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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 01 August 2014

Type
Ordinary
Gazette no.
31
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2014-08-01.31.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्य प्रदेश शासन

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 31 ]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 1 अगस्त 2014- श्रावण 10 , शक 1936

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प , ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.-(क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख ) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद्के अधिनियम,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 27 जून 2014

क्र. ई- 5-525 - आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री आर . के. चतुर्वेदी, आएएस . , राहत आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व, पुनर्वास तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग तथा पुनर्वास आयुक्त को दिनांक 4 से दिनांक 7 जुलाई 2014 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

( 2 ) श्री आर. के. चतुर्वेदी की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री अजीत केसरी , भाप्रसे प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सहकारिता विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. चतुर्वेदी को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न राहत आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व, पुनर्वास तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग तथा पुनर्वास आयुक्त के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) श्री आर. के. चतुर्वेदी द्वारा राहत आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व, पुनर्वास तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग तथा पुनर्वास आयुक्त का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अजीत केसरी उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री आर. के. चतुर्वेदी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आर. के. चतुर्वेदी, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

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नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2014.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

क्र. ई- 5-353 - आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री स्वदीप सिंह, आयएएस. , अध्यक्ष, राजस्व मण्डल, ग्वालियर को दिनांक 30 जून 2014 से 8 जुलाई 2014 तक, नौ दिन का अर्जित अवकश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 29 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री स्वदीप सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अध्यक्ष , राजस्व मण्डल , ग्वालियर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में श्री स्वदीप सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री स्वदीप सिंह अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई- 5-778- आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव , भाप्रसे आयुक्त- सह - पंजीयक सहकारी संस्थाएं तथा प्रबंध संचालक, राज्य सहकारी तिलहन उत्पादक संघ को दिनांक 20 मई से 14 जून 2014 तक, छब्बीस दिन का लघुकृत अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .

(2) अवकाशकाल में श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई- 5-819- आयएएस- लीव -5 - एक. ( 1 ) श्री केदारलाल शर्मा आयएएस. , अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग को समसंख्यक आदेश दिनांक 3 जून 2014 द्वारा दिनांक 20 से 29 मई 2014 तक, दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था, में आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 20 मई 2014 से 7 जून 2014 तक, उन्नीस दिन का पुनरीक्षित अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 8 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2) अवकाशकाल में श्री केदारलाल शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री केदारलाल शर्मा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई-5-862- आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री सिबी चक्रवर्ती एम. , आयएएस. , कलेक्टर, जिला भिण्ड को समसंख्यक आदेश

[ भाग 1 दिनांक 20 जून 2014 द्वारा 23 जून 2014 से 7 जुलाई 2014 तक, पन्द्रह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था , में आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 26 जून 2014 से 11 जुलाई 2014 तक, सोलह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ 12 , एवं 13 जुलाई 2014 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) शेष कंडिकाएं समसंख्यक आदेश दिनांक 20 जून 2014 अनुसार यथावत् रहेंगी.

क्र. ई- 5-920 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री नीरज कुमार सिंह , आयएएस. , सहायक कलेक्टर, सीहोर को दिनांक 16 जून 2014 से 23 जून 2014 तक, आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री नीरज कुमार सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सहायक कलेक्टर सीहोर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

( 3 ) अवकाशकाल में श्री नीरज कुमार सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री नीरज कुमार सिंह अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 2 जुलाई 2014

क्र. ई - 5-477 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री राधेश्याम जुलानिया, आएएस . , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग को दिनांक 3 से 11 जुलाई 2014 तक, नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) श्री राधेश्याम जुलानिया की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री रजनीश वैश्य , भाप्रसे विकअ-सह- सदस्य ( पुनर्वास ) नर्मदा घाटी विकास तथा उपाध्यक्ष नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण एवं प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, नर्मदा घाटी विकास (अति. प्रभार ) तथा प्रबंध संचालक, नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी लिमि. (एनबीपीसीएल ) को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री राधेश्याम जुलानिया को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता हैं.

(4 ) श्री राधेश्याम जुलानिया द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री रजनीश वैश्य उक्त प्रभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में श्री राधेश्याम जुलानिया को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

2381

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री राधेश्याम जुलानिया अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 3 जुलाई 2014

क्र. ई- 5-757- आयएएस - लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री अरूण कोचर, आयएएस. , सचिव, लोकायुक्त संगठन, मध्यप्रदेश भोपाल को दिनांक 24 अप्रैल से 7 जून 2014 तक, पैंतालीस दिन का एक्स - इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था, के अनुक्रम में दिनांक 8 से 10 जून 2014 तक, तीन दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .

( 2) अवकाश से लौटने पर श्री अरूण कोचर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव, लोकायुक्त संगठन, मध्यप्रदेश भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3) अवकाशकाल में श्री अरूण कोचर को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अरूण कोचर अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई - 5-870 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री अविनाश लवानिया, आयएएस. , प्रोजेट डायरेक्टर, स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान ) मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रानिक्स बोर्ड, भोपाल को दिनांक 4 से 15 जुलाई 2014 तक, बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री अविनाश लवानिया को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रोजेट डायरेक्टर, स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क ( स्वान ) मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रानिक्स बोर्ड, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में श्री अविनाश लवानिया को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अविनाश लवानिया अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 4 जुलाई 2014

क्र. ई- 5-532 - आयएएस- लीव- 5 - एक.- ( 1 ) श्रीमती सलीना सिंह, आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग को समसंख्यक आदेश दिनांक 17 जून, 2014 द्वारा दिनांक 11 से 20 जून 2014 तक, दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था , में आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 11 से 18 जून 2014 तक, आठ दिन का पुनरीक्षित अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) शेष कंडिकाएं समसंख्यक आदेश दिनांक 17 जून, 2014 अनुसार यथावत् रहेंगी.

क्र. ई- 5-532- आयएएस- लीव- 5 - एक ( 1 ) श्रीमती सलीना सिंह , आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग को दिनांक 3 से 8 जुलाई 2014 तक, छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) श्रीमती सलीना सिंह की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्रीमती कंचन जैन , भाप्रसे प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, संसदीय कार्य विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है .

( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती सलीना सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) श्रीमती सलीना सिंह द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती कंचन जैन उक्त प्रभार से मुक्त होंगी.

(5 ) अवकाशकाल में श्रीमती सलीना सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती सलीना सिंह अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

क्र. ई - 5-731 - आयएएस लीव-5 - एक ( 1 ) श्री शिवशेखर शुक्ला, आयएएस . , आयुक्त, उज्जैन संभाग, उज्जैन को दिनांक 7 से 18 जुलाई 2014 तक, बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 6 एवं 19 , 20 जुलाई 2014 के सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2 ) श्री शिवशेखर शुक्ला की अवकाश अवधि में आयुक्त, उज्जैन संभाग , उज्जैन का प्रभार श्री के. सी. गुप्ता, भाप्रसे श्रम आयुक्त, मध्यप्रदेश इंदौर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक सौंपा जाता है .

(3) अवकाश से लौटने पर श्री शिवशेखर शुक्ला को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, उज्जैन संभाग, उज्जैन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता हैं.

(4 ) श्री शिवशेखर शुक्ला द्वारा आयुक्त, उज्जैन संभाग , उज्जैन काकार्यभार ग्रहण करने पर श्री के. सी. गुप्ता उक्त प्रभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में श्री शिवशेखर शुक्ला को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री शिवशेखर शुक्ला अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 7 जुलाई 2014

क्र. ई- 5-416 - आयएएस - लीव -5- एक. ( 1 ) श्री के. सुरेश , आयएएस . , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन, विज्ञान मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

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एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा साप्रवि ( मानव अधिकार ) को दिनांक 24 से 27 जून 2014 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री के. सुरेश को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा साप्रवि ( मानव अधिकार ) के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री के. सुरेश को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. सुरेश अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई- 5-462 - आयएएस लीव -5 - एक ( 1 ) श्री ए. पी. श्रीवास्तव , आएएस. , अध्यक्ष , व्यावसायिक परीक्षा मण्डल मध्यप्रदेश भोपाल को दिनांक 14 जुलाई से 2 अगस्त 2014 तक बीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) श्री ए. पी. श्रीवास्तव की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री देवराज बिरदी, भाप्रसे, अध्यक्ष, मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल, भोपाल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री ए. पी. श्रीवास्तव को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अध्यक्ष , व्यावसायिक परीक्षा मण्डल मध्यप्रदेश, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री ए. पी . श्रीवास्तव द्वारा , अध्यक्ष , व्यावसायिक परीक्षा मण्डल , मध्यप्रदेश भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री देवराज बिरदी उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री ए. पी. श्रीवास्तव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री ए. पी. श्रीवास्तव अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई-5-635- आयएएस - लीव-5 -एक. ( 1 ) श्री रमेश एस . थेटे , आयएएस. , उप सचिव , मध्यप्रदेश शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग को दिनांक 31 मई से 20 जून 2014 तक, इक्कीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 21 एवं 22 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री रमेश एस . थेटे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न उप सचिव , मध्यप्रदेश शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

[ भाग 1 (3 ) अवकाशकाल में श्री रमेश एस . थेटे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री रमेश एस. थेटे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 8 जुलाई 2014

क्र. ई-5-683 - आयएएस- लीव- 5 -एक. ( 1 ) श्रीमती पल्लवी जैन, गोविल, भाप्रसे ( 1994 ) को निम्नांकित अवधियों का अवकाश स्वीकृत किया जाता है:-

1. दिनांक 7 जलाई 2014 से 3 मार्च 2015 तक, दो सौ चालीस दिन एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश.

2. दिनांक 4 मार्च 2015 से 24 फरवरी 2016 तक, तीन सौ अट्ठावन दिन एक्स - इंडिया चाईल्स केयर लीव.

(2) अवकाशकाल में श्रीमती पल्लवी जैन गोविल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(3) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती पल्लवी जैन गोविल अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

क्र. ई- 5-778 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव , भाप्रसे आयुक्त- सह- पंजीयक सहकारी संस्थाऐं तथा प्रबंध संचालक, राज्य सहकारी तिलहन उत्पादक संघ को समसंख्यक आदेश दिनांक 27 जून 2014 द्वारा दिनांक 20 मई 2013 से 14 जून 2013 तक, छब्बीस दिन का लघुकृत अवकाश स्वीकृत किया गया है, में आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 20 मई से 2 जून 2013 तक चौदह, दिन का लघुकृत अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश काल में श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

भोपाल, दिनांक 9 जुलाई 2014

क्र. ई- 5-612- आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री मनु श्रीवास्तव, आयएएस. , प्रबंध संचालक, एम. पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड, जबलपुर को ADVANCED POWER MARKET LEADERSHIP PROGRAMME के अंतर्गत 09 दिवसीय फ्रांस एवं जर्मनी की विदेश यात्रा के अनुक्रम में दिनांक 7 से 10 जुलाई 2014 तक, चार दिन का एक्क इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री मनु श्रीवास्तव को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रबंध संचालक, एम. पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड, जबलपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता हैं.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

(3) अवकाशकाल में श्री मनु श्रीवास्तव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मनु श्रीवास्तव अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई-5-844- आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री अशोक कुमार सिंह , आएएस. , कलेक्टर, जिला कटनी को दिनांक 21 जुलाई से 14 अगस्त 2014 तक, पच्चीस दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 19 , 20 जुलाई 2014 एवं 15, 16, 17, 18 अगस्त 2014 के पूर्ववर्ती/ पश्चात्वर्ती सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2 ) श्री अशोक कुमार सिंह की अवकाश अवधि में श्री जेड यू शेख , राप्रसे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत कटनी को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला कटनी का प्रभार सौंपा जाता है.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री अशोक कुमार सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला कटनी के पद पर पुनः पदस्थकिया जाता हैं.

(4) श्री अशोक कुमार सिंह द्वारा कलेक्टर, जिला कटनी का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री जेड यू शेख कलेक्टर, जिला कटनी के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5) अवकाशकाल में श्री अशोक कुमार सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अशोक कुमार सिंह अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई - 5-837- आयएएस - लीव- 5- एक.- ( 1 ) श्रीमती सुनीता त्रिपाठी , आयएएस. , अपर परियोजना संचालक, माध्यमिक शिक्षा अभियान, भोपाल को दिनांक 15 से 24 मई 2014 तक दस दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 14 एवं 25 मई 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .

(2 ) अवकाशकाल में श्रीमती सुनीता त्रिपाठी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती सुनीता त्रिपाठी अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

भोपाल, दिनांक 10 जुलाई 2014

क्र. ई-5-800- आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्रीमती ( डॉ. ) मधु खरे, आयएएस. , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य वित्त विकास निगम, इंदौर को दिनांक 16 से 20 जून 2014 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 14 , 15 एवं 21 , 22 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2 ) अवकाशकाल में श्रीमती ( डॉ. ) मधु खरे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती ( डॉ. ) मधु खरे अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

भोपाल, दिनांक 11 जुलाई 2014

क्र. ई- 5-457- आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्रीमती कंचन जैन, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, संसदीय कार्य विभाग को दिनांक 14 से दिनांक 24 जुलाई 2014 तक, ग्यारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 12 एवं 13 जुलाई 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .

(2) श्रीमती कंचन जैन की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्रीमती सलीना सिंह भाप्रसे प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती कंचन जैन को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, संसदीय कार्य विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता हैं.

(4) श्रीमती कंचन जैन द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, संसदीय कार्य विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती सलीना सिंह उक्त प्रभार से मुक्त होंगी.

(5 ) अवकाशकाल में श्रीमती कंचन जैन को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती कंचन जैन अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

क्र. ई-5-851- आयएएस- लीव-5 - एक. ( 1 ) श्री एम. बी. ओझा, आयएएस. , कलेक्टर, जिला विदिशा को दिनांक 21 से दिनांक 26 जुलाई 2014 तक छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 19 , 20 एवं 27 जुलाई 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2 ) श्री एम. बी. ओझा की अवकाश अवधि में श्री शशिभूषण सिंह, राप्रसे अपर कलेक्टर ( विकास ) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत विदिशा को अपने कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला विदिशा का प्रभार सौंपा जाता है.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री एम . बी. ओझा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला विदिशा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

2384

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

(4) श्री एम. बी. ओझा द्वारा कलेक्टर , जिला विदिशा का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री शशिभूषण सिंह कलेक्टर, जिला विदिशा के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री एम. बी. ओझा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एम. बी. ओझा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई- 5-811 - आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री एस. एस. बंसल, आयएएस. , विकअ- सह- संयुक्त निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश एवं पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , विधि ( निर्वाचन ) विभाग को समसंख्यक आदेश दिनांक 9 अप्रैल 2014 द्वारा दिनांक 2 से 30 जून 2014 तक, उन्तीस दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश, दिनांक 1 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति के साथ स्वीकृत किया गया था, में आंशिक संशोधन करते हुए अब इन्हें दिनांक 2 से 29 जून 2014 तक, अट्ठाईस दिन का पुनरीक्षित एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश किया जाता है.

(2 ) समसंख्यक आदेश दिनांक 9 अप्रैल 2014 की शेष कंडिकाएं यथावत् रहेंगी .

भोपाल, दिनांक 14 जुलाई 2014

क्र. ई- 5-789 - आयएएस- लीव - 5 - एक.- ( 1 ) श्री शिवानंद दुबे, आयएएस. , कमिश्नर, चंबल संभाग , मुरैना को दिनांक 14 से 18 जुलाई 2014 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 19 एवं 20 जुलाई 2014 के सार्वजनिक अवकाश की अनुमति दी जाती है.

(2 ) श्री शिवानंद दुबे की अवकाश अवधि में श्री के. के. खरे, भाप्रसे कमिश्नर, ग्वालियर संभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कमिश्नर, चंबल संभाग , मुरैना का प्रभार सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री शिवानंद दुबे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कमिश्नर , चंबल संभाग , मुरैना के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) श्री शिवानंद दुबे द्वारा कमिश्नर, चंबल संभाग मुरैना का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री के. के. खरे, कमिश्नर, चंबल संभाग , मुरैना के प्रभार से मुक्त होंगे .

(5) अवकाशकाल में श्री शिवानंद दुबे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री शिवानंद दुबे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 17 जुलाई 2014

क्र. ई- 5-780 - आयएएस- लीव-5 - एक. ( 1 ) श्री डी. डी. अग्रवाल , आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा संचालक, एड्स को दिनांक 22 जुलाई से 01 अगस्त 2014 तक ईथाका, न्यूयार्क, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित 15वें वार्षिक खाद्य एवं कृषि व्यवसाय प्रबंधन कार्यक्रम में भाग लेने के अनुक्रम में दिनांक 4 से 8 अगस्त 2014 तक, पांच दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 3 एवं 9 , 10 अगस्त 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2 ) श्री डी. डी. अग्रवाल की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री फैज अहमद किदवई, भाप्रसे मिशन संचालक, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्यमिशन , भोपाल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक सौंपा जाता है .

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री डी. डी. अग्रवाल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा संचालक, एड्स के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री डी. डी. अग्रवाल द्वारा आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा संचालक, एड्स का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री फैज अहमद किदवई उक्त प्रभार से मुक्तहोंगे.

( 5) अवकाशकाल में श्री डी. डी. अग्रवाल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री डी. डी. अग्रवाल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अन्टोनी डिसा, मुख्य सचिव.

2385

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 17 जुलाई 2014

फा. क्र. 3 (ए) 1-2011 - इक्कीस - ब ( एक) .-उच्च न्यायिक सेवा की सदस्या श्रीमती संगीता मदान , अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश , ग्वालियर के द्वारा त्यागपत्र दिए जाने के कारण राज्य शासन , उच्च न्यायालय की अनुशंसा दिनांक 16 जुलाई 2014 को मान्य करते हुए उनका त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से स्वीकृत करता है.

भोपाल, दिनांक 22 जुलाई 2014

फा. क्र. 3 ( बी) 1-2012-इक्कीस ब ( एक ) .-( अनुपूरक सूची क्र. 1 ) , राज्य शासन , श्री सूर्यपाल सिंह राठौर पिता श्री राजेन्द्र सिंह राठौर को मध्यप्रदेश निम्नतर न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश होने तक अस्थायी रूप से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090-920-40450-1080-44470 में एतद्वारा नियुक्त करता है.

अभ्यर्थी का गृह जिला मंदसौर है . उसकी जन्मतिथि 14 अक्टूबर, 1986 है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, चन्द्रहास व्ही. सिरपुरकर, प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 22 जुलाई 2014

फा. क्र. 1 ( बी) 38-2004 - इक्कीस- ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्री आनन्द तिवारी पुत्र श्री रामचन्द्र तिवारी अधिवक्ता जिला भोपाल को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला भोपाल सत्र खण्ड के जिला भोपाल राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक, नियुक्त करता है. यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.

भोपाल, दिनांक 26 जुलाई 2014

शुद्धि-पत्र

फा. क्र. 1-1-2002- इक्कीस - ब ( एक) . इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 17-07-2014 की तालिका के सरल क्रमांक 3 के कॉलम 4 में अंकित शब्द " 27-06-2016 " के स्थान पर " 27-05-2016 " पढ़ा जाए.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र कुमार वर्मा , सचिव.

आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

सूचना

भोपाल, दिनांक 18 जुलाई 2014

क्र. एफ-3-86-2011- बत्तीस. मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 19 की उपधारा (4) के अधीन एतद्वारा सूचना दी जाती है कि राज्य सरकार द्वारा पिपरिया निवेश क्षेत्र के लिये विकास योजना मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 19 ( 1 ) में अनुमोदित की गई है तथा योजना की प्रति का निम्नलिखित कार्यालयों में कार्यालय समय के दौरान निरीक्षण किया जा सकेगा, अर्थात्ः-

1. आयुक्त, नर्मदापुरम संभाग होशंगाबाद म.प्र.

2. कलेक्टर, जिला होशंगाबाद म. प्र.

3. उप संचालक नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यलय होशंगाबाद म. प्र.

4. मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगरपालिका परिषद पिपरिया जिला- होशंगाबाद म. प्र.

(2) यह विकास योजना मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 19 की उपधारा ( 5 ) के प्रावधान अनुसार राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रवर्तित होगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वर्षा नावलेकर , उपसचिव.

भोपाल, दिनांक 18 जुलाई 2014

क्र. एफ- 3-86-2011 - बत्तीस.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश की सूचना क्रमांक एफ- 3-86-2011- बत्तीस, दिनांक 18 जुलाई 2014 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वर्षा नावलेकर, उपसचिव.

NOTICE Bhopal , the 18 July 2014

No.F- 3-86-2011 - XXXII.- Notice under Section 19 (4) of the Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam 1973 is hereby given that the State Government has approved the Development Plan for Piparia (Planning Area ) under sub - section ( 1 ) of Section 19 of the Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam 1973 ( No. 23 of 1973 ) , and a copy of the said plan may be inspected at the following offices during office hours , namely :-

1. Commissioner, Narmadapuram Division Hoshangabad M. P.

2. Collector, Hoshangabad , M. P.

3. Deputy Director , Town & Country Planning Distt. Office Hoshangabad , M. P.

4. Chief Municipal Officer, Nagar Palika Piparia , M. P.

(2) The said development plan shall come into operation with effect from the date of publication of this notice in M. P. Gazettee under Section 19 (5) of M. P. Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam 1973 .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

VARSHA NAOLEKAR, Dy. Secy .

2386

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 23 जुलाई 2014

क्र. एफ-1 ( ए) -253-1988- ब- 2 - दो.-( 1 ) डॉ. आर. के. गर्ग , भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एस.सी.आर.बी. , पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 11 से 14 अगस्त 2014 तक चार दिवस अर्जित अवकाश , दि. 09 , 10, 15, 16, 17 एवं 18 अगस्त 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) डॉ. आर. के. गर्ग , भापुसे, की अवकाश अवधि में उनका कार्य श्री पी. के. माथुर, पुलिस महानिरीक्षक, एस . सी. आर.बी. , पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.

(3 ) अवकाश से लौटने पर डॉ. आर. के. गर्ग , भापुसे, को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एस.सी.आर.बी. , पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) डॉ. आर . के. गर्ग, भापुसे, द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.

(5) अवकाशकाल में डॉ. आर. के. गर्ग , भापुसे , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. आर. के. गर्ग, भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

क्र. एफ-1 (ए) -268-86- ब- 2 - दो. - इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 7 मई 2014 द्वारा श्री राजेन्द्र कुमार, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक, प्रशिक्षण, पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 22 से 31 मई 2014 तक दस दिवस अर्जित अवकाश , दिनांक 1 जून 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत एवं उक्त अवकाश अवधि में खण्ड वर्ष 2010-13 के द्वितीय ब्लाक वर्ष 2012-13 के विस्तार वर्ष 2014 में उत्तर पूर्वी राज्यों की अवकाश यात्रा की पात्रता के तहत सपरिवार नुब्राह वेली ( लेह लद्दाख ) अवकाश यात्रा पर जाने की अनुमति प्रदान की गई थी. राज्य शासन द्वारा समसंख्यक आदेश दिनांक 7 मई 2014 को निरस्त करते हुए उन्हें दिनांक 22 मई 2014 से 10 जून 2014 तक कुल बीस दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

( 2 ) पूर्व समसंख्यक आदेश दिनांक 7 मई 2014 की शेष कंडिकाएं यथावत् रहेंगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. स्वाई , प्रमुख सचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग

भोपाल , दिनांक 17 जुलाई 2014

फा. क्र. I - 1-2002- इक्कीस - ब( एक) .- राज्य शासन, उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम, 1984 ( 1984 का सं. 66 ) की धारा -4 सहपठित मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 के अंतर्गत उच्चतर न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारियों को एतद्वारा , उनके नाम के सम्मुख दर्शाये अनुसार उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अधिवार्षिकी आयु पूर्ण करने अथवा आगामी आदेश होने तक नियुक्त करता है:-

क्र. नाम

पदनाम/पदस्थापना

(3)

(2)

(1)

1 श्री जगदीश बाहेती

नवीन पदस्थापना (4)

जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भिण्ड

2 श्री श्रीराम शर्मा

प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय , सींगरौली ( रिक्त पद पर) .

जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बड़वानी

अति. प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय , ग्वालियर श्री ए. के. श्रीवास्तव के स्थान पर.

अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता फोरम , भिण्ड

3 श्री कुशल पाल सिंह

प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय , राजगढ़ श्रीमती पारो रायजादा के स्थान पर.

अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता फोरम, सिवनी

4 श्री रवि कुमार नाईक

प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय, देवास श्री श्याम सुन्दर गर्ग के स्थान पर.

उक्त अधिकारियों को देय वेतन तथा भत्ते का निर्धारण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 के अंतर्गत होगा.

2387

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

फा. क्र. I - 1-2002- इक्कीस - ब( एक).- राज्य शासन, उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम, 1984 ( 1984 का सं. 66 ) की धारा -4 सहपठित मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 के अंतर्गत उच्चतर न्यायिक सेवा के निम्न सेवानिवृत्त अधिकारियों को एतद्वारा , उनके नाम के सम्मुख दर्शाये अनुसार उनके पदभार ग्रहण करने के दिनांक से 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने अथवा आगामी आदेश होने तक नियुक्त करता है:-

पदनाम /पदस्थापना

क्र.

(3) नाम (2)

(1)

1

प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय , नीमच ( रिक्त पद पर ) .

श्री प्रताप सिंह कुशवाहा, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश.

प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय , सीधी ( रिक्त पद पर) .

2 श्री रामप्रकाश शरण, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश.

3 श्रीमती जयश्री वर्मा, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश.

प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय, मण्डलेश्वर ( रिक्त पद पर ) .

4 श्री गिरिराज किशोर शर्मा , सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश.

प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय , रीवा ( रिक्त पद पर) .

5 श्री शिव नारायण खरे, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश.

62 वर्ष की आयु पूर्ण करने का दिनांक

(4)

06-03-2016

01-05-2016

27-06-2016

अति. प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय , उज्जैन ( रिक्त पद पर) .

30-06-2016

30-06-2016

उक्त अधिकारियों को देय वेतन तथा भत्ते का निर्धारण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 के अंतर्गत होगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, चन्द्रहास व्ही. सिरपुरकर, प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 24 जुलाई 2014

फा. क्र. 17 (ई ) -43-2009-1966-इक्कीस ब( एक) -14.- ग्राम न्यायालय अधिनियम , 2008 ( 2009 का 4 ) की धारा 5 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 17 ( ई ) -43-2009-2251- इक्कीस- ब( एक) -13 , दिनांक 10 मई 2013 में निम्नलिखित संशोधन करता है:-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में, सारणी में, अनुक्रमांक 82 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं:-

न्यायाधिकारी का नाम

पदस्थापना का स्थल अनु- क्रमांक

(2)

(3) (1)

उमरिया "82 श्री योगीराज पाण्डेय, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , उमरिया.

सारणी

सिविल जिले का नाम

ग्राम न्यायालय के मुख्यालय का नाम मध्यवर्ती स्तर की पंचायत के लिए ग्राम न्यायालय का नाम

(4)

(5)

(6)

उमरिया."

उमरिया

उमरिया 2388

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

[ भाग 1 F. No. 17 (E) 43-2009-1966-21 - B ( 1 ) / 14--- In exercise of the powers conferred by Section 5 of the Gram Nyayalayas Act , 2008 (No. 4 of 2009 ) , the State Government , in consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby, makes the following amendment in this department's Notification F. No. 17 (E) 43-2009-2251 - XXI - B ( 1 )/ 13 , dated 10th May , 2013 , Namely:-

AMENDMENT

In the said notification , in the table , for serial number 82 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be substituted , namely :-

TABLE

S. No. Name of Nyayadhikari

Name of Civil

District

Place of Posting

Name of Gram Nyayalaya for Panchayat at Intermediate level

Name of Head- quarter of Gram Nyayalaya

(6)

(5)

(2)

(3)

(4)

(1)

Umaria. "

Umaria

Umaria

"82

Umaria

Shri Yogiraj Pandey, IInd Civil Judge Class - II , Umaria.

भोपाल , दिनांक 25 जुलाई 2014

फा. क्र. 1 /3-2004 - इक्कीस- ब ( एक) 14.- मध्यप्रदेश निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम, 2000 ( क्रमांक 16 सन् 2001 ) की धारा 7 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति की सहमति से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 1-3-2004- इक्कीस - ब ( 1 ) , दिनांक 11 मई 2004 में, जो मध्यप्रदेश राजपत्र (भाग-1 ) , दिनांक 21 मई 2004 में प्रकाशित हुई थी, निम्नलिखित और संशोधन करती है तथा एतद्वारा , अनुसूची के कालम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट न्यायालयों को, उसके कालम ( 3 ) की तत्स्थानी प्रविष्टियों में विनिर्दिष्ट क्षेत्र के संबंध में, पूर्वोक्त अधिनियम के अधीन मामलों के निपटारे के प्रयोजन के लिये, उक्त अनुसूची के कालम ( 4 ) में विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय के रुप में पदाभिहित करती है:-

(संशोधन)

उक्त अधिसूचना में, अनुक्रमांक 33 - ए तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं:-

अनुसूची

विशेष न्यायालय

क्षेत्र (राजस्व जिले )

पदाभिहित न्यायालय

अनुक्रमांक

(3)

(4) (2)

(1)

" 33-ए

अनूपपुर

विशेष न्यायालय , अनूपपुर सेशन न्यायाधीश, अनूपपुर

उमरिया

33-बी

विशेष न्यायालय, उमरिया " अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , उमरिया

F. No. 1-3-2004-21 - B ( 1 ) / 14-In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 7 of the Madhya Pradesh Nikshepakon ke Hiton ka Sanrakshan Adhiniyam , 2000 (No. 16 of 2001 ) , the State Government with the concurrence of the Chief Justice of the High Court of Madhya Pradesh , hereby, makes the following further amendments in this department's Notification F. No. 1-3-2004-21 -B ( 1 ) , dated 11 May 2004, which was published in Madhya Pradesh Gazette (Part - 1 ) , dated , 21 May, 2004 and hereby designate the Courts Specified in colum (2) of the Schedule in relation to the area specified in the corresponding entries in column ( 3 ) thereof, as special Courts specified in column (4) of the said Schedule for the purpose of disposal of cases under the aforesaid Act :-

(AMENDMENT )

In the said Notification , in the Schedule , for serial number 33 - A and entries relating thereto , the following serial 2389 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

numbers and entries relating thereto , shall be substituted:-

TABLE

S. No.

Special Court (4)

Areas (Revanue District) (3)

(1)

Designated Court (2)

" 33 - A . Session Judge

Anuppur Umaria

33-B

Special Court , Anuppur Special Court , Umaria . " Additional Session Judge , Umaria

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र कुमार वर्मा , सचिव.

आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 18 जुलाई 2014

क्र. एफ. 3-84-2011- बत्तीस.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, ( संशोधित) 1973 ( क्रमांक 1 सन् 2012 ) की धारा 23 " क" की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ- 3- 84-2011 - बत्तीस, दिनांक 4 फरवरी 2013 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रवर्तित सीहोर विकास योजना, 2011 में निम्न उल्लेखित शर्तों के साथ उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे एवं शर्तें निम्नानुसार हैं :-

अनुसूची

ग्राम

क्रमांक

खसरा क्रमांक

उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू-उपयोग

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग (5)

(6)

(4)

(1)

(2)

(3)

1/1

1 ग्राम अब्दूलापुर

औद्योगिक औद्योगिक

9.092 7.118

2

कृषि कृषि

ग्राम पचामा

16/1/2क/1 ,

योग .. 16.210

2. उपरोक्त उपांतरण सीहोर विकास योजना, 2011 का एकीकृत भाग होगा.

भोपाल , दिनांक 24 जुलाई 2014

क्र. एफ. 3-162-2012- बत्तीस. मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, ( संशोधित ) 1973 ( क्रमांक 1 सन् 2012 ) की धारा 23 " क" की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ- 3- 162-2012 - बत्तीस , दिनांक 17 सितम्बर 2013 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रवर्तित टीकमगढ़ विकास योजना, 2011 में निम्न उल्लेखित शर्तों के साथ उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे एवं शर्तें निम्नानुसार हैं :-

अनुसूची

ग्राम

क्रमांक

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू-उपयोग (6)

विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग (5)

(4)

(2)

खसरा क्रमांक (3)

(1)

आवासीय 1

6.151 हेक्टेयर में

कृषि

104/1 , 104/2 ,

ग्राम डुमरउमोटा

से 5.157

104/3, 104/4 ,

104/5, 104/6 ,

104/7 , 104/8 , [ भाग 1 2390

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अगस्त 2014

(6) (3)

(4)

(5)

(2)

(1)

104/9,

104/10,

104/11 ,

104/12,

104/13,

104/14,

104/15,

104/16,

104/17,

104/18,

योग .. 5.157

(1) यह कि आवेदक संस्था ने मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम, 2012 के नियम 15 के अंतर्गत देय राशि रु. 1,13,45,400/- ( रुपये एक करोड़ तैरह लाख पैंतालीस हजार चार सौ रुपये मात्र ) दिनांक 29 मार्च 2014 एवं दिनांक 31 मार्च 2014 को भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा सागर एवं भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा टीकमगढ़ के चालान क्रमांक- 423/322 एवं जी-1-023860 द्वारा राजकीय कोष में जमा कर दी है.

(2) रेल्वे की भूमि तथा एम. आर. - 4 के बाद 6-6 मीटर भूमि खुली छोड़ी जाए.

(3) आवेदक द्वारा प्रश्नाधीन भूमि का पहुंच मार्ग जिसकी लम्बाई 1.5 कि.मी. है एवं राईट ऑफ वे 12 मीटर है जिस पर वर्तमान में 3.5 मीटर मुरमीकृत है, को बढ़ाकर 7.5 मीटर चौड़ाई का डामरीकृत रोड कराया जाना आवश्यक होगा.

(4) आवेदक द्वारा दिनांक 26-02-2013 को दिये गये उक्त रोड के संशोधित प्राकलन अनुसार कुल लागत रुपये 99.68 लाख के 50 प्रतिशत राशि की बैंक गारंटी बिना शर्त के कार्यपालन संचालक मध्यप्रदेश विकास प्राधिकरण संघ के नाम से जमा करानी होगी.

(5) सक्षम प्राधिकारी नगर तथा ग्राम निवेश बैक गारंटी प्रस्तुत किये जाने के तथ्य की पुष्टि कराये बिना उपांतरित भूमि पर कोई विकास अनुज्ञा जारी नहीं करेगा.

(6) आवेदक संस्था कंडिका-5 में उल्लेखित निर्माण कार्य निर्धारित प्राकलन का पूरा करने पर उसकी जानकारी कार्यपालन संचालक मध्यप्रदेश विकास प्राधिकरण संघ को प्रस्तुत करेगी.

(7) कार्यपालन संचालक मध्यप्रदेश विकास प्राधिकरण संघ यह प्रमाणित करने के पश्चात् कि उक्त निर्माण दिये गये प्राकलन के अनुरूप निर्मित कर लिया गया है, तदोपरांत बैक गारंटी आवेदक संस्था के पक्ष में मुक्त करेगी.

(8) उपरोक्त बैंक गारंटी की अवधि कम से कम 12 माह की होगी तथा कार्यपालन संचालक मध्यप्रदेश विकास प्राधिकरण संघ के निर्देशानुसार आवेदक संस्था के आवेदन पर इस अवधि को आवश्यकतानुसार बढ़ाया जा सकता है अन्यथा सक्षम प्राधिकारी से विकास अनुज्ञा प्राप्त करने के 12 माह के भीतर मार्ग निर्माण का कार्य पूरा नहीं किए जाने पर कार्यपालन संचालक मध्यप्रदेश विकास प्राधिकरण संघ उक्त गारंटी की राशि राजसात कर सकेगा.

(9) मार्ग निर्माण की शर्त की पूर्ति किए बिना अगर उक्त बैंक गारंटी समय बाधित हो जाती है तो इसका पूर्ण दायित्व परियोजना अधिकारी तथा कार्यपालन संचालक मध्यप्रदेश विकास प्राधिकरण संघ का होगा .

( 10 ) उपरोक्त उपांतरण टीकमगढ़ विकास योजना 2011 का एकीकृत भाग होगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

वर्षा नावलेकर , उपसचिव.

2391

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं

खनिज साधन विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 14 जुलाई 2014 क्रमांक 5155-1615-2014- बारह -1

[भारत के राजपत्र, भाग II , खण्ड 3 , उपखण्ड (ii ) में प्रकाशनार्थ ]

भारत सरकार

कोयला मंत्रालय

नई दिल्ली, तारीख 9 मई , 2014

अधिसूचना

का. आ..- केन्द्रीय सरकार को यह प्रतीत होता है कि, इससे उपाबद्ध अनुसूची में उल्लिखित परिक्षेत्र की भूमि से कोयला अभिप्राप्त किए जाने की संभावना है;

और, उक्त अनुसूची में उल्लिखित भूमि के क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रेखांक संख्या सी -1 ( ई ) III/जीआर/ 899-0713 , तारीख 31 जुलाई , 2013 का निरीक्षण, वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड, ( राजस्व विभाग ) , कोल इस्टेट, सिविल लाईन्स , नागपुर-440001 , महाराष्ट्र या मुख्य महाप्रबंधक ( खोज प्रभाग ) , सेन्ट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इन्स्टीट्यूट , गोंडवाना प्लेस, कांके रोड, रांची-834001 या कोयला नियंत्रक, 1 , काउंसिल हाउस स्ट्रीट, कोलकता -700 001 के कार्यालय में या जिला कलक्टर, छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश के कार्यालय में किया जा सकता है;

अतः , अब, केन्द्रीय सरकार, कोयला धारक क्षेत्र ( अर्जन और विकास ) अधिनियम, 1957 ( 1957 का 20 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि से कोयले का पूर्वेक्षण करने के अपने आशय की सूचना देती है;

उक्त अनुसूची में उल्लिखित भूमि में हितबद्ध कोई व्यक्ति, -

(i) उक्त अधिसूचना की धारा 4 की उपधारा ( 3 ) के अधीन की गई किसी कार्रवाई से हुई या होने वाली संभावित किसी क्षति के लिए अधिनियम की धारा 6 के अधीन प्रतिकर का दावा कर सकेगा; अथवा

(ii) उक्त अधिनियम की धारा ( 13 ) की उपधारा ( 1 ) के अधीन पूर्वेक्षण अनुज्ञप्तियों के प्रभावहीन होने के संबंध में या उक्त अधिनियम की धारा 13 की उपधारा ( 4 ) के अधीन खनन पट्टे प्रभावहीन होने के लिए प्रतिकर का दावा कर सकेगा और उसे उक्त अधिनियम की धारा 13 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( 1 ) से खण्ड ( iv) में विनिर्दिष्ट मदों की बाबत् उपगत व्यय को उपदर्शित करने के लिए पूर्वोक्त भूमि से संबंधित सभी मानचित्रों, चार्टों और अन्य दस्तावेजों को परिदत्त कर सकेगा.

इस अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से नब्बे दिन के भीतर, क्षेत्रीय महाप्रबंधक, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, पेंच क्षेत्र, पोस्ट ऑफिस परासिया, तहसील परासिया, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश या महाप्रबंधक ( भूमि और राजस्व ) , वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, कोल ईस्टेट, सिविल लाईन्स, नागपुर-440 001 , महाराष्ट्र को भेजेंगे:-

2392

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अगस्त 2014

अनुसूची

थिसगोरा ' सी' ब्लाक

पेंच क्षेत्र

जिला छिन्दवाड़ा ( मध्यप्रदेश )

[ रेखांक संख्या सी-1 ( ई ) III/जीआर/ 899-0713 , तारीख 31 जुलाई, 2013 ]

सभी अधिकारः

तहसील

क्रम सं. ग्राम का नाम

पटवारी सर्किल संख्या

(4)

(2)

(1)

(3)

32

परासिया

1 झुरै रैय्यतवारी

32

परासिया

2 झुरै

31

परासिया

3 तुमड़ी

27

परासिया

मोहली

4

32 5 माथनी

परासिया

सीमा वर्णनः

टिप्पणी जिला

(7)

क्षेत्रफल (हेक्टर में) (6)

(5)

भाग

15.876

छिन्दवाड़ा

218.295

भाग छिन्दवाड़ा

भाग

204.402

छिन्दवाड़ा

भाग

11.906

छिन्दवाड़ा

भाग

114.931

छिन्दवाड़ा

कुल क्षेत्र:-565.410 हेक्टर ( लगभग ) या 1397.16 एकड़ (लगभग ) क-खः रेखा बिन्दु ' क ' से आरंभ होती है और ग्राम झुरै से गुजरती हुई ग्राम झुरै और शासकीय वन की सम्मिलित सीमा से होकर गुजरती है और बिन्दु ' ख ' पर मिलती है .

ख -गः रेखा ग्राम झुरै से गुजरती हुई ग्राम झुरै और ग्राम झुरै रैय्यतवारी की सम्मिलित सीमा से होकर गुजरती है और बिन्दु ' ग ' पर मिलती है.

ग-घः रेखा ग्राम झुरै रैय्यतवारी से गुजरती हुई ग्राम झुरै रैय्यतवारी और ग्राम झुरै की सम्मिलित सीमा से होकर गुजरती है और बिन्दु ' घ ' पर मिलती है.

घ-ङ: रेखा ग्राम झुरै से गुजरती हुई ग्राम झुरै और ग्राम तुमड़ी की सम्मिलित सीमा से होकर गुजरती है और बिन्दु ' ङ' पर मिलती है .

ङचः रेखा ग्राम तुमड़ी से गुजरती हुई मगरही नाला को पार करती है और पुनः ग्राम तुमड़ी से गुजरती हुई गुन्नोर नदी के किनारे से जाती हुई मगरही नाले को पार करती है और ग्राम तुमड़ी से गुजरती हुई ग्राम तुमड़ी तथा ग्राम मोहली की सम्मिलित सीमा से होकर गुजरती है तथा बिन्दु ' च ' पर मिलती है.

च-छः रेखा ग्राम तुमड़ी और ग्राम मोहली की सम्मिलित सीमा से गुजरती हुई ग्राम मोहली और ग्राम माथनी की सम्मिलित सीमा से होकर गुजरती है तथा बिन्दु ' छ ' पर मिलती है.

छ-कः रेखा ग्राम माथनी से गुजरती हुई ग्राम माथनी और ग्राम झुरै की सम्मिलित सीमा से होकर गुजरती है और आरंभिक बिन्दु ' क ' पर मिलती है.

(फा.सं. 43015/31/2010- पीआरआईडब्ल्यू-1 )

हस्ता./-

(दोमिनिक डुंगडुंग ) अवर सचिव, भारत सरकार.

2393

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

[TO BE PUBLISHED IN THE GAZETTE OF INDIA , PART II , SECTION 3 , SUB - SECTION ( II ) ]

GOVERNMENT OF INDIA

MINISTRY OF COAL

New Delhi , dated the 9th May , 2014

NOTIFICATION

S.O..-WHEREAS , it appears to the Central Government that Coal is likely to be obtained from the land in the locality described in the Schedule annexed hereto ;

AND, WHEREAS , the plan bearing number C - 1 ( E) III/GR/ 899-0713 , dated the 31st July , 2013 of the area described in the said Schedule may be inspected at the Office of the Western Coalfields Limited ( Revenue Department) , Coal Estate, Civil Lines , Nagpur-440 001 , Maharashtra or at the Office of the Chief General Manager (Exploration Division) , Central Mine Planning and Design Institute , Gondwana Palace , Kanke Road, Ranchi-834 001 or at the Office of the Coal Controller , 1 Council House Street , Kolkata- 700 001 or at the Office of the District Collector, Chhindwara , Madhya Pradesh .

NOW, THEREFORE , in exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 4 of the Coal Bearing Areas (Acquisition and Development) Act , 1957 (20 of 1957 ) , (hereinafter referred to as the said Act ) , the Central Government hereby gives notice of its intention to prospect for coal from land described in the said Schedule;

Any persons interested in the land described in the Schedules may,-

(i) claim compensation under section 6 of the said Act for any damage caused or likely to be casused by any action taken under sub - section (3 ) of Section 4 of the thereof; or

(ii) claim compensation under sub - section ( 1 ) of Section 13 of the said Act in respect of prospecting license ceasing to have effect or under sub - section (4) of Section 13 of the said Act for mining lease ceasing to have effect and deliver all maps , charts and other documents relating to the aforesaid land to show the expenditure incurred in respect of items specified in clauses ( i ) to ( iv ) of sub - section ( 1) of Section 13 of the said Act ,

to the Office of the Area General Manager , Western Coalfields Limited, Pench Area , Post Office Parasia , Tahsil Parasia , District Chhindwara , Madhya Pradesh or General Manager ( Land and Revenue ) Western Coalfields Limited, Land and Revenue Department , Coal Estate , Civil Lines , Nagpur -440 001 , Maharashtra within ninety days from the date of publication of this notification in the Official Gazette :-

SCHEDULE

THESGORA ' C ' BLOCK

PENCH AREA

DISTRICT CHHINDWARA ( MADHYA PRADESH )

[Plan bearing number C- 1 ( E ) III/ GR/899-0713 , dated 31st July , 2013 ]

All rights :

District (5)

Remarks (7)

Area (inhectares) (6)

Patwari Circle Number (3)

Tahsil (4)

Name of Village (2)

Sl . No. (1)

15.876

Part

Chhindwara

32

Parasia

1. Jhurrey Raitwari

218.295

Part

Chhindwara

Parasia

32

2. Jhurrey

204.402

Part

31

Parasia Chhindwara

3. Tumri

Chhindwara

11.906

Part

27

Parasia

Mohli

4.

Part

32

Parasia Chhindwara

114.931

5. Mathni

Total Area : 565.410 hectares ( approximately) or 1397.16 acres ( approximately) [ भाग 1 2394

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

Boundary description :

A-B: Line starts from Point 'A' and passes through Village Jhurrey and meets on common boundary of Village Jhurrey and Government forest at Point 'B ' .

B-C: Line passes through Village Jhurrey and meets at common boundary of Villages Jhurrey and Jhurrey Raitwari at Point 'C' .

C-D: Line passes through Village Jhurrey Raitwari and meets on common boundary of Villages Jhurrey Raitwari and Jhurrey at Point 'D' .

D-E: Line passes through Village Jhurrey and meets on common boundary of Villages Jhurrey and Tumri at Point 'E' .

E-F: Line passes through Village Tumri , crosses the Magrahi Nallah then again passes through Village Tumri and proceeds along the bank of River Gunnor then again crosses the Magrahi Nallah and passes through Village Tumri and meets on common boundary of Villages Tumri and Mohli at Point 'F' .

F-G: Line along the common boundary of Villages Tumri and Mohli and meets on common boundary of Villages Mohli and Mathni at Point 'G' .

G-A: Line passes through Village Mathni and meets on common boundary of Villages Mathni and Jhurrey at Point 'A' .

(F.No. 43015/31 /2010 - PRIW- I )

Sd./- (DOMINIC DUNGDUNG ) Under Secretary to the Government of India .

विभाग प्रमुखों के आदेश

मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग प्लाट नं. 76 , अरेरा हिल्स , भोपाल

भोपाल, दिनांक 18 जुलाई 2014

क्र. 301-001-2004.- मध्यप्रदेश शासन, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय , भोपाल के आदेश क्रमांक एफ- 5-4-2004-29-2 , भोपाल , दिनांक 28 जनवरी 2004 द्वारा वैष्ठित शक्तियों के अधीन इस कार्यालय के समसंख्यक आदेश दिनांक 15 जुलाई 2014 में जारी स्वतंत्र जिला फोरमों के अध्यक्षों को वर्तमान प्रभार के अतिरिक्त पूर्णकालिक/अंशकालिक जिला फोरमों के अध्यक्षों के रूप में नियुक्त किये जाने के आदेश में निम्नानुसार परिवर्तन करते हुए नीचे सारणी के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट जिला फोरमों के अध्यक्षों को उनके वर्तमान प्रभार के अतिरिक्त दिनांक 28 जुलाई 2014 से उक्त सारणी के कालम ( 3 ) में विनिर्दिष्ट जिला फोरमों का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा जाता है :-

सबद्ध अंशकालिक फोरम का नाम (3)

पूर्णकालिक फोरम का नाम (2)

क्रमांक (1)

ग्वालियर

1.

2.

मुरैना, भिण्ड मण्डला, सिवनी, बालाघाट.

जबलपुर

हस्ता./- 2395

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

रजिस्ट्रार.

कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , शाजापुर, मध्यप्रदेश

शाजापुर, दिनांक 21 जुलाई 2014

क्र. 761 - बी- एस.डब्ल्यू. - 2014.- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्र. 2 सन् 1974 ) की धारा 2 ( एस ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा नीचे दी गई सारणी में विनिर्दिष्ट स्थानीय क्षेत्रों को प्रस्तावित करते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा " मध्यप्रदेश राजपत्र " में इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख सेः-

" सचिव, मध्यप्रदेश शासन, गृह (पुलिस ) विभाग मंत्रालय, भोपाल के आदेश क्रमांक एफ-2 (क) -19-2012- बी-3-2 , भोपाल , दिनांक 8 अगस्त 2013 एवं पुलिस मुख्यालय के पृष्ठांकन क्रमांक पुमु- 18- योजना-3-767-13 , दिनांक10 अगस्त 2013 द्वारा जिला शाजापुर के ग्राम उकावता, थाना शाजापुर, तहसील शाजापुर में राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा हेतु चौकी ( चैक पोस्ट) ए.बी. रोड, एन.एच. स्वीकृत की गई है. उक्त चौकी को एतद्वारा राजपत्र में प्रकाशन के दिनांक से अस्तित्व में लाया जाता है. इस चौकी के क्षेत्र में ग्राम उकावता ( थाना शाजापुर, जिला शाजापर ) से ग्राम आलरी ( थाना मक्सी , जिला देवास ) तक का राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 03 का 60 किलोमीटर का क्षेत्र सम्मिलित रहेगा. इस क्षेत्र में घटित होने वाले अपराधों की रोकथाम, पंजीयन व अनुसंधान का कार्य संबंधित थानों के साथ - साथ इस चौकी पर पदस्थ पुलिस अधिकारियों द्वारा भी सम्पादित किया जावेगा.

प्रमोद गुप्ता, जिला दण्डाधिकारी एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला हरदा , मध्यप्रदेश

हरदा, दिनांक 18 जुलाई 2014

क्र. 402- मण्डी निर्वा.- 2014-15 .- मध्यप्रदेश , कृषि उपज मण्डी अधिनियम , 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं , रजनीश श्रीवास्तव, कलेक्टर, हरदा मण्डी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( घ ) के अनुक्रम में मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी ( लोक सभा तथा विधान सभा सदस्य की मण्डी समिति में सदस्यता तथा प्रतिनिधि का नाम निर्देशन ) नियम -2010 के अन्तर्गत हरदा जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मण्डी समितियों के लिये एतद्वारा प्रतिनिधि नाम निर्दिष्ट करता हूं: -

मण्डी अधिनियम की धारा क्र. मण्डीका नाम

नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता

11(1) (घ) 1 कृषि उपज मण्डी समिति, खिरकिया श्री गंगाविशन मुनीम जी,

11 (1 ) (घ)

नि. ग्राम छिपाबड, तह. खिरकिया. श्री शंकर सिंह सोलंकी पिता श्रीकिशन,

नि. जटपुरामाल, तह. खिरकिया.

11( 1 ) ( घ)

श्री चम्पालाल पटेल, नि. सोडलपुर

2 कृषि उपज मण्डी समिति, टिमरनी

11 (1 ) ( घ)

श्री पदम पटेल, नि. सिराली

3 कृषि उपज मण्डी समिति, सिराली

क्र. 404- मण्डी निर्वा.- 2014-15 .- मध्यप्रदेश , कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, रजनीश श्रीवास्तव , कलेक्टर, हरदा मण्डी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( ङ) के अनुक्रम में मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी ( सहकारी विपणन सोसायटी की प्रबंध कारणी समिति के द्वारा सदस्य को मण्डी समिति में सदस्यता तथा प्रतिनिधि का नाम निर्देशन ) नियम -2010 के अन्तर्गत हरदा जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मण्डी समितियों के लिये एतद्वारा प्रतिनिधि नाम- निर्दिष्ट करता हूं: -

मण्डी अधिनियम की धारा

नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता

क्र. मण्डी का नाम [ भाग 1 2396

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अगस्त 2014

11 (1) (ङ) 1 कृषि उपज मण्डी समिति, खिरकिया श्री नितिन आ. श्री पूनमचंद

क्र. 406 - मण्डी निर्वा.- 2014-15. - मध्यप्रदेश , कृषि उपज मण्डी अधिनियम , 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं , रजनीश श्रीवास्तव , कलेक्टर , हरदा मण्डी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( च ) के अनुक्रम में मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी ( कृषि विभाग के अन्तर्गत अधिकारी को मण्डी समिति में सदस्यता तथा प्रतिनिधि का नाम निर्देशन ) नियम-2010 के अन्तर्गत हरदा जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मण्डी समितियों के लिये एतद्वारा प्रतिनिधि नाम- निर्दिष्ट करता हूं:-

मण्डी अधिनियम की धारा

नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता

क्र. मण्डीका नाम

11(1 ) (च)

श्री विलास पाटिल, सहायक संचालक कृषि

1 कृषि उपज मण्डी समिति, हरदा

11(1 ) (च)

श्री जी. एस. मण्डलेकर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी

2 कृषि उपज मण्डी समिति, खिरकिया

11(1 ) (च)

श्री सी. के. त्रिपाठी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी

3 कृषि उपज मण्डी समिति, टिमरनी

11 (1 ) (च) 4 कृषि उपज मण्डी समिति, सिराली श्री पी. एन. छापरे, कृषि विकास अधिकारी

क्र. 408 - मण्डी निर्वा.-2014-15.- मध्यप्रदेश , कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं रजनीश श्रीवास्तव, कलेक्टर, हरदा मण्डी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( झ ) के अनुक्रम में मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी ( जिला भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष या उसकी प्रबंध समिति के सदस्य को मण्डी समिति में सदस्यता तथा प्रतिनिधि का नाम निर्देशन ) नियम- 2010 के अन्तर्गत हरदा जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मण्डी समितियों के लिये एतद्वारा प्रतिनिधि नामनिर्दिष्ट करता हूं:-

मण्डी अधिनियम की धारा

नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता

क्र. मण्डी का नाम

11 (1 ) (झ) 1 कृषि उपज मण्डी समिति, हरदा श्री दशरथ ढोके, बैंक संचालक ग्राम/ पोस्ट रिजगांव , तहसील हरदा.

11 (1 ) (झ) 2 कृषि उपज मण्डी समिति, खिरकिया श्री सखाराम ठाकुर, बैंक संचालक, ग्राम बारंगा, पोस्ट खमलाय , तह. खिरकिया.

11 (1) (झ) 3 कृषि उपज मण्डी समिति, टिमरनी श्री दशरथ ढोके, बैंक संचालक ग्राम/पोस्ट रिजगांव , तहसील हरदा.

क्र. 410 - मण्डी निर्वा.- 2014-15.- मध्यप्रदेश, कृषि उपज मण्डी अधिनियम , 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, रजनीश श्रीवास्तव , कलेक्टर, हरदा मण्डी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( ञ ) के अनुक्रम में मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी (ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या जिला पंचायत के अध्यक्ष द्वारा सदस्य को मण्डी समिति में सदस्यता तथा प्रतिनिधि का नाम निर्देशन ) नियम -2010 के अन्तर्गत हरदा जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मण्डी समितियों के लिये एतद्वारा प्रतिनिधि नामनिर्दिष्ट करता हूं:-

मण्डी अधिनियम की धारा

नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता

क्र. मण्डीका नाम

11(1 ) (ञ)

श्रीमती सुप्रिया अशोक पटेल, नि. मानपुरा, हरदा

1 कृषि उपज मण्डी समिति, हरदा

11(1 ) (ञ)

श्री भूपेन्द्र शाह , ग्राम मकडाई, तह. खिरकिया

2 कृषि उपज मण्डी समिति, खिरकिया

11 (1 ) (ञ)

श्रीमती सुप्रिया अशोक पटेल, नि. मानपुरा, हरदा

3 कृषि उपज मण्डी समिति, टिमरनी

11 (1) (ञ)

श्री भूपेन्द्र शाह , ग्राम मकडाई, तह. खिरकिया

4 कृषि उपज मण्डी समिति, सिराली

रजनीश श्रीवास्तव, कलेक्टर.

2397

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला दमोह , मध्यप्रदेश

दमोह, दिनांक 22 जुलाई 2014

क्र. एफ- 85-10-( मण्डी) -मण्डी निर्वा.- 2014-15-60.- मध्यप्रदेश , कृषि उपज मण्डी अधिनियम , 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं , स्वतंत्र कुमार सिंह , कलेक्टर, दमोह मण्डी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( घ) के अनुक्रम में मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी ( लोक सभा तथा विधान सभा सदस्य की मण्डी समिति में सदस्यता तथा प्रतिनिधि का नाम निर्देशन ) नियम -2010 के अन्तर्गत दमोह जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मण्डी समितियों के लिये एतद्वारा प्रतिनिधि नाम- निर्दिष्ट करता हूं: - मण्डी का नाम

नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता

मण्डी अधिनियम की धारा (4)

(3)

(2)

क्र. (1)

1 171- दमोह 07- दमोह संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित सांसद द्वारा नामनिर्दिष्टः- मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) प्रद्युम्नसिंह/प्रताप नारायण सिंह , हिंडोरिया, जिला दमोह 1.

2 174- हटा

मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) 57- हटा विधान सभा क्षेत्र से निर्वाचित विधान सभा सदस्य द्वारा नामनिर्दिष्टः-

1. कमलेश चौदहा/स्व. श्री शालिगराम चौदहा, ग्राम व पो. मड़ियादो, तह. हटा, जिला दमोह.

3 171- दमोह

1. रविशंकर गुप्ता, सहायक संचालक, कृषि दमोह

मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) 4 171- दमोह

मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) सहकारी विपणन सोसायटी की प्रबंधकारिणी समिति द्वारा 1. देवेन्द्र कुमार सेठ/ गुलाबचंद सेठ, पुराना बाजार नं. 01 , दमोह

स्वतंत्र कुमार सिंह, कलेक्टर.

मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण सी-2 , साउथ सिविल लाइन्स, जबलपुर

जबलपुर , दिनांक 25 जून 2014

क्र. फा.नं. 4- वि.सेवा- राविसेप्रा. - 14.-मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की बैठक दिनांक 3 फरवरी 2014 में पारित प्रस्ताव अनुसार विधिक सहायता अधिवक्ताओं को देय मानदेय/ शुल्क पुनरीक्षित किया गया, जो निम्नानुसार है:-

अ- (i) जिला एवं सत्र न्यायालय के लिये-

-रुपये 4,000/- से 6,000/ -

(1) सत्र प्रकरण :

अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा यथानिर्धारित ) विशेष मामले जैसे- एन.डी.पी.एस. अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, अनुसूचित जाति एवं जनजाति ( अत्याचारों का निवारण ) अधिनियम इत्यादि, जो सत्र न्यायालयों या विशेष न्यायालयों में सत्र न्यायाधीश द्वारा ( विद्युत् मामलों को छोड़कर ) अनन्यतः विचारण किये जाते हैं, सत्र मामलों की भांति शुल्क देय होगा.

(2)

-रुपये 2,000/ -

सत्र प्रकरणों के अतिरिक्त एवं विशेष प्रकरण

-रुपये 3,000/ -

व्यवहार वाद- ए श्रेणी वाद

(3)

बी श्रेणी वाद

-रुपये 1,500/- [ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

2398

व्यवहार अपील- ए श्रेणी वाद (4)

बी श्रेणी वाद (5) वैवाहिक प्रकरण

(6 ) मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण

जमानत आवेदन

(7)

आपराधिक पुनरीक्षण

(8)

दाण्डिक अपील

(9 )

एम. जे. सी.

(10)

(ii) व्यवहार न्यायाधीश न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के लिएः -

(1) दीवानी वाद- ए श्रेणी वाद बी श्रेणी वाद

आपराधिक मामले

(2)

भरण पोषण मामले

(3)

जमानत आवेदन

(4)

एम. जे. सी.

(5)

(iii) राजस्व न्यायालयों के लिएः- राजस्व मण्डल

(1)

(2) आयुक्त

कलेक्टर

(3)

एस.डी.ओ./एस.डी.एम.

(4)

तहसीलदार

(5)

(iv) अन्य न्यायालयों के लिएः- राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग/अधिकरण-

(1)

श्रम न्यायालय

(2)

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम (3)

-रुपये 3,000/ -

-रुपये 1,500/-

-रुपये 1,100/ -

-रुपये 1,100/-

-रुपये 1,100/-

-रुपये 1,100/-

-रुपये 2,000/-

-रुपये 1,100/-

-रुपये 3,000/-

-रुपये 1,500/--

-रुपये 1,500/-

-रुपये 1,100/-

-रुपये 500/-

-रुपये 500/-

-रुपये 1,100/-

-रुपये 1,100/-

-रुपये 1,100/-

-रुपये 1,100/-

-रुपये 1,100/-

रुपये 1,100/-

-रुपये 1,100/-

- रुपये 1,100/-

(v) अन्य प्रकरण.-जो प्रकरण उपरोक्त अंतर्गत नहीं आते एवं जिन मामलों में विधिक सहायता म. प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण विनियम, 1997 के विनियम, 15 के उपबंधों के सिवाय , नहीं दी जा सकती , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष को उपरोक्तानुसार निश्चित मानदेय की अनुसूची एवं मध्यप्रदेश दीवानी न्यायालय नियम ( नियमों एवं आदेशों ) को विचार में रखते हुए विधिक पारिश्रमिक निश्चित करने की शक्ति होगी.

2399

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

मुद्रण एवं प्रकीर्ण व्ययः-

(vi)

1 . विधिक सहायता अधिवक्ता द्वारा जो वास्तविक आनुषांगिक व्यय किए जाते हैं ऐसे विधिक सहायता अधिवक्ता द्वारा प्रमाण- पत्र, जो देयकों द्वारा समर्थित हो, की प्रतिपूर्ति की जायेगी. यदि ऐसे अनुषांगिक व्यय देयकों द्वारा समर्थित नहीं है तो अध्यक्ष , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रकरण की प्रकृति को एवं अनुमानित खर्चे को ध्यान में रखते हुए उचित राशि निश्चित कर, प्रतिपूर्ति कर सकता है.

2. ऐसे प्रकरण में जहां एक से अधिक व्यक्ति विधिक सहायता से लाभांवित है, एकल मानदेय ( Single set of honorarium) देय होगा.

ब-उच्च न्यायालय के लिए

भाग-1 दीवानी कार्य

-रुपये 3,000/-

डिवीजन 1 , दीवानी अपील जो मूल डिक्री या अपीलीय डिक्री से उद्भूत हो

-रुपये 1,500/ -

डिवीजन 2 , प्रकीर्ण अपीलें

-रुपये 1,500/-

डिवीजन 3 ए, दीवानी पुनरीक्षण एवं रिट याचिकायें जो सिविल प्रक्रिया संहिता से उद्भूत हो

-रुपये 1,500/-

डिवीजन 3 बी, किराया पुनरीक्षण

-रुपये 2,000/-

डिवीजन 4 , रिट याचिकायें जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226/227 के अंतर्गत हो

भाग-2 आपराधिक कार्य

डिवीजन 1 आपराधिक अपीलें

-रुपये 5,000/-

अ- मृत्युदण्ड से संबंधित अपीलें

ब- आजीवन कारावास से संबंधित अपीलें

-रुपये 4,000/-

-रुपये 2,000/-

स-अन्य अपीलें ( अ एवं ब के अतिरिक्त)

-रुपये 1,500/-

डिवीजन 2 आपराधिक पुनरीक्षण

-रुपये 1,000/-

डिवीजन 3 विविध आवेदन, प्रकीर्ण आपराधिक प्रकरणों सहित

भाग-3 विविध प्रकीर्ण

प्रक्रियायें

-रुपये 2,000/-

डिवीजन 1 , एल.पी.ए. एवं रिट अपीलें

-रुपये 500/-

डिवीजन 2 , निर्णय/आदेशों का पुनर्वलोकन

डिवीजन 3 , अन्य प्रकरण

जो प्रकरण उपरोक्त अंतर्गत नहीं आते एवं जिन मामलों में विधिक सहायता म. प्र . राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण विनियम, 1997 के विनियम, 15 के उपबन्धों के सिवाय , नहीं दी जा सकती , अध्यक्ष को मानदेय की अनुसूची एवं म.प्र. दीवानी न्यायालय नियम ( नियमों एवं आदेशों ) को विचार में रखते हुए उपरोक्तानुसार विधिक पारिश्रमिक निश्चित करने की शक्ति होगी.

डिवीजन- 4- आनुषांगिक व्यय एवं प्रकीर्ण मामलें

1. विधिक सहायता अधिवक्ता द्वारा जो वास्तविक आनुषांगिक व्यय किए जाते हैं ऐसे विधिक सहायता अधिवक्ता द्वारा प्रमाण- पत्र जो देयकों द्वारा समर्थित हो , की प्रतिपूर्ति की जायेगी . यदि ऐसे अनुषांगिक व्यय देयकों द्वारा समर्थित नहीं है तो सचिव, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति प्रकरण की प्रकृति को एवं अनुमानित खर्चे को ध्यान में रखते हुए उचित राशि निश्चित कर, प्रतिपूर्ति कर सकता है.

देय होगा. 2. ऐसे प्रकरणों में जहां एक से अधिक व्यक्ति विधिक सहायता से लाभांवित हैं , एकल मानदेय ( Single set of honorarium)

दिनेश कुमार नायक, सदस्य- सचिव.

2400

[[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अगस्त 2014

Jabalpur the 25th June , 2014

F- No.4 -Leg.Ad.-SLSA- 2014.-The Madhya Pradesh State Legal Services Authority in its meeting dated 3rd February , 2014 resolved that the honorarium/ fee payable to the Panel Lawyears be revised as under : -- A-( i ) For District & Sessions Court :

(1 ) Session Trail :

Rs . 4,000/- to 6,000/-

to be Determined by the chairman , DLSA

Special cases under NDPS Act , Prevention of corruption Act , SC & ST ( Prevention of Atrocities ) Act , etc Which are exclusively triable by Court of Session or Special court presided by Sessions Judge ( other than Electricity Cases) in category of Sessions trial .

(2) Other than sessions trail & Special cases

Civil Suits A- Class Suits (3)

B - Class Suits (4) CivilAppeal A- Class Suits

B - Class Suits Matrimonial Cases :

(5)

(6) Motor Accident Claim petition:

Criminal Revision :

(7)

(8) Bail Application:

(9) Criminal Appeals :

(10) MJC:

(ii) For the Courts of Civil Judge/ Judicial Magistrate

Civil Suits A- Class

(1)

B-Class

Criminal Cases :

(2)

Maintenance:

(3)

(4) Bail Application:

MJC:

(5)

(iii ) For Revenue Courts

Revenue Board :

(1)

Commissioner :

(2)

Collector:

(3)

SDO/ SDM:

(4)

Tehsildar:

(5)

(iv) For other Courts

(1) State Consumer Disputes Redressal Commission/Tribunal :

Labour Courts :

(2)

(3) District Consumer Disputes :

Rs . 2,000/-

Rs . 3,000/-

Rs. 1,500/-

Rs. 3,000/-

Rs . 1,500/-

Rs . 1,100/-

Rs . 1,100/-

Rs . 1,100/-

Rs . 1,100/-

Rs. 2,000/-

Rs. 1,100/-

Rs . 3,000/-

Rs . 1,500/-

Rs . 1,500/-

Rs . 1,100/-

Rs . 500/-

Rs. 500/-

Rs . 1,100/-

Rs. 1,100/-

Rs. 1,100/-

Rs. 1,100/-

Rs. 1,100/-

Rs . 1,100/-

Rs . 1,100/-

Rs . 1,100/-

(v) Other cases : The Cases not covered as above and in cases in which no legal aid can be grasnted except as per the provisions of Regulation 15 of the M. P. State Legal Services Authority Regulations , 1997, the Chairman of DLSA shall have power to the fix the legal remuneration by way of honorarium keeping in view the schedule of honorarium fixed as above and M. P. Civil court Rules (Rules & Orders) .

2401

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

(vi) Typing Mise . charges : --

(1 ) Actual incidental expenditure incurred by the legal aid Advocate will be reimbursed provided it is supported by the vouchers and a certificate is given to that effect by such Legal Aid Advocate . If the incidental expenditure is not supported by the vouchers , Chairmain , DLSA may fix and reimbuers a reasonable sum considering the approximate expenditure which might have occurred looking to the nature of the case.

(2) Single set of honorarium shall be payable in cases in which more than one aided person is involved .

B for High Court :

PART- I ** Civil Work

Division 1 , Civil Appeals :

Rs. 3,000/-

CivilAppeals arising from th original Decree or from applleant decree:

Rs. 1,500/-

Division 2 , Misc . Appeals :

Division 3 - A , Civil Revisions and writ

Rs. 1,500/ -

Petitions arising out of C. P. С .:

Rs . 1,500/-

Division 3 - B , Rent Revisions :

Rs . 2,000/-

Division 4 , Writ Petitions

Under Articles 226/2267 of

Constitution of India

PART- II ** Civil Work

Division 1 , Criminal Appeals :

Rs. 5,000/-

A-Appeals involving death sentence:

Rs. 4,000/-

B-Appeals involving imprisonment for Life:

Rs. 2,000/-

C-Appeals other than mentioned at :

S. No. A, B

Rs. 1500/-

Division 2 , Criminal Revision

3

Division 3 , Misc Application

Rs. 1000/-

Inclusing M. Cr . C.

PART- III ** MISC . PROCEEDINGS

Rs . 2,000/-

Division 1 , L. P.AS & Writ Appeals

Rs. 500/-

Division 2 , Review of Judgment/Order

Division 3 , other cases :

The cases not covered as above and in cases in which no legal aid can be granted except as per the provision of Regulation 15 of the M. P. State Legal Service Authority Regulation , 1997 the Chairman shall have power to fix the legal remureration by way of honorarium keeping in view the schedule honorarium fixed as above and M. P. Civil Court Rules (Rules & Order) .

Division 4- Incidental Expenditure and Miscellaneous matters :

(1) Actual incident expenditure incurred by the legal aid advocate will be reimbursed provided it is supported by the vouchers and a certificate is given to that effect by such Legal Aid Advocates . If the incidental expenditure is not supported by the vouchers , Secretary High Court Legal Services Committe may fix and reaimburse a resonable sum considering the approximate which might have occurred looking to the nature of the case .

(2) Single set of honorarium shall be payable in cases in which more than one aided person is involved .

DINESH KUMAR NAIK , Member Secretary.

2402

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग निर्वाचन भवन

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल (म.प्र. ) -462011

आदेश

भोपाल, दिनांक 24 जुलाई 2014

क्र. एफ- 67-224-10-तीन नपा-507.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् गोटेगांव , जिला नरसिंहपुर के आम निर्वाचन में सुश्री छोटीबाई अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर परिषद् गोटेगांव, जिला नरसिंहपुर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी , 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , नरसिंहपुर के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , नरसिंहपुर के पत्र दिनांक 08 मार्च, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री छोटीबाई द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री छोटीबाई को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 9 मार्च, 2012 जारी किया गया. कारण बताओ सूचना- पत्र में सुश्री छोटीबाई से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री छोटीबाई द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली दिनांक 25 फरवरी , 2013 को की गयी. अतः उनको दिनांक 12 मार्च, 2013 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था आयोग द्वारा सुश्री छोटीबाई को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, नरसिंहपुर से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , नरसिंहपुर से प्राप्त पत्र दिनांक 16 मई, 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री छोटीबाई ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री छोटीबाई को दिनांक 8 जुलाई , 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई, जबकि अभ्यर्थी सुश्री छोटीबाई को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 28 जून , 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 2 जुलाई, 2014 को कराई जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री छोटीबाई को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, गोटेगांव, जिला नरसिंहपुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

आदेश

भोपाल , दिनांक 26 जुलाई 2014

क्र. एफ- 67-2-13- तीन नपा-541.-मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह जनवरी , 2013 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् नरवर , जिला शिवपुरी के आम निर्वाचन में डॉ. देवीसिंह कुशवाह अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 18 जनवरी , 2013 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर ( अर्थात् दिनांक 17 फरवरी, 2013 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 फरवरी , 2013 तक, डॉ. देवीसिंह कुशवाह निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला शिवपुरी के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, शिवपुरी के पत्र दिनांक 18 फरवरी, 2013 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार डॉ. देवीसिंह कुशवाह द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर डॉ. देवीसिंह कुशवाह को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 9 अप्रैल, 2013 को जारी किया गया. कारण बताओं नोटिस में डॉ. देवीसिंह कुशवाह से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओं सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी डॉ. देवीसिंह कुशवाह को नोटिस दिनांक 15 मई, 2013 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 30 मई , 2013 तक अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला शिवपुरी से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 2 दिसम्बर , 2013 में अभ्यर्थी डॉ. देवीसिंह कुशवाह द्वारा नोटिस तामीली उपरान्त अभ्यर्थी के द्वारा कोई उत्तर ( जवाब ) प्रस्तुत नहीं किया गया है .

2403 आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी डॉ. देवीसिंह कुशवाह को दिनांक 8 जुलाई, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय बुलाया गया. अभ्यर्थी डॉ. देवीसिंह कुशवाह उक्त दिवस को आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली डॉ. देवीसिंह कुशवाह को विहित समयावधि में दिनांक 24 जून , 2014 को कराई गई. अतः उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि डॉ. देवीसिंह कुशवाह द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत डॉ. देवीसिंह कुशवाह को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, नरवर, जिला शिवपुरी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 26 जुलाई 2014

क्र. एफ-67-2-13-तीन नपा-542.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह जनवरी , 2013 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् नरवर, जिला शिवपुरी के आम निर्वाचन में श्री मनोज कुमार अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 18 जनवरी, 2013 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका 2404

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अगस्त 2014

अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर ( अर्थात् दिनांक 17 फरवरी, 2013 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 फरवरी , 2013 तक, श्री मनोज कुमार निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला शिवपुरी के पास दाखिल करना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , शिवपुरी के पत्र दिनांक 18 फरवरी , 2013 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री मनोज कुमार द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री मनोज कुमार को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 9 अप्रैल, 2013 को जारी किया गया. कारण बताओं नोटिस में श्री मनोज कुमार से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओं सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री मनोज कुमार को नोटिस दिनांक 16 मई, 2013 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 31 मई, 2013 तक अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला शिवपुरी से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 2 दिसम्बर, 2013 में अभ्यर्थी श्री मनोज कुमार द्वारा नोटिस तामीली उपरान्त अभ्यर्थी के द्वारा कोई उत्तर ( जवाब ) प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री मनोज कुमार को दिनांक 8 जुलाई, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय बुलाया गया. अभ्यर्थी श्री मनोज कुमार उक्त दिवस को आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. व्यक्तिगत सुनवाई की सूचना- पत्र की तामीली श्री मनोज कुमार को विहित समयावधि में दिनांक 24 जून, 2014 को कराई गई. अतः उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री मनोज कुमार द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री मनोज कुमार को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, नरवर, जिला शिवपुरी का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 28 जुलाई 2014

क्र. एफ- 67-129-10- तीन नपा-563. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् बाड़ी, जिला रायसेन के आम निर्वाचन में सुश्री ममता धर्मेन्द्र चौहान अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर परिषद् बाड़ी, जिला रायसेन के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 16 जनवरी , 2010 तक, किन्तु 16 एवं 17 जनवरी, 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी , 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, रायसेन के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , रायसेन के पत्र दिनांक 2 फरवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री ममता धर्मेन्द्र चौहान द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री ममता धर्मेन्द्र चौहान में को कारण बताओं सूचना- पत्र दिनांक 23 फरवरी , 2010 जारी किया गया. कारण बताओं सूचना- पत्र में सुश्री ममता धर्मेन्द्र चौहान से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

सुश्री ममता धर्मेन्द्र चौहान द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र उप जिला निर्वाचन अधिकारी , रायसेन के पत्र दिनांक 16 अप्रैल, 2010 को तामील कराया गया. अतः सुश्री ममता धर्मेन्द्र चौहान को दिनांक 1 मई, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री ममता धर्मेन्द्र चौहान को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , रायसेन से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , रायसेन से प्राप्त पत्र दिनांक 1 जनवरी , 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री ममता धर्मेन्द्र चौहान ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री ममता धर्मेन्द्र चौहान को दिनांक 8 जुलाई, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं, जबकि अभ्यर्थी सुश्री ममता धर्मेन्द्र चौहान को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 3 जून, 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 18 जून , 2014 को कराई जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री ममता धर्मेन्द्र चौहान को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, बाड़ी, जिला रायसेन का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 28 जुलाई 2014

क्र. एफ- 67-129-10- तीन नपा-564.-मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के

2405 परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् बाड़ी, जिला रायसेन के आम निर्वाचन में सुश्री लक्ष्मी बाई अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर परिषद् बाड़ी, जिला रायसेन के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 16 जनवरी , 2010 तक, किन्तु 16 एवं 17 जनवरी , 2010 का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दिनांक 18 जनवरी , 2010 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रायसेन के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, रायसेन के पत्र दिनांक 2 फरवरी, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री लक्ष्मी बाई द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री लक्ष्मी बाई को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 23 फरवरी , 2010 जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में सुश्री लक्ष्मी बाई से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री लक्ष्मी बाई द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 10मार्च, 2010 को तामील किया गया. अतः सुश्री लक्ष्मी बाई को दिनांक 25 मार्च, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री लक्ष्मी बाई को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, रायसेन से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , रायसेन से प्राप्त पत्र दिनांक 1 जनवरी, 2014 में लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री लक्ष्मी बाई ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

2406

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री लक्ष्मी बाई को दिनांक 8 जुलाई, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया था. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं, जबकि अभ्यर्थी सुश्री लक्ष्मी बाई को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 3 जून, 2014 को अभ्यर्थी के निवास स्थान पर नहीं मिलने पर विहित समयावधि में समाचार पत्र में प्रकाशित करवाया गया.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री लक्ष्मी बाई को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, बाड़ी, जिला रायसेन का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 28 जुलाई 2014

क्र. एफ-67-181-10- तीन. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया

[भाग 1 गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् चंदला, जिला छतरपुर के आम निर्वाचन में सुश्री राजरानी अहिरवार अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर परिषद् चंदला , जिला छतरपुर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 21 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 20 जनवरी , 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , छतरपुर के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, छतरपुर के पत्र दिनांक 1 फरवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री राजरानी अहिरवार द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री राजरानी अहिरवार को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 19 फरवरी , 2010 जारी किया गया. कारण बताओं सूचना- पत्र में सुश्री राजरानी अहिरवार से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री राजरानी अहिरवार को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 28 मार्च, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 12 अप्रैल, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री राजरानी अहिरवार को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, छतरपुर से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , छतरपुर से प्राप्त पत्र दिनांक 30 दिसम्बर, 2013 में लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री राजरानी अहिरवार ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री राजरानी अहिरवार को दिनांक 10 जून, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं, जबकि अभ्यर्थी सुश्री राजरानी अहिरवार को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 16 अप्रैल, 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 7 मई, 2014 को कराई जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री राजरानी अहिरवार को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, चंदला , जिला छतरपुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 28 जुलाई 2014

क्र. एफ- 67-181-10- तीन.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् चंदला, जिला छतरपुर के आम निर्वाचन में सुश्री आशारानी बेड़िया अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर परिषद् चंदला, जिला छतरपुर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 21 दिसम्बर , 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के

2407 अन्दर अर्थात् दिनांक 20 जनवरी , 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, छतरपुर के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , छतरपुर के पत्र दिनांक 1 फरवरी , 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री आशारानी बेड़िया द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री आशारानी बेड़िया को कारण बताओं सूचना पत्र दिनांक 19 फरवरी , 2010 जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में सुश्री आशारानी बेड़िया से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री आशारानी बेड़िया को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 28 मार्च, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 12 अप्रैल , 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री आशारानी बेड़िया को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, छतरपुर से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी, छतरपुर से प्राप्त पत्र दिनांक 30 दिसम्बर, 2013 में लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री आशारानी बेड़िया ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री आशारानी बेड़िया को दिनांक 10 जून, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई, जबकि अभ्यर्थी सुश्री आशारानी बेड़िया को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना - पत्र दिनांक 16 अप्रैल , 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 7 मई , 2014 को कराई जा चुकी थी .

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री आशारानी बेड़िया को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, चंदला, जिला छतरपुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के 2408

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश भोपाल , दिनांक 28 जुलाई 2014

क्र. एफ-67-181-10-तीन. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् चंदला, जिला छतरपुर के आम निर्वाचन में सुश्री सावित्री कुम्हार अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर परिषद् चंदला, जिला छतरपुर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 21 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 20 जनवरी , 2010 तक इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , छतरपुर के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, छतरपुर के पत्र दिनांक 1 फरवरी, 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री सावित्री कुम्हार द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने

[ भाग 1 का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री सावित्री कुम्हार को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 19 फरवरी, 2010 जारी किया गया. कारण बताओं सूचना- पत्र में सुश्री सावित्री कुम्हार से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री सावित्री कुम्हार को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 28 मार्च, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 12 अप्रैल, 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा सुश्री सावित्री कुम्हार को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, छतरपुर से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी, छतरपुर से प्राप्त पत्र दिनांक 30 दिसम्बर , 2013 में लेख किया है कि अभ्यर्थी सुश्री सावित्री कुम्हार ने कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री सावित्री कुम्हार को दिनांक 10 जून, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं, जबकि अभ्यर्थी सुश्री सावित्री कुम्हार को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 16 अप्रैल , 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 7 मई, 2014 को कराई जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री सावित्री कुम्हार को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, चंदला, जिला छतरपुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

2409

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 20 जून 2014

क्र. 4231 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सागर

(ख) तहसील- देवरी

(ग ) ग्राम- खामखेड़ा, प.ह.न. 05

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.79 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

28

0.12

0.14

29

0.33

31

0.15

32

0.26

243/1,3

0.1

243/2

0.12

100

0.37

99/2

0.12

98/1,2

0.03

65

0.15

71/1,2

66/1

0.19

0.01

66/3

0.07

72

0.03

75

0.24

76

0.01

77/1

0.08

56

योग .. 2.79

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है- सोनपुर ( मध्यम ) परियोजना के नहर निर्माण हेतु अंतर्गत कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, केसली सागर.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , केसली के कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , केसली में किया जा सकता है.

क्र. 5390 - भू- अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : --

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-सागर

(ख) तहसील- देवरी

(ग) ग्राम- बहेरियाकलां, प.ह.न. 10

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.87 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

2

0.02

0.12

3

4

0.09

0.4

5

0.2

10

283

0.04 योग . 0.87

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है-सोनपुर ( मध्यम ) परियोजना के नहर निर्माण हेतु अंतर्गत कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग क्र. 2 , केसली सागर.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , केसली के कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, क्र. 2 केसली में किया जा सकता है.

क्र. 5391 - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के 2410

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सागर

(ख ) तहसील- देवरी

(ग) ग्राम-बिजौरा, प.ह.नं. 4

(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.65 हेक्टेयर .

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.14

45

0.07

46/1

0.07

46/2

0.32

76/1

0.19

78/2

0.22

105/1

105/4

0.07

0.22

104/1

0.02

135/1

0.22

139

0.27

194

0.10

136/1

137

0.12

0.12

140

0.07

190/3

0.15

198

0.02

199

200

0.10

0.12

201

0.08

203

0.30

180

322

0.28

0.14

181

0.18

339

0.42

490

0.29

331/1

0.14

331/2

0.04

331/3

0.19

332/1

0.19

332/2

333

0.28

0.02

340

0.24

502/1

(2)

(1)

345

0.15

0.26

344/2

488/2

0.52

योग .. 6.65

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है-सोनपुर जलाशय योजना नहर निर्माण कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2, केसली , जिला सागर.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , देवरी के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, योगेन्द्र शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सिवनी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सिवनी , दिनांक 22 जुलाई 2014

क्र. 850 - जि.भू.अ. - 2014. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि, की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधित 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील- लखनादौन, रा. नि. मं. लखनादौन (ग ) ग्राम- नवलगांव, प.ह.नं. 31/67

लगभग क्षेत्रफल-0.21 हेक्टेयर

(घ)

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) खसरा नम्बर अशासकीय

भूमि

(2)

(1)

6

0.09

0.04

9

12

0.08

योग .. 0.21 2411

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- जोवा- आदेगांव- छपारा मार्ग निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी लखनादौन जिला सिवनी में किया जा सकता है .

क्र. 852 - जि.भू.अ. - 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि, की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधित 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिवनी

(ख ) तहसील - लखनादौन, रा. नि. मं. लखनादौन (ग) ग्राम- बावली, प.ह.नं. 32/54

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.02 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

भूमि (2)

खसरा नम्बर अशासकीय (1)

63/3

0.02 योग . 0.02

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-कहानी- धूमा मार्ग निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , लखनादौन, जिला सिवनी में किया जा सकता है.

क्र. 854- जि.भू.अ. - 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि, की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधित 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील- लखनादौन, रा. नि. मं. लखनादौन (ग) ग्राम- नवलगांव, प.ह.नं. 85/42

लगभग क्षेत्रफल-1.73 हेक्टेयर.

(घ)

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

अशासकीय

भूमि

(1)

(2)

0.10

214/2

0.09

218/2

221

0.09

0.13

238

0.05

214/1

0.16

231/2

0.04

232

0.08

233

0.02

237

0.05

417

252

0.05

0.07

213

0.01

418

0.07

419

0.25

420

422

0.19

0.18

236

202

0.01

0.08

193/1

216

0.01

योग . 1.73

(2) सार्वजनिक प्रयोजन हेतु जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- सिहोरा- नवलगांव - नागदहार पुरवामाल मार्ग निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी लखनादौन जिला सिवनी में किया जा सकता है .

क्र. 856 - जि.भू.अ. - 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि, संपत्ति की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधित 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील- लखनादौन, रा. नि. मं. लखनादौन 2412

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

(ग) ग्राम-पुरवामाल , प.ह.नं. 84/42

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.05 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) अशासकीय

भूमि

(2)

(1)

285

0.01

0.03

267

0.01

283

योग 0.05

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सिहोरा- नवलगांव- नागदहार - पुरवामाल मार्ग निर्माण हेतु.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , लखनादौन , जिला सिवनी में किया जा सकता है.

क्र. 858 - जि.भू.अ. - 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधित 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- सिवनी

(ख) तहसील- लखनादौन , रा. नि. मं. लखनादौन ग्राम- नागदहार, प.ह.नं. 85/45 (ग)

लगभग क्षेत्रफल-0.78 हेक्टेयर. (घ)

खसरा नम्बर अशासकीय

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) भूमि

(1)

(2)

0.01

54/1

57

0.04

266/2

0.01

0.01

265/2

0.01

267

0.01

273/1

0.02

274/4

0.01

274/2

0.01

274/3

0.04

359/1

359/2

0.02

(2)

(1)

360

0.01

361/2

0.01

362

0.09

0.03

366/2

0.03

363

0.05

364

0.05

368

0.05

366/1

0.01

367

0.07

375

0.06

478

0.01

381/1

0.03

381/4

425

0.01

0.01

428

435

0.01

436/2

0.01

0.04

439/1

0.01

449/1

0.78

योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- सिहोरा- नवलगांव - नागदहार- पुरवामाल मार्ग निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , लखनादौन, जिला सिवनी में किया जा सकता है .

क्र. 848 - जि.भू.अ. - 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि, की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधित 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील- लखनादौन , रा . नि. मं. लखनादौन (ग) ग्राम- बीबी, प.ह.नं. 31/66

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.45 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) अशासकीय

भूमि

(2)

(1)

0.21

268/1

268/2

0.16 भाग 1 ]

2413

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अगस्त 2014

(2)

(1)

0.08

268/3

0.45

योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - जोबा- आदेगांव -छपारा मार्ग निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, लखनादौन, जिला सिवनी में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , भरत यादव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दमोह , दिनांक 22 जुलाई 2014

क्र. क- भू.अ.वि.अ. - 2013-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि, सम्पत्ति की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-अशासकीय भूमि का अर्जन (क) जिला- दमोह

(ख ) तहसील- दमोह

(ग) ग्राम- लकलका, भगड़ा, झापन

(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.04 हेक्टेयर .

खसरा

अर्जित रकबा

नंबर

(हेक्टेयर में )

(2)

(1)

ग्राम-लकलका

0.01

914

0.05

1301

1319

0.01

1306

0.08

0.08

1307

0.02

1308

0.04

1309

0.14

1311/2

(2)

(1)

0.03

1310/3

0.02

1310/2

0.48

योग ..

ग्राम - भगडा

112

0.31

0.28

113

0.06

114

111

0.05

0.05

1

0.13

110

0.05

109

34

0.18

0.02

108

0.02

73

22

0.04

0.10

63

0.02

23

91/1

0.01

91/2

0.02

0.06

91/3

90/1

0.05

0.06

27/1

0.11

28/1

28/2

0.03

0.01

28/3

29

0.01

0.02

32

0.08

33

0.10

74

0.13

42

43/2

0.04

43/3

0.05

44/1

0.05

0.06

44/2

0.12

55/2

0.09

44/3

0.11

55/1

योग . 2.52

ग्राम-झापन

0.12

184

180

0.36 2414

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

(2)

(1)

181

0.19

0.25

197/3

0.17

198

200

0.03

0.02

135/1

0.02

210/1

202/1

0.03

0.05

210/2

211/1

0.02

231/1

0.03

211/2

0.03

0.02

231/2

211/3

0.04

203

0.01

212/1

0.06

212/2

0.12

212/3

0.12

0.01

220/1

0.17

0.07

220/2

230/2

0.01

231/3

0.02

0.08

232/2

कुल योग झापन . 2.05

2.52

कुल योग भगड़ा

कुल योग लकलका..0.48 महायोग . .5.04

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- हथनी झापन मार्ग के निर्माण किये जाने बाबत के कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) दमोह कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग भवन/सड़क संभाग दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, स्वतंत्र कुमार सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 23 जुलाई 2014

पत्र क्र. 737- प्रका. - भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकारी अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

संशोधित अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-रीवा

(ख) तहसील- मनगवां

(ग ) ग्राम-कंदैला

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 3.200 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा

खसरा नं.

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अ- निजी पट्टे की भूमि

0.003

243

235

0.022

236

0.105

228

0.042

226

0.030

0.007

229

0.017

227

225

0.033

224

0.056

221

0.035

222

0.058

0.040

223

0.012

216

0.050

213

0.043

217

383

0.105

0.018

384

0.076

208

0.050

212

210

0.003

211

0.028

0.001

194 भाग 1 ]

(1)

(2) 195

0.016

0.016 197/1

185

0.033

0.075 182

0.035 186

0.110 181

0.045 179

0.050 178

188

0.086

0.011 631

0.045 189

0.070 629

0.056 628

0.029 635

0.080 627

0.012 626

636

0.106

0.078 761

760

0.030 762

0.032 621

0.054 620

0.044 772

0.078

0.058 776

0.091 781

0.010 770

0.052 771

777

0.012

0.022 780

779

0.005

0.019 778

0.027 784

0.003 785

2415

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

(2)

(1)

0.004

788

0.11

790

0.018

789

0.016

802

0.048

801

0.048

800

0.006

797

0.013

799

798

0.039

0.120

812

1329

0.054

820

0.050

0.030

821

1043

0.056

0.022

823

1042

0.016

0.003

1041

1029

0.110

1033

0.013

1032

0.051

1030

0.050

0.060

1031

1027

0.012

0.026

1026

. 3.200

योग

ब-शासकीय भूमि की भूमि

0.000

योग ..

3.200

महायोग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " क्योटी नहर की नेबूहा वितरक की कदैला माइनर " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. डी. एस. अग्निवंशी, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

[ भाग 1 2416

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 30 मई 2014

क्र. एफ- 3-2-2013- छप्पन.- राज्य शासन संलग्न परिशिष्ट अनुसार मध्यप्रदेश शासन की ई - मेल नीति-2014 जारी करता है.

सुधीर कुमार कोचर, उपसचिव.

1 Introduction

E-Mail is the main mode of communication of our contemporary times . This policy is preparedby theGovernment of Madhya Pradesh (GoMP ) with the objective of using this new , immediate and universal mode of communication to perform activities of the Madhya Pradesh government authentically at a quick pace and low cost . This policy will be called " E - Mail Policy of Government ofMadhya Pradesh - 2014" . Communications include Government of Madhya Pradesh data that travels as part of mail transactions between users located in the state, country or anywhere in the world . This policy provides a legal status to the e -mail facility provided by the Madhya Pradesh Government and issues instructions for its use . It will be mandatory for the employees of all respective Offices and associated/ subsidiary Statutory Bodies , Autonomous societies , corporations , boards, commissions , and authorities of various departments of Madhya Pradesh Government, who use this facility , to abide by this policy .

1.1 Objective

1.1.1 To perform activities of the Madhya Pradesh government authentically at a quick pace and low cost to benefit general public

1.1.2 To provide legal status to communication and data transfer occurring through e - mail communication .

1.1.3. To ensure access and usage of the e - mail services provided by the government of Madhya Pradesh .

1.1.4 To use email as a part of electronic file processing .

1.2 Scope

1.2.1 All services under e - mail shall be offered free of cost to all Ministries/ Departments that includes their respective Offices and associated/ subsidiary Statutory bodies , autonomous societies , corporations , boards , commissions , authorities ( henceforth referred to as "Organizations " in the policy) that draw their fund from the consolidated fund of Madhya Pradesh .

1.2.2 The directives contained in this policy shall be applicable , without any exception , to employees of all the organizations using the e- mail services provided by the Madhya Pradesh Government .

1.2.3 E -mail services providedby GoMP will only be used for official communications . The use ofe-mail services from other service providers shall be strictly limited to non official/ personal communication . In other words , it will be mandatory to use this e - mail service for official communications and no personal communication will be allowed in this e -mail service.

2 Legalprovisions

2.1 In order to implement the provisions of this policy and to provide legal status , the communication and data transferred using the proposed e - mail service Madhya Pradesh 2417

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

government will , within 30 days of this policy coming into effect , issue necessary notification under the powers provided in the article 90 of Information technology Act 2000. As a result , information or letter sent through e - mail will hold same validity as a signed communication in hard copy. Once the email is sent , sending confirmation in hard copy will not be required.

2.2 By the time e - mail serviceby Madhya Pradesh Government is set up, all departments will notify the e -mail services being provided by them with the nodal department. The nodal department will publish this information in the form of a notification . After this , usage of the notified e -mail service will be bound by all the provisions of this policy .

2.3 Within three months of starting the proposed service by the Madhya Pradesh Government, all organizations shall initiate the process of migrating their mail services to the centralized deployment of the implementing agency and stop using their mail service from other service provider, even in case they are running their independent e - mail setup.

3 Methodology

3.1 Madhya Pradesh Government will provide a dedicated e - mail service to its departments and organisations through a designated implementing agency . In view of the security concerns governing a sensitive deployment like e - mail , apart from the service deployed by the implementing agency there would not be any other e - mail service under Government of Madhya Pradesh . Department of Information Technology will be the nodal department for this service and shall be responsible for selecting and appointing the implementing agency . Responsibility of taking action for legal proceedings and issuing orders for implementation of this policy shall be vested in the department of Information technology . Every department and organization will appoint a nodal officer and a competent authority to ensure usage of thee-mail service . Various processes for using the e - mail service will be as follows:

3.2 Process of Account Creation

3.2.1 Employees of all the organizations using the e - mail policy of GoMP will submit an application to the competent authority of their respective organizations who , after inspect, will send the application to implementing agency with his recommendations . Implementing agency will ensure distribution of accounts .

3.2.2 Accounts for outsourced/contractual employees shall also be created . This will be done following the same procedure as mentioned above in 3.2.1 . However, these accounts will be created with a pre - defined expiry date . If such officers /employees resign before the expiry of their contractual period or remain absent without any valid reason and prior intimation , the competent authority will ensure to deactivate his e - mail account from the date of termination of his service .

3.2.3 E - mail id's can be created based on both name and designation . The designation based id should be handed over to the successor and the name based id can be kept with the officer under the conditions further mentioned in this policy .

3.2.4 GoMP will provide virtual domain hosting for e - mail . If a user department requires an e mail address as per the address policy of the department , they will make a request to the implementing agency . The requested id shall be provided if it is possible while maintaining uniqueness of the id .

2418

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

3.2.5 Organizations that avail the delegated admin console service from the implementing agency can use the same to provision the process of account creation/ deletion/ password change of user Id's under that respective domain themselves as and when required .

3.3 Process of handover of designation basede-mail id's

3.3.1 Every officer would ensure that at the time of his resignation , retirement or transfer he intimates the nodal officer/ implementing agency through a competent authority . On receiving such information , the nodal officer/ implementing agency will take necessary action and will change the status of that email account , reset the password and transfer it to his successor . It must be ensured that this entire process is complete prior to giving No -Dues and retirement benefits to the officer .

3.3.2 The above must be mandatorily done to prevent unauthorized access to an account . If an id is misused , the respective nodal officer of each organization shall be held accountable.

3.4 Process to be followed in case of name based e - mail ids

3.4.1 As it is understood that e - mail id is an important source for identification for any officer , and is used by him at many places including bank accounts , pension accounts , etc. , therefore its disposal may create problem for them . Thus considering this , any officer who retires or resigns after serving Government of Madhya Pradesh for more than 20 years , will be allowed to have/use his email id .In case of death of the officer , it will responsibility of the Nodal officer of concerning Department to delete that email account prior to providing settlement amount to his successors . The competent authority of every organization will have to immediately give this information to Nodal officer and implementing agency through pension branch / establishment branch .

3.4.2 In case the officer resigns before completing his 20 years of service , then the officer will be allowed to use his email id for next one year . In the similar way, in case of death of the officerwho is in service , then his legal successor would be allowed to have access to the personal email id of the officer , so that they do not face problem in operation of bank account, pension account, etc. Post one year that account will be deleted. The competent authority of every organization will have to immediately give this information to Nodal officer and implementing agency through pension branch / establishment section .

3.4.3 By possessing this email account the owner does not become entitled for any remuneration .

3.5 Deactivation of Accounts

3.5.1 Any account which is inactive for a period of 90 days will be deactivated . The user id along with the data will be deleted from the e - mail system after a period of 180 days , if no request for activation is received during this period . Subsequently, all formalities will need to be completed for re - opening of the said account with the same id , subject to availability .

4 Roles& Responsibilities of Users , Department and Implementing agency

4.1 Role of the Users 2419

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

4.1.1 User is responsible for any data /e - mail that is sent using the GoMP e - mail system . All e- mails/data sent through the mail server are the sole responsibility of the user owning the account . Therefore , user should not share his password with anyone .

Use of Digital Signatures Certificates ( DSC) is mandatory for sending mails deemed as classified , confidential , secret or restricted . From confidentiality point of view , such classified information must be sent using encryption and digital signature only. 4.1.2

4.1.3 For highly confidential or restricted data , it is strongly recommended to use static IP addresses /Virtual Private Networks ( VPN )/ One Time Password (OTP ) for accessing the e-mail services . It would be responsibility of the competent authority of the concerning department to categorize data /services under this category .

4.1.4 E-mailswillbe automatically purged from Trash and Probable Spam folders after the time periods of 7 Days. Thus it is the responsibility of account holder to check these folders from time to time , and if required move and save the important e - mail in some other folder . Individuals are responsible for e - mails saved in their folders such as , Inbox , Sent Mail or any other folder created by the user . Recovery of e - mails lost accidentally, such as due to wrong configuration of the local mail clients , (e.g. Outlook / Eudora /Thunderbird , etc. ) will not be the responsibility of the implementing agency .

4.1.5 Users shall not download the e - mails from his/ her official e - mail account configured on the Government of Madhya Pradesh mail server by configuring POP of any other service provider .

4.1.6 Users must ensure that the access device( desktop/laptop/ handset etc. ) havethe latest operating system patches and application patches. They must also ensure that above devices have the latest antivirus signatures .

4.1.7 Use of facilities like Auto Forward/ Mail Divert from the e - mail id provided by Government of Madhya Pradesh to a personal id outside the Government mail service will not be allowed .

4.1.8 E- mail is provided as a professional resource to assist users in fulfilling their official duties . Hence the use of the e - mail account must be ideally restricted to official correspondences only .

4.1.9 Auto- save of password in the Government mail service is not allowed and will not be provided as an option due to security reasons .

4.1.10 All the users accessing the e- mail services must use strong passwords for security of their e - mail accounts . In this regard it is suggested to abide by the Password policy available at http://www.deity.gov.in/content/policiesguidelines

4.1.11 Each individual is responsible for his/ her account , including the safeguarding of access to the account . An e - mail originating from an account is deemed to be authored by the account owner, and it is the responsibility of the owner to ensure compliance with these guidelines .

4.1.12 The user's responsibility shall extend to the following:

a . User shall be responsible for the activities carried out on the client system , using the accounts assigned to him.

Official e -mail shall not be forwarded to the personal e - mail account . b.

C. The" reply all " and the use of " distribution lists " should be used with caution to reduce the risk of sending e - mails to wrong people.

[ भाग 1 2420

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

d. User's network access shall be subjected malicious/ unauthorized activities . to monitoring/ filtering for e. Back up of important files shall be taken by the user at regular intervals . The implementing agency will not restore lost data for a user caused due to his/ her action .

f. User shall report any security incident to the System Administrator of the implementing agency .

4.1.13 Following are the examples of inappropriate use of email . Users must refrain from doing such activities:

a . The creation and exchange of e - mails that could be categorized as harassing , obscene or threatening.

b. The unauthorized exchange of proprietary information or any other privileged, confidential sensitive information .

C. Users shall not attempt any unauthorized access of the services . Unauthorized access includes, for example , the distribution of e - mails anonymously, use of other officers' user- ids or using a false identity.

d. The creation and exchange of advertisements , solicitations , chain letters and other unofficial , unsolicited e-mail .

e. The creation and exchange of information in violation of any laws , including copyright laws.

Wilful transmission of an e - mail containing a computer virus . f.

Themisrepresentation of the identity of the sender of an e - mail . g.

Theuse or attempt to use the accounts of others without their permission . h.

Transmission of e - mails involving language derogatory to religion , caste , ethnicity, sex i . etc.

j. Exchange of e - mails containing Anti - National messages .

k. Sending personal e - mails to a broadcast list . The implementing agency does not allow useof distribution lists for the purpose of sending e- mails that are personal in nature, such as, season greetings , personal functions etc.

1. Any case of inappropriate use will be considered a violation of the policy and may result in disciplinary action as deemed appropriate . Further such instances would also invite scrutiny by the investigating agencies depending on the nature of violation .

4.2 Roleofthe Department/Organization

Following are the roles and responsibilities of all the departments / organizations of government of Madhya Pradesh following this e- mail policy:

4.2.1 Every Department will appoint a Competent Authority .

4.2.2 Every Department will have a designated Nodal Officer.

4.2.3 All organizations shall implement appropriate controls to ensure compliance to e - mail policy for user and e - mail policy for their respective setup .

4.2.4 The concerned organization as indicated above shall ensure that official e - mail accounts of its users are created only on the mail server of the implementing agency determined by Information Technology Department .

2421

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

4.2.5 All the user departments must be aware of e - mail policy. Therefore it should be ensured that the e -mail policy and the related documents are disseminated to the concerned officials . Alsofrom time to time necessary trainings and awareness programs shall be organized . E -mail policy should be added as a session in the orientation program of the employees .

4.2.6 Nodal officer of the particular organization shall ensure resolutions of all incidents related to the security aspect of e - mail policy.

4.2.7 Competent Authority of that particular organization shall ensure that e - mail security trainings are arranged at regular intervals .

4.2.8 For highly confidential or restricted data , it is strongly recommended to only use static IP addresses /Virtual Private Networks ( VPN )/One Time Password ( OTP ) for accessing the e -mail services . It would be responsibility of the competent authority of the concerning department to categorize data /services under this category.

4.2.9 In case of violation of the policy, it would be the responsibility of the competent authority to report the matter to Implementing Agency. If this information in not sent timely and if e-mail id is misused then in such a case the respective department will be held accountable for the scrutiny by the designated agency.

4.2.10 The nodal department i.e. the Information technology department will enter into a service level agreement with the implementing agengy to maintain the requisite standard of the e-mail services . This agreement will include all conditions which are necessary for its effective use.

4.3 Role of the Implementing Agency

4.3.1 The implementing agency will provide e - mail services as per the defined Service Level Agreement .

4.3.2 It would be the responsibility of Implementing Agency to allocate e - mail ids to all the users . For the purpose of continuity, all efforts would be made to ensure retention of e- mail addresses . Wherever it is technically feasible , data migration will also be done . But if because of certain inevitable circumstance if data migration is not possible, then implementing agency will not be held responsible for this .

4.3.3 The backup of the e - mail data will be done on a regular basis by implementing agency, to ensure timely recovery from a system failure/ crash / loss impacting the service.

4.3.4 Spam filters and anti - virus filters will be configured at the e - mail gateways by the implementing agency . These filters are there to protect the e - mail setup from viruses and unsolicited e- mail . Implementing agency will update these filters from time to time.

4.3.5 Updating of current mobile number under the personal profile is mandatory for security reasons . The number would be used only for alerts and information regarding security that would be sent by the implementing agency. Updation of personal e - mail id, in addition to the mobile number will also be required by the implementing agency in order to reach the user as an alternate means for sending alerts .

4.3.6 Any e - mail addressed of a user , whose account has been deactivated/ deleted , will not be redirected to another e - mail address .

2422

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

3.7 As part of the security framework , in case a compromise of an id is detected , a SMS alert will be sent to the user on the registered mobile number . In case an attempt to compromise the password of an account is detected , an e - mail alert will be sent . Both the e-mail and the SMS will contain details of the action to be taken by the user . In case a user does not take the required action even after five SMS alerts (indicating compromise) , the implementing agency reserves the right to reset the password of that particular id . a .3.8 In case of a situation when a compromise of an id impacts the e - mail service /impacts data security or an input is received from the authorized investigating agency, the implementing agency will reset the password of a user id . This action will be taken on an immediate basis , and the information to the user shall be provided subsequently (over phone/SMS) .

.3.9 Implementing agency will run a 24x7 helpdesk for registering complaints and providing online support . On registering a complaint , the complainant will be issued a ticket and informed about the estimated resolution time .

.3.10 The mail server should be compatible with all the browsers , so that users can access their emails on various devices .

Recommended Best Practices

5.1 All users must check their last login details while accessing their e - mail account by using the application created for this purpose .

5.2 Use of encryption and Digital Signature Certificate ( DSC ) is recommended for sending any mail deemed as classified , confidential , secret or restricted .

5.3 It is mandatory for users stationed at sensitive offices to use OTP for secure authentication .

5.4 It isstrongly recommended to change passwords on a periodic basis or as per policy .

5.5 Users must logout from their mail accounts whenever they leave the computer unattended for a considerable period of time .

5.6 The official e - mail address must not be used to subscribe on any unsafe / fake website . Such websites may try to flood the inbox or spammers may try to send bulk spam e - mails (which may contain virus) .

5.7 The user shall use the latest version of Internet Browser.

5.8 The " save password " and " auto complete " features of the browser should be disabled.

5.9 The files downloaded from the Internet or accessed from the portable storage media should be scanned for malicious contents before use .

5.10 To ensure integrity of the downloaded files, digital signatures /hash values should be verified wherever possible .

5.11 Before accepting an SSL. certificate , the user should verify the authenticity of the certificate . User should type the complete URL for accessing the e - mails rather than click on a mail link for access . This is recommended to avoid phishing attacks .

5.12 Theimplementing agency does not ask for details like login id and password over mail . Users should disregard any mail that requests for the same , and should refrain from sharing such details over mail with anyone.

2423

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2014

भाग 1 ]

5.13 After completing the activity in the current web based application , the browser session should be closed . The user should log out from web based services like web e - mail , before closing the browser session .

5.14 Sending an e - mail with an infected attachment is the most common means adopted by a hacker to send malicious content , hence , it is mandatory to install and maintain anti - virus software on the computer to prevent infection from USB drives , CDs or DVDs . It is also mandatory to ensure that the desktop operating system has the latest operating system patches for all software's loaded . Such anti viruses must be updated regularly . All attachments must be scanned with an anti- virus program before they are downloaded/executed, even if such e-mails are receivedfrom a familiar source .

5.15 E-mails identified as Spam are delivered in the Probably Spam folder that exists in the user's mailbox . Hence , users are advised to check the -Probably Spam folder on a daily basis .

5.16 Attachments should be opened only when the user is sure of the nature of the e- mail . If any doubt exists , the user should contact the sender to verify the authenticity of the e - mail and/ or the attachment.

6 Others

6.1 Scrutinyofe- mails/ Release of logs

6.1.1 Notwithstanding anything in the above clause , ICERT , NTRO and any other agency that is authorized by Government of India for this purpose can , under exceptional circumstances request the implementing agency for e - mails / logs and correspondences in connection with matters relating to national security or abuse incidents or violations of other policies.

6.1.2 The implementing agency will provide the necessary cooperation to such agencies when approached through authorized channel . The consent of the user in this regard will not be taken .

6.1.3 The implementing agency will not accept request from any other organisation for scrutiny of e- mails/ Release of logs .

6.2 Security Incident Management Process

6.2.1 An incident response and management is necessary for detecting security incidents, minimizing loss and damage , mitigating the weaknesses that were exploited and restoring information assets in a timely manner . This process is applicable to all policy violations done by the administrator or the Users .

6.2.2 The implementing agency reserves the right to deactivate/ remove any feature of the e-mail service if it is deemed as a threat and can lead to a compromise of the system 6.2.3 Any such incident must immediately be brought to the notice of the ICERT and the implementing agency as per the guidelines laid down in the Cyber Security Policy of Government of India .

6.2.4 A security incident is defined as any adverse event which occurs on any part of the e - mail services which affects data , resulting in:

a. Compromise of a user account

b. Violation of this policy thereby causing a security breach [ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अगस्त 2014

2424

C.

Loss of portable storage media containing Government data

d . Detection of a phishing site of the e - mail service of Government of Madhya Pradesh

e. Spread of Spam/ Virus that effect the system and service .

f. Any other consequence affecting the security of the e - mail services

7 Provision for Review / Amendments in the policy

7.1 The authority to review this policy at the time of any change in the IT environment or once every year (whichever is earlier ) or as per the requirement of the government or for some other reason lies with the Apex committee constituted for review of Information technology projects under the chairmanship of the Chief Secretary of the state . The review shall be carried out for assessing the following:

a. Impact on the risk profile due to , but not limited to , the changes in the deployed technology/ e- mail architecture , regulatory and /or legal requirement .

b . Theeffectiveness of the security controls specified in the policy.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 01 August 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2014-08-01.31.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2014-08-01.31.Ordinary.