मध्यप्रदे श शासन
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 8 ]
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 20 फरवरी 2015- फाल्गुन 1 , शक 1936
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, (6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं,
(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.
भाग 4.-(क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक, (ख ) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 5 जनवरी 2015
क्र. ई - 1-48-2015-5- एक. ( 1 ) डॉ. राजेश राजौरा , भाप्रसे (1990 ) , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के दिनांक 4 से 15 फरवरी 2015 तक नीदरलैंड, स्पेन एवं फ्रांस में अध्ययन प्रवास की अवधि में श्री आर. के. स्वाई, भाप्रसे ( 1984 ) , कृषि उत्पादन आयुक्त को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग , जैव प्रोद्योगिकी एवं जैव विविधता विभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है .
281
भोपाल , दिनांक 6 फरवरी 2015
क्र. ई- 1-419-2014-5- एक. ( 1 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 20 नवम्बर 2014 द्वारा श्री फ्रेंक नोबल ए. , भाप्रसे (2013 ) सहायक कलेक्टर , होशंगाबाद एवं सुश्री रजनी सिंह , भाप्रसे (2013 ) , सहायक कलेक्टर, खण्डवा को त्रि- स्तरीय पंचायत निर्वाचन के लिए रिटर्निंग आफीसर का कार्य करने के लिए दिनांक 1 दिसम्बर 2014 से पंचायत निर्वाचन समाप्ति अर्थात् दिनांक 31 जनवरी 2015 तक बैतूल में संबद्ध किया गया है.
( 2) राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा द्वितीय चरण के निर्वाचन की तिथि परिवर्तित करने से श्री फ्रेंक नोबल ए. , भाप्रसे ( 2013 ) सहायक कलेक्टर, होशंगाबाद एवं सुश्री रजनी सिंह, भाप्रसे ( 2013 ) , सहायक कलेक्टर, खण्डवा को त्रि- स्तरीय पंचायत निर्वाचन के लिये नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2015.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
282
रिटर्निंग आफिसर का कार्य करने के लिए बैतूल जिले में संबद्धता अवधि दिनांक 9 फरवरी 2015 तक बढ़ाई जाती है.
(3 ) बैतूल जिले में दिनांक 27 फरवरी 2015 को जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्यों के लिये मतों का सारणीकरण एवं जनपद सदस्य के निर्वाचन परिणाम की घोषणा रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा की जाना है. अतः दिनांक 27 फरवरी 2015 को भी उपरोक्त दोनों अधिकारी बैतूल जिले में निर्वाचन कार्य संपन्न कराने हेतु उपस्थित रहेंगे .
भोपाल , दिनांक 9 फरवरी 2015
क्र. ई- 1-409-2014-5- एक. ( 1 ) श्री राकेश श्रीवास्तव , भाप्रसे (1993) , आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ आगामी आदेश तक पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वाणिज्यिक कर विभाग भी घोषित किया जाता है.
क्र. ई- 1-55-2015-5- एक. ( 1 ) श्री शिवशेखर शुक्ला, भाप्रसे (1994) , सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खनिज साधन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम के दिनांक 7 से 16 फरवरी 2015 तक दक्षिण अफ्रीका प्रवास की अवधि में श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव , भाप्रसे ( 1996 ) , आयुक्त-सह- संचालक, पुरातत्व एवं संग्रहालय एवं कार्यपालक संचालक, पर्यावरण नियोजन एवं संगठन ( एप्को) को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खनिज साधन विभाग एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.
भोपाल , दिनांक 10 फरवरी 2015
क्र. ई- 5-834- आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्रीमती रजनी उईके, आयएएस. , अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सचिव मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग, भोपाल को दिनांक 12 से 16 जनवरी 2015 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .
(2 ) अवकाशकाल में श्रीमती रजनी उईके को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती रजनी उईके अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अन्टोनी डिसा, मुख्य सचिव.
भोपाल, दिनांक 10 फरवरी 2015
क्र. एफ ए 5-25-2011 - एक- ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय श्री मूलचन्द गर्ग , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, ग्वालियर खण्डपीठ ग्वालियर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है:-
अ. क्र.
अभियुक्ति
कुल दिन
अवकाश अवधि
(3)
(5) (2)
अवकाश का प्रकार (4)
(1)
01 1 से 5
05 पूर्ण वेतन तथा
भत्तों सहित
दिसम्बर
अवकाश.
2014 तक.
क्र. एफ ए 5-25-2011 - एक- ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय श्री मूलचन्द गर्ग , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , ग्वालियर खण्डपीठ ग्वालियर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है: -
अवकाश
अवकाश
अ.क्र .
अभियुक्ति कुल
का प्रकार
अवधि दिन
(5) (3)
(2)
(4)
(1)
01 24 नवम्बर 01 पूर्ण वेतन अवकाश के पूर्व में दिनांक 23 नवम्बर 2014 तक.
तथा भत्तों
2014 के सार्वजनिक
सहित
अवकाश का लाभ
अवकाश.
उठाने की अनुमति सहित.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा , उपसचिव.
भोपाल , दिनांक 6 फरवरी 2015
क्र. ई - 5-524 - आयएसएस - लीव - 5-1.-( 1 ) श्री संजय सिंह, आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग को समसंख्यक आदेश दिनांक 23 जनवरी 2015 द्वारा दिनांक 19 से 24 जनवरी 2015 तक छः दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था, मैं आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 19 से 22 जनवरी 2015 तक चार दिन का एक्स इंडिया अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) समसंख्यक आदेश दिनांक 23 जनवरी 2015 की शेष कंडिकाएं यथावत रहेंगी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, फजल मोहम्मद, अवर सचिव " कार्मिक ".
283
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
परिवहन विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 15 जनवरी 2015
क्र. एफ 22-12-2014- आठ.- राज्य शासन एतद्वारा प्रदेश में लोक परिवहन से संबंधित अधोसंरचनाओं जैसे बस स्टैण्ड का निर्माण एवं संचालन, बस स्टैण्ड की भूमि का युक्तियुक्त उपयोग तथा उनसे जुड़ी जन सुविधाओं के मानक तैयार करने उनका नियमन करने तथा संबंधित गतिविधियों के स्तर में सुधार लाने हेतु आवश्यक निर्देश जारी करने , मार्गों का युक्तियुक्त करण तथा निर्माण करने, लोक परिवहन में आधुनिक तकनीक का उपयोग करने आदि के लिये मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 के अन्तर्गत , मध्यप्रदेश इंटरसिटी ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का गठन करता है.
उपरोक्त पंजीकृत सोसायटी की साधारण सभा के सदस्य निम्नानुसार होंगे :-
अध्यक्ष 1. माननीय मंत्रीजी मध्यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग.
उपाध्यक्ष 2. अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव परिवहन विभाग.
सदस्य 3. अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव वित्त.
सदस्य 4. अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव लोक निर्माण विभाग.
सदस्य 5. अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/ सचिव गृह विभाग .
6. अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव नगरीय सदस्य विकास एवं पर्यावरण विभाग-
सदस्य 7 परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश ग्वालियर
सचिव 8. शासन द्वारा नियुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी.
समिति के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की नियुक्ति राज्य शासन करेगा जो समिति का सचिव भी होगा.
उक्त अथॉरिटी की एक कार्यकारिणी समिति, होगी जो सामान्य सभा के साधारण पर्यवेक्षक के अधीन काम करेगी . इसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे:-
अध्यक्ष 1. मुख्य सचिव
सदस्य 2. प्रमुख सचिव/सचिव परिवहन विभाग
सदस्य 3. अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव वित्त विभाग.
4. प्रमुख सचिव/सचिव , लोक निर्माण विभाग सदस्य 5. प्रमुख सचिव/सचिव/ नगरीय प्रशासन एवं पर्यावरण विभाग. सदस्य 6. प्रमुख सचिव/ सचिव गृह विभाग
सदस्य 7 मुख्य कार्यपालन अधिकारी
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
ओमप्रकाश श्रीवास्तव , उपसचिव.
गृह विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 30 जनवरी 2015
क्र. एफ 1 (ए) 27-94-ब- 2- दो. राज्य शासन के समसंख्यक आदेश दिनांक 6 सितम्बर 2014 द्वारा श्री आलोक रंजन, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, प्रशासन , पुलिस मुख्यालय , भोपाल को स्वीकृत अर्जित अवकाश में से दिनांक 1 से 6 सितम्बर 2014 तक कुल छः दिवस अर्जित अवकाश को निरस्त करते हुए उनके अर्जित अवकाश खाते में समायोजित किया जाता है .
(2 ) समसंख्यक आदेश की शेष कंडिकाएं यथावत रहेंगी .
भोपाल, दिनांक 6 फरवरी 2015
क्र. एफ 1 (ए) 77-2005- ब-2- दो. श्री दिलीप आर्य, भापुसे, पुलिस उप महानिरीक्षक, निमाड़ रेंज खरगौन को दिनांक 22 जनवरी से 10 फरवरी 2015 तक कुल बीस दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) श्री दिलीप आर्य, भापुसे की अवकाश अवधि में कार्य श्री राकेश गुप्ता, भापुसे उप पुलिस महानिरीक्षक इन्दौर रेंज शहर द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा .
(3 ) अवकाश से लौटन पर श्री दिलीप आर्य , भापुसे को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस उप महानिरीक्षक, निमाड़ रेंज खरगौन के पद पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4 ) श्री दिलीप आर्य , भापुसे , द्वारा अपना कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव कार्यभार से मुक्त होंगे.
(5 ) अवकाशकाल में श्री दिलीप आर्य, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री दिलीप आर्य, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते..
284
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
क्र. एफ 1 (ए) 273-86- ब- 2- दो. श्री महान भारत सागर, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( शिकायत/मानव अधिकार आयोग ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 16 से 25 फरवरी 2015 तक कुल दस दिवस का अर्जित अवकाश, दिनांक 14 एवं 15 फरवरी 2015 के विज्ञप्त अवकाश के साथ स्वीकृत किया जाता है.
(2) श्री महान भारत सागर, भापुसे की अवकाश अवधि में कार्य श्री आर . एस. डेहरिया, भापुसे सहायक पुलिस महानिरीक्षक (शिकायत ) , पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.
( 3) अवकाश से लौटने पर श्री महान भारत सागर , भापुसे को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( शिकायत/मानव अधिकार आयोग ) पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4 ) श्री महान भारत सागर, भापुसे पुलिस द्वारा अपना कार्यभार, ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव कार्यभार से मुक्त होंगे .
(5 ) अवकाशकाल में श्री महान भारत सागर, भापुसे को अवकाश वेतनन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री महान भारत सागर, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
क्र. एफ 1 (ए) 212-96- ब-2- दो. श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, भापुसे पुलिस महानिरीक्षक, विसबल रेंज, इन्दौर को दिनांक 7 फरवरी 2015 से 13 मार्च 2015 तक कुल पैंतीस दिवस का चाईल्ड केयर अवकाश दिनांक 14 एवं 15 मार्च 2015 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, भापुसे की अवकाश अवधि में उनका कार्य श्री आर. के. गुप्ता, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, आरएपीटीसी, इन्दौर द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, भापुसे को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, विसबल रेंज , इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
[ भाग 1 (5) अवकाशकाल में श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर बनीं रहतीं.
भोपाल, दिनांक 9 फरवरी 2015
क्र. एफ 1 ( ए) 196-91- ब-2- दो. श्रीमती अनुराधा शंकर, भापुसे पुलिस महानिरीक्षक ( प्रशासन ) , अपराध अनुसंधान विभाग पुलिस मुख्यालय, भोपाल को दिनांक 27 जनवरी से 7 फरवरी 2015 तक बारह दिवस अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) श्रीमती अनुराधा शंकर, भापुसे की अवकाश अवधि में उनका कार्य श्री जी. पी. उईके, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक ( समन्वय ) , अपराध अनुसंधान विभाग , पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती अनुराधा शंकर, भापुसे को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) , अपराध अनुसंधान विभाग पुलिस मुख्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4 ) श्रीमती अनुराधा शंकर, भापुसे द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .
(5 ) अवकाशकाल में श्रीमती अनुराधा शंकर, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती अनुराधा शंकर, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर बनीं रहतीं.
क्र. एफ 1 (ए) 93-2005- ब- 2-दो. श्री डी. पी. सिंह , भापुसे उप पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर रेंज जबलपुर को दि. 23 फरवरी 2015 से 4 मार्च 2015 तक दस दिवस अर्जित अवकाश, दिनांक 21 , 22 फरवरी 2015 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुए उक्त अवकाश अवधि में खण्ड वर्ष 2014-17 में गृह नगर अवकाश यात्रा के बदले में भारत भ्रमण की अवकाश यात्रा की पात्रता के तहत् सपरिवार बीकानेर ( राजस्थान ) भ्रमण पर जाने की अनुमति प्रदान की जाती है:-
स्वयं
1. श्री डी. पी. सिंह
पत्नी
2.
श्रीमती सरोज सिंह
(4) श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, भापुसे, द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(2 ) उक्त यात्रा हेतु श्री डी. पी . सिंह, भापुसे को दस दिवस के अवकाश नगदीकरण/समर्पण की पात्रता होगी एवं नगदीकृत दिवस इनके अर्जित अवकाश खाते से घटाये जायेंगे.
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
(3 ) उक्त अवकाश अवधि में इनका कार्य श्री एच. एन. मिश्रा, भापुसे, पुलिस अधीक्षक, जबलपुर द्वारा अतिरिक्त रूप से अपने कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.
( 4) अवकाश से लौटने पर श्री डी. पी . सिंह, भापुसे , को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न उप पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर रेंज जबलपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(5 ) श्री डी. पी. सिंह, भापुसे, उप पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर रेंज जबलपुर के द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कण्डिका ( 3 ) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(6 ) अवकाशकाल में श्री डी. पी. सिंह , भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(7) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री डी. पी. सिंह, भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
क्र. एफ 1 (ए) 266-86- ब- 2- दो. श्री के. सी. वर्मा, भापुसे, अतिरिक्त महानिदेशक, नारकोटिक्स, इन्दौर द्वारा अपने पत्र में लेख किया है कि दिनांक 6 से 13 फरवरी 2015 तक आठ दिवस अर्जित अवकाश , दिनांक 14 , 15 फरवरी 2015 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुये राज्य शासन द्वारा उन्हें खण्ड वर्ष 2014-17 में गृह नगर अवकाश यात्रा के बदले में भारत भ्रमण की अवकाश यात्रा की पात्रता के तहत् परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ त्रिवेन्द्रम भ्रमण पर जाने की अनुमति प्रदान की जाती है:-
1. श्री के. सी. वर्मा भापुसे स्वयं पत्नी
2. श्रीमती नीलू वर्मा
(2) उक्त अवकाश अवधि में उनका कार्य श्री ए. के. जैन, भापुसे, अतिरिक्त महानिदेशक , पुलिस ट्रैनिंग स्कूल, इन्दौर द्वारा अपने कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री के. सी. वर्मा , भापुसे, को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न अतिरिक्त महानिदेशक, नारकोटिक्स, इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4) श्री के. सी. वर्मा, भापुसे , अतिरिक्त महानिदेशक, नारकोटिक्स, इन्दौर का कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कण्डिका (2) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
285 (5 ) अवकाशकाल में श्री के. सी. वर्मा, भापुसे , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. सी. वर्मा, भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बसंत प्रताप सिंह , प्रमुख सचिव.
महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 23 जनवरी 2015
क्र. एफ 3-11-2007- पचास- 2.- राज्य शासन एतद्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत संचालित लाडली लक्ष्मी योजना के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2014-15 से निम्नानुसार निधि का गठन करता है:-
1. निधि का शीर्षक- यह निधि " मध्यप्रदेश लाडली लक्ष्मी योजना निधि" कहलायेगी.
2. निधि की स्थापना - राज्य शासन द्वारा लाडली लक्ष्मी योजना निधि को राज्य के लोक लेखा के अन्तर्गत मुख्य लेखा शीर्ष.
8448- स्थानीय निधियों की जमा,
120- अन्य निधियों.
0119-लाडली लक्ष्मी योजना के अन्तर्गत वर्गीकृत की जायेगी.
3. निधि का उद्धेश्य-लाडली लक्ष्मी योजना निधि का उपयोग, केवल लाडली लक्ष्मी योजना अंतर्गत पात्र बालिकाओं को, योजना के अधीन देय राशि प्रदान करने हेतु किया जायेगा.
4. निधि के लिए अंशदान- इस निधि में निम्नांकित स्त्रोतों से राशि अंतरित की जा सकेगी:-
(अ) मुख्य शीर्ष 2235- सामाजिक सुरक्षा और कल्याण , लघु शीर्ष- 103 महिला कल्याण , 5067 - लाडली लक्ष्मी योजना 42 - सहायक अनुदान, 007- अन्य में प्रावधानित राशि.
(ब ) योजना अंतर्गत जारी राष्ट्रीय बचत पत्र की परिपक्वता राशि.
(स) निधि में जमा राशि पर अर्जित ब्याज की राशि निधि में जमा राशि पर ब्याज की दर राज्य शासन द्वारा समय - समय पर निर्धारित की जायेगी.
286
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
5. निधि का संचालन एवं लेन - देन का लेखा- 5.1 इस निधि का प्रशासन एवं नियंत्रण महिला एवं बाल विकास द्वारा किया जायेगा .
5.2 कंडिका 4( अ ) , 4( ब ) एवं 4( स ) में उल्लेखित राशियों को निधि में अंतरण करने का आदेश महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी किया जायेगा तथा इसकी प्रति महालेखाकार ( लेखा एवं हकदारी ) , मध्यप्रदेश को दी जायेगी.
5.3 योजनांतर्गत पात्र हितग्राहियों को योजना के प्रावधानों केअनुसार भुगतान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा , निधि से राशि आहरित कर किया जायेगा. राशि सीधे हितग्राहीयों के खाते में ई- पेमेंट के माध्यम से अंतरित की जायेगी .
5.4 योजना के हितग्राहियों तथा उनको किये गये भुगतानों, निधि में अंतरित राशि का विस्तृत लेखा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संधारित किया जायेगा.
6. अन्य- निधि के संचालन के लिये आवश्यकतानुसार निर्देश वित्त विभाग के परामर्श से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी किये जा सकेंगे .
7. यह स्वीकृति वित्त विभाग के पृष्ठांकन क्रमांक दिनांक . .द्वारा महालेखाकार को पृष्ठांकित की गई.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जे. एन. कांसोटिया, प्रमुख सचिव.
भोपाल , दिनांक 4 फरवरी 2015
क्र. 342-224-2015- पचास-2.- किशोर न्याय ( बालकों की देखरेख और संरक्षण ) अधिनियम 2000 ( 2000 का सं. 56 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम (2 ) में यथाविनिर्दिष्ट किशोर न्याय बोर्ड में कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये उक्त अधिनियम के अधीन ऐसे बोर्ड को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा कर्तव्यों का निर्वहन करने के प्रयोजनों के लिए, कॉलम ( 4 ) में यथाविनिर्दिष्ट न्यायिक अधिकारी को प्रधान मजिस्ट्रेट के रूप में पदांकित करता है, अर्थात्: -
अनुसूची
जिलों के नाम
क्र. किशोर न्याय बोर्ड और उसका मुख्यालय
प्रधान मजिस्ट्रेट के नाम एवं पदनाम (2)
(3)
(4) (1)
अनूपपुर
1 अनूपपुर
श्री उदय सिंह मरावी सीजेएम, अनूपपुर.
डिंडोरी
2 डिंडोरी
श्री रघुवीर प्रसाद पटेल सीजेएम, डिंडोरी.
No. 342-224-15 - L- 2.-In exercise of the powers conferred by sub- section ( 1 ) and ( 2) of section 4 of the Juvenile Justice ( Care & Protection of Children) Act 2000 (No. 56 of 2000 ) the State Government hereby designates Judicial Officers as specified in column No. (4) as the Principal Magistrate in the following Juvenile Justice Boards as specified in the column (2) of the Schedule below for the District as specified in column (3 ) thereof for the purpose of exercising of the powers and discharging the duties conferred on suuch Boards under the said Act , namely: -
SCHEDULE
S. Name of the Name of the
Districts
No. Juvenile Justice Board & its Head Quarter
(3)
Name of the Principal Magistrate & Designation (4) (1) (2)
1
Anoppur
Anoppur Shri Udai Singh Maravi , CJM , Anoppur.
2
Dindori
Dindori Shri Raghuveer Prasad Patel , CJM, Dindori .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
प्रज्ञा औरंगाबादकर , अवर सचिव.
भोपाल , दिनांक 6 फरवरी 2015
क्र. 423-2125-14- पचास- 2.- किशोर न्याय ( बालकों की देखरेख और संरक्षण ) अधिनियम 2000 की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य सरकार, एतद्वारा ( क ) नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट बाल कल्याण समिति का, उसके ( अनुसूची के) कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये गठन करती है, और कॉलम (4 ) में यथाविनिर्दिष्ट सामाजिक कार्यकर्ताओं को नियुक्त करती है अर्थात्ः-
अनुसूची
सामाजिक
जिले
अ. बाल कल्याण
क्र.
का नाम
कार्यकर्ताओं के नाम समिति के मुख्यालय
काजिला
(3)
(4) (2)
(1)
1.
विदिशा
विदिशा 1. श्री राम रघुवंशी सदस्य No. 423-2125-14- L - 2.-In exercise of the power conferred by sub- section ( 1 ) and (2 ) of the Section - 29 of the Juvenile Justice ( Care & Protection of children) Act 2000, the State Government hereby constitute the following Child Welfare Committee as specified in column (2) of the schedule below, for the District as specified in the column (3 ) and appoints Social Workers 287
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
as specified in column (4) respectively, thereof for the purposes of exercising the powers and discharging the duties conferred on such committees under the said Act , namely:-
SCHEDULE
S. No.
Jurisdiction (Revenue District)
F. No. 17(E ) 44-2013 - ΧΧΙ - B( 1 ) -240-2014 .-In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 22 of National Investigation Agency Act , 2008 (34 of 2008 ) , the state Government, In consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby, makes the following amendments in this department's Notification F. No. B (1 ) 3476/2013 , dated 11th September, 2013 , which was published in the Madhya Pradesh Gazettee , Part- 1, dated 20th September, 2013 , namely :-
Name of the
Honorary
Social
Workers
Name of the Child Welfare Committees & itsDistrict Head Quarter
(2)
(4) (1)
(3)
Vidisha
1. Vidisha
2. Shri Ram Raghuvanshi- Member.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , रजनी उईके , अपर सचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 10 फरवरी 2015
फा. क्र. 17- ( ई ) 44-2013 - इक्कीस- ब ( एक )-240- 15.- राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण अधिनियम , 2008 ( 2008 का 34) की धारा 22 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक ब- ( एक) , 3476- 2013 दिनांक 11 सितम्बर , 2013 में जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग- एक में दिनांक 20 सितम्बर, 2013 को प्रकाशित हुई थी, निम्नलिखित संशोधन करता है अर्थात्ः-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में, सारणी में , अनुक्रमांक 35 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्ः-
सारणी
क्रमांक जिले का नाम
(1)
(2)
विशेष न्यायाधीश का नाम (3) "35 शहडोल
श्री एस. बी. वर्मा , विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण ) अधिनियम , शहडोल . " यह संशोधन उस दिनांक से लागू होगा जिस दिनांक को इस अधिसूचना में विनिर्दिष्ट न्यायाधीश उक्त न्यायालय में अपना पदभार ग्रहण करते हैं .
AMENDMENTS
In the daid notification in the table , for serial number 35 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be substituted , namely:-
Table
S. No. Name of District
(2)
(1)
Name and Designation ofthe Judge (3) "35. Shahdol
Shri S. B. Verma , Special Judge , Scheduled Castes , Schedule Tribes (Prevention ofAtrocities) Act , Shahdol . " This amendment shall come into force from the date on which the judge as specified in this notification assumes the charge of his office in the said Court.
फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस ब ( एक ) 186-2015.- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का सं. 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा इस विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस-ब( एक)-4211- 13, दिनांक 30 अक्टूबर , 2013 एवं फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस- ब( एक ) -1158-14, दिनांक 22 मई, 2014 को अतिष्ठित करते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से, एतद्वारा श्री राजीव अयाची, चतुर्थ अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , इंदौर को, उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( क) तथा ( ख ) में विनिर्दिष्ट अपराधों के संबंध में , दिल्ली पुलिस या केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 ( 1946 का सं. 25 ) के अधीन, अन्वेषण किए गए अपराधों का विचारण करने के लिए, नीचे विनिर्दिष्ट किए गए राजस्व जिलों में समाविष्ट क्षेत्रों के लिए, विशेष न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करता है , जिनका मुख्यालय, इंदौर होगा , अर्थात्ः-
राजस्व जिला
( 1 ) इंदौर ( 2 ) धार ( 3 ) रतलाम ( 4 ) झाबुआ ( 5 ) मंदसौर (6 ) पश्चिम निमाड ( मण्डलेश्वर ) ( 7 ) उज्जैन (8 ) देवास ( 9 ) शाजापुर ( 10 ) पू. निमाड ( खण्डवा) ( 11 ) नीमच ( 12 ) बड़वानी ( 13 ) अलीराजपुर (14) बुरहानपुर.
288
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
F. No. 1-5-96- XXI - B ( One) -186-2015 .-In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 3 of Prevention of Corruption Act, 1988 (No. 49 of 1988 ) and in supersession of this department's Notification No. F. N.1-5-96- XXI - B (One ) -4211-13 , dated 30th October , 2013 , F. N.1-5-96 - XXI - B ( One ) -1158-13 , dated 22nd May, 2014 the State Government, in Consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby appoints Shri Rajeev Ayachi , IVth Additional Sessions Judge , Indore , as a Sepcial Judge with Headquarter at Indore , for the areas comprising of the Revenue District specified below to try the cases in regard to the offences specified in clauses (a) and (b ) of sub - section ( 1 ) of Section 3 of the said Act, investigated under the Delhi Special Police Establishment Act , 1946 (No. 25 of 1946) by the Delhi Police and Central Bureau of Investigation , namely :-
REVENUE DISTRICT
(4 ) Jhabua (1 ) Indore ( 2 ) Dhar ( 3 ) Ratlam
(5) Mandsaur (6) West Nimar (Mandleshwar) (7) Ujjain ( 8 ) Dewas ( 9) Shajapur ( 10 ) East Nimar (Khandwa) ( 11 ) Neemuch ( 12) Barwani (13) Alirazpur ( 14) Burhanpur.
फा. क्र. 17- ( ई ) 83-03- इक्कीस - ब ( एक) -4262-014.-विद्युत अधिनियम, 2003 (2003 का संख्याक 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से , एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 17 ( ई ) 83-03 - इक्कीस- ब( एक) , दिनांक 16 सितम्बर, 2010 में जो मध्यप्रदेश राजपत्र , भाग -1 में दिनांक 24 सितम्बर, 2010 को प्रकाशित की गई थी, निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्ः-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में, सारणी में, अनुक्रमांक 34 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्ः-
सारणी
विशेष न्यायालय
अनु सिविल जिले
का नाम
क्रमांक का नाम
विशेष न्यायालय की क्षेत्रीय अधिकारिता (विद्युत क्षेत्र के अनुसार)
(4)
(3)
(2)
(1)
" 34. खण्डवा प्रथम अपर सेशन
न्यायाधीश, खण्डवा.
सिविल जिला खण्डवा का संपूर्ण विद्युत क्षेत्र. " टिप्पणी.-विशेष न्यायालय में लंबित मामले उनकी क्षेत्रीय अधिकारिता के अनुसार नवीन गठित न्यायालय में अन्तरित हो जायेंगे .
F. No. 17 (E ) 83-03 - XXI - B ( One ) -4262-014 .-In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 153 of Electricity Act , 2003 (No. 36 of 2003 ) , the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh , hereby makes the following further amendment in this department's Notification F. No. 17 ( E) 83-03 - XXI - B ( 1 ) , dated 16th September, 2010, whichwas published in the Madhya Pradesh Gazette , Part- I dated 24th September , 2010 namely:-
AMENDMENT
In the said Notification , in the table , for serial numbers 34 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be substituted , namely :-
TABLE
S. Name of the
ofSpecial Court No. Civil District
Name of Special Court
Territorial jurisdiction (According to the electricity Area ) (2)
(3)
(4) (1)
"34. Khandwa
All electricity Area of Civil District Khandwa . " Ist Additional Sessions Judge , Khandwa .
Note: The pending cases of the Special Court shall be stand transferred to the newly constituted court according to their territorial jurisdiction .
फा. क्र . 17- ( ई ) 83-03-इक्कीस ब ( एक ) -4262- 2014.-विद्युत अधिनियम, 2003 ( 2003 का संख्याक 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 17 ( ई ) 83-03 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 16 सितम्बर, 2010 में जो मध्यप्रदेश राजपत्र , भाग -1 में दिनांक 24 सितम्बर , 2010 में प्रकाशित की गई थी, निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्ः-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में, सारणी में, अनुक्रमांक 2 , 34 , 81 - ए तथा 105 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित 289
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
अनुक्रमांक और उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्:-
सारणी
क्रमांक
विशेष न्यायालय का नाम
विशेष न्यायालय के न्यायालय का नाम सिविल जिले का नाम
(4)
(3)
(1) (2)
" 2. अलीराजपुर अपर सेशन न्यायाधीश, जोबट.
श्री रुप सिंह अलावा, अपर सेशन न्यायाधीश, जोबट.
34. खण्डवा
प्रथम अपर सेशन न्यायाधीश, खण्डवा.
श्री अक्षय कुमार द्विवेदी, प्रथम अपर सेशन न्यायाधीश, खण्डवा.
81 -ए सागर
श्री प्रमोद कुमार, अपर सेशन न्यायाधीश, बीना.
अपरसेशन न्यायाधीश, बीना.
105 उज्जैन
अपर सेशन न्यायाधीश , खाचरौद.
श्री व्ही. के. श्रीवास्तव, अपर सेशन न्यायाधीश, खाचरौद. "
F. No. 17 (E ) 83-03 - XXI - B ( One) -4262-2014 .- In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of section 153 of Electricity Act , 2003 ( No. 36 of 2003) , the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh , hereby makes the following further amendments in this department's Notification F. No. 17 (E) 83-03 -XXI - B ( 1 ) , dated 16th September , 2010 , whichwas published in the Madhya Pradesh Gazette, Part - I dated 24th September , 2010 namely:-
AMENDMENTS
In the said Notification , in the table , for serial number 2, 34 , 81 - A & 105 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted, namely : -
S. Name of
No. the Civil District (2)
Name of Special Court (3)
Name of the Judge of the Special Court (4) (1)
"2. Alirazpur Additional Sessions Judge , Jobat.
Shri Roop Singh Alawa , Additional Sessions Judge , Jobat.
(2)
(3)
(4) (1)
34. Khandwa Ist Additional Sessions Judge , Khandwa.
Shri Akshay Kumar Dwivedi , Ist Additional Sessions Judge ,
Khandwa .
81-ASagar Additional Sessions Judge , Bina.
Shri Pramod Kumar, Additional Sessions Judge, Bina.
105 Ujjain Additional Sessions Judge , Khachrod .
Shri V. K. Shrivastava , Additional Sessions Judge , Khachrod ." मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विरेन्दर सिंह, प्रमुख सचिव.
भोपाल, दिनांक 10 फरवरी 2015
फा. क्र. 1 (बी) -21-2004- इक्कीस - ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा -24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्री विजय कुमार यादव पुत्र श्री बी. पी . यादव अधिवक्ता जिला मण्डला को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला मण्डला सत्र खण्ड मण्डला राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक, जिला मण्डला नियुक्त करता है. यह नियुक्त सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 (बी) -21-2004- इक्कीस- ब (दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा -24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, सुश्री शोभा मिश्रा पुत्र श्री आर. एम. मिश्रा, अधिवक्ता जिला मण्डला को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला मण्डला सत्र खण्ड मण्डला राजस्व जिले के लिये एतद्वारा, अति. शासकीय अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, जिला मण्डला नियुक्त करता है . यह नियुक्त सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 ( बी ) -7-2004 - इक्कीस ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा -24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्रीमती चन्द्रकृपा अवधिया पुत्री स्व. श्री सोमनाथ अवधिया, अधिवक्ता जिला सीधी को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष [ भाग 1 290
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
की अवधि के लिये जिला सीधी सत्र खण्ड सीधी राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , अति. शासकीय अभिभाषक/ अति. लोक अभियोजक, जिला सीधी नियुक्त करता है. यह नियुक्त सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है .
फा. क्र. 1 ( बी ) -7-2004- इक्कीस ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा -24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , श्री शंकर दयाल शुक्ल पुत्र श्री छोटेलाल शुक्ल अधिवक्ता, जिला सीधी को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला सीधी सत्र खण्ड सीधी राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , अति. शासकीय अभिभाषक/ अति. लोक अभियोजक, जिला सीधी नियुक्त करता है. यह नियुक्त सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 ( बी) -7-2004- इक्कीस - ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा-24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्री आदित्य प्रताप सिंह , अधिवक्ता, जिला सीधी को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला सीधी सत्र खण्ड सीधी राजस्व जिले के लिये एतद्वारा , अति. शासकीय अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, जिला सीधी नियुक्त करता है. यह नियुक्त सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अमिताभ मिश्र , अपर सचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
छिन्दवाड़ा, दिनांक 7 फरवरी 2015
क्र. 776 - भू- अर्जन-2015.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. चूंकि विशेष आर्थिक क्षेत्र Multi- Product Special Economic Zone की स्थापना के लिये मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आदेश पत्र क्र. एफ 16-01-2013 - सात-2 ए भोपाल , दिनांक 20 मार्च 2013 के अन्तर्गत भू-अर्जन की अनुमति प्रदान की गई है. अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है.
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है, कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
अनुसूची
अर्जित की जाने भूमि का वर्णन
भूमि अर्जन, पुनर्वासन
तहसील
नगर/ग्राम
जिला
वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमिलगभग क्षेत्रफल ( हे. मे. )
(6) (3)
और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 (2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
(2)
(4)
(1)
रकबा 177.631
छिन्दवाड़ा सौंसर
भू-अर्जन अधिकारी, तहसील सौंसर, जिला छिन्दवाड़ा
ग्राम- गोंडीबडोना, ब.न. - 101 ,
हेक्टेयर एवं उपरोक्त अर्जित
प.ह.नं. 55/22 , रा.नि.मं. -सौंसर .
विशेष आर्थिक क्षेत्र Multi- Product Special Economic Zone की स्थापना के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण.
की जाने वाली प्रस्तावित भूमि पर आने वाली संपत्तियां.
291
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधि- सूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग भोपाल वेबसाईट http : // www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय कलेक्टर भू- अर्जन शाखा छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन, अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील सौंसर जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र . ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, प्रबंधक संचालक मेसर्स छिन्दवाड़ा प्लस डेव्हलपर्स लिमिटेड-9 , इमामबाड़ा रोड नागपुर ( महाराष्ट्र ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण प्रबंधक संचालक मेसर्स छिन्दवाड़ा प्लस डेव्हलपर्स लिमिटेड स्थानीय कार्यालय - गावंडे कॉलोनी, नागपुर रोड सौंसर, तहसील सौंसर जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधि- सूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , महेशचन्द्र चौधरी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
विभाग प्रमुखों के आदेश
कार्यालय, कुलाधिपति, महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय , उज्जैन
राजभवन , भोपाल, दिनांक 9 फरवरी , 2015
क्र. एफ- 1-1-2014- रा.स. यू.ए. - 1-168.- महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 2006 ( क्रमांक 15 सन् 2008 ) की धारा 28 की उपधारा ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं , राम नरेश यादव, कुलाधिपति, महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन, एतद्वारा प्रो. रमेश चन्द्र पण्डा, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, व्याकरण विभाग, संस्कृत लर्निंग एवं थियोलाजी संकाय, बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय , वाराणसी -221005 ( उ.प्र. ) को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से चार वर्ष की कालावधि के लिये महर्षि पाणिनी संस्कृत एव वैदिक विश्वविद्यालय , उज्जैन का कुलपति नियुक्त करता हूं.
2. इनकी सेवा शर्तें एवं निबंधन विश्वविद्यालय के परिनियम 1 के अनुसार शासित होंगी.
राम नरेश यादव , कुलाधिपति.
292
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
कार्यालय , कुलाधिपति, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर राजभवन , भोपाल, दिनांक 11 फरवरी , 2015
क्र. एफ- 1-4-13 - रा.स. यू.ए. - 1-170.- डॉ. अमरजीत सिंह नन्दा, कुलपति, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा दिनांक 19 जनवरी 2015 को प्रस्तुत त्यागपत्र स्वीकृत किया जाता है. डॉ. नन्दा दिनांक 13 फरवरी 2015 को अपरान्ह में कार्यमुक्त होंगे.
2. नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 ( क्र. 16 सन् 2009 ) की धारा 11 की उपधारा ( 7 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं , राम नरेश यादव, कुलाधिपति, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय , जबलपुर, एतद्वारा डॉ. एस.एन.एस. परमार, अधिष्ठाता संकाय , नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर को विश्वविद्यालय के नियमित कुलपति की नियुक्ति होने तक के लिए कुलपति पद का कार्य संपादित करने के लिए नाम निर्देशित करता हूं.
राम नरेश यादव, कुलाधिपति.
कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( मण्डी) , रायसेन मध्यप्रदेश
रायसेन, दिनांक 7 फरवरी 2015
क्र. 153 - स्था.निर्वा. - मण्डी उप निर्वा.-2014 .- एतद्वारा सूचित किया जाता है कि कृषि उपज मण्डी समिति सिलवानी के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक-246 वार्ड क्र. -10 के निम्नानुसार कृषक प्रतिनिधि निर्वाचित घोषित किये गये हैं:-
निर्वाचित सदस्य का
क्रमांक
पता (4)
पद जिसके लिए
निर्वाचित हुए
(3)
नाम (2)
(1)
1
कृषक सदस्य
श्री झलकन आत्मज श्री सुम्मी
निवासी ग्राम बधवाडा, तहसील सिलवानी , जिला रायसेन (म. प्र. )
क्र. 154- स्था. निर्वा.- मण्डी उप निर्वा.-2014. - एतद्वारा सूचित किया जाता है कि कृषि उपज मण्डी समिति सिलवानी के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक-246 के निम्नानुसार तुलैया तथा हम्माल प्रतिनिधि निर्वाचित घोषित किये गये हैं:-
क्रमांक
पता (4)
पद जिसके लिए
निर्वाचित हुए
(3)
निर्वाचित सदस्य का नाम (2)
(1)
1
श्री मोहम्मद शफीक आत्मज श्री वहीद खां.
तुलैया तथा हम्माल.
निवासी सिलवानी, तहसील सिलवानी, जिला रायसेन ( म. प्र. )
जे. के. जैन, कलेक्टर.
293
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
न्यायालय उपायुक्त ( राजस्व ) संभाग शहडोल एवं सक्षम प्राधिकारी मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन केबल एवम् डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम , 2012 जिला शहडोल, मध्यप्रदेश
प्ररूप -घ
(नियम 6 देखिये)
शहडोल , दिनांक 13 फरवरी 2015 प्रकरण क्रमांक 18/बी.- 121/ 2013-14
अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) ( जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना दिनांक 11 अप्रैल , 2014 द्वारा राज्य सरकार ने मेसर्स रिलायंस इन्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा मीथेन गैस परिवहन परियोजना के लिये ग्राम घोर्वे, पटवारी हल्का घोर्वे -63 तहसील जैतपुर, जिला शहडोल से ग्राम देवरी तहसील गोहपारू , जिला शहडोल के लिये परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है.
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 18 अप्रैल, 2014 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम प्राधिकारी, तहसीलदार कार्यालय को नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी/अधिभोगी को भी दी गई है .
अतएव उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा पाईप लाईन बिछाने के लिये भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित होगा.
अनुसूची
खसरा क्रमांक
तहसील
जिला
ग्राम / पटवारी हल्का क्रमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि
(हेक्टेयर में)
(5)
(4)
(3)
0.114 घोर्वे / घोर्वे 63
747
(1) शहडोल
(2) जैतपुर
0.002
764
0.739
839/1 क, 839/ 1 ख , 839/2, 839/3
0.001
840/1 , 840/2
0.046
847/1 , 847/2 , 847/3
1.458
848/1 , 848/2
0.107
852/1, 852/2
0.191
853
0.025
854
0.343
855/1 , 855/2 , 855/3 , 855/4,
855/5 , 855/6
0.332
918
0.073
927
0.321
928/1 , 928/2
0.257
929/1 , 929/2
0.047
925
0.016
924
0.205
857
0.079
859
0.102
860/1 , 860/2
870
0.136
872
0.001
926
0.037
0.169
932/1, 932/2
0.085
1055/1 , 1055/2
एफ. आर. पण्डा, सक्षम प्राधिकारी, उपायुक्त ( राजस्व) .
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
294
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला दमोह , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
दमोह, दिनांक 1 जनवरी 2015
क्र. क - भू.अ.वि. अ. - 2013-14 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः सही भूमि अधिग्रहण पुनर्वास 2013 की धारा 11 के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधितों व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) तहसील/ तालुका
(3)
(2)
(4) (1)
दमोह
दमोह
जुझार प.ह.नं. 55/38 1.60 मैली रियाना प.ह.नं. 18/61 0.03 सलैया प. ह.नं. 15 0.62 योग . 2.25 (
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
मुख्य नगरपालिका अधिकारी , नगरपालिका परिषद, दमोह.
दमोह नगर के जुझार घाट पेयजल के योजना इनटेंकवेल सब- स्टेशन पाईप लाईन और रास्ता बनाने के निर्माण हेतु.
2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी दमोह एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .
दमोह, दिनांक 27 जनवरी 2015
क्र. भू-अर्जन- 2014-15-प्र. क्र. 4 अ-82 वर्ष 2014-2015.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने हेतु अधिकृत करता हूं:-
भूमि का वर्णन सार्वजनिक प्रयोजन
ग्राम/नगर
जिला
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) तहसील का नाम
(3)
(4) (2)
(1)
सगौनी
पटेरा
0.53 दमोह
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
सगौनी जलाशय के निर्माण में आने वाली भूमि का अर्जन.
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग , दमोह.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड हटा एवं कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, स्वतंत्र कुमार सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
295
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
कार्यालय, कलेक्टर, जिला रायसेन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी, गौहरगंज, जिला रायसेन, मध्यप्रदेश
रायसेन, दिनांक 23 जनवरी 2015
भू-अर्जन- प्र. क्र. 4 अ- 82-13-14- पत्र क्रमांक 27- भू-अर्जन-14. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन एवं पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधितों व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन ग्राम
तहसील
जिला
अर्जनीय रकबा (हे. में ) लगभग
(4)
(3)
(2)
(1)
कोडिया
1.944 गौहरगंज
रायसेन
योग .. 1.944
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, रायसेन.
आशापुरी , खसरोद, सलकनी से वर्धमान फैक्ट्री तक सड़क निर्माण हेतु.
भू-अर्जन- प्र. क्र. 3 अ-82-13-14- पत्र क्रमांक 28- भू-अर्जन-14. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन एवं पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधितों व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन ग्राम
तहसील
जिला
अर्जनीय रकबा (हे. में) लगभग
(4)
(3)
(1) (2)
1.047
उमरिया
रायसेन गौहरगंज
1.047
योग
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, रायसेन.
ग्राम उमरिया से आमछाकला तक मार्ग निर्माण हेतु.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जे. के. जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 23 जनवरी 2015
क्र. 10- भू- अर्जन- 2015.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
296
है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुर्नः व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा ( 12 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) (2) (3)
0.880
छिपिया
(1) रीवा नईगढ़ी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
तेदुआ, छिपिया, नदहाकला वाया बालमुकुन्दा मार्ग निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि. , (भ/स ) संभाग क्र. 1 रीवा.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि. ( भ/स ) संभाग क्र. 1 रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
क्र. 11 - भू- अर्जन- 2015.- चूंकि, राज्य शासनं को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुर्नः व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा ( 12 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) (2)
(3).
2.597
नदहाकला
(1) रीवा नईगढ़ी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
तेदुआ, छिपिया, नदहाकला वाया बालमुकुन्दा मार्ग निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि. , ( भ/स) संभाग क्र. 1 रीवा.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि. ( भ/स ) संभाग क्र. 1 रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राहुल जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
छतरपुर , दिनांक 24 जनवरी 2015
प्र. क्र. 1 - अ- 82-2014-2015.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः 297
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुर्नव्यवस्थापन की उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का आधार अधिनियम, 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी सम्बन्धित व्यक्तियों की इस आशय को सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 एवं 12 की दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमिका वर्णन
ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4) (2)
(3)
(1)
बसारी
16.405 राजनगर
छतरपुर
(
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 11 की उपधारा (1 एवं 12 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
अनुविभागीय अधिकारी , एवं भू-अर्जन अधिकारी ( राजस्व ) राजनगर.
एनटीपीसी द्वारा 6X660 मेगावाट की विद्युत परियोजना के निर्माण हेतु.
2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) राजनगर के कार्यालय में किया जा सकता है.
छतरपुर , दिनांक 7 फरवरी 2015
प्र. क्र. 1 - अ- 82-2014-2015.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुर्नव्यवस्थापन की उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 (क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा ( 11 ) की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी सम्बन्धित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 एवं 12 गयी शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(2)
(4) (1)
0.500 छतरपुर
छतरपुर ( पूरक )
छतरपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा (1 एवं 12 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू- अर्जन अधिकारी, छतरपुर. ललितपुर -खजुराहो नर्स बड़ी रेल लाईन का निर्माण कार्य.
( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मसूद अख्तर , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर , जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
नरसिंहपुर, दिनांक 29 जनवरी 2015
प्र. क्र. 01 - अ -82 वर्ष 2014-15 - गाडरवारा- पत्र क्रमांक- 244- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
298
है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः सही भूमि अधिग्रहण , पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 ( 1 ) की उपधारा ( 3 ) द्वारा की गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में. )
(4) (1)
(2) (3)
0.328 गाडरवारा
नरसिंहपुर
दहलवाड़ा न. बं. 215 प.ह.नं. 77/51 .
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा (2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) मार्ग निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर.
(2 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी गाडरवारा में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 02 - अ-82 वर्ष 2014-15 - गाडरवारा - पत्र क्रमांक- 244- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः सही भूमि अधिग्रहण , पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 ( 1 ) की उपधारा ( 3 ) द्वारा की गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में. )
(3)
(4) (1)
(2)
0.024
टेकापार
गाडरवारा
नरसिंहपुर
नं. बं. 188
प.ह.नं. 135.
अनुसूची
धारा 4 की उपधारा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (2) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
मार्ग निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर .
( 2 ) भूमि का नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी गाडरवारा में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नरेश पाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला होशंगाबाद, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
होशंगाबाद, दिनांक 2 फरवरी 2015
प्र. क्र. 1909- अ- 82-2014-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन एवं पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्रमांक तीस , सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के 299
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 11 एवं 12 का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (1) (2)
6.362
मेहरागांव
होशंगाबाद इटारसी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा ( 1 ) एवं 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , इटारसी.
पंवारखेडा स्टेशन से जुझारपुर स्टेशन तक नई बड़ी रेल लाईन परियोजना हेतु रेल्वे विभाग के लिये निजी भूमि का अर्जन.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता :- पंवारखेड़ा स्टेशन से जुझारपुर स्टेशन तक नई बड़ी रेल लाईन परियोजना हेतु रेल्वे विभाग के लिये निजी भूमि का अर्जन ग्राम मेहरागांव.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , इटारसी के कार्यालय में किया जा सकता है .
प्र. क्र. 1911 - अ- 82-2014-15 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन एवं पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 ( क्रमांक तीस , सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा 1 के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 11 एवं 12 का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
तहसील
नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)
(3)
(2)
(4)
2.244
गौंचीतरोंदा
होशंगाबाद इटारसी
अनुसूची
धारा 11 की उपधारा ( 1 )
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन एवं 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , इटारसी.
पंवारखेड़ा स्टेशन से जुझारपुर स्टेशन तक नई बड़ी रेल लाईन परियोजना हेतु रेल्वे विभाग के लिये निजी भूमि काअर्जन.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता :- पंवारखेड़ा स्टेशन से जुझारपुर स्टेशन तक नई बड़ी रेल लाईन परियोजना हेतु रेल्वे विभाग के लिये निजी भूमि का अर्जन ग्राम गौंचीतरोंदा.
( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी, इटारसी के कार्यालय में किया जा सकता है .
300
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
प्र. क्र. 1913- अ- 82-2014-15 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसे सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन एवं पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक तीस , सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा 1 के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 11 एवं 12 का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4)
(3)
(2)
(1)
12.121
बोरतलाई
इटारसी
होशंगाबाद
अनुसूची
धारा 11 की उपधारा ( 1 )
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन एवं 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी इटारसी.
पंवारखेडा स्टेशन से जुझारपुर स्टेशन तक नई बड़ी रेल लाईन परियोजना हेतु रेल्वे विभाग के लिये निजी भूमि का अर्जन.
( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकताः- पंवारखेडा स्टेशन से जुझारपुर स्टेशन तक नई बड़ी रेल लाईन परियोजना हेतु रेल्वे विभाग के लिये निजी भूमि का अर्जन ग्राम घोरतलाई .
( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी इटारसी के कार्यालय में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 1915- अ- 82-2014-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसे सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन एवं पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक तीस, सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा 1 के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त अधिनियम की धारा 11 एवं 12 का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (1) (2)
1.048
देहरी
इटारसी
होशंगाबाद
अनुसूची
धारा 11 की उपधारा ( 1 )
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन एवं 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी इटारसी.
पंवारखेडा स्टेशन से जुझारपुर स्टेशन तक नई बडी रेल लाईन परियोजना हेतु रेल्वे विभाग के लिये निजी भूमि का अर्जन.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकताः- पंवारखेडा स्टेशन से जुझारपुर स्टेशन तक नई बड़ी रेल लाईन परियोजना हेतु रेलवे विभाग के लिये निजी भूमि का अर्जन ग्राम देहरी .
(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी इटारसी के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संकेत भोंडवे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला जबलपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
जबलपुर , दिनांक 7 फरवरी 2015
प्र. क्र. 01 - अ-82 - भू-अर्जन- 2015-2014-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुर्नव्यवस्थापना में उचित प्रतिकर और पारदर्शित अधिकार अधिनियम 2013 की धारा भाग 1 ]
301
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
( 11 ) की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा ( 12 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. चूंकि सिहोरा बायपास मार्ग का निर्माण पूर्व में ही चुका है एवं उक्त मार्ग से आवागमन प्रचलित है. उक्त बायपास में निजी भूमि शामिल है. फलस्वरूप उक्त भूमि का अर्जन किया जाना अत्यावश्यक है. अतः अधिनियम की धारा ( 4 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण की आवश्यकता नहीं है और इस कारण 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (2)
(4) 0.081
(3) सिहोरा
सिहोरा
(1) जबलपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) सिहोरा बायपास मार्ग.
एवं सक्षम प्राधिकारी भू- अर्जन सिहोरा. अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व)
2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कालम 5 में दर्शित अधिकारी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एन. रूपला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला कटनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
कटनी , दिनांक 9 फरवरी 2015
प्र.क्र. 01 - अ- 82- वर्ष 14-15. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 2013 ( क्रमांक तीस सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
जिला
भूमिका वर्णन ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
(3)
(1)
(4) 7.382
रीठी
प.ह.नं. 23 नं. बं. 355
ममार
रीठी प.ह.नं. 24
कटनी
0.931
नं. बं. 317
धनिया
प.ह.नं. 24
4.614
नं. बं. 114
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5) संभागीय प्रबंधक म. प्र. रोड डेव्हलपमेन्ट कार्पोरेशन लि. सागर म . प्र.
(6) दमोह कटनी राज्यमार्ग क्र. - 14 के अन्तर्गत रीठी बायपास सड़क के निर्माण कार्य हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) कटनी में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , विकास सिंह नरवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
302
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा , दिनांक 9 फरवरी 2015
क्र. 306 - प्रशा. - भू- अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि उक्त माइनर का निर्माण कार्य पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमिका वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(4)
(3)
(2)
(1)
4.950 सतना
बकिया तिवरियान
रामपुर बाघेलान
(2)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग क्र. 2 , सतना (म. प्र. ) .
बाणसागर परियोजना के पुरवा मुख्य नहर के अंतर्गत निकलने वाली मदिलकला वितरक नहर की उप नहर महिदल क्र. 2 के विस्तार में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
रीवा , दिनांक 11 फरवरी 2015
क्र. 310 - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि मझगंवा शाखा नहर का निर्माण कार्य पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है , इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में) (2)
(3)
(4) (1)
3.700 सतना
पडुहार
बिरसिंहपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 11 की उपधारा 2 द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री, बाणसागर पुरवा नहर संभाग क्रमांक-2 सतना.
(6) बाणसागर परियोजना की मझगंवा शाखा नहर के निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
303
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
क्र. 312 - भू-अर्जन-2014 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि मझगवां शाखा नहर का निर्माण कार्य पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है , इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)
(4) (1)
(2)
(3)
3.100
कोटरा
सेमरिया
रीवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन
धारा 11 की उपधारा 2 द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर पुरवा नहर संभाग क्रमांक -2, सतना.
बाणसागर परियोजना की मझगंवा शाखा नहर के निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 314 - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि मझगवां शाखा नहर का निर्माण कार्य पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है, इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का वर्णन
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)
(3)
(4) (2)
(1)
कोलौरा
3.96 सेमरिया
रीवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 11 की उपधारा 2 द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर पुरवा नहर संभाग क्रमांक -2, सतना.
बाणसागर परियोजना की मझगंवा शाखा नहर के निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमिके नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
304
क्र. 316- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि मझगवां शाखा नहर का निर्माण कार्य पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है , इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमिका वर्णन
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)
(4)
(3)
(2)
(1)
3.280 सेमरिया सेहतरा
रीवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 11 की उपधारा 2 द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर पुरवा नहर संभाग क्रमांक-2, सतना.
बाणसागर परियोजना की मझगंवा शाखा नहर के निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 318- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि मझगवां शाखा नहर का निर्माण कार्य पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है, इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)
(4)
(3)
(2)
(1)
7.200
भमरा
रीवा सेमरिया
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 11 की उपधारा 2 द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, बाणसागर पुरवा नहर संभाग क्रमांक -2, सतना.
बाणसागर परियोजना की मझगंवा शाखा नहर के निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. डी. एस. अग्निवंशी , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
305
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
कार्यालय , कलेक्टर, जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
डिण्डौरी , दिनांक 14 जनवरी 2015
प्र. क्र. भू- अर्जन -09 ( अ -82 ) -2013-14-912 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 4 ) में वर्णित भूमि को, अनुसूची के पद ( 7 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. इस लघु सिंचाई परियोजना में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है इसलिए इस प्रकरण में पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन के योजना सार की आवश्यकता नहीं है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला डिण्डौरी
(ख ) तहसील- बजाग
(ग) ग्राम-अमनीपिपरिया रै. प.ह.नं. 06
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-24.657 हैक्टेयर.
सर्वे नंबर
नगर/ग्राम
जिला तहसील/ तालुक
सार्वजनिक धारा ( 11 ) की उपधारा
प्रयोजन का (1) द्वारा प्राधिकृत
वर्णन अधिकारी का नाम
भू-अर्जन हेतु
प्रस्तावित रकवा
(हेक्टेयर में )
(4)
(3)
(2)
(1)
381
अमनीपिपरिया
डिण्डौरी
डिण्डौरी
382
रै. प.ह.नं. 06
386
रा.नि.मं. डिण्डौरी
387/1
387/2
387/3
387/4
371
385
370
379
439
369
378/1
378/2
378/3
योग-
437,380
शासकीय भूमि
377,384
कुल योग-
(7)
(6)
(5)
2.700
0.210
पाकरबघरी जलाशय के शीर्ष कार्य हेतु.
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग डिण्डौरी
4.310
0.403
0.403
0.403
0.403
2.245
1.328
0.010
2.245
0.550
0.070
0.130
0.130
0.130
15.669
8.988
24.657
(2 ) भूमि का नक्शा भू-अर्जन अधिकारी/ कलेक्टर कार्यालय डिडौरी में देखा जा सकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग डिंडौरी के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, छबि भारद्वाज , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
306
कार्यालय, कलेक्टर, जिला बुरहानपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग
वर्णित खसरा भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 2013 की धारा 12 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
बुरहानपुर, दिनांक 20 जनवरी 2015
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख ) तहसील- धनौरा
(ग) ग्राम-सालीवाडा, प.ह.नं. - 3
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.532 हेक्ट. में.
राजस्व प्रकरण क्र. 1-अ-82-2014-15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक- एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) अनुसूची
(2)
(1)
( 1 ) भूमि का वर्णन-
अशासकीय भूमि
0.177
9
( क) जिला- बुरहानपुर
0.054 (ख ) तहसील- बुरहानपुर
0.208
14
(ग ) ग्राम- इच्छापुर
0.112
16
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.40 हेक्टर .
0.362
19/2
अर्जित रकबा
खसरा नंबर
0.045
20
(हे. में)
0.125
48/1
(2)
(1)
0.076
48/2
0.40
0.133
48/3
1459
0.40
0.214
48/4
योग कुल अधिग्रहित भूमि रकबा :
0.209
48/5
0.207
66
0.260
67
0.183
68/2
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.- देव्हारी तालाब योजना बांध के निर्माण हेतु अतिरिक्त निजी भूमि का अधिग्रहण हेतु.
0.130
114/1
0.026
116/1
0.011
116/2
योग .. 2.532 (3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , बुरहानपुर तथा कायर्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , बुरहानपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जे. पी. आईरिन सिंथिया, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
(2) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detail Project Report ) D. P. R. का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी/अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिवनी, मध्यप्रदेश एवं
(3 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक हैं हालोन जलाशय की दांयी तट नहर के निर्माण हेतु.
पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सिवनी , दिनांक 20 नवम्बर 2014
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय कलेक्टर भू-अर्जन अधिकारी सिवनी जिला सिवनी में किया जा सकता हैं .
क्र. 8487- जि.भू.अ. - 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में 307
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
क्र. 8488 - जि.भू.अ. - 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख ) तहसील- धनौरा
ग्राम- मोहगांव प.ह.नं. - 7
(ग)
लगभग क्षेत्रफल-5.879 हेक्ट.
(घ)
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में ) (2)
(1)
अशासकीय भूमि
0.180
37/1
0.303
37/2
0.484
41
0.33
45
0.282
44/2
0.23
47/1
0.123
56/1
0.033
57
0.169
56/2
0.397
60
0.177
61
0.327
62/1
0.075
62/2
0.058
129
0.154
130/3
261
0.137
0.056
263
0.460
264
0.496
265/1
0.415
266/1
0.368
268/2
0.159
278
0.414
280
0.052
284
योग . 5879
( 2 ) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detail Project Report) D. P. R. का निरीक्षण , कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी/अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है.
(3 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है- हालोन जलाशय की दांयी तट नहर के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय कलेक्टर भू-अर्जन अधिकारी सिवनी जिला सिवनी में किया जा सकता हैं.
क्र. 8489-जि.भू.अ. - 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख ) तहसील - धनौरा
(ग) ग्राम- खुरसीपार प.ह.नं. - 7
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.987 हेक्ट.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में ) (2)
(1)
अशासकीय भूमि
0.737
144
0.54
147
150
0.078
0.03
164
0.402
167
0.312
168
0.288
177
180
0.297
0.416
190
0.148
191
154/2
0.078
0.249
166/2
0.077
166/3
0.335
176/11 176/2
योग . 3.987 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
308
(2 ) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detail Project Report ) D. P. R. का निरीक्षण , कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी/अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है .
(3 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक हैं- हालोन जलाशय की दांयी तट नहर के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय कलेक्टर भू-अर्जन अधिकारी सिवनी जिला सिवनी में किया जा सकता है.
क्र. 8490-जि.भू.अ. - 2014.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 2013 की धारा 12 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- धनौरा
(ग) ग्राम- झालौन प.ह.नं. - 5
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.542 हेक्ट.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अशासकीय भूमि
0.08
26
0.014
27
0.12
28
0.098
0.064
29
0.234
30
0.88
31/1
0.052
31/2
योग .. 1.542
(2 ) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detail Project Report ) D. P. R. का निरीक्षण, कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी/ अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है .
(3 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है- हालोन जलाशय की दांयी तट नहर के निर्माण हेतु.
(4) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय कलेक्टर भू-अर्जन अधिकारी सिवनी जिला सिवनी में किया जा सकता हैं.
सिवनी , दिनांक 31 जनवरी 2015
क्र. 1100- भू-अर्जन- 2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख ) तहसील- सिवनी
(ग) ग्राम- चोरगरठिया, प.ह.नं. - 20 , ब. नं. - 179, रा.नि.म. बण्डोल.
(घ) लगभग क्षेत्रफल-8.13 हेक्टयर .
खसरा नम्बर
अर्जित (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.02
41/8
0.94
41/7
0.60
41/11
0.20
41/2
0.19
46/4
0.85
38
0.61
37/2
0.70
28
0.18
27/1
0.18
27/3
0.23
27/2
1.25
24
0.37
13
0.39
12
0.02
11/5
0.02
0.27
10
3
0.29
0.44
4
योग 8.13
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है:- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत सिवनी शाखा नहर निर्माण हेतु.
309
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी तहसील सिवनी जिला सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता हैं.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना तहसील- चौरई जिला छिंदवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता हैं.
क्र. 1101 - भू-अर्जन- 2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि, संपत्ति की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित भी किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- सिवनी
(ख ) तहसील- सिवनी
(ग ) ग्राम- भोगाखेडा प.ह.नं. - 36, ब. नं. -463, रा.नि.म. बण्डोल.
(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.12 हेक्टयर में.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
434/1 , 434/2 ,
0.12
434/3, 434/4
0.37
402/3
0.31
402/2
0.27
401/1
योग .. 1.12
(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है:- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत सिवनी शाखा नहर निर्माण हेतु.
( 3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी तहसील सिवनी जिला सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता हैं .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना तहसील- चौरई जिला छिंदवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता हैं.
सिवनी, दिनांक 7 फरवरी 2015
क्र. 1390- जि.भू.अ. - 2015.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख ) तहसील- धनौरा
(ग ) ग्राम- गाड़ाघाट, प.ह.नं. -8
( घ) लगभग क्षेत्रफल-4.374 हेक्ट.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
अशासकीय भूमि
06
0.068
0.067
34
07
0.167
0.252
09
0.280
18
0.070
19
0.400
29
0.160
20
0.109
21
0.130
28
30
0.090
0.075
31
0.187
33
0.157
35
0.403
36
0.129
37
0.067
88
0.129
89
0.346
96
0.185
97
0.31
98
0.011
99
0.342
105
0.240
106
योग .. 4.374 [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
310
(2 ) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detail Project Report) D. P. R. का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी/अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है.
(3) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है- नहर निर्माण हेतु.
(4 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर, भू-अर्जन अधिकारी सिवनी जिला सिवनी में किया जा सकता हैं.
क्र. 1310- जि.भू.अर्जन.- 2015.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 2013 की धारा 12 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- धनौरा
(ग) ग्राम- थॉवरी, प.ह.नं. - 1
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.878 हेक्ट.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
(1)
अशासकीय भूमि
0.062
134/2
0.003
135
0.050
136
0.016
138
0.056
137
0.008
139
0.027
150
0.024
151/1
0.024
151/2
0.024
152/1
0.024
152/2
0.258
160/3
0.259
160/5
0.171
187/3
0.100
188
0.037
189/1
(2)
(1)
0.273
191/1
0.242
192
0.057
193/1
0.024
194
0.139
195/2
योग .. 3.644
( 2 ) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन ( Detail Project Report) D. P. R. का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी/अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है.
(3) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक हैं नहर निर्माण हेतु.
(4 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय, कलेक्टर भू-अर्जन अधिकारी सिवनी जिला सिवनी में किया जा सकता हैं.
क्र. 1311 - जि.भू.अर्जन.- 2015.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 2013 की धारा 12 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- धनौरा
(ग) ग्राम- हिंगवानी, प.ह.नं. - 2
(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.023 हेक्ट.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
(1)
अशासकीय भूमि
0.248
329/1
0.064
334/2
0.120
336
0.203
343
0.090
345/1
0.264
347/2
0.180
380 311
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
(2)
(1)
0.196
386
0.320
387/5
0.105
390/2
0.106
393/1
0.143
393/2
0.150
393/3
0.250
394/4
0.568
394
0.774
395
0.050
398
0.300
400
0.300
401
0.098
403
0.180
405
0.040
410
0.860
411
0.171
415/1
0.243
416/2
योग .. 6.023
(2) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detail Project Report) D. P. R. का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी/अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है.
(3) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है- नहर निर्माण हेतु.
(4 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर भू-अर्जन अधिकारी सिवनी, जिला सिवनी में किया जा सकता हैं.
क्र. 1312 - जि.भू.अर्जन.- 2015.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील - धनौरा
(ग) ग्राम-सलेमा, प.ह.नं. - 6
लगभग क्षेत्रफल-1.234 हेक्ट.
(घ)
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अशासकीय भूमि
0.255
2/1
0.332
2/2
0.017
10
0.287
0.325
11/2
0.018
128
1.234
योग .
(2 ) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detail Project Report) D. P. R. का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी/ अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है.
(3 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक हैं नहर निर्माण हेतु.
(4 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर भू-अर्जन अधिकारी , सिवनी जिला सिवनी में किया जा सकता हैं.
क्र. 1313 - जि.भू. -अर्जन.- 2015.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- धनौरा
(ग ) ग्राम- पनारझिर, प.ह.नं. - 2
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.878 हेक्ट.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अशासकीय भूमि
0.690
9
17
0.167
0.378
18 312
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
(2)
(1)
0.21
20/2
25
0.050
0.04
64
0.020
64/2
0.020
23
0.182
64/3
0.134
66
0.134
68/1
68/2
0.116
0.090
69
75/2
0.022
योग .. 2.622
( 2 ) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detail Project Report ) D. P. R. का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी/अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है.
(3 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है- नहर निर्माण हेतु.
(4) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर भू-अर्जन अधिकारी सिवनी , जिला सिवनी में किया जा सकता हैं.
क्र. 1314 - जि.भू..अर्जन.-2015.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- धनौरा
(ग) ग्राम- कुरनभटा, प.ह.नं. -42
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.644 हेक्ट.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
(1)
अशासकीय भूमि
0.060
106
0.161
107/2
0.120
108
(2)
(1)
0.024
109/2
0.158
110/1
110/2
0.158
0.208
111
112/1
0.108
0.088
112/2
0.156
112/3
0.179
113/1
0.149
113/2
142
0.110
0.138
143
0.050
144
0.058
148
0.108
149/1
0.071
150
0.149
167/1
0.062
177/1
0.025
177/2
0.216
178
0.20
179/1
179/2
0.320
0.88
184/2
0.020
184/3
0.080
184/6
0.212
185
0.104
186
0.064
299
योग .. 3.644
( 2 ) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detail Project Report) D. P. R. का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी/अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है.
(3) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है- नहर निर्माण हेतु.
(4) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर, भू-अर्जन अधिकारी सिवनी , जिला सिवनी में किया जा सकता हैं.
क्र. 1315 - जि.भू..अर्जन. 2015. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित 313
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 2013 की धारा 12 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- धनौरा
ग्राम- सर्रा, प.ह.नं. - 8
(ग)
लगभग क्षेत्रफल-0.619 हेक्ट.
(घ)
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अशासकीय भूमि
0.050
57
0.110
58
0.120
59
0.339
69
योग .. 0.619
(2 ) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detail Project Report ) D. P. R. का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी/अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है.
(3) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है- नहर निर्माण हेतु.
(4 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कलेक्टर, भू-अर्जन अधिकारी सिवनी , जिला सिवनी में किया जा सकता है.
क्र. 1316- जि.भू.. अर्जन.- 2015.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 2013 की धारा 12 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख ) तहसील- धनौरा
(ग) ग्राम- घोघरीमाल , प.ह.नं.42
लगभग क्षेत्रफल-4.946 हेक्ट.
(घ)
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
अशासकीय भूमि
208/2
0.245
0.133
269/1
0.355
271
0.183
284
0.152
274/2
0.132
274/5
0.165
280/1
0.168
281
0.233
283/3
0.336
295/1
0.081
295/2
0.151
321
0.129
322/1
0.293
325
0.154
326
0.18
334/1
353
0.183
0.343
351
0.208
368
0.360
363
0.166
364
367
0.596
योग .. 4.946
(2 ) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detail Project Report) D. P. R. का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी/ अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है.
(3) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक हैं- नहर निर्माण हेतु
(4) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर, भू-अर्जन अधिकारी सिवनी, जिला सिवनी में किया जा सकता है.
क्र. 1317 - जि.भू.. अर्जन. 2015. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 2013 की धारा 12 के अंतर्गत, इसके द्वारा , 314
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
यह घोषित किया जाता है , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील - धनौरा
(ग) ग्राम- हर्रई, प.ह.नं. 32
लगभग क्षेत्रफल-1.678 हेक्ट.
(घ)
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
अशासकीय भूमि
118
0.086
0.323
119/1
0.015
121
0.133
124
0.046
126/2
0.272
127
0.035
128
161
0.164
0.236
163/1
0.078
163/2
0.032
164
0.258
165
योग .. 1.678
(2 ) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detail Project Report ) D. P. R. का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी/अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है.
(3 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है- नहर निर्माण हेतु.
(4 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर, भू-अर्जन अधिकारी सिवनी, जिला सिवनी में किया जा सकता हैं .
क्र. 1318 - जि.भू..अर्जन. 2015. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 2013 की धारा 12 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- धनौरा
(ग ) ग्राम- पाड़ीवाड़ा, प.ह.नं. 43
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.748 हेक्ट. में.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
अशासकीय भूमि
0.120
12/1
12/2
0.358
0.05
13
15
0.220 योग .. 0.748
(2 ) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detail Project Report ) D. P. R. का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी/अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है.
(3 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है- नहर निर्माण हेतु.
(4 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय, कलेक्टर, भू-अर्जन अधिकारी सिवनी, जिला सिवनी में किया जा सकता हैं.
क्र. 1319 - जि.भू.. अर्जन.- 2015.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 2013 की धारा 12 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- धनौरा 315
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
(ग) ग्राम-घोघरी रैयत, प.ह.नं. 42
लगभग क्षेत्रफल-1.475 हेक्ट.
( घ )
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
अशासकीय भूमि
0.275
0.275
11/2
14
0.421
0.255
15
0.248
16
योग .. 1.475
(2 ) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन ( Detail Project Report ) D. P. R. का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी/अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है.
(3 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है- नहर निर्माण हेतु.
( 4 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर, भू-अर्जन अधिकारी सिवनी , जिला सिवनी में किया जा सकता है .
क्र. 1320 - जि.भू.. अर्जन.- 2015.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 2013 की धारा 12 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- धनौरा
(ग) ग्राम- करकवाडा, प.ह.नं. 32
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.208 हेक्ट.
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)
(1)
अशासकीय भूमि
157
0.064
0.132
165/2
0.220
166
(2)
(1)
167/5
0.020
0.184
167/6
167/7
0.106
0.088
168/8
0.060
168
0.040
169
0.028
170/1
0.020
170/2
172
0.163
0.083
173
1.208
योग .
(2 ) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detail Project Report ) D. P. R. का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी/अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है.
(3) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है- नहर निर्माण हेतु.
( 4) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर, भू-अर्जन अधिकारी सिवनी , जिला सिवनी में किया जा सकता है .
क्र. 1321 - जि.भू. अर्जन.- 2015.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- धनौरा
(ग ) ग्राम गोहलिया, प.ह.नं. 42
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.867 हेक्ट. में .
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
अशासकीय भूमि
33/2
0.407
0.058
68
0.079
102 316
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
(2)
(1)
0.036
69
0.292
70/1
0.262
77
0.317
78
0.250
120
0.371
82
0.042
83/2
0.08
87
0.250
95/2
0.029
96
0.121
97
0.002
99
0.239
100
0.032
101
योग .. 2.867
( 2 ) भूमि का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detail Project Report ) D. P. R. का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी/अपर कलेक्टर जिला सिवनी में किया जा सकता है.
(3) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है- नहर निर्माण हेतु.
(4 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय कलेक्टर भू-अर्जन अधिकारी सिवनी जिला सिवनी में किया जा सकता है .
क्र. 1322 - जि.भू.. अर्जन .- 2015.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई सूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- सिवनी
(ख ) तहसील- सिवनी
(ग) ग्राम-लोनिया, प.ह.नं. 102
लगभग क्षेत्रफल-1.13 हेक्ट.
(घ)
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अशासकीय भूमि
1.13
342
योग . 1.13
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है- नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, कलेक्टर ( भू-अर्जन ) अधिकारी सिवनी , जिला सिवनी में किया जासकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , भरत यादव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 9 फरवरी 2015
पत्र क्र. 298 - प्रका. - भू- अर्जन- 2014-2013-14.- चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुर्नवास और पुर्नव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 संशोधन की धारा-19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सतना
(ख) तहसील- रामपुर बघेलान
(ग ) ग्राम- बकिया तिवरियान
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 1.385 हेक्टेयर.
खसरा नं .
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
0.064
1710
0.011
1711 317
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
(2) (1)
0.006 1712
0.068 1788
0.054 1785
0.086 1761
0.040 1760
0.045 1784
0.008 1762
0.072 1781
1782
0.039
0.080 1754
1723
0.100
0.040 1727
1725
0.020
0.012 1675
0.055 1676
0.003 1677
0.001 1678
0.025 1672
0.020 1671
1669
0.036
0.018 1639
1640
0.018
0.040 1643
0.020 1644
1629
0.056 1625
0.024 1626
0.016 1613
0.076
0.040 1584
0.052 1579
0.017 1574
1575
0.007 1576
0.028 1560
0.088
1.385
कुल योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत महिदल शाखा नहर क्र. 2 के विस्तार के अन्तर्गत बकिया माइनर के निर्माण कार्य में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
पत्र क्र. का.- भू- अर्जन- 2014-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन पुर्नवास और पुर्नव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 संशोधन की धारा -19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि निजी/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सतना
(ख) तहसील- रामपुर बघेलान
(ग) ग्राम- बकिया बैलो
(घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.580 हेक्टेयर.
खसरा नं .
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
312
0.132
315
0.032
318
0.060
0.040
319
320
0.026
0.026
321
322
0.036
326
0.124
332
0.052
0.026
329
0.026
330
कुल योग 0.580 318
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत महिदल शाखा नहर क्र. 2 के विस्तार के अन्तर्गत बकिया माइनर के निर्माण कार्य में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 302 - प्रका.- भू-अर्जन- 2014-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुर्नवास और पुर्नव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 संशोधन की धारा -19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सतना
(ख) तहसील- रामपुर बघेलान
(ग) ग्राम- देवमऊ दलदल
(घ) लगभग क्षेत्रफल - 0.315 हेक्टेयर .
खसरा नं .
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
0.142
413
0.053
2844
0.048
2846
0.060
3798
0.012
3123
कुल योग 0.315
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत दलदल शाखा नहर क्र. 1 के तथा देवमऊ दलदल माइनर के निर्माण कार्य में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
पत्र क्र. 304 - प्रका. - भू-अर्जन-2014-2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुर्नवास और पुर्नव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 संशोधन की धारा -19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- सतना
(ख ) तहसील- रामपुर बघेलान
(ग) ग्राम-चोरमारी
(घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.331 हेक्टेयर.
खसरा नं.
(1)
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में ) (2)
147
0.331 कुल योग 0.331
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत महिदलकला वितरक नहर निर्माण कार्य में आने वाली निजी/शासकीय भूमियों पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर.डी.एस. अग्निवंशी , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
319
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
कार्यालय, कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग नरसिंहपुर, दिनांक 12 फरवरी 2015
रा.मा.प्र.क्र. 32- अ- 82-2013-14 पत्र क्र . 51 - भू- अर्जन 2015.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यस्थापन अधिनियम , 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील- गाडरवारा
(ग) ग्राम- मनकवारा, नं. ब. 363 , प.ह.नं. 65 (घ ) लगभग क्षेत्रफल-7.935 हेक्टर.
खसरा नंबर
भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में )
(2)
(1)
0.417
143/2-4
144/2-4
0.008
144/1-3
0.057
143/5-6-7-8
0.324
145
0.073
146/3
155/1 क
155/1 ख
155/2
155/3
155/4
155/5
155/6
155/7क
155/7ख
(2)
(1)
155/8
155/9
155/10
155/11 क
155/11 ख
155/12
155/13
155/14
155/15
155/16
155/17
155/18
155/19
155/20
155/21
155/22क
155/22ख
155/23
155/25
155/26क
155/26ख
155/27क
155/27ख
155/28
155/29
155/30
155/31
155/32
155/33
155/34
5.335
155/35
155/36
155/37
155/39
155/40
155/41
155/42
155/43 320
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
(2)
(1)
155/44
155/45
155/47
155/48
0.397
155/24
1.194
155/38
0.130
155/46
कुल योग 7.935
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , कार्यालय, कलेक्टर, नरसिंहपुर के कक्ष क्र. 84 में देखा जा सकता है.
(3 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन- एनटीपीसी लिमिटेड गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्लांट के अन्तर्गत कोल परिवहन के लिये रेलवे लाइन निर्माण हेतु.
रा.मा.प्र.क्र . 36- अ-82-2013-14 पत्र क्र. 53 - भू-अर्जन 2015.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क ) जिला- नरसिंहपुर
(ख) तहसील- गाडरवारा
(ग) ग्राम- बम्होरी , नं. ब. 287, प.ह.नं. 65 (घ ) लगभग क्षेत्रफल-4.271 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
(1)
भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में ) (2)
249/1 , 250/1
251/1 , 252/1
1.271
253/1 , 254/1
249/2, 250/2
251/2, 252/2
253/2, 254/2
(2)
(1)
241/2
241/3
241/4-34
241/5
241/6
241/7
241/8
241/9
241/35
3.000
241/10
241/ 11 क
241/11ख
241/12
241/22
241/23
241/24
241/25
241/26
241/27
कुल योग 4.271
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी, कार्यालय कलेक्टर नरसिंहपुर के कक्ष क्र. 84 में देखा जा सकता है.
(3 ) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन- एनटीपीसी लिमिटेड गाडरवारा सुपर थर्मल पावर प्लांट के अन्तर्गत कोल परिवहन के लिये रेलवे लाइन निर्माण हेतु.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नरेश पाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
322
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
(3)
(2)
(1)
2
श्रीमती शिखा अग्रवाल
शिवपुरी 3
जबलपुर सुश्री बिंदु पटेल
रीवा 4
सुश्री वन्दना सोनी
भोपाल 5
सुश्री कमला अहिरवार
6
गुना सुश्री विमलेश मुड़ैया
7
श्री लोकेश तारन
छिन्दवाड़ा
देवास 8
सुश्री शीतल बघेल
[ भाग 1
(4)
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , शिवपुरी के न्यायालय के पंचम अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज ) .
के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज ) . प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2, जबलपुर के न्यायालय प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज ) . प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , रीवा के न्यायालय के प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , भोपाल के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज ) .
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , गुना के न्यायालय के षष्ठम् अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज) .
के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज ) . प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , छिन्दवाड़ा के न्यायालय प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , देवास के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश ( ट्रेनी जज) .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, वेद प्रकाश , रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 28 जनवरी 2015
क्र. B -437- तीन-6-4-781-6.- मध्यप्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम, 1981 , ( अधिनियम क्रमांक 36 सन् 1981 ) की धारा 6 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को, प्रयोग में लाते हुए, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय अपनी पूर्व में जारी की गई अधिसूचनाओं को , जहां तक कि उनका संबंध भिण्ड सत्र खण्ड से है, को अधिष्ठित करते हुए, एतद्वारा निम्नलिखित अपर सत्र न्यायाधीशों को नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम नं. (2 ) में वर्णित तथा तत्स्थानी प्रविष्टियों के कॉलम नं. ( 3 ) में वर्णित सत्र खण्ड के उल्लेखित क्षेत्रों के लिये कॉलम नं. ( 4 ) में वर्णित राज्य शासन की अधिसूचना फा .1-7-81-21 - ब- ( एक ) -4081-2014 दिनांक 08-01-2015 द्वारा निर्मित विशेष न्यायालय में उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पीठासीन अधिकारी के रूप में नियुक्त करता है , अर्थात्ः-
अनुसूची क्रमांक
शासन द्वारा निर्मित विशेष न्यायालय का नाम
क्षेत्र जिसके लिए विशेष
न्यायाधीश की गई
अधिकारी का नाम एवं पदनाम (विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति के संबंध में )
(3)
(2)
(1)
1. श्री एम. एस. तोमर, चतुर्थ अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, भिण्ड.
राजस्व जिला भिण्ड ( गोहद एवं लहार न्यायिक क्षेत्राधिकार को छोड़कर) .
2.
गोहद एवं लहार का न्यायिक क्षेत्राधिकार.
श्री पी. सी. आर्य , द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , गोहद, भिण्ड.
(4)
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , भिण्ड का न्यायालय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, गोहद का न्यायालय नोट. -विशेष न्यायालयों में लंबित मामले उनकी क्षेत्रीय अधिकारिता के अनुसार नवीन गठित न्यायालयों में अंतरित हो जायेंगे .
323
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
Jabalpur , the 28th January 2015
No. B - 437 - III - 6-4-81 - VI . In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of Section 6 of Madhya Pradesh Dacoiti Aur Vyapaharan Prabhavit Kshetra Adhiniyam , 1981 ( No. 36 of 1981 ) High Court of Madhya Pradesh , in supersession of its previous Notification (s ) as far as they relates to the Sessions Division Bhind, do hereby appoints the folowing Additional Sessions Judges as specified in Column No.2 , to be Presiding Officers of the Special Courts as specified in Column No. 4, for the related areas of the Sessions Divisions , as specified in Column No. 3 , of the Schedule given below , established by the State Government vide Law and Legislative Affairs Department, Notification No. 1-7-81-21 - B- (one) 4081-2014 , dated 08-01-2015 from the date of assumption of charges as Presiding Officer by them, namely:-
SCHEDULE
Name of the Special Court established by the State Government .
No Name & designation of Presiding Officer appointed as Special Judge
Areas for which he is proposed to be appointed as a Special Judge
(3)
(4)
(2)
(1)
1.
Court of Additional Sessions Judge , Bhind.
Shri M. S. Tomar , IVth ASJ , Bhind .
Revenue District Bhind. (Excluding the territorial jurisdiction of Gohad and Lahar) .
Court of Additional Sessions Judge , Gohad Judicial territorial jurisdiction of Gohad and Lahar) .
2. Shri P.C. Arya , IInd ASJ , Gohad , Bhind.
Note . The pending cases of the Special Courts shall stand transferred to the newly consitituted Courts according to their territorial jurisdiction .
By order of the High Court . , VIVEK SAXΕΝΑ OSD ( DE) .
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
324
निर्वाचन आयोग भारत की अधिसूचनाएं
विधि और विधायी ( निर्वाचन ) कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 16 फरवरी 2015
फा. क्र. 26 - वि.निर्वा. 2014-4-68 . भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना क्रमांक 82/MP- LA ( 26/2014 ) 2015 , Dated 27thJanuary 2015 सर्वसाधारण की जानकारी के लिये प्रकाशित की जाती है . '
रूही खान , उप सचिव.
ELECTION COMMISSION OF INDIA Nirvachan Sadan Ashoka Road , New Delhi- 110001 New Delhi , Dated 27th January, 2015-07 Magha, 1936 (SAKA)
NOTIFICATION
No. 82 - MP- LA- ( 26/2014) -2015 .-In pursuance of Section 106 of the Representation of the People Act , 1951 (43 of 1951 ) , the Election Commission of India hereby publishes the Judgment/ order of the High Court ofMadhya Pradesh , Jabalpur, dated 12th December 2014 in Election Petition No. 26/2014 ( Ram Khelawan Patel Vs. Dr. Rajendra Kumar Singh " Dada Bhai " ) filed by Shri Ram Khelawan Patel challenging the Election of Shri Rajendra Kumar Singh " Dada Bhai " from 66 -Amarpatan Legislative Assembly Constituency, held in November 2013 .
By order,
Sd./- (NARENDRA N. BUTOLIA) Secretary, Election Commission of India .
भारत निर्वाचन आयोग निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110001 नई दिल्ली, दिनांक 27 जनवरी , 2015-07 माघ, 1936 ( शक )
अधिसूचना
सं. 82- म.प्र. - वि.स.- (26/2014) -2015.-लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 ( 1951 का 43 ) की धारा 106 के अनुसरण में भारत निर्वाचन आयोग , एतद्वारा , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर के निर्वाचन याचिका संख्या 26/2014 ( राम खेलावन पटेल बनाम डा. राजेन्द्र कुमार सिंह " दादा भाई " ) जो कि श्री राम खिलावन पटेल ने डा. राजेन्द्र कुमार सिंह " दादा भाई " के मध्यप्रदेश विधान सभा का 66 - अमरपाटन विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र हेतु नवम्बर, 2013 में हुए निर्वाचन को चुनौती देते हुए दाखिल की थी , में दिनांक 12 दिसम्बर 2014 को दिये गये अधिनिर्णय/आदेश को प्रकाशित करता है.
आदेश से हस्ता./-
(नरेन्द्र ना. बुटोलिया ) सचिव, भारत निर्वाचन आयोग.
IN THE HIGH COURT OF MADHYA PRADESH PRINCIPAL SEAT AT JABALPUR Election Petition No. 26 of 2014
Petitioner
Ram Khelawan Patel Advocate , son of Shri Bhaiya lal Patel , Aged about 52 years , Resident of Patel Medical Satna Chauraha Amarpatan District Satna, Madhya Pradesh.
Versus
Respondents ( 1 ) Dr. Rajendra Kumar Singh "Dada Bhai " Son of Shri Mohan Singh , aged about 63 years , resident of Kothi Pratapgarh Village Judvaniya Post Itma - kothar Tehsil Amarpatan ,District Satna , M.P. (2) Election Commission , of India , Through Chief Election Commissioner , Election Commission of India , Nirvachan Bhawan , New Delhi .
(3 ) M.P. State Election Commission , Through Election Commissioner , 58 Arera Hills , Bhopal , M.P. (4) District Election Officer Satna District Satna , M.P.
ELECTION PETITION UNDER SECTION 80 AND 81 OF THE REPRESENTATION OF PEOPLE ACT, 1951 HIGH COURT OF MADHYA PRADESH , JABALPUR
Election Petition No. 26/2014
Ram Khelawan Patel Vs.
Dr. Rajendra Kumar Singh As Per G. S. Solanki , J.
Shri Amit Singh , Advocate for the petitioner.
Shri Arpan J. Pawar ,, Advocate with Shri Kuldeep Singh, Advocate for respondent No. 1 .
Order reserved on 10-12-2014 Order passed on 12-12-2014 325
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
ORDER
1. This order shall govern disposal of I.A. No. 22/2014, which is an application filed by respondent No. 1 under Order VII Rule 11 of the CPC read with Section 86 of the Representation of People Act , 1951 (hereinafter referred to as the Act of 1951 ) inter alia on the ground that the petitioner has called in question the election of respondent No. 1 from Assembly Constituency No. 66. Amarpatan on the following grounds :-
(i) Suppression of material facts while submitting the nomination papers .
(ii) Indulging in corrupt practices
(iii) exceeding permissible limit of expenditure.
2. It is further submitted that though in the instant election petition , the petitioner is seeking his own declaration as the returned candidate but as per the mandatory requirment of Section 82 of the Act of 1951 , the petitioner has not arrayed all the contesting candidates as the respondents in the election petition , there for on the ground of non-joinder of all the candidates , the election petition is liable to be dismissed at threshold . It is further submitted that the pleadings contained in the election petition do not disclose any cause of action because no specific pleading in any paragraph of the election petition discloses any cause of action . The pleadings of election petition are vague and trial cannot not be proceeded on such pleadings . Verification and affidavit filed along with the election petition are not in accordance with law. It is further submitted that there is an apparent non compliance of the provisions of Section 81,82 , 83 and 86 of the Act of 1951 , therefore , this election petition is liable to be dismissed at threshold without trial .
candidates in the array of respondents , if be claims a declaration to the effect that he himself or any other candidate has been duly elected . However , in the instant election petition , the petitioner has not prayed that he or any other candidate be declared as duly elected candidate and as such there is no requirement to implead all the contesting candidates as respondents in the election petition. In fact the petitioner has prayed that he be declared as the returned candidate . ' Returned candidate' is completely and totally different from the candidate who has been duly elected and therefore , in the light of strict construction of the Act of 1951 , the election petition cannot be said to be in contravention with Section 82( a) of the Act of 1951. It is further submitted that as per definition provided in Section 79( f) of the Act of 1951 , the returned candidate means the candidate whose name has been published under Section 67 of the Act of 1951 as duly elected . The expression 'returned candidate ' is in the context of the candidate who has been declared elected under the previous part of the Act of 1951 and it makes obvious that publication of duly elected candidate in the gazette makes him the returned candidate , therefore , expression ' returned candidate' is only for the purpose of the election dispute and for all other purposes , this expression cannot be used , therefore , in the Act the expression used by the legislature as duly elected candidate not the returned candidate . It is further submitted that in the instant petition , the petitioner has claimed that he be declared as returned candidate , which is a kind of prayer, which cannot be granted by the High Court and as such for this reason itself, the case of the petitioner does not fall within the purview of Section 82 ( 1 ) and consequently Section 86 of the Act of 1951. On the basis of the aforesaid submissions , the petitioner has prayed for dismissal of the application filed by respondent No. 1 under Order VII rule 11 of the CPC read with Section 86 of the Representation of People Act , 1951 .
3. In the reply, the petitioner has denied all the contentions raised in the application and it is submitted that in compliance of Section 83 ( b ) of the Act of 1951 , the petitioner has set forth full particulars of corrupt practice including as full statement as possible of the names of the parties alleged to have committed such corrupt practice and date and place of commission of such corrupt practices . It is further submitted that the petitioner has filed the affidavit in the prescribed format in support of the allegations of aforesaid corrupt practices and particulars thereof. So far as non - compliance of Section 82 ( 1 ) of the Act of 1951 is concerned , a bare perusal of Section 82 ( a) makes it ample clear that the petitioner is required to implead all the contesting
4. I have gone through the entire pleadings made by the petitioner. The petitioner has specifically pleaded in Paragraph 15 of the Election Petition that respondent No. 1 adopted the corrupt practices for winning the election . He distributed money for buying the voters . The election agent of respondent No. 1 has offered money to the tune of Rs . 50,000/- to one Vinod Sharma on 22-11-2013 at about 10.00 PM at his house and this incident was witnessed by Omkar Sharma . It is further submitted that respondent No. 1 has also offered money to one Manoj Sharma S/ o Ramsaroj Sharma at his residence on 20-11-2013 at about 8:00 AM . similarly one Narendra Singh S /o Balkaran Singh was also offered 326
money for giving wotes in favour of respondent No. 1 on 18-11-2013 by respondent No. 1 himself, which has been witnessed by one Rakesh Pandey. It is further submitted that respondent No. 1 wanted to win the election by hook or crook and tried to win the election by unfair means . There is specific pleading in regard to Yashwardhan S/ o respondent No. 1 who tried to inflict undue influence upon one Vijay Kumar Chaturvedi to cast votes in favour of respondent No. 1. He also extended threats for casting votes in favour of respondent No. 1. Considering the aforesaid material facts on record and keeping in view that the petition cannot be dismissed merely on the non specific pleadings on other grounds , I am of the view that it is not a case wherein no cause of action is disclosed but when the prayer clause is perused the petitioner has prayed for the following reliefs:-
A. Declare that , the election of respondent No. 1 as null and void and consequently the notification dated 8-12-2013 declaring respondent No. 1 as returned candidate .
B. Declare the petitioner as returned candidate .
C. Award suitable punishment to those found to be involved in irregularities .
D. Award appropriate and suitable cost to the petitioner.
5. Since the relief clause is based on the pleadings made in the election petition , when the pleadings made in paragraphs 15 and 16 of the election petition are considered , the petitioner has specifically pleaded that respondent No. 1 as well as his son Yashwardhan offered money for giving votes in favour of respondent No. 1 and respondent No. 1 wanted to win the election by hook or crook , which shows that the petitioner has made the pleadings for declaring him as duly elected candidate . Mere non - mentioning of Section 101 of the Act of 1951 in the grounds of petition, do not absolve the controversy. Thus , in my opinion , the petitioner has prayed to declare him as elected candidate under the garb of claiming the relief to declare him as returned candidate , which cannot be done without declaring him as elected candidate.
6. It is undisputed that the petitioner has not impleaded all the contesting candidates as respondents in the election petition as provided under Section 82 of the Act of 1951. Section 82 and the relevant extracts of Section 86 of the Act of 1951 read thus :-
82. Parties to the petition . A petitioner shall join as respondents to his petition:-- (a) Where the petitioner, in addition to claiming a declaration that the election
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
[ भाग 1 of all or any of the returned candidates is void claims a further declaration that he himself or any other candidate has been duly elected , all the contesting candidates other than the petitioner, and where no such further declaration is claimed , all the returned candidates ; and
(b) any other candidate against whom allegations of any corrupt practice are made in the petition .
86. Trial of election petition.-( 1 ) The High Court shall dismiss an election petition which does not comply with the provisions of section 81 or section 82 or section 117. " 7. Section 82 of the Act provides that where the petitioner, in addition to claiming a declaration that the election of all or any of the returned candidate is void , claims a further declaration that he himself or any other candidate has been duly elected then he must join as respondents to his petition all the contesting candidates . If the provisions of Section 82 are not complied with , this Court is directed by Section 86 to dismiss the election petition . In K. Kamaraja Nadar Vs. Kunju Thevar and others AIR 1958 SC 687 , the Supreme Court held that when the provisions of Section 82 were not complied with , the Election Tribunal enjoined under Section 90(3 ) to dismiss such an election petition , was bound to dismiss the same as Section 90 ( 3 ) was mandatory. Section 90 (3 ) has been substituted by Section 86 of the Amendment Act , 1966 with the same mandatory obligation to dismiss such an election petition . Similar view has been taken by the Apex Court in Krishna Chander Vs. Ram Lal - AIR 1973. SC 2513 and Ram Pratap Chandel Vs. Chaudhary Lajjaram ( 1998) 8 SCC 564 .
8. As the petitioner admittedly did not join all the contesting candidates as respondents in the petition wherein he has prayed for a further declaration that he be declared as returned candidate , in which the prayer to declare him as elected candidate is implied , his petition is bound to be dismissed under Section 86 , which is mandatory, In these circumstances , petition is liable to dismiss at threshold.
Accordingly, I.A. No. 22/2014 is allowed , as a consequence thereof , this election petition is dismissed.
No order as to costs .
Sd./- (G. S. SOLANKI ) Judge.
327
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
राज्य शासन के आदेश
कार्यालय , कलेक्टर, जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश
उज्जैन , दिनांक 19 फरवरी 2015 क्रमांक भू-अर्जन- 2015-2003
प्रारूप-ख
[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिये ]
क्र. 2003. - अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि खान नदी के जल परिवहन हेतु ग्राम दाउदखेड़ी, तहसील उज्जैन, जिला उज्जैन तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स के. के. स्पन पाईप प्रा. लि. , फरीदाबाद ( हरियाणा ) द्वारा भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाई जाए.
और, अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमि पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाने के प्रयोजन के लिए यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में , जिसमें भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाये जाने का प्रस्ताव है जो इस अधिसूचना के संलग्न अनुसूची में वर्णित है. उपयोग के लिए अधिकार का अर्जन किया जाए.
अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम , 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.
कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है, उस तारीख को जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है , इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू-अर्जन अधिकारी , उज्जैन, मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-
अनुसूची
खसरा क्र.
तहसील ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक
जिला
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.0960
195/1
उज्जैन
उज्जैन
दाउदखेडी,
0.0777
195/2
पटवारी हल्का
0.0274
60/3
नंबर 23/37 .
0.0731
60/4
0.0297
60/5
0.0320
59/4
0.0411
59/5
50/15
0.0251
0.0022
50/19/3
0.0571
50/19/4
50/13
0.0091
0.0137
50/14
0.0228
50/18
0.0365
50/20
0.0273
50/17
0.0091
50/16/3 [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
328
(4)
(5)
(3)
(2)
0.0091
50/16/1
0.0091
50/16/2
योग 0.5981
उज्जैन, दिनांक 19 फरवरी 2015 क्रमांक भू-अर्जन- 2015-2004
प्रारूप -ख
[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिये ]
क्र. 2004.- अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि खान नदी के जल परिवहन हेतु ग्राम जीवनखेड़ी, तहसील उज्जैन , जिला उज्जैन तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स के. के. स्पन पाईप प्रा. लि. , फरीदाबाद ( हरियाणा ) द्वारा भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाई जाए.
और , अतएव , राज्य सरकार को उक्त भूमि पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाने के प्रयोजन के लिए यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में, जिसमें भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाये जाने का प्रस्ताव है जो इस अधिसूचना के संलग्न अनुसूची में वर्णित है. उपयोग के लिए अधिकार का अर्जन किया जाए.
अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम , 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है .
कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है , उस तारीख को जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है, इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू-अर्जन अधिकारी , उज्जैन, मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-
अनुसूची
खसरा क्र.
तहसील ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक
जिला
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि
(हेक्टेयर में)
(5)
(4)
(3)
(1)
(2)
0.0617
74/1
उज्जैन
उज्जैन
ग्राम जीवनखेड़ी,
0.0091
76/2
पटवारी हल्का
0.0100
80/2
नंबर 23/35 .
74/2
0.0914
74/3
0.1391
80/1/3/2
0.0228
83/3/1
0.0351
0.0320
83/3/2
0.0365
90/1/1
0.0065
87/3/1/1
0.0251
87/3/1/2
0.0070
87/3/3
योग .. 0.04763 329
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
उज्जैन, दिनांक 19 फरवरी 2015 क्रमांक भू-अर्जन- 2015-2008
प्रारूप-ख
[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिये ]
क्र. 2008. - अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि खान नदी के जल परिवहन हेतु ग्राम आहूखाना, तहसील घट्टिया, जिला उज्जैन तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स के. के. स्पन पाईप प्रा. लि. , फरीदाबाद ( हरियाणा ) द्वारा भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाई जाए.
और, अतएव , राज्य सरकार को उक्त भूमि पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाने के प्रयोजन के लिए यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में, जिसमें भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाये जाने का प्रस्ताव है जो इस अधिसूचना के संलग्न अनुसूची में वर्णित है. उपयोग के लिए अधिकार का अर्जन किया जाए.
अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.
कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है, उस तारीख को जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है, इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू-अर्जन अधिकारी, तहसील- घटिट्या जिला उज्जैन , मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-
अनुसूची
खसरा क्र.
तहसील ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक
जिला
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में )
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.181
39/1 , 50
उज्जैन
घट्टिया
0.165
46/1/1
0.180 ग्राम आहूखाना, पटवारी हल्का नंबर 16/34.
0.025 0.180
54/1 , 55/1 , 67/2 45/3, 45/2/2 , 46/2 65/1 , 65/2 66
0.020 योग . 0.751
उज्जैन , दिनांक 19 फरवरी 2015 क्रमांक भू-अर्जन- 2015-2009
प्रारूप-ख
[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिये ]
क्र. 2009. - अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि खान नदी के जल परिवहन हेतु ग्राम भदेडमयचक, तहसील घट्टिया, जिला उज्जैन तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स के. के. स्पन पाईप प्रा. लि. , फरीदाबाद ( हरियाणा ) द्वारा भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाई जाए .
और, अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमि पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाने के प्रयोजन के लिए यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में , जिसमें भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाये जाने का प्रस्ताव है जो इस अधिसूचना के संलग्न अनुसूची में वर्णित है. उपयोग के लिए अधिकार का अर्जन किया जाए.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2015
330
अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.
कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है, उस तारीख को जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है , इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू-अर्जन अधिकारी, तहसील - घटिट्या जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-
अनुसूची
खसरा क्र.
ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक
तहसील
जिला
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हेक्टेयर में)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.105
77
उज्जैन
घट्टिया
0.095
80
0.066
105/1
ग्राम भदेडमयचक, पटवारी हल्का नंबर 36.
0.110
105/2
0.050
89/1 , 89/2
0.040
114/1
0.040
114/2
0.128
90
0.080
55
0.045
91/1
0.075
91/2
0.086
199
0.015
200
0.195
204 , 205 , 206
72/1
0.052 योग . 1.182
उज्जैन, दिनांक 19 फरवरी 2015 क्रमांक भू-अर्जन- 2015-2010
प्रारूप-ख
[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिये ]
क्र. 2010.- अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि खान नदी के जल परिवहन हेतु ग्राम कोलूखेड़ी, तहसील घट्टिया, जिला उज्जैन तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स के. के. स्पन पाईप प्रा. लि. , फरीदाबाद ( हरियाणा ) द्वारा भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाई जाए.
और, अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमि पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाने के प्रयोजन के लिए यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में , जिसमें भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाये जाने का प्रस्ताव है जो इस अधिसूचना के संलग्न अनुसूची में वर्णित है. उपयोग के लिए अधिकार का अर्जन किया जाए.
अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.
331
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2015
भाग 1 ]
कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है, उस तारीख को जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है, इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू-अर्जन अधिकारी , तहसील- घटिट्या जिला उज्जैन , मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-
अनुसूची
तहसील
जिला
ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक
(3)
(2)
(1)
उज्जैन
ग्राम कोलुखेड़ी,
घट्टिया
पटवारी हल्का नंबर 36 .
क्रमांक भू-अर्जन- 2015-2011
प्रारूप-ख खसरा क्र.
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में)
(5)
(4)
82/9
0.042
0.075
82/1, 82/4
0.130
87
0.350
73, 74, 88
0.180
92/1
0.080
100/1
0.857
कुल योग...
उज्जैन , दिनांक 19 फरवरी 2015
[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिये ]
क्र. 2011 .-- अतएव , राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि खान नदी के जल परिवहन हेतु ग्राम गोनसा, तहसील घट्टिया, जिला उज्जैन तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स के. के. स्पन पाईप प्रा. लि. , फरीदाबाद ( हरियाणा ) द्वारा भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाई जाए.
और, अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमि पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाने के प्रयोजन के लिए यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में , जिसमें भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाये जाने का प्रस्ताव है जो इस अधिसूचना के संलग्न अनुसूची में वर्णित है. उपयोग के लिए अधिकार का अर्जन किया जाए.
अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों काअर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.
कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है , उस तारीख को जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) 'के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है , इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू- अर्जन अधिकारी , तहसील- घटिट्या जिला उज्जैन , मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-
अनुसूची जिला
ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक
तहसील
(3)
(2)
(1)
उज्जैन
घट्टिया
ग्राम गोनसा, पटवारी हल्का नंबर 16/34.
खसरा क्र.
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में)
(4)
(5)
0.040
0.020
0.050
0.160
0.020
254 308 309 321 323 324
0.220 0.510
कुल योग
रोहन सक्सेना, भू-अर्जन अधिकारी , सिंहस्थ.