मध्यप्रदेश शासन
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 41 ]
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 10 अक्टूबर 2014-आश्विन 18 , शक 1936
विषय - सूची
1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, भाग
(4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं,
4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग
(3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद् के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल , दिनांक 25 सितम्बर 2014
क्र. एफ-1 ( ए) 94-99- ब-2- दो. श्री उमेश जोगा , भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, छिन्दवाड़ा रेंज , छिन्दवाड़ा को दिनांक 13 से 25 अक्टूबर 2014 तक, कुल तेरह दिवस अर्जित अवकाश , दिनांक 11 , 12 एवं 26 अक्टूबर 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) श्री उमेश जोगा, भापुसे, की अवकाश अवधि में इनका कार्य श्री पुरूषोत्तम शर्मा, भापुसे, पुलिस अधीक्षक , छिन्दवाड़ा द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा .
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री उमेश जोगा, भापुसे को अस्थायी
2983
रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उप पुलिस महानिरीक्षक, छिन्दवाड़ा रेंज, छिन्दवाड़ा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री उमेश जोगा, भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, छिन्दवाड़ा रेंज, छिन्दवाड़ा द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका -2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्तहोंगे.
(5) अवकाशकाल में श्री उमेश जोगा, भापुसे को अवकाश, वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री उमेश जोगा, भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
क्र. एफ-1 (ए) 154-93-ब- 2- दो. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 8 सितम्बर 2014 द्वारा श्री डी. श्रीनिवास राव, भापुसे, नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2014 2984
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
पुलिस महानिरीक्षक गुप्तवार्ता ( जी ) मध्यप्रदेश, भोपाल को दिनांक 1 से 12 सितम्बर 2014 तक, छः दिवस अर्जित अवकाश, दिनांक 31 अगस्त 2014 एवं 13 , 14 सितम्बर 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया गया था.
(2 ) राज्य शासन द्वारा समसंख्यक आदेश दिनांक 8 सितम्बर 2014 को निरस्त करते हुए, उन्हें दिनांक 30 अगस्त से 12 सितम्बर 2014 तक कुल चौदह दिवस का अर्जित अवकाश , दिनांक 29 अगस्त 2014 एवं 13, 14 सितम्बर 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.
( 3 ) समसंख्यक आदेश की शेष कंडिकाएं यथावत् रहेंगी .
भोपाल , दिनांक 26 सितम्बर 2014
क्र. एफ-1 (ए) 6-2012-ब-2-दो. श्री मोहम्मद यूसुफ कुरैशी, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्वालियर को दिनांक 10 से 24 सितम्बर 2014 तक, पन्द्रह दिवस का पितृत्व अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2) श्री मोहम्मद यूसुफ कुरैशी , भापुसे, की अवकाश अवधि में उनका कार्य श्रीमती प्रतिमा मैथ्यू, अति. पुलिस अधीक्षक, अपराध , ग्वालियर द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा .
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री मोहम्मद यूसुफ कुरैशी, भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक , स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्वालियर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री मोहम्मद यूसुफ कुरैशी , भापुसे, द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .
(5) अवकाशकाल में श्री मोहम्मद यूसुफ कुरैशी, भापुसे को अवकाश , वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मोहम्मद यूसुफ कुरैशी, भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बसंत प्रताप सिंह , प्रमुख सचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 25 सितम्बर 2014
फा. क्र. 3 (ए) 4-2014-इक्कीस - ब( एक) .- भारत के संविधान के अनुच्छेद 233 के खण्ड ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय के परामर्श से मध्यप्रदेश शासन, एतद्वारा श्री अरविन्द रघुवंशी , सिविल जज वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , जबलपुर को मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा ( भर्ती तथा सेवा शर्तें ) नियम, 1994 यथासंशोधित नियम 5 ( 1 ) ( ए) के अन्तर्गत उनके कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से अस्थाई रूप से आगामी आदेश होने तक, जिला न्यायाधीश ( प्रवेश स्तर ) वेतनमान रुपये 51550-1230-58930-1380-63070 , के पद पर स्थानापन्न रूप से नियुक्त करता है.
भोपाल , दिनांक 26 सितम्बर 2014
फा. क्र. 1-1-2002 - इक्कीस- ब( एक) 3056.- राज्य शासन, उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम , 1984 ( 1984 का सं. 66 ) की धारा 4 सहपठित मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 के अंतर्गत उच्चतर न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारियों को एतद्वारा , उनके नाम के सम्मुख दर्शाये अनुसार, उनके पदभार ग्रहण करने के दिनांक से अधिवार्षिकी आयु पूर्ण करने के दिनांक अथवा आगमी आदेश होने तक नियुक्त करता है : -
पदनाम/पदस्थापना (3) क्र. (1) नाम (2)
1 श्रीमती राधा सोनकर, विशेष न्यायाधीश, कटनी.
प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , जबलपुर में श्री ऋषभ कुमार सिंघई के स्थान पर.
प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , कटनी में श्री शिवमंगल सिंह के स्थान पर.
2 श्री अरविन्द कुमार शुक्ला, सप्तम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन.
उक्त अधिकारियों को देय वेतन तथा भत्ते का निर्धारण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 के अंतर्गत होगा .
भोपाल , दिनांक 27 सितम्बर 2014
फा. क्र. 1-1-88- इक्कीस ब ( एक) -3044-14.- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम , 1988 ( 1988 का 49) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 1-1-88- इक्कीस- ब( एक) , दिनांक 24 अक्टूबर 2009 में जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग- 1 में दिनांक 6 नवम्बर 2009 में प्रकाशित हुई थी, निम्नलिखित संशोधन करता है, यथा :-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में, अनुसूची में, अनुक्रमांक 47 तथा उससे भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक और उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं:-
अनुसूची
सेशन न्यायाधीश/अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश
अनु- क्रमांक
स्थानीय क्षेत्र (3)
(2)
(1)
उमरिया." "47 . प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, उमरिया.
F. No. 1-1-88 -XXI- B ( 1 ) -3044-014 .- In exercise of the powers conferred by sub- section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act , 1988 (No. 49 of 1988) , the State Government , hereby, makes the following amendment in this department's Notification F. No. 1- 1-88 - XXI - B ( 1 ) , dated 24th October , 2009 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette Part - 1 , dated 6th November, 2009 , namely :-
AMENDMENT
In the said Notification, in the Schedule , for serial number 47 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be substituted :-
SCHEDULE
Sessions Judge/Additional Sessions Judge
Local area (3)
(2)
S. No. (1)
Umaria ." " 47 . 1st Additional Sessions Judge Umaria .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , सी. व्ही. सिरपुरकर, प्रमुख सचिव.
भोपाल, दिनांक 26 सितम्बर 2014
फा. क्र. 1 ( बी ) -06-2014 - इक्कीस - ब( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्री बी. एस. पंवार पुत्र स्व. श्री सुन्दरलाल पंवार, अधिवक्ता, जिला सीहोर को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला सीहोर सत्र खण्ड के जिला सीहोर राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , तृतीय अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक, नियुक्त करता है. यह
2985 नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 ( बी ) -06-2014- इक्कीस- ब (दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्री कृपाल सिंह पुत्र श्री नरबत सिंह, अधिवक्ता, तहसील आष्टा, जिला सीहोर को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला सीहोर सत्र खण्ड के जिला सीहोर राजस्व जिले की तहसील आष्टा के लिये एतद्वारा , अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक, नियुक्त करता है. यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 ( बी ) -06-2014 - इक्कीस- ब ( दो ).- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्री लीला किशन गुर्जर पुत्र स्व. श्री बाबूलाल गुर्जर, अधिवक्ता, जिला सीहोर को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला सीहोर सत्र खण्ड के जिला सीहोर राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , प्रथम अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक नियुक्त करता है . यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 ( बी ) -06-2014- इक्कीस - ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्री ओमप्रकाश मिश्रा पुत्र स्व. श्री लीलाधर मिश्रा, अधिवक्ता, जिला सीहोर को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला सीहोर सत्र खण्ड के जिला सीहोर राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , शासकीय अभिभाषक/ लोक अभियोजक नियुक्त करता है . यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है .
फा. क्र. 1 ( बी ) -06-2014- इक्कीस- ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, सुश्री रेखा चौरसिया पुत्री श्री स्वरूपचंद चौरसिया अधिवक्ता, जिला सीहोर को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला सीहोर सत्र खण्ड के जिला सीहोर राजस्व जिले के लिये एतद्वारा, द्वितीय अतिरिक्त शासकीय 2986
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक, नियुक्त करता है. यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है .
भोपाल, दिनांक 27 सितम्बर 2014
फा. क्र. 1 ( बी ) -07-2014 - इक्कीस- ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्री मनोज कुमार सक्सैना पुत्र स्व. श्री भगवत दयाल सक्सैना, अधिवक्ता, जिला राजगढ़ को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला राजगढ़ सत्र खण्ड के जिला राजगढ़ राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक, नियुक्त करता है. यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 ( बी ) -07-2014 - इक्कीस- ब( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , श्री दिनेश शर्मा पुत्र श्री सुंदरलाल जी शर्मा, अधिवक्ता, तहसील नरसिंहगढ़ , जिला राजगढ़ को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला राजगढ़ सत्र खण्ड के जिला राजगढ़ राजस्व जिले की तहसील नरसिंहगढ़ के लिये एतद्वारा , अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक, नियुक्त करता है . यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 (बी ) -07-2014- इक्कीस ब( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्री दिनेश कुमार साहू पुत्र श्री भूरजी साहू, अधिवक्ता, तहसील ब्यावरा, जिला राजगढ़ को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला राजगढ़ सत्र खण्ड के जिला राजगढ़ राजस्व जिले की तहसील ब्यावरा के लिये एतद्वारा , अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक, नियुक्त करता है. यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 (बी) -07-2014 - इक्कीस- ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , श्री गजेन्द्र सिंह पंवार पुत्र स्व. श्री राम सिंह जी पंवार, अधिवक्ता , जिला राजगढ़ को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला राजगढ़ सत्र खण्ड के जिला राजगढ़ राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक, नियुक्त करता है. यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अमिताभ मिश्र, अपर सचिव.
भोपाल , दिनांक 22 सितम्बर 2014
फा. क्र . 1 ( सी ) -28-2014 - एट्रोसिटी- इक्कीस- ब ( दो) 2013.- राज्य शासन, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 14 के अनुसार राजगढ़ जिले के विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय के लिये , अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) नियम , 1995 के नियम 4 ( 1 ) के अनुसार श्री प्रवीण सिंह उमठ, अधिवक्ता को जिला राजगढ़ में विशिष्ठ ज्येष्ठ अधिवक्ता नियुक्त करता है.
उक्त नियुक्ति श्री प्रवीण कुमार उमठ द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष के लिये होगी. यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है . किसी भी स्थिति में 62 वर्ष की आयु के पश्चात् वे उक्त पद पर कार्य करने हेतु अर्ह नहीं होंगे. विशेष लोक अभियोजक की अनुपस्थिति के दिनांक पर विशेष न्यायालय में केवल उस दिन की कार्यवाही हेतु पैनल अधिवक्ताओं को कार्य चक्रानुक्रम से जिला दण्डाधिकारी द्वारा आवंटित किया जायेगा.
नियुक्त अभिभाषक को शुल्क आदि विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्रमांक 1 ( सी) एट्रोसिटी- इक्कीस - ब ( दो ) , दिनांक 24 अप्रैल 2008 के अनुरूप देय होंगे एवं इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64 - मुख्य शीर्ष- 2225- ( 5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31 - व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां- 003- अभिभाषकों को फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा. जिसका भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.
भोपाल, दिनांक 23 सितम्बर 2014
फा. क्र. 1 ( बी) -05-2014- इक्कीस ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा भाग 1 ]
2987
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
(3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , श्री कुंजी लाल किरार पुत्र श्री हरिराम किरार, अधिवक्ता, जिला विदिशा को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये विदिशा सत्र खण्ड के विदिशा राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, नियुक्त करता है . यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है .
फा. क्र. 1 ( बी ) -05-2014 - इक्कीस- ब( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्री हिम्मत सिंह कुशवाह पुत्र श्री प्रभुलाल कुशवाह, अधिवक्ता, जिला विदिशा को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये विदिशा सत्र खण्ड के विदिशा राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक, नियुक्त करता है. यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 ( बी ) -05-2014 - इक्कीस - ब( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , श्री लल्लू लाल जैन पुत्र स्व. श्री मिश्री लाल जैन , अधिवक्ता, जिला विदिशा को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला विदिशा सत्र खण्ड के जिला विदिशा राजस्व जिले के लिये जिला एतद्वारा , शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक, नियुक्त करता है . यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. पी. खेर, उपसचिव.
खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 25 सितम्बर 2014
क्र. एफ 11-05-2006- उन्तीस- 2.- राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन मेमोरेण्डम एण्ड आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के आर्टिकल्स -81 ( ए) ( सी ) ( डी) के अंतर्गत मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स कार्पोरेशन, भोपाल के संचालक मण्डल में संचालक के पद पर श्री शिवशेखर शुक्ला, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स कार्पोरेशन, भोपाल के स्थान पर श्री चन्द्रहास दुबे , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स कार्पोरेशन, भोपाल को संचालक मण्डल में संचालक मनोनीत किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. के. चन्देल , उपसचिव.
श्रम विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 26 सितम्बर 2014
क्र. एफ 9-1-2009-ब-सोलह कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 , (34 सन् 1948 ) की धारा 87 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन मेसर्स जे. पी. रीवा प्लांट यूनिट ऑफ जयप्रकाश एसो. लिमि. , जे. पी. नगर, रीवा, मध्यप्रदेश को उक्त अधिनियम के प्रावधानों से दिनांक 1 नवम्बर 2014 से दिनांक 31 अक्टूबर 2015 तक की अवधि के लिये इस शर्त पर छूट प्रदान करता है कि आवेदित संस्था द्वारा राजीव गांधी बेरोजगार भत्ता तथा पुनर्वास भत्ता जोड़ने तथा हितलाभ किसी भी स्थिति में कर्मचारी राज्य बीमा से कम नहीं होंगे .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मिलिन्द गणवीर, अपर सचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल, दिनांक 11 सितम्बर 2014
फा. क्र. 17( ई ) 83-03- इक्कीस ब ( एक ) -2644-014.- विद्युत् अधिनियम, 2003 ( 2003 का संख्याक 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना एफ क्रमांक 17 ( ई) 83-03 - इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 16 सितम्बर 2010 में जो कि मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में, दिनांक 24 सितम्बर 2010 में प्रकाशित की गई थी, निम्नलिखित संशोधन करता है :-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में , सारणी में, अनुक्रमांक 17, 30, 55 , 63 , 103 , 103- ए, 103 - बी तथा 104 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के [ भाग 1 2988
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, : -
सारणी
विशेष न्यायालय का नाम
अनुक्रमांक सिविल जिले का नाम
विशेष न्यायालय की क्षेत्रीय अधिकारिता (विद्युत् क्षेत्र के अनुसार)
(4)
(3)
(2)
(1)
17
बुरहानपुर का विद्युत् क्षेत्र बुरहानपुर
प्रथम अपर सेशन न्यायाधीश , बुरहानपुर.
30
धार
कुक्षी का विद्युत् क्षेत्र
अपर सेशन न्यायाधीश , कुक्षी
मंडला
55
सिविल जिला मण्डला का समस्त विद्युत् क्षेत्र तृतीय अपर सेशन न्यायाधीश, मंडला
63
प्रथम अपर सेशन न्यायाधीश, जौरा
जौरा का विद्युत् क्षेत्र
मुरैना
103
टीकमगढ़
चतुर्थ अपर सेशन न्यायाधीश , टीकमगढ़
सिविल जिला टीकमगढ़ का समस्त विद्युत् क्षेत्र ( अनुक्रमांक 103 - ए तथा 103 - बी के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर) .
जतारा का विद्युत् क्षेत्र अपर सेशन न्यायाधीश, जतारा
103-ए टीकमगढ़
103-बी
निवाड़ी का विद्युत् क्षेत्र टीकमगढ़
अपर सेशन न्यायाधीश , निवाड़ी
104. उज्जैन
ग्यारहवें अपर सेशन न्यायाधीश , उज्जैन
सिविल जिला उज्जैन के समस्त ग्रामीण विद्युत् क्षेत्र ( अनुक्रमांक 104-ए, 104-बी, 105 एवं 105 -ए के विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर) .
टिप्पणी.-विशेष न्यायालय में लंबित मामले उनकी क्षेत्रीय अधिकारिता के अनुसार नवीन गठित न्यायालय में अन्तरित हो जायेंगे .
F. No. 17 (E) 83-03 - XXI - B ( 1 ) 2644-014.-In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 153 of the Electricity Act, 2003 (No. 36 of 2003 ) , the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh , hereby makes the following amendments in this Department's Notification F. No. 17 (E) 83-03- XXI - B ( 1 ) , dated 16th September 2010 which was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part- 1 , dated 24th September 2010 namely :-
AMENDMENT
In the said notification , in the Table , for serial numbers 17 , 30, 55 , 63 , 103 , 103 -A, 103 -B & 104 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely:-
TABLE
S. No.
Name of Special Court
Territorial jurisdiction of the Special Court (According to Electricity Area) (4) Name of CivilDistrict (2)
(3)
(1)
17
Electricity area of Burhanpur Burhanpur
IstAdditional Sessions Judge , Burhanpur.
30
Dhar
Electricity area of Kukshi Additional Sessions Judge , Kukshi .
2989
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
भाग 1 ]
(3) (1)
55
Mandla
IIIrd Additional Sessions Judge, Mandla .
63
Morena
All Electricity area of Civil District Mandla.
Electricity area of Jora
Ist Additional Sessions Judge ,
Jora
103
Tikamgarh
IVth Additional Sessions Judge , Tikamgarh.
103 -A
Tikamgarh
Additional Sessions Judge , Jatara .
103 -B
Tikamgarh
Additional Sessions Judge , Niwari .
104 Ujjain
XIth Additional Sessions Judge , Ujjain.
All Electricity area of Civil District Tikamgarh (excluding the territorial jurisdiction of Special Courts given at serial number 103 - A & 103 - B .
Electricity area of Jatara
Electricity area of Niwari
All Electricity area of Civil District Ujjain Rural ( excluding the territorial jurisdiction of Special Courts given at serial number 104- A . , 104- B , 105 and 105-A).
Note .---The pending cases of the Special court shall be stand transferred to newly constituted court according to their territorial jurisdiction .
फा. क्र. 17 ( ई) 83-03- इक्कीस- ब ( एक ) -2644-2014.- विद्युत् अधिनियम, 2003 ( 2003 का 36 ) की धारा 153 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से , एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना एफ. क्रमांक 17 ( ई ) 83-03 - इक्कीस- ब( एक ) , दिनांक 16 सितम्बर 2010 में, जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग 1 दिनांक 24 सितम्बर 2010 में प्रकाशित की गई थी, में निम्नलिखित संशोधन करता है :-
संशोधन उक्त अधिसूचना में, सारणी में , अनुक्रमांक 13 , 15 , 17, 30, 38, 55, 63, 68, 82, 103, 103-ए, 103 - बी तथा 104 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक और उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं:-
सारणी
विशेष न्यायालय का नाम अनुक्रमांक
(3) (1)
सिविल जिले का नाम (2)
13
भिण्ड
विशेष न्यायालय के न्यायाधीश का नाम (4)
अपर सेशन न्यायाधीश , लहार
15
भोपाल
अपर सेशन न्यायाधीश , विशेष न्यायालय क्रमांक-1 , भोपाल.
17
श्री पवन कुमार शर्मा, अपर सेशन न्यायाधीश, लहार.
श्री रामब्रेश यादव, अपर सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय क्रमांक-1 , भोपाल .
प्रथम अपर सेशन न्यायाधीश, बुरहानपुर
बुरहानपुर
30
धार
श्री रविन्दर सिंह, प्रथम अपर सेशन न्यायाधीश, बुरहानपुर.
अपर सेशन न्यायाधीश , कुक्षी
श्री संजय कुमार चतुर्वेदी, अपर सेशन न्यायाधीश, कुक्षी.
2990
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
(3) (2)
(1)
38
ग्वालियर
अपर सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय, क्रमांक-3 , ग्वालियर.
55
मंडला
(4)
श्री डी. पी. एस. गौर, अपर सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय क्रमांक-3 , ग्वालियर.
तृतीय अपर सेशन न्यायाधीश , मंडला
63
श्री अजय कुमार सिंह, तृतीय अपर सेशन न्यायाधीश, मंडला.
प्रथम अपर सेशन न्यायाधीश, जौरा
मुरैना
68
पन्ना
विशेष न्यायाधीश , अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम पन्ना.
82
सागर
श्री सुदीप कुमार श्रीवास्तव ( सीनि. ) , प्रथम अपर सेशन न्यायाधीश , जौरा.
श्री रामनारायण चौधरी, विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जाति (अत्याचार निवारण ) अधिनियम , पन्ना.
अपर सेशन न्यायाधीश , रहली
103 टीकमगढ़
श्री रविन्द्र कुमार भद्रसेन, अपर सेशन न्यायाधीश , रहली.
चतुर्थ अपर सेशन न्यायाधीश , टीकमगढ़
श्री शरद भामकर, चतुर्थ अपर सेशन न्यायाधीश, टीकमगढ़.
अपर सेशन न्यायाधीश , जतारा
103-ए टीकमगढ़
103-बी टीकमगढ़
श्री रमेश प्रसाद ठाकुर, अपर सेशन न्यायाधीश, जतारा .
अपर सेशन न्यायाधीश , निवाड़ी
104
उज्जैन
श्री आर. पी. सोनकर, अपर सेशन न्यायाधीश , निवाड़ी.
ग्यारहवें अपर सेशन न्यायाधीश , उज्जैन
श्री डी. एन. मिश्रा, ग्यारहवें अपर सेशन न्यायाधीश , उज्जैन.
F. No. 17 (E) 83-03 - XXI - B (One ) 2644-14.-In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of Section 153 (2) of the Electricity Act , 2003 (No. 36 of 2003 ) , the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh , hereby makes the following further amendment's in this Department's Notification F. No. 17(E) 83-03 - XXI - B ( 1 ) , dated 16th September 2010 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part- 1 , dated 24th September 2010 , namely:-
AMENDMENTS
In the said notification, in the table , for serial numbers 13 , 15 , 17 , 30, 38 , 55 , 63 , 68 , 82 , 103 , 103 - A , 103 -B and 104 and entries relating thereto the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted namely:-
TABLE S. No.
Name of Special Court
(3) Name of Civil District (2)
Bhind
(1) 13
Additional Sessions Judge , Lahar.
Name of the Judge of the Special Court (4)
Shri Pavan Kumar sharma , Additional Sessions Judge , Lahar.
भाग 1 ]
2991
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
(2)
(1)
(3) 15
Bhopal
Additional Sessions Judge Special Court No. 1 , Bhopal .
17
Burhanpur
Ist Additional Sessions Judge , Burhanpur.
30
Dhar
Additional Sessions Judge, Kukshi .
38
Gwalior
Additional Sessions Judge , Special Court No.3 , Gwalior .
55
Mandla
IIIrd Additional Sessions Judge , Mandla.
63
Morena
1stAdditional Sessions Judge , Jora.
68
Panna
Special Judge SC/ ST ( POA) Act , Panna.
82
Sagar
Additional Sessions Judge , Rehli .
103
Tikamgarh
IVth Additional Sessions Judge , Tikamgarh .
103 -A Tikamgarh
Additional Sessions Judge , Jatara.
103 -B Tikamgarh
Additional Sessions Judge , Niwari .
104 Ujjain
XIthAdditional Sessions Judge , Ujjain.
(4)
Shri Rambaresh Yadav , Additional Sessions Judge , Special Court No. 1 , Bhopal .
Shri Ravinder Singh , Ist Additional Sessions Judge , Burhanpur .
Shri Sanjay Kumar Chaturvedi , Additional Sessions Judge , Kukshi .
Shri D.P.S. Gaur , Additional Sessions Judge , Special Court No. 3 , Gwalior .
Shri Ajay Kumar Singh , IIIrd Additional Sessions Judge , Mandla .
Shri Sudeep Kumar Shrivastava ( Sr) , IstAdditional Sessions Judge , Jora .
Shri Ram Narayan Choudhary , Special Judge , SC/ST (POA) Act Panna .
Shri Ravindra Kumar Bhadrasen , Additional Sessions Judge , Rehli .
Shri Sharad Bhamkar , IVth Additional Sessions Judge , Tikamgarh .
Shri Ramesh Prasad Thakur , Additional Sessions Judge , Jatara .
Shri R. P. Sonkar , Additional Sessions Judge, Niwari .
Shri D.N.Mishra , XIth Additional Sessions Judge , Ujjain .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. के. वाणी , अपर सचिव.
भोपाल , दिनांक 29 सितम्बर 2014
फा. क्र. 1-6-89- इक्कीस ब ( एक) -2962-2014.- स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम , 1985 ( 1985 का 61 ) की धारा 36 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति की सहमति से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 1-6-89- इक्कीस- ब ( एक) , दिनांक 3 अप्रैल, 1998 में, जो मध्यप्रदेश राजपत्र 2992
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
भाग -1 में दिनांक 17 अप्रैल 1998 को प्रकाशित हुई थी, निम्नलिखित और संशोधन करता है , यथा :-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में, अनुसूची में, अनुक्रमांक 7- ख तथा 23 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर , निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, :-
स्थानीय क्षेत्र/सेशन खण्ड न्यायाधीश का नाम तथा पदनाम
विशेष, न्यायालय
(2)
(3)
(4) अनुक्रमांक (1)
गरोठ ( मंदसौर ) "7-ख.
गरोठ ( मंदसौर)
श्री अंजनी नंदन जोशी , अपर सेशन न्यायाधीश , गरोठ.
विदिशा
विदिशा.".
23.
श्री एस . के. शर्मा, विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण ) अधिनियम, विदिशा.
यह संशोधन उस तारीख से प्रवृत्त होगा जिसको कि इस अधिसूचना में यथाविनिर्दिष्ट न्यायाधीश उक्त न्यायालय में अपने पद का कार्यभार ग्रहण करें .
F. No. 1-6-89 - XXI- B ( 1 ) 2962-2014 .--In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of Section 36 of the Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1985 (No. 61 of 1985) , the State Government , with the concurrence of the Chief Justice of the High Court of Madhya Pradesh , hereby , makes the following further amendments in this Department's Notification No. F. 1-6-89 - XXI - B ( 1 ) , dated 3rd April 1998, which was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part- 1 , dated the 17th April 1998 , namely
AMENDMENT
In the said notification , in the Schedule , for serial numbers 7 -B and 23 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted
S.No.
Special Court
Local area Session divisions (4) Name and designation ofthe Judge (2)
(3)
(1)
"7 -B .
Garoth (Mandsaur)
Garoth (Mandsaur)
Shri Anjani Nandan Joshi , Additional Sessions Judge , Garoth.
Vidisha . " 23.
Vidisha
Shri S. K. Sharma , Special Judge, Scheduled Castes and Scheduled Tribes ( POA) Act , Vidisha .
This amendment shall come into force from the date on which the judge as specified in this notification assumes the charge of his office in the said Court.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
सी. व्ही. सिरपुरकर, प्रमुख सचिव.
भाग 1 ]
2993
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
विभाग प्रमुखों के आदेश
कार्यालय , कलेक्टर, जिला अनूपपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग अनूपपुर, दिनांक 16 सितम्बर 2014
क्र. 693-18- भू- अभि.-2014.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाये अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील पुष्पराजगढ़ , जिला अनूपपुर के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है :-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नंबर
(2) भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नंबर एवं इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल) (1)
राजस्व ग्राम- भैंसानटोला पटवारी हल्का नंबर 30 .
मूल ग्राम सरईपतेरा पटवारी हल्का नंबर 30 पृथक किया गया क्षेत्रफल 323.465 हे.
क्र. 694-18 - भू- अभि.- 2014.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20, 1959 ) की धारा 2( 1 ) की उपधारा ( य-5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाये अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ (2 ) में दर्शित नाम से तहसील पुष्पराजगढ़, जिला अनूपपुर के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है :-
अनुसूची
भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नंबर एवं इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल) (1)
राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नंबर (2)
राजस्व ग्राम- ददराटोला पटवारी हल्का नंबर 49(80).
मूल ग्राम खांटी पटवारी हल्का नंबर 49( 80 ) पृथक किया गया क्षेत्रफल 212.332 हे.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नन्दकुमारम, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 18 सितम्बर 2014
क्र. 1551.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 ( संख्या 20, 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाये अनुसूची में स्तम्भ (1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील बण्डा, जिला सागर के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है :-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नंबर भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नंबर एवं इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल)
(2) (1)
1. नयाखेड़ा, प.ह.नं. 48 1. पाटन, प.ह.नं. 48 , क्षेत्रफल 177.91 हे .
2. सिसगुंवा, प.ह.नं. 54 2. बूढ़ाखेरा, प.ह.नं. 54, क्षेत्रफल 651.84 हे.
3. डाबलीखेड़ा, प.ह.नं. 93 3. चौकामेड़ा, प.ह.नं. 93 , क्षेत्रफल 283.69 हे.
क्र. 1552.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 ( संख्या 20, 1959 ) की धारा 2( 1 ) की उपधारा ( य-5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाये अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील गढ़ाकोटा, जिला सागर के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है : -
अनुसूची
भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नंबर एवं इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल) (1)
राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नंबर (2) 1. सोजनावार, प.ह.नं. 01 1. टड़ा, प.ह.नं. 01 , क्षेत्रफल 227.79 हे.
क्र. 1553.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20, 1959) की धारा 2( 1 ) की उपधारा ( य-5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाये अनुसूची में स्तम्भ (1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील मालथौन , जिला सागर के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित 2994
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
किया जाता है :-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नंबर भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नंबर एवं इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल)
(2) (1)
1. क्वाला, प.ह.नं. 71 1. बॉदरी , करौती प.ह.नं. 71 , क्षेत्रफल 173.29 हे.
2. पठारी, प.ह.नं. 105 2. परसोन, प.ह.नं. 105, क्षेत्रफल 172.74 हे.
3. प्रेमपुरा , प.ह.नं. 122 3. बरोदियाकला, प.ह.नं. 122 , क्षेत्रफल 176.21 हे.
क्र. 1554.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 ( संख्या 20 , 1959) की धारा 2( 1 ) की उपधारा ( य-5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाये अनुसूची में स्तम्भ (1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील राहतगढ़ , जिला सागर के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता हैं :-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नंबर
(2) भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नंबर एवं इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल) (1)
1. लखनपुर, प.ह.नं. 34 1. मेनवारा कला, प.ह.नं. 34, क्षेत्रफल 423.91 हे .
2. लक्ष्मनपुर, प.ह.नं. 38.
2. जलन्धर, प.ह.नं. 38, क्षेत्रफल 425.13 हे.
क्र. 1555.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20, 1959) की धारा 2( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाये अनुसूची में स्तम्भ (1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील केसली , जिला सागर के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है : -
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नंबर भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नंबर एवं इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल) (1)
(2)
1. नयागांव, प.ह.नं. 6 1. बम्होरी नाहरमऊ, प.ह.नं. 6 , क्षेत्रफल 331.92 हे.
(1)
(2) 2. कुण्डलपुर, प.ह.नं. 13.
2. नाहरमऊ, प.ह.नं. 13, क्षेत्रफल 161.72 हे.
क्र. 1556.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20 , 1959) की धारा 2( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा, नीचे दर्शाये अनुसूची में स्तम्भ (1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील सागर, जिला सागर के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है :-
अनुसूची
भू- भाग का विवरण (मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नंबर एवं इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल) (1)
राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नंबर (2) 1. खिरिया, प.ह.नं. 82 1. कर्रापुर, प.ह.नं. 82, क्षेत्रफल 278.38 हे.
2. अर्जनाटोला, प.ह.नं. 114.
2. घाटमपुर, प.ह.नं. 114, क्षेत्रफल 348.06 हे .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक कुमार सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला हरदा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग हरदा, दिनांक 19 सितम्बर 2014
क्र. 1090- वर्कलोड- 2014.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( ब-5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाये अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील सिराली , जिला हरदा के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है :-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम
एवं पटवारी हल्का
नंबर
(2) भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नंबर एवं इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल) (1)
बीड, प.ह.नं. 24 पृथक किया गया क्षेत्रफल 322.657 हैक्टेयर.
कडोलाराधव पटवारी हल्का नं. 24, पृथक किया गया क्षेत्रफल 542.765 हैक्टेयर .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रजनीश श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2995 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला नीमच, मध्यप्रदेश
नीमच, दिनांक 17 सितम्बर 2014
क्र. 723 - मंडी- निर्वा. - 14 .- मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, जी . व्ही. रश्मि, कलेक्टर, नीमच मंडी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( घ ) के अनुक्रम में मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी ( लोकसभा एवं विधान सभा सदस्य की मंडी समिति में सदस्यता तथा प्रतिनिधि का नाम निर्देशन ) नियम, 2010 के अन्तर्गत नीमच जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मंडी समितियों के लिये एतद्वारा प्रतिनिधि नामनिर्दिष्ट करती हूं : -
मंडी का नाम (2)
मंडी अधिनियम की धारा (4) नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता (3)
क्रमांक (1)
1
मनासा
श्री प्रतापसिंह पिता भवानीसिंह, ग्राम भागल, तहसील मनासा.
मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 (1 ) (घ) 2
श्रीमती कलाबाई पति सुन्दरलाल, निवासी बरलाई
मण्डी अधिनियम , 1972 की धारा 11 ( 1 ) खण्ड(ड ) 3
श्री एम. के. शर्मा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी , मनासा.
मण्डी अधिनियम , 1972 की धारा 11 ( 1 ) खण्ड ( च) 4
प्रशासक नियुक्त
मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) खण्ड ( झ) 5
मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) (ञ) श्रीमती गीताबाई दायमा, सदस्य, जिला पंचायत नीमच , निवासी- ग्राम दायमाखेड़ी, तहसील मनासा.
(कार्यालय, संयुक्त पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, उज्जैन संभाग, उज्जैन के आदेश क्र. विधि- 2014-1076 , दिनांक16 जुलाई 2014 द्वारा जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्या. , मंदसौर के संचालक मंडल के स्थान पर बैंक के कामकाज संचालन हेतु उपायुक्त, सहकारिता, जिला मंदसौर को प्रशासक नियुक्त किया गया है ) .
क्र. 725 - मंडी-निर्वा.-14.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, जी. व्ही. रश्मि, कलेक्टर, नीमच मंडी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( घ) के अनुक्रम में मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी ( लोकसभा एवं विधान सभा सदस्य की मंडी समिति में सदस्यता तथा प्रतिनिधि का नाम निर्देशन ) नियम, 2010 के अन्तर्गत नीमच जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मंडी समितियों के लिये एतद्वारा प्रतिनिधि नामनिर्दिष्ट करती हूं :-
नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता (3)
मंडी अधिनियम की धारा (4) मंडी का नाम (2)
क्रमांक (1)
1
जावद
मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) ( घ) श्री विरेन्द्र कुमार सकलेचा, विधायक, विधान सभा क्षेत्र-230 , जावद, छोटी घाटी , जावद.
2
श्री उमाशंकर डामरलाल नागदा, निवासी-मोरका
मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) खण्ड (ङ) 3
श्री जे . एस. ठाकुर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी , जावद.
मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) खण्ड ( च) [ भाग 1 2996
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
(4) (2)
(3)
(1)
4
प्रशासक नियुक्त
मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) खण्ड ( झ ) 5
मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) खण्ड (ञ ) श्री कैलाश बैरागी , सदस्य, जिला पंचायत नीमच, निवासी- ग्राम उम्मेदपुरा, तारापुर, तहसील- जावद
(कार्यालय , संयुक्त पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, उज्जैन संभाग , उज्जैन के आदेश क्र. विधि- 2014-1076 , दिनांक 16 जुलाई 2014 द्वारा जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्या. , मंदसौर के संचालक मंडल के स्थान पर बैंक के कामकाज संचालन हेतु उपायुक्त, सहकारिता, जिला मंदसौर को प्रशासक नियुक्त किया गया है ) .
क्र. 727- मंडी-निर्वा. -14 .- मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम , 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, जी. व्ही . रश्मि, कलेक्टर, नीमच मंडी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( घ ) के अनुक्रम में मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी ( लोकसभा एवं विधान सभा सदस्य की मंडी समिति में सदस्यता तथा प्रतिनिधि का नाम निर्देशन ) नियम, 2010 के अन्तर्गत नीमच जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मंडी समितियों के लिये एतद्वारा प्रतिनिधि नामनिर्दिष्ट करती हूं :-
मंडी अधिनियम की धारा (4) नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता (3)
मंडी का नाम (2)
क्रमांक (1)
1
नीमच
मण्डी अधिनियम , 1972 की धारा 11 ( 1 ) (घ) श्री दिलीपसिंह परिहार, विधायक विधान सभा क्षेत्र 229 - नीमच, सरदार मोहल्ला, नीमच सिटी.
2
श्री उदय सिंह पिता भूरसिंह जी, नि. हडमतिया पंवार.
मण्डी अधिनियम , 1972 की धारा 11 ( 1 ) खण्ड ( ड ) 3
श्री एस. के. शर्मा , वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी , विकास खण्ड नीमच.
मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) खण्ड ( च) 4
प्रशासक नियुक्त
मण्डी अधिनियम , 1972 की धारा 11 ( 1 ) खण्ड ( झ ) 5
श्री ईश्वर सिंह चौहान , जिला पंचायत अध्यक्ष , जिला नीमच.
मण्डी अधिनियम , 1972 की धारा 11 ( 1 ) खण्ड ( ञ ) (कार्यालय , संयुक्त पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, उज्जैन संभाग , उज्जैन के आदेश क्र. विधि- 2014-1076 , दिनांक 16 जुलाई 2014 द्वारा जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्या. , मंदसौर के संचालक मंडल के स्थान पर बैंक के कामकाज संचालन हेतु उपायुक्त, सहकारिता, जिला मंदसौर को प्रशासक नियुक्त किया गया है ) .
जी. व्ही. रश्मि, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी .
भाग 1 ]
2997
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
कार्यालय , कलेक्टर , जिला आगर मालवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग अधिसूचना भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार
अधिनियम, 2013
आगर मालवा , दिनांक 25 सितम्बर 2014
क्र. 174 - भू- अर्जन -2014. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची में खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -11 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि बिजनाखेड़ी तालाब की योजना की माईनर नहर 1L निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है. अब केवल छूटे हुए एवं आंशिक रकबे का ही अर्जन किया जा रहा है . इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन की आवश्यकता नहीं है और इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-
अनुसूची ( 1 )
भूमि का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2)
(3)
(4) (1)
0.10 आगर मालवा नलखेडा खेलागांव
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, शाजापुर ( म. प्र. ) .
बिजनाखेड़ी तालाब की योजना की माईनर नहर 1L निर्माण हेतु.
अनुसूची (2 )
(1 ) बिजनाखेडी तालाब की योजना की माईनर नहर 1L निर्माण हेतु.
स.क्र.
भूमि का कुल रकबा
कृषक का नाम व पिता/ पति का नाम
खसरा क्रमांक
सिंचित
(3) (4) (2)
(1)
128
1 कुमेर सिंह पिता छतरसिंह, जाति गुर्जर , नि.ग्रा. भूमि स्वामी.
अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण
असिंचित
सिंचित
असिंचित
कुल (9)
(7)
(8)
(5)
कुल (6)
0.10
0.10
योग .. 0.10 भूमि का नक्शा ( प्लान ) कॉलम ( 5 ) में दर्शित अधिकारी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विनोद कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2998
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
कार्यालय, कलेक्टर , भू- अभिलेख, जिला बड़वानी , मध्यप्रदेश
बड़वानी , दिनांक 27 सितम्बर 2014
क्र. 1970- भू- अभिलेख- 2014.- जिले के तहसील सेन्धवा के मूल ग्राम धनोरा के मजरा चारदड़ को पृथक कर नीचे अंकित अनुसूची अनुसार :-
क्र.
बंदो बस्त नंबर
पटवारी हल्का नंबर
ग्राम का नाम
तहसील का नाम
कुल खातों की संख्या
मूल राजस्व ग्राम/नवीन राजस्व ग्राम
(6) (3) (4) (5)
(7) (1) (2)
धनोरा धनोरा 10
1 सेंधवा
93
2
93क
सेंधवा चारदड़ 10
चारदड़
जन- संख्या
कुल क्षेत्र
निर्धारित भू. रा.
गैर खाते का क्षेत्र
कुल खसरा नंबर
खाता+ आबादी का क्षेत्रफल
(11) (12) (13) (9) (10)
( 8)
1100.26 4087 119.848 934.081
814.233
334 662
683.55 1995
741.014
172 435 514.330 226.684
पृथक् पृथक् अधिकार अभिलेख , नक्शा एवं अनुसांगिक अभिलेख तैयार कर लिये गये हैं .
क्र. 1972- भू- अभिलेख- 2014.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 ( संख्या 20, 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य-5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतद्वारा नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ -1 में वणित भूमि के भाग को स्तम्भ 2 में दर्शित नाम से तहसील सेन्धवा, जिला बड़वानी के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है :-
अनुसूची
भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नंबर एवं इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल )
(1)
धनोरा, प.ह.नं. 10, इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल 741.014 हेक्टर.
राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नंबर
(2)
( 1 ) मूल ग्राम - धनोरा, प.ह.नं. - 10
(2 ) पृथक राजस्व ग्राम चारदड़, प.ह.नं. - 10.
रवीन्द्र सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्थानीय निर्वाचन ) , जिला शहडोल , मध्यप्रदेश
शहडोल , दिनांक 29 सितम्बर 2014
क्र. मंडी- निर्वा. - 2014-15-368.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, डॉ. अशोक कुमार भार्गव , कलेक्टर, शहडोल म.प्र. मंडी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( घ ) के अनुक्रम में मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी (लोकसभा तथा विधान सभा सदस्यता तथा प्रतिनिधि का नाम निर्देशन ) नियम, 2010 के अन्तर्गत शहडोल जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मंडी समितियों के लिये एतद्वारा प्रतिनिधि नामनिर्दिष्ट करता हूं:-
मंडी अधिनियम की धारा (4)
नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता
(3)
मंडी का नाम (2)
क्रमांक (1)
1
शहडोल ( 1 ) श्री वीकेश अग्रवाल पिता स्व. बद्रीप्रसाद अग्रवाल, निवासी शहडोल , म.प्र.
(2) श्री जीत लाल पटेल, निवासी ग्राम चुनिया, तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल, म.प्र.
11-1 (घ)
11-1 (घ) 2999 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
(4)
(3)
(2)
(1)
11-1 (च) (3 ) श्री वी. के. शर्मा, ग्रा. कृ. वि. अ. , शहडोल, म.प्र. कार्यालय उप संचालक, कृषि, शहडोल , म.प्र.
11--1 (झ) (4) श्री मार्तण्ड प्रताप त्रिपाठी, अध्यक्ष, जिला भूमि विकास बैंक, शहडोलन, निवासी बलपुरवा रोड, शहडोल, म. प्र.
11-1(ज्ञ) ( 5 ) श्री श्यामलाल कोल पिता नान्हू कोल, सदस्य जिला पंचायत शहडोल, निर्वाचन क्षेत्र क्र. 12 , निवासी ग्राम पोस्ट अमरहा, जिला शहडोल, म.प्र.
11-1(घ) 2 बुढार
(1 ) श्री उपेन्द्र सिंह पिता स्व. उमानाथ सिंह , ग्राम पोस्ट केशवाही, जिला शहडोल , म.प्र .
11-1 (घ) ( 2 ) श्री अशोक कुमार सिंह पिता श्री लाल कुंवर बहादुर सिंह, ग्राम चितरौडी, जिला शहडोल, म.प्र .
11-1 (च) (3 ) श्री एस. बी. सिंह, ग्रा. वी. अ. , बुढार, जिला शहडोल
11-1 (झ) (4) श्री मार्तण्ड प्रताप त्रिपाठी, अध्यक्ष , जिला भूमि विकास बैंक, शहडोलन, निवासी बलपुरवा रोड, शहडोल , म.प्र.
11-1(ज्ञ) (5) श्री श्याम लाल सिंह पिता भजन सिंह , निवासी ग्राम सगराटोला, पोस्ट रूपौला, जिला शहडोल, म.प्र.
3 ब्यौहारी
11-1 (घ) (1 ) श्री ओमप्रकाश पटेल, एडवोकेट, ग्राम पोस्ट बराछ, तहसील ब्यौहारी , जिला शहडोल , म.प्र.
11-1 (च) (2) श्री आर. पी. सिंह , ग्रा. वि. अ. , ब्यौहारी
11-1 (झ) (3 ) श्री उपेन्द्र सिंह, निवासी शिवमंगलम विलकुडा हाउस सूखा पोस्ट ब्यौहारी , जिला शहडोल, म.प्र.
11-1 (ज्ञ) (4 ) श्री सुधीर पाण्डेय पिता श्री भीमसेन पाण्डेय , ग्राम पोस्ट अमझोर, तहसील जयसिंहनगर, जिला शहडोल, म.प्र.
अशोक कुमार भार्गव, कलेक्टर.
[ भाग 1 3000
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्था. निर्वा. ) , जिला टीकमगढ़, मध्यप्रदेश
टीकमगढ़, दिनांक 30 सितम्बर 2014
क्र. स्था. निर्वा.- मंडी निर्वा.- 2014-421.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, केदार शर्मा , कलेक्टर, टीकमगढ़ मंडी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( घ) के अनुक्रम में मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी ( लोकसभा तथा विधान सभा सदस्य की मंडी समिति में सदस्यता तथा प्रतिनिधि का नाम निर्देशन ) नियम, 2010 के अन्तर्गत टीकमगढ़ जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मंडी समितियों के लिये एतद्वारा प्रतिनिधि नामनिर्दिष्ट करता हूं :-
मंडी अधिनियम की धारा मंडी का नाम
क्रमांक
नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता
(4)
(3)
(2)
(1)
11(1) (घ) 1.
श्री राकेश गिरि, रौरईया दरबाजा, टीकमगढ़
टीकमगढ़
11(1 ) (घ) श्री मनीराम तिवारी , ग्राम मोखरा , पो. बडागांव धसान, जिला टीकमगढ़
11 (1) ( ङ) श्री महेश प्रसाद ब्यास, वानपुर दरवाजा , टीकमगढ़ (म.प्र. )
11(1) (च) सहायक मृदा सर्वेक्षण अधिकारी , टीकमगढ़ (म.प्र. )
रिक्त
11(1) (ज) रिक्त
11(1) (झ)
11(1) (त्र) श्रीमती सुधा राय, आर -10 डी, सिविल लाईन, टीकमगढ़ ( म.प्र. )
2.
11(1) (घ) निवाड़ी
डॉ. श्री वीरेन्द्र कुमार, सांसद, सिविल लाईन, टीकमगढ़
11(1) (घ) श्री अनिल जैन , विधायक, 46 - निवाड़ी
11 (1) ( ड़) श्री लोकेश तिवारी , निवाड़ी
11 ( 1 ) (च) वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी , निवाड़ी, जिला टीकमगढ़
रिक्त
11(1) (ज) रिक्त
11(1) (झ)
11(1) (त्र) श्री वीरेन्द्र राय , आर -10 डी, सिविल लाईन, टीकमगढ़ ( म.प्र. )
11(1) (घ) जतारा
3.
डॉ. श्री वीरेन्द्र कुमार, सांसद, सिविल लाईन , टीकमगढ़
11 (1) (घ) श्री इदरीश मुहम्मद, जतारा ( म.प्र. )
11(1 ) ( ड़) श्री पवन कुमार जैन, जतारा ( म.प्र. )
11(1 ) (च) ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी , देवराहा, जिला टीकमगढ़ ( म.प्र. )
रिक्त
11(1 ) (ज) भाग 1 ]
3001
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
(3) (2)
(1)
रिक्त
4.
खरगापुर
श्री दयाराम राजपूत, ग्राम लडवारी बल्देवगढ़ , जिला टीकमगढ़ ( म.प्र. )
(4)
11(1) (झ)
11(1) (त्र)
श्रीमती मिथला, ग्राम व पोस्ट वैरवार, एम.पी.ई.बी. आफिस के पास , जतारा
11(1) (घ)
11 (1 ) (घ)
श्री मोहन रैकवार , वार्ड नं. 14, खरगापुर, जिला टीकमगढ़
श्री हरीराम राय , खरगापुर, जिला टीकमगढ़
11(1 ) (ड़)
11(1) (च)
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, खरगापुर, जिला टीकमगढ़
रिक्त
रिक्त
श्रीमती प्रीति, ग्राम व पोस्ट भेलसी , जिला टीकमगढ़ (म.प्र. )
पलेरा
5.
11(1 ) (ज)
11(1 ) (झ)
11(1 ) (त्र)
11 (1) (घ)
श्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, सांसद, सिविल लाईन , टीकमगढ़
11 (1 ) (घ)
श्रीमती जमना कुशवाहा, ग्राम आलमपुरा, तहसील पलेरा, जिला टीकमगढ़
श्री भजनलाल राय, पलेरा , जिला टीकमगढ़
11 (1) (ड़)
11 (1) ( च)
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी , पलेरा, जिला टीकमगढ़
रिक्त
रिक्त
श्री राकेश अहिरवार, ग्राम व पोस्ट जेवर, जिला टीकमगढ़ ( म.प्र . )
11(1 ) (ज)
11(1 ) (झ)
11(1 ) (ञ)
केदार शर्मा, कलेक्टर .
राज्य शासन के आदेश
विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल, दिनांक 5 सितम्बर 2014
फा. क्र. 17 ( ई ) 43 /2009-2582 - इक्कीस - ब ( एक ) -14.- ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 ( 2009 का 4 ) की धारा 5 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से , एतद्वारा, इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 17 (ई ) 43-2009-2251 - इक्कीस - ब( एक ) -13 , दिनांक 10 मई 2013 में निम्नलिखित संशोधन करता है :-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में , सारणी में, अनुक्रमांक 22 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं :-
सारणी
न्यायाधिकारी का नाम
पदस्थापना अनुक्रमांक
का स्थान
(3) (1)
(2)
दतिया " 22 श्री विकास शुक्ला,
तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2.
मध्यवर्ती स्तर की
सिविल जिले
का नाम
पंचायत के लिए
ग्राम न्यायालय के मुख्यालय
का नाम
ग्राम न्यायालय
का नाम
(6) (4)
दतिया"
(5) दतिया
दतिया [ भाग 1 3002
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
F. No. 17 (E)43-2009-2582 - XXI - B ( 1 ) -14 . In exercise of the powers conferred by Section 5 of the Gram Nyayalayas Act , 2008 (No. 4 of 2009 ) , the State Government , in consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby makes the following amendment in this Department's Notification F. No. 17 (E) 43-2009-2251- XXI - B ( 1 ) -13 , dated 10th May 2013 , namely:-
AMENDMENT
In the said Notification , in the table, for serial number 22 and entries relating thereto the following serial number and entries relating thereto , shall be substituted , namely :-
TABLE
S.No. Name of Nyayadhikari
Name of Civil District
Place of Posting
Name of Gram Nyayalaya for Panchayat at Intermediate level
Name of Headquarter ofGram Nyayalaya
(6)
(5)
(3)
(4)
(2)
(1)
Datia"
Datia
Datia
Datia
"22. Shri Vikash Shukla , IIIrd Civil Judge , Class - II .
फा. क्र. 17 ( ई ) 43-2009-2663 - इक्कीस- ब ( एक ) 14.- ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 ( 2009 का 4 ) की धारा 5 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से, एतद्वारा इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 17 (ई ) 43-2009-2251- इक्कीस- ब( एक ) -13, दिनांक 10 मई 2013 में निम्नलिखित संशोधन करता है :-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में, सारणी में, अनुक्रमांक 17 , 35 एवं 36 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं :-
सारणी
न्यायाधिकारी का नाम
अनुक्रमांक
सिविल जिले का नाम
पदस्थापना का स्थल
ग्राम न्यायालय के मुख्यालय का नाम
मध्यवर्ती स्तर की पंचायत के लिए ग्राम न्यायालय का नाम
(6)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
बिजावर
बिजावर
बिजावर
"17
छतरपुर
श्री प्रणयदीप ठाकुर, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 .
होशंगाबाद
होशंगाबाद
होशंगाबाद
होशंगाबाद
35 श्री धमेन्द्र सोनी, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 .
36
होशंगाबाद
सोहागपुर"
सोहागपुर
सोहागपुर
श्री आशीर्वाद भिलाला, व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 .
F. No. 17 (E) 43-2009-2663 - XXI - B ( 1 ) -14. In exercise of the powers conferred by Section 5 of the Gram Nyayalayas Act , 2008 (No. 4 of 2009 ) , the State Government , in consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby makes the following amendment in this Department's Notification F. No. 17 (E) 43-2009-2251 - XXI- 3003 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
B( 1 ) , 13 , dated 10th May 2013 , namely : --
AMENDMENT
In the said Notification , in the table , for serial number 17 , 35 and 36 and entries relating thereto the following serial number and entries relating thereto , shall be substituted , namely:-
TABLE
S.No. Name of Nyayadhikari
Name of Civil District
Place of Posting
Name of Gram Nyayalaya for Panchayat at Intermediate level
Name of Headquarter ofGram Nyayalaya (6)
(5)
(2)
(3)
Bijawar
Bijawar
Bijawar
(4) Chhatarpur
(1) " 17 Shri Pranaydeep Thakur, Ist Civil Judge , Class - I .
Hoshangabad Hoshangabad
Hoshangabad
Hoshangabad
35 Shri Dharmendra Soni , Ist Civil Judge , Class - II .
Sohagpur"
Hoshangabad
Sohagpur
Sohagpur
36 Shri Ashirwad Bhilala , Civil Judge , Class - I .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, हस्ता./- सचिव.
महिला एवं बाल विकास विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 22 सितम्बर 2014
क्र. 1700-1269-14- पचास- 2.- किशोर न्याय ( बालकों की देख - रेख और संरक्षण) अधिनियम , 2000 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये राज्य सरकार, एतद्वारा , नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में यथाविनिर्दिष्ट निम्नलिखित किशोर न्याय बोर्ड का गठन, कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये करती है और उक्त अधिनियम के अधीन ऐसे बोर्ड को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा कर्त्तव्यों का निर्वहन करने के प्रयोजनों के लिए, उसके ( अनुसूची के ) क्रमशः ( 4 ) में यथाविनिर्दिष्ट सामाजिक कार्यकर्ताओं को नियुक्त करती है अर्थात् : -
अनुसूची
सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम
जिलों के नाम
क्र.
किशोर न्याय बोर्ड और उसका मुख्यालय
(3)
रतलाम
(4) 1. श्री जयकिरण शर्मा, सदस्य (1) 1.
(2) रतलाम
No. 1700-1269-14 - L - 2.- In exercise of the power conferred by sub - section ( 1 ) and (2) of Section 4 of the Juvenile Justice ( Care & Protection of Children ) Act 2000 the State Government hereby constitute the following Juvenile Justice Board as specified in the column (2) of the schedule below, for the District as specified in column (3) and appoints Social Workers as specified in the column (4) respectively thereof for the purpose of exercising of the powers and discharging the duties conferred on such Board under the said Act , namely : -
SCHEDULE
Name of the Honorary Social Workers S.No. Name of the Juvenile Justice (1) Board & its Head Quarter (2)
Jurisdiction
(Revenue District)
(3)
Ratlam
(4) 1. Shri Jaikiran Sharma 1
Ratlam
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. एल. करयाम, उपसचिव.
3004
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
पर्यटन विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल , दिनांक 4 अक्टूबर 2014
क्र. एफ. 16-1-2008- तैंतीस. - राज्य शासन एतद्वारा " पर्यटन विभाग को आवंटित शासकीय भूमियों का नीलामी द्वारा निवर्तन की नीति 2008 ( यथा संशोधित 2014 ) " जारी करता है. यह संशोधित नीति अधिसूचित होने की तिथि से प्रभावशील होगी.
संलग्न-नीति ( परिशिष्ट-एक )
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
हरि रंजन राव, सचिव.
परिशिष्ट-एक पर्यटन विभाग को आवंटित शासकीय भूमियों का नीलामी द्वारा निवर्तन की नीति 2008 ( यथा संशोधित 2014 ) राज्य शासन, प्रदेश में प्रचलित पर्यटन नीति में उल्लेखित उद्देश्यों की पूर्ति व पर्यटन विकास के लिए, पर्यटन विभाग को आवंटित नजूल, बाह्य नजूल अथवा ग्रामीण क्षेत्र की भूमियों के नीलामी द्वारा निवर्तन किए जाने के संबंध में निम्नानुसार प्रावधान एतद्वारा किए जाते हैं : -
1. सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रदेश में प्रचलित पर्यटन नीति में उल्लेखित उद्देश्यों की पूर्ति व पर्यटन विकास के लिए पर्यटन विभाग को शासकीय भूमि निःशुल्क आवंटित कर अन्तरित की जाएगी. आवंटित भूमियों को पर्यटन नीलामी द्वारा निवर्तन निम्नानुसार किया जाएगा :-
1.1 तद्नुसार अंतरित एवं आवंटित भूमि के निवर्तन हेतु पर्यटन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम ( जिसे आगे निगम कहा जावेगा ) , को प्रोसेस मैनेजर नियुक्त किया जावेगा. प्रोसेस मैनेजर के बतौर निगम द्वारा मुख्यतः व्यावसायिक सलाहकारों का चयन, विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन ( D.P.R. ) तैयार करना अभिरूचियों जागृत करना (E.O.I. ) पारदर्शी रूप से नीलामी प्रक्रिया संचालित करना आदि शामिल होगा. व्यावसायिक सलाहकार से आवश्यकतानुसार निविदा दस्तावेज एवं शर्तें अथवा अभिरूचि अभिव्यक्ति ( E.O.I. ) के दस्तावेज भी तैयार करवाए जावेंगे . प्रोसेस मैनेजर द्वारा उक्त दायित्वों का निर्वहन निम्नानुसार किया जाएगा :-
पर्यटन विभाग को अन्तरित भूमि की पहचान , चिन्हान्कन एवं उसके संबंध में इस ज्ञाप में निर्धारित तदस्तावेजों को तैयार करने के लिए निम्नानुसार " परीक्षण समिति " गठित की जाती है : -
अध्यक्ष (I) प्रबंध संचालक, पर्यटन विकास निगम
सदस्य संबंधित जिला-कलेक्टर अथवा उनके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि
(II)
सदस्य ( III) संबंधित संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेशन विभाग अथवा उनके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि.
सदस्य सचिव.
(IV) इस कार्य को संपादित करने हेतु तकनीकी योग्यता रखने वाले अधिकारी (संचालक, टी.पी.यू. ) .
1.1.2 उपरोक्त समिति अन्तरित भूमि का स्वामित्व पर्यटन विभाग के पक्ष में राजस्व विभाग के अभिलेखों में होने की पुष्टि उपरान्त, इस भूमि के चिन्हांकन, भू- उपयोग , रकबा , वाद - विवाद आदि बावत् जानकारी तैयार कर, " परिशिष्ट - एक " में वांछित प्रतिवेदन पर्यटन विभाग को प्रेषित करेगी.
3005 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
1.1.3 व्यावसायिक सलाहकार का चयन निगम द्वारा किया जावेगा तथा इसके उपरान्त व्यावसायिक सलाहकार के माध्यम से प्रश्नाधीन अन्तरित भूमि पर पर्यटन विकास संबंधी गतिविधि हेतु आवश्यकता अनुसार विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR ) निविदा दस्तावेज एवं शर्तें अथवा अभिरूचि अभिव्यक्ति आमंत्रित ( EOI ) संबंधी दस्तावेज तैयार करवाया जायेगा.
1.1.4 " परीक्षा समिति " उपरोक्तानुसार तैयार किए गए दस्तावेजों में जहां आवश्यक हो , यह भी अनुशंसित कर सकेगी , कि सफल निविदाकर्ता का आधिपत्य प्राप्त करने की तिथि से एक वर्ष के भीतर कौन- कौन से कार्य भौतिक तौर पर संपादित करना अनिवार्य रहेगा. ऐसी चिन्हित भूमि पर पर्यटन संबंधी गतिविधि विशेष संचालित किए जाने के संबंध में स्थानीय निकाय, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग यथास्थित लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग , पुलिस विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण मण्डल आदि से अनापत्ति प्रमाण - पत्र भी प्राप्त किया जावेगा. समिति से अपेक्षा है कि वह भूमि के उपयोग , स्वामित्व एवं आरक्षित मूल्य के निर्धारण के संबंध में तथा अन्य समस्त बिन्दुओं का भली- भांति परीक्षण कर ले ताकि राज्य शासन की अनुमति के पश्चात् इस भूमि पर एवं उस पर क्रियान्वित होने वाली गतिविधि के संबंध में कोई विवाद न रहे . तत्पश्चात् प्रत्येक मामले में परीक्षण समिति अपना प्रतिवेदन परिशिष्ट -1 में तैयार कर सुसंगत अभिलेखों के साथ भूमि के निराकरण की अनुमति हेतु पर्यटन विभाग को प्रेषित करेगी.
1.2 आरक्षित मूल्य की गणना निम्नानुसार की जावेगी: -
1.2.1 भूमि का आरक्षित मूल्य ( Upset Prise ) निर्धारित करने के लिए अचल संपत्ति के संव्यवहारों में मुद्रांक शुल्क व पंजीयन शुल्क हेतु जिला कलेक्टर द्वारा जारी कलेक्टर गाईड लाईन में निर्धारित प्रति हेक्टेयर की दर ( तत्सदृश्य भूमि के लिए) को उपयोग में लाया जायेगा.
1.2.2 आरक्षित मूल्य की गणना निम्नानुसार होगी : -
भूमि का कुल क्षेत्रफल × 50 प्रतिशत कलेक्टर गाईड लाईन में निर्धारित प्रति हेक्टेयर की दर ( तत्सदृश्य भूमि के लिए ) 1.2.3 उक्त भूमि का भू- भाटक ( Lease Rent ) भूमि आवंटन हेतु स्वीकार किये गये प्रीमियम का एक प्रतिशत वार्षिक होगा.
भूमि पर भू- भाटक, पट्टा विलेख के निष्पादन की तारीख के बाद की अप्रैल माह की प्रथम तारीख से या उस तारीख से जबकि प्रस्तावदाता भूमि को अपने कब्जे में ले. इनमें से जो भी पहले की हो , प्रारंभ होने वाले वित्तीय वर्ष से देय होगा.
1.2.4 प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की अध्यक्षता में गठित " परीक्षण समिति " ( कंडिका 1.1.1 के अनुसार ) द्वारा अपना प्रतिवेदन तैयार कर सुसंगत अभिलेखों के साथ भूमि के निराकरण की अनुमति हेतु प्रशासकीय विभाग ( पर्यटन विभाग ) को प्रेषित किया जाएगा, जिसकी प्रशासकीय स्वीकृति विभाग द्वारा दी जावेगी .
2. पर्यटन विभाग से उक्त भूमि के निवर्तन की अनुमति प्राप्त कर, निगम के प्रबंध संचालक, अभिरूचि अभिव्यक्ति आमंत्रण ( EOI ) निविदा आमंत्रण का विज्ञापन प्रसारित करेगा. अभिरूचि अभिव्यक्ति आमंत्रण/निविदा आमंत्रण सूचना में प्रस्ताव जमा करने के लिए न्यूनतम 30 दिन का समय दिया जावेगा. यह कार्यवाही निम्नानुसार की जावेगी :-
2.1 निविदा आमंत्रण/अभिरूचि अभिव्यक्ति आमंत्रण भूमि के नीलामी द्वारा निवर्तन की सूचना का प्रकाशन निगम द्वारा आवश्यकतानुसार देश/प्रदेश के मुख्य समाचार पत्रों में किया जाएगा. व्यापक प्रचार- प्रसार के लिए सूचना का प्रकाशन दोहराया भी जा सकता है . अन्य विश्वसनीय तरीके से इस तथ्य का व्यापक प्रचार- प्रसार निगम द्वारा कराया जाएगा कि भूमि की बिक्री नीलामी द्वारा की जानी है . सूचना का प्रकाशन निगम विभाग की वेबसाईट पर भी किया जाएगा तथा निविदा दस्तावेज निगम के वेबसाईट से भी डाउनलोड किया जा सकेगा.
निविदा की सूचना का प्रारूप " परिशिष्ट-2 " में संलग्न है . इस प्रारूप में परियोजना के अनुसार आवश्यक संशोधन, प्रबंधन संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा किया जा सकेगा.
[ भाग 1 3006
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
2.2 अभिरूचि अभिव्यक्ति आमंत्रण ( EOI ) अथवा निविदा आमंत्रण के आधार पर प्राप्त प्रस्तावों का आवश्यक परीक्षण निगम स्तर पर किया जावेगा. इन प्रस्तावों पर परीक्षण हेतु प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की अध्यक्षता में निम्नानुसार " मूल्यांकन समिति " गठित की जाती है :-
अध्यक्ष 1. प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम
सदस्य 2. प्रमुख सचिव, वित्त विभाग द्वारा नामांकित प्रतिनिधि
सदस्य 3. परियोजना के व्यावसायिक सलाहकार
सदस्य 4. निगम के चार्टर्ड एकाउण्टेंट/ वित्त प्रबंधक
सदस्य-सचिव.
5. इन कार्यवाहियों एवं प्रक्रिया संबंधी तकनीकी योग्यता रखने वाले अधिकारी (संचालक टी.पी.यू. ) .
2.3 अभिरूचि अभिव्यक्ति आमंत्रण ( EOI ) के आधार पर प्राप्त प्रस्तावों के परीक्षण हेतु उक्त समिति द्वारा इस परियोजना विशेष हेतु नियुक्त व्यावसायिक सलाहकार का अभिमत प्राप्त कर Pre- condition / Eligibility Criterion के मापदण्ड निर्धारित करेगी . इन मापदण्डों के आधार पर मूल्यांकन समिति ( EOI ) के तहत प्राप्त प्रस्तावों के परीक्षण उपरान्त पात्र इच्छुक आवेदकों के मध्य निर्धारित निविदा शर्तों एवं प्रावधानों के तहत वित्तीय प्रस्ताव बुलाए जाने की कार्यवाही करेगी. इस परीक्षण के तहत पाए गए पात्र इच्छुक आवेदकों को Request for Proposal दस्तावेज प्रेषित किया जाकर, इन पात्र आवेदकों के मध्य समिति प्रतिस्पर्धा के तहत् निर्धारित निविदा शर्तों एवं प्रावधानों के अनुसार, प्रस्ताव प्राप्त किए जा सकेंगे.
2.4 (EOI ) अथवा सीधे निविदा आमंत्रण से प्राप्त वित्तीय प्रस्तावों का आवश्यक परीक्षण उक्त " मूल्यांकन समिति " करेगी तथा प्रशासकीय विभाग को परिशिष्ट -3 में अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी.
2.5 निगम द्वारा निविदा दस्तावेज ( EOI ) सूचना आदि में अगर इस बात का उल्लेख किया जाएगा कि अधिपत्य प्राप्ति की तिथि से एक वर्ष के भीतर स्थल पर सफल प्रस्तावकर्ता द्वारा कौन- कौन से कार्य भौतिक तौर पर संपादित किए जाएंगे तो इस का विवरण पट्टे में भी किया जा सकेगा. ऐसे कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण न होने की दशा में युक्ति- युक्त कारण दर्शाते हुये अधिकतम दो बार 6-6 माह की अवधि के लिए समय - सीमा बढ़ायी जा सकती है . उक्त अवधि समाप्त होने के उपरांत भी कार्य पूर्ण न होने की दशा में पट्टा निरस्त किया जा सकेगा और समस्त राशियों राजसात हो जावेगी .
2.6 " मूल्यांकन समिति" उपरोक्तानुसार वित्तीय प्रस्ताव अपनी अनुशंसा सहित निर्णय के लिए प्रशासकीय विभाग ( पर्यटन विभाग ) को प्रेषित करेगी.
2.7 " मूल्यांकन समिति " के वित्तीय प्रस्ताव प्राप्ति के 45 दिन के भीतर प्रशासकीय विभाग प्रस्ताव स्वीकृत/ अस्वीकृत करने के संबंध में अंतिम निर्णय लेकर पर्यटन निगम को सूचित करेगी अन्यथा उच्चतम प्रस्तावदाता को यह अधिकार होगा कि वह उसके द्वारा जमा कराई गई धरोहर राशि वापस लेते हुए निविदा से बाहर हो जाए.
2.8 प्रथमं उच्चतम के अलावा शेष प्रस्तावदाताओं की धरोहर राशि निगम द्वारा वित्तीय प्रस्ताव राज्य सरकार को प्रेषित करने के तत्काल बाद वापस कर दिए जाएंगे.
2.9 निगम द्वारा राज्य शासन से निविदा स्वीकृति की सूचना प्राप्त होने पर निगम सफल निविदाकार को इस स्वीकृति की सूचना देगा. उक्त सूचना प्राप्त होने के 90 दिन के भीतर ( धरोहर राशि समायोजन पश्चात्) शेष राशि प्रस्तावदाता को जमा करना आवश्यक होगा. 90 दिन के भीतर राशि न जमा कराने पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से न्याय हित में अधिकतम 3 माह का समय और दिया जावेगा.
2.10 यदि निर्धारित समयावधि में शेष राशि जमा नहीं की जाती है तो युक्ति युक्त कारण के साथ राशि जमा करने हेतु एक अवसर विशेष अनुमति के साथ एक माह का समय दिया जाएगा. यदि उक्त समय में भी शेष राशि जमा नहीं की जाती तो धरोहर राशि राजसात करते हुए आवंटन कार्यवाही निरस्त कर दी जाएगी और भूमि की पुनः नीलामी की जाएगी और यदि पुनः नीलामी से प्राप्त रकम व्यतक्रमी ( Defaulter ) खरीददार द्वारा लगाई गई प्रीमियम बोली की रकम से कम हो, तो अन्तर की रकम उस व्यक्ति से भू- राजस्व की बकाया के रूप में वसूल की जाएगी .
3007 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
2.11 भूमि निवर्तन के प्रत्येक मामले में ' निगम ' प्राप्त समस्त राशियाँ , शासकीय कोष में जमा करेगा. भूमि निवर्तन के प्रत्येक मामले में प्रोसेस मैनेजर के बतौर ' निगम ' को उसके द्वारा उपलब्ध कराई गई सेवाओं के लिए एक निश्चित ( Fixed Amount ) राशि सेवा शुल्क ( Service Fee ) बतौर रुपये 10.00 लाख राज्य सरकार से प्राप्त होगी.
2.12 समस्त राशियों राजस्व विभाग के आय शीर्ष में जमा होने पर पर्यटन विभाग द्वारा प्रस्तावदाता के पक्ष में पट्टाविलेख निष्पादित किया जाएगा, जिसे प्रस्तावदाता स्वयं के व्यय पर भारतीय मुद्रांक अधिनियम के प्रावधानानुसार 90 दिन के भीतर पंजीकृत करवाएगा. यथास्थिति पंजीकृत पट्टाविलेख की प्रमाणित सत्य प्रतिलिपि पर्यटन विभाग को प्रस्तुत किए जाने पर भू- पट्टा विलेख का कब्जा निगम द्वारा क्रेता को सौंपा जाएगा. लीज शर्तों के तहत पट्टाविलेख का प्रारूप परिशिष्ट-4 संलग्न है.
2.13 राज्य सरकार को किसी भी प्रस्ताव को बिना कोई कारण बताए स्वीकृत करने अथवा अस्वीकृत करने का अधिकार होगा. इस संबंध में राज्य सरकार का अंतिम निर्णय प्रस्तावदाताओं को मान्य होगा .
2.14 निगम को सेवा शुल्क का भुगतान विभागीय बजट के माध्यम से किया जावेगा.
2.15 पट्टाविलेख निष्पादित करने के लिए पर्यटन विभाग के प्रतिनिधि के रूप में प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम को अधिकृत किया जाता है.
2.16 पट्टाविलेख में संशोधन हेतु पर्यटन नीति 2010 के अंतर्गत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समन्वय समिति अधिकृत होगी.
संलग्न-उपरोक्तानुसार.
परिशिष्ट- एक
परीक्षण समिति का प्रतिवेदन
(देखें कण्डिका 1.1 )
कार्यालय प्रबंध संचालक , मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम , भोपाल,
दिनांक क्रमांक
तहसील
.. , रकबा
नम्बर पर्यटन विभाग को, प्रदेश में प्रचलित पर्यटन नीति में, उल्लेखित उद्देश्यों की पूर्ति एवं पर्यटन विकास के लिए खसरा नंबर/ नजूल शीट आवंटित की गई है. कलेक्टर जिला ;जिला , पर प्रतिस्थापित होने वाली भूमि निःशुल्क को किया के द्वारा इस भूमि का अन्तरण पर्यटन विभाग , को दिनांक जा चुका है. प्रशासकीय विभाग अर्थात् पर्यटन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम को प्रोसेस मैनेजर नियुक्त किया गया है ताकि निगम द्वारा निवर्तन संबंधी सम्पूर्ण प्रक्रिया, प्रशासकीय विभाग से अनुमोदन प्राप्त कर सम्पन्न कराई जा सके.
मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम को प्रोसेस मैनेजर के रूप में सौंपे गए दायित्व के तारतम्य में, आज दिनांक को प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई , जिसमें निम्नांकित अधिकारी उपस्थित हुए : - 1.
2.
3.
4.
5.
2. उक्त बैठक में,
जिले में स्थित , पर्यटन विभाग को आवंटित निम्नानुसार भूमियों के चक ( ब्लॉक ) का, पर्यटन के क्षेत्र में अधिकतम दोहन किये जाने हेतु नीलामी द्वारा निवर्तन के लिए अनुशंसा की गई.
[ भाग 1 3008
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
तालिका-'अ'
स.क्र.
भूमि की वर्तमान में मौके की स्थिति इस चक में शामिल खसरा नं . एवं रकबा
राजस्व ग्राम जहां भूमि की चक स्थिति
भूमि के चक का कुल रकबा
भूमि के चक की चतुर सीमा
(6)
(3)
(4)
(5)
(1)
(2)
तालिका-' ब '
स.क्र.
चक में सम्मिलित
खसरा नम्बर
भूमिके चक का विवरण
कैफियत विवरण (कॉलम नं. 12 की प्रविष्टि)
कब्जेदार/ भूमि स्वामी का नाम एवं विवरण (खसरा पांच साला P- II Form के कॉलम नम्बर-3 की प्रविष्टि)
क्षेत्रफल एवं नोईयर (खसरा पांच साला P - II Form के कॉलम नम्बर -2 की प्रविष्टि) (खसरा नम्बरवार )
(5)
(6) (3)
(4)
(1)
(2)
3. उपरोक्त बिन्दु 2 में उल्लेखित भूमियों के चक का, प्रदेश में प्रचलित पर्यटन नीति में उल्लेखित उद्देश्यों की पूर्ति एवं पर्यटन विकास हेतु नीलामी से निवर्तन बावत् उपयुक्तता के संबंध में समिति द्वारा परीक्षण किया गया. इसके तहत इन भूमियों के भू- उपयोग , आरक्षित मूल्य, भूमियों का सीमांकन, भूमि पर विकास/निर्माण होने से शहर की मूलभूत सुविधा/ ड्रेनेज व्यवस्था पर प्रभाव आदि पर जानकारी प्राप्त की जाकर समिति के सभी उपस्थित सदस्यों को अवगत कराया गया. प्रश्नाधीन भूमि के चक पर विश्लेषणात्मक टीप निम्नानुसार है :-
क प्रदेश में प्रचलित पर्यटन नीति में उल्लेखित किस उद्देश्यों की पूर्ति हेतु, किस प्रकार की पर्यटन विकास संबंधी गतिविधि प्रश्नाधीन भूमि पर संचालित की जाना प्रस्तावित है :-
ख भूमि के चक में आने वाले खसरा नं. का नगर विकास योजना में चिन्हांकित भू-उपयोग . (यदि हो तो) .
ग अगर इस चक के भूमि का भू- उपयोग एक से अधिक प्रकार का हो तो भूमि का कितने क्षेत्रफल पर क्या- क्या भू- उपयोग है.
यह स्पष्ट किया जावे. उदाहरण बतौर अगर भू- उपयोग " आवास एवं मार्ग " है तो कितना क्षेत्रफल आवास के लिए निर्धारित है और कितना मार्ग के लिये , ये स्पष्ट किया जावे :-
घ निवेश क्षेत्र में अगर भूमि का किसी निश्चित प्रयोजन विशेष के लिए निवर्तन किया जाना हो तो उस प्रयोजन का विवरण प्रयोजन उपरोक्त बिन्दु ' क ' के अनुरूप होगा.
ङ नगर विकास योजना ना होने की स्थिति में अथवा निवेश क्षेत्र के बाहर समिति, नगर तथा ग्राम निवेश के परामर्श से, यह स्पष्ट करेगी की नीलामी किस प्रयोजन के लिए की जाना है . प्रयोजन उपरोक्त बिन्दु ' क ' के अनुरूप होगा.
3009 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
च भूमि पट्टाविलेख की अवधि
भूमि का आरक्षित मूल्य : - छ
ज भूमि पर वसूल योग्य वार्षिक भू- भाटक/भू- राजस्व
झ भूमि की नप्ती किये जाने की दिनांक
ट राजस्व अभिलेख में उल्लेखित रकबा एवं मौके पर नप्ती के तहत प्राप्त रकबे में अगर अन्तर है तो उसका कारण एवं विवरण : -
ठ मौके पर एवं राजस्व अभिलेख में भूमि का कब्जा/अधिपत्यधारी का विवरण :
ड भूमि पर कोई न्यायालयीन प्रकरण प्रचलित हो अथवा अन्य प्रकार का वाद- विवाद हो तो उसका विवरण ( अन्य नहीं हो निरंक करें ) .
ढ सीमांकन उपरान्त, मौके पर भूमि की चतुर सीमाओं पर मीनारे आदि सीमा चिन्हितिकरण हेतु लगा दिये गये हैं या नहीं.
प अगर भूमि के पास कोई नदी/नाला/नाली स्थित है, तो नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम एवं उसके तहत बने नियमों के प्रावधानों के तहत उपरोक्त जल संरचना की वर्तमान सीमा से निर्धारित भूमि की चौड़ाई छोड़ी गई है अथवा नहीं.
फ भूमि की लोकेशन , क्षेत्रफल एवं महत्व को देखने हुए, इसके आवंटन हेतु निविदा में भाग लेने वाले आवेदकों/निविदाकारों की प्रस्तावित नेटवर्थ (रुपये में) .
ब निर्धारित पर्यटन संबंधी गतिविधि के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) इस प्रतिवेदन के साथ संलग्न किया गया है अथवा नहीं.
भ तैयार किये गए DPR के आधार पर, निविदा दस्तावेज एवं निविदा शर्तों का प्रारूप संलग्न है अथवा नहीं.
म अभिरूचि अभिव्यक्ति आमंत्रण ( EOI ) अथवा निविदा आमंत्रण ( NIT ) सूचना का प्रारूप संलग्न है अथवा नहीं.
त सफल निविदाकर्ता को, अधिपत्य प्राप्त की तिथि से एक वर्ष के भीतर कौन- कौन से कार्य भौतिक तौर पर सम्पादित करना अनिवार्य रहेगा उसका विवरण :
थ प्रश्नाधीन परियोजना क्रियान्वयन हेतु स्थानीय निकाय , नगर एवं ग्राम निवेश विभाग , यथा स्थित लोक निर्माण विभाग , लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग , पुलिस विभाग आदि से अनापत्ति प्रमाण- पत्र प्राप्त कर, प्रतिवेदन के साथ संलग्न किया गया है अथवा नहीं ( जिन विभागों से अनापत्ति प्राप्त की जाकर संलग्न की गई है उनका नाम दिया जाये ) .
द संलग्न DPR में उल्लेखित परियोजना संबंधी प्रमुख बिन्दुओं का पृथक विवरण संलग्न है अथवा नहीं.
ध संलग्न निविदा दस्तावेज की तकनीकी निविदा में उल्लेखित प्रमुख प्रावधानों एवं प्रमुख निविदा शर्तों का विवरण संलग्न है या नहीं.
नोट.- 1. आरक्षित मूल्य एवं भू- भाटक की गणना का समिति द्वारा प्रमाणित, विस्तृत पत्रक पृथक से संलग्न करें. 2. प्रस्ताव भेजने से पहले नप्ती करना आवश्यक है.
[ भाग 1 3010
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
3. मीनारे स्थापित करना अनिवार्य है .
4. समिति प्रत्येक भूमि के नीलामी से आवंटन के प्रकरण में निविदाकारों को न्यूनतम नेटवर्थ क्या हो, का प्रस्ताव देंगे . प्रस्तावित नेटवर्थ इतनी ज्यादा न होवें कि प्रतिस्पर्धा में कमी हो तथा इतनी कम भी न हो कि Non- serious व्यक्ति इसमें भाग ले सकें. व्यावसायिक सलाहकार से इस बिन्दु पर अभिमत प्राप्त किया जा सकता है.
5. भूमि के मास्टर प्लान में भू- उपयोग अथवा मास्टर प्लान ना होने की स्थिति में , नगर तथा ग्राम निवेश के परामर्श से निर्धारित भू- उपयोग का प्रमाणीकरण , पृथक से संलग्न किया जावें. यह प्रमाणीकरण नगर तथा ग्राम निवेश की ओर से होना अनिवार्य है.
4. भूमि स्थाई पट्टे पर दिये जाने के संबंध में विश्लेषणात्मक टीप निम्नानुसार है :-
अगर समिति को यह प्रतीत होता है कि किसी स्थान पर कोई प्रयोजन विशेष निर्धारित करते हुए ही भूमि का निवर्तन 90 वर्ष की लीज पर किया जाएगा , तो वह तदानुसार की अनुशंसा " च " में अंकित करेगी. लीज डीड में निर्धारित प्रयोजन का उल्लेख कर उस प्रयोजन विशेष को पर्यटन विभाग द्वारा वास्तविक रूप से सुनिश्चित कराया जावेगा. उपयोग विशेष के तहत मल्टीप्लेक्स, दुकाने , होटल, स्कूल, अस्पताल आदि प्रकरण आते हैं. इसके निर्धारण में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग की भूमि महत्वपूर्ण है. नगर विकास योजना में निर्धारित भू- उपयोग के लिए अगर भूमि का निवर्तन करना चाहती है, तो ऐसे प्रकरण भू- स्वामी अधिकारों के तहत भूमि दिये जाने की श्रेणी में आयेंगे .
5. उक्त भूमियों के परीक्षण के दौरान नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से भू- उपयोग संबंधी जानकारी , विस्तृत सीमांकन प्रतिवेदन, भूमि का स्पष्ट नजरी नक्शा ( लोकेशन प्लान ) , खसरा नकल एवं नक्शा, अक्स, समिति द्वारा प्रमाणित भूमि के आरक्षित मूल्य एवं भू- भाटक/ भू- राजस्व संबंधी गणना- पत्रक, विभिन्न विभागों का यथास्थित परियोजना बावत् अनापत्ति क्रमांक पत्र एवं अन्य अभिलेख/ सहपत्र (अगर कोई हो तो ) संलग्न है .
संबंधी पर्यटन विकास गतिविधि के तहत नीलामी से निवर्तन अतः उपरोक्तानुसार बिन्दु क्रमांक 2 की तालिका ( अ ) में उल्लेखित भूमि सूची विवादों से मुक्त होकर पर्यटन विभाग के स्वामित्व एवं अधिपत्य की भूमियां हैं. इन भूमियों का बाबत् समिति अनुशंसा करती है.
हस्ताक्षर
हस्ताक्षर
हस्ताक्षर
हस्ताक्षर
प्रबंध संचालक
कलेक्टर
संयुक्त संचालक,
प्रबंध सचालक,
नगर तथा ग्राम निवेश
द्वारा प्राधिकृत मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन
अथवा उनके द्वारा
प्रतिनिधि.
अथवा उनके द्वारा
विकास निगम.
अधिकृत प्रतिनिधि.
अधिकृत प्रतिनिधि.
परिशिष्ट-दो कार्यालय , प्रबंध संचालक, पर्यटन विकास निगम, भोपाल
(देखें कण्डिका 2.1 )
भूमि नीलामी हेतु निविदा की सूचना
मध्यप्रदेश शासन की नीति अनुसार नीचे दर्शाए गए विवरणानुसार पर्यटन विभाग के स्वामित्व की भूमि को प्रतिस्पर्धात्मक निविदा पद्धति से नीलाम किया जाएगा :-
1. जिला
2. तहसील
3. पटवारी हल्का नं .
4. वार्ड क्रमांक ( नरीय क्षेत्र में ) 3011 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
भूमिका विवरण
लीज की अवधि स.क्र.
प्रयोजन
क्षेत्रफल
(हेक्टेयर/ वर्गमीटर)
खसरा क्रमांक/नजूल शीट क्रमांक एवं भूमि क्रमांक
(4)
(5)
(3)
(1)
(2)
5. (क) निश्चित प्रायोजन का विवरण जिसके लिए नीलाम किया जा रहा है
(ख) नगर विकास योजना में भूमि का भू- उपयोग
6. वार्षिक भू- राजस्व/भू- भाटक
7. आरक्षित मूल्य ( Upset Price )
8. भूमि की ( Location . ) का विवरण एवं वहां तक पहुंचने के मुख्य मार्गों एवं Landmarks का नक्शा निविदाएँ दो लिफाफा पद्धति से प्राप्त की जाएंगी. प्रथम लिफाफे में निविदाकर्ता पात्रता संबंधी जानकारी तथा आरक्षित मूल्य के 10 प्रतिशत राशि के बराबर धरोहर राशि बैंक ड्राफ्ट के रूप में रखे जाएंगे . निविदा के दूसरे लिफाफे में वित्तीय प्रस्ताव (ऑफर/ बिड) दी जाएगी. यह निविदाएं प्रबंध संचालक , मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के कार्यालय में स्थित कक्ष क्रमांक . .में दिनांक के कार्यालय के बजे, तक राशि रुपये . का ड्राफ्ट प्रस्तुत कर प्राप्त की जा सकती हैं. तदुपरान्त यह मुहरबन्द निविदाएं इस स्थान पर रखी गयी पेटी में दिनांक . के . बजे तक डाली जा सकेंगी.
जिला भूमि का नक्शा एवं अन्य अभिलेख तथा निविदा शर्तें, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल तथा कलेक्टर, के कार्यालय में एवं वेबसाईट . में देखी जा सकती हैं .
प्राप्त निविदाओं का, प्रथम लिफाफा दिनांक दिनांक को ....... बजे को बजे एवं वित्तीय बिड संबंधी दूसरा लिफाफा के कार्यालय में खोला जावेगा. इस दौरान संबंधित निविदाकार अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधि उपस्थित रह सकते हैं. प्रथम लिफाफे के तहत पात्रता की शर्तें एवं धरोहर राशि संबंधी शर्तों की पूर्ति कर रहे पात्र निविादकारों का ही दूसरा लिफाफा अर्थात् वित्तीय बिड खोली जावेगी.
हस्ताक्षर
(टीप ).- प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम को यह सुनिश्चित करना है कि उक्त निविदा की सूचना के साथ समाचार- पत्रों में प्रश्नाधीन भूमि का स्पष्ट एवं आकर्षित नजरीय नक्शा भी प्रकाशित करवाया जाये. इस हेतु एन.आई.टी. की प्लानिंग , " माध्यम " से कराई जाए ताकि कम से कम स्थान पर भूमि का नजरी नक्शा एवं उक्त निविदा की समस्त जानकारियां इस नक्शे के ऊपर एवं चारों तरफ प्रतिस्थापित की जा सकें. नजरी नक्शा संलग्न करने से भूमि का महत्व एन.आई.टी. में परिलक्षित होगा जिससे प्रतिस्पर्धा में बढ़ोतरी होगी एवं भूमि का अधिकतम मूल्य प्राप्त हो सकेगा. इस प्रारूप निविदा सूचना में उल्लेखित सभी बिन्दु अनिवार्यतः प्रकाशित किए जाएंगे . आवश्यकतानुसार इसमें और जानकारी जोड़ी जा सकेगी .
3012
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
पर्यटन विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 26 मई 2008 क्रमांक एफ 7-25/07/तैंतीस
प्रति,
प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल.
विषय.- मध्यप्रदेश में पर्यटन विकास हेतु पर्यटन विभाग को आवंटित शासकीय भूमि का नीलामी द्वारा निवर्तन.
संदर्भ.- इस विभाग का ज्ञाप क्रमांक 320/2008 /तैंतीस, भोपाल 23-02-2008 .
उपरोक्त विषय के संबंध में संदर्भित पत्र द्वारा शासकीय भूमि आवंटन नीति के संबंध में जारी नीति- निर्देशों में ( मेन बॉडी ) की कंडिका-1 से 2.14 में अर्नेस्ट मनी कितनी रखी जाए, इसका कोई उल्लेख नहीं है. इसका उल्लेख परिशिष्ट - दो " भूमि नीलामी हेतु निविदा की सूचना " में अवश्य किया गया है अर्नेस्ट मनी के संबंध में निम्न निर्णय लिया जाकर आंशिक संशोधन किया जाता है :-
" सामान्यतः अर्नेस्ट मनी आरक्षित मूल्य के 10 प्रतिशत के बराबर रखी जाएगी परन्तु ऐसे कारणों से, जिन्हें अभिलिखित किया जायेगा अर्नेस्ट मनी 10 प्रतिशत से कम भी की जा सकेगी".
कृपया पर्यटन विभाग को आवंटित नजूल , बाह्य नजूल अथवा ग्रामीण क्षेत्र के नीलामी द्वारा निवर्तन किये जाने के संबंध में संशोधित नीतिगत निर्णय अनुसार आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें.
हस्ता./-
(रेनूतिवारी ) उपसचिव मध्यप्रदेश शासन , पर्यटन विभाग .
परिशिष्ट-तीन निविदा दस्तावेजों का मूल्यांकन प्रतिवेदन (देखें कण्डिका 2.2 एवं 2.3)
पर्यटन विभाग के स्वामित्व की भूमि जो जिला एवं रकबा . नजूल शीट क्रमांक , तहसील , ग्राम पर प्रतिस्थापित होती है, पर पर्यटन विकास संबंधी के खसरा नम्बर/ गतिविधियों हेतु तैयार की गई परियोजना के तहत, नीलामी से निवर्तन की अनुमति मध्यप्रदेश शासन , पर्यटन विभाग के पत्र क्रमांक दिनांक द्वारा प्राप्त हुई हैं . तद्नुसार निर्धारित पर्यटन संबंधी गतिविधि हेतु उक्त भूमि की नीलामी के लिए परियोजना का उल्लेख करते हुए निविदा आमंत्रित सूचना ( एन.आई.टी. ) दिनांक को पर्यटन विभाग द्वारा अनुमोदित प्रारूप में, समाचार- में प्रकाशित की गई. ( अगर EOI के तहत् पात्र इच्छुक आवेदकों के मध्य सीमित प्रतिस्पर्धा के तहत् RFP दस्तावेज दिए जाकर, निविदाएं प्राप्त की गई हों, तो तद्नुसार इस पैरा एवं अगले पैरा में आवश्यक संशोधन किए जावें. इसमें , EOI के तहत् प्राप्त प्रस्तावों का, किन मापदण्डों के तहत् पात्रता/ अपात्रता का निर्धारण किया गया है, उसका विस्तृत विवरण दिया जावे ) . पत्र 3013 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
2. निविदा सूचना का प्रकाशन आयुक्त, कार्यालय संभाग
तथा स्थानीय निकाय
कलेक्टर, कार्यालय जिला कार्यालय के सूचना पटल पर भी सर्वसाधरण तहसील कार्यालय के जानकारी हेतु कराई गई है . प्रश्नाधीन भूमि पर भी एक नोटिस लगाकर इस बावत् सूचना अंकित कराई गई. नीलामी सूचना का प्रकाशन वेबसाइट पर किया गया तथा निविदा दस्तावेज वेबसाइट पर डाउनलोड करने की सुविधा कराई गई. निविदा प्राप्ति के लिए 30 दिवस के पश्चात् की तारीख नियत की गई.
3. (क) निविदा की प्राप्ति के लिए नियत की गई तारीख
की निविदायें प्राप्त हुयीं : - को अपरान्ह बजे तक निम्नलिखित निविदाकारों 1.
2.
3.
(ख ) उपरोक्त निविदाओं का पात्रता एवं धरोहर राशि संबंधी प्रथम लिफाफा' अ' दिनांक
को के कार्यालय में आयोजित मूल्यांकन समिति की बैठक में उपस्थित निविदाकारों के समक्ष खोला गया तथा धरोहर राशि एवं पात्रता संबंधी शर्त का परीक्षण किया गया . इस समिति की बैठक में निम्नानुसार अधिकारी उपस्थित हुए : -
1.
2.
3.
प्रत्येक निविदाकार द्वारा प्रस्तुत पात्रता संबंधी जानकारी एवं धरोहर राशि का कॉलमवार तुलनात्मक पत्रक, समिति द्वारा प्रमाणि इस प्रतिवेदन के साथ संलग्न है. इस तुलनात्मक पत्रक के आधार पर निम्न निविदाकार धरोहर राशि एवं पात्रता संबंधी शर्तों के तहत पात्र पाये गये :-
1.
2.
3.
इसी प्रकार निविदा के प्रथम लिफाफे के परीक्षण के तहत अपात्र पाये गये निविदाकारों की जानकारी मय अपात्रता के कारण सहित निम्नानुसार संलग्न है :-
अपात्रता का कारण (3) अपात्र पाये गये निविदाकारों का नाम एवं विवरण (2)
स.क्र. (1)
(ग ) उक्त कंडिका " ख " में निविदाओं के प्रथम लिफाफे' अ' जिसमें धरोहर राशि एवं निर्धारित पात्रता की शर्तों की जानकारी को के है, के परीक्षण उपरान्त पात्र पाये गये निविदाकारों का दूसरा लिफाफा ' ब ' अर्थात् वित्तीय बिड दिनांक कार्यालय में, समिति के सदस्यों के समक्ष खोला गया. इस समय निविदाकार अथवा उनके प्रतिनिधि भी उपस्थित थे . कंडिका " ख " के तहत पात्र निविदाकारों की वित्तीय बिड ( लिफाफा' ब ' ) खोले जाने के उपरान्त निम्नानुसार ऑफर पाया गया है : -
रिमार्क स.क्र.
(5)
भूमि के लिए आरक्षित किया गया
मूल्य अपसेट प्राईज
(3)
निविदाकार द्वारा ऑफर किया गया मूल्य (4)
(1)
निविदाकार का नाम एवं विवरण (2) [भाग 1 3014
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
4. उक्त कंडिका 3 " ख " में अपात्र पाये गये निविदाकारों का लिफाफा " अ " में अपात्र पाये गये निविदाकारों का लिफाफा " ब " अर्थात् वित्तीय बिड नहीं खोली गई. पात्र निविदाकारों के वित्तीय ऑफर के उपरोक्त अवलोकन से यह स्पष्ट है कि निविदाकार (नाम एवं विवरण ) के द्वारा प्रश्नाधीन भूमि, जो खसरा नम्बर/ नजूल शीट क्रमांक एवं भूमि क्रमांक पर प्रतिस्थापित होकर राजस्व ग्राम पर स्थित है, पर निर्धारित पर्यटन विकास संबंधी गतिविधि करने हेतु भूमि का अधिकतम ऑफर मूल्य रु. ... दिया है. अतः मूल्यांकन समिति सर्वसम्मति से अधिकतम ऑफर मूल्य के निविदाकार (नाम एवं विवरण ) के पक्ष में यह निविदा स्वीकृत/ अस्वीकृत करने की .., कुल रकबा . अनुशंसा करती है. ( अस्वीकृति के आधार स्पष्ट कर दें ) .
हस्ताक्षर
हस्ताक्षर
हस्ताक्षर
हस्ताक्षर
हस्ताक्षर
चार्टर्ड एकाउण्टेंट
संचालक,
प्रबंध सचालक,
व्यावसायिक सलाहकार
(नाम, पता)
प्रमुख सचिव, वित्त द्वारा नामंकित प्रतिनिधि.
मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम.
(नाम, पता) मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम.
( पर्यटन संवर्धन इकाई ) मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम.
परिशिष्ट-चार
पट्टा विलेख
(देखें कण्डिका 2.12 )
1. पक्षकार :
यह अनुबंध आज तारीख . माह सन्. राज्य पर्यटन विकास निगम , ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् पट्टाकर्ता कहा है ) और द्वितीय पक्ष इसके पश्चात् पट्टेदार कहा गया है ) के बीच किया गया है. को प्रथम पक्ष प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश (जिन्हें इसमें निगम द्वारा जारी निविदा प्रपत्र की शर्तें व सफल निविदाकर्ता द्वारा प्रस्तुत प्रपत्र भी पट्टा विलेख के भाग होंगे व उनका पालन न करने पर पट्टा विलेख निरस्त किया जा सकेगा.
2. प्रीमियम एवं भाटक :
रुपये के, जिसकी कि यह ( अनुबंध ) इस बात का साक्षी है कि पट्टेदार द्वारा प्रीमियम के रूप में सदाय किए गए प्राप्ति को पट्टाकर्ता एतद्वारा अभिस्वीकृत करता है और इसमें इसके पश्चात् आरक्षित किए गए भाटक के तथा पट्टेदार की ओर से की गई प्रसंविदाओं के, जो इसमें इसके पश्चात् अन्तर्विष्ट है, प्रतिफलस्वरूप है.
3. पट्टान्तरण :
पट्टाकर्ता एतद्वारा पट्टेदार को सीमाओं के भीतर जिले स्थित व सम्पूण भूमि जो माप में के ग्राम/नगर में उसकी नगर निगम/ नगरपालिका हेक्टेयर/वर्गमीटर है, जो इसके नीचे दी गई अनुसूची में अधिक विशिष्टतः वर्णित है तथा अधिक स्पष्टतः की दृष्टि से जिसकी सीमाएं इसके उपाबद्ध रेखांक में चित्रित की गई है और उसमें रंग से बतलाई गई है .
4. अवधि एवं प्रयोजन :
( नब्वेवें वर्ष, आने वाले वर्ष का उल्लेख किया इस अनुबंध की तारीख से प्रारंभ होने वाली तथा 31 मार्च सन् . जाए) को समाप्त होने वाली अवधि के लिए उसे धारण करने हेतु निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन रहते हुए, पर्यटन विकास संबंधी निम्नानुसार प्रयोजन के लिए पट्टांतरित किया जाता है :-
(1)
(2) 3015 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
" परन्तु यह की पट्टा निष्पादन से 30 वर्षों के अवसान पर राज्य शासन ऐसी अतिरिक्त शर्तों पर जो वह उचित समझे पट्टे के परियोजन में परिवर्तन करने की अनुमति दे सकेगा . "
5. भू-भाटक:
पट्टेदार प्रतिवर्ष जून के प्रथम दिन प्रबंध संचालक , मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के कार्यालय में समस्त कटौतियों से मुक्त रुपये वार्षिक भू- भाटक का संदाय करेगा और ऐसे संदायों में से पहला संदाय आगामी जून के प्रथम दिन किया जाएगा.
6. कर आदि :
पट्टेदार समय- समय पर उक्तावधि के दौरान समस्त समयों पर ऐसे समस्त रेटों, करों, प्रभारों तथा प्रत्येक प्रकार के निर्धारणों का संदाय तथा उन्मोचन करेगा, जो कि एतद्वारा पट्टारित की गई उक्त भूमि पर या उस पर निर्मित किया जाने वाले भवनों पर या उसके/ उनके संबंध में अभिधारी पर इस समय या एतद् पश्चात् उक्त अवधि के दौरान किसी भी समय निर्धारित प्रभारित या अधिरोपित किए जाएं.
7. निर्माण की कालावधि :
पट्टेदार इस पट्टे की तारीख से केलण्डर मास के भीतर निर्माण करना प्रारम्भ करेगा और इस पट्टे की तारीख से वर्ष के भीतर निर्माण करेगा तथा उसे बिल्कुल पूरा करेगा. पट्टेदार के लिए यह बाध्यकारी होगा कि वह भूमि का आधिपत्य प्राप्त होने की तिथि से एक वर्ष के भीतर निम्नानुसार कार्य भौतिक रूप से संपादित कर लेवें : -
(1)
(2)
आपेक्षित अधिसूचित कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण न होने की दशा में युक्ति- युक्त कारण दर्शाते हुये अधिकतम दो बार 6-6 माह की अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है. उक्त अवधि समाप्त होने के उपरान्त भी कार्य पूर्ण न होने की दशा में पट्टा निरस्त किया जा सकेगा और समस्त राशियां राजसात हो जावेंगी.
8. भवन का विनियमन :
उक्त भूमि पर किसी भवन के निर्माण पुनर्निर्माण या परिवर्तन के विषय में पट्टेदार तत्संबंधी विधि के उपबन्धों के तथा उन नियमों, उपविधियों एवं आदेशों के , जो कि उसके ( उक्त विधि के ) अधीन विधिपूर्वक बनाए गए/ बनाई गई हों तथा दिए गए हों और जो कि तत्समय प्रवृत्त हों, अध्यधीन रहेगा. वह भवनों, उनमें किए जाने वाले परिवर्तनों या उसमें की जाने वाली वृद्धियों के रेखांकों पर सक्षम प्राधिकारी का अनुमोदन अभिप्राप्त करने के लिए आबद्ध रहेगा.
9. सुमचित अनुरक्षण:
पट्टेदार उक्त अवधि के दौरान, उक्त भूमि तथा उस पर निर्मित भवनों को वास तथा उपयोग के योग्य दशा में रखेगा.
10. व्यापार या कारोबार :
वाणिज्यिक प्रयोजन के लिए दिए गए पट्टे के मामले में पट्टेदार पर्यटन विभाग की पूर्व अनुज्ञा के बिना परिसर पर कोई भी ऐसा व्यापार, कारोबार या क्रियाकलाप जिसके कि विनियमन के लिए तत्संबंधी विधि द्वारा या उसके अधीन तत्समय कोई उपबंध किया गया हो , न तो करेगा और ना ही किए जाने की अनुज्ञा देगा, परन्तु ऐसी अनुज्ञा पट्टेदार को उक्त विधि के अधीन ऐसी किन्हीं भी अपेक्षाओं की पूर्ति करने से छूट नहीं देगी, जिनके कि अध्यधीन वह रहेगा.
11. पट्टेदार परिसर पर कोई भी ऐसी व्यापार, कारोबार या क्रियाकलाप , जो कि इस प्रकार विनियमित न किया गया हो, कर सकेगा या किए जाने की अनुज्ञा दे सकेगा , किन्तु वह उसे बन्द करने के लिए उस दशा में आबद्ध होगा जबकि पट्टाकर्ता, पड़ोसियों की शिकायत पर अपना यह समाधान कर लेने के पश्चात् ही वह ( व्यापार या क्रियाकलाप ) या उनके लिए क्षोभ या संताप्त का कारण है, पट्टेदार से अपेक्षा करेगा कि वह ( पट्टेदार ) ऐसे समय के भीतर जो कि अध्यपेक्षा में नियत किया जाए, उस व्यापार कारबार, या क्रियाकलाप को बन्द कर दें.
3016
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
12. समनुदेशन :
पट्टेदार परिसर या उसके किसी भी भाग के प्रत्येक समनुदेशन पर और तत्पश्चात् एक कलेण्डर मास के भीतर कलेक्टर को ऐसे समनुदेशन की सूचना देगा जिसमें कि ऐसे प्रत्येक समनुदेशन के पक्षकारों के नाम तथा वर्णन और उसकी ( प्रत्येक समनुदेशन की) विशिष्टियां एवं प्रभाव उपवर्णित किए जाएंगे. इसी प्रकार पट्टेदार का हित उत्तराधिकारी भी चाहे वह अन्तरण द्वारा हो या विरासत द्वारा इस बात के लिए आबद्ध रहेगा कि वह कब्जा प्राप्त करने के बाद एक मास के भीतर वैसी ही विशिष्टियों सहित सूचना दें.
13. निर्बाध उपयोग :
पट्टाकर्ता यह प्रसंविदा करता है कि एतद्वारा आरक्षित भाटक का संदाय करने वाला और इसमें अन्तर्विष्ट शर्तों का पालन तथा अनुपालन करने वाला पट्टेदार, पट्टाकर्ता या उसके अधीन विधि पूर्वक दावा करने वाले किसी भी व्यक्ति द्वारा कोई भी अविधिपूर्ण विध्न या विक्षोभ पहुंचाए बिना उक्त अवधि के दौरान उक्त भूमि को शांतिपूर्वक धारण करेगा और उसका उपयोग करेगा.
पुनः प्रवेश- परन्तु यदि किसी भी समय उक्त भू- भाटक या उसका कोई भी भाग चाहे उसकी विधिपूर्वक मांग की गई हो, या नहीं उस तारीख के जिसको कि यह शोध्य हो गया हो, ठीक पश्चात् एक कलेण्डर मास तक बकाया असंदत्त रहे और यदि पट्टेदार उक्त शर्तों से किसी भी शर्त का भंग या अनुपालन न करे तो पट्टाकर्ता किसी भी पूर्व कारण का या पुनः प्रवेश के अधिकार अधित्यजन कर देने पर भी उक्त भूमि पर प्रवेश कर सकेगा और उसे उसी प्रकार पुनः कब्जे में ले सकेगा मानो कि यह पट्टान्तरण किया ही नहीं गया हो, ऐसी दशा में पट्टेदार ऐसे पुनः प्रवेश की तारीख से तीन कलेण्डर मास के भीतर उन समस्त भवनों एवं स्थापनों को हटाने का हकदार होगा , जो पट्टान्तरण के चालू रहने के दौरान किसी भी समय उसके द्वारा उक्त भूमि पर निर्मित किए गए हो या लगाए गए हो.
परन्तु यह और भी कि जब पूर्वगामी परन्तुक के अधीन कोई कारण या पुनः प्रवेश का अधिकार उत्पन्न हो जाए जो पट्टाकर्ता के लिए यह विधिपूर्ण होगा कि वह पुनः प्रवेश की शक्ति को प्रयोग में न लाने के प्रतिफलस्वरूप ऐसी धनराशि, जैसे कि समय - समय पर राज्य सरकार के द्वारा जारी निर्देश के अनुसंरण में प्रबंध संचालक नियत करे, पट्टेदार से प्राप्त करे और यदि पट्टेदार प्रबंध संचालक के आदेश द्वारा नियत किए गए समय के भीतर ऐसी धनराशि का संदाय न करे, तो उसे भू- राजस्व के बकाया की भांति वसूल करे या पूर्वगामी परन्तुक के अधीन पुनः प्रवेश के अधिकार को प्रयोग में लाए. इस कण्डिका के प्रावधान कण्डिका-7 के पट्टा निरस्ती संबंधी प्रावधानों पर लागू नहीं होंगे.
14. नवीकरण :
पट्टाकर्ता यह और प्रसंविदा करता है कि वह एतद्वारा मंजूर की गई अवधि के अन्त में और उसी प्रकार उसके पश्चात् भी समय- समय पर ऐसी प्रत्येक आनुक्रमिक उत्तरभावी अवधि के, जो कि पट्टेदार के निवेदन तथा खर्चे पर की जाएगी के अन्त में उक्त भूमि का नवीकृत पट्टा 30 वर्ष की अवधि के लिए निष्पादित कर नियमानुसार पंजीबद्ध करेगा.
परन्तु प्रत्येक नवीकृत पट्टे की मंजूरी के लिए भाटक में वृद्धि की जा सकेगी और यह कि प्रत्येक नवीकृत पट्टे में इसमें अन्तर्विष्ट शर्तों में से ऐसी शर्त जो कि लागू होने योग्य है और ऐसी अन्य शर्तें हैं, जो कि भविष्य के लिए उक्ति समझी जाए, अन्तर्विष्ट रहेगी.
परन्तु यह और भी कि प्रत्येक अनुक्रमिक नवीनीकरण पर नियत किए जाने वाले भाटक तथा अधिरोपित की जाने वाली शर्तों के बारे में पट्टाकर्ता का विनिश्चय अंतिम होगा.
15. निर्वचन :
इस बात पर सहमति है कि इसमें प्रयोग में लाई गई अभिव्यक्तियों " पट्टाकर्ता " तथा " पट्टेदार " के अन्तर्गत, जब तक कि संदर्भ में असंगत न हो, पूर्व कथित के मामले में उसके उत्तरवर्ती यथा समनुदेशिती और कथित के मामले में उसके वारिस , निष्पादक प्रबंधक, प्रतिनिधि तथा समनुदेशिती आएंगे.
16. पट्टाविलेख बैंक और वित्तीय संस्थाओं से वित्तीय सहायता/ ऋण :
पट्टाविलेख की शर्तों के अध्यधीन पट्टेदार को संपत्ति अन्तरण अधिनियम 1882 के धारा 108 ( B ) ( i ) के अनुरूप बैंक और वित्तीय 3017
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
भाग 1 ]
संस्थाओं से ऋण लेने की पात्रता होगी . पट्टेदार, पट्टाकर्ता से पूर्व अनुमति प्राप्त कर ही इस अधिकार का उपयोग कर सकेगा. परन्तु बैंक और वित्तीय संस्था द्वारा इस जमीन की नीलामी द्वारा बकाया वसूली की अवस्था में नीलामी क्रेता उन्हीं शर्तों के अध्यधीन होगा जैसा मूल पट्टेदार हेतु पट्टाविलेख में वर्णित है.
ऐसा नीलीमी - क्रेता वर्तमान पट्टाविलेख की शर्तों के अध्यधीन पट्टाविलेख के बचे हुऐ काल में अपने पट्टा अधिकार का उपयोग कर सकेगा और नीलामी - क्रेता उक्त भूमि का पुनः अन्तरण नहीं कर सकेगा. परन्तु बैंक/ वित्तीय संस्था, उसको देय बकाया राशि की वसूली के समायोजन के उपरान्त भूमि की नीलामी से प्राप्त शेष राशि पट्टाकर्ता को प्रदत्त करेगा एवं पट्टेदार इस शेष राशि पर अधिकार नहीं होगा. पट्टेदार का यह कर्तव्य होगा कि ऋण अनुबंध में उपरोक्तानुसार जो पट्टाकर्ता के हितों को संरक्षित करने का विवरण बैंक और वित्तीय संस्था के ऋण अनुबंध में सम्मिलित करेगा.
परन्तु यह भी की सभी परिस्थितियों में पट्टाकर्ता का प्रभार भूमि पर निर्मित होने वाले अन्य सभी प्रभारों से सर्वोपरि होगा.
17. समर्पण :
यदि पट्टेदार द्वारा पट्टे पर आवंटित भूमि का उपयोग विर्निदिष्ट प्रयोजन हेतु नहीं किया जाता है तो वह भूमि का समर्पण कर सकेगा. पट्टेदार को जमा प्रीमियम राशि की वापसी ( Refund ) निम्नानुसार होगी :-
पट्टा निष्पादन दिनांक से 1 वर्ष- 10% राशि कटौती कर शेष वापसी.
(अ)
(ब) पट्टा निष्पादन दिनांक 1 से 2 वर्ष 20% राशि कटौती कर शेष वापसी .
(स) पट्टा निष्पादन दिनांक 2 से 3 वर्ष 30% राशि कटौती कर शेष वापसी.
(द) 3 वर्ष की समयावधि पश्चात् कोई राशि वापसी नहीं की जाएगी , वरन् राजसात कर ली जावेगी.
सम्पत्ति का वर्णन- ऊपर निर्दिष्ट की गई अनुसूची :
उक्त भूमि के-
पश्चिम में
पूर्व में
स्थित है.
दक्षिण में
उत्तर में
माह
वर्ष .को जिसके साक्ष्य में इससे संबंधित पक्षकारों ने , प्रत्येक मामले में तारीख इस पर अपने-अपने हस्ताक्षर कर दिये हैं.
हस्ताक्षर पट्टाकर्ता साक्षीगण ( नाम, पता आदि सहित ) :
1.
प्रबंध संचालक,
मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम.
दिनांक
2.
पट्टेदार के हस्ताक्षर साक्षीगण ( नाम, पता आदि सहित ) :
1 .
(नाम, पता आदि सहित)
दिनांक
2.
[ भाग 1 3018
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
पर्यटन विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
आदेश
भोपाल , दिनांक 4 अक्टूबर 2014
क्र. एफ 10-9-2010- तैंतीस . राज्य शासन , एतद्वारा , " प्रदेश को वायु सेवा से जोड़ने के संबंध में नीति 2014 " जारी करता है . यह नीति, अधिसूचित होने की तिथि से प्रभावी होगी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
हरि रंजन राव, सचिव.
परिशिष्ट - एक प्रदेश को वायुसेवा से जोड़ने के संबंध में नीति 2014
राज्य शासन द्वारा प्रदेश के प्रमुख शहरों को वायुसेवा से जोड़ने के लिए निजी प्रचालकों ( Private Operators ) के माध्यम से वायुसेवा संचालित किये जाने का निर्णय लिया गया है . इस संबंध में निम्नानुसार कार्यवाही की जावगी : -
1. प्रदेश को वायुसेवा से जोड़ने के लिये ( प्रदेश के अंदर व प्रदेश के बाहर के शहरों को ) निजी क्षेत्र के आपरेटर्स जो निर्धारित शर्तों पर तैयार हो , को खुली निविदा जारी कर चिन्हित किया जाएगा.
2. वायु सेवा उपलब्ध कराने के लिये खुली निविदा जारी की जाएगी. ऑपरेटर के लिये पूर्व अर्हताओं मापदण्डों ( Pre- Qualification Parameters ) निर्धारण तथा निविदा प्रपत्र एवं उसके अनुरूप अनुबंध- पत्र पर्यटन विभाग तैयार किये जायेंगे. निविदा प्रपत्र एवं अनुबंध प्रपत्र निम्न समिति द्वारा अनुमोदित किये जाएंगे. -
(1) अपर मुख्य सचिव , वित्त
(2) प्रमुख सचिव , विमानन
(3) सचिव, पर्यटन
(4) प्रबंध संचालक, म. प्र. राज्य पर्यटन विकास निगम प्रबंध संचालक़, म. प्र. राज्य पर्यटन विकास निगम समिति के सदस्य सचिव होंगे .
3. निजी ऑपरेटर द्वारा कम से कम दो 09 सीटर विमान का संचालन किया जायेगा. यदि ऑपरेटर एक विमान से संचालन करता है तो दो माह के अंदर दूसरे विमान का संचालन आरम्भ करना अनिवार्य होगा. पर्यटन विभाग को उक्त अवधि में आवश्यकतानुसार वृद्धि करने का अधिकार होगा .
4. निजी ऑपरेटर प्रत्येक सेक्टर में किराया निर्धारण करने के लिये स्वतंत्र होगा.
3019
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
भाग 1 ]
5. निजी ऑपरेटर वित्तीय निविदा में प्रति घंटा उड़ान अनुदान की दरें प्रस्तुत करेंगे . निजी ऑपरेटर को प्रदेश के एक शहर से दूसरे शहर की उड़ान सेवा तथा प्रदेश के एक शहर से दूसरे प्रदेश के एक शहर की उड़ान के लिये प्रतिमाह अनुदान देय होगा. ऑपरेटर द्वारा प्रतिमाह प्रस्तुत देयकों पर उक्त अनुदान उसी स्थिति में देय होगा जब ऑपरेटर कुल उड़ानों कान्यूनतम 60 प्रतिशत प्रदेश के अन्दर तथा अधिकतम 40 प्रतिशत प्रदेश के बाहर संचालित करेगा . किन्तु निजी ऑपरेटर को मध्यप्रदेश के बाहर स्थित दो शहरों की बीच की उड़ानों के लिये अनुदान देय नहीं होगा.
6. विभाग द्वारा उपरोक्तानुसार अनुबंधित वायुसेवा हेतु प्रति घंटे उड़ान की अनुदान दरें निविदा के द्वारा प्राप्त की जायेंगी . जिसकी अधिकतम अनुदान सीमा प्रतिमाह रु. एक करोड़ की होगी. भविष्य में अनुदान की सीमा को वित्त विभाग की सहमति से बढ़ाया जा सकेगा .
7. उड़ानों के उपयोग में आने वाले ईंधन ( Aviation Fuel) पर वैट की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा ऑपरेटर के साथ किये गये एम.ओ.यू. की अवधि तक इसी शर्त के आधार पर दी जायेगी कि ऑपरेटर द्वारा ईंधन ( Aviation Fuel ) का क्रय प्रदेश से किया जावेगा.
8. निजी ऑपरेटर के साथ अनुबंध की सीमा संचालन प्रारंभ करने के दिनांक से तीन वर्ष की होगी. सेवाएं संतोषप्रद होने की स्थिति में वित्त विभाग की सहमति से अनुबंध दो वर्ष की अवधि तक बढ़ाया जा सकेगा.
9 . निजी ऑपरेटर भारत शासन , नागरिक उड्डयन मंत्रालय , डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन, एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया से संबंधित शुल्कों का भुगतान करेगा तथा उनके द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करने के लिये बाध्य होगा.
10. प्रदेश स्थित शासन के स्वामित्व एवं नियंत्रण के हवाई अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था निःशुल्क एवं एम्बूलेन्स तथा फायर ब्रिगेड के वास्तविक व्यय की प्रतिपूर्ति शासन द्वारा की जायेगी.
11. राज्य शासन द्वारा निजी ऑपरेटर को अनुदान, ईंधन के भुगतान की प्रतिपूर्ति तथा एम्बुलेन्स एवं फायर ब्रिगेड के वास्तविक व्यय की प्रतिपूर्ति की राशि का भुगतान प्रतिमाह प्राप्त देयकों के आधार पर प्रबंध संचालक, म. प्र. राज्य पर्यटन विकास निगम के माध्यम से किया जायेगा .
12. उपरोक्त व्यवस्था को प्रभावशील करने के लिये मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम में पृथक् से गठित विमानन प्रकोष्ठ (Aviation Cell) निरंतर कार्यशील रहेगा.
13. राज्य शासन को अधिकार होगा कि वह किसी भी सेक्टर में किसी अन्य ऑपरेटर को वायुसेवा संचालित करने की अनुमति ऐसी शर्तों पर दे सकेगा जो उक्तानुसार चयनित ऑपरेटर के साथ अनुबंधित शर्तों से अधिक अनुकूल न हों. ऐसी अनुमति उक्त निविदा के माध्यम से चयनित ऑपरेटर द्वारा अनुबंध के अनुसार सेवा संचालन करने की तिथि से दो वर्ष तक नहीं दी जा सकेगी. परंतु, अगर उक्त अवधि में ऑपरेटर द्वारा वायुसेवा का संतोषप्रद संचालन नहीं किया गया तो राज्य शासन अन्य ऑपरेटर को इस अवधि में कभी भी सेवा संचालन की अनुमति दे सकेगा. संतोषप्रद सेवा को पर्यटन विभाग परिभाषित करेगा.
14. प्रबंध संचालक, म. प्र. राज्य पर्यटन विकास निगम उक्त नीति के अन्तर्गत आगामी अनुवर्ती कार्यवाही करने के लिए अधिकृत होंगे.
[ भाग 1 3020
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. एफ 10-10-2008 - तैंतीस. - राज्य शासन , एतद्वारा , " मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन नीति 2010 ( यथा संशोधित 2014 ) " जारी करता है. यह संशोधित नीति, अधिसूचित होने की तिथि से प्रभावी होगी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
हरि रंजन राव , सचिव.
परिशिष्ट -एक
मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन नीति 2010
(यथा संशोधित 2014 )
1. दृष्टि वक्तव्य:
" संतुलित एवं समेकित पर्यटन की ऐसी अभिवृद्धि जिससे सामाजिक एवं आर्थिक विकास संभव हो तथा मध्यप्रदेश समग्र पर्यटन अनुभव प्रदान करने वाला गन्तव्य बन सके. "
2. सिद्धान्त:
नीति के अन्तर्गत प्रस्तावित कार्यवाही बिन्दु ( Points of Action ) मुख्यतः निम्न सिद्धांतों ( Principles ) पर आधारित है :-
2.1 ऐसी संस्थागत व्यवस्था स्थापित करना, जिससे शासन द्वारा निर्धारित दिशा में निजी निवेश प्रोत्साहित हो.
2.2 समेकित पर्यटन ( Sustainable tourism ) के लिए प्रभावी नियामक प्रक्रिया की स्थापना हो.
2.3 पर्यटक स्वागत, सूचना , सुविधा, सुरक्षा, संरचना तथा सफाई के सभी उपाय किए जाएं.
2.4 धरोहरों का पहले संरक्षण एवं तत्पश्चात् में पर्यटन उपयोग किया जाए.
2.5 ईको पर्यटन ( Eco Tourism ) आम-जन में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता उत्पन्न करने का कारक बने.
2.6 शासकीय विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, समुदाय तथा पर्यटन उद्योग के हितधारी पक्षों के मध्य समन्वित सक्रिय भागीदारी स्थापित हो.
2.7 पर्यटन क्षेत्र में पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप पर आधारित पर्यटक परियोजनाओं का समुचित विकास हो.
3. रणनीति :
उपर्युक्त सिद्धांतों तथा पर्यटन दृष्टि- वक्तव्य के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए रणनीति ( Strategy ) निम्नानुसार होगी.- 3.1 निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए स्पष्ट, पारदर्शी तथा मानक प्रक्रिया को स्थापित किया जायेगा .
3.2 गन्तव्य के विपणन के लिए अपेक्षित अनुसंधान तथा डाटाबेस तैयार किया जायेगा.
3021 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
3.3 पर्यटन के क्षेत्र में प्रामणिक सांख्यिकीय डाटाबेस तैयार करने तथा पर्यटकों से फीडबैक प्राप्त कर व्यवस्थागत सुधार की दृष्टि से युक्तियुक्त प्रणाली विकसित की जाएगी.
3.4 अधोसंरचना यथा सड़क पेयजल, ऊर्जा, स्वच्छता, परिवहन तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का निरंतर संधारण तथा प्रोन्नयन किया जायेगा.
3.5 विशेष पर्यटन क्षेत्र ( Special Tourism Zone ) स्थापित कर उनके विकास हेतु समग्र पर्यटक आवश्यकताओं का समावेश किया जायेगा.
3.6 स्थानीय निकायों को पर्यटन के प्रति संवेदनशील बनाकर उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जायेगी.
3.7 मेले , स्थानीय व्यंजन , संस्कृति, वेशभूषा, उत्पाद, कला, हस्तकला तथा विरासत के विपणन के लिए ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित किया जायेगा.
3.8 ईको पर्यटन के गन्तव्यों में प्राकृतिक संसाधनों एवं सौन्दर्य की सुरक्षा तथा संरक्षण का सर्वोपरि ध्यान रखा जायेगा .
3.9 आध्यात्मिक पर्यटन के लिए चिन्हित स्थानों के विकास की समग्र योजना तैयार की जायेगी .
3.10 वृहद् जलाशयों पर पर्यटन सुविधाओं का योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जायेगा.
3.11 प्रदेश के विभिन्न शहरों को वायु सेवा से जोड़ने हेतु समस्त संभव स्थानीय उपाय किये जायेंगे.
3.12 स्थानीय प्रशासन के सहयोग तथा प्रक्रियाओं के सरलीकरण से साहसिक पर्यटन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित कीजायेंगी.
3.13 पर्यटन उद्योग के सभी क्षेत्रों में नियोजित मानव संसाधन का ऐसा प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि प्रदेश की पर्यटन अनुकूल ( Tourism Friendly ) छवि बन सके.
3.14 पर्यटन उद्योग की आवश्यकता के अनुरूप युवाओं को गुणात्मक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा , ताकि उन्हें रोजगार के अवसर भी मिल सकें.
3.15 पर्यटन परियोजनाओं को आकर्षित करने के लिए लैण्ड बैंक ( Land Bank ) की नीति को सुदृढ़ किया जायेगा.
3.16 पर्यटन स्थलों पर सुरूचिपूर्ण मनोरंजन की व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने के लिए समस्त संभव उपाय किये जायेंगे .
3.17 धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों के निवास के लिए बजट होटलों की श्रृंखला स्थापित की जाएगी.
3.18 मेडिकल टूरिज्म को प्रोत्साहित करने के लिए संबंधित सभी विभागों से आवश्यक समन्वय किया जाएगा.
3.19 शासन के अन्य सुसंगत विभागों की कार्ययोजना में " पर्यटन योजना " का समावेश किया जायेगा.
3.20 हेरिटेज होटल को बढ़ावा देने के लिए अन्य अनुदान/रियायतें दी जाएंगी .
[ भाग 1 3022
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
3.21 MICE ( Meeting , Incentive , Conferencing , Exhibitions ) Tourism को बढ़ावा देने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेन्टरों का निर्माण किया जाएगा.
3.22 पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया जाए.
3.23 कुछ चुनिन्दा पर्यटन स्थलों पर होटल/रिसार्ट के निर्माण हेतु अनुदान /रियायतों का प्रावधान रखा जावेगा.
3.24 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर निरंतर विद्युत् आपूर्ति सुनिश्चित की जावेगी.
3.25 प्रमुख पर्यटन योजनाओं में फास्ट ट्रेक क्लियरेंस के माध्यम से निजी निवेशकों को विभिन्न अनुमतियां प्रदान की जाएंगी .
4. मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम :
प्रदेश में पर्यटन नीति को क्रियान्वित करने के लिए मैदानी स्तर पर मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है. निगम की भूमिका निम्नानुसार होगी.-
निगम पूर्ववत पर्यटन सेवाएं प्रदान करने का कार्य करता रहेगा. 4.1
4.2 अपनी व्यावसायिक गतिविधियों को समेकित कर निजी निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा.
4.3 अपनी ऐसी इकाइयों को जो संतोषजनक लाभ नहीं दे पा रही हैं , प्रबंधकीय अनुबंध अथवा दीर्घ अवधि की लीज पर निजी क्षेत्रों को दे सकेगा.
4.4 अपनी इकाइयों के विपणन पर ध्यान केन्द्रित करने के स्थान पर संपूर्ण प्रदेश के पर्यटन उद्योग तथा उनके आकर्षणों के विपणन का उत्तरदायित्व भी निर्वहन करेगा.
4.5 पर्यटन उद्योग के सभी हितधारी पक्षों के साथ निरन्तर संपर्क एवं समन्वय रखकर उनकी समस्याओं के समाधान की प्रभावी पहल करेगा.
4.6 ऐसे नये क्षेत्रों में निवेश करेगा जहां पर्यटन की संभावनायें हैं परन्तु अधोसंरचना का विकास नहीं हुआ है , ताकि वहां निजी निवेश का मार्ग प्रशस्त हो सके.
4.7 निगम अपनी इकाइयों का स्वामित्व समाप्त नहीं करेगा, बल्कि आवश्यकतानुसार उनमें विस्तार कर सकेगा.
4.8 बड़े नगरों अथवा विकसित पर्यटक स्थलों में नई इकाइयों की स्थापना तथा विस्तार से होने वाले लाभ को वह नये क्षेत्रों के विकास में निवेशित करेगा.
4.9 निगम का उद्देश्य केवल स्वतः के पोषण तक सीमित नहीं रहेगा.
4.10 नई पर्यटन परियोजनाओं में आरंभ से ही निजी निवेश की भागीदारी की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा.
4.11 मध्यप्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटलिटी ट्रेनिंग को अपने संसाधनों से सुदृढ़ करेगा.
4.12 भारत शासन तथा अन्य वित्तीय संस्थाओं से पर्यटन परियोजनाओं के लिए अनुदान तथा ऋण लेने की समस्त कार्यवाही सम्पादित करेगा.
4.13 पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सशक्त प्रकोष्ठ का गठन करेगा.
3023
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
भाग 1 ]
5. पर्यटन परियोजनाएं :
इस नीति के अन्तर्गत विभिन्न सुविधाएं/ छूट प्राप्त करने हेतु निम्नलिखित गतिविधियों को पर्यटन परियोजना माना जाएगा.- 5.1 क्लासीफाइड होटल ( वर्गीकृत होटल ) ( 1 से 5 स्टार )
5.2 बजट होटल
5.3 रिसॉर्ट
5.4 मोटल एवं वेबसाइट एमेनिटीज
5.5 हैरिटेज होटल
5.6 कन्वेन्शन सेटर ( MICE )
5.7 रेस्तरां
5.8 बेड एण्ड ब्रेकफास्ट/होमस्टे इकाई
5.9 गोल्फकोर्स
5.10 रोप-वे ( Ropeway )
5.11 वाटर पार्क और वाटर स्पोर्ट्स
5.12 एम्यूजमेंट पार्क
5.13 अन्य पर्यटन संबंधी गतिविधियां जिन्हें केन्द्र राज्य शासन, पर्यटन विभाग अधिसूचित करे.
उपरोक्त परियोजनाओं की परिभाषा, पर्यटन मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा समय - समय पर जारी अधिसूचनाओं के अनुसार अथवा पर्यटन विभाग , मध्यप्रदेश शासन द्वारा निर्धारित की जाएगी.
6. विलासिता कर में छूट :
6.1 विलासिता कर की दरें.- किसी भी होटल में उपलब्ध कराई गई 3000 रुपये तक के कक्ष किराये पर विलासिता कर देय नहीं होगा .
6.2 ऑफ सीजन में विलासिता कर से छूट.- वर्ष में 3 माह का ऑफ सीजन होगा, जिसमें वाणिज्यिक कर देय नहीं होगा, किन्तु भोपाल, जबलपुर, इन्दौर तथा ग्वालियर नगर निगम क्षेत्रों में कोई ऑफ सीजन छूट नहीं होगी .
6.3 नये होटलों में विलासिता कर में छूट. इस नीति के लागू होने के पश्चात् प्रारम्भ होने वाले नये होटलों को विलासिता कर में 8 वर्ष तक छूट रहेगी . भोपाल तथा इन्दौर नगरीय क्षेत्रों में यह छूट 5 वर्ष के लिए होगी . इस छूट को प्राप्त करने के लिए न्यूनतम 1.00 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आवश्यक होगा, परन्तु कमरों की संख्या का कोई प्रतिबंध नहीं होगा. पूर्व में संचालित किसी होटल में अगर 50.00 लाख रुपये से अधिक का पूंजी निवेश कर विस्तार किया जाता है तो इकाई के विस्तारित अंश को भी उपर्युक्त लोकेशन अनुसार 5 अथवा 8 वर्षों के लिए विलासिता कर में छूट होगी. किन्तु नये कमरों के निर्माण को ही विस्तार माना जायेगा , पुराने कमरों के उन्नयन के आधार पर कोई छूट देय नहीं. पूंजी निवेश की गणना में भूमि की कीमत कुल निवेश के 20 प्रतिशत तक सीमित होगी.
6.4 बेड एण्ड ब्रेकफास्ट योजना में छूट. - बेड एण्ड ब्रेकफास्ट योजना के अन्तर्गत स्थापित 5 कमरों तक की इकाइयों को विलासिता कर से मुक्त रखा जाएगा . इसके लिए उन पर पूंजी निवेश का कोई प्रतिबंध नहीं होगा.
[ भाग 1 3024
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7. हेरिटेज होटल हेतु अनुदान :
7.1 नये हेरिटेज होटलों के निर्माण में विलासिता कर से छूट. दिनांक 1-4-2006 के बाद प्रदेश में निर्मित नए हेरिटेज होटलों को विलासिता कर में 10 वर्ष के लिए छूट की पात्रता होगी . ऐसे होटलों पर कमरों की संख्या संबंधी कोई प्रतिबंध लागू नहीं होगा . इसके निर्माण में न्यूनतम 1.00 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश अनिवार्य होगा. ऐसी छूट का लाभ आवेदन स्वीकृत करने के दिनांक से 10 वर्ष की अवधि के लिए दिया जाएगा. पूंजी निवेश का आंकलन आवेदन दिनांक अनुसार किया जाएगा. ऐसे पुराने गढ़ी, किले, महल, भवन आदि जो हेरिटेज की श्रेणी में हैं तथा उनमें पूर्व से एक हिस्से में हेरिटेज होटल स्थापित था, के विस्तार में अगर नये कमरे जोड़े जाते हैं तो नये विस्तार को भी उपर्युक्तानुसार 10 वर्ष की छूट की पात्रता होगी . यह छूट देते समय भी कमरों की संख्या का प्रतिबंध नहीं होगा , परन्तु विस्तार कार्य में पूंजी निवेश , आवेदन दिनांक को न्यूनतम 50.00 लाख रुपये का होना चाहिए. पूंजी निवेश की गणना में भूमि की कीमत कुल निवेश के 20 प्रतिशत तक सीमित होगी .
7.2 हेरिटेज होटल हेतु अनुदान.- निजी स्वामित्व वाले भवनों को यदि भवन स्वामी अथवा अन्य निवेशक द्वारा हेरिटज होटल में परिवर्तित कर संचालित किया जाता है तो उसके द्वारा किये गये पूंजीगत व्यय का 35 प्रतिशत अनुदान ( Subsidy ) दिया जाएगा, जिसमें भूमि का मूल्य सम्मिलित नहीं है.
पूंजीगत व्यय का 35 प्रतिशत अनुदान अथवा 1.50 करोड़ रुपये जो भी न्यूनतम हो , देय होगा, अर्थात् पूंजीगत व्यय पर अनुदान की अधिकतम सीमा 1.50 करोड़ रुपये होगी .
अनुदान का भुगतान तभी किया जायेगा जबकि निवेशक द्वारा होटल के निर्माण के पश्चात् हेरिटेज होटल के रूप में संचालन का एक वर्ष पूर्ण कर लिया हो तथा होटल को HRACC ( Hotel and Restaurants Approval and Classification Committee ) द्वारा हेरिटेज होटल के रूप में वर्गीकृत कर दिया गया हो. पूंजीगत व्यय का आंकलन राज्य पुरातत्व विभाग तथा पर्यटन निगम के अधिकारियों की एक समिति द्वारा किया जायेगा . समिति के प्रतिवेदन में उल्लिखित व्यय को ही अंतिम रूप से पूंजीगत व्यय मान्य किया जाएगा.
हेरिटेज सम्पत्ति के स्वामियों को पर्यटन विभाग द्वारा हेरिटेज पर्यटन के संबंध में तकनीकी मार्गदर्शन निःशुल्क उपलब्ध कराया जावेगा.
8. बजट होटल हेतु अनुदान :
प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन गन्तव्य स्थल में बजट होटल का निर्माण करने पर निवेशक को निम्नानुसार अनुदान दिया जाएगा.
8.1 विभाग के लैण्ड बैक पर निर्माण की स्थिति में पूंजीगत व्यय पर 10 प्रतिशत का अनुदान अथवा 50.00 लाख रुपये जो भी न्यूनतम हो अर्थात् व्यय पर अधिकतम सीमा 50.00 लाख रुपये होगी . विभागीय भूमि के अप- सेट मूल्य पर 50 प्रतिशत अनुदान देय होगा.
8.2 निवेशक द्वारा स्वयं की भूमि पर होटल निर्माण की स्थिति में पूंजीगत व्यय पर 20 प्रतिशत का अनुदान अथवा 50.00 लाख रुपये जो भी न्यूनतम हो, देय होगा, अर्थात् पूंजीगत व्यय पर अधिकतम सीमा 50.00 लाख रुपये होगी . ऐसे मामलों में भूमि के मूल्य पर कोई अनुदान नहीं दिया जावेगा.
8.3 बजट होटल के निर्माण में अनुदान/छूट की पात्रता तभी मान्य होगी जबकि होटल में कम से कम 25 अथवा उससे ऊपर कक्षों का निर्माण किया गया हो.
8.4 डॉरमेट्री के निर्माण में अनुदान/छूट की पात्रता तभी मान्य होगी जबकि डॉरमेट्री में कम से कम 50 बिस्तर उपलब्ध हों.
8.5 राज्य शासन समय - समय पर प्रमुख धार्मिक पर्यटन गन्तव्य स्थलों को अधिसूचित कर सकेगी.
3025 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
9. होटल / रिसॉर्ट हेतु अनुदान :
प्रदेश के कुछ चुनिन्दा पर्यटन स्थल में समुचित आवास व्यवस्था आवश्यकता के अनुरूप नहीं है. ऐसे स्थलों को चिन्हित कर पर्यटन विभाग द्वारा निवेशकों को होटल / रिसॉर्ट निर्माण करने हेतु आमंत्रित किए जाने की स्थिति में निवेशकों को पूंजीगत व्यय पर निम्नानुसार अनुदान दिया जाएगा : -
9.1 रुपये 3.00 करोड़ के व्यय पर 25 प्रतिशत , अधिकतम 75.00 लाख रुपये
9.2 रुपये 3.00 करोड़ से 5.00 करोड़ तक 20 प्रतिशत , न्यूनतम 75.00 लाख रुपये से अधिकतम 1.00 करोड़ रुपये 9.3 रुपये 5.00 करोड़ से अधिक व्यय पर 15 प्रतिशत, न्यूनतम 1.00 करोड़ रुपये से अधिकतम 1.50 करोड़ रुपये 9.4 राज्य शासन समय - समय पर इस प्रयोजन के लिए पर्यटन स्थलों को अधिसूचित किया जा सकेगा.
10. कन्वेन्शन सेन्टर हेतु अनुदान:
10.1 MICE Tourism ( Meetings , Incentives , Conferencing , Exhibitions ) के अन्तर्गत भोपाल, इन्दौर में प्राथमिकता आधार पर बड़े अर्थात् 1000 से अधिक क्षमता वाले एवं जबलपुर, ग्वालियर में मध्यम स्तर के अर्थात 500 से अधिक क्षमता के कन्वेंशन सेंटर बनाए जायेंगे . 500 अथवा उससे अधिक क्षमता वाले अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेन्टर का निर्माण करने पर निवेशक को पूंजीगत व्यय ( जिसमें भूमि का मूल्य सम्मिलित नहीं है. ) का 25 प्रतिशत अनुदान अथवा 10.00 करोड़ रुपये जो भी न्यूनतम हो, देय होगा , अर्थात् पूंजीगत व्यय पर अनुदान की अधिकतम सीमा रुपये 10.00 करोड़ होगी.
11. वीक एण्ड टूरिज्म को बढ़ावा देना :
देश के अन्य राज्यों से काफी अधिक संख्या में पर्यटकों के आगमन को दृष्टिगत रखते हुये " वीक एण्ड टूरिज्म " को बढ़ावा देने के लिए पर्यटकों के अपेक्षानुसार पर्यटक सुविधाओं का उन्नयन एवं वृद्धि की जाकर विशेष पैकेज टूर्स चलाये जायेंगे . इस संबंध में केरेवान वाहनों को संचालन दिनांक से 5 वर्षों तक रोड टैक्स से मुक्त किया जायेगा.
12. आबकारी से संबंधित बिन्दु:
12.1 मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम की इकाइयों के FL- 2/FL-3/क्लब लायसेंस में न्यूनतम गारन्टी का निर्धारण नहीं किया जाएगा.
12.2 मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम की इकाइयों को वर्ष 2011-12 से मदिरा विदेशी भण्डार गृहों से प्रदाय की जाएगी 12.3 मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम की इकाइयों को FL- 2 एवं क्लव लायसेंस की प्रचलित फीस में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. वर्ष 2010-11 में निर्धारित FL- 3 लायसेंस फीस आगामी वर्षों में भी यथावत रहेगी. वाणिज्यिक कर विभाग निर्धारित फीस को पर्यटन विभाग की सहमति के बिना वृद्धि करने की कार्यवाही नहीं करेगा.
12.4 आबकारी नीति के अन्तर्गत पर्यटन निगम को बार लायसेंस फीस में दी गई रियायतें उन निवेशकों पर भी लागू किया जावे, जो निगम की इकाइयों को संचालन हेतु प्रबन्धकीय अनुबंध पर ले.
[ भाग 1 3026
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
13. मनोरंजन कर में छूट :
13.1 नई पर्यटक परियोजनाओं में मनोरंजन के स्थाई साधनों पर मनोरंजन कर की 10 वर्ष तक तथा अस्थाई स्वरूप से साधनों पर 6 वर्ष की अवधि तक छूट दी जायेगी.
13.2 वाणिज्यिक कर विभाग पर्यटन विभाग के परामर्श अनुसार ऐसे पर्यटन क्षेत्रों को चिन्हित करेगा जहां मनोरंजन के सभी स्थायी अथवा अस्थायी साधन पर मनोरंजन शुल्क में 10 वर्ष तक छूट रहेगी . उपर्युक्त 06 वर्ष की छूट की अवधि को भी ऐसे क्षेत्रों में स्थित पर्यटन परियोजनाओं हेतु 10 वर्ष मान्य किया जाएगा .
14. पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क में छूट :
14.1 नई हेरिटेज पर्यटक परियोजनाओं की स्थापना के लिये प्रश्नाधीन हेरिटेज भवन के निर्मित क्षेत्रफल तथा उससे लगी अधिकतम एक हेक्टेयर भूमि के मूल्य पर पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क पर शत - प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी. यदि भवन के साथ एक हेक्टेयर से अधिक भूमि हो तो उस अतिरिक्त भू- भाग पर नियमानुसार पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क देय होगा. पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क की छूट की राशि होटल प्रारंभ होने के बाद पर्यटन विभाग द्वारा होटल स्वामी को प्रतिपूर्ति के रूप में दी जावेगी.
14.2 पर्यटन विभाग द्वारा जो शासकीय भूमियां पर्यटन परियोजनाओं के लिए लीज/विकास अनुबंध पर दी जाए उन पर पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क देय नहीं होगा.
15. परिवहन कर में छूट :
परिवहन विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-22-45-2005- आठ, दिनांक 22-11-2005 के अनुसार विनिर्दिष्ट पर्यटन मार्गों पर पर्यटन ऑपरेटरों के यानों को मोटरयान कर से दो वर्ष के लिए छूट दी जाती है . इसमें निम्न पर्यटन मार्ग और जोड़े जाएंगे : - भोपाल-
1. भोपाल- दर्शन
2. भोपाल- इस्लाम नगर सांची -उदयगिरी - ग्यारसपुर - भोपाल
3. भोपाल- भोजपुर- भीमबैठिका-पचमढ़ी- भोपाल
4. भोपाल-उज्जैन- इन्दौर- ओंकारेश्वर- महेश्वर माण्डू- भोपाल
5. भोपाल-खजुराहो- सतना- भोपाल ( वाया सागर)
6. भोपाल - पचमढ़ी - भेड़ाघाट-जबलपुर -कान्हा - बांधवगढ़ - भोपाल
7. भोपाल - भेड़ाघाट - जबलपुर - भोपाल
8. भोपाल-चन्देरी-शिवपुरी - ग्वालियर - भोपाल
9. उज्जैन- दर्शन
10. पचमढ़ी- दर्शन 3027 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
ग्वालियर-
1. ग्वालियर दर्शन-तिगरा-फोर्ट-संग्रहालय
2. ग्वालियर- शिवपुरी-चंदेरी- ओरछा खजुराहो-पन्ना- चित्रकूल - सतना - बांधवगढ़ - अमरकण्टक- जबलपुर- ग्वालियर 3. ग्वालियर - मुरैना- चंबल घड़ियाल सेंचुरी - ग्वालियर
4. ग्वालियर - शिवपुरी- उज्जैन-इन्दौर -माण्डू- ओंकारेश्वर - महेश्वर -इन्दौर उज्जैन -ग्वालियर
जबलपुर-
1 . जबलपुर - भेड़ाघाट - जबलपुर
2. जबलपुर- भेड़ाघाट- किसली- अमरकण्टक- बांधवगढ़ - जबलपुर
3. जबलपुर- सिवनी - छिंदवाड़ा- पचमढ़ी - जबलपुर
4. जबलपुर- सिवनी-पेंच- जबलपुर
5. जबलपुर -कान्हा-किसली - मुक्की- बालाघाट- सिवनी-पेंच-जबलपुर
6. पेंच- भेड़ाघाट- जबलपुर -मैहर- चित्रकूट
सतना-
1. सतना- चित्रकूट- पन्ना- खजुराहो - धुबेला ओरछा - ग्वालियर
2. सतना- चित्रकूट- बांधवगढ़ - अमरकण्टक कान्हा - पचमढ़ी-जबलपुर
3. खजुराहो दर्शन
इन्दौर-
1. इन्दौर- दर्शन
2. इन्दौर- माण्डू- इन्दौर
3. इन्दौर- ओंकारेश्वर- बुरहानपुर-इन्दौर
4. इन्दौर- ओंकारेश्वर- महेश्वर- इन्दौर
5. इन्दौर - धार- बाघ गुफाएं - बावनगजा- खलघाट- महेश्वर- इन्दौर
6. इन्दौर - उज्जैन बड़नगर- रतलाम- मंदसौर- नीमच
16. भूमि आवंटन :
पर्यटन विभाग के ज्ञापन क्रमांक 320/2008/33 , दिनांक 23-2-2008 द्वारा शासकीय भूमि ( भूमि में उस पर स्थित भवन तथा अन्य संपत्तियां शामिल हैं ) का नीलामी द्वारा निवर्तन करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है । इस नीति में भूमि स्वामी अधिकारों हेतु विक्रय विलेख के प्रारुप -5 को विलोपित किया जाएगा.
[ भाग 1 3028
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
चिन्हित शासकीय भूमियां जो पर्यटन विभाग को हस्तांतरित हों /की जायेगी , उन्हें 90 वर्ष की लीज पर देने अथवा विकास अनुबंध के माध्यम से विकसित करने के संबंध में अन्तिम निर्णय पर्यटन विभाग द्वारा लिया जायेगा.
17. व्यपवर्तन टैक्स :
पर्यटन परियोजनाओं का विकसित करने से भूमि व्यपवर्तित मानी जाती है, जिस पर डायवर्सन शुल्क देय होता है. नई पर्यटन परियोजनाओं के प्रकरण में अथवा पुरानी स्थापित परियोजनाओं के द्वारा नई भूमि अर्जित कर परियोजना का विस्तार करने पर.- 17.1 ऐसी परिवर्तित भूमि पर डायवर्सन प्रीमियम के अधिरोपण की दर मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता 1959 की धारा -59 के अंतर्गत बने नियमों के अनुसार आवासीय प्रयोजन के लिए निर्धारित दर का 20 प्रतिशत होगी.
17.2 देय वार्षिक डायवर्सन शुल्क संहिता के अन्तर्गत बने नियमों के अनुसार आवासीय प्रयोजन की दर का 20 प्रतिशत होगा .
17.3 उक्त लाभ डायवर्सन दिनांक से परियोजना संचालन की अवधि के लिए होगा.
17.4 संबंधित पर्यटक परियोजना को डायवर्सन प्रीमियम एवं वार्षिक शुल्क में छूट प्रदान करने के लिए निम्नानुसार समिति गठित की जाएगी- -प्रमुख सचिव, पर्यटन -प्रमुख सचिव, राजस्व अथवा उनके द्वारा नामांकित प्रतिनिधि -प्रमुख सचिव , नगरीय प्रशासन एवं विकास अथवा उनके द्वारा नामांकित प्रतिनिधि -प्रमुख संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम समिति के सदस्य सचिव होंगे.
17.5 हेरिटेज होटल के निर्माण में उससे जुड़ी हुई भूमि का व्यपवर्तन होने पर ऐसे व्यपवर्तन पर भी उपर्युक्तानुसार प्रीमियम तथा शुल्क देय होगा.
18. ईको तथा साहसिक पर्यटन :
ईको टूरिज्म डेव्हलपमेन्ट बोर्ड वनभूमियों ( ऐसी भूमियों जो किसी अभ्यारण्य राष्ट्रीय उद्यान , रिजर्व/प्रोटेक्टेड वन क्षेत्र में हैं ) पर ईको/ एडवेंचर पर्यटन की गतिविधि का संचालन वन विभाग के दिशा- निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा.
वनभूमि से पृथक् शासकीय भूमियों पर ईको/एडवेंचर पर्यटन की गतिविधियों के संचालन करने के लिए प्रक्रिया निम्नानुसार होगी- 18.1 पर्यटन विभाग ईको एडवेंचर पर्यटन से संबंधित गतिविधियों एवं उनका स्थान निर्धारण करने के लिए स्वतंत्र होगा. किसी भी स्थल पर संचालित होने वाली गतिविधियों का निर्धारण स्थानीय संभावनाओं ( Potential ) आवश्यकता के अनुरूप किया जा सकेगा. इसमें कैम्पिंग , ट्रेकिंग , एंगलिंग , जलक्रीड़ा, एलिफेन्ट सफारी, सायकल सफारी , राइडिंग ट्रेल, फोटो सफारी , केनोईंग सफारी , व्हाइट वाटर राफ्टिंग , रॉक क्लाईंबिंग / माउण्टेनीयरिंग , पैरा- सैलिंग / पैरा ग्लाइंडिंग , हॉट एयर बलूनिंग आदि गतिविधियां शामिल की जा सकेंगी.
3029 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
18.2 ईको साहसिक पर्यटन में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए पर्यटन विभाग प्रस्ताव आमंत्रित कर सकेगा . आवेदन प्राप्त होने पर निम्नलिखित बिन्दुओं पर परीक्षण किया जाएगा-
18.2.1 आवेदक द्वारा प्रस्तावित गतिविधियां ;
18.2.2 उक्त गतिविधियों के लिए शासकीय भूमि की आवश्यकता;
18.2.3 चाही गई भूमि का स्वामित्व किस विभाग का है , उसकी नोईयत, उस पर अतिक्रमण की स्थिति आदि.;
18.2.4 प्रस्तावित गतिविधियों के संचालन के लिए भूमि की आवश्यकता की अवधि;
18.2.5 अगर उक्त भूमि पर संबंधित व्यक्ति द्वारा निर्माण की आवश्यकता है तो पूंजी निवेश की अनुमानित राशि;
18.2.6 उक्त निर्माण का स्वरूप स्थायी एवं व्यापक होने पर यह मानकर कि आवेदक को भूमि की दीर्घ समय के लिए आवश्यकता होगी, उसे इस नीति के अंतर्गत अनुमत विकास अनुबंध पर भूमि दी जा सकेगी .
18.2.7 यदि भूमि पर कोई व्यापक या स्थायी स्वरूप का निर्माण आवश्यक नहीं है तो ऐसी भूमि लायसेंस पर भी दी जा सकेगी;
18.2.8 सामान्यतः लायसेंस पर दिये जाने के पूर्व भूमि पर्यटन विभाग को हस्तांतरित की जावेगी . परन्तु जहां ऐसा संभव नहीं हो, वहां उस भूमि का स्वामित्व धारण करने वाले विभाग की सहमति ( ऐसी शर्तों के साथ , जो वह विभाग निर्धारित करे ) प्राप्त कर लायसेंस दिया जा सकेगा.
18.2.9 भूमि को लायसेंस पर दिये जाने के लिए लायसेंस की अवधि, शर्तें तथा फीस वित्त विभाग के ज्ञाप क्रमांक एफ- 1/42/04- बी.एम.यू. / 2097 दिनांक 4-9-10 की कण्डिका 3.1 ( अ ) में उल्लिखित समिति द्वारा तय की जायेंगी . लायसेंस की अवधि सामान्यतः 5 वर्ष से कम तथा 15 वर्ष से अधिक नहीं होगी;
18.2.10 एक ही स्थान पर एक या एक से अधिक गतिविधियों के लिए विभिन्न आवेदकों को लायसेंस दिया जा सकेगा;
18.2.11 ईको / साहसिक पर्यटन गतिविधियों के लायसेंस जारी करने हेतु मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम को अधिकृत किया जाता है. निगम लायसेंस फीस की राशि प्रशासकीय व्यय की प्रतिपूर्ति के रूप में प्राप्त करेगा.
19. विद्युत् संबंधी सुविधाएं:
19.1 केप्टिव पॉवर प्लांट स्थापित करने वाले हेरिटेज होटलों तथा अन्य पर्यटक परियोजनाओं को विद्युत् उपकर से शत - प्रतिशत छूट दी जाएगी .
19.2 प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर निरन्तर 24 × 7 बिजली आपूर्ति सुनिश्चित किया जाना . प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों (जो राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किये जाएंगे ) पर निर्बाध विद्युत् आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.
20. फिल्म टूरिज्म:
फिल्म निर्माताओं को स्थानीय स्तर पर शूटिंग की अनुमति प्राप्त करने के लिए विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित करने में अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है. पर्यटन विभाग इन निर्माताओं को शासकीय विभागों से विधिमान्य अनुमतियां प्राप्त करने के लिए आवश्यक समन्वय करेगा. यह सेवा सर्वोत्तम प्रयास के आधार पर ( On Best Effort Basis ) संबंधित निर्माता / कंपनी को दी जा सकती है. इस संबंध में आवश्यक कार्यवाहियां करने के लिए पर्यटन विभाग को अधिकृत करने संबंधी आदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किया जायेगा.
3030
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
21. पर्यटन विकास परिषद् ( Tourism Development Council ) :
21.1 राज्य स्तर पर राज्य पर्यटन विकास परिषद् स्थापित की जाएगी. यह परिषद् माननीय मुख्यमंत्रीजी की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के माननीय मंत्रीगण, वरिष्ठ अधिकारीगण तथा पर्यटन क्षेत्र के स्टेक होल्डर्स के नामांकन से गठित होगी . परिषद् का गठन, उसकी कार्य पद्धति तथा सदस्यता निर्धारित करने की कार्यवाही पृथक् से की जाएगी .
21.2 जिला पर्यटन विकास समिति ( District Tourism Development Committee ) प्रदेश के कई हिस्सों में स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक एवं पर्यटन संबंधी कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं. ऐसे आयोजनों में कुछ कलेक्टरों द्वारा स्थानीय स्तर पर समितियां पंजीकृत की गई हैं. इन समितियों में एकरूपता लाने के लिए पर्यटन विभाग को अधिकृत किया जाता है . ये समितियां स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तथा स्थानीय प्रस्ताव अनुसार गठित की जाएंगी.
22. जल पर्यटन नीति :
राज्य शासन ने ज्ञाप क्रमांक एफ 3-1/2010/तैंतीस , दिनांक 6-1-2010 द्वारा प्रदेश में विभिन्न बांधों पर जल पर्यटन विकास संबंधी की नीति निर्धारित की गई है. इस नीति के अनुरूप अपेक्षित कार्यवाही की जाएगी.
23. वायु सेवा:
प्रदेश के विभिन्न शहरों में छोटे वायुयान की सेवा उपलब्ध कराने के लिए निजी ऑपरेटर्स को ऐसी सेवा संचालित करने की दशा में पर्यटन विभाग द्वारा नई नीति लायी जाना प्रस्तावित है .
24. अन्तर्विभागीय समन्वय :
पर्यटन नीति-2012 संशोधित के अन्तर्गत वांछित सुविधाएं/रियायतें/अनुज्ञप्तियां आदि देने के लिए संबंधित विभाग आवश्यक दिशा- निर्देश/अधिसूचनाएं जारी करेंगे . अगर किन्हीं प्रकरणों में संबंधित विभाग सुविधाएं/रियायतें/ अनुज्ञप्तियां आदि प्रदान नहीं करें अथवा नीति के अंतर्गत निर्णय लेने के लिए अधिकृत किसी समिति में अन्तर्विभागीय मतभिन्नता हो तो ऐसे प्रकरणों को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में निम्नानुसार गठित की गई समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा-
-प्रमुख सचिव , वित्त
-प्रमुख सचिव , पर्यटन
- प्रकरण से संबंधित विभागों के प्रभारी सचिव
-प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम इसके सदस्य सचिव होंगे .
यह समिति प्रचलित नीति के अनुरूप निर्णय ले सकेगी . यह निर्णय अन्तिम होगा तथा संबंधित विभाग द्वारा इसका क्रियान्वयन अनिवार्यतः किया जाएगा.
25. सम्पोषणीय पर्यटन ( Sustainable Tourism ) को प्रोत्साहित करना :
पर्यटन स्थलों का विकास एवं प्रबंधन ऐसा होना चाहिए कि वहां पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधन, स्थानीय परम्पराएं, संस्कृति एवं उत्पादों का प्रभावी संरक्षण हो. इसके लिए पर्यटन विभाग विभिन्न क्षेत्रों में की जा रही विभिन्न गतिविधियों का गहन विश्लेषण कर ऐसी गतिविधियां को चिन्हित करेगा, जिनका समेकित पर्यटन पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा हो तथा उन्हें रेग्युलेट करने अथवा रोकने के उपाय भी करेगा. जिन गतिविधियों का सकारात्मक प्रभाव हो उन्हें प्रोत्साहित करने के उपाय भी किए जाएंगे . इस हेतु समुदाय का सहभागिता तथा स्थानीय स्तर पर सूचना, संचार एवं शिक्षा ( Information , Education & Communication ) के विभिन्न कारकों का प्रभावी उपयोग किया जाएगा. इसमें राज्य शासन के विभिन्न विभागों की संयुक्त भागीदारी की आवश्यकता होगी , जो राज्य स्तरीय पर्यटन विकास परिषद् के माध्यम से की जा सकेगी.
3031 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
26. युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण
पर्यटन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटेलिटी ट्रेनिंग ( Training ) की स्थापना की गई है. इस संस्था के माध्यम से युवाओं को पर्यटन के विभिन्न क्षेत्र यथा- फ्रन्ट डेस्क, हाउसकीपिंग , फूड एण्ड बेवरेज सर्विस में रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जा रहा है . भारत शासन की CBSP ( कैपिसिटी बिल्डिंग फार सर्विस प्रोवाइडर ) के अतिरिक्त अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के युवाओं के प्रशिक्षण के लिए राज्य शासन के संबंधित विभागों से समन्यव कर वित्तीय सहायता प्राप्त की जावेगी ताकि इन वर्गों के विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें. मध्यप्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिलिटी ट्रेनिगं ( MPIHT ) द्वारा सर्टिफिकेट तथा डिप्लोमा कोर्स संचालित किये जा सकेंगे , जिनमें उपयोग होने वाली प्रशिक्षण सामग्री तथा सर्टिफिकेशन राष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालयों की सहभागिता से किया जाएगा ताकि प्रदत्त सर्टिफिकेट की गुणवत्ता तथा विश्वसनीयता बनी रहे. राज्य के होटल उद्योग से समन्वय कर एवं प्रशिक्षण की आवश्यकता का आंकलन कर आवश्यक स्व-वित्तीय पाठ्यक्रम भी MPIHT के माध्यम से शुरू किये जा सकेंगे . भविष्य में प्रदेश में राज्य होटल प्रबंध संस्थान एवं फूड एण्ड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट खोले जा सकेंगे .
27. विशेष पर्यटन क्षेत्र ( Special Tourism Zone ) की स्थापना :
प्रदेश के अनेक ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें पर्यटन की संभावनाएं विद्यमान हैं , परन्तु अभी तक वहां पर्यटन विभाग अथवा निजी क्षेत्रों द्वारा पर्याप्त निवेश की पहल नहीं की गई है . ऐसे भौगोलिक क्षेत्रों का चयन कर उन्हें विशेष पर्यटन क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किया जाना प्रस्तावित है. इन क्षेत्रों को चिन्हित करने तथा उनकी भौगोलिक सीमाओं का निर्धारण राज्य पर्यटन विकास परिषद् द्वारा किया जाएगा. परिषद् द्वारा घोषित विशेष पर्यटन क्षेत्र में पर्यटन विभाग अपने संसाधनों तथा अन्य विभागों के प्रभावी समन्वय से अधोसंरचना का विकास कर सकेगा . जो पर्यटक परियोजनाएं स्थापित होंगी उन्हें निम्नलिखित सुविधाएं दी जायेंगी-
27.1 भूमि के क्रय - विक्रय के संव्यवहारों पर देय समस्त पंजीयन एवं स्टाम्प शुल्क से छूट रहेगी. यह छूट परियोजना प्रारंभ होने के बाद पर्यटन विभाग द्वारा प्रतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी .
27.2 मनोरंजन एवं विलासिता कर से पूर्ण छूट दी जायेगी.
27.3 एफएल -2 / 3/क्लव लायसेंस में प्रचलित फीस में 75 प्रतिशत की छूट दी जायेगी तथा वे न्यूनतम गारंटी की शर्त से मुक्त रहेंगे.
27.4 व्यपवर्तन प्रीमियम तथा शुल्क से छूट रहेगी.
27.5 विशेष पर्यटन क्षेत्रों में स्थापित पर्यटक परियोजनाओं में रुकने वाले पर्यटकों के परिवहन के लिए उपयोग में लाये जा रहे वाहनों को परिवहन करों से पांच वर्ष की अवधि तक शत- प्रतिशत छूट दी जाएगी . यह छूट अधिकतम तीन वाहनों ( जिसमें से दो वाहन 5 यात्री क्षमता एवं एक वाहन 12 यात्री क्षमता का होगा ) के लिए दी जायेगी .
27.6 उपर्युक्त बिन्दु क्रमशः 21.2, 21.3 में दी गई छूट परियोजना संचालन से 10 वर्ष की अवधि के लिए दी जाएगी.
28. एकल खिड़की प्रणाली:
इस नीति के अन्तर्गत समस्त कार्यवाहियों हेतु मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा एवं नीति के अंतर्गत किसी भी प्रयोजन के लिए आवेदन - पत्र मध्यप्रदेश ट्रेड एण्ड इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन कार्पोरेशन ( MPTRIFAC ) में स्थापित एकल खिड़की ( Single Window ) में भी प्रस्तुत किये जा सकेंगे . पर्यटन निगम संबंधित विभागों से समन्वय कर आवेदनों का निराकरण एक माह की समय- सीमा में करेगा.
3032
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 16 सितम्बर 2014
क्र. 335- भू-अर्जन-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने नीचे दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थान में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा ( 12 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(4) (2)
(3)
(1)
बांसा
5.656 रीवा
हुजूर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
उप मुख्य अभियन्ता ( निर्माण ) , रीवा- सीधी नई बड़ी रेल लाईन.
जबलपुर
भूमि की नक्शा ( प्लान ) कार्यकारी अभियन्ता ( निर्माण ) , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
रीवा, दिनांक 26 सितम्बर 2014
क्र. 371. - भू-अर्जन- 2014.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत हो गया है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि भूमि भूमिस्वामियों द्वारा उक्त भूमियों के बदल वर्तमान भू- अधिग्रहण अधिनियम , 2014 के नियमों एवं शर्तों के अधीन मुआवजा प्राप्त करने हेतु सहमत है. अतः इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण की आवश्यकता नहीं है, और इस कारण अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(4) (2)
(3)
(1)
सिरमौर
0.045 रीवा
पुरवा
5. भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग, रीवा.
रीवा जिले के बैकुण्ठपुर लालगांव मार्ग के कि.मी. 8/6 में कंदैला नाले पर पुल पहुंचमार्ग का निर्माण कार्य.
भाग 1 ]
3033
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 372. - भू-अर्जन-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत हो गया है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि भूमि भूमिस्वामियों द्वारा उक्त भूमियों के बदल वर्तमान भू- अधिग्रहण अधिनियम, 2014 के नियमों एवं शर्तों के अधीन मुआवजा प्राप्त करने हेतु सहमत है. अतः इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण की आवश्यकता नहीं है, और इस कारण अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(3)
(4) (1)
0.350 रीवा
त्योंथर मनिका-14
5. भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, सेतु निर्माण संभाग, रीवा.
रीवा जिले के गढ़ी लखवार मनिका खजुरिहा मार्ग में सुकाढ नदी पर पुल एवं पहुंचमार्ग का निर्माण कार्य.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़ , ( ब्यावरा ) मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
राजगढ़ , दिनांक 25 सितम्बर 2014
पत्र क्र. 6964-65 - भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को , इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(3)
(4) (1)
(2)
उमरेड
7.930 ब्यावरा
राजगढ़
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , नरसिंहगढ़ .
उमरेड तालाब योजना के डूब क्षेत्र में प्रभावित भूमि का अर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है.
3034
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
पत्र क्र. 6966-67 - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(4) (1)
(3)
राजगढ़ राजगढ़ बांकपुरा कानड़िया खेड़ी कालाकोट
4.933 6.624 8.604 योग . 20.161
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, राजगढ़ .
बांकपुरा सिंचाई परियोजना के परिवर्तित वेस्टवीयर एवं डेम लाईन में शेष निजी भूमि का पूरक भू- अर्जन प्रकरण.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आनंद कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिवनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सिवनी , दिनांक 25 सितम्बर 2014
पृ. क्र. 7197- जि.भू.अ. - 2014 .- चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन एवं पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिनियम , 2013 की धारा 11 के अन्तर्गत व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है , कि राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का विवरण
ग्राम
जिला
क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) तहसील/ रा.नि.मं.
(3)
(2)
(4) (1)
1.750 बरघाट
सिवनी
साल्हेकला प.ह.नं. 21/65 बंदो. नं. 563
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग , क्रमांक -1 , सिवनी.
कांचनामंडी लघु जलाशय यूनिट 1 शीर्ष कार्य के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का विस्तार परियोजना प्रतिवेदन ( Detail Project Report) D.P.R. का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी/ अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है .
3035 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
सिवनी , दिनांक 29 सितम्बर 2014
पृ. क्र. 7198 - जि.भू.अ. -2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन एवं पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिनियम, 2013 की धारा 11 के अन्तर्गत व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है , कि राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
जिला
धारा 11 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
तहसील/ रा.नि.मं.
क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(6)
(5)
(4)
(2)
(3)
(1)
3.580
सिवनी बरघाट
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग, क्रमांक-1 , सिवनी.
निवारी प.ह.नं. 21/65 बंदो. नं. 309.
कांचनामंडी लघु जलाशय यूनिट 1 शीर्ष कार्य के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का विस्तार परियोजना प्रतिवेदन ( Detail Project Report ) D.P.R. का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी/अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, भरत यादव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला होशंगाबाद, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
होशंगाबाद, दिनांक 30 सितम्बर 2014
प्र. क्र. 01 - अ- 82-2013-14-15273.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन एवं पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्रमांक तीस, सन् 2013 ) की धारा -11 की उपधारा -1 के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 एवं 12 का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
जिला
नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टर में )
धारा -11 की उपधारा ( 1 ) एवं 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
(1)
(4) 1.886
(3) मढावन
(2) बाबई
होशंगाबाद
अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी होशंगाबाद.
औद्योगिक क्षेत्र मोहासा तहसील बाबई हेतु राजमार्ग क्रमांक 22 से पहुंचमार्ग निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. औद्योगिक क्षेत्र मोहासा तहसील बाबई हेतु राजमार्ग क्रमांक 22 से पहुंच मार्ग निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी होशंगाबाद के कार्यालय में किया जा सकता है.
3036
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
प्र. क्र. 02 - अ - 82-2013-14-15275.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन एवं पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 (क्रमांक तीस , सन् 2013 ) की धारा -11 की उपधारा -1 के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 एवं 12 का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला तहसील
धारा-11 की उपधारा ( 1 )
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टर में)
(3)
(4) (2)
(1)
2.335
गुराडिया मोती
होशंगाबाद बाबई
एवं 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, होशंगाबाद.
औद्योगिक क्षेत्र मोहासा तहसील बाबई हेतु राजमार्ग क्रमांक 22 से पहुंचमार्ग निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. औद्योगिक क्षेत्र मोहासा, तहसील बाबई हेतु राजमार्ग क्रमांक 22 से पहुंच मार्ग निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी होशंगाबाद के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 03- अ-82-2013-14-15277. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन एवं पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्रमांक तीस, सन् 2013 ) की धारा -11 की उपधारा-1 के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 एवं 12 का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
धारा -11 की उपधारा ( 1 )
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टर में)
(2)
(3)
(4) (1)
4.398
मनवाडा
बाबई
होशंगाबाद
एवं 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , होशंगाबाद.
औद्योगिक क्षेत्र मोहासा तहसील बाबई हेतु राजमार्ग क्रमांक 22 से पहुंचमार्ग निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. औद्योगिक क्षेत्र मोहासा , तहसील बाबई हेतु राजमार्ग क्रमांक 22 से पहुंच मार्ग निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी होशंगाबाद के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संकेत भोंडवे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
3037
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
भाग 1 ]
कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन
उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा , दिनांक 27 सितम्बर 2014
क्र. 1492 - भू- अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा मुख्य नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )
(4) (2)
(3)
(1)
1.582
उदका
सतना
कोटर
योग.. 1.582
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , पुरवा नहर संभाग क्र. 2 सतना (म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली घोरकाट माइनर के निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1494- भू- अर्जन. -14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची. खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा मुख्य नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(3)
(4) (1)
1.65 कोटर
फरहद
सतना
योग..1.65
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली सेमरी माइनर के निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
3038
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1496- भू- अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा मुख्य नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(4) (1) (2)
3.67 सतना
कोटर
तिहाई
योग.. 3.67
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग क्र. 2 सतना (म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1498- भू-अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(4) (1)
(2)
1.651
खैरीकला
सतना
कोटर
योग.. 1.651
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली घोरकाट माइनर के निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
3039
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1500- भू-अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) (2)
(3)
(1)
सेमरा
2.503 सतना रघुराजनगर
योग.. 2.503
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली मेहुती नं. 3 माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1502- भू-अर्जन.-14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है. इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(4) (1)
(2)
2.048
खम्हरिया
सतना रघुराजनगर
योग.. 2.048
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग क्र. 2 सतना ( म. प्र.) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली खम्हरिया नं . 1 एवं खम्हरिया नं. 2 माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
3040
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1504 - भू-अर्जन. - 14-15. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(4) (1)
(2)
2.286
कोटर
सतना
कोटर
योग.. 2.286
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग क्र. 2, सतना ( म. प्र.) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली सेमरी माइनर के निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1506 - भू-अर्जन. -14-15 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(4) (1)
(2)
6.23 सतना
कोटर मोहनिया
योग. 6.23
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग क्र. 2, सतना (म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
3041
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1508 - भू- अर्जन. - 14-15. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
तहसील
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(2)
(4) (1)
0.541 सतना
कला कोठार
बिरसिंहपुर
योग.. 0.541
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , पुरवा नहर संभाग क्र. 2, सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली झरी माइनर के निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1510- भू-अर्जन. -14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का वितरण
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4)
(3)
(1)
(2)
0.800 सतना बिरसिंहपुर कुबरी
योग.. 0.800
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग क्र. 2, सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली कोनिया नं. 2 माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
3042
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1512- भू-अर्जन. -14-15. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) (2)
(3)
(1)
1.97 सतना
अकौना कोठार
रघुराजनगर
योग. 1.97
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग क्र. 2, सतना ( म. प्र.) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली कोनिया नं . 2 माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1514 - भू- अर्जन. - 14-15.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )
(3)
(4) (2)
5.120
डगडीहा
(1) सतना रघुराजनगर
योग .. 5.120
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग क्र. 2 , सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर और उसकी डगडीहा माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु .
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
3043
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1516- भू- अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(3)
(4) (1)
9.219 सतना
तुरीं
रघुराजनगर
योग.. 9.219
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , पुरवा नहर संभाग क्र. 2 , सतना ( म. प्र.) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1518 - भू-अर्जन. - 14-15 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का वितरण जिला
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(2)
(4) (1)
3.499 सतना
कुओं कोठार
रघुराजनगर
योग.. 3.499
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग क्र. 2 , सतना ( म. प्र.) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के छूटे रकबा और उसकी कुओं माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
3044
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1520- भू-अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4)
(3)
(2)
(1)
10.77 सतना
फुटौधा
रघुराजनगर
योग.. 10.77
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग , क्र. 2 सतना (म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली मझगवां शाखा नहर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू - अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1522 - भू-अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(4) (1)
(2)
5.215 सेमरिया निमहा
सतना
योग.. 5.215
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली कलवलिया माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु .
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
3045
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1524- भू-अर्जन.- 14-15 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )
(4) (1)
(2)
(3)
2.863
पिपरा
सतना सेमरिया
योग.. 2.863
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , पुरवा नहर संभाग , क्र. 2 सतना (म. प्र.) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर और उसके अन्तर्गत आने वाली पिपरा माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1526- भू- अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) (1)
(2)
(3)
13.494 कोटर
सतना
घोरकाट
योग.. 13.494
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग , क्र. 2 सतना ( म. प्र.) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर और अन्तर्गत आने वाली घोरकाट माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
3046
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1528 - भू- अर्जन. -14-15 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )
(4)
(3)
(2)
(1)
सेमरी
2.673 कोटर
सतना
योग.. 2.673
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर और उसके अन्तर्गत आने वाली सेमरी माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1530- भू-अर्जन.- 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(2)
(4) (1)
कोटरा
0.823 सेमरिया
सतना
योग .. 0.823
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र.) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली कोटरा नं . 1 एवं 2 माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु .
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
3047
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1532- भू-अर्जन.- 14-15. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
अनुसूची
तहसील
जिला
भूमि का विवरण नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(4) (1)
(2)
0.992 सतना
पटना खुर्द
बिरसिंहपुर
योग.. 0.992
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग , क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली कलवलिया माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु .
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1534- भू- अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(1)
(2)
(4)
0.848
परसदिया
सतना बिरसिंहपुर
योग .. 0.848
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग , क्र. 2 सतना (म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली जैतवारा माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
3048
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1536 - भू-अर्जन. - 14-15 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )
(4) (2)
(3)
(1)
3.27
पिपराछ
रीवा सेमरिया
योग.. 3.27
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र.) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1538- भू-अर्जन.-14-15 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )
(4) (1)
(2)
(3)
1.058 रीवा सेमरिया
नादाझर
योग. 1.058
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली कोटरा नं. 2 माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
3049
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1540- भू-अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )
(4)
(3)
(2)
1.26 सेमरिया कोलवार
(1) रीवा
योग .. 1.26
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा-11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली खम्हरिया नं. 2 माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1542 - भू- अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(3)
(4) (1)
2.937
कोटा
रीवा सेमरिया
योग.. 2.937
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग , क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
(6) बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली कोटरा नं. 1 माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
3050
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1544- भू- अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
तहसील
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(2)
(4) (1)
1.84 सेमरिया छिरहटा
रीवा
योग.. 1.84
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा-11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग , क्र. 2 सतना ( म. प्र.) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1546- भू-अर्जन. -14-15 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) (1)
(2)
(3)
भमरा
0.560 रीवा सेमरिया
योग.. 0.560
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा-11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना (म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली भमरा माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
3051
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1548- भू-अर्जन . -14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(4) (1) (2)
रीवा सेमरिया
2.798
कौड़िहाई
योग.. 2.798
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , पुरवा नहर संभाग , क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर और उसके अन्तर्गत आने वाली कलवलिया माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु .
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1550 - भू-अर्जन.-14-15. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा-12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(3)
(4) (1)
0.796 रीवा सेमरिया झकौरा
योग.. 0.796
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली झकौरा माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
3052
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1552- भू-अर्जन. - 14-15. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(4) (2)
(1)
2.308 रीवा सेमरिया डढ़िया
योग .. 2.308
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली कोटरा नं . 1 माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1554- भू-अर्जन. -14-15. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) (2)
(3)
(1)
4.744 कोटर
सतना
चितगढ़
योग.. 4.744
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग , क्र. 2 सतना (म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली कलवलिया माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
3053
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1556 - भू-अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) में उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
भूमि का विवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )
(4) (2)
(3)
(1)
0.811 कोटर
गाहिरी
सतना
योग .. 0.811
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , पुरवा नहर संभाग , क्र. 2 सतना ( म. प्र.) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली गाहरी माइनर के निजी/शासकीयभूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1558- भू-अर्जन.- 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा-12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(4) (2)
(1)
5.617
कोनिया
सतना बिरसिंहपुर
योग.. 5.617
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर और उसकी माइनर कोनिया नं. 1 एवं कोनिया नं. 2 के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
3054
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1560 - भू- अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) (2)
(3)
(1)
1.60 सतना
जैतवारा 163
रघुराजनगर
योग.. 1.60
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग , क्र. 2 सतना ( म. प्र.) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1562- भू-अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
तहसील
नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) (2)
(3)
(1)
सेहास
3.041 सतना रघुराजनगर
योग. 3.041
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग , क्र. 2 सतना ( म. प्र. ).
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली डगडीहा माइनर के निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
3055
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1564- भू-अर्जन. -14-15. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
तहसील
जिला
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) (2)
(3)
(1)
4.854
सरबहना
सतना रघुराजनगर
योग.. 4.854
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा-11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर और उसकी बड़ेरा माइनर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1566 - भू-अर्जन. - 14-15.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा-12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )
(4) (1)
(2)
(3)
बडेरा
0.683 सतना रघुराजनगर
योग.. 0.683
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना (म. प्र.) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली बडेंरा माइनर के निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
3056
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1568 - भू- अर्जन.-14-15 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )
(3)
(4) (1) (2)
3.18 सतना
बारी खुर्द
रघुराजनगर
योग. 3.18
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना (म. प्र.) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1570 - भू-अर्जन.-14-15. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)
(2)
(3)
(4)
बरा टोला
3.938 सतना रघुराजनगर
योग.. 3.938
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र.) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली बरा टोला माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
3057
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1572- भू-अर्जन. -14-15. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) (2)
(3)
(1)
पासी
5.618 सतना रघुराजनगर
योग.. 5.618
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , पुरवा नहर संभाग , क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर और उसके अन्तर्गत आने वाली पासी माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1574- भू-अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
जिला
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में )
(3)
(4) (1)
(2)
1.62
रिमारी
सतना बिरसिंहपुर
योग.. 1.62
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग , क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
3058
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1576- भू-अर्जन.- 14-15 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) (2)
(3)
(1)
कोटर
भटगवां
6.84 सतना
योग.. 6.84
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र.) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1578- भू-अर्जन.-14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है . चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(3)
(4) (1)
1.169 सतना
सिकरौड़ा
बिरसिंहपुर
योग.. 1.169
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली कलवलिया माइनर के निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
भाग 1 ]
3059
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1580 - भू- अर्जन.-14-15 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
तहसील
जिला
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(4) (1)
(2)
12.293 सतना
झरी
बिरसिंहपुर
योग.. 12.293
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर और उसके अन्तर्गत आने वाली झरी एवं कोनिया नं. 2 माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1582- भू-अर्जन.-14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (1)
(2)
(3)
(4)
जैतवारा
सतना
0.605 बिरसिंहपुर
योग.. 0.605
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग , क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली जैतवारा माइनर के निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
3060
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1584- भू-अर्जन. -14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
तहसील
जिला
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) (1)
(2)
(3)
सतना
बिटारी
0.452 बिरसिंहपुर
योग.. 0.452
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली जैतवारा माइनर के निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1586 - भू-अर्जन.-14-15. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(3)
(4) (1)
1.79 सतना बिरसिंहपुर कलवलिया
योग. 1.79
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्र . 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली कलवलिया माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1588 - भू- अर्जन. -14-15 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
भाग 1 ]
3061
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) (2)
(3)
(1)
0.635
सेमरी
सेमरिया
सतना
योग.. 0.635
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली सेमरी माइनर के निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1590- भू-अर्जन.- 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4)
(3)
(1) (2)
1.611
शेहतरा
रीवा सेमरिया
योग.. 1.611
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना (म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली कोटरा नं. 1 माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1592- भू- अर्जन. - 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) 1.748 (2) सेमरिया
(1) रीवा
(3) शिवपुरवा
योग.. 1.748
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , पुरवा नहर संभाग , क्र. 2 सतना (म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली कोटरा नं. 1 माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
3062
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1594- भू-अर्जन. -14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में किया जा चुकी है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (2)
(1) रीवा सेमरिया
(4) 3.589
(3) सोनवर्षा
योग. 3.589
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा -11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्र. 2 सतना ( म. प्र. ) .
(6) बाणसागर परियोजना की मझगवां शाखा नहर के अन्तर्गत आने वाली सोनवर्षा माइनर के निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. डी. एस. अग्निवंषी, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
पन्ना, दिनांक 30 सितम्बर 2014
प्र . क्र. 024- अ- 82 - वर्ष 2013-14 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : - तहसील
जिला
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हैक्टेयर में)
(4) (1) पन्ना
(2) अमानगंज
(3) सिरी
निजी भूमि रकबा 0.750 है. एवं शासकीय भूमि रकबा 0.000 है. कुल रकबा 0.750 है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन द्वारा प्राधिकृत अधिकारी धारा 4 की उपधारा ( 2 )
डेव्लपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड, (5) संभागीय प्रबंधक, मध्यप्रदेश रोड
सागर.
(6) पन्ना-अमानगंज- सिमरिया मार्ग योजना अन्तर्गत अमानगंज बायपास रोड निर्माण कार्य हेतु.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) संभागीय प्रबंधक, मध्यप्रदेश रोड डेव्लपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड, सागर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रवीन्द्र कुमार मिश्रा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
3063
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
कार्यालय, कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग टीकमगढ़ , दिनांक 7 सितम्बर 2014
प्र. क्र. 6 - अ- 82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-टीकमगढ़
(ख) तहसील- मोहनगढ़
(ग ) नगर/ग्राम- दरगांयभाटा
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 2.050 हेक्टेयर .
सर्वे नम्बर रकबा-10
खसरा नम्बर
रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
82
0.100
80
0.140
0.050
78/MIN 3
0.270
78/3
78/2
0.130
0.270
78/1
69/3
0.180
0.340
69/2
15/1
0.460
15/4
0.110 योग 2.050
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड परियोजना की नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , जतारा एवं कार्यपालन यंत्री, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग टीकमगढ़, जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में, कार्यालीन समय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला हरदा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग हरदा, दिनांक 15 सितम्बर 2014
क्र. 9416 - भू-अर्जन-3-अ-82-13-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारिदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 ( क्रमांक 30 , सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके लिये यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- हरदा
(ख) तहसील- सिराली
(ग) नगर/ ग्राम- रामपुरी
(घ) लगभग क्षेत्र-0.053 हेक्टेयर.
विवरण खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(3) (1)
0.053
सिंचित 67/15
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- आमाखाल जलाशय की 2 आर माइनर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी, खिरकिया एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग, हरदा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रजनीश श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला आगर मालवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
आगर मालवा, दिनांक 25 सितम्बर 2014 क्र. 166 - भू-अर्जन-2014 क्र. प्रका. भू-अर्जन-2014.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में 3064
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारिदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- आगर मालवा
(ख) तहसील- बडौद
(ग ) ग्राम - पिपल्या विजय
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 0.03 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
0.03
1420
0.03
योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- कछाल मध्यम तालाब परियोजना की दांई नहर निर्माण के अन्तर्गत आने वाली निजी भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर, आगर मालवा में व अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , आगर- बडौद के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 167- भू-अर्जन-2014 क्र. प्रका. भू-अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारिदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- आगर मालवा
(ख) तहसील-बडौद
[भाग 1 ( ग) ग्राम-बिलिया
(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.84 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
885
0.05
0.06
884
0.06
883
0.04
878
842
0.04
0.08
841
843
0.07
0.03
840
699
0.02
0.04
1155
0.01
272
0.01
289
0.01
438
0.03
416
439
0.02
0.04
915
0.10
1098
0.03
839
0.02
947/1
0.02
1129
0.03
123
124
0.01
125
0.01
196
0.01
योग 0.84
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- कछाल मध्यम तालाब परियोजना की दांई नहर निर्माण के अन्तर्गत आने वाली निजी भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर, आगर मालवा में व अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , आगर - बडौद के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 168 - भू-अर्जन-2014 क्र. प्रका. भू-अर्जन-2014.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में भाग 1 ]
3065
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारिदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- आगर मालवा
(ख ) तहसील- बडौद
(ग) ग्राम- कडवाला
(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.25 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
648
0.08
0.02
895
791
0.04
801
0.03
0.08
847
0.25
योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- कछाल मध्यम तालाब परियोजना की दांई नहर निर्माण के अन्तर्गत आने वाली निजी भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कलेक्टर, आगर मालवा में व अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , आगर- बडौद के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 169 - भू- अर्जन-2014 क्र. प्रका. भू-अर्जन-2014.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारिदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- आगर मालवा
(ख ) तहसील- बडौद
(ग) ग्राम- मदकोटा
(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.55 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में )
(1)
(2)
227
0.04
0.11
569
0.09
423मी
0.04
423मी
0.01
444
0.03
237
0.04
376
0.08
531
572
0.03
573/1
0.05
0.03
598
योग 0.55
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- कछाल मध्यम तालाब परियोजना की दांई नहर निर्माण के अन्तर्गत आने वाली निजी भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर, आगर मालवा में व अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी, आगर - बडौद के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 170- भू- अर्जन-2014 क्र. प्रका. भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारिदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- आगर मालवा
(ख ) तहसील- बडौद
(ग) ग्राम- भीमाखेडी 3066
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 0.33 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
366
0.02
368
0.08
0.08
370/1
0.05
296/1
248
0.01
0.04
251
317
0.01
324/5
0.04
योग 0.33
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है-कछाल मध्यम तालाब परियोजना की दांई नहर निर्माण के अन्तर्गत आने वाली निजी भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर, आगर मालवा में व अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , आगर- बडौद के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 171 - भू- अर्जन-2014 क्र. प्रका. भू-अर्जन- 2014.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारिदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- आगर मालवा
(ख) तहसील- बडौद
(ग) ग्राम- खेडानरेला
(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.09 हेक्टेयर .
खसरा नम्बर
अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.02
1504
(1)
(2)
2743
0.03
1498मी. 1
0.04 0.09
योग
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- कछाल मध्यम तालाब परियोजना की दांई नहर निर्माण के अन्तर्गत आने वाली निजी भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर, आगर मालवा में व अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , आगर- बडौद के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 172- भू- अर्जन-2014 क्र. प्रका. भू-अर्जन-2014 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारिदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- आगर मालवा
(ख) तहसील- बडौद
(ग) ग्राम- खजुरी बडौद
(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.32 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
756
0.05
0.04
245
224
0.01
269
0.01
0.02
1014
1097
0.03
1067
0.01
790
0.04
283
0.05
118
0.02
120
0.04 योग 0.32 भाग 1 ]
3067
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- कछाल मध्यम तालाब परियोजना की दांई नहर निर्माण के अन्तर्गत आने वाली निजी भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर, आगर मालवा में व अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , आगर- बडौद के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 173 - भू- अर्जन-2014 क्र. प्रका. भू-अर्जन- 2014.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारिदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- आगर मालवा
(ख) तहसील- बडौद
(ग ) ग्राम- सिंगलिया
(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.092 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में) (2)
(1)
457/1/2
0.018 0.029
576 578
0.045 योग 0.092
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- कछाल मध्यम तालाब परियोजना की दांई नहर निर्माण के अन्तर्गत आने वाली निजी भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर, आगर मालवा में व अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , आगर- बडौद के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विनोद कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
राजगढ़ ( ब्यावरा ) , दिनांक 26 सितम्बर 2014 क्र. भू- अर्जन- 09.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के एक पद में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन ( सादलपुर तालाब के डूब क्षेत्र में प्रभावित भूमि ) के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- राजगढ़
(ख ) तहसील- जीरापुर
(ग) ग्राम- ब्राह्मणखेडा
(घ) क्षेत्रफल-0.759 हेक्टेयर.
रकबा
सर्वे नं.
(हेक्टर में)
(2)
(1)
535/14
0.759 योग 0.759
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- (सादलपुर तालाब के अन्तर्गत डूब में प्रभावित भूमि हेतु अर्जन) .
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , खिलचीपुर जीरापुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आनन्द कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
3068
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 25 सितम्बर 2014
क्र. B -4465-एक-7-3-2013 ( भाग एक) .- उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर की रजिस्ट्री अधिसूचना क्रमांक बी/ 1046/एक- 7-3/2013 भाग -1 जबलपुर, दिनांक 18 नवम्बर 2013 एवं रजिस्ट्री अधिसूचना क्रमांक डी- 7514- एक-7-3/2013 भाग-1 , जबलपुर, दिनांक 19 दिसम्बर 2013 में आंशिक संशोधन करते हुए, सोमवार दिनांक 6 अक्टूबर 2014 को ईदुज्जुहा के उपलक्ष्य में उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , मुख्यपीठ जबलपुर तथा खंडपीठ इंदौर/ग्वालियर तथा अधीनस्थ न्यायालयों हेतु अवकाश घोषित किया जाता है.
उपरोक्त घोषित अवकाश के एवज में उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, मुख्यपीठ जबलपुर तथा खंडपीठ इंदौर/ ग्वालियर तथा राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों में शानिवार दिनांक 20 दिसम्बर 2014 को कार्य दिवस घोषित किया जाता है.
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,
वेद प्रकाश , रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 25 सितम्बर 2014
क्र. A- 3631-दो-2-133-2006.- माननीय न्यायाधिपति महोदय श्री सुशील कुमार गुप्ता, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को उनकी पूर्व पदस्थापना विभागीय जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , भोपाल के पद पर पदस्थ रहने की अवधि दिनांक 1 नवम्बर 2013 से दिनांक 27 फरवरी 2014 तक लगभग चार माह की अवधि के लिये पांच दिवस के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक -3 /( ए) 19/03 /इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक-3440/ इक्कीस - ब ( एक) , दिनांक 7 दिसम्बर 2007 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत प्रदान की जाती है.
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,
व्ही. बी. सिंह , रजिस्ट्रार.
जबलपुर, दिनांक 22 सितम्बर 2014
क्र. A- 3601-दो- 2-15-2008.- श्रीमती अंजुली पालो, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शिवपुरी को दिनांक 19 से 25 अगस्त 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 17 एवं 18 अगस्त 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्रीमती अंजुली पालो, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शिवपुरी को शिवपुरी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती अंजुली पालो, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं
क्र. A- 3603-दो-2-4-2013.- श्री आर. के. जोशी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कटनी को दिनांक 4 से 8 अगस्त 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. जोशी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , कटनी को कटनी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. के. जोशी, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. A- 3606-दो- 2-37-2005.- श्री आर. के पाण्डे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अशोकनगर को दिनांक 30 जून से दिनांक 18 जुलाई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके उन्नीस दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 29 जून 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
भाग 1 ]
अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. पाण्डे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अशोकनगर को अशोकनगर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. के. पाण्डे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. B -4407-दो-2-39-2014.- श्री जे. के. वैद्य, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुरैना को दिनांक 14 से 26 जुलाई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री जे. के. वैद्य, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मुरैना को मुरैना पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री जे. के. वैद्य, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 5489-दो- 2-9-2011.- श्रीमती शशिकिरण दुबे, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को दिनांक 20 से 22 अगस्त 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्रीमती शशिकिरण दुबे, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटंब न्यायालय, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती शशिकिरण दुबे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
3069
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. C-5491-दो-2-59-2013.- श्री एन. के. सत्संगी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्योपुर का निम्नानुसार अवकाश निरस्त एवं स्वीकृत किया जाता है: -
( 1 ) दिनांक 21 जुलाई 2014 का एक दिन का स्वीकृत आकस्मिक अवकाश निरस्त किया जाता है.
(2) दिनांक 21 से 28 जुलाई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके आठ दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 29 जुलाई 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री एन. के. सत्संगी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , श्योपुर को श्योपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री एन . के. सत्संगी , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C-5493-दो- 2-41-2014.- श्री एस. के. पी. कुलकर्णी, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , छिन्दवाड़ा को दिनांक 25 से 28 जुलाई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात्में दिनांक 29 जुलाई 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री एस. के. पी. कुलकर्णी, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, छिन्दवाड़ा को छिन्दवाड़ा पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस. के. पी. कुलकर्णी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
3070
क्र. C-5495- दो- 2-56-2014 .- श्री आर. के. सिंघई, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, जबलपुर को दिनांक 25 से 28 अगस्त 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 24 अगस्त 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. सिंघई, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. के. सिंघई, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. C- 5497- दो- 2-53-2014.- श्री के . पी. सिंह , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , राजगढ़ - ब्यावरा को दिनांक 7 से 8 अगस्त 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात्में दिनांक 9 एवं 10 अगस्त 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री के. पी. सिंह, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , राजगढ़ - ब्यावरा को राजगढ़ - ब्यावरा पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री के. पी. सिंह , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. C-5499- दो-2-40-2009.- श्रीमती कुमुदबाला बरणा , प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, होशंगाबाद को दिनांक 20 से 22
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
अगस्त 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्रीमती कुमुदबाला बरणा , प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , होशंगाबाद को होशंगाबाद पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कुमुदबाला बरणा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. C- 5502- दो-2-25-2014.- श्री इकबाल अहमद, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, बैतूल को दिनांक 28 जुलाई 2014 से दिनांक 2 अगस्त 2014 तक छः दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में से दिनांक 28 से 29 जुलाई 2014 तक दो दिन का अर्जित अवकाश, उपभोग नहीं करने के कारण निरस्त किया जाता है.
क्र. D -5215- दो- 2-13-2008.-श्री मनोहर ममतानी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, देवास को दिनांक 10 से 18 अक्टूबर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 19 से 26 अक्टूबर 2014 तक के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री मनोहर ममतानी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , देवास को देवास पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री मनोहर ममतानी, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,
व्ही. बी. सिंह , रजिस्ट्रार.
भाग 1 ]
3071
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
जबलपुर, दिनांक 24 सितम्बर 2014
क्र. 1133 - गोपनीय- 2014- दो- 2-1-2014 ( भाग - ए) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 229 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में उल्लेखित उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारी को, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में अंकित स्थान से स्थानांतरित कर, स्तम्भ ( 4 ) में अंकित स्थान पर एवं स्तम्भ ( 5 ) में उल्लेखित पद पर, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करते हैं :-
कहां से नाम
क्र.
(2)
(1)
(3)
देवास 1. श्री मनोहर ममतानी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , देवास.
सारणी
पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी कहां को
(5)
(4)
जबलपुर
विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी (न्यायिक) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर की हैसियत से.
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, वेद प्रकाश , रजिस्ट्रार जनरल .
जबलपुर, दिनांक 22 सितम्बर 2014
क्र. 1131 - गोपनीय - 2014- दो- 2-1-2014 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , निम्नलिखित जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान में स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट सिविल जिले के लिये जिला न्यायाधीश की हैसियत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है. साथ ही दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 की धारा 9 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उन्हें उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सत्र न्यायालय में सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है:-
कहां से नाम
क्र.
(3) (1)
(2)
कटनी 1 श्री शिव मंगल सिंह , प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , कटनी .
सारणी
कहां को
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी
(6)
पदस्थापना के जिले का नाम (5)
(4)
अलीराजपुर अलीराजपुर सिविल जिला, अलीराजपुर. जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अलीराजपुर की हैसियत से दिनांक 30-9-2014 को श्रीमती पारो रायजादा के सेवानिवृत्ति उपरांत रिक्त होने वाले पद पर.
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार , वेद प्रकाश, रजिस्ट्रार जनरल .