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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 04 April 2014

Type
Ordinary
Gazette no.
14
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2014-04-04.14.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदे श

शासन

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 14]

भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 4 अप्रैल 2014 चैत्र 14 , शक 1936

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4 ) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भार्षा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.-( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद् के अधिनियम,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, (2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 27 मार्च 2014

फा. क्रमांक 17 ( ई ) 28-2008 - इक्कीस- ब ( एक ) .- राज्य शासन, श्री मोहम्मद युसूफ मंसूरी , बारहवें अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, भोपाल की सेवाएं पीठासीन अधिकारी , मध्यप्रदेश वक्फ अधिकरण , भोपाल के पद पर, अस्थाई रूप से, आगामी आदेश होने तक, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु, एतद्वारा , मध्यप्रदेश शासन, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को सौंपता है .

फा. क्रमांक 17 ( ई ) 81-2005- इक्कीस- ब( एक ) .- राज्य शासन, उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री शम्भूदयाल दुबे , प्रिंसिपल रजिस्ट्रार , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर की सेवाएं

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लोकायुक्त संगठन, भोपाल में विधिक सलाहकार के पद पर, अस्थाई रूप से आगामी आदेश होने तक, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु, एतद्वारा , मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपता है.

फा. क्रमांक 925-2014- इक्कीस- ब ( एक ) .- राज्य शासन, एतद्वारा , उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री राजीव शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दतिया की सेवाएं जिला न्यायाधीश ( निरीक्षण ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, ग्वालियर वृत्त, ग्वालियर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करने हेतु, कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, आगामी आदेश तक उच्च न्यायालय , जबलपुर को सौंपता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. वर्मा, सचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2014 1266

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 4 मार्च 2014

क्र. एफ 7-57-2003- बत्तीस. जल ( प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण ) अधिनियम , 1974 ( क्रमांक 6 सन् 1974 ) की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( च ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन द्वारा श्री ए. ए. मिश्रा, अधीक्षण यंत्री , मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, इन्दौर को मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव के पद पर आगामी आदेश तक नामनिर्दिष्ट किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक कुमार मालवीय, अवर सचिव.

श्रम विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल , दिनांक 4 मार्च 2014

क्र. एफ 9-1-11 - ब- सोलह. यतः, मेसर्स विन्ध्य टेलीलिंक्स लिमिटेड, रीवा ( जो इसमें इसके पश्चात् उक्त स्थापना के नाम से निर्दिष्ट है ) ने कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952( 1952 का 19 ) ( जो इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट है ) की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड (क) के अधीन छूट के लिये आवेदन किया है ;

और, यतः, राज्य सरकार की राय में अभिदाय की दरों के संबंध में उक्त स्थापना के भविष्य निधि के नियम, उक्त अधिनियम की धारा 6 में विनिर्दिष्ट दरों की तुलना में, कर्मचारियों के लिये कम अनुकूल नहीं है और कर्मचारी भविष्य निधि के उन अन्य प्रलाभों का भी उपयोग कर रहे है , जो कुल मिलाकर उक्त अधिनियम या कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 ( जो इसमें इसके पश्चात् उक्त योजना के नाम से निर्दिष्ट है ) के अधीन उसी प्रकार की किसी अन्य स्थापना के कर्मचारियों को उपलब्ध कराए गए प्रलाभों की तुलना में कम अनुकूल नहीं है;

अतएव , कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 ( 1952 का 19 ) की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( क ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए और निम्नलिखित अनुसूची में विनिर्दिष्ट शर्तों के अध्यधीन रहते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा उक्त स्थापना को भविष्यलक्षी प्रभाव से, कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 के समस्त उपबंध लागू करने से छूट प्रदान करती है:-

अनुसूची

( 1 ) उक्त स्थापना के संबंध में, नियोक्ता प्रत्येक मास की समाप्ति के 15 दिन के भीतर, निरीक्षण के लिये ऐसी

[ भाग 1 सुविधाएं उपलब्ध करायेगा तथा ऐसे निरीक्षण प्रभार का संदाय करेगा जैसा कि केन्द्र सरकार, उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( क) के अधीन समय -समय पर निर्देश दे.

(2) उक्त स्थापना के भविष्य निधि नियमों के अधीन देय अभिदाय की दर, किसी भी समय गैर छूट प्राप्त स्थापनाओं और उसके अधीन विरचित उक्त योजना के संबंध में उक्त अधिनियम के अधीन देय दर से कम नहीं होगी.

(3 ) अग्रिमों के मामले में छूट प्राप्त स्थापना की योजना, कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 से कम अनुकूल नहीं होगी.

(4) उक्त योजना में कोई ऐसा संशोधन जो कर्मचारियों के लिए, उक्त स्थापना के वर्तमान नियमों से अधिक लाभकारी है , उन पर स्वयमेव लागू हो जाएगा. उक्त स्थापना के भविष्य निधि नियम में कोई भी संशोधन, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त के पूर्व अनुमोदन के बैगर नहीं किया जाएगा और जहां किसी संशोधन से , उक्त स्थापना के कर्मचारियों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है , वहां क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, अपना अनुमोदन देने के पूर्व कर्मचारियों को उनके मामलों को स्पष्ट करने के लिए सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर होगा.

( 5 ) उक्त अधिनियम की धारा 2 के खण्ड ( च ) में यथा परिभाषित वे सभी कर्मचारी जो , यदि स्थापना को छूट प्रदान नहीं की गई होती तो भविष्य निधि के सदस्य बनने के पात्र होते , सदस्यों के रूप में नामांकित किए जाएंगे .

( 6 ) जहां कोई कर्मचारी , भविष्य निधि ( कानूनी ) या किसी अन्य छूट प्राप्त स्थापना की भविष्य निधि का पहले से ही सदस्य है, को उसकी स्थापना में नियोजित किया जाता है तो नियोक्ता उसे तुरन्त निधि के सदस्य के रूप में नामांकित करेगा और ऐसे कर्मचारी के भविष्य निधि खाते में पूर्व नियोक्ता के पास के संचयों को अंतरित कराने और उसके खाते में जमा कराने की व्यवस्था करेगा.

(7 ) नियोक्ता, समय - समय पर दिये गये निदेशों के अनुसार, भविष्य निधि के प्रबंध के लिए, यथास्थिति, केन्द्रीय भविष्य निधि आयुक्त अथवा केन्द्रीय सरकार द्वारा , न्यासी बोर्ड की स्थापना करेगा.

(8 ) भविष्य निधि, न्यासी बोर्ड में निहित होगी जो भविष्य निधि के आगमों और उसमें से किए जाने वाले भुगतानों और उसकी अभिरक्षा में के अतिशेषों के साथ- साथ कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के प्रति उत्तरदायी और जिम्मेवार होगा.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

(9 ) न्यासी बोर्ड, प्रत्येक तीन माह में कम से कम एक बार बैठक करेगा और ऐसे दिशा- निर्देशों के अनुसार कार्य करेगा जो कि केन्द्र सरकार द्वारा समय - समय पर जारी किए जाएं. केन्द्रीय भविष्य निधि आयुक्त को यह अधिकार होगा कि वह किसी अन्य अर्हित लेखा परीक्षक से खातों की पुनः संपरीक्षा कराए तथा इस प्रकार की पुनः संपरीक्षा पर होने वाले व्यय नियोक्ता द्वारा वहन किए जाएंगे .

( 10 ) प्रत्येक लेखा वर्ष के लिए स्थापना के संपरीक्षित तुलन पत्र के साथ संपरीक्षित भविष्य निधि खातों की एक प्रति, वित्तीय वर्ष की, समाप्ति के छह माह के भीतर, क्षेत्रीय , भविष्य निधि आयुक्त को प्रस्तुत की जाएगी . इस प्रयोजन के लिए भविष्य निधि का वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होगा.

( 11 ) नियोक्ता, उस मास के, जिसके लिए अभिदाय संदेय है, प्रत्येक आगामी मास की 15 तारीख तक, उसके द्वारा और कर्मचारियों द्वारा भविष्य निधि में संदेय अभिदाय न्यासी बोर्ड को अंतरित कर देगा. नियोक्ता, अभिदाय के भुगतान में हुए किसी विलम्ब के लिए न्यासी बोर्ड को नुकसानी का भुगतान करने के लिए उसी प्रकार उत्तरदायी होगा जिस प्रकार कि वैसी ही परिस्थितियों में कोई गैर छूट प्राप्त स्थापना उत्तरदायी हो.

(12) न्यासी बोर्ड, सरकार द्वारा समय - समय पर दिये गये निर्देशों के अनुसार, निधि में धन का विनिधान करेगा . प्रतिभूतियां, न्यासी बोर्ड के नाम से प्राप्त की जाएंगी और भारतीय रिजर्व बैंक के साख- नियंत्रण में किसी अनुसूचित बैंक की अभिरक्षा में रखी जाएंगी.

( 13) सरकार के निर्देशों के अनुसार निवेश करने में असफल रहने पर न्यासी बोर्ड अलग - अलग और संयुक्ततः उस अधिभार का, जो केन्द्रीय भविष्य निधि आयुक्त या उसके प्रतिनिधि द्वारा अधिरोपित किया जाए, उत्तरदायी होगा.

( 14) न्यासी बोर्ड एक लिपिवार रजिस्टर संधारित करेगा और ब्याज और मोचन आगमों की समय पर वसूली सुनिश्चित करेगा.

( 15 ) न्यासी बोर्ड , प्रत्येक कर्मचारी के संबंध में , जमा किए गए अभिदायों, आहरण और ब्याज का दर्शाने के लिए विस्तृत लेखे संधारित करेगा .

(16 ) वित्तीय/लेखा वर्ष की समाप्ति के छह माह के भीतर, बोर्ड प्रत्येक कर्मचारी को वार्षिक लेखा विवरणी जारी करेगा.

( 17 ) बोर्ड, वार्षिक लेखा विवरणी के स्थान पर प्रत्येक कर्मचारी को पास बुक जारी कर सकेगा. ये पास बुकें संबंधित कर्मचारियों की अभिरक्षा में रहेगी और कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत किए जाने पर बोर्ड द्वारा अद्यतन की जाएंगी.

1267 ( 18 ) प्रत्येक कर्मचारी के लेखे में लेखा वर्ष के पहले दिन प्रारंभिक अतिशेष पर उस दर से संगणित ब्याज जमा किया जाएगा जो कि न्यासी बोर्ड द्वारा विनिश्चित किया जाए, परन्तु जो उक्त स्कीम के पैरा 60 के अन्तर्गत केन्द्रीय सरकार द्वारा घोषित दर से कम नहीं होगा.

( 19 ) यदि न्यासी बोर्ड, केन्द्रीय सरकार द्वारा घोषित दर से इस कारण से कि निवेश पर आय कम है या किसी अन्य कारण से ब्याज अदा करने में असमर्थ है तो इस कमी को नियोक्ता द्वारा पूरा किया जाएगा.

(20 ) नियोक्ता, चोरी , सेंधमारी , गबन, दुर्विनियोग अथवा किसी अन्य कारण से भविष्य निधि को हुई हानि को पूरा करेगा.

(21 ) नियोक्ता और साथ ही न्यासी बोर्ड, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त को ऐसी विवरणियां प्रस्तुत करेंगे , जैसी कि केन्द्रीय सरकार/केन्द्रीय भविष्य निधि आयुक्त समय- समय पर विहित करें.

( 22) उक्त स्कीम के पैरा 69 के अनुक्रम में किसी कर्मचारी का निधि का सदस्य न रह जाने पर यदि स्थापना के भविष्य निधि नियमों में कर्मचारी के अंशदानों को जब्त करने का प्रावधान है तो न्यासी बोर्ड, इस प्रकार जब्त की गई राशियों का अलग से लेखा संधारित करेगा और उसका ऐसे प्रयोजन के लिए उपयोग कर सकेगा जो कि केन्द्रीय भविष्य निधि आयुक्त के पूर्व अनुमोदन से अवधारित किया जाए.

(23 ) स्थापना के भविष्य निधि के नियमों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी , यदि किसी सदस्य के स्थापना का कर्मचारी न रह जाने के कारण देय राशि या उसके किसी अन्य स्थापना में स्थानांतरण हो जाने के कारण अंतरणीय राशि उसे उपदान या पेंशन नियमों के अंतर्गत अदा की जाने वाली नियोक्ता और कर्मचारी की राशि, नियोक्ता और कर्मचारी के अभिदाय की ब्याज सहित उस राशि से कम हो , जो उसे उस समय प्राप्त होती जब वह उक्त स्कीम का सदस्य होता , तो नियोक्ता क्षतिपूर्ति के रूप में या विशेष अभिदाय के रूप में अंतर की राशि अदा करेगा.

(24) नियोक्ता, भविष्य निधि के प्रबंध से संबंधित समस्त व्यय, जिसमें लेखों का संधारण, विवरणियों का प्रस्तुत किया जाना, संचयन का अन्तरण सम्मिलित है , वहन करेगा.

(25 ) स्थापना के संबंध में नियोक्ता, प्रत्येक माह की समाप्ति के 15 दिन के भीतर निरीक्षण के लिए ऐसी सुविधाएं प्रदान करेगा और ऐसे निरीक्षण प्रभार अदा करेगा जैसे कि केन्द्रीय सरकार उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा (3 ) के खण्ड ( क ) के अधीन समय - समय पर विनिश्चित करे.

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

(26 ) नियोक्ता, समुचित प्राधिकारी द्वारा यथा अनुमोदित निधि के नियमों की एक प्रति तथा जब भी उसमें कोई संशोधन होता है , तो उसकी मुख्य बातें अधिसंख्यक कर्मचारियों की भाषा में अनुवाद सहित स्थापना के सूचना पटल पर प्रदर्शित करेगा.

(27 ) " समुचित सरकार " स्थापना को छूट देते रहने के लिये कोई और शर्तें अधिकथित कर सकेगी.

(28 ) यदि कर्मचारी द्वारा उक्त अधिनियम के अन्तर्गत उन स्थापनाओं के वर्ग के लिए, जिनमें कि उक्त स्थापना आती है, भविष्य निधि में अभिदाय की दर बढ़ाई जाती है, तो नियोक्ता भविष्य निधि में अभिदाय की दर को समुचित रूप से बढ़ाएगा , ताकि स्थापना के भविष्य निधि योजना के अन्तर्गत के लाभ, उक्त अधिनियम के अन्तर्गत दिये जाने वाले लाभों से कम अनुकूल न हो.

(29) उपरोक्त शर्तों में से किसी भी शर्त के उल्लंघन की दशा में छूट रद्द की जा सकेगी.

No. F 9-1-2011 - B - XVI .- WHEREAS , Messrs Vindhya Telelinks Limited , Rewa ( hereinafter referred to as said establishment) has applied for exemption under clause (a) of sub - section ( 1 ) of Section 17 of the Employees Provident Fund and Miscellaneous Provisions Act , 1952 (19 of 1952) hereinafter referred to as the said Act) ;

AND , WHEREAS , in the opinion of the State Government rules of the provident fund of the said establishment with respect to the rates of contribution are not less favourable to the employees than those specified in Section 6 of the said Act the and employees are also in enjoyment of other provident fund benefits which on the whole are not less favourable to the employees , than the benefits provided under the said Act or under the Employees ' Provident Funds Scheme , 1952 ( hereinafter referred to as the said Scheme ) in relation to the employees in any other establishment of a similar character .

NOW , THEREFORE , in exercise of the powers conferred by clause (a ) of sub - section ( 1 ) of Section 17 of the Employees ' Provident Funds and Miscellaneous Provisions Act , 1952 ( 19 of 1952) , and subject to the conditions specified in the following Schedule , the State Government , hereby, exempts prospectively the said establishment from the operation of all the provisions of the Employees ' provident Funds Scheme , 1952 : -

SCHEDULE

( 1 ) The employer in relation to the said establishment shall provide for such facilities

[ भाग 1 for inspection and pay such inspection charge as the Central Government may, form time to time direct under clause ( a ) of sub- section (3 ) of Section 17 of said Act wthin 15 days from the close of every month .

(2) The rate of contribution payable under the provident fund rules of the said establishment shall at no time be lower than those payable under the siad Act in respect of the un- exempted establishment and the said Scheme framed thereunder .

(3) In the matter of advances , the scheme of the exempted establishment shall not be less favourable than the Employees ' Provident fund Scheme , 1952 .

(4) Any amendment to the siad Scheme , which is more beneficial to the employees than the existing rules of the said establishment shall be made applicable to them automatically, No amendment of the rules of the provident fund of the said establishment shall be made without the previous approval of the Regional Provident fund Commissioner and where any amendment his likely to affect adversely the interest of the employees of the siad establishment , the Regional Provident Fund commissioner shall before giving his approval , give a reasonable opportunity of hearing to the employees to explain their case .

(5) All employees [ as defined in clause ( f) of Section 2 of the said Act ] , who would have been eligible to become member of the Provident Fund , had the said establishment not been granted exemption shall be enrolled as members .

(6) Where an employee who is already a member for the Employees ' Provident Fund (Statutory) or a provident fund of any other exempted establishment is employed in his establishment , the employer shall immediately enrol him as a member of the fund and arrange to have the accumulations in the provident fund account of such employee with his previous employer transferred and credited to his account .

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

(7) The employer shall establish a Board of Trustees for the mangement of the provident fund according to such directions as may be given by the Central Provident Fund commissioner or by the Central Government , as the case may be from time to time .

(8) The Provident Fund shall vest in the Board of Trustees which shall be responsible for and accountable to the Employees Provident Fund Organisation inter - alia for proper accounts of the receipts into and payments from the Provident Fund and the balances in its custody.

(9) The Board of Truistees shall meet at least once in every three months and shall function in accordance with the guidelines that may be issued from time to time by the Central Government , Central Provident Fund Commissioner shall have the right to have the accounts re - audited by any other qualified auditor and the expenses on such re - audit shall be borne by the employer .

(10) A copy of the audited provident fund accounts together with the audited balance sheet of the said establishment for each accounting year shall be submitted to the Regional Provident Fund Commissioner within six months after the close of the financial year . For this purpose , the financial year of the Provident fund shall be from the 1st April to the 31st March .

( 11) The employer shall transfer to the Board of Trustees the contribution payable to the provident Fund by himself and the employees by the 15th of each month following the month for which the contribution are payable . The employer shall be liable to pay damages to the Board of Trustees for any delay in payment of the contributions in the same manner , as an unexempted establishment is liable under similar circumstance .

( 12) The Board of Trustees shall invest the monies in the fund as per direction that may be given by the Government from time to time , The securities shall be obtained in the name of the Board of Trustees and shall be kept in the custody of a scheduled Bank under the Credit Control of the Reserve Bank of India .

1269 ( 13) Failure to make the investments as per direction of the Government shall make the Board of Trustees severally and jointly liable to surcharge as may be imposed by the Central Provident Fund Commissioner or his representative .

(14) The Board of Trustees shall maintain a script wise register and ensure timely realization of interest and redemption proceeds .

(15) The Board of Trustees shall maintain detailed accounts to show the contributions credited , withdrawal and interest in respect of each employee.

(16) The Board shall issue an annual statement of accounts to every employees within six months of the close to financial / accounting year .

( 17) The Board , may instead of the annual statement of accounts , issue passbooks to every employee. These pass book shall remain in the coustody for the concerned employee and will be brought upto date by the Board on presentation by the employees .

(18) The accounts of each employee shall be credited with interest calculated on the opening balance as on the Ist day of the accounting year at such rate as may be decided by the Board of Trustees but shall not be lower than the rate declared by the Central Government under para 60 of the said Scheme .

(19) If the Board of Trustees is unable to pay interest at the rate declared by the Central Government for the reason that the return on investment is less or for any other reason , than the deficiency shall be made good by the employer.

(20) The employer shall also make good any other loss that may be caused to the Provident fund due to theft , burglary defalcation , mis- appropriation or any other reason .

(21 ) The employer as well as the Board of Trustees shall submit such returns to the Regional Provident Fund commissioner as the Central Government/ Central Provident Fund Commissioner may Prescribe from time to time.

(22) If the Provident Fund rules of the said establishment provide forfeiture of the employees ' contribution in cases where an employees ceases to be a member of the fund 1270

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

on the lines of para 69 of the said scheme , the Board of Trustees shall maintain a separate of the amounts so forfeited and may utilize the same for such purpose as may be determined with the prior approval of the Central Provident Fund Commissioner.

(23) Notwithstanding any thing contained in the rules of the Provident Fund of the establishment , if the amount payable to any member upon his ceasing to be an employee of the establishment or transferable on his transfer to any other establishment by way of employer and employees ' contribution plus interest thereon taken together with the amount, if any payable under the Gratuity or Pension Rules be less than the amount that would be payable as employer's and employees ' contribution plus inerest thereon if he were a member of the Provident fund under the said scheme . The employer shall pay the difference to the member as compensation of special contribution.

(24) The employer shall bear all the expenses of the administration of the provident Fund including the maintenance of accounts , submission of returns , transfer of accumulations .

(25) The employer in relation to the said establishment shall provide for such facilities for inspection and pay such inspection charges within 15 days from the close of every month as the Central Government , may, from time to time decide under clause ( a) of sub - section (3 ) of Section 17 of the said act .

(26) The employer shall display on the notice board of the said establishment , a copy of the rules of the fund as approved by the appropriate authority and as and when amended , along with a translation of the salient points thereof in language of the majority of the employees .

(27) The " Appropriate Government " may lay down any further conditions for continues exemption of the establishment .

(28 ) The employee shall enhance the rate of provident fund contribution appropriately if the rate of provident fund contribution for the class of establishment which the said establishment falls is enhanced under the said act so that tha benefits under the provident fund scheme of the said establishment shall not become less- favorable than the benefits provided under the said act,

[भाग 1 (29) The exemption is liable to be cancelled for violation of any of the above condition .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, श्रीनिवास शर्मा, उपसचिव.

गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 12 मार्च 2014

क्र. एफ 1 ( ए) 29-2012- ब- 2-दो.- श्री रियाज इकबाल, भापुसे. , नगर पुलिस अधीक्षक, गोविन्दपुरा, भोपाल को दिनांक 25 फरवरी से 11 मार्च 2014 तक, पन्द्रह दिवस पितृत्व अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री रियाज इकबाल , भापुसे, को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक , स्थानापन्न नगर पुलिस अधीक्षक, गोविन्दपुरा , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री रियाज इकबाल , भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री रियाज इकबाल, भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

भोपाल, दिनांक 18 मार्च 2014

क्र. एफ. 1 ( ए) 269-86-ब- 2- दो. श्री एम. आर. कृष्णा, भापुसे. , अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को- ऑपरेटिव्ह फ्राड एवं लोक सेवा गारण्टी एवं सूचना का अधिकार, पुलिस मुख्यालय, भोपाल को दिनांक 20 से 29 मार्च 2014 तक, दस दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 30 मार्च 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुए, राज्य शासन द्वारा खण्ड वर्ष 2014-17 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2014-15 में गृहनगर अवकाश यात्रा की पात्रता के तहत परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ गृह नगर श्रीकाकुलम (आन्ध्रप्रदेश ) की अवकाश यात्रा पर जाने की अनुमति प्रदान की जाती है:-

1 . श्री एम.आर. कृष्णा स्वयं

2. श्रीमती एम. इन्दिरा पत्नी

3. एम. तरुण पुत्र

(2 ) उक्त यात्रा हेतु श्री एम. आर. कृष्णा , भापुसे . , को दस भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

दिवस के अवकाश नगदीकरण/समर्पण की पात्रता होगी एवं नगदीकृत दिवस इनके अर्जित अवकाश खाते से घटाये जायेंगे.

( 3 ) उक्त अवकाश अवधि में इनका कार्य श्री के. एल . मीणा, भापुसे. , अतिरिक्त महानिदेशक, विशेष अभियान, भोपाल द्वारा अतिरिक्त रूप से अपने कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.

(4) अवकाश से लौटने पर श्री एम. आर. कृष्णा , भापुसे. , को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को- ऑपरेटिव्ह फ्राड एवं लोक सेवा गारण्टी एवं सूचना का अधिकार, पुलिस मुख्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

( 5 ) श्री एम. आर. कृष्णा, भापुसे. , अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को-ऑपरेटिव्ह फ्राड एवं लोक सेवा गारण्टी एवं सूचना का अधिकार, पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कण्डिका (3 ) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .

(6 ) अवकाशकाल में श्री एम. आर. कृष्णा , भापुसे. , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(7 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एम. आर. कृष्णा, भापुसे. , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

क्र.. एफ 1 ( ए) 92-2001- ब-2- दो. श्री जी. पी. उइके, भापुसे. , पुलिस महानिरीक्षक, ( समन्वय ) अअवि, पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 9 से 30 दिसम्बर 2013 तक कुल बाईस दिवस का लघुकृत एवं दिनांक 31 दिसम्बर 2013 से 17 जनवरी 2014 तक, कुल अठारह दिवस का अर्जित अवकाश उपभोग पश्चात् स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) श्री जी. पी. उइके , भापुसे , के अवकाश खाते से चौवालीस दिवस का अर्द्धवैतनिक अवकाश घटाया जायेगा.

( 3 ) अवकाशकाल में श्री जी. पी . उइके , भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री जी. पी. उइके, भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

क्र. एफ-1 ( ए) 191-1991- ब-2-दो. श्री अशोक अवस्थी, भापुसे, महानिरीक्षक विपुस्था, लोक आयुक्त, कार्यालय मध्यप्रदेश, भोपाल को दिनांक 16 जून से 5 जुलाई 2014 तक, बीस दिवस अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

1271 (2 ) श्री अशोक अवस्थी, भापुसे, की अवकाश अवधि में इनका कार्य श्री एस.एम. अफजल , भापुसे, महानिरीक्षक ( पूर्व ) विपुस्था, लोक आयुक्त, कार्यालय, मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री अशोक अवस्थी, भापुसे, को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न महानिरीक्षक विपुस्था, लोक आयुक्त, कार्यालय मध्यप्रदेश, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री अशोक अवस्थी, भापुसे, महानिरीक्षक विपुस्था, लोक आयुक्त, कार्यालय मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका 2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .

(5) अवकाशकाल में श्री अशोक अवस्थी, भापुसे , को अवकाश, वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अशोक अवस्थी, भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

भोपाल , दिनांक 20 मार्च 2014

क्र. एफ 1 ( ए) 87-2008- ब-2- दो. सुश्री चैत्रा एन. , भापुसे. , सेनानी 32वीं वाहिनी , विसबल, उज्जैन को दिनांक 17 से 18 फरवरी 2014 तक के दो दिवस के आकस्मिक अवकाश एवं दिनांक 14 , 15 एवं 16 फरवरी 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुये राज्य शासन द्वारा खण्ड वर्ष 2014-17 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2014-15 में गृह नगर बैंगलोर जाने की अवकाश यात्रा सुविधा की कार्योत्तर अनुमति प्रदान की जाती है .

(2) अवकाश से लौटने पर सुश्री चैत्रा एन. , भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सेनानी 32 वीं वाहिनी, विसबल , उज्जैन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में सुश्री चैत्रा एन. , भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री चैत्रा एन. , भापुसे , अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर बनी रहतीं.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

आर. के. स्वाई, प्रमुख सचिव.

1272

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 24 मार्च 2014

फा. क्र. 3 (ए) 15-2005- इक्कीस - ब( एक) .- राज्य शासन , विधि एवं विधायी कार्य विभाग में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ उच्चतर न्यायिक सेवा के निम्नलिखित अधिकारियों की सेवाएं प्रतिनियुक्ति से उनके द्वारा कार्यभार सौंपने के दिनांक से वापस कर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय को सौंपता है : -

1. श्री अचल कुमार पालीवाल , अतिरिक्त सचिव, 2. श्री अरूण कुमार सिंह ( सीनि ) , अतिरिक्त सचिव, 3. श्री राजेश कुमार गुप्ता, अतिरिक्त सचिव,

4. श्री शिवचरण पाण्डे, अतिरिक्त सचिव,

5. श्री सतीश चन्द्र शर्मा ( जूनि. ) ( नई दिल्ली कार्यालय ) , अतिरिक्त सचिव.

6. श्री राजीव म. आपेट, अतिरिक्त सचिव.

फा. क्र. 3 (ए) 4-2014 - इक्कीस- ब( एक) .- भारत के संविधान के अनुच्छेद 233 के खण्ड ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय के परामर्श से मध्यप्रदेश शासन , एतद्वारा , निम्नलिखित सिविल न्यायाधीश ( वरिष्ठ श्रेणी ) को मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा ( भर्ती तथा सेवा शर्तें ) नियम, 1994 यथासंशोधित नियम, 5 ( 1 ) ( ए) के अंतर्गत उनके कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से अस्थायी रूप से, आगामी आदेश होने तक, जिला न्यायाधीश (प्रवेश स्तर ) , वेतनमान रुपये 51550-1230-58930- 1380-63070 , के पद पर स्थानापन्न रूप से नियुक्त करता है: - 1. श्री अविनाश चंद्र तिवारी , व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नरसिंहपुर.

2. श्री देवनारायण पाटिल , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट , टीकमगढ़.

[ भाग 1 3. श्री रामब्रेश ( यादव ) , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, दतिया.

4. श्री कमर इकबाल खान, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सतना.

5. श्री अजय कुमार टेलर, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट , भिण्ड.

6. श्री अजय कुमार सिंह , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मण्डला.

7. श्रीमती सविता सिंह, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं अतिरिक्ति मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट , इन्दौर.

फा. क्र. 17 (ई ) 7-2011 - इक्कीस - ब ( दो ) .- राज्य शासन , श्रीमती गिरिवाला सिंह , रजिस्ट्रार ( ज्यूडिशियल -1 ) , मध्यप्रदेश , उच्च न्यायालय, जबलपुर को आगामी आदेश होने तक उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से मध्यप्रदेश राज्य विधि सेवा प्राधिकरण, जबलपुर में उप सचिव के पद पर प्रतिनियुक्ति पर एतद्वारा नियुक्त करता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. वर्मा, सचिव.

भोपाल , दिनांक 25 मार्च 2014

फा. क्र. 1 (सी) -6-2014 - इक्कीस ब( दो ) .- राज्य शासन, दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 8 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, श्री अरूण कुमार श्रीवास्तव , जिला लोक अभियोजन अधिकारी , जिला बड़वानी को विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त संगठन के विशेष न्यायालयों के समक्ष लंबित प्रकरणों में, शासन की ओर से पैरवी करने हेतु उनकी पदस्थापना तक, एतद्वारा विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कृष्ण गोपाल सुरेका, सचिव.

भोपाल , दिनांक 24 मार्च 2014

फा. क्र. 1-1-2002 - इक्कीस- ब ( एक ) .- कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम, 1984 ( 1984 का सं. 66 ) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात्, एतद्वारा , नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट निम्नलिखित कुटुम्ब न्यायालयों की स्थापना , कॉलम ( 3 ) की तत्स्थानी प्रविष्टियों में विनिर्दिष्ट मुख्यालयों पर उसके ( अनुसूची के ) कॉलम भाग 1 ]

( 4 ) में विनिर्दिष्ट क्षेत्रों के लिये करता है , अर्थात्:-

कुटुम्ब न्यायालय का नाम

(2)

अनुक्रमांक (1)

1 कुटुम्ब न्यायालय, बैतूल

2 कुटुम्ब न्यायालय , सतना

3 कुटुम्ब न्यायालय , मंदसौर

4 कुटुम्ब न्यायालय , कटनी

5 कुटुम्ब न्यायालय , रतलाम

6 कुटुम्ब न्यायालय, छिंदवाड़ा

7 कुटुम्ब न्यायालय, सिवनी

8 कुटुम्ब न्यायालय , गुना

9 कुटुम्ब न्यायालय, देवास

10 कुटुम्ब न्यायालय , भिण्ड

11 कुटुम्ब न्यायालय , विदिशा

12 कुटुम्ब न्यायालय , धार

13 कुटुम्ब न्यायालय , बालाघाट

14 कुटुम्ब न्यायालय, छतरपुर

15 कुटुम्ब न्यायालय , सिंगरौली

16 कुटुम्ब न्यायालय , मण्डलेश्वर

1273

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

अनुसूची

मुख्यालय

क्षेत्र जिसकी अधिकारिता तक विस्तार होगा (4)

(3)

बैतूल

केन्टोनमेंट क्षेत्र, यदि कोई हो, को सम्मिलित करते हुए नगरपालिका, बैतूल की सीमाएं.

सतना

केन्टोनमेंट क्षेत्र, यदि कोई हो , को सम्मिलित करते हुए नगर निगम, सतना की सीमाएं.

मंदसौर

केन्टोनमेंट क्षेत्र, यदि कोई हो, को सम्मिलित करते हुए नगरपालिका, मंदसौर की सीमाएं.

कटनी

केन्टोनमेंट क्षेत्र, यदि कोई हो, को सम्मिलित करते हुए नगर निगम , कटनी की सीमाएं.

रतलाम

केन्टोनमेंट क्षेत्र , यदि कोई हो , को सम्मिलित करते हुए नगर निगम, रतलाम की सीमाएं.

छिंदवाड़ा

केन्टोनमेंट क्षेत्र, यदि कोई हो , को सम्मिलित करते हुए नगरपालिका, छिंदवाड़ा की सीमाएं.

सिवनी

केन्टोनमेंट क्षेत्र, यदि कोई हो, को सम्मिलित करते हुए नगरपालिका, सिवनी की सीमाएं.

गुना

केन्टोनमेंट क्षेत्र, यदि कोई हो, को सम्मिलित करते हुए नगरपालिका, गुना की सीमाएं.

देवास

केन्टोनमेंट क्षेत्र , यदि कोई हों, को सम्मिलित करते हुए नगर निगम, देवास की सीमाएं.

भिण्ड

केन्टोनमेंट क्षेत्र, यदि कोई हो, को सम्मिलित करते हुए नगरपालिका, भिण्ड की सीमाएं.

विदिशा

केन्टोनमेंट क्षेत्र , यदि कोई हो , को सम्मिलित करते हुए नगरपालिका , विदिशा की सीमाएं.

धार

केन्टोनमेंट क्षेत्र , यदि कोई हो, को सम्मिलित करते हुए नगरपालिका, धार की सीमाएं.

बालाघाट

केन्टोनमेंट क्षेत्र, यदि कोई हो, को सम्मिलित करते हुए नगरपालिका, बालाघाट की सीमाएं.

छतरपुर

केन्टोनमेंट क्षेत्र, यदि कोई हो, को सम्मिलित करते हुए नगरपालिका, छतरपुर की सीमाएं.

सिंगरौली

केन्टोनमेंट क्षेत्र, यदि कोई हो, को सम्मिलित करते हुए नगर निगम, सिंगरौली की सीमाएं.

मण्डलेश्वर

केन्टोनमेंट क्षेत्र, यदि कोई हो, को सम्मिलित करते हुए नगरपालिका, मण्डलेश्वर की सीमाएं.

1274

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

(4)

(2)

(3)

(1)

17

नीमच

कुटुम्ब न्यायालय , नीमच

केन्टोनमेंट क्षेत्र, यदि कोई हो, को सम्मिलित करते हुए नगरपालिका, नीमच की सीमाएं.

18

मुरैना

कुटुम्ब न्यायालय , मुरैना

केन्टोनमेंट क्षेत्र, यदि कोई हो, को सम्मिलित करते हुए नगरपालिका, मुरैना की सीमाएं.

सीधी

19 कुटुम्ब न्यायालय , सीधी

केन्टोनमेंट क्षेत्र, यदि कोई हो, को सम्मिलित करते हुए नगरपालिका, सीधी की सीमाएं.

मण्डला

20 कुटुम्ब न्यायालय , मण्डला

केन्टोनमेंट क्षेत्र, यदि कोई हो, को सम्मिलित करते हुए नगरपालिका, मण्डला की सीमाएं.

(2) यह अधिसूचना 1 अप्रैल 2014 से प्रभावी होगी.

F. No. I - 1-2002 - XXI - B ( One ) . In exercise of the powers conferred by Section 3 of the Family Courts Act , 1984 (No. 66 of 1984) , the State Government , after consultation with the High Court , hereby establish , the following Family courts specified in column (2) of the Schedule below , at the headquarters specified in the corresponding entries in column (3 ) , for the areas specified in column (4) thereof, namely :

SCHEDULE

S. No.

Area to which the Jurisdiction shall extend

Head quarters

Name of the Family Court (2)

(4)

(3)

(1)

1

Betul

Family Court , Betul

Limits of Municipality , Betul including Cantonment area , if any.

2

Satna

Family Court , Satna

Limits of Municipal Corporation , Satna including Cantonment area , if any .

Mandsaur

3 Family Court , Mandsaur

Limits of Municipality , Mandsaur including Cantonment area , if any.

4

Katni

Family Court , Katni

Limits of Municipal Corporation , Katni including Cantonment area , if any .

Ratlam

5 Family Court , Ratlam

Limits of Municipal Corporation , Ratlam including Cantonment area , if any .

Chhindwara

6 Family Court , Chhindwara

Limits of Municipality , Chhindwara including Cantonment area , if any .

7

Seoni

Family Court , Seoni

Limits of Municipality , Seoni including Cantonment area , if any .

Guna

8 Family Court , Guna

Limits of Municipality , Guna including Cantonment area , if any .

9

Dewas

Family Court , Dewas

Limits of Municipal Corporation , Dewas including Cantonment area , if any .

Bhind

10 Family Court , Bhind

Limits of Municipality , Bhind including Cantonment area , if any .

1275 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

(4)

(3)

(1)

11

Vidisha

Family Court , Vidisha

Limits of Municipality , Vidisha including Cantonment area , if any .

Dhar

12 Family Court , Dhar

Limits of Municipality , Dhar including Cantonment area , if any .

13

Balaghat

Family Court , Balaghat

Limits of Municipality , Balaghat including Cantonment area , if any .

Chhatarpur

14 Family Court , Chhatarpur

Limits of Municipality , Chhatarpur including Cantonment area , if any.

15

Singrauli

Family Court , Singrauli

Limits of Municipal Corporation , Singrauli including Cantonment area , if any .

Mandleshwar

16 Family Court , Mandleshwar

Limits of Municipality , Mandleshwar including Cantonment area , if any.

17

Neemuch

Family Court , Neemuch

Limits of Municipality , Neemuch including Cantonment area , if any .

18

Morena

Family Court , Morena

Limits of Municipality , Morena including Cantonment area , if any .

Sidhi

19 Family Court , Sidhi

Limits of Municipality , Sidhi including Cantonment area , if any .

Mandla

20 Family Court , Mandla

Limits of Municipality , Mandla including Cantonment area , if any .

(2) This Notification shall come into force with effect from 1st April 2014.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. वर्मा, सचिव.

विभाग प्रमुखों के आदेश

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन"

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल, मध्यप्रदेश -462 011

भोपाल , दिनांक 24 मार्च 2014

हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

आदेश

क्र. एफ. 67-252-10-तीन- 566.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

1276

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मनगवां, जिला रीवा के आम निर्वाचन में श्री संतोष कुमार अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर परिषद् मनगवां , जिला रीवा के निर्वाचन परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, रीवा के पत्र क्र. 664/ स्था.निर्वा/2011 , दिनांक 2 सितम्बर 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री संतोष कुमार द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री संतोष कुमार को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 14 सितम्बर 2011 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के माध्यम से दिनांक 2 अक्टूबर 2011 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) , इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा .

श्री संतोष कुमार को कारण बताओ नोटिस दिनांक 2 अक्टूबर 2011 को तामील कराया गया. अतः अभ्यर्थी को अपना जवाब/ अभ्यावेदन दिनांक 17 अक्टूबर 2011 तक प्रस्तुत करना था. अभ्यर्थी श्री संतोष कुमार से प्राप्त अभ्यावेदन दिनांक 25 अक्टूबर 2011 जो कि आयोग कार्यालय में दिनांक 2 नवम्बर 2011 को प्राप्त हुआ. प्राप्त अभ्यावेदन की जांच कलेक्टर, रीवा से कराई गई. जांच उपरान्त कलेक्टर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 जून 2012 में प्रतिवेदित है कि " अभ्यर्थी श्री संतोष कुमार द्वारा अस्वस्थ्यता का कारण प्रदर्शित करते हुए विलम्ब का कारण स्पष्ट किया , किन्तु इनके द्वारा अस्वस्थ्यता के संबंध में कोई अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया, ऐसी स्थिति में इनके तथ्यों पर विचार किया जाना उचित प्रतीत नहीं होता.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री संतोष कुमार को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद मनगवां , जिला रीवा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल .

आदेश

भोपाल , दिनांक 26 मार्च 2014

क्र. एफ. 67-123-10- तीन- 593.- मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14-" क " के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम, अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम, भोपाल , जिला भोपाल के आम निर्वाचन में श्रीमती रुखसाना बी राईन महापौर पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिक निगम, भोपाल जिला भोपाल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भाग 1 ]

1277

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

भोपाल के पत्र क्र . /7471 /स्था. निर्वा./ 10 , दिनांक 6 मार्च 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती रुखसाना बी राईन द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती रुखसाना बी राईन को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 16 अप्रैल 2010 को जारी किया गया . कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

कारण बताओ नोटिस दिनांक 16 अप्रैल 2010 के संबंध में अभ्यर्थी श्रीमती रुखसाना बी राईन ने आयोग को अपना अभ्यावेदन दिनांक 5 जुलाई 2010 प्रस्तुत किया. उक्त अभ्यावेदन में वर्णित तथ्यों की जांच कलेक्टर, भोपाल से कराई गई. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से प्राप्त जांच प्रतिवेदन दिनांक 14 सितम्बर 2010 में प्रतिवेदित है कि " अभ्यर्थी श्रीमती रुखसाना बी राईन द्वारा अभ्यावेदन में उल्लिखित किया है कि " उनकी छोटी पुत्री अमीना उर्फ फरहा के पति दिनांक 20 मार्च 2010 को अचानक लापता हो गये थे . पारिवारिक विवाद के कारण दिनांक 17 जून 2010 को पुत्री का तलाक हो गया " उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल द्वारा अवगत कराया है कि अभ्यर्थी द्वारा दर्शाया गया कारण मान्य योग्य नहीं है.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम , अधिनियम , 1956 की धारा 14-ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती रुखसाना बी राईन को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम , भोपाल , जिला भोपाल का पार्षद या महापौर होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 26 मार्च 2014

क्र. एफ. 67-247-10- तीन-595.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् हनुमना, जिला रीवा के आम निर्वाचन में श्री हृदय लाल सोनी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर परिषद् हनुमना जिला रीवा के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पत्र क्र. 664/स्था. निर्वा/2011 , दिनांक 2 सितम्बर 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री हृदय लाल सोनी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री हृदय लाल सोनी को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 28 सितम्बर 2011 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के माध्यम से दिनांक 5 मार्च 2012 को तामील कराया गया. अभ्यर्थी से कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) , इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में समस्त वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के 1278

अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री हृदय लाल सोनी को कारण बताओ नोटिस दिनांक 5 मार्च 2012 को तामील कराया गया. अतः अभ्यर्थी को अपना जवाब/ अभ्यावेदन दिनांक 20 मार्च 2012 तक प्रस्तुत करना था . अभ्यर्थी श्री हृदय लाल सोनी ने अभ्यावेदन दिनांक निरंक, प्रेषित किया जो कि आयोग कार्यालय में दिनांक 13 अप्रैल 2012 को प्राप्त हुआ. प्राप्त अभ्यावेदन की जांच कलेक्टर, एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा से कराई गई. जांच उपरान्त कलेक्टर ने अपने प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 6 जनवरी 2014 में प्रतिवेदित है कि " अभ्यर्थी श्री हृदय लाल सोनी द्वारा स्वयं स्वीकार किया गया है कि व्यय लेखा में त्रुटियां की, किन्तु उसके द्वारा त्रुटियों के परिमार्जन पश्चात् व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके स्वीकारिता के संबंध में विचार करना उचित प्रतीत नहीं होता है ".

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री हृदय लाल सोनी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद हनुमना, जिला रीवा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार ,

(जी. पी. श्रीवास्तव )

हस्ता./- सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 26 मार्च 2014

क्र. एफ. 67-247-10-तीन- 596.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् हनुमना, जिला रीवा के आम निर्वाचन में श्रीमती यशोदा कुमारी सोधिया अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर परिषद् हनुमना जिला रीवा के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पत्र क्र. 664/स्था. निर्वा/2011 , दिनांक 2 सितम्बर 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती यशोदा कुमारी सोधिया द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती यशोदा कुमारी सोधिया को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 28 सितम्बर 2011 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के माध्यम से दिनांक 5 मार्च 2012 को तामील कराया गया. अभ्यर्थी से कारण बताओ नोटिस का जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) , इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में समस्त वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

कारण बताओ नोटिस के संबंध में अभ्यर्थी श्रीमती यशोदा कुमारी सोधिया से प्राप्त अभ्यावेदन दिनांक 14 दिसम्बर 2011 की जांच कलेक्टर, रीवा से कराई गई. उप जिला निर्वाचन अधिकारी भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

रीवा से प्राप्त जांच प्रतिवेदन दिनांक 6 जनवरी 2014 में प्रतिवेदित है कि " अभ्यर्थी श्रीमती यशोदा कुमारी सोधिया द्वारा अभ्यावेदन में उल्लिखित किया है कि " हनुमना एवं रीवा के अधिकारियों द्वारा व्यय लेखा प्रमाणित न करने के कारण दाखिल नहीं कर पाई " इस संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा द्वारा अवगत कराया है कि अभ्यर्थी द्वारा व्यय लेखा के शपथ पत्र का प्रमाणीकरण नोटरी द्वारा भी कराया जा सकता था, जो अभ्यर्थी द्वारा नहीं कराया गया. अभ्यावेदन में उल्लिखित तथ्य काल्पनिक होने से विचार योग्य नहीं हैं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती यशोदा कुमारी सोधिया को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद हनुमना, जिला रीवा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 26 मार्च 2014

क्र. एफ. 67-247-10- तीन-597.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

1279 राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् हनुमना , जिला रीवा के आम निर्वाचन में मो. मुस्तकीम आजम मुसलमान अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर परिषद् हनुमना, जिला रीवा के निर्वाचन परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, रीवा के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, रीवा के पत्र क्र. 664/स्था. निर्वा/2011 , दिनांक 2 सितम्बर 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार मो. मुस्तकीम आजम मुसलमान द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर मो. मुस्तकीम आजम मुसलमान को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 28 सितम्बर 2011 जारी कर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, रीवा के माध्यम से दिनांक 5 मार्च 2012 को तामील कराया गया. अभ्यर्थी से कारण बताओ नोटिस का जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) , इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में समस्त वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

कारण बताओ नोटिस के संबंध में अभ्यर्थी मो. मुस्तकीम आजम मुसलमान से प्राप्त अभ्यावेदन दिनांक 16 दिसम्बर 2011 की जांच कलेक्टर, रीवा से कराई गई. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा से प्राप्त जांच प्रतिवेदन दिनांक 6 जनवरी 2014 में प्रतिवेदित है कि " अभ्यर्थी मो . मुस्तकीम आजम मुसलमान द्वारा शपथ पत्र तस्दीक न करा पाने जिला मुख्यालय के लिए नियत तिथि को वाहन उपलब्ध न हो सकने के कारण जमा न करने संबंधी तथ्य का उल्लेख किया गया है . उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा यह भी प्रतिवेदित किया गया है कि " अभ्यर्थी नियत तिथि के पूर्व नोटरी से शपथ पत्र सत्यापित करा सकता था पर उसके द्वारा समय वाधित किया गया ऐसी स्थिति में विलम्ब के संबंध में विचार किया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है ".

1280

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत मो. मुस्तकीम आजम मुसलमान को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद हनुमना, जिला रीवा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी मध्यप्रदेश , भोपाल (विभागीय परीक्षा प्रकोष्ठ )

भोपाल, दिनांक 24 मार्च 2014

क्र. 2040-486-अका-विपप्र-2014.- राज्य शासन द्वारा किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 10 जनवरी , 2014 को प्रश्नपत्र लेखा- द्वितीय (बिना पुस्तकों के ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है: -

पदनाम नाम अधिकारी

क्रमांक

(1)

(2)

(3)

उच्चस्तर होशंगाबाद संभाग

कृषि विकास अधिकारी 1 सुश्री सुनीता मवासे

इन्दौर संभाग

2 श्री रूपेन्द्र सिंह सोलंकी कृषि विकास अधिकारी 3 श्री राधेश्याम निगवाल

सहायक संचालक कृषि (1)

(2)

(3) 4 श्री ईश्वर वास्कले

कृषि विकास अधिकारी 5 श्री राजाराम चौहान

कृषि विकास अधिकारी 6 श्री गिरधारी भावर

कृषि विकास अधिकारी 7 श्री संदीप रावत

कृषि विकास अधिकारी

कृषि विकास अधिकारी 8 कु. नम्रता निरगुड़े

भोपाल संभाग

कृषि विकास अधिकारी 9 सुश्री विनीता परते

कृषि विकास अधिकारी 10 कु. अंजना कुजूर

जबलपुर संभाग

कृषि विकास अधिकारी 11 कु. रागिनी वर्मे

कृषि विकास अधिकारी 12 सुश्री अंजु मरकाम

कृषि विकास अधिकारी 13 श्री सुनिल कुमार बांगडे

14 कु. निशा मेश्राम

कृषि विकास अधिकारी

कृषि विकास अधिकारी 15 सुश्री राजप्रभा मार्को

कृषि विकास अधिकारी 16 सुश्री कंचन उइके

कृषि विकास अधिकारी 17 सुश्री प्रीति उइके

कृषि विकास अधिकारी 18 कु. अलका कोड़ापे

कृषि विकास अधिकारी 19 कु. पूजा पासी

रीवा संभाग

20 श्री प्रहलाद कुमार बागरी कृषि विकास अधिकारी

उज्जैन संभाग

21 श्री जीवन बरड़े

कृषि विकास अधिकारी

कृषि विकास अधिकारी 22 श्री सुरेश मण्डलोई

निम्नस्तर

ग्वालियर संभाग

कृषि विकास अधिकारी 1 कु. मंजू बरैया

कृषि विकास अधिकारी 2 श्री मुनेश कुमार शाक्य

इन्दौर संभाग

कृषि विकास अधिकारी 3 श्री भूपेन्द्र सिंह सोलंकी

4 रामलाल सावले

कृषि विकास अधिकारी 5 श्री जितेन्द्र सिंह दादोरिया कृषि विकास अधिकारी

कृषि विकास अधिकारी 6 कु. अनिता बरडे 1281

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

(2)

(1)

(3)

जबलपुर संभाग

कृषि विकास अधिकारी 7 कु. अर्चना गोहिया

कृषि विकास अधिकारी 8 श्री अरविन्द कुमार जवारे

रीवा संभाग

कृषि विकास अधिकारी 9 सुश्री गीता नीलम

कृषि विकास अधिकारी 10 श्री पुरुषोत्तम बागरी

11 श्री जितेन्द्र चारेल

कृषि विकास अधिकारी क्र. 2042-485- अका-विपप्र-2014 .- राज्य शासन द्वारा किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 10 जनवरी, 2014 को प्रश्नपत्र लेखा प्रथम (पुस्तकों सहित ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है:-

पदनाम क्रमांक नाम अधिकारी

(1)

(2)

(3)

उच्चस्तर

इन्दौर संभाग

1 श्री रूपेन्द्र सिंह सोलंकी कृषि विकास अधिकारी 2 श्री ईश्वर वास्कले

कृषि विकास अधिकारी 3 श्री राजाराम चौहान

कृषि विकास अधिकारी 4 श्री गिरधारी भावर

कृषि विकास अधिकारी 5 श्री संदीप रावत

कृषि विकास अधिकारी

कृषि विकास अधिकारी 6 कु. नम्रता निरगुड़े

7 श्री रामलाल सावले

कृषि विकास अधिकारी 8 कु. अनिता बरडे

कृषि विकास अधिकारी

भोपाल संभाग

कृषि विकास अधिकारी 9 सुश्री विनीता परते

जबलपुर संभाग

कृषि विकास अधिकारी 10 कु. रागिनी वर्मे

कृषि विकास अधिकारी 11 सुश्री अंजु मरकाम

कृषि विकास अधिकारी 12 श्री सुनील कुमार बांगड़े

कृषि विकास अधिकारी 13 कु. निशा मेश्राम

14 सुश्री कंचन उइके

कृषि विकास अधिकारी 15 सुश्री प्रीति उइके

कृषि विकास अधिकारी

कृषि विकास अधिकारी 16 कु. अलका कोड़ापे

निम्नस्तर

ग्वालियर संभाग

कृषि विकास अधिकारी 1 कु. नीलम प्रधान

कृषि विकास अधिकारी 2 कु. मंजू बरैया

होशंगाबाद संभाग

कृषि विकास अधिकारी 3 सुश्री सुनीता मवासे

इन्दौर संभाग

4 श्री राधेश्याम निंगवाल

सहायक संचालक, कृषि 5 श्री भूपेन्द्र सिंह सोलंकी कृषि विकास अधिकारी

जबलपुर संभाग

6 राजप्रभा मार्कों

कृषि विकास अधिकारी

कृषि विकास अधिकारी 7 कु. अर्चना गोहिया

कृषि विकास अधिकारी 8 श्री अरविन्द कुमार जवारे

कृषि विकास अधिकारी १ कु. पूजा पासी

रीवा संभाग

कृषि विकास अधिकारी 10 श्री प्रहलाद कुमार बागरी

11 श्री पुरषोत्तम बागरी

कृषि विकास अधिकारी

भोपाल संभाग

कृषि विकास अधिकारी 12 कु. अंजना कुजूर

उज्जैन संभाग

कृषि विकास अधिकारी 13 श्री जीवन बरड़े

14 श्री सुरेश मण्डलोई

कृषि विकास अधिकारी 15 श्री जितेन्द्र चारेल

कृषि विकास अधिकारी भोपाल , दिनांक 26 मार्च 2014

पृ. क्र. 2120-490-अका-विपप्र-2014.- राज्य शासन द्वारा विभागीय परीक्षा माह जनवरी 2014 को प्रश्नपत्र पंचायत राज विधि प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) सम्पन्न हुआ था , की अधिसूचना क्रमांक 1094-490- अका-विपप्र-2014 , दिनाक 13 मार्च 2014 को जारी की गई थी, में होशंगाबाद संभाग से सम्मिलित परीक्षार्थी श्री भूपेन्द्र सिंह परस्ते , नायब तहसीलदार अंकित है के स्थान पर श्री भूपेन्द्र सिंह परस्ते , नायब तहसीलदार को भोपाल से सम्मिलित पढ़ा जाए.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गोपा पाण्डेय , विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी.

1282

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

[ भाग 1 कार्यालय, राज्यपाल का सचिवालय , मध्यप्रदेश , भोपाल

राजभवन , भोपाल , दिनांक 25 मार्च 2014

संशोधित अधिसूचना

क्र. एफ- 1-5-13 - रा.स. यू.ए. 1-336.- मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 ( क्र. 22 सन् 1973 ) की धारा 13 की उपधारा (2 ) के प्रावधान के तहत बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के नियमित कुलपति के पद पर नियुक्ति हेतु पैनल अनुशंसित करने के लिए इस सचिवालय की अधिसूचना क्रमांक एफ-1-5-2013 - रा.स. यू.ए.1-189, दिनांक 19 फरवरी 2014 के द्वारा तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है. समिति को गठन दिनांक से छः सप्ताह में बैठक कर पैनल प्रस्तुत करना है जो कि समिति सदस्यों की अन्य व्यस्तता के कारण संभव नहीं हो सकेगा.

2. अतः, मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा 13 की उपधारा ( 5 ) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, कुलाधिपतिजी के द्वारा समिति को पैनल प्रस्तुत करने हेतु प्रदत्त छः सप्ताह की समयावधि में दो सप्ताह की और वृद्धि की गई है .

कुलाधिपति, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय , भोपाल के आदेशानुसार, विनोद सेमवाल, राज्यपाल के प्रमुख सचिव.

कार्यालय, जिला दण्डाधिकारी , जिला अशोकनगर, मध्यप्रदेश

अशोकनगर, दिनांक 17 दिसम्बर 2013

क्र. एस.डब्ल्यू- 9-20-03-2013-1045.- ध्वनि उत्पादक एवं जनक स्रोतों को विनियमित और नियंत्रित करने तथा ध्वनि स्तरों में वृद्धि का मानव स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ने तथा मनुष्य के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के कारण ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने भारत सरकार पर्यावरण और वन मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा ध्वनि प्रदूषण ( विनियमन और नियंत्रण ) नियम, 2000 बनाये गये हैं. राज्य में कोलाहल के नियंत्रण के लिए एवं उससे होने वाले कुप्रभावों को रोकने के लिये मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम , 1985 बाबत् अधिसूचना का प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र में कराया गया है.

ध्वनि प्रदूषण से मानव जीवन पर होने वाले कुप्रभावों एवं इसे नियंत्रित करने हेतु आवेदक सैयद् मकसूद अली द्वारा भारत शासन, राज्य सरकार एवं इसका पालन कराये जाने हेतु उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर में याचिका क्रमांक 7015-2000 दायर की गई थी. उक्त याचिका में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 19 मार्च 2001 पैरा-1 में वर्णित प्रावधानों का शक्ति से पालन कराये जाने के निर्देश जारी किए गए हैं. भारत सरकार द्वारा बनाये गये ध्वनि प्रदूषण ( विनियमन और नियंत्रण ) नियम, 2000 में ध्वनि के संबंध में परिवेशी वायु क्वालिटी संबंधी मानक निर्धारित किये गये हैं.

अतः, मैं, डॉ. संजय गोयल, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , जिला अशोकनगर, मध्यप्रदेश उपरोक्त निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में अशोकनगर जिले के निम्नानुसार क्षेत्र को ध्वनि प्रदूषण ( विनियमन और नियंत्रण ) नियम, 2000 एवं मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम , 1985 की धारा 18 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए कोलाहल प्रतिबंधित क्षेत्र ( साईलेंस जोन ) जोन घोषित करता हूं तथा आदेशित करता हूं कि निम्न शान्त क्षेत्र को कोई भी व्यक्ति, व्यक्तिगत किसी भी प्रकार का ध्वनि विस्तारण जिसमें वाद्य संगीत, ढोल, साउण्ड स्पीकर, साउण्ड बाक्स आदि शामिल हैं का उपयोग नहीं करेगा . यदि कोई व्यक्ति, व्यक्तिगण ऐसा करते पाया जाता है तो वह मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की धारा 15 ( 1 ) ( 2 ) एवं 16 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा:-

घोषित क्षेत्र की सीमा (3)

स्थान का नाम (2)

कोलाहल प्रतिबंधित अवधि (4) स.क्र. (1)

1

100 मीटर की परिधि का क्षेत्र.

प्रातः 10.00 बजे से शाम 6.00 बजे तक.

जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर, अशोकनगर ( म. प्र. ) .

2

100 मीटर की परिधि का क्षेत्र.

प्रातः 10.00 बजे से शाम 6.00 बजे तक.

तहसील कार्यालय परिसर, अशोकनगर, शाढोरा , ईसागढ़ , चंदेरी , मुंगावली .

1283

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

(2)

(1)

2 जिला अस्पताल, अशोकनगर

3

शास. नेहरु महाविद्यालय परिसर, अशोकनगर.

4 शास. पोली टेकनिक कालेज परिसर, अशोकनगर.

5 शास. बालक उत्कृष्ठ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय , अशोकनगर.

6

शास . कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विद्यालय , अशोकनगर.

7 सिविल न्यायालय परिसर, चंदेरी/मुंगावली 8 सामुदायिक स्वा. केन्द्र परिसर, शाढोरा , ईसागढ़ , चंदेरी , मुंगावली.

(3)

(4)

पूर्ण दिवस 24 घण्टे 100 मीटर की परिधि का क्षेत्र.

तदैव

प्रातः 10.00 बजे से शाम 6.00 बजे तक.

तदैव

प्रातः 10.00 बजे से शाम 6.00 बजे तक.

तदैव

प्रातः 10.00 बजे से शाम 6.00 बजे तक.

तदैव

प्रातः 10.00 बजे से शाम 6.00 बजे तक.

तदैव

प्रातः 10.00 बजे से शाम 6.00 बजे तक.

तदैव

पूर्ण दिवस 24 घण्टे संजय गोयल , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी.

कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, शाजापुर, मध्यप्रदेश

शाजापुर, दिनांक 18 दिसम्बर 2013

क्र. एस.डब्ल्यू- 2013-783 .- मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की धारा 18 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, मैं, प्रमोद गुप्ता, जिलादण्डाधिकारी , शाजापुर, शाजापुर जिले के निम्नानुसार क्षेत्र को कोलाहल प्रतिबन्धित क्षेत्र ( साईलेंस जोन ) घोषित करता हूं तथा आदेशित करता हूं की निम्न शांत क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति, व्यक्तिगत किसी भी प्रकार का ध्वनि विस्तारण जिममें वाध संगीत, ढोल, लाउड स्पीकर साउंड बाक्स आदि शामिल है का उपयोग नहीं करेगा. यदि कोई व्यक्ति , व्यक्तिगण ऐसा करते पाया जाता है तो वह मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम , 1985 की धारा 15 ( 1 ) ( 2 ) एवं 16 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा: -

शाजापुर शहर :

स. क्र.

(1)

स्थान का नाम (2)

1 जिला चिकित्सालय क्षेत्र एवं बस स्टेण्ड 2 लालघाटी से कोतवाली तक ए.बी. रोड, शाजापुर.

शुजालपुर :

1 चिकित्सालय

2 शुजालपुर रेलवे स्टेशन से पचोर रोड 3 अकोदिया रोड सोया प्लांट से नेवज नदी तक यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा.

कोलाहल प्रतिबंधित अवधि (4)

घोषित क्षेत्र की सीमा (3)

24 घंटे

सम्पूर्ण क्षेत्र

सम्पूर्ण क्षेत्र

प्रातः 10.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक.

24 घंटे

सम्पूर्ण क्षेत्र

सम्पूर्ण क्षेत्र

प्रातः 10.00 बजे से शाम 6.00 बजे तक.

सम्पूर्ण क्षेत्र

प्रातः 10.00 बजे से शाम 6.00 बजे तक.

प्रमोद गुप्ता, कलेक्टर एवं जिलादण्डाधिकारी.

1284

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश

छतरपुर , दिनांक 2 जनवरी 2014

क्र. 01 -एस.सी. - 1-2013.- मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल की अधिसूचना क्रमांक एफ 5- 2/1999/4 , दिनांक 30 मार्च 1999 द्वारा सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग-2 के अनुक्रमांक 4 के नियम 8 के अनुसार जिले के भीतर तीन स्थानीय अवकाश की घोषणा करने के लिए अधिकृत किया गया है.

अतः , सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग -2 अनुक्रमांक 4 की कण्डिका 8 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, डॉ. मसूद अख्तर, कलेक्टर, छतरपुर वर्ष 2014 के लिए जिला अंतर्गत निम्न त्योहारों पर उनके समक्ष दर्शाई गई तारीखों को पूरे दिन के लिए स्थानीय अवकाश घोषित करता हूं:-

अवकाश का दिन

त्योहार/पर्व

(2)

अवकाश का दिनांक

(3)

(4)

स. क्र. (1)

15-1-2014

1

मकर संक्रान्ति ( स्नान)

बुधवार

मंगलवार

18-3-2014

2

होली ( भाई दूज )

3

24-10-2014

शुक्रवार

दीपावली ( अन्न कूट)

मसूद अख्तर, कलेक्टर.

कार्यालय , कलेक्टर ( श्रम शाखा ) , मण्डला, मध्यप्रदेश

मण्डला , दिनांक 13 जनवरी 2014

क्र. 02-2014. - बंधक श्रम प्रथा ( समाप्ति ) अधिनियम, 1976 की धारा 10 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, लोकेश कुमार जाटव, कलेक्टर, मण्डला, बंधक श्रम प्रथा ( समाप्ति) अधिनियम, 1976 की धारा 13 ( 2 ) के अन्तर्गत जिला स्तरीय सतर्कता समिति तथा धारा 13 ( 3 ) के अन्तर्गत अनुभाग स्तरीय सतर्कता समिति का पुनर्गठन एतद्वारा करता हूः-

जिला स्तरीय सतर्कता समिति, जिला मण्डला ( मध्यप्रदेश )

धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( क ) के अनुसार -

अध्यक्ष ( 1 ) अपर जिला दण्डाधिकारी , मण्डला ( म. प्र. )

धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) श्री प्रफुल्ल मिश्रा, आजाद वार्ड , मण्डला

सदस्य (2 ) श्री चन्द्र कुमार असरानी ( पारस ) सुभाष वार्ड , मण्डला

सदस्य ( 3) श्री सुनील नामदेव, मु. पो. बिछिया , जिला मण्डला

धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) श्री अंजनी तिवारी , मु. पो . नैनपुर, मण्डला

सदस्य (2 ) श्री विनोद दुबे , मु. पो. निवास, जिला मण्डला

धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) श्री पुलिस अधीक्षक, मण्डला, जिला मण्डला

सदस्य ( 2 ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, मण्डला

सदस्य (3 ) श्री सहायक आयुक्त/जिला संयोजक, आदिम जाति कल्याण, मण्डला 1285 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( च ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) लीड बैंक मैनेजर, मण्डला

1. अनुविभागीय स्तरीय सतर्कता समिति , अनुविभाग मण्डला

धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( क ) के अनुसार -

अध्यक्ष ( 1 ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) श्री संतोष चन्द्रोल , मु. पो . सिलगी , मण्डला

सदस्य ( 2 ) श्री सूर्यकान्त जंघेला, मु. पो. ग्वार, मण्डला

सदस्य (3 ) श्री प्रहलाद सिंह ठाकुर, मु. बरगंवा, पो . माधोपुर, मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) श्री सुखचेन परते , मु. पो . हिरदेनगर, मण्डला

सदस्य (2 ) श्री कालका भलावी , मु. ग्रा. कौरगांव , पो. पुरवा, मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत , मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( च ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) शाखा प्रबंधक, स्टेट बैंक आफ इंडिया, मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( छ ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) तहसीलदार, मण्डला

2. अनुविभागीय स्तरीय सतर्कता समिति अनुविभाग अधिकारी, नैनपुर

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( क ) के अनुसार-

अध्यक्ष ( 1 ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , नैनपुर, जिला मण्डला ( म. प्र. )

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) श्री प्रभात साहू, मु. पो. चिरईडोगरी , नैनपुर, जिला मण्डला

सदस्य (2 ) श्री बलराम सिंह राजपूत, मु. पो . पिण्डरई, जिला मण्डला

सदस्य (3 ) श्री राजेन्द्र राय, वार्ड नं. 02 , नैनपुर, जिला मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) श्री रमेश आरसे, ग्राम बोरीपीपरडी, पो . जामगांव , नैनपुर, जिला मण्डला

सदस्य ( 2 ) श्री सुनील विश्वकर्मा , वार्ड नं. 10 नैनपुर, जिला मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत नैनपुर, जिला मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( च ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) शाखा प्रबंधक, स्टेट बैंक आफ इंडिया , नैनपुर, जिला मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( छ ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) तहसीलदार, नैनपुर , जिला मण्डला 1286

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

3. अनुविभागीय स्तरीय सतर्कता समिति अनुविभाग , बिछिया

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( क ) के अनुसार-

अध्यक्ष (1 ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , बिछिया, जिला मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) श्री जगदीश ठाकुर मु. पो. बिछिया, जिला मण्डला

सदस्य (2 ) श्री जवाहर साहू, मु.पो. सिझौरा , बिछिया, जिला मण्डला

सदस्य (3 ) श्री उमेश चौरसिया, मु. पो. औरई, बिछिया, जिला मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) श्री नरेश राजपूत , मु. ग्रा. गीधाजोड खलौडी, पो. बिछिया, जिला मण्डला

सदस्य (2 ) श्री कीर्तन झरिया, मु. ग्रा. भाईबहन नाला, मुरकुटा, पो.आ. भीमडोगरी , बिछिया

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत बिछिया, जिला मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( च ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) शाखा प्रबंधक, स्टेट बैंक आफ इंडिया, बिछिया, जिला मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( छ ) के अनुसार -

सदस्य ( 1) तहसीलदार, बिछिया.

4. अनुविभागीय स्तरीय सतर्कता समिति अनुविभाग , निवास

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( क ) के अनुसार-

अध्यक्ष (1 ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , निवास

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) श्री संतोष लाल साहू, मु. पो. मानेगांव, निवास, जिला मण्डला

सदस्य (2) श्री आदित्य मिश्रा, मु. पो. बीजाडांडी, तहसील निवास, जिला मण्डला

सदस्य (3) श्री संतोष सोनी, मु. पो. नारायणगंज , तहसील निवास, जिला मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) श्री हौसी लाल साहू, मु.पो. मानेगांव

सदस्य ( 2) श्री मोती लाल मार्को मु. ग्रा. कुन्डा, पो पाठा, तह. नारायणगंज, जिला मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत निवास, जिला मण्डला 1287 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( च ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) शाखा प्रबंधक, स्टेट बैंक आफ इंडिया, निवास, जिला मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( छ ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) तहसीलदार, निवास, जिला मण्डला

5. अनुविभागीय स्तरीय सतर्कता समिति अनुविभाग , घुघरी

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( क ) के अनुसार -

अध्यक्ष (1 ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , घुघरी , जिला मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-

सदस्य ( 1 ) श्री धनेश्वर चौकसे, मु. पो. घुघरी , जिला मण्डला

सदस्य ( 2 ) श्री रामप्रकाश साहू, मु. पो . घुघरी , जिला मण्डला

सदस्य (3 ) श्री नीरज मरकाम, मु. पो. घुघरी, जिला मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार-

सदस्य (1 ) श्री मुन्नालाल चक्रवर्ती, मु. पो. घुघरी , जिला मण्डला

सदस्य (2 ) श्री भादू सिंह धुर्वे, मु. डोगरमण्डला, जिला मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार -

सदस्य (1 ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत घुघरी , जिला मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( च ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) शाखा प्रबंधक, स्टेट बैंक आफ इंडिया, घुघरी , जिला मण्डला

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( छ ) के अनुसार -

सदस्य ( 1 ) तहसीलदार, घुघरी, जिला मण्डला

लोकेश कुमार जाटव, कलेक्टर.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला कटनी, मध्यप्रदेश

कटनी , दिनांक 15 जनवरी 2014

क्र. 619 - स्था. - स्था.अव.- 2013.- सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग -2 के अनुक्रमांक-2 मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, भोपाल की अधिसूचना क्रमांक एफ-3-2-1999-1-4, भोपाल , दिनांक 30 मार्च 1999 के अनुसार विहित शक्तियों का प्रयोग करते हए, मैं, ए. के. सिंह ( आई.ए.एस. ) , कलेक्टर , जिला कटनी वर्ष 2014 के लिये अधोलिखित तालिका में दर्शित तिथियों में कटनी जिले के लिये 1288

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

[ भाग 1 स्थानीय अवकाश घोषित करता हूं: -

क्र.

दिनांक

दिवस

छुट्टी का नाम

(2)

(3)

(1)

(4)

18-3-2014

मंगलवार

1

होली का दूसरा दिन

2

8-9-2014

सोमवार

अनन्त चर्तुदशी

24-10-2014

3

शुक्रवार

दीपावली का दूसरा दिन

उक्त आदेश बैंक एवं कोषालय पर लागू नहीं होंगे.

ए. के. सिंह, कलेक्टर.

कार्यालय , जिला दण्डाधिकारी , जबलपुर, मध्यप्रदेश

जबलपुर, दिनांक 3 फरवरी 2014

क्र. 1055 - एस.डब्ल्यू.- 2014.- मध्यप्रदेश शासन , गृह ( पुलिस ) विभाग , मंत्रालय , के आदेश क्रमांक एफ 2 ( क ) -19-2012-बी-3- दो, भोपाल, दिनांक 8 अगस्त 2013 के द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक -7 बरगी क्षेत्रान्तर्गत स्थित ग्राम मानेगॉव के नाम से राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक -7 की सुरक्षा हेत चौकी ( चेकपोस्ट ) स्वीकृत की गई है. इस संबंध में यातायात चौकी मानेगॉव का क्षेत्राधिकार जबलपुर शहर की सीमा पर नर्मदा नदी पर स्थित तिलवारा पुल की समाप्ति से जबलपुर जिला सिवनी जिला की सीमा तक का, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक -7 एवं मार्ग के दायें - बायें से आकर जुड़ने वाले मार्ग 20 कि.मी. की सीमा तक कार्यक्षेत्र होगा.

मध्यप्रदेश शासन, गृह ( पुलिस ) विभाग , मंत्रालय , के पत्र क्रमांक एफ-2 ( क)-9-08- बी-3- दो, भोपाल, दिनांक 30 जुलाई 2010 के अनुसार गठित जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा उपरांत दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 2 , खण्ड- एस के अनुरूप प्रदत्त शक्तियों के अधीन यह अधिसूचना जारी की जाती है .

विवेक पोरवाल , जिला दण्डाधिकारी .

कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, मण्डी, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश

विदिशा , दिनांक 19 मार्च 2014

क्र. क्यू- ए.पी.डी. - 2014-3321 .- एतद्वारा सूचित किया जाता है कि श्रीमती सुनीता राजेन्द्र सोनकर, अध्यक्ष, जिला पंचायत, विदिशा से प्राप्त प्रस्ताव अनुसार श्री छोटेलाल सम्भरवार पुत्र श्री उम्मेदजी, नि. इंद्रप्रस्थ कालोनी, विदिशा को कृषि उपज मण्डी समिति , विदिशा हेतु कार्यालयीन अधिसूचना क्रमांक क्यू- ए.पी.डी.- 2014-772-73 , दिनांक 21 जनवरी 2014 द्वारा श्रीमती सोनकर के प्रतिनिधि हेतु नामनिर्दिष्ट किया गया था , किन्तु श्री छोटेलाल सम्भरवार, कृषि उपज मण्डी नियम, 1972 धारा 11 ( ) के तहत जिला पंचायत के सदस्य न होने के कारण उक्त अधिसूचना निरस्त की जाती है.

एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( मण्डी ) .

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन"

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल ( मध्यप्रदेश ) -462 011

आदेश

भोपाल, दिनांक 28 मार्च 2014

क्र. एफ. 67-03-13 - तीन- 601.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह जनवरी , 2013 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, जैतहरी , जिला अनूपपुर के निर्वाचन में श्री उदय सिंह राठौर अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर परिषद् जैतहरी जिला अनूपपुर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 18 जनवरी 2013 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 17 फरवरी , 2013 है , इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी अनूपपुर के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनूपपुर के पत्र दिनांक 21. फरवरी, 2013 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री उदय सिंह राठौर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री उदय सिंह राठौर को कारण बताओ

1289 सूचना पत्र दिनांक 9 अप्रैल, 2013 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री उदय सिंह राठौर को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 19 मई, 2013 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 3 जून, 2013 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर अनूपपुर ने अपने पत्र दिनांक 10 जुलाई, 2013 में लेख किया कि श्री उदय सिंह राठौर द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् भी व्यय लेखा के संबंध में निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया है.

अतः आयोग के पत्र दिनांक 11 अक्टूबर, 2013 द्वारा अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर आयोग कार्यालय में दिनांक 19 नवम्बर, 2013 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र प्रेषित किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर अनूपपुर द्वारा दिनांक 1 नवम्बर 2013 को कराई गई , किन्तु अभ्यर्थी श्री उदय सिंह राठौर उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री उदय सिंह राठौर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् जैतहरी , जिला अनूपपुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

1290

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

आदेश भोपाल, दिनांक 28 मार्च 2014

क्र. एफ. 67-111-10- तीन- 603.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुये नगर पालिका परिषद्, विदिशा, जिला विदिशा के निर्वाचन में श्रीमती चंदन बाला जैन अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थी. नगरपालिका परिषद् विदिशा जिला विदिशा के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 है , इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी विदिशा के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विदिशा के पत्र दिनांक 20 अप्रैल 2010 के साथ संलग्न परिशिष्ट-36 की जानकारी अनुसार श्रीमती चंदन बाला जैन द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती चंदन बाला जैन को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 05 मई, 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्रीमती चंदन बाला जैन को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 25 मई, 2010 को उनके पति द्वारा तामील किया. अतः उनको दिनांक 09 जून, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर विदिशा ने अपने पत्र दिनांक 8 अगस्त 2013 में लेख किया कि श्रीमती चंदन बाला जैन द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् भी व्यय लेखा के संबंध में निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया है.

अतः आयोग के पत्र दिनांक 09 दिसम्बर 2013 द्वारा अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर आयोग कार्यालय में दिनांक 07 जनवरी , 2014 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र प्रेषित किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर विदिशा द्वारा अभ्यर्थी को दिनांक 20 दिसम्बर, 2013 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी श्रीमती चंदन बाला जैन उपस्थित नहीं हुई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती चंदन बाला जैन को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् विदिशा , जिला विदिशा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश भोपाल, दिनांक 28 मार्च 2014

क्र. एफ. 67-111-10- तीन- 604.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुये नगर पालिका परिषद्, विदिशा, जिला विदिशा के निर्वाचन में सुश्री नफीसा कुरैशी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थी. नगरपालिका परिषद् विदिशा जिला विदिशा के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 है, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी विदिशा के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विदिशा के पत्र दिनांक 20 अप्रैल 2010 के साथ संलग्न परिशिष्ट -36 की जानकारी अनुसार सुश्री नफीसा कुरैशी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री नफीसा कुरैशी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 05 मई, 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री नफीसा कुरैशी द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 25 मई, 2010 को तामील किया. अतः उनको दिनांक 09 जून, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था , किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया . कलेक्टर विदिशा ने अपने पत्र दिनांक 8 अगस्त, 2013 में लेख किया कि सुश्री नफीसा कुरैशी द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् भी व्यय लेखा के संबंध में निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया है.

अतः आयोग के पत्र दिनांक 09 दिसम्बर 2013 द्वारा अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर आयोग कार्यालय में दिनांक 07 जनवरी , 2014 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र प्रेषित किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर विदिशा द्वारा अभ्यर्थी को दिनांक 22 दिसम्बर, 2013 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री नफीसा कुरैशी उपस्थित नहीं हुई.

1291 उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री नफीसा कुरैशी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् विदिशा, जिला विदिशा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 28 मार्च 2014

क्र. एफ. 67-111-10- तीन- 605.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुये नगर पालिका परिषद्, विदिशा , जिला विदिशा के निर्वाचन में सुश्री संगीता दीपक श्रीवास्तव अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थी . नगरपालिका परिषद् विदिशा जिला विदिशा के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की 1292

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 है, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी विदिशा के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विदिशा के पत्र दिनांक 20 अप्रैल 2010 के साथ संलग्न परिशिष्ट- 36 की जानकारी अनुसार सुश्री संगीता दीपक श्रीवास्तव द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री संगीता दीपक श्रीवास्तव को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 05 मई, 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री संगीता दीपक श्रीवास्तव को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 24 मई, 2010 को उनके पति द्वारा तामील किया. अतः उनको दिनांक 08 जून , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था , किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया . कलेक्टर विदिशा ने अपने पत्र दिनांक 08 अगस्त, 2013 में लेख किया कि सुश्री संगीता दीपक श्रीवास्तव द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् भी व्यय लेखा के संबंध में निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया है.

अतः आयोग के पत्र दिनांक 09 दिसम्बर 2013 द्वारा अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर आयोग कार्यालय में दिनांक 07 जनवरी , 2014 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र प्रेषित किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर विदिशा द्वारा अभ्यर्थी को दिनांक 03 जनवरी, 2014 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री संगीता दीपक श्रीवास्तव उपस्थित नहीं हुईं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री संगीता दीपक श्रीवास्तव को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् विदिशा, जिला विदिशा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख

[भाग 1 से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश भोपाल, दिनांक 28 मार्च 2014

क्र. एफ. 67-111-10- तीन- 606.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुये नगर पालिका परिषद्, विदिशा , जिला विदिशा के निर्वाचन में सुश्री कामताबाई हरीसिंह लोधी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद् विदिशा, जिला विदिशा के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 है, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी विदिशा के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विदिशा के पत्र दिनांक 20 अप्रैल 2010 के साथ संलग्न परिशिष्ट- 36 की जानकरी अनुसार सुश्री कामताबाई हरीसिंह लोधी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री कामताबाई हरीसिंह लोधी को भाग 1 ]

1293

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 05 मई, 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री कामताबाई हरीसिंह लोधी द्वारा कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 25 मई , 2010 को तामील किया. अतः उनको दिनांक 09 जून, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था , किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर विदिशा ने अपने पत्र दिनांक 08 अगस्त, 2013 में लेख किया कि सुश्री कामताबाई हरीसिंह लोधी द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् भी व्यय लेखा के संबंध में निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया है .

अतः आयोग के पत्र दिनांक 09 दिसम्बर 2013 द्वारा अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर आयोग कार्यालय में दिनांक 07 जनवरी , 2014 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र प्रेषित किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर विदिशा द्वारा अभ्यर्थी को दिनांक 24 दिसम्बर 2013 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री कामताबाई हरीसिंह लोधी उपस्थित नहीं हुईं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री कामताबाई हरीसिंह लोधी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् विदिशा, जिला विदिशा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 28 मार्च 2014

क्र. एफ. 67-111-10- तीन- 607.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुये नगर पालिका परिषद्, विदिशा, जिला विदिशा के निर्वाचन में सुश्री मोहिनी धर्मेन्द्र प्रसाद अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद् विदिशा , जिला विदिशा के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 है , इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी विदिशा के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विदिशा के पत्र दिनांक 20 अप्रैल 2010 के साथ संलग्न परिशिष्ट- 36 की जानकारी अनुसार सुश्री मोहिनी धर्मेन्द्र प्रसाद द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री मोहिनी धर्मेन्द्र प्रसाद को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 05 मई, 2010 को जारी किया गया . कारण बताओ सूचना- पत्र में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

1294

सुश्री मोहिनी धर्मेन्द्र प्रसाद कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 24 मई, 2010 को तामील किया. अतः उनको दिनांक 08 जून , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर विदिशा ने अपने पत्र दिनांक 08 अगस्त, 2013 में लेख किया कि सुश्री मोहिनी धर्मेन्द्र प्रसाद द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् भी व्यय लेखा के संबंध में निर्वाचन व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया है.

अतः आयोग के पत्र दिनांक 09 दिसम्बर 2013 द्वारा अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर आयोग कार्यालय में दिनांक 07 जनवरी, 2014 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र प्रेषित किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर विदिशा द्वारा अभ्यर्थी को दिनांक 24 दिसम्बर, 2013 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री मोहिनी धर्मेन्द्र प्रसाद उपस्थितनहीं हुई.

उपरोक्तविवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री मोहिनी धर्मेन्द्र प्रसाद को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् विदिशा, जिला विदिशा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भोपाल , दिनांक 28 मार्च 2014

आदेश

क्र. एफ. 67-111-10- तीन - 608.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही

[भाग 1 लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुये नगर पालिका परिषद्, विदिशा, जिला विदिशा के निर्वाचन में सुश्री कंचन तीरथ प्रताप सिंह दरबार अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद् विदिशा जिला विदिशा के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 है , इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी विदिशा के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विदिशा के पत्र दिनांक 20 अप्रैल 2010 के साथ संलग्न परिशिष्ट-36 की जानकारी अनुसार सुश्री कंचन तीरथ प्रताप सिंह दरबार द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री कंचन तीरथ प्रताप सिंह दरबार को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 05 मई, 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री कंचन तीरथ प्रताप सिंह दरबार का कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 24 मई, 2010 को उनके पुत्र द्वारा तामील किया गया. अतः उनको दिनांक 08 जून, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु उनके द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया. कलेक्टर विदिशा ने अपने पत्र दिनांक 08 अगस्त, 2013 में लेख किया कि सुश्री कंचन तीरथ प्रताप सिंह दरबार द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात् भी व्यय लेखा के संबंध में निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया है.

भाग 1 ]

अतः आयोग के पत्र दिनांक 09 दिसम्बर 2013 द्वारा अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर आयोग कार्यालय में दिनांक 07 जनवरी , 2014 को उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र प्रेषित किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली कलेक्टर विदिशा द्वारा अभ्यर्थी के पति को दिनांक 02 जनवरी , 2014 को कराई गई, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री कंचन तीरथ प्रताप सिंह दरबार उपस्थित नहीं हुईं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री कंचन तीरथ प्रताप सिंह दरबार को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् विदिशा, जिला विदिशा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

भोपाल , दिनांक 28 मार्च 2014

आदेश

क्र. एफ. 67-146-10-तीन-613.- मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित

1295

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुये नगरपालिक निगम, इंदौर जिला इंदौर, के आम निर्वाचन में श्री इस्माईल खान महापौर पद के अभ्यर्थी थे, इस नगरपालिक निगम के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, श्री इस्माईल खान को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी इंदौर के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी इंदौर के पत्र दिनांक 15 मार्च 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री इस्माईल खान द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री इस्माईल खान को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 11 अक्टूबर 2012 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में श्री इस्माईल खान से सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर उत्तर ( लिखित अभ्यावेदन ) चाहा गया था. सूचना पत्र में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री इस्माईल खान को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 16 नवम्बर 2012 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 01 दिसम्बर 2012 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला इन्दौर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 09 मई 2013 में प्रतिवेदित किया है कि-" सूचना पत्र व्यक्तिशः तामील किये जाने के पश्चात् प्रतिवेदन दिनांक तक अभ्यर्थी श्री इस्माईल खान द्वारा तहसील/ इस कार्यालय में अभ्यावेदन एवं व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है . "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 06-08-2013 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. अभ्यर्थी श्री इस्माईल खान उक्त दिवस को उपस्थित नहीं हुए, जबकि सूचना पत्र दिनांक 03 जुलाई 2013 की तामीली अभ्यर्थी श्री इस्माईल खान को विहित समयावधि में दिनांक 10 जुलाई 2013 को ( संयुक्त कलेक्टर के पत्र दिनांक 13 जुलाई 2013 अनुसार ) कराई जा चुकी है.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री इस्माईल खान द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

1296

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री इस्माईल खान को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम इंदौर जिला इंदौर का पार्षद या महापौर होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 28 मार्च 2014

क्र. एफ. 67-146-10-तीन- 614.- मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुये नगर पालिक निगम, इंदौर जिला इंदौर के आम निर्वाचन में श्री गिरजा शंकर रमनलाल महापौर पद के अभ्यर्थी थे , इस नगर पालिक निगम के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, श्री गिरजा शंकर रमनलाल को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी इंदौर के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी इंदौर के पत्र दिनांक 15 मार्च 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार

[ भाग 1 श्री गिरजा शंकर रमनलाल द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री गिरजा शंकर रमनलाल को कारण बताओ सूचना - पत्र दिनांक 11 अक्टूबर 2012 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना- पत्र में श्री गिरजा शंकर रमनलाल से सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर उत्तर ( लिखित अभ्यावेदन ) चाहा गया था. सूचना पत्र में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री गिरजा शंकर रमनलाल को कारण बताओ नोटिस दिनांक 15 नवम्बर 2012 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 30 नवम्बर 2012 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला इन्दौर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 09 मई 2013 में प्रतिवेदित किया है कि-" सूचना पत्र व्यक्तिशः तामील किये जाने के पश्चात् प्रतिवेदन दिनांक तक अभ्यर्थी श्री गिरजा शंकर रमनलाल द्वारा तहसील/ इस कार्यालय में अभ्यावेदन एवं व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है. " आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 06 अगस्त 2013 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. अभ्यर्थी श्री गिरजा शंकर रमनलाल उक्त दिवस को उपस्थित नहीं हुए, जबकि सूचना पत्र दिनांक 03 जुलाई 2013 की तामीली अभ्यर्थी श्री गिरजा शंकर रमनलाल को विहित समयावधि में दिनांक 10 जुलाई 2013 को (संयुक्त कलेक्टर के पत्र दिनांक 13 जुलाई 2013 अनुसार ) कराई जा चुकी है.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री गिरजा शंकर रमनलाल द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया . अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री गिरजा शंकर रमनलाल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम इंदौर, जिला इंदौर का पार्षद या महापौर होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

1297

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

आदेश

भोपाल , दिनांक 28 मार्च 2014

क्र. एफ. 67-146-10- तीन- 615.- मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुये नगर पालिक निगम, इंदौर, जिला इंदौर के आम निर्वाचन में श्री मनोहर मोर्य महापौर पद के अभ्यर्थी थे, इस नगर पालिक निगम के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1956 की धारा 14 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, श्री मनोहर मोर्य को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी इंदौर के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी इंदौर के पत्र दिनांक 15 मार्च 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री मनोहर मोर्य द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी श्री मनोहर मोर्य को कारण बताओ सूचना-पत्र दिनांक 11 अक्टूबर 2012 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में श्री मनोहर मोर्य से सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर उत्तर ( लिखित अभ्यावेदन ) चाहा गया था. सूचना- पत्र में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री मनोहर मोर्य को कारण बताओ नोटिस दिनांक 16 नवम्बर 2012 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 01 दिसम्बर 2012 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला इंदौर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 09 मई 2013 में प्रतिवेदित किया है कि-" सूचना- पत्र व्यक्तिशः तामील किये जाने के पश्चात् प्रतिवेदन दिनांक तक अभ्यर्थी श्री मनोहर मोर्य द्वारा तहसील /इस कार्यालय में अभ्यावेदन एवं व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया है. "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 06-08-2013 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. अभ्यर्थी श्री मनोहर मोर्य उक्त दिवस को उपस्थित नहीं हुए, जबकि सूचना- पत्र दिनांक 03 जुलाई 2013 की तामीली अभ्यर्थी श्री मनोहर मोर्य को विहित समयावधि में दिनांक 10 जुलाई 2013 को ( संयुक्त कलेक्टर के पत्र दिनांक 13 जुलाई 2013 अनुसार ) कराई जा चुकी है.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री मनोहर मोर्य द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1956 की धारा 14 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री मनोहर मोर्य , को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम इंदौर , जिला इंदौर का पार्षद या महापौर होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

राजस्व विभाग

न्यायालय उपायुक्त ( राजस्व ) संभाग शहडेल एवं सक्षम प्राधिकारी मध्यप्रदेश भूमिगत पाइपलाइन केबल एवम् डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 जिला शहडोल ( म. प्र. )

शहडोल , दिनांक 27 मार्च 2014

प्ररूप- घ

(नियम 6 देखिये)

प्र. क्र. - 04- बी.- 121-2013-14.- अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइपलाईन , केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम , 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) ( जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना क्रमांक 16 दिनांक 11 दिसम्बर 2013 द्वारा राज्य सरकार ने मेसर्स रिलायंस 1298

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

इन्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा मीथेन गैस परिवहन परियोजना के लिये ग्राम छाता, तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल से ग्राम जल्लीटोला, तहसील बुढ़ार, जिला शहडोल के लिये परिवहन हेतु भूमिगत पाइप लाइन , केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है.

और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 13 दिसम्बर 2013 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर , सक्षम प्राधिकारी , तहसीलदार कार्यालय को नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी/अधिभोगी को भी दी गई है .

अतएव, उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा पाईप लाइन बिछाने के लिये भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित होगा:-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

तहसील

जिला

ग्राम/पटवारी हल्काक्रमांक (1)

(2)

(3)

छाता/छाता 65 शहडोल

सोहागपुर

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हैक्टयर में )

(5)

(4)

67/1

0.002

67/2

67/3

0.028

66

0.001

55

0.171

54

0.005

53

0.194

51

0.273

50

0.017

41

प्ररूप- घ

(नियम 6 देखिये)

प्र. क्र. - 06- बी.- 121-2013-14.- अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइपलाईन , केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) ( जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना क्रमांक 22 दिनांक 31 दिसम्बर 2013 द्वारा राज्य सरकार ने मेसर्स रिलायंस इन्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा मीथेन गैस परिवहन परियोजना के लिये ग्राम जरवाही, तहसील बुढ़ार, जिला शहडोल से ग्राम जल्लीटोला, तहसील बुढ़ार, जिला शहडोल के लिये परिवहन हेतु भूमिगत पाइप लाइन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है.

और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 03 जनवरी 2014 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम प्राधिकारी , तहसीलदार कार्यालय को नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी/अधिभोगी को भी दी गई है.

अतएव , उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा पाईप लाइन बिछाने के लिये भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित होगा: -

ग्राम/पटवारी

अनुसूची

खसरा क्रमांक

तहसील

जिला

हल्का क्रमांक

(2)

(3) (1)

जरवाही/जरवाही 144 शहडोल

बुढ़ार

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हैक्टयर में )

(5)

(4)

0.008

810

0.045

815

0.010

811 1299

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

(2)

(4)

(3)

(1)

812

808

807

805/1 , 805/2

796 (5)

0.074

0.063

0.083

0.058

0.038

0.006

789/1 , 789/2 , 789/3 , 789/4

451

435 0.060

0.230

0.041

433/1, 433/2

432

431

430

425 0.093

0.048

0.015

0.100

0.055

424/1, 424/2

423

421

401

400 0.051

0.161

0.072

0.069

0.182

398/1 , 398/2

0.020

370/1 , 370/2

0.054

398/1 , 398/2

0.146

370/1 , 370/2

371

383

382

384/2

384/1

379

378

304

303

302

305

312/1

309/1

309/2

308

266

314

262/2

263/1 , 263/2 , 0.278

0.250

0.011

0.176

0.128

0.020

0.172

0.144

0.007

0.002

0.030

0.138

0.038

0.032

0.004

0.004

0.041

0.058

0.102

0.045

264/1 , 264/2

260 0.002

0.057

267/1 , 267/2

1300

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

(3)

(4) (1)

(2)

259 (5)

0.057

0.047

255/1 /क, 255 / 1 /ख

255/2

256

249

251

250

246/1

247

239/2

238

237

216

217

218

207

206

654

655

697

696

695/1

722/4

722/3

698/4

698/3

722/2

722/1

698/2

720/3

708/4

708/3

708/2

709

707/4

710

720/1

711 0.037

0.010

0.022

0.059

0.157

0.005

0.028

0.097

0.004

0.004

0.077

0.093

0.055

0.226

0.024

0.168

0.078

0.032

0.105

0.077

0.044

0.002

0.014

0.045

0.031

0.055

0.004

0.010

0.043

0.015

0.016

0.012

0.091

0.035

0.134

0.004

714/2क, 714/2ख

716

715

731

732

730 0.009

0.297

0.016

0.003

0.094 1301

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

(4) (2)

(3)

(1)

(5)

0.134

733/1 , 733/2

0.140

741/1 , 741/2 , 741/3 , 741/4

737

764

767

766/3

769/5

769/4

769/3

765/1क

765/2

765/1ख

775/2

776/2

776/1

786

787 0.236

0.028

0.131

0.023

0.074

0.076

0.026

0.126

0.036

0.102

0.041

0.133

0.146

0.129

0.339

0.875

789/1 , 789/2 , 789/3 , 789/4

796

794 0.065

0.525

0.136

657/1 , 657/2 , 657/3

652/2

652/3

652/4

225

233

230/1

230/2

232

231/1

234

235

218

207

217

780 0.040

0.094

0.006

0.120

0.055

0.155

0.001

0.066

0.027

0.058

0.180

0.099

0.021

0.014

0.004

0.062

खसरा नं . 780 ओर 4 के बीच में

0.183

खसरा नं. 780 ओर 4 के बीच में

863/2

850

851

852

858/1

858/2 0.106

0.115

0.062

0.016

0.005

0.171 1302

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

(4) (2)

(3)

(1)

855/1

855/2

854

842

837

838

839

818/1 /क , 818/1 /ख , (5)

0.044

0.017

0.182

0.046

0.149

0.097

0.004

0.014

818/1 /ग , 818/1 /घ

818/1/ड़ 0.106

818/2/क, 818/2/ख

0.101

816/1 , 816/2

815 0.086

0.001

88/1 , 88/2 , 88/3

0.058

93/1 , 93/2, 93/3

89

274

273

272

275

269

268 0.049

0.041

0.003

0.067

0.034

0.062

0.011

0.129

267/1 , 267/2

0.004

265/1 , 265/2

0.022

264/1 , 264/2

557/2

557/1

556/1

558/2

558/1

487/1

489

490/3

490/2

490/1

491

483

492

493

494

461/3

459/3

459/2

459/1 0.024

0.004

0.023

0.073

0.125

0.139

0.105

0.003

0.039

0.108

0.041

0.004

0.056

0.024

0.132

0.002

0.022

0.035

0.073 1303

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

(3)

(4) (2)

(1)

452/3 (5)

0.137

0.001

458/1 , 458/2 , 458/3

0.020

453/1 , 453/2 , 453/3

452/2

454

451

46

47

49

51/2

51/1

52

72

70

71

65

66

84

105

104/1

104/2

102

101

100

99

98 0.010

0.128

0.074

0.004

0.063

0.021

0.015

0.046

0.068

0.081

0.161

0.004

0.082

0.009

0.039

0.025

0.036

0.008

0.066

0.070

0.012

0.190

0.009

0.063

94/1 , 94/2 , 94/3

0.004

93/1 , 93/2 , 93/3

0.057

88/1 , 88/2 , 88/3

615

638/4

638/3

638/2

638/1

331

329/1

329/2

328

327

326/6

326/5

326/4

230/6

230/5

230/4 0.006

0.118

0.025

0.066

0.071

0.136

0.075

0.038

0.107

0.017

0.015

0.239

0.086

0.040

0.048

0.050 1304

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

(4)

(2)

(3)

(5) (1)

0.058

230/3

0.058

230/2

0.004

230/1

प्र. क्र. - 09- बी.- 121-2013-14.- अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाइपलाईन, केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के आधिकारों का अर्जन ) अधिनियम 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) ( जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना क्रमांक 16 दिनांक 11 दिसम्बर 2013 द्वारा राज्य सरकार ने मेसर्स रिलायंस इन्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा मीथेन गैस परिवहन परियोजना के लिये ग्राम सोनवर्षा, तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल से ग्राम जल्लीटोला, तहसील बुढ़ार, जिला शहडोल के लिये परिवहन हेतु भूमिगत पाइप लाइन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है.

और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 13 दिसम्बर 2013 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम प्राधिकारी, तहसीलदार कार्यालय को नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी / अधिभोगी को भी दी गई है.

अतएव उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिये भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित होगा:-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

तहसील

जिला

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हैक्टयर में ) (3)

(4)

(5) (2)

(1)

0.122

4

सोनवर्षा/छाता-65

शहडोल

सोहागपुर

11/2

11/3

0.351

11/4

11/5

11/6

11/7

0.015

12

0.021

14

0.075

18

17

0.161

0.034

19

0.083

38

45

0.004

37

0.146

32/1/1

0.018

32/1/2

32/1/3

32/2

0.101

36/1 , 36/2

0.147

35 1305

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

(5)

(4)

(2)

(3)

(1)

0.004

34

0.082

53/2, 53/3

0.019

54

0.158

64

65

0.156

78/2/क

0.354

78/2/ख

78/3/1

78/3/2

0.244

76

0.097

77

0.002

75

81/1

81/2

81/3

81/4

81/5

81/6

81/7

1.100

81/8

81/9

81/10

81/11

81/12

81/13

74/332( 332)

0.130

74/1 , 74/2

0.163

82

0.242

83

0.062

86

0.050

87

0.153

88

0.024

293

295/2

295/3

0.108

295/4

295/5

0.150

306

0.388

311/2, 311/3

314/1, 314/2

0.035

314/3 1306

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

[भाग 1 (3)

(2)

(4)

(1)

(5)

211/1

211/2

211/3/क

211/3/ख

0.148

211/4/क

211/4/ख

211/5

211/6/क

211/6/ख

211/7

0.054

27

24

0.159

23

0.150

0.002

23/331

22

0.125

11/2

11/3

0.352

11/4

11/5

11/6

11/7

10

0.103

9

0.053

5

0.031

4

0.149

0.004

189

0.078

190

0.254

191

0.065

196

0.152

193

0.049

194

0.080

59

0.004

58

61

0.072

62

0.004

79

0.004

78/2/क

0.160

78/2/ख

78/3/1

78/3/2 1307 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

(4)

(5)

(2)

(3)

(1)

0.021

226/1 , 226/2 , 226/3

0.243

227

0.177

282/2

283/2

283/3

0.147

283/4

283/5

294

0.008

295/2

0.144

295/3

295/4

295/5

0.022

236/1,236/2

0.002

232

0.032

228

0.013

279

0.022

280/1 , 280/2

281/2

281/3

0.225

281/4

281/5

295/2

295/3

0.585

295/4

295/5

0.029

294

293

0.188

0.069

292

0.078

291/1 , 291/2

0.028

304/2, 304/3

303

0.004

एफ. आर. पण्डा, सक्षम प्राधिकारी उपायुक्त ( राजस्व) .

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

1308

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खण्डवा , दिनांक 23 दिसम्बर 2013

नस्ती क्र. 323-2013 - एल.ए. भू-अर्जन-प्र. क्र. 01-अ-82-13-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

जिला

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(5)

(6) (3)

(4)

(2)

(1)

1.00

खण्डवा पंधाना अर्दलाखुर्द

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा.

अर्दला तालाब योजना के अन्तर्गत शीर्ष कार्य हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

नस्ती क्र. 321-2013 - एल.ए. भू-अर्जन-प्र . क्र. 02-अ-82-13-14. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

जिला तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(6) (3)

(4)

(5)

(2)

(1)

22.00

खण्डवा

जामली राजगढ़

पंधाना

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा.

अर्दला तालाब योजना के अन्तर्गत शीर्ष कार्य हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

1309

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

नस्ती क्र. 322-2013 - एल.ए. भू- अर्जन-प्र . क्र. 03-अ- 82-13-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(6)

(5)

(3)

(2)

(4)

(1)

पंधाना

0.14

खण्डवा

दीवाल

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा.

अर्दला तालाब योजना के अन्तर्गत नहर कार्य हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, खण्डवा/कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

नस्ती क्र. 324-2013 - एल.ए. भू-अर्जन-प्र. क्र. 04-अ-82-13-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) . के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील नगर/ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(5)

(6) (3)

(4)

(2)

(1)

पंधाना

खण्डवा

0.62

रझोलाखुर्द

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग खण्डवा.

अर्दला तालाब योजना के अन्तर्गत शीर्ष कार्य हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

नस्ती क्र. 325-2013 - एल.ए. भू-अर्जन-प्र. क्र. 01-अ-82-13-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

1310

[भाग 1 खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(3)

(4) (2)

(1)

खण्डवा खण्डवा नावली

1.34

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग खण्डवा.

नावली तालाब योजना के अन्तर्गत नहर कार्य हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

भू-अर्जन- प्र . क्र. 02 -अ-82-13-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)

(3)

(4) (2)

9.72 खण्डवा सहेजला

खण्डवा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग खण्डवा.

नावली तालाब योजना के शीर्ष कार्य हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , खण्डवा/कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग खण्डवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 31 दिसम्बर 2013

क्र. 3396 - भू-अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भ-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित 1311

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का विवरण

नगर/ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(4) 0.270 (1) सीधी

(2) चुरहट

(3) साड़ा

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी , (म.प्र.).

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत सिहावल नहर प्रणाली की दुअरा सब माइनर के निर्माण हेतु.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 3398 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भ-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का विवरण

तहसील

जिला

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(3)

(4)

नकवेल

(1) सीधी

0.256 चुरहट

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

टकटैया टेल माइनर नहर निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी, (म.प्र. ) .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 3400 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भ-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का विवरण

नगर/ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)

(4) 0.210 (1) सीधी

चुरहट

(3) डढ़िया

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत सिहावल नहर प्रणाली की दुअरा सब माइनर के निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट जिला सीधी, (म.प्र.).

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. डी. एस. अग्निवंशी, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

1312

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शहडोल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

शहडोल , दिनांक 12 फरवरी 2014

क्र. दस- भू- अर्जन- प्र. क्र.- 05-अ- 82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 " अ " के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं :-

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4)

0.292

(3) बकहो

(1) शहडोल

(2) बुढ़ार

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6) राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 78 के लिए अर्जन.

(5) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग , शहडोल.

भूमि के नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, शहडोल / तहसील बुढ़ार के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक कुमार भार्गव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

दमोह, दिनांक 15 फरवरी 2013

क्र. क- भू.अ.वि.अ. - 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं: -

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) तहसील/ तालुका

(4) (2)

(3) जेरठ

पथरिया

(1) दमोह

0.01 योग .. 0.01

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि. सेतु निर्माण संभाग, सागर.

(6) ग्राम जेरठ में बेबस नदी पर पुल निर्माण हेतु.

के कार्यालय में देखा जा सकता है . (2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , दमोह तथा कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि. सेतू निर्माण संभाग सागर मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, स्वतंत्र कुमार सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1313

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

कार्यालय , कलेक्टर, जिला अलीराजपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

अलीराजपुर, दिनांक 14 मार्च 2014

प्र.क्र. 06 - अ - 82-2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में छोटा उदयपुर - धार रेलवे लाईन हेतु ग्राम मोरधी, तहसील कट्ठीवाड़ा, जिला अलीराजपुर की वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है. सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुर्नवास और पुनर्व्यवस्थापन उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्र. 30, सन् 2013 ) की धारा 11 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

विवरण

ग्राम मोरधी स. क्र.

तहसील कट्ठीवाड़ा अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा ( हेक्टर )

असिंचित (4)

सिंचित (3)

कुल (5) 0.24 (1) 1

0.24

(2) निजी भूमि

0.24

0.24

योग .

अनुसूची ( 2 )

भूमि का रकबा

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा ( हेक्टर) स. क्र. कृषक का नाम व पिता/पति का नाम

असिंचित खसरा क्र.

असिंचित

कुल (9)

(8)

कुल (6)

सिंचित (7)

(2)

सिंचित (4)

(1)

0.24

(3) 327

0.24

(5) 0.75

0.75

0.24

0.24

0.75

0.75

योग.. 01

1 ढुडला, नानली , रतनी पिता झेन्दु जाति भिलाला, निवासी ग्राम मोरधी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एन. पी. डहेरिया, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

राजगढ़ , दिनांक 22 मार्च 2014

क्र. 2163- भू-अर्जन-2014.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील

ग्राम

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(6) (3)

(4)

8.137

(1) राजगढ़

(2) राजगढ़ कुशलपुरा

2.000

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, राजगढ़.

रोजड़खुर्द

0.600

गोरखपुरा तालाब के डूब क्षेत्र एवं नहर में प्रभावित शेष भूमि का भू-अर्जन.

लालपुरा

2.200

रोज्या

योग 12.937

(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आनन्द कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

1314

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिवनी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग सिवनी , दिनांक 26 दिसम्बर 2013

क्र. 8814- जि.भू.अ. - 2013 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधित 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण:-

(क ) जिला- सिवनी

(ख) तहसील - घंसौर, रा . नि. मं. धनौरा

(ग) ग्राम-गाडरवाडा, ब. नं. 153 , प. ह. नं.-51 (घ) लगभग क्षेत्रफल-2.12 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

खसरा नम्बर (1)

अशासकीय भूमि

0.29

9/4

0.18

16/3

0.05

16/5

9/5

0.29

0.09

16/4

0.18

16/1

16/2

0.18

0.02

14/2

0.05

14/1

116/1

0.06

0.13

115

0.42

109

15

0.15 योग . 2.12

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- मासूल जलाशय के अंतर्गत नहर निर्माण हेतु .

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , घंसौर, जिला सिवनी में किया जा सकता है .

क्र. 8814- जि.भू.अ. - 2013. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधित 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का विवरण: -

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील- घंसौर, रा. नि. मं. धनौरा

(ग ) ग्राम- बगहाई, ब. नं. 460, प. ह. नं.- 51 (घ) लगभग क्षेत्रफल-2.44 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा खसरा

(हेक्टेयर में )

(2)

नम्बर (1)

अशासकीय भूमि

0.18

15

0.23

16

0.47

17

0.20

44

0.04

43

0.09

48

0.09

49/1

100

0.15

0.24

97/3

0.09

98/1

0.12

98/2

0.12

98/3

0.10

192/1

0.11

192/2

0.10

192/3

193/1

0.11 योग . 2.44

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है-मासूल जलाशय के अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , घंसौर, जिला सिवनी में किया जा सकता है.

क्र. 8814- जि.भू.अ. - 2013 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 1315

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

संशोधित 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण:-

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील - घंसौर, रा. नि. मं. धनौरा

(ग ) ग्राम - मासूल , ब. नं. 607, प. ह. नं.- 50 (घ ) लगभग क्षेत्रफल-9.15 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)

(1)

अशासकीय भूमि

0.20

354/5

0.31

347/1

0.10

349

0.74

347/2

2.00

347/3

2.00

347/4

0.35

345/1

345/2

1.90

0.95

344

0.10

343

0.50

342/2

योग . 9.15

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है-मासूल जलाशय के अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , घंसौर, जिला सिवनी में किया जा सकता है.

क्र. 8814- जि.भू.अ. - 2013 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधित 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण:-

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील - घंसौर, रा . नि. मं . धनौरा

( ग) ग्राम- बगहाई, ब. नं. 470, प. ह. नं.-51 लगभग क्षेत्रफल-0.58 हेक्टेयर.

(घ)

खसरा

अर्जित रकबा नम्बर

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अशासकीय भूमि

12

0.58 योग . 0.58

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- मासूल जलाशय के अंतर्गत नहर निर्माण हेतु .

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , घंसौर, जिला सिवनी में किया जा सकता है .

क्र. 8814- जि.भू.अ. -2013.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधित 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण:-

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील- घंसौर, रा. नि. मं. धनौरा

(ग ) ग्राम- भालीवाडा, ब. नं. 462, प. ह . नं.- 50 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.47 हेक्टेयर.

खसरा

अर्जित रकबा

( हेक्टेयर में ) नम्बर (1)

(2)

अशासकीय भूमि

0.09

180/1

0.15

184/1

0.09

180/2

0.15

184/3

0.47

योग .

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है-मासूल जलाशय के अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , घंसौर, जिला सिवनी में किया जा सकता है.

1316

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

क्र. 8814-जि.भू.अ. - 2013 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधित 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का विवरण:-

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील- घंसौर, रा. नि. मं. धनौरा

(ग) ग्राम- गाडरवाडा, ब. नं. 153, प. ह. नं.- 51 लगभग क्षेत्रफल-17.30 हेक्टेयर . (घ)

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)

खसरा नम्बर (1)

अशासकीय भूमि

0.50

4/2

0.25

4/3

0.60

3

1.70

8/1

0.70

5

6

0.10

3.55

19/2

0.60

7/2

0.70

8/2

0.10

9/4

0.22

9/8

0.60

9/3

1.70

19/1

2.84

19/3

23/1

2.18

40/5

0.51

40/4

0.45

योग . 17.30

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- मासूल जलाशय के अंतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमिके नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , घंसौर, जिला सिवनी में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, भरत यादव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दमोह , दिनांक 20 मार्च 2014

पत्र क्र. क- 2035 - भू-अर्जन तेंदूखेड़ा- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील- जबेरा

(ग ) नगर/ ग्राम- बड़ेरा , सुनकड़, भजिया, सूरजपुरा , सुनवराह (घ) लगभग क्षेत्रफल-12.49 हेक्टेयर.

रकबा

खसरा नंबर (1)

(हेक्टेयर में) (2)

ग्राम-बड़ेरा

1.30

353

0.35

357/1

0.32

358

359

1.38

360

0.30

0.30

331

योग . 3.95

ग्राम-सुनकड़

33

0.19

34

0.08

0.10

37

38

0.02

239

0.12

218/1

0.06

0.05

238

0.03

246

237

0.05

योग . 0.70

ग्राम-भजिया

732

0.54

673/5

0.91

0.53

735 1317

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

(2) (1)

2.12 737/3

720

0.01

0.02 721

0.04 722/1

0.05 722/2

0.01 724

0.04 733/2

4.27

योग .

ग्राम-सूरजपुरा 161

0.01 162/1

0.02 163

0.02

योग .. 0.05

ग्राम-सुनवराह

0.26 9

0.10 410/1

0.10 410/2

0.09 414

0.03 413

0.11 416

0.05 353/1

0.13 354/1

0.05 350

0.02 349

0.05 348

0.06 346/1

0.07 345

39/1

0.04

0.05 39/2

325

0.08 319/1

0.08

0.07 319/2

0.06 314

308

0.06

0.03 307

0.05 288

0.03 289/1

289/2

0.03

0.03 289/3

0.04 283/2

0.04 283/1

0.04 279

0.02 641

0.02 278/1

(2)

(1)

0.04

644

0.03

645

0.05

646

0.04

643

0.03

647

633

0.09

0.04

648

0.03

649

0.06

632

0.03

651/1

0.04

627/1

652

0.07

626

0.04

0.02

653

0.04

621

0.03

762

0.02

763

0.08

768

0.08

769

779

0.04

0.06

771

770

0.02

0.03

324

321

0.03

320

0.11

133

0.04

0.06

134

0.04

143

0.03

144

148

0.12

0.08

150

0.02

238

0.02

240

246

0.02

0.05

247

योग . 3.52

कुल योग 12.49

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - बड़ेरा जलाशय बांध , नहर एवं रोड हेतु.

(3) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, तेंदूखेड़ा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, दमोह के कार्यालय किया जा सकता है .

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

1318

पत्र क्र. क- 1236 - भू-अर्जन तेंदूखेड़ा-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख) तहसील- जबेरा

(ग) नगर/ ग्राम- पौंड़ी महराज सिंह एवं चौपरा चौबीसा (घ) लगभग क्षेत्रफल-2.87 हेक्टेयर.

रकबा

खसरा

नंबर

(हेक्टेयर में )

(1)

(2)

ग्राम-पौड़ी महराज सिंह

0.33

738/1

0.45

744/1

0.12

745/1

720

0.14

0.45

725

257

0.02

0.01

259

0.05

587

0.05

591/1

606

0.03

0.02

653

0.25

607

0.05

68

270

0.03

709/1

0.12

0.10

726/1

0.25

748/1

262

0.01

0.07

661/3

0.02

226/1

0.03

266/2

योग .. 2.60

(1)

(2)

ग्राम-चौपरा चौबीसा

0.02

592

0.04

593

0.02

395

0.04

389

0.04

388

0.02

370

0.03

280

253

0.01

0.01

251

220

0.02

0.01

219

218

0.01

योग .. 0.27

महायोग . .2.87

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- करारिया जलाशय बांध एवं नहर हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , तेंदूखेड़ा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग , दमोह के कार्यालय किया जा सकता है .

पत्र क्र. क- 2041- भू- अर्जन तेंदूखेड़ा-2014 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दमोह

(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा

(ग) नगर/ ग्राम- अमवाही , बादीपुरा , रामादेही (घ) लगभग क्षेत्रफल- 10.65 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा

(हेक्टेयर में )

(2)

खसरा नंबर (1)

ग्राम-अमवाही

31/2

0.42

0.50

32 भाग 1 ]

1319

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

(2) (1)

34/2

0.42 41/5

0.32

0.25 41/8

45

0.33 46

1.58 68

0.15 238/3

0.03

0.03 238/4

238/5

0.07 236

0.18

0.10 232

233

0.04 234

0.05 272

0.06 273

0.06

0.05 279

280

0.18 315

0.10

0.11 314

317

0.18

0.21 318

0.12 373

372

0.37 390

0.48 393

0.35

0.28 398

0.14 402

255

0.26 235

0.24 256

0.22 253

0.24

0.14 249

0.26 246

0.24 243

0.20 85

0.20 86

0.08 91

147

0.08

0.07 164

163

0.12 165

0.10 166

0.24

0.08

168

.9.93

कुल रकबा

ग्राम-बादीपुरा

0.08

67

0.08

ग्राम-रामादेही

0.20

35

42

0.08

0.36

79

0.64

योग .

महायोग . . 10.65

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- अमवाही जलाशय के बांध एवं नहर क्षेत्र हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , तेंदूखेड़ा एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग दमोह, जिला दमोह के कार्यालय किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, स्वतंत्र कुमार सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 20 मार्च 2014

पत्र क्र. 69 - प्रशा- भू-अर्जन 2013-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुर्ववासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी / शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची ( संशोधित)

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रघुराजनगर 1320

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

(ग ) ग्राम- नीमी (प.ह. मटेहना)

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 1.685 हेक्टेयर.

रिमार्क

खसरा नं. अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(3)

(1)

अ- निजी पट्टे की भूमि

0.047

59

60

0.005

66

0.022

67

0.046

नीमी माइनर नहर के संशोधित एलाईमेंट के अनुसार नहर में आने वाली भूमि के भू-अर्जन हेतु.

0.061

68

74

0.111

75

0.100

76

0.011

122

0.218

0.014

125

126

0.063

133

0.020

137

0.107

139

0.097

140

0.007

0.154

141

144

0.021

145

0.089

0.018

146

0.030

272

0.252

273

274

0.010

0.023

287

288

0.023

289

0.125 योग .. 1.674

ब-शासकीय भूमि

124 0.011 योग . .0.011 कुल योग 1.685

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा मुख्य नहर के नीमी माइनर नहर के निर्माण में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु.

[भाग 1 (3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

रीवा , दिनांक 21 मार्च 2014

पत्र क्र. 77- प्रका.- भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा -19 के अंतर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- सिरमौर

(ग) ग्राम- सिरमौर खास

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 2.771 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में ) (2)

(1)

अ- निजी पट्टे की भूमि

1375/2

0.160

0.176

1379

0.960

1380

1420

0.917

1421

0.310

0.067

3117

योग . 2.590

ब-शासकीय भूमि

0.090

1375/1

3115

0.010

0.081

3186

योग .. 0.181 महायोग 2.771

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर बहाव योजना के नहर निर्माण " में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

पत्र क्र. 79 - प्रका.- भू-अर्जन-2012 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पादर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा -19 के अंतर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- सिरमौर

(ग) ग्राम- पड़री पवाई

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 3.846 हेक्टेयर.

खसरा नं .

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

20/1

0.038

0.300

20/2

20/3

0.038

20/4

0.254

21

0.032

0.144

44

45

0.138

0.083

51

0.122

62

0.125

63

66

0.160

0.074

78

2222

0.221 योग 1.729

ब-शासकीय भूमि

19

1.110

0.006

52

0.019

67

77

0.042

80

0.010

217

0.930

योग ..2.117 महायोग 3.846

1321 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर बहाव योजना के नहर निर्माण " में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक , भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. डी. एस. अग्निवंशी, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बैतूल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बैतूल, दिनांक 25 मार्च 2014

प्र. क्र. 15 - अ-82 वर्ष 2013-14- भू-अर्जन-2472 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बैतूल

(ख) तहसील- बैतूल

(ग) नगर/ग्राम- हथनोरा , पटवारी हल्का नम्बर 74.

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.888 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.005

41

42

0.005

0.005

43

0.040

121/2

0.006

46

0.025

48

0.141

64

0.048

66/2

70

0.150

0.109

71

72

0.109

0.024

102/2

102/3

0.040 1322

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

(2)

(1)

102/4

0.002

103

0.006

104/1से 6

0.105

0.080

123

4/2से 6

0.040

4/7

0.004

6

0.024

7

0.023

0.010

10

0.012

11

0.055

12

13/1

0.133

0.024

1/1

3

0.024

4/1

0.042

13/2

0.004

0.048

16

0.072

30

0.162

31

32

0.136

36/1

0.097

36/2

0.018

0.020

38/1

40

0.020

121/1

0.020

योग .. 1.888

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- हथनोरा- परसोड़ी- बैतूल बाजार मार्ग निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 के अंतर्गत दिनांक 1-1-2014 के पूर्व से कार्यवाही प्रचलित होने से भूमि अर्जन , पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 24-1 ( क) लागू.

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(5 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण विभाग , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 16 - अ-82 वर्ष 2013-14- भू-अर्जन- 2473.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- बैतूल

(ख) तहसील- बैतूल

(ग ) नगर/ग्राम- बैतूल बाजार, पटवारी हल्का नम्बर 68 .

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.598 हेक्टेयर.

खसरा

नंबर

रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

450/1

0.061

0.066

451

0.040

456

457/19

0.040

0.048

457/20, 21

459/1

0.129

0.162

461/1

457/7

0.012

0.040

457/9

0.598

योग ..

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- हथनोरा- परसोड़ी बैतूल बाजार मार्ग निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 के अंतर्गत दिनांक 1-1-2014 के पूर्व से कार्यवाही प्रचलित होने से भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 24-1 (क) लागू,

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(5) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 17 - अ-82 वर्ष 2013-14 - भू-अर्जन-2474 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 1323

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बैतूल

(ख ) तहसील- बैतूल

(ग) नगर/ ग्राम- परसोडीखुर्द, पटवारी हल्का नम्बर 73 .

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.784 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टर में) (2)

(1)

0.080

1/1

3/1

0.052

0.028

3/2

0.040

8/6

0.070

8/2

0.036

8/5

0.060

34

0.044

35

90/3

0.080

0.008

98

0.044

99

0.120

129

0.044

130/1

0.108

36/4

0.028

42

0.082

40/1

0.068

41

0.060

43

0.070

44/2

54/1

0.168

0.060

49

55/1

0.048

0.028

55/2

0.050

55/3

0.056

56

103/1

0.026

0.044

80/4

0.030

87/1

0.044

72/3

0.020

89/1

0.020

89/2

0.020

89/3

0.012

95

0.008

96

(2)

(1)

0.008

97

0.020

90/1

योग .. 1.784

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- हथनोरा - परसोड़ी- बैतूल बाजार मार्ग निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 के अंतर्गत दिनांक 1-1-2014 के पूर्व से कार्यवाही प्रचलित होने से भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 24-1 ( क ) लागू,

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(5 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 18 - अ-82 वर्ष 2013-14- भू-अर्जन-2475.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बैतूल

(ख) तहसील- बैतूल

(ग) नगर/ग्राम- परतापुर, पटवारी हल्का नम्बर 73 .

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.228 हेक्टेयर.

खसरा

नंबर

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

7/6

0.024

7/7

0.004

0.008

11/4

0.016

9

0.008

11/6

0.028

12/2

0.020

15

0.080

28/1

0.040

28/2

योग .. 0.228 1324

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- हथनोरा- परसोड़ी- बैतूल बाजार मार्ग निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 के अंतर्गत दिनांक 1-1-2014 के पूर्व से कार्यवाही प्रचलित होने से भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 24-1 (क) लागू.

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .

(5 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण विभाग , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 1 - अ-82 वर्ष 2013-14- भू-अर्जन- 2469.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : - अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- बैतूल

(ख ) तहसील- बैतूल

(ग ) नगर/ग्राम-कोलगांव, पटवारी हल्का नम्बर 59.

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-11.776 हेक्टेयर.

रकबा (हेक्टर में)

(2)

खसरा नंबर (1)

0.930

1

2.311

2/1

2/2

3.210

3

3.084

0.069

17

0.186

18

0.138

19/1

0.028

8/1

0.057

9/1

10

0.230

0.096

9/3

0.204

11

13

0.087

0.087

0.286

160/4 160/3

(2)

(1)

0.095

165/5

0.160

164

0.180

168/5

0.015

168/1

166/2

0.015

167

0.036

0.090

170/3

0.100

170/6

0.036

178/6

177/1

0.046 योग .. 11.776

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है-कोलगांव जलाशय , स्पील चैनल एवं नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 के अंतर्गत दिनांक 1-1-2014 के पूर्व से कार्यवाही प्रचलित होने से भूमि अर्जन , पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 24-1 ( क) लागू.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .

(5 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 2 - अ-82 वर्ष 2013-14- भू-अर्जन- 2470.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : - अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बैतूल

(ख) तहसील- बैतूल

(ग) नगर/ ग्राम- गोराखार, पटवारी हल्का नम्बर 71 .

(घ) लगभग क्षेत्रफल-7.177 हेक्टेयर .

रकबा (हेक्टर में )

(2)

खसरा नंबर (1)

0.955

30

0.412

31/1

0.405

31/2

0.294

34/1 1325

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

(2)

(1)

34/3

0.070

0.344

34/4

0.676

35

1.675

36/1

36/2

1.260

106/2

0.025

0.024

113

109

0.138

0.899

112

योग .. 7.177

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- कोलगांव जलाशय एवं स्पील चैनल निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि अर्जन अधिनियम , 1894 के अंतर्गत दिनांक 1-1-2014 के पूर्व से कार्यवाही प्रचलित होने से भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 24-1 ( क) लागू.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(5 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र . 2 , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

प्र. क्र . 3 - अ-82 वर्ष 2013-14- भू-अर्जन-2471.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बैतूल

(ख) तहसील- बैतूल

(ग) नगर/ग्राम- मुचगोहान , पटवारी हल्का नम्बर 59 .

(घ) लगभग क्षेत्रफल-17.509 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

33/2

0.236

34/1

0.575

34/2

0.578

(1)

(2)

0.267

36/3

2.594

36/2

38

1.047

0.218

40/4

0.878

50/1

0.214

54/1

54/3

0.324

54/4

0.461

54/5

0.599

0.591

176

177/1

0.647

0.518

177/2

0.277

178/1

178/2

2.023

0.277

178/3

0.276

178/4

0.858

179

0.224

180/1

0.819

180/2

0.298

180/3

0.298

180/4

0.967

182/1

182/2

0.278

0.158

189/1

0.158

189/2

190

0.218

0.040

191/1

0.060

191/2

0.250

192/1

0.283

192/2

योग .. 17.509

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- कोलगांव जलाशय , स्पील चैनल एवं नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

(3) भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 के अंतर्गत दिनांक 1-1-2014 के पूर्व से कार्यवाही प्रचलित होने से भूमि अर्जन , पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 24-1 (क ) लागू,

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है.

(5 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेश प्रसाद मिश्र , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .

1326

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

[भाग 1

निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं

विधि और विधायी ( निर्वाचन ) कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 19 मार्च 2014

फा.क्र. 24- वि.निर्वा.-2009-4-207.- भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना क्रमांक 82- MP- LA- ( 24-2009 ) -2014, दिनांक 13 फरवरी 2014 सर्वसाधारण की जानकारी के लिए प्रकाशित की जाती है.

जयदीप गोविन्द, प्रमुख सचिव.

भारत निर्वाचन आयोग निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110 001 नई दिल्ली, दिनांक 13 फरवरी , 2014-24 माघ, 1935 ( शक)

अधिसूचना

सं. 82- म.प्र. - वि.स.-( 24-2009)-2014.-लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम , 1951 ( 1951 का 43 ) की धारा 106 के अनुसरण में, भारत निर्वाचन आयोग, एतद्वारा , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर के निर्वाचन याचिका संख्या 24/2009 ( अभय दूबे बनाम गिरिजाशंकर शर्मा) जोकि श्री अभय दूबे ने श्री गिरिजाशंकर शर्मा के मध्यप्रदेश विधान सभा के 137- होशंगाबाद विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र हेतु नवम्बर, 2008 में हुए निर्वाचन को चुनौती देते हुए दाखिल की थी, में दिनांक 13 जनवरी 2014 को दिये गये अधिनिर्णय/आदेश को प्रकाशित करता है .

आदेश से, हस्ता./- ( बर्नाड जॉन ) सचिव, भारत निर्वाचन आयोग.

ELECTION COMMISSION OF INDIA Nirvachan Sadan , Ashoka Road, New Delhi - 110 001 New Delhi , Dated 13th February , 2014 24-Magha, 1935 ( SAKA)

NOTIFICATION

No. 82 - MP - LA- ( 24-2009 ) -2014 . In pursuance of Section 106 of the Representation of the People Act, 1951 (43 of 1951 ) , the Election Commission of India hereby publishes the Judgement/Order of the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur , dated 13th January 2014 in Election Petition No. 24 of 2009 ( Abhay Dubey Vs Girijashankar Sharma) filed by Shri Abhay Dubey challenging the Election of Shri Girijashankar Sharma to the Madhya Pradesh Legislative Assembly from 137 - Hoshangabad Assembly Constituency, held in November , 2008 .

Election Petition No. 24 of 2009 Petitioner :

Abhay Dubey Aged about 46 (Forty Six) Years S /o Late Dr. J. P. Duby, R/o Dubey House , First Line, Subhash Ganj , Itarsi , Nagar & Tehsil- Itarsi , District- Hoshangabad , State Madhya Pradesh .

Versus

Respondent: Girijashankar Sharma Aged About 59 (Fifty Nine ) Years Adopted S / o Nanhelal R/ o Ward No. 3 (Three) , Jagdishpura , Nagar , Tehsil & District- Hoshangabad , State Madhya Pradesh .

ORDER

Election Petition No. 24/2009

13-1-2014

Shri Vishal Dhagat , Advocate for the petitioner.

Shri G. S. Baghel , Advocate for the respondent .

Learned counsel for the petitioner submits that as petition rendered infructuous therefore , he does not want to prosecute this matter further .

Since petition rendered infructuous , the same is hereby dismissed as become infructuous .

Office is directed to return the security amount to the petitioner.

No. order as to costs .

C.C. as per rules .

Sd./- (G. S. SOLANKI ) Judge .

By Order, Sd./- (BERNARD JOHN) Secretary, Election Commission of India .

भाग 1 ]

1327

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

विधि और विधायी ( निर्वाचन ) कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 19 मार्च 2014

फा.क्र. 28 - वि.निर्वा. 2009-4-209.- भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना क्रमांक 82- MP- LA- ( 28-2009 ) -2014, दिनांक 13 फरवरी 2014 सर्वसाधारण की जानकारी के लिए प्रकाशित की जाती है .

जयदीप गोविन्द, प्रमुख सचिव.

भारत निर्वाचन आयोग निर्वाचन सदन , अशोक रोड, नई दिल्ली-110 001 नई दिल्ली, दिनांक 13 फरवरी , 2014-24 माघ , 1935 ( शक)

अधिसूचना

सं. 82- म.प्र. - वि.स.- (28-2009 ) -2014 .- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 ( 1951 का 43 ) की धारा 106 के अनुसरण में, भारत निर्वाचन आयोग , एतद्वारा , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर के निर्वाचन याचिका संख्या 28/2009 ( मोहनदास झालिया बनाम गिरिजाशंकर शर्मा ) जोकि श्री मोहनदास झालिया ने श्री गिरिजाशंकर शर्मा के मध्यप्रदेश विधान सभा के 137- होशंगाबाद विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र हेतु नवम्बर, 2008 में हुए निर्वाचन को चुनौती देते हुए दाखिल की थी, में दिनांक 13 जनवरी 2014 को दिये गये अधिनिर्णय/ आदेश को प्रकाशित करता है.

आदेश से, हस्ता./- (बर्नाड़ जॉन ) सचिव, भारत निर्वाचन आयोग.

ELECTION COMMISSION OF INDIA Nirvachan Sadan , Ashoka Road , New Delhi - 110 001 New Delhi , Dated 13th February , 2014- 24- Magha , 1935 ( SAKA)

NOTIFICATION

No. 82 - MP- LA- ( 28-2009 ) -2014 .-In pursuance of Section 106 of the Representation of the People Act , 1951 (43 of 1951 ) , the Election Commission of India hereby publishes the Judgement/order of the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur , dated 13th January 2014 in Election Petition No. 28 of 2009 (Mohan Das Jhalia Vs Girijashankar Sharma) filed by Shri Mohan Das Jhalia challenging the Election of Shri Girijashankar Sharma to the Madhya Pradesh Legislative Assembly from 137 -Hoshangabad Assembly Constituency, held in November , 2008 .

SEAT AT JABALPUR

Election Petition No. 28/2009 Petitioner:

Mohan Das Jhaliya Aged about 54 (Fifty Four) Years S / o Shri Sunderlal , Occupation- Advocate R/ o house No. 157 (One Hundred Fifty Seven) Village Saket Tehsil and District - Hoshangabad , State Madhya Pradesh .

Versus

Respondent:

3 Girijashankar Sharma Aged About 59 ( Fifty Nine ) Years Adopted S/ o Nanhelal R/ o Ward No. (Three) Jagdishpura , Nagar , Tehsil & District-Hoshangabad , State Madhya Pradesh .

ORDER

Election Petition No. 28/2009

13-1-2014

Shri Vishal Dhagat , Advocate for the petitioner.

Shri G. S. Baghel , Advocate for the respondent .

Learned counsel for the petitioner submits that as petition rendered infructuous therefore , he does not want to prosecute this matter further .

Since petition rendered infructuous , the same is hereby dismissed as become infructuous .

Office is directed to return the security amount to the petitioner.

No order as to costs .

C.C. as per rules .

Sd./- (G. S. SOLANKI ) Judge .

By Order , Sd./- (BERNARD JOHN) Secretary, Election Commission of India.

1328

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

विधि और विधायी ( निर्वाचन ) कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 19 मार्च 2014

फा.क्र. 36 - वि.निर्वा.-2009-4-211.- भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना क्रमांक 82- MP- LA- ( 36-2009 ) -2014 , दिनांक 13 फरवरी 2014 सर्वसाधारण की जानकारी के लिए प्रकाशित की जाती है.

जयदीप गोविन्द, प्रमुख सचिव.

भारत निर्वाचन आयोग

निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110 001 नई दिल्ली , दिनांक 13 फरवरी , 2014-24 माघ , 1935 ( शक)

अधिसूचना

सं. 82-म.प्र. - वि.स. ( 36-2009 )-2014.- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 ( 1951 का 43 ) की धारा 106 के अनुसरण में, भारत निर्वाचन आयोग , एतद्वारा, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के निर्वाचन याचिका संख्या 36/2009 ( विजय दुबे बनाम गिरिजाशंकर शर्मा ) जोकि श्री विजय दुबे ने श्री गिरिजाशंकर शर्मा के मध्यप्रदेश विधान सभा के 137 - होशंगाबाद विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र हेतु नवम्बर, 2008 में हुए निर्वाचन को चुनौती देते हुए दाखिल की थी, में दिनांक 13 जनवरी 2014 को दिये गये अधिनिर्णय/ आदेश को प्रकाशित करता है.

आदेश से, हस्ता./- (बर्नाड जॉन ) सचिव,

भारत निर्वाचन आयोग .

ELECTION COMMISSION OF INDIA Nirvachan Sadan , Ashoka Road, New Delhi- 110 001 New Delhi , Dated 13th February , 2014- 24 -Magha , 1935 ( SAKA)

NOTIFICATION

No. 82- MP - LA- ( 36-2009 ) -2014.-In pursuance of Section 106 of the Representation of the People Act, 1951 (43 of 1951 ) , the Election Commission of India hereby publishes the Judgement/order of the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur , dated 13th January 2014 in Election Petition No. 36 of 2009 (Vijay Dubey Vs Girijashankar Sharma) filed by Shri Vijay Dubey, challenging the Election of Shri Girijashankar Sharma to the Madhya Pradesh Legislative Assembly from 137 - Hoshangabad Assembly Constituency , held in November , 2008 .

Election Petiton No. 36/2009 Petitioner :

Vijay Dubey Aged about 55 (Fifty Five) Year S /o Late Dr.

J.P. Dubey R/ o Dubey House First Line , Subhash Ganj Itarsi , Nagar & Tehsil- Itarsi , District- Hoshangabad , State Madhya Pradesh .

Versus

Respondent: 1. Girijashankar Sharma Aged About 59 ( Fifty Nine ) Years Adopted S/ o Nanhelal R/ o Ward No. 3 (Three) Jagdishpura , Nagar , Tehsil & District- Hoshangabad , State Madhya Pradesh .

2. Dr. Narendra Pandy Aged about 59 ( Fifty Six ) Years S/ o Shri Mukatamani R/ o 14 Shastriya Ward No. 1 , Nagar , Tehsil & District -Hoshangabad , State Madhya Pradesh .

3. Pt . Madan Lal Thapak Aged about 62 ( Sixty Two) Years S /o Shri Durga Prasad R/ o Surajganj Ward No. 28 , Guru Govind Singh Nagar , Main Road , Beside Maheshwari Bhaban Nagar & Tehsil Itarsi , District- Hoshangabad , State Madhya Pradesh .

4. Smt . Vandana Manish Dubey Aged about 32 Years W/ o Manish Dubey D/ o Shri Jay Prakash R/ o 68 (Sixty Eight) , Laxman Taliya Gwalior . District-Gwalior M.P.

5. (Five) Dr. Premnarayan Tiwari Aged about 61 ( Sixty One) Years S/ o Shri Mathura Prasad R/ o 96 ( Ninety Six) T 35 (Thirty Five) Tulsi Nagar , Bhopal , Tehsil Huzur , District- Bhopal, M.P.

6. ( Six) Radhalal Gathole Aged about 32 ( Thirty Two ) Years S/ o Shri Munshi Lal R/ o Ward No. 21 (Twenty One) , Fafertal Nagar , Tehsil & District- Hoshangabad, M.P.

7. ( Seven) Surendra Soni Patrakar Aged about 40 ( Forty) Years S / o Shri Ganga Singh R/ o Surendra Singh Rajput Patrakar, Fifth Line , Nagar & Tehsil Itarsi District- Hoshangabad , State Madhya Pradesh .

भाग 1 ]

1329

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

ORDER Election Petition No. 36/2009

13-01-2014

Shri Vishal Dhagat , Advocate for the petitioner .

Shri G. S. Baghel , Advocate for the respondent .

Learned counsel for the petitioner submits that as petition rendered infructuous therefore , he does not want to prosecute this matter further .

Since petition rendered infructuous , the same is hereby dismissed as become infructuous .

office is directed to return the security amount to the petitioner.

No order as to costs .

C.C. as per rules .

Sd./- (G. S. SOLANKI ) Judge .

By Order, Sd./- (BERNARD JOHN) Secretary, Election Commission of India .

विधि और विधायी ( निर्वाचन ) कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 22 मार्च 2014

फा.क्र. 5 - वि.निर्वा. 2009-4-219.- भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना क्रमांक 82- MP- LA- ( 05-2009 ) -2014, दिनांक 13 फरवरी 2014 सर्वसाधारण की जानकारी के लिए प्रकाशित की जाती है.

जयदीप गोविन्द, प्रमुख सचिव.

भारत निर्वाचन आयोग

निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110 001 नई दिल्ली, दिनांक 13 फरवरी , 2014-24 माघ, 1935 ( शक)

अधिसूचना

सं. 82- म.प्र. - वि.स. (05-2009)-2014.-लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम , 1951 ( 1951 का 43 ) की धारा 106 के अनुसरण में भारत निर्वाचन आयोग , एतद्वारा , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर के निर्वाचन याचिका संख्या 05/2009 ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले बनाम श्रीकान्त दूबे ) जोकि सुश्री कुसुम सिंह महदेले ने श्री श्रीकान्त दूबे के मध्यप्रदेश विधान सभा के 60 - पन्ना विधान सभा क्षेत्र हेतु नवम्बर, 2008 में हुए निर्वाचन को चुनौती देते हुए दाखिल की थी, में दिनांक 6 जनवरी 2014 को दिये गये अधिनिर्णय/ आदेश को प्रकाशित करता है .

आदेश से, हस्ता./- (बर्नाड जॉन ) सचिव, भारत निर्वाचन आयोग .

ELECTION COMMISSION OF INDIA Nirvachan Sadan , Ashoka Road , New Delhi- 110 001 New Delhi , Dated 13th February , 2014- 24-Magha , 1935 ( SAKA)

NOTIFICATION

No. 82- MP - LA- ( 05-2009 ) -2014 .-In pursuance of Section 106 of the Representation of the People Act , 1951 (43 of 1951 ) , the Election Commission of India hereby publishes the Judgement/ Order of the High Court ofMadhya Pradesh , Jabalpur , dated 6 January 2014 in Election Petition No. 05 of 2009 ( Ms. Kusum Singh Mahdele , Vs. Shrikant Dubey ) filed by Ms. Kusum Singh Mahdele challenging the Election of Shrikant Dubey to the Madhya Pradesh Legislative Assembly from 60 - Panna Assembly Constituency, held in November , 2008 .

IN THE HIGH COURT OF MADHYA PRADESH PRINIPAL SEAT AT JABALPUR

Election Petiton No. 5 of 2009 Ms. Kusum Singh Mahdele D/ o Late Shri Ram Singh Mahdele , Aged about 65 years , R/ o Safar Bag , Panna , Near Police Line , Panna , District- Panna . ( M.P) . Petitioner.

ShrikantDubey Vs. S/ o Late Shri Hetram Dubey , Aged about 45 years R/ o Beni Sagar Mohalla , Near Bus Stand , Panna (M.P. ) Respondent .

ORDER Ε.Ρ. No. 5/2009

6-1-2014

Shri Saurabh Shrivastava , Advocate for the petitioner.

Shri P. D. Gupta , Advocate for the respondent . Learned cousel appearing on behalf of the petitioner . Submitted that this petition has been rendered infructuous .

Accordingly this petition is dismissed as infructuous .

Parties to bear their own costs .

Sd./- ( G. S. SOLANKI ) Judge.

By Order, Sd./- (BERNARD JOHN) Secretary, Election Commission of India.

1330

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

विधि और विधायी ( निर्वाचन ) कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 23 मार्च 2014

फा.क्र. 16 - वि.निर्वा. 2009-4-223 .- भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना क्रमांक 82 - MP- LA- ( 16/2009 ) -2014 , दिनांक 13 फरवरी 2014 सर्व साधारण की जानकारी के लिए प्रकाशित की जाती है .

जयदीप गोविन्द, प्रमुख सचिव.

भारत निर्वाचन आयोग

निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110 001 नई दिल्ली, दिनांक 13 फरवरी , 2014-24 माघ, 1935 ( शक)

अधिसूचना

सं. 82- म.प्र. - वि.स.-( 16/2009) -2014.- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 ( 1951 का 43 ) की धारा 106 के अनुसरण में, भारत निर्वाचन आयोग , एतद्वारा , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर के निर्वाचन याचिका संख्या 16/2009 ( श्री राम पाल सिंह बनाम श्री देवेन्द्र पटेल व अन्य ) जोकि श्री राम पाल सिंह ने श्री देवेन्द्र पटेल के मध्यप्रदेश विधान सभा के 140 - उदयपुरा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र हेतु नवम्बर, 2008 में हुए निर्वाचन को चुनौती देते हुए दाखिल की थी, में दिनांक 6 जनवरी 2014 को दिये गये अधिनिर्णय/ आदेश को प्रकाशित करता है.

आदेश से, हस्ता./- (बर्नाड जॉन )

सचिव, भारत निर्वाचन आयोग.

ELECTION COMMISSION OF INDIA Nirvachan Sadan , Ashoka Road , New Delhi- 110 001 New Delhi , Dated 13th February , 2014 24 Magha , 1935 ( SAKA)

NOTIFICATION

No. 82 - MP - LA- ( 16/2009 ) -2014 .-In pursuance of Section 106 of the Representation of the People Act, 1951 (43 of 1951 ) , the Election Commission of India hereby publishes the Judgement/order of the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur , dated 6th January 2014 in Election Petition No. 16 of 2009 ( Shri Ram Pal Singh , Vs Shri Devendra Patel and others ) filed by Shri Ram Pal Singh , challenging the Election of Shri Devendra Patel to the Madhya Pradesh Legislative Assembly from 140- Udaipura Assembly Constituency , held in November, 2008 .

Election Petition No. 16/2009

Petitioner : Ram Pal Singh , Son of Shri Jujhar Singh aged about 52 Years , R/ o Laxmi Chowk , Udaipura , Tehsil Udaipura , District Raisen .

Versus

Respondents : 1. Shri Devendra Patel , son of Ram Prasad , aged about 33 years , R/ o Khanpur , Post Chandbad , Tehsil Begumganj , District Raisen , ( M. P. ) 2. Rajesh Kumar , son of Shri Sitaram , aged about 29 years , R/ o Ward No. 3 Udaipura , Tehsil Udaipura , District Raisen .

3. Shri Udal Singh , son of Rajaram Singh , aged about 46 years , R/ o Kothi Khohi , Post Sunwah , Tehsil Begumganj , District Raisen .

4. Shri Shoeb Beg , son of Ikram Beg , aged about 30 years , R/ o Ward No. 19 , Near Raat Din Petrol Pump , Gairatganj , District Raisen , ( M. P. )

5. Shri Jugal Kishore , son of Baliram Tekam , aged about 60 years , R / o Udaipura , Tehsil Udaipura , District Raisen , M. P. 6. Shri Deshraj Singh , son of Chhaviram , aged about 33years , R/ o Gram Kokalpur , Dr. Sumer , Tehsil Begumganj , District Raisen , ( M. P. ) 1331

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

7. Shri Rajaram Dhurve , son of Ratan Singh , aged about 73 years R/ o Gram Khamariya Khurd , Post Amapani , Tehsil Silwani , District Raisen , M. P.

8. Shri Mohd . Rizwan , son of Yunus , aged about 33 years , R/ o Ward No. 16 , Tehsil Mohalla Raisen , M. P. 9. Shri Akhilesh Kumar Uike , son of Tulsiram aged about 26 years , R/ o Gram Dawry , Post Searmau , Tehsil Silwani , District Raisen , M. P.

10. Shri Dinesh Kumar , Son of Dallu Lal , aged about 44 years , R/ o Ward No. 10 Ravipura , Post and Tehsil Udaipura , District Raisen , M. P.

11. Ku . Nanhi Bai D/ o Kesharam Gond aged about 61 years , R/ o Gram Nandora , Tehsil Goharganj District Raisen , M. P. 12. Shri Nirbhay Singh Son of Nirpat Singh , aged about 46 years R/ o Gram Madni , Tehsil Begumganj , District Raisen , M. P.

13. Shri Pratap Singh Rajput , Son of Shri Daryao Singh , aged about 42 years R/ o Gram Bamhori Basoda , Post Gaayabiyaan , Tehsil Udaipura , District Raisen , M. P. 14. Shri Balakdas , Son of Pooran , aged about 46 years R/ o Gram Kakarua , Tehsil Udaipura , District Raisen , M. P. 15. Shri Bhagwan Singh Son of Ramcharan , aged about 41 years R/ o Gram Chhind , Tehsil Udaipura , District Raisen , M. P. 16. Shri Bhoop Singh Son of Umrao Singh , aged about 36 years R/ o Gram Gopalpur, Post Chandoriya , Tehsil Begumganj , District Raisen , (Μ. Ρ. )

17. Shri Virendra Singh Raghuvanshi , Son of Shri Balwant Singh , aged about 46 years , R/ o Jaitpur Post Muaar Tehsil Silwani , District Raisen . (M. P.)

18. Shri Sanjeev Sharma , Son of Shri Sitaram Sharma , aged about 38 years R/ o Gram Murparkala , Post Chandbad , Tehsil Goharganj District Raisen . ( M. P. )

19. Shri Hari Sewak , Son of Shri Gomat aged about 32 years , Ward No. 3 , Udaipura , Tehsil Udaipura , District Raisen M.P.

ORDER E.P. No. 16/2009

6-1-2014

Shri Rajmani Mishra , Advocate for the petitioner , None for the respondents .

Learned counsel appearing on behalf of the petitioner submitted that this petition has been rendered infructuous .

Accordingly this petition is dismissed as infructuous . Parties to bear their own costs .

Sd./- ( G. S. SOLANKI) Judge.

By Order , Sd./- (BERNARD JOHN) Secretary, Election Commission of India .

1332

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

विधि और विधायी ( निर्वाचन ) कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 23 मार्च 2014

फा.क्र . EP 31-2009- चार- 225.- भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना क्रमांक 82- MP-LA- ( 31/2009 ) -2014, दिनांक 8 मार्च 2014 सर्वसाधारण की जानकारी के लिए प्रकाशित की जाती है.

जयदीप गोविन्द, प्रमुख सचिव.

भारत निर्वाचन आयोग

निर्वाचन सदन , अशोक रोड, नई दिल्ली-110 001 नई दिल्ली, दिनांक 8 मार्च, 2014-17 फाल्गुन, 1935 (शक)

अधिसूचना

सं. 82- म.प्र.- वि.स.-(31/2009 ) -2014.- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 ( 1951 का 43 ) की धारा 106 के अनुसरण में, भारत निर्वाचन आयोग , एतद्वारा , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर के निर्वाचन याचिका संख्या 31/2009 ( रामदयाल प्रजापति बनाम रामदयाल अहिरवार ) जो कि श्री रामदयाल प्रजापति ने श्री रामदयाल अहिरवार के मध्यप्रदेश विधान सभा के 49- चांदला ( अ.जा. ) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र हेतु नवम्बर, 2008 में हुए निर्वाचन को चुनौती देते हुए दाखिल की थी, में दिनांक 10 दिसम्बर 2013 को दिये गये अधिनिर्णय/ आदेश को प्रकाशित करता है .

आदेश से ,

हस्ता./-

(बर्नाड जॉन )

सचिव,

भारत निर्वाचन आयोग .

ELECTION COMMISSION OF INDIA Nirvachan Sadan , Ashoka Road , New Delhi- 110 001 New Delhi , Dated 8th March , 2014-17 Phalguna , 1935 ( SAKA)

NOTIFICATION

No. 82 - MP -LA- (31/2009 ) -2014 .-In pursuance of Section 106 of the Representation of the People Act , 1951 (43 of 1951 ) , the Election Commission of India hereby publishes the Judgement/Order of the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur , dated 10th December 2013 in Election Petition No. 31 of 2009 (Shri Ramdayal Prajapati Vs. Shri Ramdayal Ahirwar ) filed by Shri Ramdayal Prajapati challenging the Election of Shri Ramdayal Ahirwar from 49 - Chandla (SC) Assembly Constituency , held in November, 2008 .

Election Petition No. 31 of 2009

Petition : Ramdayal Prajapati Son of Shri Gilla Prajapati , aged about 47 years resident of village and Post Muderi , Tahsil Laundi District Chhatarpur, M.P.

Versus

Respondent : Ramdayal Ahirwar Son of Shri Nanhe Ahirwar @ Durjan @ Ramcharan , aged about 62 years , resident of Ward No. 1 Maharajpur , Nagar Panchayat Maharajpur , District Chhtarpur , M. P.

ORDER

E P. No. 31/2009

10-12-2013

Shri Bhupesh Tiwari , Advocate for the petitioner, Shri K. S. Jha , Advocate for the respondent .

Learned counsel for the petitioner prays for withdrawal of this petition.

This petition is accordingly dismissed as withdrawn.

Parties to bear their own costs .

Sd./- (G. S. SOLANKI) Judge.

By Order,

Sd./- (BERNARD JOHN) Secretary, Election Commission of India.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 22 मार्च 2014

क्र. B - 537-दो- 2-26-2012.- श्री हरिशंकर वैश्य , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शहडोल को दिनांक 07 से 18 फरवरी 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री हरिशंकर वैश्य , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शहडोल को शहडोल पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री हरिशंकर वैश्य, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. B - 539- दो- 3-44-2013. श्रीमती पी . रायजादा , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, राजगढ़ - ब्यावरा को दिनांक 26 से 31 दिसम्बर 2013 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए छः दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती पी. रायजादा, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, राजगढ़ - ब्यावरा को राजगढ़ -ब्यावरा पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती पी . रायजादा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. B-541-दो-2-33-2010.- श्री रणजीत सिंह , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , विदिशा को दिनांक 03 से 05 फरवरी 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री रणजीत सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विदिशा को विदिशा पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री रणजीत सिंह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

1333 क्र. A- 1499-दो- 2-25-2013.- श्री एस. के. रघुवंशी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डलेश्वर को दिनांक 10 से 12 मार्च 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 8 एवं 9 मार्च 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर न्यायाधीश , मण्डलेश्वर को जाता है. श्री एस. के. रघुवंशी, जिला एवं सत्र मण्डलेश्वर पुनः पदस्थापित किया अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस. के. रघुवंशी , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. A- 1501-दो- 2-59-2013.-श्री एन. के. सत्संगी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , श्योपुर को दिनांक 10 से 15 फरवरी 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके छः दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 8 एवं 9 फरवरी 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 16 फरवरी 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री एन. के. सत्संगी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , श्योपुर को श्योपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एन. के. सत्संगी , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. A- 1503-दो-2-5-2006. श्रीमती जयश्री वर्मा , प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , उज्जैन को दिनांक 21 से 23 जनवरी 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती जयश्री वर्मा, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती जयश्री वर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,

व्ही. बी. सिंह , रजिस्ट्रार .

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

1334

जबलपुर, दिनांक 20 मार्च 2014

क्र. 374- गोपनीय - 2014-दो- 2-1-2014 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों ( अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ) को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर, उक्त न्यायिक अधिकारी के समक्ष स्तम्भ (6 ) में निर्दिष्ट अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , उच्चतर न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है:-

सारणी

कहां को

कहां से नाम

क्रमांक

(3)

(4)

(2)

(1)

विदिशा 1 श्री रहस बिहारी गुप्ता

भोपाल 2 श्री अचल कुमार पालीवाल अतिरिक्त सचिव, मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.

3 श्री श्यामाचरण उपाध्याय

मुलताई 4

भोपाल श्री अरूण कुमार सिंह ( सीनियर ) , अतिरिक्त सचिव, मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.

इंदौर श्री देव नारायण मिश्रा

5

ग्वालियर 6 श्री रूचिर शर्मा

रीवा 7 श्री योगेश चन्द्र गुप्त

सत्र खण्ड का नाम (5)

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)

इंदौर

महू

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री सुशांत हुद्दार के स्थान पर.

इंदौर

इंदौर

पन्द्रहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से कुमारी अनीता बाजपेयी के स्थान पर.

पिपरिया होशंगाबाद द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

रीवा

रीवा षष्ठम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री योगेश चन्द्र गुप्त के स्थान पर.

उज्जैन

उज्जैन

ग्यारहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री अनीश कुमार मिश्रा के स्थान पर.

दतिया

दतिया

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा के स्थान पर.

सिंगरौली

देवसर

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

भाग 1 ]

1335

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

(3)

(4)

(1)

(2)

8

भोपाल श्री राजेश कुमार गुप्ता अतिरिक्त सचिव , म. प्र. शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.

इंदौर 9 श्री अफसर जावेद खान विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी / रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, इंदौर.

10

जबलपुर श्री मुशी सिंह चन्द्रावत

11

भोपाल श्री रत्नेश चन्द्र सिंह बिसेन विधि अधिकारी , राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, भोपाल के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.

देवास 12 श्रीमती रेणुका कंचन

13 श्री सभापति यादव

खुरई 14

इंदौर श्रीमती सविता दुबे

15

दमोह श्री महेश चन्द्र सोनी

16

जबलपुर श्री श्याम बिहारी वर्मा रजिस्ट्रार ( Examination & Labour) , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर .

मैहर 17 श्री रमा शंकर शर्मा

डबरा 18 श्री रामानंद चंद

(6)

(5)

इंदौर

इंदौर

तेरहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री अरूण कुमार शर्मा के स्थान पर.

बड़वानी बड़वानी

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

रतलाम

रतलाम

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री के. सी. बांगर के स्थान पर .

रीवा

रीवा

पंचम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री भागवत प्रसाद पाण्डेय के स्थान पर.

ग्वालियर

ग्वालियर

पंचम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

ग्वालियर ग्वालियर षष्ठम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .

धार

धार

तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री आनंद कुमार तिवारी के स्थान पर.

जबलपुर

जबलपुर

अपर सत्र न्यायाधीश , विशेष न्यायालय क्रमांक-9, विद्युत अधिनियम, जबलपुर की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .

उज्जैन

उज्जैन

दसवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, की हैसियत से श्री दीपेश कुमार तिवारी के स्थान पर.

इंदौर

इंदौर

तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, की हैसियत से श्री रमेश कुमार सोनी के स्थान पर .

रीवा

त्यौंथर

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

1336

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 अप्रैल 2014

(3)

(4)

(2)

(1)

(6)

(5)

सिवनी

लखनादौन

19

भोपाल श्री शिव चरण पाण्डेय, अतिरिक्त सचिव , म. प्र. शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.

20

रीवा

ग्वालियर श्री अनिल कुमार गुप्ता

शहडोल

21

जबलपुर श्री उपेन्द्र कुमार सोनकर

डबरा

22

दतिया श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा

डिण्डौरी 23

हरदा

श्री वीरेन्द्र सिंह राजपूत

सीधी

रीवा 24 श्री राजीव कुमार सिंह

उज्जैन 25 श्री दीपेश कुमार तिवारी

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री चन्द्रेश कुमार खरे के स्थान पर.

रीवा

चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री राजीव कुमार सिंह के स्थान पर.

शहडोल

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

ग्वालियर

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री रामानंद चंद के स्थान पर .

हरदा

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री कपिल कुमार मेहता के स्थान पर.

सीधी

तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री रेवाराम बामनिया के स्थान पर, दिनांक 1-4-2014 से.

मण्डलेश्वर

मण्डलेश्वर

26

उज्जैन श्री अनीश कुमार मिश्रा

27

टीकमगढ़ श्री अनिल कुमार अग्रवाल

खण्डवा 28 श्रीमती आशिता श्रीवास्तव

टीकमगढ़

29

सोनकच्छ श्री राजाराम भारतीय

बासौदा 30 श्री रविन्दर सिंह

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

सागर

खुरई

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री सभापति यादव के स्थान पर.

टीकमगढ़ प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री उपेन्द्र कुमार सिंह के स्थान पर .

अशोकनगर

मुंगावली

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री डी. के. मित्तल के स्थान पर.

बुरहानपुर

बुरहानपुर

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

भाग 1 ]

1337

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

(4)

(2)

(3) (1)

बीना

सीहोर 31 श्री राम प्रकाश मिश्रा

32

इंदौर कुमारी अनिता बाजपेयी

33

खण्डवा श्री संजीव श्रीवास्तव

टीकमगढ़

34

सीहोर श्री संजय कृष्ण जोशी

ग्वालियर

35

नई दिल्ली श्री सतीश चन्द्र शर्मा ( जूनियर ) , अतिरिक्त सचिव, म. प्र. शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , नई दिल्ली के पद से प्रतिनियुक्ति सेलौटने पर.

36

भोपाल श्री राजीव आप्टे , अतिरिक्त सचिव, म. प्र. शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.

भोपाल 37 श्रीमती अलका दुबे

38

लहार श्री संजीव कुमार अग्रवाल

कटनी 39 श्री चन्द्रदेव शर्मा

रीवा 40 श्री भागवत प्रसाद पाण्डेय

41

भोपाल श्री उमेश कुमार श्रीवास्तव, रजिस्ट्रार, मध्यप्रदेश माध्यस्थम, अधिकरण, भू- तल, विन्ध्याचल भवन, भोपाल के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.

(6)

(5)

सागर

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

विदिशा

बासौदा

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री रविन्दर सिंह के स्थान पर .

टीकमगढ़ द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

सिवनी

सिवनी

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्रीमती कृष्णा परस्ते के स्थान पर .

ग्वालियर चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री अनिल कुमार गुप्ता के स्थान पर.

भिण्ड

लहार

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री संजीव कुमार अग्रवाल के स्थान पर.

सीहोर

आष्टा

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्रीमती भागवती चौधरी के स्थान पर.

ग्वालियर ग्वालियर

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री रूचिर शर्मा के स्थान पर.

सतना

मैहर

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री रमाशंकर शर्मा के स्थान पर.

ब्यावरा

राजगढ़

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

ग्वालियर

ग्वालियर

बारहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

1338

(3) (1)

(2)

ब्यावरा 42 डॉ. रमेश साहू

43

जबलपुर श्री विजय चन्द्रा, रजिस्ट्रार/सचिव, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, जबलपुर.

44

मुंगावली श्री दिलीप कुमार मित्तल

45

जबलपुर श्री शिवकांत पाण्डेय, उप सचिव, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.

(5)

(6)

(4)

भोपाल

भोपाल

तेरहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्रीमती अलका दुबे के स्थान पर.

रायसेन

रायसेन

तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री आर. जी. कोठे के स्थान पर.

इंदौर

इंदौर

अपर सत्र न्यायाधीश , विशेष न्यायालय क्रमांक-5, विद्युत अधिनियम , इंदौर की हैसियत से श्री पंकज गौर के स्थान पर.

सतना

सतना

सप्तम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

सोनकच्छ

विदिशा 46 श्री अनिल कुमार सिंह

बासौदा 47 श्री प्रकाश चन्द्र आर्य

मैहर 48 श्री गोपाल सिंह नेताम

49

मुरैना श्री नत्थूसिंह डावर

50 श्रीमती गीता सोलंकी

झाबुआ 51

सिवनी श्रीमती कृष्णा परस्ते

52 श्री कैलाश चन्द्र यादव

बैतूल 53

सागर श्री सुनील कुमार जैन ( जूनियर )

देवास

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री आर. आर. भारतीय के स्थान पर.

गोहद

भिण्ड

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

सिंगरौली

बैढ़न

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री सुधीर सिंह चौहान के स्थान पर.

मण्डलेश्वर

खरगौन

चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

डिण्डौरी

डिण्डौरी

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री वी.एस. राजपूत के स्थान पर.

उमरिया

उमरिया

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

शाजापुर

सुसनेर

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री केशव सिंह तोमर के स्थान पर.

दमोह

दमोह

तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री महेशचन्द्र सोनी के स्थान पर .

1339

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

(4)

(3) (1)

(2)

खातेगांव

श्री संजीव जैन

54

श्योपुर 55

बैढ़न श्री सुधीर सिंह चौहान

56

रीवा श्री धीरेन्द्र सिंह

ग्वालियर 57 श्री प्रकाश चन्द्र मिश्र, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी / रजिस्ट्रार , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, खण्डपीठ ग्वालियर.

58

जबलपुर श्री राकेश कुमार ( गुप्ता ) , रजिस्ट्रार ( प्रशासन ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर.

भोपाल 59 श्री राम प्रसाद सोनकर

60

भोपाल श्री रमेश प्रसाद ठाकुर

(6)

(5)

देवास

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियमित नवनिर्मित न्यायालय में.

उज्जैन

बड़नगर

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

छतरपुर

छतरपुर

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

ग्वालियर

ग्वालियर

नवम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

इंदौर

इंदौर

सप्तम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्रीमती सविता दुबे के स्थान पर .

टीकमगढ़

निवाड़ी

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

जतारा

टीकमगढ़ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

जबलपुर, दिनांक 20 मार्च 2014

क्र. 375- गोपनीय - 2014-दो- 2-1-2014 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्टस एक्ट, 1958 (19 सन् 1958 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) तथा धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्नलिखित सिविल न्यायाधीश ( वरिष्ठ श्रेणी ) को जिन्हें विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश फा. क्रमांक 3 ( ए) 1 /2013/इक्कीस - ब( एक ) दिनांक 27 जनवरी 2014 द्वारा पदोन्नति पर मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा में जिला न्यायादीश ( प्रवेश स्तर ) के पद पर स्थानापन्न रूप में कार्य करने के लिये अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया है एवं जिनके नाम निम्न सारणी के स्तम्भ ( 1 ) में उल्लेखित हैं. स्तम्भ ( 2 ) में उल्लेखित उनकी वर्तमान पदस्थापना के स्थान से स्थानान्तरित कर उक्त सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में वर्णित स्थान पर पदस्थ करता है एवं उन्हें निम्न सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में दर्शित अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है एवं निर्देश देता है कि वे निम्न सारणी के स्तम्भ ( 6 ) में दर्शाये गये स्थान पर, आगामी आदेश होने तक बैठेंगे.

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, उच्चतर न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारी को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है: -

क्रमांक अधिकारी का नाम व पदनाम

वर्तमान पदस्थापना स्थान

पदोन्नति पर पदस्थापना का स्थान

(0)

(3) ब्यावरा

1

(1) श्रीमती मनीषा बसेर

(2) शाजापुर

सारणी

सत्र खण्ड का नाम

न्यायालय में बैठने का स्थान न्यायालय का नाम जिसके अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त एवं पदस्थ

(5)

(6) ब्यावरा (4) राजगढ़ पदोन्नति पर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से डॉ. रमेश साहू के स्थान पर.

1340

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

(1)

(2)

(3) (0)

कटनी

दमोह

2 श्री चन्द्र मोहन उपाध्याय

ग्वालियर

भोपाल

3 श्री मोहम्मद अजहर, उप कल्याण आयुक्त, भोपाल गैस पीड़ित , भोपाल के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.

4 श्री वैभव मण्डलोई

बुरहानपुर

बुरहानपुर 5 श्री शिवकांत

कोलारस

मुरैना 6 श्री दिनेश प्रसाद मिश्रा

जबलपुर

जबलपुर 7

गोहरगंज

भोपाल श्री उपेन्द्र प्रताप सिंह

उज्जैन

बैतूल 8 कुमारी सुमन श्रीवास्तव

9

सागर

सागर श्री अनूप कुमार त्रिपाठी

नीमच 10

नीमच

श्री हेमंत जोशी

(6) (4)

(5)

कटनी कटनी पदोन्नति पर द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री चन्द्रदेव शर्मा के स्थान पर.

ग्वालियर ग्वालियर पदोन्नति पर चौदहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

बुरहानपुर बुरहानपुर पदोन्नति पर तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में .

मुरैना मुरैना पदोन्नति पर तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री एन . एस. डाबर के स्थान पर.

जबलपुर जबलपुर पदोन्नति पर अष्टम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री एम. एस . चन्द्रावत के स्थान पर.

भोपाल भोपाल पदोन्नति पर बाहरवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री एम. वाय. मंसूरी के स्थान पर.

बैतूल बैतूल पदोन्नति पर द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री के. सी. यादव के स्थान पर.

सागर सागर पदोन्नति पर तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री सुनील कुमार जैन के स्थान पर.

नीमच नीमच पदोन्नति पर द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नवनिर्मित न्यायालय में.

1341 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अप्रैल 2014

(6)

(4)

(0)

(2)

(3)

(5)

(1)

11

मुलताई

बैतूल

मुलताई

श्री पद्मेश शाह

छिंदवाड़ा

पदोन्नति पर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री एस . सी. उपाध्याय के स्थान पर.

विदिशा

विदिशा

बैरसिया

विदिशा

12 श्रीमती वंदना जैन

पदोन्नति पर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री आर. बी. गुप्ता के स्थान पर.

शहडोल

13

टीकमगढ़ श्री शरद भामकर

टीकमगढ़

टीकमगढ़ पदोन्नति पर चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री अनिल कुमार अग्रवाल के स्थान पर.

14 श्री राजीव के. पाल

जबलपुर बड़नगर

जबलपुर

जबलपुर पदोन्नति पर अपर सत्र न्यायाधीश , विशेष न्यायालय क्रमांक-8 , विद्युत् अधिनियम की हैसियत से श्री उपेन्द्र कुमार सोनकर के स्थान पर.

शुद्धि- पत्र

जबलपुर, दिनांक 21 मार्च 2014

क्र. 388 - गोपनीय - 2014- दो- 2-1-2014 ( भाग- बी ) - रजिस्ट्री आदेश पृष्ठांकन क्रमांक 376- गोपनीय- 2014- दो- 2-1-2014 ( भाग - बी ) , दिनांक 20-03-2014 के सरल क्रमांक 6 के उपरांत अंकित सरल क्रमांक क्रमशः 3, 4, 5, एवं 9 को, क्रमशः 7, 8, 9 एवं 9 ( अ ) पढ़ा जावे.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, वेद प्रकाश , रजिस्ट्रार जनरल.

Jabalpur , the 6th March 2014

No. B- 159 - II- 15-50-87 - V- Corrigendum . The High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur hereby issues following Corrigendum in respect of its Endt . No. B/ 127 dated 6th March 2014:-

No. B - 527 - III - 6-5-14 . In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr.P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri Dilip Kumar Mittal , ASJ Indore for trial that of offence exclusively triable by court of Sessions relating to various examination con- ducted by Madhya Pradesh Vyavasyik Pariksha Mandal Bhopal Investigated by agencies other than Special Task Force Bhopal at Indore .

" In the said endt at serial No. 3 the name Shri Vijay Chandra , in place of " Shri Anurag Shrivastava " be read . " .

Jabalpur , the 22nd March 2014

No. B - 529 - III - 6-5-14 . In exercise of the powers conferred under sub- section (3 ) of Section 9 of Cr.P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri Satish Chandra Sharma ( Jr. ) ASJ Gwalior for the trial of offences exclusively triable by court of Sessions relaing to various examination conducted by Madhya Pradesh Vyavasyik Pariksha Mandal , Bhopal Investigated by agencies other than Special Task Force Bhopal at Gwalior.

By order of the High Court , BIPIN BIHARI SHUKLA , No. B - 525 - III - 6-5-14 . In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr.P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court ofMadhya Pradesh is pleased to designate Shri Sunil Kumar Jain (Sr. ) , ASJ Jabalpur for the trial of offences exclusively triable by court of Sessions relating to various exami- nation conducted by Madhya Pradesh Vyavasyik Pariksha Mandal , Bhopal Investigated by agencies other than Special Task Force Bhopal at Jabalpur.

Registrar ( D.E. ) .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 04 April 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2014-04-04.14.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2014-04-04.14.Ordinary.