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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 13 June 2014

Type
Ordinary
Gazette no.
24
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2014-06-13.24.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदेश शासन

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 24]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 13 जून 2014- ज्येष्ठ 23 , शक 1936

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.-स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.- (क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम , (3 ) संसद् के अधिनियम,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 5 मई 2014

क्र. ई. - 5-409 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री एस. आर. मोहन्ती, भाप्रसे ( 1982 ) अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग तथा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा तथा विकअ- आयुक्त नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मध्यप्रदेश एवं प्रबंध संचालक, ऊर्जा विकास निगम को दिनांक 19 से 31 मई 2014 तक, तेरह दिन का एक्स-इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 17 , 18 मई 2014 एवं 1 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2 ) श्री एस. आर . मोहन्ती की अवकाश अवधि में स्कूल शिक्षा विभाग का प्रभार श्री संजय सिंह, भाप्रसे. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश

1789

शासन , तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग को तथा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा तथा विकअ- आयुक्त नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मध्यप्रदेश एवं प्रबंध संचालक ऊर्जा विकास निगम का प्रभार श्री मोहम्मद सुलेमान, भाप्रसे. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, ऊर्जा विभाग, वाणिज्य उद्योग एवं रोजगार विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री एस. आर. मोहन्ती को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग तथा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा तथा विकअ- आयुक्त नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मध्यप्रदेश एवं प्रबंध संचालक, ऊर्जा विकास निगम के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2014 1790

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

(4 ) श्री एस. आर. मोहन्ती द्वारा अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन , स्कूल शिक्षा विभाग तथा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा तथा विकअ-आयुक्त नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मध्यप्रदेश एवं प्रबंध संचालक, ऊर्जा विकास निगम का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री संजय सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग तथा श्री मोहम्मद सुलेमान नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा तथा विकअ-आयुक्त नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मध्यप्रदेश एवं प्रबंध संचालक, ऊर्जा विकास निगम के प्रभार से मुक्त होंगे .

(5) अवकाशकाल में श्री एस. आर. मोहन्ती को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एस. आर. मोहन्ती अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-685 - आयएएस लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री डी. पी. आहूजा, आयएएस, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्दौर को दिनांक 19 से 24 मई 2014 तक, छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 18 मई 2014 एवं 25 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री डी. पी. आहूजा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाश काल में श्री डी. पी . आहूजा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री डी. पी. आहूजा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-822 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री योगेन्द्र शर्मा, आयएएस. , कलेक्टर , जिला सागर को दिनांक 20 से 23 अप्रैल 2014 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री योगेन्द्र शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर , जिला सागर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री योगेन्द्र शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री योगेन्द्र शर्मा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

[भाग 1 क्र. ई. - 5-843- आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री नीरजे दुबे, आयएएस. , अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन को दिनांक 5 से 24 मई 2014 तक, बीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री नीरजे दुबे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री नीरजे दुबे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था .

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री नीरजे दुबे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-876 - आयएएस- लीव -5 - एक. - ( 1 ) श्री तेजस्वी एस. नायक, आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, अनूपपुर को दिनांक 15 से 17 अप्रैल 2014 तक, तीन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 12 , 13, 14 एवं 18 अप्रैल 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री तेजस्वी एस. नायक को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , अनूपपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री तेजस्वी एस . नायक को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री तेजस्वी एस. नायक अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 6 मई 2014

क्र. ई. -5-370-5- आयएएस लीव- एक-5.-( 1 ) श्री आई. एस. दाणी, भाप्रसे महानिदेशक, आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल तथा महानिदेशक, अटल बिहारी बाजपेयी, लोक सेवा प्रशासन संस्थान तथा पदेन अपर मुख्य सचिव , साप्रवि ( विधिक एवं सर्तकता प्रकोष्ठ) को दिनांक 28 मई से 16 जुलाई 2014 तक, पचास दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री आई. एस. दाणी को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न महानिदेशक, आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी , भोपाल तथा महानिदेशक, अटल बिहारी बाजपेयी, लोक सेवा प्रशासन संस्थान तथा पदेन अपर मुख्य सचिव, साप्रवि ( विधिक एवं सतर्कता प्रकोष्ठ ) के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

भाग 1 ]

1791

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

( 3 ) अवकाशकाल में श्री आई. एस. दाणी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आई. एस. दाणी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-844- आयएएस- लीव -5- एक. ( 1 ) श्री अशोक कुमार सिंह, आयएएस. , कलेक्टर, जिला कटनी को दिनांक 30 मई से 7 जून 2014 तक, नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 8 जून 2014 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2 ) श्री अशोक कुमार सिंह की अवकाश अवधि में श्री जेड. यू. शेख, राप्रसे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, कटनी को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर , जिला कटनी का प्रभार सौंपा जाता है.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री अशोक कुमार सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर , जिला कटनी के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री अशोक कुमार सिंह द्वारा कलेक्टर , जिला कटनी का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री जेड. यू. शेख , कलेक्टर जिला कटनी के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री अशोक कुमार सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अशोक कुमार सिंह अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 7 मई 2014

क्र. ई. - 5-808 - आयएएस - लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री राजेन्द्र शर्मा, आयएएस. , सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग को दिनांक 9 से 20 जून 2014 तक, बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 8 एवं 21 , 22 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री राजेन्द्र शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री राजेन्द्र शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री राजेन्द्र शर्मा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 12 मई 2014

क्र. ई. - 5-831 - आयएएस- लीव -5 - एक. ( 1 ) सुश्री स्वाती मीणा, आयएएस. , कलेक्टर, जिला सीधी को दिनांक 19 मई से 13 जून 2014 तक, छब्बीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 17, 18 मई एवं 14 , 15 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान कीजाती है.

(2) सुश्री स्वाती मीणा की अवकाश अवधि में श्री अनिल खरे, अपर कलेक्टर, सीधी को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक कलेक्टर जिला सीधी का प्रभार सौंपा जाता है .

(3 ) अवकाश से लौटने पर सुश्री स्वाती मीणा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला सीधी के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) सुश्री स्वाती मीणा द्वारा कलेक्टर, जिला सीधी का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अनिल खरे, कलेक्टर, जिला सीधी के प्रभार से मुक्त होंगी.

(5 ) अवकाशकाल में सुश्री स्वाती मीणा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री स्वाती मीणा अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

भोपाल, दिनांक 16 मई 2014

क्र. ई . - 5-532- आयएएस- लीव -5 - एक. ( 1 ) श्रीमती सलीना सिंह, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग तथा संसदीय कार्य विभाग को दिनांक 19 से 27 मई 2014 तक, नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 17 , 18 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2) श्रीमती सलीना सिंह की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्रीमती कंचन जैन, भाप्रसे, प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती सलीना सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग तथा संसदीय कार्य विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

1792

(4 ) श्रीमती सलीना सिंह द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग तथा संसदीय कार्य विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती कंचन जैन उक्त प्रभार से मुक्त होंगी.

( 5) अवकाशकाल में श्रीमती सलीना सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती सलीना सिंह अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

भोपाल , दिनांक 19 मई 2014

क्र. ई. -5-370- आयएएस- लीव - एक- 5.- ( 1 ) श्री आई. एस . दाणी, भाप्रसे , महानिदेशक, आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल तथा महानिदेशक, अटल बिहारी बाजपेयी, लोक सेवा प्रशासन संस्थान तथा पदेन अपर मुख्य सचिव, साप्रवि ( विधिक एवं सतर्कता प्रकोष्ठ ) को समसंख्यक आदेश दिनांक 6 मई 2014 द्वारा दिनांक 28 मई से 16 जुलाई तक, पचास दिन का एक्स - इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया है.

(2) श्री आई. एस. दाणी की अवकाश अवधि में महानिदेशक, आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल का प्रभार श्रीमती शिखा दुबे, भाप्रसे, संचालक, आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक सौंपा जाता है .

क्र. ई. - 5-787- आयएएस- लीव - 5- एक. ( 1 ) श्रीमती राजकुमारी खन्ना, आयएएस . , उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को दिनांक 2 से 13 मार्च 2014 तक, बारह दिन का एवं दिनांक 18 मार्च से 11 अप्रैल 2014 तक, पच्चीस दिन अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

( 2 ) अवकाशकाल में श्रीमती राजकुमारी खन्ना को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती राजकुमारी खन्ना अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

भोपाल , दिनांक 20 मई 2014

क्र. ई. -5-479- आयएएस- लीव- 5 - एक.- ( 1 ) श्री प्रभांशु कमल , आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, पशुपालन विभाग को दिनांक 9 से 11 जून 2014 तक, तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 8 जून 2014 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

(2 ) श्री प्रभांशु कमल की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्रीमती सलीना सिंह, भाप्रसे प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास , संसदीय कार्य विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.

( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री प्रभांशु कमल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पशुपालन विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री प्रभांशु कमल द्वारा प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , पशुपालन विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती सलीना सिंह उक्त प्रभार से मुक्त होंगी.

( 5 ) अवकाशकाल में श्री प्रभांशु कमल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रभांशु कमल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. -5-772- आयएएस- लीव -5 - एक. ( 1 ) श्री पी. नरहरि, आयएएस. , कलेक्टर, जिला ग्वालियर को दिनांक 26 मई से 4 जून 2014 तक, दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 25 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2) श्री पी. नरहरि की अवकाश अवधि में श्रीमती सूफिया फारूकी, भाप्रसे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, ग्वालियर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला ग्वालियर का प्रभार सौंपा जाता है.

( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री पी . नरहरि को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर जिला ग्वालियर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) श्री पी. नरहरि द्वारा कलेक्टर, जिला ग्वालियर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती सूफिया फारूकी कलेक्टर, जिला ग्वालियर के प्रभार से मुक्त होंगी .

(5 ) अवकाशकाल में श्री पी. नरहरि को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री पी . नरहरि अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. -5-843 - आयएएस- लीव-5 - एक. ( 1 ) श्री नीरज दुबे , आयएएस . , अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन को दिनांक 15 मई 2014 एक दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

भाग 1 ]

1793

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

(2) अवकाशकाल में श्री नीरज दुबे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री नीरज दुबे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 21 मई 2014

क्र. ई. - 5-370- आयएएस लीव- एक- 5.-( 1 ) श्री आई. एस. दाणी, भाप्रसे महानिदेशक, आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल तथा महानिदेशक , अटल बिहारी बाजपेयी, लोक सेवा प्रशासन संस्थान तथा पदेन अपर मुख्य सचिव, साप्रवि ( विधिक एवं सर्तकता प्रकोष्ठ ) को समसंख्यक आदेश दिनांक 6 मई 2014 द्वारा दिनांक 28 मई से 16 जुलाई 2014 तक, पचास दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया है.

(2 ) श्री आई. एस. दाणी की अवकाश अवधि में महानिदेशक, अटल बिहारी बाजपेयी, लोक सेवा प्रशासन संस्थान , भोपाल का प्रभार श्री हरिरंजन राव, भाप्रसे, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम तथा सचिव, मुख्यमंत्री एवं सचिव , सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.

क्र. ई. - 5-845 - आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री के. सी. जैन, आयएएस. , अपर आयुक्त, उज्जैन संभाग को दिनांक 19 से 31 मई 2014 तक, तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 17 , 18 मई 2014 एवं 1 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री के. सी. जैन को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर आयुक्त, उज्जैन संभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में श्री के. सी. जैन को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. सी. जैन अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-876- आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री तेजस्वी एस . नायक, आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, अनूपपुर को दिनांक 19 से 13 जून 2014 तक छब्बीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 17 , 18 मई एवं 14, 15 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री तेजस्वी एस. नायक को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, अनूपपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री तेजस्वी एस. नायक को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री तेजस्वी एस. नायक अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-911 - आयएएस- लीव-5- एक.- ( 1 ) सुश्री अनुग्रह पी. , आयएएस. , अनुविभागीय अधिकारी, बैरसिया ( भोपाल ) को दिनांक 26 से 9 जून 2014 तक, पन्द्रह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. :

(2) अवकाश से लौटने पर सुश्री अनुग्रह पी. , को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अनुविभागीय अधिकारी , बैरसिया (भोपाल ) के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में सुश्री अनुग्रह पी. को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री अनुग्रह पी. , अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

भोपाल, दिनांक 22 मई 2014

क्र. ई . - 5-880- आयएएस- लीव -5 - एक. ( 1 ) श्री मोहनलाल मीणा, आयएएस. , कलेक्टर, जिला सतना को दिनांक 26 मई से 7 जून 2014 तक, तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 25 मई एवं 8 जून 2014 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2 ) श्री मोहनलाल मीणा की अवकाश अवधि में श्री अभिजीत अग्रवाल, अपर कलेक्टर ( विकास ) एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सतना को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक कलेक्टर जिला ग्वालियर का प्रभार सौंपा जाता है .

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री मोहनलाल मीणा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक , स्थानापन्न कलेक्टर जिला सतना के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री मोहनलाल मीणा द्वारा कलेक्टर , जिला सतना का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अभिजीत अग्रवाल , कलेक्टर, जिला सतना के प्रभार से मुक्त होंगे.

1794

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

(5 ) अवकाशकाल में श्री मोहनलाल मीणा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मोहनलाल मीणा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 23 मई 2014

क्र. ई. -5-945- आयएएस लीव-5- एक.-( 1 ) श्री एन . एस. परमार, आयएएस. , उपायुक्त ( राजस्व ) उज्जैन संभाग को दिनांक 26 से 3.1 . मई 2014 तक, छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 25 मई एवं 1 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री एन. एस. परमार को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उपायुक्त ( राजस्व ) उज्जैन संभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री एन. एस . परमार को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एन. एस . परमार अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भोपाल , दिनांक 24 मई 2014

क्र. ई - 1-157-2014-5- एक. मध्यप्रदेश संवर्ग को आवंटित भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2013 बैच के निम्नलिखित परिवीक्षाधीन अधिकारियों को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकदामी, मूसरी में प्रथम चरण के प्रशिक्षण समाप्ति पर राज्य में प्रशिक्षण के लिए उनके नाम के सामने दर्शाये जिलों में सहायक कलेक्टर के पद पर पदस्थ किया जाता है:-

अधिकारी का नाम सहायक कलेक्टर के पद पर पदस्थापना का जिला क्र.

(3)

(1)

(2)

1 श्री अमनबीर सिंह बैंस

उज्जैन

दतिया

2 श्री अनूप कुमार सिंह

होशंगाबाद 3 श्री फ्रेंक नोबल ए

4 श्री हर्ष दीक्षित

झाबुआ

5 श्री मयंक अग्रवाल

अनूपपुर 6 श्री प्रियंक मिश्रा

टीकमगढ़

खण्डवा 7 सुश्री रजनी सिंह

8 श्री ऋषि गर्ग

गुना

(3)

(2)

(1)

9 श्री संदीप जी आर

जबलपुर

रतलाम

10 श्री सतीश कुमार एस

11 श्री सोमेश मिश्रा

बालाघाट

डिंडोरी

12 सुश्री सोनिया मीणा

छिन्दवाड़ा 13 श्री एस. कृष्ण चैतन्य

उपर्युक्त अधिकारी लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी में प्रथम चरण के प्रशिक्षण के बाद कार्यमुक्त होने पर कार्यग्रहण अवधि का लाभ उठाकर अपनी पदस्थापना के जिले में कार्यभार ग्रहण करेंगे .

भोपाल , दिनांक 26 मई 2014

क्र. ई. - 5-465 - आयएएस - लीव -5 - एक. - ( 1 ) श्री प्रेमचंद मीना, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग को दिनांक 19 से 30 मई 2014 तक बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री प्रेमचंद मीना को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री प्रेमचंद मीना को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रेमचंद मीना अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई. - 5-411 - आयएएस - लीव- 5 - एक.- ( 1 ) श्री अजय नाथ , आयएएस . , अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग को दिनाकं 25 जून से 11 जुलाई 2014 तक, सत्रह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री अजय नाथ को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में श्री अजय नाथ को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अजय नाथ अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

क्र. ई. - 5-564- आयएएस- लीव- 5 - एक.- ( 1 ) श्रीमती वीरा राणा , आयएएस . , आयुक्त- सह- संचालक, हाथकरघा एवं प्रबंध संचालक, हस्त शिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम, भोपाल को दिनांक 30 मई से 13 जून 2014 तक, पन्द्रह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 14 एवं 15 जून 2014 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2 ) श्रीमती वीरा राणा की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्रीमती सुधा चौधरी , भाप्रसे, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है .

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती वीरा राणा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त-सह- संचालक, हाथकरघा एवं प्रबंध संचालक, हस्त शिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्रीमती वीरा राणा द्वारा आयुक्त- सह- संचालक, हाथकरघा एवं प्रबंध संचालक, हस्त शिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम, भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती सुधा चौधरी उक्त प्रभार से मुक्त होंगी.

(5 ) अवकाशकाल में श्रीमती वीरा राणा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती वीरा राणा अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

क्र. ई. - 5-777 - आयएएस-लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री अशोक कुमार शिवहरे, आयएएस. , सदस्य, राजस्व मण्डल , ग्वालियर को दिनांक 2 से 7 जून 2014 तक, छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 1 जून एवं 8 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री अशोक कुमार शिवहरे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सदस्य, राजस्व मण्डल , ग्वालियर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री अशोक कुमार शिवहरे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अशोक कुमार शिवहरे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई . -5-819 - आयएएस - लीव -5 - एक. ( 1 ) श्री केदारलाल शर्मा , आयएएस . , अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग को दिनांक 28 अप्रैल से 1 मई 2014 तक चार दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .

1795 (2 ) अवकाशकाल में श्री केदारलाल शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री केदारलाल शर्मा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई . - 5-821 - आयएएस - लीव - 5 - एक. - ( 1 ) श्री एस . सुहेल अली, आयएएस. , सचिव, राजस्व मण्डल , ग्वालियर को दिनांक 30 मई से 7 जून 2014 तक, नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 8 जून 2014 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री एस. सुहेल अली को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव, राजस्व मण्डल, ग्वालियर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) श्री एस. सुहेल अली को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एस. सुहेल अली अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-872 - आयएएस लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्रीमती प्रियंका दास, आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , सिवनी को दिनांक 23 मई से 7 जून 2014 तक, सोलह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 8 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती प्रियंका दास को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, सिवनी के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में श्रीमती प्रियंका दास को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती प्रियंका दास अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

क्र. ई. - 5-900 - आयएएस- लीव - 5- एक.- ( 1 ) श्री आनन्द कुमार शर्मा , आयएएस . , कलेक्टर , जिला राजगढ़ को दिनांक 2 से 7 जून 2014 तक, छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 1 एवं 8 जून 2014 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) श्री आनन्द कुमार शर्मा की अवकाश अवधि में श्री इलैया राजा टी. , भाप्रसे मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , राजगढ़ को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला राजगढ़ का प्रभार सौंपा जाता है.

1796

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

(3) अवकाश से लौटने पर श्री आनन्द कुमार शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला राजगढ़ के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री आनन्द कुमार शर्मा द्वारा कलेक्टर, जिला राजगढ़ का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री इलैया राजा टी. कलेक्टर, जिला राजगढ़ के उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.

(5) अवकाशकाल में श्री आनन्द कुमार शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आनन्द कुमार शर्मा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 28 मई 2014

क्र. ई. - 5-479 - आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री प्रभांशु कमल, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पशुपालन विभाग को दिनांक 29 जनवरी 2014 ( एक दिन ) तथा दिनांक 24 से 25 मार्च 2014 तक, दो दिन अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) अवकाश काल में श्री प्रभांशु कमल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रभांशु कमल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-768 - आयएएस - लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री संदीप यादव, आयएएस. , कलेक्टर, जिला गुना को दिनांक 2 से 9 जून 2014 तक, आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 1 जून 2014 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) श्री संदीप यादव की अवकाश अवधि में सुश्री प्रीति मैथिल, भाप्रसे, अपर कलेक्टर, गुना को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कलेक्टर , जिला गुना का प्रभार सौंपा जाता है .

(3) अवकाश से लौटने पर श्री संदीप यादव को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला गुना के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) श्री संदीप यादव द्वारा कलेक्टर, जिला गुना का कार्यभार ग्रहण करने पर सुश्री प्रीति मैथिल , कलेक्टर, जिला गुना के प्रभार से मुक्त होंगी.

(5) अवकाशकाल में श्री संदीप यादव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री संदीप यादव अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-940- आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री राजीव शर्मा , आयएएस. , उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , लोक निर्माण विभाग को दिनांक 28 अप्रैल से 5 मई 2014 तक, दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री राजीव शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाश काल में श्री राजीव शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री राजीव शर्मा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-949 - आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री अशोक कुमार वर्मा, आयएएस. , अपर कलेक्टर , जिला आगर मालवा को दिनांक 26 अप्रैल से 7 मई 2014 तक, बारह दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री अशोक कुमार वर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर कलेक्टर, जिला आगर मालवा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाश काल में श्री अशोक कुमार वर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था .

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अशोक कुमार वर्मा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भोपाल, दिनांक 29 मई 2014

क्र. ई. - 5-557- आयएएस- लीव -5- एक. ( 1 ) श्री राजीव रंजन, आयएएस. , आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त, ग्वालियर को दिनांक 5 से 10 जून 2014 तक, छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

(2) श्री राजीव रंजन की अवकाश अवधि में श्री एस. के. वेद, भाप्रसे आबकारी आयुक्त, ग्वालियर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, आयुक्त, भू- अभिलेख एवं बंदोबस्त, ग्वालियर का प्रभार सौंपा जाता है.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री राजीव रंजन को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, भू- अभिलेख एवं बंदोबस्त, ग्वालियर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

भाग 1 ]

(4) श्री राजीव रंजन द्वारा आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त, ग्वालियर भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री एस. के. वेद, आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त, ग्वालियर के प्रभार से मुक्तहोंगे.

(5) अवकाशकाल में श्री राजीव रंजन को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री राजीव रंजन अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई . - 5-677 - आयएएस लीव-5 - एक. ( 1 ) श्री एम. के. वाष्र्णेय , आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, श्रम विभाग को दिनांक 21 अप्रैल से 16 मई 2014 तक, छब्बीस दिन का लघुकृत अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 17 एवं 18 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री एम. के. वाष्र्णेय को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, श्रम विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाश काल में श्री एम. के. वाष्र्णेय को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एम. के. वाष्र्णेय अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-817 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री राहुल जैन , आयएएस. , कलेक्टर, जिला होशंगाबाद को दिनांक 20 से 28 जून 2014 तक, नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 29 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2 ) श्री राहुल जैन की अवकाश अवधि में श्री कृष्ण गोपाल तिवारी, भाप्रसे मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , होशंगाबाद को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला होशंगाबाद का प्रभार सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री राहुल जैन को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला होशंगाबाद के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) श्री राहुल जैन द्वारा कलेक्टर , जिला होशंगाबाद का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री कृष्ण गोपाल तिवारी, कलेक्टर, जिला होशंगाबाद के प्रभार से मुक्त होंगे .

1797 (5 ) अवकाशकाल में श्री राहुल जैन को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री राहुल जैन अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-856- आयएएस- लीव - 5- एक.- ( 1 ) श्रीमती छबि भारद्वाज, आयएएस. , कलेक्टर, जिला डिण्डौरी को दिनांक 16 से 24 जून 2014 तक, नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ 14 एवं 15 जून 2014 का सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2 ) श्रीमती छबि भारद्वाज की अवकाश अवधि में श्री कर्मवीर शर्मा, भाप्रसे मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , डिण्डौरी को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक , कलेक्टर, जिला डिण्डौरी का प्रभार सौंपा जाता है .

(3) अवकाश से लौटने पर श्रीमती छबि भारद्वाज को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला डिण्डौरी के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) श्रीमती छबि भारद्वाज द्वारा कलेक्टर, जिला डिण्डौरी का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री कर्मवीर शर्मा , कलेक्टर जिला डिण्डौरी के प्रभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में श्रीमती छबि भारद्वाज को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती छबि भारद्वाज अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

क्र. ई. - 5-824- आयएएस लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री धनंजय सिंह भदौरिया, आयएएस . , आयुक्त , मध्यप्रदेश गृह निर्माण मण्डल, भोपाल को दिनांक 2 से 13 जून 2014 तक बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 1 जून 2014 एवं 14 , 15 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री धनंजय सिंह भदौरिया को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मण्डल , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री धनंजय सिंह भदौरिया को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री धनंजय सिंह भदौरिया अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

1798

क्र. ई. - 5-825- आयएएस लीव 5- एक. ( 1 ) डॉ. सुदाम पंढरीनाथ खाड़े, आयएएस . , कलेक्टर , जिला टीकमगढ़ को दिनांक 2 से 13 जून 2014 तक, बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 1 एवं 14, 15 जून 2014 का सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान कीजाती है.

(2 ) डॉ. सुदाम पंढरीनाथ खाड़े की अवकाश अवधि में श्री अनय द्विवेदी , भाप्रसे अपर कलेक्टर, ( विकास ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, टीकमगढ़ को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ का प्रभार सौंपा जाता है.

( 3 ) अवकाश से लौटने पर डॉ. सुदाम पंढरीनाथ खाड़े को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर , जिला टीकमगढ़ के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) डॉ. सुदाम पंढरीनाथ खाड़े द्वारा कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अनय द्विवेदी , कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ के प्रभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में डॉ. सुदाम पंढरीनाथ खाड़े को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. सुदाम पंढरीनाथ खाड़े अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-859 - आयएएस लीव-5 - एक. ( 1 ) श्री भरत यादव, आयएएस. , कलेक्टर, जिला सिवनी को दिनांक 16 से 28 जून 2014 तक तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 14 , 15 एवं 29 जून 2014 का सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2) श्री भरत यादव की अवकाश अवधि में श्रीमती प्रियंका दास, भाप्रसे मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, सिवनी को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला सिवनी का प्रभार सौंपा जाता है .

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री भरत यादव को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला सिवनी के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री भरत यादव द्वारा कलेक्टर, जिला सिवनी का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती प्रियंका दास, कलेक्टर जिला सिवनी के प्रभार से मुक्त होंगी.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

( 5 ) अवकाशकाल में श्री भरत यादव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री भरत यादव अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई. - 5-884- आयएएस लीव -5 -एक.- ( 1 ) श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल बहुगुणा, आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, छिन्दवाड़ा को दिनांक 23 मई से 2 जून 2014 तक, ग्यारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल बहुगुणा की अवकाश अवधि में श्री टी. सी. सोलंकी, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, छिन्दवाड़ा को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है .

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल बहुगुणा को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, छिन्दवाड़ा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल बहुगुणा द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, छिन्दवाड़ा का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री टी. सी. सोलंकी उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.

(5) अवकाशकाल में श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल बहुगुणा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल बहुगुणा अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

क्र. ई. - 5-891 - आयएएस - लीव- 5 - एक.-( 1 ) श्री भास्कर लक्षकार, आयएएस . , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, दतिया को समसंख्यक आदेश दिनांक 1 मई 2014 द्वारा दिनांक 9 से 20 जून 2013 तक, बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था, एतद्वारा निरस्त करते हुए, अब उन्हें दिनांक 16 से 28 जून 2013 तक, तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री भास्कर लक्षकार को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, दतिया के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री भास्कर लक्षकार को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री भास्कर लक्षकार अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

भाग 1 ]

क्र. ई. - 5-925 - आयएएस- लीव-5- एक. ( 1 ) श्री रोहित सिंह, आयएएस. , सहायक कलेक्टर, जिला गुना को दिनांक 29 मई से 25 जून 2014 तक अट्ठाईस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री रोहित सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सहायक कलेक्टर, जिला गुना के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री रोहित सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री रोहित सिंह अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भोपाल, दिनांक 30 मई 2014

क्र. ई- 1-174-2014-5-एक. ( 1 ) श्रीमती कंचन जैन , भाप्रसे (1984) प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , संसदीय कार्य विभाग पदस्थ किया जाता है .

(2 ) उपरोक्तानुसार श्रीमती कंचन जैन द्वारा प्रमुख सचिव , संसदीय कार्य विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती सलीना सिंह , भाप्रसे ( 1986 ) प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग तथा संसदीय कार्य विभाग केवल संसदीय कार्य विभाग के कार्यभार से मुक्त होंगी .

(3 ) डॉ. राजेश राजौरा , भाप्रसे ( 1990 ) प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग , जैव विधिवता एवं जैव प्रौद्योगकी विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ आगामी आदेश तक प्रमुख सचिव, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है .

क्र. ई. - 5-463- आयएएस लीव -5- एक. ( 1 ) श्री आर. के. स्वाई, आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , गृह एवं जेल विभाग को दिनांक 9 से 21 मई 2014 तक तेरह दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) अवकाशकाल में श्री आर . के. स्वाई को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आर. के. स्वाई अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

1799 क्र. ई. - 5-631- आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री संजय दुबे, आयएएस. , कमिश्नर , इन्दौर संभाग को दिनांक 2 से 4 जून 2014 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 1 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2) श्री संजय दुबे की अवकाश अवधि में श्री आकाश त्रिपाठी , भाप्रसे कलेक्टर , इन्दौर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कमिश्नर , इन्दौर संभाग का प्रभार सौंपा जाता है .

(3) अवकाश से लौटने पर श्री संजय दुबे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक , स्थानापन्न कमिश्नर, इन्दौर संभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) श्री संजय दुबे द्वारा कमिश्नर, इन्दौर संभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री आकाश त्रिपाठी, कमिश्नर , इन्दौर संभाग के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री संजय दुबे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री संजय दुबे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-787- आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्रीमती राजकुमारी खन्ना, आयएएस. , उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को दिनांक 5 से 9 मई 2014 तक पांच दिन का लघुकृत अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

( 2 ) अवकाशकाल में श्रीमती राजकुमारी खन्ना को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(3) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती राजकुमारी खन्ना अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

क्र. ई . - 5-871 - आयएएस - लीव- 5- एक.-( 1 ) श्री धनराजू, एस. , आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, झाबुआ को दिनांक 2 से 13 जून 2014 तक बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 1 जून एवं 14, 15 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2 ) श्री धनराजू, एस. की अवकाश अवधि में श्री एम. एस. मुलाल्दे, वरिष्ठ लेखाधिकारी, जिला पंचायत, झाबुआ को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, झाबुआ का प्रभार सौंपा जाता है.

1800

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

(3) अवकाश से लौटने पर श्री धनराजू, एस. को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , झाबुआ के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) श्री धनराजू, एस . द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, झाबुआ का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री एम . एस. मुलाल्दे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, झाबुआ के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री धनराजू, एस . को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री धनराजू, एस. अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 31 मई 2014

क्र. ई. - 5-486- आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री विनोद चन्द्र सेमवाल , आयएएस. , राज्यपाल के प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश को दिनांक 12 से 20 जून 2014 तक नौ दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 21 एवं 22 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री विनोद चन्द्र सेमवाल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न राज्यपाल के प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री विनोद चन्द्र सेमवाल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री विनोद चन्द्र सेमवाल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-532- आयएएस लीव-5- एक.- ( 1 ) श्रीमती सलीना सिंह, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग तथा संसदीय कार्य विभाग को समसंख्यक आदेश दिनांक 16 मई 2014 द्वारा दिनांक 19 से 27 मई 2014 तक नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था , में आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 19 से 24 मई 2014 तक छः दिन का पुनरीक्षित अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 25 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2 ) शेष कंडिकाएं समसंख्यक आदेश दिनांक 16 मई 2014 अनुसार यथावत् रहेंगी.

क्र. ई. - 5-725- आयएएस -लीव- 5- एक.-( 1 ) डॉ. एम. गीता, भाप्रसे ( 1997 ) को दिनांक 1 से 20 जून 2014 तक 20 दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

( 2) अवकाशकाल में डॉ. एम. गीता भाप्रसे ( 1997 ) को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

भोपाल, दिनांक 2 जून 2014

क्र. ई. - 5-897- आयएएस-लीव - 5- एक. ( 1 ) श्री जे . के. जैन , आयएएस. , कलेक्टर, जिला रायसेन को दिनांक 5 से 13 जून 2014 तक नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 14 एवं 15 जून 2014 का सार्वजनिक अवकाश जोडने की अनुमति दी जाती है.

(2 ) श्री जे . के. जैन की अवकाश अवधि में श्री अनुराग चौधरी , भाप्रसे मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, रायसेन को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला रायसेन का प्रभार सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री जे. के. जैन को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला रायसेन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री जे. के. जैन द्वारा कलेक्टर, जिला रायसेन का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अनुराग चौधरी कलेक्टर, जिला रायसेन के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री जे . के. जैन को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री जे . के. जैन अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भोपाल, दिनांक 3 जून 2014

क्र. ई. - 5-772 - आयएएस - लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री नरहरि, आयएएस . , कलेक्टर, जिला ग्वालियर को समसंख्यक आदेश दिनांक 20 मई 2014 द्वारा दिनांक 26 मई से 4 जून 2014 तक दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था, में आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 9 से 13 जून 2014 तक पांच दिन का पुनरीक्षित अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 8 जून 2014 एवं 14, 15 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2 ) शेष कंडिकाएं समसंख्यक आदेश दिनांक 20 मई 2014 अनुसार यथावत् रहेंगी .

1801

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

भाग 1 ]

क्र. ई. - 5-819- आयएएस लीव-5 -एक ( 1 ) श्री केदारलाल शर्मा , आयएएस. , अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग को दिनांक 20 से 29 मई 2014 तक, दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री केदारलाल शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाश काल में श्री केदारलाल शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री केदारलाल शर्मा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-685- आयएएस लीव-5- एक. ( 1 ) श्री डी. पी. आहूजा, आयएएस . , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्दौर को दिनांक 9 से 20 जून 2014 तक बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 8 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री डी. पी. आहूजा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाश काल में श्री डी. पी . आहूजा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री डी. पी. आहूजा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , अॅन्टोनी डिसा, मुख्य सचिव.

भोपाल, दिनांक 24 मई 2014

क्र. एफ ए- 5-08-2014- एक ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय , श्री बी . डी. राठी, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, खण्डपीठ, ग्वालियर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है:-

अभियुक्ति (5)

अवकाश का प्रकार

(4)

कुल दिन (3) अवकाश अवधि (2)

अ. क्र. (1)

पांच दिन 1

10मार्च 2014 से 14 मार्च 2014 तक.

पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश.

अवकाश के पूर्व में दिनांक 8 एवं 9 मार्च 2014 एवं पश्चात् में दिनांक 15, 16, 17 एवं 18 मार्च 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.

क्र. एफ ए- 5-09-2014- एक ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय , श्री सुशील कुमार गुप्ता, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है: -

कुल दिन (3)

अभियुक्ति (5)

अवकाश का प्रकार

(4)

अवकाश अवधि (2)

अ. क्र. (1)

1

पांच दिन 5 मई 2014 से 9 मई 2014 तक.

पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश.

अवकाश के पूर्व में दिनांक 3 एवं 4 मई 2014 एवं पश्चात् में दिनांक 10 एवं 11 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.

1802

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

क्र. एफ ए- 5-21-2012 - एक ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय श्री के. के. त्रिवेदी, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है:-

अ. क्र.

अवकाश अवधि

कुल दिन

(2)

(1)

(3)

उन्नीस दिन 1

20 जनवरी 2014 से 7 फरवरी 2014 तक.

अवकाश का प्रकार

अभियुक्ति

(5)

(4)

पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश.

अवकाश के पूर्व में दिनांक 18 एवं 19 जनवरी 2014 एवं पश्चात् में दिनांक 8 एवं 9 फरवरी 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.

भोपाल, दिनांक 3 जून 2014

क्र. एफ ए- 5-12-2014- एक ( 1 ) . - राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति श्री सुशील कुमार पालो, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है:-

अवकाश अवधि

(2)

अभियुक्ति (5)

अवकाश का प्रकार

(4)

कुल दिन (3) अ. क्र. (1)

नौ दिन 1

5 मई 2014 से 13 मई 2014 तक.

पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश.

अवकाश के पूर्व में दिनांक 4 मई 2014 एवं अवकाश के पश्चात् में दिनाकं 14 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.

भोपाल , दिनांक 31 मई 2014

क्र. एफ 3-1-2014-1-4 . - राज्य शासन एतद्वारा नगर परिषद् मऊगंज, जिला रीवा के अध्यक्ष पद के उप निर्वाचन हेतु मतदान दिनांक 10 जून 2014 मंगलवार को जिले के संबंधित नगरीय क्षेत्र में सामान्य अवकाश घोषित करता है.

2.. उक्त दिनांक को केवल संबंधित क्षेत्र के लिये पराक्राम्य लिखित अधिनियम ( निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेट्स एक्ट, 1881 ) ( 1881 का क्रमांक 26 ) की धारा 25 के अन्तर्गत सार्वजनिक अवकाश भी घोषित करता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा, उपसचिव.

भोपाल, दिनांक 8 मई 2014

क्र. ई - 5-899 - आयएएस- लीव - 5 - एक. - श्री महेश चन्द्र चौधरी , आयएएस . , उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन को समसंख्यक आदेश दिनांक 1 मई 2014 द्वारा दिनांक 3 से 16 मई 2014 तक चौदह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

भोपाल , दिनांक 12 मई 2014

क्र. ई- 1-209-2013-5- एक.- इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 15 अप्रैल 2014 के पैराग्राफ 13 की पंक्ति क्रमांक 7 में उल्लेखित " श्रीमती किरण विजय सिंह " के स्थान पर " श्री ए. के. गुप्ता " पढ़ा जाए.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, फजल मोहम्मद, अवर सचिव " कार्मिक" .

भाग 1 ]

1803

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 2 अप्रैल 2014

क्र. एफ- 13-4-2012- छप्पन.-1. भारत सरकार के अर्द्धशासकीय पत्र क्र. 16-04-2012- ईआईपी, दिनांक 2 मई 2012 के अनुपालन में मध्यप्रदेश शासन , एतद्वारा भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड ( BBNL- भारत सरकार का उपक्रम ) को भारत सरकार के सहयोग से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में नेशनल ऑप्टीकल फाईबर नेटवर्क ( NOFN ) परियोजना के क्रियान्वयन हेतु स्वीकृति प्रदान करता है . भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड द्वारा निर्मित किये जा रहे सूचना प्रौद्योगिकी राजमार्ग ( Information Highway ) के निर्माण के लिए नेशल ऑप्टीकल फाईबर नेटवर्क परियोजना कार्य हेतु राज्य सरकार के विभागों/अधीनस्थ कार्यालय /स्थानीय निकाय/ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एवं राज्य शासन की एजेंसियों द्वारा किसी भी प्रकार का मार्ग का अधिकार शुलक ( Right of Way ) नहीं लगाया जावेगा क्योंकि इस कनेक्टिविटी के माध्यम से राज्य शासन एवं ग्राम पंचायतों के माध्यम से स्थानीय समुदाय लाभांवित होगा. इस सहयोग को नेशनल ऑप्टीकल फाईबर नेटवर्क परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु राज्य शासन का अंशदान माना जावेगा जो कि प्रमुख रूप से ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड संयोजक्ता हेतु स्थानीय समुदायों एवं राज्य सरकार के लाभ हेतु किया जा रहा है और जिसका उद्देश्य मार्ग का अधिकार अनुमति ( Right of Way ) प्रदान करने में होने वाली देरी को रोकना है.

2. बिजली प्रदाय कंपनियाँ ( पारेषण/वितरण ) भारत ब्रॉबैंड नेटवर्क लिमिटेड को एम. पी. पावर नेट परियोजना अंतर्गत व्यवसायिक दर पर ऑप्टीकल फाईबर को अपनी ट्रांसमिशन लाइनों/उप ट्रांसमिशन वितरण लाइनों को उनकी आवश्यकतानुसार उपयोग करने देंगे. तथापि कुछ मामलों में भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड के कार्ययोजना की आवश्यकता के अनुसार एम. पी. पॉवरनेट का नेटवर्क भिन्न हो सकता है. इस दशा में राज्य की कंपनियों ( पारेषण/वितरण ) द्वारा भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड को मार्ग का अधिकार ( Right of Way ) की मंजूरी दी जावेगी.

3. इस अधिसूचना के माध्यम से भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड राज्य सरकार की अन्य किसी अनुमति के बिना भी मार्ग का अधिकार (Right of Way ) के अनुरूप आप्टीकल फाइबर केबल बिछाने के लिये प्राधिकृत है. भारत ब्राडबैंड नेटवर्क लिमिटेड के लिए यह मार्ग का अधिकार ( Rightof Way ) अधिसूचना राज्य शासन के सभी एजेन्सियाँ जैसे लोक निर्माण विभाग/ ग्रामीण यांत्रिकी विभाग/वन (वन संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों का पालन करते हुए जहाँ भी लागू हो ) /नगरपालिका, पंचायत प्राधिकरण, बिजली कंपनियाँ, सिंचाई, विद्युत् वितरण एजेन्सियों पर भी लागू होगी.

4. भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड को लागत आधार पर पंचायत भवन या अन्य उपयुक्त स्थान पर आवश्यकतानुसार नेशनल ऑप्टीकल फाईबर नेटवर्क परियोजना के उपकरणों की स्थापना एवं निर्विध्न संचालन हेतु समुचित स्थान एवं विद्युत् उपलब्ध करायी जावेगी. भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड के कर्मचारियों या उनके प्रतिनिधियों को पंचायत भवन या अन्य उपयुक्त स्थानों पर संचालन/संधारण हेतु निर्बाध पहुंच उपलब्ध करायी जावेगी .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

सुधीर कुमार कोचर, उपसचिव.

अनुसूचित जाति कल्याण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल .

क्र. एफ- 12-35-2007- पच्चीस -4/5 भोपाल, दिनांक 15 मई 2014 कक्षा 10 एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को डा. भीमराव अम्बेडकर मेधावी पुरस्कार राशिमें वृद्धि

2. राज्य शासन एतद्वारा समसंख्यक ज्ञाप दिनांक 24-8-2007 से जारी विषयांकित योजना में निम्नानुसार संशोधन करता है:-

(4) पात्रता-

कक्षा 10वीं एवं 12 वीं की बोर्ड परीक्षा से तात्पर्य माध्यमिक शिक्षा मण्डल/ सीबीएसई इंटरनेशल सेकेण्डरी बोर्ड आफ एजुकेशन की परीक्षाओं में प्रदेश में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थी पात्र होंगे

(5 ) वित्तीय मापदण्ड-

अ. कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा

श्रेणी

योजना का स्वरूप

क्र.

पुरस्कार राशि

(4) (2)

(3)

(1)

1 10 वीं बोर्ड परीक्षा

प्रथम स्थान

30,000

(बालक या बालिका) .

2 10वीं बोर्ड परीक्षा

25,000

(बालक या बालिका) . द्वितीय स्थान

3 10वीं बोर्ड परीक्षा

20,000

तृतीय स्थान ( बालक या बालिका) .

4 10वीं बोर्ड परीक्षा

15,000

चतुर्थ स्थान (बालिका) 1804

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

(2)

(3)

(4) (1)

5 10वीं बोर्ड परीक्षा

10,000

पांचवा स्थान (बालिका)

6 10वीं बोर्ड परीक्षा

5,000

छटवां स्थान (बालिका)

ब. कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा

योजना का स्वरूप

श्रेणी

क्र.

पुरस्कार राशि

(3)

(4) (2)

(1)

1 12वीं बोर्ड परीक्षा

51,000

प्रथम स्थान (बालक या बालिका) .

2 12वीं बोर्ड परीक्षा

40,000

द्वितीय स्थान (बालक या बालिका) .

3 12वीं बोर्ड परीक्षा

30,000

तृतीय स्थान (बालक या बालिका) .

4 12वीं बोर्ड परीक्षा

20,000

चतुर्थ स्थान (बालिका) .

5 12 वीं बोर्ड परीक्षा

15,000

पांचवा स्थान (बालिका) .

10,000 6 12वीं बोर्ड परीक्षा

छटवां स्थान (बालिका) .

2. योजना की शेष कंडिकाएं यथावत् रहेंगी .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सचिन्द्र राव , अवर सचिव.

योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 23 मई 2014

क्र. एफ - 10-28-2010- तेईस - योआसां.-राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम , 1995 की धारा 4 की उपधारा 3 ( ग ) तथा संशोधित अध्यादेश की धारा 4 ( 1 ) में प्रदत्त अधिकारों के तहत नीचे दी गई सारणी के कॉलम ( 2 ) में विर्निदिष्ट अशासकीय सदस्यों को कॉलम ( 3 ) में विनिर्दिष्ट जिले की जिला योजना समिति में तत्काल प्रभाव से आगामी दो वर्ष की कालावधि के लिए नाम निर्दिष्ट किया जाता है:-

जिला योजना समिति क्र अशासकीय सदस्य का नाम

(3) (1)

(2)

1

मंदसौर श्री राधेश्याम पाटीदार

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. के. सिद्धार्थ , उपसचिव.

खनिज साधन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 30 मई 2014

क्र. एफ- 13-2-2003- बारह 1.- राज्य शासन द्वारा श्री व्ही. के. आस्टिन, संयुक्त संचालक को संचालक, भौमिकी तथा खनिकर्म के पद पर वेतनमान रुपये 37400-67000 + 8900 ग्रेड पे में पदोन्नत कर आगामी आदेश तक संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, मध्यप्रदेश, भोपाल में पदस्थ किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. के. शिवानी , अवर सचिव.

महिला एवं बाल विकास विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 31 मई 2014

क्र. 834-1898 - पचास- 2.- किशोर न्याय ( बालकों की देख - रेख और संरक्षण ) अधिनियम, 2000 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये राज्य शासन, एतद्वारा , नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में यथाविनर्दिष्ट निम्नलिखित किशोर न्याय बोर्ड का गठन, कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये करती है और उक्त अधिनियम के अधीन ऐसे बोर्ड को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा कर्त्तव्यों का निवर्हन करने के प्रयोजनों के लिए, उसके ( अनुसूची के ) क्रमशः ( 4 ) में यथाविनिर्दिष्ट सामाजिक कार्यकर्ताओं को नियुक्त करती है अर्थात्: -

अनुसूची

सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम

जिलो का नाम

क्र.

किशोर न्याय बोर्ड और उसका मुख्यालय

(1)

(2)

1.

सीहोर

(3) सीहोर

(4)

1. श्रीमती प्रेमलता राठौर ( सदस्य) 2. श्री नीरज सिंह भाटी ( सदस्य ) भाग 1 ]

1805

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

No. 834-1898 - L - 2 . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) and (2) of Section 4 of the Juvenile Justice ( Care & Protection of Children) Act 2000 the State Government hereby constitute the following Juvenile Justice Board as specified in the column (2) of the schedule below , for the District as specified in column (3 ) and appoints Social Workers as specified in the column (4) respectively thereof for the purpose of exercising of the powers and discharging the duties conferred on such Board under the said Act , namely :-

SCHEDULE

Name of the Honorary Social Workers Jurisdiction (Revenue District)

S.No. Name of the Juvenile Justice Board & its Head Quarter

(2)

(1)

1.

Sehore

(4)

(3)

Sehore

1. Smt . Premlata Rathor ( Member) 2. Shri Neeraj Singh Bhati (Member) क्र. 834-1898 - पचास- 2.- किशोर न्याय ( बालकों की देख - रेख और संरक्षण ) अधिनियम , 2000 की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा ( क ) नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट बाल कल्याण समिति का, उसके ( अनुसूची के ) कॉलम ( 3 ) में की तत्स्थानी प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट क्षेत्र के लिये गठन करती है, और ( ख ) उसके ( अनुसूची के ) कॉलम (4) में की तत्स्थानी प्रविष्टि में वर्णित व्यक्तियों को नियुक्त करती है:-

अ.क्र. बाल कल्याण समिति के अनुसूची

अवैतनिक सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम

अधिकारिता के अन्तर्गत आने

वाले ( राजस्व जिले )

मुख्यालय का जिला

(2)

(1)

1.

सीहोर

(4)

(3)

सीहोर

1 . श्री बृजेश चौहान ( अध्यक्ष )

2. श्रीमती चंदा बोहरा ( सदस्य)

3. श्री प्रभात भदौरिया ( सदस्य)

4. श्री जुगुल किशोर ( सदस्य )

5. श्री रामस्वरूप साहू ( सदस्य ) No. 834-1898 - L - 2.- In exercise of the power conferred by sub - section ( 1 ) and (2) of Section 29 of the Juvenile Justice ( Care & Protection of Children) Act , 2000 the State Government hereby constitute the following Child Welfare Committee as specified in column (2) of the schedule below, for the District as specified in column ( 3 ) and appoints Social Workers as specified in the column (4) respectively thereof for the purpose of exercising of the powers and discharging the duties conferred on such Committees under the said Act, namely :-

S.No.

SCHEDULE

Name of the Honorary Social Workers Jurisdiction (Revenue District )

Name of the Child Welfare Committees & its District Head Quarter

(2)

(1)

Sehore

1.

(4)

(3)

Sehore

1 . Shri Brajesh Chauhan- Chair Person 2. Smt . Chanda Bohra-Member 3. Shri Prabhat Bhadoriya-Member 4. Shri Jugal Kishore-Member 5. Shri Ramswaroop Sahu-Member मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. एल. करयाम, उपसचिव.

1806

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 3 जून 2014

क्र. एफ 1 ( 1 ) -17-2004- सी- ग्यारह - राज्य शासन एतद्वारा , मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 44 सन् 1973 ) की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में यथाविनिर्दिष्ट अधिकारियों को उक्त सारणी के कालम ( 4 ) में विनिर्दिष्ट क्षेत्रों पर, उसके कालम (3 ) में यथाविनिर्दिष्ट उक्त अधिनियम की धाराओं द्वारा रजिस्ट्रार को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग तथा कर्तव्यों का पालन करने के लिये नियुक्त करता है:-

अधिकारी का नाम (2)

अनु. (1)

1

फर्म्स एवं संस्थाएं, उज्जैन संभाग. श्री अजय खरे , असिस्टेन्ट रजिस्ट्रार,

अधिनियम की धाराएं

क्षेत्र (4)

(3)

इन्दौर संभाग

6 , 7, 10 , 11 , 12, 13 , 15 , 16 , 17 , 18 , 25( 2) , 26 , 27 , 28, 29, 30 , 31 , 32, 37, 38 एवं 39.

2. श्री बी. एस . सोलंकी , असिस्टेंट रजिट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएं इन्दौर संभाग के अवकाश दिनांक 21 मई 2014 से दिनांक 5 जून 2014 तक के लिये अथवा उनके वापस कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक तक यह आदेश प्रभावशील रहेगा .

जेल विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 3 जून 2014

क्र. एफ 19-02-2013- तीन जेल. राज्य शासन इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-3-118-91-तीन-जेल , दिनांक 22 अगस्त 1992 जिसके द्वारा कारागार अधिनियम, 1894 ( 1894 का मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. पी. अगरैया, अवर सचिव.

संख्याक 9 ) की धारा 59 ( 8 ) के अधीन प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए पुरानी केन्द्रीय जेल, भोपाल को दिनांक 22 अगस्त 1992 से जिला जेल , द्वितीय श्रेणी, भोपाल में वर्गीकृत किया गया था, को दिनांक 1 जून 2014 से दिनांक 31 अक्टूबर, 2014 तक की अवधि के लिये स्थगित रखता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , दशरथ कुमार, उपसचिव.

विभाग प्रमुखों के आदेश

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन "

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल ( म. प्र. ) - 462 011 आदेश

भोपाल , दिनांक 3 मई 2014

क्र. एफ. 67-164-10- तीन -1087.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा .

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

भाग 1 ]

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद टीकमगढ़ जिला टीकमगढ़ के आम निर्वाचन में श्री बृजेश मिश्रा अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगरपालिका परिषद टीकमगढ़ जिला टीकमगढ़ के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, टीकमगढ़ के पास दाखिल किया जाना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के पत्र न.नि. -व्यय-लेखा- 10-406 , दिनांक 29 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री बृजेश मिश्रा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री बृजेश मिश्रा को कारण बताओ नोटिस दिनांक 16 अप्रैल, 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री बृजेश मिश्रा को दिनांक 27 मार्च, 2010 को कारण बताओ नोटिस तामिल हुआ. अतः श्री बृजेश मिश्रा को दिनांक 11 अप्रैल 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर टीकमगढ़ से तामीली पश्चात् की जानकारी चाहे जाने पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ ने पत्र दिनांक 8 जून 2010 में लेख किया कि- श्री बृजेश मिश्रा को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली के पश्चात्उनके द्वारा इस कार्यालय में किसी भी प्रकार का अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री बृजेश मिश्रा को दिनांक 6 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया . अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए, जबकि अभ्यर्थी श्री बृजेश मिश्रा को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 24 मार्च 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 4 अप्रैल 2014 को कराई जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

1807 अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री बृजेश मिश्रा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद टीकमगढ़ जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 3 जून 2014

क्र. एफ. 67-28-10-तीन-07 ( नपा ) .- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् पिछोर जिला ग्वालियर के आम निर्वाचन में श्री महेश कुमार साहू अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, श्री महेश कुमार साहू निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , ग्वालियर के पास दाखिल करना था, किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी, ग्वालियर के पत्र दिनांक 20 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री महेश कुमार साहू द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

1808

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी श्री महेश कुमार साहू को आयोग द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 6 जनवरी , 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना में श्री महेश कुमार साहू से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री महेश कुमार साहू को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 17 जनवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 6 फरवरी 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा श्री महेश कुमार साहू को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला ग्वालियर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 26 मार्च 2014 में प्रतिवेदित किया है कि अभ्यर्थी श्री महेश कुमार साहू को कारण बताओ नोटिस तामील होने के उपरान्त अभ्यर्थी द्वारा प्रतिवेदन दिनांक तक कोई अभ्यावेदन एवं व्यय लेखा इस कार्यालय को प्रस्तुत नहीं किया गया है .

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री महेश कुमार साहू को दिनांक 13 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया , किन्तु अभ्यर्थी श्री महेश कुमार साहू आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. दिनांक 13 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में 8 मई 2014 को हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री महेश कुमार साहू द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने में का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री महेश कुमार साहू को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद पिछोर जिला ग्वालियर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 3 जून 2014

क्र. एफ. 67-63-10- तीन-09 ( नपा ) . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् जावरा जिला रतलाम के आम निर्वाचन में सुश्री नसीम इकबाल छिपा अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, सुश्री नसीम इकबाल छिपा को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , रतलाम के पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री नसीम इकबाल छिपा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री नसीम इकबाल छिपा को कारण बताओ नोटिस दिनांक 10 मार्च 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री नसीम इकबाल छिपा से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री नसीम इकबाल छिपा के बेटे की पत्नी श्रीमती फरजाना को कारण बताओ नोटिस ( कलेक्टर के प्रतिवेदन दिनांक भाग 1 ]

2 जनवरी 2014 अनुसार नगरपालिका परिषद्, जावरा में खोजबीन कराई जाकर आयोग को प्रेषित की गई ) . तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 17 जनवरी 2014 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा श्रीमती संगीता आनन्दीलाल को कारण बताओ सूचना पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में प्रतिवेदित किया है कि अभ्यर्थी सुश्री नसीम इकबाल छिपा के द्वारा उनके कार्यालय को सूचना- पत्र में उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है .

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री नसीम इकबाल छिपा को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 6 मई 2014 को आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री नसीम इकबाल छिपा आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई के सूचना- पत्र की तामीली सुश्री नसीम इकबाल छिपा को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम द्वारा तहसीलदार जावरा के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 28 मार्च 2014 को कराई गई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री नसीम इकबाल छिपा द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री नसीम इकबाल छिपा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद जावरा , जिला रतलाम का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 3 जून 2014

क्र. एफ. 67-26-10-तीन- 11-( नपा ). मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह

1809

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद भितरवार जिला ग्वालियर के आम निर्वाचन में श्री महेशचन्द्र केदारनाथ अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, श्री महेशचन्द्र केदारनाथ निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , ग्वालियर के पास दाखिल करना था, किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी , ग्वालियर के पत्र दिनांक 20 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री महेशचन्द्र केदारनाथ द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी श्री महेशचन्द्र केदारनाथ को आयोग द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 6 जनवरी 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना में श्री महेशचन्द्र केदारनाथ से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री महेशचन्द्र केदारनाथ को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 22 फरवरी 2014 को तामिल कराया गया. अतः उनको (दिनांक 9 मार्च 2014 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 10 मार्च 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा 1810

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

श्री महेशचन्द्र केदारनाथ को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला ग्वालियर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 19 मार्च 2014 में प्रतिवेदित किया गया है कि- अभ्यर्थी श्री महेशचन्द्र केदारनाथ को कारण बताओ नोटिस तामील होने के उपरान्त अभ्यर्थी द्वारा प्रतिवेदन दिनांक तक कोई अभ्यावेदन एवं व्यय लेखा इस कार्यालय को प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री महेशचन्द्र केदारनाथ को दिनांक 13 मई 2014 को व्यक्तिगत . सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री महेशचन्द्र केदारनाथ आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामीली संयुक्त कलेक्टर के पत्र दिनांक 16 अप्रैल 2014 अनुसार अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री महेशचन्द्र केदारनाथ द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री महेशचन्द्र केदारनाथ को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् भितरवार, जिला ग्वालियर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 (पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 3 जून 2014

क्र. एफ. 67-246-10- तीन- 27- (नपा ). मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया

[ भाग 1 हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया' हैं कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद मउगंज, जिला रीवा के आम निर्वाचन में श्री नीरज कुमार मिश्रा अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर परिषद् मउगंज, जिला रीवा के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पत्र क्र. 664/ स्था. निर्वा. / 2011 , दिनांक 2 सितम्बर 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री नीरज कुमार मिश्रा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री नीरज कुमार मिश्रा को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 19 सितम्बर 2011 जारी कर कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री नीरज कुमार मिश्रा को कारण बताओ सूचना पत्र की तामिली नगर परिषद् मउगंज के पत्र दिनांक 19 अक्टूबर 2011 के आधार पर दिनांक 19 अक्टूबर 2011 को तामील कराया गया. अतः श्री नीरज कुमार मिश्रा को दिनांक 3 नवम्बर 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . किन्तु अभ्यर्थी श्री नीरज कुमार मिश्रा ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री नीरज कुमार मिश्रा को दिनांक 13 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए, जबकि अभ्यर्थी श्री नीरज कुमार मिश्रा को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना-पत्र दिनांक 2 अप्रैल 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 10 मई 2014 को कराई जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री नीरज कुमार मिश्रा द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री नीरज कुमार मिश्रा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् मउगंज , जिला रीवा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 3 जून 2014

क्र. एफ. 67-246-10- तीन- 28-( नपा ) . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

1811 राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद मउगंज , जिला रीवा के आम निर्वाचन में श्री गुलाब प्रसाद तिवारी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर परिषद् मउगंज, जिला रीवा के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 एवं 17 जनवरी 2010 को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पत्र क्र. 664/ स्था. निर्वा ./2011 , दिनांक 2 सितम्बर 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री गुलाब प्रसाद तिवारी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री गुलाब प्रसाद तिवारी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 19 सितम्बर 2011 जारी कर कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री गुलाब प्रसाद तिवारी को कारण बताओ नोटिस दिनांक 13 अक्टूबर 2011 को तामिल कराया गया. अभ्यर्थी श्री गुलाब प्रसाद तिवारी से प्राप्त अभ्यावेदन दिनांक 17 अक्टूबर 2011 जो कि आयोग कार्यालय में दिनांक 22 अक्टूबर 2011 को प्राप्त हुआ. प्राप्त अभ्यावेदन कीजांच कलेक्टर , रीवा से कराई गई. जांच उपरान्त उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रीवा से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 7 जून 2012 में प्रतिवेदित है कि " अभ्यर्थी श्री गुलाब प्रसाद तिवारी द्वारा समय - सीमा से बचने के लिए प्रस्तुत की गई इवांरत विचार योग्य नहीं है. " उक्त अभिमत प्राप्त होने पर आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री गुलाब प्रसाद तिवारी को दिनांक 13 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए, जबकि अभ्यर्थी श्री गुलाब प्रसाद तिवारी को 1812

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना - पत्र दिनांक 2 अप्रैल 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 10 मई 2014 को कराई जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री गुलाब प्रसाद तिवारी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री गुलाब प्रसाद तिवारी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् मउगंज , जिला रीवा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 3 जून 2014

क्र. एफ. 67-246-10-तीन- 29-( नपा ) .- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

[ १[ भाग 1 माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद मउगंज , जिला रीवा के आम निर्वाचन में श्रीमती शिववती साकेत अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर परिषद् मउगंज, जिला रीवा के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 एवं 17 जनवरी 2010 को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पत्र क्र. 664/ स्था. निर्वा./2011 , दिनांक 2 सितम्बर 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती शिववती साकेत द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती शिववती साकेत को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 19 सितम्बर 2011 जारी कर कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्रीमती शिववती साकेत को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली दिनांक 12 अक्टूबर 2011 को करायी गयी. अतः श्रीमती शिववती साकेत को दिनांक 27 अक्टूबर 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु अभ्यर्थी श्रीमती शिववती साकेत ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्रीमती शिववती साकेत को दिनांक 13 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं, जबकि अभ्यर्थी श्रीमती शिववती साकेत को जारी सूचना- पत्र दिनांक 2 अप्रैल 2014 को श्रीमती शिववती साकेत के घर पर न होने के कारण श्रीमती शिववती साकेत के घर पर पांच गवाहों के समक्ष में दिनांक 11 मार्च 2014 को चस्पा किया गया था.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्रीमती शिववती साकेत द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

1813

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

भाग 1 ]

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती शिववती साकेत को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् मउगंज , जिला रीवा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश भोपाल , दिनांक 3 जून 2014

क्र. एफ. 67-246-10- तीन- 30-( नपा ) . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद मउगंज , जिला रीवा के आम निर्वाचन में श्री संजय कुमार अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . नगर परिषद् मउगंज , जिला रीवा के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 एवं 17 जनवरी 2010 को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पत्र क्र. 664/ स्था. निर्वा./2011 , दिनांक 2 सितम्बर 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री संजय कुमार द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री संजय कुमार को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 19 सितम्बर 2011 जारी कर कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तरं प्राप्त न होने की स्थिति में यह मानाःजाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

श्री संजय कुमार को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 19 अक्टूबर 2011 को तामील कराया गया. अतः श्री संजय कुमार को दिनांक 3 नवम्बर 2011 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, किन्तु अभ्यर्थी श्री संजय कुमार ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है .

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री संजय कुमार को दिनांक 13 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए, जबकि अभ्यर्थी श्री संजय कुमार को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 2 अप्रैल 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 10 मई 2014 को करायी जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री संजय कुमार द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री संजय कुमार को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् मउगंज , जिला रीवा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल .

1814

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

आदेश

भोपाल , दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-64-10-तीन-34- (नपा ) . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् नामली, जिला रतलाम के आम निर्वाचन में श्रीमती संगीता आनन्दीलाल राठौर अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक श्रीमती संगीता आनन्दीलाल राठौर को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती संगीता आनन्दीलाल राठौर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती संगीता आनन्दीलाल राठौर को कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 मार्च 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्रीमती संगीता आनन्दीलाल राठौर से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्रीमती संगीता आनन्दीलाल राठौर को कारण बताओ नोटिस दिनांक 1 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 16 अप्रैल 2010 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था . आयोग द्वारा श्रीमती संगीता आनन्दीलाल राठौर को कारण बताओ सूचना पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में लेख किया गया है कि-" अभ्यर्थी श्रीमती संगीता आनन्दीलाल राठौर के द्वारा उनके कार्यालय को सूचना- पत्र में उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है. " आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्रीमती संगीता आनन्दीलाल राठौर को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 6 मई 2014 को आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्रीमती संगीता आनन्दीलाल राठौर आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई के सूचना पत्र की तामीली श्रीमती संगीता आनन्दीलाल राठौर को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम द्वारा नगर परिषद् नामली के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 2 मार्च 2014 को कराई गई .

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्रीमती संगीता आनन्दीलाल राठौर द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती संगीता आनन्दीलाल राठौर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् नामली , जिला रतलाम का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-66-10-तीन- 36-( नपा ) - मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा .

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् नामली , जिला रतलाम के आम निर्वाचन में श्री युनुस खान ( सडडुलाला ) महापौर अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगरपालिक निगम के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक श्री युनुस खान (सडडुलाला ) को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री युनुस खान ( सडडुलाला ) द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री युनुस खान ( सडडुलाला ) को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 10 मार्च 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में श्री युनुस खान ( सडडुलाला ) से सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के उत्तर ( लिखित अभ्यावेदन ) चाहा गया था. सूचना पत्र में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री युनुस खान ( सडडुलाला ) को कारण बताओ नोटिस दिनांक 23 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 7 अप्रैल 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . कलेक्टर एवं जिला

1815 निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में प्रतिवेदित किया है कि अभ्यर्थी श्री युनुस खान ( सडडुलाला ) के द्वारा इस कार्यालय को सूचना पत्र में उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 6 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. अभ्यर्थी श्री युनुस खान ( सडडुलाला ) उक्त दिवस को आयोग में उपस्थित नहीं हुए, जबकि सूचना पत्र दिनांक 10 मार्च 2014 की तामीली अभ्यर्थी श्री युनुस खान ( सडडुलाला ) को विहित समयावधि में दिनांक 22मार्च 2014 को (संयुक्त कलेक्टर के पत्र दिनांक 7 अप्रैल 2014 अनुसार ) कराई जा चुकी है.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री युनुस खान (सडडुलाला ) द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री युनुस खान ( सडडुलाला ) को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर निगम रतलाम, जिला रतलाम का पार्षद या महापौर होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश भोपाल, दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-66-10- तीन-37-( नपा) . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है 1816

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम रतलाम , जिला रतलाम के आम निर्वाचन में श्री जम्बु जैन (किंगसन ) , महापौर पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर पालिक निगम के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक श्री जम्बु जैन ( किंगसन ) को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री जम्बु जैन ( किंगसन ) द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री जम्बु जैन ( किंगसन ) को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 10 मार्च 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में श्री जम्बु जैन ( किंगसन ) से सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के उत्तर ( लिखित अभ्यावेदन ) चाहा गया था. सूचना पत्र में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री जम्बु जैन ( किंगसन ) को कारण बताओ नोटिस दिनांक 23 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 7 अप्रैल 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में प्रतिवेदित किया है कि अभ्यर्थी श्री जम्बु जैन ( किंगसन ) के द्वारा इस कार्यालय को सूचना पत्र में उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 6 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. अभ्यर्थी श्री जम्बु जैन ( किंगसन ) उक्त दिवस को आयोग में उपस्थित नहीं हुए, जबकि

[ भाग 1 सूचना पत्र दिनांक 10 मार्च 2014 की तामीली अभ्यर्थी श्री जम्बु जैन ( किंगसन )को विहित समयावधि में दिनांक 22 मार्च 2014 को ( संयुक्त कलेक्टर के पत्र दिनांक 7 अप्रैल 2014 अनुसार ) कराई जा चुकी है.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री जम्बु जैन (किंगसन ) द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री जम्बु जैन ( किंगसन ) को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक़ निगम रतलाम, जिला रतलाम का पार्षद या महापौर होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 (पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश भोपाल , दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-66-10- तीन-38-( नपा ) . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

भाग 1 ]

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम रतलाम, जिला रतलाम के आम निर्वाचन में श्री जुजर ताहेर अली, महापौर पद के अभ्यर्थी थे. इस नगर पालिक निगम के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक श्री जुजर ताहेर अली को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री जुजर ताहेर अली द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री जुजर ताहेर अली को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 10 मार्च 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में श्री जुजर ताहेर अली से सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के उत्तर ( लिखित अभ्यावेदन ) चाहा गया था. सूचना पत्र में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री जुजर ताहेर अली को कारण बताओ नोटिस दिनांक 23 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 7 अप्रैल 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में प्रतिवेदित किया है कि अभ्यर्थी श्री जुजर ताहेर अली के द्वारा इस कार्यालय को सूचना पत्र में उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 6 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. अभ्यर्थी श्री जुजर ताहेर अली उक्त दिवस को आयोग में उपस्थित नहीं हुए, जबकि सूचना पत्र दिनांक 10 मार्च 2014 की तामीली अभ्यर्थी श्री जुजर ताहेर अली को विहित समयावधि में दिनांक 22 मार्च 2014 को (संयुक्त कलेक्टर के पत्र दिनांक 7 अप्रैल 2014 अनुसार ) कराई जा चुकी है.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री जुजर ताहेर अली द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

1817 अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री जुजर ताहेर अली को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम रतलाम , जिला रतलाम का पार्षद या महापौर होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश भोपाल, दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-66-10- तीन-39- (नपा ). मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम रतलाम , जिला रतलाम के आम निर्वाचन में श्री फारूख खान महापौर अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगर पालिक निगम के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक श्री फारूख खान को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला 1818

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री फारूख खान द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने काप्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री फारूख खान को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 10 मार्च 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में श्री फारूख खान से सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर उत्तर ( लिखित अभ्यावेदन ) चाहा गया था. सूचना पत्र में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री फारूख खान की पत्नि श्रीमती तबसुम खान को कारण बताओ नोटिस दिनांक 28 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 12 मार्च 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में प्रतिवेदित किया है कि अभ्यर्थी श्री फारूख खान के द्वारा इस कार्यालय को सूचना पत्र में उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 6 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. अभ्यर्थी श्री फारूख खान उक्त दिवस को आयोग में उपस्थित नहीं हुए, जबकि सूचना पत्र दिनांक 10 मार्च 2014 की तामीली अभ्यर्थी श्री फारूख खान को विहित समयावधि में दिनांक 22 मार्च 2014 को (संयुक्त कलेक्टर के पत्र दिनांक 7 अप्रैल 2014 अनुसार ) कराई जा चुकी है.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री फारूख खान द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री फारूख खान को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिक निगम रतलाम , जिला रतलाम का पार्षद या महापौर होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश भोपाल , दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-67-10- तीन- 41-( नपा ) . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् पिपलौदा, जिला रतलाम के आम निर्वाचन में सुश्री वर्षा देवड़ा अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक सुश्री वर्षा देवड़ा को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पास दाखिल करना था , किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री वर्षा देवड़ा द्वारा दिनांक 29 जनवरी 2010 को 11 दिन विलम्ब से निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री वर्षा देवड़ा को कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 मार्च 2010 को जारी किया गया . कारण बताओ नोटिस में सुश्री वर्षा देवड़ा से जवाब लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

भाग 1 ]

अभ्यर्थी सुश्री वर्षा देवड़ा को कारण बताओ नोटिस दिनांक 29 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 13 अप्रैल 2010 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री वर्षा देवड़ा को कारण बताओ सूचना पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में लेख किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री वर्षा देवड़ा के द्वारा उनके कार्यालय को सूचना- पत्र में उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है. "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री वर्षा देवड़ा को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 6 मई 2014 को आयोग कार्यालय में बुलाया गया. किन्तु अभ्यर्थी सुश्री वर्षा देवड़ा आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं, अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई के सूचना- पत्र की तामीली सुश्री वर्षा देवड़ा को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम द्वारा तहसीलदार पिपलौदा के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 16 अप्रैल 2014 के पूर्व कराई गई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री वर्षा देवड़ा द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री वर्षा देवड़ा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् पिपलौदा जिला रतलाम का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

(जी. पी. श्रीवास्तव )

हस्ता./- सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-67-10- तीन-42-( नपा ). मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके

1819 निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् पिपलौदा जिला रतलाम के आम निर्वाचन में सुश्री रतनबाई गोपाल धनगर अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक सुश्री रतनबाई गोपाल धनगर को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पास दाखिल करना था , किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री रतनबाई गोपाल धनगर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री रतनबाई गोपाल धनगर को कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 मार्च 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री रतनबाई गोपाल धनगर से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री रतनबाई गोपाल धनगर को कारण बताओ नोटिस दिनांक 29 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 13 अप्रैल 2010 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री रतनबाई गोपाल धनगर को कारण बताओ सूचना- पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 1820

5 फरवरी 2014 में लेख किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री रतनबाई गोपाल धनगर के द्वारा उनके कार्यालय को सूचना-पत्र में उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री रतनबाई गोपाल धनगर व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 6 मई 2014 को आयोग कार्यालय में बुलाया गया. किन्तु अभ्यर्थी सुश्री रतनबाई गोपाल धनगर आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई के सूचना - पत्र की तामीली सुश्री रतनबाई गोपाल धनगर को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम द्वारा तहसीलदार पिपलौदा के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 16 अप्रैल 2014 के पूर्व कराई गई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री रतनबाई गोपाल धनगर द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री रतनबाई गोपाल धनगर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् पिपलौदा जिला रतलाम का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष कीकालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-67-10- तीन-43- ( नपा ). मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

[[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् पिपलौदा जिला रतलाम के आम निर्वाचन में सुश्री सुचित्रा कुमारी लालसिंह अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक सुश्री सुचित्रा कुमारी लालसिंह को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री सुचित्रा कुमारी लालसिंह द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री सुचित्रा कुमारी लालसिंह को कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 मार्च 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री सुचित्रा कुमारी लालसिंह से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा .

अभ्यर्थी सुश्री सुचित्रा कुमारी लालसिंह को कारण बताओ नोटिस दिनांक 29 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 13 अप्रैल 2010 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री सुचित्रा कुमारी लालसिंह को कारण बताओ सूचना - पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में लेख किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री सुचित्रा कुमारी लालसिंह के द्वारा उनके कार्यालय को सूचना- पत्र में उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री सुचित्रा कुमारी लालसिंह को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 6 मई 2014 को व्यक्तिगत को आयोग कार्यालय में बुलाया गया. किन्तु अभ्यर्थी सुश्री सुचित्रा कुमारी लालसिंह को आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए, अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई सूचना- पत्र की तामीली सुश्री सुचित्रा कुमारी लालसिंह को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम द्वारा तहसीलदार पिपलौदा के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 16 अप्रैल 2014 के पूर्व कराई गई.

भाग 1 ]

1821

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री सुचित्रा कुमारी लालसिंह द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री सुचित्रा कुमारी लालसिंह को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् पिपलौदा जिला रतलाम का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार ,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-67-10-तीन-44-( नपा ) . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् पिपलौदा जिला रतलाम के आम निर्वाचन में सुश्री किरण शैलेन्द्र कटारिया अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, सुश्री किरण शैलेन्द्र कटारिया को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री किरण शैलेन्द्र कटारिया द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री किरण शैलेन्द्र कटारिया को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 9 मार्च 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री किरण शैलेन्द्र कटारिया से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा .

अभ्यर्थी सुश्री किरण शैलेन्द्र कटारिया को कारण बताओ नोटिस दिनांक 29 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 13 अप्रैल 2010 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री किरण शैलेन्द्र कटारिया को कारण बताओ सूचना पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में लेख किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री किरण शैलेन्द्र कटारिया के द्वारा उनके कार्यालय को सूचना- पत्र में उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री किरण शैलेन्द्र कटारिया को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 6 मई 2014 को आयोग कार्यालय में बुलाया गया. किन्तु अभ्यर्थी सुश्री किरण शैलेन्द्र कटारिया को आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं, अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सूचना- पत्र की तामीली सुश्री किरण शैलेन्द्र कटारिया को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम द्वारा तहसीलदार पिपलौदा के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 16 अप्रैल 2014 के पूर्व कराई गई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री किरण शैलेन्द्र कटारिया द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री किरण शैलेन्द्र कटारिया को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् पिपलौदा जिला रतलाम कापार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- ( जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

1822

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

आदेश भोपाल, दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-67-10- तीन- 45-( नपा ) . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही, लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहितं अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् पिपलौदा जिला रतलाम के आम निर्वाचन में सुश्री भूलीबाई मांगीलाल धनगर अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् (दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, सुश्री भूलीबाई मांगीलाल धनगर को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री भूलीबाई मांगीलाल धनगर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री भूलीबाई मांगीलाल धनगर को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 9 मार्च 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री भूलीबाई मांगीलाल धनगर से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री भूलीबाई मांगीलाल धनगर को कारण बताओ नोटिस दिनांक 31 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 15 अप्रैल 2010 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री भूलीबाई मांगीलाल धनगर को कारण बताओ सूचना- पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में लेख किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री भूलीबाई मांगीलाल घनगर के द्वारा उनके कार्यालय को सूचना- पत्र में उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है .

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री भूलीबाई मांगीलाल धनगर को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 6 मई 2014 को आयोग कार्यालय में बुलाया गया. किन्तु अभ्यर्थी सुश्री भूलीबाई मांगीलाल धनगर आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए, अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई के सूचना- पत्र की तामीली सुश्री भूलीबाई मांगीलाल धनगर को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम द्वारा तहसीलदार पिपलौदा के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 16 अप्रैल 2014 के पूर्व कराई गई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री भूलीबाई मांगीलाल धनगर द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री भूलीबाई मांगीलाल धनगर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् पिपलौदा जिला रतलाम कापार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-67-10- तीन- 46-( नपा) . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् पिपलौदा जिला रतलाम के आम निर्वाचन में श्रीमती मंजूबाई माली अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, श्रीमती मंजूबाई माली को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रतलाम के पास दाखिल करना था , किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती मंजूबाई माली द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती मंजूबाई माली को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 9 मार्च 2010 को जारी किया गया . कारण बताओ नोटिस में श्रीमती मंजूबाई माली से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्रीमती मंजूबाई माली को कारण बताओ नोटिस दिनांक 31 मार्च 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 15 अप्रैल 2010 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा श्रीमती मंजूबाई माली को कारण बताओ सूचना पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. कलेक्टर एवं जिला

1823 निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में लेख किया है कि-" अभ्यर्थी श्रीमती मंजूबाई माली के द्वारा उनके कार्यालय को सूचना पत्र में उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्रीमती मंजूबाई माली को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 6 मई 2014 को आयोग कार्यालय में बुलाया गया. किन्तु अभ्यर्थी श्रीमती मंजूबाई माली आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुई. जबकि व्यक्तिगत सुनवाई के सूचना- पत्र की तामीली श्रीमती मंजूबाई माली को विहित समयावधि में दिनाकं 10 मार्च 2014 को हो चुकी थी . व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं होने के संबंध में अभ्यर्थी ने अपना अभ्यावेदन दिनांक 15 अप्रैल 2013 प्रस्तुत किया, जो कि आयोग में व्यक्तिगत सुनवाई की दिनांक निकल जाने के बाद विलम्ब से दिनांक 13 मई 2014 को प्राप्त हुआ. अभ्यावेदन में अभ्यर्थी ने व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने के संबंध में अपना कोई ठोस प्रमाण भी प्रस्तुत नहीं किया गया है.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्रीमती मंजूबाई माली द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती मंजूबाई माली को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् पिपलौदा जिला रतलाम का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- ( जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश भोपाल, दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-67-10-तीन-47- ( नपा ) . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही 1824

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् पिपलौदा जिला रतलाम की आम निर्वाचन में सुश्री शीला प्रवीण सिंह उर्फ गुड्डू अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् (दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, सुश्री शीला प्रवीण सिंह उर्फ गुड्डू को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री शीला प्रवीण सिंह उर्फ गुड्डू द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री शीला प्रवीण सिंह उर्फ गुड्डू को कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 मार्च 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी सुश्री शीला प्रवीण सिंह उर्फ गुड्डू से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री शीला प्रवीण सिंह उर्फ गुड्डू को कारण बताओ नोटिस दिनांक 1 अप्रैल 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 16 अप्रैल 2010 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री शीला प्रवीण सिंह उर्फ गुड्डू को कारण बताओ सूचना- पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में लेख किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री शीला प्रवीण सिंह उर्फ गुड्डू के द्वारा उनके

[ भाग 1 कार्यालय को सूचना- पत्र में उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है .

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री शीला प्रवीण सिंह उर्फ गुड्डू को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 6 मई 2014 को आयोग कार्यालय में बुलाया गया . किन्तु अभ्यर्थी सुश्री शीला प्रवीण सिंह उर्फ गुड्डू आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हईं, अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई के सूचना- पत्र की तामीली सुश्री शीला प्रवीण सिंह उर्फ गुड्डू को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम द्वारा तहसीलदार पिपलौदा के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 16 अप्रैल 2014 के पूर्व कराई गई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री शीला प्रवीण सिंह उर्फ गुड्डू द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री शीला प्रवीण सिंह उर्फ गुड्डू को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् पिपलौदा जिला रतलाम कापार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश भोपाल, दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-279-10-तीन-50-( नपा ) . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

भाग 1 ]

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह अक्टूबर 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् धामनोद, जिला रतलाम के आम निर्वाचन में श्री अजय बालाराम अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 6 अक्टूबर 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 5 नवम्बर 2010 तक, श्री अजय बालाराम को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 1 अगस्त 2013 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री अजय बालाराम द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री अजय बालाराम को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 25 सितम्बर 2013 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री अजय बालाराम से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री अजय बालाराम को कारण बताओ नोटिस दिनाकं 2 जनवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 17 जनवरी 2014 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री अजय बालाराम को कारण बताओ सूचना- पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया . उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में लेख किया है कि- " अभ्यर्थी श्री अजय बालाराम के द्वारा इस कार्यालय को सूचना - पत्र तामीली उपरान्त भी उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है. ".

आयोग द्वारा विचारोपरान्त श्री अजय बालाराम को दिनांक 6 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री अजय बालाराम आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम के

1825 द्वारा नगर परिषद् धामनोद के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 7 अप्रैल 2014 को कराई गई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री अजय बालाराम द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री अजय बालाराम को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् धामनोद, जिला रतलाम का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) नर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश भोपाल, दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-279-10- तीन-51-( नपा) . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का , जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह अक्टूबर 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् धामनोद, जिला रतलाम के आम निर्वाचन में श्री अमर पिता रामा भांमर , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम 1826

दिनांक 6 अक्टूबर 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 5 नवम्बर 2010 तक, श्री अमर पिता रामा भांमर को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रतलाम के पास दाखिल करना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 1 अगस्त 2013 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री अमर पिता रामा भांमर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री अमर पिता रामा भांमर को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 25 सितम्बर 2013 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री अमर पिता रामा भांमर से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री अमर पिता रामा भांमर को कारण बताओ नोटिस दिनाकं 2 जनवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 17 जनवरी 2014 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था . आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री अमर पिता रामा भांमर को कारण बताओ सूचना- पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में लेख किया है कि " अभ्यर्थी श्री अमर पिता रामा भांमर के इस कार्यालय को सूचना - पत्र तामीली उपरान्त भी उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है .".

आयोग द्वारा विचारोपरान्त श्री अमर पिता रामा भांमर को दिनांक 6 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री अमर पिता रामा भांमर, आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वाार आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली श्री अमर पिता रामा भांमर को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम के द्वारा नगर परिषद् धामनोद के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 7 अप्रैल 2014 को कराई गई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री अमर पिता रामा भांमर द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री अमर पिता रामा भांमर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् धामनोद, जिला रतलाम का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश भोपाल , दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-279-10-तीन- 52-( नपा ) .- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह अक्टूबर 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् धामनोद, जिला रतलाम के आम निर्वाचन में श्री कारू चौवाण पिता भैराजी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 6 अक्टूबर 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 5 नवम्बर 2010 तक, श्री कारू चौवाण पिता भैराजी को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 1 अगस्त 2013 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री कारू चौवाण भैराजी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री कारू चौवाण पिता भैराजी को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 25 सितम्बर 2013 को जारी किया गया था. कारण बताओ नोटिस में श्री कारू चौवाण पिता भैराजी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री कारू चौवाण पिता भैराजी को कारण बताओ नोटिस दिनाकं 2 जनवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 17 जनवरी 2014 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री कारू चौवाण पिता भैराजी को कारण बताओ सूचना- पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में लेख किया है कि-" अभ्यर्थी श्री कारू चौवाण पिता भैराजी के द्वारा इस कार्यालय को सूचना- पत्र तामीली उपरान्त भी उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है. " .

आयोग द्वारा विचारोपरान्त श्री कारू चौवाण पिता भैराजी को 6 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री कारू चौवाण पिता भैराजी आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली श्री कारू चौवाण पिता भैराजी को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम के द्वारा नगर परिषद् धामनोद के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 7 अप्रैल 2014 को कराई गई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री कारू चौवाण पिता भैराजी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री कारू चौवाण पिता भैराजी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् धामनोद , जिला रतलाम

1827 का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश भोपाल , दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-279-10- तीन-53-( नपा ). मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह अक्टूबर 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् धामनोद, जिला रतलाम के आम निर्वाचन में श्री जुझार बगदीराम भील (ओहारी ) ग्राम सेवक अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 6 अक्टूबर 2010 को घोषित हुआ . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 5 नवम्बर 2010 तक, श्री जुझार बगदीराम भील ( ओहारी ) ग्राम सेवक को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उर जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 1 अगस्त 2013 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री जुझार बगदीराम भील ( ओहारी ) ग्राम सेवक द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

1828

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री जुझार बगदीराम भील ( ओहारी ) ग्राम सेवक को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 25 सितम्बर 2013 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री जुझार बगदीराम भील ( ओहारी ) ग्राम सेवक से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री जुझार बगदीराम भील ( ओहारी ) ग्राम सेवक को कारण बताओ नोटिस दिनाकं 2 जनवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 17 जनवरी 2014 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री जुझार बगदीराम भील (ओहारी ) ग्राम सेवक को कारण बताओ सूचना पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में लेख किया है कि-" अभ्यर्थी श्री जुझार बगदीराम भील ( ओहारी ) ग्राम सेवक के द्वारा इस कार्यालय को सूचना- पत्र तामीली उपरान्त भी उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है. ".

आयोग द्वारा विचारोपरान्त श्री जुझार बगदीराम भील ( ओहारी ) ग्राम सेवक को दिनांक 6 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री जुझार बगदीराम भील ( ओहारी ) ग्राम सेवक आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली श्री जुझार बगदीराम भील ( ओहारी ) ग्राम सेवक को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम द्वारा नगर परिषद् धामनोद के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 7 अप्रैल 2014 को कराई गई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री जुझार बगदीराम भील (ओहारी ) ग्राम सेवक द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री जुझार बगदीराम भील ( ओहारी ) ग्राम सेवक को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्धामनोद, जिला रतलाम का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख

[भाग 1 से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल. आदेश भोपाल , दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-279-10-तीन-54- ( नपा ) . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह अक्टूबर 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् धामनोद, जिला रतलाम के आम निर्वाचन में श्री नाहरसिंह पिता रावजी, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 6 अक्टूबर 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 5 नवम्बर 2010 तक, श्री नाहरसिंह पिता रावजी को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 1 अगस्त 2013 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री नाहरसिंह पिता रावजी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री नाहरसिंह पिता रावजी को कारण 1829

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

भाग 1 ]

बताओ सूचना - पत्र दिनांक 25 सितम्बर 2013 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री नाहरसिंह पिता रावजी से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री नाहरसिंह पिता रावजी को कारण बताओ नोटिस दिनाकं 2 जनवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 17 जनवरी 2014 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री नाहरसिंह पिता रावजी को कारण बताओ सूचना पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहो गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में लेख किया है कि-" अभ्यर्थी श्री नाहरसिंह पिता रावजी के द्वारा इस कार्यालय को सूचना- पत्र तामीली उपरान्त भी उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है. " .

आयोग द्वारा विचारोपरान्त श्री नाहरसिंह पिता रावजी को दिनांक 6 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया , किन्तु अभ्यर्थी श्री नाहरसिंह पिता रावजी आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली श्री नाहरसिंह पिता रावजी को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम द्वारा नगर परिषद् धामनोद के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 7 अप्रैल 2014 को कराई गई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री नाहरसिंह पिता रावजी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री नाहरसिंह पिता रावजी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् धामनोद, जिला रतलाम का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-279-10-तीन-55-( नपा ). मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन . व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह अक्टूबर 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् धामनोद, जिला रतलाम के आम निर्वाचन में श्री भैरूलाल रामलाल ताबीयार, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 6 अक्टूबर 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 5 नवम्बर 2010 तक , श्री भैरूलाल रामलाल ताबीयार को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 1 अगस्त 2013 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री भैरूलाल रामलाल ताबीयार द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने काप्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री भैरूलाल रामलाल ताबीयार को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 25 सितम्बर 2013 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री भैरूलाल रामलाल ताबीयार से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

1830

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

अभ्यर्थी श्री भैरूलाल रामलाल ताबीयार को कारण बताओ नोटिस दिनाकं 2 जनवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 17 जनवरी 2014 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री भैरूलाल रामलाल ताबीयार को कारण बताओ सूचना- पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में लेख किया है कि-" अभ्यर्थी श्री भैरूलाल रामलाल ताबीयार के द्वारा इस कार्यालय को सूचना- पत्र तामीली उपरान्त भी उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है.".

आयोग द्वारा विचारोपरान्त श्री भैरूलाल रामलाल ताबीयार को दिनांक 6 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री भैरूलाल रामलाल ताबीयार आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना - पत्र की तामीली श्री भैरूलाल रामलाल ताबीयार को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम द्वारा नगर परिषद् धामनोद के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 7 अप्रैल 2014 को कराई गई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री भैरूलाल रामलाल ताबीयार द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री भैरूलाल रामलाल ताबीयार को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् धामनोद, जिला रतलाम का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश भोपाल, दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-279-10-तीन-56- ( नपा ) .-मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके

[ भाग 1 निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह अक्टूबर 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् धामनोद, जिला रतलाम के आम निर्वाचन में श्री भरतलाल गंगाराम भील, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 6 अक्टूबर 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 5 नवम्बर 2010 तक, श्री भरतलाल गंगाराम भील को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रतलाम के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 1 अगस्त 2013 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री भरतलाल गंगाराम भील द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री भरतलाल गंगाराम भील को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 25 सितम्बर 2013 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री भरतलाल गंगाराम भील से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री भरतलाल गंगाराम भील को कारण बताओ नोटिस दिनाकं 2 जनवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 17 जनवरी 2014 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री भरतलाल गंगाराम भील को कारण बताओ सूचना- पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में लेख किया है कि " अभ्यर्थी श्री भरतलाल गंगाराम भील के द्वारा इस कार्यालय को सूचना- पत्र तामीली उपरान्त भी उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है. ".

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

आयोग द्वारा विचारोपरान्त श्री भरतलाल गंगाराम भील को दिनांक 6 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री भरतलाल गंगाराम भील आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली श्री भरतलाल गंगाराम भील को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम द्वारा नगर परिषद् धामनोद के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 7 अप्रैल 2014 को कराई गई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री भरतलाल गंगाराम भील द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री भरतलाल गंगाराम भील को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् धामनोद, जिला रतलाम का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-279-10-तीन-57-( नपा ) - मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट

1831 प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा. माह अक्टूबर 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् धामनोद जिला रतलाम के आम निर्वाचन में श्री रामलाल डिंडोर, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 6 अक्टूबर 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 5 नवम्बर 2010 तक, श्री रामलाल डिंडोर को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रतलाम के पास दाखिल करना था , किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 1 अगस्त 2013 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री रामलाल डिंडोर द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री रामलाल डिंडोर को कारण बताओ पत्र दिनांक 25 सितम्बर 2013 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री रामलाल डिंडोर से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री रामलाल डिंडोर को कारण बताओ नोटिस दिनांक 2 जनवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 17 जनवरी 2014 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री रामलाल डिंडोर को कारण बताओ सूचना - पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में लेख किया है कि " अभ्यर्थी श्री रामलाल डिंडोर के द्वारा इस कार्यालय को सूचना- पत्र तामीली उपरान्त भी उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है. ".

आयोग द्वारा विचारोपरान्त श्री रामलाल डिंडोर को दिनांक 6 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री रामलाल डिंडोर आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए . अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया . व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली श्री रामलाल डिंडोर को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम द्वारा नगर परिषद् धामनोद के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 7 अप्रैल 2014 को कराई गई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री रामलाल डिंडोर द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

1832

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री रामलाल डिंडोर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् धामनोद जिला रतलाम का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

आदेश भोपाल , दिनांक 4 जून 2014

क्र. एफ. 67-279-10- तीन- 58- ( नपा ) . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह अक्टूबर 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् धामनोद जिला रतलाम के आम निर्वाचन में श्री दयाराम मांगीलाल खराड़ी, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 6 अक्टूबर 2010 को घोषित हुआ . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 5 नवम्बर 2010 तक, श्री दयाराम मांगीलाल खराड़ी को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रतलाम के पास दाखिल करना था , किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम के पत्र दिनांक 1 अगस्त 2013 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री दयाराम मांगीलाल खराड़ी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री दयाराम मांगीलाल खराड़ी को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 25 सितम्बर 2013 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री दयाराम मांगीलाल खराड़ी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री दयाराम मांगीलाल खराड़ी को कारण बताओ नोटिस दिनाकं 2 जनवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 17 जनवरी 2014 तक अपना उत्तर प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्री दयाराम मांगीलाल खराड़ी को कारण बताओ सूचना- पत्र तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 5 फरवरी 2014 में लेख किया है कि-" अभ्यर्थी श्री दयाराम मांगीलाल खराड़ी के द्वारा इस कार्यालय को सूचना- पत्र तामीली उपरान्त भी उल्लेखित अवधि में कोई अभ्यावेदन अथवा व्यय लेखा आदि प्रस्तुत नहीं किया गया है. " .

आयोग द्वारा विचारोपरान्त श्री दयाराम मांगीलाल खराड़ी को दिनांक 6 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री दयाराम मांगीलाल खराड़ी आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली श्री दयाराम मांगीलाल खराड़ी को संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला रतलाम द्वारा नगर परिषद् धामनोद के माध्यम से विहित समयावधि में दिनांक 7 अप्रैल 2014 को कराई गई.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री दयाराम मांगीलाल खराड़ी, द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री दयाराम मांगीलाल खराड़ी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् धामनोद जिला रतलाम का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भाग 1 ]

1833

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

कार्यालय, कलेक्टर ( श्रम ) , जिला डिण्डौरी, मध्यप्रदेश डिण्डौरी , दिनांक 11 फरवरी 2014

क्र. 12-2014.-बंधक श्रम प्रथा ( समाप्ति) अधिनियम, 1976 की धारा 10 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, छवि भरद्वाज , कलेक्टर , डिण्डौरी बंधक श्रम प्रथा ( समाप्ति) अधिनियम, 1976 की धारा 13 ( 2 ) के अन्तर्गत जिला स्तरीय सतर्कता समिति तथा धारा 13 ( 3 ) के अन्तर्गत अनुभाग स्तरीय सतर्कता समिति पुनर्गठन का एतद्वारा करती हूं :-

जिला स्तरीय सतर्कता समिति जिला डिण्डौरी, मध्यप्रदेश (A) अध्यक्ष- धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( क ) के अनुसार

अध्यक्ष (1 ) अपर जिला दण्डाधिकारी , डिण्डौरी , मध्यप्रदेश.

( B ) सदस्य- तीन व्यक्ति जो अनु. जाति/अनु. जनजाति के हों एवं जिले में निवास करते होंः-

धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार

(1 ) श्री मान सिंह करपेती , ग्राम पो . गाडासरई , जिला डिण्डौरी . सदस्य (2 ) श्री धरम सिंह मसराम, ग्राम पो. सक्का, जिला डिण्डौरी . सदस्य (3 ) श्री चैन सिंह तेकाम, ग्राम भालापुरी , पो. मारगांव, जिला डिण्डौरी. सदस्य (C ) सदस्य- दो सामाजिक कार्यकर्ता जो जिले में निवास करते हों:-

धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार

सदस्य ( 1 ) श्री वीरेन्द्र सोनी , गायत्री मंदिर के पास डिण्डौरी , जिला डिण्डौरी .

(2 ) श्री के. एस. राजपूत, सुब्खार डिण्डौरी, जिला डिण्डौरी. सदस्य (D ) सदस्य राज्य शासन द्वारा नामांकितः-

धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार

( 1 ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत सदस्य डिण्डौरी.

सदस्य (2 ) पुलिस अधीक्षक, जिला डिण्डौरी

(3 ) सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, सदस्य जिला डिण्डौरी .

(E ) सदस्य- वित्तीय संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने हेतुः- धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( च ) के अनुसार

( 1 ) भारतीय स्टेड बैंक, जैन पेट्रोल पंप के सामने , सदस्य डिण्डौरी , जिला डिण्डौरी .

1. अनुविभागीय स्तरीय सतर्कता समिति अनुविभाग डिण्डौरी धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( क ) के अनुसार

(1 ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , डिण्डौरी, मध्यप्रदेश. अध्यक्ष धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार

( 1 ) श्री भारत सिंह नेटी, ग्राम पो. करंजिया, जिला डिण्डौरी. सदस्य (2 ) श्री अशोक कुमार साहू, ग्रा . पो. बजाग, जिला डिण्डौरी . सदस्य (3 ) श्री हरिनारायण खैरवार, ग्रा.पो. डिण्डौरी जिला डिण्डौरी. सदस्य धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार

सदस्य (1 ) श्री घनश्याम यादव , ग्रा. अलोनी, पो. अमरपुर, जिला डिण्डौरी.

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार

( 1 ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद सदस्य पंचायत, डिण्डौरी.

सदस्य (2) अध्यक्ष, जनपद पंचायत, डिण्डौरी

सदस्य (3 ) सहायक परियोजना अधिकारी , जिला पंचायत डिण्डौरी.

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ङ ) के अनुसार

सदस्य (1 ) भारतीय स्टेट बैंक मैन रोड, डिण्डौरी जिला डिण्डौरी.

2. अनुविभागीय स्तरीय सतर्कता समिति अनुविभाग शहपुरा धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( क ) के अनुसार

अध्यक्ष (1 ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , शहपुरा मध्यप्रदेश.

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार

सदस्य ( 1 ) श्री शिवलाल मरावी ग्राम पडरिया, जनपद पंचायत मेंहदवानी.

(2 ) श्री गुलाब सिंह भवेदी, ग्राम पोस्ट मेंहदवानी. सदस्य (3 ) श्री जगन्नाथ बनवासी, वार्ड नं. 8 शहपुरा सदस्य धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार

सदस्य (1 ) श्री गोवर्धन दास तेजवानी , शहपुरा

सदस्य (2) कु. कृष्णा उरैती , ग्रा.पं. कस्तूरी पिपरिया हाल मुकाम शहपुरा.

1834

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार

सदस्य ( 1 ) तहसीलदार, शहपुरा , जिला डिण्डौरी

(2) परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग शहपुरा. सदस्य (3 ) विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी , मेंहदवानी, जिला डिण्डौरी. सदस्य धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ङ) के अनुसार

सदस्य (1 ) प्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय मर्यादित बैंक, शहपुरा .

छवि भारद्वाज , कलेक्टर.

कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , जिला रतलाम, मध्यप्रदेश

रतलाम, दिनांक 3 मई 2014

क्र.- बफा- बंधक श्रउर - 14-734-737 .- बंधक श्रम प्रथा (समाप्ति) अधिनियम, 1976 की धारा 13 ( 2) एवं 13 ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, मैं, डॉ. संजय गोयल , जिला दण्डाधिकारी , रतलाम बंधक श्रमिक जिला स्तरीय सतर्कता समिति रतलाम , उपखण्डस्तरीय सर्तकता समिति, रतलाम, सैलाना जावरा एवं आलोट का निम्नानुसार पुनर्गठन करता हूं. समिति का कार्यकाल 2 वर्ष का रहेगा.

जिला स्तरीय सतर्कता समिति

धारा 13 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( ए ) के अन्तर्गत अध्यक्ष

अध्यक्ष 1. जिला दण्डाधिकारी , रतलाम

धारा 13 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( बी ) के अन्तर्गत सदस्य 1. श्री श्यामलाल परमार, ग्राम - सेजावता, जिला- रतलाम (अ.जा. ).

2. श्री नाथूलाल मालवीय , ग्राम - नामली , जिला - रतलाम (अ.जा.).

3. श्री रूप सिंह रावत , 6, नयागांव, रतलाम , जिला- रतलाम (अ.ज.जा. ) .

धारा 13 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( सी ) के अन्तर्गत सदस्य 1. श्री दिलीप मेहता, नागरवास, रतलाम, जिला- रतलाम 2. श्री योगेन्द्र सोलंकी, डोंगरे नगर, रतलाम, जिला- रतलाम धारा 13 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( डी ) के अन्तर्गत शासन द्वारा मनोनीत सदस्य

1. पुलिस अधीक्षक, जिला रतलाम.

2. मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, रतलाम 3. सहायक आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग , रतलाम धारा 13 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( ई ) के अन्तर्गत सदस्य 1. प्रबन्धक, लीड बैंक, रतलाम

रतलाम जिले के उपखण्ड रतलाम धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( ए ) के अन्तर्गत अध्यक्ष 1. अनुविभागीय अधिकारी , रतलाम अध्यक्ष धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( बी ) के अन्तर्गत सदस्य 1. श्री कैलाशचन्द्र पिता श्री रामचन्द्र निनामा ग्राम- लीलताई, पोस्ट- धराड़ , जिला- रतलाम ( अ.ज.जा. ) 2. भरतलाल मालवीय पिता श्री रतनलाल मालवीय , ग्राम-पोस्ट-डिकवा, जिला- रतलाम ( अ.जा. ) 3. श्री रघुवीर पिता दयाराम मईड़ा ग्राम- पोस्ट पिपलेदी, जिला रतलाम ( अ.ज.जा. ) धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( सी ) के अन्तर्गत सदस्य 1. श्री शांतिलाल पाटीदार पिता श्री हीरालाल पाटीदार, पाटीदार मांगलिक भवन के सामने, ग्राम- पोस्ट - धराड़, जिला रतलाम.

2. श्री अशोक पिता श्री हजारीलाल मीणा, ग्राम- पोस्ट- धराड़, जिला- रतलाम.

धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( डी ) के अन्तर्गत शासन द्वारा मनोनीत सदस्य

1. महापौर, नगर निगम , रतलाम

2. प्रबन्धक, लीड संस्था, रतलाम

3. अध्यक्ष , कृषि उपज मण्डी, रतलाम

धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( ई ) के अन्तर्गत सदस्य 1. प्रबन्धक, केन्द्रीय सहकारी बैंक, रतलाम

धारा 10 के अधीन विनिर्दिष्ट किया गया अधिकारी 1. तहसीलदार, रतलाम

रतलाम जिले के उपखण्ड सैलाना धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( ए ) के अन्तर्गत अध्यक्ष

अध्यक्ष 1. अनुविभागीय अधिकारी सैलाना भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( बी ) के अन्तर्गत सदस्य 1. श्री कैलाश झोडिया, ग्राम पंचायत , चिकनी, जिला रतलाम ( अ.ज.जा. ) .

2. श्री कैलाश परिहार, जुनावास , सैलाना, जिला रतलाम (अ.जा.).

3. श्रीमती पार्वती सैनी, ग्राम पंचायत रावटी, जिला रतलाम.

धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( सी ) के अन्तर्गत सदस्य 1. श्री मुकेश काग , नगर पंचायत- सैलाना, जिला- रतलाम 2. श्री हरिश ठक्कर, ग्राम पंचायत रावटी, जिला- रतलाम धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( डी ) के अन्तर्गत शासन द्वारा मनोनीत सदस्य

1. अध्यक्ष, नगर पंचायत, सैलाना

2. प्रबन्धक, लीड संस्था, सैलाना

3. अध्यक्ष, कृषि उपज मण्डी, सैलाना

धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( ई ) के अन्तर्गत सदस्य 1. प्रबन्धक, केन्द्रीय सहकारी बैंक, सैलाना

धारा 10 के अधीन विनिर्दिष्ट किया गया अधिकारी 1. तहसीलदार, सैलाना रतलाम जिले के उपखण्ड आलोट

धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( ए ) के अधीन अध्यक्ष 1 . अनुविभागीय अधिकारी , आलोट अध्यक्ष धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( बी ) के अन्तर्गत सदस्य 1. श्रीमती रुकमणीबाई मालवीय ,

ग्राम - बगुनिया, तहसील- आलोट, जिला रतलाम (अ.जा. ) 2. श्री मोहनलाल चर्मकार, जनपद पंचायत सदस्य, आलोट, जिला रतलाम ( अ.जा. ) .

3. श्री दिलीप पिता श्री मांगीलाल जीनगर, पार्षद, नगर पंचायत , ताल, जिला रतलाम, ( अ.जा. ) धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( सी ) के अन्तर्गत सदस्य 1. श्री रमेशचन्द्र मालवीय,

निवासी- डेहरी , तहसील- आलोट, जिला रतलाम.

2. श्री दिलीपसिंह पिता श्री रतनसिंह परिहार, निवासी- भोजाखेड़ी, तहसील- आलोट, जिला रतलाम.

1835 2. प्रबन्धक, लीड संस्था, आलोट

3. अध्यक्ष , कृषि उपज मण्डी, आलोट

धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( ई ) के अन्तर्गत सदस्य 1. प्रबन्धक, केन्द्रीय सहकारी बैंक, आलोट

धारा 10 के अधीन विनिर्दिष्ट किया गया अधिकारी 1. तहसीलदार, आलोट रतलाम जिले के उपखण्ड जावरा

धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( ए ) के अन्तर्गत

अध्यक्ष 1. अनुविभागीय अधिकारी , जावरा

धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( बी ) के अन्तर्गत सदस्य 1. कचरूलाल पिता श्री नाथूलाल मालवीय , निवासी-ग्राम -कलालिया, तहसील- जावरा, जिला रतलाम (अ.जा. ).

2. श्रीमती कृष्णा पति श्री कैलाश मालवीय , निवासी- ग्राम-काकरवां, तहसील - जावरा , जिला- रतलाम (अ.जा.).

3. श्री राधेश्याम पिता गोविंदराम निबन्डवा , निवासी ग्राम - हनुमंतिया, तहसील - जावरा , जिला रतलाम (अ.ज.जा. ) .

धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( सी ) के अन्तर्गत सदस्य श्री स्नेह मेहरा, अभिभाषक, 1.

निवासी पोस्ट- सुखेड़, तहसील - पिपलौदा, जिला- रतलाम.

श्री अजय श्रीवास्तव , अभिभाषक , निवासी- नरसिंहपुरा , जावरा, जिला- रतलाम. 2.

धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( डी ) के अन्तर्गत शासन द्वारा मनोनीत सदस्य

1 . अध्यक्ष, नगर पालिका, जावरा

2. प्रबन्धक, लीड संस्था, जावरा

3. अध्यक्ष, कृषि उपज मण्डी, जावरा

धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( ई ) के अन्तर्गत सदस्य 1. प्रबन्धक, केन्द्रीय सहकारी बैंक, जावरा

धारा 10 के अधीन विनिर्दिष्ट किया गया अधिकारी 1 . तहसीलदार, जावरा

धारा 13 की उपधारा ( 3 ) के खण्ड ( डी ) के अधीन शासन द्वारा मनोनीत सदस्य

1. अध्यक्ष , नगर पंचायत , आलोट

संजय गोयल , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी .

1836

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( मण्डी निर्वाचन ) , जबलपुर

जबलपुर, दिनांक 29 मई , 2014

पत्र क्र. 1100 -मंडी समिति- नाम निर्देशन-14.- मंडी अधिनियम , 1972 की धारा 11 ( 1 ) घ के अनुक्रम में मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी (लोकसभा तथा विधान सभा की मंडी समिति में सदस्यता तथा प्रतिनिधि का नाम निर्देशन ) नियम, 2010 के प्रावधानों के अन्तर्गत खण्ड (ड) , खण्ड (च ) , खण्ड ( ज) , खण्ड ( झ ) एवं खण्ड ( ञ ) के अन्तर्गत प्रतिनिधियों के नाम निर्देशन प्रस्ताव के अनुसार जबलपुर जिले की कृषि उपज मंडी समिति, जबलपुर, पाटन, शहपुरा ( भिटौनी ) , सिहोरा के लिये निम्न विवरण में दर्शित अनुसार नाम निर्दिष्ट किये जाते हैं:-

नाम निर्दिष्टती का नाम

क्र. संस्था/विभाग का नाम

(3)

मण्डीजिसके लिए नाम निर्दिष्ट किया गया है (4) (2)

(1)

1. सहकारी विपणन समिति

जबलपुर श्री आनंद कुमार, जयप्रकाश वार्ड , मैन रोड, पनागर मो. नं.9425465512

जबलपुर श्री सुभाष, पचौरी , शाखा प्रबंधक, गोहलपुर. मो. नं. 9424779666

2. जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित.

पाटन श्री बेनी प्रसाद बबेले , शाखा प्रबंधक, पाटन. मो. नं. 9826931726

शहपुरा (भिटौनी) श्री रवि प्रताप सिंह, शाखा प्रबंधक, शहपुरा. मो. नं. 9755611338

सिहोरा श्री विनोद दाहिया, शाखा प्रबंधक, सिहोरा. मो . नं. 9630536210

जबलपुर श्री उदयभान सिंह ठाकुर, संचालक/उपाध्यक्ष, ग्राम- सिनगोरी , तह.पो. पाटन. मो. नं. 9425836805

3. जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक, मर्यादित.

शहपुरा ( भिटौनी ) श्री जय कुमार पटैल , संचालक, ग्राम - ढोडा, पो . पोला, तह. मझौली , जिला जबलपुर. मो . नं. 9752277336

सिहोरा श्री शिवनंदन तिवारी, संचालक, ग्राम - बुधुवा, पो. बोरिया, तह. जिला जबलपुर . मो. नं. 9617538378

श्री उदयभान सिंह ठाकुर, संचालक/उपाध्यक्ष , ग्राम- सिनगौरी, तह. पो. पाटन. पाटन मो. नं . 9425836805

4. कृषि विकास विभाग

जबलपुर पाटन श्री एल.सी. सोनी, सहा. संचालक, कृषि जबलपुर . मो. नं. 8984537027 श्रीमती डा. इंदिरा त्रिपाठी, अनुविभागीय कृषि अधिकारी , पाटन .

मो. नं . 9425446990

शहपुरा ( भिटौनी ) श्रीमती अनिता उपाध्याय, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी , शहपुरा, मो. नं. 9424684927

सिहोरा श्री के. एस . वर्मा, अनुविभागीय कृषि अधिकारी , सिहोरा , मो. नं. 9424306966

5. जिला पंचायत

जबलपुर श्री खिलाड़ी सिंह आर्मी, उपाध्यक्ष, जिला पंचायत जबलपुर

पाटन 6. जिला पंचायत

शहपुरा ( भिटौनी) सिहोरा श्री नारायण सिंह राव साहब , सदस्य, जनपद पंचायत , पाटन श्री रत्नेश पटेल, सदस्य, जिला पंचायत , जबलपुर श्रीमती प्रभा सोनी , सदस्य जिला पंचायत. जबलपुर भाग 1 ]

1837

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, खण्डवा, मध्यप्रदेश

खण्डवा , दिनांक 31 मई 2014

अधिसूचना

क्र. 141-2013 - न्या.लि. - 5708.- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( 1974 का सं. 2) की धारा 2 के खण्ड ( घ ) व मध्यप्रदेश शासन गृह ( पुलिस ) विभाग मंत्रालय के पत्र क्रमांक एफ 2 ( क ) 15-99- बी.3 - दो, भोपाल दिनांक 11 अक्टूबर 2004 तथा शासन के पत्र क्रमांक एफ- 2- (क) -9-08- बी-3 दो, दिनांक 30 जुलाई 2010 द्वारा कलेक्टर , पुलिस अधीक्षक तथा जिला अभियोजन अधिकारी की जिला स्तरीय समिति को प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, समिति की बैठक दिनांक 23 मई 2014 में लिए गये निर्णय के परिप्रेक्ष्य में नीचे दी गई सारणी में विनिर्दिष्ट क्षेत्रों को प्रभावित करने वाली पूर्व की अधिसूचना में आंशिक रूपान्तरण हुए इस अधिसूचना के प्रकाशित होने की तारीख सेः-

नीचे दी गई सारणी के कालम ( 1 ) में उल्लिखित पुलिस थाने से उसके ( सारणी ) के कालम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट स्थानीय ( एक)

क्षेत्रों को अपवर्जित करते हैं.

(दो ) सारणी के कालम ( 2 ) में विर्निदिष्ट स्थानीय क्षेत्रों को सारणी के कालम ( 3 ) में उल्लिखित पुलिस थाने में सम्मिलित करती है.

अनुसूची

स. क्र.

उस पुलिस थाने का नाम, तहसील व जिला जिसमें अपवर्जित किया गया

पुलिस थाने का नाम (तहसील तथा जिला सहित ) जिसमें सम्मिलित किया गया है. (3) (1)

(2)

1 बीड

प्रस्तावित थाने से दिशा व दूरी वर्तमान थाने से दिशा व दूरी

(5)

पूर्व ०० कि.मी.

(4) पूर्व06 कि.मी.

पुलिस चौकी बीड,

तहसील पुनासा, जिला

खण्डवा (म. प्र. )

पुलिस थाना मूंदी तह. पुनासा जिला खण्डवा ( म. प्र. )

2 मोहद

3 दोहद

4 मिर्जापुर

5 दोंगालिया

6 गोराडिया

7 शिवरिया

8 कौडियाखेडा

9 गेहलगांव

10 शिवर

11 मोहन्या कला

12 मोहन्या खुर्द

13 भिलाई

14 सिंधखेडा

15 दिनकरपुर

16 भुरलाय

17 बोरखेडा कला

18 डाबरी पुनर्वास

19 सोमगांव

20 छाल्पी

21 सिंगाजी पुनर्वास

22 देवलामाफी

23 हनुमंत्या

24 भगवानपुरा

पूर्व 02 कि.मी.

पूर्व04 कि.मी.

पूर्व 02 कि.मी.

पूर्व 05 कि.मी.

पूर्व 07 कि.मी.

पूर्व03 कि.मी.

पूर्व04 कि.मी.

पूर्व 08 कि.मी.

पूर्व03 कि.मी.

पूर्व 09 कि.मी.

पूर्व 03 कि.मी.

पूर्व 09 कि.मी.

पूर्व 02 कि.मी.

पूर्व 08 कि.मी.

पूर्व 04 कि.मी.

पूर्व 13 कि.मी.

पूर्व 09 कि.मी.

पूर्व 04 कि.मी.

पूर्व 13 कि.मी.

पूर्व06 कि.मी.

पूर्व06 कि.मी.

पूर्व 13 कि.मी.

पूर्व 03 कि.मी.

पूर्व 08 कि.मी.

पूर्व 04 कि.मी.

पूर्व 08 कि.मी.

पूर्व03 कि.मी.

पूर्व 09 कि.मी.

उत्तर 16 कि.मी.

पूर्व08 कि.मी.

उत्तर 19 कि.मी.

पूर्व 12 कि.मी.

पूर्व 09 कि.मी.

उत्तर 17 कि.मी.

पूर्व 08 कि.मी.

पूर्व 14 कि.मी.

पूर्व 10 कि.मी.

पूर्व 06 कि.मी.

पूर्व 07 कि.मी.

पूर्व 12 कि.मी.

पूर्व 05 कि.मी.

उत्तर 09 कि.मी.

उत्तर 15 कि.मी.

पूर्व09 कि.मी.

उत्तर 12 कि.मी.

पूर्व 06 कि.मी.

[ भाग 1 1838

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

(5)

(3)

(4)

(2)

(1)

उत्तर 15 कि.मी.

25 करौली

दक्षिण पूर्व 10 कि.मी.

पुलिस थाना जावर तह. पुनासा जिला

खण्डवा ( म. प्र. )

"

उत्तर 15 कि.मी.

दक्षिण 06 कि.मी.

26 सहेजला

"

दक्षिण 06 कि.मी.

उत्तर 13 कि.मी.

27 भैसावा

"

दक्षिण 05 कि.मी.

उत्तर 15 कि.मी.

28 माथनी रैयत

_"_

उत्तर 18 कि.मी.

दक्षिण 10 कि.मी.

29 मांडला

शिल्पा गुप्ता, जिला दण्डाधिकारी एवं पदेन उपसचिव.

क्र. 141-2013 - न्या.लि. - 5709.- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( 1974 का सं. 2) की धारा 2 के खण्ड ( घ ) व मध्यप्रदेश शासन गृह ( पुलिस ) विभाग मंत्रालय के पत्र क्रमांक एफ 2 ( क ) 15-99- बी.3 - दो, भोपाल दिनांक 11 अक्टूबर 2004 तथा शासन के पत्र क्रमांक एफ-2- (क ) -9-08- बी-3 दो , दिनांक 30 जुलाई 2010 द्वारा कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा जिला अभियोजन अधिकारी की जिला स्तरीय समिति को प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, समिति की बैठक दिनांक 23 मई 2014 में लिए गये निर्णय के परिप्रेक्ष्य में नीचे दी गई सारणी में विनिर्दिष्ट क्षेत्रों को प्रभावित करने वाली पूर्व की अधिसूचना में आंशिक रूपान्तरण हुए इस अधिसूचना के प्रकाशित होने की तारीख से:-

( एक ) नीचे दी गई सारणी के कालम ( 1 ) में उल्लिखित पुलिस थाने से उसके ( सारणी ) के कालम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट स्थानीय क्षेत्रों को अपवर्जित करते है.

(दो) सारणी के कालम ( 2 ) में विर्निदिष्ट स्थानीय क्षेत्रों को सारणी के कालम ( 3 ) में उल्लिखित पुलिस थाने में सम्मिलित करती है.

अनुसूची

स. क्र.

पुलिस थाने का

वर्तमान थाने से ग्रामों की दूरी दिशा व दूरी

नाम (तहसील तथा जिला सहित ) जिसमें सम्मिलित किया गया है (3)

(2)

(4) उस पुलिस थाने का नाम, तहसील व जिला जिसमें अपवर्जित किया गया (1)

18 कि.मी.

1 राई

पुलिस थाना हरसूद तह. हरसूद

पुलिस चौकी आशापुर तहसील हरसूद जिला खण्डवा ( म. प्र. )

जिला खण्डवा ( म. प्र. )

15 कि.मी.

2 खेड़ी

11 कि.मी.

3 मदनी

9 कि.मी.

4 रजूर

5 कि.मी.

5 मछोडी

० कि.मी.

6 जोगीबेडा

0.2 कि.मी.

7 आशापुर

6 कि.मी.

8 टेमरू खेरदा

8 कि.मी.

9 जामनी गुजर

11 कि.मी.

10 फेफरी सरकार

14 कि.मी.

11 फेफरी पुलिस आबादी

12 खेकरिया

13 राजमार्ग 26 अन्तर्गत थाना

जावर जिला खण्डवा से

थाना छिपाबड जिला हरदा

की सीमा तक लगभग 100

कि.मी. का सड़क मार्ग.

शिल्पा गुप्ता , जिला दण्डाधिकारी एवं पदेन उपसचिव.

1839

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

भाग 1 ]

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सिवनी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सिवनी, दिनांक 23 मई 2014

क्र. 3507 - जि.भू. अ. -2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधित 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है, उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील- लखनादौन, रा. नि. मं. लखनादौन (ग) ग्राम- सालीवाड़ा, प.ह.नं. - 54.

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.30 हेक्टर.

खसरा

अर्जित रकबा

नम्बर

(हेक्टयर में)

अशासकीय भूमि

(2)

0.30

(1) 17

योग

0.30

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यक है- जलाशय निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , लखनादौन , जिला सिवनी में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, भरत यादव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रतलाम, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रतलाम , दिनांक 23 मई 2014

क्र. 1683 - भू- अर्जन- 2014-प्र. क्र. 37-अ- 82-12-13 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रतलाम

(ख ) तहसील- रतलाम

(ग) ग्राम- हरथली

(घ) लगभग क्षेत्रफल-09.780 हेक्टर .

ग्राम- हरथली की प्रभावित निजी भूमि का विवरण

रकबा

सर्वे नंबर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

8

0.330

0.330

9

0.200

7

0.860

17

0.340

10

0.010

16

0.300

11

18

0.040

0.450

19/2

0.250

19/1

0.250

292/3

0.600

20

0.110

21

24

0.600

27

0.070

0.220

25

0.750

297/2

0.260

297/3

297/1/2

0.240

0.270

297/1/1

0.140

292/2

1.420

291

0.090

288/1

0.680

290/1

0.200

290/2

0.640

316/2

कुल रकबा 09.650 1840

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

ग्राम- हरथली की प्रभावित शासकीय भूमि का विवरण सर्वे नंबर

रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

0.100

26

0.030

01

0.130

कुल रकबा

ग्राम हरथली की प्रभावित निजी एवं शासकीय भूमि

09.780

का कुल रकबा

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- डूंगरपुर रतलाम वाया बांसवाड़ा न्यू रेल्वे लाईन निर्माण (परियोजना) हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय एवं भू-अर्जन अधिकारी , रतलाम के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 1685 - भू- अर्जन- 2014- प्र. क्र. 30-अ-82-12-13.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रतलाम

(ख) तहसील- रतलाम

(ग) ग्राम- भंवरगढ़ी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.17 हेक्टर.

ग्राम- भंवरगढ़ी की प्रभावित निजी भूमि का विवरण

रकबा

सर्वे नंबर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

6.02

2

6.02

कुल रकबा

ग्राम- भंवरगढ़ी की प्रभावित शासकीय भूमि का विवरण

रकबा

सर्वे

नंबर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

0.15

9

0.15

कुल रकबा

ग्राम भंवरगढ़ी की प्रभावित

निजी एवं शासकीय भूमि

6.17

का कुल रकबा

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- डूंगरपुर रतलाम वाया बांसवाड़ा न्यू रेल्वे लाईन निर्माण (परियोजना) हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय एवं भू-अर्जन अधिकारी , रतलाम के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1687- भू-अर्जन- 2014-प्र. क्र. 38-अ-82-12-13.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रतलाम

(ख) तहसील- रतलाम

(ग ) ग्राम- दंतोड़ा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-12.560 हेक्टर.

ग्राम- दंतोड़ा की प्रभावित निजी भूमि का विवरण

रकबा

सर्वे

(हेक्टर में) नंबर

(2)

(1)

7/5

0.850

32/2/5

1.100

9/1

0.850

0.780

9/3

0.100

9/2

0.760

14/2

29/1

1.480

29/2/1

0.630

0.560

29/2/2

0.780

29/2/3

0.010

13/1/1

13/2

0.150

1.050

14/1

0.070

15

0.050

19

12/2/1

0.030

33

0.460

0.550

34

0.670

32/2/1

13/1/2

1.100

13/1/3

0.330

कुल रकबा 12.360 भाग 1 ]

1841

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

ग्राम- दंतोड़ा की प्रभावित शासकीय भूमि का विवरण सर्वे

रकबा

नंबर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

0.150

30

0.050

22

0.200

कुल रकबा

ग्राम दातोड़ा की प्रभावित

निजी एवं शासकीय भूमि

12.560

का कुल रकबा .

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- डूंगरपुर रतलाम वाया बांसवाड़ा न्यू रेल्वे लाईन निर्माण (परियोजना) हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय एवं भू-अर्जन अधिकारी , रतलाम के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1689- भू- अर्जन- 2013-प्र. क्र. 44-अ-82-12-13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- रतलाम

(ख ) तहसील- रतलाम

(ग ) ग्राम-राजपुरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 23.690 हेक्टर .

ग्राम-राजपुरा की प्रभावित निजी भूमि का विवरण

रकबा

सर्वे

नंबर

(हेक्टर में) (1)

(2)

2/14/1

1.200

2/8

1.260

0.480

81/5

2/15

0.920

3/3

0.930

1.100

3/5

0.780

3/6

0.900

3/4

(2)

(1)

0.920

3/14

0.520

3/7

81/4

0.100

0.210

79/2/1

0.020

79/2/2

0.190

94/7

0.580

84

1.350

85

0.050

86

0.500

91

80/3

0.460

0.280

89/1/1

0.280

89/1/2

0.210

89/1/3

0.100

80/1

0.200

88

0.100

87/1

90/1

0.570

0.510

90/2

0.610

90/3

0.040

92/1

0.350

92/2

0.200

94/1

0.110

99/1

101/1

0.030

0.460

3/12/1

0.160

94/6

0.350

98/1

0.430

98/2

0.300

89/2

0.700

2/1

0.740

3/11

कुल रकबा 19.200

ग्राम- राजपुरा की प्रभावित शासकीय भूमि का विवरण

रकबा

सर्वे

(हेक्टर में) नंबर

(2)

(1)

1.350

6

0.190

80/2

0.160

94/2

0.100

99/1/1

2.070

113

0.160

100/1

0.460

2/1

कुल रकबा 4.490 1842

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

23.690

ग्राम राजपुरा की प्रभावित निजी एवं शासकीय भूमि का कुल रकबा .

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- डूंगरपुर रतलाम वाया बांसवाड़ा न्यू रेल्वे लाईन निर्माण (परियोजना ) हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय एवं भू- अर्जन अधिकारी , रतलाम के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1691 - भू-अर्जन- 2014-प्र. क्र. 31-अ-82-12-13.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- रतलाम

(ख) तहसील- रतलाम

(ग) ग्राम- पलसोड़ी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-50.790 हेक्टर.

ग्राम- पलसोड़ी की प्रभावित निजी भूमि का विवरण सर्वे

नंबर

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.300

176/1/1

0.200

176/3

0.500

204

0.030

176/1/2

0.750

179

1.780

कुल रकबा

ग्राम- पलसोड़ी की प्रभावित शासकीय भूमि का विवरण सर्वे

रकबा

नंबर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

0.100

171

177

0.100

14.210

183/1

4.400

228

(1)

(2)

0.030

9/1

0.240

227

0.380

229

24.500

170/1/1

5.050

170/1/1

49.010

कुल रकबा

50.790

ग्राम पलसोड़ी की प्रभावित निजी एवं शासकीय भूमि का कुल रकबा

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- डूंगरपुर रतलाम वाया बांसवाड़ा न्यू रेल्वे लाईन निर्माण (परियोजना) हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय एवं भू-अर्जन अधिकारी , रतलाम के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1693 - भू-अर्जन- 2014-प्र. क्र. 36-अ- 82-12-13.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- रतलाम

(ख ) तहसील - रतलाम

(ग) ग्राम- सांवलियारुण्डी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-27.340 हेक्टर .

ग्राम-सांवलियारुण्डी की प्रभावित निजी भूमि का विवरण

रकबा

(हेक्टर में)

(2)

सर्वे नंबर (1)

2

13.600

5

1.990

8/1

0.710

0.310

8/2

0.150

19/1/19

19/1/17

0.900

0.430 भाग 1 ]

1843

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

(2)

(1)

19/1/12

1.200

19/1/13

0.900

0.730

19/1/14

0.700

19/1/18

19/1/20

0.110

19/1/15

0.540

0.030

6/1

0.050

6/2

0.060

19/1/22

19/1/21

0.080

0.020

19/1/23

कुल रकबा 22.510

ग्राम-सांवलियारुण्डी की प्रभावित शासकीय भूमि का विवरण

सर्वे

नंबर

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

1

0.200

4.500

3/1/1

145

0.130

कुल रकबा 4.830

ग्राम सांवलियारुण्डी की प्रभावित

निजी एवं शासकीय भूमि

27.340

का कुल रकबा .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- डूंगरपुर रतलाम वाया बांसवाड़ा न्यू रेल्वे लाईन निर्माण (परियोजना) हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय एवं भू- अर्जन अधिकारी , रतलाम के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 1695 - भू-अर्जन- 2014-प्र. क्र. 39-अ-82-12-13.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- रतलाम

(ख) तहसील- रतलाम

(ग ) ग्राम-सागोद

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.750 हेक्टर.

ग्राम-सागोद की प्रभावित निजी भूमि का विवरण

रकबा

सर्वे

नंबर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

0.270

308/3

307/4

0.100

0.380

307/3

307/2

0.120

0.430

307/1

0.170

306/1

306/2

0.130

306/3

0.100

0.160

305/1

0.100

305/2

308/4

0.210

2.170

कुल रकबा

ग्राम-सागोद की प्रभावित शासकीय भूमि का विवरण

रकबा

सर्वे

नंबर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

257

0.020

0.020

292/2

0.020

293 में से

0.460

314/1/1

0.060

315

0.580

कुल रकबा

ग्राम सागोद की प्रभावित

निजी एवं शासकीय भूमि

2.750

का कुल रकबा

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- डूंगरपुर रतलाम वाया बांसवाड़ा न्यूरेल्वे लाईन निर्माण (परियोजना) हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय एवं भू- अर्जन अधिकारी , रतलाम के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजय गोयल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1844

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 27 मई 2014

क्र. 134 - भू-अर्जन-13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा (म.प्र. )

तहसील- हनुमना

(ख)

(ग) ग्राम-पटेहरा

(घ) क्षेत्रफल लगभग-8.636 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हे. में)

(2)

(1)

4202

0.216

0.144

4205

0.072

4206

4208/1

0.108

4208/2

3301/1

0.231

3301/2

3283/ 1/क/1

3283/1/क/2

3283/ 1 ख

0.036

0.012

3285

0.053

3286

3263

0.024

3264

0.057

3265

0.040

0.036

3269

3270/1

3270/2

0.008

0.072

3271

3261/1

0.020

3261/2

(1)

(2)

3260/1

3260/2

0.072

3260/3

3259

0.036

3257/1

3257/2

3257/3

0.072

3183

0.005

3186/1

3186/2

0.072

3185

0.012

3188/1

3188/2

0.020

3173/1

3173/2

0.015

3172

0.008

0.027

3174

3175

0.027

3176

0.030

0.054

3177

0.085

3168

0.008

3164

0.050

3163

3188/1

0.020

3188/2

3139

0.072

2410

0.020

0.085

2411

2412

0.030

2418/3

0.008

0.028

2419

2417/1

0.036

2417/2

2416/1क

2416/1 क

2416/2

0.020

2309/1

2309/2

0.085

2310/1

0.072

2310/2

1667

0.009

1668

0.009

0.075

1669

1670/1

0.008

1670/2 भाग 1 ]

1845

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

(2) (1)

1665/1क

1665/1 ख

1665/2क

1665/2ख

1665/2ग

1665/2घ

1665/3क

1665/ 3ख

1665/3ग

1665/3घ

165/3ङ

0.120 1595/1क

1595/1 ख

1595/2ख

1595/2ग

0.020 1595/2घ

1596/1

0.030 1596/2

1635/1

1635/2

0.105 1634/2

0.045 1634/2

1633/1

0.165 1633/2

1639/1

1639/2

0.009 1639/3

0.008 3304

3202/1

3202/2

0.005 3310/1

0.020 3310/2

0.014 3311

0.008 3312

0.060 3313

0.030 3314

3220/1 /क

3220/ 1 /ख/ 1

3220/ 1 /ख/2

3220/2

3220/3

0.030

0.085 3070

3071

0.009 3049/1

3049/2

(2)

(1)

0.005

3049/3

3050/1

0.006

3050/2

3051

0.032

0.009

3069

3052/1

0.030

3052/2

3067

0.008

0.032

3053

3054

0.014

3055/1

3055/2

0.016

3056/1

0.020

3056/2

3057/1

0.008

3057/2

2997

0.008

0.042

2995

2996/1

0.006

2996/2

2994/1

2994/2

2994/3

0.016

2994/4

3002/1

3002/2

3002/3ख

3002/3क

0.036

3002/ 3 ग

3004

0.024

3005

0.015

0.003

3006

2992/1

2992/2

2992/3

0.005

0.005

2991

0.042

2988

0.005

2990/1

2984

0.045

0.003

2985

2983

0.004

2511

0.014

2470/1

0.030

2470/2

2469/1

0.004 1846

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

(2) (1)

0.011 2471

0.005 2505

0.004 2502

0.005 2501

2472

0.019

0.072 2499

0.060 2498

2500/ 1/क

2500/1 /ख/ 1

0.008 2500/1 /ख/2

2477/1

4077/2

0.005

0.030 2478

2479/1

2479/2

2479/3

0.030 2479/4

2480

0.032 2496/1

2496/2

0.036 2496/3

0.018 2518

2521/1/क/1

2521/1/क/2

2521/1 /ख

2521 /1 /ग

2521/2

0.012 2522/3

2523/1

0.027 2523/2

0.005 2528

2527/1

2527/2

2527/3

2527/4

0.030 2539/1

2539/2

0.080 2540/1

2540/2

0.080 2554/1

0.042 2554/2

2556/ 1 /क

2556/1 /ख

2556/1 /ग

2556/1 /घ

(1)

(2)

2556/2

0.042

2556/3

0.042

2555

2562

0.030

2563/1

2563/2

0.102

0.180

2564

0.054

2565

2618

0.049

2785/1

2785/2

0.089

2619/1

0.514

2619/2

2617

0.016

0.014

2621

2622/ 1/क

2622/ 1 /ख

2622/1 /ग

2622/ 1 /घ

2622/2

0.007

2624

0.008

0.014

2616

2615

0.072

2614/1

2614/2

2614/3

2614/4

2614/5

2614/6

2614/7

0.132

2614/8

2608/1 /क

0.021

2608/1 /ख

2612

0.045

2581/1

2581/2

2581/3

0.075

2578/1

2578/2

0.012

2578/3

0.009

2576

2577

0.054

1992/1

1992/2

0.096 भाग 1 ]

1847

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

(2) (1)

1153/1

0.009 1153/2

1154/1

0.105 1154/2

0.009 1155

1169

0.012 1148

0.035

0.088 1160

0.028 1163

1162

0.120 1161/1/क

1161/1 /ख

0.460 1161/3

710/3

0.190 704

0.015 708/2

708/1

0.012

0.036 1722

1723/1

0.038 1723/2

1725

0.036 1726/1

0.008 1726/2

0.127 1704

0.010 1705

1700

0.012

0.060 1701

1695/1

0.054 1695/2

0.078 1696

0.075 1316

0.100 1318

1320

0.009

0.036 1321

1322

0.066

0.010 1323

0.016 1324

1327/ 1 क

0.092 1327/ 1 ग

1328

0.012 1352/1

1352/2

0.036 1351/3

1351 /2/क/1

(2)

(1)

1351/2/क/3

0.060

1351/1

357/1

357/2

357/3

0.660

0.024

248

0.023

249

253/1क

253/ 1 ख

253/2

253/3

253/4

0.048

254/1

254/2

0.018

0.018

255

256/1

0.012

256/2

257/1

257/2

257/3

0.015

0.032

354

273/1

273/2

273/2/क

0.060

272

0.009

274

0.020

275/1

0.060

275/2

293/1

293/2

0.080

293/3

291/1

291/2

0.008

291/3

292/1

292/2

0.010

292/3

300/1 क

300/1 ख

300/ 1 ग

300/1 घ

0.090

300/2

320/1

0.060

320/2 1848

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

(2)

(1)

319/1 क

319/1ख

319/1 ग

0.018

319/2

8.636

अर्जित रकबा हे. में .

निरंक

शासकीय

कुल अर्जित रकबा 8.636

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बमरहा नहर योजना.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , शिव नारायण रूपला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग शाजापुर, दिनांक 27 मई 2014

क्र. भू- अर्जन- 2014-84-85.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में उल्लेखित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- शाजापुर

(ख ) तहसील कालापीपल

(ग ) ग्राम-लालाखेडी

(घ) क्षेत्रफल-0.82

खसरा क्रमांक

क्षेत्रफल जो अर्जन होना है (हे . में)

(2)

(1)

0.10

587/2

588

0.04

(2)

(1)

589

0.04

0.12

590

0.17

595

879

0.04

880/1

0.07

0.07

880/2

0.08

881

0.06

882

योग .. 0.79

591 ( शास. )

0.03 कुल योग ..0.82

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- कोठरी मार्ग में पार्वती नदी पर सेतु निर्माण में आने वाली भूमि का भू-अर्जन.

नोट.- भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , शुजालपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, प्रमोद गुप्ता , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग पन्ना, दिनांक 29 मई 2014

प्र. क्र. 001 - अ- 82- वर्ष 2013-2014.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख ) तहसील- अजयगढ़

(ग) ग्राम- नरदहा

( घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.900 हेक्टर.

खसरा नम्बर

भूमि का प्रकार

कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(3)

(2)

(1)

382

0.110

निजी भूमि

0.020

383

निजी भूमि भाग 1 ]

1849

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

(2)

(3) (1)

378

0.010

निजी भूमि 126/1

0.080

निजी भूमि 384

0.030

निजी भूमि

0.080

126/2

निजी भूमि

0.140

116

निजी भूमि

0.210

412/1

निजी भूमि 417/2क

0.140

निजी भूमि

0.130

417/2ख

निजी भूमि 1155

0.030

निजी भूमि

0.260

1176

निजी भूमि 391

0.150

निजी भूमि 386

0.010

निजी भूमि 123

0.050

निजी भूमि

0.070

397/1 क

निजी भूमि

0.070

114/1

निजी भूमि 124

0.110

निजी भूमि 673

0.060

निजी भूमि 401

0.060

निजी भूमि 414

0.030

निजी भूमि

0.050

416/1

निजी भूमि

1.900

कुल रकबा निजी भूमि

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है - बरार नाला (मौकछ ) तालाब योजना के अन्तर्गत डूब क्षेत्र , स्पिल चैनल , वेस्ट वियर एवं नहर निर्माण कार्य हेतु .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , अजयगढ़ के न्यायालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रवीन्द्र कुमार मिश्रा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 30 मई 2014

पत्र क्र. 392 - प्रका.- भू-अर्जन-2012. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि /शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- गुढ़

(ग) ग्राम- मुसौआ 533

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.321 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

कुल रकबा (हे. में)

अर्जित रकबा (हे. में)

(3)

(2)

(1)

0.048 155

0.190

0.190

0.044 156

0.020

0.004 157

0.068

0.129

158/1

158/2

0.166

0.085

0.005 168

0.076 169

0.810

0.445

0.044 170

171

0.563

0.032 कुल. 0.321 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गुढ़- मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत बघमड़ा शाखा नहरके निर्माण कार्य हेतु उपरोक्त खसरों की भूमि एवं अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल पर स्थित परिसम्पत्तियों का अर्जन.

पत्र क्र. 394 - प्रका. - भू-अर्जन-2012. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि /शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- गुढ़ 1850

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

(ग ) ग्राम- बड़ागाँव 441

(घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.946 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा खसरा नम्बर

(हे. में)

कुल रकबा (हे. में)

(2)

(1)

(3)

0.153

2384/1

0.368

2384/2

0.368

0.097 2384/3

2384/4

0.364

2384/5

0.368

2384/6

0.020

2688/1

0.239

0.108 2688/2

0.239

2688/3

0.234

0.117

0.026 2689

2690/1

0.121|

0.117

2690/2

0.084 2690/3

0.122

2690/4

0.122

2694/1

0.494

0.493

0.116 2694/2

2694/3

0.494

2705/1

0.195

2705/2

0.344

0.114

0.178

2705/3

2709/1/1

0.173

0.174

2709/1/2

0.259

0.120 2709/2

2709/3

0.608

2735/1

0.109

2735/2

0.142

0.105 2735/3

0.223

0.113

2735/4

1.282

2738/1

2738/2

0.478

0.176 2738/3

0.238

कुल .. 0.946 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गुढ़- मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत बघमड़ा शाखा नहर के निर्माण कार्य हेतु उपरोक्त खसरों की भूमि एवं अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल पर स्थित परिसम्पत्तियों का अर्जन .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 396- प्रका. भू-अर्जन-2012. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि /शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- गुढ़

(ग ) ग्राम- नारायणपुर 315

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.949 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा खसरा नम्बर

कुल रकबा

(हे. में) (2)

(1)

(हे. में) (3)

0.050

0.198

56

0.202

0.169 57

0.140

0.020 69/1

0.467

69/2

70

0.356

0.019

1.222

71/1

1.222

0.282 71/2

1.222

71/3

1.222

71/4

0.080

0.445

78

0.086

1.214

80

0.027

0.425

81

0.008

0.068

83

0.040 85

0.599

0.048 86

0.287

0.247

87

0.050

0.046

0.271

88

0.142

106

0.024 0.949

कुल ..

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गुढ़- मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत बघमड़ा शाखा नहर के निर्माण कार्य हेतु उपरोक्त खसरों की भूमि एवं अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल पर स्थित परिसम्पत्तियों का अर्जन.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक , भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

1851

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

पत्र क्र. 398 - प्रका.- भू-अर्जन-2012 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि /शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- गुढ़

(ग) ग्राम- मुड़िया 532

(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 0.638 हेक्टेयर .

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हे. में)

कुल रकबा (हे. में)

(2)

(3) (1)

0.080 86

0.567

87/1

0.206|

0.08

0.206

87/2

0.202

87/3

0.101

87/4

0.275

89/1

0.271

89/2

0.022

89/3

0.017

89/4

0.028

0.074 89/5

0.085

89/6

0.017

89/7

0.085

89/8

0.021

89/9

0.235

90/1

0.235

0.050 90/2

0.239

90/3

0.120

90/4

0.049

91/1

0.049

91/2

0.049

0.006 91/3

0.024

91/4

0.660

0.0520 110

111

0.048

0.656

112/1

0.081

0.081

112/2

112/3

0.028

0.101

0.043 112/4

112/5

0.020

(2)

(3) (1)

0.020

112/6

0.020

112/7

0.242

112/8

112/9

0.024

112/10

0.028

0.032

1.029

113

0.012 114

0.681

0.013 115

0.134

0.563

0.080 116

0.008

0.052

117

0.060

0.526

118

कुल .. 0.638 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गुढ़- मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत बघमड़ा शाखा नहर के निर्माण कार्य हेतु उपरोक्त खसरों की भूमि एवं अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल पर स्थित परिसम्पत्तियों का अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .

पत्र क्र. 400- प्रका. - भू-अर्जन-2012. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि /शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- गुढ़

(ग ) ग्राम- हरदुआ 635

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.710 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हे. में)

कुल रकबा (हे. में)

(3) (1)

(2)

0.0170 17

0.707

0.121

0.010 18

0.060 40

0.243

43

0.081

0.012

0.443

0.030 44 1852

(2)

(3) (1)

0.036

45/1 /क

0.044

45/ 1/ख

0.077

45/1 /ङ

45/1 /च

0.061

45/2/क

0.045

0.081 45/2/ख

0.044

45/2/ग

0.004

45/2/घ

0.004

45/2/च

0.016

0.008

45/3

45/4

0.008

0.021 46

0.308

47/1

0.016

0.005

0.016

47/2

51/1/1

0.192

0.023

0.065 51/1/2

51/2

0.215

52/2

0.364

0.005

0.036

0.010 100/1

0.032

100/2

0.061

0.035 101

0.050 102

0.333

110/1

0.204

0.100

0.050 110/1/क

110/2

0.101

0.420

0.089

0.064

0.041

111/2

0.065

0.012 112

0.012 114/1

0.024

114/2

0.121

0.021 115

0.174

0.001 116/1

0.445

0.057

116/2

0.022 119

0.186

120

0.003

0.032

0.004 121

0.032

122/1

0.113

0.093

122/2

0.052

0.016

122/3

0.006 123

0.134

0.052 249

0.247

0.065

0.010 250/1

0.069

250/2

0.710

योग

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है .-- गुढ़- मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत बघमड़ा शाखा नहर के निर्माण कार्य हेतु उपरोक्त खसरों की भूमि एवं अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल पर स्थित परिसम्पत्तियों का अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 402 - प्रका.- भू-अर्जन-2012. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि /शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील - गुढ़

(ग) ग्राम-गाजर 157

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.742 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकवा (हे. में)

कुल रकबा (हे. में)

(2)

(3) (1)

1.177

0.038 40

0.046 41

0.591

0.003 43/1

0.103

43/2

0.103

0.063 44

0.656

0.081 48

0.575

0.060

0.263

49/1

0.266

49/2

50

0.097

0.004 53

0.202

0.034 54/1

0.061

54/2

0.061

54/3

0.062

0.032 54/4

0.063

54/5

0.062

55

1.267

0.047

0.007 70

0.312 भाग 1 ]

1853

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

(2)

(3) (1)

1.643

0.160 93/1

93/2

1.643

0.372

0.05 94

0.255

0.040 98

0.032

0.004 99

0.073 100

0.648

योग .. 0.742 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. - गुढ़- मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत बघमड़ा शाखा नहर के निर्माण कार्य हेतु उपरोक्त खसरों की भूमि एवं अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल पर स्थित परिसम्पत्तियों का अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.

रीवा, दिनांक 4 जून 2014

क्र. 422 - प्रका.- भू-अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सतना

(ख) तहसील - रघुराजनगर

(ग ) नगर/ग्राम- कोठरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 4.19 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

एरिया (हेक्टर में)

(2)

(1)

327

0.39

0.39

329

0.02

325

0.79

320

0.02

316

0.57

318

0.03

319

(2)

(1)

0.32

303

302

0.26

0.06

301

0.04

300

286

0.05

287

0.21

283

0.36

0.02

282

0.16

281

0.17

280

0.06

251

258

0.12

257

0.01

259

0.13

योग .. 4.19

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 424- प्रका.- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी /शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रघुराजनगर

(ग) नगर/ग्राम- बैलिहा

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.60 हेक्टेयर .

खसरा

एरिया

नम्बर

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

78

0.14

0.46

77

योग .. 0.60 1854

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 426- प्रका.- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी /शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रघुराजनगर

(ग ) नगर/ग्राम- डगडीहा

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 1.76 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

एरिया (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

0.33

1019

1005/1

0.18

1007/2

0.31

1007/1

0.23

0.10

1008

997/2

0.01

0.25

997/1

997/2

0.18

0.17

999

1.76

योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 428 - प्रका.- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रघुराजनगर

(ग) नगर/ ग्राम-जैतवारा , 163

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 3.52 हेक्टेयर.

एरिया

खसरा नम्बर

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

810

0.20

0.21

806

0.23

811

0.13

816

0.33

929

0.17

823

0.01

822

824

0.06

0.03

825

832

0.19

0.23

831

0.34

874

829

0.18

0.13

882

828

0.02

0.19

889

883

0.22

0.14

884

885

0.05

888

0.04

0.11

881

0.20

886

887

0.02

0.09

896

कुल 3.52 भाग 1 ]

1855

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 430- प्रका. भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील - रघुराजनगर

(ग ) नगर/ग्राम- कुओं

(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 10.81 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

एरिया (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.32

1672

0.09

1673

0.04

1666

0.15

1665

0.24

489

0.34

488

487

0.09

486

0.18

0.08

483

482

0.29

0.40

330

0.09

331

0.02

329

0.20

332

0.13

1619

326

0.86

0.67

325

324

0.34

0.06

316

(2)

(1)

306

0.13

0.27

297

304

0.20

0.13

300

0.04

298

0.20

299

260

0.13

250

0.12

0.26

249

0.27

248

0.08

247

0.01

251

125

0.25

124

0.01

0.03

244

126

0.07

127

0.391

112

0.09

114/2

0.14

113

0.06

0.75

111

107

0.23

0.02

78

106

0.30

0.03

79

103

0.37

105

0.14

102

0.37

81

0.04

0.74

93

0.06

93/2

0.02

93/1

0.35

92

योग .. 10.81

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

1856

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

क्र. 432- प्रका.- भू-अर्जन-2014.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- सेमरिया

(ग ) नगर/ ग्राम- कौड़िहाई

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 2.24 हेक्टेयर .

एरिया (हेक्टेयर में)

(2)

खसरा नम्बर (1)

1

0.31

0.23

2

0.20

3

0.06

14

0.35

23

0.02

22

21

0.33

20

0.41

0.04

53

18

0.25

19

0.04 योग . 2.24

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 434 - प्रका. भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सतना

(ख) तहसील- कोटर

(ग) नगर/ग्राम- तिहाई

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 2.19 हेक्टेयर .

खसरा नम्बर

एरिया (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

0.14

86

0.12

87

88

0.09

85

0.13

84

0.10

12

0.09

13

0.11

0.45

14

15

0.01

0.60

16

0.09

18

17

0.26 योग . 2.19

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 436- प्रका.- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील - रघुराजनगर भाग 1 ]

1857

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

(ग ) नगर/ ग्राम- हटिया

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 2.19 हेक्टेयर.

खसरा

एरिया

नम्बर

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

621

0.05

622

0.59

0.06

927

0.17

623

624

0.29

0.20

625

626

0.30

912

0.23

954

0.02

0.14

615

616

0.13

2.19

योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 438 - प्रका.- भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रघुराजनगर

(ग) नगर/ ग्राम- पासी

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 8.80 हेक्टेयर .

खसरा

एरिया

नम्बर

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

446

0.17

450

0.20

(1)

(2)

447

0.08

0.63

448

0.05

297

0.09

296

0.02

298

300

0.08

0.02

299

302

0.06

301

0.02

0.01

303

307

0.02

0.01

306

308

0.15

0.21

351

0.25

350

462

0.09

0.23

349

0.25

332/337

357

0.03

0.27

331

0.30

329

0.22

327

0.08

328

325

0.04

324

0.11

319

0.19

320

0.13

0.20

33

0.10

321

0.14

32

0.23

37

0.24

38

0.29

39

43

0.43

31

0.05

40

0.22

0.30

42

0.13

48

0.12

49

0.86

18

0.85

14 1858

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

(2)

(1)

0.14

15

0.13

10

0.36

11

8.80

योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 440- प्रका.- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रघुराजनगर

(ग) नगर/ग्राम- तुर्री

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 8.89 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

एरिया (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.30

286

0.46

285

0.10

284

0.13

283

0.125

282

0.20

288

0.07

291

0.13

280

0.20

292

0.19

293/1

0.30

293/2

0.16

294/2

0.18

271

(2)

(1)

0.04

272/1

272/5

0.43

253

0.59

0.04

254

0.05

251

0.35

250

0.06

249

0.50

248

247

0.09

0.40

244

0.21

245

0.105

246

0.30

234

0.15

232

0.28

231/233

0.04

230

0.03

229

0.32

228

0.08

235/1

235/2

0.01

0.06

200

0.25

203

0.35

205

0.09

206

207

0.18

0.06

207/1

207/2

0.39

0.04

209

0.02

208

0.12

210/2

0.33

210/1

0.17

211/3

0.08

211/2

0.13

211/1

योग . 8.89

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

1859

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

क्र. 442- प्रका.- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी /शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रघुराजनगर

(ग ) नगर/ग्राम- सरबहना

(घ ) लगभग क्षेत्रफल -9.043 हेक्टेयर.

एरिया (हेक्टेयर में)

खसरा नम्बर

(2)

(1)

0.294

115

0.240

112

113

0.028

0.080

109

0.077

107

0.094

108

106

0.124

0.127

77

0.206

76

0.094

75

0.086

74

0.121

73

0.171

64

81

0.061

0.032

82

0.032

66

0.214

85

0.098

86

0.218

71

0.032

57

0.146

87

0.069

88

0.012

70

0.101

57

1.749

58

0.177

54

(2)

(1)

0.120

22

0.980

21

20

0.016

0.198

19

1.360

23

24

0.146

25

0.919

0.498

26

0.093

27

योग .. 9.043

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 444- प्रका. भू-अर्जन-2014 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी /शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- रघुराजनगर

(ग) नगर/ ग्राम- बारी खुर्द

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 11.97 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

एरिया (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

1.35

520

0.21

521

0.22

522

0.62

517

518

0.01

0.09

500/2

0.16

516 1860

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

(2) (1)

0.19 515

502

1.70

0.21 503

514

0.33 501

0.23 428

0.45

0.11 425

0.04 424

436

0.21

0.33 437

0.08 438

0.09 442

0.05 439

443

0.04

0.07 441

444

0.18

0.25 446

0.17 447

0.08 448

550

0.03

0.01 445

0.41 410/549

0.01 411

409

0.09

0.36 453

0.23 395

0.11 Z3

0.11 404

555

0.01 405

0.25 403

0.48 402

0.36 398

0.45

0.03 399

0.70 389

0.04 380

378

0.16

0.02 379

(2)

(1)

0.02

136

0.17

5

4

0.10

3

0.35

योग .. 11.97

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 446-प्रका. भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- रघुराजनगर

(ग) नगर/ग्राम- फुटौधा

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 11.15 हेक्टेयर .

खसरा

नम्बर

एरिया (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

563

1.19

0.17

565

566

1.97

557

0.51

498

0.17

0.49

578

0.56

497

0.30

495

0.24

493

500

0.04

292

0.23

0.19

489

0.23

496 भाग 1 ]

1861

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

(2)

(1)

0.31

494

0.16

491

0.01

490

487

0.38

539

1.71

1.30

540

0.60

536

0.06

538

0.32

535

0.15

530

534

0.61

0.25

533

योग .. 11.15

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 448- प्रका.- भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील-कोटर

(ग ) नगर/ग्राम- घोरकाट

(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 10.06 हेक्टेयर .

खसरा

नम्बर

एरिया (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.25

424

0.09

423

0.30

422

0.29

419

0.06

418

(2)

(1)

0.08

454

0.04

417

0.25

455

0.08

456

0.11

406

407

0.37

0.13

459

0.12

405

393

0.12

0.03

391

0.38

392

0.25

390

0.15

384

0.25

373

0.06

372

0.22

374

0.04

365

366

0.27

367

0.11

0.02

370

0.15

369

0.12

368

356

0.06

358

0.02

0.12

357

0.070

57

0.25

56

0.18

354

0.15

58

62

0.19

63

0.15

0.17

64

0.75

69

0.08

68

0.34

95

0.11

96

0.11

98

0.26

99

0.25

131

0.21

130

0.03

117 1862

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

(2)

(1)

0.25

118

0.02

129

128

0.25

121

0.20

126

0.45

0.05

125

0.26

158

157

0.15

154

0.24

0.12

156

0.02

160

0.09

161

162

0.12

योग .. 10.06

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 450- प्रका.- भू-अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी /शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- कोटर

(ग) नगर/ ग्राम- गहिरी

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 0.69 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

एरिया (हेक्टेयर में)

(1)

204

202

203

(2) 0.05 0.07 0.04 0.19

201

207

0.34 योग . 0.69

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 452- प्रका.- भू- अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख ) तहसील- बिरसिंहपुर

(ग ) नगर/ ग्राम- झरी

(घ) क्षेत्रफल लगभग- 7.79 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

एरिया (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

0.20

399

355

0.09

0.08

397

0.11

393

0.02

394

0.19

51

52

0.04

53

0.12

0.41

54

0.04

378

0.04

65

64

0.13

0.27

66

67

0.04

0.04

68

340

0.16

339

0.14

341

0.06

0.25

319 भाग 1 ]

1863

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

(2)

(1)

0.28

317

0.04

316

0.04

101

0.18

181

0.13

179

820

0.11

0.26

180

0.14

165

166

0.17

0.11

164

0.29

159

0.19

160

0.27

157

0.30

158

815

0.41

0.48

144

0.06

145

0.46

141

0.33

140

0.02

132

0.13

137

6

0.01

0.05

142

7

0.14

0.02

8

0.13

9/140

0.29

10

0.32

42

योग .. 7.79

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गतं आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 454- प्रका.- भू-अर्जन-2014 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी /शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- कोटर

(ग) नगर/ग्राम- भटगवॉ

(घ) क्षेत्रफल लगभग- 11.67 हेक्टेयर .

खसरा

नम्बर

एरिया (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

0.80

362/3

0.17

364

0.17

365

0.33

366

1.12

367

0.32.

379

0.19

378

0.15

377

0.40

376

382

0.25

0.15

380

0.04

416

0.06

381

0.18

383

389

0.10

0.16

388

0.40

285

384

0.18

385

0.15

0.06

386

0.15

276

0.23

284

0.87

277

0.04

281

257

0.17

0.34

258

275

0.02

0.06

278

0.95

253

0.31

256 1864

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र,नपत्र , दिनांक 13 जून 2014

(2)

(1)

0.02

254

0.04

250

247

0.12

0.19

248

0.43

246

0.21

245

242

0.35

238

0.02

0.02

243

0.01

244

0.18

180

0.08

241

0.28

188

0.12

189

0.32

187

0.25

192

0.18

186

0.33

193

योग .. 11.67

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 456 - प्रका.- भू- अर्जन-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी /शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील- बिरसिंहपुर

(ग) नगर/ग्राम- कोनिया

(घ ) क्षेत्रफल लगभग- 4.24 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

एरिया (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.24

242

245

0.33

241

0.02

0.32

441

0.28

443

439

0.25

0.05

446

438

0.24

0.33

430

0.17

431

0.17

432

0.21

428

0.06

429

0.04

427

0.13

425

0.11

426

0.09

424

0.15

387

388

0.06

0.01

389

390

0.15

0.07

377

0.04

395

0.32

396

0.02

355

0.04

356

0.11

354

352

0.12

0.10

351

350

0.01 योग . 4.24

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

1865

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

भाग 1 ]

क्र. 458 - प्रका. - भू-अर्जन-2014 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना

(ख) तहसील-कोटर

(ग) नगर/ ग्राम- मोहनिया

(घ ) क्षेत्रफल लगभग- 10.14 हेक्टेयर.

खसरा

एरिया

नम्बर

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

257

0.34

0.15

259

258

0.23

0.01

262

0.07

256

0.57

254

0.04

255

253

0.03

252

0.14

251

0.12

0.09

274

0.05

275

276

0.55

0.07

277

0.19

278

381

0.10

378

0.37

0.16

379

380

0.23

0.06

282

0.22

283

0.20

373

372

0.25

0.03

374

0.04

371

(2)

(1)

370

0.35

369

0.19

0.09

350

0.09

349

348

0.06

0.14

346

0.16

307

0.08

304

0.02

306

0.02

301

0.01

300

0.02

353

0.24

347

345

0.01

309

0.19

0.25

344

342

0.17

0.02

313

314

0.03

0.11

315

0.15

316

0.11

341

340

0.04

0.13

317

0.04

295

0.33

194

0.09

170

0.07

318

0.34

319

320

0.42

0.04

321

0.05

169

0.40

161

0.42

160

0.45

141

0.09

142

0.20

143

0.05

144

145

0.16

10.14

योग .

1866

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जून 2014

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 460 - प्रका.- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला -सतना

(ख) तहसील-कोटर

(ग) नगर/ग्राम- सिमरी

(घ) क्षेत्रफल लगभग-8.41 हेक्टेयर.

एरिया

खसरा नम्बर

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

287

0.19

0.18

293

0.14

283

0.81

295

0.03

297

0.05

102

0.13

299

0.15

298

0.26

300

0.07

301

0.80

302

383

0.85

0.19

382

0.47

379

387

0.01

380

0.23

0.42

378

0.14

377

(2)

(1)

0.18

374

0.08

373

372

0.19

376

0.04

0.17

375

0.11

371

370

0.11

0.10

361

360

0.16

0.29

359

0.16

362

0.04

363

0.17

369

0.02

346

0.10

344

0.11

364

365

0.11

0.03

343

366

0.13

340

0.04

0.16

342

0.36

341

338

0.39

0.24

339

योग .. 8.41

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 462- प्रका.- भू-अर्जन-2014 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी /शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सतना भाग 1 ]

1867

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

(ख ) तहसील- रघुराजनगर

(ग) नगर/ ग्राम- बडेरा

(घ) क्षेत्रफल लगभग- 1.917 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

एरिया (हेक्टेयर में) (2)

(1)

0.046

58

0.063

35

0.047

36

37

0.121

0.026

39

0.236

41

42

0.001

43

0.180

44

0.235

0.009

383

14

0.012

15

0.043

0.047

16

0.010

17

0.347

13

12

0.264

11

0.060

0.005

10

0.166

3

योग .. 1.917

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मझगवाँ शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. डी. एस. अग्निवंशी , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शिवपुरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

शिवपुरी, दिनांक 31 मई 2014 क्र. क्यू- भू- अर्जन-886 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि संबंधी जानकारी अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- अशासकीय

(क) जिला- शिवपुरी

(ख ) तहसील- करैरा

(ग ) नगर/ग्राम- बरौदी

(घ) भूमि का कुल क्षेत्रफल-2.20 हेक्टर.

सर्वे नम्बर

अर्जित रकबा (हे. में)

(2)

(1)

0.02

75

0.04

76

0.02

81

0.05

82

0.03

83/1

0.03

83/मिन. 2

85

0.06

0.04

88

96

0.09

113/2

0.02

0.03

114

0.05

115

116

0.10

118

0.04

0.09

119

0.01

122

123

0.17

0.06

125

0.05

129

0.07

135

0.01

139/मिन .1

140

0.14

0.02

141

0.01

151

0.07

152/1/मिन.2

0.07

152/2

0.07

152/1/मिन.3 1868

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

(2)

(1)

0.07

152/3

0.08

153

0.14

154

0.02

155

0.06

164

0.19

165/मिन . 1

0.05

193

0.01

194

0.07

274/4

367

0.05

2.20

योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- महुअर मध्यम परियोजना के अन्तर्गत बांयी तट नहर की उपशाखा क्र. 3 आर की सबशाखा क्र . 1 एल एवं 2 एल के निर्माण कार्य हेतु .

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का विवरण भू-अर्जन अधिकारी तहसील करैरा कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. क्यू- भू-अर्जन- 887.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि संबंधी जानकारी अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- अशासकीय

(क) जिला- शिवपुरी

(ख) तहसील-करैरा

(ग) नगर/ग्राम- सिरसौद

(घ ) भूमि का कुल क्षेत्रफल-4.21 हेक्टर .

सर्वे नम्बर

अर्जित रकबा (हे. में) (2)

(1)

0.03

812

0.03

813

0.05

814

0.06

816

817

0.04

0.20

821

(2)

(1)

0.07

823

0.01

836

837

0.05

0.02

1053

0.12

1054

0.04

1056

0.03

1059

0.03

1060

0.06

1061

1062

0.03

0.02

1075

0.08

1076

0.02

1081

1087

0.05

1088

0.02

0.07

1091

0.02

1448

0.01

1450

0.03

1452

0.07

1454/मिन -1

0.04

1456

0.05

1466

0.03

1467

0.01

1468

1470

0.03

0.04

1471

0.03

1497/2/1/मिन -1

2076

0.03

0.13

2077

0.05

2078/1

2078/2

0.05

0.01

2124

2125

0.06

0.01

2126

0.15

2127

2137

0.01

0.05

2138

0.02

2140

0.06

2141

0.01

2142

0.07

2146

0.02

2151

0.02

2163

0.03

2164

0.06

2165/1 1869

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

भाग 1 ]

(2)

(1)

2165/2

0.01

2273

0.01

2275

0.08

2276

0.05

0.02

2277/1

2277/2

0.05

0.06

2278

2279

0.02

0.05

2281/मिन-1

0.05

2281/मिन-2

2285

0.13

0.07

4295

0.08

4303

0.04

4304

0.03

4305

0.05

4307

0.01

4323

4324/1

0.09

0.08

4324/2

0.08

4327/1

4327/2

0.08

4328

0.09

0.04

4353

0.15

4523

0.10

4534

4535

0.04

0.05

4536

0.02

4538

0.02

4540/1/1

0.09

4542

0.09

4543

0.05

4750

योग 4.21

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- महुअर मध्यम परियोजना के अन्तर्गत बांयी तट नहर की उपशाखा क्र. 11 आर की सबशाखा क्र. 1 एल तथा माईनर क्र. 13 आर सबशाखा क्र. 1 एल एवं 2 एल के निर्माण कार्य हेतु .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का विवरण भू-अर्जन अधिकारी तहसील करैरा कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. क्यू- भू-अर्जन- 888.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि संबंधी जानकारी अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-अशासकीय

(क) जिला- शिवपुरी

(ख ) तहसील- करैरा

(ग ) नगर/ग्राम- सिल्लारपुर

(घ ) भूमि का कुल क्षेत्रफल -1.21 हेक्टर.

सर्वे नम्बर

अर्जित रकबा (हे. में)

(2)

(1)

0.12

40

43

0.05

0.12

44

0.01

53

0.01

239

240

0.03

0.08

242

257

0.11

258

0.04

0.02

259/1

1673

0.01

1674

0.14

1676

0.02

0.18

1687

0.12

1691

1695

0.06

0.02

1696

0.07

1703

योग 1.21

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- महुअर मध्यम परियोजना के अन्तर्गत बांयी तट नहर की टेल माइनर एवं उपशाखा क्र. 16 की सबशाखा क्र. 1 आर एवं 1 आर के निर्माण कार्य हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का विवरण भू-अर्जन अधिकारी तहसील करैरा कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. क्यू- भू-अर्जन- 889.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि संबंधी जानकारी अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जून 2014

1870

अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन- अशासकीय

(क) जिला- शिवपुरी

(ख) तहसील-करैरा

(ग) नगर/ग्राम- बघरा साजौर

(घ) भूमि का कुल क्षेत्रफल-3.48 हेक्टर.

सर्वे नम्बर

अर्जित रकबा (हे. में)

(2)

(1)

0.15

31

0.26

65

0.03

67

0.05

110

0.23

111

0.20

112

0.02

124

0.30

207

0.02

473

0.15

476

0.10

477

0.14

482/मिन. 2

0.15

599

0.11

1048/1

0.10

1049

1053/1

0.01

0.09

1054

0.05

1055

0.03

1056/1

0.05

1070

0.09

1071

0.27

1077/1

0.04

1090

0.02

1091

0.02

1092

0.17

601

0.14

602/मिन. 2

0.11

603

0.24

604/मिन. 1

0.14

607

योग 3.48

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- महुअर मध्यम परियोजना बांयी तट नहर की उपशाखा क्र. 1 एवं 2 की सबशाखा क्र. 1 एवं 1 के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का विवरण भू-अर्जन अधिकारी तहसील करैरा कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. क्यू- भू-अर्जन-890.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित

[भाग 1 भूमि संबंधी जानकारी अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-अशासकीय

(क) जिला- शिवपुरी

(ख) तहसील- करैरा

(ग) नगर/ ग्राम- सलैया

(घ ) भूमि का कुल क्षेत्रफल-1.70 हेक्टर.

सर्वे नम्बर

अर्जित रकबा (हे. में)

(2)

(1)

0.10

829/मिन. 1

0.01

831

0.05

832

0.15

833

0.01

871

0.05

872/मिन . 1

0.05

872/मिन .2

0.02

873

0.06

1217

1218

0.05

0.03

1219

0.09

1220

0.08

1232

0.04

1233

0.04

1234

0.03

1244

0.06

1245/1

0.04

1246/2

0.09

1247/2

0.08

1248

0.08

1250

0.02

1256

0.10

1257

1258/1

0.03

0.02

1294

0.13

1296

0.19

1297

1.70

योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- महुअर मध्यम परियोजना की बांयी तट नहर की उपशाखा क्र. 8 एल के निर्माण कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का विवरण भू-अर्जन अधिकारी तहसील करैरा कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 13 June 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2014-06-13.24.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2014-06-13.24.Ordinary.