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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 30 May 2014

Type
Ordinary
Gazette no.
22
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2014-05-30.22.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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वध्यप्रदेश शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 22]

भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 30 मई 2014 - ज्येष्ठ 9 , शक 1936

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, (7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग

(3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख ) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,

(ग ) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

गृह विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 15 मई 2014

क्र. एफ 1 ( ए) 55-1994-ब-2-दो. श्री बी. बी. एस. ठाकुर, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( आर एण्ड डी एवं पुलिस मैन्युअल ) , पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश, भोपाल को दिनांक 16 से 28 जून 2014 तक, तेरह दिवस अर्जित अवकाश , दिनांक 14 , 15 एवं 29 जून 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुए उक्त अवकाश अवधि में खण्ड वर्ष 2014-17 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2014-15 में गृह नगर यात्रा के बदले में भारत भ्रमण की यात्रा के तहत् परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ तवांग (अरूणाचल प्रदेश ) की अवकाश यात्रा पर जाने की अनुमति प्रदान की जाती है :-

1. श्री बी. बी. एस. ठाकुर- स्वयं

2. श्रीमती दुर्गा ठाकुर- पत्नी

3. राहुल ठाकुर- पुत्र

4. गौरव ठाकुर - पुत्र

(2) उक्त यात्रा हेतु श्री बी. बी. एस. ठाकुर, भापुसे, को दस दिवस के अवकाश नगदीकरण / समर्पण की पात्रता होगी एवं नगदीकृत दिवस इनके अर्जित अवकाश खाते से घटाये जायेंगे.

(3 ) उक्त अवकाश अवधि में इनका कार्य श्री ए. पी. सिंह , भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक ( आर एण्ड डी एवं पुलिस मैन्युअल ) , पुलिस मुख्यालय , मध्यप्रदेश , भोपाल द्वारा अतिरिक्त रूप से अपने कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.

1689

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2014.

1690

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

(4) अवकाश से लौटने पर श्री बी. बी. एस. ठाकुर, भापुसे, को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक , स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( आर एण्ड डी एवं पुलिस मैन्युअल ) , पुलिस मुख्यालय , मध्यप्रदेश , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

( 5 ) श्री बी. बी. एस. ठाकुर, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आर एण्ड डी एवं पुलिस मैन्युअल ) , पुलिस मुख्यालय , मध्यप्रदेश , भोपाल के द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कण्डिका ( 3 ) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.

(6) अवकाश काल में श्री बी. बी. एस . ठाकुर, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(7 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री बी. बी. एस. ठाकुर, भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

क्र. एफ 1 ( ए) 76-2011-ब-2- दो. श्री पी. एस. विष्ट, भापुसे, पुलिस अधीक्षक, गुना को पुलिस मुख्यालय के आदेश क्र. 702/14, दिनांक 6 मई 2014 द्वारा स्वीकृत दिनांक 29 मई से 7 जून 2014 तक, दस दिवस अर्जित अवकाश, की अवधि में राज्य शासन द्वारा खण्ड वर्ष 2014-17 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2014-15 में गृह नगर यात्रा के बदले में भारत भ्रमण की पात्रता के तहत परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ तिरूपती जाने की अवकाश यात्रा की अनुमति प्रदान की जाती है :-

1. श्री पी . एस. विष्ट-स्वयं

2. श्रीमती मीनाक्षी विष्ट-पत्नी.

क्र. एफ 1 (ए) 92-2001-ब-2- दो. श्री जी. पी. उईके , भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक ( समन्वय ) , पुलिस मुख्यालय, भोपाल को दिनांक 28 फरवरी से 29 मार्च 2014 तक, कुल तीस दिवस अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश काल में श्री जी. पी . उईके , भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री जी. पी. उईके , भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

[ भाग 1 क्र. एफ 1 (ए) 129-2011- ब- 2- दो. श्री अमित सिंह , भापुसे, पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ को दिनांक 22 मई से 5 जून 2014 तक, पन्द्रह दिवस का पितृत्व अवकाश स्वीकृत करते हुए, अवकाश अवधि में राज्य शासन द्वारा खण्ड वर्ष 2014-17 के प्रथम वर्ष 2014 में गृह नगर यात्रा के तहत परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ प्रतापगढ़ ( उत्तर प्रदेश ) जाने की अवकाश यात्रा की अनुमति प्रदान की जाती है : -

1. श्री अमित सिंह-स्वयं

2. श्रीमती प्रज्ञा सिंह- पत्नी

3. प्रज्ञान सिंह- पुत्र.

क्र. एफ 1 (ए) 147-90-ब- 2- दो. श्री सुधीर कुमार शाही, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक, एस.टी.एफ. , पुलिस मुख्यालय, भोपाल को दिनांक 19 मई से 4 जून 2014 तक , सत्रह दिवस अर्जित अवकाश , दिनांक 17 एवं 18 मई 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है .

( 2 ) श्री सुधीर कुमार शाही , भापुसे, की अवकाश अवधि में इनका कार्य श्री संजय तिवारी , भापुसे, सहायक पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय ) , एस.टी.एफ. , पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री सुधीर कुमार शाही, भापुसे , को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अति. पुलिस महानिदेशक, एस.टी.एफ. , पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) श्री सुधीर कुमार शाही, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक, एस.टी.एफ. , पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका -2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .

( 5 ) अवकाश काल में श्री सुधीर कुमार शाही , भापुसे , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री सुधीर कुमार शाही, भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

1691

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

क्र. एफ 1 ( ए ) 199-1991- ब-2-दो. श्रीमती सुषमा सिंह, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक, यातायात, पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 24 से 31 मई 2014 तक, आठ दिवस अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) श्रीमती सुषमा सिंह, भापुसे, की अवकाश अवधि में इनका कार्य श्री अनिल गुप्ता, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, पी.टी.आर.आई. , पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती सुषमा सिंह, भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अति. पुलिस महानिदेशक, यातायात, पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) श्रीमती सुषमा सिंह, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक, यातायात , पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका -2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.

(5) अवकाश काल में श्रीमती सुषमा सिंह, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती सुषमा सिंह , भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाती तो अपने पद पर बने रहतीं.

भोपाल, दिनांक 16 मई 2014

क्र. एफ 1 ( ए) 254-1988- ब- 2-दो. श्री संजय राणा , भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक / प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल को दिनांक 19 से 24 मई 2014 तक, छः दिवस अर्जित अवकाश , दिनांक 17-18 एवं 25 मई 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) श्री संजय राणा, भापुसे, की अवकाश अवधि में इनका कार्य श्री पी. डी. खैरा , मुख्य परियोजना यंत्री, मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री संजय राणा , भापुसे, को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक / प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) श्री संजय राणा, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक / प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका -2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाश काल में श्री संजय राणा, भापुसे , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री संजय राणा, भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

भोपाल, दिनांक 21 मई 2014

क्र. एफ 1 (ए) 128-2011-ब-2- दो. श्री नवनीत भसीन , भापुसे, पुलिस अधीक्षक, सीधी को पुलिस मुख्यालय के आदेश दिनांक 15 मई 2014 द्वारा स्वीकृत दिनांक 24 से 31 मई 2014 तक, आठ दिवस अर्जित अवकाश अवधि में खण्ड वर्ष 2010-13 के द्वितीय ब्लाक वर्ष 2012-13 के विस्तार वर्ष 2014 में गृह नगर यात्रा के बदले में भारत भ्रमण की यात्रा की पात्रता के तहत् सपत्नीक श्रीनगर (जम्मू कश्मीर) जाने की अवकाश यात्रा की अनुमति प्रदान की जाती है :-

1. श्री नवनीत भसीन- स्वयं

2. श्रीमती शुभांगी भसीन- पत्नी.

क्र. एफ 1 ( ए) 217-1991- ब- 2- दो. डॉ. डी. एस. सेंगर, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, आर.ए.पी.टी.सी. , इन्दौर को दिनांक 16 से 20 जून 2014 तक, पांच दिवस अर्जित अवकाश, दिनांक 14, 15 एवं 21 , 22 जून 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुए उक्त अवकाश अवधि में खण्ड वर्ष 2014-17 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2014-15 में सपत्नीक गृह नगर यात्रा के बदले में भारत भ्रमण की यात्रा की पात्रता के तहत् तवांग (अरूणाचल प्रदेश ) की अवकाश यात्रा पर जाने की अनुमति प्रदान की जाती है :-

1. डॉ. डी. एस. सेंगर- स्वयं

2. श्रीमती रीता सेंगर- पत्नी

(2) उक्त यात्रा हेतु डॉ. डी. एस. सेंगर, भापुसे , को दस दिवस के अवकाश नगदीकरण / समर्पण की पात्रता होगी एवं नगदीकृत दिवस इनके अर्जित अवकाश खाते से घटाये जायेंगे.

(3 ) उक्त अवकाश अवधि में इनका कार्य श्री आर. के. गुप्ता , भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, आर.ए.पी.टी.सी. , इन्दौर द्वारा अतिरिक्त रूप से अपने कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.

1692

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

(4) अवकाश से लौटने पर डॉ. डी. एस. सेंगर , भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, आर.ए.पी.टी.सी. , इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

( 5 ) डॉ. डी. एस. सेंगर, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, आर.ए.पी.टी.सी. , इन्दौर के द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कण्डिका ( 3 ) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.

(6) अवकाश काल में डॉ. डी. एस. सेंगर, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(7) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. डी. एस . सेंगर, भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. स्वाई , प्रमुख सचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 15 मई 2014

फा. क्र. 17 ( ई ) 523-2013 - इक्कीस - ब(दो ) .- इस विभाग के आदेश क्रमांक 17 ( ई ) 414-418-2008 - इक्कीस - ब ( दो ) , दिनांक 14 अगस्त 2008 के द्वारा तहसील मझौली , जिला सीधी में नोटरी के पद पर श्री गुलाब प्रसाद चतुर्वेदी, अधिवक्ता की नियुक्ति के परिणामस्वरूप जारी नोटरी व्यवसाय प्रमाण - पत्र का नवीनीकरण विभागीय आदेश क्रमांक 17 ( ई ) 523-2013 - इक्कीस- ब ( दो ) , दिनांक 5 मार्च 2014 के द्वारा दिनांक 3 फरवरी 2014 से 2 फरवरी 2019 तक की अवधि के लिये किया गया था, परन्तु माननीय उच्च न्यायालय की मुख्यपीठ जबलपुर के द्वारा रिट याचिका क्रमांक 13798/08 ( श्रीमती माया द्विवेदी विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन एवं एक अन्य) में पारित आदेश दिनांक 3 दिसम्बर 2013 के अनुसार इस विभाग के आदेश क्रमांक 17 ( ई ) 414-418-2008- इक्कीस - ब ( दो ) , दिनांक 14 अगस्त 2008 को अपास्त किया गया था. परिणामस्वरूप श्री गुलाब प्रसाद चतुर्वेदी के नोटरी व्यवसाय प्रमाण- पत्र के नवीनीकरण के आदेश क्रमांक 17 ( ई ) 523-2013- इक्कीस - ब ( दो ) , दिनांक 5 मार्च 2014 को, एतद्वारा तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. वर्मा , सचिव.

भोपाल , दिनांक 21 मई 2014

फा. क्र. 1-1-2002- इक्कीस- ब ( एक).- राज्य शासन, उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम , 1984 ( 1984 का सं. 66 ) की धारा 4 सहपठित मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 के अन्तर्गत उच्च न्यायिक सेवा के सदस्य श्री शिवनारायण खरे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सिंगरौली को प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , रीवा के रिक्त पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी आदेश होने तक नियुक्त करता है.

उच्च न्यायिक अधिकारियों को देय वेतन तथा भत्ते का निर्धारण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 के अन्तर्गत होगा.

भोपाल, दिनांक 22 मई 2014

फा. क्र. 3 ( ए) 5-2013 - इक्कीस - ब ( एक ) . - राज्य शासन, एतद्वारा , सुश्री मेरी मारग्रेट फ्रांसिस , पिता श्री फ्रांसिस जेवियर को मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा ( भर्ती तथा सेवा शर्तें ) नियम, 1994 (यथा संशोधित ) के नियम 5 ( 1 ) ( ग ) के प्रावधान के अनुसार अधिवक्ताओं में से सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने वाले पद पर अस्थायी रूप से, दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश होने तक उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से जिला न्यायाधीश ( प्रवेश स्तर ) के पद पर , जिसका वेतनमान रुपये 51550-1230-58930-1380-63070 है , में नियुक्त करता है .

अभ्यर्थी का गृह जिला इन्दौर है. उसकी जन्मतिथि प्रस्तुत अभिलेख अनुसार 18 मई, 1977 है.

फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस ब ( एक) 1153-14.- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा इस विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस- ब ( एक) , दिनांक 7 नवम्बर 2009 को, आंशिक रूप से अतिष्ठित करते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से, एतद्वारा श्री अमिताभ मिश्रा, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , भोपाल को, जिनका मुख्यालय, भोपाल होगा, उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड (क) तथा ( ख ) में विनिर्दिष्ट अपराधों तथा दिल्ली पुलिस या केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम, 1946 ( 1946 का 25 ) के अधीन अन्वेषण किये गये अन्य समस्त अपराधों के संबंध में, मामलों के विचारण के लिये , नीचे विनिर्दिष्ट 1693

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

किये गये राजस्व जिलों में समाविष्ट क्षेत्रों के लिये विशेष न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करता है , यथा :-

राजस्व जिले

(1 ) ग्वालियर , ( 2 ) गुना ( 3 ) शिवपुरी , ( 4 ) छतरपुर, (5 ) दतिया, ( 6 ) अशोकनगर, ( 7 ) भिण्ड.

F. N. 1-5-96 - XXI - B ( One ) -1158-14 . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act , 1988 (No. 49 of 1988 ) and in partial supersession of this department's Notification F. N. 1-5-96 - XXI - B ( One ) , dated 7th November , 2009 , the State Government , in consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby , appoint Shri Amitabh Mishra , Additional Sessions Judge , Bhopal , as Special Judge with Headquarter at Bhopal for the areas comprising the Revanue Districts specified below to try the cases in regard to the offences specified in clauses ( a) and ( b) of sub - section ( 1 ) of Section 3 of the said Act and all other offences investigated under Delhi Special Police Establishment Act , 1946 (No. 25 of 1946) by the Delhi Police or Central Bureau of Investigation , namely :-

Revenue Districts

(4) Chhatarpur , (1) Gwalior , (2) Guna, (3 ) Shivpuri , (5) Datia , ( 6) Ashoknagar , ( 7) Bhind .

फा. क्र. 1-5-96 - इक्कीस ब ( एक) 1158-14 .- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा इस विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस- ब ( एक ) -4211-13, दिनांक 30 अक्टूबर 2013 को, जो मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग -1 में, दिनांक 8 नवम्बर 2013 को प्रकाशित हुई थी, को आंशिक रूप से अतिष्ठित करते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से , एतद्वारा श्री रमाशंकर शर्मा , तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , इन्दौर को, जिनका मुख्यालय , इन्दौर होगा, उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( क ) तथा ( ख ) में विनिर्दिष्ट अपराधों तथा दिल्ली पुलिस या केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम , 1946 ( 1946 का 25 ) के अधीन अन्वेषण किये गये अन्य समस्त अपराधों के संबंध में, मामलों के विचारण के लिये , नीचे विनिर्दिष्ट किये गये राजस्व जिलों में समाविष्ट क्षेत्रों के लिये विशेष न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करता है, यथा :-

राजस्व जिले

(1 ) धार , ( 2 ) रतलाम , ( 3 ) झाबुआ, ( 4 ) मंदसौर , (5 ) पश्चिम निमाड़ ( मण्डलेश्वर ) , ( 6 ) उज्जैन, (7) देवास , ( 8 ) शाजापुर, ( 9 ) पू. निमाड़ (खण्डवा ) , (10) नीमच , ( 11 ) बड़वानी ( 12 ) अलीराजपुर, (13) बुरहानपुर.

F. N. 1-5-96- XXI - B ( One) -1158-14 . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act, 1988 (No. 49 of 1988) and in partial supersession of this department's Notification F. N. 1-5-96 - XXI - B ( One ) -4211-13 , dated 30th October , 2013 , with was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part - I , Dated 8th November 2013 , the State Government , in consultation with the High Court ofMadhya Pradesh , hereby , appoint Shri Rama Shankar Sharma , IIIrd Additional Sessions Judge , Indore , as a Special Judge with Headquarter at Indore for the areas comprising the Revenue Districts specified below to try the cases in regard to the offences specified in clauses (a) and (b) of sub - section ( 1 ) of Section 3 of the said Act and all other offences investigated under Delhi Special Police Establishment Act , 1946 (No. 25 of 1946 ) by the Delhi Police or Central Bureau of Investigation, namely :-

Revenue Districts

(1 ) Dhar , (2) Ratlam , (3 ) Jhabua , ( 4) Mandsaur , (5) West Nimar ( Mandleshwar ) , ( 6) Ujjain , (7) Dewas , ( 8 ) Shajapur , ( 9 ) East Nimar (Khandwa) , ( 10) Neemuch , ( 11 ) Barwani , (12) Alirajpur ( 13 ) Burhanpur .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, चन्द्रहास व्ही. सिरपुरकर, प्रमुख सचिव.

आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल सूचना भोपाल , दिनांक 21 मई 2014

क्र. एफ-3-136-2012- बत्तीस . राज्य सरकार , एतद्वारा , विभागीय सूचना क्रमांक एफ-3-136-2012 - बत्तीस , दिनांक 2 जुलाई 2013 को जारी की गई थी उक्त सूचना के उपांतरण विवरण में योग-5.568 हेक्टेयर के स्थान पर त्रुटिवश 7.29 हेक्टेयर अंकित हो गया है. अतः उक्त सूचना के उपांतरण विवरण के योग को 5.568 हेक्टेयर पढ़ा जावे .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वर्षा नावलेकर, उपसचिव.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014

1694

जेल विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 23 मई 2014

क्र. एफ- 3-36-2006-3- जेल. राज्य शासन, प्रिजन्स एक्ट, 1894 की धारा 3 ( 1 ) सहपठित धारा 59 के अधीन प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, तृतीय चरण में जिला मुख्यालय स्थित उप जेल विदिशा, खरगौन , रायसेन , मण्डला, कटनी एवं नीमच को उन्नयन कर जिला जेल के समकक्ष घोषित करता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. स्वाई , प्रमुख सचिव.

आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 23 मई 2014

क्र. एफ - 3-86-2013- बत्तीस.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम ( संशोधित) , 1973 ( क्रमांक 1 सन् 2012 ) की

[ भाग 1 धारा 23 " क " की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार , एतद्वारा इस विभाग की सूचना क्र. एफ- 3-86-2013- बत्तीस , दिनांक 1 फरवरी 2014 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रवर्तित जबलपुर विकास योजना 2021 में उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार हैं :-

अनुसूची

क्रमांक ग्राम

उपांतरित

निर्दिष्ट

खसरा क्षेत्रफल विकास उपांतरण पश्चात् (हेक्टेयर योजना में में) क्र.

भू- उपयोग

भू- उपयोग

(4) (5)

(6) (2) (3)

(1)

865/5 25 कृषि

1. ग्राम पुरवा

का अंश

औद्योगिक ( सूचना प्रौद्योगिकी) .

योग .. 25

2. उपरोक्त उपांतरण अंगीकृत , जबलपुर विकास योजना 2021 का एकीकृत भाग मान्य होगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

वर्षा नावलेकर , उपसचिव.

विभाग प्रमुखों के आदेश

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन "

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल, मध्यप्रदेश- 462 011

आदेश

भोपाल, दिनांक 19 मई 2014

क्र. एफ-67-123-10- तीन- 931.- मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम, भोपाल जिला भोपाल के आम निर्वाचन में श्रीमती मनोज जैन , महापौर पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिक निगम , भोपाल जिला भोपाल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल के पत्र क्र. 7471- स्था. निर्वा.10 दिनांक 6 मार्च 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती मनोज जैन द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा अपूर्ण दाखिल नहीं किया गया.

1695

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा अपूर्ण प्रस्तुत करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आयोग के पत्र दिनांक 16 अप्रैल , 2010 के द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल को निर्देशित किया गया कि वह जिला स्तर पर व्यय लेखा पूर्ण किये जाने हेतु सूचना पत्र जारी कर लेखों को पूर्ण करवाए . जिला स्तर पर श्रीमती मनोज जैन को निर्वाचन व्यय पूर्ण करने हेतु सूचना पत्र जारी किया गया.

आयोग द्वारा श्रीमती मनोज जैन को जिला स्तर पर जारी सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि में अपूर्ण व्यय लेखा को पूर्ण किया गया कि नहीं के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से प्राप्त पत्र दिनांक 14 सितम्बर, 2010 एवं 1 जनवरी 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी श्रीमती मनोज जैन ने अपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखों को पूर्ण नहीं किया गया.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्रीमती मनोज जैन को दिनांक 15 अप्रैल, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया, अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं. जबकि अभ्यर्थी सुश्री मनोज जैन को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली दिनांक 14 मार्च, 2014 को विहित समयावधि में कराई जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती मनोज जैन को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम , भोपाल , जिला भोपाल का पार्षद या महापौर होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 ( पांच) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 19 मई 2014

क्र. एफ-67-123-10- तीन- 932.-मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम, भोपाल जिला भोपाल के आम निर्वाचन में श्रीमती सईदा अंसारी , महापौर पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिक निगम , भोपाल जिला भोपाल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल के पत्र क्र. 7471- स्था. निर्वा. 10 दिनांक 6 मार्च 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती सईदा अंसारी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा अपूर्ण दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती सईदा अंसारी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 16 अप्रैल, 2010 जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस से सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

1696

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

श्रीमती सईदा अंसारी को कारण बताओ नोटिस दिनांक 21 मई, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 5 जून , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था , आयोग द्वारा सुश्री सईदा अंसारी को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि (15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से प्राप्त पत्र दिनांक 14 सितम्बर , 2010 एवं दिनांक 1 जनवरी , 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री सईदा अंसारी ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है .

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री सईदा अंसारी को दिनांक 15 अप्रैल , 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई, जबकि अभ्यर्थी सुश्री सईदा अंसारी को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 4 मार्च, 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 14 मार्च 2014 को कराई जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती सईदा अंसारी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम, भोपाल , जिला भोपाल का पार्षद या महापौर होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 19 मई 2014

क्र. एफ-67-123-10- तीन-933.-मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके

[भाग 1 निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा .

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम , भोपाल जिला भोपाल के आम निर्वाचन में श्रीमती सुमन तिवारी , महापौर पद की अभ्यर्थी थीं . नगरपालिक निगम , भोपाल जिला भोपाल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल के पत्र क्र. 7471- स्था. निर्वा. 10 दिनांक 6 मार्च 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती सुमन तिवारी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती सुमन तिवारी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 16 अप्रैल, 2010 जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्रीमती सुमन तिवारी को कारण बताओ नोटिस दिनांक 16 अप्रैल, 2010 उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल द्वारा रजिस्टर्ड ए. डी. से प्रेषित किया गया था. कारण बताओ नोटिस के प्राप्ति दिनांक से सुश्री सुमन तिवारी को कारण बताओ सूचना पत्र की. तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से प्राप्त पत्र दिनांक 14 सितम्बर , 2010 एवं दिनांक 1 जनवरी , 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री सुमन तिवारी ने कारण बताओ नोटिस के संदर्भ में की कोई उत्तर/ अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री सुमन तिवारी को दिनांक 15 अप्रैल, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई , जबकि अभ्यर्थी सुश्री सुमन तिवारी को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र की तामीली विहित समयावधि में कराई जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री सुमन तिवारी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम, भोपाल, जिला भोपाल का पार्षद या महापौर होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 19 मई 2014

क्र. एफ-67-124-10-तीन- 935.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष

1697 का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् बैरसिया , जिला भोपाल के आम निर्वाचन में श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद् बैरसिया, जिला भोपाल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर , 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल के पत्र दिनांक 13 मई, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा अपूर्ण दाखिल किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा अपूर्ण प्रस्तुत करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आयोग के पत्र दिनांक 5 जून , 2010 के द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल को निर्देशित किया गया कि वह जिला स्तर पर व्यय लेखा पूर्ण किये जाने हेतु सूचना पत्र जारी कर लेखों को पूर्ण करवाए. जिला स्तर पर श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को दिनांक 15 जून , 2010 को निर्वाचन व्यय लेखा पूर्ण करने हेतु सूचना पत्र जारी किया गया, जिसमें श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को सूचना के प्राप्त होने के एक सप्ताह के अन्दर निर्वाचन व्यय लेखा पूर्ण करना चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि एक सप्ताह के अन्दर त्रुटियों का निराकरण न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जावेगा.

आयोग द्वारा श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को जिला स्तर पर जारी सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि में अपूर्ण व्यय लेखा को पूर्ण किया गया कि नहीं के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से प्राप्त पत्र दिनांक 1 जनवरी , 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी ने अपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखे को पूर्ण नहीं किया गया.

1698

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को दिनांक 15 अप्रैल, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं, जबकि अभ्यर्थी श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 20 फरवरी, 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 4 मार्च, 2014 को उनके पति द्वारा तामील की जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में अपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत किया , जिसे पूर्ण नहीं किया गया, जबकि जिला स्तर पर अभ्यर्थी श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को दिनांक 15 जून, 2010 को निर्वाचन व्यय पूर्ण करने हेतु सूचना पत्र जारी किया गया, जिसमें श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को सूचना पत्र के प्राप्त होने के एक सप्ताह के अन्दर निर्वाचन व्यय लेखा पूर्ण करना चाहा गया था. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद्, बैरसिया , जिला भोपाल का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 19 मई 2014

क्र. एफ-67-124-10- तीन-936 .- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष

[भाग 1 का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् बैरसिया, जिला भोपाल के आम निर्वाचन में श्रीमती सुनीता फत्तूलाल अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद् बैरसिया, जिला भोपाल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर , 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल के पत्र दिनांक 13 मई, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती सुनीता फत्तूलाल द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा विलंब एवं अपूर्ण दाखिल किया गया.

विलम्ब से एवं अपूर्ण निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती सुनीता फत्तूलाल को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 5 जून , 2010 जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में श्रीमती सुनीता फत्तूलाल से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्रीमती सुनीता फत्तूलाल का कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 15 जुलाई, 2010 को उनके देवर ( तत्समय देवर की उम्र 31 वर्ष थी) को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 30 जुलाई, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा श्रीमती सुनीता फत्तूलाल को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल से प्राप्त पत्र दिनांक 1 जनवरी , 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी श्रीमती सुनीता फत्तूलाल ने विलम्ब के संबंध कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया, न ही अपूर्ण व्यय लेखों को पूर्ण किया गया.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्रीमती सुनीता फत्तूलाल को दिनांक 15 अप्रैल, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई, जबकि अभ्यर्थी श्रीमती सुनीता फत्तूलाल को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 20 फरवरी , 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 5 मार्च , 2014 को कराई जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती सुनीता फत्तूलाल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद्, बैरसिया, जिला भोपाल का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 19 मई 2014

क्र. एफ. 67-124-10- तीन- 937.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र

1699 (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् बैरसिया , जिला भोपाल के आम निर्वाचन में श्रीमती शाहीन समी अफसर अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगरपालिका परिषद् बैरसिया, जिला भोपाल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी, 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल के पत्र दिनांक 13 मई , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती शाहीन समी अफसर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती शाहीन समी अफसर को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 5 जून, 2010 जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में श्रीमती शाहीन समी अफसर से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्रीमती शाहीन समी अफसर का कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 15 जुलाई, 2010 को उनके पति द्वारा तामील किया गया. अतः उनको दिनांक 30 जुलाई, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा श्रीमती शाहीन समी अफसर को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , भोपाल से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल से प्राप्त पत्र दिनांक 1 जनवरी , 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी श्रीमती शाहीन समी अफसर ने निर्वाचन व्यय लेखे के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्रीमती शाहीन समी अफसर को दिनांक 15 अप्रैल , 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई, जबकि अभ्यर्थी श्रीमती शाहीन समी अफसर को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 20 फरवरी , 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 4 मार्च , 2014 को कराई जा चुकी थी.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

1700

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती शाहीन समी अफसर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद्, बैरसिया, जिला भोपाल का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल .

आदेश

भोपाल, दिनांक 19 मई 2014

क्र. एफ- 67-44-10- तीन- 945.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मुंगावली , जिला अशोकनगर के आम निर्वाचन में श्री सुरेन्द्र रघुवंशी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक

[ भाग 1 15 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, श्री सुरेन्द्र रघुवंशी को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पास दाखिल करना था, किन्तु जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पत्र दिनांक 20 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री सुरेन्द्र रघुवंशी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री सुरेन्द्र रघुवंशी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 2 फरवरी , 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री सुरेन्द्र रघुवंशी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री सुरेन्द्र रघुवंशी को नोटिस दिनांक 23 फरवरी , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 10 मार्च, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला अशोकनगर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 30 दिसम्बर, 2013 में प्रतिवेदित है कि-" अभ्यर्थी श्री सुरेन्द्र रघुवंशी ने कारण बताओ नोटिस तामीली उपरान्त प्रतिवेदन दिनांक तक जिला निर्वाचन कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है और ना ही निर्वाचन व्यय लेखा विलम्ब से प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है . अभ्यर्थी के विरुद्ध नगरपालिका निर्वाचन नियमों के अंतर्गत कार्यवाही की जाना उचित होगा. " विचारोपरान्त आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री सुरेन्द्र रघुवंशी को दिनांक 15 अप्रैल, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 22 अप्रैल, 2014 के अनुसार अभ्यर्थी को सूचना पत्र की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 5 अप्रैल, 2014 को कराई गई है, किन्तु अभ्यर्थी श्री सुरेन्द्र रघुवंशी आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री सुरेन्द्र रघुवंशी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री सुरेन्द्र रघुवंशी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, मुंगावली , मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

जिला अशोकनगर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 19 मई 2014

क्र. एफ- 67-44-10- तीन-946 .- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा .

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मुंगावली, जिला अशोकनगर के आम निर्वाचन में श्री रविन्द्र पाठक अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, श्री रविन्द्र पाठक को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पास दाखिल करना था, किन्तु जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पत्र दिनांक 20 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री रविन्द्र पाठक द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

1701 विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री रविन्द्र पाठक को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 2 फरवरी, 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री रविन्द्र पाठक से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री रविन्द्र पाठक को नोटिस दिनांक 23 फरवरी , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 10 मार्च, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला अशोकनगर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 30 दिसम्बर, 2013 में प्रतिवेदित है कि " अभ्यर्थी श्री रविन्द्र पाठक ने कारण बताओ नोटिस तामीली उपरान्त प्रतिवेदन दिनांक तक जिला निर्वाचन कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है और ना ही निर्वाचन व्यय लेखा विलम्ब से प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है . अभ्यर्थी के विरुद्ध नगरपालिका निर्वाचन नियमों के अंतर्गत कार्यवाही की जाना उचित होगा . " विचारोपरान्त आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री रविन्द्र पाठक को दिनांक 15 अप्रैल, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 22 अप्रैल, 2014 के अनुसार अभ्यर्थी को सूचना पत्र की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 5 अप्रैल, 2014 को कराई गई है , किन्तु अभ्यर्थी श्री रविन्द्र पाठक आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री रविन्द्र पाठक द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री रविन्द्र पाठक को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, मुंगावली , जिला अशोकनगर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

1702

आदेश

भोपाल, दिनांक 19 मई 2014

क्र. एफ. 67-44-10-तीन-947.-मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मुंगावली, जिला अशोकनगर के आम निर्वाचन में श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर , 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पास दाखिल करना था, किन्तु जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पत्र दिनांक 20 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 2 फरवरी , 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर

[ भाग 1 प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) के पुत्र श्री उमाशंकर अहिरवार को नोटिस दिनांक 23 फरवरी , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 10 मार्च, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला अशोकनगर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 30 दिसम्बर, 2013 में प्रतिवेदित है कि-" अभ्यर्थी श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) ने कारण बताओ नोटिस तामीली उपरान्त प्रतिवेदन दिनांक तक जिला निर्वाचन कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है और ना ही निर्वाचन व्यय लेखा विलम्ब से प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है. अभ्यर्थी के विरुद्ध नगरपालिका निर्वाचन नियमों के अंतर्गत कार्यवाही की जाना उचित होगा."

विचारोपरान्त आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) को दिनांक 15 अप्रैल, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 22 अप्रैल , 2014 के अनुसार अभ्यर्थी को सूचना पत्र की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 5 अप्रैल , 2014 को कराई गई है , किन्तु अभ्यर्थी श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया.

उपरोक्तविवेचना से स्पष्ट है कि श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री बलराम अहिरवार ( बल्ला ) को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, मुंगावली , जिला अशोकनगर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार ,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

आदेश

भोपाल , दिनांक 19 मई 2014

क्र. एफ. 67-44-10- तीन-948 . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मुंगावली, जिला अशोकनगर के आम निर्वाचन में श्री औसाफ अहमद कुरैशी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर , 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, श्री औसाफ अहमद कुरैशी को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पास दाखिल करना था , किन्तु जिला निर्वाचन अधिकारी, अशोकनगर के पत्र दिनांक 20 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री औसाफ अहमद कुरैशी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री औसाफ अहमद कुरैशी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 2 फरवरी , 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री औसाफ अहमद कुरैशी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते

1703 हुए यह भी अंकित किया गया था, कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री औसाफ अहमद कुरैशी के पुत्र श्री इन्साफ अहमद को नोटिस दिनांक 25 फरवरी , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 12 मार्च , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला अशोकनगर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 30 दिसम्बर, 2013 में प्रतिवेदित है कि-" अभ्यर्थी श्री औसाफ अहमद कुरैशी ने कारण बताओ नोटिस तामीली उपरान्त प्रतिवेदन दिनांक तक जिला निर्वाचन कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है , और ना ही निर्वाचन व्यय लेखा विलम्ब से प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है. अभ्यर्थी के विरुद्ध नगरपालिका निर्वाचन नियमों के अंतर्गत कार्यवाही की जाना उचित होगा . " विचारोपरान्त आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री औसाफ अहमद कुरैशी को दिनांक 15 अप्रैल , 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 22 अप्रैल , 2014 के अनुसार अभ्यर्थी को सूचना पत्र की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 5 अप्रैल, 2014 को कराई गई है , किन्तु अभ्यर्थी श्री औसाफ अहमद कुरैशी आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री औसाफ अहमद कुरैशी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री औसाफ अहमद कुरैशी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, मुंगावली , जिला अशोकनगर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

1704

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

आदेश

भोपाल , दिनांक 19 मई 2014

क्र. एफ. 67-44-10- तीन- 949.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मुंगावली, जिला अशोकनगर के आम निर्वाचन में श्री बंटी राय अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, श्री बंटी राय को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पास दाखिल करना था , किन्तु जिला निर्वाचन अधिकारी, अशोकनगर के पत्र दिनांक 20 जनवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री बंटी राय द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री बंटी राय को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 2 फरवरी , 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री बंटी राय से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री बंटी राय के पिता श्री चिरोंजीलाल राय को नोटिस दिनांक 4 जून , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 19 जून, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला अशोकनगर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 30 दिसम्बर, 2013 में प्रतिवेदित है कि-" अभ्यर्थी श्री बंटी राय ने कारण बताओ नोटिस तामीली उपरान्त प्रतिवेदन दिनांक तक जिला निर्वाचन कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है और ना ही निर्वाचन व्यय लेखा विलम्ब से प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है . अभ्यर्थी के विरुद्ध नगरपालिका निर्वाचन नियमों के अंतर्गत कार्यवाही की जाना उचित होगा. "

विचारोपरान्त आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री बंटी राय को दिनांक 15 अप्रैल, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 22अप्रैल, 2014 के अनुसार अभ्यर्थी को सूचना पत्र की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 5 अप्रैल , 2014 को कराई गई है, किन्तु अभ्यर्थी श्री बंटी राय आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री बंटी राय द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री बंटी राय को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, मुंगावली , जिला अशोकनगर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

आदेश

भोपाल , दिनांक 19 मई 2014

क्र. एफ. 67-44-10- तीन 950.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का , जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मुंगावली, जिला अशोकनगर के आम निर्वाचन में श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पास दाखिल करना था , किन्तु जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पत्र दिनांक 20 जनवरी, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 2 फरवरी, 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) के पिता को नोटिस दिनांक 28 फरवरी, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 15 मार्च, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अपर कलेक्टर एवं

1705 उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला अशोकनगर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 30 दिसम्बर, 2013 में प्रतिवेदित है कि-" अभ्यर्थी श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू ) ने कारण बताओ नोटिस तामीली उपरान्त प्रतिवेदन दिनांक तक जिला निर्वाचन कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है और ना ही निर्वाचन व्यय लेखा विलम्ब से प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है. अभ्यर्थी के विरुद्ध नगरपालिका निर्वाचन नियमों के अंतर्गत कार्यवाही की जाना उचित होगा. "

विचारोपरान्त आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) को दिनांक 15 अप्रैल , 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 22 अप्रैल, 2014 के अनुसार अभ्यर्थी को सूचना पत्र की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 28 मार्च , 2014 को कराई गई है, किन्तु अभ्यर्थी श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री रफीकउद्दीन ( बब्लू) को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, मुंगावली , जिला अशोकनगर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , जिला सीधी, मध्यप्रदेश सीधी , दिनांक 15 मई 2014

क्र. ब.श्र.प्र.समा. - सर्त. समि. जिश्रसी- 2014- बंधक श्रमिक प्रथा (उन्मूलन ) अधिनियम, 1976 के अध्याय 5 की धारा 13 ( 3 ) में 1706

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

विहित प्रावधानों के अनुसार उपखण्ड स्तरीय सतर्कता समिति का पुनर्गठन अधिसूचना जारी होने की अवधि से दो वर्षों की कालावधि के लिये किया जाता है .

जिला स्तरीय सतर्कता समिति , सीधी, जिला सीधी के पदाधिकारी एवं सदस्य निम्नानुसार है : -

13 (2) ( क) जिला मजिस्ट्रेट, सीधी अध्यक्ष 13 (2) (ख ) 1. श्री गेन्दलाल कोल, नगरपालिका सदस्य पार्षद, सीधी.

2. श्री केमला प्रसाद प्रजापति, सदस्य उपाध्यक्ष, जिला पंचायत, सीधी.

सदस्य 3. श्री अध्यक्ष , जनपद पंचायत , सीधी 1. श्री अध्यक्ष , जनपद पंचायत, कुसमी सदस्य 13(2) (ग)

सदस्य 2. श्री राजेश मिश्रा, अधिवक्ता, पटेल पुल, सीधी.

सदस्य 1. पुलिस अधीक्षक, सीधी

13 (2) ( घ )

सदस्य 2. मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत , सीधी.

3. सहायक आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग , सीधी. सदस्य 13 ( 2) ( ङ) 1. प्रबंधक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सदस्य अग्रणी बैंक, सीधी.

2. प्रभारी अधिकारी , भू-अभिलेख, सीधी. सदस्य उपखण्ड स्तरीय सतर्कता समिति , गोपद बनास, जिला सीधी

अध्यक्ष ( क) श्री शैलेन्द्र सिंह, उपखण्ड मजिस्ट्रेट, 113 3

सीधी.

सदस्य 2 3(ख ) 1. श्री प्रदीप साकेत, दक्षिण करौदिया सीधी, सदस्य अजा.

3

2. श्री उपेन्द्र सिंह मरकाम, गोपालदास सदस्य रोड, सीधी.

4 3. श्रीमती रामकली सिंह , सदस्य, जिला पंचायत, सीधी ( महिला) अजजा. सदस्य 5

सदस्य 3 ( ग ) 1. श्री नीरज कुन्देर, गोपालदास रोड दक्षिण करौदिया, सीधी , सामाजिक कार्यकर्ता.

6

2. सुश्री आरती यादव, नया बस स्टैण्ड, पानी टंकी के पास , सीधी, सामाजिक कार्यकर्ता. सदस्य 7

सदस्य 3( घ) 1. श्री महेश कुमार कुशवाह, ए.पी.ओ.

जन. पंचा. , सीधी.

8 2. श्री लालजी मीणा , सहायक आयुक्त, सदस्य आदि. वि. , सीधी.

9

3. श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय , डी.पी.ओ. सदस्य महिला बाल विकास .

10 3 (ङ) 1. श्री बीरेन्द्र प्रसाद, शाखा प्रबंधक, यू.बी.आई. कले . कैम्पस , सीधी. सदस्य 11 3(च) 1. श्री जे . पी . यादव, तहसीलदार, तहसील -गोपाल बनास , सीधी. सदस्य उपखण्ड स्तरीय सतर्कता समिति, सिहावल , जिला सीधी (म.प्र. )

113 3 ( क) श्री शैलेन्द्र सिंह, उपखण्ड मजिस्ट्रेट, अध्यक्ष सिहावल.

2

सदस्य 3 ( ख ) 1. श्री छोटेलाल कोल, जनपद सदस्य (अजजा) .

3

सदस्य 2. श्रीमती राजकली , जनपद पंचायत, सिहावल.

4

3. श्रीमती सीताकली ( महिला) अ.जा. सदस्य 5 3 (ग) 1. श्री उपेन्द्र सिंह मरकाम, गोपालदास सदस्य रोड, दक्षिण करौदिया, सीधी.

6

सदस्य 2. सुश्री नेहा तिवारी , पानी टंकी के पास , नया बस स्टैण्ड, सीधी,

सामाजिक कार्यकर्ता.

7 3( घ) 1. श्रीमती मंजुला तिग्गा , सुपरवाईजर, सदस्य सिहावल.

सदस्य 8

2. श्री सुभाष शर्मा, सी.ई.ओ. , जनपद पंचायत , सिहावल.

सदस्य 9

3. श्री रामनिवास चौधरी , तहसीलदार, बहरी .

10

सदस्य 3 ( ङ) 1. श्री बीरेन्द्र प्रसाद, शाखा प्रबंधक, यू.बी.आई. , हिनौती.

11

सिहावल. 3( च) 1. श्री अजेय लाल चौधरी, तहसीलदार, सदस्य उपखण्ड स्तरीय सतर्कता समिति, चुरहट / रामपुर नैकिन, जिला सीधी ( म.प्र. )

113 3 ( क) उपखण्ड मजिस्ट्रेट, चुरहट / अध्यक्ष रामपुर नैकिन.

2 3 (ख ) 1. श्री ददुआ कोल पिता ददुल्ले कोल, पटपरा . सदस्य 1707

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

8

सदस्य

सदस्य

3

2. श्री पी . डी. गुप्ता, विकासखण्ड अधिकारी शासकीय .

2. श्री शोभनाथ साकेत पिता श्री छोटेलाल साकेत, कंधवार.

9

4

सदस्य

सदस्य

3. श्री अमित कुमार सोनी , पशु चिकि. विस्तार अधि. , कुसमी.

3. श्रीमती लल्ली पत्नी श्री गणेश साकेत, चुरहट.

सदस्य 5

10

सदस्य

3( ग )

3 (ङ)

1. श्री रमाकान्त पाण्डेय पिता श्री मिथिला प्रसाद पाण्डेय.

1. शाखा प्रबंधक, यू.बी.आई. , शाखा कुसमी.

11

सदस्य

सदस्य

6

3 ( च) 1. श्री जीतेन्द्र वर्मा , तहसीलदार, तहसील कुसमी.

2. श्री रोहिणी प्रसाद शर्मा पिता श्री रामावतार शर्मा , वार्ड 15, रामपुर नैकिन.

सदस्य

7

तहसीलदार, तहसील रामपुर नैकिन

3 ( घ ) 1.

उपखण्ड स्तरीय सतर्कता समिति, मझौली , जिला सीधी (म.प्र. )

सदस्य

8

2. मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, रामपुर नैकिन.

अध्यक्ष

3 (क) उपखण्ड मजिस्ट्रेट , मझौली

113

9

सदस्य

2

सदस्य

3 (ख )

3. श्री एच . एल. कोरी, श्रम निरीक्षक, श्रम पदाधिकारी, सीधी.

1. श्री राममणि पिता श्री बसंत चमार, सा. भैसवाही, तहसील मझौली.

सदस्य

10 3 (ङ)

3

सदस्य 1. शाखा प्रबंधक, जिला केन्द्रीय सह. बैंक, शाखा चुरहट.

2. श्री ददवा बैगा पिता श्री दुलारे बैगा, सा. सेमरिहा, तहसील मझौली.

11

सदस्य

तहसीलदार, चुरहट

3( च ) 1.

सदस्य

4

3. श्री मोतीलाल सिंह पिता श्री पियारे सिंह गोड, सा. चुवाही, तह. मझौली .

5

सदस्य

3( ग )

उपखण्ड स्तरीय सतर्कता समिति, कुसमी , जिला सीधी (म.प्र. )

1. श्री रमेश शर्मा, एडवोकेट, सा. सिरौली, तहसील मझौली.

113 3 ( क) श्री एम. पी. बरार, उपखण्ड मजिस्ट्रेट, अध्यक्ष

सदस्य

6

कुसमी.

2. श्रीमती माया द्विवेदी, एडवोकेट, सा. चुवाही, तहसील मझौली.

सदस्य

2 3(ख)

7

सदस्य

3 ( घ ) 1.

1. श्री भगवान सिंह, ग्राम- गोलीपहरी, पो. -जूरी , अजा/अजजा.

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, मझौली.

सदस्य

3

8

सदस्य 2. श्री भदू बैगा, ग्राम - हर्रई , पो. - भुईमाड, अजा/अजजा.

2. परियोजना अधिकारी , महिला बाल विकास परियोजना, मझौली

सदस्य

4

9

सदस्य 3. श्रीमती जमुनी देवी, ग्राम व पो.- टमसार, महिला अजजा.

3. श्री आर. एस. प्रजापति, श्रम निरी क्षक, श्रम पदाधिकारी कार्या. , सीधी.

5

सदस्य

3 ( ग)

10

सदस्य

3 (ङ) 1.

1. श्री लल्लू सिंह, ग्राम- बडवाही , पो.-कुसमी, सामाजिक कार्यकर्ता.

शाखा प्रबंधक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, मझौली.

6

सदस्य

11

सदस्य

3 ( च )

2. श्री भानू सिंह , ग्राम- जूरी , पो . जूरी , सामाजिक कार्यकर्ता.

1. विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी , मझौली.

7

सदस्य

3 ( घ)

स्वाति मीणा , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी.

1. श्री जे. एल. शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधि. , जन. पंचा. , कुसमी शास.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला देवास , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

देवास, दिनांक 23 मई 2014

(प्रारंभिक सूचना)

क्र. अ- 82-2012-13-356.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में रामगढ़ तालाब योजना , तहसील सोनकच्छ , जिला देवास की नहर निर्माण के लिये आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार 1708

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014

अधिनियम, 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है: -

अनुसूची ( 1 )

सोनकच्छ

ग्राम - कचनारिया , तहसील

विवरण

स.क्र.

(2)

(1)

निजी भूमि नहर निर्माण में

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा ( हे . ) सिंचित

असिंचित (4)

कुल (5) (3)

0.66

0.03

0.63

0.66

0.03

कुल योग : 0.63

रामगढ़ तालाब योजना

ग्राम - कचनारिया, तहसील सोनकच्छ, जिला देवास

अनुसूची ( 2)

नहर में आने वाली निजी भूमि का विवरण

स.क्र.

प्रभावित कृषक का नाम

(2)

(1)

1. भीमसिंह पिता तकतसिंह , जाति सेन्धो, पता नि. चांदाखेड़ी, भूमि स्वामी भू- राजस्व.

2. ज्ञानसिंह पिता जगन्नाथसिंह, जाति सेन्धो, पता नि. चांदाखेड़ी, भूमि स्वामी भू- राजस्व.

3. मनोहरसिंह सुमेरसिंह राजेन्द्रसिंह पि. फुलसिंह घीसीबाई वि. फुलसिंह, जाति सेन्धो , पता नि. चांदाखेड़ी, भूमि स्वामी भू- राजस्व.

4. हीरसिंह मानसिंह ज्ञानसिंह पिता जगन्नाथसिंह व अमृतबाई वि जगन्नाथसिंह, जाति सेन्धो , पता नि. चांदाखेड़ी, भूमि स्वामी भू- राजस्व.

प्रभावित भूमि

असिंचित

सिंचित

कुल भूमि का रकबा

खसरा नंबर

कुल (7) (4)

(6)

(5)

(3)

0.03

0.03 5

0.230

0.18 1.810

11

0.18

0.17 0.620

0.17

9

0.06

0.06

12

0.770

0.20

0.20

1.910

32

0.02

0.02

0.050

34

0.66

0.63

0.03

कुल योग : 5.39

(प्रारंभिक सूचना)

क्र. अ- 82-2012-13-363.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में रामगढ़ तालाब योजना, तहसील सोनकच्छ, जिला देवास की नहर निर्माण के लिये आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की भाग 1 ]

1709

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014

अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

ग्राम

उमरिया, तहसील - सोनकच्छ

विवरण

स.क्र.

(2)

(1)

निजी भूमि नहर निर्माण में.

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा ( हे . ) सिंचित

कुल (5) (3)

असिंचित (4)

1.60 1.24

0.36

0.36

1.60 1.24

कुल योग :

रामगढ़ तालाब योजना

ग्राम - उमरिया, तहसील सोनकच्छ, जिला देवास

अनुसूची (2)

नहर में आने वाली निजी भूमि का विवरण

स.क्र.

प्रभावित कृषक का नाम

(2)

(1)

1 . हरिसिंह मानसिंह ज्ञानसिंह पिता जगन्नाथसिंह अमृतबाई बेवा जगन्नाथसिंह , जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम चांदाखेड़ी, भूमिस्वामी.

2. विजेन्द्रसिंह पि. भीमसिंह, जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम चांदाखेड़ी, भूमिस्वामी भू- राजस्व.

3. रामप्रसाद पि. सेवाराम, जाति बलाई, पता नि. ग्राम चांदाखेड़ी, भूमिस्वामी.

4. नरबतसिंह पिता दरियावसिंह, रामसिंह पिता हरनाथसिंह पिता हरनाथसिंह , जाति सेंधव , पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.

5. बिन्दबाई बेवा शेरसिंह फुलसिंह पि. पूणसिंह सोभालसिंह पि. जगन्नाथ घीसीबाई वि. पूरणसिंह जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.

6. फुलकुंवरबाई पति तकतसिंह जाति सेन्धव पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.

7. तकतसिंह पिता उमरावसिंह , जाति सेन्धव, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.

8. कैलाश पैलाद पि. नारायण जलबाई बेवा नारायण , जाति गुसाई, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.

9. लताबाई पति गंगाराम, जाति गुसाई, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.

प्रभावित भूमि

असिंचित

खसरा नंबर

कुल भूमि का रकबा

(6)

कुल (7) (4)

सिंचित (5)

(3)

0.05

0.05 0.450

14

0.05 0.600

0.05

15

0.13

0.13

0.950

16

1.410

0.08

18

0.08

0.15

0.15 1.430

21

0.09 0.390

0.09

34

0.04

0.04

0.250

36

0.03 0.100

37

0.03

0.07 0.460

0.07

123

0.12

0.12

0.550

124

0.03

125/1

0.360

0.03

0.02 0.040

0.02

125/2

0.06 126

0.250

0.06

0.03

0.03

127

0.180 1710

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014

(2)

(1)

10. तकतसिंह , दिलीपसिंह पिता सेवा, जाति बलाई, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.

11. मिठुबाई बेवा सजनसिंह, जाति सेंधव, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.

12. लीलाबाई पति दिलीपसिंह , जाति बलाई, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.

13. देवा पिता पुना, जाति बलाई, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी 14. बिन्दुबाई बेवा शेरसिंह फूलसिंह पि. पूरणसिंह सोभालसिंह पि. जगन्नाथ, घीसाबाई वि. पूरणसिंह , जाति सेन्धव , पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.

(6)

(7) (4) (5)

(3)

0.05 0.650

0.05

166

0.19 0.850

0.19

167

0.14

0.14

0.580

174

0.09

0.09

0.400

168/1

0.01 0.450

0.01

182

0.08 0.800

0.08

168/2

0.02 173

0.630

0.02

0.07 1.050

0.07

181

1.60

1.24

0.36

कुल योग : 12.83

(प्रारंभिक अधिसूचना)

क्र. अ- 82-2012-13-370.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में रामगढ़ तालाब योजना, तहसील हाटपिपल्या, जिला देवास की नहर निर्माण के लिये आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है. सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

ग्राम - कोदापुरा, तहसील

सोनकच्छ

स.क्र.

विवरण

(2)

(1)

निजी भूमि

नहर निर्माण में.

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा (हे . )

असिंचित

सिंचित

कुल (5) (3)

(4)

1.36 1.36

0.00

1.36

0.00

कुल योग : 1.36

रामगढ़ तालाब योजना

तहसील - हाटपिपल्या, ग्राम कोदापुरा, तहसील सोनकच्छ, जिला देवास

अनुसूची (2)

नहर में आने वाली निजी भूमि का विवरण

स.क्र.

प्रभावित कृषक का नाम

(2)

(1)

1. मानसिंह सुमेरसिंह सुगनबाई , बेगमबाई, अनिताबाई, संगीताबाई पि. कल्याणसिंह राजलबाई बे कल्याण , जाति सेन्धो, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.

2. राजलबाई बेवा कल्याणसिंह , जाति सेन्धो, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.

खसरा

प्रभावित भूमि

असिंचित

सिंचित

नंबर

(5)

(6)

(3)

कुल भूमि का रकबा (4)

कुल (7)

0.08

0.08

181/1

0.730

0.08

0.08 181/2

0.370 1711

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

(2)

(1)

3. इन्दरसिंह पिता रतनसिंह, जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी भू-राजस्व.

4. बोन्दीबाई पिता उमरावसिंह, जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.

5. मेताबबाई वि. उमरावसिंह सिद्धसिंह पि. उमरावसिंह, जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.

6. तेजसिंह , सजनसिंह, मानसिंह पिता भागीरथ, जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.

7. घीसा पिता नरबतसिंह हि. 1/2 चन्दरसिंह, बहादुरसिंह पिता भेरूसिंह राजलबाई वि. भेरूसिंह हि. 1/2 जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.

8. जसपालसिंह पिता जीवनसिंह , जाति सेंधव, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.

9. विजेन्द्रसिंह पिता जीवनसिंह, जाति सेंधव , पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.

10. चन्दरसिंह, बहादुरसिंह पिता भेरूसिंह , राजलबाई बेवा भेरूसिंह , जाति सेंधव , पता नि. ग्राम भूमिस्वामी .

11. कृपालसिंह पिता बलवंतसिंह , जाति सेन्धो, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.

12. रायसिंह , भादरसिंह , ईन्दरसिंह, मनोहरसिंह पि. कालुसिंह घीसीबाई बे कालुसिंह, जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.

(6)

(7) (4)

(5)

(3)

0.03 0.860

0.03

205

0.04 0.200

0.04

296

0.04 297

0.220

0.04

0.11

0.11

0.940

302

0.05

0.05 0.530

303

0.03

0.03

305

0.410

0.15

0.15 321

0.890

0.03

0.03

0.410

336

0.06

0.06

0.880

338/1

0.06

0.06

338/2

1.140

0.10

0.10 349

0.690

0.24 1.130

0.24

350

0.14

0.14

356

0.580

0.12

0.12

1.160

360

0.00

1.36

1.36

11.14

कुल योग :

(प्रारंभिक सूचना)

क्र. अ-82-2012-13-377.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में रामगढ़ तालाब योजना, तहसील सोनकच्छ , जिला देवास की नहर निर्माण के लिये आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता हैं कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है: -

अनुसूची ( 1 )

ग्राम - चांदाखेड़ी, तहसील

सोनकच्छ

विवरण

स.क्र.

(2)

(1)

निजी भूमि नहर निर्माण में.

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा ( हे. ) सिंचित

असिंचित

(3)

(4)

कुल (5)

1.05

0.21

0.91

1.05

0.21

कुल योग : 0.91

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

1712

रामगढ़ तालाब योजना

ग्राम - चांदाखेड़ी, तहसील सोनकच्छ, जिला- देवास

अनुसूची ( 2)

नहर में आने वाली निजी भूमि का विवरण

स.क्र.

प्रभावित कृषक का नाम

(2)

(1)

1. रणजीतसिंह पिता किशनसिंह, जाति बलाई, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.

विजेन्द्रसिंह पि. फतेसिंह भूमिस्वामी हि. भेरूसिंह, गजराजसिंह पिता धनसिंह, जाति सेन्धव, पता नि. ग्राम सम्भाग भाग 2. भूरीबाई बेवा फतेसिंह, जसरतसिंह बाबूलाल, धीरजसिंह भूमिस्वामी.

3. फूलसिंह पि. सुखराम , शेतानबाई वि. सुखराम, जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.

4. करणसिंह पि. मंदरूपसिंह, जाति सेंधो, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी.

5. जितेन्द्रसिंह, नरेन्द्रसिंह पिता धनसिंह , एजनबाई बेवा धनसिंह, जाति सेंधो, पता नि. टप्पा सुकल्या, तह. बागली, भूमिस्वामी.

6. देवेन्द्रसिंह पिता मनोहरसिंह न. स. मनोहरसिंह पिता फुलसिंह जाति सेंधव , पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.

7. बेगनबाई पति विक्रमसिंह , जाति सेन्धव , पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.

8. मनोहरसिंह, सुमेरसिंह, राजेन्द्रसिंह पिता फुलसिंह, घीसीबाई वि. फुलसिंह, जाति सेन्धव, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.

9. भीमसिंह पिता तकतसिंह, जाति सेन्धव , पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.

10. हमीर पि. कन्हैयालाल , जाति बलाई, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.

11. अजाब पिता नारायण मंजुबाई पति अजाब , जाति चमार, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी.

प्रभावित भूमि खसरा नंबर

कुल भूमि का रकबा

कुल (7)

असिंचित (6)

(4)

सिंचित (5)

(3)

0.11

0.11

35

0.720

0.15 0.300

0.15

38

0.02 0.600

57

0.02

0.04

0.04

0.340

68

0.05 0.330

0.05

69

0.06

0.06

0.450

70

0.600

0.10 67

0.10

0.07 0.320

0.07

73

0.05 74/1

0.05

0.310

0.05

0.05 0.220

74/2

0.11

0.11 75

1.380

0.04

0.04 1.000

74/3

0.01

0.01

0.300

76

0.11 0.990

0.11

77

0.01 1.160

0.01

84

0.07

0.07

0.200

100

0.07

0.07

0.500

101/1

1.05

0.21

0.91

कुल योग : 9.72

(प्रारंभिक अधिसूचना )

प्र. क्र. अ- 82-2012-13-384.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में रामगढ़ तालाब योजना, तहसील हाटपिपल्या , जिला देवास की नहर निर्माण के लिये आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है . सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 के अन्तर्गत यह घोषित 1713

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

ग्राम - जस्सुपुरा , तहसील - सोनकच्छ

विवरण

स.क्र.

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा ( हे . )

सिंचित

असिंचित

(3)

कुल (5)

(4)

(2)

(1)

0.05

0.86

0.81

निजी भूमि नहर निर्माण में.

0.05

0.86

0.81

कुल योग :

रामगढ़ तालाब योजना

देवास

ग्राम - जस्सुपुरा , तहसील हाटपिपल्या , तहसील सोनकच्छ, जिला

अनुसूची (2)

नहर में आने वाली निजी भूमि का विवरण

प्रभावित भूमि स.क्र.

कुल भूमि का रकबा

प्रभावित कृषक का नाम

खसरा नंबर सिंचित असिंचित

सिंचित असिंचित कुल

(9)

(8)

(7)

(5)

कुल (6)

(3) (4)

(2)

(1)

0.26

30

3.12

3.12 0.26 1 . सेवा पि. सोभा, जाति बलाई , पता नि. ग्राम चांदाखेड़ी, भूमिस्वामी भू- राजस्व.

0.08

0.08

1.67

1.67

2. मोहन, धर्मेन्द्र पिता दलेपसिंह धापूबाई वि. दलेपसिंह दीपक 31 पूजा पिता आत्माराम सर. सोरमबाई बेवा आत्माराम जाति बलाई , पता नि. ग्राम चांदाखेड़ी भूमिस्वामी ना.रा. 2 , आदेश दि. 02-01-08 के अनुसार भू- राजस्व.

0.05

0.58

0.05

35

0.58

3. प्रहलाद पिता बापूसिंह, जाति सेंधव, पता नि. ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.

0.06

0.06

0.90

0.90

38/1

0.05

0.05

0.15

38/3 0.15

4. छीतरबाई पति अकेसिंह, जाति सेन्धव, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.

0.05

1.10

0.05

38/2 1.10

5. तुफानसिंह पिता प्रहलादसिंह , जाति सेंधव , पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.

0.05

0.05

0.50 0.50

38/4

6. रामकुंवरबाई पति कमलसिंह, जाति माली, पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी भू- राजस्व.

0.12

0.12

0.48

0.48

42

7. विजेन्द्रसिंह पि. नाथुराम, जाति कलमा, पता नि. ग्राम चांदाखेड़ी, भूमिस्वामी.

1.19 0.14

0.14

47 1.19

8. अकेसिंह पिता बलवन्तसिंह , जाति सेन्धो, पता नि. ग्राम चांदाखेड़ी, भूमिस्वामी भू- राजस्व.

0.86

0.81 0.05

0.50 9.69

9.19

कुल योग :

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014

1714

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सतना, दिनांक 20 दिसम्बर 2013

भू- अर्जन- प्र.क्र. एफ. 591-10-पत्र क्र. 591- भू-अर्जन-8. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन ग्राम

जिला तहसील

अर्जनीय रकबा लगभग ( हेक्टर में )

(4) (1) (2)

(3)

0.200

जननातोर

नागौद

सतना

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है .

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना म. प्र.

भिलसाय तालाब योजना के अंतर्गत निर्माण हेतु.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मोहनलाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला कटनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

कटनी , दिनांक 25 जनवरी 2014

प्र. क्र. 01 -- अ- 82 - वर्ष 13-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

तहसील

भूमिका वर्णन नगर/ग्राम

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(3)

(4) (1)

निजी रकबा

खिरहनी

कटनी

कटनी

प.ह.नं. 13/41 .

0.150 कुल 0.150

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) खिरहनी उ. सि. योजना.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग कटनी.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , कटनी के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1715

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

नरसिंहपुर, दिनांक 6 मई 2014

रा. मा. प्र. क्र. 3 अ-82 वर्ष 2013-14- पत्र क्र. 160- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः सही भूमि अधिग्रहण , पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 ( 1 ) की उपधारा ( 3 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

(2)

(1)

लगभग क्षेत्रफल (हे. में. ) (4) 0.829 नरसिंहपुर

नरसिंहपुर

(3) तिंदनी नं. बं. 239 प.ह.नं. 23

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

(6) तिंदनी से गौड़ीधुबघट मार्ग निर्माण हेतु.

धारा 11 की उपधारा (3 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , ( भ/ स ) संभाग नरसिंहपुर.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, नरसिंहपुर के कक्ष क्र. 84 ( भू- अर्जन ) शाखा में देखा जा सकता है.

नरसिंहपुर, दिनांक 9 मई 2014

रा. मा. प्र. क्र. 5 अ -82 वर्ष 2013-14- पत्र क्र. 172 - भू-अर्जन-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः सही भूमि अधिग्रहण , पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 ( 1 ) की उपधारा ( 3 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-

भूमि का वर्णन

ग्राम

तहसील

जिला

(2)

(3)

(1)

लगभग क्षेत्रफल (हे. में. ) (4) 1.430 नरसिंहपुर

नरसिंहपुर

नं. बं. 566 सिमरिया

प.ह.नं. 39.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा (3 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण

(6) इंद्रा नगर पहुंच मार्ग लंबाई 1.26 कि.मी. निर्माण हेतु.

विभाग, ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, नरसिंहपुर के कक्ष क्र. 84 ( भू- अर्जन ) शाखा में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नरेश पाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर , दिनांक 9 मई 2014

प्र. क्र. 02 - अ- 82-2013-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है की राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

1716

के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 एवं 12 की दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हे. में )

(4)

(3)

(1) (2)

1.120 राजनगर लखेरी ( पूरक)

छतरपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 11 एवं 12) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

भू-अर्जन अधिकारी , राजनगर. ललितपुर खजुराहों नई बड़ी रेल लाईन का निर्माण कार्य हेतु भू-अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी राजनगर के कार्यालय में किया जा सकता है.

छतरपुर , दिनांक 20 मई 2014

प्र. क्र. 03 - अ- 82-2013-2014. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 एवं 12 की दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(3)

(4) (2)

(1)

0.700 छतरपुर राजनगर बसारी ( पूरक)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 11 एवं 12) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

भू-अर्जन अधिकारी , राजनगर . ललितपुर खजुराहों नई बड़ी रेल लाईन का निर्माण कार्य हेतु भू-अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी राजनगर के कार्यालय में किया जा सकता है.

छतरपुर , दिनांक 23 मई 2014

प्र. क्र. 03 - अ- 82-2013-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 एवं 12 की दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(3)

(4) (2)

(1)

1.05 चंदला खैराही ( पूरक )

छतरपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 11 एवं 12 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

भू- अर्जन अधिकारी, ( राजस्व) लवकुशनगर.

लुधगांव वितरक नहर की पुखरया माइनर के निर्माण कार्य हेतु भू- अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी लवकुशनगर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मसूद अख्तर , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1717

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

कार्यालय , कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग पन्ना, दिनांक 8 मई 2014

प्र. क्र. 099 - अ- 82- वर्ष 2012-2013.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख ) तहसील- शाहनगर

(ग) ग्राम- जमडा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-22.57 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

भूमिका

प्रकार

कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(3) (1)

0.20

442

निजी भूमि

0.07

444/1

निजी भूमि

0.08

444/2

निजी भूमि

0.08

444/3

निजी भूमि

0.05

445/1

निजी भूमि

0.05

445/2

निजी भूमि

0.08

445/3

निजी भूमि

0.05

445/4

निजी भूमि

0.04

446/1

निजी भूमि

0.04

446/2

निजी भूमि

0.04

446/3

निजी भूमि

0.04

446/4

निजी भूमि

0.04

446/5

निजी भूमि

0.03

446/6

निजी भूमि 664

0.34

निजी भूमि

0.30

666

निजी भूमि

1.68

680

निजी भूमि

0.03

668

निजी भूमि

0.52

678/1

निजी भूमि

0.80

671

निजी भूमि

0.38

672/1

निजी भूमि 672/2

0.37

निजी भूमि

(2)

(1)

(3)

0.10

673/1

निजी भूमि

0.10

673/2

निजी भूमि

0.20

673/3

निजी भूमि

0.10

673/4

निजी भूमि 675

0.45

निजी भूमि

0.56

676

निजी भूमि

0.80

677

निजी भूमि

0.53

678/2

निजी भूमि

1.20

681

निजी भूमि

1.10

683

निजी भूमि

0.52

684/1

निजी भूमि 685/1

0.38

निजी भूमि

0.47

447

निजी भूमि

0.15

453

निजी भूमि 454

0.15

निजी भूमि

0.04

455

निजी भूमि 456

0.08

निजी भूमि

0.93

448

निजी भूमि

0.20

449

निजी भूमि

0.08

450

निजी भूमि 667

1.13

निजी भूमि 670

0.32

निजी भूमि

0.02

451

निजी भूमि 452

0.04

निजी भूमि 480

0.21

निजी भूमि

0.26

483

निजी भूमि

0.18

457

निजी भूमि

0.68

458

निजी भूमि

0.13

478

निजी भूमि

0.15

479

निजी भूमि

0.06

481

निजी भूमि

0.03

477

निजी भूमि

0.33

482

निजी भूमि

0.90

684/2

निजी भूमि 485/2

0.03

निजी भूमि

0.02

488/2

निजी भूमि 485/3

0.03

निजी भूमि

0.06

485/4

निजी भूमि 1718

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

(2)

(3) (1)

487/2

0.03

निजी भूमि 662

0.91

निजी भूमि

0.37

685/2

निजी भूमि 685/3

0.38

निजी भूमि

1.20

687

निजी भूमि 686

1.33

निजी भूमि 459

0.16

निजी भूमि 460

0.16

निजी भूमि

22.57

कुल रकबा निजी भूमि ..

:

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- जमडा तालाब योजना के अन्तर्गत बांध एवं नहर निर्माण कार्य निर्माण हेतु,

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , शाहनगर के न्यायालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 002- अ- 82- वर्ष 2013-2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- पन्ना

(ख) तहसील- पन्ना

(ग ) ग्राम- इटवांखास

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 200.995 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

भूमिका

कुल अर्जित रकबा

प्रकार

(हेक्टेयर में)

(2)

(3) (1)

64/2

1.750

निजी भूमि

1.133

64/5

निजी भूमि 77/1

0.160

निजी भूमि 248/2

0.190

निजी भूमि 248/3

0.210

निजी भूमि

(2)

(3) (1)

250

0.220

निजी भूमि 253/1

0.390

निजी भूमि 253/2

0.390

निजी भूमि 258/1

0.110

निजी भूमि 258

0.110

निजी भूमि

0.190

259

निजी भूमि 284

0.016

निजी भूमि 285

0.050

निजी भूमि 308/1

0.100

निजी भूमि 308/2

0.100

निजी भूमि

0.020

309

निजी भूमि 310

0.025

निजी भूमि 311/1

0.050

निजी भूमि

0.050

311/2

निजी भूमि

0.030

312

निजी भूमि

0.040

313

निजी भूमि 314

0.162

निजी भूमि

0.036

338

निजी भूमि 340

0.041

निजी भूमि 342

0.210

निजी भूमि

0.010

343

निजी भूमि

0.690

344

निजी भूमि 347

0.380

निजी भूमि

0.060

349

निजी भूमि 350

0.182

निजी भूमि

0.629

358/2

निजी भूमि

0.651

358/2/Ka

निजी भूमि 358/3

0.700

निजी भूमि

1.099

358/4

निजी भूमि 358/5

0.798

निजी भूमि 360

0.342

निजी भूमि

0.010

361

निजी भूमि

0.010

363

निजी भूमि 377/2/Ka

1.012

निजी भूमि 377/ 2/Kha

1.011

निजी भूमि

2.023

377/3

निजी भूमि 377/4/Ka

1.600

निजी भूमि 377/4/Kh

2.447

निजी भूमि 1719

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

(3)

(2)

(1)

0.120

379/1

निजी भूमि

0.120

379/2

निजी भूमि

0.376

380

निजी भूमि 381

0.262

निजी भूमि

0.575

382

निजी भूमि

0.129

383

निजी भूमि 386

0.640

निजी भूमि 394

0.081

निजी भूमि

0.015

395

निजी भूमि

0.012

398

निजी भूमि 399

0.015

निजी भूमि

0.070

407

निजी भूमि

0.010

408

निजी भूमि

0.010

412

निजी भूमि

0.015

413

निजी भूमि

0.010

414

निजी भूमि

0.020

417

निजी भूमि

0.020

418

निजी भूमि

0.010

420

निजी भूमि

0.200

447

निजी भूमि

0.120

448

निजी भूमि

0.360

503

निजी भूमि

0.020

506/2

निजी भूमि

0.010

506/3

निजी भूमि 513

0.300

निजी भूमि 514/1

0.030

निजी भूमि

0.030

514/2

निजी भूमि

0.230

523/2

निजी भूमि

0.230

523/4

निजी भूमि

0.040

निजी भूमि 528/2/ga

0.700

549/2

निजी भूमि 550/1

0.034

निजी भूमि

0.035

550/2Ka

निजी भूमि 610/24

0.160

निजी भूमि 613/12

1.303

निजी भूमि

0.303

613/13Ka

निजी भूमि

0.410

613/15

निजी भूमि

0.550

619/2

निजी भूमि 620

0.960

निजी भूमि 621/1

6.007

निजी भूमि

(2)

(3) (1)

621/2

1.314

निजी भूमि

3.237

621/4

निजी भूमि

0.680

621/5 /Ka

निजी भूमि

1.000

621/7

निजी भूमि

2.835

621/9

निजी भूमि

2.023

621/10

निजी भूमि

1.500

621/12/Ka

निजी भूमि

1.500

621/12/Kh

निजी भूमि 621/13/Ka

0.928

निजी भूमि

0.928

621/13/Kh

निजी भूमि 621/17

8.094

निजी भूमि

0.809

621/18

निजी भूमि

2.323

621/19/1/ Ka

निजी भूमि 621/19 /1/Kh

1.600

निजी भूमि 621/20

4.047

निजी भूमि

4.047

621/21

निजी भूमि 621/12/Ka

0.395

निजी भूमि 621/22/Kh

1.405

निजी भूमि

0.786

निजी भूमि 621/22/gh/ 1

0.464

निजी भूमि 621/22/gh/2

1.803

621/23

निजी भूमि

1.803

621/24

निजी भूमि

4.047

621/26

निजी भूमि

2.232

621/29

निजी भूमि

2.023

621/31

निजी भूमि

3.887

621/32

निजी भूमि

1.000

621/33 /Ka

निजी भूमि 612/ 33/Kh

1.000

निजी भूमि 621/34/Ka

1.552

निजी भूमि

1.626

621/34/Kh

निजी भूमि

1.424

निजी भूमि 621/34/ga

4.176

621/35/Ka

निजी भूमि

0.300

621/35/Kh

निजी भूमि

0.854

621/36

निजी भूमि 621/37

1.416

निजी भूमि

4.047

621/38

निजी भूमि 622

2.832

निजी भूमि 623/2

1.416

निजी भूमि 623/3

4.047

निजी भूमि 623/4

2.967

निजी भूमि 1720

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

(3)

(2)

(1)

4.790

623/7

निजी भूमि

2.023

623/7 /Ka

निजी भूमि

2.023

623/7 /Kha

निजी भूमि

4.856

623/8

निजी भूमि

4.736

623/9

निजी भूमि

0.680

623/10

निजी भूमि

0.380

623/11

निजी भूमि

5.007

623/14

निजी भूमि 623/16 /Ka

2.023

निजी भूमि

3.567

623/17

निजी भूमि 623/18

4.856

निजी भूमि 623/22

4.047

निजी भूमि

2.304

623/23

निजी भूमि 623/24

4.856

निजी भूमि

3.507

623/30

निजी भूमि

1.848

623/32

निजी भूमि 623/34

1.948

निजी भूमि

4.047

623/37

निजी भूमि

4.856

623/38

निजी भूमि

1.650

632/4

निजी भूमि 632/8

3.536

निजी भूमि

2.620

632/9

निजी भूमि

4.846

632/10

निजी भूमि

2.428

632/11

निजी भूमि

0.060

632/14

निजी भूमि

2.700

632/16

निजी भूमि 632/18

0.010

निजी भूमि 632/19

2.000

निजी भूमि

0.405

670/290

निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि 200.955

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- सिरस्वाहा तालाब योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण कार्य निर्माण हेतु,

(3 ) भूमिकानक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , पन्ना के न्यायालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 040- अ- 82- वर्ष 2012-2013.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन

[भाग 1 के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख ) तहसील- अजयगढ़

(ग ) ग्राम- बिलाही

(घ) लगभग क्षेत्रफल-निजी पक्का कुआं है.

खसरा नम्बर

भूमि का प्रकार

कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(3) (1)

(2)

157

निजी कुआं

निजी पक्काकुआं

कुल रकबा निजी भूमि . निजी पक्का कुआं

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गुमानगंज तालाब योजना के अन्तर्गत निजी पक्का कुआं बांध निर्माण कार्य निर्माण हेतु,

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , अजयगढ़ के न्यायालय में किया जा सकता है .

पन्ना, दिनांक 23 मई 2014

प्र. क्र. 102 - अ- 82- वर्ष 2012-2013 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख ) तहसील- शाहनगर

(ग ) ग्राम-करौंदी

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 15.14 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

भूमि का प्रकार

कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(3) (1)

0.20

464

निजी भूमि

1.40

469

निजी भूमि 470

1.20

निजी भूमि 471/2

1.50

निजी भूमि

1.22

473

निजी भूमि 1721

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

(2)

(3) (1)

1.46

474

निजी भूमि

1.66

475

निजी भूमि

1.22

476

निजी भूमि

0.15

479

निजी भूमि

0.75

482

निजी भूमि

1.05

483

निजी भूमि

1.30

484

निजी भूमि

0.28

486

निजी भूमि

1.25

487/2

निजी भूमि

0.50

489

निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि 15.14

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- परासी तालाब योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण कार्य निर्माण हेतु,

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , शाहनगर के न्यायालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 121 - अ-82- वर्ष 2012-2013.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख) तहसील-रैपुरा

(ग ) ग्राम- देवरी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-75.507 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

कुल अर्जित रकबा भूमि का प्रकार

(हेक्टेयर में)

(3)

(2)

(1)

0.220

178

निजी भूमि 179

0.310

निजी भूमि

0.080

184

निजी भूमि 185

0.050

निजी भूमि

0.120

186

निजी भूमि 187

0.060

निजी भूमि

0.190

180

निजी भूमि

(2)

(3) (1)

181

0.150

निजी भूमि

0.217

174

निजी भूमि

0.130

182

निजी भूमि

0.180

183

निजी भूमि

0.170

171

निजी भूमि

0.110

172

निजी भूमि

0.108

173

निजी भूमि

0.940

188

निजी भूमि

0.500

189

निजी भूमि

0.570

190

निजी भूमि

0.370

191

निजी भूमि

0.040

192

निजी भूमि

0.160

193

निजी भूमि

0.060

194

निजी भूमि

0.060

195

निजी भूमि

0.060

196

निजी भूमि

0.160

149

निजी भूमि

0.200

150

निजी भूमि 151

0.110

निजी भूमि 152

0.130

निजी भूमि

0.080

153

निजी भूमि 154

0.060

निजी भूमि

0.150

155

निजी भूमि 156

0.120

निजी भूमि

0.070

197

निजी भूमि

0.070

201

निजी भूमि

0.100

202

निजी भूमि

0.110

208

निजी भूमि

0.140

198

निजी भूमि

0.160

199

निजी भूमि

0.130

200

निजी भूमि 138/2

0.100

निजी भूमि

0.440

157

निजी भूमि

0.210

158

निजी भूमि

0.400

159

निजी भूमि

0.150

210

निजी भूमि

0.520

212

निजी भूमि

0.450

213

निजी भूमि 1722

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

(3)

(2)

(1)

0.360

214/1

निजी भूमि 217/1

0.240

निजी भूमि

0.500

214/2

निजी भूमि 215

1.230

निजी भूमि 216

0.170

निजी भूमि 320

0.150

निजी भूमि

0.150

217/2

निजी भूमि

0.070

241

निजी भूमि

1.010

242

निजी भूमि

0.850

219

निजी भूमि

0.210

220

निजी भूमि 221

0.110

निजी भूमि

0.080

222

निजी भूमि

0.090

223

निजी भूमि

0.050

224

निजी भूमि

0.060

225

निजी भूमि

0.050

226

निजी भूमि

0.160

227

निजी भूमि

0.320

228

निजी भूमि

0.100

235

निजी भूमि

0.120

494

निजी भूमि

0.110

495

निजी भूमि 229

0.170

निजी भूमि 230

0.130

निजी भूमि

0.050

231

निजी भूमि

0.060

232

निजी भूमि

0.060

233

निजी भूमि

0.030

234

निजी भूमि

0.210

236

निजी भूमि 237

0.150

निजी भूमि

0.050

238

निजी भूमि

0.060

239

निजी भूमि

0.170

240

निजी भूमि

0.100

487

निजी भूमि

0.120

488

निजी भूमि 489

0.110

निजी भूमि

0.150

490

निजी भूमि 491

0.100

निजी भूमि

(2)

(3) (1)

493

0.150

निजी भूमि 500

0.120

निजी भूमि 504/1

0.870

निजी भूमि 476/2

0.190

निजी भूमि

0.120

498

निजी भूमि

0.220

499/2

निजी भूमि

0.750

517

निजी भूमि

0.180

501

निजी भूमि

0.200

476/1

निजी भूमि 502

0.640

निजी भूमि

0.080

503

निजी भूमि 423

0.190

निजी भूमि 428

0.080

निजी भूमि 429

0.070

निजी भूमि

0.070

459

निजी भूमि 460

0.160

निजी भूमि 465

0.090

निजी भूमि 475

0.340

निजी भूमि 504/2

0.680

निजी भूमि 499/1

0.210

निजी भूमि

1.000

505/2

निजी भूमि 507

0.290

निजी भूमि

0.170

508

निजी भूमि 591

0.050

निजी भूमि

0.090

611

निजी भूमि

0.100

612

निजी भूमि

0.070

614

निजी भूमि

0.070

615

निजी भूमि

0.070

616

निजी भूमि

0.370

409

निजी भूमि 410

0.060

निजी भूमि

0.040

414

निजी भूमि

0.680

510

निजी भूमि

0.650

511

निजी भूमि

0.100

512

निजी भूमि 438

0.800

निजी भूमि

1.340

513

निजी भूमि 601

0.260

निजी भूमि भाग 1 ]

1723

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

(3)

(2)

(1)

602

0.100

निजी भूमि 603

0.080

निजी भूमि 604

0.120

निजी भूमि 605

0.140

निजी भूमि

0.400

652

निजी भूमि

1.050

653

निजी भूमि 654

0.260

निजी भूमि

0.590

669

निजी भूमि

0.420

514

निजी भूमि

0.470

515

निजी भूमि 518

0.910

निजी भूमि

0.460

519

निजी भूमि

0.050

606

निजी भूमि

0.270

607

निजी भूमि

0.120

608

निजी भूमि 613

0.130

निजी भूमि

0.240

520

निजी भूमि

0.450

521

निजी भूमि

0.090

522

निजी भूमि

0.080

523

निजी भूमि

0.040

524

निजी भूमि

0.240

525

निजी भूमि

0.070

526

निजी भूमि 527

0.049

निजी भूमि 528

0.039

निजी भूमि

0.018

593

निजी भूमि 594

0.016

निजी भूमि

0.020

596

निजी भूमि

0.100

597

निजी भूमि

0.060

598

निजी भूमि

0.200

599

निजी भूमि 321

0.160

निजी भूमि 322

0.080

निजी भूमि

0.090

323

निजी भूमि

0.080

466

निजी भूमि 600

0.140

निजी भूमि 426

0.040

निजी भूमि

0.060

427

निजी भूमि

(3) (1)

(2)

461

0.130

निजी भूमि

0.070

462

निजी भूमि 463

0.050

निजी भूमि

0.160

464

निजी भूमि 617

0.310

निजी भूमि

0.150

619

निजी भूमि

0.380

620

निजी भूमि

0.120

609

निजी भूमि 610

0.140

निजी भूमि

0.020

637

निजी भूमि

0.100

645

निजी भूमि

0.510

618

निजी भूमि

0.330

621

निजी भूमि

0.120

622

निजी भूमि 623

0.110

निजी भूमि

0.090

624

निजी भूमि

0.620

625

निजी भूमि

0.110

626

निजी भूमि

0.090

627

निजी भूमि 628

0.290

निजी भूमि

0.090

629

निजी भूमि 630

0.120

निजी भूमि

0.120

638

निजी भूमि

0.070

639

निजी भूमि

0.110

640

निजी भूमि

0.150

641

निजी भूमि

0.150

642

निजी भूमि

0.270

643

निजी भूमि 644

0.150

निजी भूमि

0.120

646

निजी भूमि

0.100

647

निजी भूमि 648

0.060

निजी भूमि

0.050

649

निजी भूमि

0.060

650

निजी भूमि

0.070

651

निजी भूमि

0.060

679

निजी भूमि

0.060

680

निजी भूमि 681

0.050

निजी भूमि 1724

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

(2)

(3) (1)

682

0.110

निजी भूमि 683

0.070

निजी भूमि 684

0.130

निजी भूमि 685

0.100

निजी भूमि

0.080

694

निजी भूमि 695

0.090

निजी भूमि 655

0.170

निजी भूमि 656

0.160

निजी भूमि 657

0.350

निजी भूमि

0.330

658

निजी भूमि

0.018

714

निजी भूमि 715

0.055

निजी भूमि 701

0.130

निजी भूमि

0.110

702

निजी भूमि

0.070

703

निजी भूमि

0.095

704

निजी भूमि

0.065

716

निजी भूमि 717

0.100

निजी भूमि

0.090

718

निजी भूमि

0.060

719

निजी भूमि

0.050

720

निजी भूमि 721

0.050

निजी भूमि

0.040

722

निजी भूमि

0.050

723

निजी भूमि

0.080

676

निजी भूमि

0.060

677

निजी भूमि

0.060

742

निजी भूमि

0.050

743

निजी भूमि

0.080

744

निजी भूमि

0.060

745

निजी भूमि 746

0.080

निजी भूमि

0.050

747

निजी भूमि 760

0.080

निजी भूमि

0.050

789

निजी भूमि

0.030

792

निजी भूमि

0.070

793

निजी भूमि

0.030

794

निजी भूमि

0.030

697

निजी भूमि

0.005

700

निजी भूमि

0.020

724

निजी भूमि

0.070

790

निजी भूमि

0.080

791

निजी भूमि 738

0.160

निजी भूमि

0.060

739

निजी भूमि

(2)

(3) (1)

740

0.090

निजी भूमि

0.040

741

निजी भूमि 761

0.080

निजी भूमि 762

0.140

निजी भूमि

0.080

763

निजी भूमि

0.080

764

निजी भूमि

0.060

772

निजी भूमि 784

0.050

निजी भूमि

0.610

661

निजी भूमि 384

0.180

निजी भूमि

0.160

385

निजी भूमि 386

0.240

निजी भूमि

0.280

662

निजी भूमि

1.500

663

निजी भूमि

0.650

665

निजी भूमि 666

0.100

निजी भूमि 667

0.310

निजी भूमि

0.400

668/1

निजी भूमि

0.730

668/2

निजी भूमि

0.030

670

निजी भूमि 671

0.030

निजी भूमि

0.040

672

निजी भूमि

0.100

673

निजी भूमि 674

0.110

निजी भूमि

0.040

675

निजी भूमि

0.100

686

निजी भूमि 689

0.070

निजी भूमि

0.070

690

निजी भूमि

0.050

693

निजी भूमि

3.450

736

निजी भूमि

0.050

748

निजी भूमि

0.060

758

निजी भूमि 759

0.090

निजी भूमि

0.070

765

निजी भूमि

0.060

766

निजी भूमि 767

0.040

निजी भूमि

0.080

768

निजी भूमि 749

0.050

निजी भूमि

0.010

750

निजी भूमि 751

0.050

निजी भूमि

0.080

752

निजी भूमि

0.070

753

निजी भूमि

0.050

754

निजी भूमि 755

0.030

निजी भूमि भाग 1 ]

1725

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

(2)

(3) (1)

756

0.040

निजी भूमि

0.080

757

निजी भूमि

0.060

769

निजी भूमि

0.030

770

निजी भूमि

0.060

785

निजी भूमि 786

0.030

निजी भूमि

0.030

787

निजी भूमि 788

0.030

निजी भूमि

0.040

795

निजी भूमि

0.040

796

निजी भूमि

0.060

797

निजी भूमि

0.100

798

निजी भूमि

0.030

799

निजी भूमि

0.060

800

निजी भूमि

0.040

801

निजी भूमि

0.040

802

निजी भूमि

0.040

803

निजी भूमि 813

0.350

निजी भूमि

0.150

815/1

निजी भूमि

0.120

833/1

निजी भूमि

0.230

815/2

निजी भूमि

0.012

834/1

निजी भूमि

0.200

317

निजी भूमि

0.370

318

निजी भूमि

0.520

319

निजी भूमि 324

0.170

निजी भूमि 325

0.140

निजी भूमि 326

0.350

निजी भूमि

0.060

424

निजी भूमि

0.050

425

निजी भूमि 332

0.190

निजी भूमि 333

0.110

निजी भूमि

0.200

327

निजी भूमि 328

0.090

निजी भूमि

0.100

329

निजी भूमि

0.060

330

निजी भूमि

0.120

331

निजी भूमि

0.110

400

निजी भूमि

0.180

418

निजी भूमि

0.100

420

निजी भूमि

0.080

421

निजी भूमि 422

0.090

निजी भूमि

0.080

399

निजी भूमि

0.090

419

निजी भूमि

(3)

(2)

(1)

401

0.090

निजी भूमि

0.120

411

निजी भूमि 412

0.070

निजी भूमि 413

0.040

निजी भूमि 415

0.100

निजी भूमि 416

0.110

निजी भूमि

0.160

417

निजी भूमि

0.070

432

निजी भूमि 433

0.080

निजी भूमि

0.070

434

निजी भूमि 435

0.070

निजी भूमि

0.190

436

निजी भूमि 437

0.610

निजी भूमि

0.070

443

निजी भूमि 444

0.110

निजी भूमि 430

0.080

निजी भूमि

0.080

431

निजी भूमि 439

0.260

निजी भूमि

0.150

440

निजी भूमि

0.070

441

निजी भूमि 442

0.040

निजी भूमि 445

0.060

निजी भूमि 446

0.050

निजी भूमि

0.100

447

निजी भूमि 448

0.110

निजी भूमि

0.060

449

निजी भूमि

0.070

450

निजी भूमि

0.570

474

निजी भूमि

0.210

341

निजी भूमि

0.090

342

निजी भूमि 451

0.140

निजी भूमि

0.080

452

निजी भूमि

0.050

453

निजी भूमि

0.050

454

निजी भूमि

0.040

455

निजी भूमि 456

0.090

निजी भूमि

0.070

457

निजी भूमि

0.090

458

निजी भूमि

0.100

467

निजी भूमि

0.120

468

निजी भूमि

0.070

469

निजी भूमि

0060

470

निजी भूमि

0.050

471

निजी भूमि

0.070

472

निजी भूमि 1726

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

(3)

(2)

(1)

0.090

473

निजी भूमि

0.060

478

निजी भूमि

0.110

479

निजी भूमि

0.060

477

निजी भूमि

0.110

336

निजी भूमि 337

0.260

निजी भूमि 480

0.110

निजी भूमि

0.050

481

निजी भूमि

0.060

482

निजी भूमि

0.060

483

निजी भूमि 484

0.050

निजी भूमि

0.130

485

निजी भूमि

0.120

486

निजी भूमि

0.060

492

निजी भूमि 496

0.100

निजी भूमि

0.090

497

निजी भूमि

0.100

345

निजी भूमि 346

0.090

निजी भूमि 377

0.100

निजी भूमि

0.030

378

निजी भूमि 380

0.080

निजी भूमि

0.100

381

निजी भूमि

0.050

387

निजी भूमि

0.150

388

निजी भूमि

0.250

389

निजी भूमि

0.130

390

निजी भूमि

0.070

391

निजी भूमि

0.190

393

निजी भूमि 394

0.140

निजी भूमि

0.090

395

निजी भूमि

0.060

396

निजी भूमि

0.110

397

निजी भूमि

0.050

398

निजी भूमि

0.090

402

निजी भूमि

0.070

403

निजी भूमि 404

0.050

निजी भूमि 405

0.050

निजी भूमि 406

0.130

निजी भूमि

0.210

407

निजी भूमि 408

0.220

निजी भूमि

0.040

301

निजी भूमि

0.052

302

निजी भूमि

0.040

303

निजी भूमि 314

0.030

निजी भूमि

(3) (1)

(2)

274

0.165

निजी भूमि

0.060

311

निजी भूमि 312

0.150

निजी भूमि 313

0.110

निजी भूमि

0.130

338

निजी भूमि 339

0.160

निजी भूमि

0.170

340

निजी भूमि

0.012

275

निजी भूमि

0.045

276

निजी भूमि 277

0.130

निजी भूमि 278

0.002

निजी भूमि

0.500

137

निजी भूमि

0.165

138/1

निजी भूमि

0.120

204

निजी भूमि

0.090

205

निजी भूमि

0.070

206

निजी भूमि

0.100

207

निजी भूमि

0.017

144

निजी भूमि

0.059

145

निजी भूमि

0.016

146

निजी भूमि

0.110

160

निजी भूमि 161

0.080

निजी भूमि 162

0.160

निजी भूमि

0.170

774

निजी भूमि

0.110

775

निजी भूमि 776

0.080

निजी भूमि

0.050

777

निजी भूमि 778

0.640

निजी भूमि

0.080

343

निजी भूमि

0.140

344

निजी भूमि

0.140

334

निजी भूमि

0.110

335

निजी भूमि

0.010

169

निजी भूमि

0.116

170

निजी भूमि 299

0.021

निजी भूमि

0.050

305

निजी भूमि 347

0.120

निजी भूमि

0.010

357

निजी भूमि

75.507

कुल रकबा निजी भूमि

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- खम्हरिया तालाब योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण कार्य निर्माण हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , शाहनगर के न्यायालय में किया जा सकता है.

1727

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

प्र. क्र. 122 - अ- 82- वर्ष 2012-2013.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख) तहसील- पन्ना

(ग) ग्राम- अहिरगवां

(घ) लगभग क्षेत्रफल-31.510 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

भूमि का प्रकार (3)

0.900

432

निजी भूमि

1.150

433

निजी भूमि

1.140

434

निजी भूमि

2.300

436

निजी भूमि

4.410

437

निजी भूमि 439/1

0.640

निजी भूमि

0.400

439/2

निजी भूमि

2.250

440

निजी भूमि

1.630

441/1

निजी भूमि

0.640

441/2

निजी भूमि

1.800

441/4

निजी भूमि

1.000

441/5

निजी भूमि

1.400

441/6

निजी भूमि

4.120

442

निजी भूमि

1.810

444/1

निजी भूमि

1.810

444/2

निजी भूमि

2.640

444/3

निजी भूमि

1.020

445

निजी भूमि

0.450

446

निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि 31.510

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बिलखुरा तालाब योजना के अन्तर्गत बांध निर्माण कार्य निर्माण हेतु.

(3 ) भूमिके नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पन्ना के न्यायालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 150- अ- 82- वर्ष 2012-2013.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख) तहसील- पवई

(ग) ग्राम- इटांय

(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.00 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

भूमि का प्रकार (3) (1)

0.11

383

निजी भूमि

0.14

384

निजी भूमि

0.02

385

निजी भूमि

0.09

386

निजी भूमि

0.01

378

निजी भूमि

0.02

377

निजी भूमि

0.01

376

निजी भूमि

0.02

375

निजी भूमि 374

0.14

निजी भूमि

0.08

373

निजी भूमि

0.04

372

निजी भूमि

0.02

371

निजी भूमि 369

0.01

निजी भूमि 367

0.03

निजी भूमि 365

0.19

निजी भूमि 366

0.04

निजी भूमि 355

0.14

निजी भूमि

0.14

354

निजी भूमि

0.03

353

निजी भूमि

0.02

352

निजी भूमि 356

0.12

निजी भूमि

0.04

478

निजी भूमि 482

0.13

निजी भूमि

0.14

483

निजी भूमि

0.22

484

निजी भूमि

0.01

485

निजी भूमि 1728

(3)

(2)

(1)

528

0.07

निजी भूमि

0.15

529

निजी भूमि

0.10

530

निजी भूमि

0.03

532

निजी भूमि

0.01

533

निजी भूमि 534

0.05

निजी भूमि

0.04

535

निजी भूमि 536

0.12

निजी भूमि

0.06

537

निजी भूमि

0.09

538

निजी भूमि

0.03

539

निजी भूमि 576

0.12

निजी भूमि

0.01

544

निजी भूमि

0.23

574

निजी भूमि 573

0.08

निजी भूमि

0.01

636

निजी भूमि

0.08

572

निजी भूमि

0.04

545

निजी भूमि

0.14

568

निजी भूमि

0.06

569

निजी भूमि 566

0.07

निजी भूमि 567

0.14

निजी भूमि

0.13

638

निजी भूमि 637

0.01

निजी भूमि

0.01

640

निजी भूमि

0.13

563

निजी भूमि 564

0.05

निजी भूमि 565

0.08

निजी भूमि 562

0.10

निजी भूमि 561

0.08

निजी भूमि

0.14

480

निजी भूमि

0.04

571

निजी भूमि

0.06

575

निजी भूमि

0.06

379

निजी भूमि

0.07

481

निजी भूमि

0.08

477

निजी भूमि 476

0.05

निजी भूमि

0.01

577

निजी भूमि

0.07

639

निजी भूमि

0.01

332/1

निजी भूमि 479

0.11

निजी भूमि

0.02

527

निजी भूमि

5.00

कुल रकबा निजी भूमि

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- पवई मध्यम सिंचाई परियोजना के अन्तर्गत नहर निर्माण कार्य हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पवई के न्यायालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 151 - अ-82- वर्ष 2012-2013.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख) तहसील- पवई

(ग) ग्राम- कृष्णगढ़

( घ) लगभग क्षेत्रफल-5.19 हेक्टयर.

खसरा नम्बर

भूमि का प्रकार

कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(3) (1)

(2)

0.08

4434

निजी भूमि

0.21

4433

निजी भूमि

0.15

4463

निजी भूमि 4462

0.02

निजी भूमि

0.09

4464

निजी भूमि

0.02

4423

निजी भूमि

0.33

4465

निजी भूमि 4467

0.06

निजी भूमि

0.24

4470

निजी भूमि

0.01

4475

निजी भूमि

0.29

4469

निजी भूमि

0.02

4494/2

निजी भूमि

0.01

4496/1

निजी भूमि

0.03

4468

निजी भूमि 4700

0.11

निजी भूमि

0.14

4701/1

निजी भूमि 4701/2

0.16

निजी भूमि

0.25

4702

निजी भूमि

0.08

4488

निजी भूमि

0.03

4495/1

निजी भूमि

0.12

4490

निजी भूमि

0.38

4489

निजी भूमि 1729

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

(2)

(3) (1)

4696

0.34

निजी भूमि

0.14

4495

निजी भूमि

0.17

4697

निजी भूमि

0.01

3524

निजी भूमि

0.02

3519

निजी भूमि 3522

0.04

निजी भूमि 3521

0.01

निजी भूमि

0.05

3518

निजी भूमि 3526

0.02

निजी भूमि

0.03

3511

निजी भूमि

0.09

3535

निजी भूमि 3537/1

0.04

निजी भूमि

0.20

3536

निजी भूमि 3539/1

0.15

निजी भूमि

0.04

3539/2

निजी भूमि 3539/3

0.03

निजी भूमि 3538

0.06

निजी भूमि

0.18

3540

निजी भूमि

0.02

3533

निजी भूमि

0.23

3531/1

निजी भूमि 3532/1

0.12

निजी भूमि

0.06

3532/2

निजी भूमि 3530

0.04

निजी भूमि

0.03

3528

निजी भूमि

0.13

3523

निजी भूमि 3531/2

निजी भूमि

0.11 5.19

कुल रकबा निजी भूमि

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- पवई मध्यम सिंचाई परियोजना के अन्तर्गत नहर निर्माण कार्य हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पवई के न्यायालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रवीन्द्र कुमार मिश्रा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला गुना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग गुना, दिनांक 20 मई 2014

प्र. क्र. 20 - अ- 82- वर्ष 2012-2013-66.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- गुना

(ख) तहसील - गूना

(ग ) नगर/ग्राम- बन्धा ( भदौरा )

(घ) लगभग क्षेत्रफल-25.543 हेक्टेयर .

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

2/3

0.126

0.293

2/4

3/2

0.700

0.700

3/3

0.565

3/4

0.700

3/5

0.700

3/6

0.700

3/7

0.700

3/8

0.523

3/9

0.627

11/2 मिन 1

0.627

11/2मिनः 2

1.045

11/3

0.784

11/4

11/1/4

0.199

11/6

3.574

5.006

11/8

1.045

11/9/1

11/9/2

4.180

0.230

17

18

0.209

0.366

31/मिंन 2

0.491

32

36/1/2ख

1.453

योग .. 25.543

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- धानवाड़ी तालाब निर्माण लघु सिंचाई परियोजना.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व गुना के न्यायालय में किया जा सकता है .

1730

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

प्र. क्र. 21 - अ- 82- वर्ष 2012-2013-67.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- गुना

(ख ) तहसील-गुना

(ग) नगर/ग्राम- राई

( घ) लगभग क्षेत्रफल- 25.049 हेक्टेयर .

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.010

6

9

2.111

10

0.397

12/1/1

0.178

12/1/5

0.979

12/1/7

0.597

12/1/8

0.470

1.000

12/1/9

1.000

12/1/18

1.000

12/1/19

12/1/20

0.199

0.815

12/1/21

12/1/22

0.199

1.000

12/1/23

0.608

12/1/24

12/1/25

1.000

12/1/26

1.000

1.000

12/1/27

12/1/28

0.293

0.273

12/1/29

0.230

12/1/30

12/3

3.135

12/4

1.601

0.105

12/5

0.512

12/7 मिन-2

0.397

14/9

0.303

14/10

1.463

14/18 मिन-1

0.418

14/18 मिन-2

(2)

(1)

2.257

14/198

0.178

16

17

0.042

22/1

0.042

0.073

22/3

0.052

0.073

22/4

22/5

0.052

0.005

23 मिन 1

25.049

योग ..

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- धानवाड़ी तालाब निर्माण लघु सिंचाई परियोजना.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व गुना के न्यायालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संदीप यादव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला विदिशा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग विदिशा , दिनांक 21 मई 2014

प्र. क्र. 33 - अ-82- वर्ष 2012-2013.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की, सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- विदिशा

(ख) तहसील- नटेरन

(ग ) ग्राम- घिनौंची

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.331 हेक्टेयर.

खसरा नं.

रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

31/1/1/2

0.107

0.056

31/2/क भाग 1 ]

1731

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मई 2014

(2)

(1)

32

0.108

0.160

26/1/2

0.081

26/2/1/1

0.081

26/2/2

0.054

46/1

0.036

66

0.216

67/1

81

0.137

82/2

0.072

79

0.025

0.180

185/3

2/1

0.180

2/2

0.108

3

0.054

100/3/2

0.064

100/2

0.039

0.072

100/3/1

0.094

99

0.072

107/1/1

106

0.094

117/1/2

0.033

177/1/1

0.010

117/2/1

0.090

118/3/1

0.108

योग .. 2.331

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की मुख्य नहर नागौर नहर एवं माइनरों के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष के कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी नटेरन के कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री संजय सागर परियोजना वाह नदी संभाग गंजबासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 34 - अ- 82-वर्ष 2012-2013.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- विदिशा

(ख ) तहसील- नटेरन

(ग ) ग्राम- मूड़रा पीताम्बरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.692 हेक्येयर.

खसरा नं.

रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

2/1

0.225

0.185

2/2

2/3

0.163

2/4

0.057

4/1

0.185

0.032

4/6

0.063

5/5

55/1

0.186

0.056

2/5

0.067

2/6

9

0.090

8

0.144

0.040

18/2

5/3/2

0.045

0.036

19/1

19/2

0.112

0.007

20

0.229

55/3/4

0.185

56/1/1

0.068

18/1

0.097

57/2/3

56/1/2

0.062

0.041

56/2

57/1

0.065

0.108

50

58/2

0.144

योग 2.692

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की मुख्य नहर नागौर नहर एवं माइनरों के निर्माण हेतु .

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष के कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी नटेरन के कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री संजय सागर परियोजना वाह नदी संभाग गंजबासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 36 - अ- 82 - वर्ष 2012-2013.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन 1732

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- विदिशा

(ख) तहसील- नटेरन

(ग ) ग्राम- नौराजखेड़ी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.405 हेक्टेयर.

रकबा

सर्वे नं.

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.075

26/1

0.075

26/4

0.075

26/5/1 ख

26/5/3

0.078

13

0.090

169

0.012

योग .. 0.405

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके आवश्यकता है- संजय सागर (बाह ) मध्यम परियोजना की मुख्य नहर नागौर नहर एवं माइनरों के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष के कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी नटेरन के कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग गंजबासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 39 - अ- 82-2012-2013.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- विदिशा

(ख) तहसील- नटेरन

(ग) ग्राम - रायपुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.301 हेक्टेयर.

रकबा

सर्वे नं.

(हैक्टेयर में)

(2)

(1)

29/1

0.110

29/2

0.137

30/1

0.120

0.033

30/2

5

0.180

0.032

6

7

0.230

0.100

8

13

0.130

14

0.172

16

0.235

17

0.195

18

0.110

0.085

19/2/2

0.011

20/3

20/4

0.072

22/1

0.150

22/2/1

0.033

0.035

22/2/3

0.052

0.007

4/1

22/2/4

0.016

23/1

0.045

23/2

0.107

0.008

24/1

24/2

0.004

0.106

108/1/2

0.016

113/1

113/2

0.060

0.137

114

19/2/3

0.032

147

0.136

20/1

0.012

0.020

4/3

0.015

19/1

19/2/1

0.152

0.027

3

117/2

0.126

0.053

2

योग . 3.301 1733

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की मुख्य नहर नागौर नहर एवं माइनरों के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष के कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी नटेरन के कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग गंजबासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 40- अ- 82 - वर्ष 2012-2013 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- विदिशा

(ख ) तहसील- नटेरन

(ग ) ग्राम- रतनपुर चक्क

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.348 हेक्टेयर.

सर्वे नं.

रकबा (हेक्टेयर में) (2)

(1)

0.132

111/2

0.300

0.035

112/2

0.083

112/3

0.050

112/4

0.172

93/1

0.350

93/2

94/1/2/2

0.190

0.075

95/1

0.063

95/2

0.065

110/3

0.002

110/2

0.011

110/1

104/1

0.135

0.035

104/2

0.020

77/2

77/4

0.020

0.012

77/1

(2)

(1)

0.033

110/4

0.005

111/3

0.017

109

0.042

78

0.032

60

0.024

58/1/2/1

0.112

58/4

0.132

10/9

11

0.130

0.032

12/1/2

0.032

110/5

92/2

0.190

91/1

0.045

88

0.194

43

0.140

0.011

42

40/3

0.225

40/2/1

0.037

77/3

0.015

0.070

58/1/1

10/6

0.035

113

0.045

योग 3.348

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की मुख्य नहर नागौर नहर एवं माइनरों के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण जिलाध्यक्ष के कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी नटेरन के कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग गंजबासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सिंगरौली, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सिंगरौली, दिनांक 21 मई 2014

क्र. 395 - भू-अर्जन-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 1734

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

(क्रमांक एक, सन् 1894 ) संशोधित भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिंगरौली

(ख) तहसील-सरई

(ग ) ग्राम- साजापानी

( घ ) लगभग क्षेत्रफल- 20.56 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

रकबा

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

1.16

1894

1893

0.28

2.06

1891

1.20

1902

0.09

1903

1905

0.70

0.12

1906

0.15

1901

0.90

1909

0.81

1911

1.21

1912-

1.00

1934

0.70

1930

0.05

1932

0.17

1931

1928

0.32

1926

0.14

0.24

1925

0.04

1924

0.52

1922

0.80

1917

0.05

1918

0.40

1899

0.01

1896

2672

0.40

2666

0.08

0.22

2660

0.24

2647

(2)

(1)

0.08

2648

0.01

2649

2681

0.22

0.32

2677

2010

0.03

1978

0.19

1977

0.43

0.69

1975

1966

0.13

0.51

1962

1963

0.30

0.35

1958

0.86

1961

0.14

1944

0.08

1862

1818

0.08

1820

0.10

1844

0.01

0.04

1420

0.17

1187

0.01

1189

1190

0.01

0.01

1196

1195

0.06

0.04

1199

0.05

1200

1201

0.01

0.02

1183

0.05

885

893

0.02

0.01

896

0.01

867

0.01

897

0.04

898

0.01

851

850

0.01

0.01

849

0.01

848

846

0.01

843

0.01

827

0.01 1735

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

(2)

(1)

0.01

844

781

0.01

782

0.01

0.01

771

755

0.01

0.01

756

757

0.01

0.01

784

0.40

1959

729

0.01

0.01

728

727

0.01

1747

0.04

1748

0.02

1749

0.02

0.02

1742

0.02

1741

1740

0.02

0.01

1735

0.08

1764

0.02

1771

0.06

1775

0.02

1784

0.01

1783

0.06

1551

1552

0.07

1563

0.03

0.07

1566

0.08

1567

1501

0.01

1503

0.05

0.12

2652

योग .. 20.56

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये- साजापानी बांध की डूब क्षेत्र एवं नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी तहसील देवसर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

क्र. 397- भू-अर्जन-2014 . - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) संशोधित भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिंगरौली

(ख) तहसील- सरई

(ग) ग्राम- घांधी टोला, प.ह.नं. साजापानी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.440 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

रकबा

(हे. में)

(2)

(1)

0.03

93

95

0.06

0.04

96

97

0.08

152

0.07

0.08

160

0.01

161

165

0.04

0.02

166

0.01

167

योग . 0.44

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये - साजापानी बांध के नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , तहसील देवसर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. सेलवेन्द्रन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1736

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

कार्यालय , कलेक्टर, जिला टीकमगढ़, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग टीकमगढ़, दिनांक 23 मई 2014

क्र. भू- अर्जन- प्र.क्र. I- II- भू-अर्जन- 2014-अ-82.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-टीकमगढ़

(ख) तहसील- बल्देवगढ़

(ग) नगर/ ग्राम- मझगुवां

(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.411 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

0.154

78 अ

77

0.073

0.182

76 अ

0.841

63 अ

59 अ

1.408

0.170

59 स

0.089

79

0.684

13/1

13/2

0.684

0.684

13/3

0.684

13/4

15

0.061

0.061

16

0.093

17

18

0.543 योग .. 6.411

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि की आवश्यकता है. - जरूवा तालाब के वेस्ट वियर निर्माण ( अतिरिक्त ) .

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , बल्देबगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.

टीकमगढ़ , दिनांक 27 मई 2014

प्र. क्र. 2-3-82-13-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-टीकमगढ़

(ख ) तहसील- पृथ्वीपुर

(ग) ग्राम- बीरसागर

(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.570 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

रकबा (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

1.028

6

0.400

13/1116

25

0.290

28

0.890

0.414

51/1 ख

0.413

51/1 क

0.276

51/4

44

0.785

0.435

61

0.665

62

80

0.565

0.409

98

योग .. 6.570

(2 ) मडवाघाट तालाब योजना के बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन हेतु आवश्यकता है.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का परीक्षण अनुविभागीय अधिकारी भू-अर्जन अधिकारी निवाड़ी के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , सुदाम खाडे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1737

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 2 मई 2014

क्र. ष्ट- 1963-दो- 3-14-2005.- श्री जे. पी. गुप्ता, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , उज्जैन को दिनांक 07 से 11 अप्रैल 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 06 अप्रैल 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 12, 13 एवं 14 अप्रैल 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री जे. पी. गुप्ता, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री जे. पी . गुप्ता, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 1970-दो- 2-14-2014.- श्री अमरनाथ, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, गुना को दिनांक 07 से 09 अप्रैल 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 06 अप्रैल 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री अमरनाथ, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, गुना को गुना पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश, वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री अमरनाथ, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. C- 1972-दो- 2-53-2009.- श्री महेन्द्र पी . एस. अरोरा, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, इंदौर को दिनांक 28 फरवरी 2014 का एक दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री महेन्द्र पी . एस . अरोरा , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , इंदौर को इंदौर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश , वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री महेन्द्र पी. एस. अरोरा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. C- 1974-दो-2-26-2012.- श्री हरिशंकर वैश्य , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शहडोल को दिनांक 09 से 19 अप्रैल 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए ग्यारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 08 अप्रैल 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 20 अप्रैल 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री हरिशंकर वैश्य, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शहडोल को शहडोल पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री हरिशंकर वैश्य , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, व्ही. बी. सिंह, रजिस्ट्रार .

जबलपुर, दिनांक 21 अप्रैल, 2014

क्र. 543-गोपनीय- 2014- दो- 3-1-2014 ( भाग- बी ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 व्दारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लेखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लेखित न्यायालय के न्यायाधीश के पद पर, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है :-

सारणी

क्रमांक अधिकारी का नाम

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (3) (2)

(1)

1 श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव , द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , जबलपुर.

बाहरवें व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , जबलपुर की हैसियत से श्री सुजीत कुमार सिंह के स्थान पर.

2 श्री सुजीत कुमार सिंह, बाहरवें व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 , जबलपुर.

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , जबलपुर की हैसियत से श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव के स्थान पर.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, वेद प्रकाश , रजिस्ट्रार जनरल.

1738

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

Jabalpur, 8th May 2014

No. D- 3024 - III - 6-6-84- II.- In exercise of the powers conferred under sub - section ( 3 ) of Section 9 of Cr.P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Smt . Krishna Paraste , Presiding Officer of the court of IInd ASJ , Umaria for the speedy trial of offences of Rape , Gang- rape , Murder with rape & all other offences relating thereto , of the District Headquarter , Umaria .

By order of the High court, S. S. RAGHUVANSHI , Registrar (DE) .

जबलपुर , दिनांक 2 मई 2014

क्र. B - 1831-दो-14-29-86.- श्री किशोर पिथवे , डिप्टी रजिस्ट्रार ( न्यायिक -2 ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 12 से 13 मई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 10 एवं 11 मई 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 14 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री किशोर पिथवे , डिप्टी रजिस्ट्रार (न्यायिक-2 ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

[ भाग 1 अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री किशोर पिथवे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो डिप्टी रजिस्ट्रार ( न्यायिक 2 ) , के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 1978- दो-3-53-2005.- श्री कपिल मेहता, ओ. एस.

डी. , मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर को दिनांक 02 से 03 मई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 04 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान का जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री कपिल मेहता, ओ. एस. डी. , मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .

प्रमाणित किया जाता है कि श्री कपिल मेहता, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो ओ.एस.डी. के पद पर कार्यरत रहते.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, व्ही. बी. सिंह, रजिस्ट्रार.

जबलपुर, दिनांक 2 मई 2014

क्र. 617- गोपनीय- 2014- दो- 3-1-2014 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 तथा मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश को उनके नाम के समक्ष स्तम्भ ( 5 ) में अंकित जिले में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है : -

कहां से नाम

क्रमांक

(2)

(3) (1)

1 श्री मसूद अरशद खान

महू

सारणी

कहां को

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी सत्र खण्ड का नाम (5)

(4)

(6)

मंदसौर

मंदसौर

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से.

1739

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2014

भाग 1 ]

क्र. 618 - गोपनीय- 2014- दो- 3-1-2014 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , श्री विवेक शिवहरे, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , राजगढ़ के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश एवं न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी , राजगढ़ को, उनके वर्तमान कार्य के अतिरिक्त, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, राजगढ़ की हैसियत से स्थानापन्न रूप से नियुक्त करता है. तद्नुसार वे अपने अतिरिक्त कार्यभार का निर्वहन करें.

दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 12 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, श्री विवेक शिवहरे को राजगढ़ जिले में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, स्थानापन्न रूप से नियुक्त करता है.

टिप्पणीः-

1. रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 591 /गोपनीय/ 2014/दो -3-1/2014 ( भाग- ए ) , दिनांक 29-04-2014 , जहां तक इसका संबंध श्री मसूद अरशद खान,, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, महू जिला इंदौर का, महू से , मण्डला स्थानांतरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

2. रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 591 /गोपनीय/2014/दो- 3-1 /2014 ( भाग - ए) , दिनांक 29-04-2014, जहां तक इसका संबंध श्री गंगाचरण दुबे , द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , खण्डवा का, खण्डवा से राजगढ़ स्थानांतरण से है, एतद्वारा आगामी आदेश तक स्थगित किया जाता है , वे अपनी वर्तमान पदस्थापना पर कार्य करते रहेंगे .

3. रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 591 /गोपनीय / 2014/दो - 3-1 /2014 ( भाग - ए ) , दिनांक 29-04-2014 , जहां तक इसका संबंध श्री विकास चन्द्र मिश्र, नवम् व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , जबलपुर का, जबलपुर से मंदसौर स्थानांतरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है , वे अपनी वर्तमान पदस्थापना पर कार्य करते रहेंगे .

4. रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 462/गोपनीय/ 2014/दो - 3-1 / 2014 ( भाग - ए ) , दिनांक 02-04-2014 एवं क्रमांक 488/गोपनीय/2014/ दो- 3-1 /2014 ( भाग - ए) , दिनांक 05 अप्रैल 2014 के तारतम्य में, श्री हरप्रसाद बंशकार, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग- 1 मण्डला, उनके वर्तमान कार्य के साथ - साथ, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , मण्डला की हैसियत से स्थानापन्न रूप से, आगामी आदेश तक, अतिरिक्त कार्यभार का निर्वहन करते रहेंगे .

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार , वेद प्रकाश, रजिस्ट्रार जनरल.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 30 May 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2014-05-30.22.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2014-05-30.22.Ordinary.