मध्यप्रदेश शासन
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 43 ]
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 24 अक्टूबर 2014- कार्तिक 2 , शक 1936
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, (7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.-स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं,
भाग 4.-( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख ) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद्के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 22 सितम्बर 2014
क्र. ई- 5-945 - आयएएस- लीव- 5 - एक ( 1 ) श्री एन. एस. परमार, आय.ए.एस. , उपायुक्त ( राजस्व) , उज्जैन संभाग को दिनांक 15 से 19 सितम्बर 2014 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 13 , 14 सितम्बर 2014 एवं 20 , 21 सितम्बर 2014 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.
(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री एन. एस. परमार को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उपायुक्त ( राजस्व) , उज्जैन संभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्री एन. एस. परमार को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एन. एस. परमार अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई- 5-874 - आयएएस- लीव- 5- एक ( 1 ) श्रीमती प्रीति मैथिल , आय.ए.एस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, गुना को दिनांक 15 सितम्बर 2014 से 13 मार्च 2015 तक, एक सौ अस्सी दिन का प्रसूति अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 13 , 14 सितम्बर 2014 एवं 14, 15 मार्च 2015 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.
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नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2014.
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(2 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती प्रीति मैथिल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत , गुना के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाशकाल में श्रीमती प्रीति मैथिल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती प्रीति मैथिल अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.
क्र. ई- 1-51-2014-5- एक. श्रीमती राजकुमारी खन्ना, भाप्रसे (1996 ) , उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को दिनांक 1 जनवरी 2014 से भाप्रसे का प्रवर श्रेणी वेतनमान ( रुपये 37400-67000 + ग्रेड पे 8700 ) स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) श्रीमती राजकुमारी खन्ना, भाप्रसे ( 1996 ) , उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन , कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को उक्त तिथि से प्रवर श्रेणी वेतनमान स्वीकृत किये जाने के फलस्वरूप आदेश प्रसारण तिथि से स्थानापन्न, अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग पदस्थ किया जाता है.
भोपाल, दिनांक 23 सितम्बर 2014
क्र. ई- 5-689 - आयएएस- लीव-5-एक ( 1 ) श्री उमाकांत उमराव, आय.ए.एस. , आयुक्त, अनुसूचित जनजाति कल्याण, मध्यप्रदेश को दिनांक 29 सितम्बर 2014 से 4 अक्टूबर 2014 तक, छः दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 5 एवं 6 अक्टूबर 2014 के सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.
(2 ) श्री उमाकांत उमराव की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री विश्वमोहन उपाध्याय , भाप्रसे, विकअ- सह- आयुक्त, पिछड़ा वर्ग कल्याण को अपने कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.
(3) अवकाश से लौटने पर श्री उमाकांत उमराव को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, अनुसूचित जनजाति कल्याण के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री उमाकांत उमराव द्वारा आयुक्त, अनुसूचित जनजाति कल्याण का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री विश्वमोहन उपाध्याय उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
(5) अवकाशकाल में श्री उमाकांत उमराव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री उमाकांत उमराव अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
क्र. ई-5-845 - आयएएस- लीव- 5- एक ( 1 ) श्री के. सी. जैन , आय.ए.एस. , अपर आयुक्त, उज्जैन संभाग को दिनांक 18 से 21 फरवरी 2014 तक, चार दिन एवं दिनांक 29 अप्रैल से दिनांक 1 मई 2014 तक, तीन दिन इस प्रकार कुल सात दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) अवकाशकाल में श्री के. सी. जैन को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. सी. जैन अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई - 5-562 - आयएएस-लीव- 5- एक ( 1 ) श्री जे. एन . कांसोटिया, आय.ए.एस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग को दिनांक 22 सितम्बर से 4 अक्टूबर 2014 तक, तेरह दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2) श्री जे . एन. कांसोटिया की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री बी. आर. नायडू, भाप्रसे, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है .
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री जे. एन. कांसोटिया को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री जे. एन. कांसोटिया द्वारा प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री बी. आर. नायडू उक्त प्रभार से मुक्त होंगे .
(5) अवकाशकाल में श्री जे . एन. कांसोटिया को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री जे. एन. कांसोटिया अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
भाग 1 ]
क्र. ई - 5-570- आयएएस लीव एक 5.-( 1 ) श्री अजीत केसरी, भाप्रसे, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सहकारिता विभाग को दिनांक 30 अगस्त से 11 सितम्बर 2014 तक, तेरह दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) अवकाशकाल में श्री अजीत केसरी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अजीत केसरी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
भोपाल , दिनांक 4 अक्टूबर 2014
क्र. ई- 1-319-2014-5- एक नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाए भा.प्र.से. अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष खाना (3 ) में दर्शाए गए पद पर अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है :-
तालिका
क्र.
नवीन पदस्थापना अधिकारी का नाम तथा
वर्तमान पदस्थापना
(3) (2)
(1)
1 श्रीमती सूफिया फारूखी
(2009)
मुख्य कार्यपालन अधिकारी,
जिला पंचायत तथा पदेन
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत तथा पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) , सतना.
अपर कलेक्टर ( विकास ) ,
ग्वालियर.
2 श्री इलैया राजा टी ( 2009 ) अपर मिशन संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल .
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत तथा पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) , ग्वालियर.
3 श्री व्ही. एस. चौधरी
कौलसानी (2011 )
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, अनूपपुर ( कनिष्ठ वेतनमान ) .
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, सतना
(कनिष्ठ वेतनमान) .
2. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 25 सितम्बर, 2014 की तालिका 1 के अनुक्रमांक 5 जिसके द्वारा श्रीमती रूचिका चौहान , भाप्रसे ( 2011 ) को मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, अनूपपुर पदस्थ किया गया है, को एतद्वारा निरस्त किया जाता है. श्रीमती चौहान पूर्ववत् अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , सौंसर, जिला छिन्दवाड़ा के पद पर कार्य करतीं रहेंगी.
भोपाल, दिनांक 9 अक्टूबर 2014
क्र. ई- 5-532- आयएएस- लीव-5- एक- ( 1 ) श्रीमती सलीना सिंह, आय.ए.एस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग को दिनांक 27 अक्टूबर 2014 से 4 नवम्बर 2014 तक, न्यूयार्क तथा वाशिंगटन डी.सी. में आयोजित विदेश प्रशिक्षण के अनुक्रम में दिनांक 5 से 7 नवम्बर 2014 तक, तीन दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती सलीना सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्रीमती सलीना सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती सलीना सिंह अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.
क्र. ई- 5-559 - आयएएस लीव- 5- एक-( 1 ) श्री आशीष उपाध्याय , भाप्रसे ( 1989 ) , विकअ - सह - आयुक्त - सह- संचालक, संस्थागत वित्त तथा पदेन प्रमुख सचिव, वित्त विभाग को दिनांक 8 से 18 सितम्बर 2014 तक आयोजित विदेश प्रशिक्षण के अनुक्रम में दिनांक 22 से 24 सितम्बर 2014 तक, तीन दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री आशीष उपाध्याय को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक स्थानापन्न विकअ- सह- आयुक्त- सह- संचालक, संस्थागत वित्त तथा पदेन प्रमुख सचिव, वित्त विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाशकाल में श्री आशीष उपाध्याय को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आशीष उपाध्याय अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई- 5-781 - आयएएस- लीव- 5- एक-( 1 ) श्री आर. के. माथुर, आय.ए.एस. , सचिव , मध्यप्रदेश शासन , गृह विभाग को दिनांक 26 दिसम्बर 2014 से 6 जनवरी 2015 तक, बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 25 दिसम्बर 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .
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(2) अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. माथुर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक स्थानापन्न सचिव, मध्यप्रदेश शासन , गृह विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
( 3) अवकाशकाल में श्री आर. के. माथुर को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आर. के. माथुर अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई- 5-903 - आयएएस- लीव - 5 - एक ( 1 ) श्री सुरेन्द्र कुमार उपाध्याय , आय.ए.एस. , उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन को दिनांक 13 से 17 अक्टूबर 2014 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री सुरेन्द्र कुमार उपाध्याय को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक स्थानापन्न उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
( 3 ) अवकाशकाल में श्री सुरेन्द्र कुमार उपाध्याय को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री सुरेन्द्र कुमार उपाध्याय अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
भोपाल, दिनांक 13 अक्टूबर 2014
क्र. ई- 5-560- आयएएस - लीव -5 - एक ( 1 ) श्री मोहम्मद सुलेमान, आय.ए.एस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग को दिनांक 13 से 17 अक्टूबर 2014 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 11 , 12 अक्टूबर 2014 एवं 18, 19 अक्टूबर 2014 के सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.
(2 ) श्री मोहम्मद सुलेमान की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री मनीष रस्तोगी, भाप्रसे , सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री मोहम्मद सुलेमान को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
(4) श्री मोहम्मद सुलेमान द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री मनीष रस्तोगी उक्त प्रभार से मुक्त होंगे .
(5 ) अवकाशकाल में श्री मोहम्मद सुलेमान को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मोहम्मद सुलेमान अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई - 5-803 - आयएएस- लीव-5 - एक ( 1 ) श्री के. के. खरे, आय.ए.एस. , कमिश्नर, ग्वालियर संभाग को दिनांक 13 से 17 अक्टूबर 2014 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 11 , 12 अक्टूबर 2014 एवं 18 , 19 अक्टूबर 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .
(2 ) श्री के. के. खरे की अवकाश अवधि में श्री पी. नरहरि, कलेक्टर, ग्वालियर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक कमिश्नर, ग्वालियर संभाग का प्रभार सौंपा जाता है.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री के. के. खरे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक स्थानापन्न कमिश्नर, ग्वालियर संभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री के. के. खरे द्वारा कमिश्नर, ग्वालियर संभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री पी . नरहरि, कमिश्नर , ग्वालियर संभाग के प्रभार से मुक्त होंगे .
(5) अवकाशकाल में श्री के. के. खरे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. के. खरे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई-5-829 - आयएएस- लीव - 5 - एक ( 1 ) श्री नागरगोजे मदन विभीषण, आय.ए.एस. , उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग को दिनांक 16 अक्टूबर से 5 नवम्बर 2014 तक, इक्कीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री नागरगोजे मदन विभीषण को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक स्थानापन्न उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन , गृह विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
भाग 1 ]
(3) अवकाशकाल में श्री नागरगोजे मदन विभीषण को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री नागरगोजे मदन विभीषण अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई- 5-914 - आयएएस- लीव-5 - एक ( 1 ) श्री मोहित बुन्दस, आय.ए.एस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, सीधी को दिनांक 13 से 25 अक्टूबर 2014 तक, तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 26 अक्टूबर 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.
(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री मोहित बुन्दस को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत , सीधी के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्री मोहित बुन्दस को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मोहित बुन्दस अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
भोपाल, दिनांक 14 अक्टूबर 2014
क्र. ई- 1-358-2014-5- एक - श्री तरुण कुमार पिथौड़े, भा.प्र.से. ( 2009 ) , संचालक, व्यावसायिक परीक्षा मंडल , भोपाल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ आगामी आदेश तक प्रोजेक्ट डायरेक्टर, स्टेट वाईड एरिया नेटवर्क ( स्वान ) मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रानिक विकास निगम, भोपाल का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.
क्र. ई- 1-359-2014-5- एक श्रीमती स्वाति मीणा, भा.प्र.से. (2007 ) , कार्यपालक संचालक, राज्य लोक सेवा प्राधिकरण, भोपाल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ आगामी आदेश तक अपर मिशन संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.
भोपाल, दिनांक 15 अक्टूबर 2014
क्र. ई- 5-684- आयएएस- लीव - 5 - एक-श्री अमित राठौर, आय.ए.एस. , आयुक्त, वाणिज्यिक कर, इन्दौर को समसंख्यक आदेश दिनांक 19 सितम्बर 2014 द्वारा दिनांक 4 से 7 अक्टूबर 2014 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश , दिनांक 2 एवं 3 अक्टूबर 2014 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति के साथ स्वीकृत किया गया था, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
क्र. ई- 5-889 - आयएएस- लीव - 5 - एक ( 1 ) श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह , आय.ए.एस. , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, नरसिंहपुर को दिनांक 25 अक्टूबर से 2 नवम्बर 2014 तक, नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक स्थानापन्न मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत नरसिंहपुर, के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अॅन्टोनी डिसा, मुख्य सचिव.
अनुसूचित जाति कल्याण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 30 अगस्त 2014
क्र. एफ- 23-66-1999-4- पच्चीस.- राज्य शासन, अनुसूचित जाति एवं जनजाति ( अत्याचार निवारण ) नियम, 1995 के नियम 16 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 14 जुलाई, 2009 द्वारा गठित राज्य स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाता है.
( 2 ) राज्य शासन , एतद्वारा निम्नानुसार राज्य स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति का पुर्नगठन करता है : -
1. श्री शिवराज सिंह चौहान, मा. मुख्य मंत्री अध्यक्ष
सदस्य 2. श्री जयंत मलैया, मा. वित्त मंत्री
3. श्री बाबूलाल गौर, मा. गृह मंत्री सदस्य
सदस्य 4. श्री ज्ञानसिंह , मा. मंत्री , आ.जा.क. एवं अनु. जाति कल्याण.
सदस्य 5. डॉ. भागीरथ प्रसाद, मा. सांसद 3136
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अक्टूबर 2014
सदस्य 6. डॉ. बीरेन्द्र कुमार, मा. सांसद
सदस्य 7. श्री फग्गनसिंह कुलस्ते, मा. सांसद
सदस्य 8. श्रीमती ज्योति धुर्वे, मा. सांसद
सदस्य 9. श्री गोपीलाल जाटव, मा. विधायक
सदस्य 10. श्री प्रदीप लारिया, मा. विधायक
सदस्य 11. श्री अंचल सोनकर, मा. विधायक
सदस्य 12. श्री देवेन्द्र वर्मा , मा. विधायक
सदस्य 13. श्री राजेन्द्र वर्मा, मा. विधायक
सदस्य श्री कुंवर सिंह टेकाम, मा. विधायक
14.
सदस्य श्री जयसिंह मरावी, मा. विधायक
15.
सदस्य 16. श्रीमती नंदिनी मरावी, मा. विधायक
सदस्य 17. श्री पंडित सिंह धुर्वे, मा. विधायक
सदस्य 18. श्री राजेन्द्र दादु, मा. विधायक
सदस्य 19. श्री वेलसिंह भूरिया, मा. विधायक
सदस्य 20. मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन
सदस्य 21. अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , गृह विभाग .
सदस्य 22. पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश
सदस्य 23. निदेशक, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/ जनजाति आयोग , क्षेत्रीय कार्यालय , भोपाल.
संयोजक 24. प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , अनुसूचित जाति कल्याण विभाग.
(3) उक्त समिति का कार्यकाल 5 वर्ष अथवा विधान सभा विघटन जो भी पहले हो, तक रहेगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , अजय सिंह गंगवार, उपसचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 29 सितम्बर 2014
फा. क्र. 1-1-88- इक्कीस - ब ( 1 ) -3044-14.- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक1-1- 88 - इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 24 अक्टूबर 2009 में, जो मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग -1 में दिनांक 6 नवम्बर 2009 में प्रकाशित हुई थी, निम्नलिखित संशोधन करता है यथा :-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में, अनुसूची में, अनुक्रमांक 47 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाए : -
अनुसूची
सेशन न्यायाधीश/
स्थानीय क्षेत्र अनुक्रमांक
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश
(2)
(3) (1)
उमरिया 47 प्रथम अपर सेशन न्यायाधीश , उमरिया
F. No. 1-1-88 -XXI - B ( 1 ) 3044-014 .-In exercise of the powers conferred by sub- section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act , 1988 (No. 49 of 1988) the State Government , hereby makes the following amendment in this Department Notifications F. No. 1-1-88 - XXI - B ( 1 ) , dated 24th October 2009 which was published in the Madhya Pradesh Gazette Part- I dated 6th November 2009 namely:-
AMENDMENT
In the said Notification , in the Schedule , for serial number 47 & entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be substituted:-
SCHEDULE
Local area Sessions Judge/
Additional Sessions Judge (2)
(3) Serial Number (1)
Umaria 47 Ist Additional Sessions Judge , Umaria.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सी. व्ही. सिरपुरकर, प्रमुख सचिव.
भोपाल, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
फा. क्र. 1 (सी) -23-2008 - इक्कीस - ब( दो ) .- राज्य शासन , इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 4 अक्टूबर 2013 द्वारा माननीय उच्च न्यायालय , खण्डपीठ, ग्वालियर में विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त संगठन भोपाल, मध्यप्रदेश के दाण्डिक प्रकरणों, अपील पुनरीक्षण एवं अन्य विविध दाण्डिक प्रकरणों में विशेष पुलिस स्थापना ( लोकायुक्त संगठन ) भोपाल की ओर से पैरवी हेतु नियुक्त श्री जयसिंह डी. सूर्यवंशी , अधिवक्ता ग्वालियर को 40,000/- (चालीस हजार ) ( जिसमें संगठन द्वारा प्रदत्त दाण्डिक से भिन्न मामलों का पारिश्रमिक भी शामिल है. ) के मासिक पारिश्रमिक पर दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 24( 8 ) के अन्तर्गत उनके कार्यकाल में दिनांक 9 अक्टूबर 2014 से 8 अक्टूबर 2015 तक की अभिवृद्धि करता है. इसके अलावा वे संबंधित प्रकरण का स्टेशनरी आदि का अनुषांगिक व्यय भी पा सकेंगे.
भाग 1 ]
3137
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
प्रत्येक माह के बिल की राशि का भुगतान विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त संगठन भोपाल मध्यप्रदेश करेगा .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
आर. के. वाणी , अति. सचिव.
भोपाल , दिनांक 13 अक्टूबर 2014
फा. क्र. 1 (सी) -31-2014 - एट्रोसिटी-इक्कीस - ब ( दो ) .- राज्य शासन, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 14 के अनुसार सिवनी जिले के विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय के लिये, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) नियम, 1995 के नियय 4( 1 ) के अनुसार श्रीमती मंजू अग्रवाल, अधिवक्ता को जिला सिवनी में विशिष्ठ ज्येष्ठ अधिवक्ता नियुक्त करता है .
उक्त नियुक्ति श्रीमती मंजू अग्रवाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष के लिये होगी. यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है . किसी भी स्थिति में 62 वर्ष की आयु के पश्चात् वे उक्त पद पर कार्य करने हेतु अर्ह नहीं होंगे. विशेष लोक अभियोजक की अनुपस्थिति के दिनांक पर विशेष न्यायालय में केवल उस दिन की कार्यवाही हेतु पैनल अअधिवक्ताओं को कार्य चक्रानुक्रम से जिला दण्डाधिकारी द्वारा आवंटित किया जायेगा.
नियुक्त अभिभाषक को शुल्क आदि विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्रमांक 1 ( सी ) एट्रोसिटी- इक्कीस - ब ( दो ) , दिनांक 24 अप्रैल 2008 के अनुरूप देय होंगे एवं इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64- मुख्य शीर्ष- 2225-( 5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31 - व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां- 003 - अभिभाषकों को फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा. जिसका भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.
फा. क्र. 1 (सी) -33-2014- एट्रोसिटी- इक्कीस - ब( दो ) .- राज्य शासन , अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 14 के अनुसार खण्डवा जिले के विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय के लिये , अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) नियम, 1995 के नियय 4( 1 ) के अनुसार श्री प्रणय कुमार गुप्ता, अधिवक्ता को जिला खण्डवा में विशिष्ठ ज्येष्ठ अधिवक्ता नियुक्त करता है.
उक्त नियुक्ति श्री प्रणय कुमार गुप्ता द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष के लिये होगी. यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है. किसी भी स्थिति में 62 वर्ष की आयु के पश्चात् वे उक्त पद पर कार्य करने हेतु अर्ह नहीं होंगे . विशेष लोक अभियोजक की अनुपस्थिति के दिनांक पर विशेष न्यायालय में केवल उस दिन की कार्यवाही हेतु पैनल अअधिवक्ताओं को कार्य चक्रानुक्रम से जिला दण्डाधिकारी द्वारा आवंटित किया जायेगा.
नियुक्त अभिभाषक को शुल्क आदि विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्रमांक 1 ( सी ) एट्रोसिटी- इक्कीस - ब(दो) , दिनांक 24 अप्रैल 2008 के अनुरूप देय होंगे एवं इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64 - मुख्य शीर्ष- 2225- ( 5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31 - व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां- 003- अभिभाषकों को फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा. जिसका भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.
फा. क्र. 1 ( सी ) -34-2014 - एट्रोसिटी-इक्कीस - ब ( दो ) - 2014.- राज्य शासन , अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 14 के अनुसार विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय के लिये अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत श्री नीरज सक्सेना, अधिवक्ता, रतलाम को जिला रतलाम में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है. उक्त नियुक्ति उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष के लिये होगी. यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है . किसी भी स्थिति में 62 वर्ष की आयु के पश्चात् वे उक्त पद पर कार्य करने हेतु अर्ह नहीं होगें.
नियुक्ति विशेष लोक अभियोजक को शुल्क का भुगतान विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्रमांक 1 (सी) एट्रोसिटी-इक्कीस- ब ( दो ) , दिनांक 24 अप्रैल 2008 के अनुरूप देय होंगे
इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64- मुख्य शीर्ष- 2225-(5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना - 31 - व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां- 003 - अभिभाषकों को फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा. देयकों का भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.
भोपाल , दिनांक 15 अक्टूबर 2014
फा. क्र. 1 ( सी) -36-2014 - इक्कीस- ब( दो) .- राज्य शासन, दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 52 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 8 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए निम्नलिखित जिला लोक अभियोजन अधिकारियों को विशेष पुलिस स्थापना , लोकायुक्त संगठन के माननीय विशेष न्यायालयों के समक्ष लंबित प्रकरणों में शासन की ओर से पैरवी करने हेतु लोकायुक्त संगठन में उनकी पदस्थापना अवधि तक एतद्वारा विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है:-
1. श्री रामकुमार पटेल
2. श्रीमती ममता सिंह चौहान
3. श्री राजेन्द्र कुमार उपाध्याय
4. श्री अरविन्द कुमार श्रीवास्तव
फा. क्र. 1 (बी )-08-2014 - इक्कीस- ब( दो) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य 3138
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अक्टूबर 2014
शासन , श्री रामवीर सिंह राजपूत पुत्र स्व. श्री रघुनंदन सिंह राजपूत अधिवक्ता, जिला मुरैना को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला मुरैना सत्र खण्ड के जिला मुरैना राजस्व जिले के लिए एतद्वारा , अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, नियुक्त करता है. यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है .
फा. क्र. 1 (बी) -08-2014 - इक्कीस- ब( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , श्री परीक्षत सिंह रावत पुत्र श्री सरवन सिंह रावत अधिवक्ता , तहसील सबलगढ़ , जिला मुरैना को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला मुरैना सत्र खण्ड के जिला मुरैना राजस्व जिले की तहसील सबलगढ़ के लिए एतद्वारा , अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, नियुक्त करता है. यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 (अ ) -3-03 - इक्कीस ब ( दो ) .- राज्य शासन, निम्नलिखित अधिवक्ता को अतिरिक्त महाधिवक्ता कार्यालय, ग्वालियर में उनके नाम के समक्ष दर्शाये गये पद एवं निश्चित मासिक पारिश्रमिक पर महाधिवक्ता के परामर्श से उच्च न्यायालय खण्डपीठ, ग्वालियर में शासन की ओर से पैरवी करने के लिए आदेश जारी होने के दिनांक से 2 वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त करता है. उक्त अवधि में दोनों पक्ष एक माह का नोटिस देकर यह संविदा समाप्त करने के लिए स्वतंत्र होंगे:-
अतिरिक्त महाधिवक्ता कार्यालय, ग्वालियर
पारिश्रमिक अधिवक्ता का नाम
पद
क्रमांक
प्रतिमाह
(4)
(3)
(1)
(2)
1 श्री बी. के . शर्मा शासकीय अधिवक्ता 35,000/ - इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 29-2014 न्याय प्रशासन ( 114 ) कानूनी सलाहकार और परिषद् ( 3428 ) महाधिवक्ता 01 - वेतन-001- अधिकारियों के वेतन के अन्तर्गत विकलनीय होगा.
फा. क्र. 1 (बी) -08-2014- इक्कीस- ब( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्री मानवेन्द्र सिंह राणा पुत्र श्री योगेन्द्र सिंह राणा, अधिवक्ता, जिला मुरैना को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला मुरैना सत्र खण्ड के जिला मुरैना राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, नियुक्त करता है. यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 ( बी ) -08-2014- इक्कीस- ब( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , श्री महेन्द्र कुमार कुलश्रेष्ठ पुत्र श्री सियाराम कुलश्रेष्ठ अधिवक्ता, जिला मुरैना को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला मुरैना सत्र खण्ड के जिला मुरैना राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , शासकीय अभिभाषक/ लोक अभियोजक, नियुक्त करता है. यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है .
फा. क्र. 1 (बी) -08-2014- इक्कीस- ब( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्री इन्द्र सिंह गुर्जर पुत्र श्री औतार सिंह गुर्जर, अधिवक्ता, जिला मुरैना को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला मुरैना सत्र खण्ड के जिला मुरैना राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, नियुक्त करता है . यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
भोपाल, दिनांक 16 अक्टूबर 2014
फा. क्र. 1 ( बी) -30-2004 - इक्कीस- ब (दो ) .- राज्य शासन द्वारा इस विभाग की समसंख्यक आदेश दिनांक 27 जून 2014 के द्वारा श्री शिवकुमार तिवारी , अधिवक्ता को शासकीय अभिभाषक/ लोक अभियोजक, जिला डिण्डौरी राजस्व जिले के लिए नियुक्त किया गया था.
श्री शिवकुमार तिवारी, शासकीय अभिभाषक/ लोक अभियोजक, जिला डिण्डौरी को आदेश जारी होने के दिनांक से पदमुक्त किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अमिताभ मिश्र , अपर सचिव.
भोपाल, दिनांक 13 अक्टूबर 2014
फा. क्र. 1 (सी ) -30-2014 - एट्रोसिटी- इक्कीस - ब ( दो ) - 2014.- राज्य शासन, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम , 1989 की धारा 14 के अनुसार विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय के लिये अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत श्री स्वरूप नारायण भान , अधिवक्ता , शिवपुरी को जिला शिवपुरी में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है. उक्त नियुक्ति उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष के लिये होगी. यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है . किसी भी स्थिति में 62 वर्ष की आयु के पश्चात् वे उक्त पद पर कार्य करने हेतु अर्ह नहीं होगें.
नियुक्त विशेष लोक अभियोजक को शुल्क का भुगतान विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्रमांक 1 ( सी ) भाग 1 ]
3139
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
एट्रोसिटी- इक्कीस - ब ( दो ) , दिनांक 24 अप्रैल 2008 के अनुरूप देय होंगे
इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64- मुख्य शीर्ष- 2225- ( 5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31 - व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां- 003- अभिभाषकों को फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा. देयकों का भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. पी. खेर, उपसचिव.
जनसम्पर्क विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 14 अक्टूबर 2014
क्र. एफ 6-4-2007 जसं चौबीस. राज्य शासन, एतद्वारा मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित जनसम्पर्क विभाग के अधीन मध्यप्रदेश राज्य पत्रकार अधिमान्यता नियम 2007 में निम्नानुसार संशोधन करता है:-
मध्यप्रदेश राज्य पत्रकार अधिमान्यता नियम के क्रमांक 6 में समिति का कार्यकाल एक वर्ष के स्थान पर दो वर्ष होगा. आवश्यकतानुसार कार्यकाल में 6 माह की वृद्धि की जा सकती है.
अधिमान्यता नियम के बिन्दु क्रमांक 19 के उप बिन्दु क्रमांक 3 (अ ) के खण्ड 4 में 4( अ ) जोड़ते हुए न्यूनतम स्टेंडर्ड 12 पृष्ठ 8 कालम/ 4800 स्टेंडर्ड कालम सेमी . 75 हजार से ऊपर प्रत्येक 25 हजार की प्रसार संख्या पर एक राज्य स्तरीय और जिलास्तरीय अधिमान्यता की पात्रता होगी . जिलास्तरीय अतिरिक्त पात्रता कोटा प्रकाशन स्थल पर दिया जा सकेगा.
अधिमान्यता नियम के बिन्दु क्रमांक 19 के उप बिन्दु क्रमांक 3 ( अ ) के 6 को पूर्णतः विलोपित किया जाता है. नियम की कंडिका 19 के उप बिन्दु क्रमांक 6 में यह जोड़ा जाता है. " संभाग की प्रसार संख्या वाले जिलों के लिए निर्धारित जिलास्तरीय अधिमान्यता के कोटे का कड़ाई से पालन किया जायेगा.
टेबुलाइड आकार में प्रकाशित समाचार- पत्र के लिये अधिमान्यता के कोटे का निर्धारण बड़े आकार के समाचार- पत्र के कालम सेंटीमीटर के आधार पर किया जायेगा.
अधिमान्यता की पात्रता के नियम 19 के उप बिन्दु ( इ ) इलेक्ट्रानिक मीडिया से अधिमान्यता में उप बिन्दु क्रमांक 4 इस प्रकार जोड़ा जाता है- इलेक्ट्रानिक चेनलों को प्रत्येक जिले में उनके स्टाफर, रिपोर्टर और कैमरामेन को एक- एक जिलास्तरीय अधिमान्यता (कुल 2 ) दी जा सकेगी.
कैमरामैन और फोटोग्राफर की तकनीकी विशेषज्ञता को देखते हुए शैक्षणिक योग्यता के मापदण्डों में शिथिलता दी जा सकेगी.
मध्यप्रदेश राज्य पत्रकार अधिमान्यता नियम क्रमांक 20 विविध में निम्नलिखित प्रावधान जोड़ा जाता है-
9. अधिमान्यता नियमों के साथ विज्ञापन नीति के प्रावधान भी लागू होंगे. जो समाचार- पत्र या चैनल विज्ञापन के लिए अपात्र होंगे, वे स्वमेव अधिस्वीकृति के लिए अपात्र हो जायेगें.
10. अधिमान्यता के लिए आवेदन - पत्र का पूर्ण परीक्षण कर पात्रता होने पर ही पुलिस सत्यापन के लिए भेजा जायेगा.
11. अधिमान्यता के लिए आवेदक द्वारा दी जाने वाली जानकारी की पुष्टि के लिए उनके द्वारा शपथ- पत्र देना होगा.
12. समाचार - पत्र की प्रसार संख्या के प्रमाणीकरण , न्यूज चैनलों की टीआरपी और बेवसाइड के हिट्स के लिए विज्ञापन नीति के प्रावधान लागू होंगे.
13. समाचार- पत्र/संस्थान में कार्यरत पत्रकारों को स्वतंत्र पत्रकार के रूप में सामान्यतः अधिमान्यता नहीं दी जायेगी. विशेष प्रकरण में अधिमान्यता समिति विचार कर सकती है.
14. पत्रकारों की वरिष्ठता को देखते हुए अधिमान्यता कार्ड के नवीनीकरण के लिए निर्धारित एक वर्ष की सीमा को अधिकतम 2 वर्ष के लिए आवश्यकतानुसार आवेदन पर बढ़ाया जाएगा. इसके लिए 5 वर्ष तक की राज्यस्तरीय अधिमान्यता का मापदण्ड रहेगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अनिल माथुर, अपर सचिव.
ऊर्जा विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल Bhopal , the 15th October 2014
No. F - 03-30-2011 - XIII . In pursuance to this department's notification No. F - 3-30-2011 -XIII , published in the Madhya Pradesh Gazette (Extra- ordinary) on 1st October 2014 vide which Grievance Redressal Authority has been established for Maheshwar Hydro Electric Project affected persons , the State Government hereby resolves as under:-
1. Dr. Anil Pare , Retired District and Session Judge , is hereby appointed as the Chairman of the Grievance Redressal Authority with effect from date of issue of this order and for a period upto 30th September 2016 .
2. The Office of the Grievance Redressal Authority will be located at Indore , Madhya Pradesh.
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , NEERAJ AGRAWAL , Dy . Secy .
[ भाग 1 3140
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
सामान्य प्रशासन विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 22 सितम्बर, 2014
क्र. ई - 1-31-2014-5- एक.- नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाये भाप्रसे के आवंटन वर्ष 2010 के अधिकारियों को दिनांक 1 जनवरी , 2014 से भाप्रसे का वरिष्ठ समय वेतनमान ( रु. 15,600-39,100 + ग्रेड पे 6,600 ) स्वीकृत किया जाता है तथा उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाये गए पद पर, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है: -
तालिका
नवीन पदस्थापना
क्रमांक अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना
खाना (3 ) में अंकित पद असंवर्गीय होने की दशा में संवर्गीय पद जिसके समकक्ष घोषित किया गया है
(4)
(3)
(2)
(1)
1
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत तथा पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) , टीकमगढ़.
श्री अनय द्विवेदी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, टीकमगढ़ (कनिष्ठ वेतनमान )
2
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत तथा पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) , छिन्दवाड़ा.
श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल बहुगुणा मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, छिन्दवाड़ा (कनिष्ठ वेतनमान)
3
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत तथा पदेन अपर कलेक्टर ( विकास) , बालाघाट.
श्री तरुण राठी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, बालाघाट (कनिष्ठ वेतनमान)
4
अपर कलेक्टर, हरदा
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गणेश शंकर मिश्रा, अपर कलेक्टर, हरदा (कनिष्ठ वेतनमान)
5
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत तथा पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) , सतना
श्री अभिजीत अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, सतना (कनिष्ठ वेतनमान)
6
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत तथा पदेन अपर कलेक्टर (विकास ) , डिण्डौरी.
श्री कर्मवीर शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत , डिण्डौरी (कनिष्ठ वेतनमान) 3141 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
(4)
(3)
(1)
(2)
7 श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह , मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत , नरसिंहपुर (कनिष्ठ वेतनमान)
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत तथा पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) , नरसिंहपुर.
8
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत तथा पदेन अपर कलेक्टर (विकास ) , रायसेन.
श्री अनुराम चौधरी , मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत , रायसेन (कनिष्ठ वेतनमान)
9
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत तथा पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) , दतिया.
श्री भास्कर लक्षकार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत , दतिया (कनिष्ठ वेतनमान)
10 श्री आशीष सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत , इन्दौर
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत तथा पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) , इन्दौर.
(कनिष्ठ वेतनमान)
11
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत तथा पदेन अपर कलेक्टर ( विकास ) , हरदा.
श्रीमती षणमुख प्रिया मिश्रा , मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत , हरदा (कनिष्ठ वेतनमान)
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अॅन्टोनी डिसा, मुख्य सचिव.
संस्कृति विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 4 अक्टूबर 2014
क्र. एफ 11-8-2012 - तीस.- मध्यप्रदेश प्राचीन स्मारक पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम , 1964 की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन राज्य शासन की अधिसूचना में क्रमांक एफ 11-8-2012- तीस , दिनांक 7 जुलाई 2012 द्वारा निम्नलिखित अनुसूची में विनिर्दिष्ट प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित करने के आशय की सूचना जारी की गयी थी जिसका प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र में किया गया था.
2. उक्त अधिसूचना के संबंध में कोई भी आपत्ति प्राप्त नहीं है.
3. अतः , राज्य शासन , मध्यप्रदेश प्राचीन स्मारक, पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम 1964 ( क्रमांक 12 सन् 1964 ) की धारा 3 की उपधारा ( 3 ) में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए एतद्वारा प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करता है:-
[ भाग 1 3142
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
अनुसूची
क्षेत्रफल स्वामित्व
स्मारक का नाम
स्थल
जिला तहसील
राज्य
धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं
राजस्व खण्ड क्रमांक जिसे संरक्षण में सम्मिलित करना है
(9)
(8)
(7)
(6)
(5)
(2) (3) (4)
(1)
म. प्र. धार
0.379 हेक्टर
धार छत्रीपाल क्षेत्र
करणसिंह पंवार के वंशजों का शमशान है.
करणसिंह पंवार एवं उनके वंशजों कास्वामित्व है.
870पैकी आबादी ( धार - शहर)
छत्रियां राजा महाराजाओं की उदाजी पंवार के वंशजों की
क्र. एफ 11-9-2014- तीस .- मध्यप्रदेश प्राचीन स्मारक पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम, 1964 की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन राज्य शासन की अधिसूचना में क्रमांक एफ 11-9-2014- तीस , दिनांक 22 फरवरी 2012 द्वारा निम्नलिखित अनुसूची में विनिर्दिष्ट प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित करने के आशय की सूचना जारी की गयी थी जिसका प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र में किया गया था.
2. उक्त अधिसूचना के संबंध में कोई भी आपत्ति प्राप्त नहीं है.
3. अतः, राज्य शासन, मध्यप्रदेश प्राचीन स्मारक, पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम 1964 ( क्रमांक 12 सन् 1964 ) की धारा 3 की उपधारा ( 3 ) में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए एतद्वारा प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करता है:-
अनुसूची
क्षेत्रफल स्वामित्व
स्थल
स्मारक का नाम
तहसील
राज्य जिला
धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं
राजस्व खण्ड क्रमांक जिसे संरक्षण में सम्मिलित करना है
(8)
(9)
(6)
(7)
(5)
(2) (3) (4)
(1)
नहीं
म. प्र . शासन
मऊ
म. प्र. छतरपुर नौगांव
खसरा नं. 2602/1/1
रकबा क्षेत्र 1.725 है.
हृदय शाह का महल
क्र. एफ 11-10-2014- तीस.- मध्यप्रदेश प्राचीन स्मारक पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम, 1964 की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन राज्य शासन की अधिसूचना में क्रमांक एफ 11-10-2014- तीस, दिनांक 22 फरवरी 2012 द्वारा निम्नलिखित अनुसूची में विनिर्दिष्ट प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित करने के आशय की सूचना जारी की गयी थी जिसका प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र में किया गया था.
2. शासन की उक्त अधिसूचना के संबंध में निर्धारित समयावधि में कोई भी आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है .
भाग 1 ]
3143
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
3. अतः, राज्य शासन , मध्यप्रदेश प्राचीन स्मारक, पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम, 1964 ( क्रमांक 12 सन् 1964 ) की धारा 3 की उपधारा ( 3 ) में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए एतद्वारा प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करता है:-
तहसील स्थल
स्मारक का नाम राज्य जिला
(3)
(5) (2)
(4)
(1)
म. प्र. नरसिंहपुर नरसिंहपुर ग्राम- गरारू
श्री गरूड़ देव मंदिर
अनुसूची
क्षेत्रफल स्वामित्व
राजस्व खण्ड
धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं क्रमांक जिसे संरक्षण में सम्मिलित करना है
(9)
(8)
(6)
(7)
पूजा के अधीन है.
खसरा नं. 62/1
म. प्र. शासन पहाड़
रकबा क्षेत्र 2.154 में से 0.100 है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पदमरेखा ढोले , अवर सचिव.
नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
सूचना
भोपाल , दिनांक 9 अक्टूबर 2014
क्र. एफ- 3-205-2012- बत्तीस.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम ( संशोधित ) 1973 ( क्रमांक 1 सन् 2012 ) की धारा 23 " क" की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ-3/ 205/2012- बत्तीस, दिनांक 4-3-2014 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रवर्तित जबलपुर विकास योजना 2021 में उपांतरण की पुष्टि करती है . उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार है: -
अनुसूची
क्षेत्रफल हेक्टेयर में
खसरा क्र .
ग्राम
क्रमांक
(2)
(3)
(4)
(1)
81/4में से
1
ग्राम महगवा
85में से
85में से
उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू- उपभोग (6)
विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग (5)
नगर वन
19.00 हे.
सार्वजनिक एवं अर्ध सार्वजनिक नगर वन
25.283 हे .
सार्वजनिक एवं अर्ध सार्वजनिक
16.00 हे.
सार्वजनिक एवं अर्ध सार्वजनिक कृषि
योग .. 60.283
हैक्टेयर
2. उपरोक्त उपांतरण अंगीकृत जबलपुर विकास योजना 2021 का भाग मान्य होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वर्षा नावलेकर , उपसचिव.
[ भाग 1 3144
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अक्टूबर 2014
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 14 अक्टूबर 2014
क्र. एफ-9-1-2010- छप्पन.- राज्य शासन संलग्न परिशिष्ट अनुसार मध्यप्रदेश स्पेशियल डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर नीति 2014 ( SSDI Policy -2014 ) जारी करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुधीर कुमार कोचर, उपसचिव.
परिशिष्ट-2 Madhya Pradesh State Spatial Data Policy- 2014
1. Definitions . in the policy , unless the context otherwise requires ,-
i. "State Agencies " .-means state departments , local bodies , public authorities and public agencies .
ii. "Nodal Agencies " .-means the nodal agency as designated by the state Government for carrying out activities envisaged in the policy .
"Spatial Data " .-means geographically referenced map data along with its requisite attribute information.
iv. " SSDI " .-means State spatial Data Infrastructure which is defined as " the collection of technologies , policies , standards , human resources , and related activities necessary to acquire , process , distribute , use, maintain , and preserve spatial data "
2. Preamble. The advent of remote sensing technology has significantly increased the usage of spatial data for planning , monitoring and decision support , Consequently there has been an increase in the number of user of remotely sensed data and its derivatives . Several state departments and their agencies are currently making use of remotely sensed data and its derivatives , An integrated approach towards creation of common standardized spatial data, enabling interdepartmental data sharing and simplifying spatial data access to users are the key measures that can be adopted for maximixing the technology benefits towards better informed decision making . An integarated spatial data infrastructure is therefore required for harnessing technology benefits . Therefore , a state policy on procurement, dissemination and shring of remotely sensed data and its derivatives is needed.
3. Objectives . The objectives of the policy are ,—
i.
To provide mandate for setting up of MP State spatial Data infrastructure and create necessary institutional framework for the same ;
ii. To regulate procurement of remotely sensed date ;
To encourage creation and usage of interdepartmental , multipurpose , standardized , co - referenced spatial data including stellite imagery and its derivatives for the entire state ;
iv. To maintain and allow easy access of spatial data to all state users for enabling decision support ;
4. State Spatial Infrastructure Committee,-1 . The state Government shall constitute the State Spatial infrastructure Committee ( SSIC ) having following memmbers , namely : -- 3145 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
a. Chief Secretary to the Government of Madhya Pradesh , as ex - officio Chairperson.
b . Principal Secretary , department of Finance, Government of Madhya Pradesh as member ;
c. Principal Secretary , Department of Revenue , Government of Madhya Pradesh as member ;
d. Principal Secretary , Department of Urban Administration and Development , Government of Madhya Pradesh as member;
e. Principal Secretary , Department of Planning , Government of Madhya Pradesh as member ;
f. Principal Secretary , Department of Rural Development , Government of Madhya Pradesh as member ;
g . Principal Secretary , Departmenr of Scheduled Caste Welfare , Government of Madhya Pradesh as member;
h . Principal Secretary , Department of Tribal Welfare , Government of Madhya Pradesh as member ;
i. SIO, National Informatics Center , Madhya Pradesh as member ;
j. Secretary , Department of Science Technology , Government of Madhya Pradesh as member Secretary ;
k. Any other invitee , as per approval of the Chairman;
ii. SSIC will approve administrative and operational frame work including resources , roles and responsibilities , reporting system and the like for SSDI ;
iii . SSIC will approve rules and guidelines for effective implementation of SSDI in Madhya Pradesh .
iv. SSIC will approve the action plan for setting up SSDI and review its implementation on qurterly basis ;
V. SSIC will enjoy the status of standing Finance committee/Empowered Finance Committee/Project screening committee as the case may be as per the circular of the department of Finance , Govt. of Madhya Pradesh , dated 18-1-2012 for review , administrative approval and screening of the same;
vi . SSIC will facilitate inter - departmental coordination required to meet the policy objectives ;
5. Nodal Agency. i . Selection of Nodal agency will be done by State Spatial infrastructure committee ;
ii. Nodal Agency will setup State Spatial Data Infrastructure as a dedicated wing within the organization ;
iii. Nodal Agency shall ,-
a. Coordinate with state agencies on spatial data nees , Sharing mechanisms , data access and desision support requirments ;
b . Procure on behalf of the state , high resolution or other required satellite imagery at defined intervals ;
с . Make appropriate use of data of state agencies for the benefit of citizens ;
d. If required , engage private or Govt. agency for carrying out activities required for meeting the policy objectives ;
e. Enter into service level agreement or other agreements with state and other agencies to achieve the objectives of the polocy ;
[ भाग 1 3146
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
f. Formulate the revenue model governing charges , fees , costs and the like to be levied upon the state agencies and other users for usage and access to the spatial data , applications and the like;
g. Coordinate with other states and spatial data providers for technology support and spatial data;
h. Provide value added services and consultancy to the Government for better planning , utilization and maintenance of resources ;
iv. The nodal agency shall function under the overall administrative control and supervision of the state spatial infrastructure Committee and shall be bound by all policies , guidelines , directions and the like issued by the SSIC from time to time .
6. State Spatial Data Infrastructure. under state spatial data infrastructure , following tasks shall be carried out:-
i. Providing seamless and standardized spatial data to State and other agencies through electronic or other means , under controlled access . The spatial data shall include :-
a. Co-referenced satellite imagery
b . Administrative jurisdiction boundaries including those of villages , wards and forests .
ii . Facilitating, creating and providing to users , multipurpose integrated GIS data comprising department specific spatial datasets and standardized administrative boundaries to state users ;
iii . Providing the means (electronic or other ) to state agencies for data updates , so that it may enrich the central repository and be disseminated , through secured data access mechanism , to other state users ;
iv . Facilitating development of decision suport systems for better informed decision making by state departments ;
V. Maintaining state's spatial data and applications thereof;
7. General Policy Provisions . i . The State agencies shall mandatorily make available , by electronic or other means , their spatial data and updates , thereof , to the nodal agency in order to enable creation of standarized central repository of state's spatial data;
ii. All State agencies requiring spatial context in effective decision making , shall mandatorily make use of spatial data;
iii . Project proposals of state agencies involing spatial data creation in the state shall require opinion of the nodal agency;
iv. State agencies shall present the centrally funded project proposals for the review of SSIC , which involve spatial data creation in the state.
V. The nodal agency shall make available spatial data from the state's repository , if required , for centrally funded projects involving spatial data creation in the state;
vi . The state agencies shall share with nodal agency , the spatial data of the state which has been created through centrally funded projcts ;
vii . The state agencies using spatial data shall cirtify in writing at regular intervals , as decided by SSIC , to the nodal agency that all spatial data along with its attribution has been updated and made available to the nodal agency .
भाग 1 ]
3147
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अक्टूबर 2014
महिला एवं बाल विकास विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 15 अक्टूबर 2014
क्र. 1797-1324-14- पचास- 2- किशोर न्याय ( बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2000 की धारा 4 की उपधारा ( 1) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य सरकार, एतद्वारा नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में यथाविनिर्दिष्ट निम्नलिखित किशोर न्याय बोर्ड का गठन , कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये करती है और उक्त अधिनियम के अधीन ऐसे बोर्ड को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा कर्तव्यों का निर्वहन करने के प्रयोजनों के लिये, उसके ( अनुसूची के) क्रमशः (4 ) में यथाविनिर्दिष्ट सामाजिक कार्यकर्ताओं को नियुक्त करती है अर्थात् :-
अनुसूची
जिले का नाम
क्रमांक किशोर न्याय बोर्ड और उसका मुख्यालय
(2)
(3)
(1)
सतना
सतना
1
सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम
(4)
श्रीमती उमा श्रीवास्तव
सदस्य 1.
2. श्री विजय पाल सिंह यादव सदस्य 1797-1324-14- L - 2.- In exercise of the power conferred by sub- section ( 1 ) and (2) of Section - 4 of the Juvenile Justice ( Care & Protection of Children) Act 2000 , the State Government hereby Constitute the following Juvenile Justice Board as specified in the column (2) of the schedule below , for the District as specified in column (3 ) and appoints Social Workers as specified in the column (4) respectively thereof for the purpose of exercising of the powers and discharging the duties conferred on such board under the said Act, namely:-
SCHEDULE
S. No.
Jurisdiction (Revenue District) Name of the Juvenile Justice Board & its Head Quarter
(3) (1)
(2)
Satna 1.
Satna
Name of the Honorary Social Workers
(4)
Member 1. Smt. Uma Shrivastave
Member 2. Shri Vijay Pal Singh Yadav
क्र. 1797-1324-14- पचास-2.-किशोर न्याय ( बालकों की देखरेख और संरक्षण ) अधिनियम, 2000 की 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य सरकार, एतद्वारा ( क) नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट बाल कल्याण समिति का, उसके ( अनुसूची के ) कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये गठन करती है ; और कॉलम ( 4 ) में यथाविनिर्दिष्ट सामाजिक कार्यकर्ताओं को नियुक्त करती है अर्थात्: -
अनुसूची
जिले का नाम
क्रमांक
(3) बाल कल्याण समिति के मुख्यालय का जिला (2)
(1)
सतना 1
सतना
सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम
(4)
1. श्रीमती शैला तिवारी
अध्यक्ष
सदस्य 2. श्री श्रवण कुमार तिवारी
सदस्य 3. श्री प्रदीप सक्सेना
सदस्य 4. श्री प्रेमशंकर भानेश
सदस्य 5. श्रीमती विभा नायक 3148
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
1797-1324-14- L- 2.-In exercise of the power conferred by sub - section ( 1 ) and (2) of the Section- 29 of the Juvenile Justice (Care & Protection of Children ) Act 2000 , the State Government hereby Constitute the following Child Welfare Committee as specified in column (2) of the schedule below, for the District as specified in the column (3 ) and appoints Social Workers as specified in column (4) respectively thereof for the purpose of exercising the powers and discharging the duties conferred on such committees under the said Act , namely:-
SCHEDULE
S. No.
Jurisdiction (Revenue District) Name of the Child Welfare Committees & its District Head Quarter
(3)
(2)
(1)
Satna
Satna
1.
Name of the Honorary Social Workers
(4)
-Chair Person 1. Smt . Shaila Tiwari
Member 2. Shri Shravan Kumar Tiwari
Member 3 . Shri Pradeep Saxena
Member 4. Shri Prem Shankar Bhanesh
Member 5. Smt. Vibha Nayak
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. एल. करयाम, उपसचिव.
भोपाल , दिनांक 15 अक्टूबर 2014
क्र. 1798-1327-14- पचास -किशोर न्याय ( बालकों की देखरेख और संरक्षण ) अधिनियम, 2000 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य सरकार, एतद्वारा नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में यथाविनिर्दिष्ट निम्नलिखित किशोर न्याय बोर्ड का गठन, कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये करती है और उक्त अधिनियम के अधीन ऐसे बोर्ड को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा कर्तव्यों का निर्वहन करने के प्रयोजनों के लिये, उसके ( अनुसूची के ) क्रमशः (4 ) में यथाविनिर्दिष्ट सामाजिक कार्यकर्ताओं को नियुक्त करती है अर्थात् :-
अनुसूची
सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम
जिले का नाम
क्रमांक किशोर न्याय बोर्ड और उसका मुख्यालय
(3)
(2)
(1)
पन्ना
1
पन्ना
(4)
1.
सदस्य डॉ. दुर्गा त्रिपाठी
सदस्य 2. डॉ. रविशंकर मोदी
1798-1327-14- L- 2.- In exercise of the power conferred by sub- section ( 1 ) and (2 ) of Section- 4 of the Juvenile Justice ( Care & Protection of Children) Act 2000 , the State Government hereby Constitute the following Juvenile Justice Board as specified in the column (2) of the schedule below , for the District as specified in column (3 ) and appoints Social Workers as specified in the column (4) respectively thereof for the purpose of exercising of the powers and discharging the duties conferred on such board under the said Act, namely :-
S. No.
Jurisdiction (Revenue District)
(3) Name of the Juvenile Justice Board & its Head Quarter (2)
(1)
Panna
Panna
1.
SCHEDULE
Name of the Honorary Social Workers
(4)
Member 1. Dr. Durga Tripathi
Member 2. Dr. Ravishankar Modi 3149 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
क्र. 1798-1327-14-पचास. किशोर न्याय ( बालकों की देखरेख और संरक्षण ) अधिनियम, 2000 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य सरकार, एतद्वारा नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में यथाविनिर्दिष्ट निम्नलिखित किशोर न्याय बोर्ड का गठन, कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये करती है और उक्त अधिनियम के अधीन ऐसे बोर्ड को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा कर्तव्यों का निर्वहन करने के प्रयोजनों के लिये , उसके ( अनुसूची के) क्रमशः ( 4 ) में यथाविनिर्दिष्ट सामाजिक कार्यकर्ताओं को नियुक्त करती है अर्थात् :-
अनुसूची
जिले का नाम
सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम क्रमांक किशोर न्याय बोर्ड और उसका मुख्यालय
(4)
(3)
(1)
(2)
1
पन्ना
पन्ना
1. श्रीमती हेमलता सिंह मेहदेले अध्यक्ष
सदस्य
2. श्रीमती आशा गुप्ता
सदस्य
3. श्रीमती शोभा खेरहा
4. श्रीमती वंदना जड़िया सदस्य
सदस्य
5. श्रीमती निशा यादव
1798-1327-14- L - 2.- In exercise of the power conferred by sub - section ( 1) and (2) of Section- 4 of the Juvenile Justice ( Care & Protection of Children ) Act 2000 , the State Government hereby Constitute the following Juvenile Justice Board as specified in the column (2) of the schedule below , for the District as specified in column (3 ) and appoints Social Workers as specified in the column (4) respectively thereof for the purpose of exercising of the powers and discharging the duties conferred on such board under the said Act , namely:-
SCHEDULE
S. No.
Name of the Honorary Social Workers
Jurisdiction (Revenue District )
Name of the Juvenile Justice Board & its Head Quarter
(4)
(2)
(1)
(3)
Panna
Panna
1.
1. Smt. Hemlata Singh Mehdele Chair person
Member
2. Smt. Asha Gupta
-Member
3. Smt . Shobha Khairha
-Member
4. Smt. Vandana Jadiya
Member
5. Smt . Nisha Yadav
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रजनी उइके , अपर सचिव.
[भाग 1 3150
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
कार्यालय , कलेक्टर, जिला होशंगाबाद, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
होशंगाबाद, दिनांक 17 सितम्बर 2014
क्र. 3261.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20, 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य-5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील बनखेड़ी, जिला होशंगाबाद के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है:-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नम्बर भू- भाग का विवरण (मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक्किया गया क्षेत्रफल )
(1)
(2) ग्राम पासीढाना, प.ह.नं. 50 1. पड़रई ठाकुर, प.ह.नं. 50 ( क्षेत्रफल-666.780 हे. )
क्र. 3262.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 ( संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा, नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील बनखेड़ी, जिला होशंगाबाद के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है:-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नम्बर भू- भाग का विवरण (मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक्किया गया क्षेत्रफल ) (1)
(2) ग्राम झिरियाझोरा , प.ह.नं. 50 1. पड़रई ठाकुर, प.ह.नं. 50 ( क्षेत्रफल 115.839 हे. )
क्र. 3263.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 ( संख्या 20, 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य-5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील बाबई, जिला होशंगाबाद के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है:-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नम्बर भू- भाग का विवरण (मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक् किया गया क्षेत्रफल)
(1)
(2) ग्राम कीरपुरा, प.ह.नं. 52 1. गूजरवाडा, प.ह.नं. 52 ( क्षेत्रफल-394.567 हे. )
क्र. 3264.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20, 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा (य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील बाबई, जिला होशंगाबाद के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है:-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नम्बर भू-भाग का विवरण (मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक् किया गया क्षेत्रफल )
(1)
(2) ग्राम डूडियाघाट , प.ह.नं. 21 1. जावली, प.ह.नं. 21 ( क्षेत्रफल-237.456 हे. )
क्र. 3265.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 ( संख्या 20, 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील बाबई, जिला होशंगाबाद के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है:-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नम्बर भू-भाग का विवरण (मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक् किया गया क्षेत्रफल )
(1)
(2) ग्राम सकतपुर, प.ह.नं. 01 1. गोरा , प.ह.नं. 01 ( क्षेत्रफल-240.534 हे. ) 3151
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
भाग 1 ]
क्र. 3266.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20, 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य-5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील सिवनीमालवा, जिला होशंगाबाद के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है:-
अनुसूची
भू- भाग का विवरण (मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक् किया गया क्षेत्रफल)
(1)
1. निपानिया, प.ह.नं. 47 ( क्षेत्रफल-359.053 हे. ) राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नम्बर
(2)
ग्राम खटकड़, प.ह.नं. 47
क्र. 3267.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य-5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील सिवनीमालवा, जिला होशंगाबाद के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है:-
अनुसूची
भू- भाग का विवरण (मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक् किया गया क्षेत्रफल )
(1)
1. रानीपुर, प.ह.नं. 31 ( क्षेत्रफल-297.264 हे. ) राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नम्बर
(2)
ग्राम गाडरीपुरा, प.ह.नं. 31
क्र. 3268.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20, 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील डोलरिया, जिला होशंगाबाद के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है:-
अनुसूची
भू-भाग का विवरण (मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक्किया गया क्षेत्रफल )
(1)
1. डोलरिया, प.ह.नं. 23 ( क्षेत्रफल-249.668 हे. ) राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नम्बर
(2) ग्राम नागनियापुरा, प.ह.नं. 23
क्र. 3269.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20, 1959 ) की धारा 2( 1 ) की उपधारा ( य-5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील होशंगाबाद, जिला होशंगाबाद के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है:-
अनुसूची
भू- भाग का विवरण (मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक्किया गया क्षेत्रफल ) (1)
1. रायपुर, प.ह.नं. 19 ( क्षेत्रफल -1008.970 हे. ) राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नम्बर
(2) ग्राम बान्द्राभान, प.ह.नं. 19
क्र. 3270.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20, 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ (2 ) में दर्शित नाम से तहसील सोहागपुर , जिला होशंगाबाद के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है:-
अनुसूची
भू- भाग का विवरण (मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक् किया गया क्षेत्रफल ) (1)
1. गलचा, प.ह.नं. 49 ( क्षेत्रफल 182.059 है. ) राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नम्बर
(2) ग्राम सेंकाखेड़ी, प.ह.नं. 49
संकेत भोंडवे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
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[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
विभाग प्रमुखों के आदेश
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन " 58 , अरेरा हिल्स, भोपाल (म. प्र. ) - 462011
आदेश
भोपाल , दिनांक 16 अक्टूबर 2014
क्र. एफ. 67-21-10-तीन- 70.-मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मौ जिला भिण्ड के आम निर्वाचन में सुश्री सारदादेवी/कृपालसिंह, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, सुश्री सारदादेवी/कृपालसिंह , को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भिण्ड के पास दाखिल करना था, किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भिण्ड के पत्र दिनांक 10 अगस्त 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री सारदादेवी/कृपालसिंह द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने काप्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री सारदादेवी/कृपालसिंह, को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 15 जुलाई 2014 जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री सारदादेवी/कृपालसिंह से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी सुश्री सारदादेवी/कृपालसिंह को कारण बताओ नोटिस दिनांक 17 जुलाई 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 1 अगस्त 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला भिण्ड से प्राप्त प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री सारदादेवी/कृपालसिंह को कारण बताओ सूचना पत्र की तीमीली दिनांक 17 जुलाई 2014 को कराने के उपरान्त भी उक्त अभ्यर्थी द्वारा कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है . " आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री सारदादेवी/कृपालसिंह, को दिनांक 9 सितम्बर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. किन्तु अभ्यर्थी सुश्री सारदादेवी/ कृपालसिंह, आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया, जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 14 अगस्त 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.
उपरोक्तविवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री सारदादेवी/कृपालसिंह, द्वारा निहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने कां कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री सारदादेवी/कृपालसिंह, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् मौ जिला भिण्ड का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधिके लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 16 अक्टूबर 2014
क्र. एफ. 67-21-10- तीन- 71.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके भाग 1 ]
निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मौ जिला भिण्ड के आम निर्वाचन में सुश्री नसीमा/इश्ताक , अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, सुश्री नसीमा/इश्ताक, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भिण्डके पास दाखिल करना था, किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी, भिण्ड के पत्र दिनांक 10 अगस्त 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री नसीमा/इश्ताक , द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री नसीमा/इश्ताक , को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 15 जुलाई 2014 जारी किया गया . कारण बताओ नोटिस में सुश्री नसीमा/इश्ताक , से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी सुश्री नसीमा/इश्ताक को कारण बताओ नोटिस दिनांक 17 जुलाई 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 1 अगस्त 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला भिण्ड से प्राप्त प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री नसीमा/इश्ताक, को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली दिनांक 17 जुलाई 2014 को कराने के उपरान्त भी उक्त अभ्यर्थी द्वारा कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है. "
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री नसीमा/इश्ताक, को दिनांक 9 सितम्बर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया . किन्तु अभ्यर्थी सुश्री नसीमा/इश्ताक , आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया, जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 14 अगस्त 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री नसीमा/इश्ताक , द्वारा निहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री नसीमा/इश्ताक, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् मौ जिला भिण्ड का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश भोपाल, दिनांक 16 अक्टूबर 2014
क्र. एफ. 67-21-10- तीन-72.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मौ जिला भिण्ड के आम निर्वाचन में सुश्री सुधा/रामप्रकाश, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, सुश्री सुधा/रामप्रकाश, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भिण्डके पास दाखिल करना था, किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भिण्ड के पत्र दिनांक 10 अगस्त 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री सुधा/रामप्रकाश, द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होनें पर अभ्यर्थी सुश्री सुधा/रामप्रकाश, को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 15 जुलाई 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री सुधा/रामप्रकाश , से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी सुश्री सुधा/रामप्रकाश , को कारण बताओ नोटिस दिनांक 17 जुलाई 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 1 अगस्त 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला भिण्ड से प्राप्त प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री सुधा/रामप्रकाश, को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली दिनांक 17 जुलाई 2014 को कराने के उपरान्त भी उक्त अभ्यर्थी द्वारा कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है. " आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री सुधा/रामप्रकाश, को दिनांक 9 सितम्बर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. किन्तु अभ्यर्थी सुश्री सुधा/रामप्रकाश, आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया, जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 14 अगस्त 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री सुधा/रामप्रकाश, द्वारा निहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री सुधा/रामप्रकाश, को इस प्रकार चुने
[ भाग 1 जाने के लिये तथा नगर परिषद् मौ जिला भिण्ड का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल .
आदेश भोपाल, दिनांक 16 अक्टूबर 2014
क्र. एफ. 67-21-10- तीन- 73.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मौ जिला भिण्ड के आम निर्वाचन में सुश्री विमलादेवी/प्रीतम सिंह, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 -ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, सुश्री विमलादेवी/प्रीतम सिंह , को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भिण्ड के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भिण्ड के पत्र दिनांक 10 अगस्त 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री विमलादेवी/प्रीतम सिंह, द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
भाग 1 ]
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री विमलादेवी/प्रीतम सिंह, को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 15 जुलाई 2014 जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री विमलादेवी/प्रीतम सिंह, से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी सुश्री विमलादेवी/प्रीतम सिंह, को कारण बताओ नोटिस दिनांक 17 जुलाई 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 1 अगस्त 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला भिण्ड से प्राप्त प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री विमलादेवी/प्रीतम सिंह, को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली दिनांक 17 जुलाई 2014 को कराने के उपरान्त भी उक्त अभ्यर्थी द्वारा कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है. "
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री विमलादेवी/ प्रीतम सिंह, को दिनांक 9 सितम्बर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. किन्तु अभ्यर्थी सुश्री विमला देवी/प्रीतम सिंह, आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया, जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 14 अगस्त 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री विमलादेवी/ प्रीतम सिंह, द्वारा निहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री विमलादेवी/प्रीतम सिंह, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् मौ , जिला भिण्ड का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 16 अक्टूबर 2014
क्र. एफ. 67-13-10- तीन- 75.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् फूफकला, जिला भिण्ड के आम निर्वाचन में सुश्री राजरानी दुबे , अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, सुश्री राजरानी दुबे , को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भिण्ड के पास दाखिल करना था, किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी, भिण्ड के पत्र दिनांक 10 अगस्त 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री राजरानी दुबे , द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री राजरानी दुबे, को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 15 जुलाई 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री राजरानी दुबे, से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहींकहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
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अभ्यर्थी सुश्री राजरानी दुबे, को कारण बताओ नोटिस दिनांक 17 जुलाई 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 1 अगस्त 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला भिण्ड से प्राप्त प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री राजरानी दुबे, को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली दिनांक 17 जुलाई 2014 को कराने के उपरान्त भी उक्त अभ्यर्थी द्वारा कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है. "
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री राजरानी दुबे , को दिनांक 9 सितम्बर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. किन्तु अभ्यर्थी सुश्री राजरानी दुबे , आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया , जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 14 अगस्त 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री राजरानी दुबे , द्वारा निहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने में का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री राजरानी दुबे , को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् फूफकला जिला भिण्ड का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(जी. पी. श्रीवास्तव )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 16 अक्टूबर 2014
क्र. एफ. 67-13-10-तीन-76.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् फूफकला जिला भिण्ड के आम निर्वाचन में सुश्री राम किशोरी/जयप्रकाश, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, सुश्री राम किशोरी/जयप्रकाश, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भिण्ड के पास दाखिल करना था, किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी, भिण्ड के पत्र दिनांक 10 अगस्त 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री राम किशोरी/ जयप्रकाश , द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री राम किशोरी/जय प्रकाश, को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 15 जुलाई 2014 जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री राम किशोरी/ जयप्रकाश , से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था . कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी सुश्री राम किशोरी/जयप्रकाश, को कारण बताओ नोटिस दिनांक 17 जुलाई 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 1 अगस्त 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला भिण्ड से प्राप्त प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री राम किशोरी/जयप्रकाश, को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली दिनांक 17 जुलाई 2014 को कराने के उपरान्त भी उक्त अभ्यर्थी द्वारा कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है . "
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री राम किशोरी/ जयप्रकाश, को दिनांक 9 सितम्बर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अक्टूबर 2014
आयोग कार्यालय में बुलाया गया. किन्तु अभ्यर्थी सुश्री राम किशोरी/जयप्रकाश, आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया, जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 14 अगस्त 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री राम किशोरी/ जयप्रकाश , द्वारा निहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करनें का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री राम किशोरी/जयप्रकाश , को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् फूफकला, जिला भिण्ड का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष (पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(जी. पी. श्रीवास्तव )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 16 अक्टूबर 2014
क्र. एफ. 67-13-10- तीन - 77- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
3157 माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् फूफकला जिला भिण्डके आम निर्वाचन में सुश्री चन्द्रकली/जगदीश, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, सुश्री चन्द्रकली/जगदीश , को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , भिण्ड के पास दाखिल करना था, किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भिण्ड के पत्र दिनांक 10 अगस्त 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री चन्द्रकली/जगदीश , द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री चन्द्रकली/जगदीश, को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 15 जुलाई 2014 जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री चन्द्रकली/जगदीश, से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी सुश्री चन्द्रकली/जगदीश , को कारण बताओ नोटिस दिनांक 17 जुलाई 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 1 अगस्त 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला भिण्ड से प्राप्त प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री चन्द्रकली/जगदीश , को कारण बताओ सूचना पत्र की तीमीली दिनांक 17 जुलाई 2014 को कराने के उपरान्त भी उक्त अभ्यर्थी द्वारा कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है. " आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री चन्द्रकली/जगदीश , को दिनांक 9 सितम्बर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. किन्तु अभ्यर्थी सुश्री चन्द्रकली/जगदीश , आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया, जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 14 अगस्त 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री चन्द्रकली/जगदीश, द्वारा निहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री चन्द्रकली/जगदीश, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् फूफकला, जिला भिण्ड का 3158
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अक्टूबर 2014
पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल .
आदेश
भोपाल, दिनांक 16 अक्टूबर 2014
क्र. एफ. 67-13-10- तीन- 78.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् फूफकला जिला भिण्ड के आम निर्वाचन में सुश्री पुष्पा अशोकसिंह, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, सुश्री पुष्पा अशोकसिंह , को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भिण्ड के पास दाखिल करना था, किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी, भिण्ड के पत्र दिनांक 10 अगस्त 2010के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री पुष्पा अशोकसिंह , द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री पुष्पा अशोकसिंह , को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 15 जुलाई 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री पुष्पा अशोकसिंह, से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी सुश्री पुष्पा अशोकसिंह, को कारण बताओ नोटिस दिनांक 17 जुलाई 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 1 अगस्त 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला भिण्ड से प्राप्त प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री पुष्पा अशोकसिंह, को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली दिनांक 17 जुलाई 2014 को कराने के उपरान्त भी उक्त अभ्यर्थीयों द्वारा कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है. " आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री पुष्पा अशोकसिंह, को दिनांक 9 सितम्बर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. किन्तु अभ्यर्थी सुश्री पुष्पा अशोकसिंह, आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया , जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 14 अगस्त 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री पुष्पा अशोकसिंह , द्वारा निहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री पुष्पा अशोकसिंह , को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्फूफकला जिला भिण्ड का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव )
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 16 अक्टूबर 2014
क्र. एफ. 67-13-10- तीन- 79.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन भाग 1 ]
में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् फूफकला जिला भिण्ड के आम निर्वाचन में सुश्री मुन्नी/रामविशुन , अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, सुश्री मुन्नी /रामविशुन, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , भिण्ड के पास दाखिल करना था, किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी, भिण्ड के पत्र दिनांक 10 अगस्त 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री मुन्नी/रामविशुन , द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री मुन्नी/रामविशुन , को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 15 जुलाई 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री मुन्नी/रामविशुन, से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी सुश्री मुन्नी/रामविशुन, को कारण बताओ नोटिस दिनांक 17 जुलाई 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 1 अगस्त 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला भिण्ड से प्राप्त प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया है कि-" अभ्यर्थी सुश्री मुन्नी/रामविशुन, को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली
3159
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अक्टूबर 2014
दिनांक 17 जुलाई 2014 को कराने के उपरान्त भी उक्त अभ्यर्थीयों द्वारा कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है. "
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री मुन्नी/रामविशुन, को दिनांक 9 सितम्बर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. किन्तु अभ्यर्थी सुश्री मुन्नी/रामविशुन, आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया, जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 14 अगस्त 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री मुन्नी/रामविशुन, द्वारा निहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री मुन्नी/रामविशुन, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् फूफकला, जिला भिण्ड का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(जी. पी. श्रीवास्तव )
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 16 अक्टूबर 2014
क्र. एफ. 67-43-10-तीन- 81.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र 3160
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
(असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् चंदेरी जिला अशोकनगर के आम निर्वाचन में श्री रोमेश उर्फ रॉकी, अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थे. इस नगरपालिका के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक, श्री रोमेश उर्फ रॉकी, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , अशोकनगर के पत्र दिनांक 20 जनवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री रोमेश उर्फ रॉकी, द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी श्री रोमेश उर्फ रॉकी, को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 2 फरवरी 2010 जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री रोमेश उर्फ रॉकी, से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी श्री रोमेश उर्फ रॉकी, को कारण बताओ नोटिस दिनांक 4 जनवरी 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 20 जनवरी 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था , अपर कलेक्टर एवं निर्वाचन अधिकारी जिला अशोकनगर से प्राप्त प्रतिवेदन में दिनांक 28 जुलाई 2014 में प्रतिवेदित किया है कि-" कारण बताओ नोटिस की तामीली उपरान्त आज दिनांक तक अभ्यर्थी श्री रोमेश उर्फ रॉकी द्वारा अपना निर्वाचन व्यय लेखा जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा नहीं कराया है. ना ही निर्वाचन व्यय लेखा विलम्ब/न जमा करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है . " आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री रोमेश उर्फ रॉकी, को दिनांक 9 सितम्बर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया . किन्तु अभ्यर्थी श्री रोमेश उर्फ रॉकी, आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया, जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 14 अगस्त 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.
[ भाग 1 उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री रोमेश उर्फ रॉकी, द्वारा निहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री रोमेश उर्फ रॉकी, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् चंदेरी , जिला अशोक नगर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधिके लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश भोपाल , दिनांक 16 अक्टूबर 2014
क्र. एफ. 67-20-10- तीन- 83.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् गोरमी जिला भिण्डके आम निर्वाचन में श्रीमती केशर खटीक , अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , भाग 1 ]
3161
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अक्टूबर 2014
1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, श्रीमती केशर खटीक, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , भिण्ड के पास दाखिल करना, किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी, भिण्ड के पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 एवं 23 अक्टूबर 2013 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्रीमती केशर खटीक, द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी श्रीमती केशर खटीक, को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 10 दिसम्बर 2013 जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्रीमती केशर खटीक , से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी श्रीमती केशर खटीक, को कारण बताओ नोटिस दिनांक 7 जुलाई 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 22 जुलाई 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला भिण्ड से प्राप्त प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया है कि-" अभ्यर्थी श्रीमती केशर खटीक कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली दिनांक 7 जुलाई 2014 को कराने के उपरान्त भी उक्त अभ्यर्थी द्वारा कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है. "
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्रीमती केशर खटीक, को दिनांक 9 सितम्बर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. किन्तु अभ्यर्थी श्रीमती केशर खटीक, आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया, जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 14 अगस्त 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्रीमती केशर खटीक, द्वारा निहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती केशर खटीक , को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् गोरमी , जिला भिण्ड का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 17 अक्टूबर 2014
क्र. एफ. 67-15-10- तीन- 85.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2009 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् मेहगांव, जिला भिण्ड के आम निर्वाचन में श्री विशम्भर दयाल मिश्रा , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 14 जनवरी 2010 तक , श्री विशम्भर दयाल मिश्रा, को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , भिण्ड के पास दाखिल करना था , किन्तु उप जिला निर्वाचन अधिकारी , भिण्ड के पत्र दिनांक 19 फरवरी 2010 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री विशम्भर दयाल मिश्रा, द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी श्री विशम्भर दयाल मिश्रा, को आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 24 जुलाई 2014 जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में श्री विशम्भर दयाल मिश्रा, से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
3162
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
अभ्यर्थी श्री विशम्भर दयाल मिश्रा, को कारण बताओ नोटिस दिनांक 4 अगस्त 2014 को तामील कराया गया. अतः उनको दिनांक 19 अगस्त 2014 तक अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला भिण्ड से प्राप्त प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया है कि-" अभ्यर्थी श्री विशम्भर दयाल मिश्रा , को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली दिनांक 4 अगस्त 2014 को कराने के उपरान्त भी उक्त अभ्यर्थी द्वारा कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है."
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री विशम्भर दयाल मिश्रा, को दिनांक 9 सितम्बर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री विशम्भर दयाल मिश्रा, आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. अभ्यर्थी द्वारा आयोग से इस संबंध में कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया, जबकि व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 20 अगस्त 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में हो चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री विशम्भर दयाल मिश्रा, द्वारा निहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री विशम्भर दयाल मिश्रा, को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् मेहगांव, जिला भिण्ड का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश की तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
कार्यालय , कलेक्टर , एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( मण्डी ) जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश
छतरपुर, दिनांक 16 सितम्बर 2014
क्र. 31 - स्था.-निर्वा.- मण्डी- 137-2014.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम , 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं , मसूद अख्तर, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , छतरपुर मण्डी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( घ ) के अनुक्रम में म. प्र. कृषि उपज मण्डी ( लोकसभा तथा विधानसभा सदस्य की मण्डी समिति में सदस्यता तथा प्रतिनिधि का नाम निर्देशन ) नियम- 2010 के अंतर्गत छतरपुर जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मण्डी समितियों के लिये एतद्वारा प्रतिनिधि नाम निर्दिष्ट करता हूं:-
मण्डी अधिनियम की धारा (4)
नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता
(3)
मण्डी का नाम (2)
क्र. (1)
01 कृषि उपज मण्डी समिति 175 लवकुशनगर.
02 कृषि उपज मण्डी समिति 176 हरपालपुर.
मण्डीअधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( घ)
श्री रमाशंकर गुप्ता पिता श्री बैजनाथ गुप्ता, निवासी ग्राम एवं पो . मुडेरी , ( वार्ड क्र. 12 लवकुशनगर ) , जिला छतरपुर, म. प्र.
मण्डी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( घ)
श्री रतन सिंह परिहार पिता श्री बीरसिंह परिहार, निवासी ग्राम करारागंज, तहसील नौगांव , जिला छतरपुर म . प्र.
मसूद अख्तर , कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी.
3163 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 7 अक्टूबर 2014
पत्र क्र. 1671 - प्रका. - भू-अर्जन. - 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
तहसील
जिला
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6)
(4)
(2)
(3)
(5)
(1)
जवा
15.115
रीवा
गोमदार
रैकवारा कोठार.
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग, सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. ) .
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1673 - प्रका. - भू-अर्जन. - 2014.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(3)
(4)
(6) (1)
(2)
(5)
रैकवारा
13.950
रीवा
जवा
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. ) .
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1675 - प्रका. - भू-अर्जन. 2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने [भाग 1 3164
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
की संभावना है. अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि का विवरण ग्राम
जिला तहसील
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)
(1)
(2)
11.220
रीवा
जवा सियाउर कला कोठार.
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा (म. प्र. ) .
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
क्र. 1677 - प्रका. - भू-अर्जन.- 2014.- चूंकि , राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि का विवरण ग्राम
तहसील
जिला
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6)
(5)
(4)
(3)
(1)
(2)
7.540
जवा
रीवा
बरेती खुर्द कोठार.
कार्यपालन यंत्री , त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा (म. प्र. ) .
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1679 - प्रका. - भू- अर्जन.- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची 3165 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अक्टूबर 2014
के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का विवरण
ग्राम
जिला तहसील
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6)
(5)
(2)
(3)
(4)
(1)
जवा
7.900
रीवा
घुसरूम कोठार.
कार्यपालन यंत्री , त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. )
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1681 - प्रका. - भू-अर्जन.- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6)
(4)
(3) रंगपतेरा
(1) रीवा
7.610
(2) जवा
(5) कार्यपालन यंत्री , त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. ) .
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
क्र. 1683 - प्रका.- भू- अर्जन.- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
ग्राम
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(1) रीवा
(2) जवा
(4) 11.540
(3) सरई कोठार.
(5) कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग, सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. ) .
(6) त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
[भाग 1 3166
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
पत्र क्र. 1685 - प्रका. - भू- अर्जन. - 2014 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6)
(5)
(4)
(2)
(3)
5.110
जवा
(1) रीवा
बीरपुर कोठार.
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. ) .
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1687 - प्रका. - भू-अर्जन.- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने कीसंभावना है. अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
ग्राम
जिला
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6)
(5)
(4)
(2)
(3)
(1)
5.100
जवा
रीवा
सलैया खुर्द
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग, सिरमौर जिला रीवा (म. प्र. ) .
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 9- प्रका. भू- अर्जन. 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में 3167
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
भाग 1 ]
किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि का विवरण ग्राम
तहसील
जिला
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(5)
(6) (2)
(3)
(4)
(1)
4.300
रीवा
जवा
बरौं पैंपखार.
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा (म. प्र. ) .
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1691 - प्रका. - भू- अर्जन. - 2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
जिला
ग्राम
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6)
(4)
(5)
(1) (2)
(3)
7.355
जवा
रीवा
भोथी कोठार.
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग, सिरमौर जिला रीवा (म. प्र. ) .
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1693 - प्रका. - भू-अर्जन.- 2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (3)
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)
(5)
17.250
(2) जवा
(1) रीवा
छदहना कोठार.
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग, सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. ) .
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
[भाग 1 3168
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
पत्र क्र. 1695- प्रका.- भू-अर्जन.- 2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हैं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
ग्राम
जिला
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6)
(5)
(4)
(2)
(3)
पतेरी
15.100
जवा
(1) रीवा
कार्यपालन यंत्री , त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा (म. प्र. )
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1697- प्रका. - भू-अर्जन. 2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हैं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
धारा -12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6)
(5)
(4)
(2)
(3)
(1)
3.895
बरेती कला
रीवा
जवा
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. )
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1699 - प्रका. - भू-अर्जन.- 2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हैं.
3169 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(5)
(6) (2)
(4)
(3)
(1)
4.800
रीवा
जवा
सलैया कोठार
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग, सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. )
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1701 - प्रका. - भू-अर्जन.- 2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हैं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
ग्राम
तहसील
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6) (2)
(3)
(4)
(5)
7.995
ककरैला
जवा
(1) रीवा
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग, सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. )
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1703 - प्रका. - भू-अर्जन. 2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हैं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
ग्राम
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6)
(4)
(5)
(1)
(2) जवा
3.495
रीवा
(3) बरेती कोठार
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग, सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. )
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
3170
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
पत्र क्र. 1705- प्रका. - भू-अर्जन. 2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हैं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
ग्राम
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(5)
(6)
(4)
6.950
(2) जवा
(1) रीवा
(3) पथरी पुरवा
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. )
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1707 - प्रका. - भू-अर्जन.- 2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंधमें धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हैं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
ग्राम
तहसील
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6)
(4)
(5)
(2)
6.710
जवा
(1) रीवा
(3) खटकरी कोठार
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग, सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. )
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1709 - प्रका. - भू-अर्जन.- 2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हैं.
3171 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6) (2)
(3)
(4)
(5)
(1)
1.420
रीवा
जवा
लुचकी कोठार
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. )
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1711 - प्रका. - भू-अर्जन. - 2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12, द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हैं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
ग्राम
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(5)
(6) (3)
(4)
2.450
(1) रीवा
(2) जवा
पथरउडा कोठार
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा (म. प्र. )
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1713 - प्रका. - भू- अर्जन. - 2014. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हैं . चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील
ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)
(5)
(6) (1)
(3)
3.800
रीवा
(2) जवा
भडरा कोठार
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. )
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
[भाग 1 3172
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अक्टूबर 2014
पत्र क्र. 1715 -प्रका. - भू-अर्जन. 2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हैं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) 5.500
(2) जवा
(1) रीवा
(3) सेंहुआ कोठार
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. ) (5)
(6) त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1717 - प्रका. - भू-अर्जन.- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हैं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
धारा -12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6)
(4) 9.210
(1) रीवा
(2) जवा
(3) पियरिया
(5) कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. )
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1619- प्रका. - भू-अर्जन. - 2014. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हैं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
ग्राम
तहसील
धारा -12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) 1.995
(2) जवा
(1) रीवा
(3) नष्टगवां
(5) कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग, सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र. )
(6) त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
3173 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
पत्र क्र. 1721 - प्रका. - भू-अर्जन. 2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हैं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
भूमि का विवरण ग्राम
जिला
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6)
(4)
(5)
(2)
(1)
(3)
4.100
रीवा
उष्महट
जवा
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा (म. प्र. )
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
पत्र क्र. 1723 - प्रका. - भू- अर्जन.- 2014 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हैं. चूंकि त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि का विवरण ग्राम
जिला तहसील
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(6)
(5)
(4)
(1)
(2)
(3)
14.920
जवा
रीवा
भमरकच्छ
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग जल संसाधन विभाग , सिरमौर जिला रीवा ( म. प्र.)
त्योंथर बहाव सिंचाई योजना की मुख्य नहर माईनर/ सबमाईनर नहर निर्माण भूमि एवं उस पर अर्जित संपत्ति के अर्जन हेतु.
3174
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
रीवा , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
पत्र क्र. 1725 - प्रशा. - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शित अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी सम्बन्धित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के सम्बन्ध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(4) 0.020
(3) सहिजना
(1) रीवा
(2) गुढ़
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास संभाग क्र. 2 मुख्यालय गोविन्दगढ़ रीवा.
(6) सहिजना 0.020 हे. बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत गुढ़ मऊगंज उद्वहन निर्माण नह र कार्य सार्वजनिक प्रयोजन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
आर. डी. एस . अग्निवंशी, प्रशासक भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
प्र. क्र. 06- अ- 82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन पुनवार्सन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक 30 जून सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 एवं 12 की दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
(4) 0.398
(3) नाहरपुर
(1) छतरपुर
(2) गौरिहर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 11 की उपधारा ( 1 ) एवं 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5) भू- अर्जन अधिकारी लवकुशनगर
(6) उमराहा शाखा नहर की नाहरपुर वितरक क्रमांक 2 के निर्माण कार्य हेतु भू-अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी लवकुशनगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मसूद अख्तर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
3175
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अक्टूबर 2014
कार्यालय , कलेक्टर, जिला बुरहानपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
बुरहानपुर, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. क-वाचक- भू-अर्जन- 2014-प्र.क्र. 2 अ-82-2014-15.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(4)
0.088 (1) बुरहानपुर बुरहानपुर
1.740
(3) लालबागमाल मोहम्मदपुरा
योग . 1.828
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, संभाग बुरहानपुर.
(6) सिन्धी बस्ती से मोहम्मदपुरा रेणुका मन्दिर तक (फोरलेन) निर्माण हेतु निजी भूमि का अधिग्रहण.
अर्जन की जाने वाली भूमि से संबंधित नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय एवं भू- अर्जन अधिकारी, बुरहानपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
बुरहानपुर, दिनांक 13 अक्टूबर 2014
क्र. क - वाचक - भू- अर्जन - 2014 - प्र.क्र. 3 अ - 82-2014-15. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दर्शाये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम
जिला
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) बुरहानपुर
(2) बुरहानपुर
(4) 1.632 1.550 0.100 3.282
(3) एमागिर्द हमीदपुरा लालबागमाल योग .
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, संभाग बुरहानपुर.
(6) गणपति नाका से सिन्धी बस्ती (फोरलेन) निर्माण हेतु निजी भूमि का अधिग्रहण.
अर्जन की जाने वाली भूमि से संबंधित नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय एवं भू-अर्जन अधिकारी , बुरहानपुर के कार्यालय में देखा जासकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जे. पी. आईरिन सिंथिया, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
3176
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़, ( ब्यावरा ) मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
राजगढ़ , दिनांक 16 अक्टूबर 2014
क्र. 7516- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इनके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4)
12.413 (1) राजगढ़
(2) राजगढ़
(3) मूण्डला
2.564
खाण्डियापुरा
7.144
लीलबे जागीर
1.882
खरना
0.602
पडिया
1.040
गोपालपुरा
5.858
सुल्तानपुरा
4.681
मगरियादेह
नरसिंहपुरा
0.869 योग.. 37.053
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , राजगढ़.
(6) मूण्डला तालाब परियोजना के वेस्टवेयर/डैम लाईन एवं डूब क्षेत्र में प्रभावित 09 ग्रामों की भूमि का भू-अर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , राजगढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , आनन्द कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
दमोह, दिनांक 13 अक्टूबर 2014
क्र. क- भू.अ.वि.अ. - 2014-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक , सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील/तालुका नगर/ग्राम का नाम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(4) 3.57 (1) दमोह
(2) बटियागढ़
(3) घनश्यामपुरा
योग 3.57
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5) संभागीय प्रबंधक म. प्र. रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लि. सागर (म. प्र. )
(6) दमोह बटियागढ़ बक्सवाहा हीरापुर मार्ग के घनश्यामपुरा बाईपास मार्ग का निर्माण कार्य बावत्
भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) पथरिया संभागीय प्रबंधक म. प्र. रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लि. सागर (म. प्र. ) के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, स्वतंत्र कुमार सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
3177
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग पन्ना, दिनांक 8 मई 2014
प्र. क्र. 128 - अ-82- वर्ष 2012-2013 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- पन्ना
(ख) तहसील- पन्ना
(ग ) ग्राम-बिलखुरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-45.030 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
भूमि का प्रकार (3) (1)
(2)
0.350
751
निजी भूमि
0.260
752
निजी भूमि 753
0.020
निजी भूमि 756
0.340
निजी भूमि
0.350
757/1
निजी भूमि 757/2
0.270
निजी भूमि
0.430
758
निजी भूमि
0.050
759
निजी भूमि
0.010
760
निजी भूमि
0.020
764
निजी भूमि
0.250
765
निजी भूमि
0.090
812/1
निजी भूमि
0.060
815
निजी भूमि
0.500
817
निजी भूमि
0.710
818
निजी भूमि
0.540
820
निजी भूमि
0.790
821
निजी भूमि 822
0.450
निजी भूमि
0.520
823
निजी भूमि
0.340
824
निजी भूमि
0.470
825
निजी भूमि
0.270
826
निजी भूमि
(3) (1)
(2)
0.010
828
निजी भूमि 829/1
0.050
निजी भूमि 829/2
0.050
निजी भूमि
0.450
830
निजी भूमि
0.130
831
निजी भूमि
0.750
832
निजी भूमि
0.310
833
निजी भूमि
0.710
834
निजी भूमि
0.150
835
निजी भूमि
0.150
836
निजी भूमि
0.050
837
निजी भूमि
0.800
838
निजी भूमि
0.400
839
निजी भूमि 840
0.230
निजी भूमि
0.300
841
निजी भूमि
0.200
842
निजी भूमि
0.050
843
निजी भूमि
0.620
844
निजी भूमि
0.170
845
निजी भूमि
0.300
846
निजी भूमि 847
0.450
निजी भूमि
0.420
848
निजी भूमि
0.440
849
निजी भूमि
0.190
850
निजी भूमि
0.510
851
निजी भूमि
1.010
852/1
निजी भूमि
0.240
852/2
निजी भूमि
0.470
853/1
निजी भूमि
0.190
853/2
निजी भूमि
0.240
853/3
निजी भूमि
0.440
854
निजी भूमि
0.330
855
निजी भूमि
0.270
856
निजी भूमि
0.180
857/1
निजी भूमि
0.080
857/2
निजी भूमि
0.250
858
निजी भूमि
0.610
859/1
निजी भूमि
0.300
859/2
निजी भूमि
0.320
859/3
निजी भूमि 859/4
0.160
निजी भूमि 859/5
0.230
निजी भूमि
0.350
859/6
निजी भूमि 860
0.350
निजी भूमि 3178
(2)
(3) (1)
861/1
0.190
निजी भूमि
0.190
861/2
निजी भूमि
0.170
862/1
निजी भूमि 862/2
0.150
निजी भूमि
0.140
862/3
निजी भूमि 862/4
0.040
निजी भूमि
0.380
863
निजी भूमि
0.360
864
निजी भूमि
0.300
865
निजी भूमि
0.150
866
निजी भूमि
0.150
867
निजी भूमि
0.280
868
निजी भूमि
0.110
869
निजी भूमि
0.420
870
निजी भूमि
0.700
871
निजी भूमि
1.000
872
निजी भूमि
0.320
873
निजी भूमि 876/1
0.350
निजी भूमि
0.100
876/2
निजी भूमि
0.110
876/3
निजी भूमि
3.600
885
निजी भूमि
0.550
886
निजी भूमि
0.070
887/1
निजी भूमि 887/2
0.070
निजी भूमि
0.060
887/3
निजी भूमि
0.200
887/4
निजी भूमि
0.130
891
निजी भूमि
0.280
893
निजी भूमि
0.250
894
निजी भूमि
0.310
895
निजी भूमि
0.600
896
निजी भूमि
0.800
898
निजी भूमि
1.650
899
निजी भूमि
0.900
900
निजी भूमि
0.150
902
निजी भूमि
0.150
903
निजी भूमि
0.200
904
निजी भूमि
1.000
905
निजी भूमि
1.270
906
निजी भूमि
0.320
907
निजी भूमि
0.500
908
निजी भूमि
0.900
909
निजी भूमि
0.230
910
निजी भूमि
0.630
911
निजी भूमि
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
(3) (1)
(2)
1.140
912
निजी भूमि
0.900
915
निजी भूमि
1.560
916
निजी भूमि
.45.030
कुल रकबा निजी भूमि
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-बिलखुरा तालाब योजना के अन्तर्गत बांध निमार्ण कार्य हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पन्ना के न्यायालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रवीन्द्र कुमार मिश्रा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला बालाघाट, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बालाघाट, दिनांक 4 अक्टूबर 2014 क्र. 40- अ- 82 - वर्ष 2013-2014.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- बैहर
(ग) ग्राम- डुडवा , प.ह.नं. 56
(घ) क्षेत्रफल-3.222 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा
(हेक्टर में )
(2)
(1)
अशासकीय भूमि
0.220
43/1,2
0.060
44/1,2
40
0.210
0.272
38/1
0.348
41/2
0.112
50/1
योग.. 1.222 भाग 1 ]
3179
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
(2)
(1)
शासकीय भूमि
82
2.000 2.000 योग.
कुल योग 3.222
(2) सार्वजनिक प्रयोजन- हालोन सिंचाई परियोजना के बांध/ डूब क्षेत्र से प्रभावित होने वाली भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू- अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास हालोन, उप संभाग बैहर, जिला बालाघाट में किया जा सकता है .
क्र. 39 - अ- 82 - वर्ष 2013-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
( क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील-खैरलांजी
(ग ) ग्राम- झिरिया, प.ह.नं. 44/3
(घ) क्षेत्रफल-0.115 हेक्टर .
रकबा
खसरा नंबर
(हेक्टर में )
(2)
(1)
0.053
251/13
0.018
310/2
232/3
0.044 योग . 0.115
(2) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना की झिरिया मायनर क्रमांक 01 एवं 02 मायनर निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर (भू-अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय एवं कार्यपालन यंत्री, राजीव सागर परियोजना क्र. 2 कटंगी में किया जा सकता है.
क्र. 38- अ- 82 - वर्ष 2013-2014.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- खैरलांजी
(ग ) ग्राम- फुलचुर, प.ह.नं. 07
(घ) क्षेत्रफल-0.202 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा
(1)
(हेक्टर में) (2)
180/8
0.202 योग .. 0.202
(2) सार्वजनिक प्रयोजन- राजीव सागर परियोजना की झिरिया मायनर क्रमांक 01 एवं 02 मायनर निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता है.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू-अर्जन) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय एवं कार्यपालन यंत्री , राजीव सागर परियोजना क्र. 3 कटंगी में किया जा सकता है.
क्र. 42- अ- 82 - वर्ष 2013-2014.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन--
(क) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील- बैहर
(ग ) ग्राम- कुकर्रा, प.ह.नं. 54
(घ ) क्षेत्रफल-24.154 हेक्टर.
3180
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
खसरा नंबर
रकबा
(हेक्टर में)
(2)
(1)
अशासकीय भूमि
2
1.140
1.800
3
0.240
4/1,2
5
0.160
2.104
6/6
6/7
0.420
0.140
8/20,22,23
7/1
0.260
0.060
10/2
0.040
10/4
0.580
10/6
10/7
0:360
10/10
0.324
0.050
11/4
0.180
12
13
0.220
102/1
0.100
0.090
104/3
0.040
104/4
105
0.100
0.120
106
107
0.250
0.020
108/1
0.020
108/2/3
0.020
109/1,2,3
0.020
112/ 1 ख
0.020
112/ 1 ग
0.030
113/1
योग 6.964
शासकीय भूमि
1.340
1
0.020
8/21
6.130
86
201
9.700
योग .. 17.190
कुल योग.. 24.154
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन- हालोन सिंचाई परियोजना के बांध / डूब क्षेत्र से प्रभावित होने वाली भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर (भू-अर्जन ) अधिकारी, बालाघाट के न्यायालय एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास हालोन उप संभाग बैहर जिला बालाघाट में किया जा सकता है .
क्र. 41 - अ - 82 - वर्ष 2013-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क ) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील- बैहर
(ग) ग्राम- बोदामाल, प.ह.नं. 54
(घ) क्षेत्रफल-56.746 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा
(हेक्टर में) (2)
(1)
( अ) अशासकीय भूमि
2.894
118/2,3,119/1
286/ 1च
0.142
0.160
83/1झ
0.900
67/1,71/1
118/4
2.590
0.250
286/1झ
0.080
113/1 ब
0.110
69/4, 72/14
3.680
118/5,120,121,122,123
286/1 ङ
1.290
285/1क
0.918
0.160
71/3 , 72/3
118/6
1.865
286/12
0.421
285/1 ख
0.918
76/1
0.850
2.020
118/7 , 119/2
0.140
286/1 र
0.030
113/1 ढ
0.210
76/2,3 भाग 1 ]
3181
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
(2)
(1)
0.360
149,129/1
0.729
288
0.040
286/1घ
0.100
76/4,5
0.070
279
0.260
290/1 से 4 तक
4.390
285/2, 286/ 1 क, ख, घ/
बटे 1 से 7 तक
0.250
77/3
0.050
282/2,284/ 1
0.530
291/1 से 4 तक
0.030
83,84/1 छ
0,400
284/2
0.300
292,294/5
27.101
योग
(ब ) शासकीय भूमि
0.310
72/4, 75/1
0.250
117/1
0.440
125
7.045
1
0.500
81/1ख , 116
4.770
118/1 , 118/3 क
244/2, 245/1,2
0.240
89/1 , 295/1 , 29
6/2
0.780
67/6 , 68/2,73/1
82
0.150
0.150
118/3 ग
286/2
2.410
72/6
0.170
115
0.670
124
4.800
1.620
126/1
287
4.040
1.300
300
योग .. 29.645
कुल योग.. 56.746
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन- हालोन सिंचाई परियोजना के बांध/ डूब क्षेत्र से प्रभावित होने वाली भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर (भू-अर्जन ) अधिकारी , बालाघाट के न्यायालय एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास हालोन उप संभाग बैहर, जिला बालाघाट में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , व्ही. किरण गोपाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
प. क्र. 389 - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची सारणी के कालम (2 ) में वर्णित भूमि अनुसूची की सारणी के कालम ( 3 ) में उल्लेखित भूमि के रकबे का सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 उपधारा (4 ) के अन्तर्गत एतद्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि की आवश्यकता लोक प्रयोजन के लिये है . चूंकि खुटेही ( रीवा ) सिरमौर चौराहा फ्लाई ओवर ब्रिज के सर्विस रोड का कार्य चल रहा है, केवल छूटे हुए आंशिक रकबे का ही अर्जन किया जा रहा है. इस कारण अधिनियम की उपधारा ( 2 ) के तहत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है.
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा (म.प्र. )
(ख) तहसील- हुजूर
(ग ) नगर/ ग्राम- खुटेही
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.0066 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.00396
520/1
0.0027
521/1
0.0066
योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- प्लाई ओवर पुल सिरमौर चौराहा के सर्विस रोड हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री लो.नि.वि. सेतु रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
3182
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. 1727- भू- अर्जन-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 संशोधन की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- गुढ़
(ग) ग्राम- पडेरूआ कोठार 362
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.968 हेक्टेयर.
खसरा नं.
कुल रकबा (हैक्टर में)
(2)
[भाग 1
(3)
(2)
(1)
0.020
0.174
160
0.344
0.013 161
0.017 302
0.101
0.009
0.032
303
0.007
0.081
307
0.025
0.045
315
0.008 316
0.045
0.024 323
0.061
0.008
0.421
393
0.018
0.150
453
0.295
0.066 458
0.004
0.295
459
0.014
0.381
460
467
0.026
0.388
0.006 483
0.125
0.148 507
0.624
0.478
0.026 511
उप शाखा नहर
0.142
0.028 42
0.085
0.036 43
अर्जित रकबा
(हैक्टेयर में)
(3)
(1)
0.359
10/1
0.360
10/2
10/3
0.833
0.229
0.025 10/4
10/5
0.486
0.040
10/6
0.229
10/7
0.041
0.041 11/2
0.036
0.021
0.036 12/1
0.042
0.002 12/2, 12/3
0.353
13/1,13/2
0.020
0.353
13/3
0.014
0.121
94
0.006 95/1
0.032
0.006 95/2
0.096
0.237
0.020 76/2
1.290
0.063 144
0.032 146
0.376
0.056 148/1
0.125
0.084 44
0.348
50
0.166
0.010 51/1
0.032
0.039
0.097
51/2
0.048 53
0.175
0.068
0.101
54/1
55
0.141
0.019
0.010
0.057
176/1
0.057
0.052 177/1
0.017 178
0.097
0.060
0.364
181
212
0.247
0.003
0.056
0.174
213
0.056 214
0.328
215
0.022
0.117
216
0.036
0.142
217
0.202
0.003
0.580
240/1
0.196
0.064 240/2
240/3
0.385 भाग 1 ]
3183
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
(1)
(2)
(3)
0.026 241
0.199
242
0.214
0.026
0.008 245
0.105
0.036 246
0.142
0.022 254
0.150
0.121
255
0.022 256/1
0.0331
0.006
0.080
256/2
256/3
0.008
0.032
0.061
258
0.057
0.020 259
0.007 263
0.117
0.664
0.096 265
0.076
0.773
266
0.368
0.108 267
272
0.010
1.214
0.502
0.002 277
1.968
कुल योग..
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ( 2 )
1. गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत बघमड़ा शाखा नहर के निर्माण कार्य हेतु उपरोक्त खसरों की भूमि एवं अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल पर स्थित परि सम्पत्तियों काअर्जन.
(
3 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उप सचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
रीवा, दिनांक 14 अक्टूबर 2014
क्र. 2015- प्रका.- भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थिति सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- गुढ़
(ग ) ग्राम-दादर
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 10.794 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
662
0.091
0.135
666
667
0.157
0.187
672
673
0.165
0.068
674
675
0.073
0.184
676
678/1
0.018
678/2
0.126
791
0.118
798
0.232
794
0.232
792
0.042
752
0.181
753
0.003
758
754
0.172
755
0.179
756
0.171
757
0.028
0.524
739
0.040
738
0.130
466
0.502
467
0.096
465
0.248
464
463
0.226
462
0.009
0.014
474
732
0.018
468
0.079
470
0.011
469
0.185
482/1
482/1
1.426
482/1T
482/2
482/3
482/4 3184
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
(1)
(2) 475/1
475/2
0.018 475/3
0.002 478
0.015 479/1,479/2
0.066 481/1
481/2
353
0.026 355
0.033 356/1
356/2
0.046 356/3
0.005 354
357/1
357/2
0.534 357/3
357/4
357/5
358
0.012 358/2, 358/3
359
0.063 338/1
0.168 338/2
0.002 343
337
0.09 334/1
0.066 334/2
330/11
330/2
0.253 330/2T
330/2T
333
0.020 335
0.030 336
0.032
0.193 331
332
0.001 328
0.055
0.004 327
269
0.278 270
0.093 265/1
0.040 265/2
0.005 316
0.063 271
(1)
(2)
272
0.073
0.058
273
274
0.018
0.211
278
0.060
314
0.033
312
313
0.048
0.086
305
0.009
277
0.040
279/1
279/2
0.012
0.022
282
257
0.005
280
0.013
281
0.036
283
0.081
0.023
284
285
0.016
0.026
286
287
0.031
0.002
304
0.033
291/1 , 291/2
292
0.038
293
0.013
0.012
294/1
294/4
0.024
0.016
295/1 , 295/2
0.021
289
0.057
290
0.002
230
231
0.044
0.022
232
0.126
233
0.058
236
0.029
227
229
0.044
0.144
234
235
0.014
0.100
223
0.052
224
0.026
407
0.065
404
225
0.148
0.048
405
408
0.039 भाग 1 ]
3185
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
(1)
(2)
406
0.073
221
0.067
222
0.014
288
0.050
10.565
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग.
ब-म. प्र. शासन भूमि
809
0.168
403
0.017
226
0.044
0.229
म.प्र. शासन की भूमि का योग..
10.794
अ+ब का योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- " बहुती मुख्य नहर " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 2017- प्रका.- भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- गुढ़
(ग ) ग्राम-खोखरा -143
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.876 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
अ-निजी पट्टे की भूमि
134
0.411
135
0.224
140
0.024
(1)
(2)
141
0.012
0.017
142/1, 142/2
0.280
146/1 , 146/2
0.128
147/1 , 147/2
0.091
143/1 , 143/2
0.056
196/1 , 196/2
0.592
186/1 , 186/2
187
0.260
0.276
189
190
0.047
191
0.007
192
0.094
195
0.103
145
0.130
2.752
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग..
ब-म. प्र. शासन भूमि
139
0.124
0.124
म.प्र. शासन की भूमि का योग..
अ+ब का योग
2.876
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- " बहुती मुख्य नहर " मैं आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 2019 - प्रका.- भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- गुढ़ 3186
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
(ग ) ग्राम- धौरहरा -304
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.241 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
0.175
52/1 , 52/2
53
0.074
51
0.077
0.214
50
56
0.100
0.040
24
0.029
25
0.372
26
0.112
28/1, 28/2
29/1
29/2
29/3
29/4
1.783
29/5
29/6
29/7
29/8
29/9
29/10
6
0.003
0.065
7
3.044
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग ..
ब-म. प्र. शासन भूमि
0.030
19
0.167
32
0.197
म.प्र. शासन की भूमि का योग..
3.241
अ+ब का योग .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- " बहुती मुख्य नहर " मैं आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 2021 - प्रका. - भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील- गुढ़
(ग ) ग्राम- भटिगवां -469
(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.236 हेक्टेयर .
खसरा नंबर
अर्जित रकबा
(हेक्टर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
375
0.003
0.422
376
0.060
264
0.758
265
0.003
373
0.149
263
0.030
269
0.008
267
268
0.009
270
0.140
0.494
276/1 , 276/2
285
0.181
0.019
286
0.055
287
284
0.031
0.004
288/1 , 288/2
0.140
281/1, 281/2
0.014
282
0.419
283/1, 283/2
0.003
298
0.060
299
300/1
0.427
300/2
301
0.559
302
0.035 भाग 1 ]
3187
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
(2) (1)
0.396 303
332/1
332/2
332/3
332/4
0.138 332/5
332/6
332/7
332/8
332/9
0.427 300/1 , 300/2
0.096 329/1 , 329/2
0.022 330/1 , 330/2 , 330/3
328/1 , 328/2 ,
0.080 328/3/ , 328/3/T
326
0.104 327
0.114
0.160 321/1 , 321/2 , 321/3, 321/4
0.196 322/1 , 322/1 /T 322/2 , 322/3
324/1/
324/1/T
324/2
324/3
0.594 324/4
324/5
324/6
243/1
243/2
0.256 243/3
243/4
6.179 अ. निजी पट्टे की भूमि का योग.
ब- म. प्र. शासन की भूमि
0.057 323
0.057 म.प्र. शासन की भूमि का योग..
अ+ब का योग ..
6.236 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- " बहुती मुख्य नहर " मैं आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. डी. एस. अग्निवंशी, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला बुरहानपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बुरहानपुर, दिनांक 13 अक्टूबर 2014
राजस्व प्र. क्र.-अ-82-2013-14.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बुरहानपुर
(ख) तहसील-नेपानगर
(ग) ग्राम- शंकरपुराखुर्द
(घ) क्षेत्रफल-01.63 हेक्टर.
खसरा नंबर
रकबा (हेक्टर में )
(1) 142/1
(2) 1.63 योग.. 1.63
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- रामपुरा तालाब योजना के शीर्ष कार्य के निर्माण में आने वाली अतिरिक्त भूमि हेतु भू-अर्जन.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी नेपानगर/ कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , बुरहानपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जे. पी. आईरिन सिंथिया , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
3188
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 13 अक्टूबर 2014
क्र. B -4608-दो- 2-15-2013.-श्री विनोद भारद्वाज , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल को दिनांक 28 से 31 जुलाई 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री विनोद भारद्वाज, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री विनोद भारद्वाज उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. D- 5595-दो - 2-4-2013 .- श्री आर. के. जोशी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कटनी को दिनांक 15 से 22 सितम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 13 एवं 14 सितम्बर 2014 एवं पश्चात् में दिनांक 23 सितम्बर 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटन पर श्री आर. के. जोशी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कटनी को कटनी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है. कि श्री आर. के. जोशी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. D- 5599-दो-2-14-2014. श्री अमरनाथ , प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, गुना को दिनांक 8 से 12 सितम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अक्टूबर 2014
जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में 7 सितम्बर 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 13 एवं 14 सितम्बर 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री अमरनाथ , प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, गुना को गुना पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अमरनाथ उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. D - 5602- दो -2-57-2014.- श्री रवि कुमार नायक, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, देवास को दिनांक 4 से 8 अगस्त 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 9 एवं 10 अगस्त 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री रवि कुमार नायक, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , देवास को देवास पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री रवि कुमार नायक उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. C-5759-दो-2-53-2009.- श्री महेन्द्र पी. एस. अरोरा , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, इन्दौर को दिनांक 23 अगस्त 2014 का एक दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश सेलौटने पर श्री महेन्द्र पी . एस. अरोरा , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , इन्दौर को इन्दौर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
भाग 1 ]
प्रमाणित किया जाता है कि श्री महेन्द्र पी. एस . अरोरा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
जबलपुर, दिनांक 14 अक्टूबर 2014
क्र. D - 5644- दो- 2-25-2013 .- श्री एस . के. रघुवंशी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मण्डेलश्वर को दिनांक 27 से 28 अगस्त 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 29 अगस्त 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री एस. के. रघुवंशी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मण्डेलश्वर को मण्डलेश्वर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस. के. रघुवंशी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. D - 5646- दो - 2-52-2014.- सुश्री करूणा एस . त्रिवेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , डिण्डौरी को दिनांक 29 सितम्बर से 1 अक्टूबर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 28 सितम्बर 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 2 अक्टूबर 2014 से दिनांक 5 अक्टूबर 2014 तक के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर सुश्री करूणा एस. त्रिवेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , डिण्डौरी को डिण्डौरी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि सुश्री करूणा एस . त्रिवेदी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. C- 5761-दो -2-53-2014 .- श्री के. पी . सिंह, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , राजगढ़ - ब्यावरा को दिनांक 17 से
3189
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अक्टूबर 2014
20 सितम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 21 सितम्बर 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री के. पी. सिंह , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , राजगढ़ - ब्यावरा को राजगढ़- ब्यावरा पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री के. पी. सिंह उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C-5763-दो-2-39-2014.- श्री जे. के. वैद्य, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुरैना को दिनांक 15 से दिनांक 22 सितम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 13 एवं 14 सितम्बर 2014 एवं पश्चात् में दिनांक 23 सितम्बर 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री जे . के. वैद्य, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मुरैना को मुरैना पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री जे. के. वैद्य उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C-5765-दो-2-48-2013.- श्री पी. के. वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अनूपपुर को दिनांक 8 से 11 सितम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके चार दिन का कम्यूटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री पी. के. वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अनूपपुर को अनूपपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
3190
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अक्टूबर 2014
प्रमाणित किया जाता है कि श्री पी. के. वर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
जबलपुर, दिनांक 15 अक्टूबर 2014
क्र. B-4654- दो- 2-52-2014.- सुश्री करूणा एस. त्रिवेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , डिण्डौरी को दिनांक 11 से 12 सितम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 13 एवं 14 सितम्बर 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर सुश्री करूणा एस. त्रिवेदी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , डिण्डौरी को डिण्डौरी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि सुश्री करूणा एस. त्रिवेदी उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,
व्ही. बी. सिंह , रजिस्ट्रार.
जबलपुर, दिनांक 13 अक्टूबर 2014
क्र. D-5592-दो - 2-36-2008.-श्री आर. के. गुप्ता, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को दिनांक 7 से 10 अक्टूबर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 2 से 6 अक्टूबर 2014 तक के एवं पश्चात् में दिनांक 11 से 12 अक्टूबर 2014 तक के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. गुप्ता, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ , ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. के. गुप्ता उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रिंसिपल रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत रहते .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, व्ही. बी. सिंह , रजिस्ट्रार.