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मध्यप्रदे श शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 33]
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 14 अगस्त 2015- श्रावण 23 , शक 1937
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट .
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.
भाग 4.- ( क ) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख ) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 30 जुलाई , 2015
क्र. ई- 13-07-2015-5- एक.- राज्य शासन निम्नलिखित भाप्रसे अधिकारियों को एडमिनिस्ट्रेटिव्ह ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट पश्चिम बंगाल में दिनांक 3 अगस्त 2015 से 11 सितम्बर 2015 तक आयोजित 117वें इंडक्शन ( प्रवेश प्रशिक्षण ) में भाग लेने की अनुमति प्रदान करता है तथा प्रशिक्षण अवधि में उनके पद का प्रभार उनके नाम के समक्ष दर्शाये अधिकारियों को अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है :-
प्रभार सौंपे जाने वाले अधिकारी का नाम क्र. नाम अधिकारी एवं पद, जिन्हें प्रशिक्षण में भाग लेना है
(2)
(3) (1)
श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, भाप्रसे (2010) , 1 श्री नरेश पाल कुमार (2003),
कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर. मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, नरसिंहपुर.
श्री व्ही. एस. चौधरी कोलसानी, भाप्रसे ( 2011 ), 2. श्री नरेन्द्र सिंह परमार (2004),
कलेक्टर, जिला अनूपपुर. मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, अनूपपुर.
5791
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2015.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
5792
भोपाल, दिनांक 31 जुलाई 2015
क्र. ई - 1-300-2015-5- एक. नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाए भा.प्र.से. अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाए गए पद पर अस्थाई रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है : -
क्र.
अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना
(2)
(1)
1. श्री आशीष श्रीवास्तव ( 1992 ) , आयुक्त- सह- संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र एवं पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , स्कूल शिक्षा विभाग.
2. श्रीमती स्मिता भारद्वाज ( 1992 ) , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना तथा पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन , पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग .
3. श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी ( 1993 ) , आयुक्त- सह- संचालक, हस्तशिल्प एवं हाथकरघा तथा प्रबंध संचालक, हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम ( अतिरिक्त प्रभार) .
4. श्री जे. एन. मालपानी , ( 1994 ) , आयुक्त, अनुसूचित जाति कल्याण.
5. श्री सचिन सिन्हा ( 1995 ) , आयुक्त, उच्च शिक्षा एवं पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग तथा परियोजना संचालक, राष्ट्रीय उच्च शिक्षा मिशन.
6. श्री संजीव कुमार झा ( 1996 ) , सचिव, मध्यप्रदेश शासन , पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा अपर विकास आयुक्त.
7. श्री अमित राठौर ( 1996 ) , सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा सचिव, वाणिज्यिक कर विभाग ( अतिक्ति प्रभार) .
8. श्री उमाकांत उमराव ( 1996 ) , आयुक्त, अनुसूचित जनजाति कल्याण, तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग.
नवीन पदस्थापना
खाना ( 3 ) में अंकित पद असंवर्गीय होने की दशा में संवर्गीय पद जिसके समकक्ष घोषित किया
गया
(4) (3)
सदस्य, राजस्व मण्डल, ग्वालियर .
संभागीय कमिश्नर प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश वित्त निगम, इन्दौर.
सचिव, मध्यप्रदेश शासन आयुक्त-सह- संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र एवं पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , स्कूल शिक्षा विभाग.
आयुक्त, अनुसूचित जनजाति कल्याण .
सचिव,
मध्यप्रदेश शासन, खेल तथा युवा कल्याण विभाग.
आयुक्त, अनुसूचित जाति कल्याण.
सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग तथा श्री राठौर को आयुक्त-सह-संचालक, संस्थागत वित्त का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है .
आयुक्त,
उच्च शिक्षा एवं पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , उच्च शिक्षा विभाग तथा परियोजना संचालक, राष्ट्रीय उच्च शिक्षा मिशन (अतिरिक्त प्रभार) .
5793
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
भाग 1 ]
(2)
(1)
9. श्री पन्नालाल सोलंकी ( 2003 ) , उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन , स्कूल शिक्षा विभाग.
10. श्री रघुराज एम. आर. ( 2004) , कलेक्टर, सिंगरौली.
11. श्री श्रीनिवास शर्मा (2004 ) , उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, श्रम विभाग.
12 श्रीमती जी. व्ही. रश्मि (2005 ) , मिड कैरियर प्रशिक्षण फेज- III से लौटने पर.
13 श्री संजीव सिंह ( 2005 ) , मिड कैरियर प्रशिक्षण फेज- III से लौटने पर.
14 श्री अजय सिंह गंगवार, ( 2005 ) , उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग.
15. श्री रविन्द्र सिंह ( 2005 ) , कलेक्टर, बड़वानी
16. श्री धनंजय सिंह भदौरिया ( 2006 ) , कलेक्टर, श्योपुर.
17. श्री शशांक मिश्रा (2007 ) , सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल.
(3)
(4). कलेक्टर, श्योपुर
उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन मुख्य कार्यपालन अधिकारी , राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना .
कलेक्टर, दमोह
उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन.
संचालक, हस्तशिल्प एवं हाथकरघा तथा प्रबंध संचालक, हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम ( अतिरिक्त प्रभार) .
नियंत्रक,
उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन.
शासकय मुद्रण एवं लेखन सामग्री. श्री सिंह को कार्यपालक संचालक, आपदा प्रबंध संस्थान ( डीएमआई ) का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है .
कलेक्टर, बड़वानी
उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन.
सचिव,
माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल
कलेक्टर, सिंगरौली
(2 ) उपरोक्तानुसार श्रीमती स्मिता भारद्वाज द्वारा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश वित्त निगम, इन्दौर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री के. सी. गुप्ता, भाप्रसे ( 1992 ) , श्रम आयुक्त , इन्दौर तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश वित्त निगम , इन्दौर केवल मध्यप्रदेश वित्त निगम, इन्दौर के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे.
( 3 ) उपरोक्तानुसार श्री अमित राठौर द्वारा आयुक्त - सह - संचालक, संस्थागत वित्त का प्रभार ग्रहण करने पर श्री विवेक अग्रवाल , भाप्रसे (1994 ) , आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा पदेन सचिव, नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग तथा सचिव, मुख्यमंत्री एवं आयुक्त- सह- संचालक संस्थागत वित्त ( अतिरिक्त प्रभार ) केवल आयुक्त- सह - संचालक, संस्थागत वित्त के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे.
(4 ) उपरोक्तानुसार श्री संजीव सिंह द्वारा कार्यपालक संचालक, आपदा प्रबंध संस्थान का प्रभार ग्रहण करने पर श्री राजेश प्रसाद मिश्रा, भाप्रसे ( 1998 ) , संचालक, मध्यप्रदेश जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान ( वाल्मी ) तथा पदेन उप सचिव, संस्कृति विभाग एवं संचालक, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना तथा कार्यपालक संचालक, आपदा प्रबंध संस्थान (डीएमआई ) ( अतिरिक्त प्रभार ) केवल कार्यपालक संचालक, आपदा प्रबंध संस्थान (डीएमआई ) के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
5794
क्र. ई - 1-301-2015-5- एक. श्रीमती अरुणा शर्मा , भाप्रसे ( 1982) , वि.क.अ.- सह- विकास आयुक्त एवं पदेन अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ आगामी आदेश तक, अध्यक्ष, व्यावसायिक परीक्षा मण्डल , भोपाल का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.
क्र. ई- 1-40-2014-5- एक. नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाए भाप्रसे अधिकारी को मुख्य सचिव वेतनमान में पदोन्नत करते हुए, उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाये गए पद पर अस्थाई रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है:-
मुख्य सचिव वेतनमान में पदोन्नति पर पदस्थापना क्र. अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना
(2)
(3) (1)
1 श्री आर. के. स्वाई ( 1984 ) , कृषि उत्पादन आयुक्त कृषि उत्पादन आयुक्त.
(2) उक्त पदस्थापना आदेश दिनांक 1 अगस्त, 2015 से प्रभावशील होगा.
भोपाल, दिनांक 1 अगस्त, 2015 क्र. ई- 1-5-558 - आयएएस लीव- 5- ( एक) -( 1 ) श्री विनोद कुमार, आयएएस. , सचिव, मध्यप्रदेश मानव अधिकार, आयोग, भोपाल को दिनांक 9 से 17 जुलाई 2015 तक, नौ दिन का लघुकृत अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) अवकाशकाल में श्री विनोद कुमार को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री विनोद कुमार अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अॅन्टोनी डिसा, मुख्य सचिव. भोपाल , दिनांक 3 अगस्त 2015
क्र. एफ 6-44-2012- एक- ( 1 ).- प्रो. नरेन्द्र कुमार तनेजा, सदस्य, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा प्रस्तुत त्याग - पत्र दिनांक 31 जुलाई 2015 से एतद्वारा स्वीकृत किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. सुरेश, प्रमुख सचिव.
भोपाल, दिनांक 3 अगस्त, 2015
क्र. ई- 5-851 - आयएएस लीव-5-( एक) . ( 1 ) श्री एम. बी. ओझा , आयएएस. , कलेक्टर, जिला विदिशा को समसंख्यक आदेश दिनांक 21 जुलाई 2015 द्वारा दिनांक 6 से 10 जुलाई 2015 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश दिनांक 5 तथा 11 , 12 जुलाई 2015 के सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति के साथ स्वीकृत किया गया था, मैं आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 6 से 8 जुलाई 2015 तक तीन दिन का पुनरीक्षित अर्जित अवकाश , दिनांक 5 जुलाई 2015 के सार्वजनिक अवकाश की अनुमति सहित कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, फजल मोहम्मद, अवर सचिव " कार्मिक "
गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 25 जुलाई, 2015
क्र. एफ 1 ( ए) 393-88- ब-2- दो. श्री राजेन्द्र मिश्रा, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक/प्रमुख सलाहकार, मध्यप्रदेश राज्य योजना आयोग , भोपाल को दिनांक 3 अगस्त 2015 एवं 7 अगस्त 2015 तक पांच दिवस आकस्मिक अवकाश एवं दिनांक 2, 8 एवं 9 अगस्त 2015 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ उपरोक्त अवधि में खण्ड वर्ष 2014-17 के विस्तार वर्ष 2015 में अकेले गृह नगर, भुवनेश्वर ( उड़ीसा ) , जाने की अवकाश यात्रा सुविधा की अनुमति प्रदान की जाती है.
भोपाल , दिनांक 29 जुलाई, 2015 क्र. एफ 1 (ए) 107-86- ब- 2-दो. श्री वी. के. सिंह , भापुसे, महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं, मध्यप्रदेश भोपाल को दिनांक 13 से 30 जून 2015 तक, अठारह दिवस अर्जित अवकाश की कार्योंत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है.
(2 ) समसंख्यक आदेश दिनांक 23 जून 2015 की शेष कंडिकाएं यथावत रहेंगी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कमला उपाध्याय , अवर सचिव.
भोपाल , दिनांक 30 जुलाई, 2015
क्र. एफ 1 (ए) 164-94-ब-2-दो. सुश्री सोनाली मिश्रा , भा.पु.से. पुलिस महानिरीक्षक, ( गुप्तवार्ता ) मध्यप्रदेश भोपाल , को दिनांक 3 से 22 अगस्त 2015 तक, बीस दिवस अर्जित अवकाश 10 दिवस 5795
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
भाग 1 ]
अर्जित अवकाश नगदीकरण के लाभ के साथ उपरोक्त अवधि में खण्ड वर्ष 2014-17 के अन्तर्गत गृह नगर यात्रा के बदले त्रिवेन्द्रम (केरल ) भारत भ्रमण की यात्रा के तहत अवकाश यात्रा पर अकेले जाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
(2 ) उक्त अवकाश अवधि में सुश्री सोनाली मिश्रा , भा.पु.से. , का कार्य श्री मकरंद देउस्कर, भा.पु.से. , पुलिस महानिरीक्षक, कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा अपने कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर सुश्री सोनाली मिश्रा, भा.पु.से. को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, पुलिस महानिरीक्षक ( गुप्तवार्ता ) , मध्यप्रदेश , भोपाल, के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) सुश्री सोनाली मिश्रा, भा.पु.से. पुलिस महानिरीक्षक, ( गुप्तवार्ता) मध्यप्रदेश भोपाल के, कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कण्डिका ( 2 ) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .
(5 ) अवकाशकाल में सुश्री सोनाली मिश्रा, भा.पु.से. , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था .
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री सोनाली मिश्रा, भा.पु.से. अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर बनीं रहतीं.
भोपाल, दिनांक 31 जुलाई, 2015
क्र. एफ 1-35-2015- ब- 2- दो. राज्य शासन मिड- केरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम फेस - ट, 2015 में सम्मिलित होने हेतु निम्नलिखित भापुसे अधिकारियों को:-
1. श्री विजय यादव, भापुसे, महानिदेशक, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, भोपाल.
2. श्री एस. एल . थाउसेन , भापुसे , अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, अजाक, पु.मु. , भोपाल.
3. श्री राजेन्द्र कुमार, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक (प्रशि. ) , पु.मु. , भोपाल.
4. श्री मिलिन्द कानस्कर, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक , आरएपीटीसी, इन्दौर.
(2) प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 13 से 24 जुलाई 2015 तक हैदराबाद में प्रशिक्षण तथा दिनांक 27 से 31 जुलाई 2015 तक यू.एस.ए. में प्रशिक्षण प्राप्त करना है. प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत उपरोक्त भा.पु.से.. अधिकारियों द्वारा दिनांक 1 से 2 अगस्त 2015 तक विज्ञप्त अवकाश एवं दिनांक 3 से 6 अगस्त 2015 तक, चार दिवस का अर्जित अवकाश ( एक्स इण्डिया लीव्ह ) के रूप में निम्नलिखित शर्तों के तहत स्वीकृत किया जाता है:-
1. विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला व्यय वे स्वयं वहन करेंगे , राज्य शासन नहीं.
2. विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य (Hospitality ) स्वीकार नहीं करेंगे.
विदेश में कोई Assignment नहीं लेंगे. 3.
4. स्वीकृत अवकाश में वृद्धि नहीं करेंगे .
(2) अवकाश से लौटने पर संबंधित भापुसे अधिकारियों को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से उसी पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3 ) अवकाशकाल में संबंधित भापुसे अधिकारियों को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि संबंधित भापुसे , अधिकारी , अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
क्र. एफ 1-76-2015- ब-2- दो. श्री कैलाश मकवाणा, भा.पु.से. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, ( प्रबंध ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल को मिड- केरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम फेस- V, 2015 में सम्मिलित होने के लिए नामांकित किया गया है. उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 13 से 24 जुलाई 2015 तक एम.पी.ए. हैदराबाद, में, दिनांक 27 से 31 जुलाई 2015 यूएसए, अमेरिका में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्ण होने के उपरांत श्री मकवाणा, भा.पु.से. को दिनांक 1 से 2 अगस्त 2015 विज्ञप्त अवकाश एवं दिनांक 3 से 6 अगस्त 2015 तक चार दिवस अर्जित अवकाश के लाभ के साथ ( एक्स इण्डिया लीव्ह) निम्नलिखित शर्तों के तहत स्वीकृत किया जाता है:-
1. विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला किसी भी प्रकार का व्यय राज्य शासन द्वारा वहन नहीं किया जावेगा.
2. विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे.
3. विदेश में कोई Assignment नहीं लेंगे.
4. स्वीकृत अवकाश में वृद्धि नहीं करेंगे.
5796
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
(2) अवकाश से लौटने पर श्री कैलाश मकवाणा , भा.पु.से. को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( प्रबंध ) , पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाशकाल में श्री कैलाश मकवाणा, भा.पु.से. को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री कैलाश मकवाणा भा.पु.से. अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
[भाग 1 विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 23 जुलाई 2015
फा. क्र. 17 ( ई ) 44-2013 - इक्कीस- ब(एक ) -1774- 15.-राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण अधिनियम, 2008 ( 2008 का 34 ) की धारा 22 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से, इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक-ब ( एक) -3476-2013, दिनांक 11 सितम्बर, 2013 में जो मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग -1 में दिनांक 20 सितम्बर 2013 को प्रकाशित हुई थी. निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थात् :-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में, सारणी में अनुक्रमांक 11 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात :-
सारणी
जिले का नाम
(2)
क्र. एफ 1-79-2015- ब- 2- दो. श्री गोविन्द प्रताप सिंह, भा.पु.से. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, ( अअवि) पुलिस मुख्यालय, भोपाल को मिड- केरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम फेस- V, 2015 में सम्मिलित होने के लिए नामांकित किया गया है. उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 13 से 24 जुलाई 2015 तक एन.पी.ए. हैदराबाद, में, दिनांक 27 से 31 जुलाई 2015 यूएसए, अमेरिका में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्ण होने के उपरांत श्री गोविंद प्रताप सिंह, भा.पु.से. को दिनांक 1 से 6 अगस्त 2015 तक, छः दिवस अर्जित अवकाश के साथ ( एक्स इण्डिया लीव्ह ) निम्नलिखित शर्तों के तहत स्वीकृत किया जाता है:-
1. विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला का किसी भी प्रकार का व्यय राज्य शासन द्वारा वहन नहीं किया जावेगा.
2. विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे .
विदेश में कोई Assignment नहीं लेंगे . 3.
4. स्वीकृत अवकाश में वृद्धि नहीं करेंगे
(2) अवकाश से लौटने पर श्री गोविंद प्रताप सिंह, भा.पु.से. को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न रूप से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, ( अअवि ) पुलिस मुख्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्री गोविंद प्रताप सिंह, भा.पु.से. को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री गोविंद प्रताप सिंह, भा.पु.से. अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
विशेष न्यायाधीश का नाम (3)
अनु. (1)
11 धार श्रीमती सविता दुबे, विशेष न्यायाधीश, अनु. जाति तथा अनु. जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, धार.
यह संशोधन उस तारीख से प्रवृत्त होगा जिसको कि इस अधिसूचना में यथाविर्निदिष्ट न्यायाधीश उक्त न्यायालय में अपने पद का कार्यभार ग्रहण करें.
F. No.17 (E) -44-2013 - XXI - B ( one) -1774-2015 .- In exercise of the powers conferred by sub- section (1 ) of Section 22 of National investigation Agency Act , 2008 (34 of 2008 ) , the State Government, in consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby , makes the following amendments in this Department's Notification No. F. No. B ( 1 ) 3476-2013 , dated 11th September 2013 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part- I , dated 20th September 2013 , namely :-
AMENDMENT
In the said Notification in the table , for serial No. 11 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall respectively be substituted , namely :-
S.
No. Name of
District
(2)
व्ही. के. श्रीवास, अवर सचिव. मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, (1) Name & designation of the Judge (3)
Dhar
11 Smt . Savita Dubey, Special Judge, Scheduled Castes and Scheduled Tribes (POA) Act , Dhar .
5797
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
भाग 1 ]
This amendment shall come into force from the date on which the judge , as specified in the Notification assumes the charge of this office in the said Court .
फा. क्र.1-2-90-1775- इक्कीस- ब( एक) .- अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 (1989 का 33 ) की धारा 14 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा विशेष न्यायालय उमरिया से संबंधित इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 1-2-90/इक्कीस - ब( एक ) , दिनांक 15 सितम्बर 2009 में आंशिक उपांतरण करते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधिपति की सहमति से, एतद्वारा , सेशन न्यायाधीश उमरिया के न्यायालय को उक्त अधिनियम के अधीन अपराधों का विचारण करने के लिए विशेष न्यायालय के रूप में विनिर्दिष्ट करती है .
(2) इस विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 1-2-90/इक्कीस- ब( एक ) , दिनांक 15-9-2009 द्वारा गठित विशेष न्यायालय उमरिया में लंबित सभी मामले, पैरा 1 के अधीन विशेष न्यायालय का गठन होने की तारीख को संबंधित विशेष न्यायालय में अंतरित हो जाएंगे .
F. No. 1-2-90-1775-2015 - XXI - B ( 1 ) . In exercise of the powers conferred by Section 14 of Schedule Castes and the Scheduled Tribes ( Prevention of Atrocities ) , Act , 1989 (No. 33 of 1989) and in partial modification of this Department's Notification F. No. 1-2-90 - XXI - B ( 1 ) , dated 15 Sepetmber 2009 relating to Special Court , Umaria, the State Government with the concurrence of the Chief Justice of the High Court of Madhya Pradesh , hereby specify the Court of Sessions Judge , Umaria to be a Special Court to try the offences under the said Act.
(2) All cases pending in the Special Court of Umaria constituted by this Department's Notification F. No. 1-2-90-XXI - B ( 1 ) , dated 15th September 2009 on the date of constitution of Sepcial Court under para - 1 , shall stand transferred to the respective Special Court .
भोपाल, दिनांक 28 जुलाई 2015
फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस- ब ( एक) 2193-2015.- दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( 1974 का 2 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से, भोपाल एवं ग्वालियर में पूर्व से स्थापित प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में से एक - एक प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय को व्यावसायिक परीक्षा मण्डल घोटाले से संबंधित केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरों द्वारा अन्वेषित अपराधों का विचारण करने के लिए, नीचे सारणी में विनिर्दिष्ट किए गए राजस्व जिलों में समाविष्ट क्षेत्रों के लिए, विशेष न्यायालय के रूप में स्थापित करता है, अर्थात् : -
सारणी
मुख्यालय
(2)
राजस्व जिला (3)
क्रमांक (1)
1. भोपाल
भोपाल, रायसेन, सीहोर , विदिशा, होशंगाबाद, एवं हरदा.
2. ग्वालियर ग्वालियर, शिवपुरी , दतिया , गुना, अशोकनगर, श्योपुर, मुरैना एवं भिण्ड.
F. No. 1-5-96- XXI - B (one) -2193-2015 .- In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 11 of Code of Criminal Procedure , 1973 (No. 2 of 1974) , the State Government, in consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby, establish one Court each at Bhopal and Gwalior amongst the courts of judicial Magistrate First Class already existing there to be the Special Court to try the cases investigated by Central Bureau of Investigation in respect of offences related to Madhya Pradesh Professional Examination Board SCAM , for the areas comprising to the revenue Districts specified in the Table below, namely :-
TABLE
Revanue Districts (3)
S. No. Headquarter (2)
(1)
1. Bhopal Bhopal , Raisen , Sehore , Vidisha, Hoshangabad & Harda .
2. Gwalior Gwalior , Shivpuri , Guna , Ashoknagar , Datia , Sheopur , Morena & Bhind .
फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस ब ( एक) 2220-2015 .- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का 49 ) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से, एतद्वारा , नीचे दी गई सारणी के कालम (2 ) में विनिर्दिष्ट अपर सेशन न्यायाधीशों को उसके ( सारणी के ) कॉलम ( 3 ) में की तत्स्थानी प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट क्षेत्र के लिए मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा संचालित विभिन्न परीक्षाओं से संबंधित अपराधों का स्पेशन टास्क फोर्स, भोपाल एवं दिल्ली पुलिस तथा केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम, 1946 ( 1946 का 25 ) के अधीन, अन्वेषण किये गये भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 3 में विनिर्दिष्ट अपराधों का विचारण करने के लिए, विशेष न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करता है.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 अगस्त 2015
5798
यह अधिसूचना व्यापम मामलों के संबंध में पूर्व में जारी अधिसूचिनाओं के अतिरिक्त जारी की जा रही है:-
सारणी
न्यायाधीश का नाम
मुख्यालय का नाम अनु- क्रमांक
(3)
(2)
(1)
भोपाल 1. श्री रामकुमार चौबे , अपर सेशन न्यायाधीश , भोपाल.
जबलपुर 2 श्री सुनील कुमार जैन ( सीनि. ) अपर सेशन न्यायाधीश, जबलपुर.
इंदौर 3 श्री दिलीप कुमार मित्तल, अपर सेशन न्यायाधीश , इंदौर.
ग्वालियर 4 श्री सतीश चंद्र शर्मा (जूनि. ) अपर सेशन न्यायाधीश , ग्वालियर.
रीवा 5 श्री अरूण कुमार सिंह, अपर सेशन न्यायाधीश, रीवा.
खण्डवा 6 श्री प्रकाश चंद्रा, अपर सेशन न्यायाधीश, खण्डवा.
मुरैना 7 श्री राकेश मोहन प्रधान, अपर सेशन न्यायाधीश, मुरैना.
8
दमोह श्री देवेन्द्र देव द्विवेदी, अपर सेशन न्यायाधीश दमोह.
9
छतरपुर श्री राम गोपाल सिंह, अपर सेशन न्यायाधीश , छतरपुर.
गुना 10 श्री पी. सी. गुप्ता, अपर सेशन न्यायाधीश, गुना.
सागर 11 श्री अजित सिंह, अपर सेशन न्यायाधीश , सागर.
12 श्री बी . एस . भदौरिया, अपर सेशन न्यायाधीश, भोपाल भोपाल.
भोपाल 13 श्री अरुण कुमार वर्मा , अपर सेशन न्यायाधीश, भोपाल.
भोपाल 14 श्री भूपेन्द्र कुमार सिंह, अपर सेशन न्यायाधीश, भोपाल.
15 श्री दिनेश प्रसाद मिश्रा , अपर सेशन न्यायाधीश, भोपाल भोपाल.
16 श्री धरमिन्दर सिंह, अपर सेशन न्यायाधीश, ग्वालियर. ग्वालियर 17 श्री ललित किशोर, अपर सेशन न्यायाधीश, ग्वालियर ग्वालियर.
ग्वालियर 18 श्री अनिल कुमार सोहाने, अपर सेशन न्यायाधीश, ग्वालियर.
19 श्री दीपक कुमार अग्रवाल , अपर सेशन ग्वालियर न्यायाधीश, ग्वालियर.
20 सेशन न्यायाधीश, बालाघाट बालाघाट F. No. 1-5-96 - XXI- B ( one ) -2220-2015 .- In exercise of the powers conferred by Section 3 of the Prevention of Corruption Act, 1988 (No. 49 of 1988 ) the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh , hereby , appoints the Additional Sessions Judge specified in column (2) of the table below to be Special Judge for area specified in the corresponding entry in column (3 ) thereof to try the cases relating to the offences specified under section 3 of Prevention of corruption Act, 1988 in relation to various examinations conducted by Madhya Pradesh Professional Examination Board and investigated by Special Task Force , Bhopal & Investigated under the Delhi Special Police Establishment Act , 1946 (No. 25 of 1946) , by the Delhi Police and Central Bureau of Investigation .
This Notification is issued in addition to the earlier Notification ( s) relating to VYAPAM scam: -
TABLE
Name of Judge
Head Quarter (3)
(2)
S. No. (1)
Bhopal 1 Shri Ramkumar Choubey , Additional Sessions Judge , Bhopal .
2 Shri Sunil Kumar Jain ( Sr. ) Additional Jabalpur Sessions Judge , Jabalpur .
3 Shri Dilip Kumar Mittal , Additional Sessions Judge , Indore . Indore 4 Shri Satish Chandra Sharma (Jr.) Gwalior Additional Sessions Judge , Gwalior .
5 Shri Arun Kumar Singh , Additional Rewa Sessions Judge , Rewa .
6 Shri Prakash Chandra , Additional Khandwa Sessions Judge , Khandwa.
7 Shri Rakesh Mohan Pradhan , Morena Additional Sessions Judge , Morena .
Damoh 8 Shri Devendra Deo Dwivedi , Additional Sessions Judge , Damoh .
9 Shri Ram Gopal Singh , Additional Chhatarpur Sessions Judge , Chhatarpur .
10 Shri P. C. Gupta , Additional Guna Sessions Judge , Guna.
Sagar 11 Shri Ajit Singh , Additional Sessions Judge , Sagar .
12 Shri B.S. Bhadoriya, Additional Bhopal Sessions Judge , Bhopal .
13 Shri Arun Kumar Verma , Additional Bhopal Sessions Judge , Bhopal .
14 Shri Bhupendra Kumar Singh , Bhopal Additional Sessions Judge , Bhopal .
5799
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
भाग 1 ]
(3)
2)
(1)
Bhopal
15 Shri Dinesh Prasad Mishra , Additional Sessions Judge , Bhopal .
Gwalior
होगी. यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है. किसी भी स्थिति में 62 वर्ष की आयु के पश्चात् वे उक्त पद पर कार्य करने हेतु अर्ह नहीं होंगे .
16 Shri Darminder Singh , Additional Sessions Judge , Gwalior.
Gwalior
17 Shri Lalit Kishore , Additional Sessions Judge , Gwalior .
नियुक्त विशेष लोक अभियोजक को शुल्क का भुगतान विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्रमांक 1 ( सी ) /एट्रोसिटीज/ 21- ब ( दो) , दिनांक 3 नवम्बर 2014 के अनुरूप देय होंगे.
Gwalior
18 Shri Anil Kumar Sohane , Additional Sessions Judge , Gwalior .
Bhind
19 Shri Deepak Kumar Agrawal , Spl . Judge SC / ST ( POA) Act, Bhind.
Balaghat
20 Sessions Judge , Balaghat
इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64- मुख्य शीर्ष- 2225( 5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31 - व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां- 003-अभिभाषकों को फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा. देयकों का भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.
भोपाल , दिनांक 29 जुलाई 2015
मध्यप्रदेश के 'राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अमिताभ मिश्र , अपर सचिव.
वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 31 जुलाई, 2015 फा. क्र. 1-1-2002- इक्कीस -ब ( एक) 2105.- राज्य शासन, उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम, 1984 ( 1984 का सं. 66 ) की धारा 4 सपठित मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 के अन्तर्गत उच्चतर न्यायिक सेवा की सदस्य श्रीमती आशा गौधा, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय क्र. 9 , विद्युत् अधिनियम, 2003 के अन्तर्गत को, द्वितीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , जबलपुर, श्री ऋषभ कुमार सिंघई के स्थान पर एतद्वारा, उनके पदभार ग्रहण करने के दिनांक से , आगामी आदेश होने तक नियुक्त करता है.
उक्त अधिकारी को देय वेतन तथा भत्ते का निर्धारण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 3 के अन्तर्गत होगा.
क्र. एफ 16-4-2015- बी- ग्यारह. राज्य शासन टेक्सटाइल परियोजनाओं हेतु स्वीकृत पुनरीक्षित विशेष पैकेज , 2012 तथा उद्योग संवर्धन नीति, 2014 में कतिपय विसंगतियों के निराकरण हेतु उद्योग संवर्धन नीति, 2014 की कण्डिका क्रमांक 3.4 में निम्नानुसार आंशिक संशोधन करता है.
फा. क्र. 1-1-2002- इक्कीस ब ( एक) -2068 .- राज्य शासन एतद्वारा , उच्च न्यायालय की अनुशंसा दिनांक 15 जुलाई 2015 को मान्य करते हुये श्रीमती जयश्री वर्मा, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , उज्जैन मध्यप्रदेश का त्यागपत्र दिनांक 22 जुलाई 2015 के अपरान्ह से स्वीकृत करता है.
1. उद्योग संवर्धन नीति, 2014 की कंडिका 3 पात्रता संबंधी प्रावधान की कंडिका 3.4 में उल्लेखित प्रावधान " उद्योग संवर्धन नीति ( IPP ) , 2010 की समापन तिथि से एक वर्ष के अन्दर ( अर्थात् 31 अक्टूबर, 2016 तक) वाणिज्यिक उत्पादन आरम्भ करने वाली इकाइयों को वर्तमान नीति या आईपीपी 2010 के तहत प्रोत्साहनों का पैकेज चुनने की स्वतंत्रता होगी; तथापि एक बार विकल्प चुनने के बाद इसे बदला नहीं जा सकेगा, " को निम्नानुसार प्रतिस्थापित किया जाता है:-
फा. क्र. 3 (बी) -1-2012 - इक्कीस ब ( एक ) -2069.- राज्य शासन एतद्वारा , उच्च न्यायालय की अनुशंसा दिनांक 15 जुलाई 2015 को मान्य करते हुये श्री रोहित सक्सेना, अतिरिक्त व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , जतारा जिला टीकमगढ़ मध्यप्रदेश का त्यागपत्र दिनांक 8 जुलाई 2015 के अपरान्ह से स्वीकृत करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
विरेन्दर सिंह , प्रमुख सचिव.
भोपाल, दिनांक 30 जुलाई 2015
" उद्योग संवर्धन नीति ( IPP ) , 2010 की समापन तिथि से एक वर्ष के अन्दर ( अर्थात् 31 अक्टूबर , 2016 तक) वाणिज्यिक उत्पादन आरम्भ करने वाली इकाइयों को वर्तमान नीति या आईपीपी 2010 के तहत प्रोत्साहनों का पैकेज चुनने की स्वतंत्रता होगी; तथापि एक बार विकल्प चुनने के बाद इसे बदला नहीं जा सकेगा. लाभ लेने का विकल्प चुनाव का प्रावधान टेक्सटाइल परियोजनाओं के लिए लागू नहीं किया जाएगा. "
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
मोहम्मद सुलेमान , प्रमुख सचिव.
फा . क्र . 1 ( सी ) 06-2015 - एट्रोसिटीज- इक्कीस- ब( दो ) 2015.- राज्य शासन अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 14 के अनुसार विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय के लिये अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत श्रीमती कृष्णा प्रजापति, अधिवक्ता, जबलपुर को जिला जबलपुर में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है. उक्त नियुक्ति उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष के लिये [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 अगस्त 2015
5800
कार्यालय , कलेक्टर, जिला देवास, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सार्वजनिक सूचना
(भू-अर्जन हेतु मध्यप्रदेश शासन की " आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति " अन्तर्गत )
देवास, दिनांक 24 जुलाई, 2015
प्र. क्र. 1 - अ-82- पार्ट- 2015-847.- मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल के पत्र दिनांक 12 नवम्बर 2014 के परिपालन में, आपसी सहमति से क्रय नीति के अन्तर्गत निम्नानुसार नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम क्रमांक ( 2 ) में उल्लेखित भूमि/परिसंपत्तियों धारकों की अनुसूची के कॉलम क्रमांक ( 3 एवं 4) अनुसार भूमि/परिसंपत्ति सार्वजनिक प्रयोजन दतुनी मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
बंजारी
1. ग्राम का नाम
सतवास
2. तहसील
देवास
3. जिला
4. कुल प्रस्ताव 15
अर्जित की
खसरा
क्र.
पूरा नाम एवं पता
क्रमांक जाने वाली संपत्ति का विवरण
(3) (4) (2)
(1)
4/4 0.163 1. दीपक पिता किशनलाल, निवासी बंजारी, तहसील सतवास, जिला देवास.
0.118 2. छगनलाल पिता जयनारायण, निवासी बंजारी , तहसील सतवास, जिला देवास. 6/1 3. नटवर पिता रमेश, निवासी बंजारी, 7 0.134 तहसील सतवास , जिला देवास.
0.118 4. किशनलाल पिता भगवान , निवासी 21 बंजारी , तहसील सतवास, जिला देवास.
0.082 5. गेंदालाल पिता भगवान , निवासी बंजारी , 22 तहसील सतवास, जिला देवास.
37/1 0.029 6. जग्गू पिता घूड़िया , निवासी बंजारी , तहसील सतवास, जिला देवास.
(4)
(3)
(2)
(1)
37/2 0.028 7. छोटेलाल पिता घूड़िया, निवासी बंजारी , तहसील सतवास, जिला देवास .
8. राजेन्द्र पिता रामचरण, निवासी बंजारी , 34/1 0.110 तहसील सतवास , जिला देवास .
9. शंकर पिता रामचरण , निवासी बंजारी, 34/2 0.038 तहसील सतवास , जिला देवास.
10. भारत पिता रामकिशन, निवासी बंजारी , 35/4 0.050 तहसील सतवास, जिला देवास.
0.050
35/5
11. लखनलाल पिता रामकिशन , निवासी बंजारी , तहसील सतवास, जिला देवास.
31 0.086 12. द्वारकाप्रसाद पिता प्रहलाद, निवासी बंजारी , तहसील सतवास, जिला देवास.
52 0.053 13. राधेश्याम पिता रामकिशन, निवासी बंजारी, तहसील सतवास, जिला देवास.
53 0.115 14. राधेश्याम पिता रामकिशन, निवासी बंजारी, तहसील सतवास , जिला देवास.
0.015 15 दयाराम पिता रामकिशन , निवासी बंजारी , 35/3 तहसील सतवास, जिला देवास .
कुल सर्वे नंबर-15 , कुल प्रस्ताव-15 .
1. उपरोक्त कृषकों की भूमि एवं परिसंपत्तियां दतुनी मध्यम सिंचाई परियोजना हेतु जल संसाधन विभाग , मध्यप्रदेश के पक्ष में क्रय किये जाने पर विचार किया जा रहा है. यदि किसी व्यक्ति को भूमि एवं परिसंपत्तियों के स्वत्व के विषय में आपत्ति हो तो वह नियत अवधि ( सार्वजनिक सूचना प्रकाशित होने के दिनांक से 15 दिवस के अंदर ) में आधार सहित कलेक्टर के समक्ष आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है.
2. भूमि/ परिसंपत्तियों का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर कार्यालय जिला देवास एवं भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी कन्नौद के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , आशुतोष अवस्थी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
5801
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
भाग 1 ]
विभाग प्रमुखों के आदेश
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग
" निर्वाचन भवन"
भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
58 , अरेरा हिल्स, भोपाल, मध्यप्रदेश-462 011
भोपाल, दिनांक 6 अगस्त 2015
आदेश
अभ्यर्थी सुश्री गुलाब यादव को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली दिनांक 25 मार्च 2015 को हुई. इस हिसाब से अभ्यर्थी सुश्री गुलाब यादव को अपना अभ्यावेदन जवाब दिनांक 9 अप्रैल 2015 तक प्रस्तुत करना था . किन्तु इस विहित अवधि में अभ्यर्थी सुश्री गुलाब यादव द्वारा कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया.
अभ्यर्थी को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली के उपरांत आयोग अभ्यर्थी द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा/अभ्यावेदन प्रस्तुत करने संबंधी जानकारी पुनः कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला टीकमगढ़ से ज्ञापन दिनांक 7 अप्रैल 2015 द्वारा चाही गई.
आयोग के उपर्युक्त ज्ञापन दिनांक 7 अप्रैल 2015 के संदर्भ ने अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के ज्ञापन दिनांक 22 अप्रैल 2015 में प्रतिवेदित किया गया कि- अभ्यर्थी द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा के संबंध में कोई अभ्यावेदन उनके कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है.
क्र. एफ. 87-64-15-दो- 698- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके, निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग' द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 2014 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 10 जुलाई 2014 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
जिले से उपर्युक्त जानकारी प्राप्त होने के उपरांत आयोग द्वारा सूचना पत्र दिनांक 7 मई 2015 अभ्यर्थी को जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई हेतु अपना पक्ष रखने के लिए सुश्री गुलाब यादव को आयोग कार्यालय में दिनांक 26 मई, 2015 को बुलाया गया. नोटिस की प्रति अभ्यर्थी को दिनांक 16 मई 2015 को तामील हो चुकी थी , परन्तु न तो अभ्यर्थी , सुश्री गुलाब यादव व्यक्तिगत सुनवाई हेतु निर्धारित तिथि को उपस्थित हुई और न ही इस संबंध में उनके द्वारा कोई अभ्यावेदन ही आयोग को भेजा गया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अभ्यर्थी , सुश्री गुलाब यादव द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः इससे आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री गुलाब यादव को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
माह जनवरी , 2014 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़, जिला टीकमगढ़ के आम निर्वाचन में सुश्री गुलाब यादव अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. इस नगरपालिका परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 7 दिसम्बर 2014 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 6 जनवरी 2015 तक, सुश्री गुलाब यादव , को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी जबलपुर के पास दाखिल करना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जबलपुर के पत्र दिनांक 10 जनवरी 2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट - छत्तीस के द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री गुलाब यादव द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत ही नहीं किया गया.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री गुलाब यादव को आयोग द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 12 फरवरी 2015 जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
[भाग 1 5802
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 2015
आदेश
अभ्यर्थी सुश्री कमला जोशी को जारी कारण बताओ सूचना- पत्र उन्हें दिनांक 3 मार्च 2015 को तामील हुआ. अतः इस हिसाब से 15 दिवस के भीतर दिनांक 18 अप्रैल , 2015 तक सुश्री जोशी को अपना निर्वाचन व्यय लेखा या अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, परन्तु इस संबंध में अभ्यर्थी की ओर से कोई निर्वाचन व्यय लेखा विलम्ब से या अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया.
आयोग के ज्ञापन दिनांक 7 अप्रैल 2015 द्वारा पुनः अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय लेखों/ अभ्यावेदन की जानकारी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला टीकमगढ़ से चाही गई.
क्र. एफ. 67-64-15-11-699.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा . मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
आयोग के उपर्युक्त संदर्भित- पत्र के संदर्भ में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला टीकमगढ़ के आयोग को प्रेषित पत्र दिनांक 22 अप्रैल 2015 में यह प्रतिवेदित किया गया कि- अभ्यर्थी सुश्री कमला जोशी द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा के संबंध में कोई अभ्यावेदन उनके कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश , 2014 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " , दिनांक 10 जुलाई 2014 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
आयोग द्वारा विचारोपरान्त पुनः अभ्यर्थी सुश्री कमला जोशी को दिनांक 26 मई 2015 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. सूचना- पत्र की तामीली अभ्यर्थी, सुश्री कमला जोशी को दिनांक 16 मई 2015 को हो चुकी थी परन्तु न ही अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित हुई और न ही इस संबंध में को अभ्यावेदन का जवाब आयोग को भेजा गया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री कमला जोशी को पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी उनके द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
माह दिसम्बर , 2014 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के आम निर्वाचन में सुश्री कमला जोशी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. इस नगरपालिका परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 7 दिसम्बर 2014 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 6 जनवरी 2015 तक, सुश्री कमला जोशी को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के पास दाखिल करना था, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला टीकमगढ़ के पत्र दिनांक 12 फरवरी 2014 के संलग्न प्राप्त ( परिशिष्ट- 36 ) से प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री कमला जोशी द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत ही नहीं किया गया.
अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री कमला जोशी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् टीकमगढ, जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश के तारीख से 05 (पांच वर्ष) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(जी. पी. श्रीवास्तव )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन जिले से प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री कमला जोशी को आयोग द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 12 फरवरी 2015 जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सुश्री कमला जोशी से जबाव ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
5803
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
भाग 1 ]
भोपाल , दिनांक 6 अगस्त 2015
आदेश
अभ्यर्थी सुश्री कान्ती उर्फ क्रांती कुशवाह को जारी कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 5 मार्च 2015 को तामील हुआ. अतः इस हिसाब से 15 दिवस के भीतर दिनांक 20 अप्रैल , 2015 तक सुश्री कान्ती उर्फ क्रांती कुशवाह को अपना निर्वाचन व्यय लेखा या अभ्यावेदन प्रस्तुत करना था, परन्तु इस संबंध में अभ्यर्थी की ओर से कोई निर्वाचन व्यय लेखा विलम्ब से या अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया.
आयोग के ज्ञापन दिनांक 7 अप्रैल 2015 द्वारा पुनः अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय लेखों/ अभ्यावेदन की जानकारी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला टीकमगढ़ से चाही गई.
क्र. एफ. 67-64-15-11-700.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
आयोग के उपर्युक्त संदर्भित - पत्र के संदर्भ में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला टीकमगढ़ के आयोग को प्रेषित पत्र दिनांक 22 अप्रैल 2015 में यह प्रतिवेदित किया गया कि- अभ्यर्थी सुश्री कान्ती उर्फ क्रांती कुशवाह द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा के संबंध मे कोई अभ्यावेदन उनके कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश , 2014 " " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) ", दिनांक 10 जुलाई 2014 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
आयोग द्वारा विचारोपरान्त पुनः अभ्यर्थी सुश्री कान्ती उर्फ क्रांती कुशवाह को दिनांक 26 मई 2015 को व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग कार्यालय में बुलाया गया. सूचना- पत्र की तामीली अभ्यर्थी, सुश्री कान्ती उर्फ क्रांती कुशवाह को दिनांक 16 मई 2015 को हो चुकी थी परन्तु न ही अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित हुई और न ही इस संबंध में कोई अभ्यावेदन या जवाब आयोग को भेजा गया.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सुश्री कान्ती उर्फ क्रांती कुशवाह को पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी उनके द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
माह दिसम्बर, 2014 में सम्पन्न हुए नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़ , जिला टीकमगढ़ के आम निर्वाचन में सुश्री कान्ती उर्फ क्रांती कुशवाह अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगरपालिका परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 7 दिसम्बर 2014 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 6 जनवरी 2015 तक, सुश्री कान्ती उर्फ क्रांती कुशवाह को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, टीकमगढ़ के पास दाखिल करना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला टीकमगढ़ के पत्र दिनांक 12 फरवरी 2014 के संलग्न प्राप्त ( परिशिष्ट -36 ) से प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री कान्ती उर्फ क्रांती कुशवाह द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत ही नहीं किया गया.
अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों के अन्तर्गत सुश्री कान्ती उर्फ क्रांती कुशवाह को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद् टीकमगढ़, जिला टीकमगढ़ का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन जिले से प्राप्त होने पर अभ्यर्थी सुश्री कान्ती उर्फ क्रांती कुशवाह को आयोग द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक. 12 फरवरी 2015 जारी किया गया. कारण बताओ सूचना में सुश्री कान्ती उर्फ क्रांती कुशवाह से जबाव ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
5804
कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश
छिन्दवाड़ा, दिनांक 27 मई 2015
क्र. 992- बी- मंडी निर्वा.-2014-15.- मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं , महेशचन्द्र चौधरी , कलेक्टर, छिन्दवाड़ा मंडी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) (ञ ) के अनुक्रम में मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी नियम, 2010 के अन्तर्गत छिन्दवाड़ा जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मण्डी समितियों के लिए एतद्वारा प्रतिनिधि नामनिर्दिष्ट करता हूं :-
नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता
क्र.
मण्डी का नाम
मण्डी अधिनियम की धारा
(4)
(3)
(2)
(1)
11(1 ) (ञ) 1
छिन्दवाड़ा
श्री कमलेश उईके, सदस्य, जिला पंचायत क्रमांक 9 , मु. शीलादेही, पो. गाजनडोह, तह. उमरेठ, जिला पंचायत छिन्दवाड़ा.
महेशचन्द्र चौधरी , कलेक्टर.
कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, सागर, मध्यप्रदेश सागर, दिनांक 22 जुलाई 2015
क्र. 5453 - न्या.लि. - 15- सचिव, मध्यप्रदेश शासन , गृह ( पुलिस ) विभाग , मंत्रालय , भोपाल के पत्र एफ- दो ( क ) 15-99-बी-3- दो, दिनांक 11 अक्टूबर 2004 में जारी निर्देशों के परिपालन में एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( 1974 ) संख्यांक-2 की धारा दो के खण्ड एस द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा नीचे दर्शायी गयी सारणी को मध्यप्रदेश राज्य पत्र ने इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से :-
1 . नीचे दी गई सारणी के कॉलम ( 1 ) में उल्लेखित पुलिस थानों/अनुभाग से उसके ( सारणी के कालम ) ( 2 ) में विनिर्दिष्ट स्थानीय क्षेत्रों को अपवर्जित किये जाने हेतु.
2. सारणी के कालम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट स्थानीय क्षेत्रों को सारणी के कॉलम ( 3 ) में उल्लेखित अति. पुलिस अधीक्षक, बीना के कार्यक्षेत्र में सम्मिलित किया जाना प्रस्तावित है.
सारणी
अनुभाग /पुलिस थानों के नाम
अनुभाग /थानों के नाम जिसमें सम्मिलित किया जाना है
अति. पुलिस अधीक्षक , बीना, जिला- सागर (3)
(2)
पुलिस थाने/अनुभाग/पद का नाम तहसील व जिला सहित जिससे अपवर्जित किया गया (1)
अति. पुलिस अधीक्षक, जिला सागर
1. बीना पुलिस अनुभाग- थाना बीना, खिमलासा, भानगढ़ , आगासौद.
1. बीना पुलिस अनुभाग- थाना बीना, खिमलासा, भानगढ़ , आगासौद.
2. खुरई पुलिस अनुभाग- थाना खुरई, बांदरी , मालथौन.
2. खुरई पुलिस अनुभाग-थाना खुरई, बांदरी, मालथौन .
3. राहतगढ़ पुलिस अनुभाग राहतगढ़ नरयावली, जैसीनगर. कुल-03 अनुभाग 10 थानों का अपराध पर्यवेक्षण , कानून व्ययवस्था एवं अन्य समस्त कार्य.
3. राहतगढ़ नरयावली , जैसीनगर. कुल -03 अनुभाग 10 थानों का अपराध पर्यवेक्षण, कानून व्यवस्था एवं अन्य समस्तकार्य.
5805
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
भाग 1 ]
अति. पुलिस अधीक्षक, बीना, जिला-सागर
वर्तमान में थाना बीना परिसर में पुराना अनु. अधि. पु. बीना का कार्यालय भवन रिक्त है , जिसमें अति. पुलिस अधीक्षक बीना का कार्यालय संचालित किया जावेगा.
अति. पुलिस अधीक्षक, बीना, जिला- सागर, कार्यालय स्टाफ
अति. पुलिस अधीक्षक , बीना कार्यालय हेतु एक स्टेनो एवं एक रीडर के नवीन पद सृजित पदों पर जिला मुख्यालय से वर्तमान में पदस्थापना कर उक्त पदों की पूर्ति की जावेगी.
ए. के. सिंह, जिला मजिस्ट्रेट, एवं पदेन उपसचिव.
'कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( मंडी निर्वाचन ) , जिला सीहोर, मध्यप्रदेश
सीहोर, दिनांक 1 अगस्त 2015
क्र. 326- स्था.निर्वा. - मंडी निर्वा.- 2015-16.- इस कार्यालय द्वारा पूर्व में जारी अधिसूचना क्रमांक- 302-स्था. निर्वा.-मंडी निर्वा.- 2014, सीहोर दिनांक 8 जनवरी 2014 में संशोधन कर पुनः मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 11 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, डॉ. सुदाम खाडे, कलेक्टर, जिला सीहोर मंडी अधिनियम की धारा 11 ( 1 ) ( ड़ ) के अंतर्गत सहकारी विपणन सोसायटी के प्रतिनिधि, खण्ड ( च ) के अंतर्गत कृषि विभाग के प्रतिनिधि, खण्ड ( ज ) के अंतर्गत जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के प्रतिनिधि तथा खण्ड (ञ ) के अंतर्गत जिला पंचायत/जनपद पंचायत/ ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि की सीहोर जिले की निम्नानुसार कृषि उपज मंडी समितियों के लिये एतद्वारा प्रतिनिधि नाम निर्दिष्ट करता हूं:-
01. सहकारी विपणन सोसायटी के प्रतिनिधिः
नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता
(3)
मंडी अधिनियम की धारा (4) मंडी क्षेत्र का क्रमांक/नाम (2)
क्र. (1)
धारा 11 ( 1 ) खण्ड ड़ 1 03-सीहोर
श्री तुलसीराम मेवाडा आ. श्री रामरतन नि. चन्देरी तह. सीहोर.
2
04- आष्टा
श्री कृपालसिंह ठाकुर पिता श्री नरबत सिंह नि. पटाड़ा चौहान तह. आष्टा.
3 05-नसरुल्लागंज
श्री महेशकुमार आ. श्री शिवचरण निवासी ग्राम घोघरा तहसील नसरुल्लागंज, जिला सीहोर.
4
06 -इछावर
श्री अभय कुमार मेहता आ. महेन्द्र कुमार मेहता निवासी- इछावर.
5 07-श्यामपुर
श्री बलवीरसिंह दांगी आ. श्री श्रीकिशन नि. ग्राम पाडलिया तह. सीहोर.
,, 6 08 -रेहटी
श्री नरेश कुमार त्रिवेदी आ. श्री दीवान प्रसाद त्रिवेदी, निवासी शाहगंज.
7 09-बकतरा
श्री महेन्द्र कुमार शर्मा आ. श्री कामताप्रसाद शर्मा निवासी-शाहगंज.
8 242-जावर
श्री मोहन बाबू शर्मा पिता श्री मोतीलाल शर्मा निवासी- मेहतवाडा [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
5806
02. कृषि विभाग के प्रतिनिधिः
मंडी अधिनियम की धारा
नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता
क्र.
मंडी का नाम
(4)
(3)
(2)
(1)
धारा 11 ( 1 ) खण्ड च 1 03-सीहोर
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी , विकास खण्ड, सीहोर
2
04- आष्टा
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकास खण्ड, आष्टा
,, 05- नसरुल्लागंज
3
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकास खण्ड, नसरुल्लागंज
4
06 -इछावर
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी , विकास खण्ड, इछावर
5
कृषि विकास अधिकारी , सीहोर विकास खण्ड, सीहोर
07-श्यामपुर
08-रेहटी
_"_ 6
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी , विकास खण्ड, बुधनी
7
09-बकतरा
कृषि विकास अधिकारी , बुदनी विकास खण्ड, बुदनी
-,,- 8
242-जावर
कृषि विकास अधिकारी , जावर विकास खण्ड, जावर
03. जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के प्रतिनिधिः
मंडी अधिनियम की धारा
नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता
मंडी का नाम
क्र.
(4)
(3)
(2)
(1)
धारा 11 ( 1 ) खण्ड ज 1 03-सीहोर
श्रीमती उषा सक्सेना , अध्यक्ष
2
04-आष्टा
श्री राधेयश्याम कासन्या, संचालक
05-नसरुल्लागंज
3
श्री रवि मालवीय , संचालक
4
06- इछावर
श्री बाबूलाल जाट, संचालक
-,,-
श्री लखनलाल मेवाडा, संचालक
5 07-श्यामपुर
08-रेहटी
_"_ 6
श्री रामनारायण साहू, संचालक
7 09- बकतरा
श्री रमाकांत भार्गव , संचालक
8
242-जावर
श्री देवकरण , संचालक
04. जिला पंचायत/जनपद पंचायत/ग्राम पंचायत के प्रतिनिधिः
मंडी अधिनियम की धारा मंडी का नाम
नामनिर्दिष्ट सदस्यों का नाम एवं पता
क्र.
(4)
(3)
(1)
(2)
धारा 11 ( 1 ) खण्ड ,ज 03-सीहोर
1
श्री राजेश गौर, जिला पंचायत सदस्य, नि. ग्राम रोला , तह. व जिला सीहोर.
2
04- आष्टा
श्रीमती उर्मिला मरेठा/ श्री मनोहरसिंह , जिला पंचायत अध्यक्ष , नि. ग्रा. पो. जसमत, तह. आष्टा.
3 05- नसरुल्लागंज
श्री अखलाक खान/अशफाक खान, सदस्य, जनपद पंचायत नसरुल्लागंज, नि. ग्राम लाडकुई, तह. नसरुल्लागंज.
4
06- इछावर
श्री ओमप्रकाश/ श्री मिश्रीलाल वर्मा, अध्यक्ष , जनपद पंचायत इछावर, नि. ग्राम नयापुरा, तह. इछावर.
5
श्री गुलाबसिंह/नारायण सिंह गुर्जर, पंच, ग्राम पंचायत अहमदपुर
07-श्यामपुर
6 08-रेहटी
श्रीमति शीलाबाई/पत्नि श्री शेरसिंह पड़ीहार, सदस्य, जनपद पंचायत बुधनी, नि. ग्राम गोड़ीगुराडिया, तह. बुधनी.
7
09-बकतरा
श्रीमति सुनीता/पत्नि श्री वीरसिंह चौहान, सदस्य, जनपद पंचायत बुधनी, नि. ग्राम जोनतला, तह. बुधनी.
8
242-जावर
_"_
श्री बलवानसिंह/पूरणसिंह, जनपद सदस्य, आष्टा, नि. ग्राम काकरिया, तह. आष्टा.
सुदाम खाडे, कलेक्टर.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
भाग 1 ]
राज्य शासन के आदेश
श्रम विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 12 अगस्त, 2015
क्र . एफ 4- (डी) -1-2010 - ए- सोलह .- व्यवसाय संघ अधिनियम, 1926 ( 1926 का 16 ) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ 4- (डी) -1-2010- ए- सोलह दिनांक 6 अगस्त, 2010 को, जो मध्यप्रदेश राजपत्र में दिनांक 13 अगस्त, 2010 को प्रकाशित हुई थी, अतिष्ठित करते हुए, एतद्वारा श्री एल. पी. पाठक, उप श्रमायुक्त, श्रमायुक्त कार्यालय , इन्दौर को, उक्त अधिनियम के अधीन इस अधिसूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशन की तारीख से ऐसे व्यवसाय संघों के लिये जिनका उद्देश्य इस राज्य तक सीमित हो, मध्यप्रदेश राज्य का पंजीयक, व्यवसाय संघ नियुक्त करती है.
No. 4(D) -1-2010- A - XVI . In exercise of the powers conferred by Section 3 of the Trade Union Act , 1926 (No. 16 of 1926 ) , the State Government in supersession of this Department's Notification No. F 4 (D ) -1-2010 - A- XVI , date 6th August , 2010, which was published in Madhya Pradesh Gazette dated 13th August , 2010 , hereby , appoints Shri L.P. Pathak , Deputy Labour Commissioner , Office of the Labour Commissioner , Indore as Registrar of Madhya Pradesh State for such Trade Unions whose objectives are confined to the territory of this State , from the date of publication of this notification in "Madhya Pradesh Gazette " under the said Act .
क्र. एफ 4- (डी) -1-2010 - ए- सोलह. भारत सरकार, श्रम विभाग की अधिसूचना एस . आर. ओ . 372, दिनांक 26 फरवरी , 1952 तथा व्यवसाय संघ अधिनियम , 1926 ( 1926 का 16 ) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ 4- ( डी) -1-2010- ए- सोलह दिनांक 6 अगस्त, 2010 को, जो मध्यप्रदेश राजपत्र में दिनांक 13 अगस्त, 2010 को प्रकाशित हुई थी, अतिष्ठित करते हुए, एतद्वारा श्री एल . पी . पाठक, उप श्रमायुक्त, श्रमायुक्त कार्यालय, इन्दौर को, इस अधिसूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र " के प्रकाशन की तारीख से ऐसे व्यवसाय संघों के लिये, जिनका उद्देश्य एक राज्य में सीमित नहीं है, और जिनके मुख्यालय या रजिस्ट्रीकृत कार्यालय मध्यप्रदेश में स्थित है, पंजीयक, व्यवसाय संघ नियुक्त करती है.
5807 No. 4(D )-1-2010 - A- XVI . In exercise of the powers conferred by Government of India , Labour Department's Notification S.R.O. 372 , dated 26th February , 1952 and Section 3 of the Trade Union Act , 1926 (No. 16 of 1926) , the State Government , in supersession of this Departments Notification No. F. 4 (D ) -1-2010 - A- XVI, date 6th August, 2010, which was published in Madhya Pradesh Gazette dated 13th August , 2010 , hereby , appoints Shri L. P. Pathak , Deupty Labour Commissioner , Office of the Labour Commissioner , Indore as Registrar for such Trade Unions whose objectives are not confined to a single State and their headquarters or registered office is situated in Madhya Pradesh from the date of publication of this notification in "Madhya Pradesh Gazette . "
क्र. एफ 4- (डी) -1-2010- ए- सोलह- मध्यप्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम, 1960 ( क्रमांक 27 सन् 1960 ) की धारा 5 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ 4- ( डी) -1- 2010- ए- सोलह दिनांक 6 अगस्त, 2010 को , जो मध्यप्रदेश राजपत्र में दिनांक 13 अगस्त, 2010 को प्रकाशित हुई थी, अतिष्ठित करते हुए, एतद्वारा श्री एल . पी. पाठक, उप श्रमायुक्त, श्रमायुक्त कार्यालय, इन्दौर को, उक्त अधिनियम के अधीन इस अधिसूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र" में प्रकाशन की तारीख से पंजीयक, प्रतिनिधि संघ नियुक्त करती है .
No. 4 (D) -1-2010- A- XVI . In exercise of the powers conferred by sub-section ( 1 ) of section 5 of Madhya Pradesh Industrial Relation Act , 1960 ( No. 27 of 1960 ) , the State Government , in supersession of this Department's Notification No. F - 4 (D ) -1-2010 -A -XVI , date 6th August , 2010 , which was published in Madhya Pradesh Gazette , dated 13th August , 2010 , hereby , appoints shri L. P. Pathak , Deputy Labour Commissioner, Office of the Labour Commissioner, Indore as Registrar of Representative Union, from the date of publication of this notification in " Madhya Pradesh Gazette " under the said Act .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,
एम. के. वाष्र्णेय, प्रमुख सचिव.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
5808
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला मन्दसौर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
मंदसौर, दिनांक 15 जुलाई 2015
क्र. 2123-2015 - प्र. क्र. अ-82-14-15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक (1 ) में आक्याबीका तालाब योजना तहसील मल्हारगढ़ जिला मन्दसौर के ग्राम रूपारेल के लिये आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची (2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
ग्राम-रूपारेल
विवरण
स.क्र.
(2)
(1)
1
निजी भूमि
2
शासकीय पट्टेदारों की भूमि
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा ( हे . )
कुल (5)
असिंचित (4)
सिंचित (3)
0.200 0.200
0.870 0.000
0.870 0.870 1.070
कुल योग 0.200
आक्याबीका तालाब योजना ग्राम - रूपारेल , तहसील - मल्हारगढ़, जिला मन्दसौर.
अनुसूची ( 2)
आक्याबीका तालाब योजना में आने वाली ग्राम रूपारेल की निजी भूमि का वितरण
प्रभावित
स. क्र.
कृषक का नाम
(2)
(1)
1 प्यारा पिता रामा बलाई
2 जमनीबाई पति बिहारी निवासी सरवानिया
3 बालमुकुंद पिता कारूलाल , विनोद पिता लक्ष्मीनारायण , महेश पिता किशनलाल कुल्मी, निवासी आक्याबीका.
4 श्यामलाल पिता मांगू बंजारा नि. सरवानिया 5 बगदीराम पिता हुसैन मेहतर ( शास. पटा. ग्रहिता ) 6 रोशन पिता हुसैन मेहतर ( शास. पटा. ग्रहिता)
प्रभावित भूमि
असिंचित (6)
कुल (7)
सिंचित (5)
कुल भूमि का रकबा (4)
खसरा नम्बर (3)
0.040 0.240
0.040
95/1
0.050
0.050 0.210
96
0.040 1.200
0.040
97
0.070
0.070
0.790
98 मीन 2
0.370
0.370 0.370
160 मीन 1
0.500
0.500
0.500
170/2
1.070
0.870
0.200
3.310
कुल योग
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी उपखण्ड मल्हारगढ़ के न्यायालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, स्वतंत्र कुमार सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
5809
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
भाग 1 ]
कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा , दिनांक 30 जुलाई 2015
प. क्र. 1715 - प्रशा. - भू- अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है किं राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि रहट सब माइनर नं. 3 में आने वाले अधिकांश भाग के भूमि-अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है रहट सब माइनर नं. 3 के निर्माण हेतु कुछ अंशभाग के भूमि-अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)
(4) (2) (3)
(1)
4.94
मकरवट
रीवा
हुजूर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
अतिरिक्त सैंच्य हेतु रहट सब माइनर नं. 3 का विस्तार कार्य.
कार्यपालन यंत्री , अपर पुरवा नहर संभाग, जिला रीवा ( म. प्र. ) .
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
प. क्र. 1717 - प्रशा. - भू- अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि कोठी टोला सब माइनर नं. 2 में आने वाले अधिकांश भाग के भूमि - अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है. कोठी टोला सब माइनर नं. 2 के निर्माण हेतु कुछ अंशभाग के भूमि-अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में )
(4)
(3)
(2)
(1)
1.57 रीवा
बीड़ा मामला
सेमरिया
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , अपर पुरवा नहर संभाग जिला रीवा ( म. प्र. )
अतिरिक्त सैंच्य हेतु कोठी टोला सब माइनर नं . 2 का विस्तार कार्य.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 अगस्त 2015
5810
पत्र क्र. 1719 - प्रशा. - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि अतरैली सब माइनर नं. 2 में आने वाले अधिकांश भाग के भूमि-अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है अतरैली सब माइनर नं. 2 के निर्माण हेतु कुछ अंशभाग के भूमि- अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)
(4)
(3)
(1)
(2)
0.56
बरौं
सेमरिया
रीवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन
धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, अपर पुरवा नहर संभाग जिला रीवा ( म. प्र. )
अतिरिक्त सैंच्य हेतु अतरेली सब माइनर नं. 2 का विस्तार कार्य.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
पत्र क्र. 1721 - प्रशा.- भू-अर्जन-2014. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि कोठी टोला सब माइनर नं. 2 में आने वाले अधिकांश भाग के भूमि - अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है कोठी टोला सब माइनर नं . 2 के निर्माण हेतु कुछ अंशभाग के भूमि-अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में )
(4) (2)
(3)
(1)
0.90 रीवा सेमरिया नन्दनीपुर कोठार
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , अपर पुरवा नहर संभाग जिला रीवा ( म. प्र. )
अतिरिक्त सैंच्य हेतु कोठी टोला सब माइनर नं. 2 का विस्तार कार्य.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
5811
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
भाग 1 ]
पत्र क्र. 1723- प्रशा. - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि कोठी टोला सब माइनर नं. 2 में आने वाले अधिकांश भाग के भूमि - अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है कोठी टोला सब माइनर नं . 2 के निर्माण हेतु कुछ अंशभाग के भूमि-अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
तहसील
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में) (2)
(3)
(4) (1)
0.97
कोलहट
सेमरिया
रीवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, अपर पुरवा नहर संभाग जिला रीवा ( म. प्र. )
अतिरिक्त सैंच्य हेतु कोठी टोला सब माइनर नं. 2 का विस्तार कार्य.
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 1725 - प्रशा. - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि रहट सब माइनर नं. 3 में आने वाले अधिकांश भाग के भूमि-अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है रहट सब माइनर नं. 3 के निर्माण हेतु कुछ अंशभाग के भूमि-अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)
(4)
(3)
(2)
(1)
2.525
रूपौली
रीवा
हुजूर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , अपर पुरवा नहर संभाग जिला रीवा ( म. प्र. )
अतिरिक्त सैंच्य हेतु रहट सब माइनर नं. 3 का विस्तार कार्य.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 अगस्त 2015
5812
पत्र क्र. 1727- प्रशा.- भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि कोठी टोला सब माइनर नं . 2 में आने वाले अधिकांश भाग के भूमि अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है कोठी टोला सब माइनर नं. 2 के निर्माण हेतु कुछ अंशभाग के भूमि-अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में )
(4) (2)
(3)
(1)
2.02 सेमरिया
रीवा
भिलौड़ी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन
धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , अपर पुरवा नहर संभाग , जिला रीवा ( म. प्र. )
अतिरिक्त सैच्य हेतु कोठी टोला सब माइनर नं. 2 का विस्तार कार्य.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
पत्र क्र. 1729- प्रशा. - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.. चूंकि कोठी टोला माइनर में आने वाले अधिकांश भाग के भूमि अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है कोठी टोला माइनर के निर्माण हेतु कुछ अंशभाग के भूमि - अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में )
(4)
(3)
(2)
(1)
1.585 सेमरिया
रीवा
नन्दनीपुर कोठार
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
अतिरिक्त सैच्य हेतु कोठी टोला माइनर का विस्तार कार्य.
कार्यपालन यंत्री , अपर पुरवा नहर संभाग , जिला रीवा (म. प्र. )
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
5813
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
भाग 1 ]
प क्र. 1731- प्रशा.- भू-अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि कोठी टोला माइनर में आने वाले अधिकांश भाग के भूमि-अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है कोठी टोला माइनर के निर्माण हेतु कुछ अंशभाग के भूमि - अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
लगभग क्षेत्रफल
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
(हेक्टे. में)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.180 सेमरिया
रीवा
पोड़ी
पैपखार
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
अतिरिक्त सैच्य हेतु कोठी टोला माइनर का विस्तार कार्य.
कार्यपालन यंत्री, अपर पुरवा नहर संभाग , जिला रीवा ( म. प्र. )
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 1733 - प्रशा. - भू-अर्जन-2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि कोठी टोला माइनर में आने वाले अधिकांश भाग के भूमि- अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है कोठी टोला माइनर के निर्माण हेतु कुछ अंशभाग के भूमि - अर्जन की कार्यवाही वांछित है . इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)
(4)
(3)
(2)
(1)
1.585 सेमरिया वीरखाम
रीवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
अतिरिक्त सैच्य हेतु कोठी टोला माइनर का विस्तार कार्य.
कार्यपालन यंत्री, अपर पुरवा नहर संभाग , जिला रीवा ( म. प्र. )
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
5814
प. क्र. 1735- प्रशा . - भू-अर्जन- 2014.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि रहट सब माइनर नं. 3 में आने वाले अधिकांश भाग के भूमि-अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है रहट सब माइनर नं. 3 के निर्माण हेतु कुछ अंशभाग के भूमि -अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
अनुसूची
भूमि का विवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में)
(3)
(4) (2)
(1)
0.30 सेमरिया
रीवा
नन्दनीपुर कोठार
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
अतिरिक्त सैच्य हेतु रहट सब माइनर नं. 3 का विस्तार कार्य.
कार्यपालन यंत्री , अपर पुरवा नहर संभाग जिला रीवा (म. प्र. )
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
प. क्र. 1737- प्रशा. - भू-अर्जन-2014 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि अतरैली सब माइनर नं . 2 में आने वाले अधिकांश भाग के भूमि- अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है अतरैली सब माइनर नं . 2 के निर्माण हेतु कुछ अंशभाग के भूमि-अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
लगभग क्षेत्रफल
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
(हेक्टे. में )
(4) (2)
(3)
(1)
0.75
गोदहा
रीवा सेमरिया
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, अपर पुरवा नहर संभाग जिला रीवा ( म. प्र. )
अतिरिक्त सैच्य हेतु अतरैली सब माइनर नं. 2 का विस्तार कार्य.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
5815
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 अगस्त 2015
भाग 1 ]
प. क्र. 1739- प्रशा. - भू-अर्जन-2014.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमिअर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गईं शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि अतरैली सब- माइनर नं . 2 में आने वाले अधिकांश भाग के भूमि-अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है अतरैली सब- माइनर नं . 2 के निर्माण हेतु कुछ अंशभाग के भूमि-अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में) (2)
(4) 3.75 सेमरिया
(1) रीवा
(3) रमपुरवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री , अपर पुरवा नहर संभाग जिला रीवा (म. प्र. )
(6) अतिरिक्त सैच्य हेतु अतरैली सब - माइनर नं. 2 का विस्तार कार्य.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एल. साकेत, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
छतरपुर, दिनांक 6 अगस्त 2015
प्रकरण क्रमांक 2 - अ- 82- भू-अर्जन 15. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुर्नव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 (क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 एवं 12 की दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि तड़पेड़ बांध परियोजना के बांध निर्माण हेतु आने वाले अधिकांश भू- भाग की भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है. इसी परियोजना के निर्माण हेतु कुछ अंश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही वांछित है.
तहसील
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टे. में )
(4)
(3)
(2)
(1)
भेलसी
4.000 छतरपुर
छतरपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के उपधारा ( 1 ) एवं 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भू-अर्जन अधिकारी , छतरपुर तरपेड़ बांध परियोजना के बांध निर्माण हेतु पूरक.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी , छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मसूद अख्तर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
5816
राजस्व विभाग
अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सीधी, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
अनुसूची
मझौली, दिनांक 29 जून 2015
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बैतूल
(ख ) तहसील- आठनेर
(ग) नगर/ग्राम- गुनखेड़
(घ) पटवारी हल्का नम्बर-53
(ङ) लगभग क्षेत्रफल-2.488 हेक्टर .
रकबा
(हे. में)
खसरा नम्बर
क्र. 795 - भू-अर्जन- 2015.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
(2)
(1)
0.130
302/1
अनुसूची
0.020
299/3
( 1 ) भूमि का वर्णन-
0.003
293
(क) जिला-सीधी
0.150
69/1
(ख) तहसील- मझौली
0.450
70/3
0.105 (ग) नगर/ग्राम- शंकरपुर
55
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.33 हेक्टेयर.
0.020
66/5
0.085
64/2
खसरा
0.410
67/3
नंबर
अर्जित रकबा ( हेक्टेयर में)
कुल रकबा (हेक्टेयर में )
0.022
294
(3)
(2)
(1)
0.120
69/3
0.12
0.64
19/2/1
0.180
29
0.48
0.08
20/1
0.105
56
0.20
0.10
20/2
0.020
67/7
0.03
0.44
21
0.100
67/5
योग .. 0.33
295
0.140
0.020
68
0.060
69/4
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- जलमग्नीय पुल निर्माण हेतु.
0.065
30
0.190
57
* ( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी मझौली के कार्यालय में देखा जा सकता है.
0.008
0.085
64/3
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
2.488
योग ..
विशेष गढ़पाले, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- ढोडखेड़ा- सांवगी- गुनखेड़ मार्ग निर्माण हेतु निजी भूमि काअर्जन.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला बैतूल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , भैंसदेही के न्यायालय में देखा जा सकता है.
बैतूल, दिनांक 1 अगस्त 2015 संशोधित घोषणा
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ./स. ) , संभाग बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 12 - अ- 82 - वर्ष 2012-13 - भू-अर्जन-6672.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ज्ञानेश्वर बी. पाटील , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
भाग 1 ]
कार्यालय , कलेक्टर, जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
उज्जैन, दिनांक 31 जुलाई 2015
प्र. क्र. 19 - भू- अर्जन- प्र. -अ- 82-2014-15.- चूंकि, मध्यप्रदेश शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखनीय सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमिअर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- उज्जैन
(ख) तहसील-उज्जैन
(ग) नगर- उज्जैन
(घ) लगभग क्षेत्रफल-
अनुसूची
खाते का पूर्ण विवरण
नाम भूमि स्वामी पिता का नाम जाति
अनु. क्र.
क्षेत्रफल
सर्वे नं.
स्पांदित होने वाली भूमि भूमि का विवरण क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(हेक्टेयर में)
(5)
(3)
(4)
(2)
(1)
0.021
0.240
2701
1
मोतीलाल कालु जी माली
0.272
0.094
2704
0.021
0.073
2705
0.042
0.042
2706
0.063
0.282
2707
0.053
0.330
2708/1/1
0.294
1.239
योग ..
2. सार्वजनिक परियोजना के लिए आवश्यकता है- सिंहस्थ 2016 हेतु दत्त अखाड़ा क्षेत्र से नरसिंह घाट के मध्य क्षिप्रा नदी पर पुल निर्माण के सार्वजनिक हित में भीड़ नियंत्रण हेतु.
3. भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी उज्जैन , जिला उज्जैन के कार्यालय में देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कवीन्द्र कियावत , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
[ भाग 1 5818
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर
अवकाश से लौटने पर श्री बिपिन बिहारी शुक्ला, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोकनगर को अशोकनगर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
जबलपुर, दिनांक 3 अगस्त 2015
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. C-3209- दो- 2-32-2010.- श्रीमती कनकलता सोनकर, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , शहडोल को दिनांक 23 से 25 जून 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री बिपिन बिहारी शुक्ला, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यत रहते .
अवकाश से लौटने पर श्रीमती कनकलता सोनकर, प्रधान न्यायाधीश, ' कुटुंब न्यायालय , शहडोल को शहडोल पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. D - 4119- दो-2-14-2014.- श्री अमर नाथ , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , गुना को दिनांक 3 से 5 अगस्त 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में 2 अगस्त 2015 के सार्वजनिक अवकाश के लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कनकलता सोनकर, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
अवकाश से लौटने पर श्री अमर नाथ , प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , गुना को गुना पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
क्र. C- 3211-दो-2-24-2014.- श्री अरूण कुमार शर्मा, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , छतरपुर को दिनांक 22 से 27 जून 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए छः दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अमरनाथ , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
अवकाश से लौटने पर श्री अरूण कुमार शर्मा, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, छतरपुर को छतरपुर पुनः पदस्थापित क्रिया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. D -4121-दो- 2-11-2015.- श्री प्रभात कुमार मिश्र , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , छिन्दवाड़ा को दिनांक 10 से 14 अगस्त 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में 08 एवं 9 अगस्त 2015 के सार्वजनिक अवकाश के लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अरूण कुमार शर्मा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
अवकाश से लौटने पर श्री प्रभात कुमार मिश्र , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , छिन्दवाड़ा को छिन्दवाड़ा पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री प्रभात कुमार मिश्र , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 3213- दो- 2-6-2012.- श्री बिपिन बिहारी शुक्ला, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अशोकनगर को दिनांक 27 जुलाई से 5 अगस्त 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए 10 दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में 26 जुलाई 2015 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
5819
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
भाग 1 ]
जबलपुर, दिनांक 4 अगस्त 2015
क्र. D -4123- दो-2-18-2008.- श्री आदर्श कुमार जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छतरपुर को दिनांक 10 से 22 अगस्त 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में 08 एवं 09 अगस्त2015 तथा पश्चात् में दिनांक 23 अगस्त 2015 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री आदर्श कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छतरपुर को छतपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आदर्श कुमार जैन , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. D-4125- दो - 3-420-80- भाग ग्यारह. श्री राजकुमार पाण्डे, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अशोकनगर को उनके सेवानिवृत्ति दिनांक 30 अप्रैल 2015 को उनके अवकाश लेखे में शेष बचे 186 दिवस ( एक सौ छियासी दिवस मात्र ) के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक 3 ( ए) 19-03 - इक्कीस - ब ( एक) दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12( 3 ) एवं समसंख्यक पत्र क्रमांक- 1734-इक्कीस - ब ( एक) , दिनांक 2 जनवरी 2009 एवं मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग मंत्रालय, भोपाल के संशोधित ज्ञापन क्रमांक एफ-6-1-2012- नियम- चार, दिनांक 25 सितम्बर 2012 में दिए गए प्रावधानों के अन्तर्गत प्रदान की जाती है .
गणना-पत्रक
1. श्री राजकुमार पाण्डे, सेवानिवृत्त : 29-09-1981 जिला एवं सत्र न्यायाधीश
अशोकनगर का नियुक्ति दिनांक
: 30-04-2015 2. सेवानिवृत्ति दिनांक
: 5 वर्ष, 5 माह , 3. नियुक्ति दिनांक
10 दिन. 29-09-1981 से दिनांक
09-03-1987 तक कुल सेवा अवधि.
: 28 वर्ष, 1 माह, 4. दिनांक 10-3-1987 से
21 दिन.
सेवानिवृत्ति दिनांक तक
कुल सेवा अवधि.
: 5 × 15 = 75 दिन 5. कालम ( 3 ) में अंकित
अवधि हेतु समर्पण
अवकाश की पात्रता
(1 वर्ष में 15 दिन
की दर से) .
: 28-14 × 15-210 दिन 6. कालम (4 ) में अंकित
अवधि हेतु समर्पण
अवकाश की पात्रता
(एक वर्ष में 7 दिन की दर से
तथा दो वर्ष में 15 दिन की दर से) .
285दिन 7. कुल अर्जित अवकाश :
समर्पण की पात्रता.
97 दिन
8. घटाइयेः- सेवा के दौरान :
लिया गया अवकाश
समर्पण का लाभ.
: 188दिन 9. सेवानिवृत्ति पर अर्जित
अवकाश समर्पण की पात्रता.
नोट.- मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक 3 ( ए) 19-03 - इक्कीस- ब ( एक) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) एवं समसंख्यक पत्र क्रमांक- 1734- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 2 जनवरी 2009 के अनुसार दिनांक 1 नवम्बर 1999 के पश्चात् के अर्जित अवकाश नगदीकरण को उपरोक्त गणना में सम्मिलित नहीं किया गया है .
व्ही. बी. सिंह , रजिस्ट्रार.
जबलपुर, दिनांक 6 अगस्त 2015
क्र. A- 3184-दो-2-37-2014.- श्री ओ. पी. सुनरया, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , भिण्ड को दिनांक 27 जुलाई से 01 अगस्त2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 26 जुलाई 2015 एवं अवकाश के पश्चात् में दिनांक 02 अगस्त 2015 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री ओ. पी . सुनरया, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, भिण्ड को भिण्ड पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री ओ. पी. सुनरया, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
[ भाग 1 5820
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
जबलपुर, दिनांक 4 अगस्त 2015 क्र. A- 3186-दो- 2-29-2009.- श्री शम्भू दयाल दुबे, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, खण्डवा को दिनांक 03 से 07 जुलाई 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री शम्भू दयाल दुबे, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , खण्डवा को खण्डवा पुनः पदस्थापित किया जाता है .
क्र. B - 3485- दो -3-130-2009.- श्री आनन्द व्ही मण्डलोई, बजट अधिकारी/एडीशनल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय , ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को दिनांक 10 से 14 अगस्त 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 08 एवं 09 अगस्त 2015 के तथा पश्चात् में दिनांक 15 एवं 16 अगस्त 2015 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री शम्भू दयाल दुबे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
अवकाश से लौटने पर श्री आनन्द व्ही मण्डलोई, बजट अधिकारी/ एडीशनल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय, ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. B - 3540-दो-2-32-2014.- श्री आर. के. सिंह, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , सिवनी को दिनांक 07 से 10 जुलाई 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में 11 एवं 12 जुलाई 2015 के सार्वजनिक अवकाश के लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आनन्द व्ही मण्डलोई, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो बजट अधिकारी / एडीशनल रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत रहते.
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, व्ही. बी. सिंह , रजिस्ट्रार.
अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. सिंह , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, सिवनी को सिवनी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
जबलपुर, दिनांक 24 जुलाई 2015 अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. के. सिंह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
जबलपुर, दिनांक 7 अगस्त 2015
क्र. बी- 3313- तीन-10-42-75 ( छिंदवाड़ा- चौरई ) .-मध्यप्रदेश सिविल न्यायालय अधिनियम , 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , एतद्वारा निर्देशित करता है कि श्री सिद्धार्थ कुमार शर्मा, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , छिंदवाड़ा अपने घोषित कार्यस्थल छिंदवाड़ा के अतिरिक्त चौरई में भी प्रत्येक माह 15 ( पन्द्रह ) दिवस, वहां श्रृंखला न्यायालय आयोजित करने हेतु बैठक करेंगे .
क्र. D- 4210-चार- 8-42-77 भाग- सोलह- श्री विजय मालवीय, तत्कालीन प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश , अशोकनगर को दिनांक 29 जून से 02 जुलाई 2015 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में 28 जून 2015 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री विजय मालवीय, प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अशोकनगर को अशोकनगर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
No. B - 3313 - III - 10-42-75 (Chhindwara- Churai ).-In exercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Courts Act , 1958 (Act No. 19 of 1958 ) , the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that the Shri Siddharath Kumar Sharma , IInd Civil Judge , Class- II , Chhindwara in addition to his place of sitting declared at Chhindwara shall also sit at Churai for 15 (Fifteen) days in each month , for holding of Link Court there .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री विजय मालवीय , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश, के पद पर कार्यरत रहते .
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार ,
क्र. बी- 3317-तीन- 10-42-75 ( छिंदवाड़ा- चौरई ) .- मध्यप्रदेश सिविल न्यायालय अधिनियम, 1958 ( अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , एतद्वारा निर्देशित करता है कि श्री युगल रघुवंशी, षष्टम् व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 , छिंदवाड़ा अपने घोषित कार्यस्थल छिंदवाड़ा के अतिरिक्त चौरई में भी प्रत्येक माह 15 ( पन्द्रह ) दिवस, वहां श्रृंखला न्यायालय आयोजित करने हेतु बैठक करेंगे .
व्ही. बी. सिंह, रजिस्ट्रार.
5821
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 अगस्त 2015
भाग 1 ]
No. B - 3317 - III- 10-42-75 ( Chhindwara - Churai ) .-In exercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Courts Act , 1958 (Act No. 19 of 1958) , the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that the Shri Yugal Raghuwanshi , VIth Civil Judge , Class- II, Chhindwara in addition to his place of sitting declared atChhindwara shall also sit at Churai for 15 (Fifteen) days in each month , for holding of Link Court there .
No. D - 3917- III- 6-5-14 . In exercise of the powers conferred under sub - section (3) of Section 9 of Criminal Procedure Code , 1973 and all other enabling provisions the High Court of Madhya Pradesh hereby designates Additional Sessions Judges specified in column No. (2) of the Table below for the areas specified in the corresponding entry in column No. (3 ) thereof for trial of offences relating to VYAPAM scam matters and other matters linked thereto , investigated by Central Bureau of Investigation .
This Notification is in addition to the earlier Notification ( s ) designating , judges for trial of cases relating to VYAPAM scam and shall come into force with immediate effect :-
TABLE
S. No.
Name of Judge
Head quarter (3)
(2)
(1)
Bhopal 1 Shri Ramkumar Choubey, Additional Sessions Judge , Bhopal .
Jabalpur 2 Shri Sunil Kumar Jain , (Sr. ) Additional Sessions Judge , Jabalpur.
Indore 3 Shri Dilip Kumar Mittal , Additional Sessions Judge , Indore .
Gwalior 4 Shri Satish Chandra Sharma , (Jr.) Additional Sessions Judge , Gwalior.
Rewa 5 Shri Arun Kumar Singh , Additional Sessions Judge , Rewa .
Khandwa 6 Shri Prakash Chandra , Additional Sessions Judge , Khandwa .
Morena 7 Shri Rakesh Mohan Pradhan , Additional Sessions Judge , Morena .
Damoh 8 Shri Devendra Deo Dwivedi , Additional Sessions Judge , Damoh.
Chhatarpur 9 Shri Ram Gopal Singh , Additional Sessions Judge , Chhatarpur.
Guna 10 Shri P. C. Gupta , Additional Sessions Judge, Guna .
Sagar 11 Shri Ajit Singh , Additional Sessions Judge , Sagar .
(3) (1) (2)
Bhopal 12 Shri B. S. Bhadoriya , Additional Sessions Judge , Bhopal .
Bhopal 13 Shri Arun Kumar Verma , Additional Sessions Judge , Bhopal .
Bhopal 14 Shri Bhupendra Kumar Singh , Additional Sessions Judge , Bhopal .
Bhopal 15 Shri Dinesh Prasad Mishra , Additional Sessions Judge , Bhopal .
Gwalior 16 Shri Dharminder Singh , Additional Sessions Judge , Gwalior .
Gwalior 17 Shri Lalit Kishore , Additional Sessions Judge , Gwalior .
Gwalior 18 Shri Anil Kumar Sohane , Additional Sessions Judge , Gwalior .
Bhind 19 Shri Deepak Kumar Agrawal , Spl . Judge , SC / ST (POA) Act , Bhind.
Balaghat 20 Sessions Judge , Balaghat
जबलपुर, दिनांक 30 जुलाई 2015
क्र. C- 3156-A- तीन-6-5-14.- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (सन् 1974 का अधिनियम क्रमांक-2 ) की धारा 11 की उपधारा (2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश श्री मनोज कुमार सिंह, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी , भोपाल को विधि और विधायी कार्य विभाग , मध्यप्रदेश शासन की अधिसूचना क्रमांक-1-5-96- इक्कीस- बी( 1 ) -2193-2015, दिनांक 28 जुलाई, 2015 द्वारा भोपाल , रायसेन , सीहोर , विदिशा, होशंगाबाद एवं हरदा जिलों की सीमाओं के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 ( 1988 का अधिनियम क्रमांक -49 ) के अध्याय 3 में वर्णित अपराधों को छोड़कर ऐसे अपराधों, जिनका अन्वेषण दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 के अधीन विशेष पुलिस स्थापना केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा किया गया हो तथा व्यवसायिक परीक्षा मण्डल घोटाले से संबंधित मामलों के विचारण करने हेतु ( सी.बी.आई. मामलों के लिए विशेष रूप से ) निर्मित विशेष न्यायिक दण्डाधिकारी के न्यायालय का पीठासीन अधिकारी नियुक्त करता है.
न्यायालय का मुख्यालय , भोपाल में रहेगा. यह अधिसूचना व्यापम मामलों के संबंध में पूर्व में जारी अधिसूचनाओं के अतिरिक्त जारी की जा रही है.
No. C -3156 - A- III- 6-5-14.-In exercise of the powers conferred by sub- section (2) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure , 1973 (Act No. 2 of 1974) , the High Court of Madhya Pradesh hereby appoints Shri Manoj Kumar Singh , Judicial Magistrate , First Class , Bhopal as Presiding Officer of the Court of Judicial [भाग 1 5822
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 अगस्त 2015
Morena and Bhind for trial of offences related to Madhya Pradesh Professional Examination Board SCAM, inves- tigated by the Central Bureau of Investigation under the Delhi Special Police Establishment Act, 1946, Except those specified in Chapter - III of Prevention of Corruption Act, 1988 (49 of 1988 ) .
The head quarter of the Court shall be at Gwalior . This Notification is issued in addition to the earlier Notification (s ) relating to VYAPAM scam .
Magistrate First Class constituted by the State Govern- ment , Law Department . Notification No. 1-5-96 -XXI- B(1) -2193-2015 , dated 28th July 2015 ( Specially for C.B.I. Cases) for the area comprising in the Revenue District Bhopal , Raisen , Sehore , Vidisha , Hoshangabad & Hrada for trial of offences related to Madhya Pradesh Profes- sional Examination Board SCAM , investigated by the Central Bureau of Investigation under the Delhi Special Police Establishment Act, 1946 , Except those specified in Chapter - III of Prevention of Corruption Act , 1988 (49 of1988) .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, विवेक सक्सेना , विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (डी.ई. ) .
The head quarter of the Court shall be at Bhopal . This Notification is issued in addition to the earlier Notification (s ) relating to VYAPAM scam.
उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश ( सैट ) , जबलपुर जबलपुर, दिनांक 14 जुलाई 2015
क्र. स्था. सैट- 2015.- श्री आर. सी. पिठवे, निजी सचिव, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश ( सैट ) , खण्डपीठ इंदौर , को रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 143-स्था. सैट-2015, दिनांक 21 अप्रैल 2015 द्वारा दिनांक 27 अप्रैल से 02 मई 2015 तक ( कुल छः दिवस ) स्वीकृत अर्जित अवकाश का उपभोग उनके द्वारा न किये जाने के फलस्वरूप एतद्वारा निरस्त किया जाता है .
आदेशानुसार, सुशांत हुद्दार, रजिस्ट्रार ( प्रशासन) .
जबलपुर, दिनांक 24 जुलाई 2015 क्र. C- 3156 -B- तीन-6-5-14.- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (सन् 1974 का अधिनियम क्रमांक-2 ) की धारा 11 की उपधारा (2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश श्री अरूण कुमार सिंह , अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ग्वालियर को विधि और विधायी कार्य विभाग , मध्यप्रदेश शासन की अधिसूचना क्रमांक- 1-5-96- इक्कीस- बी( 1 ) -2193- 2015, दिनांक 28 जुलाई , 2015 द्वारा ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, श्योपुर, मुरैना एवं भिण्ड जिलों की सीमाओं के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 ( 1988 का अधिनियम क्रमांक-49 ) के अध्याय 3 में वर्णित अपराधों को छोड़कर ऐसे अपराधों, जिनका अन्वेषण दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 के अधीन विशेष पुलिस स्थापना केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा किया गया हो तथा व्यवसायिक परीक्षा मण्डल घोटाले से संबंधित मामलों के विचारण करने हेतु ( सी.बी.आई. मामलों के लिए विशेष रूप से ) निर्मित विशेष न्यायिक दण्डाधिकारी के न्यायालय का पीठासीन अधिकारी नियुक्त करता है.
क्र. 224- स्था. सैट - 2015.- श्रीमती महारूख जिल्ला, निजी सचिव , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश ( सैट ) , खण्डपीठ इंदौर को दिनांक 08 से 12 जून 2015 तक, कुल पांच दिवस का लघुकृत अवकाश स्वीकृत किया गया है, साथ ही सार्वजनिक अवकाशों के प्रारंभ एवं अंत में जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.
न्यायालय का मुख्यालय , ग्वालियर में रहेगा . यह अधिसूचना व्यापम मामलों के संबंध में पूर्व में जारी अधिसूचनाओं के अतिरिक्त जारी की जा रही है.
अवकाशकाल में श्रीमती महारूख जिल्ला को अवकाश वेतन तथा भत्ते उसी प्रकार देय होंगे जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व देय थे.
उक्त अवकाश से लौटने पर श्रीमती महारूख जिल्ला अवकाश पर नहीं जातीं तो निजी सचिव के पद पर कार्य करतीं रहतीं. अतः अवकाश अवधि दिनांक 08 से 12 जून 2015 को मूलभूत नियम 17 के अनुसार वेतनवृद्धि के लिये गिनी जावेगी.
No. C- 3156 - B - III - 6-5-14 .- In exercise of the powers conferred by sub- section ( 2) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure , 1973 (Act No. 2 of 1974) , the High Court of Madhya Pradesh hereby appoints Shri Arun Kumar Singh , Additional Chief Judical Magistrate , Gwalior as Presiding Officer of the Court of Judicial Magistrate First Class constituted by the State Govern- ment , Law Department . Notification No. 1-5-96- XXI- B(1) -2193-2015 , dated 28th July 2015 ( Specially for C.B.I. Cases) for the area comprising in the Revenue Districts Gwalior, Shivpuri , Guna , Ashoknagar , Datia , Sheopur ,
सुशांत हुद्दार, रजिस्ट्रार (प्रशासन) .