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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 27 February 2015

Type
Ordinary
Gazette no.
09
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2015-02-27.09.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदे श शासन

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 9 ]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 27 फरवरी 2015- फाल्गुन 8 , शक 1936

विषय-सूची

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन,

भाग 4.-( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, (3) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक, भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4 ) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, (6 ) निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

(ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम,

(3) संसद्के अधिनियम,

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

(ग ) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 23 फरवरी 2015

क्र. एफ ए- 5-09-2014- एक ( 1 ) .- राज्य शासन द्वारा माननीय न्यायाधिपति महोदय , श्री सुशील कुमार गुप्ता, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत किया जाता है: -

अभियुक्ति (5)

अवकाश अवधि (2)

कुल दिन (3)

अवकाश का प्रकार (4)

अ. क्र. (1)

38

1 दिनांक 23-2-2015 से दिनांक 1-4-2015 तक.

पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश.

अवकाश के पूर्व में दिनांक 21 एवं 22-2-2015 तथा अवकाश के पश्चात् में दिनांक 02 , 03 , 04 एवं 5-04-2015 तक के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. आर. विश्वकर्मा, उपसचिव.

333

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2015.

334

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

राजस्व विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 19 फरवरी 2015

सूचना

क्र. एफ 1-4-2015 - सात- शा . 6.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 ( क्रमांक 20 सन् 1959 ) की धारा 13 की उपधारा ( 2 ) के प्रतिबंध में निहित उपबंध के अनुसरण में इसके द्वारा यह सूचना दी जाती है कि उपरोक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , नवीन तहसील बड़ागांव ( धसान ) , जिला टीकमगढ़ सृजित करने हेतु निम्न अनुसूची के कॉलम ( 5 ) में उल्लेखित किये गये अनुसार वर्तमान तहसील टीकमगढ़, जिला टीकमगढ़ की सीमाओं को परिवर्तित करने कालम ( 2 ) में दर्शाई तहसील को कालम ( 3 ) में दर्शाये उसके नाम के मुख्यालय से उसकी स्थापना करने तथा उक्त अनुसूची के कालम ( 6 ) में उल्लेखित किये अनुसार तहसील की सीमाएं निर्धारित करने का प्रस्ताव करता है.

2. मध्यप्रदेश राजपत्र में इस सूचना के प्रकाशन होने के दिनांक से 60 दिन समाप्त होने पर प्रस्ताव पर विचार किया जावेगा तथा इस संबंध में कोई भी आपत्तियां या सुझाव उक्त कालावधि की समाप्ति के पूर्व प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग को लिखित रूप में प्रेषित किये जा सकेंगे:-

क्र.

मुख्यालय

प्रस्तावित तहसील

सीमाएं (6)

(2) (3)

अनुसूची

परिवर्तन का स्वरूप

(5)

(1)

वर्तमान तहसील (4)

1

टीकमगढ़

बड़ागांव ( धसान)

बड़ागांव (धसान)

पूर्व में - तहसील घुवारा , जिला छतरपुर. पश्चिम में- जिला झांसी , उत्तर प्रदेश. उत्तर में- तहसील बल्देवगढ़ एवं शेष तहसील टीकमगढ़.

वर्तमान तहसील टीकमगढ़ के रा.नि.मं. समर्रा के प.ह.नं. 54 से 59 एवं राज.नि.मं. बड़ागांव के प.ह.नं. 60 से 83 तक कुल 30 पटवारी हल्के, जिनमें 66 ग्राम होंगे , अपवर्जित होकर नवीन प्रस्तावित तहसील बड़ागांव ( धसान ) में सम्मिलित होंगे. दक्षिण में- जिला झांसी, उत्तर प्रदेश एवं जिला छतरपुर.

2 शेष तहसील टीकमगढ़ टीकमगढ़ वर्तमान तहसील टीकमगढ़ के रा.नि.मं. टीकमगढ़ .

पूर्व में - तहसील बल्देवगढ़ पश्चिम में - जिला झांसी, उत्तर प्रदेश. उत्तर में- तहसील जतारा एवं तहसील मोहनगढ़ दक्षिण में - जिला झांसी , उत्तर प्रदेश एवं प्रस्तावित तहसील बड़ागांव.

मबई के प.ह.नं. 1 से 5 , 9 एवं 10 तथा 23 से 35 कुल 20 पटवारी हल्के , रा.नि.मं. टीकमगढ़ के प.ह.नं. 6 से 8 एवं 11 से 22 तथा 36 से 53 कुल 33 पटवारी हल्के अपवर्जित होंगे, इस प्रकार प्रस्तावित तहसील टीकमगढ़ में कुल 53 पटवारी हल्के, जिनमें कुल 115 ग्राम हैं, शेष रहेंगे.

3. प्रस्तावित परिवर्तन यह सुनिश्चित करने की दृष्टि से किया जा रहा है कि क्षेत्र का प्रशासन समुचित एवं प्रभावी रूप से किया जा सके.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अरूण तिवारी , प्रमुख सचिव.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

भाग 1 ]

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 10 फरवरी 2015

फा. क्र. 1-6-89- इक्कीस ब ( एक ) -241-2015.- स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 ( 1985 का 61 ) की धारा 36 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति की सहमति से, एतद्वारा, इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 1-6-89- इक्कीस - ब( एक) , दिनांक 3 अप्रैल 1998 में जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 17 अप्रैल 1998 को प्रकाशित हुई थी, निम्नलिखित और संशोधन करता है , अर्थात्ः-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में , अनुसूची में, अनुक्रमांक 44 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं अर्थात्:-

न्यायालय विशेष

अनु- क्रमांक

न्यायाधीश का नाम तथा पदनाम

स्थानीय क्षेत्र/ सेशन खण्ड (4) (1)

(2)

(3)

शहडोल. "

शहडोल

" 44. श्री एस . बी. वर्मा,

विशेष न्यायाधीश , अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण ) अधिनियम, शहडोल.

यह संशोधन उस तारीख से प्रवृत्त होगा जिसको कि इस अधिसूचना में यथाविनिर्दिष्ट न्यायाधीश उक्त न्यायालय में अपने पद का कार्यभार ग्रहण करें.

F. No. 1-6-89 - XXI - B ( 1 ) -241-2015 . In exercise of the powers conferred by sub- section ( 2) of Section 36 of the Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act , 1985 (No. 61 of 1985) the State Government with the concurrence of the Chief Justice of the High Court of Madhya Pradesh , hereby , makes the following further amendment in this department's Notification No. F. 1- 6-89 - XXI - B ( 1 ) dated 3rd April 1998 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette Part - 1 , dated the 17th April 1998 , namely :-

AMENDMENT

In the said Notification , in the Schedule , for serial number 44 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be substituted , namely:-

Name and

Special Court

S. No. Designation

Local area Session Divisions of the Judge

(4) (1)

(2)

(3)

Shahdol Shahdol . " .

"44. Shri S. B. Verma , Special Judge , Scheduled Castes , Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities ) Act, Shahdol .

This amendment shall come into force from the date on which the Judge as specified in this Notification assumes the charge of his office in the said Court.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विरेन्दर सिंह, प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 13 फरवरी 2015

फा. क्र. 1 ( बी) -30-2004 - इक्कीस ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, श्री अरूण कुमार शर्मा पुत्र श्री रामबदन शर्मा, अधिवक्ता, जिला रीवा को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये जिला रीवा सत्र खण्ड रीवा राजस्व जिले के लिए एतद्वारा , शासकीय अभिभाषक/ लोक अभियोजक, जिला रीवा नियुक्त करता है. यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय उन्हें कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अमिताभ मिश्र, अपर सचिव.

भोपाल, दिनांक 20 फरवरी 2015

फा. क्र. 3 (बी ) -2-2013 - इक्कीस- ब ( एक) .- मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा 2013 की चयन सूची दिनांक 19 मई 2014 में सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर चयनित अभ्यर्थी श्री सुरेन्द्र बरेलिया ( मेरिट क्र. 23 ) की ओर से प्रेषित प्रस्ताव पर विचार किए जाने के उपरांत राज्य शासन , एतद्वारा , श्री सुरेन्द्र बरेलिया का नाम चयनित सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) की मुख्य चयन सूची के मेरिट क्र. 23 से विलोपित कर उनका चयन का अधिकार समाप्त करता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विरेन्दर सिंह, प्रमुख सचिव.

336

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

भोपाल , दिनांक 28 जनवरी 2015

फा. क्र. 1 ( बी ) 32-2004 - इक्कीस ब ( दो) .- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 19 अप्रैल 2012 के द्वारा श्री विमल कुमार जैन , अधिवक्ता को अति. शासकीय अभिभाषक/ अति. लोक अभियोजक, रायसेन के पद पर नियुक्त किया गया था.

श्री विमल कुमार जैन, अति. शासकीय अभिभाषक/ अति. लोक अभियोजक, रायसेन की आयु 62 वर्ष पूर्ण होने के कारण , उन्हें विधि विभाग नियमावली 2008 के नियम 20 के अन्तर्गत तत्काल प्रभाव से पदमुक्त किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अमिताभ मिश्र, अतिरिक्त सचिव.

कार्यालय , कलेक्टर जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

पन्ना, दिनांक 18 सितम्बर 2014

क्र. 1689 - भू- अभि.- 2014.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 (संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील देवेन्द्रनगर , जिला पन्ना के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है:-

अनुसूची

भू- भाग का विवरण (मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक् किया गया क्षेत्रफल ) (1)

राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नं. (2)

ग्राम बरचुआ, पटवारी हल्का नं. 01 ग्राम जमुनहाईकलॉ, पटवारी हल्का नं. 01 एवं पृथक् किया गया क्षेत्रफल 238.60 हे.

क्र. 1690- भू- अभि.- 2014.- मध्यप्रदेश , भू- राजस्व संहिता, 1959 (संख्या 20, 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील पन्ना , जिला पन्ना के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है:-

अनुसूची

राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नं .

(2)

भू- भाग का विवरण (मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक्किया गया क्षेत्रफल ) (1)

ग्राम डोभा, पटवारी हल्का नं. 04 ग्राम इटवाकलॉ, पटवारी हल्का नं. 04 एवं पृथक् किया गया क्षेत्रफल 294.98 हे.

क्र. 1691 - भू- अभि. -2014.- मध्यप्रदेश , भू-राजस्व संहिता, 1959 (संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील अजयगढ़ , जिला पन्ना के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है:-

अनुसूची

राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नं. (2)

भू- भाग का विवरण (मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक् किया गया क्षेत्रफल ) (1)

ग्राम ढगरी, पटवारी हल्का नं. 29 ग्राम उदयपुर, पटवारी हल्का नं. 29 एवं पृथक् किया गया क्षेत्रफल 418.13 हे.

क्र. 1692 - भू- अभि.- 2014.- मध्यप्रदेश, भू- राजस्व संहिता , 1959 (संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य-5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्वारा नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील गुनौर, जिला पन्ना के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है :-

अनुसूची

राजस्व ग्राम का नाम एवं पटवारी हल्का नं.

(2) भू- भाग का विवरण (मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक्किया गया क्षेत्रफल ) (1)

ग्राम साहूपुरा , पटवारी हल्का नं. 39 ग्राम तिदुनहाई, पटवारी हल्का नं. 39 एवं पृथक् किया गया क्षेत्रफल 121.22 हे .

रवीन्द्र कुमार मिश्रा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

337

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 9 फरवरी 2015

क्र. 1156 - एनआर-14 लोकपाल-3-2015.- लोकायुक्त कार्यालय मध्यप्रदेश, भोपाल के पत्र क्र . 2183 - स.स . समिति- चयन-2012 , भोपाल, दिनांक 7 दिसम्बर 2012 द्वारा डॉ. लक्ष्मण सिंह गौर, को संभागीय सतर्कता समिति सागर, संभाग सागर में सदस्य के पद पर नियुक्त किया गया है . अतः डॉ. लक्ष्मण सिंह गौर, सदस्य संभागीय सतर्कता समिति सागर, संभाग सागर को छतरपुर, दमोह, पन्ना जिलों के लिए मनरेगा लोकपाल नियुक्त किया जाता है .

यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा.

क्र. 1158 - एनआर-14 लोकपाल-3-2015.- लोकायुक्त कार्यालय मध्यप्रदेश , भोपाल के पत्र क्र. 2804- स.स . समिति- चयन-2012, भोपाल , दिनांक 30 मार्च 2012 द्वारा डॉ. गायत्री यादव, सेवानिवृत्त प्राध्यापक, सागर को संभागीय सतर्कता समिति सागर, संभाग सागर में सदस्य के पद पर नियुक्त किया गया है. अतः डॉ. गायत्री यादव, सेवानिवृत्त प्राध्यापक, सदस्य संभागीय सतर्कता समिति सागर, संभाग सागर को सागर एवं टीकमगढ़ जिलों के लिए मनरेगा लोकपाल नियुक्त किया जाता है.

यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा.

क्र. 1160 - एनआर-14 लोकपाल-3-2015.- लोकायुक्त कार्यालय मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र क्र. 1542 - स.स. समिति- चयन-2013 , भोपाल, दिनांक 24 अक्टूबर 2013 द्वारा श्रीमती नीता पहारिया , सदस्य संभागीय सतर्कता समिति ग्वालियर, संभाग ग्वालियर एवं चम्बल में सदस्य के पद पर नियुक्त किया गया है. अतः श्रीमती नीता पहारिया, सदस्य, संभागीय सतर्कता समिति ग्वालियर एवं चम्बल , संभाग को भिण्ड एवं मुरैना जिलों के लिए मनरेगा लोकपाल नियुक्त किया जाता है.

यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा.

संशोधित आदेश

क्र. 1162- एनआर-14 लोकपाल-3-2015.- सचिव , मध्यप्रदेश शासन , पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 513, दिनांक 13 जनवरी 2014 द्वारा पूर्व में नियुक्त लोकपाल श्री अशोक कुमार शर्मा, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए ग्वालियर एवं चम्बल संभाग को अशोकनगर, गुना एवं शिवपुरी के लिए मनरेगा लोकपाल नियुक्त किया जाता है.

यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा.

क्र. 1164 - एनआर-14 लोकपाल-3-2015.- लोकायुक्त कार्यालय मध्यप्रदेश , भोपाल के पत्र क्र. 2063 - स.स. समिति- चयन-2014 , भोपाल, दिनांक 23 अगस्त 2014 द्वारा श्री अरूण प्रकाश सक्सेना, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश को संभागीय सतर्कता समिति ग्वालियर, संभाग ग्वालियर एवं चम्बल में सदस्य के पद पर नियुक्त किया गया है. अतः श्री अरूण प्रकाश सक्सेना, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सदस्य, संभागीय सतर्कता समिति ग्वालियर एवं चम्बल, संभाग को ग्वालियर, दतिया एवं श्योपुर जिलों के लिए मनरेगा लोकपाल नियुक्त किया जाता है .

यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा.

संजीव कुमार झा, सचिव.

गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 11 फरवरी 2015

क्र. एफ 1 (ए) 163-1994- ब-2-दो. - राज्य शासन के समसख्यंक आदेश दिनांक 26 नवम्बर 2014 को निरस्त करते हुए, श्री पंकज श्रीवास्तव , भापुसे. , पुलिस महानिरीक्षक, सागर जोन सागर को दिनांक 23 मार्च 2015 से दिनांक 27 मार्च 2015 तक पांच दिवस अर्जित अवकाश 21 , 22 , 28 एवं 29 मार्च 2015 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुए राज्य शासन द्वारा उन्हें खण्ड वर्ष 2014-17 के प्रथम ब्लाक वर्ष 2014-15 में गृह नगर यात्रा के बदले में भारत भ्रमण की अवकाश यात्रा की पात्रता के तहत परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ अंडमान निकोबार जाने के लिए अवकाश यात्रा सुविधा की अनुमति प्रदान की जाती है:-

स्वयं 1. श्री पंकज श्रीवास्तव

2. श्रीमती शेफाली श्रीवास्तव

पत्नी

पुत्री 3. कु. श्रेया श्रीवास्तव

पुत्री 4. कु. परी श्रीवास्तव

5. विमला देवी

माता (2 ) उक्त यात्रा हेतु श्री पंकज श्रीवास्तव, भापुसे. , को दस दिवस के अवकाश नगदीकरण/ समर्पण की पात्रता होगी एवं नगदीकृत दिवस इनके अर्जित अवकाश खाते से घटाये जायेंगे.

( 3 ) उक्त अवकाश अवधि में इनका श्री आई. पी. कुलश्रेष्ठ, भापुसे. , उप पुलिस महानिरीक्षक, सागर जोन , सागर द्वारा अतिरिक्त रूप से अपने कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.

338

(4) अवकाश से लौटने पर श्री पंकज श्रीवास्तव, भापुसे. , को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, सागर रेंज, सागर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(5) अवकाशकाल में श्री पंकज श्रीवास्तव , भापुसे. को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) श्री पंकज श्रीवास्तव, भापुसे. द्वारा पुलिस महानिरीक्षक, सागर रेंज, सागर का कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कण्डिका ( 3 ) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .

(7 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री पंकज श्रीवास्तव, भापुसे. , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बसंत प्रताप सिंह, प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 13 फरवरी 2015

क्र. एफ 1 ( बी ) 101-2013- बी-4-दो. राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग , इन्दौर द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2010 के माध्यम से संयुक्त प्रतिस्पर्धा परीक्षा के परिणाम के आधार पर मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा के लिये अनुपूरक सूची से चयनित श्री विक्रमजीत सिंह कंग को उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा में कनिष्ठ वेतमान रुपये 15600-39100 + 5400/ - में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर महिला अपराध प्रकोष्ठ जिला सागर में नियुक्त कर पदस्थ किया जाता है.

( 2) नवनियुक्त अधिकारी आदेश प्राप्ति के 15 दिवस की अवधि में पदस्थापना स्थल कार्यालय में कार्यभार ग्रहण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करे अन्यथा नियुक्ति आदेश निरस्त माना जायेगा.

( 3) नवनियुक्त अधिकारी की परिवीक्षा अवधि, स्थाईकरण , वरिष्ठता पदोन्नति आदि मध्यप्रदेश सिविल सेवा ( सेवा की सामान्य शर्तें ) नियम, 1961 एवं मध्यप्रदेश पुलिस कार्यपालिक ( राजपत्रित ) सेवा भर्ती तथा पदोन्नति नियम, 2000 से शासित होगी. सेवा संबंधी अन्य मुद्दे शासन के वर्तमान नियमों तथा भविष्य में बनाए जाने वाले नियमों/ निर्देशों के अंतर्गत निराकृत किये जायेंगे .

(4) नवनियुक्त अधिकारी की सेवाएं किसी भी समय एक माह की सूचना अथवा उसके एवज में एक माह का वेतन तथा भत्ते देकर बिना कारण बताए समाप्त की जा सकती है. इसी प्रकार यदि वे अपने पद से त्याग- पत्र देकर शासकीय सेवा छोड़ना चाहे तो उन्हें भी एक माह का नोटिस देना आवश्यक होगा. एक माह पूर्व सूचना

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

[ भाग 1 न देने की स्थिति में एक माह का वेतन व अन्य भत्ते जो वह उस समय प्राप्त कर रहे होंगे, नगद जमा करना होगा अन्यथा उक्त रकम राजस्व बकाया के तौर पर उनसे वसूल की जावेगी.

( 5 ) राज्य शासन के अधीन दिनांक 1-1-2005 अथवा इसके बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारी को नवीन अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी.

(6 ) नियुक्त अधिकारी द्वारा प्रस्तुत की गई जानकारी असत्य पाये जाने पर उनकी सेवायें बिना किसी सूचना के तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जावेगी एवं उनके द्वारा इस संबंध में प्रस्तुत कोई भी दावा मान्य नहीं होगा .

(7) परीवीक्षाधीन अधिकारी द्वारा पदस्थापना कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करते समय एक " बाण्ड " शासन के पक्ष में निष्पादित करना होगा की परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण न करने की दशा में अथवा प्रशिक्षण अवधि में सेवा छोड़ने पर उनकी परिवीक्षा अवधि में शासन द्वारा खर्च की गई राशि जिसमें वेतन भत्ते, यात्रा भत्ते एवं अन्य अग्रिम व्यय राशि शामिल होगी , की वापसी के लिये वे उत्तरदायी होंगे.

(8 ) नवनियुक्त अधिकारी जो पूर्व से शासकीय /अर्द्धशासकीय सेवा में सेवारत हैं , उन्हें अपने नियोक्ता का अनापत्ति प्रमाण -पत्र अजांच एवं अमांग प्रमाण- पत्र शासन को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा अन्यथा उन्हें कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जावेगा.

(9 ) नवनियुक्त अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि वह नियुक्तिके संबंध में अपनी योग्यता एवं जाति प्रमाण - पत्र की मूल प्रति पदस्थापना संबंधी जिले के उप पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस अधीक्षक को सत्यापन हेतु प्रस्तुत करेंगे .

( 10 ) मध्यप्रदेश लोक सेवा ( अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण ) संशोधन अधिनियम, 2002 ( क्रमांक 10 सन् 2002 ) दिनांक 13-5-2002 के प्रावधान अनुसार सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियुक्ति की पृविष्टियां रोस्टर पंजी में कर दी गई हैं.

( 11 ) प्रमाणित किया जाता है कि मध्यप्रदेश लोक सेवा ( अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्गों को आरक्षण ) अधिनियम, 1994 ( क्रमांक सन् 1994 ) उपबंधों का और उक्त अधिनियम के उपबंधों के प्रकाश में राज्य शासन द्वारा जारी किये गये अनुदेशों का अनुपालन किया गया है तथा उसे ( नियोक्ता को ) उक्त अधिनियम की धारा 6 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों का पूर्ण संज्ञान है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

कमला उपाध्याय , अवर सचिव.

भाग 1 ]

339

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

विधि और विधायी कार्य विभाग

भोपाल, दिनांक 23 जनवरी 2015

फा. क्र. 17 (ई )43-2009-4259 - इक्कीस ब( एक) 14.- ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 ( 2009 का 4 ) की धारा 5 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश, उच्च न्यायालय के परामर्श से , एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 17 ( ई ) 43-2009-2251- इक्कीस - ब ( 1 ) -13 , दिनांक 10 मई 2013 में , निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्ः-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में , सारणी में, अनुक्रमांक 3 , 38 एवं 65 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं अर्थात्ः- न्यायाधिकारी

पदस्थापना अनु- क्रमांक

का नाम

का स्थल (1)

(2)

(3) "3.

अनूपपुर श्री दीप नारायण सिंह , द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 .

38.

जबलपुर श्री जयदीप सिंह, षष्टम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1.

65.

बुधनी श्रीमती सविता ओगले , व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 .

सारणी

सिविल जिले

का नाम

ग्राम न्यायालय के मुख्यालय

का नाम मध्यवर्ती स्तर की पंचायत के लिए ग्राम न्यायालय का नाम

(4)

(5)

(6) अनूपपुर

अनूपपुर

अनूपपुर

जबलपुर

जबलपुर

जबलपुर सीहोर

बुधनी."

बुधनी

F.No. 17 (E) 43-2009-4259 - XXI - B ( 1 ) -14 . In exercise of the powers conferred by Section 5 of the Gram Nyayalayas Act , 2008 ( No. 4 of 2009 ) , the State Government , in Consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby , makes the following amendment in this Department's Notification F. No. 17 (E ) 43-2009- 2251- XXI - B ( 1 ) -13 , dated 10th May 2013 , namely :-

AMENDMENT

In the said Notification in the table , for serial number 3 , 38 and 65 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely : -

S.No.

Name of Nyayadhikari

Place of Posting (2)

(3) (1)

"3 .

Anuppur Shri Deep Narayan Singh , IInd Civil Judge Class - II ,

38.

Jabalpur Shri Jaideep Singh , VIth Civil Judge Class - I ,

Budhni 65. Smt . Savita Ogle , Civil Judge Class - I .

TABLE

Name of Civil District

Name of Gram Nyayalaya for Panchayat at Intermediate level

Name of Headquarter ofGram Nyayalaya

(5)

(4)

(6) Anuppur

Anuppur

Anuppur Jabalpur

Jabalpur

Jabalpur Sehore

Budhni

Budhni . " मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

विरेन्दर सिंह , प्रमुख सचिव.

340

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 फरवरी 2015

[ भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला अलीराजपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

अधिसूचना

अलीराजपुर , दिनांक 11 फरवरी 2015

प्र. क्र. 03- अ- 82-2012-2013.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक (1 ) में छोटा उदयपूर - धार रेलवे लाईन हेतु ग्राम सेजा, तहसील अलीराजपुर, जिला अलीराजपुर की वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांक वार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है. सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.

अतः भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची ( 1 )

ग्राम-सेजा

तहसील-अलीराजपुर

विवरण

स.क्र.

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा ( हेक्टर में ) (2)

सिंचित (3)

कुल रकबा (5) (1)

असिंचित (4)

1

16.14

13.64

29.78 निजी भूमि

अनुसूची ( 2)

स.क्र.

भूमि का रकबा

कृषक का नाम व पिता/ पति का नाम

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा (हेक्टर में)

खसरा क्र . (3)

कुल रकबा (6)

सिंचित (7)

असिंचित (8)

कुल रकबा (9) (1)

(2)

सिंचित (4)

असिंचित (5)

1

104/1

0.00

0.60

0.60

0.00

0.60

0.60 भेरमसिंह तेरसिंह पिता खूमान

2

109/4

0.00

0.08

0.08

0.00

0.03

0.03 भेरमसिंह पिता खूमान

3

0.30

0.00

0.30

0.30

104/2 0.00

0.30

इडलसिंह पिता सुबान

104/3

0.30

0.00

4

0.00

0.30

0.30

0.30 नानलिया पिता सुरबान

0.00

5

105/1

0.00 0.58

0.58

0.58

0.58 शंकर पिता मालु

0.00

6

105/2 0.00 0.30

0.30

0.30 कमलसिंह पिता ऊंकार

0.30 7

105/3

0.00

0.40

0.40

0.00

0.40

0.40 दितलीया पिता मालु

8

106

0.00 0.90

0.90

0.00

0.90

0.90 धुन्धा पिता रागु व जालम करमसिंह

गणपत पिता रायचन्द्र

108

0.00

0.75

0.75

0.00

0.73

0.73 9

109/3 0.00 0.44

0.44

0.00

0.20

0.20 10 जगतसिंह पिता गुलाबसिंह

0.07

0.00

0.07

0.07

0.00

280

0.07 11 जगतसिंह पिता गुलाबसिंह 341

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

भाग 1 ]

(4)

(3) (2)

(1)

112

0.00 12 कैलाश, पंकज, शूसीला पिता मगन व सकरी धर्म प. स्व. मगन.

229

0.30 13 कैलाश पिता मगन ब.न. 112 भू.स्वामी

0.50

114/1 14 जागरसिंह पिता टिकमसिंह

0.00

117/1 15 कुंवरसिंह पिता टिकमसिंह

117/3 0.00 16 चिमलिया पिता रावजी

0.90

119/1 17 छगन पिता टिकमसिंह

0.00 18 बाबडिया पिता रावजी ब.न. 80/2 भू- स्वामी 117/2

0.00 19 बाबडिया पिता रावजी ब.न. 80/2 भू- स्वामी 119/2

0.00 20 डुगरिया पिता रेन्दला ब.न. 54/1 भू- स्वामी 120

0.17 21 डुगरिया पिता रेन्दला ब.न. 54/1 भू- स्वामी 121/1

0.00 22

130/2 डुगरिया पिता रेन्दला ब.न. 54/1 भू- स्वामी

0.00 23

125/3 धुन्धरिया पिता भूरला ब.न. 54/4 भू- स्वामी

0.50 24

131/3 धुन्धरिया पिता भूरला ब.न. 54/4 भू- स्वामी

122

0.00 25 नेतु पिता पेमला व सुकली

0.00

121/2 26 माधु, काजु, राधु पिता नानला व अनारबाई ध. प. स्व. नानला ब.न. 54/1 भू-स्वामी.

0.00 27

125/2 माधु पिता नानला ब.न. 54/1 भू- स्वामी

0.00 28

131/1 माधु पिता नानला ब.न. 54/1 भू- स्वामी

0.24

121/3 29 सुमारिया पिता भूरला

0.00

125/1 30 सुमारिया पिता भूरला

0.17

131/2 31 सुमारिया पिता भूरला

0.48

125/4 केमता पिता रेन्दला

32

130/1

0.26 33 केमता पिता रेन्दला

0.00

130/3 केमता पिता रेन्दला

34

0.00

143/1 35 रालीया पिता मांगु

0.83

126/1 36 रेमतिया पिता जदु मुकाम पि. रेमतिया

126/4 37 रेमतिया पिता जदु मुकाम पि. रेमतिया

(8) (9) (6)

(7)

(5)

0.20

0.20

0.00

0.50

0.50

0.05

0.00

0.35

0.05

0.05

0.00

0.05 0.50

0.00

0.05

0.00

0.05

0.05 0.26

0.26

0.00

0.26 0.28

0.28

0.26

0.00

0.90

0.90 0.00

0.90

0.15

0.15

0.27

0.00

0.27

0.00

0.95

0.95 0.95

0.95

0.00

0.60

0.60 0.60

0.60

0.00

0.17.

0.17

0.00

0.17

0.00

0.45

0.45

0.45

0.45

0.13

0.00

0.13 0.21

0.21

0.00

0.02 0.08

0.58

0.02

0.00

1.10

1.10 1.60

1.60

0.00

0.15

0.15 0.15

0.15

0.00

0.10

0.10 0.22

0.22

0.00

0.02

0.02 0.29

0.29

0.00

0.24 0.00

0.24

0.24

0.05 0.25

0.00

0.05

0.25

0.00

0.12 0.00

0.17

0.12

0.35

0.00

0.00

0.35

0.48

0.00

0.06 0.00

0.26

0.06

0.12

0.00

0.12 0.18

0.18

0.00

0.15

0.15 0.69

0.69

0.83

0.00

0.00

0.83

0.83

0.00

0.44 0.44

0.44

0.44 0.00 342

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 फरवरी 2015

(3) (4) (2)

(1)

126/2 0.59 38 सनिया पिता रेमलिया

126/5 0.50 सनिया पिता रेमलिया

39

126/3 1.25 40 हुलसिंह पिता रेमलिया

142/3 0.00 0.32

41 छगन पिता देसींग

142/1 0.00 42 भंगु पिता देसींग

0.00

142/2 43 दुलेसिंह पिता देसींग

142/4 0.00 44 करमसिंह पिता देसींग

305/11 0.21 करमसिंह पिता देसींग

45

0.20 0.01

305/12 भेरूसिंह पिता देसींग

46

0.00

141

47 रणसिंह , सुरला पिता तेरसिंह

0.28

128 48 रणसिंह, सुरला पिता तेरसिंह

0.00

127 49 सेकडिया पिता नूरला

0.00

129 50 इंदरसिंह पिता गुमान

0.40 51 सुमारीया, कुसलिया, आपसिंह , अन्तिया, 136 सेकडा पिता भीमजी.

0.00

137 52 किशन पिता दलु

0.00

177/2 53 किशन पिता दलु

0.50

139 54 खूमान पिता वैस्ता

0.60

176/1 55 खूमान पिता वैस्ता

0.00

177/1 56 मेहताब पिता दलु

203/1

0.80 57 वालीया पिता गुमान व सुरली ध. प. स्व. गुमान.

0.50

203/2 58 मोहनिया, गुलिया पिता लुसरा व हिंगली ध.प. लुसरा.

176/2 0.64 59 सुबान पिता वेस्ता गुमान पिता पुना

0.23

175/1 60 गिलदार पिता भूरला

0.03

278/4 61 गिलदार पिता भूरला

278/1 0.03 62 जगु पिता भूरला

301/3 63 जगु पिता भूरला

(8)

(9) (6)

(7)

(5)

0.00

0.59

0.59 0.00

0.59

0.00

0.50 0.00

0.50

0.50

0.00

1.25

1.25

1.25

0.00

0.00

0.20 0.32

0.20

0.00

0.28

0.28 0.32

0.32

0.26 0.32

0.00

0.26

0.32

0.05

0.05 0.32

0.32

0.00

0.00

0.16 0.00

0.21

0.16

0.02

0.02

0.00

0.21

0.14 1.45

1.45

0.00

0.14

0.02 0.28

0.02

0.00

0.00

0.00

1.52

1.52 1.61

1.61

0.00

0.25 0.41

0.25

0.41

0.00

0.06

0.06

0.48

0.08

0.06

0.06 0.10

0.00

0.10

0.00

0.40

0.40 0.41

0.41

0.46

0.00

0.46 0.02

0.52

0.60

0.00

0.60

0.04

0.64

0.10

0.10

0.00

0.35

0.35

0.24 0.14

0.94

0.24

0.00

0.02

0.00

0.02 0.46

0.96

0.00

0.61 0.00

0.61

0.64

0.05 0.23

0.05

0.00

0.00

0.03 0.00

0.03

0.03

0.00

0.03

0.03

0.00

0.00

0.03

0.00

0.03

0.03 0.08

0.08 0.00 भाग 1 ]

343

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

(4)

(3) (1)

(2)

64

278/3 0.03 भीमसिंह पिता भूरला

65

301/1 0.09 भीमसिंह पिता भूरला

278/2 0.03 66 रामसिंह पिता भूरला

0.08 67

301/2 रामसिंह पिता भूरला

68

181

0.50 मगनीया, ईडला पिता इंदरसिंह व नाहली ध . प. स्व. इन्दरसिंह .

0.80

202 69 अंतिया दत्तक पुत्र चिमलिया

70

201

0.50 करमसिंह, नानली पिता वेरसिंह व ध.प.स्व. वेरसिंह .

209

0.60 71 चमार पिता कनिया

72

210

1.30 वाली पिता नूरला

228/1 73

0.40 तेरसिंह पिता गुलसिंह

0.40 74

228/2 नरसिंह पिता गुलसिंह

75

228/3 0.40 मंगलिया पिता गुलसिंह

0.30 76 तेरसिंह, नरसिंह , मंगलिया पिता गुलसिंह 228/4

230 77

0.40 वेस्ता पिता गुलाबसिंह

78

0.70

299 वेस्ता पिता गुलाबसिंह

224/2 0.23 79 भैरमसिंह पिता डुगंरिया

80

246/1

0.50 भैरमसिंह पिता डुगंरिया

0.10 81

281/2 भैरमसिंह पिता डुगंरिया

82

304/4 0.50 भैरमसिंह पिता डुगंरिया

0.27 83 दिलीप पिता नानटा

224/1 84

281/3 दिलीप पिता नानटा

0.10

246/4 0.50 85 दिलीप पिता नानटा

304/1

0.50 86 दिलीप पिता नानटा

0.00

103/4 87 कुंवरसिंह पिता डुगरिया

246/3 0.50 88 कुंवरसिंह पिता डुगरिया

89

281/3 0.09 कुंवरसिंह पिता डुगरिया

(7)

(8)

(5)

(9) (6)

0.00

0.03

0.00

0.03

0.03

0.00

0.06

0.00

0.09

0.06 0.00

0.03

0.03

0.00

0.03 0.08

0.00

0.00

0.02

0.02

0.00

0.75

1.25

0.02

0.02

0.80

0.90 1.11

0.10

1.91

0.00

1.31

0.81

0.25

0.25

0.00

0.04

0.64

0.18

0.18 1.04

2.34

0.60

0.00

0.60 0.00

0.40

0.00

0.05

0.05

0.00

0.30

0.00

0.40

0.30 0.40

0.00

0.15 0.00

0.15

0.09

0.39

0.05

0.00

0.05 0.00

0.00

0.40

0.35

0.35 0.74

0.02

0.00

0.02 0.04

0.00

0.23

0.05

0.00

0.05 0.54

0.00

0.04

0.24

0.24 0.00

0.10

0.00

0.10

0.10 0.05

0.55

0.10

0.00

0.10 0.00

0.00

0.27

0.10

0.10

0.00

0.00

0.10

0.05

0.05 0.06

0.56

0.10

0.00

0.10 0.05

0.55

0.35

0.00

0.35 1.04

1.04

0.00

0.04

0.04 0.54

0.34

0.34 0.04

0.00

0.00

0.00

0.09

0.04

0.04 344

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 फरवरी 2015

[ भाग 1

(4)

(7)

(2)

(5)

(6)

(9)

(3)

(1)

(8)

304/2 0.52

0.54

0.00

0.44 90

0.02

0.44

कुंवरसिंह पिता डुगरिया

0.50

0.04

0.54

0.30

0.00

246/2

0.30 91 दितलीया पिता डुगरिया

0.00

0.06

0.00

0.06 92

281/1 0.11

0.11

दितलीया पिता डुगरिया

304/2

0.50

0.45

0.00 93

0.05

0.55

0.45 दितलीया पिता डुगरिया

234/2

0.00

0.30

0.02

0.00

0.02

0.30

94 रमेश पिता कलसिंह

0.05

0.35

0.00 95

234/1

0.30

0.25

0.25 जागरिया पिता हिरूसिंह

96

233

0.00 2.12

2.12

0.00

0.45

0.45 वैस्ता, ढेढिया, जगलिया, सरदार पिता हाबु.

275

0.00

0.16

0.16

0.00

0.16

0.16 97 सुकलिया पिता गुलसिंह

0.20

0.70

0.50

0.00 98

293

0.50

0.50 सुकलिया रिचा गुलसिंह

0.00

0.00

295/1 0.19

0.19

0.06

0.06 99 कुसलसिंह पिता गणपत

0.30

0.26

100

302

0.08

0.38

0.00

0.26 रेसली पति मगन

285/3

0.00 101

0.40 0.01

0.41

0.09

0.09 भुवान पिता जामसिंह

0.00 102

285/2 0.30

0.01

0.31

0.10

0.10 नरपत, गणपत पिता धन्ना व नेरबाई ध.प. धन्ना व पुनी ध.प. स्व. जामसिंह.

0.30

0.00

0.30

0.00 103

0.16

0.16 सालम पिता केमता व सनु ध.प. केमता 285/1

104

284

0.10

1.10

0.00

1.00

0.72

0.72 दसरीबाई पति चमार

0.63

0.00

0.05

0.05 105

286/4

0.63

0.00 पातलिया पिता मांगु

0.00

0.06

0.00 106 सकरी ध.प. स्व. मगन

279

0.09

0.09

0.06

0.12

0.00

0.12

276

0.00

107

0.12

0.12

वेस्ता, कालिया पिता रतु

0.00

0.05

0.80

0.80

260

0.00

0.05 डुगंरिया, गुजरीया पिता मोहनसिंह

108

263/1

0.50

0.61

0.30

0.00

0.30

0.11

डुगंरिया, गुजरीया पिता मोहनसिंह

109

110

0.40

0.40

0.10

0.50

263/2

0.21

0.61

झेतरिया पिता मोहनसिंह

0.00 111

287/1

0.44

0.50

0.94

0.02

0.02

ढुडला पिता मागु

0.00

0.09

0.00

0.09 112

277

0.09

0.09 कर्मा, दुरबाई , हिरबाई , दीना , हतरी , राजेन्द्र पिता मगन.

26.89

16.14

29.78

13.64

29.78

56.67

योग .. 112

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

शेखर वर्मा, कलेक्टर एवं पदेन सचिव.

345 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय , कलेक्टर, जिला भिण्ड, मध्यप्रदेश

भिण्ड, दिनांक 28 जनवरी 2015

क्र. क्यू- एस.सी. 02-2015-745.- सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग -2 के अनुक्रमांक चार एवं मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग , मंत्रालय , भोपाल की अधिसूचना क्रमांक एफ 3-2-1994- एक- चार, दिनांक 30 मार्च 1999 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं , मधुकर अग्नेय, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , भिण्ड, वर्ष 2015 में जिला भिण्ड के लिये निम्नानुसार स्थानीय अवकाश घोषित करता हूं : -

जिला

क्षेत्र जहां प्रभावशाली होगा

त्यौहार का नाम

दिनांक (3)

दिन (4)

क्र. (1) (2)

(5)

(6)

शनिवार

1

भिण्ड 07 मार्च 2015

होली का दूसरा दिन ( भाई दूज )

2

भिण्ड

संपूर्ण जिला भिण्ड संपूर्ण जिला भिण्ड

महानवमी ( दुर्गा अष्टमी )

बुधवार

21 अक्टूबर 2015

3

भिण्ड

13 नवम्बर 2015

संपूर्ण जिला भिण्ड

शुक्रवार भाई दूज

मधुकर अग्नेय , कलेक्टर.

कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( मंडी निर्वाचन ) जिला मुरैना मध्यप्रदेश

मुरैना, दिनांक 30 जनवरी 2015

क्र. निर्वा.- 2014-15-35.- एतद्वारा सूचित किया जाता है कि कृषि उपज मंडी समिति, सबलगढ़, जिला मुरैना के वार्ड क्रमांक 154/04 के उप निर्वाचन 2014 में निम्नानुसार प्रतिनिधि निर्वाचित घोषित किये गये हैं :-

पद जिसके लिये निर्वाचित हुए

(3)

निर्वाचित सदस्य का नाम (2)

क्र. (1)

पता (4) 1

सदस्य

श्री रामप्रसाद

ग्राम - बनवारा , तहसील सबलगढ़ क्र. निर्वा. - 2014-15-37.- एतद्वारा सूचित किया जाता है कि कृषि उपज मंडी समिति , मुरैना, जिला मुरैना के वार्ड क्रमांक 151/1 के उप निर्वाचन 2014 में निम्नानुसार प्रतिनिधि निर्वाचित घोषित किये गये हैं :-

निर्वाचित सदस्य का नाम

क्र. (1)

पद जिसके लिये निर्वाचित हुए

(3)

पता (4)

(2)

1

सदस्य

श्री निहाल सिंह

ग्राम - मसूदपुर हाल बिस्मिल नगर जौरी ( मुरैना )

शिल्पा गुप्ता, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( मंडी निर्वा. ) .

कार्यालय, कलेक्टर, जिला झाबुआ , मध्यप्रदेश

झाबुआ , दिनांक 10 फरवरी 2015

क्र. 853 - व.लि. - 1-2015.- सामान्य पुस्तक के परिपत्र 02 के अनुक्रमांक 04 के नियम 08 तथा मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग , भोपाल की अधिसूचना एफ 3-2-1999- एक-4 , भोपाल , दिनांक 30 मार्च 1999 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं , बी . चन्द्रशेखर , कलेक्टर, जिला झाबुआ वर्ष 2015 के लिये संपूर्ण जिला झाबुआ की सीमा क्षेत्र हेतु निम्नांकित तिथियों को निम्नानुसार तीन स्थानीय अवकाश घोषित करता हूं : -

दिनांक (4)

दिन (5)

संपूर्ण विवरण (6) क्र. (1)

जिला (2)

पर्व अथवा त्यौहार (3)

1

5-3-2015

होली का दहन

झाबुआ

संपूर्ण जिला

" 2

गुरुवार मंगलवार

13-10-2015

संपूर्ण

_"_

4-12-2015

3 जिला

शुक्रवार

नवरात्र प्रारम्भ ( घट स्थापना) टंट्या मामा ( भील ) की पुण्य तिथि.

टीप.- ( 1 ) यह स्थानीय अवकाश कोषालय/उप कोषालय तथा बैंकों के लिये प्रभावशील नहीं रहेगा.

(2 ) जिन शैक्षणिक संस्थाओं की इन दिनांकों में परीक्षाएं नियत हैं . इन पर भी यह अवकाश प्रभावशील नहीं रहेगा. परीक्षायें निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यथावत् रहेंगी .

बी. चन्द्रशेखर , कलेक्टर.

346

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश

छिन्दवाड़ा, दिनांक 12 फरवरी 2015

क्र. 594- मंडी निर्वा.- 2014-15 .- मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , मैं , महेशचन्द्र चौधरी , कलेक्टर, छिन्दवाड़ा, मंडी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( झ ) के अनुक्रम में मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी, नियम- 2010 के अंतर्गत छिन्दवाड़ा जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मंडी समितियों के लिए एतद्वारा प्रतिनिधि नाम निर्दिष्ट करता हूं: - मंडी अधिनियम की धारा

नाम निर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता

मंडी का नाम (2)

क्र. (1)

(3) 1 छिन्दवाड़ा श्री दौलतसिंह ठाकुर, संचालक, जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्यादित , छिन्दवाड़ा.

2 अमरवाड़ा श्री श्रीरामसिंह रघुवंशी , अध्यक्ष, जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्यादित, छिन्दवाड़ा.

3

सौंसर

श्री भिमराव राऊत, संचालक, जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्यादित, छिन्दवाड़ा.

4

पांढुर्णा

श्री गंगाराम कडवे, उपाध्यक्ष , जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्यादित, छिन्दवाड़ा.

चौरई

5

श्री शैलेन्द्रसिंह पटेल , संचालक, जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्यादित, छिन्दवाड़ा.

(4)

11 (1) (झ)

11 (1) (झ)

11 (1 ) ( झ)

11( 1) (झ)

11( 1) ( झ)

क्र. 595- मंडी निर्वा. - 2014-15.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम , 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं , महेशचन्द्र चौधरी, कलेक्टर, छिन्दवाड़ा, मंडी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( च ) के अनुक्रम में मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी, नियम- 2010 के अंतर्गत छिन्दवाड़ा जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मंडी समितियों के लिए एतद्वारा प्रतिनिधि नाम निर्दिष्ट करता हूं : - क्र.

मंडी अधिनियम की धारा

नाम निर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता

(3) (1)

मंडी का नाम (2)

1

छिन्दवाड़ा

(4)

11( 1 ) (च)

श्री जे. के. यदुवंशी, अनुविभागीय कृषि अधिकारी , छिन्दवाड़ा

2

अमरवाड़ा

11(1) (च)

श्री एन.पी. उटटी , अनुविभागीय कृषि अधिकारी , अमरवाड़ा

3

सौंसर

श्री जे.के. राठी, अनुविभागीय कृषि अधिकारी , सौंसर 4

पांढुर्णा

11 ( 1 ) ( च)

11(1 ) (च)

श्री जी.डी. बंजारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, पांढुर्णा

5

चौरई

11( 1 ) ( च)

श्री सी.एम. अवस्थी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी , चौरई

क्र 596 - मंडी निर्वा.- 2014-15.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं , महेशचन्द्र चौधरी , कलेक्टर , छिन्दवाड़ा, मंडी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( ङ) के अनुक्रम में मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी, नियम- 2010 के अंतर्गत छिन्दवाड़ा जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मंडी समितियों के लिए एतद्वारा प्रतिनिधि नाम निर्दिष्ट करता हूं : - क्र. मंडी का नाम (2)

मंडी अधिनियम की धारा

नाम निर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता

(3)

(1)

1 छिन्दवाड़ा

(4)

11 (1 ) ( ङ)

श्री चंदन सिंह रघुवंशी, विपणन सहकारी समिति मर्या. , छिन्दवाड़ा

2 अमरवाड़ा

11 (1) ( ङ)

श्री भूपसिंह पटेल , विपणन सहकारी समिति मर्या. , अमरवाड़ा

3

सौंसर

श्री प्रताप दास शेन्दरे, विपणन सहकारी समिति मर्या. , सौंसर

11(1 ) (ङ)

महेशचन्द्र चौधरी, कलेक्टर.

347 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

कार्यालय, कलेक्टर, जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश

उज्जैन, दिनांक 20 फरवरी 2015

प्रारूप -ख

[नियम 5 का उपनियम ( 2 ) देखिये ]

क्र. 2015/2036.- अतएव, राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि खान नदी के जल परिवहन हेतु ग्राम मोजमखेड़ी, तहसील घट्टिया, जिला उज्जैन तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स के. के. स्पन पाईप प्रा. लि. , फरीदाबाद ( हरियाणा ) द्वारा भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाई जाए.

और, अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमि पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाने के प्रयोजन के लिए यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में, जिसमें भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाये जाने का प्रस्ताव है जो इस अधिसूचना के संलग्न अनुसूची में वर्णित है. उपयोग के लिए अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है .

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है , उस तारीख को जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है , इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू-अर्जन अधिकारी , तहसील घट्टिया, जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

खसरा क्र.

जिला

तहसील ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में)

(3)

(2)

(4)

(1)

(5)

76/2

उज्जैन

0.065 घट्टिया

78

0.110 ग्राम मोजमखेड़ी पटवारी हल्का नंबर 36

0.090

79

0.200

89

88

0.100

87

0.025

0.110

154/2 , 153/1/2

143

0.016

0.060

114/2

0.055

144

0.020

115

0.175

190/7

0.040

191/3

148/1

0.020 348

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

[ भाग 1 (1)

(2)

(4)

(3)

(5)

149

0.008

0.080

150

0.040

151

152

0.018

147

0.035

81

0.030

145

0.015

146

0.010

योग 1.322 क्र. 2015-2071 .- अतएव, राज्य सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि खान नदी के जल परिवहन हेतु ग्राम सांवराखेड़ी, तहसील उज्जैन, जिला उज्जैन तक मध्यप्रदेश राज्य में मेसर्स के. के. स्पन पाईप प्रा. लि. , फरीदाबाद ( हरियाणा ) द्वारा भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाई जाए.

और, अतएव, राज्य सरकार को उक्त भूमि पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाने के प्रयोजन के लिए यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में, जिसमें भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाये जाने का प्रस्ताव है जो इस अधिसूचना के संलग्न अनुसूची में वर्णित है. उपयोग के लिए अधिकार का अर्जन किया जाए.

अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है , उस तारीख को जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है, इक्कीस दिवस के भीतर, भूमि के नीचे पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू-अर्जन अधिकारी , तहसील उज्जैन, जिला उज्जैन , मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगाः-

अनुसूची

जिला

खसरा क्र.

तहसील ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में )

(5) (1)

(2)

(3)

(4)

उज्जैन

183/2

0.0274 उज्जैन

ग्राम सांवराखेड़ी

184/1

0.0457 पटवारी हल्का नंबर

185/1

0.0040 23/37

0.0571

185/2

119/1

0.0045

0.0388

119/2

0.0387

120/1

120/2

0.0410 349

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

भाग 1 ]

(3)

(1)

(2)

(4)

(5)

120/3

0.0411 उज्जैन

उज्जैन

मीन 2

ग्राम सांवराखेड़ी पटवारी हल्का नंबर

120/4

23/37 .

0.0068

मीन 2

171

0.1532

173/2

0.0068

174

20

0.2012

152

0.008

6

0.0228

8

0.0205

21/2

151/1

0.1463

172/2

173/1/1

0.0034

175/1/2

175/2/2

0.0331

0.0251

169/1

मीन 1

169/1

0.0252

मीन 2

169/2/2

मीन 1

176/1/2/2/2

0.0331

178/1/6

176/1/2/1/5

0.0503

176/1/2/2/1

178/1/5

176/1/2/1/4

0.0411

178/1/4

176/1/2/1/3

0.0182

178/1/3

1.0934

योग

रोहन सक्सेना, भू- अर्जन अधिकारी , सिंहस्थ.

350

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 फरवरी 2015

राज्य शासन के आदेश

महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल, दिनांक 26 फरवरी 2015

क्रमांक 685-278-15- पचास- 2.-किशोर न्याय ( बालकों की देखरेख और संरक्षण ) अधिनियम, 2000 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य सरकार , एतद्वारा नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में यथाविनिर्दिष्ट निम्नलिखित किशोर न्याय बोर्ड का गठन , कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये करती है और उक्त अधिनियम के अधीन ऐसे बोर्ड को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा कर्त्तव्यों का निवर्हन करने के प्रयोजनों के लिए, उसके ( अनुसूची के) क्रमशः ( 4 ) में यथाविनिर्दिष्ट सामाजिक कार्यकर्ताओं को नियुक्त करती है , अर्थात्ः-

अनुसूची

जिले का नाम

क्र. किशोर न्याय बोर्ड और उसका मुख्यालय

(2)

(1)

1

बुरहानपुर

(3)

सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम (4)

सदस्य

1. श्रीमती मेधा भिडे

बुरहानपुर

2. श्री प्रवीण चापोरकर

सदस्य No. 685-278-15 -L - 2.- In exercise of the power conferred by sub - section ( 1 ) and (2) of Section 4 of the Juvenile Justice ( Care & Protection of Children ) Act , 2000 , the State Government hereby Constitute the following Juvenile Justice Board as specified in the column (2) of the schedule below, for the District as specified in column (3 ) and appoints Social Workers as specified in the column (4) respectively thereof for the purpose of exercising of the powers and discharging the duties conferred on such board under the said Act , namely:-

SCHEDULE

S. No. Name of the Juvenile Justice Board & its Head Quarter

Name of the Honorary Social Workers Jurisdiction (Revenue District)

(2)

(1)

1

Burhanpur

(3)

(4)

Member 1. Smt . Medha Bhide

Burhanpur

Member 2. Shri Prveen Chaporkar

क्रमांक 687-437-15- पचास- 2.-किशोर न्याय ( बालकों की देखरेख और संरक्षण ) अधिनियम, 2000 की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य सरकार, एतद्वारा ( क ) नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट बाल कल्याण समिति का, उसके (अनुसूची के ) कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये गठन करती है और कॉलम ( 4 ) में यथाविनिर्दिष्ट सामाजिक कार्यकर्ताओं को नियुक्त करती है , अर्थात्ः-

अनुसूची

जिले का नाम

अ. क्र. बाल कल्याण समिति के मुख्यालय का जिला (2)

(1)

1

बुरहानपुर

सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम (4)

(3)

अध्यक्ष

1. डॉ. रघुनाथ महाजन

बुरहानपुर

2. श्रीमती तसनीम मर्चेन्ट सदस्य

सदस्य

3. डॉ. राकेश लाड

सदस्य

4. श्री मंसूर सेवक

No. 687-437-15 - L- 2.-In exercise of the power conferred by sub- section ( 1 ) and ( 2) of the Section 29 of the Juvenile Justice ( Care & Protection of Children) Act , 2000 , the State Government hereby Constitute the following Child Welfare Committee as specified in column ( 2 ) of the schedule below , for the District as specified in the column (3) and appoints Social Workers as specified in column ( 4) respectively , thereof for the purposes of exercising the powers and discharging the duties conferred on such Committees under the said Act , namely:-

SCHEDULE

S. No.

Name of the Honorary Social Workers Jurisdiction (Revenue District)

Name of the Child Welfare Committees & its District Head Quarter

(2)

(1) 1

Burhanpur

(4)

Chair Person 1. Dr. Raghunath Mahajan

(3) Burhanpur

Member 2. Smt . Tasneem Marchent 351

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

भाग 1 ]

(2)

(1)

(4)

(3)

Member 3. Dr .. Rakesh Laad

Member 4. Shri Mansoor Sewak

क्रमांक 689-220-15- पचास- 2.-किशोर न्याय ( बालकों की देखरेख और संरक्षण ) अधिनियम , 2000 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य सरकार, एतद्वारा नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में यथाविनिर्दिष्ट निम्नलिखित किशोर न्याय बोर्ड का गठन, कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये करती है और उक्त अधिनियम के अधीन ऐसे बोर्ड को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा कर्त्तव्यों का निवर्हन करने के प्रयोजनों के लिए, उसके ( अनुसूची के ) क्रमशः ( 4 ) में यथाविनिर्दिष्ट सामाजिक कार्यकर्ताओं को नियुक्त करती है, अर्थात्ः- अनुसूची

सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम जिले का नाम

क्र. किशोर न्याय बोर्ड और उसका मुख्यालय (1)

(2)

1

विदिशा

(3)

(4)

विदिशा

1 श्रीमती दीप्ति खरे

सदस्य No.689-220-15 - L- 2.-In exercise of the power conferred by sub- section ( 1 ) and (2) of Section 4 of the Juvenile Justice ( Care & Protection of Children) Act, 2000 , the State Government hereby Constitute the following Juvenile Justice Board as specified in the column (2) of the schedule below, for the District as specified in column (3 ) and appoints Social Workers as specified in the column ( 4) respectively thereof for the purpose of exercising of the powers and discharging the duties conferred on such board under the said Act , namely :-

S. No. Name of the Juvenile Justice Board

& its Head Quarter

Schedule

Jurisdiction

Name of the Honorary Social Workers

(Revenue District)

(2)

(1)

1

Vidisha

(3)

(4)

Vidisha

Member 1 Smt . Deepti Khare

क्रमांक 691-645-15- पचास-2.-किशोर न्याय ( बालकों की देखरेख और संरक्षण ) अधिनियम, 2000 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य सरकार, एतद्वारा नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में यथाविनिर्दिष्ट निम्नलिखित किशोर न्याय बोर्ड का गठन, कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये करती है और उक्त अधिनियम के अधीन ऐसे बोर्ड को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा कर्त्तव्यों का निवर्हन करने के प्रयोजनों के लिए, उसके ( अनुसूची के ) क्रमशः ( 4 ) में यथाविनिर्दिष्ट सामाजिक कार्यकर्ताओं को नियुक्त करती है , अर्थात्: - अनुसूची

जिले का नाम

क्र. किशोर न्याय बोर्ड और उसका मुख्यालय

(2)

(1)

रायसेन

1

सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम

(4)

(3)

रायसेन

सदस्य

1 कु. नीमा मीना

No. 691-645-15 - L- 2.-In exercise of the power conferred by sub- section ( 1 ) and (2 ) of Section 4 of the Juvenile Justice (Care & Protection of Children ) Act , 2000 , the State Government hereby Constitute the following Juvenile Justice Board as specified in the column (2 ) of the schedule below, for the District as specified in column (3 ) and appoints Social Workers as specified in the column (4) respectively thereof for the purpose of exercising of the powers and discharging the duties conferred on such board under the said Act , namely :----

SCHEDULE

S. No. Name of the Juvenile Justice Board

& its Head Quarter Jurisdiction

Name of the Honorary Social Workers

(Revenue District)

(2)

(1)

1

Raisen

(3)

(4)

Member Raisen

1 Ku . Neema Meena

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,

प्रज्ञा औरंगाबादकर, अवर सचिव.

352

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

दमोह , दिनांक 19 नवम्बर 2014

क्र. भू- अर्जन- 2014-994-प्र. क्र. 02-अ-82- वर्ष 2014-2015.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने हेतु अधिकृत करता हूं :-

भूमि का वर्णन सार्वजनिक प्रयोजन जिला

ग्राम/नगर

तहसील का नाम

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)

(3)

(4) (1)

दमोह हटा

मडियादो डांडी

0.38 0.55 योग . 0.93

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण सागर संभाग सागर .

हटा मडियादो मार्ग पर सुनार नदी में कांटी घाट पर पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण की भूमि का अर्जन.

(1) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी उपखंड हटा एवं कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग सागर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

क्र. भू-अर्जन- 2014-15-1379-प्र. क्र. 03 -अ- 82- वर्ष 2014-2015.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने हेतु अधिकृत करता हूं :-

भूमि का वर्णन सार्वजनिक प्रयोजन

ग्राम/नगर

जिला तहसील का नाम

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2)

(4) हटा

दमोह

(3) वर्धा खैराखैरी

0.75 0.78 योग 1.53

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 11 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण सागर संभाग , सागर .

हटा वर्धा मुहरई मार्ग पर सुनार नदी में खैराखैरी घाट पर पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण की भूमि का अर्जन.

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि का नक्शा ( प्लान) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी उपखंड हटा एवं कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग सागर के कार्यालय में देखा जा सकता है .

353

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

भाग 1 ]

दमोह, दिनांक 24 नवम्बर 2014

क्र. क - भू.अ.वि.अ. - 2014-15-1028- रा.प्र.क्र. 02-82 - वर्ष 14-15.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करने के लिये अधिकृत करता हूं :-

भूमि का वर्णन सार्वजनिक प्रयोजन

नगर/ग्राम

जिला तहसील/ तालुक का नाम

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित

रकबा

(वर्गमीटर में)

अर्जित क्षेत्रफल (हे. में)

(4) 0.55 (1) दमोह

(2) पथरिया

(3) खौजाखेड़ी

0.55

योग ..

(5) 1100

(6) संभागीय प्रबंधक म. प्र. रोड, डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लि. सागर ( म.प्र. )

(7) बी.ओ.टी. ( टोल एन्यूटी ) योजनांतर्गत दमोह पथरिया गढ़ाकोटा मार्ग का निर्माण कार्य बाबत्.

1100

भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) पथरिया संभागीय प्रबंधक म. प्र. रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लि. सागर ( म. प्र. ) के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, स्वतंत्र कुमार सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

नरसिंहपुर, दिनांक 29 जनवरी 2015

प्र. क्र. 01 अ-82 वर्ष 2013-14 - गाडरवारा- पत्र क्र. 245- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः सही भूमि अधिग्रहण , पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 ( 1 ) की उपधारा ( 3 ) द्वारा की गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) (1) (2)

0.300 नरसिंहपुर गाडरवारा रायपुर नं.बं. 406 प.ह.नं. 88 .

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा ( 3 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण हेतु.

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण ) संभाग जबलपुर.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी , गाडरवारा में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नरेश पाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

354

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

[भाग 1 कार्यालय, कलेक्टर, जिला शहडोल, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

शहडोल, दिनांक 30 जनवरी 2015

क्र. 127- दस- भू-अर्जन-14-प्र.क्र. अ-82-2014-15 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधन हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) में उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के कालम ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गयी शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्राधिकृत करता हूं, चूंकि उक्त निर्माण कार्य पूर्व में किया जा चुका है , और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -

भूमि का विवरण

जिला (1) शहडोल

तहसील (2) सोहागपुर

नगर/ग्राम (3) शहडोल वार्ड क्र. 9.

लगभग क्षेत्रफल (4) 0.80 एकड़

अनुसूची

प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभांग ( भ/स ) शहडोल.

(6) उप संभाग कार्यालय विद्युत् यांत्रकीय शहडोल ( पी.डब्लू. डी. ) गोदाम, वर्कशाप , पी. डब्लू. डी. के आवासीय क्वार्टर एवं परिसर हेतु निजी भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा प्लाट कलेक्टर/ तहसील सोहागपुर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक कुमार भार्गव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

खण्डवा, दिनांक 4 फरवरी 2015

भू-अर्जन- प्र. क्र. 21-अ- 82-12-13.- शुद्धिपत्र- नावली तालाब योजना के बांध एवं डूब निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु ग्राम देशगांव तहसील खण्डवा जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा के भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक 21-अ-82-12-13 में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की अधिसूचना का प्रकाशन म. प्र. राजपत्र भाग-1 में दिनांक 5-7-13 को राज एक्सप्रेस में दिनांक 29-6-13 को , चौथा संसार में दिनांक 28-6-2013 को एवं आम इश्तहार दिनांक 29-6-2013 को हुआ है . उक्त अधिसूचना में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे.

प्रकाशन जिसमें हुआ (1)

पूर्व प्रकाशन प्रविष्टि

(2)

मध्यप्रदेश राजपत्र भाग-1 में दिनांक 5-7-2013 राज एक्सप्रेस में दिनांक 29-6-2013

चौथा संसार में दिनांक 28-6-2013

आम इश्तहार दिनांक 29-6-2013

सही संशोधित प्रविष्टि (3)

9.98 हे.

9.00हे.

9.00 हे.

9.98 हे.

9.98 हे.

9.00हे.

9.98 हे.

9.00 हे.

उक्त प्रकाशन अधिसूचना में कुल अर्जनीय रकबा 9.00 हे . के स्थान पर 9.98 हे . पढ़ा जावे.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

355

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग खण्डवा, दिनांक 19 फरवरी 2015

शुद्धि-पत्र

नस्ती क्र. 76-12 - एल.ए. भू- अर्जन प्रकरण क्रमांक- 33-अ- 82-11-12.- मूंदी- सुलगांव- सनावद मार्ग पर प्रस्तावित पुनासा बायपास निर्माण हेतु ग्राम पुनासा तहसील पुनासा जिला खण्डवा के भू-अर्जन प्रकरण क्रमांक- 33-अ- 82-11-12 में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 की उद्घोषणा का प्रकशन मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 19 अक्टूबर 2012 को एवं दो दैनिक समाचार- पत्रों नईदुनिया समाचार- पत्र में दिनांक 13 अक्टूबर 2012 को, पत्रिका समाचार पत्र में दिनांक 13 अक्टूबर 2012 को तथा आम इश्तिहार में दिनांक 13 अक्टूबर 2012 को हुआ है.

उक्त उद्घोषणा में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जावे:-

पूर्व प्रकाशित प्रविष्टि

सही संशोधित प्रविष्टि प्रकाशन जिसमें हुआ

खसरा

रकबा

(हे.में. )

(1)

नं. (2) (3)

खसरा नं. (4)

रकबा (हे.में. ) (5)

209/1/1 0.350

0.350 मध्यप्रदेश राजपत्र भाग -1 में दिनांक 19-10-12 .

209/2क 209/3ख 209/4क

0.350

209/1/1 0.350

नई दुनिया समाचार पत्र में दिनांक 13-10-12 .

209/2क 209/3ख 209/4क

0.350 पत्रिका समाचर पत्र 209/1/1 0.350

में दिनांक

209/2क 209/3ख 209/4क 13-10-12 .

0.350

0.350

209/1/1

आम इश्तिहार में दिनांक 13-10-12 .

209/2क 209/3ख 209/4क उक्त प्रकाशन उद्घोषणा में कुल अर्जनीय रकबा 3.747 हे . यथावत रहेगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला छतरपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग छतरपुर, दिनांक 20 फरवरी 2015

प्र. क्र. 01 - अ- 82 - भू-अर्जन- 2013-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 2 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 3 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अन्तर्गत इसके लिये यह घोषणा किया है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- छतरपुर

(ख) तहसील- छतरपुर

(ग) नगर/ग्राम-कदारी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- निजी भूमि 14.297 हेक्टर.

अर्जित की जा रही भूमि का खसरा नं.

अर्जित रकबा/ क्षेत्रफल (हे. में ) (2)

(1)

246

0.395

0.150

247

0.220

253

0.101

254/1

0.550

254/2

256

0.040

258

0.480

0.330

260

0.240

265

270/2

0.050

273

0.308

0.020

274/2

275/1

0.092

0.092

275/2

275/3

0.092

0.091

275/4

275/5

0.091

275/6

0.091

275/7

0.091

0.030

289/3 356

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

(2) (1)

289/6

0.030

0.030 289/7

0.080 293/1/1

293/1/4

0.150

0.120 293/1/3

0.100 293/1/5

293/1/6

0.100 293/1/7

0.100

0.300 294

0.248 295/1

304/1/3

0.120 304/1/5

0.100

0.075 293/1/2

304/1/1

0.100 306

0.275 406/1

0.040 406/2

0.030

0.030 406/3

407

0.662 411/1

0.147 411/2

0.126 411/3

0.147 412/1

0.140

0.140 412/2

412/3

0.048 417/2

0.330 884

0.080 886/1

0.030 893/1

0.052 893/2

0.016 893/3

0.032 895

0.550 896

0.024 897/1

0.350 897/2

0.325

0.329 917

0.200 918

0.036 930

0.270 931

932/1

0.313 932/2

0.220 1005

0.227 1006

0.227 1007

0.024

[भाग 1 (1)

(2)

0.100

1008

1016

0.010

1017

0.170

1018

0.142

0.219

1019

1020

0.035

0.115

1024

1025

0.010

1027

0.130

1142

0.010

1155

0.030

1060

0.065

1061

0.085

1062

0.210

1066

0.034

1067

0.004

1068

0.020

0.040

1182

1183

0.230

0.150

1187

1188

0.350

1189

0.010

0.010

1290

1192

0.510

0.040

1194

1198

0.078

0.213

1200

1201

0.090

1202

0.036

1203

0.240

1204

0.012

1285

0.090

1286

0.154

1289

0.028

योग . 14.297

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है- ललितपुर- सिंगरौली ( खजुराहो ) नई बड़ी रेल लाईन निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर, भू-अर्जन कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मसूद अख्तर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

357

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 20 फरवरी 2015

प. क्र. 356- प्रशा.- भू-अर्जन 2013-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता काअधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- सेमरिया

(ग) ग्राम- खम्हरिया

(घ ) लगभग क्षेत्रफल -3.115 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा

(हे. में )

(2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

367

0.052

359

0.076

362

0.005

0.041

363

365

0.367

0.130

364

0.231

380

411

0.050

0.577

410

409

0.007

0.085

236

432

0.017

0.150

237

0.013

235

234

0.358

233

0.323

0.361

231

230

0.021

436

0.253

योग 3.115

( 2) प्रमाणित किया जाता है कि दिये गये खसरा एवं रकबा के अलावा कोई रकबा शेष नहीं है .

(3 ) सार्वजनिक प्रयोजन के जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा मुख्य नहर के सकरिया माइनर नहर के निर्माण आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

प. क्र. 358 - प्रशा. - भू-अर्जन 2013-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- सेमरिया

(ग ) ग्राम-कौड़िहाई

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 2.553 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा

(हे. में)

(2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

4

0.023

1

0.336

2

0.402

3

0.043

14

0.044

0.474

23

16

0.004

22

0.018

21

0.389

20

0.398

53

0.024

18

0.263

0.060

184

185

0.075

योग 2.553 358

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 फरवरी 2015

(2) प्रमाणित किया जाता है कि दिये गये खसरा एवं रकबा के अलावा कोई रकबा शेष नहीं है .

( 3) सार्वजनिक प्रयोजन के जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा मुख्य नहर के मझगंवा शाखा के निर्माण आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

प. क्र. 360- प्रशा.- भू-अर्जन 2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- बिरसिंहपुर

(ग) ग्राम-रिमारी

(घ) लगभग क्षेत्रफल -4.415 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हे. में) (2)

(1)

अ- निजी पट्टे की भूमि

59

0.139

60

0.061

0.107

58

7

0.039

8

0.286

0.030

56

0.179

9

14

0.070

10

0.164

13

0.138

0.206

11

0.067

27

50

0.121

(1)

(2)

51

0.049

0.158

49

66

0.125

0.233

65

0.239

64

0.027

45

47

0.063

76

0.111

77

0.408

0.341

78

79

0.004

80

0.006

0.021

96

97

0.232

95

0.100

93

0.115

0.073

98

92

0.122

99

0.038

0.144

91

0.018

100

0.142

90

89

0.036

0.001

101

योग 4.415

(2 ) प्रमाणित किया जाता है कि दिये गये खसरा एवं रकबा के अलावा कोई रकबा शेष नहीं है .

(3 ) सार्वजनिक प्रयोजन के जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा मुख्य नहर के मझगंवा शाखा नहर के निर्माण आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु .

( 4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

प. क्र. 362 - प्रशा.- भू-अर्जन 2014-15. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा भाग 1 ]

359

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थिति सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- सेमरिया

(ग) ग्राम- झकौरा

( घ ) लगभग क्षेत्रफल -4.148 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हे. में)

(1)

(2)

अ- निजी पट्टे की भूमि

167

0.028

168

0.143

0.188

165

403

0.011

166

0.130

163

0.108

164

0.051

नंबर नहीं

0.014

0.013

नंबर नहीं

नंबर नहीं

0.019

161

0.101

0.038

162

158

0.128

0.001

157

0.020

128

135

0.385

136

0.323

137

0.012

82

0.330

81

0.158

79

0.018

0.295

84

77

0.088

85

0.245

0.195

86

0.725

74

73

0.032

66

0.268

67

0.027

10

0.024

योग 4.148

(2 ) प्रमाणित किया जाता है कि दिये गये खसरा एवं रकबा के अलावा कोई रकबा शेष नहीं है.

( 3) सार्वजनिक प्रयोजन के जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा मुख्य नहर के मझगंवा माइनर शाखा नहर के निर्माण आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प. क्र. 364- प्रशा.- भू-अर्जन 2013-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थिति सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील- सेमरिया

(ग) ग्राम- पिपरा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 5.491 हेक्टेयर .

खसरा नं .

अर्जित रकबा (हे. में)

(2)

(1)

अ- निजी पट्टे की भूमि

207

0.033

206

0.033

202

0.044

0.107

208

209

0.182

210

0.018

197

0.250

0.036

196

198

0.046

0.074

194

193

0.113

181

0.050

177

0.062

0.121

176

179

0.031

178

0.080

174

0.044

511

0.075

219

0.313

220

0.011 360

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 फरवरी 2015

(2)

(1)

228

0.240

229

0.150

230

0.035

0.224

347

346

0.020

345

0.030

0.066

344

334

0.355

335

0.034

325

0.164

0.102

326

327

0.194

329

0.005

301

0.014

300

0.153

304

0.065

303

0.065

299

0.062

261

0.150

298

0.042

0.144

262

263

0.115

266

0.162

267

0.004

0.094

268

0.058

271

276

0.071

274

0.085

273

0.102

272

0.048

43

0.084

0.046

42

0.075

41

0.510

40

योग 5.491

(2) प्रमाणित किया जाता है कि दिये गये खसरा एवं रकबा के अलावा कोई रकबा शेष नहीं है.

(3 ) सार्वजनिक प्रयोजन के जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा मुख्य नहर के सकरिया माइनर नहर के निर्माण आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

[भाग 1 प. क्र. 366- प्रशा.- भू-अर्जन 2013-14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थिति सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- सेमरिया

(ग ) ग्राम- छिरहटा

(घ) लगभग क्षेत्रफल -0.973 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा

(हे. में)

(2)

(1)

अ- निजी पट्टे की भूमि

11

0.343

0.048

23

14

0.060

0.030

24

0.004

77

20

0.087

19

0.004

0.020

18

16

0.102

17

0.035

10

0.196

15

0.044

0.973

योग

(2 ) प्रमाणित किया जाता है कि दिये गये खसरा एवं रकबा के अलावा कोई रकबा शेष नहीं है.

(3) सार्वजनिक प्रयोजन के जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा मुख्य नहर के मझगंवा शाखा नहर के निर्माण आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

प. क्र. 368- प्रशा.- भू-अर्जन- 2013-14. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का भाग 1 ]

361

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 फरवरी 2015

अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- सेमरिया

(ग) ग्राम- पिपरांछ

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 4.995 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा

(हे. में)

(1)

(2)

अ-निजी पट्टे की भूमि

77

0.119

183

0.028

184

0.192

185

0.273

0.023

186

187

0.136

188

0.027

0.075

189

190

0.395

191

0.013

192

0.160

0.002

194

193

0.133

197

0.581

195

0.030

196

0.015

0.225

246

245

0.046

247

0.856

258

0.041

241

0.016

257

0.057

256

0.202

255

0.297

282

0.034

281

0.079

0.132

280

265

0.004

266

0.029

267

0.064

268

0.009

0.059

269

0.083

279

276

0.095

277

0.174

275

0.218

(1)

(2)

0.073

274

4.995

योग

(2 ) प्रमाणित किया जाता है कि दिये गये खसरा एवं रकबा के अलावा कोई रकबा शेष नहीं है.

(3) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत पुरवा मुख्य नहर के मझगंवा शाखा नहर के निर्माण आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

( 4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. डी. एस. अग्निवंशी , प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला विदिशा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग विदिशा, दिनांक 11 दिसम्बर 2014

प्र. क्र. 02- अ-82-13-14- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 एवं भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 21 के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- विदिशा

(ख) तहसील- विदिशा

(ग ) ग्राम- पीपलखेड़ा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.060 हेक्टेयर.

सर्वे नं.

लगभग क्षेत्रफल

(हे. में. )

(1)

(2)

0.060

157/1 ग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- पीपलखेड़ा नहर की माइनर एल. एम. 6 .

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का उपखण्ड अधिकारी विदिशा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. बी. ओझा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

362

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

कार्यालय, कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दमोह , दिनांक 11 फरवरी 2015

क्र. क/ भू- अर्जन- 2015- रा. प्र.क्र. 04-अ- 82- वर्ष 2013- 14.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- अशासकीय भूमि का अर्जन (क) जिला-दमोह

(ख ) तहसील- पथरिया

(ग) ग्राम- खजरी, करैया लखरोनी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.11 हेक्टेयर.

अर्जित क्षेत्रफल

कुल खसरा

नंबर

(हे. में)

(1)

(2)

ग्राम का नाम खजरी

0.12

277/3,4

0.02

297

276/1

0.20

0.04

291/2

0.01

305

452/1

0.05

456

0.03

0.02

418/1

0.02

431/2

453/3

0.05

453/4

0.05

432/1

0.02

0.01

432/2,3

0.01

299

0.01

425

428

0.02

0.14

387

426

0.01

427

0.01

267

0.05

0.01

314

308

0.02

422

0.04

431/1

0.01

0.06

388/1

0.02

418/2

397/3

0.05

266

0.04

[ भाग 1 (1)

(2)

390/1

0.12

0.06

448

476

0.03

415/1

0.02

415/2

0.08

389/2

0.03

291/1

0.17

298

0.01

302

0.02

279

0.40

0.08

292/1

0.03

447

455

0.05

454

0.04

424

0.05

389/1

0.04

303

0.01

418/3

0.02

388/2

0.05

390/2

0.12

301

0.01

291/3

0.17

304

0.01

386

0.14

453/1

0.10

ग्राम का नाम करैया लखरौनी

245/2

0.06

247/1

0.07

230

0.05

236

0.09

0.09

241/3,4

231

0.05

0.14

241/1

225/1

0.12

225/2

0.06

245/1

0.06

232

0.03

237

0.09

0.05

233/1

248/1

0.15

योग .. 4.11

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- पथरिया किन्द्रहो जेरठ मार्ग का निर्माण कार्य.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) पथरिया एवं कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग (भ/स ) दमोह के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, स्वतंत्र कुमार सिंह कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

363

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 फरवरी 2015

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 30 जनवरी 2015

क्र. A-672- मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की स्थापना पर निम्नलिखित सहायक ग्रेड एक की पदोन्नति अनुभाग अधिकारी के रिक्त पद पर वेतनमान रु. 6500-200-10,500 ( पुनरीक्षित वेतन बैंड रु. 9,300-34800 + ग्रेड पे रु. 4200 ) में, अस्थाई एवं स्थानापन्न रूप से, आगामी आदेशपर्यन्त, कॉलम नं. ( 3 ) पर दर्शाई गई स्थापना पर की जाती है एवं निर्देशित किया जाता है कि वे आदेश दिनांक से 15 दिवस के अन्दर पदोन्नत पद पर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करें अन्यथा उनकी पदोन्नति स्वयमेव निरस्त समझी जावेगी एवं उनकी पदोन्नति पर आगामी एक वर्ष तक विचार नहीं किया जावेगा :-

टिप्पणी क्र. नाम एवं वर्तमान

पदस्थापना

पदोन्नति पर पदस्थापना

(2)

(1)

(3)

(4)

रिक्त पद पर

मुख्यपीठ जबलपुर

1 श्री एस. के. वर्मा, मुख्यपीठ जबलपुर.

2 कु. ताप्ती मुखर्जी, मुख्यपीठ जबलपुर रिक्त पद पर मुख्यपीठ जबलपुर.

रिक्त पद पर 3 श्री निशिकांत राशिनकर, खण्डपीठ ग्वालियर खण्डपीठ ग्वालियर.

4 कुमारी ज्योत्सना बाजपेई, मुख्यपीठ जबलपुर रिक्त पद पर मुख्यपीठ जबलपुर .

खण्डपीठ ग्वालियर रिक्त पद पर 5 श्रीमती शैल गुप्ता, खण्डपीठ ग्वालियर.

6 श्री डी. पी . शर्मा, मुख्यपीठ जबलपुर रिक्त पद पर मुख्यपीठ जबलपुर.

रिक्त पद पर 7 श्री सुधीर कुमार आचार्य, मुख्यपीठ जबलपुर मुख्यपीठ जबलपुर.

8 श्री आर. एस. राजपूत, मुख्यपीठ जबलपुर रिक्त पद पर मुख्यपीठ जबलपुर.

रिक्त पद पर 9. श्री यू. के. सांवले, मुख्यपीठ जबलपुर मुख्यपीठ जबलपुर.

10. कु. शशि प्रभा सिंह, खण्डपीठ ग्वालियर रिक्त पद पर खण्डपीठ ग्वालियर.

(4) (2)

(3)

(1)

रिक्त पद पर 11 श्री सुरेन्द्र कुमार तिवारी , मुख्यपीठ जबलपुर मुख्यपीठ जबलपुर.

रिक्त पद पर 12 श्री शिव सहाय सिंह , मुख्यपीठ जबलपुर मुख्यपीठ जबलपुर.

मुख्यपीठ जबलपुर रिक्त पद पर 13 श्री गिरीश शर्मा, मुख्यपीठ जबलपुर .

14 श्रीमती अलका परदेशी , मुख्यपीठ जबलपुर रिक्त पद पर मुख्यपीठ जबलपुर.

क्र. 95 -गोपनीय- 2015- दो- 2-1-2015 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 229 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में उल्लेखित उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों को, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में अंकित स्थान से स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 4 ) में अंकित स्थान पर एवं स्तम्भ ( 5 ) में उल्लेखित पद पर, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करते हैं :-

सारणी

क्र.

नाम

कहां से कहां को

(1) (2) (3) (4)

पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (5) 1 श्री अरविंद मोहन सीहोर ग्वालियर प्रिंसिपल रजिस्ट्रार, सक्सेना, जिला एवं सत्र

न्यायाधीश , सीहोर .

उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, खण्डपीठ ग्वालियर, ग्वालियर की हैसियत से श्री राधाकिशन गुप्ता के स्थान पर.

2 श्री नवीन कुमार जबलपुर ग्वालियर विशेष कर्त्तव्यस्थ सक्सेना, रजिस्ट्रार

(न्यायिक-2 ) उच्च

न्यायालय, मध्यप्रदेश जबलपुर .

अधिकारी/रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, खण्डपीठ ग्वालियर, ग्वालियर की हैसियत से.

364

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

जबलपुर, दिनांक 2 फरवरी 2015

क्र. 102- गोपनीय - 2015 - दो- 2-1-2015 ( भाग - बी) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 229 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में उल्लेखित उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारी को, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में अंकित स्थान से स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 4 ) में अंकित स्थान पर एवं स्तम्भ ( 5 ) में उल्लेखित पद पर, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करते हैं :-

सारणी

कहां को

नाम

कहां से

क्र.

पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी

(3) (4)

(2)

(5) (1)

जबलपुर जबलपुर रजिस्ट्रार (न्यायिक-2 ) 1. श्री ओंकारनाथ,

विशेष कर्त्तव्यस्थ

उच्च न्यायालय, अधिकारी, उच्च

मध्यप्रदेश, जबलपुर

कीहैसियत से.

न्यायालय , मध्यप्रदेश

जबलपुर.

जबलपुर, दिनांक 3 फरवरी 2015

क्र. C- 512.- मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , मुख्यपीठ जबलपुर खण्डपीठ इन्दौर एवं खण्डपीठ ग्वालियर की स्थापना पर कार्यरत निम्नलिखित निजी सहायक को अस्थाई एवं स्थानापन्न रूप से आगामी आदेश पर्यन्त निजी सचिव के रिक्त पद पर ( पुनरीक्षित वेतन बैंड रु . 9,300-34800 + ग्रेड पे रु. 4200 ) में पदोन्नत करते हुए उन्हें कालम नंबर ( 4 ) में दर्शित स्थान पर उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ किया जाता है : -

टिप्पणी

पदोन्नतिपर

क्र. नाम एवं वर्तमान

पदस्थापना

पदस्थापना

(2)

(3)

(4) (1)

रिक्त पद पर

मुख्यपीठ जबलपुर

मुख्यपीठ जबलपुर. 1. श्री नवीन नागदेवे ,

खण्डपीठ इन्दौर रिक्त पद पर 2. श्री नरेन्द्र कुमार रायपुरिया,

खण्डपीठ इन्दौर.

मुख्यपीठ जबलपुर रिक्त पद पर 3. श्रीमती मनीषा अलोक शेवाले,

मुख्यपीठ जबलपुर.

(3)

(4) (1) (2)

रिक्त पद पर 4. कु. रश्मि टीकाराम मुख्यपीठ जबलपुर

चिकाने,

मुख्यपीठ जबलपुर.

रिक्त पद पर 5. श्री शैलेष महादेव

खण्डपीठ इन्दौर

सुखदेवे,

खण्डपीठ इन्दौर.

खण्डपीठ ग्वालियर रिक्त पद पर 6. श्री संजय नामदेवराव दुर्गेकर, खण्डपीठ ग्वालियर.

रिक्त पद पर

मुख्यपीठ जबलपुर

7. कु. सुप्रीया नायर मुख्यपीठ जबलपुर.

मुख्यपीठ जबलपुर रिक्त पद पर 8. श्री बेनी वर्गीस जॉन मुख्यपीठ जबलपुर.

रिक्त पद पर

मुख्यपीठ जबलपुर

9. श्री अनुराग सोनी मुख्यपीठ जबलपुर.

खण्डपीठ इन्दौर रिक्त पद पर 10. श्री सोम्य रंजन दलाई खण्डपीठ इन्दौर.

मुख्यपीठ जबलपुर रिक्त पद पर 11. कु. रीना एस. दास, मुख्यपीठ जबलपुर.

मुख्यपीठ जबलपुर रिक्त पद पर 12 श्रीमती मंजू चौकसे, मुख्यपीठ जबलपुर.

माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,

वेद प्रकाश, रजिस्ट्रार जनरल.

जबलपुर, दिनांक 6 फरवरी 2015

क्र. बी- 561-दो- 2-5-2013 .- श्री गजेन्द्र सिंह, संकाय सदस्य, मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3- ( ए) 19-03 -इक्कीस - ब( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2011 से 31 अक्टूबर 2013 तक दो वर्ष की ब्लाक अवधि हेतु तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.

माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,

व्ही. बी. सिंह, रजिस्ट्रार.

365

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

भाग 1 ]

जबलपुर, दिनांक 3 फरवरी 2015

क्र. A- 718- दो-2-22-2012.- श्री अरूण सिंह तोमर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उमरिया को दिनांक 23 से 31 जनवरी 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 1 फरवरी 2015 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री अरूण सिंह तोमर , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , उमरिया को उमरिया पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री अरूणसिंह तोमर, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. A- 720- दो - 2-22-2013 .- श्री एच. एन. बाजपेई, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दतिया को दिनांक 22 से 27 दिसम्बर 2014 तक छः दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 28 से 30 दिसम्बर 2014 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री एच. एन . बाजपेई, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दतिया को दतिया पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित/शीतकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एच. एन. बाजपेई , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. A- 722- दो - 2-22-2013 .- श्री एच. एन. बाजपेई, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दतिया को दिनांक 27 नवम्बर 2014 से 4 दिसम्बर 2014 तक आठ दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में से दिनांक 30 नवम्बर 2014 से 1 दिसम्बर 2014 तक तथा दिनांक 4 दिसम्बर 2014 का कुल तीन दिन का अर्जित अवकाश उपभोग नहीं करने के कारण निरस्त किया जाता है .

क्र. A- 724-दो- 2-35-2006 .- श्री आर. के. दुबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राजगढ़ - ब्यावरा को दिनांक 22 से 23 दिसम्बर 2014 तक दो दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 24 दिसम्बर 2014 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 21 दिसम्बर 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 25 दिसम्बर 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , राजगढ़ - ब्यावरा को राजगढ़ - ब्यावरा पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित/शीतकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. के. दुबे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

जबलपुर, दिनांक 4 फरवरी 2015

क्र. C - 520- दो - 2-26-2012.- श्री हरिशंकर वैश्य , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शहडोल को दिनांक 19 से 26 अक्टूबर 2014 तक के सार्वजनिक अवकाश के साथ एल.टी.सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2011 से वर्ष 2015 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक -3 ( ए) 19-03- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666 - इक्कीस ब ( एक) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत उनके आवेदन पत्र दिनांक 24 दिसम्बर 2014 के अनुसार प्रदान की जाती है .

क्र. C- 522-दो-2-49-2007.-श्री जी. के . शर्मा, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , मण्डलेश्वर को दिनांक 20 से 24 दिसम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का कम्यूटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 25 दिसम्बर 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री जी. के. शर्मा , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, मण्डलेश्वर को मण्डलेश्वर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री जी. के. शर्मा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

366

क्र. D -624-दो- 2-3-2015.- श्री प्रद्युम्न सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, टीकमगढ़ को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- ( ए) 19-03- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक नवम्बर 2011 से 31 अक्टूबर 2013 तक दो वर्ष की ब्लाक अवधि के लिए तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने को स्वीकृति प्रदान की जाती है.

क्र. D- 626-दो- 2-17-2012.- श्रीमती एन.व्ही. कौर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , इंदौर को दिनांक 22 से 24 दिसम्बर 2014 तक तीन दिवस के शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 25 से 27 दिसम्बर 2014 तक के अर्जित अवकाश के साथ एल.टी.सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2011 से वर्ष 2015 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृतिं मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक - 3- ( ए) 19-03 - इक्कीस ( एक) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक 3666- इक्कीस - ब ( एक ) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अन्तर्गत उनके आवेदन - पत्र दिनांक 2 जनवरी 2015 के अनुसार प्रदान की जाती है.

क्र. D-628- दो- 2-58-2014.- श्री पी. सी. शर्मा, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , बालाघाट को दिनांक 24 से 27 नवम्बर 2014 तक चार दिन के पूर्व स्वीकृत अर्जित अवकाश के पूर्व के अनुक्रम में दिनांक 22 से 23 नवम्बर 2014 तक दो दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री पी . सी. शर्मा, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , बालाघाट को बालाघाट पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री पी. सी. शर्मा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. D - 630-दो- 2-20-2006.- श्री कमल सिंह ठाकुर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , ग्वालियर को दिनांक 6 से 19 जनवरी 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चौदह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री कमल सिंह ठाकुर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री कमल सिंह ठाकुर, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

[ भाग 1 क्र. D- 632- दो- 2-53-2014.- श्री के. पी. सिंह , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, राजगढ़ - ब्यावरा को दिनांक 01 से 02 जनवरी 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री के. पी. सिंह , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , राजगढ़ - ब्यावरा को राजगढ़ - ब्यावरा पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री के. पी. सिंह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

जबलपुर, दिनांक 5 फरवरी 2015

क्र. B - 519- दो-2-32-2010.- श्रीमती कनकलता सोनकर, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , शहडोल को दिनांक 2 से 3 दिसम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती कनकलता सोनकर, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , शहडोल को शहडोल पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कनकलता सोनकर उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

जबलपुर , दिनांक 6 फरवरी 2015

क्र. B - 550- दो - 2-36-2014.- श्री महेश भदकारिया , प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , मुरैना को दिनांक 15 से 17 दिसम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 14 दिसम्बर 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री महेश भदकारिया, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, मुरैना को मुरैना पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री महेश भदकारिया, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

भाग 1 ]

क्र. B - 553- दो - 2-46-2010 .- श्रीमती दुर्गा डाबर, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, उज्जैन को दिनांक 29 नवम्बर 2014 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 30 नवम्बर 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती दुर्गा डाबर, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती दुर्गा डाबर, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. B - 555-दो - 3-47-2003.- श्री एस. एन . खरे , प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , रीवा को दिनांक 20 नवम्बर 2014 से 2 जनवरी 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री एस. एन. खरे, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, रीवा को रीवा पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस. एन. खरे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. B- 563- दो - 2-49-2007 .- श्री जी. के. शर्मा , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, मण्डलेश्वर को दिनांक 8 से 9 दिसम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 7 दिसम्बर 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री जी. के. शर्मा, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , मण्डलेश्वर को मण्डलेश्वर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री जी. के. शर्मा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 598- दो- 2-5-2006.- श्रीमती जयश्री वर्मा, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , उज्जैन को दिनांक 6 दिसम्बर 2014 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती जयश्री वर्मा , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है .

367

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 फरवरी 2015

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती जयश्री वर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. C- 601- दो - 2-19-2008 .- श्री एन . के. शुक्ला, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, होशंगाबाद को दिनांक 26 से 27 दिसम्बर 2014 तक दो दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 28 दिसम्बर 2014 से 3 जनवरी 2015 तक सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 25 दिसम्बर 2014 के एवं पश्चात् में दिनांक 4 जनवरी 2015 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान का जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री एन. के. शुक्ला, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, होशंगाबाद को होशंगाबाद पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित/शीतकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एन. के. शुक्ला, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. D-747-दो- 2-53-2009.- श्री महेन्द्र पी . एस. अरोरा , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , इन्दौर को दिनांक 12 से 14 जनवरी 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 15 जनवरी 2015 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री महेन्द्र पी. एस . अरोरा , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , इन्दौर को इंदौर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री महेन्द्र पी. एस. अरोरा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. D- 753-दो- 2-24-2014 .- श्री अरूण कुमार शर्मा, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , छतरपुर को दिनांक 17 से 18 दिसम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर अरूण कुमार शर्मा, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , छतरपुर को छतरपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

368

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री ए. के. शर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. D - 755- दो- 2-49-2007.- श्री जी. के . शर्मा, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , मण्डलेश्वर को दिनांक 9 से 13 फरवरी 2015 तक दोनों सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 8 फरवरी 2015 के एवं पश्चात् में दिनांक 14 एवं 15 फरवरी 2015 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री जी. के. शर्मा, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , मण्डलेश्वर को पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री जी. के. शर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

जबलपुर, दिनांक 7 फरवरी 2015

क्र. B- 592- दो- 2-38-2014.- ( 1 ) श्री बी. के. जाटव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , रायसेन को दिनांक 23 से 24 दिसम्बर 2014 तक दो दिन के शीतकालीन अवकाश के अनुक्रम में दिनाकं 25 से 29 दिसम्बर 2014 तक पांच दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री बी. के. जाटव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , रायसेन को रायसेन पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री बी. के. जाटव , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

जबलपुर, दिनांक 9 फरवरी 2015

क्र. C-642-दो- 2-23-2014 >- श्री डी. एन. शुक्ला, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , रतलाम को दिनांक 26 से 28 दिसम्बर 2014 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 29 से 31 दिसम्बर 2014 तक तीन दिन का शीतकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व दिनांक 25 दिसम्बर 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

[ भाग 1 अवकाश से लौटने पर श्री डी. एन. शुक्ला, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , रतलाम को रतलाम पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित/शीतकालीन अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री डी. एन . शुक्ला, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. C-647-दो- 2-46-2010.- श्रीमती दुर्गा डाबर, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , उज्जैन को दिनांक 18 दिसम्बर 2014 से 9 जनवरी 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तेईस दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 10 एवं 11 जनवरी 2015 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती दुर्गा डाबर, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती दुर्गा डाबर, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहती .

क्र. C-649-दो- 2-37-2005 .- श्री आर. के. पाण्डे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अशोकनगर को दिनांक 29 नवम्बर 2014 से 9 दिसम्बर 2014 तक दोनों दिन सम्मिलित करके ग्यारह दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. पाण्डे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अशोकनगर को अशोकनगर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. के . पाण्डे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. D- 794-दो- 2-19- ए- 2009.- सुश्री भारती बघेल , प्रधान न्यायाधीश , कुटंब न्यायालय , इन्दौर को दिनांक 23 से 25 दिसम्बर 2014 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 26 दिसम्बर 2014 से 27 दिसम्बर 2014 तक दो दिन का शीतकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 28 दिसम्बर 2014 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

369

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

भाग 1 ]

अवकाश से लौटने पर सुश्री भारती बघेल, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , इन्दौर को इन्दौर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

प्रमाणित किया जाता है कि सुश्री भारती बघेल उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,

व्ही. बी. सिंह , रजिस्ट्रार अर्जित/शीतकालीन अवकाश काल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

जबलपुर, दिनांक 30 जनवरी, 2015

क्र. 92-गोपनीय- 2015- दो- 2-1-2015 ( भाग- ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्नलिखित जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान में स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट सिविल जिले के लिये जिला न्यायाधीश की हैसियत से उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है . साथ ही दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 9 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उन्हें उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सत्र न्यायालय में सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है:-

सारणी

नाम

कहां को

कहां से

क्रमांक

पदस्थापना के जिले का नाम

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (3)

(6) (1)

(2)

1

ग्वालियर

(5) मुरैना

(4) मुरैना

श्री राधा किशन गुप्ता, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, खण्डपीठ ग्वालियर .

सिविल जिला, मुरैना. जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुरैना की हैसियत से दिनांक 31-01-2015 को श्री जे. के. वैद्य के सेवानिवृत्त उपरांत रिक्त होने वाले पद पर.

क्र. 93 -गोपनीय- 2015- दो- 2-1-2015 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारी ( अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ) को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर, उक्त न्यायिक अधिकारी के समक्ष स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है .

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 9 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, उच्चतर न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारी को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायादीश की हैसियत से नियुक्त करता है:-

सारणी

नाम

कहां को

क्रमांक

कहां से

सत्र खण्ड का नाम

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी

(4)

(1)

(2)

(5)

(6)

(3)

ग्वालियर ग्वालियर

1

ग्वालियर

श्री उपेन्द्र कुमार सिंह,

ग्यारहवें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .

विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी/ रजिस्ट्रार , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, खण्डपीठ ग्वालियर.

370

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

[ भाग 1

जबलपुर, दिनांक 2 फरवरी, 2015

क्र. 99 - गोपनीय- 2015- दो- 2-1-2015 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , श्री रामेश्वर गंगाराम कोठे, विशेष न्यायाधीश , अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजनाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम एवं प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , होशंगाबाद के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश, होशंगाबाद को, उनके कार्य के अतिरिक्त, होशंगाबाद जिले के प्रभारी जिला न्यायाधीश की हैसियत से पूर्णतः अस्थाई रूप से, कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से , पदस्थ करता है .

दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 ( क्रमांक सन् 1994 ) की धारा 9 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, श्री रामेश्वर गंगाराम कोठे को होशंगाबाद सत्र न्यायालय में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, सत्र न्यायाधीश नियुक्त करता है .

जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नियमित पदधारी की पदस्थापना होने पर, श्री रामेश्वर गंगाराम कोठे, विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजनाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम एवं प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , होशंगाबाद के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश , होशंगाबाद की हैसियत से पदस्थ माने जावेंगे.

क्र. 100-गोपनीय- 2015- दो - 2-1-2015 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, श्री दिलीप कुमार मिश्रा, विशेष न्यायाधीश , अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजनाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम एवं प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीहोर के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश , सीहोर को, उनके कार्य के अतिरिक्त, सीहोर जिले के प्रभारी जिला न्यायाधीश की हैसियत से पूर्णतः अस्थाई रूप से, कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, पदस्थ करता है.

दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 ( क्रमांक सन् 1994 ) की धारा 9 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, श्री दिलीप कुमार मिश्रा को सीहोर सत्र न्यायालय में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से, सत्र न्यायाधीश नियुक्त करता है.

जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नियमित पदधारी की पदस्थापना होने पर, श्री दिलीप कुमार मिश्रा, विशेष न्यायाधीश , अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजनाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम एवं प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीहोर के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश , सीहोर की हैसियत से पदस्थ माने जावेंगे .

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, वेद प्रकाश, रजिस्ट्रार जनरल.

जबलपुर, दिनांक 7 फरवरी 2015

प्रमाणित किया जाता है कि श्री बी. के. निगम उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो रजिस्ट्रार ( व्ही. एल. ) के पद पर कार्यरत रहते.

जबलपुर, दिनांक 9 फरवरी 2015 क्र. B - 566-दो- 3-34-2013.- श्री भूपेन्द्र कुमार निगम , रजिस्ट्रार (व्ही. एल. ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 5 से 10 फरवरी 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करके छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

क्र. D - 792-दो- 2-53-2011 .- श्री एच. बी. खेडकर, लेखा अधिकारी , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 5 से 7 फरवरी 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करके तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

अवकाश से लौटने पर श्री भूपेन्द्र कुमार निगम, रजिस्ट्रार (व्ही. एल. ) , उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

अवकाश से लौटने पर श्री एच. बी. खेडकर, लेखा अधिकारी, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

भाग 1 ]

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री एच. बी. खेडकर उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो लेखा अधिकारी के पद पर कार्यरत रहते .

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, व्ही. बी. सिंह, रजिस्ट्रार.

Jabalpur the 3rd February 2015

No. C - 490 - III -6-5-14.-In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr . P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri J. M. Chaturvedi , Special Judge SC / ST ( POA) Act, Balaghat for the trial of offences , exclusively triable by court of Sessions relating to various examination conducted by Madhya Pradesh Vyavsayik Pariksha Mandal , Bhopal investigated by agencies other than Special Task Force Bhopal , at Balaghat .

No. C - 492 - III - 6-5-14 .- In exercise of the powers conferred under sub - section (3) of Section 9 of Cr. P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri J.K.Verma, Special Judge SC / ST ( POA) Act , Morena for the trial of offences , exclusively triable by court of Sessions relating to various examination conducted by Madhya Pradesh Vyavsayik Pariksha Mandal , Bhopal investigated by agencies other than Special Task Force Bhopal , at Morena.

No. C - 494 - III - 6-5-14 . In exercise of the powers conferred under sub - section (3) of Section 9 of Cr. P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri Deepak KumarAgrawal , Special Judge SC / ST ( POA) Act, Bhind for the trial of offences , exclusively triable by court of Sessions relating to various examination conducted by Madhya Pradesh Vyavsayik Pariksha Mandal , Bhopal investigated by agencies other than Special Task Force Bhopal , at Bhind.

No. C - 496 - III - 6-5-14 . In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr. P.C.

371

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri Ramkumar Choubey, IXth Additional Sessions Judge , Bhopal for the trial of offences , exclusively triable by court of Sessions relating to various examination conducted by Madhya Pradesh Vyavsayik Pariksha Mandal , Bhopal investigated by agencies other than Special Task Force Bhopal , at Bhopal .

No. C - 498 - III - 6-5-14 .--In exercise of the powers conferred under sub - section ( 3) of Section 9 of Cr . P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri Tarkeshwar Singh, Special Judge SC/ ST (POA) Act , Damoh for the trial of offences , exclusively triable by court of Sessions relating to various examination conducted by Madhya Pradesh Vyavsayik Pariksha Mandal , Bhopal investigated by agencies other than Special Task Force Bhopal , at Damoh .

No. C - 500 - III - 6-5-14.- In exercise of the powers conferred under sub - section (3 ) of Section 9 of Cr . P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri Sanjeev Dutta , Special Judge SC/ ST ( POA) Act , Chhatarpur for the trial of offences , exlusively triable by court of Sessions relating to various examination conducted by Madhya Pradesh Vyavsayik Pariksha Mandal , Bhopal investigated by agencies other than Special toask Force Bhopal , at Chhatarpur.

No. C- 502 - III - 6-5-14 .-In exercise of the powers conferred under sub - section (3) of Section 9 of Cr . P.C. 1973 & all other enabling provisions High Court of Madhya Pradesh is pleased to designate Shri Rituraj Basant Kumar , Special Judge SC/ST ( POA ) Act , Guna for the trial of offences , exclusively triable by court of Sessions relating to various examination conducted by Madhya Pradesh Vyavsayik Pariksha Mandal , Bhopal investigated by agencies other than Special Task Force Bhopal , at Guna.

By order of the High Court ,

VIVEK SAXENA , OSD ( DE) .

372

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 फरवरी 2015

[ भाग 1

निर्वाचन आयोग भारत की अधिसूचनाएं

विधि और विधायी ( निर्वाचन ) कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 16 फरवरी 2015

फा. क्र. 30 -वि.निर्वा. 2014-4-71.- भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना क्रमांक 82/MP-LA ( 30/2014 ) 2015 , Dated 27th January 2015 सर्वसाधारण की जानकारी के लिये प्रकाशित की जाती है .

रूही खान , उपसचिव.

भारत निर्वाचन आयोग निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110001 नई दिल्ली, दिनांक 27 जनवरी , 2015-07 माघ, 1936 ( शक)

अधिसूचना

सं. 82-म.प्र. - वि.स.-( 30/2014) -2015.-लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 ( 1951 का 43 ) की धारा 106 के अनुसरण में भारत निर्वाचन आयोग, एतद्वारा, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के निर्वाचन याचिका संख्या 30/2014 ( अर्जुन काकोडिया बनाम कमल मर्सकोले एवं अन्य ) जो कि श्री अर्जुन काकोडिया ने श्री कमल मर्सकोले के मध्यप्रदेश विधान सभा के 114 - बरघाट विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र हेतु नवम्बर, 2013 में हुए निर्वाचन को चुनौती देते हुए दाखिल की थी, में दिनांक 19 दिसम्बर 2014 को दिये गये अधिनिर्णय/आदेश. को प्रकाशित करता है.

आदेश से

हस्ता./- (नरेन्द्र ना. बुटोलिया) सचिव,

भारत निर्वाचन आयोग.

ELECTION COMMISSION OF INDIA Nirvachan Sadan Ashoka Road , New Delhi- 110001 New Delhi , Dated 27th January, 2015-07 Magha , 1936 ( SAKA)

NOTIFICATION

No. 82-MP- LA- ( 30/2014) -2015 .-In pursuance of Section 106 of the Representation of the People Act , 1951 (43 of 1951 ) , the Election Commission of India hereby publishes the Judgment/ order of the High Court ofMadhya Pradesh , Jabalpur, dated 19th December 2014 in Election Petition No. 30/2014 (Arjun Kakodia Vs. Kamal Marskole & ors . ) filed by Shri Arjun Kakodia challenging the Election of Shri Kamal Marskole from 114 - Barghat Legislative Assembly Constituency, held in November , 2013 .

By order,

Sd./- ( NARENDRA N. BUTOLIA)

Secretary, Election Commission of India .

IN THE HIGH COURT OF MADHYA PRADESH PRINCIPAL SEAT AT JABALPUR Election Petition No. 30/2014

Petitioner Arjun Kakodiya S/ o Late Tulsiram Kakodiya , aged about 60 years , R/o Pindrai Kala , Tehsil Barghat, Distt . Seoni (М. Р. ) .

Versus

Respondents ( 1 ) Shri Kamal Marskole R/ o Village - Mahuljhir, Post- Bhoma Tahsil- Seoni Distt . Seoni , M. P. (2) Lata Uikek D/ o Shri Sher Singh Uikey, Village- Ponar, Post - Dharna , Tahsil - Barghat , Distt . Seoni M. P.

(3) Smt . Sita Marskole W/ o Rajendra Marskole , Village- Rechna , Post - Pandiyachhapara , Tahsil- Keolari , Distt . Seoni M.P. (4) Shri Kishori Lal Bhalawi , R/ o Village Ankhiwada, Post-Aasta , Tahsil -Barghat Distt . Seoni M. P. (5) Shri Ram Naresh Marskole , R/o Prem Nagar , behind Ayurvedic Hospital Aadegaon , Tahsil- Lakhnadon , Distt . Seoni M. P. ( 6) Shri Dinesh Barkade R/ o Village- Mohgaon , Post Jevnara , Tahsil - Barghat Distt . Seoni , M. P. (7) Shri Hansram Tekam , R/ o village - Chikhla , Post - Badalpur Tahsil - Kurai , Distt . Seoni M. P. Jabalpur

Date: 22-01-2014

Arjun Kakodiya Petitioner.

ELECTION PETITION UNDER SECTION 80 READ WITH SECTION 81 OF THE REPRESENTATION OF THE PEOPLE ACT, 1951 .

The instant election petition seeks to call in question the election of the respondent no . 1 as a Legislative Assembly of the State of Madhya Pradesh from 114- Barghat ( S. T. ) Constituency Distt. Seoni , wherein polling took place on 25-11-2013 and Counting of the same has been took place on 08-12-2013 . After the completion of the counting and formal announcement provided under Rule 63 ( 1 ) of the Conduct of Election Rules , 1961 भाग 1 ]

(hereinreffered to as " Rule " ) , the petitioner has applied for recounting of votes as provided by Rule 63 (2) of the Rule but the same has been dismissed by the Returning Officer on the frivolous grounds and baseless reasons vide order dated 08-12-2013 ( impugned order) . Hence this petition inter alia on the following facts and grounds:-

FACTS OF CASE :-1 . That , Petitioner is a citizen of India and permanently residing on the address as mentioned in the cause title hereinabove . The name of the petitioner is at S. No. 137 , in the electoral voter list part 128 of the 114 - Barghat ( S.T. ) Distt . Seoni , Legislative Assembly Constituency of the State of Madhya Pradesh , Petitioner has been in active politics and is member of Indian National Congress , a National political party recognised by the Election Commission of India.

2. That , the election commission notified the elections programme was as follows:-

(i) Date of pole : 25-11-2013

(ii) Date of Counting and Declaration of Result: -8-12-2013 .

Arjun Kakodiya Petitioner.

Jabalpur Date : 22-01-2014

HIGH COURT OF JUDICATURE AT JABALPUR

(Μ . Ρ.)

Election Petition No. 30/2014

ArjunKakodiya

Vs.

Kamal Marskole and others As Per G. S. Solanki , J.

Shri Prashant K. Badaria with shri Ravindra Kumar Choudhary , Advocates for the petitioner .

Shri R. N. Singh , learned senior counsel with Shri Arpan J. Pawar, Advocate for respondent No. 1.

Judgment heard on 10-12-2014 Judgment passed on : 19-12-2014

JUDGMENT

The petitioner has preferred this Election Petition under Section 80 read with Section 81 of Representation of People Act, 1951 (hereinafter referred to as the Act of 1951 ) calling in question the election of respondent no . 1 as a member of Legislative Assembly of the State of Madhya Pradesh from 114- Barghat (S. T. ) Constituency District Seoni with prayer of

373

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

calling the entire relevant records and the order for re - inspection/ recount of votes polled in Legislative Assembly of the State of Madhya Pradesh from 114 -Barghat (S. T. ) Constituency and further declaration is sought that the election of respondent no . 1 may be set aside and instead the petitioner be declared as duly elected candidate .

2. It is undisputed that petitioner was set up as offical candidate of Indian National Congress for aforesaid 114 - Barghat ( S. T. ) District Seoni Legislative Assembly constituency and respondent No. 1 was set up as an official candidate of the Bhartiya Janta Party for 114 -Barghat ( S. T. ) District Seoni Legislative Assembly Constituency and other respondents were set up as offical candidates for the different parties , It is also undisputed thatthe elections of aforesaid Assembly was held as per notified programme of Election Commission, date of polling was 25-11-2013 and date of counting and declaration of result was 8-12-2013 . It is further undisputed that Shri Bharat Yadav , Collector Seoni District, Seoni was the District Election Officer and Shri K.C. Parte was appointed as Retuerning Officer and Sub Divisional Officer ( Agriculture) Seoni was appointed as Officer In - charge for postal ballots pertaning to 114 - Barghat ( S. T. ) district Seoni , Legislative Assembly Constituency.

3. Petitioner's case , in short , is that District Election Officer and Returning Officer have been under the influence of ruling party in the State ( BJP) because apparent when at every step of counting of votes on 8-12-2013 they violated the model code of conduct . Petitioner continuously raised objections before the competent authorities , ultimately on the end of counting , the petitioner made an objection/ application for recounting of votes in writing on 8-12-2013 at 7:00 PM before the District Election Officer, Seoni District , Seoni , A copy of the same has been received by the Returning Officer 114 - Barghat ( S. T. ) District Seoni Legislative Assembly constituency regarding recounting of votes and postal ballots . But due to influence of ruling party recounting has not been conducted . Petitioner has raised major abnormlity in counting of postal ballots but the District Election Officer and the Returning Officer rejected the same vide order dated 8-12-2013 at Frivolous and false grounds and reasons .

4. Petitioner agian made an application to the Chief Election Officer, New Delhi through Sub Divisional Magistrate , Barghat , district Seoni on 9-12-2013 but same has yet not been decided . Petitioner further filed a 374

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 फरवरी 2015

[ भाग 1

Form No. 17 - C-part - II . It is submitted that there is no such pleading that any election agent has raised any objection during counting process . It is denied that petitioner was polled highest number of votes in counting of votes through electronic voting machine . It is further denied that petitioner was declared winning candidate by 728 votes . It is additionally pleaded that petitioner has failed to plead total number of votes polled in his favour and in favour of other candidates , details of postal votes and margin of his defeat etc. In absence of all such material facts pertitioner has failed to raise the triable issue before this Court . It is further pleaded that petitioner has not pleaded any specific irregularities in the counting process in regard to the fact that how many votes were wrongly counted in favour of the returned candidate . He further failed to state as to how the election has been materially affected by such irregularities in the counting. In the absence of aforesaid pleading , there is no basis for seeking recount of votes . On the basis of aforesaid pleading , it is submitted that petition deserves to be dismissed.

6. On the basis of aforesaid pleadings of the parties following issues have been framed : The respective finding is noted against each of them .

Issues (2)

S. No. (1)

Findings ndings detailed representation to the District Election Officer through Returning Officer on 10-12-2013 . After counting of votes there was a dispute in relation to number of postal ballots and its polling in favour of the candidates . Petitioner has got some suspition on counting , therefore , petitioner has applied for recounting on the same reasons and grounds . Petitioner has applied for information relating to the number of postal ballots issued and recevied back after voting and petitioner got date wise different informations about the postal ballots from the different authorities . Copy of the information received from different authorities are Annexures- EP/6 , EP/ 7 and EP/ 8 . Petitioner has applied for certified copy ofForm No. 20 and other documents but due to influence ofpolling parties , same has not been supplied in time.It is further pleaded that petitioner has filed an application for recounting of votes under Rule 63 (2) of conduct of Election Rules at an appropriate stage but same was rejected on the frivolous grounds that petitioner has not raised any objection at proper stage . It is further pleaded that petitioner was polled the highest number of votes in counting of votes through electronic voting machine and as per newpaper Peoples Samachar News , Jabalpur dated 9-12-2013 petitioner was declared as winning candidate by 728 votes . On the basis of aforesaid pleadings and grounds , prayer has been made for order of reinspection/recounting of votes and for setting aside the election of respondent no . 1 and further the petitioner be declared as duly elected condidate .

No

1. Whether the Petitioner made the application for recounting of votes at appropriate stage but recounting has been refused by the returning Officer on frivolous and false gro- unds and reasons ?

No

2. Whether the order passed by the returning Officer ( Annexure EP- 3 ) for refusal of recounting is illegal ?

No

3. Whether the District Election Officer and the Retuning Officer were working under the influence of the then ruling party ?

No

4. Whether there was any irregularity in the counting of votes ( including postal ballots) , consequently the election result of 114 Barghat Assembly Constituency has been materially affected ?

5. Respondent no . 1 has denied all averment of the petition other than admitted facts and pleaded thae pleading in regard to recounting of votes are vague and deficient . Though it is pleaded that the District Election Officer and the Returning Officer were working under influence of ruling party and thereby they violated model code of conduct but no complaint in this regard was ever submitted by the petitioner to the said authorities or before the Observer of the Election Commission of India who was present at the spot throuhout counting process . It is further submitted that on 8-12-2013 , election result of 114 Barghat ( S. T. ) District Seoni Legislative Assembly Constituency was declared at 6.30 pm and application for recounting was filed by petitioner at 7.10 pm after declaration of the result. It is further submitted that postal ballots were counted at a threshold before the first round of counting . The counting agents of the petitioner at no point of time filed any objection with regard to number of postal ballots or the cunting of the said postal ballots . On the contrary being satisfied with the counting process appended their signatures on भाग 1 ]

(1)

(2)

(3)

No. 5. Whether the election petitioner has polled highest number of votes , so that he is entitled to be declared as duly elected candidate from 114 Barghat Assembly Constituency?

6. Relief and Costs ?

Petition is dismissed . As perPara No. 30 & 31 .

ISSUES NOS . 1 , 2 & 3

Since all these issues are inter connected , therefore , these are considered together.

7. the petitioner has pleaded that the District Election Officer and the returning Officer were under the influence ofruling party in the State ( BJP) because apparent when at every step of counting of votes , they have violated model code of conduct . It is further pleaded that the petitioner continuously raised the objection before competent authorities , ultimately at the end of counting, the petitioner filed an objection/application (Ex - P - 3 ) for recounting of votes in writing on 8-12-2013 at 7:00 PM before District Election Officer, seoni but due to influence of the ruling party, no recounting has been conducted and the objection has been rejected on frivolous grounds vide order (Ex.P-9) .

8. Respondent No. 1 has denied the aforesaid allegations and pleaded that no complaint in this regard was ever submitted by the petitioner to the said authorities or before the observer of Election Commission of India , who was present on the spot throughout the counting process . It is further pleaded that counting agents of the petitioner were present there and they have signed Form No .. 17 - C - Part II and the objection was raised after declaration of election result .

9. Petitioner Arjun Singh Kakodia ( PW- 1 ) in his statement has stated that at the time of counting of the postal ballots , he was not fully apprised by the counting staff in regard to counting of ballot papers . He furhter stated that his agents were also kept in dark . During counting of the ballot papers , he made oral objection but the counting officer informed him that such objection may be raised after completion of the counting , therefore , he could not file written objection during the Counting. He has admitted in his cross - examination that at the time of

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counting of the ballot papers , his counting agent Sunil Rana (PW- 3 ) was present on the counting table . He has further admitted that his counting agent did not make nay objection before the returning officer, he only informed the petitioner. He has further admitted in his cross - examination that he only wrote in regard to suspicion in the counting of 16th round .

10. Sunial Rana ( PW- 3 ) , who happened to be the counting agent of the petitioner at the counting table of the ballot papers , has stated that the counting officer has opned the envelop of the ballot papers before him and thereafter put it in the trays of respective candidates in favour of whom the ballot votes were given. He further added that which vote was in whose favour, he could not see . He further stated that he made objection before concerning officer but he told him to see the votes later- on . He further stated that he apprised the aforesaid fact to the petitioner nad after discussion , the petitioner made objection before the returning officer. In examination - in - chief itself, this witness has admitted that he was apprised by the counting officer in regard to the fact that how many votes were received by each candidate but when they came out of the premises , they found some difference in the votes . He further admitted in his cross - examination that after completion of counting , he signed the paper prepared in regard to the counting . He further admitted that he had no knowledge in regard to the figures of votes except suspicion in regard to the counting .

11. Respondent No. 1 Kamal Marskole ( DW- 1 ) has stated that the petitioner did not make any objection during the counting of the ballot votes . Rudra Deo (DW -2 ), who happened to be the counting agent of respondent No. 1 , has specifically stated that witness Sunil Rana and one other Mahendra Bisen were the counting agents of the petitioner and they were present at the time of counting of ballot papers . He has specifically denied that at the time of counting , they were not apprised in regard to the ballot papers .

12. On critical analysis of the aforesaid evidence on record, it reveals that the petitioner or his agent Sunil Rana (PW-3) did not make any written or oral objection during the counting process . Further the petitioner has not dared to call any counting officer or counting staff to prove his case before this Court . The petitioner or his witness Sunil Rana have not pleaded or proved any fact as to how much votes were not counted in favour of the petitioner. Sunil Rana , who was present at the time of counting , specifically stated that except suspicion , he had no knowledge in regard to the number of votes .

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13. I have gone through the objection/ application (Ex.P- 3 ) , wherein nothing has been found in regard to number of votes or how the irregularities have been committed by the counting staff. What has been written in (Ex.P - 3 ) is only to the effect that there was suspicion in counting of 16th round , therefore , prayer was made for recording of counting of 17th round. It further reveals that objection/ application (Ex.P - 3 ) was received by the returning officer on 8-12-2013 at 7:10 PM . The returning officer has mentioned the aforesaid time i. e . 7:10 PM , just beneath his signatures and seal .

14. So far as the contention of the petitioner that the returning officer was working under the influence of the ruling party (BJP) is concerned , petitioner Arjun Kakodia (PW- 1 ) has not stated any particular instance to show that the returning officer was working under the pressure except the fact that when he filed the objection for recounting , the returning officer has taken the aforesaid application and passed the order after 1/2 hours . He further stated that he made a tip of the fact that he filed the aforesaid objection before declaration of result but despite this fact, the returning officer rejected his application . He has further stated that instruction No. 14.108 given in the booklet of Election Commission (Ex.P - 7) has not been complied with by the returning officer.

15. In the instant case, it is not disputed that the petitioner has not made any pleading in regard to instruction No. 14.108 mentioned in the booklet issued by the Election Commission. Learned Senior Counsel appearing for respondent No. 1 has argued that mere non - compliance or breach of constitution or statutory provision by itself does not result in invalidity of election of the returned candidate as provided under section 100( 1 ) ( d) ( iv) of the Act of 1951. He has placed reliance on a decision of the Apex Court in Mangani Lal Mandal Vs. Bishnu Deo Bhandari- (2012) 3 SCC 314. In the said case there was breach and non compliance but there was no pleading as to suppression of information by the returned candidate in the affidavit filed along with the nomination papers with regard to his first wife and dependent children from her and further, non disclosure of their assets and liabilities , has materially affected the result of the election .

16. Similar is the situation here in the instant case . There is no pleading in regard to non - compliance of instruction 14.108 mentioned in the booklet issued by the Election Commission , therefore , evidence without pleading cannot be taken into consideration. Further there

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[ भाग 1 is no specific pleading and proof in regard to influence made by the ruling party as to who made the influence upon whom and how influence or pressure has been exerted upon the returning officer. Merely taking the objection or filing the application , which was itself cryptic in nature , doesnot establish that there was irregularities in the counting of ballot papers . Merely on the ground that the returning officer passed the order on the objection/ application after 1/2 hour, it cannot be said that he was influenced by the ruling party. Further it is apparent from order (Ex.P - 9 ) passed by the returning officer on 8-12-2013 that the petitioner has filed his objection after completion of the 17th round and completion of counting of postal ballots , then why the agent of the petitioner has signed Form No. 17 - C Part II after being satisfied with the counting . The application was filed after completion of 18th round as well as completion of whole counting and after declaration of the result, therefore , same was rejected .

17. Sunil Rana, election agent of the petitioner has admitted in his cross - examination that he had signed the aforesaid Form No. 17 - C Part II and further admitted that he had only suspicion regarding counting , thus , it is clear that the application (Ex.P-3 ) was filed only on the basis of suspicion. Rule 63 ( 1 & 2) of the conduct of Election Rules , 1961 , provides that after the completion of the counting , the Returning Officer shall record in the result sheet in Form 20 the total number of votes polled by each candidate and announce the same and after such announcement has been made , a candidate , or, in his absence , his election agent or any of his counting agents may apply in writing to the Returning Officer to re- count the votes either wholly or in part stating the grounds on which he demands such re-count . On such an application being made the Returning Officer shall decide the matter and may allow the application in whole or in part or may reject it in toto if it appears to him to be frivolous or unreasonable.

18. On a bare perusal of objection/ application (Ex.P- 3) , no such specific ground has been mentioned by the petitioner for recounting of votes pertaining to 16th round and ballot papers . There was only suspicion regarding counting of the votes , and only on the basis of suspicion, the order of recounting cannot be passed by the returning officer, therefore , it cannot be said that the order ( Ex.P- 3 ) passed by the returning officer, has been passed on frivolous and false grounds or same has been passed under the influence of the ruling party . Thus , in my opinion , the returning officer has rightly rejected the objection/ application filed by the petitioner vide order dated 8-12- 2013 (Ex.P - 9 ) and he has not committed any illegality in passing the aforesaid order.

भाग 1 ]

19. On the basis of aforesaid discussion as well as oral and documentary evidence on record , issue Nos . 1 , 2 and 3 are answered in negative.

ISSUES NOS . 4 & 5

20. The petitioner has pleaded that there was major abnormality in counting of postal ballots and there was dispute in relation to number of postal ballots and its polling in favour of the candidates . The petitioner was having some suspicion with respect to counting , therefore , he filed objection/ application for recounting of the same. It is further pleaded that in regard to the number of postal ballots issued and received back after voting , the petitioner got date-wise different information about the postal ballots from different authorities . ( Annexures- EP/6 , EP/7 and EP/8 ) have been filed by the petitioner in support of the aforesaid pleading.

21. Respondent No. 1 has denied the aforesaid pleading of the petitioner and has specifically stated that the petitioner has failed to give details of total number of votes polled i. e . the votes polled in his favour and in favour of the other candidates and the details of postal ballots and margin of his defeat. It is further pleaded that there is no pleading in regard to irregularities in counting such as in what manner, at what time , at whose instance and for benefit of whom such irregularities have been committed and who was the witness of such irregularities . It is further specifically pleaded that the petitioner has also failed to state as to how the election of respondent No. 1 has been materially affected by any such irregularities in the counting .

22. Learned Senior Counsel appearing on behalf of respondent No. 1 has argued that recounting of votes should not be ordered as a matter of course in the absence ofpleading of material facts supported by contemporaneous evidence . He has placed reliance on the decisions of the Apex Court in Satyanarain Dudhani Vs Uday Kumar Singh and others- 1993 Supp (2) SCC 82 ; Charan Dass Vs. Surinder Kumar and others- 1995 Supp ( 3 ) SCC 318; M. Chinnasamy Vs. K. C. Palanisamy and others- 2004 ( 6) SCC 341 .

23. In counter, learned counsel for the petitioner has submitted that so far as material fact is concerned , in stating the material fact , it will notdo merely to quote the word of section because then efficacy of material fact will be lost. He has placed reliance on the decision of the Apex Court in Ram Sukh Vs. Dinesh Aggarwal- AIR 2010 SC 1227 .

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In the instant case , it is undisputed on record that the petitioner has not pleaded the words (materially affected' . In order to resolve the aforesaid controversy, it is necessary to reproduce Section 100 ( 1 ) (d) ( iv) of the Act of1951 .

100. Grounds for declaring election to be void.- ( 1 ) Subject to the provisions of sub - section ( 2) if the High Court is of opinion-

(a) .

(b) .

(c) .

(d) that the result of the election, in so far as it concerns a returned candidate , has been materially affected-

(i) .

(ii ) ,

(iii)

(iv) by any non- compliance with the provisions of the Constitution or of this Act or of any rules or orders made under this Act , the High Court shall declare the election of the returned candidate to be void .

24. A bare reading of aforesaid provision with Section 83 of the Act of 1951 leaves no manner of doubt that where a returned candidate is alleged to be guilty of non - compliance with the provision of the Constitution or the Act of 1951 or any rules or orders made thereunder and his election is sought to be declared void on such ground, it is essential for the election petitioner to aver by pleading the material facts that the result of the election , insofar as it concerned the returned candidate , has been materially affected by such breach or non- observance . If the election petition goes to trial then the election petitioner has also to prove the charge of breach or non compliance as well as establish that the result of election has been materially affected It is only on the basis of such pleading and proof that the Court may be in a position to form opinion and record a finding that breach or non compliance with the provision of the Constitution or the Act of 1951 or any rules or orders made thereunder , has materially affected the result of the election before the election of the returned candidate could be declared void . It means mere non compliance or breach of the Constitution or the statutory provision noticed above , by itself, does not result in invalidating the election of a returned candidate under Section 100( 1 ) ( d) ( iv) of the Act of 1951. It is obligatory duty of the petitioner to prove by leading the evidence that such breach or non observance of any rules or orders made thereunder has materially affected the election of the returned candidate .

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25. So far as argument advanced by learned counsel . for the petitioner that merely quoting the word of section is not necessary, is concerned , it is true that merely quoting the word of section is not necessary but at the same time there has to be the specific averments like how and in what manner the irregularities have been committed , who was the officer/ staff , who committed the irregularities . On the strength of the decision of the Apex Court in Ram Sukh Vs. Dinesh Aggarwal ( supra) , learned counsel for the petitioner has argued that the ground of Section 100( 1 ) (d) ( iv) are made out in this case . But in the aforesaid case it was found that the petitioner of the case has failed to state material facts in regard to irregularity committed by the returning officer or any alleged omission on the part of the returning officer, without pleading and proof, Rules ipso facto has not materially affected the result of the election . In the aforesaid case specimen signatures of the polling agent are circulated , 80 % of the polling was over and because of absence of polling agent, the voters got confused and voted in favour of the first respondent . On the basis of the aforesaid fact, it was found that the pleading was vague and does not spell out as to how the election result was materially affected because of the aforesaid factors and election petition was dismissed at threshold.

In the instant case there is no such specific pleading in regard to breach of any rules or non observance of any direction made by the Election Commission in its booklet . On the contrary, it reveals from orders dated 20.3.2014 and 15.4.2014 passed by this Court that the aforesaid booklet ( Ex.P- 7 ) was filed subsequently after filing the election petition , as an afterthought . In these circumstances , if there is any non - observance of instruction No. 14.108 in regard to recounting of ballot papers by the returning officer, it would not be considered as a proved fact that the aforesaid non observance has materially affected the election of respondent NO.1 .

26. So far as evidence led by petitioner Arjun Kakodiya and his witnesses Manoj Rahangdale , Sunil Rana and Sitaram Panchshwar is concerned, firstly they are unable to state anything in regard to the irregularities or non- observance of any rule at the time of counting and secondly it is on record that Sunil Rana , who happened to be the election agent of the petitioner, has admitted in his cross - examination that he was having only suspicion in regard to counting . He further admitted that he signed Form No. 17 - C Part II . So far as evidence in regard to number of votes as mentioned in ( Ex.P - 8) is concerned , since there is no pleading as to how many votes were illegally counted in favour of the returned candidate , the evidence in this regard is of no value because it is well established principle of law that no evidence can be read without there being any pleading of the parties . In these circumstances , the petitioner has failed to plead and prove

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[ भाग 1 any irregularity committed in counting the votes/ postal ballots and further failed to prove as to how such irregularities have materially affected the election of respondent No. 1 .

27. So far as the contention of the petitioner that he was polled the highest number of votes , is concerned , again there is no specific pleading as to how many votes of the petitioner were illegally included in the votes of the returned candidate . In Charan Das Vs. Surinder Kumar and others ( supra) , in similar circumstances , the High Court had refused to order re - counting of votes , which decision was upheld by the Apex Court . In that case also the counting agent has signed certificate stating that they were fully satisfied with the conduct of the counting staff in respect of the votes . In these circumstances , the allegation of counting agents that they were kept away and were not allowed to inspect the alleged rejection of ballot papers , was not considered believable . In the instant case also statement of Sunil Rana ( PW -3 ) and other witnesses of the petitioner cannot be said to be believable that the counting officer did not show them the ballot papers .

28. Considering the overall facts and circumstances of the case and evidence on record , I am of the considered view that the petitioner has failed to prove that there is any irregularity in counting of votes including postal ballots , which has materially affected the election of respondent No. 1 and further failed to prove that the petitioner was polled highest number of votes so that he may be declared as duly elected candidate from 114 - Barghat ( S.T. ) Constituency District Seoni .

29. In view of the aforesaid discussion , issue Nos . 4 and 5 are also answered in negative .

30. On the basis of conclusion arrived at by this Court on issue Nos . 1 to 5, the petitioner has failed to prove the grounds of this petition taken under Section 100 ( 1 ) (d) ( iv) of the Act of 1951. Consequently, the petition is liable to be dismissed and is hereby dismissed .

31. The petitioner has to bear his own cost and cost of respondent No.1 if certified or as per schedule . A copy of this judgment be forwarded to the Election Commission as well as the Speaker of the State Legislative Assembly .

G. S. SOLANKI , Judge .

By order, Sd./- (NARENDRA N. BUTOLIA ) Secretary, Election Commission of India .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 27 February 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2015-02-27.09.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2015-02-27.09.Ordinary.