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मध्यप्रदेश
शास
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 45]
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 7 नवम्बर 2014 कार्तिक 16 , शक 1936
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.
( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग 4.-(क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक,
(3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (ख ) ( 1 ) अध्यादेश,
(3) संसद् के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 4 जुलाई 2014
फा. क्र . 17 ( ई ) 29-2014-1964 - इक्कीस- ब( एक ) .- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का सं 49 ) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से , एतद्वारा , नीचे दी गई सारणी के कालम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट अपर सेशन न्यायाधीश को उसके (सारणी के ) कॉलम ( 3 ) में की तत्स्थानी प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट क्षेत्र के लिए मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा संचालित विभिन्न परीक्षाओं से संबंधित अपराधों तथा स्पेशल टास्क फोर्स, भोपाल द्वारा अन्वेषित मामलों का विचारण करने के लिए विशेष न्यायाधीश नियुक्त करता है.
सारणी
न्यायाधीश का नाम
अनुक्रमांक
(2)
(1)
मुख्यालय का नाम (3) भोपाल श्री राम कुमार चौबे, नवम अपर सेशन न्यायाधीश, 1
भोपाल.
F.No. 17 (E) 29-2014-1964 - XXI - B ( 1 ) .-In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act , 1988 (No. 49 of 3387
1988) , the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh , hereby appoints the Additional Sessions Judge specified in column (2) of the Table below to be Special Judge for area specified in the corresponding entry in column (3 ) thereof to try the cases relating to the offences in various examinations conducted by Madhya Pradesh Professional Examination Board and investigated by Special Task Force, Bhopal .
TABLE
S. No.
Name of Judge
(2)
Head quarter (3) (1)
Bhopal.
1 Shri Ram Kumar Choubey, IXthAdditional Sessions Judge , Bhopal .
भोपाल , दिनांक 17 जुलाई 2014
फा. क्र. 3 ( ए) -1-2011 - इक्कीस- ब ( एक) .- उच्च न्यायिक सेवा की सदस्यता श्रीमती संगीता मदान , अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, ग्वालियर के द्वारा त्यागपत्र दिए जाने के कारण राज्य शासन , उच्च न्यायालय की अनुशंसा दिनांक 16 जुलाई 2014 को मान्य करते हुए उनका त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से स्वीकृत करता है.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2014.
3388
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
भोपाल, दिनांक 16 जुलाई 2014
फा. क्र. 17 (ई ) 43-2009-592- इक्कीस- ब( एक) 14.- ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 ( 2009 का 4 ) की धारा 5 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश, उच्च न्यायालय के परामर्श से , एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 17 (ई ) 43-2009-2251 - इक्कीस- ब( 1 ) -13 , दिनांक 10 मई 2013 में, निम्नलिखित संशोधन करता है अर्थात्:-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में, सारणी में, अनुक्रमांक 14 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं अर्थात् : -
न्यायाधिकारी
पदस्थापना का स्थल अनु- क्रमांक
का नाम
(2)
(3) (1)
"14
बैरसिया श्री सुनील कुमार शौक, अतिरिक्त व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 .
सारणी
मध्यवर्ती स्तर पर
सिविल जिले का नाम
पंचायत के लिए ग्राम
ग्राम न्यायालय के मुख्यालय
का नाम न्यायालय का नाम
(4)
(5)
(6)
बैरसिया" भोपाल
बैरसिया
F.No. 17 (E )43-2009-592 - XXI - B ( 1 ) -14 .-In exercise of the powers conferred by Section 5 of the Gram Nyayalayas Adhiniyam 2008 (No. 4 of 2009) , the State Government, in Consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby , makes the following amendment in this department's Notification F. No. 17 (E)43-2009-2251 - XXI- B( 1 )-13 , dated 10th May 2013 , namely : -
AMENDMENT
In the said Notification in the table , for serial number 14 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely :--
S.No.
Place of Posting Name of Nyayadhikari
(3) (2)
(1)
"14
Berasia Shri Sunil Kumar Shauk , Additional Civil Judge Class- I .
TABLE
Name of Civil District
Name of Gram Nyayalaya for Panchayat at Intermediate level (5)
Name of Headquarter ofGram Nyayalaya (6) (4)
Berasia ."
Berasia
Bhopal
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
सी. व्ही. सिरपुरकर, प्रमुख सचिव.
3389
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
भाग 1 ]
गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल, दिनांक 10 अक्टूबर 2014
क्र. एफ-1 (ए) 400-88- ब-2- दो.- ( 1 ) श्री पुरुषोत्तम शर्मा, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक, ( पुलिस सुधार ) , पुलिस मुख्यालय, भोपाल को दिनांक 1 से 6 दिसम्बर 2014 तक कुल छः दिवस का अर्जित अवकाश दिनांक 30 नवम्बर 2014 एवं 7 दिसम्बर 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.
(2) श्री पुरुषोत्तम शर्मा , भापुसे, की अवकाश अवधि में इनका कार्य श्री स्वर्ण सिंह, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सामुदायिक पुलिसिंग, पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा .
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री पुरुषोत्तम शर्मा, भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, ( पुलिस सुधार ) , पुलिस मुख्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4) श्री पुरुषोत्तम शर्मा , भापुसे द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(5 ) अवकाशकाल में श्री पुरुषोत्तम शर्मा, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री पुरुषोत्तम शर्मा, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
भोपाल, दिनांक 20 अक्टूबर 2014
क्र. एफ-1 (ए) 253-1988- ब-2-दो.-( 1 ) डॉ. आर. के. गर्ग , भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एस. सी. आर. बी . पुलिस मुख्यालय, भोपाल को दिनांक 22 अक्टूबर 2014 का एक दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 23 एवं 24 अक्टूबर 2014 के विज्ञप्त/ स्थानीय अवकाश के लाभ के साथ एवं दिनांक 28 अक्टूबर 2014 का एक दिवस अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
( 2 ) डॉ. आर. के. गर्ग, भापुसे की अवकाश अवधि में उनका कार्य श्री पी. के. माथुर, पुलिस महानिरीक्षक, एस. सी. आर. बी. , पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर डॉ. आर. के. गर्ग , भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एस . सी. आंर. बी. , पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4 ) डॉ. आर. के. गर्ग , भापुसे द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका -2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .
(5 ) अवकाशकाल में डॉ. आर. के. गर्ग, भापुसे को अवकाश , वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि डॉ. आर. के. गर्ग, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
क्र. एफ. 1 (ए) 94-99- ब- 2- दो. इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 25 सितम्बर 2014 द्वारा श्री उमेश जोगा, भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, छिन्दवाड़ा रेंज छिन्दवाड़ा को दिनांक 13 से 25 अक्टूबर 2014 तक कुल तेरह दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 11 , 12 एवं 26 अक्टूबर 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत कर उक्त अवकाश अवधि में इनका कार्य श्री पुरूषोत्तम शर्मा, भापुसे पुलिस अधीक्षक छिन्दवाड़ा द्वारा वर्तमान कार्य के साथ -साथ संपादित किये जाने के आदेश जारी किये गये हैं.
(2) उक्त आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए राज्य शासन द्वारा श्री उमेश जोगा, भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, छिन्दवाड़ा रेंज छिन्दवाड़ा की उक्त अवकाश अवधि में श्री पुरूषोत्तम शर्मा, भापुसे के स्थान पर , श्री मिथिलेश शुक्ला, भापुसे पुलिस अधीक्षक, छिन्दवाड़ा द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किये जाने हेतु निर्देशित किया जाता है.
(3 ) पूर्व समसंख्यक आदेश दिनांक 25 सितम्बर 2014 की शेष कंडिकाएं यथावत् रहेंगी.
भोपाल , दिनांक 21 अक्टूबर 2014
क्र. एफ-1 ( ए ) 55-94- ब- 2 - दो.- ( 1 ) श्री बी. बी. एस. ठाकुर, भापुसे, पुलिस महानिदेशक, ( आरएंडडी एवं पुलिस मैन्युअल ) , पुलिस मुख्यालय म. प्र. भोपाल को दिनांक 7 से 17 अक्टूबर 2014 तक ग्यारह दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 5, 6 , 18 एवं 19 अक्टूबर 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है .
(2 ) श्री बी. बी. एस. ठाकुर, भापुसे की अवकाश अवधि में उनका कार्य श्री ए. पी . सिंह , भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, आर. एण्ड. डी. एवं पुलिस मैन्युअल, पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री बी. बी. एस . ठाकुर, भापुसे , को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिदेशक, ( आरएंडडी एवं पुलिस मैन्युअल ) , पुलिस मुख्यालय म. प्र. भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4) पर श्री बी. बी. एस. ठाकुर, भापुसे, पुलिस महानिदेशक, ( आरएंडडी एवं पुलिस मैन्युअल ) , पुलिस मुख्यालय म. प्र. भोपाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(5) अवकाशकाल में श्री बी. बी. एस. ठाकुर, भापुसे को अवकाश, वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री बी. बी. एस. ठाकुर, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
3390
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
क्र. एफ -1 ( ए) 27-94- ब-2- दो. श्री आलोक रंजन, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, प्रशासन, पुलिस मुख्यालय, भोपाल को दिनांक 20 से 27 अक्टूबर 2014 तक आठ दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 18 एवं 19 अक्टूबर 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.
(2) श्री आलोक रंजन, भापुसे, की अवकाश अवधि में उनका कार्य श्री के. पी. खरे, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक, पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.
( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री आलोक रंजन, भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, प्रशासन , पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री आलोक रंजन , भापुसे द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(5 ) अवकाशकाल में श्री आलोक रंजन, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था .
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आलोक रंजन, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
क्र. एफ -1 ( ए) 185-91- ब- 2 - दो.- ( 1 ) श्री जी. पी . सिंह, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक, ( सतर्कता ) , पुलिस मुख्यालय, भोपाल को दिनांक 10 से 14 नवम्बर 2014 तक, पांच दिवस अर्जित अवकाश 8 , 9 , 15 एवं 16 नवम्बर 2014 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) श्री जी. पी . सिंह, भापुसे की अवकाश अवधि में उनका कार्य श्री राजीव टंडन, भापुसे , अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री जी. पी. सिंह, भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक , स्थानापन्न अति. पुलिस महानिदेशक, ( सतर्कता ) , पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4 ) श्री जी. पी . सिंह , भापुसे , अति. पुलिस महानिदेशक, ( सतर्कता ) , पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(5) अवकाशकाल में श्री जी. पी. सिंह, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री जी. पी . सिंह, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
क्र. एफ-1 (ए) 64-2013-ब-2-दो. श्री प्रेम बाबू शर्मा, भापुसे, सेनानी , 25वीं वाहिनी विसबल , भोपाल को दिनांक 16 जून से 4 जुलाई 2014 तक बीस दिवस का लघुकृत अवकाश उपभोग करने के पश्चात् स्वीकृत किया जाता है.
[ भाग 1 (2 ) श्री प्रेम बाबू शर्मा, भापुसे के अवकाश खाते से चालीस दिवस का अर्धवैतनिक ( HPL ) अवकाश घटाया जायेगा.
(3 ) अवकाशकाल में श्री प्रेम बाबू शर्मा, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
( 4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रेम बाबू शर्मा, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बसंत प्रताप सिंह, प्रमुख सचिव.
खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 14 अक्टूबर 2014
क्र. एफ-5-10-2011- उन्तीस- 2.- राज्य शासन, एतद्वारा , इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 20 दिसम्बर 2011 से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के अंतर्गत जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम , बुरहानपुर में श्री संजय विजयवर्गीय को सदस्य के पद पर नियुक्त किया गया था.
( 2 ) श्री संजय विजयवर्गीय द्वारा सदस्य जिला फोरम , बुरहानपुर के पद से दिनांक 5 नवम्बर 2012 को त्याग - पत्र दिये जाने के फलस्वरूप राज्य शासन, एतद्वारा , उनका दिया गया त्याग -पत्र दिनांक 5 नवम्बर 2012 से स्वीकृत करता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. के. चन्देल , उपसचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 28 अक्टूबर 2014
फा. क्र. 3 (ए) 13-2014- इक्कीस-ब( एक) .- राज्य शासन, उच्चतर न्यायिक सेवा के सदस्य श्री लालाराम मीणा, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश , गाडरवाड़ा जिला नरसिंहपुर को उनके द्वारा दिनांक 30जुलाई 2014 को प्रस्तुत सूचना- पत्र के अनुसार मध्यप्रदेश सिविल सेवा ( पेंशन ) नियम, 1976 के नियम 42 ( 1 ) ( क) के अधीन उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर सेवानिवृत्त होने के लिए अनुज्ञात किया जाता है तथा उन्हें दिनांक 31 अक्टूबर 2014 के अपराह्न से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की स्वीकृति प्रदान करता है.
फा. क्र. 3 (ए) 12-2014- इक्कीस- ब( एक) .- राज्य शासन , उच्चतर न्यायिक सेवा के सदस्य श्री रमेशप्रसाद ठाकुर, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जतारा जिला टीकमगढ़ को उनके द्वारा दिनांक 28 अगस्त2014 को प्रस्तुत सूचना- पत्र के अनुसार मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन ) नियम , 1976 के नियम 42 ( 1 ) ( क ) के अधीन उच्च 3391
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
भाग 1 ]
न्यायालय की अनुशंसा पर सेवानिवृत्त होने के लिए अनुज्ञात किया जाता है तथा उन्हें दिनांक 31 अक्टूबर 2014 के अपराह्न से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की स्वीकृति प्रदान करता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विरेन्दर सिंह, सचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सागर, दिनांक 18 सितम्बर 2014
क्र. 1551.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 ( संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा, नीचे दर्शाये अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील बण्डा, जिला सागर के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है :-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम पटवारी हल्का नंबर
(2) भू- भाग विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नंबर एवं इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल) (1)
1. नयाखेड़ा, प.ह.नं. 48 1. पाटन, प.ह.नं. 48, क्षेत्रफल 177.91 हे.
2. सिसगुंवा, प.ह.नं. 54 2. बूढ़ाखेरा , प.ह.नं. 54, क्षेत्रफल 651.84 हे.
3. डाबलीखेड़ा, प.ह.नं. 93 3. चौकामेड़ा, प.ह.नं. 93 , क्षेत्रफल 283.69 हे.
क्र. 1552.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20 , 1959) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाये अनुसूची में स्तम्भ (1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील गढ़ाकोटा, जिला सागर के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है : -
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम पटवारी हल्का नंबर भू- भाग विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नंबर एवं इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल) (1)
(2) 1. सोजनावार, प.ह.नं. 01 1. टड़ा, प.ह.नं. 01 , क्षेत्रफल 227.79 हे.
क्र. 1553.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20, 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाये अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील मालथौन , जिला सागर के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है : -
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम पटवारी हल्का नंबर भू- भाग विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नंबर एवं इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल)
(1)
(2)
1. क्वाला, प.ह.नं. 71 1. बॉदरी , करौती प.ह.नं. 71 , क्षेत्रफल 173.29 हे .
2. पठारी, प.ह.नं. 105 2. परसोन, प.ह.नं. 105, क्षेत्रफल 172.74 हे.
3. प्रेमपुरा, प.ह.नं. 122 3. बरोदियाकला, प.ह.नं. 122, क्षेत्रफल 176.21 हे .
क्र. 1554.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20, 1959) की धारा 2( 1 ) की उपधारा ( य-5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाये अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील राहतगढ़ , जिला सागर के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है : -
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम पटवारी हल्का नंबर भू- भाग विवरण (मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नंबर एवं इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल)
(2) (1)
1. लखनपुर, प.ह.नं. 34 1. मेनवारा कला, प.ह.नं. 34, क्षेत्रफल 423.91 हे.
2. लक्ष्मनपुर, प.ह.नं. 38 2. जलन्धर, प.ह.नं. 38, क्षेत्रफल 425.13 हे .
क्र. 1555.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 ( संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाये अनुसूची में स्तम्भ 3392
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील केसली , जिला सागर के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है : -
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम पटवारी हल्का नंबर भू- भाग विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नंबर एवं इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल)
(2) (1)
1. नयागांव , प.ह.नं. 6 1. बम्होरी , नाहरमऊ, प.ह.नं. 6, क्षेत्रफल 331.92 हे .
2. कुण्डलपुर, प.ह.नं. 13.
2. नाहरमऊ, प.ह.नं. 13, क्षेत्रफल 161.72 हे.
क्र. 1556.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20, 1959 ) की धारा 2( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा , नीचे दर्शाये अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील सागर, जिला सागर के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है :-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम पटवारी हल्का नंबर भू- भाग विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नंबर एवं इससे पृथक किया गया क्षेत्रफल)
(2) (1)
1. खिरिया, प.ह.नं. 82 1. कर्रापुर, प.ह.नं. 82, क्षेत्रफल 278.38 हे.
2. अर्जनाटोला, प.ह.नं. 114.
2. घाटमपुर, प.ह.नं. 114, क्षेत्रफल 348.06 हे .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
धार, दिनांक 31 अक्टूबर 2014
प्रारंभिक अधिसूचना
प्र . क्र. 17480- ए..2014-15 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में थाना तालाब के ग्राम घुड़दल्या तहसील कुक्षी जिला धार की डूब क्षेत्र के लिये वर्णित भूमि जिसका कृषकवार एवं सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित हैं . सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
योजना का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है . प्रस्तावित सर्वे क्रमांक की अतिरिक्त भूमि डूब क्षेत्र में आने के कारण अधिग्रहण किया जाना है . अतः सोशल इन्पेक्ट असेसमेन्ट सर्वेक्षण की आवश्यकता नहीं है.
अतः भूमि अर्जन , पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्र. 30, सन् 2013 ) की धारा 11 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है : -
अनुसूची ( 1 )
ग्राम- घुड़दल्या
विवरण
क्र.
(1)
(2)
1 थाना तालाब डूब अन्तर्गत निजी भूमि ग्राम घुड़दल्या
तहसील-कुक्षी अर्जित की जाने वाली भूमि का कुल रकबा ( हेक्टर में ) सिंचित
कुल
असिंचित (3)
15.672
15.672
15.672
15.672
योग ..
3393
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
भाग 1 ]
अनुसूची ( 2 )
थाना तालाब डूब क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम घुड़दल्या तहसील कुक्षी की डूब भूमि का विवरण
क्र. कृषक का नाम व पिता/ पति का नाम
खसरा क्रमांक
सिंचित
(3)
(1)
(2)
1
105/1
79/1/1 गुलाब, सोबु, रमतुबाई पि. वेरसिंह सेलकीबाई बेवा वेरसिंह जाति भील .
76/2/1 2 झेतुसिंह दत्तक पुत्र मेथु भील
103/1
3 इंदरसिंह , नजरू, चम्पाबाई , पि. धनराज भील .
79/2/1
80/1
4 करणसिंह, प्यारसिंह , होशियारसिंह , बिलामसिंह , सुरेश , दिलीप , मूकेश , राजेन्द्र, राजु, सनबाई पि.कालुसिंह, घोघाबाई, सुमति बेवा कालुसिंह
भील.
5 नानका पि. थावरिया भीलाला
75/1/1 6 रेकासिंह, टोपसिंह, ज्ञानसिंह , पि. कलमसिंह व तेजलीबाई बेवा कलमसिंह.
75/2/1 7 गेंदाबाई पि. धनराज भील
75/3/1 8 रायसिंह पि. धनराज व मैथाबाई वेबा धनराज भील.
147/1/1 9 सोमला, नाहरू पि. नानक्या भील
80/2/1 10 जुवानसिंह पि. धुमजी गुरजीबाई पि. धुमजी भील.
85/1/1 11 सुभान पि. अब्दुल रतन रिछु, नकु, मानु पि. ज्ञानसिंह , फुदिबाई, बेवा, ज्ञानसिंह भीलाला.
132/1 12 बाडीबाई पिता धुमजी भील
119/1
भूमि का कुल रकबा
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा (हेक्टर)
सिंचित
कुल कुल
असिंचित (5)
असिंचित (4)
0.626
0.626 0.806
0.806
0.284
0.284 0.493
0.493
0.074
0.074 0.474
0.474
0.975
0.975
1.935
1.935
1.532
1.532
1.699
1.699
0.089
0.089
0.348
0.348
0.070
0.070 0.439
0.439
0.771
0.771 1.271
1.271
0.250
0.250 0.418
0.418
0.586
0.586
0.836
0.836
1.745
1.745 2.532
2.532
0.853
0.853
2.675
2.675
1.000
1.000 2.334
2.334
0.916 0.916 1.639
1.639
0.084
0.084 0.304
0.304 3394
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
(3) (4) (1)
(2)
127
128
13 रमसिंह, इन्दरसिंह, पुरनसिंह, भंगुबाई पि. नानका भील.
152
डुगरसिंह पि. कालु भील
14
153/1 नानभु पि. झेन्दा भील
15
66/2
16 इन्दरसिंह पिता जुवानसिंह भील
2
4
5
17 सुरपसिंह रुपसिंह, पि. दितु व राजुबाई बेवा दितु बिसन भावसिंह, रायसिंह पि. , सेकडिया भील.
20/1
18 करणसिंह , प्यारसिंह, होशियारसिंह, बिलामसिंह, राजेन्द्रसिंह, दिलीपसिंह , सनबाई पिता कालु व रेमसिंह, टोपसिंह ज्ञानसिंह पि. कलमसिंह, तेजलीबाई बेवा कलमसिंह.
28/2
28/3
19 कुंवरसिंह, गणपत पिता नानसिंह भील.
3
20 सोमलया पिता भुवान भील
योग ..
(8) (9) (5)
(6) (7)
0.364 0.364 0.364
0.364
1.000
1.000
4.683
4.683
0.514 0.514 0.514
0.514
0.700 2.021
2.021
0.700
0.500
0.500 2.614
2.614
0.500
0.500 0.500
0.500
0.336
0.336
0.336
0.336
0.754
0.754 0.754
0.754
0.200
0.200
0.200
0.200
0.417
0.417
0.417
0.417
0.471 0.471 0.471
0.471
0.061 0.061
0.061
0.061
15.672
15.672
31.138
31.138
प्रारंभिक अधिसूचना
प्र. क्र. 17482- ए..2014-15 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में थाना तालाब तहसील कुक्षी जिला धार के ग्राम छडावद तह. जिला धार की डूब क्षेत्र के लिये वर्णित भूमि जिसका कृषकवार एवं सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है . सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
योजना का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है. प्रस्तावित सर्वे क्रमांक की अतिरिक्त भूमि डूब क्षेत्र में आने के कारण अधिग्रहण किया जाना है . अतः सोशल इन्पेक्ट असेसमेन्ट सर्वेक्षण की आवश्यकता नहीं है.
अतः भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्र. 30 सन् 2013) की धारा 11 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है : -
अनुसूची ( 1 )
ग्राम-छडावद
विवरण
क्र.
(2)
(1)
1 थाना तालाब डूब अन्तर्गत निजी भूमि ग्राम छडावद
तहसील-कुक्षी
( हेक्टर में) अर्जित की जाने वाली भूमि का कुल रकबा
असिंचित
सिंचित
(3)
(4
कुल (5)
11.837
11.837
11.837
11.837
योग भाग 1 ]
3395
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
अनुसूची (2)
थाना तालाब के डूब क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम छडावद की डूब प्रभावित भूमि का विवरण
क्र.
भूमि का कुल रकबा
कृषक का नाम व पिता/ पति का नाम
खसरा क्रमांक
सिंचित (4)
(3)
(2)
(1)
1
190
196
पांगलिया पिता नानका व कानू पिता नानसिंह जाति भील.
194/1
2 बिलामसिंह धूधरा धडक सिंह पिता नन्दा व सुमाबाई छनकुबाई बेवा नन्दा जाति भील.
285/1
3 मंगु, नजरु, पि. भुरला जाति भिल
334/1
4 जहरिया सकरू नाहरू पिता. गमीर जाति भील.
217/1
5
218/1
221/1
जैराम पिता शुरसिह महेन्द्र रमेश सरदार पिता सुरसिह व वेसाबाई विधवा शुरसिंह जाति भील.
219/1
6 लालसिंह मगरसिंह रणसिह शोभान पिता पुनिया व जानीबाई बेवा पुनिया जाति भील.
201/1 / 2ख 7 नानभु पि. हारु जाति भील
201/1 /1 क 8 नानीया पिता हारु जाति भील
201/1/3 ग 9 लालसिंह पि. पुन्या भील
255/1/1 10 छगन पि . मन्या जाति भील
215
11 धुमसिंह पि. दगडु जाति भील
योग .
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा (हेक्टर में)
कुल (9)
सिंचित (7)
असिंचित (8)
कुल (6)
असिंचित (5)
1.547
1.547
1.547
1.547
0.752
0.752 0.752 0.752
1.829
1.829 1.829
1.829
0.100
0.100 0.899
0.899
1.000 2.821
1.000
2.821
1.521
1.521 1.821
1.821
0.606
0.606
0.441
0.441
0.154 1.279
0.154
1.279
1.595 1.595 1.787
1.787
1.500
1.500
2.001
2.001
0.252
0.252 2.001
2.001
0.933
0.933 0.933
0.933
0.012 0.142
0.012
0.142
0.201
0.201 0.366
0.366
11.837
11.837
18.784
18.784
प्रारंभिक अधिसूचना
प्र. क्र. 17484-ए..2014-15. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में थाना तालाब के ग्राम करचट तहसील कुक्षी जिला धार की डूब क्षेत्र के लिये वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्र. वार विवरण अनुसूची (2 ) में उल्लेखित है. सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
योजना का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है . प्रस्तावित सर्वे क्रमांक की अतिरिक्त भूमि डूब क्षेत्र में आने के कारण अधिग्रहण किया जाना है . अतः सोशल इन्पेक्ट असेसमेन्ट सर्वेक्षण की आवश्यकता नहीं है .
3396
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 नवम्बर 2014
अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है :-
अनुसूची ( 1 )
ग्राम-करचट
क्र.
विवरण
(2)
(1)
1 थाना तालाब डूब अन्तर्गत निजी भूमि ग्राम करचट
तहसील-कुक्षी अर्जित की जाने वाली भूमि का कुल रकबा ( हेक्टर में) सिंचित
असिंचित (4
(3)
कुल (5)
0.743
0.743
0.743
0.743
योग ..
अनुसूची ( 2 )
थाना तालाब डूब क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम करचट की डूब भूमि का विवरण
क्र.
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा
भूमि का कुल रकबा
कृषक का नाम व पिता/ पति का नाम
खसरा क्रमांक
सिंचित (1)
(2)
(3) (4)
305
1 छीतु, जामसिंह, बाल पि. टेमरीया जाति भील.
योग ..
(हेक्टर में)
सिंचित असिंचित
असिंचित कुल (6)
(7)
कुल (9)
(8)
(5)
0.743
0.743 0.743
0.743
0.743
0.743
0.743
0.743
प्रारंभिक अधिसूचना
प्र. क्र. 17486-ए..2014-15. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में थाना तालाब के ग्राम काकड़वा तहसील कुक्षी जिला धार की डूब क्षेत्र के लिये वर्णित भूमि जिसका कृषकवार एवं सर्वे क्र. वार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है. सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
योजना का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है. प्रस्तावित सर्वे क्रमांक की अतिरिक्त भूमि डूब क्षेत्र में आने के कारण अधिग्रहण किया जाना है . अतः सोशल इन्पेक्ट असेसमेन्ट सर्वेक्षण की आवश्यकता नहीं है.
अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है : -
अनुसूची ( 1 )
ग्राम-काकड़वा
क्र.
विवरण
(2)
(1)
1 थाना तालाब डूब अन्तर्गत निजी भूमि ग्राम काकड़वा
तहसील-कुक्षी अर्जित की जाने वाली भूमि का कुल रकबा ( हेक्टर में )
असिंचित
सिंचित
कुल
(4
(5) (3)
4.337
4.337
4.337
4.337
योग ..
3397
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
भाग 1 ]
अनुसूची ( 2)
थाना तालाब डूब क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम काकड़वा की डूब भूमि का विवरण
क्र. कृषक का नाम व पिता/ पति का नाम
खसरा क्रमांक
(3)
सिंचित (4) (2)
(1)
329/1
1 रमेश पिता ध्यानसिंह व नुकतीबाई बेवा ध्यानसिंह जाति भील .
329/2 2 करमसिंह पिता ध्यानसिंह जाति भील.
329/3
3 नराण पिता ध्यानसिंह जाति भील
330
4 जरसिंह, भारतसिंह, मेहरसिंह ना. बा. पिता वेस्ता जाति भील .
318
5 प्रेमसिंह पिता डोंगरसिंह जाति भील.
योग
भूमि का कुल रकबा
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा (हेक्टर में )
कुल (6)
असिंचित (8)
कुल (9)
सिंचित (7)
असिंचित (5)
1.156
1.156
1.441
1.441
0.965
0.965
1.066
1.066
1.284
1.284
1.57
1.57
0.305
0.305
1.473
1.473
0.627 0.627 0.627
0.627
4.337 4.337 6.177
6.177
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जयश्री कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
विभाग प्रमुखों के आदेश
आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी मध्यप्रदेश , भोपाल
(विभागीय परीक्षा प्रकोष्ठ )
भोपाल, दिनांक 28 अक्टूबर 2014
क्र. 6961-2863-अका- विपप्र-2014.- राज्य शासन द्वारा उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 21 जुलाई 2014 को प्रश्नपत्र- विधि तथा प्रक्रिया ( पुस्तकों सहित ) विषय में सम्पन्न हुई थी , में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है:-
पदनाम (3) नाम अधिकारी (2)
क्र. (1)
उच्चस्तर
इंदौर संभाग
जिला आबकारी अधिकारी 1 श्री शैलेश कुमार जैन
भोपाल, दिनांक 30 अक्टूबर 2014
क्र. 7048-2784-अका-विपप्र-2014.- राज्य शासन द्वारा सामान्य प्रशासन, राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 24 जुलाई 2014 को प्रश्नपत्र-लेखा प्रथम एवं लेखा द्वितीय विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है:-
पदनाम (3) क्र. (1)
नाम अधिकारी (2)
उच्चस्तर भोपाल संभाग
सहायक कलेक्टर 1 श्री अनूप कुमार सिंह
सहायक कलेक्टर 2 श्री हर्ष दीक्षित
सहायक कलेक्टर 3 कु. सोनिया मीना
सहायक कलेक्टर 4 श्री एस. कृष्ण चैतन्य
सहायक कलेक्टर 5 श्री सतीश कुमार एस.
सहायक कलेक्टर 6 श्री प्रियंक मिश्र 3398
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 नवम्बर 2014
(3) (2)
(1)
सहायक कलेक्टर श्री ऋषि गर्ग
7
सहायक कलेक्टर 8 श्री संदीप जी. आर.
9 श्री सोमेश मिश्र
सहायक कलेक्टर
डिप्टी कलेक्टर कु. गरिमा रावत
10
डिप्टी कलेक्टर 11 कु. स्वाति जैन
श्री प्रेमशंकर पटेल
12
नायब तहसीलदार
नायब तहसीलदार सुश्री कल्पना के.
13
नायब तहसीलदार 14 श्री कैलाश मालवीय
नायब तहसीलदार 15 श्री भविष्य भास्कर
श्री कृष्णपाल सिंह बडकड़े राजस्व निरीक्षक 16
राजस्व निरीक्षक 17 श्री आलोक भद्र
18
राजस्व निरीक्षक श्री किशोर सिंह सिकरवार
ग्वालियर संभाग
नायब तहसीलदार 19 डॉ. महेश सिंह कुशवाह
20
सहायक अधीक्षक, भू-अभि.
श्री शोभाराम कुशवाह
होशंगाबाद संभाग
नायब तहसीलदार 21 कु. अंकिता बाजपेयी
22
नायब तहसीलदार श्री नितिन कुमार टाले
पटवारी
23 श्री रामभरोस सरयाम
जबलपुर संभाग
नायब तहसीलदार 24 श्री शांतिलाल बिश्नोई
25
राजस्व निरीक्षक श्री ओमकार प्रसाद बनवासी
26
राजस्व निरीक्षक श्री सीपतसिंह मर्सकोले
27
राजस्व निरीक्षक श्री रामप्रकाश वरकड़े
इन्दौर संभाग
28 श्री श्रीकान्त बनोथ
सहायक कलेक्टर 29 श्री गोपाल सिंह वर्मा
तहसीलदार
नायब तहसीलदार 30 श्री यशपाल मुजाल्दा
31 श्री अनिल मंडराह
नायब तहसीलदार
नायब तहसीलदार 32 कु. सुमन बाथम
33
नायब तहसीलदार श्री हर्ष विक्रम सिंह
34
नायब तहसीलदार श्री चन्द्र कुंवर सिंह
35 श्री राजेन्द्र प्रसाद काशिव सहायक अधीक्षक, भू- अभि.
(3) (1)
(2)
रीवा संभाग
नायब तहसीलदार कु. अनामिका सिंह
36
37 श्री दिवाकर प्रताप सिंह सहायक अधीक्षक, भू- अभि.
उज्जैन संभाग
राजस्व निरीक्षक 38 श्री राजेन्द्र कुमार ठाकुर
राजस्व निरीक्षक 39 श्री कमल प्रसाद मेहरा
40 श्री आदर्श कुमार जामगडे पटवारी
सागर संभाग
श्री सच्चिता नन्द त्रिपाठी नायब तहसीलदार 41
नायब तहसीलदार 42 श्री संजय कुमार गर्ग
राजस्व निरीक्षक 43 श्री योगेन्द्र चौधरी
निम्नस्तर
भोपाल संभाग
सहायक कलेक्टर 1 श्री मयंक अग्रवाल
सहायक कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस
2
सहायक कलेक्टर 3 श्री फ्रैंक नोबल ए.
सहायक कलेक्टर 4 सुश्री रजनी सिंह
5 श्री हरिदास मेवारी
सहायक अधीक्षक, भू- अभि.
राजस्व निरीक्षक 6 श्री कन्हैयालाल चौहान
राजस्व निरीक्षक 7 मो जहीर खाँ
राजस्व निरीक्षक 8 श्री दिनेश कुमार साहू
राजस्व निरीक्षक 9 श्री बृजलाल वाड़ीवा
10
राजस्व निरीक्षक श्री दुर्गा प्रसाद पंवार
राजस्व निरीक्षक 11 श्री प्रमोद श्रीवास्तव
ग्वालियर संभाग
नायब तहसीलदार 12 डॉ. मधुलिका सिंह तोमर
नायब तहसीलदार कु. ज्योति राजपूत
13
राजस्व निरीक्षक 14 श्री सुधर सिंह प्रजापति
राजस्व निरीक्षक श्री आनंद कुमार जैन
15
होशंगाबाद संभाग
राजस्व निरीक्षक 16 श्री किशोरी लाल शेलू
पटवारी
17 श्रीमती नीतू श्रीवास्तव 3399
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
भाग 1 ]
(3) (2)
(1)
जबलपुर संभाग
राजस्व निरीक्षक 18 श्री सुन्दर लाल वर्मा
राजस्व निरीक्षक 19 श्री रमेश कुमार किरार
राजस्व निरीक्षक 20 श्री अरूण भूषण दुबे
राजस्व निरीक्षक श्री रवि शंकर मिश्रा
21
राजस्व निरीक्षक श्री प्रभाष कुमार बागरी
22
राजस्व निरीक्षक 23 श्री बलजीत रावत
राजस्व निरीक्षक 24 श्री मनोज कुमार तिवारी
इन्दौर संभाग
नायब तहसीलदार 25 श्री शुभम सोनी
26 श्री इन्द्रभान सिंह चौहान सहायक अधीक्षक, भू- अभि.
राजस्व निरीक्षक 27 श्री ओमप्रकाश गोयल
राजस्व निरीक्षक 28 श्री पंकज यादव
राजस्व निरीक्षक 29 श्री वेद कुमार पंड्या
रीवा संभाग
30 श्री लक्ष्मी प्रसाद अहिरवार नायब तहसीलदार
राजस्व निरीक्षक 31 श्री जालिम सिंह मार्को
राजस्व निरीक्षक 32 श्री कमलेश प्रसाद पाठक
33 श्री अरूण प्रताप सिंह राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक 34 श्री राजेश कुमार जैन
उज्जैन संभाग
नायब तहसीलदार 35 श्री शम्भूसिंह सिसोदिया
राजस्व निरीक्षक 36 श्री निर्भय सिंह पारस
राजस्व निरीक्षक 37 श्री सुनील अग्रवाल
राजस्व निरीक्षक 38 श्री योगेन्द्र तिवारी
राजस्व निरीक्षक 39 श्री सतीश व्यास
पटवारी
40 श्री ओम प्रकाश मालवीय
सागर संभाग
नायब तहसीलदार 41 श्री दीपक कुमार तिवारी
42 श्री एम. एल. जैन
सहायक अधीक्षक, भू- अभि.
43 श्री ओमप्रकाश त्रिवेदी सहायक अधीक्षक, भू- अभि.
राजस्व निरीक्षक 44 श्री चन्द्रशेखर प्रसाद द्विवेदी
(2)
(3) (1)
राजस्व निरीक्षक 45 श्री हरगोविन्द सिंह धुर्वे
राजस्व निरीक्षक 46 श्री देवेन्द्र कुमार पटेरिया
राजस्व निरीक्षक श्री विजयकान्त पाण्डेय
47
क्र. 7052-2885-अका-विपप्र- 2014.- राज्य शासन द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 25 जुलाई 2014 को प्रश्नपत्र-तृतीय- महिला एवं बाल कल्याण विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है: -
क्र.
नाम अधिकारी
पदनाम (2)
(3) (1)
उच्चस्तर
जबलपुर संभाग
1 श्री अखिलेश कुमार मिश्रा सहायक संचालक , जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी.
इन्दौर संभाग
2 कु. रीना शर्मा
जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी.
क्र. 7056-2888-अका-विपप्र-2014.- राज्य शासन द्वारा उद्योग विभाग के अधिकारियों के लिये विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 22 जुलाई 2014 को प्रश्नपत्र- उद्योग विभाग संबंधी नियम तथा अधिनियम ( पुस्तिकों सहित ) विषय में सम्पन्न हुई थी , में सम्मिलित निम्न परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है:-
नाम अधिकारी
पदनाम क्र.
(2)
(1)
(3)
उच्चस्तर
जबलपुर संभाग
सहायक प्रबंधक 1 श्री संतोष कुमार शिवहरे
सहायक प्रबंधक 2 श्री आसित वर्मा
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुधीर कुमार, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी.
3400
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन "
58, अरेरा हिल्स, भोपाल , ( मध्यप्रदेश ) -462011
आदेश
भोपाल, दिनांक 30 अक्टूबर 2014
क्र. एफ. 67-129-10-तीन-151 .- आवेदक सुश्री मुन्नीबाई भगवानदास चौहान निर्वाचित अध्यक्ष नगर परिषद् बाड़ी जिला रायसेन को राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश क्रमांक एफ- 67-129- 10-तीन-553 , दिनांक 10 जून 2013 ( मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित ) में उन्हें 05 वर्ष के लिये निरर्हित घोषित किया गया है.
प्रकरण के तथ्य संक्षेप में इस प्रकार हैं कि-
नगर परिषद् बाड़ी जिला रायसेन का आम निर्वाचन दिसम्बर 2009 को सम्पन्न हुआ था. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अन्तर्गत आवेदक को निर्वाचन व्यय लेखा चुनाव परिणाम की घोषणा के 30 दिन की विहित समयावधि के भीतर अर्थात् दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को निर्वाचन परिणाम घोषित हुआ. अभ्यर्थी को अपना निर्वाचन लेखा दिनांक 18 जनवरी 2010 ( 16 एवं 17 जनवरी 2010 को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण ) तक राज्य निर्वाचन आयोग के निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 1997 दिनांक 5 जून 1997 " मध्यप्रदेश राजपत्र" में प्रकाशित दिनांक 6 जून 1997 के अनुसार निर्धारित प्रारूप में, निर्धारित रीति से जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत कर देना था. लेकिन आवेदक ने समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया.
निर्वाचन व्यय लेखा समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने के संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 23 फरवरी 2010 को जारी किया. जिसका जबाव दिनांक 18 मार्च 2010 को आयोग में प्राप्त हुआ. अभ्यावेदन का परीक्षण कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , रायसेन से करवाया गया परीक्षण उपरान्त प्रतिवेदित किया गया कि अभ्यर्थी द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित दिनांक 16 जनवरी 2010 को प्रस्तुत नहीं किया जाकर 11 फरवरी 2010 को प्रस्तुत किया गया है, विलम्ब से प्रस्तुत करने का कारण स्वयं के अस्वस्थ होना बताया गया है, जिसके प्रमाण के आधार पर डॉक्टर के मेडीकल सर्टिफिकेट की छायाप्रति अभ्यावेदन में लगाकर प्रस्तुत की गयी.
उक्त के आधार पर विचारोपरांत अभ्यर्थी को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 3 अप्रैल , 2013 को आयोग कार्यालय में बुलाया. किन्तु अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुई.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
[ भाग 1 व्यक्तिगत सुनवाई में अभ्यर्थी उपस्थित नहीं होने तथा कलेक्टर रायसेन के अभिमत के आधार पर आयोग विलम्ब से लेखा प्रस्तुत करने के आधार पर आयोग द्वारा आदेश दिनांक 10 जून 2013 द्वारा 5 वर्ष के लिये निरर्हित कर दिया गया.
आवेदक सुश्री मुन्नीबाई भगवानदास चौहान ने माननीय उच्च न्यायालय , जबलपुर में आयोग के उक्त निरर्हता आदेश को निरस्त करने के लिये रिट याचिका क्र. 21025/2013 प्रस्तुत की गयी. प्रकरण में दिनांक 28 जुलाई 2014 को आदेश हुआ कि राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष निरर्हता के आदेश को निरस्त करने के संबंध में आवेदक उच्च न्यायालय के आदेश के 15 दिन के भीतर अभ्यावेदन प्रस्तुत करें और अवधि के प्रश्न पर ध्यान न देते हुए आयोग गुण -दोष के आधार पर आवेदक के अभ्यावेदन का निराकरण करें.
माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा प्रकरण में पारित आदेश दिनांक 28 जुलाई 2014 के अनुक्रम में आवेदन पत्र दिनांक अगस्त 2014 में मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - घ का पुर्नावलोकन हेतु निवेदन किया गया.
प्रकरण के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि आवेदक द्वारा विलम्ब से लेखा प्रस्तुत किया गया. माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में आवेदक द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर विचार किया गया.
इस अनुक्रम में सुश्री मुन्नीबाई भगवानदास चौहान को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु पुनः दिनांक 15 सितम्बर 2014 को आयोग में प्रकरण से संबंधित समस्त अभिलेखों के साथ तथा माननीय उच्च न्यायालय के याचिका क्र. 21025/2013 में पारित आदेश दिनांक 28 जुलाई 2014 में दिये गये निर्देशों सहित सुना गया.
समक्ष में आवेदक ने अपने उत्तर दिनांक अगस्त 2014 में लेखा देर से प्रस्तुत करने का कारण स्वयं का स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण मैं दिनांक 12 जनवरी 2010 से दिनांक 17 जनवरी 2010 तक हास्पिटल में भर्ती रही भर्ती के दस्तावेज की छायाप्रति संलग्न प्रेषित की गयी हैं . हास्पिटल से डिस्चार्ज ( चिकित्सा प्रमाण-पत्र की छायाप्रति संलग्न ) होने के बाद भी मेरे स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने के कारण मैं चलने फिरने में अशक्त रही इस कारण मेरे द्वारा लेखा निर्धारित अवधि में जमा न कर पायी.
तथ्यों के परीक्षण से स्पष्ट हुआ कि अभ्यर्थी द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा अधिनियमों के प्रावधानों के अनुसार संधारित किया गया था, किन्तु बीमारी के कारण निर्वाचन व्यय लेखा विहित अवधि में प्रस्तुत नहीं कर पायी. विलम्ब का कारण समाधान कारक होने से निर्वाचन व्यय लेखा स्वीकार करने योग्य है.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
भाग 1 ]
आयोग द्वारा सुश्री मुन्नीबाई भगवानदास चौहान के द्वारा प्रकरण की सुनवाई दिनांक 15 सितम्बर 2014 में प्रस्तुत तथ्यों के परीक्षण पर विलम्ब से प्रस्तुत निर्वाचन व्यय लेखा मान्य किया जाता है. म. प्र. नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - घ के अनुक्रम में अभ्यर्थी सुश्री मुन्नीबाई भगवानदास चौहान की निरर्हता की कालावधि को एतद्वारा हटाया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग.
आदेश
भोपाल, दिनांक 30 अक्टूबर 2014
क्र. एफ. 67-124-10-तीन-153. आवेदक श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी निर्वाचित अध्यक्ष नगरपालिका परिषद्, बैरसिया , जिला भोपाल ने यह आवेदन दिनांक 4 अगस्त 2014 को राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश क्रमांक एफ- 67-124-10- तीन-935 , दिनांक 19 मई 2014 पर पुनर्विचार करने के लिये प्रस्तुत किया है जिसके द्वारा उन्हें 05 वर्ष के लिये निरर्हित किया गया है.
प्रकरण के तथ्य संक्षेप में इस प्रकार हैं कि-
नगरपालिका परिषद्, बैरसिया, जिला भोपाल का आम निर्वाचन दिसम्बर 2009 को सम्पन्न हुआ था. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अन्तर्गत आवेदक को निर्वाचन व्यय लेखा चुनाव परिणाम की घोषणा के 30 दिन की विहित समयावधि के भीतर अर्थात् दिनांक 15 दिसम्बर 2009 को निर्वाचन परिणाम घोषित हुआ. अभ्यर्थी को अपना निर्वाचन लेखा दिनांक 14 जनवरी 2010 तक राज्य निर्वाचन आयोग के निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 1997 दिनांक 5 जून 1997 " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशित दिनांक 6 जून 1997 के अनुसार निर्धारित प्रारूप में, निर्धारित रीति से जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत कर देना था. लेकिन आवेदक ने विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत किया किन्तु अपूर्ण व्यय लेखा प्रस्तुत किया था.
अपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आयोग के पत्र दिनांक 5 जून 2010 के द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल को निर्देशित किया गया कि वह जिला स्तर पर व्यय लेखा पूर्ण किये जाने हेतु सूचना पत्र जारी कर लेखों को पूर्ण करवाएं. जिला स्तर पर श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को दिनांक 15 जून 2010 को निर्वाचन व्यय लेखा पूर्ण करने हेतु सूचना
3401 पत्र जारी किया गया, जिसमें श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को सूचना पत्र के प्राप्त होने के एक सप्ताह के अन्दर निर्वाचन व्यय लेखा पूर्ण करना चाहिए था. अभ्यर्थी द्वारा अपूर्ण व्यय लेखा पूर्ण नहीं किया गया.
आयोग द्वारा विचारोपरांत अभ्यर्थी को दिनांक 15 अप्रैल , 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. किन्तु अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई.
व्यक्तिगत सुनवाई में अभ्यर्थी के उपस्थित नहीं होने के तथा कलेक्टर भोपाल के अभिमत के आधार पर आयोग के आदेश दिनांक 19 मई 2014 द्वारा 5 वर्ष के लिये निरर्हित कर दिया गया.
आवेदक श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी ने माननीय उच्च न्यायालय , जबलपुर में आयोग के उक्त निरर्हता आदेश को निरस्त करने के लिये रिट याचिका क्र. 10028/2014 प्रस्तुत की गयी. प्रकरण में दिनांक 10 जुलाई 2014 को आदेश हुआ कि राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष निरर्हता के आदेश को निरस्त करने के संबंध में आवेदक उच्च न्यायालय के आदेश के 15 दिन के भीतर अभ्यावेदन प्रस्तुत करें और अवधि के प्रश्न पर ध्यान न देते हुए आयोग गुण - दोष के आधार पर आवेदक के अभ्यावेदन का निराकरण करें.
माननीय उच्च न्यायालय , जबलपुर द्वारा प्रकरण में पारित आदेश दिनांक 10 जुलाई 2014 के अनुक्रम में आवेदन पत्र दिनांक 4 अगस्त 2014 में म. प्र. नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - घ का पुर्नावलोकन हेतु निवेदन किया गया.
प्रकरण के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि आवेदक द्वारा अपूर्ण लेखा प्रस्तुत किया गया. माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में आवेदक द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर विचार किया गया.
इस अनुक्रम में श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु पुनः दिनांक 9 सितम्बर 2014 में बुलाया गया. आवेदक द्वारा अपूर्ण व्यय लेखा को पूर्ण कर दिया गया. उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार आवेदक के उत्तर दिनांक 4 अगस्त 2014 के तथ्यों तथा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में आवेदक द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर विचार किया गया. अपूर्ण व्यय लेखों को पूर्ण कर समाधान कारक होने पर निर्वाचन व्यय लेखा स्वीकार करने योग्य है .
आयोग द्वारा श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी नगरपालिका परिषद्, बैरसिया के निर्वाचित अध्यक्ष के द्वारा प्रकरण की सुनवाई दिनांक 9 सितम्बर 2014 में प्रस्तुत तथ्यों के परीक्षण पर अपूर्ण व्यय लेखा को पूर्ण किये जाने पर निर्वाचन व्यय लेखा को मान्य किया जाता 3402
है. म. प्र. नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - घ के अनुक्रम में अभ्यर्थी श्रीमती कृष्णा धर्मेन्द्र सोनी की निर्रहता की कालावधि को एतद्वारा हटाया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(जी. पी. श्रीवास्तव )
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग.
आदेश
भोपाल , दिनांक 30 अक्टूबर 2014
क्र. एफ 67-19-12- तीन- 157.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2012 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् बैहर, जिला बालाघाट के आम निर्वाचन में सुश्री मीरा मर्सकोले अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. नगर परिषद् बैहर, जिला बालाघाट के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 9 जुलाई 2012 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 8 अगस्त 2012 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , बालाघाट के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , बालाघाट के पत्र दिनांक 1 सितम्बर 2012 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री मीरा मर्सकोले द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सुश्री मीरा मर्सकोले को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 21 सितम्बर, 2012 को जारी किया गया . कारण बताओ सूचना पत्र में सुश्री मीरा मर्सकोले से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
सुश्री मीरा मर्सकोले को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 7 अक्टूबर 2012 को तामील कराया गया. तामीली उपरांत अभ्यर्थी सुश्री मीरा मर्सकोले द्वारा अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया. अभ्यर्थी सुश्री मीरा मर्सकोले से प्राप्त अभ्यावेदन को परीक्षण हेतु आयोग के पत्र दिनांक 14 दिसम्बर 2012 को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , बालाघाट को प्रेषित किया गया. परीक्षण उपरांत कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , बालाघाट के पत्र दिनांक 3 सितम्बर 2014 में अवगत कराया कि अभ्यर्थी सुश्री मीरा मर्सकोले द्वारा प्रस्तुत व्यय लेखा रजिस्टर का परीक्षण किया गया जिसमें उनके द्वारा प्रतिदिन का व्यय दर्ज किया गया है , संबंधित द्वारा कुल व्यय दर्ज किया गया है जो निर्धारित व्यय की राशि रु. 25,000/- से अधिक है. सुश्री मीरा मर्सकोले द्वारा विलम्ब से प्रस्तुत करने के संबंध में दर्शाये गये कारण उपयुक्त होना प्रतीत नहीं होता. अतः निर्वाचन व्यय लेखा एवं अभ्यावेदन स्वीकार योग्य नहीं है .
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी सुश्री मीरा मर्सकोले को दिनांक 14 अक्टूबर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया . अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई, जबकि अभ्यर्थी सुश्री मीरा मर्सकोले को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 25 सितम्बर 2014 की तामीली विहित समयावधि में कराई जा चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री मीरा मर्सकोले द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री मीरा मर्सकोले को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् बैहर, जिला बालाघाट का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष भाग 1 ]
3403
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
(पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग.
आदेश
भोपाल , दिनांक 30 अक्टूबर 2014
क्र. एफ 67-03-11- तीन- 161.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है , उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह जनवरी 2011 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् भेड़ाघाट , जिला जबलपुर के आम निर्वाचन में श्री महेश पटेल अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 8 जनवरी 2011 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 7 फरवरी 2011 तक, श्री महेश पटेल को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जबलपुर के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जबलपुर के पत्र ( परिशिष्ट -36 ) दिनांक 12 फरवरी 2014 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री महेश पटेल द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा विलम्ब ( लगभग 3 वर्ष के पश्चात्) से दाखिल किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी श्री महेश पटेल को आयोग द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 20 मार्च 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना में श्री महेश पटेल से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी श्री महेश पटेल को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 17 अप्रैल 2014 को उनके भाई को तामील कराया गया. अतः श्री महेश पटेल को दिनांक 2 मई 2014 तक अपना जवाब/ अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था . अभ्यर्थी श्री महेश पटेल को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में विलम्ब के संबंध में अभ्यावेदन प्रस्तुत करना चाहिए था, किन्तु अभ्यर्थी श्री महेश पटेल द्वारा कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया.
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री महेश पटेल को दिनांक 9 सितम्बर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री महेश पटेल आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. दिनांक 9 सितम्बर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 14 अगस्त 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि में कराई जा चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री महेश पटेल द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री महेश पटेल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् भेड़ाघाट, जिला जबलपुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव )
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग.
3404
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
आदेश
भोपाल , दिनांक 30 अक्टूबर 2014
क्र. एफ 67-03-11- तीन-162 .- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून , 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह जनवरी 2011 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् भेड़ाघाट , जिला जबलपुर के आम निर्वाचन में श्री जगन्नाथ कटरे अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 8 जनवरी 2011 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 7 फरवरी 2011 तक, श्री जगन्नाथ कटरे को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जबलपुर के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जबलपुर के पत्र ( परिशिष्ट-36 ) दिनांक 12फरवरी 2014 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री जगन्नाथ कटरे द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा विलम्ब ( लगभग 3 वर्ष के पश्चात्) से दाखिल किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी श्री जगन्नाथ कटरे को आयोग द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 20 मार्च 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना में श्री जगन्नाथ कटरे से जवाब (लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी श्री जगन्नाथ कटरे को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 17 अप्रैल 2014 को तामील कराया गया. अतः श्री जगन्नाथ कटरे को दिनांक 2 मई 2014 तक अपना जवाब/अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था. अभ्यर्थी श्री जगन्नाथ कटरे को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली पश्चात् निर्धारित अवधि ( 15 दिन ) में विलम्ब के संबंध में अभ्यावेदन प्रस्तुत करना चाहिए था, किन्तु अभ्यर्थी श्री जगन्नाथ कटरे द्वारा कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया.
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री जगन्नाथ कटरे को दिनांक 9 सितम्बर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया, किन्तु अभ्यर्थी श्री जगन्नाथ कटरे आयोग कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए. दिनांक 9 सितम्बर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु जारी सूचना पत्र दिनांक 14 अगस्त 2014 की तामीली अभ्यर्थी को विहित समयावधि को हो चुकी थी.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री जगन्नाथ कटरे द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .
अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री जगन्नाथ कटरे को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् भेड़ाघाट, जिला जबलपुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- ( जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग.
आदेश
भोपाल , दिनांक 30 अक्टूबर 2014
क्र. एफ 67-03-11- तीन- 163.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
भाग 1 ]
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 6 जून, 1997 में प्रकाशित हुआ है, उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह दिसम्बर 2011 में सम्पन्न हुए नगर परिषद् भेड़ाघाट , जिला जबलपुर के आम निर्वाचन में श्री विजय पटेल अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. नगर परिषद्, भेड़ाघाट, जिला जबलपुर के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 8 जनवरी 2011 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 7 फरवरी 2011 तक, इन्हें अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जबलपुर के पास दाखिल किया जाना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जबलपुर के पत्र दिनांक 12फरवरी 2014 के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री विजय पटेल द्वारा विलम्ब से निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री विजय पटेल को विलम्ब के संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 20 मार्च 2014 को जारी किया गया. कारण बताओ सूचना में श्री विजय पटेल से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) इस कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
श्री विजय पटेल को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 17 अप्रैल 2014 को उनके भाई द्वारा तामील किया गया. तामीली उपरांत अभ्यर्थी श्री विजय पटेल अभ्यावेदन दिनांक 28 अप्रैल 2014 प्रस्तुत किया गया. अभ्यर्थी श्री विजय पटेल से प्राप्त अभ्यावेदन को परीक्षण हेतु आयोग के पत्र दिनांक 15 मई 2014 को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जबलपुर को प्रेषित किया गया. परीक्षण उपरांत कलेक्टर उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जबलपुर के पत्र दिनांक 1 अगस्त 2014 में अवगत कराया कि अभ्यर्थी श्री विजय पटेल द्वारा लेख किया है कि उन्हें दिनांक 7 फरवरी 2011 तक निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत करना था, किन्तु उनके द्वारा दिनांक 30मार्च 2013 को प्रस्तुत किया गया है जो 2 वर्ष 1 माह 23 दिवस विलम्ब से प्रस्तुत किया गया है. अभ्यर्थी श्री विजय पटेल द्वारा लेख किया है कि यह विलम्ब उन्होंने जानबूझकर नहीं किया गया. यह भूलवश हो गया है . उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जबलपुर द्वारा लेख किया है कि नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रस्तुत किया है .
3405
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 नवम्बर 2014
आयोग द्वारा विचारोपरान्त अभ्यर्थी श्री विजय पटेल को दिनांक 14 अक्टूबर 2014 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर बुलाया गया. अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित हुए, किन्तु उनके द्वारा विलम्ब से निर्वाचन लेखा प्रस्तुत करने का कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री विजय पटेल द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करने में असफल रहने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री विजय पटेल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् भेड़ाघाट, जिला जबलपुर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग.
कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (मण्डी निर्वाचन ) , जिला रतलाम, मध्यप्रदेश रतलाम , दिनांक 17 अक्टूबर 2014
क्र. 826 - मण्डी-निर्वाचन-2014.-म. प्र. कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) (घ) एक में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं , डॉ. संजय गोयल , कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( मण्डी) कृषि उपज मण्डी समिति 103 - जावरा के लिए लोकसभा सदस्य प्रतिनिधि के रूप में प्राप्त प्रस्ताव अनुसार निम्नांकित प्रतिनिधि का नाम सांसद प्रतिनिधि के रूप में नामनिर्दिष्ट करता हूं:-
क्रमांक मण्डी समिति नामनिर्दिष्ट प्रतिनिधि प्रतिनिधि मण्डी अधिनियम (1) का नाम (2) 1. 103 -जावरा का नाम व पता (3) (4) की धारा (5) श्री प्रदीप चौधरी पिता लालचन्द चौधरी 3/1 कश्मीरीगली, जावरा . सांसद, लोकसभा धारा 11 ( 1 ) ( घ) सदस्य.
संजय गोयल, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( मंडी) .
3406
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला उमरिया, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
उमरिया, दिनांक 16 अक्टूबर 2014
क्र. 5171 - भू- अर्जन - 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकारी अधिनियम, 2013 की 'धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं.
चूंकि, भूमि भूमिस्वामियों द्वारा उक्त भूमियों के बदल वर्तमान भू- अधिग्रहण अधिनियम, 2014 के नियमों एवं शर्तों के अधीन मुआवजा प्राप्त करने हेतु सहमत है. अतः इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण की आवश्यकता नहीं है, और इस कारण अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील
ग्राम
धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(5)
(4)
(6) (1) (2)
2.14
उमरिया मानपुर
(3) कुदरी टोला
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग, रीवा
पाली रायपुर मार्ग के कि.मी. 12/10में जोहिला नदी ( बन्नौदा घाट) पर पुल निर्माण बावत्.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(2 )
क्र. 5172 - भू- अर्जन-2010 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकारी अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं.
चूंकि, भूमि भूमिस्वामियों द्वारा उक्त भूमियों के बदल वर्तमान भू- अधिग्रहण अधिनियम, 2014 के नियमों एवं शर्तों के अधीन मुआवजा प्राप्त करने हेतु सहमत है. अतः इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण की आवश्यकता नहीं है, और इस कारण अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
ग्राम
तहसील
धारा 11 ( 1 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
कुल क्षेत्रफल
खसरा क्र. अर्जित रकबा (हे. में)
(6) (3)
(4)
(1) (2)
(5)
368/2
0.303
उमरिया
मोहबला
मानपुर
0.243
363/3
369
0.316
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग , रीवा.
0.146
356
व्यौहारी मानपुर मार्ग के कि. मी. 25/10 में सोन नदी पुल (पोडीराजघाट) के पहुंचमार्ग हेतु अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि.
कुल योग 1.008
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(2)
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
कृष्ण गोपाल तिवारी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
3407
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 नवम्बर 2014
भाग 1 ]
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सतना, दिनांक 16 अक्टूबर 2014
भू-अर्जन- प्र.क्र. एफ. 10- पत्र क्र. 465- भू-अर्जन-14. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः सही भूमि अधिग्रहण पुनर्वास 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
अर्जनीय रकबा लगभग ( हे. में) (1) (2)
(3)
(4)
7.240 सतना मैहर
जूरा
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, ना.वि. संभाग मैहर अस्थायी मुख्यालय , मैहर सतना जिला ( म.प्र. ) .
बरगी व्यपवर्तन सिंचाई परियोजना के अन्तर्गत रीवा शाखा नहर के सोनौरा उपशाखा नहर नं. 1 के जूरा माइनर के निर्माण हेतु अर्जित की जाने वाली भूमि.
सतना, दिनांक 21 अक्टूबर 2014
भू-अर्जन- प्र.क्र. एफ. 10- पत्र क्र. 469- भू-अर्जन-14. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः सही भूमि अधिग्रहण पुनर्वास 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
अर्जनीय रकबा लगभग ( हे. में) (2)
(4) (1)
(3)
10.743 नागौद
घोरहटी
सतना
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है .
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, ना.वि. संभाग क्रमांक 7, बाणसागर कालोनी, सतना (म.प्र. ) .
बरगी व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत नागौद सतना शाखा नहर के अमदराज माइनर एवं सब- माइनर के निर्माण हेतु .
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
3408
भू-अर्जन- प्र.क्र. एफ. 10- पत्र क्र. 470- भू-अर्जन14. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः सही भूमि अधिग्रहण पुनर्वास 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
अर्जनीय रकबा लगभग ( हे. में )
(3)
(4) (1) (2)
5.800 सतना उचेहरा मानिकपुर
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, ना.वि. संभाग क्रमांक 7, बाणसागर कालोनी, सतना (म.प्र. ) .
बरगी व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत नागौद सतना शाखा नहर के अमदराज माइनर एवं सब- माइनर के निर्माण हेतु.
भू-अर्जन - प्र.क्र. एफ. 10- पत्र क्र. 471- भू-अर्जन14. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः सही भूमि अधिग्रहण पुनर्वास 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
तहसील
जिला
अर्जनीय रकबा लगभग ( हे. में) (4) (2)
(1)
(3)
1.469
कोनी
उचेहरा
सतना
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, ना.वि. संभाग क्रमांक 7, बाणसागर कालोनी, सतना (म.प्र. ).
बरगी व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत नागौद सतना शाखा नहर के अमदराज माइनर एवं सब- माइनर के निर्माण हेतु.
भू-अर्जन- प्र.क्र . एफ. 10- पत्र क्र. 472- भू-अर्जन-14.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः सही भूमि अधिग्रहण पुनर्वास 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
अर्जनीय रकबा लगभग ( हे. में )
(3)
(4) (1) (2)
9.537 सतना उचेहरा कुलगढ़ी
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, ना.वि. संभाग क्रमांक 7, बाणसागर कालोनी, सतना (म.प्र. ) .
बरगी व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत नागौद सतना शाखा नहर के अमदराज माइनर एवं सब- माइनर के निर्माण हेतु.
3409
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 नवम्बर 2014
भाग 1 ]
भू-अर्जन- प्र.क्र. एफ. 10- पत्र क्र. 473- भू-अर्जन14. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः सही भूमि अधिग्रहण पुनर्वास 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
अर्जनीय रकबा (हे. में) लगभग (2)
(3)
(4) (1)
5.800
अमदरी
सतना उचेहरा
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , ना.वि. संभाग क्रमांक 7 , बाणसागर कालोनी, सतना ( म.प्र. ) .
बरगी व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत नागौद सतना शाखा नहर के अमदराज माइनर एवं सब- माइनर के निर्माण हेतु.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मोहनलाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा , दिनांक 25 अक्टूबर 2014
क्र. 2061 - प्रशा.- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि उक्त माइनर का निर्माण कार्य पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (1)
(2)
0.500 रीवा
देउपा
त्योंथर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, संभाग क्र. 1 , रीवा मुख्यालय, त्योंथर.
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्योंथर उद्वहन योजना की माइनर नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.
(2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
3410
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
रीवा, दिनांक 28 अक्टूबर 2014
क्र. 2112 - प्रशा.- भू-अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि उक्त माइनर का निर्माण कार्य पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(3)
(4) (1)
रीवा
0.362 जवा पांती सरनाम सिंह
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग, जल संसाधन विभाग, सिरमौर , जिला रीवा ( म.प्र. ) .
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्योंथर बहाव योजना की टमस मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
(2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 2114- प्रशा.- भू-अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि उक्त माइनर का निर्माण कार्य पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(3)
(4) (1)
0.684 रीवा
जवा गुढ़ पवाई
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, त्योंथर नहर संभाग, जल संसाधन विभाग, सिरमौर, जिला रीवा ( म.प्र. ) .
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्योंथर बहाव योजना की टमस मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
(2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
भाग 1 ]
3411
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 नवम्बर 2014
क्र. 2116- प्रशा.- भू-अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) में उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि उक्त माइनर का निर्माण कार्य पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(3)
(4) (1)
जवा
रीवा
0.198
कल्याणपुर मामला नं. 2
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , त्योंथर नहर संभाग , जल संसाधन विभाग , सिरमौर, जिला रीवा ( म.प्र. ) .
बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत त्योंथर बहाव योजना की टमस मुख्य नहर में आने वाली भूमि के लिए भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
(2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. डी. एस. अग्निवंशी, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 31 अक्टूबर 2014
क्र. 413 - भू-अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि भूमि भूमिस्वामियों द्वारा उक्त भूमियों के बदले वर्तमान भू- अधिग्रहण अधिनियम, 2014 के नियमों एवं शर्तों के अधीन मुआवजा प्राप्त करने हेतु सहमत है. अतः इस कारण अधिनियम की धारा 4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण की आवश्यकता नहीं है , और इस कारण अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (2)
(3)
(4) (1) रीवा सेमरिया बीडा-386
0.234 (2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , सेतु निर्माण संभाग , रीवा.
बीडा झलवार मार्ग के कि.मी. 2/8-10 में टमस नदी पर पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , राहुल जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
3412
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
राजगढ़, दिनांक 21 अक्टूबर 2014
क्र. 7658- भू-अर्जन-10.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन (पालाबे तालाब के डूब क्षेत्र में प्रभावित अतिरिक्त भूमि) के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- राजगढ़
(ख) तहसील- ब्यावरा के ग्राम पालाबें
(ग) क्षेत्रफल-0.244 हेक्टर.
सर्वे नं.
(1)
रकबा (हेक्टर में) (2)
ग्राम-पालाबे
0.063
0.061
108/3/2 108/1/2 111
0.120
0.244
योग
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- पालाबे तालाब के डूब क्षेत्र में प्रभावित अतिरिक्त भूमि हेतु. भूमि के नक्शे ( प्लान ) आदि का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) ब्यावरा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आनन्द कुमार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सतना, दिनांक 21 अक्टूबर 2014
क्र. एफ-468 - भू-अर्जन. 1421-10-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना
(ख) तहसील- नागौद
नगर/ ग्राम- पनगरा
(ग)
(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.860 हेक्टर.
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हे. में)
(2)
(1)
8/1
0.320
0.080
8/2
9
0.014
10/1
0.150
10/2
0.140
0.301
10/3
10/4
0.240
10/5
0.430
49/1
0.086
0.104
49/3ख
0.103
49/3 ग1
0.080
49/312
0.020
49/4
0.080
50/1 क
0.060
50/ 1ख
50/2
0.051
51
0.030
52/1
0.051
0.020
52/2
52/3
0.012
0.004
53/ 1क1
0.081
53/1 क2
0.020
53/2ख
0.053
46/1
46/2
0.030
0.040
46/3
0.120
42
0.061
43/1
0.220
43/2 भाग 1 ]
3413
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
(2)
(1)
43/3
0.242
0.200
43/4
43/5
0.040
43/6
0.090
43/7
0.050
43/8
0.050
43/9
0.050
43/10
0.050
41/5
0.150
41/7
0.080
0.170
41/8
41/9
0.110
47/6
0.155
1.108
48/1,48/2,48/3,48/4 ,
48/5,48/6
71/1
0.122
0.132
72/3
73/3
0.060
5.860
निजी खाता भूमि योग रकबा
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- न.घा.वि.प्रा. के अन्तर्गत नागौद सतना शाखा नहर के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .
क्र. एफ-474- भू-अर्जन. 1421-10-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 2013 संशोधन ( क्रमांक एक, सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता) (क) जिला- सतना
(ख ) तहसील- उचेहरा
(ग) नगर/ ग्राम-गोवरावकला
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.701 हेक्टर .
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हे. में)
(2)
(1) 25/1
0.366
(2)
(1)
26/1
0.136
0.052
26/3
26/4
0.387
26/9
0.031
26/10
0.471
26/11
0.240
0.345
26/13
26/14
0.492
26/15/1
0.120
26/15/2
0.083
26/17
0.523
26/19
0.319
26/20
0.063
23/1
0.021
0.052
26/6
3.701
निजी खाता भूमि योग रकबा
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण योजनान्तर्गत नागौद सतना शाखा नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .
क्र. एफ-476- भू-अर्जन.1321-10-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 2013 संशोधन ( क्रमांक एक, सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता ) (क) जिला - सतना
(ख) तहसील- उचेहरा
(ग) नगर/ग्राम-गोरिया कोठार
लगभग क्षेत्रफल-1.613 हेक्टर .
(घ)
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हे. में)
(2)
(1)
12/1
0.163
12/2
0.225 3414
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
(2)
(1)
0.356
14
17
0.356
0.020
24
0.450
26
27
0.043
1.613
निजी खाता भूमि योग रकबा
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण योजनान्तर्गत नागौद सतना शाखा नहर के विजहरा कोठार माइनर एवं सब माइनर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है.
क्र. एफ- 477 - भू-अर्जन . 1321-10-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 2013 संशोधन ( क्रमांक एक, सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन ( म. प्र. शासन/निजी खाता) (क) जिला- सतना
(ख) तहसील- उचेहरा
(ग) नगर/ ग्राम- टिटही ड़ाडी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.362 हेक्टर.
खसरा नं .
(1)
अर्जित रकबा (हे. में) (2)
8/1
0.032
0.029
8/2/क
8/2/ख
0.140
9/1
0.184
9/2
0.112
0.008
9/3
0.115
0.176
16/1
0.036
16/2
17/1
0.146
17/2
0.022
0.008
18/1/क
[भाग 1
(2)
(1)
18/4
0.146
20/1
0.116
0.056
20/2क/ 1
0.147
20/2घ
22
0.024
30
0.128
32/1
0.080
34/1
0.076
0.200
35/1
0.076
33/1
0.005
39/1
0.216
39/2क
0.084
39/2ख
निजी खाता भूमि योग रकबा 2.362
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण योजनान्तर्गत नागौद सतना शाखा नहर के विजहरा कोठार माइनर एवं सब माइनर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .
क्र. एफ-478 - भू-अर्जन . 1321-10-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 2013 संशोधन ( क्रमांक एक, सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन (म. प्र. शासन/निजी खाता) (क) जिला-सतना
(ख) तहसील- उचेहरा
नगर/ ग्राम-कदहली
(ग)
लगभग क्षेत्रफल-5.560 हेक्टर.
(घ)
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हे. में)
(2)
(1)
68
0.392
0.407
74/1क
0.247
74/1ख
74/2
0.427 भाग 1 ]
3415
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
(2) (1)
75
0.353 93/2
0.174
0.261 94/2
0.367 99/1
0.273 99/2क
137/1
0.252
0.048 137/2
0.220 139/1
0.204 139/2
0.012 139/3
140/2
0.017
0.013 154
0.040 155
0.050 173
174
0.010 175
0.035
0.043 176
177
0.048 181/2
0.190 228/1
0.063 228/2
0.146 253
0.183
0.020 268
0.017 269/2
270/2
0.016 271
0.39 272
0.042
0.013 285
286/1
0.007 287
0.033
0.041 288
289/1
0.028 289/2
0.016 290/1
0.036
0.030 290/2
0.020 291
0.045 292
318
0.042
0.059 319
320
0.009
0.010 335
336
0.040 337
0.042 338
0.008
(2)
(1)
339/1
0.012
344
0.016
0.050
345
0.005
346
0.006
364/1
364/2
0.310
0.058
364/3
365
0.015
5.560
निजी खाता भूमि योग रकबा
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए अर्जन आवश्यक है- नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण योजनान्तर्गत नागौद सतना शाखा नहर के विजहरा कोठार माइनर एवं सब माइनर निर्माण हेतु.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मोहनलाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 25 अक्टूबर 2014
क्र. 2049- प्रशा- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील-त्योंथर
(ग) ग्राम - मनिकवार-46
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.492 हेक्टर.
3416
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
(1)
(2)
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
(अ) निजी पट्टे की भूमि
20
0.240
21
0.252
योग .. 0.492
( ब ) शासकीय भूमि
निरंक महायोग. 0.492
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है-बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर उद्वहन योजना की माइनर नहर निर्माण " में आने वाली निजी/ शासकीय भूमियों एवं उस पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 2051 - प्रका.- भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा -19 के अंतर्गत , इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील - त्योंथर
(ग ) ग्राम- मझिगवां
(घ) क्षेत्रफल-0.348 हे.
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टेयर ) (1)
निजी भूमि शासकीय भूमि (2)
0.168
328/1 , 328/2 ,
328/3, 328/4,
328/5 , 328/6 ,
328/7, 328/8 ,
328/क , 328/ख
(2)
(1)
0.168
0.012
344 554/1
योग .. 0.348
रिमार्क- नहर निर्माण हेतु अर्जित की जाने वाली भूमि.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर उद्वहन योजना की नहर निर्माण " में आने वाली निजी/शासकीय भूमियों एवं उस पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 2053 - प्रका.- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- त्योंथर
(ग) ग्राम- पुरवा
(घ ) क्षेत्रफल-0.030 हे .
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टेयर)
निजी भूमि शासकीय भूमि (2)
(1)
0.008
218/1/3
223
0.022
योग .. 0.030
रिमार्क- नहर निर्माण हेतु अर्जित की जाने वाली भूमि.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर उद्वहन योजना की नहर निर्माण " में आने वाली निजी/शासकीय भूमियों एवं उस पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
3417
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
भाग 1 ]
क्र. 2055 - प्रशा- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख ) तहसील- त्योंथर
(ग) ग्राम- सतपुरा 530
(घ ) क्षेत्रफल-3.262 हे.
खसरा क्रमांक
(1)
अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2)
( अ ) निजी पट्टे की भूमि
57
0.444
58
0.204
61
0.036
0.090
62
0.075
64
0.120
65
74
0.240
75
0.090
78
0.047
0.120
79
80
0.057
0.120
96
0.135
97
108
0.462
109
0.004
0.162
112
113
0.210
0.090
263
0.210
264
267
0.060
0.150
268
272
0.102
योग 3.228
(ब) शासकीय भूमि
0.002
63
0.012
99
0.020
262
योग.. 0.034 महायोग.. 3.262
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर उद्वहन योजना की माइनर नहर निर्माण " में आने वाली निजी/ शासकीय भूमियों एवं उस पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन .हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 2057 - प्रशा- भू-अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- त्योंथर
(ग ) ग्राम- मझियारी 457
(घ) क्षेत्रफल-0.517 हे.
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2)
(1) ( अ ) निजी पट्टे की भूमि
31
0.114
32
0.015
0.014
33
0.180
34
35
0.174
37
0.020 योग. 0.517 निरंक
(ब) शासकीय भूमि
महायोग. 0.517
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर उद्वहन योजना की माइनर नहर निर्माण " में आने वाली निजी/ शासकीय भूमियों एवं उस पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
3418
क्र. 2059- प्रका.- भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- त्योंथर
(ग) ग्राम - रक्सहा
(घ) क्षेत्रफल-0.073 हे.
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टेयर)
निजी भूमि शासकीय भूमि (2)
(1)
114/3
114/2 0.002 0.064 138/4 0.004 139 0.003 योग .. 0.073
रिमार्क- नहर निर्माण हेतु अर्जित की जाने वाली भूमि.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर उद्वहन योजना की नहर निर्माण " में आने वाली निजी/शासकीय भूमियों एवं उस पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
रीवा , दिनांक 28 अक्टूबर 2014
प. क्र. 2082- प्रका.- भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख ) तहसील-त्योंथर
(ग) ग्राम-गंभिरवा
( घ) क्षेत्रफल-0.178 हे .
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टेयर)
निजी भूमि शासकीय भूमि (2)
(1)
0.074
15
0.064
16
0.040
17
कुल योग .. 0.178
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर उद्वहन सिंचाई योजना की नहर निर्माण " में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
प. क्र. 2084- प्रका- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- जवा भाग 1 ]
3419
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
(ग ) ग्राम- इटमा पैपखार
(घ) क्षेत्रफल-12.777 हेक्टेयर.
खसरा क्रमांक
अर्जित रकबा (हेक्टर में ) (1)
(2) (अ ) निजी पट्टे की भूमि
0.010 381
533
1.221 643
0.039 644
0.135
0.140 646
0.136 647
648
0.298
0.001 649
650
0.361 651
0.018
0.070 658
660
0.183
0.136 661
667
0.103 668
0.018 669
0.158 670
0.005 677
0.013
0.181 649
0.029 695
696
0.034 697
0.109 698
0.163 700
0.244 722
0.003 727
0.185
0.200 728
734
0.555
0.405 736
0.005 737
738
0.342 739
0.003 754
0.027 755
0.012 757
0.445
0.013 758
761
0.020
0.016 763
0.033 764
(2)
(1)
765
0.098
0.052
771
772
0.117
0.268
775
785
0.413
793
0.138
794
0.075
0.107
795
0.062
796
801
0.211
802
0.048
0.192
803
804
0.139
805
0.404
806
0.282
0.421
942
0.276
943
949
0.016
9.388
योग .
(ब ) शासकीय भूमि
551
0.813
552
2.427
645
0.016
657
0.002
671
0.028
699
0.037
0.066
940
3.389
योग.
महायोग.. 12.777
रिमार्क- नहर निर्माण हेतु अर्जित की जाने वाली भूमि- (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर बहाव योजना के महाना मुख्य नहर निर्माण " में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु ( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 2086- प्रका.- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , 3420
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील-जवा
(ग ) ग्राम- कल्याणपुर मामला नम्बर-2
(घ) क्षेत्रफल-3.452 हेक्टेयर
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर)
निजी भूमि शासकीय भूमि (1)
(2)
0.040
17
0.065 18
21
0.273
22
0.049
0.078
23
63
0.073
64
0.004
71
0.157
73
0.029
1 74
0.071
75
0.091
0.005
76
77
0.004
81
0.002
0.010
82
83
0.108
84
0.031
107
0.061
0.104
108
0.025
109
110
0.121
112
0.013
0.005
113
0.201
247
0.003
248
0.044
253
254
0.083
256
0.135
257
0.059
258
0.146
259
0.052
267
0.038
[भाग 1
(2)
(1)
275
0.251
281
0.069
282
0.142
284
0.112
0.108
285
287
0.155
0.147
290
0.057
293
0.016 295
297
0.086
298
0.111
0.018 299
0.112
योग .. 3.340
कुल योग .. 3.452
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर बहाव योजना के नहर निर्माण " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 2088 - प्रका.- भू-अर्जन- 2014.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील-जवा
(ग) ग्राम- मदरी कोठार-453
(घ) क्षेत्रफल-2.041 हेक्टेयर
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर) (1)
निजी भूमि शासकीय भूमि (2)
516
0.131
520
0.054 भाग 1 ]
3421
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
(1)
(2)
0.006
521
522
0.154
536
0.006
537
0.081
0.065
538
540
0.048
0.065
547
0.107
548
549
0.147
0.010
551
605
0.142
626
0.118
0.061
672
0.004
673
674
0.049
675
0.065
677
0.085
680
0.021
0.084
681
682
0.038
0.022
685
686
0.102
689
0.053
690
0.058
0.020
691
0.117
692
694
0.048
700
0.010
0.070
701
0.000
योग .. 2.041 कुल योग 2.041
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर बहाव योजना के नहर निर्माण " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 2090 - प्रका. - भू-अर्जन-2014. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील - जवा
(ग ) ग्राम- भड़रा कोठार
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.871 हेक्टेयर
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर)
निजी भूमि शासकीय भूमि (2)
(1)
339
0.063
458
0.348
0.396
459
460
0.185
0.276
462
463
0.603
योग.. 1.871
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर बहाव योजना के नहर निर्माण" में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 2092- प्रका.- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- जवा 3422
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
(ग) ग्राम- पटेहरा कोठार
(घ) क्षेत्रफल-0.678 हेक्टेयर
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर)
शासकीय भूमि
निजी भूमि
(2)
(1)
646
0.135
0.062
647
752
0.481
योग .. 0.678
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर बहाव योजना के नहर निर्माण " में आने वाली निजी भूमि/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 2094- प्रका.- भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- जवा
(ग) ग्राम- दर्रहा कोठार
(घ) क्षेत्रफल-1.607 हेक्टेयर
अर्जित रकबा खसरा नम्बर
(हेक्टेयर)
निजी भूमि शासकीय भूमि (1)
(2)
0.007
166
167
0.185
168
0.177
0.127
169
[भाग 1 (1)
(2)
178
0.052
0.221
179
180
0.106
0.038
181
182
0.018
183
0.006 184
0.041
193
0.068
194
0.020
195
0.047
196
0.038
0.068
197
200
0.121
202
0.119
0.027
204
205
0.086
206
0.035
0.096
योग .. 1.511
कुल योग .. 1.607
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर बहाव योजना के नहर निर्माण " में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 2096 - प्रका.- भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि /शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील- जवा 3423
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
भाग 1 ]
(ग ) ग्राम- खम्हरिया पवाई
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.389 हेक्टेयर
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर)
निजी भूमि शासकीय भूमि
(2)
(1)
102
0.017 264
0.031
265
0.151
266
0.095
267
0.083
268
0.012
0.017
योग.. 0.372
कुल योग.. 0.389
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर बहाव योजना के नहर निर्माण " में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
पत्र क्र. 2098- प्रका.- भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा -19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- त्योंथर
(ग) ग्राम-टेरहाई कोठार
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.470 हेक्टेयर
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर)
निजी भूमि शासकीय भूमि (2)
(1)
0.004
2
0.072
3
(1)
(2)
5
0.080
6
0.072
7
0.096
8
0.104
20/6
0.042
योग.. 0.470 कुल योग.. 0.470
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर उद्वहन सिंचाई योजना के माईनर/सबमाइनर, नहर निर्माण " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
पत्र क्र. 2100- प्रका.- भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- त्योंथर
(ग) ग्राम-अतरौली
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.343 हेक्टेयर
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर)
निजी भूमि शासकीय भूमि (2)
(1)
4
0.132
6
0.056
8
0.155
योग.. 0.343 कुल योग.. 0.343
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर उद्वहन सिंचाई योजना के माईनर/ सबमाइनर, नहर निर्माण " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
3424
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 2102 - प्रका. - भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- त्योंथर
(ग ) ग्राम- कोनी खुर्द
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.307 हेक्टेयर
खसरा नम्बर
(1)
निजी भूमि शासकीय भूमि अर्जित रकबा (हेक्टेयर) (2)
0.045
127
130
0.036 0.020 179
0.088
181
183
0.036
0.072
187
0.076
304
0.072
307
0.004
308
0.018
309
310
0.018
0.702
311
0.230
325
0.210
326
0.100
327
328
0.056
0.256
394
395
0.144
0.124
398
योग.. 2.251 कुल योग.. 2.307
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है-बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर बहाव योजना के नहर निर्माण " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 2104- प्रका. - भू-अर्जन-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख ) तहसील- त्योंथर
(ग) ग्राम- बरा बड़ा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.984 हेक्टेयर
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर) निजी भूमि शासकीय भूमि (2)
(1)
13
28
0.080 0.116
0.020 29
0.022
39
0.024
42
43
0.014
0.016
45
47
0.045
0.010
48
58
0.120
66
0.052
0.080
68
0.064
77
0.056
95
0.176
96
0.032
97
0.220
98
0.200
99
0.252
101 भाग 1 ]
3425
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 नवम्बर 2014
(2)
(1)
0.268
104
112
0.015
115
0.102
0.020
योग.. 1.964
कुल योग. 1.984
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर उद्वहन सिंचाई योजना के नहर निर्माण " में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
क्र. 2106- प्रका. - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- जवा
(ग ) ग्राम- जोड़ावरपुर पवाई
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.289 हेक्टेयर
खसरा नम्बर
(1)
निजी भूमि शासकीय भूमि अर्जित रकबा (हेक्टेयर) (2)
136
0.016 137
0.117
138
0.129
140
0.027
0.016
योग.. 0.273 कुल योग.. 0.289
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " त्योंथर बहाव योजना के नहर निर्माण " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 2108 - प्रशा. - भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि /शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख ) तहसील- त्योंथर
(ग) ग्राम- मटियारी 467
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.620 हेक्टेयर
खसरा नम्बर
(1)
अर्जित रकबा (हेक्टेयर) निजी भूमि शासकीय भूमि (2)
0.340
71 74
0.280 योग .. 0.620
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली " त्योंथर उद्वहन सिंचाई योजना हेतु माइनर नहर के निर्माण कार्य में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 2110- प्रका. भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि 3426
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख ) तहसील- हुजूर
(ग) ग्राम- भानपुर
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.144 हे.
खसरा क्रमांक
(1)
अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2)
(अ ) निजी पट्टे की भूमि
103/1
0.144 योग .. 0.144
(ब ) शासकीय भूमि की भूमि योग .. 0.000
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत " क्योटी नहर की सिलपरी वितरक नहर की भानपुर माइनर " में आने वाली निजी/ शासकीय भूमियों एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर.डी.एस. अग्निवंशी , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला बालाघाट मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बालाघाट, दिनांक 27 अक्टूबर 2014
क्र. 49- अ- 82 - वर्ष 2013-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- बैहर
(ग) ग्राम- संजारी, प.ह.नं. 55
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-265.466 हेक्टर
रकबा
खसरा नम्बर
(हेक्टर में)
(2)
(1)
( 1 ) शासकीय भूमि
3.145
1
13.080
22/1
34
14.929
63/1
2.500
2.932
65
4.036
111
योग .. 40.622
( 2) अशासकीय भूमि
5.220
2
3
6.098
5.935
4/1,2
5
1.040
6
0.060
7
6.134
4.073
8/1,2
0.330
9/1,2
0.170
9/3,9
0.050
9/10
0.278
9/11,12
9/15
0.101
0.540
18
1.060
17/1,2
23
6.430
24/1
3.011
24/2
0.753
24/3
0.753
0.757
24/4
0.753
24/5
25
4.521
26
4.218 3427
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
भाग 1 ]
(2) (1)
27/1
1.551 27/2
0.202
0.202 27/3
0.202 27/4
0.202 27/5
0.773 27/6
27/7
1.364 27/8
0.955
4.030 28/1
28/2
0.809
4.140 29
4.654 30
31/1
4.592
0.202 31/2
31/3
2.719
0.405 31/4
0.243 31/5
4.683 32
33
6.941
4.121 35
36/1
1.749
2.832 36/2,3,4,5
3.782 37/1
37/2
3.782
1.521 38/1
38/2
1.214 38/3
1.522 38/4
1.523
1.129 39/1
39/2
0.930
6.997 41
6.415 40/1,2,3,4,5
42
1.193 43/1
0.729 43/2
0.955 43/3
0.955
1.181 43/4
44
4.359 45
0.636 46/1
0.972 46/2
0.914 47/1
0.405
1.222 47/2
(2)
(1)
47/3
0.720
1.265
48/1
1.408
48/3
0.243
50/3
5.782
49/1 से 16 तक
0.243
50/1
0.243
50/2
0.243
50/4
0.941
51
2.930
52/1
0.506
52/2
1.975
53/1
1.319
53/2
5.569
54
4.897
55/1
0.809
55/2
55/3
1.214
3.389
56
0.720
61
1.910
62
64
5.871
66
5.176
3.881
67
1.430
69
0.030
70
1.160
97/1
2.690
97/2
98/3
0.951
0.890
98/4
98/6
0.290
0.942
99/1
0.405
99/2
0.485
99/3
4.504
101
5.040
102/1 से 4 तक
103
4.102
105
3.317
106
2.570
0.405
107/1,4
110/1
0.408
0.264
110/2
0.180
110/3
योग .. 223.509 3428
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
(2)
(1)
( 3 ) अशासकीय भूमि.- पुनर्वास के तहत सड़क निर्माण हेतु
0.028
94
0.030
95/4
0.108
95/5
0.100
98/1
0.070
98/5
98/6
0.066
99/1
0.056
100
0.032
0.200
104/2
105
0.160
0.160
106
0.024
107/1
107/2
0.052
108/2
0.064
0.096
109
110/1
0.043
0.025
110/2
0.021
110/3
1.335
योग ..
40.622
1. शासकीय भूमि
223.509
2. अशासकीय भूमि
1.335
3. अशासकीय भूमि
265.466
कुल योग ..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन .-हालोन सिंचाई परियोजना के जलाशय के पूर्ण जलस्तर पर डूब से एवं मार्ग निर्माण से प्रभावित होने वाली भूमि की आवश्यकता है .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर ( भू- अर्जन ) अधिकारी बालाघाट के न्यायालय में एवं अनुविभागीय अधिकारी नर्मदा विकास हालोन सिंचाई परियोजना उप संभाग बैहर में किया जा सकता है.
क्र. 51 - अ- 82 - वर्ष 2013-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत, इसके द्वारा, घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- बैहर
(ग) ग्राम-अलना, प.ह.नं. 55
(घ) लगभग क्षेत्रफल-250.709 हेक्टर
खसरा नम्बर
रकबा
(हेक्टर में )
(1)
(2)
शासकीय भूमि
40.858
1
योग
40.858
अशासकीय भूमि
2/1
1.170
2/2
0.983
2/3
1.302
3/1
6.018
3/2
2.023
4
6.767
5/1
3.360
3.375
5/2
6/1
1.449
6/2
1.214
1.214
6/3
6/4
0.405
3.978
7
5.808
8
9
4.953
3.820
10
4.011
0.405
11/2
11/3
0.405
12/1
1.990
3.090
12/2
1.942
13/1
1.812
13/2
1.146
14/1
1.146
14/2
14/3
1.146
15
3.096 भाग 1 ]
(1)
(2) 16
6.797
5.111 17
18
2.671 19
5.978
3.390 20/1,2
22
5.399
0.040 23/1
2.519 25/1
25/3
0.120
2.024 26/1
2.024 26/2
4.739 27
3.127 28
0.567 29/1
29/2
0.557 30
0.971
0.482 31
0.805 32/1
32/2
0.421
0.280 32/3
32/4
0.275
0.190 32/5
0.256 32/6
0.473 33/1
33/2
0.648
0.106 34
1.133
5.957 35
36
4.002 37
2.775 38
1.951
0.878 39/1
39/2
0.405 40/1
0.182
0.125 40/2
0.129 40/3
0.251 40/4
3429
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
(1)
(2)
47/2
0.263
48/1
0.356
48/2
0.093
1.107
49/1,2
50/1
0.405
0.140
59
1.200
60/1,2,3,4
0.170
61/2
0.202
61/3
62/1
0.405
0.120
62/2
0.480
62/3
63/1
0.350
63/2
0.809
63/3
0.360
0.480
63/4
0.480
64
4.330
65/1
65/2
1.538
2.427
66
3.157
67/1
0.671
67/2
68
5.629
0.540
69
0.640
70/1,3
0.900
70/2
2.228
71/1
0.809
71/2
0.809
71/3
0.020
72/1
2.104
72/2
1.214
72/3
0,405
72/4
0.630
72/5
1.800
73
1.580
74
1.700
86/1,2
0.506 40/5
0.821 41
42
0.769
1.185 43
0.573 44
0.823 45
0.624 46/1
0.626 46/2
0.462 47/1
1.930
87
0.905
88
0.960
89
0.809
90
0.607
91/1,2,3
106
0.653
107/1
0.991
1.214
107/2
0.437
107/3 3430
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
(2)
(1)
0.607
107/4
0.607
107/5
108
0.850
2.472
115/1 से 5 तक
3.176
116/1,2
117/1
0.665
0.814
117/2
118/ 1 से 5 तक
1.033
0.090
149
8.260
162/8 से 21 तक
योग .. 209.851
250.709
कुल योग..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन.- हालोन सिंचाई परियोजना के जलाशय के पूर्ण जलस्तर पर डूब से प्रभावित होने वाली भूमि की आवश्यकता है .
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर (भू-अर्जन ) अधिकारी, बालाघाट के न्यायालय में एवं अनुविभागीय अधिकारी , नर्मदा विकास हालोन सिंचाई परियोजना उप संभाग बैहर में किया जा सकता है.
क्र. 50- अ- 82- वर्ष 2013-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत , इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
(ख ) तहसील- बैहर
(ग) ग्राम-कोयलीखापा, प.ह.नं. 55
(घ) लगभग क्षेत्रफल-32.096 हेक्टर
खसरा नम्बर
रकबा
(हेक्टर में)
(2)
(1)
( 1 ) शासकीय भूमि
49/2
0.030
9.236
61
(1)
(2)
0.150
94
1.000
111
10.416
योग .
(2) अशासकीय भूमि
2.570
2/1 से 5 तक
1.670
3/1 से 7 तक
4/1
0.020
0.340
10/1 से 5 तक
0.090
0.100
13/1 से 3 तक
0.800
29
0.950
30
31
4.800
0.030
45
0.170
47/1
1.820
47/2
47/3
0.900
0.170
47/4
0.610
47/5
0.350
49/3
0.270
49/4
0.760
50/1
50/2
0.410
0.420
51/1
0.830
51/2
51/3
0.100
52
0.130
0.150
53/1
0.500
53/2
0.120
53/3
0.040
53/4
0.320
53/5
0.030
57/1
0.020
57/2
57/3
0.010
0.120
57/4
0.090
57/5
0.120
58
0.010
59/1 से 5 तक
0.200
60/5
0.020
64/1
0.020
64/2 3431
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
भाग 1 ]
(2)
(1)
0.040
64/3
87
0.580
0.350
88/1 से 4 तक
0.010
90/1 से 8 तक
0.400
91
0.070
93/1क,ख
0.100
95/1 से 4 तक
0.050
98/1,2
21.680
योग ..
10.416
1. शासकीय भूमि
21.680
2. अशासकीय भूमि
32.096
कुल योग ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन.-हालोन सिंचाई परियोजना के जलाशय के जलस्तर पर डूब से प्रभावित होने वाली भूमि की आवश्यकता है.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर (भू-अर्जन ) अधिकारी बालाघाट के न्यायालय में एवं अनुविभागीय अधिकारी नर्मदा विकास हालोन सिंचाई परियोजना उप संभाग बैहर में किया जा सकता है.
क्र. 47- अ- 82 - वर्ष 2013-2014.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-बालाघाट
(ख) तहसील- बैहर
(ग ) ग्राम- परसामउ , प.ह.नं. 55
(घ) लगभग क्षेत्रफल-156.228 हेक्टर
रकबा
खसरा नम्बर
(हेक्टर में)
(1)
(2)
शासकीय भूमि
1
20.540
22
4.309
(2)
(1)
83/3
0.100
1.750
136
26.699
योग ..
अशासकीय भूमि
1.230
3/1,2
0.480
4
2.760
5
6.100
6
7
5.180
8
3.530
0.020
9
10
0.320
0.030
14/2
0.010
15/1
3.130
17
5.260
18/1,2
5.300
19
1.177
20/1
1.177
20/2
20/3
0.757
20/4
1.177
20/5
0.926
21/1
0.251
21/2
1.177
1.177
21/3
21/4
1.177
1.177
21/5
1.177
21/6
0.766
21/7
0.741
21/8
4.234
23/1 से 6 तक
4.630
24/1 से 3 तक
1.360
25
0.090
26/1 से 5 तक
1.031
33/1 से 4 तक
3.520
34
35
6.434
6.931
36/1 से 3 तक
37
2.510
0.250
38/2
0.040
65/1
1.970
67/1 से 3 तक
0.090
67/5 3432
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
(2)
(1)
7.121
68/1 से 3 तक
7.323
69
0.010
70
3.034
71
1.340
72
78
1.980
79
0.340
8.264
80/1 से 7 तक
3.150
81
2.980
82/1,2
2.290
83/1,2
0.370
83/4,5
0.160
84/1
1.170
85/1
0.650
85/3
86/1
3.140
0.030
86/3
2.740
87
0.700
89
1.040
90/1 से 5 तक
0.520
91/1 से 5 तक
0.630
92
0.630
93/1 से 13 तक
0.260
94
129.529
योग ..
26.699
शासकीय भूमि
129.529
अशासकीय भूमि
156.228
कुल योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन.-हालोन सिंचाई परियोजना के जलाशय के पूर्ण जलस्तर पर डूब से प्रभावित होने वाली भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर (भू-अर्जन ) अधिकारी बालाघाट के न्यायालय में एवं अनुविभागीय अधिकारी नर्मदा विकास हालोन सिंचाई परियोजना उप संभाग बैहर में किया जा सकता है.
क्र. 48- अ- 82 - वर्ष 2013-2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत, इसके द्वारा , घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- बैहर
(ग) ग्राम- मुरेण्डा प.ह.नं. 55
हेक्टर
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-15.413
रकबा
खसरा नम्बर
(हेक्टर में)
(2)
(1)
शासकीय भूमि
3.710
1
7
7.993
11.703
योग .
अशासकीय भूमि
3.360
2/1,2
0.070
3/1
0.060
4
0.090
6/1
0.130
6/2
3.710
योग ..
11.703
शासकीय भूमि
3.710
अशासकीय भूमि
15.413
कुल योग ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन.- हालोन सिंचाई परियोजना के जलाशय के पूर्ण जलस्तर पर डूब से प्रभावित होने वाली भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर (भू-अर्जन ) अधिकारी बालाघाट के न्यायालय में एवं अनुविभागीय अधिकारी नर्मदा विकास हालोन सिंचाई परियोजना उप संभाग बैहर में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. किरण गोपाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला टीकमगढ़, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग टीकमगढ़, दिनांक 27 अक्टूबर 2014
प्र. क्र. 01 - अ-82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में 3433
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
भाग 1 ]
वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- टीकमगढ़
(ख) तहसील- टीकमगढ़
(ग) नगर/ ग्राम- बडौराघाट
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.250 हेक्टेयर.
खसरा नं.
रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
0.160
229/2
225
0.230
236/2/1
0.210
236/2/2
0.090
236/1/2/2
0.080
232
0.480 योग .. 1.250
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना की नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी, टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग, टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. -अ-82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- टीकमगढ़
(ख ) तहसील-टीकमगढ़
(ग) नगर/ग्राम- नयाखेरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.390 हेक्टेयर.
खसरा नं.
रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
310
0.060
0.050
311
323
0.240
365/1
0.040 योग .. 0.390
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना की नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग , टीकमगढ़ जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 03- अ-82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-टीकमगढ़
(ख ) तहसील-टीकमगढ़
( ग) नगर/ ग्राम- बौरी
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.430 हेक्टेयर.
खसरा नं.
रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
3/4
0.290
2/1/2
0.140 योग .. 0.430
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना की नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी, टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग टीकमगढ़, जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
3434
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
प्र. क्र. 04- अ- 82-2013-14 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6-4 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-टीकमगढ़
(ख) तहसील - टीकमगढ़
(ग) नगर/ग्राम- सनौराखिरिया
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.490 हेक्टेयर.
सर्वे नम्बर- रकबा-8
खसरा नं.
रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
196
0.150
195
0.160
0.210
194/1
194/2
0.200
0.810
202/1/1
0.440
199/1
0.280
206/1/2
0.240
208
योग .. 2.490
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना की नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग, टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 05- अ- 82-2013-14. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- टीकमगढ़
(ख) तहसील- टीकमगढ़
(ग ) नगर/ग्राम- सुनवाहा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.424 हेक्टेयर.
सर्वे नम्बर - रकवा-9
खसरा नं.
रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
519
0.030
0.004
520
511
0.010
508
0.070
0.100
512
506
0.010
0.160
505/1
0.110
505/2
0.090
504
450
0.010
0.130
449
566
0.020
628
0.060
0.020
629/1
622
0.040
0.090
517
59
0.130
60
0.090
72
0.040
62
0.100
0.190
63
0.100
54
0.280
41/1
0.100
11
0.050
4
0.070
5
0.120
6
0.200
121
योग .. 2.424
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना की नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 06- अ-82-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन भाग 1 ]
3435
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 नवम्बर 2014
के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-टीकमगढ़
(ख) तहसील-टीकमगढ़
(ग) नगर/ग्राम- आलमपुरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.820 हेक्टेयर.
सर्वे नम्बर- रकबा-9
खसरा नं.
रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
540
0.150
0.020
536/4
0.070
536/2
0.090
535/2
0.120
535/1
0.050
534/2ख
0.090
531/2
529/2
0.110
530
0.120
योग .. 0.820
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना की नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी, टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग , टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 07- अ-82-2013-14.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- टीकमगढ़
(ख) तहसील- टीकमगढ़
(ग) नगर/ ग्राम- पहाडीखुर्द
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.790 हेक्टेयर.
सर्वे नम्बर - रकबा-34
खसरा नं .
रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
121
0.210
0.180
122/4
124/1
0.070
125
0.120
127
0.160
0.170
137/1
0.160
97/3
0.040
97/4
0.080
66
65
0.040
64
0.050
67
0.030
68/2
0.030
0.070
73
0.040
71
0.020
74/2
0.010
74/1
59
0.150
0.150
52
0.230
50
47
0.230
257
0.200
263
0.150
261/1
0.180
262/2
0.020
230
0.180
222/1
0.130
0.070
195
196
0.030
197
0.100
198
0.090
200
0.100
223
0.290
0.010
224
योग .. 3.790
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- हरपुरा सिंचाई एवं नदी तालाब जोड़ परियोजना की नहर निर्माण हेतु .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी, टीकमगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री सर्वेक्षण एवं अनुसंधान संभाग , टीकमगढ़, जिला टीकमगढ़ के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, केदार शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
3436
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 14 अक्टूबर 2014
क्र. 1199 -गोपनीय- 2014- दो- 2-1-2014 ( भाग- ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 229 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, एतद्वारा , श्री नवीन कुमार सक्सेना, रजिस्ट्रार ( न्यायिक-2 ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर की सेवाएं आगामी आदेश तक, मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी , जबलपुर से संबद्ध करते हैं.
क्र. 1200-गोपनीय- 2014-दो- 2-1-2014 ( भाग - ए ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 229 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , एतद्वारा , श्री ओंकार नाथ, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर की सेवाएं आगामी आदेश तक, रजिस्ट्रार (न्यायिक -2 ) , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर से संबद्ध करते हैं.
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, वेद प्रकाश, रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 15 अक्टूबर 2014
क्र. A-3892-दो-2-14-2013.- श्री वी. के. दुबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बैतूल को दिनांक 27 से 28 अगस्त 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 29 अगस्त 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री वी. के. दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बैतूल को बैतूल पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री वी. के. दुबे उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
जबलपुर, दिनांक 16 अक्टूबर 2014
क्र. C- 5792-दो- 2-46-2010. श्रीमती दुर्गा डाबर, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , उज्जैन को दिनांक 12 अगस्त से 6 सितम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, छब्बीस दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात्में दिनांक 7 सितम्बर 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्रीमती दुर्गा डाबर, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती दुर्गा डाबर उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाती तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. C- 5794- दो-2-22-2013.- श्री एच. एन. बाजपेई, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , दतिया को दिनांक 24 से 26 सितम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री एच. एन. बाजपेई, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , दतिया को दतिया पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री एच . एन. बाजपेई उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. C- 5796-दो-2-5-2006. श्रीमती जयश्री वर्मा , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , उज्जैन को दिनांक 3 से 6 सितम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्रीमती जयश्री वर्मा, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है .
भाग 1 ]
3437
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 नवम्बर 2014
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती जयश्री वर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. C- 5798-दो- 2-39-2011 .- श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , रीवा को दिनांक 16 से 22 सितम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके सात दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , रीवा को रीवा पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, व्ही. बी. सिंह , रजिस्ट्रार.
जबलपुर, दिनांक 15 अक्टूबर 2014
क्र. D - 5690- दो- 2-13-2008.- श्री मनोहर ममतानी, तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश , देवास को दिनांक 10 से 18 अक्टूबर 2014 तक नौ दिन का स्वीकृत अर्जित अवकाश, उपभोग नहीं करने के कारण निरस्त किया जाता है.
क्र. D- 5692-दो-2-60-2014.- श्री आर. के. शर्मा, डिप्टी रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ , ग्वालियर को दिनांक 9 से 16 सितम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए, आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. शर्मा, डिप्टी रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. के. शर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो डिप्टी रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत रहते.
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, व्ही. बी. सिंह, रजिस्ट्रार.
जबलपुर, दिनांक 15 अक्टूबर 2014
क्र. 1206-गोपनीय- 2014- दो- 3-97-2014.- उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, कुमारी शोभना भलावे, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग 2 , लखनादौन, जिला सिवनी का विवाह उपरांत नाम परिवर्तन " श्रीमती शोभना गौतम" पत्नी श्री सुशील कुमार गौतम करने की एतद्वारा स्वीकृति प्रदान करता है. उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका परिवर्तित नाम अंकित किया जावे.
आदेशानुसार, वेद प्रकाश , रजिस्ट्रार जनरल .
उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश ( सैट ) , जबलपुर जबलपुर, दिनांक 25 सितम्बर 2014
क्र. 270- स्था. सैट- 2014.- श्रीमती महारूख जिल्ला, निजी सचिव, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश ( सैट ) खण्डपीठ , इन्दौर को दिनांक 5 से 8 अगस्त 2014 तक कुल चार दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है, साथ ही सार्वजनिक अवकाशों के प्रारंभ एवं अंत में जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाशकाल में श्रीमती महारूख जिल्ला को अवकाश वेतन तथा भत्ते उसी प्रकार देय होगें जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व देय थे.
उक्त अवकाश से लौटने पर श्रीमती जिल्ला को अस्थायी रूप से उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश ( सैट ) खण्डपीठ , इन्दौर में आगामी आदेश तक पुनः पदस्थ किया जाता है.
प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती महारूख जिल्ला अवकाश पर नहीं जातीं तो निजी सचिव के पद पर कार्य करती रहतीं. अतः अवकाश अवधि दिनांक 5 से 8 अगस्त 2014 तक मूलभूत नियम 26 ( ब ) ( 2 ) के अनुसार वेतन वृद्धि के लिये गिनी जावेंगी.
ए. एम. येवलेकर, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी.