Servants of Knowledge
Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

0

Published 02 May 2014

Type
Ordinary
Gazette no.
18
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2014-05-02.18.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदे श शास

इसे वेबसाईट www.govtpressmp.nic.in से भी डाउन लोड किया जा सकता है.

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 18]

भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 2 मई 2014- वैशाख 12 , शक 1936

विषय-सूची

( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश ,

(3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.-स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2) सांख्यिकीय सूचनाएं.

4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग

(3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम , (3) संसद् के अधिनियम,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम , ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 11 अप्रैल 2014

क्र. ई. - 5-632 - आयएएस लीव -5- एक ( 1 ) श्री अनुपम राजन, आयएएस. , आयुक्त उद्योग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य उद्योग निगम/राज्य वस्त्र निगम/मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम को दिनांक 2 से 13 जून 2014 तक बारह दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 1 एवं 14, 15 जून 2014 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .

(2 ) श्री अनुपम राजन की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री अरूण कुमार भट्ट, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश , राज्य औद्योगिक विकास निगम तथा प्रबंध संचालक, म. प्र. ट्रेड एण्ड इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड ( ट्रायफेक) को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक सौंपा जाता है .

(3) अवकाश से लौटने पर श्री अनुपम राजन को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न आयुक्त उद्योग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य उद्योग निगम/राज्य वस्त्र निगम/मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री अनुपम राजन द्वारा आयुक्त उद्योग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य उद्योग निगम/राज्य वस्त्र निगम/मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अरूण कुमार भट्ट उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री अनुपम राजन को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अनुपम राजन, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई- 5-830- आयएएस- लीव - 5 - एक ( 1 ) श्री संकेत भोंडवे शांताराम , भाप्रसे, मिशन, संचालक, मध्यप्रदेश समग्र सामाजिक सुरक्षा

1491

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2014.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

1492

मिशन, भोपाल को दिनांक 21 अप्रैल से 1 मई 2014 तक, ग्यारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 18 से 20 अप्रैल 2014 एवं 2 मई 2014 का सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री संकेत भोंडवे शांताराम को मिशन, संचालक, मध्यप्रदेश समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री संकेत भोंडवे शांताराम को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री संकेत भोंडवे शांताराम अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भोपाल, दिनांक 15 अप्रैल 2014

क्र. ई. - 1-209-2013-5-एक. श्री एम. के. दीक्षित सेवानिवृत्त भाप्रसे ( 1967 , द्वारा दिनांक 6 जुलाई 2013 को एक अभ्यावेदन प्रस्तुत कर डब्ल्यू.पी. 4509/2005 में माननीय उच्च न्यायालय , जबलपुर द्वारा पारित निर्णय दिनांक 19 जून 2013 के परिप्रेक्ष्य में उन्हें मुख्य सचिव ग्रेड प्रदान करते हुए समस्त अनुशांगिक लाभ दिए जाने का अनुरोध किया गया.

2. माननीय उच्च न्यायलय, जबलपुर द्वारा याचिका क्रमांक 4509/ 2005 में पारित आदेश दिनांक 19 जून, 2013 के अंश निम्नानुसार हैं: -

"We have examined the matter . The review Screening Committe which was constituted to consider the case of the respondent for grant of Chief Secretary grade W.e.f. 9-10-2001 was wrongly constituted . All the three members , who were members of the said D.P.C. , were granted the same grade in the D. P. C. on 9-10-2001 . As these persons were granted the same scale in the same D.P.C. , which was sought to be reviewed , so these persons ought not to have been made members of the D.P.C , as their interests could have been affected or they may be interested in the result of the same D.P.C. In the aforesaid circumstances , if the Tribunal have found that there was no fair D.P.C. , and those persons ought not to have been made party of the D.P.C. , no fault is found . The Apex Court in similar circumstances in A.K. Kraipak and Others Vs Union India and others ( AIR 1970 SC 150 ) Set aside the proceedings . Similar view has been taken by the Apex Court in the case of Badrinath ( Supra .)

[भाग 1 So far as the second ground is concerned , for down grading the ACR by the Reporting officer he ought to have assigned reasons , in absence of which down grading ACR of the respondent was not justified , as has been held by the Apex Court in U.P. Jal Nigam ( supra) . In this regard , the finding of the Tribunal appears to be just and proper . So far as fixing the criteria by the Review D.P.C. , is concerned when the matter of the respondent was to be adjudged as Review D.P.C. , of 9-10-2001 the similar paraments ought to have been fixed by the D.P.C. , so that the case of respondent could have been dealt with on the same parameters on which his colleagues were considered in the D.P.C. on 9- 10-2001 . Fixing a criteria was also not justified .

In view of aforesaid , we do not find any error in the impugned order warranting our interference . This petition is without any merit and is dismissed . As because of the ad - interim writ issued in the matter the case of the respondent has not been considered for a long period of near about 8 years we find it appropriate to allow cast to the respondent of this litigation , which we quantify Rs . 10,000/ - (Rupees ten thounsand only) payable by the petitioner to the respondents No. 1 .

With the aforesaid direction , this petition is dismissed with costs . "

3. उपरोक्त निर्णय से प्रकरण केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण खण्डपीठ, जबलपुर के समक्ष श्री एम. के. दीक्षित द्वारा दायर की गई ओ. ए. क्रमांक 311/2004 पर माननीय अधिकरण द्वारा पारित निर्णय दिनांक 21-3-2005 की प्रस्थिति में आ गया है . उक्त ओ. ए. के द्वारा श्री एम. के. दीक्षित ने यह अनुतोष चाहा था कि मुख्य सचिव ग्रेड में उनकी उपयुक्तता निर्धारण के बारे में छानबीन समिति की बैठक दिनांक 10-10-2003 और दिनांक 30-1-2004 के कार्यवृत्त/ अनुशंसा और उन पर राज्य शासन के निर्णयों को अपास्त किया जाए; उनके गोपनीय प्रतिवेदनों का न्यायपूर्ण रिव्यू किया जाए और उन्हें उनके कनिष्ठ को मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नत किये जाने के दिनांक से पदोन्नति और अनुवर्ती लाभ दिए जाएं, रिव्यू छानबीन समिति की बैठक आयोजित किये जाने के निर्देश दिए जाएं, यदि कनिष्ठ की पदोन्नति के दिनांक से वे पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाये जाते हैं, तो उन्हें सभी अनुवर्ती लाभ जिनमें वेतन और भत्तों के एरियर्स का भुगतान शामिल है , प्रदान किये जाएं और उनके वेतन और पेंशन के लाभों का तद्नुसार निर्धारित किया जाए.

4. श्री दीक्षित द्वारा दायर उक्त ओए 311/2004 पर दिनांक 21-3-2005 को माननीय अधिकरण द्वारा पारित निर्णय का ऑपरेटिव पैरा निम्नानुसार है:-

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

भाग 1 ]

" In the result the Original Application is allowed . The minutes/recommendations of the first review screening committee dated 10-10-2003 and the decision of the Government of Madhya Pradesh thereon , as well as the minutes/recommendations of the second review screening committee dated 30-1-2004 (pertaining to the applicant ) and the decision of the State Government thereon , are quashed and set aside . The respondents are directed to convene a meeting of the DPC to review the minutes of the DPC which met on 9-10-2001 and if the applicant is found fit for promotion to the grade of Chief Secretary, he may be promoted from the date his junior was promoted to the said grade and thereafter grant him all the consequential benefits flowing from the said promotion . The respondents are further directed to comply with the aforesaid direction within a period of three months from the date of receipt of a copy of this order. "

5. इस प्रकरण की वस्तुस्थिति निम्नानुसार है:-

(i) आवंटन वर्ष 1967 के भाप्रसे अधिकारियों को मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति के लिए छानबीन समिति की बैठक दिनांक 9-10-2001 को संपन्न हुई थी, उक्त बैठक में [श्री एम. के. दीक्षित, भाप्रसे ( 1967 ) को छोड़कर ] आवंटन वर्ष 1967 से 1970 तक के 21 अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया. समिति ने इन अधिकारियों के मामलों पर भारत सरकार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के परिपत्र दिनांक 28-3-2000 द्वारा प्रसारित गाईडलाईन के प्रकाश में विचार किया. इस बैठक में विचाराधीन अधिकारियों के वर्ष 1991 से वर्ष 2000 तक के गोपनीय प्रतिवेदनों को विचार में लिया गया.

श्री एम. के. दीक्षित पर राज्य शासन के आदेश दिनांक 29-4- 1998 से शास्ति अधिरोपित की गई थी. इस आदेश में यह उल्लेख था कि " राज्य शासन श्री एम. के. दीक्षित, भाप्रसे (म. प्र. 1967 ) वर्तमान में सचिव , राज्य वित्त आयोग उनके वेतनमान से निम्नतर समय वेतनमान तक कम करने की शास्ति अधिरोपित करता है और उन्हें निम्न समय वेतनमान की अधिकतम सीमा पर वेतन प्राप्त करने की अनुमति देता है, जो उनके उस समय वेतनमान में पदोन्नति में बाधा होगी जहां से उसे कम किया जा रहा है. " उक्त आदेश के फलस्वरूप छानबीन समिति की उक्त बैठक दिनांक 9-10-2001 के समय श्री एम. के. दीक्षित को प्रमुख सचिव वेतनमान में पदोन्नत न होने के कारण मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति के लिए अर्हता प्राप्त नहीं थी. अतः इस बैठक में श्री दीक्षित का नाम विचार क्षेत्र में सम्मिलित नहीं किया गया था.

1493 (ii) श्री दीक्षित को प्रमुख सचिव वेतनमान में विभागीय आदेश दिनांक 11 जुलाई 2003 से उनके कनिष्ठ श्री ए. के. गुप्ता भाप्रसे ( 1967 ) को प्रमुख सचिव वेतनमान देने की तिथि (12-1-1994 ) से काल्पनिक ( Notional Promotion) पदोन्नति प्रदान की गई.

( iii) श्री एम. के. दीक्षित, भाप्रसे ( 1967 ) को उपरोक्तानुसार प्रमुख सचिव वेतनमान में पदोन्नति प्राप्त होने के फलस्वरूप वे मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति के लिए पात्र हो गए. अतः मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति के लिए उनकी उपयुक्तता के निर्धारण हेतु आवंटन वर्ष 1967 के भाप्रसे अधिकारियों की मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति के लिए संपन्न छानबीन समिति की बैठक दिनांक 9-10-2001 के क्रम में पुनर्विचार बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया.

(iv) उक्त पुनर्विचार बैठक दिनांक 10-10-2003 को संपन्न हुई. यह बैठक तत्कालीन मुख्य सचिव श्री ए. व्ही. सिंह, भाप्रसे ( 1967 ) की अध्यक्षता में संपन्न हुई. इसमें श्री अरूण कुमार गुप्ता, भाप्रसे ( 1967 ) तत्कालीन अध्यक्ष , मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल एवं पदेन अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग एवं श्रीमती बीनू सेन , भाप्रसे ( 1967 ) , तत्कालीन सचिव, भारत सरकार, पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्रालय सदस्य के रूप में उपस्थित रहे.

समिति के समक्ष प्रस्तुत किये गए एजेण्डा में यह उल्लेख किया गया कि " श्री दीक्षित द्वारा उनके वर्षान्त 1993-94 के गोपनीय प्रतिवेदनों में अंकित प्रतिकूल टीकाओं के विरुद्ध प्रस्तुत अभ्यावेदन राज्य शासन ने अमान्य किया था . उक्त निर्णय के विरुद्ध श्री दीक्षित ने केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण, जबलपुर में एक याचिका क्रमांक 113/2000 दायर की थी . अधिकरण ने इस याचिका में दिनांक 5-3-2000 को आदेश पारित करते हुए निर्देश दिए थे कि वर्ष 1993-94, 1994-95 के दौरान श्री दीक्षित के गोपनीय प्रतिवेदन " नहीं" लिखे गए थे, ऐसा माना जाए. राज्य शासन ने अधिकरण के उक्त आदेश के विरुद्ध मई , 2001 में उच्च न्यायालय , जबलपुर में अपील दायर की है . उच्च न्यायालय ने अधिकरण का उक्त आदेश न तो अभी तक निरस्त किया है और न ही स्थगन दिया है . अतएव अधिकरण का आदेश बरकरार है. उपर्युक्त कारणों से समिति श्री दीक्षित के वर्ष 1993-94 एवं 1994-95 के गोपनीय प्रतिवेदनों को इग्नोर करेगी. " श्री दीक्षित के विरुद्ध तत्समय कोई विभागीय जांच, आपराधिक प्रकरण इत्यादि लंबित नहीं होने से भारत सरकार के पदोन्नति संबंधी मार्गदर्शी निर्देशों के प्रावधानों के अनुसार उनके 1494

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

संबंध में संनिष्ठा प्रमाण - पत्र जारी किया गया था. इस बैठक के बारे में तैयार किये गए ग्रेडिंग चार्ट में श्री दीक्षित के वर्ष 1984 से वर्ष 2002 तक के गोपनीय प्रतिवेदनों की ग्रेडिंग अंकित की गई.

समिति ने श्री दीक्षित के रिकार्ड का समग्र रूप से मूल्यांकन करने के पश्चात् उन्हें भाप्रसे के मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति के लिये अनुपयुक्त पाया. बैठक के कार्यवृत्त को तत्कालीन मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 27-12-2003 को अनुमोदित किया गया.

(v) भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1968 से 1970 आवंटन वर्ष के अधिकारियों की मुख्य सचिव वेतनमान में उपयुक्तता निर्धारण हेतु छानबीन समिति की बैठक दिनांक 28 फरवरी, 2002को संपन्न हुई. तत्समय श्री एम . के. दीक्षित को प्रमुख सचिव वेतनमान प्राप्त न होने से उनका नाम विचारण क्षेत्र में सम्मिलित नहीं किया गया.

(vi) भाप्रसे 1967 से 1971 आवंटन वर्ष के 21 अधिकारियों के नामों पर मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति के लिये विचारण हेतु विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक दिनांक 30-1- 2004 को संपन्न हुई. यह बैठक श्री बी. के. साहा, भाप्रसे ( 1967 ) तत्कालीन मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन की अध्यक्षता में संपन्न हुई और इसमें श्री अरूण कुमार गुप्ता, भाप्रसे ( 1967 ) , तत्कालीन अध्यक्ष , व्यावसायिक परीक्षा मंडल एवं पदेन अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग और श्री नरेश नारद भाप्रसे ( 1968 ) , तत्कालीन सचिव, भारत सरकार भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रालय , भारी उद्योग विभाग , नई दिल्ली सदस्य के रूप में सम्मिलित हुए.

इस बैठक के एजेण्डा में श्री एम. के. दीक्षित की मुख्य सचिव ग्रेड हेतु उपयुक्तता निर्धारण करने के लिये दिनांक 10- 10-2003 को संपन्न हुई बैठक में श्री दीक्षित के संबंध में समिति द्वारा की गई अनुशंसा और उस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए अनुमोदन का उल्लेख किया गया.

इस बैठक के समय भी श्री दीक्षित की संनिष्ठा प्रमाणित की गई. बैठक के लिए तैयार किए गए ग्रेडिंग चार्ट में विचाराधीन अधिकारियों के वर्ष 1993-94 से 2002-03 तक के गोपनीय प्रतिवेदन अंकित किए गए. श्री दीक्षित के संबंध में एक अलग पत्रक पर वर्ष 1991 से 2003 तक की ग्रेडिंग अंकित की गई. इस पत्रक में वर्ष 1994 और 1995 की ग्रेडिंग्स अंकित नहीं की गई और यह उल्लेख किया गया कि श्री दीक्षित द्वारा वर्ष 1993-94 और

[भाग 1 1994-95 में अंकित प्रतिकूल टीकाओं और उनके संबंध में अभ्यावेदन को अमान्य किये जाने के विरुद्ध दायर ओ. ए. क्रमांक 113/2000 में अधिकरण ने उक्त अवधियों की प्रतिकूल टीकाओं को अपास्त किया है और यह निर्देश दिए हैं कि इन वर्षों के गोपनीय प्रतिवेदन को " नहीं" लिखा गया मान्य किया जाए.

इस समिति द्वारा यह मापदण्ड निर्धारित किया गया कि " 10 वर्ष के गोपनीय प्रतिवेदनों में कम से कम 05 उत्कृष्ट श्रेणी के होना चाहिए. ".

विचारोपरांत समिति ने श्री एम. के. दीक्षित को मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति के लिए उपयुक्त नहीं पाया.

6. ऊपर उल्लेखित बैठकों में से दिनांक 10-10-2003 और दिनांक 30-1-2004 को संपन्न हुई छानबीन समिति की बैठकों के कार्यवृत्त/अनुशंसा और इन पर राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णयों को केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण द्वारा आदेश दिनांक 21-3-2005 से अपास्त किया गया है और अधिकरण के इस आदेश के विरुद्ध राज्य शासन द्वारा दायर रिट याचिका क्रमांक 4509/2005 ( एस ) को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आदेश दिनांक 19-6-2013 से अपास्त करते हुए अधिकरण के उक्त आदेश में किसी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होना ठहराया है .

7. श्री एम. के. दीक्षित द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के उक्त आदेश के क्रम में प्रस्तुत अभ्यावेदन दिनांक 6-7-2013 में मुख्यतः उन्हीं तथ्यों की पुनरावृत्ति की है जो उनके द्वारा ओ. ए. क्रमांक 113/ 2000 में अंकित किए गए हैं.

इसके अलावा उन्होंने यह उल्लेख भी किया है कि दोनों ही समितियों ने भारत सरकार के पदोन्नति संबंधी दिशा निर्देशों की उपेक्षा करते हुए मनमाने तरीके से बैंच मार्क अपनाए है. बैंच मार्क से निम्न गोपनीय प्रतिवेदन उन्हें संसूचित नहीं किया गया, परन्तु इन पर उक्त दोनों समितियों द्वारा विचार किया गया . बैंच मार्क से ऐसी प्रविष्टियां जो संसूचित न की गई हों, की उपेक्षा की जानी चाहिए और इनका उपयोग करते हुए किसी अधिकारी को सुपरसीड किया जाना उपयुक्त नहीं है . इन समितियों द्वारा उनके 12 जनवरी , 1994 के पूर्व की अवधियों के गोपनीय प्रतिवेदनों को विचार में लेते हुए त्रुटि की है क्योंकि उक्त दिनांक को वे प्रमुख सचिव ग्रेड में पदोन्नत हुए थे.

8. अभिलेख के अनुसार वस्तुस्थिति यह है कि- ( 1 ) माननीय उच्च न्यायालय ने निर्णय दिनांक 19 जून , 2013 में यह ठहराया है कि दिनांक 9-10-2001 को मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति के लिये संपन्न हुई पदोन्नति मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

भाग 1 ]

समिति की बैठक में उन तीनों अधिकारियों को मुख्य सचिव ग्रेड प्रदान किया गया था, जो रिव्यू समिति के सदस्य थे . चूंकि इन तीनों व्यक्तियों को उसी डीपीसी में वही ग्रेड प्रदान किया गया था, जिस डीपीसी का रिव्यू किया जा रहा था , अतः इन्हें रिव्यू डीपीसी का सदस्य नहीं बनाया जाना चाहिए था क्योंकि उनके हित प्रभावित हो सकते थे अथवा वे उस डीपीसी के परिणाम में हितबद्ध हो सकते थे. अतः अधिकरण द्वारा रिव्यू डीपीसी को निष्पक्ष न पाये जाने में कोई त्रुटि नहीं है.

माननीय न्यायालय ने यह भी ठहराया है कि रिव्यू डीपीसी द्वारा वही मापदण्ड अपनाए जाना चाहिए जो कि दिनांक 9-10-2001 को संपन्न डीपीसी द्वारा अपनाए गए थे ताकि श्री दीक्षित का मामला उन्हीं मापदण्डों पर विचारित होता, जिन पर उनके सहयोगियों ( Colleague ) को दिनांक 9-10-2001 की डीपीसी में विचारित किया गया था, पृथक् मापदण्ड तय करना न्यायपूर्ण नहीं था.

( 2 ) अभिलेख के अनुसार दिनांक 9-10-2001 को संपन्न हुई डीपीसी के समय श्री दीक्षित का नाम , प्रमुख सचिव वेतनमान में पदोन्नत न होने के कारण विचार क्षेत्र में सम्मिलित नहीं था. इस डीपीसी के समय समिति द्वारा कोई विशिष्ट मापदण्ड तय नहीं किए गए. समिति ने भारत सरकार के पदोन्नति संबंधी मार्गदर्शी निर्देश दिनांक 28-3-2000 के प्रकाश में सभी अधिकारियों के नाम पर विचार किया . उक्त बैठक के समय विचाराधीन अधिकारियों के वर्ष 1991 से 2000 तक के गोपनीय प्रतिवेदन देखे गए.

(3) दिनांक 10-10-2003 को दिनांक 9-10-2001 की बैठक के संदर्भ में संपन्न हुई रिव्यू डीपीसी के तीनों सदस्य 1967 बैच के अधिकारी थे , तीनों ही श्री दीक्षित से कनिष्ठ थे और इन तीनों के नाम पर मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति के लिये दिनांक 9-10-2001 को संपन्न हुई बैठक में विचार किया गया था. इस बैठक में वर्ष 1991 से 2003 तक के गोपनीय प्रतिवेदनों को विचार में लिया गया, जबकि दिनांक 9-10-2001 को संपन्न बैठक में सभी अधिकारियों के वर्ष 1991 से 2000 तक के गोपनीय प्रतिवेदन देखे गए थे.

उक्त रिव्यू डीपीसी में समिति द्वारा कोई विशिष्ट बैंच मार्क निर्धारित नहीं किया गया. इसके कार्यवृत्त में केवल यह उल्लेख है कि समिति ने " श्री एम. के. दीक्षित, भाप्रसे ( 1967 ) के रिकार्ड का समग्र रूप में मूल्यांकन करने के पश्चात् उन्हें भाप्रसे के मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति के लिये अनुपयुक्त पाया. " अनुपयुक्त पाए जाने के बारे में कोई विशिष्ट कारण अथवा आधार कार्यवृत्त में अंकित नहीं है.

1495 (4) दिनांक 30-1-2004 को संपन्न पदोन्नति समिति की बैठक में समिति ने " 10 वर्ष के गोपनीय प्रतिवेदनों में कम से कम 05 उत्कृष्ट श्रेणी के होना चाहिए ", यह बैंच मार्क निर्धारित किया, जो कि भारत सरकार की पदोन्नति संबंधी मार्गदर्शी निर्देश दिनांक 28 मार्च, 2000 की कंडिका 7.2 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है . उक्त निर्देशों के अनुसार कोई बैंच मार्क निर्धारित नहीं किया जा सकता है. तथापि यह बैंच मार्क उक्त बैठक में विचाराधीन सभी 21 अधिकारियों के संबंध में नियत किया गया था. अतः प्रथम दृष्टया श्री दीक्षित के प्रति किसी दुर्भावना से यह बैंच मार्क निर्धारित किया जाना परिलक्षित नहीं होता. समिति ने उक्त बैंच मार्क के प्रकाश में श्री दीक्षित को मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति के लिये उपयुक्त नहीं पाया.

9. उपरोक्त कंडिका 8 में अंकित स्थिति के आलोक में इस प्रकरण में दिनांक 19 जून, 2013 को माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा याचिका क्रमांक 4509/2005 में पारित निर्णय दिनांक 19 जून, 2013 को आगे कोई विधिक चुनौती न देने और उक्त निर्णय के अनुसरण में दिनांक 9-10-2001 को मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति हेतु उपयुक्तता निर्धारण के लिए संपन्न हुई डीपीसी के संदर्भ में यह पुनर्विचार बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया.

10. श्री एम. के. दीक्षित के नाम पर जिस विभागीय जांच प्रकरण के चलते अपने बैच के अधिकारियों के साथ प्रमुख सचिव और मुख्य सचिव वेतनमान में पदोन्नति हेतु उपयुक्तता निर्धारण के लिये यथासमय विचारण नहीं किया जा सका, उक्त विभागीय जांच समाप्त होकर श्री दीक्षित को दोषमुक्त किया जा चुका है और दण्डादेश अपास्त किया जा चुका है. मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति हेतु श्री दीक्षित की उपयुक्तता के निर्धारण के लिये दिनांक 10-10-2003 और दिनांक 30-1-2004 को संपन्न हुई बैठकों के समय श्री दीक्षित की संनिष्ठा प्रमाणित की गई थी. अतः श्री दीक्षित दिनांक 9-10-2001 की स्थिति में मुख्य सचिव ग्रेड में विचारण के लिये अर्ह हैं और इनके विरुद्ध अन्य कोई विभागीय जांच/अभियोजन स्वीकृति प्रकरण न होने और उक्त दिनांक की स्थिति में उनके निलंबनाधीन न होने के कारण श्री दीक्षित का प्रकरण भारत सरकार की पदोन्नति संबंधी मार्गदर्शी निर्देशों की कंडिका 4.3 और 11.1 की परिधि में नहीं आता है और उनकी संनिष्ठा दिनांक 9-10-2001 की स्थिति में प्रमाणित मान्य की जा सकती है .

11. भारत सरकार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के विभिन्न वेतनमानों में पदोन्नति हेतु दिशा- निर्देश परिपत्र दिनांक 28 मार्च, 2000 द्वारा जारी किये गये हैं.

(1 ) उक्त निर्देशों के एनेक्शर -1 के पैरा टप् में मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति के प्रावधान इस प्रकार हैं :-

1496

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

PROMOTION IN THE GRADE OF CHIEF SECRETARY

The zone of consideration for promotion in this grade would consist of all the members of the Service who have completed 30 years of service . Appointment in this grade would be made from amongst the officers thus cleared , at any time during the relevant year and subject to the provision of rule 9 (7) of the IAS (Pay) Rules , 1954. The Screening Committee for this purpose shall consist of the Chief Secretary concerned, one officer working in this grade in the cadre and another officer of the cadre serving in Government of India in the same grade .

(2) भारत सरकार के मार्गदर्शी निर्देश दिनांक 28-3-2000 की कंडिका 4.3 और 11.1 में उन परिस्थितियों का उल्लेख है, जिनके विद्यमान रहने पर विचारण क्षेत्र में सम्मिलित अधिकारियों की संनिष्ठा रोकी जाएगी.-

4.3 The integrity certificate on the lines indicated below should be furnished to the Committees constituted to consider cases for promotion or confirmation :-

"The records of service of the following officers who are to be considered for promotion/confirmation in the grade have been carefully scrutinized and it is certified that there is no doubt about their integrity ."

If there are names of persons in the list of eligible candidates , whose integrity is suspect or has been held in doubt at one stage or the other, the fact should specifically be recorded by the officer- in-charge of the Personnel Department and brought to the notice of the Committee . The integrity certificate would be withheld only in cases where one or the other contigencies as indicated in para 11.1 supra has arisen . It should be ensured that the information thus furnished is factually correct and complete in all respects . Cases where incorrect incormation has been furnished should be investigated and suitable action taken against the person responsible for it .

[ भाग 1 (3 ) पैरा 11.1 के प्रावधान इस प्रकार है-

11.1 At the time of consideration of the cases of officers for promotion , details of such officers in the Zone of consideration falling under the following categories should be specifically brought to the notice ofthe concerned Screening Committes :-

(a) Officers under suspension ,

(b) Officers in respect of whom a chargesheet has been issued and disciplinary proceedings are pending ,

(c) Officer in respect of whom prosecution for criminal charge is pending .

(4) भाप्रसे के विभिन्न ग्रेड में पदोन्नति के संबंध में भारत सरकार के मार्गदर्शी निर्देशों में समिति द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में निम्नलिखित प्रावधान हैं :-

"6 - PROCEDURE TO BE OBSERVED BY COMMITTEE

Each Committee should decide its own method and procedure for objective assessment of the suitability of the candidates . While merit has to be recognized and rewarded , advancement in an officer's career should not be regarded as a matter of course . It should be earned by dint of hard work, good conduct and result oriented performance as reflected in the annual confidential report and based on strict and rigorous selection process . While "Average" may not be taken as adverse remark in respect of an officer, it can not also be regarded as complimentary to the officers . Such performance should be regarded as routine and undistinguished . Nothing short of above average and noteworthy performance should entitle an officer to recognition and suitable rewards in terms of career progression. "

(5 ) कंडिका 7.2 यह प्रावधान है कि-

in the case of each officer , an overall grading should be given which will be either "Fit " or "Unfit" . There will be no benchmark for assessing suitability of officers for promotion.

1497

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 मई 2014

भाग 1 ]

12. उपरोक्त के आलोक में माननीय उच्च न्यायालय , जबलपुर में दायर डब्ल्यू पी . क्रमांक 4509/2005 में पारित निर्णय दिनांक 19-6-2013 एवं श्री एम. के. दीक्षित द्वारा माननीय केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक 311/2004 में पारित निर्णय दिनांक 21-3-2005 के आलोक में श्री एम. के. दीक्षित, सेवानिवृत्त भाप्रसे ( 1967 ) को मुख्य सचिव ग्रेड में संपन्न छानबीन समिति की बैठक दिनांक 9-10-2001 के अनुक्रम में दिनांक 5-2-2014 को पुनर्विचार किया गया. समिति द्वारा प्रकरण के समस्त अभिलेख एवं श्री दीक्षित के रिकार्ड के समग्र मूल्यांकन के आधार पर उन्हें दिनांक 9-10-2001 को मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति के लिये संपन्न छानबीन समिति की बैठक के अनुक्रम में मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाया गया.

13. माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में दायर डब्ल्यू पी . क्रमांक 4509/2005 में पारित निर्णय दिनांक 19-6-2013 एवं श्री एम. के. दीक्षित द्वारा माननीय केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक 311/2004 में पारित निर्णय दिनांक 21-3-2005 एवं उसके अनुक्रम में दिनांक 5-2-2014 को संपन्न छानबीन समिति की बैठक में समिति द्वारा की गई अनुशंसा के आलोक में राज्य शासन श्री एम . के. दीक्षित, सेवानिवृत्त भाप्रसे ( 1967 ) को राज्य में उनसे कनिष्ठ भाप्रसे अधिकारी श्रीमती किरण विजय सिंह को मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति की तिथि अर्थात् दिनांक 3-11-2001 से मुख्य सचिव ग्रेड में काल्पनिक पदोन्नति ( Notional Promotion ) प्रदान करता है. मुख्य सचिव ग्रेड में श्री एम. के. दीक्षित का वेतन एवं अन्य स्वत्व काल्पनिक पदोन्नति ( Notional Promotion ) की तिथि अर्थात् दिनांक 3-11-2001 से निर्धारित होंगे , किन्तु उन्हें काल्पनिक पदोन्नति की तिथि अर्थात् दिनांक 3-11-2001 से लेकर सेवानिवृत्ति की तिथि अर्थात् दिनांक 31-7-2004 के बीच की अवधि के वेतन/ भत्तों के एरियर्स की राशि की पात्रता " काम नहीं वेतन नहीं " के सिद्धांत के आधार पर देय नहीं होगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अॅन्टोनी डिसा, मुख्य सचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 21 अप्रैल 2014

फा. क्र. 3 (ए)6-2014- इक्कीस ब ( एक) .- श्रीमती छाया राजेश कुमार कौल, द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश , सीहोर, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अनुशंसा की है कि आपके द्वारा 58 वर्ष की आयु पूर्ण करने के उपरांत, लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए.

आप 58 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी हैं.

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा उस पर समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोकहित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा ( भर्ती तथा सेवा शर्तें ) (संशोधित ) नियम, 1994 के नियम 14 ( 1 ) एवं 14( 2) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति के दिनांक के अपरान्ह से लोकहित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है.

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहीं थीं.

फा. क्र. 3 (ए) 7-2014- इक्कीस- ब ( एक) .- श्री नारायण सिंह मीणा, प्रथम अपर जिला न्यायाधीश , वारासिवनी, जिला बालाघाट, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अनुशंसा की है कि आपके द्वारा 50 वर्ष की आयु पूर्ण करने के उपरांत, लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए.

आप 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं .

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा उस पर समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोकहित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव मध्यप्रदेश सिविल सर्विसेस ( पेंशन ) नियम, 1976 ( आज दिनांक तक संशोधित ) के नियम 42 ( 1 ) ( ख ) , सहपठित मूलभूत नियम 56 ( 2 ) (क) ( आज दिनांक तक संशोधित ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति के दिनांक के अपरान्ह से लोकहित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है.

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे थे .

फा. क्र. 3 (बी) 1-2014-इक्कीस - ब ( एक ) .- श्री विवेक कुमार मरकान, बारहवें व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , इन्दौर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अनुशंसा की है कि आपके द्वारा 50 वर्ष की आयु पूर्ण करने के उपरांत, लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए.

आप 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं.

1498

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा उस पर समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोकहित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव मध्यप्रदेश सिविल सर्विसेस (पेंशन) नियम, 1976 ( आज दिनांक तक संशोधित ) के नियम 42 ( 1 ) ( ख ) , सहपठित मूलभूत नियम 56 (2 ) ( क ) ( आज दिनांक तक संशोधित ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति के दिनांक के अपरान्ह से लोकहित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है .

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे थे

फा. क्र. 3 (बी) 1-2014- इक्कीस- ब ( एक) .- श्री अरविन्द्र कुमार छापरिया, अष्टम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2, भोपाल , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अनुशंसा की है कि आपके द्वारा 20 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के उपरांत, लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए.

आप 20 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके हैं.

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा उस पर समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोकहित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव मध्यप्रदेश सिविल सर्विसेस ( पेंशन ) नियम, 1976 ( आज दिनांक तक संशोधित) के नियम 42 ( 1 ) ( ख ) , सहपठित मूलभूत नियम 56 ( 2 ) ( क ) ( आज दिनांक तक संशोधित ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति के दिनांक के अपरान्ह से लोकहित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है.

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे थे.

फा. क्र. 3 ( बी ) 1-2014-इक्कीस ब ( एक ) . - श्री विष्णु खेड़े, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , नारायणगढ़ , जिला मंदसौर, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अनुशंसा की है कि आपके द्वारा 50 वर्ष की आयु पूर्ण करने के उपरांत, लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 मई 2014

आप 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं .

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा उस पर समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोकहित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव मध्यप्रदेश सिविल सर्विसेस ( पेंशन ) नियम, 1976 ( आज दिनांक तक संशोधित) के नियम 42 ( 1 ) ( ख ) , सहपठित मूलभूत नियम 56 ( 2 ) ( क ) ( आज दिनांक तक संशोधित ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति के दिनांक के अपरान्ह से लोकहित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है.

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे थे

फा. क्र. 3 ( बी ) 1-2014- इक्कीस- ब ( एक ) .- श्री जवाहर सिंह मरकाम , व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , कोतमा, जिला अनूपपुर, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अनुशंसा की है कि आपके द्वारा 50 वर्ष की आयु पूर्ण करने के उपरांत , लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए.

आप 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं .

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा उस पर समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोकहित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव मध्यप्रदेश सिविल सर्विसेस ( पेंशन ) नियम, 1976 ( आज दिनांक तक संशोधित ) के नियम 42 ( 1 ) (ख ) , सहपठित मूलभूत नियम 56 ( 2 ) ( क ) ( आज दिनांक तक संशोधित ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति के दिनांक के अपरान्ह से लोकहित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है .

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे थे .

फा. क्र. 3 ( बी) 1-2014-इक्कीस - ब ( एक) .- श्री अनिल कुमार छापरिया, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, शिवपुरी , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अनुशंसा मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 मई 2014

भाग 1 ]

की है कि आपके द्वारा 50 वर्ष की आयु पूर्ण करने के उपरांत, लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए.

आप 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं.

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा उस पर समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोकहित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव मध्यप्रदेश सिविल सर्विसेस ( पेंशन ) नियम, 1976 ( आज दिनांक तक संशोधित ) के नियम 42 ( 1 ) ( ख ) , सहपठित मूलभूत नियम 56 ( 2 ) ( क ) ( आज दिनांक तक संशोधित ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति के दिनांक के अपरान्ह से लोकहित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है.

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे थे .

फा. क्र. 3 ( बी ) 1-2014 - इक्कीस- ब ( एक ) .- श्री राजेन्द्र कुमार बाथम, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, राजगढ़ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अनुशंसा की है कि आपके द्वारा 50 वर्ष की आयु पूर्ण करने के उपरांत, लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए.

आप 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके है .

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा उस पर समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोकहित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव मध्यप्रदेश सिविल सर्विसेस ( पेंशन ) नियम, 1976 ( आज दिनांक तक संशोधित) के नियम 42( 1 ) ( ख ) , सहपठित मूलभूत नियम 56 ( 2 ) ( क) ( आज दिनांक तक संशोधित ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति के दिनांक के अपरान्ह से लोकहित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है.

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे थे.

1499 फा. क्र. 3 ( बी ) 1-2014- इक्कीस ब ( एक) .- कुमारी शारदा नाहटे , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , मन्दसौर, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अनुशंसा की है कि आपके द्वारा 50 वर्ष की आयु पूर्ण करने के उपरांत , लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए.

आप 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं.

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा उस पर समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोकहित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव मध्यप्रदेश सिविल सर्विसेस ( पेंशन ) नियम, 1976 ( आज दिनांक तक संशोधित ) के नियम 42 ( 1 ) ( ख ) , सहपठित मूलभूत नियम 56 ( 2 ) ( क) ( आज दिनांक तक संशोधित ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति के दिनांक के अपरान्ह से लोकहित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है.

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहीं थी.

फा. क्र. 3 (बी) 1-2014- इक्कीस- ब ( एक) .- श्री अनवर अहमद अंसारी, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सबलगढ़ , जिला मुरैना, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अनुशंसा की है कि आपके द्वारा 50 वर्ष की आयु पूर्ण करने के उपरांत, लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए.

आप 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं.

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा उस पर समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोकहित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव मध्यप्रदेश सिविल सर्विसेस ( पेंशन ) नियम, 1976 ( आज दिनांक तक संशोधित ) के नियम 42 ( 1 ) ( ख ) , सहपठित मूलभूत नियम 56 ( 2 ) ( क) ( आज दिनांक तक संशोधित ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति के दिनांक के अपरान्ह से लोकहित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है.

1500

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 मई 2014

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे थे.

फा. क्र. 3 ( बी) 1-2014- इक्कीस- ब ( एक ).- श्री नरेन्द्र कुमार जैन, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 , एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , बैहर, जिला बालाघाट, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अनुशंसा की है कि आपके द्वारा 20 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के उपरांत, लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए.

आप 20 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके हैं .

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा उस पर समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोकहित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव मध्यप्रदेश सिविल सर्विसेस ( पेंशन ) नियम , 1976 ( आज दिनांक तक संशोधित ) के नियम 42( 1 ) ( ख ) , सहपठित मूलभूत नियम 56 ( 2 ) ( क) ( आज दिनांक तक संशोधित ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति के दिनांक के अपरान्ह से लोकहित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है.

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहे थे.

फा. क्र. 3 (बी) 1-2014- इक्कीस ब ( एक ) .- श्रीमती ललिता धुर्वे, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , बालाघाट, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अनुशंसा की है कि आपके द्वारा 20 वर्ष की सेवा एवं 50 वर्ष की आयु पूर्ण करने के उपरांत , लोकहित में आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए.

आप 20 वर्ष की सेवा एवं 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं.

उच्च न्यायालय की ओर से प्रेषित सेवा संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा उस पर समग्र रूप से विचार करने के उपरांत राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि उच्च न्यायालय के परामर्श को मान्य किया जाकर आपको लिखित सूचना देकर लोकहित में सेवानिवृत्त किया जाए.

अतएव मध्यप्रदेश सिविल सर्विसेस ( पेंशन ) नियम , 1976 ( आज दिनांक तक संशोधित ) के नियम 42 ( 1 ) ( ख ) , सहपठित मूलभूत नियम 56 ( 2) ( क) ( आज दिनांक तक संशोधित) के अन्तर्गत

[ भाग 1 प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन एतद्वारा आपको इस आदेश की सूचना प्राप्ति के दिनांक के अपरान्ह से लोकहित में तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करता है.

आपको तीन माह की कालावधि की सूचना के विकल्प में तीन माह के वेतन एवं भत्ते की राशि उसी दर से देय होगी जो आप सेवानिवृत्ति के तत्काल पूर्व प्राप्त कर रहीं थीं.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, चन्द्रहास व्ही. सिरपुरकर, प्रमुख सचिव.

गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 22 अप्रैल 2014

क्र. एफ-1 (ए) 253-1988- ब- 2-दो. डॉ. आर. के. गर्ग, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एस . सी. आर. बी. , पुलिस मुख्यालय, भोपाल को दिनांक 12 से 13 मई 2014 तक दो दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 10, 11 एवं 14 मई 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) डॉ. आर. के. गर्ग , भापुसे की अवकाश अवधि में उनका कार्य श्री पी . के. माथुर, पुलिस महानिरीक्षक, एस. सी. आर. बी. , पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.

(3 ) अवकाश से लौटने पर डॉ. आर. के. गर्ग , भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एस. सी . आर. बी. , पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) डॉ. आर. के. गर्ग, भापुसे द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका 2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में डॉ. आर. के. गर्ग, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. आर. के. गर्ग , भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

1501

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

भाग 1 ]

भोपाल , दिनांक 23 अप्रैल 2014

क्र. एफ -1 ( ए) 243-1993- ब- 2-दो. श्री वरूण कपूर, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक/निदेशक, पीआरटीएस , इन्दौर को पुत्र के इलाज हेतु विदेश जाने के लिये दिनांक 19 मई से 28 जून 2014 तक इकतालीस दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 17 , 18 मई एवं 19 जून 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है .

( 2 ) श्री वरूण कपूर , भापुसे की अवकाश अवधि में उनका कार्य श्री आर. के. गुप्ता, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, आर. ए. पी. टी, सी. , इन्दौर द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.

( 3) अवकाश से लौटने पर श्री वरूण कपूर, भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक/निदेशक, पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल, इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) श्री वरूण कपूर , भापुसे द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका 2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री वरूण कपूर , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री वरूण कपूर, भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. स्वाई , प्रमुख सचिव.

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय , कुलाधिपति, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय , भोपाल.

राजभवन, भोपाल, दिनांक 25 अप्रैल 2014 क्र. एफ- 1-5-2013- रा. स. यू. ए. - 1 449.- मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 22 सन् 1973 ) की धारा 13 की उपधारा ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं, राम नरेश यादव , कुलाधिपति, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय , भोपाल एतद्वारा डॉ. मुरली धर तिवारी , ( पूर्व निदेशक, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद ) 37 - सी , चैथम लाईन्स, पुराना केंट, इलाहाबाद-210002 ( उ. प्र. ) को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से चार वर्ष की कालावधि के लिये बरकतउल्ला विश्वविद्यालय , भोपाल का कुलपति नियुक्त करता हूँ.

2. इनकी सेवा शर्तें एवं निबंधन विश्वविद्यालय के परिनियम -1 के अनुसार शासित होंगी.

राम नरेश यादव, कुलाधिपति.

श्रमायुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश शासन, इन्दौर इन्दौर, दिनांक 10 अप्रैल 2014

क्र. 1-2 - नवम ( 1 ) 86-13488-93.- मैं के. सी. गुप्ता, श्रम आयुक्त, मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभागीय आदेश क्रमांक 473- 7258 - सोलह, दिनांक 24 जनवरी 1961 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, एतद्वारा , मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 ( क्रमांक 25 सन् 1958 ) की धारा 40 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में दर्शाये गये उप श्रम निरीक्षक को इसी सारणी के स्तंभ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये गये स्थानीय क्षेत्रों के लिये " निरीक्षक " नियुक्त करता हूँ : -

अधिकार क्षेत्र क्रमांक श्रम उप निरीक्षक

का नाम

(3)

(2)

(1)

1

श्री अनिल बंसल संपूर्ण राज्य में सभी स्थानीय

क्षेत्रों एवं सभी प्रकार के संस्थानों के लिये जिन पर यह अधिनियम लागू होता है.

के. सी. गुप्ता, श्रम आयुक्त.

[भाग 1 1502

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 मई 2014

कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश

विदिशा, दिनांक 29 जनवरी 2014

क्र. क्यू. ए.पी.डी.2014-1162.- एतद्वारा सूचित किया जाता है कि मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिसूचना 1972 की धारा 11 ( 5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये , मैं एम. बी. ओझा, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( मण्डी ) जिला विदिशा जिले के अधीन कृषि उपज मण्डी समिति सिरोंज, हेतु विधायक प्रतिनिधि सिरोंज में निम्नानुसार नामनिर्दिष्ट करता हूं: -

मण्डीअधिनियम की धारा क्र.

नामनिर्दिष्ट व्यक्ति का नाम एवं पता

संस्था/व्यक्ति का नाम जिसकी ओर से प्रतिनिधि नाम निर्दिष्ट किया गया है .

(3)

(4) (2)

(1)

1

1972की धारा 11 ( 5 ) श्री संतोष चौरे पुत्र श्री देवकरण चौरे, नि. वार्ड नं. 1 सुभाष नगर, तह. सिरोंज.

मान. श्री वीरसिंह पवार विधायक विधान सभा क्षेत्र -146 कुरवाई जिला विदिशा ( म. प्र. ) .

एम. बी. ओझा, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( मण्डी) कार्यालय , कलेक्टर, जिला श्योपुर, मध्यप्रदेश

श्योपुर, दिनांक 28 फरवरी 2014

क्र. 20 - स्थापना- स्था. अव.- 51-5-2014.- सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग 2 अनुक्रमांक 4 के नियम 8 के द्वारा जिला कलेक्टर को प्रदान की गई शक्तियों का प्रयोग करते हुये मैं ज्ञानेश्वर बी. पाटील कलेक्टर, जिला श्योपुर वर्ष 2014 में श्योपुर जिले के लिये निम्नानुसार स्थानीय अवकाश घोषित करता हूँ : -

अवकाश प्रभावशील होने का क्षेत्र (5)

दिनांक (4)

क्र. (1)

त्योहार का नाम (2)

दिन (3)

18मार्च 2014

1

मंगलवार

संपूण जिले में होली भाईदूज

26 अगस्त 2014

मंगलवार

2

तहसील विजयपुर/वीरपुर मेला छिमछिया हनुमान जी

5 सितम्बर 2014

3

डोल ग्यारस

शुक्रवार

तहसील श्योपुर/कराहल एवं बड़ौदा के लिये.

शनिवार

4

संपूर्ण जिले में.

25 अक्टूबर 2014

दीपावली भाईदूज

यह अवकाश बैंक एवं कोषालय/उपकोषालय पर लागू नहीं होंगे.

ज्ञानेश्वर बी. पाटील, कलेक्टर.

1503

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 मई 2014

भाग 1 ]

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

छतरपुर , दिनांक 5 अप्रैल 2014

प्र. क्र. 2 - अ - 82-2013-2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 एवं 12 की दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील

जिला

ग्राम

धारा 4 की उपधारा ( 11 एवं 12 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(3)

(4)

(6) (1) (2)

(5) भू- अर्जन अधिकारी , छतरपुर.

0.200

छतरपुर छतरपुर मौराहा ( पूरक द्वितीय)

ललितपुर खजुराहो नई बड़ी रेल लाईन का निर्माण कार्य हेतु भू-अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मसूद अख्तर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग नरसिंहपुर, दिनांक 21 अप्रैल 2014

रा . मा. - क्र. 37 - अ-82 वर्ष 2013-14 - पत्र क्रमांक- 137 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः सही भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 ( 1 ) की उपधारा ( 3 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम

तहसील

जिला

धारा 11 की उपधारा (3 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा ( हे . में. )

(4) 0.228

(2) नरसिंहपुर

(3) डुंगरिया

(1) नरसिंहपुर

(6) डुंगरिया उसरी जलाशय की नहर निर्माण हेतु.

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, नरसिंहपुर.

नं. बं . 220 प.ह.नं. 28

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , कार्यालय नरसिंहपुर के कक्ष क्र. 84 ( भू-अर्जन शाखा ) में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , नरेश पाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1504

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

न्यायालय उपायुक्त राजस्व संभाग शहडोल एवं सक्षम प्राधिकारी मध्यप्रदेश भूमिगत पाइपलाइन केबल एवम् डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 जिला शहडोल ( म. प्र. )

प्ररुप- घ

(नियम 6 देखिये)

प्र. क्र. 10 - बी- 121-2013-14.- अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइलाइन , केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) ( जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना क्रमांक 22 दिनांक 31 दिसम्बर 2013 द्वारा राज्य सरकार ने मेसर्स रिलायंस इन्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा मीथेन गैस परिवहन परियोजना के लिये ग्राम पकरिया, तहसील बुढ़ार जिला शहडोल से ग्राम जल्लीटोला तहसील बुढ़ार जिला शहडोल के लिये परिवहन हेतु भूमिगत पाइप लाइन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है.

और, वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 03 जनवरी 2014 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम प्राधिकारी , तहसीलदार कार्यालय को नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमि स्वामी/अधिभोगी को भी दी गई है.

अतएव, उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिये भूमि में उपयोग का अधिकर सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित होगा:-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

जिला तहसील

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में )

(5) (3)

(4)

(1)

(2)

115

0.018 पकरिया/पकरिया 139

शहडोल बुढ़ार

0.068

117

0.173

111

0.042

11

0.173

110

0.163

109

0.126

125

126

0.003

127

0.127

0.122

131, 132, 133

0.040

129, 131 , 130

153

0.003

154

0.104

0.024

96

0.030

155/1 , 155/2

0.052

156

0.084

157

158

0.105

159 , 166/1 , 166/2 ,

0.264

166/3, 166/4

0.140

216/1 , 216/2 , 218 भाग 1 ]

1505

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 मई 2014

(4)

(1)

(2)

(3)

214/1/क/1 , 214/1/क/2, 214/1/ख , 214/2 , 214/3 , 214/4, 214/ 5/क , 214/ 5/ख

213/1 , 213/2 , 213/3 , 213/4

212/1 , 212/2/ क , 212/ 2/ख , 212/2/ग

210/1/क, 210/1 /ख, 210/1 /ग, 210/ 1 /घ, 210/2

211

206/1 /क, 206/ 1/ख , 206/ 1 /ग , 206/1/घ,

206/1/ड़, 206/1/च , 206/1/छ , 206/ 1/ज,

206/1 /झ , 206/2

205

343/1क, 343/1 ख, 343/2

343/3

464

436

435

426

427

422

423

420

429

419

417

418

454/1 , 454/2

400/5

456

453

457

458/1, 458/2/क,

458/2/ख

459/1 , 459/2/क , 459/2/ख/1 ,

459/2/ख/2 , 459/3/क, 459/3/ख , 459/3/ग ,

459/4, 459/5 , 459/6 , 459/7, 459/8 , 459/9 ,

459/10 , 459/ 11/क, 459/11 /ख , 459/12/क, 459/12/ख , 459/13 (5)

0.077

0.063

0.070

0.022

0.099

0.243

0.003

0.056

0.104

0.000

0.068

0.003

0.147

0.036

0.087

0.000

0.030

0.053

0.090

0.026

0.113

0.063

0.031

0.071

0.155

0.100

0.707 [भाग 1 1506

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

(5)

(4)

(2)

(3)

(1)

0.072

396/1 , 396/2/क, 396/2/ख

0.011

395

0.131

394

0.144

391

0.196

389

0.034

379

0.003

462(378/462)

392

0.194

461/1 , 461/2 , 461/3 , 461/4,

461/5, 461/6 , 461/7 , 461/8 ,

461/9 , 461/10 , 461/11 , 461/12,

461/13,461/14, 461/15 , 461/16 ,

461/17, 461/18/क/1 ,

461/18/क/2, 461/18/क/3 ,

461/18/क/4, 461/18/क/5,

461/18/ख/1 , 461 /18/ख/2,

461/18/ख/3 , 461/18/ख/4,

461/18/ख/5 , 461/18/ख/6,

461/18/1/1 , 461/18/1/2,

0.042

461/18/घ/1 , 461/ 18/घ/1 /ख

461/18/घ/2,

461/19, 461/20/क, 461 /20/ख ,

461/21 , 461/22/क, 461/22/ख ,

461/23 , 461/24,461/25 ,461/26/क,

461/26/ख , 461/26/ग ,

461/26/घ, 461/27 , 461 /28/क,

461/28/ख/ 1 , 461/28/ख/2 ,

461/28/ख/3 , 461/28/ख/3/2 ,

461/28/ख/3/3 , 461/28/ख/3/4 ,

461/28/ख/4,461/28/ग, 461/28/क/ 1 ,

461/29/क/2, 461/29/ख , 461/30/क,

461/30/1 ख/,461/30/ख/2,

461/30/1/1 , 461/30/1/2, 461/31

460

0.559 1507

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 मई 2014

भाग 1 ]

(3)

(2)

(5) (1)

(4)

459/1 , 459/2/क, 459/2/ख/1 ,

459/2/ख/2

459/3/क,

0.5694

459/3/ख, 459/3/ग ,

459/4, 459/5 , 459/6 , 459/7,

459/8 , 459/9 , 459/10, 459/11/क,

459/11 /ख, 459/12/क,

459/12/ख , 459/13

0.015

1/1, 1/2, 1/3 ,

3

0.036

0.070

283

0.129

284

285

0.011

286

0.102

287

0.010

0.087

281

0.118

292

0.089

293

0.067

295

0.012

309

306

0.129

0.141

307

0.150

359

0.143

369

0.006

369

0.072

373/1 , 373/2 ,

0.064

375/1 , 375/2 , 375/3

0.061

376/1 , 376/2

0.074

377/1

0.010

378/463/1 , 378/463/2 , 378/463/3

0.238

462(378/462)

0.003

379

दिनांक : 21 अप्रैल 2014

स्थान: शहडोल

प्ररुप-घ

(नियम 6 देखिये)

प्र. क्र. 02 - बी- 121-2013-14.- अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइलाइन , केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) ( जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना क्रमांक 14 दिनांक 11 दिसम्बर 2013 द्वारा राज्य सरकार ने मेसर्स रिलायंस इन्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा मीथेन गैस परिवहन परियोजना के लिये ग्राम हड़हा तहसील सोहागपुर जिला शहडोल से ग्राम जल्लीटोला तहसील बुढ़ार जिला शहडोल के लिये [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 मई 2014

1508

परिवहन हेतु भूमिगत पाइप लाइन , केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है.

और, वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 13 दिसम्बर 2013 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम प्राधिकारी , तहसीलदार कार्यालय को नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमि स्वामी/ अधिभोगी को भी दीगई है.

अतएव, उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिये भूमि में उपयोग का अधिकर सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित होगा:-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

जिला तहसील

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित कीजाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में )

(4)

(5)

0.208

64

(2) सोहागपुर

(1) शहडोल

82

0.016 (3) हड़हा/पटवारी हल्काछाता 65

0.037

83

0.013

81

0.274

84

0.104

78

0.038

85/1, 85/2

0.366

86

0.018

87

0.166

104

0.188

88

0.020

95

0.057

96

0.420

94

0.060

93

0.276

92

0.044

6/1

0.356

3/1, 3/2

1.866

5/1 , 5/2

0.001

45

0.262

44/1, 44/2

0.170

11

0.011

13

0.058

12

0.572

11/108

0.035

58/1 , 58/2

0.451

0.161

51/1 , 51/2 , 51/3 52/1 , 52/2 , 52/3 , 52/4, 52/5 , 15 , | 52/6 , 52/7 , 52/8

0.043

54

0.016

64

हस्ता/- दिनांक :

स्थान: शहडोल

( एफ. आर. पण्डा) सक्षम प्राधिकारी

उपायुक्त ( राजस्व) शहडोल संभाग शहडोल ( म . प्र. ) 1509

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

भाग 1 ]

न्यायालय कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश

नरसिंहपुर, दिनांक 16 अप्रैल 2014

प्रारूप-ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिए]

क्र. 15- अ- 82-2013-14 .- अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जल परिवहन हेतु ग्राम भटेरा तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर से ग्राम मेहराखेड़ा, तहसील गाडरवारा जिला, नरसिंहपुर तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट द्वारा भूमिगत पाईप लाईन बिछाई जाये.

अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइप लाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाइप लाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है , जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है , उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन ( भूमि उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है, उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है इक्कीस दिवस के भीतर , भूमि के नीचे पाइप लाइन बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर , नरसिंहपुर मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगा: -

अनुसूची

खसरा क्रमांक

तहसील

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

जिला

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में ) (5)

(4)

(3)

(1) (2)

0.303 घाट पिपरिया 132/65

34/2, 34/1

नरसिंहपुर गाडरवारा

0.299

34/3, 35/1 , 35/2

0.449

36/1 , 36/2 , 36/3

0.287

39/2

0.008

139/1 , 139/2

0.210

141/1

0.085

141/2

0.340

142/1, 142/2

0.020

143/1, 143/2

0.065

170

0.267

171/1 , 171/2

0.032

172/1 , 172/2क, 172/2 ख

176/4

0.130

0.082

176/2

229/8

0.113

235

0.267

0.057

236/1 , 236/2 , 236/3

0.085

237, 238

0.121

240/1 , 240/2

252/3क/2, 252/3क/3,

0.514

252/3/4, 252/3क/ 5,

252/3क/6

कुलयोग .. 3.734 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

1510

प्रारूप-ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिए ]

क्र. 16- अ- 82-2013-14.- अतएव राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जल परिवहन हेतु ग्राम भटेरा तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर से ग्राम मेहराखेड़ा, तहसील गाडरवारा जिला, नरसिंहपुर तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट द्वारा भूमिगत पाईप लाईन बिछाई जाये.

अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइप लाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाइप लाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है, जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाईन ( भूमि उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है, उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाइप लाईन बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर, नरसिंहपुर मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

जिला तहसील

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित कीजाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में ) (5)

(4)

(3)

(2)

(1)

0.045

5

कजरोटा 91/17

गाडरवारा

नरसिंहपुर

0.036

6

0.107

18/1 , 18/2 , 18/3 ,

|

18/4, 18/5

0.117

19

0.478

20/2, 20/4 , 20/1 , 20/3

0.279

35/1 , 36/1 , 35/2 , 35/3 , 36/2 , 36/2 ,

35/4, 36/3

0.113

37

0.073

31/1 , 31/2 , 31/331/4

0.348

66/1 , 66/2 , 66/3

0.109

67

0.279

69

0.441

71/2, 72/2 , 74/2 ,

0.247

73/1 , 73/2 , 73/3 , 73/4

96/1 , 96/2

0..08 कुल योग.. 2.680

प्रारूप-ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिए]

क्र. 18 - अ- 82-2013-14 .- अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जल परिवहन हेतु ग्राम भटेरा तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर से ग्राम मेहराखेड़ा, तहसील गाडरवारा जिला, नरसिंहपुर तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट द्वारा भूमिगत पाईप लाईन बिछाई जाये.

अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइप लाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाइप बिछाये जाने का प्रस्ताव है, जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाईन ( भूमि उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

1511

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 मई 2014

भाग 1 ]

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है, उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाइप लाईन बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर, नरसिंहपुर मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

जिला तहसील

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में )

(4)

(5) (1) (2)

(3)

बरेली 92/17

नरसिंहपुर गाडरवारा

0.494

1/1 , 1/2 , 1/3 , 1/4 , 1/5 , 1/6, 1/7, 1/8

0.166

2/1

0.069

3/1, 3/2, 3/3

4/1 क, 5/1 क, 6/1 क, 4/1 ख ,

0.800

5/1 ख , 6/1 ख, 6/2 क, 7/1 क, 6/2ख , 7/1 ख, 6/2 ग, 7/5, 9/1 ग, 6/2 घ, 7/2, 8/1 , 6/2 च ,

7/6 , 9/1 घ , 6/2 झ, 7/7 ,

9/1 क, 6/2 छ, 9/1 ड, 6/2 ज ,

9/1 च

9/2

0.125

0.239

0.008

16

0.761

18/1 , 19/1

0.473

10/1

0.032

12/3

कुल योग ..3.167

प्रारूप-ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिए]

क्र. 19- अ- 82-2013-14.- अतएव राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जल परिवहन हेतु ग्राम भटेरा तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर से ग्राम मेहराखेड़ा, तहसील गाडरवारा जिला, नरसिंहपुर तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट द्वारा भूमिगत पाईप लाईन बिछाई जाये.

अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइप लाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाइप लाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है , जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है , उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाईन ( भूमि उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है , उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाइप लाइन बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर, नरसिंहपुर मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

जिला तहसील

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में )

(4)

(5) (2)

(3)

(1)

0.161 गाडरवारा

बरहटा 92/17

नरसिंहपुर

0.070

0.081

21/2 21/2, 21/3 , 21/4, 21/5 , 21/6 , 21/7 , 21/8 24/1, 24/2 1512

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 मई 2014

(5) (2)

(4)

(3)

(1)

0.032

25

26/1 , 27/1 , 26/2 , 27/4 , 26/3

0.498

27/5 , 27/2 , 28/1 , 27/3 , 28/2

|

0.073

40/1

0.324

41/1 , 41/2 , 41/3, 41/4, 41/5 , 41/6

0.336

46/1 , 46/2

0.320

48/1 , 48/2 , 48/3

0.032

49

0.312

129/1 , 129/2 , 129/3 , 129/4

0.278

130/1 , 130/2 , 130/3 , 130/4 , 130/5

0.004

45

2.521

कुल योग ..

प्रारूप-ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिए]

क्र. 21 - अ- 82-2013-14.- अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जल परिवहन हेतु ग्राम भटेरा तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर से ग्राम मेहराखेड़ा, तहसील गाडरवारा जिला, नरसिंहपुर तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट द्वारा भूमिगत पाईप लाईन बिछाई जाये. अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइप लाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाइप लाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है , जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाईन ( भूमि उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है, उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है इक्कीस दिवस के भीतर , भूमि के नीचे पाइप लाइन बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर, नरसिंहपुर मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

जिला तहसील

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में )

(4)

(5) (1)

(2)

(3)

0.206 गाडरवारा

गोंडीझिरिया

63, 64, 65

नरसिंहपुर

0.061

66, 67/1

0.267

78/3, 78/1 ख , 78/1 क

0.162

105, 106 , 113

0.138

0.089

110/1 , 111 , 112/2 , 112/1 114

0.652

120/1 , 126/2 , 120 /2-3

122/2

0.045

0.429

123/1 , 124/1 , 128/1

0.142

125

0.080

126/1

130/1 , 131/1 , 132/1 , 130/2 ,

131/2 , 132/2 , 130/3 , 131/3 ,

0.328

132/3 , 130/4, 131/4 , 132/4

139/1 , 139/2 , 139/3 , 139/4 ,

0.093

139/5 , 139/6 , 139/7 , 139/8

0.081

140

0.425

141 1513

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

भाग 1 ]

(4)

(5) (3)

(1)

(2)

0.279

1.036

0.154

4.667

142/1 , 142/2 , 142/3 180/1 , 185/1 , 180/2 , 184/10 , 180/3 , 184/7 , 180/4 , 184/8 , 180/5 , 184/9 , 184/1 , 184/2 , 184/3 , 186/1 , 184/11 187/1 , 187/2 , 187/3 , 187/4, 187/5 कुल योग ..

प्रारूप-ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिए]

क्र. 22-अ-82-2013-14.- अतएव, राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जल परिवहन हेतु ग्राम भटेरा तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर से ग्राम मेहराखेड़ा, तहसील गाडरवारा जिला, नरसिंहपुर तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट द्वारा भूमिगत पाईप लाईन बिछाई जाये.

अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइप लाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाइप लाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है, जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन ( भूमि उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है , उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाइप लाइन बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर, नरसिंहपुर मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

जिला तहसील

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में )

(5) (2)

(3)

(4)

(1)

0.299

43/1

गाडरवारा

कोडिया 124/14

नरसिंहपुर

0.121

43/2

45/1

0.024

63/3

0.202

0.154

65/1क, 65/2

0.320

0.008

78/1-2 , 79/1-2 , 78/3 , 79/3 , 78/4, 79/4, 78/5 , 79/5 , 78/6 , 79/6 4 , | 80/1 , 81/1 , 82/1

80/2, 81/2 , 82/3 , 82/4 , 80/3 ,

0.122

81/3 , 80/4 , 81/4 , 82/5

86/5 , 99/1 क, 86/9 , 99/1 ख ,

0.138

99/1 ख , 99/1 ग , 99/1 ङ, 99/ 1 च

कुल योग . 1.388

प्रारूप -ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिए ]

प्र. क्र. 23 - अ - 82-2013-14 .- अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जल परिवहन हेतु ग्राम भटेरा तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर से ग्राम मेहराखेड़ा, तहसील गाडरवारा जिला, नरसिंहपुर तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट द्वारा भूमिगत पाईप लाईन बिछाई जाये.

अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइप लाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाइप बिछाये जाने का प्रस्ताव है , जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

[भाग 1 1514

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन ( भूमि उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है, उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाइप लाइन बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर, नरसिंहपुर मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगा:-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

तहसील

जिला

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित कीजाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में )

(4)

(5) (1) (2)

(3)

0.008 गाडरवारा

चिरहखुर्द 124/14

नरसिंहपुर

0.267

56

57/4, 57/10 , 57/5 , 57/6

0.162

58

0.121

68, 79

0.073

69

0.049

70

66

0.032

0.008

71

0.004

72

0.057

80

78

0.016

0.004

97/1

0.154

98/1, 98/2

0.049

99

0.267

102/1 , 103 , 102/2

0.093

104

0.097

105/1 , 105/2 , 105/3

कुल योग .. 1.461

प्रारूप -ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिए]

क्र. 26- अ-82-2013-14 .- अतएव, राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जल परिवहन हेतु ग्राम भटेरा तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर से ग्राम मेहराखेड़ा, तहसील गाडरवारा जिला , नरसिंहपुर तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट द्वारा भूमिगत पाईप लाईन बिछाई जाये.

अतएव , राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइप लाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाइप लाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है, जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन ( भूमि उपयोक्ता के अधिकारों काअर्जन ) अधिनियम , 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है , उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाइप लाइन बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर, नरसिंहपुर मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

तहसील

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

जिला

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में )

(5)

(4)

(3)

(1)

0.292

115/1

(2) गाडरवारा

अठ्ठाईसा 123/10

नरसिंहपुर

0.254

115/1 क, 115/1 ख,

115/1 ग , 115/ 1 घ

1515

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

भाग 1 ]

(5)

(4)

(3)

(1)

(2)

0.696

0.028

117/1 क, 117/2

116

0.542

122/2 क, 122/2 ग , 122/1 , 122/4, 122/2 घ , 122/3 , 122/7 ,

122/8 , 122/9 , 122/10

0.299

223/1

0.089

125/2

1.433

125/1 , 125/3

215/1 , 219/1 , 220/1 , 215/2 क,

215/2ख , 215/2 ग , 215/2 घ, 215/3 क, 1.260 219/3 क, 220/2 क, 215/3 ख, 219/3 ख,

220/3ख , 215/6

0.040

224/2क

0.075

137/1 क, 137/1 ख, 137/2 क, 138/2

0.032

121/1

कुल योग .. 5.040

प्रारूप-ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिए ]

क्र. 24- अ- 82-2013-14.- अतएव, राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जल परिवहन हेतु ग्राम भटेरा तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर से ग्राम मेहराखेड़ा, तहसील गाडरवारा जिला , नरसिंहपुर तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट द्वारा भूमिगत पाईप लाईन बिछाई जाये.

अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइप लाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में, जिसमें भूमिगत पाइप लाइन बिछाये जाने का प्रस्ताव है , जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन ( भूमि उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम , 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार , उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है, उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है इक्कीस दिवस के भीतर , भूमि के नीचे पाइप लाइन बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर, नरसिंहपुर मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

तहसील ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

जिला

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में )

(5) (3)

(4)

(2)

(1)

0.283

320/1

चिरह कलां 13/100

गाडरवारा

नरसिंहपुर

0.016

321/1

0.154

324/1 , 324/2 , 324/3 , 324/4 , 324/5 , 324/6, 324/7

0.378

325/1 , 325/2 , 326/1 , 325/3 , 326/2

0.364

327/1क

0.380

328

0.008

329

0.283

332 [ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

1516

(5) (2)

(4)

(3)

(1)

0.162

334/1, 334/2

0.465

335/1 , 335/2

0.038

338

0.202

339/2, 339/1 , 339/3

0.036

383/1, 383/2

0.065

385/1

0.549

385/2, 385/3

0.008

395

0.065

396

0.032

399, 401

0.567

397

0.073

406/1 , 406/2 , 406/3

0.138

410

0.008

412/1. 412/2

0.194

420

0.384

421/1 , 422/1 , 421/2 , 422/2

0.040

423

0.202

424

0.093

425

0.073

426

0.012

428

5.272

कुलयोग ..

प्रारूप-ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिए]

प्र. क्र. 25 - अ-82-2013-14.- अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जल परिवहन हेतु ग्राम भटेरा , तहसील गाडरवारा, जिला नरसिंहपुर से ग्राम मेहराखेड़ा, तहसील गाडरवारा, जिला नरसिंहपुर तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट द्वारा भूमिगत पाइप लाइन बिछाई जाये.

अतएव , राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइप लाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में, जिसमें भूमिगत पाइप बिछाये जाने का प्रस्ताव है, जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन ( भूमि उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है .

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है , उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाइप लाइन बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर, नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

जिला तहसील

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में)

(5)

(4)

(2)

0.239

162

गाडरवारा

(3) गूजरझिरिया 13/101

(1) नरसिंहपुर

0.356

170/1

0.283

170/2

0.672

173/1 , 173/2 , 173/3 , 177

कुल योग .. 1.550 1517

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 मई 2014

भाग 1 ]

प्रारूप-ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिए ]

क्र. 27- अ-82-2013-14.- अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जल परिवहन हेतु ग्राम भटेरा , तहसील गाडरवारा, जिला नरसिंहपुर से ग्राम मेहराखेड़ा, तहसील गाडरवारा , जिला नरसिंहपुर तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड, गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट द्वारा भूमिगत पाईप लाईन बिछाई जाये.

अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाईप लाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाइप बिछाये जाने का प्रस्ताव है , जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है , उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन ( भूमि उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम , 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है .

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है, उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाइप लाइन बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर, नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

जिला तहसील

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में )

(5)

(4)

(3)

(1)

(2)

खैरी कलां 123/10

गाडरवारा

नरसिंहपुर

0.983

0.384

141/1 , 141/2 , 142/1 , 141/3, 142/2 , 141/4, 142/3 143/1 , 143/2ख , 143/3 , 143/2क, 143/2घ, 143/2 ग

0.061

144/1 , 144/2 , 144/3

0.664

145/3 , 145/1 , 145/2

0.004

502/1, 502/9

0.053

502/2

0.065

502/3

7

0.150

502/4 , 502/7

0.258

502/5, 502/6

0.150

502/12 , 502/13

0.186

502/10

0.450

503

0.607

533/ 1 ख, 533/1 ग , 533/2क, 533/3

0.894

536/1 क, 537/1 क, 538/ 1 क, 536/ 1 ख , 537/ 1 ख , 538/ 1 ख , 536/ 1 ग, 537/ 1 ग , 538/1 ग , 536/ 1 घ, 537/1 घ, 538/1 घ, 538/2, 538/4 , 538/5

0.619

539

571/2

0.375 0.231

573/2, 573/5

कुल योग .. 1 .. 6.134 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

1518

प्रारूप-ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिए]

क्र. 28- अ - 82-2013-14 .- अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जल परिवहन हेतु ग्राम भटेरा, तहसील गाडरवारा, जिला नरसिंहपुर से ग्राम मेहराखेड़ा, तहसील गाडरवारा, जिला नरसिंहपुर तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड, गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट द्वारा भूमिगत पाईप लाईन बिछाई जाये.

अतएव , राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाईप लाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाइप बिछाये जाने का प्रस्ताव है, जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए,

अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन ( भूमि उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार , उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है, उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाइप लाइन बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर, नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगा:-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

जिला तहसील

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में )

(4)

(5) (2)

0.295 (3) खकरिया 113/2

गाडरवारा.

(1) नरसिंहपुर

7/1 , 7/2, 8/1 , 8/2 , 9/1 , 9/2, 10/1 , 10/2, 7/3 , 8/3 , 9/3 , 10/3

0.138

0.125

0.247

1.101

0.299

0.939

0.162

0.198

26 27/1 , 28/1 , 27/3 , 28/3 29/1 , 29/2 , 29/3 , 29/4 51/1 , 58/1 , 50/1 , 50/2 , 51/2 , 58/2 57/1 , 57/2 59/1क, 59/ 1 ख , घ, 59/ 1 ग , 59/2 , 59/3 66/1 67/1 , 67/3

1.546

68/1क, 73/1 , 68/ 1 ख, 73/2,68/1 घ, 73/4, 68/1 ङ, 73/5 , 68/2 क, 68/2ख , ग , 68/2घ, 68/2च

0.214

150/3

0.648

151/1 , 151/2 , 151/3 , 151/4

0.198

152/1 , 152/2 , 152/3 , 152/4

0.486

155/1 , 155/2 , 155/3

156/ 1 ख, 156/2ख , 156/3 ख , 156/4ख , 156/2घ , 156/3 ग, 156/ 1 क, 156/2क,

1.052

156/ 1 ग , 156/2 घ, 156/ 3ङ, 156/4च, 156/1 घ, 156/2घ, 156/3क, 156/4 क, 156/3 ग, 156/4ग 156/2 ग 156/1 ङ, 156/2ङ

0.405

182/1

0.081

182/2 1519 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

(5) (2)

(4)

(3)

(1)

0.356

183/1 क, 183/1 ख, 183/2, 183/5 , 183/3 , 183/4 , 183/6 , 183/7

0.546

184/1क, 184/1 ख , 184/2 , 184/3, 184/4क, 184/4ख , 184/5 , 184/6 , 184/7क, 184/ 7ख , 184/8 , 184/9 , 184/10,

कुल योग .. 9.036

प्रारूप-ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिए]

प्र. क्र. 29 अ - 82-2013-14.-अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जल परिवहन हेतु ग्राम भटेरा , तहसील गाडरवारा, जिला नरसिंहपुर से ग्राम मेहराखेड़ा, तहसील गाडरवारा , जिला नरसिंहपुर तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड, गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट द्वारा भूमिगत पाईप लाईन बिछाई जाये.

अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाईप लाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाइप बिछाये जाने का प्रस्ताव है , जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन ( भूमि उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है , उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है इक्कीस दिवस के भीतर , भूमि के नीचे पाइप लाइन बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर , नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

तहसील ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

जिला

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में )

(5)

(4)

(1)

(3)

(2)

भटेरा 1/111

गाडरवारा

नरसिंहपुर

0.032

0.113

474 475/1 , 476/1 , 477/1 , 478/1 , 475/2 , 476/2 , 477/2 , 478/2 , 475/3 , 476/3 , 477/3, 478/3

0.308

493/1 , 493/2

0.745

501/1 , 502/1 , 501/2 , 502/2 , 501/3 , 502/3 , 501 /4क, 502/4क , 501/5 , 502/5 , 501/7 , 502/7 , 501/8, 501/ 4ख , 501/6, 502/6 , 501/9 , 502/9 , 501/10 , 502/10 , 501/11 , 502/11 , 501/12 , 502/12 , 501/13 , 502/13 , 501/14

503/1

504/1

0.020 0.008 कुलयोग .. 1.226

नरेश पाल, कलेक्टर.

1520

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रतलाम , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग रतलाम , दिनांक 14 मार्च 2014

क्र. 1091 - भू-अर्जन 2014 प्र. क्र. 1 अ- 82-2013- 14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रतलाम

(ख ) तहसील- बाजना

(ग ) ग्राम- खोरा , भूरीघाटी एवं शंभुपुरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.81 हेक्टेयर.

ग्राम-खोरा की प्रभावित निजी भूमि का विवरण सर्वे नंबर

रकबा (हेक्टर में)

(1) 243

(2) 0.24 योग 0.24

ग्राम-भूरीघाटी की प्रभावित निजी भूमि का विवरण 167

0.30 योग 0.30

ग्राम-शंभुपुरा की प्रभावित निजी भूमि का विवरण

0.27

02 03

1.00 योग 1.27 कुल योग . .1.81

(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- भण्डारिया जलाशय योजनान्तर्गत डूब क्षेत्र से प्रभावितं निजी भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी सैलाना के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजीव दुबे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 3 अप्रैल 2014

पत्र क्र. 142- प्रशा.- भू-अर्जन 2013-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 की धारा-19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थिति भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची ( संशोधित)

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- रामपुर बघेलान

(ग) ग्राम- सिजहटा ( प. ह. सिजहटा)

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.033 हेक्टेयर.

खसरा नं.

(1)

अर्जित रकबा (हे. में) (2)

अ- निजी पट्टे की भूमि

466/1

0.033 योग 0.033

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- हिनौती वितरक नहर के अनुसार नहर में आने वाली भूमि के भू- अर्जन हेतु बाणसागर परियोजना के अंतर्गत पुरवा मुख्य नहर के हिनौती वितरक नहर के निर्माण आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पति के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. डी. एस. अग्निवंशी , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

1521

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 मई 2014

भाग 1 ]

कार्यालय , कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग टीकमगढ़, दिनांक 21 अप्रैल 2014

प्र. क्र. 08- अ - 59-2014.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-टीकमगढ़

(ख) तहसील- निवाड़ी

(ग) नगर/ ग्राम-रामनगर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.692 हेक्टर.

अर्जित रकबा

कुल रकबा

(हेक्टेयर में)

(है. )

(2)

(1)

0.037

382

0.035

385

384

0.065

0.055

387

388

0.015

373

0.032

352

0.035

0.010

372

0.055

354

0.015

371

0.035

363

0.006

365

0.075

366

367

0.010

0.010

368

0.010

393

0.050

394

0.025

407

400/1

0.050

(1)

(2)

0.015

401

402

0.010

0.036

403

0.090

405

406

0.034

0.008

314

0.030

404

0.175

423

424

0.173

286

0.135

287

0.035

0.080

288

0.065

290

0.006

291

0.090

292

0.085

294

1.692

योग ..

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- बरूआ नाला तालाब योजना की बांयी नहर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का परीक्षण अनुविभागीय अधिकारी भू-अर्जन अधिकारी निवाड़ी के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुदाम खाडे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग नरसिंहपुर , दिनांक 24 अप्रैल 2014

रा. मा. क्र. 2 अ-82- वर्ष 2013-14- पत्र क्रमांक 139 - भू- अर्जन. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अधिग्रहण , पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता 1522

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 मई 2014

है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख) तहसील-गोटेगांव

(ग ) ग्राम- गाडरवाड़ा खेड़ा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.897 हेक्टेयर

खसरा नं.

अर्जित रकबा ( हे. में )

(2)

(1)

124/1

124/2

124/3

0.144

124/4

124/5

101

0.092

100

0.100

97/1 , 98/1

0.303

97/2, 98/2

97/3, 98/3

97/4, 98/4

0.400

93

92

0.050

0.120

54

15

0.150

16

0.130

52/1

0.030

52/2

18

0.125

(1)

(2)

39

0.180

176/1

0.650

176/2

37/1

37/2

0.152

37/3

34/1

35/1

36/1

0.226

36/2, 42

36/3

34/2

35/2, 36/4

34/3 , 35/3

36/5 , 34/4

35/4, 36/6

36/7, 34/5

35/5

89

0.012

0.033

177

योग : 2.897

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गाडरवारा खेड़ा जलाशय की दांयी तट नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, नरसिंहपुर के कक्ष क्रं. 84 ( भू- अर्जन शाखा ) में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नरेश पाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय , जबलपुर

राजभवन भोपाल, दिनांक 30 अप्रैल 2014

क्र. एफ- 1-4-13रा.स. यू. ए.1-476.- नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 ( क्र. 16 सन् 2009 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं , राम नरेश यादव , कुलाधिपति, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय , जबलपुर एतद्वारा डॉ. अमरजीत सिंह नन्दा , पूर्व कमिश्नर ( एनीमल हसबैण्ड्री) डिपार्टमेंट ऑफ एनीमल हसबैण्ड्री, डेयरिंग एण्डफिशरीज , मिनिस्ट्री, ऑफ एग्रीकल्चर, गवर्नमेंट ऑफ इण्डिया कृषि भवन, नई दिल्ली को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से चार वर्ष की कालावधि के लिए नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय , जबलपुर का कुलपति नियुक्त करता हूँ.

2. इनकी सेवा शर्तें एवं निबंधन विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 12 एवं परिनियम के भाग - चार की कंडिका 15 के अनुसार शासित होंगी.

राम नरेश यादव , कुलाधिपति.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 02 May 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2014-05-02.18.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2014-05-02.18.Ordinary.