233/5

0.125

233/6

0.010

234/2

0.210

234/3

योग.. 5.129 भाग 1 ]

4213

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 दिसम्बर 2012

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य ग्रेविटी मेन -1 , 2 हेतु .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , जिला खरगोन , भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरें ) , खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-18 , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 1192 - भू- अर्जन - 2012- रा.प्र.क्र. 21-अ- 82-2012- 13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- भीकनगांव

(ग) ग्राम- छिर्वा

( घ ) लगभग क्षेत्रफल - 116.668 हेक्टर.

खसरा नंबर

रकबा (हे. में)

(1)

(2)

318

0.740

319

0.785

320

0.773

321/1

0.922

321/2

0.749

321/3

0.373

322

2.732

323

1.384

324

1.158

326/1

1.538

327/1

0.870

327/3

1.324

328/1

1.011

328/2

1.032

328/3

0.590

(2)

(1)

0.080

328/5

1.198

329

1.963

330

331/1

0.840

0.405

331/2

350/3

0.972

350/1/2

1.940

350/2

1.821

350/4

0.891

351/1

4.071

0.506

352/1

352/2

0.304

0.206

352/3

0.020

352/4

352/6

1.036

352/7

0.955

1.153

352/8

1.263

352/9

353/1

2.454

353/2

0.710

353/5

0.993

372/1/1

0.370

372/1/3

0.050

1.417

373/2

374/1

0.122

375

0.478

376

0.655

377

0.471

6.070

378/1

378/2

0.138

380/1/2/1

1.214

0.010

380/1/2/2

0.579

380/2, 417/2

0.384

380/4, 417/7

380/5

0.060

0.425

380/7

0.793

382/1

383/1

0.222 4214

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 दिसम्बर 2012

(1)

(2) 384

0.906 385

3.569

1.619 387/1

387/2

1.630

0.650 388/1 , 397/2

1.900 388/2, 397/1

0.750 388/3 , 397/3

398/1

0.510

0.202 398/2

3.424 399/1/1 , 400/2/1

399/1/2

3.828

1.756 399/2/1

1.595 399/2/2 , 400/1/1

399/2/3

0.810 400/1/2

0.429 400/2/2

0.429 401

0.202 402/1

2.429 402/2

3.383 404/1

0.815 404/2

0.750 404/3

0.560 404/4

0.560 404/5

0.630 404/6

0.550 404/7

1.180 404/8

1.668

3.430 407/1

407/2

1.250

0.409 408

1.424 409/1

409/2

0.543

0.388 409/3

0.215 409/4

0.405 409/5

0.211 409/6

0.211 409/7

0.211 409/8

(2)

(1)

0.890

411

0.380

413

0.073

414

415

0.413

0.223

416/1

416/2

0.049

416/3

0.049

416/4

0.186

0.271

416/5

1.300

423/1

0.004

423/2

0.010

423/3/1

0.050

423/3/2

0.160

423/8

0.409

423/9

423/10

0.499

0.110

425

2.306

446, 448, 449

450

1.562

451

0.460

0.134

452

454/1

0.965

6.026

458

0.477

459

1.011

460

योग. 116.668

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य बी.आर. ( 1 ) आर.एम. ( 1 ) हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , जिला खरगोन , भू-अर्जन अधिकारी , इंदिरा सागर परियोजना ( नहरें ) , खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-18 , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नवनीत मोहन कोठारी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 14 December 2012. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2012-12-14.50.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2012-12-14.50.Ordinary.