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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 25 April 2014

Type
Ordinary
Gazette no.
17
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2014-04-25.17.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

प्रप्रदेश शा

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 17 ]

भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 25 अप्रैल 2014- वैशाख 5 , शक 1936

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.-( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद् के अधिनियम,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 28 मार्च 2014

क्र. ई . - 5-785 - आयएएस - लीव-5 - एक.-( 1 ) श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव , आयएएस. , सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खनिज साधन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम को दिनांक 15 से 17 अप्रैल 2014 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 12 , 13 , 14 एवं 18, 19, 20 अप्रैल 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .

(2) श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्रीमती सीमा शर्मा, भाप्रसे सचिव , मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक सौंपा जाता है .

1449

(3) अवकाश से लौटने पर श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खनिज साधन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव द्वारा सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खनिज साधन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती सीमा शर्मा उक्त प्रभार से मुक्त होंगी.

(5 ) अवकाशकाल में श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2014 1450

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अप्रैल 2014

क्र. ई. - 5-826- आयएएस लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्रीमती जी. व्ही . रश्मि, आय.ए.एस. , को दिनांक 27 सितम्बर 2013 से 25 मार्च 2014 तक स्वीकृत प्रसूति अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 26 मार्च से 3 मई 2014 तक उनचालीस दिन का शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave ) स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 4 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2) अवकाशकाल में श्रीमती जी.व्ही. रश्मि को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश परं जाने के पूर्व मिलता था.

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती जी.व्ही . रश्मि अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

भोपाल, दिनांक 29 मार्च 2014

क्र. ई. - 5-850- आयएएस लीव-5- एक.-( 1 ) श्री बी. एम. शर्मा, आय.ए.एस. , कलेक्टर, जिला उज्जैन को दिनांक 30 मई से 13 जून 2014 तक पन्द्रह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 14 एवं 15 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2 ) श्री बी. एम. शर्मा की अवकाश अवधि में डॉ. एम. पी. पटेल, राप्रसे, अपर कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, उज्जैन को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक कलेक्टर, जिला उज्जैन का प्रभार सौंपा जाता है .

( 3) अवकाश से लौटने पर श्री बी. एम. शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर जिला उज्जैन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री बी. एम. शर्मा द्वारा कलेक्टर, जिला उज्जैन का कार्यभार ग्रहण करने पर डॉ. एम.पी. पटेल, कलेक्टर जिला, उज्जैन के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5) अवकाशकाल में श्री बी. एम. शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री बी. एम. शर्मा, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

[भाग 1 भोपाल , दिनांक 2 अप्रैल 2014

क्र. ई . - 5-645 - आयएएस लीव-5- एक.- ( 1 ) श्री मनीष रस्तोगी , आयएएस. , सचिव , मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग तथा आयुक्त, कोष एवं लेखा , मध्यप्रदेश को दिनांक 21 से 26 अप्रैल 2014 तक छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 18 , 19, 20 अप्रैल 2014 एवं 27 अप्रैल 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2) श्री मनीष रस्तोगी की अवकाश अवधि में आयुक्त, कोष एवं लेखा, मध्यप्रदेश का प्रभार श्री आशीष उपाध्याय, भाप्रसे, विकअ- सह - आयुक्त- सह- संचालक, संस्थागत वित्त तथा पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री मनीष रस्तोगी को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग तथा आयुक्त, कोष एवं लेखा, मध्यप्रदेश के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री मनीष रस्तोगी द्वारा सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग तथा आयुक्त, कोष एवं लेखा , मध्यप्रदेश का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री आशीष उपाध्याय आयुक्त, कोष एवं लेखा , मध्यप्रदेश के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5) अवकाशकाल में श्री मनीष रस्तोगी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मनीष रस्तोगी , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-576- आयएएस- लीव - 5- एक. ( 1 ) डॉ. राजेश राजौरा, आयएएस , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग , जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग को दिनांक 28 अप्रैल से 24 मई 2014 तक सत्ताईस दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 27 अप्रैल एवं 25 मई 2014 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) डॉ. राजेश राजौरा की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री अजीत केसरी , भाप्रसे प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सहकारिता विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

(3) अवकाश से लौटने पर डॉ. राजेश राजौरा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग , जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) डॉ. राजेश राजौरा द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग , जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अजीत केसरी उक्त प्रभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में डॉ. राजेश राजौरा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. राजेश राजौरा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भोपाल, दिनांक 3 अप्रैल 2014

क्र. ई. - 5-687- आयएएस - लीव -5- एक. ( 1 ) श्री नीतेश व्यास , आय.ए.एस. , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल को दिनांक 12 से 24 मई 2014 तक तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 10 , 11 एवं 25 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

( 2) अवकाश से लौटने पर श्री नीतेश व्यास को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाश काल में श्री नीतेश व्यास को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री नीतेश व्यास अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. -5-800- आयएएस लीव- 5- एक. ( 1 ) श्रीमती (डॉ. ) मधु खरे , आयएएस , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य वित्त निगम, इन्दौर को दिनांक 11 से 22 फरवरी 2014 तक बारह दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 23 फरवरी 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .

( 2 ) अवकाश काल में श्रीमती ( डॉ. ) मधु खरे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

1451 (3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती ( डॉ. ) मधु खरे अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

क्र. ई. -5-945- आयएएस लीव-5 - एक.-( 1 ) श्री एन.एस. परमार, आयएएस, उपायुक्त ( राजस्व ) उज्जैन संभाग को दिनांक 26 फरवरी से 1 मार्च 2014 तक चार दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री एन. एस. परमार को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उपायुक्त ( राजस्व ) उज्जैन संभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाश काल में श्री एन.एस. परमार को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एन.एस. परमार अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 9 अप्रैल 2014

क्र. ई. -5-411- आयएएस - लीव - एक- 5.- ( 1 ) श्री अजय नाथ , आयएएस. , अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग, को दिनांक 24 से 29 अप्रैल 2014 तक, छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री अजय नाथ , को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री अजय नाथ को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अजय नाथ अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई. - 5-546 - आयएएस - लीव- एक- 5.- ( 1 ) श्री आई.सी.पी. केशरी , भाप्रसे , आवासीय आयुक्त, मध्यप्रदेश , नई दिल्ली एवं विशेष आयुक्त ( समन्वय ) मध्यप्रदेश नई दिल्ली को दिनांक 1 से 30 अगस्त2014 तक 30 दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 31 अगस्त 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री आई.सी.पी. केशरी, आयएएस. , को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, आवासीय आयुक्त, मध्यप्रदेश, नई दिल्ली एवं विशेष आयुक्त ( समन्वय ) मध्यप्रदेश नई दिल्ली के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

1452

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

(3 ) अवकाशकाल में श्री आई.सी.पी. केशरी, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आई.सी.पी. केशरी, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. -5-794- आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री रघुराज एम. आर. , आयएएस. , कलेक्टर, जिला दतिया को दिनांक 19 मई से 7 जून 2014 तक, बीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 17 , 18 मई एवं 8 जून 2014 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2 ) श्री रघुराज एम. आर. , की अवकाश अवधि में श्री भास्कर लक्षकार, भाप्रसे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, दतिया को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला दतिया का प्रभार सौंपा जाता है .

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री रघुराज एम. आर. , को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला दतिया के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) श्री रघुराज एम. आर. , द्वारा कलेक्टर , जिला दतिया का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री भास्कर लक्षकार, कलेक्टर जिला दतिया के प्रभार से मुक्त होंगे .

(5) अवकाशकाल में श्री रघुराज एम . आर. , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था .

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री रघुराज एम. आर. , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. -5-811 - आयएएस लीव- 5 - एक.- ( 1 ) श्री एस. एस. बंसल , आयएएस. , विकअ- सह- संयुक्त निर्वाचन पदाधिकारी , मध्यप्रदेश एवं पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , विधि ( निर्वाचन ) विभाग को दिनांक 2 से 30 जून 2014 तक, उन्तीस दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 1 जून 2014 के सावजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री एस . एस. बंसल, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न विकअ-सह-संयुक्त निर्वाचन पदाधिकारी , मध्यप्रदेश एवं पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , विधि ( निर्वाचन ) विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

[ भाग 1 (3 ) अवकाशकाल में श्री एस . एस. बंसल, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एस. एस . बंसल, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 10 अप्रैल 2014

क्र. ई. 5-726- आयएएस लीव- 5 - एक.- ( 1 ) श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव , आयएएस , आयुक्त, जनसंपर्क एवं प्रबंध संचालक , मध्यप्रदेश माध्यम तथा पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन , जनसंपर्क विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य कृषि उद्योग विकास निगम को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 26 फरवरी 2014 द्वारा दिनांक 15 से 22 अप्रैल 2014 तक आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था , में आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 10 से 22 अप्रैल 2014 तक तेरह दिन का पुनरीक्षित अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

( 2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 26 फरवरी, 2014 की शेष कंडिकाएं यथावत् रहेंगी .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अॅन्टोनी डिसा, मुख्य सचिव.

भोपाल, दिनांक 18 मार्च 2014

क्र. एफ. 5-04-2011 - एक( 1 ) .- भारत सरकार विधि और न्याय मंत्रालय ( न्याय विभाग ) , नई दिल्ली की अधिसूचना क्रमांक के. 13025-03-2013 - यूएस- II , दिनांक 25 फरवरी , 2014 द्वारा माननीय न्यायाधिपति श्री सुशील कुमार गुप्ता, माननीय न्यायाधिपति, श्री जरत कुमार जैन की नियुक्ति अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर में की गई है ने अपने पद का कार्यभार दिनांक 28 फरवरी 2014 को पूर्वाह्न में ग्रहण किया है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा , उपसचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 15 अप्रैल 2014

फाईल क्र. 17 (ई ) 12-2009 - इक्कीस - ब( दो ) .- राज्य शासन, इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 30 जून 2009 द्वारा तहसील बांधवगढ़ , जिला उमरिया के लिये नियुक्त नोटरी , मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

श्रीमती सोमवती द्विवेदी का दिनांक 23 जुलाई 2013 को स्वर्गवास होने के फलस्वरूप , उनका नाम शासन द्वारा संधारित नोटरी पंजी से विलोपित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. वर्मा, सचिव.

गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 15 अप्रैल 2014

क्र. एफ-1 (ए) 253-1988- ब- 2- दो.- ( 1 ) डॉ. आर. के. गर्ग , भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एस . सी. आर. बी. पुलिस मुख्यालय, भोपाल को दिनांक 15 से 16 अप्रैल 2014 तक दो दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 12 , 13 , 14, 17, 18 , 19 एवं 20 अप्रैल 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) डॉ. आर. के. गर्ग, भापुसे की अवकाश अवधि में उनका कार्य श्री के. एल. मीणा , भापुसे , अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, विशेष अभियान , पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा .

( 3 ) अवकाश से लौटने पर डॉ. आर. के. गर्ग , भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एस. सी. आर. बी. , पुलिस मुख्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) डॉ. आर. के. गर्ग , भापुसे द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका -2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में डॉ. आर. के. गर्ग, भापुसे को अवकाश, वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. आर. के. गर्ग , भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

क्र. एफ-1 (ए) 157-95-ब-2- दो.-( 1 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 24-2-2014 द्वारा श्री संजीव शमी भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, काउंटर असूचना, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय,

1453 भोपाल को दिनांक 17 फरवरी से 1 मार्च 2014 तक तेरह दिवस अर्जित अवकाश, दिनांक 14, 15, 16 फरवरी 2014 एवं 2 मार्च 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुये , राज्य शासन द्वारा खण्ड वर्ष 2010-13 के द्वितीय ब्लाक वर्ष 2012-13 के विस्तार वर्ष 2014 में गृह नगर यात्रा के बदले में भारत भ्रमण यात्रा की पात्रता के तहत् सपिरवार " लक्षद्वीप " की अवकाश यात्रा पर जाने की अनुमति एवं उक्त अवकाश यात्रा हेतु दस दिवस के अवकाश नगदीकरण/समर्पण की पात्रता प्रदान की गई थी.

(2) श्री संजीव शमी भापुसे द्वारा अपरिहार्य कारणों से उक्त अवकाश यात्रा का उपभोग न करने के कारण राज्य शासन द्वारा इस विभाग का समसंख्यक आदेश दिनांक 24 फरवरी 2014 निरस्त किया जाता है .

क्र. एफ-1 ( ए) 266-86- ब- 2- दो.-( 1 ) श्री के. सी. वर्मा, भापुसे , अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक , ( नारकोटिक्स ) इन्दौर को दिनांक 9 से 11 अप्रैल 2014 तक तीन दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 8, 12, 13 एवं 14 अप्रैल 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) श्री के. सी. वर्मा, भापुसे की अवकाश अवधि में उनका कार्य श्री डी. एस. सेंगर, भापुसे, पुलिस महानिदेशक , आरएपीटीसी, इन्दौर द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री के. सी. वर्मा, भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, ( नारकोटिक्स ) इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) श्री के. सी. वर्मा, भापुसे , अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, (नारकोटिक्स) इन्दौर भापुसे द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका- 2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.

(5) अवकाशकाल में श्री के. सी. वर्मा, भापुसे को अवकाश, वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. सी. वर्मा, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

आर. के. स्वाई , उपसचिव.

1454

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय, जिला दण्डाधिकारी, जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश

डिण्डौरी , दिनांक 19 नवम्बर 2013

क्र. एस.डब्ल्यू- 2013-461 .- मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की धारा 18 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं , छवि भारद्वाज , जिला दण्डाधिकारी , डिण्डौरी , डिण्डौरी जिले के निम्नानुसार क्षेत्र को कोलाहल प्रतिबंधित क्षेत्र ( सायलेंस जोन) घोषित करती हूं तथा आदेशित करती हूं कि निम्न शांत क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति, व्यक्तिगण किसी भी प्रकार का ध्वनि विस्तारक जिसमें बाद्य संगीत, ढोल, लाउडस्पीकर, साउंड बॉक्स , हार्न आदि शामिल है , उपयोग नहीं करेगा. यदि कोई व्यक्ति व्यक्तिगण ऐसा करते पाये जाते हैं तो वह मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की धारा 15 ( 1 ) (2 ) एवं 16 के अंतर्गत दण्डनीय होगा :-

स.क्र.

स्थान का नाम

(2)

(1)

घोषित क्षेत्र की सीमा (3) 1 जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर, डिण्डौरी.

100 मीटर की परिधि का क्षेत्र .

100 मीटर की परिधि का क्षेत्र.

2 संयुक्त जिला कार्या . कलेक्ट्रोरेट परिसर, डिण्डौरी.

100 मीटर की परिधि का क्षेत्र.

3 शास . जिलाचिकित्सालय परिसर, डिण्डौरी एवं शा. चिकित्सालय , शहपुरा.

100 मीटर की परिधि का क्षेत्र.

4 समस्त महाविद्यालयीन/विद्यालयीन शैक्षणिक संस्थायें परिसर, जिला डिण्डौरी.

छवि भारद्वाज , जिला दण्डाधिकारी .

आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी मध्यप्रदेश, भोपाल

(विभागीय परीक्षा प्रकोष्ठ )

भोपाल , दिनांक 11 अप्रैल 2014

क्र. 2437-195 -अका-विपप्र- 2014.- राज्य शासन द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा , जो दिनांक 10 जनवरी , 2014 को प्रश्नपत्र महिला एवं बाल कल्याण- तृतीय विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है:-

क्रमांक

नाम अधिकारी

पदनाम (1)

(2)

(3)

उच्चस्तर

ग्वालियर संभाग

1 श्री ओम प्रकाश सिंह

बाल विकास परियोजना

अधिकारी.

सागर संभाग

2 श्री रिकंल घनघोरिया

बाल विकास परियोजना अधिकारी.

इन्दौर संभाग

3 कु. रेखा रघुवंशी

बाल विकास परियोजना अधिकारी.

उज्जैन संभाग

बाल विकास परियोजना 4 कु. कीर्ति नागर

अधिकारी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुधीर कुमार, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी .

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन"

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल , मध्यप्रदेश - 462011

आदेश

भोपाल , दिनांक 11 अप्रैल 2014

क्र. एफ. 67-68-10- तीन- 679.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् ताल , जिला रतलाम के आम निर्वाचन में श्री भुवान माली अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, श्री भुवान माली को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री भुवान माली द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री भुवान माली को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 10 मार्च 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री भुवान माली से जबाव ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह

1455 माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री भुवान माली को कारण बताओ नोटिस दिनांक 28 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः अभ्यर्थी को अपना अभ्यावेदन दिनांक 12 अप्रैल 2010 तक प्रस्तुत करना था. डिप्टी कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 11 जुलाई 2013 में श्री भुवान माली को समक्ष में बुलाने पर उपस्थित नहीं होने से निर्वाचन कार्य में कोई रूचि नहीं होना कारण दर्शाते हुए अभ्यर्थी के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाना प्रतिवेदित किया गया है एवं संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त दूसरे प्रतिवेदन दिनांक 24 अक्टूबर 2013 में लेख किया है कि कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली के पश्चात् अभ्यर्थी श्री भुवान माली के द्वारा इस कार्यालय को कोई अभ्यावेदन अथवा उत्तर आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है. तहसीलदार एवं रिटर्निंग अधिकारी , नगर परिषद् ताल के द्वारा अपने तथ्यात्मक प्रतिवेदन में भी श्री भुवान माली के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अनुशंसा की गई.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 25 मार्च 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री भुवानी माली आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी श्री भुवानी माली ने सूचना पत्र के संदर्भ में अपना अभ्यावेदन दिनांक 25 मार्च 2014 आयोग को प्रस्तुत किया , जिसमें अपना कारण अंकित किया है कि मैंने किसी प्रकार का कोई व्यय नहीं किया है . उक्त निर्वाचन में मेरे द्वारा कोई व्यय नहीं किये जाने से व्यय लेखा भी प्रस्तुत नहीं किया था . अभ्यर्थी द्वारा बताया गया कारण सही प्रतीत नहीं होता है यदि अभ्यर्थी ने निर्वाचन में कोई व्यय नहीं भी किया था, तब भी अभ्यर्थी को व्यय नहीं करने संबंधी निरंक जानकारी विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल करना चाहिए था.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री भुवान माली द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री भुवान माली को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद ताल जिला रतलाम का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

1456

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

आदेश

भोपाल , दिनांक 11 अप्रैल 2014

क्र. एफ . 67-83-10- तीन- 686.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् तराना, जिला उज्जैन के आम निर्वाचन में सुश्री मनोरमा अरूण राठी, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, सुश्री मनोरमा अरूण राठी, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जैन के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जैन के पत्र दिनांक 21 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री मनोरमा अरूण राठी, द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्यय लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री मनोरमा अरूण राठी को कारण बताओ सूचना-पत्र दिनांक 29 जनवरी 2010 को जारी किया गया . कारण बताओ सूचना - पत्र में सुश्री मनोरमा अरूण राठी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

[ भाग 1 अभ्यर्थी सुश्री मनोरमा अरूण राठी को उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला उज्जैन के माध्यम से कारण बताओ नोटिस दिनांक 18 अगस्त 2011 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 2 सितम्बर 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला उज्जैन से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 18 अगस्त 2011 एवं 27 जुलाई 2013 प्रतिवेदित किया है कि कारण बताओ नोटिस की तामीली पश्चात् अभ्यर्थी सुश्री मनोरमा अरुण राठी द्वारा अपना निर्वाचन व्यय लेखा अथवा विलम्ब से लेखा प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री मनोरमा अरूण राठी को आयोग में व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 25 मार्च 2014 को बुलाया गया. लेकिन अभ्यर्थी उक्त दिवस को आयोग में उपस्थित नहीं हुई, ना ही अभ्यर्थी ने आयोग से उक्त संबंध में कोई पत्र व्यवहार किया , जबकि सूचना- पत्र दिनांक 20 फरवरी 2014 की तामीली अभ्यर्थी सुश्री मनोरमा अरूण राठी को विहित समयावधि में दिनांक 7 मार्च 2014 को हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री मनोरमा अरूण राठी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत अभ्यर्थी सुश्री मनोरमा अरुण राठी, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद तराना, जिला उज्जैन का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 11 अप्रैल 2014

क्र. एफ. 67-83-10- तीन- 687.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् तराना, जिला उज्जैन के आम निर्वाचन में सुश्री निसार बी मसीद खॉ, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, सुश्री निसार बी मसीद खॉ, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जैन के पास दाखिल करना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जैन के पत्र दिनांक 21 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री निसार बी मसीद खॉ, द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री निसार बी मसीद खॉ, को कारण बताओ सूचना - पत्र दिनांक 29 जनवरी 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना- पत्र में सुश्री निसार बी मसीद खॉ, से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री निसार बी मसीद खॉ , को उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला उज्जैन के माध्यम से कारण बताओ नोटिस दिनांक 18 अगस्त 2011 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 2 सितम्बर 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला उज्जैन से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 18 अगस्त 2011 एवं 27 जुलाई 2013 में प्रतिवेदित किया है कि कारण बताओ नोटिस की तामीली पश्चात् अभ्यर्थी सुश्री निसार बी मसीद खॉ, द्वारा अपना निर्वाचन व्यय लेखा अथवा विलम्ब से लेखा प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

1457 आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री निसार बी मसीद खॉ, को आयोग में व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 25 मार्च 2014 को बुलाया गया. लेकिन अभ्यर्थी उक्त दिवस को आयोग में उपस्थित नहीं हुई, ना ही अभ्यर्थी ने आयोग से उक्त संबंध में कोई पत्र व्यवहार किया , जबकि सूचना- पत्र दिनांक 20 फरवरी 2014 की तामीली अभ्यर्थी सुश्री निसार बी मसीद खॉ, को विहित समयावधि में दिनांक 7 मार्च 2014 को हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री निसार बी मसीद खॉ, द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत अभ्यर्थी सुश्री निसार बी मसीद खॉ, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद तराना, जिला उज्जैन का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश भोपाल, दिनांक 11 अप्रैल 2014

क्र. एफ. 67-83-10- तीन-688 .- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण 1458

और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् तराना, जिला उज्जैन के आम निर्वाचन में श्री प्रसन्न मून्दडा, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, श्री प्रसन्न मून्दडा, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जैन के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जैन के पत्र दिनांक 21 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री प्रसन्न मून्दडा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्यय लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री प्रसन्न मून्दडा, को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 29 जनवरी 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में श्री प्रसन्न मून्दडा से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री प्रसन्न मून्दडा को उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला उज्जैन के माध्यम से कारण बताओ नोटिस दिनांक 18 अगस्त 2011 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 2 सितम्बर 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला उज्जैन से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 18 अगस्त 2011 एवं 27 जुलाई 2013 में प्रतिवेदित किया है कि कारण बताओ नोटिस की तामीली पश्चात् अभ्यर्थी श्री प्रसन्न मून्दडा द्वारा अपना निर्वाचन व्यय लेखा अथवा विलम्ब से लेखा प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री प्रसन्न मून्दडा को आयोग में व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 25 मार्च 2014 को बुलाया गया. लेकिन अभ्यर्थी उक्त दिवस को आयोग में उपस्थित नहीं हुए, ना ही अभ्यर्थी ने आयोग से उक्त संबंध में कोई पत्र व्यवहार किया, जबकि सूचना- पत्र दिनांक 20 फरवरी 2014 की तामीली अभ्यर्थी श्री प्रसन्न मून्दडा को विहित समयावधि में दिनांक 7 मार्च 2014 को हो चुकी थी.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री प्रसन्न मून्दडा द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत अभ्यर्थी श्री प्रसन्न मून्दडा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद तराना, जिला उज्जैन का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 11 अप्रैल 2014

क्र. एफ. 67-83-10- तीन- 689.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् तराना, जिला उज्जैन के आम निर्वाचन में श्रीमती लीना देवी ओमप्रकाश राठौर , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, श्रीमती लीना देवी ओमप्रकाश राठौर, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जैन के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जैन के पत्र दिनांक 21 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती लीना देवी ओमप्रकाश राठौर, द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्यय लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती लीना देवी ओमप्रकाश राठौर, को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 29 जनवरी 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में श्रीमती लीना देवी ओमप्रकाश राठौर, से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्रीमती लीना देवी ओमप्रकाश राठौर , को उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला उज्जैन के माध्यम से कारण बताओ नोटिस दिनांक 18 अगस्त 2011 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 2 सितम्बर 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला उज्जैन से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 18 अगस्त 2011 एवं 27 जुलाई 2013 प्रतिवेदित किया है कि कारण बताओ नोटिस की तामीली पश्चात् अभ्यर्थी श्रीमती लीना देवी ओमप्रकाश राठौर, द्वारा अपना निर्वाचन व्यय लेखा अथवा विलम्ब से लेखा प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्रीमती लीना देवी ओमप्रकाश राठौर, को आयोग में व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 25 मार्च 2014 को बुलाया गया. लेकिन अभ्यर्थी उक्त दिवस को आयोग में उपस्थित नहीं हुई, ना ही अभ्यर्थी ने आयोग से उक्त संबंध में कोई पत्र व्यवहार किया, जबकि सूचना - पत्र दिनांक 20 फरवरी 2014 की तामीली अभ्यर्थी श्रीमती लीना देवी ओमप्रकाश राठौर, को विहित समयावधि में दिनांक 7 मार्च 2014 को हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्रीमती लीना देवी ओमप्रकाश राठौर, द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

1459 अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत अभ्यर्थी श्रीमती लीना देवी ओमप्रकाश राठौर, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद तराना, जिला उज्जैन का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 15 अप्रैल 2014

क्र. एफ. 67-125-10-तीन- 702- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा .

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् रायसेन, जिला रायसेन के आम निर्वाचन में सुश्री मोतीबाई धाकड़/ जसवंत सिंह धाकड़ , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद् रायसेन, जिला रायसेन के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन 1460

के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन के पत्र दिनांक 2 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री मोतीबाई धाकड़/जसवंत सिंह धाकड़ , द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर, सुश्री मोतीबाई धाकड़/जसवंत सिंह धाकड़ , को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 23 फरवरी 2010 जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में सुश्री मोतीबाई धाकड़/जसवंत सिंह धाकड़ , से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री मोतीबाई धाकड़/जसवंत सिंह धाकड़ , को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 12 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 27 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री मोतीबाई धाकड़/जसवंत सिंह धाकड़ , को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन प्राप्त पत्र दिनांक 1 जनवरी 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री मोतीबाई धाकड़/जसवंत सिंह धाकड़ , ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरांत अभ्यर्थी सुश्री मोतीबाई धाकड़/ जसवंत सिंह धाकड़ , को दिनांक 25 मार्च 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई, जबकि अभ्यर्थी सुश्री मोतीबाई धाकड़/जसवंत सिंह धाकड़, को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 21 फरवरी 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 2 मार्च 2014 को कराई जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री मोतीबाई धाकड़/जसवंत सिंह धाकड़ , को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

रायसेन , जिला रायसेन का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 15 अप्रैल 2014

क्र. एफ. 67-125-10- तीन- 703- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण) " , दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् रायसेन, जिला रायसेन के आम निर्वाचन में सुश्री अनवरी हामिद रहवर अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद् रायसेन, जिला रायसेन के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन के पत्र दिनांक 2 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री अनवरी हामिद रहवर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

भाग 1 ]

1461

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर, सुश्री अनवरी हामिद रहवर को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 23 फरवरी 2010 जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में सुश्री अनवरी हामिद रहवर से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री अनवरी हामिद रहवर को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 09 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 24 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री अनवरी हामिद रहवर को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन प्राप्त पत्र दिनांक 1 जनवरी 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री अनवरी हामिद रहवर ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरांत अभ्यर्थी सुश्री अनवरी हामिद रहवर को दिनांक 25 मार्च 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई , जबकि अभ्यर्थी सुश्री अनवरी हामिद रहवर को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 21 फरवरी 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 3 मार्च 2014 को कराई जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री अनवरी हामिद रहवर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद रायसेन, जिला रायसेन का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 15 अप्रैल 2014

क्र. एफ. 67-125-10-तीन- 704- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् रायसेन, जिला रायसेन के आम निर्वाचन में सुश्री अफशां अन्जुम अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद् रायसेन, जिला रायसेन के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन के पत्र दिनांक 2 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री अफशां अन्जुम द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर, सुश्री अफशां अन्जुम को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 23 फरवरी 2010 जारी किया गया. कारण बताओ सूचना- पत्र में सुश्री अफशां अन्जुम से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री अफशां अन्जुम को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 10 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 25 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री अफशां 1462

अन्जुम को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन प्राप्त पत्र दिनांक 1 जनवरी 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री अफशां अन्जुम ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है .

आयोग द्वारा विचारोपरांत अभ्यर्थी सुश्री अफशां अन्जुम को दिनांक 25 मार्च 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया . अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई, जबकि अभ्यर्थी सुश्री अफशां अन्जुम को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 21 फरवरी 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 3 मार्च 2014 को कराई जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री अफशां अन्जुम को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् रायसेन , जिला रायसेन का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 15 अप्रैल 2014

क्र. एफ. 67-187-10- तीन- 706- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

[ भाग 1 राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् बड़ामलहरा , जिला छतरपुर के आम निर्वाचन में सुश्री शमीमा बेगम अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर परिषद् बड़ामलहरा , जिला छतरपुर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 , तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी छतरपुर के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी छतरपुर के पत्र दिनांक 1 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री शमीमा बेगम द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर, सुश्री शमीमा बेगम को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में सुश्री शमीमा बेगम से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री शमीमा बेगम को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 15 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 30 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री शमीमा बेगम को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी छतरपुर से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी छतरपुर प्राप्त पत्र दिनांक 30 दिसम्बर 2013 में लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री शमीमा बेगम ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरांत अभ्यर्थी सुश्री शमीमा बेगम को दिनांक 25 मार्च 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई, जबकि अभ्यर्थी सुश्री शमीमा बेगम को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 20 फरवरी 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 14 मार्च 2014 को कराई जा चुकी थी.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री शमीमा बेगम को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बड़ामलहरा, जिला छतरपुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 16 अप्रैल 2014

क्र. एफ. 67-131-10- तीन- 730- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् बरेली, जिला रायसेन के आम निर्वाचन में श्री प्रभाकर शांडिल्य ( बाबाजी ) अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर परिषद् बरेली , जिला रायसेन के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात्

1463 दिनांक 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन के पत्र दिनांक 2 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री प्रभाकर शांडिल्य (बाबाजी ) द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर, श्री प्रभाकर शांडिल्य ( बाबाजी ) को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 23 फरवरी 2010 जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में श्री प्रभाकर शांडिल्य ( बाबाजी ) से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री प्रभाकर शांडिल्य ( बाबाजी ) को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 10 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 25 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा श्री प्रभाकर शांडिल्य ( बाबाजी ) को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन प्राप्त पत्र दिनांक 1 जनवरी 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी श्री प्रभाकर शांडिल्य ( बाबाजी ) ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है .

आयोग द्वारा विचारोपरांत अभ्यर्थी श्री प्रभाकर शांडिल्य (बाबाजी ) को दिनांक 25 मार्च 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए, जबकि अभ्यर्थी श्री प्रभाकर शांडिल्य ( बाबाजी ) को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 20 फरवरी 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 16 मार्च 2014 को कराई जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री प्रभाकर शांडिल्य ( बाबाजी ) को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बरेली , जिला रायसेन 1464

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल..

आदेश

भोपाल , दिनांक 16 अप्रैल 2014

क्र. एफ. 67-131-10- तीन- 731- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् बरेली , जिला रायसेन के आम निर्वाचन में श्री महेश सिंह धाकड़ अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर परिषद् बरेली, जिला रायसेन के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 16 जनवरी 2010 तक, किन्तु 16 जनवरी 2010 एवं 17 जनवरी 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन के पत्र दिनांक 2 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री महेश सिंह धाकड़ द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

[भाग 1 विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर, श्री महेश सिंह धाकड़ को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 23 फरवरी 2010 जारी किया गया. कारण बताओ सूचना- पत्र में श्री महेश सिंह धाकड़ से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री महेश सिंह धाकड़ को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 10 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 25 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. ओयग द्वारा श्री महेश सिंह धाकड़ को कारण बताओ सूचना- पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी रायसेन प्राप्त पत्र दिनांक 1 जनवरी 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी श्री महेश सिंह धाकड़ ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है .

आयोग द्वारा विचारोपरांत अभ्यर्थी श्री महेश सिंह धाकड़ को दिनांक 25 मार्च 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए, जबकि अभ्यर्थी श्री महेश सिंह धाकड़ को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 20 फरवरी 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 22 मार्च 2014 को कराई जा चुकी थी.

उपरोक्तविवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री महेश सिंह धाकड़ को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बरेली, जिला रायसेन का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भाग 1 ]

1465

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अप्रैल 2014

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 31 दिसम्बर 2013

क्र. 3434- भू-अर्जन- 13-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने के अनुसार इसके द्वारा संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का विवरण

तहसील

नगर/ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2) कोटर

(4) 1.25 (1) सतना

(3) अबेरकोठार

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका नहर संभाग रीवा ( म. प्र. ) .

(6) बाणसागर परियोजना के अंतर्गत आने वाली पुरवा मुख्य नहर और उसकी शाखा, उपशाखा नहर एवं उसकी सीमा में आने वाली भूमि के लिये भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

रीवा, दिनांक 3 अप्रैल 2014

पत्र क्र. 140 - प्रशा .- भू-अर्जन 2013-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची ( संशोधित )

1. भूमि का वर्णन :

जिला- सतना, तहसील - रामपुर बघेलान, ग्राम- बम्हौरी ( प.ह. बठिया ) , क्षेत्रफल लगभग -0.015 हेक्टेयर

स. क्र.

खसरा नं.

(1)

(2)

अ-निजी पट्टे की भूमि :

1

425

2.

रिमार्क

अर्जित रकबा (हे. में )

(3)

(4)

0.015

हिनौती वितरक नहर के अनुसार नहर में आने वाली भूमि के भू-अर्जन हेतु.

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा मुख्य नहर के हिनौती वितरक नहर के निर्माण में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पति के अर्जन हेतु.

3. भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. डी. एस. अग्निवंशी , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

1466

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

झाबुआ, दिनांक 4 अप्रैल 2014

पत्र क्र. 1644- भू- अर्जन- 2013-14 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित किये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को , इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमिका वर्णन

तहसील

ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4) 0.33 (2) पेटलावद

(3) गोदड़िया

(1) झाबुआ

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) माही परियोजना की करनगढ़ माइनर नहर निर्माण हेतु.

(5) कार्यपालन यंत्री, माही परियोजना मुख्य बांध संभाग पेटलावद, जिला झाबुआ (म. प्र. ) .

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , पेटलावद के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जयश्री कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

टीकमगढ़ , दिनांक 21 अप्रैल 2014

प्र. क्र. 1 - II- भू-अर्जन 2013-14. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

ग्राम

तहसील

जिला

(1)

(3)

(2)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4) 6.411

मजगुवां

टीकमगढ़ बल्देवगढ़

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) जरूआ तालाब के स्पिल चैनल का पूरक प्रस्ताव.

(5) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बल्देवगढ़.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुदाम खाड़े , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1467

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

न्यायालय कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश

नरसिंहपुर, दिनांक 16 अप्रैल 2014

प्रारूप-ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिए]

क्र. 14- अ- 82-2013-14.- अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जल परिवहन हेतु ग्राम भटेरा तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर से ग्राम मेहराखेड़ा, तहसील गाडरवारा जिला, नरसिंहपुर तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट द्वारा भूमिगत पाईप लाईन बिछाई जाये .

अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइप लाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाइप लाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है , जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन ( भूमि उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम , 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है, उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाइप लाइन बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर, नरसिंहपुर मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

जिला तहसील

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में ) (3)

(4)

(5) (2)

(1)

0.085 गाडरवारा

मेहराखेड़ा 90/64

नरसिंहपुर

0.065

29 42 38

0.158 कुल योग .. 0.308

प्रारूप -ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिए]

क्र. 17- अ-82-2013-14.- अतएव राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जल परिवहन हेतु ग्राम भटेरा तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर से ग्राम मेहराखेड़ा, तहसील गाडरवारा जिला, नरसिंहपुर तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट द्वारा भूमिगत पाईप लाईन बिछाई जाये.

अतएव , राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइप लाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाइप बिछाये जाने का प्रस्ताव है , जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए .

अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन ( भूमि उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

1468

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है , उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाइप लाइन बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर, नरसिंहपुर मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

तहसील

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

जिला

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में )

(5) (2)

(3)

(4)

(1)

0.020

बोहानी 124//16

गाडरवारा

686/1 , 687/1

नरसिंहपुर

0.089

686/2 , 687/2

0.154

688/1

0.130

688/2

691/6

0.506

0.040

692/1, 692/4

711

0.097

708

0.105

710

0.251

0.263

714/1 , 715/1 , 714/2 , 715/2

716

0.397

2.052

कुल योग ..

प्रारूप-ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिए ]

क्र. 20- अ - 82-2013-14.- अतएव, राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जल परिवहन हेतु ग्राम भटेरा तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर से ग्राम मेहराखेड़ा, तहसील गाडरवारा जिला, नरसिंहपुर तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट द्वारा भूमिगत पाईप लाईन बिछाई जाये.

अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइप लाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाइप बिछाये जाने का प्रस्ताव है , जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन ( भूमि उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है , उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाइप लाइन बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर, नरसिंहपुर मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

जिला तहसील

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में ) (3)

(4)

(5) (2)

(1)

0.364 केंकरा 92/17

गाडरवारा

25/1 , 25/2 , 25/3 , 25/4 , 25/5

नरसिंहपुर

0.081

26/1, 26/2

28

0.194

0.267

30/2, 30/3

0.146

31/5 , 34/5 , 31/6 , 34/6 , 31/9 , 34/9

0.405

32/1 , 32/2 , 32/3

0.340

73/1, 74/1 , 75/2 , 73/2 , 74/2 , 75/3 , 75/1 , 75/4

0.073

76/9 , 76/10

कुल योग ..1.870

नरेश पाल , कलेक्टर.

1469

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग टीकमगढ़, दिनांक 10 अप्रैल 2014

क्र. भू-अर्जन- प्र. क्र. 20-अ-82-2013.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- टीकमगढ़

(ख ) तहसील- खरगापुर

(ग ) नगर/ग्राम- गुना

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 1.684 हेक्टर .

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में) (2)

(1)

0.134

2231/4

0.135

2233/2

0.050

2232/अ

2233/1

0.135

0.282

2232/स/ 1

0.070

2235

0.054

2233/2

0.045

2240/द

0.140

2341/1

2245/1

0.028

2245/2

0.028

2248/अ

0.038

0.090

2247

0.095

2247 अ/1/क/ 1

0.030

2053/1

0.085

2053/अ

0.020

2241

0.030

2053/2

2231 /ज

0.030

0.060

2233 /ज

0.060

2232/1

2241/क

0.045

1.684

योग

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- देवपुर तालाब की नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी बल्देवगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग , टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

क्र. भू- अर्जन-प्र. क्र. 21-अ-82-2013.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-टीकमगढ़

(ख) तहसील- खरगापुर

(ग ) नगर/ग्राम- देवपुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 2.029 हेक्टर.

खसरा नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.122

190

0.020

195

0.020

197

0.020

198

0.020

204

0.048

196

166

0.040

233/3

0.036

236

0.072

0.056

235

0.040

234

0.080

203

239

0.048

0.200

362

372

0.122

0.055

375

0.082

376

0.082

416

417

0.090 1470

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

(2)

(1)

0.048

455

0.180

465

0.016

496

0.030

463/1

463/2

0.030

0.080

490

0.040

497/2

0.082

456

0.040

462अ

0.040

497/1

463/3

0.030

0.020

507

508

0.030

0.080

511

0.030

512

2.029

योग

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- देवपुर तालाब की नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी, बल्देवगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

टीकमगढ़, दिनांक 21 अप्रैल 2014

क्र. 1 - भू- अर्जन- 2013-14 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-टीकमगढ़

(ख ) तहसील- पृथ्वीपुर

(ग ) नगर/ग्राम- कुंवरपुरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 16.950 हेक्टर.

खसरा नम्बर

रकबा

(हेक्टर में)

(2)

(1)

1.000

175/1/1

(2)

(1)

1.000

175/1/2

1.000

175/1/3

1.000

175/1/4

0.978

175/1/5

1.214

238/1

1.011

238/2

2.631

238/3

0.938

246/1

1.000

238/412

238/411

1.000

1.230

238/413

246/2

0.938

0.200

320

0.316

321

0.016

322

0.166

323

0.020

324

328

0.140

329

0.036

0.010

319

521

0.010

0.405

131

0.020

482

0.547

132

0.036

424

0.032.

425

0.020

426

0.016

429

0.020

522

योग 16.950

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है- कवाघाट तालाब योजना के डूब क्षेत्र हेतु पूरक प्रस्ताव.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , निवाड़ी एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग टीकमगढ़, जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुदाम खाड़े , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1471

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग शाजापुर, दिनांक 24 मार्च 2014

क्र. भू-अर्जन- 2014-49-50.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में उल्लेखित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण:-

(क) जिला- शाजापुर

(ख) तहसील- शुजालपुर

(ग) ग्राम- उमरसिंगी

(घ) लगभग क्षेत्रफल - उमरसिंगी तालाब पूरक प्रकरण.

खसरा

क्षेत्रफल जो अर्जन होना है क्रमांक

(हे. में )

(1)

568

(2) 0.154

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- उमरसिंगी तालाब सिंचाई योजना डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि का भू-अर्जन.

नोट.- भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन- 2014-53-54. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में उल्लेखित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण:-

(क) जिला- शाजापुर

(ख ) तहसील- शुजालपुर

(ग ) ग्राम- रूगनाथपुरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल- रूगनाथपुरा तालाब, अधिग्रहण पूरक प्रकरण.

खसरा

क्षेत्रफल जो अर्जन होना है क्रमांक

(हे . में )

(2)

(1)

0.209

2492/1/1 मीन-1

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- रूगनाथपुरा तालाब सिंचाई योजना क्षेत्र में आने वाली भूमि का भू-अर्जन.

नोट.- भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. भू-अर्जन- 2014-57-58 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में उल्लेखित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण:-

(क) जिला-शाजापुर

(ख ) तहसील कालापीपल

(ग) ग्राम- भीलखेड़ा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.314 हेक्टर.

खसरा

क्षेत्रफल जो अर्जन होना है

(हे. में)

(2)

(1)

0.052

593/3

0.157

0.105

क्रमांक 596 597

योग . 0.314

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- कालापीपल मेहरखेड़ी मार्ग में आने वाली शासकीय भूमिका अर्जन.

नोट. - भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, प्रमोद गुप्ता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1472

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अप्रैल 2014

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 9 अप्रैल 2014

क्र. 147- प्रका.- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला - सतना

(ख) तहसील- कोटर

(ग) ग्राम- देवरा कोठार

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.052 हेक्टेयर.

खसरा नं.

रकबा (हे. में)

(2)

(1)

404

0.008

406

0.012

439

0.032 योग 0.052

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की बेलरी माइनर नहर के अंतर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 149- प्रका.- भू-अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- कोटर

(ग ) ग्राम- किचवरिया

-0.400 हेक्टेयर.

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा नं.

रकबा (हे. में)

(1)

79

80

0.078

84

83

99

(2) 0.070 0.076 0.062 0.114 0.400

योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की केमली सब- माइनर नहर के अंतर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 151 - प्रका.- भू-अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- कोटर

(ग) ग्राम-ढोंढ़ी

( घ) लगभग क्षेत्रफल -0.370 हेक्टेयर.

खसरा नं .

रकबा (हे. में)

(2)

(1)

108

0.195

0.114

107

0.015

105

0.012

106

योग 0.370 भाग 1 ]

1473

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की केमली माइनर नहर के अंतर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 153 - प्रका.- भू-अर्जन-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- रघुराजनगर

(ग) ग्राम - पतौड़ा

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 0.132 हेक्टेयर.

खसरा नं.

(हे. में)

(1)

0.008

0.024

0.012

0.060

रकबा (2) 0.004 0.012

171 120 173 174 177 197 198

योग 0.012 शास . 0.132

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की पवैया सब- माइनर नहर के अंतर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 155 - प्रका.- भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- कोटर

( ग) ग्राम- टिकरी खाम कोठार

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.140 हेक्टेयर.

रकबा

खसरा नं.

(हे. में)

(1)

(2) 0.060

72

73

0.080 योग 0.140

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मेहुती सब- माइनर नहर के अंतर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 157- प्रका.- भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील-कोटर

(ग ) ग्राम-अकौना कोठार

(घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.070 हेक्टेयर.

खसरा नं.

रकबा

(हे. में)

(2)

(1)

0.020

0.012

58/5 173 1474

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

(2)

(1)

0.036

0.012

534 59/5

योग . 0.070

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की बम्हौरी सब - माइनर नहर के अंतर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 159 - प्रका.- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि, सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सतना

(ख) तहसील-कोटर

(ग) ग्राम- इटौर कोठार

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.144 हेक्टेयर.

खसरा नं.

रकबा (हे. में)

(2)

0.004

0.020

0.120

(1) 150/7 151/7 333

योग 0.144

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की उमरी माइनर एवं बम्हौरी माइनर नहर के अंतर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है. मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. डी. एस. अग्निवंशी, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छिन्दवाड़ा, दिनांक 21 अप्रैल 2014

क्र.2781 - भू- अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील- सौंसर

(ग ) नगर/ग्राम- मोहगांव, प.ह.नं. 14, ब.नं. 327, रा.नि.मंडल - सौंसर

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल 12.539 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियाँ.

प्रस्तावित रकबा प्रस्तावित खसरा नम्बर

(हे. में) (2)

(1)

0.198

258/1

258/4

0.443

0.222

258/2

272

0.150

0.119

273/1

0.111

273/1 क

0.016

273/1 ख

0.087

273/2

0.119

273/2 क

0.293

276

0.380

279/1

0.190

280

0.459

281

284/1

0.079

0.198

284/2

0.245

286/1

286/2

0.095

0.059

257

0.142

255

0.113

245/1

0.143

245/3 1475

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

(2) (1)

245/7

0.291

0.095 246

0.053 245/4

0.196 248/1

0.018 250/3

0.101 250/1

0.047 250/2

0.160 304/2/1

304/3/1

0.018 307/2

0.303 311/1

0.119 311/2

0.101

0.030 313/8

0.178 11/2

13

0.029

0.202 235

0.029 239

0.202 237

0.060 336/1 क ख ग

0.142 336/2 ग

0.166 336/2 क

336/2

0.124

0.143 336/2 ख

0.035 364/1 क

364/1

0.035

0.024 463/3

0.042 364/1 ख

0.035 364/1 ग

0.041 364/1 घ

0.053 363/1

406/3

0.059 406/9

0.095

0.053 363/3

0.065 364/4

363/5

0.071

0.130 364/16

364/8 क

0.154

0.178 379/1

0.178 380

0.059 381/1-4

381/5

0.065 381/2

0.101 382/2

0.154

0.011 381/17

(2)

(1)

0.077

435

432/2

0.310

0.328

431

430/3

0.190

430/2

0.113

0.451

416

0.202

412/1

0.226

410

0.077

406/1

0.083

406/2

0.119

406/8

0.142

406/7

0.101

408/1

0.101

408/2

408/3

0.101

0.101

408/4

0.101

408/5

0.067

430/5

0.119

462

0.214

429/1

0.095

463/6-7

0.008

463/8-1

463/8

0.028

0.024

463/5

463/11

0.019

463/10

0.019

0.043

463/4

0.024

463/9

0.008

463/4-1

0.012

463/4 क

463/4 ख

0.012

0.008

463/2-1

0.095

0.020

9

19

0.317

0.071

18/2

0.063

18/1

18/1 क

0.063

231/4

0.051

247/2

0.010

249

0.010

0.010

243

योग 12.539 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

1476

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- मोहगांव जलाशय के नहर निर्माण के लिये निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग छिंदवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा (प्लान) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, जल संसाधन अनुविभाग सौंसर जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

क्र. 2782 - भू- अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला - छिन्दवाड़ा

(ख ) तहसील- सौंसर.

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम- घोघरीखापा, प.ह.नं. 36, ब.नं. 113, रा.नि.मंडल-सौंसर.

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल -03.271 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

प्रस्तावित खसरा नम्बर

प्रस्तावित रकबा (हे. में)

(2)

(1)

162/1

0.113

0.083

162/2

162/3

0.101

0.202

164

0.060

33/1

0.060

33/2

0.060

0.060

33/4

(2)

(1)

0.068

177/2

0.068

177/1

0.119

184/1 क

0.119

196/1

0.046

197/3

0.084

197/1

0.031

194

200

0.095

0.033

199/1

0.033

199/2

0.107

148

0.067

147

0.043

146/1

0.043

146/2

0.063

145

144

0.059

215

0.039

0.063

216/1

216/2

0.063

217

0.043

137

0.047

0.158

225

0.051

226/3

227/1

0.039

227/2

0.039

228/2

0.103

0.019

239/2

0.131

238

0.039

233/2

235

0.170

0.170

234

0.067

274/1

278

0.083

279/2

0.091

279/3

0.039

योग .. 03.271

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- मोहगांव जलाशय के नहर निर्माण के लिये निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

1477

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग छिंदवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा (प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, जल संसाधन अनुविभाग सौंसर जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

क्र. 2783 - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख ) तहसील- सौंसर .

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम खैरीपंथावली , प.ह.नं. 10, ब.नं. 88, रा.नि.मंडल- सौंसर.

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल -01.086 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

प्रस्तावित खसरा नम्बर

प्रस्तावित रकबा (हे. में)

(2)

(1)

0.027

281/1

0.158

281/2

292

0.142

0.039

291/3

0.174

291/1

0.111

296

0.059

307/1

0.111

315/1

0.022

314

0.031

315/2

0.038

319/3

0.033

316/1

(2)

(1)

0.030

319/4

318/1

0.024

319/10

0.087

योग .. 01.086

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- मोहगांव जलाशय के नहर निर्माण के लिये निजी भूमि के अर्जन के संबंध में .

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग छिंदवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा (म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5 ).अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा (प्लान) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन विभाग उप संभाग सालीढाना जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

क्र. 2784 - भू- अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील- सौंसर.

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम- कोपरावाडी, प.ह.नं. 14, ब.नं. 62 , रा.नि.मंडल- सौंसर.

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल -03.778 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

प्रस्तावित रकबा प्रस्तावित

खसरा नम्बर

(हे. में)

(2)

(1)

122/2

0.213

122/1

0.035

0.041

123/1 1478

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

(2) (1)

0.059 123/2

0.277 121/1

124/1

0.112

0.082 125/1

0.076 125/2

0.065 126/1

0.065 126/2

0.053 148

0.136 145

0.071 144

0.041 141/1

0.035 141/2

0.053 140

0.047 139

0.053 138

0.047 137/1

0.035 137/2

0.023 136

0.053 135

0.077 132

0.217 215/3

133

0.017

0.071 197/2

0.112 197/4

0.106 197/3

0.141 198

0.071 116/2

0.063 116/1क

0.023 116/7

0.023 116/5

0.015 116/8

0.023 115/9

0.023 115/4

0.023 115/1ख

0.023 115/5

0.023 115/7

115/6

0.016 115/8

0.133

0.018 115/2

0.011 250/1

0.011 250/3

247

0.011

0.013 249

0.013 248

0.018 242/1क

(2)

(1)

0.036

242/2

0.022

241/1

0.022

241/2

0.018

238/2

0.018

238/1

0.018

235

0.010

222

234

0.018

0.014

228

233

0.018

0.018

232

0.014

229

0.202

223

0.074

213/2

209/1

0.288

0.010

127

0.011

250/2

योग .. 03.778

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- मोहगांव जलाशय के नहर निर्माण के लिये निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(4 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग छिंदवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा (प्लान) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन विभाग उपसंभाग सालीढाना जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

क्र. 2785- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है. उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन 1479

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील- सौंसर

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम-चिखली , प.ह.नं. 11 , ब.नं. 127 , रा.नि.मंडल - सौंसर.

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल-08.496 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियाँ.

प्रस्तावित क्षेत्रफल (हे. में)

(2)

प्रस्तावित खसरा नम्बर (1)

6

0.285

0.142

21

0.205

7/1

0.311

16

206

0.198

0.079

204

212/5

0.039

212/4

0.118

210

0.047

211

0.277

0.237

218

0.118

223/1

0.055

225

0.316

223/2

0.234

233/1

0.266

233/2

0.237

232

0.071

247/2

0.158

246

0.039

245

0.158

242

243/1

0.178

0.178

243/2

0.178

243/3

244/2

0.194

0.126

264/1

0.103

267/2

0.039

266

0.318

228

184

0.165

0.165

185/3

(2)

(1)

252/2

0.141

0.064

253/2

0.177

255

0.106

173

0.277

170/2

0.092

170/1

170/3

0.093

165

0.118

0.035

164/2

157

0.070

155

0.318

0.094

154

0.118

151

150

0.324

256

0.171

0.283

257

258

0.171

271

0.188

0.070

274

0.076

275

0.147

279

0.129

278

योग 08.496

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- मोहगांव जलाशय के नहर निर्माण के लिये निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग छिंदवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा (प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन विभाग उपसंभाग सालीढाना जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

क्र. 2786- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन 1480

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है. उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील- सौंसर .

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम- बानाबाकोडा, प.ह.नं.13, ब.नं. 67, रा.नि.मंडल - सौंसर.

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल -02.000 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां.

खसरा नम्बर प्रस्तावित

प्रस्तावित रकबा क्षेत्रफल (हे. में)

(2)

(1)

300/2

0.186

0.325

300/1

0.302

301/1

303

0.064

320

0.028

0.012

322

0.050

323

0.100

325/2

0.059

277/1-3

277/4

0.101

277/2

0.119

0.178

248

0.333

249

246

0.095

0.030

245/2

0.018

245/1

योग 02.000

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- मोहगांव जलाशय के नहर निर्माण के लिये निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा ) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग छिंदवाड़ा, जिला- छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा (प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, जल संसाधन विभाग उपसंभाग सालीढाना जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

क्र. 2787 - भू-अर्जन-2014. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है. उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छिन्दवाड़ा

(ख) तहसील- सौंसर

(ग ) नगर/ग्राम- ग्राम- सिंगपुर, प.ह.नं.30, ब.नं. 390, रा.नि.मंडल- सौंसर.

(घ ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल -07.399 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियाँ.

प्रस्तावित रकबा क्षेत्रफल प्रस्तावित खसरा नम्बर

(हे. में)

(2)

(1)

0.063

3/3

0.166

4/2

0.273

4/1

0.024

6

0.103

8

0.103

20

0.087

21/2

28

0.214

0.261

39/2

0.047

39/3

0.166

40/1

0.289

40/2

0.190

99/1

0.071

99/2

0.042

100/3

0.077

100/1

0.321

101 1481

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

(2) (1)

100/2

0.101

0.173 102/1 , 103

0.059 110/2

0.101 112/3

0.018 112/1

0.012 113

114

0.154

0.029 46/2

0.202 46/1

0.107 44

0.035 42/2, 42/4

0.101 43/1

0.362 74

0.119 136/1

0.101 136/2

0.113 136/3

0.065 137/3

0.070 137/2

0.107 137/1

146/1

0.095

0.059 146/2

0.119 52

53

0.052

0.029 57

0.044 55

0.083 56

0.062 58/2

0.056 59

0.071 60/1

0.160 60/2

0.124 60/2क

0.344 163

0.160 167

172

0.089 171/1

0.040

0.050 171/2

0.040 171/3

(2)

(1)

0.202

174/1

0.071

174/10

0.078

174/6

0.071

174/9

0.053

174/2

0.071

174/3

0.089

174/4

0.186

174/5

0.152

179/1

0.078

181

182/4

0.019

0.015

182/3

0.015

182/2

0.015

182/1

0.027

183/7

0.027

183/6

0.027

183/5

योग .. 07.399

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- मोहगांव जलाशय के नहर निर्माण के लिये निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा) जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग छिंदवाड़ा, जिला-छिन्दवाड़ा ( म . प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा (प्लान) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, जल संसाधन विभाग उपसंभाग सालीढाना जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजीव सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1482

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

उच्च न्यायालय , जबलपुर मध्यप्रदेश Jabalpur , the 3rd April 2014

No. B - 696 - III - 6-6-84 - II . In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr . P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri B.P. Markam , Presiding Officer of the Court of Ist ASJ , Balaghat for the speedy trial of offences of Rape , Gang- rape , Murder with rape & all other offences relating thereto , of the District Headquarter Balaghat .

No. B - 698 - III - 6-6-84- II . In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr . P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Smt. Geeta Solanki , Presiding Officer of the Court of ASJ , Dindori for the speedy trial of offences of Rape , Gang - rape , Murder with rape & all other offences relating thereto , of the District Headquarter Dindori .

No. B - 700 - III- 6-6-84 - II . In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr . P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Ku . Neeta Gupta, Presiding Officer of the Court of ASJ , Dewas for the speedy trial of offences of Rape , Gang - rape , Murder with rape & all other offences relating thereto, of the District Headquarter Dewas .

No. B -702 - III - 6-6-84 - II . In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr. P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri Ruchir Sharma , Presiding Officer of the Court of Ist ASJ , Datia for the speedy trial of offences of Rape , Gang- rape , Murder with rape & all other offences relating thereto , of the District Headquarter Datia.

No. B - 704 - III - 6-6-84- II. In exercise of the powers conferred under sub - section ( 3 ) of Section 9 of Cr . P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri R. K. Dasora , Presiding Officer of the Court of IInd ASJ , E.N. Khandwa for the speedy trial of offences of Rape , Gang- rape , Murder with rape & all other offences relating thereto, of the District Headquarter E.N. Khandwa .

No. B - 706 - III- 6-6-84 - II . In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr . P.C.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Smt . Savita Singh , Presiding Officer of the Court of XVIIth ASJ , Indore for the speedy trial of offences of Rape , Gang- rape , Murder with rape & all other offences relating thereto , of the District Headquarter Indore .

No. B - 708 - III - 6-6-84 - II . In exercise of the powers conferred under sub - section (3) of Section 9 of Cr. P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri D. S. Chouhan, Presiding Officer of the Court of ASJ , Jhabua for the speedy trial of offences of Rape , Gang - rape , Murder with rape & all other offences relating thereto , of the District Headquarter Jhabua .

No. B - 710- III - 6-6-84- II . In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr. P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri Vijay Chandra , Presiding Officer of the Court of IIIrd ASJ , Raisen for the speedy trial of offences of Rape , Gang- rape , Murder with rape & all other offences relating thereto , of the District Headquarter Raisen .

No. B - 712- III - 6-6-84 - II . In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr. P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri M. S. Chandrawat , Presiding Officer of the Court of Ist ASJ , Ratlam for the speedy trial of offences of Rape , Gang- rape , Murder with rape & all other offences relating thereto , of the District Headquarter Ratlam.

No. B - 714- III - 6-6-84 - II . In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr . P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri Anil Kumar Gupta, Presiding Officer of the Court of IVth ASJ , Rewa for the speedy trial of offences of Rape , Gang- rape , Murder with rape & all other offences relating thereto , of the District Headquarter Rewa .

No. B - 716 - III - 6-6-84- II . In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr . P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri Sanjay Krishan Joshi , Presiding Officer of the Court of IInd ASJ, Seoni for the speedy trial of offences of Rape , Gang - rape , Murder with rape & all other offences relating thereto , of the District Headquarter Seoni .

1483

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

No. B - 718 - III- 6-6-84- II . In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr . P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri Rakesh Shrotiya , Presiding Officer of the Court of Ist ASJ , Sehore for the speedy trial of offences of Rape , Gang - rape , Murder with rape & all other offences relating thereto , of the District Headquarter Sehore .

No. B - 720- III - 6-6-84 - II .- In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr. P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri R.P. Sharma , Presiding Officer of the Court of Ist ASJ , Sheopur for the speedy trial of offences of Rape , Gang - rape , Murder with rape & all other offences relating thereto , of the District Headquarter Sheopur .

No. B - 722 - III - 6-6-84 - II .- In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr . P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Smt . Ashita Shrivastava , Presiding Officer of the Court of Ist ASJ , Tikamgarh for the speedy trial of offences of Rape , Gang- rape , Murder with rape & all other offences relating thereto , of the District Headquarter Tikamgarh .

No. B - 724 - III - 6-6-84 - II .--In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr . P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Smt . Vandna Jain Presiding Officer of the Court of Ist ASJ , Vidisha for the speedy trial of offences of Rape , Gang - rape , Murder with rape & all other offences relating thereto , of the District Headquarter Vidisha.

By order of the High Court , BIPIN BIHARI SHUKLA, Registrar (DE) .

जबलपुर , दिनांक 4 अप्रैल 2014

क्र. B - 766-दो- 2-13-2014.- श्री सुशान्त हुद्दार, रजिस्ट्रार (प्रशासन ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 29 मार्च से 3 अप्रैल 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री सुशान्त हु‌द्दार, रजिस्ट्रार ( प्रशासन ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री सुशान्त हुद्दार उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो रजिस्ट्रार ( प्रशासन ) के पद पर कार्यरत रहते.

जबलपुर , दिनांक 11 अप्रैल 2014

क्र. C - 1287- दो- 2-15-2014.- श्री उपेन्द्र कुमार सिंह , ओ.एस.डी. , उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को दिनांक 24 से 29 मार्च , 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए छः दिन अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 23 मार्च 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 30 एवं 31 मार्च 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री उपेन्द्र कुमार सिंह, ओ.एस.डी. , उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री उपेन्द्र कुमार सिंह उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो ओ.एस.डी. के पद पर कार्यरत रहते.

जबलपुर, दिनांक 16 अप्रैल 2014

क्र. C- 1347-दो- 2-53-2011 .-श्री एच . बी . खेडकर, लेखा अधिकारी , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को दिनांक 15 से 17 अप्रैल 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 12, 13 एवं 14 अप्रैल 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 18 एवं 19 अप्रैल 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री एच. बी. खेडकर, लेखा अधिकारी , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एच. बी. खेडकर उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो लेखा अधिकारी के पद पर कार्यरत रहते.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, व्ही. बी. सिंह , रजिस्ट्रार.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

1484

जबलपुर, दिनांक 5 अप्रैल 2014

क्र. 488-गोपनीय- 2014-दो- 3-1-2014 ( भाग - ए) .- ( 1 ) रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 462- गोपनीय- 2014- दो- 3-1-2014 (भाग -ए) , दिनांक 2 अप्रैल 2014 के तारतम्य में, श्री हरप्रसाद बंशकार, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , मण्डला को उनके वर्तमान कार्य के अतिरिक्त, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, मण्डला की हैसियत से, स्थानापन्न रूप से नियुक्त किया गया है . तद्नुसार वे अपने अतिरिक्त कार्यभार का निर्वहन करें.

(2 ) रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 462- गोपनीय-2014 -दो-3-1- 2014(भाग- ए) , दिनांक 2 अप्रैल 2014 के तारतम्य में, श्री अरविंद कुमार शर्मा , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , पन्ना को उनके वर्तमान कार्य के अतिरिक्त, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , पन्ना की हैसियत से, स्थानापन्न रूप से नियुक्त किया गया है. तद्नुसार वे अपने अतिरिक्त कार्यभार का निर्वहन करें .

क्र. 523 -गोपनीय- 2014- दो- 1-2014 ( भाग- बी) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लेखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लेखित न्यायालय के न्यायाधीश के पद पर, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है : -

सारणी

अधिकारी का नाम

क्रमांक

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (2)

(3) (1)

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, झाबुआ की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

1. श्री दगडू सिंह चौहान , प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, झाबुआ के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, झाबुआ.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, वेद प्रकाश , रजिस्ट्रार. जनरल .

जबलपुर, दिनांक 5 अप्रैल 2014

क्र. 511 -गोपनीय- 2014-दो-3-32-2014.- उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, कुमारी सुरूचि यादव, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , श्योपुर के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, श्योपुर का विवाह उपरांत नाम परिवर्तन " श्रीमती सुरूचि रावत " पत्नी श्री विजेन्द्र सिंह रावत करने की एतद्वारा स्वीकृति प्रदान करता है. उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका परिवर्तित नाम अंकित किया जावे.

क्र. 513 -गोपनीय- 2014- दो-3-33-2014.- उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , कुमारी नेहा बंसल , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , रीवा का विवाह उपरांत नाम परिवर्तन " श्रीमती नेहा बंसल " पत्नी श्री प्रीतम बंसल करने की एतद्वारा स्वीकृति प्रदान करता है. उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका परिवर्तित नाम अंकित किया जावे.

क्र. 521- गोपनीय- 2014- दो-3-1-2014 ( भाग - ए ) शुद्धि- पत्र.- रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 404- गोपनीय- 2014-दो-3- 1-2014 ( भाग - ए) , दिनांक 24 मार्च 2014 की सारणी के, स्तम्भ क्रमांक 1 के, सरल क्रमांक 50 पर उल्लेखित श्रीमती रीतिका मिश्रा (पाठक) के समक्ष , स्तम्भ क्रमांक 6 पर " द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश " के स्थान पर " तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश " पढ़ा जावे.

जबलपुर, दिनांक 9 अप्रैल 2014

क्र. 531- गोपनीय- 2014- दो-3-1-2014 ( भाग - ए) शुद्धि-पत्र.- रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 464- गोपनीय- 2014-दो-3- 1-2014 ( भाग - ए ) , दिनांक 2 अप्रैल 2014 की सारणी के, स्तम्भ क्रमांक 1 के, सरल क्रमांक 1 पर उल्लेखित श्री विजय कुमार सोनकर के समक्ष, दर्शित स्तम्भ क्रमांक 6 पर टंकित शब्द " अतिरिक्त न्यायाधीश " के स्थान पर " द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश " पढ़ा जावे .

आदेशानुसार,

वेद प्रकाश , रजिस्ट्रार. जनरल.

1485

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

जबलपुर, दिनांक 2 अप्रैल 2014

क्र. 458 - गोपनीय- 2014- दो- 2-1-2014 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अधीन एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश निम्न सारणी के स्तम्भ (2 ) में दर्शित उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारी को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तत्संबंधी स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायाधीश की हैसियत से तथा मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग की अधिसूचना क्रमांक फा-1-2-90- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 26 अक्टूबर 1995 , अधिसूचना क्रमांक फा.- 1-2-90- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 19 फरवरी 1997 एवं क्रमांक 1-2-90- इक्कीस-अ ( एक ) , दिनांक 7 मई 1999 तथा क्रमांक फा. 1-2-90 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 4 मई 2007 द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 ( 1989 की संख्या 33 ) की धारा 14 के अधीन विनिर्दिष्ट सारणी के तत्संबंधी स्तम्भ ( 7 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के रूप में पदस्थ एवं नियुक्त करता है.

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( 1974 की संख्या 2 ) की धारा 9 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , उच्चतर न्यायिक सेवा के निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में निर्दिष्ट अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिये अपर सत्र न्यायाधीश नियुक्त करता है: - नाम

कहां को

कहां से

क्रमांक

(4) (2)

(1)

(3)

सतना

शिवपुरी

1. श्री अखिलेश चन्द्र शुक्ला

सारणी

विशेष

न्यायालय न्यायालय के संदर्भ में टिप्पणी

सत्र खण्ड का नाम

का नाम

(7)

(6)

(5)

सतना सतना पीठासीन अधिकारी , विशेष न्यायालय की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

क्र. 459 - गोपनीय - 2014- दो- 2-1-2014 ( भाग- बी) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्चतर न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारियों ( अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ) को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानान्तरित कर, उक्त न्यायिक अधिकारी के समक्ष स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , उच्चतर न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारियो को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है : -

कहां से नाम

क्रमांक

(3) (1)

(2)

सेंधवा 1 श्री राकेश श्रोत्रिय

2

भोपाल श्री राजीव आप्टे, अतिरिक्त सचिव , म. प्र. शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के पद से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर.

मैहर 3 श्री गोपाल सिंह नेताम

सारणी

कहां को

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी सत्र खण्ड का नाम

(6)

(5)

(4)

सीहोर

सीहोर

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से.

देवास

देवास

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से.

देवसर

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से.

सिंगरौली मुख्यालय बैढ़न.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

1486

क्र. 460- गोपनीय- 2014- दो- 2-1-2014 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 ( सन् 1958 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) तथा धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्नलिखित सिविल न्यायाधीश ( वरिष्ठ श्रेणी ) को जिन्हें विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक फा. क्र. 3 (ए) 4-2014- इक्कीस- ब( एक) , दिनांक 24 मार्च 2014 द्वारा पदोन्नति पर मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीश ( प्रवेश स्तर ) के पद पर स्थानापन्न रूप में कार्य करने के लिये अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया है एवं जिनके नाम निम्न सारणी के स्तम्भ ( 1 ) में उल्लिखित हैं, स्तम्भ (2 ) में उल्लिखित उनकी वर्तमान पदस्थापना के स्थान से स्थानांतरित कर उक्त सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में वर्णित स्थान पर पदस्थ करता है एवं उन्हें निम्न सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में दर्शित अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है एवं निर्देश देता है कि वे निम्न सारणी के स्तम्भ ( 6 ) में दर्शाये गये स्थान पर, आगामी आदेश होने तक बैठेंगे .

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश उच्च न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारी को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है : -

सारणी

वर्तमान पदस्थापना का स्थान

क्र. अधिकारी का नाम व पदनाम

पदोन्नति पर पदस्थापना का स्थान

(4) (2)

(3)

(1)

सतना

शिवपुरी 1. श्री कमर इकबाल खान , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , सतना.

सत्र खण्ड का नाम

न्यायालय में बैठने का स्थान

(7) न्यायालय का नाम जिसके अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त एवं पदस्थ (6)

(5)

शिवपुरी शिवपुरी पदोन्नति पर तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से श्री अखिलेश चन्द्र शुक्ला के स्थान पर.

टिप्पणीः- ( 1 ) रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 374/गोपनीय/2014 , दिनांक 20 मार्च 2014 , जहां तक इसका संबंध श्री राजीव आप्टे , अतिरिक्त सचिव, म . प्र. शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल का भोपाल से लहार जिला भिण्ड स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

(2 ) रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 374/गोपनीय /2014 , दिनांक 20 मार्च 2014 , जहां तक इसका संबंध श्री गोपाल सिंह नेताम, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मैहर जिला सतना का मैहर से बैढ़न जिला सिंगरौली स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

( 3 ) रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 410/गोपनीय/ 2014 , दिनांक 24 मार्च 2014 , जहां तक इसका संबंध श्री कमर इकबाल खान, प्रथम न्यायाधीश वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , सतना का, सतना से, देवसर जिला सिंगरौली स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है .

जबलपुर, दिनांक 5 अप्रैल 2014

क्र. 519 -गोपनीय- 2014- दो- 3-1-2014 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 एवं न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.

सारणी

कहां से नाम

क्रमांक

(4) (2)

(3)

(1)

कोलारस

1

हरदा

श्री राकेश कुमार कुशवाह

कहां को पदस्थापना के जिले का नाम (5)

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)

शिवपुरी

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

टिप्पणीः- रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 404/गोपनीय/ 2014 , दिनांक 24 मार्च 2014 जहां तक इसका संबंध श्री राकेश कुमार कुशवाह, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 हरदा के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश, हरदा का, हरदा से, चुरहट जिला सीधी स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है .

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, वेद प्रकाश, रजिस्ट्रार, जनरल .

भाग 1 ]

1487

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अप्रैल 2014

जबलपुर, दिनांक 3 अप्रैल 2014

क्र. बी-673- तीन- 6-4-81- भाग-छः- मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम , 1981 ( अधिनियम क्रमांक 36 सन् 1981 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश जबलपुर एतद्वारा अपनी अधिसूचना क्रमांक डी-1747-तीन-6-4-81- भाग- पांच, दिनांक 9 अप्रैल 2013 में निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात् : -

संशोधन

उक्त अधिसूचना की अनुसूची में अनुक्रमांक ( 1 ) तथा उससे संबंधित स्तम्भ ( 2 ) में वर्णित वर्तमान प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित प्रविष्टियां प्रतिस्थापित की जावें:-

क्र.

अधिकारी का नाम एवं पदनाम, विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति के संबंध में

(1)

(2)

अनुसूची

शासन द्वारा निर्मित स्पेशल कोर्ट का नाम क्षेत्र जिसके लिये विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति की गई (3)

(4)

विशेष न्यायालय , भिण्ड राजस्व जिला, भिण्ड

1 श्री एम. एस. तोमर, चतुर्थ अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, भिण्ड.

No. B - 673 - III -6-4-81 -Pt . - VI .-In exercise of the powers conferred by sub - section ( 2) of the Section 6 of Madhya Pradesh Dacoity Aur Vyapharan Prabhavit Kshetra Adhiniyam , 1981 (Act No. 36 of 1981 ) the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur hereby makes the following amendment in its Notification No. D - 1747 - III - 6-4-81 - Pt . - V , dated 9th April 2013 , namely :-

AMENDMENT

In the Schedule of the said Notification in Serial No. ( 1 ) for the existing entries in Column No. (2) , the following entries shall be substituted :-

S. No.

Name & Designation of the Presiding Officer appointed in the Special Court (2)

(1)

1

TABLE

Name of the Special Court established by the State Government (4)

Area for which the appointment made in Special Court (3)

Revenue District , Bhind

Shri M. S. Tomar , IVth Additional Sessions Judge , Bhind .

Special Court , Bhind क्र. बी- 675- तीन-6-4-81- भाग पांच.- मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम, 1981 ( अधिनियम क्रमांक 36 सन् 1981 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश जबलपुर एतद्वारा अपनी अधिसूचना क्रमांक सी- 6292- तीन-6-4-81- भाग- पांच, दिनांक 29 जुलाई 2011 में निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात् : - संशोधन

उक्त अधिसूचना की अनुसूची में अनुक्रमांक ( 1 ) तथा उससे संबंधित स्तम्भ ( 2 ) में वर्णित वर्तमान प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित प्रविष्टियां प्रतिस्थापित की जावें :-

क्र.

अधिकारी का नाम एवं पदनाम, विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति के संबंध में

(1)

(2)

1

अनुसूची

शासन द्वारा निर्मित स्पेशल कोर्ट का नाम

(4)

क्षेत्र जिसके लिये विशेष न्यायाधीश की नियुक्तिकी गई (3)

विशेष न्यायालय , दतिया राजस्व जिला, दतिया

श्री रूचिर शर्मा, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, दतिया.

1488

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अप्रैल 2014

No. B - 675 - III - 6-4-81 - Pt . - V.-In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of the Section 6 of Madhya Pradesh Dacoity Aur Vyapharan Prabhavit Kshetra Adhiniyam 1981 (Act . No. 36 of 1981 ) the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur hereby makes the following amendment in its Notification No. C- 6292 - III - 6-4-81 - Pt . - V dated 29th July 2011 , namely : -

AMENDMENT

In the Schedule of the said Notification in Serial No. ( 1 ) for the existing entries in Column No. 2 , the following entries shall be substituted :--

SCHEDULE

S. No.

Name & Designation of the Presiding Officer appointed in the Special Court (2)

(1)

1

Area for which the appointment made in Special Court (3)

Name of the Special Court established by the State Government (4)

Special Court , Datia Revenue District , Datia

Shri Ruchir Sharma , Ist Additional Sessions Judge, Datia .

क्र. बी- 677- तीन- 6-4-81 - भाग - छः- मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम , 1981 ( अधिनियम क्रमांक 36 सन् 1981 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश जबलपुर एतद्वारा अपनी अधिसूचना क्रमांक ई - 2502 - तीन-6-4-81- भाग- पांच, दिनांक 20 जुलाई 2010 में निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्:-

संशोधन

उक्त अधिसूचना की अनुसूची में अनुक्रमांक ( 1 ) तथा उससे संबंधित स्तम्भ ( 2 ) में वर्णित वर्तमान प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित प्रविष्टियां प्रतिस्थापित की जावें:-

क्र.

अधिकारी का नाम एवं पदनाम, विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति के संबंध में

(2)

(1)

1 श्री संजीव अग्रवाल, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश , ग्वालियर अनुसूची

शासन द्वारा निर्मित स्पेशल कोर्ट का नाम (4) क्षेत्र जिसके लिये विशेष न्यायाधीश की नियुक्तिकी गई (3)

विशेष न्यायालय, ग्वालियर ग्वालियर सेशन खण्ड के अधीन पुलिस थाना मुरार, झांसी रोड, कम्पू जनकगंज, गोला का मंदिर बहोड़पुर महिला थाना पड़ाव जी.आर.पी. (बी.जी.एन.जी. ) आर.पी.एफ.

No. B - 677 - III -6-4-81- Pt . - VI .-In exercise of the powers conferred by sub - section ( 2) of the Section 6 of Madhya Pradesh Dacoity Aur Vyapharan Prabhavit Kshetra Adhiniyam 1981 (Act. No. 36 of 1981 ) the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur hereby makes the following amendment in its Notification No. E- 2502 - III -6-4-81- Pt . - V dated 20th July 2010 , namely : --

AMENDMENT

In the Schedule of the said Notification in Serial No. ( 1 ) for the existing entries in Column No. 2, the following entries shall be substituted :-

S. No.

Name & Designation of the Presiding Officer appointed in the Special Court

(2)

(1)

1 Shri Sanjeev Agrawal , IInd Additional Sessions Judge Gwalior.

SCHEDULE

Name of the Special Court established by the State Government (4) Area for which the appointment made in Special Court (3)

Special Court , Gwalior

Police Station Murar , Jhansi Road , Kampoo , Janakganj , Gola ke Mandir , Bahodpur Mahila Thana Padav, GRP (BG.NG) RPF under Sessions Division Gwalior.

1489

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अप्रैल 2014

भाग 1 ]

क्र. बी- 679- तीन- 6-4-81 - भाग-छः मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम, 1981 ( अधिनियम क्रमांक 36 सन् 1981 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश जबलपुर एतद्वारा अपनी अधिसूचना क्रमांक बी- 1548- तीन-6-4-81- भाग- पांच, दिनांक 10 मई 2011 में निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात् : -

संशोधन

उक्त अधिसूचना की अनुसूची में अनुक्रमांक ( 1 ) तथा उससे संबंधित स्तम्भ ( 2 ) में वर्णित वर्तमान प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित प्रविष्टियां प्रतिस्थापित की जावें,

क्र.

अधिकारी का नाम एवं पदनाम, विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति के संबंध में

(2)

(1)

1

अनुसूची

शासन द्वारा निर्मित स्पेशल कोर्ट का नाम क्षेत्र जिसके लिये विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति की गई

(3)

(4)

विशेष न्यायालय , टीकमगढ़ राजस्व जिला, टीकमगढ़

श्री संजीव श्रीवास्तव, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, टीकमगढ़.

No. B - 679 - III -6-4-81 - Pt. - VI.- In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of the Section 6 of Madhya Pradesh Dacoity Aur Vyapharan Prabhavit Kshetra Adhiniyam 1981 (Act . No. 36 of 1981 ) the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur hereby makes the following amendment in its Notification No. B - 1548 - III - 6-4-81 - Pt. - V dated 10th August 2011 , namely : -

AMENDMENT

In the Schedule of the said Notification in Serial No. ( 1 ) for the existing entries in Column No. 2, the following entries shall be substituted :-

S. No.

Name & Designation of the Presiding Officer appointed in the Special Court (2)

(1)

1 Shri Sanjeev Shrivastava IInd Additional Sessions Judge , Tikamgarh .

SCHEDULE

Name of the Special Court established by the State Government (4)

Area for which the appointment made in Special Court (3)

Special Court , Tikamgarh Revenue District , Tikamgarh

क्र. बी- 681- तीन-6-4-81 - भाग-छः- मध्यप्रदेश डकैती और व्यंपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम , 1981 ( अधिनियम क्रमांक 36 सन् 1981 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश जबलपुर एतद्वारा अपनी अधिसूचना क्रमांक ई - 3502- तीन-6-4-81- भाग- पांच , दिनांक 31 अगस्त 2010 में निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्:-

संशोधन

उक्त अधिसूचना की अनुसूची में अनुक्रमांक ( 1 ) तथा उससे संबंधित स्तम्भ ( 2 ) में वर्णित वर्तमान प्रविष्टियों के स्थान पर , निम्नलिखित प्रविष्टियां प्रतिस्थापित की जावें:-

क्र.

अधिकारी का नाम एवं पदनाम, (विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति के संबंध में )

(1)

(2)

1 श्री जे. के. शर्मा , द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , डबरा अनुसूची

शासन द्वारा निर्मित विशेष न्यायालय का नाम क्षेत्र जिसके लिये विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति की गई (3)

(4)

द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , डबरा का न्यायालय .

सेशन खण्ड ग्वालियर के अधीन पुलिस थाना डबरा , पिछोर, आंतरी , बिलौआ, गिजोरा , भितरवार, बेलगढ़ा , करिया तथा चिनोर.

1490

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2014

No. B - 681 - III - 6-4-81 - Pt . - VI . In exercise of the powers conferred by sub - section (2 ) of the Section 6 of Madhya Pradesh Dacoity Aur Vyapharan Prabhavit Kshetra Adhiniyam , 1981 (Act No. 36 of 1981 ) the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur hereby makes the following amendment in its Notification No. E - 3502- III - 6-4-81 - Pt. - V dated 31st August 2010 , namely :-

AMENDMENT

In the Schedule of the said Notification in Serial No. ( 1 ) for the existing entries in Column No. 2 , the following entries shall be substituted :-

S. No.

Name & Designation of Presiding Officer appointed as Special Judge (2)

(1)

3 Shri J. K. Sharma , IInd Additional Sessions Judge , Dabra .

SCHEDULE

Name of the Special Court established by the State Government (4)

Areas for which he is proposed to be appointed as a Special Judge (3)

IInd Additional Sessions Judge, Dabra .

Police Station Dabra , Pichore , Antri , Billoa , Gizzora , Bhitarwar , Bailgada , Kaariya and Chinnore under Sessions Division Gwalior .

क्र. बी- 683 - तीन- 6-4-81- भाग-छः- मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम , 1981 ( अधिनियम क्रमांक 36 सन् 1981 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश जबलपुर एतद्वारा अपनी अधिसूचना क्रमांक डी-4228- तीन-6-4-81- भाग-पांच, दिनांक 20 सितम्बर 2013 में निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थात्: -

संशोधन

उक्त अधिसूचना की अनुसूची में अनुक्रमांक ( 1 ) तथा उससे संबंधित स्तम्भ ( 2 ) में वर्णित वर्तमान प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित प्रविष्टियां प्रतिस्थापित की जावें:-

क्र.

अधिकारी का नाम एवं पदनाम, विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति के संबंध में

(2)

(1)

1 श्री शिवकांत पांडेय , सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश, सतना.

अनुसूची

शासन द्वारा निर्मित स्पेशल कोर्ट का नाम क्षेत्र जिसके लिये विशेष न्यायाधीश की नियुक्तिकी गई (3)

(4) विशेष न्यायालय , सतना नयागांव , बरौंधा , मझगंवा, सिंहपुर, सभापुर तथा धारकुंडी.

No. B - 683 - III -6-4-81 - Pt . -VI . In exercise of the powers conferred by sub - section (2 ) of the Section 6 of Madhya Pradesh Dacoity Aur Vyapharan Prabhavit Kshetra Adhiniyam , 1981 (Act No. 36 of 1981 ) the High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur hereby makes the following amendment in its Notification No. D- 4228 - III - 6-4-81 - Pt . - V dated 20th September 2013 , namely :-

AMENDMENT

In the Schedule of the said Notification in Serial No. ( 1 ) for the existing entries in Column No. 2 , the following entries shall be substituted :-

SCHEDULE

S. No.

Name & Designation of the Presiding Officer appointed in the Special Court (2)

(1)

1 Shri Shivkant Pandey , VIIth Additional Sessions Judge , Satna .

Area for which the appointment made in Special Court (3)

Name of the Special Court established by the State Government (4)

Special Court , Satna Nayagaon , Baroundha , Majhganva , Singhpur , Sabhapur & Dharkundi .

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार , बिपिन बिहारी शुक्ला, रजिस्ट्रार (डी.ई. ) .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 25 April 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2014-04-25.17.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2014-04-25.17.Ordinary.