मध्यप्रदेश
शास
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 29]
भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 18 जुलाई 2014-आषाढ़ 27 , शक 1936
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, (6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, (7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट .
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.
भाग
(3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (ख ) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद्के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 24 जून 2014
क्र. ई. - 5-805 - आयएएस- लीव - 5 - एक ( 1 ) श्री विनोद सिंह बघेल, आयएएस. , सचिव, मध्यप्रदेश शासन , अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग को दिनांक 23 जून 2014 से 11 जुलाई 2014 तक उन्नीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 21 , 22 जून 2014 एवं 12 , 13 जुलाई 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री विनोद सिंह बघेल को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न सचिव , मध्यप्रदेश शासन, अनसूचित जनजाति कल्याण विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
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(3) अवकाशकाल में श्री विनोद सिंह बघेल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री विनोद सिंह बघेल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई. - 5-883 - आयएएस- लीव-5- एक-( 1 ) श्री अनय द्विवेदी, आयएएस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, टीकमगढ़ को दिनांक 16 जून से 11 जुलाई 2014 तक छब्बीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . ( दिनांक 25 जून से 7 जुलाई 2014 तक की अवधि एक्स इंडिया अवकाश के रूप स्वीकृत ) उक्त अवकाश के साथ दिनांक 14, 15 जून एवं 12, 13 जुलाई 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2014.
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[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री अनय द्विवेदी को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , टीकमगढ़ के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्री अनय द्विवेदी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अनय द्विवेदी, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई. - 5-915 - आयएएस लीव-5- एक. ( 1 ) सुश्री नेहा मारव्या, आयएएस . , अनुविभागीय अधिकारी , जबलपुर को दिनांक 17 फरवरी 2014 ( एक दिन ) का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .
(2) अवकाशकाल में सुश्री नेहा मारव्या को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री नेहा मारव्या अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अन्टोनी डिसा, मुख्य सचिव.
उद्यनिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 28 जून 2014 क्र. एफ 5-4-2012- अट्ठावन. राज्य शासन, मध्यप्रदेश फल पौध रोपणी ( विनियमन ) अधिनियम , 2010 की धारा 8 ( 1 ) ख के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए मध्यप्रदेश फलन पौध रोपणी ( विनियमन ) अधिनियम 2010 के परिचालन हेतु स्थपित मध्यप्रदेश फल पौध रोपणी ( विनियमन ) नियम, 2011 के संदर्भ में पंजीकृत शासकीय/ निजी रोपणियों से विक्रय किये जाने वाले निम्नांकित फल- पौधों की वर्ष 2014-15 के लिए अधिकतम दर कॉलम क्र. ( 3 ) दर्शाये अनुसार घोषित करता है:-
नाम फल-पौध
क्र.
(1)
(2)
वर्ष 2014-15 में दर प्रति फल-पौध (3)
40 1 आम कमली ( सभी किस्में)
10 2 आम बीजू
(1)
(2)
(3)
20 3 अमरूद गूटी
25 4 अमरूद बडेड
10 5 अमरूद बीजू
15 6 नीबू गूटी
12 7 नीबू बीजू
8 मौसम्बी बडेड
30
30 9 संतरा बडेड
12 10 कटहल बीजू
12 11 सीताफल बीजू
20 12 अनार गूटी
40 13 अनार टिशूकल्चर
10 14 जामून बीजू
10 15 फालसा बीजू
10 16 शहतूत ( रूटेट कटिंग )
25 17 आंवला बडेड
10 18 आंवला बीजू
40 19 चीकू ( ग्राफटिंग )
25 20 बेर बडेड
7 21 करौंदा बीजू
10 22 पपीता पौध बीजू ( सभी उन्नत किस्में)
20 23 पपीता संकर किस्में बीजू
10 24 केला कंद
20 25 केला टिशूकल्चर
40 26 लीची गूटी
15 27 आंगूर रूटेट कटिंग
20 28 नाशपाती बडेड
उपरोक्त दरें आगामी अधिसूचना जारी/प्रकाशित होने तक प्रभावशील रहेंगी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, टी. आर. काटवाले, अवर सचिव.
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 1 जुलाई 2014
क्र. एफ 10-28-2010-तेईस- योआसां.- राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम , 1995 की धारा 4 की उपधारा 3 (ग ) में प्रदत्त अधिकारों के तहत नीचे दी गई सारणी के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट अशासकीय सदस्यों को कॉलम ( 3 ) में विनिर्दिष्ट जिले की जिला योजना समिति में तत्काल प्रभाव से आगामी दो वर्ष की कालावधि के लिए नामनिर्दिष्ट किया भाग 1 ]
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
जाता है:-
क्र. अशासकीय सदस्यों के नाम
(2)
(1)
जिला योजना समिति (3) 1 श्रीमती रेखा बिसेन
2
बालाघाट बालाघाट श्री रामकिशोर कावरे
क्र. एफ 10-28-2010- तेईस- योआसां - राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम , 1995 की धारा 4 की उपधारा 3 ( ग ) में प्रदत्त अधिकारों के तहत नीचे दी गई सारणी के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट अशासकीय सदस्यों को कॉलम (3 ) में विनिर्दिष्ट जिले की जिला योजना समिति में तत्काल प्रभाव से आगामी दो वर्ष की कालावधि के लिए नाम निर्दिष्ट किया जाता है:-
क्र. अशासकीय सदस्यों के नाम
(2)
जिला योजना समिति (3) (1)
1
बैतूल श्री अनिल सिंह कुशवाह
श्री अल्केश आर्य
2
बैतूल मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. के. सिद्धार्थ, उपसचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 4 जुलाई 2014
फा. क्र. 17 ( ई ) 29-2014-1964- इक्कीस- ब ( एक) .- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का 49 ) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से , एतद्वारा , नीचे दी गई सारणी के कालम (2 ) में विनिर्दिष्ट अपर सेशन न्यायाधीश को उसके ( सारणी के ) कॉलम ( 3 ) में की तत्स्थानी प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट क्षेत्र के लिये मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा संचालित विभिन्न परीक्षाओं से संबंधित अपराधों तथा स्पेशल टास्क फोर्स, भोपाल द्वारा अन्वेषित मामलों का विचारण करने के लिए विशेष न्यायाधीश नियुक्त करता है : -
सारणी
न्यायाधीश का नाम
मुख्यालय का नाम अनुक्रमांक
(2)
(3) (1)
भोपाल 1. श्री राम कुमार चौबे , नवम अपर
सेशन न्यायाधीश, भोपाल.
F. No. 17 (E) 29-2014-1964 - XXI . - B- ( 1 ) . In exercise of the powers conferred by Section 3 of the prevention of Corruption Act, 1988 (No. 49 of 1988 ) , the State Government, with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh , hereby, appoints the Additional Sessions Judge specified in Column (2 ) of the Table below to be special Judge for area specified in the Corresponding entry in column (3 ) thereof to try the cases relating to the offences in various examinations conducted by Madhya Pradesh Professional Examination Board and investigated by Special Task Force , Bhopal : --
TABLE
Name of Judge (2)
S. No. (1)
Head Quarter (3)
Bhopal 1. Shri Ram Kumar Choubey , IXth Additional Sessions Judge , Bhopal .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सी. व्ही. सिरपुरकर, प्रमुख सचिव.
भोपाल , दिनांक 5 जुलाई 2014
फा. क्र. 1-1-2002- इक्कीस- ब- ( एक ) .- राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर से प्राप्त अर्द्ध शासकीय पत्र क्र. 727-गोप- 2014- दो-2-33-57 , दिनांक16 जून 2014 में की गई अनुशंसा को मान्य करते हुए, इस विभाग द्वारा जारी आदेश क्र. 1- 1-2002 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 20 मार्च 2014 के स. क्र. 1 के अनुसार कु. प्रतिभा रत्नपारखी, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, नीमच में की गयी नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त करता है.
फा. क्र. 1 बी- 15-2004- इक्कीस ब ( दो) दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्री कृष्ण कुमार थापक पुत्र स्व. श्री आर. के. थापक, जिला होशंगाबाद को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला होशंगाबाद सत्र खण्ड के जिला होशंगाबाद राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक, नियुक्त करता है . यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है .
फा. क्र. 1 बी-15-2004-इक्कीस ब ( दो) दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्री अजय प्रकाश पुत्र स्व. श्री प्रकाशनारायण श्रीवास्तव , जिला होशंगाबाद को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला होशंगाबाद सत्र खण्ड के जिला होशंगाबाद 2274
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , अति. शासकीय अभिभाषक/ अति. लोक अभियोजक, नियुक्त करता है. यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 बी-15-2004- इक्कीस- ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , सुश्री सफलता तिवारी पुत्री स्व. श्री गंगासागर वाजपेयी, जिला होशंगाबाद को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला होशंगाबाद सत्र खण्ड के जिला होशंगाबाद राजस्व जिले के लिये एतद्वारा, अति. शासकीय अभिभाषक/ अति.लोक अभियोजक, नियुक्त करता है . यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र कुमार वर्मा, सचिव.
भोपाल, दिनांक 27 जून 2014
फा. क्र. 17 ( ई ) 550-2008- इक्कीस- ब ( दो ) .- राज्य शासन , इस विभाग द्वारा जारी समसंख्यक आदेश दिनांक 7 फरवरी 2008 द्वारा जिला इंदौर के लिये नियुक्त नोटरी , श्री कृष्णराव गडनीस, नोटरी, इंदौर का दिनांक 6 फरवरी 2014 को स्वर्गवास होने के फलस्वरूप , उनका नाम शासन द्वारा संधारित नोटरी पंजी से विलोपित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. पी. खेर, उपसचिव.
आवास एवं पर्यावरण विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
सूचना
भोपाल , दिनांक 5 जुलाई 2014
क्र. एफ. 3-90--2013- बत्तीस. मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, ( संशोधित ) 1973 ( क्रमांक 1 सन् 2012 ) की धारा 23 " क " की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ- 3- 90-2013 - बत्तीस , दिनांक 19 फरवरी 2014 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रवर्तित पन्ना विकास योजना , 2011 में उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार हैं :-
क्र. (1) विकास योजना में निर्दिष्ट प्रावधान की कण्डिका (2)
1 4.84- सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक
सारणी-4- सा-4 सामुदायिक सेवा सुविधाओं के मापदण्ड 2. 4.9-असंगत भूमि उपयोग
सारणी-4-सा-5 सारणी-4- सा-5 के अनुक्रमांक 5 के कालम 5 में " टाउनहाल / नाटयगृह" के स्थान पर.
अनुसूची
उपरान्तरण पश्चात प्रावधान की कण्डिका (3)
4.84-सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक
सारणी- 4- सा-4 सामुदायिक सुविधाओं के मापदण्ड पन्ना नगर हेतु सामुदायिक सुविधाओं के मापदण्ड म. प्र . भूमि विकास नियम 2012 के नियम 49 ( 1 ) के अनुरूप मान्य होंगे.
4.9-असंगत भूमि उपयोग
सारणी-4- सा-5
सारणी- 4- सा-5 के अनुक्रमांक 5 के कालम 5 में " सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक " भाग 1 ]
(1)
(2)
3. सारणी 5 - सा-1:- मार्गों की अभिसंशित चौड़ाई क्षेत्रीय मार्ग
1. " छतरपुर- सतना राजमार्ग क्र. 6- प्रस्तावित चौड़ाई-40 मीटर" के स्थान पर.
" पन्नाः 5.1 प्रस्तावित परिभ्रमण संरचना मानचित्र में छतरपुर- सतना राजमार्ग की वर्तमान चौड़ाई -40 मीटर " के स्थान पर .
4. अध्याय-6 विकास नियमन
नगर के विकास के प्रस्तावित भूमि उपयोग की रूपरेखा अनुरूप व्यवस्थित करने हेतु विकास नियमन आवश्यक है. पन्ना नगर के वर्तमान एवं भावी स्वरूप को दृष्टिगत रखते हुये विकास योजना प्रस्तावों के अनुरूप विकास एवं नियंत्रण हेतु निम्न विकास नियमन प्रस्तावित किये गये है. अन्य मापदण्ड तथा नियमन जिनका उल्लेख इस विकास योजना में नहीं किया गया है वे मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 1984 एवं समय - समय पर शासन द्वारा इनमें किये गये संशोधन अनुरूप रहेंगे.
5. 6.3 परिभाषायें : -
टीप.-अन्य परिभाषायें म. प्र. भूमि विकास नियम 1984 में वर्णित है .
6. 6.5 नवीन आवासीय क्षेत्र हेतु विकास नियमन (6) निम्न श्रेणी आवास समूह के लिये विशेष तौर पर अभिन्यास, परिशिष्ट- एम ( नियम 94 ) म. प्र. भूमि विकास नियम 1984 के प्रावधानुसार तैयार किया जावेगा.
7. सारणी 6-सा-2 के नीचे की टीप
3. सारणी के अनुक्रमांक 9 से 14 में दर्शाये गये भू- खण्ड आकार को केवल प्रस्तावित आवासीय क्षेत्रों में बहुइकाई भू- खण्डीय विकास के रूप में मान्य किया जा सकता है. ऐसे भू- खण्डों पर स्वीकार्य आवासीय इकाइयों की गणना भूमि विकास नियम 1984 के नियम 82 द्वारा अधिशासित होंगे.
8. भूतल के नीचे बेसमेंट स्वीकार्य होगा, जो कि अधिकतम स्वीकार्य भूतल आच्छादान के समतुल्य होगा एवं इसकी गणना फर्शी क्षेत्र अनुपात में नहीं की जावेगी.
9. निर्धारित फर्शी क्षेत्र अनुपात के अतिरिक्त 250 वर्ग मीटर से अधिक एवं 500 वर्गमीटर तक के भू- खण्डों में अधिकतम एक कर्मचारी आवास तथा 500 वर्गमीटर से अधिक के भू-खण्डों में दो कर्मचारी आवास स्वीकृति योग्य होंगे .
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(3)
सारणी 5 - सा-1:-मार्गों की अभिसंशित चौड़ाई क्षेत्रीय मार्ग 1. " छतरपुर- सतना राजमार्ग क्र. 6- प्रस्तावित चौड़ाई -42 मीटर " के स्थान पर.
" पन्नाः 5.1 प्रस्तावित परिभ्रमण संरचना मानचित्र में छतरपुर- सतना राजमार्ग की प्रस्तावित चौड़ाई-42 मीटर " .
अध्याय -6 विकास नियमन
नगर के विकास के प्रस्तावित भूमि उपयोग की रूपरेखा अनुरूप व्यवस्थित करने हेतु विकास नियमन आवश्यक है. पन्ना नगर के वर्तमान एवं भावी स्वरूप को दृष्टिगत रखते हुये विकास योजना प्रस्तावों के अनुरूप विकास एवं नियंत्रण हेतु निम्न विकास नियमन प्रस्तावित किये गये है. अन्य मापदण्ड तथा नियमन जिनका उल्लेख इस विकास योजना में नहीं किया गया है वे मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 1-6-2012 में निहित प्रावधानों के अनुरूप लागू होंगे.
6.3 परिभाषायें : -
टीप.-अन्य परिभाषायें म. प्र. भूमि विकास नियम 2012 में वर्णित है .
6.5 नवीन आवासीय क्षेत्र हेतु विकास नियमन
(6 ) अल्प आय तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हेतु अभिन्यास म . प्र. भूमि विकास नियम 2012 के परिशिष्ट " त्र " ( नियम 99 ) के निहित प्रावधानों के अनुरूप मान्य होंगे.
सारणी 6 - सा-2 के नीचे की टीप
2. सारणी के अनुक्रमांक 9 से 14 में दर्शाये गये भू- खण्ड आकार को केवल प्रस्तावित आवासीय क्षेत्रों में बहुइकाई भू- खण्डीय विकास के रूप में मान्य किया जा सकता है . ऐसे भू- खण्डों पर स्वीकार्य आवासीय इकाइयों की गणना नेशनल बिल्डिंग कोड के प्रावधानों अनुसार प्रति व्यक्ति 12.5 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र की आवश्यकता के मान से की जावेगी.
8. भूतल के नीचे बेसमेंट म. प्र . भूमि विकास 2012 के नियम 76 तथा नियम 2( 30 ) के प्रावधानों के अनुरूप स्वीकार्य होगा.
9 . आवासीय प्रयोजन के भू- खण्ड पर निर्धारित एफ. ए. आर के अतिरिक्त कर्मचारी आवास निर्माण म. प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 61 की सारणी के टिप्पण ( 3 ) अनुरूप मान्य होगा.
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[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(2)
(3)
(1)
12. भू- खण्डों पर एक कार प्रति 100 वर्गमीटर निर्मित फर्शी क्षेत्र की दर से, पार्किंग व्यवस्था करनी होगी.
12. 288 वर्गमीटर से अधिक के भू- खण्डों में स्वीकार्य निर्मित फर्शी क्षेत्र के प्रति 240 वर्गमीटर पर एक कार पार्किंग स्थल प्रावधित होना चाहिये.
8. सारणी-6-सा-3 के नीचे की टीप क्र. 2
वाणिज्यिक मार्गों पर अधिकतम फर्शी क्षेत्र अनुपात 2.0 तथा वाणिज्यिक- सह- आवासीय मार्गों पर 1.75 होगा. अन्य मापदण्ड भूमि विकास नियम 1984 के अनुरूप रहेंगे.
सारणी-6-सा-3 के नीचे की टीप क्र. 2 वाणिज्यिक मार्गों पर अधिकतम फर्शी क्षेत्र अनुपात 2.0 तथा वाणिज्यिक-सह- आवासीय मार्गों पर 1.75 होगा. अन्य मापदण्ड मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के अनुरूप रहेंगे.
9. 6.7 ईंधन भराव एवं भराव-सह- सेवा केन्द्र हेतु मानकः- पेट्रोल- सह - सेवा केन्द्रों के लिये निम्न नियमन अनुशंसित है :-
6.7 ईंधन भराव एवं भराव- सह- सेवा केन्द्र हेतु मानक : - ईंधन भराव एवं भराव- सह - सेवा केन्द्र म. प्र . भूमि विकास नियम 2012नियम 53 ( 3 ) ( चार) के अनुरूप मान्य होंगे .
1. मार्ग संगम से न्यूनतम दूरी
(अ) 30 मी. से कम राईट आफ वे वाले छोटे मार्गों हेतु-150 मीटर.
(ब) 30 मीटर अथवा इससे अधिक राइट ऑफ वे वाले मुख्य मार्गों हेतु -250 मीटर .
2. 30 मीटर कम राइट ऑफ वे मार्गों के मध्य से पेट्रोल पम्प के भवन की दूरी कम से कम 15 मीटर होना आवश्यक है. जबकि 30 मीटर या उससे अधिक राइट ऑफ वे वाले मार्गों को दशा में मार्ग का राइट आफ वे सुरक्षित रखा जावे.
3. न्यूनतम भू- खण्ड आकार-
(अ ) केवल ईंधन भराव केन्द्र 30× 17 मीटर
(ब ) ईंधन भराव- सह- सेवा केन्द्र न्यूनतम आकार 36 ×30 मीटर एवं अधिकतम 45× 33 मीटर.
(स) भू- खण्ड का अग्रभाग 30 मीटर से कम नहीं होना चाहिये.
(द) भू- खण्ड का लंबा भाग अग्र भाग नहीं होगा.
4. 18 मीटर से कम राइट ऑफ वे वाले मार्ग पर नये पेट्रोल पंप निषिद्ध होंगे .
5. राष्ट्रीय राजमार्ग /राजमार्ग पर चौराहे/तिराहे से दूरी -300 मीटर (न्यूनतम)
6.8 छविगृह हेतु मापदण्ड: -
10 6.8 छविगृह हेतु मापदण्ड: -
मार्ग की चौडाई - छविगृह का भू- खण्ड जिस मार्ग स्थित है, उसकी चौड़ाई 18 मीटर से कम नहीं होगी.
पन्ना नगर में छविगृह मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 नियम 53 (3 ) ( दो ) के प्रावधानों अनुरूप मान्य होंगे.
आवश्यक क्षेत्र 2.3 वर्ग मीटर प्रति कुर्सी की दर से आवश्यक क्षेत्र की गणना की जायेगी.
भू-खण्डका निर्मित क्षेत्र:- भू- खण्ड के आकार का अधिकतम आच्छादित क्षेत्र 33 प्रतिशत स्वीकार्य होगा.
भाग 1 ]
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(1)
(2)
खुलाक्षेत्र :- अग्र भाग
4.5/4.5 मीटर
आजू-बाजू 15 मीटर न्यूतमत
पार्श्व
4.5मीटर
विराम स्थल :-सीमांत खुला क्षेत्र के अतिरिक्त फर्शी क्षेत्र का 1.67 ई. सी. एस . प्रति 100 वर्ग मीटर अथवा ई. सी. एस. प्रति 150 कुर्सी के लिये, इनमें से जो भी कम हो.
11 6.9 प्रौद्योगिक विकास मानकः-
औद्योगिक क्षेत्र के अभिन्यास के मानक निम्नानुसार अनुशंसित है:-
1. भू- खण्ड का क्षेत्र अधिकतम 65 प्रतिशत 2. मार्गों, वाहन, विराम :-न्यूनतम 25 प्रतिशत एवं खुले क्षेत्र.
3. दुकानों एवं अन्य : - न्यूनतम 10 प्रतिशत सेवा- सुविधायें हेतु.
औद्योगिक विकास हेतु म. प्र. भूमि विकास नियम 1984 के नियम 48 ( 1 ) ( 2) के अनुसार भी आवश्यकता पड़ने पर सक्षम अधिकारी द्वारा निर्णय लिया जा सकेगा.
"पन्ना: औद्योगिक क्षेत्र हेतु विकास नियमन सारणी 6 सा 4" के समस्त प्रावधान
12 6.10 सामाजिक अधोसंरचना
" सामुदायिक सेवा सुविधा के मापदण्ड सारणी 6 सा -6 " के समस्त प्रावधान.
13 6.15 उपयोग परिक्षेत्र में स्वीकृत उपयोग ( ब ) पी. एस. 1 प्रशासनिक : -
पुलिस मुख्यालय , पुलिस पोस्ट, पुलिस स्टेशन , जिला बटालियन कार्यालय , नागरिक सुरक्षा एवं नगर सैनिक, फोरेन्सिक विज्ञान प्रयोगशाला, जेल, अग्निशमन केन्द्र, आवासीय भू- खण्ड एवं समूह आवास, छात्रावास ( कर्मचारियों हेतु ) अतिथि गृह बैक, सुविधा, जनक दुकानें, मोटर गैरिज एवं कार्यशाला , उपहार गृह, खेल मैदान, आंतरिक खेल , स्टेडियम एवं हाल , शूटिंग रेंज, तरण, पुष्कर, आमोद- प्रमोद क्लब , चिकित्सालय, स्वास्थ्य केन्द्र, औषधालय स्वयंसेवी स्वास्थ्य सेवा नर्सरी किन्डर गार्डेन विद्यालय , एकीकृत आवासीय विद्यालय ग्रन्थालय , अग्निशमन केन्द्र, डाक एवं तारघर, मध्यम श्रेणी समाचार- पत्र प्रेस.
पी. एस. 2 सामाजिक एवं सांस्कृतिक: -
सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थान, अंतर्राष्ट्रीय परिचर्चा हाल , संग्रहालय , प्रदर्शनी केन्द्र, कलावीथिका, सभागृह , ओपन एयर
(3)
6.9 औद्योगिक क्षेत्रों के विकास मानकः -
औद्योगिक क्षेत्र के मानक म. प्र. भू- विकास नियम 2012 के नियम 48 के अनुरूप मान्य होंगे. औद्योगिक क्षेत्र में मार्गों की न्यूनतम चौड़ाई 15 मीटर मान्य होगी.
6.10 सामाजिक अधोसंरचना के मानक
सामाजिक अधोसंरचना के मानक म. प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 49 ( 1 ) के अनुरूप मान्य होंगे.
6.15 उपयोग परिक्षेत्र में स्वीकृत उपयोग ( ब ) पी. एस. 1 प्रशासनिक: -
पुलिस मुख्यालय , पुलिस पोस्ट, पुलिस स्टेशन , जिला बटालियन कार्यालय, नागरिक सुरक्षा एवं नगर सैनिक, फोरेन्सिक विज्ञान प्रयोगशाला, जेल , अग्निशमन केन्द्र, आवश्यक कर्मचारी आवास, छात्रावास ( छात्रों/ कर्मचारियों/प्रशिक्षणार्थियों हेतु ) अतिथि गृह बैंक, सुविधाजनक दुकानें, मोटर गैरिज एवं कार्यशाला, उपहार गृह, खेल मैदान, आंतरिक खेल स्टेडियम एवं हाल, शूटिंग रेंज, तरण, पुष्कर, आमोद - प्रमोद क्लब, पेट्रोल पंप , चिकित्सालय , स्वास्थ्य केन्द्र, औषधालय , स्वयंसेवी स्वास्थ्य सेवा, नर्सरी किन्डर गार्डन , विद्यालय, एकीकृत आवासीय विधायलय ग्रन्थालय, अग्निशमन केन्द्र, डाक एवं तारघर एवं मध्यम श्रेणी समाचार-- पत्र प्रेस.
पी. एस. 2 सामाजिक एवं सांस्कृतिक : -
सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थान, अंतर्राष्ट्रीय परिचर्चा हाल, संग्रहालय, प्रदर्शनी केन्द्र, पेट्रोल पंप, कलावीथिका, सभागृह, ओपन एयर थियेटर, 2278
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
(1)
(2)
थियेटर, सामुदायिक हाल, सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र आवासीय भूखण्ड समूह आवास ( कर्मचारियों हेतु ) छात्रावास (विद्यार्थियों हेतु ) इन्डोर हाल , मनोरंजन क्लब , वैधशाला, वाचनालय , अग्निशमन केन्द्र पुलिस पोस्ट एवं डाकतार घर.
पी. एस. 3 शिक्षा एवं अनुसंधान: -
विश्वविद्यालय एवं विशिष्ट शिक्षा केन्द्र महाविद्यालय, नर्सरी एवं किंडरगार्डन विद्यालय , एकीकृत आवासीय विद्यालय , क्रेच एवं डे केयर केन्द्र, अनुसंधान एवं विकास केन्द्र ग्रन्थालय, सामाजिक कल्याण केन्द्र, सभागृह ओपन एयर थियेटर, स्वास्थ्य केन्द्र, खेल मैदान , आंतरिक एवं बाह्य खेल स्टेडियम शूटिंग रेंज तरण पुष्कर, मनोरंजन क्लब जीव उद्यान, वैधशाला , वनस्पति उद्योग एवं मत्स्यालय , आवासीय भूखण्ड समूह आवास ( कर्मचारियों हेतु ) छात्रावास ( विद्यार्थियों हेतु ) अतिथिशाला, सुविधाजनक दुकानें , बैंक संग्रहालय अग्निशमन केन्द्र, पुलिस पोस्ट तथा डाकतार घर.
पी. एस. 4 स्वास्थ्य: -
चिकित्सालय , स्वास्थ्यकेन्द्र ( परिवार कल्याण केन्द्र के साथ ) नर्सिंग होम, औषधालय, क्लीनिक, उपचार प्रयोगशाला, स्वयंसेवी स्वास्थ्य सेवा, वाचनालय , महाविद्यालय , (चिकित्सालय या समकक्ष ) धार्मिक कार्यकलाप, आवासीय फ्लेट, एवं आवासीय भूखण्ड समूह आवास ( कर्मचारियों हेतु ) धर्मशाला, रात्रि विश्राम गृह , फुटकर एवं दुरस्ती दुकान (वाणिज्यिक केन्द्रों में केवल ) फोरेन्सिक सांइन्स प्रयोगशाला, पुलिस पोस्ट, अग्निशमन केन्द्र एवं डाक तारघर, बैंक, अल्पाहार गृह, इन्डौर गेम हाल, आमोद प्रमोद क्लब , तरण ताल.
14. 6.17 फार्म हाउस
विकास योजना में प्रस्तावित विकसित क्षेत्र एवं निवेश क्षेत्र सीमा के मध्य कृषि क्षेत्र में कृषक के निजी रहवास हेतु निर्मित क्षेत्र एवं कृषि फार्म संबंधी अन्य गतिविधियां आच्छादित क्षेत्र आदि फार्म हाउस के अन्तर्गत निम्नानुसार प्रस्तावित किया जाता है इसके मापदण्ड निम्नानुसार होंगे :-
1 . भूखण्ड का न्यूनतम आकार 4045 वर्ग मीटर होगा.
2. अधिकतम फर्शी क्षेत्र अनुपात 0.10 अनुज्ञेय होगा.
3. ढलुआ छत सहित संरचना ( निर्माण ) की अधिकतम ऊंचाई 6.5 मीटर होगी.
4. फार्म हाउस के भूखण्ड में न्यूनतम 200 जीवित वृक्ष प्रति 4045 वर्गमीटर, प्राधिकारी को भवन निर्माण अनुज्ञा हेतु आवेदन करने के पूर्व आवेदक द्वारा वृक्षारोपण कराना होगा जिसका विकास एवं संरक्षण का दायित्व आवेदक को होगा.
5. फार्म हाउस केवल उसी भूमि पर अनुज्ञेय होगा जिसके लिये सार्वजनिक मार्ग ( सड़क ) द्वारा पहुंच उपलब्ध हो अथवा या क्षेत्र का अभिन्नयास संचालक द्वारा अनुमोदित हो.
6. फार्म हाउस में सभी ओर से न्यूनतम 10 मीटर खुला क्षेत्र होगा.
(3)
सामुदायिक हाल , सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र आवश्यक आवास ( कर्मचारियों हेतु ) छात्रावास ( विद्यार्थियों / कर्मचारियों/प्रशिक्षणार्थियों हेतु ) इन्डोर हाल , मनोरंजन क्लब , वैधशाला, वाचनालय , अग्निशमन केन्द्र पुलिस पोस्ट एवं डाकतार घर.
पी. एस. 3 शिक्षा एवं अनुसंधान:-
विश्वविद्यालय एवं विशिष्ट शिक्षा केन्द्र महाविद्यालय , नर्सरी एवं किंडरगार्डन विद्यालय , एकीकृत आवासीय विद्यालय , पेट्रोल पंप , क्रेच एवं डे केयर केन्द्र, अनुसंधान एवं विकास केन्द्र ग्रन्थालय , सामाजिक कल्याण केन्द्र, सभागृह ओपन एयर थियेटर , स्वास्थ्य केन्द्र, खेल मैदान, आंतरिक एवं बाह्य खेल स्टेडियम शूटिंग रेंज तरण पुष्कर, मनोरंजन क्लब जीव उद्यान , वैधशाला, वनस्पति उद्यान एवं मत्स्यालय , आवश्यक कर्मचारी आवास, छात्रावास ( विद्यार्थियों /कर्मचारियों /प्रशिक्षणार्थियों हेतु ) अतिथिशाला, सुविधाजनक दुकानें, बैंक संग्रहालय अग्निशमन केन्द्र, पुलिस पोस्ट तथा डाकतार घर.
पी. एस. 4 स्वास्थ्य:-
चिकित्सालय, स्वास्थ्य केन्द्र ( परिवार कल्याण केन्द्र के साथ ) नर्सिंग होम, औषधालय , क्लीनिक, उपचार प्रयोगशाला, स्वयंसेवी स्वास्थ्य सेवा, वाचनालय, महाविद्यालय , ( चिकित्सालय या समकक्ष, छात्रावास सहित ) धार्मिक कार्यकलाप , पेट्रोल पम्प, आवासीय फ्लेट, कर्मचारी आवास, धर्मशाला, रात्रि विश्राम गृह, फुटकर एवं दुरस्ती दुकानों ( वाणिज्यिक केन्द्रों में केवल ) फोरेन्सिक सांइन्स प्रयोगशाला, पुलिस पोस्ट, अग्निशमन केन्द्र एवं डाक तारघर , बैंक , अल्पाहार गृह , इन्डौर गेम हाल, आमोद प्रमोद क्लब, तरण ताल.
6.17 फार्म हाउस
फार्म हाउस के मापदण्ड मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 17 के प्रावधान अनुरूप मान्य होंगे.
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(2)
(1)
अन्य शर्तें निम्नानुसार हैः-
अ. आवासीय/आच्छादित भवन का अग्र भाग फार्म हाउस बाड से कम से कम सेटवेंट 15 मीटर रहेगा.
ब. यदि फार्म हाउस पक्की सड़क पर स्थित हो तो ऐसी दशा में वाड से 22 मीटर का सेटबैट रखा जावेगा तथा ग्रामीण सड़क पर यदि फार्म हाउस हो तो ऐसी दशा में ऐसे मार्ग के मध्य से 30 मीटर जगह खुली रखी जावे.
स. फार्म हाउस यदि राष्ट्रीय मार्ग पर स्थित हो तो राष्ट्रीय मार्ग की सीमांत रेखा से 90 मीटर तक कोई निर्माण नहीं होगा.
द. जिन क्षेत्रों की ढलान जलाशय , नदी, पेयजल स्त्रोत, जल संग्रह एवं जल वितरण केन्द्र की ओर हो, वहां उक्त से 5 किलो मीटर तक फार्म हाउस प्रतिबंधित रहेंगे . यही शर्त प्राकृतिक ढलानों पर स्थित भूमि के लिये भी लागू मानी जावेगी.
इ. फार्म हाउस के लिए पहुंच मार्ग कम से कम 13 मीटर का होगा किन्तु जहां एक ही पहुंच मार्ग, एक से अधिक फार्म हाउस के लिये उपयोग में हो तो पहुंच मार्ग की चौड़ाई कम से कम 18 मीटर होगी पहुंच मार्ग का निर्माण संयुक्त प्रशासीय हो सकता है .
ई. फार्म हाउस में भवन/आच्छादित क्षेत्र/मार्ग आदि की संरचना तथा आवश्यकतानुसार समन्वित योजना नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा तैयार/अनुमोदित की जावेगी.
फ. किसी भी कृषि भूमि का भू- स्वामी उक्त मानदंडों के अनुरूप फार्म हाउस के रूप में विकसित करने के पूर्व नगर तथा ग्राम निवेश से अनुज्ञा प्राप्त करेगा.
15. 6.20 विकास/निवेश अनुज्ञा प्राप्ति की प्रक्रिया 12. म. प्र. भूमि विकास नियम, 1984 के प्रावधानों के अनुरूप विकास/निवेश अनुज्ञा शुल्क जमा करना होगा . अनुज्ञा आवेदन के साथ निर्धारित शीर्ष में जमा शुल्क का चालान सलंग्नित होना चाहिये .
14. म. प्र. भूमि विकास नियम, 1984 की धारा 49 ( 3 ) में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत प्रश्नाधीन भूमि का विकास योजना में प्रावधान प्राप्त कर विकास अनुज्ञा आवेदन के साथ संलग्न करें.
टीप-2 भूमि विकास/निवेश अनुज्ञा संबंदी म. प्र. भूमि विकास नियम, 1984 के प्रावधानों को भी ध्यान में रखना चाहिए.
16. 6.21 विकास योजना के प्रस्तावों की प्राप्ति हेतु प्रक्रिया ( प्रस्तावित भू- उपयोग )
म. प्र. भूमि विकास नियम की धारा 49 ( 3 ) के प्रावधानों के अनुरूप विकास योजना प्रस्ताव प्राप्ति हेतु निम्न की आवश्यकता होगी :-
2. उपरोक्त उपांतरण पन्ना विकासयोजना 2011 का एकीकृत भाग होगा .
2279
(3)
6.20 विकास/निवेश अनुज्ञा प्राप्ति की प्रक्रिया
12. म. प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के प्रावधानों के अनुरूप विकास/ अनुज्ञा शुल्क जमा करना होगा. अनुज्ञा आवेदन के साथ निर्धारित शीर्ष में जमा शुल्क का चालान सलंग्नित होना चाहिये.
14. म. प्र. भूमि विकास नियम , 2012 की धारा 49 (4 ) में प्रावधानों के अन्तर्गत प्रश्नाधीन भूमि का विकास योजना में प्रावधान प्राप्त कर विकास अनुज्ञा आवेदन के साथ संलग्नित करें.
टीप-2 भूमि का विकास/निवेश अनुज्ञा संबंधी म. प्र . भूमि विकास नियम, 2012 के प्रावधानों के अनुरूप मान्य होगी.
6.21 विकास योजना के प्रस्तावों की प्राप्ति हेतु प्रक्रिया (प्रस्तावित भू- उपयोग )
म. प्र . भूमि विकास नियम 2012 के नियम 49 ( 4 ) के प्रावधानों के अनुरूप विकास योजना प्रस्ताव प्राप्ति हेतु निम्न की आवश्यकता होगी :-
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वर्षा नावलेकर, उपसचिव.
2280
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
विभाग प्रमुखों के आदेश
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन" 58 , अरेरा हिल्स, भोपाल , मध्यप्रदेश 462 011
आदेश
भोपाल, दिनांक 4 जुलाई 2014
क्र. एफ. 67-271-10- तीन नपा-253.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह फरवरी 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् बड़ौनी, जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री कैलाशी राजेन्द्र खटीक , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 22 मार्च 2010 तक, सुश्री कैलाशी राजेन्द्र खटीक को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, दतिया के पास दाखिल करना था , किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया के पत्र दिनांक 27 जुलाई 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री कैलाशी राजेन्द्र खटीक द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री कैलाशी राजेन्द्र खटीक को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओं नोटिस में सुश्री कैलाशी राजेन्द्र खटीक से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओं नोटिस से प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी सुश्री कैलाशी राजेन्द्र खटीक को कारण बताओं नोटिस दिनांक 23 अक्टूबर 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 7 नवम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 17 अगस्त 2011 में प्रतिवेदित किया है कि-" आज दिनांक तक अभ्यर्थी सुश्री कैलाशी राजेन्द्र खटीक द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही स्वयं उपस्थित होकर व्यय लेखा प्रस्तुत किया है. "
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री कैलाशी राजेन्द्र खटीक को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री कैलाशी राजेन्द्र खटीक की जगह उनके पति श्री राजेन्द्र खटीक आयोग कार्यालय में उपस्थित हुए. अभ्यर्थी सुश्री कैलाशी राजेन्द्र खटीक के व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं होने के संबंध में उनके पति द्वारा समक्ष में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री कैलाशी राजेन्द्र खटीक द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री कैलाशी राजेन्द्र खटीक को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, बड़ौनी , जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार,
हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
भाग 1 ]
2281
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
आदेश
भोपाल, दिनांक 4 जुलाई 2014
क्र. एफ. 67-271-10-तीन नपा- 254.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह फरवरी 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् बड़ौनी, जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री रामदेवी मोहन प्रजापति अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन का परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 22 मार्च 2010 तक, सुश्री रामदेवी मोहन प्रजापति को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी, दतिया के पत्र दिनांक 27 जुलाई 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री रामदेवी मोहन प्रजापति द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री रामदेवी मोहन प्रजापति को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओं नोटिस में सुश्री रामदेवी मोहन प्रजापति से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओं नोटिस से प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी सुश्री रामदेवी मोहन प्रजापति को कारण बताओं नोटिस दिनांक 10 जनवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 25 जनवरी 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 28 अप्रैल 2014 में प्रतिवेदित किया है कि-" आज दिनांक तक अभ्यर्थी सुश्री रामदेवी मोहन प्रजापति द्वारा व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है . "
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री रामदेवी मोहन प्रजापति को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री रामदेवी मोहन प्रजापति की जगह उनके पति मोहन प्रजापति आयोग कार्यालय में उपस्थित हुए. अभ्यर्थी सुश्री रामदेवी मोहन प्रजापति के व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं होने के संबंध में उनके पति द्वारा समक्ष में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री रामदेवी मोहन प्रजापति द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री रामदेवी मोहन प्रजापति को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, बड़ौनी , जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार,
हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 4 जुलाई 2014
क्र. एफ. 67-271-10-तीन नपा- 255.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं 2282
या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह फरवरी 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् बड़ौनी, जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री लली अहिरवार अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 22 मार्च 2010 तक, सुश्री लली अहिरवार को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी, दतिया के पत्र दिनांक 27 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री लली अहिरवार द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री लली अहिरवार को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओं नोटिस में सुश्री लली अहिरवार से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओं नोटिस से प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी सुश्री लली अहिरवार को कारण बताओं नोटिस दिनांक 10 जनवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 25 जनवरी 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अदिकारी जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
28 अप्रैल 2014 में प्रतिवेदित किया है कि " आज दिनांक तक अभ्यर्थी सुश्री लली अहिरवार द्वारा व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है . "
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री लली अहिरवार को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री लली अहिरवार की जगह उनके पति मणीराम अहिरवार आयोग कार्यालय में उपस्थित हुए. अभ्यर्थी सुश्री लली अहिरवार को व्यक्तिगत सुनवाई उपस्थित नहीं होने के संबंध में उनके पति द्वारा समक्ष में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री लली अहिरवार द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री लली अहिरवार को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, बड़ौनी , जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल. आदेश भोपाल , दिनांक 4 जुलाई 2014
क्र. एफ. 67-271-10-तीन नपा-256.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
भाग 1 ]
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह फरवरी 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् बड़ौनी , जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री रेखा उर्फ आशा बामौरिया अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 22 मार्च 2010 तक, सुश्री रेखा उर्फ आशा बामौरिया को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया के पत्र दिनांक 27 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री रेखा उर्फ आशा बामौरिया द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री रेखा उर्फ आशा बामौरिया को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओं नोटिस में सुश्री रेखा उर्फ आशा बामौरिया से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओं नोटिस से प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी सुश्री रेखा उर्फ आशा बामौरिया को कारण बताओं नोटिस दिनांक 23 अक्टूबर 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 7 नवम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 17 अगस्त 2011 में प्रतिवेदित किया है कि-" आज दिनांक तक अभ्यर्थी सुश्री रेखा उर्फ आशा बामौरिया द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही स्वयं उपस्थित होकर व्यय लेखा प्रस्तुत किया है . "
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री रेखा उर्फ आशा बामौरिया को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री रेखा उर्फ आशा बामौरिया की जगह उनके पति श्री बामौरिया आयोग कार्यालय में उपस्थित हुए. अभ्यर्थी सुश्री रेखा उर्फ आशा बामौरिया को व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं होने
2283
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
के संबंध में उनके पति द्वारा समक्ष में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री रेखा उर्फ आशा बामौरिया द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री रेखा उर्फ आशा बामौरिया को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, बड़ौनी, जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 5 जुलाई 2014
क्र. एफ. 67-252-10- तीन नपा- 281.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मनगवां, जिला रीवा के आम निर्वाचन में श्री लालबहादुर सिंह अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थे . नगर परिषद् मनगवां जिला रीवा के निर्वाचन परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 16 एवं 17 जनवरी 2010 को, सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पत्र क्र. 664/स्था. निर्वा./2011 दिनांक 2 सितम्बर 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री लालबहादुर सिंह द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री लालबहादुर सिंह को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 14 सितम्बर 2011 को जारी किया गया. अभ्यर्थी से कारण बताओ नोटिस सूचना का जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में समस्त वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्री लालबहादुर सिंह को कारण बताओं नोटिस दिनांक 30 सितम्बर 2011 को तामील कराया गया. अतः श्री लालबहादुर सिंह को अपना जवाब/अभ्यावेदन दिनांक 15 अक्टूबर 2011 तक प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा श्री लालबहादुर सिंह को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रीवा से प्राप्त पत्र दिनांक 12 मार्च 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी श्री लालबहादुर सिंह ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री लालबहादुर सिंह को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया था. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए, जबकि अभ्यर्थी श्री लालबहादुर सिंह को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 22 अप्रैल 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 6 मई 2014 को कराई जा चुकी है.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं
[ भाग 1 पक्ष समर्थन में कोई भी पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री लालबहादुर सिंह को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, मनगवां , जिला रीवा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 7 जुलाई 2014
क्र. एफ. 67-242-10-तीन नपा-298.- मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा- 14- क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम, रीवा जिला रीवा के आम निर्वाचन में श्री राकेश सिंह महापौर पद की अभ्यर्थी थे . नगरपालिक रीवा जिला रीवा के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पत्र क्र. 664/स्था. निर्वा./2011 दिनांक 2 सितम्बर 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री राकेश सिंह द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री राकेश सिंह को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 15 सितम्बर 2011 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्री राकेश सिंह को कारण बताओं नोटिस दिनांक 21 दिसम्बर 2011 को तामील कराया गया. अतः श्री राकेश सिंह को दिनांक 5 जनवरी , 2012 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था , आयोग द्वारा श्री राकेश सिंह को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा से प्राप्त पत्र दिनांक 12 मार्च 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी श्री राकेश सिंह ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है .
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री राकेश सिंह को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया था. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ, जबकि अभ्यर्थी श्री राकेश सिंह को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 22 अप्रैल 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 23 मई 2014 को कराई जा चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री राकेश सिंह को इस
2285 प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पालिक निगम , रीवा जिला रीवा का पार्षद या महापौर होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल. आदेश भोपाल , दिनांक 7 जुलाई 2014
क्र. एफ. 67-242-10-तीन नपा- 299.- मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा- 14-क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम, रीवा जिला रीवा के आम निर्वाचन में श्री रामाधार विश्वकर्मा महापौर पद की अभ्यर्थी थे. नगरपालिक रीवा जिला रीवा के निर्वाचन परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 -ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पत्र क्र. 664/स्था. निर्वा./ 2011 दिनांक 2 सितम्बर 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री रामाधार विश्वकर्मा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
2286
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री रामाधार विश्वकर्मा को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 15 सितम्बर 2011 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्री रामाधार विश्वकर्मा को कारण बताओं नोटिस दिनांक 21 दिसम्बर 2011 को उनकी पत्नी को तामील कराया गया. अतः श्री रामाधार विश्वकर्मा को दिनांक 5 जनवरी, 2012 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, आयोग द्वारा श्री रामाधार विश्वकर्मा को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा से प्राप्त पत्र दिनांक 12 मार्च 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थीश्री रामाधार विश्वकर्मा ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री रामाधार विश्वकर्मा को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ, जबकि अभ्यर्थी श्री रामाधार विश्वकर्मा को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 22 अप्रैल 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 9 मई 2014 को कराई जा चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं . अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री रामाधार विश्वकर्मा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पालिक निगम, रीवा जिला रीवा का पार्षद या महापौर होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-
(जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 7 जुलाई 2014
क्र. एफ. 67-242-10- तीन नपा- 300.- मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा- 14- क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम, रीवा जिला रीवा के आम निर्वाचन में एडवोकेट सत्यदेव कुशवाहा, महापौर पद के अभ्यर्थी थे. नगरपालिक रीवा जिला रीवा के निर्वाचन परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ . मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14 -ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पत्र क्र. 664 /स्था. निर्वा./ 2011 दिनांक 2 सितम्बर 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार एडवोकेट सत्यदेव कुशवाहा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर एडवोकेट सत्यदेव कुशवाहा को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 15 सितम्बर 2011 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
भाग 1 ]
उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
एडवोकेट सत्यदेव कुशवाहा को कारण बताओं नोटिस दिनांक 22 दिसम्बर 2011 को तामील कराया गया. अतः एडवोकेट सत्यदेव कुशवाहा को दिनांक 6 जनवरी , 2012 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था , आयोग द्वारा एडवोकेट सत्यदेव कुशवाहा को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि (15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा से प्राप्त पत्र दिनांक 12 मार्च 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी एडवोकेट सत्यदेव कुशवाहा ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी एडवोकेट सत्यदेव कुशवाहा को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया था. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ, जबकि अभ्यर्थी एडवोकेट सत्यदेव कुशवाहा को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 22 अप्रैल 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 15 मई 2014 को कराई जा चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत एडवोकेट सत्यदेव कुशवाहा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पालिक निगम, रीवा जिला रीवा का पार्षद या महापौर होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-
(जी. पी. श्रीवास्तव )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 7 जुलाई 2014
क्र. एफ. 67-242-10-तीन नपा-301.- मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा- 14- क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो
2287 उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिक निगम , रीवा जिला रीवा के आम निर्वाचन में श्री हीरालाल विश्वकर्मा महापौर पद की अभ्यर्थी थे . नगरपालिक रीवा जिला रीवा के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पास दाखिल किया जाना था किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पत्र क्र. 664/स्था. निर्वा./2011 दिनांक 2 सितम्बर 2011 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री हीरालाल विश्वकर्मा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री हीरालाल विश्वकर्मा को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 15 सितम्बर 2011 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्री हीरालाल विश्वकर्मा को कारण बताओं नोटिस दिनांक 21 दिसम्बर 2011 को तामील कराया गया. अतः श्री हीरालाल विश्वकर्मा को दिनांक 5 जनवरी, 2012 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, आयोग द्वारा श्री हीरालाल विश्वकर्मा को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि 2288
(15 दिन) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा से प्राप्त पत्र दिनांक 12 मार्च 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी श्री हीरालाल विश्वकर्मा ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री हीरालाल विश्वकर्मा को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ , जबकि अभ्यर्थी श्री हीरालाल विश्वकर्मा को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 22 अप्रैल 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 9 मई 2014 को कराई जा चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 की धारा 14- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री हीरालाल विश्वकर्मा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पालिक निगम , रीवा जिला रीवा का पार्षद या महापौर होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-
(जी. पी. श्रीवास्तव )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 11 जुलाई 2014
क्र. एफ. 67-11-11- तीन नपा-355.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह नवम्बर 2011 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद, हरदा, जिला हरदा के आम निर्वाचन में श्रीमती कृष्णा पटेल, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगरपालिका के निर्वाचन परिणाम दिनांक 5 नवम्बर 2011 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 4 दिसम्बर 2011 तक, श्रीमती कृष्णा पटेल को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, हरदा के पास दाखिल करना था, किन्तु अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी, हरदा के पत्र दिनांक 27 दिसम्बर 2013 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती कृष्णा पटेल द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का अपूर्ण लेखा दाखिल किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का अपूर्ण लेखा प्रस्तुत करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती कृष्णा पटेल को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 17 जनवरी 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में श्रीमती कृष्णा पटेल से सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर उत्तर ( लिखित अभ्यावेदन ) चाहा गया था. सूचना- पत्र में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी श्रीमती कृष्णा पटेल को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 1 फरवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको (दिनांक 16 फरवरी 2014 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 17 फरवरी 2014 तक अपना जवाब प्रस्तुत करना था. आयोग के पत्र दिनांक 22 फरवरी 2014 के संदर्भ में संयुक्त, कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला हरदा से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 12 मार्च 2014 में प्रतिवेदित किया है कि- श्रीमती कृष्णा पटेल को दिनांक 1 फरवरी 2014 को कारण बताओ नोटिस की तामीली कराने के उपरान्त भी उन्होंने अपना जवाब आज दिनांक तक इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है .
भाग 1 ]
2289
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
आयोग द्वारा विचारोपरान्त दिनांक 13 मई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्रीमती कृष्णा पटेल कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. जबकि श्रीमती कृष्णा पटेल को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र की तामिली विहित समयावधि में दिनांक 6 मई 2014 को कराई जा चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्रीमती कृष्णा पटेल द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा पूर्ण कर, प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास अपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखे को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती कृष्णा पटेल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद्, हरदा , जिला हरदा का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , ( मण्डी निर्वाचन ) , जिला रायसेन, मध्यप्रदेश.
रायसेन, दिनांक 2 जुलाई 2014
क्र. 132- स्था. निर्वा. मण्डी निर्वा.-2013.-अपर संचालक (निर्वाचन ) , मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, भोपाल का पत्र क्रमांक मण्डी निर्वाचन बी-6-2012-01-92 , भोपाल, दिनांक 14 फरवरी 2013 के परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) के खण्ड ( घ ) में निहित शक्तियों का उपयोग करते हुये , मैं , जे. के. जैन, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( मण्डी) जिला रायसेन, कृषि उपज मण्डी समिति 11 रायसेन के लिये नाम निर्दिष्ट सदस्यों के नाम निम्नानुसार अधिसूचित करता हूँ : -
1. श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल, प्रतिनिधि-विधायक धारा -11 ( 1 ) घ निवासी ग्राम आमा, पोस्टमाखनी, ग्राम पंचायत कोटरा , तहसील व जिला-रायसेन.
जे. के. जैन, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( मण्डी निर्वा. ) मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड 26 , अरेरा हिल्स, जेल रोड, किसान भवन , भोपाल भोपाल, दिनांक 3 जुलाई 2014
क्र. मण्डी निर्वा.- बी-6-2-43-2-812.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम , 1972 ( क्र. 24 सन् 1973 ) की धारा 10 ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, चन्द्रहास दुबे, प्रबंध संचालक, मध्यप्रेदश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, भोपाल, एतद्वारा, कृषि उपज मण्डी समिति बाबई, जिला होशंगाबाद ( म. प्र. ) में तहसीलदार (राजस्व) , तहसील बाबई , जिला होशंगाबाद को मण्डी समिति के कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक अथवा आगामी आदेश तक के लिये भारसाधक अधिकारी नियुक्त करता हूँ.
यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा.
चन्द्रहास दुबे , प्रबंध संचालक.
कार्यालय, श्रम पदाधिकारी, जिला मण्डला, मध्यप्रदेश. मण्डला, दिनांक 18 जून 2014
क्र. बफा- श्रम- 2014-604.- मैं , चिरंजीत सिंह कुशवाह , श्रम पदाधिकारी , मण्डला, मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 ( क्रमांक 25 सन् 1948 ) की धारा 13 की उपधारा ( 3 - क) सहपठित श्रम विभागीय अधिसूचना क्र. 4515-3459-16- ए, दिनांक 9 सितम्बर 1983 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मण्डला जिले की निम्नलिखित नगरपालिका/ नगर पंचायत की सम्पूर्ण सीमा परिधि हेतु तालिका के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में उल्लेखित दिवस साप्ताहिक बंद दिवस घोषित करता हूँ : -
तालिका
क्र.
(1)
नगरपालिका/नगर पंचायत कानाम (2)
साप्ताहिक बंदन दिवस का दिन (3)
गुरुवार 1 नगरपालिका परिषद्-नैनपुर
शनिवार 2 नगर पंचायत- बम्हनी बंजर
3 नगर पंचायत- बिछिया
गुरुवार
शनिवार 4 नगर पंचायत-निवास
चिरंजीत सिंह कुशवाह, श्रम पदाधिकारी .
2290
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर Jabalpur , the 20th June 2014
No. 752- Confdl . - 2014- II - 3-1-2014 .-Madhya Pradesh State Judicial Academy, High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur is conducting First Refresher Course for Civil Judges , Class - II (Batch 2012) from 14th July 2014 to 18th July 2014 in the Academy, Civil Judges , whose names and postings figure in the endorsement are directed to attend the aforesaid course .
Conditions for the course :-
1. Barring exceptional circumstances , the participants nominated for the course shall not pray for adjustment .
2. The participants shall report by 9.30 a.m. on 14th July 2014 in the Lecture Room of Madhya Pradesh State Judicial Academy, High court of M.P. , Jabalpur.
3. They shall appear for the course in prescribed uniform ( i.e. Black coat , white shirt , grey trousers and black tie in the case of men and white saree and blouse with black coat in the case of ladies) during entire duration of the course .
4. The participants shall send one copy each of the following to the Academy sufficiently in advance , i.e. latest by 28th June , 2014 and shall also bring the duplicate copy of the same with them while attending the Refresher course :-
(i) Judgments in Civil and Criminal Cases (contested);
(ii) Issues ;
(iii) Charge ;
(iv) Questionnaire of Examination of accused .
5. The participants may send legal problems/ subjects which they want to be addressed during the course to the Academy by Fax (No. 0761- 2628679 ) sufficiently in advance .
6. The Participants shall bring with them Laptop Computers with peripherals and software CDs , if provided by the High Court .
[ भाग 1 7. T.A. & D.A. of the participants is reimbursable only as per Government Rules .
8. The Academy shall endeavor to make best possible arrangements for reception, lodging , boarding and entertainment of the participants in the Guest House of the Academy. To this end, two Reception Counters for participants shall be set up between 5.00 a.m. and 10.00 a.m. on first day of the course at Main Railway Station , Jabalpur . One such Counter shall be set up near main exit gate of Platform No. 1 and the other near main exit gate of Platform No. 4. Participants are requested to report to these counters on their arrival . The Academy shall make arrangement for their conveyance from the Railway Station to Academy The participants arriving a day earlier or at hours other than those mentioned above or by a different mode of conveyance , may inform the Academy to Shri Gyan Prakash Tekam , A.G. III on Telephone No. 0761-2628679 or to Shri Pramod Kushwaha , Care Taker on Mobile No. 09713717147 or to Shri Pramod Kumar Chaturvedi , A. G. II on Mobile No. 08878747939 at least a day in advance , so that proper arrangement for their reception may be made . It may however be noted that it may not be possible for the Academy to make arrangement for carriage of participants ' luggage to the parked vehicles .
9. The Guest House of the Academy is located on second and third floors of the MPSJA building . At present the lift is not functional . The participants are , with prior intimation to the Academy, free to stay at the accommodation of their choice . In such a case the participants shall be entitled to T.A. & D.A. as per rules . However, it would not be possible for the Academy to make arrangement for pick up from and drop back to such place .
10. The accommodation in the Guest House of the Academy shall be available to the participants only from 3.00 p. m. onwards on the preceding day of commencement of training and upto 10.00 a. m. on the succeeding day of the end of training.
11. The participants shall be provided with tea , breakfast , lunch and dinner during their period of stay for the course, free of charge .
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
Jabalpur , the 30th June 2014
No. 772- Confdl . - 2014 - II - 3-1-2014.-Madhya pradesh State Judicial Academy, High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur is conducting Second Refresher Course for Civil Judges , Class - II (Batch 2011 ) from 22nd July 2014 to 26th July 2014 in the Academy, Civil Judges , whose names and postings figure in the endorsement are directed to attend the aforesaid course .
Conditions for the course : -
1. Barring exceptional circumstances , the participants nominated for the course shall not pray for adjustment .
2. The participants shall report by 9.30 a.m. on 22nd July 2014 in the Lecture Room of Madhya Pradesh State Judicial Academy, High court of M.P. , Jabalpur.
3. They shall appear for the course in prescribed uniform ( i.e. Black coat , white shirt , grey trousers and black tie in the case of men and white saree and blouse with black coat in the case of ladies ) during entire duration of the course .
4. The participants shall send one copy each of the following to the Academy sufficiently in advance , i.e. latest by 5th July, 2014 and shall also bring the duplicate copy of the same with them while attending the Refresher course :-
(i ) Judgments in Civil and Criminal Cases (contested);
( ii) Issues ;
(iii ) Charge;
( iv) Questionnaire of Examination of accused .
5. The participants may send legal problems / subjects which they want to be addressed during the course to the Academy by Fax (No. 0761- 2628679) sufficiently in advance .
6. The Participants shall bring with them Laptop Computers with peripherals and software CDs , if provided by the High Court .
7. T.A. & D.A. of the participants is reimbursable only as per Government Rules .
8. The Academy shall endeavor to make best possible arrangements for reception , lodging ,
2291 boarding and entertainment of the participants in the Guest House of the Academy. To this end, two Reception Counters for participants shall be set up between 5.00 a.m. and 10.00 a.m. on first day of the course at Main Railway Station, Jabalpur. One such Counter shall be set up near main exit gate of Platform No. 1 and the other near main exit gate of Platform No. 4. Participants are requested to report to these counters on their arrival . The Academy shall make arrangement for their conveyance from the Railway Station to Academy.
The participants arriving a day earlier or at hours other than those mentioned above or by a different mode of conveyance , may inform the Academy to Shri Gyan Prakash Tekam , A.G. III on Telephone No. 0761-2628679 or to Shri Pramod Kushwaha , Care Taker on Mobile No. 09713717147 or to Shri Pramod Kumar Chaturvedi , A. G. II on Mobile No. 08878747939 at least a day in advance , so that proper arrangement for their reception may be made . It may however be noted that it may not be possible for the Academy to make arrangement for carriage of participants ' luggage to the parked vehicles .
9. The Guest House of the Academy is located on second and third floors of the MPSJA building . At present the lift is not functional . The participants are , with prior intimation to the Academy, free to stay at the accommodation of their choice . In such a case the participants shall be entitled to T.A. & D.A. as per rules . However, it would not be possible for the Academy to make arrangement for pick up from and drop back to such place .
10. The accommodation in the Guest House of the Academy shall be available to the participants only from 3.00 p . m . onwards on the preceding day of commencement of training and upto 10.00 a. m. on the succeeding day of the end of training.
11. The participants shall be provided with tea, breakfast , lunch and dinner during their period of stay for the course , free of charge .
By order of Hon'ble the Chief Justice , VED PRAKASH , Registrar General .
2292
जबलपुर, दिनांक 24 जून 2014
क्र. C- 2621-दो- 3-420-80 भाग- दस.- श्रीमती शर्मिष्ठा दवे, सेवानिवृत्त अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , इन्दौर को कुटुम्ब न्यायालय से दिनांक 7 जून 2009 को सेवानिवृत्त होने के फलस्वरूप दिनांक 1 जुलाई 2007 से दिनांक 7 जून 2009 तक 23 माह की अवधि के लिए पात्रतानुसार 24 दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- (ए) 19-03- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) एवं ज्ञापन क्रमांक 1445-630-898/ 21 - ब ( एक ) , दिनांक 5 मई 2007 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत प्रदान की जाती है .
क्र. C- 2624- दो- 3-420-80 भाग- दस.- श्री मुकेश सिंह, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , भोपाल को कुटुम्ब न्यायालय से दिनांक 3 मई 2013 को त्याग- पत्र देने के फलस्वरूप दिनांक 27 फरवरी 2012 से दिनांक 3 मई 2013 तक 14 माह की अवधि के लिए पात्रतानुसार 18 दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- ( ए) 19- 03- इक्कीस - ब ( एक) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) एवं ज्ञापन क्रमांक 1445-630-898/ 21 - ब( एक ) , दिनांक 5 मई 2007 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत प्रदान की जाती है.
क्र. C- 2626- दो- 2-109-2006 .- श्री पी. एस . पाटीदार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शाजापुर को दिनांक 2 से 13 जून 2014 तक बारह दिवस के ग्रीष्मकालीन अवकाश के साथ एल.टी.सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2013 से वर्ष 2015 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस (केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- ( ए) 19-03 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666/इक्कीस - ब ( एक ) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 18 मार्च 2014 के अनुसार प्रदान की जाती है.
क्र. C- 2628-दो- 2-14-2013 .- श्री वी. के दुबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बैतूल को दिनांक 2 से 13 जून 2014 तक बारह दिवस के ग्रीष्मकालीन अवकाश के साथ एल.टी.सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2011 से वर्ष 2015 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- ( ए) 19-03- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666/इक्कीस - ब ( एक ) 2011 , दिनांक 8 अगस्त
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
2011 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 30 अप्रैल 2014 के अनुसार प्रदान की जाती है.
क्र. C- 2630-दो- 2-43-2011.- श्री राजेन्द्र महाजन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मंदसौर को दिनांक 12 से 17 मई 2014 तक छः दिवस के अर्जित अवकाश के साथ एल.टी.सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2011 से वर्ष 2015 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- (ए) 19-03- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666/इक्कीस ब ( एक ) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 29 अप्रैल 2014 के अनुसार प्रदान की जाती है.
क्र. C- 2641- दो-3-420-80 भाग- दस. श्री मोहित व्यास, सेवानिवृत्त, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , इन्दौर को कुटुम्ब न्यायालय से दिनांक 23 सितम्बर 2008 को सेवानिवृत्त होने के फलस्वरूप दिनांक 1 अक्टूबर 2006 से दिनांक 23 सितम्बर 2008 तक 23 माह की अवधि के लिए पात्रतानुसार 29 दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- ( ए) 19-03 - इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) एवं ज्ञापन क्रमांक 1445-630-898/ 21 - ब ( एक ) , दिनांक 5 मई 2007 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत प्रदान की जाती है.
क्र. C- 2651-दो- 2-20-2006 .- श्री कमल सिंह ठाकुर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , ग्वालियर को दिनांक 30 मई से 7 जून 2014 तक नौ दिवस के ग्रीष्मकालीन अवकाश के साथ एल.टी.सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2011 से वर्ष 2015 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- ( ए) 19-03 - इक्कीस - ब( एक) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666/इक्कीस - ब ( एक ) , 2011 दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 2 मई 2014 के अनुसार प्रदान की जाती है.
क्र. C- 2653- दो- 2-59-2013 .- श्री एन. के. सत्संगी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर को दिनांक 15 से 16 अप्रैल 2014 तक दो दिवस के ऐच्छिक/आकस्मिक अवकाश के साथ एल.टी.सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2011 से वर्ष 2015 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक-3- ( ए) 19-03- भाग 1 ]
इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666/इक्कीस ब( एक ) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 2 अप्रैल 2014 के अनुसार प्रदान की जाती है.
क्र. C - 2655- दो- 2-56-2009.- श्री राजेन्द्र महाजन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मंदसौर को मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक- 3-( ए) 19-03- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2011 से 31 अक्टूबर 2013 तक 2 वर्ष की ब्लाक अवधि के लिये तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.
क्र. C- 2657- दो -2-55-2006.- श्री भरत पी. माहेश्वरी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , झाबुआ को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- ( ए) 19-03- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 1 मई 2012 से 30 अप्रैल 2014 तक 2 वर्ष की ब्लाक अवधि हेतु तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है .
क्र. C- 2659- दो-2-29-08.- श्रीमती जयश्री वर्मा, प्रधान न्यायाधीश ( सेवानिवृत्त ) कुटुंब न्यायालय उज्जैन को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- (ए ) 19-03 - इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 23 अक्टूबर 2012 से दिनांक 31 मई 2014 तक 19 माह की ब्लाक अवधि के लिए पात्रतानुसार 11 दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.
क्र. C- 2661- दो- 2-15-2013.- श्री विनोद भारद्वाज , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, भोपाल को दिनांक 19 से 31 मई 2014 तक तेरह दिवस के ग्रीष्मकालीन अवकाश के साथ एल.टी.सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2011 से वर्ष 2015 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- ( ए) 19- 03 - इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 -ड) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666 /इक्कीस - ब ( एक ) , 2011 दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 18 मार्च 2014 के अनुसार प्रदान की जाती है .
क्र. C - 2665- दो-2-39-2010. श्रीमती कनकलता सोनकर, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , शहडोल को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- (ए) 19-03 - इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
12( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2011 से दिनांक 31 अक्टूबर 2013 तक 2 वर्ष की ब्लाक अवधि हेतु तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है .
जबलपुर, दिनांक 1 जुलाई 2014
क्र. बी- 3300-दो-2-28-2014.- श्री व्ही. पी. एस. चौहान , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीधी को निम्नानुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है: -
( 1 ) दिनांक 15 से 18 मई 2014 तक चार दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 19 से 24 मई 2014 तक छः दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 14 मई के एवं पश्चात् में 25 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
(2) दिनांक 9 से 13 जून 2014 तक पांच दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 8 जून 2014 के एवं पश्चात् में 14 एवं 15 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री व्ही. पी. एस. चौहान, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीधी को सीधी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित/ग्रीष्मकालीन अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जो के तत्काल पूर्वमिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री व्ही . पी. एस. चौहान , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. B - 3302- दो-2-22-2012.- श्री ए. एस. तोमर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शिवपुरी को दिनांक 21 से 22 मई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री ए. एस. तोमर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शिवपुरी को शिवपुरी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
2294
प्रमाणित किया जाता है कि श्री ए. एस. तोमर उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र . D - 3726- दो -2-14-2014.- श्री अमरनाथ , प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , गुना को दिनांक 28 अप्रैल से 03 मई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 27 अप्रैल 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 4 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री अमरनाथ , प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , गुना को गुना पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अमरनाथ उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. D - 3728-दो- 2-37-2014.-श्री ओ. पी. सुनरया , प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, भिण्ड को दिनांक 3 से 5 अप्रैल 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री ओ. पी . सुनरया , प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, भिण्ड को भिण्ड पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री ओ. पी . सुनरया उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. D- 3729-दो- 2-49-2009.- श्री जगदीश बाहेती , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , भिण्ड को दिनांक 2 से 5 अप्रैल 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री जगदीश बाहेती जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भिण्ड को भिण्ड पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री जगदीश बाहेती उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
क्र. D- 3731- दो- 3-47-2003.- श्री शिव नारायण खरे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सिंगरौली को दिनांक 18 से 19 मार्च 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री शिव नारायण खरे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिंगरौली को सिंगरौली पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री शिव नारायण खरे उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. D- 3735-दो- 2-15-2008.- श्रीमती अंजुली पालो , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , डिण्डौरी को दिनांक 28 अप्रैल से 13 मई 2014 तक सोलह दिन के पूर्व स्वीकृत अर्जित अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 14 से 18 मई 2014 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्रीमती अंजुली पालो , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , डिण्डौरी को डिण्डौरी पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती अंजुली पालो उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
जबलपुर, दिनांक 2 जुलाई 2014
क्र. A- 2313-दो-2-25-2014.- श्री इकबाल अहमद, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, बैतूल को दिनांक 28 अप्रैल से 7 मई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री इकबाल अहमद, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , बैतूल को बैतूल पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री इकबाल अहमद उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते..
क्र. B- 3362-दो- 2-40-2009.-श्रीमती कुमुदबाला बरणा, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, होशंगाबाद को दिनांक 1 मई से 3 मई 2014 तक, दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
भाग 1 ]
अवकाश से लौटने पर श्रीमती कुमुदबाला बरणा, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , होशंगाबाद को होशंगाबाद पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कुमुदबाला बरणा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. B - 3364-दो- 2-53-2009.- श्री महेन्द्र पी.एस. अरोरा, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , इन्दौर को दिनांक 15 से 16 मई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री महेन्द्र पी.एस. अरोरा, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, इन्दौर को इन्दौर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री महेन्द्र पी.एस. अरोरा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. B - 3366-दो- 2-24-2014 .- श्री अरुण कुमार शर्मा , प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , छतरपुर को दिनांक 29 अप्रैल से 3 मई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथी ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 4 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री अरुण कुमार शर्मा , प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , छतरपुर को छतरपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अरुण कुमार शर्मा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. B- 3368-दो-2-50-2010.- श्री योगेश कुमार सोनगरिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, हरदा को दिनांक 28 मई से 1 जून, 2014
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
तक पांच दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 2 जून 2014 से दिनांक 13 जून 2014 तक बारह दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 14 एवं 15 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री योगेश कुमार सोनगरिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , हरदा को हरदा पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित/ग्रीष्मकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री योगेश कुमार सोनगरिया, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. B- 3370-दो- 2-44-2012 .- श्री अनिल कुमार श्रीवास्तव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सतना को दिनांक 21 से 22 अप्रैल 2014 तक दो दिन के अर्जित अवकाश एवं दिनांक 23 अप्रैल से 9 मई 2014 तक 17 दिन के कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 10 एवं 11 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री अनिल कुमार श्रीवास्तव , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सतना को सतना पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अनिल कुमार श्रीवास्तव , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. A - 2289-दो- 2-31-2014.- श्री अरविन्द कुमार श्रीवास्तव, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , धार को दिनांक 25 अप्रैल से 6 मई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री अरविन्द कुमार श्रीवास्तव , प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , धार को धार पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
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प्रमाणित किया जाता है कि श्री अरविन्द कुमार श्रीवास्तव , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. D-3737-दो- 2-15-2008.- श्रीमती अंजुली पालो , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , डिण्डौरी को दिनांक 15 से 19 अप्रैल 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 12, 13 एवं 14 अप्रैल 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 20 अप्रैल 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्रीमती अंजुली पालो , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , डिण्डौरी को डिण्डौरी पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती अंजुली पालो, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. D- 3739-दो- 2-35-2006 .- श्री आर . के. दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , राजगढ़ - ब्यावरा को दिनांक 15 से 18 मई 2014 तक चार दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 19 से 31 मई 2014 तक तेरह दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 14 मई 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 1 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. दुबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राजगढ़ - ब्यावरा को राजगढ़ - ब्यावरा पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित/ग्रीष्मकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. के. दुबे उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. D -3748-दो- 3-47-2003.- श्री शिव नारायण खरे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिंगरौली को दिनांक 19 से 21 अप्रैल 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
अवकाश से लौटने पर श्री शिव नारायण खरे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सिंगरौली को सिंगरौली पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री शिव नारायण खरे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. D- 3765-दो- 2-43-2011.- श्री राजेन्द्र महाजन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मन्दसौर को दिनांक 12 से 17 मई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवाकश के पूर्व में दिनांक 10 एवं 11 मई 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 18 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री राजेन्द्र महाजन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मंदसौर को मंदसौर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री राजेन्द्र महाजन, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. D - 3769-दो- 2-32-2014 .- श्री राकेश कुमार सिंह, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, सिवनी को दिनांक 2 से 5 अप्रैल 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है साथ ही अवाकश के पश्चात् में दिनांक 6 अप्रैल 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री राकेश कुमार सिंह, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , सिवनी को सिवनी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री राकेश कुमार सिंह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. D - 3785- दो- 2-32-2010. श्रीमती कनकलता सोनकर, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , शहडोल को दिनांक 18 से 27 भाग 1 ]
जून 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्रीमती कनकलता सोनकर, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , शहडोल को शहडोल पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कनकलता सोनकर, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. D - 3787-दो- 2-24-2008.- श्री अवधेश कुमार श्रीवास्तव, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , ग्वालियर को दिनांक 8 से 16 मई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री अवधेश कुमार श्रीवास्तव , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अवधेश कुमार श्रीवास्तव, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. D - 3789- दो -2-27-2011.- श्री जे. पी . माहेश्वरी , प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , भोपाल को दिनांक 21 से 22 अप्रैल 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री जे. पी. माहेश्वरी , जिला एवं प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री जे. पी . माहेश्वरी , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
2297
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
जबलपुर, दिनांक 3 जुलाई 2014
क्र. A- 2337- दो - 2-35-2006.- श्री आर. के. दुबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राजगढ़ - ब्यावरा को दिनांक 7 से 9 अप्रैल 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , राजगढ़ - ब्यावरा को राजगढ़ - ब्यावरा पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. के. दुबे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. B - 3385- दो-2-26-2012.- श्री हरिशंकर वैश्य, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शहडोल को दिनांक 9 से 19 अप्रैल 2014 तक के पूर्व स्वीकृत अर्जित अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 20 से 22 अप्रैल 2014 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री हरिशंकर वैश्य, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शहडोल को शहडोल पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री हरिशंकर वैश्य, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. D- 3804- दो- 2-37-2014.- श्री ओ. पी. सुनरया, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, भिण्ड को दिनांक 22 से 24 अप्रैल 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री ओ. पी. सुनरया, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , भिण्ड को भिण्ड पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री ओ. पी . सुनरया , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
2298
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
क्र. A- 2325- दो-2-41-2013 .- श्रीअशोक कुमार तिवारी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, धार को दिनांक 15 से 20 मई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 14 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री अशोक कुमार तिवारी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , धार को धार पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अशोक कुमार तिवारी , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. A- 2327-दो-2-5-2006.- श्रीमती जयश्री वर्मा, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , उज्जैन को दिनांक 13 मार्च 2014 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्रीमती जयश्री वर्मा , प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती जयश्री वर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
जबलपुर, दिनांक 4 जुलाई 2014
क्र. D - 3873- दो- 2-42-2014.- श्री आर. के. सोनी, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , विदिशा को दिनांक 2 से 13 जून 2014 तक बारह दिवस के ग्रीष्मकालीन अवकाश के साथ एल.टी.सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2010 से वर्ष 2013 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- ( ए) 19-03- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 -ड ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666/इक्कीस- ब ( एक ) , 2011 दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत उनके आवेदन- पत्र दिनांक 13 मई 2014 के अनुसार प्रदान की जाती है.
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,
व्ही. बी. सिंह, रजिस्ट्रार.
जबलपुर, दिनांक 17 जून 2014
क्र. B- 3194-तीन- 10-42-75-( डिंडोरी- शहपुरा ) .- मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट एक्ट, 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय एतद्वारा निर्देशित करता है कि श्री पुष्पराज सिंह उइके, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2, डिण्डौरी अपने घोषित कार्यस्थल डिण्डौरी के अतिरिक्त शहपुरा में भी प्रत्येक माह एक सप्ताह बैठक करेंगे .
No. B - 3194- III - 10-42-75- ( Dindori - Shahpura) .---In exercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Court Act , 1958 (Act No. 19 of 1958 ) the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that the Shri Pushpraj Singh Uike , IInd Civil Judge Class - II , Dindori in addition to his place of sitting declared at Dindori shall also sit at Shahpura for one week in each month .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, एस. एस. रघुवंशी, रजिस्ट्रार. ( डी.ई. ) जबलपुर, दिनांक 19 जून 2014
क्र. 746 - गोपनीय - 2014 - दो - 2-1-2014 ( भाग- बी ).- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लेखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लेखित न्यायालय के न्यायाधीश के पद पर, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है : -
सारणी
क्रमांक अधिकारी का नाम
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (3) (1)
(2)
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बुरहानपुर की हैसियत से रिक्त न्यायालय में 1 श्री रविन्दर सिंह, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बुरहानपुर.
जबलपुर , दिनांक 1 जुलाई 2014
क्र. 778 - गोपनीय- 2014- दो- 2-1-2014 ( भाग- ए).- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश कुमारी किरण गौहर, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अलीराजपुर को उनके कार्य के अतिरिक्त, भाग 1 ]
2299
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
अलीराजपुर जिले के प्रभारी जिला न्यायाधीश की हैसियत से पूर्णतः अस्थायी रूप से, कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.
दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 ( क्रमांक सन् 1994 ) की धारा 9 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, कुमारी किरण गौहर, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अलीराजपुर को अलीराजपुर सत्र न्यायालय में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से , सत्र न्यायाधीश नियुक्त करता है .
जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नियमित पदधारी की पदस्थापना होने पर कुमारी किरण गौहर, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अलीराजपुर की हैसियत से पदस्थ मानी जावेंगी.
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, वेद प्रकाश , रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 4 जुलाई 2014
क्र. D - 3880-दो-2-53-2011 .- श्री एच. बी. खेडकर, लेखा अधिकारी , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को दिनांक 19 मई से 7 जून 2014 तक, दोनों दिन सम्मिलित करके बीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री एच. बी. खेडकर, लेखा अधिकारी , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री एच. बी. खेडकर, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो लेखा अधिकारी के पद पर कार्यरत रहते .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, व्ही. बी. सिंह , रजिस्ट्रार.
Jabalpur , the 19th June 2014
No. B - 3251 - III - 6-4-57 - IX . In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure , 1973 (Act No. 2 of 1974) and in supersession of its Notification No. D- 1745 - III - 6-3-57 - IX, Jabalpur , dated 9th April 2013 , the High Court of Madhya Pradesh hereby appoints the Judicial Magistrate First Class shown in Column No. 2 of the table below to be the Presiding Officer of the Court of Special Magistrate established by the Government of Madhya Pradesh for the trial of offences of Railway Property- ( Unlawful Possession ) Act , 1966 (No. 29 of 1966) and under Section 137 to 147 , 150 to 157 , 159 to 168, 172 to 176 of the Indian Railways Act , 1989 (Act No. 24 of 1989 ) and for all other penal provisions of this Act in which Judicial Magistrate First Class can take cognizance , arising within the Railway Lands running through the territories of Revenue District shown in Column No. 4 of the said table with effect from the date of his assumption of charge of his office namely :-
TABLE
Local Area (4)
Head Quarter
(3)
Name of Magistrate (2)
S.No. (1)
1
Shri Manish Kumar , Anuragi , JMFC & Ist CJ - II , Ratlam .
Ratlam
Ratlam/ Guna /Ashoknagar /Mandsaur/ Neemuch/ Jhabua/ Alirazpur /Ujjain/Sagar/ Bhopal /Indore /Dewas /Sehore /Shajapur/ E.N. Khandwa/Burhanpur /Khargone .
By Order of the High Court . S. S. RAGHUVANSHI , Registrar (D.E.) .
2300
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
जबलपुर, दिनांक 16 जून 2014
क्र. 734-Confdl . - 2014- दो-2-21-63 ( Part- VI ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये, उच्च न्यायालय , निम्नलिखित जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( चयन ग्रेड ) को उनके नामों के समक्ष स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये गये दिनांक से, स्तम्भ क्रमांक ( 4 ) में दर्शित रिक्त पदों पर सुपर समय वेतनमान (Super Time Scale) रुपये 70290-1540-76450/- में नियुक्त करता है :-
सारणी
क्र.
नाम तथा पदनाम
रिक्त पद के संदर्भ में टिप्पणी
सुपर समय वेतनमान
में नियुक्ति का दिनांक
(3)
(2)
(1)
25-6-2013
1 श्री आनंद मोहन खरे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बुरहानपुर
1-9-2013
2 श्री दिनेश कुमार नायक, सदस्य सचिव , मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर.
1-9-2013
3 श्री ब्रज किशोर श्रीवास्तव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , दमोह.
24-9-2013
4 श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ( जूनियर ) , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रीवा.
1-10-2013
5 श्री अरविंद मोहन सक्सेना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीहोर.
18-10-2013
6 श्री विनोद कुमार दुबे ( सीनियर ) , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बैतूल.
21-10-2013
7 श्री जगतपति राव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मण्डला.
1-11-2013
8 श्री प्रदीप कुमार वर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अनूपपुर.
1-1-2014
9 श्री श्रवण कुमार रघुवंशी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मण्डलेश्वर.
15-4-2014
10 श्री मोहम्मद फहीम अनवर , प्रभारी रजिस्ट्रार एवं अपर कल्याण आयुक्त भोपाल गैस त्रासदी, भोपाल.
15-4-2014
पी राजेन्द्र कुमार सिंह गौतम, एवं सत्र न्यायाधीश , नरसिंहपुर.
28-5-2014
र्मा ( जूनियर ) , `ण , रतलाम .
(4)
रिक्त पद पर
रिक्त पद पर
श्री दिनेश कुमार नायक, सुपर समय वेतनमान धारक के प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त होने से रिक्त हुए पद पर.
रिक्त पद पर
रिक्त पद पर
रिक्त पद पर
रिक्त पद पर
रिक्त पद पर
रिक्त पद पर
रिक्त पद पर
श्री मोहम्मद फहीम अनवर, सुपर समय वेतनमान धारक के प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त होने से रिक्त हुए पद पर .
रिक्त पद पर
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, वेद प्रकाश, रजिस्ट्रार जनरल.
2301 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला शिवपुरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
शिवपुरी, दिनांक 31 दिसम्बर 2013
क्र. भू-अर्जन- 2013-13-1925.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है , अथवा आवश्यर्कता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1984 ) की धारा 4 की उपधारा ( 6 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इस अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के सम्बन्ध में, उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण जिला
नगर या ग्राम
प्रस्तावित क्षेत्रफल
तहसील
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
खसरा
नंबर
अर्जित क्षेत्रफल
(हेक्टर में)
(5)
(7) (2)
(4)
करैरा
0.020
(3) टीला
115
(1) शिवपुरी
116
0.160
(6) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , शिवपुरी.
टीला तालाब की स्पिल चैनल एवं नहर निर्माण हेतु.
117
0.020
182/1
0.100
182/2
0.030
0.070
183
213
0.050
251
0.130
0.140
252/1
255/1
0.180
257/1
0.020
257/2
0.160
259/2
0.310
260/6
0.170
261
0.100
0.130
270/1
270/2
0.040
271
0.110
272/3
0.140
273
0.140
307
0.120
308
0.130
310
0.110
427
0.030
470/2
0.060
0.160
472
0.040
474
0.060
475
550
0.080 2302
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(6)
(7) (2)
(3)
(4)
(5)
(1)
558
0.010
0.010
559
0.060
560
562
0.010
563
0.030
0.020
564
572/1
0.030
572/2
0.020
575
0.090
576
0.050
0.010
586
587
0.060
588
0.090
589
0.010
0.060
590
0.230
594
595
0.150
0.050
619
0.050
621
622
0.060
0.060
623
627/1
0.140
0.060
630
0.030
631
0.150
632
0.150
656/5
659
0.150
0.080
660
0.300
661
665/1
0.080
0.040
665/2
666
0.070
0.090
667
0.200
668
0.270
670/1
0.480
670/2/1
0.270
670/2/2
673
0.090
0.350
675
0.550
676
697
0.080
0.120
698
0.120
699
700
0.020
0.320
835
0.320
836/1 2303 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(6)
(7) (1)
(4)
(5)
(2)
(3)
840
0.340
0.050
859/1
0.130
860
861
0.170
0.090
907
0.120
908
0.200
909/1
0.050
909/2
0.010
910
0.500
914
0.040
915
922
0.020
0.050
981
0.120
996/1
0.330
1042
1081
0.010
0.130
1083
1084
0.050
0.020
1090
0.200
1091
1092
0.030
1093
0.060
0.070
1094
1107
0.040
0.040
1116
0.230
1119
1140
0.030
0.090
1141
0.030
1243
1244
0.050
1245
0.050
1249
0.030
0.090
1250
1251
0.210
0.220
1252
0.090
1254
1256
0.150
0.040
1257
0.020
1277
1557
0.230
0.260
1558
0.030
1823
0.040
1824
1825
0.040
0.020
1826
0.050
1827
0.050
1828 [भाग 1 2304
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(6)
(2)
(4)
(5)
(7) (1)
(3)
1837
0.020
1838/1/2
0.060
0.060
1838/2
1839/1
0.070
1842
0.070
0.060
1850
0.070
1851
0.050
1852
0.170
1853
1855/1
0.010
1855/2
0.030
1880
0.010
0.030
2048
0.050
2050
0.010
2069
0.010
2070
2071
0.020
2072
0.020
0.020
2073
2074
0.010
2075
0.020
0.010
2076
2077
0.010
0.020
2078
0.040
2079
2081
0.160
2633
0.080
2634
0.080
0.100
2643
0.100
2658
2662
0.020
2663
0.080
2664
0.130
2667
0.110
0.140
2697
0.030
2714
2715
0.030
2716
0.040
0.050
2719
0.100
2720
2721
0.080
0.080
2727
0.120
2729
2730
0.130
0.040
2731
0.900
2732 2305 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(6)
(7)
(5)
(1)
(2)
(3)
(4)
0.150
2734
2737
0.220
2741
0.040
0.040
2743
2763/1
0.090
0.030
2764
2773
0.110
2790
0.040
2793
0.100
0.030
2809
0.060
2810/2
0.030
2818
0.080
2820
0.080
2821
0.060
2822
2823
0.060
2824
0.020
0.060
2825
3081
0.110
3082
0.190
0.200
3091
0.070
3092
3100
0.140
0.270
3102
0.040
3103
3109
0.120
0.380
3110/1
3110/2/1
0.210
0.200
3110/2/2
3140
0.140
0.090
3141
0.220
3142
3148
0.110
0.070
3149
0.200
3150
0.220
3151
3152
0.410
0.130
3153
3164
0.050
3169
0.340
0.320
3175/2
3176
0.210
कुल योग 22.910
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , करैरा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2306
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
कार्यालय, कलेक्टर, जिला आगर मालवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग
आगर मालवा, दिनांक 10 जून 2014
क्र. 90 - भू- अर्जन -2014.-- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा ( 12 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि कछाल तालाब मध्यम परियोजना के बांध निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है. अब केवल छूटे हुऐ एवं आंशिक रकबे का ही अर्जन किया जा रहा है . इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन की आवश्यकता नहीं है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(3)
(2)
(1)
सिंगलिया
(4) 0.092 बड़ौद
आगर मालवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग शाजापुर ( म. प्र. ) .
कछाल मध्यम तालाब परियोजना की बांई नहर निर्माण में प्रभावित होने से.
) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कालम 5 में दर्शित अधिकारी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(3
क्र. 91 - भू- अर्जन-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा ( 12 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि कछाल तालाब मध्यम परियोजना के बांध निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है. अब केवल छूटे हुऐ एवं आंशिक रकबे का ही अर्जन किया जा रहा है . इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन की आवश्यकता नहीं है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(4) 0.55 (1) आगर मालवा बड़ौद
(3) सांगाखेड़ी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग शाजापुर (म. प्र. ).
कछाल मध्यम तालाब परियोजना की बांध निर्माण से डूब में प्रभावित होने से.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कालम 5 में दर्शित अधिकारी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 92- भू- अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना 2307
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
भाग 1 ]
है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा ( 12 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि कछाल तालाब मध्यम परियोजना के बांध निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है. अब केवल छूटे हुऐ एवं आंशिक रकबे का ही अर्जन किया जा रहा है . इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन की आवश्यकता नहीं है और इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4) 0.020
(3) आसंध्या
(2) बड़ौद
(1) आगर मालवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग शाजापुर ( म. प्र. ) .
(6) कछाल मध्यम तालाब परियोजना की बाई नहर निर्माण में प्रभावित होने से .
(2 ) भूमि का नवशा ( प्लान ) कालम 5 में दर्शित अधिकारी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 93 - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा ( 12 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि कछाल तालाब मध्यम परियोजना के बांध निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है . अब केवल छूटे हुऐ एवं आंशिक रकबे का ही अर्जन किया जा रहा है. इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन की आवश्यकता नहीं है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है : -
भूमि का वर्णन
ग्राम
तहसील
जिला
(2)
(1)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) 0.82
(3) छायन
आगर मालवा बड़ौद
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग शाजापुर ( म. प्र. ) .
(6) कछाल मध्यम तालाब परियोजना के बांध निर्माण से डूब में प्रभावित होने से .
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कालम 5 में दर्शित अधिकारी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 94- भू-अर्जन-2014. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा ( 12 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि कछाल तालाब मध्यम परियोजना के बांध निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका 2308
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
है. अब केवल छूटे हुऐ एवं आंशिक रकबे का ही अर्जन किया जा रहा है . इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन की आवश्यकता नहीं है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)
(4) 0.610
(3) मदकोटा
(2) बड़ौद
आगर मालवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग शाजापुर (म. प्र. ) .
कछाल मध्यम तालाब परियोजना के बांध निर्माण से डूब में प्रभावित होने से .
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कालम 5 में दर्शित अधिकारी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 95 - भू-अर्जन- 2014.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा ( 12 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि कछाल तालाब मध्यम परियोजना के बांध निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है. अब केवल छूटे हुऐ एवं आंशिक रकबे का ही अर्जन किया जा रहा है. इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन की आवश्यकता नहीं है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)
(1)
(4) 0.230
(3) पिपल्याहमीर
बड़ौद
आगर मालवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग शाजापुर (म. प्र. ).
कछाल मध्यम तालाब परियोजना के बांध निर्माण से डूब में प्रभावित होने से.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कालम 5 में दर्शित अधिकारी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. 96 - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा ( 12 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता भाग 1 ]
2309
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
है. चूंकि कछाल तालाब मध्यम परियोजना के बांध निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है. अब केवल छूटे हुऐ एवं आंशिक रकबे का ही अर्जन किया जा रहा है. इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन की आवश्यकता नहीं है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
जिला
भूमि का वर्णन ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)
(4)
0.217
(3) मदकोटा
बड़ौद
आगर मालवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग शाजापुर (म. प्र. ) .
कछाल मध्यम तालाब परि- योजना की बाई नहर निर्माण में प्रभावित होने से.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कालम 5 में दर्शित अधिकारी के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 97 - भू-अर्जन-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा ( 12 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि कछाल तालाब मध्यम परियोजना के बांध निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है. अब केवल छूटे हुऐ एवं आंशिक रकबे का ही अर्जन किया जा रहा है . इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन की आवश्यकता नहीं है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(4) (2)
(1)
0.45 आगर मालवा बड़ौद
(3) मूंदपुरा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग शाजापुर (म. प्र. ) .
कछाल मध्यम तालाब परियोजना के बांध नहर निर्माण से डूब में प्रभावित होने से.
2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कालम 5 में दर्शित अधिकारी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(
क्र. 98 - भू-अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची 2310
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा ( 12 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि कछाल तालाब मध्यम परियोजना के बांध निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है. अब केवल छूटे हुऐ एवं आंशिक रकबे का ही अर्जन किया जा रहा है. इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन की आवश्यकता नहीं है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
ग्राम
तहसील
धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(6)
(4)
(5)
(2)
(1)
2.41
(3) बेहका
बड़ौद
आगर मालवा
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग शाजापुर ( म. प्र. ) .
कछाल मध्यम तालाब परि- योजना के बांध निर्माण से डूब में प्रभावित होने से.
2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कालम ( 5 ) में दर्शित अधिकारी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. डी. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दमोह, दिनांक 16 जून 2014
क्र. भू.अ.अ. - 2013-14-प्र. क्र. अ-82-वर्ष- 2013-14 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
ग्राम/नगर
धारा ( 4 ) की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
का नाम तहसील
क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में ) एवं मकान
(6) (1)
(5)
(2)
(4)
(3)
हटा
दमोह
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग दमोह.
1.15 हेक्टर 09 मकान
हिनौताकला+ पिपरिया किरउ निवाई माफी
पिपरिया जलाशय निर्माण में आने वाली शेष छूटी हुयी भूमि मकानों का भू- अर्जन.
(2 ) सर्वाजनिक प्रयोजन के लिये भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी उपखण्ड हटा तथा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, स्वतंत्र कुमार सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
2311
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
कार्यालय, कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग टीकमगढ़ , दिनांक 26 जून 2014
प्र. क्र. 01 - अ- 82-2013-14.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गयी अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1) (2)
(3)
(4)
बडौराघाट
1.306 टीकमगढ़ टीकमगढ़
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , टीकमगढ़.
हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना के नहर निर्माण हेतु भू-अर्जन.
सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- हरपुरा के समीप स्थित वियर से नहर निर्माण हेतु ग्राम बडौराघाट की भूमि का अर्जन भूमि के नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) टीकमगढ़ एवं कार्यालय यंत्री, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग टीकमगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 02 - अ- 82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गयी अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता करता है: -
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(3)
(4) (2)
(1)
नयाखेरा
0.594 टीकमगढ़
टीकमगढ़
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , टीकमगढ़.
हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना के नहर निर्माण हेतु भू-अर्जन.
सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- हरपुरा के समीप स्थित वियर से नहर निर्माण हेतु ग्राम नयाखेरा की भूमि का अर्जन भूमि के नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) जतारा टीकमगढ़ एवं कार्यालय यंत्री, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग टीकमगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 03 - अ- 82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गयी अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः 2312
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)
(3) बौरी
(4) 0.634 टीकमगढ़ टीकमगढ़
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , टीकमगढ़.
(6) हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना के नहर निर्माण हेतु भू-अर्जन.
सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- हरपुरा के समीप स्थित वियर से नहर निर्माण हेतु ग्राम बौरी की भूमि का अर्जन भूमि के नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) जतारा टीकमगढ़ एवं कार्यालय यंत्री , सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग टीकमगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 04 - अ- 82-2013-14 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गयी अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(4) 2.780 टीकमगढ़
(3) सुनौराखिरिया
(1) (2) टीकमगढ़
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
टीकमगढ़. अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) ,
(6) हरपुरा सिंचाई ए हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना के नहर निर्माण हेतु भू-अर्जन.
सुनौराखिरिया की भूमि का अर्जन सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- हरपुरा के समीप स्थित वियर से नहर निर्माण हेतु ग्राम भूमि के नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) टीकमगढ़ एवं कार्यालय यंत्री , सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग टीकमगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 05 - अ- 82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गयी अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
ग्राम
तहसील
जिला
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) (2)
2.840 टीकमगढ़ सुनवाहा जागीर
(1) टीकमगढ़
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , टीकमगढ़.
हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना के नहर निर्माण हेतु भू-अर्जन.
सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- हरपुरा के समीप स्थित वियर से नहर निर्माण हेतु ग्राम सुनवाहा जागीर की भूमि का अर्जन भूमि के नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) टीकमगढ़ एवं कार्यालय यंत्री , सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग टीकमगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है.
भाग 1 ]
2313
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
प्र. क्र. 06- अ- 82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गयी अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(4) 1.015
(3) आलमपुरा
टीकमगढ़
(2) टीकमगढ़
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) , टीकमगढ़.
हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना के नहर निर्माण हेतु भू-अर्जन.
सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- हरपुरा के समीप स्थित वियर से नहर निर्माण हेतु ग्राम आलमपुरा की भूमि का अर्जन भूमि के नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) टीकमगढ़ एवं कार्यालय यंत्री, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग टीकमगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 07 - अ - 82-2013-14 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गयी अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(4) 4.087
(3) पहाडीखुर्द
(1) टीकमगढ़ टीकमगढ़
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) , टीकमगढ़.
हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना के नहर निर्माण हेतु भू-अर्जन.
सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- हरपुरा के समीप स्थित वियर से नहर निर्माण हेतु ग्राम पहाडीखुर्द की भूमि का अर्जन भूमि के नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री , सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग टीकमगढ़ के कार्यालय में देखा जा सकता है.
टीकमगढ़, दिनांक 27 जून 2014
प्र . क्र. 06 - भू-अर्जन - 2013-2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गयी अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(4) 2.550
(3) दरगांय भाटा
मोहनगढ़
(1) टीकमगढ़
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) ,
जतारा .
हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना के नहर निर्माण हेतु भू- अर्जन.
सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- हरपुरा सिंचाई एवं नदी, तालाब जोड़ परियोजना के नहर निर्माण हेतु ग्राम दरगायभाटा की भूमि का अर्जन भूमि के नक्शा का विवरण अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जतारा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुदाम खाडे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2314
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा , दिनांक 8 जुलाई 2014
क्र. 625 - भू-अर्जन-20. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुर्नव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है , राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं चूंकि, सिहावल मुख्य नहर की मबई माइनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है . और इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)
(2)
(3)
(4)
0.16
सजहा
रामपुर नैकिन
सीधी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
रामपुर वितरक नहर की सजहा सब-माइनर नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री , लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी (म. प्र.) .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 627 - भू- अर्जन- 20.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुर्नव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है, राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं चूंकि, सिहावल मुख्य नहर की मबई माइनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है. और इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
तहसील
जिला
नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2)
(3)
(4) 0.29 सीधी
झाला
रामपुर नैकिन
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी (म. प्र. ).
सिहावल मुख्य नहर की डिठौरा सब- माइनर एवं झाला सब माइनर नहर निर्माण हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
2315
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
क्र. 629- भू-अर्जन-20. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमिअर्जन पुनर्वास और पुर्नव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है , राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं चूंकि, सिहावल मुख्य नहर की मबई माइनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है . और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
तहसील
भूमिकाविवरण नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2)
(4) (1)
(3)
0.18 सीधी
घुंघुटा
रामपुर नैकिन
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन
धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
रामपुर वितरक नहर की घुंघुटा सब - माइनर नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी (म. प्र.) .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 631 - भू-अर्जन- 20.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुर्नव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है, राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं चूंकि, सिहावल मुख्य नहर की मबई माइनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है. और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(3)
(4) (2)
(1)
0.23 सीधी रामपुर नैकिन कुडिया पवाई
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
सिहावल मुख्य नहर की बसेडी सब - माइनर नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, लोवर सिहावल नहर संभाग चुरहट, जिला सीधी (म. प्र. ) .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर.डी.एस. अग्निवंशी, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
2316
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दमोह, दिनांक 29 अप्रैल 2014
क्र. क- भू-अर्जन- 2014-प्र. क्र. 01 अ-82 वर्ष 2013- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि सम्पत्ति की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि/मकानों की आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- दमोह
(ख ) तहसील- हटा
(ग) नगर/ ग्राम- निवाई माफी
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 419.02 वर्गमीटर
मकान मालिक का नाम
अधिगृहित मकानों की संख्या
मकान का अर्जित रकवा वर्गमीटर में
(2)
(3) (1)
01
58.90 रामकिशुन पिता गोरेलाल
01
36.00 दीनूपिता शिवचरन
40.00
01
राजरानी/लछमन
21.00
01
मोहन पिता गोरेलाल
01
108.12 कन्हैया पिता तांतू
01
56.00 सोहनलाल लाल पिता गोरेलाल
01
15.00 अनंतराम पिता दसैयां
84.00 दसैया पिता मनीराम
419.02
01 08
योग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- पिपरिया जलाशय निर्माण में ग्राम निवाई माफी के मकानों एवं भूमि के अर्जन में आने वाली भूमि.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , हटा एवं भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड हटा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .
( 5 ) उल्लेखित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर अर्जन के संबंध में आक्षेप लिखित में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी हटा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, स्वतंत्र कुमार सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग पन्ना, दिनांक 29 मई 2014
प्र. क्र. 085 - अ- 82- वर्ष 2013-2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- पन्ना
(ख ) तहसील- शाहनगर
(ग) ग्राम- भौंसर
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.40 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
भूमि का प्रकार
कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(3) (1)
0.17
391
निजी भूमि
0.11
392
निजी भूमि 394
0.07
निजी भूमि 395
0.05
निजी भूमि
0.40
कुल रकबा निजी भूमि
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-शाहनगर- झुकेही मार्ग के कि. मी . 5/8 अलोनी नदी पर पुलके पहुंच मार्ग निर्माण योजना के अन्तर्गत अलोनी नदी पर पुल के पहुंच मार्ग निर्माण कार्य निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी, शाहनगर के न्यायालय में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
2317
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
प्र. क्र. 086- अ- 82- वर्ष 2013-2014.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- पन्ना
(ख ) तहसील- शाहनगर
(ग) ग्राम- कचौरी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.49 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
भूमि का प्रकार
कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
(1)
(2)
(3)
0.23
1099
निजी भूमि
0.25
1100
निजी भूमि 3227
0.01
निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि 0.49
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-शाहनगर- झुकेही मार्ग के कि. मी. 5/8 अलोनी नदी पर पुल के पहुंच मार्ग निर्माण योजना के अन्तर्गत अलोनी नदी पर पुल के पहुंच मार्ग निर्माण कार्य निर्माण हेतु.
(3 ) भूमिका नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , शाहनगर के न्यायालय में किया जा सकता है.
पन्ना, दिनांक 2 जून 2014
प्र. क्र. 004- अ- 82- वर्ष 2013-2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- पन्ना
(ख) तहसील- पन्ना
(ग) ग्राम- पटीबजरिया
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.13 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
भूमि का
प्रकार
कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(3) (1)
निजी भूमि
0.13 0.13
78 कुल रकबा निजी भूमि
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- पटीबजरिया सड़क निर्माण कार्य योजना के अन्तर्गत सड़क निर्माण कार्य निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी, पन्ना के न्यायालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 116- अ- 82- वर्ष 2012-2013 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- पन्ना
(ख ) तहसील- पन्ना
(ग ) ग्राम- इटवांकला
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.162 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
भूमि का प्रकार
कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(3) (1)
0.152
4345/1
निजी भूमि
0.010
4345/2
निजी भूमि
0.162 कुल रकबा निजी भूमि
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- इटवांकला बाया बघेला घाट महेबा मार्ग निर्माण कार्य योजना के अन्तर्गत मार्ग निर्माण कार्य निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पन्ना के न्यायालय में किया जा सकता है .
पन्ना, दिनांक 16 जून 2014
प्र. क्र. 152- अ- 82- वर्ष 2012-2013.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन
(क) जिला- पन्ना
(ख) तहसील- पवई 2318
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(ग) ग्राम- बराहो
लगभग क्षेत्रफल- 10.34 हेक्टेयर.
(घ)
खसरा नम्बर
भूमिका
कुल अर्जित रकबा
प्रकार
(हेक्टेयर में)
(3) (1)
(2)
0.18
1107
निजी भूमि
0.11
1090
निजी भूमि 1094
0.09
निजी भूमि
0.14
1049
निजी भूमि 1089
0.11
निजी भूमि
0.05
1066/1
निजी भूमि
0.05
1066/2
निजी भूमि
0.05
1066/3
निजी भूमि
0.06
1085/1
निजी भूमि
0.06
1085/2
निजी भूमि 1085/3
0.06
निजी भूमि
0.02
1026
निजी भूमि 1020
0.02
निजी भूमि
0.30
1021
निजी भूमि 1067
0.10
निजी भूमि 1069
0.23
निजी भूमि
0.03
1070
निजी भूमि 1106
0.30
निजी भूमि 1086
0.24
निजी भूमि
0.03
1068
निजी भूमि 1051
0.14
निजी भूमि 1050
0.13
निजी भूमि 1048
0.08
निजी भूमि
0.20
1047
निजी भूमि 1046/2
0.08
निजी भूमि 1025
0.40
निजी भूमि 1027
0.14
निजी भूमि 1024
0.29
निजी भूमि 1023
0.31
निजी भूमि 1022
0.09
निजी भूमि
0.50
1010
[भाग 1 (1)
(2)
(3) 982
0.03
निजी भूमि
0.01
991
निजी भूमि 992
0.16
निजी भूमि
0.01
994
निजी भूमि
0.12
993
निजी भूमि
0.10
998
निजी भूमि 997
0.01
निजी भूमि 995
0.02
निजी भूमि
0.06
736
निजी भूमि
0.02
712
निजी भूमि 715
0.14
निजी भूमि
0.06
719
निजी भूमि 720
0.07
निजी भूमि 718
0.08
निजी भूमि 717
0.11
निजी भूमि 716
0.02
निजी भूमि 723
0.16
निजी भूमि
0.06
725
निजी भूमि
0.02
724
निजी भूमि 507
0.02
निजी भूमि 505
0.11
निजी भूमि 504
0.06
निजी भूमि 503
0.09
निजी भूमि
0.04
502
निजी भूमि 501
0.02
निजी भूमि 506
0.15
निजी भूमि 508/1
0.10
निजी भूमि
0.10
508/2
निजी भूमि 521
0.07
निजी भूमि 522
0.06
निजी भूमि 526
0.08
निजी भूमि 515
0.02
निजी भूमि
0.02
516/2
निजी भूमि 536
0.09
निजी भूमि
निजी भूमि
1006
0.10
निजी भूमि
0.23
1006/1116
निजी भूमि 1005
0.05
554
0.01
निजी भूमि
0.02
497
निजी भूमि
0.01
496
निजी भूमि
निजी भूमि
0.07
1001
निजी भूमि 1002/1
0.02
0.08
494/1
निजी भूमि
0.08
494/2
निजी भूमि
निजी भूमि
1002/2
0.02
0.05
491
निजी भूमि
निजी भूमि
981
0.01
निजी भूमि 1000
0.10
निजी भूमि
0.13
999
निजी भूमि
0.05
490
निजी भूमि
0.04
493
निजी भूमि
0.06
489
निजी भूमि 527
0.07
निजी भूमि भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(2)
(3) (1)
528
0.05
निजी भूमि
0.04
530
निजी भूमि
0.04
531
निजी भूमि
0.06
532
निजी भूमि 533
0.21
निजी भूमि 534
0.02
निजी भूमि
0.07
562
निजी भूमि
0.01
561
निजी भूमि
0.10
558
निजी भूमि 557
0.05
निजी भूमि
0.12
556
निजी भूमि
0.15
555
निजी भूमि
0.07
559
निजी भूमि
0.04
595
निजी भूमि
0.04
596
निजी भूमि
0.02
630
निजी भूमि 636
0.42
निजी भूमि
0.03
618
निजी भूमि 617/1
0.03
निजी भूमि
0.05
617/2
निजी भूमि
0.03
617/3
निजी भूमि 621
0.16
निजी भूमि
0.01
629
निजी भूमि
0.25
619
निजी भूमि
0.08
620
निजी भूमि 626
0.08
निजी भूमि
0.03
625
निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि .. 10.34
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है .- पवई मध्यम सिंचाई परियोजना के अन्तर्गत नहर निर्माण कार्य निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पवई के न्यायालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रवीन्द्र कुमार मिश्रा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2319 कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 16 जून 2014
क्र. 4095 - भू-अर्जन-13-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन की आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला- सागर
(ख ) तहसील- सागर
(ग ) ग्राम- खमकुआ प.ह.नं. 127
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.530 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
1.770
450/1
1.560
450/2
519/1
0.200 योग .. 3.530
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है - टिकारी जलाशय योजना में स्पिल चैनल कार्य निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, सागर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है.
क्र. 4096 - भू-अर्जन-13-14 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन की आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला- सागर
(ख ) तहसील- केसली 2320
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
(ग ) ग्राम-नवलपुर प.ह.नं.
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.977 हेक्टेयर .
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.02
134/1
0.032
134/2
140
0.16
0.136
141/1, 141/2
142
0.032
143
0.004
144/1 , 144/2,
0.14
144/3, 144/4 ,
144/5 , 144/6
0.012
145
0.108
146/1 , 146/2
147/1
0.04
0.092
299
0.156
300
0.001
306
0.04
307
0.024
308/1
0.104
327
0.016
330/1
0.04
330/2
0.236
331
0.048
332
333
0.024
0.008
344
0.016
346
0.020
347
414/1
0.124
414/2
0.132
423
0.108
424/1
0.064
0.028
425/2
0.012
429
योग .. 1.977
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है- टिकारी जलाशय योजना में उपनहर कार्य निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , केसली, जिला सागर.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, सागर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है.
क्र. 4097- भू-अर्जन-13-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन की आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला-सागर
(ख) तहसील- केसली
(ग) ग्राम-खमरिया, प.ह.नं.
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-8.455 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हे. में)
(2)
(1)
2
0.072
0.06
5
0.04
6/1 , 6/2
0.104
16/1
392
0.003
0.152
397
0.056
398
0.064
399
44
0.020
53
0.04
0.06
54
0.04
56
57
0.08
0.008
58/2
0.04
58/1
0.024
59
60
0.032
0.06
61/1 , 61/3
0.06
61/2
65
0.064
0.072
66
71
0.18
75
0.132
78
0.108
0.020
79/1 , 79/2 , 79/3
0.064
84 भाग 1 ]
2321
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(1)
(2)
0.108 92
93
0.072 424
0.060 426
0.104 407
0.012 415
0.1
0.172 454/1 , 454/2
455
0.12
0.036 464/1 , 464/2
58/2
0.024
0.016 467/1 , 467/2
469
0.166 65
0.004
0.188 473/1 , 473/2
0.158 475
0.048 477
673/1 , 673/2
0.088 673/3 , 673/4
681/1 , 681/2 ,
0.384 681/3 , 681/4
681/5 , 681/6 , 681/7
0.176 697/1 , 697/2
0.068 696
0.068 692
0.020 693
682/1, 682/2
0.324 682/3, 682/4
0.020 686/1 , 686/2
0.252 507
511
0.020 513
0.224 595
0.128
0.320 596
597/1
0.160. 597/2
597/3
0.072 586/1
0.072 586/2
585/1, 585/2 ,
0.192 585/3 , 585/4
585/5
(1)
(2)
584/1 , 584/2
0.160
584/3
0.080
570/1 , 570/2
569
0.048
566
0.084
617
0.008
618/1 , 618/2
0.188
618/3 , 618/4
620
0.044
0.056
624/1 , 624/2
623
0.121
0.052
622
554
0.112
567
0.036
568
0.008
101/2
0.008
111
0.100
0.076
112
113
0.032
114
0.004
147
0.048
149/1 , 149/2 ,
0.092
149/3
152/1, 152/2 ,
0.088
152/3, 152/4
0.028
153
154
0.028
232
0.040
233
0.048
237
0.520
254
0.006
0.210.
256/1 , 256/
0.120
258
259/1 , 259/2 , 259/2,
0.080
259/3
260/1 , 260/2 ,
0.200
260/3
298/2
0.024
0.072
304/1 , 304/2
8.455
योग .
2322
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है- टिकारी जलाशय योजना में उपनहर कार्य निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र . 2 , केसली, जिला सागर.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, सागर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है.
क्र. 4098 - भू-अर्जन-13-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन की आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला-सागर
(ख) तहसील- केसली
(ग ) ग्राम- महुआखेड़ा, प.ह.नं.
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.83 हेक्टेयर.
अर्जित रकबा
खसरा नंबर
(हे. में)
(2)
(1)
0.080
146
0.028
165/1 , 165/2 , 165/3 , 165/4
0.400
167
0.048.
168/2
0.044
169
170
0.132
0.168
352/1, 352/2
0.016
353/1 , 353/2
0.026
372
373
0.044
374/1, 374/2 ,
0.12
374/3
384
0.092
0.112
386
0.008
387
0.100
421/1 , 421/2 , 421/3 , 421/4
(2)
(1)
127/1
0.036
127/2
0.076
128
0.056
139
0.124
140
0.040
0.144
184
0.084
191
192
0.084
193
0.336
0.200
206/1 , 206/2
207
0.208
320
0.060
योग .. 2.83
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है- टिकारी जलाशय योजना में उपनहर कार्य निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 2 , केसली, जिला सागर.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, सागर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है.
क्र. 4099 - भू-अर्जन-13-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन की आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला- सागर
(ख ) तहसील- केसली
(ग ) ग्राम- रहलीखेड़ा, प.ह.नं.
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.596 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हे. में)
(2)
(1)
81
0.032
82/1 , 82/2 , 82/3 ,
0.254
82/4, 82/5 भाग 1 ]
2323
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(2)
(1)
83/1
0.140
89/1, 89/2 ,
0.170
89/3 , 89/4 ,
योग .. 0.596
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है- टिकारी जलाशय योजना में उपनहर कार्य निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , केसली , जिला सागर.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व, सागर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है.
क्र. 4100 - भू-अर्जन-13-14 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन की आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला- सागर
(ख) तहसील- सागर
( ग) ग्राम- खमकुआ, प.ह.नं. 127
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-4.99 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हे. में)
(2)
(1)
0.130
188/1
0.110
186/14
0.072
186/3
0.072
186/2
0.178
184/2
0.082
203/1
0.063
204
0.159
205
0.087
210
0.173
206
0.067
207
0.226
1184
(2)
(1)
0.168
1185/2
0.206
1194/1
0.043
1228
0.029
1231
0.010
1230
0.058
1232
1233
0.043
1259
0.034
1256
0.067
0.024
1251
0.044
1252
1039
0.024
1036
0.091
0.086
1035
0.076
1034
0.144
1033/1
0.048
1033/2
1032/1
0.067
1032/2
0.116
0.063
1027/1
1027/2
0.058
0.038
1027/3
1026
0.106
0.019
1025
0.110
1023/3
0.086
1022
0.041
1020
0.051
1021
1019/4
0.105
0.159
1019/5
0.044
1112/1
0.068
1113/1
1113/2
0.067
0.072
1114
0.086
1116
1120
0.173
1121
0.230
0.077
1007/1
0.043
1007/2
0.077
1296
1298/1
0.153
0.015
1294 2324
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
(2)
(1)
1285
0.048
0.029
909
0.178
911/2
योग . 4.99
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है- टिकारी जलाशय योजना में उपनहर कार्य निर्माण हेतु कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , केसली, जिला सागर.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, सागर के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, योगेन्द्र शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन अपरसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला शिवपुरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
शिवपुरी , दिनांक 20 जून 2014
क्र. 1011 - भू-अर्जन-13-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-शिवपुरी
(ख) तहसील- करैरा
(ग ) ग्राम-अम्बारी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.75 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
क्षेत्रफल (हे. में)
(2)
(1)
0.40
225
0.05
527
0.04
242
166
0.13
(2)
(1)
0.98
103/1
0.01
463
352
0.03
0.07
353
0.04
354
योग 1.75
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- लघु सिंचाई योजना कासना नाला तालाब के डूब क्षेत्र हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , करैरा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
क्र. क्यू- भू-अर्जन-1010.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- शिवपुरी
(ख) तहसील- नरवर
(ग) नगर/ग्राम- कांकर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.38 हेक्टेयर.
सर्वे नम्बर
अर्जित रकबा (हे. में)
(2)
(1)
766
0.38 0.38
योग
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी , करैरा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
शिवपुरी , दिनांक 4 जुलाई 2014
क्र. क्यू- भू-अर्जन-1180.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक भाग 1 ]
2325
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित उक्त प्रयोजन के लिये किया जाता है कि उक्त भूमि की आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- शिवपुरी
(ख) तहसील- करैरा
(ग) नगर/ग्राम- सिलानगर
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.00 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
क्षेत्रफल (हे. में)
(1)
(2)
1883
0.16
1877
0.54
0.28
1881
0.05
1886/1
1886/2
0.03
1887/2
0.06
1887/3
0.12
1866
0.01
1867
0.14
0.10
1903/1
1903/2
0.05
0.02
1903/3
1907
0.24
0.17
1904
0.08
1905
1906/1
0.01
1923
0.19
0.02
1924
1916
0.43
1917
0.14
1918
0.16 योग 3.00
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , करैरा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , आर. के. जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिवनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सिवनी, दिनांक 23 जून 2014
क्र. 4519 - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सिवनी
(ख) तहसील- सिवनी
(ग ) नगर/ ग्राम - गुंदरई, प.ह.नं. 127, ब.नं. 134
रा.नि.मं.-सिवनी-1
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.22 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.04
44/1, 44/2
0.01
42
43
0.35
41/2
0.02
49/1
0.97
50
0.23
51
0.01
56
0.18
0.01
55/4
54
0.22
0.02
0.08
55/6, 55/7
0.43
55/2
77/1
0.01
77/2
0.28
0.36
76/1 , 78/2 , 79/2
योग . 3.22
(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.-पेंच व्यपवर्तन,परियोजना के अन्तर्गत सिवनी शाखा नहर निर्माण हेतु.
( 3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , तहसील सिवनी, जिला सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है .
(4 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यवपर्तन 2326
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
परियोजना नहर संभाग, सिंगना तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, भरत यादव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 28 जून 2014
क्र. 635 - भू-अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सीधी
(ख ) तहसील- चुरहट
(ग) ग्राम- नकवेल
(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.210 हेक्टेयर.
खसरा नं .
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
1354/6
0.176
1044/1991
0.056
0.024
900/1936/2
योग 0.256
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के सिहावल मुख्य नहर की, टकटैया टेल माइनर के निर्माण में आने वाले ग्रामों की निजी भूमि शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
रीवा , दिनांक 3 जुलाई 2014
क्र. 660 - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है . अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-सीधी
(ख) तहसील- चुरहट
(ग) ग्राम- डढिया
(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.330 हेक्टेयर.
खसरा नं.
रकबा
(हेक्टेयर में )
(1)
(2)
0.06
1514
2040
0.250
210
0.02
योग . 0.330
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के सिहावल मुख्य नहर की, टकटैया टेल माइनर के निर्माण में आने वाले ग्रामों की निजी भूमि शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 662- भू- अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- सीधी
(ख ) तहसील- चुरहट
(ग) ग्राम- साड़ा भाग 1 ]
2327
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.478 हेक्टेयर.
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
2053
0.01
0.024
2010
2169
0.040
1851
0.20
0.050
2167
2168
0.160
2071
0.11
2070
0.064
. 0.478
कुल 8 किता
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के सिहावल मुख्य नहर की, टकटैया टेल माइनर के निर्माण में आने वाले ग्रामों की निजी भूमि शासकीय भूमि पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. डी. एस. अग्निवंशी, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर, दिनांक 28 जून 2014
प्र. क्र. 19 - अ- 82- वर्ष 2013-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील-बिजावर
(ग ) ग्राम-जैतपुर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल निजी भूमि-2.884 हेक्टर .
खसरे क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टर में )
भू-अर्जन खसरा विवरण से भू- खण्डों की संख्या
(2)
(1)
106/1/2
0.283
106/1/3
0.283
106/1/4
0.283
106/1/5
0.210
106/3
0.263
108/1/2
0.113
108/2
0.567
108/3
0.599
110/2
0.283 2.884
योग .
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये उक्त भूमि की आवश्यकता है- जुनवानी तालाब योजना ( गिटपटा तालाब विस्तार ) के निर्माण में बांध एवं डूब क्षेत्र का भू- अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) बिजावर में किया जा सकता है.
छतरपुर, दिनांक 11 जुलाई 2014
प्र. क्र. 11 - अ-82 - भू-अर्जन-2012-13. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- बकरवाहा
( ग ) नगर/ ग्राम- बेरखेड़ी
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.701
( 1 ) निजी भूमि-1.701 (2) शास. भूमि- योग .. 1.701
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(1)
541/2
(2) 0.891 0.810
541/3
योग .. 1.701
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये उक्त भूमि की आवश्यकता 2328
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
है- ट्रेडूहार तालाब की नहर एवं बांध निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 12 - अ- 82 - भू-अर्जन 2012-13.-चूंकि, राज्य शासन कोइस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- वकस्वाहा
(ग ) नगर/ग्राम- धनौरा
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.000
(1 ) निजी भूमि-1.000
( 2 ) शास. भूमि-
1.000
योग .
खसरा नम्बर
अर्जित रकवा (हेक्टर में)
(1)
(2)
44
0.101
40/20 शा.नं.
0.392
46, 50
47
0.010
0.090
49
54/1/2/1
0.060
54/1/2/2
0.060
54/1/2/3
0.060
55
0.131
458
0.086
459
0.010
योग .. 1.000
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये उक्त भूमि की आवश्यकता है- टेडूहार तालाब की नहर निर्माण हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 13 - अ- 82 - भू-अर्जन- 2012-13. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- वकस्वाहा
(ग) नगर/ग्राम- पाली
(घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.816
( 1 ) निजी भूमि-0.816
(2 ) शास. भूमि-
योग .. 0.816
अर्जित रकवा
खसरा नम्बर
(हेक्टर में )
(2)
(1)
127/1
0.190
107
0.010
108
0.144
110
0.174
95
0.258
0.040
97
योग .. 0.816
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये उक्त भूमि की आवश्यकता है- किशुनपुरा तालाब की नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 14- अ-82- भू-अर्जन 2012-13. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:- अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख ) तहसील- वकस्वाहा
(ग) नगर/ग्राम-गोरा भाग 1 ]
2329
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 13.987
(1 ) निजी भूमि-13.987
(2) शास. भूमि-
योग .. 13.987
खसरा नम्बर
अर्जित रकवा (हेक्टर में )
(2) (1)
142/12
0.330 142/13
0.120 142/25
0.020
0.072 142/28
0.075 304
303
0.250
0.276 302/1/ , 302 8 च
0.080 302/1 , 302 8 क
293
0.070 295
0.097
0.040 296
0.016 294
297
0.090
0.202 302/1 , 302 8 ग
0.303 302/1 , 302 8 ख
0.776 323/2
0.240 329/2 शा. नं . 350/2
359
0.462
0.716 324/1 शा. नं . 325/1
0.715 324/2 शा. नं . 325/2
0.707 324/3 शा. नं . 325/3
326
0.401
1.072 351
352/1
0.219 352/2
0.405
0.405 350/1
0.020 329/3
0.205 327
329/4
0.044 349
0.023
0.110 369/1/1
374
0.070
0.543 353
1.181 358
0.070 375/1
0.270 393/2 शा. नं . 395
0.510 401
0.445 402
0.132 396
0.110 399
0.420 397
0.070 360 शा . नं . 361
(2)
(1)
369/1/2
0.120
371
0.069
398/1
0.321
372/2
0.202
398/2
0.411
400/2
0.482
योग .. 13.987
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये उक्त भूमि की आवश्यकता है- किशुनपुरा तालाब की नहर एवं बांध निर्माण हेतु.
(
3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जासकता है.
प्र. क्र. 15 - अ- 82 - भू-अर्जन 2012-13 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील - वकस्वाहा
(ग) नगर/ ग्राम-जामुनझिरी
( घ) लगभग क्षेत्रफल- 27.823
(1 ) निजी भूमि-27.823
(2) शास. भूमि-
योग .. 27.823
खसरा नम्बर
अर्जित रकवा (हेक्टर में)
(2)
(1)
338
0.090
339
0.360
0.020
446
0.514
464/1 शा. नं . 465
447
0.178
448/1
0.310
0.405
448/2
462/1
0.465
0.465
462/2
463
0.680
467
0.240
468
0.514
0.450
469 शा. नं . 470 2330
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2014
(2) (1)
475/2
0.050
0.161 475/9
0.057 478
0.121 475/10
0.202 475/12
475/11
0.162 476
0.121
0.413 477
479/1
0.397 479/2
0.396
0.391 480
0.640 481
492 शा. नं. 493
0.388
1.841 482
484/2
0.405
0.412 483
1.112 487 शा . नं . 488
0.158 489/1
489/2
0.474
0.709 491
1.126 545/1
0.226 545/2
546/1
0.146 546/2
0.032 547
0.344
0.210 498
499 शा. नं . 500
0.713
1.100 501
1.100 502
512/1/1
0.370 512/3/1
0.303 519
0.388
1.509 512/1/2
512/1/4
0.910
0.400 512/3/2
0.233 512/15
0.053 512/28
0.121 512/29
0.275 548 शा. नं . 549
520
0.223 541
0.150 521
0.223
0.120 535
0.040 536
0.329 537
(2)
(1)
0.070
538
539
0.250
556
0.045
0.100
557 शा. नं . 559 , 560
558
0.010
0.430
569/4
524
0.070
534
0.105
1.000
542
543
0.648
544
0.510
551
0.090
0.090
449
0.130
457, 458/2
584/547
0.330
27.823
कुल योग
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये उक्त भूमि की आवश्यकता है-किशुनपुरा तालाब की बांध एवं नहर निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 17 -अ-82 - भू-अर्जन- 2012-13. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- छतरपुर
(ख) तहसील- वकस्वाहा
(ग) नगर/ ग्राम- किशुनपुरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.383
(1 ) निजी भूमि-6.383
(2) शास. भूमि-
6.383
योग ..
खसरा नम्बर
अर्जित रकवा (हेक्टर में )
(2)
(1)
0.120
636/1/1
0.050
636/1/2/2
636/1/2/1
0.210 भाग 1 ]
2331
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2014
(2)
(1)
0.510
646
0.028
647
0.299
648
670
671
0,090
688/1
684/1/1/2
0.029
0.861
684/1/2
0.149
684/1/3
0.330
684/1/4
685/1
0.630
672
1.315
673
0.219
674
0.202
0.146
675
0.129
676
677
0.089
678
0.295
684/1/1/1
0.120
0.121
684/2
0.180
690/1
0.180
690/2
0.081
691
6.383
कुल योग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये उक्त भूमि की आवश्यकता है-किशुनपुरा तालाब की बांध निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मसूद अख्तर , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग सतना, दिनांक 4 जुलाई 2014
क्र. एफ 248- भू-अर्जन-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात कासमाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन ( म.प्र. शासन/निजी खाता )
(क) जिला- सतना
(ख ) तहसील- रघुराजनगर
(ग) नगर/ग्राम-मसनहा
क्षेत्रफल-0.056 हेक्टेयर.
(घ) लगभग
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.042
779/1क
0.014
779/1 /ख
0.056
निजी खाता भूमि योग रकबा
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- बरेठिया उमरहट मसनहट मार्ग में सतना नदी पर पुल पहुंच मार्ग निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , मोहनलाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला हरदा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग हरदा, दिनांक 7 जुलाई 2014
क्र. 6435 - भू-अर्जन-1-अ-82-13-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- हरदा
(ख ) तहसील- खिरकिया
(ग) नगर/ ग्राम - तारापुर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.437 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
रकबा
विवरण
(हेक्टर में)
(2)
(3) (1)
7/3
0.437
सिंचित भूमि (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यकता है- माचक उपनहर की महत्याखेडी माइनर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी खिरकिया एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रजनीश श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.