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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 01 November 2013

Type
Ordinary
Gazette no.
44
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2013-11-01.44.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदे श शासन

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 44]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 1 नवम्बर 2013- कार्तिक 10 , शक 1935

विषय-सूची

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश,

(2) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन,

(3) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

(ख ) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम,

(3 ) संसद्के अधिनियम,

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 27 सितम्बर 2013

क्र. ई- 1-286-2013-5- एक नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाये भाप्रसे के अधिकारियों को प्रमुख सचिव [ वेतनमान (रुपये 67,000 ( 3 प्रतिशत वेतनवृद्धि) - 79,000/- ] में पदोन्नत करते हुए, इस आदेश के जारी होने की दिनांक से उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाये गये पद पर, अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है :-

तालिका

नवीन

क्र.

पदस्थापना

अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना

खाना ( 3 ) में अंकित पद असंवर्गीय होने की दशा में संवर्गीय पद जिसके समकक्ष घोषित किया गया है

(4)

(3)

(2)

(1)

1

प्रमुख सचिव,

डॉ. राजेश कुमार राजौरा ( 1990 )

सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा पदेन अपर विकास आयुक्त.

मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग.

3881

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2013 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

3882

[भाग 1

(3)

(4) (2)

(1)

2 श्री एस. एन. मिश्रा ( 1990 )

सचिव,

मध्यप्रदेश शासन , नगरीय प्रशासन एवं विकास , आवास एवं पर्यावरण विभाग, पर्यावरण आयुक्त तथा महानिदेशक , एप्को , स्कूल ऑफ गुड गवर्नेन्स एवं प्रशासक, राजधानी परियोजना ( अतिरिक्त प्रभार) .

प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, आवास एवं पर्यावरण विभाग, पर्यावरण आयुक्त तथा महानिदेशक, एप्को, स्कूल ऑफ गुड गवर्नेन्स एवं प्रशासक, राजधानी परियोजना (अतिरिक्त प्रभार) .

3 श्री अजीत केसरी (1990 )

प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सहकारिता विभाग .

पुनर्वास आयुक्त एवं पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, नियंत्रक , शासन मुद्रण एवं लेखन सामग्री तथा प्रमुख राजस्व आयुक्त ( अतिरिक्त प्रभार ) .

4 श्री पंकज राग ( 1990 )

प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन.

आयुक्त-सह-संचालक, पुरातत्व एवं संग्रहालय तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग एवं न्यासी सचिव, भारत भवन.

वि.क.अ. - सह- आयुक्त-सह-संचालक, पुरातत्व एवं संग्रहालय तथा पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग एवं न्यासी सचिव, भारत भवन.

प्रमुख सचिव,

5 श्री अशोक कुमार शाह ( 1990 )

मध्यप्रदेश शासन, अनुसूचित जाति कल्याण तथा प्रबंध संचालक, अनुसूचित जाति, वित्त एवं विकास निगम (अतिरिक्त प्रभार) .

सचिव, मध्यप्रदेश शासन, अनुसूचित जाति कल्याण तथा प्रबंध संचालक, अनुसूचित जाति, वित्त एवं विकास निगम (अतिरिक्त प्रभार ).

6

प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन .

मुख्य कार्यपालन अधिकारी , मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण.

श्रीमती अलका उपाध्याय ( 1990 ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण.

7 श्री अश्विनी कुमार राय ( 1990 )

प्रमुख सचिव " कार्मिक", मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग.

सचिव " कार्मिक", मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग .

प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन.

वि.क.अ.- सह- आबकारी आयुक्त, ग्वालियर.

8 श्री शरद कुमार वेद ( 1990 ) आबकारी आयुक्त, ग्वालियर .

9 डॉ. व्ही . एस. निरंजन ( 1990)

वि.क.अ. - सह- आयुक्त, उच्च शिक्षा.

प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन आयुक्त, उच्च शिक्षा तथा पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग.

(2) प्रमुख सचिव वेतनमान में पदोन्नति के लिए रिक्ति के निर्धारण का प्रस्ताव भारत सरकार , कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को दिनांक 27 अगस्त, 2013 को भेजा गया है और भारत सरकार द्वारा की गई पृच्छा का उत्तर भी दिनांक 23 सितम्बर 2013 को भेजा गया है. यह पदोन्नति आदेश भाप्रसे ( वेतन ) नियम, 2007 के नियम 3 ( 2 ) ( ii ) एवं ( iii ) के प्रावधान अनुसार पदों की गणना के लिए भारत सरकार की Deemed concurrence मानते हुए जारी किया जा रहा है.

3883

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

भाग 1 ]

क्र. ई. - 1-297-2013-5-एक.-निर्देशानुसार नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाए भा. प्र. से. अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाए पद पर आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है:-

नवीन पदस्थापना क्र. अधिकारी का नाम एवं वर्तमान पदस्थापना

(3) (2)

(1)

1

प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग.

श्रीमती कंचन जैन ( 1984) , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग.

प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग .

2 श्री आर. के. स्वाई ( 1984 ) प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण एवं कृषि विकास, जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग.

3 श्रीमती शिखा दुबे ( 1987) प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग परिषद्.

प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग परिषद् का अतिरिक्त प्रभार.

4 श्री अशोक कुमार बर्णवाल ( 1991 ) , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ.

सचिव , मध्यप्रदेश शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग.

( 2 ) श्री के. सुरेश, भाप्रसे ( 1982 ) , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग , सहकारिता विभाग तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को सहकारिता विभाग के प्रभार से मुक्त करते हुए उन्हें वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ आगामी आदेश तक परिवहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है.

(3 ) उपरोक्तानुसार श्री आर. के. स्वाई , भाप्रसे ( 1984 ) द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री एम. एम. उपाध्याय , भाप्रसे ( 1981 ) , कृषि उत्पादन आयुक्त एवं पदेन अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण तथा कृषिविकास, सहकारिता एवं पशुपालन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास , उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा गृह विभाग, केवल गृह विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे .

(4) उपरोक्तानुसार श्रीमती कंचन जैन, भाप्रसे ( 1984 ) द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती सलीना सिंह , भाप्रसे (1986) , प्रमुख सचिव, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास , संसदीय कार्य, जन शिकायत निवारण तथा उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग , केवल उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के प्रभार से मुक्तहोंगी.

( 5 ) डॉ. रवीन्द्र कुमार पस्तौर, भाप्रसे ( 1992 ) , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ आगामी आदेश तक पदेन सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा अपर विकास आयुक्त घोषित किया जाता है .

(6 ) श्री शिवशेखर शुक्ला, भाप्रसे ( 1994 ) प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य भण्डार गृह निगम को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ आगामी आदेश तक, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.

भोपाल, दिनांक 28 सितम्बर 2013

क्र ई- 5-702 - आयएएस लीव -5 - एक. ( 1 ) श्री प्रदीप खरे , आयएएस . , कमिश्नर, रीवा संभाग को दिनांक 2 से 6 सितम्बर 2013 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाशकाल में श्री प्रदीप खरे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रदीप खरे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र ई - 5-802 - आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री आर. ए. खण्डेलवाल , आयएएस. , आयुक्त- सह- संचालक, भोपाल गैस त्रासदी, राहत एवं पुनर्वास, भोपाल को दिनांक 18 नवम्बर से 7 दिसम्बर 2013 तक बीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 16 , 17 नवम्बर एवं 8 दिसम्बर 2013 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

( 2) श्री आर. ए. खण्डेलवाल की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री डी.डी. अग्रवाल, भाप्रसे , परियोजना संचालक, प्रोजेक्ट उदय तथा अपर आयुक्त, नगरीय प्रशासन विकास, भोपाल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक सौंपा जाता है .

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री आर. ए. खण्डेलवाल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक , स्थानापन्न आयुक्त- सह- संचालक, भोपाल गैस त्रासदी, राहत एवं पुनर्वास , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

3884

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

(4) श्री आर. ए. खण्डेलवाल द्वारा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास, भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री डी.डी. अग्रवाल उक्त प्रभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में श्री आर. ए. खण्डेलवाल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आर. ए. खण्डेलवाल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र ई - 5-803 - आयएएस - लीव -5 - एक. ( 1 ) श्री के. के. खरे , आयएएस. , कमिश्नर, ग्वालियर संभाग को दिनांक 30 सितम्बर से 11 अक्टूबर 2013 तक बारह दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 29 सितम्बर एवं 12 , 13 अक्टूबर 2013 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2) श्री के. के. खरे की अवकाश अवधि में श्री अखिलेश कुमार श्रीवास्तव, भाप्रसे अपर आयुक्त, ग्वालियर/ चंबल संभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक कमिश्नर, ग्वालियर संभाग का प्रभार सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री के. के. खरे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कमिश्नर, ग्वालियर संभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री के. के. खरे द्वारा कमिश्नर, ग्वालियर संभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अखिलेश कुमार श्रीवास्तव कमिश्नर, ग्वालियर संभाग के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री के. के. खरे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. के. खरे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-844- आयएएस- लीव- 5-एक. ( 1 ) श्री अशोक कुमार सिंह, आयएएस. , कलेक्टर, जिला कटनी को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 19 अगस्त 2013 द्वारा दिनांक 22 से 27 अगस्त 2013 तक छः दिन का अर्जित अवकाश दिनांक 21 एवं 27 अगस्त 2013 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति के साथ स्वीकृत किया गया था , में आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 22 से 25 अगस्त 2013 तक चार दिन का अर्जित अवकाश दिनांक 21 अगस्त 2013 के सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति के साथ स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 19 अगस्त 2013 की शेष कंडिकाएं यथावत् रहेंगी .

[भाग 1 क्र. ई-5-878 - आयएएस- लीव - 5- एक. ( 1 ) श्री श्रीकांत बनोठ, आयएएस . , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, धार को दिनांक 16 से 30 सितम्बर 2013 तक पन्द्रह दिन का पितृत्व अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री श्रीकांत बनोठ को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, धार के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में श्री श्रीकांत बनोठ को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री श्रीकांत बनोठ अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र ई - 5-887 - आयएएस लीव-5- एक.-( 1 ) श्री अभिजीत अग्रवाल, आयएएस. , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) मैहर जिला- सतना को दिनांक 5 से 12 जुलाई 2013 तक आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 13 एवं 14 जुलाई 2013 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री अभिजीत अग्रवाल को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मैहर जिला सतना के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री अभिजीत अग्रवाल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अभिजीत अग्रवाल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र ई- 5-927 - आयएएस- लीव -5- एक.-( 1 ) श्री प्रवीण सिंह अढायच, आयएएस. , सहायक कलेक्टर, जिला सतना को दिनांक 25 सितम्बर से 1 अक्टूबर 2013 तक सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री प्रवीण सिंह अढायच को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सहायक कलेक्टर , जिला सतना के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री प्रवीण सिंह अढायच को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रवीण सिंह अढायच अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 नवम्बर 2013

भाग 1 ]

भोपाल , दिनांक 30 सितम्बर 2013

क्र. ई- 13-63-2013-5- एक.- भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति से लौटने पर श्री आई.सी.पी. केशरी , भाप्रसे ( 1988 ) को अस्थायी रूप से आगामी 6 माह के लिये स्थानापन्न विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, सामान्य प्रशासन विभाग पदस्थ किया जाता है और उन्हें आवासीय आयुक्त, मध्यप्रदेश , नई दिल्ली में संलग्न किया जाता है .

(2) उपरोक्तानुसार श्री आई.सी.पी. केशरी द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन भाप्रसे ( वेतन ) नियमावली, 2007 के नियम 9 के अन्तर्गत विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी , सामान्य प्रशासन विभाग के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में ऊपर दर्शित नियमों की अनुसूची II में सम्मिलित प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है .

भोपाल , दिनांक 30 सितम्बर 2013

क्र. ई- 1-197-2012-5- एक नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाये भाप्रसे के अधिकारियों को मुख्य सचिव वेतनमान में पदोन्नत करते हुए, उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाये गये पद पर अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है:-

क्र.

अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना

मुख्य सचिव वेतनमान में

पदोन्नति पर पदस्थापना

(2)

(1)

1 डॉ. देवराज बिरदी ( 1982) ,

अध्यक्ष, वि.क.अ.-सह- अध्यक्ष,

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश तथा अध्यक्ष, व्यावसायिक परीक्षा मंडल, मध्यप्रदेश का अतिरिक्त प्रभार.

2

अपर मुख्य सचिव,

श्रीमती सुरंजना रे ( 1982 )

प्रमुख सचिव,

मध्यप्रदेश शासन, पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक कल्याण विभाग.

(2 ) उक्त पदस्थापना आदेश दिनांक 1 अक्टूबर 2013 से प्रभावशील होगा.

क्र. ई- 1-281-2013-5- एक. श्री आई.एस. दाणी , भाप्रसे ( 1980 ) विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी , आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न, महानिदेशक, आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी , भोपाल पदस्थ किया जाता है तथा उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ आगामी आदेश तक महानिदेशक, अटल बिहारी वाजपेई, लोक प्रशासन संस्थान का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है. साथ ही उन्हें पदेन अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग ( विधिक एवं सतर्कता प्रकोष्ठ ) घोषित किया जाता है .

( 2 ) उक्त पदस्थापना आदेश दिनांक 1 अक्टूबर 2013 से प्रभावशील होगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

आर. परशुराम, मुख्य सचिव.

खाना ( 3 ) में अंकित पद असंवर्गीय होने की दशा में संवर्गीय पद जिसके समकक्ष घोषित किया गया है (4)

(3)

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश तथा अध्यक्ष, व्यावसायिक परीक्षा मंडल, मध्यप्रदेश का अतिरिक्त प्रभार.

अध्यक्ष राजस्व मंडल

मध्यप्रदेश शासन , पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक कल्याण विभाग.

भोपाल , दिनांक 1 अक्टूबर 2013

क्र. ई- 1-39-2013-5- एक.- भारत सरकार लोक, शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग , नई दिल्ली के पत्र क्रमांक 34-11-2013 - ईओ ( एमएम- II ) , दिनांक 3 मई 2013 से प्राप्त अनापत्ति एवं भारत सरकार, वित्त मंत्रालय , राजस्व विभाग , नई दिल्ली के आदेश एफ क्रमांक ए- 35011-2-2013 - एडी ईडी, दिनांक 25 सितम्बर, 2013 के संदर्भ में राज्य शासन श्री जॉन किंग्सली, ए.आर. भाप्रसे ( 2004 ) मिशन संचालक समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन- सह- संचालक, पंचायती राज तथा संचालक , मध्यप्रदेश व्यवसायिक परीक्षा मण्डल ( अति. प्रभार ) की सेवायें भारत सरकार, वित्त मंत्रालय , राजस्व विभाग, नई दिल्ली को Joint Director of Enforcement at Cochin के पद पर 04 वर्ष हेतु नियुक्ति के लिए सौंपी जाती हैं 3886

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

भोपाल , दिनांक 3 अक्टूबर 2013

क्र. ई. - 5-524- आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री संजय सिंह , आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग को दिनांक 22 अक्टूबर से 2 नवम्बर 2013 तक बारह दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 3 एवं 4 नवम्बर 2013 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .

(2) श्री संजय सिंह की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री जे.एन. कांसोटिया, भाप्रसे , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री संजय सिंह को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , स्कूल शिक्षा विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) श्री संजय सिंह द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री जे. एन. कांसोटिया उक्त प्रभार से मुक्त होंगे .

(5) अवकाशकाल में श्री संजय सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री संजय सिंह अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 4 अक्टूबर 2013

क्र. ई. - 5-649- आयएएस- लीव - 5- एक.- ( 1 ) श्रीमती रश्मि अरूण शमी , आयएएस. , आयुक्त, राज्य शिक्षा केन्द्र तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , स्कूल शिक्षा विभाग को दिनांक 5 अक्टूबर से 20 नवम्बर 2013 तक सैंतालीस दिन का शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave ) स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती रश्मि अरूण शमी को आयुक्त, राज्य शिक्षा केन्द्र तथा पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्रीमती रश्मि अरूण शमी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती रश्मि अरूण शमी, अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

क्र. ई- 1-308-2013-5- एक. नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाये भाप्रसे. अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाये पद पर आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है :-

नवीन पदस्थापना क्र. अधिकारी का नाम एवं वर्तमान पदस्थापना

(3) (1)

(2)

1 श्री रघुराज एम.आर. ( 2004 ) कलेक्टर, डिण्डोरी .

संचालक, कौशल विकास , जबलपुर 2 श्रीमती छबि भारद्वाज (2008 ) आयुक्त, नगरपालिक निगम, सिंगरौली.

कलेक्टर, डिण्डोरी (सेवाएं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से वापस लेते हुए ) .

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती जी. व्ही. रश्मि, भाप्रसे (2005 ) की पदस्थापना के आदेश पृथक् से जारी किए जाएंगे.

भोपाल, दिनांक 14 अक्टूबर 2013

क्र. ई- 1-317-2012-5- एक.- श्री रघुराज एम.आर. , भाप्रसे. (2004) , संचालक , कौशल विकास , जबलपुर को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न कलेक्टर, दतिया पदस्थ किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , अॅन्टोनी जे. सी. डिसा, मुख्य सचिव.

भोपाल, दिनांक 17 सितम्बर 2013

क्र. ई- 1-280-2013-5-एक. श्री अॅन्टोनी जे.सी. डिसा, भाप्रसे (1980 ) , अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन , खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा परिवहन विभाग को श्री आर. परशुराम, भाप्रसे ( 1978 ) , मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन की सेवानिवृत्ति के उपरांत अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन नियुक्त किया जाता है. श्री अॅन्टोनी जे.सी. डिसा द्वारा मुख्य सचिव का कार्यभार श्री आर. परशुराम, मुख्य सचिव की सेवानिवृत्ति के उपरांत ग्रहण किया जाएगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अश्विनी कुमार राय, सचिव " कार्मिक " .

श्रम विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 23 सितम्बर 2013

क्र. एफ 1 ( ए) -12- ए-16 .- आवेदक श्री बी. के. अग्रवाल, डायरेक्टर, मनकसिया लिमिटेड, क्लोजर डिवीजन , मण्डीदीप द्वारा भाग 1 ]

औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 ( मध्यप्रदेश संशोधन ) की धारा 25- ओ के अन्तर्गत आवेदन दिनांक 21 मई 2013 प्रस्तुत कर मनकसिया लिमिटेड, क्लोजर डिवीजन , मण्डीदीप को दिनांक 19 अगस्त, 2013 से बन्द करने अनुमति चाही गई .

बन्दीकरण हेतु प्रस्तुत आवेदन पर पक्षों की सुनवाई दिनांक 13 जून 2013 नियत की गई. उक्त दिनांक को उभय पक्ष के प्रतिनिधि उपस्थित हुए. श्रमिक संघ द्वारा आवेदन प्रस्तुत कर विरोध किया गया कि प्रबंधन द्वारा प्लांट एवं मशीनरी को अन्यत्र भेज रहा है प्रबंधन को ऐसी कोई कार्यवाही करने से रोका जावे. प्रबंधन पक्ष द्वारा स्पष्ट किया गया कि प्लांट एवं मशीनरी को अन्यत्र नहीं भेजा जा रहा है . अग्रिम तिथि दिनांक 28 जून 2013 नियत की गई तथा पक्षों को निर्देशित किया गया कि अग्रिम तिथि पर बन्दीकरण से संबंधित विषय रखे.

दिनांक 12 जुलाई 2013 को सुनवाई में आवेदक की ओर से अभिभाषक, श्री अजय गुप्ता उपस्थित. अनावेदक श्रमिक पक्ष की ओर से अभिभाषक श्री आलोक श्रीवास्तव एवं श्रमिकगण उपस्थित, अनावेदक श्रमिक संघ द्वारा पूर्व में प्रस्तुत आवेदन पर आवेदक के अभिभाषक श्री अजय गुप्ता द्वारा जवाब प्रस्तुत किया गया जिसकी प्रति अनावेदक श्रमिक संघ को दी गई तथा अनावेदक द्वारा दिये गये जवाब की प्रति आवेदक प्रबंधन को दी गई . आवेदक प्रबंधन द्वारा जवाब हेतु समय मांगा गया.

चूंकि, औद्योगिक विवाद अधिनियम , 1947 की धारा 25 - ओ के अन्तर्गत बन्दीकरण की अनुमति हेतु प्रस्तुत आवेदन पर अधिनियम के प्रावधान के अनुसार आवेदन प्रस्तुत करने के दिनांक से 60 दिन की अवधि में आवेदन का निराकरण किये जाने के प्रावधान होने से आवेदक को दिनांक 15 जुलाई 2013 को जवाब प्रस्तुत करने हेतु कहा गया, लेकिन आवेदक ने जवाब प्रस्तुत करने हेतु और अतिरिक्त समय की मांग की गई तथा आवेदक ने कहा कि उनके द्वारा जो समय लिया जा रहा है वह अधिनियम में निर्धारित समय- सीमा के लिये गणना नहीं की जाए. तदुपरांत पक्षों की अग्रिम सुनवाई नियत की गई.

सुनवाई दिनांक 22 जुलाई 2013 को आवेदक पक्ष द्वारा रिजाईन्डर प्रस्तुत किया गया जिसकी प्रति अनावेदक श्रमिक संघ को दी गई . अनावेदक द्वारा जवाब एवं बहस हेतु समय चाहा गया. अनावेदक के चाहे अनुसार जवाब एवं बहस हेतु पक्षों की सहमति से पक्षों की सुनवाई दिनांक 31 जुलाई 2013 नियत की गई. दिनांक 31 जुलाई 2013 की सुनवाई के समय अनावेदक श्रमिक संघ के अभिभाषक श्री आलोक श्रीवास्तव द्वारा आवेदन प्रस्तुत कर आवेदक से मनकसिया लिमिटेड की विगत तीन वर्षों की बैलेंसशीट एवं आवेदन में उल्लेखित जानकारी चाही गई. आवेदक ने जानकारी प्रस्तुत करने हेतु समय की

3887

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

मांग की. अतः आवेदक द्वारा जानकारी प्रस्तुत करने तथा तर्क एवं बहस हेतु अग्रिम सुनवाई दिनांक 16 अगस्त 2013 नियत की गई. दिनांक 16 अगस्त 2013 को उभय पक्ष उपस्थित. आवेदक पक्ष द्वारा अभिलेख जो पूर्व दिनांक में अनावेदक द्वारा चाहे गये थे प्रस्तुत किये गये जिसकी एक प्रति अनावेदक पक्ष को दी गई. अनावेदक द्वारा जवाब प्रस्तुत करने एवं लिखित बहस हेतु समय चाहा गया. पक्षों की सहमति से अंतिम सुनवाई एवं बहस हेतु दिनांक 31 अगस्त 2013 नियत की गई तथा उक्त दिनांक को भी पक्षों को सुना गया, अनावेदक श्रमिक संघ के अभिभाषक द्वारा लिखित बहस भी प्रस्तुत की गई.

आवेदक मनकसिया लिमिटेड, क्लोजर डिवीजन , मण्डीदीप द्वारा बन्दीकरण की अनुमति हेतु प्रस्तुत आवेदन दिनांक 21 मई 2013 में बन्दीकरण की अनुमति के लिए निम्न कारण दर्शाये हैं :-

1. विक्रय लागत से उत्पादन लागत ज्यादा होने के कारण कंपनी को लगातार हानि होना,

2. कम उत्पादकता का होना,

3. अगस्त 2008 के बाद गंभीर श्रमिक अशांति का होना, 4. गंभीर अनुशासनहीनता जिसके कारण मार- पीट की घटना होना.

प्रबंधन ने बन्दीकरण को टालने के लिये निम्न कार्यवाही किया जाना बताया है :-

1. श्रम संघों के साथ उत्पादन बढ़ाने तथा उत्पादन लागत को कम करने के संबंध में चर्चा की गई,

2. प्रबंधन ने श्रमिक संघ को उनके द्वारा की गई मांग पर श्रमिक गतिरोध नहीं हो, इस हेतु ज्यादा वेतन की बढ़ोत्तरी भी की गई,

3. उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए मशीनों में भी बदलाव किया तथा नवीन मशीनें लगाई गई.

अनावेदक श्रमिक पक्ष के अधिवक्ता द्वारा एक आवेदन एवं लिखित तर्क प्रस्तुत किया गया. अधिवक्ता द्वारा आवेदन के संबंध में बहस की गई कि आवेदक मनकसिया लिमिटेड मंडीदीप द्वारा बंदीकरण की अनुमति हेतु राज्य शासन को एक आवेदन दिनांक 21 मई 2013 को प्रस्तुत किया गया था , जिस पर पक्षों की सुनवाई की जा रही है , लेकिन आवेदक प्रबंधन द्वारा उक्त कारखाने को दिनांक 19 अगस्त 2013 को बंद कर दिया है . प्रबंधन का यह कृत्य औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 25 ( 0 ) का उल्लंघन है जो कि अधिनियम के अंतर्गत दण्डनीय है.

औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 33 में यह प्रावधानित है कि यदि अधिनियम के अंतर्गत कोई प्रकरण प्राधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु विचाराधीन है तो वहां नियोजित श्रमिकों की सेवा शर्तों 3888

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता है . प्रबंधन ने दिनांक 19 अगस्त 2013 से प्राधिकारी के समक्ष सुनवाई के दौरान ही कारखाना बंद कर दिया है. प्रबंधन का यह कृत्य अवैध परिवर्तन है. जिस कारण प्रबंधन के विरुद्ध कार्यवाही की जाना चाहिए. और उक्त प्रकरण को औद्योगिक अधिकरण में निराकरण हेतु संदर्भित किया जाये.

इस संबंध में आवेदक पक्ष के अधिवक्ता द्वारा यह व्यक्त किया गया कि बंदीकरण की अनुमति हेतु प्रबंधन द्वारा आवेदन दिनांक 21 मई 2013 प्रस्तुत किया गया है जिसकी सुनवाई विचाराधीन है उक्त आवेदन में प्रबंधन की बंदीकरण की तिथि 19 अगस्त 2013 प्रस्तावित की है. प्रबंधन के यहां कोई भी कार्य नहीं हो रहा है ऐसी स्थिति में प्रबंधन ने सूचना द्वारा दिनांक 19 अगस्त 2013 से बंदीकरण प्रभावशील किया है लेकिन यह बंदीकरण मध्यप्रदेश शासन के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा. अतः बंदीकरण के आवेदन पर मेरिट पर बहस सुनी जाये.

अनावेदक श्रमिक पक्ष के अधिवक्ता द्वारा लिखित तर्क के साथ ही यह बताया गया कि बंदीकरण की अनुमति हेतु मनकसिया लिमिटेड द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया गया है जबकि बंदीकरण मनकसिया लिमिटेड क्लोजर डिवीजन के बंदीकरण की अनुमति चाही गई है. यह उचित नहीं है, क्योंकि आवेदन प्रबंधन व्यवसाय को बंद नहीं कर रहे हैं . वे मात्र मंडीदीप स्थित फैक्ट्री बंद कर रहे हैं . आवेदक द्वारा बंदीकरण के आवेदन में जो बैलेंसशीट प्रस्तुत की है उसमें वर्ष 2012-13 में जो विक्रय दिखाया गया है तथा सेन्ट्रल एक्साईज विभाग में प्रस्तुत विक्रय की जानकारी में अंतर है . बैलेंसशीट में निर्यात की सेल नहीं दिखाई गई है . मनकसिया लिमिटेड, क्लोजर डिवीजन ने किये गए उत्पादन का 40 प्रतिशत उत्पादन प्रबंधन की अन्य कारखानों में भेजा है. आवेदक संस्थान के चार्टर्ड एकाउन्टेंट एस.आर.बी. एण्ड एसोशिएट ने अपनी 31 मार्च 2013 को समाप्त होने वाले वर्ष के लिये प्रस्तुत आडिट रिपोर्ट के पैरा 10 में हानि से इंकार किया है. आवेदक प्रबंधन ने घाटे के जो कारण दर्शाए हैं असत्य एवं निराधार तथ्य एवं दस्तावेजों के आधार पर है तथा अधिक खर्चे दर्शाए गये हैं जैसे कि ईम्पलाई वेल्फेयर में 33 लाख खर्चा दर्शाया गया है .

प्रबंधन ने ग्लास के ढक्कन बनाने की मंडीदीप की इकाई मनकसिया लिमिटेड, क्लोजर डिवीजन को बंद कर रहे हैं जबकि इसी प्रबंधन की ढक्कन बनाने की पश्चिम बंगाल में इकाई है जिसे बंद नहीं कर रहे हैं. इस संबंध में अनावेदक श्रमिक पक्ष के अधिवक्ता द्वारा मान . उच्च न्यायालय डबल बैंच के निर्णय महाराष्ट्र जनरल कामगार यूनियन मेसर्स बजीर ग्लास वर्क्स लिमिटेड निर्णय 1996 , एलएलआर 1013 में दिये गये इसके अतिरिक्त मान. सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय एआईआर 1979 , एससी 25 , एआईआर 2002 , एससी 2008 तथा अन्य निर्णय का उल्लेख कर यह व्यक्त किया कि उक्त निर्णयों में मान. न्यायालय द्वारा यह सिद्धांत प्रतिपादित किया है कि

[ भाग 1 नियोक्ता द्वारा उसी उत्पाद की अन्य यूनिट चलाने तथा एक यूनिट बंद करने की अनुमति के जो कारण दर्शाए हैं उसके आधार पर अनुमति नहीं दी जा सकती.

आवेदक ने उक्त इकाई को बंद करने हेतु बोर्ड रिज्युलुशन प्रस्तुत किया है जबकि उक्त कंपनी शेयर होल्डर्स है उनकी मीटिंग नहीं दिखाई गई है . अनावेदक पक्ष द्वारा तर्क दिया गया है कि आवेदक/ प्रबंधन द्वारा बंदीकरण की अनुमति हेतु प्रस्तुत उक्त आवेदन के संबंध में जो दस्तावेज एवं तथ्य प्रस्तुत किये गए हैं उन पर साक्ष्य की आवश्यकता है जो न्यायिक परीक्षण द्वारा ही किया जा सकता है. अतः बंदीकरण संबंधी उक्त प्रकरण में प्रबंधन के आवेदन को निरस्त करते हुए न्याय निर्णय हेतु औद्योगिक अधिकरण को संदर्भ किया जाये.

आवेदक/प्रबंधन द्वारा बंदीकरण की अनुमति हेतु प्रस्तुत आवेदन के संबंध में यह व्यक्त किया कि मनकसिया लिमिटेड द्वारा औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 25( 0 ) जिसमें यह स्पष्ट प्रावधानित है कि अंडर टेकिंग/ औद्योगिक स्थापना के बंदीकरण की अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जाना है . इसलिए मनकसिया लिमिटेड की मंडीदीप स्थित क्लोजर डिवीजन के बंदीकरण की अनुमति हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया है. मनकसिया लिमिटेड कंपनी का बंदीकरण नहीं किया जा सकता है क्योंकि यदि कंपनी घाटे में होगी तो उक्त कंपनी का बीआईएफआर के अंतर्गत बाईंडअप की कार्यवाही की जाती है. प्रबंधन द्वारा कंपनी को बाईंडअप नहीं किया जा रहा है . इसलिए मनकसिया लिमिटेड क्लोजर डिवीजन के बंदीकरण की अनुमति हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया है.

प्रबंधन/आवेदक के अधिवक्ता ने कहा कि उनके द्वारा बंदीकरण आवेदन में चार्टर्ड एकाउन्टेंट एस.आर.बी. एण्ड एसोसिएट द्वारा प्रमाणित बैलेंस शीट एवं विक्रय इत्यादि की जानकारी प्रस्तुत की गई है जो तथ्यों के आधार पर तथा चार्टर्ड एकाउन्टेंट द्वारा प्रमाणित है .

आवेदक के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उनकी निर्माणी मनकसिया लिमिटेड क्लोजर, डिवीजन मंडीदीप में बड़े पैमाने पर ढक्कन का उत्पादन किया जाता है . ढक्कन के उत्पादन में वर्तमान समय में काफी बदलाव आया है और छोटे निवेशकों द्वारा भी छोटी फेक्ट्रीयों में ढक्कन का उत्पादन कर स्थानीय स्तर पर कम कीमत पर माल की पूर्ति कर रहे हैं. क्योंकि उनके उत्पाद में कम लागत आ रही है. मनकसिया लिमिटेड क्लोजर, डिवीजन मंडीदीप में ढक्कन के उत्पादन लागत ज्यादा होने से उक्त फेक्ट्री को लगातार नुकसान हो रहा है . मनकसिया लिमिटेड की अन्य इकाई की बैल्लोर कारखाने में ढक्कन के साथ- साथ अन्य उत्पाद चैरी पॉलिश के डिब्बे एवं अन्य उत्पाद भी किया जाता है जिस कारण वहां उक्त निर्माणी में कम घाटे की स्थिति है . इसलिए प्रबंधन ने प्रथमतः मनकसिया लिमिटेड, मंडीदीप जो अत्यधिक घाटे में चल रही है उसे बंद करने का निर्णय लिया है .

भाग 1 ]

3889

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

आवेदक ने यह भी तर्क दिया है कि ढक्कन प्रदेश में नहीं बिक रहा है और बाहर बेचे जाने में परिवहन लागत ज्यादा होने से बना माल बाजार की प्रतिस्पर्धा में नहीं टिक पा रहा है . जिस कारण मनकसिया लिमिटेड क्लोजर डिवीजन मंडीदीप में बने ढक्कन की लागत ज्यादा होने से और बने माल का विक्रय कम कीमत में होने से जितना ज्यादा उत्पादन किया जाता है उतना ही घाटा अधिक हो रहा है इसलिए किसी भी स्थिति में उक्त कारखाने को संचालित करने में प्रबंधन समर्थ नहीं हो पा रहा है .

अतः प्रबंधन को उक्त कारखाने को बंद करने की अनुमति दी जाये. प्रबंधन में लगातार घाटा होने तथा अर्थिक नुकसान के कारण इकाई को बंद करने संबंधी न्यायालय के निर्णय म.प्र. हाईकोर्ट, जबलपुर 2004 ( 2 ) एम.पी.एच.टी. 307 एवं ए.आई.आर. 2002 सुप्रीम कोर्ट 708 प्रस्तुत किया है.

पक्षों द्वारा प्रस्तुत उपर्युक्त तथ्यों के आधार पर आवेदक/प्रबंधन द्वारा बंदीकरण की अनुमति हेतु प्रस्तुत उक्त आवेदन में जो दस्तावेज एवं तथ्य प्रस्तुत किये गये हैं. उन पर साक्ष्य की आवश्यकता है . जो न्यायिक परीक्षण द्वारा ही किया जा सकता है. अतः मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि बंदीकरण की अनुमति हेतु प्रस्तुत उक्त आवेदन का निराकरण न्याय निर्णय से किया जाए.

अतः औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 ( मध्यप्रदेश संशोधन ) की धारा 25-0 ( 6 ) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए डायरेक्टर मनकसिया लिमिटेड ( क्लोजर डिवीजन मंडीदीप , भोपाल ) द्वारा उक्त निर्माणी के बंदीकरण की अनुमति हेतु प्रस्तुत आवेदन को संदर्भ की निम्न शर्त के साथ न्याय निर्णय हेतु औद्योगिक अधिकरण इन्दौर को संदर्भ करता हूं :-

संदर्भ की शर्त

डायरेक्टर मनकसिया लिमिटेड ( क्लोजर डिवीजन, मंडीदीप ) द्वारा औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 ( मध्यप्रदेश संशोधन ) की धारा 25-0 ( 1 ) के अंतर्गत बंदीकरण की अनुमति हेतु प्रस्तत आवेदन पर, बंदीकरण की अनुमति दिये जाने अथवा अनुमति नहीं दिये जाने के संबंध में न्याय निर्णय दिया जावे .

अजय तिर्की , प्रमुख सचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 17 अक्टूबर 2013

फा. क्र. 17(ई) 67-2008- इक्कीस- ब ( एक) .- राज्य शासन, उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर न्यायिक सेवा के निम्नलिखित न्यायिक सेवा के अधिकारियों की सेवाएं श्रम न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के पद पर उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से आगामी आदेश होने तक प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किए जाने हेतु श्रम विभाग को सौंपता है :-

क्र. (1)

नाम तथा पद (2)

नवीन पदस्थापना (3) 1. श्री महेन्द्र कुमार त्रिपाठी, सिविल न्यायाधीश वर्ग -1 , होशंगाबाद.

पीठासीन अधिकारी , श्रम न्यायालय, होशंगाबाद (श्रीमती सीमा श्रीवास्तव के स्थान पर) .

पीठासीन अधिकारी , श्रम न्यायालय, इन्दौर के अति. न्यायाधीश.

2. श्री रामलक्ष्मण करोरिया, सिविल न्यायाधीश वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , गुना.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. वर्मा, सचिव.

वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 4 अक्टूबर 2013

क्र. एफ. 11-5-2013- बी- ग्यारह . शासन की अधिसूचना क्रमांक एफ 11-90-2010- बी- ग्यारह , दिनांक 17 जनवरी 2012 के सरल क्रमांक 72 पर औद्योगिक क्षेत्र, सांवेर रोड, इन्दौर को अधिसूचित किया गया है.

(2) ग्राम भौरासला, जिला इन्दौर की सर्वे क्रमांक 104 की 1.004 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक क्षेत्र, सांवेर रोड, इन्दौर के विस्तार हेतु सम्मिलित किया जाता है.

क्र. एफ. 11-107-2013 - बी- ग्यारह - इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ 11-90-2010- बी- ग्यारह , दिनांक 17 जनवरी 2012के सरल क्रमांक 75 पर औद्योगिक संस्थान, राऊ, जिला इन्दौर को अधिसूचित किया गया है.

( 2 ) राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि औद्योगिक संस्थान, राऊ, जिला इन्दौर के विस्तार में ग्राम रंगवासा तहसील एवं जिला इन्दौर की 3.565 हेक्टेयर भूमि को सम्मिलित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. एस. सोलंकी, उपसचिव.

3890

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 नवम्बर 2013

भोपाल , दिनांक 10 अक्टूबर 2013

क्र. एफ 13-16-2013-अ- ग्यारह. इंडियन बायलर्स एक्ट, 1923 की धारा -34 ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन , सतपुड़ा ताप विद्युत् गृह की इकाई क्रमांक 1 के वाष्पयंत्र क्रमांक एमपी/3205 को निम्नलिखित शर्तों पर उक्त अधिनियम की धारा 6 ( सी ) के उपबन्धों के प्रवर्तन से दिनांक 18 नवम्बर 2013 से 17 मई 2014 तक, छः माह के लिए छूट प्रदान करता है:-

1. संदर्भाधीन बायलर को पहुंचने वाली किसी भी हानि की सूचना भारतीय बायलर्स अधिनियम , 1923 की धारा 18 ( 1 ) की अपेक्षानुसार तत्काल बायलर मुख्य निरीक्षक, मध्यप्रदेश , इंदौर को दी जावेगी एवं दुर्घटना होने के दिनांक से छूट की मान्यता समाप्त समझी जावेगी.

2. उपर्युक्त अधिनियम की धारा 02 तथा 13 की अपेक्षानुसार बायलर मुख्य निरीक्षक, मध्यप्रदेश के पूर्वानुमोदन के बिना संदर्भाधीन बायलर में किसी प्रकार का संरचनात्मक परिवर्तन अथवा नवीनीकरण नहीं किया जावेगा.

3. संदर्भाधीन बायलर का सरसरी दृष्टि से निरीक्षण किये जाने पर यदि यह खतरनाक स्थिति में पाया गया तो यह छूट समाप्त हो जावेगी.

4. नियतकालिक सफाई और नियमित रूप से गैस निकलने (रेग्युलर ब्लोडाऊन ) का कार्य किया जावेगा और उसका अभिलेख रखा जावेगा.

5. मध्यप्रदेश बायलर निरीक्षक नियम , 1969 के नियम 6 की अपेक्षानुसार संदर्भाधीन बायलर के संबंध में वार्षिक निरीक्षण शुल्क अग्रिम दी जावेगी; एवं

6. यदि राज्य शासन आवश्यक समझे तो प्रश्नांकित छूट में संशोधन कर सकता है अथवा उसे वापस ले सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मो. रफीक खान, उपसचिव.

महिला एवं बाल विकास विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 21 अक्टूबर 2013

क्र. 2305- पचास- 2.- किशोर न्याय ( बालकों की देख - रेख और संरक्षण ) अधिनियम, 2000 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये राज्य शासन, एतद्वारा , नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में यथाविनर्दिष्ट निम्नलिखित किशोर न्याय बोर्ड का गठन, कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये करती है और उक्त अधिनियम के अधीन ऐसे बोर्ड को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा कर्त्तव्यों का निवर्हन करने के प्रयोजनों के लिए, उस ( अनुसूची के) क्रमशः ( 4 ) में यथाविनिर्दिष्ट सामाजिक कार्यकर्ता को नियुक्त करता है अर्थात् :-

अनुसूची

सामाजिक कार्यकर्ताओं का नाम

जिले का नाम

क्र.

किशोर न्याय बोर्ड और उसका मुख्यालय

(3)

(2)

दतिया (1) 1.

दतिया

(4)

सदस्य 1 . श्रीमती रश्मि कटारे

सदस्य 2. कु. पूजा गुप्ता

No. 2305 -L- 2.- In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) and (2) of Section 4 of the Juvenile Justice (Care& Protection of Children) Act 2000 the State Government hereby constitutes the following Juvenile Justice Board as specified in the column (2) of the schedule below, for the District as specified in column (3 ) and appoints Social Workers as specified in the column (4) respectively thereof for the purpose of exercising of the powers and discharging the duties conferred on such Board under the said Act , namely :-

SCHEDULE

Name of the Honorary Social Workers

(4)

Jurisdiction

(Revenue District)

(3)

S.No. Name of the Juvenile Justice (1) Board & its Head Quarter (2)

Datia 1.

Datia

Member 1. Smt . Rashmi Katare

Member 2. Ku . Pooja Gupta 3891

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

भाग 1 ]

क्र. 2306- पचास- 2.- किशोर न्याय ( बालकों की देख-रेख और संरक्षण ) अधिनियम, 2000 की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये राज्य शासन , एतद्वारा , नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट बाल कल्याण समिति का, उसके ( अनुसूची के) कॉलम ( 3 ) में की तत्स्थानी प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट क्षेत्र के लिये गठन करती है, और ( ख ) उसके ( अनुसूची के ) कॉलम (4 ) में की तत्स्थानी प्रविष्टि में वर्णित व्यक्तियों को नियुक्त करता है :-

अनुसूची अ. क्र.

अवैतनिक सामाजिक कार्यकर्ताओं का नाम

अधिकारिता के अंतर्गत

आने वाला (राजस्व जिला )

बाल कल्याण समिति के मुख्यालय का जिला

(3) (1)

(2)

1.

मन्दसौर

मन्दसौर

(4)

1 . श्रीमती मीरा गौतम

अध्यक्ष

सदस्य 2. श्री पूरन सिंह

सदस्य 3. श्री प्रमोद कुमार मिश्र

4. श्री संजीव तिवारी

सदस्य

सदस्य 5. श्री राजेश कुमार सिंह

No. 2306- L - 2-13.- In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) and (2) of Section 29 of the Juvenile Justice ( Care & Protection of Children) Act 2000 the State Government hereby constitutes the following Child Welfare Committee as specified in column (2) of the schedule below, for the District as specified in the column (3 ) and appoints Social Workers as specified in column (4) respectively , thereof for the purposes of exercising the powers and discharging the duties conferred on such Committee under the said Act , namely : -

SCHEDULE S.No.

Name of the Honorary Social Workers

Jurisdiction

(Revenue District)

(3) (1)

Name of the Child Welfare Committee & its District Head Quarter (2)

Mandsaur

Mandsaur 1.

(4)

ChairPerson 1. Smt. Meera Gautam

Member 2. Shri Pooran Sing

Member 3. Shri Pramod Mishra

Member 4. Shri Sanjeev Tiwari

Member 5. Shri Rajesh Kumar Singh

क्र. 2306- पचास - 2.-किशोर न्याय ( बालकों की देख - रेख और संरक्षण ) अधिनियम, 2000 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये राज्य शासन, एतद्वारा , नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में यथाविनिर्दिष्ट निम्नलिखित किशोर न्याय बोर्ड का गठन, कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये करती है और उक्त अधिनियम के अधीन ऐसे बोर्ड को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा कर्त्तव्यों का निर्वहन करने के प्रयोजनों के लिए, उसके ( अनुसूची के ) क्रमशः ( 4 ) में यथाविनिर्दिष्ट सामाजिक कार्यकर्ता को नियुक्त करता है अर्थात्:-

अनुसूची क्र.

सामाजिक कार्यकर्ताओं का नाम

जिले का नाम

किशोर न्याय बोर्ड और उसका मुख्यालय

(1)

(3) (2)

1.

सीधी सीधी

(4)

सदस्य 1. श्री डी. पी. त्रिपाठी

सदस्य 2. श्रीमती मोनिका श्रीवास्तव 3892

[भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

No. 2306 - L- 2.- In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) and (2) of Section 4 of the Juvenile Justice (Care& Protection of Children ) Act 2000 the State Government hereby constitutes the following Juvenile Justice Board as specified in the column (2 ) of the schedule below, for the District as specified in the column (3 ) and appoints Social Workers as specified in the column (4) respectively, thereof for the purpose of exercising of the powers and discharging the duties conferred on such Board under the said Act , namely :-

S.No.

SCHEDULE

Name of the Honorary Social Workers Jurisdiction (Revenue District)

Name of the Juvenile Justice Board & its Head Quarter

(2)

(1)

1

Sidhi

(3)

(4)

Sidhi

1. Shri D. P. Tripathi 2. Smt. Monika Shrivastva

Member Member भोपाल , दिनांक 26 अक्टूबर 2013

क्र. एफ- 6- उन्नीस-2013 .- किशोर न्याय ( बालकों के देख - रेख और संरक्षण ) अधिनियम, 2000 ( 2000 का सं. 56 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये राज्य सरकार, एतद्वारा , नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में यथाविनिर्दिष्ट किशोर न्याय बोर्ड में कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये उक्त अधिनियम के अधीन ऐसे बोर्ड को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा कर्त्तव्यों का निर्वहन करने के प्रयोजनों के लिए, कॉलम ( 4 ) में यथाविनिर्दिष्ट न्यायिक अधिकारी को प्रधान मजिस्ट्रेट के रूप में पदांकित करता है , अर्थात्:-

अनुसूची

जिलों के नाम

क्र.

किशोर न्याय बोर्ड और उसका मुख्यालय (1) 1

(2) शिवपुरी

प्रधान मजिस्ट्रेट के नाम एवं पदनाम

(4)

(3) शिवपुरी

श्रीमती प्रिया शर्मा CJ - I & मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट.

No. F -6-19-2013 - L- 2.- In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) and (2) of Section 4 of the Juvenile Justice ( Care & Protection of Children ) Act 2000 ( No. 56 of 2000) the State Government hereby designates Judicial Officers as specified in column No. 4 as the Principal Magistrate in the following Juvenil Justice Boards as specified in the column (2) of the schedule below for the Districts as specified in column (3 ) thereof for the purpose of exercising of the powers and discharging the duties conferred on such Boards under the said Act, namely : -

S.No.

SCHEDULE

Name of the

Districts

Name of the Juvenile Justice Board & its Head Quarter

(2)

(1)

1.

Shivpuri

Name of the Principal Magistrate & Designation

(4)

(3)

Shivpuri

Smt. Priya Sharma CJ - I & Chief Judicial Magistrate .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. एल. करयाम, उपसचिव.

भाग 1 ]

3893

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

विभाग प्रमुखों के आदेश

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन" 58 , अरेरा हिल्स, भोपाल, मध्यप्रदेश-462011

आदेश

भोपाल , दिनांक 24 अक्टूबर 2013

क्र. एफ. 67-164-10- तीन - 1190.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन में श्री रमाशंकर कुशवाहा अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 दिसम्बर 2009 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के पत्र क्र. न.नि. - व्यय लेखा- 2010-406 , दिनांक 29 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री रमाशंकर कुशवाहा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री रमाशंकर कुशवाहा को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 16 फरवरी , 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री रमाशंकर कुशवाहा को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 31 मार्च, 2010 को तामील कराया गया . अतः उनको दिनांक 15 अप्रैल, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था , किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया . कलेक्टर, टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 7 मई, 2010 में लेख किया कि " श्री रमाशंकर कुशवाहा के द्वारा नोटिस की तामीली उपरान्त अभ्यावेदन इस कार्यालय को प्राप्त नहीं हुए. ". अतः आयोग द्वारा दिनांक 22 अगस्त 2013 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 12 सितम्बर 2013 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर टीकमगढ़ द्वारा दिनांक 30 अगस्त, 2013 को कराई गई.

अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई की दिनांक से एक दिवस पूर्व अर्थात् 11 सितम्बर, 2013 को आयोग कार्यालय में उपस्थित हुए एवं पिता जी का अपेन्डिक्स का ऑपरेशन असफल होने एवं उन्हें पुनः इलाज हेतु झांसी ले जाने के कारण बताते हुए व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने में असमर्थता बतलाई . अभ्यर्थी द्वारा दिनांक 11 सितम्बर 2013 को अभ्यावेदन के साथ ही पंजी आय- व्यय रजिस्टर, शपथ पत्र, रसीद एवं केशबुक प्रस्तुत की गई. यद्यपि अभ्यर्थी ने विलंब से लेखे प्रस्तुति का कारण पिता का स्वास्थ्य खराब होना बतलाया गया किन्तु पिता की अस्वस्थता संबंधी कोई प्रमाण- पत्र प्रस्तुत नहीं किया.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री रमाशंकर कुशवाहा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 ( वर्ष पांच ) की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

3894

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

आदेश

भोपाल , दिनांक 24 अक्टूबर 2013

क्र. एफ. 67-164-10-तीन- 1191.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन में श्री विजय कुमार दीखित अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 दिसम्बर 2009 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के पत्र क्र. न.नि. व्यय लेखा- 2010-406 , दिनांक 29 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री विजय कुमार दीखित द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री विजय कुमार दीखित को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 16 फरवरी, 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया

[ भाग 1 था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री विजय कुमार दीखित को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 26 मार्च, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 10 अप्रैल, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर, टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 7 मई, 2010 में लेख किया कि " श्री विजय कुमार दीखित के द्वारा नोटिस की तामीली उपरान्त अभ्यावेदन इस कार्यालय को प्राप्त नहीं हुए. ". अतः आयोग द्वारा दिनांक 22 अगस्त 2013 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 12 सितम्बर 2013 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर टीकमगढ़ द्वारा दिनांक 30 अगस्त , 2013 को कराई गई.

अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित हुए. उन्होंने लेखे प्रस्तुत न किये जाने के संबंध में एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया. अभ्यावेदन में छोटे भाई का एक्सीडेंट होने एवं बी.एस.पी. के जिलाध्यक्ष का बदल जाना एवं बाद में स्वयं का भी एक्सीडेंट हो जाना बतलाते हुए हिसाब सामग्री एकत्र करने के लिये तीन माह का समय आयोग से मांगा.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री विजय कुमार दीखित को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़, जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 ( वर्ष पांच ) की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार , हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 नवम्बर 2013

भाग 1 ]

आदेश

भोपाल, दिनांक 24 अक्टूबर 2013

क्र. एफ. 67-164-10- तीन-1192 .- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन में श्री मकरध्वज शर्मा अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़, जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 दिसम्बर 2009 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के पत्र क्र. न.नि. व्यय लेखा - 2010-406 , दिनांक 29 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री मकरध्वज शर्मा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री मकरध्वज शर्मा को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 16 फरवरी , 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया

3895 था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री मकरध्वज शर्मा को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 30 मार्च, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 14 अप्रैल , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था , किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर, टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 7 मई, 2010 में लेख किया कि " ... श्री मकरध्वज शर्मा के द्वारा नोटिस की तामीली उपरान्त अभ्यावेदन इस कार्यालय को प्राप्त नहीं हुए. ". अतः आयोग द्वारा दिनांक 22 अगस्त 2013 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 12 सितम्बर 2013 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया.

अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित हुए. उन्होंने लेखे प्रस्तुत न किये जाने के संबंध में एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया. अभ्यावेदन में लेखे प्रस्तुत न किये जाने का कारण चाचा- चाची की मृत्यु होना बतलाया एवं चुनाव में किसी भी प्रकार का कोई खर्च न होना बतलाया . अभ्यर्थी ने चाचा- चाची की मृत्यु संबंधी कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री मकरध्वज शर्मा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 ( वर्ष पांच ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

3896

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

आदेश

भोपाल , दिनांक 24 अक्टूबर 2013

क्र. एफ. 67-164-10-तीन - 1193.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन में श्री दयाराम कडा अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 दिसम्बर 2009 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी टीकमगढ़ के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के पत्र क्र. न.नि. व्यय लेखा- 2010-406, दिनांक 29 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री दयाराम कडा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री दयाराम कडा को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 16 फरवरी, 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया

[भाग 1 था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री दयाराम कडा को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 27 मार्च, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 11 अप्रैल, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर, टीकमगढ़ ने अपने पत्र दिनांक 7 मई, 2010 में लेख किया कि " ... श्री दयाराम कडा के द्वारा नोटिस की तामीली उपरान्त अभ्यावेदन इस कार्यालय को प्राप्त नहीं हुए. ". अतः आयोग द्वारा दिनांक 22 अगस्त 2013 को अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर माननीय राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष में दिनांक 12 सितम्बर 2013 को उपस्थित होने हेतु सूचना- पत्र लिखा गया.

अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई की दिनांक 12 सितम्बर 2013 की अपेक्षा दिनांक 13 सितम्बर 2013 को उपस्थित हुए. उन्होंने बताया कि उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को निर्वाचन व्यय लेखे की मूल प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई. क्योंकि यदि कोई उनसे मूल अभिलेख मांगता तो वे कैसे देते. इस प्रकार उनके द्वारा स्वयं स्वीकार किया गया कि उन्होंने मूल लेखे निर्धारित समयावधि में जमा नहीं किए हैं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री दयाराम कडा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 (वर्ष पांच) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

3897

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

भाग 1 ]

आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी मध्यप्रदेश, भोपाल

(विभागीय परीक्षा प्रकोष्ठ )

भोपाल, दिनांक 22 अक्टूबर 2013

क्र. 7172-2909 -अका-विपप्र-2013 .- राज्य शासन द्वारा वन विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा , जो दिनांक 7 अगस्त 2013 को प्रश्नपत्र- प्रथम प्रक्रिया ( बिना पुस्तकों के) विषय में सम्पन्न हुई थी , में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-

पदनाम परीक्षार्थी का नाम

(3) (2)

अनु. (1)

होशंगाबाद संभाग

1

वन क्षेत्रपाल श्री मानेन्द्र सिंह राणा

वन क्षेत्रपाल 2 श्रीमती ज्योत्सना खोब्रागड़े

वन क्षेत्रपाल कु. अनामिका कनौजिया

3

4

वन क्षेत्रपाल श्री दिनेश यादव

5 श्री रजनीश गौड

वन क्षेत्रपाल

रीवा संभाग

6

वन क्षेत्रपाल श्री गुमान सिंह नर्गेश

शहडोल संभाग

वन क्षेत्रपाल 7 कु. सीता जमरा

सागर संभाग

8

वन क्षेत्रपाल श्री राजेश रन्धावे

वन क्षेत्रपाल 9 श्री कुलदीप सिंह ठाकुर

वन क्षेत्रपाल 10 कु. रीतू तिवारी

वन क्षेत्रपाल 11 कु. सुचिता मेश्राम

वन क्षेत्रपाल 12 श्री शैलेन्द्र सिंह तोमर

भोपाल संभाग

वन क्षेत्रपाल 13 श्री तुलाराम कुलस्ते

वन क्षेत्रपाल 14 श्री रजनीश कुमार शुक्ला

15

वन क्षेत्रपाल श्री अरविन्द अहिरवार

वन क्षेत्रपाल 16 श्री योगेश चौहान

ग्वालियर संभाग

वन क्षेत्रपाल 17 श्री अनुराग तिवारी

वन क्षेत्रपाल 18 सुश्री दीपमाला शिवहरे

19 श्री गौरव नामदेव

वन क्षेत्रपाल (1)

(2)

(3)

जबलपुर संभाग

श्री राघवेन्द्र गौतम

वन क्षेत्रपाल

20

21

वन क्षेत्रपाल

श्री भुवनेश कुमार योगी

वन क्षेत्रपाल श्री विजय सिंह चौहान

22

वन क्षेत्रपाल 23 श्रीमती सीमा मरावी

24

वन क्षेत्रपाल श्री महेश कुमार अहिरवार

वन क्षेत्रपाल 25 श्री कृष्णा वर्मा

वन क्षेत्रपाल श्रीमती त्रिवेणी वरकड़े

26

श्री अरूण सिंह

वन क्षेत्रपाल 27

वन क्षेत्रपाल 28 श्री हिमांशु अग्रवाल

वन क्षेत्रपाल 29 श्री शिल्पी जायसवाल

वन क्षेत्रपाल 30 श्री मुकेश कैन

वन क्षेत्रपाल 31 श्री हरिओम शर्मा

वन क्षेत्रपाल 32 श्री जगदीश प्रसाद वास्पे

वन क्षेत्रपाल 33 श्री नारसिंह भूरिया

वन क्षेत्रपाल 34 श्री अमिचन्द आस्के

वन क्षेत्रपाल 35 श्री विरेन्द्र सिंह अचालिया

वन क्षेत्रपाल श्री आशुतोष अग्निहोत्री

36

वन क्षेत्रपाल 37 श्री राजकुमार शिवहरे

श्री पारूल सिंह

38

वन क्षेत्रपाल

वन क्षेत्रपाल श्री विवके कुमार नाग

39

वन क्षेत्रपाल श्री सुरेन्द्र कुमार शेन्डे

40

वन क्षेत्रपाल 41 श्री शैलेन्द्र तिवारी

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गोपा पाण्डेय , विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी.

मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अधिकरण , भोपाल " शीतकालीन अवकाश बाबत् अधिसूचना " भोपाल, दिनांक 23 अक्टूबर 2013

क्र. सह.अधि. स्था.-2013-247.- मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अधिकरण के अध्यक्ष को मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अधिकरण विनियम, 2000 के विनियम क्रमांक 24 के प्रावधानों के अनुसार मान. उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश के द्वारा घोषित शीतकालीन अवकाश दिनांक 23 दिसम्बर 2013 से 31 दिसम्बर 2013 में से सात दिन का लाभ उठाने की पात्रता है.

( 2 ) तनुसार इस अधिकरण के मान. अध्यक्ष दिनांक 23 दिसम्बर 2013 से 29 दिसम्बर 2013 तक शीतकालीन अवकाश पर रहेंगे जिसके फलस्वरूप न्यायालय में उक्त अवधि में शीतकालीन अवकाश रहेगा.

( 3 ) तथापि उक्त दिवसों में अधिकरण में कार्यालयीन कार्य यथावत्जारी रहेगा .

संजय नायक, रजिस्ट्रार.

3898

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

छिन्दवाड़ा , दिनांक 10 अक्टूबर 2013

क्र. 9565 - भू- अर्जन-2013 .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है , कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा -5 ( क) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होगें:-

अनुसूची

तहसील

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

अर्जित की जाने वली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) (2)

(3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में ) (4)

भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 (2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

(1)

मोहखेड

छिन्दवाड़ा

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग छिन्दवाड़ा जिला-छिन्दवाड़ा.

बुचनई जलाशय के अंतर्गत बांध निर्माण से डूब क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

ग्राम- भाजीपानीखुर्द ब. नं. -428 प.ह.न.-38 रा.नि.मं. -सांवरी.

रकबा 0.053 हेक्टेयर एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , कन्हरगांव परियोजना नहर उपसंभाग क्रमांक -2 छिन्दवाड़ा , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष उपस्थित होकर कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

महेशचन्द्र चौधरी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3899

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 नवम्बर 2013

भाग 1 ]

कार्यालय, कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खण्डवा , दिनांक 11 अक्टूबर 2013

नस्ती क्र. 103-2013 - एल. ए. भू-अर्जन-प्र. क्र. 22-अ-82-12-13.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम

जिला तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(6)

(5)

(4)

(2) (3)

(1)

खण्डवा

0.62

खण्डवा

बेड़ियाव

संभागीय प्रबंधक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम लि. संभाग क्रं. 1 इंदौर.

खण्डवा ड़ेढ तलाई राज्यमार्ग क्र. 50 के उन्नयन/चौड़ीकरण कार्य एवं टोल प्लाजा निर्माण कार्य हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुभिागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा संभागीय प्रबंधक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम लि. संभाग क्र. 1 इंदौर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला देवास , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

देवास, दिनांक 15 अक्टूबर 2013

क्र. 1516- भू- अर्जन -13 प्र. क्र.-अ- 82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन भूमिका वर्णन

का कारण ग्राम

जिला तहसील

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(6)

(5)

(3)

(4)

(2)

(1)

भवाना

1.378

देवास कन्नौद

कार्यपालन यंत्री , परियोजना जल संसाधन विभाग संभाग , देवास .

दतूनी परियोजना नहर के अंतर्गत डूब से प्रभावित होने के कारण.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय , कार्यपालन यंत्री, परियोजना जल संसाधन संभाग देवास एवं कार्यालय, भू- अर्जन अधिकारी कन्नौद में देखा जा सकता है.

3900

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

क्र. 1522 - भू-अर्जन -13 प्र. क्र.-अ-82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमिका वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)

(2)

(3)

(4) देवास

सतवास

कोठडी

8.235

सार्वजनिक प्रयोजन काकारण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, परियोजना जल संसाधन विभाग संभाग, देवास.

दतूनी परियोजना नहर के अंतर्गत डूब से प्रभावित होने के कारण .

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय , कार्यपालन यंत्री, परियोजना जल संसाधन संभाग देवास एवं कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी कन्नौद में देखा जा सकता है .

क्र. 1528- भू-अर्जन-13 प्र. क्र.- अ-82-2013-14 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4) (1) (2)

(3)

2.977 देवास सतवास

डांगराखेडा

सार्वजनिक प्रयोजन का कारण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री , परियोजना जल संसाधन विभाग संभाग, देवास.

दतूनी परियोजना नहर के अंतर्गत डूब से प्रभावित होने के कारण.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय , कार्यपालन यंत्री , परियोजना जल संसाधन संभाग देवास एवं कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी कन्नौद में देखा जा सकता है .

3901

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 नवम्बर 2013

भाग 1 ]

क्र. 1534- भू- अर्जन -13 प्र. क्र.-अ-82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(4)

(3)

9.602 (1) देवास

सतवास

मोहाई

सार्वजनिक प्रयोजन का कारण

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, परियोजना जल संसाधन विभाग संभाग, देवास.

(6) दतूनी परियोजना नहर के अंतर्गत डूब से प्रभावित होने के कारण.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय, कार्यपालन यंत्री , परियोजना जल संसाधन संभाग देवास एवं कार्यालय, भू-अर्जन अधिकारी कन्नौद में देखा जा सकता है.

क्र. 1540 - भू-अर्जन-13 प्र. क्र. अ-82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने कीसंभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमिका वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(3)

(4) (2)

(1)

1.469 कन्नौद

देवास

किलोदा बी

सार्वजनिक प्रयोजन का कारण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

कार्यपालन यंत्री, परियोजना जल संसाधन विभाग संभाग , देवास. (5)

दतूनी परियोजना नहर के अंतर्गत डूब से प्रभावित होने के कारण.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय, कार्यपालन यंत्री, परियोजना जल संसाधन संभाग देवास एवं कार्यालय , भू- अर्जन अधिकारी कन्नौद में देखा जा सकता है.

क्र. 1549- भू- अर्जन -13 प्र. क्र.-अ- 82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमिका वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4) 7.168 (1) देवास कन्नौद (2)

(3) चपलासा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का कारण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, परियोजना जल संसाधन विभाग संभाग , देवास.

(6) दतूनी परियोजना नहर के अंतर्गत डूब से प्रभावित होने के कारण.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय, कार्यपालन यंत्री , परियोजना जल संसाधन संभाग देवास एवं कार्यालय, भू- अर्जन अधिकारी कन्नौद में देखा जा सकता है.

3902

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

क्र. 1555- भू-अर्जन -13 प्र. क्र.-अ-82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने कीसंभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

तहसील

जिला

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2) सतवास

(4) 2.310 (1) देवास

(3) नगझिरी

सार्वजनिक प्रयोजन का कारण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, परियोजना जल संसाधन विभाग संभाग, देवास.

(6) दतूनी परियोजना नहर के अंतर्गत डूब से प्रभावित होने के कारण.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय, कार्यपालन यंत्री, परियोजना जल संसाधन संभाग देवास एवं कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी कन्नौद में देखा जा सकता है .

क्र. 1561 - भू-अर्जन -13 प्र. क्र. अ- 82-2013-14 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमिका वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4) 7.699 (2) कन्नौद

(1) देवास

(3) रतवाय

सार्वजनिक प्रयोजन काकारण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, परियोजना जल संसाधन विभाग संभाग, देवास.

दतूनी परियोजना नहर के अंतर्गत डूब से प्रभावित होने के कारण.

नोट .- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय , कार्यपालन यंत्री, परियोजना जल संसाधन संभाग देवास एवं कार्यालय, भू-अर्जन अधिकारी कन्नौद में देखा जा सकता है.

क्र. 1567 - भू-अर्जन -13 प्र. क्र.-अ-82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(3) बिच्छाखेडी

(4) 4.276 (1) देवास

(2) सतवास

सार्वजनिक प्रयोजन का कारण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री , परियोजना जल संसाधन विभाग संभाग, देवास .

(6) दतूनी परियोजना नहर के अंतर्गत डूब से प्रभावित होने के कारण.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय , कार्यपालन यंत्री, परियोजना जल संसाधन संभाग देवास एवं कार्यालय, भू- अर्जन अधिकारी कन्नौद में देखा जा सकता है .

भाग 1 ]

3903

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 नवम्बर 2013

क्र. 1573- भू- अर्जन-13 प्र. क्र. अ- 82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार , इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4)

(3)

(2)

(1)

16.648 देवास सतवास

भैसून

सार्वजनिक प्रयोजन काकारण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, परियोजना जल संसाधन विभाग संभाग, देवास.

दतूनी परियोजना नहर के अंतर्गत डूब से प्रभावित होने के कारण.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय, कार्यपालन यंत्री , परियोजना जल संसाधन संभाग देवास एवं कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी कन्नौद में देखा जा सकता है .

1

क्र. 1579- भू-अर्जन -13 प्र. क्र.-अ-82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमिका वर्णन

तहसील

ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4) (2)

(3)

(1)

1.301 कन्नौद अडानिया

देवास

सार्वजनिक प्रयोजन का कारण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, परियोजना जल संसाधन विभाग संभाग, देवास.

दतूनी परियोजना नहर के अंतर्गत डूब से प्रभावित होने के कारण.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय , कार्यपालन यंत्री, परियोजना जल संसाधन संभाग देवास एवं कार्यालय, भू- अर्जन अधिकारी कन्नौद में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3904

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 नवम्बर 2013

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

छतरपुर , दिनांक 21 अक्टूबर 2013

प्र. क्र. 25- अ- 82-2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन •

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

अर्जित क्षेत्रफल लगभग ( हेक्टेयर में )

(3)

(4) (1) (2)

6.38 बिजावर

लहर

छतरपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा अधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

बिजावर.

भू-अर्जन अधिकारी ,

जल संसाधन संभाग पन्ना के अधीन श्यामरी मध्यम बहुउद्देशीय परियोजना की बांई तट नहर के निर्माण हेतु भू-अर्जन बाबद्.

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- जल संसाधन संभाग पन्ना के अधीन श्यामरी मध्यम बहुउद्देशीय परियोजना की बांई तट नहर के निर्माण हेतु भू- अर्जन बाबद्.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , रुंज नहर उपसंभाग , पन्ना एवं भू- अर्जन अधिकारी (राजस्व) , बिजावर के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 26 - अ- 82-2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

तहसील

जिला

अर्जित क्षेत्रफल लगभग ( हेक्टेयर में )

(4) (1) (2)

(3)

2.75 बिजावर

हरपुरा

छतरपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा अधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

भू-अर्जन अधिकारी , बिजावर. जल संसाधन संभाग पन्ना के अधीन श्यामरी मध्यम बहुउद्देशीय परियोजना की बांई तट नहर के निर्माण हेतु भू- अर्जन बाबद्.

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- जल संसाधन संभाग पन्ना के अधीन श्यामरी मध्यम बहुउद्देशीय परियोजना की बांई तट नहर के निर्माण हेतु भू- अर्जन बाबद्.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , रुंज नहर उपसंभाग , पन्ना एवं भू- अर्जन अधिकारी (राजस्व ) , बिजावर के कार्यालय में किया जा सकता है.

3905

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 नवम्बर 2013

भाग 1 ]

प्र. क्र. 27- अ- 82-2012-13 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम अर्जित क्षेत्रफल लगभग ( हेक्टेयर में ) (2)

(3)

(4) (1)

1.95 बिजावर

छतरपुर

उदयपुरा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा अधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

भू-अर्जन अधिकारी , बिजावर. जल संसाधन संभाग पन्ना के अधीन श्यामरी मध्यम बहुउद्देशीय परियोजना की बांई तट नहर के निर्माण हेतु भू-अर्जन बाबद्.

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- जल संसाधन संभाग पन्ना के अधीन श्यामरी मध्यम बहुउद्देशीय परियोजना की बांई तट नहर के निर्माण हेतु भू- अर्जन बाबद्.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , रुंज नहर उपसंभाग , पन्ना एवं भू- अर्जन अधिकारी (राजस्व) , बिजावर के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 28 - अ- 82-2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

नगर/ग्राम अर्जित क्षेत्रफल लगभग ( हेक्टेयर में)

(4) (2)

(1)

(3)

बिजावर

4.60 छतरपुर

धरमपुरा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा अधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

बिजावर.

भू-अर्जन अधिकारी ,

जल संसाधन संभाग पन्ना के अधीन श्यामरी मध्यम बहुउद्देशीय परियोजना की बांई तट नहर के निर्माण हेतु भू- अर्जन बाबद्.

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- जल संसाधन संभाग पन्ना के अधीन श्यामरी मध्यम बहुउद्देशीय परियोजना की बांई तट नहर के निर्माण हेतु भू- अर्जन बाबद्.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , रुंज नहर उपसंभाग , पन्ना एवं भू-अर्जन अधिकारी (राजस्व ) , बिजावर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मसूद अख्तर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3906

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

कार्यालय , कलेक्टर, जिला भिण्ड, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग भिण्ड, दिनांक 1 अक्टूबर 2013

क्र. क्यू- भू- अर्जन- कले.- 2013.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- भिण्ड

(ख) तहसील-अटेर

(ग ) ग्राम- शुक्लपुरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.46 हेक्टर.

सर्वे

नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.08

1832

0.05

1833

0.08

1834

0.10

1835

0.01

1840

0.02

1813/3

0.50

1824

0.03

1825

0.05

1826

0.38

1827

0.10

1828

1830

0.01

0.05

1831

योग : 1.46

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता हैं- गोरमी- उदोतगढ़ मार्ग पर क्वारी नदी के पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू- अर्जन अधिकारी अटेर जिला भिण्ड के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , संभागीय प्रबंधक म. प्र. रोड डेवलपमेन्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड चंबल संभाग ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. सिबि. चक्रवर्ती, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिवनी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग सिवनी , दिनांक 4 अक्टूबर 2013

क्र. 7104- जि.भू.अ. - 2013 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधित 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- सिवनी

(ख ) तहसील- बरघाट

(ग ) ग्राम- अरी , प.ह.नं. -26

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.66 हेक्टर.

ख. नं.

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.05

69/1

0.08

152

0.09

151/3

0.05

153/2

0.29

150/1

0.10

151/4

0.08

153/1

योग : 0.66

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है-छोटी रेल लाईन को बड़ी रेल लाईन में परिवर्तन हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन सिवनी में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, भरत यादव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3907

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

भाग 1 ]

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 5 अक्टूबर 2013

क्र. 11079- भू - अर्जन-2013.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला-सागर

(ख) तहसील - केसली

(ग) ग्राम- समनापुर, प.ह.नं. 20

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.30 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा

(हेक्टर में ) (2)

खसरा नंबर (1)

5

0.30 योग .. 0.30

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है- सोनपुर मध्यम परियोजना नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , केसली एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 केसली, जिला- सागर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , योगेन्द्र शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दमोह , दिनांक 8 अक्टूबर 2013

क्र. क- भू.अ.वि.अ. - 2012-13-1013 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि, सम्पत्ति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-अशासकीय भूमि का अर्जन (क) जिला- दमोह

(ख) तहसील- दमोह

(ग) नगर/ ग्राम- देवरी जमादार .

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.516 हेक्टेयर .

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

168/1 में से

0.032

0.040

169, 170/1 में से

0.080

173/1 में से

186/1 में से

0.056

0.035

246/2 में से

247 में से

0.038

0.044

260, 261/2 में से

266 में से

0.073

0.062

267 में से

271/1, 271/2 में से

0.056 योग .. 0.516

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- देवरी जमादार मुख्य नहर निर्माण किये जाने बाबत के कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी, (राजस्व) दमोह कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.

3908

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

प्र. क्र. 01 अ- 82-वर्ष 2012-13.. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि, सम्पत्ति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील- हटा

(ग) नगर/ग्राम- रमपुरा, भैंसा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.19 हेक्टेयर.

खसरा

अर्जित रकबा

नंबर

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

ग्राम-भैंसा

227 में से

0.08

ग्राम-रमपुरा

333/1 में से

0.08

0.08

333/4 में से

0.15

334/5

335 में से

0.05

0.02

338/2 में से

0.23

341 में से

344 में से

0.45 0.12

451 में से

योग . 1.19

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- गर्रह अदनवारा बलेह मार्ग निर्माण योजना के अर्जन में आने वाली भूमि हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , हटा एवं भू- अर्जन अधिकारी उपखण्ड हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग दमोह में कार्यालय में देखा जा सकता है .

( 5 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

प्र. क्र. 10 अ- 82 - वर्ष 2012-13 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि, सम्पत्ति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील- हटा/पटेरा

(ग) नगर/ग्राम- मुहरा/इमलिया रावत

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.29 हेक्टेयर .

खसरा

अर्जित रकबा

(हेक्टेयर में)

(2)

नंबर (1)

ग्राम-मुहरा

0.08

64/2में से

ग्राम- इमलिया रावत

0.02

259/2में से

270/1 में से

0.04

270/2

0.06

271 में से

0.06

272/2में से

0.03 योग . 0.29

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- बंधा- इमलिया- महेबा- रसीलपुर मार्ग निर्माण योजना के अर्जन में आने वाली भूमि हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , हटा एवं भू- अर्जन अधिकारी उपखण्ड हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण विभाग दमोह में कार्यालय में देखा जा सकता है .

(5 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

3909

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 नवम्बर 2013

भाग 1 ]

प्र. क्र. 14 अ - 82 - वर्ष 2012-13.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि, सम्पत्ति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील- पटेरा

(ग) नगर/ग्राम- इमलिया रावत

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.09 हेक्टेयर.

खसरा

अर्जित रकबा

(हेक्टेयर में)

नंबर (1)

(2)

224/5 में से

0.01

224/3 में से

0.01

224/2 में से

0.01

224/4 में से

0.03

230में से

0.02

196 में से

0.01

योग .. 0.09

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- बंधा- इमलिया- महेबा- रसीलपुर इमलिया रावत मार्ग निर्माण के अर्जन में आने वाली भूमि का निर्माण.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , हटा एवं भू- अर्जन अधिकारी उपखण्ड हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.

( 5 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अंदर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, स्वतंत्र कुमार सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला इन्दौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग इन्दौर, दिनांक 23 अक्टूबर 2013

क्र. 3362 - भू- अर्जन सांवेर - 13- संशोधन.-रतलाम -महू- खण्डवा- आमान परिवर्तन परियोजना हेतु ग्राम बुढनियापंथ एवं पोटलोद, तहसील सांवेर, जिला इंदौर की निजी भूमि कुल रकबा 0.506 हेक्टर का भू- अर्जन उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) द्वितीय , पश्चिम रेल्वे, रतलाम (म. प्र. ) हेतु किये जाने के संबंध में धारा -6 की घोषणा क्रमांक 3706/भू-अर्जन सांवेर/ 12, इंदौर, दिनांक 26 दिसम्बर 2012 जिसका प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 01 फरवरी 2013 को पृष्ठ क्रमांक 411 पर किया गया है , उक्त घोषणा में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे :-

ग्राम-बुढानियापंथ

प्रकाशित

संशोधित सर्वे नंबर

रकबा सर्वे नंबर

रकबा

41/2पार्ट

42/2पार्ट

0.087

0.087 मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आकाश त्रिपाठी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 01 November 2013. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2013-11-01.44.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2013-11-01.44.Ordinary.