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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 15 August 2014

Type
Ordinary
Gazette no.
33
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2014-08-15.33.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
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मध्यप्र द श शासन

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 33]

भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 15 अगस्त 2014- श्रावण 24, शक 1936

विषय-सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4 ) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, (6 ) निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.-स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं,

(2) सांख्यिकीय सूचनाएं,

( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग 4.-

(3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख ) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,

(ग ) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 18 जुलाई 2014

क्र. ई. - 5-525 - आयएएस- लीव - 5 - एक.- ( 1 ) श्री आर. के. चतुर्वेदी, आयएएस. , राहत आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व, पुनर्वास तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग तथा पुनर्वास आयुक्त, को दिनांक 28 जुलाई से 2 अगस्त 2014 तक छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 27 जुलाई एवं 3 अगस्त 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) श्री आर. के. चतुर्वेदी की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री अजीत केसरी , भाप्रसे, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सहकारिता विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.

2457

( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. चतुर्वेदी को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न राहत आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व, पुनर्वास तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग तथा पुनर्वास आयुक्त के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) श्री आर. के. चतुर्वेदी द्वारा राहत आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व, पुनर्वास तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग तथा पुनर्वास आयुक्त का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अजीत केसरी उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री आर. के. चतुर्वेदी, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आर. के. चतुर्वेदी, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित---2014 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

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क्र. ई. - 5-570- आयएएस लीव- एक- 5.-( 1 ) श्री अजीत केसरी, भाप्रसे, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सहकारिता विभाग को दिनांक 21 से 26 जुलाई 2014 तक छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 19 एवं 20 जुलाई 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2 ) श्री अजीत केसरी की अवकाश अवधि में उनका प्रभार डॉ. राजेश राजौरा , भाप्रसे प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग , जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री अजीत केसरी को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , सहकारिता विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री अजीत केसरी द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सहकारिता विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर डॉ. राजेश राजौरा , उक्त प्रभार से मुक्त होंगे .

(5) अवकाशकाल में श्री अजीत केसरी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अजीत केसरी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-895 - आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) डॉ. मसूद अख्तर, आय.ए.एस. , कलेक्टर, जिला छतरपुर को दिनांक 21 से 26 जुलाई 2014 तक छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 19, 20 एवं 27 जुलाई 2014 का सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2 ) डॉ. मसूद अख्तर की अवकाश अवधि में श्री सत्येन्द्र सिंह, राप्रसे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, छतरपुर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक कलेक्टर, जिला छतरपुर का प्रभार सौंपा जाता है .

(3 ) अवकाश से लौटने पर डॉ. मसूद अख्तर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर जिला छतरपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) डॉ. मसूद अख्तर द्वारा कलेक्टर, जिला छतरपुर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री सत्येन्द्र सिंह, कलेक्टर, जिला छतरपुर के प्रभार से मुक्त होंगे .

[ भाग 1 (5 ) अवकाशकाल में डॉ. मसूद अख्तर को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. मसूद अख्तर , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 23 जुलाई 2014

क्र. ई. - 5-529- आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री अजय तिर्की, आयएएस, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , चिकित्सा शिक्षा विभाग को दिनांक 28 जुलाई से 6 अगस्त 2014 तक दस दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 27 जुलाई 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2) श्री अजय तिर्की की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री प्रवीर कृष्ण, भाप्रसे , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण , भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा आयुष विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री अजय तिर्की को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री अजय तिर्की द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री प्रवीर कृष्ण उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री अजय तिर्की को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अजय तिर्की, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 25 जुलाई 2014

क्र. ई. - 5-785- आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव , आयएएस . , सचिव , मध्यप्रदेश शासन, खनिज साधन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम तथा आयुक्त- सह- संचालक, पुरातत्व एवं संग्रहालय को दिनांक 16 से 28 जून 2014 तक तेरह दिन का लघुकृत अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

2459

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

भाग 1 ]

(2 ) अवकाशकाल में श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 31 जुलाई 2014

क्र. ई. 1-276-2014-5-एक.- श्री के. पी. राही, भाप्रसे ( 1998 ) , अपर आयुक्त ( राजस्व ) , रीवा संभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ आगामी आदेश तक कमिश्नर, रीवा संभाग , रीवा का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.

क्र. ई . 1-276-2014-5- एक.- श्री अजीत कुमार , भाप्रसे (2002) , अपर आबकारी आयुक्त, ग्वालियर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ आगामी आदेश तक, आबकारी आयुक्त, ग्वालियर का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है .

भोपाल, दिनांक 2 अगस्त 2014

क्र. ई. - 5-831- आयएएस लीव- 5- एक.- ( 1 ) सुश्री स्वाती मीणा, आय.ए.एस. , कलेक्टर जिला सीधी को समसंख्यक आदेश दिनांक 12 मई 2014 द्वारा दिनांक 19 मई से 13 जून 2014 तक छब्बीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था, के अनुक्रम में दिनांक 14 से 17 जून 2014 तक चार दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) अवकाशकाल में सुश्री स्वाती मीणा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री स्वाती मीणा अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

क्र. ई . - 5-570- आयएएस- लीव- एक- 5.-( 1 ) श्री अजीत केसरी , भाप्रसे, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , सहकारिता विभाग को समसंख्यक आदेश दिनांक 18 जून 2014 द्वारा दिनांक 21 से 26 जुलाई 2014 तक छः दिन का अर्जित अवकाश , दिनांक 19 एवं 20 जुलाई 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति के साथ स्वीकृत किया गया था, एतद्वारा निरस्त किया जाता है .

क्र. ई. -5-570 - आयएएस लीव एक 5.-( 1 ) श्री अजीत केसरी, भाप्रसे, प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , सहकारिता विभाग को दिनांक 4 से 8 अगस्त 2014 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 3 एवं 9, 10 अगस्त 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

(2 ) श्री अजीत केसरी की अवकाश अवधि में उनका प्रभार डॉ. राजेश राजौरा , भाप्रसे, प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग , उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक सौंपा जाता है .

(3) अवकाश से लौटने पर श्री अजीत केसरी को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , सहकारिता विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री अजीत केसरी द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सहकारिता विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर डॉ. राजेश राजौरा , उक्त प्रभार से मुक्त होंगे .

(5) अवकाशकाल में श्री अजीत केसरी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अजीत केसरी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भोपाल , दिनांक 4 अगस्त 2014

क्र. ई. - 5-942- आयएएस - लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री डी. व्ही. सिंह, आय.ए.एस. , उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , गृह विभाग को दिनांक 11 से 14 अगस्त 2014 तक चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 9 , 10 एवं 15, 16, 17 , 18 अगस्त 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.

( 2) अवकाश से लौटने पर श्री डी. व्ही. सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में श्री डी. व्ही. सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डी. व्ही. सिंह अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

2460

क्र. ई. - 5-803 - आयएएस- लीव-5- एक. ( 1 ) श्री के. के. खरे, आयएएस . , कमिश्नर, ग्वालियर संभाग को दिनांक 21 जून से 1 जुलाई 2014 तक ग्यारह दिन का लघुकृत अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) अवकाशकाल में श्री के. के. खरे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. के. खरे, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई. - 5-464- आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री जयदीप गोविंद, आयएएस. , मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, विधि ( निर्वाचन ) विभाग को दिनांक 11 से 22 अगस्त 2014 तक, बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 10 अगस्त 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .

( 2 ) श्री जयदीप गोविंद, की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री एस . एस . बंसल, भाप्रसे, विकअ- सह -संयुक्त- मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, विधि एवं विधायी कार्य (केवल निर्वाचन कार्य ) विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ, अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री जयदीप गोविंद को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, विधि ( निर्वाचन ) विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) श्री जयदीप गोविंद, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी , मध्यप्रदेश एवं पदेन प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, विधि ( निर्वाचन ) विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री एस.एस. बंसल उक्त प्रभार से मुक्त होंगे .

(5) अवकाशकाल में श्री जयदीप गोविंद को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

क्र. ई. - 5-848- आयएएस लीव- 5 - एक.- ( 1 ) श्री लक्ष्मीकांत द्विवेदी, आयएएस . , उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , नर्मदा घाटी विकास विभाग , गृह विभाग को दिनांक 11 से 14 अगस्त 2014 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री लक्ष्मीकांत द्विवेदी को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, नर्मदा घाटी विकास विभाग , गृह विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में श्री लक्ष्मीकांत द्विवेदी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री लक्ष्मीकांत द्विवेदी, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई. - 5-457 - आयएएस- लीव - 5- एक. ( 1 ) श्रीमती कंचन जैन, आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , संसदीय कार्य विभाग को समसंख्यक आदेश दिनांक 11 जुलाई 2014 द्वारा दिनांक 14 से 24 जुलाई 2014 तक, ग्यारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था, के अनुक्रम में दिनांक 25 से 31 जुलाई 2014 तक सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

( 2 ) शेष कंडिकाएं समसंख्यक आदेश दिनांक 11 जुलाई 2014 अनुसार यथावत् रहेंगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अॅन्टोनी डिसा, मुख्य सचिव.

भोपाल , दिनांक 4 अगस्त 2014

क्र. एफ. 7 ( 13 ) 2014- एक-7-स्था-3 . राज्य शासन एतद्वारा मंत्रालय में पदस्थ निम्नलिखित अपर/ उपसचिवों को, तत्काल प्रभाव से, स्थानांतरित करते हुए अस्थाई रूप से , आगामी आदेशपर्यन्त कॉलम ( 2 ) से कामल ( 3 ) में दर्शाये गये विभाग में पदस्थ करता है :-

नवीन पदस्थापना स.क्र. अधिकारी का नाम एवं वर्तमान पदस्थापना

(3) (1) (2)

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री जयदीप गोविंद, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

अपर सचिव,

मध्यप्रदेश शासन,

खनिज साधन विभाग.

1 श्री नीरज दुबे , भाप्रसे अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन , सा.प्र.वि. (पूल) .

2461

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

भाग 1 ]

(3) (2)

(1)

2

उपसचिव,

श्री अशोक कुमार चौहान ,

राप्रसे, उपसचिव,

मध्यप्रदेश शासन ,

मध्यप्रदेश शासन , तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग .

सा.प्र.वि. ( पूल ).

3

उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग.

श्री आर. के. चौकसे, उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अश्विनी कुमार राय, प्रमुख सचिव " कार्मिक".

भोपाल , दिनांक 24 जुलाई 2014

क्र. एफ- ए- 5-04-2011 - एक( 1 ) .- भारत सरकार, विधि और न्याय मंत्रालय (न्याय विभाग ) , नई दिल्ली की अधिसूचना क्रमांक के. 13025-01-2014. यू.एस. II, दिनांक 23 जून 2014 द्वारा माननीय न्यायाधिपति श्री आलोक वर्मा, अतिरिक्त न्यायाधीश की नियुक्ति मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में की गई है, ने अपने पद का कार्यभार दिनांक 30 जून 2014 को पूर्वाह्न में ग्रहण किया है.

भोपाल, दिनांक 7 अगस्त 2014

क्र. एफ-ए- 5-25-2011 - एक ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय श्री मूलचंद गर्ग , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय इन्दौर, खण्डपीठ इन्दौर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है:-

कुल दिन

अभियुक्ति अवकाश अवधि

(2)

अवकाश का प्रकार (3)

(4) (1)

7-7-2014 से 05 दिन 11-7-2014

पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित

अवकाश.

तक.

अवकाश के पूर्व दिनांक 6-7-2014 एवं पश्चात् में दिनांक 12एवं 13-7-2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

बी. आर. विश्वकर्मा, उपसचिव.

भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ - 3-5-2014- एक- 4.- भारत सरकार, गृह मंत्रालय की अधिसूचना क्रमांक 20-25-56-प.- ब- एक, तारीख 8 जून 1957 के साथ पढ़ी गई पराक्राम्य लिखित अधिनियम ( निगोशिएबल इन्स्ट्रमेंट्स एक्ट ) 1881 ( 1881 का क्रमांक 26 ) की धारा 25 के स्पष्टीकरण द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , यह घोषित करता है कि उक्त स्पष्टीकरण के अन्तर्गत मध्यप्रदेश में विधान सभा उप चुनाव 2014 के सिलसिले में नीचे की अनुसूची के स्तम्भ ( 1 ) में विनिर्दिष्ट विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में उनके सामने अनुसूची के स्तम्भ ( 2 ) में विनिर्दिष्ट तारीख को उस निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के लिये सार्वजनिक अवकाश का दिन होगा.

2. क्रमांक एफ- 3-5-2014- एक-4.- राज्य शासन , एतद्वारा यह भी घोषित करता है कि विधान सभा उप चुनाव 2014 के लिये मतदान के दिन दिनांक 21 अगस्त 2014 गुरुवार को निम्नांकित निर्वाचन क्षेत्र में सामान्य अवकाश का दिन होगा :-

अनुसूची

मतदान की तारीख (2) निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक एवं नाम (1)

जिला कटनी के 92 - विजयराघगढ़ , 21 अगस्त, 2014 गुरुवार 94-बहोरीबंद, जिला आगर मालवा के

166- आगर ( अ.जा. ) .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अमिताभ अवस्थी, उपसचिव.

भोपाल , दिनांक 25 जुलाई 2014

क्र. ई. - 5-844- आयएएस- लीव - 5 - एक. श्री अशोक कुमार सिंह, आयएएस. , कलेक्टर, जिला कटनी को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 9 जुलाई 2014 द्वारा दिनांक 21 जुलाई से 14 अगस्त 2014 तक पच्चीस दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश, दिनांक 19, 20 जुलाई 2014 एवं 15, 16, 17 एवं 18 अगस्त 2014 के पूर्ववर्ती/पाश्चात्वर्ती सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति के साथ स्वीकृत किया गया है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

भोपाल, दिनांक 30 जुलाई 2014

क्र. ई. - 5-851 - आयएएस- लीव - 5 - एक. - श्री एम. बी. ओझा, आयएएस. , कलेक्टर , जिला विदिशा को समसंख्यक आदेश [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

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दिनांक 11 जुलाई 2014 द्वारा दिनांक 21 से 26 जुलाई 2014 तक छः दिन का अर्जित अवकाश दिनांक 19 , 20 एवं 27 जुलाई 2014 के सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति के साथ स्वीकृत किया गया है. एतद्वारा निरस्त किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, फजल मोहम्मद, अवर सचिव " कार्मिक".

भोपाल, दिनांक 30 जुलाई 2014

क्र. एफ- 13-06-2010- एक-4.- श्री संजय कुमार मिश्र , राज्य शिष्टाचार अधिकारी, सत्कार कार्यालय मंत्रालय को दिनांक 26 जुलाई से 6 अगस्त 2014 तक बारह दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) अवकाशकाल में श्री संजय कुमार मिश्र , राज्य शिष्टाचार अधिकारी को वेतन एवं भत्ते उसी प्रकार देय होगें जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलते थे.

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री संजय कुमार मिश्र, राज्य शिष्टाचार अधिकारी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

(4 ) श्री संजय कुमार मिश्र , राज्य शिष्टाचार अधिकारी की अवकाश अवधि में राज्य शिष्टाचार अधिकारी के पद का अतिरिक्त प्रभार श्री संजय सिंह चौहान, सत्कार अधिकारी को सौंपा जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. एन. चौहान, अवर सचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 28 जुलाई 2014

फा. क्र. 17 ( ई ) -2014- इक्कीस ब ( दो ).- राज्य शासन , एतद्वारा , इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 12 नवम्बर 2000 के पद पर नियुक्त श्री श्याम कुमार मालवीय एवं नवीनीकरण आदेश दिनांक 17 नवम्बर 2010 द्वारा जिला देवास मुख्यालय में नोटरी व्यवसाय करने हेतु अधिकृत श्री श्याम कुमार मालवीय के विरुद्ध प्राप्त शिकायत की सक्षम अधिकारी द्वारा की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर, नोटरी नियम , 1956 के नियम 13 ( ख ) (ii ) के अन्तर्गत विहित प्रावधान के अनुसार उनको आदेश जारी होने से तीन वर्ष की अवधि के लिये नोटरी व्यवसाय करने से एतद्वारा निलंबित करता है .

भोपाल , दिनांक 1 अगस्त 2014

फा. क्र. 1 - अ- 3-03 - इक्कीस - ब ( दो) . राज्य शासन, इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 12 मार्च 2013 द्वारा अतिरिक्त महाधिवक्ता कार्यालय , ग्वालियर में नियुक्त श्री प्रमोद पचौरी, शासकीय अधिवक्ता, ग्वालियर के कार्यकाल में दिनांक 12 मार्च 2014 से 11 मार्च 2015 तक एतद्वारा वृद्धि करता है.

भोपाल, दिनांक 8 अगस्त 2014

फा. क्र. 1 (सी ) -23-2014- एट्रोसिटीज - इक्कीस - ब( दो ).- राज्य शासन, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 14 के अनुसार बालाघाट जिले के विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय के लिये, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) नियम , 1995 के नियम 4 ( 1 ) के अनुसार श्री दुर्गा प्रसाद बिसेन, अधिवक्ता को जिला बालाघाट में विशिष्ठ ज्येष्ठ अधिवक्ता नियुक्त करता है . उक्त नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष के लिये होगी . यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय सूचना दिये बिना समाप्त की जा सकती है .

विशेष लोक अभियोजक की अनुपस्थिति के दिनांक पर विशेष न्यायालय में केवल उस दिन की कार्यवाही हेतु पैनल अधिवक्ता को कार्य जिला दण्डाधिकारी द्वारा आवंटित किया जायेगा.

नियुक्त विशिष्ठ ज्येष्ठ अधिवक्ता को शुल्क का भुगतान विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्रमांक 1 ( सी ) -एट्रोसिटीज- 21 - ब ( दो ) , दिनांक 24 अप्रैल 2008 के अनुरूप देय होंगे एवं इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64- मुख्य शीर्ष- 2225- (5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31 - व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां- 003 -अभिभाषकों को फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा. जिसका भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.

फा. क्र. 17 (ई ) 51-2005- इक्कीस - ब ( एक ) . - राज्य शासन, एतद्वारा , उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री अखिलेश पण्ड्या, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , उमरिया की सेवाएं, खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग , मध्यप्रदेश शासन के आदेश क्रमांक एफ- 5-4-2013-29-2, दिनांक 21 जुलाई 2014 द्वारा उनकी नियुक्ति अध्यक्ष , जिला उपभोक्ता फोरम , भोपाल के पद पर प्रतिनियुक्ति पर किये जाने के संबंध में दी गई सहमति एवं पदस्थापना किये जाने के फलस्वरूप , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश होने तक, उनके द्वारा उक्त पद का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग , मध्यप्रदेश शासन को सौंपता है.

भाग 1 ]

2463

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

फा. क्र. 1 ( सी) -13-2012 - इक्कीस- ब ( दो ).- राज्य शासन, एतद्वारा , इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 9 मई 2013 द्वारा माननीय उच्च न्यायालय मुख्यपीठ, जबलपुर में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो , भोपाल के प्रकरणों में दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2, सन् 1974) की धारा 24 ( 8 ) के अधीन राज्य आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो , भोपाल की ओर से पैरवी हेतु नियुक्त श्री पंकज दुबे , अधिवक्ता, जबलपुर के कार्यकाल में आदेश दिनांक 9 मई 2013 में दी गई शर्तों के अधीन दिनांक 13 मई 2014 से 12 मई 2015 तक की अभिवृद्धि करता है .

फा. क्र. 1 (सी) -12-2012 - इक्कीस- ब (दो ) .- राज्य शासन, एतद्वारा , इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 28 जून 2013 द्वारा माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ, ग्वालियर में , राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो , भोपाल के प्रकरणों में दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 , सन् 1974 ) की धारा 24 (8 ) के अधीन राज्य आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो, भोपाल की ओर से पैरवी हेतु नियुक्त श्री सुशील चन्द्र चतुर्वेदी, अधिवक्ता, ग्वालियर के कार्यकाल में दिनांक 28 जून 2014 से 27 जून 2015 तक की अभिवृद्धि करता है. इसके साथ ही प्रशासकीय विभाग के प्रस्तावानुसार श्री सुशील चन्द्र चतुर्वेदी अधिवक्ता को देय मासिक पारिश्रमिक रुपये 18,000/ (अट्ठारह हजार ) के स्थान पर रुपये 40,000/- ( चालीस हजार ) मासिक पारिश्रमिक की वृद्धि आदेश जारी होने के दिनांक से करता है, शेष अन्य शर्तें आदेश दिनांक 28 जून 2013 के अनुसार रहेंगी .

फा. क्र. 1-1-88- इक्कीस - ब( एक ) -2153-14.- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम , 1988 ( 1988 का. 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 1-1-88- इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 24 अक्टूबर 2009 में , जो मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग -1 में दिनांक 6 नवम्बर 2009 में प्रकाशित हुई थी, निम्नलिखित संशोधन करता है , यथा-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में , अनुसूची में, अनुक्रमांक 30 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक और उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं:-

अनुसूची

स्थानीय क्षेत्र अनुक्रमांक सेशन न्यायाधीश/ अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश

(2)

(3) (1)

प्रथम अपर सेशन न्यायाधीश, नीमच नीमच. ".

" 30.

F. No. 1-1-88 - XXI - B ( 1 ) -2153-014 . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act , 1988 (No. 49 of 1988 ) , the State Government , hereby , makes the following amendment in this Department's Notification F. No. 1- 1-88 -XXI - B ( 1 ) , dated 24th October 2009 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part - 1 , dated 6th November 2009 namely :-

AMENDMENT

In the said Notification in the Schedule, for serial number 30 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be substituted : - Local Area S.No.

(3) (1)

Sessions Judge/ Additional Sessions Judge (2)

Neemuch ." .

"30 . IstAdditional Sessions Judge, Neemuch .

भोपाल, दिनांक 11 अगस्त 2014

फा. क्र. 17 (ई ) -151-2000 - इक्कीस - ब ( दो ) .- राज्य शासन, इस विभाग द्वारा जारी समसंख्यक आदेश दिनांक 3 अप्रैल 2000 द्वारा तहसील सैलाना, जिला रतलाम के लिये नियुक्त नोटरी , श्री नंदलाल मुरेरा का दिनांक 5 फरवरी 2014 को स्वर्गवास होने के फलस्वरूप उनका नाम शासन द्वारा संधारित नोटरी पंजी से विलोपित किया जाता है .

फा. क्र. 17 ( ई ) -313-1983 - इक्कीस - ब ( दो ) .- राज्य शासन, इस विभाग द्वारा जारी समसंख्यक आदेश दिनांक 15 जनवरी 1983 द्वारा तहसील आलोट, जिला रतलाम के लिये नियुक्त नोटरी , श्री बृजमोहन मेहता का दिनांक 23 मई 2014 को स्वर्गवास होने के फलस्वरूप उनका नाम शासन द्वारा संधारित नोटरी पंजी से विलोपित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र कुमार वर्मा , सचिव.

भोपाल, दिनांक 1 अगस्त 2014

फा. क्र. 17 ( ई) -165-2014 - इक्कीस ब ( दो ) .- राज्य शासन, इस विभाग के आदेश दिनांक 29 जनवरी 1995 द्वारा तहसील सिहावल जिला सीधी में नियुक्त नोटरी , श्री चन्द्रकांत पाण्डेय का दिनांक 24 फरवरी 2014 को स्वर्गवास होने के फलस्वरूप उनका नाम शासन द्वारा संधारित नोटरी पंजी से विलोपित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. पी. खेर, उपसचिव.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

2464

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 21 जुलाई 2014

क्र. एफ- 5-2-2014- उन्तीस -2.- राज्य शासन , एतद्वारा , मध्यप्रदेश उच्च न्यायिक सेवा के सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश श्री अवधेश कुमार श्रीवास्तव को मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में रजिस्ट्रार के पद पर नियुक्त किये जाने की माननीय उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश की अनुशंसा क्र. 732 , दिनांक 16 जून 2014 तथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 ( 1986 की संख्याक 68 ) की धारा 10 की उपधारा ( 1 - क ) की गठित समिति की अनुशंसा दिनांक 1 जुलाई 2014 के आधार पर सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश श्री अवधेश कुमार श्रीवास्तव को मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में रजिस्ट्रार के पद पर नियुक्त अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है .

(2 ) यह नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु जो पहले हो तक के लिये होगी.

(3) श्री अवधेश कुमार श्रीवास्तव की रजिस्ट्रार, मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग के पद हेतु सेवा शर्तें पृथक से जारी की जायेंगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. के. चन्देल, उपसचिव.

वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 31 जुलाई 2014

क्र. एफ - 1-65-2005-अ- ग्यारह भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932( 1932 का 9 ) की धारा 71 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा मध्यप्रदेश भागीदारी ( फर्मों का रजिस्ट्रीकरण ) नियम, 1951 में , जिसे मध्यप्रदेश राजपत्र , भाग -4 , दिनांक 29 मार्च 2013 में उक्त अधिनियम की धारा 71 की उपधारा ( 3 ) द्वारा अपेक्षित किए गए अनुसार पूर्व में प्रकाशित किया जा चुका है, निम्नलिखित संशोधन करती है , अर्थात्ः-

संशोधन

उक्त नियमों में, नियम 19 में , खण्ड ( एक ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

" ( एक) अधिकतम फीस अधिकतम फीस निम्नवत् उद्ग्रहीत होगी:-

अधिकतम फीस दस्तावेज या कृत्य जिसके विषय में फीस देय है

(2) (1)

पांच सौ उन्यासी रुपए धारा 58 के अधीन विवरण

धारा 60 के अधीन विवरण

एक सौ सोलह रुपए

एक सौ सोलह रुपए धारा 61 के अधीन प्रज्ञापन

धारा 62 के अधीन प्रज्ञापन

अट्ठावन रुपए

एक सौ सोलह रुपए धारा 63 के अधीन सूचना

धारा 64 के अधीन आवेदन

अट्ठावन रुपए धारा 66 की उपधारा ( 1 ) के अट्ठाईस रुपए के अधीन फर्म्स के रजिस्टर का निरीक्षण.

धारा 66 की उपधारा ( 2 ) के अट्ठाईस रुपए

अट्ठाईस रुपए का निरीक्षण अधीन फर्म्स के संबंध में दस्तावेजों

धारा 67 के अधीन प्रतिलिपियां तेरह रुपए ( प्रत्येक सौ शब्द या उसके भाग के लिए) . "

No F - 1-65-2005 - A - XI . In exercise of the powers conferred by sub- sectin ( 1 ) of Section 71 of the Indian Partnership Act , 1932 ( No. 9 of 1932 ) , the State Government hereby makes the following amendment in the Madhya Pradesh Partnership (registration of firm) Rules , 1951 the same having been previously published in the Madhya Pradesh Gazette , Part -4 dated 29th March 2013 as required by sub section (3 ) of Section 71 of the said Act , namely :-

AMENDMENT

In the said rules , in rule 19, for clasue ( i ) , the following clause shall be substituted , namely:-

"(i ) Maximum fees - The maximum fees shall be levied as under :-

Maximum Fee

(2) Document or act in respect of which the fee is payble (1)

Statement under section 58 Five hundred seventy nine Rupees .

Statement under section 60 One hundred sixteen Rupees .

Intimation under section 61 One hundred sixteen Rupees.

2465

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

भाग 1 ]

(2) (1)

Intimation under section 62 Notice under section 63

Fifty eight Rupees One hundred sixteen Rupees.

Application under section 64 fifty eight Rupees

Twenty eight Rupees Inspection of the Register of Firms under sub - section ( 1 ) of Section 66

Twenty eight Rupees Inspection of documents relating to a firm under

sub- section ( 2) of Section 66

Copies under Section 67 Thirteen Rupees (For each hundred words or part thereof) "

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एम. रफीक खान , उपसचिव.

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 23 जुलाई 2014

क्र. एफ- 3-3-2014-एक- 4.- राज्य शासन, एतद्वारा , पंचायतों के आम/उप निर्वाचन 2014 ( पूर्वार्द्ध ) हेतु आयोग द्वारा जारी निर्वाचन कार्यक्रम (प्रति संलग्न ) अनुसार मतदान दिनांक 28 जुलाई 2014 सोमवार को जिले के संबंधित क्षेत्रों में सामान्य अवकाश घोषित करता है.

(2) उक्त दिनांक को केवल संबंधित क्षेत्रों के लिये परक्राम्य लिखित अधिनियम ( निगोशिएबल इन्स्ट्रमेंट्स एक्ट ) 1881 ( 1881 का क्रमांक 26 ) की धारा 25 के अन्तर्गत सार्वजनिक अवकाश भी घोषित करता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अमिताभ अवस्थी, उपसचिव.

परिशिष्ट- एक

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग

" निर्वाचन भवन "

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल (म. प्र.) - 462011

आदेश

भोपाल , दिनांक 28 जून 2014

क्र. एफ- 37-02-2014- तीन -1181 .- मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम , 1993 की धारा 42 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा धारा 9 ( 2 ) ( क ) एवं मध्यप्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम, 1995 के नियम 28 की अपेक्षा अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग एतद्वारा पंचायतों में 30 अप्रैल 2014 तक रिक्त हुए पदों की पूर्ति हेतु तथा नवगठित पंचायतों एवं उन पंचायतों जिनका कार्यकाल पूर्ण हो रहा है तथा जिन ग्राम पंचायतों को आरक्षण से अपवर्जित किया गया है, के आम/उप निर्वाचन 2014 ( पूर्वार्द्ध ) हेतु निम्नानुसार समय- अनुसूची ( कार्यक्रम ) विहित करता है:-

कार्यवाही (2)

क्र. (1)

1 (i ) निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन और नाम निर्देशन- पत्र प्राप्त करना.

( ii ) स्थानों ( सीटों ) के आरक्षण के संबंध में सूचना का प्रकाशन.

( iii ) मतदान केन्द्रों की सूची का प्रकाशन 2

नाम- निर्देशन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तारीख .

दिन और समय (5)

नियम (3)

निर्धारित तारीख (4)

28

7-7-2014

प्रात: 10.30 बजे से (सोमवार).

29-क

-उपरोक्तानुसार- -उपरोक्तानुसार-

23

-उपरोक्तानुसार-

-उपरोक्तानुसार-

14-7-2014

28(क)

अपराह्न 3.00 बजे तक (सोमवार)..

2466

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(3)

(2)

(1)

3

नाम- निर्देशन पत्रों की संवीक्षा ( जांच) 28(ख)

4

28(ग)

अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की अन्तिम तारीख .

5

38, 39

निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करना और निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन.

6

मतदान ( यदि आवश्यक हो )

28(घ)

7 मतगणना

8

ई.व्ही.एम. से निर्वाचन कराये जाने पर सरपंच पद हेतु मतगणना , सारणीकरण एवं निर्वाचन परिणाम की घोषणा 9

सारणीकरण एवं निर्वाचन परिणाम की घोषणा.

(i) पंच, सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य के मामले में.

( ii ) जिला पंचायत सदस्य के मामले में (4)

(5)

15-7-2014

प्रात: 10.30 बजे से (मंगलवार) .

17-7-2014

अपराह्न 3.00 बजे तक (गुरुवार) .

17-7-2014

अभ्यर्थिता वापसी के ठीक बाद (गुरुवार) .

28-7-2014

प्रातः 8.00 बजे से 3.00 बजे तक (सोमवार).

28-7-2014

मतदान केन्द्रों पर मतदान के तुरन्त पश्चात् ( सोमवार ) .

30-7-2014

खण्ड मुख्यालय पर प्रातः 9.00 बजे से ( बुधवार ) .

30-7-2014

खण्ड मुख्यालय पर प्रातः 9.00 बजे से ( मतों के सारणीकरण के तत्काल बाद ) ( बुधवार) .

31-7-2014

जिला मुख्यालय पर प्रात: 10.30 बजे से ( गुरुवार ).

हस्ता./- जी. पी. श्रीवास्तव सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

त्रि- स्तरीय पंचायतों में स्थानों ( रिक्त ) पदों की जानकारी त्रैमास 30 अप्रैल 2014 (जिलों से प्राप्त पत्रकों एवं दूरभाष से जानकारी के अनुसार रिक्तियों की संख्या )

जिला पंचायत

आम निर्वाचन ग्राम पंचायत

जनपद पंचायत

जिला

क्र.

उपाध्यक्ष

अध्यक्ष (6)

अध्यक्ष (3) (4)

सदस्य (5) (1) (2)

1 1 मुरैना

2 श्योपुर

3

Nil

भिण्ड

4 ग्वालियर

1 5 शिवपुरी

दतिया

6

1 7 गुना

8 अशोकनगर

पंच

सरपंच सदस्य (8)

उप सर. पंच ( 10) ( 11 ) ( 12 ) ( 13 ) सरपंच (9)

(7) उपाध्यक्ष

9

1

1

6

1

1

2

2

2

1 2467

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

भाग 1 ]

( 10 ) ( 11 ) ( 12 ) ( 13 )

(7) (8) (9 )

(2)

(3)

(5) (6)

(4)

(1)

1

3

2

Nil

मंदसौर

9

1

8

नीमच

10

1

4

11

11

रतलाम

12

Nil

शाजापुर

3

2

1

उज्जैन

13

3

26

14 देवास

1

16

1

7

15 राजगढ़

1

2

2

16 सीहोर

1

19

1

1

17 विदिशा

1

5

1

भोपाल

18

Nil

रायसेन

19

3

6

20

20 बैतूल

3

12

4

21 होशंगाबाद

1

1

22 हरदा

23 झाबुआ

24

Nil

अलिराजपुर

20

25 इन्दौर

1

5

1

धार

26

2

7

33

खरगोन

27

3

1

28 बड़वानी

1

2

खण्डवा

29

20

4

30 बुरहानपुर

Nil

31 टीकमगढ़

4

12

1

32 पन्ना

Nil

33 छतरपुर

4

3

34 सागर

1

3

35 दमोह

2

36 जबलपुर

5

1

37 कटनी

3

1

38 नरसिंहपुर

41

17

39 छिंदवाड़ा

3-

Nil

40 सिवनी

4

3

16

41

मण्डला

2

1

42 डिण्डौरी

3

43 बालाघाट

4

2

44 रीवा

Nil

45 सतना

4

2

2

46 शहडोल

1

1

47 अनूपपुर

2

5

2

48 उमरिया

5

3

सीधी

49

5

1

50 सिंगरौली

1

आगर मालवा

51

334

0

99

18

0

16

0

4

0

कुल योग 2468

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

विधि और विधायी कार्य विभाग

भोपाल , दिनांक 8 अगस्त 2014

फा. क्र. 17 (ई ) 43-2009-1481- इक्कीस- ब( एक ) 14.- ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 ( 2009 का 4 ) की धारा 5 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश, उच्च न्यायालय के परामर्श से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 17 (ई ) -2009-2251 - इक्कीस- ब ( 1 ) , दिनांक 10 मई 2013 में, निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्ः-

संशोधन

उक्त अधिसूचना की सारणी में, अनुक्रमांक 2 , 4, 6 , 15, 18 , 25, 26 , 33 , 40, 48, 50, 53 , 56 , 61 , 62 , 63 , 68 , 73 एवं 74 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं :-

पदस्थापना का स्थल न्यायाधिकारी का नाम

अनु- क्रमांक

(1)

(2)

(3)

जोबट 2. श्री प्रकाश डामोर, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 .

कोतमा 4. श्री दीपक कावड़े, व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 के अतिरिक्त न्यायाधीश.

चंदेरी 6. श्री संतोष कुमार कोल, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 .

बुरहानपुर 15. श्रीमती प्राची पटैल, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2.

18.

छिन्दवाड़ा श्री प्रकाश कसेर, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 .

कन्नौद 25. श्री पंकज जायसवाल, व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 .

धार 26. श्रीमती संगीता पटेल, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 .

डबरा 33. श्री अरविंद कुमार जैन, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 के अतिरिक्त न्यायाधीश.

झाबुआ 40. श्री रविकांत सोलंकी, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश.

नरसिंहपुर 48. कु. समीक्षा सिंह, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 .

सारणी

सिविल जिले का नाम

ग्राम न्यायालय के मुख्यालय का नाम मध्यवर्ती स्तर की पंचायत के लिए ग्राम न्यायालय का नाम

(6) (4)

(5)

जोबट

जोबट अलीराजपुर

कोतमा

कोतमा

अनूपपुर

चंदेरी

चंदेरी अशोकनगर

बुरहानपुर बुरहानपुर

बुरहानपुर

छिन्दवाड़ा

छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा

देवास

कन्नौद

कन्नौद

धार

धार धार

डबरा

डबरा

ग्वालियर

झाबुआ झाबुआ

झाबुआ

नरसिंहपुर

नरसिंहपुर

नरसिंहपुर 2469

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

भाग 1 ]

(3) (1)

(2)

नीमच 50. श्री अभिषेक गौड़ , व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 के अतिरिक्त न्यायाधीश.

रायसेन 53. श्रीमती ऊषा तिवारी बेड़िया, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 .

रतलाम 56. श्री रितुराज सिंह चौहान , चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 .

61.

खुरई कु. श्वेता गोयल, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 .

सतना 62. श्रीमती कविता दीप खरे, षष्ठम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 .

नागौद 63. श्रीमती सिद्धी मिश्रा, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 .

शहडोल 68 . श्रीमती निशा गुप्ता, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश.

73 .

शिवपुरी श्रीमती नीलू संजीव श्रृंगीरिषी, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 .

करेरा 74. श्री रतन कुमार वर्मा, व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 के अतिरिक्त न्यायाधीश .

(6)

(5)

(4)

नीमच

नीमच नीमच

रायसेन

रायसेन

रायसेन

रतलाम

रतलाम

रतलाम

सागर

खुरई

खुरई

सतना

सतना

सतना

नागौद सतना

नागौद

शहडोल

शहडोल

शहडोल

शिवपुरी

शिवपुरी

शिवपुरी

करेरा

करेरा

शिवपुरी

F.No. 17 (E ) 43-2009-1481 -XXI - B ( 1 ) -14 . In exercise of the powers conferred by Section 5 of the Gram Nyayalayas Act , 2008 (No. 4 of 2009 ) , the State Government , in Consultation with the High Court of Madhya Pradesh, hereby , makes the following amendment in this department's Notification F. No. 17 (E)43-2009- 2251-XXI - B ( 1 ), dated 10th May 2013 , namely :-

AMENDMENT

In the said Notification in the table , for serial numbers 2 , 4 , 6, 15, 18 , 25 , 26 , 33 , 40 , 48 , 50 , 53 , 56, 61 , 62 , 63 , 68, 73 and 74 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely :-

S.No.

Place of Posting Name of Nyayadhikari

(3) (2)

(1)

Jobat 2. Shri Prakash Damor, Civil Judge Class - I .

TABLE

Name of Civil District

Name of Gram Nyayalaya for Panchayat at Intermediate level

Name of Headquarter ofGram Nyayalaya

(6)

(5)

(4)

Jobat

Jobat

Alirajpur 2470

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

(3) (2)

(1)

4.

Kotma

(6)

(5)

(4)

Kotma

Kotma Anuppur

Shri Deepak Kawde , Additional Judge to Civil Judge Class - I .

Chanderi 6.

Chanderi

Chanderi

Ashoknagar

Shri Santosh Kumar Kaul , CivilJudge Class - I .

15.

Burhanpur

Burhanpur Smt . Prachi Patel , Ist Civil Judge Class - II .

Chhindwara 18. Shri Prakash Kaser , IInd Civil Judge Class - I .

Kannod 25. Shri Pankaj Jaiswal , Civil Judge Class - II .

Dhar 26. Smt . Sangeeta Patal , IIIrd Civil Judge Class - I .

Dabra 33. Shri Arbind Kumar Jain , Additional Judge to I Civil Judge Class - I .

Jhabua 40. Shri Ravikant Solanki , IInd Additional Judge to Ist Civil Judge Class - II .

48.

Narsinghpur

Burhanpur

Burhanpur

Chhindwara Chhindwara

Chhindwara

Kannod

Kannod Dewas

Dhar

Dhar

Dhar

Dabra

Dabra Gwalior

Jhabua Jhabua

Jhabua

Narsinghpur

Ku . Samikha Singh , IInd Civil Judge Class - I .

Neemuch 50. Shri Abhishek Gaud , Additional Judge to CivilJudge Class - I .

Raisen 53 . Smt . Usha Tiwari Bediya , IInd Civil Judge Class - I .

Ratlam 56. Shri Rituraj Singh Chouhan , IVth Civil Judge Class - I .

Khurai 61. Ku . Shweta Goyal , IInd Civil Judge Class - I .

Satna 62. Smt . Kavita Deep Khare , VIth Civil Judge Class - I .

63.

Nagod Smt . Siddhi Mishra , IInd Civil Judge Class - I .

Shahdol 68. Smt. Nisha Gupta , Ist Additional Judge to Civil Judge Class - I .

Narsinghpur

Narsinghpur

Neemuch

Neemuch

Neemuch

Raisen Raisen

Raisen

Ratlam

Ratlam Ratlam

Khurai

Khurai

Sagar

Satna

Satna

Satna

Satna

Nagod

Nagod

Shahdol Shahdol

Shahdol 2471 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(3)

(5)

(1)

(4)

(6)

Shivpuri

Shivpuri

Shivpuri 73.

Shivpuri

Smt . Neelu Sanjeev Shringirishi , IIIrd Civil Judge Class - II .

Karera

Karera

Karera

Shivpuri

74. Shri Ratan Kumar Verma , Additional Judge to CivilJudge Class - I .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , राजेन्द्र कुमार वर्मा, सचिव.

आवास एवं पर्यावरण विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ. 3-140-2012- बत्तीस . मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, ( संशोधित ) 1973 ( क्रमांक 1 सन् 2012 ) की धारा 23 " क " की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ- 3- 140-2012- बत्तीस , दिनांक 4 जून 2013 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रवर्तित सीहोर विकास योजना, 2011 में निम्न उल्लेखित शर्तों के साथ उपांतरण की पुष्टि करती है . उपांतरण ब्यौरे एवं शर्तें निम्नानुसार हैं : -

अनुसूची

ग्राम

क्रमांक

खसरा क्रमांक

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग

उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू-उपयोग (1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6) 1

4.14

आवासीय 38/3 , 38/1/4 ,

कृषि

13/5 , 13/6

ग्राम सारंगाखेड़ी.

योग . 4.14

(2) यह कि आवेदक संस्था ने मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम, 2012 के नियम 15 के अंतर्गत देय राशि रुपये 79,69,500/- ( रुपये उन्यासी लाख उन्हत्तर हजार पांच सौ रुपये मात्र ) दिनांक 10 जुलाई 2014 को भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा सीहोर के चालान क्रमांक -73 द्वारा राजकीय कोष में जमा कर दी है.

(2) आवेदक द्वारा प्रश्नाधीन भूमि सीहोर इछावर मार्ग से 250 मीटर दूरी पर स्थित है. इस 9.0 मीटर चौड़े ब्ल्यू.बी.एम. मार्ग पर 7.5 मीटर चौड़ा सीमेन्ट - कांक्रीट सड़क का निर्माण, पुलिया , नालियों सहित नगरपालिका परिसर सीहोर की स्पेसिफिकेशन की कुल लागत रुपये 10,09,000 ( दस लाख नौ हजार) अनुरूप कराया जाना अनिवार्य होगा.

(3) प्रश्नाधीन भूमि में विद्यमान 11 के.वी . विद्युत लाईनों से पर्याप्त दूरी बनाकर ही निर्माण किया जाये , यदि आवश्यक हो तो विद्यद्युत लाईनों के शिफिटिंग हेतु स्वयं के व्यय पर कार्य करना होगा.

(4) प्रश्नाधीन स्थल तक इन्दौर - भोपाल मार्ग से शासकीय आम रास्ता उपलब्ध है जो आवेदक की स्वामित्व की भूमि खसरा क्रमांक 30/1/3 तक जाता है . इस मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग के स्पेसिफिकेशन की कुल 35.17 लाख लागत अनुसार कराया जाना आवश्यक होगा.

[भाग 1 2472

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(5) आवेदक उक्त रोड के तथा सीमेन्ट कांक्रीट सड़क पुलिया नालियों के प्राक्कलन अनुसार कुल लागत रुपये 45.26 लाख के 50 प्रतिशत राशि की बैंक गारंटी बिना शर्त के कार्यपालन संचालक मध्यप्रदेश विकास प्राधिकरण संघ के नाम से जमा करानी होगी.

( 6) सक्षम प्राधिकारी नगर तथा ग्राम निवेश बैंक गारंटी प्रस्तुत किये जाने के तथ्य की पुष्टि कराये बिना उपांतरित भूमि पर कोई विकास अनुज्ञा जारी नहीं करेगा.

(7) आवेदक संस्था कंडिका-5 में उल्लेखित निर्माण कार्यों निर्धारित प्राकलनों के अनुसार का पूरा करने पर उसकी जानकारी कार्यपालन संचालक मध्यप्रदेश विकास प्राधिकरण संघ को प्रस्तुत करेगी.

(8 ) कार्यपालन संचालक, मध्यप्रदेश विकास प्राधिकरण संघ यह प्रमाणित करने के पश्चात् कि उक्त निर्माण दिये गये प्राकलन के अनुरूप निर्मित कर लिया गया है, तदोपरांत बैंक गारंटी आवेदक संस्था के पक्ष में मुक्त करेगी.

(9) उपरोक्त बैंक गारंटी की अवधि कम से कम 12 माह की होगी तथा कार्यपालन संचालक मध्यप्रदेश विकास प्राधिकरण संघ के निर्देशानुसार आवेदक संस्था के आवेदन पर इस अवधि को आवश्यकतानुसार बढ़ाया जा सकता है अन्यथा सक्षम प्राधिकारी से विकास अनुज्ञा प्राप्त करने के 12 माह के भीतर मार्ग निर्माण का कार्य पूरा नहीं किए जाने पर कार्यपालन संचालक मध्यप्रदेश विकास प्राधिकरण संघ उक्त गारंटी की राशि राजसात कर सकेगा.

(10 ) मार्ग निर्माण की शर्त की पूर्ति किए बिना अगर उक्त बैंक गारंटी समय बाधित हो जाती है तो इसका पूर्ण दायित्व परियोजना अधिकारी तथा कार्यपालन संचालक मध्यप्रदेश विकास प्राधिकरण संघ का होगा.

उपरोक्त उपांतरण सीहोर विकास योजना , 2011 का एकीकृत भाग होगा.

(11 )

भोपाल , दिनांक 11 अगस्त 2014

क्र. एफ. 3-3-2014- बत्तीस. - राज्य शासन , एतद्वारा विभागीय आदेश क्रमांक एफ-3-15-32-1999, दिनांक 22 फरवरी 1999 के द्वारा मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 ( संशोधन 1996 ) की धारा 17क ( 1 ) के तहत सीहोर विकास योजना हेतु गठित समिति के आदेश को निरस्त करते हुए सीहोर विकास योजना प्रारूप , 2031 हेतु निम्नानुसार समिति का गठन करता है. उक्त समिति मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 17 - क( 2 ) में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार कार्य करेगी :-

समिति में पद

संस्था/पता

अधिनियम की

व्यक्तिका नाम/पद

(4)

(3)

धारा 17 - क( 1 ) खण्ड (1)

(2)

सदस्य अध्यक्ष

नगरपालिका परिषद्, सीहोर

(क)

सदस्य अध्यक्ष

जिला पंचायत, सीहोर

(ख)

सदस्य

लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र, सीहोर

सांसद

(ग)

सदस्य विधायक

विधान सभा क्षेत्र, सीहोर

(घ)

लागू नहीं

(ङ)

लागू नहीं

सदस्य अध्यक्ष

जनपद पंचायत, सीहोर

(च)

सदस्य 1. सरपंच

ग्राम पंचायत , लसूडिया परिसर ( अब्दुल्लापुर )

(छ)

सदस्य 2. सरपंच

ग्राम पंचायत, धूंनाकला

2473 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(4)

(3)

(2)

(1)

सदस्य 3. सरपंच

ग्राम पंचायत, पंचामा

सदस्य 4. सरपंच

ग्राम पंचायत, हसनाबाद ( काला पहाड़ )

सदस्य 5. सरपंच

ग्राम पंचायत, गुड़भेला

सदस्य 6. सरपंच

ग्राम पंचायत, बिजोरा

सदस्य 7. सरपंच

ग्राम पंचायत, जमुनियातालाब ( थूनाखुर्द)

सदस्य 8. सरपंच

ग्राम पंचायत, बिजोरी

सदस्य 9. सरपंच

ग्राम पंचायत , रफीकगंज (मुगीसपुर)

सदस्य 10. सरपंच

ग्राम पंचायत, राजूखेड़ी ( सेमलीखुर्द )

सदस्य 11. सरपंच

ग्राम पंचायत, पिपरियामीरा ( खुर्शीदपुरवीरान, चन्देरी , भगवानपुरा )

सदस्य 12. सरपंच

ग्राम पंचायत, जहांगीरापुरा

13. सरपंच

ग्राम पंचायत , सेवनियां ( अवन्तीपुरा, शाहपुर कोडिया, शिवपुरी )

सदस्य 14. सरपंच

ग्राम पंचायत, अलहदाखेड़ी ( सारंगखेड़ी )

सदस्य 15. सरपंच

ग्राम पंचायत, तकीपुर ( शेरपुर)

सदस्य 1. प्रतिनिधि

कलेक्टर, जिला सीहोर

(ज)

सदस्य 2. प्रतिनिधि

वनमण्डलाधिकारी , सीहोर

सदस्य 3. प्रतिनिधि

कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, सीहोर

सदस्य 4. प्रतिनिधि

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण सीहोर

सदस्य 5. प्रतिनिधि

इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स इंडिया के प्रतिनिधि

सदस्य

काउंसिल ऑफ आर्किटेक्ट इंडिया के प्रतिनिधि

6. प्रतिनिधि

सदस्य 7. प्रतिनिधि

इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि

संयोजक.

(झ)

समिति के संयोजक.

संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय , भोपाल, सीहोर रायसेन.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

वर्षा नावलेकर, उपसचिव.

2474

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

विभाग प्रमुखों के आदेश

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग "निर्वाचन भवन"

58 , अरेरा हिल्स , भोपाल ( मध्यप्रदेश ) -462 011

आदेश

भोपाल , दिनांक 4 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-41-10- तीन- 616.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, कुंभराज, जिला गुना के आम निर्वाचन में श्री शरीफ खां अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी , 2010 को शासकीय अवकाश होने से) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, श्री शरीफ खां निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, गुना के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, गुना के पत्र दिनांक 21 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री शरीफ खां द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी श्री शरीफ खां को आयोग द्वारा कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 6 जनवरी 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना में श्री शरीफ खां से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री शरीफ खां को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 18 जनवरी, 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 2 फरवरी 2014 को शासकीय अवकाश होने से दिनांक 3 फरवरी 2014 तक अपना जवाब/अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा श्री शरीफ खां को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली के पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला गुना से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 1 मार्च 2014 से प्रतिवेदित किया है कि " अभ्यर्थी श्री शरीफ खां को निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत न करने के कारण , आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस तामील होने के उपरान्त अभ्यर्थी द्वारा व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है . "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री शरीफ खां को दिनांक 22 जुलाई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री शरीफ खां आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. दिनांक 22 जुलाई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 5 जुलाई 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में 10 जुलाई 2014 को हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री शरीफ खां द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री शरीफ खां को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् कुंभराज, जिला गुना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

2475

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

भाग 1 ]

आदेश

भोपाल , दिनांक 4 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-41-10- तीन- 617.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, कुंभराज, जिला गुना के आम निर्वाचन में श्री कैलाश नारायण मीना अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी, 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, श्री कैलाश नारायण मीना निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , गुना के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , गुना के पत्र दिनांक 21 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री कैलाश नारायण मीना द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी श्री कैलाश नारायण मीना को आयोग द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 6 जनवरी 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना में श्री कैलाश नारायण मीना से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री कैलाश नारायण मीना को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 18 जनवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 2 फरवरी 2014 को शासकीय अवकाश होने से दिनांक 3 फरवरी 2014 तक अपना जवाब/ अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा श्री कैलाश नारायण मीना को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली के पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला गुना से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 1 मार्च 2014 से प्रतिवेदित किया है कि " अभ्यर्थी श्री कैलाश नारायण मीना को निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत न करने के कारण, आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस तामील होने के उपरान्त अभ्यर्थी द्वारा व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है ."

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री कैलाश नारायण मीना को दिनांक 22 जुलाई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री कैलाश नारायण मीना आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. दिनांक 22 जुलाई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना - पत्र दिनांक 5 जुलाई 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में 10 जुलाई 2014 को हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री कैलाश नारायण मीना द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री कैलाश नारायण मीना को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् कुंभराज, जिला गुना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

2476

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

आदेश

भोपाल , दिनांक 4 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-41-10- तीन- 618.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, कुंभराज, जिला गुना के आम निर्वाचन में श्री रघुवीर सिंह लोधा अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, श्री रघुवीर सिंह लोधा निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी गुना के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , गुना के पत्र दिनांक 21 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री रघुवीर सिंह लोधा द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी श्री रघुवीर सिंह लोधा को आयोग द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 6 जनवरी 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना में श्री रघुवीर सिंह लोधा से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री रघुवीर सिंह लोधा को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 18 जनवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 2 फरवरी 2014 को शासकीय अवकाश होने से दिनांक 3 फरवरी 2014 तक अपना जवाब/अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. आयोग द्वारा श्री रघुवीर सिंह लोधा को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली के पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में व्यय लेखा/ अभ्यावेदन प्रस्तुत किये जाने के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला गुना से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 1 मार्च 2014 से प्रतिवेदित किया है कि " अभ्यर्थी श्री रघुवीर सिंह लोधा को निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत न करने के कारण , आयोग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस तामील होने के उपरान्त अभ्यर्थी द्वारा व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है . " आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री रघुवीर सिंह लोधा को दिनांक 22 जुलाई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री रघुवीर सिंह लोधा आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. दिनांक 22 जुलाई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 5 जुलाई 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में 10 जुलाई 2014 को हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री रघुवीर सिंह लोधा द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री रघुवीर सिंह लोधा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् कुंभराज, जिला गुना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

( जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भाग 1 ]

2477

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

आदेश

भोपाल , दिनांक 4 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-41-10- तीन- 619.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, कुंभराज, जिला गुना के आम निर्वाचन में श्री रतन सिंह मीना अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, श्री रतन सिंह मीना निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, गुना के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , गुना के पत्र दिनांक 21 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री रतन सिंह मीना द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री रतन सिंह मीना को आयोग द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 6 जनवरी, 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना में श्री रतन सिंह मीना से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी श्री रतन सिंह मीना को कारण बताओ सूचना- पत्र दिनांक 18 जनवरी , 2014 को तामील कराया गया. कारण बताओ सूचना- पत्र की तामीली की प्रति पर श्री अभ्यर्थी श्री रतन सिंह मीना की टीप दिनांक 18 जनवरी , 2014 अंकित है कि " श्रीमान जी प्राप्त कर निवेदन है कि तत्कालीन तहसीलदार, कुम्भराज को लेख जोख दे दिया गया था, मैं चुनाव नहीं लड़ा था सिर्फ फार्म भरा गया था. " आयोग द्वारा उक्त टीप के संबंध में कलेक्टर से उनका अभिमत चाहा गया. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला गुना से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 1 मार्च , 2014 में प्रतिवेदित किया है कि " अभ्यर्थी श्री रतन सिंह मीना के द्वारा चुनाव नहीं लड़े जाने का उल्लेख किया है जबकि अभ्यर्थी को चुनाव चिन्ह आवंटित किया जाकर चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों में इनका नाम शामिल है तथा तहसीलदार, कुंभराज को कोई अभ्यावेदन/व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है. "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री रतन सिंह मीना को दिनांक 22 जुलाई, 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, श्री रतन सिंह मीना इन्दौर में रहने के कारण उन्हें सूचना- पत्र की तामीली ( तामीली प्रति पर अंकित टीप दिनांक 10 जुलाई 2014 अनुसार ) नहीं होने के पर, अभ्यर्थी को आयोग में व्यक्तिगत सुनवाई दिनांक 22 जुलाई 2014 में उपस्थित होने की सूचना उनके मो. नं. 9425122533 पर दिनांक 18 जुलाई 2014 को दिये जाने के उपरान्त भी अभ्यर्थी श्री रतन सिंह मीना आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री रतन सिंह मीना द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्ग श्री रतन सिंह मीना को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् कुंभराज, जिला गुना का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

2478

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

आदेश

भोपाल , दिनांक 5 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-23-12-तीन नपा-633 . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह जुलाई , 2012 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, जयसिंहनगर, जिला शहडोल के निर्वाचन में सुश्री नीलम संजय गुप्ता अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर परिषद् जयसिंहनगर जिला शहडोल के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 9 जुलाई 2012 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 08 अगस्त, 2012 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल के पत्र क्र. न. पा. निर्वा./12/779 , दिनांक 22 सितम्बर 2012 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री नीलम संजय गुप्ता द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री नीलम संजय गुप्ता को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 10 दिसम्बर 2012 जारी किया गया. कारण बताओ सूचना पत्र में अभ्यर्थी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह

[ भाग 1 माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

सुश्री नीलम संजय गुप्ता को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 6 फरवरी 2013 को तामील कराया गया. कारण बताओ नोटिस के संदर्भ में अभ्यर्थी द्वारा एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया, जिसके परीक्षण हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल को प्रेषित किया गया. अभ्यावेदन परीक्षण उपरांत कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शहडोल से प्राप्त पत्र दिनांक 17-6-2014 में लेख किया गया है कि सुश्री नीलम संजय गुप्ता द्वारा प्रस्तुत जवाब में यह दर्शाया गया है कि बच्चों की तबियत खराब रहने से बाहर चली गई थी जिससे नियत समय पर व्यय लेखा दाखिल नहीं कर सकी. किन्तु बच्चों के स्वास्थ्य खराब होने के समर्थन का किसी प्रकार का अस्वस्थ्यता प्रमाण- पत्र आदि प्रस्तुत नहीं किया गया. वस्तुतः स्थिति यह है कि व्यय लेखा अपूर्ण है तथा प्रस्तुत उत्तर भी संदिग्ध प्रतीत होने से स्वीकार योग्य नहीं है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री नीलम संजय गुप्ता को को दिनांक 22 जुलाई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई. जबकि अभ्यर्थी सुश्री नीलम संजय गुप्ता को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 8 जुलाई 2014 की तामीली विहित समयावधि में दिनांक 11 जुलाई 2014 को कराई जा चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया एवं पक्ष समर्थन में कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत न करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री नीलम संजय गुप्ता को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् जयसिंहनगर जिला शहडोल का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 (पांच वर्ष) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

भाग 1 ]

2479

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

आदेश

भोपाल, दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-271-10- तीन नपा-642.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह फरवरी , 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, बड़ौनी , जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री वतीदेवी सरमन कुम्हार अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 22 मार्च 2010 तक, सुश्री वतीदेवी सरमन कुम्हार को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पत्र दिनांक 26 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री वतीदेवी सरमन कुम्हार द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री वतीदेवी सरमन कुम्हार को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस में दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया कारण बताओ नोटिस में सुश्री वतीदेवी सरमन कुम्हार से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री वतीदेवी सरमन कुम्हार को कारण बताओ नोटिस दिनांक 23 अक्टूबर 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 7 नवम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 17 अगस्त 2011 में प्रतिवेदित किया है कि " आज दिनांक तक अभ्यर्थी सुश्री वतीदेवी सरमन कुम्हार द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही स्वयं उपस्थित होकर व्यय लेखा प्रस्तुत किया है. "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री वतीदेवी सरमन कुम्हार को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री वतीदेवी सरमन कुम्हार आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुई. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 12 मई 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री वतीदेवी सरमन कुम्हार द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री वतीदेवी सरमन कुम्हार को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बड़ौनी जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

2480

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

आदेश

भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-271-10- तीन नपा-643.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह फरवरी , 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, बड़ौनी, जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री नर्मदा हर किशोर कोरी , अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 22 मार्च 2010 तक, सुश्री नर्मदा हर किशोर कोरी को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पत्र दिनांक 26 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री नर्मदा हर किशोर कोरी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री नर्मदा हर किशोर कोरी को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री नर्मदा हर किशोर कोरी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री नर्मदा हर किशोर कोरी द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 के संबंध में अपना अभ्यावेदन दिनांक 21 अक्टूबर 2010 को प्रस्तुत किया. आयोग द्वारा अभ्यर्थी से प्राप्त अभ्यावेदन में वर्णित तथ्यों की स्वीकार्यता के संबंध में कलेक्टर दतिया से उनका अभिमत चाहा गया. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 28 अप्रैल 2014 में प्रतिवेदित किया है कि " अभ्यर्थी सुश्री नर्मदा हर किशोर कोरी , के अभ्यावेदन का अवलोकन किया गया जिसमें इनके द्वारा निर्धारित प्रारूप में एवं समय- सीमा में व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया है . अतः इनके द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन की स्वीकार्यता भी मेरे मतानुसार मान्य योग्य नहीं है . "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री नर्मदा हर किशोर कोरी को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री नर्मदा हर किशोर कोरी , आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 12 मई 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री नर्मदा हर किशोर कोरी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री नर्मदा हर किशोर कोरी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बड़ौनी जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 (पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

भाग 1 ]

2481

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

आदेश

भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-271-10- तीन नपा-644.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह फरवरी, 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, बड़ौनी , जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री फूलवती अशोक परिहार, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 22 मार्च 2010 तक, सुश्री फूलवती अशोक परिहार को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पत्र दिनांक 26 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री फूलवती अशोक परिहार द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री फूलवती अशोक परिहार को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री फूलवती अशोक परिहार से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा .

अभ्यर्थी सुश्री फूलवती अशोक परिहार को कारण बताओ नोटिस दिनांक 17 जनवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 1 फरवरी 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 28 अप्रैल 2014 में प्रतिवेदित किया है कि-" आज दिनांक तक अभ्यर्थी सुश्री फूलवती अशोक परिहार द्वारा कोई व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है. "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री फूलवती अशोक परिहार को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री फूलवती अशोक परिहार आयोग में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 12 मई 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री फूलवती अशोक परिहार द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री फूलवती अशोक परिहार को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बड़ौनी जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

2482

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

आदेश

भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-271-10- तीन नपा-645.-मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह फरवरी , 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, बड़ौनी , जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री भारती राजेश करौठिया, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 22 मार्च, 2010 तक, सुश्री भारती राजेश करौठिया को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पत्र दिनांक 26 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री भारती राजेश करौठिया द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री भारती राजेश करौठिया को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री भारती राजेश

[ भाग 1 करौठिया से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री भारती राजेश करौठिया को कारण बताओ नोटिस दिनांक 10 जनवरी , 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 25 जनवरी 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 28 अप्रैल 2014 में प्रतिवेदित किया है कि- अभ्यर्थी सुश्री भारती राजेश करौठिया ने व्यय लेखा आज दिनांक तक प्रस्तुत नहीं किया है.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री भारती राजेश करौठिया को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया , किन्तु अभ्यर्थी सुश्री भारती राजेश करौठिया आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 12 मई, 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री भारती राजेश करौठिया द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री भारती राजेश करौठिया को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बड़ौनी जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 ( पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

2483

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

भाग 1 ]

आदेश

भोपाल, दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-271-10- तीन नपा-646.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगंत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह फरवरी , 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, बड़ौनी , जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री मुन्नी , अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 22 मार्च , 2010 तक, सुश्री मुन्नी को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पत्र दिनांक 26 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री मुन्नी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यथी सुश्री मुन्नी को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री मुन्नी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री मुन्नी को कारण बताओ नोटिस दिनांक 10 जनवरी , 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 25 जनवरी 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 28 अप्रैल 2014 में प्रतिवेदित किया है कि " अभ्यर्थी सुश्री मुन्नी ने व्यय लेखा आज दिनांक तक प्रस्तुत नहीं किया है . "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री मुन्नी को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री मुन्नी आयोग में उपस्थित नहीं हुई. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 12 मई, 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री मुन्नी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री मुन्नी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बड़ौनी जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-271-10-तीन नपा-647.-मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह 2484

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह फरवरी , 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, बड़ौनी , जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री रामश्री/लच्छू ठेकेदार अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 22 मार्च, 2010 तक, सुश्री रामश्री/लच्छू ठेकेदार को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पत्र दिनांक 26 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री रामश्री /लच्छू ठेकेदार द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री रामश्री/लच्छू ठेकेदार को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया . कारण बताओ नोटिस में सुश्री रामश्री/लच्छू ठेकेदार से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

[ भाग 1 अभ्यर्थी सुश्री रामश्री/लच्छू ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस दिनांक 10 जनवरी , 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 25 जनवरी 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 28 अप्रैल 2014 में प्रतिवेदित किया है कि- " अभ्यर्थी सुश्री रामश्री/लच्छू ठेकेदार ने आज दिनांक तक कोई व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है. "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री रामश्री/लच्छू ठेकेदार को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री रामश्री/लच्छू ठेकेदार आयोग में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 12 मई, 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री रामश्री/लच्छू ठेकेदार द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री रामश्री/लच्छू ठेकेदार को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बड़ौनी , जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-271-10- तीन नपा-648 . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

भाग 1 ]

परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा .

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह फरवरी , 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, बड़ौनी , जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री शीला पुत्रवधु उदयजीत, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 22 मार्च, 2010 तक, सुश्री शीला पुत्रवधु उदयजीत को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पत्र दिनांक 26 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री शीला पुत्रवधु उदयजीत द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री शीला पुत्रवधु उदयजीत को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री शीला पुत्रवधु उदयजीत से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री शीला पुत्रवधु उदयजीत द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 17 जनवरी, 2014 को तामील हुआ. कारण नोटिस बताओ तामीली उपरान्त अभ्यर्थी सुश्री शीला पुत्रवधु उदयजीत ने

2485 अपना अभ्यावेदन दिनांक 23 जनवरी 2014 को जिला कार्यालय को प्रस्तुत किया. आयोग द्वारा अभ्यर्थी सुश्री शीला के अभ्यावेदन में वर्णित तथ्यों की स्वीकार्यता के संबंध में कलेक्टर दतिया से उनका अभिमत चाहा गया. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 28 अप्रैल, 2014 में प्रतिवेदित किया है कि " अभ्यर्थी सुश्री शीला पुत्रवधु उदयजीत विलम्ब से दिनांक 23 जनवरी 2014 को व्यय लेखा प्रस्तुत किया , जो कि नियत प्रारूप पर भी नहीं दिया गया है . अतः कलेक्टर ने अभ्यर्थी की स्वीकार्यता मेरे मतानुसार मान्य योग्य नहीं है . "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री शीला पुत्रवधु उदयजीत को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री शीला पुत्रवधु उदयजीत आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुई . अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 12 मई, 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री शीला पुत्रवधु उदयजीत द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री शीला पुत्रवधु उदयजीत को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बड़ौनी , जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल. आदेश

भोपाल, दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-271-10- तीन नपा-649.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह 2486

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह फरवरी , 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, बड़ौनी , जिला दतिया के आम निर्वाचन में अभ्यर्थी सुश्री गीता देवी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 22 मार्च, 2010 तक, सुश्री गीता देवी को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पत्र दिनांक 26 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री गीता देवी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री गीता देवी को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री गीता देवी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री गीता देवी को कारण बताओ नोटिस दिनांक 23 अक्टूबर, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 7 नवम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक

[ भाग 1 17 अगस्त 2011 में प्रतिवेदित किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री गीता देवी द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही स्वयं उपस्थित होकर व्यय लेखा प्रस्तुत किया है. "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री गीता देवी को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री गीता देवी आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया, जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 12 मई, 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री गीता देवी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री गीता देवी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बड़ौनी , जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- ( जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-271-10-तीन नपा-650.-मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

भाग 1 ]

का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह फरवरी , 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, बड़ौनी , जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री पार्वती लक्ष्मीनारान ( दउआ ) , अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 22 मार्च, 2010 तक, सुश्री पार्वती लक्ष्मीनारान ( दउआ ) , को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पत्र दिनांक 26 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री पार्वती लक्ष्मीनारान ( दउआ ) , द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री पार्वती लक्ष्मीनारान ( दउआ ) , को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री पार्वती लक्ष्मीनारान (दउआ ) , से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री पार्वती लक्ष्मीनारान ( दउआ ) , को कारण बताओ नोटिस दिनांक 23 अक्टूबर, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 7 नवम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 17 अगस्त 2011 में प्रतिवेदित किया है कि-" आज दिनांक तक अभ्यर्थी सुश्री पार्वती लक्ष्मीनारान ( दउआ ) , द्वारा कोई जवाब

2487 प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही स्वयं उपस्थित होकर व्यय लेखा प्रस्तुत किया है. "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री पार्वती लक्ष्मीनारान ( दउआ ), को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री पार्वती लक्ष्मीनारान ( दउआ ) , आयोग में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया. जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 12 मई, 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री पार्वती लक्ष्मीनारान ( दउआ ), द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री पार्वती लक्ष्मीनारान ( दउआ ) , को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बड़ौनी , जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-271-10- तीन नपा- 651.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष 2488

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह फरवरी , 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, बड़ौनी , जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री बैजन्ती भगवानदास प्रजापति, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 22 मार्च, 2010 तक, सुश्री बैजन्ती भगवानदास प्रजापति, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पत्र दिनांक 26 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री बैजन्ती भगवानदास प्रजापति, द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया. विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री बैजन्ती भगवानदास प्रजापति, को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री बैजन्ती भगवानदास प्रजापति , से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री बैजन्ती भगवानदास प्रजापति , को कारण बताओ नोटिस दिनांक 23 अक्टूबर, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 7 नवम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 17 अगस्त 2011 में प्रतिवेदित किया है कि-" आज दिनांक तक अभ्यर्थी सुश्री बैजन्ती भगवानदास प्रजापति , द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही स्वयं उपस्थित होकर व्यय लेखा प्रस्तुत किया है. "

[ भाग 1 आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री बैजन्ती भगवानदास प्रजापति, को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री बैजन्ती भगवानदास प्रजापति, आयोग में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 12 मई , 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री बैजन्ती भगवानदास प्रजापति, द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री बैजन्ती भगवानदास प्रजापति, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बड़ौनी, जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-271-10- तीन नपा-652.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

भाग 1 ]

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह फरवरी , 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, बड़ौनी, जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री मालतीदेवी मातादीन प्रजापति, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 22 मार्च, 2010 तक, सुश्री मालतीदेवी मातादीन प्रजापति, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पत्र दिनांक 26 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री मालतीदेवी मातादीन प्रजापति , द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया. विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री मालतीदेवी मातादीन प्रजापति, को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री मालतीदेवी मातादीन प्रजापति, से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री मालतीदेवी मातादीन प्रजापति, को कारण बताओ नोटिस दिनांक 23 अक्टूबर, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 7 नवम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 17 अगस्त 2011 में प्रतिवेदित किया है कि " आज दिनांक तक अभ्यर्थी सुश्री मालतीदेवी मातादीन प्रजापति , द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही स्वयं उपस्थित होकर व्यय लेखा प्रस्तुत किया है. "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री मालतीदेवी मातादीन प्रजापति, को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री मालतीदेवी

2489 मातादीन प्रजापति, आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया, जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 12 मई, 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री मालतीदेवी मातादीन प्रजापति, द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री मालतीदेवी मातादीन प्रजापति, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बड़ौनी, जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश भोपाल, दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-271-10- तीन नपा-653.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें 2490

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह फरवरी , 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, बड़ौनी , जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री रानी घनश्याम , अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 22 मार्च , 2010 तक, सुश्री रानी घनश्याम, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया के पत्र दिनांक 6 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री रानी घनश्याम, द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री रानी घनश्याम , को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री रानी घनश्याम , से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री रानी घनश्याम, को कारण बताओ नोटिस दिनांक 23 अक्टूबर, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 7 नवम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 17 अगस्त 2011 में प्रतिवेदित किया है कि-" आज दिनांक तक अभ्यर्थी सुश्री रानी घनश्याम, द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही स्वयं उपस्थित होकर व्यय लेखा प्रस्तुत किया है . "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री रानी घनश्याम, को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री रानी घनश्याम , आयोग में उपस्थित नहीं हुईं.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री रानी घनश्याम , द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया.

[ भाग 1 अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री रानी घनश्याम, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बड़ौनी , जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश भोपाल, दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-271-10- तीन नपा-654.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह फरवरी , 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, बड़ौनी , जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री रामवती/द्वारका मेंबर, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम भाग 1 ]

दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 22 मार्च, 2010 तक, सुश्री रामवती/द्वारका मेंबर, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पास दाखिल करना था , किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पत्र दिनांक 26 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री रामवती/ द्वारका मेंबर , द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री रामवती/द्वारका मेंबर , को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री रामवती/द्वारका मेंबर से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री रामवती/द्वारका मेंबर, को कारण बताओ नोटिस दिनांक 23 अक्टूबर, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 7 नवम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 17 अगस्त 2011 में प्रतिवेदित किया है कि " आज दिनांक तक अभ्यर्थी सुश्री रामवती/द्वारका मेंबर, द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही स्वयं उपस्थित होकर व्यय लेखा प्रस्तुत किया है. "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री रामवती/द्वारका मेंबर, को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री रामवती/द्वारका मेंबर, आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुई. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 12 मई, 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री रामवती/द्वारका मेंबर, द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

2491

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री रामवती/द्वारका मेंबर, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बड़ौनी , जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-271-10- तीन नपा- 655.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह फरवरी , 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, बड़ौनी, जिला दतिया के आम निर्वाचन में इंजीनियर विमलेश वंशकार, अध्यक्ष अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 22 मार्च, 2010 तक, इंजीनियर विमलेश वंशकार, को निर्वाचन व्ययों 2492

का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया के पत्र दिनांक 26 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार इंजीनियर विमलेश वंशकार, द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी इंजीनियर विमलेश वंशकार, को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में इंजीनियर विमलेश वंशकार, से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिकस्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी इंजीनियर विमलेश वंशकार , को कारण बताओ नोटिस दिनांक 23 अक्टूबर, 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 7 नवम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 17 अगस्त 2011 में प्रतिवेदित किया है कि-" आज दिनांक तक अभ्यर्थी इंजीनियर विमलेश वंशकार, द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही स्वयं उपस्थित होकर व्यय लेखा प्रस्तुत किया है. "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी इंजीनियर विमलेश वंशकार, को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी इंजीनियर विमलेश वंशकार, आयोग में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 12 मई 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि इंजीनियर विमलेश वंशकार, द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत इंजीनियर विमलेश वंशकार, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बड़ौनी , जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

[ भाग 1 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-271-10-तीन नपा-656 . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह फरवरी, 2010 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, बड़ौनी, जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री सुमन जगदीश प्रजापति , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 19 फरवरी 2010 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 22 मार्च , 2010 तक, सुश्री सुमन जगदीश प्रजापति, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पत्र दिनांक 26 जुलाई 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री सुमन जगदीश प्रजापति, भाग 1 ]

2493

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया. विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री सुमन जगदीश प्रजापति, को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 9 सितम्बर 2010 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री सुमन जगदीश प्रजापति, से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री सुमन जगदीश प्रजापति, को कारण बताओ नोटिस दिनांक 23 अक्टूबर , 2010 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 7 नवम्बर 2010 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 17 अगस्त 2011 में प्रतिवेदित किया है कि " आज दिनांक तक अभ्यर्थी सुश्री सुमन जगदीश प्रजापति, द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही स्वयं उपस्थित होकर व्यय लेखा प्रस्तुत किया है . "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री सुमन जगदीश प्रजापति, को दिनांक 10 जून 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री सुमन जगदीश प्रजापति, आयोग में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 12 मई 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी .

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री सुमन जगदीश प्रजापति, द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री सुमन जगदीश प्रजापति, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बड़ौनी जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश भोपाल , दिनांक 7 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-36-10- तीन नपा- 667.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगरं परिषद्, सेवढ़ा , जिला दतिया के आम निर्वाचन में श्रीमती आशा गोविन्द नागिल , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी, 2010 तक, श्रीमती आशा गोविन्द नागिल , को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया के पत्र दिनांक 22 मार्च 2014 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती आशा गोविन्द नागिल , द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया. विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्रीमती आशा गोविन्द नागिल , को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 10 अप्रैल 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्रीमती आशा गोविन्द नागिल , से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

2494

अभ्यर्थी श्रीमती आशा गोविन्द नागिल , को कारण बताओ नोटिस दिनांक 26 अप्रैल, 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 12 मई 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. श्रीमती आशा गोविन्द नागिल , द्वारा नोटिस तामीली उपरान्त दिनांक 9 मई 2014 को अपना अभ्यावेदन /व्यय लेखा रजिस्टर आयोग को प्रस्तुत किया. अभ्यर्थी से प्राप्त अभ्यावेदन एवं व्यय लेखे की स्वीकार्यता के संबंध में आयोग के पत्र दिनांक 30 मई 2014 द्वारा कलेक्टर, दतिया से उनका अभिमत चाहा गया. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 23 जून 2014 में प्रतिवेदित किया है कि- अभ्यर्थी " श्रीमती आशा गोविन्द नागिल, द्वारा निर्वाचन परिणाम घोषणा के लगभग 05 वर्ष बाद निर्वाचन व्यय लेखा सीधे आयोग को भेजा गया है . अभ्यर्थी द्वारा विलम्ब से निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत करने का जो कारण दर्शाया है, वह समाधानकारक व संतोषप्रद नहीं है. अभ्यर्थी द्वारा बीमारी बाबत मात्र डॉक्टर का पर्चा दिनांक 21 दिसम्बर 2009 एवं दिनांक 5 मई 2014 ही पेश किया है. इससे यह स्पष्ट नहीं होता है कि आवेदिका लगातार 5 वर्षों तक बीमार रही है. अतः अभ्यर्थी द्वारा व्यय लेखा समय सीमा में प्रस्तुत नहीं किये जाने से अभ्यावेदन की स्वीकार्यता मानने योग्य नहीं है . "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्रीमती आशा गोविन्द नागिल, को दिनांक 22 जुलाई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्रीमती आशा गोविन्दनागिल, आयोग में उपस्थित नहीं हुई. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 8 जुलाई 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्रीमती आशा गोविन्द नागिल , द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती आशा गोविन्द नागिल , को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् सेवढ़ा, जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 7 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-36-10- तीन नपा-668 . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, सेवढ़ा , जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री उर्मिला जनवेद सिंह कुशवाह, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी , 2010 तक, सुश्री उर्मिला जनवेद सिंह कुशवाह , को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के पत्र दिनांक 22 मार्च 2014 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री उर्मिला जनवेद सिंह कुशवाह, द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया. विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री उर्मिला जनवेद सिंह कुशवाह, को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 10 अप्रैल 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री उर्मिला जनवेद सिंह कुशवाह, से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

भाग 1 ]

अभ्यर्थी सुश्री उर्मिला जनवेद सिंह कुशवाह, को कारण बताओ नोटिस दिनांक 26 अप्रैल 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 12 मई 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 23 जून 2014 में प्रतिवेदित किया है कि-" सुश्री उर्मिला जनवेद सिंह कुशवाह, द्वारा दिनांक 26 मई 2014 को इस कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा वर्ष 2009 समय पर न देने के संबंध में प्रार्थना- पत्र पेश कर बताया है कि वह निर्वाचन व्यय लेखा जमा करने रिटर्निंग ऑफिसर सेंवढ़ा के कार्यालय में कई बार गयीं , किन्तु किसी भी सक्षम अधिकारी ने निर्वाचन व्यय लेखा जमा नहीं किया. किये गये व्यय की दिन , प्रतिदिन लेखा रजिस्टर की छायाप्रति के तीन पृष्ठ प्रार्थना- पत्र के साथ संलग्न किये हैं. सुश्री उर्मिला जनवेद सिंह कुशवाह , ने जवाब दिनांक 26 मई 2014 को प्रस्तुत किया है , वह भी आधा अधूरा व अपूर्ण है. अतः अभ्यर्थी द्वारा व्यय लेखा समय- सीमा में प्रस्तुत नहीं किये जाने से अभ्यावेदन/व्यय लेखे की स्वीकार्यता मान्य योग्य नहीं है. "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री उर्मिला जनवेद सिंह कुशवाह, को दिनांक 22 जुलाई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री उर्मिला जनवेद सिंह कुशवाह , आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुई. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 8 जुलाई 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री उर्मिला जनवेद सिंह कुशवाह, द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री उर्मिला जनवेद सिंह कुशवाह को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् सेवढ़ा जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 7 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-36-10- तीन नपा- 669.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन

2495

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, सेवढ़ा, जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री कदीरन सुल्तान खॉ, अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, सुश्री कदीरन सुल्तान खॉ, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी, दतिया के पत्र दिनांक 22 मार्च 2014 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री कदीरन सुल्तान खॉ, द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री कदीरन सुल्तान खॉ, को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 10 अप्रैल 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री कदीरन सुल्तान खॉ से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

2496

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

अभ्यर्थी सुश्री कदीरन सुल्तान खॉ, को कारण बताओ नोटिस दिनांक 26 अप्रैल 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 12 मई 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 23 जून 2014 में प्रतिवेदित किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री कदीरन सुल्तान खॉ, द्वारा आज दिनांक तक कोई व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया है . " आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री कदीरन सुल्तान खॉ, को दिनांक 22 जुलाई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री कदीरन सुल्तान खॉ, आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुई. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 8 जुलाई 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री कदीरन सुल्तान खॉ, द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री कदीरन सुल्तान खॉ, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् सेवढ़ा, जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./-

(जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 7 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-36-10-तीन नपा-670.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है

[ भाग 1 कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, सेवढ़ा, जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री अन्जू देवी , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, सुश्री अन्जू देवी को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया के पास दाखिल करना था , किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी, दतिया के पत्र दिनांक 22 मार्च 2014 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री अन्जू देवी द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री अन्जू देवी को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 10 अप्रैल 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री अन्जू देवी से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री अन्जू देवी को कारण बताओ नोटिस दिनांक 26 अप्रैल 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 12 मई 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 23 जून 2014 में प्रतिवेदित किया है कि " अभ्यर्थी सुश्री अन्जू देवी द्वारा आज दिनांक तक कोई व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया है . " आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री अन्जू देवी को दिनांक 22 जुलाई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री अन्जू देवी आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुई. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 8 जुलाई 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री अन्जू देवी द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः भाग 1 ]

आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री अन्जू देवी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् सेवढ़ा , जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- ( जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश भोपाल, दिनांक 7 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-36-10- तीन नपा- 671.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर , 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, सेवढ़ा, जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री मुन्नी देवी कल्यान सिंह पेशकार, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी , 2010 तक, सुश्री मुन्नी देवी कल्यान सिंह पेशकार को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया के पास दाखिल करना था , किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया के

2497

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

पत्र दिनांक 22 मार्च 2014 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री मुन्नी देवी कल्यान सिंह पेशकार द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री मुन्नी देवी कल्यान सिंह पेशकार को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 10 अप्रैल 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री मुन्नी देवी कल्यान सिंह पेशकार से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी सुश्री मुन्नी देवी कल्यान सिंह पेशकार को कारण बताओ नोटिस दिनांक 26 अप्रैल , 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 12 मई 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 23 जून 2014 में प्रतिवेदित किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री मुन्नी देवी कल्यान सिंह पेशकार द्वारा आज दिनांक तक कोई व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया है. "

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री मुन्नी देवी कल्यान सिंह पेशकार को दिनांक 22 जुलाई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री मुन्नी देवी कल्यान सिंह पेशकार आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना- पत्र दिनांक 8 जुलाई 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री मुन्नी देवी कल्यान सिंह पेशकार द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री मुन्नी देवी कल्यान सिंह पेशकार को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् सेवढ़ा , जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

आदेश

भोपाल, दिनांक 7 अगस्त 2014

क्र. एफ. 67-36-10-तीन नपा-672.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद्, सेवढ़ा, जिला दतिया के आम निर्वाचन में सुश्री भगवती यादव , अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् 14 जनवरी, 2010 तक, सुश्री भगवती यादव को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया के पास दाखिल करना था, किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया के पत्र दिनांक 22 मार्च 2014 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री भगवती यादव द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री भगवती यादव को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 10 अप्रैल 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री भगवती यादव से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

[ भाग 1 संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 23 जून, 2014 में प्रतिवेदित है कि तहसीलदार सेंवढ़ा द्वारा अभ्यर्थी सुश्री भगवती यादव , घर पर न मिलने से नोटिस की एक प्रति उनके घर पर चस्पा करायी गई. ( नोटिस की प्रति पर भृत्य की टीप अंकित है कि सुश्री भगवती यादव मौजूद नहीं मिलीं. बताया गया कि वह अपने मामा के यहां शादी में गई हुईं हैं. नोटिस उनके खुले मकान के दरवाजे पर चस्पा किया गया. ) अतः कारण बताओ नोटिस अभ्यर्थी के घर पर दिनांक 13 जून, 2014 को चस्पा कराकर, तामील कराया गया. अतः अभ्यर्थी को दिनांक 28 जून 2014 तक अभ्वावेदन प्रस्तुत करना था.

आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री भगवती यादव को दिनांक 22 जुलाई 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी सुश्री भगवती यादव आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं.

संयुक्त कलेक्टर से मेल से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 18 जुलाई 2014 द्वारा अभ्यर्थी सुश्री भगवती यादव को सूचना- पत्र की तामीली उनके घर पर चस्पा कराकर कराई गई. ( सूचना- पत्र की तामीली की प्रति पर अंकित है कि सुश्री भगवती यादव घर पर मौजूद नहीं मिलीं. बताया है कि वह ग्वालियर गई हैं . नोटिस उनके खुले मकान के दरवाजे पर दिनांक 14 जुलाई, 2014 चस्पा किया गया ) संयुक्त कलेक्टर से मेल से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 28 जुलाई, 2014 में प्रतिवेदित है कि अभ्यर्थी सुश्री भगवती यादव ने दिनांक 28 जुलाई, 2014 तक उनके कार्यालय में कोई व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री भगवती यादव द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री भगवती यादव को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् सेवढ़ा जिला दतिया का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

2499

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

भाग 1 ]

न्यायालय , उपायुक्त, राजस्व संभाग शहडोल एवं सक्षम प्राधिकारी मध्यप्रदेश भूमिगत पाइपलाइन केबल एवम् डक्ट (भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 जिला शहडोल ( म. प्र. )

प्ररूप -ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिये ]

शहडोल , दिनांक 31 जुलाई 2014

क्र. - 27- बी.- 121-2013-14.- अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि गैस परिवहन हेतु ग्राम अकला, पटवारी हल्का क्रमांक गुढ़ा 56 , तहसील गोहपारू, जिला शहडोल से GGS12 ग्राम देवरी, पटवारी हल्का क्रमांक देवरी -05, तहसील गोहपारू, जिला शहडोल तक मध्यप्रदेश राज्य में, मेसर्स रिलायंस इण्डस्ट्रीज, लिमिटेड सी.बी.एम. प्रोजेक्ट, शहडोल द्वारा भूमिगत पाइपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाई जाए.

और, अतएव , राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में , जिसमें भूमिगत पाइपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाये जाने का प्रस्ताव है , जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाइपलाइन केबल एवं डक्ट ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम , 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है, उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है . तीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाइपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

तहसील

जिला

खसरा क्रमांक

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हैक्टेयर में )

(5) (3)

(4)

(1)

(2)

0.040 शहडोल

गोहपारू

72/1,72/2

अकला/गुढ़ा 56

0.106

71

70

0.035

0.127

78/1 , 78/2

0.026

79/1 , 79/2

0.171

83/1, 83/2

0.197

87/1 , 87/2

0.169

92/1, 92/2

0.151

97

103

0.047 2500

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(2)

(4) (1)

(3)

102 (5)

0.001

0.087

114/1,114/2

0.001

381/1,381/2

380

379

378

377

368

369

370

354

352

346

347

235

232

231

230

245

229 0.059

0.089

0.191

0.038

0.021

0.027

0.047

0.156

0.131

0.051

0.031

0.004

0.088

0.049

0.091

0.162

0.072

0.012

246/1 , 246/2

263

262

261

260

259

258

285

256

218

211 0.015

0.043

0.076

0.017

0.059

0.110

0.076

0.142

0.067

0.039

0.156

212/1 , 212/2 , 212/3

213

214

216

217 0.028

0.070

0.065

0.031 2501

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

भाग 1 ]

(4)

(5)

(2)

(3)

(1)

0.081

392/1 /क , 392/1 /ख , 392/2

0.035

396/1 , 396/2

0.001

397

0.001

400/1 , 400/2

395

0.062

0.089

394/1 , 394/2

0.014

393/1 , 393/2

323

0.018

0.005

324

325

0.093

0.188

326/1 , 326/2

0.019

383/1 , 383/2

0.061

374

0.017

382/1, 382/2

373

0.001

0.010

375

0.087

376

4

0.044

0.607

145

/1 क, 145/1ख , 145/1 ग, |

145/2, 145/3

0.186

151/1 /क , 151/ 1 /ख , 151/2/क,

151/2/ख , 151 / 2 /ग

152

0.055

0.062

153

157

0.006

156

0.052

0.080

160

0.025

161

162

0.068

0.369

164/1 /ख , 164/2

0.006

163

199

0.136

0.076

200

0.749

348/1 , 348/2 , 348/3 , 384/4,348/5

0.082

228

460

0.055

0.095

459/1 , 459/2

0.037

461

0.061

718/2 , 718/3 , 718/4

724

0.033 2502

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

प्ररूप-ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिये]

क्र. - 24- बी.- 121-2013-14.- अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि गैस परिवहन हेतु ग्राम धनगंवा, पटवारी हल्का क्रमांक धनगंवा 04 , तहसील गोहपारू, जिला शहडोल से GGS12 ग्राम देवरी, पटवारी हल्का क्रमांक देवरी -05, तहसील गोहपारू, जिला शहडोल तक मध्यप्रदेश राज्य में, मेसर्स रिलायंस इण्डस्ट्रीज , लिमिटेड सी.बी.एम. प्रोजेक्ट, शहडोल द्वारा भूमिगत पाइपलाइन, केबल एवं डक्ट बिछाई जाए.

और, अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइपलाइन, केबल एवं डक्ट बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में , जिसमें भूमिगत पाइपलाइन, केबल एवं डक्ट बिछाये जाने का प्रस्ताव है, जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाइपलाइन केबल एवं डक्ट ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार , उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है .

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है , उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है. तीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाइपलाइन, केबल एवं डक्ट बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

जिला

तहसील

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

(3)

(4) (1)

(2) गोहपारू

धनगंवा 04

शहडोल

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हैक्टेयर में )

(5)

0.052

0.048

0.052

9

8

10/1 , 10/2 , 10/3

11

7

13/1,13/2

12/1,12/2 93/1/क, 93/1 /ख, 93/2 , 93/3 94/1/क, 94/ 1/ख , 94/2, 94/3 97/1 /क, 97/ 1 /ख , 97/2, 97/3 96/1 , 96/2 121/1 /क, 121 / 1 /ख , 121/2, 121/3 95

123

124

125

126

168

167

0.024

0.007

0.143

0.114

0.029

0.189

0.064

0.085

0.136

0.002

0.024

0.079

0.053

0.050

0.048

0.167

0.036

166/1 , 166/2

174

175

163

161

241

233

0.077

0.123

0.030

0.186

0.228

0.040 भाग 1 ]

2503

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

(2)

(3)

(4) (1)

240 (5)

0.029

0.003

234/1 , 234/2

160 0.136

0.001

159/1 , 159/2

0.179

158/1 , 158/2 , 158/3 , 158/4

157

154

246 0.048

0.102

0.040

0.087

254/1 , 254/2

255 0.147

0.038

363/1 , 363/2 , 363/3

0.093

362/1 , 362/2

0.120

365/1 , 365/2

0.003

361/1 , 361/2

0.019

366/2, 366/1/क , 366/1 /ख

359

356 0.043

0.045

0.098

355/1 , 355/2 , 355/3

354 0.003

0.160

351/1 , 352/2

0.044

350/1 , 350/2

0.099

347/1 , 347/2

345

344

341

342

337

335

333

334 0.016

0.020

0.064

0.063

0.047

0.043

0.063

0.020

0.014

332/1, 332/2

327

328

325

329

330

411

412 0.063

0.050

0.001

0.008

0.106

0.131

0.054

0.027

709/1,709/2,709/3,709/4,709/5

0.346

710/1,710/2,710/3,710/ 4,710/ 5

732

731

734/1, 734/2

736 0.175

0.060

0.004

0.057 [ भाग 1 2504

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(2)

(3)

(4)

(5)

(1)

738

0.188

0.070

739

0.124

741

0.459

742/1 , 742/2 , 742/3 , 742/4 ,

742/5, 742/6

0.031

1431/1 , 1431/2 , 1431/3

0.010

1430/1 , 1430/2 , 1430/3

0.107

1410/1,1410/2

0.019

1411

1412

0.166

1408

0.015

0.041

1413

0.123

1402

0.133

1130/1 , 1130/2,1130/3

1129

0.051

0.211

1127/1 , 1127/2 , 1127/3

1128

0.014

0.010

1123

0.186

1508/1 , 1508/2 , 1508/3 , 1508/4

1122

0.087

0.635

1509

0.708

1511/1 , 1511/2 , 1511/3 , 1511/4 , 1511/5 , 1511/6 , 1511/7 ,

0.603

1512/1 , 1512/2 , 1512/3 , 1512/4 , 1512/5 , 1512/6 , 1512/7 , 1512/8 ,

1512/9 , 1512/10 , 1512/11

0.808

1513/1 , 1513/2 , 1513/3

1514/1 , 1514/2, 1514/3/क, 1514/3/ख,

0.058

1514/4/क, 1514/4/ख , 1514/4/ग, 1514/4/घ, 1514/5 , 1514/6 , 1514/7 , 1514/8 ,

1514/9 , 1514/10, 1514/ 11 /क, 1514/ 11 /ख

0.419

1527/1 , 1527/2 , 1527/3 , 1527/4 ,

1527/5/क, 1527/5/ख

0.056

1530/1 , 1530/2

0.259

1539

0.063

1531

1542

0.035

0.001

1541

0.063

1543

0.087

870

0.001

871/1 , 871/2

868

0.083

867

0.069

0.022

866

865

0.020 2505 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(4)

(2)

(3)

(5)

(1)

0.016

864

862

0.229

0.016

1785

0.330

1786/1,1786/ 2

1792

0.002

0.013

1791/1 , 1791/2

0.158

1789

1790

0.185

0.419

1770/1 , 1770/2

0.019

1769

0.038

1803/1 , 1803/2 , 1803/3

1800

0.057

0.410

1802/1 , 1802/2

0.003

1801/1 , 1801/2

1815

0.035

0.152

1816/1 , 1816/2 , 1816/3 , 1816/4 ,

1816/5 , 1816/6 , 1816/7

0.095

1818/1 , 1818/2 , 1818/3

0.875

1820/1 , 1820/2

0.001

1819

1821

0.031

0.332

1830/1 , 1830/2क, 1830/2/ख

0.316

1831/1 , 1831/2

0.255

1832

0.001

1833/1 , 1833/2 , 1833/3

0.080

1848

0.301

1843/1 , 1843/2

0.023

1844

0.065

1846

1847

0.002

0.042

664

795

0.137

0.134

665

666

0.093

0.082

794

0.049

793/1 , 793/2

0.109

796/1 , 796/3

0.002

790

789

0.245

0.053

788

0.188

786/1 , 786/2

0.103

1824

0.008

1822

0.252

1691/1 , 1691/2 , 1691/3 , 1691/4 , 1691/5

1691/1856

0.006 2506

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(2)

(3)

(4) (1)

(5)

0.040

1699/1 /क, 1699/1 /ख , 1699/ 1 /ग, |

1699/1 /घ, 1699/1/5, 1699/ 1/च

1699/1 /छ , 1699/2 , 1699/3

1701/1 क , 1701/ 1 ख , 1701 /1 ग , 1701/ 1 घ, 1701 /1 ङ , 1701 /1 च

1701/2 , 1701/3

1610

1608

1609

1614

1615 0.085

0.047

0.076

0.066

0.075

0.070

0.046

1604/1 , 1604/2

1603 0.136

0.072

1623/1 , 1623/2

1599/1 , 1599/2

1598

1595

1596

1597

1584

1752

1753 0.088

0.136

0.079

0.043

0.048

0.062

0.055

0.015

0.556

1771/1 , 1771/2 , 1771/3

1583

1772

1788

1876

1878

1880

1881

1884

1885

1894

1895

1893 0.004

0.116

0.099

0.356

0.123

0.109

0.155

0.099

0.011

0.118

0.004

0.248

0.006

1889/1 , 1889/2 , 1889/3 , 1889/4

1892

1890

1908 0.028

0.165

0.009

0.498

1888/1 , 1888/2

1909

2023

2024 0.048

0.400

0.229

0.700

2026/1 , 2026/2

2507 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(5) (2)

(3)

(1)

(4)

0.272

2027

0.145

2028/1 , 2028/2

0.200

2017/1 , 2017/2 , 2017/3

0.224

2035

0.051

2034

2034/2077

0.025

0.020

2036

0.463

2037/1 , 2037/2 , 2037/3 , 2037/4

0.017

2049/1 , 2049/2

0.052

2048

2047

0.365

0.003

2046

0.118

2051/1 , 2051/2

0.368

2052/1 , 2052/2क, 2052/ 2/ख , 2052/3 , 2052/4

0.170

2053/1 , 2053/2

0.464

2056

0.279

2061/1 , 2061/2

0.843

2060/1 , 2060/2

प्ररूप-ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिये ]

क्र.- 28 - बी.- 121-2013-14.- अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि गैस परिवहन हेतु ग्राम भागा, पटवारी हल्का क्रमांक गुढ़ा 56 , तहसील गोहपारू, जिला शहडोल से GGS12 ग्राम देवरी, पटवारी हल्का क्रमांक देवरी -05 , तहसील गोहपारू, जिला शहडोल तक मध्यप्रदेश राज्य में , मेसर्स रिलायंस इण्डस्ट्रीज, लिमिटेड सी.बी.एम. प्रोजेक्ट शहडोल द्वारा भूमिगत पाइपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाई जाए.

और, अतएव राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइप लाईन, केबल एवं डक्ट बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में, जिसमें भूमिगत पाइप लाइन, केबल एवं डक्ट बिछाये जाने का प्रस्ताव है , जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन केबल एवं डक्ट ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है , उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है. तीस दिवस के भीतर , भूमि के नीचे पाइप लाइन , केबल एवं डक्ट बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी को लिखित में आक्षेप भेज सकेगा:-

अनुसूची

जिला

खसरा क्रमांक

तहसील

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हैक्टयर में )

(5) (2)

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक (3)

(4)

(1)

0.037

1

शहडोल

गोहपारू

भागा/गुढ़ा 56

0.209

33/2

33/1

0.101

31/1

0.109

0.071

31/2 2508

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(3)

(1)

(2)

(4)

31/3

34/2

34/3

28/4

38/3

39

40

[ भाग 1 (5)

0.016

0.001

0.039

0.152

0.294

0.137

0.057

0.191

77/1 , 77/2 , 77/3

76

84

83

85

100

101

102

103

104

105 0.016

0.083

0.051

0.039

0.031

0.087

0.102

0.053

0.033

0.090

0.004

161/1 , 161/2

0.248

162/1 , 162/2

164 0.179

0.406

166/1 , 166/2 , 166/3

174/1 , 174/2 , 174/3 , 174/4 , 174/5 0.056

0.052

173/1 /क , 173/1 /ख , 173/2, 173/3

0.303

176/1 , 176/2क, 176/ 2/ख , 176/3

177/1 , 177/2 0.004

0.092

180/1 , 180/2 , 180/3 , 180/4

179

336

337 0.394

0.090

0.061

0.045

334/1, 334/2

335 0.022

0.154

333/1, 333/2

0.113

329/1 , 329/2

0.016

325/1, 325/2

326

317

316

319

318

315 0.102

0.046

0.052

0.019

0.004

0.034

0.049

314/1 , 314/2 , 314/3

311/1/क, 311/ 1/ख , 311/ 1 /ग , 311/2 , 311/3

313 0,002

0.043 भाग 1 ]

2509

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(3)

(4) (1)

(2)

321

260

263

264

265

268

269

267

272

276 (5)

0.023

0.008

0.140

0.011

0.010

0.032

0.124

0.034

0.054

0.053

0.079

280/1 , 280/2 , 280/3

0.029

281/1 , 281/2 , 281/3

0.271

454/1 , 454/2

275 0.005

0.079

455/1 , 455/2

451 0.012

0.168

475/1 , 475/2

0.109

476/1 , 476/2

473

474 0.090

0.032

0.212

472/1 , 472/2

479 0.001

0.075

482/1, 482/2

480

481

488

489 0.007

0.005

0.004

0.112

0.360

493/990/1 , 493/990/2

493/970

500

933

501 0.030

0.024

0.077

0.044

0.174

502/1 , 502/2 , 502/3 , 502/4

503 0.019

0.191

504/1 , 504/2 , 504/3 , 504/4

918

920

919

910

909

908/1 , 908/2 , 908/3 , 908/4 , 908/5 , 908/6 , 908/7

0.039

0.244

0.186

0.113

0.004

0.164

0.257

907/1 , 907/2 , 907/3 , 907/4 , 907/5

972 0.375

0.057

974/1 , 974/2 , 974/3 , 974/4, 974/5, 974/6, 974/7

[भाग 1 2510

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(5)

(1)

(4)

(2)

(3)

0.382

965

962

0.002

977

0.089

0.101

978

0.277

979/1 , 979/2

0.083

980

0.080

961

0.640

983/1, 983/2

0.101

954/ब

1.326

59/2, 59/3

0.602

60/1 , 60/2 , 60/3 , 60/4 , 60/5

170

0.162

0.001

167/1 /क, 167/1 /ख , 167/2

0.069

171/1 /क , 171/1 /ख , 171/2

0.717

205/1 , 205/2 , 205/3/क, 205/3/ख , 205/4 , 205/5

0.003

942/1

206/1 , 206/2/क, 206/2/ख, 206/2/ग , 206/2/घ , 206/3 , 1.289

206/4 , 206/5 , 206/6 , 206/7

0.002

229

0.202

207/1 , 207/2

0.157

208/1 , 208/2

0.010

220/1 , 220/2 , 220/3

0.027

209/1 , 209/2

210

0.084

0.056

211

0.028

460/1 , 460/2 , 460/3 , 460/4 , 460/5

0.045

459/1 , 459/2

0.149

457/1 , 457/2 , 457/3 , 457/4, 457/5

0.001

458/1 , 458/2

0.092

456/1 , 456/2

0.028

831

829

0.167

0.832

814/1 , 814/2 , 814/3 , 814/4

0.014

800

0.218

799/1 , 799/2

0.650

793/1 , 793/2 , 793/3 , 793/4 , 793/5 , 793/6 , 793/7

0.194

795/1 795/2 , 795/2, 795/3 ,

0.004

794/1 , 794/2 , 794/3, 794/4

0.110

744/1 , 744/2

0.220

743/1 , 743/2

0.067

742

0.218

732 भाग 1 ]

2511

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

(4) (2)

(1)

(3)

705

706

564

565

561

567

568 (5)

0.159

0.133

0.053

0.042

0.114

0.002

0.004

0.301

560/1 , 560/3

571

570

560/4

574

576

577 0.007

0.008

0.104

0.107

0.075

0.063

0.097

578/1 , 578/2

579

580

541/1 , 541/2

581 0.092

0.024

0.016

0.091

0.002

537/1 , 537/2 , 537/3

0.087

536/1 , 536/2 , 536/3

535 0.016

0.087

583/1 , 583/2

584

585 0.150

0.003

0.091

586/1 , 586/2

588

415/8

421

420

422

416

606 0.042

0.138

0.009

0.025

0.002

0.238

0.028

0.021

419/1 , 419/2

417

415/3 0.013.

0.023

0.233

415/1/क, 415/1 /ख

415/4 0.119

0.126

414/1/क, 414/1 /ख , 414/1/ग, 414/2 , 414/3

415/5 0.007

0.099

384/1 , 384/2

412

411 0.005

0.049

0.044

410/1, 410/2

2512

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(4)

(1)

(2)

(5) (3)

0.170

385/1 , 385/2/क , 385/2/ख , 385/2 /ग ,

385/2/घ, 385/2/ड़

0.001

390

387

0.081

0.029

389/1 , 389/2 , 389/3 , 389/4 , 389/5

388

0.025

0.071

394/1 , 394/2

375

0.029

374

0.056

376

0.010

0.031

304/1 , 304/2

0.079

373/1 , 373/2

305/1 /क, 305/ 1 /ख , 305/ 1 /ग ,

0.088

305/2, 305/3

0.071

306/1 /क, 306/1 /ख , 306/ 1 /ग , 306/2 , 306/3

0.071

307/1 , 307/2

0.026

371/1 , 371/2

0.074

355/1 , 355/2

328/1 , 328/2 , 328/3 , 328/4 , 328/5 , 328/6 ,

0.078

328/7 , 328/8 , 328/9 , 328/10

0.089

354/1 , 354/2 , 354/3 , 354/4 , 354/5 , 354/6 ,

354/7

0.172

353/1, 353/2

0.056

342/1, 342/2

0.004

339/1 , 339/2

0.194

338/1 , 338/2

0.069

178/1 , 178/2

प्ररूप -ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिये ]

क्र.-29- बी.-121-2013-14.- अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि गैस परिवहन हेतु ग्राम गुढ़ा, पटवारी हल्का क्रमांक गुढ़ा 56 , तहसील गोहपारू, जिला शहडोल से GGS12 ग्राम देवरी , पटवारी हल्का क्रमांक देवरी -05 , तहसील गोहपारू, जिला शहडोल तक मध्यप्रदेश राज्य में, मेसर्स रिलायंस इण्डस्ट्रीज , लिमिटेड सी.बी.एम. प्रोजेक्ट शहडोल द्वारा भूमिगत पाइपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाई जाए.

और, अतएव राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाइप लाईन , केबल एवं डक्ट बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में, जिसमें भूमिगत पाइप लाइन, केबल एवं डक्ट बिछाये जाने का प्रस्ताव है , जो इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में वर्णित है, उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन केबल एवं डक्ट ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है .

2513

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

भाग 1 ]

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है , उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है. तीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाइप लाइन, केबल एवं डक्ट बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

खसरा क्रमांक

जिला

तहसील

ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

(2)

(3)

(4) (1)

94 शहडोल

गोहपारू

गुढ़ा/गुढ़ा 56

93/1 , 93/2 , 93/3 , 93/4 , 93/5 , 93/6

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हैक्टयर में )

(5)

0.508

0.024

93/7 , 93/8 , 93/9

95

0.243

0.064

92/1 , 92/2 , 92/3 , 92/4

96/1

96/2

100

102

0.085

0.184

0.003

0.224

0.166

280/1 , 280/2 , 280/3

279/1 , 279/2/क, 279 /2/ख , 279/2/ग , 279/2/घ, 279/3 , 279/4

0.002

0.110

285/1, 285/2

0.132

284/1 , 284/2/क, 284/2 /ख

283

0.155

0.116

282/1, 282/2 /क , 282/2/ख , 282/ 2 /ग

297

298/1 , 298/2 , 298/3 /क, 298/ 3/ख ,

298/3/1 , 298 /3/घ, 298/4 , 298/5 301/1 , 301/2 , 301/3 , 301/4/क,

0.201

0.378

0.184

301/4/ख , 301 / 4/ग , 301/4/ घ

301/4/ङ, 301/4/च , 301/5

0.023

299/1 , 299/2 , 299/3 , 299/4

300

271/1 , 271/2 , 271 /3क , 271/3ख ,

0.116

0.083

271/3 ग , 271 /3 घ

0.251

306/1 , 306/2 , 306/3

0.024

305/1 , 305/2/क, 305/2/ख

436

435

433

434

432

0.022

0.075

0.043

0.046

0.128

0.090

421/1 , 421/2 , 421/3 , 421/4

427

426

425

0.094

0.039

0.121 2514

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(2)

(3)

(4) (1)

422

458 (5)

0.318

0.036

0.067

240/1 , 240/2

241 0.013

0.101

242/1 , 242/2

0.002

243/1 , 243/2 , 243/3

246

245

247 0.238

0.001

0.016

0.030

248/1 , 248/2

0.002

249/1 , 249/2

266 0.115

0.033

267/1 , 267/2

270

269

271/1 , 271/2 , 271 /3 क , 271 /3ख , 0.069

0.056

0.003

271 /3 ग , 271 /3/घ

272

273

274

290

292

293

294

288

287

279/1, 279/2/क , 279/2/ख,

279/2/ग , 279/2/घ, 279/3 ,

279/4

286/1 , 286/2 , 0.053

0.018

0.139

0.004

0.077

0.100

0.001

0.030

0.100

0.048

0.137

0.039

284/1 , 284/2/क, 284/2/ख

0.098

452/1 , 452/2 , 452/3

0.056

453/1 , 453/2 , 453/3

0.080

454/1 , 454/2 , 454/3

455

444

447

445

441

440

439

438

437 0.130

0.046

0.001

0.015

0.187

0.108

0.001

0.041

0.001

0.001

421, 421/2 , 421/3 , 421/4

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एफ. आर. पण्डा, सक्षम प्राधिकारी उपायुक्त ( राजस्व ) , संभाग शहडोल.

भाग 1 ]

2515

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 22 जुलाई 2014

क्र. क- प्र.- भू-अर्जन-04 अ- 82- वर्ष 12-13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण- अशासकीय भूमि का अर्जन.

(क) जिला-सागर

(ख ) तहसील- सागर

(ग) ग्राम- गडरिया ढोगा, प.ह.नं. 09

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.40 हेक्टर.

खसरा नं.

रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

0.10

4/1

4/2

0.10

4/3

0.10

4/4

0.10 योग . 0.40

(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम लुहर्रा से जलंधर मार्ग हेतु ग्राम गडरिया ढोगा का भू-अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा व ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) सागर एवं अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग भ/स उप संभाग क्रमांक 1 सागर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, योगेन्द्र शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला विदिशा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग विदिशा, दिनांक 28 जुलाई 2014

प्र. क्र. 30 - अ- 82-2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण ---

(क) जिला-विदिशा

(ख) तहसील- नटेरन

(ग) ग्राम-सेऊ

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.835 हेक्टर .

सर्वे नं.

रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

0.085

226/2/1

0.325

255/7

0.135

255/6

0.135

255/4/1

0.175

0.175

255/4/2

255/1

0.209

0.095

263

264/1

0.125

262

0.085

261

0.165

260

0.035

268/1

0.197

0.157

270/1 /ग मि. 1/2/2

270/1/ख मि. 3

0.174

270/2/ क

0.045

271/2

0.085

271/2/2

0.209

0.095

283

0.114

0.470

280/1

274

0.440

275

0.105

3.835

कुल योग .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की निपानिया मुख्य नहर एवं माईनरों के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष के कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी नटेरन के कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग, गंज बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है .

2516

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

प्र. क्र. 41 - अ-82-2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- विदिशा

(ख ) तहसील- नटेरन

(ग) ग्राम- सेऊ

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.388 हेक्टर .

सर्वे नं.

रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

253/1/3

226/1

0.758 0.630 1.388

कुल योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- संजय सागर ( बाह ) मध्यम परियोजना की नागौर मुख्य नहर एवं माईनरों के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष के कार्यालय, भू- अर्जन अधिकारी नटेरन के कार्यालय एवं कार्यपालन यंत्री, संजय सागर परियोजना बाह नदी संभाग , गंज बासौदा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एम. बी. ओझा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग संशोधित अधिसूचना सतना, दिनांक 1 अगस्त 2014

क्र. एफ. 272 - भू-अर्जन14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894, संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला-सतना

(ख ) तहसील- नागौद

(ग) नगर/ ग्राम- भाजीखेड़ा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-12.104 हेक्टर.

खसरा नं .

अर्जित रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

104

0.004

105

0.350

0.310

225

0.180

226

0.920

0.006

227

232/2

0.049

0.068

232/3

0.052

232/1

0.570

233/1

0.620

233/2

0.330

235/1 , 235/3 , 235/4

236

0.090

237

0.350

238/1

0.263

0.065

238/2क

0.137

238/2ख

0.020

239

240

0.006

0.130

261/2

262

0.160

263

0.120

234

0.024

0.030

265

269

0.034

0.038

270/1ख

0.105

270/2/1

270/2/2

0.155

0.460

270/3क

0.403

270/ 3ख 2517

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

भाग 1 ]

(2)

(1)

0.545

270/3ग

270/3घ

0.180

271/2

0.130

0.030

274

275

1.650

0.110

276/1क

0.070

307/1 क

0.047

307/ 1/ख/1

0.042

307/ख/2

307/ 1 ख/3

0.036

0.040

307/1 ख/4

0.084

307/1 ग

0.082

307/1 घ

0.180

307/2क

307/ 2ख

0.182

0.170

307/3 क

307/3ख

0.155

0.140

307/3 ग

0.132

307/3 घ

0.129

311/ 1क

0.129

311/1 ख

311/1 ग

0.129

0.129

311/ 1 घ

0.029

311/ 2क

311/2ख

0.133

0.103

311 /2ग

0.081

311/2घ

0.020

312/1

0.084

312/2

312/3

0.084

0.101

313/3

0.157

312/4

312/5

0.157

0.309

316/6

0.082

313/1 ग

313/2

0.194

12.104

निजी खाता भूमि योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है न.घा.वि.प्रा. के अन्तर्गत नागौद शाखा नहर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर (भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

क्र. एफ. 273 - भू-अर्जन13. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894, संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- मैहर

(ग) नगर/ग्राम- हिनौता गजगौना

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.763 हेक्टर .

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.052

760

761

0.021

0.005

759

0.075

646/1

0.052

646/2

0.115

645

647/2

0.105

0.005

648/2

652

0.127

663

0.005

703

0.070

0.005

701

0.005

698

0.037

664

696/1

0.049

697

0.010

0.063

696/2

0.062

696/3

687

0.100

0.063

685/2

0.005

684/2

0.060

844/687

0.130

683

847/683

0.010

500

0.042

0.005

560 2518

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(2)

(1)

561

0.012

563

0.150

0.040

499

501

0.032

0.052

504

0.045

506

386/2

0.023

505/1

0.020

505/2

0.031

386/1

0.010

0.045

388

389

0.025

निजी खाता भूमि योग 1.763

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण योजनांतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

क्र. एफ. 274- भू-अर्जन 13. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894, संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला-सतना

(ख ) तहसील-मैहर

(ग ) नगर/ ग्राम- तिदुहटा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.423 हेक्टर .

खसरा नं.

अर्जित रकबा

(हेक्टर में)

(2)

(1)

404/15/1

0.070

407/1/1

0.073

965/1

0.038

0.069

404/1क/2

407/1/2

0.073

(1)

(2)

0.005

965/2

0.070

404/1क/3

407/1/3

0.073

0.100

961/3

965/3

0.039

404/2

0.024

404/1/ख

0.100

407/2

0.015

0.020

1040

1024/1

0.021

1024/2

0.040

1024/3

0.045

1024/4

0.017

1025

0.030

1018/1

0.005

1026

0.199

1027

0.015

0.005

1034

1017

0.021

1016

0.005

0.085

1028/1

0.010

1005/1

1028/2

0.095

0.005

962

964/2

0.010

966/1

0.039

0.010

967/1

966/2

0.038

0.005

967/2

0.010

966/3

957/3

0.073

956/2क

0.160

956/1

0.010

969

0.155

983

0.050

0.055

985

984

0.010

0.025

993

987

0.021

986

0.094

0.005

991

992

0.052

977

0.084

648

0.075

647

0.015 भाग 1 ]

2519

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(2)

(1)

646/1

0.010

649

0.025

650

0.060

651

0.125

653

0.045

0.105

652

0.032

654/4

654/5

0.025

654/6

0.018

661

0.115

664

0.073

665

0.110

0.142

667

0.052

765/1

0.010

662/4

662/5

0.021

662/6

0.035

978

0.010

0.005

976

982

0.042

निजी खाता भूमि योग .. 3.423

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण योजनांतर्गत नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू-अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मोहनलाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 6 अगस्त 2014

क्र. 826- प्रका.- भू-अर्जन. चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम 2013 की धारा -19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सीधी

(ख ) तहसील- रामपुर नैकिन

(ग ) नगर/ग्राम-झाला

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.26 हेक्टर.

अर्जित रकबा

खसरा नं.

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

( अ ) निजी भूमि का विवरण

0.030

446

0.030

447

0.020

479

489

0.020

616

0.040

618

0.060

620

0.040

0.020

657

0.26

योग ( अ)

( ब) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण

निरंक

योग ( ब)

0.26

महायोग (अ + ब )

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत डिठौरा सब एवं झाला सब माईनर के निर्माण में आने वाली निजी भूमि/शासकीय भूमि तथा उस पर स्थित संम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 828- प्रका.- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम 2013 की धारा -19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- सीधी

(ख) तहसील- रामपुर नैकिन 2520

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

(ग) नगर/ग्राम-सजहा

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.16 हेक्टर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)

(1)

(अ ) निजी भूमि का विवरण

0.020

88/2

560

0.080

0.060

1064

.0.16

योग (अ)

( ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण

योग (ब) निरंक 0.16

महायोग ( अ +ब)

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत सजहा सब माईनर के निर्माण में आने वाली निजी भूमि/शासकीय भूमि तथा उस पर स्थित संम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 830 - प्रका.- भू-अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम 2013 की धारा -19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सीधी

(ख) तहसील- रामपुर नैकिन

(ग) नगर/ग्राम- कुडिया पवाई

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 0.23 हेक्टर .

खसरा नं .

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में ) (2)

(1)

(अ) निजी भूमि का विवरण

47 0.110 48 0.050 49

0.070 योग (अ) 0.23

( ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण

योग ( ब) निरंक महायोग ( अ+ब) 0.23

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत बसेडी सब माईनर के निर्माण में आने वाली निजी भूमि/शासकीय भूमि तथा उस पर स्थित संम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 832- प्रका.- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम 2013 की धारा -19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सीधी

(ख ) तहसील- रामपुर नैकिन

(ग) नगर/ ग्राम- घुघुंठा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 0.18 हेक्टर .

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में ) (2)

(1)

(अ ) निजी भूमि का विवरण

0.010

0.010

0.030

294 467 632 642 0.010 850 0.030 855 0.030 योग (अ) 0.12

( ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण

258 0.06 योग ( ब) . 0.06 महायोग ( अ+ब) . 0.18

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है ---बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत घुघुटा सब माईनर के निर्माण में आने वाली निजी भूमि/शासकीय भूमि तथा उस पर स्थित संम्पत्तियों के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. डी. एस. अग्निवंशी , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

2521 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अगस्त 2014

कार्यालय , कलेक्टर, जिला शिवपुरी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

शिवपुरी , दिनांक 31 दिसम्बर 2013

क्र. भू-अर्जन- 2013-1926 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1984 ) की धारा 4 की उपधारा ( 6 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इस अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण प्रस्तावित क्षेत्रफल

जिला तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

नगर या ग्राम

खसरा नं.

अर्जित क्षेत्रफल

(हे. में)

(1)

(4)

(5)

(7) (2) (3)

करैरा 2533/1/1

0.194

शिवपुरी करैरा

2533/1/2

0.097

टीला तालाब की नहर निर्माण हेतु.

(6) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, शिवपुरी.

0.081

2533/2

2543/1

0.194

2548

0.170

2549

0.097

0.032

2593

0.089

2594

0.211

2598/2

2599/1

0.024

0.267

2600/1 + 2600 /2

0.567

2611

2612

0.365

0.089

2613

0.202

2614+2615

2620/1

0.267

2623/2

0.211

0.348

2799/1

2800/1

0.024

0.162

2805/1

0.065

2806/3

2807

0.065

2808

0.097

2813/1

0.089

योग .. 4.007

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी, करैरा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा , दिनांक 30 जुलाई 2014

पत्र क्र. 756 - प्रशा. भू- अर्जन 2014-15. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता 2522

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि, सकरिया माइनर का कार्य पूर्व से चल रहा तथा अधिकांश भूमि अर्जन पूर्व में किया जा चुका है अब केवल छूटे हुए आंशिक रकबे का ही अर्जन किया जा रहा है और इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत् सामाजिक समाघात निर्धारण की आवश्यकता नहीं है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) 0.344 सतना (1)

(2) रघुराजनगर

(3) बिरहुली

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 12 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री , बाणसागर पुरवा नहर संभाग क्रमांक-2 , सतना.

(6) पुरवा मुख्य नहर के सकरिया नहर निर्माण में आ रहे निजी/ शासकीय भूमि अर्जन हेतु.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 758- प्रशा . भू-अर्जन 2014-15. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि, सकरिया माइनर का कार्य पूर्व से चल रहा तथा अधिकांश भूमि अर्जन पूर्व में किया जा चुका है अब केवल छूटे हुए आंशिक रकबे का ही अर्जन किया जा रहा है और इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत् सामाजिक समाघात निर्धारण की आवश्यकता नहीं है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(3) सकरिया

(4) 0.153 (1) सतना

(2) रघुराजनगर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 12 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5) कार्यपालन यंत्री , बाणसागर पुरवा नहर संभाग क्रमांक -2 , सतना.

पुरवा मुख्य नहर के सकरिया नहर निर्माण में आ रहे निजी/ शासकीय भूमि अर्जन हेतु.

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

पत्र क्र. 760 - प्रशा. भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि, पथंडा वितरक नहर एवं उसकी माइनरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )

(4) 1.210 (1) सतना

(2) कोटर

(3) गजगवां

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 12 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) पथडा वितरक नहर एवं उसकी माइनरों का निर्माण.

(5) कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग , रीवा.

(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन , प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.

2523

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अगस्त 2014

भाग 1 ]

पत्र क्र. 762 - प्रशा. भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि, पथंडा वितरक नहर एवं उसकी माइनरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -

भूमि का वर्णन ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(4) 0.146 (1) सतना

(2) कोटर

(3) बरदाडीह

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 12 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) पथडा वितरक नहर एवं उसकी माइनरों का निर्माण.

(5) कार्यपालन यंत्री, बाणसागर वितरिका संभाग , रीवा.

( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन, प्रशासक भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , आर. डी. एस. अग्निवंशी , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला बुरहानपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

बुरहानपुर, दिनांक 1 अगस्त 2014

क्र. भू-अर्जन- 2014-प्रकरण क्रमांक/ अ 82 वर्ष 2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में बताये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है या आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध के अधीन इसके द्वारा खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है, चूंकि रामपुरा मध्यम परियोजना, तहसील नेपानगर, जिला बुरहानपुर के तालाब निर्माण पूर्ण हो गया है. अब केवल छूटे हुये एवं आंशिक रकबे का ही अर्जन किया जा रहा है इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत् सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन की आवश्यकता नहीं है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

क्षेत्रफल तहसील

भूमि का विवरण ग्राम

जिला

(हेक्टेयर में ) (1)

(2)

नेपानगर

(4) 1.63

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

संसाधन ,

(5)

कार्यपालन यंत्री, जल

बुरहानपुर

(3) शंकरपुराखुर्द

संभाग, बुरहानपुर.

(6) रामपुरा तालाब योजना के शीर्ष कार्य के निर्माण में आने वाली अतिरिक्त भूमि हेतु भू-अर्जन.

नोट.- भूमि के नक्शे एवं ( प्लान ) कॉलम ( 5 ) में वर्णित अधिकारी के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आशुतोष अवस्थी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 15 August 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2014-08-15.33.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2014-08-15.33.Ordinary.