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वध्यप्रदेश शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 22]
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 30 मई 2014 - ज्येष्ठ 9 , शक 1936
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, (7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.
4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग
(3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख ) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,
(ग ) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
गृह विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 15 मई 2014
क्र. एफ 1 ( ए) 55-1994-ब-2-दो. श्री बी. बी. एस. ठाकुर, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( आर एण्ड डी एवं पुलिस मैन्युअल ) , पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश, भोपाल को दिनांक 16 से 28 जून 2014 तक, तेरह दिवस अर्जित अवकाश , दिनांक 14 , 15 एवं 29 जून 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुए उक्त अवकाश अवधि में खण्ड वर्ष 2014-17 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2014-15 में गृह नगर यात्रा के बदले में भारत भ्रमण की यात्रा के तहत् परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ तवांग (अरूणाचल प्रदेश ) की अवकाश यात्रा पर जाने की अनुमति प्रदान की जाती है :-
1. श्री बी. बी. एस. ठाकुर- स्वयं
2. श्रीमती दुर्गा ठाकुर- पत्नी
3. राहुल ठाकुर- पुत्र
4. गौरव ठाकुर - पुत्र
(2) उक्त यात्रा हेतु श्री बी. बी. एस. ठाकुर, भापुसे, को दस दिवस के अवकाश नगदीकरण / समर्पण की पात्रता होगी एवं नगदीकृत दिवस इनके अर्जित अवकाश खाते से घटाये जायेंगे.
(3 ) उक्त अवकाश अवधि में इनका कार्य श्री ए. पी. सिंह , भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक ( आर एण्ड डी एवं पुलिस मैन्युअल ) , पुलिस मुख्यालय , मध्यप्रदेश , भोपाल द्वारा अतिरिक्त रूप से अपने कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.
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नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2014.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
(4) अवकाश से लौटने पर श्री बी. बी. एस. ठाकुर, भापुसे, को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक , स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( आर एण्ड डी एवं पुलिस मैन्युअल ) , पुलिस मुख्यालय , मध्यप्रदेश , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
( 5 ) श्री बी. बी. एस. ठाकुर, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आर एण्ड डी एवं पुलिस मैन्युअल ) , पुलिस मुख्यालय , मध्यप्रदेश , भोपाल के द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कण्डिका ( 3 ) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(6) अवकाश काल में श्री बी. बी. एस . ठाकुर, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(7 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री बी. बी. एस. ठाकुर, भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
क्र. एफ 1 ( ए) 76-2011-ब-2- दो. श्री पी. एस. विष्ट, भापुसे, पुलिस अधीक्षक, गुना को पुलिस मुख्यालय के आदेश क्र. 702/14, दिनांक 6 मई 2014 द्वारा स्वीकृत दिनांक 29 मई से 7 जून 2014 तक, दस दिवस अर्जित अवकाश, की अवधि में राज्य शासन द्वारा खण्ड वर्ष 2014-17 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2014-15 में गृह नगर यात्रा के बदले में भारत भ्रमण की पात्रता के तहत परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ तिरूपती जाने की अवकाश यात्रा की अनुमति प्रदान की जाती है :-
1. श्री पी . एस. विष्ट-स्वयं
2. श्रीमती मीनाक्षी विष्ट-पत्नी.
क्र. एफ 1 (ए) 92-2001-ब-2- दो. श्री जी. पी. उईके , भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक ( समन्वय ) , पुलिस मुख्यालय, भोपाल को दिनांक 28 फरवरी से 29 मार्च 2014 तक, कुल तीस दिवस अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2) अवकाश काल में श्री जी. पी . उईके , भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री जी. पी. उईके , भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
[ भाग 1 क्र. एफ 1 (ए) 129-2011- ब- 2- दो. श्री अमित सिंह , भापुसे, पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ को दिनांक 22 मई से 5 जून 2014 तक, पन्द्रह दिवस का पितृत्व अवकाश स्वीकृत करते हुए, अवकाश अवधि में राज्य शासन द्वारा खण्ड वर्ष 2014-17 के प्रथम वर्ष 2014 में गृह नगर यात्रा के तहत परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ प्रतापगढ़ ( उत्तर प्रदेश ) जाने की अवकाश यात्रा की अनुमति प्रदान की जाती है : -
1. श्री अमित सिंह-स्वयं
2. श्रीमती प्रज्ञा सिंह- पत्नी
3. प्रज्ञान सिंह- पुत्र.
क्र. एफ 1 (ए) 147-90-ब- 2- दो. श्री सुधीर कुमार शाही, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक, एस.टी.एफ. , पुलिस मुख्यालय, भोपाल को दिनांक 19 मई से 4 जून 2014 तक , सत्रह दिवस अर्जित अवकाश , दिनांक 17 एवं 18 मई 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है .
( 2 ) श्री सुधीर कुमार शाही , भापुसे, की अवकाश अवधि में इनका कार्य श्री संजय तिवारी , भापुसे, सहायक पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय ) , एस.टी.एफ. , पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री सुधीर कुमार शाही, भापुसे , को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अति. पुलिस महानिदेशक, एस.टी.एफ. , पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4 ) श्री सुधीर कुमार शाही, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक, एस.टी.एफ. , पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका -2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .
( 5 ) अवकाश काल में श्री सुधीर कुमार शाही , भापुसे , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री सुधीर कुमार शाही, भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
क्र. एफ 1 ( ए ) 199-1991- ब-2-दो. श्रीमती सुषमा सिंह, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक, यातायात, पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 24 से 31 मई 2014 तक, आठ दिवस अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
(2 ) श्रीमती सुषमा सिंह, भापुसे, की अवकाश अवधि में इनका कार्य श्री अनिल गुप्ता, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, पी.टी.आर.आई. , पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती सुषमा सिंह, भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अति. पुलिस महानिदेशक, यातायात, पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4 ) श्रीमती सुषमा सिंह, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक, यातायात , पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका -2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(5) अवकाश काल में श्रीमती सुषमा सिंह, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती सुषमा सिंह , भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाती तो अपने पद पर बने रहतीं.
भोपाल, दिनांक 16 मई 2014
क्र. एफ 1 ( ए) 254-1988- ब- 2-दो. श्री संजय राणा , भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक / प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल को दिनांक 19 से 24 मई 2014 तक, छः दिवस अर्जित अवकाश , दिनांक 17-18 एवं 25 मई 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) श्री संजय राणा, भापुसे, की अवकाश अवधि में इनका कार्य श्री पी. डी. खैरा , मुख्य परियोजना यंत्री, मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री संजय राणा , भापुसे, को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक / प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4) श्री संजय राणा, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक / प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका -2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(5 ) अवकाश काल में श्री संजय राणा, भापुसे , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री संजय राणा, भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
भोपाल, दिनांक 21 मई 2014
क्र. एफ 1 (ए) 128-2011-ब-2- दो. श्री नवनीत भसीन , भापुसे, पुलिस अधीक्षक, सीधी को पुलिस मुख्यालय के आदेश दिनांक 15 मई 2014 द्वारा स्वीकृत दिनांक 24 से 31 मई 2014 तक, आठ दिवस अर्जित अवकाश अवधि में खण्ड वर्ष 2010-13 के द्वितीय ब्लाक वर्ष 2012-13 के विस्तार वर्ष 2014 में गृह नगर यात्रा के बदले में भारत भ्रमण की यात्रा की पात्रता के तहत् सपत्नीक श्रीनगर (जम्मू कश्मीर) जाने की अवकाश यात्रा की अनुमति प्रदान की जाती है :-
1. श्री नवनीत भसीन- स्वयं
2. श्रीमती शुभांगी भसीन- पत्नी.
क्र. एफ 1 ( ए) 217-1991- ब- 2- दो. डॉ. डी. एस. सेंगर, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, आर.ए.पी.टी.सी. , इन्दौर को दिनांक 16 से 20 जून 2014 तक, पांच दिवस अर्जित अवकाश, दिनांक 14, 15 एवं 21 , 22 जून 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुए उक्त अवकाश अवधि में खण्ड वर्ष 2014-17 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2014-15 में सपत्नीक गृह नगर यात्रा के बदले में भारत भ्रमण की यात्रा की पात्रता के तहत् तवांग (अरूणाचल प्रदेश ) की अवकाश यात्रा पर जाने की अनुमति प्रदान की जाती है :-
1. डॉ. डी. एस. सेंगर- स्वयं
2. श्रीमती रीता सेंगर- पत्नी
(2) उक्त यात्रा हेतु डॉ. डी. एस. सेंगर, भापुसे , को दस दिवस के अवकाश नगदीकरण / समर्पण की पात्रता होगी एवं नगदीकृत दिवस इनके अर्जित अवकाश खाते से घटाये जायेंगे.
(3 ) उक्त अवकाश अवधि में इनका कार्य श्री आर. के. गुप्ता , भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, आर.ए.पी.टी.सी. , इन्दौर द्वारा अतिरिक्त रूप से अपने कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.
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[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
(4) अवकाश से लौटने पर डॉ. डी. एस. सेंगर , भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, आर.ए.पी.टी.सी. , इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
( 5 ) डॉ. डी. एस. सेंगर, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, आर.ए.पी.टी.सी. , इन्दौर के द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कण्डिका ( 3 ) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(6) अवकाश काल में डॉ. डी. एस. सेंगर, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(7) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. डी. एस . सेंगर, भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. स्वाई , प्रमुख सचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 15 मई 2014
फा. क्र. 17 ( ई ) 523-2013 - इक्कीस - ब(दो ) .- इस विभाग के आदेश क्रमांक 17 ( ई ) 414-418-2008 - इक्कीस - ब ( दो ) , दिनांक 14 अगस्त 2008 के द्वारा तहसील मझौली , जिला सीधी में नोटरी के पद पर श्री गुलाब प्रसाद चतुर्वेदी, अधिवक्ता की नियुक्ति के परिणामस्वरूप जारी नोटरी व्यवसाय प्रमाण - पत्र का नवीनीकरण विभागीय आदेश क्रमांक 17 ( ई ) 523-2013 - इक्कीस- ब ( दो ) , दिनांक 5 मार्च 2014 के द्वारा दिनांक 3 फरवरी 2014 से 2 फरवरी 2019 तक की अवधि के लिये किया गया था, परन्तु माननीय उच्च न्यायालय की मुख्यपीठ जबलपुर के द्वारा रिट याचिका क्रमांक 13798/08 ( श्रीमती माया द्विवेदी विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन एवं एक अन्य) में पारित आदेश दिनांक 3 दिसम्बर 2013 के अनुसार इस विभाग के आदेश क्रमांक 17 ( ई ) 414-418-2008- इक्कीस - ब ( दो ) , दिनांक 14 अगस्त 2008 को अपास्त किया गया था. परिणामस्वरूप श्री गुलाब प्रसाद चतुर्वेदी के नोटरी व्यवसाय प्रमाण- पत्र के नवीनीकरण के आदेश क्रमांक 17 ( ई ) 523-2013- इक्कीस - ब ( दो ) , दिनांक 5 मार्च 2014 को, एतद्वारा तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. वर्मा , सचिव.
भोपाल , दिनांक 21 मई 2014
फा. क्र. 1-1-2002- इक्कीस- ब ( एक).- राज्य शासन, उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम , 1984 ( 1984 का सं. 66 ) की धारा 4 सहपठित मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 के अन्तर्गत उच्च न्यायिक सेवा के सदस्य श्री शिवनारायण खरे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सिंगरौली को प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , रीवा के रिक्त पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी आदेश होने तक नियुक्त करता है.
उच्च न्यायिक अधिकारियों को देय वेतन तथा भत्ते का निर्धारण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 के अन्तर्गत होगा.
भोपाल, दिनांक 22 मई 2014
फा. क्र. 3 ( ए) 5-2013 - इक्कीस - ब ( एक ) . - राज्य शासन, एतद्वारा , सुश्री मेरी मारग्रेट फ्रांसिस , पिता श्री फ्रांसिस जेवियर को मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा ( भर्ती तथा सेवा शर्तें ) नियम, 1994 (यथा संशोधित ) के नियम 5 ( 1 ) ( ग ) के प्रावधान के अनुसार अधिवक्ताओं में से सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने वाले पद पर अस्थायी रूप से, दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश होने तक उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से जिला न्यायाधीश ( प्रवेश स्तर ) के पद पर , जिसका वेतनमान रुपये 51550-1230-58930-1380-63070 है , में नियुक्त करता है .
अभ्यर्थी का गृह जिला इन्दौर है. उसकी जन्मतिथि प्रस्तुत अभिलेख अनुसार 18 मई, 1977 है.
फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस ब ( एक) 1153-14.- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा इस विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस- ब ( एक) , दिनांक 7 नवम्बर 2009 को, आंशिक रूप से अतिष्ठित करते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से, एतद्वारा श्री अमिताभ मिश्रा, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , भोपाल को, जिनका मुख्यालय, भोपाल होगा, उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड (क) तथा ( ख ) में विनिर्दिष्ट अपराधों तथा दिल्ली पुलिस या केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम, 1946 ( 1946 का 25 ) के अधीन अन्वेषण किये गये अन्य समस्त अपराधों के संबंध में, मामलों के विचारण के लिये , नीचे विनिर्दिष्ट 1693
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
किये गये राजस्व जिलों में समाविष्ट क्षेत्रों के लिये विशेष न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करता है , यथा :-
राजस्व जिले
(1 ) ग्वालियर , ( 2 ) गुना ( 3 ) शिवपुरी , ( 4 ) छतरपुर, (5 ) दतिया, ( 6 ) अशोकनगर, ( 7 ) भिण्ड.
F. N. 1-5-96 - XXI - B ( One ) -1158-14 . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act , 1988 (No. 49 of 1988 ) and in partial supersession of this department's Notification F. N. 1-5-96 - XXI - B ( One ) , dated 7th November , 2009 , the State Government , in consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby , appoint Shri Amitabh Mishra , Additional Sessions Judge , Bhopal , as Special Judge with Headquarter at Bhopal for the areas comprising the Revanue Districts specified below to try the cases in regard to the offences specified in clauses ( a) and ( b) of sub - section ( 1 ) of Section 3 of the said Act and all other offences investigated under Delhi Special Police Establishment Act , 1946 (No. 25 of 1946) by the Delhi Police or Central Bureau of Investigation , namely :-
Revenue Districts
(4) Chhatarpur , (1) Gwalior , (2) Guna, (3 ) Shivpuri , (5) Datia , ( 6) Ashoknagar , ( 7) Bhind .
फा. क्र. 1-5-96 - इक्कीस ब ( एक) 1158-14 .- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा इस विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस- ब ( एक ) -4211-13, दिनांक 30 अक्टूबर 2013 को, जो मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग -1 में, दिनांक 8 नवम्बर 2013 को प्रकाशित हुई थी, को आंशिक रूप से अतिष्ठित करते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से , एतद्वारा श्री रमाशंकर शर्मा , तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , इन्दौर को, जिनका मुख्यालय , इन्दौर होगा, उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( क ) तथा ( ख ) में विनिर्दिष्ट अपराधों तथा दिल्ली पुलिस या केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम , 1946 ( 1946 का 25 ) के अधीन अन्वेषण किये गये अन्य समस्त अपराधों के संबंध में, मामलों के विचारण के लिये , नीचे विनिर्दिष्ट किये गये राजस्व जिलों में समाविष्ट क्षेत्रों के लिये विशेष न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करता है, यथा :-
राजस्व जिले
(1 ) धार , ( 2 ) रतलाम , ( 3 ) झाबुआ, ( 4 ) मंदसौर , (5 ) पश्चिम निमाड़ ( मण्डलेश्वर ) , ( 6 ) उज्जैन, (7) देवास , ( 8 ) शाजापुर, ( 9 ) पू. निमाड़ (खण्डवा ) , (10) नीमच , ( 11 ) बड़वानी ( 12 ) अलीराजपुर, (13) बुरहानपुर.
F. N. 1-5-96- XXI - B ( One) -1158-14 . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act, 1988 (No. 49 of 1988) and in partial supersession of this department's Notification F. N. 1-5-96 - XXI - B ( One ) -4211-13 , dated 30th October , 2013 , with was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part - I , Dated 8th November 2013 , the State Government , in consultation with the High Court ofMadhya Pradesh , hereby , appoint Shri Rama Shankar Sharma , IIIrd Additional Sessions Judge , Indore , as a Special Judge with Headquarter at Indore for the areas comprising the Revenue Districts specified below to try the cases in regard to the offences specified in clauses (a) and (b) of sub - section ( 1 ) of Section 3 of the said Act and all other offences investigated under Delhi Special Police Establishment Act , 1946 (No. 25 of 1946 ) by the Delhi Police or Central Bureau of Investigation, namely :-
Revenue Districts
(1 ) Dhar , (2) Ratlam , (3 ) Jhabua , ( 4) Mandsaur , (5) West Nimar ( Mandleshwar ) , ( 6) Ujjain , (7) Dewas , ( 8 ) Shajapur , ( 9 ) East Nimar (Khandwa) , ( 10) Neemuch , ( 11 ) Barwani , (12) Alirajpur ( 13 ) Burhanpur .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, चन्द्रहास व्ही. सिरपुरकर, प्रमुख सचिव.
आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल सूचना भोपाल , दिनांक 21 मई 2014
क्र. एफ-3-136-2012- बत्तीस . राज्य सरकार , एतद्वारा , विभागीय सूचना क्रमांक एफ-3-136-2012 - बत्तीस , दिनांक 2 जुलाई 2013 को जारी की गई थी उक्त सूचना के उपांतरण विवरण में योग-5.568 हेक्टेयर के स्थान पर त्रुटिवश 7.29 हेक्टेयर अंकित हो गया है. अतः उक्त सूचना के उपांतरण विवरण के योग को 5.568 हेक्टेयर पढ़ा जावे .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वर्षा नावलेकर, उपसचिव.
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014
1694
जेल विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 23 मई 2014
क्र. एफ- 3-36-2006-3- जेल. राज्य शासन, प्रिजन्स एक्ट, 1894 की धारा 3 ( 1 ) सहपठित धारा 59 के अधीन प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, तृतीय चरण में जिला मुख्यालय स्थित उप जेल विदिशा, खरगौन , रायसेन , मण्डला, कटनी एवं नीमच को उन्नयन कर जिला जेल के समकक्ष घोषित करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. स्वाई , प्रमुख सचिव.
आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल , दिनांक 23 मई 2014
क्र. एफ - 3-86-2013- बत्तीस.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम ( संशोधित) , 1973 ( क्रमांक 1 सन् 2012 ) की
[ भाग 1 धारा 23 " क " की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार , एतद्वारा इस विभाग की सूचना क्र. एफ- 3-86-2013- बत्तीस , दिनांक 1 फरवरी 2014 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रवर्तित जबलपुर विकास योजना 2021 में उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार हैं :-
अनुसूची
क्रमांक ग्राम
उपांतरित
निर्दिष्ट
खसरा क्षेत्रफल विकास उपांतरण पश्चात् (हेक्टेयर योजना में में) क्र.
भू- उपयोग
भू- उपयोग
(4) (5)
(6) (2) (3)
(1)
865/5 25 कृषि
1. ग्राम पुरवा
का अंश
औद्योगिक ( सूचना प्रौद्योगिकी) .
योग .. 25
2. उपरोक्त उपांतरण अंगीकृत , जबलपुर विकास योजना 2021 का एकीकृत भाग मान्य होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वर्षा नावलेकर , उपसचिव.
विभाग प्रमुखों के आदेश
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन "
58 , अरेरा हिल्स, भोपाल, मध्यप्रदेश- 462 011
आदेश
भोपाल, दिनांक 19 मई 2014
क्र. एफ-67-123-10- तीन- 931.- मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम, भोपाल जिला भोपाल के आम निर्वाचन में श्रीमती मनोज जैन , महापौर पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिक निगम , भोपाल जिला भोपाल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल के पत्र क्र. 7471- स्था. निर्वा.10 दिनांक 6 मार्च 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती मनोज जैन द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा अपूर्ण दाखिल नहीं किया गया.
1695
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा अपूर्ण प्रस्तुत करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आयोग के पत्र दिनांक 16 अप्रैल , 2010 के द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल को निर्देशित किया गया कि वह जिला स्तर पर व्यय लेखा पूर्ण किये जाने हेतु सूचना पत्र जारी कर लेखों को पूर्ण करवाए . जिला स्तर पर श्रीमती मनोज जैन को निर्वाचन व्यय पूर्ण करने हेतु सूचना पत्र जारी किया गया.
आयोग द्वारा श्रीमती मनोज जैन को जिला स्तर पर जारी सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि में अपूर्ण व्यय लेखा को पूर्ण किया गया कि नहीं के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से प्राप्त पत्र दिनांक 14 सितम्बर, 2010 एवं 1 जनवरी 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी श्रीमती मनोज जैन ने अपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखों को पूर्ण नहीं किया गया.
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्रीमती मनोज जैन को दिनांक 15 अप्रैल, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया, अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं. जबकि अभ्यर्थी सुश्री मनोज जैन को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली दिनांक 14 मार्च, 2014 को विहित समयावधि में कराई जा चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती मनोज जैन को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम , भोपाल , जिला भोपाल का पार्षद या महापौर होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 ( पांच) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(जी. पी. श्रीवास्तव )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 19 मई 2014
क्र. एफ-67-123-10- तीन- 932.-मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम, भोपाल जिला भोपाल के आम निर्वाचन में श्रीमती सईदा अंसारी , महापौर पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिक निगम , भोपाल जिला भोपाल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल के पत्र क्र. 7471- स्था. निर्वा. 10 दिनांक 6 मार्च 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती सईदा अंसारी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा अपूर्ण दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती सईदा अंसारी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 16 अप्रैल, 2010 जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस से सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
श्रीमती सईदा अंसारी को कारण बताओ नोटिस दिनांक 21 मई, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 5 जून , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था , आयोग द्वारा सुश्री सईदा अंसारी को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि (15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से प्राप्त पत्र दिनांक 14 सितम्बर , 2010 एवं दिनांक 1 जनवरी , 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री सईदा अंसारी ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है .
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री सईदा अंसारी को दिनांक 15 अप्रैल , 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई, जबकि अभ्यर्थी सुश्री सईदा अंसारी को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 4 मार्च, 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 14 मार्च 2014 को कराई जा चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती सईदा अंसारी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम, भोपाल , जिला भोपाल का पार्षद या महापौर होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 19 मई 2014
क्र. एफ-67-123-10- तीन-933.-मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके
[भाग 1 निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा .
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम , भोपाल जिला भोपाल के आम निर्वाचन में श्रीमती सुमन तिवारी , महापौर पद की अभ्यर्थी थीं . नगरपालिक निगम , भोपाल जिला भोपाल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल के पत्र क्र. 7471- स्था. निर्वा. 10 दिनांक 6 मार्च 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती सुमन तिवारी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती सुमन तिवारी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 16 अप्रैल, 2010 जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्रीमती सुमन तिवारी को कारण बताओ नोटिस दिनांक 16 अप्रैल, 2010 उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल द्वारा रजिस्टर्ड ए. डी. से प्रेषित किया गया था. कारण बताओ नोटिस के प्राप्ति दिनांक से सुश्री सुमन तिवारी को कारण बताओ सूचना पत्र की. तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से प्राप्त पत्र दिनांक 14 सितम्बर , 2010 एवं दिनांक 1 जनवरी , 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री सुमन तिवारी ने कारण बताओ नोटिस के संदर्भ में की कोई उत्तर/ अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री सुमन तिवारी को दिनांक 15 अप्रैल, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई , जबकि अभ्यर्थी सुश्री सुमन तिवारी को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली विहित समयावधि में कराई जा चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री सुमन तिवारी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम, भोपाल, जिला भोपाल का पार्षद या महापौर होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(जी. पी. श्रीवास्तव )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 19 मई 2014
क्र. एफ-67-124-10-तीन- 935.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष
1697 का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् बैरसिया , जिला भोपाल के आम निर्वाचन में श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद् बैरसिया, जिला भोपाल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर , 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल के पत्र दिनांक 13 मई, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा अपूर्ण दाखिल किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा अपूर्ण प्रस्तुत करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आयोग के पत्र दिनांक 5 जून , 2010 के द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल को निर्देशित किया गया कि वह जिला स्तर पर व्यय लेखा पूर्ण किये जाने हेतु सूचना पत्र जारी कर लेखों को पूर्ण करवाए. जिला स्तर पर श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को दिनांक 15 जून , 2010 को निर्वाचन व्यय लेखा पूर्ण करने हेतु सूचना पत्र जारी किया गया, जिसमें श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को सूचना के प्राप्त होने के एक सप्ताह के अन्दर निर्वाचन व्यय लेखा पूर्ण करना चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि एक सप्ताह के अन्दर त्रुटियों का निराकरण न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जावेगा.
आयोग द्वारा श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को जिला स्तर पर जारी सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि में अपूर्ण व्यय लेखा को पूर्ण किया गया कि नहीं के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से प्राप्त पत्र दिनांक 1 जनवरी , 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी ने अपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखे को पूर्ण नहीं किया गया.
1698
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को दिनांक 15 अप्रैल, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं, जबकि अभ्यर्थी श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 20 फरवरी, 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 4 मार्च, 2014 को उनके पति द्वारा तामील की जा चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में अपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत किया , जिसे पूर्ण नहीं किया गया, जबकि जिला स्तर पर अभ्यर्थी श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को दिनांक 15 जून, 2010 को निर्वाचन व्यय पूर्ण करने हेतु सूचना पत्र जारी किया गया, जिसमें श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को सूचना पत्र के प्राप्त होने के एक सप्ताह के अन्दर निर्वाचन व्यय लेखा पूर्ण करना चाहा गया था. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद्, बैरसिया , जिला भोपाल का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 19 मई 2014
क्र. एफ-67-124-10- तीन-936 .- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष
[भाग 1 का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् बैरसिया, जिला भोपाल के आम निर्वाचन में श्रीमती सुनीता फत्तूलाल अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद् बैरसिया, जिला भोपाल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर , 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल के पत्र दिनांक 13 मई, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती सुनीता फत्तूलाल द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा विलंब एवं अपूर्ण दाखिल किया गया.
विलम्ब से एवं अपूर्ण निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती सुनीता फत्तूलाल को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 5 जून , 2010 जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में श्रीमती सुनीता फत्तूलाल से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्रीमती सुनीता फत्तूलाल का कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 15 जुलाई, 2010 को उनके देवर ( तत्समय देवर की उम्र 31 वर्ष थी) को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 30 जुलाई, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा श्रीमती सुनीता फत्तूलाल को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल से प्राप्त पत्र दिनांक 1 जनवरी , 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी श्रीमती सुनीता फत्तूलाल ने विलम्ब के संबंध कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया, न ही अपूर्ण व्यय लेखों को पूर्ण किया गया.
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्रीमती सुनीता फत्तूलाल को दिनांक 15 अप्रैल, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई, जबकि अभ्यर्थी श्रीमती सुनीता फत्तूलाल को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 20 फरवरी , 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 5 मार्च , 2014 को कराई जा चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती सुनीता फत्तूलाल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद्, बैरसिया, जिला भोपाल का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(जी. पी. श्रीवास्तव )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 19 मई 2014
क्र. एफ. 67-124-10- तीन- 937.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र
1699 (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् बैरसिया , जिला भोपाल के आम निर्वाचन में श्रीमती शाहीन समी अफसर अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद् बैरसिया, जिला भोपाल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी, 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल के पत्र दिनांक 13 मई , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती शाहीन समी अफसर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती शाहीन समी अफसर को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 5 जून, 2010 जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में श्रीमती शाहीन समी अफसर से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्रीमती शाहीन समी अफसर का कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 15 जुलाई, 2010 को उनके पति द्वारा तामील किया गया. अतः उनको दिनांक 30 जुलाई, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा श्रीमती शाहीन समी अफसर को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल से प्राप्त पत्र दिनांक 1 जनवरी , 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी श्रीमती शाहीन समी अफसर ने निर्वाचन व्यय लेखे के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया.
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्रीमती शाहीन समी अफसर को दिनांक 15 अप्रैल , 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई, जबकि अभ्यर्थी श्रीमती शाहीन समी अफसर को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 20 फरवरी , 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 4 मार्च , 2014 को कराई जा चुकी थी.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
1700
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती शाहीन समी अफसर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद्, बैरसिया, जिला भोपाल का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल .
आदेश
भोपाल, दिनांक 19 मई 2014
क्र. एफ- 67-44-10- तीन- 945.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मुंगावली , जिला अशोकनगर के आम निर्वाचन में श्री सुरेन्द्र रघुवंशी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक
[ भाग 1 15 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, श्री सुरेन्द्र रघुवंशी को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पास दाखिल करना था, किन्तु जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पत्र दिनांक 20 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री सुरेन्द्र रघुवंशी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री सुरेन्द्र रघुवंशी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 2 फरवरी , 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री सुरेन्द्र रघुवंशी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी श्री सुरेन्द्र रघुवंशी को नोटिस दिनांक 23 फरवरी , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 10 मार्च, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला अशोकनगर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 30 दिसम्बर, 2013 में प्रतिवेदित है कि-" अभ्यर्थी श्री सुरेन्द्र रघुवंशी ने कारण बताओ नोटिस तामीली उपरान्त प्रतिवेदन दिनांक तक जिला निर्वाचन कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है और ना ही निर्वाचन व्यय लेखा विलम्ब से प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है . अभ्यर्थी के विरुद्ध नगरपालिका निर्वाचन नियमों के अंतर्गत कार्यवाही की जाना उचित होगा. " विचारोपरान्त आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री सुरेन्द्र रघुवंशी को दिनांक 15 अप्रैल, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 22 अप्रैल, 2014 के अनुसार अभ्यर्थी को सूचना पत्र की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 5 अप्रैल, 2014 को कराई गई है, किन्तु अभ्यर्थी श्री सुरेन्द्र रघुवंशी आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री सुरेन्द्र रघुवंशी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री सुरेन्द्र रघुवंशी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, मुंगावली , मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
जिला अशोकनगर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 19 मई 2014
क्र. एफ- 67-44-10- तीन-946 .- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा .
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मुंगावली, जिला अशोकनगर के आम निर्वाचन में श्री रविन्द्र पाठक अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, श्री रविन्द्र पाठक को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पास दाखिल करना था, किन्तु जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पत्र दिनांक 20 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री रविन्द्र पाठक द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
1701 विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री रविन्द्र पाठक को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 2 फरवरी, 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री रविन्द्र पाठक से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी श्री रविन्द्र पाठक को नोटिस दिनांक 23 फरवरी , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 10 मार्च, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला अशोकनगर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 30 दिसम्बर, 2013 में प्रतिवेदित है कि " अभ्यर्थी श्री रविन्द्र पाठक ने कारण बताओ नोटिस तामीली उपरान्त प्रतिवेदन दिनांक तक जिला निर्वाचन कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है और ना ही निर्वाचन व्यय लेखा विलम्ब से प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है . अभ्यर्थी के विरुद्ध नगरपालिका निर्वाचन नियमों के अंतर्गत कार्यवाही की जाना उचित होगा . " विचारोपरान्त आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री रविन्द्र पाठक को दिनांक 15 अप्रैल, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 22 अप्रैल, 2014 के अनुसार अभ्यर्थी को सूचना पत्र की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 5 अप्रैल, 2014 को कराई गई है , किन्तु अभ्यर्थी श्री रविन्द्र पाठक आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री रविन्द्र पाठक द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री रविन्द्र पाठक को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, मुंगावली , जिला अशोकनगर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
1702
आदेश
भोपाल, दिनांक 19 मई 2014
क्र. एफ. 67-44-10-तीन-947.-मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मुंगावली, जिला अशोकनगर के आम निर्वाचन में श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर , 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पास दाखिल करना था, किन्तु जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पत्र दिनांक 20 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 2 फरवरी , 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर
[ भाग 1 प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) के पुत्र श्री उमाशंकर अहिरवार को नोटिस दिनांक 23 फरवरी , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 10 मार्च, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला अशोकनगर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 30 दिसम्बर, 2013 में प्रतिवेदित है कि-" अभ्यर्थी श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) ने कारण बताओ नोटिस तामीली उपरान्त प्रतिवेदन दिनांक तक जिला निर्वाचन कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है और ना ही निर्वाचन व्यय लेखा विलम्ब से प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है. अभ्यर्थी के विरुद्ध नगरपालिका निर्वाचन नियमों के अंतर्गत कार्यवाही की जाना उचित होगा."
विचारोपरान्त आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) को दिनांक 15 अप्रैल, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 22 अप्रैल , 2014 के अनुसार अभ्यर्थी को सूचना पत्र की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 5 अप्रैल , 2014 को कराई गई है , किन्तु अभ्यर्थी श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया.
उपरोक्तविवेचना से स्पष्ट है कि श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, मुंगावली , जिला अशोकनगर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार ,
हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
आदेश
भोपाल , दिनांक 19 मई 2014
क्र. एफ. 67-44-10- तीन-948 . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मुंगावली, जिला अशोकनगर के आम निर्वाचन में श्री औसाफ अहमद कुरैशी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर , 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, श्री औसाफ अहमद कुरैशी को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पास दाखिल करना था , किन्तु जिला निर्वाचन अधिकारी, अशोकनगर के पत्र दिनांक 20 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री औसाफ अहमद कुरैशी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री औसाफ अहमद कुरैशी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 2 फरवरी , 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री औसाफ अहमद कुरैशी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते
1703 हुए यह भी अंकित किया गया था, कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी श्री औसाफ अहमद कुरैशी के पुत्र श्री इन्साफ अहमद को नोटिस दिनांक 25 फरवरी , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 12 मार्च , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला अशोकनगर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 30 दिसम्बर, 2013 में प्रतिवेदित है कि-" अभ्यर्थी श्री औसाफ अहमद कुरैशी ने कारण बताओ नोटिस तामीली उपरान्त प्रतिवेदन दिनांक तक जिला निर्वाचन कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है , और ना ही निर्वाचन व्यय लेखा विलम्ब से प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है. अभ्यर्थी के विरुद्ध नगरपालिका निर्वाचन नियमों के अंतर्गत कार्यवाही की जाना उचित होगा . " विचारोपरान्त आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री औसाफ अहमद कुरैशी को दिनांक 15 अप्रैल , 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 22 अप्रैल , 2014 के अनुसार अभ्यर्थी को सूचना पत्र की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 5 अप्रैल, 2014 को कराई गई है , किन्तु अभ्यर्थी श्री औसाफ अहमद कुरैशी आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री औसाफ अहमद कुरैशी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री औसाफ अहमद कुरैशी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, मुंगावली , जिला अशोकनगर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव )
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
1704
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
आदेश
भोपाल , दिनांक 19 मई 2014
क्र. एफ. 67-44-10- तीन- 949.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .
माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मुंगावली, जिला अशोकनगर के आम निर्वाचन में श्री बंटी राय अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, श्री बंटी राय को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पास दाखिल करना था , किन्तु जिला निर्वाचन अधिकारी, अशोकनगर के पत्र दिनांक 20 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री बंटी राय द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री बंटी राय को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 2 फरवरी , 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री बंटी राय से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी श्री बंटी राय के पिता श्री चिरोंजीलाल राय को नोटिस दिनांक 4 जून , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 19 जून, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला अशोकनगर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 30 दिसम्बर, 2013 में प्रतिवेदित है कि-" अभ्यर्थी श्री बंटी राय ने कारण बताओ नोटिस तामीली उपरान्त प्रतिवेदन दिनांक तक जिला निर्वाचन कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है और ना ही निर्वाचन व्यय लेखा विलम्ब से प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है . अभ्यर्थी के विरुद्ध नगरपालिका निर्वाचन नियमों के अंतर्गत कार्यवाही की जाना उचित होगा. "
विचारोपरान्त आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री बंटी राय को दिनांक 15 अप्रैल, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 22अप्रैल, 2014 के अनुसार अभ्यर्थी को सूचना पत्र की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 5 अप्रैल , 2014 को कराई गई है, किन्तु अभ्यर्थी श्री बंटी राय आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री बंटी राय द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री बंटी राय को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, मुंगावली , जिला अशोकनगर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .
आदेश
भोपाल , दिनांक 19 मई 2014
क्र. एफ. 67-44-10- तीन 950.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का , जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मुंगावली, जिला अशोकनगर के आम निर्वाचन में श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पास दाखिल करना था , किन्तु जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पत्र दिनांक 20 जनवरी, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 2 फरवरी, 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) के पिता को नोटिस दिनांक 28 फरवरी, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 15 मार्च, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अपर कलेक्टर एवं
1705 उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला अशोकनगर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 30 दिसम्बर, 2013 में प्रतिवेदित है कि-" अभ्यर्थी श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू ) ने कारण बताओ नोटिस तामीली उपरान्त प्रतिवेदन दिनांक तक जिला निर्वाचन कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है और ना ही निर्वाचन व्यय लेखा विलम्ब से प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है. अभ्यर्थी के विरुद्ध नगरपालिका निर्वाचन नियमों के अंतर्गत कार्यवाही की जाना उचित होगा. "
विचारोपरान्त आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) को दिनांक 15 अप्रैल , 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 22 अप्रैल, 2014 के अनुसार अभ्यर्थी को सूचना पत्र की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 28 मार्च , 2014 को कराई गई है, किन्तु अभ्यर्थी श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, मुंगावली , जिला अशोकनगर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , जिला सीधी, मध्यप्रदेश सीधी , दिनांक 15 मई 2014
क्र. ब.श्र.प्र.समा. - सर्त. समि. जिश्रसी- 2014- बंधक श्रमिक प्रथा (उन्मूलन ) अधिनियम, 1976 के अध्याय 5 की धारा 13 ( 3 ) में 1706
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
विहित प्रावधानों के अनुसार उपखण्ड स्तरीय सतर्कता समिति का पुनर्गठन अधिसूचना जारी होने की अवधि से दो वर्षों की कालावधि के लिये किया जाता है .
जिला स्तरीय सतर्कता समिति , सीधी, जिला सीधी के पदाधिकारी एवं सदस्य निम्नानुसार है : -
13 (2) ( क) जिला मजिस्ट्रेट, सीधी अध्यक्ष 13 (2) (ख ) 1. श्री गेन्दलाल कोल, नगरपालिका सदस्य पार्षद, सीधी.
2. श्री केमला प्रसाद प्रजापति, सदस्य उपाध्यक्ष, जिला पंचायत, सीधी.
सदस्य 3. श्री अध्यक्ष , जनपद पंचायत , सीधी 1. श्री अध्यक्ष , जनपद पंचायत, कुसमी सदस्य 13(2) (ग)
सदस्य 2. श्री राजेश मिश्रा, अधिवक्ता, पटेल पुल, सीधी.
सदस्य 1. पुलिस अधीक्षक, सीधी
13 (2) ( घ )
सदस्य 2. मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत , सीधी.
3. सहायक आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग , सीधी. सदस्य 13 ( 2) ( ङ) 1. प्रबंधक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सदस्य अग्रणी बैंक, सीधी.
2. प्रभारी अधिकारी , भू-अभिलेख, सीधी. सदस्य उपखण्ड स्तरीय सतर्कता समिति , गोपद बनास, जिला सीधी
अध्यक्ष ( क) श्री शैलेन्द्र सिंह, उपखण्ड मजिस्ट्रेट, 113 3
सीधी.
सदस्य 2 3(ख ) 1. श्री प्रदीप साकेत, दक्षिण करौदिया सीधी, सदस्य अजा.
3
2. श्री उपेन्द्र सिंह मरकाम, गोपालदास सदस्य रोड, सीधी.
4 3. श्रीमती रामकली सिंह , सदस्य, जिला पंचायत, सीधी ( महिला) अजजा. सदस्य 5
सदस्य 3 ( ग ) 1. श्री नीरज कुन्देर, गोपालदास रोड दक्षिण करौदिया, सीधी , सामाजिक कार्यकर्ता.
6
2. सुश्री आरती यादव, नया बस स्टैण्ड, पानी टंकी के पास , सीधी, सामाजिक कार्यकर्ता. सदस्य 7
सदस्य 3( घ) 1. श्री महेश कुमार कुशवाह, ए.पी.ओ.
जन. पंचा. , सीधी.
8 2. श्री लालजी मीणा , सहायक आयुक्त, सदस्य आदि. वि. , सीधी.
9
3. श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय , डी.पी.ओ. सदस्य महिला बाल विकास .
10 3 (ङ) 1. श्री बीरेन्द्र प्रसाद, शाखा प्रबंधक, यू.बी.आई. कले . कैम्पस , सीधी. सदस्य 11 3(च) 1. श्री जे . पी . यादव, तहसीलदार, तहसील -गोपाल बनास , सीधी. सदस्य उपखण्ड स्तरीय सतर्कता समिति, सिहावल , जिला सीधी (म.प्र. )
113 3 ( क) श्री शैलेन्द्र सिंह, उपखण्ड मजिस्ट्रेट, अध्यक्ष सिहावल.
2
सदस्य 3 ( ख ) 1. श्री छोटेलाल कोल, जनपद सदस्य (अजजा) .
3
सदस्य 2. श्रीमती राजकली , जनपद पंचायत, सिहावल.
4
3. श्रीमती सीताकली ( महिला) अ.जा. सदस्य 5 3 (ग) 1. श्री उपेन्द्र सिंह मरकाम, गोपालदास सदस्य रोड, दक्षिण करौदिया, सीधी.
6
सदस्य 2. सुश्री नेहा तिवारी , पानी टंकी के पास , नया बस स्टैण्ड, सीधी,
सामाजिक कार्यकर्ता.
7 3( घ) 1. श्रीमती मंजुला तिग्गा , सुपरवाईजर, सदस्य सिहावल.
सदस्य 8
2. श्री सुभाष शर्मा, सी.ई.ओ. , जनपद पंचायत , सिहावल.
सदस्य 9
3. श्री रामनिवास चौधरी , तहसीलदार, बहरी .
10
सदस्य 3 ( ङ) 1. श्री बीरेन्द्र प्रसाद, शाखा प्रबंधक, यू.बी.आई. , हिनौती.
11
सिहावल. 3( च) 1. श्री अजेय लाल चौधरी, तहसीलदार, सदस्य उपखण्ड स्तरीय सतर्कता समिति, चुरहट / रामपुर नैकिन, जिला सीधी ( म.प्र. )
113 3 ( क) उपखण्ड मजिस्ट्रेट, चुरहट / अध्यक्ष रामपुर नैकिन.
2 3 (ख ) 1. श्री ददुआ कोल पिता ददुल्ले कोल, पटपरा . सदस्य 1707
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
8
सदस्य
सदस्य
3
2. श्री पी . डी. गुप्ता, विकासखण्ड अधिकारी शासकीय .
2. श्री शोभनाथ साकेत पिता श्री छोटेलाल साकेत, कंधवार.
9
4
सदस्य
सदस्य
3. श्री अमित कुमार सोनी , पशु चिकि. विस्तार अधि. , कुसमी.
3. श्रीमती लल्ली पत्नी श्री गणेश साकेत, चुरहट.
सदस्य 5
10
सदस्य
3( ग )
3 (ङ)
1. श्री रमाकान्त पाण्डेय पिता श्री मिथिला प्रसाद पाण्डेय.
1. शाखा प्रबंधक, यू.बी.आई. , शाखा कुसमी.
11
सदस्य
सदस्य
6
3 ( च) 1. श्री जीतेन्द्र वर्मा , तहसीलदार, तहसील कुसमी.
2. श्री रोहिणी प्रसाद शर्मा पिता श्री रामावतार शर्मा , वार्ड 15, रामपुर नैकिन.
सदस्य
7
तहसीलदार, तहसील रामपुर नैकिन
3 ( घ ) 1.
उपखण्ड स्तरीय सतर्कता समिति, मझौली , जिला सीधी (म.प्र. )
सदस्य
8
2. मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, रामपुर नैकिन.
अध्यक्ष
3 (क) उपखण्ड मजिस्ट्रेट , मझौली
113
9
सदस्य
2
सदस्य
3 (ख )
3. श्री एच . एल. कोरी, श्रम निरीक्षक, श्रम पदाधिकारी, सीधी.
1. श्री राममणि पिता श्री बसंत चमार, सा. भैसवाही, तहसील मझौली.
सदस्य
10 3 (ङ)
3
सदस्य 1. शाखा प्रबंधक, जिला केन्द्रीय सह. बैंक, शाखा चुरहट.
2. श्री ददवा बैगा पिता श्री दुलारे बैगा, सा. सेमरिहा, तहसील मझौली.
11
सदस्य
तहसीलदार, चुरहट
3( च ) 1.
सदस्य
4
3. श्री मोतीलाल सिंह पिता श्री पियारे सिंह गोड, सा. चुवाही, तह. मझौली .
5
सदस्य
3( ग )
उपखण्ड स्तरीय सतर्कता समिति, कुसमी , जिला सीधी (म.प्र. )
1. श्री रमेश शर्मा, एडवोकेट, सा. सिरौली, तहसील मझौली.
113 3 ( क) श्री एम. पी. बरार, उपखण्ड मजिस्ट्रेट, अध्यक्ष
सदस्य
6
कुसमी.
2. श्रीमती माया द्विवेदी, एडवोकेट, सा. चुवाही, तहसील मझौली.
सदस्य
2 3(ख)
7
सदस्य
3 ( घ ) 1.
1. श्री भगवान सिंह, ग्राम- गोलीपहरी, पो. -जूरी , अजा/अजजा.
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, मझौली.
सदस्य
3
8
सदस्य 2. श्री भदू बैगा, ग्राम - हर्रई , पो. - भुईमाड, अजा/अजजा.
2. परियोजना अधिकारी , महिला बाल विकास परियोजना, मझौली
सदस्य
4
9
सदस्य 3. श्रीमती जमुनी देवी, ग्राम व पो.- टमसार, महिला अजजा.
3. श्री आर. एस. प्रजापति, श्रम निरी क्षक, श्रम पदाधिकारी कार्या. , सीधी.
5
सदस्य
3 ( ग)
10
सदस्य
3 (ङ) 1.
1. श्री लल्लू सिंह, ग्राम- बडवाही , पो.-कुसमी, सामाजिक कार्यकर्ता.
शाखा प्रबंधक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, मझौली.
6
सदस्य
11
सदस्य
3 ( च )
2. श्री भानू सिंह , ग्राम- जूरी , पो . जूरी , सामाजिक कार्यकर्ता.
1. विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी , मझौली.
7
सदस्य
3 ( घ)
स्वाति मीणा , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी.
1. श्री जे. एल. शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधि. , जन. पंचा. , कुसमी शास.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला देवास , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
देवास, दिनांक 23 मई 2014
(प्रारंभिक सूचना)
क्र. अ- 82-2012-13-356.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में रामगढ़ तालाब योजना , तहसील सोनकच्छ , जिला देवास की नहर निर्माण के लिये आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार 1708
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014
अधिनियम, 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है: -
अनुसूची ( 1 )
सोनकच्छ
ग्राम - कचनारिया , तहसील
विवरण
स.क्र.
(2)
(1)
निजी भूमि नहर निर्माण में
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा ( हे . ) सिंचित
असिंचित (4)
कुल (5) (3)
0.66
0.03
0.63
0.66
0.03
कुल योग : 0.63
रामगढ़ तालाब योजना
ग्राम - कचनारिया, तहसील सोनकच्छ, जिला देवास
अनुसूची ( 2)
नहर में आने वाली निजी भूमि का विवरण
स.क्र.
प्रभावित कृषक का नाम
(2)
(1)
1. भीमसिंह पिता तकतसिंह , जाति सेन्धो, पता नि. चांदाखेड़ी, भूमि स्वामी भू- राजस्व.
2. ज्ञानसिंह पिता जगन्नाथसिंह, जाति सेन्धो, पता नि. चांदाखेड़ी, भूमि स्वामी भू- राजस्व.
3. मनोहरसिंह सुमेरसिंह राजेन्द्रसिंह पि. फुलसिंह घीसीबाई वि. फुलसिंह, जाति सेन्धो , पता नि. चांदाखेड़ी, भूमि स्वामी भू- राजस्व.
4. हीरसिंह मानसिंह ज्ञानसिंह पिता जगन्नाथसिंह व अमृतबाई वि जगन्नाथसिंह, जाति सेन्धो , पता नि. चांदाखेड़ी, भूमि स्वामी भू- राजस्व.
प्रभावित भूमि
असिंचित
सिंचित
कुल भूमि का रकबा
खसरा नंबर
कुल (7) (4)
(6)
(5)
(3)
0.03
0.03 5
0.230
0.18 1.810
11
0.18
0.17 0.620
0.17
9
0.06
0.06
12
0.770
0.20
0.20
1.910
32
0.02
0.02
0.050
34
0.66
0.63
0.03
कुल योग : 5.39
(प्रारंभिक सूचना)
क्र. अ- 82-2012-13-363.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में रामगढ़ तालाब योजना, तहसील सोनकच्छ, जिला देवास की नहर निर्माण के लिये आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की भाग 1 ]
1709
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014
अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
ग्राम
उमरिया, तहसील - सोनकच्छ
विवरण
स.क्र.
(2)
(1)
निजी भूमि नहर निर्माण में.
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा ( हे . ) सिंचित
कुल (5) (3)
असिंचित (4)
1.60 1.24
0.36
0.36
1.60 1.24
कुल योग :
रामगढ़ तालाब योजना
ग्राम - उमरिया, तहसील सोनकच्छ, जिला देवास
अनुसूची (2)
नहर में आने वाली निजी भूमि का विवरण
स.क्र.
प्रभावित कृषक का नाम
(2)
(1)
1 . हरिसिंह मानसिंह ज्ञानसिंह पिता जगन्नाथसिंह अमृतबाई बेवा जगन्नाथसिंह , जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम चांदाखेड़ी, भूमिस्वामी.
2. विजेन्द्रसिंह पि. भीमसिंह, जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम चांदाखेड़ी, भूमिस्वामी भू- राजस्व.
3. रामप्रसाद पि. सेवाराम, जाति बलाई, पता नि. ग्राम चांदाखेड़ी, भूमिस्वामी.
4. नरबतसिंह पिता दरियावसिंह, रामसिंह पिता हरनाथसिंह पिता हरनाथसिंह , जाति सेंधव , पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.
5. बिन्दबाई बेवा शेरसिंह फुलसिंह पि. पूणसिंह सोभालसिंह पि. जगन्नाथ घीसीबाई वि. पूरणसिंह जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.
6. फुलकुंवरबाई पति तकतसिंह जाति सेन्धव पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.
7. तकतसिंह पिता उमरावसिंह , जाति सेन्धव, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.
8. कैलाश पैलाद पि. नारायण जलबाई बेवा नारायण , जाति गुसाई, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.
9. लताबाई पति गंगाराम, जाति गुसाई, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.
प्रभावित भूमि
असिंचित
खसरा नंबर
कुल भूमि का रकबा
(6)
कुल (7) (4)
सिंचित (5)
(3)
0.05
0.05 0.450
14
0.05 0.600
0.05
15
0.13
0.13
0.950
16
1.410
0.08
18
0.08
0.15
0.15 1.430
21
0.09 0.390
0.09
34
0.04
0.04
0.250
36
0.03 0.100
37
0.03
0.07 0.460
0.07
123
0.12
0.12
0.550
124
0.03
125/1
0.360
0.03
0.02 0.040
0.02
125/2
0.06 126
0.250
0.06
0.03
0.03
127
0.180 1710
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014
(2)
(1)
10. तकतसिंह , दिलीपसिंह पिता सेवा, जाति बलाई, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.
11. मिठुबाई बेवा सजनसिंह, जाति सेंधव, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.
12. लीलाबाई पति दिलीपसिंह , जाति बलाई, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.
13. देवा पिता पुना, जाति बलाई, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी 14. बिन्दुबाई बेवा शेरसिंह फूलसिंह पि. पूरणसिंह सोभालसिंह पि. जगन्नाथ, घीसाबाई वि. पूरणसिंह , जाति सेन्धव , पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.
(6)
(7) (4) (5)
(3)
0.05 0.650
0.05
166
0.19 0.850
0.19
167
0.14
0.14
0.580
174
0.09
0.09
0.400
168/1
0.01 0.450
0.01
182
0.08 0.800
0.08
168/2
0.02 173
0.630
0.02
0.07 1.050
0.07
181
1.60
1.24
0.36
कुल योग : 12.83
(प्रारंभिक अधिसूचना)
क्र. अ- 82-2012-13-370.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में रामगढ़ तालाब योजना, तहसील हाटपिपल्या, जिला देवास की नहर निर्माण के लिये आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है. सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
ग्राम - कोदापुरा, तहसील
सोनकच्छ
स.क्र.
विवरण
(2)
(1)
निजी भूमि
नहर निर्माण में.
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा (हे . )
असिंचित
सिंचित
कुल (5) (3)
(4)
1.36 1.36
0.00
1.36
0.00
कुल योग : 1.36
रामगढ़ तालाब योजना
तहसील - हाटपिपल्या, ग्राम कोदापुरा, तहसील सोनकच्छ, जिला देवास
अनुसूची (2)
नहर में आने वाली निजी भूमि का विवरण
स.क्र.
प्रभावित कृषक का नाम
(2)
(1)
1. मानसिंह सुमेरसिंह सुगनबाई , बेगमबाई, अनिताबाई, संगीताबाई पि. कल्याणसिंह राजलबाई बे कल्याण , जाति सेन्धो, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.
2. राजलबाई बेवा कल्याणसिंह , जाति सेन्धो, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.
खसरा
प्रभावित भूमि
असिंचित
सिंचित
नंबर
(5)
(6)
(3)
कुल भूमि का रकबा (4)
कुल (7)
0.08
0.08
181/1
0.730
0.08
0.08 181/2
0.370 1711
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
(2)
(1)
3. इन्दरसिंह पिता रतनसिंह, जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी भू-राजस्व.
4. बोन्दीबाई पिता उमरावसिंह, जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.
5. मेताबबाई वि. उमरावसिंह सिद्धसिंह पि. उमरावसिंह, जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.
6. तेजसिंह , सजनसिंह, मानसिंह पिता भागीरथ, जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.
7. घीसा पिता नरबतसिंह हि. 1/2 चन्दरसिंह, बहादुरसिंह पिता भेरूसिंह राजलबाई वि. भेरूसिंह हि. 1/2 जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.
8. जसपालसिंह पिता जीवनसिंह , जाति सेंधव, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.
9. विजेन्द्रसिंह पिता जीवनसिंह, जाति सेंधव , पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.
10. चन्दरसिंह, बहादुरसिंह पिता भेरूसिंह , राजलबाई बेवा भेरूसिंह , जाति सेंधव , पता नि. ग्राम भूमिस्वामी .
11. कृपालसिंह पिता बलवंतसिंह , जाति सेन्धो, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.
12. रायसिंह , भादरसिंह , ईन्दरसिंह, मनोहरसिंह पि. कालुसिंह घीसीबाई बे कालुसिंह, जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.
(6)
(7) (4)
(5)
(3)
0.03 0.860
0.03
205
0.04 0.200
0.04
296
0.04 297
0.220
0.04
0.11
0.11
0.940
302
0.05
0.05 0.530
303
0.03
0.03
305
0.410
0.15
0.15 321
0.890
0.03
0.03
0.410
336
0.06
0.06
0.880
338/1
0.06
0.06
338/2
1.140
0.10
0.10 349
0.690
0.24 1.130
0.24
350
0.14
0.14
356
0.580
0.12
0.12
1.160
360
0.00
1.36
1.36
11.14
कुल योग :
(प्रारंभिक सूचना)
क्र. अ-82-2012-13-377.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में रामगढ़ तालाब योजना, तहसील सोनकच्छ , जिला देवास की नहर निर्माण के लिये आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता हैं कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है: -
अनुसूची ( 1 )
ग्राम - चांदाखेड़ी, तहसील
सोनकच्छ
विवरण
स.क्र.
(2)
(1)
निजी भूमि नहर निर्माण में.
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा ( हे. ) सिंचित
असिंचित
(3)
(4)
कुल (5)
1.05
0.21
0.91
1.05
0.21
कुल योग : 0.91
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
1712
रामगढ़ तालाब योजना
ग्राम - चांदाखेड़ी, तहसील सोनकच्छ, जिला- देवास
अनुसूची ( 2)
नहर में आने वाली निजी भूमि का विवरण
स.क्र.
प्रभावित कृषक का नाम
(2)
(1)
1. रणजीतसिंह पिता किशनसिंह, जाति बलाई, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.
विजेन्द्रसिंह पि. फतेसिंह भूमिस्वामी हि. भेरूसिंह, गजराजसिंह पिता धनसिंह, जाति सेन्धव, पता नि. ग्राम सम्भाग भाग 2. भूरीबाई बेवा फतेसिंह, जसरतसिंह बाबूलाल, धीरजसिंह भूमिस्वामी.
3. फूलसिंह पि. सुखराम , शेतानबाई वि. सुखराम, जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.
4. करणसिंह पि. मंदरूपसिंह, जाति सेंधो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.
5. जितेन्द्रसिंह, नरेन्द्रसिंह पिता धनसिंह , एजनबाई बेवा धनसिंह, जाति सेंधो, पता नि. टप्पा सुकल्या, तह. बागली, भूमिस्वामी.
6. देवेन्द्रसिंह पिता मनोहरसिंह न. स. मनोहरसिंह पिता फुलसिंह जाति सेंधव , पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.
7. बेगनबाई पति विक्रमसिंह , जाति सेन्धव , पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.
8. मनोहरसिंह, सुमेरसिंह, राजेन्द्रसिंह पिता फुलसिंह, घीसीबाई वि. फुलसिंह, जाति सेन्धव, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.
9. भीमसिंह पिता तकतसिंह, जाति सेन्धव , पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.
10. हमीर पि. कन्हैयालाल , जाति बलाई, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.
11. अजाब पिता नारायण मंजुबाई पति अजाब , जाति चमार, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.
प्रभावित भूमि खसरा नंबर
कुल भूमि का रकबा
कुल (7)
असिंचित (6)
(4)
सिंचित (5)
(3)
0.11
0.11
35
0.720
0.15 0.300
0.15
38
0.02 0.600
57
0.02
0.04
0.04
0.340
68
0.05 0.330
0.05
69
0.06
0.06
0.450
70
0.600
0.10 67
0.10
0.07 0.320
0.07
73
0.05 74/1
0.05
0.310
0.05
0.05 0.220
74/2
0.11
0.11 75
1.380
0.04
0.04 1.000
74/3
0.01
0.01
0.300
76
0.11 0.990
0.11
77
0.01 1.160
0.01
84
0.07
0.07
0.200
100
0.07
0.07
0.500
101/1
1.05
0.21
0.91
कुल योग : 9.72
(प्रारंभिक अधिसूचना )
प्र. क्र. अ- 82-2012-13-384.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में रामगढ़ तालाब योजना, तहसील हाटपिपल्या , जिला देवास की नहर निर्माण के लिये आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है . सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 के अन्तर्गत यह घोषित 1713
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
ग्राम - जस्सुपुरा , तहसील - सोनकच्छ
विवरण
स.क्र.
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा ( हे . )
सिंचित
असिंचित
(3)
कुल (5)
(4)
(2)
(1)
0.05
0.86
0.81
निजी भूमि नहर निर्माण में.
0.05
0.86
0.81
कुल योग :
रामगढ़ तालाब योजना
देवास
ग्राम - जस्सुपुरा , तहसील हाटपिपल्या , तहसील सोनकच्छ, जिला
अनुसूची (2)
नहर में आने वाली निजी भूमि का विवरण
प्रभावित भूमि स.क्र.
कुल भूमि का रकबा
प्रभावित कृषक का नाम
खसरा नंबर सिंचित असिंचित
सिंचित असिंचित कुल
(9)
(8)
(7)
(5)
कुल (6)
(3) (4)
(2)
(1)
0.26
30
3.12
3.12 0.26 1 . सेवा पि. सोभा, जाति बलाई , पता नि. ग्राम चांदाखेड़ी, भूमिस्वामी भू- राजस्व.
0.08
0.08
1.67
1.67
2. मोहन, धर्मेन्द्र पिता दलेपसिंह धापूबाई वि. दलेपसिंह दीपक 31 पूजा पिता आत्माराम सर. सोरमबाई बेवा आत्माराम जाति बलाई , पता नि. ग्राम चांदाखेड़ी भूमिस्वामी ना.रा. 2 , आदेश दि. 02-01-08 के अनुसार भू- राजस्व.
0.05
0.58
0.05
35
0.58
3. प्रहलाद पिता बापूसिंह, जाति सेंधव, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.
0.06
0.06
0.90
0.90
38/1
0.05
0.05
0.15
38/3 0.15
4. छीतरबाई पति अकेसिंह, जाति सेन्धव, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.
0.05
1.10
0.05
38/2 1.10
5. तुफानसिंह पिता प्रहलादसिंह , जाति सेंधव , पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.
0.05
0.05
0.50 0.50
38/4
6. रामकुंवरबाई पति कमलसिंह, जाति माली, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.
0.12
0.12
0.48
0.48
42
7. विजेन्द्रसिंह पि. नाथुराम, जाति कलमा, पता नि. ग्राम चांदाखेड़ी, भूमिस्वामी.
1.19 0.14
0.14
47 1.19
8. अकेसिंह पिता बलवन्तसिंह , जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम चांदाखेड़ी, भूमिस्वामी भू- राजस्व.
0.86
0.81 0.05
0.50 9.69
9.19
कुल योग :
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014
1714
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सतना, दिनांक 20 दिसम्बर 2013
भू- अर्जन- प्र.क्र. एफ. 591-10-पत्र क्र. 591- भू-अर्जन-8. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
अर्जनीय रकबा लगभग ( हेक्टर में )
(4) (1) (2)
(3)
0.200
जननातोर
नागौद
सतना
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है .
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना म. प्र.
भिलसाय तालाब योजना के अंतर्गत निर्माण हेतु.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मोहनलाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला कटनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
कटनी , दिनांक 25 जनवरी 2014
प्र. क्र. 01 -- अ- 82 - वर्ष 13-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
तहसील
भूमिका वर्णन नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(3)
(4) (1)
निजी रकबा
खिरहनी
कटनी
कटनी
प.ह.नं. 13/41 .
0.150 कुल 0.150
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) खिरहनी उ. सि. योजना.
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग कटनी.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , कटनी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1715
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
नरसिंहपुर, दिनांक 6 मई 2014
रा. मा. प्र. क्र. 3 अ-82 वर्ष 2013-14- पत्र क्र. 160- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः सही भूमि अधिग्रहण , पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 ( 1 ) की उपधारा ( 3 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
(2)
(1)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में. ) (4) 0.829 नरसिंहपुर
नरसिंहपुर
(3) तिंदनी नं. बं. 239 प.ह.नं. 23
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
(6) तिंदनी से गौड़ीधुबघट मार्ग निर्माण हेतु.
धारा 11 की उपधारा (3 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , ( भ/ स ) संभाग नरसिंहपुर.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, नरसिंहपुर के कक्ष क्र. 84 ( भू- अर्जन ) शाखा में देखा जा सकता है.
नरसिंहपुर, दिनांक 9 मई 2014
रा. मा. प्र. क्र. 5 अ -82 वर्ष 2013-14- पत्र क्र. 172 - भू-अर्जन-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः सही भूमि अधिग्रहण , पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 ( 1 ) की उपधारा ( 3 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
तहसील
जिला
(2)
(3)
(1)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में. ) (4) 1.430 नरसिंहपुर
नरसिंहपुर
नं. बं. 566 सिमरिया
प.ह.नं. 39.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा (3 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण
(6) इंद्रा नगर पहुंच मार्ग लंबाई 1.26 कि.मी. निर्माण हेतु.
विभाग, ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, नरसिंहपुर के कक्ष क्र. 84 ( भू- अर्जन ) शाखा में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नरेश पाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर , दिनांक 9 मई 2014
प्र. क्र. 02 - अ- 82-2013-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है की राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
1716
के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 एवं 12 की दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में )
(4)
(3)
(1) (2)
1.120 राजनगर लखेरी ( पूरक)
छतरपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 4 की उपधारा ( 11 एवं 12) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , राजनगर. ललितपुर खजुराहों नई बड़ी रेल लाईन का निर्माण कार्य हेतु भू-अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी राजनगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
छतरपुर , दिनांक 20 मई 2014
प्र. क्र. 03 - अ- 82-2013-2014. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 एवं 12 की दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (2)
(1)
0.700 छतरपुर राजनगर बसारी ( पूरक)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 11 एवं 12) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , राजनगर . ललितपुर खजुराहों नई बड़ी रेल लाईन का निर्माण कार्य हेतु भू-अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी राजनगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
छतरपुर , दिनांक 23 मई 2014
प्र. क्र. 03 - अ- 82-2013-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 एवं 12 की दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (2)
(1)
1.05 चंदला खैराही ( पूरक )
छतरपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 11 एवं 12 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू- अर्जन अधिकारी, ( राजस्व) लवकुशनगर.
लुधगांव वितरक नहर की पुखरया माइनर के निर्माण कार्य हेतु भू- अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी लवकुशनगर के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मसूद अख्तर , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1717
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
कार्यालय , कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग पन्ना, दिनांक 8 मई 2014
प्र. क्र. 099 - अ- 82- वर्ष 2012-2013.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- पन्ना
(ख ) तहसील- शाहनगर
(ग) ग्राम- जमडा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-22.57 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
भूमिका
प्रकार
कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(3) (1)
0.20
442
निजी भूमि
0.07
444/1
निजी भूमि
0.08
444/2
निजी भूमि
0.08
444/3
निजी भूमि
0.05
445/1
निजी भूमि
0.05
445/2
निजी भूमि
0.08
445/3
निजी भूमि
0.05
445/4
निजी भूमि
0.04
446/1
निजी भूमि
0.04
446/2
निजी भूमि
0.04
446/3
निजी भूमि
0.04
446/4
निजी भूमि
0.04
446/5
निजी भूमि
0.03
446/6
निजी भूमि 664
0.34
निजी भूमि
0.30
666
निजी भूमि
1.68
680
निजी भूमि
0.03
668
निजी भूमि
0.52
678/1
निजी भूमि
0.80
671
निजी भूमि
0.38
672/1
निजी भूमि 672/2
0.37
निजी भूमि
(2)
(1)
(3)
0.10
673/1
निजी भूमि
0.10
673/2
निजी भूमि
0.20
673/3
निजी भूमि
0.10
673/4
निजी भूमि 675
0.45
निजी भूमि
0.56
676
निजी भूमि
0.80
677
निजी भूमि
0.53
678/2
निजी भूमि
1.20
681
निजी भूमि
1.10
683
निजी भूमि
0.52
684/1
निजी भूमि 685/1
0.38
निजी भूमि
0.47
447
निजी भूमि
0.15
453
निजी भूमि 454
0.15
निजी भूमि
0.04
455
निजी भूमि 456
0.08
निजी भूमि
0.93
448
निजी भूमि
0.20
449
निजी भूमि
0.08
450
निजी भूमि 667
1.13
निजी भूमि 670
0.32
निजी भूमि
0.02
451
निजी भूमि 452
0.04
निजी भूमि 480
0.21
निजी भूमि
0.26
483
निजी भूमि
0.18
457
निजी भूमि
0.68
458
निजी भूमि
0.13
478
निजी भूमि
0.15
479
निजी भूमि
0.06
481
निजी भूमि
0.03
477
निजी भूमि
0.33
482
निजी भूमि
0.90
684/2
निजी भूमि 485/2
0.03
निजी भूमि
0.02
488/2
निजी भूमि 485/3
0.03
निजी भूमि
0.06
485/4
निजी भूमि 1718
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
(2)
(3) (1)
487/2
0.03
निजी भूमि 662
0.91
निजी भूमि
0.37
685/2
निजी भूमि 685/3
0.38
निजी भूमि
1.20
687
निजी भूमि 686
1.33
निजी भूमि 459
0.16
निजी भूमि 460
0.16
निजी भूमि
22.57
कुल रकबा निजी भूमि ..
:
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- जमडा तालाब योजना के अन्तर्गत बांध एवं नहर निर्माण कार्य निर्माण हेतु,
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , शाहनगर के न्यायालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 002- अ- 82- वर्ष 2013-2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- पन्ना
(ख) तहसील- पन्ना
(ग ) ग्राम- इटवांखास
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 200.995 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
भूमिका
कुल अर्जित रकबा
प्रकार
(हेक्टेयर में)
(2)
(3) (1)
64/2
1.750
निजी भूमि
1.133
64/5
निजी भूमि 77/1
0.160
निजी भूमि 248/2
0.190
निजी भूमि 248/3
0.210
निजी भूमि
(2)
(3) (1)
250
0.220
निजी भूमि 253/1
0.390
निजी भूमि 253/2
0.390
निजी भूमि 258/1
0.110
निजी भूमि 258
0.110
निजी भूमि
0.190
259
निजी भूमि 284
0.016
निजी भूमि 285
0.050
निजी भूमि 308/1
0.100
निजी भूमि 308/2
0.100
निजी भूमि
0.020
309
निजी भूमि 310
0.025
निजी भूमि 311/1
0.050
निजी भूमि
0.050
311/2
निजी भूमि
0.030
312
निजी भूमि
0.040
313
निजी भूमि 314
0.162
निजी भूमि
0.036
338
निजी भूमि 340
0.041
निजी भूमि 342
0.210
निजी भूमि
0.010
343
निजी भूमि
0.690
344
निजी भूमि 347
0.380
निजी भूमि
0.060
349
निजी भूमि 350
0.182
निजी भूमि
0.629
358/2
निजी भूमि
0.651
358/2/Ka
निजी भूमि 358/3
0.700
निजी भूमि
1.099
358/4
निजी भूमि 358/5
0.798
निजी भूमि 360
0.342
निजी भूमि
0.010
361
निजी भूमि
0.010
363
निजी भूमि 377/2/Ka
1.012
निजी भूमि 377/ 2/Kha
1.011
निजी भूमि
2.023
377/3
निजी भूमि 377/4/Ka
1.600
निजी भूमि 377/4/Kh
2.447
निजी भूमि 1719
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
(3)
(2)
(1)
0.120
379/1
निजी भूमि
0.120
379/2
निजी भूमि
0.376
380
निजी भूमि 381
0.262
निजी भूमि
0.575
382
निजी भूमि
0.129
383
निजी भूमि 386
0.640
निजी भूमि 394
0.081
निजी भूमि
0.015
395
निजी भूमि
0.012
398
निजी भूमि 399
0.015
निजी भूमि
0.070
407
निजी भूमि
0.010
408
निजी भूमि
0.010
412
निजी भूमि
0.015
413
निजी भूमि
0.010
414
निजी भूमि
0.020
417
निजी भूमि
0.020
418
निजी भूमि
0.010
420
निजी भूमि
0.200
447
निजी भूमि
0.120
448
निजी भूमि
0.360
503
निजी भूमि
0.020
506/2
निजी भूमि
0.010
506/3
निजी भूमि 513
0.300
निजी भूमि 514/1
0.030
निजी भूमि
0.030
514/2
निजी भूमि
0.230
523/2
निजी भूमि
0.230
523/4
निजी भूमि
0.040
निजी भूमि 528/2/ga
0.700
549/2
निजी भूमि 550/1
0.034
निजी भूमि
0.035
550/2Ka
निजी भूमि 610/24
0.160
निजी भूमि 613/12
1.303
निजी भूमि
0.303
613/13Ka
निजी भूमि
0.410
613/15
निजी भूमि
0.550
619/2
निजी भूमि 620
0.960
निजी भूमि 621/1
6.007
निजी भूमि
(2)
(3) (1)
621/2
1.314
निजी भूमि
3.237
621/4
निजी भूमि
0.680
621/5 /Ka
निजी भूमि
1.000
621/7
निजी भूमि
2.835
621/9
निजी भूमि
2.023
621/10
निजी भूमि
1.500
621/12/Ka
निजी भूमि
1.500
621/12/Kh
निजी भूमि 621/13/Ka
0.928
निजी भूमि
0.928
621/13/Kh
निजी भूमि 621/17
8.094
निजी भूमि
0.809
621/18
निजी भूमि
2.323
621/19/1/ Ka
निजी भूमि 621/19 /1/Kh
1.600
निजी भूमि 621/20
4.047
निजी भूमि
4.047
621/21
निजी भूमि 621/12/Ka
0.395
निजी भूमि 621/22/Kh
1.405
निजी भूमि
0.786
निजी भूमि 621/22/gh/ 1
0.464
निजी भूमि 621/22/gh/2
1.803
621/23
निजी भूमि
1.803
621/24
निजी भूमि
4.047
621/26
निजी भूमि
2.232
621/29
निजी भूमि
2.023
621/31
निजी भूमि
3.887
621/32
निजी भूमि
1.000
621/33 /Ka
निजी भूमि 612/ 33/Kh
1.000
निजी भूमि 621/34/Ka
1.552
निजी भूमि
1.626
621/34/Kh
निजी भूमि
1.424
निजी भूमि 621/34/ga
4.176
621/35/Ka
निजी भूमि
0.300
621/35/Kh
निजी भूमि
0.854
621/36
निजी भूमि 621/37
1.416
निजी भूमि
4.047
621/38
निजी भूमि 622
2.832
निजी भूमि 623/2
1.416
निजी भूमि 623/3
4.047
निजी भूमि 623/4
2.967
निजी भूमि 1720
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
(3)
(2)
(1)
4.790
623/7
निजी भूमि
2.023
623/7 /Ka
निजी भूमि
2.023
623/7 /Kha
निजी भूमि
4.856
623/8
निजी भूमि
4.736
623/9
निजी भूमि
0.680
623/10
निजी भूमि
0.380
623/11
निजी भूमि
5.007
623/14
निजी भूमि 623/16 /Ka
2.023
निजी भूमि
3.567
623/17
निजी भूमि 623/18
4.856
निजी भूमि 623/22
4.047
निजी भूमि
2.304
623/23
निजी भूमि 623/24
4.856
निजी भूमि
3.507
623/30
निजी भूमि
1.848
623/32
निजी भूमि 623/34
1.948
निजी भूमि
4.047
623/37
निजी भूमि
4.856
623/38
निजी भूमि
1.650
632/4
निजी भूमि 632/8
3.536
निजी भूमि
2.620
632/9
निजी भूमि
4.846
632/10
निजी भूमि
2.428
632/11
निजी भूमि
0.060
632/14
निजी भूमि
2.700
632/16
निजी भूमि 632/18
0.010
निजी भूमि 632/19
2.000
निजी भूमि
0.405
670/290
निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि 200.955
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सिरस्वाहा तालाब योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण कार्य निर्माण हेतु,
(3 ) भूमिकानक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , पन्ना के न्यायालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 040- अ- 82- वर्ष 2012-2013.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन
[भाग 1 के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- पन्ना
(ख ) तहसील- अजयगढ़
(ग ) ग्राम- बिलाही
(घ) लगभग क्षेत्रफल-निजी पक्का कुआं है.
खसरा नम्बर
भूमि का प्रकार
कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(3) (1)
(2)
157
निजी कुआं
निजी पक्काकुआं
कुल रकबा निजी भूमि . निजी पक्का कुआं
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गुमानगंज तालाब योजना के अन्तर्गत निजी पक्का कुआं बांध निर्माण कार्य निर्माण हेतु,
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , अजयगढ़ के न्यायालय में किया जा सकता है .
पन्ना, दिनांक 23 मई 2014
प्र. क्र. 102 - अ- 82- वर्ष 2012-2013 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- पन्ना
(ख ) तहसील- शाहनगर
(ग ) ग्राम-करौंदी
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 15.14 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
भूमि का प्रकार
कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(3) (1)
0.20
464
निजी भूमि
1.40
469
निजी भूमि 470
1.20
निजी भूमि 471/2
1.50
निजी भूमि
1.22
473
निजी भूमि 1721
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
(2)
(3) (1)
1.46
474
निजी भूमि
1.66
475
निजी भूमि
1.22
476
निजी भूमि
0.15
479
निजी भूमि
0.75
482
निजी भूमि
1.05
483
निजी भूमि
1.30
484
निजी भूमि
0.28
486
निजी भूमि
1.25
487/2
निजी भूमि
0.50
489
निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि 15.14
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- परासी तालाब योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण कार्य निर्माण हेतु,
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , शाहनगर के न्यायालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 121 - अ-82- वर्ष 2012-2013.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- पन्ना
(ख) तहसील-रैपुरा
(ग ) ग्राम- देवरी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-75.507 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
कुल अर्जित रकबा भूमि का प्रकार
(हेक्टेयर में)
(3)
(2)
(1)
0.220
178
निजी भूमि 179
0.310
निजी भूमि
0.080
184
निजी भूमि 185
0.050
निजी भूमि
0.120
186
निजी भूमि 187
0.060
निजी भूमि
0.190
180
निजी भूमि
(2)
(3) (1)
181
0.150
निजी भूमि
0.217
174
निजी भूमि
0.130
182
निजी भूमि
0.180
183
निजी भूमि
0.170
171
निजी भूमि
0.110
172
निजी भूमि
0.108
173
निजी भूमि
0.940
188
निजी भूमि
0.500
189
निजी भूमि
0.570
190
निजी भूमि
0.370
191
निजी भूमि
0.040
192
निजी भूमि
0.160
193
निजी भूमि
0.060
194
निजी भूमि
0.060
195
निजी भूमि
0.060
196
निजी भूमि
0.160
149
निजी भूमि
0.200
150
निजी भूमि 151
0.110
निजी भूमि 152
0.130
निजी भूमि
0.080
153
निजी भूमि 154
0.060
निजी भूमि
0.150
155
निजी भूमि 156
0.120
निजी भूमि
0.070
197
निजी भूमि
0.070
201
निजी भूमि
0.100
202
निजी भूमि
0.110
208
निजी भूमि
0.140
198
निजी भूमि
0.160
199
निजी भूमि
0.130
200
निजी भूमि 138/2
0.100
निजी भूमि
0.440
157
निजी भूमि
0.210
158
निजी भूमि
0.400
159
निजी भूमि
0.150
210
निजी भूमि
0.520
212
निजी भूमि
0.450
213
निजी भूमि 1722
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
(3)
(2)
(1)
0.360
214/1
निजी भूमि 217/1
0.240
निजी भूमि
0.500
214/2
निजी भूमि 215
1.230
निजी भूमि 216
0.170
निजी भूमि 320
0.150
निजी भूमि
0.150
217/2
निजी भूमि
0.070
241
निजी भूमि
1.010
242
निजी भूमि
0.850
219
निजी भूमि
0.210
220
निजी भूमि 221
0.110
निजी भूमि
0.080
222
निजी भूमि
0.090
223
निजी भूमि
0.050
224
निजी भूमि
0.060
225
निजी भूमि
0.050
226
निजी भूमि
0.160
227
निजी भूमि
0.320
228
निजी भूमि
0.100
235
निजी भूमि
0.120
494
निजी भूमि
0.110
495
निजी भूमि 229
0.170
निजी भूमि 230
0.130
निजी भूमि
0.050
231
निजी भूमि
0.060
232
निजी भूमि
0.060
233
निजी भूमि
0.030
234
निजी भूमि
0.210
236
निजी भूमि 237
0.150
निजी भूमि
0.050
238
निजी भूमि
0.060
239
निजी भूमि
0.170
240
निजी भूमि
0.100
487
निजी भूमि
0.120
488
निजी भूमि 489
0.110
निजी भूमि
0.150
490
निजी भूमि 491
0.100
निजी भूमि
(2)
(3) (1)
493
0.150
निजी भूमि 500
0.120
निजी भूमि 504/1
0.870
निजी भूमि 476/2
0.190
निजी भूमि
0.120
498
निजी भूमि
0.220
499/2
निजी भूमि
0.750
517
निजी भूमि
0.180
501
निजी भूमि
0.200
476/1
निजी भूमि 502
0.640
निजी भूमि
0.080
503
निजी भूमि 423
0.190
निजी भूमि 428
0.080
निजी भूमि 429
0.070
निजी भूमि
0.070
459
निजी भूमि 460
0.160
निजी भूमि 465
0.090
निजी भूमि 475
0.340
निजी भूमि 504/2
0.680
निजी भूमि 499/1
0.210
निजी भूमि
1.000
505/2
निजी भूमि 507
0.290
निजी भूमि
0.170
508
निजी भूमि 591
0.050
निजी भूमि
0.090
611
निजी भूमि
0.100
612
निजी भूमि
0.070
614
निजी भूमि
0.070
615
निजी भूमि
0.070
616
निजी भूमि
0.370
409
निजी भूमि 410
0.060
निजी भूमि
0.040
414
निजी भूमि
0.680
510
निजी भूमि
0.650
511
निजी भूमि
0.100
512
निजी भूमि 438
0.800
निजी भूमि
1.340
513
निजी भूमि 601
0.260
निजी भूमि भाग 1 ]
1723
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
(3)
(2)
(1)
602
0.100
निजी भूमि 603
0.080
निजी भूमि 604
0.120
निजी भूमि 605
0.140
निजी भूमि
0.400
652
निजी भूमि
1.050
653
निजी भूमि 654
0.260
निजी भूमि
0.590
669
निजी भूमि
0.420
514
निजी भूमि
0.470
515
निजी भूमि 518
0.910
निजी भूमि
0.460
519
निजी भूमि
0.050
606
निजी भूमि
0.270
607
निजी भूमि
0.120
608
निजी भूमि 613
0.130
निजी भूमि
0.240
520
निजी भूमि
0.450
521
निजी भूमि
0.090
522
निजी भूमि
0.080
523
निजी भूमि
0.040
524
निजी भूमि
0.240
525
निजी भूमि
0.070
526
निजी भूमि 527
0.049
निजी भूमि 528
0.039
निजी भूमि
0.018
593
निजी भूमि 594
0.016
निजी भूमि
0.020
596
निजी भूमि
0.100
597
निजी भूमि
0.060
598
निजी भूमि
0.200
599
निजी भूमि 321
0.160
निजी भूमि 322
0.080
निजी भूमि
0.090
323
निजी भूमि
0.080
466
निजी भूमि 600
0.140
निजी भूमि 426
0.040
निजी भूमि
0.060
427
निजी भूमि
(3) (1)
(2)
461
0.130
निजी भूमि
0.070
462
निजी भूमि 463
0.050
निजी भूमि
0.160
464
निजी भूमि 617
0.310
निजी भूमि
0.150
619
निजी भूमि
0.380
620
निजी भूमि
0.120
609
निजी भूमि 610
0.140
निजी भूमि
0.020
637
निजी भूमि
0.100
645
निजी भूमि
0.510
618
निजी भूमि
0.330
621
निजी भूमि
0.120
622
निजी भूमि 623
0.110
निजी भूमि
0.090
624
निजी भूमि
0.620
625
निजी भूमि
0.110
626
निजी भूमि
0.090
627
निजी भूमि 628
0.290
निजी भूमि
0.090
629
निजी भूमि 630
0.120
निजी भूमि
0.120
638
निजी भूमि
0.070
639
निजी भूमि
0.110
640
निजी भूमि
0.150
641
निजी भूमि
0.150
642
निजी भूमि
0.270
643
निजी भूमि 644
0.150
निजी भूमि
0.120
646
निजी भूमि
0.100
647
निजी भूमि 648
0.060
निजी भूमि
0.050
649
निजी भूमि
0.060
650
निजी भूमि
0.070
651
निजी भूमि
0.060
679
निजी भूमि
0.060
680
निजी भूमि 681
0.050
निजी भूमि 1724
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
(2)
(3) (1)
682
0.110
निजी भूमि 683
0.070
निजी भूमि 684
0.130
निजी भूमि 685
0.100
निजी भूमि
0.080
694
निजी भूमि 695
0.090
निजी भूमि 655
0.170
निजी भूमि 656
0.160
निजी भूमि 657
0.350
निजी भूमि
0.330
658
निजी भूमि
0.018
714
निजी भूमि 715
0.055
निजी भूमि 701
0.130
निजी भूमि
0.110
702
निजी भूमि
0.070
703
निजी भूमि
0.095
704
निजी भूमि
0.065
716
निजी भूमि 717
0.100
निजी भूमि
0.090
718
निजी भूमि
0.060
719
निजी भूमि
0.050
720
निजी भूमि 721
0.050
निजी भूमि
0.040
722
निजी भूमि
0.050
723
निजी भूमि
0.080
676
निजी भूमि
0.060
677
निजी भूमि
0.060
742
निजी भूमि
0.050
743
निजी भूमि
0.080
744
निजी भूमि
0.060
745
निजी भूमि 746
0.080
निजी भूमि
0.050
747
निजी भूमि 760
0.080
निजी भूमि
0.050
789
निजी भूमि
0.030
792
निजी भूमि
0.070
793
निजी भूमि
0.030
794
निजी भूमि
0.030
697
निजी भूमि
0.005
700
निजी भूमि
0.020
724
निजी भूमि
0.070
790
निजी भूमि
0.080
791
निजी भूमि 738
0.160
निजी भूमि
0.060
739
निजी भूमि
(2)
(3) (1)
740
0.090
निजी भूमि
0.040
741
निजी भूमि 761
0.080
निजी भूमि 762
0.140
निजी भूमि
0.080
763
निजी भूमि
0.080
764
निजी भूमि
0.060
772
निजी भूमि 784
0.050
निजी भूमि
0.610
661
निजी भूमि 384
0.180
निजी भूमि
0.160
385
निजी भूमि 386
0.240
निजी भूमि
0.280
662
निजी भूमि
1.500
663
निजी भूमि
0.650
665
निजी भूमि 666
0.100
निजी भूमि 667
0.310
निजी भूमि
0.400
668/1
निजी भूमि
0.730
668/2
निजी भूमि
0.030
670
निजी भूमि 671
0.030
निजी भूमि
0.040
672
निजी भूमि
0.100
673
निजी भूमि 674
0.110
निजी भूमि
0.040
675
निजी भूमि
0.100
686
निजी भूमि 689
0.070
निजी भूमि
0.070
690
निजी भूमि
0.050
693
निजी भूमि
3.450
736
निजी भूमि
0.050
748
निजी भूमि
0.060
758
निजी भूमि 759
0.090
निजी भूमि
0.070
765
निजी भूमि
0.060
766
निजी भूमि 767
0.040
निजी भूमि
0.080
768
निजी भूमि 749
0.050
निजी भूमि
0.010
750
निजी भूमि 751
0.050
निजी भूमि
0.080
752
निजी भूमि
0.070
753
निजी भूमि
0.050
754
निजी भूमि 755
0.030
निजी भूमि भाग 1 ]
1725
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
(2)
(3) (1)
756
0.040
निजी भूमि
0.080
757
निजी भूमि
0.060
769
निजी भूमि
0.030
770
निजी भूमि
0.060
785
निजी भूमि 786
0.030
निजी भूमि
0.030
787
निजी भूमि 788
0.030
निजी भूमि
0.040
795
निजी भूमि
0.040
796
निजी भूमि
0.060
797
निजी भूमि
0.100
798
निजी भूमि
0.030
799
निजी भूमि
0.060
800
निजी भूमि
0.040
801
निजी भूमि
0.040
802
निजी भूमि
0.040
803
निजी भूमि 813
0.350
निजी भूमि
0.150
815/1
निजी भूमि
0.120
833/1
निजी भूमि
0.230
815/2
निजी भूमि
0.012
834/1
निजी भूमि
0.200
317
निजी भूमि
0.370
318
निजी भूमि
0.520
319
निजी भूमि 324
0.170
निजी भूमि 325
0.140
निजी भूमि 326
0.350
निजी भूमि
0.060
424
निजी भूमि
0.050
425
निजी भूमि 332
0.190
निजी भूमि 333
0.110
निजी भूमि
0.200
327
निजी भूमि 328
0.090
निजी भूमि
0.100
329
निजी भूमि
0.060
330
निजी भूमि
0.120
331
निजी भूमि
0.110
400
निजी भूमि
0.180
418
निजी भूमि
0.100
420
निजी भूमि
0.080
421
निजी भूमि 422
0.090
निजी भूमि
0.080
399
निजी भूमि
0.090
419
निजी भूमि
(3)
(2)
(1)
401
0.090
निजी भूमि
0.120
411
निजी भूमि 412
0.070
निजी भूमि 413
0.040
निजी भूमि 415
0.100
निजी भूमि 416
0.110
निजी भूमि
0.160
417
निजी भूमि
0.070
432
निजी भूमि 433
0.080
निजी भूमि
0.070
434
निजी भूमि 435
0.070
निजी भूमि
0.190
436
निजी भूमि 437
0.610
निजी भूमि
0.070
443
निजी भूमि 444
0.110
निजी भूमि 430
0.080
निजी भूमि
0.080
431
निजी भूमि 439
0.260
निजी भूमि
0.150
440
निजी भूमि
0.070
441
निजी भूमि 442
0.040
निजी भूमि 445
0.060
निजी भूमि 446
0.050
निजी भूमि
0.100
447
निजी भूमि 448
0.110
निजी भूमि
0.060
449
निजी भूमि
0.070
450
निजी भूमि
0.570
474
निजी भूमि
0.210
341
निजी भूमि
0.090
342
निजी भूमि 451
0.140
निजी भूमि
0.080
452
निजी भूमि
0.050
453
निजी भूमि
0.050
454
निजी भूमि
0.040
455
निजी भूमि 456
0.090
निजी भूमि
0.070
457
निजी भूमि
0.090
458
निजी भूमि
0.100
467
निजी भूमि
0.120
468
निजी भूमि
0.070
469
निजी भूमि
0060
470
निजी भूमि
0.050
471
निजी भूमि
0.070
472
निजी भूमि 1726
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
(3)
(2)
(1)
0.090
473
निजी भूमि
0.060
478
निजी भूमि
0.110
479
निजी भूमि
0.060
477
निजी भूमि
0.110
336
निजी भूमि 337
0.260
निजी भूमि 480
0.110
निजी भूमि
0.050
481
निजी भूमि
0.060
482
निजी भूमि
0.060
483
निजी भूमि 484
0.050
निजी भूमि
0.130
485
निजी भूमि
0.120
486
निजी भूमि
0.060
492
निजी भूमि 496
0.100
निजी भूमि
0.090
497
निजी भूमि
0.100
345
निजी भूमि 346
0.090
निजी भूमि 377
0.100
निजी भूमि
0.030
378
निजी भूमि 380
0.080
निजी भूमि
0.100
381
निजी भूमि
0.050
387
निजी भूमि
0.150
388
निजी भूमि
0.250
389
निजी भूमि
0.130
390
निजी भूमि
0.070
391
निजी भूमि
0.190
393
निजी भूमि 394
0.140
निजी भूमि
0.090
395
निजी भूमि
0.060
396
निजी भूमि
0.110
397
निजी भूमि
0.050
398
निजी भूमि
0.090
402
निजी भूमि
0.070
403
निजी भूमि 404
0.050
निजी भूमि 405
0.050
निजी भूमि 406
0.130
निजी भूमि
0.210
407
निजी भूमि 408
0.220
निजी भूमि
0.040
301
निजी भूमि
0.052
302
निजी भूमि
0.040
303
निजी भूमि 314
0.030
निजी भूमि
(3) (1)
(2)
274
0.165
निजी भूमि
0.060
311
निजी भूमि 312
0.150
निजी भूमि 313
0.110
निजी भूमि
0.130
338
निजी भूमि 339
0.160
निजी भूमि
0.170
340
निजी भूमि
0.012
275
निजी भूमि
0.045
276
निजी भूमि 277
0.130
निजी भूमि 278
0.002
निजी भूमि
0.500
137
निजी भूमि
0.165
138/1
निजी भूमि
0.120
204
निजी भूमि
0.090
205
निजी भूमि
0.070
206
निजी भूमि
0.100
207
निजी भूमि
0.017
144
निजी भूमि
0.059
145
निजी भूमि
0.016
146
निजी भूमि
0.110
160
निजी भूमि 161
0.080
निजी भूमि 162
0.160
निजी भूमि
0.170
774
निजी भूमि
0.110
775
निजी भूमि 776
0.080
निजी भूमि
0.050
777
निजी भूमि 778
0.640
निजी भूमि
0.080
343
निजी भूमि
0.140
344
निजी भूमि
0.140
334
निजी भूमि
0.110
335
निजी भूमि
0.010
169
निजी भूमि
0.116
170
निजी भूमि 299
0.021
निजी भूमि
0.050
305
निजी भूमि 347
0.120
निजी भूमि
0.010
357
निजी भूमि
75.507
कुल रकबा निजी भूमि
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- खम्हरिया तालाब योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण कार्य निर्माण हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , शाहनगर के न्यायालय में किया जा सकता है.
1727
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
प्र. क्र. 122 - अ- 82- वर्ष 2012-2013.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- पन्ना
(ख) तहसील- पन्ना
(ग) ग्राम- अहिरगवां
(घ) लगभग क्षेत्रफल-31.510 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
भूमि का प्रकार (3)
0.900
432
निजी भूमि
1.150
433
निजी भूमि
1.140
434
निजी भूमि
2.300
436
निजी भूमि
4.410
437
निजी भूमि 439/1
0.640
निजी भूमि
0.400
439/2
निजी भूमि
2.250
440
निजी भूमि
1.630
441/1
निजी भूमि
0.640
441/2
निजी भूमि
1.800
441/4
निजी भूमि
1.000
441/5
निजी भूमि
1.400
441/6
निजी भूमि
4.120
442
निजी भूमि
1.810
444/1
निजी भूमि
1.810
444/2
निजी भूमि
2.640
444/3
निजी भूमि
1.020
445
निजी भूमि
0.450
446
निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि 31.510
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बिलखुरा तालाब योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण कार्य निर्माण हेतु.
(3 ) भूमिके नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पन्ना के न्यायालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 150- अ- 82- वर्ष 2012-2013.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- पन्ना
(ख) तहसील- पवई
(ग) ग्राम- इटांय
(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.00 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
भूमि का प्रकार (3) (1)
0.11
383
निजी भूमि
0.14
384
निजी भूमि
0.02
385
निजी भूमि
0.09
386
निजी भूमि
0.01
378
निजी भूमि
0.02
377
निजी भूमि
0.01
376
निजी भूमि
0.02
375
निजी भूमि 374
0.14
निजी भूमि
0.08
373
निजी भूमि
0.04
372
निजी भूमि
0.02
371
निजी भूमि 369
0.01
निजी भूमि 367
0.03
निजी भूमि 365
0.19
निजी भूमि 366
0.04
निजी भूमि 355
0.14
निजी भूमि
0.14
354
निजी भूमि
0.03
353
निजी भूमि
0.02
352
निजी भूमि 356
0.12
निजी भूमि
0.04
478
निजी भूमि 482
0.13
निजी भूमि
0.14
483
निजी भूमि
0.22
484
निजी भूमि
0.01
485
निजी भूमि 1728
(3)
(2)
(1)
528
0.07
निजी भूमि
0.15
529
निजी भूमि
0.10
530
निजी भूमि
0.03
532
निजी भूमि
0.01
533
निजी भूमि 534
0.05
निजी भूमि
0.04
535
निजी भूमि 536
0.12
निजी भूमि
0.06
537
निजी भूमि
0.09
538
निजी भूमि
0.03
539
निजी भूमि 576
0.12
निजी भूमि
0.01
544
निजी भूमि
0.23
574
निजी भूमि 573
0.08
निजी भूमि
0.01
636
निजी भूमि
0.08
572
निजी भूमि
0.04
545
निजी भूमि
0.14
568
निजी भूमि
0.06
569
निजी भूमि 566
0.07
निजी भूमि 567
0.14
निजी भूमि
0.13
638
निजी भूमि 637
0.01
निजी भूमि
0.01
640
निजी भूमि
0.13
563
निजी भूमि 564
0.05
निजी भूमि 565
0.08
निजी भूमि 562
0.10
निजी भूमि 561
0.08
निजी भूमि
0.14
480
निजी भूमि
0.04
571
निजी भूमि
0.06
575
निजी भूमि
0.06
379
निजी भूमि
0.07
481
निजी भूमि
0.08
477
निजी भूमि 476
0.05
निजी भूमि
0.01
577
निजी भूमि
0.07
639
निजी भूमि
0.01
332/1
निजी भूमि 479
0.11
निजी भूमि
0.02
527
निजी भूमि
5.00
कुल रकबा निजी भूमि
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- पवई मध्यम सिंचाई परियोजना के अन्तर्गत नहर निर्माण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पवई के न्यायालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 151 - अ-82- वर्ष 2012-2013.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- पन्ना
(ख) तहसील- पवई
(ग) ग्राम- कृष्णगढ़
( घ) लगभग क्षेत्रफल-5.19 हेक्टयर.
खसरा नम्बर
भूमि का प्रकार
कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(3) (1)
(2)
0.08
4434
निजी भूमि
0.21
4433
निजी भूमि
0.15
4463
निजी भूमि 4462
0.02
निजी भूमि
0.09
4464
निजी भूमि
0.02
4423
निजी भूमि
0.33
4465
निजी भूमि 4467
0.06
निजी भूमि
0.24
4470
निजी भूमि
0.01
4475
निजी भूमि
0.29
4469
निजी भूमि
0.02
4494/2
निजी भूमि
0.01
4496/1
निजी भूमि
0.03
4468
निजी भूमि 4700
0.11
निजी भूमि
0.14
4701/1
निजी भूमि 4701/2
0.16
निजी भूमि
0.25
4702
निजी भूमि
0.08
4488
निजी भूमि
0.03
4495/1
निजी भूमि
0.12
4490
निजी भूमि
0.38
4489
निजी भूमि 1729
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
(2)
(3) (1)
4696
0.34
निजी भूमि
0.14
4495
निजी भूमि
0.17
4697
निजी भूमि
0.01
3524
निजी भूमि
0.02
3519
निजी भूमि 3522
0.04
निजी भूमि 3521
0.01
निजी भूमि
0.05
3518
निजी भूमि 3526
0.02
निजी भूमि
0.03
3511
निजी भूमि
0.09
3535
निजी भूमि 3537/1
0.04
निजी भूमि
0.20
3536
निजी भूमि 3539/1
0.15
निजी भूमि
0.04
3539/2
निजी भूमि 3539/3
0.03
निजी भूमि 3538
0.06
निजी भूमि
0.18
3540
निजी भूमि
0.02
3533
निजी भूमि
0.23
3531/1
निजी भूमि 3532/1
0.12
निजी भूमि
0.06
3532/2
निजी भूमि 3530
0.04
निजी भूमि
0.03
3528
निजी भूमि
0.13
3523
निजी भूमि 3531/2
निजी भूमि
0.11 5.19
कुल रकबा निजी भूमि
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- पवई मध्यम सिंचाई परियोजना के अन्तर्गत नहर निर्माण कार्य हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पवई के न्यायालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रवीन्द्र कुमार मिश्रा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला गुना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग गुना, दिनांक 20 मई 2014
प्र. क्र. 20 - अ- 82- वर्ष 2012-2013-66.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- गुना
(ख) तहसील - गूना
(ग ) नगर/ग्राम- बन्धा ( भदौरा )
(घ) लगभग क्षेत्रफल-25.543 हेक्टेयर .
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
2/3
0.126
0.293
2/4
3/2
0.700
0.700
3/3
0.565
3/4
0.700
3/5
0.700
3/6
0.700
3/7
0.700
3/8
0.523
3/9
0.627
11/2 मिन 1
0.627
11/2मिनः 2
1.045
11/3
0.784
11/4
11/1/4
0.199
11/6
3.574
5.006
11/8
1.045
11/9/1
11/9/2
4.180
0.230
17
18
0.209
0.366
31/मिंन 2
0.491
32
36/1/2ख
1.453
योग .. 25.543
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- धानवाड़ी तालाब निर्माण लघु सिंचाई परियोजना.
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व गुना के न्यायालय में किया जा सकता है .
1730
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
प्र. क्र. 21 - अ- 82- वर्ष 2012-2013-67.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- गुना
(ख ) तहसील-गुना
(ग) नगर/ग्राम- राई
( घ) लगभग क्षेत्रफल- 25.049 हेक्टेयर .
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.010
6
9
2.111
10
0.397
12/1/1
0.178
12/1/5
0.979
12/1/7
0.597
12/1/8
0.470
1.000
12/1/9
1.000
12/1/18
1.000
12/1/19
12/1/20
0.199
0.815
12/1/21
12/1/22
0.199
1.000
12/1/23
0.608
12/1/24
12/1/25
1.000
12/1/26
1.000
1.000
12/1/27
12/1/28
0.293
0.273
12/1/29
0.230
12/1/30
12/3
3.135
12/4
1.601
0.105
12/5
0.512
12/7 मिन-2
0.397
14/9
0.303
14/10
1.463
14/18 मिन-1
0.418
14/18 मिन-2
(2)
(1)
2.257
14/198
0.178
16
17
0.042
22/1
0.042
0.073
22/3
0.052
0.073
22/4
22/5
0.052
0.005
23 मिन 1
25.049
योग ..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- धानवाड़ी तालाब निर्माण लघु सिंचाई परियोजना.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व गुना के न्यायालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संदीप यादव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग विदिशा , दिनांक 21 मई 2014
प्र. क्र. 33 - अ-82- वर्ष 2012-2013.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की, सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- विदिशा
(ख) तहसील- नटेरन
(ग ) ग्राम- घिनौंची
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.331 हेक्टेयर.
खसरा नं.
रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
31/1/1/2
0.107
0.056
31/2/क भाग 1 ]
1731
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014
(2)
(1)
32
0.108
0.160
26/1/2
0.081
26/2/1/1
0.081
26/2/2
0.054
46/1
0.036
66
0.216
67/1
81
0.137
82/2
0.072
79
0.025
0.180
185/3
2/1
0.180
2/2
0.108
3
0.054
100/3/2
0.064
100/2
0.039
0.072
100/3/1
0.094
99
0.072
107/1/1
106
0.094
117/1/2
0.033
177/1/1
0.010
117/2/1
0.090
118/3/1
0.108
योग .. 2.331
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की मुख्य नहर नागौर नहर एवं माइनरों के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष के कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी नटेरन के कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री संजय सागर परियोजना वाह नदी संभाग गंजबासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 34 - अ- 82-वर्ष 2012-2013.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- विदिशा
(ख ) तहसील- नटेरन
(ग ) ग्राम- मूड़रा पीताम्बरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.692 हेक्येयर.
खसरा नं.
रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
2/1
0.225
0.185
2/2
2/3
0.163
2/4
0.057
4/1
0.185
0.032
4/6
0.063
5/5
55/1
0.186
0.056
2/5
0.067
2/6
9
0.090
8
0.144
0.040
18/2
5/3/2
0.045
0.036
19/1
19/2
0.112
0.007
20
0.229
55/3/4
0.185
56/1/1
0.068
18/1
0.097
57/2/3
56/1/2
0.062
0.041
56/2
57/1
0.065
0.108
50
58/2
0.144
योग 2.692
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की मुख्य नहर नागौर नहर एवं माइनरों के निर्माण हेतु .
(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष के कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी नटेरन के कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री संजय सागर परियोजना वाह नदी संभाग गंजबासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 36 - अ- 82 - वर्ष 2012-2013.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन 1732
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- विदिशा
(ख) तहसील- नटेरन
(ग ) ग्राम- नौराजखेड़ी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.405 हेक्टेयर.
रकबा
सर्वे नं.
(हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.075
26/1
0.075
26/4
0.075
26/5/1 ख
26/5/3
0.078
13
0.090
169
0.012
योग .. 0.405
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके आवश्यकता है- संजय सागर (बाह ) मध्यम परियोजना की मुख्य नहर नागौर नहर एवं माइनरों के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष के कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी नटेरन के कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग गंजबासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 39 - अ- 82-2012-2013.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- विदिशा
(ख) तहसील- नटेरन
(ग) ग्राम - रायपुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.301 हेक्टेयर.
रकबा
सर्वे नं.
(हैक्टेयर में)
(2)
(1)
29/1
0.110
29/2
0.137
30/1
0.120
0.033
30/2
5
0.180
0.032
6
7
0.230
0.100
8
13
0.130
14
0.172
16
0.235
17
0.195
18
0.110
0.085
19/2/2
0.011
20/3
20/4
0.072
22/1
0.150
22/2/1
0.033
0.035
22/2/3
0.052
0.007
4/1
22/2/4
0.016
23/1
0.045
23/2
0.107
0.008
24/1
24/2
0.004
0.106
108/1/2
0.016
113/1
113/2
0.060
0.137
114
19/2/3
0.032
147
0.136
20/1
0.012
0.020
4/3
0.015
19/1
19/2/1
0.152
0.027
3
117/2
0.126
0.053
2
योग . 3.301 1733
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की मुख्य नहर नागौर नहर एवं माइनरों के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष के कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी नटेरन के कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग गंजबासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 40- अ- 82 - वर्ष 2012-2013 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- विदिशा
(ख ) तहसील- नटेरन
(ग ) ग्राम- रतनपुर चक्क
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.348 हेक्टेयर.
सर्वे नं.
रकबा (हेक्टेयर में) (2)
(1)
0.132
111/2
0.300
0.035
112/2
0.083
112/3
0.050
112/4
0.172
93/1
0.350
93/2
94/1/2/2
0.190
0.075
95/1
0.063
95/2
0.065
110/3
0.002
110/2
0.011
110/1
104/1
0.135
0.035
104/2
0.020
77/2
77/4
0.020
0.012
77/1
(2)
(1)
0.033
110/4
0.005
111/3
0.017
109
0.042
78
0.032
60
0.024
58/1/2/1
0.112
58/4
0.132
10/9
11
0.130
0.032
12/1/2
0.032
110/5
92/2
0.190
91/1
0.045
88
0.194
43
0.140
0.011
42
40/3
0.225
40/2/1
0.037
77/3
0.015
0.070
58/1/1
10/6
0.035
113
0.045
योग 3.348
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की मुख्य नहर नागौर नहर एवं माइनरों के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष के कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी नटेरन के कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग गंजबासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सिंगरौली, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सिंगरौली, दिनांक 21 मई 2014
क्र. 395 - भू-अर्जन-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 1734
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
(क्रमांक एक, सन् 1894 ) संशोधित भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिंगरौली
(ख) तहसील-सरई
(ग ) ग्राम- साजापानी
( घ ) लगभग क्षेत्रफल- 20.56 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
रकबा
(हेक्टेयर में)
(2)
(1)
1.16
1894
1893
0.28
2.06
1891
1.20
1902
0.09
1903
1905
0.70
0.12
1906
0.15
1901
0.90
1909
0.81
1911
1.21
1912-
1.00
1934
0.70
1930
0.05
1932
0.17
1931
1928
0.32
1926
0.14
0.24
1925
0.04
1924
0.52
1922
0.80
1917
0.05
1918
0.40
1899
0.01
1896
2672
0.40
2666
0.08
0.22
2660
0.24
2647
(2)
(1)
0.08
2648
0.01
2649
2681
0.22
0.32
2677
2010
0.03
1978
0.19
1977
0.43
0.69
1975
1966
0.13
0.51
1962
1963
0.30
0.35
1958
0.86
1961
0.14
1944
0.08
1862
1818
0.08
1820
0.10
1844
0.01
0.04
1420
0.17
1187
0.01
1189
1190
0.01
0.01
1196
1195
0.06
0.04
1199
0.05
1200
1201
0.01
0.02
1183
0.05
885
893
0.02
0.01
896
0.01
867
0.01
897
0.04
898
0.01
851
850
0.01
0.01
849
0.01
848
846
0.01
843
0.01
827
0.01 1735
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
(2)
(1)
0.01
844
781
0.01
782
0.01
0.01
771
755
0.01
0.01
756
757
0.01
0.01
784
0.40
1959
729
0.01
0.01
728
727
0.01
1747
0.04
1748
0.02
1749
0.02
0.02
1742
0.02
1741
1740
0.02
0.01
1735
0.08
1764
0.02
1771
0.06
1775
0.02
1784
0.01
1783
0.06
1551
1552
0.07
1563
0.03
0.07
1566
0.08
1567
1501
0.01
1503
0.05
0.12
2652
योग .. 20.56
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये- साजापानी बांध की डूब क्षेत्र एवं नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी तहसील देवसर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
क्र. 397- भू-अर्जन-2014 . - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) संशोधित भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिंगरौली
(ख) तहसील- सरई
(ग) ग्राम- घांधी टोला, प.ह.नं. साजापानी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.440 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
रकबा
(हे. में)
(2)
(1)
0.03
93
95
0.06
0.04
96
97
0.08
152
0.07
0.08
160
0.01
161
165
0.04
0.02
166
0.01
167
योग . 0.44
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये - साजापानी बांध के नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , तहसील देवसर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. सेलवेन्द्रन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1736
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
कार्यालय , कलेक्टर, जिला टीकमगढ़, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग टीकमगढ़, दिनांक 23 मई 2014
क्र. भू- अर्जन- प्र.क्र. I- II- भू-अर्जन- 2014-अ-82.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-टीकमगढ़
(ख) तहसील- बल्देवगढ़
(ग) नगर/ ग्राम- मझगुवां
(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.411 हेक्टेयर.
सर्वे नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
0.154
78 अ
77
0.073
0.182
76 अ
0.841
63 अ
59 अ
1.408
0.170
59 स
0.089
79
0.684
13/1
13/2
0.684
0.684
13/3
0.684
13/4
15
0.061
0.061
16
0.093
17
18
0.543 योग .. 6.411
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है. - जरूवा तालाब के वेस्ट वियर निर्माण ( अतिरिक्त ) .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , बल्देबगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
टीकमगढ़ , दिनांक 27 मई 2014
प्र. क्र. 2-3-82-13-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-टीकमगढ़
(ख ) तहसील- पृथ्वीपुर
(ग) ग्राम- बीरसागर
(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.570 हेक्टेयर.
सर्वे नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में )
(1)
(2)
1.028
6
0.400
13/1116
25
0.290
28
0.890
0.414
51/1 ख
0.413
51/1 क
0.276
51/4
44
0.785
0.435
61
0.665
62
80
0.565
0.409
98
योग .. 6.570
(2 ) मडवाघाट तालाब योजना के बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन हेतु आवश्यकता है.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का परीक्षण अनुविभागीय अधिकारी भू-अर्जन अधिकारी निवाड़ी के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , सुदाम खाडे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1737
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 2 मई 2014
क्र. ष्ट- 1963-दो- 3-14-2005.- श्री जे. पी. गुप्ता, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , उज्जैन को दिनांक 07 से 11 अप्रैल 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 06 अप्रैल 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 12, 13 एवं 14 अप्रैल 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री जे. पी. गुप्ता, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री जे. पी . गुप्ता, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 1970-दो- 2-14-2014.- श्री अमरनाथ, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, गुना को दिनांक 07 से 09 अप्रैल 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 06 अप्रैल 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री अमरनाथ, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, गुना को गुना पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश, वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अमरनाथ, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. C- 1972-दो- 2-53-2009.- श्री महेन्द्र पी . एस. अरोरा, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, इंदौर को दिनांक 28 फरवरी 2014 का एक दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री महेन्द्र पी . एस . अरोरा , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , इंदौर को इंदौर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश , वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री महेन्द्र पी. एस. अरोरा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. C- 1974-दो-2-26-2012.- श्री हरिशंकर वैश्य , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शहडोल को दिनांक 09 से 19 अप्रैल 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए ग्यारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 08 अप्रैल 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 20 अप्रैल 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री हरिशंकर वैश्य, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शहडोल को शहडोल पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री हरिशंकर वैश्य , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, व्ही. बी. सिंह, रजिस्ट्रार .
जबलपुर, दिनांक 21 अप्रैल, 2014
क्र. 543-गोपनीय- 2014- दो- 3-1-2014 ( भाग- बी ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 व्दारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लेखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लेखित न्यायालय के न्यायाधीश के पद पर, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है :-
सारणी
क्रमांक अधिकारी का नाम
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (3) (2)
(1)
1 श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव , द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , जबलपुर.
बाहरवें व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , जबलपुर की हैसियत से श्री सुजीत कुमार सिंह के स्थान पर.
2 श्री सुजीत कुमार सिंह, बाहरवें व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 , जबलपुर.
द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , जबलपुर की हैसियत से श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव के स्थान पर.
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, वेद प्रकाश , रजिस्ट्रार जनरल.
1738
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
Jabalpur, 8th May 2014
No. D- 3024 - III - 6-6-84- II.- In exercise of the powers conferred under sub - section ( 3 ) of Section 9 of Cr.P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Smt . Krishna Paraste , Presiding Officer of the court of IInd ASJ , Umaria for the speedy trial of offences of Rape , Gang- rape , Murder with rape & all other offences relating thereto , of the District Headquarter , Umaria .
By order of the High court, S. S. RAGHUVANSHI , Registrar (DE) .
जबलपुर , दिनांक 2 मई 2014
क्र. B - 1831-दो-14-29-86.- श्री किशोर पिथवे , डिप्टी रजिस्ट्रार ( न्यायिक -2 ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 12 से 13 मई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 10 एवं 11 मई 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 14 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री किशोर पिथवे , डिप्टी रजिस्ट्रार (न्यायिक-2 ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
[ भाग 1 अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री किशोर पिथवे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो डिप्टी रजिस्ट्रार ( न्यायिक 2 ) , के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 1978- दो-3-53-2005.- श्री कपिल मेहता, ओ. एस.
डी. , मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर को दिनांक 02 से 03 मई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 04 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान का जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री कपिल मेहता, ओ. एस. डी. , मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री कपिल मेहता, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो ओ.एस.डी. के पद पर कार्यरत रहते.
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, व्ही. बी. सिंह, रजिस्ट्रार.
जबलपुर, दिनांक 2 मई 2014
क्र. 617- गोपनीय- 2014- दो- 3-1-2014 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 तथा मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश को उनके नाम के समक्ष स्तम्भ ( 5 ) में अंकित जिले में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है : -
कहां से नाम
क्रमांक
(2)
(3) (1)
1 श्री मसूद अरशद खान
महू
सारणी
कहां को
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी सत्र खण्ड का नाम (5)
(4)
(6)
मंदसौर
मंदसौर
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से.
1739
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014
भाग 1 ]
क्र. 618 - गोपनीय- 2014- दो- 3-1-2014 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , श्री विवेक शिवहरे, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , राजगढ़ के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश एवं न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी , राजगढ़ को, उनके वर्तमान कार्य के अतिरिक्त, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, राजगढ़ की हैसियत से स्थानापन्न रूप से नियुक्त करता है. तद्नुसार वे अपने अतिरिक्त कार्यभार का निर्वहन करें.
दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 12 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, श्री विवेक शिवहरे को राजगढ़ जिले में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, स्थानापन्न रूप से नियुक्त करता है.
टिप्पणीः-
1. रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 591 /गोपनीय/ 2014/दो -3-1/2014 ( भाग- ए ) , दिनांक 29-04-2014 , जहां तक इसका संबंध श्री मसूद अरशद खान,, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, महू जिला इंदौर का, महू से , मण्डला स्थानांतरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
2. रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 591 /गोपनीय/2014/दो- 3-1 /2014 ( भाग - ए) , दिनांक 29-04-2014, जहां तक इसका संबंध श्री गंगाचरण दुबे , द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , खण्डवा का, खण्डवा से राजगढ़ स्थानांतरण से है, एतद्वारा आगामी आदेश तक स्थगित किया जाता है , वे अपनी वर्तमान पदस्थापना पर कार्य करते रहेंगे .
3. रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 591 /गोपनीय / 2014/दो - 3-1 /2014 ( भाग - ए ) , दिनांक 29-04-2014 , जहां तक इसका संबंध श्री विकास चन्द्र मिश्र, नवम् व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , जबलपुर का, जबलपुर से मंदसौर स्थानांतरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है , वे अपनी वर्तमान पदस्थापना पर कार्य करते रहेंगे .
4. रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 462/गोपनीय/ 2014/दो - 3-1 / 2014 ( भाग - ए ) , दिनांक 02-04-2014 एवं क्रमांक 488/गोपनीय/2014/ दो- 3-1 /2014 ( भाग - ए) , दिनांक 05 अप्रैल 2014 के तारतम्य में, श्री हरप्रसाद बंशकार, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग- 1 मण्डला, उनके वर्तमान कार्य के साथ - साथ, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , मण्डला की हैसियत से स्थानापन्न रूप से, आगामी आदेश तक, अतिरिक्त कार्यभार का निर्वहन करते रहेंगे .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार , वेद प्रकाश, रजिस्ट्रार जनरल.